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अमरावती/दि. 3 - ग्रामीण पुलिस विभाग के दर्यापुर एवं खल्लार पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची एवं 35 वर्षीय विवाहित महिला के साथ दुराचार किए जाने की शिकायतें संबंधित पुलिस थानों में दर्ज हुई है.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक दर्यापुर के सिविल लाइन परिसर अंतर्गत इंदिरा नगर में रहने वाली 13 वर्षीय बच्ची के साथ 17 वर्षीय नाबालिग आरोपी ने जबरन शारीरिक संबंध बनाते हुए उसका शारीरिक शोषण किया. इस संदर्भ में नाबालिग बच्ची की मां द्बारा दी गई शिकायत के मुताबिक दर्यापुर पुलिस ने नाबालिग आरोपी के खिलाफ भादंवी की धारा 376 (3) व पोक्सो एक्ट की धारा 3 व 4 के तहत मामला दर्ज किया.
वहीं अंजनगांव सुर्जी तहसील अंतर्गत कस्बे गव्हाण में रहने वाले रोहित प्रदीप घारडे (25) ने गांव में ही रहने वाली 35 वर्षीय विवाहित महिला का बाथरुम में नहाते समय आपत्तिजनक वीडियो शूट किया और इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देते हुए उक्त विवाहित महिला के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए. आए दिन होने वाली इस प्रताडना से तंग आकर उक्त विवाहित महिला ने खल्लार पुलिस थाने में रोहित घारडे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. जिसके आधार पर खल्लार पुलिस ने भादंवि की धारा 376 (2) (एन), 366, 504 व 506 के तहत मामला दर्ज किया.
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अमरावती/दि. तीन - ग्रामीण पुलिस विभाग के दर्यापुर एवं खल्लार पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत तेरह वर्षीय नाबालिग बच्ची एवं पैंतीस वर्षीय विवाहित महिला के साथ दुराचार किए जाने की शिकायतें संबंधित पुलिस थानों में दर्ज हुई है. इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक दर्यापुर के सिविल लाइन परिसर अंतर्गत इंदिरा नगर में रहने वाली तेरह वर्षीय बच्ची के साथ सत्रह वर्षीय नाबालिग आरोपी ने जबरन शारीरिक संबंध बनाते हुए उसका शारीरिक शोषण किया. इस संदर्भ में नाबालिग बच्ची की मां द्बारा दी गई शिकायत के मुताबिक दर्यापुर पुलिस ने नाबालिग आरोपी के खिलाफ भादंवी की धारा तीन सौ छिहत्तर व पोक्सो एक्ट की धारा तीन व चार के तहत मामला दर्ज किया. वहीं अंजनगांव सुर्जी तहसील अंतर्गत कस्बे गव्हाण में रहने वाले रोहित प्रदीप घारडे ने गांव में ही रहने वाली पैंतीस वर्षीय विवाहित महिला का बाथरुम में नहाते समय आपत्तिजनक वीडियो शूट किया और इस वीडियो को वायरल करने की धमकी देते हुए उक्त विवाहित महिला के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए. आए दिन होने वाली इस प्रताडना से तंग आकर उक्त विवाहित महिला ने खल्लार पुलिस थाने में रोहित घारडे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. जिसके आधार पर खल्लार पुलिस ने भादंवि की धारा तीन सौ छिहत्तर , तीन सौ छयासठ, पाँच सौ चार व पाँच सौ छः के तहत मामला दर्ज किया.
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Karan Kundrra & Anusha Dandekar breakup: खबरें आ रही हैं कि टीवी के लोकप्रिय कपल करण कुंद्रा और अनुषा दांडेकर का ब्रेकअप हो गया है।
छोटे पर्दे पर हर रोज स्टार्स के बनने और बिगड़ने की खबरें आती रहती हैं। लेकिन जब एक लंबे समय से एक दूसरे को डेट कर रहा कपल अलग होता है तो हर कोई फैंस चौंक जाता है। ऐसे ही प्यार में डूबा एक कपल अलग हो गया है। खबर के अनुसार टीवी के पॉपुलर कपल्स में से एक करण कुंद्रा और अनुषा दांडेकर के रिश्ते में सब कुछ ठीक है और उन्होंने अलग होने का फैसला ले लिया है।
स्पॉटबॉय की खबर के अनुसार सालों बाद अनुषा और करण के रिश्ते में खटाश आ गई है। खबर के अनुसार अनुषा और करण के रिश्ते में परेशानी चल रही हैं जिस कारण से दोनों अलग हो गए हैं। ये कपल काफी सालों से लिवइन में रहा था।
दोनों को देखकर फैंस को ये भी लगता था कि इन दोनों ने शादी कर ली है। करण और अनुषा सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव रहते हैं। दोनों ही एक दूसरे के साथ फोटो और वीडियो खूब साझा करते हैं। लेकिन इन दिनों दोनों की ही इन एक्टिविटीज परर विराम लगा हुआ है। करण और अनुषा दोनों ही कई दिनों से ना ही एक दूसरे के साथ कोई तस्वीर साझा कर रहे हैं और तो और ना ही साथ में दिखाई दे रहे हैं।
इसके बाद ये कयास तेज हो गया है कि दोनों अलग हो गए हैं। या फिर दोनों अलग अलग आजकल रह रहे हैं। हांलाकि अभी दोनों के ब्रेकअप पर किसी भी तरह की आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। लेकिन सोशल मीडिया देखते हुए तो यही लगता है कि दोनों के बीच वाकई कुछ ठीक नहीं चल रहा है। गौरतलब है कि करण और अनुषा एक साथ एमटीवी के शो लव स्कूल में नजर आते हैं। दोनों यहां जोड़ियों को प्यार का पाठ पढ़ाते हैं।
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Karan Kundrra & Anusha Dandekar breakup: खबरें आ रही हैं कि टीवी के लोकप्रिय कपल करण कुंद्रा और अनुषा दांडेकर का ब्रेकअप हो गया है। छोटे पर्दे पर हर रोज स्टार्स के बनने और बिगड़ने की खबरें आती रहती हैं। लेकिन जब एक लंबे समय से एक दूसरे को डेट कर रहा कपल अलग होता है तो हर कोई फैंस चौंक जाता है। ऐसे ही प्यार में डूबा एक कपल अलग हो गया है। खबर के अनुसार टीवी के पॉपुलर कपल्स में से एक करण कुंद्रा और अनुषा दांडेकर के रिश्ते में सब कुछ ठीक है और उन्होंने अलग होने का फैसला ले लिया है। स्पॉटबॉय की खबर के अनुसार सालों बाद अनुषा और करण के रिश्ते में खटाश आ गई है। खबर के अनुसार अनुषा और करण के रिश्ते में परेशानी चल रही हैं जिस कारण से दोनों अलग हो गए हैं। ये कपल काफी सालों से लिवइन में रहा था। दोनों को देखकर फैंस को ये भी लगता था कि इन दोनों ने शादी कर ली है। करण और अनुषा सोशल मीडिया पर भी खूब एक्टिव रहते हैं। दोनों ही एक दूसरे के साथ फोटो और वीडियो खूब साझा करते हैं। लेकिन इन दिनों दोनों की ही इन एक्टिविटीज परर विराम लगा हुआ है। करण और अनुषा दोनों ही कई दिनों से ना ही एक दूसरे के साथ कोई तस्वीर साझा कर रहे हैं और तो और ना ही साथ में दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद ये कयास तेज हो गया है कि दोनों अलग हो गए हैं। या फिर दोनों अलग अलग आजकल रह रहे हैं। हांलाकि अभी दोनों के ब्रेकअप पर किसी भी तरह की आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। लेकिन सोशल मीडिया देखते हुए तो यही लगता है कि दोनों के बीच वाकई कुछ ठीक नहीं चल रहा है। गौरतलब है कि करण और अनुषा एक साथ एमटीवी के शो लव स्कूल में नजर आते हैं। दोनों यहां जोड़ियों को प्यार का पाठ पढ़ाते हैं।
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Kerala SET admit card 2020: केरल SET एडमिट कार्ड 2020: लाल बहादुर शास्त्री केंद्र, त्रिवेंद्रम ने सोमवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर केरल राज्य पात्रता परीक्षा 2020 के लिए एडमिट कार्ड जारी किया। जिन उम्मीदवारों ने KSET 2020 के लिए पंजीकरण किया है, वे अपने हॉल टिकट lbsedp. lbscentre. in पर ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
केरल सेट एडमिट कार्ड 2020 कैसे डाउनलोड करेंः
- मुखपृष्ठ पर, उस लिंक पर क्लिक करें जो पढ़ता है, "एडमिट कार्ड डाउनलोड करें"
- एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और भविष्य के उपयोग के लिए उसका प्रिंट आउट ले लें।
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Kerala SET admit card दो हज़ार बीस: केरल SET एडमिट कार्ड दो हज़ार बीस: लाल बहादुर शास्त्री केंद्र, त्रिवेंद्रम ने सोमवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर केरल राज्य पात्रता परीक्षा दो हज़ार बीस के लिए एडमिट कार्ड जारी किया। जिन उम्मीदवारों ने KSET दो हज़ार बीस के लिए पंजीकरण किया है, वे अपने हॉल टिकट lbsedp. lbscentre. in पर ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। केरल सेट एडमिट कार्ड दो हज़ार बीस कैसे डाउनलोड करेंः - मुखपृष्ठ पर, उस लिंक पर क्लिक करें जो पढ़ता है, "एडमिट कार्ड डाउनलोड करें" - एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और भविष्य के उपयोग के लिए उसका प्रिंट आउट ले लें।
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खंडवा (निशात सिद्दीकी) : नमाज पढ़ाने जा रहे इमाम और नमाजी युवक पर आंख में मिर्ची डालकर चाकू मारने के मामले में खंडवा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामला पुलिस ने 5 लोगों को आरोपी बनाया है जिसमें से चार नाबालिग और एक बालिग है। शहर में अशांति का माहौल बनाने के लिए इन आरोपियों का उपयोग किया गया था। इस बात का भी खुलासा हुआ है। इन सभी ने उज्जैन के कुख्यात गुंडे दुर्लभ कश्यप की तरह अपना नाम मशहूर करने के लिए वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 16 से 17 वर्ष के तीन बाल अपचारी बालकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। आरोपितों ने एक अन्य 16 वर्षीय किशोर और आरोपित राजा राठौर के साथ इमाम और नमाजी युवक को चाकू मारना कबूल किया। पूछताछ के बाद इन तीनों बाल अपचारियों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया। राजा और उसके साथी किशोर की तलाश की जा रही है।
पांच मुख्य आरोपियों के अलावा इस मामले में पुलिस को साजिश रचने वालों की भी तलाश है। बताया जा रहा है कि इन्होंने परदे के पीछे रहकर पांचों आरोपियों से यह हमला करवाया। पुलिस ने तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। इन से पूछताछ में यह बात निकलकर सामने आई है। वहीं अब पुलिस उन्हें उकसाने वाले लोगों तक पहुंचने में लग गई है। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाएगी जिन्होंने इन नाबालिगों को उकसा कर इस घटना को अंजाम दिया है।
अंजनी टाकिज तिराहे से कुछ दूर गली में मोहम्मदी मस्जिद में नमाज पढ़ाने जा रहे इमाम शेख हुजैफा पुत्र शेख फाजील निवासी हरिगंज और नमाजी युवक मोहम्मद तलहा के सीने पर चाकू मारकर दोनों की हत्या का प्रयास किया गया था। रविवार को रात में करीब आठ बजे हुई इस घटना के बाद से मुस्लिम समाज में आक्रोश हैं। उन्होने पुलिस को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया है। पदमनगर थाने में इमाम शेख हुजैफा और मोहम्मद तलहा की शिकायत पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज किया था। आरोपितों पर धारा 307 सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाई थी। पुलिस ने इस चुनौती पूर्ण मामले को 24 घंटे में ही सुलझा लिया।
पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने बताया कि बाल अपचारियों ने पूछताछ में बताया कि वह उज्जैन के मशहूर गुंडे दुर्लभ कश्यप की तरह बनना चाहते थे। इससे कि उनका भी बड़ा नाम हो। इसके लिए उन्हें कुछ अन्य लोगों ने इस प्रकार की घटना करने के लिए उकसाया था। इससे उनका नाम भी शहर में मशहूर हो जाए। पुलिस अब उन्हें उकसाने वाले लोगों के बारे में पता लगा रही है।
मस्जिद पहुंच मार्ग की गली में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था। इसमें मोहम्मद तलहा के साथ हुई घटना का वीडियो कैद हो गया था। पुलिस ने वीडियो और डीवीआर जब्त कर आरोपितों की तलाश शुरू की थी। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपितों नाबालिग हैं। तीनों ही 16 से 17 वर्ष के हैं। सीसीटीवी फुटेज देखने पर पुलिस को इन तीनों आरोपितों के अलावा कुछ और भी संदिग्ध नजर आए हैं। इनकी संख्या करीब चार है। इन्होंने ही इन्हें वारदात को अंजाम देने के लिए भेजा था।
पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने बताया कि इमाम और नमाजी के साथ चाकूबाजी करने वाले मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है जिसमें से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी राजा राठौर और एक अन्य की तालश की जा रही है। वे अभी फरार है जल्द ही उन्हें भी गिरफ्त में ले लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने कहा कि पूछताछ में कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनकी तलाश की जा रही है।
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खंडवा : नमाज पढ़ाने जा रहे इमाम और नमाजी युवक पर आंख में मिर्ची डालकर चाकू मारने के मामले में खंडवा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामला पुलिस ने पाँच लोगों को आरोपी बनाया है जिसमें से चार नाबालिग और एक बालिग है। शहर में अशांति का माहौल बनाने के लिए इन आरोपियों का उपयोग किया गया था। इस बात का भी खुलासा हुआ है। इन सभी ने उज्जैन के कुख्यात गुंडे दुर्लभ कश्यप की तरह अपना नाम मशहूर करने के लिए वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने सोलह से सत्रह वर्ष के तीन बाल अपचारी बालकों को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। आरोपितों ने एक अन्य सोलह वर्षीय किशोर और आरोपित राजा राठौर के साथ इमाम और नमाजी युवक को चाकू मारना कबूल किया। पूछताछ के बाद इन तीनों बाल अपचारियों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत कर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया। राजा और उसके साथी किशोर की तलाश की जा रही है। पांच मुख्य आरोपियों के अलावा इस मामले में पुलिस को साजिश रचने वालों की भी तलाश है। बताया जा रहा है कि इन्होंने परदे के पीछे रहकर पांचों आरोपियों से यह हमला करवाया। पुलिस ने तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। इन से पूछताछ में यह बात निकलकर सामने आई है। वहीं अब पुलिस उन्हें उकसाने वाले लोगों तक पहुंचने में लग गई है। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही की जाएगी जिन्होंने इन नाबालिगों को उकसा कर इस घटना को अंजाम दिया है। अंजनी टाकिज तिराहे से कुछ दूर गली में मोहम्मदी मस्जिद में नमाज पढ़ाने जा रहे इमाम शेख हुजैफा पुत्र शेख फाजील निवासी हरिगंज और नमाजी युवक मोहम्मद तलहा के सीने पर चाकू मारकर दोनों की हत्या का प्रयास किया गया था। रविवार को रात में करीब आठ बजे हुई इस घटना के बाद से मुस्लिम समाज में आक्रोश हैं। उन्होने पुलिस को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया है। पदमनगर थाने में इमाम शेख हुजैफा और मोहम्मद तलहा की शिकायत पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज किया था। आरोपितों पर धारा तीन सौ सात सहित अन्य गंभीर धाराएं लगाई थी। पुलिस ने इस चुनौती पूर्ण मामले को चौबीस घंटाटे में ही सुलझा लिया। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने बताया कि बाल अपचारियों ने पूछताछ में बताया कि वह उज्जैन के मशहूर गुंडे दुर्लभ कश्यप की तरह बनना चाहते थे। इससे कि उनका भी बड़ा नाम हो। इसके लिए उन्हें कुछ अन्य लोगों ने इस प्रकार की घटना करने के लिए उकसाया था। इससे उनका नाम भी शहर में मशहूर हो जाए। पुलिस अब उन्हें उकसाने वाले लोगों के बारे में पता लगा रही है। मस्जिद पहुंच मार्ग की गली में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था। इसमें मोहम्मद तलहा के साथ हुई घटना का वीडियो कैद हो गया था। पुलिस ने वीडियो और डीवीआर जब्त कर आरोपितों की तलाश शुरू की थी। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपितों नाबालिग हैं। तीनों ही सोलह से सत्रह वर्ष के हैं। सीसीटीवी फुटेज देखने पर पुलिस को इन तीनों आरोपितों के अलावा कुछ और भी संदिग्ध नजर आए हैं। इनकी संख्या करीब चार है। इन्होंने ही इन्हें वारदात को अंजाम देने के लिए भेजा था। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने बताया कि इमाम और नमाजी के साथ चाकूबाजी करने वाले मामले में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है जिसमें से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी राजा राठौर और एक अन्य की तालश की जा रही है। वे अभी फरार है जल्द ही उन्हें भी गिरफ्त में ले लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने कहा कि पूछताछ में कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनकी तलाश की जा रही है।
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लखनऊः कल से देश भर में सिनेमाहॉल खोलने की अनुमति दे दी गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने कई नए गाइडलाइन्स जारी किए हैं। इसे ना मानने पर लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया जाएगा।
कंटेनमेंट जोन से बाहर मौजूद सिनेमाहॉल्स, थिएटर्स और मल्टीप्लेक्स खोले जाएंगे। सिनेमाहॉल्स के कॉमन एरिया और वेटिंग एरिया में हर एक व्यक्ति को कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखनी है।
इस दौरान जो भी व्यक्ति इन नियमों का पालन नहीं करेगा उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। गाइडलाइन्स नहीं मानने पर IPC और डिजास्टर मैनेजमेंट के तहत एक्शन लिया जाएगा।
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लखनऊः कल से देश भर में सिनेमाहॉल खोलने की अनुमति दे दी गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने कई नए गाइडलाइन्स जारी किए हैं। इसे ना मानने पर लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया जाएगा। कंटेनमेंट जोन से बाहर मौजूद सिनेमाहॉल्स, थिएटर्स और मल्टीप्लेक्स खोले जाएंगे। सिनेमाहॉल्स के कॉमन एरिया और वेटिंग एरिया में हर एक व्यक्ति को कम से कम छः फीट की दूरी बनाए रखनी है। इस दौरान जो भी व्यक्ति इन नियमों का पालन नहीं करेगा उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। गाइडलाइन्स नहीं मानने पर IPC और डिजास्टर मैनेजमेंट के तहत एक्शन लिया जाएगा।
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Butterfly Beach- बटरफ्लाई बीच गोवा के कानकोना क्षेत्र में पालोलेम बीच के दक्षिण में स्थित हैं. ये एक बेहद ही खूबसूरत सा बीच हैं. इस बीच को सीक्रेट बीच के नाम से भी जाना जाता हैं. अगर आप शांत माहौल और प्राइवेसी की तलाश में हैं तो बटरफ्लाई बीच पर आकर आपकी तलाश खत्म हो जाएगी. बटरफ्लाई बीच पर हनीमून कपल के लिए भी एक शानदार स्थान है. इस बीच को हनीमून बीच के नाम से भी जाना जाता हैं. बटरफ्लाई बीच तक पहुंचना थोड़ा कठिन होता हैं और इस बीच तक पैदल नहीं पहुंच सकते हैं.
यही सबसे खास कारण हैं जिसकी वजह से बटरफ्लाई बीच सबसे शांत और प्राइवेसी खोजने वाले लोगों के बीच में सबसे अधिक पसंद किया जाता हैं. इस बीच तक जाने के लिए आप इसके पड़ोसी बीच पालोलेम से नाव के द्वारा जा सकेंगे.
बटरफ्लाई बीच का अगर हम हिंदी में अर्थ निकाले तो इसे तितली बीच भी कह सकते हैं. इस बीच को तितली बीच कहने के पीछे मंशा ये है कि इसके आसपास तितलियों की विविध प्रजातियां देखने को मिल जाती हैं. इसके अलावा एक दिलचस्प बात ये भी हैं कि इस तट की बनावट एक तितली की तरह है. सूर्योदय और सूर्यास्त के वक्त यहां का आकर्षित दृश्य देखते ही बनता हैं. ये बीच एक ओर जंगल से और दूसरी ओर समुद्र के मनमोहक दृश्य से घिरा हुआ हैं. बटरफ्लाई बीच तक आप किसी वाहन से सीधे नही पहुंच सकते हैं. आपको नजदीकी बीच जैसे पालोलेम और अगोंडा से नाव के द्वारा बटरफ्लाई बीच पर जाना होगा.
डॉल्फिन स्पोटिंग का खूबसूरत नजारा गोवा के अन्य तटों से भी देखा जा सकता है, लेकिन डॉल्फिन स्पोटिंग को देखने के लिए बटरफ्लाई बीच एक आदर्श स्थान है. क्योंकि यहां पर आने वाले पर्यटकों की संख्या अन्य बीचों के मुकाबले कुछ कम होती हैं. जब आप पालोलेम या अगोंडा समुद्री तट से बटरफ्लाई बीच पर नाव के द्वारा जाते हैं, खासतौर पर सुबह के वक्त तो आप इन आकर्षित मछलियों को देखने का लुत्फ उठा सकते हैं जो कि आपकी नाव के साथ-साथ आगे बढ़ते हुए पानी से ऊंचाई तक उछलती हैं. इसके अलावा भी आप समुद्र के अन्य जीव जंतुओं को देख सकते हैं.
अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो आपको गोवा के बटरफ्लाई बीच पर एक बार जरूर जाना चाहिए. यहां पर आपको फोटो निकालने के लिए एक अच्छा माहोल मिलेगा. इस द्वीप के किनारे पर चलने वाली नाव में सवारी करने का अनुभव आप ले सकते हैं. अगर आपके पास साहसिक जिगर हैं तो जंगल में 2 घंटे के ट्रेक पर जा सकते हैं. यहां पर आपको खड़ीं पहाड़ी पर चढाई, ब्रूक्स और घनी वनस्पति जैसे खूबसूरत परिदृश्य से रूबरू होने का अवसर मिलेगा. बटरफ्लाई बीच पर खूबसूरत सुपर एक्रोबैटिक डॉल्फिन का आनंद ले सकते हैं. आपको बटरफ्लाई बीच की पहाड़ी पर बहुत अधिक संख्या में रंग-बिरंगी तितलियां देखने को मिलेंगी.
बटरफ्लाई बीच घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर और मार्च महीने के बीच का माना जाता हैं.
अगर आप बटरफ्लाई बीच जा रहे है, तो हम आपको बता दें कि बटरफ्लाई बीच जाने के लिए आप फ्लाइट, ट्रेन, बस और नाव के माध्यम से आसानी से पहुंच जायेंगे. अगर आपने बटरफ्लाई बीच जाने के लिए हवाई मार्ग का चुनाव किया है, तो डाबोलिम एयरपोर्ट बटरफ्लाई बीच से सबसे नजदीक हैं. एयरपोर्ट से बटरफ्लाई बीच की दूरी लगभग 61 किलोमीटर हैं. ट्रेन के माध्यम से गोवा के बटरफ्लाई बीच जाने के लिए सबसे नजदीकी रेल्वे स्टेशन वास्को डी गामा हैं. ये रेल्वे स्टेशन बटरफ्लाई बीच से लगभग 67 किलोमीटर की दूरी पर हैं.
बटरफ्लाई बीच से लगभग 67 किलोमीटर की दूरी पर पणजी का बस स्टैंड हैं. हालांकि बटरफ्लाई बीच तक बस, कार या बाइक से नहीं पहुंचा जा सकता है, क्योंकि ये बीच घने जंगल से घिरा हुआ है. आप पालोलेम या अगोंडा बीच से नाव के द्वारा बटरफ्लाई बीच तक पहुंच सकते हैं. बीच तक जाने के लिए नाव की सवारी करने पर आपको 1000 रूपये से लेकर 1200 रूपये तक की लागत देनी होगी.
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Butterfly Beach- बटरफ्लाई बीच गोवा के कानकोना क्षेत्र में पालोलेम बीच के दक्षिण में स्थित हैं. ये एक बेहद ही खूबसूरत सा बीच हैं. इस बीच को सीक्रेट बीच के नाम से भी जाना जाता हैं. अगर आप शांत माहौल और प्राइवेसी की तलाश में हैं तो बटरफ्लाई बीच पर आकर आपकी तलाश खत्म हो जाएगी. बटरफ्लाई बीच पर हनीमून कपल के लिए भी एक शानदार स्थान है. इस बीच को हनीमून बीच के नाम से भी जाना जाता हैं. बटरफ्लाई बीच तक पहुंचना थोड़ा कठिन होता हैं और इस बीच तक पैदल नहीं पहुंच सकते हैं. यही सबसे खास कारण हैं जिसकी वजह से बटरफ्लाई बीच सबसे शांत और प्राइवेसी खोजने वाले लोगों के बीच में सबसे अधिक पसंद किया जाता हैं. इस बीच तक जाने के लिए आप इसके पड़ोसी बीच पालोलेम से नाव के द्वारा जा सकेंगे. बटरफ्लाई बीच का अगर हम हिंदी में अर्थ निकाले तो इसे तितली बीच भी कह सकते हैं. इस बीच को तितली बीच कहने के पीछे मंशा ये है कि इसके आसपास तितलियों की विविध प्रजातियां देखने को मिल जाती हैं. इसके अलावा एक दिलचस्प बात ये भी हैं कि इस तट की बनावट एक तितली की तरह है. सूर्योदय और सूर्यास्त के वक्त यहां का आकर्षित दृश्य देखते ही बनता हैं. ये बीच एक ओर जंगल से और दूसरी ओर समुद्र के मनमोहक दृश्य से घिरा हुआ हैं. बटरफ्लाई बीच तक आप किसी वाहन से सीधे नही पहुंच सकते हैं. आपको नजदीकी बीच जैसे पालोलेम और अगोंडा से नाव के द्वारा बटरफ्लाई बीच पर जाना होगा. डॉल्फिन स्पोटिंग का खूबसूरत नजारा गोवा के अन्य तटों से भी देखा जा सकता है, लेकिन डॉल्फिन स्पोटिंग को देखने के लिए बटरफ्लाई बीच एक आदर्श स्थान है. क्योंकि यहां पर आने वाले पर्यटकों की संख्या अन्य बीचों के मुकाबले कुछ कम होती हैं. जब आप पालोलेम या अगोंडा समुद्री तट से बटरफ्लाई बीच पर नाव के द्वारा जाते हैं, खासतौर पर सुबह के वक्त तो आप इन आकर्षित मछलियों को देखने का लुत्फ उठा सकते हैं जो कि आपकी नाव के साथ-साथ आगे बढ़ते हुए पानी से ऊंचाई तक उछलती हैं. इसके अलावा भी आप समुद्र के अन्य जीव जंतुओं को देख सकते हैं. अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो आपको गोवा के बटरफ्लाई बीच पर एक बार जरूर जाना चाहिए. यहां पर आपको फोटो निकालने के लिए एक अच्छा माहोल मिलेगा. इस द्वीप के किनारे पर चलने वाली नाव में सवारी करने का अनुभव आप ले सकते हैं. अगर आपके पास साहसिक जिगर हैं तो जंगल में दो घंटाटे के ट्रेक पर जा सकते हैं. यहां पर आपको खड़ीं पहाड़ी पर चढाई, ब्रूक्स और घनी वनस्पति जैसे खूबसूरत परिदृश्य से रूबरू होने का अवसर मिलेगा. बटरफ्लाई बीच पर खूबसूरत सुपर एक्रोबैटिक डॉल्फिन का आनंद ले सकते हैं. आपको बटरफ्लाई बीच की पहाड़ी पर बहुत अधिक संख्या में रंग-बिरंगी तितलियां देखने को मिलेंगी. बटरफ्लाई बीच घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर और मार्च महीने के बीच का माना जाता हैं. अगर आप बटरफ्लाई बीच जा रहे है, तो हम आपको बता दें कि बटरफ्लाई बीच जाने के लिए आप फ्लाइट, ट्रेन, बस और नाव के माध्यम से आसानी से पहुंच जायेंगे. अगर आपने बटरफ्लाई बीच जाने के लिए हवाई मार्ग का चुनाव किया है, तो डाबोलिम एयरपोर्ट बटरफ्लाई बीच से सबसे नजदीक हैं. एयरपोर्ट से बटरफ्लाई बीच की दूरी लगभग इकसठ किलोग्राममीटर हैं. ट्रेन के माध्यम से गोवा के बटरफ्लाई बीच जाने के लिए सबसे नजदीकी रेल्वे स्टेशन वास्को डी गामा हैं. ये रेल्वे स्टेशन बटरफ्लाई बीच से लगभग सरसठ किलोग्राममीटर की दूरी पर हैं. बटरफ्लाई बीच से लगभग सरसठ किलोग्राममीटर की दूरी पर पणजी का बस स्टैंड हैं. हालांकि बटरफ्लाई बीच तक बस, कार या बाइक से नहीं पहुंचा जा सकता है, क्योंकि ये बीच घने जंगल से घिरा हुआ है. आप पालोलेम या अगोंडा बीच से नाव के द्वारा बटरफ्लाई बीच तक पहुंच सकते हैं. बीच तक जाने के लिए नाव की सवारी करने पर आपको एक हज़ार रूपये से लेकर एक हज़ार दो सौ रूपये तक की लागत देनी होगी.
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Bhubaneshwar: जैसी आशंका थी, तस्वीरें भी कुछ वैसी हीं सामने आयी है. फानी चक्रवात का तूफानी रूप आंध्र प्रदेश, ओडिशा में देखने को मिला. सुबह करीब साढ़ें नौ बजे तूफान 245 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा के पुरी तट पर पहुंचा.
इस दौरान समुद्री तट के पास पेड़, झोपड़ी और कच्चे मकान सबकुछ उड़ गए. ओडिशा के पास से लगातार कई ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो भयावह हैं.
हैदराबाद के मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा के पुरी में 240 से 245 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं. समुद्र तटीय इलाकों में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है. भुबनेश्वर में भी तेज हवाएं और बारिश का कहर जारी है.
पुरी में कई इलाके और अन्य जगहों में पानी भर गया है. राज्य के सभी तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है. कई पेड़ उखड़ गए और भुवनेश्वर समेत कुछ स्थानों पर बनीं झोपड़ियां तबाह हो गई हैं.
बीजेपी नेता और पुरी से चुनाव लड़ रहे संबित पात्रा ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा किया. जिसमें फानी तूफान का तांडव साफ देखा जा सकता है. उन्होंने लिखा कि फानी तूफान के दौरान हवाओं की जो आवाजें आ रही हैं, वह उन्हें 1999 में आए 'सुपर साइक्लोन' की याद दिलाती है.
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अधिकांश तटीय शहरों में फिलहाल जबर्दस्त बारिश हो रही है, वहीं देर शाम तक तूफान के पश्चिम बंगाल तक पहुंचने की आशंका है. इन इलाकों में तेज हवाओं के चलते कई जगह यातायात प्रभावित हुआ है.
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Bhubaneshwar: जैसी आशंका थी, तस्वीरें भी कुछ वैसी हीं सामने आयी है. फानी चक्रवात का तूफानी रूप आंध्र प्रदेश, ओडिशा में देखने को मिला. सुबह करीब साढ़ें नौ बजे तूफान दो सौ पैंतालीस किमी. प्रति घंटे की रफ्तार से ओडिशा के पुरी तट पर पहुंचा. इस दौरान समुद्री तट के पास पेड़, झोपड़ी और कच्चे मकान सबकुछ उड़ गए. ओडिशा के पास से लगातार कई ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो भयावह हैं. हैदराबाद के मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा के पुरी में दो सौ चालीस से दो सौ पैंतालीस किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं. समुद्र तटीय इलाकों में लगातार तेज बारिश का दौर जारी है. भुबनेश्वर में भी तेज हवाएं और बारिश का कहर जारी है. पुरी में कई इलाके और अन्य जगहों में पानी भर गया है. राज्य के सभी तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है. कई पेड़ उखड़ गए और भुवनेश्वर समेत कुछ स्थानों पर बनीं झोपड़ियां तबाह हो गई हैं. बीजेपी नेता और पुरी से चुनाव लड़ रहे संबित पात्रा ने भी अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा किया. जिसमें फानी तूफान का तांडव साफ देखा जा सकता है. उन्होंने लिखा कि फानी तूफान के दौरान हवाओं की जो आवाजें आ रही हैं, वह उन्हें एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में आए 'सुपर साइक्लोन' की याद दिलाती है. ओडिशा और आंध्र प्रदेश के अधिकांश तटीय शहरों में फिलहाल जबर्दस्त बारिश हो रही है, वहीं देर शाम तक तूफान के पश्चिम बंगाल तक पहुंचने की आशंका है. इन इलाकों में तेज हवाओं के चलते कई जगह यातायात प्रभावित हुआ है.
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कोलंबिया में एक विमान के टेक ऑफ के बाद लैंडिंग गियर गिर जाने की घटना ने 21 हजार लोगों को प्रभावित किया। इस प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस दौरान 136 उड़ानों को या तो रद्द कर दिया गया या फिर लेट चलाया गया।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध (Russia Ukraine War) को 31 मार्च को 36 दिन हो गए हैं। नाटो का अनुमान है कि इस युद्ध में अब तक 15,000 से अधिक रूसी सैनिक मारे गए हैं। वहीं, रूस ने मारियुपोल के निवासियों को निकालने के लिए संघर्ष विराम की घोषणा की। लेकिन कुछ शहरों में बमबारी लगातार जारी है।
शहबाज शरीफ पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं। उन्हें 28 सितंबर 2020 को एनएबी ने लाहौर उच्च न्यायालय में गिरफ्तार किया था। उनपर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए थे।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की कुर्सी खतरे में है। यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान के पीएम को हटाया जा रहा है। 75 साल में पाकिस्तान में एक भी पीएम अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपनी कुर्सी बचाने के लिए 172 वोट की जरूरत है। दो सहयोगी दलों ने विपक्ष का साथ देने की घोषणा कर दी है। अब इमरान के पास 164 सदस्यों का समर्थन रह गया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक--एक कर सहयोगी पार्टियां साथ छोड़ रही हैं। उनके पास सिर्फ 164 सदस्यों का समर्थन है। इस बीच पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल बाजवा और आईएसआई प्रमुख ने उनसे मुलाकात की।
रूस और यूक्रेन के बीच 35 दिनों से जारी युद्ध के बीच शांति वार्ता की भी बात हो रही है। लेकिन इस वार्ता के लिए यूक्रेन किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता। उसने अपने प्रतिनिधिमंडल के लिए बातचीत के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की गाइडलाइन जारी की है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी डांवाडोल हो चुकी है। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्ष की एकजुटता ने सरकार को अस्थिर कर दिया है। 2018 में बागड़ोर संभालने वाले इमरान खान अबतक के सबसे दौर में गुजर रहीं।
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कोलंबिया में एक विमान के टेक ऑफ के बाद लैंडिंग गियर गिर जाने की घटना ने इक्कीस हजार लोगों को प्रभावित किया। इस प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस दौरान एक सौ छत्तीस उड़ानों को या तो रद्द कर दिया गया या फिर लेट चलाया गया। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को इकतीस मार्च को छत्तीस दिन हो गए हैं। नाटो का अनुमान है कि इस युद्ध में अब तक पंद्रह,शून्य से अधिक रूसी सैनिक मारे गए हैं। वहीं, रूस ने मारियुपोल के निवासियों को निकालने के लिए संघर्ष विराम की घोषणा की। लेकिन कुछ शहरों में बमबारी लगातार जारी है। शहबाज शरीफ पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं। उन्हें अट्ठाईस सितंबर दो हज़ार बीस को एनएबी ने लाहौर उच्च न्यायालय में गिरफ्तार किया था। उनपर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी खतरे में है। यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान के पीएम को हटाया जा रहा है। पचहत्तर साल में पाकिस्तान में एक भी पीएम अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपनी कुर्सी बचाने के लिए एक सौ बहत्तर वोट की जरूरत है। दो सहयोगी दलों ने विपक्ष का साथ देने की घोषणा कर दी है। अब इमरान के पास एक सौ चौंसठ सदस्यों का समर्थन रह गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक--एक कर सहयोगी पार्टियां साथ छोड़ रही हैं। उनके पास सिर्फ एक सौ चौंसठ सदस्यों का समर्थन है। इस बीच पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल बाजवा और आईएसआई प्रमुख ने उनसे मुलाकात की। रूस और यूक्रेन के बीच पैंतीस दिनों से जारी युद्ध के बीच शांति वार्ता की भी बात हो रही है। लेकिन इस वार्ता के लिए यूक्रेन किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता। उसने अपने प्रतिनिधिमंडल के लिए बातचीत के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की गाइडलाइन जारी की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की कुर्सी डांवाडोल हो चुकी है। अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विपक्ष की एकजुटता ने सरकार को अस्थिर कर दिया है। दो हज़ार अट्ठारह में बागड़ोर संभालने वाले इमरान खान अबतक के सबसे दौर में गुजर रहीं।
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राज चौधरी, पठानकोटः
जिला पठानकोट के विधानसभा हलका भोआ से शिरोमणि अकाली दल और बसपा गठजोड़ की ओर से राकेश कुमार माजरा को उम्मीदवार घोषित किया गया है। उम्मीदवार घोषित होने के बाद राकेश कुमार माजरा पठानकोट के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री बारठ साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे ।
इस मौके पर उनके साथ विशेष तौर पर शिरोमणि अकाली दल के जिलाध्यक्ष सुरिंदर सिंह कंवर मिंटू ,देहाती अध्यक्ष सुभाष ठाकुर, बसपा के जिलाध्यक्ष धर्मपाल भगत ,बसपा के जोन इंचार्ज लोकसभा हलका गुरदासपुर राजकुमार सिहोड़ा और सर्कल अध्यक्ष लखवीर सिंह भी उपस्थित थे। उम्मीदवार घोषित हुए राकेश कुमार माजरा को गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी सिंह की ओर से सिरोपा भेंट किया गया । इसके उपरान्त बातचीत करते हुए शिरोमणि अकाली दल के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कंवर मिंटू ,देहाती अध्यक्ष सुभाष ठाकुर, बसपा के जिलाध्यक्ष धर्मपाल भगत ,बसपा के जोन इंचार्ज लोकसभा हलका गुरदासपुर राजकुमार सिहोड़ा और सर्कल अध्यक्ष लखवीर सिंह ने संयुक्त तौर पर शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और बसपा के प्रदेश अवजर्वर रणबीर सिंह बैनीपाल का राकेश कुमार माजरा को टिकट देने पर धन्यवाद करते हुए कहा कि विधानसभा हलका भोआ की सीट जीतकर शिरोमणि अकाली दल बसपा गठजोड़ की झोली में डालकर प्रदेश में अकाली दल भाजपा गठजोड़ की सरकार बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला पठानकोट का एक एक अकाली व बसपा वर्कर गठजोड़ की नीतियों को घर घर तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि 2022 की विधानसभा चुनावों में शिरोमणि अकाली दल और बसपा गठजोड़ बड़ी जीत हासिल करेगा।
इस अवसर पर प्रीतम सिंह सचिव जनरल, कोर कमेटी सदस्य बलविंदर सिंह, कोर कमेटी सदस्य हरप्रीत सिंह राजा, जिला अध्यक्ष व्यापार विंग कुलदीप महाजन ,कार्यालय सचिव पंकज सैनी, सीनियर अकाली नेता दारा सिंह, सर्कल अध्यक्ष हरजीत सिंह,सर्कल अध्यक्ष विकास महाजन, यूथ नेता गुरप्रीत सिंह गुरु ,कंवल सिंह ,परमिंदर सिंह, नवदीप सिंह लवली यूथ नेता, करनैल सिंह ,पुष्पिंदर सिंह ,दर्शन सिंह, गुरशरण सिंह ,कृपाल सिंह ,स्माइल सिंह, मुकेश कुमार ,मनिंदर सिंह ,लखविन्द्र गुरभेज सिंह मियानी, रशपाल सिंह मियानी ,संपूर्ण सिंह सैदीपुर एस सी विंग, बिशनदास, करनैल सिंह पूर्व सरपंच इत्यादि उपस्थित थे।
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राज चौधरी, पठानकोटः जिला पठानकोट के विधानसभा हलका भोआ से शिरोमणि अकाली दल और बसपा गठजोड़ की ओर से राकेश कुमार माजरा को उम्मीदवार घोषित किया गया है। उम्मीदवार घोषित होने के बाद राकेश कुमार माजरा पठानकोट के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री बारठ साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे । इस मौके पर उनके साथ विशेष तौर पर शिरोमणि अकाली दल के जिलाध्यक्ष सुरिंदर सिंह कंवर मिंटू ,देहाती अध्यक्ष सुभाष ठाकुर, बसपा के जिलाध्यक्ष धर्मपाल भगत ,बसपा के जोन इंचार्ज लोकसभा हलका गुरदासपुर राजकुमार सिहोड़ा और सर्कल अध्यक्ष लखवीर सिंह भी उपस्थित थे। उम्मीदवार घोषित हुए राकेश कुमार माजरा को गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी सिंह की ओर से सिरोपा भेंट किया गया । इसके उपरान्त बातचीत करते हुए शिरोमणि अकाली दल के जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह कंवर मिंटू ,देहाती अध्यक्ष सुभाष ठाकुर, बसपा के जिलाध्यक्ष धर्मपाल भगत ,बसपा के जोन इंचार्ज लोकसभा हलका गुरदासपुर राजकुमार सिहोड़ा और सर्कल अध्यक्ष लखवीर सिंह ने संयुक्त तौर पर शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और बसपा के प्रदेश अवजर्वर रणबीर सिंह बैनीपाल का राकेश कुमार माजरा को टिकट देने पर धन्यवाद करते हुए कहा कि विधानसभा हलका भोआ की सीट जीतकर शिरोमणि अकाली दल बसपा गठजोड़ की झोली में डालकर प्रदेश में अकाली दल भाजपा गठजोड़ की सरकार बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला पठानकोट का एक एक अकाली व बसपा वर्कर गठजोड़ की नीतियों को घर घर तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि दो हज़ार बाईस की विधानसभा चुनावों में शिरोमणि अकाली दल और बसपा गठजोड़ बड़ी जीत हासिल करेगा। इस अवसर पर प्रीतम सिंह सचिव जनरल, कोर कमेटी सदस्य बलविंदर सिंह, कोर कमेटी सदस्य हरप्रीत सिंह राजा, जिला अध्यक्ष व्यापार विंग कुलदीप महाजन ,कार्यालय सचिव पंकज सैनी, सीनियर अकाली नेता दारा सिंह, सर्कल अध्यक्ष हरजीत सिंह,सर्कल अध्यक्ष विकास महाजन, यूथ नेता गुरप्रीत सिंह गुरु ,कंवल सिंह ,परमिंदर सिंह, नवदीप सिंह लवली यूथ नेता, करनैल सिंह ,पुष्पिंदर सिंह ,दर्शन सिंह, गुरशरण सिंह ,कृपाल सिंह ,स्माइल सिंह, मुकेश कुमार ,मनिंदर सिंह ,लखविन्द्र गुरभेज सिंह मियानी, रशपाल सिंह मियानी ,संपूर्ण सिंह सैदीपुर एस सी विंग, बिशनदास, करनैल सिंह पूर्व सरपंच इत्यादि उपस्थित थे।
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देश के 2017-18 घरेलू सीजन में अगर किसी खिलाड़ी का बल्ला खूब जमकर बोला तो वह सिर्फ और सिर्फ मयंक अग्रवाल ही थे.
कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने 2017-18 के रणजी सीजन में 8 मैचों की 13 पारियों में 105. 45 के बेहतरीन औसत के साथ 1160 रन बनाये थे. उन्होंने इस रणजी सीजन में 5 शतक व 2 अर्धशतक लगाये. वह इस रणजी सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी थे.
मयंक अग्रवाल ने 8 विजय हजारे वनडे टूर्नामेंट के मैचों में भी 90. 37 की औसत व 107. 91 के शानदार स्ट्राइक रेट से 723 रन बनाये. जिसमे 3 शतक व 4 अर्धशतक शामिल है. वह विजय हजारे वनडे टूर्नामेंट के भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी थे.
रणजी ट्रॉफी और वनडे विजय हजारे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने के बावजूद मयंक अग्रवाल को निदास ट्राई सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है. सभी क्रिकेट दिग्गजों का मानना है, कि मयंक अग्रवाल के संग कही ना कही पक्षपात हुआ है.
कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव आर सुधाकर राव ने अपने एक बयान में कहा,
"टीम में अपनी जगह बनाने के लिए खिलाड़ी को अच्छा प्रदर्शन करना जरुरी होता है. मयंक लगातार रन बना रहे है इसके बावजूद भी उन्हें इग्नोर किया जा रहा है. ट्राई सीरीज के दौरान कई युवाओं को मौका दिया गया है, लेकिन मयंक का नाम उस लिस्ट में नहीं देखकर बहुत हैरानी हुई है.
राव ने आगे अपने बयान में कहा,
"मयंक ने एक सीजन के दौरान 2000 से अधिक रन बनाये है. वही अगर विजय हजारे ट्रॉफी के 8 मैचों में उनके बल्ले से कुल 723 रन निकले है.
कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव आर सुधाकर राव ने आगे कहा,
आपकों बता दे, कि आईपीएल 2018 में मयंक अग्रवाल किंग्स इलेवन पंजाब की टीम का हिस्सा है और वह आईपीएल 2018 को भी अपने लिए यादगार बनाना चाहेंगे.
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देश के दो हज़ार सत्रह-अट्ठारह घरेलू सीजन में अगर किसी खिलाड़ी का बल्ला खूब जमकर बोला तो वह सिर्फ और सिर्फ मयंक अग्रवाल ही थे. कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने दो हज़ार सत्रह-अट्ठारह के रणजी सीजन में आठ मैचों की तेरह पारियों में एक सौ पाँच. पैंतालीस के बेहतरीन औसत के साथ एक हज़ार एक सौ साठ रन बनाये थे. उन्होंने इस रणजी सीजन में पाँच शतक व दो अर्धशतक लगाये. वह इस रणजी सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी थे. मयंक अग्रवाल ने आठ विजय हजारे वनडे टूर्नामेंट के मैचों में भी नब्बे. सैंतीस की औसत व एक सौ सात. इक्यानवे के शानदार स्ट्राइक रेट से सात सौ तेईस रन बनाये. जिसमे तीन शतक व चार अर्धशतक शामिल है. वह विजय हजारे वनडे टूर्नामेंट के भी सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी भी थे. रणजी ट्रॉफी और वनडे विजय हजारे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने के बावजूद मयंक अग्रवाल को निदास ट्राई सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है. सभी क्रिकेट दिग्गजों का मानना है, कि मयंक अग्रवाल के संग कही ना कही पक्षपात हुआ है. कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव आर सुधाकर राव ने अपने एक बयान में कहा, "टीम में अपनी जगह बनाने के लिए खिलाड़ी को अच्छा प्रदर्शन करना जरुरी होता है. मयंक लगातार रन बना रहे है इसके बावजूद भी उन्हें इग्नोर किया जा रहा है. ट्राई सीरीज के दौरान कई युवाओं को मौका दिया गया है, लेकिन मयंक का नाम उस लिस्ट में नहीं देखकर बहुत हैरानी हुई है. राव ने आगे अपने बयान में कहा, "मयंक ने एक सीजन के दौरान दो हज़ार से अधिक रन बनाये है. वही अगर विजय हजारे ट्रॉफी के आठ मैचों में उनके बल्ले से कुल सात सौ तेईस रन निकले है. कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव आर सुधाकर राव ने आगे कहा, आपकों बता दे, कि आईपीएल दो हज़ार अट्ठारह में मयंक अग्रवाल किंग्स इलेवन पंजाब की टीम का हिस्सा है और वह आईपीएल दो हज़ार अट्ठारह को भी अपने लिए यादगार बनाना चाहेंगे.
