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RANCHI: सालों से जीर्णोद्धार की बाट जोह रहे राज्य भर के एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज अब मॉडल करियर सेंटर बनने वाले हैं। यहां बेरोजगारों का सिर्फ रजिस्ट्रेशन ही नहीं होगा, बल्कि उन्हें करियर की राह भी दिखाई जाएगी। ट्रेनिंग देकर रोजगार भी मुहैया कराया जाएगा। जी हां, केंद्र सरकार की स्किल डेवलपमेंट स्कीम के तहत श्रम नियोजन व प्रशिक्षण विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज को अब करियर डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
बताया गया कि फर्स्ट फेज में रांची, धनबाद व जमशेदपुर के नियोजनालयों को मॉडल करियर सेंटर बनाया जा रहा है। अगले महीने अप्रैल से ही ये तीनों नियोजनालय मॉडल करियर सेंटर के नाम से जाने जाएंगे। सेंटर शुरू होने के बाद यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स को भी कई सहूलियतें मिलेंगी। यहां पर काउंसिलिंग सेंटर, लाइब्रेरी, आइटी लैब, कैफेटेरिया सहित तमाम तरह की सुविधाएं अवेलेबल होंगी। हर मॉडल करियर सेंटर के लिए सरकार ने भ्0 लाख रुपए का बजट तैयार किया है।
रांची एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज को मॉडल करियर सेंटर के रूप में डेवलप करने के लिए डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ एंप्लॉयमेंट एंड ट्रेनिंग, मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड एंप्लॉयमेंट ने सेलेक्ट किया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने भ्0 लाख रुपए का सहयोग दिया है। इसमें क्भ् लाख रुपए रोजगार मेला लगाने और फ्भ् लाख रुपए मॉडल करियर सेंटर बनाने के लिए हैं। धनबाद और जमशेदपुर एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज को मॉडल करियर के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने सहयोग प्रदान किया है। तीनों करियर सेंटर की सफलता के बाद हजारीबाग, पलामू और तमाम जिलों में भी इस तरह की स्कीम चलाने की विभाग तैयारी कर रहा है।
रांची एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज ऑफिस के नोडल ऑफिसर पीके झा ने बताया कि मॉडल करियर सेंटर जॉब सीकर और प्रोवाइडर के बीच ब्रीज का काम करेगा। इसके लिए स्टेट गवर्नमेंट के डिपार्टमेंट, प्राइवेट इंडस्ट्रीज, स्कूल, कॉलेज, एनजीओ और तमाम तरह के जॉब प्रोवाइडर ऑर्गेनाइजेशन से संपर्क कर उन्हें बेरोजगारों की लिस्ट दी जाएगी। संस्थानों में रिक्रूटमेंट के आधार पर बेरोजगार युवकों को जॉब की जानकारी दी जाएगी।
कॉम्पीटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स के लिए लाइब्रेरी की भी व्यवस्था की गई है। प्रतियोगी किताबें, इंटरनेट सर्फिग और कैफेटेरिया सहित तमाम तरह की सुविधाएं यहां अवेलेबल होंगी। एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज में ये सभी सुविधाएं निःशुल्क मिलेंगी। साथ ही इसके लिए कोई रजिस्ट्रेशन कराने की भी जरूरत नहीं है।
| RANCHI: सालों से जीर्णोद्धार की बाट जोह रहे राज्य भर के एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज अब मॉडल करियर सेंटर बनने वाले हैं। यहां बेरोजगारों का सिर्फ रजिस्ट्रेशन ही नहीं होगा, बल्कि उन्हें करियर की राह भी दिखाई जाएगी। ट्रेनिंग देकर रोजगार भी मुहैया कराया जाएगा। जी हां, केंद्र सरकार की स्किल डेवलपमेंट स्कीम के तहत श्रम नियोजन व प्रशिक्षण विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है। एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज को अब करियर डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। बताया गया कि फर्स्ट फेज में रांची, धनबाद व जमशेदपुर के नियोजनालयों को मॉडल करियर सेंटर बनाया जा रहा है। अगले महीने अप्रैल से ही ये तीनों नियोजनालय मॉडल करियर सेंटर के नाम से जाने जाएंगे। सेंटर शुरू होने के बाद यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स को भी कई सहूलियतें मिलेंगी। यहां पर काउंसिलिंग सेंटर, लाइब्रेरी, आइटी लैब, कैफेटेरिया सहित तमाम तरह की सुविधाएं अवेलेबल होंगी। हर मॉडल करियर सेंटर के लिए सरकार ने भ्शून्य लाख रुपए का बजट तैयार किया है। रांची एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज को मॉडल करियर सेंटर के रूप में डेवलप करने के लिए डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ एंप्लॉयमेंट एंड ट्रेनिंग, मिनिस्ट्री ऑफ लेबर एंड एंप्लॉयमेंट ने सेलेक्ट किया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने भ्शून्य लाख रुपए का सहयोग दिया है। इसमें क्भ् लाख रुपए रोजगार मेला लगाने और फ्भ् लाख रुपए मॉडल करियर सेंटर बनाने के लिए हैं। धनबाद और जमशेदपुर एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज को मॉडल करियर के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने सहयोग प्रदान किया है। तीनों करियर सेंटर की सफलता के बाद हजारीबाग, पलामू और तमाम जिलों में भी इस तरह की स्कीम चलाने की विभाग तैयारी कर रहा है। रांची एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज ऑफिस के नोडल ऑफिसर पीके झा ने बताया कि मॉडल करियर सेंटर जॉब सीकर और प्रोवाइडर के बीच ब्रीज का काम करेगा। इसके लिए स्टेट गवर्नमेंट के डिपार्टमेंट, प्राइवेट इंडस्ट्रीज, स्कूल, कॉलेज, एनजीओ और तमाम तरह के जॉब प्रोवाइडर ऑर्गेनाइजेशन से संपर्क कर उन्हें बेरोजगारों की लिस्ट दी जाएगी। संस्थानों में रिक्रूटमेंट के आधार पर बेरोजगार युवकों को जॉब की जानकारी दी जाएगी। कॉम्पीटिटिव एग्जाम की तैयारी कर रहे कैंडिडेट्स के लिए लाइब्रेरी की भी व्यवस्था की गई है। प्रतियोगी किताबें, इंटरनेट सर्फिग और कैफेटेरिया सहित तमाम तरह की सुविधाएं यहां अवेलेबल होंगी। एंप्लॉयमेंट एक्सचेंज में ये सभी सुविधाएं निःशुल्क मिलेंगी। साथ ही इसके लिए कोई रजिस्ट्रेशन कराने की भी जरूरत नहीं है। |
भारत और भारतीयों से जुड़ी हर वो ख़बर जिससे हम और आप होते हैं प्रभावित (Today's National News in Hindi)
कानपुर में धर्म परिवर्तन के मामले में IAS अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने माना कि जो वीडियो सामने आए हैं, वे उन्हीं के हैं।
दायर याचिका में यह भी मांग की गई है कि SC की निगरानी में मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जाँच की जाए और इसमें सीबीआई को भी शामिल किया जाए।
श्याम के गले और चेहरे पर इस तरह वार हुए थे कि उनकी वहीं मौत हो गई। बाद में उनकी लाश खेत में फेंकी गई और फिर शाम को पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
"अगर वे (राकांपा) अदालत जाना चाहते हैं, तो वे जा सकते हैं और न्याय माँग सकते हैं। हम वहीं जवाब देंगे। हमने कानून के अनुसार सब कुछ किया है। "
बिंदरू के बारे में मीडिया से बात करते हुए फारूक भावुक हो गए। उन्होंने कहा, "वो आज इस दुनिया को छोड़ गया है। उसे हमारे शैतानों ने मार डाला।
लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए 'किसान' लवप्रीत सिंह के परिवार वालों ने हाथ जोड़कर कहा है कि इस घटना पर राजनीति न की जाए।
मोदी सरकार 12 अक्टूबर को स्माइल योजना लॉन्च करने जा रही है, जिसके तहत ट्रांसजेंडरों के उत्थान और उनके स्वास्थ्य के लिए काम किया जाएगा।
वीडियो दरियापुर थाना क्षेत्र के दरियापुर रेल कारखाना से दरिहरा चवंर होकर दरिहरा सरैया गाँव जाने वाली मुख्य सड़क का है।
फ्रांस की तरह भारतीय चर्चों की घिनौनी करतूतें भी किसी से छिपी नहीं हैं। अब पादरियों के पापों से भारतीयों को मुक्ति मिलनी ही चाहिए।
अपनी और दूसरों की जेब वसूली के पैसे से भरने के अलावा वाजे बतौर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अपनी पहचान वापस पाना चाहता था।
| भारत और भारतीयों से जुड़ी हर वो ख़बर जिससे हम और आप होते हैं प्रभावित कानपुर में धर्म परिवर्तन के मामले में IAS अधिकारी मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन ने माना कि जो वीडियो सामने आए हैं, वे उन्हीं के हैं। दायर याचिका में यह भी मांग की गई है कि SC की निगरानी में मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जाँच की जाए और इसमें सीबीआई को भी शामिल किया जाए। श्याम के गले और चेहरे पर इस तरह वार हुए थे कि उनकी वहीं मौत हो गई। बाद में उनकी लाश खेत में फेंकी गई और फिर शाम को पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा। "अगर वे अदालत जाना चाहते हैं, तो वे जा सकते हैं और न्याय माँग सकते हैं। हम वहीं जवाब देंगे। हमने कानून के अनुसार सब कुछ किया है। " बिंदरू के बारे में मीडिया से बात करते हुए फारूक भावुक हो गए। उन्होंने कहा, "वो आज इस दुनिया को छोड़ गया है। उसे हमारे शैतानों ने मार डाला। लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए 'किसान' लवप्रीत सिंह के परिवार वालों ने हाथ जोड़कर कहा है कि इस घटना पर राजनीति न की जाए। मोदी सरकार बारह अक्टूबर को स्माइल योजना लॉन्च करने जा रही है, जिसके तहत ट्रांसजेंडरों के उत्थान और उनके स्वास्थ्य के लिए काम किया जाएगा। वीडियो दरियापुर थाना क्षेत्र के दरियापुर रेल कारखाना से दरिहरा चवंर होकर दरिहरा सरैया गाँव जाने वाली मुख्य सड़क का है। फ्रांस की तरह भारतीय चर्चों की घिनौनी करतूतें भी किसी से छिपी नहीं हैं। अब पादरियों के पापों से भारतीयों को मुक्ति मिलनी ही चाहिए। अपनी और दूसरों की जेब वसूली के पैसे से भरने के अलावा वाजे बतौर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अपनी पहचान वापस पाना चाहता था। |
Don't Miss!
छोटे पर्दे की सुपरहिट कॅामेडियन भारती सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई है।उन्हें अस्पताल में एडमिट किया गया है।
नच बलिए 8 भारती सिंह के लिए लकी नहीं रहा है। इस शो में पहले उनके मंगेतर हर्ष को पैर में चोट लग गई। अब भारती की तबीयत काफी खराब हो गई। पिछले कुछ समय से भारती को पेट दर्द की शिकायत थी।
जो कि 21 जून की रात को अचानक बढ़ गई। उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पलात में एडमिट किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार भारती के पूरे चेकअप के बाद उन्हें गॅाल ब्लैडन स्टोन डाइग्रोज हुआ है।
इसे रिमूव करने के लिए कहा गया है।जल्द ही भारती की लिवर सर्जरी की जाएगी।फिलहाल वह डॅाक्टर की निगरानी में हैं। आपको बता दें कि भारती अस्पताल में एडमिट होने के राजी नहीं थी। वह नच बलिए 8 का फिनाले अटेंड करना चाहती थी।
SHOCK..कृष्णा..सुनील ग्रोवर के शो से पहले..कपिल की बिगड़ी हालत...चौंक जायेंगे..
लेकिन तेज दर्द के चलते उन्हें अचानक अस्पताल में एडमिट होना पड़ा। वैसे यह पहली बार नहीं है जब भारती की तबीयत इस कदर खराब हुई हो। उन्हें इससे पहले चेस्ट पेन के चलते अस्पताल जाना पड़ा था।बहरहाल,अब उनकी हालत में सुधार है।
भारती जल्द ही अस्पताल से डिस्चार्ज होंगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटे पर्दे के ऐसे कई स्टार हैं जिनकी अचानक हुई मौत ने सभी को सदमे में डाल दिया था।
| Don't Miss! छोटे पर्दे की सुपरहिट कॅामेडियन भारती सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई है।उन्हें अस्पताल में एडमिट किया गया है। नच बलिए आठ भारती सिंह के लिए लकी नहीं रहा है। इस शो में पहले उनके मंगेतर हर्ष को पैर में चोट लग गई। अब भारती की तबीयत काफी खराब हो गई। पिछले कुछ समय से भारती को पेट दर्द की शिकायत थी। जो कि इक्कीस जून की रात को अचानक बढ़ गई। उन्हें मुंबई के कोकिलाबेन अस्पलात में एडमिट किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार भारती के पूरे चेकअप के बाद उन्हें गॅाल ब्लैडन स्टोन डाइग्रोज हुआ है। इसे रिमूव करने के लिए कहा गया है।जल्द ही भारती की लिवर सर्जरी की जाएगी।फिलहाल वह डॅाक्टर की निगरानी में हैं। आपको बता दें कि भारती अस्पताल में एडमिट होने के राजी नहीं थी। वह नच बलिए आठ का फिनाले अटेंड करना चाहती थी। SHOCK..कृष्णा..सुनील ग्रोवर के शो से पहले..कपिल की बिगड़ी हालत...चौंक जायेंगे.. लेकिन तेज दर्द के चलते उन्हें अचानक अस्पताल में एडमिट होना पड़ा। वैसे यह पहली बार नहीं है जब भारती की तबीयत इस कदर खराब हुई हो। उन्हें इससे पहले चेस्ट पेन के चलते अस्पताल जाना पड़ा था।बहरहाल,अब उनकी हालत में सुधार है। भारती जल्द ही अस्पताल से डिस्चार्ज होंगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि छोटे पर्दे के ऐसे कई स्टार हैं जिनकी अचानक हुई मौत ने सभी को सदमे में डाल दिया था। |
Range Rover Defender: भारत में जब बात एसयूवी की होती है तो वहां सबसे पहले महिंद्रा थार (Mahindra Thar) का नाम आता है। लेकिन इस सेगमेंट की सबसे मजबूत कार डिफेंडर (Range Rover Defender) को माना जाता है। हाल ही में इसके नए वर्जन को भारत में लॉन्च किया गया है। डिफेंडर के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन अन्य सभी एसयूवी से काफी ज्यादा जबरदस्त है। आज इस आर्टिकल में हम इस टैंक जैसी एसयूवी की पूरी डिटेल देंगे।
इसमें आपको कई इंजन विकल्प मिलते हैं। इसके बेस मॉडल 90 में 295 बीएचपी का पावर और 550 न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है। यह काफी ज्यादा पॉवर है। इसके अलावा यह ऑल व्हील ड्राइव ऑप्शन के साथ आती है, जिसमें आपको 8 स्पीड ऑटोमेटिक गियर बॉक्स का विकल्प मिलता है। इस कार के तीन वेरिएंट्स बाजार में उपलब्ध है जो 5,6,7 सीटिंग कैपेसिटी विकल्प के साथ आते है।
आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसके अलग-अलग मॉडल की खरीदारी कर सकते हैं। बात करें इसके माइलेज की एसयूवी होने के चलते यह काफी कम है। लेकिन फिर भी इसमें आपको 14 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज मिल जाता है। इसमें डीजल और पेट्रोल दोनों ही इंजन का विकल्प मिलता है। भारत में रेंज रोवर डिफेंडर (Range Rover Defender) की कीमत ₹80 लाख से शुरू होकर करोड़ों तक जाती है। यह अपने आप में एक मजबूत घर के बराबर है। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) ने भी इसे अपनी गैराज का हिस्सा बनाया है।
बात कर इसकी फीचर्स की इसमें आधुनिक जमाने के सभी फीचर मौजूद हैं। इसमें क्रूज कंट्रोल, वेंटिलेटेड सीट्स, फ्रंट और रियर एसी वेंट, सीट मसाज, बड़ा इन्फोटेनमेंट सिस्टम, टू स्पोक स्टीयरिंग व्हील के साथ मजबूत वाईफाई और चार्जिंग सिस्टम दिया गया है। यह कार कितनी ऊंची है की इस पर बैठने के लिए आपको पेडेस्टल का सहारा लेना होगा। हमर (Hummer SUV) के बाद डिफेंडर को सबसे मजबूत ऑफ रोडिंग एसयूवी के तौर पर देखा जाता है। यही कारण है की रेंज रोवर आज भी इसे काफी तादाद में बनाकर बेच रही है।
| Range Rover Defender: भारत में जब बात एसयूवी की होती है तो वहां सबसे पहले महिंद्रा थार का नाम आता है। लेकिन इस सेगमेंट की सबसे मजबूत कार डिफेंडर को माना जाता है। हाल ही में इसके नए वर्जन को भारत में लॉन्च किया गया है। डिफेंडर के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन अन्य सभी एसयूवी से काफी ज्यादा जबरदस्त है। आज इस आर्टिकल में हम इस टैंक जैसी एसयूवी की पूरी डिटेल देंगे। इसमें आपको कई इंजन विकल्प मिलते हैं। इसके बेस मॉडल नब्बे में दो सौ पचानवे बीएचपी का पावर और पाँच सौ पचास न्यूटन मीटर का टॉर्क मिलता है। यह काफी ज्यादा पॉवर है। इसके अलावा यह ऑल व्हील ड्राइव ऑप्शन के साथ आती है, जिसमें आपको आठ स्पीड ऑटोमेटिक गियर बॉक्स का विकल्प मिलता है। इस कार के तीन वेरिएंट्स बाजार में उपलब्ध है जो पाँच,छः,सात सीटिंग कैपेसिटी विकल्प के साथ आते है। आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसके अलग-अलग मॉडल की खरीदारी कर सकते हैं। बात करें इसके माइलेज की एसयूवी होने के चलते यह काफी कम है। लेकिन फिर भी इसमें आपको चौदह किलोग्राममीटर प्रति लीटर का माइलेज मिल जाता है। इसमें डीजल और पेट्रोल दोनों ही इंजन का विकल्प मिलता है। भारत में रेंज रोवर डिफेंडर की कीमत अस्सी रुपया लाख से शुरू होकर करोड़ों तक जाती है। यह अपने आप में एक मजबूत घर के बराबर है। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने भी इसे अपनी गैराज का हिस्सा बनाया है। बात कर इसकी फीचर्स की इसमें आधुनिक जमाने के सभी फीचर मौजूद हैं। इसमें क्रूज कंट्रोल, वेंटिलेटेड सीट्स, फ्रंट और रियर एसी वेंट, सीट मसाज, बड़ा इन्फोटेनमेंट सिस्टम, टू स्पोक स्टीयरिंग व्हील के साथ मजबूत वाईफाई और चार्जिंग सिस्टम दिया गया है। यह कार कितनी ऊंची है की इस पर बैठने के लिए आपको पेडेस्टल का सहारा लेना होगा। हमर के बाद डिफेंडर को सबसे मजबूत ऑफ रोडिंग एसयूवी के तौर पर देखा जाता है। यही कारण है की रेंज रोवर आज भी इसे काफी तादाद में बनाकर बेच रही है। |
केरल के तिरुवनंतपुरम में सोमवार को दो ट्रांस प्रेमी जोड़े वैलेंटाइन डे पर अपने प्यार का जश्न मनाते हुए शादी के बंधन में बंध गए। श्यामा एस प्रभा और मनु कार्तिक की शादी की खुशियों में उनके परिवारजनों और दोस्तों ने मिलकर चार-चांद लगाया।
तिरुवनंतपुरम, एएनआइ। सच में, अगर प्यार सच्चा हो तो वह अपनी मंजिल तक पहुंच ही जाता है। प्यार की हजारों मिसालें दी जाती हैं, जहां लोग जाति-धर्म से ऊपर उठकर अपने प्यार को चुनते हैं। लेकिन केरल के तिरुवनंतपुरम में प्यार का एक अलग और खूबसूरत चेहरा देखने को मिला, जहां सोमवार को दो ट्रांस प्रेमी जोड़े वैलेंटाइन डे पर अपने प्यार का जश्न मनाते हुए शादी के बंधन में बंध गए। वहीं श्यामा एस प्रभा और मनु कार्तिक की शादी की खुशियों में उनके परिवारजनों और दोस्तों ने मिलकर चार-चांद लगा दिया।
श्यामा एस प्रभा और मनु कार्तिक ने 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे के दिन अपने प्यार का जश्न मनाते हुए एक दूसरे से शादी कर ली। बता दें कि त्रिशूर का रहने वाला दूल्हा मनु कार्तिक टेक्नो पार्क में एक आईटी फर्म में काम करता है और तिरुवनंतपुरम की मूल निवासी श्यामा प्रभा केरल सामाजिक न्याय विभाग के तहत ट्रांसजेंडर सेल में कार्यरत है। दोनों ने एक दूसरे के प्रति प्यार को स्वीकारने के बाद, इस ट्रांसजेंडर शादी को अपने परिवारजनों और दोस्तों के संग पूरे रीति-रिवाजों और धूमधाम से मनाया।
विवाह स्थल को खूबसूरती से सजाया गया था, जहां फूलों की महक और जगमग करती रोशनी उनके प्यार की खूबसूरती बढ़ा रही थी। शादी में रिश्तेदारों ने भी खूब धूम मचाई नाच गाने के साथ यह विवाह संपन्न हुआ, जिसके बाद नव जोड़े ने सभी बड़ों का आशीर्वाद लिया।
आपको बता दें कि रीति रिवाज से हुई शादी के बाद, श्यामा और मनु दोनों ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत अपनी शादी को आन पेपर भी कराएंगे, जिसके लिए उन्होंने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के बीच पंजीकृत कराने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की योजना बनाई है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआइ से बातचीत करते हुए बताया कि 'हम केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए सिर्फ कागज काम खत्म कर रहे हैं, इसके बाद, हम सभी कानूनी दस्तावेजों के साथ उच्च न्यायालय जाएंगे। '
रीति-रिवाजों से पूरे हुए विवाह पर ट्रांस जोड़े काफी खुश नजर आए। संतुष्टि के साथ उन्होंने सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। मनु ने कहा, 'हम बहुत खुश हैं कि हमारा परिवार और दोस्त यहां हमारे साथ हैं। यह हमारे लिए सबसे कीमती क्षण है क्योंकि हमने इस दिन का इतना इंतजार किया। '
