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वित्त मंत्री पलानीवेल त्यागराजन ने कहा है कि गुजरात मॉडल सरकार के बजाय द्रविड़ मॉडल सरकार भारत के लिए एक रोल मॉडल है और 18 महीनों में मदुरै का चेहरा बदल जाएगा। वित्त मंत्री बीडीआर पलानीवेल त्यागराजन ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए मदुरै तमिल संघ एरिना में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम के बाद बोलते हुए मंत्री पलानीवेल त्यागराजन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने धन आवंटित करके और परियोजनाओं को लागू करके तमिलनाडु के सभी हिस्सों को विकसित करने का निर्देश दिया है। अचल संपत्ति आदि में निवेश करने से देश का विकास नहीं होगा और औद्योगिक विकास केवल उद्यमी ही कर सकते हैं जो सरकार नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि नान मुलुवन जैसी परियोजनाओं के माध्यम से छात्रों को उनके स्कूल के दिनों से ही विकसित किया जा सकता है और मुख्यमंत्री द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग को धन और कर्मचारियों को आवंटित करने के आदेश के बाद, धन आवंटित किया गया है और इसे 60 अधिकारियों के साथ चलाना संभव बनाया गया है। इसके बाद उन्होंने गुजरात और तमिलनाडु की तुलना करते हुए कहा कि गुजरात मॉडल सरकार के तहत उस राज्य का राजस्व तमिलनाडु के राजस्व से कुछ हजार अधिक हो सकता है। लेकिन तमिलनाडु में प्रति 1000 लोगों पर 4 डॉक्टर हैं, जबकि गुजरात में प्रति 1000 लोगों पर केवल 1 डॉक्टर है। उन्होंने उल्लेख किया कि 80% महिलाएं यहां उच्च शिक्षा पढ़ती हैं और गुजरात में केवल 60% से कम उच्च शिक्षा का अध्ययन करती हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि शासन के द्रविड़ मॉडल के माध्यम से तमिलनाडु सभी राज्यों के लिए एक रोल मॉडल है।
वित्त मंत्री पलानीवेल त्यागराजन ने कहा है कि गुजरात मॉडल सरकार के बजाय द्रविड़ मॉडल सरकार भारत के लिए एक रोल मॉडल है और अट्ठारह महीनों में मदुरै का चेहरा बदल जाएगा। वित्त मंत्री बीडीआर पलानीवेल त्यागराजन ने निवेशकों और उद्यमियों के लिए मदुरै तमिल संघ एरिना में आयोजित कार्यक्रम में पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम के बाद बोलते हुए मंत्री पलानीवेल त्यागराजन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने धन आवंटित करके और परियोजनाओं को लागू करके तमिलनाडु के सभी हिस्सों को विकसित करने का निर्देश दिया है। अचल संपत्ति आदि में निवेश करने से देश का विकास नहीं होगा और औद्योगिक विकास केवल उद्यमी ही कर सकते हैं जो सरकार नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि नान मुलुवन जैसी परियोजनाओं के माध्यम से छात्रों को उनके स्कूल के दिनों से ही विकसित किया जा सकता है और मुख्यमंत्री द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग को धन और कर्मचारियों को आवंटित करने के आदेश के बाद, धन आवंटित किया गया है और इसे साठ अधिकारियों के साथ चलाना संभव बनाया गया है। इसके बाद उन्होंने गुजरात और तमिलनाडु की तुलना करते हुए कहा कि गुजरात मॉडल सरकार के तहत उस राज्य का राजस्व तमिलनाडु के राजस्व से कुछ हजार अधिक हो सकता है। लेकिन तमिलनाडु में प्रति एक हज़ार लोगों पर चार डॉक्टर हैं, जबकि गुजरात में प्रति एक हज़ार लोगों पर केवल एक डॉक्टर है। उन्होंने उल्लेख किया कि अस्सी% महिलाएं यहां उच्च शिक्षा पढ़ती हैं और गुजरात में केवल साठ% से कम उच्च शिक्षा का अध्ययन करती हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि शासन के द्रविड़ मॉडल के माध्यम से तमिलनाडु सभी राज्यों के लिए एक रोल मॉडल है।
आईपीएल 2023 के फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 96 रन की पारी खेलने वाले साईं सुदर्शन ने अपने कप्तान हार्दिक पांड्या की जमकर तारीफ की है। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में साईं सुदर्शन ने कहा है कि हार्दिक जैसा लीडर होना एक वरदान है, जो खुद के आत्मविश्वास को अभिव्यक्त करने के लिए युवा खिलाड़ियों को प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। साईं सुदर्शन ने आगे कहा है कि हार्दिक पांड्या ने मेरे पिछले प्रदर्शन की परवाह किए बिना फाइनल जैसे बड़े मंच पर मुझे आगे किया, उन्हीं के इस विश्वास की बदौलत मैं फाइनल में बड़ी पारी खेल पाया। साईं ने कहा कि फाइनल से पहले मेरे पिछले कुछ मैच ज्यादा अच्छे नहीं रहे थे, यहां तक कि क्वालिफायर 1 में भी मैंने कुछ गेंदे मिस की थी और कुछ को कनेक्ट नहीं कर पाया था, लेकिन इसके बावजदू भी उन्होंने (हार्दिक) मुझे विश्वास दिलाया कि मैं बड़े शॉट लगा सकता हूं और अपनी टीम के लिए अच्छा कर सकता हूं। साईं सुदर्शन ने अपने इंटरव्यू में कहा है पिछले कुछ मैचों से मेरा स्ट्राइक रेट लगातार कम हो रहा था, जिसके बाद मैंने सोचा कि बल्लेबाजी के दौरान मुझे रिस्क लेना चाहिए और बड़े शॉट्स खेलने चाहिए। फाइनल में मैंने अपनी ज्यादातर बल्लेबाजी ऋद्धिमान साहा के सात की। इससे पहले पहले मेरी ज्यादातर बल्लेबाजी गिल के साथ हो रही थी। बल्ले से जब रन नहीं आ रहे थे तो हार्दिक ने मुझ पर विश्वास जताया, जिसका फायदा मुझे फाइनल वाले मैच में मिला। बता दें कि साईं सुदर्शन ने फाइनल में चेन्नई के खिलाफ 200 से अधिक के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंदों में 96 रन ठोक दिए थे। उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 6 छक्के जड़े थे। यह उनका सीजन का सर्वोच्च स्कोर भी बना। साईं ने इस सीजन के 8 मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 51. 71 की औसत से 362 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 3 हाफ सेंचुरी भी जड़ी थी। इस सीजन में साईं सुदर्शन का स्ट्राइक रेट 141. 41 का रहा था।
आईपीएल दो हज़ार तेईस के फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ छियानवे रन की पारी खेलने वाले साईं सुदर्शन ने अपने कप्तान हार्दिक पांड्या की जमकर तारीफ की है। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में साईं सुदर्शन ने कहा है कि हार्दिक जैसा लीडर होना एक वरदान है, जो खुद के आत्मविश्वास को अभिव्यक्त करने के लिए युवा खिलाड़ियों को प्लेटफॉर्म प्रदान करता है। साईं सुदर्शन ने आगे कहा है कि हार्दिक पांड्या ने मेरे पिछले प्रदर्शन की परवाह किए बिना फाइनल जैसे बड़े मंच पर मुझे आगे किया, उन्हीं के इस विश्वास की बदौलत मैं फाइनल में बड़ी पारी खेल पाया। साईं ने कहा कि फाइनल से पहले मेरे पिछले कुछ मैच ज्यादा अच्छे नहीं रहे थे, यहां तक कि क्वालिफायर एक में भी मैंने कुछ गेंदे मिस की थी और कुछ को कनेक्ट नहीं कर पाया था, लेकिन इसके बावजदू भी उन्होंने मुझे विश्वास दिलाया कि मैं बड़े शॉट लगा सकता हूं और अपनी टीम के लिए अच्छा कर सकता हूं। साईं सुदर्शन ने अपने इंटरव्यू में कहा है पिछले कुछ मैचों से मेरा स्ट्राइक रेट लगातार कम हो रहा था, जिसके बाद मैंने सोचा कि बल्लेबाजी के दौरान मुझे रिस्क लेना चाहिए और बड़े शॉट्स खेलने चाहिए। फाइनल में मैंने अपनी ज्यादातर बल्लेबाजी ऋद्धिमान साहा के सात की। इससे पहले पहले मेरी ज्यादातर बल्लेबाजी गिल के साथ हो रही थी। बल्ले से जब रन नहीं आ रहे थे तो हार्दिक ने मुझ पर विश्वास जताया, जिसका फायदा मुझे फाइनल वाले मैच में मिला। बता दें कि साईं सुदर्शन ने फाइनल में चेन्नई के खिलाफ दो सौ से अधिक के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए सैंतालीस गेंदों में छियानवे रन ठोक दिए थे। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और छः छक्के जड़े थे। यह उनका सीजन का सर्वोच्च स्कोर भी बना। साईं ने इस सीजन के आठ मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने इक्यावन. इकहत्तर की औसत से तीन सौ बासठ रन बनाए। इस दौरान उन्होंने तीन हाफ सेंचुरी भी जड़ी थी। इस सीजन में साईं सुदर्शन का स्ट्राइक रेट एक सौ इकतालीस. इकतालीस का रहा था।
Seema Haider ने बताया अगर वो Pakistan गई तो हैदर के परिवार वाले क्या करेंगे? । Love Story । News18Seema Haider said- If the Government of India does not give me citizenship then put me in jail but I will not go to Pakistan. If the children want to go, they can go. My children never used to call him Papa. I also told my children that they call Sachin Papa. सीमा हैदर ने कहा- अगर भारत सरकार मुझे नागरिकता नहीं देती है तो मुझे जेल में डाल दे लेकिन मैं पाकिस्तान नहीं जाऊंगी। अगर बच्चे जाना चाहें तो जा सकते हैं। मेरे बच्चों ने इसको कभी पापा नहीं कहते थे। मैंने अपने बच्चों को भी बताया वो सचिन को पापा कहते हैं। संसद के नियम 176 और 267 में क्यों अटकी है मणिपुर पर बहस, क्या है विवाद?
Seema Haider ने बताया अगर वो Pakistan गई तो हैदर के परिवार वाले क्या करेंगे? । Love Story । Newsअट्ठारहSeema Haider said- If the Government of India does not give me citizenship then put me in jail but I will not go to Pakistan. If the children want to go, they can go. My children never used to call him Papa. I also told my children that they call Sachin Papa. सीमा हैदर ने कहा- अगर भारत सरकार मुझे नागरिकता नहीं देती है तो मुझे जेल में डाल दे लेकिन मैं पाकिस्तान नहीं जाऊंगी। अगर बच्चे जाना चाहें तो जा सकते हैं। मेरे बच्चों ने इसको कभी पापा नहीं कहते थे। मैंने अपने बच्चों को भी बताया वो सचिन को पापा कहते हैं। संसद के नियम एक सौ छिहत्तर और दो सौ सरसठ में क्यों अटकी है मणिपुर पर बहस, क्या है विवाद?
बॉलीवुड में आपने कई रील लाइफ कपल को रियल में शादी के बंधन में बंधते देखा होगा। लेकिन कुछ ऐसे कपल भी होते हैं जिनका सीधे तौर पर न सही, लेकिन बॉलीवुड से रिश्ता जुड़ जाता है। आप सोचेंगे भला ये कैसे तो आपको बता दें कि हम यहां बात कर रहे हैं उनकी जिन्होंने बॉलीवुड की जानी-मानी हस्ती के भाई या बहन से शादी की है। इस लिस्ट में डायरेक्टर से लेकर एक्टर और एक्ट्रेस सभी का नाम है। आईए आप भी जानिए ऐसे ही लोगों को जिन्होंने बॉलीवुड के इन सेलिब्रिटी के भाई या बहन से शादी की है। वैसे तो निखिल नंदा का भी खुद बॉलीवुड से कनेक्शन है। ये राजकपूर की बेटी रितु नंदा के बेटे हैं। पेशे से निखिल एस्कॉर्ट लिमिटेड के एमडी हैं। उन्होंने अभिषेक बच्चन की बहन श्वेता नंदा बच्चन से शादी की है। आयुष शर्मा ने 2014 में अर्पिता खान से शादी की थी। आपको बता दें कि अर्पिता बॉलीवुड के दबंग खान यानि सलमान खान की बहन हैं। उन दोनों की काफी ग्रैंड वेडिंग हुई थी। उन दोनों का एक बेटा भी है। आयुष पिछले साल फिल्म 'लवयात्री' से अपना बॉलीवुड करियर शुरू किया था। वैभव ने ईशा देओल की बहन आहना से 2014 में शादी की थी। पेशे से वैभव बिजनेसमैन हैं। खबरों की मानें तो ये दोनों 2012 में ईशा देओल की शादी में मिले थे। इनकी शादी काफी बॉलीवुड स्टाइल में हुई थी। अजय जो कि दिल्ली के एक बिजनेसमैन हैं उन्होंने कंगना रनोत की बहन रंगोली से शादी की है। अजय और रंगोली कॉलेज के वक्त से एक दूसरे को पसंद करते थे। 2011 के अप्रैल में ये दोनों शादी के बंधन में बंध गए। गारमेंट एक्सपोटर भरत सैनी रिद्धिमा कपूर के पति हैं। आपको बता दें कि रिद्धिमा रणवीर कपूर की बहन है। रिद्धिमा और भरत लंदन में पढ़ाई के दौरान मिले थे। तीन साल तक एक दूसरे को डेट करने के बाद इन दोनों ने 2006 में शादी कर ली। नवीन जो कि पेशे से फैशन डिजाइनर हैं, उन्होंने रोहित शेट्टी की बहन महक से शादी की है। 2012 में ये दोनों शादी के बंधन में बंधे थे। रोहित बॉलीवुड के फेमस डायरेक्टर में से एक हैं। उन्होंने 'गोलमाल','सिंघम' और 'सिम्बा' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी है। मनोज ने राज कपूर की बेटी और रणधीर और ऋषि की बहन रीमा से शादी की है। पेशे से मनोज बिजनेसमैन हैं। मनोज और रीमा के बेटे हैं अरमान जैन जिन्होंने बॉलीवुड में फिल्म 'लेकर हम दीवाना दिल' से डेब्यू किया था। उनका फिल्मी करियर सफल नहीं रहा। समीर ने बॉलीवुड के फेमस फिल्ममेकर गोल्डी बहल की बहन सृष्टि से शादी की है। जहां समीर पेशे से सिनेमाटोग्राफर हैं वहीं, सृष्टि का अपना सॉफ्टवेयर प्रोडक्शन है। आपको बता दें कि गोल्डी बहल बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे के पति हैं। डायरेक्टर वसु भगनानी की बेटी हनी ने धीरज देशमुख से शादी की है। धीरज बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख के छोटे भाई हैं। वैसे हनी के भाई जैकी भी एक्टर हैं और वो कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं। संजय दत्त की बहन प्रिया ने 2003 में ओयेन रंकून से शादी की। ओयेन फाउंटेनहेड एमकेटीजी के कोफाउंडर हैं। प्रिया और ओयेन के दो बेटे हैं। आपको बता दें कि प्रिया दत्त राजनीति से जुड़ी हुई हैं। वीडियो में देखिए बॉलीवुड में कैसे नीति, मुक्ति और शक्ति मोहन बहनों ने अपने झंड़े गाड़ें हैं....
बॉलीवुड में आपने कई रील लाइफ कपल को रियल में शादी के बंधन में बंधते देखा होगा। लेकिन कुछ ऐसे कपल भी होते हैं जिनका सीधे तौर पर न सही, लेकिन बॉलीवुड से रिश्ता जुड़ जाता है। आप सोचेंगे भला ये कैसे तो आपको बता दें कि हम यहां बात कर रहे हैं उनकी जिन्होंने बॉलीवुड की जानी-मानी हस्ती के भाई या बहन से शादी की है। इस लिस्ट में डायरेक्टर से लेकर एक्टर और एक्ट्रेस सभी का नाम है। आईए आप भी जानिए ऐसे ही लोगों को जिन्होंने बॉलीवुड के इन सेलिब्रिटी के भाई या बहन से शादी की है। वैसे तो निखिल नंदा का भी खुद बॉलीवुड से कनेक्शन है। ये राजकपूर की बेटी रितु नंदा के बेटे हैं। पेशे से निखिल एस्कॉर्ट लिमिटेड के एमडी हैं। उन्होंने अभिषेक बच्चन की बहन श्वेता नंदा बच्चन से शादी की है। आयुष शर्मा ने दो हज़ार चौदह में अर्पिता खान से शादी की थी। आपको बता दें कि अर्पिता बॉलीवुड के दबंग खान यानि सलमान खान की बहन हैं। उन दोनों की काफी ग्रैंड वेडिंग हुई थी। उन दोनों का एक बेटा भी है। आयुष पिछले साल फिल्म 'लवयात्री' से अपना बॉलीवुड करियर शुरू किया था। वैभव ने ईशा देओल की बहन आहना से दो हज़ार चौदह में शादी की थी। पेशे से वैभव बिजनेसमैन हैं। खबरों की मानें तो ये दोनों दो हज़ार बारह में ईशा देओल की शादी में मिले थे। इनकी शादी काफी बॉलीवुड स्टाइल में हुई थी। अजय जो कि दिल्ली के एक बिजनेसमैन हैं उन्होंने कंगना रनोत की बहन रंगोली से शादी की है। अजय और रंगोली कॉलेज के वक्त से एक दूसरे को पसंद करते थे। दो हज़ार ग्यारह के अप्रैल में ये दोनों शादी के बंधन में बंध गए। गारमेंट एक्सपोटर भरत सैनी रिद्धिमा कपूर के पति हैं। आपको बता दें कि रिद्धिमा रणवीर कपूर की बहन है। रिद्धिमा और भरत लंदन में पढ़ाई के दौरान मिले थे। तीन साल तक एक दूसरे को डेट करने के बाद इन दोनों ने दो हज़ार छः में शादी कर ली। नवीन जो कि पेशे से फैशन डिजाइनर हैं, उन्होंने रोहित शेट्टी की बहन महक से शादी की है। दो हज़ार बारह में ये दोनों शादी के बंधन में बंधे थे। रोहित बॉलीवुड के फेमस डायरेक्टर में से एक हैं। उन्होंने 'गोलमाल','सिंघम' और 'सिम्बा' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में दी है। मनोज ने राज कपूर की बेटी और रणधीर और ऋषि की बहन रीमा से शादी की है। पेशे से मनोज बिजनेसमैन हैं। मनोज और रीमा के बेटे हैं अरमान जैन जिन्होंने बॉलीवुड में फिल्म 'लेकर हम दीवाना दिल' से डेब्यू किया था। उनका फिल्मी करियर सफल नहीं रहा। समीर ने बॉलीवुड के फेमस फिल्ममेकर गोल्डी बहल की बहन सृष्टि से शादी की है। जहां समीर पेशे से सिनेमाटोग्राफर हैं वहीं, सृष्टि का अपना सॉफ्टवेयर प्रोडक्शन है। आपको बता दें कि गोल्डी बहल बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे के पति हैं। डायरेक्टर वसु भगनानी की बेटी हनी ने धीरज देशमुख से शादी की है। धीरज बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख के छोटे भाई हैं। वैसे हनी के भाई जैकी भी एक्टर हैं और वो कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं। संजय दत्त की बहन प्रिया ने दो हज़ार तीन में ओयेन रंकून से शादी की। ओयेन फाउंटेनहेड एमकेटीजी के कोफाउंडर हैं। प्रिया और ओयेन के दो बेटे हैं। आपको बता दें कि प्रिया दत्त राजनीति से जुड़ी हुई हैं। वीडियो में देखिए बॉलीवुड में कैसे नीति, मुक्ति और शक्ति मोहन बहनों ने अपने झंड़े गाड़ें हैं....
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव सूचना एवं महानिदेशक पर्यटन नवनीत सहगल से कोरिया सरकार एवं नई दिल्ली स्थित कोरिया दूतावास के अधिकारियों ने मुलाकात कर अयोध्या में स्थित क्वीन-हो मेमोरियल के सौंदर्यीकरण एवं विस्तार हेतु विस्तृत चर्चा की। चर्चा के दौरान क्वीन-हो मेमोरियल के लिए कार्ययोजना भी सुनिश्चित की गई। इस अवसर पर प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के सारे प्रयास कर रही है। इस परियोजना की संरचना हेतु कोरिया सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय और नई दिल्ली स्थित कोरिया दूतावास के 8 अधिकारियों के दल ने 28 अप्रैल को अयोध्या का विस्तृत स्थलीय भ्रमण एवं सर्वेक्षण का कार्य भी किया, तदुपरांत लखनऊ में प्रमुख सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन नवनीत सहगल के साथ यह बैठक हुई। अयोध्या में सरयू नदी के किनारे पर्यटन विभाग की लगभग 30 एकड़ भूमि है, जिसमें क्वीन-हो मेमोरियल, अरबन हाट योजना, रामकथा पार्क एवं अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय हैं, यहां पर क्वीन-हो मेमोरियल से सटी पर्यटन विभाग की काफी भूमि मौजूद है, जिसमें लगभग 16,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में क्वीन-हो मेमोरियल संबंधी परियोजना को क्रियांवित करने की योजना है। पर्यटन विभाग इस योजना के लिए स्थानीय सर्वे रिपोर्ट, स्वॉयल टेस्टिंग एवं अन्य मूलभूत सूचनाएं 15 मई तक कोरिया के अधिकारियों को उपलब्ध कराएगा, जिसके पश्चात कोरिया सरकार डिजाइन डेवलेपमेंट हेतु अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के माध्यम से डिजाइन करने वाली एजेंसी का चयन करेगी। इस एजेंसी को तय किए जाने के लिए ज्यूरी के सदस्य के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारी को भी आमंत्रित किया जाएगा। इस साल अगस्त के अंत तक डिजाइन फाइनल कर लिया जाएगा और डीपीआर बनाने का कार्य दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। परियोजना का कार्य फरवरी 2017 में शुभारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना की लागत डिजाइन एवं डीपीआर बनने के उपरांत स्पष्ट हो सकेगी। परियोजना की लागत उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी और इस परियोजना के डिजाइन एवं सुपरविजन आदि पर होने वाले व्यय का वहन कोरिया सरकार करेगी। बैठक में नई दिल्ली स्थित कोरिया दूतावास के कल्चरल सेंटर के डायरेक्टर किम-कुम-प्यांग एवं कोरिया सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय के सहायक निदेशक किम-सुंग-क्युम सहित कोरिया के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय के आर्किटेक्चर फैकेल्टी के प्रोफेसर आर्किटेक्ट कार्तिकेय सक्सेना भी उपस्थित थे। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से अनूप कुमार श्रीवास्तव उपनिदेशक पर्यटन, क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी फैजाबाद बीपी सिंह एवं अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ वाईपी सिंह प्रमुख रूप से मौजूद थे। ऐसी मान्यता है कि अयोध्या की राजकुमारी ने लगभग 2,000 वर्ष (सन् 48 ईस्वी) पूर्व जलमार्ग से अयोध्या से कोरिया की यात्रा की थी, जहां उनका विवाह वहां के राजा किम सूरो के साथ हुआ था और राजकुमारी का नाम हू-वांग-आक पड़ा। राजकुमारी हू-वांग-आक एवं राजा किम सूरो से करक वंश की स्थापना हुई। वर्तमान समय में कोरिया में करक वंश के लगभग 70 लाख लोग हैं, जो अपना पैतृक उद्गम इसी वंश से मानते हैं। भारत और कोरिया के मध्य सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से अयोध्या में रानी हू-वांग-आक के मेमोरियल का निर्माण वर्ष 2001 में कराया गया था। वर्तमान संदर्भ में इस मेमोरियल के अग्रेत्तर सौंदर्यीकरण एवं विस्तार की यह योजना विचाराधीन है। इस योजना से भारत एवं कोरिया के सांस्कृतिक संबंध प्रगाढ़ तो होंगे ही, साथ ही यहां पर पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव सूचना एवं महानिदेशक पर्यटन नवनीत सहगल से कोरिया सरकार एवं नई दिल्ली स्थित कोरिया दूतावास के अधिकारियों ने मुलाकात कर अयोध्या में स्थित क्वीन-हो मेमोरियल के सौंदर्यीकरण एवं विस्तार हेतु विस्तृत चर्चा की। चर्चा के दौरान क्वीन-हो मेमोरियल के लिए कार्ययोजना भी सुनिश्चित की गई। इस अवसर पर प्रमुख सचिव ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के सारे प्रयास कर रही है। इस परियोजना की संरचना हेतु कोरिया सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय और नई दिल्ली स्थित कोरिया दूतावास के आठ अधिकारियों के दल ने अट्ठाईस अप्रैल को अयोध्या का विस्तृत स्थलीय भ्रमण एवं सर्वेक्षण का कार्य भी किया, तदुपरांत लखनऊ में प्रमुख सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन नवनीत सहगल के साथ यह बैठक हुई। अयोध्या में सरयू नदी के किनारे पर्यटन विभाग की लगभग तीस एकड़ भूमि है, जिसमें क्वीन-हो मेमोरियल, अरबन हाट योजना, रामकथा पार्क एवं अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय हैं, यहां पर क्वीन-हो मेमोरियल से सटी पर्यटन विभाग की काफी भूमि मौजूद है, जिसमें लगभग सोलह,पाँच सौ वर्ग मीटर क्षेत्र में क्वीन-हो मेमोरियल संबंधी परियोजना को क्रियांवित करने की योजना है। पर्यटन विभाग इस योजना के लिए स्थानीय सर्वे रिपोर्ट, स्वॉयल टेस्टिंग एवं अन्य मूलभूत सूचनाएं पंद्रह मई तक कोरिया के अधिकारियों को उपलब्ध कराएगा, जिसके पश्चात कोरिया सरकार डिजाइन डेवलेपमेंट हेतु अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के माध्यम से डिजाइन करने वाली एजेंसी का चयन करेगी। इस एजेंसी को तय किए जाने के लिए ज्यूरी के सदस्य के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारी को भी आमंत्रित किया जाएगा। इस साल अगस्त के अंत तक डिजाइन फाइनल कर लिया जाएगा और डीपीआर बनाने का कार्य दिसंबर तक पूर्ण कर लिया जाएगा। परियोजना का कार्य फरवरी दो हज़ार सत्रह में शुभारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना की लागत डिजाइन एवं डीपीआर बनने के उपरांत स्पष्ट हो सकेगी। परियोजना की लागत उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी और इस परियोजना के डिजाइन एवं सुपरविजन आदि पर होने वाले व्यय का वहन कोरिया सरकार करेगी। बैठक में नई दिल्ली स्थित कोरिया दूतावास के कल्चरल सेंटर के डायरेक्टर किम-कुम-प्यांग एवं कोरिया सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय के सहायक निदेशक किम-सुंग-क्युम सहित कोरिया के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय के आर्किटेक्चर फैकेल्टी के प्रोफेसर आर्किटेक्ट कार्तिकेय सक्सेना भी उपस्थित थे। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से अनूप कुमार श्रीवास्तव उपनिदेशक पर्यटन, क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी फैजाबाद बीपी सिंह एवं अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ वाईपी सिंह प्रमुख रूप से मौजूद थे। ऐसी मान्यता है कि अयोध्या की राजकुमारी ने लगभग दो,शून्य वर्ष पूर्व जलमार्ग से अयोध्या से कोरिया की यात्रा की थी, जहां उनका विवाह वहां के राजा किम सूरो के साथ हुआ था और राजकुमारी का नाम हू-वांग-आक पड़ा। राजकुमारी हू-वांग-आक एवं राजा किम सूरो से करक वंश की स्थापना हुई। वर्तमान समय में कोरिया में करक वंश के लगभग सत्तर लाख लोग हैं, जो अपना पैतृक उद्गम इसी वंश से मानते हैं। भारत और कोरिया के मध्य सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से अयोध्या में रानी हू-वांग-आक के मेमोरियल का निर्माण वर्ष दो हज़ार एक में कराया गया था। वर्तमान संदर्भ में इस मेमोरियल के अग्रेत्तर सौंदर्यीकरण एवं विस्तार की यह योजना विचाराधीन है। इस योजना से भारत एवं कोरिया के सांस्कृतिक संबंध प्रगाढ़ तो होंगे ही, साथ ही यहां पर पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उत्तर प्रदेश में बहुत ही खौफनाक घटना सामने आई है। इस घटना से साफ जाहिर होता है कि इंसान अब इंसान नहीं रहा बल्की हैवान बन गया है। इस भयावह घटना में, एक 40 वर्षीय व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश में एक विवाहित महिला के घर में घुसकर कथित तौर पर उसे कई बार चाकू मार दिया पुलिस ने कहा कि नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने के बाद उसके मुंह में तेजाब डालने की कोशिश की। पति बाहर रहता है और महिला बच्चों के साथ बंदायू में रहती है। आरोपी ने दो साल पहले सकरी कासिमपुर गांव में अपने घर में महिला के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने की कोशिश की थी। 40 वर्षीय महिला को गंभीर हालत में घटना के बाद बदायूं के एक अस्पताल में ले जाया गया था और उसे उन्नत उपचार के लिए बरेली में दूसरे अस्पताल में भेजा गया था। महिला अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ घर पर थी जब आरोपी ने उस पर हमला किया। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि महिला को सबसे अच्छा इलाज मिले। आरोपी उस महिला का पड़ोसी है जिसका पति दिल्ली में काम करता है। बदायूं एसएसपी संकल्प शर्मा ने कहा कि हमें पता चला है कि पीड़ित और आरोपी के बीच हाथापाई हुई थी। हमने तेजाब की बोतल भी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) और गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान, यह पाया गया कि आरोपी सत्येंद्र जाटव ने करीब दो साल पहले एक अन्य महिला से बलात्कार करने का प्रयास किया था। उसे तब ग्रामीणों ने पकड़ लिया और उसकी पिटाई की है।
उत्तर प्रदेश में बहुत ही खौफनाक घटना सामने आई है। इस घटना से साफ जाहिर होता है कि इंसान अब इंसान नहीं रहा बल्की हैवान बन गया है। इस भयावह घटना में, एक चालीस वर्षीय व्यक्ति ने उत्तर प्रदेश में एक विवाहित महिला के घर में घुसकर कथित तौर पर उसे कई बार चाकू मार दिया पुलिस ने कहा कि नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने के बाद उसके मुंह में तेजाब डालने की कोशिश की। पति बाहर रहता है और महिला बच्चों के साथ बंदायू में रहती है। आरोपी ने दो साल पहले सकरी कासिमपुर गांव में अपने घर में महिला के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने की कोशिश की थी। चालीस वर्षीय महिला को गंभीर हालत में घटना के बाद बदायूं के एक अस्पताल में ले जाया गया था और उसे उन्नत उपचार के लिए बरेली में दूसरे अस्पताल में भेजा गया था। महिला अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ घर पर थी जब आरोपी ने उस पर हमला किया। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि महिला को सबसे अच्छा इलाज मिले। आरोपी उस महिला का पड़ोसी है जिसका पति दिल्ली में काम करता है। बदायूं एसएसपी संकल्प शर्मा ने कहा कि हमें पता चला है कि पीड़ित और आरोपी के बीच हाथापाई हुई थी। हमने तेजाब की बोतल भी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ धारा तीन सौ सात और गिरफ्तार किया गया है। एसएसपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान, यह पाया गया कि आरोपी सत्येंद्र जाटव ने करीब दो साल पहले एक अन्य महिला से बलात्कार करने का प्रयास किया था। उसे तब ग्रामीणों ने पकड़ लिया और उसकी पिटाई की है।
Don't Miss! टीवी की कई ऐसी स्टार्स हैं जो कि अपने सेक्सी लुक से ना जाने कितनी बार चर्चा बटोर चुकी हैं। फैंस भी अपने स्टार्स की ऐसी तस्वीरें देखकर चौंक जाते हैं। रील लाइफ की संस्कारी इमेज को रियल लाइफ में बदलते हुए देखकर कई बार फैंस के लिए यकीन करना मुश्किल होता है। ऐसा ही कुछ हुआ कुंडली भाग्य की प्रीता श्रद्धा आर्या के साथ। इंस्टाग्राम पर श्रद्धा आर्या ने जब अपनी बोल्ड तस्वीरें शेयर करना शुरू किया तो सनसनी मच गई। श्रद्धा यानी कि कुंडली भाग्य की प्रीतो। जिन्होंने आते ही टीआरपी में ऐसी उड़ान भरी कि आज तक उन्हें नंबर 1 की पोजिशन से हटाना काफी मुश्किल हो गया है।प्रीतो अरोड़ा यानी कि श्रद्धा की है। श्रद्धा इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हो गई हैं। हाल ही में वह अपने दोस्तों के साथ तौलिए पर डांस करते हुए दिखाई दी थीं। इसके बाद उनकी पिंक बिकिनी तस्वीरों ने खबरों का माहौल गर्म कर दिया था। इस बार ब्लैक ड्रेस में वह कहर ढा रही हैं। हर लुक में श्रद्धा आर्या ग्लैमरस दिखाई देती हैं। आप इन सभी तस्वीरों से इस बात का साफ अंदाजा लगा सकते हैं। 🌮🌮Tacos!!! Of course, it's got nothing to do with the picture.
Don't Miss! टीवी की कई ऐसी स्टार्स हैं जो कि अपने सेक्सी लुक से ना जाने कितनी बार चर्चा बटोर चुकी हैं। फैंस भी अपने स्टार्स की ऐसी तस्वीरें देखकर चौंक जाते हैं। रील लाइफ की संस्कारी इमेज को रियल लाइफ में बदलते हुए देखकर कई बार फैंस के लिए यकीन करना मुश्किल होता है। ऐसा ही कुछ हुआ कुंडली भाग्य की प्रीता श्रद्धा आर्या के साथ। इंस्टाग्राम पर श्रद्धा आर्या ने जब अपनी बोल्ड तस्वीरें शेयर करना शुरू किया तो सनसनी मच गई। श्रद्धा यानी कि कुंडली भाग्य की प्रीतो। जिन्होंने आते ही टीआरपी में ऐसी उड़ान भरी कि आज तक उन्हें नंबर एक की पोजिशन से हटाना काफी मुश्किल हो गया है।प्रीतो अरोड़ा यानी कि श्रद्धा की है। श्रद्धा इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हो गई हैं। हाल ही में वह अपने दोस्तों के साथ तौलिए पर डांस करते हुए दिखाई दी थीं। इसके बाद उनकी पिंक बिकिनी तस्वीरों ने खबरों का माहौल गर्म कर दिया था। इस बार ब्लैक ड्रेस में वह कहर ढा रही हैं। हर लुक में श्रद्धा आर्या ग्लैमरस दिखाई देती हैं। आप इन सभी तस्वीरों से इस बात का साफ अंदाजा लगा सकते हैं। 🌮🌮Tacos!!! Of course, it's got nothing to do with the picture.
साल की शुरुआत में कन्नड़ फिल्म 'केजीएफ 2' ने जो हाल हिंदी सिनेमा का किया था, वैसा ही कुछ निर्माता निर्देशक जेम्स कैमरून की फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' साल के आखिर में करती दिख रही है। फिल्म के दूसरे शुक्रवार का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भी शानदार रहने वाला है और इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस कामयाबी ने इस शुक्रवार को रिलीज हो रही फिल्म 'सर्कस' के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया है। फिल्म 'सर्कस' है भी एक खराब फिल्म और इसके चलते फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' का कारोबार दूसरे हफ्ते में भी अपनी रफ्तार से चलते रहने के आसार बन गए हैं। फिल्म की पहले हफ्ते की कमाई में इसके हिंदी संस्करण ने बहुत अच्छा योगदान किया है। 16 दिसंबर को पूरी दुनिया के साथ ही भारत में भी रिलीज हुई फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' ने पहले ही दिन यहां 40. 30 करोड़ रुपये की ओपनिंग लेकर हंगामा मचा दिया था। फिल्म ने शुक्रवार, शनिवार और रविवार को बॉक्स ऑफिस पर अपनी धमक बनाए रखी और पहले वीकएंड में ही फिल्म 128. 80 करोड़ रुपये का कारोबार कर डाला। इस कलेक्शन में हिंदी संस्करण की भागीदारी 39. 80 करोड़ रुपये की रही। अब पहला सप्ताह खत्म होने के बाद फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है। फिल्म की एडवांस बुकिंग को देखते हुए इसका दूसरा सप्ताहांत भी काफी धमाकेदार होने की उम्मीद दिख रही है। पहले हफ्ते में फिल्म ने सारे भाषाई संस्करणों को मिलाकर भारत में कुल 193. 60 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। इसमें अंग्रेजी संस्करण की कमाई 101. 40 करोड़ रुपये, हिंदी की 60. 80 करोड़ रुपये, तेलुगू की 18. 95 करोड़ रुपये, तमिल की 10. 40 करोड़ रुपये और मलयालम संस्करण की कमाई 2. 05 करोड़ रुपये रही। कन्नड़ भाषा में फिल्म का कलेक्शन नगण्य रहा। फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' की रिलीज के ठीक अगले हफ्ते में फिल्म 'सर्कस' को रिलीज करने का फैसला रिलायंस एंटरटेनमेंट को काफी भारी पड़ने वाला है। ऊपर से रणवीर सिंह की ये फिल्म रोहित शेट्टी से बनी भी अच्छी नहीं है। दूसरी कोई फिल्म इस हफ्ते मुकाबले में नहीं है और इसके चलते फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' की दूसरे वीकएंड की कमाई बढ़िया होती दिख रही है। फिल्म की दूसरे शुक्रवार की एडवांस बुकिंग ही फिल्म 'सर्कस' के पहले शुक्रवार से ज्यादा रही है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक फिल्म 'सर्कस' रिलीज के पहले दिन करीब आठ करोड़ रुपये और फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' रिलीज के आठवें दिन करीब 10 करोड़ रुपये की कमाई करती दिख रही है। देश में अब तक रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्मों में से पहले हफ्ते में दो सौ करोड़ रुपये का आंकड़ा सिर्फ एक फिल्म 'एवेंजर्स एंडगेम' ही हासिल कर पाई है। 'अवतार द वे ऑफ वाटर' अब पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली 10 फिल्मों मे दूसरे नंबर पर आ गई है। देश में रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्मों की पहले हफ्ते की कमाई के हिसाब से टॉप 10 फिल्मों की सूची अब इस प्रकार हैः ।।पहले हफ्ते की कमाई (करोड़ रु. में) ।एवेंजर्स एंडगेम (2019) ।अवतार द वे ऑफ वाटर (2022) ।एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर (2018) ।स्पाइटर मैन नो वे होम (2021) ।डॉ. स्ट्रेंज इन द मल्टीवर्स ऑफ मैडनेस (2022) ।द लॉयन किंग (2019) ।थॉर लव एंड थंडर (2019) ।द जंगल बुक (2016) ।फास्ट एंड फ्यूरियस 8 (2017) ।स्पाइडर मैन फार फ्रॉम होम (2019)
साल की शुरुआत में कन्नड़ फिल्म 'केजीएफ दो' ने जो हाल हिंदी सिनेमा का किया था, वैसा ही कुछ निर्माता निर्देशक जेम्स कैमरून की फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' साल के आखिर में करती दिख रही है। फिल्म के दूसरे शुक्रवार का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भी शानदार रहने वाला है और इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस कामयाबी ने इस शुक्रवार को रिलीज हो रही फिल्म 'सर्कस' के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया है। फिल्म 'सर्कस' है भी एक खराब फिल्म और इसके चलते फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' का कारोबार दूसरे हफ्ते में भी अपनी रफ्तार से चलते रहने के आसार बन गए हैं। फिल्म की पहले हफ्ते की कमाई में इसके हिंदी संस्करण ने बहुत अच्छा योगदान किया है। सोलह दिसंबर को पूरी दुनिया के साथ ही भारत में भी रिलीज हुई फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' ने पहले ही दिन यहां चालीस. तीस करोड़ रुपये की ओपनिंग लेकर हंगामा मचा दिया था। फिल्म ने शुक्रवार, शनिवार और रविवार को बॉक्स ऑफिस पर अपनी धमक बनाए रखी और पहले वीकएंड में ही फिल्म एक सौ अट्ठाईस. अस्सी करोड़ रुपये का कारोबार कर डाला। इस कलेक्शन में हिंदी संस्करण की भागीदारी उनतालीस. अस्सी करोड़ रुपये की रही। अब पहला सप्ताह खत्म होने के बाद फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है। फिल्म की एडवांस बुकिंग को देखते हुए इसका दूसरा सप्ताहांत भी काफी धमाकेदार होने की उम्मीद दिख रही है। पहले हफ्ते में फिल्म ने सारे भाषाई संस्करणों को मिलाकर भारत में कुल एक सौ तिरानवे. साठ करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। इसमें अंग्रेजी संस्करण की कमाई एक सौ एक. चालीस करोड़ रुपये, हिंदी की साठ. अस्सी करोड़ रुपये, तेलुगू की अट्ठारह. पचानवे करोड़ रुपये, तमिल की दस. चालीस करोड़ रुपये और मलयालम संस्करण की कमाई दो. पाँच करोड़ रुपये रही। कन्नड़ भाषा में फिल्म का कलेक्शन नगण्य रहा। फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' की रिलीज के ठीक अगले हफ्ते में फिल्म 'सर्कस' को रिलीज करने का फैसला रिलायंस एंटरटेनमेंट को काफी भारी पड़ने वाला है। ऊपर से रणवीर सिंह की ये फिल्म रोहित शेट्टी से बनी भी अच्छी नहीं है। दूसरी कोई फिल्म इस हफ्ते मुकाबले में नहीं है और इसके चलते फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' की दूसरे वीकएंड की कमाई बढ़िया होती दिख रही है। फिल्म की दूसरे शुक्रवार की एडवांस बुकिंग ही फिल्म 'सर्कस' के पहले शुक्रवार से ज्यादा रही है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक फिल्म 'सर्कस' रिलीज के पहले दिन करीब आठ करोड़ रुपये और फिल्म 'अवतार द वे ऑफ वाटर' रिलीज के आठवें दिन करीब दस करोड़ रुपये की कमाई करती दिख रही है। देश में अब तक रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्मों में से पहले हफ्ते में दो सौ करोड़ रुपये का आंकड़ा सिर्फ एक फिल्म 'एवेंजर्स एंडगेम' ही हासिल कर पाई है। 'अवतार द वे ऑफ वाटर' अब पहले हफ्ते में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दस फिल्मों मे दूसरे नंबर पर आ गई है। देश में रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्मों की पहले हफ्ते की कमाई के हिसाब से टॉप दस फिल्मों की सूची अब इस प्रकार हैः ।।पहले हफ्ते की कमाई ।एवेंजर्स एंडगेम ।अवतार द वे ऑफ वाटर ।एवेंजर्स इनफिनिटी वॉर ।स्पाइटर मैन नो वे होम ।डॉ. स्ट्रेंज इन द मल्टीवर्स ऑफ मैडनेस ।द लॉयन किंग ।थॉर लव एंड थंडर ।द जंगल बुक ।फास्ट एंड फ्यूरियस आठ ।स्पाइडर मैन फार फ्रॉम होम
महत्वपूर्ण चिकित्सकीय प्रभाव के साथ दवाएंविशेषज्ञों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। उनका उपयोग हृदय रोगों के इलाज के लिए किया जाता है, जो अन्य रोगों के बीच सबसे अधिक बार होते हैं। ये बीमारियां अक्सर मरीजों की मौत का कारण बनती हैं। इन बीमारियों के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं बीटा-ब्लॉकर्स हैं। कक्षा की दवाओं की सूची, जिसमें 4 वर्ग शामिल हैं, और उनके वर्गीकरण नीचे प्रस्तुत किए गए हैं। कक्षा की दवाओं की रासायनिक संरचनागैर वर्दी और इससे नैदानिक प्रभाव निर्भर नहीं हैं। कुछ रिसेप्टर्स और उनके लिए संबंध के लिए विशिष्टता को उजागर करना बहुत महत्वपूर्ण है। बीटा -1 रिसेप्टर्स के लिए विशिष्टता, दवाओं के कम दुष्प्रभाव। इस संबंध में, बीटा-ब्लॉकर्स की तैयारी की पूरी सूची तर्कसंगत रूप से निम्नानुसार दर्शायी जाती है। दवाओं की पहली पीढ़ीः - 1 सेंट और 2 वें प्रकार के बीटा रिसेप्टर्स के लिए अचयनितः प्रोप्रानोलोल और सोटलोल, टिमोलोल और ऑक्सपेरेनोल, नाडोलोल, पेनबुटामोल। दूसरी पीढ़ीः - पहले प्रकार के बीटा-रिसेप्टर्स के लिए चुनिंदाः "बिसोप्रोलोल" और "मेटोपोलोल", "ऐसबूटलोल" और "एटिनोलोल", "एस्मोोल"। तीसरी पीढ़ीः - अतिरिक्त फार्माकोलॉजिकल गुणों के साथ चुनिंदा बीटा -1-ब्लॉकर्सः नेबिवोलोल और बेटैक्सलॉल, टैलिनोलोल और सेलीप्रोलोल। - गैर-चुनिंदा बीटा -1 और बीटा -2-ब्लॉकर्स अतिरिक्त फार्माकोलॉजिकल गुणों के साथः "कारवेडिलोल" और "कार्डोटोलोल", "लैबेटेलोल" और "बुकिंडोलोल"। ये बीटा-ब्लॉकर्स (दवाओं की सूची देखें, उपरोक्त) विभिन्न समय पर दवाओं का मुख्य समूह था जो अब रक्त वाहिकाओं और दिल की बीमारियों के लिए उपयोग किया जा रहा है। उनमें से कई, मुख्य रूप से दूसरी और तीसरी पीढ़ी के प्रतिनिधियों का उपयोग आज भी किया जाता है। उनके फार्माकोलॉजिकल प्रभावों के कारण, एंजिना पिक्टोरिस के एंजिनल हमलों की आवृत्ति को कम करने के लिए, वेंट्रिकल्स को कार्डियक संकुचन और एक्टोपिक लय की आवृत्ति को नियंत्रित करना संभव है। सबसे पुरानी दवाएं हैंपहली पीढ़ी के प्रतिनिधि, यानी, गैर-चयनकर्ता बीटा-ब्लॉकर्स। दवाओं और तैयारियों की सूची ऊपर प्रस्तुत की गई है। ये औषधीय पदार्थ 1 सेंट और 2 nd प्रकार के रिसेप्टर्स को अवरुद्ध करने में सक्षम होते हैं, जिनमें ब्रोन्कोस्पस्म द्वारा व्यक्त किए गए चिकित्सीय प्रभाव और दुष्प्रभाव दोनों होते हैं। इसलिए, वे सीओपीडी, ब्रोन्कियल अस्थमा में contraindicated हैं। पहली पीढ़ी की सबसे महत्वपूर्ण तैयारी हैंः प्रोप्रानोलोल, सोटलोल, टिमोलोल। संकलित दूसरी पीढ़ी के प्रतिनिधियों में सेबीटा-ब्लॉकर्स की तैयारी की एक सूची, जिसकी क्रिया का तंत्र पहले प्रकार के रिसेप्टर्स के अधिमान्य अवरोधन से जुड़ा हुआ है। वे टाइप 2 रिसेप्टर्स के लिए कमजोर संबंध से विशेषता रखते हैं, क्योंकि वे शायद ही कभी अस्थमा और सीओपीडी के रोगियों में ब्रोंकोस्पस्म का कारण बनते हैं। दूसरी पीढ़ी की सबसे महत्वपूर्ण दवाएं "बिसोप्रोलोल" और "मेटोपोलोल", "एटिनोलोल" हैं। तीसरी पीढ़ी के प्रतिनिधि सबसे ज्यादा हैंआधुनिक बीटा-ब्लॉकर्स। तैयारी की सूची में नेबिवोलोल, कारवेडिलोल, लैबेटलॉल, बटिंडोलोल, सेलीप्रोलोल और अन्य शामिल हैं (ऊपर देखें)। नैदानिक दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण निम्नलिखित हैंः नेबिवोलोल और कारवेडिलोल। पहला मुख्य रूप से बीटा -1 रिसेप्टर्स को अवरुद्ध करता है और कोई रिलीज को उत्तेजित नहीं करता है। इससे रक्त वाहिकाओं के विस्तार और एथेरोस्क्लेरोटिक प्लेक के कम जोखिम का कारण बनता है। ऐसा माना जाता है कि बीटा-ब्लॉकर्स दवाएं हैंउच्च रक्तचाप और हृदय रोग, जबकि नेबिवोलोल एक सार्वभौमिक दवा है जो दोनों उद्देश्यों के लिए उपयुक्त है। हालांकि, इसका मूल्य बाकी की कीमत से थोड़ा अधिक है। गुणों में समान, लेकिन थोड़ा सस्ता, कारवेडिलोल है। यह बीटा -1 और अल्फा-ब्लॉकर के गुणों को जोड़ती है, जो आपको हृदय संकुचन की आवृत्ति और ताकत को कम करने के साथ-साथ परिधीय जहाजों का विस्तार करने की अनुमति देती है। ये प्रभाव आपको पुराने की निगरानी करने की अनुमति देते हैंदिल की विफलता और उच्च रक्तचाप। और सीएचएफ "कारवेडिलोल" के मामले में - पसंद की दवा, क्योंकि यह अभी भी एक एंटीऑक्सीडेंट है। इसलिए, दवा एथेरोस्क्लेरोटिक प्लेक के बढ़ने से बचाती है। बीटा-ब्लॉकर्स के उपयोग के लिए सभी संकेतविशिष्ट दवा समूह के विशिष्ट गुणों पर निर्भर करता है। गैर-चयनकर्ता अवरोधकों में, संकेत संकुचित होते हैं, जबकि चुनिंदा अवरोधक अधिक सुरक्षित होते हैं और अधिक व्यापक रूप से उपयोग किए जा सकते हैं। आम तौर पर, संकेत आम हैं, हालांकि वे कुछ रोगियों में दवा का उपयोग करने की असंभवता तक ही सीमित हैं। गैर-चुनिंदा दवाओं के लिए, संकेत इस प्रकार हैंः - किसी भी अवधि में मायोकार्डियल इंफार्क्शन, तनाव की एंजिना, आराम, अस्थिर एंजेना; - एट्रियल फाइब्रिलेशन, मानकफॉर्म और टैचिफॉर्म; - वायुमंडलीय आंदोलन के साथ या बिना साइनस tachyarrhythmia; - दिल की विफलता (पुरानी); - धमनी उच्च रक्तचाप; - हाइपरथायरायडिज्म, थायरोटॉक्सिकोसिस संकट के साथ या बिना; - एक संकट के साथ फेकोक्रोमोसाइटोमा या पूर्ववर्ती अवधि में रोग के बुनियादी उपचार के लिए; - माइग्रेन; - महाधमनी aneurysm exfoliating; - अल्कोहल या नारकोटिक निकासी सिंड्रोम। कई दवा समूहों की सुरक्षा के कारण,विशेष रूप से दूसरी और तीसरी पीढ़ी, दवा बीटा-ब्लॉकर्स की सूची अक्सर हृदय रोग और रक्त वाहिकाओं के उपचार के लिए प्रोटोकॉल में दिखायी जाती है। आवेदन की आवृत्ति पर वे एसीई अवरोधकों के साथ व्यावहारिक रूप से समान हैं, जिनका उपयोग चयापचय सिंड्रोम के साथ और बिना सीएचएफ और उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए किया जाता है। मूत्रवर्धक के साथ, दवाओं के इन दो समूहों में पुरानी कार्डियक अपर्याप्तता में जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है। बीटा-ब्लॉकर्स, अन्य दवाओं की तरह, कुछ contraindications हैं। इसके अलावा, चूंकि दवाएं रिसेप्टर्स को प्रभावित करती हैं, इसलिए वे एसीई अवरोधकों से सुरक्षित हैं। सामान्य contraindications: - ब्रोन्कियल अस्थमा, सीओपीडी; - Bradyarrhythmia, साइनस नोड की कमजोरी की सिंड्रोम; - दूसरी डिग्री के एट्रियल-वेंट्रिकुलर नाकाबंदी; - लक्षण संबंधी हाइपोटेंशन; - गर्भावस्था, बाल आयु; - दिल की विफलता का अपघटन - सीएचएफ II बी-III। एक अवरोध के रूप में एक अवरोध के जवाब में एक एलर्जी प्रतिक्रिया भी है। यदि कोई दवा एलर्जी विकसित करती है, तो दवा को दूसरे स्थान से बदलकर समस्या हल हो जाती है। स्टेनोकार्डिया दवाओं के साथ काफी कम हो जाता हैतीव्र हमलों और उनकी ताकत की आवृत्ति, तीव्र कोरोनरी घटनाओं के विकास की संभावना को कम करती है। सीएएफ में, एसीई अवरोधक और दो मूत्रवर्धक के साथ बीटा-ब्लॉकर्स के साथ उपचार जीवन प्रत्याशा को बढ़ाता है। ड्रग्स प्रभावी ढंग से टैचियरिथमिया को नियंत्रित करते हैं और वेंट्रिकल्स पर लगातार एक्टोपिक लय को रोकते हैं। कुल मिलाकर, दवाएं किसी भी हृदय रोग के प्रकटीकरण को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।
महत्वपूर्ण चिकित्सकीय प्रभाव के साथ दवाएंविशेषज्ञों द्वारा व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। उनका उपयोग हृदय रोगों के इलाज के लिए किया जाता है, जो अन्य रोगों के बीच सबसे अधिक बार होते हैं। ये बीमारियां अक्सर मरीजों की मौत का कारण बनती हैं। इन बीमारियों के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं बीटा-ब्लॉकर्स हैं। कक्षा की दवाओं की सूची, जिसमें चार वर्ग शामिल हैं, और उनके वर्गीकरण नीचे प्रस्तुत किए गए हैं। कक्षा की दवाओं की रासायनिक संरचनागैर वर्दी और इससे नैदानिक प्रभाव निर्भर नहीं हैं। कुछ रिसेप्टर्स और उनके लिए संबंध के लिए विशिष्टता को उजागर करना बहुत महत्वपूर्ण है। बीटा -एक रिसेप्टर्स के लिए विशिष्टता, दवाओं के कम दुष्प्रभाव। इस संबंध में, बीटा-ब्लॉकर्स की तैयारी की पूरी सूची तर्कसंगत रूप से निम्नानुसार दर्शायी जाती है। दवाओं की पहली पीढ़ीः - एक सेंट और दो वें प्रकार के बीटा रिसेप्टर्स के लिए अचयनितः प्रोप्रानोलोल और सोटलोल, टिमोलोल और ऑक्सपेरेनोल, नाडोलोल, पेनबुटामोल। दूसरी पीढ़ीः - पहले प्रकार के बीटा-रिसेप्टर्स के लिए चुनिंदाः "बिसोप्रोलोल" और "मेटोपोलोल", "ऐसबूटलोल" और "एटिनोलोल", "एस्मोोल"। तीसरी पीढ़ीः - अतिरिक्त फार्माकोलॉजिकल गुणों के साथ चुनिंदा बीटा -एक-ब्लॉकर्सः नेबिवोलोल और बेटैक्सलॉल, टैलिनोलोल और सेलीप्रोलोल। - गैर-चुनिंदा बीटा -एक और बीटा -दो-ब्लॉकर्स अतिरिक्त फार्माकोलॉजिकल गुणों के साथः "कारवेडिलोल" और "कार्डोटोलोल", "लैबेटेलोल" और "बुकिंडोलोल"। ये बीटा-ब्लॉकर्स विभिन्न समय पर दवाओं का मुख्य समूह था जो अब रक्त वाहिकाओं और दिल की बीमारियों के लिए उपयोग किया जा रहा है। उनमें से कई, मुख्य रूप से दूसरी और तीसरी पीढ़ी के प्रतिनिधियों का उपयोग आज भी किया जाता है। उनके फार्माकोलॉजिकल प्रभावों के कारण, एंजिना पिक्टोरिस के एंजिनल हमलों की आवृत्ति को कम करने के लिए, वेंट्रिकल्स को कार्डियक संकुचन और एक्टोपिक लय की आवृत्ति को नियंत्रित करना संभव है। सबसे पुरानी दवाएं हैंपहली पीढ़ी के प्रतिनिधि, यानी, गैर-चयनकर्ता बीटा-ब्लॉकर्स। दवाओं और तैयारियों की सूची ऊपर प्रस्तुत की गई है। ये औषधीय पदार्थ एक सेंट और दो nd प्रकार के रिसेप्टर्स को अवरुद्ध करने में सक्षम होते हैं, जिनमें ब्रोन्कोस्पस्म द्वारा व्यक्त किए गए चिकित्सीय प्रभाव और दुष्प्रभाव दोनों होते हैं। इसलिए, वे सीओपीडी, ब्रोन्कियल अस्थमा में contraindicated हैं। पहली पीढ़ी की सबसे महत्वपूर्ण तैयारी हैंः प्रोप्रानोलोल, सोटलोल, टिमोलोल। संकलित दूसरी पीढ़ी के प्रतिनिधियों में सेबीटा-ब्लॉकर्स की तैयारी की एक सूची, जिसकी क्रिया का तंत्र पहले प्रकार के रिसेप्टर्स के अधिमान्य अवरोधन से जुड़ा हुआ है। वे टाइप दो रिसेप्टर्स के लिए कमजोर संबंध से विशेषता रखते हैं, क्योंकि वे शायद ही कभी अस्थमा और सीओपीडी के रोगियों में ब्रोंकोस्पस्म का कारण बनते हैं। दूसरी पीढ़ी की सबसे महत्वपूर्ण दवाएं "बिसोप्रोलोल" और "मेटोपोलोल", "एटिनोलोल" हैं। तीसरी पीढ़ी के प्रतिनिधि सबसे ज्यादा हैंआधुनिक बीटा-ब्लॉकर्स। तैयारी की सूची में नेबिवोलोल, कारवेडिलोल, लैबेटलॉल, बटिंडोलोल, सेलीप्रोलोल और अन्य शामिल हैं । नैदानिक दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण निम्नलिखित हैंः नेबिवोलोल और कारवेडिलोल। पहला मुख्य रूप से बीटा -एक रिसेप्टर्स को अवरुद्ध करता है और कोई रिलीज को उत्तेजित नहीं करता है। इससे रक्त वाहिकाओं के विस्तार और एथेरोस्क्लेरोटिक प्लेक के कम जोखिम का कारण बनता है। ऐसा माना जाता है कि बीटा-ब्लॉकर्स दवाएं हैंउच्च रक्तचाप और हृदय रोग, जबकि नेबिवोलोल एक सार्वभौमिक दवा है जो दोनों उद्देश्यों के लिए उपयुक्त है। हालांकि, इसका मूल्य बाकी की कीमत से थोड़ा अधिक है। गुणों में समान, लेकिन थोड़ा सस्ता, कारवेडिलोल है। यह बीटा -एक और अल्फा-ब्लॉकर के गुणों को जोड़ती है, जो आपको हृदय संकुचन की आवृत्ति और ताकत को कम करने के साथ-साथ परिधीय जहाजों का विस्तार करने की अनुमति देती है। ये प्रभाव आपको पुराने की निगरानी करने की अनुमति देते हैंदिल की विफलता और उच्च रक्तचाप। और सीएचएफ "कारवेडिलोल" के मामले में - पसंद की दवा, क्योंकि यह अभी भी एक एंटीऑक्सीडेंट है। इसलिए, दवा एथेरोस्क्लेरोटिक प्लेक के बढ़ने से बचाती है। बीटा-ब्लॉकर्स के उपयोग के लिए सभी संकेतविशिष्ट दवा समूह के विशिष्ट गुणों पर निर्भर करता है। गैर-चयनकर्ता अवरोधकों में, संकेत संकुचित होते हैं, जबकि चुनिंदा अवरोधक अधिक सुरक्षित होते हैं और अधिक व्यापक रूप से उपयोग किए जा सकते हैं। आम तौर पर, संकेत आम हैं, हालांकि वे कुछ रोगियों में दवा का उपयोग करने की असंभवता तक ही सीमित हैं। गैर-चुनिंदा दवाओं के लिए, संकेत इस प्रकार हैंः - किसी भी अवधि में मायोकार्डियल इंफार्क्शन, तनाव की एंजिना, आराम, अस्थिर एंजेना; - एट्रियल फाइब्रिलेशन, मानकफॉर्म और टैचिफॉर्म; - वायुमंडलीय आंदोलन के साथ या बिना साइनस tachyarrhythmia; - दिल की विफलता ; - धमनी उच्च रक्तचाप; - हाइपरथायरायडिज्म, थायरोटॉक्सिकोसिस संकट के साथ या बिना; - एक संकट के साथ फेकोक्रोमोसाइटोमा या पूर्ववर्ती अवधि में रोग के बुनियादी उपचार के लिए; - माइग्रेन; - महाधमनी aneurysm exfoliating; - अल्कोहल या नारकोटिक निकासी सिंड्रोम। कई दवा समूहों की सुरक्षा के कारण,विशेष रूप से दूसरी और तीसरी पीढ़ी, दवा बीटा-ब्लॉकर्स की सूची अक्सर हृदय रोग और रक्त वाहिकाओं के उपचार के लिए प्रोटोकॉल में दिखायी जाती है। आवेदन की आवृत्ति पर वे एसीई अवरोधकों के साथ व्यावहारिक रूप से समान हैं, जिनका उपयोग चयापचय सिंड्रोम के साथ और बिना सीएचएफ और उच्च रक्तचाप के इलाज के लिए किया जाता है। मूत्रवर्धक के साथ, दवाओं के इन दो समूहों में पुरानी कार्डियक अपर्याप्तता में जीवन प्रत्याशा बढ़ सकती है। बीटा-ब्लॉकर्स, अन्य दवाओं की तरह, कुछ contraindications हैं। इसके अलावा, चूंकि दवाएं रिसेप्टर्स को प्रभावित करती हैं, इसलिए वे एसीई अवरोधकों से सुरक्षित हैं। सामान्य contraindications: - ब्रोन्कियल अस्थमा, सीओपीडी; - Bradyarrhythmia, साइनस नोड की कमजोरी की सिंड्रोम; - दूसरी डिग्री के एट्रियल-वेंट्रिकुलर नाकाबंदी; - लक्षण संबंधी हाइपोटेंशन; - गर्भावस्था, बाल आयु; - दिल की विफलता का अपघटन - सीएचएफ II बी-III। एक अवरोध के रूप में एक अवरोध के जवाब में एक एलर्जी प्रतिक्रिया भी है। यदि कोई दवा एलर्जी विकसित करती है, तो दवा को दूसरे स्थान से बदलकर समस्या हल हो जाती है। स्टेनोकार्डिया दवाओं के साथ काफी कम हो जाता हैतीव्र हमलों और उनकी ताकत की आवृत्ति, तीव्र कोरोनरी घटनाओं के विकास की संभावना को कम करती है। सीएएफ में, एसीई अवरोधक और दो मूत्रवर्धक के साथ बीटा-ब्लॉकर्स के साथ उपचार जीवन प्रत्याशा को बढ़ाता है। ड्रग्स प्रभावी ढंग से टैचियरिथमिया को नियंत्रित करते हैं और वेंट्रिकल्स पर लगातार एक्टोपिक लय को रोकते हैं। कुल मिलाकर, दवाएं किसी भी हृदय रोग के प्रकटीकरण को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।
DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) ने शुक्रवार को VL-SRSAM मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। ये परीक्षण इंडियन नेवी के जहाज से ओडिशा के चांदीपुर के तट पर किया गया। इसकी जानकारी DRDO के अधिकारियों ने दी। VL-SRSAM युद्धपोत से दागा जाने वाली मिसाइल है। ये मिसाइल इतनी खतरनाक है कि आने वाले अलग-अगल तरह के हवाई खतरों को तेजी से नष्ट कर सकती है। इसकी गति और फायर पावर इतना घातक है कि ये रडार में भी पकड़ नहीं आती। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और इंडियन नेवी को सफल उड़ान परीक्षण के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा है कि सिस्टम ने एक कवच जोड़ा है, जो हवाई खतरों से इंडियन नेवी के जहाजों की रक्षा क्षमता को और बढ़ाएगा। इंडियन नेवी ने फिलहाल VL-SRSAM मिसाइल को कोई नाम नहीं दिया है। इसे बराक-1 की जगह युद्धपोतों में लगाए जाने की योजना है। इसका वजन 154 किलोग्राम है। इसे DRDO और भारत डाइनैमिक्स लिमिटेड (BDL) ने मिलकर बनाया है। यह करीब 12. 6 फीट लंबी है। इसका डायमीटर 7. 0 इंच है। इसमें हाई-एक्सप्लोसिव प्री-फ्रैगमेंटेड वॉरहेड लगाया जाता है। यह कम ऊंचाई पर उड़ने वाले दुश्मन के जहाज या मिसाइल को मार गिरा सकती है। मिसाइल की लॉन्चिंग का उद्देश्य इंडियन नेवी के युद्धपोतों की तैनाती करना है। इस मिसाइल को DRDO की तीन सुविधाओं से डिजाइन और विकसित किया गया है। मिसाइल में समुद्री-स्किमिंग लक्ष्यों सहित निकट सीमा पर कई हवाई खतरों को बेअसर करने की क्षमता है। समुद्री स्किमिंग की रणनीति का कई इस्तेमाल जहाज-रोधी मिसाइलों और कुछ लड़ाकू विमानों के जरिए किया जाता है, ताकि युद्धपोतों पर रडार के जरिए पता लगाने से बचा जा सके। VL-SRSAM को 40 से 50 किमी की दूरी पर और लगभग 15 किमी की ऊंचाई पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। DRDO के अधिकारियों ने कहा है कि इसका डिजाइन एस्ट्रा मिसाइल पर आधारित है, जो कि एक विजुअल रेंज से अलग हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। मिसाइल की दो खास चीजें हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
DRDO ने शुक्रवार को VL-SRSAM मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। ये परीक्षण इंडियन नेवी के जहाज से ओडिशा के चांदीपुर के तट पर किया गया। इसकी जानकारी DRDO के अधिकारियों ने दी। VL-SRSAM युद्धपोत से दागा जाने वाली मिसाइल है। ये मिसाइल इतनी खतरनाक है कि आने वाले अलग-अगल तरह के हवाई खतरों को तेजी से नष्ट कर सकती है। इसकी गति और फायर पावर इतना घातक है कि ये रडार में भी पकड़ नहीं आती। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और इंडियन नेवी को सफल उड़ान परीक्षण के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा है कि सिस्टम ने एक कवच जोड़ा है, जो हवाई खतरों से इंडियन नेवी के जहाजों की रक्षा क्षमता को और बढ़ाएगा। इंडियन नेवी ने फिलहाल VL-SRSAM मिसाइल को कोई नाम नहीं दिया है। इसे बराक-एक की जगह युद्धपोतों में लगाए जाने की योजना है। इसका वजन एक सौ चौवन किलोग्रामग्राम है। इसे DRDO और भारत डाइनैमिक्स लिमिटेड ने मिलकर बनाया है। यह करीब बारह. छः फीट लंबी है। इसका डायमीटर सात. शून्य इंच है। इसमें हाई-एक्सप्लोसिव प्री-फ्रैगमेंटेड वॉरहेड लगाया जाता है। यह कम ऊंचाई पर उड़ने वाले दुश्मन के जहाज या मिसाइल को मार गिरा सकती है। मिसाइल की लॉन्चिंग का उद्देश्य इंडियन नेवी के युद्धपोतों की तैनाती करना है। इस मिसाइल को DRDO की तीन सुविधाओं से डिजाइन और विकसित किया गया है। मिसाइल में समुद्री-स्किमिंग लक्ष्यों सहित निकट सीमा पर कई हवाई खतरों को बेअसर करने की क्षमता है। समुद्री स्किमिंग की रणनीति का कई इस्तेमाल जहाज-रोधी मिसाइलों और कुछ लड़ाकू विमानों के जरिए किया जाता है, ताकि युद्धपोतों पर रडार के जरिए पता लगाने से बचा जा सके। VL-SRSAM को चालीस से पचास किमी की दूरी पर और लगभग पंद्रह किमी की ऊंचाई पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। DRDO के अधिकारियों ने कहा है कि इसका डिजाइन एस्ट्रा मिसाइल पर आधारित है, जो कि एक विजुअल रेंज से अलग हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। मिसाइल की दो खास चीजें हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
पोलिश रक्षा मंत्रालय ने पश्चिमी गठबंधन की कार्रवाइयों के लिए देश की घोषणा की "नाटो की दक्षिणी सीमा पर। " पोलैंड के रक्षा मंत्रालय के प्रमुख एंथनी माचेरेविच ने कहा कि गणतंत्र सहयोगियों के कार्यों में शामिल होता है, जिसका उद्देश्य आईजी के समूह से लड़ना है, रिपोर्ट रिया नोवोस्ती रायटर संदेश। एजेंसी के अनुसार, ब्रुसेल्स में पेंटागन के प्रमुख के साथ बातचीत के बाद यह बयान दिया गया था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "पोलैंड अब नाटो की दक्षिणी सीमा पर महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल हो गया है। " उनके अनुसार, "आईएस के खिलाफ लड़ाई में पोलैंड की भागीदारी में बुद्धिमत्ता और प्रशिक्षण शामिल होगा। " एजेंसी के अनुसार, ब्रुसेल्स में पेंटागन के प्रमुख के साथ बातचीत के बाद यह बयान दिया गया था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "पोलैंड अब नाटो की दक्षिणी सीमा पर महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल हो गया है। " "विवरण के अनुसार, हम उन पर चर्चा करेंगे, विशेष रूप से, हम इसे नाटो के कार्यों के व्यापक संदर्भ में देखते हैं, उम्मीद करते हैं कि नाटो और संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी निरंतर उपस्थिति के साथ पूर्वी तट पर पोलैंड और अन्य देशों का समर्थन करेंगे",मंत्री ने नोट किया। उनके अनुसार, "आईएस के खिलाफ लड़ाई में पोलैंड की भागीदारी में बुद्धिमत्ता और प्रशिक्षण शामिल होगा। " - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
पोलिश रक्षा मंत्रालय ने पश्चिमी गठबंधन की कार्रवाइयों के लिए देश की घोषणा की "नाटो की दक्षिणी सीमा पर। " पोलैंड के रक्षा मंत्रालय के प्रमुख एंथनी माचेरेविच ने कहा कि गणतंत्र सहयोगियों के कार्यों में शामिल होता है, जिसका उद्देश्य आईजी के समूह से लड़ना है, रिपोर्ट रिया नोवोस्ती रायटर संदेश। एजेंसी के अनुसार, ब्रुसेल्स में पेंटागन के प्रमुख के साथ बातचीत के बाद यह बयान दिया गया था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "पोलैंड अब नाटो की दक्षिणी सीमा पर महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल हो गया है। " उनके अनुसार, "आईएस के खिलाफ लड़ाई में पोलैंड की भागीदारी में बुद्धिमत्ता और प्रशिक्षण शामिल होगा। " एजेंसी के अनुसार, ब्रुसेल्स में पेंटागन के प्रमुख के साथ बातचीत के बाद यह बयान दिया गया था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "पोलैंड अब नाटो की दक्षिणी सीमा पर महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल हो गया है। " "विवरण के अनुसार, हम उन पर चर्चा करेंगे, विशेष रूप से, हम इसे नाटो के कार्यों के व्यापक संदर्भ में देखते हैं, उम्मीद करते हैं कि नाटो और संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी निरंतर उपस्थिति के साथ पूर्वी तट पर पोलैंड और अन्य देशों का समर्थन करेंगे",मंत्री ने नोट किया। उनके अनुसार, "आईएस के खिलाफ लड़ाई में पोलैंड की भागीदारी में बुद्धिमत्ता और प्रशिक्षण शामिल होगा। " - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
वह तपेश्वर के साथ कहीं वैसा ही तो नहीं, जैसा तेरे साथ हुआ है और जिससे तू आज तक जल रही है, जंगल में लगी बेकाबू आग सी। कहीं वह भी तेरी तरह बदले की आग में जल उठा तब?" "नहीं, मनी, ऐसा कभी नहीं होगा।" "क्यों नहीं होगा? वह भी तो तेरी तरह ही पवित्र है। उसके प्यार में सौदेबाजी नहीं है । वह चाहता तो तुझे छोड़कर जा सकता था। वह तेरे से ज्यादा जवान है। कोई भी लड़की उसका हाथ थाम लेगी । लेकिन तेरी ओर जो हाथ बढ़ाएगा, उसकी नीयत खरी नहीं होगी । उसका हाथ तेरी ओर नहीं, तेरे पैसे की ओर बढ़ेगा ।" "मेरे तक किसी की ऐसी पहुँच नहीं हो सकेगी, मनी। मैं आदमी को चरम अवस्था (क्लाईमैक्स) पर लाकर खंदक में ढकेल देती हूँ।" अनीता के स्वर में नतीजे की दृढ़ता थी । और यदि कभी उलटा हो गया तो?" मनीता ने संशय फैलाकर कहा, "काश! तू अपने आपको क्षमा कर सके । बदले मनुष्य दूसरे से नहीं, अपने आप से लेता है । मुझे तेरा खयाल ही यहाँ तक घेर लाया है। मैं तेरे निर्णय लेने तक यहीं हूँ।" इसके साथ ही वह उठकर अंदर वाले कमरे की ओर चल पड़ी । अनीता गुमसुम सी उसे देखती रह गई।
वह तपेश्वर के साथ कहीं वैसा ही तो नहीं, जैसा तेरे साथ हुआ है और जिससे तू आज तक जल रही है, जंगल में लगी बेकाबू आग सी। कहीं वह भी तेरी तरह बदले की आग में जल उठा तब?" "नहीं, मनी, ऐसा कभी नहीं होगा।" "क्यों नहीं होगा? वह भी तो तेरी तरह ही पवित्र है। उसके प्यार में सौदेबाजी नहीं है । वह चाहता तो तुझे छोड़कर जा सकता था। वह तेरे से ज्यादा जवान है। कोई भी लड़की उसका हाथ थाम लेगी । लेकिन तेरी ओर जो हाथ बढ़ाएगा, उसकी नीयत खरी नहीं होगी । उसका हाथ तेरी ओर नहीं, तेरे पैसे की ओर बढ़ेगा ।" "मेरे तक किसी की ऐसी पहुँच नहीं हो सकेगी, मनी। मैं आदमी को चरम अवस्था पर लाकर खंदक में ढकेल देती हूँ।" अनीता के स्वर में नतीजे की दृढ़ता थी । और यदि कभी उलटा हो गया तो?" मनीता ने संशय फैलाकर कहा, "काश! तू अपने आपको क्षमा कर सके । बदले मनुष्य दूसरे से नहीं, अपने आप से लेता है । मुझे तेरा खयाल ही यहाँ तक घेर लाया है। मैं तेरे निर्णय लेने तक यहीं हूँ।" इसके साथ ही वह उठकर अंदर वाले कमरे की ओर चल पड़ी । अनीता गुमसुम सी उसे देखती रह गई।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी बिहार की जेल में रखने के लिए उचित नहीं माना है और कहा है कि वह बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (23 अक्टूबर) को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह दुष्कर्म कांड को भयवीत और डरावना बताया है। वहीं, शीर्ष अदालत ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को नोटिस जारी करते कहा कि क्यों न उन्हें बिहार के बाहर जेल में स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी बिहार की जेल में रखने के लिए उचित नहीं माना है और कहा है कि वह बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है। बता दें, इससे पहले सीबीआई ने अपनी एक रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि ठाकुर एक प्रभावशाली व्यक्ति है और जेल में उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। वहीं, शीर्ष अदालत ने बिहार सरकार और सीबीआई से पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा का पता लगाने में हुई देरी को लेकर भी जवाब मांगा है। साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि सीबीआई जांच टीम को बदला नहीं जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट पहले आदेश दे चुका था कि इस कांड के मुख्य आरोपी और 'सेवा संकल्प' एनजीओ के संचालक ब्रजेश ठाकुर के बही-खातों की जांच की जाये। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर में पटना हाई कोर्ट द्वारा मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस की रिपोर्टिंग पर लगाई गई रोक को हटा दिया था। रंगकर्मी और पत्रकार निवेदिता शकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के रद्द करते हुए मीडिया से मामले की ज्यादा जिम्मेदार तरीके से उठाने और रिपोर्ट करने का निर्देश दिए थे। बता दें कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीस) मुंबई की टीम जब जनवरी माह में सोशल ऑडिट करने पहुंची तो बालिका गृह में कई स्तर पर गडबडी मिली। मुजफ्फरपुर से मधुबनी, मोकामा और पटना भेजी गईं बच्चियों का मेडिकल टेस्ट कराया गया तो हकीकत सामने आई। 44 में से 42 बच्चियों का मेडिकल कराया गया, जिनमें 29 से यौन शोषण की पुष्टि हुई थी। बालिका गृह के संचालन की जिम्मेदारी सेवा संकल्प समिति को 2013 में सौंपी गई थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी बिहार की जेल में रखने के लिए उचित नहीं माना है और कहा है कि वह बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह दुष्कर्म कांड को भयवीत और डरावना बताया है। वहीं, शीर्ष अदालत ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को नोटिस जारी करते कहा कि क्यों न उन्हें बिहार के बाहर जेल में स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए। केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी बिहार की जेल में रखने के लिए उचित नहीं माना है और कहा है कि वह बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है। बता दें, इससे पहले सीबीआई ने अपनी एक रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि ठाकुर एक प्रभावशाली व्यक्ति है और जेल में उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। वहीं, शीर्ष अदालत ने बिहार सरकार और सीबीआई से पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा का पता लगाने में हुई देरी को लेकर भी जवाब मांगा है। साथ ही साथ यह भी कहा गया है कि सीबीआई जांच टीम को बदला नहीं जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट पहले आदेश दे चुका था कि इस कांड के मुख्य आरोपी और 'सेवा संकल्प' एनजीओ के संचालक ब्रजेश ठाकुर के बही-खातों की जांच की जाये। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर में पटना हाई कोर्ट द्वारा मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस की रिपोर्टिंग पर लगाई गई रोक को हटा दिया था। रंगकर्मी और पत्रकार निवेदिता शकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के रद्द करते हुए मीडिया से मामले की ज्यादा जिम्मेदार तरीके से उठाने और रिपोर्ट करने का निर्देश दिए थे। बता दें कि टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस मुंबई की टीम जब जनवरी माह में सोशल ऑडिट करने पहुंची तो बालिका गृह में कई स्तर पर गडबडी मिली। मुजफ्फरपुर से मधुबनी, मोकामा और पटना भेजी गईं बच्चियों का मेडिकल टेस्ट कराया गया तो हकीकत सामने आई। चौंतालीस में से बयालीस बच्चियों का मेडिकल कराया गया, जिनमें उनतीस से यौन शोषण की पुष्टि हुई थी। बालिका गृह के संचालन की जिम्मेदारी सेवा संकल्प समिति को दो हज़ार तेरह में सौंपी गई थी।
Hanuman Chalisa Politics : राणा दंपत्ति की हनुमान चालीसा पाठ करने की जिद को संजय राउत ने क्यों बताया साजिश का हिस्सा? Hanuman Chalisa Politics : महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा ( Hanuman Chalisa ) पाठ को लेकर सियासी बवाल आज सुबह से चरम पर है। दूसरी तरफ सांसद नवनीत राणा ( Navneet Rana) और उनके विधायक पति रवि राणा मातोश्री ( Matoshri ) के बाहर हनुमान चालीसा पाठ करने की जिद पर अड़ें हैं। राणा दंपत्ति ( Rana Couple ) की इस जिद पर शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ( Sanjay Raut ) ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने हनुमान चालीसा पाठ की राजनीति को शिवसेना के खिलाफ साजिश ( Conspiracy ) करार दिया है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि यदि मातोश्री के बाहर कोई कहेगा कि हम हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे तो शिव सैनिक शांत बैठेंगे क्या? अगर आप हमारे आवास पर आने का प्रयास करते हैं तो हमें भी उसी भाषा में उत्तर देने का अधिकार है। हमारे शिवसैनिक सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा को बताएंगे ऐसा करना उनके लिए कितना महंगा साबित होने वाला है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लोग हमें महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की धमकी न दें। उन्होंने कहा कि भाजपा और नवनीत राणा दंपत्ति की भाषा से साफ है कि दाल में कुछ काला है। Hanuman Chalisa Politics : बता दें कि अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ( Navneet Rana )और उनके विधायक पति रवि राणा ( Ravi Rana ) ने शुक्रवार को ऐलान किया था कि वे मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ( Udhav Thackeray ) के आवास के बाहर यानि मातोश्री ( Matoshri ) के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इस पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी से भिड़ना दंपत्ति के लिए महंगा साबित होगा। इस ऐलान के बाद शनिवार सुबह से ही शिवसैनिक राणा दंपत्ति के आवास के बाहर भारी संख्या में जमा हो गए हैं और लगातार राणा दंपत्ति को घर से बाहर निकलने की धमकी दे रहे हैं। शिवसैनिकों के उग्र तेवर को देखते हुए मुंबई पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। अभी राणा दंपत्ति हनुमान चालीसा पाठ करने के लिए अपने से बाहर नहीं निकल पाये हैं। दूसरी तरफ मातोश्री' के बाहर शिवसेना नेता अनिल देसाई ने कहा कि विधायक रवि राणा और सांसद नवनीत राणा ने मुंबई में कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुनौती दी है। उन्हें किसी ने ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। मातोश्री की रक्षा के लिए शिवसेना कार्यकर्ता यहां हैं। पुलिस स्थिति को संभाल रही है। सांसद-विधायक दंपत्ति का नाम लिए बिना और सी-ग्रेड फिल्मी लोग शब्द का इस्तेमाल करते हुए राउत ने कहा कि किसी को भी शिवसेना को हिंदुत्व नहीं सिखाना चाहिए। (जनता की पत्रकारिता करते हुए जनज्वार लगातार निष्पक्ष और निर्भीक रह सका है तो इसका सारा श्रेय जनज्वार के पाठकों और दर्शकों को ही जाता है। हम उन मुद्दों की पड़ताल करते हैं जिनसे मुख्यधारा का मीडिया अक्सर मुँह चुराता दिखाई देता है। हम उन कहानियों को पाठक के सामने ले कर आते हैं जिन्हें खोजने और प्रस्तुत करने में समय लगाना पड़ता है, संसाधन जुटाने पड़ते हैं और साहस दिखाना पड़ता है क्योंकि तथ्यों से अपने पाठकों और व्यापक समाज को रू-ब-रू कराने के लिए हम कटिबद्ध हैं। हमारे द्वारा उद्घाटित रिपोर्ट्स और कहानियाँ अक्सर बदलाव का सबब बनती रही है। साथ ही सरकार और सरकारी अधिकारियों को मजबूर करती रही हैं कि वे नागरिकों को उन सभी चीजों और सेवाओं को मुहैया करवाएं जिनकी उन्हें दरकार है। लाजिमी है कि इस तरह की जन-पत्रकारिता को जारी रखने के लिए हमें लगातार आपके मूल्यवान समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है। सहयोग राशि के रूप में आपके द्वारा बढ़ाया गया हर हाथ जनज्वार को अधिक साहस और वित्तीय सामर्थ्य देगा जिसका सीधा परिणाम यह होगा कि आपकी और आपके आस-पास रहने वाले लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित करने वाली हर ख़बर और रिपोर्ट को सामने लाने में जनज्वार कभी पीछे नहीं रहेगा, इसलिए आगे आयें और जनज्वार को आर्थिक सहयोग दें।)
Hanuman Chalisa Politics : राणा दंपत्ति की हनुमान चालीसा पाठ करने की जिद को संजय राउत ने क्यों बताया साजिश का हिस्सा? Hanuman Chalisa Politics : महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा पाठ को लेकर सियासी बवाल आज सुबह से चरम पर है। दूसरी तरफ सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा पाठ करने की जिद पर अड़ें हैं। राणा दंपत्ति की इस जिद पर शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने बड़ा हमला बोला है। उन्होंने हनुमान चालीसा पाठ की राजनीति को शिवसेना के खिलाफ साजिश करार दिया है। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि यदि मातोश्री के बाहर कोई कहेगा कि हम हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे तो शिव सैनिक शांत बैठेंगे क्या? अगर आप हमारे आवास पर आने का प्रयास करते हैं तो हमें भी उसी भाषा में उत्तर देने का अधिकार है। हमारे शिवसैनिक सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा को बताएंगे ऐसा करना उनके लिए कितना महंगा साबित होने वाला है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायकों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लोग हमें महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की धमकी न दें। उन्होंने कहा कि भाजपा और नवनीत राणा दंपत्ति की भाषा से साफ है कि दाल में कुछ काला है। Hanuman Chalisa Politics : बता दें कि अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने शुक्रवार को ऐलान किया था कि वे मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास के बाहर यानि मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इस पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी से भिड़ना दंपत्ति के लिए महंगा साबित होगा। इस ऐलान के बाद शनिवार सुबह से ही शिवसैनिक राणा दंपत्ति के आवास के बाहर भारी संख्या में जमा हो गए हैं और लगातार राणा दंपत्ति को घर से बाहर निकलने की धमकी दे रहे हैं। शिवसैनिकों के उग्र तेवर को देखते हुए मुंबई पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। अभी राणा दंपत्ति हनुमान चालीसा पाठ करने के लिए अपने से बाहर नहीं निकल पाये हैं। दूसरी तरफ मातोश्री' के बाहर शिवसेना नेता अनिल देसाई ने कहा कि विधायक रवि राणा और सांसद नवनीत राणा ने मुंबई में कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुनौती दी है। उन्हें किसी ने ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। मातोश्री की रक्षा के लिए शिवसेना कार्यकर्ता यहां हैं। पुलिस स्थिति को संभाल रही है। सांसद-विधायक दंपत्ति का नाम लिए बिना और सी-ग्रेड फिल्मी लोग शब्द का इस्तेमाल करते हुए राउत ने कहा कि किसी को भी शिवसेना को हिंदुत्व नहीं सिखाना चाहिए।
उत्पन्ना द्राविड़े चाहं कर्णाटे वृद्धिमागता । स्थिता किंचिन्महाराष्ट्र गुजरे जीर्णतांगता । (पाझ उत्तरखंड ५०-५१ ) सभ्य-युग के भक्त लोग भी कहते हैं कि भक्ति द्राविड़ देश में उत्पन्न हुई थी और रामानन्द उसे उत्तर भारत में ले आये थे : - भक्ति द्राविड़ उपजी लाये रामानन्द । नृत्य, गीत आदि बहुत सी और बातें भी इसमें आकर ने संग्रह कीं, यद्यपि पहले भी इन बातों का कुछ-न-कुछ उनके पास था; किन्तु उसकी समृद्धि यहीं हुई थी । मोटे तौर पर हम कह सकते हैं कि भारतीय आर्यों ने अच्छी बुरी बहुत सी बातों को इस देश में आने के बाद संग्रह किया था । जाति भेद उन्हीं में से एक है । सिर्फ यही नहीं, और भी ऐसी अनेक बातें ने यहाँ से ली थीं, जो पहले उनके समाज में नहीं चलती थीं । बहुत सम्भव है, शुरू-शुरू में समाज में प्रविष्ट होने के बाद भी ऐसी बातें बहुत दिनों तक अपना रास्ता ठीक-ठीक नहीं निकाल सकीं होंगी ; पर ज्यों ही वे थोड़ी प्राचीन हुई कि उनकी कमजोरियाँ दूर हुईं और सारी सनातनी शक्ति ने उसकी रक्षा का भार अपने ऊपर से ले लिया ! ज्योतिष का प्रचार भारत में याग-यज्ञ के समय निर्णय के लिए था । फलित ज्योतिष बाद में ग्रोक आदिकों के निकट से आया । पहलेपहल इस फलित ज्योतिष का काफी विरोध किया गया था। आज समूचे भारत में फलित ज्योतिष का जयजयकार है। कौन पूछता है कि यह किस विदेश से आया था ? मुसलमानों के साथ सिक्खों की सदा लड़ाई लगी रही ; किन्तु उन्हीं से उन्होंने ग्रंथ - पूजा सीखी । कुरान की पूजा के स्थान पर सिखों ने ग्रन्थ साहब की पूजा चलाई। मकर सब देव-देवियाँ हटाई गई; किन्तु वे यह समझ ही नहीं सके कि ग्रंथ - पूजा भी एक बुतपरस्ती ही है । मुसलमान लोग जिस प्रकार भगवदुपासना के समय सिर खुला नहीं