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जेईई मेन्स परीक्षा प्रश्न पत्र लीक होने की खबर पर सीबीआई की छापेमारी के बाद केस दर्ज हो गया है। 20 से अधिक सेंटरों पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है। अधिकारिक सूत्रों ने कहा कि जेईई मेन्स में छात्रों को बेहतर रैंकिंग दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही थी। इसमें बिहार, झारखंड, यूपी, एमपी के साथ अन्य राज्यों के 200 से अधिक छात्र भी शामिल हैं।
वहीं, बिहार-झारखंड के 25 से 30 छात्र भी इसमें शामिल होने की बात सामने आ रही है। इन सभी छात्रों पर कार्रवाई की जायेगी और इनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। जेईई मेन्स में सोनीपत, जमशेदपुर, दिल्ली-एनसीआर, पुणे, इंदौर और बेंगलुरु के अलावा किन-किन परीक्षा केंद्रों पर कौन-कौन से छात्र इस गिरोह से मदद लेकर परीक्षा दे रहे थे। इसकी जांच जारी है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि जेईई मेन्स के अलावा अन्य किस-किस परीक्षा में इस गिरोह ने काम किया है। इसी तरह से छात्रों को पैसे लेकर मदद पहुंचायी थी।
एनटीए के सूत्रों ने कहा कि कोटा के तरह ही अन्य कुछ शहरों को भी बैन कर दिया जाएगा। 2022 में कई शहरों को बैन कर दिया जाएगा। संदिग्ध सेंटर्स की पहचान हो गयी है। इन सेंटरों को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच और पूछताछ अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन जिस तरह से संकेत मिल रहे हैं, उससे इस गिरोह का तार कई राज्यों से जुड़ा हुआ है।
कई और सेंटर शक के दायरे में है। कई और राज्यों के परीक्षा केंद्रों में भी धांधली में शामिल होने की आशंका बढ़ गयी है। सभी आयामों की जांच जारी है। बड़े-बड़े के कोचिंग संस्थान भी सीबीआई के रडार पर हैं। राजस्थान, बिहार, यूपी, दिल्ली, मुंबई, एमपी के कई कोचिंग संस्थान भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों ने कहा कि कोचिंग संस्थान ही गिरोह को छात्र देते थे।
यह गिरोह चुने हुए परीक्षा केंद्र से रिमोट एक्सेस के माध्यम से आवेदक के प्रश्न-पत्र को हल करता है। इच्छुक छात्रों से सुरक्षा के रूप में 10वीं और 12वीं कक्षा की अंक तालिका, यूजर आईडी, पासवर्ड और बाद की दिनांक के चेक लेते थे, और एक बार प्रवेश हो जाने के बाद देश भर में हर उम्मीदवार से 12 से 15 लाख रुपये तक की रकम वसूल करते थे।
इस मामले में सीबीआई ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन को अदालत ने नौ सितंबर तक सीबीआइ की हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य गिरफ्तार आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाकर पूछताछ की जा रहा है. इसमें कई बड़े खुलासे भी हो चुके हैं।
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जेईई मेन्स परीक्षा प्रश्न पत्र लीक होने की खबर पर सीबीआई की छापेमारी के बाद केस दर्ज हो गया है। बीस से अधिक सेंटरों पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी है। अधिकारिक सूत्रों ने कहा कि जेईई मेन्स में छात्रों को बेहतर रैंकिंग दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही थी। इसमें बिहार, झारखंड, यूपी, एमपी के साथ अन्य राज्यों के दो सौ से अधिक छात्र भी शामिल हैं। वहीं, बिहार-झारखंड के पच्चीस से तीस छात्र भी इसमें शामिल होने की बात सामने आ रही है। इन सभी छात्रों पर कार्रवाई की जायेगी और इनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी। जेईई मेन्स में सोनीपत, जमशेदपुर, दिल्ली-एनसीआर, पुणे, इंदौर और बेंगलुरु के अलावा किन-किन परीक्षा केंद्रों पर कौन-कौन से छात्र इस गिरोह से मदद लेकर परीक्षा दे रहे थे। इसकी जांच जारी है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि जेईई मेन्स के अलावा अन्य किस-किस परीक्षा में इस गिरोह ने काम किया है। इसी तरह से छात्रों को पैसे लेकर मदद पहुंचायी थी। एनटीए के सूत्रों ने कहा कि कोटा के तरह ही अन्य कुछ शहरों को भी बैन कर दिया जाएगा। दो हज़ार बाईस में कई शहरों को बैन कर दिया जाएगा। संदिग्ध सेंटर्स की पहचान हो गयी है। इन सेंटरों को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच और पूछताछ अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन जिस तरह से संकेत मिल रहे हैं, उससे इस गिरोह का तार कई राज्यों से जुड़ा हुआ है। कई और सेंटर शक के दायरे में है। कई और राज्यों के परीक्षा केंद्रों में भी धांधली में शामिल होने की आशंका बढ़ गयी है। सभी आयामों की जांच जारी है। बड़े-बड़े के कोचिंग संस्थान भी सीबीआई के रडार पर हैं। राजस्थान, बिहार, यूपी, दिल्ली, मुंबई, एमपी के कई कोचिंग संस्थान भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों ने कहा कि कोचिंग संस्थान ही गिरोह को छात्र देते थे। यह गिरोह चुने हुए परीक्षा केंद्र से रिमोट एक्सेस के माध्यम से आवेदक के प्रश्न-पत्र को हल करता है। इच्छुक छात्रों से सुरक्षा के रूप में दसवीं और बारहवीं कक्षा की अंक तालिका, यूजर आईडी, पासवर्ड और बाद की दिनांक के चेक लेते थे, और एक बार प्रवेश हो जाने के बाद देश भर में हर उम्मीदवार से बारह से पंद्रह लाख रुपये तक की रकम वसूल करते थे। इस मामले में सीबीआई ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन को अदालत ने नौ सितंबर तक सीबीआइ की हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य गिरफ्तार आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाकर पूछताछ की जा रहा है. इसमें कई बड़े खुलासे भी हो चुके हैं।
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हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए हस्तरेखा विज्ञान का खास महत्व है। हस्तरेखा विज्ञान में व्यक्ति की हथेलियों पर बनने वाले विभिन्न निशानों के आधार पर उसके स्वभाव और भविष्य के बारे में आंकलन किया गया है। आपने कई लोगों की हथेलियों पर हस्तरेखाओं से बनने वाले 'Y' निशान को देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हस्तरेखा विज्ञान में इसके बारे में क्या कहा गया है? और इसका आपकी आर्थिक स्थिति से क्या कनेक्शन है? यदि नहीं तो आज हम आपको इसी बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। सामान्य तौर पर ऐसा माना जाता है कि हथेली पर 'Y' का निशान धारण वालों की आर्थिक स्थिति काफी अच्ची रहती है। इन लोगों के जीवन में सदा आय के स्रोत मौजूद रहते हैं।
बता दें कि आमतौर पर हथेली पर 'Y' का निशान जीवन रेखा के पास उल्टे आकार में बनता है। कई बार यह निशान जीवन रेखा के बीच से निकलने वाली रेखा से ही बनता है। हस्तरेखा की मानें तो इन लोगों को अपने जीवन में विदेश यात्राएं भी खूब करनी पड़ती हैं। इनकी ये यात्राएं ज्यादातर बिजनेस के सिलसिले में होती है। इससे इनको अपना बिजनेस फैलाने में काफी मदद मिलती है जिससे आगे चलकर इन्हें आर्थिक लाभ की प्राप्ति होती है।
हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार जिनकी हथेली पर 'Y' या फिर कहें कि उल्टा 'Y' बनता है, वे लोग बुद्धिमान प्रवृत्ति के होते हैं। ऐसे लोगों के दिमागी रूप से काफी मजबूत होने की मान्यता है। कहते हैं कि ये लोग हर एक विषय की गहराई में जाना पसंद करते हैं। इससे इनकी जानकारी तो बढ़ती है लेकिन कई बार ये लोग इसके चलते तनाव में भी आ जाते हैं। बता दें कि ऐसे लोगों को नियमीत रूप से योग करने की सलाह दी जाती है। इससे इनका तनाव कम होता है और ये लोग काफी अच्छे से अपने काम में मन लगा पाते हैं।
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हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिए हस्तरेखा विज्ञान का खास महत्व है। हस्तरेखा विज्ञान में व्यक्ति की हथेलियों पर बनने वाले विभिन्न निशानों के आधार पर उसके स्वभाव और भविष्य के बारे में आंकलन किया गया है। आपने कई लोगों की हथेलियों पर हस्तरेखाओं से बनने वाले 'Y' निशान को देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हस्तरेखा विज्ञान में इसके बारे में क्या कहा गया है? और इसका आपकी आर्थिक स्थिति से क्या कनेक्शन है? यदि नहीं तो आज हम आपको इसी बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। सामान्य तौर पर ऐसा माना जाता है कि हथेली पर 'Y' का निशान धारण वालों की आर्थिक स्थिति काफी अच्ची रहती है। इन लोगों के जीवन में सदा आय के स्रोत मौजूद रहते हैं। बता दें कि आमतौर पर हथेली पर 'Y' का निशान जीवन रेखा के पास उल्टे आकार में बनता है। कई बार यह निशान जीवन रेखा के बीच से निकलने वाली रेखा से ही बनता है। हस्तरेखा की मानें तो इन लोगों को अपने जीवन में विदेश यात्राएं भी खूब करनी पड़ती हैं। इनकी ये यात्राएं ज्यादातर बिजनेस के सिलसिले में होती है। इससे इनको अपना बिजनेस फैलाने में काफी मदद मिलती है जिससे आगे चलकर इन्हें आर्थिक लाभ की प्राप्ति होती है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार जिनकी हथेली पर 'Y' या फिर कहें कि उल्टा 'Y' बनता है, वे लोग बुद्धिमान प्रवृत्ति के होते हैं। ऐसे लोगों के दिमागी रूप से काफी मजबूत होने की मान्यता है। कहते हैं कि ये लोग हर एक विषय की गहराई में जाना पसंद करते हैं। इससे इनकी जानकारी तो बढ़ती है लेकिन कई बार ये लोग इसके चलते तनाव में भी आ जाते हैं। बता दें कि ऐसे लोगों को नियमीत रूप से योग करने की सलाह दी जाती है। इससे इनका तनाव कम होता है और ये लोग काफी अच्छे से अपने काम में मन लगा पाते हैं।
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रायबरेली। बनाओ तिल खाजा ओ मोरे राजाए ललन मेरे उठ गयो मोरे राजा...कुछ ऐसे सोहर गीतों से गांव की चौपाल गुलजार हुई। गांव कनेक्शन स्वयं फेस्टीवल में एक ओर किसानो का पंजीकरण कराया गया दूसरी ओर गांव की महिलाओं ने सोहर प्रतियोगिता में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। गांव कनेक्शन स्वयं फेस्टीवल के माध्यम से अघौरा गांव में लगे किसान पंजीकरण कैम्प में 112 किसान पंजीकृत हुए है। तो वही ग्राम ठाकुराइन खेड़ा में ग्रामीणों ने सोहर और बन्ना बन्नी गानो का भरपूर आनन्द लिया।
गांव कनेक्शन स्वयं फेस्टीवल में लगें किसान मेले ग्रामीणों के चेहरे खिल गए और वह ठण्ड होने के बावजूद अपने आधार कार्ड जरूरी कागजों के साथ लाइन में लग गए। अपने आपको पंजीकृत कराने की किसानो में होड़ मच गयी। जो पंजीकृत होता जा रहा था। उनका उत्साह देखने लायक था। इस कैम्प में 112 किसान लाभान्वित हुए।
वही ठाकुराइन खेड़ा गांव में बिना शादी ही शादी वाला महौल नजर आया कोई सोहर सुना रहा था तो कोई बन्ना बन्नी की तान छेड़ रहा था हर एक के मन में यही चल रहा था की जीत ही लक्ष्य है मौका था गांव कनेक्शन स्वयं टीम की तरफ से आयोजित सोहर प्रतियोगिता का। जिसमें ग्रामीण महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में लालती देवी और पुष्पा लता ग्रुप ने प्रतिभान किया और लालती देवी ग्रुप ने बेहतरीन सोहर गाकर बाजी मार ली। विजयता टीम को रायबरेली की एसओ सोनी शुक्ला ने सार्टीफिकेट देकर सम्मानित किया।
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रायबरेली। बनाओ तिल खाजा ओ मोरे राजाए ललन मेरे उठ गयो मोरे राजा...कुछ ऐसे सोहर गीतों से गांव की चौपाल गुलजार हुई। गांव कनेक्शन स्वयं फेस्टीवल में एक ओर किसानो का पंजीकरण कराया गया दूसरी ओर गांव की महिलाओं ने सोहर प्रतियोगिता में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। गांव कनेक्शन स्वयं फेस्टीवल के माध्यम से अघौरा गांव में लगे किसान पंजीकरण कैम्प में एक सौ बारह किसान पंजीकृत हुए है। तो वही ग्राम ठाकुराइन खेड़ा में ग्रामीणों ने सोहर और बन्ना बन्नी गानो का भरपूर आनन्द लिया। गांव कनेक्शन स्वयं फेस्टीवल में लगें किसान मेले ग्रामीणों के चेहरे खिल गए और वह ठण्ड होने के बावजूद अपने आधार कार्ड जरूरी कागजों के साथ लाइन में लग गए। अपने आपको पंजीकृत कराने की किसानो में होड़ मच गयी। जो पंजीकृत होता जा रहा था। उनका उत्साह देखने लायक था। इस कैम्प में एक सौ बारह किसान लाभान्वित हुए। वही ठाकुराइन खेड़ा गांव में बिना शादी ही शादी वाला महौल नजर आया कोई सोहर सुना रहा था तो कोई बन्ना बन्नी की तान छेड़ रहा था हर एक के मन में यही चल रहा था की जीत ही लक्ष्य है मौका था गांव कनेक्शन स्वयं टीम की तरफ से आयोजित सोहर प्रतियोगिता का। जिसमें ग्रामीण महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में लालती देवी और पुष्पा लता ग्रुप ने प्रतिभान किया और लालती देवी ग्रुप ने बेहतरीन सोहर गाकर बाजी मार ली। विजयता टीम को रायबरेली की एसओ सोनी शुक्ला ने सार्टीफिकेट देकर सम्मानित किया।
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25 मई। 179 रन का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड ने केन 4 विकेट खोकर लक्ष्य को हासिल कर लिया। न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन ने कमाल की बल्लेबाजी की और 67 रन बनाकर आउट हुए। केन विलियमसन के अलावा रॉस टेलर ने भी शानदार बल्लेबाजी की और 71 रन ठोककर न्यूजीलैंड को जीत के द्वार पर पहुंचा दिया।
केन विलियमसन और रॉस टेलर ने तीसरे विकेट के लिए 114 रन की पार्टनरशिप की और मैच को खत्म कर दिया। हालांकि चहल ने विलियमसन को आउट किया लेकिन तबतक काफी देर हो गई थी। भारत की ओर से बुमराह, चहर और पांड्या ने 1- 1 और कुलदीप यादव को 1-1 विकेट मिला।
इससे पहले भारतीय टीम की बल्लेबाजी शनिवार को खेले जा रहे पहले अभ्यास मैच में न्यूजीलैंड के सामने 179 रनों पर ढेर हो गई। भारत का एक समय 100 रनों तक जाना मुश्किल रहा था लेकिन रवींद्र जड़ेजा ने अंत में 50 गेंदों पर 54 रनों की पारी खेल टीम की लाज बचाई। इसमें कुलदीप यादव (19) ने भी उनका अच्छा साथ दिया। लजडेजा के अलावा हार्दिक पांड्या ने 37 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 30 रन बनाए।
जिस बात की चिंता भारतीय बल्लेबाजों को लेकर हो रही थी वो अभ्यास मैच में सही साबित हुई। ट्रैंट बाउल्ट की स्विंग के सामने भारतीय बल्लेबाज नाचते रहे। शुरुआत रोहित शर्मा (2) से हुई जो बाउल्ट की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। शिखर धवन (2) भी बाउल्ट का शिकार बने। बाउल्ट ने लोकेश राहुल (6) को भी बोल्ड कर भारत का स्कोर 24 रनों पर तीन विकेट कर दिया। कप्तान कोहली 18 के निजी स्कोर तक पहुंचे ही थे कि कोलिन डी ग्रांडहोम की गेंद पर गच्चा खा कर बोल्ड हो गए।
पांड्या और महेंद्र सिंह धोनी (17) ने टीम को संभालते हुए स्कोर 77 तक पहुंचाया। गेंदबाजी में बदलाव कर लाए गए जिम्मी नीशाम ने पांड्या की पारी का अंत किया। नीशाम ने ही दिनेश कार्तिक (4) को पवेलियन की राह दिखाई।
धोनी 91 के कुल स्कोर पर टिम साउदी का शिकार बने। यहां से जडेजा ने एक छोर संभाले रखा। दूसरे छोर से उन्होंने भवुनेश्वर का विकेट भी खो दिया। कुमार ने 17 गेंदों पर सिर्फ एक रन बनाया।
यहां से जडेजा और कुलदीप ने नौवें विकेट के लिए 62 रन जोड़ टीम का स्कोर 177 तक पहुंचाया। यहां मार्टिन गुप्टिल ने जडेजा का बेहतरीन कैच ले उनकी पारी का अंत किया। बाउल्ट ने कुलदीप को आउट कर भारत की पारी को समेटा। किवी टीम के लिए बाउल्ट ने चार विकेट लिए। नीशाम ने तीन सफलताएं अर्जित कीं।
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पच्चीस मई। एक सौ उन्यासी रन का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड ने केन चार विकेट खोकर लक्ष्य को हासिल कर लिया। न्यूजीलैंड के लिए केन विलियमसन ने कमाल की बल्लेबाजी की और सरसठ रन बनाकर आउट हुए। केन विलियमसन के अलावा रॉस टेलर ने भी शानदार बल्लेबाजी की और इकहत्तर रन ठोककर न्यूजीलैंड को जीत के द्वार पर पहुंचा दिया। केन विलियमसन और रॉस टेलर ने तीसरे विकेट के लिए एक सौ चौदह रन की पार्टनरशिप की और मैच को खत्म कर दिया। हालांकि चहल ने विलियमसन को आउट किया लेकिन तबतक काफी देर हो गई थी। भारत की ओर से बुमराह, चहर और पांड्या ने एक- एक और कुलदीप यादव को एक-एक विकेट मिला। इससे पहले भारतीय टीम की बल्लेबाजी शनिवार को खेले जा रहे पहले अभ्यास मैच में न्यूजीलैंड के सामने एक सौ उन्यासी रनों पर ढेर हो गई। भारत का एक समय एक सौ रनों तक जाना मुश्किल रहा था लेकिन रवींद्र जड़ेजा ने अंत में पचास गेंदों पर चौवन रनों की पारी खेल टीम की लाज बचाई। इसमें कुलदीप यादव ने भी उनका अच्छा साथ दिया। लजडेजा के अलावा हार्दिक पांड्या ने सैंतीस गेंदों पर छह चौकों की मदद से तीस रन बनाए। जिस बात की चिंता भारतीय बल्लेबाजों को लेकर हो रही थी वो अभ्यास मैच में सही साबित हुई। ट्रैंट बाउल्ट की स्विंग के सामने भारतीय बल्लेबाज नाचते रहे। शुरुआत रोहित शर्मा से हुई जो बाउल्ट की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। शिखर धवन भी बाउल्ट का शिकार बने। बाउल्ट ने लोकेश राहुल को भी बोल्ड कर भारत का स्कोर चौबीस रनों पर तीन विकेट कर दिया। कप्तान कोहली अट्ठारह के निजी स्कोर तक पहुंचे ही थे कि कोलिन डी ग्रांडहोम की गेंद पर गच्चा खा कर बोल्ड हो गए। पांड्या और महेंद्र सिंह धोनी ने टीम को संभालते हुए स्कोर सतहत्तर तक पहुंचाया। गेंदबाजी में बदलाव कर लाए गए जिम्मी नीशाम ने पांड्या की पारी का अंत किया। नीशाम ने ही दिनेश कार्तिक को पवेलियन की राह दिखाई। धोनी इक्यानवे के कुल स्कोर पर टिम साउदी का शिकार बने। यहां से जडेजा ने एक छोर संभाले रखा। दूसरे छोर से उन्होंने भवुनेश्वर का विकेट भी खो दिया। कुमार ने सत्रह गेंदों पर सिर्फ एक रन बनाया। यहां से जडेजा और कुलदीप ने नौवें विकेट के लिए बासठ रन जोड़ टीम का स्कोर एक सौ सतहत्तर तक पहुंचाया। यहां मार्टिन गुप्टिल ने जडेजा का बेहतरीन कैच ले उनकी पारी का अंत किया। बाउल्ट ने कुलदीप को आउट कर भारत की पारी को समेटा। किवी टीम के लिए बाउल्ट ने चार विकेट लिए। नीशाम ने तीन सफलताएं अर्जित कीं।
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LUCKNOW :
सरोजनीनगर स्थित प्रदेश के पहले कैप्टन मनोज पांडेय यूपी सैनिक स्कूल में शैक्षिक सत्र 2022-23 से क्लास 6 में भी एडमिशन लिए जा सकेंगे। करीब 125 सीटों पर स्टूडेंट्स को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन का मौका मिलेगा।
कैप्टन मनोज पांडेय यूपी सैनिक स्कूल की स्थापना 1960 में हुई थी। यहां एडमिशन क्लास 7 से शुरू होते थे। वर्तमान समय में यहां 7वीं से 12वीं तक में 325 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। उनके लिए कुल छह हास्टल हैं। इनमें एक गर्ल्स के लिए है। सभी को आवासीय सुविधाएं दी जाती हैं। स्कूल के प्रिंसिपल कर्नल राजेश राघव ने बताया कि स्कूल में क्लास छह से दाखिले लेने के लिए सीएम योगी घोषणा कर चुके हैं। लेकिन अभी पर्याप्त जगह न होने की वजह से बच्चों को रखने में दिक्कत आएगी। अब छात्रावास की क्षमता दो गुना करने के लिए बजट में प्राविधान किया गया है। छात्रों के लिए तीन मंजिला हॉस्टल बनेगा और छात्राओं के लिए भी अलग हॉस्टल का निर्माण होगा। सुविधाएं भी बढ़ेंगी। इसके बाद स्कूल में क्लास छह से बच्चों के प्रवेश लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कैप्टन मनोज पांडेय यूपी सैनिक स्कूल से पढ़ाई कर निकले बहुत से सैनिक सेना में ऊंचे पदों पर आसीन है। यही वजह है कि हर साल प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही बड़ी संख्या में आवेदन फॉर्म आते हैं। चूंकि दाखिले प्रवेश परीक्षा से होते हैं, इसलिए कम्पटीशन भी अधिक होता है।
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LUCKNOW : सरोजनीनगर स्थित प्रदेश के पहले कैप्टन मनोज पांडेय यूपी सैनिक स्कूल में शैक्षिक सत्र दो हज़ार बाईस-तेईस से क्लास छः में भी एडमिशन लिए जा सकेंगे। करीब एक सौ पच्चीस सीटों पर स्टूडेंट्स को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एडमिशन का मौका मिलेगा। कैप्टन मनोज पांडेय यूपी सैनिक स्कूल की स्थापना एक हज़ार नौ सौ साठ में हुई थी। यहां एडमिशन क्लास सात से शुरू होते थे। वर्तमान समय में यहां सातवीं से बारहवीं तक में तीन सौ पच्चीस स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। उनके लिए कुल छह हास्टल हैं। इनमें एक गर्ल्स के लिए है। सभी को आवासीय सुविधाएं दी जाती हैं। स्कूल के प्रिंसिपल कर्नल राजेश राघव ने बताया कि स्कूल में क्लास छह से दाखिले लेने के लिए सीएम योगी घोषणा कर चुके हैं। लेकिन अभी पर्याप्त जगह न होने की वजह से बच्चों को रखने में दिक्कत आएगी। अब छात्रावास की क्षमता दो गुना करने के लिए बजट में प्राविधान किया गया है। छात्रों के लिए तीन मंजिला हॉस्टल बनेगा और छात्राओं के लिए भी अलग हॉस्टल का निर्माण होगा। सुविधाएं भी बढ़ेंगी। इसके बाद स्कूल में क्लास छह से बच्चों के प्रवेश लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कैप्टन मनोज पांडेय यूपी सैनिक स्कूल से पढ़ाई कर निकले बहुत से सैनिक सेना में ऊंचे पदों पर आसीन है। यही वजह है कि हर साल प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही बड़ी संख्या में आवेदन फॉर्म आते हैं। चूंकि दाखिले प्रवेश परीक्षा से होते हैं, इसलिए कम्पटीशन भी अधिक होता है।
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दस्तक टाइम्स एजेंसी/बरेली (यूपी). यहां के सिसौना गांव में सोमवार रात महिला से बस में गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़िता ने बताया, शादी से घर लौटते समय बस के कंडक्टर और ड्राइवर ने छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी जबरदस्ती करने लगे। इस दौरान उसकी गोद से 14 दिन का बच्चा छूटकर नीचे गिर गया। इससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।
- सोमवार रात खजुरिया की रहने वाली महिला एक शादी से वापस घर लौट रही थी।
- करीब 8. 30 बजे बस शीशगढ़ के सिसौना गांव पहुंची।
- रात ज्यादा होने के कारण महिला बस स्टेशन पर ही रुक गई।
- इस दौरान बस में उसके साथ ड्राइवर और कंडक्टर ने रेप किया।
- इस दौरान बस में उसके साथ ड्राइवर और कंडक्टर ने रेप किया।
- इसके बाद महिला को दौरा पड़ गया और वह रात भर स्टेशन पर बैठी रही।
- मंगलवार की सुबह स्टेशन पहुंचकर महिला का पति उसे अपने साथ घर ले गया।
- मंगलवार की सुबह स्टेशन पहुंचकर महिला का पति उसे अपने साथ घर ले गया।
- अब पीड़ित परिवार कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
- घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार हैं।
- बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- पुलिस दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
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दस्तक टाइम्स एजेंसी/बरेली . यहां के सिसौना गांव में सोमवार रात महिला से बस में गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़िता ने बताया, शादी से घर लौटते समय बस के कंडक्टर और ड्राइवर ने छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी जबरदस्ती करने लगे। इस दौरान उसकी गोद से चौदह दिन का बच्चा छूटकर नीचे गिर गया। इससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। - सोमवार रात खजुरिया की रहने वाली महिला एक शादी से वापस घर लौट रही थी। - करीब आठ. तीस बजे बस शीशगढ़ के सिसौना गांव पहुंची। - रात ज्यादा होने के कारण महिला बस स्टेशन पर ही रुक गई। - इस दौरान बस में उसके साथ ड्राइवर और कंडक्टर ने रेप किया। - इस दौरान बस में उसके साथ ड्राइवर और कंडक्टर ने रेप किया। - इसके बाद महिला को दौरा पड़ गया और वह रात भर स्टेशन पर बैठी रही। - मंगलवार की सुबह स्टेशन पहुंचकर महिला का पति उसे अपने साथ घर ले गया। - मंगलवार की सुबह स्टेशन पहुंचकर महिला का पति उसे अपने साथ घर ले गया। - अब पीड़ित परिवार कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है। - घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार हैं। - बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। - पुलिस दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
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मोहमाग प्रकाशक की फिर म
भारमाकी भद्धा शान पोर रममता वह मोक्षमार्ग है । परबीबका श्री मा मरण मारमा नहीं कर सकता और क्याविका ममाग हो यह भी वास्तव में मोक्षमार्ग नहीं है। मोक्षमार्ग तो वीतरागभाव है। सम्यग्दर्शन शाम पारित्र यह तीनों वीतरागमायस्प है। मेरा मात्मा सामानम्य स्वरूपी है-ऐसी बोतरामी भद्रा हो वह सम्यम्वर्धन है। मैं परका भसा-बुरा कर सकता हूँ-ऐसी मान्यता यह प्रज्ञान है। भारमाकी भद्धा-काम-चारित्ररूप बीतरागभाष ही मोक्षमार्ग है उसे को नहीं पहिचानता उसे व्यवहारममसे प्रतादि के मैद करके सम झाया है । व्यवहारमा कहीं मोक्षमार्ग नहीं है । मोक्षमार्ग तो वो रागी रस्तजय ही है किन्तु उसे मेद करके समझाया है ।
बीमादि सातत्त्व विसप्रकार मिन मिन है उसोप्रकार उसकी श्रद्धा करना चाहिये । साठ तस्योंकि भागका यमाय भासन होना बह निश्चय सम्पग्दर्शन है। यमार्ग वा मोर शामपूर्वक मोठराग माग हुआ वह मोक्षमार्ग है। मानानंद स्वरूपका मार्ग मान हमा हो घोर विकार हो वह मेरे स्वभाबके सिये स्पर्ग है और जड़ी किया मेरे लिये साधक मा बामक नहीं है ऐसी मशा- ज्ञानसहित वीतरागभाग मह मोक्षमार्ग है किंतु जो बीब ऐसे भावको नहीं पहि चामता उसे प्रतादि मेद करके समझाया है उसका नाम भ्यवहार है। मोक्षमार्गप बीतरामभाग तो एक ही प्रकार का है समापिप्रमेक प्रकारों से उसका कमन करना यह व्यवहार है। इसका यह पर्ण नहीं है कि व्यवहारज्ञान चारित्र भी मोक्षमार्ग है।
ज्ञान भारित यह मोक्षमार्ग नहीं है किन्तुमि मोक्षमार्गका स्व रूप समझाने के लिये व्यवहारसे भेद करके समझामा बह ग हार है।
रागादिसे मोक्षमार्ग नहीं है । पैसा खर्च करने से धर्म नही होजाता और न पैसे से पुण्य भी है । पैसा खर्च करते समय मदकषाय हो तो पुण्य होता है, धर्म तो भिन्न हो वस्तु है।
मोक्षमार्ग तो वीतरागभाव है। ग्रात्माकी परमानन्ददशा प्रगट हो वह मोक्ष है । मोक्ष प्रात्मामे होता है। उसका उपाय भी श्रात्मा का वीतरागभाव है, और वह वीतरागभाव एक ही प्रकारका है । जो उसे नही समझता उसे व्रतादिके अनेक भेद करके समझाया है। पहले स्त्री - व्यापारादिको प्रशुभपरिणामोका निमित्त बनाता था, किन्तु श्रात्मा के भानपूर्वक प्रशत वीतरागता होने से हिंसादिके प्रमुफ निमित्त छूट गये, वहाँ निमित्त छूटने की अपेक्षासे अहिंसा, सत्यादि भेद करके समभाया है, किंतु वहाँ जो व्रतका शुभराग है वह कही वास्तवमे मोक्षमार्ग नहीं है मोक्षमार्ग तो वीतरागभाव है । हिंसाभाव छूटा वहाँ हिंसाके निमित्त भी छूट गये । राग-द्वेषके समय स्त्री आदि निमित्त थे, वीतरागभाव होने पर वे निमित्त छूट गये इसलिये वे निमित्त छूटने की अपेक्षासे ब्रह्मचर्य व्रत आदिकको उपचारसे मोक्षमार्ग कहकर वीतरागभावकी पहिचान कराई है, किन्तु व्रतादिके जो शुभभाव है वे कही वीतरागभाव नहीं हैं ।
जिसके वीतरागभावरूप मोक्षमार्ग प्रगट हुआ है, उसके प्रतादिको उपचारसे मोक्षमार्ग कहा है ।
अज्ञानी लोग कहते हैं कि अनासक्तिभावसे जगतके कार्य करना चाहिये, किन्तु वह बात मिथ्या है । परके कार्य आत्मा कर ही नही
समता तथापि में उन्हें करता हूँ ऐसा मानता है यही मिथ्यात्व है। इंद्रियोंको जोसमा चाहिये- ऐसा प्रज्ञामी मानता है वह बात भी मिथ्या है । इद्रियाँ अह है वह जीवना कसा ? किन्तु मंतर में भारमाका मान होने पर इन्द्रियोमुम्लतारूप राग छूट जाने से इन्द्रियों का निमित्त छूट गया और इंद्रियों को जीत लिया ऐसा कहा जाता है सम्मम्वर्शन ज्ञानपूर्वक भूमिकानुसार वीतरागभाब हुमा बह मोदामार्ग है और उस भूमिका में प्रवादिका शुभराग भी होता है। जहाँ बोतराग भावरूपी यथाय मोक्षमार्ग प्रगट हुभा है वहीं बूतादि मेदों को उप भारसे मोक्षमार्ग कहा है किन्तु जिसके बीतरागभावरूप मोक्षमार्ग प्रगट ही नहीं हुआ है उसके केसे रागको उपचारसे भी मोक्षमार्ग नहीं कही। यहाँ तो उस जीव की बात है जिसे वय का निश्चय श्रद्धा शाम प्रगट हुआ है। निश्चय श्रद्धा मान के बिना तो मोक्षमार्ग का प्रत मी बोधरागभाग नहीं होता। व्यवहार भी नहीं होता।
मुनि को यकी निश्चम-शाम पूर्वक उसमें लीनता से बीतराग भाग होने पर हिंसा चोरी-परिप्रहादि का अशुभ भाष नहीं होता । यहाँ पहिसाबूत सत्पबूत माथि भेद करके उसे समझाया है किन्तु बड़ी मोक्षमार्ग तो बीतराम भाष है। बहू गीतराम भाव एक हो प्रकार का है। राम और निमित्त छूटने की अपेक्षा से पंच महाप्रठादि भेवों से मोक्षमार्ग का कथन करके समझाया है। इसलिये मार्थ वस्तुस्थिति क्या है उसे प्रथम समझना चाहिये। शरीरकी किया बराबर हो तो धर्म होता है ऐसा मानी मानता है किन्तुरीर कीय में कहीं धर्म नहीं है। महावीतरामी भुमि हो और शरीर में प्रमुक सकवा हो गया हो तो वहाँ अरोर की क्रिया से बंदनादि
नही कर पाते, तथापि अतर मे स्वभावके अवलम्बन से निश्चय श्रद्धा ज्ञान चारित्र रूप वीतरागभाव बना है वह मोक्षमार्ग है । मुनि की दिगम्बर दशा होती है, वस्त्रका राग उनके नही होता । अट्ठाईस मूल गुरण होते हैं, किंतु मूलगुणो का शुभ भाव कही मोक्षमार्ग नही है । मोक्षमार्ग तो अतर स्वरूप के श्राश्रय से प्रगट हुआ वीतरागभाव है। पच महावत के विकल्पों के समय उसमे उस भूमिका के योग्य वीतराग भाव है, वही मोक्षमार्ग है ।
जड पदार्थ जगत के स्वतंत्र तत्त्व है । आहार का माना या न थाना वह जड की क्रिया है श्रात्मा की नही । अज्ञानी श्रात्मा के भान विना जडकी किया का अभिमान करता है, उसे मोक्षमार्ग की खबर नही है ।
"बोले उसके दो "
निश्चय का उपदेश करते समय बीच में भेद रूप व्यवहार से कथन आाये बिना नही रहता । निश्चय मोक्षमार्ग तो एक ही प्रकार का है, किंतु उसे समझाते समय भेद करके समझाया है । "बोले वह दो मागे" - इस प्रकार निश्चय का उपदेश करते समय बीचमे व्यवहार आये बिना नही रहता । इस सम्बन्ध मे एक दृष्टान्त आता है । काका-भतीजे के बीच पाच लड्डू थे, वहाँ दोनो झगड पडे थोर उन्होने निर्णय किया कि जो बोलेगा उसे दो मिलेंगे और नहीं बोलेगा उसे तीन । फिर तो दोनों चुप होकर लेट गयो । लोगो ने समझा कि यह दोनो मर गये है, इसलिये उन्हे जलाने के लिये इमशान में ले गय और जलाने की तैयारी की । इतने में भतीजे से नहीं रहा गया और
बोला कि उठो बाका, तीम तुम्हारे और दो मेरे ?" उसीप्रकार भारमानन्द स्वभाव है। उसमें निबिकल्प एकाप्रतास्प मोक्षमार्ग है। बीच में जो विकल्प उठता है वह राग है उपदेश का विकल्प छठा व विषय या पौर मामरूप दो म रहे किन्तु निमिकल्प रमणतारूप तीसर। मड्डू नँया दिया इससियै कहा है कि-बोसे उसके दो । और कल्परूप से हम्म में
एकाग्र हुमा यहाँ सम्मग्दर्शन शाम चारित्र तीनों की एकतास्प मोक्ष मार्ग है । व्यवहार से कपन किया वहां मसीसे चिपटा रहे और उस का परमार्ग म समझे तो वह मिष्याहि है
व्यवहार का पहला प्रकार
(१) नर-मारकादि सरीर को जीब तरफ का भीम अमवा देवका जोष कहा कहाँ पास्तव में जो शरीर है यह जी नहीं है किन्तु प्रशानी शरीर रहित केसे बीब को नहीं पहिचानता इसलिये उसे समझाने के लिये सरीर के निमित्त से कमन करके जीम की पहि पान कराई है। किंतु वहाँ शरीर को ही जीव नहीं मान मेना चाहिये। वर्तमान में भी शरीर तो बड़ है। शरीर और बीम के संयोग की प्रपेक्षा से कथन किया कि यह एकेन्द्रिय जीव यह मारक के जीव किस्तु वास्तव में वहाँ बीब तो उम एकेन्द्रियादि शरीरों से भिन्न ही है। जिसका सक्ष मिन बीम पर नहीं है, उसे संमोगको अपेक्षास कथम करके समझाया है किंतु कपन किया उससे कहीं परीर बीब नहीं बम बाता। प्रशानीमे सरीर रहित फेला पारमा कभी नहीं देखा है इसलिये उसे समझाने के हेतु उपचार से कथन किया है वह व्यवहार
है चीटी के शरीर की अपेक्षा से "चीटी का जीव" - ऐसा कहा जाता है, किन्तु वह कहने मात्र के लिये है । वास्तव मे चीटीका शरीर कही जीव नही है, जीव तो पृथक् है । जीवका शरीर तो ज्ञान है । "ज्ञान विग्रह" श्रात्माका शरीर है । भगवान श्रात्मा चैतन्य चमत्कार है, किंतु वह मृतक कलेवर ऐसे इस जड शरीर मे मूच्छित हो गया है । जीते हुए भी शरीर तो मृतक कलेवर ही है । श्री समयसार की ९६ वी गाया मे कहते है कि भगवान आत्मा तो परम अमृतरूप विज्ञानघन है, और शरीर तो जड अमृत कलेवर है । अज्ञानी भिन्न चैतन्य को चूककर "शरीर ही में है, शरीर की क्रिया मुझ से होती है" - ऐसी मान्यता से मृतक कलेवर मे मूच्छित हुग्रा है, उसे प्रात्मा शरीर से भिन्न भासित नही होता । निश्चय से तो आत्मा विज्ञानघन है प्रौर शरीर के सयोग से जीव का कथन किया वह व्यवहार है, किन्तु वहाँ वास्तव में जीव को शरीरवाला ही मानले तो वह जीव मिथ्यादृष्टि है । अरे जीव । शरीर तो मुर्दा है, और तू तो चैतन्यधन है, इसलिये "मे शरीर को चलाता हूँ" - ऐसा मृतक कलेवर का अभि मान छोड दे । शरीर तो मृतक कलेवर है, वह तेरे धर्म का साधन नही है । तेरा श्रात्मा अमृत पिण्ड विज्ञानघन है, वही तेरे धर्म का साधन है। शरीर को जीव कहा वहाँ जीव तो विज्ञानघन है और शरीर जड है, उससे जीव पृथक् है ऐसा समझना चाहिये ।
व्यवहारका दूसरा प्रकार
(२) पुनश्च, व्यवहारका दूसरा प्रकार यह है कि प्रभेद आत्मा मे ज्ञान-दर्शनादिके भेद करके कथन किया वह व्यवहार है, किन्तु
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मोहमाग प्रकाशक की फिर म भारमाकी भद्धा शान पोर रममता वह मोक्षमार्ग है । परबीबका श्री मा मरण मारमा नहीं कर सकता और क्याविका ममाग हो यह भी वास्तव में मोक्षमार्ग नहीं है। मोक्षमार्ग तो वीतरागभाव है। सम्यग्दर्शन शाम पारित्र यह तीनों वीतरागमायस्प है। मेरा मात्मा सामानम्य स्वरूपी है-ऐसी बोतरामी भद्रा हो वह सम्यम्वर्धन है। मैं परका भसा-बुरा कर सकता हूँ-ऐसी मान्यता यह प्रज्ञान है। भारमाकी भद्धा-काम-चारित्ररूप बीतरागभाष ही मोक्षमार्ग है उसे को नहीं पहिचानता उसे व्यवहारममसे प्रतादि के मैद करके सम झाया है । व्यवहारमा कहीं मोक्षमार्ग नहीं है । मोक्षमार्ग तो वो रागी रस्तजय ही है किन्तु उसे मेद करके समझाया है । बीमादि सातत्त्व विसप्रकार मिन मिन है उसोप्रकार उसकी श्रद्धा करना चाहिये । साठ तस्योंकि भागका यमाय भासन होना बह निश्चय सम्पग्दर्शन है। यमार्ग वा मोर शामपूर्वक मोठराग माग हुआ वह मोक्षमार्ग है। मानानंद स्वरूपका मार्ग मान हमा हो घोर विकार हो वह मेरे स्वभाबके सिये स्पर्ग है और जड़ी किया मेरे लिये साधक मा बामक नहीं है ऐसी मशा- ज्ञानसहित वीतरागभाग मह मोक्षमार्ग है किंतु जो बीब ऐसे भावको नहीं पहि चामता उसे प्रतादि मेद करके समझाया है उसका नाम भ्यवहार है। मोक्षमार्गप बीतरामभाग तो एक ही प्रकार का है समापिप्रमेक प्रकारों से उसका कमन करना यह व्यवहार है। इसका यह पर्ण नहीं है कि व्यवहारज्ञान चारित्र भी मोक्षमार्ग है। ज्ञान भारित यह मोक्षमार्ग नहीं है किन्तुमि मोक्षमार्गका स्व रूप समझाने के लिये व्यवहारसे भेद करके समझामा बह ग हार है। रागादिसे मोक्षमार्ग नहीं है । पैसा खर्च करने से धर्म नही होजाता और न पैसे से पुण्य भी है । पैसा खर्च करते समय मदकषाय हो तो पुण्य होता है, धर्म तो भिन्न हो वस्तु है। मोक्षमार्ग तो वीतरागभाव है। ग्रात्माकी परमानन्ददशा प्रगट हो वह मोक्ष है । मोक्ष प्रात्मामे होता है। उसका उपाय भी श्रात्मा का वीतरागभाव है, और वह वीतरागभाव एक ही प्रकारका है । जो उसे नही समझता उसे व्रतादिके अनेक भेद करके समझाया है। पहले स्त्री - व्यापारादिको प्रशुभपरिणामोका निमित्त बनाता था, किन्तु श्रात्मा के भानपूर्वक प्रशत वीतरागता होने से हिंसादिके प्रमुफ निमित्त छूट गये, वहाँ निमित्त छूटने की अपेक्षासे अहिंसा, सत्यादि भेद करके समभाया है, किंतु वहाँ जो व्रतका शुभराग है वह कही वास्तवमे मोक्षमार्ग नहीं है मोक्षमार्ग तो वीतरागभाव है । हिंसाभाव छूटा वहाँ हिंसाके निमित्त भी छूट गये । राग-द्वेषके समय स्त्री आदि निमित्त थे, वीतरागभाव होने पर वे निमित्त छूट गये इसलिये वे निमित्त छूटने की अपेक्षासे ब्रह्मचर्य व्रत आदिकको उपचारसे मोक्षमार्ग कहकर वीतरागभावकी पहिचान कराई है, किन्तु व्रतादिके जो शुभभाव है वे कही वीतरागभाव नहीं हैं । जिसके वीतरागभावरूप मोक्षमार्ग प्रगट हुआ है, उसके प्रतादिको उपचारसे मोक्षमार्ग कहा है । अज्ञानी लोग कहते हैं कि अनासक्तिभावसे जगतके कार्य करना चाहिये, किन्तु वह बात मिथ्या है । परके कार्य आत्मा कर ही नही समता तथापि में उन्हें करता हूँ ऐसा मानता है यही मिथ्यात्व है। इंद्रियोंको जोसमा चाहिये- ऐसा प्रज्ञामी मानता है वह बात भी मिथ्या है । इद्रियाँ अह है वह जीवना कसा ? किन्तु मंतर में भारमाका मान होने पर इन्द्रियोमुम्लतारूप राग छूट जाने से इन्द्रियों का निमित्त छूट गया और इंद्रियों को जीत लिया ऐसा कहा जाता है सम्मम्वर्शन ज्ञानपूर्वक भूमिकानुसार वीतरागभाब हुमा बह मोदामार्ग है और उस भूमिका में प्रवादिका शुभराग भी होता है। जहाँ बोतराग भावरूपी यथाय मोक्षमार्ग प्रगट हुभा है वहीं बूतादि मेदों को उप भारसे मोक्षमार्ग कहा है किन्तु जिसके बीतरागभावरूप मोक्षमार्ग प्रगट ही नहीं हुआ है उसके केसे रागको उपचारसे भी मोक्षमार्ग नहीं कही। यहाँ तो उस जीव की बात है जिसे वय का निश्चय श्रद्धा शाम प्रगट हुआ है। निश्चय श्रद्धा मान के बिना तो मोक्षमार्ग का प्रत मी बोधरागभाग नहीं होता। व्यवहार भी नहीं होता। मुनि को यकी निश्चम-शाम पूर्वक उसमें लीनता से बीतराग भाग होने पर हिंसा चोरी-परिप्रहादि का अशुभ भाष नहीं होता । यहाँ पहिसाबूत सत्पबूत माथि भेद करके उसे समझाया है किन्तु बड़ी मोक्षमार्ग तो बीतराम भाष है। बहू गीतराम भाव एक हो प्रकार का है। राम और निमित्त छूटने की अपेक्षा से पंच महाप्रठादि भेवों से मोक्षमार्ग का कथन करके समझाया है। इसलिये मार्थ वस्तुस्थिति क्या है उसे प्रथम समझना चाहिये। शरीरकी किया बराबर हो तो धर्म होता है ऐसा मानी मानता है किन्तुरीर कीय में कहीं धर्म नहीं है। महावीतरामी भुमि हो और शरीर में प्रमुक सकवा हो गया हो तो वहाँ अरोर की क्रिया से बंदनादि नही कर पाते, तथापि अतर मे स्वभावके अवलम्बन से निश्चय श्रद्धा ज्ञान चारित्र रूप वीतरागभाव बना है वह मोक्षमार्ग है । मुनि की दिगम्बर दशा होती है, वस्त्रका राग उनके नही होता । अट्ठाईस मूल गुरण होते हैं, किंतु मूलगुणो का शुभ भाव कही मोक्षमार्ग नही है । मोक्षमार्ग तो अतर स्वरूप के श्राश्रय से प्रगट हुआ वीतरागभाव है। पच महावत के विकल्पों के समय उसमे उस भूमिका के योग्य वीतराग भाव है, वही मोक्षमार्ग है । जड पदार्थ जगत के स्वतंत्र तत्त्व है । आहार का माना या न थाना वह जड की क्रिया है श्रात्मा की नही । अज्ञानी श्रात्मा के भान विना जडकी किया का अभिमान करता है, उसे मोक्षमार्ग की खबर नही है । "बोले उसके दो " निश्चय का उपदेश करते समय बीच में भेद रूप व्यवहार से कथन आाये बिना नही रहता । निश्चय मोक्षमार्ग तो एक ही प्रकार का है, किंतु उसे समझाते समय भेद करके समझाया है । "बोले वह दो मागे" - इस प्रकार निश्चय का उपदेश करते समय बीचमे व्यवहार आये बिना नही रहता । इस सम्बन्ध मे एक दृष्टान्त आता है । काका-भतीजे के बीच पाच लड्डू थे, वहाँ दोनो झगड पडे थोर उन्होने निर्णय किया कि जो बोलेगा उसे दो मिलेंगे और नहीं बोलेगा उसे तीन । फिर तो दोनों चुप होकर लेट गयो । लोगो ने समझा कि यह दोनो मर गये है, इसलिये उन्हे जलाने के लिये इमशान में ले गय और जलाने की तैयारी की । इतने में भतीजे से नहीं रहा गया और बोला कि उठो बाका, तीम तुम्हारे और दो मेरे ?" उसीप्रकार भारमानन्द स्वभाव है। उसमें निबिकल्प एकाप्रतास्प मोक्षमार्ग है। बीच में जो विकल्प उठता है वह राग है उपदेश का विकल्प छठा व विषय या पौर मामरूप दो म रहे किन्तु निमिकल्प रमणतारूप तीसर। मड्डू नँया दिया इससियै कहा है कि-बोसे उसके दो । और कल्परूप से हम्म में एकाग्र हुमा यहाँ सम्मग्दर्शन शाम चारित्र तीनों की एकतास्प मोक्ष मार्ग है । व्यवहार से कपन किया वहां मसीसे चिपटा रहे और उस का परमार्ग म समझे तो वह मिष्याहि है व्यवहार का पहला प्रकार नर-मारकादि सरीर को जीब तरफ का भीम अमवा देवका जोष कहा कहाँ पास्तव में जो शरीर है यह जी नहीं है किन्तु प्रशानी शरीर रहित केसे बीब को नहीं पहिचानता इसलिये उसे समझाने के लिये सरीर के निमित्त से कमन करके जीम की पहि पान कराई है। किंतु वहाँ शरीर को ही जीव नहीं मान मेना चाहिये। वर्तमान में भी शरीर तो बड़ है। शरीर और बीम के संयोग की प्रपेक्षा से कथन किया कि यह एकेन्द्रिय जीव यह मारक के जीव किस्तु वास्तव में वहाँ बीब तो उम एकेन्द्रियादि शरीरों से भिन्न ही है। जिसका सक्ष मिन बीम पर नहीं है, उसे संमोगको अपेक्षास कथम करके समझाया है किंतु कपन किया उससे कहीं परीर बीब नहीं बम बाता। प्रशानीमे सरीर रहित फेला पारमा कभी नहीं देखा है इसलिये उसे समझाने के हेतु उपचार से कथन किया है वह व्यवहार है चीटी के शरीर की अपेक्षा से "चीटी का जीव" - ऐसा कहा जाता है, किन्तु वह कहने मात्र के लिये है । वास्तव मे चीटीका शरीर कही जीव नही है, जीव तो पृथक् है । जीवका शरीर तो ज्ञान है । "ज्ञान विग्रह" श्रात्माका शरीर है । भगवान श्रात्मा चैतन्य चमत्कार है, किंतु वह मृतक कलेवर ऐसे इस जड शरीर मे मूच्छित हो गया है । जीते हुए भी शरीर तो मृतक कलेवर ही है । श्री समयसार की छियानवे वी गाया मे कहते है कि भगवान आत्मा तो परम अमृतरूप विज्ञानघन है, और शरीर तो जड अमृत कलेवर है । अज्ञानी भिन्न चैतन्य को चूककर "शरीर ही में है, शरीर की क्रिया मुझ से होती है" - ऐसी मान्यता से मृतक कलेवर मे मूच्छित हुग्रा है, उसे प्रात्मा शरीर से भिन्न भासित नही होता । निश्चय से तो आत्मा विज्ञानघन है प्रौर शरीर के सयोग से जीव का कथन किया वह व्यवहार है, किन्तु वहाँ वास्तव में जीव को शरीरवाला ही मानले तो वह जीव मिथ्यादृष्टि है । अरे जीव । शरीर तो मुर्दा है, और तू तो चैतन्यधन है, इसलिये "मे शरीर को चलाता हूँ" - ऐसा मृतक कलेवर का अभि मान छोड दे । शरीर तो मृतक कलेवर है, वह तेरे धर्म का साधन नही है । तेरा श्रात्मा अमृत पिण्ड विज्ञानघन है, वही तेरे धर्म का साधन है। शरीर को जीव कहा वहाँ जीव तो विज्ञानघन है और शरीर जड है, उससे जीव पृथक् है ऐसा समझना चाहिये । व्यवहारका दूसरा प्रकार पुनश्च, व्यवहारका दूसरा प्रकार यह है कि प्रभेद आत्मा मे ज्ञान-दर्शनादिके भेद करके कथन किया वह व्यवहार है, किन्तु
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देहली : ९ मार्च को यहां के जंतरमंतर पर धर्माभिमानी हिन्दुओंद्वारा 'राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन' किया गया।
इस आंदोलन में लश्कर-ए-तोएबा की इशरत जहां के आतंकवादियोंसे संबंध छिपा कर प्रामाणिक पुलिस अधिकारियोंको कारागृह में डालनेवाले तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर कार्रवाई करें, 'द्रौपदी' के संदर्भ में विकृत लेखन करनेवाले डॉ. यार्लगड्डा लक्ष्मी प्रसाद का 'पद्मभूषण' पुरस्कार रद्द करें एवं कश्मीर में जिन मस्जिदोंसे देशद्रोही घोषणाएं की जाती हैं, उन मस्जिदोंके भोंपूओंको हटाने के साथ ही देश की अन्य मस्जिदोंपर लगाए गए अवैधानिक भोंपुओंको भी हटाएं आदि मांगें की गई।
आंदोलन के समय की गई अन्य मांगें ....
१. कथित 'भगवा आंतकवाद' के नाम पर निर्दोष हिन्दुओंको फंसा कर कारागृह में डालने के संदर्भ में जांच करें।
२. पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं मलेशिया देशों में अल्पसंख्यक हिन्दुओंपर किए जानेवाले अत्याचार रोकने हेतु संबंधित देशोंपर दबावतंत्र का उपयोग करें।
३. विदेश के हिन्दुओंपर होनेवाले अत्याचारोंके संदर्भ में भारत, 'संयुक्त राष्ट्र संघ' से न्याय की मांग करे।
४. तमिलनाडू, केरल एवं आग्रा में की गई हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओंकी हुई हत्याआेंकी जांच केंद्रीय अन्वेषण विभाग को सौंपी जाए।
वर्तमान में देश में होनेवाली देशद्रोही घटनाओंको देख कर भारत के शत्रुओंको आनंद प्रतीत होना संभव है; क्योंकि हमारे अपने लोग ही उनका कार्य कर रहे हैं, उन्हें मदद कर रहें हैं !
देश को नष्ट करने हेतु पाकिस्तान अथवा अन्य देश से आए लोगों को हम शत्रु कहते हैं; परंतु हमने जिन्हें चुन कर दिया, यदि वे ही देश का विश्वासघात करते हैं, तो इसे क्या कहना चाहिए ? ऐसे विश्वासघाती नेताओंकी जांच होनी ही चाहिए !
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देहली : नौ मार्च को यहां के जंतरमंतर पर धर्माभिमानी हिन्दुओंद्वारा 'राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन' किया गया। इस आंदोलन में लश्कर-ए-तोएबा की इशरत जहां के आतंकवादियोंसे संबंध छिपा कर प्रामाणिक पुलिस अधिकारियोंको कारागृह में डालनेवाले तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम पर कार्रवाई करें, 'द्रौपदी' के संदर्भ में विकृत लेखन करनेवाले डॉ. यार्लगड्डा लक्ष्मी प्रसाद का 'पद्मभूषण' पुरस्कार रद्द करें एवं कश्मीर में जिन मस्जिदोंसे देशद्रोही घोषणाएं की जाती हैं, उन मस्जिदोंके भोंपूओंको हटाने के साथ ही देश की अन्य मस्जिदोंपर लगाए गए अवैधानिक भोंपुओंको भी हटाएं आदि मांगें की गई। आंदोलन के समय की गई अन्य मांगें .... एक. कथित 'भगवा आंतकवाद' के नाम पर निर्दोष हिन्दुओंको फंसा कर कारागृह में डालने के संदर्भ में जांच करें। दो. पाकिस्तान, बांग्लादेश एवं मलेशिया देशों में अल्पसंख्यक हिन्दुओंपर किए जानेवाले अत्याचार रोकने हेतु संबंधित देशोंपर दबावतंत्र का उपयोग करें। तीन. विदेश के हिन्दुओंपर होनेवाले अत्याचारोंके संदर्भ में भारत, 'संयुक्त राष्ट्र संघ' से न्याय की मांग करे। चार. तमिलनाडू, केरल एवं आग्रा में की गई हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओंकी हुई हत्याआेंकी जांच केंद्रीय अन्वेषण विभाग को सौंपी जाए। वर्तमान में देश में होनेवाली देशद्रोही घटनाओंको देख कर भारत के शत्रुओंको आनंद प्रतीत होना संभव है; क्योंकि हमारे अपने लोग ही उनका कार्य कर रहे हैं, उन्हें मदद कर रहें हैं ! देश को नष्ट करने हेतु पाकिस्तान अथवा अन्य देश से आए लोगों को हम शत्रु कहते हैं; परंतु हमने जिन्हें चुन कर दिया, यदि वे ही देश का विश्वासघात करते हैं, तो इसे क्या कहना चाहिए ? ऐसे विश्वासघाती नेताओंकी जांच होनी ही चाहिए !
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देश की वित्त मंत्री ने हाल में संसद में बताया कि अप्रैल 2019 से सितंबर 2019 बीच बैंकिंग फ्रॉड से 95 हजार करोड़ का नुकसान पहुंचा. आइए जानते हैं कि आप भी ऑनलाइन होने वाले बैंकिंग फ्रॉड से कैसे खुद को बचा सकते हैं?
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में संसद में बताया कि अप्रैल 2019 से सितंबर 2019 बीच बैंकिंग फ्रॉड से 95 हजार करोड़ का नुकसान पहुंचा. आइए जानते हैं कि आप भी ऑनलाइन होने वाले बैंकिंग फ्रॉड से कैसे खुद को बचा सकते हैं?
ऑनलाइन शॉपिंग या पेमेंट करने से पहले आपको ध्यान रखना चाहिए कि जिस लिंक पर आप हैं, क्या उसका URL सुरक्षित है? शॉपिंग या पेमेंट से पहले URL पर ताले का निशान या सिक्योर लिखा जरूर देखें.
कंप्यूटर पर काम करने के दौरान पॉप अप विंडो में खुलने वाली साइटों पर कभी निजी या बैंक से जुड़ी जानकारी न फीड करें. ऐसी साइटें आपकी बैंकिंग डिटेल्स चुरा सकती हैं.
बैंकिंग के नाम पर कई बार फर्जी कॉल के जरिए आम लोगों को निशाना बनाया जाता है. इसलिए कभी किसी भी व्यक्ति पर कॉल पर OTP, क्रेडिट और डेबिट कार्ड पिन और अन्य बैंकिंग डिटेल्स न सौंपे.
आम लोगों के साथ फर्जीवाड़ा करने वाले अपराधी मोबाइल पर आकर्षक स्कीम या सस्ते सामान के नाम पर मैसेज करते हैं. लोग इन मैसेजों के जाल में फंसकर अनजान लिंक पर अपनी जानकारी साझा कर देते हैं और फर्जीवाड़े के शिकार बनते हैं.
क्राउड फंडिंग के नाम पर भी लोग अक्सर आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं. इसलिए क्राउड फंडिंग के नाम पर डोनेशन देने से पहले ऐसे कैंपेन को चलाने वालों और किस कारण चलाया जा रहा है, इन बातों को जान लेना बहुत जरूरी है.
आजकल गिफ्ट कार्ड के नाम पर भी आम लोग स्कैम का शिकार हो रहे हैं. ईमेल, फोन और मैसेज में मिलने वाले गिफ्ट कार्ड पर भरोसा न करें. आप इनके चक्कर में अपनी जमा पूंजी गंवा सकते हैं.
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देश की वित्त मंत्री ने हाल में संसद में बताया कि अप्रैल दो हज़ार उन्नीस से सितंबर दो हज़ार उन्नीस बीच बैंकिंग फ्रॉड से पचानवे हजार करोड़ का नुकसान पहुंचा. आइए जानते हैं कि आप भी ऑनलाइन होने वाले बैंकिंग फ्रॉड से कैसे खुद को बचा सकते हैं? देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल में संसद में बताया कि अप्रैल दो हज़ार उन्नीस से सितंबर दो हज़ार उन्नीस बीच बैंकिंग फ्रॉड से पचानवे हजार करोड़ का नुकसान पहुंचा. आइए जानते हैं कि आप भी ऑनलाइन होने वाले बैंकिंग फ्रॉड से कैसे खुद को बचा सकते हैं? ऑनलाइन शॉपिंग या पेमेंट करने से पहले आपको ध्यान रखना चाहिए कि जिस लिंक पर आप हैं, क्या उसका URL सुरक्षित है? शॉपिंग या पेमेंट से पहले URL पर ताले का निशान या सिक्योर लिखा जरूर देखें. कंप्यूटर पर काम करने के दौरान पॉप अप विंडो में खुलने वाली साइटों पर कभी निजी या बैंक से जुड़ी जानकारी न फीड करें. ऐसी साइटें आपकी बैंकिंग डिटेल्स चुरा सकती हैं. बैंकिंग के नाम पर कई बार फर्जी कॉल के जरिए आम लोगों को निशाना बनाया जाता है. इसलिए कभी किसी भी व्यक्ति पर कॉल पर OTP, क्रेडिट और डेबिट कार्ड पिन और अन्य बैंकिंग डिटेल्स न सौंपे. आम लोगों के साथ फर्जीवाड़ा करने वाले अपराधी मोबाइल पर आकर्षक स्कीम या सस्ते सामान के नाम पर मैसेज करते हैं. लोग इन मैसेजों के जाल में फंसकर अनजान लिंक पर अपनी जानकारी साझा कर देते हैं और फर्जीवाड़े के शिकार बनते हैं. क्राउड फंडिंग के नाम पर भी लोग अक्सर आम लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हैं. इसलिए क्राउड फंडिंग के नाम पर डोनेशन देने से पहले ऐसे कैंपेन को चलाने वालों और किस कारण चलाया जा रहा है, इन बातों को जान लेना बहुत जरूरी है. आजकल गिफ्ट कार्ड के नाम पर भी आम लोग स्कैम का शिकार हो रहे हैं. ईमेल, फोन और मैसेज में मिलने वाले गिफ्ट कार्ड पर भरोसा न करें. आप इनके चक्कर में अपनी जमा पूंजी गंवा सकते हैं.
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लखनऊ (एजेंसी) : कोरोना का खौफ कुछ कम हुआ तो अब जगह-जगह से डेंगू एवं तेज बुखार से लोगों के बीमार होने एवं कई लोगों की मौत की दुखद खबरें सुनने को मिल रही हैं। ऐसे में डॉक्टरों, विशेषज्ञों का कहना है कि हमें किसी खास सीजन में ही नहीं, बल्कि सालभर इम्युनिटी बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। इसके साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाए जाने की जरूरत है। यह बात माउंटेन पीपुल फाउंडेशन (एमपीएफ) की अध्यक्ष सरोज पंत ने उस वक्त कही जब उन्होंने इस संबंध में यूपी के मुख्य सचिव एवं प्रधान सचिव (आयुष मंत्रालय) से मुलाकात की। उनके साथ ही संस्था से जुड़े एवं इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे उमेश पंत भी थे। जानकारों ने कहा कि एलोपैथी दवाओं से तात्कालिक फायदे के साथ ही होमियोपैथी एवं आयुर्वेदिक दवाओं या इम्युनिटी बूस्टर से भी हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा कर सकते हैं। संस्था ने होमियोपैथी और योग विज्ञान के द्वारा रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के विभिन्न प्रयोगों पर भी बल दिया। इस संबंध में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिये बताया गया कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार तिवारी तथा प्रिंसीपल सेक्रेटरी (आयुष विभाग) प्रशांत त्रिवेदी जी के साथ माउंटेन पीपुल फाउंडेशन की अध्यक्ष सरोज पंत तथा डॉ. उमेश चंद्र पंत ने होमियोपैथी के द्वारा रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर तथा होमियोपैथिक पद्धति के द्वारा कोविड-19 एवं डेंगू के लिए प्रीवेंटिव व इम्यूनिटी बूस्टर दवा जिले और प्रदेश स्तर पर मुहैया कराने की मुहिम के बारे में चर्चा की।
दूरदृष्टा, जनचेतना के अग्रदूत, वैचारिक स्वतंत्रता के पुरोधा एवं समाजसेवी सरदार दयालसिंह मजीठिया ने 2 फरवरी, 1881 को लाहौर (अब पाकिस्तान) से 'द ट्रिब्यून' का प्रकाशन शुरू किया। विभाजन के बाद लाहौर से शिमला व अंबाला होते हुए यह समाचार पत्र अब चंडीगढ़ से प्रकाशित हो रहा है।
'द ट्रिब्यून' के सहयोगी प्रकाशनों के रूप में 15 अगस्त, 1978 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दैनिक ट्रिब्यून व पंजाबी ट्रिब्यून की शुरुआत हुई। द ट्रिब्यून प्रकाशन समूह का संचालन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
हमें दूरदर्शी ट्रस्टियों डॉ. तुलसीदास (प्रेसीडेंट), न्यायमूर्ति डी. के. महाजन, लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. ज्ञानी, एच. आर. भाटिया, डॉ. एम. एस. रंधावा तथा तत्कालीन प्रधान संपादक प्रेम भाटिया का भावपूर्ण स्मरण करना जरूरी लगता है, जिनके प्रयासों से दैनिक ट्रिब्यून अस्तित्व में आया।
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लखनऊ : कोरोना का खौफ कुछ कम हुआ तो अब जगह-जगह से डेंगू एवं तेज बुखार से लोगों के बीमार होने एवं कई लोगों की मौत की दुखद खबरें सुनने को मिल रही हैं। ऐसे में डॉक्टरों, विशेषज्ञों का कहना है कि हमें किसी खास सीजन में ही नहीं, बल्कि सालभर इम्युनिटी बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। इसके साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाए जाने की जरूरत है। यह बात माउंटेन पीपुल फाउंडेशन की अध्यक्ष सरोज पंत ने उस वक्त कही जब उन्होंने इस संबंध में यूपी के मुख्य सचिव एवं प्रधान सचिव से मुलाकात की। उनके साथ ही संस्था से जुड़े एवं इम्युनिटी बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहे उमेश पंत भी थे। जानकारों ने कहा कि एलोपैथी दवाओं से तात्कालिक फायदे के साथ ही होमियोपैथी एवं आयुर्वेदिक दवाओं या इम्युनिटी बूस्टर से भी हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा कर सकते हैं। संस्था ने होमियोपैथी और योग विज्ञान के द्वारा रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के विभिन्न प्रयोगों पर भी बल दिया। इस संबंध में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के जरिये बताया गया कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजीव कुमार तिवारी तथा प्रिंसीपल सेक्रेटरी प्रशांत त्रिवेदी जी के साथ माउंटेन पीपुल फाउंडेशन की अध्यक्ष सरोज पंत तथा डॉ. उमेश चंद्र पंत ने होमियोपैथी के द्वारा रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने पर तथा होमियोपैथिक पद्धति के द्वारा कोविड-उन्नीस एवं डेंगू के लिए प्रीवेंटिव व इम्यूनिटी बूस्टर दवा जिले और प्रदेश स्तर पर मुहैया कराने की मुहिम के बारे में चर्चा की। दूरदृष्टा, जनचेतना के अग्रदूत, वैचारिक स्वतंत्रता के पुरोधा एवं समाजसेवी सरदार दयालसिंह मजीठिया ने दो फरवरी, एक हज़ार आठ सौ इक्यासी को लाहौर से 'द ट्रिब्यून' का प्रकाशन शुरू किया। विभाजन के बाद लाहौर से शिमला व अंबाला होते हुए यह समाचार पत्र अब चंडीगढ़ से प्रकाशित हो रहा है। 'द ट्रिब्यून' के सहयोगी प्रकाशनों के रूप में पंद्रह अगस्त, एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दैनिक ट्रिब्यून व पंजाबी ट्रिब्यून की शुरुआत हुई। द ट्रिब्यून प्रकाशन समूह का संचालन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है। हमें दूरदर्शी ट्रस्टियों डॉ. तुलसीदास , न्यायमूर्ति डी. के. महाजन, लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. ज्ञानी, एच. आर. भाटिया, डॉ. एम. एस. रंधावा तथा तत्कालीन प्रधान संपादक प्रेम भाटिया का भावपूर्ण स्मरण करना जरूरी लगता है, जिनके प्रयासों से दैनिक ट्रिब्यून अस्तित्व में आया।
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भारतीय रिजर्व बैंक में असिस्टेंट मैनेजर की नौकरियां निकली हैं। ये नौकरियां ग्रेड बी लीगल ऑफिसर, मैनेजर (टेक - सिविल), सहायक प्रबंधक (राजभाषा) और सहायक प्रबंधक (प्रोटोकॉल एवं सुरक्षा) की हैं। जिनके लिए अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। इन नौकरियों के लिए योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट rbi. org. in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
अभ्यर्थी इन नौकरियों के लिए 10 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती योजना के जरिए 29 रिक्तियों को भरा जाना है। जिनमें से 12 रिक्तियां असिस्टेंट मैनेजर (राजभाषा) की निकली हैं। ये ग्रेड ए की रिक्तियां हैं। ग्रेड बी की लीगल ऑफिसर पदों के लिए 11 रिक्तियां निकली हैं। इसी तरह से पांच नौकरियां असिस्टेंट मैनेजर (प्रोटोकॉल एवं सुरक्षा) और एक नौकरी मैनेजर (टेक-सिविल) की निकली है। इन नौकरियों के लिए बैंक 10 अप्रैल को परीक्षा कराएगा। भारतीय रिजर्व बैंक की रिक्तियों के लिए अभ्यर्थियों का चयन और परीक्षा एवं इंटरव्यू के जरिए होगा। ऑनलाइन टेस्ट पास करने वाले अभ्यर्थियों की मेरिट बनेगी जिसके बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।
ओडिशा उच्चतम न्यायालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर की नौकरियां निकली हैं। जिनके लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी इन नौकरियों के लिए 20 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर की कुल रिक्तियों की संख्या 202 है। इन नौकरियों के लिए अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, लिखित परीक्षा, कंप्यूटर एप्लीकेशन टेस्ट और इंटरव्यू के जरिए होगा।
असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर की इन नौकरियों के लिए 21 से लेकर 32 साल तक के अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थी orissahighcourt. nic. in के जरिए इन नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर पद के लिए चयनित होने वाले उम्मीदवारों को प्रति माह 35,400 रुपये से लेकर 1,12,400 रुपये तक का वेतन मिलेगा।
भारतीय खाद्य निगम ने एजीएम (AGM) और एमओ ( MO) पदों के लिए एफसीआई (FCI) भर्ती 2021 की अधिसूचना जारी की है। सहायक महाप्रबंधक और चिकित्सा अधिकारी पदों के लिए आवेदन करने के अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट fci. gov. in के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। भारतीय खाद्य निगम (FCI) राष्ट्र के खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाले सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रमों में से एक है। एफसीआई ( FCI) भर्ती 2021 के तहत कुल 89 रिक्तियां जारी की गई हैं।
अभ्यर्थी इन नौकरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन 31 मार्च तक कर सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 मार्च से शुरू होगी। असिस्टेंट जनरल पदों पर चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को 60 हजार रुपये से लेकर 1 लाख 80 हजार रुपये तक का वेतन मिलेगा। कुल रिक्तियों की संख्या 89 है। जिनमें से 30 पद जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट और 27 पद टेक्निकल के हैं। इसी तरह से 22 पद अकाउंट, 8 पद कानून और 2 पद मेडिकल ऑफिसर की हैं। इन पदों के लिए स्नातक पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इन रिक्तियों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम उम्र 28 साल और अधिकतम उम्र 35 साल रखी गई है।
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भारतीय रिजर्व बैंक में असिस्टेंट मैनेजर की नौकरियां निकली हैं। ये नौकरियां ग्रेड बी लीगल ऑफिसर, मैनेजर , सहायक प्रबंधक और सहायक प्रबंधक की हैं। जिनके लिए अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। इन नौकरियों के लिए योग्य एवं इच्छुक अभ्यर्थी आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट rbi. org. in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थी इन नौकरियों के लिए दस मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती योजना के जरिए उनतीस रिक्तियों को भरा जाना है। जिनमें से बारह रिक्तियां असिस्टेंट मैनेजर की निकली हैं। ये ग्रेड ए की रिक्तियां हैं। ग्रेड बी की लीगल ऑफिसर पदों के लिए ग्यारह रिक्तियां निकली हैं। इसी तरह से पांच नौकरियां असिस्टेंट मैनेजर और एक नौकरी मैनेजर की निकली है। इन नौकरियों के लिए बैंक दस अप्रैल को परीक्षा कराएगा। भारतीय रिजर्व बैंक की रिक्तियों के लिए अभ्यर्थियों का चयन और परीक्षा एवं इंटरव्यू के जरिए होगा। ऑनलाइन टेस्ट पास करने वाले अभ्यर्थियों की मेरिट बनेगी जिसके बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। ओडिशा उच्चतम न्यायालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर की नौकरियां निकली हैं। जिनके लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी इन नौकरियों के लिए बीस मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर की कुल रिक्तियों की संख्या दो सौ दो है। इन नौकरियों के लिए अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, लिखित परीक्षा, कंप्यूटर एप्लीकेशन टेस्ट और इंटरव्यू के जरिए होगा। असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर की इन नौकरियों के लिए इक्कीस से लेकर बत्तीस साल तक के अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थी orissahighcourt. nic. in के जरिए इन नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर पद के लिए चयनित होने वाले उम्मीदवारों को प्रति माह पैंतीस,चार सौ रुपयापये से लेकर एक,बारह,चार सौ रुपयापये तक का वेतन मिलेगा। भारतीय खाद्य निगम ने एजीएम और एमओ पदों के लिए एफसीआई भर्ती दो हज़ार इक्कीस की अधिसूचना जारी की है। सहायक महाप्रबंधक और चिकित्सा अधिकारी पदों के लिए आवेदन करने के अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट fci. gov. in के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। भारतीय खाद्य निगम राष्ट्र के खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने वाले सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रमों में से एक है। एफसीआई भर्ती दो हज़ार इक्कीस के तहत कुल नवासी रिक्तियां जारी की गई हैं। अभ्यर्थी इन नौकरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन इकतीस मार्च तक कर सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया एक मार्च से शुरू होगी। असिस्टेंट जनरल पदों पर चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को साठ हजार रुपये से लेकर एक लाख अस्सी हजार रुपये तक का वेतन मिलेगा। कुल रिक्तियों की संख्या नवासी है। जिनमें से तीस पद जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट और सत्ताईस पद टेक्निकल के हैं। इसी तरह से बाईस पद अकाउंट, आठ पद कानून और दो पद मेडिकल ऑफिसर की हैं। इन पदों के लिए स्नातक पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इन रिक्तियों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम उम्र अट्ठाईस साल और अधिकतम उम्र पैंतीस साल रखी गई है।
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स्नात करें आत्मा को ज्ञानालोक से ।
उससे पहले हमारे आत्म प्रदेशों में, मन में जो चंचलता है, मन बाहर की ओर भाग रहा है, आत्म प्रदेश ऊँचे से नीचे-नीचे से ऊपर की ओर भाग रहे हैं, जिस प्रकार कडाई में उबलता हुआ तेल नीचे से ऊपर ऊपर से नीचे की ओर जाता है, उसी प्रकार मस्तिष्क के आत्म प्रदेश पैरों की ओर और पैरों के आत्म-प्रदेश मस्तिष्क की ओर चलते रहते है ।
जिसका कारण है - आठ कर्म और इनके पैदा -आठ कर्म और इनके पैदा होने में निमित्त तीन मन, वचन, काया की प्रशस्त प्रवृत्ति । सबसे पहले जिन कारणों से कर्म बंधते है, उन्हें रोको, बाहर से लगता है कि शरीर पाप कर्म कर रहा है, पर यह मालूम है कि वह स्वतः कुछ भी नही करता है, उससे करवाया जा रहा है, वह तो
का पालक है । विचार करना है कि भावना कहाँ पैदा होती है मन में, मस्तिष्क में ? शरीर को तो जैसी आज्ञा होती है, तदनुसार उसमे हलचल हो जाती है । वैसे लोग कहते है कि शरीर चल कर आया, पर वास्तव में मन चलकर आया है। शरीर तो मन का वाहन है, आप कहते है कि कार आ गई पर क्या वास्तव में कार चलकर आ सकती है । नही, कार तो आप चला रहे है, आप ड्राइवर है, वह तो साधन मात्र है । वैसे ही आत्मा की कार शरीर है एवं ड्राइवर मन है, वही कार को चलाता है । मन भी अकेला कुछ नहीं करता, वह भी आत्मा के साथ जुड़ा हुआ है, शरीर से कर्म होता है, वह मन कराता है और मन को भी आत्मा कर्म कराती है, यह सांकल जुड़ी हुई है, उसको ठीक करने के लिए जीवन को समझने का प्रसंग है, पर किस प्रकार ? सम्यग्ज्ञान से ज्ञान के बाधक तत्त्वों को रोकने का प्रसग है, मनुष्य अन्दर आने की कोशिश करता है पर दरवाजा बन्द है तो जब तक वह दरवाजा बन्द होने का कारण एवं उसको खोलने का पुरुषार्थ नही करेगा, तब तक वह न तो भीतर जा सकेगा न बाहर आ सकेगा, ज्ञान तो प्रकट होने की कोशिश करता है, पर रास्ता बन्द है, क्योंकि दिवार का अवरोध है, पूर्व जन्म के ज्ञानावरणीयादि कर्मों ने आकर ज्ञान को प्रवृत्त कर दिया है, वे हटे तभी ज्ञान प्रकट हो सकता है । ज्ञान को प्रकट करने के लिये यह जान ले कि इसके बाधक कारण क्या है, और उन्हें कैसे दूर किया जाय ? सम्यक्ज्ञान के जो प्रचार है, उन्हें जानना आवश्यक है । तभी हम कर्मों के प्रश्रव को रोककर वद्ध कर्म का आवरण हटा पायेगे । ज्ञानावरणीय कर्म, आयु कर्म वाधना मनुष्य के हाथ की बात है, और वह उसे तोड़ भी सकता है, पर अज्ञान अंधकार मे रहकर नही ।
एक रूपक है कि एक व्यक्ति से देख सकता है, पर वह कमरे मे जाकर द्वार बंद कर दे, और विस्तर पर रजाई ओढ़कर सो जाय और फिर विचार करे कि मैं देखूं तो क्या वह देख सकेगा ? चाहे आँखे खुली हो या वद, आगे रजाई का आवरण है । वहाँ वह देखने की कोशिश भी करे और रजाई को भी ओडे तो कभी भी देख नहीं सकेगा, जब तक रजाई नही हटेगी तब तक नही
[ ऐसे जिये देख सकता, यदि रजाई हटाकर दरवाजा खोलकर बाहर आ जाएगा तभी प्रकाश देख सकेगा । प्रकाश तो है पर जब तक पर्दा नही हटेगा तब तक न तो बाहर जा पाएगा, और न प्रकाश के दर्शन ही हो पायेगा । इसी तरह ज्ञानावरणीय कर्म को रजाई की तरह प्रोढ लिया है, इसी कारण ज्ञान नही होता । इसलिये ज्ञान आवरण को रोकना चाहिये । ज्ञान, जानी पर द्वेप करने से, दुश्मनी करने से, इस प्रकार ज्ञान की जानो की आशातना करने से, ज्ञान के साधनो की तोड फोड़ करने से, ज्ञान जिनसे सिखा उनके नाम का गोपन करने से ज्ञानावरणीय कर्म बांधता है । कोई माता सोचे कि उसका बालक ज्ञान नहीं करे, अतः जब वह पढने लगता है तो वह कभी कितावे छिपा देती, कभी उसे दूसरा काम सौप देती है । इस तरह वह कुछ-न-कुछ अवरोध पैदा करती है, जिससे बालक को ज्ञान न होने पाए । इस तरह वह माता जानावरणीय कर्मो का बन्ध कर लेती है । अतः जिनको ज्ञान पैदा करना है, उन्हे इन कारणों को छोड़ना चाहिये, जब ज्ञानावरणीय कर्म बन्ध जाता है तो कभी-कभी बहुत परिश्रम करने पर भी ज्ञान का उपार्जन नही हो पाता । लेकिन जब व्यक्ति सत्पुरुषार्थ के बल पर आगे बढ़ता है तो एक न एक दिन साधना से संसिद्धि प्राप्त कर लेता है । उदाहरणार्थ एक साधु गाथा याद कर रहे थे जोर-जोर से । पर याद नही हो पा रही थी, तब आस-पास के लोग हँसते हुए निकल गये कि एक गाथा नही याद कर पा रहा है तो यह साधु आगे क्या करेगा, यह सुन उन्हे खेद होता, वे सोचते कि अहा ! ये सब मेरी कितनी हँसी उडा रहे हैं । बहुत दुख करते ये, पर जब दूसरे व्यक्ति प्रशंसा करते कि हो कितने पुरुषार्थी है । कितनी मेहनत से याद कर रहे है, तो वे अपनी प्रशंसा सुनकर प्रसन्न भी हो जाते, इस तरह निन्दा से नाराज और प्रशंसा से प्रसन्न होना, उनकी प्रवृत्ति बन गई । एक बार वे गुरुदेव के पास पहुँचे और कहा कि मै इतनी मेहनत करता हूँ, फिर भी मुझे याद नही होता । लोग मेरा उपहास करते है । गुरुदेव ने कहा कि तुमने पूर्व भव में किसी को अन्तराय दी होगी, ज्ञान के साधनो का तिरस्कार किया होगा, ज्ञानी की आशातना की होगी, ज्ञान उपार्जन करते समय किसी को सहायता नही दी होगी, जिनसे ज्ञान प्राप्त किया, उनका अपमान किया होगा, नाम का गोपन किया होगा, इसी कारण तुम्हे ज्ञान याद करने में इतनी कठिनाई हो रही है । गुरुदेव की बात सुनकर वह कहने लगा, अब वर्तमान मे क्या करूँ ? तो गुरुदेव ने कहा - प्रतिज्ञा करो । किसी के भी ज्ञान अर्पण करने मे अन्तराय नही दोगे । और ज्ञानी के प्रति द्वेष भाव नही रखोगे, साथ ही प्रतिज्ञा करो कोई निन्दा करेगा तो दुखी नही बनोगे, कोई प्रशसा करेगा तो खुश नही होवोगे । गुरुदेव ने कहा 'मा रुप मा तुप' इस समभाव का तुम चरण अपना लो और पुरुषार्थ को अपना लो । गुरुदेव के अमृतामय उपदेश को उसने दृढता के साथ धारण किया, और उसी के अनुसार वर्तन करने लगा, मा तुप, मा रुप तो याद नहीं रहा, पर इतना याद रहा कि माप तुप । लेकिन इसके अर्थ को उन्होने
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स्नात करें आत्मा को ज्ञानालोक से । उससे पहले हमारे आत्म प्रदेशों में, मन में जो चंचलता है, मन बाहर की ओर भाग रहा है, आत्म प्रदेश ऊँचे से नीचे-नीचे से ऊपर की ओर भाग रहे हैं, जिस प्रकार कडाई में उबलता हुआ तेल नीचे से ऊपर ऊपर से नीचे की ओर जाता है, उसी प्रकार मस्तिष्क के आत्म प्रदेश पैरों की ओर और पैरों के आत्म-प्रदेश मस्तिष्क की ओर चलते रहते है । जिसका कारण है - आठ कर्म और इनके पैदा -आठ कर्म और इनके पैदा होने में निमित्त तीन मन, वचन, काया की प्रशस्त प्रवृत्ति । सबसे पहले जिन कारणों से कर्म बंधते है, उन्हें रोको, बाहर से लगता है कि शरीर पाप कर्म कर रहा है, पर यह मालूम है कि वह स्वतः कुछ भी नही करता है, उससे करवाया जा रहा है, वह तो का पालक है । विचार करना है कि भावना कहाँ पैदा होती है मन में, मस्तिष्क में ? शरीर को तो जैसी आज्ञा होती है, तदनुसार उसमे हलचल हो जाती है । वैसे लोग कहते है कि शरीर चल कर आया, पर वास्तव में मन चलकर आया है। शरीर तो मन का वाहन है, आप कहते है कि कार आ गई पर क्या वास्तव में कार चलकर आ सकती है । नही, कार तो आप चला रहे है, आप ड्राइवर है, वह तो साधन मात्र है । वैसे ही आत्मा की कार शरीर है एवं ड्राइवर मन है, वही कार को चलाता है । मन भी अकेला कुछ नहीं करता, वह भी आत्मा के साथ जुड़ा हुआ है, शरीर से कर्म होता है, वह मन कराता है और मन को भी आत्मा कर्म कराती है, यह सांकल जुड़ी हुई है, उसको ठीक करने के लिए जीवन को समझने का प्रसंग है, पर किस प्रकार ? सम्यग्ज्ञान से ज्ञान के बाधक तत्त्वों को रोकने का प्रसग है, मनुष्य अन्दर आने की कोशिश करता है पर दरवाजा बन्द है तो जब तक वह दरवाजा बन्द होने का कारण एवं उसको खोलने का पुरुषार्थ नही करेगा, तब तक वह न तो भीतर जा सकेगा न बाहर आ सकेगा, ज्ञान तो प्रकट होने की कोशिश करता है, पर रास्ता बन्द है, क्योंकि दिवार का अवरोध है, पूर्व जन्म के ज्ञानावरणीयादि कर्मों ने आकर ज्ञान को प्रवृत्त कर दिया है, वे हटे तभी ज्ञान प्रकट हो सकता है । ज्ञान को प्रकट करने के लिये यह जान ले कि इसके बाधक कारण क्या है, और उन्हें कैसे दूर किया जाय ? सम्यक्ज्ञान के जो प्रचार है, उन्हें जानना आवश्यक है । तभी हम कर्मों के प्रश्रव को रोककर वद्ध कर्म का आवरण हटा पायेगे । ज्ञानावरणीय कर्म, आयु कर्म वाधना मनुष्य के हाथ की बात है, और वह उसे तोड़ भी सकता है, पर अज्ञान अंधकार मे रहकर नही । एक रूपक है कि एक व्यक्ति से देख सकता है, पर वह कमरे मे जाकर द्वार बंद कर दे, और विस्तर पर रजाई ओढ़कर सो जाय और फिर विचार करे कि मैं देखूं तो क्या वह देख सकेगा ? चाहे आँखे खुली हो या वद, आगे रजाई का आवरण है । वहाँ वह देखने की कोशिश भी करे और रजाई को भी ओडे तो कभी भी देख नहीं सकेगा, जब तक रजाई नही हटेगी तब तक नही [ ऐसे जिये देख सकता, यदि रजाई हटाकर दरवाजा खोलकर बाहर आ जाएगा तभी प्रकाश देख सकेगा । प्रकाश तो है पर जब तक पर्दा नही हटेगा तब तक न तो बाहर जा पाएगा, और न प्रकाश के दर्शन ही हो पायेगा । इसी तरह ज्ञानावरणीय कर्म को रजाई की तरह प्रोढ लिया है, इसी कारण ज्ञान नही होता । इसलिये ज्ञान आवरण को रोकना चाहिये । ज्ञान, जानी पर द्वेप करने से, दुश्मनी करने से, इस प्रकार ज्ञान की जानो की आशातना करने से, ज्ञान के साधनो की तोड फोड़ करने से, ज्ञान जिनसे सिखा उनके नाम का गोपन करने से ज्ञानावरणीय कर्म बांधता है । कोई माता सोचे कि उसका बालक ज्ञान नहीं करे, अतः जब वह पढने लगता है तो वह कभी कितावे छिपा देती, कभी उसे दूसरा काम सौप देती है । इस तरह वह कुछ-न-कुछ अवरोध पैदा करती है, जिससे बालक को ज्ञान न होने पाए । इस तरह वह माता जानावरणीय कर्मो का बन्ध कर लेती है । अतः जिनको ज्ञान पैदा करना है, उन्हे इन कारणों को छोड़ना चाहिये, जब ज्ञानावरणीय कर्म बन्ध जाता है तो कभी-कभी बहुत परिश्रम करने पर भी ज्ञान का उपार्जन नही हो पाता । लेकिन जब व्यक्ति सत्पुरुषार्थ के बल पर आगे बढ़ता है तो एक न एक दिन साधना से संसिद्धि प्राप्त कर लेता है । उदाहरणार्थ एक साधु गाथा याद कर रहे थे जोर-जोर से । पर याद नही हो पा रही थी, तब आस-पास के लोग हँसते हुए निकल गये कि एक गाथा नही याद कर पा रहा है तो यह साधु आगे क्या करेगा, यह सुन उन्हे खेद होता, वे सोचते कि अहा ! ये सब मेरी कितनी हँसी उडा रहे हैं । बहुत दुख करते ये, पर जब दूसरे व्यक्ति प्रशंसा करते कि हो कितने पुरुषार्थी है । कितनी मेहनत से याद कर रहे है, तो वे अपनी प्रशंसा सुनकर प्रसन्न भी हो जाते, इस तरह निन्दा से नाराज और प्रशंसा से प्रसन्न होना, उनकी प्रवृत्ति बन गई । एक बार वे गुरुदेव के पास पहुँचे और कहा कि मै इतनी मेहनत करता हूँ, फिर भी मुझे याद नही होता । लोग मेरा उपहास करते है । गुरुदेव ने कहा कि तुमने पूर्व भव में किसी को अन्तराय दी होगी, ज्ञान के साधनो का तिरस्कार किया होगा, ज्ञानी की आशातना की होगी, ज्ञान उपार्जन करते समय किसी को सहायता नही दी होगी, जिनसे ज्ञान प्राप्त किया, उनका अपमान किया होगा, नाम का गोपन किया होगा, इसी कारण तुम्हे ज्ञान याद करने में इतनी कठिनाई हो रही है । गुरुदेव की बात सुनकर वह कहने लगा, अब वर्तमान मे क्या करूँ ? तो गुरुदेव ने कहा - प्रतिज्ञा करो । किसी के भी ज्ञान अर्पण करने मे अन्तराय नही दोगे । और ज्ञानी के प्रति द्वेष भाव नही रखोगे, साथ ही प्रतिज्ञा करो कोई निन्दा करेगा तो दुखी नही बनोगे, कोई प्रशसा करेगा तो खुश नही होवोगे । गुरुदेव ने कहा 'मा रुप मा तुप' इस समभाव का तुम चरण अपना लो और पुरुषार्थ को अपना लो । गुरुदेव के अमृतामय उपदेश को उसने दृढता के साथ धारण किया, और उसी के अनुसार वर्तन करने लगा, मा तुप, मा रुप तो याद नहीं रहा, पर इतना याद रहा कि माप तुप । लेकिन इसके अर्थ को उन्होने
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सूत्रों ने कहा, "घरेलू बाजार बेहद तेजी से वृद्धि दर्ज कर रहा है लेकिन एयर इंडिया इस वृद्धि के साथ रफ्तार कायम नहीं रख पा रहा है।
मुंबई. भारत की विमानन कंपनी एयर इंडिया तेजी से बढ़ते घरेलू मार्केट की क्षमता को बढ़ाने के लिए 15 एयरबर ए-320 पट्टे (लीज) पर लेगी। गौरतलब है कि साल 2015 के हाल के महीनों में घरेलू हवाई यातायात मार्केट में बीस फीसदी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है।
एयर इंडिया के सूत्रों ने बताया कि विमानन कंपनी जल्दी ही इन विमानों को पट्टे पर लेने के लिए वैश्विक निविदा आमंत्रित करेगी। सूत्रों के माने तो ये 15 एयरबस ए-320 उन 14 ए-320 नियो के अलावा होंगे जिन्हें एयर इंडिया ए-320 के स्थान पर शामिल कर रही है। उन्होंने बताया कि इन 15 एयरबस ए-320 विमानों को अगले साल दूसरी तिमाही से शामिल करना शुरू किया जाएगा।
सूत्रों ने कहा, 'घरेलू बाजार बेहद तेजी से वृद्धि दर्ज कर रहा है लेकिन एयर इंडिया इस वृद्धि के साथ रफ्तार कायम नहीं रख पा रहा है। इसके उलट हमारी बाजार हिस्सेदारी इस अवधि में घटी है। ' उन्होंने कहा, 'बाजार हिस्सेदारी में गिरावट मुख्य तौर पर क्षमता की दिक्कतों के कारण है। इसलिए हमने घरेलू वायुमार्ग पर और विमान शामिल करने का फैसला किया है ताकि न सिर्फ बाजार हिस्सेदारी में गिरावट पर लगाम लगाई जा सके बल्कि इसे बढ़ाया भी जा सके। '
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सूत्रों ने कहा, "घरेलू बाजार बेहद तेजी से वृद्धि दर्ज कर रहा है लेकिन एयर इंडिया इस वृद्धि के साथ रफ्तार कायम नहीं रख पा रहा है। मुंबई. भारत की विमानन कंपनी एयर इंडिया तेजी से बढ़ते घरेलू मार्केट की क्षमता को बढ़ाने के लिए पंद्रह एयरबर ए-तीन सौ बीस पट्टे पर लेगी। गौरतलब है कि साल दो हज़ार पंद्रह के हाल के महीनों में घरेलू हवाई यातायात मार्केट में बीस फीसदी बढ़ोत्तरी दर्ज हुई है। एयर इंडिया के सूत्रों ने बताया कि विमानन कंपनी जल्दी ही इन विमानों को पट्टे पर लेने के लिए वैश्विक निविदा आमंत्रित करेगी। सूत्रों के माने तो ये पंद्रह एयरबस ए-तीन सौ बीस उन चौदह ए-तीन सौ बीस नियो के अलावा होंगे जिन्हें एयर इंडिया ए-तीन सौ बीस के स्थान पर शामिल कर रही है। उन्होंने बताया कि इन पंद्रह एयरबस ए-तीन सौ बीस विमानों को अगले साल दूसरी तिमाही से शामिल करना शुरू किया जाएगा। सूत्रों ने कहा, 'घरेलू बाजार बेहद तेजी से वृद्धि दर्ज कर रहा है लेकिन एयर इंडिया इस वृद्धि के साथ रफ्तार कायम नहीं रख पा रहा है। इसके उलट हमारी बाजार हिस्सेदारी इस अवधि में घटी है। ' उन्होंने कहा, 'बाजार हिस्सेदारी में गिरावट मुख्य तौर पर क्षमता की दिक्कतों के कारण है। इसलिए हमने घरेलू वायुमार्ग पर और विमान शामिल करने का फैसला किया है ताकि न सिर्फ बाजार हिस्सेदारी में गिरावट पर लगाम लगाई जा सके बल्कि इसे बढ़ाया भी जा सके। '
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Maharashtra Politics: बता दें कि देश में कुछ दिन पहले लाउडस्पीकर मुद्दे ने मंदिर बनाम मस्जिद की बहस छेड़ दी थी। इस दौरान राज ठाकरे और शिवसेना आमने सामने आ गए थे। राज ठाकरे उस वक्त महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर हमलावर हो गए थे।
Maharashtra: बता दें कि 58 साल के एकनाथ शिंदे ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली हैं। उन्हें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है। इसके अलावा देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम की शपथ ली है। इसी बीच अब महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे का अध्याय शुरू हो गया है।
Eknath Shinde New Maharashtra CM: इससे पहले भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कांफ्रेंस कर खुद को मुख्यमंत्री न बनकर शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे को सीएम बनाने का ऐलान कर दिया था। उनके इस घोषणा के बाद सियासी गलियारों में भूचाल सा आ गया।
Maharashtra Political Crisis: देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, "2019 में BJP और शिवसेना साथ में चुनाव लड़ी। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में हमें पूर्ण बहुमत मिला। पीएम जी ने चुनाव के दौरान BJP के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की और वो नाम सबको मंजूर भी था। "
Jammu-Kashmir: एक यूजर ने लिखा, "क्या आपको लगता है कि अगर आप चांद पर थूकेंगे तो वो चांद तक पहुंच जाएगा। कभी नहीं, वैसे ही आपकी घटिया नफरत की राजनीति मेरे देश के पढ़े-लिखे युवाओं को कभी प्रेरित नहीं करेगी। वही नफरत आधारित और धर्म आधारित राजनीति का फार्मूला चला गया। मेरी युवा पीढ़ी प्रगतिशील राष्ट्र की तलाश में है। "
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Maharashtra Politics: बता दें कि देश में कुछ दिन पहले लाउडस्पीकर मुद्दे ने मंदिर बनाम मस्जिद की बहस छेड़ दी थी। इस दौरान राज ठाकरे और शिवसेना आमने सामने आ गए थे। राज ठाकरे उस वक्त महाराष्ट्र की उद्धव सरकार पर हमलावर हो गए थे। Maharashtra: बता दें कि अट्ठावन साल के एकनाथ शिंदे ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली हैं। उन्हें राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है। इसके अलावा देवेंद्र फडणवीस ने डिप्टी सीएम की शपथ ली है। इसी बीच अब महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे का अध्याय शुरू हो गया है। Eknath Shinde New Maharashtra CM: इससे पहले भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कांफ्रेंस कर खुद को मुख्यमंत्री न बनकर शिवसेना के बागी एकनाथ शिंदे को सीएम बनाने का ऐलान कर दिया था। उनके इस घोषणा के बाद सियासी गलियारों में भूचाल सा आ गया। Maharashtra Political Crisis: देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, "दो हज़ार उन्नीस में BJP और शिवसेना साथ में चुनाव लड़ी। पीएम मोदी जी के नेतृत्व में हमें पूर्ण बहुमत मिला। पीएम जी ने चुनाव के दौरान BJP के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की और वो नाम सबको मंजूर भी था। " Jammu-Kashmir: एक यूजर ने लिखा, "क्या आपको लगता है कि अगर आप चांद पर थूकेंगे तो वो चांद तक पहुंच जाएगा। कभी नहीं, वैसे ही आपकी घटिया नफरत की राजनीति मेरे देश के पढ़े-लिखे युवाओं को कभी प्रेरित नहीं करेगी। वही नफरत आधारित और धर्म आधारित राजनीति का फार्मूला चला गया। मेरी युवा पीढ़ी प्रगतिशील राष्ट्र की तलाश में है। "
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दोस्तों शादी एक पवित्र बंधन माना जाता हैं. जब दो व्यक्ति ईश्वर को साक्षी मानकर शादी करते हैं तो सात जन्मों तक साथ रहने की कसमे भी खाते हैं. हालाँकि आज के जमाने में शादियाँ एक ही जन्म में पूरी टिक जाए वही काफी होता हैं. इस नई जनरेशन में धड़ाधड़ तलाक हो रहे हैं. इसके अलावा कुछ लोग ऐसे भी होते है जो किसी अन्य परिस्थितियों के चलते दूसरी शादी कर बैठते हैं. जब शादी होती हैं तो तलाक के बारे में कोई भी नहीं सोचता हैं. हालाँकि जैसे जैसे हम उस व्यक्ति के साथ एक ही छत के नीचे रहते जाते हैं हमारी चॉइस डगमगाने लगती हैं. पार्टनर से कई बातों पर मतभेद हो जाता हैं. नतीजन लोग दूसरी शादी करना ही सही समझते हैं.