| केरल के तिरुवनंतपुरम में सोमवार को दो ट्रांस प्रेमी जोड़े वैलेंटाइन डे पर अपने प्यार का जश्न मनाते हुए शादी के बंधन में बंध गए। श्यामा एस प्रभा और मनु कार्तिक की शादी की खुशियों में उनके परिवारजनों और दोस्तों ने मिलकर चार-चांद लगाया। तिरुवनंतपुरम, एएनआइ। सच में, अगर प्यार सच्चा हो तो वह अपनी मंजिल तक पहुंच ही जाता है। प्यार की हजारों मिसालें दी जाती हैं, जहां लोग जाति-धर्म से ऊपर उठकर अपने प्यार को चुनते हैं। लेकिन केरल के तिरुवनंतपुरम में प्यार का एक अलग और खूबसूरत चेहरा देखने को मिला, जहां सोमवार को दो ट्रांस प्रेमी जोड़े वैलेंटाइन डे पर अपने प्यार का जश्न मनाते हुए शादी के बंधन में बंध गए। वहीं श्यामा एस प्रभा और मनु कार्तिक की शादी की खुशियों में उनके परिवारजनों और दोस्तों ने मिलकर चार-चांद लगा दिया। श्यामा एस प्रभा और मनु कार्तिक ने चौदह फरवरी, वैलेंटाइन डे के दिन अपने प्यार का जश्न मनाते हुए एक दूसरे से शादी कर ली। बता दें कि त्रिशूर का रहने वाला दूल्हा मनु कार्तिक टेक्नो पार्क में एक आईटी फर्म में काम करता है और तिरुवनंतपुरम की मूल निवासी श्यामा प्रभा केरल सामाजिक न्याय विभाग के तहत ट्रांसजेंडर सेल में कार्यरत है। दोनों ने एक दूसरे के प्रति प्यार को स्वीकारने के बाद, इस ट्रांसजेंडर शादी को अपने परिवारजनों और दोस्तों के संग पूरे रीति-रिवाजों और धूमधाम से मनाया। विवाह स्थल को खूबसूरती से सजाया गया था, जहां फूलों की महक और जगमग करती रोशनी उनके प्यार की खूबसूरती बढ़ा रही थी। शादी में रिश्तेदारों ने भी खूब धूम मचाई नाच गाने के साथ यह विवाह संपन्न हुआ, जिसके बाद नव जोड़े ने सभी बड़ों का आशीर्वाद लिया। आपको बता दें कि रीति रिवाज से हुई शादी के बाद, श्यामा और मनु दोनों ट्रांसजेंडर व्यक्तियों अधिनियम, दो हज़ार उन्नीस के तहत अपनी शादी को आन पेपर भी कराएंगे, जिसके लिए उन्होंने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के बीच पंजीकृत कराने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की योजना बनाई है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआइ से बातचीत करते हुए बताया कि 'हम केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए सिर्फ कागज काम खत्म कर रहे हैं, इसके बाद, हम सभी कानूनी दस्तावेजों के साथ उच्च न्यायालय जाएंगे। ' रीति-रिवाजों से पूरे हुए विवाह पर ट्रांस जोड़े काफी खुश नजर आए। संतुष्टि के साथ उन्होंने सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। मनु ने कहा, 'हम बहुत खुश हैं कि हमारा परिवार और दोस्त यहां हमारे साथ हैं। यह हमारे लिए सबसे कीमती क्षण है क्योंकि हमने इस दिन का इतना इंतजार किया। ' |
नई दिल्ली। भारत के अनुभवी टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना कंधे की चोट के कारण चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ 29-30 नवंबर को होने वाले डेविस कप मुकाबले से हट गए हैं।
39 वर्षीय बोपन्ना की दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस के साथ पुरूष युगल में खेलने की उम्मीद थी। टीम के कोच जीशान अली ने कहा कि बोपन्ना को कंधे में चोट लगी है जिसके कारण उन्हें टूर्नामेंट से हटना पड़ा रहा है जाे टीम के लिए बड़ा झटका है। सोमवार को एमआरआई स्कैन हुआ था जिसमें बोपन्ना की चोट की पुष्टि हुई है।
अली ने कहा कि यह हमारे लिए वाकई एक बड़ा झटका है। बोपन्ना की कमी खलेगी, वह टीम के शीर्ष खिलाड़ी हैंं और उनके पास काफी अनुभव हैं लेकिन हमारे पास इसका बैकअप मौजूद है और इसलिए हमने टीम में तीन युगल खिलाड़ी शामिल किए थे।
उन्होंने कहा कि अगर आप टीम को देखें तो हमारे पास ऐसे एकल खिलाड़ी हैं जो युगल मैच भी खेल सकते हैं। रामकुमार रामानाथन ने कल पुणे में केपीआईटी एमएसएलटीए चैंलेंजर जीता था। लेकिन हां हमें बोपन्ना की कमी खलेगी। हालांकि हमारे पास बैकअप उपलब्ध है। बाएं हाथ के नेदुचेझियान को आठ सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है।
बोपन्ना ने हाल ही में टीम के गैर खिलाड़ी कप्तान पद से पूर्व खिलाड़ी महेश भूपति को हटाये जाने के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अखिल भारतीय टेनिस महासंघ की निंदा की थी। वहीं बोपन्ना का पेस के साथ विवाद भी किसी से छिपा नहीं है जिनके साथ वह कई मौकों पर जोड़ी बनाने से इंकार कर चुके हैं।
| नई दिल्ली। भारत के अनुभवी टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना कंधे की चोट के कारण चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ उनतीस-तीस नवंबर को होने वाले डेविस कप मुकाबले से हट गए हैं। उनतालीस वर्षीय बोपन्ना की दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस के साथ पुरूष युगल में खेलने की उम्मीद थी। टीम के कोच जीशान अली ने कहा कि बोपन्ना को कंधे में चोट लगी है जिसके कारण उन्हें टूर्नामेंट से हटना पड़ा रहा है जाे टीम के लिए बड़ा झटका है। सोमवार को एमआरआई स्कैन हुआ था जिसमें बोपन्ना की चोट की पुष्टि हुई है। अली ने कहा कि यह हमारे लिए वाकई एक बड़ा झटका है। बोपन्ना की कमी खलेगी, वह टीम के शीर्ष खिलाड़ी हैंं और उनके पास काफी अनुभव हैं लेकिन हमारे पास इसका बैकअप मौजूद है और इसलिए हमने टीम में तीन युगल खिलाड़ी शामिल किए थे। उन्होंने कहा कि अगर आप टीम को देखें तो हमारे पास ऐसे एकल खिलाड़ी हैं जो युगल मैच भी खेल सकते हैं। रामकुमार रामानाथन ने कल पुणे में केपीआईटी एमएसएलटीए चैंलेंजर जीता था। लेकिन हां हमें बोपन्ना की कमी खलेगी। हालांकि हमारे पास बैकअप उपलब्ध है। बाएं हाथ के नेदुचेझियान को आठ सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। बोपन्ना ने हाल ही में टीम के गैर खिलाड़ी कप्तान पद से पूर्व खिलाड़ी महेश भूपति को हटाये जाने के खिलाफ सार्वजनिक रूप से अखिल भारतीय टेनिस महासंघ की निंदा की थी। वहीं बोपन्ना का पेस के साथ विवाद भी किसी से छिपा नहीं है जिनके साथ वह कई मौकों पर जोड़ी बनाने से इंकार कर चुके हैं। |
यदि हम दिन की शुरूआत सही ढंग से करें तो हमें जीवन में कामयाबी मिल ही जाती है। और व्यक्ति को कठिनाईयां नहीं होती हैं। दिन की शुरूआत में जो सामग्री जीव अथवा किसी व्यक्ति को हम देख लेते हैं तो हमारा दिन उसी के अनुकूल हो जाता है। गरूण पुराण में साफ-साफ बताया गया है कि व्यक्ति पर गरीबी तभी आती है जब उसकी सुबह की शुरूआत गलत हो। ऐसे में गरूण पुराण में एक और बात बताई गई है कि जो व्यक्ति सुबह के समय खासतौर से इन चीजों को देख लेता है तो उसका गरीब होना निश्चित रूप से हो जाता है।
यदि हम दिन की शुरूआत सही ढंग से करें तो हमें जीवन में कामयाबी मिल ही जाती है। और व्यक्ति को कठिनाईयां नहीं होती हैं। दिन की शुरूआत में जो सामग्री जीव अथवा किसी व्यक्ति को हम देख लेते हैं तो हमारा दिन उसी के अनुकूल हो जाता है। गरूण पुराण में साफ-साफ बताया गया है कि व्यक्ति पर गरीबी तभी आती है जब उसकी सुबह की शुरूआत गलत हो। ऐसे में गरूण पुराण में एक और बात बताई गई है कि जो व्यक्ति सुबह के समय खासतौर से इन चीजों को देख लेता है तो उसका गरीब होना निश्चित रूप से हो जाता है। आप करोड़पति से सीधे रोड़पति कभी ना कभी हो ही जाते हैं। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ गिर जाता है। इसलिए खासतौर से एक औरत के लिए इस तरह की कुछ चीज सुबह के समय कभी ना देखनी चाहिए। उन्हें ऐसी चीजें देखने से घोर पाप लगता है। और उसके परिवार और पति को बर्बादी का सामना करना पड़ता है। तो आइए आप भी जानें ऐसी चीजों के बारे में जरूरी बातें।
गरूण पुराण के अनुसार चरित्रहीन औरत और ऐसे मर्द के दर्शन करना आपके नरक के दरवाजे खोलता है। जो व्यक्ति खासकर सुब-सुबह अपनी आंखों के सामने इन व्यक्तियों को पाता है। तो उसे निश्चित तौर पर अपनी बर्बादी का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों के दर्शन करना भी पाप के समान है। इसलिए आप कितना ही कुछ कर लें आपको नरक भोगना ही पड़ता है। इसलिए हो सके तो खासतौर से सुबह के समय चरित्रहीन व्यक्ति के दर्शन कभी ना करें। सबसे पहले आप ईश्वर के दर्शन करें, उसके बाद आप किसी को भी देख सकते हैं।
अगर आप सुबह की शुरूआत टीवी खोलकर करते हैं तो इससे आपका दैनिक जीवन खराब हो सकता है। दरसअल टीवी में आपका प्रतिबिंब ठीक वेसे ही दिखाई देता है जैसे कि आइने में दिखाई देता है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को सुबह के समय ना तो आइना देखना चाहिए और ना ही टेलीविजन देखना चाहिए। इससे आपके ऊपर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है।
एकदम से सुबह-सुबह उठने के बाद उलटे जूते-चप्पलों को नहीं देखना चाहिए। इससे आपके ऊपर दोष लग सकते हैं। आपकी दिनचर्या खराब हो सकती है। और आपकी किसी से दुश्मनी भी हो सकती है। अथवा लड़ाई-झगड़े भी हो सकते हैं।
सुबह के समय तेल लगे झूठे बर्तनों को देखना भी आपका पूरा दिन कर सकता है। इन चीजों को सुबह के समय बार-बार देखने पर राहु-केतु का सामना करना पड़ता है। और ऐसी स्थिति में व्यक्ति कंगाल हो जाता है। और ऐसे व्यक्ति से शनिदेव भी रूठ जाते हैं। हमेशा झूठे बर्तनों को रात में ही धो देना चाहिए।
चाहे कुछ भी हो जाये परन्तु आप सुबह-सुबह लड़ाई-झगड़े, चाकू-छुरी, भयानक जानवरों की तस्वीर कभी ना देखें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। और व्यक्ति धीरे-धीरे कंगाल हो जाता है। ऐसे व्यक्ति के साथ किसी ना किसी तरह की दुर्घटनाएं हो जाती हैं।
जब आप सुबह के समय उठें तो किसी भी व्यक्ति को उधार पैसा ना दें। सुबह के समय उधार पैसा देने पर माता लक्ष्मी उन्हीं पैसों के साथ आपके घर से उसके घर चली जाती हैं जिसे आपने पैसे दिये हैं। और आप कंगाल हो सकते हैं। सुबह के समय कभी किसी को उधार पैसा नहीं देना चाहिए। नहीं तो आपको माता लक्ष्मी का विकराल रूप देखना पड़ सकता है। दरसअल जहां पर आप धन रखते हैं वहां पर सुबह के समय माता लक्ष्मी विश्राम करतीं हैं। और ऐसे में आप सुबह के समय किसी व्यक्ति को उधार पैसा देते हैं, तो आपको निर्धनता का सामना करना पड़ता है।
| यदि हम दिन की शुरूआत सही ढंग से करें तो हमें जीवन में कामयाबी मिल ही जाती है। और व्यक्ति को कठिनाईयां नहीं होती हैं। दिन की शुरूआत में जो सामग्री जीव अथवा किसी व्यक्ति को हम देख लेते हैं तो हमारा दिन उसी के अनुकूल हो जाता है। गरूण पुराण में साफ-साफ बताया गया है कि व्यक्ति पर गरीबी तभी आती है जब उसकी सुबह की शुरूआत गलत हो। ऐसे में गरूण पुराण में एक और बात बताई गई है कि जो व्यक्ति सुबह के समय खासतौर से इन चीजों को देख लेता है तो उसका गरीब होना निश्चित रूप से हो जाता है। यदि हम दिन की शुरूआत सही ढंग से करें तो हमें जीवन में कामयाबी मिल ही जाती है। और व्यक्ति को कठिनाईयां नहीं होती हैं। दिन की शुरूआत में जो सामग्री जीव अथवा किसी व्यक्ति को हम देख लेते हैं तो हमारा दिन उसी के अनुकूल हो जाता है। गरूण पुराण में साफ-साफ बताया गया है कि व्यक्ति पर गरीबी तभी आती है जब उसकी सुबह की शुरूआत गलत हो। ऐसे में गरूण पुराण में एक और बात बताई गई है कि जो व्यक्ति सुबह के समय खासतौर से इन चीजों को देख लेता है तो उसका गरीब होना निश्चित रूप से हो जाता है। आप करोड़पति से सीधे रोड़पति कभी ना कभी हो ही जाते हैं। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ गिर जाता है। इसलिए खासतौर से एक औरत के लिए इस तरह की कुछ चीज सुबह के समय कभी ना देखनी चाहिए। उन्हें ऐसी चीजें देखने से घोर पाप लगता है। और उसके परिवार और पति को बर्बादी का सामना करना पड़ता है। तो आइए आप भी जानें ऐसी चीजों के बारे में जरूरी बातें। गरूण पुराण के अनुसार चरित्रहीन औरत और ऐसे मर्द के दर्शन करना आपके नरक के दरवाजे खोलता है। जो व्यक्ति खासकर सुब-सुबह अपनी आंखों के सामने इन व्यक्तियों को पाता है। तो उसे निश्चित तौर पर अपनी बर्बादी का सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों के दर्शन करना भी पाप के समान है। इसलिए आप कितना ही कुछ कर लें आपको नरक भोगना ही पड़ता है। इसलिए हो सके तो खासतौर से सुबह के समय चरित्रहीन व्यक्ति के दर्शन कभी ना करें। सबसे पहले आप ईश्वर के दर्शन करें, उसके बाद आप किसी को भी देख सकते हैं। अगर आप सुबह की शुरूआत टीवी खोलकर करते हैं तो इससे आपका दैनिक जीवन खराब हो सकता है। दरसअल टीवी में आपका प्रतिबिंब ठीक वेसे ही दिखाई देता है जैसे कि आइने में दिखाई देता है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को सुबह के समय ना तो आइना देखना चाहिए और ना ही टेलीविजन देखना चाहिए। इससे आपके ऊपर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। एकदम से सुबह-सुबह उठने के बाद उलटे जूते-चप्पलों को नहीं देखना चाहिए। इससे आपके ऊपर दोष लग सकते हैं। आपकी दिनचर्या खराब हो सकती है। और आपकी किसी से दुश्मनी भी हो सकती है। अथवा लड़ाई-झगड़े भी हो सकते हैं। सुबह के समय तेल लगे झूठे बर्तनों को देखना भी आपका पूरा दिन कर सकता है। इन चीजों को सुबह के समय बार-बार देखने पर राहु-केतु का सामना करना पड़ता है। और ऐसी स्थिति में व्यक्ति कंगाल हो जाता है। और ऐसे व्यक्ति से शनिदेव भी रूठ जाते हैं। हमेशा झूठे बर्तनों को रात में ही धो देना चाहिए। चाहे कुछ भी हो जाये परन्तु आप सुबह-सुबह लड़ाई-झगड़े, चाकू-छुरी, भयानक जानवरों की तस्वीर कभी ना देखें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। और व्यक्ति धीरे-धीरे कंगाल हो जाता है। ऐसे व्यक्ति के साथ किसी ना किसी तरह की दुर्घटनाएं हो जाती हैं। जब आप सुबह के समय उठें तो किसी भी व्यक्ति को उधार पैसा ना दें। सुबह के समय उधार पैसा देने पर माता लक्ष्मी उन्हीं पैसों के साथ आपके घर से उसके घर चली जाती हैं जिसे आपने पैसे दिये हैं। और आप कंगाल हो सकते हैं। सुबह के समय कभी किसी को उधार पैसा नहीं देना चाहिए। नहीं तो आपको माता लक्ष्मी का विकराल रूप देखना पड़ सकता है। दरसअल जहां पर आप धन रखते हैं वहां पर सुबह के समय माता लक्ष्मी विश्राम करतीं हैं। और ऐसे में आप सुबह के समय किसी व्यक्ति को उधार पैसा देते हैं, तो आपको निर्धनता का सामना करना पड़ता है। |
इराक़ी प्रधान मंत्री ने देश में मध्यावधि चुनाव की तारीख़ का एलान किया है।
अमरीका के राष्ट्रपति ने चीनी एप्लीकेशन "टिकटाॅक" पर अपने देश में प्रतिबंध लगा दिया है।
कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए चेहरे पर मास्क लगाने और अन्य उपायों के ख़िलाफ़, बर्लिन और लंदन में व्यापक प्रदर्शन हुए हैं।
यमनी सेना के प्रवक्ता ने बताया है कि सऊदी अरब की सीमा के क़रीब अमरीका के एक जासूसी ड्रोन को मार गिराया गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रवक्ता ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में कोरोना के ढाई हज़ार से ज़्याद नए मामले सामने आए हैं।
हालिया वर्षों में अफ़ग़ानिस्तान में शिया मुसलमानों और सिखों का बड़े पैमाने पर नरसंहार करने वाला तथा दाइश का सबसे ख़ूंख़ार चेहरा अफ़ग़ान सैनिकों के साथ मुठभेड़ में मारा गया।
अलजज़ीरा सेन्टर फॉर स्टडीज़ ने लेक़ा मक्की का एक लेख छापा है जिसमें सऊदी अरब, इराक़ और ईरान के संबंधों और इराक़ी प्रधानमंत्री अलकाज़मी की यात्रा का जायज़ा लिया गया है।
इस्राईली सैनिकों ने पश्चिमी तट के विभिन्न क्षेत्रों पर हमला करके कई फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार कर लिया।
ईरान के गुप्तचर मंत्री ने आतंकवादी संगठन तुंदर के सरगना की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि अमरीका और इस्राईल आतंकवादियों की उस समय तक मदद करते हैं जब तक वह उनके लिए काम के होते हैं।
| इराक़ी प्रधान मंत्री ने देश में मध्यावधि चुनाव की तारीख़ का एलान किया है। अमरीका के राष्ट्रपति ने चीनी एप्लीकेशन "टिकटाॅक" पर अपने देश में प्रतिबंध लगा दिया है। कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए चेहरे पर मास्क लगाने और अन्य उपायों के ख़िलाफ़, बर्लिन और लंदन में व्यापक प्रदर्शन हुए हैं। यमनी सेना के प्रवक्ता ने बताया है कि सऊदी अरब की सीमा के क़रीब अमरीका के एक जासूसी ड्रोन को मार गिराया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रवक्ता ने बताया है कि पिछले चौबीस घंटाटों में कोरोना के ढाई हज़ार से ज़्याद नए मामले सामने आए हैं। हालिया वर्षों में अफ़ग़ानिस्तान में शिया मुसलमानों और सिखों का बड़े पैमाने पर नरसंहार करने वाला तथा दाइश का सबसे ख़ूंख़ार चेहरा अफ़ग़ान सैनिकों के साथ मुठभेड़ में मारा गया। अलजज़ीरा सेन्टर फॉर स्टडीज़ ने लेक़ा मक्की का एक लेख छापा है जिसमें सऊदी अरब, इराक़ और ईरान के संबंधों और इराक़ी प्रधानमंत्री अलकाज़मी की यात्रा का जायज़ा लिया गया है। इस्राईली सैनिकों ने पश्चिमी तट के विभिन्न क्षेत्रों पर हमला करके कई फिलिस्तीनियों को गिरफ्तार कर लिया। ईरान के गुप्तचर मंत्री ने आतंकवादी संगठन तुंदर के सरगना की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कहा कि अमरीका और इस्राईल आतंकवादियों की उस समय तक मदद करते हैं जब तक वह उनके लिए काम के होते हैं। |
अक्सर देखने में आता है कि अकादमिक शिक्षा में उम्दा प्रदर्शन करने वाले जिंदगी की आपाधापी में पीछे छूट जाते हैं. कक्षा के मेधावी असल व्यवहार में खुद को उलझा हुआ पाते हैं. इसलिए आधुनिक दौर में आईक्यू से ज्यादा ईक्यू यानि इमोशनल कोशंट को महत्व दिया जाता है.
इमोशनल कोशंट यानि भावनात्मक बुद्धिमत्ता हमें लोगों से बातचीत, संतुलन और सामंजस्य के साथ समस्या का हल करना सिखाती है. दुनिया में जितने भी महान लोग हुए हैं उनमें भावनात्मक बुद्धिमत्ता का विशेष प्रभाव रहा है. भारत में हुए अधिकांश संत ऋषिगण और जिम्मेदार लोग इमोशनल कोशंट के धनी रहे.
पुरानी कहावत भी है कि "जिसे बोलना आता है उसे सब आता है. " इसका आशय इमोशनल कोशंट से है. प्रत्येक बात को बेहतर ढंग से केवल ईक्यू वाला व्यक्ति ही रख सकता है. शासकीय सेवा के महत्वपूर्ण पदों के साक्षात्कार में इसी गुण को प्रतिभागी में सर्वाधिक जांचा जाता है.
सफलता डेली लाइफ के संघर्ष से आती है. इसमें इमोशनल कोशंट का धनी ही आगे बढ़ सकता है. यही कारण है कि नेता की योग्यता उसकी मात्र बुद्धिमत्ता ही नहीं होती है. वह एक लीडर या कप्तान होकर सभी साथियों को कैसे आगे ले जा पाता है. जिम्मेदारियों और समस्याओं के हल कैस लाता है, इस पर उसकी सफलता सर्वाधिक निर्भर करती है. भारत और विश्व में ऐसे लोगों के कई उदाहरण हैं.
| अक्सर देखने में आता है कि अकादमिक शिक्षा में उम्दा प्रदर्शन करने वाले जिंदगी की आपाधापी में पीछे छूट जाते हैं. कक्षा के मेधावी असल व्यवहार में खुद को उलझा हुआ पाते हैं. इसलिए आधुनिक दौर में आईक्यू से ज्यादा ईक्यू यानि इमोशनल कोशंट को महत्व दिया जाता है. इमोशनल कोशंट यानि भावनात्मक बुद्धिमत्ता हमें लोगों से बातचीत, संतुलन और सामंजस्य के साथ समस्या का हल करना सिखाती है. दुनिया में जितने भी महान लोग हुए हैं उनमें भावनात्मक बुद्धिमत्ता का विशेष प्रभाव रहा है. भारत में हुए अधिकांश संत ऋषिगण और जिम्मेदार लोग इमोशनल कोशंट के धनी रहे. पुरानी कहावत भी है कि "जिसे बोलना आता है उसे सब आता है. " इसका आशय इमोशनल कोशंट से है. प्रत्येक बात को बेहतर ढंग से केवल ईक्यू वाला व्यक्ति ही रख सकता है. शासकीय सेवा के महत्वपूर्ण पदों के साक्षात्कार में इसी गुण को प्रतिभागी में सर्वाधिक जांचा जाता है. सफलता डेली लाइफ के संघर्ष से आती है. इसमें इमोशनल कोशंट का धनी ही आगे बढ़ सकता है. यही कारण है कि नेता की योग्यता उसकी मात्र बुद्धिमत्ता ही नहीं होती है. वह एक लीडर या कप्तान होकर सभी साथियों को कैसे आगे ले जा पाता है. जिम्मेदारियों और समस्याओं के हल कैस लाता है, इस पर उसकी सफलता सर्वाधिक निर्भर करती है. भारत और विश्व में ऐसे लोगों के कई उदाहरण हैं. |
गुरुग्रामः युवा एकता फाउंडेशन के अध्यक्ष बॉबी कटारिया ने गुरुग्राम सेक्टर 10A चौकी के SHO संदीप और सेक्टर 9 चौकी के SHO घनश्याम को जमकर उल्टा-सीधा बोला. बॉबी कटारिया ने कहा कि आज इन लोगों ने बिना FIR और किसी आरोप के मुझे पकड़ने के कोशिश की और मुझे करंट लगाकर जबरजस्ती गिरफ्तार करना चाहा, इस दौरान मुझे हार्ट अटैक आते आते बचा, आज ये लोग मेरे साथ कुछ गलत करना चाहते थे, इन्होने मेरे पेट में स्टेटगन लगाई, मैं वहां से जान बचाकर किसी तरह भागा तो मेरे पीछे इनके 40 पुलिस वाले स्टेटगन लेकर दौड़ पड़े लेकिन इनके 40 पुलिस वाले भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाए.