उत्पन्ना द्राविड़े चाहं कर्णाटे वृद्धिमागता । स्थिता किंचिन्महाराष्ट्र गुजरे जीर्णतांगता । सभ्य-युग के भक्त लोग भी कहते हैं कि भक्ति द्राविड़ देश में उत्पन्न हुई थी और रामानन्द उसे उत्तर भारत में ले आये थे : - भक्ति द्राविड़ उपजी लाये रामानन्द । नृत्य, गीत आदि बहुत सी और बातें भी इसमें आकर ने संग्रह कीं, यद्यपि पहले भी इन बातों का कुछ-न-कुछ उनके पास था; किन्तु उसकी समृद्धि यहीं हुई थी । मोटे तौर पर हम कह सकते हैं कि भारतीय आर्यों ने अच्छी बुरी बहुत सी बातों को इस देश में आने के बाद संग्रह किया था । जाति भेद उन्हीं में से एक है । सिर्फ यही नहीं, और भी ऐसी अनेक बातें ने यहाँ से ली थीं, जो पहले उनके समाज में नहीं चलती थीं । बहुत सम्भव है, शुरू-शुरू में समाज में प्रविष्ट होने के बाद भी ऐसी बातें बहुत दिनों तक अपना रास्ता ठीक-ठीक नहीं निकाल सकीं होंगी ; पर ज्यों ही वे थोड़ी प्राचीन हुई कि उनकी कमजोरियाँ दूर हुईं और सारी सनातनी शक्ति ने उसकी रक्षा का भार अपने ऊपर से ले लिया ! ज्योतिष का प्रचार भारत में याग-यज्ञ के समय निर्णय के लिए था । फलित ज्योतिष बाद में ग्रोक आदिकों के निकट से आया । पहलेपहल इस फलित ज्योतिष का काफी विरोध किया गया था। आज समूचे भारत में फलित ज्योतिष का जयजयकार है। कौन पूछता है कि यह किस विदेश से आया था ? मुसलमानों के साथ सिक्खों की सदा लड़ाई लगी रही ; किन्तु उन्हीं से उन्होंने ग्रंथ - पूजा सीखी । कुरान की पूजा के स्थान पर सिखों ने ग्रन्थ साहब की पूजा चलाई। मकर सब देव-देवियाँ हटाई गई; किन्तु वे यह समझ ही नहीं सके कि ग्रंथ - पूजा भी एक बुतपरस्ती ही है । मुसलमान लोग जिस प्रकार भगवदुपासना के समय सिर खुला नहीं
सम्पूर्ण गांबी वाङ्मय जाकर ग्रामवासियोंको उनकी शिक्षा दे सकेंगे। इसी प्रकार जब हम चरखेका शास्त्र अच्छी तरह सोख लेंगे और नित्य चरखा चलायेंगे तभी हम ग्रामवासियोंको चरखा चलाना सिखा सकेंगे और उसमें उनको जो अश्रद्धा है उसे अपने व्यवहारसे दूर कर सकेंगे और यदि हम लोग इन चरखोंसे तैयार होनेवाली खादीका उपयोग न करेंगे तो चरसा न चल सकेगा, यह तो ऐसी बात है जिसे सभी आसानीसे समझ सकते हैं। इसलिए में शहरमें रहनेवालोंसे तो यज्ञार्थ चरखा चलानेकी ही प्रार्थना करता हूँ। गांवां रहनेवाले आजीविका के लिए चरखा चलायेंगे। ऐसी सरल और सीधी बातकी टीका कैसे की जा सकती है? जो चरखेके रहस्यको समझता है उसके लिए तो टीका करनेका कोई कारण ही नहीं रहता। (३) में घरसेको अपने लिए मोक्षका द्वार मानता हूँ। दूसरोंके लिए तो में इतना ही कहता हूँ कि वह हिन्दुस्तानकी आर्थिक स्थितिको सुधारने और स्वराज्य प्राप्त करने के लिए प्रचंट शस्त्र है। जो ब्रह्मचर्यका पालन करना चाहता है उसको में नरसा चलानेके लिए कहता हूँ, यह बात तनिक भी हास्यास्पद नहीं है। बल्कि मेरे निकट एक अनुभव सिद्ध बात है। जिसे विकार मात्रका त्याग करना है उसे शान्तिको आवश्यकता है। उसका क्षोभ दूर होना चाहिए । चरखेकी प्रवृत्ति एक ऐसी ठंडी और शांत प्रवृत्ति है कि श्रद्धाभावसे चरखा चलानेवालोंके विकार शान्त होते देखे गये है। में चरखेपर बैठकर अपने क्रोधको शान्त कर सका हूँ और में दूसरे ऐसे अनेक ब्रह्मचारियोंके ऐसे ही अनुभव भी प्रस्तुत कर सकता हूँ। ऐसे अनुभव बतानेवालोंको मूर्ख मानकर उनकी हंसी उड़ाना आसान तो है, परन्तु है बड़ा महंगा, क्योंकि हंसो उड़ानेवाला विकार-वश होकर अपने विकारोंको दवाकर वीर्यवान वननेका एक सुन्दर भाधन खो बैठता है। में इसे पढ़नेवाले प्रत्येक युवक और युवतीको, यदि वे चरग्वेके विरुद्ध भ्रममें न पड़ गये हों तो, उसकी आजमाइश करनेकी सलाह देता हूँ। वे यह देखेंगे कि चरखेपर बैठनेके बाद कुछ ही समयमें उनके विकार कम होने लगे हैं। मेरे कहनेका आशय यह नहीं कि कासनेसे शान्त हुए विकार, कातना बन्द कर देनेके बाद भी २४ घंटेतक वैसे ही शान्त बने रहेंगे। विकारोंका उद्वेग तो वायुसे भी अधिक प्रवल होता है। उसे शान्त करनेके लिए धैर्यका होना आवश्यक है और इस धैर्यका विकास करनेके लिए चरखा एक प्रबल साधन है। कदाचित कोई यह कहे कि यदि चरखेका यही उपयोग है तो मैं उसके बजाय उससे भी अधिक काव्यमय माला फेरनेकी बात क्यों नहीं कहता ? मेरा उत्तर यह है कि चरखेमं दूसरी भी शक्तियाँ हैं। मैंने हिमालयको गुफामें रहनेवाले और वहीं उगनेवाले पेड़-पौधोंके कन्दमूल-फलोंपर ही निर्वाह करनेवाले किसी अवबूतके सामने चरखा नही रखा है। परन्तु मैने तो अपने जैसे असंख्य प्राकृत मनुष्योंके सामने, जो संसारमें रहते हैं, देशकी सेवा करना चाहते है और देश सेवा करते हुए ब्रह्मचर्यका पालन करना चाहते हैं, यह चरखा प्रस्तुत किया है। और नजरवन्द निरपराध बंगालियोंको छुड़ानेके लिए मैं जो चरखेको प्रस्तुत कर रहा हूँ उसे हँसीमें उड़ा देनेका तो यह मतलव हो सकता है कि हम अपनी शक्तिसे अज्ञानका जाला इन कैदियोंको छुड़ानेका प्रयत्न तनिक भी नहीं करना चाहते । यहाँ तो चरखेका अर्थ विदेशी कपड़ेका बहिष्कार है । यह शक्ति कितनी बड़ी है और उसके बिना किसी दूसरी शक्तिका विकास करनेमें हम असमर्थ है यह हम आगेके मुद्देकी परीक्षा करते समय देखेंगे और इसलिए मै भाले- बरछी चलानेमें समर्थ वीर सिपाहीको भी, जो चरखा देना चाहता हूँ वह मेरे पागलपनका लक्षण नहीं है बल्कि मेरे ज्ञानका लक्षण है और वह ज्ञान किताबोंसे उपलब्ध ज्ञान नहीं है बल्कि यह अनुभवका प्रसाद है । (४) हिन्दुस्तान साठ करोड़ रुपयेका कपड़ा न खरीदे तो उससे ब्रिटेनका क्या बिगड़ेगा, यह प्रश्न यहाँ असंगत है। हमें इतना ही सोचना है कि उससे हमारा क्या लाभ होगा। यदि हम खादीको अपनाकर साठ करोड़ रुपयेका विदेशी कपड़ा खरीदना बन्द कर देंगे तो उसका अर्थ यह होगा कि उतने रुपये तीस करोड़ हिन्दुस्तानियोंके घरोंमें बचेंगे तथा उससे उनकी इतनी आमदनी बढ़ेगी। उससे हिन्दुस्तानका यह उद्योग बढ़ जायेगा और उससे इतने रुपये कमाये जा सकेंगे और खादीके द्वारा इतने रुपये बचानेका मतलब यह होगा कि करोड़ों लोगोंका संगठन होगा, करोड़ों लोगों की शक्तिका संग्रह होगा और करोड़ों देश-सेवक सेवा कार्य में संलग्न हो जायेंगे । ऐसे महान कार्यको अच्छी तरह पार उतारनेके मानी है, हम लोगोंको अपनी शक्तिका पूरा-पूरा ज्ञान होना । हमें कोई बड़ा काम करते हुए जो अनेक बारीक गुत्थियाँ पेश आती है, जबतक हमें उन्हें सुलझानेका ज्ञान न होगा, जबतक हम एक-एक पाईका हिसाब रखना न सीखेंगे, गाँवोंमें रहना न सीखेंगे, मार्गमें आनेवाली अनेक बाधाओं को दूर न कर सकेंगे और अनेक पहाड़ोंको काटकर मार्ग न बना सकेंगे तबतक यह होना असम्भव है। चरखा और खादी तो इस शक्तिके उत्पादनमें निमित्तमात्र है। जबतक हम थोडा-सा धैर्य रखकर चरखे और खादीके रहस्योंको और उसके फलितार्थको कल्पनाशक्तिका उपयोग करके समझेंगे नही तबतक यदि घरखेके प्रति हमारी अरुचि हो तो यह समझमें आने योग्य है । परन्तु जब हम इस रहस्यको समझ जायेंगे तब चरखा हमारे हाथसे कभी छूटेगा नही । अंग्रेज बहुत चालाक है, अग्रेज अधिकारी चतुर और समझदार है और मैं यह बात जानता हूँ इसीलिए तो मैने लोगोंके सामने चरखा प्रस्तुत किया है। हम अंग्रेजोंको अपने वाक्चातुर्यसे ठग न सकेंगे, समाचापत्रोमें अपनी कलमकी शक्ति दिखाकर हरा न सकेंगे । वे हमारी धमकियोंके अभ्यस्त हो गये है। हमारा बाहुबल उनके हवाई जहाजोंसे गिरनेवाले गोलोंके सामने कुछ भी नहीं है। परन्तु वे लोग धैर्य, उद्यम, निश्चय और योजनाशक्ति-जैसे गुणोंको समझते हैं और उनका आदर भी करते हैं । उनका सबसे बड़ा उद्योग कपड़ा है। उन्हें उस कपड़ेके वहिष्कारसे ही हमारी शक्तिका ज्ञान हो सकता है। वे अपने अभिमानको पुष्ट करनेके लिए हिन्दुस्तानपर कब्जा नहीं किये हुए है । वे कोरे शस्त्रवलसे नहीं, बल्कि अपने कौशलसे हम लोगोंको अपने वशमें रखते हैं। वे हिन्दुस्तान पर व्यापारके लिए ही राज्य करते हैं। जब उनका व्यापार हमारी स्वतन्त्र इच्छा पर ही निर्भर होगा तब उनका राज्य भी वैसे ही हमारी इच्छापर निर्भर होगा । इस समय तो वे अपना व्यापार और राज्य, दोनों हमारी इच्छाके विरुद्ध चलाते
सम्पूर्ण गांबी वाङ्मय जाकर ग्रामवासियोंको उनकी शिक्षा दे सकेंगे। इसी प्रकार जब हम चरखेका शास्त्र अच्छी तरह सोख लेंगे और नित्य चरखा चलायेंगे तभी हम ग्रामवासियोंको चरखा चलाना सिखा सकेंगे और उसमें उनको जो अश्रद्धा है उसे अपने व्यवहारसे दूर कर सकेंगे और यदि हम लोग इन चरखोंसे तैयार होनेवाली खादीका उपयोग न करेंगे तो चरसा न चल सकेगा, यह तो ऐसी बात है जिसे सभी आसानीसे समझ सकते हैं। इसलिए में शहरमें रहनेवालोंसे तो यज्ञार्थ चरखा चलानेकी ही प्रार्थना करता हूँ। गांवां रहनेवाले आजीविका के लिए चरखा चलायेंगे। ऐसी सरल और सीधी बातकी टीका कैसे की जा सकती है? जो चरखेके रहस्यको समझता है उसके लिए तो टीका करनेका कोई कारण ही नहीं रहता। में घरसेको अपने लिए मोक्षका द्वार मानता हूँ। दूसरोंके लिए तो में इतना ही कहता हूँ कि वह हिन्दुस्तानकी आर्थिक स्थितिको सुधारने और स्वराज्य प्राप्त करने के लिए प्रचंट शस्त्र है। जो ब्रह्मचर्यका पालन करना चाहता है उसको में नरसा चलानेके लिए कहता हूँ, यह बात तनिक भी हास्यास्पद नहीं है। बल्कि मेरे निकट एक अनुभव सिद्ध बात है। जिसे विकार मात्रका त्याग करना है उसे शान्तिको आवश्यकता है। उसका क्षोभ दूर होना चाहिए । चरखेकी प्रवृत्ति एक ऐसी ठंडी और शांत प्रवृत्ति है कि श्रद्धाभावसे चरखा चलानेवालोंके विकार शान्त होते देखे गये है। में चरखेपर बैठकर अपने क्रोधको शान्त कर सका हूँ और में दूसरे ऐसे अनेक ब्रह्मचारियोंके ऐसे ही अनुभव भी प्रस्तुत कर सकता हूँ। ऐसे अनुभव बतानेवालोंको मूर्ख मानकर उनकी हंसी उड़ाना आसान तो है, परन्तु है बड़ा महंगा, क्योंकि हंसो उड़ानेवाला विकार-वश होकर अपने विकारोंको दवाकर वीर्यवान वननेका एक सुन्दर भाधन खो बैठता है। में इसे पढ़नेवाले प्रत्येक युवक और युवतीको, यदि वे चरग्वेके विरुद्ध भ्रममें न पड़ गये हों तो, उसकी आजमाइश करनेकी सलाह देता हूँ। वे यह देखेंगे कि चरखेपर बैठनेके बाद कुछ ही समयमें उनके विकार कम होने लगे हैं। मेरे कहनेका आशय यह नहीं कि कासनेसे शान्त हुए विकार, कातना बन्द कर देनेके बाद भी चौबीस घंटाटेतक वैसे ही शान्त बने रहेंगे। विकारोंका उद्वेग तो वायुसे भी अधिक प्रवल होता है। उसे शान्त करनेके लिए धैर्यका होना आवश्यक है और इस धैर्यका विकास करनेके लिए चरखा एक प्रबल साधन है। कदाचित कोई यह कहे कि यदि चरखेका यही उपयोग है तो मैं उसके बजाय उससे भी अधिक काव्यमय माला फेरनेकी बात क्यों नहीं कहता ? मेरा उत्तर यह है कि चरखेमं दूसरी भी शक्तियाँ हैं। मैंने हिमालयको गुफामें रहनेवाले और वहीं उगनेवाले पेड़-पौधोंके कन्दमूल-फलोंपर ही निर्वाह करनेवाले किसी अवबूतके सामने चरखा नही रखा है। परन्तु मैने तो अपने जैसे असंख्य प्राकृत मनुष्योंके सामने, जो संसारमें रहते हैं, देशकी सेवा करना चाहते है और देश सेवा करते हुए ब्रह्मचर्यका पालन करना चाहते हैं, यह चरखा प्रस्तुत किया है। और नजरवन्द निरपराध बंगालियोंको छुड़ानेके लिए मैं जो चरखेको प्रस्तुत कर रहा हूँ उसे हँसीमें उड़ा देनेका तो यह मतलव हो सकता है कि हम अपनी शक्तिसे अज्ञानका जाला इन कैदियोंको छुड़ानेका प्रयत्न तनिक भी नहीं करना चाहते । यहाँ तो चरखेका अर्थ विदेशी कपड़ेका बहिष्कार है । यह शक्ति कितनी बड़ी है और उसके बिना किसी दूसरी शक्तिका विकास करनेमें हम असमर्थ है यह हम आगेके मुद्देकी परीक्षा करते समय देखेंगे और इसलिए मै भाले- बरछी चलानेमें समर्थ वीर सिपाहीको भी, जो चरखा देना चाहता हूँ वह मेरे पागलपनका लक्षण नहीं है बल्कि मेरे ज्ञानका लक्षण है और वह ज्ञान किताबोंसे उपलब्ध ज्ञान नहीं है बल्कि यह अनुभवका प्रसाद है । हिन्दुस्तान साठ करोड़ रुपयेका कपड़ा न खरीदे तो उससे ब्रिटेनका क्या बिगड़ेगा, यह प्रश्न यहाँ असंगत है। हमें इतना ही सोचना है कि उससे हमारा क्या लाभ होगा। यदि हम खादीको अपनाकर साठ करोड़ रुपयेका विदेशी कपड़ा खरीदना बन्द कर देंगे तो उसका अर्थ यह होगा कि उतने रुपये तीस करोड़ हिन्दुस्तानियोंके घरोंमें बचेंगे तथा उससे उनकी इतनी आमदनी बढ़ेगी। उससे हिन्दुस्तानका यह उद्योग बढ़ जायेगा और उससे इतने रुपये कमाये जा सकेंगे और खादीके द्वारा इतने रुपये बचानेका मतलब यह होगा कि करोड़ों लोगोंका संगठन होगा, करोड़ों लोगों की शक्तिका संग्रह होगा और करोड़ों देश-सेवक सेवा कार्य में संलग्न हो जायेंगे । ऐसे महान कार्यको अच्छी तरह पार उतारनेके मानी है, हम लोगोंको अपनी शक्तिका पूरा-पूरा ज्ञान होना । हमें कोई बड़ा काम करते हुए जो अनेक बारीक गुत्थियाँ पेश आती है, जबतक हमें उन्हें सुलझानेका ज्ञान न होगा, जबतक हम एक-एक पाईका हिसाब रखना न सीखेंगे, गाँवोंमें रहना न सीखेंगे, मार्गमें आनेवाली अनेक बाधाओं को दूर न कर सकेंगे और अनेक पहाड़ोंको काटकर मार्ग न बना सकेंगे तबतक यह होना असम्भव है। चरखा और खादी तो इस शक्तिके उत्पादनमें निमित्तमात्र है। जबतक हम थोडा-सा धैर्य रखकर चरखे और खादीके रहस्योंको और उसके फलितार्थको कल्पनाशक्तिका उपयोग करके समझेंगे नही तबतक यदि घरखेके प्रति हमारी अरुचि हो तो यह समझमें आने योग्य है । परन्तु जब हम इस रहस्यको समझ जायेंगे तब चरखा हमारे हाथसे कभी छूटेगा नही । अंग्रेज बहुत चालाक है, अग्रेज अधिकारी चतुर और समझदार है और मैं यह बात जानता हूँ इसीलिए तो मैने लोगोंके सामने चरखा प्रस्तुत किया है। हम अंग्रेजोंको अपने वाक्चातुर्यसे ठग न सकेंगे, समाचापत्रोमें अपनी कलमकी शक्ति दिखाकर हरा न सकेंगे । वे हमारी धमकियोंके अभ्यस्त हो गये है। हमारा बाहुबल उनके हवाई जहाजोंसे गिरनेवाले गोलोंके सामने कुछ भी नहीं है। परन्तु वे लोग धैर्य, उद्यम, निश्चय और योजनाशक्ति-जैसे गुणोंको समझते हैं और उनका आदर भी करते हैं । उनका सबसे बड़ा उद्योग कपड़ा है। उन्हें उस कपड़ेके वहिष्कारसे ही हमारी शक्तिका ज्ञान हो सकता है। वे अपने अभिमानको पुष्ट करनेके लिए हिन्दुस्तानपर कब्जा नहीं किये हुए है । वे कोरे शस्त्रवलसे नहीं, बल्कि अपने कौशलसे हम लोगोंको अपने वशमें रखते हैं। वे हिन्दुस्तान पर व्यापारके लिए ही राज्य करते हैं। जब उनका व्यापार हमारी स्वतन्त्र इच्छा पर ही निर्भर होगा तब उनका राज्य भी वैसे ही हमारी इच्छापर निर्भर होगा । इस समय तो वे अपना व्यापार और राज्य, दोनों हमारी इच्छाके विरुद्ध चलाते
क्रियाओ का चरम लक्ष्य जीवन व्यापार को अग्रसर करना है। किन्तु हमारा मत है कि सब प्रकार का जीवन अथवा जीवन व्यापार हमारा लक्ष्य नही होता, हमारा लक्ष्य वह जीवन होता है जो सन्तोषजनक अथवा सुखमय है । फलत हम सन्तुष्ट एव सुखी जीवन को ही अपने प्रयत्नो का लक्ष्य मान सकते है और उसी को जीवन का साध्य कह सकते हैं । इस विचारणा से यह निष्कर्ष निकलता है कि चरम मूल्य जीवनव्यापारी के वे रूप है जो अपने में कामना करने योग्य दिखाई देते हैं। उन जीवनरूपो के बारे मे एक दूसरी बात भी कही जा सकती है । ये रूप आवश्यक रूप में सचेत होने चाहिएँ, क्योकि अचेत जीवनावस्था का न तो हम अनुभव ही कर सकते हैं, और न उसकी कामना ही कर सकते है । गौण रूप में वे वस्तुएँ तथा प्रतीतियाँ जो हमारे भीतर मूल्यवती सचेत दशाओ को उत्पन्न करती हैं, स्वय मूल्यवान मानी जा सकती है । चरम अर्थ में हमारी सचेत जीवन-दशाएँ ही साध्य होती है, लेकिन गौण अर्थ में वे स्थितियाँ जो उन जीवनदगाओ को उत्पन्न करती है, मूल्यवान कही जा सकती है । इस अर्थ में हम सूर्यास्त के दृश्य अथवा सुन्दर चेहरे को मूल्यों का वाहक कह सकते है। इस दृष्टि से देखने पर हम चरम मूल्यो की एक दूसरी परिभाषा देंगे । चरम मूल्य उन वस्तुओं, स्थितियो तथा व्यापारो अथवा उनके उन विशिष्ट पहलुओं को कहते हैं, जो मनुष्य की सार्वभौम सवेदना को आवेगात्मक अर्थवत्ता लिये हुए दिखाई देते है। जैसा कि हमने दूसरे अध्याय में कहा था, प्रत्येक वस्तु का प्रत्येक गुण सापेक्ष होता है। इसलिए यह कहने से कि वस्तुओं के सौन्दर्य आदि गुण मानव-सवेदना के सापेक्ष होते हैं, उन गुणो की यथार्थता पर कोई असर नहीं पड़ता। जिस प्रकार कि आक्सीजन गैस हाइड्रोजन के माथ ही जल को उत्पन्न कर सकती है, और जलने योग्य पदार्थ के साथ ही अपनी जलाने की विशेषता को अभिव्यक्ति दे सकती है, उसी प्रकार वे पदार्थ जिन में सौन्दर्य आदि मूल्य अनुस्यूत है, मानव-सवेदना के साथ क्रिया - प्रतिक्रिया करते हुए ही उन मूल्यों को प्रकट कर सकते हैं। दूसरी बात जो हमने कही वह यह है कि चरम मूल्य निरपयोगी होते हैं । आक्सीजन गैस मनुष्य के लिए वडी आवश्यक है, किन्तु वह एक उपयोगी वस्तु है, और इसलिये चरम मूल्यो की कोटि में नही आती । उपयोगी पदार्थ के प्रति जो प्रतिक्रिया होती है वह सार्वभौम नही, व्यक्तिगत होती है। इसके विपरीत चरम मूल्यों के प्रति समस्त मानवो की सवेदना समान रूप में प्रतिक्रिया है । जिसे हम सास्कृतिक चेतना कहते हैं वह उपरोक्त दोनो अर्थों में एक चरम मूल्य है। वह जिसकी चेतना होती है वह स्वयं अपने में मूल्यवान होता है और वह चेतना अपने आप में भी चरम मूल्य की वाहक होती है। जिस यथार्थ की चेतना मनुष्य प्राप्त करना चाहता है वह दो प्रकार का है वाह्य यथार्थ जिसमें शुद्ध तथ्य तथा मूल्यों के वाहक तथ्य दोनो सम्मिलित है, और आन्तरिक यथार्थ, जिससे मतलव है हमारी आध्यात्मिक जीवन सम्भावनाएँ । हमारा चैतन्य - सत्व असख्य रूपो में गठित होता रहता है, उन रूपो की अवगति सास्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण अग है। सच यह् है कि हमारे आत्मसत्व के ये रूप ही संस्कृति है, और उन रूपो के वारे में चर्चा भी संस्कृति का अग है। तो, सस्कृति उन क्रियाओ को कहते हैं जो हमे स्वयं अपने मे मूल्यवान अथवा महत्वपूर्ण जान पडती है । एक क्रिया ऐसी हो सकती है जो विशुद्ध रूप में सांस्कृतिक किया है, अर्थात् जिसमें उपयोगिता का पक्ष विल्कुल नहीं है, जो न तो उपयोगिता के लिये अनुष्ठित ही की जाती है और न जिसका परिणाम ही उपयोगी होता है । दार्शनिक चिन्तन और कविता लिखने की क्रियाएँ इस अर्थ मे सास्कृतिक है। दूसरी क्रियाए ऐसी ही हो सकती है जो उपयोगी हैं, और साथ ही विशुद्ध सार्थकता की वाहक भी दिखाई पड़ती है। उदाहरण के लिये यदि कोई नेता चुनाव के अवसर पर वढिया व्याख्यान देता है तो वह व्याख्यान, एक दृष्टि से उपयोगी होते हुए भी, दूसरी दृष्टि से सांस्कृतिक क्रिया वन जाता है, क्योकि वह लोगो को व्याख्यान-कला के कारण भी महत्वपूर्ण जान पड़ता है । संस्कृति का निर्माण करने वाली चेतना दो चीज़ो मे निर्धारित होती है। एक ओर वह यथार्थ द्वारा निर्मित या निर्धारित होती है, और दूसरी ओर मानवीय रुचियो द्वारा । सास्कृतिक चेतना की परिधि या प्रगति उम यथार्थ के अनुसन्धान द्वारा घटित होती है जिसमें मानव जाति की अभिरुचि है। मानवीय रुचियाँ, कहना चाहिए, वह आकार या ढांचा प्रदान करती है जिसके भीतर यथार्थ को ग्रहण किया जाता है । इस प्रकार सांस्कृतिक चेतना व्यक्ति और ब्रह्माण्ड के वीच पुल का काम करती है, उस चेतना मे व्यक्ति की आतरिकता तथा यथार्थ की वस्तुनिष्ठता का सगम होता है। चूंकि चेतना मूलत वस्तु-चेतना होती है, इसलिये कहना चाहिए कि चेतना सम्पन्न जीवन वह जीवन है जिसमें व्यक्ति यथार्थ से सचेत सम्वन्ध स्थापित करता है। व्यक्ति के सचेत जीवन की समृद्धि, इसीलिये, उस यथार्थ के विस्तार से घटित होती है जिससे उसने सचेत सम्वन्ध स्थापित कर लिया है, औ
क्रियाओ का चरम लक्ष्य जीवन व्यापार को अग्रसर करना है। किन्तु हमारा मत है कि सब प्रकार का जीवन अथवा जीवन व्यापार हमारा लक्ष्य नही होता, हमारा लक्ष्य वह जीवन होता है जो सन्तोषजनक अथवा सुखमय है । फलत हम सन्तुष्ट एव सुखी जीवन को ही अपने प्रयत्नो का लक्ष्य मान सकते है और उसी को जीवन का साध्य कह सकते हैं । इस विचारणा से यह निष्कर्ष निकलता है कि चरम मूल्य जीवनव्यापारी के वे रूप है जो अपने में कामना करने योग्य दिखाई देते हैं। उन जीवनरूपो के बारे मे एक दूसरी बात भी कही जा सकती है । ये रूप आवश्यक रूप में सचेत होने चाहिएँ, क्योकि अचेत जीवनावस्था का न तो हम अनुभव ही कर सकते हैं, और न उसकी कामना ही कर सकते है । गौण रूप में वे वस्तुएँ तथा प्रतीतियाँ जो हमारे भीतर मूल्यवती सचेत दशाओ को उत्पन्न करती हैं, स्वय मूल्यवान मानी जा सकती है । चरम अर्थ में हमारी सचेत जीवन-दशाएँ ही साध्य होती है, लेकिन गौण अर्थ में वे स्थितियाँ जो उन जीवनदगाओ को उत्पन्न करती है, मूल्यवान कही जा सकती है । इस अर्थ में हम सूर्यास्त के दृश्य अथवा सुन्दर चेहरे को मूल्यों का वाहक कह सकते है। इस दृष्टि से देखने पर हम चरम मूल्यो की एक दूसरी परिभाषा देंगे । चरम मूल्य उन वस्तुओं, स्थितियो तथा व्यापारो अथवा उनके उन विशिष्ट पहलुओं को कहते हैं, जो मनुष्य की सार्वभौम सवेदना को आवेगात्मक अर्थवत्ता लिये हुए दिखाई देते है। जैसा कि हमने दूसरे अध्याय में कहा था, प्रत्येक वस्तु का प्रत्येक गुण सापेक्ष होता है। इसलिए यह कहने से कि वस्तुओं के सौन्दर्य आदि गुण मानव-सवेदना के सापेक्ष होते हैं, उन गुणो की यथार्थता पर कोई असर नहीं पड़ता। जिस प्रकार कि आक्सीजन गैस हाइड्रोजन के माथ ही जल को उत्पन्न कर सकती है, और जलने योग्य पदार्थ के साथ ही अपनी जलाने की विशेषता को अभिव्यक्ति दे सकती है, उसी प्रकार वे पदार्थ जिन में सौन्दर्य आदि मूल्य अनुस्यूत है, मानव-सवेदना के साथ क्रिया - प्रतिक्रिया करते हुए ही उन मूल्यों को प्रकट कर सकते हैं। दूसरी बात जो हमने कही वह यह है कि चरम मूल्य निरपयोगी होते हैं । आक्सीजन गैस मनुष्य के लिए वडी आवश्यक है, किन्तु वह एक उपयोगी वस्तु है, और इसलिये चरम मूल्यो की कोटि में नही आती । उपयोगी पदार्थ के प्रति जो प्रतिक्रिया होती है वह सार्वभौम नही, व्यक्तिगत होती है। इसके विपरीत चरम मूल्यों के प्रति समस्त मानवो की सवेदना समान रूप में प्रतिक्रिया है । जिसे हम सास्कृतिक चेतना कहते हैं वह उपरोक्त दोनो अर्थों में एक चरम मूल्य है। वह जिसकी चेतना होती है वह स्वयं अपने में मूल्यवान होता है और वह चेतना अपने आप में भी चरम मूल्य की वाहक होती है। जिस यथार्थ की चेतना मनुष्य प्राप्त करना चाहता है वह दो प्रकार का है वाह्य यथार्थ जिसमें शुद्ध तथ्य तथा मूल्यों के वाहक तथ्य दोनो सम्मिलित है, और आन्तरिक यथार्थ, जिससे मतलव है हमारी आध्यात्मिक जीवन सम्भावनाएँ । हमारा चैतन्य - सत्व असख्य रूपो में गठित होता रहता है, उन रूपो की अवगति सास्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण अग है। सच यह् है कि हमारे आत्मसत्व के ये रूप ही संस्कृति है, और उन रूपो के वारे में चर्चा भी संस्कृति का अग है। तो, सस्कृति उन क्रियाओ को कहते हैं जो हमे स्वयं अपने मे मूल्यवान अथवा महत्वपूर्ण जान पडती है । एक क्रिया ऐसी हो सकती है जो विशुद्ध रूप में सांस्कृतिक किया है, अर्थात् जिसमें उपयोगिता का पक्ष विल्कुल नहीं है, जो न तो उपयोगिता के लिये अनुष्ठित ही की जाती है और न जिसका परिणाम ही उपयोगी होता है । दार्शनिक चिन्तन और कविता लिखने की क्रियाएँ इस अर्थ मे सास्कृतिक है। दूसरी क्रियाए ऐसी ही हो सकती है जो उपयोगी हैं, और साथ ही विशुद्ध सार्थकता की वाहक भी दिखाई पड़ती है। उदाहरण के लिये यदि कोई नेता चुनाव के अवसर पर वढिया व्याख्यान देता है तो वह व्याख्यान, एक दृष्टि से उपयोगी होते हुए भी, दूसरी दृष्टि से सांस्कृतिक क्रिया वन जाता है, क्योकि वह लोगो को व्याख्यान-कला के कारण भी महत्वपूर्ण जान पड़ता है । संस्कृति का निर्माण करने वाली चेतना दो चीज़ो मे निर्धारित होती है। एक ओर वह यथार्थ द्वारा निर्मित या निर्धारित होती है, और दूसरी ओर मानवीय रुचियो द्वारा । सास्कृतिक चेतना की परिधि या प्रगति उम यथार्थ के अनुसन्धान द्वारा घटित होती है जिसमें मानव जाति की अभिरुचि है। मानवीय रुचियाँ, कहना चाहिए, वह आकार या ढांचा प्रदान करती है जिसके भीतर यथार्थ को ग्रहण किया जाता है । इस प्रकार सांस्कृतिक चेतना व्यक्ति और ब्रह्माण्ड के वीच पुल का काम करती है, उस चेतना मे व्यक्ति की आतरिकता तथा यथार्थ की वस्तुनिष्ठता का सगम होता है। चूंकि चेतना मूलत वस्तु-चेतना होती है, इसलिये कहना चाहिए कि चेतना सम्पन्न जीवन वह जीवन है जिसमें व्यक्ति यथार्थ से सचेत सम्वन्ध स्थापित करता है। व्यक्ति के सचेत जीवन की समृद्धि, इसीलिये, उस यथार्थ के विस्तार से घटित होती है जिससे उसने सचेत सम्वन्ध स्थापित कर लिया है, औ
- अभिनेता संजय दत्त फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं। - मान्यता दत्त ने बताया कि संजय शुरुआत में मुंबई में ही इलाज कराएंगे। - अब इरफान खान के बेटे बाबिल खान ने संजू बाबा के बारे में बात की है। संजय दत्त के स्वास्थ्य के बारे में जानने के बाद परिवार को हाल ही में एक बड़ा झटका लगा है। अभिनेता फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद से ही संजय दत्त के सभी फैन्स, फ्रेंड्स और फैमिली मेंबर्स उनके जल्द से जल्द स्वस्थ्य होने की प्रार्थना कर रहे हैं। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त द्वारा जारी किए स्टेटमेंट में उन्होंने खुलासा हुआ है कि अभिनेता शुरुआत में मुंबई में ही इलाज कराएंगे और बाद में विदेश जाने का प्लान कर सकते हैं। अब, इरफान खान के बेटे बाबिल खान ने संजू बाबा के बारे में बात की है। इसमें बाबिल खान ने बताया है कि पिता इरफान खान के कैंसर का पता चलते ही सबसे पहले संजय दत्त ने मदद की पेशकश की थी। बाबिल खान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए सभी से संजय दत्त के परिवार के लिए रिक्वेस्ट की है। बाबिल खान ने बताया कि संजय दत्त सबसे पहले मदद की पेशकश करने वालों में से थे जब इरफान खान के न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर का पता चला था। इतना ही नहीं इरफान खान के निधन के बाद, संजय दत्त उन लोगों शामिल हुए जिन्होंने परिवार से संपर्क किया और सबसे पहले मदद की पेशकश की। इरफान खान के बेटे ने अपने इंस्टाग्राम नोट में उम्मीद जाहिर की है कि संजय दत्त स्वस्थ्य होकर जल्द वापस आएं और फिर से हिट बैक करें। बाबिल ने संजय दत्त और पिता इरफान खान की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर भी शेयर की है जिसमें दोनों का दोस्ताना साफ झलक रहा है। बाबिल खान ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'राइटर्स को आश्चर्य होगा कि मैं कैसे लिख रहा हूं लेकिन मैं कोई लेखक नहीं हूं। इसलिए मैं विनम्रतापूर्वक पत्रकारों और जिज्ञासापूर्ण लोगों से अनुरोध करता हूं कि अटकलें ना लगाएं। मुझे पता है कि यह आपका पेशा है लेकिन यह भी जानता हूं कि हमारी आत्मा में मानवता की भावना रहती है। इसलिए संजू भाई और उनके परिवार को थोड़ा स्पेस दें। एक रहस्य है कि संजू भाई उन लोगों में रहे जो मेरे पिता की मदद के लिए हर तरह की पेशकश करते हुए आगे आए। ' 'बाबा के जाने के बाद, संजू भाई फिर से पहले कुछ लोगों में से एक थे जिन्होंने सपोर्ट के लिए आगे हाथ बढ़ाया था। प्लीज, मैं आपसे विनती करता हूं कि उन्हें मीडिया बिना किसी चिंता के इस लड़ाई से लड़ने दें। आपको याद रखना चाहिए कि हम यहां बात कर रहे हैं संजू बाबा की, एक शेर की, एक फाइटर जो पहले जीत चुके हैं। मुझे पता है कि संजू बाबा फिर से हिट होंगे। '
- अभिनेता संजय दत्त फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं। - मान्यता दत्त ने बताया कि संजय शुरुआत में मुंबई में ही इलाज कराएंगे। - अब इरफान खान के बेटे बाबिल खान ने संजू बाबा के बारे में बात की है। संजय दत्त के स्वास्थ्य के बारे में जानने के बाद परिवार को हाल ही में एक बड़ा झटका लगा है। अभिनेता फेफड़ों के कैंसर से जूझ रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद से ही संजय दत्त के सभी फैन्स, फ्रेंड्स और फैमिली मेंबर्स उनके जल्द से जल्द स्वस्थ्य होने की प्रार्थना कर रहे हैं। संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त द्वारा जारी किए स्टेटमेंट में उन्होंने खुलासा हुआ है कि अभिनेता शुरुआत में मुंबई में ही इलाज कराएंगे और बाद में विदेश जाने का प्लान कर सकते हैं। अब, इरफान खान के बेटे बाबिल खान ने संजू बाबा के बारे में बात की है। इसमें बाबिल खान ने बताया है कि पिता इरफान खान के कैंसर का पता चलते ही सबसे पहले संजय दत्त ने मदद की पेशकश की थी। बाबिल खान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए सभी से संजय दत्त के परिवार के लिए रिक्वेस्ट की है। बाबिल खान ने बताया कि संजय दत्त सबसे पहले मदद की पेशकश करने वालों में से थे जब इरफान खान के न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर का पता चला था। इतना ही नहीं इरफान खान के निधन के बाद, संजय दत्त उन लोगों शामिल हुए जिन्होंने परिवार से संपर्क किया और सबसे पहले मदद की पेशकश की। इरफान खान के बेटे ने अपने इंस्टाग्राम नोट में उम्मीद जाहिर की है कि संजय दत्त स्वस्थ्य होकर जल्द वापस आएं और फिर से हिट बैक करें। बाबिल ने संजय दत्त और पिता इरफान खान की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर भी शेयर की है जिसमें दोनों का दोस्ताना साफ झलक रहा है। बाबिल खान ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'राइटर्स को आश्चर्य होगा कि मैं कैसे लिख रहा हूं लेकिन मैं कोई लेखक नहीं हूं। इसलिए मैं विनम्रतापूर्वक पत्रकारों और जिज्ञासापूर्ण लोगों से अनुरोध करता हूं कि अटकलें ना लगाएं। मुझे पता है कि यह आपका पेशा है लेकिन यह भी जानता हूं कि हमारी आत्मा में मानवता की भावना रहती है। इसलिए संजू भाई और उनके परिवार को थोड़ा स्पेस दें। एक रहस्य है कि संजू भाई उन लोगों में रहे जो मेरे पिता की मदद के लिए हर तरह की पेशकश करते हुए आगे आए। ' 'बाबा के जाने के बाद, संजू भाई फिर से पहले कुछ लोगों में से एक थे जिन्होंने सपोर्ट के लिए आगे हाथ बढ़ाया था। प्लीज, मैं आपसे विनती करता हूं कि उन्हें मीडिया बिना किसी चिंता के इस लड़ाई से लड़ने दें। आपको याद रखना चाहिए कि हम यहां बात कर रहे हैं संजू बाबा की, एक शेर की, एक फाइटर जो पहले जीत चुके हैं। मुझे पता है कि संजू बाबा फिर से हिट होंगे। '
प्रदेश के जिन शहरी इलाकों में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले सामने आ रहे हैं वहां लॉकडाउन छह अगस्त तक बढ़ाया जाएगामुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया निर्णय गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालकों को गोबर बिक्री की राशि का भुगतान उनके बैंक खातों में ऑनलाइन किया जाएगा नारायणपुर जिले में माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का एक जवान शहीद प्रदेश में अगले चौबीस घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर हो सकती है हल्की से मध्यम वर्षाएकदो स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई लॉकडाउन निर्देश प्रदेश में लॉकडाउन आगामी छह अगस्त तक बढ़ा दिया गया है इसके लिए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कलेक्टर अपने जिले के कोरोना संक्रमित क्षेत्र में स्थिति की गंभीरता के आधार पर लॉकडाउन बढ़ा सकते हैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया बैठक के बाद कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि रायपुर दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में जहां कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है वहां लॉकडाउन की अवधि को छह अगस्त तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोरोना संक्रमण की स्थिति से संबंधित जानकारी दी इसके आधार पर ही लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय लिया गया | गौरतलब है कि प्रदेश में पिछले करीब एक महीने से कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है इस स्थिति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से ही बीते बाईस जुलाई से प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक बार फिर लॉकडाउन घोषित किया गया था आज की बैठक में राज्य सरकार ने प्रदेश के अलगअलग जिलों में कोरोना की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के उपायों पर विचारविमर्श किया लॉकडाउन जिला कोंडागांव जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सघन जांच अभियान शुरू किया है वहीं शहर में पुलिस द्वारा हर दिन शाम को फ्लैग मार्च निकालकर आम लोगों को कोरोना से बचाव के लिए विभिन्न दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील भी की जा रही है जिले के घोड़ा गांव में चेकपोस्ट लगाकर आनेजाने वाली गाड़ियों की जांच भी की जा रही है इस बीच नारायणपुर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आज शहर का भ्रमण कर लॉकडाउन का जायजा लिया उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग और अनुमति प्राप्त दुकानों को निर्धारित समय पर बन्द कराने और इसका उल्लंघन करने वालो पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए वहीं बलरामपुर के जिला कलेक्टर श्याम धावड़े ने जिले के लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए वे आवश्यक दिशानिर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करे गौरतलब है कि बलरामपुररामानुजगंज जिले में अब तक एक सौ छियासी कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं इनमें से एक सौ सड़सठ मरीज स्वस्थ हो चुके हैं कोरोनामरीज प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है कल रविवार की देर रात तक प्रदेश में कोरोना के चार सौ उनतीस नये मरीज मिले इनमें से एक सौ निन्यानवे मरीज अकेले रायपुर में ही पाए गए वहीं दुर्ग में कल रात तक चौरासी बिलासपुर में बाईस बस्तर में इक्कीस बलौदाबाजार में अट्ठारह और राजनांदगांव जिले में उन्नीस नये कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए इनके अलावा कांकेर जांजगीरचांपा सूरजपुर बालोद और कबीरधाम जिलों में भी कोरोना के कुल तेईस नये मरीज मिले हैं वहीं बीजापुर और दंतेवाड़ा में कल रात कोरोना के ग्यारहग्यारह नये मरीज मिले थे बेमेतरा मुंगेली महासमुंद कोरिया कोरबा और धमतरी में भी कुल ग्यारह कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हुई थी कल देर रात तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या चवालीस हो गई है इस बीच प्रदेश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभिन्न जिलों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों के बिना वजह घूमने और सड़कों पर निकलने पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है वहीं पुलिस और प्रशासन द्वारा लोगों को कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनने और दो गज की दूरी का पालन करने को भी कहा जा रहा है इस बीच आज कबीरधाम जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बलसीएएफ कैंप में पदस्थ एक जवान कोरोना संक्रमित पाया गया वहीं दुर्ग जिले में बीएसएफ के एक जवान सहित सोलह कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं उधर कोरबा कलेक्टोरेट परिसर में स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ एक लिपिक कोरोना पोजेटिव पाया गया जीएसटी कार्यालय राजधानी रायुपर के जीएसटी कार्यालय में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के तत्काल बाद ही बीते बीस जुलाई से कार्यालय भवन को बंद कर दिया गया है इसके बाद इस भवन को सेनिटाईज भी किया गया है मिली जानकारी के अनुसार जीएसटी कार्यालय में कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आए सात अन्य लोगों का भी कोरोना टेस्ट कराया गया है फिलहाल इस कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी घर से ही संपर्क में रहते हुए अपने कार्यों का संपादन कर रहे हैं कोरोनाएंबुलेंस प्रदेश में कोरोना संक्रमण के इलाज के बाद अस्पताल से घर लौटने वाले मरीज अब एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं होने पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए अन्य वाहन से घर जा सकेंगे यदि मरीज स्वयं के वाहन से घर जाना चाहें तो उन्हें इसकी भी अनुमति दी जाएगी प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने इस संबंध में आवश्यक व्यवस्था के लिए सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा है कोरोना वॉरियर्सदुर्ग प्रदेश में कोरोना संकट के दौरान गरीबों और कमजोर वर्गों की विभिन्न प्रकार से मदद करने वाले कोरोना योद्धाओं के सेवाकारियों का दस्तावेज तैयार किया जाएगा भारतीय जनता पार्टी ने इस संबंध में पहल करते हुए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले कोरोना योद्धाओं की जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी ने पिछले दिनों देशवासियों से यह अपील की थी कि देशभर में हर मंडल जिला और प्रदेश स्तर पर कोरोना योद्धाओं के सेवा कार्यों पर केंद्रित डिजिटल बुक तैयार किया जाना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ी इन्हें देखकर और पढ़कर सेवा भावना की प्रेरणा ले सके इसी कड़ी में दुर्ग जिले में भिलाई भाजपा अध्यक्ष राजमहंत सांवलाराम डाहरे ने जिले में डिजिलट बुक के प्रभारी के रुप में भाजपा के जिला महामंत्री खिलावन साहू उपाध्यक्ष संजय खन्ना और आईटी प्रकोष्ठ के संयोजक संतोष सिंह तथा सह संयोजक आदित्य भगत को डिजिटल बुक बनाने की जिम्मेदारी दी है सूखा राशनपुस्तक वितरण प्रदेश के सभी स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना के तहत पैंतालीस दिनों का सूखा राशन दिया जाएगा यह राशन बच्चों के पालकों को स्कूलों में बुलाकर या घर पहुंचाकर दिया जाएगा स्कूल शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा है कि कोरोना संकट काल में स्कूलों के बंद रहने के दौरान चौदह जून से दस अगस्त तक पैंतालीस दिनों का मध्यान्ह भोजन देने के संबंध में सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में स्कूली बच्चों को सूखा चावल और कुकिंग कास्ट की राशि से अन्य आवश्यक सामग्री दाल तेल और सूखी सब्जी भी दी जाएगी कक्षा पहली से आठवीं तक के उन बच्चों को जिनका नाम शासकीय शाला अनुदान प्राप्त अशासकीय शाला अथवा मदरसा मकतब में दर्ज है उन्हें मध्यान्ह भोजन वितरित किया जाएगा डॉक्टर टेकाम ने अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा की गुणवत्ता और उसकी मात्रा का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए हैं वहीं कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी पात्र विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी चौदह अगस्त तक किया जाएगा संचालक लोक शिक्षण जितेन्द्र शुक्ला ने कहा है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी पाठ्यपुस्तकों की प्राप्ति से वंचित न रहे इसके लिए शाला संकुल विकासखंड और जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं पाठ्यपुस्तकों की प्राप्ति के संबंध में ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाएगी गोधन न्याय योजना प्रदेश में गोधन न्याय योजना शुरू होने के बाद अब विभिन्न जिलों में गोबर बेचने वाले पशुपालकों को जल्द ही इसका भुगतान भी शुरू किया जाएगा राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि गोबर बेचने वाले पशुपालकों को गोबर बिक्री की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन किया जाएगा राज्य शासन ने यह दिशानिर्देश जारी किए हैं कि गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के लिए कम्प्यूटर आधारित प्रणाली विकसित की जाएगी और गोबर की खरीदी तथा वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री से संबंधित संपूर्ण विवरण ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज किया जाएगा गौरतलब है कि इस योजना के तहत चुनिंदा स्वसहायता समूह गौठान समिति से गोबर प्राप्त कर उससे वर्मी कम्पोस्ट तैयार करेंगे तैयार वर्मी कम्पोस्ट गौठान समिति को वापस भेजा जाएगा जिसे कोई भी व्यक्ति सहकारी समिति के माध्यम से खरीद सकेगा खरीफ फसलपानी राज्य मंत्रिमंडल ने आज यह निर्णय भी लिया है कि प्रदेश में खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए जलाशयों से कल अट्ठाईस जुलाई से पानी छोड़ा जाएगा कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि मंत्रिमंडल ने खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए आवश्यकता और जलाशयों में पानी की उपलब्धता को देखते हुए अट्ठाईस जुलाई से ही पानी छोड़ने का निर्णय लिया है हाईकोर्टफैसला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि निजी स्कूल अब ट्यूशन फीस ले सकेंगे गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निजी स्कूलों के फीस लेने पर लगाई गई रोक के खिलाफ इन स्कूलों के प्रबंधकों ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई थी हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस लेने का आदेश दे दिया है अपनी याचिका में निजी स्कूलों ने कहा था कि ये स्कूल बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे हैं साथ ही यदि उन्हें ट्यूशन फीस लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी तो वे अपने कर्मचारियों और शिक्षकों को वेतन कैसे दे पाएंगे सीआरपीएफस्थापना दिवस केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल लसीआरपीएफ आज अपना बयासीवां स्थापना दिवस मना रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट संदेश में कहा है कि सीआरपीएफ देश की सुरक्षा में अग्रणी रहा है केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति सीआरपीएफ जवानों के शौर्य और बलिदान को नमन किया है मुठभेड़जवान शहीद नारायणपुर जिले में कल देर रात माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बलसीएएफ का एक जवान शहीद हो गया वहीं इस मुठभेड़ में कुछ माओवादियों के घायल होने की भी खबर है अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयंत वैष्णव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि करियामेटा कैम्प से सुरक्षा बलों के जवान तलाशी अभियान पर निकले हुए थे इसी दौरान सीएएफ कैम्प के पास पहले से घात लगाकर बैठे माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी जवानों द्वारा भी जवाबी कार्रवाई की गई करीब आधे घंटे तक चली इस मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया बाद में माओवादी घने जंगल का फायदा उठाकर वहां से भागने में सफल हो गए गौरतलब है कि शहीद जवान जितेन्द्र बाकड़े बीजापुर जिले के मांझीगुड़ा का रहने वाला था और वह नारायणपुर जिले के करियामेटा कैम्प में पदस्थ था शहीद जवान के पार्थिव शरीर को हेलीकॉप्टर से उनके गृहग्राम मांझीगुड़ा भेज दिया गया है इससे पहले जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की अब्दुल कलामपुण्यतिथि देश आज पूर्व राष्ट्रपति और भारतरत्न डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उनका स्मरण कर रहा है एक ट्वीट में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु ने कहा कि डॉक्टर कलाम एक विशिष्ट वैज्ञानिक होने के साथ ही महान व्यक्तित्व के धनी थे उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में डॉक्टर कलाम के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी डॉक्टर कलाम को श्रद्धाजंलि अर्पित की मिसाइल मैन के रूप में लोकप्रिय डॉक्टर कलाम का शिलांग में विद्यार्थियों को व्याख्यान देते समय सत्ताईस जुलाई दो हजार पंद्रह को निधन हो गया था मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी डॉक्टर कलाम को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया है राष्ट्र के लिए उनके योगदान को याद करते हुए श्री बघेल ने कहा कि डॉक्टर कलाम ने देश को अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाईल के क्षेत्र में नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया हाथीआतंक महासमुंद जिले की पुरातात्विक नगरी सिरपुर में हाथियों का आतंक एक बार फिर देखा जा रहा है यहां हाथियों का दल दिनदहाड़े बस्तियों में विचरण कर रहा है वहीं इन हाथियों ने खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचाया है वन विभाग को भी हाथियों के उत्पात का सामना करना पड़ा है कल हाथियों के झुंड ने सिरपुर में वन विभाग के डिपो के मुख्य द्वार को तोड़ दिया था वन विभाग के कर्मचारी इन हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने में जुटे हुए हैं युवकआत्महत्या अंबिकापुर के बाबूपारा इलाके में चौंतीस वर्षीय युवक ने कल रात अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली बताया जाता है कि मृतक अंबिकापुर के स्थानीय कांग्रेस नेता का इकलौता पुत्र था सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम और पुलिस मौके पर पहुंच गए घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है पुलिस मामले की जांच कर रही है राजनांदगांवकार्रवाई राजनांदगांव शहर में अवैध रूप से वाइटनर और सोलुशन बेचने वाली करीब बीस दुकानों पर पुलिस ने छापामार कार्रवाई की नगर पुलिस अधीक्षक एमएस चन्द्रा ने बताया कि इन दोनों पदार्थों का इस्तेमाल अवैध तरीके से नशे के लिए भी किया जाता है वाइटनर का इस्तेमाल पुताई से पहले पेंट में मिलाने के लिए किया जाता है वहीं सोलुशन का इस्तेमाल गाड़ियों के पंचर बनाने में किया जाता है शहर में लगातार सोलुशन और वाइटनर की अवैध बिक्री की शिकायत मिल रही थी जिसके बाद बसंतपुर थाना प्रभारी ने संदिग्ध दुकानों पर छापे की कार्रवाई की इन दुकानों से बड़ी मात्रा में वाइटनर और सोलुशन जब्त किए गए हैं मौसम प्रदेश में अगले दो दिनों में एक बार फिर अच्छी वर्षा होने की संभावना है मौसम विभाग के अनुसार इस समय एक द्रोणिका राजस्थान से लेकर मेघालय के बीच बनी हुई है इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी अगले दो दिनों में विभिन्न स्थानों पर मध्यम से तेज बौछारें पड़ सकती है बीते चौबीस घंटों के दौरान बस्तर क्षेत्र के कुछ स्थानों के अलावा प्रदेश के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होने के समाचार मिले हैं वहीं अगले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश के एकदो स्थानों पर गरजचमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है संक्षिप्त समाचार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक आज बिलासपुर जिले के मेढ़पार गांव पहुंचे उन्होंने पिछले दिनों हुई गायों की मौत के मामले में ग्रामीणों से चर्चा की अंबिकापुर में पिछले वर्ष चोरी के आरोपी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में थानेदार समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था इस मामले में पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने थानेदार समेत सभी पांच पुलिसकर्मियों को बहाल करने के निर्देश दिए हैं राजनांदगांव जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोवोल्टेज और बिजली से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर भाजपा ने आज जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है यदि इस का जल्द समाधान नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा बलरामपुर जिले के डिगनगर गांव में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है बलरामपुर जिले के राजपुर इलाके के खेतों में जंगली जानवरों को रोकने के लिए लगाए गए बिजली तार करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई बेमेतरा जिले में नवागढ़ मार्ग पर आज दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए इन सभी को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है समस्या
प्रदेश के जिन शहरी इलाकों में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले सामने आ रहे हैं वहां लॉकडाउन छह अगस्त तक बढ़ाया जाएगामुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया निर्णय गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालकों को गोबर बिक्री की राशि का भुगतान उनके बैंक खातों में ऑनलाइन किया जाएगा नारायणपुर जिले में माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का एक जवान शहीद प्रदेश में अगले चौबीस घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर हो सकती है हल्की से मध्यम वर्षाएकदो स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई लॉकडाउन निर्देश प्रदेश में लॉकडाउन आगामी छह अगस्त तक बढ़ा दिया गया है इसके लिए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कलेक्टर अपने जिले के कोरोना संक्रमित क्षेत्र में स्थिति की गंभीरता के आधार पर लॉकडाउन बढ़ा सकते हैं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास पर राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया बैठक के बाद कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि रायपुर दुर्ग और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में जहां कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है वहां लॉकडाउन की अवधि को छह अगस्त तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है बैठक में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोरोना संक्रमण की स्थिति से संबंधित जानकारी दी इसके आधार पर ही लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय लिया गया | गौरतलब है कि प्रदेश में पिछले करीब एक महीने से कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है इस स्थिति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से ही बीते बाईस जुलाई से प्रदेश के विभिन्न जिलों में एक बार फिर लॉकडाउन घोषित किया गया था आज की बैठक में राज्य सरकार ने प्रदेश के अलगअलग जिलों में कोरोना की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के उपायों पर विचारविमर्श किया लॉकडाउन जिला कोंडागांव जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सघन जांच अभियान शुरू किया है वहीं शहर में पुलिस द्वारा हर दिन शाम को फ्लैग मार्च निकालकर आम लोगों को कोरोना से बचाव के लिए विभिन्न दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील भी की जा रही है जिले के घोड़ा गांव में चेकपोस्ट लगाकर आनेजाने वाली गाड़ियों की जांच भी की जा रही है इस बीच नारायणपुर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आज शहर का भ्रमण कर लॉकडाउन का जायजा लिया उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग और अनुमति प्राप्त दुकानों को निर्धारित समय पर बन्द कराने और इसका उल्लंघन करने वालो पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए वहीं बलरामपुर के जिला कलेक्टर श्याम धावड़े ने जिले के लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए वे आवश्यक दिशानिर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करे गौरतलब है कि बलरामपुररामानुजगंज जिले में अब तक एक सौ छियासी कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं इनमें से एक सौ सड़सठ मरीज स्वस्थ हो चुके हैं कोरोनामरीज प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है कल रविवार की देर रात तक प्रदेश में कोरोना के चार सौ उनतीस नये मरीज मिले इनमें से एक सौ निन्यानवे मरीज अकेले रायपुर में ही पाए गए वहीं दुर्ग में कल रात तक चौरासी बिलासपुर में बाईस बस्तर में इक्कीस बलौदाबाजार में अट्ठारह और राजनांदगांव जिले में उन्नीस नये कोरोना संक्रमित मरीज सामने आए इनके अलावा कांकेर जांजगीरचांपा सूरजपुर बालोद और कबीरधाम जिलों में भी कोरोना के कुल तेईस नये मरीज मिले हैं वहीं बीजापुर और दंतेवाड़ा में कल रात कोरोना के ग्यारहग्यारह नये मरीज मिले थे बेमेतरा मुंगेली महासमुंद कोरिया कोरबा और धमतरी में भी कुल ग्यारह कोरोना संक्रमित मरीजों की पहचान हुई थी कल देर रात तक प्रदेश में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या चवालीस हो गई है इस बीच प्रदेश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभिन्न जिलों में स्थानीय प्रशासन ने लोगों के बिना वजह घूमने और सड़कों पर निकलने पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है वहीं पुलिस और प्रशासन द्वारा लोगों को कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनने और दो गज की दूरी का पालन करने को भी कहा जा रहा है इस बीच आज कबीरधाम जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बलसीएएफ कैंप में पदस्थ एक जवान कोरोना संक्रमित पाया गया वहीं दुर्ग जिले में बीएसएफ के एक जवान सहित सोलह कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं उधर कोरबा कलेक्टोरेट परिसर में स्थित आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ एक लिपिक कोरोना पोजेटिव पाया गया जीएसटी कार्यालय राजधानी रायुपर के जीएसटी कार्यालय में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के तत्काल बाद ही बीते बीस जुलाई से कार्यालय भवन को बंद कर दिया गया है इसके बाद इस भवन को सेनिटाईज भी किया गया है मिली जानकारी के अनुसार जीएसटी कार्यालय में कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आए सात अन्य लोगों का भी कोरोना टेस्ट कराया गया है फिलहाल इस कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी घर से ही संपर्क में रहते हुए अपने कार्यों का संपादन कर रहे हैं कोरोनाएंबुलेंस प्रदेश में कोरोना संक्रमण के इलाज के बाद अस्पताल से घर लौटने वाले मरीज अब एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं होने पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराए गए अन्य वाहन से घर जा सकेंगे यदि मरीज स्वयं के वाहन से घर जाना चाहें तो उन्हें इसकी भी अनुमति दी जाएगी प्रदेश की स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने इस संबंध में आवश्यक व्यवस्था के लिए सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा है कोरोना वॉरियर्सदुर्ग प्रदेश में कोरोना संकट के दौरान गरीबों और कमजोर वर्गों की विभिन्न प्रकार से मदद करने वाले कोरोना योद्धाओं के सेवाकारियों का दस्तावेज तैयार किया जाएगा भारतीय जनता पार्टी ने इस संबंध में पहल करते हुए प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले कोरोना योद्धाओं की जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी ने पिछले दिनों देशवासियों से यह अपील की थी कि देशभर में हर मंडल जिला और प्रदेश स्तर पर कोरोना योद्धाओं के सेवा कार्यों पर केंद्रित डिजिटल बुक तैयार किया जाना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ी इन्हें देखकर और पढ़कर सेवा भावना की प्रेरणा ले सके इसी कड़ी में दुर्ग जिले में भिलाई भाजपा अध्यक्ष राजमहंत सांवलाराम डाहरे ने जिले में डिजिलट बुक के प्रभारी के रुप में भाजपा के जिला महामंत्री खिलावन साहू उपाध्यक्ष संजय खन्ना और आईटी प्रकोष्ठ के संयोजक संतोष सिंह तथा सह संयोजक आदित्य भगत को डिजिटल बुक बनाने की जिम्मेदारी दी है सूखा राशनपुस्तक वितरण प्रदेश के सभी स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना के तहत पैंतालीस दिनों का सूखा राशन दिया जाएगा यह राशन बच्चों के पालकों को स्कूलों में बुलाकर या घर पहुंचाकर दिया जाएगा स्कूल शिक्षा मंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा है कि कोरोना संकट काल में स्कूलों के बंद रहने के दौरान चौदह जून से दस अगस्त तक पैंतालीस दिनों का मध्यान्ह भोजन देने के संबंध में सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं खाद्य सुरक्षा भत्ता के रूप में स्कूली बच्चों को सूखा चावल और कुकिंग कास्ट की राशि से अन्य आवश्यक सामग्री दाल तेल और सूखी सब्जी भी दी जाएगी कक्षा पहली से आठवीं तक के उन बच्चों को जिनका नाम शासकीय शाला अनुदान प्राप्त अशासकीय शाला अथवा मदरसा मकतब में दर्ज है उन्हें मध्यान्ह भोजन वितरित किया जाएगा डॉक्टर टेकाम ने अधिकारियों को खाद्य सुरक्षा की गुणवत्ता और उसकी मात्रा का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए हैं वहीं कक्षा पहली से दसवीं तक के सभी पात्र विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी चौदह अगस्त तक किया जाएगा संचालक लोक शिक्षण जितेन्द्र शुक्ला ने कहा है कि कोई भी पात्र विद्यार्थी पाठ्यपुस्तकों की प्राप्ति से वंचित न रहे इसके लिए शाला संकुल विकासखंड और जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं पाठ्यपुस्तकों की प्राप्ति के संबंध में ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी की जाएगी गोधन न्याय योजना प्रदेश में गोधन न्याय योजना शुरू होने के बाद अब विभिन्न जिलों में गोबर बेचने वाले पशुपालकों को जल्द ही इसका भुगतान भी शुरू किया जाएगा राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि गोबर बेचने वाले पशुपालकों को गोबर बिक्री की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में ऑनलाइन किया जाएगा राज्य शासन ने यह दिशानिर्देश जारी किए हैं कि गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन के लिए कम्प्यूटर आधारित प्रणाली विकसित की जाएगी और गोबर की खरीदी तथा वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री से संबंधित संपूर्ण विवरण ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज किया जाएगा गौरतलब है कि इस योजना के तहत चुनिंदा स्वसहायता समूह गौठान समिति से गोबर प्राप्त कर उससे वर्मी कम्पोस्ट तैयार करेंगे तैयार वर्मी कम्पोस्ट गौठान समिति को वापस भेजा जाएगा जिसे कोई भी व्यक्ति सहकारी समिति के माध्यम से खरीद सकेगा खरीफ फसलपानी राज्य मंत्रिमंडल ने आज यह निर्णय भी लिया है कि प्रदेश में खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए जलाशयों से कल अट्ठाईस जुलाई से पानी छोड़ा जाएगा कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने बताया कि मंत्रिमंडल ने खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए आवश्यकता और जलाशयों में पानी की उपलब्धता को देखते हुए अट्ठाईस जुलाई से ही पानी छोड़ने का निर्णय लिया है हाईकोर्टफैसला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि निजी स्कूल अब ट्यूशन फीस ले सकेंगे गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा निजी स्कूलों के फीस लेने पर लगाई गई रोक के खिलाफ इन स्कूलों के प्रबंधकों ने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई थी हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस लेने का आदेश दे दिया है अपनी याचिका में निजी स्कूलों ने कहा था कि ये स्कूल बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे हैं साथ ही यदि उन्हें ट्यूशन फीस लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी तो वे अपने कर्मचारियों और शिक्षकों को वेतन कैसे दे पाएंगे सीआरपीएफस्थापना दिवस केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल लसीआरपीएफ आज अपना बयासीवां स्थापना दिवस मना रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट संदेश में कहा है कि सीआरपीएफ देश की सुरक्षा में अग्रणी रहा है केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति सीआरपीएफ जवानों के शौर्य और बलिदान को नमन किया है मुठभेड़जवान शहीद नारायणपुर जिले में कल देर रात माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बलसीएएफ का एक जवान शहीद हो गया वहीं इस मुठभेड़ में कुछ माओवादियों के घायल होने की भी खबर है अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयंत वैष्णव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि करियामेटा कैम्प से सुरक्षा बलों के जवान तलाशी अभियान पर निकले हुए थे इसी दौरान सीएएफ कैम्प के पास पहले से घात लगाकर बैठे माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी जवानों द्वारा भी जवाबी कार्रवाई की गई करीब आधे घंटे तक चली इस मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया बाद में माओवादी घने जंगल का फायदा उठाकर वहां से भागने में सफल हो गए गौरतलब है कि शहीद जवान जितेन्द्र बाकड़े बीजापुर जिले के मांझीगुड़ा का रहने वाला था और वह नारायणपुर जिले के करियामेटा कैम्प में पदस्थ था शहीद जवान के पार्थिव शरीर को हेलीकॉप्टर से उनके गृहग्राम मांझीगुड़ा भेज दिया गया है इससे पहले जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की अब्दुल कलामपुण्यतिथि देश आज पूर्व राष्ट्रपति और भारतरत्न डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उनका स्मरण कर रहा है एक ट्वीट में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु ने कहा कि डॉक्टर कलाम एक विशिष्ट वैज्ञानिक होने के साथ ही महान व्यक्तित्व के धनी थे उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में डॉक्टर कलाम के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी डॉक्टर कलाम को श्रद्धाजंलि अर्पित की मिसाइल मैन के रूप में लोकप्रिय डॉक्टर कलाम का शिलांग में विद्यार्थियों को व्याख्यान देते समय सत्ताईस जुलाई दो हजार पंद्रह को निधन हो गया था मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी डॉक्टर कलाम को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया है राष्ट्र के लिए उनके योगदान को याद करते हुए श्री बघेल ने कहा कि डॉक्टर कलाम ने देश को अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाईल के क्षेत्र में नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया हाथीआतंक महासमुंद जिले की पुरातात्विक नगरी सिरपुर में हाथियों का आतंक एक बार फिर देखा जा रहा है यहां हाथियों का दल दिनदहाड़े बस्तियों में विचरण कर रहा है वहीं इन हाथियों ने खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचाया है वन विभाग को भी हाथियों के उत्पात का सामना करना पड़ा है कल हाथियों के झुंड ने सिरपुर में वन विभाग के डिपो के मुख्य द्वार को तोड़ दिया था वन विभाग के कर्मचारी इन हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने में जुटे हुए हैं युवकआत्महत्या अंबिकापुर के बाबूपारा इलाके में चौंतीस वर्षीय युवक ने कल रात अपने लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली बताया जाता है कि मृतक अंबिकापुर के स्थानीय कांग्रेस नेता का इकलौता पुत्र था सूचना मिलते ही फॉरेंसिक टीम और पुलिस मौके पर पहुंच गए घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है पुलिस मामले की जांच कर रही है राजनांदगांवकार्रवाई राजनांदगांव शहर में अवैध रूप से वाइटनर और सोलुशन बेचने वाली करीब बीस दुकानों पर पुलिस ने छापामार कार्रवाई की नगर पुलिस अधीक्षक एमएस चन्द्रा ने बताया कि इन दोनों पदार्थों का इस्तेमाल अवैध तरीके से नशे के लिए भी किया जाता है वाइटनर का इस्तेमाल पुताई से पहले पेंट में मिलाने के लिए किया जाता है वहीं सोलुशन का इस्तेमाल गाड़ियों के पंचर बनाने में किया जाता है शहर में लगातार सोलुशन और वाइटनर की अवैध बिक्री की शिकायत मिल रही थी जिसके बाद बसंतपुर थाना प्रभारी ने संदिग्ध दुकानों पर छापे की कार्रवाई की इन दुकानों से बड़ी मात्रा में वाइटनर और सोलुशन जब्त किए गए हैं मौसम प्रदेश में अगले दो दिनों में एक बार फिर अच्छी वर्षा होने की संभावना है मौसम विभाग के अनुसार इस समय एक द्रोणिका राजस्थान से लेकर मेघालय के बीच बनी हुई है इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में भी अगले दो दिनों में विभिन्न स्थानों पर मध्यम से तेज बौछारें पड़ सकती है बीते चौबीस घंटों के दौरान बस्तर क्षेत्र के कुछ स्थानों के अलावा प्रदेश के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होने के समाचार मिले हैं वहीं अगले चौबीस घंटों के दौरान प्रदेश के एकदो स्थानों पर गरजचमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है संक्षिप्त समाचार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक आज बिलासपुर जिले के मेढ़पार गांव पहुंचे उन्होंने पिछले दिनों हुई गायों की मौत के मामले में ग्रामीणों से चर्चा की अंबिकापुर में पिछले वर्ष चोरी के आरोपी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के मामले में थानेदार समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था इस मामले में पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने थानेदार समेत सभी पांच पुलिसकर्मियों को बहाल करने के निर्देश दिए हैं राजनांदगांव जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोवोल्टेज और बिजली से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर भाजपा ने आज जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है यदि इस का जल्द समाधान नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा बलरामपुर जिले के डिगनगर गांव में एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है बलरामपुर जिले के राजपुर इलाके के खेतों में जंगली जानवरों को रोकने के लिए लगाए गए बिजली तार करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई बेमेतरा जिले में नवागढ़ मार्ग पर आज दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए इन सभी को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है समस्या
झांसी। कोरोना संक्रमण के चलते रद्द की गईं सीबीएसई की 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम तैयार करने का जिम्मा स्कूलों पर छोड़ा गया है। इसे लेकर स्कूल संचालकों ने सहमति जताई है। अब स्कूलों के हाथ में विद्यार्थियों के भविष्य की बागडोर है। संक्रमण काल में हुई ऑनलाइन पढ़ाई के बीच विद्यार्थियों के लिए अच्छे अंक पाना अब चुनौती नहीं बनेगा। दरअसल, सीबीएसई बोर्ड ने कोरोना संक्रमण के चलते चार मई से होने वाली सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। इसके बाद बोर्ड ने स्कूलों ने विद्यार्थियों का पूरा डाटा मांगा था। शनिवार को बोर्ड की ओर से 10वीं के विद्यार्थियों के लिए नई मार्किंग स्कीम जारी की गई। जिसके आधार पर स्कूलों को टर्म टेस्ट, प्री बोर्ड परीक्षाओं को पिछले वर्ष के परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों के अंक तय करने हैं। इसके लिए स्कूल को प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी का गठन करना है। जिसमें पांच विषयों के शिक्षक और दो अन्य स्कूल के शिक्षक होंगे। इसे लेकर स्कूल संचालकों ने सहमति जताई है। स्कूल संचालकों का कहना है कि बोर्ड ने स्कूलों पर भरोसा जताया है। जिसके जरिए हर विद्यार्थी को उसके प्रदर्शन के अनुरूप अंक मिल सकेंगे। अल्पाइन स्कू ल के निदेशक दीपक राय कहते हैं कि स्कूल को अपने यहां के हर विद्यार्थी की क्षमता की बेहतर जानकारी होती है। शिक्षकों का विद्यार्थियों से सीधा जुड़ाव होता है। बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप समिति बनाने की तैयारी चल रही है। सीबीएसई की जिला समन्वयक प्रीति खत्री का कहना है कि स्कूलों को निर्देशों के अनुरूप परिणाम तैयार करना है। जिसका बोर्ड द्वारा विश्लेषण किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों के साथ पक्षपात नहीं हो सकेगा। सीबीएसई बोर्ड की तरह आईसीएसई बोर्ड ने भी 10वीं के परिणाम को लेकर नीति जारी कर दी है। जिसके मुताबिक स्कू लों से हर विद्यार्थी का पिछले वर्ष और नौवीं कक्षा का परिणाम मांगा गया है। जिसे स्कूलों को 15 मई तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना है। बोर्ड के जिला समन्वयक नितिन विलियम्स ने बताया कि बोर्ड की नीति से विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर हो सकेगा। हर विद्यार्थी अपनी क्षमता और योग्यता के मुताबिक अंक पा सकेगा।
झांसी। कोरोना संक्रमण के चलते रद्द की गईं सीबीएसई की दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम तैयार करने का जिम्मा स्कूलों पर छोड़ा गया है। इसे लेकर स्कूल संचालकों ने सहमति जताई है। अब स्कूलों के हाथ में विद्यार्थियों के भविष्य की बागडोर है। संक्रमण काल में हुई ऑनलाइन पढ़ाई के बीच विद्यार्थियों के लिए अच्छे अंक पाना अब चुनौती नहीं बनेगा। दरअसल, सीबीएसई बोर्ड ने कोरोना संक्रमण के चलते चार मई से होने वाली सीबीएसई की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। इसके बाद बोर्ड ने स्कूलों ने विद्यार्थियों का पूरा डाटा मांगा था। शनिवार को बोर्ड की ओर से दसवीं के विद्यार्थियों के लिए नई मार्किंग स्कीम जारी की गई। जिसके आधार पर स्कूलों को टर्म टेस्ट, प्री बोर्ड परीक्षाओं को पिछले वर्ष के परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों के अंक तय करने हैं। इसके लिए स्कूल को प्रधानाचार्य की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय कमेटी का गठन करना है। जिसमें पांच विषयों के शिक्षक और दो अन्य स्कूल के शिक्षक होंगे। इसे लेकर स्कूल संचालकों ने सहमति जताई है। स्कूल संचालकों का कहना है कि बोर्ड ने स्कूलों पर भरोसा जताया है। जिसके जरिए हर विद्यार्थी को उसके प्रदर्शन के अनुरूप अंक मिल सकेंगे। अल्पाइन स्कू ल के निदेशक दीपक राय कहते हैं कि स्कूल को अपने यहां के हर विद्यार्थी की क्षमता की बेहतर जानकारी होती है। शिक्षकों का विद्यार्थियों से सीधा जुड़ाव होता है। बोर्ड के निर्देशों के अनुरूप समिति बनाने की तैयारी चल रही है। सीबीएसई की जिला समन्वयक प्रीति खत्री का कहना है कि स्कूलों को निर्देशों के अनुरूप परिणाम तैयार करना है। जिसका बोर्ड द्वारा विश्लेषण किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों के साथ पक्षपात नहीं हो सकेगा। सीबीएसई बोर्ड की तरह आईसीएसई बोर्ड ने भी दसवीं के परिणाम को लेकर नीति जारी कर दी है। जिसके मुताबिक स्कू लों से हर विद्यार्थी का पिछले वर्ष और नौवीं कक्षा का परिणाम मांगा गया है। जिसे स्कूलों को पंद्रह मई तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड करना है। बोर्ड के जिला समन्वयक नितिन विलियम्स ने बताया कि बोर्ड की नीति से विद्यार्थियों का भविष्य बेहतर हो सकेगा। हर विद्यार्थी अपनी क्षमता और योग्यता के मुताबिक अंक पा सकेगा।
विद्वज्जनवोधकभावार्थ -- इनके देखनेत भोजनको तो त्याग कर है अर प्रायश्चित्त लेवै है। बहुरि विकलत्रयके सूखे कलेवरका तथा रोमका आहार में देखना आहारका परित्यागर्ने कारण है। बहुरि भोजनमें नखक। देखबाकरि आहार तजिये है अर किंचित् प्रायश्चित्त अंगीकार करै है । चहुरि कण कुंड बीज फल मूल त्याग करने योग्य हैं अर जो त्याग करनेकूं नहीं समर्थ हूजिये तो भोजनको त्याग करिये, भावार्थ - ये द्रव्य ऐसे नहीं हैं कि रसोई में ही आयें तथा भोजन के - थालमै आयें ही भोजनका त्याग करिये, ये द्रव्य भोजनके योग्य नहीं हैं तात यावत् पात्रके पाणिपात्र मैं नहीं प्राप्त होय तावत् अन्य शुद्ध द्रव्य भक्षण करै अर जो वै द्रव्य पाणिपामै प्राप्त होय तो भाजन का त्याग करै । बहुरि जो सिद्धभक्ति कीये पोछें जो अपने शरीरर्ते रुधिर वा रात्रि अवै अथवा निकटवर्ती अन्यके शरीरत श्रवै तौ भोजनको परित्याग करै अथवा मांसको देखत्रो होय तौ भोजनको परित्याग करै । ऐमैं चतुर्दश मलदोष जानने । ६० ।। अय द्वात्रिंशत् अंतराय भोजनके नामकी गाथाःकागा मेज्झा छद्दी रोहण रुहिरं च वादं च । जगह हिट्ठामरिसं जराहुवरि वदिक्कमो चेव ।। ७० ।। काकोऽमेध्यं छर्दिः रोधनं रुधिरं च अश्रुपातच जान्वध आमर्शः जानुपरि व्यतिक्रमः चैव ॥७०॥ अर्थ - भोजनके निमित्त गमन करते वा विष्ठवे मुनीश्वरनिफै ऊपरि काक धक वाज आदि कोऊ पंछी थींट कर देवे तो काकनामा भोजनको अंतराय है १ गहुरि भोजननिमित्त गमन करते मुनीश्व. रनिको पग विष्टा आदि मरतें लिप्त हो जाय तो अमेध्यनामा अन्तराय है२ बार भोजनकै समय साधुकै वमन हो जाय तौ छर्दिगुरुउपासना । नामा अन्तराय है३ बहुरि साधुकूं भोजननिमित्त गमन करतैं कोऊ मर्ने कर देवै तौ रोघननामा अन्तराय है४ बहुरि भोजनकै समय साधुकै दु.ख शोकादिकर्ते अश्रुपात पड़े अथवा अन्यकै पड़ते देखै अथवा रुदन विलाप सुणै तौ अश्रुपानामा अंतराय है६ बहुरि भोजननिमित्त गमन करते साधुका हाथ अपणे गोड़ेनित नीचे स्पर्श हो जाय तो जान्वधः परामर्शनामा अन्तराय ६७. बहुरि भोजननिमित्त गोड़ेनितें ऊँची डौली आदि उल्लंघन कर तो जानूपरिव्यतिक्रम अन्तराय है ८ ॥ गाभिअघोणिग्गमणं पञ्चक्खियसेवणाय जंतुवहो । कागादिपिंडहरणं पाणीदो पिंडपडणं च ॥ नाभ्यधोनिर्गमनं प्रत्याख्यातसेवना च जंतुवधः । काकादिपिंडहरणं पाणितः पिंडपतनं च ॥ अर्थ-- भोजननिमित्त नामितें नीचा द्वारमैं नीचो सस्तक करि गमन करै तौ नाभ्यधोनिर्गमननामा अंतराय है ९ बहुरि जा वस्तुका अपणे त्याग था सो वस्तु भोजनमैं आजाय तौ स्वप्रत्याख्यानसेवननामा अंतराय है१० बहुरि भोजनसमय अपने अप्रभागमैं कोऊ प्राणीका वध होय तौ जीववधनामा अंतराय है११ बहुरि भोजन करता फाकादिक पक्षी मास ले जाय तौ काकादिपिंडहरणनामा अंतराय है१२ बहुरि भोजन करता साधुका हस्त भासको पतन हो जाय तो पिंडपतननामा अंतराय है १३ ।। पाणीए जंतुवहो मंसदीदसणे य उवसग्गो। पादंतरंभि जीवो संपादो भायणाणं च ॥
विद्वज्जनवोधकभावार्थ -- इनके देखनेत भोजनको तो त्याग कर है अर प्रायश्चित्त लेवै है। बहुरि विकलत्रयके सूखे कलेवरका तथा रोमका आहार में देखना आहारका परित्यागर्ने कारण है। बहुरि भोजनमें नखक। देखबाकरि आहार तजिये है अर किंचित् प्रायश्चित्त अंगीकार करै है । चहुरि कण कुंड बीज फल मूल त्याग करने योग्य हैं अर जो त्याग करनेकूं नहीं समर्थ हूजिये तो भोजनको त्याग करिये, भावार्थ - ये द्रव्य ऐसे नहीं हैं कि रसोई में ही आयें तथा भोजन के - थालमै आयें ही भोजनका त्याग करिये, ये द्रव्य भोजनके योग्य नहीं हैं तात यावत् पात्रके पाणिपात्र मैं नहीं प्राप्त होय तावत् अन्य शुद्ध द्रव्य भक्षण करै अर जो वै द्रव्य पाणिपामै प्राप्त होय तो भाजन का त्याग करै । बहुरि जो सिद्धभक्ति कीये पोछें जो अपने शरीरर्ते रुधिर वा रात्रि अवै अथवा निकटवर्ती अन्यके शरीरत श्रवै तौ भोजनको परित्याग करै अथवा मांसको देखत्रो होय तौ भोजनको परित्याग करै । ऐमैं चतुर्दश मलदोष जानने । साठ ।। अय द्वात्रिंशत् अंतराय भोजनके नामकी गाथाःकागा मेज्झा छद्दी रोहण रुहिरं च वादं च । जगह हिट्ठामरिसं जराहुवरि वदिक्कमो चेव ।। सत्तर ।। काकोऽमेध्यं छर्दिः रोधनं रुधिरं च अश्रुपातच जान्वध आमर्शः जानुपरि व्यतिक्रमः चैव ॥सत्तर॥ अर्थ - भोजनके निमित्त गमन करते वा विष्ठवे मुनीश्वरनिफै ऊपरि काक धक वाज आदि कोऊ पंछी थींट कर देवे तो काकनामा भोजनको अंतराय है एक गहुरि भोजननिमित्त गमन करते मुनीश्व. रनिको पग विष्टा आदि मरतें लिप्त हो जाय तो अमेध्यनामा अन्तराय हैदो बार भोजनकै समय साधुकै वमन हो जाय तौ छर्दिगुरुउपासना । नामा अन्तराय हैतीन बहुरि साधुकूं भोजननिमित्त गमन करतैं कोऊ मर्ने कर देवै तौ रोघननामा अन्तराय हैचार बहुरि भोजनकै समय साधुकै दु.ख शोकादिकर्ते अश्रुपात पड़े अथवा अन्यकै पड़ते देखै अथवा रुदन विलाप सुणै तौ अश्रुपानामा अंतराय हैछः बहुरि भोजननिमित्त गमन करते साधुका हाथ अपणे गोड़ेनित नीचे स्पर्श हो जाय तो जान्वधः परामर्शनामा अन्तराय सरसठ. बहुरि भोजननिमित्त गोड़ेनितें ऊँची डौली आदि उल्लंघन कर तो जानूपरिव्यतिक्रम अन्तराय है आठ ॥ गाभिअघोणिग्गमणं पञ्चक्खियसेवणाय जंतुवहो । कागादिपिंडहरणं पाणीदो पिंडपडणं च ॥ नाभ्यधोनिर्गमनं प्रत्याख्यातसेवना च जंतुवधः । काकादिपिंडहरणं पाणितः पिंडपतनं च ॥ अर्थ-- भोजननिमित्त नामितें नीचा द्वारमैं नीचो सस्तक करि गमन करै तौ नाभ्यधोनिर्गमननामा अंतराय है नौ बहुरि जा वस्तुका अपणे त्याग था सो वस्तु भोजनमैं आजाय तौ स्वप्रत्याख्यानसेवननामा अंतराय हैदस बहुरि भोजनसमय अपने अप्रभागमैं कोऊ प्राणीका वध होय तौ जीववधनामा अंतराय हैग्यारह बहुरि भोजन करता फाकादिक पक्षी मास ले जाय तौ काकादिपिंडहरणनामा अंतराय हैबारह बहुरि भोजन करता साधुका हस्त भासको पतन हो जाय तो पिंडपतननामा अंतराय है तेरह ।। पाणीए जंतुवहो मंसदीदसणे य उवसग्गो। पादंतरंभि जीवो संपादो भायणाणं च ॥
SUV सेगमेंट का पासा पलटने आ रही Mahindra की यह धांसू कार, कीमत भी 7 लाख से कम! IPL में था प्लॉप, अब तूफानी अर्धशतक ठोक मचाई तबाही, क्या टीम इंडिया में दोबारा होगी एंट्री? B. A. G Convergence Pvt. Ltd. 2022 : All Rights Reserved.