ऐसे में आज हम आपको राशि के अनुसार बताने जा रहे हैं कि किन लोगो को लाइफ में दूसरी शादी करने का मौका मिलता हैं. ऐसा नहीं हैं कि इस राशि के सभी लोगो की दूसरी शादी होती ही हैं. बस इनमे दूसरी शादी को लेकर संभावनाएं अधिक होती हैं. ऐसे में आप इन चीजों को भापकर कुछ परिवर्तन ला सकते हैं और अपनी शादी टूटने से बचा भी सकते हैं.
इस राशि के लोगो का जीवन में तलाक होने का चांस ज्यादा रहता हैं. ऐसा नहीं हैं कि इस राशि के सभी लोगो का डिवोर्स होता हैं. बस इनमे इसका प्रतिशत थोड़ा अधिक होता हैं. इनके तलाक की वजह इनका गुस्सा या व्यवहार हो सकता हैं. यदि आप भी इस राशि में आते हैं तो अपने गुस्से और व्यवहार पर काम करिए. अपने पार्टनर को इज्जत और मन सम्मान दे और उसका अच्छे से ख्याल रखे. इस तरह आपके तलाक या दूसरी शादी के चांस कम हो जाएंगे.
सिंह राशिः
इस राशि के जातकों के जीवन में एक से अधिक शादी करने की संभावना सबसे अधिक रहती हैं. दरअसल इनकी लाइफ में कुछ ऐसी घटनाएं घटित हो जाती हैं जिसके चलते इन्हें अपनी पहली शादी को छोड़ या उसके रहते हुए दूसरी शादी करनी पड़ जाती हैं. अर्थात हम ये कह सकते हैं कि हालातों के चलते ये दूसरी शादी करते हैं. यह हालत किसी भी तरह के हो सकते हैं.
मकर राशिः
इस राशि के जातक चीजों से बहुत जल्दी बोर हो जाते हैं. इन्हें अपने पार्टनर से भी कुछ समय के बाद बोरियत होने लगती हैं. ऐसे में नई चीजों की तलाश में इनके वर्तमान रिश्तों खटास आ जाती हैं. इस कारण बात तलाक तक जाती हैं और फिर इन्हें किसी और से प्यार हो जाता हैं.
इस राशि के लोगो का भाग्य ख़राब रहता हैं जिसकी वजह से या तो ये अपने पार्टनर को खो देते हैं या इनमे लड़ाई झगड़ा होकर बात तलाक तक पहुँच जाती हैं. इन्हें किस्मत से ऐसा ही पार्टनर मिलता हैं जिसके साथ इनकी बहुत लड़ाईयां होती हैं. इन दोनों में ही इगो प्रॉब्लम होती हैं और ये एक दुसरे के साथ एडजस्ट नहीं कर पाते हैं.
नोटः ये सभी बातें इस राशि के 50 प्रतिशत लोगो पर ही लागू होती हैं. बाकी लोग ऐसे भी हैं जिनकी शादीशुदा लाइफ बढ़िया चलती हैं.
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दोस्तों शादी एक पवित्र बंधन माना जाता हैं. जब दो व्यक्ति ईश्वर को साक्षी मानकर शादी करते हैं तो सात जन्मों तक साथ रहने की कसमे भी खाते हैं. हालाँकि आज के जमाने में शादियाँ एक ही जन्म में पूरी टिक जाए वही काफी होता हैं. इस नई जनरेशन में धड़ाधड़ तलाक हो रहे हैं. इसके अलावा कुछ लोग ऐसे भी होते है जो किसी अन्य परिस्थितियों के चलते दूसरी शादी कर बैठते हैं. जब शादी होती हैं तो तलाक के बारे में कोई भी नहीं सोचता हैं. हालाँकि जैसे जैसे हम उस व्यक्ति के साथ एक ही छत के नीचे रहते जाते हैं हमारी चॉइस डगमगाने लगती हैं. पार्टनर से कई बातों पर मतभेद हो जाता हैं. नतीजन लोग दूसरी शादी करना ही सही समझते हैं. ऐसे में आज हम आपको राशि के अनुसार बताने जा रहे हैं कि किन लोगो को लाइफ में दूसरी शादी करने का मौका मिलता हैं. ऐसा नहीं हैं कि इस राशि के सभी लोगो की दूसरी शादी होती ही हैं. बस इनमे दूसरी शादी को लेकर संभावनाएं अधिक होती हैं. ऐसे में आप इन चीजों को भापकर कुछ परिवर्तन ला सकते हैं और अपनी शादी टूटने से बचा भी सकते हैं. इस राशि के लोगो का जीवन में तलाक होने का चांस ज्यादा रहता हैं. ऐसा नहीं हैं कि इस राशि के सभी लोगो का डिवोर्स होता हैं. बस इनमे इसका प्रतिशत थोड़ा अधिक होता हैं. इनके तलाक की वजह इनका गुस्सा या व्यवहार हो सकता हैं. यदि आप भी इस राशि में आते हैं तो अपने गुस्से और व्यवहार पर काम करिए. अपने पार्टनर को इज्जत और मन सम्मान दे और उसका अच्छे से ख्याल रखे. इस तरह आपके तलाक या दूसरी शादी के चांस कम हो जाएंगे. सिंह राशिः इस राशि के जातकों के जीवन में एक से अधिक शादी करने की संभावना सबसे अधिक रहती हैं. दरअसल इनकी लाइफ में कुछ ऐसी घटनाएं घटित हो जाती हैं जिसके चलते इन्हें अपनी पहली शादी को छोड़ या उसके रहते हुए दूसरी शादी करनी पड़ जाती हैं. अर्थात हम ये कह सकते हैं कि हालातों के चलते ये दूसरी शादी करते हैं. यह हालत किसी भी तरह के हो सकते हैं. मकर राशिः इस राशि के जातक चीजों से बहुत जल्दी बोर हो जाते हैं. इन्हें अपने पार्टनर से भी कुछ समय के बाद बोरियत होने लगती हैं. ऐसे में नई चीजों की तलाश में इनके वर्तमान रिश्तों खटास आ जाती हैं. इस कारण बात तलाक तक जाती हैं और फिर इन्हें किसी और से प्यार हो जाता हैं. इस राशि के लोगो का भाग्य ख़राब रहता हैं जिसकी वजह से या तो ये अपने पार्टनर को खो देते हैं या इनमे लड़ाई झगड़ा होकर बात तलाक तक पहुँच जाती हैं. इन्हें किस्मत से ऐसा ही पार्टनर मिलता हैं जिसके साथ इनकी बहुत लड़ाईयां होती हैं. इन दोनों में ही इगो प्रॉब्लम होती हैं और ये एक दुसरे के साथ एडजस्ट नहीं कर पाते हैं. नोटः ये सभी बातें इस राशि के पचास प्रतिशत लोगो पर ही लागू होती हैं. बाकी लोग ऐसे भी हैं जिनकी शादीशुदा लाइफ बढ़िया चलती हैं.
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WWE WrestleMania 38 के दूसरे दिन रोमन रेंस और ब्रॉक लैसनर (Roman Reigns vs Brock Lesnar) के बीच मेनिया इतिहास का सबसे बड़ा मैच हुआ। इस मैच में रोमन रेंस ने ब्रॉक लैसनर को हराते हुए WWE और यूनिवर्सल चैंपियनशिप को जीता। वो अब यूनिफाइड अनडिस्प्यूटेड यूनिवर्सल चैंपियन बन गए हैं।
रोमन रेंस ने अपने करियर में पहली बार ब्रॉक लैसनर को WrestleMania इतिहास में हराया है। रोमन रेंस और ब्रॉक लैसनर के बीच बहुत ही जबरदस्त मैच हुआ। इस मैच में लैसनर की तरफ से सुपरमैन पंच, F5 और किमुरा लॉक देखने को मिला। दूसरी तरफ रोमन रेंस ने सुपरमैन पंच और स्पीयर का इस्तेमाल किया।
आपको बता दें कि रेंस ने अंत में F5 को काउंटर करते हुए स्पीयर लगाकर मैच जीता। फैंस भी रोमन रेंस की जीत से काफी ज्यादा खुश नजर आए और उनकी तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रियाएं ट्विटर पर देखने को मिली हैं।
WWE WrestleMania 38 में रोमन रेंस vs ब्रॉक लैसनर के बीच हुए विनर टेक्स ऑल चैंपियनशिप मैच के बाद ट्विटर पर किसने क्या कहा?
(ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम। वो पूरा विश्व डिजर्व करते हैं। मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। )
(अगर किसी को पहले शक था, तो अब नहीं होगा। रोमन रेंस WWE के फाइनल बॉस हैं। )
(रोमन रेंस ने लगातार दूसरी बार WrestleMania के मेन इवेंट में वर्ल्ड चैंपियन के तौर पर जीत दर्ज की। उन्हें चैंपियन बने हुए 581 से ज्यादा दिन हो गए। आपको अच्छा लगे या नहां हम सब इतिहास बनते हुए देख रहे हैं। )
(रोमन रेंस को कोई पिछले दो सालों से नहीं हरा पाया है। द ट्राइबल चीफ, हेड ऑफ द टेबल, उनकी ग्रेटनेस को एकनॉलेज करना चाहिए। )
(रोमन रेंस अब ट्राइबल चीफ नहीं रहे हैं, वो अब ट्राइबल गॉड बन गए हैं। )
(रोमन रेंस ने आखिरकार ब्रॉक लैसनर को हरा दिया है और वो WWE एवं यूनिवर्सल चैंपियन बन गए हैं। )
(अब दिक्कत यह है कि रोमन रेंस को आखिर हराएगा कौन? WWE ने खुद को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है? )
(इस बात में कोई शक नहीं है कि रोमन रेंस ने खुद को पिछले कुछ सालों में WWE के सबसे ग्रेटेस्ट वर्ल्ड चैंपियन के रूप में स्थापित कर लिया है। )
(रोमन रेंस ने कर दिखाया है। हमारे नए WWE और यूनिवर्सल अनडिस्प्यूटिड चैंपियन रोमन रेंस। मुबारकबाद रोमन रेंस, हम आपसे बहुत प्यार करते हैं। )
(रोमन रेंस ने हमें बैक टू बैक WrestleMania की सबसे जबरदस्त एंडिंग दी है। )
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WWE WrestleMania अड़तीस के दूसरे दिन रोमन रेंस और ब्रॉक लैसनर के बीच मेनिया इतिहास का सबसे बड़ा मैच हुआ। इस मैच में रोमन रेंस ने ब्रॉक लैसनर को हराते हुए WWE और यूनिवर्सल चैंपियनशिप को जीता। वो अब यूनिफाइड अनडिस्प्यूटेड यूनिवर्सल चैंपियन बन गए हैं। रोमन रेंस ने अपने करियर में पहली बार ब्रॉक लैसनर को WrestleMania इतिहास में हराया है। रोमन रेंस और ब्रॉक लैसनर के बीच बहुत ही जबरदस्त मैच हुआ। इस मैच में लैसनर की तरफ से सुपरमैन पंच, Fपाँच और किमुरा लॉक देखने को मिला। दूसरी तरफ रोमन रेंस ने सुपरमैन पंच और स्पीयर का इस्तेमाल किया। आपको बता दें कि रेंस ने अंत में Fपाँच को काउंटर करते हुए स्पीयर लगाकर मैच जीता। फैंस भी रोमन रेंस की जीत से काफी ज्यादा खुश नजर आए और उनकी तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रियाएं ट्विटर पर देखने को मिली हैं। WWE WrestleMania अड़तीस में रोमन रेंस vs ब्रॉक लैसनर के बीच हुए विनर टेक्स ऑल चैंपियनशिप मैच के बाद ट्विटर पर किसने क्या कहा?
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Shahrukh Khan Deepika Padukone Movies: बॉलीवुड में कुछ एक्ट्रेस-एक्ट्रेस की जोड़ी लोगों को इतनी पसंद है कि लोग उनकी फिल्में हिट कर ही देते हैं. उनमें से एक शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की फिल्में (Shahrukh-Deepika Movies) हैं जिन्हें लोग काफी पसंद करते हैं. शाहरुख और दीपिका की एक फिल्म जनवरी, 2023 को रिलीज होने वाली है क्या आपने शाहरुख और दीपिका की पहले की 3 फिल्में देखी हैं?
यह भी पढ़ेंः Pathan Song Out: शाहरुख-दीपिका के गाने 'बेशर्म रंग' को क्यों मिल रहे इतने व्यूज?
शाहरुख-दीपिका की फिल्में (SRK-Deepika Movies)
शाहरुख खान बॉलीवुड के बादशाह हैं तो दीपिका पादुकोण भी कुछ कम नहीं हैं. उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया है. शाहरुख के साथ उन्होंने इन 4 फिल्मों में काम किया है.
ओम शांति ओम (Om Shanti Om)
साल 2007 में आई फिल्म ओम शांति ओम से ही दीपिका पादुकोण ने बॉलीवुड डेब्यू किया था. फिल्म को फराह खान ने निर्देशित किया था और शाहरुख के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट बैनर तले इसे बनाया गया था. फिल्म सुपरहिट हुई थी और गाने आज भी लोगों को पसंद आते हैं.
यह भी पढ़ेंः Shah Rukh Khan Net Worth: कितने करोड़ के मालिक हैं शाहरुख खान?
चेन्नई एक्सप्रेस (Chennai Express)
साल 2013 में आई रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. ये फिल्म बॉलीवुड की पहली ऐसी फिल्म थी जिसने 350+ करोड़ का बिजनेस 10 दिनों में किया था. फिल्म में शाहरुख-दीपिका की जोड़ी भी पसंद की गई और फिल्म की कहानी भी लोगों को पसंद आई. इसके गाने हिट थे खासकर हनी सिंह का 'लुंगी डांस' तो लोगों के सिर चढ़कर बोला था.
हैप्पी न्यू ईयर (Happy New Year)
साल 2014 में आई फिल्म हैप्पी न्यू ईयर को शाहरुख के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट बैनर तले बनाया गया था. इस फिल्म का निर्देशन फराह खान ने किया था. फिल्म में शाहरुख-दीपिका के अलावा सोनू सूद, बोमन ईरानी और अभिषेक बच्चन जैसे कलाकार भी अहम किरदार में नजर आए थे. फिल्म कॉमर्शियली हिट हुई थी.
पठान (Pathaan)
25 जनवरी, 2023 को शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म पठान रिलीज होगी. फिल्म में जॉन अब्राहम भी मुख्य किरदार में नजर आएंगे. यशराज फिल्म्स बैनर तले बन रही इस फिल्म को सिद्धार्थ आनंद ने निर्देशित किया है. फिल्म से मेकर्स और स्टारकास्ट को बहुत उम्मीदें हैं.
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Shahrukh Khan Deepika Padukone Movies: बॉलीवुड में कुछ एक्ट्रेस-एक्ट्रेस की जोड़ी लोगों को इतनी पसंद है कि लोग उनकी फिल्में हिट कर ही देते हैं. उनमें से एक शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की फिल्में हैं जिन्हें लोग काफी पसंद करते हैं. शाहरुख और दीपिका की एक फिल्म जनवरी, दो हज़ार तेईस को रिलीज होने वाली है क्या आपने शाहरुख और दीपिका की पहले की तीन फिल्में देखी हैं? यह भी पढ़ेंः Pathan Song Out: शाहरुख-दीपिका के गाने 'बेशर्म रंग' को क्यों मिल रहे इतने व्यूज? शाहरुख-दीपिका की फिल्में शाहरुख खान बॉलीवुड के बादशाह हैं तो दीपिका पादुकोण भी कुछ कम नहीं हैं. उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया है. शाहरुख के साथ उन्होंने इन चार फिल्मों में काम किया है. ओम शांति ओम साल दो हज़ार सात में आई फिल्म ओम शांति ओम से ही दीपिका पादुकोण ने बॉलीवुड डेब्यू किया था. फिल्म को फराह खान ने निर्देशित किया था और शाहरुख के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट बैनर तले इसे बनाया गया था. फिल्म सुपरहिट हुई थी और गाने आज भी लोगों को पसंद आते हैं. यह भी पढ़ेंः Shah Rukh Khan Net Worth: कितने करोड़ के मालिक हैं शाहरुख खान? चेन्नई एक्सप्रेस साल दो हज़ार तेरह में आई रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी फिल्म चेन्नई एक्सप्रेस ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. ये फिल्म बॉलीवुड की पहली ऐसी फिल्म थी जिसने तीन सौ पचास+ करोड़ का बिजनेस दस दिनों में किया था. फिल्म में शाहरुख-दीपिका की जोड़ी भी पसंद की गई और फिल्म की कहानी भी लोगों को पसंद आई. इसके गाने हिट थे खासकर हनी सिंह का 'लुंगी डांस' तो लोगों के सिर चढ़कर बोला था. हैप्पी न्यू ईयर साल दो हज़ार चौदह में आई फिल्म हैप्पी न्यू ईयर को शाहरुख के प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट बैनर तले बनाया गया था. इस फिल्म का निर्देशन फराह खान ने किया था. फिल्म में शाहरुख-दीपिका के अलावा सोनू सूद, बोमन ईरानी और अभिषेक बच्चन जैसे कलाकार भी अहम किरदार में नजर आए थे. फिल्म कॉमर्शियली हिट हुई थी. पठान पच्चीस जनवरी, दो हज़ार तेईस को शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म पठान रिलीज होगी. फिल्म में जॉन अब्राहम भी मुख्य किरदार में नजर आएंगे. यशराज फिल्म्स बैनर तले बन रही इस फिल्म को सिद्धार्थ आनंद ने निर्देशित किया है. फिल्म से मेकर्स और स्टारकास्ट को बहुत उम्मीदें हैं.
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हेल्थ डेस्कः यूरिन में जलन की समस्या 50 प्रतिशत महिलाओं को होती है। फीमेल हो या मेल सभी को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कभी-कभी ये समस्या अधिक बढ़ जाती है। जिसके कारण आपको एक मिनट बैठना भी असंभव हो जाता है।
कुछ लोगों को इस समस्या से जल्द ही निजात मिल जाता है, तो किसी को अधिक समय भी लग जाता है। इसके लिए कई लोग लगातार ट्रिटमेंट भी लेते है। माना जाता है कि जब हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। तब ये समस्या और बढ़ जाती है। पेशाब में जलन बहुत ही आम समस्या है, जो मूत्र मार्ग में संक्रमण, किडनी में स्टोन और हिहाइड्रेशन आदि के कारण होती है। जानिए यूरिन में जलन की समस्या से निजात पाने के घरेलू उपाय।
शरीर में पानी की कमी के कारण यह समस्या हो जाती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो यूरिन का रंग पीला हो जाता है। इसलिए अधिक से अधिक पानी पीएं। साथ ही नारियल पानी का सेवन भी करें क्योंकि यह डिहाइड्रेशन तथा पेशाब की जलन को ठीक करता है।
ककड़ी में भरपूर मात्रा में पानी पाया जाता है। साथ ही यह पाचन क्रिया को ठीक रखता है। ककड़ी में क्षारीय तत्व भी पाए जाते है, जो मूत्र की कार्यप्रणाली के सुचारु रूप से संचालन में सहायक होती हैं।
अधिक से अधिक विटामिन सी का सेवन करना चाहिए। इसके लिए ऐसे फल का सेव करना चाहिए। जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी हो। इसके लइए आप आंवला, संतरा आदि का सेवन कर सकते है। इसके अलावा आप इलायची और आंवले के चूर्ण समान भाग में मिलाकर पानी के साथ मिला खाएं। इससे आपको लाभ मिलेगा।
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हेल्थ डेस्कः यूरिन में जलन की समस्या पचास प्रतिशत महिलाओं को होती है। फीमेल हो या मेल सभी को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कभी-कभी ये समस्या अधिक बढ़ जाती है। जिसके कारण आपको एक मिनट बैठना भी असंभव हो जाता है। कुछ लोगों को इस समस्या से जल्द ही निजात मिल जाता है, तो किसी को अधिक समय भी लग जाता है। इसके लिए कई लोग लगातार ट्रिटमेंट भी लेते है। माना जाता है कि जब हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। तब ये समस्या और बढ़ जाती है। पेशाब में जलन बहुत ही आम समस्या है, जो मूत्र मार्ग में संक्रमण, किडनी में स्टोन और हिहाइड्रेशन आदि के कारण होती है। जानिए यूरिन में जलन की समस्या से निजात पाने के घरेलू उपाय। शरीर में पानी की कमी के कारण यह समस्या हो जाती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो यूरिन का रंग पीला हो जाता है। इसलिए अधिक से अधिक पानी पीएं। साथ ही नारियल पानी का सेवन भी करें क्योंकि यह डिहाइड्रेशन तथा पेशाब की जलन को ठीक करता है। ककड़ी में भरपूर मात्रा में पानी पाया जाता है। साथ ही यह पाचन क्रिया को ठीक रखता है। ककड़ी में क्षारीय तत्व भी पाए जाते है, जो मूत्र की कार्यप्रणाली के सुचारु रूप से संचालन में सहायक होती हैं। अधिक से अधिक विटामिन सी का सेवन करना चाहिए। इसके लिए ऐसे फल का सेव करना चाहिए। जिसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी हो। इसके लइए आप आंवला, संतरा आदि का सेवन कर सकते है। इसके अलावा आप इलायची और आंवले के चूर्ण समान भाग में मिलाकर पानी के साथ मिला खाएं। इससे आपको लाभ मिलेगा। ये भी पढ़ेंः
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा मढ़- मार्वे में फिल्म स्टूडियो को अवैध मानने के आदेश के बाद, बृहन्मुंबई नगर निगम ने शुक्रवार को उन्हें ध्वस्त करना शुरू कर दिया। ऐसा माना जाता है कि इन स्टूडियो ने न केवल अनुमतियों का दुरुपयोग किया बल्कि अस्थायी के बजाय स्थायी ढांचे का निर्माण किया। (BMC demolishes film studios in Mumbai's Madh-Marve area)
इस बीच, बीजेपी नेता किरीट सोमैया, जो इस मामले में व्हिसल-ब्लोअर हैं, ने बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल पर निशाना साधते हुए दावा किया कि यह अवैध होने के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पिछली महा विकास अघाड़ी सरकार ने अस्थायी ढांचों के नाम पर अवैध अनुमति दी थी।
अपने आदेश में NGT ने कहा कि उन्होंने पाया कि अनुमति केवल संबंधित उद्देश्य के लिए एक अस्थायी संरचना स्थापित करने के लिए थी। हालाँकि, फिल्म स्टूडियो ने विशाल संरचनाएँ स्थापित की थीं जहाँ बहुत सारे स्टील और कंक्रीट सामग्री का उपयोग किया गया था।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा मढ़- मार्वे में फिल्म स्टूडियो को अवैध मानने के आदेश के बाद, बृहन्मुंबई नगर निगम ने शुक्रवार को उन्हें ध्वस्त करना शुरू कर दिया। ऐसा माना जाता है कि इन स्टूडियो ने न केवल अनुमतियों का दुरुपयोग किया बल्कि अस्थायी के बजाय स्थायी ढांचे का निर्माण किया। इस बीच, बीजेपी नेता किरीट सोमैया, जो इस मामले में व्हिसल-ब्लोअर हैं, ने बीएमसी कमिश्नर इकबाल सिंह चहल पर निशाना साधते हुए दावा किया कि यह अवैध होने के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पिछली महा विकास अघाड़ी सरकार ने अस्थायी ढांचों के नाम पर अवैध अनुमति दी थी। अपने आदेश में NGT ने कहा कि उन्होंने पाया कि अनुमति केवल संबंधित उद्देश्य के लिए एक अस्थायी संरचना स्थापित करने के लिए थी। हालाँकि, फिल्म स्टूडियो ने विशाल संरचनाएँ स्थापित की थीं जहाँ बहुत सारे स्टील और कंक्रीट सामग्री का उपयोग किया गया था।
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इंग्लैंड और Team India के बीच नॉर्टिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर 4 अगस्त से पहला टेस्ट मैच खेला जाने वाला है। इस दौरे पर ये बात तो तय है कि एक रोमांचक टेस्ट सीरीज देखने को मिलने वाली है। इससे पहले इंग्लैंड के दिग्गज पेसर जेम्स एंडरसन ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एक ओर जहां उन्होंने पिच को लेकर बयान दिया है, वहीं उन्होंने भारत की बल्लेबाजी इकाई की सराहना करते हुए उसे मजबूत बताया है।
नॉर्टिंघम टेस्ट मैच से पहले बीसीसीआई ने अपने ट्विटर हैंडिल पर एक तस्वीर शेयर करते हुए पिच की एक झलक दिखाई थी। जिसमें साफ-साफ दिख रहा था कि पिच पर घास है। असल में इससे पहले जब इसी साल इंग्लैंड, भारत दौरे पर आया था, तो वहां Team India ने अपने अनुकूल पिच तैयार की थी। अब जेम्स एंडरसन ने पिच को लेकर कहा है कि भारत को हरी पिच देखकर शिकायत नहीं होनी चाहिए। एंडरसन ने सोमवार को भारतीय पत्रकारों से कहा,
इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता कि आईपीएल के आने के बाद से क्रिकेट खेलने वाले युवा खिलाड़ियों के अप्रोच में काफी अंतर देखने को मिला है। जेम्स एंडरसन का मानना है कि आईपीएल की पीढ़ी बेफिक्र क्रिकेट खेलती है। उन्होंने कहा,
Team India की बल्लेबाजी इकाई में एक से बढ़कर एक दिग्गज खिलाड़ी मौजूद हैं। विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा के साथ अब रोहित शर्मा व ऋषभ पंत भी भारत के लिए इस मैच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। एंडरसन ने आगे कहा,
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इंग्लैंड और Team India के बीच नॉर्टिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर चार अगस्त से पहला टेस्ट मैच खेला जाने वाला है। इस दौरे पर ये बात तो तय है कि एक रोमांचक टेस्ट सीरीज देखने को मिलने वाली है। इससे पहले इंग्लैंड के दिग्गज पेसर जेम्स एंडरसन ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एक ओर जहां उन्होंने पिच को लेकर बयान दिया है, वहीं उन्होंने भारत की बल्लेबाजी इकाई की सराहना करते हुए उसे मजबूत बताया है। नॉर्टिंघम टेस्ट मैच से पहले बीसीसीआई ने अपने ट्विटर हैंडिल पर एक तस्वीर शेयर करते हुए पिच की एक झलक दिखाई थी। जिसमें साफ-साफ दिख रहा था कि पिच पर घास है। असल में इससे पहले जब इसी साल इंग्लैंड, भारत दौरे पर आया था, तो वहां Team India ने अपने अनुकूल पिच तैयार की थी। अब जेम्स एंडरसन ने पिच को लेकर कहा है कि भारत को हरी पिच देखकर शिकायत नहीं होनी चाहिए। एंडरसन ने सोमवार को भारतीय पत्रकारों से कहा, इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता कि आईपीएल के आने के बाद से क्रिकेट खेलने वाले युवा खिलाड़ियों के अप्रोच में काफी अंतर देखने को मिला है। जेम्स एंडरसन का मानना है कि आईपीएल की पीढ़ी बेफिक्र क्रिकेट खेलती है। उन्होंने कहा, Team India की बल्लेबाजी इकाई में एक से बढ़कर एक दिग्गज खिलाड़ी मौजूद हैं। विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा के साथ अब रोहित शर्मा व ऋषभ पंत भी भारत के लिए इस मैच में अहम भूमिका निभा सकते हैं। एंडरसन ने आगे कहा,
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। परथनियां की सुमित्रा पत्नी पक्कू ओर अजय अनुरागी के बीच 26 जनवरी 2014 खा लड़ाई भई हे। ईखी रिपोर्ट खरेला थाने में लिखाई हे।
सुमित्रा ने बताओ कि खरेला में सरकारी जमीन हती। ओई में मोओ आदमी पचासन साल से टायर पंचड़ की दुकान करे हतो। ओतई अजय अनुरागी की दुकान हती। दो साल पेहले मोओ आदमी पक्कू मर गओ हे। बरसात के पानी में हमाई दुकान गिर गई हे। अजय अनुरागी ने कब्जा कर लओ हे। 26 जनवरी 2014 खा में आपन दुकान देखे गई तो अजय ने मोय मारो हे। ईखी रिपोर्ट खरेला थाने में लिखाई हे।
अजय अनुरागी ने बताओ कि जमीन मोई आय। ऊखा जमीन दुकान धरें के लाने दई हती, पे नगर पंचायत कहत हे कि जमीन हमाई आय। एईसे चार महीना पेहले नगर पंचायत के ऊपर मुकदमा लगा दओ हे।
नगर पंचायत के बाबू सत्यप्रकाश खरे ने बताओ कि ऊ जमीन पी. डब्लू. डी. के अन्डर में आउत हे। 16 नवम्बर 2013 खा हमने पी. डब्लू. डी. खा सूचित कर दओ हे। अब ऊ अपने हिसाब से कब्जा हटवा लेहे। पी. डब्लू. डी. भाग 1 के सहायक अभियन्ता जय प्रकाश ने बताओ कि हमने ओते की जांच के लाने एस. डी. एम. खा कहो हे। जांच के बाद पता चलहे कि ऊ जमीन किखी आय।
। परथनियां की सुमित्रा पत्नी पक्कू ओर अजय अनुरागी के बीच 26 जनवरी 2014 खा लड़ाई भई हे। ईखी रिपोर्ट खरेला थाने में लिखाई हे।
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। परथनियां की सुमित्रा पत्नी पक्कू ओर अजय अनुरागी के बीच छब्बीस जनवरी दो हज़ार चौदह खा लड़ाई भई हे। ईखी रिपोर्ट खरेला थाने में लिखाई हे। सुमित्रा ने बताओ कि खरेला में सरकारी जमीन हती। ओई में मोओ आदमी पचासन साल से टायर पंचड़ की दुकान करे हतो। ओतई अजय अनुरागी की दुकान हती। दो साल पेहले मोओ आदमी पक्कू मर गओ हे। बरसात के पानी में हमाई दुकान गिर गई हे। अजय अनुरागी ने कब्जा कर लओ हे। छब्बीस जनवरी दो हज़ार चौदह खा में आपन दुकान देखे गई तो अजय ने मोय मारो हे। ईखी रिपोर्ट खरेला थाने में लिखाई हे। अजय अनुरागी ने बताओ कि जमीन मोई आय। ऊखा जमीन दुकान धरें के लाने दई हती, पे नगर पंचायत कहत हे कि जमीन हमाई आय। एईसे चार महीना पेहले नगर पंचायत के ऊपर मुकदमा लगा दओ हे। नगर पंचायत के बाबू सत्यप्रकाश खरे ने बताओ कि ऊ जमीन पी. डब्लू. डी. के अन्डर में आउत हे। सोलह नवम्बर दो हज़ार तेरह खा हमने पी. डब्लू. डी. खा सूचित कर दओ हे। अब ऊ अपने हिसाब से कब्जा हटवा लेहे। पी. डब्लू. डी. भाग एक के सहायक अभियन्ता जय प्रकाश ने बताओ कि हमने ओते की जांच के लाने एस. डी. एम. खा कहो हे। जांच के बाद पता चलहे कि ऊ जमीन किखी आय। । परथनियां की सुमित्रा पत्नी पक्कू ओर अजय अनुरागी के बीच छब्बीस जनवरी दो हज़ार चौदह खा लड़ाई भई हे। ईखी रिपोर्ट खरेला थाने में लिखाई हे।
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मेष :
मंगल की राशि मेष राशि वाले लोग जोखिम लेने में सक्षम होते है तभी तो वे खूब धन कमाते हैं। हालांकि उनके जोखिम लेने में उन्हें भाग्य का साथ भी मिलता है। ये किस्मत से ज्यादा मेहनत से कमा लेते हैं।
वृषभ :
इन राशि वाले लड़कों को को व्यापार कैसे करते हैं यह अच्छी तरह से आता है। यह बिजनेस में अच्छा मुकाम हासिल करने में सक्षम होते हैं।
कर्क :
चंद्र की राशि कर्क राशि के लोग भी अपनी मेहनत और भाग्य से रुपया पैसा कमान बखूबी जानते हैं। यदि ये कर्मों से अच्छे हैं तो इनके उपर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहती है।
सिंह :
सूर्य की राशि सिंह राशि के लोग बहुत जल्द ही आर्थिक रूप से संपन्न होना जानते हैं और इन्हें इनके भाग्य का भी भरपूर सहयोग मिलता है।
धनु :
गुरु की राशि धनु है। इस राशि के लड़के भी बहुत कम उम्र में ही धनवान बन जाते हैं। इनका भाग्य इनका भरपूर साथ देता है।
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मेष : मंगल की राशि मेष राशि वाले लोग जोखिम लेने में सक्षम होते है तभी तो वे खूब धन कमाते हैं। हालांकि उनके जोखिम लेने में उन्हें भाग्य का साथ भी मिलता है। ये किस्मत से ज्यादा मेहनत से कमा लेते हैं। वृषभ : इन राशि वाले लड़कों को को व्यापार कैसे करते हैं यह अच्छी तरह से आता है। यह बिजनेस में अच्छा मुकाम हासिल करने में सक्षम होते हैं। कर्क : चंद्र की राशि कर्क राशि के लोग भी अपनी मेहनत और भाग्य से रुपया पैसा कमान बखूबी जानते हैं। यदि ये कर्मों से अच्छे हैं तो इनके उपर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहती है। सिंह : सूर्य की राशि सिंह राशि के लोग बहुत जल्द ही आर्थिक रूप से संपन्न होना जानते हैं और इन्हें इनके भाग्य का भी भरपूर सहयोग मिलता है। धनु : गुरु की राशि धनु है। इस राशि के लड़के भी बहुत कम उम्र में ही धनवान बन जाते हैं। इनका भाग्य इनका भरपूर साथ देता है।
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लखनऊ सुपर जायंट्स के तेज गेंदबाज मोहसिन खान ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने मैच जिताऊ स्पेल को अपने पिता को समर्पित किया है। मोहसिन के पिता मैच से एक दिन पहले तक अस्पताल में भर्ती थे।
मोहसिन ने मैच के आखिरी ओवर में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए मुंबई को जीत के लिए जरूरी 11 रन नहीं बनाने दिए। मैच के बाद उन्होंने कहा "दुख की बात है कि मेरे पिता आईसीयू में थे, उन्हें कल ही छुट्टी मिली, इसलिए ये मैच मैं उनके लिए खेल रहा था। वह शायद टीवी पर मैच देख रहे हों, वह पिछले दस दिनों से आईसीयू में थे। वह बहुत खुश होगें।"
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लखनऊ सुपर जायंट्स के तेज गेंदबाज मोहसिन खान ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपने मैच जिताऊ स्पेल को अपने पिता को समर्पित किया है। मोहसिन के पिता मैच से एक दिन पहले तक अस्पताल में भर्ती थे। मोहसिन ने मैच के आखिरी ओवर में बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए मुंबई को जीत के लिए जरूरी ग्यारह रन नहीं बनाने दिए। मैच के बाद उन्होंने कहा "दुख की बात है कि मेरे पिता आईसीयू में थे, उन्हें कल ही छुट्टी मिली, इसलिए ये मैच मैं उनके लिए खेल रहा था। वह शायद टीवी पर मैच देख रहे हों, वह पिछले दस दिनों से आईसीयू में थे। वह बहुत खुश होगें।"
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सामाजिक अनुसन्धान विधियों एवं क्षेत्र प्रविधियां
परिस्थितियाँ रही हैं जिसके कारण चारित्रिक दुर्बलता व नैतिक पतन को प्रोत्साहन मिला है। इस विधि द्वारा व्यक्तियों के गुणो, रहस्यो इत्यादि की जानकारी प्राप्त होती है ।
(6) अध्ययन समस्या को समझते मे सहायक (Helpful in understanding study problem) - अध्ययनकर्ता अनुसंधान के मुख्य भाग को प्रारम्भ करने से पूर्व कुछ इकाइयो को सुनकर उनका वैयक्तिक अध्ययन कर लेता है तो उसे समस्याओं को समझने में बड़ी आसानी रहती है ।
(7) सामान्यीकरण का याधार प्रदान करता है (Provides basis for generalisation ) - विभिन्न परिस्थितियां व उनसे सम्बन्धित समस्याम्रो की जानकारी के आधार पर सामान्यीकरण करना सम्भव हो जाता है। गुडे एव हाट्ट के अनुसार, "यह प्राय सत्य होता है कि वैयक्तिक अध्ययन द्वारा प्रदान की गई मन्तईष्टि की गहराई से, बाद मे वृहत स्तर पर मायोजित मध्ययनो के लिए लाभकारी उपकल्पनाएँ निकल सकेंगी ।। I
(8) विरोधो इकाइयों को ज्ञात करना (To find out deviant cases ) - विरोधी इकाइयां वे होती हैं जो हमारी प्रामाणिक व सुनिश्चिन उपकल्पना के विरुद्ध होती हैं। ऐसी इकाइयो को ज्ञात कर, हम सही शस्ते पर अग्रसर होते हैं। इनका मध्ययन इसीलिए आवश्यक है ताकि हम सही तथ्यों पर पहुँच सकें ।
वैयक्तिक अध्ययन के दोष
(Demerits of Case-Studies)
( 1 ) यह ठोस परिणामों का प्रदान नहीं कर सकता ( It cannot provide solid results ) -- जिस प्रकार वैज्ञानिक पद्धति द्वारा हम ठोस निष्कर्ष पर पहुँच सकते हैं वैयक्तिक अध्ययन प्रणाली द्वारा हम सामान्यतः किसी निर्विवाद निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सक्से क्योंकि इस पद्धति द्वारा एकत्रित की गई सामग्री गलत हो सक्ती है। साक्षात्कार व मौखिक प्रश्नों में व्यक्ति यही जानकारी नहीं देता जिसके कारण परिणामो मे दोपश्रा जाता है।
(2) सोमित अध्ययन (Limited Study ) - इसमे केवल गिनी-चुनी इकाइयो का अध्ययन किया जाता है। प्रत इस आधार पर न तो निर्देशन दिया जा सकता है भोर न हो यथार्थ चित्र प्रस्तुत किया जा सकता है।
(3) समय की बवादी (Wastage of tipe) - प्रनुसंधानकर्त्ता व प्रत्येक केस पर काफी समय देना पड़ता है। उसके बावजूद भी वह ठोस निष्कर्ष पर पहुँचने मे मसफल रहता है। जब कई मामलों को हाथ में लेता है तो समय की बहुत बर्बादी
it is of en true that the depth of innght afforded by the case study will yield fruitful hypotheses for a later, full-scale study -Goode & Halt Ibad P 338.
क अध्ययन पद्धति
है, उसका ध्यान बार-बार इस ओर भी जाता है कि 'समय खराब हो रहा है', परिणाम कुछ नहीं निकल रहा है । समय की हानि के साथ परिणामो की प्राप्ति भी नहीं होना न्यायोचित बात नहीं है। गुडे तथा हाट्ट के अनुसार, "मामले ( Cases) एकत्र करने में अधिक समय लगता है तथा पूर्णता के साथ अध्ययन करने को तत्पर लोगो को ढूंढना कठिन होता है।"
(4) भज्ञानिक पद्धति ( Unscientific Method) - वैयक्तिक अध्ययन पद्धति अवैज्ञानिक, प्रगठित व अनियमित है। इसमे इकाइयों के चयन एक सामग्री तकलन पर कोई नियंत्रण नहीं रहता । ऐतिहासिक व्यक्तियों के बारे मे जो सूचना विभिन्न स्रोतों से एकत्र की जाती है, उसकी सत्यापनशीलता सिद्ध नहीं हो सकती । डायरियाँ एवं पत्रो द्वारा प्राप्त सूचना अक्सर मनुष्य की भावना, आवेग द सवेदना पर निर्भर करती है क्योंकि जिस समय बहु दैनिक घटनाम्रो का वर्णन करता है, उस समय कई मानसिक तनाव उस पर छाए रहते हैं मन उसकी विचार सामग्री मे वैपपिस्ता (Objectivity) नही भ्रा सकती, इसके अलावा निष्प मे प्रामाशिवता की भी सम्भावना नहीं रहती। मैज (Madge) के मतानुसार इकाइयो का सैम्पल करीब-करीब मनमान्ग सा हो है जिसकी सामाजिक विघटन की ओर अभिनति होती है । इससे तथ्यों मे सजातीयता का पूरा प्रभाव रहता है और साम्यिकीय निर्वाचन यदि सम्भव नहीं तो कठिन अवश्य हो जाता है।"
(5) मनुसंधानकर्ता वा मूठा प्रात्म-विश्वास (False self-confidence of researcher) - वैयक्तिक अध्ययन का बहुत बडा दोष यह है कि अनुसंधानकर्ता को अपने ज्ञान के बारे मे भूठा प्रात्म-विश्वास होता है । चूकि उसे इकाई के विविध रूप का अध्ययन करना होता है, पर जो कुछ जानकारी उसके पास है और अन्य जानकारी जो प्रा त करता है, उससे उसे यह विश्वास पैदा हो जाता है कि उसे बहुत अधिक जानकारी है। इस भूठे मात्म-विश्वास के भाघार पर निकाले गए • निश्वयं भी झूठे साबित होते हैं। इस दृढ विश्वास के परिणामस्वरूप वह प्रसन रूपरेसा (Research desigo) के प्रमुख नियमो की जाँच करना भावश्यक नही समझाता है तथा मसावधानी का प्रयोग करता है ।।
(6) दोषपूर्ण जीवन इतिहास तथा रिकार्ड (Defective life-histories and records ) --प्राय देखा गया है कि41
(1) रिकार्ड मुश्किल से प्राप्त होते हैं और व्यक्तिगत या गोपनीय रिवार्ड मिलना तो मोर भी बठिन होता है।
(11) जोवन इतिहासो मे घटनामा अतिरजित बरांन किया जाता है।
It creates in him, a temptation to ignore basic principles of research. design he feels no need to check the over al design of proof
-Goode ard Han
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सामाजिक अनुसन्धान विधियों एवं क्षेत्र प्रविधियां परिस्थितियाँ रही हैं जिसके कारण चारित्रिक दुर्बलता व नैतिक पतन को प्रोत्साहन मिला है। इस विधि द्वारा व्यक्तियों के गुणो, रहस्यो इत्यादि की जानकारी प्राप्त होती है । अध्ययन समस्या को समझते मे सहायक - अध्ययनकर्ता अनुसंधान के मुख्य भाग को प्रारम्भ करने से पूर्व कुछ इकाइयो को सुनकर उनका वैयक्तिक अध्ययन कर लेता है तो उसे समस्याओं को समझने में बड़ी आसानी रहती है । सामान्यीकरण का याधार प्रदान करता है - विभिन्न परिस्थितियां व उनसे सम्बन्धित समस्याम्रो की जानकारी के आधार पर सामान्यीकरण करना सम्भव हो जाता है। गुडे एव हाट्ट के अनुसार, "यह प्राय सत्य होता है कि वैयक्तिक अध्ययन द्वारा प्रदान की गई मन्तईष्टि की गहराई से, बाद मे वृहत स्तर पर मायोजित मध्ययनो के लिए लाभकारी उपकल्पनाएँ निकल सकेंगी ।। I विरोधो इकाइयों को ज्ञात करना - विरोधी इकाइयां वे होती हैं जो हमारी प्रामाणिक व सुनिश्चिन उपकल्पना के विरुद्ध होती हैं। ऐसी इकाइयो को ज्ञात कर, हम सही शस्ते पर अग्रसर होते हैं। इनका मध्ययन इसीलिए आवश्यक है ताकि हम सही तथ्यों पर पहुँच सकें । वैयक्तिक अध्ययन के दोष यह ठोस परिणामों का प्रदान नहीं कर सकता -- जिस प्रकार वैज्ञानिक पद्धति द्वारा हम ठोस निष्कर्ष पर पहुँच सकते हैं वैयक्तिक अध्ययन प्रणाली द्वारा हम सामान्यतः किसी निर्विवाद निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सक्से क्योंकि इस पद्धति द्वारा एकत्रित की गई सामग्री गलत हो सक्ती है। साक्षात्कार व मौखिक प्रश्नों में व्यक्ति यही जानकारी नहीं देता जिसके कारण परिणामो मे दोपश्रा जाता है। सोमित अध्ययन - इसमे केवल गिनी-चुनी इकाइयो का अध्ययन किया जाता है। प्रत इस आधार पर न तो निर्देशन दिया जा सकता है भोर न हो यथार्थ चित्र प्रस्तुत किया जा सकता है। समय की बवादी - प्रनुसंधानकर्त्ता व प्रत्येक केस पर काफी समय देना पड़ता है। उसके बावजूद भी वह ठोस निष्कर्ष पर पहुँचने मे मसफल रहता है। जब कई मामलों को हाथ में लेता है तो समय की बहुत बर्बादी it is of en true that the depth of innght afforded by the case study will yield fruitful hypotheses for a later, full-scale study -Goode & Halt Ibad P तीन सौ अड़तीस. क अध्ययन पद्धति है, उसका ध्यान बार-बार इस ओर भी जाता है कि 'समय खराब हो रहा है', परिणाम कुछ नहीं निकल रहा है । समय की हानि के साथ परिणामो की प्राप्ति भी नहीं होना न्यायोचित बात नहीं है। गुडे तथा हाट्ट के अनुसार, "मामले एकत्र करने में अधिक समय लगता है तथा पूर्णता के साथ अध्ययन करने को तत्पर लोगो को ढूंढना कठिन होता है।" भज्ञानिक पद्धति - वैयक्तिक अध्ययन पद्धति अवैज्ञानिक, प्रगठित व अनियमित है। इसमे इकाइयों के चयन एक सामग्री तकलन पर कोई नियंत्रण नहीं रहता । ऐतिहासिक व्यक्तियों के बारे मे जो सूचना विभिन्न स्रोतों से एकत्र की जाती है, उसकी सत्यापनशीलता सिद्ध नहीं हो सकती । डायरियाँ एवं पत्रो द्वारा प्राप्त सूचना अक्सर मनुष्य की भावना, आवेग द सवेदना पर निर्भर करती है क्योंकि जिस समय बहु दैनिक घटनाम्रो का वर्णन करता है, उस समय कई मानसिक तनाव उस पर छाए रहते हैं मन उसकी विचार सामग्री मे वैपपिस्ता नही भ्रा सकती, इसके अलावा निष्प मे प्रामाशिवता की भी सम्भावना नहीं रहती। मैज के मतानुसार इकाइयो का सैम्पल करीब-करीब मनमान्ग सा हो है जिसकी सामाजिक विघटन की ओर अभिनति होती है । इससे तथ्यों मे सजातीयता का पूरा प्रभाव रहता है और साम्यिकीय निर्वाचन यदि सम्भव नहीं तो कठिन अवश्य हो जाता है।" मनुसंधानकर्ता वा मूठा प्रात्म-विश्वास - वैयक्तिक अध्ययन का बहुत बडा दोष यह है कि अनुसंधानकर्ता को अपने ज्ञान के बारे मे भूठा प्रात्म-विश्वास होता है । चूकि उसे इकाई के विविध रूप का अध्ययन करना होता है, पर जो कुछ जानकारी उसके पास है और अन्य जानकारी जो प्रा त करता है, उससे उसे यह विश्वास पैदा हो जाता है कि उसे बहुत अधिक जानकारी है। इस भूठे मात्म-विश्वास के भाघार पर निकाले गए • निश्वयं भी झूठे साबित होते हैं। इस दृढ विश्वास के परिणामस्वरूप वह प्रसन रूपरेसा के प्रमुख नियमो की जाँच करना भावश्यक नही समझाता है तथा मसावधानी का प्रयोग करता है ।। दोषपूर्ण जीवन इतिहास तथा रिकार्ड --प्राय देखा गया है किइकतालीस रिकार्ड मुश्किल से प्राप्त होते हैं और व्यक्तिगत या गोपनीय रिवार्ड मिलना तो मोर भी बठिन होता है। जोवन इतिहासो मे घटनामा अतिरजित बरांन किया जाता है। It creates in him, a temptation to ignore basic principles of research. design he feels no need to check the over al design of proof -Goode ard Han
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गोलमाल रिटर्न्स की सफलता के बाद रोहित शेट्टी टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की बायोपिक पर काम करना चाहते हैं. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि टेनिस स्टार सानिया पर बायोपिक जरूर बनाई जानी चाहिए.
रोहित ने कहा कि उनके अब तक के सफर पर नजर डालने के बाद मैं हमेशा हैरान रह जाता हूं. फिर चाहे उनका पाकिस्तनी क्रिकेटर से शादी करना हो, या फिर शादी के बाद भी देश के लिए खेलना. ये सब बहुत प्रेरणात्मक है.
इन दिनों रोहित बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने माने डायरेक्टर करण जौहर के साथ स्टार प्लस चैनल पर इंडियाज नेक्स्ट सुपर स्टार शो में नजर आ रहे हैं. इस शो का थीम है बिना किसी खानदार और सिफारिश के बेहतरीन कलाकार को बड़े पर्दे पर काम करने का मौका देना.
वहीं बात करें सानिया मिर्जा की वो पहले ही अपनी बायोपिक के लिए परिणिती चोपड़ा को अपनी च्वाइस बता चुकीं हैं. हाल ही में रोहित की सुपरहिट फिल्म गोलमाल की सीरीज में परिणिती लीड एक्ट्रेस के रोल में नजर आईं थी.
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गोलमाल रिटर्न्स की सफलता के बाद रोहित शेट्टी टेनिस स्टार सानिया मिर्जा की बायोपिक पर काम करना चाहते हैं. हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि टेनिस स्टार सानिया पर बायोपिक जरूर बनाई जानी चाहिए. रोहित ने कहा कि उनके अब तक के सफर पर नजर डालने के बाद मैं हमेशा हैरान रह जाता हूं. फिर चाहे उनका पाकिस्तनी क्रिकेटर से शादी करना हो, या फिर शादी के बाद भी देश के लिए खेलना. ये सब बहुत प्रेरणात्मक है. इन दिनों रोहित बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने माने डायरेक्टर करण जौहर के साथ स्टार प्लस चैनल पर इंडियाज नेक्स्ट सुपर स्टार शो में नजर आ रहे हैं. इस शो का थीम है बिना किसी खानदार और सिफारिश के बेहतरीन कलाकार को बड़े पर्दे पर काम करने का मौका देना. वहीं बात करें सानिया मिर्जा की वो पहले ही अपनी बायोपिक के लिए परिणिती चोपड़ा को अपनी च्वाइस बता चुकीं हैं. हाल ही में रोहित की सुपरहिट फिल्म गोलमाल की सीरीज में परिणिती लीड एक्ट्रेस के रोल में नजर आईं थी.