बॉबी कटारिया ने सेक्टर 10A चौकी के SHO को जमकर गालियाँ दी, उन्होंने कहा कि तेरी पुलिस चौकी में पुलिसवाले कम पड़ गए थे क्या जो तूने सेक्टर 9 चौकी से भी SHO घनश्याम और पुलिस वालों को बुला लिया, तुझे शर्म आनी चाहिए कि अकेले बॉबी के लिए तेरे थाने में पुलिस नहीं है, तुझे शर्म से डूब मरना चाहिए.
बॉबी कटारिया ने SHO घनश्याम को धमकाते हुए कहा कि तू मेरी आँखों में खटक गया है, तुझसे अपराधियों को तो पकड़ा नहीं जाता लेकिन तू बॉबी कटारिया के ऊपर अपनी पॉवर दिखाता है, तुझे पता नहीं है कि मेरे साथ युवा एकता है, मेरे साथ पब्लिक है, अगर तेरे अन्दर हिम्मत है तो बिना वर्दी के मेरे पास आकर देख ले. तुझे पता चल जाएगा कि बॉबी क्या चीज है. अब मैं फुटेज निकालकर कमिश्नर को दिखाऊंगा और तुझसे सवाल पूछूँगा.
बॉबी कटारिया ने कहा कि अब मैंने पुलिस वालों की पोल खोलनी शुरू कर दी है तो, तुम लोग भीख मांगते हो तो हमारे युवा भाई तुम्हारे मुंह पर फेंक फेंक कर मारते हैं. उन्होंने घनश्याम तूने आज मेरे पेट में स्टेटगन बिना आरोप के ही लगा दी थी, आज तूने मुझसे पंगा लेकर बहुत बुरा किया है. उन्होंने घनश्याम को BSDK भी बोला और कहा कि मुझे गाडी के अन्दर बैठाने के लिए 4 पुलिसवालों ने पकड़ रखा था लेकिन मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाए. तुम इतनी भूखे नंगे हो गए हो कि अकेले बॉबी के लिए तुम्हारे पास पुलिस नहीं है. वीडियो देखें.
| गुरुग्रामः युवा एकता फाउंडेशन के अध्यक्ष बॉबी कटारिया ने गुरुग्राम सेक्टर दस एम्पीयर चौकी के SHO संदीप और सेक्टर नौ चौकी के SHO घनश्याम को जमकर उल्टा-सीधा बोला. बॉबी कटारिया ने कहा कि आज इन लोगों ने बिना FIR और किसी आरोप के मुझे पकड़ने के कोशिश की और मुझे करंट लगाकर जबरजस्ती गिरफ्तार करना चाहा, इस दौरान मुझे हार्ट अटैक आते आते बचा, आज ये लोग मेरे साथ कुछ गलत करना चाहते थे, इन्होने मेरे पेट में स्टेटगन लगाई, मैं वहां से जान बचाकर किसी तरह भागा तो मेरे पीछे इनके चालीस पुलिस वाले स्टेटगन लेकर दौड़ पड़े लेकिन इनके चालीस पुलिस वाले भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाए. बॉबी कटारिया ने सेक्टर दस एम्पीयर चौकी के SHO को जमकर गालियाँ दी, उन्होंने कहा कि तेरी पुलिस चौकी में पुलिसवाले कम पड़ गए थे क्या जो तूने सेक्टर नौ चौकी से भी SHO घनश्याम और पुलिस वालों को बुला लिया, तुझे शर्म आनी चाहिए कि अकेले बॉबी के लिए तेरे थाने में पुलिस नहीं है, तुझे शर्म से डूब मरना चाहिए. बॉबी कटारिया ने SHO घनश्याम को धमकाते हुए कहा कि तू मेरी आँखों में खटक गया है, तुझसे अपराधियों को तो पकड़ा नहीं जाता लेकिन तू बॉबी कटारिया के ऊपर अपनी पॉवर दिखाता है, तुझे पता नहीं है कि मेरे साथ युवा एकता है, मेरे साथ पब्लिक है, अगर तेरे अन्दर हिम्मत है तो बिना वर्दी के मेरे पास आकर देख ले. तुझे पता चल जाएगा कि बॉबी क्या चीज है. अब मैं फुटेज निकालकर कमिश्नर को दिखाऊंगा और तुझसे सवाल पूछूँगा. बॉबी कटारिया ने कहा कि अब मैंने पुलिस वालों की पोल खोलनी शुरू कर दी है तो, तुम लोग भीख मांगते हो तो हमारे युवा भाई तुम्हारे मुंह पर फेंक फेंक कर मारते हैं. उन्होंने घनश्याम तूने आज मेरे पेट में स्टेटगन बिना आरोप के ही लगा दी थी, आज तूने मुझसे पंगा लेकर बहुत बुरा किया है. उन्होंने घनश्याम को BSDK भी बोला और कहा कि मुझे गाडी के अन्दर बैठाने के लिए चार पुलिसवालों ने पकड़ रखा था लेकिन मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाए. तुम इतनी भूखे नंगे हो गए हो कि अकेले बॉबी के लिए तुम्हारे पास पुलिस नहीं है. वीडियो देखें. |
खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थानों को आपस में जोड़ने के लिए सोलर बोट चलाई जाएगी। करीब एक करोड़ की लागत वाली इस बोट पर एक साथ 12 से 15 लोग बैठ सकेंगे। इसको लेकर टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई हैं।
बता दें की उत्तर प्रदेश में अयोध्या के साथ साथ काशी, मथुरा, प्रयागराज और गढ़मुक्तेश्वर में भी सोलर बोट शुरू की जाएगी। पर्यटक यहां से सोलर बोट लेकर यात्रा कर सकेंगे। इससे पर्यटकों को इन स्थानों पर जानें में भी काफी सहूलित होगी।
वहीं अगले सत्र में यूपी के चित्रकूट, आगरा, गोरखपुर, जौनपुर सहित अन्य नदी के किनारे वाले शहरों में भी सोलर बोट चलाई जाएगी। इससे डीजल से चलने वाली बोट से नदियों में होने वाला प्रदूषण खत्म होगा। फिलहाल अयोध्या में एक-एक करोड़ रुपये की लागत से दो बोट खरीदी जा रही हैं।
| खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थानों को आपस में जोड़ने के लिए सोलर बोट चलाई जाएगी। करीब एक करोड़ की लागत वाली इस बोट पर एक साथ बारह से पंद्रह लोग बैठ सकेंगे। इसको लेकर टेंडर की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई हैं। बता दें की उत्तर प्रदेश में अयोध्या के साथ साथ काशी, मथुरा, प्रयागराज और गढ़मुक्तेश्वर में भी सोलर बोट शुरू की जाएगी। पर्यटक यहां से सोलर बोट लेकर यात्रा कर सकेंगे। इससे पर्यटकों को इन स्थानों पर जानें में भी काफी सहूलित होगी। वहीं अगले सत्र में यूपी के चित्रकूट, आगरा, गोरखपुर, जौनपुर सहित अन्य नदी के किनारे वाले शहरों में भी सोलर बोट चलाई जाएगी। इससे डीजल से चलने वाली बोट से नदियों में होने वाला प्रदूषण खत्म होगा। फिलहाल अयोध्या में एक-एक करोड़ रुपये की लागत से दो बोट खरीदी जा रही हैं। |
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी हितों की रक्षा की ज़िम्मेदारी अब क़तर पर होगी।
तालेबान ने कहा है कि उसने नंगरहार मस्जिद में धमाके के आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
अफ़ग़ानिस्तान के वे पायलेट जो तालेबान के इस देश पर नियंत्रण करने के बाद देश से बाहर चले गए थे, तालेबान ने उनकी वापसी की मांग की है।
अफ़ग़ानिस्तान के नंगरहार प्रांत में एक मस्जिद में विस्फोट हुआ है जिमसें कम से कम 15 लोगों के घायल होने की सूचना है।
. . . . अफ़ग़ानिस्तान के मासूम बच्चे जिनकी उंगली पर सियाही लगाई गई है उन्हें दरअस्ल पोलियो ड्राप पिलाया गया है। पोलियो जैसी गंभीर बीमरी दुनिया से लगभग ख़त्म हो चुकी है लेकिन पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में अभी यह बीमारी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई है।
अफ़ग़ानिस्तान के बारे में भारत में होने वाली बैठक में भाग लेने वालों ने इस देश में व्यापक सरकार के गठन पर सहमति जताई है।
ईरान की राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा के सचिव ने अफ़ग़ानिस्ताान में बढ़ती हिंसा के बारे में चेतावनी दी है।
तालेबान की अंतरिम सरकार के प्रवक्ता ने भारत में अफ़ग़ानिस्तान के संबन्ध में आयोजित की जाने वाली बैठक का स्वागत किया है।
अफ़ग़ानिस्तान पर तालेबान ने जब से क़ब्ज़ा किया है तब से वह अपनी सरकार को मान्यता दिलवाने के लिए लगातार कोशिशें कर रहा है।
आतंकी गुट दाइश के हमलों में वृद्धि से वाशिग्टन बहुत चिंतित है।
| अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी हितों की रक्षा की ज़िम्मेदारी अब क़तर पर होगी। तालेबान ने कहा है कि उसने नंगरहार मस्जिद में धमाके के आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है। अफ़ग़ानिस्तान के वे पायलेट जो तालेबान के इस देश पर नियंत्रण करने के बाद देश से बाहर चले गए थे, तालेबान ने उनकी वापसी की मांग की है। अफ़ग़ानिस्तान के नंगरहार प्रांत में एक मस्जिद में विस्फोट हुआ है जिमसें कम से कम पंद्रह लोगों के घायल होने की सूचना है। . . . . अफ़ग़ानिस्तान के मासूम बच्चे जिनकी उंगली पर सियाही लगाई गई है उन्हें दरअस्ल पोलियो ड्राप पिलाया गया है। पोलियो जैसी गंभीर बीमरी दुनिया से लगभग ख़त्म हो चुकी है लेकिन पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में अभी यह बीमारी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई है। अफ़ग़ानिस्तान के बारे में भारत में होने वाली बैठक में भाग लेने वालों ने इस देश में व्यापक सरकार के गठन पर सहमति जताई है। ईरान की राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा के सचिव ने अफ़ग़ानिस्ताान में बढ़ती हिंसा के बारे में चेतावनी दी है। तालेबान की अंतरिम सरकार के प्रवक्ता ने भारत में अफ़ग़ानिस्तान के संबन्ध में आयोजित की जाने वाली बैठक का स्वागत किया है। अफ़ग़ानिस्तान पर तालेबान ने जब से क़ब्ज़ा किया है तब से वह अपनी सरकार को मान्यता दिलवाने के लिए लगातार कोशिशें कर रहा है। आतंकी गुट दाइश के हमलों में वृद्धि से वाशिग्टन बहुत चिंतित है। |
हाल ही में बॉबी देओल ने अपना 50वां बर्थडे सेलीब्रेट किया। 'पोस्टर ब्वॉयज' के बाद अब बॉबी सलमान खान की बड़े बजट की फिल्म 'रेस 3' में नजर आएंगे। इस फिल्म के लिए बॉबी काफी मेहनत कर रहे हैं। पिछले 4 साल से बॉबी को इस तरह की फिल्म का इंतजार था।
इस फिल्म में बॉबी का रोल कुछ ऐसा होगा जो अभी तक किसी ने नहीं देखा। बॉबी अपने रोल के लिए फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने अपने इस नए अवतार की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर सलमान खान को धन्यवाद बोला था। सलमान के कहने पर ही बॉबी ने अपने लुक पर मेहनत करनी शुरू की।
अब अनिल कपूर ने बॉबी के बर्थडे पर उसी फोटो को शेयर करते हुए उन्हें बधाई दी। साथ ही यह भी कहा कि आपकी मेहनत और डेडिकेशन आपको दूर तक ले जाएगी। मेरे साथ पूरी दुनिया 'रेस3' में आपके नए अवतार को देखने के लिए उत्सुक है। आपके साथ काम करना मेरा सौभाग्य है।
अनिल कपूर के इस ट्वीट से साफ हो गया है कि फिल्म में बॉबी देओल का रोल इतना दमदार होगा कि वो सलमान खान को भी मात दे देंगे। फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है। बॉबी, सलमान, अनिल कपूर के अलावा फिल्म में साकिब सलीम और जैकलीन फर्नांडिस भी नजर आएंगे। फिल्म को रेमो डिसूजा डायरेक्ट कर रहे हैं।
कहा जा रहा है कि यह इस साल की सबसे बड़ी एक्शन थ्रिलर्स फिल्म में से एक होगी। जिसमें दर्शकों को दमदार स्टंट और चौंकाने वाले ट्विस्ट्स देखने को मिलेंगे। बॉबी 'रेस 3' के बाद अपने पापा और भाई सनी देओल स्टारर फिल्म 'यमला पगला दीवाना 3' में भी दिखाई देंगे।
| हाल ही में बॉबी देओल ने अपना पचासवां बर्थडे सेलीब्रेट किया। 'पोस्टर ब्वॉयज' के बाद अब बॉबी सलमान खान की बड़े बजट की फिल्म 'रेस तीन' में नजर आएंगे। इस फिल्म के लिए बॉबी काफी मेहनत कर रहे हैं। पिछले चार साल से बॉबी को इस तरह की फिल्म का इंतजार था। इस फिल्म में बॉबी का रोल कुछ ऐसा होगा जो अभी तक किसी ने नहीं देखा। बॉबी अपने रोल के लिए फिटनेस पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने अपने इस नए अवतार की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर सलमान खान को धन्यवाद बोला था। सलमान के कहने पर ही बॉबी ने अपने लुक पर मेहनत करनी शुरू की। अब अनिल कपूर ने बॉबी के बर्थडे पर उसी फोटो को शेयर करते हुए उन्हें बधाई दी। साथ ही यह भी कहा कि आपकी मेहनत और डेडिकेशन आपको दूर तक ले जाएगी। मेरे साथ पूरी दुनिया 'रेसतीन' में आपके नए अवतार को देखने के लिए उत्सुक है। आपके साथ काम करना मेरा सौभाग्य है। अनिल कपूर के इस ट्वीट से साफ हो गया है कि फिल्म में बॉबी देओल का रोल इतना दमदार होगा कि वो सलमान खान को भी मात दे देंगे। फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है। बॉबी, सलमान, अनिल कपूर के अलावा फिल्म में साकिब सलीम और जैकलीन फर्नांडिस भी नजर आएंगे। फिल्म को रेमो डिसूजा डायरेक्ट कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह इस साल की सबसे बड़ी एक्शन थ्रिलर्स फिल्म में से एक होगी। जिसमें दर्शकों को दमदार स्टंट और चौंकाने वाले ट्विस्ट्स देखने को मिलेंगे। बॉबी 'रेस तीन' के बाद अपने पापा और भाई सनी देओल स्टारर फिल्म 'यमला पगला दीवाना तीन' में भी दिखाई देंगे। |
श्री गौरीशंकर बिसेन - ठीक है, वह को-आपरेटिव का मामला है. कौन सी सरकार
मध्यप्रदेश में बनी है, जिसने किसानों को अध्ययन के लिए विदेश भेजा है. यह पहली सरकार है शिवराज जी की जिसने एक साल में 100-100 किसान विदेश अध्ययन के लिए जाएंगे और जा रहे हैं. पहला दल आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड गया, दूसरा दल फिलीपीन्स, ताइवान गया, तीसरा दल ब्राजील, अर्जेन्टीना गया. हमने किसान के साथ में साइंटिस्ट भेजा, अधिकारियों को भेजा कि जाओ विदेश में अच्छी तकनीक को सीखकर आओ और मध्यप्रदेश का उत्पादन बढ़ाओ यह काम कोई सरकार कर सकती है तो माननीय शिवराज सिंह जी की सरकार ही कर सकती है. अध्यक्ष महोदय, हमने इस खेत तीर्थ दर्शन योजना के लिए 16 हजार का लक्ष्य तय किया है. मध्यप्रदेश के 16 हजार किसान खेत तीर्थ दर्शन योजना का लाभ लेंगे. मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि गुजरात में गांधीनगर में एक समिट हुई थी, उस समय हमारे यहां के 200 किसानों को पुरस्कार मिला था, उस समय हमारे 50 किसानों को 1-1 लाख रूपए का पुरस्कार और 50 किसानों को 51-51 हजार का पुरस्कार गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री मान्यवर नरेन्द्र मोदी जी ने दिया था. हमने 400 किसानों को हमने मोहाली, पंजाब में भेजा 5600 किसानों को हमने बसंत मेला नागपुर भेजा और आई.सी.आर. के मेले में भी हमने किसानों को भेजा है. जिससे हमारा किसान सीखकर आए. हम इ-तकनीकी में पीछे नहीं हैं. राज्य स्तरीय प्रोद्योगिकी अवार्ड में पोर्टल कृषि नेट ने एक लाख का पुरस्कार हमारे कृषि विभाग को मिला है. जब तक हम प्रोत्साहित नहीं करेंगे तो कौन काम करेगा. इस तरह के पुरस्कार की जो श्रंखला हमने शुरू की है, उसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं कि कम से कम एक नई शरूआत हमारे मुख्यमंत्री जी ने की है. विकासखंड स्तर पर 260 किसान ज्ञान केन्द्र स्थापित किए हैं.
अध्यक्ष महोदय-माननीय मंत्रीजी कितना समय और लेंगे?
श्री गौरीशंकर बिसेन - अध्यक्ष महोदय 15 मिनट और लूंगा. अब आपका विषय है. अब हरेक विकासखंड में जब कम्प्युटर में हमारा किसान सारी जानकारी प्राप्त करेगा, तब उसको पता चलेगा कि हमको किस तरह से खेती करना चाहिए, हमारी उपज को कहां बेचना चाहिए. अध्यक्ष महोदय, इ-गवर्नेन्स के लिए हमने 15 करोड़ का प्रवधान किया है. अब तो आई. टी. का जमाना है, 2.93 करोड़ किसानों को हमने एस. एम. एस. किए हैं. किसान को कभी किसी ने नहीं बताया, लेकिन यह काम सरकार ने चालू किया है. हमने जैविक विकास परिषद का गठन 11 मार्च 2014 को कर दिया है. यहां हमारे कुछ माननीय सदस्यों ने कहा था कि जैविक खेती को बढ़ाने के लिए हम क्या कर रहे हैं. हमने जैविक खेती विकास परिषद का गठन कर दिया है. माननीय पांडे जी जैविक खेती में राष्ट्र में हमारा नंबर एक स्थान है. 40 प्रतिशत प्रोडक्शन हम करते हैं. हमने और छोटे छोटे जो काम किए हैं, उनको छोड़ देता हूं. हमने 2012-13 में 50-50 हजार जिला स्तर पर, 25-25 हजार रूपया हमारे किसानों को दिया है और खंड स्तर पर 10-10 हजार रूपया दिया है और आत्मा जिले के लिए एक लाख रूपए का पुरस्कार भी हमने अपने खरगौन जिले के किसानों को दिया है. यह सब काम जो हमारी सरकार ने किया है और यही नहीं 2013-14 में 5-5 हजार किसानों को कृषि विज्ञान केन्द्रों में हमने प्रशिक्षण दिया और इसका परिणाम हुआ कि हमारे 51 जिलों में औसतन ढाई हजार किसानों को इसमें नई तकनीक के बारे में जानकारी मिली है और आत्मा के बारे में मैं कहना चाहता हूं, उस दिन सदन में भी मैंने प्रश्न के उत्तर में कहा था कि किसानों को मार्गदर्शन देने के लिए हमारे माननीय विधायक आगे आएं. मैं आज सदन के माध्यम से घोषणा करता हूं कि जिले की आत्मा गवर्निंग कमेटी में हमारा विधायक सदस्य होगा. अपरिहार्य कारणों से अगर विधायक नहीं जा सकेंगे तो वह अपना प्रतिनिधि भेज सकेंगे. हम आत्मा के प्रोजेक्ट पर 2014-15 के लिए 70 करोड़ का प्रावधान करने जा रहे हैं, जिससे हम किसानों को अधिक से अधिक लाभ दे सकें. श्री यशपाल सिंह सिसोदिया--- सारे विधायकों की ओऱ से धन्यवाद.