SUV सेगमेंट का पासा पलटने आ रही Mahindra की यह धांसू कार, कीमत भी सात लाख से कम! IPL में था प्लॉप, अब तूफानी अर्धशतक ठोक मचाई तबाही, क्या टीम इंडिया में दोबारा होगी एंट्री? B. A. G Convergence Pvt. Ltd. दो हज़ार बाईस : All Rights Reserved.
कैरेबियन प्रीमियर लीग (Caribbean Premier League) 2021 के दूसरे सेमीफाइनल में 15 सितंबर की तड़के सेंट कीट्स एंड नेविस पैट्रियाट्स (St Kitts and Nevis Patriots) ने गुयाना अमेजन वॉरियर्स (Guyana Amazon Warriors) को 7 विकेट से हरा दिया। अब 15 सितंबर (भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से) को होने वाले फाइनल में उसका मुकाबला बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा (Preity Zinta) की टीम सेंट लूसिया किंग्स (Saint Lucia Kings) से होगा। सेंट लूसिया किंग्स ने शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की टीम त्रिनबागो नाइटराइडर्स (Trinbago Knight Riders) को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है। गुयाना अमेजन वॉरियर्स की हार से आईपीएल में प्रीति जिंटा की टीम पंजाब किंग्स का हिस्सा और विकेटकीपर बल्लेबाज निकोलस पूरन का अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाने का सपना टूट गया। सेंट कीट्स के वार्नर पार्क में खेले गए इस मैच में सेंट कीट्स एंड नेविस पैट्रियाट्स ने टॉस जीता और गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुयाना अमेजन वॉरियर्स ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 178 रन बनाए। गुयाना अमेजन वॉरियर्स के लिए शिमरॉन हेटमेयर ने सबसे ज्यादा नाबाद 45 रन बनाए। उन्होंने 20 गेंद की अपनी पारी में 2 चौके और 4 छक्के लगाए। उनके अलावा ओपनर ब्रैंडन किंग और चंद्रपॉल हेमराज 27-27 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान निकोलस पूरन ने एक चौके और 3 छक्के की मदद से 14 गेंद में 26 रन बनाए। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज टिककर बल्लेबाजी नहीं कर पाया। सेंट कीट्स एंड नेविस पैट्रियाट्स की ओर से जॉन-रुस जग्गेसार (Jon-Russ Jaggesar), डोमिनिक ड्रेक्स (Dominic Drakes), नसीम शाह (Naseem Shah) और फवाद अहमद (Fawad Ahmed) ने 2-2 विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सेंट कीट्स एंड नेविस पैट्रियाट्स ने 17. 5 ओवर में 3 विकेट पर 181 रन बनाकर मैच जीत लिया। उसकी इस जीत में इविन लुईस, क्रिस गेल और कप्तान ड्वेन ब्रावो की अहम भूमिका रही। इविन लुईस (Evin Lewis) सेंट कीट्स एंड नेविस पैट्रियाट्स के हाइएस्ट स्कोरर रहे। उन्होंने 3 चौके और 8 छक्के की मदद से 39 गेंद में 77 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने 24 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया था। वह प्लेयर ऑफ द मैच भी चुने गए। खास यह है कि आईपीएल 2021 के लिए हुई नीलामी में इविन लुईस नहीं बिके थे। उनका बेस प्राइस एक करोड़ रुपए था। हालांकि, वह आईपीएल 2018-2019 में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की अगुआई वाली मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) का हिस्सा रहे थे। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) में प्रीति जिंटा की ही टीम पंजाब किंग्स के ओपनर क्रिस गेल ने 5 चौके और 3 छक्के की मदद से 27 गेंद में 42 रन ठोके। उन्होंने सीपीएल (CPL) में अपने 2500 रन भी पूरे किए। कप्तान ड्वेन ब्रावो ने 3 चौके और एक छक्के की मदद से 31 गेंद में 34 रन बनाए। शेरफेन रदरफोर्ड भी 9 गेंद में नाबाद 11 रन बनाने में सफल रहे।
कैरेबियन प्रीमियर लीग दो हज़ार इक्कीस के दूसरे सेमीफाइनल में पंद्रह सितंबर की तड़के सेंट कीट्स एंड नेविस पैट्रियाट्स ने गुयाना अमेजन वॉरियर्स को सात विकेट से हरा दिया। अब पंद्रह सितंबर को होने वाले फाइनल में उसका मुकाबला बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति जिंटा की टीम सेंट लूसिया किंग्स से होगा। सेंट लूसिया किंग्स ने शाहरुख खान की टीम त्रिनबागो नाइटराइडर्स को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है। गुयाना अमेजन वॉरियर्स की हार से आईपीएल में प्रीति जिंटा की टीम पंजाब किंग्स का हिस्सा और विकेटकीपर बल्लेबाज निकोलस पूरन का अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाने का सपना टूट गया। सेंट कीट्स के वार्नर पार्क में खेले गए इस मैच में सेंट कीट्स एंड नेविस पैट्रियाट्स ने टॉस जीता और गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुयाना अमेजन वॉरियर्स ने बीस ओवर में नौ विकेट पर एक सौ अठहत्तर रन बनाए। गुयाना अमेजन वॉरियर्स के लिए शिमरॉन हेटमेयर ने सबसे ज्यादा नाबाद पैंतालीस रन बनाए। उन्होंने बीस गेंद की अपनी पारी में दो चौके और चार छक्के लगाए। उनके अलावा ओपनर ब्रैंडन किंग और चंद्रपॉल हेमराज सत्ताईस-सत्ताईस रन बनाकर आउट हुए। कप्तान निकोलस पूरन ने एक चौके और तीन छक्के की मदद से चौदह गेंद में छब्बीस रन बनाए। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज टिककर बल्लेबाजी नहीं कर पाया। सेंट कीट्स एंड नेविस पैट्रियाट्स की ओर से जॉन-रुस जग्गेसार , डोमिनिक ड्रेक्स , नसीम शाह और फवाद अहमद ने दो-दो विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सेंट कीट्स एंड नेविस पैट्रियाट्स ने सत्रह. पाँच ओवर में तीन विकेट पर एक सौ इक्यासी रन बनाकर मैच जीत लिया। उसकी इस जीत में इविन लुईस, क्रिस गेल और कप्तान ड्वेन ब्रावो की अहम भूमिका रही। इविन लुईस सेंट कीट्स एंड नेविस पैट्रियाट्स के हाइएस्ट स्कोरर रहे। उन्होंने तीन चौके और आठ छक्के की मदद से उनतालीस गेंद में सतहत्तर रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने चौबीस गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया था। वह प्लेयर ऑफ द मैच भी चुने गए। खास यह है कि आईपीएल दो हज़ार इक्कीस के लिए हुई नीलामी में इविन लुईस नहीं बिके थे। उनका बेस प्राइस एक करोड़ रुपए था। हालांकि, वह आईपीएल दो हज़ार अट्ठारह-दो हज़ार उन्नीस में रोहित शर्मा की अगुआई वाली मुंबई इंडियंस का हिस्सा रहे थे। इंडियन प्रीमियर लीग में प्रीति जिंटा की ही टीम पंजाब किंग्स के ओपनर क्रिस गेल ने पाँच चौके और तीन छक्के की मदद से सत्ताईस गेंद में बयालीस रन ठोके। उन्होंने सीपीएल में अपने दो हज़ार पाँच सौ रन भी पूरे किए। कप्तान ड्वेन ब्रावो ने तीन चौके और एक छक्के की मदद से इकतीस गेंद में चौंतीस रन बनाए। शेरफेन रदरफोर्ड भी नौ गेंद में नाबाद ग्यारह रन बनाने में सफल रहे।
साहित्य के आधुनिक सिद्धांत का सुझाव है"भूखंड" की अवधारणा के कई परिभाषाएं ओज़ेगोव के मुताबिक, साहित्य में साजिश का आयोजन और घटनाओं का संबंध है। उशकोव के शब्दकोश से पता चलता है कि वे कार्य में क्या हो रहा है, यह प्रकट करने के लिए क्रियाओं, अनुक्रम और प्रेरणा की समग्रता पर विचार करते हैं। आधुनिक रूसी आलोचना में साजिश काफी हैएक और परिभाषा साहित्य में साजिश को घटनाओं के पाठ्यक्रम के रूप में समझा जाता है, जिसके खिलाफ टकराव का पता चला है। फैबुला मुख्य कलात्मक संघर्ष है। हालांकि, अतीत में किया गया है और होना जारी हैइस मुद्दे पर देखने के अन्य बिंदु हैं। उन्नीसवीं सदी के मध्य के रूसी आलोचकों, वेसलॉव्स्की और गॉर्की द्वारा समर्थित, भूखंड की संरचना माना जाता है, अर्थात्, लेखक अपने काम की सामग्री को कैसे रिपोर्ट करता है और साहित्य में साजिश है, उनकी राय में, वर्णों की कार्रवाई और संबंधों का बहुत विकास। यह व्याख्या उशकोव के शब्दकोश में बिल्कुल विपरीत है, जिसमें साजिश उनके अनुरूप कनेक्शन में घटनाओं की सामग्री है। अंत में, दृश्य का एक तीसरा बिंदु है। जो लोग इसका पालन करते हैं, वे मानते हैं कि "साजिश" की अवधारणा का कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं है, और विश्लेषण में यह "प्लॉट", "रचना" और "प्लॉट स्कीमा" शब्द का उपयोग करने के लिए पर्याप्त है। साहित्य में सांस्कृतिक साजिश - यह जासूस, थ्रिलर, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक उपन्यास, नाटक क्रोनिक अक्सर संस्मरण, साग, साहसिक काम करता है में पाया जाता है। इसके अलावा, उत्पाद या तो रैखिक या हो सकता हैऔर बहु-रेखा - कारण और प्रभाव संबंध स्पष्ट रूप से बनी हुई है, इसके अलावा, किसी भी नई कहानी की घटनाएं जो पहले से ही हुई हैं, के परिणामस्वरूप दिखाई देती हैं। जासूस, थ्रिलर या कहानी के सभी हिस्सों को एक स्पष्ट संघर्ष पर बनाया गया है। हालांकि, यह एक सांद्रिक के साथ काउंटर किया जा सकता हैवास्तव में, यह विपरीत नहीं है, लेकिन निर्माण का एक पूरी तरह से अलग सिद्धांत है। साहित्य में इस तरह के विषयों एक दूसरे को अंतर कर सकते हैं, लेकिन अक्सर निर्धारण एक या तो एक या दूसरे है। एक काम में घटनाओं के परिवर्तन के आधार परक्रोनिकल सिद्धांत, समय से बंधे हैं। कोई स्पष्ट शुरुआत नहीं हो सकती है, कोई सख्त तार्किक कारण संबंध नहीं है (या, कम से कम, यह संबंध स्पष्ट नहीं है)। इस तरह के काम में भाषण सेट के बारे में जा सकता हैएपिसोड, जिसमें आम है केवल वे कालक्रम क्रम में होते हैं। साहित्य में क्रॉनिकल एक बहु-संघर्ष और बहु-घटक चित्रकला है, जहां विरोधाभास उत्पन्न होते हैं और बाहर जाते हैं, अन्य दूसरों को प्रतिस्थापित करते हैं। उन कार्यों में जिनकी साजिश पर आधारित हैसंघर्ष, यह स्वाभाविक रूप से एक योजना है, एक सूत्र है। इसमें, आप घटक भागों की पहचान कर सकते हैं। साहित्य में साजिश के तत्वों में एक्सपोजर, स्ट्रिंग, संघर्ष, बढ़ती कार्रवाई, संकट, परिणति, अवरोही कार्रवाई और denouement शामिल हैं। बेशक, ये सभी तत्व मौजूद हैंहर काम में नहीं। अधिकतर आप उनमें से कई पा सकते हैं, उदाहरण के लिए, स्ट्रिंग, संघर्ष, कार्रवाई का विकास, संकट, परिणति और denouement। दूसरी तरफ, यह काम का विश्लेषण करने के लिए महत्वपूर्ण है। इस योजना में प्रदर्शनी सबसे स्थिर हिस्सा है। इसका कार्य कुछ पात्रों और कार्रवाई के पर्यावरण को प्रस्तुत करना है। साजिश एक या अधिक घटनाओं का वर्णन करती है,जो मुख्य कार्रवाई को धक्का देता है। साहित्य में साजिश का विकास संघर्ष, बढ़ती कार्रवाई, परिणति के लिए संकट के माध्यम से चला जाता है। यह काम का शिखर भी है, जो पात्रों के पात्रों को प्रकट करने और संघर्ष को प्रकट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। Denouement कथा कहानी और पात्रों के पात्रों के लिए अंतिम छोर जोड़ता है। साहित्य में पाठक पर प्रभाव के दृष्टिकोण से मानसिक रूप से उचित साजिश का निर्माण करने के लिए एक निश्चित योजना थी। प्रत्येक वर्णित तत्व का स्थान और अर्थ होता है। अगर कहानी इस योजना में फिट नहीं है, ऐसा लगता हैसुस्त, समझ में नहीं आता, अजीब। काम को दिलचस्प बनाने के लिए, ताकि पाठक पात्रों के साथ सहानुभूति व्यक्त कर सकें और समझ सकें कि उनके साथ क्या हो रहा है, इसमें सबकुछ इसके स्थान और इन मनोवैज्ञानिक कानूनों के अनुसार विकसित होना चाहिए। डीएस के अनुसार प्राचीन रूसी साहित्य लिखचेव, यह "एक विषय का साहित्य और एक कहानी है।" विश्व इतिहास और मानव जीवन का अर्थ उन समय के लेखकों के मुख्य, गहरे उद्देश्यों और विषयों हैं। प्राचीन रूसी साहित्य के विषयों को हमारे सामने प्रकट किया गया हैजीवन, संदेश, चलना (यात्रा विवरण), इतिहास। उनमें से ज्यादातर के लेखकों के नाम अज्ञात हैं। पुराने रूसी समूह के समय अंतराल पर XI-XVII सदियों में लिखे गए कार्यों का काम है। इस्तेमाल किए गए विषयों को वर्गीकृत और वर्णन करने के प्रयास एक से अधिक बार किए गए थे। अपनी पुस्तक चार चक्रों में, जॉर्ज लुइस बोर्गेस ने सुझाव दिया कि विश्व साहित्य में उनके चार प्रकार हैंः क्रिस्टोफर बुकर ने सात रन जोड़ेः "मिट्टी से धन तक" (या इसके विपरीत), साहस, "वहां और पीछे" (यहां टॉकियन का "हॉबिट" आता है, कॉमेडी, त्रासदी, पुनरुत्थान और राक्षस पर विजय। जॉर्जेस पोल्टी ने 36 साहित्य टकरावों के लिए विश्व साहित्य के सभी अनुभव लाए, और किपलिंग ने अपने रूपों में से 69 को अलग किया। यहां तक कि एक और प्रोफ़ाइल के विशेषज्ञ भी नहीं छोड़े थेइस मुद्दे के प्रति उदासीन। कार्ल गुस्ताव जुंग, प्रसिद्ध स्विस मनोचिकित्सक और विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान के संस्थापक के अनुसार, साहित्य ठेठ के मुख्य विषय है, और केवल छह - छाया, एनिमा, वैर-भाव, उनकी मां, एक बूढ़े आदमी और एक बच्चा है। सब से अधिकांश, शायद, "आवंटित" लेखकों संभावनाओं प्रणाली आर्ने-थॉम्पसन-उथर - यह कुछ 2,500 वेरिएंट के अस्तित्व को स्वीकार। भाषण, हालांकि, लोकगीत के बारे में है। यह प्रणाली एक कैटलॉग है, परी कथाओं का एक सूचकांक, जो इस महान कार्य के समय विज्ञान के लिए जाना जाता है। घटनाओं के दौरान, केवल एक ही हैपरिभाषा। इस तरह की योजना के साहित्य में साजिश इस प्रकार हैः "जंगल में एक जबरदस्त सौतेली बेटी ले जाती है और वहां फेंक दी जाती है। बाबा-यागा, या मोरोज़को, या लेशी, या 12 महीने, या शीतकालीन इसका अनुभव करते हैं और इसे पुरस्कृत करते हैं। मेरी सौतेली माँ की बेटी भी एक उपहार चाहती है, लेकिन वह परीक्षा पास नहीं करती है और मार डाला जाता है। " वास्तव में, अरने ने खुद को एक हजार से अधिक नहीं स्थापित कियापरी कथा में घटनाओं के विकास के रूप, लेकिन उन्होंने नए लोगों की उपस्थिति की संभावना की अनुमति दी और उन्हें उनके मूल वर्गीकरण में उनके लिए छोड़ दिया। यह वैज्ञानिक समुदाय और सबसे मान्यता प्राप्त सूचकांक में प्रवेश करने वाला पहला व्यक्ति था। इसके बाद, कई देशों के वैज्ञानिकों ने इसके अतिरिक्त जोड़ दिए।
साहित्य के आधुनिक सिद्धांत का सुझाव है"भूखंड" की अवधारणा के कई परिभाषाएं ओज़ेगोव के मुताबिक, साहित्य में साजिश का आयोजन और घटनाओं का संबंध है। उशकोव के शब्दकोश से पता चलता है कि वे कार्य में क्या हो रहा है, यह प्रकट करने के लिए क्रियाओं, अनुक्रम और प्रेरणा की समग्रता पर विचार करते हैं। आधुनिक रूसी आलोचना में साजिश काफी हैएक और परिभाषा साहित्य में साजिश को घटनाओं के पाठ्यक्रम के रूप में समझा जाता है, जिसके खिलाफ टकराव का पता चला है। फैबुला मुख्य कलात्मक संघर्ष है। हालांकि, अतीत में किया गया है और होना जारी हैइस मुद्दे पर देखने के अन्य बिंदु हैं। उन्नीसवीं सदी के मध्य के रूसी आलोचकों, वेसलॉव्स्की और गॉर्की द्वारा समर्थित, भूखंड की संरचना माना जाता है, अर्थात्, लेखक अपने काम की सामग्री को कैसे रिपोर्ट करता है और साहित्य में साजिश है, उनकी राय में, वर्णों की कार्रवाई और संबंधों का बहुत विकास। यह व्याख्या उशकोव के शब्दकोश में बिल्कुल विपरीत है, जिसमें साजिश उनके अनुरूप कनेक्शन में घटनाओं की सामग्री है। अंत में, दृश्य का एक तीसरा बिंदु है। जो लोग इसका पालन करते हैं, वे मानते हैं कि "साजिश" की अवधारणा का कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं है, और विश्लेषण में यह "प्लॉट", "रचना" और "प्लॉट स्कीमा" शब्द का उपयोग करने के लिए पर्याप्त है। साहित्य में सांस्कृतिक साजिश - यह जासूस, थ्रिलर, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक उपन्यास, नाटक क्रोनिक अक्सर संस्मरण, साग, साहसिक काम करता है में पाया जाता है। इसके अलावा, उत्पाद या तो रैखिक या हो सकता हैऔर बहु-रेखा - कारण और प्रभाव संबंध स्पष्ट रूप से बनी हुई है, इसके अलावा, किसी भी नई कहानी की घटनाएं जो पहले से ही हुई हैं, के परिणामस्वरूप दिखाई देती हैं। जासूस, थ्रिलर या कहानी के सभी हिस्सों को एक स्पष्ट संघर्ष पर बनाया गया है। हालांकि, यह एक सांद्रिक के साथ काउंटर किया जा सकता हैवास्तव में, यह विपरीत नहीं है, लेकिन निर्माण का एक पूरी तरह से अलग सिद्धांत है। साहित्य में इस तरह के विषयों एक दूसरे को अंतर कर सकते हैं, लेकिन अक्सर निर्धारण एक या तो एक या दूसरे है। एक काम में घटनाओं के परिवर्तन के आधार परक्रोनिकल सिद्धांत, समय से बंधे हैं। कोई स्पष्ट शुरुआत नहीं हो सकती है, कोई सख्त तार्किक कारण संबंध नहीं है । इस तरह के काम में भाषण सेट के बारे में जा सकता हैएपिसोड, जिसमें आम है केवल वे कालक्रम क्रम में होते हैं। साहित्य में क्रॉनिकल एक बहु-संघर्ष और बहु-घटक चित्रकला है, जहां विरोधाभास उत्पन्न होते हैं और बाहर जाते हैं, अन्य दूसरों को प्रतिस्थापित करते हैं। उन कार्यों में जिनकी साजिश पर आधारित हैसंघर्ष, यह स्वाभाविक रूप से एक योजना है, एक सूत्र है। इसमें, आप घटक भागों की पहचान कर सकते हैं। साहित्य में साजिश के तत्वों में एक्सपोजर, स्ट्रिंग, संघर्ष, बढ़ती कार्रवाई, संकट, परिणति, अवरोही कार्रवाई और denouement शामिल हैं। बेशक, ये सभी तत्व मौजूद हैंहर काम में नहीं। अधिकतर आप उनमें से कई पा सकते हैं, उदाहरण के लिए, स्ट्रिंग, संघर्ष, कार्रवाई का विकास, संकट, परिणति और denouement। दूसरी तरफ, यह काम का विश्लेषण करने के लिए महत्वपूर्ण है। इस योजना में प्रदर्शनी सबसे स्थिर हिस्सा है। इसका कार्य कुछ पात्रों और कार्रवाई के पर्यावरण को प्रस्तुत करना है। साजिश एक या अधिक घटनाओं का वर्णन करती है,जो मुख्य कार्रवाई को धक्का देता है। साहित्य में साजिश का विकास संघर्ष, बढ़ती कार्रवाई, परिणति के लिए संकट के माध्यम से चला जाता है। यह काम का शिखर भी है, जो पात्रों के पात्रों को प्रकट करने और संघर्ष को प्रकट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। Denouement कथा कहानी और पात्रों के पात्रों के लिए अंतिम छोर जोड़ता है। साहित्य में पाठक पर प्रभाव के दृष्टिकोण से मानसिक रूप से उचित साजिश का निर्माण करने के लिए एक निश्चित योजना थी। प्रत्येक वर्णित तत्व का स्थान और अर्थ होता है। अगर कहानी इस योजना में फिट नहीं है, ऐसा लगता हैसुस्त, समझ में नहीं आता, अजीब। काम को दिलचस्प बनाने के लिए, ताकि पाठक पात्रों के साथ सहानुभूति व्यक्त कर सकें और समझ सकें कि उनके साथ क्या हो रहा है, इसमें सबकुछ इसके स्थान और इन मनोवैज्ञानिक कानूनों के अनुसार विकसित होना चाहिए। डीएस के अनुसार प्राचीन रूसी साहित्य लिखचेव, यह "एक विषय का साहित्य और एक कहानी है।" विश्व इतिहास और मानव जीवन का अर्थ उन समय के लेखकों के मुख्य, गहरे उद्देश्यों और विषयों हैं। प्राचीन रूसी साहित्य के विषयों को हमारे सामने प्रकट किया गया हैजीवन, संदेश, चलना , इतिहास। उनमें से ज्यादातर के लेखकों के नाम अज्ञात हैं। पुराने रूसी समूह के समय अंतराल पर XI-XVII सदियों में लिखे गए कार्यों का काम है। इस्तेमाल किए गए विषयों को वर्गीकृत और वर्णन करने के प्रयास एक से अधिक बार किए गए थे। अपनी पुस्तक चार चक्रों में, जॉर्ज लुइस बोर्गेस ने सुझाव दिया कि विश्व साहित्य में उनके चार प्रकार हैंः क्रिस्टोफर बुकर ने सात रन जोड़ेः "मिट्टी से धन तक" , साहस, "वहां और पीछे" (यहां टॉकियन का "हॉबिट" आता है, कॉमेडी, त्रासदी, पुनरुत्थान और राक्षस पर विजय। जॉर्जेस पोल्टी ने छत्तीस साहित्य टकरावों के लिए विश्व साहित्य के सभी अनुभव लाए, और किपलिंग ने अपने रूपों में से उनहत्तर को अलग किया। यहां तक कि एक और प्रोफ़ाइल के विशेषज्ञ भी नहीं छोड़े थेइस मुद्दे के प्रति उदासीन। कार्ल गुस्ताव जुंग, प्रसिद्ध स्विस मनोचिकित्सक और विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान के संस्थापक के अनुसार, साहित्य ठेठ के मुख्य विषय है, और केवल छह - छाया, एनिमा, वैर-भाव, उनकी मां, एक बूढ़े आदमी और एक बच्चा है। सब से अधिकांश, शायद, "आवंटित" लेखकों संभावनाओं प्रणाली आर्ने-थॉम्पसन-उथर - यह कुछ दो,पाँच सौ वेरिएंट के अस्तित्व को स्वीकार। भाषण, हालांकि, लोकगीत के बारे में है। यह प्रणाली एक कैटलॉग है, परी कथाओं का एक सूचकांक, जो इस महान कार्य के समय विज्ञान के लिए जाना जाता है। घटनाओं के दौरान, केवल एक ही हैपरिभाषा। इस तरह की योजना के साहित्य में साजिश इस प्रकार हैः "जंगल में एक जबरदस्त सौतेली बेटी ले जाती है और वहां फेंक दी जाती है। बाबा-यागा, या मोरोज़को, या लेशी, या बारह महीने, या शीतकालीन इसका अनुभव करते हैं और इसे पुरस्कृत करते हैं। मेरी सौतेली माँ की बेटी भी एक उपहार चाहती है, लेकिन वह परीक्षा पास नहीं करती है और मार डाला जाता है। " वास्तव में, अरने ने खुद को एक हजार से अधिक नहीं स्थापित कियापरी कथा में घटनाओं के विकास के रूप, लेकिन उन्होंने नए लोगों की उपस्थिति की संभावना की अनुमति दी और उन्हें उनके मूल वर्गीकरण में उनके लिए छोड़ दिया। यह वैज्ञानिक समुदाय और सबसे मान्यता प्राप्त सूचकांक में प्रवेश करने वाला पहला व्यक्ति था। इसके बाद, कई देशों के वैज्ञानिकों ने इसके अतिरिक्त जोड़ दिए।
नई दिल्लीः भारतीय नौसेना को दक्षिण तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों की ओर बढ़ रहे गज चक्रवाती तूफान को देखते हुये बुधवार को हाई अलर्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नौसेना अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) ने आवश्यक मानवीय सहायता मुहैया कराने के लिए उच्च स्तरीय तैयारी की है। तूफान बृहस्पतिवार शाम में दोनों राज्यों के तटीय क्षेत्रों को पार कर सकता है। उन्होंने बताया कि इन जहाजों में अतिरिक्त गोताखोर, डॉक्टर, हवा वाली रबड़ की नाव, हेलीकॉप्टर और राहत सामग्री तैयार है। (भाषा)
नई दिल्लीः भारतीय नौसेना को दक्षिण तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों की ओर बढ़ रहे गज चक्रवाती तूफान को देखते हुये बुधवार को हाई अलर्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। नौसेना अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी नौसेना कमान ने आवश्यक मानवीय सहायता मुहैया कराने के लिए उच्च स्तरीय तैयारी की है। तूफान बृहस्पतिवार शाम में दोनों राज्यों के तटीय क्षेत्रों को पार कर सकता है। उन्होंने बताया कि इन जहाजों में अतिरिक्त गोताखोर, डॉक्टर, हवा वाली रबड़ की नाव, हेलीकॉप्टर और राहत सामग्री तैयार है।
सयमस्थान वाला कण्डक बनता है। फिर अनन्त भाग वृद्ध सयमस्थान वाले कण्डक से अन्तरित असख्यात भाग वृद्ध सयमस्थानो वाला कण्डक है। तत्पश्चात् उन दोनो से अन्तरित संख्यात भाग वृद्ध सयमस्थान वाले कण्डक आते है । पुन उन तीनो से अन्तरित उत्तरोत्तर सख्यात गुणवृद्ध सयमस्थान वाले कण्डक होते है । पश्चात्, सख्यात गुणवृद्ध कण्डक के अन्तिम सयमस्थान की अपेक्षा पूर्वोक्तरीत्या अनन्तभाग वृद्ध कण्डक प्रमाण सयमस्थान है। उनके बाद उनसे व्यवहित असख्यात भाग वृद्ध सयमस्थान, फिर दोनो से व्यवहित सख्यात भाग वृद्ध सयमस्थानो का कण्डक आता है । तदनतर क्रमश आगत अनन्त भाग वृद्ध सयमस्थानवर्ती अविभाज्य भागो को असख्यात लोकाकाश के प्रदेशो से गुणा कर प्राप्त संख्या को पूर्वोक्त कण्डक मे मिलाने से जो सख्या आती है, वह असख्यात गुण- वृद्धि का प्रमाण है । इस प्रकार अनन्तभाग वृद्ध सयमस्थान वाले कण्डक के पश्चात् तुरन्त असख्यात गुणवृद्ध सयमस्थान आता है । तत्पश्चात पूर्वक्रमानुसार कण्डक प्रमाण अनन्तभाग वृद्ध सयमस्थान अनन्तभागवृद्ध सयमस्थानो से अन्तरित कण्डक प्रमाण असख्यातभागवृद्ध सयमस्थान दोनो से अन्तरित कण्डक प्रमाण सख्यात भाग वृद्ध सयमस्थान पूर्वोक्त तीनो से अन्तरित कण्डक प्रमाण सख्यात गुण-वृद्ध सयमस्थान फिर दूसरा असख्यात गुणवृद्ध सयमस्थान आता है। इसके बाद इसी क्रम से पूर्वोक्त चारो से व्यवहित असख्यातगुणवृद्ध कण्डक प्रमाण सयमस्थान आते है । पूर्वोक्त असख्यातगुणवृद्ध सयमस्थान से आगे पूर्वोक्तरीत्या क्रमश... अनन्तभागवृद्ध, असख्यातभागवृद्ध सख्यात भागवृद्ध सयमस्थानो से अन्तरित कण्डक प्रमाण सख्यातगुणवृद्ध सयमस्थान आते है। अन्त्य अनन्तभागवृद्ध सयमस्थानवर्ती प्रदेशो से अनन्तगुण अधिक संख्या वाला सयमस्थान अनन्तगुण वृद्ध कहलाता है। तत्पश्चात् क्रमश अनन्तभागवृद्ध कण्डक..एक असख्यातभाग वृद्ध सयमस्थान... अनन्तभागान्तरित असख्यातभाग वृद्ध सयमस्थानो का कण्डक. इन दोनो से व्यवहित संख्यातभागवृद्ध सयमस्थानो का कण्डक पूर्वोक्त तीनो से अन्तरित संख्यातगुणवृद्ध सयमस्थानो का कण्डक.... चारो से व्यवहित असख्यात गुणवृद्ध सयमस्थानो वाला कण्डक, तत्पश्चात् दूसरा अनन्तगुणवृद्ध सयमस्थान आता है। इस प्रकार पूर्वोक्त क्रमानुसार मूल से लेकर यहाँ तक सभी सयमस्थानो का पुन पुन कथन तब तक करते रहना चाहिये जब तक कि अनन्तगुणाधिक सयमस्थान एक कण्डक प्रमाण नही बन जाते । पश्चात् अनन्तगुणवृद्ध सयमस्थानो से आगे पूर्वोक्तरीति से पुन अनन्तभाग वृद्ध तदन्तरित असख्यातभागवृद्ध..दोनो से अन्तरित सख्यातभागवृद्ध.. तीनो से अन्तरित सख्यातगुणवृद्ध पूर्वोक्त चारो से व्यवहित असख्यात गुणवृद्ध सयमस्थानो वाला कण्डक कहना चाहिये । इसकी पूर्णाहुति के साथ पट्स्थानक पूर्ण हो जाता है, क्योकि आगे अनन्तगुणवृद्धिवाला सयमस्थान नहीं मिलता। इस प्रकार एक पद्स्थानक मे असख्यात कण्डक होते है और सयमस्थान के कुल मिलाकर ऐसे असख्य लोकाकाश-प्रदेश प्रमाण षट्स्थानक होते है। कहा है कि
सयमस्थान वाला कण्डक बनता है। फिर अनन्त भाग वृद्ध सयमस्थान वाले कण्डक से अन्तरित असख्यात भाग वृद्ध सयमस्थानो वाला कण्डक है। तत्पश्चात् उन दोनो से अन्तरित संख्यात भाग वृद्ध सयमस्थान वाले कण्डक आते है । पुन उन तीनो से अन्तरित उत्तरोत्तर सख्यात गुणवृद्ध सयमस्थान वाले कण्डक होते है । पश्चात्, सख्यात गुणवृद्ध कण्डक के अन्तिम सयमस्थान की अपेक्षा पूर्वोक्तरीत्या अनन्तभाग वृद्ध कण्डक प्रमाण सयमस्थान है। उनके बाद उनसे व्यवहित असख्यात भाग वृद्ध सयमस्थान, फिर दोनो से व्यवहित सख्यात भाग वृद्ध सयमस्थानो का कण्डक आता है । तदनतर क्रमश आगत अनन्त भाग वृद्ध सयमस्थानवर्ती अविभाज्य भागो को असख्यात लोकाकाश के प्रदेशो से गुणा कर प्राप्त संख्या को पूर्वोक्त कण्डक मे मिलाने से जो सख्या आती है, वह असख्यात गुण- वृद्धि का प्रमाण है । इस प्रकार अनन्तभाग वृद्ध सयमस्थान वाले कण्डक के पश्चात् तुरन्त असख्यात गुणवृद्ध सयमस्थान आता है । तत्पश्चात पूर्वक्रमानुसार कण्डक प्रमाण अनन्तभाग वृद्ध सयमस्थान अनन्तभागवृद्ध सयमस्थानो से अन्तरित कण्डक प्रमाण असख्यातभागवृद्ध सयमस्थान दोनो से अन्तरित कण्डक प्रमाण सख्यात भाग वृद्ध सयमस्थान पूर्वोक्त तीनो से अन्तरित कण्डक प्रमाण सख्यात गुण-वृद्ध सयमस्थान फिर दूसरा असख्यात गुणवृद्ध सयमस्थान आता है। इसके बाद इसी क्रम से पूर्वोक्त चारो से व्यवहित असख्यातगुणवृद्ध कण्डक प्रमाण सयमस्थान आते है । पूर्वोक्त असख्यातगुणवृद्ध सयमस्थान से आगे पूर्वोक्तरीत्या क्रमश... अनन्तभागवृद्ध, असख्यातभागवृद्ध सख्यात भागवृद्ध सयमस्थानो से अन्तरित कण्डक प्रमाण सख्यातगुणवृद्ध सयमस्थान आते है। अन्त्य अनन्तभागवृद्ध सयमस्थानवर्ती प्रदेशो से अनन्तगुण अधिक संख्या वाला सयमस्थान अनन्तगुण वृद्ध कहलाता है। तत्पश्चात् क्रमश अनन्तभागवृद्ध कण्डक..एक असख्यातभाग वृद्ध सयमस्थान... अनन्तभागान्तरित असख्यातभाग वृद्ध सयमस्थानो का कण्डक. इन दोनो से व्यवहित संख्यातभागवृद्ध सयमस्थानो का कण्डक पूर्वोक्त तीनो से अन्तरित संख्यातगुणवृद्ध सयमस्थानो का कण्डक.... चारो से व्यवहित असख्यात गुणवृद्ध सयमस्थानो वाला कण्डक, तत्पश्चात् दूसरा अनन्तगुणवृद्ध सयमस्थान आता है। इस प्रकार पूर्वोक्त क्रमानुसार मूल से लेकर यहाँ तक सभी सयमस्थानो का पुन पुन कथन तब तक करते रहना चाहिये जब तक कि अनन्तगुणाधिक सयमस्थान एक कण्डक प्रमाण नही बन जाते । पश्चात् अनन्तगुणवृद्ध सयमस्थानो से आगे पूर्वोक्तरीति से पुन अनन्तभाग वृद्ध तदन्तरित असख्यातभागवृद्ध..दोनो से अन्तरित सख्यातभागवृद्ध.. तीनो से अन्तरित सख्यातगुणवृद्ध पूर्वोक्त चारो से व्यवहित असख्यात गुणवृद्ध सयमस्थानो वाला कण्डक कहना चाहिये । इसकी पूर्णाहुति के साथ पट्स्थानक पूर्ण हो जाता है, क्योकि आगे अनन्तगुणवृद्धिवाला सयमस्थान नहीं मिलता। इस प्रकार एक पद्स्थानक मे असख्यात कण्डक होते है और सयमस्थान के कुल मिलाकर ऐसे असख्य लोकाकाश-प्रदेश प्रमाण षट्स्थानक होते है। कहा है कि
परिषदीय विद्यालय अवकाश तालिका वर्ष 2023 जारी, देखें एवं डाउनलोड करें। प्रयागराज : सूबे के परिषदीय विद्यालयों में नए साल का अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया गया है। परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल ने प्रदेश के सभी बीएसए को पत्र जारी किया है। वर्ष 2023 में ग्रीष्मकालीन अवकाश 20 मई से 15 जून तक और शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक रहेगा। 32 दिन पर्व के उपलक्ष्य में स्कूल बंद रहेंगे। पत्र के अनुसार 15 नवंबर 2022 के शासनादेश के मुताबिक कार्यकारी अवकाश के अंतर्गत पांच जनवरी 2023 को गुरु गोविंद सिंह जयंती के उपलक्ष्य में निर्धारित अवकाश को 29 दिसंबर 2022 को दिया गया था। इस कारण पांच जनवरी-2023 को देय अवकाश निरस्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी द्वारा अनुमन्य अवकाश देय होंगे। मुस्लिम त्योहार चंद्र दर्शन के अनुसार एक दिन आगे व पीछे हो सकते हैं। हरितालिका तीज अथवा हरियाली तीज, करवा चौथ, संकठा चतुर्थी एवं हलषष्ठी/ललई छठ, जीउतिया व्रत/अहोई अष्टमी का अवकाश केवल अध्यापिकाओं/बालिकाओं के लिए अनुमन्य होगा। कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों का शैक्षणिक समय भी निर्धारित किया गया है। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक (प्रार्थना सभा/योगाभ्यास सुबह आठ से सवा आठ बजे तक) रहेगा। एक अक्तूबर से 31 मार्च तक सुबह नौ बजे से तीन बजे तक (प्रार्थना सभा/योगाभ्यास सुबह नौ से सवा नौ बजे तक) पढ़ाई होगी। ग्रीष्मकाल में मध्यावकाश सुबह 1030 से 11 बजे तक तथा शीतकाल में मध्यावकाश दोपहर 12 बजे से 1230 बजे तक रहेगा। परिषदीय विद्यालय अवकाश तालिका वर्ष 2023 जारी, देखें एवं डाउनलोड करें Reviewed by sankalp gupta on 4:41 PM Rating:
परिषदीय विद्यालय अवकाश तालिका वर्ष दो हज़ार तेईस जारी, देखें एवं डाउनलोड करें। प्रयागराज : सूबे के परिषदीय विद्यालयों में नए साल का अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया गया है। परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल ने प्रदेश के सभी बीएसए को पत्र जारी किया है। वर्ष दो हज़ार तेईस में ग्रीष्मकालीन अवकाश बीस मई से पंद्रह जून तक और शीतकालीन अवकाश इकतीस दिसंबर से चौदह जनवरी तक रहेगा। बत्तीस दिन पर्व के उपलक्ष्य में स्कूल बंद रहेंगे। पत्र के अनुसार पंद्रह नवंबर दो हज़ार बाईस के शासनादेश के मुताबिक कार्यकारी अवकाश के अंतर्गत पांच जनवरी दो हज़ार तेईस को गुरु गोविंद सिंह जयंती के उपलक्ष्य में निर्धारित अवकाश को उनतीस दिसंबर दो हज़ार बाईस को दिया गया था। इस कारण पांच जनवरी-दो हज़ार तेईस को देय अवकाश निरस्त कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी द्वारा अनुमन्य अवकाश देय होंगे। मुस्लिम त्योहार चंद्र दर्शन के अनुसार एक दिन आगे व पीछे हो सकते हैं। हरितालिका तीज अथवा हरियाली तीज, करवा चौथ, संकठा चतुर्थी एवं हलषष्ठी/ललई छठ, जीउतिया व्रत/अहोई अष्टमी का अवकाश केवल अध्यापिकाओं/बालिकाओं के लिए अनुमन्य होगा। कक्षा एक से आठ तक के विद्यालयों का शैक्षणिक समय भी निर्धारित किया गया है। एक अप्रैल से तीस सितंबर तक सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा। एक अक्तूबर से इकतीस मार्च तक सुबह नौ बजे से तीन बजे तक पढ़ाई होगी। ग्रीष्मकाल में मध्यावकाश सुबह एक हज़ार तीस से ग्यारह बजे तक तथा शीतकाल में मध्यावकाश दोपहर बारह बजे से एक हज़ार दो सौ तीस बजे तक रहेगा। परिषदीय विद्यालय अवकाश तालिका वर्ष दो हज़ार तेईस जारी, देखें एवं डाउनलोड करें Reviewed by sankalp gupta on चार:इकतालीस PM Rating:
जम्मू कश्मीर का भारत में विलय के समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले महाराजा हरि सिंह के पुत्र कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने कहा कि दो प्रमुख पार्टियों- नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी को राष्ट्र विरोधी कहकर खारिज कर देना सही नहीं है. दोनों दलों के नेताओं को रिहा करना चाहिए और बातचीत की शुरुआत करनी चाहिए. नई दिल्लीः जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के कई प्रावधानों को खत्म करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के सरकार के कदम का समर्थन करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि इसकी पूर्ण रूप से निंदा करना सही नहीं होगा क्योंकि इसमें कई सकारात्मक बातें हैं. जम्मू कश्मीर का भारत में विलय के समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले महाराजा हरि सिंह के पुत्र कर्ण सिंह ने यह भी कहा कि मुख्यधारा की दो प्रमुख पार्टियों नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी को 'राष्ट्र विरोधी' कहकर खारिज कर देना सही नहीं है क्योंकि उनके नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बहुत कुर्बानी दी हैं तथा ये दोनों पार्टियां समय-समय पर केंद्र एवं राज्य में राष्ट्रीय पार्टियों की सहयोगी भी रही हैं. उन्होंने कहा कि कश्मीर की मुख्यधारा की पार्टियों के नेताओं को जल्द से जल्द से रिहा किया जाना चाहिए तथा और राज्य में हुए इतने बड़े बदलाव को देखते हुए बड़े स्तर पर उनके (दोनों पार्टियों के नेताओं) और नागरिक समाज के साथ बातचीत की शुरुआत करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास भी होना चाहिए, ताकि देश के बाकी हिस्सों को मिले राजनीतिक अधिकारों का यहां के लोग आनंद ले सकें. गौरतलब है कि संसद ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा संबंधी अनुच्छेद 370 के कई प्रावधानों को समाप्त करने के प्रस्ताव संबंधी संकल्प और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने की घोषणा की. (समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)
जम्मू कश्मीर का भारत में विलय के समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले महाराजा हरि सिंह के पुत्र कांग्रेस नेता कर्ण सिंह ने कहा कि दो प्रमुख पार्टियों- नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी को राष्ट्र विरोधी कहकर खारिज कर देना सही नहीं है. दोनों दलों के नेताओं को रिहा करना चाहिए और बातचीत की शुरुआत करनी चाहिए. नई दिल्लीः जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद तीन सौ सत्तर के कई प्रावधानों को खत्म करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के सरकार के कदम का समर्थन करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि इसकी पूर्ण रूप से निंदा करना सही नहीं होगा क्योंकि इसमें कई सकारात्मक बातें हैं. जम्मू कश्मीर का भारत में विलय के समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले महाराजा हरि सिंह के पुत्र कर्ण सिंह ने यह भी कहा कि मुख्यधारा की दो प्रमुख पार्टियों नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी को 'राष्ट्र विरोधी' कहकर खारिज कर देना सही नहीं है क्योंकि उनके नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बहुत कुर्बानी दी हैं तथा ये दोनों पार्टियां समय-समय पर केंद्र एवं राज्य में राष्ट्रीय पार्टियों की सहयोगी भी रही हैं. उन्होंने कहा कि कश्मीर की मुख्यधारा की पार्टियों के नेताओं को जल्द से जल्द से रिहा किया जाना चाहिए तथा और राज्य में हुए इतने बड़े बदलाव को देखते हुए बड़े स्तर पर उनके और नागरिक समाज के साथ बातचीत की शुरुआत करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास भी होना चाहिए, ताकि देश के बाकी हिस्सों को मिले राजनीतिक अधिकारों का यहां के लोग आनंद ले सकें. गौरतलब है कि संसद ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा संबंधी अनुच्छेद तीन सौ सत्तर के कई प्रावधानों को समाप्त करने के प्रस्ताव संबंधी संकल्प और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद तीन सौ सत्तर के प्रावधानों को निरस्त करने की घोषणा की.
भोपाल। रातीबड़ पुलिस ने सेनेटाइजर कारखाने पर छापामार कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में हर्बल सैनेटाइजर, ब्रांडेड कंपनियों के लेबल-स्टीकर समेत अन्य सामान जब्त किया। कारखाना संचालक इस हर्बल सेनेटाइजर की कुप्पियों पर ब्रांडेड कंपनी का लेबल लगाकर उसे बेच रहे थे। पुलिस ने उक्त मामले में कारखाना संचालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार अजय कुमार देवलिया ब्रांड प्रोटेक्शन सर्विसेज प्रायवेट लिमिटेड के फील्ड आॅफिसर हैं। उन्होंने शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम कलखेड़ा स्थित शासकीय स्कूल के पास स्वच्छ हर्बल कंपनी का कारखाना है, वहां सेनेटाइजर हैंडवॉश, शैम्पू और टायलेट क्लीनर समेत अन्य प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। कारखाने में बनने वाले प्रोडक्ट पर डेटॉल और सेवलॉन कंपनी के लेबल और स्टीकर लगाकर बाजार में बढ़ी हुई कीमत पर बेचा जाता था। शिकायत के बाद रातीबड़ पुलिस की एक टीम ने मंगलवार रात कारखाना और उसके कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान संबंधित कंपनियों के अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने जब्त हुए सेनेटाइजर के सैंपल लिए हैं। थाना प्रभारी सुदेश कुमार तिवारी ने बताया कि कारखाने से डेटॉल कंपनी का लेबल लगी पांच लीटर वाली 76 नग कुप्पी, कुल 380 लीटर सैनेटाइजर जब्त हुआ। प्रत्येक कुप्पी की कीमत 775 रुपए रखी गई थी। इसी प्रकार सेवलॉन कंपनी के लेबल वाली पांच लीटर की 80 नग कुप्पी कुल 4 सौ लीटर सैनेटाइजर जब्त किया गया। प्रत्येक कुप्पी की कीमत 475 रुपए थी। साथ ही कुप्पियों पर चिपकाने वाले ब्रांडेड कंपनियों के खाली रैपर और सैनेटाइजर बनाने के लिए रखा कच्चा माल जब्त किया है। पुलिस ने घटना के बाद कारखाना संचालक अक्षय कुमार शर्मा (45) निवासी जेके पार्क कोलार रोड और मार्केटिंग करने वाले फाईज आलम (38) निवासी पुल बोगदा ऐशबाग के खिलाफ धोखाधड़ी और कॉपी राइट एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि दोनों पिछले करीब डेढ़ साल से सैनेटाइजर बना रहे थे और करीब छह महीने से ब्रांडेड कंपनियों के लेबल और रैपर का इस्तेमाल कर रहे थे। बाजार में अधिक मुनाफा कमाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
भोपाल। रातीबड़ पुलिस ने सेनेटाइजर कारखाने पर छापामार कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में हर्बल सैनेटाइजर, ब्रांडेड कंपनियों के लेबल-स्टीकर समेत अन्य सामान जब्त किया। कारखाना संचालक इस हर्बल सेनेटाइजर की कुप्पियों पर ब्रांडेड कंपनी का लेबल लगाकर उसे बेच रहे थे। पुलिस ने उक्त मामले में कारखाना संचालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार अजय कुमार देवलिया ब्रांड प्रोटेक्शन सर्विसेज प्रायवेट लिमिटेड के फील्ड आॅफिसर हैं। उन्होंने शिकायत करते हुए बताया कि ग्राम कलखेड़ा स्थित शासकीय स्कूल के पास स्वच्छ हर्बल कंपनी का कारखाना है, वहां सेनेटाइजर हैंडवॉश, शैम्पू और टायलेट क्लीनर समेत अन्य प्रोडक्ट बनाए जाते हैं। कारखाने में बनने वाले प्रोडक्ट पर डेटॉल और सेवलॉन कंपनी के लेबल और स्टीकर लगाकर बाजार में बढ़ी हुई कीमत पर बेचा जाता था। शिकायत के बाद रातीबड़ पुलिस की एक टीम ने मंगलवार रात कारखाना और उसके कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान संबंधित कंपनियों के अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने जब्त हुए सेनेटाइजर के सैंपल लिए हैं। थाना प्रभारी सुदेश कुमार तिवारी ने बताया कि कारखाने से डेटॉल कंपनी का लेबल लगी पांच लीटर वाली छिहत्तर नग कुप्पी, कुल तीन सौ अस्सी लीटरटर सैनेटाइजर जब्त हुआ। प्रत्येक कुप्पी की कीमत सात सौ पचहत्तर रुपयापए रखी गई थी। इसी प्रकार सेवलॉन कंपनी के लेबल वाली पांच लीटर की अस्सी नग कुप्पी कुल चार सौ लीटर सैनेटाइजर जब्त किया गया। प्रत्येक कुप्पी की कीमत चार सौ पचहत्तर रुपयापए थी। साथ ही कुप्पियों पर चिपकाने वाले ब्रांडेड कंपनियों के खाली रैपर और सैनेटाइजर बनाने के लिए रखा कच्चा माल जब्त किया है। पुलिस ने घटना के बाद कारखाना संचालक अक्षय कुमार शर्मा निवासी जेके पार्क कोलार रोड और मार्केटिंग करने वाले फाईज आलम निवासी पुल बोगदा ऐशबाग के खिलाफ धोखाधड़ी और कॉपी राइट एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि दोनों पिछले करीब डेढ़ साल से सैनेटाइजर बना रहे थे और करीब छह महीने से ब्रांडेड कंपनियों के लेबल और रैपर का इस्तेमाल कर रहे थे। बाजार में अधिक मुनाफा कमाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
मुंबई महाराष्ट्र, यानी सपनों का शहर एक ऐसा शहर जहां पर हर कोई अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने की कोशिश में लगा रहता है। और अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा कर गुजरने की ख्वाहिश भी रखता है। लेकिन इसी शहर का एक हिस्सा ऐसा भी है जहां पर लोग आज से ही नहीं बल्कि सालों से दो वक्त की रोटी कमाने का भी सपना पूरा नहीं कर पाते। जी हां हम बात कर रहे हैं धारावी मुंबई की यह मुंबई शहर का एक ऐसा हिस्सा है जहां पर मजदूर वर्ग के और कई अन्य छोटे काम करने वाले लोगों का पूरा जमावड़ा है आपको जानकर हैरानी होगी धारावी मुंबई महाराष्ट्र का एक ऐसा ऐसा है जहां पर लगभग 700000 लोगों की जनसंख्या पाई जाती है। यह पूरा कच्ची बस्ती के रूप में ही बसा हुआ है और यह से आज से नहीं सालों से इस तरह से ही बसा हुआ है। यदि बात करें भारत में कोरोनावायरस के संक्रमण की तो मुंबई में अभी तक का सबसे बड़ा संक्रमण काफी बड़ी संख्या में सामने आया है और सबसे बड़े डर की बात यह है कि यदि धारावी मुंबई में कोरोनावायरस का संक्रमण फैल गया तो इसे काबू करना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि यहां के लोगों तक पहुंचना अपने आप में बहुत बड़ा चुनौतियों का पहाड़ है जिसकी चढ़ाई करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। इस बात को लेकर महाराष्ट्र सरकार काफी ज्यादा डरी हुई है और साथ ही में डॉक्टर्स की एक्सपर्ट टीम इसको लेकर काफी सकते में है कि यदि धारावी मुंबई में कोरोनावायरस का संक्रमण फैलता है तो क्या होगा यदि ऐसा हो जाता है तो कोरोनावायरस का संक्रमण रोकना बहुत मुश्किल हो जाएगा और इसके चलते हैं महामारी से फैल जाएगी। कोरोनावायरस के चलते पहले ही भारतवर्ष में काफी सारे शहर संक्रमित हो चुके हैं और इसमें सबसे बड़ा कारण लोगों की लापरवाही है कोरोनावायरस एक ऐसा संक्रमण है जो ना तो अमीर देखता है ना गरीब देखता है ना तो हिंदू देखता है ना मुस्लिम देखता है बस किसी को भी यह संक्रमण हो सकता है और यह संक्रमण जानलेवा है इसके चलते सावधानी ही सुरक्षा है यदि किसी प्रकार की सावधानी में चूक होती है तो यह कोरोनावायरस जानलेवा साबित होता है। आप सभी लोगों के मन में यह अच्छा होगी कि आपको यह पता चल सके कि आखिर या वायरस कहां से और कैसे शुरू हुआ तो आपको बता दें इसके बारे में अभी तक दो बातें सामने आई हैं पहली है कि चाइना में साइंटिस्ट चमकादड़ो पर किसी प्रकार का एक्सपेरिमेंट कर रहे थे जिस दौरान किसी चमगादड़ ने किसी साइंटिस्ट पर हमला कर दिया और उस हमले के दौरान साइंटिस्ट के खून में एक वायरस पैदा हुआ जिसे कोरोनावायरस कहा गया। लेकिन अभी यह बात भी सामने आई है कि चाइना ने अपने इस घिनौने काम को छुपाने के लिए यह कहानी रची थी इसके चलते यह बात भी सामने आई है कि यह किसी जानवर से नहीं फैला है चाइना ने दुनिया भर में तबाही मचाने के लिए इस वायरस को इजाद किया लेकिन किसी गलती से यह वायरस पहले ही उन लोगों में ही फैल गया। इस वजह से सबसे पहले यह वायरस चाइना में शुरू हुआ उसके बाद धीरे-धीरे करके पूरी दुनिया को अपने काबू में करने लगा। आप सभी को जानकर हैरानी होगी कि कोरोनावायरस अभी का नहीं बल्कि 8 साल पुराना है चाइना ने इस वायरस को 8 साल पहले ही बना लिया था हालांकि इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है लेकिन यह बात कुछ गुप्त सूत्रों से सामने आई वह कई अन्य बड़े मीडिया ग्रुप इस बारे में यह बात करते हैं कि कोरोनावायरस लगभग 8 साल पुराना है अब इस मामले में कितनी सच्चाई है और कितने नहीं इस बात का पता तो समय के साथ ही चलेगा। इस बात के लिए सभी लोग परेशान हैं और यह भी जानना चाहते हैं कि आखिर इस वायरस से कैसे बचा जाए हालांकि अभी तक पूरी दुनिया में इसकी किसी भी प्रकार की निकली है और सभी साइंटिस्ट इसके लिए काम भी कर रहे हैं लेकिन यदि बात करें तो आपको बता दें कोरोना वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका साफ-सफाई है जन जागृति के लिए सरकार भी इसके लिए कई अभियान चला रही है इसके लिए सबसे जरूरी हर एक मानव को जागरूक होने का है जिसमें उन्हें अपनी साफ-सफाई का ध्यान रखना है और एक दूसरे से कम से कम मिलना है सबसे बड़ी बात यह है कि अपने हाथों को निरंतर रूप से धोते रहना है और अपने हाथों को उंगलियों को मुंह में और नाक में डालने से बचना है। कोरोना में सेक्स कर सकते हैं या नहीं ?