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प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने कहा कि किसान खेत की फसल तभी काट सकता है जब उसके पास कोई धारदार हथियार हो। उन्होंने कहा कि चुनाव की फसल काटने के लिए हम सबके पास मोदी - योगी द्वारा किए गए समाज कल्याण के कार्य धारदार हथियार के समान हैं।
वाराणसी, जागरण संवाददाता। केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार शोषित, पीड़ित, दबे कुचले, निर्धन, जरूरतमंद व पिछड़ों का उत्थान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसकी चर्चा आम आदमी भी खेत, खलिहान, चौराहे, बसों में हर स्थान पर कर रहा है। यह बातें पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित प्रदेश संगठन की दृष्टि से 98 जिलों के जिला अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी तथा 403 विधानसभा प्रभारीयों की बैठक के उद्घाटन सत्र में उत्साहवर्धन करते हुए प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह ने कही।
प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने कहा कि किसान खेत की फसल तभी काट सकता है, जब उसके पास कोई धारदार हथियार हो। उन्होंने कहा कि चुनाव की फसल काटने के लिए हम सबके पास मोदी - योगी द्वारा किए गए समाज कल्याण के कार्य धारदार हथियार के समान हैं। राधा मोहन सिंह ने विपक्षी दलों पर प्रहार करते हुए कहा कि इसके पहले जो भी सरकारें बनी सभी ने सिर्फ अपना परिवार और घर भरने का कार्य किया। जनता के हितों की चिंता किसी ने नहीं की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार घर में उत्सव होने पर लोगों की दिनचर्या बदल जाती है, उसी प्रकार भारतीय जनता पार्टी परिवार के कार्यकर्ताओं को भी चुनाव को उत्सव के रूप में मानते हुए दिनचर्या बदलनी होगी। साथ ही संगठन द्वारा तय किए गए कार्यक्रमों को पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ समय पर पूरा करना चाहिए।
प्रथम सत्र की बैठक में प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल ने काशी, गोरखपुर, अवध, कानपुर, पश्चिम और ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष व प्रभारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी एवं विधानसभा प्रभारी का वृत्त लिया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सुनील बंसल ने कहा कि बूथ से लेकर प्रदेश तक 163000 बूथ एवं 27800 शक्ति केंद्रों पर सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सभी मोर्चों, प्रकोष्ठों एवं विभागों का भी गठन हो चुका है। बूथ से लेकर प्रदेश तक चुनाव की दृष्टि से 50 लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं की टीम कार्य कर रही है। जिसमें अभी तक 49 लाख कार्यकर्ताओं का डाटा प्रदेश कार्यालय में उपलब्ध हो चुका है।
सुनील बंसल ने कहा कि नवंबर माह में ही प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों के बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन भी किया जाएगा।
22 नवंबर को गोरखपुर और कानपुर क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन होगा। जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, 25 नवंबर को अवध क्षेत्र की सीतापुर और काशी क्षेत्र की जौनपुर में बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन होना है। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ तथा पश्चिम और ब्रज क्षेत्र की होने वाली बैठक में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। सुनील बंसल ने कहा कि नवंबर माह में ही विधानसभा स्तर पर त्रिदेव (बूथ अध्यक्ष, बीएलए 2, और बूथ प्रभारी) सम्मलेन, मंडल स्तर पर पन्ना प्रमुखों का सम्मेलन और शक्ति केंद्र प्रभारी तथा संयोजक मंडल स्तर पर प्रवास के साथ बैठक आयोजित की जाएगी।
सुनील बंसल ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि आगामी 21 और 27 नवंबर को बूथों पर वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का कार्य बढ़-चढ़कर कराना है। कहा कि 29 अक्टूबर से गृहमंत्री अमित शाह द्वारा प्रारंभ किए गए सदस्यता अभियान में देश भर में अब तक 10 लाख 91 हजार नए सदस्यों को बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया कि 20 नवंबर तक शिविर लगाकर मतदाता सूची के साथ ही संगठन का भी सदस्यता अभियान चलाएं। सुनील बंसल ने कहा कि प्रदेश के छह क्षेत्रों में क्षेत्रीय स्तर पर सोशल मीडिया, किसान मोर्चा, महिलाओं का चौपाल, शिक्षकों का सम्मेलन, पूर्व सैनिकों का सम्मेलन के साथ प्रयाग एवं लखनऊ में अधिवक्ताओं का बड़ा सम्मेलन आयोजित होने हैं। कहा कि प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में श्रम प्रकोष्ठ द्वारा मजदूर चौपाल भी लगाए जाएंगे।
मंचासिन अतिथि : प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल प्रदेश सह संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह।
विशिष्ट अतिथि : केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे, सरोज पांडेय, अर्जुन मेघवाल, कैप्टन अभिमन्यु सिंह, विवेक ठाकुर, सुनील ओझा, अरविंद मेनन, संजय भाटिया, सुधीर गुप्ता, पंकज सिंह, संजीव चौरसिया, सत्याकुमार , सुब्रत पाठक, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव, अनुप गुप्ता, गोविंद नारायण शुक्ला, जेपीएस राठौर, अश्विनी त्यागी, प्रियंका रावत, अमरपाल मोर्य, विजय बहादुर पाठक, संजय मयूख, मनीष दीक्षित।
इनकी भी रही उपस्थिति : प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य लक्ष्मण आचार्य, प्रदेश मंत्री शंकर गिरि, प्रदेश मंत्री मीना चौबे, क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया, सुशील त्रिपाठी, संतोष पटेल, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष विद्या सागर राय, दिलीप सिंह पटेल, अमरनाथ यादव, रमेश जायसवाल, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, क्षेत्रीय सह मीडिया प्रभारी संतोष सोलापुरकर, नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी, अशोक पटेल, राहुल सिंह, संजय सोनकर, प्रवीण सिंह गौतम, सुरेश सिंह, प्रभात सिंह, नम्रता चौरसिया आदि।
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प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने कहा कि किसान खेत की फसल तभी काट सकता है जब उसके पास कोई धारदार हथियार हो। उन्होंने कहा कि चुनाव की फसल काटने के लिए हम सबके पास मोदी - योगी द्वारा किए गए समाज कल्याण के कार्य धारदार हथियार के समान हैं। वाराणसी, जागरण संवाददाता। केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार शोषित, पीड़ित, दबे कुचले, निर्धन, जरूरतमंद व पिछड़ों का उत्थान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसकी चर्चा आम आदमी भी खेत, खलिहान, चौराहे, बसों में हर स्थान पर कर रहा है। यह बातें पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित प्रदेश संगठन की दृष्टि से अट्ठानवे जिलों के जिला अध्यक्ष एवं जिला प्रभारी तथा चार सौ तीन विधानसभा प्रभारीयों की बैठक के उद्घाटन सत्र में उत्साहवर्धन करते हुए प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह ने कही। प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने कहा कि किसान खेत की फसल तभी काट सकता है, जब उसके पास कोई धारदार हथियार हो। उन्होंने कहा कि चुनाव की फसल काटने के लिए हम सबके पास मोदी - योगी द्वारा किए गए समाज कल्याण के कार्य धारदार हथियार के समान हैं। राधा मोहन सिंह ने विपक्षी दलों पर प्रहार करते हुए कहा कि इसके पहले जो भी सरकारें बनी सभी ने सिर्फ अपना परिवार और घर भरने का कार्य किया। जनता के हितों की चिंता किसी ने नहीं की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार घर में उत्सव होने पर लोगों की दिनचर्या बदल जाती है, उसी प्रकार भारतीय जनता पार्टी परिवार के कार्यकर्ताओं को भी चुनाव को उत्सव के रूप में मानते हुए दिनचर्या बदलनी होगी। साथ ही संगठन द्वारा तय किए गए कार्यक्रमों को पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ समय पर पूरा करना चाहिए। प्रथम सत्र की बैठक में प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल ने काशी, गोरखपुर, अवध, कानपुर, पश्चिम और ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष व प्रभारी, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी एवं विधानसभा प्रभारी का वृत्त लिया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सुनील बंसल ने कहा कि बूथ से लेकर प्रदेश तक एक लाख तिरेसठ हज़ार बूथ एवं सत्ताईस हज़ार आठ सौ शक्ति केंद्रों पर सभी कार्य पूर्ण हो चुके हैं। सभी मोर्चों, प्रकोष्ठों एवं विभागों का भी गठन हो चुका है। बूथ से लेकर प्रदेश तक चुनाव की दृष्टि से पचास लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं की टीम कार्य कर रही है। जिसमें अभी तक उनचास लाख कार्यकर्ताओं का डाटा प्रदेश कार्यालय में उपलब्ध हो चुका है। सुनील बंसल ने कहा कि नवंबर माह में ही प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों के बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन भी किया जाएगा। बाईस नवंबर को गोरखपुर और कानपुर क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन होगा। जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पच्चीस नवंबर को अवध क्षेत्र की सीतापुर और काशी क्षेत्र की जौनपुर में बूथ अध्यक्षों का सम्मेलन होना है। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ तथा पश्चिम और ब्रज क्षेत्र की होने वाली बैठक में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। सुनील बंसल ने कहा कि नवंबर माह में ही विधानसभा स्तर पर त्रिदेव सम्मलेन, मंडल स्तर पर पन्ना प्रमुखों का सम्मेलन और शक्ति केंद्र प्रभारी तथा संयोजक मंडल स्तर पर प्रवास के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। सुनील बंसल ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि आगामी इक्कीस और सत्ताईस नवंबर को बूथों पर वोटर लिस्ट पुनरीक्षण का कार्य बढ़-चढ़कर कराना है। कहा कि उनतीस अक्टूबर से गृहमंत्री अमित शाह द्वारा प्रारंभ किए गए सदस्यता अभियान में देश भर में अब तक दस लाख इक्यानवे हजार नए सदस्यों को बनाने का काम पूरा कर लिया गया है। साथ ही सभी जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया कि बीस नवंबर तक शिविर लगाकर मतदाता सूची के साथ ही संगठन का भी सदस्यता अभियान चलाएं। सुनील बंसल ने कहा कि प्रदेश के छह क्षेत्रों में क्षेत्रीय स्तर पर सोशल मीडिया, किसान मोर्चा, महिलाओं का चौपाल, शिक्षकों का सम्मेलन, पूर्व सैनिकों का सम्मेलन के साथ प्रयाग एवं लखनऊ में अधिवक्ताओं का बड़ा सम्मेलन आयोजित होने हैं। कहा कि प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में श्रम प्रकोष्ठ द्वारा मजदूर चौपाल भी लगाए जाएंगे। मंचासिन अतिथि : प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल प्रदेश सह संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह। विशिष्ट अतिथि : केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे, सरोज पांडेय, अर्जुन मेघवाल, कैप्टन अभिमन्यु सिंह, विवेक ठाकुर, सुनील ओझा, अरविंद मेनन, संजय भाटिया, सुधीर गुप्ता, पंकज सिंह, संजीव चौरसिया, सत्याकुमार , सुब्रत पाठक, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव, अनुप गुप्ता, गोविंद नारायण शुक्ला, जेपीएस राठौर, अश्विनी त्यागी, प्रियंका रावत, अमरपाल मोर्य, विजय बहादुर पाठक, संजय मयूख, मनीष दीक्षित। इनकी भी रही उपस्थिति : प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य लक्ष्मण आचार्य, प्रदेश मंत्री शंकर गिरि, प्रदेश मंत्री मीना चौबे, क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया, सुशील त्रिपाठी, संतोष पटेल, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष विद्या सागर राय, दिलीप सिंह पटेल, अमरनाथ यादव, रमेश जायसवाल, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, क्षेत्रीय सह मीडिया प्रभारी संतोष सोलापुरकर, नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी, अशोक पटेल, राहुल सिंह, संजय सोनकर, प्रवीण सिंह गौतम, सुरेश सिंह, प्रभात सिंह, नम्रता चौरसिया आदि।
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बैंक बैलेंस जानना अब आसान, जाने कैसे?
हम में से ज्यादातर लोग जो ऑनलाइन बैंकिंग (Online Banking) नहीं करते वे अपना बैंक अकाउंट बैलेंस (Bank Balance) जानने के लिए एटीएम (ATM) जाते है और वहां पर काफी देर लाइन में खड़े होने के बाद वह अपना बैंक अकाउंट बैलेंस चेक कर पाते है . कुछ लोग तो एटीएम (ATM) का प्रयोग भी नहीं करते और बैंक में जाकर काफी देर तक इंतज़ार करने के बाद पासबुक में एंट्री करवाकर अपना बैलेंस जान पाते है.
वैसे भी अब ज्यादातर बैंकों ने महीने भर में किये जाने वाले एटीएम (ATM) लेनदेनों को सीमित कर दिया है और इन लेनदेनों में बैलेंस चेक करना या मिनी स्टेटमेंट (Mini Bank Statement) निकलवाना जैसे लेनदेन भी शामिल है. इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप तय सीमा से ज्यादा एटीएम का प्रयोग करते है तो आपको हर लेनदेन पर अलग से शुल्क चुकाना पड़ेगा.
इसीलिए आज www. sabkuchgyan. com पर कुछ फोन नंबर (Bank Balance Check Miss Call Phone Numbers) प्रस्तुत कर रहा हूँ जिस पर आप मिस कॉल देकर अपना बैंक अकाउंट बैलेंस (Bank Account Balance) जान सकते है। आपको यह मिस कॉल (Miss Call) अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर (Registered Mobile Number) से ही करना होगा और अगर आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है तो आप बैंक जाकर अपने मोबाइल नंबर को रजिस्टर्ड करवा सकते है.
बैलेंस जानने के लिए आपको दो रिंग का मिस कॉल (Miss Call) देना होगा और कुछ ही देर आपको एक SMS प्राप्त होगा जिसमे आपके अकाउंट बैलेंस की जानकारी होगी.
12th Pass, Diploma, Graduate, Post Graduate can apply.
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बैंक बैलेंस जानना अब आसान, जाने कैसे? हम में से ज्यादातर लोग जो ऑनलाइन बैंकिंग नहीं करते वे अपना बैंक अकाउंट बैलेंस जानने के लिए एटीएम जाते है और वहां पर काफी देर लाइन में खड़े होने के बाद वह अपना बैंक अकाउंट बैलेंस चेक कर पाते है . कुछ लोग तो एटीएम का प्रयोग भी नहीं करते और बैंक में जाकर काफी देर तक इंतज़ार करने के बाद पासबुक में एंट्री करवाकर अपना बैलेंस जान पाते है. वैसे भी अब ज्यादातर बैंकों ने महीने भर में किये जाने वाले एटीएम लेनदेनों को सीमित कर दिया है और इन लेनदेनों में बैलेंस चेक करना या मिनी स्टेटमेंट निकलवाना जैसे लेनदेन भी शामिल है. इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप तय सीमा से ज्यादा एटीएम का प्रयोग करते है तो आपको हर लेनदेन पर अलग से शुल्क चुकाना पड़ेगा. इसीलिए आज www. sabkuchgyan. com पर कुछ फोन नंबर प्रस्तुत कर रहा हूँ जिस पर आप मिस कॉल देकर अपना बैंक अकाउंट बैलेंस जान सकते है। आपको यह मिस कॉल अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही करना होगा और अगर आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड नहीं है तो आप बैंक जाकर अपने मोबाइल नंबर को रजिस्टर्ड करवा सकते है. बैलेंस जानने के लिए आपको दो रिंग का मिस कॉल देना होगा और कुछ ही देर आपको एक SMS प्राप्त होगा जिसमे आपके अकाउंट बैलेंस की जानकारी होगी. बारहth Pass, Diploma, Graduate, Post Graduate can apply.
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आज अभिनेता रितिक रोशन का जन्मदिन है, उन्होंने बीती रात अपने इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ जमकर पार्टी की. 'आज तक' से रितिक ने अपनी कुछ खास बातें शेयर की हैं, पेश हैं आपके लिए उसी बातचीत के मुख्य अंश.
सबसे पहले तोहफा किसने दिया?
कल रात मेरी पार्टी थी, मेरे सभी दोस्तों ने वहां मुझे बधाई दी. मैं खुद को बहुत ही सौभाग्यशाली समझ रहा था की मेरे सारे दोस्त वहां मौजूद थे. बहुत अच्छा जन्मदिन मनाया. मैं अपने दोस्तों, फैंस और मीडियाकर्मियों का धन्यवाद करता हूं.
इस साल क्या खास देखने वाले हैं?
मैंने इस साल को बेहद खुशी के साथ शुरू किया है, तो मुझे लगता है ये साल कई सारी खुशियों से भरा होगा. इस साल जरूर कुछ स्पेशल होगा.
आपने खुद को रोल्स रॉयस गाड़ी गिफ्ट की है?
(हँसते हुए) मुझे लगता है की हम सबको हरेक चीज बराबर मात्रा में एन्जॉय करना चाहिए.
कल रात की पार्टी में क्या हुआ?
दोस्तों के साथ बहुत ही अच्छी रात थी. कुछ दोस्तों ने सरप्राईज भी दिया. कल रात मैंने पार्टी की, अभी कसरत करने के लिए जिम जाऊंगा, फिर दोस्तों से मिलूंगा.
आज कैसे मनाएंगे?
आज मैं अपने बहुत सारे दोस्तों से मिलूंगा, सबसे मिलकर प्यार बांटूंगा.
कोई बर्थडे की बचपन की याद?
बचपन में बहुत ही शर्मीला था, तो अब तो काफी बेहतर हो गया हूं. लोगों से मिलकर खुश होता हूं. पार्टी करता हूं.
यादगार बर्थडे?
इस साल सबसे ज्यादा प्यार मिला है. सबसे अच्छा बर्थडे लगता है.
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आज अभिनेता रितिक रोशन का जन्मदिन है, उन्होंने बीती रात अपने इंडस्ट्री के दोस्तों के साथ जमकर पार्टी की. 'आज तक' से रितिक ने अपनी कुछ खास बातें शेयर की हैं, पेश हैं आपके लिए उसी बातचीत के मुख्य अंश. सबसे पहले तोहफा किसने दिया? कल रात मेरी पार्टी थी, मेरे सभी दोस्तों ने वहां मुझे बधाई दी. मैं खुद को बहुत ही सौभाग्यशाली समझ रहा था की मेरे सारे दोस्त वहां मौजूद थे. बहुत अच्छा जन्मदिन मनाया. मैं अपने दोस्तों, फैंस और मीडियाकर्मियों का धन्यवाद करता हूं. इस साल क्या खास देखने वाले हैं? मैंने इस साल को बेहद खुशी के साथ शुरू किया है, तो मुझे लगता है ये साल कई सारी खुशियों से भरा होगा. इस साल जरूर कुछ स्पेशल होगा. आपने खुद को रोल्स रॉयस गाड़ी गिफ्ट की है? मुझे लगता है की हम सबको हरेक चीज बराबर मात्रा में एन्जॉय करना चाहिए. कल रात की पार्टी में क्या हुआ? दोस्तों के साथ बहुत ही अच्छी रात थी. कुछ दोस्तों ने सरप्राईज भी दिया. कल रात मैंने पार्टी की, अभी कसरत करने के लिए जिम जाऊंगा, फिर दोस्तों से मिलूंगा. आज कैसे मनाएंगे? आज मैं अपने बहुत सारे दोस्तों से मिलूंगा, सबसे मिलकर प्यार बांटूंगा. कोई बर्थडे की बचपन की याद? बचपन में बहुत ही शर्मीला था, तो अब तो काफी बेहतर हो गया हूं. लोगों से मिलकर खुश होता हूं. पार्टी करता हूं. यादगार बर्थडे? इस साल सबसे ज्यादा प्यार मिला है. सबसे अच्छा बर्थडे लगता है.
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- 3-4 चुकंदर (कद्दूकस)
चुकंदर और नारियल का हलवा कैसे बनाएं? (How To Make Beet and Coconut Halwa)
- चुकंदर और नारियल का हलवा बनाने के लिए आप सबसे पहले चुकंदर को छीलकर कद्दूकस कर लें।
- फिर आप एक कढ़ाई में घी डाल कर गर्म करने के लिए रख दें।
- इसके बाद आप इसमें थोड़ा सा कोकोनट बूरा बचाकर सारा डालकर भून लें।
- फिर आप इसमें कद्दूकस किया हुआ चुकंदर डालकर मिला दें।
- इसके बाद आप इसमें इलायची पाउडर डालकर मिला दें।
- फिर आप इसको अच्छी तरह से पकाकर गैस बंद कर दें।
- अब आपका चुकंदर और नारियल का हलवा बनकर तैयार हो चुका है।
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- तीन-चार चुकंदर चुकंदर और नारियल का हलवा कैसे बनाएं? - चुकंदर और नारियल का हलवा बनाने के लिए आप सबसे पहले चुकंदर को छीलकर कद्दूकस कर लें। - फिर आप एक कढ़ाई में घी डाल कर गर्म करने के लिए रख दें। - इसके बाद आप इसमें थोड़ा सा कोकोनट बूरा बचाकर सारा डालकर भून लें। - फिर आप इसमें कद्दूकस किया हुआ चुकंदर डालकर मिला दें। - इसके बाद आप इसमें इलायची पाउडर डालकर मिला दें। - फिर आप इसको अच्छी तरह से पकाकर गैस बंद कर दें। - अब आपका चुकंदर और नारियल का हलवा बनकर तैयार हो चुका है।
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देवास/ब्यूरो। शहर के आदर्शनगर निवासी बीएनपी से सेवानिवृत्त कर्मचारी की हत्या जमीन को लेकर हुई थी। इस मामले में देवास पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी रवि देवड़ा अपने अन्य साथी गजराज रंगवाल, अनिल परिहार, सुनिल के साथ हत्या वाले दिन मृतक को देवास से कार में बैठाकर सिया घाट ले गए।
इस दौरान एक आरोपी मृतक की बाइक लेकर मौके पर गया था। बीच रास्ते में ही आरोपियों ने मृतक हुकुम सिंह सोलंकी की गमछे व रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी और लाश को कन्नौद के जंगल में तीन सो फीट की गहरी खाई में बाइक के साथ घाट से नीचे फेंक दिया। जिससे ऐसा प्रतीत हो की मृतक की मृत्यु दुर्घटना में हुई हो जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक हुकुमसिंह सोलंकी के द्वारा अपने रिश्तेदार रामकन्या पति स्व. कालूसिंह उम्र पचास वर्ष निवासी ग्राम मड़का थाना बीएनपी को पुष्पकुंज कॉलोनी इटावा देवास में मे मकान दिलवाया था ग्राम मड़का में रवि देवड़ा के दादाजी रतनलाल के नाम से कुल 14 बीघा जमीन थी उक्त जमीन को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद भी चल रहा था।
विवाद के कारण ही इस हत्या को अंजाम दिया गया था। कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी रवि पिता कालूराम उम्र बत्तीस निवासी ग्राम मड़का थाना बीएनपी, गजराज पिता बाबूलाल उम्र पच्चीस निवासी कंचनपुर थाना बीएनपी, अनिल पिता रमेश परिहार उम्र पच्चीस निवासी भटोनी थाना टोंकखुर्द, आशीष पिता मांगीलाल सोलंकी उम्र पच्चीस निवासी इटावा व सुनील पिता नारायण सिंह परमार उम्र छब्बीस निवासी झालाराम नगर सिविल लाइन देवास को गिरफ्तार कर देवास पुलिस द्वार मृतक हुकुम सिंह सोलंकी हत्या काण्ड का 24 घण्टे में किया खुलासा।
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देवास/ब्यूरो। शहर के आदर्शनगर निवासी बीएनपी से सेवानिवृत्त कर्मचारी की हत्या जमीन को लेकर हुई थी। इस मामले में देवास पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी रवि देवड़ा अपने अन्य साथी गजराज रंगवाल, अनिल परिहार, सुनिल के साथ हत्या वाले दिन मृतक को देवास से कार में बैठाकर सिया घाट ले गए। इस दौरान एक आरोपी मृतक की बाइक लेकर मौके पर गया था। बीच रास्ते में ही आरोपियों ने मृतक हुकुम सिंह सोलंकी की गमछे व रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी और लाश को कन्नौद के जंगल में तीन सो फीट की गहरी खाई में बाइक के साथ घाट से नीचे फेंक दिया। जिससे ऐसा प्रतीत हो की मृतक की मृत्यु दुर्घटना में हुई हो जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक हुकुमसिंह सोलंकी के द्वारा अपने रिश्तेदार रामकन्या पति स्व. कालूसिंह उम्र पचास वर्ष निवासी ग्राम मड़का थाना बीएनपी को पुष्पकुंज कॉलोनी इटावा देवास में मे मकान दिलवाया था ग्राम मड़का में रवि देवड़ा के दादाजी रतनलाल के नाम से कुल चौदह बीघा जमीन थी उक्त जमीन को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद भी चल रहा था। विवाद के कारण ही इस हत्या को अंजाम दिया गया था। कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी रवि पिता कालूराम उम्र बत्तीस निवासी ग्राम मड़का थाना बीएनपी, गजराज पिता बाबूलाल उम्र पच्चीस निवासी कंचनपुर थाना बीएनपी, अनिल पिता रमेश परिहार उम्र पच्चीस निवासी भटोनी थाना टोंकखुर्द, आशीष पिता मांगीलाल सोलंकी उम्र पच्चीस निवासी इटावा व सुनील पिता नारायण सिंह परमार उम्र छब्बीस निवासी झालाराम नगर सिविल लाइन देवास को गिरफ्तार कर देवास पुलिस द्वार मृतक हुकुम सिंह सोलंकी हत्या काण्ड का चौबीस घण्टे में किया खुलासा।
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अपने ब्रेकअप की खबरों पर यूं तो एक्ट्रेस पहले भी खुलकर बात कर चुकी हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने बताया कि कैसे लोग उन्हें दोषी मानते हैं और कहते हैं कि 'अब फिल्मों में काम करने लगी है तो उसे कहां डेट करेगी। '
टीवी जगत का फेमस कपल आशा नेगी और रित्विक धनजानी अपने लंबे रिलेशनशिप को पिछले साल पूरी तरह खत्म कर चुके हैं।
टीवी का चर्चित शो पवित्र रिश्ता फेम एक्टर रित्विक धनजानी बीते कुछ टाइम से अपनी निजी लाइफ को लेकर खूब सुर्खियों में छाए हुए हैं।
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अपने ब्रेकअप की खबरों पर यूं तो एक्ट्रेस पहले भी खुलकर बात कर चुकी हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपना दर्द बयां किया है। उन्होंने बताया कि कैसे लोग उन्हें दोषी मानते हैं और कहते हैं कि 'अब फिल्मों में काम करने लगी है तो उसे कहां डेट करेगी। ' टीवी जगत का फेमस कपल आशा नेगी और रित्विक धनजानी अपने लंबे रिलेशनशिप को पिछले साल पूरी तरह खत्म कर चुके हैं। टीवी का चर्चित शो पवित्र रिश्ता फेम एक्टर रित्विक धनजानी बीते कुछ टाइम से अपनी निजी लाइफ को लेकर खूब सुर्खियों में छाए हुए हैं।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही भारत जोड़ो यात्रा लेकर एमपी आने वाले हैं, जहां बुरहानपुर से राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा एमपी में एंट्री करेगी। वहीं इससे पहले अब सियासत में कांग्रेस विधायकों के दलबदल की अफवाहों ने पार्टी के दिग्गजों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में अब कांग्रेस ने विधायकों को एकजुट रखने का खास प्लान तैयार कर लिया है, जिसके मद्देनजर कांग्रेस बुरहानपुर में विधायकों को एकजुट कर राहुल गांधी के सामने पेश करेगी। वहीं यदी कांग्रेस का यह प्लान कामयाब हो गया तो बीजेपी को बड़ा झटका लगेगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अपने सभी 95 विधायकों को निर्देश दिए हैं कि, भारत जोड़ो यात्रा के पहले दिन यानी 20 नवबंर को राहुल गांधी मध्यप्रदेश में एंट्री करेंगे, उस दिन सभी विधायक करोली गांव में मौजूद रहें। जानकारी के लिए बता दें कि, करोली वहीं गांव है जो महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश आने पर सबसे पहले पड़ता है। बुरहानपुर जिले के इसी गांव से महाराष्ट्र की तरफ से आने वाले व्यक्ति की मध्यप्रदेश में एंट्री होती है। मध्य प्रदेश कांग्रेस की कोशिश यह है कि सभी विधायकों को बुलाकर एकजुटता का संदेश दिया जाए। कांग्रेस का मकसद ये है कि एकजुटता के साथ-साथ राहुल गांधी की यात्रा का भव्य स्वागत किया जाए।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही अपनी भारत जोड़ो यात्रा लेकर मध्य प्रदेश में एंट्री करने वाले हैं, जहां इससे पहले अब मध्य प्रदेश में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को सफल बनाने के लिए लगातार मंथन बैठकों का सिलसिला जारी है, जिसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को मालवा निमाड़ में सक्सेसफुल बनाने की प्लानिंग करते नजर आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के एंट्री बुरहानपुर से होगी, जहां खंडवा, खरगोन और इंदौर होते हुए यात्रा उज्जैन और आगर मालवा की ओर प्रस्थान करेगी।
चीन में हद से ज्यादा घट रहे सामानों के दाम, आर्थिक मंदी में फंसेगा ड्रैगन, लोग क्यों नहीं कर रहे खरीददारी?
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही भारत जोड़ो यात्रा लेकर एमपी आने वाले हैं, जहां बुरहानपुर से राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा एमपी में एंट्री करेगी। वहीं इससे पहले अब सियासत में कांग्रेस विधायकों के दलबदल की अफवाहों ने पार्टी के दिग्गजों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में अब कांग्रेस ने विधायकों को एकजुट रखने का खास प्लान तैयार कर लिया है, जिसके मद्देनजर कांग्रेस बुरहानपुर में विधायकों को एकजुट कर राहुल गांधी के सामने पेश करेगी। वहीं यदी कांग्रेस का यह प्लान कामयाब हो गया तो बीजेपी को बड़ा झटका लगेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अपने सभी पचानवे विधायकों को निर्देश दिए हैं कि, भारत जोड़ो यात्रा के पहले दिन यानी बीस नवबंर को राहुल गांधी मध्यप्रदेश में एंट्री करेंगे, उस दिन सभी विधायक करोली गांव में मौजूद रहें। जानकारी के लिए बता दें कि, करोली वहीं गांव है जो महाराष्ट्र से मध्य प्रदेश आने पर सबसे पहले पड़ता है। बुरहानपुर जिले के इसी गांव से महाराष्ट्र की तरफ से आने वाले व्यक्ति की मध्यप्रदेश में एंट्री होती है। मध्य प्रदेश कांग्रेस की कोशिश यह है कि सभी विधायकों को बुलाकर एकजुटता का संदेश दिया जाए। कांग्रेस का मकसद ये है कि एकजुटता के साथ-साथ राहुल गांधी की यात्रा का भव्य स्वागत किया जाए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही अपनी भारत जोड़ो यात्रा लेकर मध्य प्रदेश में एंट्री करने वाले हैं, जहां इससे पहले अब मध्य प्रदेश में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को सफल बनाने के लिए लगातार मंथन बैठकों का सिलसिला जारी है, जिसमें कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को मालवा निमाड़ में सक्सेसफुल बनाने की प्लानिंग करते नजर आ रहे हैं। मध्यप्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के एंट्री बुरहानपुर से होगी, जहां खंडवा, खरगोन और इंदौर होते हुए यात्रा उज्जैन और आगर मालवा की ओर प्रस्थान करेगी। चीन में हद से ज्यादा घट रहे सामानों के दाम, आर्थिक मंदी में फंसेगा ड्रैगन, लोग क्यों नहीं कर रहे खरीददारी?
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[ धर्ममूर्ति मामकुमा
इस तरह रामसनेही साधुओं पर आपकी इतनी कप पढ़ गई कि मुम्हें आप सोधपुर शाहपुरा, ग्यावर आदि में सब कमी मिलतीं तो वे प्पट आपको पहचान जात और वन्न करक प्रसन्नतापूर्वक चले जाते ।
सोजत का धातुमाम बड़े ही आन से पूर्ण हुआ। चातुर्मास की पूर्णाहुति में उपदेश सुनने वाले लोगों की समया काफी बढ़ गई थी। सोजस क लोगों ने बड़ी धूमधाम के साम चातुमास उठने के दूसरे दिन बिहार कराया दूर-दूर तक लोग पहुँचाने गये। सभी लोगों के मुँह पर आपक गुणों की प्रशंसा सुनाई दे रही थी ।
सोजत से विहार करके मांरवाह के छोटे-छोटे गाँवों में धर्म की बात हुई आपसायी-मडीसहित खेठामा पहुँची। जेठाणा के लोगों की धम भावना पड़ी तीव्र थी। उन्होंने महासतीजी को धातुर्मास करने के लिए भामह मरी प्रार्थना की। महासती भी बड़ी आनन्दकुमारीजी ने वहाँ के लोगों में धर्म की लगन देखकर और उपकार समझकर चातुर्मास करने की स्वीकृति दे दी। इस तरह सम्बत् १६५७ का चातुर्मास बेठाणा में व्यतीत किया। छोटा मथ होने पर भी जेठाणां प्राम की धर्मग्रद्धा और साधु-साथियों पर मक्किमाव भाज भी सरा हनीय है। जिसमें मानन्दकुमारीजी जैसी महासती की बाणी का रस पाकर यह संघवृक्ष और मजबूत हो गया ।'
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[ धर्ममूर्ति मामकुमा इस तरह रामसनेही साधुओं पर आपकी इतनी कप पढ़ गई कि मुम्हें आप सोधपुर शाहपुरा, ग्यावर आदि में सब कमी मिलतीं तो वे प्पट आपको पहचान जात और वन्न करक प्रसन्नतापूर्वक चले जाते । सोजत का धातुमाम बड़े ही आन से पूर्ण हुआ। चातुर्मास की पूर्णाहुति में उपदेश सुनने वाले लोगों की समया काफी बढ़ गई थी। सोजस क लोगों ने बड़ी धूमधाम के साम चातुमास उठने के दूसरे दिन बिहार कराया दूर-दूर तक लोग पहुँचाने गये। सभी लोगों के मुँह पर आपक गुणों की प्रशंसा सुनाई दे रही थी । सोजत से विहार करके मांरवाह के छोटे-छोटे गाँवों में धर्म की बात हुई आपसायी-मडीसहित खेठामा पहुँची। जेठाणा के लोगों की धम भावना पड़ी तीव्र थी। उन्होंने महासतीजी को धातुर्मास करने के लिए भामह मरी प्रार्थना की। महासती भी बड़ी आनन्दकुमारीजी ने वहाँ के लोगों में धर्म की लगन देखकर और उपकार समझकर चातुर्मास करने की स्वीकृति दे दी। इस तरह सम्बत् एक हज़ार छः सौ सत्तावन का चातुर्मास बेठाणा में व्यतीत किया। छोटा मथ होने पर भी जेठाणां प्राम की धर्मग्रद्धा और साधु-साथियों पर मक्किमाव भाज भी सरा हनीय है। जिसमें मानन्दकुमारीजी जैसी महासती की बाणी का रस पाकर यह संघवृक्ष और मजबूत हो गया ।'
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Kanwar Yatra 2023 जब कोई सच्चे मन से किसी कार्य को करने के लिए मन में ठान लेता है तब भगवान भी उसके साथ खड़े होकर उसका हौसला बढ़ाते हैं ऐसा ही कुछ गाजियाबाद क्षेत्र के चार युवकों ने कर दिखाया है। गाजियाबाद निवासी राजवीर सैनी अपने बुजुर्ग दादा-दादी की इच्छा को पूरी करने के लिए उन्हें लेकर हरिद्वार पहुंचे।
संवाद सहयोगी, मंगलौरः Kanwar Yatra 2023: जब कोई सच्चे मन से किसी कार्य को करने के लिए मन में ठान लेता है तब भगवान भी उसके साथ खड़े होकर उसका हौसला बढ़ाते हैं ऐसा ही कुछ गाजियाबाद क्षेत्र के चार युवकों ने कर दिखाया है।
एक समय था जब सरवन कुमार ने अपने बूढ़े माता-पिता को कावड़ में बैठाकर यात्रा कराई थी। कुछ इसी तरह चार युवक अपने बुजुर्ग दादा-दादी को कावड़ में बैठा कर हरिद्वार से गाजियाबाद की ओर ले जाते हुए दिखाई दिए।
गाजियाबाद के सलकपुर फरूक नगर निवासी राजवीर सैनी के पुत्र राहुल सैनी, विकास सैनी, सागर सैनी और तरुण सैनी द्वारा अपने बुजुर्ग दादा धन्नो उम्र 85 साल और दादी बलबीरी उम्र 80 साल की इच्छा को पूरी करने के लिए उन्हें लेकर 19 जून को हरिद्वार पहुंचे। यहां से उन्हें गंगा स्नान कराने के बाद 20 जून को कावड़ में बैठाकर अपने गंतव्य गाजियाबाद की ओर निकल पड़े।
राहुल सैनी ने बताया कि एक दिन में मात्र 10 किलोमीटर की ही दूरी तय कर पाते हैं। बताया कि दादा-दादी की इच्छा हरिद्वार में स्नान कर गंगाजल लेकर गाजियाबाद की ओर आने की थी, परंतु बुजुर्ग होने की वजह से वह अपनी इच्छा को पूरा नहीं कर पा रहे थे।
जब उनके द्वारा अपनी इच्छा को अपने पौत्र को बताई गई। तब राहुल सैनी और उसके भाइयों ने अपने दादा-दादी की इच्छा को पूर्ण करने की ठानी और चारों भाई अपने दादा-दादी को लेकर हरिद्वार पहुंच गए।
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Kanwar Yatra दो हज़ार तेईस जब कोई सच्चे मन से किसी कार्य को करने के लिए मन में ठान लेता है तब भगवान भी उसके साथ खड़े होकर उसका हौसला बढ़ाते हैं ऐसा ही कुछ गाजियाबाद क्षेत्र के चार युवकों ने कर दिखाया है। गाजियाबाद निवासी राजवीर सैनी अपने बुजुर्ग दादा-दादी की इच्छा को पूरी करने के लिए उन्हें लेकर हरिद्वार पहुंचे। संवाद सहयोगी, मंगलौरः Kanwar Yatra दो हज़ार तेईस: जब कोई सच्चे मन से किसी कार्य को करने के लिए मन में ठान लेता है तब भगवान भी उसके साथ खड़े होकर उसका हौसला बढ़ाते हैं ऐसा ही कुछ गाजियाबाद क्षेत्र के चार युवकों ने कर दिखाया है। एक समय था जब सरवन कुमार ने अपने बूढ़े माता-पिता को कावड़ में बैठाकर यात्रा कराई थी। कुछ इसी तरह चार युवक अपने बुजुर्ग दादा-दादी को कावड़ में बैठा कर हरिद्वार से गाजियाबाद की ओर ले जाते हुए दिखाई दिए। गाजियाबाद के सलकपुर फरूक नगर निवासी राजवीर सैनी के पुत्र राहुल सैनी, विकास सैनी, सागर सैनी और तरुण सैनी द्वारा अपने बुजुर्ग दादा धन्नो उम्र पचासी साल और दादी बलबीरी उम्र अस्सी साल की इच्छा को पूरी करने के लिए उन्हें लेकर उन्नीस जून को हरिद्वार पहुंचे। यहां से उन्हें गंगा स्नान कराने के बाद बीस जून को कावड़ में बैठाकर अपने गंतव्य गाजियाबाद की ओर निकल पड़े। राहुल सैनी ने बताया कि एक दिन में मात्र दस किलोग्राममीटर की ही दूरी तय कर पाते हैं। बताया कि दादा-दादी की इच्छा हरिद्वार में स्नान कर गंगाजल लेकर गाजियाबाद की ओर आने की थी, परंतु बुजुर्ग होने की वजह से वह अपनी इच्छा को पूरा नहीं कर पा रहे थे। जब उनके द्वारा अपनी इच्छा को अपने पौत्र को बताई गई। तब राहुल सैनी और उसके भाइयों ने अपने दादा-दादी की इच्छा को पूर्ण करने की ठानी और चारों भाई अपने दादा-दादी को लेकर हरिद्वार पहुंच गए।
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आदरणीय सलीम रजा साहिब सुन्दर ग़ज़ल खूबसूरत अशआर कहे हैं आपने, आपने एक शेअर में होवे शब्द का इस्तेमाल किया है जो मुझे थोडा अटपटा लगा. खैर इस ग़ज़ल पर दाद हाजिर है कुबूल फरमाएं.
aali janab नादिर ख़ान sahab aapki nzren inayat ke lie shukriya ..
दिल में आता है बस गुनगुनाते रहो ।
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आदरणीय सलीम रजा साहिब सुन्दर ग़ज़ल खूबसूरत अशआर कहे हैं आपने, आपने एक शेअर में होवे शब्द का इस्तेमाल किया है जो मुझे थोडा अटपटा लगा. खैर इस ग़ज़ल पर दाद हाजिर है कुबूल फरमाएं. aali janab नादिर ख़ान sahab aapki nzren inayat ke lie shukriya .. दिल में आता है बस गुनगुनाते रहो ।
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इस्राईली संसद नेसेट की एक सांसद मिशल रोज़ीन ने मीडिया रिपोर्टों पर गहरी चिंता जताई है जिनके अनुसार इस्राईली महिला सैनिक आर्थिक समस्याओं के कारण वेश्यावृत्ति में लिप्त हो रही हैं।
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन ने कहा है कि ईरान फ़िलिस्तीन की आज़ादी का सपना पूरा करेगा।
सऊदी अरब के विदेशमंत्री ने कहा है कि अमरीका के साथ सहयोग के लिए उनका देश सीरिया में थल सेना भेजने पर तैयार है।
इराक़ सरकार के प्रवक्ता ने मूसिल सिटी के पश्चिमी भाग में आतंकवादी गुटों के विरुद्ध अभियान में विदेशी थल सेना की उपस्थिति के दावे को रद्द कर दिया है।
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि अमरीका और इस्राईल इस स्थिति में नहीं है कि वह ईरान पर हमला कर सकें और अमरीकियों को यह बात अच्छी तरह मालूम है कि ईरान अकेला नहीं है।
लेबनान के संसद सभापति ने कहा है कि फ़िलिस्तीन अंतर्राष्ट्रीय कांफ़्रेंस, लेबनान और प्रतिरोध के समर्थन के कारण ईरान का आभार व्यक्त करने का बेहरीन अवसर है।
सीरिया की सेना ने दैरिज़्ज़ूर के उपनगरीय क्षेत्र में दाइश के ड्रोन विमान को मारा गिराया है।
मूसिल में दाइश के ख़िलाफ़ जारी इराक़ी सेना के अभियान के नए चरण में इराक़ी सैनिक दक्षिणी इलाक़ों से होते हुए पश्चिमी इलाक़े की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
मानवाधिकार मामलों की निगरानी करने वाले ब्रिटेन स्थित एक संगठन का कहना है सीरियाई शहर अल-बाब में तुर्की के हवाई हमलों में पिछले दो हफ़्तों के दौरान, कम से कम 110 नागरिक मारे गए हैं।
यमन के दक्षिणी प्रांत तइज़ में मक़बना शहर के गवर्नर सऊदी युद्धक विमानों के हमले में शहीद हो गये हैं।
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इस्राईली संसद नेसेट की एक सांसद मिशल रोज़ीन ने मीडिया रिपोर्टों पर गहरी चिंता जताई है जिनके अनुसार इस्राईली महिला सैनिक आर्थिक समस्याओं के कारण वेश्यावृत्ति में लिप्त हो रही हैं। लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन ने कहा है कि ईरान फ़िलिस्तीन की आज़ादी का सपना पूरा करेगा। सऊदी अरब के विदेशमंत्री ने कहा है कि अमरीका के साथ सहयोग के लिए उनका देश सीरिया में थल सेना भेजने पर तैयार है। इराक़ सरकार के प्रवक्ता ने मूसिल सिटी के पश्चिमी भाग में आतंकवादी गुटों के विरुद्ध अभियान में विदेशी थल सेना की उपस्थिति के दावे को रद्द कर दिया है। लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि अमरीका और इस्राईल इस स्थिति में नहीं है कि वह ईरान पर हमला कर सकें और अमरीकियों को यह बात अच्छी तरह मालूम है कि ईरान अकेला नहीं है। लेबनान के संसद सभापति ने कहा है कि फ़िलिस्तीन अंतर्राष्ट्रीय कांफ़्रेंस, लेबनान और प्रतिरोध के समर्थन के कारण ईरान का आभार व्यक्त करने का बेहरीन अवसर है। सीरिया की सेना ने दैरिज़्ज़ूर के उपनगरीय क्षेत्र में दाइश के ड्रोन विमान को मारा गिराया है। मूसिल में दाइश के ख़िलाफ़ जारी इराक़ी सेना के अभियान के नए चरण में इराक़ी सैनिक दक्षिणी इलाक़ों से होते हुए पश्चिमी इलाक़े की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मानवाधिकार मामलों की निगरानी करने वाले ब्रिटेन स्थित एक संगठन का कहना है सीरियाई शहर अल-बाब में तुर्की के हवाई हमलों में पिछले दो हफ़्तों के दौरान, कम से कम एक सौ दस नागरिक मारे गए हैं। यमन के दक्षिणी प्रांत तइज़ में मक़बना शहर के गवर्नर सऊदी युद्धक विमानों के हमले में शहीद हो गये हैं।
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बाबा रामदेव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के बीच जंग तीखी होती जा रही है। एलोपैथी पर योग गुरु के बयान से भड़के आईएमए ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया हुआ है। मंगलवार को एसोसिएशन ने दोबारा एक बयान जारी कर रामदेव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उसने कहा कि वैक्सीनेशन प्रोग्राम को लेकर रामदेव ने लोगों में भ्रम फैलाया। ऐसे लोग देशद्रोही हैं।
एसोसिएशन ने कहा कि रामदेव ने नेशनल कोविड-19 ट्रीटमेंट के खिलाफ अपना अभियान शुरू करना उचित समझा। देश में उपचार के प्रोटोकॉल और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में भ्रम पैदा करने वाले लोग देशद्रोही हैं। वे दया के पात्र कतई नहीं है। इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस बीच, एलोपैथी के संबंध में रामदेव के बयान से आहत दिल्ली के कई अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने मंगलवार को राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत प्रदर्शन शुरू किया। डॉक्टरों की मांग है कि या तो रामदेव बिना शर्त माफी मांगें या उनके खिलाफ महामारी रोग अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। कुछ डॉक्टरों ने विरोध संदेश लिखे प्लेकार्ड ले रखे थे। जबकि अन्य ने ऐसी पीपीई किट पहन रखी थीं, जिनके पीछे 'काला दिवस प्रदर्शन' लिखा था।
रामदेव ने बीते दिनों एलोपैथी को 'मूर्खतापूर्ण विज्ञान' बताया था। इसे लेकर उनका एक वीडियो वायरल हो गया था। इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) उनसे भड़क गया। उसने रामदेव के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी रामदेव से अपना बयान वापस लेने के लिए कहा था।
वहीं, नीति आयोग के सदस्य और जाने-माने वैज्ञानिक वीके सारस्वत ने कहा कि एलोपैथ और आयुर्वेद पर बहस करने का काई फायदा नहीं है। ये दोनों एक-दूसरे से अलग हैं। दोनों ही चिकित्सा पद्धतियां लोगों के लिए फायदेमंद हैं।
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बाबा रामदेव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बीच जंग तीखी होती जा रही है। एलोपैथी पर योग गुरु के बयान से भड़के आईएमए ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया हुआ है। मंगलवार को एसोसिएशन ने दोबारा एक बयान जारी कर रामदेव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उसने कहा कि वैक्सीनेशन प्रोग्राम को लेकर रामदेव ने लोगों में भ्रम फैलाया। ऐसे लोग देशद्रोही हैं। एसोसिएशन ने कहा कि रामदेव ने नेशनल कोविड-उन्नीस ट्रीटमेंट के खिलाफ अपना अभियान शुरू करना उचित समझा। देश में उपचार के प्रोटोकॉल और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में भ्रम पैदा करने वाले लोग देशद्रोही हैं। वे दया के पात्र कतई नहीं है। इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस बीच, एलोपैथी के संबंध में रामदेव के बयान से आहत दिल्ली के कई अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने मंगलवार को राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत प्रदर्शन शुरू किया। डॉक्टरों की मांग है कि या तो रामदेव बिना शर्त माफी मांगें या उनके खिलाफ महामारी रोग अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। कुछ डॉक्टरों ने विरोध संदेश लिखे प्लेकार्ड ले रखे थे। जबकि अन्य ने ऐसी पीपीई किट पहन रखी थीं, जिनके पीछे 'काला दिवस प्रदर्शन' लिखा था। रामदेव ने बीते दिनों एलोपैथी को 'मूर्खतापूर्ण विज्ञान' बताया था। इसे लेकर उनका एक वीडियो वायरल हो गया था। इसके बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उनसे भड़क गया। उसने रामदेव के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी रामदेव से अपना बयान वापस लेने के लिए कहा था। वहीं, नीति आयोग के सदस्य और जाने-माने वैज्ञानिक वीके सारस्वत ने कहा कि एलोपैथ और आयुर्वेद पर बहस करने का काई फायदा नहीं है। ये दोनों एक-दूसरे से अलग हैं। दोनों ही चिकित्सा पद्धतियां लोगों के लिए फायदेमंद हैं।
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परिवर्तिनी एकादशी 2022: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं. पंचांग के अनुसार यह तिथि आज 06 सितंबर को पड़ रही है, इसे जलझूलनी एकादशी या पद्मा एकादशी भी कहते हैं. परिवर्तिनी एकादशी नाम के पीछे भी एक धार्मिक मान्यता है. कहा जाता है कि चतुर्मास से चिर निद्रा में लीन भगवान श्रीहरि विष्णु इस दिन करवट बदलते हैं, इसीलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी (Parivartini Ekadashi) कहते हैं.
गोरखपुर के पंडित वशिष्ठ उपाध्याय कहते हैं कि एकादशी तिथि भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है. परिवर्तिनी एकादशी की पूजा भगवान नारायण को और भी प्रिय है. मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी का व्रत करने से वाजपेय यज्ञ के समान पुण्य फल मिलता है, जो इस व्रत की कथा सुनता है, उसे हजार अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य प्राप्त होता है. उसके पाप भी नष्ट हो जाते हैं.
हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद शुक्ल एकादशी 06 सितंबर मंगलवार को सुबह 05 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगी और 07 सितंबर बुधवार दोपहर 03 बजकर 04 मिनट तक रहेगी. अगर परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 06 सितंबर को रख रहे हैं तो इसका पारण अगले दिन 07 सितंबर को सुबह 08:19 बजे से सुबह 08:33 बजे के बीच कर लेना चाहिए.
इस साल परिवर्तिनी एकादशी पर चार शुभ योग बन रहे हैं. आयुष्मान, रवि, त्रिपुष्कर और सौभाग्य योग में भगवान विष्णु की पूजा से हर काम में सिद्धि मिलती है. ये सभी योग पूजा पाठ के लिए अच्छे माने जाते हैं.
मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी का व्रत मोक्षदायी है. इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करनी चाहिए. इनकी पूजा से सभी पापों का नाश हो जाता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है.
आज सुबह परिवर्तिनी एकादशी व्रत और भगवान विष्णु की पूजा के लिए संकल्प लें. उसके बाद पूजा मुहूर्त में श्रीहरि के वामन स्वरूप की पूजा करें. उनको पंचामृत, तुलसी के पत्ते, पीले फूल, फल, अक्षत्, चंदन, वस्त्र आदि अर्पित करें. फिर परिवर्तिनी एकादशी व्रत कथा सुनें. भगवान विष्णु की आरती करें. दिनभर व्रत के नियमों का पालन करें और अगले दिन सुबह पारण करें. पारण करने से व्रत पूरा हो जाता है.
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परिवर्तिनी एकादशी दो हज़ार बाईस: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं. पंचांग के अनुसार यह तिथि आज छः सितंबर को पड़ रही है, इसे जलझूलनी एकादशी या पद्मा एकादशी भी कहते हैं. परिवर्तिनी एकादशी नाम के पीछे भी एक धार्मिक मान्यता है. कहा जाता है कि चतुर्मास से चिर निद्रा में लीन भगवान श्रीहरि विष्णु इस दिन करवट बदलते हैं, इसीलिए इसे परिवर्तिनी एकादशी कहते हैं. गोरखपुर के पंडित वशिष्ठ उपाध्याय कहते हैं कि एकादशी तिथि भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है. परिवर्तिनी एकादशी की पूजा भगवान नारायण को और भी प्रिय है. मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी का व्रत करने से वाजपेय यज्ञ के समान पुण्य फल मिलता है, जो इस व्रत की कथा सुनता है, उसे हजार अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य प्राप्त होता है. उसके पाप भी नष्ट हो जाते हैं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद शुक्ल एकादशी छः सितंबर मंगलवार को सुबह पाँच बजकर चौवन मिनट पर शुरू होगी और सात सितंबर बुधवार दोपहर तीन बजकर चार मिनट तक रहेगी. अगर परिवर्तिनी एकादशी का व्रत छः सितंबर को रख रहे हैं तो इसका पारण अगले दिन सात सितंबर को सुबह आठ:उन्नीस बजे से सुबह आठ:तैंतीस बजे के बीच कर लेना चाहिए. इस साल परिवर्तिनी एकादशी पर चार शुभ योग बन रहे हैं. आयुष्मान, रवि, त्रिपुष्कर और सौभाग्य योग में भगवान विष्णु की पूजा से हर काम में सिद्धि मिलती है. ये सभी योग पूजा पाठ के लिए अच्छे माने जाते हैं. मान्यता है कि परिवर्तिनी एकादशी का व्रत मोक्षदायी है. इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा करनी चाहिए. इनकी पूजा से सभी पापों का नाश हो जाता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. आज सुबह परिवर्तिनी एकादशी व्रत और भगवान विष्णु की पूजा के लिए संकल्प लें. उसके बाद पूजा मुहूर्त में श्रीहरि के वामन स्वरूप की पूजा करें. उनको पंचामृत, तुलसी के पत्ते, पीले फूल, फल, अक्षत्, चंदन, वस्त्र आदि अर्पित करें. फिर परिवर्तिनी एकादशी व्रत कथा सुनें. भगवान विष्णु की आरती करें. दिनभर व्रत के नियमों का पालन करें और अगले दिन सुबह पारण करें. पारण करने से व्रत पूरा हो जाता है.