श्री गौरीशंकर बिसेन --- माननीय अध्यक्ष महोदय, बजट के संदर्भ में अभी मेरे एक साथी ने कहा कि आपका बजट और बढ़ना चाहिए मैं आपको बताना चाहता हूं कि पिछली बार जहाँ हमारे कृषि विभाग का बजट 1217 करोड़ था आज हमारा बजट 2654.74 है यह 117.97 परसेंट बढ़ा है.मतलब डबल हो गया है और इसलिए मैं आपसे कहना चाहता हूं कि अब हम बीमे की राशि में अपने इस बजट से अपने राज्य का राज्यांश देंगे और किसान को बीमित किसानों के नुकसानी का क्लेम उनके खाते तक अब बहुत जल्दी पहुंच जाएगा, बजट पास होते ही पहुंच जाएगा. माननीय अध्यक्ष महोदय, एक बात औऱ कहना चाहता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री बहुत उदार हैं, केबिनेट की प्रत्याशा में वह कुछ निर्णय कर लेते हैं. काल्डा नामक एक ऐसी संस्था है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय शुष्क एवं वर्षा आधारित फसलों पर संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से हमको ग्रांट मिलेगा और हम सीहोरा जिले के अमलाहा में 174 एकड़ में इस तरह का अनुसंधान केंद्र प्रारंभ करने जा रहे हैं जिसकी स्वीकृति हमें भारत सरकार से अभी-अभी मिली है. इसी के साथ-साथ इसमें हम जो नार्मन बोल्डन मैक्सिको की जो अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो देश में तीन स्थानों पर है वहाँ पर बिना जमीन की जुताई के हम सीधे बोवनी करके नई फसल पैदा करने का तकनीकी ज्ञान देने जा रहे हैं और उसमें अंतर्राष्ट्रीय गेहूं और मक्का पर अनुसंधान हो रहा है. इसके लिए लगभग 500 एकड़ जमीन की व्यवस्था की गई है, मैं स्वयं वहाँ गया था और मैंने उसको देखा है. माननीय अध्यक्ष महोदय, हम हमारी अन्नपूर्णा व सूरजधारा योजना में हम दलहन व खाद्यान्न फसलों के लिए एक हैक्टेयर तक की फसल के लिए अनुदान देते हैं. सोयाबीन का रेट इस वर्ष बढ़ गया है उसमें पहले 1500 रुपये का प्रावधान था मैं सदन में घोषणा करना चाहता हूं कि इस 1500 रुपये की राशि को बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति किसान अनुदान करने जा रहे हैं. अध्यक्ष महोदय, इसके लिए अभी हमने सूरजधारा के लिए 35 करोड़ रुपये व अन्नपूर्णा योजना के लिए 37 करोड़ का प्रावधान किया है जो पिछले साल की तुलना में अन्नपूर्णा में 62 परसेंट अधिक है और सूरजधारा में उपयोग किये हुए बजट का 77
परसेंट अधिक है औऱ इसलिए मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि किसानों को कोई कमी नहीं होगी हमारे एक सदस्य ने बलराम तालाब के विषय में कहा था कि मेरे यहाँ सर्वाधिक बलराम तालाब बने हैं. मैं एक बात कहना चाहता हूं कि बलराम तालाब में सामान्य श्रेणी को 80 हजार और एसटी एससी को 1 लाख रुपये का प्रावधान है, हम इस पर पुनर्विचार करेंगे क्योंकि महंगाई बढ़ गई है और इसलिए हम वित्त विभाग के पास जाएंगे यदि उनसे सहमति मिली तो हम इसकी राशि को बढ़ाने के लिए भी प्रयास करेंगे. मैं वित्तमंत्री जी से इस विषय में चर्चा करूंगा लेकिन अभी 201314 में 34.74 करोड़ वास्तविक व्यय हुआ और 3274 बलराम तालाब निर्मित हुए तथा 1048 निर्माणाधीन हैं . वर्ष 2014-15 के लिए 46 करोड़ का प्रावधान किया गया है जो पिछले साल की तुलना में 32 परसेंट अधिक है अब वित्त हमको जितनी अनुमति देगा उस आधार पर हम इसको और बढ़ाने का प्रयास करेंगे. यदि आज वित्तमंत्री जी यहाँ होते तो मैं यहीं निवेदन करके इस बात को कर लेता. लेकिन हम कुछ न कुछ जरूर करेंगे. मेरे बड़े भाई गोपाल भार्गवजी यहाँ बैठे हैं, इनकी भी मनरेगा की राशि का उपयोग करके हम बलराम जलाशय योजना को औऱ बड़ा रूप देने का प्रयास करेंगे.
श्री गोपाल भार्गव-- अध्यक्ष महोदय, यह मनरेगा के कन्वर्जेंस से बलराम तालाब का काम इसी साल शुरु कर रहे हैं.
श्री गौरीशंकर बिसेन--- माननीय अध्यक्ष महोदय, पानी कम गिरा है, 12 तारीख तक मध्यप्रदेश में कुल 15 परसेंट बोवनी हुई थी . माननीय अध्यक्ष महोदय, बहुत हल्ला होता है कि बीज नहीं है.
श्री गोपाल भार्गव - अध्यक्ष महोदय, आज सीएम साहब महाकाल जी के यहाँ उज्जैन गये
हैं औऱ बारिश आप देखो लबालब हो रही है. यह पुण्य का प्रतीक है.
श्री गौरीशंकर बिसेन माननीय अध्यक्ष महोदय, बीज की कमी राज्य के किसानों को नहीं
आने दी जाएगी,चाहे जो करना पड़े.यदि सोयाबीन की कमी होगी तो मक्का देंगे. मक्का की कमी होगी
तो कोदो-कुटकी देंगे, उसकी कमी होगी तो और कोई बीज देंगे, बीज के भंडार की कोई कमी नहीं है औऱ कहीं पर भी किसान को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. मैं बीज के बारे में ज्यादा नहीं बोलना चाहता हूं,आंकड़ों पर भी नहीं जाना चाहता हूं एक ही बात में इसको समाप्त करूंगा कि मध्यप्रदेश के काश्तकारों को बीज की कोई कमी नहीं होगी. मध्यप्रदेश का जोत वाला एक भी खेत बीज के अभाव में पड़त नहीं रहेगा, यह सरकार बीज देने का वचन देती है. माननीय अध्यक्ष महोदय, उर्वरक की बात आती है तो उर्वरक वाले मेरे बड़े मंत्री यहाँ बैठे हैं हम तो उर्वरक में ठीक से फर्टिलाइजर है कि नहीं अमानक तो नहीं है, कोई गड़बड़ तो नहीं है, मिलावट वाला तो नहीं है इसके काम का विशेष जिम्मा है और अग्रिम खाद के भंडारण में होने वाली क्षतिपूर्ति की हम भरपाई में, प्रतिपूर्ति में राशि देते हैं. हमने 30 करोड़ रुपये का इस वर्ष बजट में प्रावधान किया है. वर्ष 2013-14 में 28 करोड़ रुपये व्यय हुए थे अभी 30 करोड़ और रखे हैं. जैसी आवश्यकता पड़ेगी, देखेंगे. लेकिन हमारे किसान को अग्रिम उठाओ अपने घर में फर्टिलाइजर पहले ले जाओ, बरसात में परिवहन से परेशान न हो औऱ एक पैंट की चिंता मत करो. यह सब काम हमने किया है. अध्यक्ष महोदय, मैं उर्वरक के संबंध में सदन के माध्यम से राज्य के किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि डीएपी,इप्को,यूरिया, सुपर फास्फेट या माइक्रोएलीमेंट किसी तरह के जो केमिकल तत्व हैं, फर्टिलाइजर हैं, इसकी हम राज्य में कमी नहीं होने देंगे और इसके लिए प्रचुर मात्रा में हमारे पास में भंडार है. माननीय अध्यक्ष महोदय, जिन लोगों ने अमानक फर्टिलाइजर का धंधा किया हमने उनके सैंपल लिये. हमने अभी तक 1356 उर्वरक के नमूने लिये, उसमें 1165 नमूने मानक और 171 अमानक पाये गये उसमें से 171 नमूनों के ऊपर हमने कार्यवाही की है और अमानक लाट बेचने के ऊपर प्रतिबंध किया है. उसमें हमने 10 के लायसेंस समाप्त किये हैं. एक विक्रेता का लायसेंस निरस्त
किया है. 6 के ऊपर एफआईआर दर्ज की है और जरूरत पड़ने पर और अधिक कड़े कदम उठायेंगे लेकिन मध्यप्रदेश के किसान को अमानक खाद, अमानक दवा, अमानक बीज, अमानक धंधा से मुक्त रखेंगे और उनको अच्छा बीज, अच्छा खाद देने के लिए हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं . माननीय अध्यक्ष महोदय, मैंने एक बात इसके पूर्व में कही थी लेकिन यदि मैं इसको दुबारा नहीं कहूंगा तो मुझे लगता है कि मेरा भाषण अधूरा रहेगा.
श्री गोपाल भार्गव--- अध्यक्ष महोदय, भाऊ के प्रयासों से देश के अंदर तीसरी बार राज्य को कृषि कर्मण अवार्ड मिल रहा है, यह बहुत बड़ी उपलब्धि है.
श्री गौरीशंकर बिसेन - अध्यक्ष महोदय, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हमारे मध्यप्रदेश को मिलना बड़ी बात है. गेहूं की प्रजाति हमारा साइंटिस्ट पैदा करेगा. कभी कभी हमारी आलोचना होती है हमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अध्यक्ष महोदय, एक बात बताइए कि जिस जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में महामहिम राष्ट्रपति महोदय हमारे उन सांइटिस्टों को जो पीएचडी की डिग्री प्राप्त करते हैं और ऐसे छात्र जो गोल्ड मैडल में आते हैं उनको मानद उपाधि देने के लिए जहाँ पर भारत के महामहिम राष्ट्रपति महोदय आएं इससे और सम्मान का विषय कौनसा हो सकता है. इसी वर्ष जून की 27 तारीख को हमारे राष्ट्रपति महामहिम प्रणब मुखर्जी, हमारे राज्यपाल महोदय, हमारे मुख्यमंत्री जी ने 22 छात्रों को गोल्ड मैडल, 23 छात्रों को पीएचडी औऱ 2 छात्रों को डॉ. एस.एस स्वामीनाथन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मानद उपाधि से सम्मानित किया है.
श्री शरद जैन--- जबलपुर के कार्यक्रम में महामहिम जी आए थे उन्होंने कृषि विभाग के साथ-साथ मंत्रीजी की तारीफ की थी, आपने इसका उल्लेख नहीं किया.
श्री गौरीशंकर बिसेन --- उसका उल्लेख आपको करना है.
श्री बहादुर सिंह चौहान -- माननीय मंत्री जी, इस विभाग की चर्चा का प्रारंभ किया था
चूंकि मुख्यमंत्री जी उज्जैन आए थे, उनको रिसीव करना था इसलिए मैं लेट आया. मैंने अपने
भाषण में यह कहा था कि नवलखा बीज कंपनी, महतो द्वारा नकली बीज बेचा जा रहा है. मंत्री जी
से मैं चाहता हूं कि उस पर एक समिति बनाकर जांच करवा लें.
श्री गौरीशंकर बिसेन --- अध्यक्ष महोदय, मैं सदन में घोषणा करता हूं कि आज ही हमारे
जे. डी. स्तर के अधिकारी उसकी जांच के लिए जाएंगे..( व्यवधान)..
श्री दिलीप सिंह परिहार- माननीय अध्यक्ष महोदय, आज लग रहा है कि किसानों की सरकार है और किसानों का मंत्री है गरीबों के हितैषी मंत्री जी बोल रहे हैं.
श्री गौरीशंकर बिसेन - माननीय अध्यक्ष महोदय, बीज सर्टिफिकेशन एजेन्सी के हमारे एमडी को पहली बार मध्यप्रदेश के इतिहास में हमने सस्पेंड किया है (मेजों की थपथपाहट) और बहुत बड़े पैमाने पर हमने कार्यवाही की है. (मेजों की थपथपाहट).. ( व्यवधान).. मैंने पूर्व में कहा कि किसी भी गलत काम करने वाले को यह सरकार छोड़ने वाली नहीं ....
श्री दिनेश राय-- अभी सिवनी में भी तहसीलदार ने लापरवाही की तो प्रभारी मंत्री जी ने तहसीलदार को सस्पेंड कराया. माननीय मंत्री जी के निर्देश पर अभी तहसीलदार भी सस्पेंड हुआ. जिसने ओलावृष्टि में गलती की.
श्री गौरीशंकर बिसेन-- नहीं भाई वह तो ठीक आदमी था, जो हो गया, हो गया. (हँसी)
श्री गोविन्द सिंह पटेल-- माननीय मंत्री जी, गन्ने और चने के प्रोत्साहन के लिए किसानों को गन्ने और चने पर भी बोनस दें...(व्यवधान)..
श्री गौरीशंकर बिसेन अध्यक्ष महोदय, हमने सबसे पहले गेहूँ को समर्थन मूल्य पर खरीदा फिर 50 से बढ़ाकर 150 रुपये बोनस किया. धान समर्थन मूल्य पर खरीदा फिर बढ़ाकर 50 से 150 रुपये किया. इस साल हम मक्के को समर्थन मूल्य पर खरीद रहे हैं सीधे 150 रुपये बोनस दे रहे हैं. आप इन्तजार करिए. आगे आगे होता है क्या देखते जाइये...(व्यवधान)..
| श्री गौरीशंकर बिसेन - ठीक है, वह को-आपरेटिव का मामला है. कौन सी सरकार मध्यप्रदेश में बनी है, जिसने किसानों को अध्ययन के लिए विदेश भेजा है. यह पहली सरकार है शिवराज जी की जिसने एक साल में एक सौ-एक सौ किसान विदेश अध्ययन के लिए जाएंगे और जा रहे हैं. पहला दल आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड गया, दूसरा दल फिलीपीन्स, ताइवान गया, तीसरा दल ब्राजील, अर्जेन्टीना गया. हमने किसान के साथ में साइंटिस्ट भेजा, अधिकारियों को भेजा कि जाओ विदेश में अच्छी तकनीक को सीखकर आओ और मध्यप्रदेश का उत्पादन बढ़ाओ यह काम कोई सरकार कर सकती है तो माननीय शिवराज सिंह जी की सरकार ही कर सकती है. अध्यक्ष महोदय, हमने इस खेत तीर्थ दर्शन योजना के लिए सोलह हजार का लक्ष्य तय किया है. मध्यप्रदेश के सोलह हजार किसान खेत तीर्थ दर्शन योजना का लाभ लेंगे. मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि गुजरात में गांधीनगर में एक समिट हुई थी, उस समय हमारे यहां के दो सौ किसानों को पुरस्कार मिला था, उस समय हमारे पचास किसानों को एक-एक लाख रूपए का पुरस्कार और पचास किसानों को इक्यावन-इक्यावन हजार का पुरस्कार गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान में भारत के प्रधानमंत्री मान्यवर नरेन्द्र मोदी जी ने दिया था. हमने चार सौ किसानों को हमने मोहाली, पंजाब में भेजा पाँच हज़ार छः सौ किसानों को हमने बसंत मेला नागपुर भेजा और आई.सी.आर. के मेले में भी हमने किसानों को भेजा है. जिससे हमारा किसान सीखकर आए. हम इ-तकनीकी में पीछे नहीं हैं. राज्य स्तरीय प्रोद्योगिकी अवार्ड में पोर्टल कृषि नेट ने एक लाख का पुरस्कार हमारे कृषि विभाग को मिला है. जब तक हम प्रोत्साहित नहीं करेंगे तो कौन काम करेगा. इस तरह के पुरस्कार की जो श्रंखला हमने शुरू की है, उसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करता हूं कि कम से कम एक नई शरूआत हमारे मुख्यमंत्री जी ने की है. विकासखंड स्तर पर दो सौ साठ किसान ज्ञान केन्द्र स्थापित किए हैं. अध्यक्ष महोदय-माननीय मंत्रीजी कितना समय और लेंगे? श्री गौरीशंकर बिसेन - अध्यक्ष महोदय पंद्रह मिनट और लूंगा. अब आपका विषय है. अब हरेक विकासखंड में जब कम्प्युटर में हमारा किसान सारी जानकारी प्राप्त करेगा, तब उसको पता चलेगा कि हमको किस तरह से खेती करना चाहिए, हमारी उपज को कहां बेचना चाहिए. अध्यक्ष महोदय, इ-गवर्नेन्स के लिए हमने पंद्रह करोड़ का प्रवधान किया है. अब तो आई. टी. का जमाना है, दो.तिरानवे करोड़ किसानों को हमने एस. एम. एस. किए हैं. किसान को कभी किसी ने नहीं बताया, लेकिन यह काम सरकार ने चालू किया है. हमने जैविक विकास परिषद का गठन ग्यारह मार्च दो हज़ार चौदह को कर दिया है. यहां हमारे कुछ माननीय सदस्यों ने कहा था कि जैविक खेती को बढ़ाने के लिए हम क्या कर रहे हैं. हमने जैविक खेती विकास परिषद का गठन कर दिया है. माननीय पांडे जी जैविक खेती में राष्ट्र में हमारा नंबर एक स्थान है. चालीस प्रतिशत प्रोडक्शन हम करते हैं. हमने और छोटे छोटे जो काम किए हैं, उनको छोड़ देता हूं. हमने दो हज़ार बारह-तेरह में पचास-पचास हजार जिला स्तर पर, पच्चीस-पच्चीस हजार रूपया हमारे किसानों को दिया है और खंड स्तर पर दस-दस हजार रूपया दिया है और आत्मा जिले के लिए एक लाख रूपए का पुरस्कार भी हमने अपने खरगौन जिले के किसानों को दिया है. यह सब काम जो हमारी सरकार ने किया है और यही नहीं दो हज़ार तेरह-चौदह में पाँच-पाँच हजार किसानों को कृषि विज्ञान केन्द्रों में हमने प्रशिक्षण दिया और इसका परिणाम हुआ कि हमारे इक्यावन जिलों में औसतन ढाई हजार किसानों को इसमें नई तकनीक के बारे में जानकारी मिली है और आत्मा के बारे में मैं कहना चाहता हूं, उस दिन सदन में भी मैंने प्रश्न के उत्तर में कहा था कि किसानों को मार्गदर्शन देने के लिए हमारे माननीय विधायक आगे आएं. मैं आज सदन के माध्यम से घोषणा करता हूं कि जिले की आत्मा गवर्निंग कमेटी में हमारा विधायक सदस्य होगा. अपरिहार्य कारणों से अगर विधायक नहीं जा सकेंगे तो वह अपना प्रतिनिधि भेज सकेंगे. हम आत्मा के प्रोजेक्ट पर दो हज़ार चौदह-पंद्रह के लिए सत्तर करोड़ का प्रावधान करने जा रहे हैं, जिससे हम किसानों को अधिक से अधिक लाभ दे सकें. श्री यशपाल सिंह सिसोदिया--- सारे विधायकों की ओऱ से धन्यवाद. श्री गौरीशंकर बिसेन --- माननीय अध्यक्ष महोदय, बजट के संदर्भ में अभी मेरे एक साथी ने कहा कि आपका बजट और बढ़ना चाहिए मैं आपको बताना चाहता हूं कि पिछली बार जहाँ हमारे कृषि विभाग का बजट एक हज़ार दो सौ सत्रह करोड़ था आज हमारा बजट दो हज़ार छः सौ चौवन.चौहत्तर है यह एक सौ सत्रह.सत्तानवे परसेंट बढ़ा है.मतलब डबल हो गया है और इसलिए मैं आपसे कहना चाहता हूं कि अब हम बीमे की राशि में अपने इस बजट से अपने राज्य का राज्यांश देंगे और किसान को बीमित किसानों के नुकसानी का क्लेम उनके खाते तक अब बहुत जल्दी पहुंच जाएगा, बजट पास होते ही पहुंच जाएगा. माननीय अध्यक्ष महोदय, एक बात औऱ कहना चाहता हूं कि हमारे मुख्यमंत्री बहुत उदार हैं, केबिनेट की प्रत्याशा में वह कुछ निर्णय कर लेते हैं. काल्डा नामक एक ऐसी संस्था है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय शुष्क एवं वर्षा आधारित फसलों पर संयुक्त राष्ट्र संघ के माध्यम से हमको ग्रांट मिलेगा और हम सीहोरा जिले के अमलाहा में एक सौ चौहत्तर एकड़ में इस तरह का अनुसंधान केंद्र प्रारंभ करने जा रहे हैं जिसकी स्वीकृति हमें भारत सरकार से अभी-अभी मिली है. इसी के साथ-साथ इसमें हम जो नार्मन बोल्डन मैक्सिको की जो अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, जो देश में तीन स्थानों पर है वहाँ पर बिना जमीन की जुताई के हम सीधे बोवनी करके नई फसल पैदा करने का तकनीकी ज्ञान देने जा रहे हैं और उसमें अंतर्राष्ट्रीय गेहूं और मक्का पर अनुसंधान हो रहा है. इसके लिए लगभग पाँच सौ एकड़ जमीन की व्यवस्था की गई है, मैं स्वयं वहाँ गया था और मैंने उसको देखा है. माननीय अध्यक्ष महोदय, हम हमारी अन्नपूर्णा व सूरजधारा योजना में हम दलहन व खाद्यान्न फसलों के लिए एक हैक्टेयर तक की फसल के लिए अनुदान देते हैं. सोयाबीन का रेट इस वर्ष बढ़ गया है उसमें पहले एक हज़ार पाँच सौ रुपयापये का प्रावधान था मैं सदन में घोषणा करना चाहता हूं कि इस एक हज़ार पाँच सौ रुपयापये की राशि को बढ़ाकर तीन हज़ार रुपयापये प्रति किसान अनुदान करने जा रहे हैं. अध्यक्ष महोदय, इसके लिए अभी हमने सूरजधारा के लिए पैंतीस करोड़ रुपये व अन्नपूर्णा योजना के लिए सैंतीस करोड़ का प्रावधान किया है जो पिछले साल की तुलना में अन्नपूर्णा में बासठ परसेंट अधिक है और सूरजधारा में उपयोग किये हुए बजट का सतहत्तर परसेंट अधिक है औऱ इसलिए मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि किसानों को कोई कमी नहीं होगी हमारे एक सदस्य ने बलराम तालाब के विषय में कहा था कि मेरे यहाँ सर्वाधिक बलराम तालाब बने हैं. मैं एक बात कहना चाहता हूं कि बलराम तालाब में सामान्य श्रेणी को अस्सी हजार और एसटी एससी को एक लाख रुपये का प्रावधान है, हम इस पर पुनर्विचार करेंगे क्योंकि महंगाई बढ़ गई है और इसलिए हम वित्त विभाग के पास जाएंगे यदि उनसे सहमति मिली तो हम इसकी राशि को बढ़ाने के लिए भी प्रयास करेंगे. मैं वित्तमंत्री जी से इस विषय में चर्चा करूंगा लेकिन अभी दो लाख एक हज़ार तीन सौ चौदह में चौंतीस.चौहत्तर करोड़ वास्तविक व्यय हुआ और तीन हज़ार दो सौ चौहत्तर बलराम तालाब निर्मित हुए तथा एक हज़ार अड़तालीस निर्माणाधीन हैं . वर्ष दो हज़ार चौदह-पंद्रह के लिए छियालीस करोड़ का प्रावधान किया गया है जो पिछले साल की तुलना में बत्तीस परसेंट अधिक है अब वित्त हमको जितनी अनुमति देगा उस आधार पर हम इसको और बढ़ाने का प्रयास करेंगे. यदि आज वित्तमंत्री जी यहाँ होते तो मैं यहीं निवेदन करके इस बात को कर लेता. लेकिन हम कुछ न कुछ जरूर करेंगे. मेरे बड़े भाई गोपाल भार्गवजी यहाँ बैठे हैं, इनकी भी मनरेगा की राशि का उपयोग करके हम बलराम जलाशय योजना को औऱ बड़ा रूप देने का प्रयास करेंगे. श्री गोपाल भार्गव-- अध्यक्ष महोदय, यह मनरेगा के कन्वर्जेंस से बलराम तालाब का काम इसी साल शुरु कर रहे हैं. श्री गौरीशंकर बिसेन--- माननीय अध्यक्ष महोदय, पानी कम गिरा है, बारह तारीख तक मध्यप्रदेश में कुल पंद्रह परसेंट बोवनी हुई थी . माननीय अध्यक्ष महोदय, बहुत हल्ला होता है कि बीज नहीं है. श्री गोपाल भार्गव - अध्यक्ष महोदय, आज सीएम साहब महाकाल जी के यहाँ उज्जैन गये हैं औऱ बारिश आप देखो लबालब हो रही है. यह पुण्य का प्रतीक है. श्री गौरीशंकर बिसेन माननीय अध्यक्ष महोदय, बीज की कमी राज्य के किसानों को नहीं आने दी जाएगी,चाहे जो करना पड़े.