मुंबई महाराष्ट्र, यानी सपनों का शहर एक ऐसा शहर जहां पर हर कोई अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने की कोशिश में लगा रहता है। और अपनी जिंदगी में कुछ बड़ा कर गुजरने की ख्वाहिश भी रखता है। लेकिन इसी शहर का एक हिस्सा ऐसा भी है जहां पर लोग आज से ही नहीं बल्कि सालों से दो वक्त की रोटी कमाने का भी सपना पूरा नहीं कर पाते। जी हां हम बात कर रहे हैं धारावी मुंबई की यह मुंबई शहर का एक ऐसा हिस्सा है जहां पर मजदूर वर्ग के और कई अन्य छोटे काम करने वाले लोगों का पूरा जमावड़ा है आपको जानकर हैरानी होगी धारावी मुंबई महाराष्ट्र का एक ऐसा ऐसा है जहां पर लगभग सात लाख लोगों की जनसंख्या पाई जाती है। यह पूरा कच्ची बस्ती के रूप में ही बसा हुआ है और यह से आज से नहीं सालों से इस तरह से ही बसा हुआ है। यदि बात करें भारत में कोरोनावायरस के संक्रमण की तो मुंबई में अभी तक का सबसे बड़ा संक्रमण काफी बड़ी संख्या में सामने आया है और सबसे बड़े डर की बात यह है कि यदि धारावी मुंबई में कोरोनावायरस का संक्रमण फैल गया तो इसे काबू करना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि यहां के लोगों तक पहुंचना अपने आप में बहुत बड़ा चुनौतियों का पहाड़ है जिसकी चढ़ाई करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है। इस बात को लेकर महाराष्ट्र सरकार काफी ज्यादा डरी हुई है और साथ ही में डॉक्टर्स की एक्सपर्ट टीम इसको लेकर काफी सकते में है कि यदि धारावी मुंबई में कोरोनावायरस का संक्रमण फैलता है तो क्या होगा यदि ऐसा हो जाता है तो कोरोनावायरस का संक्रमण रोकना बहुत मुश्किल हो जाएगा और इसके चलते हैं महामारी से फैल जाएगी। कोरोनावायरस के चलते पहले ही भारतवर्ष में काफी सारे शहर संक्रमित हो चुके हैं और इसमें सबसे बड़ा कारण लोगों की लापरवाही है कोरोनावायरस एक ऐसा संक्रमण है जो ना तो अमीर देखता है ना गरीब देखता है ना तो हिंदू देखता है ना मुस्लिम देखता है बस किसी को भी यह संक्रमण हो सकता है और यह संक्रमण जानलेवा है इसके चलते सावधानी ही सुरक्षा है यदि किसी प्रकार की सावधानी में चूक होती है तो यह कोरोनावायरस जानलेवा साबित होता है। आप सभी लोगों के मन में यह अच्छा होगी कि आपको यह पता चल सके कि आखिर या वायरस कहां से और कैसे शुरू हुआ तो आपको बता दें इसके बारे में अभी तक दो बातें सामने आई हैं पहली है कि चाइना में साइंटिस्ट चमकादड़ो पर किसी प्रकार का एक्सपेरिमेंट कर रहे थे जिस दौरान किसी चमगादड़ ने किसी साइंटिस्ट पर हमला कर दिया और उस हमले के दौरान साइंटिस्ट के खून में एक वायरस पैदा हुआ जिसे कोरोनावायरस कहा गया। लेकिन अभी यह बात भी सामने आई है कि चाइना ने अपने इस घिनौने काम को छुपाने के लिए यह कहानी रची थी इसके चलते यह बात भी सामने आई है कि यह किसी जानवर से नहीं फैला है चाइना ने दुनिया भर में तबाही मचाने के लिए इस वायरस को इजाद किया लेकिन किसी गलती से यह वायरस पहले ही उन लोगों में ही फैल गया। इस वजह से सबसे पहले यह वायरस चाइना में शुरू हुआ उसके बाद धीरे-धीरे करके पूरी दुनिया को अपने काबू में करने लगा। आप सभी को जानकर हैरानी होगी कि कोरोनावायरस अभी का नहीं बल्कि आठ साल पुराना है चाइना ने इस वायरस को आठ साल पहले ही बना लिया था हालांकि इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है लेकिन यह बात कुछ गुप्त सूत्रों से सामने आई वह कई अन्य बड़े मीडिया ग्रुप इस बारे में यह बात करते हैं कि कोरोनावायरस लगभग आठ साल पुराना है अब इस मामले में कितनी सच्चाई है और कितने नहीं इस बात का पता तो समय के साथ ही चलेगा। इस बात के लिए सभी लोग परेशान हैं और यह भी जानना चाहते हैं कि आखिर इस वायरस से कैसे बचा जाए हालांकि अभी तक पूरी दुनिया में इसकी किसी भी प्रकार की निकली है और सभी साइंटिस्ट इसके लिए काम भी कर रहे हैं लेकिन यदि बात करें तो आपको बता दें कोरोना वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका साफ-सफाई है जन जागृति के लिए सरकार भी इसके लिए कई अभियान चला रही है इसके लिए सबसे जरूरी हर एक मानव को जागरूक होने का है जिसमें उन्हें अपनी साफ-सफाई का ध्यान रखना है और एक दूसरे से कम से कम मिलना है सबसे बड़ी बात यह है कि अपने हाथों को निरंतर रूप से धोते रहना है और अपने हाथों को उंगलियों को मुंह में और नाक में डालने से बचना है। कोरोना में सेक्स कर सकते हैं या नहीं ?
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को वीर बाल दिवस पर भोपाल के नानकसर गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान सिख समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री से गुरुद्वारे के पास बार-होटल संचालित होने की शिकायत की थी। कुछ ही समय में एक्शन हो गया और बार-होटल सील कर दिया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नानकसर गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सच्चा वीर बाल दिवस आज ही है। पूरे परिवार ने एक सप्ताह के अंदर ही देश, धर्म व संस्कृति के लिए अपनी शहादत दी थी। बचपन में मैंने छोटे साहिबजादों के बलिदान की कविता पढ़ी थी। उन्होंने अपना धर्म नहीं बदला, सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। नवाब वजीर खान और उनके काजी ने दोनों साहिबजादों को दीवार में चुनवाने का फतवा दिया तो दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराते रहे। डर व भय कभी भी उनके चेहरे पर नहीं आया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए एक कविता भी सुनाई। उन्होंने कहा कि 'कहीं पर्वत झुके भी है, कहीं दरिया रुकी भी है। नहीं झुकती जवानी है, नहीं रूकती रवानी है। गुरु गोविन्द के बच्चे, उम्र में थे अभी कच्चे। पर वे सिंह बच्चे, धर्म ईमान के सच्चे। गरज कर बोल उठे वे यो, सिंह मुख खोलते थे ज्यों। ' कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में शिवराज ने कहा कि "श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने देश व धर्म की रक्षा की खातिर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वह खुद तो लड़े ही, उनके चारों साहबजादे भी शहीद हुए। दो छोटे साहबजादों को धर्म न बदलने के कारण दीवार में चुनवा दिया गया। उनकी शहादत को मैं नमन करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचमुच में आज का दिन वीर बाल दिवस है। असली बाल दिवस है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय किया और मध्यप्रदेश में हमने भी तय किया कि 21 से लेकर 26 जनवरी तक हर साल वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के दीवार में चुनने के दृश्य को एक पार्क में उकेरा जायेगा, ताकि लोग उसे देखकर उनके बलिदान को याद करें। ऐसा लग रहा है कि जैसे आज भी साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी हमारे बीच हैं। हमारे बच्चों के बीच हैं। आज भी उनका शौर्य, उनका साहस विद्यमान है।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को वीर बाल दिवस पर भोपाल के नानकसर गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान सिख समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री से गुरुद्वारे के पास बार-होटल संचालित होने की शिकायत की थी। कुछ ही समय में एक्शन हो गया और बार-होटल सील कर दिया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नानकसर गुरुद्वारे में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सच्चा वीर बाल दिवस आज ही है। पूरे परिवार ने एक सप्ताह के अंदर ही देश, धर्म व संस्कृति के लिए अपनी शहादत दी थी। बचपन में मैंने छोटे साहिबजादों के बलिदान की कविता पढ़ी थी। उन्होंने अपना धर्म नहीं बदला, सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। नवाब वजीर खान और उनके काजी ने दोनों साहिबजादों को दीवार में चुनवाने का फतवा दिया तो दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराते रहे। डर व भय कभी भी उनके चेहरे पर नहीं आया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साहिबजादों की शहादत को नमन करते हुए एक कविता भी सुनाई। उन्होंने कहा कि 'कहीं पर्वत झुके भी है, कहीं दरिया रुकी भी है। नहीं झुकती जवानी है, नहीं रूकती रवानी है। गुरु गोविन्द के बच्चे, उम्र में थे अभी कच्चे। पर वे सिंह बच्चे, धर्म ईमान के सच्चे। गरज कर बोल उठे वे यो, सिंह मुख खोलते थे ज्यों। ' कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में शिवराज ने कहा कि "श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने देश व धर्म की रक्षा की खातिर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वह खुद तो लड़े ही, उनके चारों साहबजादे भी शहीद हुए। दो छोटे साहबजादों को धर्म न बदलने के कारण दीवार में चुनवा दिया गया। उनकी शहादत को मैं नमन करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचमुच में आज का दिन वीर बाल दिवस है। असली बाल दिवस है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय किया और मध्यप्रदेश में हमने भी तय किया कि इक्कीस से लेकर छब्बीस जनवरी तक हर साल वीर बाल दिवस मनाया जाएगा। बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी के दीवार में चुनने के दृश्य को एक पार्क में उकेरा जायेगा, ताकि लोग उसे देखकर उनके बलिदान को याद करें। ऐसा लग रहा है कि जैसे आज भी साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी हमारे बीच हैं। हमारे बच्चों के बीच हैं। आज भी उनका शौर्य, उनका साहस विद्यमान है।
ICC WTC Final: आईपीएल के बाद भारतीय फैंस की नजरें अब सात जून से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जाने वाले आईसीसी डब्ल्यूटीसी फाइनल पर टिकी हैं. टीम इंडिया भी इसमें जीत हासिल करने की पूरी कोशिश करेगी. नई दिल्लीः आईपीएल-2023 खत्म हो चुका है. पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान बीते दो महीने से इसी लीग पर था. चेन्नई सुपर किंग्स ने सोमवार को गुजरात टाइटंस को हरा पांचवीं बार खिताब अपने नाम किया. इसी के साथ आईपीएल का खुमार खत्म.अब सभी की नजरें विश्व क्रिकेट पर टिक गई हैं क्योंकि इस साल कई बड़े टूर्नामेंट्स खेले जाने हैं और बेहतरीन मैच होने हैं. आईपीएल के बाद कैसा है इंटरनेशनल क्रिकेट कैलेंडर बताते हैं आपको. जून से लेकर दिसंबर तक क्रिकेट के चाहने वालों के लिए बेहतरीन प्रतिस्पर्धा और रोमांच की कमी नहीं है. इस दौरान एशेज सीरीज भी खेली जानी है और वनडे विश्व कप भी. इनके अलावा भी कई रोमांचक सीरीजें इंतजार कर रही हैं. जून में विश्व क्रिकेट की नजरें भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जाने वाले आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल पर टिकेंगीं.सात जून से इंग्लैंड के द ओवल मैदान पर ये दोनें टीमों आमने-सामने होंगी. ये मैच 11 जून तक खेला जाएगा.इससे पहले हालांकि एक से चार जून तक इंग्लैंड-आयरलैंड के बीच टेस्ट मैच खेला जाएगा. फिर 14 जून से अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच एक टेस्ट मैच खेला जाएगा. इसी मैच के बीच टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी में से एक एशेज सीरीज की शुरुआत होगी. इस सीरीज की शुरुआत 16 जून से होगी.पहला मैच बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जाएगा. इसके बाद 28 जून से दो जुलाई तक दूसरा मैच लॉर्ड्स में खेला जाएगा. लीड्स में तीसरा मैच छह से 10 जुलाई के बीच खेला जाएगा. 19 से 23 जुलाई तक चौथा टेस्ट ओल्ड ट्रेफर्ड में खेला जाएगा. 27 से 31 जुलाई तक आखिरी और पांचवां मैच द ओवल में खेला जाएगा. ये भी पढ़ें- आईसीसी के फैसले से टीम इंडिया को टेंशन, डब्ल्यूटीसी फाइनल में क्या होगा? साल के अंत में दिसंबर में पाकिस्तान की टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जाएगी और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी. पहला मैच 14 से 18 दिसंबर, दूसरा मैच 26 से 30 दिसंबर और तीसरा मैच तीन से सात जनवरी तक खेला जाएगा. पहला मैच पर्थ, दूसरा मैच मेलबर्न में खेला जाएगा. तीसरा मैच सिडनी में होगा. टेस्ट के बाद अगर वनडे की बात करें तो इस साल भारत की मेजबानी में वनडे विश्व कप खेला जाना है जिस पर पूरे विश्व की नजरें होंगी. ये विश्व कप अक्टूबर से नवंबर के बीच खेला जाएगा.विश्व कप का शेड्यूल अभी तक आईसीसी ने जारी नहीं किया है. इससे पहले जून में अफगानिस्तान की टीम तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका जाएगी. ये सीरीज दो से सात जून के बीच खेली जाएगी. जून में ही वेस्टइंडीज की टीम यूएई का दौरा करेगी और चार से नौ जून के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. जुलाई में अफगानिस्तान की टीम बांग्लादेश में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी जो पांच से 11 जुलाई के बीच खेली जाएगी. सितंबर में न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड के दौर पर जाएगी जहां आठ से 15 सितंबर तक चार मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. सितंबर में ही आयरलैंड की टीम इंग्लैंड के दौर पर तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी जो 20 से 26 सितंबर तक खेली जाएगी. सितंबर में ऑस्ट्रेलियाई टीम साउथ अफ्रीका के दौरे पर जाएगी और सात से 17 सितंबर के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. दिसंबर में इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज का दौरा करेगी.दोनों टीमें तीन से नौ दिसंबर तक तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेंगी. जहां तक टी20 क्रिकेट की बात है तो जुलाई में अफगानिस्तान की टीम बांग्लादेश जाएगी और दो टी20 मैच खेलेगी. ये मैच 14 और 16 जुलाई को होंगे. न्यूजीलैंड की टीम अगस्त में यूएई के दौरे पर जाएगी और तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी. ये तीन मैच 17, 19 और 20 अगस्त को खेले जाएंगे. न्यूजीलैंड फिर इंग्लैंड का दौरा करेगी और चार मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी. ये मैच 30 अगस्त, एक, तीन, पांच सितंबर को खेले जाएंगे. आईपीएल के बाद कई और देशों में भी टी20 लीग खेली जाएंगी. मई-जुलाई में विटालिटी ब्लास्ट खेला जाएगा. अगस्त में द हंड्रेड टूर्नामेंट खेला जाएगा जो इंग्लैंड का 100 गेंदों का प्रारूप है. अगस्त सितंबर में वेस्टइंडीज में कैरिबियन प्रीमियर लीग खेली जाएगी.
ICC WTC Final: आईपीएल के बाद भारतीय फैंस की नजरें अब सात जून से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जाने वाले आईसीसी डब्ल्यूटीसी फाइनल पर टिकी हैं. टीम इंडिया भी इसमें जीत हासिल करने की पूरी कोशिश करेगी. नई दिल्लीः आईपीएल-दो हज़ार तेईस खत्म हो चुका है. पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान बीते दो महीने से इसी लीग पर था. चेन्नई सुपर किंग्स ने सोमवार को गुजरात टाइटंस को हरा पांचवीं बार खिताब अपने नाम किया. इसी के साथ आईपीएल का खुमार खत्म.अब सभी की नजरें विश्व क्रिकेट पर टिक गई हैं क्योंकि इस साल कई बड़े टूर्नामेंट्स खेले जाने हैं और बेहतरीन मैच होने हैं. आईपीएल के बाद कैसा है इंटरनेशनल क्रिकेट कैलेंडर बताते हैं आपको. जून से लेकर दिसंबर तक क्रिकेट के चाहने वालों के लिए बेहतरीन प्रतिस्पर्धा और रोमांच की कमी नहीं है. इस दौरान एशेज सीरीज भी खेली जानी है और वनडे विश्व कप भी. इनके अलावा भी कई रोमांचक सीरीजें इंतजार कर रही हैं. जून में विश्व क्रिकेट की नजरें भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जाने वाले आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल पर टिकेंगीं.सात जून से इंग्लैंड के द ओवल मैदान पर ये दोनें टीमों आमने-सामने होंगी. ये मैच ग्यारह जून तक खेला जाएगा.इससे पहले हालांकि एक से चार जून तक इंग्लैंड-आयरलैंड के बीच टेस्ट मैच खेला जाएगा. फिर चौदह जून से अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच एक टेस्ट मैच खेला जाएगा. इसी मैच के बीच टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी में से एक एशेज सीरीज की शुरुआत होगी. इस सीरीज की शुरुआत सोलह जून से होगी.पहला मैच बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जाएगा. इसके बाद अट्ठाईस जून से दो जुलाई तक दूसरा मैच लॉर्ड्स में खेला जाएगा. लीड्स में तीसरा मैच छह से दस जुलाई के बीच खेला जाएगा. उन्नीस से तेईस जुलाई तक चौथा टेस्ट ओल्ड ट्रेफर्ड में खेला जाएगा. सत्ताईस से इकतीस जुलाई तक आखिरी और पांचवां मैच द ओवल में खेला जाएगा. ये भी पढ़ें- आईसीसी के फैसले से टीम इंडिया को टेंशन, डब्ल्यूटीसी फाइनल में क्या होगा? साल के अंत में दिसंबर में पाकिस्तान की टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जाएगी और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी. पहला मैच चौदह से अट्ठारह दिसंबर, दूसरा मैच छब्बीस से तीस दिसंबर और तीसरा मैच तीन से सात जनवरी तक खेला जाएगा. पहला मैच पर्थ, दूसरा मैच मेलबर्न में खेला जाएगा. तीसरा मैच सिडनी में होगा. टेस्ट के बाद अगर वनडे की बात करें तो इस साल भारत की मेजबानी में वनडे विश्व कप खेला जाना है जिस पर पूरे विश्व की नजरें होंगी. ये विश्व कप अक्टूबर से नवंबर के बीच खेला जाएगा.विश्व कप का शेड्यूल अभी तक आईसीसी ने जारी नहीं किया है. इससे पहले जून में अफगानिस्तान की टीम तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए श्रीलंका जाएगी. ये सीरीज दो से सात जून के बीच खेली जाएगी. जून में ही वेस्टइंडीज की टीम यूएई का दौरा करेगी और चार से नौ जून के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. जुलाई में अफगानिस्तान की टीम बांग्लादेश में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी जो पांच से ग्यारह जुलाई के बीच खेली जाएगी. सितंबर में न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड के दौर पर जाएगी जहां आठ से पंद्रह सितंबर तक चार मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. सितंबर में ही आयरलैंड की टीम इंग्लैंड के दौर पर तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी जो बीस से छब्बीस सितंबर तक खेली जाएगी. सितंबर में ऑस्ट्रेलियाई टीम साउथ अफ्रीका के दौरे पर जाएगी और सात से सत्रह सितंबर के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी. दिसंबर में इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज का दौरा करेगी.दोनों टीमें तीन से नौ दिसंबर तक तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेंगी. जहां तक टीबीस क्रिकेट की बात है तो जुलाई में अफगानिस्तान की टीम बांग्लादेश जाएगी और दो टीबीस मैच खेलेगी. ये मैच चौदह और सोलह जुलाई को होंगे. न्यूजीलैंड की टीम अगस्त में यूएई के दौरे पर जाएगी और तीन मैचों की टीबीस सीरीज खेलेगी. ये तीन मैच सत्रह, उन्नीस और बीस अगस्त को खेले जाएंगे. न्यूजीलैंड फिर इंग्लैंड का दौरा करेगी और चार मैचों की टीबीस सीरीज खेलेगी. ये मैच तीस अगस्त, एक, तीन, पांच सितंबर को खेले जाएंगे. आईपीएल के बाद कई और देशों में भी टीबीस लीटरग खेली जाएंगी. मई-जुलाई में विटालिटी ब्लास्ट खेला जाएगा. अगस्त में द हंड्रेड टूर्नामेंट खेला जाएगा जो इंग्लैंड का एक सौ गेंदों का प्रारूप है. अगस्त सितंबर में वेस्टइंडीज में कैरिबियन प्रीमियर लीग खेली जाएगी.
बीजेपी-उद्धव गुट की राह में राउत रोड़ा? उपमुख्यमंत्री ने विपक्षियों को दिया पैसों का लेखा-जोखा ! कांग्रेस को झटकाः वफादार नेता समेत सैकड़ों कार्यकर्ता भाजपा में शामिल ! विराट कोहली ने तोड़ा ब्रायन लारा का 'वो' रिकॉर्ड ! तैयार रहें...दवाएं, खाट, ऑक्सीजन : नीति आयोग ने सभी राज्यों को किया एलर्ट ! माँ की मृत्यु के बाद ऐसी दी श्रद्धांजलि, मायकर परिवार का क्रांतिकारी निर्णय!
बीजेपी-उद्धव गुट की राह में राउत रोड़ा? उपमुख्यमंत्री ने विपक्षियों को दिया पैसों का लेखा-जोखा ! कांग्रेस को झटकाः वफादार नेता समेत सैकड़ों कार्यकर्ता भाजपा में शामिल ! विराट कोहली ने तोड़ा ब्रायन लारा का 'वो' रिकॉर्ड ! तैयार रहें...दवाएं, खाट, ऑक्सीजन : नीति आयोग ने सभी राज्यों को किया एलर्ट ! माँ की मृत्यु के बाद ऐसी दी श्रद्धांजलि, मायकर परिवार का क्रांतिकारी निर्णय!
Serecon D डॉक्टर के लिखे गए पर्चे पर मिलने वाली दवा है। यह दवाई टैबलेट में मिलती है। इसे मुख्यतः पेट में अल्सर, इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम, विपुटीशोथ के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, Serecon D के कुछ अन्य प्रयोग भी हैं, जिनके बारें में आगे बताया गया है। आयु, लिंग और रोगी की पिछली स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार Serecon D की खुराक दी जाती है। यह दवा कितनी मात्रा में दी जानी चाहिए यह इस आधार पर भी निर्भर करता है कि मरीज की मूल समस्या क्या है और दवा को किस रूप में दिया जा रहा है। नीचे दिए गए खुराक के खंड में इस बारे में पूरी जानकारी के साथ बताया गया है। इन दुष्परिणामों के अलावा Serecon D के कुछ अन्य दुष्प्रभाव भी हैं, जिनके बारे में आगे बताया गया है। Serecon D के ये दुष्प्रभाव आमतौर पर अस्थायी होते हैं और इलाज के पूरा होने के साथ ही समाप्त हो जाते हैं। अगर ये दुष्प्रभाव और ज्यादा बिगड़ जाते हैं या ठीक नहीं होते तो अपने डॉक्टर से तुरंत बात करें। गर्भवती महिलाओं पर Serecon D का प्रभाव मध्यम होता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर इस दवा का प्रभाव मध्यम है। यहां पर ये जानना जरूरी है कि Serecon D का किडनी, लिवर या हार्ट पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं। इस तरह के दुष्प्रभाव अगर कोई हैं तो इससे जुड़ी जानकारी Serecon D से जुड़ी चेतावनी सेक्शन में दी गई है। इनके आलावा, अगर नीचे दिए गए सेक्शन में मौजूद समस्याओं में से कोई भी समस्या आपको है, तो आप Serecon D को न लें। साथ ही, Serecon D को कुछ दवाओं के साथ लेने से गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इन प्रतिक्रियाओं की विस्तृत सूची नीचे दी गई है। ऊपर बताई गई सावधानियों के अलावा यह भी ध्यान में रखें कि वाहन चलाते वक्त Serecon D लेना असुरक्षित है, साथ ही इसकी लत नहीं पड़ सकती है। यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Serecon D की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Serecon D की खुराक अलग हो सकती है। ।किशोरावस्था(13 से 18 वर्ष) क्या Serecon D का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? प्रेेग्नेंट महिलाओं के शरीर में Serecon D के विपरीत प्रभाव भी हो सकते हैं। इसलिए इसको लेने से पहले दवा के बारे में डॉक्टर से पूरी तरह जानकारी लेना जरूरी होता है। क्या Serecon D का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर Serecon D का सेवन करने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसे ही विपरीत प्रभाव आप भी महसूस करें तो दवा का सेवन न करें और डॉक्टर से इस बारे में बात जरूर करें। Serecon D का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है? Serecon D का इस्तेमाल हम कर सकते हैं, क्योंकि इसका दुष्प्रभाव बहुत कम है। Serecon D का जिगर (लिवर) पर क्या असर होता है? Serecon D से लीवर को किसी भी तरह की हानि नहीं पहुंचती है और आपके लीवर पर होने वाले इसके बुरे प्रभाव कम होते है। क्या ह्रदय पर Serecon D का प्रभाव पड़ता है? रिसर्च न होने के कारण Serecon D के परिणामों की पूरी तरह से पुष्टी नहीं है, हृदय पर इसके प्रभावों को जानने के बाद ही इसका सेवन करें। क्या Serecon D आदत या लत बन सकती है? Serecon D की आदत लगने की आशंका अधिक है, ऐसे में आप अपने डॉक्टर से इस बारे में परामर्श कर लें। क्या Serecon D को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है? किसी मशीन के अलावा वाहन को चलाने में दिमागी सक्रियता की बेहद जरूरत होती है। लेकिन Serecon D को खाने से आपको नींद व थकान होने लगती है। इसलिए इन कामों को करने से बचें। क्या Serecon D को लेना सुरखित है? हां, परंतु इसको लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Serecon D इस्तेमाल की जा सकती है? मस्तिष्क विकारों के लिए Serecon D को लेने से कोई फायदा नहीं हो पाता। क्या Serecon D को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? खाने को Serecon D के साथ लेने से जो भी दुष्प्रभाव शरीर पर होते हैं, उस पर कोई शोध न हो पाने के चलते पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। जब Serecon D ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या? शराब और Serecon D से आपके शरीर में कई तरह के गंभीर प्रभाव होते हैं। इससे बचने के लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेनी होगी। US Food and Drug Administration (FDA) [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Librium® C-IV (chlordiazepoxide HCl) US Food and Drug Administration (FDA) [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Bentyl (dicyclomine hydrochloride)
Serecon D डॉक्टर के लिखे गए पर्चे पर मिलने वाली दवा है। यह दवाई टैबलेट में मिलती है। इसे मुख्यतः पेट में अल्सर, इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम, विपुटीशोथ के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, Serecon D के कुछ अन्य प्रयोग भी हैं, जिनके बारें में आगे बताया गया है। आयु, लिंग और रोगी की पिछली स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार Serecon D की खुराक दी जाती है। यह दवा कितनी मात्रा में दी जानी चाहिए यह इस आधार पर भी निर्भर करता है कि मरीज की मूल समस्या क्या है और दवा को किस रूप में दिया जा रहा है। नीचे दिए गए खुराक के खंड में इस बारे में पूरी जानकारी के साथ बताया गया है। इन दुष्परिणामों के अलावा Serecon D के कुछ अन्य दुष्प्रभाव भी हैं, जिनके बारे में आगे बताया गया है। Serecon D के ये दुष्प्रभाव आमतौर पर अस्थायी होते हैं और इलाज के पूरा होने के साथ ही समाप्त हो जाते हैं। अगर ये दुष्प्रभाव और ज्यादा बिगड़ जाते हैं या ठीक नहीं होते तो अपने डॉक्टर से तुरंत बात करें। गर्भवती महिलाओं पर Serecon D का प्रभाव मध्यम होता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर इस दवा का प्रभाव मध्यम है। यहां पर ये जानना जरूरी है कि Serecon D का किडनी, लिवर या हार्ट पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं। इस तरह के दुष्प्रभाव अगर कोई हैं तो इससे जुड़ी जानकारी Serecon D से जुड़ी चेतावनी सेक्शन में दी गई है। इनके आलावा, अगर नीचे दिए गए सेक्शन में मौजूद समस्याओं में से कोई भी समस्या आपको है, तो आप Serecon D को न लें। साथ ही, Serecon D को कुछ दवाओं के साथ लेने से गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। इन प्रतिक्रियाओं की विस्तृत सूची नीचे दी गई है। ऊपर बताई गई सावधानियों के अलावा यह भी ध्यान में रखें कि वाहन चलाते वक्त Serecon D लेना असुरक्षित है, साथ ही इसकी लत नहीं पड़ सकती है। यह अधिकतर मामलों में दी जाने वाली Serecon D की खुराक है। कृपया याद रखें कि हर रोगी और उनका मामला अलग हो सकता है। इसलिए रोग, दवाई देने के तरीके, रोगी की आयु, रोगी का चिकित्सा इतिहास और अन्य कारकों के आधार पर Serecon D की खुराक अलग हो सकती है। ।किशोरावस्था क्या Serecon D का उपयोग गर्भवती महिला के लिए ठीक है? प्रेेग्नेंट महिलाओं के शरीर में Serecon D के विपरीत प्रभाव भी हो सकते हैं। इसलिए इसको लेने से पहले दवा के बारे में डॉक्टर से पूरी तरह जानकारी लेना जरूरी होता है। क्या Serecon D का उपयोग स्तनपान करने वाली महिलाओं के लिए ठीक है? स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर Serecon D का सेवन करने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं। ऐसे ही विपरीत प्रभाव आप भी महसूस करें तो दवा का सेवन न करें और डॉक्टर से इस बारे में बात जरूर करें। Serecon D का प्रभाव गुर्दे पर क्या होता है? Serecon D का इस्तेमाल हम कर सकते हैं, क्योंकि इसका दुष्प्रभाव बहुत कम है। Serecon D का जिगर पर क्या असर होता है? Serecon D से लीवर को किसी भी तरह की हानि नहीं पहुंचती है और आपके लीवर पर होने वाले इसके बुरे प्रभाव कम होते है। क्या ह्रदय पर Serecon D का प्रभाव पड़ता है? रिसर्च न होने के कारण Serecon D के परिणामों की पूरी तरह से पुष्टी नहीं है, हृदय पर इसके प्रभावों को जानने के बाद ही इसका सेवन करें। क्या Serecon D आदत या लत बन सकती है? Serecon D की आदत लगने की आशंका अधिक है, ऐसे में आप अपने डॉक्टर से इस बारे में परामर्श कर लें। क्या Serecon D को लेते समय गाड़ी चलाना या कैसी भी बड़ी मशीन संचालित करना सुरक्षित है? किसी मशीन के अलावा वाहन को चलाने में दिमागी सक्रियता की बेहद जरूरत होती है। लेकिन Serecon D को खाने से आपको नींद व थकान होने लगती है। इसलिए इन कामों को करने से बचें। क्या Serecon D को लेना सुरखित है? हां, परंतु इसको लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। क्या मनोवैज्ञानिक विकार या मानसिक समस्याओं के इलाज में Serecon D इस्तेमाल की जा सकती है? मस्तिष्क विकारों के लिए Serecon D को लेने से कोई फायदा नहीं हो पाता। क्या Serecon D को कुछ खाद्य पदार्थों के साथ लेने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है? खाने को Serecon D के साथ लेने से जो भी दुष्प्रभाव शरीर पर होते हैं, उस पर कोई शोध न हो पाने के चलते पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। जब Serecon D ले रहे हों, तब शराब पीने से नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्या? शराब और Serecon D से आपके शरीर में कई तरह के गंभीर प्रभाव होते हैं। इससे बचने के लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेनी होगी। US Food and Drug Administration [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Librium® C-IV US Food and Drug Administration [Internet]. Maryland. USA; Package leaflet information for the user; Bentyl
दन्तेवाड़ा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अपना जन्मदिन देवी दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेने के बाद स्कूली बच्चों के साथ मनाया. मोहन मरकाम ने रविवार सुबह दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे और माता का आशीर्वाद लिया. इसके बाद आश्रम पहुंचे और बच्चों को मिठाई बांटकर अपने जन्मदिन की खुशियां बांटी. इस दौरान दंतेवाड़ा के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जोश और उत्साह के साथ केक काटकर मोहन मरकाम का जन्मदिवस मनाया.
दन्तेवाड़ा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अपना जन्मदिन देवी दंतेश्वरी का आशीर्वाद लेने के बाद स्कूली बच्चों के साथ मनाया. मोहन मरकाम ने रविवार सुबह दंतेश्वरी मंदिर पहुंचे और माता का आशीर्वाद लिया. इसके बाद आश्रम पहुंचे और बच्चों को मिठाई बांटकर अपने जन्मदिन की खुशियां बांटी. इस दौरान दंतेवाड़ा के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जोश और उत्साह के साथ केक काटकर मोहन मरकाम का जन्मदिवस मनाया.
गोरेगांव. तहसील के ग्राम कलपाथरी में खेत के रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर किसान पुरनलाल पारधी द्वारा आमरण अनशन को अब 8 दिन हो चुके है. यहां 25 नवंबर से किसान पारधी पानी की टंकी पर डेरा ताने हुए हैं लेकिन प्रशासन अब तक आंदोलनकर्ता को समझाने में असफल रहा है. किसान पुरनलाल पारधी अपनी मांगों को लेकर आज भी भूखे प्यासे पानी की टंकी पर चढ़कर न्याय की गुहार लगा रहा है. जिसमें इस कड़ाके की ठंड का सामना आंदोलनकर्ता किसान को करना पड़ रहा है. ऐसे में इस किसान की सेहत चिंता का विषय बनती जा रही है. किसान पारधी 100 फीट की ऊंचाई पर है, ऐसे में उसके सेहत की जांच नहीं हो रही है. प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की टीम आती है लेकिन टंकी की ऊंचाई देख बिना जांच किए की लौट जाती है. उल्लेखनीय है कि गोरेगांव तहसील के ग्राम कलपाथरी में खेत के आवागमन के रास्ते पर अतिक्रमण का मामला और भी भड़क रहा है. यहां किसान पुरनलाल पारधी पिछले 8 दिनों से गांव में स्थित पानी की टंकी पर आमरण अनशन पर बैठा है. लेकिन प्रशासन उसे नीचे उतारने में पूरी तरह असफल रहा है. नायब तहसीलदार, मंडल अधिकारी, गटविकास अधिकारी द्वारा भेंट दी गई है लेकिन किसान पारधी अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है. तहसीलदार सचिन गोसाई ने बताया कि यह मामला न्यायालय में चल रहा है, ऐसे में इस मामले पर कोई भी हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता. लेकिन किसान पारधी मानने को तैयार नहीं है. आंदोलन का आठवां दिन हैं और पारधी भूखे प्यासे जमीन से 100 फिट ऊपर हैं, साथ ही कड़ाके की ठंड जो किसान के सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. जिसमें उसके स्वास्थ्य की जांच ना होना चिंता का विषय है. इस बीच किसान पुरनलाल पारधी ने मोबाइल फोन के जरिए बताया कि यहां जांच के लिए डाक्टर्स प्रतिदिन आते हैं लेकिन बिना जांच किए निचे से ही लौट जाते है. पुलिस विभाग द्वारा सिपाही के तैनाती की गई है. लेकिन आंदोलनकर्ता के स्वास्थ्य जांच नहीं होना बेहद चिंता का विषय है. जिस पर प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है.
गोरेगांव. तहसील के ग्राम कलपाथरी में खेत के रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर किसान पुरनलाल पारधी द्वारा आमरण अनशन को अब आठ दिन हो चुके है. यहां पच्चीस नवंबर से किसान पारधी पानी की टंकी पर डेरा ताने हुए हैं लेकिन प्रशासन अब तक आंदोलनकर्ता को समझाने में असफल रहा है. किसान पुरनलाल पारधी अपनी मांगों को लेकर आज भी भूखे प्यासे पानी की टंकी पर चढ़कर न्याय की गुहार लगा रहा है. जिसमें इस कड़ाके की ठंड का सामना आंदोलनकर्ता किसान को करना पड़ रहा है. ऐसे में इस किसान की सेहत चिंता का विषय बनती जा रही है. किसान पारधी एक सौ फीट की ऊंचाई पर है, ऐसे में उसके सेहत की जांच नहीं हो रही है. प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की टीम आती है लेकिन टंकी की ऊंचाई देख बिना जांच किए की लौट जाती है. उल्लेखनीय है कि गोरेगांव तहसील के ग्राम कलपाथरी में खेत के आवागमन के रास्ते पर अतिक्रमण का मामला और भी भड़क रहा है. यहां किसान पुरनलाल पारधी पिछले आठ दिनों से गांव में स्थित पानी की टंकी पर आमरण अनशन पर बैठा है. लेकिन प्रशासन उसे नीचे उतारने में पूरी तरह असफल रहा है. नायब तहसीलदार, मंडल अधिकारी, गटविकास अधिकारी द्वारा भेंट दी गई है लेकिन किसान पारधी अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है. तहसीलदार सचिन गोसाई ने बताया कि यह मामला न्यायालय में चल रहा है, ऐसे में इस मामले पर कोई भी हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता. लेकिन किसान पारधी मानने को तैयार नहीं है. आंदोलन का आठवां दिन हैं और पारधी भूखे प्यासे जमीन से एक सौ फिट ऊपर हैं, साथ ही कड़ाके की ठंड जो किसान के सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. जिसमें उसके स्वास्थ्य की जांच ना होना चिंता का विषय है. इस बीच किसान पुरनलाल पारधी ने मोबाइल फोन के जरिए बताया कि यहां जांच के लिए डाक्टर्स प्रतिदिन आते हैं लेकिन बिना जांच किए निचे से ही लौट जाते है. पुलिस विभाग द्वारा सिपाही के तैनाती की गई है. लेकिन आंदोलनकर्ता के स्वास्थ्य जांच नहीं होना बेहद चिंता का विषय है. जिस पर प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है.
नई दिल्लीः मिस्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मां अपने पांच साल के बेटे को बड़े आकार के चाकू से हत्या करने के बाद बेटे के सिर के हिस्से को पकाकर खा गई. इतना ही नहीं उसने अपने बेटे के शव को छोटे-छोटे टुकड़े कर दिए. शव के छोटे टुकड़ों को जब दफनाने जा रही थी तो उससे पहले ही पकड़ी गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मिस्र के रहने वाली 29 वर्षीय हना मोहम्मद हसन ने ये अपराध इसलिए किया क्योंकि वो अपने पूर्व पति और उसके परिवार को बच्चे से किसी भी तरह की मुलाकात करने से रोकना चाहती थी. यह बात जानने के बाद पता चला है कि आरोपी महिला हना मोहम्मद हसन को किसी तरह की मानसिक बीमारी नहीं है. हसन ने सोच-समझकर 5 वर्षीय अपने बेटे यूसुफ की जान ली है। बताया जा रहा है कि हना ने अपने बेटे यूसुफ के सिर पर बड़े आकार के चाकू से 3 वार करके हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव के छोटे-छोटे टुकड़े कर दिए. हालांकि शव को दफनाने से पहले आरोपी महिला हना मोहम्मद हसन को अरेस्ट कर लिया गया. बता दें कि घर के बाथरूम में बच्चे के शव के टुकड़े करने से पहले उसके सिर को पकाकर खा गई. इस संबंध में हना के पूर्व पति ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बेटे को देखने के लिए आया तो पुलिस ने देखने नहीं दिया क्योंकि वहां भयानक नजारा था. पूर्व पति ने बताया कि हना 4 साल से अलग रह रहे थी क्योंकि उसके पिता की तरफ से उसे एक घर मिला था. हना चाहती थी कि पूरे परिवार के साथ वहीं आकर रहे और मना किया तो हना ने पूरी तरह से रिश्ता खत्म दिया।
नई दिल्लीः मिस्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मां अपने पांच साल के बेटे को बड़े आकार के चाकू से हत्या करने के बाद बेटे के सिर के हिस्से को पकाकर खा गई. इतना ही नहीं उसने अपने बेटे के शव को छोटे-छोटे टुकड़े कर दिए. शव के छोटे टुकड़ों को जब दफनाने जा रही थी तो उससे पहले ही पकड़ी गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मिस्र के रहने वाली उनतीस वर्षीय हना मोहम्मद हसन ने ये अपराध इसलिए किया क्योंकि वो अपने पूर्व पति और उसके परिवार को बच्चे से किसी भी तरह की मुलाकात करने से रोकना चाहती थी. यह बात जानने के बाद पता चला है कि आरोपी महिला हना मोहम्मद हसन को किसी तरह की मानसिक बीमारी नहीं है. हसन ने सोच-समझकर पाँच वर्षीय अपने बेटे यूसुफ की जान ली है। बताया जा रहा है कि हना ने अपने बेटे यूसुफ के सिर पर बड़े आकार के चाकू से तीन वार करके हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव के छोटे-छोटे टुकड़े कर दिए. हालांकि शव को दफनाने से पहले आरोपी महिला हना मोहम्मद हसन को अरेस्ट कर लिया गया. बता दें कि घर के बाथरूम में बच्चे के शव के टुकड़े करने से पहले उसके सिर को पकाकर खा गई. इस संबंध में हना के पूर्व पति ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बेटे को देखने के लिए आया तो पुलिस ने देखने नहीं दिया क्योंकि वहां भयानक नजारा था. पूर्व पति ने बताया कि हना चार साल से अलग रह रहे थी क्योंकि उसके पिता की तरफ से उसे एक घर मिला था. हना चाहती थी कि पूरे परिवार के साथ वहीं आकर रहे और मना किया तो हना ने पूरी तरह से रिश्ता खत्म दिया।
दिल्ली में कोरोना महामारी के चलते बढ़ रही मृतकों की संख्या पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वीकार किया है कि अस्पतालों में बिस्तरों की कमी के चलते मृतकों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लॉकडाउन पाबंदियों को हटाये जाने के बाद वायरस अपेक्षा से अधिक तेजी से फैला और शुरूआती दिनों में मृतकों की संख्या बढ़ी और शहर में कोविड-19 मरीजों के लिए बिस्तरों की आवश्यक संख्या नहीं थी। कोविड-19 से निपटने के लिए अपनी सरकार की ओर से उठाये गये कदमों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ "मुश्किल" जंग छेड़ रखी है और वह विजयी साबित होगी लेकिन इसमें वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में उनकी सरकार ने अस्पतालों में 40 प्रतिशत बिस्तरों को आरक्षित करने जैसे कदम उठाकर कोरोना वायरस मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या को बढ़ाया है। केजरीवाल ने कहा कि 15 मई तक वायरस तेजी से फैल गया था और जून के पहले सप्ताह से बिस्तरों और टेस्टिंग की कमी थी इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने लगी। उन्होंने कहा, "जून के पहले सप्ताह तक हमने पाया कि दिल्ली में बिस्तरों और टेस्टिंग की कमी है। कमी के कारण कुछ लोगों को बिस्तर नहीं मिल सके और मृतक संख्या बढ़ना शुरू हो गई। " मुख्यमंत्री ने कहा, "पहले मैं देर रात तक अस्पतालों में बिस्तरों के लिए फोन कॉल करता था। यह अब बंद हो गया है। वर्तमान में, कोरोना वायरस रोगियों के लिए बिस्तरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन हम अभी भी बिस्तरों की संख्या को बढ़ा रहे हैं। " केजरीवाल ने कहा कि सरकार के पास या तो लॉकडाउन जारी रखने या वायरस से लड़ने का विकल्प था और उसने लोगों से सलाह लेने के बाद वाले को चुना।
दिल्ली में कोरोना महामारी के चलते बढ़ रही मृतकों की संख्या पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वीकार किया है कि अस्पतालों में बिस्तरों की कमी के चलते मृतकों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लॉकडाउन पाबंदियों को हटाये जाने के बाद वायरस अपेक्षा से अधिक तेजी से फैला और शुरूआती दिनों में मृतकों की संख्या बढ़ी और शहर में कोविड-उन्नीस मरीजों के लिए बिस्तरों की आवश्यक संख्या नहीं थी। कोविड-उन्नीस से निपटने के लिए अपनी सरकार की ओर से उठाये गये कदमों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ "मुश्किल" जंग छेड़ रखी है और वह विजयी साबित होगी लेकिन इसमें वक्त लगेगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में उनकी सरकार ने अस्पतालों में चालीस प्रतिशत बिस्तरों को आरक्षित करने जैसे कदम उठाकर कोरोना वायरस मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या को बढ़ाया है। केजरीवाल ने कहा कि पंद्रह मई तक वायरस तेजी से फैल गया था और जून के पहले सप्ताह से बिस्तरों और टेस्टिंग की कमी थी इसलिए मृतकों की संख्या बढ़ने लगी। उन्होंने कहा, "जून के पहले सप्ताह तक हमने पाया कि दिल्ली में बिस्तरों और टेस्टिंग की कमी है। कमी के कारण कुछ लोगों को बिस्तर नहीं मिल सके और मृतक संख्या बढ़ना शुरू हो गई। " मुख्यमंत्री ने कहा, "पहले मैं देर रात तक अस्पतालों में बिस्तरों के लिए फोन कॉल करता था। यह अब बंद हो गया है। वर्तमान में, कोरोना वायरस रोगियों के लिए बिस्तरों की कोई कमी नहीं है, लेकिन हम अभी भी बिस्तरों की संख्या को बढ़ा रहे हैं। " केजरीवाल ने कहा कि सरकार के पास या तो लॉकडाउन जारी रखने या वायरस से लड़ने का विकल्प था और उसने लोगों से सलाह लेने के बाद वाले को चुना।
उत्तर भारत का चर्चित भीमनगरी समारोह आज से शुरू हो रहा है। आगरा के नगला पद्मा, ग्वालियर रोड पर भीमनगरी का मंच सजाया गया है। समारोह के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल शुक्रवार को भीमनगरी समारोह में शामिल होने आगरा आ रहे हैं। एडीएम प्रोटोकॉल हिमांशु गौतम के अनुसार शाम 6. 45 बजे केंद्रीय मंत्री आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आएंगे। यहां से सर्किट हाउस जाएंगे। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
उत्तर भारत का चर्चित भीमनगरी समारोह आज से शुरू हो रहा है। आगरा के नगला पद्मा, ग्वालियर रोड पर भीमनगरी का मंच सजाया गया है। समारोह के शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल शुक्रवार को भीमनगरी समारोह में शामिल होने आगरा आ रहे हैं। एडीएम प्रोटोकॉल हिमांशु गौतम के अनुसार शाम छः. पैंतालीस बजे केंद्रीय मंत्री आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आएंगे। यहां से सर्किट हाउस जाएंगे। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
और अपनी जगह से उछल पड़ता है। 2 ज़रा उसके बोलने की आवाज़ को सुनो, और उस ज़मज़मा को जो उसके मुँह से निकलता है। 3 वह उसे सारे आसमान के नीचे, और अपनी बिजली को ज़मीन की इन्तिहा तक भेजता है। 4 इसके बाद कड़क की आवाज़ आती है; वह अपने जलाल की आवाज़ से गरजता है, और जब उसकी आवाज़ सुनाई देती है तो वह उसे रोकता है। 5 ख़ुदा 'अजीब तौर पर अपनी आवाज़ से गरजता है। वह बड़े बड़े काम करता है जिनको हम समझ नहीं सकते। 6 क्यूँकि वह बर्फ़ को फ़रमाता है कि तू ज़मीन पर गिर, इसी तरह वह बारिश से और मूसलाधार मेह से कहता है। 7 वह हर आदमी के हाथ पर मुहर कर देता है, ताकि सब लोग जिनको उसने बनाया है, इस बात को जान लें। 8 तब दरिन्दे ग़ारों में घुस जाते, और अपनी अपनी माँद में पड़े रहते हैं। 9 ऑधी दख्खिन की कोठरी से, और सर्दी उत्तर से आती है। 10 ख़ुदा के दम से बर्फ़ जम जाती है, और पानी का फैलाव तंग हो जाता है। 11 बल्कि वह घटा पर नमी को लादता है, और अपने बिजली वाले बादलों को दूर तक फैलाता है। 12 उसी की हिदायत से वह इधर उधर फिराए जाते हैं, ताकि जो कुछ वह उन्हें फ़रमाए, उसी को वह दुनिया के आबाद हिस्से पर अंजाम दें। 13 चाहे तम्बीह के लिए या अपने मुल्क के लिए, या रहमत के लिए वह उसे भेजे। 14 "ऐ अय्यूब, इसको सुन ले; चुपचाप खड़ा रह, और ख़ुदा के हैरतअंगेज़ कामों पर ग़ौर कर। और अपने बादल की बिजली को चमकाता है? 16 क्या तू बादलों के मुवाज़ने से वाक़िफ़ है? यह उसी के हैरतअंगेज़ काम हैं जो 'इल्म में कामिल है। 17 जब ज़मीन पर दख्खिनी हवा की वजह से सन्नाटा होता है तो तेरे कपड़े क्यूँ गर्म हो जाते हैं? 18 क्या तू उसके साथ फ़लक को फैला सकता है जो ढले हुए आइने की तरह मज़बूत है? 19 हम को सिखा कि हम उस से क्या कहें, क्यूँकि अंधेरे की वजह से हम अपनी तक़रीर को दुरुस्त नहीं कर सकते? 20 क्या उसको बताया जाए कि मैं बोलना चाहता हूँ? या क्या कोई आदमी यह ख़्वाहिश करे कि वह निगल लिया जाए? 21 "अभी तो आदमी उस नूर को नहीं देखते जो असमानों पर रोशन है, लेकिन हवा चलती है और उन्हें साफ़ कर देती है। 22 दख्खिनी से सुनहरी रोशनी आती है, ख़ुदा मुहीब शौकत से मुलब्बस है। 23 हम क़ादिर - ए - मुतलक़ को पा नहीं सकते, वह क़ुदरत और 'अद्ल में शानदार है, और इन्साफ़ की फ़िरावानी में ज़ुल्म न करेगा। 24 इसीलिए लोग उससे डरते हैं;
और अपनी जगह से उछल पड़ता है। दो ज़रा उसके बोलने की आवाज़ को सुनो, और उस ज़मज़मा को जो उसके मुँह से निकलता है। तीन वह उसे सारे आसमान के नीचे, और अपनी बिजली को ज़मीन की इन्तिहा तक भेजता है। चार इसके बाद कड़क की आवाज़ आती है; वह अपने जलाल की आवाज़ से गरजता है, और जब उसकी आवाज़ सुनाई देती है तो वह उसे रोकता है। पाँच ख़ुदा 'अजीब तौर पर अपनी आवाज़ से गरजता है। वह बड़े बड़े काम करता है जिनको हम समझ नहीं सकते। छः क्यूँकि वह बर्फ़ को फ़रमाता है कि तू ज़मीन पर गिर, इसी तरह वह बारिश से और मूसलाधार मेह से कहता है। सात वह हर आदमी के हाथ पर मुहर कर देता है, ताकि सब लोग जिनको उसने बनाया है, इस बात को जान लें। आठ तब दरिन्दे ग़ारों में घुस जाते, और अपनी अपनी माँद में पड़े रहते हैं। नौ ऑधी दख्खिन की कोठरी से, और सर्दी उत्तर से आती है। दस ख़ुदा के दम से बर्फ़ जम जाती है, और पानी का फैलाव तंग हो जाता है। ग्यारह बल्कि वह घटा पर नमी को लादता है, और अपने बिजली वाले बादलों को दूर तक फैलाता है। बारह उसी की हिदायत से वह इधर उधर फिराए जाते हैं, ताकि जो कुछ वह उन्हें फ़रमाए, उसी को वह दुनिया के आबाद हिस्से पर अंजाम दें। तेरह चाहे तम्बीह के लिए या अपने मुल्क के लिए, या रहमत के लिए वह उसे भेजे। चौदह "ऐ अय्यूब, इसको सुन ले; चुपचाप खड़ा रह, और ख़ुदा के हैरतअंगेज़ कामों पर ग़ौर कर। और अपने बादल की बिजली को चमकाता है? सोलह क्या तू बादलों के मुवाज़ने से वाक़िफ़ है? यह उसी के हैरतअंगेज़ काम हैं जो 'इल्म में कामिल है। सत्रह जब ज़मीन पर दख्खिनी हवा की वजह से सन्नाटा होता है तो तेरे कपड़े क्यूँ गर्म हो जाते हैं? अट्ठारह क्या तू उसके साथ फ़लक को फैला सकता है जो ढले हुए आइने की तरह मज़बूत है? उन्नीस हम को सिखा कि हम उस से क्या कहें, क्यूँकि अंधेरे की वजह से हम अपनी तक़रीर को दुरुस्त नहीं कर सकते? बीस क्या उसको बताया जाए कि मैं बोलना चाहता हूँ? या क्या कोई आदमी यह ख़्वाहिश करे कि वह निगल लिया जाए? इक्कीस "अभी तो आदमी उस नूर को नहीं देखते जो असमानों पर रोशन है, लेकिन हवा चलती है और उन्हें साफ़ कर देती है। बाईस दख्खिनी से सुनहरी रोशनी आती है, ख़ुदा मुहीब शौकत से मुलब्बस है। तेईस हम क़ादिर - ए - मुतलक़ को पा नहीं सकते, वह क़ुदरत और 'अद्ल में शानदार है, और इन्साफ़ की फ़िरावानी में ज़ुल्म न करेगा। चौबीस इसीलिए लोग उससे डरते हैं;
हिटलर के जमाने में फांसी से लटकाए जाने वाली सोफी शोल दिशा रवि प्रकरण में खूब याद की जा रही है. सोफी शोल 21 साल की एक लड़की थी, जिससे जर्मन नाजी भी 21 साल डर गए थे. 18 फरवरी 1943 को हिटलर की पुलिस गेस्टापो ने म्यूनिख यूनिवर्सिटी की छात्रा सोफी शोल को गिरफ्तार कर लिया. 22 फरवरी को उसके साथियों के साथ सोफी को फांसी दे दी गयी. सोफी का अपराध था कि वह नाज़ी शासन के ख़िलाफ़ अहिंसक प्रतिरोध का आंदोलन 'द व्हाइट रोज़' चला रही थी. व्हाइट रोज़ के सदस्य छात्र हिटलर द्वारा यहूदियों पर किए जा रहे जुल्मों के खिलाफ़ पर्चे बांट कर लोगों को सचेत कर रहे थे और विरोध का आह्वान कर रहे थे. पर्चा हो या टूलकिट आखिर उससे सत्ताएं इतनी घबरा क्यों जाती हैं. सुप्रीम कोर्ट पूर्व जस्टिस दीपक गुप्त को दिशा रवि के टूलकिट प्रकरण में देशद्रोह जैसा कुछ नहीं लगता है. लाइव लॉ के अनुसार, एक टीवी पैनल डिबेट में जस्टिस गुप्त ने जोर दे कर कहा वह दस्तावेज में कुछ भी 'देशद्रोही' नहीं देख पाए. उन्होंने कहा इस देश के प्रत्येक नागरिक को सरकार का विरोध करने का अधिकार है. दीपक गुप्त के शब्द हैंः मैं देख रहा हूं कि हिंसा के संबंध में टूलकिट में कुछ भी नहीं है या लोगों को उकसाने के संबंध में कुछ भी नहीं है. मैं नहीं देख पा रहा कि इस दस्तावेज में क्या देशद्रोही है. कोई प्रदर्शनकारियों के साथ सहमत हो सकता है या नहीं, यह एक अलग मामला है. लेकिन यह कहना कि यह देशद्रोह है, कानून में पूरी तरह से समझ में नहीं आ रहा है. न्यायमूर्ति गुप्ता ने 1962 केदार नाथ सिंह बनाम बिहार राज्य मामले का उल्लेख किया. जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 124 A की संवैधानिक वैधता को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखा गया था और कहा था कि राजद्रोह केवल तभी हो सकता है, जब हिंसा के लिए उकसाया गया हो या सार्वजनिक अव्यवस्था हुई हो, जो तात्कालिक मामले में अनुपस्थित थी. देशद्रोह या राजद्रोह केवल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इसतेमाल का मामला गंभीर होता जा रहा है. भारत में पिछले छह सालों में राजद्रोह के आंकड़ों में जबरदस्त उछाल हुआ है. एनसीआरबी के डाटा के अनुसार 2019 तक ही राजद्रोह या द्रेशद्रोह के मामले में 165 प्रतिशत ज्यादा दर्ज किए गए. यूएपीए मामलों में भी 33 प्रतिशत का उछाल हुआ. आर्टिकल 14 के एक डाटाबेस के अनुसार, देशद्रोह के 96 प्रतिशत मामले मोदी सरकार के विरोधियों के खिलाफ इस्तेमाल किया गया है. एक खबर के अनुसार, केवल चार सिडिसन मामलों में ही सजा हुई. दर्ज मामलों और सजा का अंतर बताता है कि दाल ही काली है. 2020 और 2021 में भी राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ देशद्रोह के मामले इस्तेमाल किए जा रहे हैं. सीएए के खिलाफ असम के आंदोलनकारियों के खिलाफ हो या शाहीनबाग के धरने से जुड़े लोग देशद्रोह के मामले में जेलों में बंद हैं. इसमें किसान नेता अखिल गोगई का नाम भी है. अखिल गोगई पर तो दो सालों में ही दो बार यूएपीए और देशद्रोह के तहत मामले दर्ज किए गए. वे अब भी जेल में हैं. भारत के लोकतंत्र को लेकर डेमोक्रेसी इंडेक्स जारी होने के बाद यह धारणा बनी है कि सरकार से असहमति के अवसर नहीं के बराबर रह गये हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के लोकतंत्र में असहमत होने और पवित्र आंदोलन के सम्मान की बात करते रहते हैं. लेकिन हकीकत तो यही है कि विरोध करना एक मुश्किल काम होता जा रहा है. किसान आंदोलन की एक खास बात तो यह भी है कि उसने उस डर के माहौल को चुनौती दिया है जो आंदोलन करने के किसी भी विचार की भ्रूण हत्या का कारण बन रहा था. माना जाने लगा है कि जलवायु परिवर्तन के सवाल को उठाना भी भारत में भारी रिस्क का सवाल हो गया है. लॉकडाउन में न केवल तीन कृषि और श्रमिक कानून बने, बल्कि पर्यावरण के संदर्भ में भी दखल दिया गया. दिशा रवि उन एक्टिविस्टों में हैं जिन्होंने पर्यावरण के नए निजाम का विरोध किया. पर्यावरण विरोधी आंदोलन अंततः कंपनियों के लूट के खिलाफ खड़ा होता है. कंपनियों के हितों की रक्षा करने वाली सरकारों को इससे बड़ी परेशानी हो रही है. डोनाल्ड ट्रंप पेरिस पेरिस क्लाइमेंट एग्रिमेंट प्रक्रिया से किसी सनक में अलग नहीं हुए थे. अमेरिकी बड़ी कंपनियों के खिलाफ ग्रीन गैस उत्सर्जन के आरोप रहे हैं और ट्रंप अपनी कंपनियों की रक्षा करने ही सामने आए. जो बाइडेन ने पेरिस एग्रीमेंट मंच से फिर जुड़ने का एलान किया है. लेकिन बड़ी कंपनियों और ज्यादा ग्रीन गैस का उत्सर्जन का रिश्ता सरकारों को प्रभावित करता है. क्लाइमेंट चेंज एक्टिविस्टों से टकराव वैश्विक होता जा रहा है. भारत भी अपवाद नहीं है.
हिटलर के जमाने में फांसी से लटकाए जाने वाली सोफी शोल दिशा रवि प्रकरण में खूब याद की जा रही है. सोफी शोल इक्कीस साल की एक लड़की थी, जिससे जर्मन नाजी भी इक्कीस साल डर गए थे. अट्ठारह फरवरी एक हज़ार नौ सौ तैंतालीस को हिटलर की पुलिस गेस्टापो ने म्यूनिख यूनिवर्सिटी की छात्रा सोफी शोल को गिरफ्तार कर लिया. बाईस फरवरी को उसके साथियों के साथ सोफी को फांसी दे दी गयी. सोफी का अपराध था कि वह नाज़ी शासन के ख़िलाफ़ अहिंसक प्रतिरोध का आंदोलन 'द व्हाइट रोज़' चला रही थी. व्हाइट रोज़ के सदस्य छात्र हिटलर द्वारा यहूदियों पर किए जा रहे जुल्मों के खिलाफ़ पर्चे बांट कर लोगों को सचेत कर रहे थे और विरोध का आह्वान कर रहे थे. पर्चा हो या टूलकिट आखिर उससे सत्ताएं इतनी घबरा क्यों जाती हैं. सुप्रीम कोर्ट पूर्व जस्टिस दीपक गुप्त को दिशा रवि के टूलकिट प्रकरण में देशद्रोह जैसा कुछ नहीं लगता है. लाइव लॉ के अनुसार, एक टीवी पैनल डिबेट में जस्टिस गुप्त ने जोर दे कर कहा वह दस्तावेज में कुछ भी 'देशद्रोही' नहीं देख पाए. उन्होंने कहा इस देश के प्रत्येक नागरिक को सरकार का विरोध करने का अधिकार है. दीपक गुप्त के शब्द हैंः मैं देख रहा हूं कि हिंसा के संबंध में टूलकिट में कुछ भी नहीं है या लोगों को उकसाने के संबंध में कुछ भी नहीं है. मैं नहीं देख पा रहा कि इस दस्तावेज में क्या देशद्रोही है. कोई प्रदर्शनकारियों के साथ सहमत हो सकता है या नहीं, यह एक अलग मामला है. लेकिन यह कहना कि यह देशद्रोह है, कानून में पूरी तरह से समझ में नहीं आ रहा है. न्यायमूर्ति गुप्ता ने एक हज़ार नौ सौ बासठ केदार नाथ सिंह बनाम बिहार राज्य मामले का उल्लेख किया. जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा एक सौ चौबीस एम्पीयर की संवैधानिक वैधता को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखा गया था और कहा था कि राजद्रोह केवल तभी हो सकता है, जब हिंसा के लिए उकसाया गया हो या सार्वजनिक अव्यवस्था हुई हो, जो तात्कालिक मामले में अनुपस्थित थी. देशद्रोह या राजद्रोह केवल राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ इसतेमाल का मामला गंभीर होता जा रहा है. भारत में पिछले छह सालों में राजद्रोह के आंकड़ों में जबरदस्त उछाल हुआ है. एनसीआरबी के डाटा के अनुसार दो हज़ार उन्नीस तक ही राजद्रोह या द्रेशद्रोह के मामले में एक सौ पैंसठ प्रतिशत ज्यादा दर्ज किए गए. यूएपीए मामलों में भी तैंतीस प्रतिशत का उछाल हुआ. आर्टिकल चौदह के एक डाटाबेस के अनुसार, देशद्रोह के छियानवे प्रतिशत मामले मोदी सरकार के विरोधियों के खिलाफ इस्तेमाल किया गया है. एक खबर के अनुसार, केवल चार सिडिसन मामलों में ही सजा हुई. दर्ज मामलों और सजा का अंतर बताता है कि दाल ही काली है. दो हज़ार बीस और दो हज़ार इक्कीस में भी राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ देशद्रोह के मामले इस्तेमाल किए जा रहे हैं. सीएए के खिलाफ असम के आंदोलनकारियों के खिलाफ हो या शाहीनबाग के धरने से जुड़े लोग देशद्रोह के मामले में जेलों में बंद हैं. इसमें किसान नेता अखिल गोगई का नाम भी है. अखिल गोगई पर तो दो सालों में ही दो बार यूएपीए और देशद्रोह के तहत मामले दर्ज किए गए. वे अब भी जेल में हैं. भारत के लोकतंत्र को लेकर डेमोक्रेसी इंडेक्स जारी होने के बाद यह धारणा बनी है कि सरकार से असहमति के अवसर नहीं के बराबर रह गये हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के लोकतंत्र में असहमत होने और पवित्र आंदोलन के सम्मान की बात करते रहते हैं. लेकिन हकीकत तो यही है कि विरोध करना एक मुश्किल काम होता जा रहा है. किसान आंदोलन की एक खास बात तो यह भी है कि उसने उस डर के माहौल को चुनौती दिया है जो आंदोलन करने के किसी भी विचार की भ्रूण हत्या का कारण बन रहा था. माना जाने लगा है कि जलवायु परिवर्तन के सवाल को उठाना भी भारत में भारी रिस्क का सवाल हो गया है. लॉकडाउन में न केवल तीन कृषि और श्रमिक कानून बने, बल्कि पर्यावरण के संदर्भ में भी दखल दिया गया. दिशा रवि उन एक्टिविस्टों में हैं जिन्होंने पर्यावरण के नए निजाम का विरोध किया. पर्यावरण विरोधी आंदोलन अंततः कंपनियों के लूट के खिलाफ खड़ा होता है. कंपनियों के हितों की रक्षा करने वाली सरकारों को इससे बड़ी परेशानी हो रही है. डोनाल्ड ट्रंप पेरिस पेरिस क्लाइमेंट एग्रिमेंट प्रक्रिया से किसी सनक में अलग नहीं हुए थे. अमेरिकी बड़ी कंपनियों के खिलाफ ग्रीन गैस उत्सर्जन के आरोप रहे हैं और ट्रंप अपनी कंपनियों की रक्षा करने ही सामने आए. जो बाइडेन ने पेरिस एग्रीमेंट मंच से फिर जुड़ने का एलान किया है. लेकिन बड़ी कंपनियों और ज्यादा ग्रीन गैस का उत्सर्जन का रिश्ता सरकारों को प्रभावित करता है. क्लाइमेंट चेंज एक्टिविस्टों से टकराव वैश्विक होता जा रहा है. भारत भी अपवाद नहीं है.