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अगर आप अपने बच्चे के लिए खिलौना खरीद रहे हैं तो यह जरूर देखें कि उस पर बीआईएस मार्क है या नहीं। विदेश से आयात किए जाने वाले और देश में बनने वाले खिलौनों में इस्तेमाल किए जाने वाले खतरनाक रसायन के प्रभाव से बच्चों को बचाने के लिए सरकार ने पहली सितंबर से तैयार होने वाले खिलौने पर बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) मार्क लगाना अनिवार्य किया है। शाहमारुफ और पांडेयहाता स्थित थाेक मंडी में अगले सप्ताह तक बीआईएस मार्क वाले खिलौने पहुंचने की उम्मीद है।
देश में खिलौनों का कारोबार काफी बड़ा है। अधिकतर खिलौने चीन, थाईलैंड और फिलीपींस से आयात किए जाते हैं। आयात किए जाने वाले खिलौनों में 75 फीसदी हिस्सेदारी अकेले चीन की होती है। बीआईएस के मानक अनिवार्य होने के बाद विदेश से आयात किए जाने वाले खिलौनों को भी मानकों पर खरा उतरना होगा। अब तक खिलौनों के लिए गुणवत्ता के मानक अनिवार्य नहीं था। ऐसे में कई कंपनियां खिलौनों में खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल कर रही थीं, जिसका असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा था।
गोरखपुर में खिलौनाें का करीब 75 करोड़ का सालाना कारोबार है। आसपास के जिलों के अलावा नेपाल और बिहार के कुछ जनपदाें में खिलौने की आपूर्ति गोरखपुर से होती है। शाहमारुफ के खिलौना कारोबारी इसरार अहमद के मुताबिक गुणवत्ता की जांच न होने की वजह से कई बार बहुत खराब किस्म का खिलौना अा जा जाता था, जिसे मजबूरी में बेचना पड़ता था। बीआईएस मार्क वाले खिलौने दस सितंबर के बाद आने की उम्मीद है। पहली सितंबर से बिना बीआईएस मार्क वाले खिलौनों को मंगाना बंद कर दिया है।
बहुत छोटे बच्चों के लिए लचीले और मुलायम खिलौनों को लोग बेहतर समझकर खरीदते हैं, पर ये अधिक खतरनाक होते हैं। मुलायम प्लास्टिक से बने खिलौनों में 'थायलेट' नामक रसायनिक पदार्थ पाया जाता है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि थायलेट से बच्चों में कई तरह की बीमारियां होती हैं। इनमें किडनी और लीवर पर बुरा असर पड़ने के साथ बच्चों की हड्डियों के विकास में कमी आती है। आयात किए गए खिलौनों में आर्सेनिक, सीसा और पारा चिंताजनक स्तर से भी काफी अधिक पाया गया था।
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अगर आप अपने बच्चे के लिए खिलौना खरीद रहे हैं तो यह जरूर देखें कि उस पर बीआईएस मार्क है या नहीं। विदेश से आयात किए जाने वाले और देश में बनने वाले खिलौनों में इस्तेमाल किए जाने वाले खतरनाक रसायन के प्रभाव से बच्चों को बचाने के लिए सरकार ने पहली सितंबर से तैयार होने वाले खिलौने पर बीआईएस मार्क लगाना अनिवार्य किया है। शाहमारुफ और पांडेयहाता स्थित थाेक मंडी में अगले सप्ताह तक बीआईएस मार्क वाले खिलौने पहुंचने की उम्मीद है। देश में खिलौनों का कारोबार काफी बड़ा है। अधिकतर खिलौने चीन, थाईलैंड और फिलीपींस से आयात किए जाते हैं। आयात किए जाने वाले खिलौनों में पचहत्तर फीसदी हिस्सेदारी अकेले चीन की होती है। बीआईएस के मानक अनिवार्य होने के बाद विदेश से आयात किए जाने वाले खिलौनों को भी मानकों पर खरा उतरना होगा। अब तक खिलौनों के लिए गुणवत्ता के मानक अनिवार्य नहीं था। ऐसे में कई कंपनियां खिलौनों में खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल कर रही थीं, जिसका असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा था। गोरखपुर में खिलौनाें का करीब पचहत्तर करोड़ का सालाना कारोबार है। आसपास के जिलों के अलावा नेपाल और बिहार के कुछ जनपदाें में खिलौने की आपूर्ति गोरखपुर से होती है। शाहमारुफ के खिलौना कारोबारी इसरार अहमद के मुताबिक गुणवत्ता की जांच न होने की वजह से कई बार बहुत खराब किस्म का खिलौना अा जा जाता था, जिसे मजबूरी में बेचना पड़ता था। बीआईएस मार्क वाले खिलौने दस सितंबर के बाद आने की उम्मीद है। पहली सितंबर से बिना बीआईएस मार्क वाले खिलौनों को मंगाना बंद कर दिया है। बहुत छोटे बच्चों के लिए लचीले और मुलायम खिलौनों को लोग बेहतर समझकर खरीदते हैं, पर ये अधिक खतरनाक होते हैं। मुलायम प्लास्टिक से बने खिलौनों में 'थायलेट' नामक रसायनिक पदार्थ पाया जाता है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि थायलेट से बच्चों में कई तरह की बीमारियां होती हैं। इनमें किडनी और लीवर पर बुरा असर पड़ने के साथ बच्चों की हड्डियों के विकास में कमी आती है। आयात किए गए खिलौनों में आर्सेनिक, सीसा और पारा चिंताजनक स्तर से भी काफी अधिक पाया गया था।
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नई दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर जोरदार हमला करते हुए देश और समाज को तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी-शाह की जोड़ी सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती है इसलिए राष्ट्र और संविधान बचाने की खातिर लोगों को आगे आना चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शनिवार को यहां रामलीला मैदान में 'भारत बचाओ रैली' को संबोधित करते हुए यह अपील की। रैली को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट और अन्य पार्टी नेताओं ने संबोधित किया।
सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण देश तबाह हो गया है, युवाओं तथा कारोबारियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट है, किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं लेकिन मोदी-शाह को संविधान और देश की बदहाली की चिंता नहीं है, वे सिर्फ लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। देशवासियों को आपस में लड़ाकर असली मुद्दों से सबका ध्यान हटाना चाहते हैं।
सरकार पर मनमानी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और सत्ता पर काबिज लोग जब चाहते हैं, राष्ट्रपति शासन लगवाते हैं और जब चाहते हैं, हटवा देते हैं। संसद में भी मनमानी चल रही है और बिना बहस के विधेयक पारित कराये जा रहे हैं। देश में भय और अन्याय का माहौल है लेकिन कांग्रेस हमेशा न्याय का पक्ष लेगी और जिनके साथ अन्याय होगा, उनके साथ खड़ी रहकर लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहेगी।
उन्होंने कहा कि मोदी ने पांच सौ तथा एक हजार रुपए के नोट रद्द कर देश की अर्थव्यवस्था को ऐसी गहरी चोट मारी है कि इसके कारण जो नुकसान हुआ , उसकी भरपाई अब तक नहीं हो सकी है। देश से झूठ कहा गया कि "यह कालेधन के खिलाफ लड़ाई है, कालेधन को खत्म करना है, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है" जबकि असलियत यह है कि मोदी ने देश को तबाह किया और हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को नष्ट किया है।
कांग्रेस नेता ने तीखा प्रहार करते हुए कहा "हिंदुस्तान के दुश्मन, जिनका मैं नाम नहीं लेना चाहता हूँ, लेकिन हिंदुस्तान के दुश्मन हैं और चाहते थे कि हिंदुस्तान की शक्ति, हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था नष्ट की जाए। वह काम दुश्मन तो नहीं कर सके लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने वह काम किया है। फिर भी प्रधानमंत्री खुद को देशभक्त कहते हैं। पूरा का पूरा पैसा 2-3 उद्योगपतियों को पकड़ा दिया है।
गांधी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को देश के लोग ही मजबूत बनाते हैं। यह एक आर्थिक व्यवस्था के तहत खुद ही चलता रहता है। पैसा पहले गरीब, किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार की जेब में डालो फिर उसी पैसे का प्रयोग वे खरीदारी में करेंगे। खरीद होगी तो मांग बढ़ेगी और मांग बढ़ेगी तो फैक्ट्रियां काम ज्यादा करेंगी लेकिन मोदी ने फैक्ट्रियां बंद करवा दी और लोगों की जेब का पैसा छीनकर निकाल दिया।
उन्होंने कहा कि मोदी को देश और अपने नागरिकों की चिंता नहीं रहती है। वह हर काम को करने के लिए जिद करते हैं। उन्होंने कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने सरकार को जीएसटी को बेहतर तरीके से लागू करने की सलाह दी थी और कहा कि जिस तरह से इसे लागू किया जा रहा है उससे देश की अर्थव्यवस्था खत्म हो जाएगी लेकिन मोदी अपनी जिद पर अड़े रहे और अपनी जिद के अनुरूप रात 12 बजे गब्बर सिंह टैक्स लागू कर दिया।
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नई दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर जोरदार हमला करते हुए देश और समाज को तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी-शाह की जोड़ी सत्ता के लिए किसी भी हद तक जा सकती है इसलिए राष्ट्र और संविधान बचाने की खातिर लोगों को आगे आना चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शनिवार को यहां रामलीला मैदान में 'भारत बचाओ रैली' को संबोधित करते हुए यह अपील की। रैली को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सचिन पायलट और अन्य पार्टी नेताओं ने संबोधित किया। सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण देश तबाह हो गया है, युवाओं तथा कारोबारियों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट है, किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं लेकिन मोदी-शाह को संविधान और देश की बदहाली की चिंता नहीं है, वे सिर्फ लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। देशवासियों को आपस में लड़ाकर असली मुद्दों से सबका ध्यान हटाना चाहते हैं। सरकार पर मनमानी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और सत्ता पर काबिज लोग जब चाहते हैं, राष्ट्रपति शासन लगवाते हैं और जब चाहते हैं, हटवा देते हैं। संसद में भी मनमानी चल रही है और बिना बहस के विधेयक पारित कराये जा रहे हैं। देश में भय और अन्याय का माहौल है लेकिन कांग्रेस हमेशा न्याय का पक्ष लेगी और जिनके साथ अन्याय होगा, उनके साथ खड़ी रहकर लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहेगी। उन्होंने कहा कि मोदी ने पांच सौ तथा एक हजार रुपए के नोट रद्द कर देश की अर्थव्यवस्था को ऐसी गहरी चोट मारी है कि इसके कारण जो नुकसान हुआ , उसकी भरपाई अब तक नहीं हो सकी है। देश से झूठ कहा गया कि "यह कालेधन के खिलाफ लड़ाई है, कालेधन को खत्म करना है, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना है" जबकि असलियत यह है कि मोदी ने देश को तबाह किया और हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को नष्ट किया है। कांग्रेस नेता ने तीखा प्रहार करते हुए कहा "हिंदुस्तान के दुश्मन, जिनका मैं नाम नहीं लेना चाहता हूँ, लेकिन हिंदुस्तान के दुश्मन हैं और चाहते थे कि हिंदुस्तान की शक्ति, हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था नष्ट की जाए। वह काम दुश्मन तो नहीं कर सके लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने वह काम किया है। फिर भी प्रधानमंत्री खुद को देशभक्त कहते हैं। पूरा का पूरा पैसा दो-तीन उद्योगपतियों को पकड़ा दिया है। गांधी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को देश के लोग ही मजबूत बनाते हैं। यह एक आर्थिक व्यवस्था के तहत खुद ही चलता रहता है। पैसा पहले गरीब, किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार की जेब में डालो फिर उसी पैसे का प्रयोग वे खरीदारी में करेंगे। खरीद होगी तो मांग बढ़ेगी और मांग बढ़ेगी तो फैक्ट्रियां काम ज्यादा करेंगी लेकिन मोदी ने फैक्ट्रियां बंद करवा दी और लोगों की जेब का पैसा छीनकर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि मोदी को देश और अपने नागरिकों की चिंता नहीं रहती है। वह हर काम को करने के लिए जिद करते हैं। उन्होंने कहा कि जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने सरकार को जीएसटी को बेहतर तरीके से लागू करने की सलाह दी थी और कहा कि जिस तरह से इसे लागू किया जा रहा है उससे देश की अर्थव्यवस्था खत्म हो जाएगी लेकिन मोदी अपनी जिद पर अड़े रहे और अपनी जिद के अनुरूप रात बारह बजे गब्बर सिंह टैक्स लागू कर दिया।
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भीजिंग। बौद्ध धर्म गुरू दलाई लामा के निर्वासन से लौटने की मांग के समर्थन में तिब्बत और उससे जुड़े क्षेत्रों में आत्महत्या की जारी घटनाओं के बीच एक तिब्बती गड़रिये ने चीन के शिंघाई प्रांत में आत्मदाह कर लिया जबकि दूसरा गंभीर से जख्मी है। सरकारी संवाद एजेंसी शिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि तिब्बती गडरिये की मौत हो गयी जबकि दूसरा गंभीर रूप से जल गया। दोनों ने चीन के शिंघाई प्रांत में कल आत्मदाह का प्रयास किया था। इस प्रांत में आत्मदाह की यह सातवीं घटना है। अब तक करीब 40 तिब्बती आत्मदाह कर चुके हैं। अधिकतर घटना सिचुआन प्रांत में हुयी है।
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भीजिंग। बौद्ध धर्म गुरू दलाई लामा के निर्वासन से लौटने की मांग के समर्थन में तिब्बत और उससे जुड़े क्षेत्रों में आत्महत्या की जारी घटनाओं के बीच एक तिब्बती गड़रिये ने चीन के शिंघाई प्रांत में आत्मदाह कर लिया जबकि दूसरा गंभीर से जख्मी है। सरकारी संवाद एजेंसी शिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि तिब्बती गडरिये की मौत हो गयी जबकि दूसरा गंभीर रूप से जल गया। दोनों ने चीन के शिंघाई प्रांत में कल आत्मदाह का प्रयास किया था। इस प्रांत में आत्मदाह की यह सातवीं घटना है। अब तक करीब चालीस तिब्बती आत्मदाह कर चुके हैं। अधिकतर घटना सिचुआन प्रांत में हुयी है।
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दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह हमेशा से ही चर्चा में बने रहते हैं। दोनों की जोड़ी बी-टाउन की पसंदीदा जोड़ियों में शुमार किया जाता है। इनके वीडियो और फोटोज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो ही जाते हैं। लॉकडाउन के बीच दोनों स्टार्स एक साथ टाइम स्पेंड कर रहे हैं। ऐसे में उनका एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है।
मुंबई. सलमान खान के साथ फिल्म सुल्तान में नजर आने वाले अमित साध 37 साल के हो गए हैं। अमित का जन्म 5 जून 1983 को दिल्ली में हुआ था। अपने 10 साल के फिल्मी करियर में उन्होंने 11 फिल्मों में काम किया। बात उनकी लाइफ की करें तो उन्होंने फिल्मों में काम पाने के लिए काफी मशक्कत की है। मात्र एक फिल्म पाने के लिए उन्होंने 7 साल तक मेहनत की थी। 2010 में उन्होंने फिल्म फूंक 2 से बॉलीवुड में कदम रखा था। बात आज की करें तो फिलहाल वे घर पर एन्जॉय कर रहे हैं।
लॉकडाउन के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस अदा शर्मा का अलग की अंदाज देखने को मिल रहा है। एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर मजेदार वीडियो बनाकर फैन्स को एंटरटेन कर रही हैं। अब एक्ट्रेस का लेटेस्ट वीडियो सामने आया है। वो घर की छत पर रस्सी के जरिए जिम्नास्टिक करती नजर आ रही हैं। वीडियो शेयर करते हुए अदा ने कैप्शन में लिखा, "आप अपने सभी दोस्तों को टैग कर सकते हैं अगर उन्हें रात में सोने में दिक्कत हो रही है तो. साथ ही यह वीडियो उन सबके लिए भी है जिन्हें दिन में नींद आती है हर रात ऐसे सोना शुरू कर दें और आपकी सारी जीवन की समस्याओं का समाधान हो जाएगा। अदा शर्मा ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। इससे उनकी जबरदस्त फिटनेस का अंदाजा लगाया जा सकता है। आपको बता दें कि अदा शर्मा ने साल 2008 में आई हॉरर फिल्म '1920' से बॉलीवुड में कदम रखा है।
मुंबई. महाराष्ट्र के कई हिस्सों में निसर्ग तूफान का कहर देखने के लिए मिला। इस तूफान ने मुंबई में भी कई जगहों पर भारी तबाही मचाई है। लोग बिजली पानी जैसी रोजमर्रा की सुविधाओं के लिए तरस गए हैं। वहीं, इस तूफान की वजह से सलमान खान के पनवेल स्थित फार्महाउस पर भी जबरदस्त तबाही देखने के लिए मिली है। इस तबाही की फोटो यूलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की है।
बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन एकता कपूर पिछले कुछ दिनों से अपनी वेब सीरीज 'xXx-2' की वजह से चर्चा में हैं। दरअसल, 'बिग बॉस 13' के कंटेस्टेंट रह चुके हिंदुस्तानी भाऊ ने एकता कपूर के खिलाफ यह कहते हुए केस दर्ज करवाया है कि एकता कपूर ने देश की सेवा में जी-जान से लगे सैनिकों के परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की है।
सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान के कुछ पुराने वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें सारा अली खान दिव्या भारती के गाने 'सात समुंदर पार' पर डांस करती नजर आ रही हैं। एक्टिंग, फिटनेस और डांसिंग सबमें पर्फेक्ट सारा बॉलीवुड में अपनी जगह बना चुकी हैं। ये जगह उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर बनाई है।
बोनी ने लिखा, "हमारा 14 दिनों का होम क्वारनटीन पीरियड भी खत्म हो चुका है और अब हम एक नई शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। " उन्होंने अपने ट्वीट में बीएमसी और मुंबई पुलिस को टैग किया है। उनके इस ट्वीट को खूब लाइक और शेयर किया जा रहा है। बता दें कि बोनी के लोखंडवाला स्थित ग्रीन एकर्स वाले घर पर हाउस हेल्प देने वाले चरण साहू में कोरोना के लक्षण नजर आने के बाद उन्हें टेस्ट के लिए भेजा गया था और आइसोलेशन में रखा गया। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद बोनी ने सोसायटी अथॉरिटीज को सूचित किया, जिन्होंने बीएमसी को इसकी जानकारी दी।
बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों में गिने जाने वाले अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह भी हैं। दोनों ही स्टार्स लंबे समय तक एक-दूसरे के दोस्त रहे हैं। उन्होंने साथ में कई फिल्मों में काम किया है। दोनों ही सेलेब्स नेशनल स्कूल और ड्रामा के स्टूडेंट रहे हैं और लंबे स्ट्रगल के बाद वो बॉलीवुड में अपनी जगह बना पाए हैं।
कोराना लॉकडाउन के बीच सोनू सूद गरीब मजदूरों के मसीहा बनकर उभरे हैं। सोनू अब तक करीब 25 हजार प्रवासी मजदूरों और दूसरे लोगों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचवा चुके हैं। कभी बसों से तो कभी ट्रेन से लोगों की निःस्वार्थ सेवा कर रहे सोनू सूद के नाम से अब लोग धोखाधड़ी कर पैसा लूट रहे हैं।
मुंबई। 23 साल पहले सलमान खान की फिल्म जुड़वा (1997) से बॉलीवुड में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस रंभा 44 साल की हो गई हैं। 5 जून, 1976 को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में जन्मी रंभा का असली नाम विजयलक्ष्मी है। उन्होंने 1992 में आई तेलुगु फिल्म 'आ ओकट्टी अडक्कु' से डेब्यू किया था। 17 बॉलीवुड और 100 से ज्यादा साउथ इंडियन फिल्मों में काम कर चुकीं रंभा फिलहाल ग्लैमर की दुनिया से दूर बच्चों की परवरिश में बिजी हैं।
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दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह हमेशा से ही चर्चा में बने रहते हैं। दोनों की जोड़ी बी-टाउन की पसंदीदा जोड़ियों में शुमार किया जाता है। इनके वीडियो और फोटोज भी सोशल मीडिया पर वायरल हो ही जाते हैं। लॉकडाउन के बीच दोनों स्टार्स एक साथ टाइम स्पेंड कर रहे हैं। ऐसे में उनका एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। मुंबई. सलमान खान के साथ फिल्म सुल्तान में नजर आने वाले अमित साध सैंतीस साल के हो गए हैं। अमित का जन्म पाँच जून एक हज़ार नौ सौ तिरासी को दिल्ली में हुआ था। अपने दस साल के फिल्मी करियर में उन्होंने ग्यारह फिल्मों में काम किया। बात उनकी लाइफ की करें तो उन्होंने फिल्मों में काम पाने के लिए काफी मशक्कत की है। मात्र एक फिल्म पाने के लिए उन्होंने सात साल तक मेहनत की थी। दो हज़ार दस में उन्होंने फिल्म फूंक दो से बॉलीवुड में कदम रखा था। बात आज की करें तो फिलहाल वे घर पर एन्जॉय कर रहे हैं। लॉकडाउन के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस अदा शर्मा का अलग की अंदाज देखने को मिल रहा है। एक्ट्रेस सोशल मीडिया पर मजेदार वीडियो बनाकर फैन्स को एंटरटेन कर रही हैं। अब एक्ट्रेस का लेटेस्ट वीडियो सामने आया है। वो घर की छत पर रस्सी के जरिए जिम्नास्टिक करती नजर आ रही हैं। वीडियो शेयर करते हुए अदा ने कैप्शन में लिखा, "आप अपने सभी दोस्तों को टैग कर सकते हैं अगर उन्हें रात में सोने में दिक्कत हो रही है तो. साथ ही यह वीडियो उन सबके लिए भी है जिन्हें दिन में नींद आती है हर रात ऐसे सोना शुरू कर दें और आपकी सारी जीवन की समस्याओं का समाधान हो जाएगा। अदा शर्मा ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। इससे उनकी जबरदस्त फिटनेस का अंदाजा लगाया जा सकता है। आपको बता दें कि अदा शर्मा ने साल दो हज़ार आठ में आई हॉरर फिल्म 'एक हज़ार नौ सौ बीस' से बॉलीवुड में कदम रखा है। मुंबई. महाराष्ट्र के कई हिस्सों में निसर्ग तूफान का कहर देखने के लिए मिला। इस तूफान ने मुंबई में भी कई जगहों पर भारी तबाही मचाई है। लोग बिजली पानी जैसी रोजमर्रा की सुविधाओं के लिए तरस गए हैं। वहीं, इस तूफान की वजह से सलमान खान के पनवेल स्थित फार्महाउस पर भी जबरदस्त तबाही देखने के लिए मिली है। इस तबाही की फोटो यूलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर की है। बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन एकता कपूर पिछले कुछ दिनों से अपनी वेब सीरीज 'xXx-दो' की वजह से चर्चा में हैं। दरअसल, 'बिग बॉस तेरह' के कंटेस्टेंट रह चुके हिंदुस्तानी भाऊ ने एकता कपूर के खिलाफ यह कहते हुए केस दर्ज करवाया है कि एकता कपूर ने देश की सेवा में जी-जान से लगे सैनिकों के परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की है। सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान के कुछ पुराने वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसमें सारा अली खान दिव्या भारती के गाने 'सात समुंदर पार' पर डांस करती नजर आ रही हैं। एक्टिंग, फिटनेस और डांसिंग सबमें पर्फेक्ट सारा बॉलीवुड में अपनी जगह बना चुकी हैं। ये जगह उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर बनाई है। बोनी ने लिखा, "हमारा चौदह दिनों का होम क्वारनटीन पीरियड भी खत्म हो चुका है और अब हम एक नई शुरुआत करने के लिए तैयार हैं। " उन्होंने अपने ट्वीट में बीएमसी और मुंबई पुलिस को टैग किया है। उनके इस ट्वीट को खूब लाइक और शेयर किया जा रहा है। बता दें कि बोनी के लोखंडवाला स्थित ग्रीन एकर्स वाले घर पर हाउस हेल्प देने वाले चरण साहू में कोरोना के लक्षण नजर आने के बाद उन्हें टेस्ट के लिए भेजा गया था और आइसोलेशन में रखा गया। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद बोनी ने सोसायटी अथॉरिटीज को सूचित किया, जिन्होंने बीएमसी को इसकी जानकारी दी। बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों में गिने जाने वाले अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह भी हैं। दोनों ही स्टार्स लंबे समय तक एक-दूसरे के दोस्त रहे हैं। उन्होंने साथ में कई फिल्मों में काम किया है। दोनों ही सेलेब्स नेशनल स्कूल और ड्रामा के स्टूडेंट रहे हैं और लंबे स्ट्रगल के बाद वो बॉलीवुड में अपनी जगह बना पाए हैं। कोराना लॉकडाउन के बीच सोनू सूद गरीब मजदूरों के मसीहा बनकर उभरे हैं। सोनू अब तक करीब पच्चीस हजार प्रवासी मजदूरों और दूसरे लोगों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचवा चुके हैं। कभी बसों से तो कभी ट्रेन से लोगों की निःस्वार्थ सेवा कर रहे सोनू सूद के नाम से अब लोग धोखाधड़ी कर पैसा लूट रहे हैं। मुंबई। तेईस साल पहले सलमान खान की फिल्म जुड़वा से बॉलीवुड में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस रंभा चौंतालीस साल की हो गई हैं। पाँच जून, एक हज़ार नौ सौ छिहत्तर को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में जन्मी रंभा का असली नाम विजयलक्ष्मी है। उन्होंने एक हज़ार नौ सौ बानवे में आई तेलुगु फिल्म 'आ ओकट्टी अडक्कु' से डेब्यू किया था। सत्रह बॉलीवुड और एक सौ से ज्यादा साउथ इंडियन फिल्मों में काम कर चुकीं रंभा फिलहाल ग्लैमर की दुनिया से दूर बच्चों की परवरिश में बिजी हैं।
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केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने गुरुवार (24 फरवरी 2022) की देर रात को बड़ी कार्रवाई करते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के पूर्व ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) आनंद सुब्रमण्यम उर्फ 'हिमालयन योगी' को गिरफ्तार कर लिया है। NSE में कुछ साल पहले हुए बड़े घोटाले मामले में सीबीआई ने ये पहली गिरफ्तारी की है। सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि सुब्रमण्यम ही 'हिमालयन योगी' है, जिसने NSE की पूर्व MD और CEO चित्रा रामकृष्ण को ईमेल के जरिए संपर्क किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, हिमालयन योगी बनने का ढोंग कर आनंद सुब्रमण्यम ही चित्रा रामकृष्ण द्वारा लिए जाने वाले फैसलों को कंट्रोल करता था। सुब्रमण्यम को चेन्नई स्थित उसके घर से जाँच एजेंसी ने गिरफ्तार किय़ा। जाँच एजेंसी ने दावा किया है कि उसके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि आनंद सुब्रमण्यम ने rigyajursama@outlook. com नाम की मेल आईडी बनाकर चित्रा से संपर्क किया था। चित्रा ने 2013 से 2016 के बीच अपनी मेल आईडी rchitra@icloud. com से rigyajursama@outlook. com पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को लेकर कई सारी गोपनीय और संवेदनशील जानकारियाँ साझा की थीं। गौरतलब है कि चित्रा रामकृष्ण इसी अवधि में NSE की MD एवं CEO थीं।
हिमालयन योगी को गिरफ्तार करने से पहले पिछले सप्ताह जाँच एजेंसी ने उससे करीब चार दिन तक पूछताछ की थी, लेकिन वह सवालों के गोल-मोल जवाब देता था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले चित्रा ने बताया था कि योगी एक सिद्ध संत हैं और वह हिमालय में कहीं रहते हैं। उनका कोई भौतिक शरीर नहीं है और वे कहीं भी आ-जा सकते हैं। इतना ही नहीं, ईमेल की जाँच में यह बात भी सामने आई कि यह हिमालयन योगी चित्रा के बालों की खूब तारीफ करता था और विदेश में जाकर समुद्र की सैर करता था।
साल 2013 में NSE ज्वॉइन करने से पहले सुब्रह्मण्यम Balmer and Lawrie कंपनी में मिडिल मैनेजमेंट के तौर पर काम करते थे। उनका सालाना वेतन 15 लाख रुपए से भी कम था। इसके साथ ही उन्हें शेयर मार्केट से संबंधित कोई अनुभव भी नहीं था। मार्च 2013 में उन्हें तत्कालीन MD चित्रा रामकृष्ण ने NSE में चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर के(CSO) तौर ज्वॉइनिंग दी। ज्वॉइनिंग के समय उन्हें 1. 68 करोड़ रुपए का सालाना पैकेज दिया गया। शुरू से ही उनका एक्सचेंज के हर काम में हस्तक्षेप होता था।
अप्रैल 2014 में उनका सालाना पैकेज बढ़ाकर 2. 01 करोड़ रुपए, फिर अप्रैल 2015 में यह बढ़ाकर 3. 33 करोड़ रुपए कर दिया गया। इसी साल उन्हें एक्सचेंज के MD और CEO का सलाहकार और ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर (GOO) भी नियुक्त कर दिया गया। फिर अप्रैल 2016 में उनका सालाना पैकेज बढ़ाकर 4. 21 करोड़ रुपए सालना कर दिया गया।
गौरतलब है कि शेयर बाजार (Stock Market) नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने शुक्रवार (11 फरवरी) को खुलासा किया था कि NSE की पूर्व MD और CEO चित्रा रामकृष्ण 'हिमालय में रहने वाले एक योगी' के कहने पर काम करती थीं। इस योगी के कहने पर उन्होंने एक व्यक्ति को अपना सलाहकार और ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर (GOO) भी नियुक्त किया और उसे मनमाने ढंग से वेतन वृद्धि दी।
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केंद्रीय जाँच एजेंसी ने गुरुवार की देर रात को बड़ी कार्रवाई करते हुए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व ऑपरेटिंग ऑफिसर आनंद सुब्रमण्यम उर्फ 'हिमालयन योगी' को गिरफ्तार कर लिया है। NSE में कुछ साल पहले हुए बड़े घोटाले मामले में सीबीआई ने ये पहली गिरफ्तारी की है। सीबीआई के सूत्रों का कहना है कि सुब्रमण्यम ही 'हिमालयन योगी' है, जिसने NSE की पूर्व MD और CEO चित्रा रामकृष्ण को ईमेल के जरिए संपर्क किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, हिमालयन योगी बनने का ढोंग कर आनंद सुब्रमण्यम ही चित्रा रामकृष्ण द्वारा लिए जाने वाले फैसलों को कंट्रोल करता था। सुब्रमण्यम को चेन्नई स्थित उसके घर से जाँच एजेंसी ने गिरफ्तार किय़ा। जाँच एजेंसी ने दावा किया है कि उसके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि आनंद सुब्रमण्यम ने rigyajursama@outlook. com नाम की मेल आईडी बनाकर चित्रा से संपर्क किया था। चित्रा ने दो हज़ार तेरह से दो हज़ार सोलह के बीच अपनी मेल आईडी rchitra@icloud. com से rigyajursama@outlook. com पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को लेकर कई सारी गोपनीय और संवेदनशील जानकारियाँ साझा की थीं। गौरतलब है कि चित्रा रामकृष्ण इसी अवधि में NSE की MD एवं CEO थीं। हिमालयन योगी को गिरफ्तार करने से पहले पिछले सप्ताह जाँच एजेंसी ने उससे करीब चार दिन तक पूछताछ की थी, लेकिन वह सवालों के गोल-मोल जवाब देता था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले चित्रा ने बताया था कि योगी एक सिद्ध संत हैं और वह हिमालय में कहीं रहते हैं। उनका कोई भौतिक शरीर नहीं है और वे कहीं भी आ-जा सकते हैं। इतना ही नहीं, ईमेल की जाँच में यह बात भी सामने आई कि यह हिमालयन योगी चित्रा के बालों की खूब तारीफ करता था और विदेश में जाकर समुद्र की सैर करता था। साल दो हज़ार तेरह में NSE ज्वॉइन करने से पहले सुब्रह्मण्यम Balmer and Lawrie कंपनी में मिडिल मैनेजमेंट के तौर पर काम करते थे। उनका सालाना वेतन पंद्रह लाख रुपए से भी कम था। इसके साथ ही उन्हें शेयर मार्केट से संबंधित कोई अनुभव भी नहीं था। मार्च दो हज़ार तेरह में उन्हें तत्कालीन MD चित्रा रामकृष्ण ने NSE में चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर के तौर ज्वॉइनिंग दी। ज्वॉइनिंग के समय उन्हें एक. अड़सठ करोड़ रुपए का सालाना पैकेज दिया गया। शुरू से ही उनका एक्सचेंज के हर काम में हस्तक्षेप होता था। अप्रैल दो हज़ार चौदह में उनका सालाना पैकेज बढ़ाकर दो. एक करोड़ रुपए, फिर अप्रैल दो हज़ार पंद्रह में यह बढ़ाकर तीन. तैंतीस करोड़ रुपए कर दिया गया। इसी साल उन्हें एक्सचेंज के MD और CEO का सलाहकार और ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर भी नियुक्त कर दिया गया। फिर अप्रैल दो हज़ार सोलह में उनका सालाना पैकेज बढ़ाकर चार. इक्कीस करोड़ रुपए सालना कर दिया गया। गौरतलब है कि शेयर बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड ने शुक्रवार को खुलासा किया था कि NSE की पूर्व MD और CEO चित्रा रामकृष्ण 'हिमालय में रहने वाले एक योगी' के कहने पर काम करती थीं। इस योगी के कहने पर उन्होंने एक व्यक्ति को अपना सलाहकार और ग्रुप ऑपरेटिंग ऑफिसर भी नियुक्त किया और उसे मनमाने ढंग से वेतन वृद्धि दी।
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जम्बूद्वीप के पूर्व महाविदेह क्षेत्र में, वत्स नाम की विजय हैं, जिसमें सुसीमा नाम की एक रमणीय नगरी थी । वहां, धनपति नाम का एक पराक्रमी राजा राज्य करता था, जो धर्म-अर्थ काम और मोक्ष की आराधना करता हुआ प्रजा का पालन करता था । धनपति को संसार से विरक्ति हो गई, इसलिए उसने श्री संवर मुनि के पास दीक्षा धारण कर ली । अनेक प्रकार से ब्राह्माभ्यन्तर तप एवं बीस स्थानकों में से कितने ही स्थानक की आराधना करके धनपति मुनि ने, तीर्थंकर नाम कर्म का उपार्जन किया । अन्त समय में, अनशन करके समाधि सहित शरीर त्याग सर्वार्थ सिद्ध महाविमान में, तैंतीस सागर की आयु वालों महर्द्धिक देव हुआ ।
एक लक्ष योजन के विस्तार वाले इस जम्बूद्वीप के भरतार्द्ध में परम समृद्धिशाली हस्तिनापुर नाम का एक नगर था । वहां ईक्ष्वाकु वंशोत्पन्न महा तेजस्वी महाराजा सुदर्शन राज्य करता था। महाराजा सुदर्शन की रानी का नाम श्रीदेवी था, जो रूप एवं स्त्रियोचित गुणों से परिपूर्ण थीं ।
सर्वार्थसिद्ध विमान का आयुष्य भोग कर, धनपति राजा का जीव फाल्गुन शुक्ला २ की रात में - जय चन्द्र का रेवती नक्षत्र के साथ योग था - महारानी श्रीदेवी के उदर में आया । सुखशैय्या पर शयन किये हुई महारानी श्रीदेवी ने, तीर्थंकर के गर्भसूचक चौदह महास्वप्न देखे । महारानी श्रीदेवी नींद से जाग उठीं। उन्होंने महाराजा सुदर्शन को स्वप्न सुनाये, जिन्हें सुनकर उन्होंने महारानी से यह कहा कि तुम्हारी त्रिलोकपूज्य उत्कृष्ट पुत्र होगा। महारानी श्रीदेवी ने पति के वचन पर विश्वास करके तथास्तु कहा और गर्भ का पालन करने लगीं ।
गर्भ काल समाप्त होने पर, महारानी श्रीदेवी ने, सर्व लक्षण व्यञ्जन युक्त स्वस्तिका के चिन्ह वाले स्वर्णवर्णी पुत्र को जन्म दिया । भगवान का जन्म होते ही क्षण भर के लिए तीनों लोक में प्रकाश हो गया और नैरियकों को भी शान्ति मिली ।
छप्पन दिक्कुमारियों ने, आसनकम्प से भगवान का जन्म हुआ जाना। ये छप्पन दिककुमारियां, आठ-आठ, चारों दिशा में, घार-चार, चारों विदिशा में; चार उर्ध्वलोक में और अधःलोक में वसती हैं । भगवान जन्मे हैं, यह जानकर छप्पन ढिकुकुमारियां, अपने चार हजार सामानिक देव, सोलह हजार आत्मरक्षक देव, बीस हजार तीनों परिषद् के देव, और सात अणिका; भार महत्तरिका आदि परिवार सहित, विमान में बैठ कर, भग★
घान के जन्म गृह में उपस्थित हुई । महारानी श्रीदेवी को नमस्कार करके छप्पन दिक्कुमारियों ने अपना परिचय दिया और माता से प्रार्थना की, कि हम अपने जीताचार के अनुसार भगवान का जन्मकल्याण मनाने के लिए आई हैं, अतः आप किसी प्रकार का भय न करें। इस प्रकार प्रार्थना करके दिककुमारियां अपना-अपना काम करने लगीं ।
दिकूकुमारियों की तरह इन्द्रों ने भी भगवान का जन्म हुआ जाना। तब भुवनपति के बीस, व्यन्तरों के बत्तीस, ज्योतिषियों के दो और वैमानिकों के दस, इन चौंसठ इन्द्र में से त्रैसठ इन्द्र तो के अपने-अपने परिवार सहित सुमेरु गिरि पर पधारे और सौधर्मपति शकेन्द्र महाराज, अपने परिवार सहित माता श्रीदेवी की सेवा में उपस्थित हुए । माता को नमन करके अपना परिचय देकर शकेन्द्र महाराज ने माता को अवश्यव्यापिनी निद्रा दी और भगवान को लेकर, सुमेरुगिरि की ओर प्रस्थान किया । सुमेरु गिरि पर, शकेन्द्र महाराज, भगवान को अपनी गोद में लेकर बैठे, तब शेष नैसठ इन्द्रों ने भगवान को स्नान करा, वस्त्राभूषण पहनाये और भगवान कीपूजा करके आरती उतारी । फिर भगवान को, इशानेन्द्र की गोद में देकर शकेन्द्र महाराज ने, चार - वृषभ वैक्रिय करके उनके अंगो में से जल की धारा, भगवान के ऊपर पहुँचाई और सब ने मिलकर भगवान को
स्नान कराया । फिर भगवान को दिव्य वस्त्रालंकार पहना, भगवान की पूजा की और आरती उतारी । यह हो जाने पर,
गीत नृत्य करके शकेन्द्र महाराज, भगवान को माता के पास
लाये । भगवान की सेवा के लिये, अनेक देव देवियों को नियत करके इन्द्रादि देव अपने-अपने स्थान को गये ।
प्रातःकाल महाराजा सुदर्शन ने
पुत्रजन्मोत्सव मनाकर,
भगवान का अरहनाथ नाम रखा । लालन-पालन के मध्य भगवान, वृद्धि पाने लगे । वाल अवस्था त्याग कर भगवान ने, युवावस्था में प्रवेश किया । उस समय भगवान का तीस धनुष ऊँचा शरीर बहुत सुन्दर मालम होता था । माता-पिता ने अति आग्रह- पूर्वक भगवान का अनेक राजकन्याओं के साथ विवाह कर दिया ।
दामपत्य सुख भोगते हुए अब भगवान की आयु इक्कीस सहस्र वर्ष की हुई, तब पिता के आग्रह से भगवान ने, राजभार प्रहण किया । भगवान को राज्य करते हुए इक्कीस सहस्र वर्ष व्यतीत हो चुके, उस समय भगवान के आयुधागार में, दिव्य चक्ररत्न प्रकट हुआ । आयुधागार - रक्षक ने, भगवान को, चक्ररत्न प्रकट होने की बधाई दी। भगवान ने, सपरिवार पधार कर, चक्ररत्न की विधिपूर्वक पूजा की । पूजा होते ही चक्ररत्न, आयुधशाला से बाहर निकला और पूर्वाभिमुख आकांश में
स्थित हुआ । भगवान अरहनाथ ने, तत्क्षण सेना सजा कर विजय के लिए प्रधान किया ।
सेना सहित भगवान, नित्य एक योजन चल कर पड़ाव डला देते थे और मार्ग में जितने भी देश नगर आते थे, उनके अधि पति (राजा) से अपनी अधीनता स्वीकार कराते जाते थे । इस प्रकार भगवान, ससैन्य समुद्र तक पहुंच गये और वहां के रक्षक भागधदेव को साधकर, वहां के निरीक्षण का भार उसे सौंप भगवान, दक्षिण दिशा की ओर बढ़े। दक्षिण में वरदाम देव को और पश्चिम में प्रभासदव को साध, भगवान, सैन्य सहित सिन्धुदेवी की ओर बढ़े । सिन्धुदेवी, तथा सिन्ध के पश्चिम भाग को साध भगवान, वैतादयगिरि के निकट पहुंचे। वहां वैताढ्यगिरि देव को साध और गुफाओं के द्वार खोल, भगवान ने उत्तर के तीनों ख़ण्ड साधे । फिर, गंगादेवी और गंगा के पूर्वीय भागों को साधे । इस प्रकार सारे भरतक्षेत्र में अपनी आण प्रवर्तकर चारसौ वर्ष पश्चात भगवान अरहनाथ, चक्रवर्ती की सम्पूर्ण सम्पदा सहित हस्तिनापुर पधारे। हस्तिनापुर में, पच्चीस हजार देवता, बत्तीस हजार मुकुदधारी राजा, और प्रधान सामन्त आदि ने मिलकर भगवान अरहनाथ को चक्रवर्ती पद का अभिषेक किया, जिसका महोत्सव बारह वर्ष तक होता रहा ।
भगवान अरहनाथ ने इक्कोस सहस्र वर्ष तक सम्पूर्ण भरत↑
क्षेत्र पर आधिपत्य किया। एक दिन भगवान आत्मचिन्तवन कर रहे थे, इतने ही में लोकान्तिक देवों ने आकर भगवान से प्रार्थना की, कि प्रभो, तीर्थ प्रवतीइये । भगवान ने तत्क्षण राज१
पाट अपने पुत्र अरविन्द को सौंप दिया और आप वार्षिकदान देने को । वार्षिक दान समाप्त होने पर, दीक्षाभिषेक के पश्चात वस्त्रालंकार धारणकर भगवान, वैजन्ति शिविका में विराजे और देव तथा मनुष्यों द्वारा होने वाले जयजयकार के मध्य, सहस्राम्र बाग में पधारे। वहां, शिविका एवं वस्त्रालंकार त्याग भगवान ने राजपरिवार के एक सहस्र पुरुषों सहित मार्गशीर्ष शुक्ला ११ को दिन के पिछले पहर में, बंड के तप में संयम स्वीकार किया। उसी समय भगवान को मनःपर्यय ज्ञान हुआ ।
दूसरे दिन, राजपुर के अपराजित राजा के यहां भगवान का परमान्न से पारणा हुआ । देवताओं ने, दान की महिमा करने के लिए पांच दिव्य प्रकट किये ।
अप्रतिबंध विहार करते हुए भगवान, तीन वर्ष पश्चात पुनः हस्तिनापुर के सहस्राम्र बाग में पधारें । वहां भगवान, आम्र वृक्ष के नीचे प्रतिमा धारण करके खड़े रहे। ध्यान का तीव्र वेग बढ़ने से, क्षपक श्रेणी पर आरूढ़ हो, भगवान ने चार घन घातिक कर्म क्षय किये और भगवान को अनन्त केवलज्ञान प्राप्त हुआ । भगवान को केवलज्ञान होते ही, त्रिलोक में प्रकाश हुआ ।
आसनकम्प द्वारा प्रभु को केवलज्ञान हुआ जानकर, असंख्य देवों सहित अच्युतांदि इन्द्र, केवलज्ञान की महिमा करने के लिए उपस्थित हुए। वहीं, समवशरण की रचना हुई, जिसमें बारह प्रकार की परिषद्, भगवान की वाणी श्रवण करने के लिये एकत्रित हुई । भगवान ने, कर्ण - मधुर वाणी का प्रकाश किया, जिसे सुनकर अनेक भव्य जीव प्रतिवोध पाये ।
भगवान अरहनाथ के, कुम्भ आदि तैंतीस गणधर थे। पचास हजार मुनि थे, साठ हजार साध्वी थी । एकलाख चौरासी हजार श्रावक थे और तीन लाख बहत्तर हजार श्राविका थी ।
भगवान अरहनाथ, तीन वर्ष कम इक्कीस हजार वर्ष तक केवली पर्याय में विचरते रहे और अनेक भव्यजीवों का कल्याण करते रहे । अपना निर्वाण काल समीप जान, भगवान अरहनाथ एक हजार मुनियों सहित सम्मेत शिखर पर पधार गये । वहां भगवान ने अनशन कर लिया, जो एक मास तक चलता रहा । अन्त में मार्गशीर्ष शुक्ला १० के दिन - जब चंद्र रेवंती नक्षत्र में आया- अयोगी अवस्था को प्राप्त हो भगवान ने, चार अघातिक कर्म क्षय कर दिये और सिद्ध पद प्राप्त किया ।
भगवान अरहनाथ, इक्कीस हजार वर्ष कुमार पद पर रहे । इक्कीस हजार वर्ष माण्डलिक राजा रहे । इक्कीस हजार वर्ष चक्रवर्ती पद पर रहें । तीन वर्ष स्थ अवस्था में रहे और शेष
केवली पर्याय में व्यतीत की । इस प्रकार भगवान अरहनाथ चौरासी हजार वर्ष की आयु भोग कर, भगवान कुन्थुनाथ के निर्वाण को एक क्रोड़ वर्ष कम पाव पल्योमप व्यतीत होने पर निर्वाण पधोर ।
प्रश्न --
१ - भगवान अरहनाथ, पूर्व भव में कौन थे, कहां रहते थे और क्या करके तीर्थंकर गोत्र बांधा था ?
- भगवान अरहनाथ, किस नगर में किस कुल में, और किस तिथि को जन्मे थे तथा इनके माता-पिता का नाम क्याथा ? ३ - भगवान अरहनाथ, माता के गर्भ में, कहां से और कितना आयुष्य भोग कर पधारे थे ?
४ - चौंसठ इन्द्र के भेद बताओ ? -
५ - - भगवान अरहनाथ का शरीर कितना ऊँचा था और इनके शरीर पर कौनसा चिन्ह था ?
६ -- भगवान अरहनाथ से पहले कोई और तीर्थकर ऐसे हुए थे या नहीं, जो चक्रवर्ती रहे हों ? यदि थे, तो कौन ? ७ - चक्रवर्ती किसे कहते हैं ?
८ -- भगवान अरहनाथ को छःखण्ड साधने में कितना समय लगा था और कौन से छःखण्ड सावे थे ?
९ - - भगवान अरहनाथ को केवल ज्ञान किस तिथि को हुआ था और किस तिथि को भगवान का निर्वाण हुआ ? १० -- भगवान ने आयु का उपभोग किस कार्य में कितने कितने वर्ष तक किया ? संख्या सहित बताओ ?
भगवान श्री मल्लिनाथ प्रार्थना
श्लोकःश्री मल्लिनाथ शमथ द्रुम सेकपाथः कान्त प्रियंगु रूचिरोचित काय तेजः । पादाब्ज मस्तु मदनार्ति मधौ विमुक्ता, कान्त ! प्रियंगुरुचिरोचितकाय तेजः ।। भावार्थ- जिनके चरण कमल शान्ति रूपी वृक्ष को सींचन में अमृत समान हैं, जिनका शरीर प्रियंगुलता के समान सुन्दर है और जो कामदेव रूपी मधु देत्य के लिये कृष्ण के समान वीर हैं, ऐसे हे मल्लिनाथ प्रभु ! आपके चरण कमल की सेवा मुझे प्राचीन और उचित सुख के लिए हो ।
जम्बू द्वीप के पश्चिम महाविदेह में, लीलावती विजय के अन्तर्गत वीतशोका नाम की एक रमणीय नगरी थी । वहां, बलि नाम का राजा राज्य करता था, जिसके धारिणीदेवी नाम की रानी थी । धारिणीदेवी ने, स्वप्न में केसरी सिंह देखा । परिणामतः महारानी धारिणीदेवी ने एक तेजस्वी पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम महावल रखा गया । महाबल के अचल, धरण, पूरण, बसु, वैश्रवण और अभिचन्द्र नाम के छः वालमित्र थे । बाल मित्रों के साथ विनोद करता हुआ, कुमार महाबल, युवक हुवा । महाबल का कमलश्री आदि पांच सौ राज-कन्यायों के साथ विवाह हुआ कुछ समय पञ्चात, महाराजा, बलि, महाबल को राज्य सौंप कर आत्मकल्याण में लग गये ।
महाराजा महाबल, राजकार्य करने लगे। महाबल की कमलश्री रानी से बलभद्र नाम का पुत्र हुआ । जब बलभद्र युवक हुआ तब महाबल ने उसे युवराज पद पर अभिषिक्त किया और स्वयं अपने मित्रों सहित अर्हत-भाषित धर्म की सेवा करने लगे ।
एक समय महाराज महाबल ने अपने मित्रों से कहा, कि मै सांसारिक कष्टों से बहुत भयभीत हुआ हूँ, अतः मेरी इच्छा संयम लेने की है । आप लोगों की इच्छा क्या है ? यह प्रश्न.
( भगवान श्री मल्लिनाथ'
करने पर, छर्हो मित्र वोले, कि आज तक हम आपके साथ रह कर ही सांसारिक सुख भोगते रहे हैं, अतः कल्याण-मार्ग में भी आपही के साथ रहेगे । महाराजा महावल ने, राजपाट युवराज बलभद्र को सौंप दिया । इनके छहों मित्र भी, सांसारिक बोझ से निवृत्त हो गये और सातों मित्रों ने महात्मा वरधर्म मुनि के पास दीक्षा लेली ।
दीक्षा लेकर सातों मित्रों ने आपस में यह प्रतिज्ञा की, कि अपन सत्र समान रूप से तप करेंगे । यह प्रतिज्ञा करके सातों मुनि, चतुर्थादि अनेक प्रकार के तप करने लगे, किन्तु पीछे से महावल मुनि ने विचार किया, कि मैं इन छः से बड़ा हूं, अतः मुझे विशेष तप करना चाहिये; अन्यथा भविष्य में सातों समान हो जायेंगे, मेरा वड़प्पन न रहेगा। इस प्रकार विचार कर महाबल मुनि पारणे के दिन, बहाना बनाकर पारणा न करते और तपस्या बढ़ा देते । इस प्रकार मायामिश्रित तप करने से, महाबल मुनि ने स्त्री वेद प्रकर्ति का निकाचित बन्ध कर लिया, लेकिन अर्हद्भक्ति आदि बोलों का उत्कृष्ट भावेण सेवन करने से प्रथम तीर्थङ्कर नाम कर्मः उपार्जन कर लिया था। सातों मुनियों ने, चौरासी हजार वर्ष तक संयम का पालन किया। अन्त में, अनशन द्वारा समाधिपूर्वक शरीर त्याग, जयन्त नाम के अनुत्तर विमान में बत्तीस सागर की आयु बाले अहिमिन्द्र देव हुए।
तीर्थकर परित्र )
महाबल मुनि ने, माया सहित किये हुए तप की आलोचना नहीं की, इससे स्त्री-चेद कर्म अविच्छिन्न रहा। इस घटना से यह शिक्षा मिलती है कि, धर्म-करणी चाहे कम करे या ज्यादा, परन्तु हो कपट-रहित शुद्ध हृदय से । कपट सहित अधिक की गई धर्मकरणी भी, दुःखदायिनी हो जाती है। शास्त्रकार कहते हैं, कि 'माई मिच्छादिट्टी अमाई समदिट्टी ।' अर्थात कपटी ही मिथ्यादृष्टि है और निष्कपटी ही समदृष्टि है । कपटी का जप-तप नियम प्रत्याख्यान श्रावकपना और साधुपना भी, अंक रहित बिन्दियों के समान हो जाता है। आज कल जितना लक्ष्य हिंसा अहिंसा और आरम्भ समारम्भ के कार्यों प्रति दिया जाता है, सत्य और सरलता के प्रति नहीं दिया जाता बात-बात में असत्याचरण किया जाता है और उसे सत्य सिद्ध करने के लिए माया का आश्रय लिया जाता है जैसे माया का कोई पाप ही न हो। ऊपर यह मानते हैं कि हम बड़े चतुर हैं जो काम भी बनाते हैं और प्रतिष्ठा भी बनायी रखते हैं परन्तु यह चरित्र सिद्ध करता है कि माया (कपट) ही भयंकर पाप है अतः बुद्धिमानों को कपटभाव त्याग, सरल व शुद्ध हृदय से ही धर्म करना उचित है ।
चरित्र से ज्ञात होता है, कि महाबल मुनि का भावी आयुष्य कपट सहित तप करने से पूर्व ही बन्ध चुका था, अन्यथा कपटी का शुभ आयुष्य नहीं बन्धता । थोड़े से दोष की भी आलोचना
( भगवान श्री महिनाभ
न करने से कैसा दुष्परिणाम भोगना होता है, यह इस चरित्र से स्पष्ट है ।
इसी जम्बूद्वीप के भरतार्द्ध में विदेह देशान्तर्गत मिथिलापुरी नाम की एक नगरी थी । वहां कुम्भ नाम के प्रतापी राजा राज्य करते थे । इनकी रानी का नाम प्रभावती था जो शील सौन्दर्यादि गुणों में अप्रतिम थी ।
जयन्त विमान का आयुष्य पूर्ण करके महाबल राजा का जीव, फाल्गुन शुक्ला ४ को - जब चन्द्र अश्विनी नक्षत्र में आया था - महारानी प्रभावती के गर्भ में आया । सुखरैया पर शयन किये हुई महारानी प्रभावती, तीर्थकर के गर्भ सूचक चौदह महास्वप्नं देखकर जाग उठीं । तत्काल महारानी प्रभावती ने, पति को स्वप्नं सुनाये जिन्हें सुन कर कुम्भराजा ने कहा कि तुम्हारे गर्भ से तीर्थङ्कर का जन्म होगा। महारानी प्रभावती, गर्भ का पालन-पोषण करने लगीं।
गर्भवती महारानी को, मालती पुष्प की शैया पर शयनं करने की इच्छा हुई। देवों न, महारानी - प्रभावती की इस
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जम्बूद्वीप के पूर्व महाविदेह क्षेत्र में, वत्स नाम की विजय हैं, जिसमें सुसीमा नाम की एक रमणीय नगरी थी । वहां, धनपति नाम का एक पराक्रमी राजा राज्य करता था, जो धर्म-अर्थ काम और मोक्ष की आराधना करता हुआ प्रजा का पालन करता था । धनपति को संसार से विरक्ति हो गई, इसलिए उसने श्री संवर मुनि के पास दीक्षा धारण कर ली । अनेक प्रकार से ब्राह्माभ्यन्तर तप एवं बीस स्थानकों में से कितने ही स्थानक की आराधना करके धनपति मुनि ने, तीर्थंकर नाम कर्म का उपार्जन किया । अन्त समय में, अनशन करके समाधि सहित शरीर त्याग सर्वार्थ सिद्ध महाविमान में, तैंतीस सागर की आयु वालों महर्द्धिक देव हुआ । एक लक्ष योजन के विस्तार वाले इस जम्बूद्वीप के भरतार्द्ध में परम समृद्धिशाली हस्तिनापुर नाम का एक नगर था । वहां ईक्ष्वाकु वंशोत्पन्न महा तेजस्वी महाराजा सुदर्शन राज्य करता था। महाराजा सुदर्शन की रानी का नाम श्रीदेवी था, जो रूप एवं स्त्रियोचित गुणों से परिपूर्ण थीं । सर्वार्थसिद्ध विमान का आयुष्य भोग कर, धनपति राजा का जीव फाल्गुन शुक्ला दो की रात में - जय चन्द्र का रेवती नक्षत्र के साथ योग था - महारानी श्रीदेवी के उदर में आया । सुखशैय्या पर शयन किये हुई महारानी श्रीदेवी ने, तीर्थंकर के गर्भसूचक चौदह महास्वप्न देखे । महारानी श्रीदेवी नींद से जाग उठीं। उन्होंने महाराजा सुदर्शन को स्वप्न सुनाये, जिन्हें सुनकर उन्होंने महारानी से यह कहा कि तुम्हारी त्रिलोकपूज्य उत्कृष्ट पुत्र होगा। महारानी श्रीदेवी ने पति के वचन पर विश्वास करके तथास्तु कहा और गर्भ का पालन करने लगीं । गर्भ काल समाप्त होने पर, महारानी श्रीदेवी ने, सर्व लक्षण व्यञ्जन युक्त स्वस्तिका के चिन्ह वाले स्वर्णवर्णी पुत्र को जन्म दिया । भगवान का जन्म होते ही क्षण भर के लिए तीनों लोक में प्रकाश हो गया और नैरियकों को भी शान्ति मिली । छप्पन दिक्कुमारियों ने, आसनकम्प से भगवान का जन्म हुआ जाना। ये छप्पन दिककुमारियां, आठ-आठ, चारों दिशा में, घार-चार, चारों विदिशा में; चार उर्ध्वलोक में और अधःलोक में वसती हैं । भगवान जन्मे हैं, यह जानकर छप्पन ढिकुकुमारियां, अपने चार हजार सामानिक देव, सोलह हजार आत्मरक्षक देव, बीस हजार तीनों परिषद् के देव, और सात अणिका; भार महत्तरिका आदि परिवार सहित, विमान में बैठ कर, भग★ घान के जन्म गृह में उपस्थित हुई । महारानी श्रीदेवी को नमस्कार करके छप्पन दिक्कुमारियों ने अपना परिचय दिया और माता से प्रार्थना की, कि हम अपने जीताचार के अनुसार भगवान का जन्मकल्याण मनाने के लिए आई हैं, अतः आप किसी प्रकार का भय न करें। इस प्रकार प्रार्थना करके दिककुमारियां अपना-अपना काम करने लगीं । दिकूकुमारियों की तरह इन्द्रों ने भी भगवान का जन्म हुआ जाना। तब भुवनपति के बीस, व्यन्तरों के बत्तीस, ज्योतिषियों के दो और वैमानिकों के दस, इन चौंसठ इन्द्र में से त्रैसठ इन्द्र तो के अपने-अपने परिवार सहित सुमेरु गिरि पर पधारे और सौधर्मपति शकेन्द्र महाराज, अपने परिवार सहित माता श्रीदेवी की सेवा में उपस्थित हुए । माता को नमन करके अपना परिचय देकर शकेन्द्र महाराज ने माता को अवश्यव्यापिनी निद्रा दी और भगवान को लेकर, सुमेरुगिरि की ओर प्रस्थान किया । सुमेरु गिरि पर, शकेन्द्र महाराज, भगवान को अपनी गोद में लेकर बैठे, तब शेष नैसठ इन्द्रों ने भगवान को स्नान करा, वस्त्राभूषण पहनाये और भगवान कीपूजा करके आरती उतारी । फिर भगवान को, इशानेन्द्र की गोद में देकर शकेन्द्र महाराज ने, चार - वृषभ वैक्रिय करके उनके अंगो में से जल की धारा, भगवान के ऊपर पहुँचाई और सब ने मिलकर भगवान को स्नान कराया । फिर भगवान को दिव्य वस्त्रालंकार पहना, भगवान की पूजा की और आरती उतारी । यह हो जाने पर, गीत नृत्य करके शकेन्द्र महाराज, भगवान को माता के पास लाये । भगवान की सेवा के लिये, अनेक देव देवियों को नियत करके इन्द्रादि देव अपने-अपने स्थान को गये । प्रातःकाल महाराजा सुदर्शन ने पुत्रजन्मोत्सव मनाकर, भगवान का अरहनाथ नाम रखा । लालन-पालन के मध्य भगवान, वृद्धि पाने लगे । वाल अवस्था त्याग कर भगवान ने, युवावस्था में प्रवेश किया । उस समय भगवान का तीस धनुष ऊँचा शरीर बहुत सुन्दर मालम होता था । माता-पिता ने अति आग्रह- पूर्वक भगवान का अनेक राजकन्याओं के साथ विवाह कर दिया । दामपत्य सुख भोगते हुए अब भगवान की आयु इक्कीस सहस्र वर्ष की हुई, तब पिता के आग्रह से भगवान ने, राजभार प्रहण किया । भगवान को राज्य करते हुए इक्कीस सहस्र वर्ष व्यतीत हो चुके, उस समय भगवान के आयुधागार में, दिव्य चक्ररत्न प्रकट हुआ । आयुधागार - रक्षक ने, भगवान को, चक्ररत्न प्रकट होने की बधाई दी। भगवान ने, सपरिवार पधार कर, चक्ररत्न की विधिपूर्वक पूजा की । पूजा होते ही चक्ररत्न, आयुधशाला से बाहर निकला और पूर्वाभिमुख आकांश में स्थित हुआ । भगवान अरहनाथ ने, तत्क्षण सेना सजा कर विजय के लिए प्रधान किया । सेना सहित भगवान, नित्य एक योजन चल कर पड़ाव डला देते थे और मार्ग में जितने भी देश नगर आते थे, उनके अधि पति से अपनी अधीनता स्वीकार कराते जाते थे । इस प्रकार भगवान, ससैन्य समुद्र तक पहुंच गये और वहां के रक्षक भागधदेव को साधकर, वहां के निरीक्षण का भार उसे सौंप भगवान, दक्षिण दिशा की ओर बढ़े। दक्षिण में वरदाम देव को और पश्चिम में प्रभासदव को साध, भगवान, सैन्य सहित सिन्धुदेवी की ओर बढ़े । सिन्धुदेवी, तथा सिन्ध के पश्चिम भाग को साध भगवान, वैतादयगिरि के निकट पहुंचे। वहां वैताढ्यगिरि देव को साध और गुफाओं के द्वार खोल, भगवान ने उत्तर के तीनों ख़ण्ड साधे । फिर, गंगादेवी और गंगा के पूर्वीय भागों को साधे । इस प्रकार सारे भरतक्षेत्र में अपनी आण प्रवर्तकर चारसौ वर्ष पश्चात भगवान अरहनाथ, चक्रवर्ती की सम्पूर्ण सम्पदा सहित हस्तिनापुर पधारे। हस्तिनापुर में, पच्चीस हजार देवता, बत्तीस हजार मुकुदधारी राजा, और प्रधान सामन्त आदि ने मिलकर भगवान अरहनाथ को चक्रवर्ती पद का अभिषेक किया, जिसका महोत्सव बारह वर्ष तक होता रहा । भगवान अरहनाथ ने इक्कोस सहस्र वर्ष तक सम्पूर्ण भरत↑ क्षेत्र पर आधिपत्य किया। एक दिन भगवान आत्मचिन्तवन कर रहे थे, इतने ही में लोकान्तिक देवों ने आकर भगवान से प्रार्थना की, कि प्रभो, तीर्थ प्रवतीइये । भगवान ने तत्क्षण राजएक पाट अपने पुत्र अरविन्द को सौंप दिया और आप वार्षिकदान देने को । वार्षिक दान समाप्त होने पर, दीक्षाभिषेक के पश्चात वस्त्रालंकार धारणकर भगवान, वैजन्ति शिविका में विराजे और देव तथा मनुष्यों द्वारा होने वाले जयजयकार के मध्य, सहस्राम्र बाग में पधारे। वहां, शिविका एवं वस्त्रालंकार त्याग भगवान ने राजपरिवार के एक सहस्र पुरुषों सहित मार्गशीर्ष शुक्ला ग्यारह को दिन के पिछले पहर में, बंड के तप में संयम स्वीकार किया। उसी समय भगवान को मनःपर्यय ज्ञान हुआ । दूसरे दिन, राजपुर के अपराजित राजा के यहां भगवान का परमान्न से पारणा हुआ । देवताओं ने, दान की महिमा करने के लिए पांच दिव्य प्रकट किये । अप्रतिबंध विहार करते हुए भगवान, तीन वर्ष पश्चात पुनः हस्तिनापुर के सहस्राम्र बाग में पधारें । वहां भगवान, आम्र वृक्ष के नीचे प्रतिमा धारण करके खड़े रहे। ध्यान का तीव्र वेग बढ़ने से, क्षपक श्रेणी पर आरूढ़ हो, भगवान ने चार घन घातिक कर्म क्षय किये और भगवान को अनन्त केवलज्ञान प्राप्त हुआ । भगवान को केवलज्ञान होते ही, त्रिलोक में प्रकाश हुआ । आसनकम्प द्वारा प्रभु को केवलज्ञान हुआ जानकर, असंख्य देवों सहित अच्युतांदि इन्द्र, केवलज्ञान की महिमा करने के लिए उपस्थित हुए। वहीं, समवशरण की रचना हुई, जिसमें बारह प्रकार की परिषद्, भगवान की वाणी श्रवण करने के लिये एकत्रित हुई । भगवान ने, कर्ण - मधुर वाणी का प्रकाश किया, जिसे सुनकर अनेक भव्य जीव प्रतिवोध पाये । भगवान अरहनाथ के, कुम्भ आदि तैंतीस गणधर थे। पचास हजार मुनि थे, साठ हजार साध्वी थी । एकलाख चौरासी हजार श्रावक थे और तीन लाख बहत्तर हजार श्राविका थी । भगवान अरहनाथ, तीन वर्ष कम इक्कीस हजार वर्ष तक केवली पर्याय में विचरते रहे और अनेक भव्यजीवों का कल्याण करते रहे । अपना निर्वाण काल समीप जान, भगवान अरहनाथ एक हजार मुनियों सहित सम्मेत शिखर पर पधार गये । वहां भगवान ने अनशन कर लिया, जो एक मास तक चलता रहा । अन्त में मार्गशीर्ष शुक्ला दस के दिन - जब चंद्र रेवंती नक्षत्र में आया- अयोगी अवस्था को प्राप्त हो भगवान ने, चार अघातिक कर्म क्षय कर दिये और सिद्ध पद प्राप्त किया । भगवान अरहनाथ, इक्कीस हजार वर्ष कुमार पद पर रहे । इक्कीस हजार वर्ष माण्डलिक राजा रहे । इक्कीस हजार वर्ष चक्रवर्ती पद पर रहें । तीन वर्ष स्थ अवस्था में रहे और शेष केवली पर्याय में व्यतीत की । इस प्रकार भगवान अरहनाथ चौरासी हजार वर्ष की आयु भोग कर, भगवान कुन्थुनाथ के निर्वाण को एक क्रोड़ वर्ष कम पाव पल्योमप व्यतीत होने पर निर्वाण पधोर । प्रश्न -- एक - भगवान अरहनाथ, पूर्व भव में कौन थे, कहां रहते थे और क्या करके तीर्थंकर गोत्र बांधा था ? - भगवान अरहनाथ, किस नगर में किस कुल में, और किस तिथि को जन्मे थे तथा इनके माता-पिता का नाम क्याथा ? तीन - भगवान अरहनाथ, माता के गर्भ में, कहां से और कितना आयुष्य भोग कर पधारे थे ? चार - चौंसठ इन्द्र के भेद बताओ ? - पाँच - - भगवान अरहनाथ का शरीर कितना ऊँचा था और इनके शरीर पर कौनसा चिन्ह था ? छः -- भगवान अरहनाथ से पहले कोई और तीर्थकर ऐसे हुए थे या नहीं, जो चक्रवर्ती रहे हों ? यदि थे, तो कौन ? सात - चक्रवर्ती किसे कहते हैं ? आठ -- भगवान अरहनाथ को छःखण्ड साधने में कितना समय लगा था और कौन से छःखण्ड सावे थे ? नौ - - भगवान अरहनाथ को केवल ज्ञान किस तिथि को हुआ था और किस तिथि को भगवान का निर्वाण हुआ ? दस -- भगवान ने आयु का उपभोग किस कार्य में कितने कितने वर्ष तक किया ? संख्या सहित बताओ ? भगवान श्री मल्लिनाथ प्रार्थना श्लोकःश्री मल्लिनाथ शमथ द्रुम सेकपाथः कान्त प्रियंगु रूचिरोचित काय तेजः । पादाब्ज मस्तु मदनार्ति मधौ विमुक्ता, कान्त ! प्रियंगुरुचिरोचितकाय तेजः ।। भावार्थ- जिनके चरण कमल शान्ति रूपी वृक्ष को सींचन में अमृत समान हैं, जिनका शरीर प्रियंगुलता के समान सुन्दर है और जो कामदेव रूपी मधु देत्य के लिये कृष्ण के समान वीर हैं, ऐसे हे मल्लिनाथ प्रभु ! आपके चरण कमल की सेवा मुझे प्राचीन और उचित सुख के लिए हो । जम्बू द्वीप के पश्चिम महाविदेह में, लीलावती विजय के अन्तर्गत वीतशोका नाम की एक रमणीय नगरी थी । वहां, बलि नाम का राजा राज्य करता था, जिसके धारिणीदेवी नाम की रानी थी । धारिणीदेवी ने, स्वप्न में केसरी सिंह देखा । परिणामतः महारानी धारिणीदेवी ने एक तेजस्वी पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम महावल रखा गया । महाबल के अचल, धरण, पूरण, बसु, वैश्रवण और अभिचन्द्र नाम के छः वालमित्र थे । बाल मित्रों के साथ विनोद करता हुआ, कुमार महाबल, युवक हुवा । महाबल का कमलश्री आदि पांच सौ राज-कन्यायों के साथ विवाह हुआ कुछ समय पञ्चात, महाराजा, बलि, महाबल को राज्य सौंप कर आत्मकल्याण में लग गये । महाराजा महाबल, राजकार्य करने लगे। महाबल की कमलश्री रानी से बलभद्र नाम का पुत्र हुआ । जब बलभद्र युवक हुआ तब महाबल ने उसे युवराज पद पर अभिषिक्त किया और स्वयं अपने मित्रों सहित अर्हत-भाषित धर्म की सेवा करने लगे । एक समय महाराज महाबल ने अपने मित्रों से कहा, कि मै सांसारिक कष्टों से बहुत भयभीत हुआ हूँ, अतः मेरी इच्छा संयम लेने की है । आप लोगों की इच्छा क्या है ? यह प्रश्न. महाबल मुनि ने, माया सहित किये हुए तप की आलोचना नहीं की, इससे स्त्री-चेद कर्म अविच्छिन्न रहा। इस घटना से यह शिक्षा मिलती है कि, धर्म-करणी चाहे कम करे या ज्यादा, परन्तु हो कपट-रहित शुद्ध हृदय से । कपट सहित अधिक की गई धर्मकरणी भी, दुःखदायिनी हो जाती है। शास्त्रकार कहते हैं, कि 'माई मिच्छादिट्टी अमाई समदिट्टी ।' अर्थात कपटी ही मिथ्यादृष्टि है और निष्कपटी ही समदृष्टि है । कपटी का जप-तप नियम प्रत्याख्यान श्रावकपना और साधुपना भी, अंक रहित बिन्दियों के समान हो जाता है। आज कल जितना लक्ष्य हिंसा अहिंसा और आरम्भ समारम्भ के कार्यों प्रति दिया जाता है, सत्य और सरलता के प्रति नहीं दिया जाता बात-बात में असत्याचरण किया जाता है और उसे सत्य सिद्ध करने के लिए माया का आश्रय लिया जाता है जैसे माया का कोई पाप ही न हो। ऊपर यह मानते हैं कि हम बड़े चतुर हैं जो काम भी बनाते हैं और प्रतिष्ठा भी बनायी रखते हैं परन्तु यह चरित्र सिद्ध करता है कि माया ही भयंकर पाप है अतः बुद्धिमानों को कपटभाव त्याग, सरल व शुद्ध हृदय से ही धर्म करना उचित है । चरित्र से ज्ञात होता है, कि महाबल मुनि का भावी आयुष्य कपट सहित तप करने से पूर्व ही बन्ध चुका था, अन्यथा कपटी का शुभ आयुष्य नहीं बन्धता । थोड़े से दोष की भी आलोचना ( भगवान श्री महिनाभ न करने से कैसा दुष्परिणाम भोगना होता है, यह इस चरित्र से स्पष्ट है । इसी जम्बूद्वीप के भरतार्द्ध में विदेह देशान्तर्गत मिथिलापुरी नाम की एक नगरी थी । वहां कुम्भ नाम के प्रतापी राजा राज्य करते थे । इनकी रानी का नाम प्रभावती था जो शील सौन्दर्यादि गुणों में अप्रतिम थी । जयन्त विमान का आयुष्य पूर्ण करके महाबल राजा का जीव, फाल्गुन शुक्ला चार को - जब चन्द्र अश्विनी नक्षत्र में आया था - महारानी प्रभावती के गर्भ में आया । सुखरैया पर शयन किये हुई महारानी प्रभावती, तीर्थकर के गर्भ सूचक चौदह महास्वप्नं देखकर जाग उठीं । तत्काल महारानी प्रभावती ने, पति को स्वप्नं सुनाये जिन्हें सुन कर कुम्भराजा ने कहा कि तुम्हारे गर्भ से तीर्थङ्कर का जन्म होगा। महारानी प्रभावती, गर्भ का पालन-पोषण करने लगीं। गर्भवती महारानी को, मालती पुष्प की शैया पर शयनं करने की इच्छा हुई। देवों न, महारानी - प्रभावती की इस
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तोक्यो/फुकुशिमा, (भाषा)। भूकंप और सुनामी के बाद क्षतिग्रस्त हुए फुकुशिमा स्थित परमाणु संयंत्र के संकट से निकट भविष्य में निजात नहीं मिलने की आशंका देखते हुए जापान ने आज कहा कि वह इस संयंत्र के आसपास के 20 किलोमीटर के दायरे में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाएगा। दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने वादा किया है कि जो लोग इस त्रासदी में बर्बाद हो गए हैं उनकी सहायता और पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उ"ाया जाएगा। अधिकारिक रूप से पहली बार इस संयंत्र के आसपास के इलाकों में जो प्रतिबंध लगाया जाएगा उसके अंतर्गत नौ नगरपालिका के तकरीबन 27 हजार मकान आएंगे। मुख्य सचिव युकियो अदानो ने कहा कि इस प्रतिबंध का मुख्य मकसद स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य का बचाव करना है क्योंकि कुछ लोग रेडियोधर्मी विकिरण से बचाव के पर्याप्त साधनों के बिना ही क्षेत्र में लौट रहे हैं। जापान के राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके ने कहा कि आज मध्यरात्रि से जो भी इस प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसेगा उसपर जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी तरफ सरकार ने कहा है कि वह प्रत्येक घर के एक सदस्य को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की इजाजत देगी लेकिन संयंत्र के तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को यह छूट नहीं प्रदान की जाएगी। इसी बीच प्रधानमंत्री नाओतो कान ने आज फुकुशिमा प्रांत का दौरा किया और कहा कि भूकंप और सुनामी के बाद पैदा हुए इस परमाणु संकट से जो लोग भी प्रभावित हुए हैं सरकार उनको मुआवजा देगी। फुकुशिमा प्रांत के गवर्नर युहेई सातो ने कान और संयंत्र की संचालक तोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ःतेपकोः से कहा कि स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रण में लाया जाए ताकि जो लोग अपना घरबार छोड़कर चले गए हैं वे वापस लौट सकें। जापान की समाचार एजेंसी क्योदो ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तेपको का कहना है कि अप्रैल महीने के शुरुआती दिनों में परमाणु संयंत्र से जो रेडियोधर्मी पानी जाकर प्रशांत महासागर में मिल गया है उसमें रेडियोधर्मी पदार्थ की मात्रा पांच हजार टेराबेक्वैरल्स है और यह संयंत्र की मान्य मात्रा से 20 हजार गुना ज्यादा है। यह पहली बार है जब रेडियोधर्मी पदार्थ के रिसाव के संबंध में तेपको ने आंकड़ा दिया है। हालांकि अनुमान है कि रिसाव की मात्रा इससे काफी ज्यादा हो सकती है।
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तोक्यो/फुकुशिमा, । भूकंप और सुनामी के बाद क्षतिग्रस्त हुए फुकुशिमा स्थित परमाणु संयंत्र के संकट से निकट भविष्य में निजात नहीं मिलने की आशंका देखते हुए जापान ने आज कहा कि वह इस संयंत्र के आसपास के बीस किलोग्राममीटर के दायरे में लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाएगा। दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री नाओतो कान ने वादा किया है कि जो लोग इस त्रासदी में बर्बाद हो गए हैं उनकी सहायता और पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उ"ाया जाएगा। अधिकारिक रूप से पहली बार इस संयंत्र के आसपास के इलाकों में जो प्रतिबंध लगाया जाएगा उसके अंतर्गत नौ नगरपालिका के तकरीबन सत्ताईस हजार मकान आएंगे। मुख्य सचिव युकियो अदानो ने कहा कि इस प्रतिबंध का मुख्य मकसद स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य का बचाव करना है क्योंकि कुछ लोग रेडियोधर्मी विकिरण से बचाव के पर्याप्त साधनों के बिना ही क्षेत्र में लौट रहे हैं। जापान के राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके ने कहा कि आज मध्यरात्रि से जो भी इस प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसेगा उसपर जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरी तरफ सरकार ने कहा है कि वह प्रत्येक घर के एक सदस्य को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की इजाजत देगी लेकिन संयंत्र के तीन किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को यह छूट नहीं प्रदान की जाएगी। इसी बीच प्रधानमंत्री नाओतो कान ने आज फुकुशिमा प्रांत का दौरा किया और कहा कि भूकंप और सुनामी के बाद पैदा हुए इस परमाणु संकट से जो लोग भी प्रभावित हुए हैं सरकार उनको मुआवजा देगी। फुकुशिमा प्रांत के गवर्नर युहेई सातो ने कान और संयंत्र की संचालक तोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ःतेपकोः से कहा कि स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रण में लाया जाए ताकि जो लोग अपना घरबार छोड़कर चले गए हैं वे वापस लौट सकें। जापान की समाचार एजेंसी क्योदो ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि तेपको का कहना है कि अप्रैल महीने के शुरुआती दिनों में परमाणु संयंत्र से जो रेडियोधर्मी पानी जाकर प्रशांत महासागर में मिल गया है उसमें रेडियोधर्मी पदार्थ की मात्रा पांच हजार टेराबेक्वैरल्स है और यह संयंत्र की मान्य मात्रा से बीस हजार गुना ज्यादा है। यह पहली बार है जब रेडियोधर्मी पदार्थ के रिसाव के संबंध में तेपको ने आंकड़ा दिया है। हालांकि अनुमान है कि रिसाव की मात्रा इससे काफी ज्यादा हो सकती है।
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चार साल से मानदेय नहीं मिलने से आक्रोशित मदरसा शिक्षकों ने शुक्रवार को भगत सिंह कॉलोनी स्थित अल्पसंख्यक निदेशालय के गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, मदरसा बोर्ड, शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
शुक्रवार सुबह मदरसा शिक्षक संघ के बैनर तले धरना देने पहुंचे मदरसा शिक्षकों ने बताया कि प्रदेश के मदरसों में 700 से अधिक शिक्षक कार्यरत है। इन्हें केंद्र सरकार की ओर से एसपीक्यूईएम योजना के तहत 6 से 12 हजार रुपये मानदेय मिलता है। केंद्र सरकार ने अब आईडीएमआई (इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट और माइनोरिटी इंस्टीट्यूशंस) और एसपीक्यूईएम (स्कीम टू प्रोवाइड क्वालिटी एजुकेशन इन मदरसाज) को एक साथ मर्ज कर एसपीईएमएम (स्कीम टू एलीमेंट्री एजुकेशन इन माइनोरिटी मदरसाज) कर दिया है। वहीं, इसके संचालन का जिम्मा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से हटाकर समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। जिन्हें 2015-16, 2016-17, 2017-18, 2018-19, 2019 का करीब 34 करोड से अधिक बकाया भुगतान नहीं किया गया है। जिसकी वजह से उनको आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि वे तमाम अफसरों, विधायकों एवं मंत्रियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। दिनभर धरना देने के बाद उन्होंने शाम को अल्पसंख्यक निदेशक सुरेश चंद्र जोशी, अल्पसंख्यक आयोग सचिव जेएस रावत और मदरसा बोर्ड के डिप्टी रजिस्ट्रार हाजी अखलाक अंसारी को ज्ञापन सौंपा। दिसंबर में उनके संबंध में दिल्ली में मंत्रालय में बैठक होनी है। उम्मीद है कि उस बैठक में उनकी समस्या का समाधान हो जाये। इस दौरान मौहम्मद इस्लाम, इशरान अली, संजीव सैनी, मौहम्मद फिरोज, उजमा प्रवीण, माशूक, बिलकिस जहां, जाहिद, अनीस, राकेश कुमार, यशवीर, गुलशाद राव, आशिया, इरफाना, दीपा राणा, हीना राव, विशाल आजाद, सरफराज नवाज, अब्दुल सलाम, मुर्सलीन, मौ. शाहरूख आदि मौजूद रहे।
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चार साल से मानदेय नहीं मिलने से आक्रोशित मदरसा शिक्षकों ने शुक्रवार को भगत सिंह कॉलोनी स्थित अल्पसंख्यक निदेशालय के गेट पर धरना देकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, मदरसा बोर्ड, शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। शुक्रवार सुबह मदरसा शिक्षक संघ के बैनर तले धरना देने पहुंचे मदरसा शिक्षकों ने बताया कि प्रदेश के मदरसों में सात सौ से अधिक शिक्षक कार्यरत है। इन्हें केंद्र सरकार की ओर से एसपीक्यूईएम योजना के तहत छः से बारह हजार रुपये मानदेय मिलता है। केंद्र सरकार ने अब आईडीएमआई और एसपीक्यूईएम को एक साथ मर्ज कर एसपीईएमएम कर दिया है। वहीं, इसके संचालन का जिम्मा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से हटाकर समग्र शिक्षा अभियान के तहत शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। जिन्हें दो हज़ार पंद्रह-सोलह, दो हज़ार सोलह-सत्रह, दो हज़ार सत्रह-अट्ठारह, दो हज़ार अट्ठारह-उन्नीस, दो हज़ार उन्नीस का करीब चौंतीस करोड से अधिक बकाया भुगतान नहीं किया गया है। जिसकी वजह से उनको आर्थिक एवं मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि वे तमाम अफसरों, विधायकों एवं मंत्रियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। दिनभर धरना देने के बाद उन्होंने शाम को अल्पसंख्यक निदेशक सुरेश चंद्र जोशी, अल्पसंख्यक आयोग सचिव जेएस रावत और मदरसा बोर्ड के डिप्टी रजिस्ट्रार हाजी अखलाक अंसारी को ज्ञापन सौंपा। दिसंबर में उनके संबंध में दिल्ली में मंत्रालय में बैठक होनी है। उम्मीद है कि उस बैठक में उनकी समस्या का समाधान हो जाये। इस दौरान मौहम्मद इस्लाम, इशरान अली, संजीव सैनी, मौहम्मद फिरोज, उजमा प्रवीण, माशूक, बिलकिस जहां, जाहिद, अनीस, राकेश कुमार, यशवीर, गुलशाद राव, आशिया, इरफाना, दीपा राणा, हीना राव, विशाल आजाद, सरफराज नवाज, अब्दुल सलाम, मुर्सलीन, मौ. शाहरूख आदि मौजूद रहे।
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सिरमौर (शिलाई). शिलाई निर्वाचन क्षेत्र से 4 बार कांग्रेस के विधायक रह चुके वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन चौहान ने भाजपा पर तीखे हमले किए. उन्होंने फिर शिलाई में कांग्रेस की जीत का दावा किया है. शिलाई से कांग्रेस ने फिर इस बार पूर्व विधायक व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन चौहान को मैदान में उतारा है. वहीं, हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है. उसी बूते पार्टी को समर्थन मिलने वाला है. चुनाव प्रचार के दौरान लोगों का पूरा सहयोग मिल रहा है.