यदि सोयाबीन की कमी होगी तो मक्का देंगे. मक्का की कमी होगी तो कोदो-कुटकी देंगे, उसकी कमी होगी तो और कोई बीज देंगे, बीज के भंडार की कोई कमी नहीं है औऱ कहीं पर भी किसान को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. मैं बीज के बारे में ज्यादा नहीं बोलना चाहता हूं,आंकड़ों पर भी नहीं जाना चाहता हूं एक ही बात में इसको समाप्त करूंगा कि मध्यप्रदेश के काश्तकारों को बीज की कोई कमी नहीं होगी. मध्यप्रदेश का जोत वाला एक भी खेत बीज के अभाव में पड़त नहीं रहेगा, यह सरकार बीज देने का वचन देती है. माननीय अध्यक्ष महोदय, उर्वरक की बात आती है तो उर्वरक वाले मेरे बड़े मंत्री यहाँ बैठे हैं हम तो उर्वरक में ठीक से फर्टिलाइजर है कि नहीं अमानक तो नहीं है, कोई गड़बड़ तो नहीं है, मिलावट वाला तो नहीं है इसके काम का विशेष जिम्मा है और अग्रिम खाद के भंडारण में होने वाली क्षतिपूर्ति की हम भरपाई में, प्रतिपूर्ति में राशि देते हैं. हमने तीस करोड़ रुपये का इस वर्ष बजट में प्रावधान किया है. वर्ष दो हज़ार तेरह-चौदह में अट्ठाईस करोड़ रुपये व्यय हुए थे अभी तीस करोड़ और रखे हैं. जैसी आवश्यकता पड़ेगी, देखेंगे. लेकिन हमारे किसान को अग्रिम उठाओ अपने घर में फर्टिलाइजर पहले ले जाओ, बरसात में परिवहन से परेशान न हो औऱ एक पैंट की चिंता मत करो. यह सब काम हमने किया है. अध्यक्ष महोदय, मैं उर्वरक के संबंध में सदन के माध्यम से राज्य के किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि डीएपी,इप्को,यूरिया, सुपर फास्फेट या माइक्रोएलीमेंट किसी तरह के जो केमिकल तत्व हैं, फर्टिलाइजर हैं, इसकी हम राज्य में कमी नहीं होने देंगे और इसके लिए प्रचुर मात्रा में हमारे पास में भंडार है. माननीय अध्यक्ष महोदय, जिन लोगों ने अमानक फर्टिलाइजर का धंधा किया हमने उनके सैंपल लिये. हमने अभी तक एक हज़ार तीन सौ छप्पन उर्वरक के नमूने लिये, उसमें एक हज़ार एक सौ पैंसठ नमूने मानक और एक सौ इकहत्तर अमानक पाये गये उसमें से एक सौ इकहत्तर नमूनों के ऊपर हमने कार्यवाही की है और अमानक लाट बेचने के ऊपर प्रतिबंध किया है. उसमें हमने दस के लायसेंस समाप्त किये हैं. एक विक्रेता का लायसेंस निरस्त किया है. छः के ऊपर एफआईआर दर्ज की है और जरूरत पड़ने पर और अधिक कड़े कदम उठायेंगे लेकिन मध्यप्रदेश के किसान को अमानक खाद, अमानक दवा, अमानक बीज, अमानक धंधा से मुक्त रखेंगे और उनको अच्छा बीज, अच्छा खाद देने के लिए हम आपको आश्वस्त करना चाहते हैं . माननीय अध्यक्ष महोदय, मैंने एक बात इसके पूर्व में कही थी लेकिन यदि मैं इसको दुबारा नहीं कहूंगा तो मुझे लगता है कि मेरा भाषण अधूरा रहेगा. श्री गोपाल भार्गव--- अध्यक्ष महोदय, भाऊ के प्रयासों से देश के अंदर तीसरी बार राज्य को कृषि कर्मण अवार्ड मिल रहा है, यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. श्री गौरीशंकर बिसेन - अध्यक्ष महोदय, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हमारे मध्यप्रदेश को मिलना बड़ी बात है. गेहूं की प्रजाति हमारा साइंटिस्ट पैदा करेगा. कभी कभी हमारी आलोचना होती है हमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अध्यक्ष महोदय, एक बात बताइए कि जिस जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में महामहिम राष्ट्रपति महोदय हमारे उन सांइटिस्टों को जो पीएचडी की डिग्री प्राप्त करते हैं और ऐसे छात्र जो गोल्ड मैडल में आते हैं उनको मानद उपाधि देने के लिए जहाँ पर भारत के महामहिम राष्ट्रपति महोदय आएं इससे और सम्मान का विषय कौनसा हो सकता है. इसी वर्ष जून की सत्ताईस तारीख को हमारे राष्ट्रपति महामहिम प्रणब मुखर्जी, हमारे राज्यपाल महोदय, हमारे मुख्यमंत्री जी ने बाईस छात्रों को गोल्ड मैडल, तेईस छात्रों को पीएचडी औऱ दो छात्रों को डॉ. एस.एस स्वामीनाथन और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मानद उपाधि से सम्मानित किया है. श्री शरद जैन--- जबलपुर के कार्यक्रम में महामहिम जी आए थे उन्होंने कृषि विभाग के साथ-साथ मंत्रीजी की तारीफ की थी, आपने इसका उल्लेख नहीं किया. श्री गौरीशंकर बिसेन --- उसका उल्लेख आपको करना है. श्री बहादुर सिंह चौहान -- माननीय मंत्री जी, इस विभाग की चर्चा का प्रारंभ किया था चूंकि मुख्यमंत्री जी उज्जैन आए थे, उनको रिसीव करना था इसलिए मैं लेट आया. मैंने अपने भाषण में यह कहा था कि नवलखा बीज कंपनी, महतो द्वारा नकली बीज बेचा जा रहा है. मंत्री जी से मैं चाहता हूं कि उस पर एक समिति बनाकर जांच करवा लें. श्री गौरीशंकर बिसेन --- अध्यक्ष महोदय, मैं सदन में घोषणा करता हूं कि आज ही हमारे जे. डी. स्तर के अधिकारी उसकी जांच के लिए जाएंगे.... श्री दिलीप सिंह परिहार- माननीय अध्यक्ष महोदय, आज लग रहा है कि किसानों की सरकार है और किसानों का मंत्री है गरीबों के हितैषी मंत्री जी बोल रहे हैं. श्री गौरीशंकर बिसेन - माननीय अध्यक्ष महोदय, बीज सर्टिफिकेशन एजेन्सी के हमारे एमडी को पहली बार मध्यप्रदेश के इतिहास में हमने सस्पेंड किया है और बहुत बड़े पैमाने पर हमने कार्यवाही की है. .. .. मैंने पूर्व में कहा कि किसी भी गलत काम करने वाले को यह सरकार छोड़ने वाली नहीं .... श्री दिनेश राय-- अभी सिवनी में भी तहसीलदार ने लापरवाही की तो प्रभारी मंत्री जी ने तहसीलदार को सस्पेंड कराया. माननीय मंत्री जी के निर्देश पर अभी तहसीलदार भी सस्पेंड हुआ. जिसने ओलावृष्टि में गलती की. श्री गौरीशंकर बिसेन-- नहीं भाई वह तो ठीक आदमी था, जो हो गया, हो गया. श्री गोविन्द सिंह पटेल-- माननीय मंत्री जी, गन्ने और चने के प्रोत्साहन के लिए किसानों को गन्ने और चने पर भी बोनस दें..... श्री गौरीशंकर बिसेन अध्यक्ष महोदय, हमने सबसे पहले गेहूँ को समर्थन मूल्य पर खरीदा फिर पचास से बढ़ाकर एक सौ पचास रुपयापये बोनस किया. धान समर्थन मूल्य पर खरीदा फिर बढ़ाकर पचास से एक सौ पचास रुपयापये किया. इस साल हम मक्के को समर्थन मूल्य पर खरीद रहे हैं सीधे एक सौ पचास रुपयापये बोनस दे रहे हैं. आप इन्तजार करिए. आगे आगे होता है क्या देखते जाइये..... |
देश के लिए आए दिन कोरोना जानलेवा होता जा रहा हैं. हर रोज देश की स्थिति बीते साल की तरह भयानक होती जा रही हैं. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कल तक कोरोना वायरस के लिए कुल 25,02,31,269 सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 12,11,612 सैंपल टेस्ट कल यानी सोमवार को किए गए. बीते एक साल में कोरोना वायरस के करोड़ों लोगों को अपना सिकार बनाया तो लाखों लोगों को कोरोना वायरस के कारण अपनी जान गवांनी पड़ी. जिसके बाद साल की शुरूआत में कोरोना के मामलों में एक बार फिर कमी देखने को मिली थी लेकिन बीते कुछ दिनों से देश से एक बार फिर कोरोना के हजारों नए मामले सामने आने शुरू हो गए.
जिसको देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन 6 अप्रैल यानी मंगलवार आज 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक कर कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी की समीक्षा करेंगे. इन 11 राज्यों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन में आए एक लाख से ज्यादा मामलों में इन 11 राज्यों की भागीदारी 81. 90 प्रतिशत है.
बता दें कि दुनियाभर में कोरोना वायरस एक बार फिर अपने पैर पसारने लगा हैं. इस बीच भारत में भी कोरोना का ग्राफ हर रोज बढ़ता जा रहा है जो लोगों को अब डरा रहा है. बीते 24 घंटे में कोरोना के 96,563 नए मरीज पाए गए है जबकि 50,095 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके है और 445 मरीज कोरोना के कारण अपनी जान से हाथ गवां चुके हैं. जिसके बाद अब देश में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या 7. 84 लाख के आकड़े को पार कर गई है. इनमें बीते छह दिन से 30,000 से ज्यादा की बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में अनुमान है कि आज यह आकड़ा 8 लाख को पार कर जाएगा.
| देश के लिए आए दिन कोरोना जानलेवा होता जा रहा हैं. हर रोज देश की स्थिति बीते साल की तरह भयानक होती जा रही हैं. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में कल तक कोरोना वायरस के लिए कुल पच्चीस,दो,इकतीस,दो सौ उनहत्तर सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से बारह,ग्यारह,छः सौ बारह सैंपल टेस्ट कल यानी सोमवार को किए गए. बीते एक साल में कोरोना वायरस के करोड़ों लोगों को अपना सिकार बनाया तो लाखों लोगों को कोरोना वायरस के कारण अपनी जान गवांनी पड़ी. जिसके बाद साल की शुरूआत में कोरोना के मामलों में एक बार फिर कमी देखने को मिली थी लेकिन बीते कुछ दिनों से देश से एक बार फिर कोरोना के हजारों नए मामले सामने आने शुरू हो गए. जिसको देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन छः अप्रैल यानी मंगलवार आज ग्यारह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक कर कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी की समीक्षा करेंगे. इन ग्यारह राज्यों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन में आए एक लाख से ज्यादा मामलों में इन ग्यारह राज्यों की भागीदारी इक्यासी. नब्बे प्रतिशत है. बता दें कि दुनियाभर में कोरोना वायरस एक बार फिर अपने पैर पसारने लगा हैं. इस बीच भारत में भी कोरोना का ग्राफ हर रोज बढ़ता जा रहा है जो लोगों को अब डरा रहा है. बीते चौबीस घंटाटे में कोरोना के छियानवे,पाँच सौ तिरेसठ नए मरीज पाए गए है जबकि पचास,पचानवे मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके है और चार सौ पैंतालीस मरीज कोरोना के कारण अपनी जान से हाथ गवां चुके हैं. जिसके बाद अब देश में कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या सात. चौरासी लाख के आकड़े को पार कर गई है. इनमें बीते छह दिन से तीस,शून्य से ज्यादा की बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में अनुमान है कि आज यह आकड़ा आठ लाख को पार कर जाएगा. |
उन्होंने कहा कि कप्तान के तौर पर बुमराह और इंग्लैंड के बेन स्टोक्स की जंग बर्मिंघम में जारी मनोरंजक मैच का आकर्षक पहलू है।
ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान ने विभिन्न समकालीन अंतरराष्ट्रीय कप्तानों की तुलना करते हुए कहा कि कप्तान के रूप में स्टोक्स की सफलता किसी को आश्चर्यचकित नहीं करनी चाहिए क्योंकि वह गेंदबाजी को समझते हैं।
चैपल का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट कप्तान के तौर पर पैट कमिंस और इंग्लैंड के स्टोक्स की सफलता ने बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट बोर्ड) को बुमराह को कप्तान नियुक्त करने के लिए प्रेरित किया।
चैपल कप्तान के तौर पर स्टोक्स की नियुक्ति से प्रभावित है।
उन्होंने इसके बाद कमिंस की सफलता का राज बताया।
| उन्होंने कहा कि कप्तान के तौर पर बुमराह और इंग्लैंड के बेन स्टोक्स की जंग बर्मिंघम में जारी मनोरंजक मैच का आकर्षक पहलू है। ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान ने विभिन्न समकालीन अंतरराष्ट्रीय कप्तानों की तुलना करते हुए कहा कि कप्तान के रूप में स्टोक्स की सफलता किसी को आश्चर्यचकित नहीं करनी चाहिए क्योंकि वह गेंदबाजी को समझते हैं। चैपल का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट कप्तान के तौर पर पैट कमिंस और इंग्लैंड के स्टोक्स की सफलता ने बीसीसीआई को बुमराह को कप्तान नियुक्त करने के लिए प्रेरित किया। चैपल कप्तान के तौर पर स्टोक्स की नियुक्ति से प्रभावित है। उन्होंने इसके बाद कमिंस की सफलता का राज बताया। |
लोगों की आदत होती है कि अक्सर वे दूसरों की बुराई पहले देखते हैं और अच्छाइयों को नजरअंदाज कर देते हैं। साथ ही साथ वे उन बुराइयों के बारे में लोगों को भी बताते हैं जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। किसी इंसान की बुराई परिस्थितिवश भी हो सकती है।
उज्जैन. हमें सबसे पहले लोगों की अच्छाई पर ध्यान देना चाहिए न कि बुराई पर। इसी सोच के साथ हमें काम करना चाहिए। Asianetnews Hindi Life Management सीरीज चला रहा है। इस सीरीज के अंतर्गत आज हम आपको ऐसा प्रसंग बता रहे हैं जिसका सार यही है हमें दूसरों की बुराइयों की अपेक्षा उसकी अच्छाइयों पर ध्यान देना चाहिए।
किसी राज्य में एक राजा था, जिसकी एक टांग और एक आंख नहीं थी। दिव्यांग होने के बावजूद राजा के राज्य में सभी लोग खुशहाल थे। राजा बहुत बुद्धिमान और प्रतापी था। एक बार राजा को ख्याल आया कि क्यों न खुद की एक तस्वीर बनवाई जाए। फिर क्या था, देश-विदेशों से चित्रकारों को बुलवाया गया।
एक से एक बड़े चित्रकार राजा के दरबार में आए। राजा ने उन सभी से निवेदन किया कि वो उसकी एक बहुत सुन्दर तस्वीर बनाए जो राजमहल में लगाई जाएगी। सारे चित्रकार सोचने लगे कि राजा तो पहले से ही दिव्यांग है, फिर उसकी तस्वीर को बहुत सुन्दर कैसे बनाया जा सकता है। ये तो संभव ही नहीं है और अगर तस्वीर सुन्दर नहीं बनी तो राजा गुस्सा होकर हमें कहीं दंड न दे दे।
राजा की आज्ञा लेकर चित्रकार जल्दी से तस्वीर बनाने में जुट गया। काफी दिनों के बाद उसने एक तस्वीर तैयार की। तस्वीर देखकर राजा बहुत प्रसन्न हुआ और सारे चित्रकारों ने अपने दांतों तले उंगली दबा ली। उस चित्रकार ने एक ऐसी तस्वीर बनाई जिसमें राजा एक टांग को मोड़कर जमीन पर बैठा है और एक आंख बंद करके अपने शिकार पर निशाना लगा रहा है।
राजा ये देखकर बहुत प्रसन्न हुआ कि उस चित्रकार ने राजा की कमजोरियों को छिपा कर कितनी चतुराई से एक सुन्दर तस्वीर बनाई है। राजा ने उसे बहुत बड़ा इनाम दिया।
दूसरों की कमियों को नजरअंदाज करना और उनकी अच्छाइयों पर ध्यान देना बहुत मुश्किल काम नहीं है। आजकल लोग एक दूसरे की कमियां बहुत जल्दी ढूंढ लेते हैं, चाहे खुद में कितनी भी बुराइयां हों। उस चित्रकार से दूसरों को देखने का सही नजरियां सीख सकते हैं। जब आप किसी के बारे में अच्छा सोचते हैं तो यकीनन आपके साथ भी अच्छा ही होता है।
| लोगों की आदत होती है कि अक्सर वे दूसरों की बुराई पहले देखते हैं और अच्छाइयों को नजरअंदाज कर देते हैं। साथ ही साथ वे उन बुराइयों के बारे में लोगों को भी बताते हैं जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। किसी इंसान की बुराई परिस्थितिवश भी हो सकती है। उज्जैन. हमें सबसे पहले लोगों की अच्छाई पर ध्यान देना चाहिए न कि बुराई पर। इसी सोच के साथ हमें काम करना चाहिए। Asianetnews Hindi Life Management सीरीज चला रहा है। इस सीरीज के अंतर्गत आज हम आपको ऐसा प्रसंग बता रहे हैं जिसका सार यही है हमें दूसरों की बुराइयों की अपेक्षा उसकी अच्छाइयों पर ध्यान देना चाहिए। किसी राज्य में एक राजा था, जिसकी एक टांग और एक आंख नहीं थी। दिव्यांग होने के बावजूद राजा के राज्य में सभी लोग खुशहाल थे। राजा बहुत बुद्धिमान और प्रतापी था। एक बार राजा को ख्याल आया कि क्यों न खुद की एक तस्वीर बनवाई जाए। फिर क्या था, देश-विदेशों से चित्रकारों को बुलवाया गया। एक से एक बड़े चित्रकार राजा के दरबार में आए। राजा ने उन सभी से निवेदन किया कि वो उसकी एक बहुत सुन्दर तस्वीर बनाए जो राजमहल में लगाई जाएगी। सारे चित्रकार सोचने लगे कि राजा तो पहले से ही दिव्यांग है, फिर उसकी तस्वीर को बहुत सुन्दर कैसे बनाया जा सकता है। ये तो संभव ही नहीं है और अगर तस्वीर सुन्दर नहीं बनी तो राजा गुस्सा होकर हमें कहीं दंड न दे दे। राजा की आज्ञा लेकर चित्रकार जल्दी से तस्वीर बनाने में जुट गया। काफी दिनों के बाद उसने एक तस्वीर तैयार की। तस्वीर देखकर राजा बहुत प्रसन्न हुआ और सारे चित्रकारों ने अपने दांतों तले उंगली दबा ली। उस चित्रकार ने एक ऐसी तस्वीर बनाई जिसमें राजा एक टांग को मोड़कर जमीन पर बैठा है और एक आंख बंद करके अपने शिकार पर निशाना लगा रहा है। राजा ये देखकर बहुत प्रसन्न हुआ कि उस चित्रकार ने राजा की कमजोरियों को छिपा कर कितनी चतुराई से एक सुन्दर तस्वीर बनाई है। राजा ने उसे बहुत बड़ा इनाम दिया। दूसरों की कमियों को नजरअंदाज करना और उनकी अच्छाइयों पर ध्यान देना बहुत मुश्किल काम नहीं है। आजकल लोग एक दूसरे की कमियां बहुत जल्दी ढूंढ लेते हैं, चाहे खुद में कितनी भी बुराइयां हों। उस चित्रकार से दूसरों को देखने का सही नजरियां सीख सकते हैं। जब आप किसी के बारे में अच्छा सोचते हैं तो यकीनन आपके साथ भी अच्छा ही होता है। |
अफगानिस्तान (Afghanistan) में इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन का सफाया करने के लिए अमेरिका एक बार फिर हमले शुरू कर सकता है.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के सत्ता से बाहर होने के बाद अमेरिका को बड़ा फायदा हुआ है. दरअसल, नए प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को अमेरिका (America) की तरफ झुकाव रखने वाला माना जाता है. इमरान की कुर्सी जाने के बाद चीन को नुकसान हुआ है, क्योंकि वह उसके समर्थक रहे हैं. पाकिस्तान में हुए सत्ता परिवर्तन के चलते अब अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन का सफाया करने के लिए अमेरिका एक बार फिर हमले शुरू कर सकता है. लेकिन अमेरिका का असल इरादा चीन और उसके प्रतिष्ठित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अफगानिस्तान से बाहर करना है.
इस बीच, यूएस ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष मार्क मिले (Mark Milley) ने बुधवार को कहा कि अगर अफगानिस्तान से किसी तरह का कोई खतरा पैदा होता है, तो अमेरिका के पास अफगानिस्तान में स्ट्राइक ऑपरेशन करने की क्षमता है. मिले ने हाउस विनियोग समिति के लिए तैयार गवाही में कहा, 'हम (अफगानिस्तान में) नजर बनाए रखते हैं और मैं इस बारे में डिटेल्स में नहीं जाने वाला हूं कि ऐसा किस तरीके से किया जा रहा है. अगर हम अफगानिस्तान की भूमि से उत्पन्न होने वाले खतरे को देखते हैं तो हमारे पास स्ट्राइक ऑपरेशन करने की क्षमता है.' वहीं, अब इमरान के सत्ता से बाहर जाने के बाद अमेरिका को पाकिस्तान में नया बेस मिल सकता है.
वहीं, अफगानिस्तान में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं. अगर इस बार युद्ध हुआ तो ये काबू से बाहर हो सकता है. फोर्ब्स मैगजीन ने दावा किया कि तालिबान ने सत्ता में आते ही अमेरिका द्वारा छोड़े गए 7 अरब के सैन्य हार्डवेयर पर कब्जा जमाया. रक्षा विभाग ने अनुमान लगाया कि अमेरिका ने अफगानिस्तान में 7.12 अरब डॉलर के सैन्य उपकरण खरीदे, लेकिन देश से वापसी के दौरान ये पीछे ही छूट गए. इन सैन्य उपकरणों में विमान, वाहन, हथियार, गोला-बारूद और संचार हार्डवेयर शामिल हैं. अब अमेरिका इन्हें तालिबान से वापस लेना चाहता है. अमेरिका पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल कर सकता है. साथ ही वह वहां सैन्य अड्डे भी बना सकता है.