एकेश्वरवाद और गाथा (अवेस्ता) शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। एकेश्वरवाद vs. गाथा (अवेस्ता) एकेश्वरवाद अथवा एकदेववाद वह सिद्धान्त है जो 'ईश्वर एक है' अथवा 'एक ईश्वर है' विचार को सर्वप्रमुख रूप में मान्यता देता है। एकेश्वरवादी एक ही ईश्वर में विश्वास करता है और केवल उसी की पूजा-उपासना करता है। इसके साथ ही वह किसी भी ऐसी अन्य अलौकिक शक्ति या देवता को नहीं मानता जो उस ईश्वर का समकक्ष हो सके अथवा उसका स्थान ले सके। इसी दृष्टि से बहुदेववाद, एकदेववाद का विलोम सिद्धान्त कहा जाता है। एकेश्वरवाद के विरोधी दार्शनिक मतवादों में दार्शनिक सर्वेश्वरवाद, दार्शनिक निरीश्वरवाद तथा दार्शनिक संदेहवाद की गणना की जाती है। सर्वेश्वरवाद, ईश्वर और जगत् में अभिन्नता मानता है। उसके सिद्धांतवाक्य हैं- 'सब ईश्वर हैं' तथा 'ईश्वर सब हैं'। एकेश्वरवाद केवल एक ईश्वर की सत्ता मानता है। सर्वेश्वरवाद ईश्वर और जगत् दोनों की सत्ता मानता है। यद्यपि जगत् की सत्ता के स्वरूप में वैमत्य है तथापि ईश्वर और जगत् की एकता अवश्य स्वीकार करता है। 'ईश्वर एक है' वाक्य की सूक्ष्म दार्शनिक मीमांसा करने पर यह कहा जा सकता है कि सर्वसत्ता ईश्वर है। यह निष्कर्ष सर्वेश्वरवाद के निकट है। इसीलिए ये वाक्य एक ही तथ्य को दो ढंग से प्रकट करते हैं। इनका तुलनात्मक अध्ययन करने से यह प्रकट होता है कि 'ईश्वर एक है' वाक्य जहाँ ईश्वर के सर्वातीतत्व की ओर संकेत करता है वहीं 'सब ईश्वर हैं' वाक्य ईश्वर के सर्वव्यापकत्व की ओर। देशकालगत प्रभाव की दृष्टि से विचार करने पर ईश्वर के तीन विषम रूपों के अनुसार तीन प्रकार के एकेश्वरवाद का भी उल्लेख मिलता है-. अवेस्ता में भी गाथा का वही अर्थ है जो वैदिक गाथा का है अर्थात् गेय मंत्र या गति का। ये संख्या में पांच हैं जिनके भीतर 17 मंत्र सम्मिलित माने जाते हैं। ये पांचों छंदों की दृष्टि से वर्गीकृत है और अपने आदि अक्षर के अनुसार विभिन्न नामों से विख्यात है। गाथा अवेस्ता का प्राचीनतम अंश है जो रचना की दृष्टि से भी अत्यंत महनीय मानी जाती है। इनके भीतर पारसी धर्म के सुधारक तथा प्रतिष्ठात्मक जरथुस्त्र मानवीय और ऐतिहासिक रूप में अपनी अभिव्यक्ति पाते हैं; यहाँ उनका यह काल्पनिक रूप, जो अवेस्ता के अन्य अंशों में प्रचुरता से उपलब्ध होता है, नितांत सत्ताहीन है। यहाँ वे ठोस जमीन पर चलनेवाले मानव हैं जिनमें जगत् के कार्यों के प्रति आशा निराशा, हर्ष विषाद की स्पष्ट छाया प्रतिबिंबित होती है। एक द्वितीय ईश्वर के प्रति उनकी आस्था नितांत दृढ़ है जो जीवन के गतिशील परिवर्तन में भी अपनी एकता तथा सत्ता दृढ़ता से बनाए रहता है। . एकेश्वरवाद और गाथा (अवेस्ता) आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)। एकेश्वरवाद 15 संबंध है और गाथा (अवेस्ता) 8 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (15 + 8)। यह लेख एकेश्वरवाद और गाथा (अवेस्ता) के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
एकेश्वरवाद और गाथा शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। एकेश्वरवाद vs. गाथा एकेश्वरवाद अथवा एकदेववाद वह सिद्धान्त है जो 'ईश्वर एक है' अथवा 'एक ईश्वर है' विचार को सर्वप्रमुख रूप में मान्यता देता है। एकेश्वरवादी एक ही ईश्वर में विश्वास करता है और केवल उसी की पूजा-उपासना करता है। इसके साथ ही वह किसी भी ऐसी अन्य अलौकिक शक्ति या देवता को नहीं मानता जो उस ईश्वर का समकक्ष हो सके अथवा उसका स्थान ले सके। इसी दृष्टि से बहुदेववाद, एकदेववाद का विलोम सिद्धान्त कहा जाता है। एकेश्वरवाद के विरोधी दार्शनिक मतवादों में दार्शनिक सर्वेश्वरवाद, दार्शनिक निरीश्वरवाद तथा दार्शनिक संदेहवाद की गणना की जाती है। सर्वेश्वरवाद, ईश्वर और जगत् में अभिन्नता मानता है। उसके सिद्धांतवाक्य हैं- 'सब ईश्वर हैं' तथा 'ईश्वर सब हैं'। एकेश्वरवाद केवल एक ईश्वर की सत्ता मानता है। सर्वेश्वरवाद ईश्वर और जगत् दोनों की सत्ता मानता है। यद्यपि जगत् की सत्ता के स्वरूप में वैमत्य है तथापि ईश्वर और जगत् की एकता अवश्य स्वीकार करता है। 'ईश्वर एक है' वाक्य की सूक्ष्म दार्शनिक मीमांसा करने पर यह कहा जा सकता है कि सर्वसत्ता ईश्वर है। यह निष्कर्ष सर्वेश्वरवाद के निकट है। इसीलिए ये वाक्य एक ही तथ्य को दो ढंग से प्रकट करते हैं। इनका तुलनात्मक अध्ययन करने से यह प्रकट होता है कि 'ईश्वर एक है' वाक्य जहाँ ईश्वर के सर्वातीतत्व की ओर संकेत करता है वहीं 'सब ईश्वर हैं' वाक्य ईश्वर के सर्वव्यापकत्व की ओर। देशकालगत प्रभाव की दृष्टि से विचार करने पर ईश्वर के तीन विषम रूपों के अनुसार तीन प्रकार के एकेश्वरवाद का भी उल्लेख मिलता है-. अवेस्ता में भी गाथा का वही अर्थ है जो वैदिक गाथा का है अर्थात् गेय मंत्र या गति का। ये संख्या में पांच हैं जिनके भीतर सत्रह मंत्र सम्मिलित माने जाते हैं। ये पांचों छंदों की दृष्टि से वर्गीकृत है और अपने आदि अक्षर के अनुसार विभिन्न नामों से विख्यात है। गाथा अवेस्ता का प्राचीनतम अंश है जो रचना की दृष्टि से भी अत्यंत महनीय मानी जाती है। इनके भीतर पारसी धर्म के सुधारक तथा प्रतिष्ठात्मक जरथुस्त्र मानवीय और ऐतिहासिक रूप में अपनी अभिव्यक्ति पाते हैं; यहाँ उनका यह काल्पनिक रूप, जो अवेस्ता के अन्य अंशों में प्रचुरता से उपलब्ध होता है, नितांत सत्ताहीन है। यहाँ वे ठोस जमीन पर चलनेवाले मानव हैं जिनमें जगत् के कार्यों के प्रति आशा निराशा, हर्ष विषाद की स्पष्ट छाया प्रतिबिंबित होती है। एक द्वितीय ईश्वर के प्रति उनकी आस्था नितांत दृढ़ है जो जीवन के गतिशील परिवर्तन में भी अपनी एकता तथा सत्ता दृढ़ता से बनाए रहता है। . एकेश्वरवाद और गाथा आम में शून्य बातें हैं । एकेश्वरवाद पंद्रह संबंध है और गाथा आठ है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख एकेश्वरवाद और गाथा के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
पवहि महन्ता मुए वि रणु त वयणु सुर्णेवि मारिच-मय । तेहि विवाहु किउ सरु रजें थिउ अणुराहहॅ विज्ज-सहिउ । वर्णै णिवसन्तिय वय-वन्तिय सुउ उप्पण्णु विराहिउ ॥९॥ एत्थन्तरें जम-जूरावण । पट्टविउ महामइ दूत तहिं । वोत्क्राविउ था वि अहिमुहेण । एक्कूणवीस-रज्जन्तरइँ । को वि कित्तिधवलु णामेण चिरु । णवमउ परिणाविउ अमरपहु । दहमउ कइ-केयणु सिरि-सहिउ । कण्ण करन्तु पाणिग्हणु' ॥७॥ पेसिय दहवत्त तुरिअ गय ॥८॥ वारहमउ णयणाणन्दयरु । चउदहमउ गिरि- किवेरवलु ( १ ) । सोलहमर पुणु को वि उवहिरउ । सत्तारहमउ किक्विन्धु पुणु । भट्टारहमउ पुणु सूररठ । तुहुँ एवहिं एक्कुणवीसमउ । त सल्लु धरेप्पिणु रावर्णेण ॥१॥ सुग्गीव-सहोयरु वालि जहि ॥२॥ 'हउँ एम विसज्जिउ दहमुहॅण ॥३॥ मित्तइयए गयई गिरन्तरइँ ॥ ४ ॥ मिरिकण्ट- कज्जे थिउ देवि सिरु ॥५॥ जे धए हि लिहाविउ कइ-णिवहु ॥ ६ ॥ एयारहमउ पडिवलु कहिउ ॥७॥ तेरहमउ खयराणन्दु वरु ॥ ८ ॥ पण्णारहमउ गन्दणु अजउ ॥९॥ तडिकेप-त्रिगमे किउ तेण तउ ॥ १०॥ तहाँ कवणु सुकेसे ण किउ गुणु ॥ १०॥ जमु भएवि तहों पहसारु कउ ॥ १२ ॥ अणुहुरों रज्जु मणे सुएवि सउ ॥ १३ ॥ आउ णिहाल मुहु त णमहि तहुँ गम्पि ढसाणण-राणउ । जेण देइ पवलु चउरङ्ग-वलु इन्दहीँ उवरि पयाणउ' ॥ १४ ॥ कर, मन्त्रियोंको भेजिए और कन्याका पाणिग्रहण कर दीजिए । " यह वचन सुनकर उसने मय और मारीच को भेजा । प्रेपित वे तुरन्त गये ॥१-८॥ घत्ता - उन्होने विवाह कर लिया। विद्यासहित खर राज्य में स्थित हो गया । चन्द्रोदरकी विधवा पत्नी व्रतवती अनुराधाके वनसे निवास करते हुए विराधित नामका पुत्र हुआ । ॥९॥ [५] इसके अनन्तर, यसको सतानेवाले रावणने उक्त शल्य अपने मन में रखते हुए महामति दूतको वहाँ भेजा, जहाँ सुग्रीवका सगा भाई वाली था । दूतने बालीके सामने उपस्थित होते हुए कहा कि मुझे यह बतानेके लिए भेजा गया है कि हमारी उन्नीस राज्यपीढियाँ निरन्तर मित्रतासे रहती आयी है, कोई कीर्तिधवल नामका पुराना राजा था जो श्रीकण्ठके लिए अपना सिर तक देने को तैयार था । नौवी पीढीमें अमरप्रभ हुआ जिसने राक्षसों से अपना विवाह किया और जिसने ध्वजो पर वानरोके चित्र अंकित करवाये । दसवाँ श्रीसहित कपिकेतन हुआ । ग्यारहवाँ प्रतिपालके नाम से जाना जाता है तेरहवाँ श्रेष्ठ खेचरानन्द हुआ । चौदहवाँ गिरिकिंवेलूरबल, पन्द्रहवाँ अजितनन्दन, सोलहवाँ फिर उदधिरथ, जिसने तडित्केशके वियोगमे संन्यास ग्रहण किया । सत्तरहवाँ फिर किष्किन्ध हुआ, उसकी सुकेशने कौन-सी भलाई नही की । अठारहवाँ फिर सूर्यरज हुआ, यसका नाश कर जिसे इस नगरीसे प्रवेश दिलाया गया । तुम अव उन्नीसवे हो, अतः मनसे अहकार दूर कर राज्यका भोग करो ॥१-१३॥ घत्ता - आओ उसका मुख देखे, वहाँ चलकर दशाननको तुम नमस्कार करो जिससे वह अपनी चतुरग सेनाके साथ इन्द्रके ऊपर कूचका डंका बजवा सके ।।१४।।
पवहि महन्ता मुए वि रणु त वयणु सुर्णेवि मारिच-मय । तेहि विवाहु किउ सरु रजें थिउ अणुराहहॅ विज्ज-सहिउ । वर्णै णिवसन्तिय वय-वन्तिय सुउ उप्पण्णु विराहिउ ॥नौ॥ एत्थन्तरें जम-जूरावण । पट्टविउ महामइ दूत तहिं । वोत्क्राविउ था वि अहिमुहेण । एक्कूणवीस-रज्जन्तरइँ । को वि कित्तिधवलु णामेण चिरु । णवमउ परिणाविउ अमरपहु । दहमउ कइ-केयणु सिरि-सहिउ । कण्ण करन्तु पाणिग्हणु' ॥सात॥ पेसिय दहवत्त तुरिअ गय ॥आठ॥ वारहमउ णयणाणन्दयरु । चउदहमउ गिरि- किवेरवलु । सोलहमर पुणु को वि उवहिरउ । सत्तारहमउ किक्विन्धु पुणु । भट्टारहमउ पुणु सूररठ । तुहुँ एवहिं एक्कुणवीसमउ । त सल्लु धरेप्पिणु रावर्णेण ॥एक॥ सुग्गीव-सहोयरु वालि जहि ॥दो॥ 'हउँ एम विसज्जिउ दहमुहॅण ॥तीन॥ मित्तइयए गयई गिरन्तरइँ ॥ चार ॥ मिरिकण्ट- कज्जे थिउ देवि सिरु ॥पाँच॥ जे धए हि लिहाविउ कइ-णिवहु ॥ छः ॥ एयारहमउ पडिवलु कहिउ ॥सात॥ तेरहमउ खयराणन्दु वरु ॥ आठ ॥ पण्णारहमउ गन्दणु अजउ ॥नौ॥ तडिकेप-त्रिगमे किउ तेण तउ ॥ दस॥ तहाँ कवणु सुकेसे ण किउ गुणु ॥ दस॥ जमु भएवि तहों पहसारु कउ ॥ बारह ॥ अणुहुरों रज्जु मणे सुएवि सउ ॥ तेरह ॥ आउ णिहाल मुहु त णमहि तहुँ गम्पि ढसाणण-राणउ । जेण देइ पवलु चउरङ्ग-वलु इन्दहीँ उवरि पयाणउ' ॥ चौदह ॥ कर, मन्त्रियोंको भेजिए और कन्याका पाणिग्रहण कर दीजिए । " यह वचन सुनकर उसने मय और मारीच को भेजा । प्रेपित वे तुरन्त गये ॥एक-आठ॥ घत्ता - उन्होने विवाह कर लिया। विद्यासहित खर राज्य में स्थित हो गया । चन्द्रोदरकी विधवा पत्नी व्रतवती अनुराधाके वनसे निवास करते हुए विराधित नामका पुत्र हुआ । ॥नौ॥ [पाँच] इसके अनन्तर, यसको सतानेवाले रावणने उक्त शल्य अपने मन में रखते हुए महामति दूतको वहाँ भेजा, जहाँ सुग्रीवका सगा भाई वाली था । दूतने बालीके सामने उपस्थित होते हुए कहा कि मुझे यह बतानेके लिए भेजा गया है कि हमारी उन्नीस राज्यपीढियाँ निरन्तर मित्रतासे रहती आयी है, कोई कीर्तिधवल नामका पुराना राजा था जो श्रीकण्ठके लिए अपना सिर तक देने को तैयार था । नौवी पीढीमें अमरप्रभ हुआ जिसने राक्षसों से अपना विवाह किया और जिसने ध्वजो पर वानरोके चित्र अंकित करवाये । दसवाँ श्रीसहित कपिकेतन हुआ । ग्यारहवाँ प्रतिपालके नाम से जाना जाता है तेरहवाँ श्रेष्ठ खेचरानन्द हुआ । चौदहवाँ गिरिकिंवेलूरबल, पन्द्रहवाँ अजितनन्दन, सोलहवाँ फिर उदधिरथ, जिसने तडित्केशके वियोगमे संन्यास ग्रहण किया । सत्तरहवाँ फिर किष्किन्ध हुआ, उसकी सुकेशने कौन-सी भलाई नही की । अठारहवाँ फिर सूर्यरज हुआ, यसका नाश कर जिसे इस नगरीसे प्रवेश दिलाया गया । तुम अव उन्नीसवे हो, अतः मनसे अहकार दूर कर राज्यका भोग करो ॥एक-तेरह॥ घत्ता - आओ उसका मुख देखे, वहाँ चलकर दशाननको तुम नमस्कार करो जिससे वह अपनी चतुरग सेनाके साथ इन्द्रके ऊपर कूचका डंका बजवा सके ।।चौदह।।
अफीफ हुसैन (Afif Hussain) (नाबाद 93) और मेहदी हसन (Mehdi hasan) (नाबाद 81) के शानदार अर्धशतकों तथा उनके बीच सातवें विकेट के लिए 174 रन की मैच विजयी अविजित साझेदारी की बदौलत बांग्लादेश ने हैरतअंगेज वापसी करते हुए अफगानिस्तान (afghanistan Vs bangladesh 1st ODI live update) को पहले वनडे में बुधवार को सात गेंद शेष रहते चार विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। अफगानिस्तान की टीम 49. 1 ओवर में 215 रन पर सिमट गयी और उसने बांग्लादेश के छह विकेट 11. 2 ओवर तक 45 रन पर गिरा दिए। इस समय बांग्लादेश की हार तय नजर आ रही थी, लेकिन अफीफ और मेहदी (Afif and Mehdi) ने बांग्लादेश की जबरदस्त वापसी कराई। अफगानिस्तान फिर कोई और विकेट नहीं निकाल पाया और उसे सनसनीखेज हार का सामना करना पड़ा। अफीफ (Afif) ने नाबाद 93 रनों के लिए 115 गेंदों खेली और अपनी मैच विजयी पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाया, जबकि मेहदी हसन ने 120 गेंदों पर नौ चौकों की मदद से 81 रन बनाये। मेहदी हसन को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।
अफीफ हुसैन और मेहदी हसन के शानदार अर्धशतकों तथा उनके बीच सातवें विकेट के लिए एक सौ चौहत्तर रन की मैच विजयी अविजित साझेदारी की बदौलत बांग्लादेश ने हैरतअंगेज वापसी करते हुए अफगानिस्तान को पहले वनडे में बुधवार को सात गेंद शेष रहते चार विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में एक-शून्य की बढ़त बना ली। अफगानिस्तान की टीम उनचास. एक ओवर में दो सौ पंद्रह रन पर सिमट गयी और उसने बांग्लादेश के छह विकेट ग्यारह. दो ओवर तक पैंतालीस रन पर गिरा दिए। इस समय बांग्लादेश की हार तय नजर आ रही थी, लेकिन अफीफ और मेहदी ने बांग्लादेश की जबरदस्त वापसी कराई। अफगानिस्तान फिर कोई और विकेट नहीं निकाल पाया और उसे सनसनीखेज हार का सामना करना पड़ा। अफीफ ने नाबाद तिरानवे रनों के लिए एक सौ पंद्रह गेंदों खेली और अपनी मैच विजयी पारी में ग्यारह चौके और एक छक्का लगाया, जबकि मेहदी हसन ने एक सौ बीस गेंदों पर नौ चौकों की मदद से इक्यासी रन बनाये। मेहदी हसन को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।
काली गर्दन और कोहनी- अक्सर लोगों को काली गर्दन और काली कोहनी की शिकायत रहती है। यह न सिर्फ दिखने में बेकार लगते हैं बल्कि हाफ कपड़ों में जब कोहनी का कालापन दिखता है या डीप नेक में जब गर्दन पर मैल दिखता है तो यह काफी भद्दा लगता है। शरीर के इन हिस्सों का कालापन पूरी पर्सनेलिटी को फीका बना देता है। इसलिए आज हम इन्हें साफ और चमकदार बनाने के लिए कोई महंगी क्रीम या प्रॉडक्ट नहीं बल्कि घर में बनने वाले आसान पेस्ट का सुझाव दे रहे हैं। नीचे बताए हुए सभी पेस्ट शरीर के कुछ हिस्सों में जमे कालेपन को दूर करने में मदद करेंगे।
काली गर्दन और कोहनी- अक्सर लोगों को काली गर्दन और काली कोहनी की शिकायत रहती है। यह न सिर्फ दिखने में बेकार लगते हैं बल्कि हाफ कपड़ों में जब कोहनी का कालापन दिखता है या डीप नेक में जब गर्दन पर मैल दिखता है तो यह काफी भद्दा लगता है। शरीर के इन हिस्सों का कालापन पूरी पर्सनेलिटी को फीका बना देता है। इसलिए आज हम इन्हें साफ और चमकदार बनाने के लिए कोई महंगी क्रीम या प्रॉडक्ट नहीं बल्कि घर में बनने वाले आसान पेस्ट का सुझाव दे रहे हैं। नीचे बताए हुए सभी पेस्ट शरीर के कुछ हिस्सों में जमे कालेपन को दूर करने में मदद करेंगे।
नवरात्रि एक बहुप्रतीक्षित त्योहार है और इसकी शुरूआत इस साल 21 सितंबर से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस त्योहार के दौरान देवी शक्ति के नवरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि उपवास, शरीर को आंतरिक रूप से साफ करने और आने वाले ठंड के मौसम के लिये शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का समय होता है। इस दौरान ज्यादातर लोग अनाज, दालें और मांस-मछली नहीं खाते। हालांकि, उपवास के दौरान भूख मिटाने के लिये वे ऐसी चीजों का सेवन करते हैं, जिनसे सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इंडस हेल्थ प्लस की प्रीवेंटिव हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट कंचन नायकवाड़ी ने कहा, "लोगों को ऐसा लगता है कि नवरात्रि के दौरान उपवास करने से उनकी फिटनेस और सेहतमंद होने का लक्ष्य पूरा हो सकता है। लेकिन सच तो यह है कि तली-भुनी और चिकनाई युक्त चीजें खाकर उपवास करने से शरीर को नुकसान पहुंचता है। इसलिये, मौसम में बदलाव का ध्यान रखते हुये अच्छा और सेहतमंद आहार लेना आवश्यक होता है और इसमें नवरात्रि अहम भूमिका निभाती है। " यहां पर विशेषज्ञों के कुछ टिप्स दिये गये हैं, जो आपको उपवास के दौरान सेहतमंद बनाये रखेंगे.... नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाना अच्छा रहता है, इससे ब्लड ग्लूकोज के स्तर को बनाये रखने में मदद मिलती है और पूरे दिन आपको काम करने की स्फूर्ति मिलती है। हमेशा ही शरीर को हाइड्रेटेड बनाये रखने की सलाह दी जाती है। पानी के अलावा अन्य तरल पदार्थों को इस सूची में शामिल किया जा सकता है, जैसे नारियल पानी, ग्री टी, छाछ और नींबू पानी भी काफी अच्छे होते हैं। वैसे उपवास में खाई जानी वाली ज्यादातर चीजें तली-भुनी होती हैं, लेकिन उनकी जगह बेक की हुई, रोस्ट की गई या फिर ग्रिल की हुई सब्जियां भोजन को सेहतमंद बनाती हैं। कार्बोहाइड्रेट और फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थों के मिश्रित रूप वाला भोजन सेहतमंद विकल्प हो सकता है। आलू और साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट काफी अधिक मात्रा में होता है, जिन्हें शिमला मिर्च, टमाटर, पालक और गोभी जैसी सब्जियों के साथ मिलाकर खाया जा सकता है। नवरात्रि के दौरान आमतौर पर खाया जाने वाला कुट्टू का आटा भी कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का बेहतरीन मिश्रण होता है। अमरनाथ प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत होता है, जिन्हें उपवास के दौरान खाया जा सकता है। आप अमरनाथ का बना दलिया दूध के साथ तैयार कर सकते हैं या फिर ढेर सारी सब्जियों के साथ चटपटा दलिया बना सकते हैं। ऊर्जा के संकेंद्रित स्रोत जैसे नट्स और मेवे खाने से पूरे दिन ऊर्जा का स्तर बना रहता हैै। साबुत फल खाना, हमेशा ही जूस लेने से बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे आपको जरूरी फाइबर मिलते हैं और आप दिनभर पेट भरा हुआ महसूस करते हैं। अपने भोजन में डेयरी प्रोडक्ट्स की मात्रा बढ़ाएं खासकर दही और काॅटेज चीज के रूप में छाछ या लस्सी लें। भोजन में सामा के चावल को शामिल करने से वो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पचने में भी आसान होते हैं। मीठे के शौकीन सामा के चावल की खीर को फलों के साथ लेकर संतुष्टि पा सकते हैं। नवरात्रि के दौरान खासतौर से लिया जाने वाला सेंधा नमक, सेहत के लिये बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि यह पोषक तत्वों को ग्रहण करने में मदद करता है। शक्कर की जगह उसके सेहतमंद विकल्प गुड़ या शहद को शामिल करें। उपवास के दौरान भी व्यायाम करना जरूरी होता है। सुबह के समय योग और शाम में 40-50 मिनट की ब्रिस्क वाॅक करने से स्वस्थ रहने में मदद मिलती है और आलस दूर भागता है।
नवरात्रि एक बहुप्रतीक्षित त्योहार है और इसकी शुरूआत इस साल इक्कीस सितंबर से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस त्योहार के दौरान देवी शक्ति के नवरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि उपवास, शरीर को आंतरिक रूप से साफ करने और आने वाले ठंड के मौसम के लिये शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का समय होता है। इस दौरान ज्यादातर लोग अनाज, दालें और मांस-मछली नहीं खाते। हालांकि, उपवास के दौरान भूख मिटाने के लिये वे ऐसी चीजों का सेवन करते हैं, जिनसे सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इंडस हेल्थ प्लस की प्रीवेंटिव हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट कंचन नायकवाड़ी ने कहा, "लोगों को ऐसा लगता है कि नवरात्रि के दौरान उपवास करने से उनकी फिटनेस और सेहतमंद होने का लक्ष्य पूरा हो सकता है। लेकिन सच तो यह है कि तली-भुनी और चिकनाई युक्त चीजें खाकर उपवास करने से शरीर को नुकसान पहुंचता है। इसलिये, मौसम में बदलाव का ध्यान रखते हुये अच्छा और सेहतमंद आहार लेना आवश्यक होता है और इसमें नवरात्रि अहम भूमिका निभाती है। " यहां पर विशेषज्ञों के कुछ टिप्स दिये गये हैं, जो आपको उपवास के दौरान सेहतमंद बनाये रखेंगे.... नियमित अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाना अच्छा रहता है, इससे ब्लड ग्लूकोज के स्तर को बनाये रखने में मदद मिलती है और पूरे दिन आपको काम करने की स्फूर्ति मिलती है। हमेशा ही शरीर को हाइड्रेटेड बनाये रखने की सलाह दी जाती है। पानी के अलावा अन्य तरल पदार्थों को इस सूची में शामिल किया जा सकता है, जैसे नारियल पानी, ग्री टी, छाछ और नींबू पानी भी काफी अच्छे होते हैं। वैसे उपवास में खाई जानी वाली ज्यादातर चीजें तली-भुनी होती हैं, लेकिन उनकी जगह बेक की हुई, रोस्ट की गई या फिर ग्रिल की हुई सब्जियां भोजन को सेहतमंद बनाती हैं। कार्बोहाइड्रेट और फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थों के मिश्रित रूप वाला भोजन सेहतमंद विकल्प हो सकता है। आलू और साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट काफी अधिक मात्रा में होता है, जिन्हें शिमला मिर्च, टमाटर, पालक और गोभी जैसी सब्जियों के साथ मिलाकर खाया जा सकता है। नवरात्रि के दौरान आमतौर पर खाया जाने वाला कुट्टू का आटा भी कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का बेहतरीन मिश्रण होता है। अमरनाथ प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत होता है, जिन्हें उपवास के दौरान खाया जा सकता है। आप अमरनाथ का बना दलिया दूध के साथ तैयार कर सकते हैं या फिर ढेर सारी सब्जियों के साथ चटपटा दलिया बना सकते हैं। ऊर्जा के संकेंद्रित स्रोत जैसे नट्स और मेवे खाने से पूरे दिन ऊर्जा का स्तर बना रहता हैै। साबुत फल खाना, हमेशा ही जूस लेने से बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे आपको जरूरी फाइबर मिलते हैं और आप दिनभर पेट भरा हुआ महसूस करते हैं। अपने भोजन में डेयरी प्रोडक्ट्स की मात्रा बढ़ाएं खासकर दही और काॅटेज चीज के रूप में छाछ या लस्सी लें। भोजन में सामा के चावल को शामिल करने से वो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पचने में भी आसान होते हैं। मीठे के शौकीन सामा के चावल की खीर को फलों के साथ लेकर संतुष्टि पा सकते हैं। नवरात्रि के दौरान खासतौर से लिया जाने वाला सेंधा नमक, सेहत के लिये बहुत फायदेमंद होता है, क्योंकि यह पोषक तत्वों को ग्रहण करने में मदद करता है। शक्कर की जगह उसके सेहतमंद विकल्प गुड़ या शहद को शामिल करें। उपवास के दौरान भी व्यायाम करना जरूरी होता है। सुबह के समय योग और शाम में चालीस-पचास मिनट की ब्रिस्क वाॅक करने से स्वस्थ रहने में मदद मिलती है और आलस दूर भागता है।
अगले साल होने वाले मध्य प्रदेश (एमपी) विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी(सपा) चुनाव लड़ेंगी, इसकी घोषणा पार्टी ने की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फाइल फोटो) पार्टी ने यह भी कहा कि, "उसने आगामी राज्य चुनावों के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। " पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा, "भाजपा की नफरत की राजनीति के विकल्प के रूप में उभरने के लिए पार्टी अपनी पूरी ताकत के साथ मप्र में चुनाव लड़ेगी। यह केवल हमारी समाजवादी विचारधारा है जो भाजपा की नफरत की राजनीति को समाप्त करेगी। " जबकि समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश के बाहर एक प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में नहीं देखा जाता है, इसने हाल ही में गुजरात विधानसभा चुनावों में एक सीट जीती है। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी की स्थापना 1992 में मुलायम सिंह यादव ने की थी। इससे पहले सितंबर में पार्टी के एक सम्मेलन में अखिलेश यादव ने सपा को राष्ट्रीय पार्टी बनाने का संकल्प लिया था।
अगले साल होने वाले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी चुनाव लड़ेंगी, इसकी घोषणा पार्टी ने की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव पार्टी ने यह भी कहा कि, "उसने आगामी राज्य चुनावों के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है। " पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा, "भाजपा की नफरत की राजनीति के विकल्प के रूप में उभरने के लिए पार्टी अपनी पूरी ताकत के साथ मप्र में चुनाव लड़ेगी। यह केवल हमारी समाजवादी विचारधारा है जो भाजपा की नफरत की राजनीति को समाप्त करेगी। " जबकि समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश के बाहर एक प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में नहीं देखा जाता है, इसने हाल ही में गुजरात विधानसभा चुनावों में एक सीट जीती है। गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी की स्थापना एक हज़ार नौ सौ बानवे में मुलायम सिंह यादव ने की थी। इससे पहले सितंबर में पार्टी के एक सम्मेलन में अखिलेश यादव ने सपा को राष्ट्रीय पार्टी बनाने का संकल्प लिया था।
Mirzapur 3 और Aashram 2 जैसी सीरीज कब होंगी रिलीज? मिर्जापुर 3 हो या आश्रम 2 या फिर असुर 2, ऐसी ही कई वेब सीरीज का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ये वेब सीरीज खासा फेसम हुई थीं, इसलिए इनके आने वाले पार्ट्स से दर्शकों को काफी उम्मीदे हैं। मिर्जापुर 2 के लिए तो फैंस तो क्या स्टार्स भी मांग करने लगे थे कि इसे जल्द रिलीज किया जाए। आश्रम में बॉबी देओल की दमदार परफोर्मेंस लोग मिस कर रहे हैं। यहां जानिए इन वेब सीरीज का अपडेट।
Mirzapur तीन और Aashram दो जैसी सीरीज कब होंगी रिलीज? मिर्जापुर तीन हो या आश्रम दो या फिर असुर दो, ऐसी ही कई वेब सीरीज का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ये वेब सीरीज खासा फेसम हुई थीं, इसलिए इनके आने वाले पार्ट्स से दर्शकों को काफी उम्मीदे हैं। मिर्जापुर दो के लिए तो फैंस तो क्या स्टार्स भी मांग करने लगे थे कि इसे जल्द रिलीज किया जाए। आश्रम में बॉबी देओल की दमदार परफोर्मेंस लोग मिस कर रहे हैं। यहां जानिए इन वेब सीरीज का अपडेट।
ठाकुरद्वारा - पुलिस चौकी ठाकुरद्वारा के अंतर्गत पड़ते गांव रतनगढ़ में रविवार रात अज्ञात चोर खेत में सिंचाई के लिए लगाई गई मोटर को चोरी कर ले गए। पीडि़त शांति सरूप निवासी बकराड़बा डाकघर ठाकुरद्वारा ने बताया कि उसकी गांव रतनगढ़ में चार कनाल के लगभग भूमि है और फसल की सिंचाई हेतु कमरा बनाकर थ्री फेस बिजली का कनेक्शन लेकर मोटर लगाई है । रविवार रात मैं धान की फसल को मोटर का पानी लगाकर मोटर को बंद करके कमरा बंद कर घर आ गया। सोमवार सुबह खेतों में जाकर देखा तो मोटर वाले कमरे का ताला टूटा पड़ा था और अंदर पानी की मोटर चोरी हो चुकी थी। इसकी सूचना तुरंत पंचायत प्रधान बकराड़बा को दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गर्द। वहीं, इस चोरी में उनका मोटर सहित कुल 30 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।
ठाकुरद्वारा - पुलिस चौकी ठाकुरद्वारा के अंतर्गत पड़ते गांव रतनगढ़ में रविवार रात अज्ञात चोर खेत में सिंचाई के लिए लगाई गई मोटर को चोरी कर ले गए। पीडि़त शांति सरूप निवासी बकराड़बा डाकघर ठाकुरद्वारा ने बताया कि उसकी गांव रतनगढ़ में चार कनाल के लगभग भूमि है और फसल की सिंचाई हेतु कमरा बनाकर थ्री फेस बिजली का कनेक्शन लेकर मोटर लगाई है । रविवार रात मैं धान की फसल को मोटर का पानी लगाकर मोटर को बंद करके कमरा बंद कर घर आ गया। सोमवार सुबह खेतों में जाकर देखा तो मोटर वाले कमरे का ताला टूटा पड़ा था और अंदर पानी की मोटर चोरी हो चुकी थी। इसकी सूचना तुरंत पंचायत प्रधान बकराड़बा को दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गर्द। वहीं, इस चोरी में उनका मोटर सहित कुल तीस हजार रुपए का नुकसान हुआ है।
Karan Johar: धर्मा प्रोडक्शन ने करण जौहर को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा अपने सिनेमैटिक ब्रिलियंस से सभी को 'ख़ुशी' देने से लेकर, हर किसी को अपनी अलग-अलग 'प्रेम कहानियों' का दीवाना बनाने तक - वह जादू कर देता है! Karan Johar: करण जौहर का जन्म 25 मई 1972 को मुंबई में हुआ था। करण जौहर के पिता का नाम यश जौहर और माता का नाम हीरो जौहर है। डायरेक्टर ने अपने करियर के 25 साल पूरे कर लिए है।
Karan Johar: धर्मा प्रोडक्शन ने करण जौहर को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए लिखा अपने सिनेमैटिक ब्रिलियंस से सभी को 'ख़ुशी' देने से लेकर, हर किसी को अपनी अलग-अलग 'प्रेम कहानियों' का दीवाना बनाने तक - वह जादू कर देता है! Karan Johar: करण जौहर का जन्म पच्चीस मई एक हज़ार नौ सौ बहत्तर को मुंबई में हुआ था। करण जौहर के पिता का नाम यश जौहर और माता का नाम हीरो जौहर है। डायरेक्टर ने अपने करियर के पच्चीस साल पूरे कर लिए है।
यूपी निकाय चुनाव के दूसरे चरण का चुनाव प्रचार करने सुलतानपुर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा बसपा पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन के साथ एक और इंजन जोड़ने से आपके जिले में विकास की धारा बहेगी। सुलतानपुर, जेएनएन। UP Civic Elections मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में जुटे हैं। आज सुलतानपुर के सर्कस ग्राउंड पर आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में मतदान चल रहा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में मतदाता आशीर्वाद प्रदान कर रहे। दूसरे चरण में 38 जनपदों में चुनाव होगा। नगर निकाय का बोर्ड नगर के समग्र विकास को आगे बढ़ा सके इसलिए बीजेपी ने सभी जगह प्रत्याशी उतारे हैं। यह भी जनपद है जिसके बारे में कहा जाता है की त्रेता युग में हनुमान जी ने कालनेमी का वध किया था। आपका एक वोट जिले और प्रदेश को अपराध और अपराधियों से निजात दिला सकता है। कूरेभार के पास एयर स्ट्रिप बनाकर जिले के निवासियों ने साबित कर दिया है यहां समर्थ और शक्ति भी है। सीएम ने कहा कि औद्योगिक गलियारा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बनेगा। मेडिकल कालेज बन रहा है। चीनी मिल के पुनरोद्धार की कवायद शुरू हो गई है। फोरलेन से जुड़ रहा है। 2014 के बाद व्यापक परिवर्तन आया है। आधा पौन घंटे में अयोध्या से कहीं भी जाया जा सकेगा। इसी साल एयरपोर्ट भी तैयार हो जाएगा। एक और एक्सप्रेस-वे के साथ प्रदेश का इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ। अब सरकार होली दिवाली पर मुफ्त गैस कनेक्शन देगी। हर वर्ष 5 लाख करोड़ की स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाएगा। फिलहाल प्रदेश के 15 करोड़ लोग मुफ्त राशन का लाभ ले रहे हैं। रोजगार तो पूर्व की सरकारों में नहीं मिला तमंचा जरूर पकड़ा दिया। भाजपा सरकार में 2 करोड़ युवकों को लैपटाप-टैबलेट दिए गए हैं। आज हर व्यापारी को सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध कराया गया है। ब्याज मुक्त ऋण पटरी दुकानदारों को मिल रहा है। डबल के साथ एक और इंजन जुड़ सके, इसके लिए अच्छा बोर्ड नगर निकाय का बने इसलिए बीजेपी आपके पास आई है। सीएम योगी ने कहा कि निकाय चुनाव में पूर्ण विजयी होना चाहिए। तभी विकास प्रस्ताव आसानी से पास कराने में मदद मिलेगी। केंद्र व राज्य के धन का सही इस्तेमाल हो इसके लिए पूर्ण बहुमत जरूरी है। आप सभी सहमत हैं न। भारत माता की जय। जय जय श्रीराम के साथ उन्होंने अपना संबोधन समाप्त किया।
यूपी निकाय चुनाव के दूसरे चरण का चुनाव प्रचार करने सुलतानपुर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा बसपा पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन के साथ एक और इंजन जोड़ने से आपके जिले में विकास की धारा बहेगी। सुलतानपुर, जेएनएन। UP Civic Elections मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दूसरे चरण के चुनाव प्रचार में जुटे हैं। आज सुलतानपुर के सर्कस ग्राउंड पर आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में मतदान चल रहा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में मतदाता आशीर्वाद प्रदान कर रहे। दूसरे चरण में अड़तीस जनपदों में चुनाव होगा। नगर निकाय का बोर्ड नगर के समग्र विकास को आगे बढ़ा सके इसलिए बीजेपी ने सभी जगह प्रत्याशी उतारे हैं। यह भी जनपद है जिसके बारे में कहा जाता है की त्रेता युग में हनुमान जी ने कालनेमी का वध किया था। आपका एक वोट जिले और प्रदेश को अपराध और अपराधियों से निजात दिला सकता है। कूरेभार के पास एयर स्ट्रिप बनाकर जिले के निवासियों ने साबित कर दिया है यहां समर्थ और शक्ति भी है। सीएम ने कहा कि औद्योगिक गलियारा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बनेगा। मेडिकल कालेज बन रहा है। चीनी मिल के पुनरोद्धार की कवायद शुरू हो गई है। फोरलेन से जुड़ रहा है। दो हज़ार चौदह के बाद व्यापक परिवर्तन आया है। आधा पौन घंटे में अयोध्या से कहीं भी जाया जा सकेगा। इसी साल एयरपोर्ट भी तैयार हो जाएगा। एक और एक्सप्रेस-वे के साथ प्रदेश का इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ। अब सरकार होली दिवाली पर मुफ्त गैस कनेक्शन देगी। हर वर्ष पाँच लाख करोड़ की स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाएगा। फिलहाल प्रदेश के पंद्रह करोड़ लोग मुफ्त राशन का लाभ ले रहे हैं। रोजगार तो पूर्व की सरकारों में नहीं मिला तमंचा जरूर पकड़ा दिया। भाजपा सरकार में दो करोड़ युवकों को लैपटाप-टैबलेट दिए गए हैं। आज हर व्यापारी को सुरक्षा बीमा का कवर उपलब्ध कराया गया है। ब्याज मुक्त ऋण पटरी दुकानदारों को मिल रहा है। डबल के साथ एक और इंजन जुड़ सके, इसके लिए अच्छा बोर्ड नगर निकाय का बने इसलिए बीजेपी आपके पास आई है। सीएम योगी ने कहा कि निकाय चुनाव में पूर्ण विजयी होना चाहिए। तभी विकास प्रस्ताव आसानी से पास कराने में मदद मिलेगी। केंद्र व राज्य के धन का सही इस्तेमाल हो इसके लिए पूर्ण बहुमत जरूरी है। आप सभी सहमत हैं न। भारत माता की जय। जय जय श्रीराम के साथ उन्होंने अपना संबोधन समाप्त किया।
शादीशुदा जिंदगी तभी ही खुशहाल रह सकती है जब इस रिश्ते को सही से चलाने के लिए दोनों कोशिश करें। ऐसे में दोनों के लिए जरूरी है कि वे अपने पार्टनर की खुशी का ख्याल रखें। छोटी छोटी पर बातों पर ध्यान देकर भी रिश्ते को मजबूत बनाया जा सकता है। इसके लिए आज हम आपको पति को खुश रखने के लिए कुछ तरीके बताने जा रहे हैं। शादीशुदा जिंदगी तभी ही खुशहाल रह सकती है जब इस रिश्ते को सही से चलाने के लिए दोनों कोशिश करें। ऐसे में दोनों के लिए जरूरी है कि वे अपने पार्टनर की खुशी का ख्याल रखें। छोटी छोटी पर बातों पर ध्यान देकर भी रिश्ते को मजबूत बनाया जा सकता है। इसके लिए आज हम आपको पति को खुश रखने के लिए कुछ तरीके बताने जा रहे हैं। जिसे अपनाकर आप अपने पति को खुश रख सकती हैं। तो आइए जानते हैं इन टिप्स के बारे में। - अगर आप खुद को अच्छी पत्नी बनाना चाहती हैं, तो सबसे पहले अपने पति और उनकी पसंद-नापसंद को जानने की कोशिश करें। जिससे आप उन्हें खुश रख सकेंगी और उनके दिल में जगह बना सकेगीं। - लड़की हो या लड़का हर कोई अपने पेरेंट्स के क्लोज होता है। ऐसे में अगर आप पति के पेरेंट्स यानि सास-ससुर का ख्याल रखेंगी, तो पति हमेशा खुश रहेंगे। - आमतौर पर माना जाता है कि पति के दिल को जीतने का आसान तरीका है उनकी पसंद का खाना बनाकर खिलान। ऐसे में अगर आप उन्हें हमेशा खुश रखना चाहती हैं, तो कभी-कभी पति की फेवरेट डिश बनाएं और अपने हाथों से खिलाएं। - अगर पति को खुश रखना चाहती हैं, तो ऐसे में उन्हें पर्सनल स्पेस जरूर दें। क्योंकि पर्सनल स्पेस लाइफ का वो पार्ट होता है। जिसमें हर कोई अपनी हॉबीज और अपने फैमिली-फ्रेंड्स के साथ टाइम स्पेंड करते हैं। - किसी भी रिश्ते में खुशहाली और हैप्पीनेस तभी रहती है जब रिश्ते के दोनों लोग यानि खुश रहें। अगर आप अपने पति को हमेशा खुश देखना चाहती हैं, तो ऐसे में पहले खुद खुश रहने की आदत बनाएं। इससे घर का माहौल भी खुशनुमा बना रहेगा। - शादी में आपसी तालमेल होना बेहद जरुरी होता है। ऐसे में अगर आप अपने पति से किसी तरह की बात छुपाती हैं, तो उन्हें बेहद दुख पहुंचेगा। इसलिए अगर पति को खुश रखना चाहती हैं, तो उनसे हर बात शेयर करें। इससे रिश्ता मजबूत होगा। साथ ही एक-दूसरे पर विश्वास बढ़ेगा।
शादीशुदा जिंदगी तभी ही खुशहाल रह सकती है जब इस रिश्ते को सही से चलाने के लिए दोनों कोशिश करें। ऐसे में दोनों के लिए जरूरी है कि वे अपने पार्टनर की खुशी का ख्याल रखें। छोटी छोटी पर बातों पर ध्यान देकर भी रिश्ते को मजबूत बनाया जा सकता है। इसके लिए आज हम आपको पति को खुश रखने के लिए कुछ तरीके बताने जा रहे हैं। शादीशुदा जिंदगी तभी ही खुशहाल रह सकती है जब इस रिश्ते को सही से चलाने के लिए दोनों कोशिश करें। ऐसे में दोनों के लिए जरूरी है कि वे अपने पार्टनर की खुशी का ख्याल रखें। छोटी छोटी पर बातों पर ध्यान देकर भी रिश्ते को मजबूत बनाया जा सकता है। इसके लिए आज हम आपको पति को खुश रखने के लिए कुछ तरीके बताने जा रहे हैं। जिसे अपनाकर आप अपने पति को खुश रख सकती हैं। तो आइए जानते हैं इन टिप्स के बारे में। - अगर आप खुद को अच्छी पत्नी बनाना चाहती हैं, तो सबसे पहले अपने पति और उनकी पसंद-नापसंद को जानने की कोशिश करें। जिससे आप उन्हें खुश रख सकेंगी और उनके दिल में जगह बना सकेगीं। - लड़की हो या लड़का हर कोई अपने पेरेंट्स के क्लोज होता है। ऐसे में अगर आप पति के पेरेंट्स यानि सास-ससुर का ख्याल रखेंगी, तो पति हमेशा खुश रहेंगे। - आमतौर पर माना जाता है कि पति के दिल को जीतने का आसान तरीका है उनकी पसंद का खाना बनाकर खिलान। ऐसे में अगर आप उन्हें हमेशा खुश रखना चाहती हैं, तो कभी-कभी पति की फेवरेट डिश बनाएं और अपने हाथों से खिलाएं। - अगर पति को खुश रखना चाहती हैं, तो ऐसे में उन्हें पर्सनल स्पेस जरूर दें। क्योंकि पर्सनल स्पेस लाइफ का वो पार्ट होता है। जिसमें हर कोई अपनी हॉबीज और अपने फैमिली-फ्रेंड्स के साथ टाइम स्पेंड करते हैं। - किसी भी रिश्ते में खुशहाली और हैप्पीनेस तभी रहती है जब रिश्ते के दोनों लोग यानि खुश रहें। अगर आप अपने पति को हमेशा खुश देखना चाहती हैं, तो ऐसे में पहले खुद खुश रहने की आदत बनाएं। इससे घर का माहौल भी खुशनुमा बना रहेगा। - शादी में आपसी तालमेल होना बेहद जरुरी होता है। ऐसे में अगर आप अपने पति से किसी तरह की बात छुपाती हैं, तो उन्हें बेहद दुख पहुंचेगा। इसलिए अगर पति को खुश रखना चाहती हैं, तो उनसे हर बात शेयर करें। इससे रिश्ता मजबूत होगा। साथ ही एक-दूसरे पर विश्वास बढ़ेगा।
लखनऊः यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के वो वीर सैनिक या जवान जो देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं उनके उस बलिदान को सरकार कभी नहीं भुलेगी। इसके साथ यह भी कहा कि लोग भी उनकी वीरता को सदैव याद करें उसके लिए हमें कुछ ठोस काम करने होंगे जो लोगों के जेहन में सदैव के लिए अंकित रहे। शहीदों को सम्मान देने के क्रम में योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहीदों के नाम पर संपर्क मार्गों के नामकरण करने का फैसला किया और उसी क्रम में कुछ मार्गों के नामकरण की संस्तुति भी दी। - स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. रामचंद्र विद्यार्थी को नमन करते हुए जिला देवरिया के अंतर्गत छोटी गण्डक नहर पर निर्मित सेतु एवं पकड़ी से नौतन हथियागढ़ पिच रोड का नाम 'शहीद रामचंद्र विद्यार्थी' मार्ग के नाम से करने की संस्तुति दी है। - योगी आदित्य नाथ ने स्वतंत्रता आंदोलन में प्राणोत्सर्ग करने वाले शहीद किसान गुलाब सिंह जी को नमन करते हुए जिला एटा के अंतर्गत गिरोरा सरनऊ भोजपुर मार्ग का नामकरण 'शहीद किसान गुलाब सिंह' मार्ग के नाम से करने की संस्तुति प्रदान की है। - कश्मीर में सर्वोच्च बलिदान करने वाले शहीद शशांक कुमार सिंह जी की अप्रतिम वीरता को नमन करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने जिला गाजीपुर स्थित पारा कासिमाबाद मार्ग का नामकरण 'शहीद शशांक कुमार सिंह' मार्ग के नाम से करने की संस्तुति प्रदान की है। - पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए स्व. अवधेश यादव जी को श्रद्धांजलि ज्ञापित करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने जिला चंदौली के ग्राम बहादुरपुर पड़ाव भूपौली मार्ग का नामकरण 'शहीद अवधेश यादव' मार्ग के नाम से करने की स्वीकृति प्रदान की है। - देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के प्रति श्रद्धांजलि ज्ञापित करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने जिला जौनपुर के सिद्दीकपुर मार्ग से भुकुरा होते हुए जमुहई मार्ग का नामकरण 'शहीद सैनिक राजेश कुमार सिंह' मार्ग से किए जाने की संस्तुति दी है। - जी ने त्रिपुरा में शहीद हुए श्री बजरंगी विश्वकर्मा जी के अप्रतिम शौर्य को नमन करते हुए जिला अम्बेडकर नगर के बरियावन से टाण्डा मार्ग का नामकरण 'शहीद बजरंगी विश्वकर्मा' मार्ग के नाम से किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। - पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए स्व. रमेश यादव जी की अप्रतिम वीरता को नमन करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने जनपद वाराणसी के ग्राम मिल्कोपुर उमरहा वाया तोफापुर मार्ग का नामकरण 'शहीद रमेश यादव' मार्ग के नाम से करने की स्वीकृति प्रदान की है। CM योगी आदित्यनाथ ने 1971 में भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए स्व. बड़े सिंह जी को श्रद्धांजलि ज्ञापित करते हुए जिला कानुपर देहात के विकास खण्ड सरवनखेड़ा के अंतर्गत रसूलपुर गोगोमऊ दुआरी सम्पर्क मार्ग का नामकरण 'शहीद बड़े सिंह' मार्ग के नाम से करने की संस्तुति दी है।
लखनऊः यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के वो वीर सैनिक या जवान जो देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं उनके उस बलिदान को सरकार कभी नहीं भुलेगी। इसके साथ यह भी कहा कि लोग भी उनकी वीरता को सदैव याद करें उसके लिए हमें कुछ ठोस काम करने होंगे जो लोगों के जेहन में सदैव के लिए अंकित रहे। शहीदों को सम्मान देने के क्रम में योगी आदित्यनाथ सरकार ने शहीदों के नाम पर संपर्क मार्गों के नामकरण करने का फैसला किया और उसी क्रम में कुछ मार्गों के नामकरण की संस्तुति भी दी। - स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. रामचंद्र विद्यार्थी को नमन करते हुए जिला देवरिया के अंतर्गत छोटी गण्डक नहर पर निर्मित सेतु एवं पकड़ी से नौतन हथियागढ़ पिच रोड का नाम 'शहीद रामचंद्र विद्यार्थी' मार्ग के नाम से करने की संस्तुति दी है। - योगी आदित्य नाथ ने स्वतंत्रता आंदोलन में प्राणोत्सर्ग करने वाले शहीद किसान गुलाब सिंह जी को नमन करते हुए जिला एटा के अंतर्गत गिरोरा सरनऊ भोजपुर मार्ग का नामकरण 'शहीद किसान गुलाब सिंह' मार्ग के नाम से करने की संस्तुति प्रदान की है। - कश्मीर में सर्वोच्च बलिदान करने वाले शहीद शशांक कुमार सिंह जी की अप्रतिम वीरता को नमन करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने जिला गाजीपुर स्थित पारा कासिमाबाद मार्ग का नामकरण 'शहीद शशांक कुमार सिंह' मार्ग के नाम से करने की संस्तुति प्रदान की है। - पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए स्व. अवधेश यादव जी को श्रद्धांजलि ज्ञापित करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने जिला चंदौली के ग्राम बहादुरपुर पड़ाव भूपौली मार्ग का नामकरण 'शहीद अवधेश यादव' मार्ग के नाम से करने की स्वीकृति प्रदान की है। - देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के प्रति श्रद्धांजलि ज्ञापित करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने जिला जौनपुर के सिद्दीकपुर मार्ग से भुकुरा होते हुए जमुहई मार्ग का नामकरण 'शहीद सैनिक राजेश कुमार सिंह' मार्ग से किए जाने की संस्तुति दी है। - जी ने त्रिपुरा में शहीद हुए श्री बजरंगी विश्वकर्मा जी के अप्रतिम शौर्य को नमन करते हुए जिला अम्बेडकर नगर के बरियावन से टाण्डा मार्ग का नामकरण 'शहीद बजरंगी विश्वकर्मा' मार्ग के नाम से किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। - पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए स्व. रमेश यादव जी की अप्रतिम वीरता को नमन करते हुए CM योगी आदित्यनाथ ने जनपद वाराणसी के ग्राम मिल्कोपुर उमरहा वाया तोफापुर मार्ग का नामकरण 'शहीद रमेश यादव' मार्ग के नाम से करने की स्वीकृति प्रदान की है। CM योगी आदित्यनाथ ने एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर में भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए स्व. बड़े सिंह जी को श्रद्धांजलि ज्ञापित करते हुए जिला कानुपर देहात के विकास खण्ड सरवनखेड़ा के अंतर्गत रसूलपुर गोगोमऊ दुआरी सम्पर्क मार्ग का नामकरण 'शहीद बड़े सिंह' मार्ग के नाम से करने की संस्तुति दी है।
अमरावती/ दि. 1- गाडगे नगर पुलिस थाना क्षेत्र के महेंद्र कॉलोनी मांडवा झोपडपट्टी में रहने वाले आरोपी आशिष गणेश वानखडे ने एक 35 वर्षीय महिला पर बलात्कार कर अश्लिल तस्वीर व वीडियो बनाया. जिसके सहारे ब्लैकमेल करते हुए महिला की कई बार आबरु लूटी. इस शिकायत पर गाडगे नगर पुलिस ने आरोपी आशिष के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरु की.
अमरावती/ दि. एक- गाडगे नगर पुलिस थाना क्षेत्र के महेंद्र कॉलोनी मांडवा झोपडपट्टी में रहने वाले आरोपी आशिष गणेश वानखडे ने एक पैंतीस वर्षीय महिला पर बलात्कार कर अश्लिल तस्वीर व वीडियो बनाया. जिसके सहारे ब्लैकमेल करते हुए महिला की कई बार आबरु लूटी. इस शिकायत पर गाडगे नगर पुलिस ने आरोपी आशिष के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरु की.
2000 से उन्नत रूसी मालीतैयारी "बाइकल ईएम -1" ज्ञात है। जटिल उर्वरक के प्रयोग से आप कार्बनिक पदार्थों के साधारण आवेदन से चार गुना अधिक बढ़ सकते हैं। दुर्भाग्य से, सभी को निर्देशों को ध्यान से पढ़ने और सरल नियमों के अनुसार कार्य करने के लिए धैर्य नहीं है। जैविक खेती के तरीके मौजूद हैंपृथ्वी की खेती की शुरुआत का समय लेकिन अद्वितीय कार्बनिक (ईएम) प्रौद्योगिकियों के विकास में वास्तविक सफलता, मिट्टी की उत्पादकता और उर्वरता में वृद्धि, बाइकल ईएम -1 का निर्माण और व्यापक उपयोग था। वैज्ञानिक इतने लंबे समय तक बाइकल ईएम-1 उर्वरक का उत्पादन क्यों नहीं कर पाए? उर्वरता बढ़ाने के लिए जैविक उपयोगमृदा समय-परीक्षण डिवाइस है हालांकि यह पता चला है कि यदि केवल ऐसे उर्वरकों को धरती में पेश किया जाता है, तो उपज वृद्धि केवल पहले दो वर्षों के दौरान होने की उम्मीद की जा सकती है, फिर सब कुछ देता हैः दोनों बीमारियां, और कीटनाशक, और पौधे उत्पीड़न। क्यों? Chernozems के अध्ययनों से पता चला है कि एक मेंमिट्टी के ग्राम में बहुत अधिक बैक्टीरिया रहता है- लगभग 2.5 बिलियन। ये छोटे खनिज में और जटिल कार्बनिक यौगिक में जैविक अवशेषों प्रसंस्करण, समानांतर macromolecular परिसर synthesizing व्यस्त सूक्ष्मजीवों - humic एसिड। यह पौधों के लिए पोषक तत्वों की मिट्टी में एक आरक्षित पैदा करने वाले ये एसिड हैं। यही कारण है कि मिट्टी की उर्वरता में सुधार करने के मिट्टी सूक्ष्मजीवों के जीवन गतिविधि गुणा करने के लिए उपयुक्त परिस्थितियों के निर्माण के लिए आवश्यक है और वे मर नहीं किया था, उसके बाद ही खेती की मिट्टी का एक सामान्य परत के रूप में, है। और यह एक सक्रिय जीवन जीव शुरू किः केंचुआ, कीट लार्वा, आदि मिट्टी की दृष्टि से सबसे अधिक लाभकारी केंचुआ, कार्बनिक पदार्थ और खनिज मिट्टी घटकों के अवशेष के माध्यम से पारित कर रहे हैं .. दवा के डेवलपर्स ने बहुत प्रयास किए, बाइकल ईएम -1 की प्रभावशीलता को साबित करते हुए आज के लिए दवा का उपयोग राज्य निकायों द्वारा अनुमत है। किसी भी जीवित पर्यावरण (पौधे की सतह, मिट्टी,जैविक अपशिष्ट) बाइकाल ईएम -1 के संपर्क में जीवन-प्रभाव का सामना करना पड़ रहा हैः इसका विकास अधिक उपयोगी होता है, रोगजनक रोगाणुओं से शुद्धिकरण और हानिकारक रसायन शास्त्र होता है। दवा चार के लिए परीक्षण किया गया थासीआईएस देशों और रूसी क्षेत्रों में वर्षों। अग्रणी कृषि अनुसंधान संस्थानों (राज्य कृषि अकादमी Timiryazev (मास्को के नाम पर), कृषि राज्य विश्वविद्यालय एनआई Vavilov (सेराटोव के नाम पर), कृषि सूक्ष्म जीव विज्ञान के लिए सभी रूसी संस्थान (सेंट पीटर्सबर्ग)) मौलिक अनुसंधान किया जाता है। यह मिट्टी और पैदावार बढ़ाने की पूर्ण वसूली नोट किया गया था। हालांकि डिजिटल वादों (खनिज उर्वरकों के तत्काल आवेदन के रूप में) देने के लिए लगभग असंभव है - परिणाम कारकों में से एक बड़ी संख्या को प्रभावित करता हैः राज्य और मिट्टी, सटीकता और उपयोग की तीव्रता के प्रदूषण की प्रकृति। जैकल उर्वरकों के उपयोग में बाइक ईएम -1 पर आधारित रुझान निम्नानुसार हैंः मात्रात्मक परिणाम, मिट्टी की पिछली अवस्था के आधार पर, हमेशा स्थिर नहीं होते हैं। बालिक ईएम-1 उर्वरक का उपयोग करते समय गुणात्मक संकेतक अधिक स्थिर होते हैंः नियंत्रण क्षेत्र में आवेदन का आकलन करते समयतैयारी "बाइकल ईएम -1" के निर्देशों के अनुसार, समीक्षा में फल के आकार में वृद्धि की भी चिंता है यह एक अनुकूल वातावरण में पौधे की आनुवंशिक क्षमता की प्राप्ति के कारण है। वायरल और फंगल रोगों के लिए पौधों के प्रतिरोध को बढ़ाने से तरल उर्वरक "बैकल ईएम -1" के कार्य में से एक है। आवेदन के पहले वर्ष के बाद ट्रक किसानों की प्रतिक्रिया इस प्रकार हैः ईएम पहला उत्पाद है जिसकी ज़रूरत हैध्यान से "बाइकल ईएम -1" से खुद करो। इस उत्पाद का उपयोग परिवहन की सुविधा (कुल 30 मिलीलीटर) और लंबी शेल्फ लाइफ (1 वर्ष) के कारण है। ध्यान में रखते हुए सूक्ष्मजीव एक गैर-कार्यरत, नींद की स्थिति में हैं। उनका जागृति तब होता है जब एक पोषक माध्यम और वांछित तापमान होता है। किण्वन के तापमान से ध्यान केंद्रित "बाइकल ईएम -1" से बने तैयारी के उद्देश्य पर निर्भर करता है। समीक्षा इस प्रकार हैः विभिन्न उद्देश्यों में उपयोग के लिए, एक ईएम समाधान पारंपरिक (गैर-क्लोरिनेटेड) पानी के आधार पर तैयार किया जाता हैः में सही जलीय ईएम-समाधान बनाने के लिएजबकि एक ही मात्रा में बुधवार को ईएम तैयारी आप पौष्टिक (मीठा) बनाने की जरूरत है (- जाम, सिरप या शहद की एक चम्मच दवा के एक चम्मच पर) बना रही है। आप एक ही मात्रा में सो चीनी गिर सकती है। ईएम समाधान हलचल और एक दिन के लिए छोड़ देना चाहिए। उपयोग ईएम समाधान तीन दिन के भीतर किया जाना चाहिए। काम करने के लिए इसे तैयार करना आवश्यक होगाबायोकल ईएम -1 का उपयोग करके उपरोक्त तकनीक का उपयोग करके खाद गर्मियों में खाद का उपयोग बहुत काम की सुविधा देगा। यदि यह नहीं किया जा सकता है, तो आपको इस समय (कटा हुआ हरा द्रव्यमान, पौधे बना हुआ है, घास का घास, पीट, खाद) उपलब्ध सभी जैविक अवशेषों (ज़ेलनोक) का उपयोग करना होगा। (- एक चम्मच एक बाल्टी में) यह एक खाई गहराई और अप करने के लिए पच्चीस सेंटीमीटर की चौड़ाई (संगीन कुदाल) खुदाई करने के लिए वहाँ Zelenka रखना, खुदाई पृथ्वी, राख, डोलोमाइट आटा की एक छोटी राशि को भरने, मिश्रण अच्छी तरह से और ईएम समाधान के सामान्य एकाग्रता में फेंक आवश्यक है। खाई में मिश्रण 6 सेंटीमीटर ऊँचा होना चाहिए। आगे हमें अगले खाई को खोदने की आवश्यकता है। एक तख्तापलट के बिना मिट्टी की ऊपरी परत पिछली खपत में रखी गई है, इसे बंद करना। इस प्रकार पूरी साइट को पारित करने के बाद, आपको इसकी ज़रूरत हैइसकी समाप्ति की जांच करें, ईएम कंपोस्ट (आप पीट सकते हैं) प्रति वर्ग मीटर प्रति किलो 1 की दर से, हल्के ढंग से पृथ्वी को रिकोपाट कर सकते हैं और प्रति वर्ष 5 बाल्टी की दर से क्षेत्र ईएम-समाधान पानी निकाल सकते हैं। इस तरह की साइट बुखार के निर्माण पर शरद ऋतु के बाद से काम कर रही है। और पहले खाद रखी गई थी, ठंडे मौसम की शुरुआत से पहले सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ जाती है। उनका कार्य बर्फ के नीचे गंभीर ठंढ की शुरुआत से पहले जारी रहेगा, जब मिट्टी जमा हो जाएगी। वसंत में, ऐसी भूमि बहुत पहले जागृत हो जाती है। मिट्टी माइक्रोबुना जून तक पूरी तरह से ठीक हो जाएगी। (वसंत में बाइकल ईएम -1 का एक ही उद्देश्य से आवेदन संचलन से पृथ्वी का एक हिस्सा निकाल देगा।) अपने लिए अधिकतम कार्य निर्धारित करने के बाद, आप कर सकते हैंकई वर्षों में अपने प्रदर्शन को विभाजित करने के लिए। उदाहरण के लिए, बेरीज ले लो। उर्वरक "बाइकल ईएम -1" को पानी देने के बाद वसंत में उनके साथ मूंछ लेना बहुत सुविधाजनक है। स्ट्रॉबेरी पर आवेदन पहले वर्ष में एक महत्वपूर्ण फसल प्राप्त करने और मुख्य झाड़ियों से बड़ी फसल प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा। अप्रसन्न क्षेत्रों में, पौधे लगाए जा सकते हैं और तैयार ईएम समाधान के साथ महीने में कम से कम चार बार पानी लगाया जा सकता है। खाना पकाने के लिए, पूरे ऑर्गेनिक्स का उपयोग किया जाता है,जो साजिश पर हैः घास, भूसे, खरपतवार, छोटी शाखाएं, भूसा, पीट, आदि के अवशेष एक कार्बनिक परत लागू होती है, फिर उपजाऊ मिट्टी (कार्बनिक पदार्थ का 10%), फिर कार्बनिक पदार्थ और मिट्टी की एक छोटी परत। यदि खाद है, तो इसे कार्बनिक की परत में भी रखा जा सकता है, लेकिन छोटी मात्रा में और छोटे फॉसी में। खाद ढेर को समान मात्रा में ईएम-समाधान को पर्याप्त सांद्रता (1: 100 - दस चम्मच पानी की बाल्टी और चीनी के दस चम्मच) के साथ समान रूप से फैलाया जाना चाहिए। खाद की तैयारी की गुणवत्ता और समय पर निर्भर करता हैनमी और इसका तापमान से मिश्रण। तरल प्रवाह का एक मिश्रण के हाथ में जब संपीड़न के तहतः के बारे में 60% का इष्टतम नमी की मात्रा। इष्टतम तापमान - 28 से 35 डिग्री से। खाद व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता हैएक महीने में, लेकिन इस तरह के एक नए उत्पाद बनाने पर कुछ प्रतिबंध हैं। इसे पौधों की जड़ प्रणाली के बगल में नहीं रखा जा सकता है। ईएम-टेक्नोलॉजीज के साथ काम करने के पहले वर्ष के लिए गांडुड़ियों के खाद ढेर को पॉप्युलेट करना बेहतर होता है, और मौसम के अंत तक यह एक वास्तविक "कीड़ा" होगा। शरद ऋतु में परिपक्व खाद मिट्टी में पेश किया जा सकता है। छोटे पौधों के लिए एक विशेष समाधान की आवश्यकता है"बाइकल ईएम -1" ध्यान से तैयार तैयारी के आधार पर। रोपण के लिए आवेदन उभरने से पहले और घर के रखरखाव के समय में एक सप्ताह में एक दैनिक पानी है। इस तकनीक पर बढ़ते रोपण लगभग दो सप्ताह तक इसकी वृद्धि को गति देते हैं। 1: 2000 की एकाग्रता के साथ समाधान की आवश्यकता है। लगभग 20 डिग्री (अधिमानतः अग्रिम में उबला हुआ) के तापमान के साथ पानी की एक बाल्टी पर ईएम तैयारी के आधे चम्मच और शहद के आधे चम्मच (गुड़ के बिना जाम, जाम) जोड़ा जाता है। सब कुछ हलचल है, कम से कम 12 घंटे के लिए खड़ा है। वयस्क रोपण एक ट्यूब के माध्यम से पानी दिया जा सकता है। खुले मैदान में रोपण रोपण, आपको इंतजार करना होगाइसकी rooting (यह आमतौर पर चार दिनों से अधिक नहीं है), उसके बाद आप रोपण के लिए ईएम समाधान हल कर सकते हैं। जीवित रहने से पहले पूर्ण engraftment तक सामान्य एकाग्रता (1: 1000) में ईएम समाधान के साथ हर दिन रोपण पानी के लिए आवश्यक है। प्रशिक्षण अगस्त में आयोजित किया जाता है। तैयार किए गए ईएम-कंपोस्ट (ऊपर देखें) लेना आवश्यक है, इसे 1:10 के अनुपात में मिट्टी के साथ मिलाएं, उच्च सांद्रता के साथ जलीय ईएम-समाधान डालें - 1: 500 (पानी की प्रति बाल्टी पांच चम्मच), सबकुछ मिलाएं। जब तक मिश्रण स्पर्श से विघटित नहीं हो जाता तब तक पानी डाला जाना चाहिए। सुखाने से बचाने, फिल्म बंद करें। मिट्टी लगभग दो महीने के लिए किण्वित किया जाएगा। हर 3 सप्ताह, किण्वन प्रक्रिया (पानी और मिश्रण) दोहराया जाना चाहिए। रोपण से तीन सप्ताह पहले, तैयार मिट्टी को गर्मी में लाया जाना चाहिए और समाधान (1: 500) से भरा हुआ होना चाहिए। रोपण के लिए, आप मिट्टी को पहले से तैयार कर सकते हैं, रोपण से तीन सप्ताह पहले, इसे बक्से में फैलाएं और इसे अधिक केंद्रित जलीय घोल (1: 300) के साथ डालना, फिल्म के नीचे छोड़ दें। निरंतर अच्छे नतीजों को प्राप्त करने के लिए, फूल उत्पादक बस बाइकल ईएम -1 का उपयोग करने की सिफारिशों का पालन करते हैं। फूलों के बीजिंग के लिए आवेदन निम्नानुसार हैः अपने पसंदीदा पौधों को विकसित करने और बचाने के लिए एक कार्य है,जिसे आसानी से बाइकल ईएम -1 द्वारा संभाला जाता है। जलीय ईएम-समाधान के इनडोर पौधों के लिए आवेदन आनुवांशिक क्षमता के अनुसार, उन्हें बहुत आसानी से विकसित करने की अनुमति देता है, फूल लंबा है, विकास - आनुवांशिक क्षमता के अनुसार। अगर घर के पौधे सामान्य हैंहालत, उनकी देखभाल सरल हैः नियमित पानी जरूरी है (एक सप्ताह में - एक या अधिकः मिट्टी की स्थिति और पत्तियों की लोच के अनुसार)। बड़े पौधे की पत्तियों को अधिमानतः एक समाधान के साथ मिटा दिया जाता है या स्प्रे बंदूक से छिड़काया जाता है। पौधों की बीमारी के मामले में (धीमी वृद्धि,प्राकृतिक रंग, पत्ती की बुद्धि, पत्तियों को छोड़ना, कलियों को छोड़ना) और यदि बीमारी के कारण को निर्धारित करना असंभव है, तो मिट्टी की स्थिति में बदलाव के साथ स्थिति को सही करना आवश्यक है। संयंत्र प्रत्यारोपण एक परेशानीपूर्ण व्यवसाय है,एक बर्तन से बाहर निकलना मुश्किल है। इस स्थिति में, आप प्रभावी सूक्ष्मजीवों के सिम्बियोसिस को पॉप्युलेट करके मिट्टी को ठीक करने का प्रयास कर सकते हैं। सीधे शब्दों में कहें, पौधों को एक तैयार ईएम समाधान (आधा चम्मच शहद (चीनी) और पानी की एक बाल्टी के लिए ईएम समाधान की मात्रा के साथ पानी शुरू करना शुरू करें)। स्थिति में सुधार के लिए संयंत्र दो या तीन पानी के बाद प्रतिक्रिया कर सकता है, लेकिन यदि आप "बाइकल" को पानी देना बंद कर देते हैं, तो सभी दर्दनाक स्थितियां वापस आ जाएंगी। ईएम-समाधान वाले पौधों का उपचार हो सकता हैपुरानी मिट्टी को एक नए हिस्से के साथ बदलकर, बाहर निकालना। ऐसा करने के लिए, एक सार्वभौमिक प्राइमर लें और इसे समाधान के साथ फैलाएं। जड़ों को नुकसान पहुंचाने के लिए सावधानी बरतें, ध्यान रखें। घर के पौधों के लिए, आपको ध्यान केंद्रित (30 मिलीलीटर) का पूरा फ्लास्क खरीदने की ज़रूरत नहीं है, पीईटी बोतल में 0.5 लीटर या इससे भी कम 0.1 लीटर में तैयार "बाइकल ईएम -1" खरीदना आसान है। ईएम प्रौद्योगिकियों के आविष्कारक खुद को स्थापित नहीं किया थाघर में उपयोग का उद्देश्य "बाइकल ईएम -1।" घर में प्रभावी सूक्ष्मजीवों का उपयोग गृहिणियों के लिए एक बिल्कुल नया और अनूठा व्यवसाय है। यद्यपि जापान में, जहां पहली बार ईएम-दवा का आविष्कार किया गया था, यह चाय में भी जोड़ा जाता है। वे फर्श, व्यंजन धोते हैं, फर्नीचर, दीवारों, झूमर को मिटा देते हैं। नाली के पलटन भरें, सड़कों को धो लें। ईएम प्रौद्योगिकियों की मदद से देश की उपजाऊ भूमि का 40% पहले से ही बहाल कर दिया गया है। जापानी अपने शुद्धिकरण के लिए हर दिन अपने अंतर्देशीय सागर में कुशल सूक्ष्मजीवों को डालते हैं। यह एक राज्य कार्यक्रम है। रूस में, 2000 से, कई गृहिणी (कौनबागवानी में लगे हुए), बगीचे में स्पष्ट परिणामों को देखते हुए, घर "बाइकल ईएम -1" में इस्तेमाल किया जाने लगा। इस तरह के एक नवाचार के लिए घर की समीक्षा में काफी समय नहीं लगाः यह अच्छा लगता है, यह भरा नहीं है, यह साफ है, आप कहीं भी नहीं जाना चाहते हैं। जल ईएम-समाधान गीले सफाई के लिए सामान्य एकाग्रता 1: 1000 (पानी की एक बाल्टी के लिए चम्मच) में तैयार किया जाना चाहिए। ध्यान से तैयार ईएम समाधान के साथ काम करते हुए, मवेशी प्रजनकों को उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त होते हैं। उपयोग करने के तरीकेः
दो हज़ार से उन्नत रूसी मालीतैयारी "बाइकल ईएम -एक" ज्ञात है। जटिल उर्वरक के प्रयोग से आप कार्बनिक पदार्थों के साधारण आवेदन से चार गुना अधिक बढ़ सकते हैं। दुर्भाग्य से, सभी को निर्देशों को ध्यान से पढ़ने और सरल नियमों के अनुसार कार्य करने के लिए धैर्य नहीं है। जैविक खेती के तरीके मौजूद हैंपृथ्वी की खेती की शुरुआत का समय लेकिन अद्वितीय कार्बनिक प्रौद्योगिकियों के विकास में वास्तविक सफलता, मिट्टी की उत्पादकता और उर्वरता में वृद्धि, बाइकल ईएम -एक का निर्माण और व्यापक उपयोग था। वैज्ञानिक इतने लंबे समय तक बाइकल ईएम-एक उर्वरक का उत्पादन क्यों नहीं कर पाए? उर्वरता बढ़ाने के लिए जैविक उपयोगमृदा समय-परीक्षण डिवाइस है हालांकि यह पता चला है कि यदि केवल ऐसे उर्वरकों को धरती में पेश किया जाता है, तो उपज वृद्धि केवल पहले दो वर्षों के दौरान होने की उम्मीद की जा सकती है, फिर सब कुछ देता हैः दोनों बीमारियां, और कीटनाशक, और पौधे उत्पीड़न। क्यों? Chernozems के अध्ययनों से पता चला है कि एक मेंमिट्टी के ग्राम में बहुत अधिक बैक्टीरिया रहता है- लगभग दो.पाँच बिलियन। ये छोटे खनिज में और जटिल कार्बनिक यौगिक में जैविक अवशेषों प्रसंस्करण, समानांतर macromolecular परिसर synthesizing व्यस्त सूक्ष्मजीवों - humic एसिड। यह पौधों के लिए पोषक तत्वों की मिट्टी में एक आरक्षित पैदा करने वाले ये एसिड हैं। यही कारण है कि मिट्टी की उर्वरता में सुधार करने के मिट्टी सूक्ष्मजीवों के जीवन गतिविधि गुणा करने के लिए उपयुक्त परिस्थितियों के निर्माण के लिए आवश्यक है और वे मर नहीं किया था, उसके बाद ही खेती की मिट्टी का एक सामान्य परत के रूप में, है। और यह एक सक्रिय जीवन जीव शुरू किः केंचुआ, कीट लार्वा, आदि मिट्टी की दृष्टि से सबसे अधिक लाभकारी केंचुआ, कार्बनिक पदार्थ और खनिज मिट्टी घटकों के अवशेष के माध्यम से पारित कर रहे हैं .. दवा के डेवलपर्स ने बहुत प्रयास किए, बाइकल ईएम -एक की प्रभावशीलता को साबित करते हुए आज के लिए दवा का उपयोग राज्य निकायों द्वारा अनुमत है। किसी भी जीवित पर्यावरण बाइकाल ईएम -एक के संपर्क में जीवन-प्रभाव का सामना करना पड़ रहा हैः इसका विकास अधिक उपयोगी होता है, रोगजनक रोगाणुओं से शुद्धिकरण और हानिकारक रसायन शास्त्र होता है। दवा चार के लिए परीक्षण किया गया थासीआईएस देशों और रूसी क्षेत्रों में वर्षों। अग्रणी कृषि अनुसंधान संस्थानों , कृषि राज्य विश्वविद्यालय एनआई Vavilov , कृषि सूक्ष्म जीव विज्ञान के लिए सभी रूसी संस्थान ) मौलिक अनुसंधान किया जाता है। यह मिट्टी और पैदावार बढ़ाने की पूर्ण वसूली नोट किया गया था। हालांकि डिजिटल वादों देने के लिए लगभग असंभव है - परिणाम कारकों में से एक बड़ी संख्या को प्रभावित करता हैः राज्य और मिट्टी, सटीकता और उपयोग की तीव्रता के प्रदूषण की प्रकृति। जैकल उर्वरकों के उपयोग में बाइक ईएम -एक पर आधारित रुझान निम्नानुसार हैंः मात्रात्मक परिणाम, मिट्टी की पिछली अवस्था के आधार पर, हमेशा स्थिर नहीं होते हैं। बालिक ईएम-एक उर्वरक का उपयोग करते समय गुणात्मक संकेतक अधिक स्थिर होते हैंः नियंत्रण क्षेत्र में आवेदन का आकलन करते समयतैयारी "बाइकल ईएम -एक" के निर्देशों के अनुसार, समीक्षा में फल के आकार में वृद्धि की भी चिंता है यह एक अनुकूल वातावरण में पौधे की आनुवंशिक क्षमता की प्राप्ति के कारण है। वायरल और फंगल रोगों के लिए पौधों के प्रतिरोध को बढ़ाने से तरल उर्वरक "बैकल ईएम -एक" के कार्य में से एक है। आवेदन के पहले वर्ष के बाद ट्रक किसानों की प्रतिक्रिया इस प्रकार हैः ईएम पहला उत्पाद है जिसकी ज़रूरत हैध्यान से "बाइकल ईएम -एक" से खुद करो। इस उत्पाद का उपयोग परिवहन की सुविधा और लंबी शेल्फ लाइफ के कारण है। ध्यान में रखते हुए सूक्ष्मजीव एक गैर-कार्यरत, नींद की स्थिति में हैं। उनका जागृति तब होता है जब एक पोषक माध्यम और वांछित तापमान होता है। किण्वन के तापमान से ध्यान केंद्रित "बाइकल ईएम -एक" से बने तैयारी के उद्देश्य पर निर्भर करता है। समीक्षा इस प्रकार हैः विभिन्न उद्देश्यों में उपयोग के लिए, एक ईएम समाधान पारंपरिक पानी के आधार पर तैयार किया जाता हैः में सही जलीय ईएम-समाधान बनाने के लिएजबकि एक ही मात्रा में बुधवार को ईएम तैयारी आप पौष्टिक बनाने की जरूरत है बना रही है। आप एक ही मात्रा में सो चीनी गिर सकती है। ईएम समाधान हलचल और एक दिन के लिए छोड़ देना चाहिए। उपयोग ईएम समाधान तीन दिन के भीतर किया जाना चाहिए। काम करने के लिए इसे तैयार करना आवश्यक होगाबायोकल ईएम -एक का उपयोग करके उपरोक्त तकनीक का उपयोग करके खाद गर्मियों में खाद का उपयोग बहुत काम की सुविधा देगा। यदि यह नहीं किया जा सकता है, तो आपको इस समय उपलब्ध सभी जैविक अवशेषों का उपयोग करना होगा। यह एक खाई गहराई और अप करने के लिए पच्चीस सेंटीमीटर की चौड़ाई खुदाई करने के लिए वहाँ Zelenka रखना, खुदाई पृथ्वी, राख, डोलोमाइट आटा की एक छोटी राशि को भरने, मिश्रण अच्छी तरह से और ईएम समाधान के सामान्य एकाग्रता में फेंक आवश्यक है। खाई में मिश्रण छः सेंटीमीटर ऊँचा होना चाहिए। आगे हमें अगले खाई को खोदने की आवश्यकता है। एक तख्तापलट के बिना मिट्टी की ऊपरी परत पिछली खपत में रखी गई है, इसे बंद करना। इस प्रकार पूरी साइट को पारित करने के बाद, आपको इसकी ज़रूरत हैइसकी समाप्ति की जांच करें, ईएम कंपोस्ट प्रति वर्ग मीटर प्रति किलो एक की दर से, हल्के ढंग से पृथ्वी को रिकोपाट कर सकते हैं और प्रति वर्ष पाँच बाल्टी की दर से क्षेत्र ईएम-समाधान पानी निकाल सकते हैं। इस तरह की साइट बुखार के निर्माण पर शरद ऋतु के बाद से काम कर रही है। और पहले खाद रखी गई थी, ठंडे मौसम की शुरुआत से पहले सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ जाती है। उनका कार्य बर्फ के नीचे गंभीर ठंढ की शुरुआत से पहले जारी रहेगा, जब मिट्टी जमा हो जाएगी। वसंत में, ऐसी भूमि बहुत पहले जागृत हो जाती है। मिट्टी माइक्रोबुना जून तक पूरी तरह से ठीक हो जाएगी। अपने लिए अधिकतम कार्य निर्धारित करने के बाद, आप कर सकते हैंकई वर्षों में अपने प्रदर्शन को विभाजित करने के लिए। उदाहरण के लिए, बेरीज ले लो। उर्वरक "बाइकल ईएम -एक" को पानी देने के बाद वसंत में उनके साथ मूंछ लेना बहुत सुविधाजनक है। स्ट्रॉबेरी पर आवेदन पहले वर्ष में एक महत्वपूर्ण फसल प्राप्त करने और मुख्य झाड़ियों से बड़ी फसल प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा। अप्रसन्न क्षेत्रों में, पौधे लगाए जा सकते हैं और तैयार ईएम समाधान के साथ महीने में कम से कम चार बार पानी लगाया जा सकता है। खाना पकाने के लिए, पूरे ऑर्गेनिक्स का उपयोग किया जाता है,जो साजिश पर हैः घास, भूसे, खरपतवार, छोटी शाखाएं, भूसा, पीट, आदि के अवशेष एक कार्बनिक परत लागू होती है, फिर उपजाऊ मिट्टी , फिर कार्बनिक पदार्थ और मिट्टी की एक छोटी परत। यदि खाद है, तो इसे कार्बनिक की परत में भी रखा जा सकता है, लेकिन छोटी मात्रा में और छोटे फॉसी में। खाद ढेर को समान मात्रा में ईएम-समाधान को पर्याप्त सांद्रता के साथ समान रूप से फैलाया जाना चाहिए। खाद की तैयारी की गुणवत्ता और समय पर निर्भर करता हैनमी और इसका तापमान से मिश्रण। तरल प्रवाह का एक मिश्रण के हाथ में जब संपीड़न के तहतः के बारे में साठ% का इष्टतम नमी की मात्रा। इष्टतम तापमान - अट्ठाईस से पैंतीस डिग्री से। खाद व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता हैएक महीने में, लेकिन इस तरह के एक नए उत्पाद बनाने पर कुछ प्रतिबंध हैं। इसे पौधों की जड़ प्रणाली के बगल में नहीं रखा जा सकता है। ईएम-टेक्नोलॉजीज के साथ काम करने के पहले वर्ष के लिए गांडुड़ियों के खाद ढेर को पॉप्युलेट करना बेहतर होता है, और मौसम के अंत तक यह एक वास्तविक "कीड़ा" होगा। शरद ऋतु में परिपक्व खाद मिट्टी में पेश किया जा सकता है। छोटे पौधों के लिए एक विशेष समाधान की आवश्यकता है"बाइकल ईएम -एक" ध्यान से तैयार तैयारी के आधार पर। रोपण के लिए आवेदन उभरने से पहले और घर के रखरखाव के समय में एक सप्ताह में एक दैनिक पानी है। इस तकनीक पर बढ़ते रोपण लगभग दो सप्ताह तक इसकी वृद्धि को गति देते हैं। एक: दो हज़ार की एकाग्रता के साथ समाधान की आवश्यकता है। लगभग बीस डिग्री के तापमान के साथ पानी की एक बाल्टी पर ईएम तैयारी के आधे चम्मच और शहद के आधे चम्मच जोड़ा जाता है। सब कुछ हलचल है, कम से कम बारह घंटाटे के लिए खड़ा है। वयस्क रोपण एक ट्यूब के माध्यम से पानी दिया जा सकता है। खुले मैदान में रोपण रोपण, आपको इंतजार करना होगाइसकी rooting , उसके बाद आप रोपण के लिए ईएम समाधान हल कर सकते हैं। जीवित रहने से पहले पूर्ण engraftment तक सामान्य एकाग्रता में ईएम समाधान के साथ हर दिन रोपण पानी के लिए आवश्यक है। प्रशिक्षण अगस्त में आयोजित किया जाता है। तैयार किए गए ईएम-कंपोस्ट लेना आवश्यक है, इसे एक:दस के अनुपात में मिट्टी के साथ मिलाएं, उच्च सांद्रता के साथ जलीय ईएम-समाधान डालें - एक: पाँच सौ , सबकुछ मिलाएं। जब तक मिश्रण स्पर्श से विघटित नहीं हो जाता तब तक पानी डाला जाना चाहिए। सुखाने से बचाने, फिल्म बंद करें। मिट्टी लगभग दो महीने के लिए किण्वित किया जाएगा। हर तीन सप्ताह, किण्वन प्रक्रिया दोहराया जाना चाहिए। रोपण से तीन सप्ताह पहले, तैयार मिट्टी को गर्मी में लाया जाना चाहिए और समाधान से भरा हुआ होना चाहिए। रोपण के लिए, आप मिट्टी को पहले से तैयार कर सकते हैं, रोपण से तीन सप्ताह पहले, इसे बक्से में फैलाएं और इसे अधिक केंद्रित जलीय घोल के साथ डालना, फिल्म के नीचे छोड़ दें। निरंतर अच्छे नतीजों को प्राप्त करने के लिए, फूल उत्पादक बस बाइकल ईएम -एक का उपयोग करने की सिफारिशों का पालन करते हैं। फूलों के बीजिंग के लिए आवेदन निम्नानुसार हैः अपने पसंदीदा पौधों को विकसित करने और बचाने के लिए एक कार्य है,जिसे आसानी से बाइकल ईएम -एक द्वारा संभाला जाता है। जलीय ईएम-समाधान के इनडोर पौधों के लिए आवेदन आनुवांशिक क्षमता के अनुसार, उन्हें बहुत आसानी से विकसित करने की अनुमति देता है, फूल लंबा है, विकास - आनुवांशिक क्षमता के अनुसार। अगर घर के पौधे सामान्य हैंहालत, उनकी देखभाल सरल हैः नियमित पानी जरूरी है । बड़े पौधे की पत्तियों को अधिमानतः एक समाधान के साथ मिटा दिया जाता है या स्प्रे बंदूक से छिड़काया जाता है। पौधों की बीमारी के मामले में और यदि बीमारी के कारण को निर्धारित करना असंभव है, तो मिट्टी की स्थिति में बदलाव के साथ स्थिति को सही करना आवश्यक है। संयंत्र प्रत्यारोपण एक परेशानीपूर्ण व्यवसाय है,एक बर्तन से बाहर निकलना मुश्किल है। इस स्थिति में, आप प्रभावी सूक्ष्मजीवों के सिम्बियोसिस को पॉप्युलेट करके मिट्टी को ठीक करने का प्रयास कर सकते हैं। सीधे शब्दों में कहें, पौधों को एक तैयार ईएम समाधान और पानी की एक बाल्टी के लिए ईएम समाधान की मात्रा के साथ पानी शुरू करना शुरू करें)। स्थिति में सुधार के लिए संयंत्र दो या तीन पानी के बाद प्रतिक्रिया कर सकता है, लेकिन यदि आप "बाइकल" को पानी देना बंद कर देते हैं, तो सभी दर्दनाक स्थितियां वापस आ जाएंगी। ईएम-समाधान वाले पौधों का उपचार हो सकता हैपुरानी मिट्टी को एक नए हिस्से के साथ बदलकर, बाहर निकालना। ऐसा करने के लिए, एक सार्वभौमिक प्राइमर लें और इसे समाधान के साथ फैलाएं। जड़ों को नुकसान पहुंचाने के लिए सावधानी बरतें, ध्यान रखें। घर के पौधों के लिए, आपको ध्यान केंद्रित का पूरा फ्लास्क खरीदने की ज़रूरत नहीं है, पीईटी बोतल में शून्य दशमलव पाँच लीटरटर या इससे भी कम शून्य दशमलव एक लीटरटर में तैयार "बाइकल ईएम -एक" खरीदना आसान है। ईएम प्रौद्योगिकियों के आविष्कारक खुद को स्थापित नहीं किया थाघर में उपयोग का उद्देश्य "बाइकल ईएम -एक।" घर में प्रभावी सूक्ष्मजीवों का उपयोग गृहिणियों के लिए एक बिल्कुल नया और अनूठा व्यवसाय है। यद्यपि जापान में, जहां पहली बार ईएम-दवा का आविष्कार किया गया था, यह चाय में भी जोड़ा जाता है। वे फर्श, व्यंजन धोते हैं, फर्नीचर, दीवारों, झूमर को मिटा देते हैं। नाली के पलटन भरें, सड़कों को धो लें। ईएम प्रौद्योगिकियों की मदद से देश की उपजाऊ भूमि का चालीस% पहले से ही बहाल कर दिया गया है। जापानी अपने शुद्धिकरण के लिए हर दिन अपने अंतर्देशीय सागर में कुशल सूक्ष्मजीवों को डालते हैं। यह एक राज्य कार्यक्रम है। रूस में, दो हज़ार से, कई गृहिणी , बगीचे में स्पष्ट परिणामों को देखते हुए, घर "बाइकल ईएम -एक" में इस्तेमाल किया जाने लगा। इस तरह के एक नवाचार के लिए घर की समीक्षा में काफी समय नहीं लगाः यह अच्छा लगता है, यह भरा नहीं है, यह साफ है, आप कहीं भी नहीं जाना चाहते हैं। जल ईएम-समाधान गीले सफाई के लिए सामान्य एकाग्रता एक: एक हज़ार में तैयार किया जाना चाहिए। ध्यान से तैयार ईएम समाधान के साथ काम करते हुए, मवेशी प्रजनकों को उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त होते हैं। उपयोग करने के तरीकेः