हर्षवर्धन ने शिलाई के मौजूदा भाजपा विधायक बलदेव तोमर पर भी निशाना साधा है. उन्हें विफल विधायक बताया उन्होंने कहा कि बीजेपी विधायक ने अपने फंड का दुरुपयोग किया है. कांग्रेस की सरकार आने पर विधायक के घोटालों की जांच करवाई जाएगी.
मौजूदा विधायक क्षेत्र में विकास को लेकर कभी भी नहीं चले हैं. शिलाई में जब-जब मुख्यमंत्री का दौरा हुआ तो विकास के लिए समर्थन मांगने की बजाए विधायक अपने लोगों के साथ मुख्यमंत्री का विरोध करते रहे हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा में किसी भी तरह की समस्या को उठाने में सफल नहीं हो पाए है. जिससे क्षेत्र के लोगों में भाजपा के प्रति निराशा है.
दिग्गज नेता हर्षवर्धन चौहान को 2012 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. बीजेपी विधायक बलदेव तोमर ने हर्ष को करारी शिकस्त दी थी. देखना होगा इस बार अपनी परंपरागत सीट को बचाने में हर्षवर्धन कितने कामयाब हो पाते है.
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सिरमौर . शिलाई निर्वाचन क्षेत्र से चार बार कांग्रेस के विधायक रह चुके वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन चौहान ने भाजपा पर तीखे हमले किए. उन्होंने फिर शिलाई में कांग्रेस की जीत का दावा किया है. शिलाई से कांग्रेस ने फिर इस बार पूर्व विधायक व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हर्षवर्धन चौहान को मैदान में उतारा है. वहीं, हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास किया है. उसी बूते पार्टी को समर्थन मिलने वाला है. चुनाव प्रचार के दौरान लोगों का पूरा सहयोग मिल रहा है. हर्षवर्धन ने शिलाई के मौजूदा भाजपा विधायक बलदेव तोमर पर भी निशाना साधा है. उन्हें विफल विधायक बताया उन्होंने कहा कि बीजेपी विधायक ने अपने फंड का दुरुपयोग किया है. कांग्रेस की सरकार आने पर विधायक के घोटालों की जांच करवाई जाएगी. मौजूदा विधायक क्षेत्र में विकास को लेकर कभी भी नहीं चले हैं. शिलाई में जब-जब मुख्यमंत्री का दौरा हुआ तो विकास के लिए समर्थन मांगने की बजाए विधायक अपने लोगों के साथ मुख्यमंत्री का विरोध करते रहे हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा में किसी भी तरह की समस्या को उठाने में सफल नहीं हो पाए है. जिससे क्षेत्र के लोगों में भाजपा के प्रति निराशा है. दिग्गज नेता हर्षवर्धन चौहान को दो हज़ार बारह के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. बीजेपी विधायक बलदेव तोमर ने हर्ष को करारी शिकस्त दी थी. देखना होगा इस बार अपनी परंपरागत सीट को बचाने में हर्षवर्धन कितने कामयाब हो पाते है.
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for the Indian Celebrities?
फैशनःरानी मुखर्जी और दीपिका पादुकोण तो हैं शादी. . . तैयार आप!
घर में ही राजस्थानी घेवर अब बनें फटाफट. .
ड्रेस पुरानी. . . तो क्या हुआ लुक नया है. .
बनना हो अगर फैशन क्वीन, तो पढें इसे. .
एवलिन का इतना ग्लैमर्स अवतार देखकर हैरान हो जाएंगे आप!
अविका गौर का ये नया अवतार देखकर चौक जाएंगे आप!
तमन्ना भाटिया की ये बातें जानकर हैरान हो जाएंगे आप!
संजीदी शेख की ये बातें जानकर हैरान हो जाएंगे आप!
इलियाना किसकी बनीं दुल्हन!
करीना का Glamour अवतार देख आप हो जाएंगे हैरान!
छप गए दिव्यंका-विवेक की शादी के कार्ड. . अपने देखा क्या?
ये हैं बॉलीवुड की हॉट एंड ग्लैमरस सिंगर्स!
जब संसद मे बजा स्मृति से लेकर जया बच्चन का डंका!
Top 7 बिना मेकअप के देखा है टीवी अभिनेत्रियों को !
मोनी राय हुई मोहित रैना की!
शाहिर शेख किस के साथ कर रहे हैं रोमांस!
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for the Indian Celebrities? फैशनःरानी मुखर्जी और दीपिका पादुकोण तो हैं शादी. . . तैयार आप! घर में ही राजस्थानी घेवर अब बनें फटाफट. . ड्रेस पुरानी. . . तो क्या हुआ लुक नया है. . बनना हो अगर फैशन क्वीन, तो पढें इसे. . एवलिन का इतना ग्लैमर्स अवतार देखकर हैरान हो जाएंगे आप! अविका गौर का ये नया अवतार देखकर चौक जाएंगे आप! तमन्ना भाटिया की ये बातें जानकर हैरान हो जाएंगे आप! संजीदी शेख की ये बातें जानकर हैरान हो जाएंगे आप! इलियाना किसकी बनीं दुल्हन! करीना का Glamour अवतार देख आप हो जाएंगे हैरान! छप गए दिव्यंका-विवेक की शादी के कार्ड. . अपने देखा क्या? ये हैं बॉलीवुड की हॉट एंड ग्लैमरस सिंगर्स! जब संसद मे बजा स्मृति से लेकर जया बच्चन का डंका! Top सात बिना मेकअप के देखा है टीवी अभिनेत्रियों को ! मोनी राय हुई मोहित रैना की! शाहिर शेख किस के साथ कर रहे हैं रोमांस!
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लंदन स्थित ईरानी दूतावास पर शीराज़ी गुट के हमले के बाद, अधिकांश लोग इस गुट के बारे में जानना चाहते हैं कि यह कौन लोग हैं और इन्होंने ईरानी दूतावास को क्यों निशाना बनाया?
इस गुट के सदस्यों का कहना है कि ईरान के पवित्र नगर क़ुम में शिया धर्मगुरू सादिक़ शीराज़ी के बेटे हुसैन शीराज़ी की गिरफ़्तारी के विरोध में यह हमला किया गया है।
शीराज़ी गुट की पहचान, मुसलमानों के बीच एकता और एकजुटता का विरोध करने, सुन्नी मुसलमानों के ख़लीफ़ाओं को बुरा भला कहने और इमाम हुसैन के ग़म में ख़ूनी मातम पर बल देने के रूप में है।
सूत्रों के मुताबिक़, इस गुट को ब्रिटेन समेत कुछ यूरोपीय देशों और फ़ार्स की खाड़ी के कुछ अरब देशों का समर्थन हासिल है, ताकि शिया मुसलमानों के बीच फूट डाली जा सके।
इस गुट की गतिविधियों पर नज़र रखने वालों का मानना है कि शिया मुसलमानों के बीच इस गुट की भूमिका वही है, जो सुन्नी मुसलमानों के बीच वहाबी या तकफ़ीरी गुट की है।
शीराज़ी गुट के कई टीवी चैनल हैं, जिनमें से अधिकांश के कार्यलाय लंदन में हैं और यह कई भाषाओं में अपने विचारों का प्रचार प्रसार करते हैं।
इस गुट के तार इस्राईली और पश्चिमी जासूसी एजेंसियों से जुड़े हुए हैं और यह गुट इराक़ और कुवैत में अधिक सक्रिय है।
2014 में भारत में बीजेपी की सरकार के गठन के बाद, इस गुट ने इस देश में भी अपनी गतिविधियों में वृद्धि कर दी है।
शीराज़ी गुट ईरान की इस्लामी व्यवस्था और उसके वरिष्ठ नेता से दुश्मनी के लिए पहचाना जाता है। इसका मूल कारण यह बताया जाता है कि इस्लामी व्यवस्था के मूल सिद्धांतों में से एक दुनिया भर के मुसलमानों के बीच एकता और भाईचारे के लिए प्रयास करना है और यह गुट मुसलमानों की एकता का मुखर विरोधी है।
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लंदन स्थित ईरानी दूतावास पर शीराज़ी गुट के हमले के बाद, अधिकांश लोग इस गुट के बारे में जानना चाहते हैं कि यह कौन लोग हैं और इन्होंने ईरानी दूतावास को क्यों निशाना बनाया? इस गुट के सदस्यों का कहना है कि ईरान के पवित्र नगर क़ुम में शिया धर्मगुरू सादिक़ शीराज़ी के बेटे हुसैन शीराज़ी की गिरफ़्तारी के विरोध में यह हमला किया गया है। शीराज़ी गुट की पहचान, मुसलमानों के बीच एकता और एकजुटता का विरोध करने, सुन्नी मुसलमानों के ख़लीफ़ाओं को बुरा भला कहने और इमाम हुसैन के ग़म में ख़ूनी मातम पर बल देने के रूप में है। सूत्रों के मुताबिक़, इस गुट को ब्रिटेन समेत कुछ यूरोपीय देशों और फ़ार्स की खाड़ी के कुछ अरब देशों का समर्थन हासिल है, ताकि शिया मुसलमानों के बीच फूट डाली जा सके। इस गुट की गतिविधियों पर नज़र रखने वालों का मानना है कि शिया मुसलमानों के बीच इस गुट की भूमिका वही है, जो सुन्नी मुसलमानों के बीच वहाबी या तकफ़ीरी गुट की है। शीराज़ी गुट के कई टीवी चैनल हैं, जिनमें से अधिकांश के कार्यलाय लंदन में हैं और यह कई भाषाओं में अपने विचारों का प्रचार प्रसार करते हैं। इस गुट के तार इस्राईली और पश्चिमी जासूसी एजेंसियों से जुड़े हुए हैं और यह गुट इराक़ और कुवैत में अधिक सक्रिय है। दो हज़ार चौदह में भारत में बीजेपी की सरकार के गठन के बाद, इस गुट ने इस देश में भी अपनी गतिविधियों में वृद्धि कर दी है। शीराज़ी गुट ईरान की इस्लामी व्यवस्था और उसके वरिष्ठ नेता से दुश्मनी के लिए पहचाना जाता है। इसका मूल कारण यह बताया जाता है कि इस्लामी व्यवस्था के मूल सिद्धांतों में से एक दुनिया भर के मुसलमानों के बीच एकता और भाईचारे के लिए प्रयास करना है और यह गुट मुसलमानों की एकता का मुखर विरोधी है।
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हैदराबाद अपनी गेंदबाजी की गहराई और वैरिएशन के लिए मशहूर है। टीम की कमान तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के कंधों पर होगी। जबकि अफगानिस्तान के राशिद खान स्पिन आक्रमण के अगुवा होंगे। बैन के बाद डेविड वॉर्नर की वापसी से हैदराबाद की बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी। शिखर धवन की जगह शाहबाज नदीम और अभिषेक शर्मा को शामिल किया, लेकिन देखना होगा कि वे भारतीय सलामी बल्लेबाज के जाने से कैसे उबर पाते हैं।
कोलकाता की टीम में कप्तान दिनेश कार्तिक टूर्नामेंट के मौके का फायदा उठाकर चयनकर्ताओं को आकर्षित करना चाहेंगे। गौतम गंभीर के जाने के बाद कार्तिक ने केकेआर की अगुवाई की और टीम पिछले साल दूसरे एलिमिनेटर में हैदराबाद से हारकर तीसरे स्थान पर रही।
दोनों टीम इस प्रकार हैः
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हैदराबाद अपनी गेंदबाजी की गहराई और वैरिएशन के लिए मशहूर है। टीम की कमान तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के कंधों पर होगी। जबकि अफगानिस्तान के राशिद खान स्पिन आक्रमण के अगुवा होंगे। बैन के बाद डेविड वॉर्नर की वापसी से हैदराबाद की बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी। शिखर धवन की जगह शाहबाज नदीम और अभिषेक शर्मा को शामिल किया, लेकिन देखना होगा कि वे भारतीय सलामी बल्लेबाज के जाने से कैसे उबर पाते हैं। कोलकाता की टीम में कप्तान दिनेश कार्तिक टूर्नामेंट के मौके का फायदा उठाकर चयनकर्ताओं को आकर्षित करना चाहेंगे। गौतम गंभीर के जाने के बाद कार्तिक ने केकेआर की अगुवाई की और टीम पिछले साल दूसरे एलिमिनेटर में हैदराबाद से हारकर तीसरे स्थान पर रही। दोनों टीम इस प्रकार हैः
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2 साल में पैसा डबल, एक्सपर्ट बोले खरीद लो, मुनाफा देगा!
शेयर बाजार में आज पंजाब नेशनल बैंक के शेयर एक्स-डिविडेंड स्टॉक के तौर पर ट्रेड कर रही हैं। कंपनी अपने निवेशकों 0. 65 रुपये का डिविडेंड हर एक शेयर पर देने जा रही है। कंपनी ने 23 जून 2023 की तारीख को रिकॉर्ड डेट घोषित किया है।
कंपनी ने अपने योग्य निवेशकों को 3 रुपये का डिविडेंड देने जा रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 23 जून 2023 तय की गई है। कंपनी की तरफ से योग्य निवेशकों 11 जुलाई 2023 या उसके बाद डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा।
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दो साल में पैसा डबल, एक्सपर्ट बोले खरीद लो, मुनाफा देगा! शेयर बाजार में आज पंजाब नेशनल बैंक के शेयर एक्स-डिविडेंड स्टॉक के तौर पर ट्रेड कर रही हैं। कंपनी अपने निवेशकों शून्य. पैंसठ रुपयापये का डिविडेंड हर एक शेयर पर देने जा रही है। कंपनी ने तेईस जून दो हज़ार तेईस की तारीख को रिकॉर्ड डेट घोषित किया है। कंपनी ने अपने योग्य निवेशकों को तीन रुपयापये का डिविडेंड देने जा रही है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट तेईस जून दो हज़ार तेईस तय की गई है। कंपनी की तरफ से योग्य निवेशकों ग्यारह जुलाई दो हज़ार तेईस या उसके बाद डिविडेंड का भुगतान किया जाएगा।
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WWE Raw- Alpha Academy के इस सदस्य के दोस्त चाहते हैं कि वह छोड़ दें डब्ल्यूडब्ल्यूई, जानिए क्या है इसकी वजहः अल्फा एकेडमी (Alpha Academy) के चाड गेबल (Chad Gable) मिड-कार्ड सेगमेंट में सबसे अच्छे इन-रिंग परफॉर्मर्स में से एक है, लेकिन उन्हें अभी तक अपने डब्ल्यूडब्ल्यूई करियर में कोई बड़ा पुश नहीं मिला है। एक पूर्व ओलंपियन पहलवान होने के नाते स्क्वायर सर्कल में उनकी तकनीकी चाल देखने लायक होती है। लेकिन डब्ल्यूडब्ल्यूई के द्वारा उन्हें मिड-कार्ड रेसलर के रूप में बिल्कुल भी नहीं देखा जाता है। जिसकी वजह से उनके पूर्व दोस्तों सहित कई लोग उन्हें सुझाव दे रहे हैं कि उन्हें डब्ल्यूडब्ल्यूई छोड़कर कहीं और चले जाना चाहिए।
गेबल ने एनएक्सटी में जेसन जॉर्डन के साथ अपने समय के दौरान इतिहास में कुछ सबसे यादगार मैच दिए हैं। लेकिन मेन रोस्टर में आने के बाद उन्हें कोई अच्छा मौका नहीं मिला है। गेबल इस समय ओटिस के टैग-टीम पार्टनर हैं और इन दोनों के यह टीम अल्फा एकेडमी के नाम से जानी जाती है।
चैड गेबल ने रिंग में टॉप पर रहने के लिए बहुत कुछ किया। लेकिन उन्हें अभी कंपनी में मिड-कार्ड बैरियर से ऊपर उठना बाकी है। रेसलिंग ऑब्जर्वर रेडियो के डेव मेल्टज़र सहित कई लोगों ने उनके काम की प्रशंसा की है और साथ ही जो गेबल को उनका कॉन्टैक्ट समाप्त होने पर कहीं और जाने का सुझाव देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि उनकी कंपनी छोड़ने की कोई योजना है।
मेल्टजर के अनुसार, "चाड गेबल शानदार है। वह बहुत शानदार है और वे उनके साथ ऐसा कुछ नहीं करते हैं। वह उन लोगों में से एक हैं जिनके साथ मैं जाना चाहूंगा 'भगवान उन्हें वहां से निकाल लें' लेकिन आप जानते हैं। इसके बारे में बात की गई है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा होने वाला है। इसके बारे में बात की जा रही है और निश्चित रूप से उसके दोस्त भी हैं जो उसे एक ही बात बता रहे हैं और मुझे पता है कि यह उन चीजों में से एक है जिस पर विचार किया जा रहा है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह कहीं जा रहे हैं।
WWE Raw: क्या चाड गेबल किसी अन्य प्रमोशन के साथ समझौता करेंगे?
गेबल को इस समय उनकी योग्यता के अनुसार पुश नहीं दिया जा रहा। लेकिन इस समय गेबल को कंपनी को नहीं छोड़ना चाहते। लेकिन भविष्य में उनके लिए कई रेसलिंग प्रमोशन के द्वार खुले हुए हैं। जिनमें एइडब्ल्यू,एनजेपीडब्ल्यू और इम्पैक्ट रेसलिंग जैसी कंपनियां शामिल हैं।
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WWE Raw- Alpha Academy के इस सदस्य के दोस्त चाहते हैं कि वह छोड़ दें डब्ल्यूडब्ल्यूई, जानिए क्या है इसकी वजहः अल्फा एकेडमी के चाड गेबल मिड-कार्ड सेगमेंट में सबसे अच्छे इन-रिंग परफॉर्मर्स में से एक है, लेकिन उन्हें अभी तक अपने डब्ल्यूडब्ल्यूई करियर में कोई बड़ा पुश नहीं मिला है। एक पूर्व ओलंपियन पहलवान होने के नाते स्क्वायर सर्कल में उनकी तकनीकी चाल देखने लायक होती है। लेकिन डब्ल्यूडब्ल्यूई के द्वारा उन्हें मिड-कार्ड रेसलर के रूप में बिल्कुल भी नहीं देखा जाता है। जिसकी वजह से उनके पूर्व दोस्तों सहित कई लोग उन्हें सुझाव दे रहे हैं कि उन्हें डब्ल्यूडब्ल्यूई छोड़कर कहीं और चले जाना चाहिए। गेबल ने एनएक्सटी में जेसन जॉर्डन के साथ अपने समय के दौरान इतिहास में कुछ सबसे यादगार मैच दिए हैं। लेकिन मेन रोस्टर में आने के बाद उन्हें कोई अच्छा मौका नहीं मिला है। गेबल इस समय ओटिस के टैग-टीम पार्टनर हैं और इन दोनों के यह टीम अल्फा एकेडमी के नाम से जानी जाती है। चैड गेबल ने रिंग में टॉप पर रहने के लिए बहुत कुछ किया। लेकिन उन्हें अभी कंपनी में मिड-कार्ड बैरियर से ऊपर उठना बाकी है। रेसलिंग ऑब्जर्वर रेडियो के डेव मेल्टज़र सहित कई लोगों ने उनके काम की प्रशंसा की है और साथ ही जो गेबल को उनका कॉन्टैक्ट समाप्त होने पर कहीं और जाने का सुझाव देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि उनकी कंपनी छोड़ने की कोई योजना है। मेल्टजर के अनुसार, "चाड गेबल शानदार है। वह बहुत शानदार है और वे उनके साथ ऐसा कुछ नहीं करते हैं। वह उन लोगों में से एक हैं जिनके साथ मैं जाना चाहूंगा 'भगवान उन्हें वहां से निकाल लें' लेकिन आप जानते हैं। इसके बारे में बात की गई है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा होने वाला है। इसके बारे में बात की जा रही है और निश्चित रूप से उसके दोस्त भी हैं जो उसे एक ही बात बता रहे हैं और मुझे पता है कि यह उन चीजों में से एक है जिस पर विचार किया जा रहा है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वह कहीं जा रहे हैं। WWE Raw: क्या चाड गेबल किसी अन्य प्रमोशन के साथ समझौता करेंगे? गेबल को इस समय उनकी योग्यता के अनुसार पुश नहीं दिया जा रहा। लेकिन इस समय गेबल को कंपनी को नहीं छोड़ना चाहते। लेकिन भविष्य में उनके लिए कई रेसलिंग प्रमोशन के द्वार खुले हुए हैं। जिनमें एइडब्ल्यू,एनजेपीडब्ल्यू और इम्पैक्ट रेसलिंग जैसी कंपनियां शामिल हैं।
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विली नाचती-कूदती हुई बकरियों के पास जाती और उन्हें धक्के मार मारकर आस-पास के टोलों पर चढ़ा देतो । बड़ी-बूढ़ी गाएँ और भैंसें बड़े शान्त भाव से और तनिक घृरणा से यह दृश्य देखती जाती थीं, मानो कह रही हों.कर ले दो दिन और ऐश । फिर वह दिन भी आएगा जब तेरी पिछली लातों को बाँधकर तेरा दूध दुहा जायगा । उस समय उछलना । फिर तेरी चाल भी हमारी तरह बेढङ्गी होकर रह जाएगी । अव जी भर कर मस्त हरिरणी की तरह छलांगें भर ले ।"
नोलती उछलती हुई राही के पास था गई । उसके गले में बँधी हुई घण्टियों को मधुर स्वर-लहरी उसके नाचते हुए पैरों के लिये घुंघरुओं का काम कर रही थी। फिर अपने पाँव टोले पर टेककर वह राही के पाँव सूँघने लगी ।
"नोलती !" चरवाही ने अपनी पतली आवाज में चिल्लाकर कहा । उसकी आवाज़ भी एक घण्टी की आवाज के समान थी । परन्तु चंचल नीलती ने परवाह न की और बेचारी चरवाही को तंग करने के लिये वह राही का बूट चाटने लगी ।
"नीलतो, हा ! हा ! हुश नोलती ही हो ।" वह फिर चिल्लाई । चरवाही राही के बिल्कुल निकट श्री गई और सोटे से नीलती को मारने लगी । बेचारी तंग आ गई थी । चेहरे पर पसीने की बूँदें थीं और गाल भी क्रोध से तमतमाए हुए थे । नीलती को परे हटाकर उसने निडर दृष्टि से राही की ओर ताका । "राहो, को को ?" (राही किधर जा रहे हो) उसने पहाड़ी भाषा में राही से पूछा ।
राहो मुस्करा दिया, फिर कहने लगा, "यह नीलतो बड़ी नटखट है ।"
चरवाही के चेहरे से भिक जाती रही । वह नीलती की ओर, जो मार खाकर भी नाचती-भागती हुई जा रही थी। प्यार भरी दृष्टि से देखकर बोलो -"हाँ, अभी यह तीन बरस को भी नहीं हुई ।" "हूँ -और तुम कै वरस को हो ?"
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विली नाचती-कूदती हुई बकरियों के पास जाती और उन्हें धक्के मार मारकर आस-पास के टोलों पर चढ़ा देतो । बड़ी-बूढ़ी गाएँ और भैंसें बड़े शान्त भाव से और तनिक घृरणा से यह दृश्य देखती जाती थीं, मानो कह रही हों.कर ले दो दिन और ऐश । फिर वह दिन भी आएगा जब तेरी पिछली लातों को बाँधकर तेरा दूध दुहा जायगा । उस समय उछलना । फिर तेरी चाल भी हमारी तरह बेढङ्गी होकर रह जाएगी । अव जी भर कर मस्त हरिरणी की तरह छलांगें भर ले ।" नोलती उछलती हुई राही के पास था गई । उसके गले में बँधी हुई घण्टियों को मधुर स्वर-लहरी उसके नाचते हुए पैरों के लिये घुंघरुओं का काम कर रही थी। फिर अपने पाँव टोले पर टेककर वह राही के पाँव सूँघने लगी । "नोलती !" चरवाही ने अपनी पतली आवाज में चिल्लाकर कहा । उसकी आवाज़ भी एक घण्टी की आवाज के समान थी । परन्तु चंचल नीलती ने परवाह न की और बेचारी चरवाही को तंग करने के लिये वह राही का बूट चाटने लगी । "नीलतो, हा ! हा ! हुश नोलती ही हो ।" वह फिर चिल्लाई । चरवाही राही के बिल्कुल निकट श्री गई और सोटे से नीलती को मारने लगी । बेचारी तंग आ गई थी । चेहरे पर पसीने की बूँदें थीं और गाल भी क्रोध से तमतमाए हुए थे । नीलती को परे हटाकर उसने निडर दृष्टि से राही की ओर ताका । "राहो, को को ?" उसने पहाड़ी भाषा में राही से पूछा । राहो मुस्करा दिया, फिर कहने लगा, "यह नीलतो बड़ी नटखट है ।" चरवाही के चेहरे से भिक जाती रही । वह नीलती की ओर, जो मार खाकर भी नाचती-भागती हुई जा रही थी। प्यार भरी दृष्टि से देखकर बोलो -"हाँ, अभी यह तीन बरस को भी नहीं हुई ।" "हूँ -और तुम कै वरस को हो ?"
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सुनील ग्रोवर और कपिल शर्मा की जुगलबंदी, कपिल के शो की मेन हाईलाईट हुआ करती थी। गुथी, रिंकू भाभी से लेकर डॉक्टर मशहूर गुलाटी तक अपने यादगार किरदारों के लिए फेमस सुनील ग्रोवर को देखना हर दर्शक का अरमान होता था। फिलहाल सुनील, कपिल शर्मा शो से नदारद है पर क्या आप जानते हैं कि सुनील हर एपिसोड के लिए 18 लाख चार्ज करते हैं। उनके लाइव शो की कीमत तकरीबन 30 से 50 लाख के बीच है।
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सुनील ग्रोवर और कपिल शर्मा की जुगलबंदी, कपिल के शो की मेन हाईलाईट हुआ करती थी। गुथी, रिंकू भाभी से लेकर डॉक्टर मशहूर गुलाटी तक अपने यादगार किरदारों के लिए फेमस सुनील ग्रोवर को देखना हर दर्शक का अरमान होता था। फिलहाल सुनील, कपिल शर्मा शो से नदारद है पर क्या आप जानते हैं कि सुनील हर एपिसोड के लिए अट्ठारह लाख चार्ज करते हैं। उनके लाइव शो की कीमत तकरीबन तीस से पचास लाख के बीच है।
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फिल्म में श्रीदेवी के अलावा नवाजुद्दीन सिद्दिकी, अक्षय खन्ना, सुशांत सिंह और अमृता पुरी मुख्य किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म में नवाजुद्दीन का लुक काफी शानदार है। वहीं फिल्म का ट्रेलर भी काफी शानदार हैं।
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Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? वो शानदार एक्टर हैं. . . . उनसे कोई भी सीन को हल्के में नहीं लिया जाता! श्रीदेवी - नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी स्टारर मॉम सात जुलाई को रिलीज़ हो रही है और फिल्म का प्रमोशन शुरू हो चुका है। एक फिल्मीबीट के साथ एक इंटरव्यू में नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि श्रीदेवी के साथ काम करना अपने आप में बेहद दिलचस्प अनुभव है। हैं। हैं। हैं। है। है। फिल्म में श्रीदेवी के अलावा नवाजुद्दीन सिद्दिकी, अक्षय खन्ना, सुशांत सिंह और अमृता पुरी मुख्य किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म में नवाजुद्दीन का लुक काफी शानदार है। वहीं फिल्म का ट्रेलर भी काफी शानदार हैं। हैं। है। है।
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नई दिल्ली. UPSC ESE final result 2022 declared: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने इंजीनियरिंग सेवा मुख्य परीक्षा 2022 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. जून में आयोजित इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, 2022 के लिखित भाग और अक्टूबर-दिसंबर, 2022 में आयोजित इंटरव्यू प्रक्रिया के आधार पर यूपीएससी इंजीनियरिंग सेवा मुख्य परीक्षा 2022 का फाइनल रिजल्ट तैयार किया गया है. परीक्षा में शामिल उम्मीदवार फाइनल रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट upsc. gov. in के माध्यम से देख सकते हैं.
बता दें कि इस परीक्षा के माध्यम से कुल 213 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है. इसमें सिविल इंजीनियरिंग के 110, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 34, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 21 और इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार इंजीनियरिंग के लिए 48 अभ्यर्थी हैं. जारी रिजल्ट में 14 अभ्यर्थियों को प्रोविजनल लिस्ट में रखा गया है. इसके अलावा, आयोग कुल 66 उम्मीदवारों की एक वेटिंग लिस्ट बना रखी है.
यूपीएससी ने 246 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आयोजित की थी. इसके लिए मेरिट लिस्ट जारी कर दी है. मेरिट लिस्ट में शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के रोल नंबर और नाम शामिल हैं.
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नई दिल्ली. UPSC ESE final result दो हज़ार बाईस declared: संघ लोक सेवा आयोग ने इंजीनियरिंग सेवा मुख्य परीक्षा दो हज़ार बाईस का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. जून में आयोजित इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, दो हज़ार बाईस के लिखित भाग और अक्टूबर-दिसंबर, दो हज़ार बाईस में आयोजित इंटरव्यू प्रक्रिया के आधार पर यूपीएससी इंजीनियरिंग सेवा मुख्य परीक्षा दो हज़ार बाईस का फाइनल रिजल्ट तैयार किया गया है. परीक्षा में शामिल उम्मीदवार फाइनल रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट upsc. gov. in के माध्यम से देख सकते हैं. बता दें कि इस परीक्षा के माध्यम से कुल दो सौ तेरह अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है. इसमें सिविल इंजीनियरिंग के एक सौ दस, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के चौंतीस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के इक्कीस और इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार इंजीनियरिंग के लिए अड़तालीस अभ्यर्थी हैं. जारी रिजल्ट में चौदह अभ्यर्थियों को प्रोविजनल लिस्ट में रखा गया है. इसके अलावा, आयोग कुल छयासठ उम्मीदवारों की एक वेटिंग लिस्ट बना रखी है. यूपीएससी ने दो सौ छियालीस पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आयोजित की थी. इसके लिए मेरिट लिस्ट जारी कर दी है. मेरिट लिस्ट में शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के रोल नंबर और नाम शामिल हैं. .
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एक्टर के पास लग्जरी गाड़ियों का काफी बढ़िया कलेक्शन है जिसका आप अंजादा भी नहीं लगा सकते हैं।
Actor Prabhas Luxury Car Collection: अभी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'आदिपुरुष' में 'श्रीराम' का किरदार निभाने वाले south indian एक्टर प्रभास को लग्जरी गाड़ियों का काफी शौक है। एक्टर के पास लग्जरी गाड़ियों का काफी बढ़िया कलेक्शन है जिसका आप अंजादा भी नहीं लगा सकते हैं।
प्रभास की लग्जरी गाड़ियों में से सबसे पहली लिस्ट पर नाम आता है वह है - लग्जरी रोल्स रॉयस फैंटम (Rolls Royce Phantom) जो सांतवी जेनेरेशन की है। इसकी कीमत आप जानकर हैरान हो जायेंगे जो है - 8 करोड़ रुपए।
प्रभास कार कलेक्शन में दूसरे नंबर पर आती है - लग्जरी स्पोर्ट्स कार लेम्बोर्गिनी अवेंटाडोर एस (Lamborghini Aventador S). जिसकी कीमत है 3. 5 करोड़ रुपए से भी अधिक।
अब बात करते हैं तीसरे नंबर गाड़ी की प्रभास के पास 3rd नंबर की लग्जरी कार है जैगुआर एक्सजे सेडान (Jaguar XJ Sedan) . यह चौथी जेनेरशन की कार है। इसकी कीमत है 1 करोड़।
प्रभास की लग्जरी कार की लिस्ट में अगली है लैंड रोवर रेंज रोवर एलडब्ल्यूबी एसयूवी (Land Rover Range Rover LWB SUV) है। यह कार कई सेलेब्रिटीज के पास भी देखा जा चुका है। जिसमें प्रभास का नाम भी शामिल है। इसकी कीमत 1. 5 करोड़ से भी अधिक है।
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एक्टर के पास लग्जरी गाड़ियों का काफी बढ़िया कलेक्शन है जिसका आप अंजादा भी नहीं लगा सकते हैं। Actor Prabhas Luxury Car Collection: अभी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'आदिपुरुष' में 'श्रीराम' का किरदार निभाने वाले south indian एक्टर प्रभास को लग्जरी गाड़ियों का काफी शौक है। एक्टर के पास लग्जरी गाड़ियों का काफी बढ़िया कलेक्शन है जिसका आप अंजादा भी नहीं लगा सकते हैं। प्रभास की लग्जरी गाड़ियों में से सबसे पहली लिस्ट पर नाम आता है वह है - लग्जरी रोल्स रॉयस फैंटम जो सांतवी जेनेरेशन की है। इसकी कीमत आप जानकर हैरान हो जायेंगे जो है - आठ करोड़ रुपए। प्रभास कार कलेक्शन में दूसरे नंबर पर आती है - लग्जरी स्पोर्ट्स कार लेम्बोर्गिनी अवेंटाडोर एस . जिसकी कीमत है तीन. पाँच करोड़ रुपए से भी अधिक। अब बात करते हैं तीसरे नंबर गाड़ी की प्रभास के पास तीनrd नंबर की लग्जरी कार है जैगुआर एक्सजे सेडान . यह चौथी जेनेरशन की कार है। इसकी कीमत है एक करोड़। प्रभास की लग्जरी कार की लिस्ट में अगली है लैंड रोवर रेंज रोवर एलडब्ल्यूबी एसयूवी है। यह कार कई सेलेब्रिटीज के पास भी देखा जा चुका है। जिसमें प्रभास का नाम भी शामिल है। इसकी कीमत एक. पाँच करोड़ से भी अधिक है।
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जासं, मथुरा : जिला कांग्रेस कमेटी ने आजादी की गौरव यात्रा गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र में निकाली। सौंख अड्डा, गोवर्धन के बाजारों में निकाली गई। दानघाटी मंदिर के दर्शन कर गिर्राज महाराज का आशीर्वाद लिया। जतीपुरा, आन्यौर, राधाकुंड मंदिरों के दर्शन किए। लगभग 13 किलोमीटर की पदयात्रा का व्यापारियों और जनता ने जगह-जगह स्वागत किया । जिलाध्यक्ष चौधरी भगवान सिंह वर्मा ने कहा कि भारत की जनता को गरीब बनाने का टेंडर अडाणी व अंबानी को दे दिया गया है। विदेशों से कोई काला धन नहीं आया है। दो करोड़ युवाओं को नौकरी नहीं मिली । कांग्रेस शासन में सिलेंडर 410 रुपये का था, अब 1053 रुपये का है। महंगाई से जनता परेशान है। युवा बेरोजगारी को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं । भाजपा सरकार द्वारा बदले की भावना से विपक्षी पार्टियों के नेता व कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं। जिला महासचिव ठाकुर नरेश पाल सिंह जसावत, राजेंद्र कुमार वशिष्ठ, मनोज कुमार शर्मा, मनीष लंबरदार, डा. राजीव शर्मा, चौधरी जदवीर सिंह, भगवत प्रताप, बनवारीलाल चौधरी मौजूद रहे।
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जासं, मथुरा : जिला कांग्रेस कमेटी ने आजादी की गौरव यात्रा गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र में निकाली। सौंख अड्डा, गोवर्धन के बाजारों में निकाली गई। दानघाटी मंदिर के दर्शन कर गिर्राज महाराज का आशीर्वाद लिया। जतीपुरा, आन्यौर, राधाकुंड मंदिरों के दर्शन किए। लगभग तेरह किलोग्राममीटर की पदयात्रा का व्यापारियों और जनता ने जगह-जगह स्वागत किया । जिलाध्यक्ष चौधरी भगवान सिंह वर्मा ने कहा कि भारत की जनता को गरीब बनाने का टेंडर अडाणी व अंबानी को दे दिया गया है। विदेशों से कोई काला धन नहीं आया है। दो करोड़ युवाओं को नौकरी नहीं मिली । कांग्रेस शासन में सिलेंडर चार सौ दस रुपयापये का था, अब एक हज़ार तिरेपन रुपयापये का है। महंगाई से जनता परेशान है। युवा बेरोजगारी को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं । भाजपा सरकार द्वारा बदले की भावना से विपक्षी पार्टियों के नेता व कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं। जिला महासचिव ठाकुर नरेश पाल सिंह जसावत, राजेंद्र कुमार वशिष्ठ, मनोज कुमार शर्मा, मनीष लंबरदार, डा. राजीव शर्मा, चौधरी जदवीर सिंह, भगवत प्रताप, बनवारीलाल चौधरी मौजूद रहे।
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यमुनानगर. कैंप इलाके में शनिवार देर रात एक महिला को उसके पति ने गोली मार दी. गोली महिला के कंधे में लगी. गंभीर रूप से घायल महिला को निजी अस्पताल (Private Hospital) में भर्ती करवाया गया है. बताया जा रहा है कि महिला करनाल (Karnal) जिले की रहने वाली है और अपने दोस्त के साथ यमुनानगर में रह रही थी. इन दिनों महिला का अपने पति के साथ कोर्ट में तलाक का केस चल रहा है. शनिवार की रात को नरेश अपनी पत्नी से रात को मिलने के लिए पहुंचा और दोनों के बीच में काफी देर तक बातचीत होती रही.
जब पत्नी ने पति की बात नहीं मानी तो आरोपी शख्स ने अपनी पेंट में छिपा रखे पिस्टल को निकाला और गोली चला दी. गोली लगते ही महिला जमीन पर गिर गई और आरोपी नरेश मौके से फरार हो गया. पीड़िता के दोस्त ने तुरंत उसे उठाया और निजी अस्पताल में लेकर पहुंच गया.
पीड़िता अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं. वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर महिला के दोस्त के बयान पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है. हालांकि, गोली महिला के कंधे पर लगी थी, लेकिन उसके बावजूद उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसे इलाज के लिए आईसीयू में दाखिल करवाया गया है.
ये पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है. सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि एक महिला और दो युवक एक साथ खड़े हैं. बताया जा रहा है कि जो दो युवक हैं, उसमें एक महिला का पति है और दूसरा उसका दोस्त. दोनों को बीच काफी देर तक बात होती है. इस दौरान ये शख्स महिला को गोली मार देता है. महिला सड़क पर जा गिरती है और गोली मारने वाला वहां से फरार हो जाता है. साथ में खड़ा दूसरा युवक उसे उठाता है और फिर वहां से लोग एकत्रित हो जाते हैं और महिला को अस्पताल ले जाते हैं.
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यमुनानगर. कैंप इलाके में शनिवार देर रात एक महिला को उसके पति ने गोली मार दी. गोली महिला के कंधे में लगी. गंभीर रूप से घायल महिला को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. बताया जा रहा है कि महिला करनाल जिले की रहने वाली है और अपने दोस्त के साथ यमुनानगर में रह रही थी. इन दिनों महिला का अपने पति के साथ कोर्ट में तलाक का केस चल रहा है. शनिवार की रात को नरेश अपनी पत्नी से रात को मिलने के लिए पहुंचा और दोनों के बीच में काफी देर तक बातचीत होती रही. जब पत्नी ने पति की बात नहीं मानी तो आरोपी शख्स ने अपनी पेंट में छिपा रखे पिस्टल को निकाला और गोली चला दी. गोली लगते ही महिला जमीन पर गिर गई और आरोपी नरेश मौके से फरार हो गया. पीड़िता के दोस्त ने तुरंत उसे उठाया और निजी अस्पताल में लेकर पहुंच गया. पीड़िता अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं. वहीं, सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर महिला के दोस्त के बयान पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है. हालांकि, गोली महिला के कंधे पर लगी थी, लेकिन उसके बावजूद उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसे इलाज के लिए आईसीयू में दाखिल करवाया गया है. ये पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है. सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि एक महिला और दो युवक एक साथ खड़े हैं. बताया जा रहा है कि जो दो युवक हैं, उसमें एक महिला का पति है और दूसरा उसका दोस्त. दोनों को बीच काफी देर तक बात होती है. इस दौरान ये शख्स महिला को गोली मार देता है. महिला सड़क पर जा गिरती है और गोली मारने वाला वहां से फरार हो जाता है. साथ में खड़ा दूसरा युवक उसे उठाता है और फिर वहां से लोग एकत्रित हो जाते हैं और महिला को अस्पताल ले जाते हैं. .
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हिन्दुकुश के क़बीले
डाक्टर भूपेन्द्रनाथ दत्त, एम० ए०, पी-एच० डी०
मानव जाति-शास्त्र के विद्वानों और भाषा-विज्ञान के विशारदों के लिये हिन्दुकुश के इलाके का बहुत महत्व है। हिन्दुकुश की सीमा पर हम भाषाओं को बंटा हुआ पाते हैं। उत्तर में ईरानी भाषा फैली हुई है ( १ ) जब कि दक्षिण और दक्षिण-पूर्व में संस्कृत से सम्बन्ध रखने वाली बोलियों का प्रचार है। इन बोलियों के बारे में कुछ लोगों की राय है कि ये बोलियां संस्कृत भाषा की उन्नति की विविध अवस्था से सम्बन्ध रखती हैं । ( २ ) जब कि निरसन ( ३ ) जैस दूसरे विद्वानों की राय है कि इन बोलियों में से कुछ पिसाक (Pisaca) यानी भाषा के एक दूसरे ही समूह के मातहत आती है। संस्कृत में पिसाक 'पैसाक प्राकृत' नाम से इस्तेमाल हुआ है।
चूंकि यह इलाक़ा भाषा-विज्ञान की दृष्टि से बेहद दिलचस्प है, इसलिये मानव जाति-शास्त्र की दृष्टि से भी यह उतना ही दिलचस्प होना चाहिये । इसीलिए इस इलाके की छानबीन मानव-जाति-शास्त्र की दृष्टि से हमारे लिये बड़ी कीमती सादित होगी ।
यह कहा जा चुका है कि ईरानी बोलने वाले क़बीले हिन्दुकुश की उत्तरी सीमा में रहते हैं और हम फ़िलहाल उन्हीं की छान-बीन करेंगे।
पामीर के जो लोग संस्कृत भाषा से मिली-जुली बोली बोलते हैं, यानी काफिर ( ४ ) चितराली, दर्द और ब्रोक्ता, सामान्यतया मध्यमाकृति (Mesoceptalic character) के लोग हैं, यानी उनकी खोपड़ी मामूली साइज की होती है। जहां तक नाक की विशेषता का सम्बन्ध है, वे सामान्यतया लम्बी नाक वाले (Leptorrhius) होते हैं। इनके अलावा पामीर वासियों में दूसरे समूहों के लोग भी हैं, जैसे नाकर, हुनजा, बुरिस्की, पख्तो, बालटिस, जो सामान्यतया साधारण खोपड़ी और लम्बी नाक वाले और मध्यमाकृति के लोग हैं।
( 1 ) Encyclopedia des Islam - "Osteranische Familie", P. 165. (2) G. Leitner- "the Languages and races of Dardistan" P.I.
(3) Grierson - "The Pisaca Language of North western India. " (४) सन् १९१२ में जब से अमीर अब्दर रहमान ने काफ़िरों के देश को प्रतह किया है, तब से काफिरों ने इसलाम स्वीकार कर लिया है, और अफगानिस्तान भर में तितर बितर हो गये हैं। कुछ लोग चितराल भाग गये, जहां उनका पता श्रोसलो (नारवे ) के विद्वान् मारगन स्टीर्न और कलकत्ता म्यूज़ियम के भी गुप्ता ने लगाया। ये लोग अब तक अपने पुराने धर्म का पालन करते हैं।
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हिन्दुकुश के क़बीले डाक्टर भूपेन्द्रनाथ दत्त, एमशून्य एशून्य, पी-एचशून्य डीशून्य मानव जाति-शास्त्र के विद्वानों और भाषा-विज्ञान के विशारदों के लिये हिन्दुकुश के इलाके का बहुत महत्व है। हिन्दुकुश की सीमा पर हम भाषाओं को बंटा हुआ पाते हैं। उत्तर में ईरानी भाषा फैली हुई है जब कि दक्षिण और दक्षिण-पूर्व में संस्कृत से सम्बन्ध रखने वाली बोलियों का प्रचार है। इन बोलियों के बारे में कुछ लोगों की राय है कि ये बोलियां संस्कृत भाषा की उन्नति की विविध अवस्था से सम्बन्ध रखती हैं । जब कि निरसन जैस दूसरे विद्वानों की राय है कि इन बोलियों में से कुछ पिसाक यानी भाषा के एक दूसरे ही समूह के मातहत आती है। संस्कृत में पिसाक 'पैसाक प्राकृत' नाम से इस्तेमाल हुआ है। चूंकि यह इलाक़ा भाषा-विज्ञान की दृष्टि से बेहद दिलचस्प है, इसलिये मानव जाति-शास्त्र की दृष्टि से भी यह उतना ही दिलचस्प होना चाहिये । इसीलिए इस इलाके की छानबीन मानव-जाति-शास्त्र की दृष्टि से हमारे लिये बड़ी कीमती सादित होगी । यह कहा जा चुका है कि ईरानी बोलने वाले क़बीले हिन्दुकुश की उत्तरी सीमा में रहते हैं और हम फ़िलहाल उन्हीं की छान-बीन करेंगे। पामीर के जो लोग संस्कृत भाषा से मिली-जुली बोली बोलते हैं, यानी काफिर चितराली, दर्द और ब्रोक्ता, सामान्यतया मध्यमाकृति के लोग हैं, यानी उनकी खोपड़ी मामूली साइज की होती है। जहां तक नाक की विशेषता का सम्बन्ध है, वे सामान्यतया लम्बी नाक वाले होते हैं। इनके अलावा पामीर वासियों में दूसरे समूहों के लोग भी हैं, जैसे नाकर, हुनजा, बुरिस्की, पख्तो, बालटिस, जो सामान्यतया साधारण खोपड़ी और लम्बी नाक वाले और मध्यमाकृति के लोग हैं। Encyclopedia des Islam - "Osteranische Familie", P. एक सौ पैंसठ. G. Leitner- "the Languages and races of Dardistan" P.I. Grierson - "The Pisaca Language of North western India. " सन् एक हज़ार नौ सौ बारह में जब से अमीर अब्दर रहमान ने काफ़िरों के देश को प्रतह किया है, तब से काफिरों ने इसलाम स्वीकार कर लिया है, और अफगानिस्तान भर में तितर बितर हो गये हैं। कुछ लोग चितराल भाग गये, जहां उनका पता श्रोसलो के विद्वान् मारगन स्टीर्न और कलकत्ता म्यूज़ियम के भी गुप्ता ने लगाया। ये लोग अब तक अपने पुराने धर्म का पालन करते हैं।
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अक्सर ही अपने बेबाक अंदाजों और बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर चर्चा में छा गई हैं। इस बार अभिनेत्री कंगना ने बॉलीवुड अभिनेत्रियों के ट्रेंड को जो बदल दिया है। कंगना ने हाल ही में अपनी शादी को लेकर बयान दिया है। जिससे साफ है कि अभिनेत्री कंगना रनौत ने अब लाइफ में सेटल होने का मूड बना लिया है। उनका कहना है कि शादी तो उनको करनी है चाहे आज करें या कल। ऐसे में सही समय में शादी करना वह ज्यादा ठीक मानती हैं। उनका कहना है कि अभी वह 28 साल की हैं। जिससे वह लगभग दो साल बाद 30 की उम्र में शादी कर लेंगी। इस दौरान उनका यह भी कहना था कि समझदार, हैप्पी रहने वाला, बिल्कुल बिंदास लाइफ पार्टनर पाने की चाहत रखती हैं।
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अक्सर ही अपने बेबाक अंदाजों और बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर चर्चा में छा गई हैं। इस बार अभिनेत्री कंगना ने बॉलीवुड अभिनेत्रियों के ट्रेंड को जो बदल दिया है। कंगना ने हाल ही में अपनी शादी को लेकर बयान दिया है। जिससे साफ है कि अभिनेत्री कंगना रनौत ने अब लाइफ में सेटल होने का मूड बना लिया है। उनका कहना है कि शादी तो उनको करनी है चाहे आज करें या कल। ऐसे में सही समय में शादी करना वह ज्यादा ठीक मानती हैं। उनका कहना है कि अभी वह अट्ठाईस साल की हैं। जिससे वह लगभग दो साल बाद तीस की उम्र में शादी कर लेंगी। इस दौरान उनका यह भी कहना था कि समझदार, हैप्पी रहने वाला, बिल्कुल बिंदास लाइफ पार्टनर पाने की चाहत रखती हैं।
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History of 13 February: सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी 1879 को हैदराबाद में हुआ। उनके पिता का नाम अघोरनाथ चट्टोपाध्याय और माता का नाम वरदा सुंदरी देवी था। वह एक भारतीय राजनीतिक कार्यकर्ता, नारीवादी और कवि थीं। नागरिक अधिकारों, महिलाओं की आजादी और साम्राज्यवाद विरोधी विचारों की समर्थक के साथ साथ वह एक स्वतंत्रता सेनानी भी थीं। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली और भारतीय राज्य (संयुक्त प्रांत) के राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने वाली पहली भारतीय महिला भी थीं। एक कवि के रूप में सरोजनी नायडू को को महात्मा गांधी ने "भारत कोकिला" की उपाधि दी थी।
1835 - मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद, धार्मिक नेता और इस्लाम में अहमदिया आंदोलन के संस्थापक।
1879 - सरोजिनी नायडू, भारतीय राजनीतिक कार्यकर्ता और कवि।
1929 - लेख टंडन, फिल्म निर्माता और अभिनेता।
1942 - एम. एफ. सल्दान्हा, भारतीय न्यायाधीश और बॉम्बे उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश।
1969 - सुब्रतो बनर्जी, पूर्व भारतीय क्रिकेटर, जिन्होंने 1991 से 1992 तक एक टेस्ट और 6 एकदिवसीय मैच खेले।
1976 - शरद कपूर, भारतीय अभिनेता, जिन्होंने हिंदी फिल्मों और टेलीविजन में काम किया।
1980 - इंदिरा दांगी, हिंदी उपन्यासकार, नाटककार और लघु कथाकार।
1992 - विशाल वशिष्ठ, भारतीय व्यक्तित्व जो टेलीविज़न शो में काम करते हैं।
1956 - ज्ञानंजन नियोगी, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और एक समाज सुधारक थे।
1974 - उस्ताद अमीर खान, शास्त्रीय गायक और इंदौर घराने के संस्थापक।
2008 - राजेंद्र नाथ, भारतीय अभिनेता और हिंदी और पंजाबी फिल्मों के हास्य अभिनेता।
2014- बालू महेंद्र, श्रीलंका में जन्मे भारतीय छायाकार, निर्देशक, पटकथा लेखक और फिल्म संपादक जिन्होंने मुख्य रूप से तमिल सिनेमा में काम किया।
2010 - महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक बम विस्फोट हुआ, जिसमें 17 लोग मारे गए और 60 अन्य घायल हो गए।
13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि रेडियो लोगों को शिक्षित करने, तथ्य और जानकारी प्रदान करने और सभी संस्कृतियों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने का माध्यम है।
हर साल 13 फरवरी को वैलेंटाइन डे से एक दिन पहले किस डे के रूप में मनाया जाता है।
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History of तेरह फ़रवरीruary: सरोजिनी नायडू का जन्म तेरह फरवरी एक हज़ार आठ सौ उन्यासी को हैदराबाद में हुआ। उनके पिता का नाम अघोरनाथ चट्टोपाध्याय और माता का नाम वरदा सुंदरी देवी था। वह एक भारतीय राजनीतिक कार्यकर्ता, नारीवादी और कवि थीं। नागरिक अधिकारों, महिलाओं की आजादी और साम्राज्यवाद विरोधी विचारों की समर्थक के साथ साथ वह एक स्वतंत्रता सेनानी भी थीं। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली और भारतीय राज्य के राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने वाली पहली भारतीय महिला भी थीं। एक कवि के रूप में सरोजनी नायडू को को महात्मा गांधी ने "भारत कोकिला" की उपाधि दी थी। एक हज़ार आठ सौ पैंतीस - मिर्ज़ा ग़ुलाम अहमद, धार्मिक नेता और इस्लाम में अहमदिया आंदोलन के संस्थापक। एक हज़ार आठ सौ उन्यासी - सरोजिनी नायडू, भारतीय राजनीतिक कार्यकर्ता और कवि। एक हज़ार नौ सौ उनतीस - लेख टंडन, फिल्म निर्माता और अभिनेता। एक हज़ार नौ सौ बयालीस - एम. एफ. सल्दान्हा, भारतीय न्यायाधीश और बॉम्बे उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश। एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर - सुब्रतो बनर्जी, पूर्व भारतीय क्रिकेटर, जिन्होंने एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे से एक हज़ार नौ सौ बानवे तक एक टेस्ट और छः एकदिवसीय मैच खेले। एक हज़ार नौ सौ छिहत्तर - शरद कपूर, भारतीय अभिनेता, जिन्होंने हिंदी फिल्मों और टेलीविजन में काम किया। एक हज़ार नौ सौ अस्सी - इंदिरा दांगी, हिंदी उपन्यासकार, नाटककार और लघु कथाकार। एक हज़ार नौ सौ बानवे - विशाल वशिष्ठ, भारतीय व्यक्तित्व जो टेलीविज़न शो में काम करते हैं। एक हज़ार नौ सौ छप्पन - ज्ञानंजन नियोगी, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और एक समाज सुधारक थे। एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर - उस्ताद अमीर खान, शास्त्रीय गायक और इंदौर घराने के संस्थापक। दो हज़ार आठ - राजेंद्र नाथ, भारतीय अभिनेता और हिंदी और पंजाबी फिल्मों के हास्य अभिनेता। दो हज़ार चौदह- बालू महेंद्र, श्रीलंका में जन्मे भारतीय छायाकार, निर्देशक, पटकथा लेखक और फिल्म संपादक जिन्होंने मुख्य रूप से तमिल सिनेमा में काम किया। दो हज़ार दस - महाराष्ट्र के पुणे शहर में एक बम विस्फोट हुआ, जिसमें सत्रह लोग मारे गए और साठ अन्य घायल हो गए। तेरह फरवरी को विश्व रेडियो दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि रेडियो लोगों को शिक्षित करने, तथ्य और जानकारी प्रदान करने और सभी संस्कृतियों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा देने का माध्यम है। हर साल तेरह फरवरी को वैलेंटाइन डे से एक दिन पहले किस डे के रूप में मनाया जाता है।
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अहमदाबादः एक कबूतर पकड़ो, एक हजार रुपये का इनाम पाओ। यह ऑफर किसी किसान या शिकारी ने नहीं, बल्कि गुजरात के वडोदरा में 160 करोड़ के खर्च से बन रहे एयरपोर्ट प्राधिकरण ने दिया है। एयरपोर्ट की इमारत में 25 मीटर की ऊंचाई पर 16 कूबतरों ने अपना घोंसला बना रखा है। हवाई अड्डा प्राधिकरण इन कबूतरों से काफी परेशान है।
कबूतर स्वच्छता और सुरक्षा दोनों ही लिहाज से प्राधिकरण के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इसलिए हवाई अड्डा प्राधिकरण की ओर से नागरिकों से कबूतर पकड़ने का आग्रह किया गया है। एयरपोर्ट के निदेशक चरण सिंह का कहना है कि हम कबूतर को मारने में यकीन नहीं रखते हैं, इसलिए उचित समाधान के विकल्प की खोज की जा रही है। फिलहाल, प्राधिकरण ने नागरिकों से कबूतरों को पकड़ने की अपील की है।
आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में एक महिला की मौत कबूतर की बीट से होने वाली बीमारी के कारण हो गई थी। एम्स के डॉक्टरों ने बताया था कि कबूतर की बीट से एक्यूट हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस नाम की जानलेवा बीमारी होती है। दिल्ली के अस्पतालों में इस बीमारी से पीड़ित लगभग 300 मरीज भर्ती हैं।
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अहमदाबादः एक कबूतर पकड़ो, एक हजार रुपये का इनाम पाओ। यह ऑफर किसी किसान या शिकारी ने नहीं, बल्कि गुजरात के वडोदरा में एक सौ साठ करोड़ के खर्च से बन रहे एयरपोर्ट प्राधिकरण ने दिया है। एयरपोर्ट की इमारत में पच्चीस मीटर की ऊंचाई पर सोलह कूबतरों ने अपना घोंसला बना रखा है। हवाई अड्डा प्राधिकरण इन कबूतरों से काफी परेशान है। कबूतर स्वच्छता और सुरक्षा दोनों ही लिहाज से प्राधिकरण के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। इसलिए हवाई अड्डा प्राधिकरण की ओर से नागरिकों से कबूतर पकड़ने का आग्रह किया गया है। एयरपोर्ट के निदेशक चरण सिंह का कहना है कि हम कबूतर को मारने में यकीन नहीं रखते हैं, इसलिए उचित समाधान के विकल्प की खोज की जा रही है। फिलहाल, प्राधिकरण ने नागरिकों से कबूतरों को पकड़ने की अपील की है। आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग क्षेत्र में एक महिला की मौत कबूतर की बीट से होने वाली बीमारी के कारण हो गई थी। एम्स के डॉक्टरों ने बताया था कि कबूतर की बीट से एक्यूट हाइपर सेंसिटिविटी न्यूमोनाइटिस नाम की जानलेवा बीमारी होती है। दिल्ली के अस्पतालों में इस बीमारी से पीड़ित लगभग तीन सौ मरीज भर्ती हैं।
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गाउन स्टाइल साड़ी : यदि आप इस राखी बिल्कुल हटकर दिखना चाहती हैं तो गाउन स्टाइल साड़ी ट्राई कीजिए. इस साड़ी की खासियत यह है कि यह भारतीय नजाकत के साथ-साथ मॉडर्न लुक को भी अपने में समेटे हुए है. इसमें साड़ी को गाउन की तरह लपेटा जाता है. इसमें सिंपल प्लेट बनाकर पूरे पल्लू को ढीला ऊपर से लपेट दिया जाता है. यह भले ही साड़ी हो लेकिन दूर से देखने पर यह गाउन का ही लुक देती है. सोनम कपूर, शिल्पा शेट्टी व सानिया मिर्जा कुछ ऐसी हस्तियां हैं, जिन्हें अक्सर साड़ी गाउन स्टाइल में देखा जाता है.
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गाउन स्टाइल साड़ी : यदि आप इस राखी बिल्कुल हटकर दिखना चाहती हैं तो गाउन स्टाइल साड़ी ट्राई कीजिए. इस साड़ी की खासियत यह है कि यह भारतीय नजाकत के साथ-साथ मॉडर्न लुक को भी अपने में समेटे हुए है. इसमें साड़ी को गाउन की तरह लपेटा जाता है. इसमें सिंपल प्लेट बनाकर पूरे पल्लू को ढीला ऊपर से लपेट दिया जाता है. यह भले ही साड़ी हो लेकिन दूर से देखने पर यह गाउन का ही लुक देती है. सोनम कपूर, शिल्पा शेट्टी व सानिया मिर्जा कुछ ऐसी हस्तियां हैं, जिन्हें अक्सर साड़ी गाउन स्टाइल में देखा जाता है.
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शादी के बाद हर लड़की का जीवन बदल जाता है। अधिकतर लड़कियां शादी को लेकर कई तरह के सपने सजाती हैं। लड़कियां खुशहाल शादीशुदा जीवन की चाह रखती हैं। वह चाहती हैं कि जब उनकी शादी हो तो पति का प्रेम और सम्मान मिले। ससुराल में बेटी जितना प्यार मिले। लेकिन उनकी ही कुछ जाने अंजाने में की गई गलतियां गृहस्थ जीवन में अड़चन ला सकती हैं। अक्सर देखा जाता है कि शादी के बाद पति-पत्नी के बीच मनमुटाव हो जाते हैं। ससुराल वालों के साथ नवविवाहिता सामंजस्य नहीं पाती। कभी कभी तो दिक्कतें इतनी बढ़ जाती हैं कि पति- पत्नी को अलग तक हो जाना पड़ता है। तलाक की नौबत आ जाती है। ऐसे में हर लड़की को शादी होने के बाद कुछ गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। हो सकता है कि शुरुआत में आपको आभास भी न हो कि ये शादीशुदा जीवन के लिए गलती है लेकिन बाद में पछताना पड़े। इसलिए शादीशुदा महिलाओं के लिए सलाह है कि ये पांच गलतियां भूल से भी न करें।
एक आदर्श पत्नी वो होती है, जिसमें मितव्ययिता का गुण होता है। पति कितना भी अमीर क्यों न हो, पत्नी को उसकी कमाई को खर्च करते समय बजट और परिवार की जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए। पैसों को बिना सोचे समझें इस्तेमाल करना, या नादानी में खर्च करना आपके खुशहाल जीवन में ग्रहण लगा सकती है। पति से बार बार कीमती चीजों की मांग करना भी गलत बात है।
अक्सर महिलाएं अपनी नौकरी, दोस्तों या मायके वालों पर अधिक ध्यान देती हैं। ऐसे में वह पति और ससुराल वालों को भूल जाती हैं। कभी कभी ऐसा करना बुरा नहीं पर हमेशा अपने पति व परिवार को छोड़कर दूसरी बातों व लोगों को अपनी प्राथमिकता बनाना, आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है।
हर पति अपनी पत्नी से प्यार चाहता है। ये केवल पति के लिए ही नहीं, बल्कि सास ससुर आदि के लिए भी लागू होता है। लेकिन अगर आप प्यार जताना या सम्मान करना नहीं जानती तो आपका पार्टनर भी इस रिश्ते में दूरी बनाने लगेगा।
हर समय नकारात्मक बाते करना, ससुरालीजनों की बुराई या शिकायत करना, हताश रहना भी शादीशुदा जीवन की गलती है। पति के सामने अगर हमेशा आप इस तरह से बर्ताव करती हैं तो वह आपसे चिढ़ने लग सकते हैं।
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शादी के बाद हर लड़की का जीवन बदल जाता है। अधिकतर लड़कियां शादी को लेकर कई तरह के सपने सजाती हैं। लड़कियां खुशहाल शादीशुदा जीवन की चाह रखती हैं। वह चाहती हैं कि जब उनकी शादी हो तो पति का प्रेम और सम्मान मिले। ससुराल में बेटी जितना प्यार मिले। लेकिन उनकी ही कुछ जाने अंजाने में की गई गलतियां गृहस्थ जीवन में अड़चन ला सकती हैं। अक्सर देखा जाता है कि शादी के बाद पति-पत्नी के बीच मनमुटाव हो जाते हैं। ससुराल वालों के साथ नवविवाहिता सामंजस्य नहीं पाती। कभी कभी तो दिक्कतें इतनी बढ़ जाती हैं कि पति- पत्नी को अलग तक हो जाना पड़ता है। तलाक की नौबत आ जाती है। ऐसे में हर लड़की को शादी होने के बाद कुछ गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। हो सकता है कि शुरुआत में आपको आभास भी न हो कि ये शादीशुदा जीवन के लिए गलती है लेकिन बाद में पछताना पड़े। इसलिए शादीशुदा महिलाओं के लिए सलाह है कि ये पांच गलतियां भूल से भी न करें। एक आदर्श पत्नी वो होती है, जिसमें मितव्ययिता का गुण होता है। पति कितना भी अमीर क्यों न हो, पत्नी को उसकी कमाई को खर्च करते समय बजट और परिवार की जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए। पैसों को बिना सोचे समझें इस्तेमाल करना, या नादानी में खर्च करना आपके खुशहाल जीवन में ग्रहण लगा सकती है। पति से बार बार कीमती चीजों की मांग करना भी गलत बात है। अक्सर महिलाएं अपनी नौकरी, दोस्तों या मायके वालों पर अधिक ध्यान देती हैं। ऐसे में वह पति और ससुराल वालों को भूल जाती हैं। कभी कभी ऐसा करना बुरा नहीं पर हमेशा अपने पति व परिवार को छोड़कर दूसरी बातों व लोगों को अपनी प्राथमिकता बनाना, आपकी सबसे बड़ी गलती हो सकती है। हर पति अपनी पत्नी से प्यार चाहता है। ये केवल पति के लिए ही नहीं, बल्कि सास ससुर आदि के लिए भी लागू होता है। लेकिन अगर आप प्यार जताना या सम्मान करना नहीं जानती तो आपका पार्टनर भी इस रिश्ते में दूरी बनाने लगेगा। हर समय नकारात्मक बाते करना, ससुरालीजनों की बुराई या शिकायत करना, हताश रहना भी शादीशुदा जीवन की गलती है। पति के सामने अगर हमेशा आप इस तरह से बर्ताव करती हैं तो वह आपसे चिढ़ने लग सकते हैं।
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करते हैं तो वे साधारणतया ऐसा 'दर पाचे समा' (समा के बारे में ) शीपचाले अध्याय में करते हैं। हुजपीरी ने अपनी पुस्तक महजूच' के अतिम अध्याय में इस शीर्षक के अन्तर्गत अपने और अन्य मुसलमानी सान्दों का प्रति सुन्दर सारांश दिया है और साथ ही साथ उन व्यक्तिया यी ने कथाएँ भी दी हैं जिन पर करान की कोई
तको 'हानिफ' ( श्रापाशवाणी), पविता या यङ्गीत सुनकर थाहाद का दौरा पड़ गया था। इस प्रकार जामत हुई भावना से बहुत की मृत्यु भी हो गयी। किरण देने घ लिए मैं यह भी जाद देना चाहता हूँ कि एक प्रसिद्ध रहनादी निश्वास के अनुसार ईश्वर ने दी प्रत्येक वस्तु को अपनी ही भाषा में परमात्मा की स्तुति करने के लिए अनुमाणित किया है, ताकि विश्व की समस्त व्यनिया प वृहत् सामूहिक मजन का रूप धारण कर लें, जिसप द्वारा परमात्मा यो प्रतिवरता है । परिणामस्वरूप ये लाग, जिनके हृदयों को खोलकर उसन था या महान्ट प्रदान की है, हर ITE उसकी ही वाणी सुनते है और 'मुग्रजन' था लय 'ज्ञान' पर मशव लटपाथ गली में जाते हुए सका (भिश्ती) की आवाज, या वायु का शार या मैका मिमियाना या चिड़िया की पहचहाहट सुन पर ही उन पर थाहाद या दौरा पड़ जाता है।
पैथागोरस और श्रम्मानून ने एक दूसरा सिद्धान्त, जिसका थोर पण बहुपा सकेत करते हैं, ताया श्रात्मा में इस जानन से पूर्व अथाम् आत्मा के परमात्मा से विलग होने से पूर्व मुनो स्वर्गीय गान की स्मृति जामत परता है। इसी भाँति जलालुद्दीन मीने मी पहा है
"मां पर परिममा परन हुछ गान
यही है जो मनुष्य वीणा थोर ध्वनि प साथ गाते हैं । शादम प यशव होने व नात
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करते हैं तो वे साधारणतया ऐसा 'दर पाचे समा' शीपचाले अध्याय में करते हैं। हुजपीरी ने अपनी पुस्तक महजूच' के अतिम अध्याय में इस शीर्षक के अन्तर्गत अपने और अन्य मुसलमानी सान्दों का प्रति सुन्दर सारांश दिया है और साथ ही साथ उन व्यक्तिया यी ने कथाएँ भी दी हैं जिन पर करान की कोई तको 'हानिफ' , पविता या यङ्गीत सुनकर थाहाद का दौरा पड़ गया था। इस प्रकार जामत हुई भावना से बहुत की मृत्यु भी हो गयी। किरण देने घ लिए मैं यह भी जाद देना चाहता हूँ कि एक प्रसिद्ध रहनादी निश्वास के अनुसार ईश्वर ने दी प्रत्येक वस्तु को अपनी ही भाषा में परमात्मा की स्तुति करने के लिए अनुमाणित किया है, ताकि विश्व की समस्त व्यनिया प वृहत् सामूहिक मजन का रूप धारण कर लें, जिसप द्वारा परमात्मा यो प्रतिवरता है । परिणामस्वरूप ये लाग, जिनके हृदयों को खोलकर उसन था या महान्ट प्रदान की है, हर ITE उसकी ही वाणी सुनते है और 'मुग्रजन' था लय 'ज्ञान' पर मशव लटपाथ गली में जाते हुए सका की आवाज, या वायु का शार या मैका मिमियाना या चिड़िया की पहचहाहट सुन पर ही उन पर थाहाद या दौरा पड़ जाता है। पैथागोरस और श्रम्मानून ने एक दूसरा सिद्धान्त, जिसका थोर पण बहुपा सकेत करते हैं, ताया श्रात्मा में इस जानन से पूर्व अथाम् आत्मा के परमात्मा से विलग होने से पूर्व मुनो स्वर्गीय गान की स्मृति जामत परता है। इसी भाँति जलालुद्दीन मीने मी पहा है "मां पर परिममा परन हुछ गान यही है जो मनुष्य वीणा थोर ध्वनि प साथ गाते हैं । शादम प यशव होने व नात
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बठिंडा. ठण्ड के दस्तक देते ही कोहरे की चादर ने उत्तरी भारत को ढँक लिया है. नतीजतन दृश्यता में कमी के चलते यातायात प्रभावित होने के साथ ही कईं सड़क हादसे भी होते हैं. एक ओर दिल्ली के साथ आगरा मथुरा एक्सप्रेस वे पर 18 वाहनों के टकराने से लोग घायल हो गए हैं, वहीँ पंजाब में भी कोहरे की वजह से हुई भीषण टक्कर में 8 लोगों की मौत हो गई है.