सीएनएन ने बताया था कि अमेरिका अफगानिस्तान में सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के लिए एक औपचारिक समझौते के करीब है. इमरान के सत्ता में रहने के दौरान अमेरिका इस संबंध में पाकिस्तानी सेना के साथ संपर्क में था. अमेरिका ने चीन द्वारा पाकिस्तान में सैन्य अड्डा बनाने के प्लान को भी विफल कर दिया है. बीजिंग पाकिस्तान और श्रीलंका में सैन्य अड्डा स्थापित करने के लिए इस्लामाबाद के साथ भी बातचीत कर रहा था. लेकिन अमेरिका की बातचीत ने उसकी योजना पर पानी फेर दिया है.
| अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन का सफाया करने के लिए अमेरिका एक बार फिर हमले शुरू कर सकता है. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के सत्ता से बाहर होने के बाद अमेरिका को बड़ा फायदा हुआ है. दरअसल, नए प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को अमेरिका की तरफ झुकाव रखने वाला माना जाता है. इमरान की कुर्सी जाने के बाद चीन को नुकसान हुआ है, क्योंकि वह उसके समर्थक रहे हैं. पाकिस्तान में हुए सत्ता परिवर्तन के चलते अब अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन का सफाया करने के लिए अमेरिका एक बार फिर हमले शुरू कर सकता है. लेकिन अमेरिका का असल इरादा चीन और उसके प्रतिष्ठित चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को अफगानिस्तान से बाहर करना है. इस बीच, यूएस ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष मार्क मिले ने बुधवार को कहा कि अगर अफगानिस्तान से किसी तरह का कोई खतरा पैदा होता है, तो अमेरिका के पास अफगानिस्तान में स्ट्राइक ऑपरेशन करने की क्षमता है. मिले ने हाउस विनियोग समिति के लिए तैयार गवाही में कहा, 'हम नजर बनाए रखते हैं और मैं इस बारे में डिटेल्स में नहीं जाने वाला हूं कि ऐसा किस तरीके से किया जा रहा है. अगर हम अफगानिस्तान की भूमि से उत्पन्न होने वाले खतरे को देखते हैं तो हमारे पास स्ट्राइक ऑपरेशन करने की क्षमता है.' वहीं, अब इमरान के सत्ता से बाहर जाने के बाद अमेरिका को पाकिस्तान में नया बेस मिल सकता है. वहीं, अफगानिस्तान में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं. अगर इस बार युद्ध हुआ तो ये काबू से बाहर हो सकता है. फोर्ब्स मैगजीन ने दावा किया कि तालिबान ने सत्ता में आते ही अमेरिका द्वारा छोड़े गए सात अरब के सैन्य हार्डवेयर पर कब्जा जमाया. रक्षा विभाग ने अनुमान लगाया कि अमेरिका ने अफगानिस्तान में सात.बारह अरब डॉलर के सैन्य उपकरण खरीदे, लेकिन देश से वापसी के दौरान ये पीछे ही छूट गए. इन सैन्य उपकरणों में विमान, वाहन, हथियार, गोला-बारूद और संचार हार्डवेयर शामिल हैं. अब अमेरिका इन्हें तालिबान से वापस लेना चाहता है. अमेरिका पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल कर सकता है. साथ ही वह वहां सैन्य अड्डे भी बना सकता है. सीएनएन ने बताया था कि अमेरिका अफगानिस्तान में सैन्य अभियानों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करने के लिए एक औपचारिक समझौते के करीब है. इमरान के सत्ता में रहने के दौरान अमेरिका इस संबंध में पाकिस्तानी सेना के साथ संपर्क में था. अमेरिका ने चीन द्वारा पाकिस्तान में सैन्य अड्डा बनाने के प्लान को भी विफल कर दिया है. बीजिंग पाकिस्तान और श्रीलंका में सैन्य अड्डा स्थापित करने के लिए इस्लामाबाद के साथ भी बातचीत कर रहा था. लेकिन अमेरिका की बातचीत ने उसकी योजना पर पानी फेर दिया है. |
रियो डी जिनेरियो (ब्राजील), 28 जुलाई (एपी) 'संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन' (यूनेस्को) ने दुनिया भर में अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर रियो डी जिनेरियो में दिवंगत वास्तुकार रॉबर्टो बर्ल मार्क्स के आवास रहे स्थल को विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया है।
पश्चिमी रियो स्थित सिटियो बर्ल मार्क्स में रियो के स्थानीय पौधों की 3,500 से अधिक प्रजातियां हैं और इसे वनस्पति प्रयोगों के लिए एक प्रयोगशाला माना जाता है।
चीन में यूनेस्को की विरासत समिति की बैठक के दौरान सिटियो बर्ल मार्क्स को मान्यता प्रदान की गई। इस स्थल को "सांस्कृतिक परिदृश्य" श्रेणी में नामित किया गया।
इस स्थल का नाम बर्ल मार्क्स के नाम पर रखा गया है। यह 1985 तक उनका घर था जिसे उन्होंने संघीय सरकार को दान दे दिया था।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
| रियो डी जिनेरियो , अट्ठाईस जुलाई 'संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन' ने दुनिया भर में अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर रियो डी जिनेरियो में दिवंगत वास्तुकार रॉबर्टो बर्ल मार्क्स के आवास रहे स्थल को विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल किया है। पश्चिमी रियो स्थित सिटियो बर्ल मार्क्स में रियो के स्थानीय पौधों की तीन,पाँच सौ से अधिक प्रजातियां हैं और इसे वनस्पति प्रयोगों के लिए एक प्रयोगशाला माना जाता है। चीन में यूनेस्को की विरासत समिति की बैठक के दौरान सिटियो बर्ल मार्क्स को मान्यता प्रदान की गई। इस स्थल को "सांस्कृतिक परिदृश्य" श्रेणी में नामित किया गया। इस स्थल का नाम बर्ल मार्क्स के नाम पर रखा गया है। यह एक हज़ार नौ सौ पचासी तक उनका घर था जिसे उन्होंने संघीय सरकार को दान दे दिया था। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है। |
गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आठ और नौ जुलाई को गोरखपुर आ रहे हैं। वह यहां कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। कनेक्टिंग पीपुल विथ नेचर अभियान के तहत एमएमएमयूटी में पौधरोपण कर अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इसके लिए लखनऊ से पीपल का पौधा भी मंगाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में 2. 94 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। सीएम योगी आदित्यनाथ शहीद साहब शुक्ला को श्रद्धांजलि भी देंगे।
अभी मुख्यमंत्री कार्यालय से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन जिला प्रशासन इन कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए तैयारियां शुरू कर दी है। कार्यक्रम में फेर-बदल संभव है। जिला प्रशासन के मुताबिक मुख्यमंत्री आठ की सुबह 10. 30 बजे गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से हेलीकॉप्टर से वे शहीद सीआरपीएफ जवान साहब शुक्ला के मूल निवास मझगांवा पहुंच श्रद्धांजलि देंगे।
इसके बाद बेलीपार थाना क्षेत्र के ही कनईल गांव में सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को स्कूली ड्रेस वितरित करेंगे। लौटकर एमएमएमयूटी में पौधरोपण करेंगे। इसके बाद रिसर्च कान्क्लेव का उद्घाटन करने के साथ ही बीपीएल सूची लाभार्थियों को बिजली का मुफ्त कनेक्शन बांटेंगे। गोरखनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद नौ जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर मंदिर में ही आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मंदिर में ही सुबह फरियाद सुनेंगे। इसके बाद एसएसबी के डेवलपमेंट सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में शरीक होंगे।
| गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आठ और नौ जुलाई को गोरखपुर आ रहे हैं। वह यहां कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। कनेक्टिंग पीपुल विथ नेचर अभियान के तहत एमएमएमयूटी में पौधरोपण कर अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इसके लिए लखनऊ से पीपल का पौधा भी मंगाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले में दो. चौरानवे लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। सीएम योगी आदित्यनाथ शहीद साहब शुक्ला को श्रद्धांजलि भी देंगे। अभी मुख्यमंत्री कार्यालय से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, लेकिन जिला प्रशासन इन कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए तैयारियां शुरू कर दी है। कार्यक्रम में फेर-बदल संभव है। जिला प्रशासन के मुताबिक मुख्यमंत्री आठ की सुबह दस. तीस बजे गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से हेलीकॉप्टर से वे शहीद सीआरपीएफ जवान साहब शुक्ला के मूल निवास मझगांवा पहुंच श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद बेलीपार थाना क्षेत्र के ही कनईल गांव में सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को स्कूली ड्रेस वितरित करेंगे। लौटकर एमएमएमयूटी में पौधरोपण करेंगे। इसके बाद रिसर्च कान्क्लेव का उद्घाटन करने के साथ ही बीपीएल सूची लाभार्थियों को बिजली का मुफ्त कनेक्शन बांटेंगे। गोरखनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद नौ जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर मंदिर में ही आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मंदिर में ही सुबह फरियाद सुनेंगे। इसके बाद एसएसबी के डेवलपमेंट सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में शरीक होंगे। |
एम्स ईएनटी विभाग ने 19 साल की युवती के दोनों कान बनाने और बोन ब्रिज इंप्लांट कर सुनने की शक्ति देने का कारनामा किया है। यह युवती 6 साल पहले एम्स आई थी। उसके कान का बाहरी व अंदरुनी हिस्सा पूर्ण विकसित नहीं था। इससे लड़की के सुनने की क्षमता केवल 40% थी। बोलने की क्षमता भी कम थी।
विभागाध्यक्ष डॉ. अमित गोयल ने बताया कि डॉ. कपिल सोनी ने मरीज के दोनों साइड के कान का नया स्ट्रक्चर बनाया, जिसमें तीन साल लगे। इसके बाद बोन ब्रिज इंप्लांट लगाकर सुनने की शक्ति भी दी। पूरे 6 साल और 4 सर्जरी के बाद लड़की अब साफ सुन पा रही है। पश्चिमी राजस्थान का ऐसा पहला ऑपरेशन अहमदाबाद अपोलो से आए डॉ. राजेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में किया गया।
डॉ. सोनी ने बताया कि लड़की के बाहरी कान का पूरा आकार बनाया। सुनने की शक्ति के लिए बोन ब्रिज इंप्लांट किया। निजी अस्पतालों में ऐसे ऑपरेशन में करीब 6 लाख रु. खर्च होते हैं। हमने प्रधानमंत्री कोष से विशेष अनुमति लेकर यह ऑपरेशन किया। इंप्लांट लगाने का ऑपरेशन अहमदाबाद के डॉ. राजेश विश्वकर्मा, डॉ. अमित गोयल व डॉ. कपिल सोनी ने किया।
डॉ. सोनी ने बताया कि पहले चरण में छाती की छठी, सातवीं आठवीं नरम पसलियों को निकाला। फिर पसलियों कान के आकार में बनाया व अविकसित कान की जगह लगाया। इसके 6 माह बाद दूसरा चरण और उसके बाद हर 6 माह में सर्जरी कर करीब 3 साल में कान की प्राथमिक संरचना को अंतिम आकार दिया।
डॉ. अमित गोयल ने बताया कि बोन ब्रिज इंप्लांट ऐसे मरीज में करते हैं, जिनके बाहरी कान सामान्य रुप से नहीं बने होते। इसकी वजह से मरीज को सुनाई नहीं देता। यह छोटे बच्चों में लगाए कॉकलियर इंप्लांट से अलग है, जिसमें मशीन को कान के अंदरुनी हिस्से में लगाते हैं। जबकि बोन ब्रिज इंप्लांट में मशीन को सिर के पिछले भाग की हड्डी में लगाया जाता है। इंप्लांट सिर की हड्डी के माध्यम से दिमाग में तरंगें प्रवाहित करता है, जिससे मरीज को सुनाई देता है।
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| एम्स ईएनटी विभाग ने उन्नीस साल की युवती के दोनों कान बनाने और बोन ब्रिज इंप्लांट कर सुनने की शक्ति देने का कारनामा किया है। यह युवती छः साल पहले एम्स आई थी। उसके कान का बाहरी व अंदरुनी हिस्सा पूर्ण विकसित नहीं था। इससे लड़की के सुनने की क्षमता केवल चालीस% थी। बोलने की क्षमता भी कम थी। विभागाध्यक्ष डॉ. अमित गोयल ने बताया कि डॉ. कपिल सोनी ने मरीज के दोनों साइड के कान का नया स्ट्रक्चर बनाया, जिसमें तीन साल लगे। इसके बाद बोन ब्रिज इंप्लांट लगाकर सुनने की शक्ति भी दी। पूरे छः साल और चार सर्जरी के बाद लड़की अब साफ सुन पा रही है। पश्चिमी राजस्थान का ऐसा पहला ऑपरेशन अहमदाबाद अपोलो से आए डॉ. राजेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में किया गया। डॉ. सोनी ने बताया कि लड़की के बाहरी कान का पूरा आकार बनाया। सुनने की शक्ति के लिए बोन ब्रिज इंप्लांट किया। निजी अस्पतालों में ऐसे ऑपरेशन में करीब छः लाख रु. खर्च होते हैं। हमने प्रधानमंत्री कोष से विशेष अनुमति लेकर यह ऑपरेशन किया। इंप्लांट लगाने का ऑपरेशन अहमदाबाद के डॉ. राजेश विश्वकर्मा, डॉ. अमित गोयल व डॉ. कपिल सोनी ने किया। डॉ. सोनी ने बताया कि पहले चरण में छाती की छठी, सातवीं आठवीं नरम पसलियों को निकाला। फिर पसलियों कान के आकार में बनाया व अविकसित कान की जगह लगाया। इसके छः माह बाद दूसरा चरण और उसके बाद हर छः माह में सर्जरी कर करीब तीन साल में कान की प्राथमिक संरचना को अंतिम आकार दिया। डॉ. अमित गोयल ने बताया कि बोन ब्रिज इंप्लांट ऐसे मरीज में करते हैं, जिनके बाहरी कान सामान्य रुप से नहीं बने होते। इसकी वजह से मरीज को सुनाई नहीं देता। यह छोटे बच्चों में लगाए कॉकलियर इंप्लांट से अलग है, जिसमें मशीन को कान के अंदरुनी हिस्से में लगाते हैं। जबकि बोन ब्रिज इंप्लांट में मशीन को सिर के पिछले भाग की हड्डी में लगाया जाता है। इंप्लांट सिर की हड्डी के माध्यम से दिमाग में तरंगें प्रवाहित करता है, जिससे मरीज को सुनाई देता है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
आगरा। 'डिजिटल इंडिया' के दौर में अब रेलवे का टिकट 5ाी आधार कार्ड से लिंक करने की कवायद चल रही है। यदि रेलवे का पायलट प्रोजे1ट सफल रहा तो आपको अपनी यात्रा की टिकट बुकिंग के दौरान आधार नंबर अनिवार्य रूप से देना होगा। आधार नंबर के बिना पर ही आप ट्रेन कोच के बाहर लगी थ6ब इंप्रेशन मशीन में पंच करके कोच में चढ़ सकेंगे। यह व्यवस्था टिकट बुकिंग में दलालों की बढ़ती पैठ को रोकने और कोचों में रिजर्वेशन न होने के बावजूद चढ़ने वाले यात्रियों पर लगाम कसने के लिए की जा रही है। फिलहाल अ5ाी सिर्फ एक ट्रेन में ही यह अनूठा प्रयोग किया जाएगा।
रेलवे ने 5ाी हाईटेक होने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। अब रेलवे ट्रेन के कोच के बाहर बायोमेट्रिक मशीन लगाने जा रहा है। रेलवे का यह एक पायलट प्रोजे1ट है। इसका प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। हालांकि पहले ये योजना पुणे में शुरु हो चुकी है। अब इसे ल2ानऊ-मुंबई के रूट पर अमल में लाने की तैयारी है। ल2ानऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक ए1सप्रेस में प्रयोग किया जाएगा। आपको बता दें कि इस गाड़ी को वीआईपी गाड़ी का दर्जा प्राप्त है।
रेलवे इस योजना को कोच में होने वाली 5ाीड़5ाड़ और दलालों से छुटकारा पाने की कवायद के रुप में लागू करना चाहता हैं। दे2ाने में आया है कि दलाल गाड़ी छूटने से एक घंटा पहले टिकट 2ारीदकर बेचना शुरु कर देते हैं। जनरल कोच में सीट से ज्यादा पैसेंजर्स आ जाते हैं। इसके चलते काफी सं2या में 5ाीड़5ाड़ हो जाती है। अब रेलवे जितनी सीट होंगी, उतने ही टिकट जारी करेगा। ट्रेन छूटने के चार घंटे पहले पैसेंजर्स के मोबाइल पर एक टोकन नंबर आएगा। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने पर यह नंबर ही गेट पर लगी बायोमेट्रिक मशीन में थ6ब लगाते ही डिस्प्ले होगा। यह इंप्रेशन ए1सेप्ट होते ही आप गेट के अंदर जा सकेंगे।
रेलवे में आगरा मंडल की बात करें तो इ6पलॉयज के लिए पहले से ही बायोमेट्रिक मशीन लगाई जा चुकी हैं। इसके अलावा ट्रैक मैन के लिए 5ाी बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाएंगी। एडीआरएम डीके सिंह का कहना है कि ये कोच के बाहर बायोमेट्रिक मशीन लगाने की व्यवस्था अ5ाी आगरा मंडल में शुरु होने के ऐसे कोई निर्देश नहीं है। हाँ एक दो स्थानों पर ये व्यवस्था शुरु हुई है।
| आगरा। 'डिजिटल इंडिया' के दौर में अब रेलवे का टिकट पाँचाी आधार कार्ड से लिंक करने की कवायद चल रही है। यदि रेलवे का पायलट प्रोजेएकट सफल रहा तो आपको अपनी यात्रा की टिकट बुकिंग के दौरान आधार नंबर अनिवार्य रूप से देना होगा। आधार नंबर के बिना पर ही आप ट्रेन कोच के बाहर लगी थछःब इंप्रेशन मशीन में पंच करके कोच में चढ़ सकेंगे। यह व्यवस्था टिकट बुकिंग में दलालों की बढ़ती पैठ को रोकने और कोचों में रिजर्वेशन न होने के बावजूद चढ़ने वाले यात्रियों पर लगाम कसने के लिए की जा रही है। फिलहाल अपाँचाी सिर्फ एक ट्रेन में ही यह अनूठा प्रयोग किया जाएगा। रेलवे ने पाँचाी हाईटेक होने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। अब रेलवे ट्रेन के कोच के बाहर बायोमेट्रिक मशीन लगाने जा रहा है। रेलवे का यह एक पायलट प्रोजेएकट है। इसका प्रपोजल तैयार किया जा रहा है। हालांकि पहले ये योजना पुणे में शुरु हो चुकी है। अब इसे लदोानऊ-मुंबई के रूट पर अमल में लाने की तैयारी है। लदोानऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक एएकसप्रेस में प्रयोग किया जाएगा। आपको बता दें कि इस गाड़ी को वीआईपी गाड़ी का दर्जा प्राप्त है। रेलवे इस योजना को कोच में होने वाली पाँचाीड़पाँचाड़ और दलालों से छुटकारा पाने की कवायद के रुप में लागू करना चाहता हैं। देदोाने में आया है कि दलाल गाड़ी छूटने से एक घंटा पहले टिकट दोारीदकर बेचना शुरु कर देते हैं। जनरल कोच में सीट से ज्यादा पैसेंजर्स आ जाते हैं। इसके चलते काफी संदोया में पाँचाीड़पाँचाड़ हो जाती है। अब रेलवे जितनी सीट होंगी, उतने ही टिकट जारी करेगा। ट्रेन छूटने के चार घंटे पहले पैसेंजर्स के मोबाइल पर एक टोकन नंबर आएगा। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आने पर यह नंबर ही गेट पर लगी बायोमेट्रिक मशीन में थछःब लगाते ही डिस्प्ले होगा। यह इंप्रेशन एएकसेप्ट होते ही आप गेट के अंदर जा सकेंगे। रेलवे में आगरा मंडल की बात करें तो इछःपलॉयज के लिए पहले से ही बायोमेट्रिक मशीन लगाई जा चुकी हैं। इसके अलावा ट्रैक मैन के लिए पाँचाी बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाएंगी। एडीआरएम डीके सिंह का कहना है कि ये कोच के बाहर बायोमेट्रिक मशीन लगाने की व्यवस्था अपाँचाी आगरा मंडल में शुरु होने के ऐसे कोई निर्देश नहीं है। हाँ एक दो स्थानों पर ये व्यवस्था शुरु हुई है। |
मुंबईः फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' के अभिनेता शाहरुख खान और निर्देशक इम्तियाज अली फिल्म ने फिल्म के प्रचार के लिए नए तरीके आजमाने का फैसला किया है। इम्तियाज 'मिनी ट्रेल्स' जैसे बेहतरीन उद्देश्य से दर्शको का परिचय करवाने जा रहे हैं। इसमें 30 सेकंड की क्लिपों के जरिए दर्शकों को परिचित कराया जाएगा। इस क्लिप के जरिए पहले हैरी और सेजल के किरदारों को दर्शकों से रूबरू कराया जाएगा। इस कड़ी में पहली क्लिप रविवार को रिलीज होगी।
'मिनी ट्रेल्स' फिल्म के गीतों को बढ़ावा देने के रूप में काम करेंगे और प्रेम कहानी का सार संवाद करने में मदद करेंगे।
इस बारे में शाहरुख ने कहा, "मिनी ट्रायल का पूरा विचार हैरी और सेजल को पेश करने के लिए किया गया है। प्रेम कहानी के दोनों पात्र खूबसूरत हैं। ट्रायल में उनकी यात्रा की कुछ झलकियां होंगी, जो धीरे-धीरे सिनेमाघरों बड़ी कहानी का नेतृत्व करेंगे। "
उन्होंने कहा, इम्तियाज का लेखन और शूटिंग एक विशेष तरीका है। यहां तक की उन्होंने साधारण दृश्यों को भी भावनात्मकता से जोड़ा है। ये 'मिनी ट्रायल्स' हमारी फिल्म के कुछ दृश्यों पर प्रकाश डालेंगे। "
फिल्म की कहानी शाहरुख द्वारा अभिनीत पंजाबी व्यक्ति और अनुष्का शर्मा अभिनीत गुजराती लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है।
| मुंबईः फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' के अभिनेता शाहरुख खान और निर्देशक इम्तियाज अली फिल्म ने फिल्म के प्रचार के लिए नए तरीके आजमाने का फैसला किया है। इम्तियाज 'मिनी ट्रेल्स' जैसे बेहतरीन उद्देश्य से दर्शको का परिचय करवाने जा रहे हैं। इसमें तीस सेकंड की क्लिपों के जरिए दर्शकों को परिचित कराया जाएगा। इस क्लिप के जरिए पहले हैरी और सेजल के किरदारों को दर्शकों से रूबरू कराया जाएगा। इस कड़ी में पहली क्लिप रविवार को रिलीज होगी। 'मिनी ट्रेल्स' फिल्म के गीतों को बढ़ावा देने के रूप में काम करेंगे और प्रेम कहानी का सार संवाद करने में मदद करेंगे। इस बारे में शाहरुख ने कहा, "मिनी ट्रायल का पूरा विचार हैरी और सेजल को पेश करने के लिए किया गया है। प्रेम कहानी के दोनों पात्र खूबसूरत हैं। ट्रायल में उनकी यात्रा की कुछ झलकियां होंगी, जो धीरे-धीरे सिनेमाघरों बड़ी कहानी का नेतृत्व करेंगे। " उन्होंने कहा, इम्तियाज का लेखन और शूटिंग एक विशेष तरीका है। यहां तक की उन्होंने साधारण दृश्यों को भी भावनात्मकता से जोड़ा है। ये 'मिनी ट्रायल्स' हमारी फिल्म के कुछ दृश्यों पर प्रकाश डालेंगे। " फिल्म की कहानी शाहरुख द्वारा अभिनीत पंजाबी व्यक्ति और अनुष्का शर्मा अभिनीत गुजराती लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है। |
उन्होंने पिछले साल आए विनाशकारी भूकंप के कारण मंदिर और इसके परिसरों को हुए नुकसान के बारे में पूछा. टंडन ने बताया कि भूकंप के झटकों से पशुपतिनाथ मंदिर को बहुत कम नुकसान हुआ है. मंदिर के रसोईघर को छोड़कर और कोई ढांचा क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है. मंदिर में पंचमुखी शिवलिंग है. मंदिर परिसर 200 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है. मुखर्जी ने बागमती नदी के संरक्षण और आर्यघाट में मरम्मत कार्य में भी दिलचस्पी दिखाई. आर्यघाट नदी के किनारे स्थित हिंदुओं का पारंपरिक श्मशानघाट है.