लखनऊ। शनिवार को लखनऊ समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों और आसपास के इलाकों में बारिश हुई है. इन इलाकों में अभी भी बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक इन कम दबाव वाले इलाकों में हल्की और मध्यम बारिश की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि लखनऊ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र बनने से अब भी बारिश देखने को मिल रही है. जब मानसून बढ़ता है और गर्मी पैदा होती है, तो कम दबाव वाले क्षेत्रों में बारिश की संभावना बढ़ जाती है। लखनऊ में रविवार को भी बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी यही स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि एक दो दिन के अंतराल के बाद फिर बारिश होने की संभावना है। यह स्थिति 6 से 7 अक्टूबर तक जारी रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश की संभावना लगभग थमती नजर आ रही है। क्योंकि तब तक पहाड़ी इलाकों से ठंडी हवाएं आ जाएंगी। ऐसे में कम दबाव का क्षेत्र नहीं बन पाएगा। मैश में भी कमी आएगी। ऐसे में बारिश की संभावना कम होगी। शनिवार को लखनऊ में 006. 00 मिमी बारिश दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 35 और 25 डिग्री रहने का अनुमान है। शनिवार को यह तापमान क्रमशः 32. 6 और 24. 6 डिग्री रहा।
लखनऊ। शनिवार को लखनऊ समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों और आसपास के इलाकों में बारिश हुई है. इन इलाकों में अभी भी बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक इन कम दबाव वाले इलाकों में हल्की और मध्यम बारिश की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि लखनऊ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र बनने से अब भी बारिश देखने को मिल रही है. जब मानसून बढ़ता है और गर्मी पैदा होती है, तो कम दबाव वाले क्षेत्रों में बारिश की संभावना बढ़ जाती है। लखनऊ में रविवार को भी बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में भी यही स्थिति बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि एक दो दिन के अंतराल के बाद फिर बारिश होने की संभावना है। यह स्थिति छः से सात अक्टूबर तक जारी रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश की संभावना लगभग थमती नजर आ रही है। क्योंकि तब तक पहाड़ी इलाकों से ठंडी हवाएं आ जाएंगी। ऐसे में कम दबाव का क्षेत्र नहीं बन पाएगा। मैश में भी कमी आएगी। ऐसे में बारिश की संभावना कम होगी। शनिवार को लखनऊ में छः. शून्य मिमी बारिश दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः पैंतीस और पच्चीस डिग्री रहने का अनुमान है। शनिवार को यह तापमान क्रमशः बत्तीस. छः और चौबीस. छः डिग्री रहा।
'चीन की आबादी में असमानता, हमारे पास होगा दुनिया का सर्वाधिक कार्यबल' प्रोफेसर कहते हैं कि वास्तव में जनसंख्या वृद्धि को रोकना केवल जनसंख्या के बढ़ते आकार में ही नहीं देखा जा सकता है। क्योंकि यदि आप जनसंख्या वृद्धि रोकने की बात कर रहे हैं तो यह हम पहले से ही कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 142. 86 करोड़ आबादी के साथ भारत जनसंख्या के लिहाज से दुनिया का पहले नंबर का देश बन गया है और इसने चीन को पीछे छोड़ दिया है। इसके मायने क्या हैं और आगे चलकर यह समाज को कैसे प्रभावित करेगा, इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जनसांख्यिकी विशेषज्ञ और इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पॉपुलेशन साइंसेज के प्रोफेसर डॉ. उदय शंकर मिश्रा से भाषा के पांच सवाल और उनके जवाबः सवालः भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है। आपकी पहली प्रतिक्रिया? जवाबः मेरी पहली प्रतिक्रिया यही है कि जनसांख्यिकीय समुदाय के लिए यह कोई खबर नहीं है। तथ्य यह है कि भारत में आबादी में वृद्धि की रफ्तार चीन की तुलना में बहुत धीमी रही है। धीमी ही नहीं, यह बहुत स्वस्थकर भी रही है। जिस गति से भारत ने जनसांख्यिकीय परिवर्तन किया है, वह विशेष है और यह गति हमें एक लाभ देती है। आने वाले कुछ वर्षों में वैश्विक कार्यबल में 22 प्रतिशत भारतीयों के होने का अनुमान है। दूसरी बात यह है कि भारत की आंतरिक जनसांख्यिकीय विविधता भी हमें कार्यबल संरचना असंतुलन से निपटने का अवसर प्रदान करेगी। सवालः तो क्या सबसे ज्यादा आबादी वाला देश होने को आप वरदान मानते हैं? जवाबः यह वरदान है या अभिशाप, मैं इस युग्मक में नहीं पड़ता। इससे सोचने की प्रक्रिया को चोट पहुंचती है। वास्तविकता है कि हम सबसे ज्यादा आबादी वाले देश हैं और यह आबादी हमारी विभिन्न प्रतिकूलताओं में योगदान भी करती है, जिनका हम सामना करते हैं। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि हम अपनी भावी आबादी को अपनी ताकत नहीं बना सकते, उसे उपयोगी नहीं बना सकते। इसके लिए सार्थक प्रयास करने होंगे। मैंने पहले भी कहा कि 2041 तक वैश्विक कार्यबल में 22 प्रतिशत भारतीयों के होने का अनुमान है। इसे हम अपने हित में उपयोग कर सकते हैं। सवालः लेकिन चीन ने तो जनसंख्या नियंत्रण भी किया और वह अपने कार्यबल का उपयोग भी कर रहा है? जवाबः निश्चित तौर पर चीन ने जनसंख्या नियंत्रण किया लेकिन इसके लिए उसने जबरदस्ती वाले उपाय अपनाए। उसने केवल एक बच्चे की नीति अपनाई और फिर बाद में ज्यादा उम्र में शादी करने और बच्चों के बीच फासला रखने की नीति अपनाई। इन वजहों से उसने जनसंख्या पर फिलहाल रोक लगाई है। चीन में प्रजनन दर में भी काफी गिरावट देखी गई है। इन नीतियों की वजह से उसकी जनसंख्या में असमानता भी आई है। उसकी 25 प्रतिशत आबादी अधिक उम्र के लोगों की है जबकि हमारे यहां यह आंकड़ा 12 प्रतिशत है। जाहिर है कि आबादी में वृद्धि की धीमी दर हमारे लिए फायदेमंद है। यह गति हमें भविष्य में उभरने वाली चिंताओं को समायोजित करने के लिए तंत्र विकसित करने की तैयारी के लिए समय देती है। सवालः चीन का कहना है कि उसके पास अब भी 90 करोड़ से अधिक लोगों का गुणवत्ता वाला मानव संसाधन है जो तेज गति से विकास कर सकता है? जवाबः चीन की स्थिति वास्तव में वर्तमान समय में पूरी तरह से सही है क्योंकि वह चाहे कौशल हो या शिक्षा हो या फिर विनिर्माण में भागीदारी, वे हर मानदंड में भारतीय श्रम बल की तुलना में लाभ की स्थिति में हैं। लेकिन इस विशेष गणना और विवरण में एक बात यह है कि बहुत जल्द उनके पास एक बुजुर्ग आबादी होगी जो कार्यबल में नहीं होगी। इसलिए स्पष्ट रूप से इसे उनके पक्ष में नहीं माना जाएगा। अभी यह उनके पक्ष में है लेकिन यह लंबे समय तक नहीं रहने वाली स्थिति है। सवालः इन सबके बावजूद हमारी बढ़ती जनसंख्या एक चिंता का कारण है और क्या आपको नहीं लगता कि भारत में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कोई ठोस कानून हो? जवाबः वास्तव में जनसंख्या वृद्धि को रोकना केवल जनसंख्या के बढ़ते आकार में ही नहीं देखा जा सकता है। क्योंकि यदि आप जनसंख्या वृद्धि रोकने की बात कर रहे हैं तो यह हम पहले से ही कर रहे हैं। नई पीढ़ी के लोग कम संतान पैदा कर रहे हैं। कुछ समय बाद जनसंख्या स्थिर होगी। स्थिर होने का अर्थ है कि इसकी वृद्धि दर स्थिर रहेगी। यह निर्भर करता है कि हम इस स्थिर रहने की अवधि को कितना लंबा कर सकते हैं। प्रजनन दर और मृत्यु दर पर भी यह निर्भर करेगा।
'चीन की आबादी में असमानता, हमारे पास होगा दुनिया का सर्वाधिक कार्यबल' प्रोफेसर कहते हैं कि वास्तव में जनसंख्या वृद्धि को रोकना केवल जनसंख्या के बढ़ते आकार में ही नहीं देखा जा सकता है। क्योंकि यदि आप जनसंख्या वृद्धि रोकने की बात कर रहे हैं तो यह हम पहले से ही कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के ताजा आंकड़ों के अनुसार एक सौ बयालीस. छियासी करोड़ आबादी के साथ भारत जनसंख्या के लिहाज से दुनिया का पहले नंबर का देश बन गया है और इसने चीन को पीछे छोड़ दिया है। इसके मायने क्या हैं और आगे चलकर यह समाज को कैसे प्रभावित करेगा, इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जनसांख्यिकी विशेषज्ञ और इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पॉपुलेशन साइंसेज के प्रोफेसर डॉ. उदय शंकर मिश्रा से भाषा के पांच सवाल और उनके जवाबः सवालः भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है। आपकी पहली प्रतिक्रिया? जवाबः मेरी पहली प्रतिक्रिया यही है कि जनसांख्यिकीय समुदाय के लिए यह कोई खबर नहीं है। तथ्य यह है कि भारत में आबादी में वृद्धि की रफ्तार चीन की तुलना में बहुत धीमी रही है। धीमी ही नहीं, यह बहुत स्वस्थकर भी रही है। जिस गति से भारत ने जनसांख्यिकीय परिवर्तन किया है, वह विशेष है और यह गति हमें एक लाभ देती है। आने वाले कुछ वर्षों में वैश्विक कार्यबल में बाईस प्रतिशत भारतीयों के होने का अनुमान है। दूसरी बात यह है कि भारत की आंतरिक जनसांख्यिकीय विविधता भी हमें कार्यबल संरचना असंतुलन से निपटने का अवसर प्रदान करेगी। सवालः तो क्या सबसे ज्यादा आबादी वाला देश होने को आप वरदान मानते हैं? जवाबः यह वरदान है या अभिशाप, मैं इस युग्मक में नहीं पड़ता। इससे सोचने की प्रक्रिया को चोट पहुंचती है। वास्तविकता है कि हम सबसे ज्यादा आबादी वाले देश हैं और यह आबादी हमारी विभिन्न प्रतिकूलताओं में योगदान भी करती है, जिनका हम सामना करते हैं। लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि हम अपनी भावी आबादी को अपनी ताकत नहीं बना सकते, उसे उपयोगी नहीं बना सकते। इसके लिए सार्थक प्रयास करने होंगे। मैंने पहले भी कहा कि दो हज़ार इकतालीस तक वैश्विक कार्यबल में बाईस प्रतिशत भारतीयों के होने का अनुमान है। इसे हम अपने हित में उपयोग कर सकते हैं। सवालः लेकिन चीन ने तो जनसंख्या नियंत्रण भी किया और वह अपने कार्यबल का उपयोग भी कर रहा है? जवाबः निश्चित तौर पर चीन ने जनसंख्या नियंत्रण किया लेकिन इसके लिए उसने जबरदस्ती वाले उपाय अपनाए। उसने केवल एक बच्चे की नीति अपनाई और फिर बाद में ज्यादा उम्र में शादी करने और बच्चों के बीच फासला रखने की नीति अपनाई। इन वजहों से उसने जनसंख्या पर फिलहाल रोक लगाई है। चीन में प्रजनन दर में भी काफी गिरावट देखी गई है। इन नीतियों की वजह से उसकी जनसंख्या में असमानता भी आई है। उसकी पच्चीस प्रतिशत आबादी अधिक उम्र के लोगों की है जबकि हमारे यहां यह आंकड़ा बारह प्रतिशत है। जाहिर है कि आबादी में वृद्धि की धीमी दर हमारे लिए फायदेमंद है। यह गति हमें भविष्य में उभरने वाली चिंताओं को समायोजित करने के लिए तंत्र विकसित करने की तैयारी के लिए समय देती है। सवालः चीन का कहना है कि उसके पास अब भी नब्बे करोड़ से अधिक लोगों का गुणवत्ता वाला मानव संसाधन है जो तेज गति से विकास कर सकता है? जवाबः चीन की स्थिति वास्तव में वर्तमान समय में पूरी तरह से सही है क्योंकि वह चाहे कौशल हो या शिक्षा हो या फिर विनिर्माण में भागीदारी, वे हर मानदंड में भारतीय श्रम बल की तुलना में लाभ की स्थिति में हैं। लेकिन इस विशेष गणना और विवरण में एक बात यह है कि बहुत जल्द उनके पास एक बुजुर्ग आबादी होगी जो कार्यबल में नहीं होगी। इसलिए स्पष्ट रूप से इसे उनके पक्ष में नहीं माना जाएगा। अभी यह उनके पक्ष में है लेकिन यह लंबे समय तक नहीं रहने वाली स्थिति है। सवालः इन सबके बावजूद हमारी बढ़ती जनसंख्या एक चिंता का कारण है और क्या आपको नहीं लगता कि भारत में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कोई ठोस कानून हो? जवाबः वास्तव में जनसंख्या वृद्धि को रोकना केवल जनसंख्या के बढ़ते आकार में ही नहीं देखा जा सकता है। क्योंकि यदि आप जनसंख्या वृद्धि रोकने की बात कर रहे हैं तो यह हम पहले से ही कर रहे हैं। नई पीढ़ी के लोग कम संतान पैदा कर रहे हैं। कुछ समय बाद जनसंख्या स्थिर होगी। स्थिर होने का अर्थ है कि इसकी वृद्धि दर स्थिर रहेगी। यह निर्भर करता है कि हम इस स्थिर रहने की अवधि को कितना लंबा कर सकते हैं। प्रजनन दर और मृत्यु दर पर भी यह निर्भर करेगा।
साउथैम्प्टन, 5 जून (CRICKETNMORE)। भारतीय क्रिकेट टीम यहां आईसीसी वर्ल्ड कप-2019 के अपने पहले मैच में आज साउथ अफ्रीका का सामना करेगी। भारत का यह पहला मैच है लेकिन साउथ अफ्रीका दो मैच खेल चुकी है। पहले मैच में मेजबान इंग्लैंड ने उसे मात दी थी तो वहीं दूसरे मैच में बांग्लादेश ने उसे पटका था। साउथ अफ्रीका के वर्ल्ड कप इतिहास को देखते हुए उसे चोकर्स कहा जाता है, और अभी तक इस वर्ल्ड कप में अनचाहे में ही सही साउथ अफ्रीका इस तमगे से पीछा छुड़ाती नहीं दिख रही है।
साउथैम्प्टन, पाँच जून । भारतीय क्रिकेट टीम यहां आईसीसी वर्ल्ड कप-दो हज़ार उन्नीस के अपने पहले मैच में आज साउथ अफ्रीका का सामना करेगी। भारत का यह पहला मैच है लेकिन साउथ अफ्रीका दो मैच खेल चुकी है। पहले मैच में मेजबान इंग्लैंड ने उसे मात दी थी तो वहीं दूसरे मैच में बांग्लादेश ने उसे पटका था। साउथ अफ्रीका के वर्ल्ड कप इतिहास को देखते हुए उसे चोकर्स कहा जाता है, और अभी तक इस वर्ल्ड कप में अनचाहे में ही सही साउथ अफ्रीका इस तमगे से पीछा छुड़ाती नहीं दिख रही है।
कंपाला पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद भगदड़ मच गई, जिससे कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। नई दिल्लीः युगांडा के एक शॉपिंग मॉल में रविवार को मची भगदड़ में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। कंपाला में फ्रीडम सिटी मॉल में नए साल के जश्न के लिए लोग जमा थे, तभी भगदड़ मच गई। स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक आधी रात को जब लोग आतिशबाजी देखने के लिए बाहर निकले तो भगदड़ मच गई। चिमरेपोर्ट्स ने कंपाला पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद भगदड़ मच गई, जिससे कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। पुलिस ने कहा, "आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे और घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाया, जहां नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई। "
कंपाला पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद भगदड़ मच गई, जिससे कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। नई दिल्लीः युगांडा के एक शॉपिंग मॉल में रविवार को मची भगदड़ में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। कंपाला में फ्रीडम सिटी मॉल में नए साल के जश्न के लिए लोग जमा थे, तभी भगदड़ मच गई। स्थानीय मीडिया की खबरों के मुताबिक आधी रात को जब लोग आतिशबाजी देखने के लिए बाहर निकले तो भगदड़ मच गई। चिमरेपोर्ट्स ने कंपाला पुलिस के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि प्रदर्शन खत्म होने के बाद भगदड़ मच गई, जिससे कई लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। पुलिस ने कहा, "आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ता घटनास्थल पर पहुंचे और घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाया, जहां नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई। "
आप और हम सभी ने अपने बड़े-बुजुर्गों को भोजन करने के बाद अक्सर गुड़ खाने की सलाह देते हुए सुना होगा। वो इस वजह से क्योंकि गुड़ का सेवन करना शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। जी हां क्योंकि गुड़ का सेवन करने से केवल सेहत ही नहीं बल्कि त्वचा और खूबसूरती में भी निखार आता है। गुड़ हमें कई सारी बीमारियां होने से बचाता है। इसके साथ ही गुड़ का सेवन करने से चेहरे के दाग-धब्बों से भी छुटकारा मिलता है। जरूरी बात यह है गुड़ बालों के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। तो आइए जानते हैं गुड़ आपको किस तरह से खूबसूरत बनाने में आपकी सहायता करता है। गुड़ का सेवन करने से आप अपने बालों को घना और खूबसूरत बना सकते हैं। बालों पर लगाने के लिए आप मुल्तानी मिट्टी,दही और पानी मिलाकर हेयर पैक तैयार कर लें। अब इस पैक का इस्तेमाल बाल धोने से करीब एक घंटे पहले करें। इसके बाद आप हेयर वॉश कर लें। इससे आपके बाल घने तो होंगे ही साथ ही मुलायम और चमकदार भी होंगे। जैसे-जैसे उम्र होती है चेहरे पर झुर्रियां आना लाजमी है। गुड़ में एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं जो फ्री रैडिक से लडऩे में सहायक होते हैं। इसलिए रोजाना गुड़ खाएं। इससे आपको झुर्रियों की परेशानी से छुटकारा मिल सकेगा। नियमित रूप से गुड़ का सेवन करने से चेहरे पर दाग धब्बे की परेशानी नहीं होती है। आप चाहें तो इसका फेस पैक बनाकर भी चेहरे पर इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए पैक को तैयार करने के लिए आप 1 चम्मच गुड़ में 1 चम्मच टमाटर का रस,आधा नींबू,चुटकीभर हल्दी और थोड़ी गर्म टी मिलाएं। इसके बाद इस पैक का चेहरे पर इस्तेमाल करें और करीब 15 मिनट बाद इसे धो लें। गुड़ में ढेर सारे मिनरल और विटामिन पाए जाते हैं। यही वजह है कि यह एक नेचुरल क्लींजर की तरह काम करता है। वैसे नियमित गुड़ का सेवन करने वाले लोगों को कब्ज की पेरशानी नहीं होती है। पेट साफ होगा तो स्किन पर अपने आप ग्लो नजर आ जाएगा। आप भी गुनगुने पानी या फिर चाय में चीनी की जगह गुड़ मिलाकर इसका रोजाना सेवन करें। खून साफ नहीं होने की वजह से भी हमें कई स्किन प्रॉब्लम्स से जूझना पड़ता है। वैसे गुड़ का सेवन करने से खून साफ होता है और यह हमें एनीमिया से बचाता है। इसलिए रोजाना गुड़ का सेवन जरूर करें। जो लोग डायबिटीज से पीडि़त हैं उन्हें गुड़ का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह एक बार जरूरी लेनी चाहिए।
आप और हम सभी ने अपने बड़े-बुजुर्गों को भोजन करने के बाद अक्सर गुड़ खाने की सलाह देते हुए सुना होगा। वो इस वजह से क्योंकि गुड़ का सेवन करना शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। जी हां क्योंकि गुड़ का सेवन करने से केवल सेहत ही नहीं बल्कि त्वचा और खूबसूरती में भी निखार आता है। गुड़ हमें कई सारी बीमारियां होने से बचाता है। इसके साथ ही गुड़ का सेवन करने से चेहरे के दाग-धब्बों से भी छुटकारा मिलता है। जरूरी बात यह है गुड़ बालों के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। तो आइए जानते हैं गुड़ आपको किस तरह से खूबसूरत बनाने में आपकी सहायता करता है। गुड़ का सेवन करने से आप अपने बालों को घना और खूबसूरत बना सकते हैं। बालों पर लगाने के लिए आप मुल्तानी मिट्टी,दही और पानी मिलाकर हेयर पैक तैयार कर लें। अब इस पैक का इस्तेमाल बाल धोने से करीब एक घंटे पहले करें। इसके बाद आप हेयर वॉश कर लें। इससे आपके बाल घने तो होंगे ही साथ ही मुलायम और चमकदार भी होंगे। जैसे-जैसे उम्र होती है चेहरे पर झुर्रियां आना लाजमी है। गुड़ में एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं जो फ्री रैडिक से लडऩे में सहायक होते हैं। इसलिए रोजाना गुड़ खाएं। इससे आपको झुर्रियों की परेशानी से छुटकारा मिल सकेगा। नियमित रूप से गुड़ का सेवन करने से चेहरे पर दाग धब्बे की परेशानी नहीं होती है। आप चाहें तो इसका फेस पैक बनाकर भी चेहरे पर इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए पैक को तैयार करने के लिए आप एक चम्मच गुड़ में एक चम्मच टमाटर का रस,आधा नींबू,चुटकीभर हल्दी और थोड़ी गर्म टी मिलाएं। इसके बाद इस पैक का चेहरे पर इस्तेमाल करें और करीब पंद्रह मिनट बाद इसे धो लें। गुड़ में ढेर सारे मिनरल और विटामिन पाए जाते हैं। यही वजह है कि यह एक नेचुरल क्लींजर की तरह काम करता है। वैसे नियमित गुड़ का सेवन करने वाले लोगों को कब्ज की पेरशानी नहीं होती है। पेट साफ होगा तो स्किन पर अपने आप ग्लो नजर आ जाएगा। आप भी गुनगुने पानी या फिर चाय में चीनी की जगह गुड़ मिलाकर इसका रोजाना सेवन करें। खून साफ नहीं होने की वजह से भी हमें कई स्किन प्रॉब्लम्स से जूझना पड़ता है। वैसे गुड़ का सेवन करने से खून साफ होता है और यह हमें एनीमिया से बचाता है। इसलिए रोजाना गुड़ का सेवन जरूर करें। जो लोग डायबिटीज से पीडि़त हैं उन्हें गुड़ का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह एक बार जरूरी लेनी चाहिए।
नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर आग लगी हुई है. आंकड़ा पेट्रोल का आंकड़ा सौ रुपए को छूने को है. ऐसे में कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन पन्नों का पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई है कि आखिर कोई सरकार कैसे जनता पर बिना सोचे-विचारे ऐसे असंवेदनशील उपाय थोप सकती है. सोनिया गांधी ने अपने पत्र में पेट्रोल और गैस की बढ़ी हुई कीमतों पर सभी नागरिकों के गुस्से और नाराजगी को जाहिर करने की बात कहते हुए लिखा कि एक तरफ जहां भारत में योजनाबद्ध तरीके से नौकरियों, वेतन और घरेलू आमदनी का खात्मा हो रहा है. मध्यमवर्ग और समाज में हाशिए पर रहने वाले लोग ऐसे में संघर्ष कर रहे हैं. इसमें बढ़ी हुई मुद्रास्फीति के अलावा घरेलू सामानों और जरूरी सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी ने कमर तोड़ दी है. दुर्भाग्य से सरकार लोगों की दुख और पीड़ा की घड़ी में पैसा कमाने की सोच रही है. उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतों को कम कर देश के नौकरीपेशा, मध्यमवर्ग, किसानों और गरीबों को राहत पहुंचाने की बात कहते हुए पत्र का समापन इस उम्मीद से किया कि सरकार कीमतों के बढ़ने पर कोई बहाना बनाने की बजाए इसका उपाय ढूंढने का प्रयास करेगी.
नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर आग लगी हुई है. आंकड़ा पेट्रोल का आंकड़ा सौ रुपए को छूने को है. ऐसे में कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन पन्नों का पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई है कि आखिर कोई सरकार कैसे जनता पर बिना सोचे-विचारे ऐसे असंवेदनशील उपाय थोप सकती है. सोनिया गांधी ने अपने पत्र में पेट्रोल और गैस की बढ़ी हुई कीमतों पर सभी नागरिकों के गुस्से और नाराजगी को जाहिर करने की बात कहते हुए लिखा कि एक तरफ जहां भारत में योजनाबद्ध तरीके से नौकरियों, वेतन और घरेलू आमदनी का खात्मा हो रहा है. मध्यमवर्ग और समाज में हाशिए पर रहने वाले लोग ऐसे में संघर्ष कर रहे हैं. इसमें बढ़ी हुई मुद्रास्फीति के अलावा घरेलू सामानों और जरूरी सामानों की कीमतों में बढ़ोतरी ने कमर तोड़ दी है. दुर्भाग्य से सरकार लोगों की दुख और पीड़ा की घड़ी में पैसा कमाने की सोच रही है. उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतों को कम कर देश के नौकरीपेशा, मध्यमवर्ग, किसानों और गरीबों को राहत पहुंचाने की बात कहते हुए पत्र का समापन इस उम्मीद से किया कि सरकार कीमतों के बढ़ने पर कोई बहाना बनाने की बजाए इसका उपाय ढूंढने का प्रयास करेगी.
नई दिल्ली, देश में कोरोना की रफ्तार डराने लगी है। बीते 24 घंटे में कोविड-19 के 2,68,833 नए मामले आए हैं जिससे संक्रमितों की संख्या 3,68,50,962 हो गई है। इनमें ओमिक्रोन के 6041 मामले भी हैं। यही नहीं बीते 24 घंटे में संक्रमण से 402 और लोगों की मौत होने से महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,85,752 हो गई है। इस बीच दिल्ली में ओमिक्रोन के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन यानी सामुदायिक संक्रमण के संकेत मिले हैं। दिल्ली के क्लिनिकल वायरोलॉजी विभाग, लिवर और पित्त विज्ञान संस्थान (Department of Clinical Virology, Institute of Liver and Biliary Sciences) द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार दिसंबर 2021 के अंतिम हफ्ते के दौरान कोविड-19 के अधिकांश ओमिक्रोन संक्रमित रोगियों का किसी विदेशी यात्रा इतिहास नहीं था जिससे संकेत मिलते हैं कि कोरोना के इस नए वैरिएंट का राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कम्यूनिटी ट्रांसमिशन हुआ था। जिन नमूनों पर अध्ययन किया गया उनकी 25 नवंबर से 23 दिसंबर 2021 के बीच आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। ये नमूने दिल्ली के पांच जिलों से एकत्र किए गए थे। सभी की जीनोम जांच कराई जाएगी। विश्लेषण में स्थानीय और पारिवारिक समूहों में सामुदायिक संक्रमण के संकेत पाए गए। अध्ययन में लगभग 60. 9 प्रतिशत COVID-19 संक्रमित लोगों ने सामुदायिक प्रसार दिखाया। इस अध्ययन से पता चलता है कि समुदाय में ओमिक्रोन के दैनिक मामलों में भारी वृद्धि हुई जो कि 1. 8 प्रतिशत से 54 प्रतिशत तक देखी गई थी। यह अपनी तरह का पहला अध्ययन है जिसमें कोरोना के ओमिक्रोन के सामुदायिक संचरण की तस्दीक की है। इसमें दैनिक संक्रमण, अस्पताल में भर्ती होने की दर और कोरोना वायरस के खिलाफ उच्च सेरोपोसिटिविटी दर को शामिल किया गया था।
नई दिल्ली, देश में कोरोना की रफ्तार डराने लगी है। बीते चौबीस घंटाटे में कोविड-उन्नीस के दो,अड़सठ,आठ सौ तैंतीस नए मामले आए हैं जिससे संक्रमितों की संख्या तीन,अड़सठ,पचास,नौ सौ बासठ हो गई है। इनमें ओमिक्रोन के छः हज़ार इकतालीस मामले भी हैं। यही नहीं बीते चौबीस घंटाटे में संक्रमण से चार सौ दो और लोगों की मौत होने से महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार,पचासी,सात सौ बावन हो गई है। इस बीच दिल्ली में ओमिक्रोन के कम्यूनिटी ट्रांसमिशन यानी सामुदायिक संक्रमण के संकेत मिले हैं। दिल्ली के क्लिनिकल वायरोलॉजी विभाग, लिवर और पित्त विज्ञान संस्थान द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार दिसंबर दो हज़ार इक्कीस के अंतिम हफ्ते के दौरान कोविड-उन्नीस के अधिकांश ओमिक्रोन संक्रमित रोगियों का किसी विदेशी यात्रा इतिहास नहीं था जिससे संकेत मिलते हैं कि कोरोना के इस नए वैरिएंट का राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कम्यूनिटी ट्रांसमिशन हुआ था। जिन नमूनों पर अध्ययन किया गया उनकी पच्चीस नवंबर से तेईस दिसंबर दो हज़ार इक्कीस के बीच आरटी-पीसीआर जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। ये नमूने दिल्ली के पांच जिलों से एकत्र किए गए थे। सभी की जीनोम जांच कराई जाएगी। विश्लेषण में स्थानीय और पारिवारिक समूहों में सामुदायिक संक्रमण के संकेत पाए गए। अध्ययन में लगभग साठ. नौ प्रतिशत COVID-उन्नीस संक्रमित लोगों ने सामुदायिक प्रसार दिखाया। इस अध्ययन से पता चलता है कि समुदाय में ओमिक्रोन के दैनिक मामलों में भारी वृद्धि हुई जो कि एक. आठ प्रतिशत से चौवन प्रतिशत तक देखी गई थी। यह अपनी तरह का पहला अध्ययन है जिसमें कोरोना के ओमिक्रोन के सामुदायिक संचरण की तस्दीक की है। इसमें दैनिक संक्रमण, अस्पताल में भर्ती होने की दर और कोरोना वायरस के खिलाफ उच्च सेरोपोसिटिविटी दर को शामिल किया गया था।
शौचालय बंद होने की वजह से कल्याण रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक महिला की मौत हो गई। महिला झाड़ियों में शौच के लिए गई थी और प्लैटफॉर्म पर चढ़ते वक्त ट्रेन की चपेट में आ गई। सवाल यह उठता है कि प्लैटफॉर्म नंबर 4 और 5 पर सीएसएमटी जो शौचालय था, वहां पुलिस कार्यालय किसकी अनुमति से बना? कल्याण रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर दास के अनुसार, पुलिस कार्यालय के बारे में कोई लिखित आदेश नहीं है। बता दें कि कल्याण स्टेशन के 4 और 5 नंबर प्लैटफॉर्म सबसे व्यस्त हैं। इन्हीं प्लैटफॉर्म पर तेज गति की लोकल ट्रेनें आती हैं और मेल ट्रेनें भी इन्हीं प्लैटफॉर्म पर रुकती हैं। लेकिन, यहां सीएसएमटी की तरफ जो शौचालय था, अब वहां जीआरपी क्राइम ब्रांच के कर्मचारी बैठते हैं। यह शौचालय अब पुलिस कार्यालय में तब्दील हो चुका है। इसमें खास बात यह है कि पुलिस कार्यालय होने की रेलवे को जानकारी है या नहीं, यह असमंजस है। एनबीटी को स्टेशन मास्टर दास ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि रेलवे से पुलिस कार्यालय बनाने की जानकारी ली गई है। कल्याण रेलवे स्टेशन के 4 और 5 नंबर प्लैटफॉर्म से रोजाना करीब चार से पांच लाख लोग यात्रा करते हैं। वहीं, प्लैटफॉर्म नंबर 1 से कोई भी मेल ट्रेन या तेज गति की लोग ट्रेन नहीं गुजरती, लेकिन वहां शौचालय बनकर तैयार हो गया है। उत्तर भारतीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष गिरिजा शकर मिश्रा का कहना है, 'पहले जो शौचालय था, वहां पुलिस कार्यालय क्यों बनाया गया? मंगलवार को हुई मौत के लिए कौन जिम्मेदार है? '
शौचालय बंद होने की वजह से कल्याण रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक महिला की मौत हो गई। महिला झाड़ियों में शौच के लिए गई थी और प्लैटफॉर्म पर चढ़ते वक्त ट्रेन की चपेट में आ गई। सवाल यह उठता है कि प्लैटफॉर्म नंबर चार और पाँच पर सीएसएमटी जो शौचालय था, वहां पुलिस कार्यालय किसकी अनुमति से बना? कल्याण रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर दास के अनुसार, पुलिस कार्यालय के बारे में कोई लिखित आदेश नहीं है। बता दें कि कल्याण स्टेशन के चार और पाँच नंबर प्लैटफॉर्म सबसे व्यस्त हैं। इन्हीं प्लैटफॉर्म पर तेज गति की लोकल ट्रेनें आती हैं और मेल ट्रेनें भी इन्हीं प्लैटफॉर्म पर रुकती हैं। लेकिन, यहां सीएसएमटी की तरफ जो शौचालय था, अब वहां जीआरपी क्राइम ब्रांच के कर्मचारी बैठते हैं। यह शौचालय अब पुलिस कार्यालय में तब्दील हो चुका है। इसमें खास बात यह है कि पुलिस कार्यालय होने की रेलवे को जानकारी है या नहीं, यह असमंजस है। एनबीटी को स्टेशन मास्टर दास ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि रेलवे से पुलिस कार्यालय बनाने की जानकारी ली गई है। कल्याण रेलवे स्टेशन के चार और पाँच नंबर प्लैटफॉर्म से रोजाना करीब चार से पांच लाख लोग यात्रा करते हैं। वहीं, प्लैटफॉर्म नंबर एक से कोई भी मेल ट्रेन या तेज गति की लोग ट्रेन नहीं गुजरती, लेकिन वहां शौचालय बनकर तैयार हो गया है। उत्तर भारतीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष गिरिजा शकर मिश्रा का कहना है, 'पहले जो शौचालय था, वहां पुलिस कार्यालय क्यों बनाया गया? मंगलवार को हुई मौत के लिए कौन जिम्मेदार है? '
नांदगांव खंडेश्वर- महाराष्ट्र राज्य ग्राम पंचायत कर्मचारी महासंघ (आयटक) के बैनरतले आज ग्राम पंचायत कर्मचारियों ने अपनी विविध मांगों को लेकर पंचायत समिति कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया. उसके बाद पंचायत समिति गुट विकास अधिकारी के माध्यम से ग्राम विकास मंत्री हसन मुश्रीफ को निवेदन भेजा गया. निवेदन में बताया गया कि राज्य के ग्राम पंचायत कर्मचारियोंं को वेतन के लिए सरकार ने टॅक्स वसूली शर्त रखी है. यह शर्त रद्द कर शत प्रतिशत अनुदान दिया जाए. २८ अप्रैल को लिया गया निर्णय रद्द करे. अभय यावलकर समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों को मान्य कर ग्राम पंचायत कर्मचारियो को तत्काल वेतनश्रेणी लागू की जाए, कामगार विभाग की ओर से घोषित किए गये अधिसूचना व राजपत्र के अनुसार सुधारित वेतन बढोत्तरी ग्राप कर्मचारियों को तत्काल लागू की जाए. ग्राम कर्मचारियों को निवृत्ति वेतन यानी पेंशन अधिनियम लागू किया जाए. ग्राम कर्मचारियों को वेतन के लिए दिए जानेवाले सरकारी अनुदान में कटौती की गई है. दो वर्षो से भविष्य निर्वाह निधि की रकम ब्याज सहित कर्मचारियों के बैंक खाते में तत्काल जमा की जाए. ऑनलाइन वेतन प्रणाली में अत्याधिक सुधारना कर ग्राम पंचायत कर्मचारियों का वेतन प्रति माह जमा किया जाए. ग्राम कर्मचारियों के लिए लगाए गये सभी नियमों का कडाई से अमल करने सहित अन्य मांगे की गई. इस समय संजय हाडके, तुकाराम भस्मे, ज्ञानेश्वर काकडे, गजानन वैद्य, गजानन चौधरी, रणजित बहादुरे, सरिता चौरे, गोपाल तायकर मौजूद थे.
नांदगांव खंडेश्वर- महाराष्ट्र राज्य ग्राम पंचायत कर्मचारी महासंघ के बैनरतले आज ग्राम पंचायत कर्मचारियों ने अपनी विविध मांगों को लेकर पंचायत समिति कार्यालय के समक्ष आंदोलन किया. उसके बाद पंचायत समिति गुट विकास अधिकारी के माध्यम से ग्राम विकास मंत्री हसन मुश्रीफ को निवेदन भेजा गया. निवेदन में बताया गया कि राज्य के ग्राम पंचायत कर्मचारियोंं को वेतन के लिए सरकार ने टॅक्स वसूली शर्त रखी है. यह शर्त रद्द कर शत प्रतिशत अनुदान दिया जाए. अट्ठाईस अप्रैल को लिया गया निर्णय रद्द करे. अभय यावलकर समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों को मान्य कर ग्राम पंचायत कर्मचारियो को तत्काल वेतनश्रेणी लागू की जाए, कामगार विभाग की ओर से घोषित किए गये अधिसूचना व राजपत्र के अनुसार सुधारित वेतन बढोत्तरी ग्राप कर्मचारियों को तत्काल लागू की जाए. ग्राम कर्मचारियों को निवृत्ति वेतन यानी पेंशन अधिनियम लागू किया जाए. ग्राम कर्मचारियों को वेतन के लिए दिए जानेवाले सरकारी अनुदान में कटौती की गई है. दो वर्षो से भविष्य निर्वाह निधि की रकम ब्याज सहित कर्मचारियों के बैंक खाते में तत्काल जमा की जाए. ऑनलाइन वेतन प्रणाली में अत्याधिक सुधारना कर ग्राम पंचायत कर्मचारियों का वेतन प्रति माह जमा किया जाए. ग्राम कर्मचारियों के लिए लगाए गये सभी नियमों का कडाई से अमल करने सहित अन्य मांगे की गई. इस समय संजय हाडके, तुकाराम भस्मे, ज्ञानेश्वर काकडे, गजानन वैद्य, गजानन चौधरी, रणजित बहादुरे, सरिता चौरे, गोपाल तायकर मौजूद थे.
झारखंड के पलामू में बदले की भावना से मां और उसके बेटों को जीप से कुचलकर मार देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। मरने वाले युवकों ने हत्यारे के पिता पर जानलेवा हमला किया था। घायल को रांची रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलने पर घायल का बेटा बोलेरे जीप लेकर गांव आ रहा था कि रास्ते में उसे दोनों युवक और उसकी मां टकरा गए। ये तीनों बाइक से थाने जा रहे थे। इन्हें देखकर आरोपी इतना गुस्से में आया कि उसने बाइक पर जीप चढ़ा दी। पलामू, झारखंड. बदले की भावना से मां और उसके दो बेटों को जीप से कुचलकर मार देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस पर मरने वाले युवकों ने हत्यारे के पिता पर जानलेवा हमला किया था। घायल को रांची रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलने पर घायल का बेटा बोलेरे जीप लेकर गांव आ रहा था कि रास्ते में उसे दोनों युवक और उसकी मां टकरा गए। ये तीनों बाइक से थाने जा रहे थे। इन्हें देखकर आरोपी इतना गुस्से में आया कि उसने बाइक पर जीप चढ़ा दी। घटना लेस्लीगंज थाना क्षेत्र स्थित अधमनिया गांव में मंगलवार को हुई। जीप गांव का नीतीश कुमार सिंह चेरो की थी। उसने बाइक सवार कलावती कुंवर व उनके पुत्र विनोद उरांव व संजय उरांव को कुचलकर मार दिया। बताते हैं कि विनोद और संजय ने नीतिश के पिता रायबहादुर पर हमला किया था। उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। पिता पर हमले से गुस्से में था आरोपी. . दोनों पक्षों के बीच भूमि विवाद चल रहा है। इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने मां और उसके बेटे थाने जा रहे थे। रास्ते में नीतीश मिल गया। उसने गुस्से में दोनों पर जीप चढ़ा दी। संजय और कलावती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विनोद ने अस्पताल में दम तोड़ा। नीतीश दूसरे गांव सतबरवा में रहता है। वो पिता पर हुए हमले की खबर सुनकर अधमनिया गांव आ रहा था। बिना कुछ कहे. . सीधे बाइक को जीप से दे मारी टक्कर. . घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति है। आरोपी अभी फरार है। बताते हैं कि आरोपी मां और बेटों को देखकर इतने गुस्से में आया कि उसने बिना कुछ पूछे-कहे सीधे जीप उनकी बाइक पर चढ़ा दी। इससे उसकी जीप भी पलट गई। उधर, आरोपी के पिता की हालत भी गंभीर बनी हुई है।
झारखंड के पलामू में बदले की भावना से मां और उसके बेटों को जीप से कुचलकर मार देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। मरने वाले युवकों ने हत्यारे के पिता पर जानलेवा हमला किया था। घायल को रांची रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलने पर घायल का बेटा बोलेरे जीप लेकर गांव आ रहा था कि रास्ते में उसे दोनों युवक और उसकी मां टकरा गए। ये तीनों बाइक से थाने जा रहे थे। इन्हें देखकर आरोपी इतना गुस्से में आया कि उसने बाइक पर जीप चढ़ा दी। पलामू, झारखंड. बदले की भावना से मां और उसके दो बेटों को जीप से कुचलकर मार देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस पर मरने वाले युवकों ने हत्यारे के पिता पर जानलेवा हमला किया था। घायल को रांची रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलने पर घायल का बेटा बोलेरे जीप लेकर गांव आ रहा था कि रास्ते में उसे दोनों युवक और उसकी मां टकरा गए। ये तीनों बाइक से थाने जा रहे थे। इन्हें देखकर आरोपी इतना गुस्से में आया कि उसने बाइक पर जीप चढ़ा दी। घटना लेस्लीगंज थाना क्षेत्र स्थित अधमनिया गांव में मंगलवार को हुई। जीप गांव का नीतीश कुमार सिंह चेरो की थी। उसने बाइक सवार कलावती कुंवर व उनके पुत्र विनोद उरांव व संजय उरांव को कुचलकर मार दिया। बताते हैं कि विनोद और संजय ने नीतिश के पिता रायबहादुर पर हमला किया था। उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है। पिता पर हमले से गुस्से में था आरोपी. . दोनों पक्षों के बीच भूमि विवाद चल रहा है। इस संबंध में शिकायत दर्ज कराने मां और उसके बेटे थाने जा रहे थे। रास्ते में नीतीश मिल गया। उसने गुस्से में दोनों पर जीप चढ़ा दी। संजय और कलावती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि विनोद ने अस्पताल में दम तोड़ा। नीतीश दूसरे गांव सतबरवा में रहता है। वो पिता पर हुए हमले की खबर सुनकर अधमनिया गांव आ रहा था। बिना कुछ कहे. . सीधे बाइक को जीप से दे मारी टक्कर. . घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति है। आरोपी अभी फरार है। बताते हैं कि आरोपी मां और बेटों को देखकर इतने गुस्से में आया कि उसने बिना कुछ पूछे-कहे सीधे जीप उनकी बाइक पर चढ़ा दी। इससे उसकी जीप भी पलट गई। उधर, आरोपी के पिता की हालत भी गंभीर बनी हुई है।
नयी दिल्ली, 20 जुलाई कोयला और खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने खनिज क्षेत्र में सुधारों के क्रियान्वयन को लेकर राजस्थान में हुई प्रगति पर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जोशी ने गहलोत से नीलामी के अंतर्गत शीघ्रता से ज्यादा-से-ज्यादा ब्लॉक लाने को लेकर राज्य की सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खनिज सुधारों से न केवल खनिज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए व्यापक पैमाने पर रोजगार के अवसर और राजस्व भी सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि केंद्र ने खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम में संशोधन करने के बाद इस साल मार्च में खनिज सुधारों की शुरुआत की थी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
नयी दिल्ली, बीस जुलाई कोयला और खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने खनिज क्षेत्र में सुधारों के क्रियान्वयन को लेकर राजस्थान में हुई प्रगति पर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जोशी ने गहलोत से नीलामी के अंतर्गत शीघ्रता से ज्यादा-से-ज्यादा ब्लॉक लाने को लेकर राज्य की सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि खनिज सुधारों से न केवल खनिज उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए व्यापक पैमाने पर रोजगार के अवसर और राजस्व भी सृजित होंगे। उल्लेखनीय है कि केंद्र ने खान एवं खनिज अधिनियम में संशोधन करने के बाद इस साल मार्च में खनिज सुधारों की शुरुआत की थी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
कटनी। मध्यप्रदेश में कोरोना से एक कांग्रेस नेता की कोरोना से मौत की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि बीते 10 जून को कांग्रेस नेता की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जबलपुर मेडीकल में भर्ती कराया गया था। वहीं आज कांग्रेस नेता ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार परिवार के चार सदस्य की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आया है। कांग्रेस नेता की कोरोना से मौत के बाद जिले में हड़कंप की स्थिति है।
कटनी। मध्यप्रदेश में कोरोना से एक कांग्रेस नेता की कोरोना से मौत की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि बीते दस जून को कांग्रेस नेता की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जबलपुर मेडीकल में भर्ती कराया गया था। वहीं आज कांग्रेस नेता ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार परिवार के चार सदस्य की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आया है। कांग्रेस नेता की कोरोना से मौत के बाद जिले में हड़कंप की स्थिति है।
पाली में बीती रात एक घर के बाहर खड़ी बाइक चोर चंद मिनटों में चुराकर ले गया। घटना वहां लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। पुलिस अब फुटेज की मदद से चोर की तलाश में जुटी है। दरअसल घटना मंगलवार दे रात करीब पौने दो बजे पाली के बापूनगर में हुई। रात करीब साढ़े 12 बजे बाइक घर के बाहर रखकर सूरज पुत्र सुखलाल सैन घर में जाकर सो गया। बुधवार सुबह उठकर देखा तो बाइक गायब मिली। गली में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो रात करीब पौने दो बजे एक युवक गली में खड़ी दो-तीन बाइक के ताले मास्टर की से खोलने का प्रयास करते नजर आया। मास्टर की सूरज सैन की बाइक में लग गई तो चंद मिनटों में बाइक चोरी कर चोर फरार हो गया। बता दें कि जिले में लगातार वाहन चोरी की वारदातें बढ़ रही हैं लेकिन पुलिस आधे से ज्यादा मामलों में चोरी के वाहन बरामद नहीं कर पाती। पाली शहर हो या जिले का अन्य कोई थाना क्षेत्र सभी जगह से वाहन चोरी की वारदातें होती रहती है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
पाली में बीती रात एक घर के बाहर खड़ी बाइक चोर चंद मिनटों में चुराकर ले गया। घटना वहां लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। पुलिस अब फुटेज की मदद से चोर की तलाश में जुटी है। दरअसल घटना मंगलवार दे रात करीब पौने दो बजे पाली के बापूनगर में हुई। रात करीब साढ़े बारह बजे बाइक घर के बाहर रखकर सूरज पुत्र सुखलाल सैन घर में जाकर सो गया। बुधवार सुबह उठकर देखा तो बाइक गायब मिली। गली में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो रात करीब पौने दो बजे एक युवक गली में खड़ी दो-तीन बाइक के ताले मास्टर की से खोलने का प्रयास करते नजर आया। मास्टर की सूरज सैन की बाइक में लग गई तो चंद मिनटों में बाइक चोरी कर चोर फरार हो गया। बता दें कि जिले में लगातार वाहन चोरी की वारदातें बढ़ रही हैं लेकिन पुलिस आधे से ज्यादा मामलों में चोरी के वाहन बरामद नहीं कर पाती। पाली शहर हो या जिले का अन्य कोई थाना क्षेत्र सभी जगह से वाहन चोरी की वारदातें होती रहती है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
डाला चौकी को मिली बड़ी सफलता 103 ग्राम हेरोइन के साथ युवक तस्कर गिरफ्तार। डाला। संवाददाता सोनु पाठक। पुलिस अधीक्षक द्वारा चल रहे नशा अभियान के तहत। बीती रात गश्त के दौरान डाला पुलिस ने एक हीरोइन तस्कर के पास से 13 लाख की हीरोइन को बरामद किया गया। क्षेत्र में हीरोइन के बढ़ते कारोबार को रोकने में डाला पुलिस ने आज एक और सफलता प्राप्त किया जिसमें । मंगलवार की रात्रि साढे नौ बजे हिरोइन तस्कर मुकेश सिंह कुशवाहा निवासी सेवा सदन को डाला चौकी प्रभारी चन्द्रभान सिंह ने 103 ग्राम हेरोइन के साथ डाला चढाई अल्ट्राटेक पार्किंग के पास से गिरफ्तार कर 16/ 20 धारा 8 /21 एनडीपीएस के तहत चालान कर जेल भेज दिया गया पकड़ा गया युवक पहले भी कई बार हीरोइन की तस्करी में जेल जा चुका है और डाला क्षेत्र में इस युवक को पकड़ा जाना बड़ी सफलता माना जा सकता है।
डाला चौकी को मिली बड़ी सफलता एक सौ तीन ग्राम हेरोइन के साथ युवक तस्कर गिरफ्तार। डाला। संवाददाता सोनु पाठक। पुलिस अधीक्षक द्वारा चल रहे नशा अभियान के तहत। बीती रात गश्त के दौरान डाला पुलिस ने एक हीरोइन तस्कर के पास से तेरह लाख की हीरोइन को बरामद किया गया। क्षेत्र में हीरोइन के बढ़ते कारोबार को रोकने में डाला पुलिस ने आज एक और सफलता प्राप्त किया जिसमें । मंगलवार की रात्रि साढे नौ बजे हिरोइन तस्कर मुकेश सिंह कुशवाहा निवासी सेवा सदन को डाला चौकी प्रभारी चन्द्रभान सिंह ने एक सौ तीन ग्राम हेरोइन के साथ डाला चढाई अल्ट्राटेक पार्किंग के पास से गिरफ्तार कर सोलह/ बीस धारा आठ /इक्कीस एनडीपीएस के तहत चालान कर जेल भेज दिया गया पकड़ा गया युवक पहले भी कई बार हीरोइन की तस्करी में जेल जा चुका है और डाला क्षेत्र में इस युवक को पकड़ा जाना बड़ी सफलता माना जा सकता है।
बारिश के बाद दिल्ली की सड़कों पर जल भराव? केजरीवाल का लंदन देख लो 😡 दिल्ली की बारिश में बस, ऑटो और कार सब जल की रानी होती है। बूम ने इस वीडियो को पहले भी फ़ैक्ट चेक किया है. तब हमने अपनी पड़ताल में पाया था कि वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि जयपुर, राजस्थान का है. हमने गूगल कीवर्ड की मदद से जब सर्च किया तो हमे इसी वीडियो का एक लम्बा वर्ज़न यूट्यूब पर मिला था जिससे पता चलता है कि घटना 11 अगस्त 2020 की है जब जयपुर में भारी बारिश हुई थी और सड़कों में जलभराव हो गया था. बूम ने पाया कि यूट्यूब वीडियो में दिख रही बस में 59 सेकेंड टाइम स्टाम्प के पास बस की खिड़की पर 'जयपुर बस' लिखा दिखाई देता है. Claim : केजरीवाल का लंदन देख लो 😡 दिल्ली की बारिश में बस, ऑटो और कार सब जल की रानी होती है।
बारिश के बाद दिल्ली की सड़कों पर जल भराव? केजरीवाल का लंदन देख लो 😡 दिल्ली की बारिश में बस, ऑटो और कार सब जल की रानी होती है। बूम ने इस वीडियो को पहले भी फ़ैक्ट चेक किया है. तब हमने अपनी पड़ताल में पाया था कि वीडियो दिल्ली का नहीं बल्कि जयपुर, राजस्थान का है. हमने गूगल कीवर्ड की मदद से जब सर्च किया तो हमे इसी वीडियो का एक लम्बा वर्ज़न यूट्यूब पर मिला था जिससे पता चलता है कि घटना ग्यारह अगस्त दो हज़ार बीस की है जब जयपुर में भारी बारिश हुई थी और सड़कों में जलभराव हो गया था. बूम ने पाया कि यूट्यूब वीडियो में दिख रही बस में उनसठ सेकेंड टाइम स्टाम्प के पास बस की खिड़की पर 'जयपुर बस' लिखा दिखाई देता है. Claim : केजरीवाल का लंदन देख लो 😡 दिल्ली की बारिश में बस, ऑटो और कार सब जल की रानी होती है।
कुम्मग्गसेवनं अप्पहाय, चेतसो लीनत्तं अप्पहाय- इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो सक्कायदिट्टिं पहातुं विचिकिच्छं पहातुं सीलब्बतपरामासं पहातुं । ५. तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो अयोनिसो मनसिकारं पहातुं [N.215] कुम्मग्गसेवनं पहातुं चेतसो लीनत्तं पहातुं । कतमे तयो ? मुट्ठसच्चं अप्पहाय, असम्पजञ अप्पहाय, चेतसो विक्खेपं अप्पहाय- इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो अयोनिसो मनसिकारं पहातुं कुम्मग्गसेवनं पहातुं चेतसो लीनत्तं पहातुं । ६. "तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो मुट्ठसच्चं पहातुं असम्पज पहातुं चेतसो विक्खेपं पहातुं । कतमे तयो ? अरियानं अदस्सनकम्यतं अप्पहाय, अरियधम्मस्स असोतुकम्यतं अप्पहाय, उपारम्भचित्ततं अप्पहाय- इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो मुट्ठसच्चं पहातुं असम्पज पहातुं चेतसो विक्खेपं पहातुं । ७. "तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो अरियानं अदस्सनकम्यतं पहातुं अरियधम्मस्स असोतुकम्यतं पहातुं उपारम्भचित्ततं पहातुं । कतमे तयो ? उद्धच्चं अप्पहाय, [ B.372] असंवरं अप्पहाय, दुस्सीलं अप्पहाय- इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो अरियानं अदस्सनकम्यतं पहातुं अरियधम्मस्स असोतुकम्यतं पहातुं उपारम्भचित्ततं पहातुं । [R.146] ८. "तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो उद्धच्चं पहातुं असंवरं पहातुं परामर्श का नाश भी असम्भव है। किन तीन धर्मों का ? अनुचित मनःसङ्कल्प, कुमार्ग का आश्रयण, तथा चित्त का सङ्कोच-भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का त्याग किये विना सत्कायदृष्टि, विचिकित्सा एवं शीलव्रतपरामर्श का नाश भी असम्भव है। ५. "भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना अनुचित मनःसङ्कल्प कुमार्ग का आश्रयण तथा चित्त के सङ्कोच का नाश असम्भव है। कौन से तीन ? लुप्तस्मृति असम्प्रजन्य एवं चित्त का विक्षेप - भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का त्याग किये विना अनुचित मनःसङ्कल्प, कुमार्ग का आश्रयण तथा चित्त के सङ्कोच का नाश असम्भव है। ६. "भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना लुप्तस्मृति, असम्प्रजन्य एवं चित्त के विक्षेप का नाश नहीं किया जा सकता। कौन से तीन ? आर्यजनों को न देखने की इच्छा, आर्यधर्मों को न सुनने की इच्छा एवं उपालम्भचित्तता-भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना लुप्तस्मृति, असम्प्रजन्य एवं चित्त के विक्षेप का नाश नहीं किया जा सकता। ७. "भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना आर्यजनों को न देखने की इच्छा, आर्यधर्मों को न सुनने की इच्छा एवं उपालम्भचित्तता का भी नाश नहीं किया जा सकता। कौन से तीन धर्मों का नाश ? उद्धतता, इन्द्रियों का असंयम एवं दुःशीलता - भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना आर्यों को न देखने की इच्छा, आर्यधर्मो को न सुनने की इच्छा तथा उपालम्भचित्तता का नाश नहीं किया जा सकता। ८. "भिक्षुओ ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना उद्धतता, इन्द्रियों का असंयम एवं दुस्सील्यं पहातुं । कतमे तयो ? अस्सद्धियं अप्पहाय, अवदतं अप्पहाय, कोसज्जं अप्पहाय - इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो उद्धच्चं पहातुं असंवरं पहातुं दुस्सील्यं पहातुं । ९. "तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो अस्सद्धियं पहातुं अवदतं पहातुं कोसज्जं पहातुं । कतमे तयो ? अनादरियं अप्पहाय, दोवचस्सतं अप्पहाय, पापमित्ततं अप्पहाय - इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो अस्सद्धियं पहातुं अवदतं पहातुं कोसज्जं पहातुं । १०. "तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो अनादरियं पहातुं दोवचस्सतं पहातुं पापमित्ततं पहातुं । कतमे तयो ? अहिरिकं अप्पहाय, अनोत्तप्पं अप्पहाय, पमादं अप्पहाय- इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो अनादरियं पहातुं दोवचस्सतं पहातुं पापमित्ततं पहातुं । ११. "अहिरिकोयं, भिक्खवे, अनोत्तापी पमत्तो होति । सो पमत्तो समानो अभब्बो अनादरियं पहातुं दोवचस्सतं पहातुं पापमित्ततं पहातुं । सो पापमित्तो समानो [N.216] अभब्बो अस्सद्धियं पहातुं अवदतं पहातुं कोसज्जं पहातुं । सो कुसीतो समानो अभब्बो उद्धच्चं पहातुं असंवरं पहातुं दुस्सील्यं पहातुं । सो दुस्सीलो समानो अभब्बो अरियानं अदस्सनकम्यतं पहातुं अरियधम्मस्स असोतुकम्यतं पहातुं उपारम्भचित्ततं पहातुं । सो उपारम्भचित्तो समानो अभब्बो मुट्ठसच्चं पहातुं असम्पज पहातुं चेतसो विक्खेपं [R.147] दुःशीलता का नाश भी नहीं किया जा सकता । कौन से तीन धर्म? अश्रद्धा, अवदान्यता ( अनुदारता) एवं कौसीदय (आलस्य) - भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना उद्धतता, इन्द्रियों का असंयम एवं दुश्शीलता का भी नाश नहीं किया जा सकता । ९. "भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना अश्रद्धा, अवदान्यता एवं कौसीदय का भी प्रहाण नहीं किया जा सकता । कौन से तीन ? अनादर, अनाज्ञाकारिता (अवज्ञा) एवं पापमित्रता । भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का त्याग किये विना अश्रद्धा, अवदान्यता एव कौसीदय का प्रहाण असम्भव है। १०. "भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना, अनादर, अवज्ञा एवं पापमित्रता का नाश भी असम्भव है। कौन से तीन ? निर्लज्जता, अपापभीरुता एवं प्रमाद - भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना अनादर, अवज्ञा एवं पापमित्रता का नाश भी असम्भव है। ११. क्योंकि, भिक्षुओ ! निर्लज्ज पुरुष पापकर्म करने से न डरता हुआ प्रमत्त होकर साधना करता है। वह प्रमत्त होकर भी किसी का अनादर या अवज्ञा न करे तथा पापियों की सङ्गति छोड़ दे - यह सम्भव नहीं है । इस प्रकार वह पापियों की सङ्गति करता हुआ अश्रद्धा, अनुदारता एवं आलस्य को त्याग दे - यह भी सम्भव नहीं है । पुनः वह आलसी होता हुआ भी औद्धत्य, इन्द्रियों का असंयम एवं दुश्शीलता त्याग दे - यह भी सम्भव नहीं है । वह दुश्शील होता हुआ भी आर्यों के दर्शन की इच्छा, आर्यधर्मों के श्रवण की इच्छा, या उनकी निन्दा न करने का मन बनायगा - यह भी
कुम्मग्गसेवनं अप्पहाय, चेतसो लीनत्तं अप्पहाय- इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो सक्कायदिट्टिं पहातुं विचिकिच्छं पहातुं सीलब्बतपरामासं पहातुं । पाँच. तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो अयोनिसो मनसिकारं पहातुं [N.दो सौ पंद्रह] कुम्मग्गसेवनं पहातुं चेतसो लीनत्तं पहातुं । कतमे तयो ? मुट्ठसच्चं अप्पहाय, असम्पजञ अप्पहाय, चेतसो विक्खेपं अप्पहाय- इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो अयोनिसो मनसिकारं पहातुं कुम्मग्गसेवनं पहातुं चेतसो लीनत्तं पहातुं । छः. "तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो मुट्ठसच्चं पहातुं असम्पज पहातुं चेतसो विक्खेपं पहातुं । कतमे तयो ? अरियानं अदस्सनकम्यतं अप्पहाय, अरियधम्मस्स असोतुकम्यतं अप्पहाय, उपारम्भचित्ततं अप्पहाय- इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो मुट्ठसच्चं पहातुं असम्पज पहातुं चेतसो विक्खेपं पहातुं । सात. "तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो अरियानं अदस्सनकम्यतं पहातुं अरियधम्मस्स असोतुकम्यतं पहातुं उपारम्भचित्ततं पहातुं । कतमे तयो ? उद्धच्चं अप्पहाय, [ B.तीन सौ बहत्तर] असंवरं अप्पहाय, दुस्सीलं अप्पहाय- इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो अरियानं अदस्सनकम्यतं पहातुं अरियधम्मस्स असोतुकम्यतं पहातुं उपारम्भचित्ततं पहातुं । [R.एक सौ छियालीस] आठ. "तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो उद्धच्चं पहातुं असंवरं पहातुं परामर्श का नाश भी असम्भव है। किन तीन धर्मों का ? अनुचित मनःसङ्कल्प, कुमार्ग का आश्रयण, तथा चित्त का सङ्कोच-भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का त्याग किये विना सत्कायदृष्टि, विचिकित्सा एवं शीलव्रतपरामर्श का नाश भी असम्भव है। पाँच. "भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना अनुचित मनःसङ्कल्प कुमार्ग का आश्रयण तथा चित्त के सङ्कोच का नाश असम्भव है। कौन से तीन ? लुप्तस्मृति असम्प्रजन्य एवं चित्त का विक्षेप - भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का त्याग किये विना अनुचित मनःसङ्कल्प, कुमार्ग का आश्रयण तथा चित्त के सङ्कोच का नाश असम्भव है। छः. "भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना लुप्तस्मृति, असम्प्रजन्य एवं चित्त के विक्षेप का नाश नहीं किया जा सकता। कौन से तीन ? आर्यजनों को न देखने की इच्छा, आर्यधर्मों को न सुनने की इच्छा एवं उपालम्भचित्तता-भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना लुप्तस्मृति, असम्प्रजन्य एवं चित्त के विक्षेप का नाश नहीं किया जा सकता। सात. "भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना आर्यजनों को न देखने की इच्छा, आर्यधर्मों को न सुनने की इच्छा एवं उपालम्भचित्तता का भी नाश नहीं किया जा सकता। कौन से तीन धर्मों का नाश ? उद्धतता, इन्द्रियों का असंयम एवं दुःशीलता - भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना आर्यों को न देखने की इच्छा, आर्यधर्मो को न सुनने की इच्छा तथा उपालम्भचित्तता का नाश नहीं किया जा सकता। आठ. "भिक्षुओ ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना उद्धतता, इन्द्रियों का असंयम एवं दुस्सील्यं पहातुं । कतमे तयो ? अस्सद्धियं अप्पहाय, अवदतं अप्पहाय, कोसज्जं अप्पहाय - इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो उद्धच्चं पहातुं असंवरं पहातुं दुस्सील्यं पहातुं । नौ. "तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो अस्सद्धियं पहातुं अवदतं पहातुं कोसज्जं पहातुं । कतमे तयो ? अनादरियं अप्पहाय, दोवचस्सतं अप्पहाय, पापमित्ततं अप्पहाय - इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो अस्सद्धियं पहातुं अवदतं पहातुं कोसज्जं पहातुं । दस. "तयोमे, भिक्खवे, धम्मे अप्पहाय अभब्बो अनादरियं पहातुं दोवचस्सतं पहातुं पापमित्ततं पहातुं । कतमे तयो ? अहिरिकं अप्पहाय, अनोत्तप्पं अप्पहाय, पमादं अप्पहाय- इमे खो, भिक्खवे, तयो धम्मे अप्पहाय अभब्बो अनादरियं पहातुं दोवचस्सतं पहातुं पापमित्ततं पहातुं । ग्यारह. "अहिरिकोयं, भिक्खवे, अनोत्तापी पमत्तो होति । सो पमत्तो समानो अभब्बो अनादरियं पहातुं दोवचस्सतं पहातुं पापमित्ततं पहातुं । सो पापमित्तो समानो [N.दो सौ सोलह] अभब्बो अस्सद्धियं पहातुं अवदतं पहातुं कोसज्जं पहातुं । सो कुसीतो समानो अभब्बो उद्धच्चं पहातुं असंवरं पहातुं दुस्सील्यं पहातुं । सो दुस्सीलो समानो अभब्बो अरियानं अदस्सनकम्यतं पहातुं अरियधम्मस्स असोतुकम्यतं पहातुं उपारम्भचित्ततं पहातुं । सो उपारम्भचित्तो समानो अभब्बो मुट्ठसच्चं पहातुं असम्पज पहातुं चेतसो विक्खेपं [R.एक सौ सैंतालीस] दुःशीलता का नाश भी नहीं किया जा सकता । कौन से तीन धर्म? अश्रद्धा, अवदान्यता एवं कौसीदय - भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना उद्धतता, इन्द्रियों का असंयम एवं दुश्शीलता का भी नाश नहीं किया जा सकता । नौ. "भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना अश्रद्धा, अवदान्यता एवं कौसीदय का भी प्रहाण नहीं किया जा सकता । कौन से तीन ? अनादर, अनाज्ञाकारिता एवं पापमित्रता । भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का त्याग किये विना अश्रद्धा, अवदान्यता एव कौसीदय का प्रहाण असम्भव है। दस. "भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना, अनादर, अवज्ञा एवं पापमित्रता का नाश भी असम्भव है। कौन से तीन ? निर्लज्जता, अपापभीरुता एवं प्रमाद - भिक्षुओ! इन तीन धर्मों का नाश किये विना अनादर, अवज्ञा एवं पापमित्रता का नाश भी असम्भव है। ग्यारह. क्योंकि, भिक्षुओ ! निर्लज्ज पुरुष पापकर्म करने से न डरता हुआ प्रमत्त होकर साधना करता है। वह प्रमत्त होकर भी किसी का अनादर या अवज्ञा न करे तथा पापियों की सङ्गति छोड़ दे - यह सम्भव नहीं है । इस प्रकार वह पापियों की सङ्गति करता हुआ अश्रद्धा, अनुदारता एवं आलस्य को त्याग दे - यह भी सम्भव नहीं है । पुनः वह आलसी होता हुआ भी औद्धत्य, इन्द्रियों का असंयम एवं दुश्शीलता त्याग दे - यह भी सम्भव नहीं है । वह दुश्शील होता हुआ भी आर्यों के दर्शन की इच्छा, आर्यधर्मों के श्रवण की इच्छा, या उनकी निन्दा न करने का मन बनायगा - यह भी
टिमोथी प्राइस-विलियम्स पर शनिवार को फोर्ट वाल्टन बीच पर डिप्टी शेरिफ (कानून लागू करने वाले अधिकारी) कारपोरल रे हैमिल्टन की हत्या करने का आरोप लगाया गया है. क्रिसमस की पूर्व संध्या पर फ्लोरिडा पैनहैंडल में एक व्यक्ति ने वारंट की तामील के दौरान डिप्टी शेरिफ की गोली मारकर हत्या कर दी. टिमोथी प्राइस-विलियम्स पर शनिवार को फोर्ट वाल्टन बीच पर डिप्टी शेरिफ (कानून लागू करने वाले अधिकारी) कारपोरल रे हैमिल्टन की हत्या करने का आरोप लगाया गया है. ओकालोसा काउंटी शेरिफ के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि हैमिल्टन पर प्राइस-विलियम्स ने घर के अंदर से तब गोलियां चला दी जब वह घरेलू हिंसा से जुड़े मामले में वारंट की तामील के लिए गए थे. हैमिल्टन को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. हत्या करने के बाद फ्लोरिडा का एक समुदाय शेरिफ डिप्टी की हत्या से शोक में डूब गया है. स्पेशल रिस्पांस टीम में काम करने वाले हैमिल्टन का दोपहर 3 बजे के बाद निधन हो गया. वह फोर्ट वाल्टन बीच डेस्टिन अस्पताल में भर्ती थे. घरेलू हिंसा की पीड़िता ने बताया कि शुक्रवार को बहस के दौरान प्राइस-विलियम्स ने उसके चेहरे पर थप्पड़ मारा और धक्का दिया. उसने यह भी कहा कि उसने उसका फोन ले लिया, इसलिए वह मदद के लिए 911 पर कॉल नहीं कर सकी. शनिवार सुबह करीब 9 बजे जब डिप्टीज घर पहुंचे तो उन्होंने प्राइस-विलियम्स से संपर्क किया. उन्होंने कथित तौर पर निवास छोड़ने से इनकार कर दिया, जिससे विशेष प्रतिक्रिया दल को घटनास्थल पर आने के लिए कहा गया. प्राइस-विलियम्स पर फर्स्ट-डिग्री पूर्व-निर्धारित हत्या का आरोप लगाया गया है. उसे हल्की चोट लगी थी, जिसके बाद इलाज किया गया औऱ फिर आरोपी को जेल भेज दिया गया. शेरिफ एरिक अदन ने एक बयान में कहा, "हम कारपोरल हैमिल्टन को खोने के चलते बेहद दुखी हैं. वह ओसीएसओ में धूप की किरण थे, जो दूसरों की रक्षा के लिए समर्पित थे. हम उनके परिवार और सहकर्मियों से मिले समर्थन कीअंतहीन धारा की सराहना करते हैं, क्योंकि हम एक बेहद प्यारे और सम्मानित दोस्त, लोक सेवक और नायक के खोने के नुकसान का सामना कर रहे हैं." शेरिफ के कार्यालय ने कहा कि संदिग्ध को भी गोली लगी थी और उसे एक गैर-जानलेवा चोट लगी थी. OCSO जनता से डिप्टी के परिवार के लिए प्रार्थना करने के लिए कह रहा है और OCSO इस त्रासदी को समझने के लिए काम कर रहा है. इस मामले की जांच की जा रही है और अन्य जानकारी सामने आते ही लोगों को अपडेट किया जाएगा. (भाषा इनपुट के साथ)
टिमोथी प्राइस-विलियम्स पर शनिवार को फोर्ट वाल्टन बीच पर डिप्टी शेरिफ कारपोरल रे हैमिल्टन की हत्या करने का आरोप लगाया गया है. क्रिसमस की पूर्व संध्या पर फ्लोरिडा पैनहैंडल में एक व्यक्ति ने वारंट की तामील के दौरान डिप्टी शेरिफ की गोली मारकर हत्या कर दी. टिमोथी प्राइस-विलियम्स पर शनिवार को फोर्ट वाल्टन बीच पर डिप्टी शेरिफ कारपोरल रे हैमिल्टन की हत्या करने का आरोप लगाया गया है. ओकालोसा काउंटी शेरिफ के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि हैमिल्टन पर प्राइस-विलियम्स ने घर के अंदर से तब गोलियां चला दी जब वह घरेलू हिंसा से जुड़े मामले में वारंट की तामील के लिए गए थे. हैमिल्टन को अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. हत्या करने के बाद फ्लोरिडा का एक समुदाय शेरिफ डिप्टी की हत्या से शोक में डूब गया है. स्पेशल रिस्पांस टीम में काम करने वाले हैमिल्टन का दोपहर तीन बजे के बाद निधन हो गया. वह फोर्ट वाल्टन बीच डेस्टिन अस्पताल में भर्ती थे. घरेलू हिंसा की पीड़िता ने बताया कि शुक्रवार को बहस के दौरान प्राइस-विलियम्स ने उसके चेहरे पर थप्पड़ मारा और धक्का दिया. उसने यह भी कहा कि उसने उसका फोन ले लिया, इसलिए वह मदद के लिए नौ सौ ग्यारह पर कॉल नहीं कर सकी. शनिवार सुबह करीब नौ बजे जब डिप्टीज घर पहुंचे तो उन्होंने प्राइस-विलियम्स से संपर्क किया. उन्होंने कथित तौर पर निवास छोड़ने से इनकार कर दिया, जिससे विशेष प्रतिक्रिया दल को घटनास्थल पर आने के लिए कहा गया. प्राइस-विलियम्स पर फर्स्ट-डिग्री पूर्व-निर्धारित हत्या का आरोप लगाया गया है. उसे हल्की चोट लगी थी, जिसके बाद इलाज किया गया औऱ फिर आरोपी को जेल भेज दिया गया. शेरिफ एरिक अदन ने एक बयान में कहा, "हम कारपोरल हैमिल्टन को खोने के चलते बेहद दुखी हैं. वह ओसीएसओ में धूप की किरण थे, जो दूसरों की रक्षा के लिए समर्पित थे. हम उनके परिवार और सहकर्मियों से मिले समर्थन कीअंतहीन धारा की सराहना करते हैं, क्योंकि हम एक बेहद प्यारे और सम्मानित दोस्त, लोक सेवक और नायक के खोने के नुकसान का सामना कर रहे हैं." शेरिफ के कार्यालय ने कहा कि संदिग्ध को भी गोली लगी थी और उसे एक गैर-जानलेवा चोट लगी थी. OCSO जनता से डिप्टी के परिवार के लिए प्रार्थना करने के लिए कह रहा है और OCSO इस त्रासदी को समझने के लिए काम कर रहा है. इस मामले की जांच की जा रही है और अन्य जानकारी सामने आते ही लोगों को अपडेट किया जाएगा.