बुधवार को घने कोहरे के कारण बठिंडा कैंट में चेतक पार्क के पास हुए इस हादसे कईं वाहन आपस में टकरा गए. इस टक्कर के कारण 8 लोगों की जान चली गई जबकि कई लोग घायल हो गए. मरने वालों में कईं स्कूली बच्चे भी शामिल है. हादसे के बाद वहाँ अफरातफरी मच गई.
दरअसल पंजाब में पराली जलाने के कारण समय से पहले कोहरा पड़ रहा है. जो जानलेवा साबित हो रहा है. पूरे उत्तर भारत में इस स्मॉग के कोहरे ने कोहराम मचा रखा है, आगरा मथुरा एक्सप्रेस वे पर वाहनों के टकराने का विडियो का विडियो भी आया है. लेकिन पंजाब में यह हादसा भीषण रूप ले चूका है. बठिंडा के डी. सी. दीप्रवा लाकरा ने इस हादसे में 8 लोगों के मरने की पुष्टि की है.
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बठिंडा. ठण्ड के दस्तक देते ही कोहरे की चादर ने उत्तरी भारत को ढँक लिया है. नतीजतन दृश्यता में कमी के चलते यातायात प्रभावित होने के साथ ही कईं सड़क हादसे भी होते हैं. एक ओर दिल्ली के साथ आगरा मथुरा एक्सप्रेस वे पर अट्ठारह वाहनों के टकराने से लोग घायल हो गए हैं, वहीँ पंजाब में भी कोहरे की वजह से हुई भीषण टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई है. बुधवार को घने कोहरे के कारण बठिंडा कैंट में चेतक पार्क के पास हुए इस हादसे कईं वाहन आपस में टकरा गए. इस टक्कर के कारण आठ लोगों की जान चली गई जबकि कई लोग घायल हो गए. मरने वालों में कईं स्कूली बच्चे भी शामिल है. हादसे के बाद वहाँ अफरातफरी मच गई. दरअसल पंजाब में पराली जलाने के कारण समय से पहले कोहरा पड़ रहा है. जो जानलेवा साबित हो रहा है. पूरे उत्तर भारत में इस स्मॉग के कोहरे ने कोहराम मचा रखा है, आगरा मथुरा एक्सप्रेस वे पर वाहनों के टकराने का विडियो का विडियो भी आया है. लेकिन पंजाब में यह हादसा भीषण रूप ले चूका है. बठिंडा के डी. सी. दीप्रवा लाकरा ने इस हादसे में आठ लोगों के मरने की पुष्टि की है.
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Ranchi: झारखंड भाजपा ने सांगठनिक मजबूती पर काम करना शुरू कर दिया है. गुरूवार को जहां प्रदेश सह प्रभारी सुभाष सरकार प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करनेवाले हैं, वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश पांच दिनों के सांगठनिक प्रवास पर कोल्हान प्रमंडल के सभी जिले का दौरा करेंगे.
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद शर्मा ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश कोल्हान प्रमंडल की पांच दिवसीय सांगठनिक प्रवास पर आगामी 4 दिसंबर से जाएंगे.
शर्मा ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष का झारखंड के सभी जिलों में सांगठनिक प्रवास के कार्यक्रम को पार्टी द्वारा तैयार किया जा रहा है, जिसका प्रथम चरण कोल्हान प्रमंडल के चार सांगठनिक जिलों चाईबासा, सरायकेला ,पूर्वी सिंहभूम(घाटशिला)और जमशेदपुर महानगर के कार्यक्रमों से सम्पन्न होगा.
उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष 4 दिसंबर को चाईबासा, 5 दिसंबर को सरायकेला खरसांवा, 6 दिसंबर को पूर्वी सिंहभूम (घाटशिला) 7 दिसंबर को जमशेदपुर महानगर ज़िला की कार्यसमिति बैठक में शामिल होंगे.
बताया कि जिला कार्यसमिति बैठकों के अतिरिक्त प्रदेश अध्यक्ष का ज़िला पदाधिकारियों, सांसद, विधायकगण के साथ भी बैठक निर्धारित है. साथ ही वे ज़िलों के पुराने, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, कार्यकर्ताओं एवम आमजन से भी मिलकर संवाद करेंगे.
बताया कि सभी जिलों में किसी एक बूथ पर भी प्रदेश अध्यक्ष जी बूथ समिति की बैठक में भाग लेंगे. प्रकाश के द्वारा सभी जिलों में प्रेसवार्ता भी होगी.
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Ranchi: झारखंड भाजपा ने सांगठनिक मजबूती पर काम करना शुरू कर दिया है. गुरूवार को जहां प्रदेश सह प्रभारी सुभाष सरकार प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक करनेवाले हैं, वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश पांच दिनों के सांगठनिक प्रवास पर कोल्हान प्रमंडल के सभी जिले का दौरा करेंगे. भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद शर्मा ने बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद दीपक प्रकाश कोल्हान प्रमंडल की पांच दिवसीय सांगठनिक प्रवास पर आगामी चार दिसंबर से जाएंगे. शर्मा ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष का झारखंड के सभी जिलों में सांगठनिक प्रवास के कार्यक्रम को पार्टी द्वारा तैयार किया जा रहा है, जिसका प्रथम चरण कोल्हान प्रमंडल के चार सांगठनिक जिलों चाईबासा, सरायकेला ,पूर्वी सिंहभूमऔर जमशेदपुर महानगर के कार्यक्रमों से सम्पन्न होगा. उन्होंने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष चार दिसंबर को चाईबासा, पाँच दिसंबर को सरायकेला खरसांवा, छः दिसंबर को पूर्वी सिंहभूम सात दिसंबर को जमशेदपुर महानगर ज़िला की कार्यसमिति बैठक में शामिल होंगे. बताया कि जिला कार्यसमिति बैठकों के अतिरिक्त प्रदेश अध्यक्ष का ज़िला पदाधिकारियों, सांसद, विधायकगण के साथ भी बैठक निर्धारित है. साथ ही वे ज़िलों के पुराने, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, कार्यकर्ताओं एवम आमजन से भी मिलकर संवाद करेंगे. बताया कि सभी जिलों में किसी एक बूथ पर भी प्रदेश अध्यक्ष जी बूथ समिति की बैठक में भाग लेंगे. प्रकाश के द्वारा सभी जिलों में प्रेसवार्ता भी होगी.
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जयकांत वाजपेयी ही वो शख्स है जो विकास दुबे की काली कमाई का पूरा हिसाब रखता था और पैसों को मैनेज करता था। पुलिस के अनुसार बिकरू कांड में जयकांत वाजपेयी भी शामिल है। उसने घटना वाले दिन कारतूस और पैसे विकास दुबे को मुहैया कराये थे।
कानपुर शूटआउट केस में उत्तर प्रदेश पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। बिकरू कांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी जयकांत वाजपेयी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसके साथी प्रशांत शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में एफआईआर भी दर्ज किया गया है।
ऐसे आरोप है कि जयकांत वाजपेयी उर्फ जय वाजपेयी ही मुख्य तौर पर विकास दुबे के पैसों का हिसाब रखता था। ऐसे में जय की गिरफ्तारी से विकास दुबे की काली कमाई के कई राज खुल सकते हैं।
जयकांत वाजपेयी को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कानपुर पुलिस के अनुसार बिकरू कांड में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में वाजपेयी और प्रशांत शुक्ला भी शामिल थे। दोनों ने विकास दुबे की तब मदद की थी। बताया जा रहा कि 1 जुलाई को विकास दुबे ने जय वाजपेयी को फोन किया था और पिर 2 जुलाई को जय और प्रशांत बिकरू गांव पहुंचे थे।
कानपुर पुलिस के अनुसार 2 जुलाई को जय वाजपेयी ने विकास दुबे को 2 लाख रुपये और कारतूस दिए थे। साथ ही घटना के बाद विकास दुबे और उसके गैंग को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए तीन लग्जरी गाड़ियों की व्यवस्था भी की गई थी।
विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद अब उसकी काली कमाई की जांच भी शुरू है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में सक्रिय हो गया है। कहा जाता है कि जय वाजपेयी के ही कहने पर विकास दुबे ने कानपुर से लेकर बैंकॉक तक कई जगहों पर निवेश किये थे।
जयकांत वाजपेयी साथ ही विकास दुबे के विवादित जमीनों को खरीदने, हड़पने में भी साथ देता था। विकास दुबे की कमाई को मैनेज करते-करते जयकांत भी अकूत संपत्ति का मालिक बन चुका है। उसके नाम लखनऊ और कानपुर में कई संपत्तियां हैं। यही नहीं, जयकांत और विकास ने उत्तराखंड, मुंबई, नोएडा में दो दर्जन से ज्यादा प्लॉट और मकान खरीदे थे।
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जयकांत वाजपेयी ही वो शख्स है जो विकास दुबे की काली कमाई का पूरा हिसाब रखता था और पैसों को मैनेज करता था। पुलिस के अनुसार बिकरू कांड में जयकांत वाजपेयी भी शामिल है। उसने घटना वाले दिन कारतूस और पैसे विकास दुबे को मुहैया कराये थे। कानपुर शूटआउट केस में उत्तर प्रदेश पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। बिकरू कांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी जयकांत वाजपेयी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसके साथी प्रशांत शुक्ला को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं में एफआईआर भी दर्ज किया गया है। ऐसे आरोप है कि जयकांत वाजपेयी उर्फ जय वाजपेयी ही मुख्य तौर पर विकास दुबे के पैसों का हिसाब रखता था। ऐसे में जय की गिरफ्तारी से विकास दुबे की काली कमाई के कई राज खुल सकते हैं। जयकांत वाजपेयी को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कानपुर पुलिस के अनुसार बिकरू कांड में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में वाजपेयी और प्रशांत शुक्ला भी शामिल थे। दोनों ने विकास दुबे की तब मदद की थी। बताया जा रहा कि एक जुलाई को विकास दुबे ने जय वाजपेयी को फोन किया था और पिर दो जुलाई को जय और प्रशांत बिकरू गांव पहुंचे थे। कानपुर पुलिस के अनुसार दो जुलाई को जय वाजपेयी ने विकास दुबे को दो लाख रुपये और कारतूस दिए थे। साथ ही घटना के बाद विकास दुबे और उसके गैंग को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए तीन लग्जरी गाड़ियों की व्यवस्था भी की गई थी। विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद अब उसकी काली कमाई की जांच भी शुरू है। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में सक्रिय हो गया है। कहा जाता है कि जय वाजपेयी के ही कहने पर विकास दुबे ने कानपुर से लेकर बैंकॉक तक कई जगहों पर निवेश किये थे। जयकांत वाजपेयी साथ ही विकास दुबे के विवादित जमीनों को खरीदने, हड़पने में भी साथ देता था। विकास दुबे की कमाई को मैनेज करते-करते जयकांत भी अकूत संपत्ति का मालिक बन चुका है। उसके नाम लखनऊ और कानपुर में कई संपत्तियां हैं। यही नहीं, जयकांत और विकास ने उत्तराखंड, मुंबई, नोएडा में दो दर्जन से ज्यादा प्लॉट और मकान खरीदे थे।
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सोशल मीडिया ने डेट करने के तरीके को भी काफी हद तक बदल दिया है. कई बार इन साइट्स पर आपको सच्चा प्यार मिल जाता है तो कई बार इस राह में धोखे भी खाने को मिलते हैं.
ऑनलाइन डेटिंग में अक्सर लड़का और लड़की अपनी उम्र छुपाते हैं. कई बार दूसरे लोगों की फोटो डालकर एक-दूसरे को इंप्रेस करने की कोशिश भी करते हैं. ऐसे में फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से वे खुद के लुक्स काफी हद तक अलग दिखाते हैं.
डेटिंग साइट पर लड़के हमेशा अपनी नौकरी के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बताते हैं. उन्हें जिस तरह की लड़की तलाश होती है, वह उसी तरह काफी सोच-समझकर नौकरी के बारे में लिखते और बताते हैं.
अगर आपका ऑनलाइन डेटिंग पार्टनर भी आपको अपनी जॉब के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बताता है तो आपको सावधान होने की जरूरत है.
परिवार और फैमिली के बारे में लड़कियों का एक सॉफ्ट कॉर्नर होता है, इसलिए लड़के इसका फायदा उठाते हैं. वो अक्सर अपने परिवार वालों के बारे में ऐसी बातें करते हैं जिससे लड़की उनसे इमोशनल तौर पर जुड़ जाए. ऐसी बातों में आने से बचें.
ऑनलाइन डेटिंग में अगर लड़का या लड़की फ्रॉड हैं तो वह फोटो शेयर करने के मामले में बहुत स्लो होते हैं. उनके डेटिंग अकाउंट में कुछ चुनिंदा तस्वीरों ही होती हैं. अगर आप भी किसी ऐसे ही इंसान से बात कर रहे हैं तो समझ जाइए कि उसकी नीयत में खोट है.
खूबसूरती हमेशा ही सीरत पर भारी पड़ती रही है और कुछ लोग इसी बात का फायदा लोगों को बेवकूफ बनाने में करते हैं. 90 प्रतिशत लड़कियों को टॉल, डार्क और हैंडसम लड़के पसंद होते हैं और ऐसी बातें टीवी पर भी खूब दिखाई जाती हैं.
इन्हीं बातों का फायदा ऐसे लड़के अक्सर लड़कियों को इम्प्रेस करने के लिए करते हैं. इसी तरह लड़कियां भी खूबसूरत और समझदार होना का झूठा दिखावा करके लड़कों को धोखा देती हैं.
6. मीठी बातें करनाः
अपनी तारीफ सुनना किसे पसंद नहीं होता और इसी बात को ऐसे लोग अपनी ढाल बनाते हैं. आपकी हर पसंद को अपनी पसंद बताकर आपके दिल को जीत लेते हैं. ज्यादा मीठी बातें करने वालों से बचकर रहें.
ऑनलाइन डेटिंग साइट पर इस तरह के लड़के और लड़कियों को इमोशनल बातें और अपने दुखों के बारे में बताकर अपने पाटर्नर की सहानुभूति पा लेते हैं. आगे चलकर इन्हीं बातों का इस्तेमाल वो अकसर ही अपने पार्टनर को धोखा देने में करते हैं.
ऑनलाइन धोखाधड़ी किस हद तक घातक हो सकती है, इस फिल्म को देख कर इसका अंदाजा आपको जरूर हो जाएगा.
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सोशल मीडिया ने डेट करने के तरीके को भी काफी हद तक बदल दिया है. कई बार इन साइट्स पर आपको सच्चा प्यार मिल जाता है तो कई बार इस राह में धोखे भी खाने को मिलते हैं. ऑनलाइन डेटिंग में अक्सर लड़का और लड़की अपनी उम्र छुपाते हैं. कई बार दूसरे लोगों की फोटो डालकर एक-दूसरे को इंप्रेस करने की कोशिश भी करते हैं. ऐसे में फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से वे खुद के लुक्स काफी हद तक अलग दिखाते हैं. डेटिंग साइट पर लड़के हमेशा अपनी नौकरी के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बताते हैं. उन्हें जिस तरह की लड़की तलाश होती है, वह उसी तरह काफी सोच-समझकर नौकरी के बारे में लिखते और बताते हैं. अगर आपका ऑनलाइन डेटिंग पार्टनर भी आपको अपनी जॉब के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बताता है तो आपको सावधान होने की जरूरत है. परिवार और फैमिली के बारे में लड़कियों का एक सॉफ्ट कॉर्नर होता है, इसलिए लड़के इसका फायदा उठाते हैं. वो अक्सर अपने परिवार वालों के बारे में ऐसी बातें करते हैं जिससे लड़की उनसे इमोशनल तौर पर जुड़ जाए. ऐसी बातों में आने से बचें. ऑनलाइन डेटिंग में अगर लड़का या लड़की फ्रॉड हैं तो वह फोटो शेयर करने के मामले में बहुत स्लो होते हैं. उनके डेटिंग अकाउंट में कुछ चुनिंदा तस्वीरों ही होती हैं. अगर आप भी किसी ऐसे ही इंसान से बात कर रहे हैं तो समझ जाइए कि उसकी नीयत में खोट है. खूबसूरती हमेशा ही सीरत पर भारी पड़ती रही है और कुछ लोग इसी बात का फायदा लोगों को बेवकूफ बनाने में करते हैं. नब्बे प्रतिशत लड़कियों को टॉल, डार्क और हैंडसम लड़के पसंद होते हैं और ऐसी बातें टीवी पर भी खूब दिखाई जाती हैं. इन्हीं बातों का फायदा ऐसे लड़के अक्सर लड़कियों को इम्प्रेस करने के लिए करते हैं. इसी तरह लड़कियां भी खूबसूरत और समझदार होना का झूठा दिखावा करके लड़कों को धोखा देती हैं. छः. मीठी बातें करनाः अपनी तारीफ सुनना किसे पसंद नहीं होता और इसी बात को ऐसे लोग अपनी ढाल बनाते हैं. आपकी हर पसंद को अपनी पसंद बताकर आपके दिल को जीत लेते हैं. ज्यादा मीठी बातें करने वालों से बचकर रहें. ऑनलाइन डेटिंग साइट पर इस तरह के लड़के और लड़कियों को इमोशनल बातें और अपने दुखों के बारे में बताकर अपने पाटर्नर की सहानुभूति पा लेते हैं. आगे चलकर इन्हीं बातों का इस्तेमाल वो अकसर ही अपने पार्टनर को धोखा देने में करते हैं. ऑनलाइन धोखाधड़ी किस हद तक घातक हो सकती है, इस फिल्म को देख कर इसका अंदाजा आपको जरूर हो जाएगा.
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Uttarakhand Foundation Day : उत्तराखंडवासियों के लिए आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि आज के दिन ही उत्तराखंड की स्थापना हुई थी, हर साल 09 नवंबर को उत्तराखंड स्थापना दिवस मनाया जाता है। वहीं इस मौके पर सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों, आन्दोलनकारियों एवं देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इसके अलावा प्रदेश में आई आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति भी सीएम ने संवेदना प्रकट की।
मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के साथ औद्योगिक उत्तराखंड की मजबूत नींव रखने पर भी बात कही। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और प्रधानमंत्री मोदी के नए विजन ने उत्तराखंड को तेजी से विकास की ओर अग्रसर किया है। सीएम धामी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। हम इसे 2025 तक देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे'
उत्तराखंड डे को राज्य उत्तराखंड स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह हर साल 9 नवंबर को मनाया जाता है। दरअसल 9 नवंबर 2000 को ये उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड राज्य बना था, इसलिए इस अवसर पर उत्तराखंड वासी एक-दूसरे को बधाई देते हैं। उत्तराखंड राज्य में बहुत समृद्ध प्राकृतिक संसाधन हैं, इस राज्य की राजधानी देहरादून है। यह राज्य अपने में ही एक सुंदरता का प्रतिक है। यहां ग्लेशियर, नदियां, घने जंगल और बर्फ से ढकी पर्वत चोटियां शामिल हैं। उत्तराखंड को चार धाम के रूप में भी जाना जाता है, यहां बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री है।
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Quick links: Uttarakhand Foundation Day : उत्तराखंडवासियों के लिए आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि आज के दिन ही उत्तराखंड की स्थापना हुई थी, हर साल नौ नवंबर को उत्तराखंड स्थापना दिवस मनाया जाता है। वहीं इस मौके पर सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामना दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के सभी अमर शहीदों, आन्दोलनकारियों एवं देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। इसके अलावा प्रदेश में आई आपदा में जान गवाने वाले लोगों के प्रति भी सीएम ने संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने राज्य निर्माण के साथ औद्योगिक उत्तराखंड की मजबूत नींव रखने पर भी बात कही। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा है कि प्रदेश की महान जनता के आशीर्वाद, सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति और प्रधानमंत्री मोदी के नए विजन ने उत्तराखंड को तेजी से विकास की ओर अग्रसर किया है। सीएम धामी ने अपने संबोधन में आगे कहा कि, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत इक्कीसवीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा। हम इसे दो हज़ार पच्चीस तक देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएंगे' उत्तराखंड डे को राज्य उत्तराखंड स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह हर साल नौ नवंबर को मनाया जाता है। दरअसल नौ नवंबर दो हज़ार को ये उत्तर प्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड राज्य बना था, इसलिए इस अवसर पर उत्तराखंड वासी एक-दूसरे को बधाई देते हैं। उत्तराखंड राज्य में बहुत समृद्ध प्राकृतिक संसाधन हैं, इस राज्य की राजधानी देहरादून है। यह राज्य अपने में ही एक सुंदरता का प्रतिक है। यहां ग्लेशियर, नदियां, घने जंगल और बर्फ से ढकी पर्वत चोटियां शामिल हैं। उत्तराखंड को चार धाम के रूप में भी जाना जाता है, यहां बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमनोत्री है।
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पिछले साल मार्च में यूएस-बांग्ला एयरलाइन बॉम्बार्डियर यूबीजी-211 विमान के हादसे का शिकार होने की वजह अब जाकर सामने आई है। जांच समिति ने पाया कि कॉकपिट के अंदर पायलट के धूम्रपान करने की वजह से विमान हादसा हुआ, जिसके चलते विमान में सवार 51 लोगों की दर्दनाम मौत हो चुकी है।
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पिछले साल मार्च में यूएस-बांग्ला एयरलाइन बॉम्बार्डियर यूबीजी-दो सौ ग्यारह विमान के हादसे का शिकार होने की वजह अब जाकर सामने आई है। जांच समिति ने पाया कि कॉकपिट के अंदर पायलट के धूम्रपान करने की वजह से विमान हादसा हुआ, जिसके चलते विमान में सवार इक्यावन लोगों की दर्दनाम मौत हो चुकी है। Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
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ChatGPT पिछले कुछ दिनों से चर्चा का केंद्र बना हुआ था. कोई इसे गूगल के खत्म होने की शुरुआत बता रहा था, तो कोई इसमें सर्च इंजन का भविष्य तलाश रहा था. बीतें दिनों चर्चा हो रही थी कि कंपनी इसे पेड करने पर विचार कर रही है और आखिरकार Open AI ने इसकी डिटेल्स जारी कर दी है.
इसका मतलब है कि ChatGPT के लिए आपको सब्सक्रिप्शन प्लान खरीदना होगा. हालांकि, इसका एक फ्री वर्जन भी होगा. इसे आप कुछ कुछ YouTube सब्सक्रिप्शन की तरह समझ सकते हैं. जहां आपको एक फ्री वर्जन मिलता है और एक पेड, जिसे प्रीमियम कहते हैं.
ChatGPT के साथ भी ऐसा ही है. Open AI ने इसका प्रोफेशनल प्लान लॉन्च कर दिया है. इसके लिए यूजर्स को 42 डॉलर हर महीने खर्च करने होंगे. वहीं भारत में इसके लिए कंपनी ने अलग से कीमत का ऐलान नहीं किया है. यानी यूजर्स को 42 डॉलर लगभग 3400 रुपये हर महीने खर्च करने होंगे. प्रोफेशनल यूजर्स को कई ऐसे फीचर्स मिलेंगे, जो फ्री यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं होंगे.
अगर आप ChatGPT का फ्री प्लान यूज करते हैं, तो इसमें आपको चैटबॉट की सर्विस तब ही मिलेगी जब डिमांड कम होगी. यानी कंपनी पहले प्रोफेशनल यूजर्स को मौका देगी. इसके अलावा यूजर्स को इस पर स्टैंडर्ड स्पीड और रेगुलर मॉडल अपडेट्स देखने को मिलेंगे. वहीं प्रोफेशनल प्लान पर कई फायदे मिलेंगे.
यूजर्स को हाई डिमांड होने पर भी सर्विस मिलेगी. इतना ही नहीं यूजर्स को हाई-स्पीड रिस्पॉन्स मिलेगा और नए फीचर्स को प्राथमिकता से यूज करने दिया जाएगा. हाल में ChatGTP और Microsoft साथ आए हैं, जिससे वे सर्च इंजन सेगमेंट में गूगल को टक्कर दे सकें. इस चैटबॉट को Open AI ने डेवलप किया है.
अगर आपने ChatGPT यूज किया होगा, तो इसकी वैल्यू को समझ सकेंगे. इस चैटबॉट को न्यूयॉर्क शहर के स्कूलों में बैन किया गया है. इसकी वजह तेजी से हो रहा इसका गलत इस्तेमाल है. बच्चे इसकी मदद से अपने होमवर्क तक कर रहे हैं. चूंकि, इसकी लिखावट में एक ह्यूमन टच होता है, इसलिए ये किसी इंसानों की तरह ही भाषा का इस्तेमाल करता है.
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ChatGPT पिछले कुछ दिनों से चर्चा का केंद्र बना हुआ था. कोई इसे गूगल के खत्म होने की शुरुआत बता रहा था, तो कोई इसमें सर्च इंजन का भविष्य तलाश रहा था. बीतें दिनों चर्चा हो रही थी कि कंपनी इसे पेड करने पर विचार कर रही है और आखिरकार Open AI ने इसकी डिटेल्स जारी कर दी है. इसका मतलब है कि ChatGPT के लिए आपको सब्सक्रिप्शन प्लान खरीदना होगा. हालांकि, इसका एक फ्री वर्जन भी होगा. इसे आप कुछ कुछ YouTube सब्सक्रिप्शन की तरह समझ सकते हैं. जहां आपको एक फ्री वर्जन मिलता है और एक पेड, जिसे प्रीमियम कहते हैं. ChatGPT के साथ भी ऐसा ही है. Open AI ने इसका प्रोफेशनल प्लान लॉन्च कर दिया है. इसके लिए यूजर्स को बयालीस डॉलर हर महीने खर्च करने होंगे. वहीं भारत में इसके लिए कंपनी ने अलग से कीमत का ऐलान नहीं किया है. यानी यूजर्स को बयालीस डॉलर लगभग तीन हज़ार चार सौ रुपयापये हर महीने खर्च करने होंगे. प्रोफेशनल यूजर्स को कई ऐसे फीचर्स मिलेंगे, जो फ्री यूजर्स के लिए उपलब्ध नहीं होंगे. अगर आप ChatGPT का फ्री प्लान यूज करते हैं, तो इसमें आपको चैटबॉट की सर्विस तब ही मिलेगी जब डिमांड कम होगी. यानी कंपनी पहले प्रोफेशनल यूजर्स को मौका देगी. इसके अलावा यूजर्स को इस पर स्टैंडर्ड स्पीड और रेगुलर मॉडल अपडेट्स देखने को मिलेंगे. वहीं प्रोफेशनल प्लान पर कई फायदे मिलेंगे. यूजर्स को हाई डिमांड होने पर भी सर्विस मिलेगी. इतना ही नहीं यूजर्स को हाई-स्पीड रिस्पॉन्स मिलेगा और नए फीचर्स को प्राथमिकता से यूज करने दिया जाएगा. हाल में ChatGTP और Microsoft साथ आए हैं, जिससे वे सर्च इंजन सेगमेंट में गूगल को टक्कर दे सकें. इस चैटबॉट को Open AI ने डेवलप किया है. अगर आपने ChatGPT यूज किया होगा, तो इसकी वैल्यू को समझ सकेंगे. इस चैटबॉट को न्यूयॉर्क शहर के स्कूलों में बैन किया गया है. इसकी वजह तेजी से हो रहा इसका गलत इस्तेमाल है. बच्चे इसकी मदद से अपने होमवर्क तक कर रहे हैं. चूंकि, इसकी लिखावट में एक ह्यूमन टच होता है, इसलिए ये किसी इंसानों की तरह ही भाषा का इस्तेमाल करता है.
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25W चार्जिंग सपोर्ट के साथ 6,000mAh की बैटरी होगी. ( Image Source : gizmochina )
सैमसंग (Samsung) की तरफ से जल्द ही भारत में गैलेक्सी M34 5G स्मार्टफोन (Samsung Galaxy M34 5G) लॉन्च करने की पुष्टि की गई है. डिवाइस को आज पहले एफसीसी सर्टिफिकेट हासिल हुआ. आने वाले एम-सीरीज़ फोन पिछले साल के गैलेक्सी एम33 5जी के उत्तराधिकारी के रूप में आने के लिए तैयार है. स्मार्टफोन के अमेज़न पर खरीदने के लिए उपलब्ध होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है. गिजमोचाइना की खबर के मुताबिक, अब, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने गैलेक्सी M34 5G की माइक्रोसाइट को अपडेट किया है जिससे डिवाइस के महत्वपूर्ण विवरण का पता चलता है.
Amazon पर Galaxy M34 5G माइक्रोसाइट से पता चलता है कि सैमसंग ने यूजर्स से यह पूछने के लिए एक सर्वे किया कि स्मार्टफोन की सबसे पसंदीदा फीचर्स कौन सी हैं. इसमें 2 प्रतिशत ने OIS कैमरा कहा जबकि 5 प्रतिशत ने 5,000mAh से ज्यादा बैटरी यूनिट का उल्लेख किया. 10 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि AMOLED स्क्रीन है जबकि 20 प्रतिशत ने विस्तारित ओएस अपग्रेड और सुरक्षा अपडेट के लिए मतदान किया. आखिर में, 23 प्रतिशत यूजर्स ने फास्ट प्रोसेसर को प्राथमिकता दी. 40 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि वे स्मार्टफोन में उपरोक्त सभी फीचर्स को पसंद करते हैं.
पोल के नीचे, माइक्रोसाइट पर टेक्स्ट है जो कहता है 'हमने आपकी बात सुनी', और फिर नीचे, यह कहता है कि आपकी सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए बिल्कुल नया गैलेक्सी एम34 5जी पेश किया जा रहा है. इससे पता चलता है कि आगामी स्मार्टफोन उपरोक्त सभी फीचर्स के साथ आ सकता है. माइक्रोसाइट के मुताबिक, डिवाइस में बैक पैनल पर ट्रिपल रियर कैमरे होने की पुष्टि की गई है. हालांकि, Samsung Galaxy M34 5G के कई फीचर्स की जानकारी सार्वजनिक नहीं किया गया है.
लीक और अफवाहों की मानें तो, गैलेक्सी M34 5G में FHD+ रिज़ॉल्यूशन और 120Hz रिफ्रेश रेट वाले 6. 6-इंच sAMOLED डिस्प्ले के साथ आने की उम्मीद है. कथित तौर पर इसमें FCC सर्टिफिकेशन के मुताबिक, 25W चार्जिंग सपोर्ट के साथ 6,000mAh की बैटरी होगी. आगामी पेशकश को डाइमेंशन 7050 SoC द्वारा संचालित किया जा सकता है जो कि डाइमेंसिटी 1080 का रीब्रांडेड है.
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पच्चीस वाट चार्जिंग सपोर्ट के साथ छः,शून्यmAh की बैटरी होगी. सैमसंग की तरफ से जल्द ही भारत में गैलेक्सी Mचौंतीस पाँचG स्मार्टफोन लॉन्च करने की पुष्टि की गई है. डिवाइस को आज पहले एफसीसी सर्टिफिकेट हासिल हुआ. आने वाले एम-सीरीज़ फोन पिछले साल के गैलेक्सी एमतैंतीस पाँचजी के उत्तराधिकारी के रूप में आने के लिए तैयार है. स्मार्टफोन के अमेज़न पर खरीदने के लिए उपलब्ध होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है. गिजमोचाइना की खबर के मुताबिक, अब, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने गैलेक्सी Mचौंतीस पाँचG की माइक्रोसाइट को अपडेट किया है जिससे डिवाइस के महत्वपूर्ण विवरण का पता चलता है. Amazon पर Galaxy Mचौंतीस पाँचG माइक्रोसाइट से पता चलता है कि सैमसंग ने यूजर्स से यह पूछने के लिए एक सर्वे किया कि स्मार्टफोन की सबसे पसंदीदा फीचर्स कौन सी हैं. इसमें दो प्रतिशत ने OIS कैमरा कहा जबकि पाँच प्रतिशत ने पाँच,शून्यmAh से ज्यादा बैटरी यूनिट का उल्लेख किया. दस प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि AMOLED स्क्रीन है जबकि बीस प्रतिशत ने विस्तारित ओएस अपग्रेड और सुरक्षा अपडेट के लिए मतदान किया. आखिर में, तेईस प्रतिशत यूजर्स ने फास्ट प्रोसेसर को प्राथमिकता दी. चालीस प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि वे स्मार्टफोन में उपरोक्त सभी फीचर्स को पसंद करते हैं. पोल के नीचे, माइक्रोसाइट पर टेक्स्ट है जो कहता है 'हमने आपकी बात सुनी', और फिर नीचे, यह कहता है कि आपकी सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए बिल्कुल नया गैलेक्सी एमचौंतीस पाँचजी पेश किया जा रहा है. इससे पता चलता है कि आगामी स्मार्टफोन उपरोक्त सभी फीचर्स के साथ आ सकता है. माइक्रोसाइट के मुताबिक, डिवाइस में बैक पैनल पर ट्रिपल रियर कैमरे होने की पुष्टि की गई है. हालांकि, Samsung Galaxy Mचौंतीस पाँचG के कई फीचर्स की जानकारी सार्वजनिक नहीं किया गया है. लीक और अफवाहों की मानें तो, गैलेक्सी Mचौंतीस पाँचG में FHD+ रिज़ॉल्यूशन और एक सौ बीस हर्ट्ज़ रिफ्रेश रेट वाले छः. छः-इंच sAMOLED डिस्प्ले के साथ आने की उम्मीद है. कथित तौर पर इसमें FCC सर्टिफिकेशन के मुताबिक, पच्चीस वाट चार्जिंग सपोर्ट के साथ छः,शून्यmAh की बैटरी होगी. आगामी पेशकश को डाइमेंशन सात हज़ार पचास SoC द्वारा संचालित किया जा सकता है जो कि डाइमेंसिटी एक हज़ार अस्सी का रीब्रांडेड है.
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वर्ल्ड ट्रेड फेयर के मद्देनजर रविवार को दिल्ली के प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ी. इस दिन यहां करीब 1. 30 लाख लोगों की आमद दर्ज की गई, जिससे पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए.
दिल्ली मेट्रो के एक प्रवक्ता ने बताया कि सामान्य दिनों में प्रगति मैदान स्टेशन पर हर रोज कुल प्रवेश और निकास 32 हजार के करीब होता है. उन्होंने कहा कि प्रगति मैदान स्टेशन ने पिछले साल 24 नवंबर को बने 1. 27 लोगों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. रविवार रात 8 बजे तक प्रगति मैदान स्टेशन पहुंचने वालों की संख्या 1. 30 लाख हो गई.
(इनपुटः भाषा)
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वर्ल्ड ट्रेड फेयर के मद्देनजर रविवार को दिल्ली के प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ी. इस दिन यहां करीब एक. तीस लाख लोगों की आमद दर्ज की गई, जिससे पिछले सभी रिकॉर्ड टूट गए. दिल्ली मेट्रो के एक प्रवक्ता ने बताया कि सामान्य दिनों में प्रगति मैदान स्टेशन पर हर रोज कुल प्रवेश और निकास बत्तीस हजार के करीब होता है. उन्होंने कहा कि प्रगति मैदान स्टेशन ने पिछले साल चौबीस नवंबर को बने एक. सत्ताईस लोगों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया. रविवार रात आठ बजे तक प्रगति मैदान स्टेशन पहुंचने वालों की संख्या एक. तीस लाख हो गई.
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इसका जवाब विराट कोहली ने टी20 विश्व कप 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 51 गेंदों में 82 रन ठोंककर दिया और साथ ही ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
कोहली ने उस घटना को कुछ अलग तरीके से लिया था और उस मैच की शाम को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह बिफर पड़े। उन्होंने मीडिया से कहा था, "ऐसे बहुत कम ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं जिनका मैं सम्मान करता हूं लेकिन एक ऐसा व्यक्ति जो मेरा सम्मान नहीं करता तो मेरे पास भी ऐसा कोई कारण नहीं है कि मैं उसका सम्मान करूं। यह पूरे दिन चलता रहा। वे मुझे बिगड़ा हुआ बदमाश कहते रहे और मैंने कहा 'हो सकता मैं ऐसा ही हूं, और मैं जानता हूं तुम लोग मुझसे नफरत करते हो।' मुझे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना अच्छा लगता है, क्योंकि उनके लिए शांत रहना बड़ा कठिन है और मुझे मैदान पर बहस करने में कोई परेशानी नहीं है।" कोहली से इस विवाद के बावजूद जॉनसन ने अपने कॉलम में कोहली की प्रतिस्पर्धी भावना की प्रशंसा की है जो उनके अनुसार हर ऑस्ट्रेलिया को पसंद है।
उन्होंने अपने कॉलम में आगे लिखा है, "विराट एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें आप अपनी टीम में लेना चाहेंगे। वह असली फाइटर हैं और ईमानदारी से कहूं तो वह थोड़ी हमारे जैसे हैं जैसे हम ऑस्ट्रेलियाई टीम में थे। हम मैदान पर काफी सख्त हो जाते हैं और वह बात भी उनमें नजर आती है।" उन्होंने आगे लिखा है, "वह हमारे जैसा खेल खेलते हैं उसका कराण यह है कि कि शायद हम दोनों ने एक दूसरे को गलत तरीके से देखा। अगर मैं इस बात को आराम से निकाल देता तो हम हम खेल को खेलने में एक तरह की योजना के साथ उतरते हैं। वह आक्रामक बल्लेबाज हैं और वह बाउंड्री मारते हैं, जैसा मैंने हमेशा किया है। यही कारण है हम दोनों में अक्सर टकराव हो जाता है। मुझे उनका और उनके रॉयल चैलंजर्स बैगलुरू के टीम मेट्स से सामना करने के लिए इंताजर नहीं हो रहा है।
विश्व कप 2015 में ऑस्ट्रेलिया से स्टीवन स्मिथ ने जबरदस्त शतक लगाते हुए ऑस्ट्रेलिया का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करने में मदद की थी तो कोहली से भारत के लिए भी कुछ ऐसा ही करने की आशा की जा रही थी। लेकिन जॉनसन ने एक तेज पर गेंद पर कोहली को बड़े खूबसूरत अंदाज में आउट करते हुए भारतीय टीम की रही सही कमर को तोड़ दी थी। अब 9 मई को किंग्स इलेवन पंजाब और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू का मुकाबला होगा तब एक बार फिर से ये दोनों क्रिकेटर्स एक दूसरे के सामने होंगे और फिर से ये जंग दिलचस्प होगी।
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इसका जवाब विराट कोहली ने टीबीस विश्व कप दो हज़ार सोलह में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इक्यावन गेंदों में बयासी रन ठोंककर दिया और साथ ही ऑस्ट्रेलिया को टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया। कोहली ने उस घटना को कुछ अलग तरीके से लिया था और उस मैच की शाम को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में वह बिफर पड़े। उन्होंने मीडिया से कहा था, "ऐसे बहुत कम ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी हैं जिनका मैं सम्मान करता हूं लेकिन एक ऐसा व्यक्ति जो मेरा सम्मान नहीं करता तो मेरे पास भी ऐसा कोई कारण नहीं है कि मैं उसका सम्मान करूं। यह पूरे दिन चलता रहा। वे मुझे बिगड़ा हुआ बदमाश कहते रहे और मैंने कहा 'हो सकता मैं ऐसा ही हूं, और मैं जानता हूं तुम लोग मुझसे नफरत करते हो।' मुझे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना अच्छा लगता है, क्योंकि उनके लिए शांत रहना बड़ा कठिन है और मुझे मैदान पर बहस करने में कोई परेशानी नहीं है।" कोहली से इस विवाद के बावजूद जॉनसन ने अपने कॉलम में कोहली की प्रतिस्पर्धी भावना की प्रशंसा की है जो उनके अनुसार हर ऑस्ट्रेलिया को पसंद है। उन्होंने अपने कॉलम में आगे लिखा है, "विराट एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें आप अपनी टीम में लेना चाहेंगे। वह असली फाइटर हैं और ईमानदारी से कहूं तो वह थोड़ी हमारे जैसे हैं जैसे हम ऑस्ट्रेलियाई टीम में थे। हम मैदान पर काफी सख्त हो जाते हैं और वह बात भी उनमें नजर आती है।" उन्होंने आगे लिखा है, "वह हमारे जैसा खेल खेलते हैं उसका कराण यह है कि कि शायद हम दोनों ने एक दूसरे को गलत तरीके से देखा। अगर मैं इस बात को आराम से निकाल देता तो हम हम खेल को खेलने में एक तरह की योजना के साथ उतरते हैं। वह आक्रामक बल्लेबाज हैं और वह बाउंड्री मारते हैं, जैसा मैंने हमेशा किया है। यही कारण है हम दोनों में अक्सर टकराव हो जाता है। मुझे उनका और उनके रॉयल चैलंजर्स बैगलुरू के टीम मेट्स से सामना करने के लिए इंताजर नहीं हो रहा है। विश्व कप दो हज़ार पंद्रह में ऑस्ट्रेलिया से स्टीवन स्मिथ ने जबरदस्त शतक लगाते हुए ऑस्ट्रेलिया का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा करने में मदद की थी तो कोहली से भारत के लिए भी कुछ ऐसा ही करने की आशा की जा रही थी। लेकिन जॉनसन ने एक तेज पर गेंद पर कोहली को बड़े खूबसूरत अंदाज में आउट करते हुए भारतीय टीम की रही सही कमर को तोड़ दी थी। अब नौ मई को किंग्स इलेवन पंजाब और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू का मुकाबला होगा तब एक बार फिर से ये दोनों क्रिकेटर्स एक दूसरे के सामने होंगे और फिर से ये जंग दिलचस्प होगी। This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful. Strictly Necessary Cookie should be enabled at all times so that we can save your preferences for cookie settings. If you disable this cookie, we will not be able to save your preferences. This means that every time you visit this website you will need to enable or disable cookies again.
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योगी ने राजा की नियति को टालने का बहुत प्रयत्न किया, किन्तु, सफलता नही मिली। योगी ने मंत्री को भी विद्या का रहस्य बतला दिया ।
लक्ष्य मे सफल होकर राजा और मंत्री अपने नगर की ओर चले । अटवी को लॉघकर एक सरोवर पर उन्होने विश्राम किया । जल क्रीडा में निमग्न राजा ने पास ही पडे हाथी के एक कलेवर को देखा। प्राप्त विद्या के परीक्षण के लिए राजा का मन मचल उठा । उसने अपने शरीर की सार-सम्भाल मंत्री को सौप दी और स्वय हाथी के कलेवर में प्रविष्ट हो गया। हाथी तत्काल सचेतन होकर खड़ा हो गया। वन-क्रीडा के अभिप्राय से गजरूप राजा जगल की ओर चल दिया ।
मंत्री ने जिस दिन रानी निवृत्ति को देखा था, उसी दिन से उसके मन में भी उसे पाने की अव्यक्त आतुरता थी । आज उसे अवसर हाथ लगा । उसने राजा के शरीर मे अपने प्राण स्थापित कर दिए । अपने शरीर को खडखड कर समाप्त कर दिया और गजरूप राजा से आँखि बचाता हुआ नगर की ओर चला । विद्या प्राप्त कर नगर लौटने पर महान् उत्सव मनाया गया । शहर मे चारो ओर उल्लास छा रहा
सबके दिल में यह प्रश्न भी उमर रहा था कि मन्त्री कहाँ रहा ? भुमरूप मनी ने उस प्रश्न को भाप लिया। स्वस हो उसका स्पष्टीकरण कर दिया, विद्या तो प्राप्त हुई, किन्तु, मत्री जसे प्रात्मीय व्यक्ति से हाम भी धीने पडे है। यह में एक स्थान पर सिह ने हमारे पर ग्रामण किया। उम समय मुझे बचाने के लिए मन्त्री ने अपने प्राण दे दिए। ऐसे स्वामि-भक्स मयी पर मुझे गौरव है।
गजरुप राजा बुछ ही क्षणों में वन-क्रीडा से लौट बामा । उसे अपना शरीर तथा मत्री कहीं नहीं दिखाई दिए। रामी निवृत्ति और योगीराज सदानन्द के शब्द उसकी स्मृति पर दंरने लगे। कष्टमय जीवन की भलक उसने समक्ष स्पष्ट हो गई। वह तत्काल वही से शहर की घोर बला। उसे प्राभास हो गया, रानी निवृत्ति को पाने के लिए मंत्री ने यह पयन रचा है।
नृपन्य मंत्री शहर-प्रवेश के धनन्तर रानी निवृत्ति मे महलो मे पहुचा। विद्या सिद्ध कर राजा के सौट बाने पर उसे सबसे अधिक समता थी। विन्तु भूपरुप गयी से जब उसने कुछ क्षण मारों की तो उसको प्रसनवा मिन्नता में बदल गई। तमे पूर्ण विश्वास हो गया, राजा में गरीर मे यह भूत मंत्री ही है। इसने
मायाचार से राजा को कही इधर-उधर कर दिया है । इसकी कलई शीघ्र ही खुलनी चाहिए। रानी निवृत्ति बहुत दक्ष थी। उसने कालक्षेप की दृष्टि से कहा"सफलता प्राप्त कर आप पधारे, मेरी चिर-प्रतीक्षित साथ आज पूर्ण हो गई है, किन्तु, एक निवेदन है । जव आपने विद्या प्राप्त करने के लिए प्रस्थान किया था, उस समय मैंने सोचा था, छ महीने से कम आपको समय नहीं लगेगा। इस अवधि में विशेष धार्मिक जागरण हो, इस अभिप्राय से मैने कुछ अभिग्रह ग्रहण किए थे छ महीने तक भूमि-गयन करुँगी, प्रखड ब्रह्मचर्य का पालन करूंगी और प्रतिदिन आयम्बिल तप करूँगी । छ महीने की अवधि में कुछ दिन अवशिष्ट है। मेरे अभिग्रह का निरतिचार पालन हो, इस उद्देश्य से निवेदन है, तब तक आप मेरे महलो मे न आये ।"
नृपरूपी मंत्री ने सोचा, यदि इतने महीने गुजर गये, तो यह तो बहुत छोटी अवधि है। पलक मारते ही गुजर जायेगी । वह आश्वस्त होकर राजमहलो में
लौट भाया ।
गजरूप राजा अविराम अपने नगर की ओर बढ़ा जा रहा था । नृपरूप मंत्री इससे अनजान नही था ।
जन कहानियाँ
वह जानता था कि वह भायेगा और अपनी ओर से कुछ असफल प्रयत्न भी करेगा। यदि पहले से हो प्रतिकार कर दिया जाये, तो उचित रहेगा। जमने अपने विश्वस्त सैनिको को उसी मार्ग की घोर भेजा। उन्हें कडा आवेश दिया गया कि प्रमुख प्रकार के हाषी को देखते ही मार डालो। सैनिको ने वही किया। जगल मे हाथी और सैनिको की मुठभेड हुई। हाषी उनके समक्ष टिक नही पाया। जब राजा ने विकट परिस्थिति देखी, तो अपने प्राणो का वहाँ से समावतन किया और कुछ ही दूरी पर पडे एक हिरण के कलेवर में उन्हें प्रस्थापित कर दिया। नृपरूप मत्री ने इसे भी भाप लिया। उस हिरण को मारने के लिए उसने कुशल शिकारियों को भेजा। उन्होंने हिरण पर विजय पा सी। हिरगम्प राजा ने अपने प्राणों को यहाँ से समावर्तित कर एक तोते के कलेवर में उन्हें सभारोपित किया। तोता वहाँ से उडा। रानी निवृत्ति के धवल गृह मे ममीपवर्ती उद्यान मे एक भान के वृक्ष पर जा बैठा। मंत्री ने उनको वहाँ भी नहीं छोड़ा। उसने कुशल पाणियों को उसके पीछे भेजा। उन्होंने इल बन मे सात को जाल में फमा लिया। हाथ मे सेवउमा गला घोटने लगे। तोते ने अपनी चातुरी
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योगी ने राजा की नियति को टालने का बहुत प्रयत्न किया, किन्तु, सफलता नही मिली। योगी ने मंत्री को भी विद्या का रहस्य बतला दिया । लक्ष्य मे सफल होकर राजा और मंत्री अपने नगर की ओर चले । अटवी को लॉघकर एक सरोवर पर उन्होने विश्राम किया । जल क्रीडा में निमग्न राजा ने पास ही पडे हाथी के एक कलेवर को देखा। प्राप्त विद्या के परीक्षण के लिए राजा का मन मचल उठा । उसने अपने शरीर की सार-सम्भाल मंत्री को सौप दी और स्वय हाथी के कलेवर में प्रविष्ट हो गया। हाथी तत्काल सचेतन होकर खड़ा हो गया। वन-क्रीडा के अभिप्राय से गजरूप राजा जगल की ओर चल दिया । मंत्री ने जिस दिन रानी निवृत्ति को देखा था, उसी दिन से उसके मन में भी उसे पाने की अव्यक्त आतुरता थी । आज उसे अवसर हाथ लगा । उसने राजा के शरीर मे अपने प्राण स्थापित कर दिए । अपने शरीर को खडखड कर समाप्त कर दिया और गजरूप राजा से आँखि बचाता हुआ नगर की ओर चला । विद्या प्राप्त कर नगर लौटने पर महान् उत्सव मनाया गया । शहर मे चारो ओर उल्लास छा रहा सबके दिल में यह प्रश्न भी उमर रहा था कि मन्त्री कहाँ रहा ? भुमरूप मनी ने उस प्रश्न को भाप लिया। स्वस हो उसका स्पष्टीकरण कर दिया, विद्या तो प्राप्त हुई, किन्तु, मत्री जसे प्रात्मीय व्यक्ति से हाम भी धीने पडे है। यह में एक स्थान पर सिह ने हमारे पर ग्रामण किया। उम समय मुझे बचाने के लिए मन्त्री ने अपने प्राण दे दिए। ऐसे स्वामि-भक्स मयी पर मुझे गौरव है। गजरुप राजा बुछ ही क्षणों में वन-क्रीडा से लौट बामा । उसे अपना शरीर तथा मत्री कहीं नहीं दिखाई दिए। रामी निवृत्ति और योगीराज सदानन्द के शब्द उसकी स्मृति पर दंरने लगे। कष्टमय जीवन की भलक उसने समक्ष स्पष्ट हो गई। वह तत्काल वही से शहर की घोर बला। उसे प्राभास हो गया, रानी निवृत्ति को पाने के लिए मंत्री ने यह पयन रचा है। नृपन्य मंत्री शहर-प्रवेश के धनन्तर रानी निवृत्ति मे महलो मे पहुचा। विद्या सिद्ध कर राजा के सौट बाने पर उसे सबसे अधिक समता थी। विन्तु भूपरुप गयी से जब उसने कुछ क्षण मारों की तो उसको प्रसनवा मिन्नता में बदल गई। तमे पूर्ण विश्वास हो गया, राजा में गरीर मे यह भूत मंत्री ही है। इसने मायाचार से राजा को कही इधर-उधर कर दिया है । इसकी कलई शीघ्र ही खुलनी चाहिए। रानी निवृत्ति बहुत दक्ष थी। उसने कालक्षेप की दृष्टि से कहा"सफलता प्राप्त कर आप पधारे, मेरी चिर-प्रतीक्षित साथ आज पूर्ण हो गई है, किन्तु, एक निवेदन है । जव आपने विद्या प्राप्त करने के लिए प्रस्थान किया था, उस समय मैंने सोचा था, छ महीने से कम आपको समय नहीं लगेगा। इस अवधि में विशेष धार्मिक जागरण हो, इस अभिप्राय से मैने कुछ अभिग्रह ग्रहण किए थे छ महीने तक भूमि-गयन करुँगी, प्रखड ब्रह्मचर्य का पालन करूंगी और प्रतिदिन आयम्बिल तप करूँगी । छ महीने की अवधि में कुछ दिन अवशिष्ट है। मेरे अभिग्रह का निरतिचार पालन हो, इस उद्देश्य से निवेदन है, तब तक आप मेरे महलो मे न आये ।" नृपरूपी मंत्री ने सोचा, यदि इतने महीने गुजर गये, तो यह तो बहुत छोटी अवधि है। पलक मारते ही गुजर जायेगी । वह आश्वस्त होकर राजमहलो में लौट भाया । गजरूप राजा अविराम अपने नगर की ओर बढ़ा जा रहा था । नृपरूप मंत्री इससे अनजान नही था । जन कहानियाँ वह जानता था कि वह भायेगा और अपनी ओर से कुछ असफल प्रयत्न भी करेगा। यदि पहले से हो प्रतिकार कर दिया जाये, तो उचित रहेगा। जमने अपने विश्वस्त सैनिको को उसी मार्ग की घोर भेजा। उन्हें कडा आवेश दिया गया कि प्रमुख प्रकार के हाषी को देखते ही मार डालो। सैनिको ने वही किया। जगल मे हाथी और सैनिको की मुठभेड हुई। हाषी उनके समक्ष टिक नही पाया। जब राजा ने विकट परिस्थिति देखी, तो अपने प्राणो का वहाँ से समावतन किया और कुछ ही दूरी पर पडे एक हिरण के कलेवर में उन्हें प्रस्थापित कर दिया। नृपरूप मत्री ने इसे भी भाप लिया। उस हिरण को मारने के लिए उसने कुशल शिकारियों को भेजा। उन्होंने हिरण पर विजय पा सी। हिरगम्प राजा ने अपने प्राणों को यहाँ से समावर्तित कर एक तोते के कलेवर में उन्हें सभारोपित किया। तोता वहाँ से उडा। रानी निवृत्ति के धवल गृह मे ममीपवर्ती उद्यान मे एक भान के वृक्ष पर जा बैठा। मंत्री ने उनको वहाँ भी नहीं छोड़ा। उसने कुशल पाणियों को उसके पीछे भेजा। उन्होंने इल बन मे सात को जाल में फमा लिया। हाथ मे सेवउमा गला घोटने लगे। तोते ने अपनी चातुरी
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर सभी सेगमेंट के वाहनों को चलने की अनुमति नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है। किन वाहनों को एक्सप्रेस वे पर चलने की अनुमति नहीं होगी। आइए जानते हैं।
पीएम मोदी ने 12 फरवरी को देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे की शुरूआत की थी। एक्सप्रेस वे पर सभी की सुरक्षा को देखते हुए कुछ नियम तय किए गए हैं। जिसके मुताबिक हर तरह के वाहनों में से कुछ वाहनों को एक्सप्रेस वे पर चलने की अनुमति नहीं दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एनएचएआई की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक किन वाहनों को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर चलने की अनुमति नहीं होगी। हम इसकी जानकारी इस खबर में दे रहे हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसके मुताबिक एक्सप्रेस वे पर किसी भी तरह के दो पहिया वाहन, ति-पहिया वाहन और धीमी गति से चलने वाले वाहनों के चलने पर रोक लगाई गई है। इस लिस्ट में गैर मोटर चालित वाहनों के साथ ही कृषि ट्रैक्टर को भी शामिल किया गया है।
दरअसल, एक्सप्रेस वे पर चलने वाले वाहनों की स्पीड लिमिट शहरी सड़कों से ज्यादा होती है। इसका कारण यह है कि एक्सप्रेस वे को कंट्रोल्ड स्थिति के तहत बनाया जाता है जिनपर सड़क से बाहर से कोई भी वाहन नहीं आ सकता। इनपर एंट्री और एग्जिट के लिए भी पांइट्स बनाए जाते हैं। जिससे एक्सप्रेस वे पर वाहनों की स्पीड को तेज रखा जाता है। ऐसे में अगर छोटे वाहन या धीरे चलने वाहनों को एंट्री दी जाती है तो हादसे होने का खतरा ज्यादा हो जाता है।
देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस वे को शुरू हुए करीब एक हफ्ता ही हुआ है, लेकिन इस पर पहला हादसा हो चुका है। पहला हादसा हिलालपुर टोल के पास हुआ, जहां एक ट्रैक्टर के साथ दुर्घटना हुई थी।
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर सभी सेगमेंट के वाहनों को चलने की अनुमति नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है। किन वाहनों को एक्सप्रेस वे पर चलने की अनुमति नहीं होगी। आइए जानते हैं। पीएम मोदी ने बारह फरवरी को देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे की शुरूआत की थी। एक्सप्रेस वे पर सभी की सुरक्षा को देखते हुए कुछ नियम तय किए गए हैं। जिसके मुताबिक हर तरह के वाहनों में से कुछ वाहनों को एक्सप्रेस वे पर चलने की अनुमति नहीं दी गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एनएचएआई की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक किन वाहनों को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर चलने की अनुमति नहीं होगी। हम इसकी जानकारी इस खबर में दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसके मुताबिक एक्सप्रेस वे पर किसी भी तरह के दो पहिया वाहन, ति-पहिया वाहन और धीमी गति से चलने वाले वाहनों के चलने पर रोक लगाई गई है। इस लिस्ट में गैर मोटर चालित वाहनों के साथ ही कृषि ट्रैक्टर को भी शामिल किया गया है। दरअसल, एक्सप्रेस वे पर चलने वाले वाहनों की स्पीड लिमिट शहरी सड़कों से ज्यादा होती है। इसका कारण यह है कि एक्सप्रेस वे को कंट्रोल्ड स्थिति के तहत बनाया जाता है जिनपर सड़क से बाहर से कोई भी वाहन नहीं आ सकता। इनपर एंट्री और एग्जिट के लिए भी पांइट्स बनाए जाते हैं। जिससे एक्सप्रेस वे पर वाहनों की स्पीड को तेज रखा जाता है। ऐसे में अगर छोटे वाहन या धीरे चलने वाहनों को एंट्री दी जाती है तो हादसे होने का खतरा ज्यादा हो जाता है। देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस वे को शुरू हुए करीब एक हफ्ता ही हुआ है, लेकिन इस पर पहला हादसा हो चुका है। पहला हादसा हिलालपुर टोल के पास हुआ, जहां एक ट्रैक्टर के साथ दुर्घटना हुई थी। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
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नई दिल्लीः बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि बसपा महागठबंधन में शामिल है. लेकिन अगर चुनाव से पहले उन्हें सम्मानजनक सीटें नहीं मिली तो उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी.
उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे भाजपा जनता का ध्यान बंटाने के लिए नए-नए तरीके अपना रही है।
मायावती ने कहा कि अटल जी के जीते जी तो भाजपा ने कभी उनके पदचिन्हों पर चलने की कोशिश नहीं की पर अब उनकी मौत को भुनाने की कोशिश कर रही है। मायावती ने लखनऊ के 9 माल एवेन्यू स्थित अपने नए बंगले में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए ये बातें कही।
यह भी पढ़ें- बुआ को बर्दाश्त होगा यह 'द ग्रेट चमार भतीजा' ?
बसपा सुप्रीमो ने भाजपा पर ओबीसी व एससी-एसटी वर्ग से भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खाली पड़े पदों पर भर्तियां नहीं कर रही बस महापुरुषों का नाम लेकर युवाओं को बहलाने का प्रयास कर रही है। इसे लेकर जनता में भाजपा के प्रति भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह से दलित विरोधी है.
हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा दलित शब्द के प्रयोग पर आपत्ति दर्ज कराने पर मायावती ने कहा कि हमारे संविधान में हमारे देश का नाम भारत है, पर आरएसएस व भाजपा के लोग इसे हिंदुस्तान भी कहते हैं। जब उन्हें देश को हिंदुस्तान कहने से आपत्ति नहीं है तो अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को दलित कहने से क्यों शिकायत है। जबकि आम बोलचाल की भाषा में एससी-एसटी वर्ग के लिए दलित शब्द का ही इस्तेमाल किया जाता है। यूपी में महागठबंधन करने पर मायावती ने कहा कि जो भी पार्टी सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ है तो बसपा उनके साथ किसी भी राज्य में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन को तैयार है बशर्ते उन्हें सम्मानजनक सीटें मिले.
वहीं, अभी हाल ही में जेल से छूटे भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर द्वारा उन्हें 'बुआजी' कहे जाने पर मायावती ने जवाब दिया कि मेरा मतलब दलित, आदिवासी, पिछड़ी जाति के लोगों व आम जनता से है। बाकी किसी से मेरा कोई संबंध नहीं। उन्होंने कहा कि वह करोड़ों लोगों की लड़ाई लड़ रही हैं. उन्होंने रावण के लिए कहा कि अलग से संगठन बनाने की जरूरत क्यों? बसपा के झंडे के नीचे आकर लड़ाई लड़ें. मायावती ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोग मुझसे रिश्ता दिखा रहे हैं. सहारनपुर हिंसा में आरोपी चंद्रशेखर मुझसे रिश्ता दिखा रहा है, जबकि मेरा सिर्फ गरीबों से रिश्ता है. ऐसे किसी व्यक्ति से मेरा रिश्ता नहीं है, जो समाज में ऐसा काम करते हैं. समाज में ऐसे बहुत से संगठन बनते चले आ रहे हैं जो अपना धंधा चलाते हैं.