| उन्होंने पिछले साल आए विनाशकारी भूकंप के कारण मंदिर और इसके परिसरों को हुए नुकसान के बारे में पूछा. टंडन ने बताया कि भूकंप के झटकों से पशुपतिनाथ मंदिर को बहुत कम नुकसान हुआ है. मंदिर के रसोईघर को छोड़कर और कोई ढांचा क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है. मंदिर में पंचमुखी शिवलिंग है. मंदिर परिसर दो सौ एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है. मुखर्जी ने बागमती नदी के संरक्षण और आर्यघाट में मरम्मत कार्य में भी दिलचस्पी दिखाई. आर्यघाट नदी के किनारे स्थित हिंदुओं का पारंपरिक श्मशानघाट है. |
न्तों का परस्पर सलाह और बाद विवाद करना ।
सामन्तों का भगवती का ध्यान करना । ६ हांसी के किले में स्थित सामन्तों के नाम और उनका वर्णन । कुछ सामन्तों का किला छोड़ देने का प्रस्ताव करना परन्तु देवरात्र बग्गरी का उसे न मानना । ८ कवि का कहना कि समयानुसार सामन्त लोग चूक गए तो क्या । देवराव बग्गरी का वचन । ६० कल्हन और कमधुज्ज का बग्गरी
राय के वचनों का अनुमोदन करना। ११ सातों भाई तत्तार खां का तलवारें बांधना और हांसीगढ़ पर आक्रभगा करना ।
१२ अन्यान्य सामन्तों की अकर्मण्यता और देवराय की प्रशंसा वर्णन । १३ देवराय बग्गरी की वीरता ।
१४ युद्धारंभ और युद्धस्थल का चित्र वर्णन।
१५ देवकर्ण वग्गरी का बीरता के साथ मारा जाना ।
१६ वीर वग्गरी का मोच पाना । १७ इस युद्ध में मृत वीर सैनिकों की नामावली ।
१८ एक सहस सिपाहियों के मारे जाने पर भी सामन्तों का किला न छोड़ना ।
१६ पृथ्वीराज को स्वप्न में हांसीपुर का दर्शन देना ।
२१ हांसीपुर की यह गति जान कर
पृथ्वीराज का घबड़ा कर कैमास से सलाह पूछना ।
२२ कैमास का रावल समरसी जी को
बुलाने के लिये कहना ।
२३ रावत समरसी जी का हांसीपुर की
तरफ चलना
हांसीपुर को छोड़कर आए हुए सामन्तों का पृथ्वीराज से मिलना । २५ पृथ्वीराज का सव सामन्तों को समझा बुझा कर सांत्वना देना 1 २६ पृथ्वीराज कां सामन्तों के सहित हांसीपुर पर चढ़ाई करना । २७ पृथ्वीराज के हांसीपुर पर चढ़ाई की तिथि ।
२८ सुसज्जित सेना सहित पृथ्वीराज की चढ़ाई का आतंक वर्णन ।
२९ रावल का चहुश्रान के पहलेही हांसीपुर पहुंच जाना ।
समरसीजी के पहुंचतेही यवन सेना का उनसे भिड़ पड़ना ।
३१ समरसिंह जी की सिपाहगीरी और फुर्तीलेपन का वर्णन ।
३२ यवन और रावल सेना का युद्ध वर्णन ।
२० पृथ्वीराज प्रति हांसीपुर का वचन । १३७८ ३९ श्रमर की वीर मृत्यु और उसको
मोक्ष प्राप्त होना ।
धावा करना ।
३७ घोर युद्ध वर्णन ।
३८ इसी युद्ध के समय पृथ्वीराज का श्रा पहुंचना ।
३३ समरसीजी की वीरता का बखान । १३८४
३४ समरसीजी के भाई अमरसिंह का
मरण ।
३५ युद्धस्थल का चित्र वर्णन ।
३६ यवन सेना की ओर से तत्तार खां का
४० पृथ्वीराज के पहुंचतेही शाही सेना
का बल हास होना ।
४१ पृथ्वीराज का यवन सेना को दबाना । | न्तों का परस्पर सलाह और बाद विवाद करना । सामन्तों का भगवती का ध्यान करना । छः हांसी के किले में स्थित सामन्तों के नाम और उनका वर्णन । कुछ सामन्तों का किला छोड़ देने का प्रस्ताव करना परन्तु देवरात्र बग्गरी का उसे न मानना । आठ कवि का कहना कि समयानुसार सामन्त लोग चूक गए तो क्या । देवराव बग्गरी का वचन । साठ कल्हन और कमधुज्ज का बग्गरी राय के वचनों का अनुमोदन करना। ग्यारह सातों भाई तत्तार खां का तलवारें बांधना और हांसीगढ़ पर आक्रभगा करना । बारह अन्यान्य सामन्तों की अकर्मण्यता और देवराय की प्रशंसा वर्णन । तेरह देवराय बग्गरी की वीरता । चौदह युद्धारंभ और युद्धस्थल का चित्र वर्णन। पंद्रह देवकर्ण वग्गरी का बीरता के साथ मारा जाना । सोलह वीर वग्गरी का मोच पाना । सत्रह इस युद्ध में मृत वीर सैनिकों की नामावली । अट्ठारह एक सहस सिपाहियों के मारे जाने पर भी सामन्तों का किला न छोड़ना । सोलह पृथ्वीराज को स्वप्न में हांसीपुर का दर्शन देना । इक्कीस हांसीपुर की यह गति जान कर पृथ्वीराज का घबड़ा कर कैमास से सलाह पूछना । बाईस कैमास का रावल समरसी जी को बुलाने के लिये कहना । तेईस रावत समरसी जी का हांसीपुर की तरफ चलना हांसीपुर को छोड़कर आए हुए सामन्तों का पृथ्वीराज से मिलना । पच्चीस पृथ्वीराज का सव सामन्तों को समझा बुझा कर सांत्वना देना एक छब्बीस पृथ्वीराज कां सामन्तों के सहित हांसीपुर पर चढ़ाई करना । सत्ताईस पृथ्वीराज के हांसीपुर पर चढ़ाई की तिथि । अट्ठाईस सुसज्जित सेना सहित पृथ्वीराज की चढ़ाई का आतंक वर्णन । उनतीस रावल का चहुश्रान के पहलेही हांसीपुर पहुंच जाना । समरसीजी के पहुंचतेही यवन सेना का उनसे भिड़ पड़ना । इकतीस समरसिंह जी की सिपाहगीरी और फुर्तीलेपन का वर्णन । बत्तीस यवन और रावल सेना का युद्ध वर्णन । बीस पृथ्वीराज प्रति हांसीपुर का वचन । एक हज़ार तीन सौ अठहत्तर उनतालीस श्रमर की वीर मृत्यु और उसको मोक्ष प्राप्त होना । धावा करना । सैंतीस घोर युद्ध वर्णन । अड़तीस इसी युद्ध के समय पृथ्वीराज का श्रा पहुंचना । तैंतीस समरसीजी की वीरता का बखान । एक हज़ार तीन सौ चौरासी चौंतीस समरसीजी के भाई अमरसिंह का मरण । पैंतीस युद्धस्थल का चित्र वर्णन । छत्तीस यवन सेना की ओर से तत्तार खां का चालीस पृथ्वीराज के पहुंचतेही शाही सेना का बल हास होना । इकतालीस पृथ्वीराज का यवन सेना को दबाना । |
Rajasthan में ओबीसी आरक्षण नियमों में संशोधन को लेकर सियासत गरमाई हुई है। भाजपा सरकार के समय नियमों में संशोधन के खिलाफ 8 मार्च से आंदोलन कर रहे पूर्व मंत्री हरीश चौधरी को लेकर भाजपा ने चुप्पी तोड़ते हुए कांग्रेस पर ही आंदोलन को हवा देने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पूर्व मंत्री हरीश चौधरी को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह सब सरकार से प्रेरित लग रहा है। एक पूर्व मंत्री अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन करें। यह बात समझ से परे है। यानी दाल में कुछ काला जरूर है। ओबीसी आंदोलन को लेकर हनुमान बेनीवाल जी हरीश चौधरी के खिलाफ मैदान में उतर गए हैं। बेनीवाल ने हरीश चौधरी पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हरीश चौधरी को मामले को सियासी टूल देना तब याद आया जब उनकी राजनीतिक जमीन खिसक रही है। आज तो मंत्रिमंडल में यह मामला डफर होने पर बयान बाजी कर रहे हैं।
ओबीसी आरक्षण समिति के सदस्यों के साथ बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक की। मीटिंग में समिति से रिटायर्ड आरएएस जस्सा राम चौधरी, डॉ राम सिंह सामोता, मोहसिन खान, योगेश यादव, सुनील चौधरी, नाथू राम गोदारा और बलराम शामिल रहे। बैठक में समिति के सदस्यों ने सीएम से ओबीसी आरक्षण पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि ऐसे कई बार कठिन और संवेदनशील विषय सरकार के सामने आते हैं। जहां समाज के भीतर विरोधाभास होता है। लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार की नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह उस को सुलझाए। लेकिन यहां तो ऐसा लगता है कि सरकार इसमें तमाशा देख रही है। सरकार को चाहिए कि वह इसमें सर्वसम्मति बनाकर बीच का रास्ता निकाले जिम्मेदारों से बात करें। लेकिन इसके विपरीत विचित्र और हास्यास्पद स्थिति उत्पन्न हो गई है।
ओबीसी आरक्षण में विसंगति के मामले में और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने विधायक चौधरी पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 1998-99 में जाट आरक्षण आंदोलन के समय चौधरी उन लोगों में शामिल थे। जो इसका विरोध कर रहे थे। वह आंदोलन के किसी मंच पर नजर नहीं आए। साल 2018 में वसुंधरा सरकार के एक गलत आदेश की वजह से यह विसंगति पैदा हुई। सरकार में मंत्री रहते हरीश चौधरी ने एक बार भी मामला नहीं उठाया।
हरीश चौधरी ने कहा कि ओबीसी आरक्षण मामले को लेकर विवाद पैदा करने से युवाओं को मदद नहीं मिल रही है और मुद्दा कमजोर हो रहा है। कोई भी ओबीसी आरक्षण विसंगतियों में विवाद पैदा नहीं करें और हम राजनीतिक लड़ाई दूसरे तरीके से लड़ लेंगे। यह प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है। हमें श्रेय नहीं चाहिए। हमारा मकसद प्रदेश के लाखों युवाओं को राहत देना है।
Guillain-Barré Syndrome: क्या है गुइयां-बेरे सिंड्रोम, और पेरू में क्यों बन रहे है कोरोना जैसे हालात?
| Rajasthan में ओबीसी आरक्षण नियमों में संशोधन को लेकर सियासत गरमाई हुई है। भाजपा सरकार के समय नियमों में संशोधन के खिलाफ आठ मार्च से आंदोलन कर रहे पूर्व मंत्री हरीश चौधरी को लेकर भाजपा ने चुप्पी तोड़ते हुए कांग्रेस पर ही आंदोलन को हवा देने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पूर्व मंत्री हरीश चौधरी को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह सब सरकार से प्रेरित लग रहा है। एक पूर्व मंत्री अपनी ही सरकार के खिलाफ आंदोलन करें। यह बात समझ से परे है। यानी दाल में कुछ काला जरूर है। ओबीसी आंदोलन को लेकर हनुमान बेनीवाल जी हरीश चौधरी के खिलाफ मैदान में उतर गए हैं। बेनीवाल ने हरीश चौधरी पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हरीश चौधरी को मामले को सियासी टूल देना तब याद आया जब उनकी राजनीतिक जमीन खिसक रही है। आज तो मंत्रिमंडल में यह मामला डफर होने पर बयान बाजी कर रहे हैं। ओबीसी आरक्षण समिति के सदस्यों के साथ बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक की। मीटिंग में समिति से रिटायर्ड आरएएस जस्सा राम चौधरी, डॉ राम सिंह सामोता, मोहसिन खान, योगेश यादव, सुनील चौधरी, नाथू राम गोदारा और बलराम शामिल रहे। बैठक में समिति के सदस्यों ने सीएम से ओबीसी आरक्षण पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि ऐसे कई बार कठिन और संवेदनशील विषय सरकार के सामने आते हैं। जहां समाज के भीतर विरोधाभास होता है। लोकतंत्र में चुनी हुई सरकार की नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह उस को सुलझाए। लेकिन यहां तो ऐसा लगता है कि सरकार इसमें तमाशा देख रही है। सरकार को चाहिए कि वह इसमें सर्वसम्मति बनाकर बीच का रास्ता निकाले जिम्मेदारों से बात करें। लेकिन इसके विपरीत विचित्र और हास्यास्पद स्थिति उत्पन्न हो गई है। ओबीसी आरक्षण में विसंगति के मामले में और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने विधायक चौधरी पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे-निन्यानवे में जाट आरक्षण आंदोलन के समय चौधरी उन लोगों में शामिल थे। जो इसका विरोध कर रहे थे। वह आंदोलन के किसी मंच पर नजर नहीं आए। साल दो हज़ार अट्ठारह में वसुंधरा सरकार के एक गलत आदेश की वजह से यह विसंगति पैदा हुई। सरकार में मंत्री रहते हरीश चौधरी ने एक बार भी मामला नहीं उठाया। हरीश चौधरी ने कहा कि ओबीसी आरक्षण मामले को लेकर विवाद पैदा करने से युवाओं को मदद नहीं मिल रही है और मुद्दा कमजोर हो रहा है। कोई भी ओबीसी आरक्षण विसंगतियों में विवाद पैदा नहीं करें और हम राजनीतिक लड़ाई दूसरे तरीके से लड़ लेंगे। यह प्रदेश के लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है। हमें श्रेय नहीं चाहिए। हमारा मकसद प्रदेश के लाखों युवाओं को राहत देना है। Guillain-Barré Syndrome: क्या है गुइयां-बेरे सिंड्रोम, और पेरू में क्यों बन रहे है कोरोना जैसे हालात? |
केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने पूर्व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और पूर्वोत्तर से वरिष्ठ नेता श्री बिजॉय कृष्ण हांडिक के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने श्री हांडिक के शोक संतप्त परिवार को अपना शोक संदेश भेजा है और ईश्वर से कामना की है कि वह उनके परिवार को इस क्षति को बर्दाश्त करने का साहस प्रदान करे।
| केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने पूर्व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री और पूर्वोत्तर से वरिष्ठ नेता श्री बिजॉय कृष्ण हांडिक के निधन पर शोक व्यक्त किया है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने श्री हांडिक के शोक संतप्त परिवार को अपना शोक संदेश भेजा है और ईश्वर से कामना की है कि वह उनके परिवार को इस क्षति को बर्दाश्त करने का साहस प्रदान करे। |
समीना तुमसे बिछुड़े हुए तीन बरस से ज़्यादा होने जा रहा है। मगर ऐसा लग रहा है मानो अभी तुम इस रमानी हाउस के किसी कमरे से जोर-जोर से मुझे पुकारती हुई सामने आ खड़ी होगी और मुझे डपटते हुए कहोगी, 'ओए विलेन-किंग कुछ काम भी करेगा या ऐसे ही मतियाया (आलसियों की तरह) पड़ा रहेगा।'
तब तुम्हारी यह बात और आवाज़ मुझे बुरी लगती थी। तुम्हारी आवाज़ चीख लगती थी, एक कर्कश चीख। मगर इन बरसों में ऐसा कौन-सा दिन बीता होगा, जब तुम्हारी आवाज़, तुम्हारी वह बात सुनने का मन न हुआ हो और तुम्हारी वह आवाज़ घंटियों सी मधुर न लगी हो।
देखो यह भी कैसा संयोग है कि, बाकी सब कुछ तो याद है, लेकिन मुझे इस सिनेमा नगरी में आए हुए अब कितने बरस पूरे हो गए हैं, इसका ठीक-ठीक हिसाब नहीं लगा पा रहा हूँ । क्योंकि वह तारीख नहीं याद आ रही जिससे सटीक हिसाब लगा सकूँ। बस इतना याद है कि जब आया था तब अपना देश पड़ोसी पिस्सू जैसे कमीने देश पाकिस्तान को कारगिल युद्ध में जूतों तले कुचल चुका था।
देश अपने विजय का उत्सव मना रहा था। ट्रेन में विशेषज्ञ बहसबाज़ पिछली सरकारों को कोस रहे थे, गरिया रहे थे कि इन भ्रष्ट निकम्मी सरकारों ने अपनी झोली भरने, सत्ता सुख में देश को भी दांव पर लगाने के बजाय ईमानदारी से देश को सैन्य ताकत बनाया होता, तो दुनिया के फेंके टुकड़ों पर पलने वाला यह पिस्सू परजीवी जैसा देश चौथी बार धोखे से भी हमला करने का दुस्साहस नहीं कर पाता।
भाग -13 उसी दिन मैंने देखा कि अपने लक्ष्य के लिए कैसे जुनूनी होकर कोशिश की जाती है, और लक्ष्य पाने के लिए कैसे अपने को फिट रखा जाता है। मैडम केवल सप्ताह के दो-दिन खूब जम के खाती-पीती ...और पढ़ेमस्ती करती थीं। सप्ताहांत होने की पहले वाली शाम और रात, अगले दिन पूरी छुट्टी, बाकी दिन यदि रात में दो-तीन पैग शराब को छोड़ दें, तो बड़ा संयम से रहती थीं, कड़ी मेहनत करती थीं। समीना दो-चार दिन बाद मेरा मन वहां लगने लगा। साहब के यहां की तरह यहां एक खास तरह का भय हावी नहीं रहता था।
भाग -24 मुझ मूर्खाधिराज का भी ध्यान इस ओर बाबू राम के एक बम्पर शराबी और बढ़िया लेखक साथी की बातों से गया था। पता नहीं वह किस सनक के चलते बाबू राम, हम-जैसे लोगों के साथ किसी भी ...और पढ़ेजगह बैठ कर जमकर मयनोशी करता था, बल्कि शराब चढ़ जाने के बाद ऐसी फूहड़ भद्दी-भद्दी बातें करता था कि हम-लोग भी दांतों तले ऊँगलियाँ दबा लेते थे। जब-तक वह शराब के ऊपर होते तब-तक तो अपनी किताबों, अपने सिद्धांतों की ही बातें करते थे, जिन्हें हम मूर्खों की तरह उन्हें देखते हुए केवल सुनते ही रहते थे, कुछ बोलते,
भाग -25 उसकी बातें काफी हद तक सही थीं, तो मैं कुछ बोल नहीं सका। सिर्फ़ इतना कहा कि, ' ठीक है चलना। हो सकता है हम-दोनों को एक साथ ही काम मिल जाए।' तो वह बोली, ' ए...सपना ...और पढ़ेबड़ा भी न देख कि यदि टूट जाए तो संभल ही न पाएं और हार्ट फेल हो जाए।' मैंने कहा, 'तू साथ रहेगी तो मेरा फेल हार्ट भी चल पड़ेगा।' तो उसने कहा, 'अच्छा अब ज़्यादा तेलबाजी ना कर।' उसकी इस बात पर मैंने उसे बाहों में जकड़ कर कहा, 'अरे! जाने-मन तेरे को तेल नहीं लगाऊंगा तो किसे लगाऊंगा।
भाग -27 समीना अंदर वह मकान नहीं, राजसी ठाठ-बाट वाला एक महल सा था। अपने से पहले गए लोगों में से कईयों को मैंने रिहर्सल करते देखा। मुझे गुस्सा आई कि, सालों ने मुझे बताया नहीं, नहीं तो मैं ...और पढ़ेरिहर्सल करता। जल्दी ही मेरे पास एक अजीब चिरकुट सा दिखने वाला आदमी आया और नाम पूछ कर मुझे सीधे सीन समझाने लगा कि, मुझे सीढ़ियों से ऊपर बेडरूम में जाकर वहां सोई घर की मालकिन का रेप करना है। मैं इस घर के मालिक द्वारा अपमानित करके निकाला गया नौकर हूं। जो अपने अपमान का बदला लेने के लिए,
भाग -31 डर, आवेश, घबराहट में मैं कुछ साफ बोल नहीं पा रहा था। मेरी बात पूरी होने से पहले ही सुन्दर हिडिम्बा के बोलने के बजाय इंस्पेक्टर बोला, 'वो एंबुलेंस में है। तुम्हारी लापरवाही के कारण उसकी डेथ ...और पढ़ेगई।' यह सुनते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। मैं जहां खड़ा था वहीं बैठ गया। तभी उसने एंबुलेंस वाले को इशारा कर दिया, ड्राइवर ने गाड़ी स्टार्ट की और चल दिया। मैं जल्दी से उठा कि छब्बी के अंतिम दर्शन करूँ, मैंने रुकने के लिए आवाज भी दी। लेकिन ड्राइवर को नहीं सुनना था तो उसने नहीं सुना।
भाग -36 'सच में पुलाव तूने बड़ा बढ़िया बनाया है। पता नहीं कितनी बार सुना था लोगों से खयाली पुलाव बनाना। हवाई किले बनाना। आज दोनों ही देख लिया दो मिनट में। जब मैं विलेन बनने की बात करता ...और पढ़ेघर पर, तो बाबू जी कहते थे, "ढंग से पढाई कईके, काम-धंधा संभाला, जेसे कुछ मनई बन जाबा। सोहदन के नाहीं हवाई किला, बनाए-बनाए के जिंदगी बरबाद ना कर।" तब उनकी बात ठीक से समझ में नहीं आती थी। मगर तूने समझाने को कौन कहे, दो मिनट में बना के दिखा दिया। जा, जा के सो, मुझे भी सोने दे।
भाग -46 'तुम्हारी बात पर मुझे गुस्सा आ गया। मैंने कहा, 'तुझे ताना मारने के अलावा भी कुछ आता है क्या? जब देखो काम-काम, मेरे बिना कोई काम भी नहीं कर सकती ? जब देखो सिर पर सवार हो ...और पढ़ेहै। चल बता क्या है?' तुमने ने जो-जो काम बताए, उनमें से ज़्यादातर मैं कर ही चुका था। थोड़े बहुत रह गए थे, उन्हीं के लिए तुम अफना रही थी। मेरे गुस्सा दिखाने पर तुम बोली, 'चल ज़्यादा भाव मत खा। छोटकी का फ़ोन आ गया है। थोड़ी देर में दोनों आ रही हैं। फ़ोन पर ही चटक रही थीं,
भाग -53 मैंने ख्वाब में भी नहीं सोचा था कि कभी इन बर्छियों का जख्म भरेगा। यह जख्म देने वाले शौहर को कभी भूल पाऊँगी। काश देश में तीन तलाक पर कानून पहले बना होता तो मैं उस नामुराद ...और पढ़ेमज़ा जरूर चखाती। लेकिन तू ही देख न, सोच न कि जब तेरे साथ सुकून मिला। तुमने बेइंतेहा प्यार दिया । पैसा कमाने का जूनुन शुरू हुआ तो सब भूल गई। खो गई तुझी में। अब तू खुद को ही देख ले ना। जब मुझसे मिला तो शुरू में अपनी छब्बी की कितनी बातें करता था। थकता ही नहीं था।