चर्चा में क्यों? 2 अगस्त, 2023 को मध्य प्रदेश की खेल और युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने वर्ष 2022 के राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों की घोषणा की। वर्ष 2022 के लिये 11 खिलाड़ियों को एकलव्य पुरस्कार, 10 को विक्रम, एक प्रशिक्षक को विश्वामित्र तथा एक खेल हस्ती को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। - मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने बताया कि एकलव्य पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को एक लाख रुपए और शेष को दो लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी जाती है। - वर्ष 2013 से पारंपरिक खेल मलखंब में उत्कृष्टता के लिये स्व. प्रभाष जोशी पुरस्कार प्रारंभ किया गया, जिसमें विजेताओं को दो लाख रुपए की राशि से सम्मानित किया जाता है। - विदित है कि वर्ष 2011 तक एकलव्य पुरस्कार विजेता को 25 हज़ार रुपए और विक्रम, विश्वामित्र और लाईफ टाईम अवार्ड के विजेताओं को 50 हज़ार रुपए की राशि दी जाती थी। वर्ष 2021 से सभी पुरस्कार राशि को बढ़ाया गया है। - एकलव्य पुरस्कार : वर्ष 2022 के एकलव्य पुरस्कार के लिये भोपाल के आस्था दांगी (क्याकिंग-केनोइंग), अमन सिंह बिष्ट (बॉक्सिंग), प्रज्ञा सिंह (फेंसिंग), आशी चौकसे (शूटिंग) और सौम्या तिवारी (क्रिकेट), राजगढ़ की रितिका दांगी (सेलिंग), देवास के अभिषेक परिहार (सॉफ्ट-टेनिस), इंदौर की पलक शर्मा (तैराकी), ग्वालियर की खुशबू (हॉकी), उज्जैन के दीपेश लश्करी (जिम्नास्टिक) और इंद्रजीत नागर को (मलखंब) खेल में एकलव्य पुरस्कार के लिये चयनित किया गया है। - विक्रम पुरस्कार : वर्ष 2022 के विक्रम पुरस्कारों के लिये भोपाल के राजू सिंह (घुड़सवारी), देवास के आदित्य दुबे (सॉफ्ट-टेनिस), सीहोर की नीतू वर्मा (क्याकिंग-केनोइंग), अशोकनगर के भूरक्षा दुबे (वूशु), रायसेन की प्रगति दुबे (शूटिंग), इंदौर के सुबोध चौरसिया (सॉफ्टबॉल) एवं आवेश खान को (क्रिकेट), ग्वालियर के नीरज राणा (हॉकी) तथा धनंजय दुबे (टेनिस) (दिव्यांग वर्ग में) तथा उज्जैन के राजवीर सिंह पंवार के नामों की घोषणा हुई है। - विश्वामित्र पुरस्कारः वर्ष 2022 में विश्वामित्र पुरस्कार के लिये भोपाल की बैडमिंटन प्रशिक्षक रश्मि मालवीय का चयन किया गया है। - लाइफटाइम अचीवमेंट ऑवर्डः वर्ष 2022 में राज्य स्तरीय लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार की श्रेणी में इंदौर के अनिल धूपर (टेनिस) का चयन किया गया है।
चर्चा में क्यों? दो अगस्त, दो हज़ार तेईस को मध्य प्रदेश की खेल और युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने वर्ष दो हज़ार बाईस के राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों की घोषणा की। वर्ष दो हज़ार बाईस के लिये ग्यारह खिलाड़ियों को एकलव्य पुरस्कार, दस को विक्रम, एक प्रशिक्षक को विश्वामित्र तथा एक खेल हस्ती को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। - मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने बताया कि एकलव्य पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को एक लाख रुपए और शेष को दो लाख रुपए की पुरस्कार राशि दी जाती है। - वर्ष दो हज़ार तेरह से पारंपरिक खेल मलखंब में उत्कृष्टता के लिये स्व. प्रभाष जोशी पुरस्कार प्रारंभ किया गया, जिसमें विजेताओं को दो लाख रुपए की राशि से सम्मानित किया जाता है। - विदित है कि वर्ष दो हज़ार ग्यारह तक एकलव्य पुरस्कार विजेता को पच्चीस हज़ार रुपए और विक्रम, विश्वामित्र और लाईफ टाईम अवार्ड के विजेताओं को पचास हज़ार रुपए की राशि दी जाती थी। वर्ष दो हज़ार इक्कीस से सभी पुरस्कार राशि को बढ़ाया गया है। - एकलव्य पुरस्कार : वर्ष दो हज़ार बाईस के एकलव्य पुरस्कार के लिये भोपाल के आस्था दांगी , अमन सिंह बिष्ट , प्रज्ञा सिंह , आशी चौकसे और सौम्या तिवारी , राजगढ़ की रितिका दांगी , देवास के अभिषेक परिहार , इंदौर की पलक शर्मा , ग्वालियर की खुशबू , उज्जैन के दीपेश लश्करी और इंद्रजीत नागर को खेल में एकलव्य पुरस्कार के लिये चयनित किया गया है। - विक्रम पुरस्कार : वर्ष दो हज़ार बाईस के विक्रम पुरस्कारों के लिये भोपाल के राजू सिंह , देवास के आदित्य दुबे , सीहोर की नीतू वर्मा , अशोकनगर के भूरक्षा दुबे , रायसेन की प्रगति दुबे , इंदौर के सुबोध चौरसिया एवं आवेश खान को , ग्वालियर के नीरज राणा तथा धनंजय दुबे तथा उज्जैन के राजवीर सिंह पंवार के नामों की घोषणा हुई है। - विश्वामित्र पुरस्कारः वर्ष दो हज़ार बाईस में विश्वामित्र पुरस्कार के लिये भोपाल की बैडमिंटन प्रशिक्षक रश्मि मालवीय का चयन किया गया है। - लाइफटाइम अचीवमेंट ऑवर्डः वर्ष दो हज़ार बाईस में राज्य स्तरीय लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार की श्रेणी में इंदौर के अनिल धूपर का चयन किया गया है।
भाषा वो माध्यम है, जिसकी मदद से हम अपनी भावनाएं और विचार एक दूसरे के साथ आसानी से व्यक्त कर सकते हैं. भाषा ना सिर्फ रिश्तों के नींव को रखती है, बल्कि उसको आगे बढ़ाने में भी हमारी मदद करती है. भाषा के महत्व और उसके सही उपयोग को समझने और समझाने के लिए देश-दुनिया में आज अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (International Mother Language Day) मनाया जा रहा है. भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के बारे में जागरूकता को बढ़ाने और बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के लिए हर साल 21 फरवरी (21 February)को हर साल दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (Matribhasha Diwas) मनाया जाता है. अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने का विचार सबसे पहले भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश से आया था. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) के आम सम्मेलन ने 2000 में 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया. हर साल इस विशेष दिन को मनाने के लिए यूनेस्को द्वारा एक अनूठी थीम चुनी जाती है. साल 2022 का विषय 'बहुभाषी शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग, चुनौतियां और अवसर' है. यह बहुभाषी शिक्षा को आगे बढ़ाने और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और सीखने के विकास को मदद करने के लिए प्रौद्योगिकी की संभावित भूमिका पर केंद्रित है. इस दिन को चिन्हित करने के लिए,संस्कृति मंत्रालय भौतिक और वर्चुअल रूप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) और यूनेस्को नई दिल्ली क्लस्टर कार्यालय के सहयोग से दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है. भाषा पर सही पकड़ होना बहुत जरुरी है. भाषा ना सिर्फ आपके जीवन शैली को आसान बनाती है, बल्कि आपको एक अलग पहचान भी देती है, लेकिन यह तभी संभव है, जब भाषा के सही रूप को सही जगह पर इस्तेमाल किया जाए. ऐसे में भाषा पर अच्छी पकड़ होना बहुत जरुरी है. कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं. . ! ! प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।
भाषा वो माध्यम है, जिसकी मदद से हम अपनी भावनाएं और विचार एक दूसरे के साथ आसानी से व्यक्त कर सकते हैं. भाषा ना सिर्फ रिश्तों के नींव को रखती है, बल्कि उसको आगे बढ़ाने में भी हमारी मदद करती है. भाषा के महत्व और उसके सही उपयोग को समझने और समझाने के लिए देश-दुनिया में आज अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जा रहा है. भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के बारे में जागरूकता को बढ़ाने और बहुभाषावाद को बढ़ावा देने के लिए हर साल इक्कीस फरवरी को हर साल दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है. अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाने का विचार सबसे पहले भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश से आया था. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन के आम सम्मेलन ने दो हज़ार में इक्कीस फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया. हर साल इस विशेष दिन को मनाने के लिए यूनेस्को द्वारा एक अनूठी थीम चुनी जाती है. साल दो हज़ार बाईस का विषय 'बहुभाषी शिक्षा के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग, चुनौतियां और अवसर' है. यह बहुभाषी शिक्षा को आगे बढ़ाने और सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और सीखने के विकास को मदद करने के लिए प्रौद्योगिकी की संभावित भूमिका पर केंद्रित है. इस दिन को चिन्हित करने के लिए,संस्कृति मंत्रालय भौतिक और वर्चुअल रूप में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और यूनेस्को नई दिल्ली क्लस्टर कार्यालय के सहयोग से दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है. भाषा पर सही पकड़ होना बहुत जरुरी है. भाषा ना सिर्फ आपके जीवन शैली को आसान बनाती है, बल्कि आपको एक अलग पहचान भी देती है, लेकिन यह तभी संभव है, जब भाषा के सही रूप को सही जगह पर इस्तेमाल किया जाए. ऐसे में भाषा पर अच्छी पकड़ होना बहुत जरुरी है. कृषि पत्रकारिता के लिए अपना समर्थन दिखाएं. . ! ! प्रिय पाठक, हमसे जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद। कृषि पत्रकारिता को आगे बढ़ाने के लिए आप जैसे पाठक हमारे लिए एक प्रेरणा हैं। हमें कृषि पत्रकारिता को और सशक्त बनाने और ग्रामीण भारत के हर कोने में किसानों और लोगों तक पहुंचने के लिए आपके समर्थन या सहयोग की आवश्यकता है। हमारे भविष्य के लिए आपका हर सहयोग मूल्यवान है।
भारत सहित एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी (Gautam Adani) अब दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन चुके हैं। Louis Vuitton के सीईओ बर्नार्ड अर्नाल्ट (Bernard Arnault) को तीसरे नंबर से धकेल कर अडानी ग्रुप के चेयरमेन गौतम अडानी ने अपना नाम विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूचि में तीसरे स्थान पर काबिज कर लिया है। जानकारी के अनुसार अडानी ग्रुप के चेयरमेन गौतम अडानी की नेटवर्थ लगातार बढ़ते हुए 137 बिलियन डॉलर हो चुकी है। जबकि इस सूचि में पहले नंबर पर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Tesla CEO Elon Musk) और दूसरे नंबर पर अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस (Amazon Founder Jeff Bezos) बने हुए हैं। गौरतलब है कि गौतम अडानी लगातार विश्व के अमीरों की सूचि में अपना नाम ऊपर कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार गौतम अडानी अभी पिछले महीने ही विश्व के अमीरों की सूचि में चौथे स्थान पर विराजित हुए थे। उन्होने यह चौथा स्थान माइक्रोसॉफ्ट के को फाउंडर बिल गेट्स से छीन कर हासिल किया था।
भारत सहित एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति गौतम अडानी अब दुनिया के तीसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन चुके हैं। Louis Vuitton के सीईओ बर्नार्ड अर्नाल्ट को तीसरे नंबर से धकेल कर अडानी ग्रुप के चेयरमेन गौतम अडानी ने अपना नाम विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूचि में तीसरे स्थान पर काबिज कर लिया है। जानकारी के अनुसार अडानी ग्रुप के चेयरमेन गौतम अडानी की नेटवर्थ लगातार बढ़ते हुए एक सौ सैंतीस बिलियन डॉलर हो चुकी है। जबकि इस सूचि में पहले नंबर पर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और दूसरे नंबर पर अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस बने हुए हैं। गौरतलब है कि गौतम अडानी लगातार विश्व के अमीरों की सूचि में अपना नाम ऊपर कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार गौतम अडानी अभी पिछले महीने ही विश्व के अमीरों की सूचि में चौथे स्थान पर विराजित हुए थे। उन्होने यह चौथा स्थान माइक्रोसॉफ्ट के को फाउंडर बिल गेट्स से छीन कर हासिल किया था।
विशेष पतिनिधि नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आज दावा किया कि बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण 50 फीसदी या उससे अधिक फसल का नुकसान उ"ाने वाले छोटे और सीमांत किसानों को पूरी होल्डिंग ःजोत क्षेत्रः के लिए सहायता दी गयी है। कृषि मंत्री शरद पवार ने लोकसभा में सदस्यों के सवालों के जवाब में बताया कि केंद्र सरकार ने चक्रवाती तूफान, बादल फटने , सूखे , बाढ़ , भूकंप, सुनामी और शीतलहर जैसी प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष ः एनडीआरएफ ः तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष ः एसडीआरएफ ः से सहायता मुहैया कराने के लिए दिशा निर्देश तैयार किए हैं। उन्हेंने प्रश्नकाल में बताया कि जिन किसानों की 50 फीसदी या अधिक फसल नष्ट हो गयी है उन्हें पूरी जमीन के लिए सहायता मुहैया करायी जाती है जबकि अन्य किसानों के मामले में सहायता प्रति किसान एक हेक्टेयर है, चाहे उनकी जमीन कितनी ही हो। पवार ने बताया, जब भी कोई आपदा आती है तो केंद्र सरकार राहत उपलब्ध कराती है। मुआवजे और राहत में अंतर है। ऐसे मामलों में हम राहत देते हैं। वित्त आयोग सिफारिशें करता है और सामान्यतः इन्हें सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया जाता है। दाउद को भारत के हवाले किए जाने की लोस में उ"ाr मांग मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता दाउद इब्राहिम और जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद को भारत के हवाले किए जाने की आज लोकसभा में मांग उ"ाr। सरकार ने कहा कि दोनों आतंकवादी पाकिस्तान में हैं और उन्हें भारत के हवाले किए जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि जब उनकी अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मुलाकात हुई थी तो उन्होंने दाउद और सईद को भारत प्रत्यार्पित किए जाने की मांग की थी। उन्होंने पाकिस्तान के गृह मंत्री को यह भी बताया था कि ये दोनों आतंकवादी पड़ोसी देश के कराची में हैं। भाजपा सदस्य अनंत कुमार के सवाल के जवाब में शिंदे ने कहा कि हाल ही में संपन्न इंटरपोल सम्मेलन में भी भारत ने इस मुद्दे को उ"ाया था और पाकिस्तान को निर्देशित किए जाने की मांग की थी कि वह दाउद को भारत के हवाले करे। इससे पूर्व , गृह राज्य मंत्री आर पी एन सिंह ने सदस्यों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष , ऐसी छवि बनाने की कोशिश कर रहा है कि संप्रग सरकार आतंकवाद के संबंध में कमजोर तरीके से काम कर रही है। इस पर भाजपा सदस्य आक्रोशित हो उ"s। सिंह ने कहा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ गंभीर कदम उ"ाने को प्रतिबद्ध है। प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध की कोई योजना नहीं केंद्र सरकार ने आज स्पष्ट किया कि घरेलू खपत के वास्ते प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का कोई विचार नहीं है। कृषि मंत्री शरद पवार ने लोकसभा में सदस्यों के सवालों के लिखित जवाब में बताया कि 2010-11, 2011-12 और 2012-13 के दौरान प्याज का कुल उत्पादन क्रमशः 15117 . 7 मीट्रिक टन, 17511 . । मीट्रिक टन और16655 . 0 मीट्रिक टन रहा। उन्होंने बताया कि प्याज की खपत के लिए घरेलू मांग लगभग दस लाख एम टी प्रति माह है। इसके अलावा लगभग 15 ़ 20 लाख एमटी प्याज निर्यात किया जाता है। एक लाख एमटी प्याज बीज उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है और 3 ़ 5 लाख एमटी प्याज प्रतिवर्ष प्रसंस्कृत किया जाता है। पवार ने बताया कि नैफेड ने 2010-11 में लगभग 230 लाख रूपये मूल्य के676 . 18 एमटी और 2011-12 में 68 . 30 लाख रूपये के मूल्य के 944 . 35 एमटी प्याज की खरीद की गयी। 2012-13 में नैफेड ने कोई खरीद नहीं की है। अनेक ऐतिहासिक स्मारक लुप्त देश में अनेक ऐतिहासिक और संरक्षित स्मारक लुप्त हो गये हैं। संस्कृति मंत्री चंद्रेश कुमारी कटोच ने आज लोकसभा को बताया कि संस्कृति मंत्रालय की हाल ही लेखापरीक्षा रिपोर्ट के अनुसार देश में अनेक ऐतिहासिक एवं संरक्षित स्मारक लुप्त हो गये हैं। उन्होंने राधा मोहन सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, यशवीर सिंह, भूदेव चौधरी, चंद्रकांत खैरे, रतन सिंह, नित्यानंद प्रधान और नीरज शेखर के सवालों के लिखित जवाब में बताया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ःसीएजीः ने 23 अगस्त को संसद के पटल पर रखी अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि 92 स्मारक लुप्त हैं। चंद्रेश ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पुराने रिकाडो', राजस्व नक्शों और प्रकाशित रिपोटो' के आधार पर क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा लुप्त स्मारकों को खोजने और पहचानने के प्रयास किये हैं। 26 जिले नक्सल हिंसा से गंभीर रूप से प्रभावित देश के 26 जिले नक्सल हिंसा से गंभीर रूप से प्रभावित हैं। गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने आज लोकसभा को बताया कि हिंसा की स्थिति के आधार पर नौ राज्यों आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 106 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित माने जाते हैं। उन्होंने कहा, हालांकि इन 106 जिलों में से 26 जिलों में देश की कुल वामपंथी उग्रवादी हिंसा की 70 फीसदी हिंसा होती है इसलिए गंभीर रूप से प्रभावित जिलों की संख्या 26 है। सिंह ने जगदानंद सिंह के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि 2013 में 31 जुलाई तक नक्सल हिंसा की घटनाओं की संख्या 678 थी। 2012 में 1415 ऐसी घटनाएं हुई थीं। अलग बोडोलैंड, गोरखालैंड बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं केंद्र सरकार ने आज स्पष्ट किया कि प्रस्तावित तेलंगाना राज्य की तर्ज पर बोडोलैंड, गोरखालैंड, विदर्भ या बंदेलखंड आदि राज्यों का ग"न का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। गृह राज्य मंत्री आर पी एन सिंह ने लोकसभा में आर थामराईसेलवन और सानछुमा ा बैसीमुथियारी के सवालों के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। सिंह ने बताया कि तेलंगाना राज्य के प्रस्तावित सृजन की तर्ज पर बोडोलैंड, गोरखालैंड, विदर्भ या बंदेलखंड आदि राज्यों का ग"न का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। भगवान बुद्ध के भिक्षा पात्र के बारे में अभी कोई फैसला संभव नहीं ः केंद्र केंद्र सरकार ने आज कहा कि काबुल के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा भिक्षा पात्र भगवान बुद्ध का होने के संबंध में उस समय तक नतीजा निकालना संभव नहीं है जब तक कि उसे वास्तविक पुरातत्वीय साक्ष्यों के साथ प्रमाणित न किया जाए। संस्कृति मंत्री चंद्रेश कुमारी कटोच ने लोकसभा में डा ़ रघुवंश प्रसाद सिंह के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भिक्षा पात्र को इस समय अफगानिस्तान में काबुल के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा गया है। भारतीय दूतावास ने इस भिक्षापात्र का एक छायाचित्र भेजा है। कटोच ने बताया कि भिक्षापात्र पर स्थित अभिलेखों की जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, पुरालेख शाखा नागपुर द्वारा की गयी है और यह पाया गया है कि ये अभिलेख नास्तालिक ः फारसी ः में लगभग 16वीं शताब्दी ईसवीं के हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न रिपोर्टो और यात्रा वृतांतों में प्रदत्त सूचना के आधार पर किसी प्रकार का नतीजा निकालना संभव नहीं है जब तक कि उसे वास्तविक पुरातत्वीय साक्ष्यों के साथ प्रमाणित न किया जाए। उन्होंने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टिप्पणियों सहित उपलब्ध सूचनाओं को पहले ही विदेश मंत्रालय को भेज दिया गया है।
विशेष पतिनिधि नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आज दावा किया कि बाढ़ और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण पचास फीसदी या उससे अधिक फसल का नुकसान उ"ाने वाले छोटे और सीमांत किसानों को पूरी होल्डिंग ःजोत क्षेत्रः के लिए सहायता दी गयी है। कृषि मंत्री शरद पवार ने लोकसभा में सदस्यों के सवालों के जवाब में बताया कि केंद्र सरकार ने चक्रवाती तूफान, बादल फटने , सूखे , बाढ़ , भूकंप, सुनामी और शीतलहर जैसी प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष ः एनडीआरएफ ः तथा राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष ः एसडीआरएफ ः से सहायता मुहैया कराने के लिए दिशा निर्देश तैयार किए हैं। उन्हेंने प्रश्नकाल में बताया कि जिन किसानों की पचास फीसदी या अधिक फसल नष्ट हो गयी है उन्हें पूरी जमीन के लिए सहायता मुहैया करायी जाती है जबकि अन्य किसानों के मामले में सहायता प्रति किसान एक हेक्टेयर है, चाहे उनकी जमीन कितनी ही हो। पवार ने बताया, जब भी कोई आपदा आती है तो केंद्र सरकार राहत उपलब्ध कराती है। मुआवजे और राहत में अंतर है। ऐसे मामलों में हम राहत देते हैं। वित्त आयोग सिफारिशें करता है और सामान्यतः इन्हें सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया जाता है। दाउद को भारत के हवाले किए जाने की लोस में उ"ाr मांग मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता दाउद इब्राहिम और जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद को भारत के हवाले किए जाने की आज लोकसभा में मांग उ"ाr। सरकार ने कहा कि दोनों आतंकवादी पाकिस्तान में हैं और उन्हें भारत के हवाले किए जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि जब उनकी अपने पाकिस्तानी समकक्ष से मुलाकात हुई थी तो उन्होंने दाउद और सईद को भारत प्रत्यार्पित किए जाने की मांग की थी। उन्होंने पाकिस्तान के गृह मंत्री को यह भी बताया था कि ये दोनों आतंकवादी पड़ोसी देश के कराची में हैं। भाजपा सदस्य अनंत कुमार के सवाल के जवाब में शिंदे ने कहा कि हाल ही में संपन्न इंटरपोल सम्मेलन में भी भारत ने इस मुद्दे को उ"ाया था और पाकिस्तान को निर्देशित किए जाने की मांग की थी कि वह दाउद को भारत के हवाले करे। इससे पूर्व , गृह राज्य मंत्री आर पी एन सिंह ने सदस्यों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष , ऐसी छवि बनाने की कोशिश कर रहा है कि संप्रग सरकार आतंकवाद के संबंध में कमजोर तरीके से काम कर रही है। इस पर भाजपा सदस्य आक्रोशित हो उ"s। सिंह ने कहा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ गंभीर कदम उ"ाने को प्रतिबद्ध है। प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध की कोई योजना नहीं केंद्र सरकार ने आज स्पष्ट किया कि घरेलू खपत के वास्ते प्याज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का कोई विचार नहीं है। कृषि मंत्री शरद पवार ने लोकसभा में सदस्यों के सवालों के लिखित जवाब में बताया कि दो हज़ार दस-ग्यारह, दो हज़ार ग्यारह-बारह और दो हज़ार बारह-तेरह के दौरान प्याज का कुल उत्पादन क्रमशः पंद्रह हज़ार एक सौ सत्रह . सात मीट्रिक टन, सत्रह हज़ार पाँच सौ ग्यारह . । मीट्रिक टन औरसोलह हज़ार छः सौ पचपन . शून्य मीट्रिक टन रहा। उन्होंने बताया कि प्याज की खपत के लिए घरेलू मांग लगभग दस लाख एम टी प्रति माह है। इसके अलावा लगभग पंद्रह ़ बीस लाख एमटी प्याज निर्यात किया जाता है। एक लाख एमटी प्याज बीज उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है और तीन ़ पाँच लाख एमटी प्याज प्रतिवर्ष प्रसंस्कृत किया जाता है। पवार ने बताया कि नैफेड ने दो हज़ार दस-ग्यारह में लगभग दो सौ तीस लाख रूपये मूल्य केछः सौ छिहत्तर . अट्ठारह एमटी और दो हज़ार ग्यारह-बारह में अड़सठ . तीस लाख रूपये के मूल्य के नौ सौ चौंतालीस . पैंतीस एमटी प्याज की खरीद की गयी। दो हज़ार बारह-तेरह में नैफेड ने कोई खरीद नहीं की है। अनेक ऐतिहासिक स्मारक लुप्त देश में अनेक ऐतिहासिक और संरक्षित स्मारक लुप्त हो गये हैं। संस्कृति मंत्री चंद्रेश कुमारी कटोच ने आज लोकसभा को बताया कि संस्कृति मंत्रालय की हाल ही लेखापरीक्षा रिपोर्ट के अनुसार देश में अनेक ऐतिहासिक एवं संरक्षित स्मारक लुप्त हो गये हैं। उन्होंने राधा मोहन सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, यशवीर सिंह, भूदेव चौधरी, चंद्रकांत खैरे, रतन सिंह, नित्यानंद प्रधान और नीरज शेखर के सवालों के लिखित जवाब में बताया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक ःसीएजीः ने तेईस अगस्त को संसद के पटल पर रखी अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि बानवे स्मारक लुप्त हैं। चंद्रेश ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पुराने रिकाडो', राजस्व नक्शों और प्रकाशित रिपोटो' के आधार पर क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा लुप्त स्मारकों को खोजने और पहचानने के प्रयास किये हैं। छब्बीस जिले नक्सल हिंसा से गंभीर रूप से प्रभावित देश के छब्बीस जिले नक्सल हिंसा से गंभीर रूप से प्रभावित हैं। गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने आज लोकसभा को बताया कि हिंसा की स्थिति के आधार पर नौ राज्यों आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के एक सौ छः जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित माने जाते हैं। उन्होंने कहा, हालांकि इन एक सौ छः जिलों में से छब्बीस जिलों में देश की कुल वामपंथी उग्रवादी हिंसा की सत्तर फीसदी हिंसा होती है इसलिए गंभीर रूप से प्रभावित जिलों की संख्या छब्बीस है। सिंह ने जगदानंद सिंह के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि दो हज़ार तेरह में इकतीस जुलाई तक नक्सल हिंसा की घटनाओं की संख्या छः सौ अठहत्तर थी। दो हज़ार बारह में एक हज़ार चार सौ पंद्रह ऐसी घटनाएं हुई थीं। अलग बोडोलैंड, गोरखालैंड बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं केंद्र सरकार ने आज स्पष्ट किया कि प्रस्तावित तेलंगाना राज्य की तर्ज पर बोडोलैंड, गोरखालैंड, विदर्भ या बंदेलखंड आदि राज्यों का ग"न का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। गृह राज्य मंत्री आर पी एन सिंह ने लोकसभा में आर थामराईसेलवन और सानछुमा ा बैसीमुथियारी के सवालों के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। सिंह ने बताया कि तेलंगाना राज्य के प्रस्तावित सृजन की तर्ज पर बोडोलैंड, गोरखालैंड, विदर्भ या बंदेलखंड आदि राज्यों का ग"न का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। भगवान बुद्ध के भिक्षा पात्र के बारे में अभी कोई फैसला संभव नहीं ः केंद्र केंद्र सरकार ने आज कहा कि काबुल के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा भिक्षा पात्र भगवान बुद्ध का होने के संबंध में उस समय तक नतीजा निकालना संभव नहीं है जब तक कि उसे वास्तविक पुरातत्वीय साक्ष्यों के साथ प्रमाणित न किया जाए। संस्कृति मंत्री चंद्रेश कुमारी कटोच ने लोकसभा में डा ़ रघुवंश प्रसाद सिंह के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भिक्षा पात्र को इस समय अफगानिस्तान में काबुल के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखा गया है। भारतीय दूतावास ने इस भिक्षापात्र का एक छायाचित्र भेजा है। कटोच ने बताया कि भिक्षापात्र पर स्थित अभिलेखों की जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, पुरालेख शाखा नागपुर द्वारा की गयी है और यह पाया गया है कि ये अभिलेख नास्तालिक ः फारसी ः में लगभग सोलहवीं शताब्दी ईसवीं के हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न रिपोर्टो और यात्रा वृतांतों में प्रदत्त सूचना के आधार पर किसी प्रकार का नतीजा निकालना संभव नहीं है जब तक कि उसे वास्तविक पुरातत्वीय साक्ष्यों के साथ प्रमाणित न किया जाए। उन्होंने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टिप्पणियों सहित उपलब्ध सूचनाओं को पहले ही विदेश मंत्रालय को भेज दिया गया है।
अविलुत्तविहवसारा, तुह नाह पणाममत्तवावारा। ववगय विग्घा सिग्धं, पत्ताहिअइच्छिअं ठाणं ॥ ११ ॥ शब्दार्थअडवीसु-अटवी में, जंगलों में। भिल्ल - भील । तक्कर तस्कर, चोर। पुलिंद - पुलिद्र जातिके भील । सद्दुल सद्द-सिह के शब्दों से । भीमासु भयंकर । भयविहुर-भयसे विह्वल बने हुए । वुन दुःस्त्रित । कायर-कायर । उल्लुरिय पहिय सत्यासु-पथिकसमूह को जिसमें लूटा जाता है। ऐसी अटवी में । अविलुत्त नहीं लूटा गया । विहवसारा वैभव का सार जिनका (तथा) । तुह-आपके । नाह-हे नाथ । पणाममत्तवावारा--मात्र प्रणाम रूप ही व्यापार करने वाले लोग । ववगय विग्धा-नष्ट हुए हैं। विघ्न जिनके ऐसे होनेसे । सिग्घं-शीघ्र । पत्ता प्राप्त किया है। हिअइच्छियं-हृदयमें इच्छित । ठाणं-स्थान । अर्थ-सङ्कलनापल्लीवासी भीलों, चोरों अन्य प्रकार के भीलों और सिंह के भयंकर शब्दों से तथा भय से विहल बने हुए, दुःखित तथा कायर बने हुए पथिकों के समूह जिनमें लूटे गए हैं ऐसी अटवियों (जंगलों) में हे नाथ ! मात्र आपको प्रणाम करनेवाले लोग ही वैभव का सार लुटाए बिना विनरहित रूप से शीघ्र ही इच्छित स्थानपर पहुँचे है ।। १०-११ ।।
अविलुत्तविहवसारा, तुह नाह पणाममत्तवावारा। ववगय विग्घा सिग्धं, पत्ताहिअइच्छिअं ठाणं ॥ ग्यारह ॥ शब्दार्थअडवीसु-अटवी में, जंगलों में। भिल्ल - भील । तक्कर तस्कर, चोर। पुलिंद - पुलिद्र जातिके भील । सद्दुल सद्द-सिह के शब्दों से । भीमासु भयंकर । भयविहुर-भयसे विह्वल बने हुए । वुन दुःस्त्रित । कायर-कायर । उल्लुरिय पहिय सत्यासु-पथिकसमूह को जिसमें लूटा जाता है। ऐसी अटवी में । अविलुत्त नहीं लूटा गया । विहवसारा वैभव का सार जिनका । तुह-आपके । नाह-हे नाथ । पणाममत्तवावारा--मात्र प्रणाम रूप ही व्यापार करने वाले लोग । ववगय विग्धा-नष्ट हुए हैं। विघ्न जिनके ऐसे होनेसे । सिग्घं-शीघ्र । पत्ता प्राप्त किया है। हिअइच्छियं-हृदयमें इच्छित । ठाणं-स्थान । अर्थ-सङ्कलनापल्लीवासी भीलों, चोरों अन्य प्रकार के भीलों और सिंह के भयंकर शब्दों से तथा भय से विहल बने हुए, दुःखित तथा कायर बने हुए पथिकों के समूह जिनमें लूटे गए हैं ऐसी अटवियों में हे नाथ ! मात्र आपको प्रणाम करनेवाले लोग ही वैभव का सार लुटाए बिना विनरहित रूप से शीघ्र ही इच्छित स्थानपर पहुँचे है ।। दस-ग्यारह ।।
देश में आज 74वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में देश की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विविधता और कई अन्य अनूठी पहलों का प्रदर्शन होगा। आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस परेड सुबह 10. 30 बजे शुरू होगी. यह देश की बढ़ती स्वदेशी क्षमताओं, नारी शक्ति और एक 'नए भारत' के उद्भव को प्रदर्शित करते हुए देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का एक अनूठा संयोजन होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 74वें गणतंत्र दिवस समारोह में रस्मी रास्ते से देश का नेतृत्व करेंगी. इसके साथ ही मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी 74वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे. परेड समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के दौरे से होगी। पीएम मोदी शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य लोग परेड देखने के लिए रस्मी रास्ते पर सलामी मंच पर पहुंचेंगे। परंपरा के अनुसार, गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद 21 तोपों की सलामी के साथ राष्ट्रगान गाया जाएगा। पहली बार 105 एमएम की भारतीय फील्ड गन से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। यह रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाते हुए पुरानी 25 पाउंडर गन की जगह लेगी। 105 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार एमआई-17 1वी-वी5 हेलीकॉप्टर ड्यूटी पथ पर दर्शकों पर पुष्पवर्षा करेंगे। परेड की शुरुआत राष्ट्रपति की सलामी लेने के साथ होगी। परेड की कमान परेड कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, एक विशिष्ट सेवा पदक विजेता, दूसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी द्वारा संभाली जाएगी। मुख्यालय दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल भवनीश कुमार परेड सेकंड-इन-कमांड होंगे। इसके अलावा, मिस्र के सशस्त्र बलों का संयुक्त बैंड और मार्चिंग टीम भी कर्नल महमूद मोहम्मद अब्देल फत्ताह अल खारासावी के नेतृत्व में पहली बार कर्तव्य पथ पर मार्च करते हुए गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा होंगे। दल में 144 सैनिक शामिल होंगे, जो मिस्र के सशस्त्र बलों की मुख्य शाखाओं का प्रतिनिधित्व करेंगे। आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय के मुताबिक 26 जनवरी को होने वाली परेड में भारत की जीवंत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत, आर्थिक और सामाजिक प्रगति का प्रतिनिधित्व करने वाली 23 झाकियां हिस्सा लेंगी. इन सभी टेबल में से 17 टेबल अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी। जबकि अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की 6 टेबल दिखाई जाएंगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय की दो झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी. इनमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की एक-एक टेबल होगी।
देश में आज चौहत्तरवां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में देश की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विविधता और कई अन्य अनूठी पहलों का प्रदर्शन होगा। आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस परेड सुबह दस. तीस बजे शुरू होगी. यह देश की बढ़ती स्वदेशी क्षमताओं, नारी शक्ति और एक 'नए भारत' के उद्भव को प्रदर्शित करते हुए देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का एक अनूठा संयोजन होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज चौहत्तरवें गणतंत्र दिवस समारोह में रस्मी रास्ते से देश का नेतृत्व करेंगी. इसके साथ ही मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी चौहत्तरवें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे. परेड समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के दौरे से होगी। पीएम मोदी शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य लोग परेड देखने के लिए रस्मी रास्ते पर सलामी मंच पर पहुंचेंगे। परंपरा के अनुसार, गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद इक्कीस तोपों की सलामी के साथ राष्ट्रगान गाया जाएगा। पहली बार एक सौ पाँच एमएम की भारतीय फील्ड गन से इक्कीस तोपों की सलामी दी जाएगी। यह रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाते हुए पुरानी पच्चीस पाउंडर गन की जगह लेगी। एक सौ पाँच हेलीकॉप्टर यूनिट के चार एमआई-सत्रह एकवी-वीपाँच हेलीकॉप्टर ड्यूटी पथ पर दर्शकों पर पुष्पवर्षा करेंगे। परेड की शुरुआत राष्ट्रपति की सलामी लेने के साथ होगी। परेड की कमान परेड कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, एक विशिष्ट सेवा पदक विजेता, दूसरी पीढ़ी के सेना अधिकारी द्वारा संभाली जाएगी। मुख्यालय दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल भवनीश कुमार परेड सेकंड-इन-कमांड होंगे। इसके अलावा, मिस्र के सशस्त्र बलों का संयुक्त बैंड और मार्चिंग टीम भी कर्नल महमूद मोहम्मद अब्देल फत्ताह अल खारासावी के नेतृत्व में पहली बार कर्तव्य पथ पर मार्च करते हुए गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा होंगे। दल में एक सौ चौंतालीस सैनिक शामिल होंगे, जो मिस्र के सशस्त्र बलों की मुख्य शाखाओं का प्रतिनिधित्व करेंगे। आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय के मुताबिक छब्बीस जनवरी को होने वाली परेड में भारत की जीवंत सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत, आर्थिक और सामाजिक प्रगति का प्रतिनिधित्व करने वाली तेईस झाकियां हिस्सा लेंगी. इन सभी टेबल में से सत्रह टेबल अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी। जबकि अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों की छः टेबल दिखाई जाएंगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय की दो झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी. इनमें नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की एक-एक टेबल होगी।
थाना क्षेत्र के अभईपुर गांव में शुक्रवार की शाम पुरानी रंजिश को लेकर एक व्यक्ति ने लाइसेंसी बंदूक से युवक को गोली मार दी। गोली लगते ही वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। गांव में हड़कम्प मच गया। परिवार के लोग घायल युवक को लेकर सीएचसी पहुंच गए। जहां उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। गांव निवासी 24 वर्षीय हरिकेश यादव अपने घर से कुछ दूर धान की रोपाई कराने जा रहा था। रास्ते में पहले से लाइसेंसी बंदूक लेकर खड़े तीन सगे भाई विनय उपाध्याय, अमित व योगेश निवासी छिटकापुर खड़े थे। युवक को बाइक से आता देख तीनों ने उसे रोकना चाहा। युवक के रुकते ही दोनों पक्ष में तू-तू मैं मैं होने लगी। घायल के बड़े भाई बिजेंद्र यादव का आरोप है कि अमित व योगेश ने गाली गलौज देते हुए ललकारा कि जान से मार दो। इसी बीच विनय ने बंदूक से हवाई फायर किया। तब तक भाग रहा हरिकेश मुड़कर विनय के हाथ से बंदूक छीनना चाहा। विनय ने लक्ष्य कर उसके सिर में गोली मार दिया। गोली का एक छर्रा सिर में तथा दो छर्रे चेहरे पर दाहिनी तरफ लगे। गोली लगते ही युवक गिर पड़ा। मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसे सीएचसी पहुंचाया। जहां बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना को लेकर दोनों पक्षों में तनाव व्याप्त है। घायल के बड़े भाई बिजेंद्र यादव की तहरीर पर पुलिस ने विनय,अमित व योगेश उपाध्याय निवासी छिटकापुर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। उधर पुलिस ने मौके से विनय उपाध्याय को गिरफ्तार भी कर लिया है। इस बाबत प्रभारी निरीक्षक सुनीलदत्त का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेकर जांच की जा रही है। दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
थाना क्षेत्र के अभईपुर गांव में शुक्रवार की शाम पुरानी रंजिश को लेकर एक व्यक्ति ने लाइसेंसी बंदूक से युवक को गोली मार दी। गोली लगते ही वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। गांव में हड़कम्प मच गया। परिवार के लोग घायल युवक को लेकर सीएचसी पहुंच गए। जहां उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। गांव निवासी चौबीस वर्षीय हरिकेश यादव अपने घर से कुछ दूर धान की रोपाई कराने जा रहा था। रास्ते में पहले से लाइसेंसी बंदूक लेकर खड़े तीन सगे भाई विनय उपाध्याय, अमित व योगेश निवासी छिटकापुर खड़े थे। युवक को बाइक से आता देख तीनों ने उसे रोकना चाहा। युवक के रुकते ही दोनों पक्ष में तू-तू मैं मैं होने लगी। घायल के बड़े भाई बिजेंद्र यादव का आरोप है कि अमित व योगेश ने गाली गलौज देते हुए ललकारा कि जान से मार दो। इसी बीच विनय ने बंदूक से हवाई फायर किया। तब तक भाग रहा हरिकेश मुड़कर विनय के हाथ से बंदूक छीनना चाहा। विनय ने लक्ष्य कर उसके सिर में गोली मार दिया। गोली का एक छर्रा सिर में तथा दो छर्रे चेहरे पर दाहिनी तरफ लगे। गोली लगते ही युवक गिर पड़ा। मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसे सीएचसी पहुंचाया। जहां बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना को लेकर दोनों पक्षों में तनाव व्याप्त है। घायल के बड़े भाई बिजेंद्र यादव की तहरीर पर पुलिस ने विनय,अमित व योगेश उपाध्याय निवासी छिटकापुर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। उधर पुलिस ने मौके से विनय उपाध्याय को गिरफ्तार भी कर लिया है। इस बाबत प्रभारी निरीक्षक सुनीलदत्त का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेकर जांच की जा रही है। दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
मलयालम एक्टर प्रोड्यूसर विजय बाबू पर गंभीर आरोपों में एक महिला ने केस दर्ज कर दिया है. महिला का आरोप है कि विजय बाबू ने काम देने का झांसा देकर उनके साथ यौन शोषण किया है. मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के मश्हूर अभिनेता और प्रोड्यूसर विजय बाबू (Vijay Babu) पर इन दिनों मुश्किलों का साया मंडरा रहा है. एक्टर पर एक महिला यौन उत्पीड़न (Vijay Babu Charged With Sexual Assault) का आरोप लगाया है. गंभीर आरोप में केस दर्ज कराते हुए पीड़िता ने पुलिस को अपनी कहानी बताई. बता दें कि पीड़ित महिला कोझिकोड (Kozhikode district) की रहने वाली है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने विजय बाबू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. रिपोर्ट्स की मानें तो पीड़िता ने अपनी शिकायत में पुलिस को कहा कि एक्टर विजय बाबू उसे फिल्मों में काम देने के बहाने अपने फ्लैट पर बुलाता था. कोच्ची वाले फ्लैट पर बुलाने के बाद एक्टर पीड़ित महिला के साथ यौन उत्पीड़न करता था. अपनी आपबीती सुनाते हुए पीड़िता ने आगे कहा कि विजय बाबू ने उसके साथ केवल एक नहीं बल्कि कई बार रेप किया है. बता दें कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. लेकिन, अभी तक अभिनेता विजय बाबू की गिरफ्तारी की कोई खबर सामने नहीं आई है. मीडिया रिपोर्ट्स की बात करें तो कोझिकोड की रहने वाली पीड़ित महिला ने एक्टर-प्रोड्यूसर विजय बाबू के खिलाफ आज से 6 दिन पहले यानी 22 अप्रैल को यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवाई थी. हालांकि, उसकी शिकायत पर मामला रजिस्टर कर लिया गया है. अभी तक विजय बाबू को इस आरोप के तहत गिरफ्तार नहीं किया है. साथ ही एक्टर से मामले में अबतक कोई भी पूछताछ नहीं की गई है. इतना ही नहीं पुलिस की ओर से अबतक इस गंभीर केस से जुड़ी कोई भी खास जानकारी सामने नहीं आई है. न ही किसी को इस बात की जानकारी है कि विजय बाबू इस वक्त कहां मौजूद हैं. एक्टर के वर्कफ्रंट की बात करें तो विजय बाबू 'फ्राइडे फिल्म हाउस' के संस्थापक हैं. बता दें कि फ्राइडे फिल्म हाउस एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी है. उन्होंने कई फिल्मों में काम किया है जो हिट साबित हुई हैं. उन्होंने पेरुचाजी (2014), अदु (2015), मुद्दुगौ (2016), अडू 2 (2017), होम (2021) सहित कई फिल्मों में काम किया है. उन्हें अपनी प्रोडक्शन कंपनी के तहत 'फिलिप्स एंड द मंकी पेन' के लिए बनाई गई बाल फिल्म के लिए केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा गया.
मलयालम एक्टर प्रोड्यूसर विजय बाबू पर गंभीर आरोपों में एक महिला ने केस दर्ज कर दिया है. महिला का आरोप है कि विजय बाबू ने काम देने का झांसा देकर उनके साथ यौन शोषण किया है. मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के मश्हूर अभिनेता और प्रोड्यूसर विजय बाबू पर इन दिनों मुश्किलों का साया मंडरा रहा है. एक्टर पर एक महिला यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. गंभीर आरोप में केस दर्ज कराते हुए पीड़िता ने पुलिस को अपनी कहानी बताई. बता दें कि पीड़ित महिला कोझिकोड की रहने वाली है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने विजय बाबू के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. रिपोर्ट्स की मानें तो पीड़िता ने अपनी शिकायत में पुलिस को कहा कि एक्टर विजय बाबू उसे फिल्मों में काम देने के बहाने अपने फ्लैट पर बुलाता था. कोच्ची वाले फ्लैट पर बुलाने के बाद एक्टर पीड़ित महिला के साथ यौन उत्पीड़न करता था. अपनी आपबीती सुनाते हुए पीड़िता ने आगे कहा कि विजय बाबू ने उसके साथ केवल एक नहीं बल्कि कई बार रेप किया है. बता दें कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. लेकिन, अभी तक अभिनेता विजय बाबू की गिरफ्तारी की कोई खबर सामने नहीं आई है. मीडिया रिपोर्ट्स की बात करें तो कोझिकोड की रहने वाली पीड़ित महिला ने एक्टर-प्रोड्यूसर विजय बाबू के खिलाफ आज से छः दिन पहले यानी बाईस अप्रैल को यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवाई थी. हालांकि, उसकी शिकायत पर मामला रजिस्टर कर लिया गया है. अभी तक विजय बाबू को इस आरोप के तहत गिरफ्तार नहीं किया है. साथ ही एक्टर से मामले में अबतक कोई भी पूछताछ नहीं की गई है. इतना ही नहीं पुलिस की ओर से अबतक इस गंभीर केस से जुड़ी कोई भी खास जानकारी सामने नहीं आई है. न ही किसी को इस बात की जानकारी है कि विजय बाबू इस वक्त कहां मौजूद हैं. एक्टर के वर्कफ्रंट की बात करें तो विजय बाबू 'फ्राइडे फिल्म हाउस' के संस्थापक हैं. बता दें कि फ्राइडे फिल्म हाउस एक फिल्म प्रोडक्शन कंपनी है. उन्होंने कई फिल्मों में काम किया है जो हिट साबित हुई हैं. उन्होंने पेरुचाजी , अदु , मुद्दुगौ , अडू दो , होम सहित कई फिल्मों में काम किया है. उन्हें अपनी प्रोडक्शन कंपनी के तहत 'फिलिप्स एंड द मंकी पेन' के लिए बनाई गई बाल फिल्म के लिए केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से भी नवाजा गया.
दोस्तों बॉलीवुड के खिलाडी कुमार अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'बच्चन पांडे' की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडिस और कृति सेनन नजर आएंगी। इस बीच 'बच्चन पांडे' के सेट पर आग लगने की खबरें सामने आ रहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म 'बच्चन पांडे' की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस समय मेकर्स फिल्म के पैचवर्क पर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि शनिवार को सेट पर अभिनेता अक्षय कुमार और अभिनेत्री कृति सेनन पैचवर्क की शूटिंग करने में व्यस्त थे। इसी दौरान सेट पर किन्हीं कारणवश आग लग गई। खबरों के अनुसार आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया था और किसी तरह के नुकसान होने की पुष्टि नहीं की गई है। अक्षय कुमार अपने अगले प्रोजेक्ट में इमरान हाशमी के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करेंगे। जानकारी के मुताबिक फिल्म का नाम सेल्फी होगा और इसका निर्देशन राज मेहता करेंगे। फिल्म का निर्माण (स्वर्गीय) अरुणा भाटिया, हिरू यश जौहर, सुप्रिया मेनन, करण जौहर, पृथ्वीराज सुकुमारन, अपूर्व मेहता और लिस्टिन स्टीफन द्वारा किया जाएगा और यह फिल्म 2022 में सिनेमाघरों में आएगी। वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड अभिनेत्री कृति इन दिनों अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट भेड़िया की शूटिंग में बिजी हैं। उनके साथ इस फिल्म में अभिनेता वरुण धवन भी नजर आएंगे।
दोस्तों बॉलीवुड के खिलाडी कुमार अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'बच्चन पांडे' की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री जैकलिन फर्नांडिस और कृति सेनन नजर आएंगी। इस बीच 'बच्चन पांडे' के सेट पर आग लगने की खबरें सामने आ रहीं हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म 'बच्चन पांडे' की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी हैं। इस समय मेकर्स फिल्म के पैचवर्क पर काम कर रहे हैं। यही वजह है कि शनिवार को सेट पर अभिनेता अक्षय कुमार और अभिनेत्री कृति सेनन पैचवर्क की शूटिंग करने में व्यस्त थे। इसी दौरान सेट पर किन्हीं कारणवश आग लग गई। खबरों के अनुसार आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया था और किसी तरह के नुकसान होने की पुष्टि नहीं की गई है। अक्षय कुमार अपने अगले प्रोजेक्ट में इमरान हाशमी के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करेंगे। जानकारी के मुताबिक फिल्म का नाम सेल्फी होगा और इसका निर्देशन राज मेहता करेंगे। फिल्म का निर्माण अरुणा भाटिया, हिरू यश जौहर, सुप्रिया मेनन, करण जौहर, पृथ्वीराज सुकुमारन, अपूर्व मेहता और लिस्टिन स्टीफन द्वारा किया जाएगा और यह फिल्म दो हज़ार बाईस में सिनेमाघरों में आएगी। वहीं दूसरी ओर बॉलीवुड अभिनेत्री कृति इन दिनों अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट भेड़िया की शूटिंग में बिजी हैं। उनके साथ इस फिल्म में अभिनेता वरुण धवन भी नजर आएंगे।
Redmi Watch 3 Price: Xiaomi के सब-ब्रैंड रेडमी ने ग्राहकों के लिए नई Smartwatch लॉन्च कर दी है. आइए आप लोगों को इस रेडमी वॉच की कीमत और फीचर्स के बारे में जानकारी देते हैं. हैंडसेट निर्माता कंपनी Xiaomi के सब-ब्रैंड रेडमी ने ग्राहकों के लिए नई Redmi Watch 3 को लॉन्च कर दिया है. अहम खासियतों की बात करें तो इस रेडमी वॉच में ब्लूटूथ कॉलिंग सपोर्ट के साथ कई काम के फीचर्स दि गए हैं. आइए आप लोगों को रेडमी वॉच3 की कीमत से लेकर फीचर्स तक की विस्तार से जानकारी देते हैं. इस रेडमी स्मार्टवॉच को यूरोप में 119 यूरो (लगभग 10 हजार 600 रुपये) में लॉन्च किया गया था. इस वॉच को भारतीय बाजार में ग्राहकों के लिए आखिर कब तक लाया जाएगा, इस बात की जानकारी फिलहाल नहीं मिली है. इस वॉच को Ivory और ब्लैक दो रंगों में उतारा गया है. इस रेडमी स्मार्टवॉच में 1.75 इंच की एमोलेड डिस्प्ले दी गई है जो 390×450 पिक्सल रिजॉल्यूशन ऑफर करती है, वॉच 600 निट्स ब्राइटनेस और 60 हर्ट्ज रिफ्रेश रेट ऑफर करती है. रेडमी की इस लेटेस्ट वॉच में 121 से ज्यादा स्पोर्ट्स मोड्स और 298 एमएएच की बैटरी इस वॉच में जान फूंकने का काम करती है. ब्लूटूथ कॉलिंग सपोर्ट के साथ इस रेडमी वॉच 3 में SOS इमरजेंसी कॉल फीचर दिया गया है. इस स्मार्टवॉच में हाई एंड GNSS चिप दी गई है जिसे लेकर दावा किया गया है ये जीपीएस, Beidou, GALILEO के अलावा GLONASS और QZSS सैटेलाइट पोजिशनिंग सिस्टम के साथ कम्पैटिबल है. इस वॉच में साइकिलिंग, क्लाइबिंग और स्वीमिंग समेत 121 से ज्यादा स्पोर्ट्स मोड्स का सपोर्ट मिलेगा. हार्ट रेट मॉनिटर के अलावा ब्लड ऑक्सीजन लेवल जैसे कई हेल्थ ट्रैकिंग फीचर्स इस वॉच में दिए गए हैं. रेडमी वॉच 3 में आप लोगों को स्लीप मॉनिटरिंग फीचर मिलेगा. इस स्मार्टवॉच में 289mAh की बैटरी दी गई है, इसे वॉच की बैटरी को लेकर दावा किया गया है कि एक बार फुल चार्ज करने पर ये वॉच 12 दिनों तक साथ निभाएगी. ये वॉच Android 6.0 और iOS 12 से ऊपर के वर्जन के साथ कम्पैटिबल है.
Redmi Watch तीन Price: Xiaomi के सब-ब्रैंड रेडमी ने ग्राहकों के लिए नई Smartwatch लॉन्च कर दी है. आइए आप लोगों को इस रेडमी वॉच की कीमत और फीचर्स के बारे में जानकारी देते हैं. हैंडसेट निर्माता कंपनी Xiaomi के सब-ब्रैंड रेडमी ने ग्राहकों के लिए नई Redmi Watch तीन को लॉन्च कर दिया है. अहम खासियतों की बात करें तो इस रेडमी वॉच में ब्लूटूथ कॉलिंग सपोर्ट के साथ कई काम के फीचर्स दि गए हैं. आइए आप लोगों को रेडमी वॉचतीन की कीमत से लेकर फीचर्स तक की विस्तार से जानकारी देते हैं. इस रेडमी स्मार्टवॉच को यूरोप में एक सौ उन्नीस यूरो में लॉन्च किया गया था. इस वॉच को भारतीय बाजार में ग्राहकों के लिए आखिर कब तक लाया जाएगा, इस बात की जानकारी फिलहाल नहीं मिली है. इस वॉच को Ivory और ब्लैक दो रंगों में उतारा गया है. इस रेडमी स्मार्टवॉच में एक.पचहत्तर इंच की एमोलेड डिस्प्ले दी गई है जो तीन सौ नब्बे×चार सौ पचास पिक्सल रिजॉल्यूशन ऑफर करती है, वॉच छः सौ निट्स ब्राइटनेस और साठ हर्ट्ज रिफ्रेश रेट ऑफर करती है. रेडमी की इस लेटेस्ट वॉच में एक सौ इक्कीस से ज्यादा स्पोर्ट्स मोड्स और दो सौ अट्ठानवे एमएएच की बैटरी इस वॉच में जान फूंकने का काम करती है. ब्लूटूथ कॉलिंग सपोर्ट के साथ इस रेडमी वॉच तीन में SOS इमरजेंसी कॉल फीचर दिया गया है. इस स्मार्टवॉच में हाई एंड GNSS चिप दी गई है जिसे लेकर दावा किया गया है ये जीपीएस, Beidou, GALILEO के अलावा GLONASS और QZSS सैटेलाइट पोजिशनिंग सिस्टम के साथ कम्पैटिबल है. इस वॉच में साइकिलिंग, क्लाइबिंग और स्वीमिंग समेत एक सौ इक्कीस से ज्यादा स्पोर्ट्स मोड्स का सपोर्ट मिलेगा. हार्ट रेट मॉनिटर के अलावा ब्लड ऑक्सीजन लेवल जैसे कई हेल्थ ट्रैकिंग फीचर्स इस वॉच में दिए गए हैं. रेडमी वॉच तीन में आप लोगों को स्लीप मॉनिटरिंग फीचर मिलेगा. इस स्मार्टवॉच में दो सौ नवासीmAh की बैटरी दी गई है, इसे वॉच की बैटरी को लेकर दावा किया गया है कि एक बार फुल चार्ज करने पर ये वॉच बारह दिनों तक साथ निभाएगी. ये वॉच Android छः.शून्य और iOS बारह से ऊपर के वर्जन के साथ कम्पैटिबल है.
कोलकाता (एएनआई)। पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित अन्य वक्ताओं के साथ एक वर्चुअल मीटिंग के दौरान राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर पश्चिम बंगाल विधानसभा के प्रशासन में दखल देने का आरोप लगाया है। बिमान बनर्जी ने कहा कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ पश्चिम बंगाल विधानस भा के प्रशासन में दखल देने की कोशिश कर रहे हैं। इसके पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि राज्यपाल भाजपा के सदस्य की तरह काम कर रहे हैं। वह भाजपा द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा बन गए हैं। टीएमसी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्यपाल भाजपा एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और राजभवन भाजपा का कार्यालय बन गया है। यह भी दावा किया कि भाजपा लोगों की हार और जनादेश को स्वीकार नहीं कर रही है और अनुच्छेद 355 या 356 के साथ पिछले दरवाजे से प्रवेश खोजने का प्रयास कर रही है। टीएमसी घोष ने कहा राज्यपाल भाजपा के मुखपत्र की तरह काम कर रहे हैं। ममता बनर्जी राज्यपाल की भूमिका के संबंध में पीएम को पहले ही दो-तीन पत्र लिख चुकी हैं। गाैरतलब है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों घमासान मचा है। यहां पर विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत हुई है। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 294 में से 213 सीटें और भाजपा को 77 सीटें मिली। वहीं कांग्रेस, वामदलों और इंडियन सेक्यूलर फ्रंट (आईएसएफ) के संयुक्त मोर्चा को मात्र एक सीट मिली। यह सीट भी आईएसएफ ने ही जीती है। भाजपा में शामिल हुए टीएमसी नेता चुनाव के बाद से एक बार फिर घर वापसी कर रहे हैं।
कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित अन्य वक्ताओं के साथ एक वर्चुअल मीटिंग के दौरान राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर पश्चिम बंगाल विधानसभा के प्रशासन में दखल देने का आरोप लगाया है। बिमान बनर्जी ने कहा कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ पश्चिम बंगाल विधानस भा के प्रशासन में दखल देने की कोशिश कर रहे हैं। इसके पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि राज्यपाल भाजपा के सदस्य की तरह काम कर रहे हैं। वह भाजपा द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा बन गए हैं। टीएमसी नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्यपाल भाजपा एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और राजभवन भाजपा का कार्यालय बन गया है। यह भी दावा किया कि भाजपा लोगों की हार और जनादेश को स्वीकार नहीं कर रही है और अनुच्छेद तीन सौ पचपन या तीन सौ छप्पन के साथ पिछले दरवाजे से प्रवेश खोजने का प्रयास कर रही है। टीएमसी घोष ने कहा राज्यपाल भाजपा के मुखपत्र की तरह काम कर रहे हैं। ममता बनर्जी राज्यपाल की भूमिका के संबंध में पीएम को पहले ही दो-तीन पत्र लिख चुकी हैं। गाैरतलब है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों घमासान मचा है। यहां पर विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत हुई है। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को दो सौ चौरानवे में से दो सौ तेरह सीटें और भाजपा को सतहत्तर सीटें मिली। वहीं कांग्रेस, वामदलों और इंडियन सेक्यूलर फ्रंट के संयुक्त मोर्चा को मात्र एक सीट मिली। यह सीट भी आईएसएफ ने ही जीती है। भाजपा में शामिल हुए टीएमसी नेता चुनाव के बाद से एक बार फिर घर वापसी कर रहे हैं।
मोनालिसा और पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा की जान हैं। जब भी दोनों साथ आते हैं दर्शकों का दिल जीत लेते है। इनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर खूब कमाई करती हैं. तो वहीं सोशल मीडिया पर इनके गाने और वीडियो भी खूब पसंद किए जाते हैं. ऐसे में मोनालिसा और पवन का एक वीडियो बेहद ही तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें मोनालिसा और पवन सिंह की केमिस्ट्री देखते ही बन रही है। मोनालिसा और पवन सिंह का ये वीडियो फनी वीडियो है. जिसमें मोनालिसा की क्यूटनेस और पवन सिंह का राऊडी अवतार देखते ही बनता है। मोनालिसा और पवन सिंह ने भोजपुरी सिनेमा को कई हॉट फिल्में दी हैं. जिसमें सरकार राज, सुहाग, जिद्दी आशिक, पवन राजा, गंगा पुत्र, प्रतिज्ञा और बनारस वाली जैसी कई फ़िल्में हैं. आपको बता दे कि मोनालिसा हाल ही कोरोना संक्रमित हो गई थी जिसके बाद शो नमक इश्क का की शूटिंग रोक दी गई थी. इस शो में वो इरावती का किरदार निभा रही हैं. दरअसल पिछले कुछ समय में मोनालिसा भोजपुरी के साथ हिंदी जगत में भी नाम कमा रही हैं. वो नजर और नजर 2 जैसे हिंदी शो में डायन का किरदार निभा सभी को इम्प्रेस कर चुकी हैं.
मोनालिसा और पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा की जान हैं। जब भी दोनों साथ आते हैं दर्शकों का दिल जीत लेते है। इनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर खूब कमाई करती हैं. तो वहीं सोशल मीडिया पर इनके गाने और वीडियो भी खूब पसंद किए जाते हैं. ऐसे में मोनालिसा और पवन का एक वीडियो बेहद ही तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें मोनालिसा और पवन सिंह की केमिस्ट्री देखते ही बन रही है। मोनालिसा और पवन सिंह का ये वीडियो फनी वीडियो है. जिसमें मोनालिसा की क्यूटनेस और पवन सिंह का राऊडी अवतार देखते ही बनता है। मोनालिसा और पवन सिंह ने भोजपुरी सिनेमा को कई हॉट फिल्में दी हैं. जिसमें सरकार राज, सुहाग, जिद्दी आशिक, पवन राजा, गंगा पुत्र, प्रतिज्ञा और बनारस वाली जैसी कई फ़िल्में हैं. आपको बता दे कि मोनालिसा हाल ही कोरोना संक्रमित हो गई थी जिसके बाद शो नमक इश्क का की शूटिंग रोक दी गई थी. इस शो में वो इरावती का किरदार निभा रही हैं. दरअसल पिछले कुछ समय में मोनालिसा भोजपुरी के साथ हिंदी जगत में भी नाम कमा रही हैं. वो नजर और नजर दो जैसे हिंदी शो में डायन का किरदार निभा सभी को इम्प्रेस कर चुकी हैं.