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नई दिल्लीः बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि बसपा महागठबंधन में शामिल है. लेकिन अगर चुनाव से पहले उन्हें सम्मानजनक सीटें नहीं मिली तो उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ेगी. उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे भाजपा जनता का ध्यान बंटाने के लिए नए-नए तरीके अपना रही है। मायावती ने कहा कि अटल जी के जीते जी तो भाजपा ने कभी उनके पदचिन्हों पर चलने की कोशिश नहीं की पर अब उनकी मौत को भुनाने की कोशिश कर रही है। मायावती ने लखनऊ के नौ माल एवेन्यू स्थित अपने नए बंगले में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए ये बातें कही। यह भी पढ़ें- बुआ को बर्दाश्त होगा यह 'द ग्रेट चमार भतीजा' ? बसपा सुप्रीमो ने भाजपा पर ओबीसी व एससी-एसटी वर्ग से भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार खाली पड़े पदों पर भर्तियां नहीं कर रही बस महापुरुषों का नाम लेकर युवाओं को बहलाने का प्रयास कर रही है। इसे लेकर जनता में भाजपा के प्रति भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि भाजपा पूरी तरह से दलित विरोधी है. हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा दलित शब्द के प्रयोग पर आपत्ति दर्ज कराने पर मायावती ने कहा कि हमारे संविधान में हमारे देश का नाम भारत है, पर आरएसएस व भाजपा के लोग इसे हिंदुस्तान भी कहते हैं। जब उन्हें देश को हिंदुस्तान कहने से आपत्ति नहीं है तो अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों को दलित कहने से क्यों शिकायत है। जबकि आम बोलचाल की भाषा में एससी-एसटी वर्ग के लिए दलित शब्द का ही इस्तेमाल किया जाता है। यूपी में महागठबंधन करने पर मायावती ने कहा कि जो भी पार्टी सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ है तो बसपा उनके साथ किसी भी राज्य में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन को तैयार है बशर्ते उन्हें सम्मानजनक सीटें मिले. वहीं, अभी हाल ही में जेल से छूटे भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर द्वारा उन्हें 'बुआजी' कहे जाने पर मायावती ने जवाब दिया कि मेरा मतलब दलित, आदिवासी, पिछड़ी जाति के लोगों व आम जनता से है। बाकी किसी से मेरा कोई संबंध नहीं। उन्होंने कहा कि वह करोड़ों लोगों की लड़ाई लड़ रही हैं. उन्होंने रावण के लिए कहा कि अलग से संगठन बनाने की जरूरत क्यों? बसपा के झंडे के नीचे आकर लड़ाई लड़ें. मायावती ने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोग मुझसे रिश्ता दिखा रहे हैं. सहारनपुर हिंसा में आरोपी चंद्रशेखर मुझसे रिश्ता दिखा रहा है, जबकि मेरा सिर्फ गरीबों से रिश्ता है. ऐसे किसी व्यक्ति से मेरा रिश्ता नहीं है, जो समाज में ऐसा काम करते हैं. समाज में ऐसे बहुत से संगठन बनते चले आ रहे हैं जो अपना धंधा चलाते हैं.
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रणबीर कपूर और आलिया भट्ट 13 अप्रैल से 17 अप्रैल के बीच शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। और अब उनकी शादी के पहले अयान मुखर्जी ने पहली बार रणबीर और आलिया के रील रोमांस की पहली झलक ब्रह्मास्त्र के नए पोस्टर में दी है। इस पोस्टर को नाम दिया गया है लव पोस्टर।
दर्शकों को अगर किसी चीज़ का इंतज़ार है तो वो है सितंबर में रणबीर कपूर के साथ आलिया भट्ट की अयान मुखर्जी फिल्म ब्रह्मास्त्र का। इस फिल्म के ही साथ पांच सालों पहले, आलिया भट्ट और रणबीर कपूर की लव स्टोरी शुरू हुई थी। ब्रह्मास्त्र में रणबीर कपूर शिवा और आलिया भट्ट ईशा के किरदार में दिखाई देंगी। हाल ही में फिल्म से आलिया भट्ट का पहला लुक भी रिलीज़ किया गया था जो कि शानदार था।
अगर 2022 की बात करें तो रणबीर कपूर की फिल्म शमशेरा, मार्च में रिलीज़ हो रही है और इसके बाद सितंबर में आलिया भट्ट के साथ ब्रह्मास्र। इस दौरान, रणबीर कपूर अपनी बाकी दो फिल्म लव रंजन की श्रद्धा कपूर के साथ अनाम फिल्म और संदीप रेड्डी वांगा की एनिमल की शूटिंग में व्यस्त रहेंगे। ये दोनों फिल्में, 2023 के 26 जनवरी और 15 अगस्त वीकेंड पर रिलीज़ हो रही हैं।
आरआरआर की रिलीज़ के बाद एस एस राजामौली, महेश बाबू के साथ एक जंगल एडवेंचर फिल्म पर काम करने जा रहे हैं। इस फिल्म की कहानी लिखी है राजामौली के पिता केवी विजयेंद्र प्रसाद ने। फिल्म बहुत ही भव्य स्तर पर बनेगी और लाईव लोकेशन पर शूट की जाएगी। इस फिल्म के लिए राजामौली ने कई किरदार गढ़े हैं और फिल्म की हीरोइन के तौर पर उन्हें आलिया भट्ट परफेक्ट लग रही हैं।
वहीं रणबीर कपूर को नितेश तिवारी की रामायण में भगवान राम का किरदार ऑफर किया गया है। ये फिल्म 3d में भारी भरकम बजट पर बनने जा रही है और रणबीर कपूर इस फिल्म में काफी दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं। इस फिल्म के लिए रणबीर कपूर को 75 करोड़ रूपये ऑफर किए जा रहे हैं। फिल्म में रावण के किरदार में ऋतिक रोशन के नाम पर चर्चा की जा रही है।
केवल महेश बाबू ही नहीं, आलिया भट्ट के आरआरआर को स्टार जूनियर एनटीआर की अगली फिल्म के लिए भी आलिया भट्ट को अप्रोच किया गया है। आरआरआर में आलिया भट्ट एक छोटे से कैमियो में दिखाई देंगी। इसके बाद वो नेटफ्लिक्स की फिल्म डार्लिंग्स में विजय वर्मा और शेफाली शाह के साथ दिखाई देंगी। ये फिल्म 80 करोड़ में नेटफ्लिक्स पर बिक चुकी है और आलिया भट्ट के प्रोडक्शन हाउस की पहली फिल्म है।
महेश बाबू की जगह बनेंगे राम?
वहीं रणबीर कपूर को भगवान राम के किरदार में देखने के लिए दर्शक काफी ज़्यादा उत्साहित हैं। फिल्म के फोटोशॉप पोस्टर भी बनाए जाने लगे हैं। इस फिल्म के लिए नितेश तिवारी को रणबीर कपूर की एकमुश्त तारीखें चाहिए और जितने परफेक्शनिस्ट रणबीर कपूर हैं, उन्हें इस बात से ज़रा भी गुरेज़ नहीं होगा। हालांकि, माना जा रहा है कि इस फिल्म का ऑफर महेश बाबू के पास भी है।
जहां आर आर आर के बाद एस एस राजामौली, आलिया भट्ट को दोबारा अपनी फिल्म में कास्ट करने के लिए उत्साहित हैं वहीं आलिया भट्ट, संजय लीला भंसाली की भी अगली फिल्म में काम करने जा रही हैं। गंगूबाई काठियावाड़ी के बाद संजय लीला भंसाली, अपनी फिल्म बैजू बावरा रीमेक पर काम शुरू कर देंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म में आलिया भट्ट के अपोज़िट रणवीर सिंह दिखाई देंगे।
रिपोर्ट्स की मानें तो आमिर खान और रणबीर कपूर साथ में एक फिल्म कर रहे हैं।इस फिल्म की डीटेल्स फिलहाल बिल्कुल सीक्रेट रखी जा रही हैं। फिल्म को आमिर खान खुद प्रोड्यूस करेंगे। आमिर खान और रणबीर कपूर, दोनों को ही ये स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई है। फिल्म 2022 के मध्य से फ्लोर पर चली जाएगी। इससे पहले भी आमिर खान, गुलशन कुमार बायोपिक मुग़ल में रणबीर कपूर को कास्ट करने की कोशिश कर चुके हैं।
रणबीर और आलिया स्टारर ब्रह्मास्त्र 9 सितंबर 2022 को रिलीज़ हो रही है और फिलहाल तो फैन्स को केवल ब्रह्मास्त्र का इंतज़ार है। फिल्म को सात साल पहले अनाउंस किया गया था और इसी फिल्म के साथ रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की लव स्टोरी भी शुरू हुई थी।
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Don't Miss! रणबीर कपूर और आलिया भट्ट तेरह अप्रैल से सत्रह अप्रैल के बीच शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। और अब उनकी शादी के पहले अयान मुखर्जी ने पहली बार रणबीर और आलिया के रील रोमांस की पहली झलक ब्रह्मास्त्र के नए पोस्टर में दी है। इस पोस्टर को नाम दिया गया है लव पोस्टर। दर्शकों को अगर किसी चीज़ का इंतज़ार है तो वो है सितंबर में रणबीर कपूर के साथ आलिया भट्ट की अयान मुखर्जी फिल्म ब्रह्मास्त्र का। इस फिल्म के ही साथ पांच सालों पहले, आलिया भट्ट और रणबीर कपूर की लव स्टोरी शुरू हुई थी। ब्रह्मास्त्र में रणबीर कपूर शिवा और आलिया भट्ट ईशा के किरदार में दिखाई देंगी। हाल ही में फिल्म से आलिया भट्ट का पहला लुक भी रिलीज़ किया गया था जो कि शानदार था। अगर दो हज़ार बाईस की बात करें तो रणबीर कपूर की फिल्म शमशेरा, मार्च में रिलीज़ हो रही है और इसके बाद सितंबर में आलिया भट्ट के साथ ब्रह्मास्र। इस दौरान, रणबीर कपूर अपनी बाकी दो फिल्म लव रंजन की श्रद्धा कपूर के साथ अनाम फिल्म और संदीप रेड्डी वांगा की एनिमल की शूटिंग में व्यस्त रहेंगे। ये दोनों फिल्में, दो हज़ार तेईस के छब्बीस जनवरी और पंद्रह अगस्त वीकेंड पर रिलीज़ हो रही हैं। आरआरआर की रिलीज़ के बाद एस एस राजामौली, महेश बाबू के साथ एक जंगल एडवेंचर फिल्म पर काम करने जा रहे हैं। इस फिल्म की कहानी लिखी है राजामौली के पिता केवी विजयेंद्र प्रसाद ने। फिल्म बहुत ही भव्य स्तर पर बनेगी और लाईव लोकेशन पर शूट की जाएगी। इस फिल्म के लिए राजामौली ने कई किरदार गढ़े हैं और फिल्म की हीरोइन के तौर पर उन्हें आलिया भट्ट परफेक्ट लग रही हैं। वहीं रणबीर कपूर को नितेश तिवारी की रामायण में भगवान राम का किरदार ऑफर किया गया है। ये फिल्म तीनd में भारी भरकम बजट पर बनने जा रही है और रणबीर कपूर इस फिल्म में काफी दिलचस्पी भी दिखा रहे हैं। इस फिल्म के लिए रणबीर कपूर को पचहत्तर करोड़ रूपये ऑफर किए जा रहे हैं। फिल्म में रावण के किरदार में ऋतिक रोशन के नाम पर चर्चा की जा रही है। केवल महेश बाबू ही नहीं, आलिया भट्ट के आरआरआर को स्टार जूनियर एनटीआर की अगली फिल्म के लिए भी आलिया भट्ट को अप्रोच किया गया है। आरआरआर में आलिया भट्ट एक छोटे से कैमियो में दिखाई देंगी। इसके बाद वो नेटफ्लिक्स की फिल्म डार्लिंग्स में विजय वर्मा और शेफाली शाह के साथ दिखाई देंगी। ये फिल्म अस्सी करोड़ में नेटफ्लिक्स पर बिक चुकी है और आलिया भट्ट के प्रोडक्शन हाउस की पहली फिल्म है। महेश बाबू की जगह बनेंगे राम? वहीं रणबीर कपूर को भगवान राम के किरदार में देखने के लिए दर्शक काफी ज़्यादा उत्साहित हैं। फिल्म के फोटोशॉप पोस्टर भी बनाए जाने लगे हैं। इस फिल्म के लिए नितेश तिवारी को रणबीर कपूर की एकमुश्त तारीखें चाहिए और जितने परफेक्शनिस्ट रणबीर कपूर हैं, उन्हें इस बात से ज़रा भी गुरेज़ नहीं होगा। हालांकि, माना जा रहा है कि इस फिल्म का ऑफर महेश बाबू के पास भी है। जहां आर आर आर के बाद एस एस राजामौली, आलिया भट्ट को दोबारा अपनी फिल्म में कास्ट करने के लिए उत्साहित हैं वहीं आलिया भट्ट, संजय लीला भंसाली की भी अगली फिल्म में काम करने जा रही हैं। गंगूबाई काठियावाड़ी के बाद संजय लीला भंसाली, अपनी फिल्म बैजू बावरा रीमेक पर काम शुरू कर देंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म में आलिया भट्ट के अपोज़िट रणवीर सिंह दिखाई देंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो आमिर खान और रणबीर कपूर साथ में एक फिल्म कर रहे हैं।इस फिल्म की डीटेल्स फिलहाल बिल्कुल सीक्रेट रखी जा रही हैं। फिल्म को आमिर खान खुद प्रोड्यूस करेंगे। आमिर खान और रणबीर कपूर, दोनों को ही ये स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई है। फिल्म दो हज़ार बाईस के मध्य से फ्लोर पर चली जाएगी। इससे पहले भी आमिर खान, गुलशन कुमार बायोपिक मुग़ल में रणबीर कपूर को कास्ट करने की कोशिश कर चुके हैं। रणबीर और आलिया स्टारर ब्रह्मास्त्र नौ सितंबर दो हज़ार बाईस को रिलीज़ हो रही है और फिलहाल तो फैन्स को केवल ब्रह्मास्त्र का इंतज़ार है। फिल्म को सात साल पहले अनाउंस किया गया था और इसी फिल्म के साथ रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की लव स्टोरी भी शुरू हुई थी।
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नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन और श्रम तथा रोजगार मंत्रालय के प्रभारी केन्द्रीय राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने आज उद्योगों के लिए कोरोना सुरक्षित कार्य स्थल दिशा-निर्देश पुस्तिका जारी की।
वर्चुअल समारोह में नीति आयोग के सदस्य स्वास्थ्य डॉ. वी. के. पॉल भी उपस्थित रहे। दिशा-निर्देश जारी किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि ये दिशा-निर्देश सराहनीय हैं और समय पर जारी किए गए हैं। इनसे औद्योगिक श्रमिकों के कल्याण में मदद मिलेगी। नियोक्ताओं और श्रमिकों के लिए व्यापक योजना से संबंधित ये दिशा-निर्देश हैं, ताकि किसी भी श्रमिक के कार्य स्थल के परिसर में कोविड-19 के जोखिम स्तर की पहचान और समुचित नियंत्रण उपायों को तय करने में इनके इस्तेमाल से सहायता मिलेगी। इन दिशा-निर्देशों से सांस संबंधी स्वच्छता, बार-बार हाथ धोने, सुरक्षित दूरी और कार्य स्थल को बार-बार सेनेटाइज करने जैसे संक्रमण नियंत्रण उपायों के आधार पर कार्य स्थल को सुरक्षित बनाने के सभी महत्वपूर्ण उपायों को एकीकृत कर एक कार्य योजना बनाई जा सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार श्रमिकों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। देश इस समय आर्थिक गतिविधियों को अनलॉक करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उद्योग के परिसर में दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। वैज्ञानिक बचाव एहतियात और सकारात्मक रवैये से कोविड के खिलाफ जंग में सहायता मिलेगी। कोविड-19 के फैलाव से संबंधित विभिन्न कार्यों से जुड़े जोखिम में कमी लाने और उनके मूल्यांकन और श्रेणीकरण तथा आकास्मिक योजना के लिए इन दिशा-निर्देशों से मार्गदर्शन मिलेगा। कोरोना के खिलाफ भारत की जंग के बारे में डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि कोविड-19 के सभी मानदंडों में भारत कई विकसित देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। लगातार बढ़ती रिकवरी दर और निरंतर मृत्यु दर में गिरावट ने साबित कर दिया है कि राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनाई जा रही कंटेनमेंट कार्य नीति सफल रही है। यह सभी संगठनों और देश के नागरिकों के मिलेजुले प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने ईएसआईसी के अस्पतालों की भी सराहना की, जो कोविड के मरीजों को सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. हर्ष वर्धन ने लोगों से कोविड सुरक्षा के अनुकूल व्यवहार का पालन करने की अपील की। उन्होंने दोहराया कि जब तक संक्रामक रोग के साथ लड़ाई में वैक्सीन उपलब्ध नहीं होता, तब तक मास्क या फेस कवर से मुंह ढकना, बार-बार हाथ धोना और सुरक्षित दूरी रखना हमारे लिए सोशल वैक्सीन की तरह काम करेगा।
संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि ये दिशा-निर्देश औद्योगिक श्रमिकों की सुरक्षा के लिए हैं। वर्तमान स्थिति को लेकर स्वयं को मानसिक रूप से तैयार करना और कोविड से सुरक्षा के लिए समुचित व्यवहार अपनाने के बारे में जागरुकता फैलाना महत्वपूर्ण है। डॉ. पॉल ने कहा कि ये दिशा-निर्देश औद्योगिक श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रकाश स्तम्भ के रूप में काम करेंगे। लक्षित समूह के लिए कोविड से सुरक्षा हेतु समुचित व्यवहार से संबंधित इन दिशा-निर्देशों के व्यापक प्रसार-प्रचार की आवश्यकता है। इस अवसर पर श्रम और रोजगार सचिव हीरा लाल सामरिया, ईएसआईसी महानिदेशक अनुराधा प्रसाद, महानिदेशक (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सुनील कुमार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव आरती आहूजा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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नई दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन और श्रम तथा रोजगार मंत्रालय के प्रभारी केन्द्रीय राज्य मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने आज उद्योगों के लिए कोरोना सुरक्षित कार्य स्थल दिशा-निर्देश पुस्तिका जारी की। वर्चुअल समारोह में नीति आयोग के सदस्य स्वास्थ्य डॉ. वी. के. पॉल भी उपस्थित रहे। दिशा-निर्देश जारी किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि ये दिशा-निर्देश सराहनीय हैं और समय पर जारी किए गए हैं। इनसे औद्योगिक श्रमिकों के कल्याण में मदद मिलेगी। नियोक्ताओं और श्रमिकों के लिए व्यापक योजना से संबंधित ये दिशा-निर्देश हैं, ताकि किसी भी श्रमिक के कार्य स्थल के परिसर में कोविड-उन्नीस के जोखिम स्तर की पहचान और समुचित नियंत्रण उपायों को तय करने में इनके इस्तेमाल से सहायता मिलेगी। इन दिशा-निर्देशों से सांस संबंधी स्वच्छता, बार-बार हाथ धोने, सुरक्षित दूरी और कार्य स्थल को बार-बार सेनेटाइज करने जैसे संक्रमण नियंत्रण उपायों के आधार पर कार्य स्थल को सुरक्षित बनाने के सभी महत्वपूर्ण उपायों को एकीकृत कर एक कार्य योजना बनाई जा सकती है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार श्रमिकों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। देश इस समय आर्थिक गतिविधियों को अनलॉक करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उद्योग के परिसर में दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए। वैज्ञानिक बचाव एहतियात और सकारात्मक रवैये से कोविड के खिलाफ जंग में सहायता मिलेगी। कोविड-उन्नीस के फैलाव से संबंधित विभिन्न कार्यों से जुड़े जोखिम में कमी लाने और उनके मूल्यांकन और श्रेणीकरण तथा आकास्मिक योजना के लिए इन दिशा-निर्देशों से मार्गदर्शन मिलेगा। कोरोना के खिलाफ भारत की जंग के बारे में डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि कोविड-उन्नीस के सभी मानदंडों में भारत कई विकसित देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। लगातार बढ़ती रिकवरी दर और निरंतर मृत्यु दर में गिरावट ने साबित कर दिया है कि राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनाई जा रही कंटेनमेंट कार्य नीति सफल रही है। यह सभी संगठनों और देश के नागरिकों के मिलेजुले प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने ईएसआईसी के अस्पतालों की भी सराहना की, जो कोविड के मरीजों को सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. हर्ष वर्धन ने लोगों से कोविड सुरक्षा के अनुकूल व्यवहार का पालन करने की अपील की। उन्होंने दोहराया कि जब तक संक्रामक रोग के साथ लड़ाई में वैक्सीन उपलब्ध नहीं होता, तब तक मास्क या फेस कवर से मुंह ढकना, बार-बार हाथ धोना और सुरक्षित दूरी रखना हमारे लिए सोशल वैक्सीन की तरह काम करेगा। संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि ये दिशा-निर्देश औद्योगिक श्रमिकों की सुरक्षा के लिए हैं। वर्तमान स्थिति को लेकर स्वयं को मानसिक रूप से तैयार करना और कोविड से सुरक्षा के लिए समुचित व्यवहार अपनाने के बारे में जागरुकता फैलाना महत्वपूर्ण है। डॉ. पॉल ने कहा कि ये दिशा-निर्देश औद्योगिक श्रमिकों की सुरक्षा के लिए प्रकाश स्तम्भ के रूप में काम करेंगे। लक्षित समूह के लिए कोविड से सुरक्षा हेतु समुचित व्यवहार से संबंधित इन दिशा-निर्देशों के व्यापक प्रसार-प्रचार की आवश्यकता है। इस अवसर पर श्रम और रोजगार सचिव हीरा लाल सामरिया, ईएसआईसी महानिदेशक अनुराधा प्रसाद, महानिदेशक डॉ. सुनील कुमार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव आरती आहूजा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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68th BPSC Answer Sheet: बीपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर शीट चेक करने के लिए उम्मीदवारों को वेबसाइट पर विजिट करना होगा।
68th BPSC Answer Sheet: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने 68वीं प्रीलिम्स परीक्षा की ओएमआर शीट (BPSC 68th Prelims Answer Sheet) जारी कर दी है। जो भी उम्मीदवार 68वीं बीपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल थे वे ऑफिशियल वेबसाइट bpsc. bih. nicc. in पर विजिट कर उत्तर पुस्तिका चेक कर सकते हैं। आपको जानकारी दे दें कि वेबसाइट पर ओएमआर शीट डाउनलोड करने का लिंक केवल 12 मार्च 2023 तक ही एक्टिव होगा। इसके बाद उम्मीदवार उत्तर पुस्तिका चेक नहीं कर पाएंगे। ओएमआर शीट डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों जल्द ही प्रीलिम्स परीक्षा का रिजल्ट (BPSC 68th Prelims Result) भी जारी कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि आयोग ने इससे पहले जनरल स्टडीज के लिए प्रोविजनल आंसर की 18 फरवरी 2023 को जारी कर दी थी और उम्मीदवारों को ऑब्जेक्शन दर्ज करने का अवसर भी दिया गया था। उसके बाद बीपीएससी ने 4 मार्च को जनरल स्टडीज पेपर की फाइनल आंसर की भी जारी कर दी थी। फाइनल आंसर की के नोटिफिकेशन में बीपीएससी ने कहा कि अगर उम्मीदवार नए साक्ष्य पेश कर सकते हैं तो वे ऑब्जेक्शन दर्ज करा सकते हैं। वे इसे 7 मार्च तक ईमेल के जरिए जमा कर सकते हैं।
हालांकि, फाइनल आंसर की पर प्रस्तुत आपत्तियों की समीक्षा की गई और उनका समाधान किया गया और इसी तरह की आपत्तियों पर अब विचार नहीं किया जाएगा।
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अड़सठth BPSC Answer Sheet: बीपीएससी की प्रीलिम्स परीक्षा की आंसर शीट चेक करने के लिए उम्मीदवारों को वेबसाइट पर विजिट करना होगा। अड़सठth BPSC Answer Sheet: बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन ने अड़सठवीं प्रीलिम्स परीक्षा की ओएमआर शीट जारी कर दी है। जो भी उम्मीदवार अड़सठवीं बीपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल थे वे ऑफिशियल वेबसाइट bpsc. bih. nicc. in पर विजिट कर उत्तर पुस्तिका चेक कर सकते हैं। आपको जानकारी दे दें कि वेबसाइट पर ओएमआर शीट डाउनलोड करने का लिंक केवल बारह मार्च दो हज़ार तेईस तक ही एक्टिव होगा। इसके बाद उम्मीदवार उत्तर पुस्तिका चेक नहीं कर पाएंगे। ओएमआर शीट डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवारों जल्द ही प्रीलिम्स परीक्षा का रिजल्ट भी जारी कर दिया जाएगा। आपको बता दें कि आयोग ने इससे पहले जनरल स्टडीज के लिए प्रोविजनल आंसर की अट्ठारह फरवरी दो हज़ार तेईस को जारी कर दी थी और उम्मीदवारों को ऑब्जेक्शन दर्ज करने का अवसर भी दिया गया था। उसके बाद बीपीएससी ने चार मार्च को जनरल स्टडीज पेपर की फाइनल आंसर की भी जारी कर दी थी। फाइनल आंसर की के नोटिफिकेशन में बीपीएससी ने कहा कि अगर उम्मीदवार नए साक्ष्य पेश कर सकते हैं तो वे ऑब्जेक्शन दर्ज करा सकते हैं। वे इसे सात मार्च तक ईमेल के जरिए जमा कर सकते हैं। हालांकि, फाइनल आंसर की पर प्रस्तुत आपत्तियों की समीक्षा की गई और उनका समाधान किया गया और इसी तरह की आपत्तियों पर अब विचार नहीं किया जाएगा।
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मुंबईः नागपूर (Nagpur) में विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। आज इस अधिवेशन का दूसरा दिन है। कोरोना की वजह से दो साल बाद होने वाले इस अधिवेशन में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, पहले दिन सरकार और विपक्ष के बीच महाराष्ट्र और कर्नाटक सीमा मुद्दे को लेकर बहस हुई।
वहीं, शीतकालीन सत्र के दौरान एनसीपी विधायक रोहित पवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखा है। रोहित पवार ने अपने पत्र के जरिए मुख्यमंत्री से एक अपील की है। उन्होंने अपने पत्र में महात्मा फुले, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले और उनकी सहयोगी फातिमा शेख द्वारा पुणे में लड़कियों के लिए शुरू किए गए पहले स्कूल के भवन भिड़ेवाड़ा के लिए धन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
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मुंबईः नागपूर में विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। आज इस अधिवेशन का दूसरा दिन है। कोरोना की वजह से दो साल बाद होने वाले इस अधिवेशन में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं, पहले दिन सरकार और विपक्ष के बीच महाराष्ट्र और कर्नाटक सीमा मुद्दे को लेकर बहस हुई। वहीं, शीतकालीन सत्र के दौरान एनसीपी विधायक रोहित पवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को पत्र लिखा है। रोहित पवार ने अपने पत्र के जरिए मुख्यमंत्री से एक अपील की है। उन्होंने अपने पत्र में महात्मा फुले, क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले और उनकी सहयोगी फातिमा शेख द्वारा पुणे में लड़कियों के लिए शुरू किए गए पहले स्कूल के भवन भिड़ेवाड़ा के लिए धन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
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चंडीगढ़ 8 जून (ट्रिन्यू)
चंडीगढ़ में एक बार फिर रोडीज का क्रेज वापस लौटा, लेकिन इस बार ऑडिशन नहीं थे इस बार था रोडीज के फैन्स का जमावड़ा। क्रेज पूरा बरकरार था, क्योंकि रोडीज के विनर व कंटेस्टेंट्स को मिलने के लिए बेताब थे शहर के युवा। रोडीज सेक्टर 35 में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। युवा वर्ग रोडीज के दीवाने हैं, वह सालों साल ऑडिशंस का इंतजार करते हैं , लेकिन रोडीज से जुड़ी कोई भी गतिविधि हो शहर के युवा वर्ग दीवानगी की तरह उसका पीछा करते हैं। जुग जुग जियो से जल्द ही अपना बॉलीवुड लॉन्च कर रहे एक्टर विजय, मॉडल वरुण सूद ने कहा कि रोडीज उनकी जिंदगी है चाहे वह ऑडिशंस हो चाहे वह कंटेस्टेंट हो या फिर रोडीज का कॉफी हाउस। रोडीज उनके दिल के करीब है वह रोडीज से जुड़ा कोई भी मौका उनके लिए दिल की गहराइयों में उतर जाता है। वहीं युवाओं के दिलों की धड़कन साउथ अफ्रीका की रोडीज कंटेस्टेंट मूस जटाना, रोडीज विनर युक्ति अरोड़ा, मॉडल व रोडीज कंटेस्टेंट अंगद बावा ने कहा की रोडीज का बहुत बड़ा फैन बेस है।
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चंडीगढ़ आठ जून चंडीगढ़ में एक बार फिर रोडीज का क्रेज वापस लौटा, लेकिन इस बार ऑडिशन नहीं थे इस बार था रोडीज के फैन्स का जमावड़ा। क्रेज पूरा बरकरार था, क्योंकि रोडीज के विनर व कंटेस्टेंट्स को मिलने के लिए बेताब थे शहर के युवा। रोडीज सेक्टर पैंतीस में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। युवा वर्ग रोडीज के दीवाने हैं, वह सालों साल ऑडिशंस का इंतजार करते हैं , लेकिन रोडीज से जुड़ी कोई भी गतिविधि हो शहर के युवा वर्ग दीवानगी की तरह उसका पीछा करते हैं। जुग जुग जियो से जल्द ही अपना बॉलीवुड लॉन्च कर रहे एक्टर विजय, मॉडल वरुण सूद ने कहा कि रोडीज उनकी जिंदगी है चाहे वह ऑडिशंस हो चाहे वह कंटेस्टेंट हो या फिर रोडीज का कॉफी हाउस। रोडीज उनके दिल के करीब है वह रोडीज से जुड़ा कोई भी मौका उनके लिए दिल की गहराइयों में उतर जाता है। वहीं युवाओं के दिलों की धड़कन साउथ अफ्रीका की रोडीज कंटेस्टेंट मूस जटाना, रोडीज विनर युक्ति अरोड़ा, मॉडल व रोडीज कंटेस्टेंट अंगद बावा ने कहा की रोडीज का बहुत बड़ा फैन बेस है।
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अगर आप ऑनलाइन फ्रॉड से चाहते है बचना, तो यहां जानें कुछ टिप्स. .
जानें देश में सबसे ज्यादा बिकी है ये तीन एसयूवी गाड़ियां. .
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जानें Mahindra Thar 4X2 और Mahindra Thar 4X4 में क्या है फर्क, पढ़े पूरी खबर. .
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रामकृष्ण त्रिपाठी के नाम
Bhargava majestic Hotel, Hewett Road, Lucknow
चिरंजीव श्रीरामकृष्ण,
तुम्हारा पत्र मिला । उत्तर देने में कुछ देर हुई । गोपा के चेचक निकलने के समाचार से चिन्ता है । अवश्य छोटी देवी होगी। शायद परसाल मनन्ना के निकली थीं । तुम्हारे मामा लौटे हैं या नही, लिखना । अम्मा शायद जेठ अमावस्था तक लोटें । द्विवेदी जो को हमने लिखा है। तुम्हारे चहाँ हम जाना चाहते थे, पर नही गये । हमारी 'अलका' समाप्त हो चुकी । ७/८ दिन में निकल जायगी । ७/८ मई तक हमे अपनी छोटी कहानियों का संग्रह "लिली" छापेखाने में दे देना है। फिर मई के अंत तक "अपराजिता", इनके अलावा और बहुत सा काम है। कलकत्ते वाला आर्डर भी ले लिया है। जल्द जल्द काम कर रहे है । अब स्थिति अच्छी हो रही है। तुमको १५/२० रोज तक यही ले आयेंगे । तब तक अम्मा भी आ जायेंगी, और हम कुछ और काम कर चुके होंगे। सरोज क्या अभी रोटी बनाने लायक है ? लिखो
दारागंज, इलाहाबाद ३० दिसम्बर, १९४४ रात म
श्रीः चिरञ्जीव रामकृष्ण,
पत्र का उत्तर देर से दे रहे हैं। इस महीने दो मनीआर्डर भेजे। एक की रसीद अभी नहीं आई। दलमऊ से पत्र आया है कि वह मनीआर्डर भी लखनऊ भेज दिया गया । अब तक मिल गया होगा।
तुम्हारे मामा की बीमारी से चिन्ता है। हमारी लाचारी मालूम है । रुपया हाथ आया तो भेजेंगे।
तुम्हारे दूसरे मनीआर्डर के साथ विहारीलाल को भी २५) भेजे थे। पत्र
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रामकृष्ण त्रिपाठी के नाम Bhargava majestic Hotel, Hewett Road, Lucknow चिरंजीव श्रीरामकृष्ण, तुम्हारा पत्र मिला । उत्तर देने में कुछ देर हुई । गोपा के चेचक निकलने के समाचार से चिन्ता है । अवश्य छोटी देवी होगी। शायद परसाल मनन्ना के निकली थीं । तुम्हारे मामा लौटे हैं या नही, लिखना । अम्मा शायद जेठ अमावस्था तक लोटें । द्विवेदी जो को हमने लिखा है। तुम्हारे चहाँ हम जाना चाहते थे, पर नही गये । हमारी 'अलका' समाप्त हो चुकी । सात/आठ दिन में निकल जायगी । सात/आठ मई तक हमे अपनी छोटी कहानियों का संग्रह "लिली" छापेखाने में दे देना है। फिर मई के अंत तक "अपराजिता", इनके अलावा और बहुत सा काम है। कलकत्ते वाला आर्डर भी ले लिया है। जल्द जल्द काम कर रहे है । अब स्थिति अच्छी हो रही है। तुमको पंद्रह/बीस रोज तक यही ले आयेंगे । तब तक अम्मा भी आ जायेंगी, और हम कुछ और काम कर चुके होंगे। सरोज क्या अभी रोटी बनाने लायक है ? लिखो दारागंज, इलाहाबाद तीस दिसम्बर, एक हज़ार नौ सौ चौंतालीस रात म श्रीः चिरञ्जीव रामकृष्ण, पत्र का उत्तर देर से दे रहे हैं। इस महीने दो मनीआर्डर भेजे। एक की रसीद अभी नहीं आई। दलमऊ से पत्र आया है कि वह मनीआर्डर भी लखनऊ भेज दिया गया । अब तक मिल गया होगा। तुम्हारे मामा की बीमारी से चिन्ता है। हमारी लाचारी मालूम है । रुपया हाथ आया तो भेजेंगे। तुम्हारे दूसरे मनीआर्डर के साथ विहारीलाल को भी पच्चीस) भेजे थे। पत्र
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चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो सोमवार को पहली बार रॉकेट प्रक्षेपण में अपनी बहुज्वलन प्रौद्योगिकी (मल्टीपल बर्न टेक्नोलॉजी) का व्यावसायिक उपयोग करेगा। सोमवार को आठ उपग्रह प्रक्षेपित किए जाने हैं, जिनमें पांच विदेशी और तीन घरेलू हैं। ये अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित किए जाएंगे।
बहुज्वलन प्रौद्योगिकी वास्तव में रॉकेट के इंजन को अंतरिक्ष में चालू करने और बंद करने की प्रौद्योगिकी है।
विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के निदेशक के. सिवन ने भी आईएएनएस को बताया कि ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के प्रक्षेपण के लिए 48. 5 घंटे की उल्टी गिनती आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सही ढंग से जारी है।
उल्टी गिनती शनिवार सुबह 8. 42 बजे शुरू हुई थी और उम्मीद है कि इसका प्रक्षेपण सोमवार सुबह 9. 12 बजे होगा।
उन्होंने कहा कि पहली बार इसरो ने बहुज्वलन प्रौद्योगिकी का परीक्षण पीएसएलवी में 16 दिसंबर, 2015 को किया था। उसके बाद इस साल जून में भी इस प्रौद्योगिकी को प्रमाणित किया गया।
उन्होंने कहा कि रॉकेट में जीपीएस युक्त नौवहन प्रणाली है, ताकि निष्क्रिय स्थिति में रॉकेट की नौवहन प्रणाली से जो आंकड़े मिलेंगे और एक जो पहले की स्थिति वाले आंकड़े मिलेंगे, उन्हें इस तरह से मिश्रित किया जाए कि त्रुटियां खत्म हो जाएं और महत्वपूर्ण आंकड़े मिलें।
सोमवार को 320 टन के पीएसएलवी रॉकेट पर 371 किलोग्राम के स्कैटसैट-1 उपग्रह को समुद्र और मौसम से जुड़े अध्ययन के लिए 730 किलोमीटर ध्रुवीय सौर स्थैतिक कक्षा में स्थापित करना है। इसमें कुल 17 मिनट का समय लगेगा।
इससे भेजे जाने वाले पांच जो विदेशी उपग्रह हैं, उनमें एलसैट-1बी वजन 103 किलोग्राम, एलसैट-2बी वजन 117 किलोग्राम और एलसैट-1एन वजन सात किलोग्राग है और ये तीनों अल्जीरिया के हैं। एक कनाडा का एनएलएस-19 वजन आठ किलोग्राम और एक अमेरिका का पाथफाइंडर वजन 44 किलोग्राम है।
इनके अलावा दो और भारतीय उपग्रह हैं। एक का वजन 10 किलोग्राम है, जिसे आईआईटी बंबई ने तैयार किया है और दूसरा पीसैट है, जिसे पीईएस विश्वविद्यालय बेंगलुरू और इसके संकाय ने बनाया है और इसका वजन 5. 25 किलोग्राम है।
श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण के बाद स्कैटसैट-1 को कक्षा में पहुंचाने के बाद रॉकेट के चौथे चरण का इंजन बंद हो जाएगा और यह एक घंटे 22 मिनट बाद फिर से दो बार चालू होगा।
अंतरिक्ष में दो घंटे और 11 मिनट की उड़ान के बाद इसका चौथा चरण फिर से चालू होगा। सात मिनट बाद सभी सात उपग्रह अपनी इच्छित कक्षा में पहुंच जाएंगे।
सिवन ने कहा कि इंजन बंद होने और फिर से चालू होने के समय में बहुत अधिक अंतर कोई मुद्दा नहीं है।
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चेन्नई। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो सोमवार को पहली बार रॉकेट प्रक्षेपण में अपनी बहुज्वलन प्रौद्योगिकी का व्यावसायिक उपयोग करेगा। सोमवार को आठ उपग्रह प्रक्षेपित किए जाने हैं, जिनमें पांच विदेशी और तीन घरेलू हैं। ये अलग-अलग कक्षाओं में स्थापित किए जाएंगे। बहुज्वलन प्रौद्योगिकी वास्तव में रॉकेट के इंजन को अंतरिक्ष में चालू करने और बंद करने की प्रौद्योगिकी है। विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक के. सिवन ने भी आईएएनएस को बताया कि ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान के प्रक्षेपण के लिए अड़तालीस. पाँच घंटाटे की उल्टी गिनती आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सही ढंग से जारी है। उल्टी गिनती शनिवार सुबह आठ. बयालीस बजे शुरू हुई थी और उम्मीद है कि इसका प्रक्षेपण सोमवार सुबह नौ. बारह बजे होगा। उन्होंने कहा कि पहली बार इसरो ने बहुज्वलन प्रौद्योगिकी का परीक्षण पीएसएलवी में सोलह दिसंबर, दो हज़ार पंद्रह को किया था। उसके बाद इस साल जून में भी इस प्रौद्योगिकी को प्रमाणित किया गया। उन्होंने कहा कि रॉकेट में जीपीएस युक्त नौवहन प्रणाली है, ताकि निष्क्रिय स्थिति में रॉकेट की नौवहन प्रणाली से जो आंकड़े मिलेंगे और एक जो पहले की स्थिति वाले आंकड़े मिलेंगे, उन्हें इस तरह से मिश्रित किया जाए कि त्रुटियां खत्म हो जाएं और महत्वपूर्ण आंकड़े मिलें। सोमवार को तीन सौ बीस टन के पीएसएलवी रॉकेट पर तीन सौ इकहत्तर किलोग्रामग्राम के स्कैटसैट-एक उपग्रह को समुद्र और मौसम से जुड़े अध्ययन के लिए सात सौ तीस किलोग्राममीटर ध्रुवीय सौर स्थैतिक कक्षा में स्थापित करना है। इसमें कुल सत्रह मिनट का समय लगेगा। इससे भेजे जाने वाले पांच जो विदेशी उपग्रह हैं, उनमें एलसैट-एकबी वजन एक सौ तीन किलोग्रामग्राम, एलसैट-दोबी वजन एक सौ सत्रह किलोग्रामग्राम और एलसैट-एकएन वजन सात किलोग्राग है और ये तीनों अल्जीरिया के हैं। एक कनाडा का एनएलएस-उन्नीस वजन आठ किलोग्राम और एक अमेरिका का पाथफाइंडर वजन चौंतालीस किलोग्रामग्राम है। इनके अलावा दो और भारतीय उपग्रह हैं। एक का वजन दस किलोग्रामग्राम है, जिसे आईआईटी बंबई ने तैयार किया है और दूसरा पीसैट है, जिसे पीईएस विश्वविद्यालय बेंगलुरू और इसके संकाय ने बनाया है और इसका वजन पाँच. पच्चीस किलोग्रामग्राम है। श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण के बाद स्कैटसैट-एक को कक्षा में पहुंचाने के बाद रॉकेट के चौथे चरण का इंजन बंद हो जाएगा और यह एक घंटे बाईस मिनट बाद फिर से दो बार चालू होगा। अंतरिक्ष में दो घंटे और ग्यारह मिनट की उड़ान के बाद इसका चौथा चरण फिर से चालू होगा। सात मिनट बाद सभी सात उपग्रह अपनी इच्छित कक्षा में पहुंच जाएंगे। सिवन ने कहा कि इंजन बंद होने और फिर से चालू होने के समय में बहुत अधिक अंतर कोई मुद्दा नहीं है।
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हालांकि सरकार ने प्रेस वार्ता में ऐसी सभी आशंकाओं को गलत ठहराते हुए कहा है कि ये सब कुछ सामान्य सैन्य अभ्यास के तहत किया जा रहा है और इसे किसी भी तरह से रूस के साथ युद्ध की तैयारी के तौर पर न देखा जाए।
बता दें कि इस रविवार को यूक्रेन के क्रीमिया प्रांत में रायशुमारी कराई जाएगी। इसी रायशुमारी के आधार पर ये तय किया जाएगा कि क्रीमिया यूक्रेन में बना रहेगा या फिर रूस में शामिल होगा। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने यूक्रेन में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व नेताओं से स्थायी एवं निष्पक्ष राजनीतिक समाधान की दिशा में काम करने को कहा।
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हालांकि सरकार ने प्रेस वार्ता में ऐसी सभी आशंकाओं को गलत ठहराते हुए कहा है कि ये सब कुछ सामान्य सैन्य अभ्यास के तहत किया जा रहा है और इसे किसी भी तरह से रूस के साथ युद्ध की तैयारी के तौर पर न देखा जाए। बता दें कि इस रविवार को यूक्रेन के क्रीमिया प्रांत में रायशुमारी कराई जाएगी। इसी रायशुमारी के आधार पर ये तय किया जाएगा कि क्रीमिया यूक्रेन में बना रहेगा या फिर रूस में शामिल होगा। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने यूक्रेन में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व नेताओं से स्थायी एवं निष्पक्ष राजनीतिक समाधान की दिशा में काम करने को कहा।
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने भी जमीन पर तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस निगम चुनाव प्रदूषित दिल्ली बनाम चमकती, शीला दीक्षित वाली दिल्ली के नारे के साथ लड़ेगी। कांग्रेस भाजपा और आम आदमी पार्टी पर दिल्ली की हवा, पानी, शहर, समाज और राजनीति को प्रदूषित करने के आरोपों पर हमले करेगी और दिल्ली के मतदाताओं के समक्ष उजागर करने के लिए जनसंपर्क साधेगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि पार्टी ने रुपरेखा पूरी तरह तैयार कर ली है। भाजपा ने एमसीडी को मोस्ट करप्ट डिपार्टमेंट बना दिया है एमसीडी के कुप्रबंधन और गैर जिम्मेदाराना प्रशासनिक व्यवस्था के कारण राजधानी में मलेरिया, चिकुनगुनिया और डेंगू दिल्ली की पहचान बन चुकी है। कांग्रेस एमसीडी को स्वच्छ, गंदगी मुक्त, चमकती दिल्ली के रुप में पहचान देगी।
आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में निगम चुनावों की तैयारियों को लेकर प्रदेश कार्यकारिणी, जिला अध्यक्षों एवं कॉआर्डिनेटरर्स, सेल एवं विभागों के चेयरमैनों की एक महत्वपूर्ण बैठक में इन मुद्दों पर चर्र्चा की गई। बैठक में मजबूती से उतरने और जीत सुनिश्चित करने को लेकर सभी नेता एकमत दिखे। चौ. अनिल कुमार ने दिल्ली की जनता से अपील की कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनो आपसे वोट मांगेंगी, आपने 15 साल का भाजपा से और आठ साल में दिल्ली को बदहाल करने का आम आदमी पार्टी से हिसाब मांगना है।
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। निगम चुनाव के लिए कांग्रेस ने भी जमीन पर तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस निगम चुनाव प्रदूषित दिल्ली बनाम चमकती, शीला दीक्षित वाली दिल्ली के नारे के साथ लड़ेगी। कांग्रेस भाजपा और आम आदमी पार्टी पर दिल्ली की हवा, पानी, शहर, समाज और राजनीति को प्रदूषित करने के आरोपों पर हमले करेगी और दिल्ली के मतदाताओं के समक्ष उजागर करने के लिए जनसंपर्क साधेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि पार्टी ने रुपरेखा पूरी तरह तैयार कर ली है। भाजपा ने एमसीडी को मोस्ट करप्ट डिपार्टमेंट बना दिया है एमसीडी के कुप्रबंधन और गैर जिम्मेदाराना प्रशासनिक व्यवस्था के कारण राजधानी में मलेरिया, चिकुनगुनिया और डेंगू दिल्ली की पहचान बन चुकी है। कांग्रेस एमसीडी को स्वच्छ, गंदगी मुक्त, चमकती दिल्ली के रुप में पहचान देगी। आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में निगम चुनावों की तैयारियों को लेकर प्रदेश कार्यकारिणी, जिला अध्यक्षों एवं कॉआर्डिनेटरर्स, सेल एवं विभागों के चेयरमैनों की एक महत्वपूर्ण बैठक में इन मुद्दों पर चर्र्चा की गई। बैठक में मजबूती से उतरने और जीत सुनिश्चित करने को लेकर सभी नेता एकमत दिखे। चौ. अनिल कुमार ने दिल्ली की जनता से अपील की कि भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनो आपसे वोट मांगेंगी, आपने पंद्रह साल का भाजपा से और आठ साल में दिल्ली को बदहाल करने का आम आदमी पार्टी से हिसाब मांगना है।
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को व्यक्तिगत रूप से भेजा। वह अक्तूबर, १७७५ ६० को वलकत्ता पहुँचा तथा उसने व्यक्तिगत वार्तालाप द्वारा तथा लिखित रूप स भी पश्चिमी प्रा त की वस्तुस्थिति को सवथा स्पष्ट कर दिया। बम्बई के शासकों ने कलकत्ता की आनाओ का सवथा उल्लघन किया तथा अपनी शिकायतो वो इगलण्ड के गृहाधिकारियों के पास निणयाथ भेज दिया। इस उपाय द्वारा और भी अधिक जटिलताएँ उत्पन्न हो गयीं । स्वप क्लवत्ता की सभा फूट तथा वलहवा वेद्र बन गयो ।
वारेन हेस्टिग्ज की आना पर अक्तूबर १७७५ ई० म क्नल अपटन वलकत्ता से चल दिया। उसके साथ लगभग डेढ हजार अनुचरों को पक्ति के अतिरिक्त हाथी, पालकियों तथा ब्रिटिश सत्ता की महत्ता के अनुरूप अय उपकरण थे। सखाराम बापू ने उसको वु देलखण्ड तथा मालवा वे मराठा प्रदेश मे होकर यात्रा करने के लिए आज्ञापत्र दे रखे थे। हस्टिग्ज ने उसको माग स्थित विभिन्न सरदारों के नाम परिचयात्मक पत्र दिये थे। सखाराम बापू के पूछने पर हस्टिग्ज ने स्वीकार किया था कि क्नल अपटन को शान्ति को शर्तों को निश्चित करने के सम्व घ मे पूर्ण अधिकार दे दिये गये है। वह जो कुछ सधि करेगा उसका बम्बई तथा क्लक्त्ता दोनो के द्वारा श्रद्धापूर्वक पालन किया जायेगा। इस समय पर रघुनाथराव ने भी कलकत्ता को अपने प्रतिनिधि भेजे। उन्होंने अपटन वे आयोग वा तीव्र विरोध किया तथा सूरत की सधि के पालन को भाग उपस्थित को 199 परस्पर विरोधी हितो का सामजस्य करन तथा पश्चिमी तट पर बम्बई मराठा सम्ब धो को दूषित करने वाले क्लह वा शांतिमय समझौता करने मे हेस्टिग्ज को बहुत कष्ट हुआ । बम्बई के शासको ने अपटन से प्राथना की कि पूना जाने के पहले वह उनसे मिल ले, परंतु उसने इस प्रस्ताव को न मानने मे हो बुद्धिमत्ता समझी। अपटन ने नवम्बर मे कालपी म यमुना को पार किया तथा २८ दिसम्बर को पूना पहुँचा। वहाँ पर पेशवा शासन द्वारा उसका भय रूप में स्वागत किया गया । ३१ दिसम्बर वो पुर दरगढ मे आयोजित पूरे दरबार में उसका स्वागत किया गया। इसका सभापति शिशु पेशवा था जिसकी आयु उस समय लगभग २० मास की थी । इस समय रघुनाथराव तथा हरिपात के विरोधी दल सोनगढ़ के समीप गुजरात तथा काठियावाड की सीमा पर पडाव डाले पड़े हुए थे। अपटन के आगमन पर उनको अपनो सनिक प्रवृत्ति को शक देने को आना दी गयी ।
इस विषय पर पारसी पजिवा, जिल्द ४ न० १६१६ ३०४१ म मुद्रित पत्र व्यवहार देखो।
पूना के मत्रीगण बम्बई तथा कलकत्ता के बीच की नीति भिन्नता से इतने तग आ गये कि उहोने सीधे रघुनाथराव से शान्तिपूर्ण निपटारे का प्रयास करना ही श्रेयस्कर समझा। परंतु रघुनाथराव मे इतनी बुद्धि नहीं थी । उसकी मनोदशा भी किसी प्रकार का समझौता स्वीकार करने योग्य नहीं थी । बम्बई के अधिकारियों को भी घटनाचक्र से कुछ कम चिता नहीं थी । यद्यपि गुजरात पर व्यवहार रूप मे उनका अधिकार था, परतु इस दीघकालीन अभियान का व्यय इस समय इतना बढ़ गया था कि वे इसको सहन नहीं कर सकते थे । हरिपत ने उनकी परिस्थिति को अधिक कष्टप्रद बना देने मे विलम्ब नही किया । वर्षाऋतु के शीघ्र पश्चात उसने अपना आक्रमण आरम्भ कर दिया। इस प्रकार मराठो के दोनो दलो तथा अग्रेजो को इस युद्ध के कारण घोर असुविधा सहन करनी पड़ी। केवल दो शासको को इससे महत्त्वपूर्ण लाभ पहुँचा-वे थे हैदराबाद का निजाम तथा मैसूर का हैदरअली । वे दोनो अपने अपने क्षेत्रो मे जिन प्रदेशो पर अधिकार कर सकते थे उन पर उन्होंने अधिकार जमा लिया ।
रघुनाथराव की मक्कारी के कारण पूना शासन को बहुत कष्ट हुआ। उसने खानदेश के कोलियो को विद्रोह को उत्तेजना दी, तथा उसी क्षेत्र मे रणाला के गुलजारखाँ को मराठा शासन के विरुद्ध लूटमार करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस प्रकार बार भाइयो को अनेक दिशाओं से असीम कष्ट सहना पडा । मानाजी फडके, त्रिम्बक सूर्याजी तथा रघुनाथराव ने अन्य पक्ष पातियो ने पूना की सभा को पगु कर देने के लिए अपकारक प्रवृत्तियो का आश्रय लिया। इस अकारण अपकार के परिणामस्वरूप भी रघुनाथराव को अपने उद्देश्य की प्राप्ति में किसी प्रकार की कोई सहायता प्राप्त न हुई। उल्टा वह घोरतम सक्ट मे फँमा रहा। २३ जनवरी, १७७६ ई० को वह अग्रेजी शिविर से इस प्रकार लिखता है "मैं अपनी वतमान दशा पर भयानक रूप से दुखी हूँ। मैं भूखा मर रहा हूँ। मेरे पास धन नहीं है मेरी सेना मे विद्रोह फल रहा है मेरे अग्रेज मित्रो को सस्या इतनी कम है कि उनके बनाये कुछ भी नहीं बन सकता । मुझे पहले उनको शक्ति में प्रवल विश्वास था, परन्तु इस विषय मे मुझे बहुत धोखा हुआ है। हरिपन्त किसी भी क्षण मुझे पक्ड सकता है।' रघुनाथराव के अत्यात उत्साही समयक सखाराम हरि ने भी उसी प्रकार शोक्पूर्ण शब्दों में पत्र लिखा है ।
८ पुरवर को सधि - पूना मे अपटन के आगमन से भा किसी प्रकार परिस्थिति न सँभलो । दोधवालीन वार्ता तथा चिन्तापूर्ण विवाद गतिरोध आ जान से तीन मास तक ज्यों के त्या बन रहे। सखाराम बापू, नाना तथा
कृष्णराव काले पूना की सभा के प्रमुख थे । गम्भीर शपथो द्वारा दोना पक्ष गोपनीयता के लिए बाध्य थे। ये अधिवेशन पुरदरगढ़ के नीचे कोडिन गाँव के एक डेरे मे प्रतिदिन तीसरे पहर को आरम्भ होकर प्राय सायकाल तक होते रहते थे। अपटन के पास एक सहायक के अतिरिक्त एक दुभाषिया भी रहता था। अत वार्तालाप को गति बहुत माद रही । अपने आगमन के शीघ्र पश्चात ही अपटन ने शिशु पेशवा के जन्म के विषय में सूक्ष्म अवेषण किया तथा जब उसको पूर्ण विश्वास हो गया कि शिशु जाली नहीं हैं, तभी उसने पूना शासन को सधि प्रस्ताव के निमित्त मान्यता प्रदान की।
अपने समस्त वार्तालाप मे अपटन ने यथाशक्ति प्रयास किया कि ईस्ट इण्डिया कम्पनी को कुछ ठोस लाभ प्राप्त हो जाये उसने कहा कि वह रघुनाथराव के पक्ष से ब्रिटिश समधन को हटा लेने के लिए अपनी सहमति उसी समय देगा जब वसइ, साल्सेट ( साष्टी) तथा भडोच पर उसको स्थायो अधिकार दे दिया जायेगा । अग्रेजो का यह पका निश्चय था कि जिस प्रकार कलकत्ता तथा मद्रास के समुद्रवर्ती क्षेत्रों पर उनका बहुत दिनों से अधिकार है, उसी प्रकार बम्बई के लम्बे समुद्रतट पर उनका विवादरहित अधिकार होना चाहिए। परंतु मराठा शासन किसी भी आधार पर वसइ को छोड़ने के लिए सहमत नहीं हो सकता था, क्योंकि बसइ बम्बई का प्रतिद्वन्द्वी था तथा स्वतन्त्र सत्ता के रूप में उनके लिए यह मम स्थान था। पूना शासन के इस कड़े रुख पर अपटन को घोर निराशा हुई ।
दोनो पक्षों के बीच धोर मतभेद का एक अन्य विषय रघुनाथराव की स्थिति तथा उसके भावी पालन पोषण से सम्बंधित मामला था। अपटन ने हठ किया कि रघुनाथराव को सव प्रबधाधिकार प्राप्त सरक्षक नियुक्त कर दिया जाये, क्योकि पेशवा अल्पवयस्क शिशु है। इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से मंत्रियो ने यायपूवक इनकार कर दिया । म त्रयो का यह अाग्रह था कि रघुनाथराव हत्यारा तथा विद्रोही है, किसी कारण से भी उसको पूना लौटने को आज्ञा नही मिल सकती। उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता कि दिवगत पेशवा का औरस शिशु उसकी रक्षा मे सकुशल रह सकेगा। इसके विपरीत उन्होंने रघुनाथ राव को पूणत सौंप देने की मांग की। अपटन ने कहा कि रघुनाथराव उनका अतिथि है बदी नही। उसके साथ वे कवल इतना कर सकते हैं कि उससे अपना समधन वापस ले लें परतु वे उसको स्वयं समर्पित न करेंगे। जब अग्रेज उसकी सहायता न करेंगे तब पूना की परिषद उसके साथ जसा चाहे वैसा व्यवहार कर सकती है। मंत्रियो द्वारा प्रस्तावित स्वत्वो के औचित्य पर अपटन ने वाद विवाद नहीं किया परतु बम्बई के अधिकारी बसइ तथा रघुनाथ
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को व्यक्तिगत रूप से भेजा। वह अक्तूबर, एक हज़ार सात सौ पचहत्तर साठ को वलकत्ता पहुँचा तथा उसने व्यक्तिगत वार्तालाप द्वारा तथा लिखित रूप स भी पश्चिमी प्रा त की वस्तुस्थिति को सवथा स्पष्ट कर दिया। बम्बई के शासकों ने कलकत्ता की आनाओ का सवथा उल्लघन किया तथा अपनी शिकायतो वो इगलण्ड के गृहाधिकारियों के पास निणयाथ भेज दिया। इस उपाय द्वारा और भी अधिक जटिलताएँ उत्पन्न हो गयीं । स्वप क्लवत्ता की सभा फूट तथा वलहवा वेद्र बन गयो । वारेन हेस्टिग्ज की आना पर अक्तूबर एक हज़ार सात सौ पचहत्तर ईशून्य म क्नल अपटन वलकत्ता से चल दिया। उसके साथ लगभग डेढ हजार अनुचरों को पक्ति के अतिरिक्त हाथी, पालकियों तथा ब्रिटिश सत्ता की महत्ता के अनुरूप अय उपकरण थे। सखाराम बापू ने उसको वु देलखण्ड तथा मालवा वे मराठा प्रदेश मे होकर यात्रा करने के लिए आज्ञापत्र दे रखे थे। हस्टिग्ज ने उसको माग स्थित विभिन्न सरदारों के नाम परिचयात्मक पत्र दिये थे। सखाराम बापू के पूछने पर हस्टिग्ज ने स्वीकार किया था कि क्नल अपटन को शान्ति को शर्तों को निश्चित करने के सम्व घ मे पूर्ण अधिकार दे दिये गये है। वह जो कुछ सधि करेगा उसका बम्बई तथा क्लक्त्ता दोनो के द्वारा श्रद्धापूर्वक पालन किया जायेगा। इस समय पर रघुनाथराव ने भी कलकत्ता को अपने प्रतिनिधि भेजे। उन्होंने अपटन वे आयोग वा तीव्र विरोध किया तथा सूरत की सधि के पालन को भाग उपस्थित को एक सौ निन्यानवे परस्पर विरोधी हितो का सामजस्य करन तथा पश्चिमी तट पर बम्बई मराठा सम्ब धो को दूषित करने वाले क्लह वा शांतिमय समझौता करने मे हेस्टिग्ज को बहुत कष्ट हुआ । बम्बई के शासको ने अपटन से प्राथना की कि पूना जाने के पहले वह उनसे मिल ले, परंतु उसने इस प्रस्ताव को न मानने मे हो बुद्धिमत्ता समझी। अपटन ने नवम्बर मे कालपी म यमुना को पार किया तथा अट्ठाईस दिसम्बर को पूना पहुँचा। वहाँ पर पेशवा शासन द्वारा उसका भय रूप में स्वागत किया गया । इकतीस दिसम्बर वो पुर दरगढ मे आयोजित पूरे दरबार में उसका स्वागत किया गया। इसका सभापति शिशु पेशवा था जिसकी आयु उस समय लगभग बीस मास की थी । इस समय रघुनाथराव तथा हरिपात के विरोधी दल सोनगढ़ के समीप गुजरात तथा काठियावाड की सीमा पर पडाव डाले पड़े हुए थे। अपटन के आगमन पर उनको अपनो सनिक प्रवृत्ति को शक देने को आना दी गयी । इस विषय पर पारसी पजिवा, जिल्द चार नशून्य एक हज़ार छः सौ सोलह तीन हज़ार इकतालीस म मुद्रित पत्र व्यवहार देखो। पूना के मत्रीगण बम्बई तथा कलकत्ता के बीच की नीति भिन्नता से इतने तग आ गये कि उहोने सीधे रघुनाथराव से शान्तिपूर्ण निपटारे का प्रयास करना ही श्रेयस्कर समझा। परंतु रघुनाथराव मे इतनी बुद्धि नहीं थी । उसकी मनोदशा भी किसी प्रकार का समझौता स्वीकार करने योग्य नहीं थी । बम्बई के अधिकारियों को भी घटनाचक्र से कुछ कम चिता नहीं थी । यद्यपि गुजरात पर व्यवहार रूप मे उनका अधिकार था, परतु इस दीघकालीन अभियान का व्यय इस समय इतना बढ़ गया था कि वे इसको सहन नहीं कर सकते थे । हरिपत ने उनकी परिस्थिति को अधिक कष्टप्रद बना देने मे विलम्ब नही किया । वर्षाऋतु के शीघ्र पश्चात उसने अपना आक्रमण आरम्भ कर दिया। इस प्रकार मराठो के दोनो दलो तथा अग्रेजो को इस युद्ध के कारण घोर असुविधा सहन करनी पड़ी। केवल दो शासको को इससे महत्त्वपूर्ण लाभ पहुँचा-वे थे हैदराबाद का निजाम तथा मैसूर का हैदरअली । वे दोनो अपने अपने क्षेत्रो मे जिन प्रदेशो पर अधिकार कर सकते थे उन पर उन्होंने अधिकार जमा लिया । रघुनाथराव की मक्कारी के कारण पूना शासन को बहुत कष्ट हुआ। उसने खानदेश के कोलियो को विद्रोह को उत्तेजना दी, तथा उसी क्षेत्र मे रणाला के गुलजारखाँ को मराठा शासन के विरुद्ध लूटमार करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस प्रकार बार भाइयो को अनेक दिशाओं से असीम कष्ट सहना पडा । मानाजी फडके, त्रिम्बक सूर्याजी तथा रघुनाथराव ने अन्य पक्ष पातियो ने पूना की सभा को पगु कर देने के लिए अपकारक प्रवृत्तियो का आश्रय लिया। इस अकारण अपकार के परिणामस्वरूप भी रघुनाथराव को अपने उद्देश्य की प्राप्ति में किसी प्रकार की कोई सहायता प्राप्त न हुई। उल्टा वह घोरतम सक्ट मे फँमा रहा। तेईस जनवरी, एक हज़ार सात सौ छिहत्तर ईशून्य को वह अग्रेजी शिविर से इस प्रकार लिखता है "मैं अपनी वतमान दशा पर भयानक रूप से दुखी हूँ। मैं भूखा मर रहा हूँ। मेरे पास धन नहीं है मेरी सेना मे विद्रोह फल रहा है मेरे अग्रेज मित्रो को सस्या इतनी कम है कि उनके बनाये कुछ भी नहीं बन सकता । मुझे पहले उनको शक्ति में प्रवल विश्वास था, परन्तु इस विषय मे मुझे बहुत धोखा हुआ है। हरिपन्त किसी भी क्षण मुझे पक्ड सकता है।' रघुनाथराव के अत्यात उत्साही समयक सखाराम हरि ने भी उसी प्रकार शोक्पूर्ण शब्दों में पत्र लिखा है । आठ पुरवर को सधि - पूना मे अपटन के आगमन से भा किसी प्रकार परिस्थिति न सँभलो । दोधवालीन वार्ता तथा चिन्तापूर्ण विवाद गतिरोध आ जान से तीन मास तक ज्यों के त्या बन रहे। सखाराम बापू, नाना तथा कृष्णराव काले पूना की सभा के प्रमुख थे । गम्भीर शपथो द्वारा दोना पक्ष गोपनीयता के लिए बाध्य थे। ये अधिवेशन पुरदरगढ़ के नीचे कोडिन गाँव के एक डेरे मे प्रतिदिन तीसरे पहर को आरम्भ होकर प्राय सायकाल तक होते रहते थे। अपटन के पास एक सहायक के अतिरिक्त एक दुभाषिया भी रहता था। अत वार्तालाप को गति बहुत माद रही । अपने आगमन के शीघ्र पश्चात ही अपटन ने शिशु पेशवा के जन्म के विषय में सूक्ष्म अवेषण किया तथा जब उसको पूर्ण विश्वास हो गया कि शिशु जाली नहीं हैं, तभी उसने पूना शासन को सधि प्रस्ताव के निमित्त मान्यता प्रदान की। अपने समस्त वार्तालाप मे अपटन ने यथाशक्ति प्रयास किया कि ईस्ट इण्डिया कम्पनी को कुछ ठोस लाभ प्राप्त हो जाये उसने कहा कि वह रघुनाथराव के पक्ष से ब्रिटिश समधन को हटा लेने के लिए अपनी सहमति उसी समय देगा जब वसइ, साल्सेट तथा भडोच पर उसको स्थायो अधिकार दे दिया जायेगा । अग्रेजो का यह पका निश्चय था कि जिस प्रकार कलकत्ता तथा मद्रास के समुद्रवर्ती क्षेत्रों पर उनका बहुत दिनों से अधिकार है, उसी प्रकार बम्बई के लम्बे समुद्रतट पर उनका विवादरहित अधिकार होना चाहिए। परंतु मराठा शासन किसी भी आधार पर वसइ को छोड़ने के लिए सहमत नहीं हो सकता था, क्योंकि बसइ बम्बई का प्रतिद्वन्द्वी था तथा स्वतन्त्र सत्ता के रूप में उनके लिए यह मम स्थान था। पूना शासन के इस कड़े रुख पर अपटन को घोर निराशा हुई । दोनो पक्षों के बीच धोर मतभेद का एक अन्य विषय रघुनाथराव की स्थिति तथा उसके भावी पालन पोषण से सम्बंधित मामला था। अपटन ने हठ किया कि रघुनाथराव को सव प्रबधाधिकार प्राप्त सरक्षक नियुक्त कर दिया जाये, क्योकि पेशवा अल्पवयस्क शिशु है। इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से मंत्रियो ने यायपूवक इनकार कर दिया । म त्रयो का यह अाग्रह था कि रघुनाथराव हत्यारा तथा विद्रोही है, किसी कारण से भी उसको पूना लौटने को आज्ञा नही मिल सकती। उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता कि दिवगत पेशवा का औरस शिशु उसकी रक्षा मे सकुशल रह सकेगा। इसके विपरीत उन्होंने रघुनाथ राव को पूणत सौंप देने की मांग की। अपटन ने कहा कि रघुनाथराव उनका अतिथि है बदी नही। उसके साथ वे कवल इतना कर सकते हैं कि उससे अपना समधन वापस ले लें परतु वे उसको स्वयं समर्पित न करेंगे। जब अग्रेज उसकी सहायता न करेंगे तब पूना की परिषद उसके साथ जसा चाहे वैसा व्यवहार कर सकती है। मंत्रियो द्वारा प्रस्तावित स्वत्वो के औचित्य पर अपटन ने वाद विवाद नहीं किया परतु बम्बई के अधिकारी बसइ तथा रघुनाथ
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