वल्लभनगर और धरियावद दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में जीत के बाद पीसीसी में कांग्रेस नेताओं ने एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर जश्न मनाया। साथ ही बीजेपी को नसीहत दी कि वो इस बुरी हार के लिए आत्म मंथन करे और जिम्मेदारी तय करे। डोटासरा ने तंज कसा है कि बीजेपी नेता और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ जहां भी जाते हैं अपनी ही पार्टी बीजेपी की सुपारी लेकर जाते हैं। एक सीट पर तो राठौड़ ने ही कांग्रेस का काम आसान कर दिया। उन्होंने प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि धनतेरस का दिन कांग्रेस के लिए अच्छा आया। दोनों उपचुनाव में कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बीजेपी दूसरे नम्बर की लड़ाई लड़ रही थी,लेकिन उसमें कायमाब नहीं हो सकी। रिजल्ट को उन्होंने गहलोत सरकार की गुड गवर्नेंस और कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा बताया। वहीं गहलोत ने ट्वीट कर कहा है कि राजस्थान में ऐसा पहली बार हुआ है कि सत्ताधारी पार्टी लगातार उप चुनाव जीत रही है। दूसरी ओर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने दार्शनिक अंदाज में ट्वीट कर हार को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि हार स्वाभाविक, परिस्थितियों और स्थानीय समीकरणों,मुद्दों पर निर्भर है। इतना ही नहीं उन्होंने पार्टी में उठने वाली आवाजों से पहले ही नसीहत दे दी कि जब बीजेपी सत्ता में थी तो हम उपचुनावों में पराजय से सबक लेकर आगे बढ़े हैं,वैसे ही फिर सबक लेकर आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उपचुनाव में जीत पर कहा है कि राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि सत्ताधारी पार्टी उपचुनावों में लगातार जीत रही है। 2018 विधानसभा चुनावों के बाद प्रदेश में 8 विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं, जिनमें से कांग्रेस 6 पर विजयी रही है। परम्परागत तौर पर NDA की रही 2 सीटों पर कांग्रेस मामूली अंतर से हारी। उन्होंने ट्वीट कर यह भी कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में 8 विधानसभा उपचुनाव हुए थे, जिनमें से महज 2 यानी कि 25 फीसदी ही भाजपा जीत सकी थी। जबकि हमारी सरकार के अभी तक के कार्यकाल में हुए 8 चुनावों में से 6 में कांग्रेस जीती है, यानी कांग्रेस की सफलता की रेट 75 फीसदी है। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि यह विजय दिखाती है कि हमारी सरकार के सुशासन और जनकल्याण की नीतियों पर जनता को पूरा विश्वास है। इसी तरह भविष्य में भी हम जनता का भरोसा बनाए रखने में कामयाब होंगे। पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि उपचुनाव में एंटी इनकंबेंसी के कारण विपक्ष की जीत की संभावना रहती है,लेकिन बीजेपी को यह मौका नहीं मिल पाया। जनता में केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी है और राज्य की कांग्रेस सरकार की लोकप्रियता है। उपचुनाव में जीत के बाद 2023 में भी फिर से हमारी कांग्रेस सरकार बनने जा रही है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि बीजेपी में अंदरूनी कम्पीटिशन चल रह है। बीजेपी विपक्ष में रहकर भी जनता के मुद्दे नहीं उठा सकी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनियां ने स्वीकार किया है मौजूदा मुद्दों पर चुनाव हुए हैं। डोटासरा ने सियासी तंग कसते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया कुछ भी बोल जाते हैं। जबकि राजेन्द्र राठौड़ जहां भी जाते हैं वहां उनकी पार्टी का बंटाधार हो जाता है। एक सीट पर तो उन्होंने ही कांग्रेस की राह आसान कर दी। राजेन्द्र राठौड़ अपनी ही पार्टी की सुपारी लेकर निकलते हैं। उन्होंने कहा बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व ने अपने लेवल पर प्रत्याशियों के नाम तय किए और प्रदेश के बीजेपी नेताओं को पूछा तक नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वल्लभनगर की टिकट का बीजेपी में कितने में क्या हुआ, यह सब जानते हैं। जब कोई पार्टी अपने ही नेताओं को नहीं पूछे तो उस पार्टी का खात्मा तय है। भाजपा पहले अपने संगठन में हार की जिम्मेदारी तय करे। डोटासरा ने ट्वीट भी किया है कि सोनिया गांधी,राहुल गांधी के कुशल नेतृत्व और प्रभारी अजय माकन के मार्गदर्शन में संगठन क्षमता से पार्टी हमेशा मजबूत हुई है। वल्लभनगर और धरियावद में पार्टी की प्रचंड जीत जनता में कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों पर मोहर है। डोटासरा ने आगे लिखा कि यह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार की विकास के लिए प्रतिबद्धता का परिणाम है। वल्लभनगर से प्रीति शक्तावत और धरियावद से नगराज मीणा को विधायक चुने जाने पर डोटासरा ने बधाई दी। साथ ही सभी वोटर्स और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दिल से आभार जताया। वहीं दूसरी ओर बीजेपी खेमे में इस करारी हार के बाद सन्नाटा पसरा है। जिसे चीरते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने दो ट्वीट दार्शनिक अंदाज में किए। पूनियां ने लिखा कि यह पराजय स्वाभाविक है। परिस्थितिजन्य है और स्थानीय समीकरण और मुद्दों पर निर्भर थी। उन्होंने कहा कि हमें मनोबल और आत्मविश्वास बनाए रखते हुए, आलोचना से बचते हुए,सीख और सबक लेकर आगे बढ़ना है। पूनियां ने पिछली बीजेपी सरकार का दौर भी याद दिलाते हुए लिखा है कि जब हम सत्ता में थे, तब भी हम उपचुनावों में पराजय से सबक लेकर आगे बढ़े हैं। पूनियां ने अपने दूसरे ट्वीट में कुछ पंक्तियां कवि के अंदाज में लिखी - क्या हार में क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं, संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं का आभार और जनता को धन्यवाद दिया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
वल्लभनगर और धरियावद दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव में जीत के बाद पीसीसी में कांग्रेस नेताओं ने एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर जश्न मनाया। साथ ही बीजेपी को नसीहत दी कि वो इस बुरी हार के लिए आत्म मंथन करे और जिम्मेदारी तय करे। डोटासरा ने तंज कसा है कि बीजेपी नेता और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ जहां भी जाते हैं अपनी ही पार्टी बीजेपी की सुपारी लेकर जाते हैं। एक सीट पर तो राठौड़ ने ही कांग्रेस का काम आसान कर दिया। उन्होंने प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि धनतेरस का दिन कांग्रेस के लिए अच्छा आया। दोनों उपचुनाव में कांग्रेस ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बीजेपी दूसरे नम्बर की लड़ाई लड़ रही थी,लेकिन उसमें कायमाब नहीं हो सकी। रिजल्ट को उन्होंने गहलोत सरकार की गुड गवर्नेंस और कार्यकर्ताओं की मेहनत का नतीजा बताया। वहीं गहलोत ने ट्वीट कर कहा है कि राजस्थान में ऐसा पहली बार हुआ है कि सत्ताधारी पार्टी लगातार उप चुनाव जीत रही है। दूसरी ओर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने दार्शनिक अंदाज में ट्वीट कर हार को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि हार स्वाभाविक, परिस्थितियों और स्थानीय समीकरणों,मुद्दों पर निर्भर है। इतना ही नहीं उन्होंने पार्टी में उठने वाली आवाजों से पहले ही नसीहत दे दी कि जब बीजेपी सत्ता में थी तो हम उपचुनावों में पराजय से सबक लेकर आगे बढ़े हैं,वैसे ही फिर सबक लेकर आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उपचुनाव में जीत पर कहा है कि राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि सत्ताधारी पार्टी उपचुनावों में लगातार जीत रही है। दो हज़ार अट्ठारह विधानसभा चुनावों के बाद प्रदेश में आठ विधानसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं, जिनमें से कांग्रेस छः पर विजयी रही है। परम्परागत तौर पर NDA की रही दो सीटों पर कांग्रेस मामूली अंतर से हारी। उन्होंने ट्वीट कर यह भी कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में आठ विधानसभा उपचुनाव हुए थे, जिनमें से महज दो यानी कि पच्चीस फीसदी ही भाजपा जीत सकी थी। जबकि हमारी सरकार के अभी तक के कार्यकाल में हुए आठ चुनावों में से छः में कांग्रेस जीती है, यानी कांग्रेस की सफलता की रेट पचहत्तर फीसदी है। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि यह विजय दिखाती है कि हमारी सरकार के सुशासन और जनकल्याण की नीतियों पर जनता को पूरा विश्वास है। इसी तरह भविष्य में भी हम जनता का भरोसा बनाए रखने में कामयाब होंगे। पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि उपचुनाव में एंटी इनकंबेंसी के कारण विपक्ष की जीत की संभावना रहती है,लेकिन बीजेपी को यह मौका नहीं मिल पाया। जनता में केन्द्र की मोदी सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी है और राज्य की कांग्रेस सरकार की लोकप्रियता है। उपचुनाव में जीत के बाद दो हज़ार तेईस में भी फिर से हमारी कांग्रेस सरकार बनने जा रही है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि बीजेपी में अंदरूनी कम्पीटिशन चल रह है। बीजेपी विपक्ष में रहकर भी जनता के मुद्दे नहीं उठा सकी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पूनियां ने स्वीकार किया है मौजूदा मुद्दों पर चुनाव हुए हैं। डोटासरा ने सियासी तंग कसते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया कुछ भी बोल जाते हैं। जबकि राजेन्द्र राठौड़ जहां भी जाते हैं वहां उनकी पार्टी का बंटाधार हो जाता है। एक सीट पर तो उन्होंने ही कांग्रेस की राह आसान कर दी। राजेन्द्र राठौड़ अपनी ही पार्टी की सुपारी लेकर निकलते हैं। उन्होंने कहा बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व ने अपने लेवल पर प्रत्याशियों के नाम तय किए और प्रदेश के बीजेपी नेताओं को पूछा तक नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि वल्लभनगर की टिकट का बीजेपी में कितने में क्या हुआ, यह सब जानते हैं। जब कोई पार्टी अपने ही नेताओं को नहीं पूछे तो उस पार्टी का खात्मा तय है। भाजपा पहले अपने संगठन में हार की जिम्मेदारी तय करे। डोटासरा ने ट्वीट भी किया है कि सोनिया गांधी,राहुल गांधी के कुशल नेतृत्व और प्रभारी अजय माकन के मार्गदर्शन में संगठन क्षमता से पार्टी हमेशा मजबूत हुई है। वल्लभनगर और धरियावद में पार्टी की प्रचंड जीत जनता में कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों पर मोहर है। डोटासरा ने आगे लिखा कि यह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार की विकास के लिए प्रतिबद्धता का परिणाम है। वल्लभनगर से प्रीति शक्तावत और धरियावद से नगराज मीणा को विधायक चुने जाने पर डोटासरा ने बधाई दी। साथ ही सभी वोटर्स और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दिल से आभार जताया। वहीं दूसरी ओर बीजेपी खेमे में इस करारी हार के बाद सन्नाटा पसरा है। जिसे चीरते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने दो ट्वीट दार्शनिक अंदाज में किए। पूनियां ने लिखा कि यह पराजय स्वाभाविक है। परिस्थितिजन्य है और स्थानीय समीकरण और मुद्दों पर निर्भर थी। उन्होंने कहा कि हमें मनोबल और आत्मविश्वास बनाए रखते हुए, आलोचना से बचते हुए,सीख और सबक लेकर आगे बढ़ना है। पूनियां ने पिछली बीजेपी सरकार का दौर भी याद दिलाते हुए लिखा है कि जब हम सत्ता में थे, तब भी हम उपचुनावों में पराजय से सबक लेकर आगे बढ़े हैं। पूनियां ने अपने दूसरे ट्वीट में कुछ पंक्तियां कवि के अंदाज में लिखी - क्या हार में क्या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं, संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं का आभार और जनता को धन्यवाद दिया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
जयपुर। में बुधवार को आयोजित केबीनेट की मीटिंग में इस इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि बैठक में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाली खेल प्रतिभाओं को सरकार नौकरी देगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए तीन श्रेणियां बनाई गई है। आॅलम्पिक, एशियन और कॉमनवैल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राज्य प्रशासनिक सेवा आरएएस - राजस्थान पुलिस सेवा आरपीएस में सीधी नियुक्ति दी जाएगी। इसी तरह इन गेम्स में रजत और कांस्य पदक जीतने वालों को राजस्थान अधीनस्थ सेवा के पदों पर सीधी नियुक्ति दी जाएगी जबकि जो खिलाड़ी नेशनल लेवल पदक जीतेंगे, पैरा आॅलम्पिक खेल, या अंतराष्ट्रीय स्तर पर रनर अप रहेंगे उन्हें मंत्रालयिक सेवा के पदों पर सीधी नियुक्ति दी जाएगी। राठौड़ ने बताया कि जिन खिलाड़ियों को नियुक्ति दी जाएगी उन्हें पांच साल में उस पद के लिए जरुरी शर्तें पूरी करनी होगी। इस संबंध में यह भी तय किया है कि इन नौकरियों के लिए खिलाड़ियों को पदक मिलने के तीन साल के भीतर आवेदन करना होगा। इन पदों के लिए आयु सीमा की बाध्यता नहीं रहेगी। बैठक में चारागाह भूमि पर खनन की सशर्त मंजूरी देने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए तय किया है खनन के लिए जितनी भूमि का डायवर्जन किया जाएगा उतनी ही सरकारी भूमि चारागाह के नाम की जाएगी। इसके साथ ही खनन पट्टेधारी को 50 हजार रुपए बीघा की दर से राशि पंचायत को देनी होगी। ये राशि गांव के विकास पर खर्च होगी। राठौड़ ने बताया कि जनकल्याण के लिए यदि चारागाह भूमि ली जाएगी तो उसके बदले अब उसी गांव में सरकारी भूमि देने के प्रावधान में बदलाव किया है। ये भूमि अब ग्राम पंचायत क्षेत्र में दी जा सकेगी।
जयपुर। में बुधवार को आयोजित केबीनेट की मीटिंग में इस इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि बैठक में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने वाली खेल प्रतिभाओं को सरकार नौकरी देगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए तीन श्रेणियां बनाई गई है। आॅलम्पिक, एशियन और कॉमनवैल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राज्य प्रशासनिक सेवा आरएएस - राजस्थान पुलिस सेवा आरपीएस में सीधी नियुक्ति दी जाएगी। इसी तरह इन गेम्स में रजत और कांस्य पदक जीतने वालों को राजस्थान अधीनस्थ सेवा के पदों पर सीधी नियुक्ति दी जाएगी जबकि जो खिलाड़ी नेशनल लेवल पदक जीतेंगे, पैरा आॅलम्पिक खेल, या अंतराष्ट्रीय स्तर पर रनर अप रहेंगे उन्हें मंत्रालयिक सेवा के पदों पर सीधी नियुक्ति दी जाएगी। राठौड़ ने बताया कि जिन खिलाड़ियों को नियुक्ति दी जाएगी उन्हें पांच साल में उस पद के लिए जरुरी शर्तें पूरी करनी होगी। इस संबंध में यह भी तय किया है कि इन नौकरियों के लिए खिलाड़ियों को पदक मिलने के तीन साल के भीतर आवेदन करना होगा। इन पदों के लिए आयु सीमा की बाध्यता नहीं रहेगी। बैठक में चारागाह भूमि पर खनन की सशर्त मंजूरी देने का भी निर्णय लिया गया। इसके लिए तय किया है खनन के लिए जितनी भूमि का डायवर्जन किया जाएगा उतनी ही सरकारी भूमि चारागाह के नाम की जाएगी। इसके साथ ही खनन पट्टेधारी को पचास हजार रुपए बीघा की दर से राशि पंचायत को देनी होगी। ये राशि गांव के विकास पर खर्च होगी। राठौड़ ने बताया कि जनकल्याण के लिए यदि चारागाह भूमि ली जाएगी तो उसके बदले अब उसी गांव में सरकारी भूमि देने के प्रावधान में बदलाव किया है। ये भूमि अब ग्राम पंचायत क्षेत्र में दी जा सकेगी।
सामन्तमद्र ही 'श्रीविजय १ आदिम भाग) में 'कविमार्ग' नामक अलंकार-प्रन्थ के आप प्रणेता बताये गये हैं। साथ ही साथ श्रीमान् बी० एम० श्रीकण्ठय्य आदि विद्वानों का मत है कि नृपतुंग के नाम से प्रख्यात या नृपतुंग-प्रणीत कहे जानेवाले 'कविराजमार्गम्' ग्रन्थ को पहले श्रीविजय ने हो बनाया होगा। मद्रास विश्वविद्यालय से प्रकाशित 'कविराजमार्गम' के सम्पादकों का अभिप्राय है कि नृपतंग के 'कविराजमार्गम्' में श्रीविजय का 'कविमार्ग' गर्मित हुआ होगा : ४ ) केशिराज के उल्लेखानुसार भी श्रोविजय ने व्याकरण शास्त्र या किसी उत्तम काव्य की रचना की होगी ( ५ ) श्रोविजय को सभी ने बहुवचन - 'श्रीविजयर' से उल्लेख किया है। दुर्गसिंहसदृश ब्राह्मण कवि ने भो बहुत ही आदर के साथ आप का उल्लेख किया है। नृपतुंग 'परम श्रीविजय' एवं चावुंड राय 'समन्तभद्र देव के समान' इन शब्दों से आपका स्मरण करते हैं । समन्तभद्र और श्रीविजय इन दोनों में जो समानता पायी जाती है वह निम्न प्रकार हैः - (१) दोनों बहुवचनों से एवं' 'देवर्' इस गौरवास्पद शब्द में उल्लिखित हुए हैं (३) काव्य, व्याकरण और अलंकार-प्रन्थों से दोनों का सम्बन्ध है ( ४ ) समन्तभद्र कविपरमेष्ठी में बड़े हैं, श्रीविजय कवीश्वर के गुरु हैं ( ५ ) श्रीविजय का उल्लेख कवीश्वर एवं पण्डित के साथ है; समन्तभद्र का उल्लेख कविपरमेष्ठी और पूज्यपाद के साथ है ( ६ ) समन्तभद्र अपने देश में जन्म ले एवं वृद्धिंगत होकर कन्नड-कवियों के काव्य के प्रारंभ में वन्दनीय हुए हैं; श्रोविजय कविसमुदाय के मनका दर्पण, 'देवर्', साथ ही उनका 'सुमार्ग' वैयाकरणों के लिए निदर्शनभूत हैं। इन्हों ने कन्नड में कविना लिखी है। अब देखना है कि समन्तभद्र और श्रीविजय इन दोनों का इससे भी कोई निकट सम्बन्ध है या नहीं ? कुछ है ज़रूर। समन्तभद्र के समय में एक ही व्यक्ति अनेक नामों से प्रसिद्ध होते थे । कोण्डकुन्द, उमास्वाति, पूज्यपाद आदि आचार्यों के अनेक नाम थे । समन्तभद्र के भी नाम थे। * बहुत से कवियों के काव्य नाम अथवा संकेत भिन्न-भिन्न थे । माघ का संकेत 'श्री', भारत्रि का 'लक्ष्मी', प्रवरसेन का 'अनुराग', पच्चशिख का 'आनन्द' - इस प्रकार इन संकेतों को वे कवि अपने काव्य या सर्ग के आदि एवं अन्त के पद्यों में जोड़ लेते थे । समन्तभद्र को 'श्रीविजय', 'विजय', 'जय' इन शब्दों को जोड़ना अमीष्ट था । इसलिये कवियों में श्रीविजय नामसं इनका ख्यात होना समुचित है। "तव शिनशासनविभवो जयति ॥ १३५ ॥ "जयति जगति क्लेशावेशप्रपञ्चमांशुमान् । वित्तविष मंकान्तध्वान्तप्रमाण मर्याांशुमान् ॥ ११५ ॥ * वे कौन से नाम हैं ? -६० बी० शास्त्री ।
सामन्तमद्र ही 'श्रीविजय एक आदिम भाग) में 'कविमार्ग' नामक अलंकार-प्रन्थ के आप प्रणेता बताये गये हैं। साथ ही साथ श्रीमान् बीशून्य एमशून्य श्रीकण्ठय्य आदि विद्वानों का मत है कि नृपतुंग के नाम से प्रख्यात या नृपतुंग-प्रणीत कहे जानेवाले 'कविराजमार्गम्' ग्रन्थ को पहले श्रीविजय ने हो बनाया होगा। मद्रास विश्वविद्यालय से प्रकाशित 'कविराजमार्गम' के सम्पादकों का अभिप्राय है कि नृपतंग के 'कविराजमार्गम्' में श्रीविजय का 'कविमार्ग' गर्मित हुआ होगा : चार ) केशिराज के उल्लेखानुसार भी श्रोविजय ने व्याकरण शास्त्र या किसी उत्तम काव्य की रचना की होगी श्रोविजय को सभी ने बहुवचन - 'श्रीविजयर' से उल्लेख किया है। दुर्गसिंहसदृश ब्राह्मण कवि ने भो बहुत ही आदर के साथ आप का उल्लेख किया है। नृपतुंग 'परम श्रीविजय' एवं चावुंड राय 'समन्तभद्र देव के समान' इन शब्दों से आपका स्मरण करते हैं । समन्तभद्र और श्रीविजय इन दोनों में जो समानता पायी जाती है वह निम्न प्रकार हैः - दोनों बहुवचनों से एवं' 'देवर्' इस गौरवास्पद शब्द में उल्लिखित हुए हैं काव्य, व्याकरण और अलंकार-प्रन्थों से दोनों का सम्बन्ध है समन्तभद्र कविपरमेष्ठी में बड़े हैं, श्रीविजय कवीश्वर के गुरु हैं श्रीविजय का उल्लेख कवीश्वर एवं पण्डित के साथ है; समन्तभद्र का उल्लेख कविपरमेष्ठी और पूज्यपाद के साथ है समन्तभद्र अपने देश में जन्म ले एवं वृद्धिंगत होकर कन्नड-कवियों के काव्य के प्रारंभ में वन्दनीय हुए हैं; श्रोविजय कविसमुदाय के मनका दर्पण, 'देवर्', साथ ही उनका 'सुमार्ग' वैयाकरणों के लिए निदर्शनभूत हैं। इन्हों ने कन्नड में कविना लिखी है। अब देखना है कि समन्तभद्र और श्रीविजय इन दोनों का इससे भी कोई निकट सम्बन्ध है या नहीं ? कुछ है ज़रूर। समन्तभद्र के समय में एक ही व्यक्ति अनेक नामों से प्रसिद्ध होते थे । कोण्डकुन्द, उमास्वाति, पूज्यपाद आदि आचार्यों के अनेक नाम थे । समन्तभद्र के भी नाम थे। * बहुत से कवियों के काव्य नाम अथवा संकेत भिन्न-भिन्न थे । माघ का संकेत 'श्री', भारत्रि का 'लक्ष्मी', प्रवरसेन का 'अनुराग', पच्चशिख का 'आनन्द' - इस प्रकार इन संकेतों को वे कवि अपने काव्य या सर्ग के आदि एवं अन्त के पद्यों में जोड़ लेते थे । समन्तभद्र को 'श्रीविजय', 'विजय', 'जय' इन शब्दों को जोड़ना अमीष्ट था । इसलिये कवियों में श्रीविजय नामसं इनका ख्यात होना समुचित है। "तव शिनशासनविभवो जयति ॥ एक सौ पैंतीस ॥ "जयति जगति क्लेशावेशप्रपञ्चमांशुमान् । वित्तविष मंकान्तध्वान्तप्रमाण मर्याांशुमान् ॥ एक सौ पंद्रह ॥ * वे कौन से नाम हैं ? -साठ बीशून्य शास्त्री ।
Aaj Ka Rashifal 04 August 2022: आज किन राशियों के लिए खास है दिन, किसके लिए है भारी, पढ़ें आज का राशिफल और जानें क्या कहते हैं आपके सितारे? मेषः आज आपको अपने खान-पान पर सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। सेहत के प्रति लापरवाही बिल्कुल भी न बरतें। परिवारवालों के साथ मौज-मस्ती में समय बितायेंगे, जिससे पारिवारिक जीवन खुशहाल बनेगा। वृषभः आज आप अपनी पारिवारिक समस्या को लेकर थोड़े चिंतित दिखाई देंगे। आपके सोचे हुए काम पूरे होंगे। प्रेम जीवन में परिस्थितियां अनुकूल होंगी। संतान सुख प्राप्त होने की संभावना है। मिथुनः आज आपकी मेहनत रंग लाएगी। किसी तरह का लाभ प्राप्त हो सकता है। नौकरी में परिवर्तन के योग हैं। किसी संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र अतिरिक्त ज्ञान अर्जित करेंगे। कर्कः आज आपके अंदर जोश और उत्साह भरपूर रहेगा। लेकिन इस ऊर्जा को आपको सही दिशा में लगाना होगा। छोटे भाई-बहनों से किसी चीज को लेकर मनमुटाव होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में बढ़िया परिणाम मिलेंगे। सिंहः आज किसी मित्र के सहयोग से रोजगार प्राप्त हो सकता है। धन प्राप्ति के योग बनेंगे। आपको व्यर्थ क्रोध से बचना होगा। किसी कानूनी मसले में फंस सकते हैं। यदि बैंक से लोन लेना चाह रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता मिल सकती है। कन्याः आज आपको कार्यक्षेत्र में किसी प्रकार की उपलब्धि हासिल होगी। इससे आपका मनोबल बढ़ेगा। व्यापार में लाभ होगा, जिससे आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। छात्रों के लिए दिन अच्छा है। मन में उत्साह का संचार रहेगा। तुलाः आज छात्र अपने शैक्षिक कार्यों सफलता अर्जित करेंगे। प्रेम जीवन में गलतफहमियां दूर होंगी। धन के मामले में किसी तरह की लापरवाही बरतना नुकसानदायक हो सकता है। नौकरी के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। वृश्चिकः आज आप वाहन खरीद सकते हैं। कारोबार में विस्तार होगा। मां की सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। आपको संतान सुख मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। धनुः आज आपके घर-परिवार में कोई धार्मिक कार्य का आयोजन हो सकता है। कार्यक्षेत्र में लोग आपके काम की सराहना करेंगे। पिता जी से रिश्ते अच्छे होंगे। मन में अशांति का भाव रहेगा और आत्मविश्वास में कमी दिखाई देगी। मकरः आज आपको मनचाहा परिणाम प्राप्त हो सकता है। हालांकि आपको अपनी भावनाओं पर काबू रखना होगा। नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो उसमें आपको सफलता मिल सकती है। पारिवारिक जीवन में भी सचेत रहना होगा। कुंभः आज व्यापार में लाभ की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि खर्चों की अधिकता से इनकार नहीं किया जा सकता है। आज किसी रहस्य को जानने की तीव्र इच्छा करेगी। साथ ही अपनी सेहत का भी विशेष रूप से ध्यान रखें। मीनः आज आपके कारोबार में परिवर्तन की संभावना बन रही है। मन में भटकाव की स्थिति रहेगी। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी के साथ तालमेल बनता दिखाई दे सकता है। कारोबार से आय में वृद्धि होगी।
Aaj Ka Rashifal चार अगस्तust दो हज़ार बाईस: आज किन राशियों के लिए खास है दिन, किसके लिए है भारी, पढ़ें आज का राशिफल और जानें क्या कहते हैं आपके सितारे? मेषः आज आपको अपने खान-पान पर सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। सेहत के प्रति लापरवाही बिल्कुल भी न बरतें। परिवारवालों के साथ मौज-मस्ती में समय बितायेंगे, जिससे पारिवारिक जीवन खुशहाल बनेगा। वृषभः आज आप अपनी पारिवारिक समस्या को लेकर थोड़े चिंतित दिखाई देंगे। आपके सोचे हुए काम पूरे होंगे। प्रेम जीवन में परिस्थितियां अनुकूल होंगी। संतान सुख प्राप्त होने की संभावना है। मिथुनः आज आपकी मेहनत रंग लाएगी। किसी तरह का लाभ प्राप्त हो सकता है। नौकरी में परिवर्तन के योग हैं। किसी संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र अतिरिक्त ज्ञान अर्जित करेंगे। कर्कः आज आपके अंदर जोश और उत्साह भरपूर रहेगा। लेकिन इस ऊर्जा को आपको सही दिशा में लगाना होगा। छोटे भाई-बहनों से किसी चीज को लेकर मनमुटाव होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में बढ़िया परिणाम मिलेंगे। सिंहः आज किसी मित्र के सहयोग से रोजगार प्राप्त हो सकता है। धन प्राप्ति के योग बनेंगे। आपको व्यर्थ क्रोध से बचना होगा। किसी कानूनी मसले में फंस सकते हैं। यदि बैंक से लोन लेना चाह रहे हैं तो उसमें भी आपको सफलता मिल सकती है। कन्याः आज आपको कार्यक्षेत्र में किसी प्रकार की उपलब्धि हासिल होगी। इससे आपका मनोबल बढ़ेगा। व्यापार में लाभ होगा, जिससे आपका आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। छात्रों के लिए दिन अच्छा है। मन में उत्साह का संचार रहेगा। तुलाः आज छात्र अपने शैक्षिक कार्यों सफलता अर्जित करेंगे। प्रेम जीवन में गलतफहमियां दूर होंगी। धन के मामले में किसी तरह की लापरवाही बरतना नुकसानदायक हो सकता है। नौकरी के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। वृश्चिकः आज आप वाहन खरीद सकते हैं। कारोबार में विस्तार होगा। मां की सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। आपको संतान सुख मिलेगा। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। धनुः आज आपके घर-परिवार में कोई धार्मिक कार्य का आयोजन हो सकता है। कार्यक्षेत्र में लोग आपके काम की सराहना करेंगे। पिता जी से रिश्ते अच्छे होंगे। मन में अशांति का भाव रहेगा और आत्मविश्वास में कमी दिखाई देगी। मकरः आज आपको मनचाहा परिणाम प्राप्त हो सकता है। हालांकि आपको अपनी भावनाओं पर काबू रखना होगा। नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो उसमें आपको सफलता मिल सकती है। पारिवारिक जीवन में भी सचेत रहना होगा। कुंभः आज व्यापार में लाभ की उम्मीद कर सकते हैं। हालांकि खर्चों की अधिकता से इनकार नहीं किया जा सकता है। आज किसी रहस्य को जानने की तीव्र इच्छा करेगी। साथ ही अपनी सेहत का भी विशेष रूप से ध्यान रखें। मीनः आज आपके कारोबार में परिवर्तन की संभावना बन रही है। मन में भटकाव की स्थिति रहेगी। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी के साथ तालमेल बनता दिखाई दे सकता है। कारोबार से आय में वृद्धि होगी।
भारत-ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के बीच खेला गया आखिरी वनडे बेहद रोमांचक रहा. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने जीत के साथ मिताली राज (Mithali Raj) ने शानदार उपलब्धि भी हासिल की है. तीसरे ODI में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को शानदार शिकस्त दी है. साथ ही ऑस्ट्रेलिया के लगातार जीतने के सिलसिले पर भी अब ब्रेक लगा दिया है. इससे पहले भारत को दो वनडे में लगातार हार का सामना करना पड़ा था. यही नहीं सीरीज भी ऑस्ट्रेलिया अपने नाम करने में कामयाब रही. दरअसल आखिरी मुकाबले में कंगारू टीम को 2 विकेट से हार का सामना करना पड़ा है. इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के 4 साल और लगातार 26 वनडे जीत के रिकॉर्ड पर पुर्णविराम लगा दिया है. इस मैच में भले ही कप्तान मिताली राज (Mithali Raj) केवल 16 रन बनाया था. लेकिन, लक्ष्य का पीछा करते हुए उनका औसत एमएस धोनी (MS Dhoni) और विराट कोहली (Virat Kohli) जैसे दिग्गज बल्लेबाजों से भी अच्छा है. वो वनडे फॉर्मेट में दुनिया की सबसे सफल महिला कप्तान के तौर पर भी जानी जाती हैं. उन्होंने वनडे में सफल रन लक्ष्य का पीछा करते हुए अब तक 68 मैच की 54 पारियों में 2127 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 106 का रहा है. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और 17 अर्धशतक निकले हैं. इस सिलसिले में पुरुष वनडे की पर नजर दौड़ाएं तो पूर्व कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) ने 116 मैच की 75 पारियों में 103 की औसत से 2876 रन बनाए हैं. 2876 रन की पारी में 2 शतक और 20 अर्धशतक भी शामिल हैं. वहीं विराट कोहली (Virat Kohli) के आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने 89 मैच की 86 पारियों में 96 की औसत से 5388 रन बना चुके हैं. इस पारी में 22 शतक और 22 अर्धशतक शामिल हैं. मिताली राज (Mithali Raj) दुनिया में सबसे ज्यादा 220 वनडे मैच खेलने वाली टीम इंडिया की पहली महिला क्रिकेटर हैं. उनके कप्तानी पर गौर करें तो टीम इंडिया ने 143 वनडे मैच में से 85 मुकाबले में जीत हासिल की है. जबकि 55 मैच में शिकस्त का सामना करना पड़ा है. जबकि तीन मुकाबलों में कोई नतीजा नहीं निकला है. दुनिया की कोई अन्य महिला खिलाड़ी बतौर कप्तान वनडे में मिताली से ज्यादा मुकाबले नहीं जीत सकी है. इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान बेलिंडा क्लार्क 83 मैचों में जीत के साथ दूसरे पायदान पर बरकरार हैं. बाकी कोई भी कप्तान 80 जीत के आंकड़े को पास नहीं कर सका है. इसके अलावा 38 साल की टीम इंडिया की कप्तान मिताली राज (Mithali Raj) ने 220 वनडे में 51 की औसत से 7391 रन बनाए हैं. वो महिला वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं. इसके आंकड़े के आसपास भी कोई खिलाड़ी नहीं है. मिताली ने वनडे में 7 शतक और 59 अर्धशतक लगाए हैं. नाबाद 125 रन की पारी उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है. उन्होंने 89 टी20 इंटरनेशनल में 38 की औसत से 2364 रन बना बनाए हैं. इस पारी में उन्होंने 17 अर्धशतक भी ठोके हैं. हालांकि टी20 फॉर्मेट से वो संन्यास ले चुकी हैं.
भारत-ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के बीच खेला गया आखिरी वनडे बेहद रोमांचक रहा. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने जीत के साथ मिताली राज ने शानदार उपलब्धि भी हासिल की है. तीसरे ODI में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को शानदार शिकस्त दी है. साथ ही ऑस्ट्रेलिया के लगातार जीतने के सिलसिले पर भी अब ब्रेक लगा दिया है. इससे पहले भारत को दो वनडे में लगातार हार का सामना करना पड़ा था. यही नहीं सीरीज भी ऑस्ट्रेलिया अपने नाम करने में कामयाब रही. दरअसल आखिरी मुकाबले में कंगारू टीम को दो विकेट से हार का सामना करना पड़ा है. इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के चार साल और लगातार छब्बीस वनडे जीत के रिकॉर्ड पर पुर्णविराम लगा दिया है. इस मैच में भले ही कप्तान मिताली राज केवल सोलह रन बनाया था. लेकिन, लक्ष्य का पीछा करते हुए उनका औसत एमएस धोनी और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों से भी अच्छा है. वो वनडे फॉर्मेट में दुनिया की सबसे सफल महिला कप्तान के तौर पर भी जानी जाती हैं. उन्होंने वनडे में सफल रन लक्ष्य का पीछा करते हुए अब तक अड़सठ मैच की चौवन पारियों में दो हज़ार एक सौ सत्ताईस रन बनाए हैं. इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत एक सौ छः का रहा है. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और सत्रह अर्धशतक निकले हैं. इस सिलसिले में पुरुष वनडे की पर नजर दौड़ाएं तो पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने एक सौ सोलह मैच की पचहत्तर पारियों में एक सौ तीन की औसत से दो हज़ार आठ सौ छिहत्तर रन बनाए हैं. दो हज़ार आठ सौ छिहत्तर रन की पारी में दो शतक और बीस अर्धशतक भी शामिल हैं. वहीं विराट कोहली के आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने नवासी मैच की छियासी पारियों में छियानवे की औसत से पाँच हज़ार तीन सौ अठासी रन बना चुके हैं. इस पारी में बाईस शतक और बाईस अर्धशतक शामिल हैं. मिताली राज दुनिया में सबसे ज्यादा दो सौ बीस वनडे मैच खेलने वाली टीम इंडिया की पहली महिला क्रिकेटर हैं. उनके कप्तानी पर गौर करें तो टीम इंडिया ने एक सौ तैंतालीस वनडे मैच में से पचासी मुकाबले में जीत हासिल की है. जबकि पचपन मैच में शिकस्त का सामना करना पड़ा है. जबकि तीन मुकाबलों में कोई नतीजा नहीं निकला है. दुनिया की कोई अन्य महिला खिलाड़ी बतौर कप्तान वनडे में मिताली से ज्यादा मुकाबले नहीं जीत सकी है. इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान बेलिंडा क्लार्क तिरासी मैचों में जीत के साथ दूसरे पायदान पर बरकरार हैं. बाकी कोई भी कप्तान अस्सी जीत के आंकड़े को पास नहीं कर सका है. इसके अलावा अड़तीस साल की टीम इंडिया की कप्तान मिताली राज ने दो सौ बीस वनडे में इक्यावन की औसत से सात हज़ार तीन सौ इक्यानवे रन बनाए हैं. वो महिला वनडे में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं. इसके आंकड़े के आसपास भी कोई खिलाड़ी नहीं है. मिताली ने वनडे में सात शतक और उनसठ अर्धशतक लगाए हैं. नाबाद एक सौ पच्चीस रन की पारी उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है. उन्होंने नवासी टीबीस इंटरनेशनल में अड़तीस की औसत से दो हज़ार तीन सौ चौंसठ रन बना बनाए हैं. इस पारी में उन्होंने सत्रह अर्धशतक भी ठोके हैं. हालांकि टीबीस फॉर्मेट से वो संन्यास ले चुकी हैं.
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. यहां सोपोर पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया. इसके साथ ही रात में करीब 11. 30 बजे सोपोर पुलिस की एसओजी और कुपवाड़ा पुलिस ने निसार अहमद मीर को गिरफ्तार किया. इसकी उम्र 31 साल बताई जा रही है. उसे आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के जुर्म में पकड़ा गया है. पूछताछ के आधार पर कबीर लोन के घर पर 6RR के साथ पुलिस ने संयुक्त रूप से तलाशी ली. कबीर लोन 17 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था. लोन से प्राप्त इनपुट के आधार पुलिस ने कुपवाड़ा में कार्रवाई की और गोला-बारूद के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया. बरामद सामान में 8 एके रायफल, 9 पिस्टल, गोला-बारूद और ग्रेनेड शामिल हैं. हथियारों की बरामदगी कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में की गई. इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद लश्कर आतंकी घाटी में ला रहे थे ताकि कुछ युवकों को बहका कर उन्हें दहशतगर्दी की दुनिया में झोंका जा सके. इससे पहले रविवार को आतंकवादियों ने पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड फेंका, लेकिन उसमें विस्फोट नहीं हुआ. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि लगभग 7. 50 बजे आतंकवादियों ने पुलवामा के मुख्य चौक पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और पुलिस के संयुक्त नाके पर ग्रेनेड फेंका. उन्होंने कहा कि ग्रेनेड सड़क किनारे गिर गया और उसमें विस्फोट नहीं हुआ. बाद में एक बम निरोधक दस्ते ने इस बम को निपटा दिया. ग्रेनेड फटने से बच गया इसलिए बड़ी घटना होते-होते बच गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की तलाश तेज कर दी गई है.
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. यहां सोपोर पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया. इसके साथ ही रात में करीब ग्यारह. तीस बजे सोपोर पुलिस की एसओजी और कुपवाड़ा पुलिस ने निसार अहमद मीर को गिरफ्तार किया. इसकी उम्र इकतीस साल बताई जा रही है. उसे आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के जुर्म में पकड़ा गया है. पूछताछ के आधार पर कबीर लोन के घर पर छःRR के साथ पुलिस ने संयुक्त रूप से तलाशी ली. कबीर लोन सत्रह जनवरी को गिरफ्तार किया गया था. लोन से प्राप्त इनपुट के आधार पुलिस ने कुपवाड़ा में कार्रवाई की और गोला-बारूद के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया. बरामद सामान में आठ एके रायफल, नौ पिस्टल, गोला-बारूद और ग्रेनेड शामिल हैं. हथियारों की बरामदगी कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में की गई. इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद लश्कर आतंकी घाटी में ला रहे थे ताकि कुछ युवकों को बहका कर उन्हें दहशतगर्दी की दुनिया में झोंका जा सके. इससे पहले रविवार को आतंकवादियों ने पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड फेंका, लेकिन उसमें विस्फोट नहीं हुआ. एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि लगभग सात. पचास बजे आतंकवादियों ने पुलवामा के मुख्य चौक पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और पुलिस के संयुक्त नाके पर ग्रेनेड फेंका. उन्होंने कहा कि ग्रेनेड सड़क किनारे गिर गया और उसमें विस्फोट नहीं हुआ. बाद में एक बम निरोधक दस्ते ने इस बम को निपटा दिया. ग्रेनेड फटने से बच गया इसलिए बड़ी घटना होते-होते बच गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की तलाश तेज कर दी गई है.
हालांकि यह काम स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय राज्यों से कैसे कराएगा, इसके बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है. योजना के दूसरे भाग में लड़की के जन्म पर कुछ प्रोत्साहन राशि परिवार को दिए जाने का विचार है. इसको लेकर भी विभिन्न राज्यों के मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है. इसी पर योजना की बड़ी राशि खर्च की जाएगी.
हालांकि यह काम स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय राज्यों से कैसे कराएगा, इसके बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है. योजना के दूसरे भाग में लड़की के जन्म पर कुछ प्रोत्साहन राशि परिवार को दिए जाने का विचार है. इसको लेकर भी विभिन्न राज्यों के मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है. इसी पर योजना की बड़ी राशि खर्च की जाएगी.
Team India: टीम इंडिया में अनदेखी का शिकार हो रहा ये धाकड़ ऑलराउंडर, सेलेक्टर्स ने भाव देना किया बंद! Team India: टीम इंडिया के एक धाकड़ ऑलराउंडर की वेस्टइंडीज दौरे पर अनदेखी की गई है. ये खिलाड़ी पिछले कई समय से चोट के चलते टीम से बाहर चल रहा था. Team India: टीम इंडिया का वेस्टइंडीज दौरा कई खिलाड़ियों के करियर के लिए काफी अहम रहने वाला है. कई खिलाड़ियों के पास इस दौरे पर शानदार प्रदर्शन कर टीम में अपनी जगह पक्की करने का मौका होगा. वहीं टीम का धाकड़ ऑलराउंडर इस दौरे पर अपनी जगह नहीं बना सका है. सेलेक्टर्स ने इस खिलाड़ी की वेस्टइंडीज दौरे पर अनदेखी की है. ये खिलाड़ी टीम के लिए कई मुकाबलों में बड़ा मैच विनर साबित हुआ है. टीम इंडिया के सेलेक्टर्स ने वेस्टइंडीज दौरे पर 22 साल के युवा ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) को जगह नहीं दी है. वॉशिंगटन सुंदर अपनी शानदार गेंदबाजी के साथ-साथ अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए भी जाने जाते हैं. वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) ने फरवरी 2022 के बाद से टीम इंडिया के लिए एक भी मैच नहीं खेला है. वॉशिंगटन एक समय टीम इंडिया के लिए बड़े मैच विनर साबित हो रहे थे. वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) आईपीएल 2022 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए हाथ में लगी चोट के कारण लीग से बाहर हो गए थे. वॉशिंगटन के दाएं हाथ में अंगूठे और पहली उंगली के बीच की वेबिंग में चोट लगी थी. वॉशिंगटन सुंदर चोट के चलते आईपीएल 2022 के बाद खेली गई साउथ अफ्रीका सीरीज, आयरलैंड सीरीज और इंग्लैंड सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे, लेकिन वे अब पूरी तरह फिट हैं, फिर भी उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया है. टीम इंडिया में जगह ने मिलने के बाद वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar) अब काउंटी क्रिकेट में खेल रहे हैं. काउंटी टीम लंकाशायर के लिए खेल रहे वॉशिंगटन ने नार्थम्प्टनशॉयर टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने लंकाशायर की ओर से खेलते हुए 20 ओवर में 69 रन देकर चार विकेट चटकाए हैं. वॉशिंगटन सुंदर ने टीम इंडिया के लिए अभी तक 4 टेस्ट मैच, 4 वनडे और 31 टी20 मैच खेले हैं. उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 265 रन और 6 विकेट दर्ज हैं, वहीं वनडे में उन्होंने 57 रन और 5 विकेट हासिल किए हैं और टी20 में उन्होंने अभी तक 25 विकेट चटकाए हैं.
Team India: टीम इंडिया में अनदेखी का शिकार हो रहा ये धाकड़ ऑलराउंडर, सेलेक्टर्स ने भाव देना किया बंद! Team India: टीम इंडिया के एक धाकड़ ऑलराउंडर की वेस्टइंडीज दौरे पर अनदेखी की गई है. ये खिलाड़ी पिछले कई समय से चोट के चलते टीम से बाहर चल रहा था. Team India: टीम इंडिया का वेस्टइंडीज दौरा कई खिलाड़ियों के करियर के लिए काफी अहम रहने वाला है. कई खिलाड़ियों के पास इस दौरे पर शानदार प्रदर्शन कर टीम में अपनी जगह पक्की करने का मौका होगा. वहीं टीम का धाकड़ ऑलराउंडर इस दौरे पर अपनी जगह नहीं बना सका है. सेलेक्टर्स ने इस खिलाड़ी की वेस्टइंडीज दौरे पर अनदेखी की है. ये खिलाड़ी टीम के लिए कई मुकाबलों में बड़ा मैच विनर साबित हुआ है. टीम इंडिया के सेलेक्टर्स ने वेस्टइंडीज दौरे पर बाईस साल के युवा ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को जगह नहीं दी है. वॉशिंगटन सुंदर अपनी शानदार गेंदबाजी के साथ-साथ अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी के लिए भी जाने जाते हैं. वॉशिंगटन सुंदर ने फरवरी दो हज़ार बाईस के बाद से टीम इंडिया के लिए एक भी मैच नहीं खेला है. वॉशिंगटन एक समय टीम इंडिया के लिए बड़े मैच विनर साबित हो रहे थे. वॉशिंगटन सुंदर आईपीएल दो हज़ार बाईस में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए हाथ में लगी चोट के कारण लीग से बाहर हो गए थे. वॉशिंगटन के दाएं हाथ में अंगूठे और पहली उंगली के बीच की वेबिंग में चोट लगी थी. वॉशिंगटन सुंदर चोट के चलते आईपीएल दो हज़ार बाईस के बाद खेली गई साउथ अफ्रीका सीरीज, आयरलैंड सीरीज और इंग्लैंड सीरीज में टीम का हिस्सा नहीं बन सके थे, लेकिन वे अब पूरी तरह फिट हैं, फिर भी उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया है. टीम इंडिया में जगह ने मिलने के बाद वॉशिंगटन सुंदर अब काउंटी क्रिकेट में खेल रहे हैं. काउंटी टीम लंकाशायर के लिए खेल रहे वॉशिंगटन ने नार्थम्प्टनशॉयर टीम के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने लंकाशायर की ओर से खेलते हुए बीस ओवर में उनहत्तर रन देकर चार विकेट चटकाए हैं. वॉशिंगटन सुंदर ने टीम इंडिया के लिए अभी तक चार टेस्ट मैच, चार वनडे और इकतीस टीबीस मैच खेले हैं. उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में दो सौ पैंसठ रन और छः विकेट दर्ज हैं, वहीं वनडे में उन्होंने सत्तावन रन और पाँच विकेट हासिल किए हैं और टीबीस में उन्होंने अभी तक पच्चीस विकेट चटकाए हैं.
दुनिया में कई कपल्स है जिनकी अपनी ही अलग-अलग खूबियां होती है . ऐसे में आज हम जिस कपल की बात कर रहें है वो भी अपनी ही एक खूबी के साथ दुनिया में मौजूद है. जी हम बात कर रहें है पुणे से सटे पिंपरी में रहने वाले कुलकर्णी परिवार की जो दुनिया के सबसे लम्बे कद वाले परिवार के रूप में जाने जाते है. इस परिवार को दुनिया का सबसे लम्बे कद का कपल कहा जाता है. इनकी पहचान ही लम्बे कद वाले कपल के रूप में होती है. ये कपल तो लम्बे है ही साथ ही इनके बच्चे भी इन्ही की तरह लम्बे है. इनके बच्चो की हाइट भी इन्ही की तरह शानदार लम्बाई को छूती है. आपको बता दें की इनके परिवार के हर सदस्य के लम्बे होने की वजह से इनके परिवार का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज हो चुका है. इस परिवार में कुल चार लोग है जिनमे मुखिया है शरद कुलकर्णी जिनकी लम्बाई 7 फीट 1. 5 इंच है. शरद की पत्नी संजोत की लम्बाई 6 फीट 2. 6 इंच है और इन दोनों की दो बेटियां है जिनकी लम्बाई 6 फीट हैं। इनके परिवार को सभी लोग लम्बी हाइट की वजह से जानते है और इसी वजह से ये लोग पॉपुलर भी है. शरद ने पहले सोचा था कि वे अपना नाम सबसे लम्बे कपल होने के नाते गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करवा देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्योंकि वहां पहले ही कैलिफोर्निया के वेन और लॉरी हॉलक्विस्ट का नाम दर्ज है जो दुनिया के सबसे लम्बे कपल है.
दुनिया में कई कपल्स है जिनकी अपनी ही अलग-अलग खूबियां होती है . ऐसे में आज हम जिस कपल की बात कर रहें है वो भी अपनी ही एक खूबी के साथ दुनिया में मौजूद है. जी हम बात कर रहें है पुणे से सटे पिंपरी में रहने वाले कुलकर्णी परिवार की जो दुनिया के सबसे लम्बे कद वाले परिवार के रूप में जाने जाते है. इस परिवार को दुनिया का सबसे लम्बे कद का कपल कहा जाता है. इनकी पहचान ही लम्बे कद वाले कपल के रूप में होती है. ये कपल तो लम्बे है ही साथ ही इनके बच्चे भी इन्ही की तरह लम्बे है. इनके बच्चो की हाइट भी इन्ही की तरह शानदार लम्बाई को छूती है. आपको बता दें की इनके परिवार के हर सदस्य के लम्बे होने की वजह से इनके परिवार का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज हो चुका है. इस परिवार में कुल चार लोग है जिनमे मुखिया है शरद कुलकर्णी जिनकी लम्बाई सात फीट एक. पाँच इंच है. शरद की पत्नी संजोत की लम्बाई छः फीट दो. छः इंच है और इन दोनों की दो बेटियां है जिनकी लम्बाई छः फीट हैं। इनके परिवार को सभी लोग लम्बी हाइट की वजह से जानते है और इसी वजह से ये लोग पॉपुलर भी है. शरद ने पहले सोचा था कि वे अपना नाम सबसे लम्बे कपल होने के नाते गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करवा देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ क्योंकि वहां पहले ही कैलिफोर्निया के वेन और लॉरी हॉलक्विस्ट का नाम दर्ज है जो दुनिया के सबसे लम्बे कपल है.
पृथ्वी को पूरी तरह से जल दुनिया नहीं कहा जा सकता है, लेकिन ग्रह की सतह का 70% पानी के साथ कवर किया गया है। इसके बिना, जीवन असंभव होगा हम जिस हवा में साँस लेते हैं, उसके साथ नमी को संतृप्त किया जाता है, और हमारे शरीर में ज्यादातर पानी होते हैं और वायु की नमी की मात्रा वायुमंडल में जल सामग्री का एक उपाय है। इस अवधारणा का मतलब क्या है? हवा में पानी बूंदों या पानी वाष्प के रूप में निहित किया जा सकता है 1m3 की हवा के अनुसार ग्राम में जल सामग्री हवा की पूर्ण नमी है । लेकिन वातावरण में पानी की संभव मात्रा तापमान पर निर्भर करती है। यह उच्च है, हवा में अधिक नमी किसी भी तरह इस निर्भरता को दरकिनार करने के लिए, सापेक्ष आर्द्रता की अवधारणा शुरू की गई थी। इसका मतलब वर्तमान तापमान पर मौजूदा नमी के अनुपात अधिकतम संभव है। हवा की सापेक्ष आर्द्रता से पता चलता है कि वर्तमान आर्द्रता अधिकतम अधिकतम अनुपात क्या है। यदि वर्तमान 60% है, तो हवा में वर्तमान तापमान पर अधिकतम संभव वाष्प के 60% भाग होता है। जल वाष्प के वातावरण में सामग्री को मापने के लिए, विशेष यंत्रों का उपयोग किया जाता है - साइकोट्रॉमीटर तथ्य यह है कि वायु आर्द्रता एक अत्यंत महत्वपूर्ण पैरामीटर है जो सीधे किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य और मशीनरी की कार्य क्षमता को प्रभावित करता है। जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, मानव शरीर में पानी की एक बड़ी मात्रा है, जो हवा में अपनी सामग्री के संबंध में महत्वपूर्ण है। यदि वातावरण में नमी की उपस्थिति सामान्य से बहुत भिन्न है, तो यह नकारात्मक स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा। अगर आसपास के वातावरण में अपर्याप्त पानी है, तो व्यक्ति की त्वचा और श्लेष्म झिल्ली सूखने लगेगी। एक व्यक्ति के लिए, सामान्य हवा की आर्द्रता चालीस से साठ प्रतिशत की सीमा में होती है। इस मामले में, शरीर इसके लिए इष्टतम स्थितियों में काम करता है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि गर्मियों में हवा पर्याप्त रूप से नम है, लेकिन सर्दियों में, खासकर कमरे में, आर्द्रता 15% से अधिक नहीं हो सकती। इसका कारण यह है कि केंद्रीय हीटिंग सिस्टम कमरे में हवा को गरम करती है, जिसका मतलब है कि ऊंचा तापमान पर कमरे में अधिक वाष्प हो सकता है। लेकिन हवा में पानी की सामग्री बदलती नहीं है, और इसलिए नमी कम हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप सूखी त्वचा और श्लेष्म झिल्ली के कारण थकान और कम प्रतिरक्षा बढ़ जाएगी। बढ़ी नमी के नकारात्मक पक्ष हैं ऐसी स्थिति में एक व्यक्ति त्वचा के माध्यम से नमी के अस्थिररण को कमजोर कर देता है, शरीर एक अधिशेष का उत्पादन करता है, जो फिर से कल्याण में गिरावट की ओर जाता है। इसके अलावा, उच्च नमी वाले कमरों में हानिकारक जीवाणुओं और मोल्ड के प्रसार के लिए सभी स्थितियां तैयार की जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप अस्थमा और एलर्जी हो सकती है और ऐसी परिस्थितियों में घरेलू उपकरणों और फर्नीचर का जीवन काफी कम है। प्रकृति का निरीक्षण करते समय, यह स्थापित किया जाता है कि दिन के दौरान आर्द्रता में परिवर्तन होता है, तथाकथित दैनिक पाठ्यक्रम। इसी समय, समुद्र के निरीक्षण के दौरान, यह स्थापित किया गया था कि एक दिन के भीतर वायुमंडल में जल वाष्प सामग्री एक न्यूनतम और एक अधिकतम है। सुबह में न्यूनतम मनाया जाता है, अधिकतम तेरह से चौदह घंटे। आर्द्रता का एक समान व्यवहार इसी प्रकार तापमान और पानी के वाष्पीकरण के संबंध में होता है। आर्द्रता, परिवर्तन की दर और दैनिक भिन्नता पर प्राप्त डेटा से अल्पकालिक मौसम पूर्वानुमान के लिए इन आंकड़ों का उपयोग करना संभव हो सकता है। इसलिए, आम तौर पर यह माना जाता है कि यदि दैनिक नमी का तापमान तापमान की प्रवृत्ति से मेल खाती है, तो हम उम्मीद कर सकते हैं कि अगले 12-24 घंटों में प्रतिकूल मौसम की वजह से मौसम जारी रहेगा। मानव परिवेश में आर्द्रता एक कारक है जो उसके स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। और कमरे में इष्टतम आर्द्रता सुनिश्चित करने से स्वास्थ्य और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय तक अनुमति होगी।
पृथ्वी को पूरी तरह से जल दुनिया नहीं कहा जा सकता है, लेकिन ग्रह की सतह का सत्तर% पानी के साथ कवर किया गया है। इसके बिना, जीवन असंभव होगा हम जिस हवा में साँस लेते हैं, उसके साथ नमी को संतृप्त किया जाता है, और हमारे शरीर में ज्यादातर पानी होते हैं और वायु की नमी की मात्रा वायुमंडल में जल सामग्री का एक उपाय है। इस अवधारणा का मतलब क्या है? हवा में पानी बूंदों या पानी वाष्प के रूप में निहित किया जा सकता है एकmतीन की हवा के अनुसार ग्राम में जल सामग्री हवा की पूर्ण नमी है । लेकिन वातावरण में पानी की संभव मात्रा तापमान पर निर्भर करती है। यह उच्च है, हवा में अधिक नमी किसी भी तरह इस निर्भरता को दरकिनार करने के लिए, सापेक्ष आर्द्रता की अवधारणा शुरू की गई थी। इसका मतलब वर्तमान तापमान पर मौजूदा नमी के अनुपात अधिकतम संभव है। हवा की सापेक्ष आर्द्रता से पता चलता है कि वर्तमान आर्द्रता अधिकतम अधिकतम अनुपात क्या है। यदि वर्तमान साठ% है, तो हवा में वर्तमान तापमान पर अधिकतम संभव वाष्प के साठ% भाग होता है। जल वाष्प के वातावरण में सामग्री को मापने के लिए, विशेष यंत्रों का उपयोग किया जाता है - साइकोट्रॉमीटर तथ्य यह है कि वायु आर्द्रता एक अत्यंत महत्वपूर्ण पैरामीटर है जो सीधे किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य और मशीनरी की कार्य क्षमता को प्रभावित करता है। जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, मानव शरीर में पानी की एक बड़ी मात्रा है, जो हवा में अपनी सामग्री के संबंध में महत्वपूर्ण है। यदि वातावरण में नमी की उपस्थिति सामान्य से बहुत भिन्न है, तो यह नकारात्मक स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा। अगर आसपास के वातावरण में अपर्याप्त पानी है, तो व्यक्ति की त्वचा और श्लेष्म झिल्ली सूखने लगेगी। एक व्यक्ति के लिए, सामान्य हवा की आर्द्रता चालीस से साठ प्रतिशत की सीमा में होती है। इस मामले में, शरीर इसके लिए इष्टतम स्थितियों में काम करता है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि गर्मियों में हवा पर्याप्त रूप से नम है, लेकिन सर्दियों में, खासकर कमरे में, आर्द्रता पंद्रह% से अधिक नहीं हो सकती। इसका कारण यह है कि केंद्रीय हीटिंग सिस्टम कमरे में हवा को गरम करती है, जिसका मतलब है कि ऊंचा तापमान पर कमरे में अधिक वाष्प हो सकता है। लेकिन हवा में पानी की सामग्री बदलती नहीं है, और इसलिए नमी कम हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप सूखी त्वचा और श्लेष्म झिल्ली के कारण थकान और कम प्रतिरक्षा बढ़ जाएगी। बढ़ी नमी के नकारात्मक पक्ष हैं ऐसी स्थिति में एक व्यक्ति त्वचा के माध्यम से नमी के अस्थिररण को कमजोर कर देता है, शरीर एक अधिशेष का उत्पादन करता है, जो फिर से कल्याण में गिरावट की ओर जाता है। इसके अलावा, उच्च नमी वाले कमरों में हानिकारक जीवाणुओं और मोल्ड के प्रसार के लिए सभी स्थितियां तैयार की जाती हैं, जिसके परिणामस्वरूप अस्थमा और एलर्जी हो सकती है और ऐसी परिस्थितियों में घरेलू उपकरणों और फर्नीचर का जीवन काफी कम है। प्रकृति का निरीक्षण करते समय, यह स्थापित किया जाता है कि दिन के दौरान आर्द्रता में परिवर्तन होता है, तथाकथित दैनिक पाठ्यक्रम। इसी समय, समुद्र के निरीक्षण के दौरान, यह स्थापित किया गया था कि एक दिन के भीतर वायुमंडल में जल वाष्प सामग्री एक न्यूनतम और एक अधिकतम है। सुबह में न्यूनतम मनाया जाता है, अधिकतम तेरह से चौदह घंटे। आर्द्रता का एक समान व्यवहार इसी प्रकार तापमान और पानी के वाष्पीकरण के संबंध में होता है। आर्द्रता, परिवर्तन की दर और दैनिक भिन्नता पर प्राप्त डेटा से अल्पकालिक मौसम पूर्वानुमान के लिए इन आंकड़ों का उपयोग करना संभव हो सकता है। इसलिए, आम तौर पर यह माना जाता है कि यदि दैनिक नमी का तापमान तापमान की प्रवृत्ति से मेल खाती है, तो हम उम्मीद कर सकते हैं कि अगले बारह-चौबीस घंटाटों में प्रतिकूल मौसम की वजह से मौसम जारी रहेगा। मानव परिवेश में आर्द्रता एक कारक है जो उसके स्वास्थ्य को प्रभावित करती है। और कमरे में इष्टतम आर्द्रता सुनिश्चित करने से स्वास्थ्य और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए लंबे समय तक अनुमति होगी।
New OTT Releases: ओटीटी पर इस हफ्ते कुछ बेहद मदेजार वेब सीरीज (New Web Series On OTT) रिलीज हो रही हैं। 10 और 11 मार्च को रिलीज होने वाली इन वेब सीरीज में से कुछ का इंतजार दर्शकों को लंबे समय से था। इस हफ्ते रिलीज होने वालीं वेब सीरीज में क्राइम, कॉमेडी और रोमांस का कॉकटेल भी देखने को मिलेगा। आइए जानें कुछ चर्चित वेब सीरीज के नाम जो इस हफ्ते रिलीज हो रही हैं।
New OTT Releases: ओटीटी पर इस हफ्ते कुछ बेहद मदेजार वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं। दस और ग्यारह मार्च को रिलीज होने वाली इन वेब सीरीज में से कुछ का इंतजार दर्शकों को लंबे समय से था। इस हफ्ते रिलीज होने वालीं वेब सीरीज में क्राइम, कॉमेडी और रोमांस का कॉकटेल भी देखने को मिलेगा। आइए जानें कुछ चर्चित वेब सीरीज के नाम जो इस हफ्ते रिलीज हो रही हैं।
Don't Miss! ना ग्लैमरस..ना हॉट..फिर भी इनके आगे नहीं टिकी कोई और एक्ट्रेस! विद्या बालन बॉलीवुड की सबसे प्रॉमिसिंग एक्ट्रेस हैं। उनकी एक से बढ़कर एक परफॉर्मेंस इस बात का सुबूत है। विद्या बालन एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जो कोई भी रोल हो सहजता के साथ निभा लेती हैं। वो जो फिल्म कर लें उसमें आप कोई एक्ट्रेस को उनकी जगह सोच ही नहीं सकते। वो कोई भी रोल कर लें बिल्कुल परफेक्ट लग जाती हैं। आज विद्या बालन की फिल्म कहानी 2 रिलीज हो रही है। कहानी को भी लोगों ने काफी पसंद किया था और विद्या बालन ने कई अवार्ड भी जीते थे। विद्या बालन को लेडी आमिर खान बोला जाए तो गलत नहीं होगा। वो भी स्क्रिप्ट चुनती हैं और रोल उन्हें ध्यान में रखकर लिखती हैं। विद्या बालन बहुत चुन चुनकर फिल्में करती हैं और उन्होंने एक से बढ़कर एक परफॉरमेंस भी दिया। आप भी देखिए उनकी एक से बढ़कर एक परफॉर्मेंस। Vidya Balan is one of the finest actress who always chooses challenging work.
Don't Miss! ना ग्लैमरस..ना हॉट..फिर भी इनके आगे नहीं टिकी कोई और एक्ट्रेस! विद्या बालन बॉलीवुड की सबसे प्रॉमिसिंग एक्ट्रेस हैं। उनकी एक से बढ़कर एक परफॉर्मेंस इस बात का सुबूत है। विद्या बालन एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जो कोई भी रोल हो सहजता के साथ निभा लेती हैं। वो जो फिल्म कर लें उसमें आप कोई एक्ट्रेस को उनकी जगह सोच ही नहीं सकते। वो कोई भी रोल कर लें बिल्कुल परफेक्ट लग जाती हैं। आज विद्या बालन की फिल्म कहानी दो रिलीज हो रही है। कहानी को भी लोगों ने काफी पसंद किया था और विद्या बालन ने कई अवार्ड भी जीते थे। विद्या बालन को लेडी आमिर खान बोला जाए तो गलत नहीं होगा। वो भी स्क्रिप्ट चुनती हैं और रोल उन्हें ध्यान में रखकर लिखती हैं। विद्या बालन बहुत चुन चुनकर फिल्में करती हैं और उन्होंने एक से बढ़कर एक परफॉरमेंस भी दिया। आप भी देखिए उनकी एक से बढ़कर एक परफॉर्मेंस। Vidya Balan is one of the finest actress who always chooses challenging work.
Isha Ambani Baby: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी नाना बन गए हैं। उनकी बेटी ईशा अंबानी ने शनिवार को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। ईशा रिलायंस रिटेल का बिजनेस संभालती हैं। ईशा और आनंद की बेटी का नाम आदिया और बेटे का नाम कृष्णा रखा गया है। बता दें कि दो प्रमुख व्यापारिक परिवारों के वारिस, ईशा अंबानी और आनंद पीरामल ने मुंबई में एक हाई-प्रोफाइल शादी समारोह में शादी की, जिसमें दिसंबर, 2018 में देश के कई लोग शामिल हुए। दिलचस्प बात यह है कि ईशा का एक जुड़वां भाई आकाश अंबानी भी है। वे रिलायंस के चेयरमैन अरबपति मुकेश अंबानी और नीता अंबानी की संतान हैं। आकाश और ईशा ने जियो मार्ट को लॉन्च करने में मदद की। ईशा ने 12 दिसंबर, 2018 को पीरामल ग्रुप के अजय और स्वाति पीरामल के बेटे आनंद से शादी की। दोनों लंबे समय से बचपन के दोस्त रहे हैं, जिन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया। कौन हैं आनंद पीरामल? आनंद पीरामल के पास पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री है। उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स डिग्री भी हासिल की है। ईशा और आनंद दोनों आइवी लीग पासआउट हैं। जहां ईशा ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया, वहीं आनंद एमबीए करने के लिए हार्वर्ड गए। आनंद भारत की सबसे प्रशंसित रियल एस्टेट फर्मों में से एक, पिरामल रियल्टी के संस्थापक हैं। पीरामल रियल्टी से पहले, आनंद ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा पहल पीरामल स्वास्थ्य की स्थापना की थी, जो हर दिन 40,000 रोगियों का इलाज करती है। यह भी पढ़ेंः
Isha Ambani Baby: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी नाना बन गए हैं। उनकी बेटी ईशा अंबानी ने शनिवार को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। ईशा रिलायंस रिटेल का बिजनेस संभालती हैं। ईशा और आनंद की बेटी का नाम आदिया और बेटे का नाम कृष्णा रखा गया है। बता दें कि दो प्रमुख व्यापारिक परिवारों के वारिस, ईशा अंबानी और आनंद पीरामल ने मुंबई में एक हाई-प्रोफाइल शादी समारोह में शादी की, जिसमें दिसंबर, दो हज़ार अट्ठारह में देश के कई लोग शामिल हुए। दिलचस्प बात यह है कि ईशा का एक जुड़वां भाई आकाश अंबानी भी है। वे रिलायंस के चेयरमैन अरबपति मुकेश अंबानी और नीता अंबानी की संतान हैं। आकाश और ईशा ने जियो मार्ट को लॉन्च करने में मदद की। ईशा ने बारह दिसंबर, दो हज़ार अट्ठारह को पीरामल ग्रुप के अजय और स्वाति पीरामल के बेटे आनंद से शादी की। दोनों लंबे समय से बचपन के दोस्त रहे हैं, जिन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया। कौन हैं आनंद पीरामल? आनंद पीरामल के पास पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री है। उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स डिग्री भी हासिल की है। ईशा और आनंद दोनों आइवी लीग पासआउट हैं। जहां ईशा ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया, वहीं आनंद एमबीए करने के लिए हार्वर्ड गए। आनंद भारत की सबसे प्रशंसित रियल एस्टेट फर्मों में से एक, पिरामल रियल्टी के संस्थापक हैं। पीरामल रियल्टी से पहले, आनंद ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा पहल पीरामल स्वास्थ्य की स्थापना की थी, जो हर दिन चालीस,शून्य रोगियों का इलाज करती है। यह भी पढ़ेंः
अपने एम एल एज के यहां लगे रहते हैं । टोटल बाउटले नहीं दी गई इसलिये कि सारे सूबे को क्यों पहुंच सके । इसलिये मैं अर्ज करता हूं कि पता नहीं यह सरकार थी या जमात थी। कोई सरकार नहीं चल रही थी, सिर्फ अकाली दल चल रहा था (व्यवधान) श्री हुकम चन्द कडबाय (मुरेना) : सिर्फ सरदार ही थे ? श्री दरबारा सिंह सिर्फ सरदार ही नहीं, दूसरे भी थे । श्री हुकन कछवाय : पगड़ी का श्री दरबारा सिंह पगड़ी में भी फर्क है, दिल में भी फर्क हैं, प्रोग्रेसिवनेस और बैकवर्डनेस का फर्क है। मैं अर्ज कर रहा था कि अकाली पार्टी ने एक फैसला किया और जत्थेदारों ने इस सरकार को एक ढंग से चलाना चाहा। वह कैसे सूबे को डेवेलप करते ? जब सरकार जत्थेदारों के हाथ में है तो वह जत्थेदारों को डेवेलप करते या सूबे को डेवेलप करते ? उन्होंने फैसला किया कि हर डी सी को जत्थेदारो से पूछ कर काम करना चाहिये। वह बिल्कुल अनपढ़ है, उनको पता नहीं है कि डेवेलपमेंट क्या होता है । वह लट्ठ ले सकते हैं, जहन काम में नहीं ला सकते । जहन का काम लट्ठ मे मुनावकत नही खाता । दूर प्रोग्राम बनाने के बारे में भी हिदायतें जारी कर दी गई। यह कह दिया गया कि जत्थेदारों के साथ मिल कर उनकी सलाह लेकर टूर प्रोग्राम बनाये जायें, कहां जाना है और कहा नहीं जाना है इसका फैसला उनसे पूछकर किया जाए । काम अगर करना है तो किस तरह से करना है, यह भी जत्थेदारों पर छोड़ दिया गया। जो बिल्कुल पढ़े लिखे नहीं थे उन से पूछकर काम होने लग गए थे। यह जो पुरानी लेगेसी पुरानी सरकार छोड़ गई है, यह सत्म होनी चाहिये। जो बजट है इसको जरा देखने की जरूरत है। पावर हार्टज की बात भी कही जाती है। हमारे सी पी एम के दोस्त ने भी इसका जिक्र किया है। एयरकंडिशनर सेक्रेटेरिएट में चलते रहे । मिनिस्टर्ज के घरों में चालू रहे लेकिन कहा जाता रहा कि पावर शार्टेज है। जहां ये चालू थे वहां बन्द नहीं हुए। बन्द क्या किया इस पावर शार्टेज को देखते हुए, पता नहीं है । जब जैनरेटर्ज के बारे में कहा गया तो बताया गया कि अभी आर्डर गया हुआ है, आए नहीं हैं और कब आएंगे इसका कुछ पता नहीं है। कुछ पता नहीं लगता था कि कब और कहां बिजली को चालू करेंगे। लोगों को कहा गया कि हिन्द सरकार बिजली नहीं देती है। अनपढ़ लांग थे और वे उनकी बातों में आ जाते थे । सैक्रेटेरिएट में बिना रोक टोक शक्ल देख कर फैसले होते थे । कर्मचारियों के बारे में भी यही होता था । जब कोई फैसला किया जाता था तो देखा जाता था कि यह कांग्रेसी है, गैर कांग्रेसी है, सिल है या गैर सिख है। यही बात प्रोमोशंज में भी होती थी। कहां वहां डैमोक्रेसी थी और कहां सैक्युलरिज्म था ? (इटरप्शंज) एक ऐसे आदमी को भी उन्होंने ले रखा था जिसका चेहरा बिल्कुल साफ था और वह इसलिए ताकि यह दिलाया जा सके कि हम सैक्युलर हैं । फर्निचर और फ्यूचर में जो भेद नहीं समझ सकते थे, उनको ले रखा था। मेरे पास बहुत मैटेरियल है लेकिन मैं ज्यादा डिटेल्ज में नहीं जाना चाहता हूं । एक अर्ज जरूर करना चाहता हूं। बजट को रिशेप देने को जरूरत है। यह देखने की जरूरत है कि गरीबों पर ज्यादा इसका बोझ न पड़े । ज्यादा खराबी पैदा न हो । निकासी के बाद जो जमीन पड़ी हुई थी उस पर उन लोगों ने कब्जा कर लिया है जो बड़े बड़े जागोरदार हैं, फ्यूडल एलीमेंट्स हैं। वे किसी को नजदीक आने नहीं देते हैं और इसी कोशिश में लगे रहते हैं कि कोई नजदीक न आने पाए। सरकारी कर्मचारी भी कुछ ऐसे हैं जो इस बात में यकीन रखते हैं कि गरीबों का गला घोंटा जाए। ऐसे लोगों से हमें छुटकारा पाना चाहिये । [श्री दरबारा सिंह] में आपका शुक्रिया अदा करता हूं कि आपने मुझे बोलने का मौका दिया और में बाशा करता हूं कि जो कमियां हैं, उनको दूर करने की कोशिश की जाएगी और दूर करके इस बजट को चालू करने की कोशिश की जाएगी। श्री ज्ञानेश्वर प्रसाद यादव (कटिहार) : अच्छा तो यह होता कि पंजाब बजट पंजाब विधान सभा में प्रस्तुत किया जाना । लेकिन जो परिस्थितियां वहां विद्यमान थी और जो कारण थे उनसे विवश होकर राज्यपाल पावटे को विधान सभा को भंग करना पड़ा, उसके लिए मैं उनके काम का अभिनन्दन करना हूं । इस वास्ते भी उनके कदम का मैं अभिनन्दन करता हूं कि दल बदल की भावना के ऊपर उन्होंने कड़े कदम उठाये हैं और इस प्रवृत्ति पर एक तीखा प्रहार किया है। इस वास्ते भी मैं उनके कदम का अभिनन्दन करना हू कि मरदार गुरनाम सिंह जोकि दल बदलुओं के सरदार है, उनकी भावनाओं के ऊपर कुठाराघात हुआ है। अभिनन्दन इसलिए भी करना हू कि सत्तारूढ़ कांग्रेस दल के सचिव द्वारा पंजाब मे बैठकर दल बदल की प्रक्रिया को तेज करने से पहले ही उनकी आशाओं पर तुषारापात करने का सफल प्रयास राज्यपाल महोदय ने किया है । राज्यपाल के कदम के बाद कांग्रेस दल के लोगों ने जिस प्रकार की भावनाओं को प्रकट किया है, जिस प्रकार के विचार प्रकट किये हैं वे भी आप के सामने हैं। राज्यपाल महोदय ने जो ठोम कदम उठाया है, समाचार पत्रों में हमें जानकारी मिली है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस के कार्यकर्ताओ ने तथा उसके नेताओं ने राज्यपाल पावटे के कदम का विरोध किया है और यहा तक कह दिया है कि राज्यपाल पावटे को उनके पद से हटा दिया जाए। में मत्तारूढ़ दल के नुमाइंदों से निवेदन पूर्वक आग्रह करना चाहता हूं कि वे इस बात को न भूलें कि 1970 के अन्त में श्रीमती इंदिरा गांधी ने जो वास्तव में उस समय अल्पमत में थीं, लोक सभा को भंग करने की राष्ट्रपति जी से स्वीकृति प्राप्त कर ली थी और लोक सभा भग करवा दिया था । क्या उस समय सत्तारूढ़ दल के किसी भी सदस्य ने उनके इस कदम का विरोध किया था ? सत्तारूढ़ कांग्रेस के माननीय सदस्यों के मुंह से जब दल बदल की बात होती है तब उसको सुनकर मुझे और भी आश्चर्य होता है। अभी कुछ देर पहले इसके बारे में लैजिस्लेशन लाने की बात कही गई थी और कहा गया था कि उसको हम लाने जा रहे हैं, इसके ऊपर हम लोग विचार कर रहे हैं। मैं समझता हू सत्तारूढ़ दल ने जिस प्रकार संयुक्त सरकारो को गिराने का प्रयत्न अन्य प्रान्तों में किया है, जब तक उस प्रक्रिया को समाप्त नही कर दिया जाता है तब तक वे दम नही लेंगे और तब तक कोई विधेयक नहीं लाएंगे, लाने की हिम्मत नहीं करेंगे । एक प्रान्त बाकी है और वह उडीसा है। अब इनके कदम उडीसा की ओर बढ़ रहे हैं । वहा इनके दल की सरकार नहीं है। किसी न किसी प्रकार से नोटों की खोल कर, पैसे के बल पर, भावनाओं भड़का कर, पैसे के बन्न पर खरीद बिक्री करके जब तक वहां की संयुक्त मोर्चे की सरकार को ये गिरा नहीं लेंगे तब सत्तारूढ़ या नई कांग्रेस के लोग कोई भी विधेयक इन मदन में दल बदल पर रोक लगाने के लिए प्रस्तुत नहीं करेंगे, ऐमा मेरा पक्का निश्चित मन है । संमद् में राज्यपाल के कारों के ऊपर, जिसको हम लोग डिसक्रोशनदरी पावर्ज कहते हैं, काफी चर्चा हुई है । आवश्यकता इस बात की थी कि के सरकार राज्यपालों के अधिकारों के बारे में कुछ ठोस निर्णय लेती । लेकिन अभी तक राज्यपालों के क्या अधिकार हैं, इसके बारे में
अपने एम एल एज के यहां लगे रहते हैं । टोटल बाउटले नहीं दी गई इसलिये कि सारे सूबे को क्यों पहुंच सके । इसलिये मैं अर्ज करता हूं कि पता नहीं यह सरकार थी या जमात थी। कोई सरकार नहीं चल रही थी, सिर्फ अकाली दल चल रहा था श्री हुकम चन्द कडबाय : सिर्फ सरदार ही थे ? श्री दरबारा सिंह सिर्फ सरदार ही नहीं, दूसरे भी थे । श्री हुकन कछवाय : पगड़ी का श्री दरबारा सिंह पगड़ी में भी फर्क है, दिल में भी फर्क हैं, प्रोग्रेसिवनेस और बैकवर्डनेस का फर्क है। मैं अर्ज कर रहा था कि अकाली पार्टी ने एक फैसला किया और जत्थेदारों ने इस सरकार को एक ढंग से चलाना चाहा। वह कैसे सूबे को डेवेलप करते ? जब सरकार जत्थेदारों के हाथ में है तो वह जत्थेदारों को डेवेलप करते या सूबे को डेवेलप करते ? उन्होंने फैसला किया कि हर डी सी को जत्थेदारो से पूछ कर काम करना चाहिये। वह बिल्कुल अनपढ़ है, उनको पता नहीं है कि डेवेलपमेंट क्या होता है । वह लट्ठ ले सकते हैं, जहन काम में नहीं ला सकते । जहन का काम लट्ठ मे मुनावकत नही खाता । दूर प्रोग्राम बनाने के बारे में भी हिदायतें जारी कर दी गई। यह कह दिया गया कि जत्थेदारों के साथ मिल कर उनकी सलाह लेकर टूर प्रोग्राम बनाये जायें, कहां जाना है और कहा नहीं जाना है इसका फैसला उनसे पूछकर किया जाए । काम अगर करना है तो किस तरह से करना है, यह भी जत्थेदारों पर छोड़ दिया गया। जो बिल्कुल पढ़े लिखे नहीं थे उन से पूछकर काम होने लग गए थे। यह जो पुरानी लेगेसी पुरानी सरकार छोड़ गई है, यह सत्म होनी चाहिये। जो बजट है इसको जरा देखने की जरूरत है। पावर हार्टज की बात भी कही जाती है। हमारे सी पी एम के दोस्त ने भी इसका जिक्र किया है। एयरकंडिशनर सेक्रेटेरिएट में चलते रहे । मिनिस्टर्ज के घरों में चालू रहे लेकिन कहा जाता रहा कि पावर शार्टेज है। जहां ये चालू थे वहां बन्द नहीं हुए। बन्द क्या किया इस पावर शार्टेज को देखते हुए, पता नहीं है । जब जैनरेटर्ज के बारे में कहा गया तो बताया गया कि अभी आर्डर गया हुआ है, आए नहीं हैं और कब आएंगे इसका कुछ पता नहीं है। कुछ पता नहीं लगता था कि कब और कहां बिजली को चालू करेंगे। लोगों को कहा गया कि हिन्द सरकार बिजली नहीं देती है। अनपढ़ लांग थे और वे उनकी बातों में आ जाते थे । सैक्रेटेरिएट में बिना रोक टोक शक्ल देख कर फैसले होते थे । कर्मचारियों के बारे में भी यही होता था । जब कोई फैसला किया जाता था तो देखा जाता था कि यह कांग्रेसी है, गैर कांग्रेसी है, सिल है या गैर सिख है। यही बात प्रोमोशंज में भी होती थी। कहां वहां डैमोक्रेसी थी और कहां सैक्युलरिज्म था ? एक ऐसे आदमी को भी उन्होंने ले रखा था जिसका चेहरा बिल्कुल साफ था और वह इसलिए ताकि यह दिलाया जा सके कि हम सैक्युलर हैं । फर्निचर और फ्यूचर में जो भेद नहीं समझ सकते थे, उनको ले रखा था। मेरे पास बहुत मैटेरियल है लेकिन मैं ज्यादा डिटेल्ज में नहीं जाना चाहता हूं । एक अर्ज जरूर करना चाहता हूं। बजट को रिशेप देने को जरूरत है। यह देखने की जरूरत है कि गरीबों पर ज्यादा इसका बोझ न पड़े । ज्यादा खराबी पैदा न हो । निकासी के बाद जो जमीन पड़ी हुई थी उस पर उन लोगों ने कब्जा कर लिया है जो बड़े बड़े जागोरदार हैं, फ्यूडल एलीमेंट्स हैं। वे किसी को नजदीक आने नहीं देते हैं और इसी कोशिश में लगे रहते हैं कि कोई नजदीक न आने पाए। सरकारी कर्मचारी भी कुछ ऐसे हैं जो इस बात में यकीन रखते हैं कि गरीबों का गला घोंटा जाए। ऐसे लोगों से हमें छुटकारा पाना चाहिये । [श्री दरबारा सिंह] में आपका शुक्रिया अदा करता हूं कि आपने मुझे बोलने का मौका दिया और में बाशा करता हूं कि जो कमियां हैं, उनको दूर करने की कोशिश की जाएगी और दूर करके इस बजट को चालू करने की कोशिश की जाएगी। श्री ज्ञानेश्वर प्रसाद यादव : अच्छा तो यह होता कि पंजाब बजट पंजाब विधान सभा में प्रस्तुत किया जाना । लेकिन जो परिस्थितियां वहां विद्यमान थी और जो कारण थे उनसे विवश होकर राज्यपाल पावटे को विधान सभा को भंग करना पड़ा, उसके लिए मैं उनके काम का अभिनन्दन करना हूं । इस वास्ते भी उनके कदम का मैं अभिनन्दन करता हूं कि दल बदल की भावना के ऊपर उन्होंने कड़े कदम उठाये हैं और इस प्रवृत्ति पर एक तीखा प्रहार किया है। इस वास्ते भी मैं उनके कदम का अभिनन्दन करना हू कि मरदार गुरनाम सिंह जोकि दल बदलुओं के सरदार है, उनकी भावनाओं के ऊपर कुठाराघात हुआ है। अभिनन्दन इसलिए भी करना हू कि सत्तारूढ़ कांग्रेस दल के सचिव द्वारा पंजाब मे बैठकर दल बदल की प्रक्रिया को तेज करने से पहले ही उनकी आशाओं पर तुषारापात करने का सफल प्रयास राज्यपाल महोदय ने किया है । राज्यपाल के कदम के बाद कांग्रेस दल के लोगों ने जिस प्रकार की भावनाओं को प्रकट किया है, जिस प्रकार के विचार प्रकट किये हैं वे भी आप के सामने हैं। राज्यपाल महोदय ने जो ठोम कदम उठाया है, समाचार पत्रों में हमें जानकारी मिली है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस के कार्यकर्ताओ ने तथा उसके नेताओं ने राज्यपाल पावटे के कदम का विरोध किया है और यहा तक कह दिया है कि राज्यपाल पावटे को उनके पद से हटा दिया जाए। में मत्तारूढ़ दल के नुमाइंदों से निवेदन पूर्वक आग्रह करना चाहता हूं कि वे इस बात को न भूलें कि एक हज़ार नौ सौ सत्तर के अन्त में श्रीमती इंदिरा गांधी ने जो वास्तव में उस समय अल्पमत में थीं, लोक सभा को भंग करने की राष्ट्रपति जी से स्वीकृति प्राप्त कर ली थी और लोक सभा भग करवा दिया था । क्या उस समय सत्तारूढ़ दल के किसी भी सदस्य ने उनके इस कदम का विरोध किया था ? सत्तारूढ़ कांग्रेस के माननीय सदस्यों के मुंह से जब दल बदल की बात होती है तब उसको सुनकर मुझे और भी आश्चर्य होता है। अभी कुछ देर पहले इसके बारे में लैजिस्लेशन लाने की बात कही गई थी और कहा गया था कि उसको हम लाने जा रहे हैं, इसके ऊपर हम लोग विचार कर रहे हैं। मैं समझता हू सत्तारूढ़ दल ने जिस प्रकार संयुक्त सरकारो को गिराने का प्रयत्न अन्य प्रान्तों में किया है, जब तक उस प्रक्रिया को समाप्त नही कर दिया जाता है तब तक वे दम नही लेंगे और तब तक कोई विधेयक नहीं लाएंगे, लाने की हिम्मत नहीं करेंगे । एक प्रान्त बाकी है और वह उडीसा है। अब इनके कदम उडीसा की ओर बढ़ रहे हैं । वहा इनके दल की सरकार नहीं है। किसी न किसी प्रकार से नोटों की खोल कर, पैसे के बल पर, भावनाओं भड़का कर, पैसे के बन्न पर खरीद बिक्री करके जब तक वहां की संयुक्त मोर्चे की सरकार को ये गिरा नहीं लेंगे तब सत्तारूढ़ या नई कांग्रेस के लोग कोई भी विधेयक इन मदन में दल बदल पर रोक लगाने के लिए प्रस्तुत नहीं करेंगे, ऐमा मेरा पक्का निश्चित मन है । संमद् में राज्यपाल के कारों के ऊपर, जिसको हम लोग डिसक्रोशनदरी पावर्ज कहते हैं, काफी चर्चा हुई है । आवश्यकता इस बात की थी कि के सरकार राज्यपालों के अधिकारों के बारे में कुछ ठोस निर्णय लेती । लेकिन अभी तक राज्यपालों के क्या अधिकार हैं, इसके बारे में
चेन्नई। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और प्रौद्योगिकी कंपनी ईकेए मोबिलिटी ने बुधवार को कहा कि उसे कन्वर्जेस एनर्जी से सकल लागत अनुबंध पर 310 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, संचालन और रखरखाव के लिए आवंटन पत्र (एलओए) प्राप्त हुआ है। सर्विसेज लिमिटेड ने हाल ही में 6,465 इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर निकाला है। राष्ट्रीय ई-बस कार्यक्रम चरण 1 के तहत राज्य के स्वामित्व वाली कन्वर्जेस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड, पूर्ण स्वामित्व वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की सहायक कंपनी द्वारा निविदा निकाली गई थी। ईकेए के अनुसार, स्वच्छ, टिकाऊ और कुशल परिवहन विकल्प प्रदान करने के सरकार के प्रयासों के तहत ई-बसों को इंट्रा-सिटी संचालन के लिए परिवहन विभाग हरियाणा, परिवहन विभाग, अरुणाचल प्रदेश, केरल राज्य सड़क परिवहन निगम में तैनात किया जाएगा। इस आदेश के साथ ईकेए मोबिलिटी की ऑर्डर बुक में काफी वृद्धि हुई है, जिसमें 500 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें और 5,000 से अधिक इलेक्ट्रिक लाइट कमर्शियल व्हीकल ऑर्डर पाइपलाइन में हैं। इस अवसर पर ईकेए के संस्थापक और अध्यक्ष सुधीर मेहता ने कहा : "राष्ट्रीय ई-बस कार्यक्रम चरण 1 के हिस्से के रूप में इलेक्ट्रिक बसों को संचालित करने के लिए कई राज्य परिवहन प्राधिकरणों द्वारा चुने जाने पर हम रोमांचित हैं। यह आदेश एक वसीयतनामा है। इस तथ्य के लिए कि भारत में डिजाइन और निर्माण अब एक वास्तविकता है और एक व्यवहार्य विकल्प है, जो बाजार में आने वाले चीनी उत्पादों को प्रतिस्थापित कर सकता है। ईकेए के साथ हम टिकाऊ परिवहन के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए आश्वस्त हैं, जो कुशल, भरोसेमंद और लाभदायक है। " ईकेए मोबिलिटी ने हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्लेटफॉर्म पर नौ मीटर की सिटी बस भी विकसित की है। कंपनी आगे बढ़ते हुए ई-लाइट कमर्शियल व्हीकल रेंज के साथ-साथ इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन फ्यूल-सेल बसों के कई वेरिएंट पेश करने की योजना बना रही है। (आईएएनएस)
चेन्नई। इलेक्ट्रिक वाहन और प्रौद्योगिकी कंपनी ईकेए मोबिलिटी ने बुधवार को कहा कि उसे कन्वर्जेस एनर्जी से सकल लागत अनुबंध पर तीन सौ दस इलेक्ट्रिक बसों की खरीद, संचालन और रखरखाव के लिए आवंटन पत्र प्राप्त हुआ है। सर्विसेज लिमिटेड ने हाल ही में छः,चार सौ पैंसठ इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर निकाला है। राष्ट्रीय ई-बस कार्यक्रम चरण एक के तहत राज्य के स्वामित्व वाली कन्वर्जेस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड, पूर्ण स्वामित्व वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड की सहायक कंपनी द्वारा निविदा निकाली गई थी। ईकेए के अनुसार, स्वच्छ, टिकाऊ और कुशल परिवहन विकल्प प्रदान करने के सरकार के प्रयासों के तहत ई-बसों को इंट्रा-सिटी संचालन के लिए परिवहन विभाग हरियाणा, परिवहन विभाग, अरुणाचल प्रदेश, केरल राज्य सड़क परिवहन निगम में तैनात किया जाएगा। इस आदेश के साथ ईकेए मोबिलिटी की ऑर्डर बुक में काफी वृद्धि हुई है, जिसमें पाँच सौ से अधिक इलेक्ट्रिक बसें और पाँच,शून्य से अधिक इलेक्ट्रिक लाइट कमर्शियल व्हीकल ऑर्डर पाइपलाइन में हैं। इस अवसर पर ईकेए के संस्थापक और अध्यक्ष सुधीर मेहता ने कहा : "राष्ट्रीय ई-बस कार्यक्रम चरण एक के हिस्से के रूप में इलेक्ट्रिक बसों को संचालित करने के लिए कई राज्य परिवहन प्राधिकरणों द्वारा चुने जाने पर हम रोमांचित हैं। यह आदेश एक वसीयतनामा है। इस तथ्य के लिए कि भारत में डिजाइन और निर्माण अब एक वास्तविकता है और एक व्यवहार्य विकल्प है, जो बाजार में आने वाले चीनी उत्पादों को प्रतिस्थापित कर सकता है। ईकेए के साथ हम टिकाऊ परिवहन के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए आश्वस्त हैं, जो कुशल, भरोसेमंद और लाभदायक है। " ईकेए मोबिलिटी ने हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्लेटफॉर्म पर नौ मीटर की सिटी बस भी विकसित की है। कंपनी आगे बढ़ते हुए ई-लाइट कमर्शियल व्हीकल रेंज के साथ-साथ इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन फ्यूल-सेल बसों के कई वेरिएंट पेश करने की योजना बना रही है।