| समीना तुमसे बिछुड़े हुए तीन बरस से ज़्यादा होने जा रहा है। मगर ऐसा लग रहा है मानो अभी तुम इस रमानी हाउस के किसी कमरे से जोर-जोर से मुझे पुकारती हुई सामने आ खड़ी होगी और मुझे डपटते हुए कहोगी, 'ओए विलेन-किंग कुछ काम भी करेगा या ऐसे ही मतियाया पड़ा रहेगा।' तब तुम्हारी यह बात और आवाज़ मुझे बुरी लगती थी। तुम्हारी आवाज़ चीख लगती थी, एक कर्कश चीख। मगर इन बरसों में ऐसा कौन-सा दिन बीता होगा, जब तुम्हारी आवाज़, तुम्हारी वह बात सुनने का मन न हुआ हो और तुम्हारी वह आवाज़ घंटियों सी मधुर न लगी हो। देखो यह भी कैसा संयोग है कि, बाकी सब कुछ तो याद है, लेकिन मुझे इस सिनेमा नगरी में आए हुए अब कितने बरस पूरे हो गए हैं, इसका ठीक-ठीक हिसाब नहीं लगा पा रहा हूँ । क्योंकि वह तारीख नहीं याद आ रही जिससे सटीक हिसाब लगा सकूँ। बस इतना याद है कि जब आया था तब अपना देश पड़ोसी पिस्सू जैसे कमीने देश पाकिस्तान को कारगिल युद्ध में जूतों तले कुचल चुका था। देश अपने विजय का उत्सव मना रहा था। ट्रेन में विशेषज्ञ बहसबाज़ पिछली सरकारों को कोस रहे थे, गरिया रहे थे कि इन भ्रष्ट निकम्मी सरकारों ने अपनी झोली भरने, सत्ता सुख में देश को भी दांव पर लगाने के बजाय ईमानदारी से देश को सैन्य ताकत बनाया होता, तो दुनिया के फेंके टुकड़ों पर पलने वाला यह पिस्सू परजीवी जैसा देश चौथी बार धोखे से भी हमला करने का दुस्साहस नहीं कर पाता। भाग -तेरह उसी दिन मैंने देखा कि अपने लक्ष्य के लिए कैसे जुनूनी होकर कोशिश की जाती है, और लक्ष्य पाने के लिए कैसे अपने को फिट रखा जाता है। मैडम केवल सप्ताह के दो-दिन खूब जम के खाती-पीती ...और पढ़ेमस्ती करती थीं। सप्ताहांत होने की पहले वाली शाम और रात, अगले दिन पूरी छुट्टी, बाकी दिन यदि रात में दो-तीन पैग शराब को छोड़ दें, तो बड़ा संयम से रहती थीं, कड़ी मेहनत करती थीं। समीना दो-चार दिन बाद मेरा मन वहां लगने लगा। साहब के यहां की तरह यहां एक खास तरह का भय हावी नहीं रहता था। भाग -चौबीस मुझ मूर्खाधिराज का भी ध्यान इस ओर बाबू राम के एक बम्पर शराबी और बढ़िया लेखक साथी की बातों से गया था। पता नहीं वह किस सनक के चलते बाबू राम, हम-जैसे लोगों के साथ किसी भी ...और पढ़ेजगह बैठ कर जमकर मयनोशी करता था, बल्कि शराब चढ़ जाने के बाद ऐसी फूहड़ भद्दी-भद्दी बातें करता था कि हम-लोग भी दांतों तले ऊँगलियाँ दबा लेते थे। जब-तक वह शराब के ऊपर होते तब-तक तो अपनी किताबों, अपने सिद्धांतों की ही बातें करते थे, जिन्हें हम मूर्खों की तरह उन्हें देखते हुए केवल सुनते ही रहते थे, कुछ बोलते, भाग -पच्चीस उसकी बातें काफी हद तक सही थीं, तो मैं कुछ बोल नहीं सका। सिर्फ़ इतना कहा कि, ' ठीक है चलना। हो सकता है हम-दोनों को एक साथ ही काम मिल जाए।' तो वह बोली, ' ए...सपना ...और पढ़ेबड़ा भी न देख कि यदि टूट जाए तो संभल ही न पाएं और हार्ट फेल हो जाए।' मैंने कहा, 'तू साथ रहेगी तो मेरा फेल हार्ट भी चल पड़ेगा।' तो उसने कहा, 'अच्छा अब ज़्यादा तेलबाजी ना कर।' उसकी इस बात पर मैंने उसे बाहों में जकड़ कर कहा, 'अरे! जाने-मन तेरे को तेल नहीं लगाऊंगा तो किसे लगाऊंगा। भाग -सत्ताईस समीना अंदर वह मकान नहीं, राजसी ठाठ-बाट वाला एक महल सा था। अपने से पहले गए लोगों में से कईयों को मैंने रिहर्सल करते देखा। मुझे गुस्सा आई कि, सालों ने मुझे बताया नहीं, नहीं तो मैं ...और पढ़ेरिहर्सल करता। जल्दी ही मेरे पास एक अजीब चिरकुट सा दिखने वाला आदमी आया और नाम पूछ कर मुझे सीधे सीन समझाने लगा कि, मुझे सीढ़ियों से ऊपर बेडरूम में जाकर वहां सोई घर की मालकिन का रेप करना है। मैं इस घर के मालिक द्वारा अपमानित करके निकाला गया नौकर हूं। जो अपने अपमान का बदला लेने के लिए, भाग -इकतीस डर, आवेश, घबराहट में मैं कुछ साफ बोल नहीं पा रहा था। मेरी बात पूरी होने से पहले ही सुन्दर हिडिम्बा के बोलने के बजाय इंस्पेक्टर बोला, 'वो एंबुलेंस में है। तुम्हारी लापरवाही के कारण उसकी डेथ ...और पढ़ेगई।' यह सुनते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। मैं जहां खड़ा था वहीं बैठ गया। तभी उसने एंबुलेंस वाले को इशारा कर दिया, ड्राइवर ने गाड़ी स्टार्ट की और चल दिया। मैं जल्दी से उठा कि छब्बी के अंतिम दर्शन करूँ, मैंने रुकने के लिए आवाज भी दी। लेकिन ड्राइवर को नहीं सुनना था तो उसने नहीं सुना। भाग -छत्तीस 'सच में पुलाव तूने बड़ा बढ़िया बनाया है। पता नहीं कितनी बार सुना था लोगों से खयाली पुलाव बनाना। हवाई किले बनाना। आज दोनों ही देख लिया दो मिनट में। जब मैं विलेन बनने की बात करता ...और पढ़ेघर पर, तो बाबू जी कहते थे, "ढंग से पढाई कईके, काम-धंधा संभाला, जेसे कुछ मनई बन जाबा। सोहदन के नाहीं हवाई किला, बनाए-बनाए के जिंदगी बरबाद ना कर।" तब उनकी बात ठीक से समझ में नहीं आती थी। मगर तूने समझाने को कौन कहे, दो मिनट में बना के दिखा दिया। जा, जा के सो, मुझे भी सोने दे। भाग -छियालीस 'तुम्हारी बात पर मुझे गुस्सा आ गया। मैंने कहा, 'तुझे ताना मारने के अलावा भी कुछ आता है क्या? जब देखो काम-काम, मेरे बिना कोई काम भी नहीं कर सकती ? जब देखो सिर पर सवार हो ...और पढ़ेहै। चल बता क्या है?' तुमने ने जो-जो काम बताए, उनमें से ज़्यादातर मैं कर ही चुका था। थोड़े बहुत रह गए थे, उन्हीं के लिए तुम अफना रही थी। मेरे गुस्सा दिखाने पर तुम बोली, 'चल ज़्यादा भाव मत खा। छोटकी का फ़ोन आ गया है। थोड़ी देर में दोनों आ रही हैं। फ़ोन पर ही चटक रही थीं, भाग -तिरेपन मैंने ख्वाब में भी नहीं सोचा था कि कभी इन बर्छियों का जख्म भरेगा। यह जख्म देने वाले शौहर को कभी भूल पाऊँगी। काश देश में तीन तलाक पर कानून पहले बना होता तो मैं उस नामुराद ...और पढ़ेमज़ा जरूर चखाती। लेकिन तू ही देख न, सोच न कि जब तेरे साथ सुकून मिला। तुमने बेइंतेहा प्यार दिया । पैसा कमाने का जूनुन शुरू हुआ तो सब भूल गई। खो गई तुझी में। अब तू खुद को ही देख ले ना। जब मुझसे मिला तो शुरू में अपनी छब्बी की कितनी बातें करता था। थकता ही नहीं था। |
जान जोखिम में डाल बाइक और कार रेस की घटनाएं आपने सुनी ही होंगी। लेकिन दिल्ली(Delhi) की सड़कों पर तांगा रेस का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चार तांगे पर सवार 6 लोग खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए। मामले का वीडियो सामने आते ही दिल्ली पुलिस के होश उड़ गए। आनन फानन बैरिकेडिंग कर पुलिस ने चारों तांगों को रोका और जब्त कर लिया। इसके साथ ही तांगे पर सवार 6 लोगों समेत स्कूटी और बाइक पर साथ में रेस कर रहे 4 लोगों को भी हिरासत में लिया है।
दरअसल, वक्त था रविवार शाम करीब 4:30 बजे। अचानक बीच सड़क चार तांगों पर सवार 6 लोग आपस में रेस करते नजर आए। साथ में दो स्कूटी और एक बाइक पर 4 लोग सवार ट्रैफिक क्लियर करते रहे। तांगा रेस जवाहरलाल नेहरू मार्ग की तरफ से होते हुए राजघाट क्रॉस करते हुए पहाड़गंज की तरफ बढ़ी। इतने में सड़क पर मौजूद लोग वीडियो बनाते रहे, जो सोशल मीडिया पर पलक झपकते ही वायरल हो गया।
पुलिस को मामले की सूचना मिली। आनन फानन दिल्ली पुलिस की टुकड़ी कमला मार्केट इलाके में पहुंची और बैरिकेडिंग कर दी। कुछ देर बाद तांगा रेस पहुंची और बैरिकेडिंग देख घोड़ों के कदम रुक गए। पुलिस ने तांगों को जब्त कर लिया और उसपर सवार 6 लोगों को भी हिरासत में लिया। साथ ही 4 अन्य लोगों को भी पकड़ लिया।
वहीं, पुलिस ने तांगा रेस के घोड़ों को एमसीडी को सौंप दिया। इसके साथ ही आरोपियों को यातायात नियमों का उल्लंघन, जानवरों संग बर्बरता की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
| जान जोखिम में डाल बाइक और कार रेस की घटनाएं आपने सुनी ही होंगी। लेकिन दिल्ली की सड़कों पर तांगा रेस का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि चार तांगे पर सवार छः लोग खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए। मामले का वीडियो सामने आते ही दिल्ली पुलिस के होश उड़ गए। आनन फानन बैरिकेडिंग कर पुलिस ने चारों तांगों को रोका और जब्त कर लिया। इसके साथ ही तांगे पर सवार छः लोगों समेत स्कूटी और बाइक पर साथ में रेस कर रहे चार लोगों को भी हिरासत में लिया है। दरअसल, वक्त था रविवार शाम करीब चार:तीस बजे। अचानक बीच सड़क चार तांगों पर सवार छः लोग आपस में रेस करते नजर आए। साथ में दो स्कूटी और एक बाइक पर चार लोग सवार ट्रैफिक क्लियर करते रहे। तांगा रेस जवाहरलाल नेहरू मार्ग की तरफ से होते हुए राजघाट क्रॉस करते हुए पहाड़गंज की तरफ बढ़ी। इतने में सड़क पर मौजूद लोग वीडियो बनाते रहे, जो सोशल मीडिया पर पलक झपकते ही वायरल हो गया। पुलिस को मामले की सूचना मिली। आनन फानन दिल्ली पुलिस की टुकड़ी कमला मार्केट इलाके में पहुंची और बैरिकेडिंग कर दी। कुछ देर बाद तांगा रेस पहुंची और बैरिकेडिंग देख घोड़ों के कदम रुक गए। पुलिस ने तांगों को जब्त कर लिया और उसपर सवार छः लोगों को भी हिरासत में लिया। साथ ही चार अन्य लोगों को भी पकड़ लिया। वहीं, पुलिस ने तांगा रेस के घोड़ों को एमसीडी को सौंप दिया। इसके साथ ही आरोपियों को यातायात नियमों का उल्लंघन, जानवरों संग बर्बरता की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। |
न्यूयार्क। अमेरिका के एक कॉन्ट्रेक्टर को अमेरिकी सरकार द्वारा दिए गए काम को भारत आउटसोर्स करने की सजा मिली है। सरकार द्वारा फंडेड प्रोजेक्ट गैरकानूनी तौर पर भारत के एक सब कॉन्ट्रेक्टर को सौंपने के संबंध में 31 लाख डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया गया है।
फोकस्ड टैक्नोलॉजीज इमेजिंग सर्विसेज, इसके एकमात्र स्वामी और पूर्व सह-स्वामी जूली बेनवेयर ने स्वीकार किया कि उन्होंने 2008-2009 में मुंबई के एक सब-कॉन्ट्रेक्टर को काम आउटसोर्स कर कानून का उल्लंघन किया है। एक समझौते के तहत उन्होंने जुर्माना और शुल्क अदा करने पर सहमति जताई। संबंधित विभागों ने कहा कि भारतीय कंपनी ने जांच में स्वेच्छा से पूरा सहयोग किया और वह इस बात से वाकिफ नहीं थी कि उसे यह काम गैरकानूनी तौर पर सौंपा गया है।
अमेरिकी सांसदों के एक प्रभावशाली समूह ने भारत को एपीईसी में शामिल करने में मदद का ओबामा प्रशासन से आह्वान करते हुए एक विधेयक पेश किया है। इस समूह का कहना है कि आर्थिक रूप से समृद्ध भारत, एशिया में अमेरिकी रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने में लाभप्रद होगा। एशिया और प्रशांत पर सदन की उप समिति के चेयरमैन मैट सालमोन ने कहा, एपीईसी (एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग) में सदस्यता से भारत को एक रचनात्मक मंच उपलब्ध होगा जिससे वह उन एशियाई देशों से काफी कुछ सीख सकेगा जो अपनी अर्थव्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कदम उठा चुके हैं।
| न्यूयार्क। अमेरिका के एक कॉन्ट्रेक्टर को अमेरिकी सरकार द्वारा दिए गए काम को भारत आउटसोर्स करने की सजा मिली है। सरकार द्वारा फंडेड प्रोजेक्ट गैरकानूनी तौर पर भारत के एक सब कॉन्ट्रेक्टर को सौंपने के संबंध में इकतीस लाख डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया गया है। फोकस्ड टैक्नोलॉजीज इमेजिंग सर्विसेज, इसके एकमात्र स्वामी और पूर्व सह-स्वामी जूली बेनवेयर ने स्वीकार किया कि उन्होंने दो हज़ार आठ-दो हज़ार नौ में मुंबई के एक सब-कॉन्ट्रेक्टर को काम आउटसोर्स कर कानून का उल्लंघन किया है। एक समझौते के तहत उन्होंने जुर्माना और शुल्क अदा करने पर सहमति जताई। संबंधित विभागों ने कहा कि भारतीय कंपनी ने जांच में स्वेच्छा से पूरा सहयोग किया और वह इस बात से वाकिफ नहीं थी कि उसे यह काम गैरकानूनी तौर पर सौंपा गया है। अमेरिकी सांसदों के एक प्रभावशाली समूह ने भारत को एपीईसी में शामिल करने में मदद का ओबामा प्रशासन से आह्वान करते हुए एक विधेयक पेश किया है। इस समूह का कहना है कि आर्थिक रूप से समृद्ध भारत, एशिया में अमेरिकी रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने में लाभप्रद होगा। एशिया और प्रशांत पर सदन की उप समिति के चेयरमैन मैट सालमोन ने कहा, एपीईसी में सदस्यता से भारत को एक रचनात्मक मंच उपलब्ध होगा जिससे वह उन एशियाई देशों से काफी कुछ सीख सकेगा जो अपनी अर्थव्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कदम उठा चुके हैं। |
ईश्वर भक्त ऋपियों द्वारा प्रणीत होने से निस्संशय ही सत्य है । शास्त्र के कथनानुसार हिंसात्मक और अनाचार के कृत्यों का फल भोगते हुए मनुष्य को इसी जन्म में देखा जाता है और उनमें लिखित-नक्षत्र, चन्द्र, सूर्य, तारे और अन्य ग्रहों की प्रवृत्ति लोगों के कल्याण के लिए बुद्धिपूर्वक देखी जाती है। शास्त्र के अनुकूल लोगों का जीवन भी वर्णाश्रम धर्म पर ही निर्भर दिखाई पड़ता है। इनके अतिरिक्त प्रचुर धन उत्पन्न करने की आशा से लोग अपने घर के अन्न को बीज रूप में बोते ही हैं। इसी प्रकार भावी मोक्ष की प्राप्ति के लिए धार्मिक कार्यों का अनुष्ठान करना व्यर्थ नहीं होता, वरनू अत्यन्त उपयोगी है। अतः धर्म का अनुष्ठान करना लोक और परलोक दोनों के लिए मंगलकारी है । भाग्यवादी पुरुषार्थ की निन्दा करते हैं। कहते हैंनार्थाश्चरेत् ॥ ३२ ॥
धन प्राप्ति के लिए व्यर्थ उद्योग न करना चाहिये ।
प्रयत्नतोऽपि ह्येतेऽनुष्ठीयमाना नैत्र कदाचित्स्युः ॥ ३३ ॥
क्योंकि भाग्य के विना यल करने पर भी कभी-कभी धन की प्राप्ति नहीं होती ।
अननुष्ठीयमाना अपि यदृच्छया भवेयुः ॥ ३४ ॥
और भाग्य के प्रवल होने से प्रयत्न के विना भी अचानक धन की प्राप्ति हो जाती है ।
तत्सर्वं कालकारितमिति ॥ ३५ ॥
अतएव यह कहना उचित है कि सब कुछ भाग्य पर ही निर्भर करता है ।
पुरुषानर्थानर्थयोर्जयपराजयोः सुखदुःखयोश्च
काल एव हि स्थापयति ।। ३६ ॥ | ईश्वर भक्त ऋपियों द्वारा प्रणीत होने से निस्संशय ही सत्य है । शास्त्र के कथनानुसार हिंसात्मक और अनाचार के कृत्यों का फल भोगते हुए मनुष्य को इसी जन्म में देखा जाता है और उनमें लिखित-नक्षत्र, चन्द्र, सूर्य, तारे और अन्य ग्रहों की प्रवृत्ति लोगों के कल्याण के लिए बुद्धिपूर्वक देखी जाती है। शास्त्र के अनुकूल लोगों का जीवन भी वर्णाश्रम धर्म पर ही निर्भर दिखाई पड़ता है। इनके अतिरिक्त प्रचुर धन उत्पन्न करने की आशा से लोग अपने घर के अन्न को बीज रूप में बोते ही हैं। इसी प्रकार भावी मोक्ष की प्राप्ति के लिए धार्मिक कार्यों का अनुष्ठान करना व्यर्थ नहीं होता, वरनू अत्यन्त उपयोगी है। अतः धर्म का अनुष्ठान करना लोक और परलोक दोनों के लिए मंगलकारी है । भाग्यवादी पुरुषार्थ की निन्दा करते हैं। कहते हैंनार्थाश्चरेत् ॥ बत्तीस ॥ धन प्राप्ति के लिए व्यर्थ उद्योग न करना चाहिये । प्रयत्नतोऽपि ह्येतेऽनुष्ठीयमाना नैत्र कदाचित्स्युः ॥ तैंतीस ॥ क्योंकि भाग्य के विना यल करने पर भी कभी-कभी धन की प्राप्ति नहीं होती । अननुष्ठीयमाना अपि यदृच्छया भवेयुः ॥ चौंतीस ॥ और भाग्य के प्रवल होने से प्रयत्न के विना भी अचानक धन की प्राप्ति हो जाती है । तत्सर्वं कालकारितमिति ॥ पैंतीस ॥ अतएव यह कहना उचित है कि सब कुछ भाग्य पर ही निर्भर करता है । पुरुषानर्थानर्थयोर्जयपराजयोः सुखदुःखयोश्च काल एव हि स्थापयति ।। छत्तीस ॥ |
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हॉरर में रोमांस और कॉमेडी का तड़का लगा कर श्रीराम और श्रीकृष्ण के नामों को एक फ़िल्मी गाने में इस्तेमाल किया गया है, वो भी डिस्को के रूप में।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दो मुस्लिम परिवारों के 8 सदस्यों ने हिंदू धर्म में वापसी की है। पूजा-पाठ के बाद इन्हें नया नाम दिया गया।
कर्नाटक के हुबली में हिंसा से पहले मौलाना ने मुस्लिमों को उकसाया, जिसके बाद पुलिस स्टेशन पर हमले के साथ ही कई जगहों पर हिंसा हुई।
पीएम मोदी के गुजरात दौरे से पहले वडोदरा में हिंसा हुई है। मंदिर को निशाना बनाया गया। तलवार लहराती मुस्लिम भीड़ ने पथराव किया।
रामनवमी के दिन गुजरात में हुई खंभात हिंसा का मकसद हिन्दुओं के मन में डर बैठाना था, ताकि भविष्य में मुस्लिम इलाकों से जुलूस न निकाली जाए।
गुजरात के आनंद जिले के खंभात में रामनवमी पर हिंसा को अंजाम देने के लिए मौलवियों ने जिले के बाहर से लोगों को बुलाया था। तीनों गिरफ्तार हुए।
गुजरात के भरुच में 100 हिंदुओं का इस्लामी धर्मांतरण कराने के आरोपित वरयावा अब्दुल वहाब महमूद की हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी।
कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार की कहानियाँ अंतहीन है। इन्हीं में से कुछ नृशंस घटनाओं को फिर बता रहे हैं ताकि याद रहे घाटी में तब हिंदुओं के साथ क्या हुआ था।
तालिबान ने पार्कों में महिलाओं और पुरुषों के एक साथ जाने पर पाबंदी लगा दी है। फ्लाइट में पुरुषों के बिना महिलाएँ अब सफर नहीं कर सकतीं।
| आपने सर्च किया थाः हॉरर में रोमांस और कॉमेडी का तड़का लगा कर श्रीराम और श्रीकृष्ण के नामों को एक फ़िल्मी गाने में इस्तेमाल किया गया है, वो भी डिस्को के रूप में। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दो मुस्लिम परिवारों के आठ सदस्यों ने हिंदू धर्म में वापसी की है। पूजा-पाठ के बाद इन्हें नया नाम दिया गया। कर्नाटक के हुबली में हिंसा से पहले मौलाना ने मुस्लिमों को उकसाया, जिसके बाद पुलिस स्टेशन पर हमले के साथ ही कई जगहों पर हिंसा हुई। पीएम मोदी के गुजरात दौरे से पहले वडोदरा में हिंसा हुई है। मंदिर को निशाना बनाया गया। तलवार लहराती मुस्लिम भीड़ ने पथराव किया। रामनवमी के दिन गुजरात में हुई खंभात हिंसा का मकसद हिन्दुओं के मन में डर बैठाना था, ताकि भविष्य में मुस्लिम इलाकों से जुलूस न निकाली जाए। गुजरात के आनंद जिले के खंभात में रामनवमी पर हिंसा को अंजाम देने के लिए मौलवियों ने जिले के बाहर से लोगों को बुलाया था। तीनों गिरफ्तार हुए। गुजरात के भरुच में एक सौ हिंदुओं का इस्लामी धर्मांतरण कराने के आरोपित वरयावा अब्दुल वहाब महमूद की हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज कर दी। कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार की कहानियाँ अंतहीन है। इन्हीं में से कुछ नृशंस घटनाओं को फिर बता रहे हैं ताकि याद रहे घाटी में तब हिंदुओं के साथ क्या हुआ था। तालिबान ने पार्कों में महिलाओं और पुरुषों के एक साथ जाने पर पाबंदी लगा दी है। फ्लाइट में पुरुषों के बिना महिलाएँ अब सफर नहीं कर सकतीं। |
फिल्म डायरेक्टर लीना मणिमेकलई ने देवी काली के पोस्टर को शेयर किया था। उसके बाद से देश भर में हिंदू समाज विरोध कर रहा है। इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली के पोस्टर का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब इस विवाद में कथावाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज की एंट्री हो गई है।
दरअसल फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलई की डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली के पोस्टर में माता काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है। इसके बाद फिल्म के इस पोस्टर का लगातार विरोध किया जा रहा है। इसी बीच पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी बागेश्वर धाम ने गांव गढ़ा में कथा दौरान कहा कि जिसने मां काली का पोस्टर सिगरेट पीते हुए लगाया है, उनके कान और मुंह में जलती हुई लकड़ी लगा देना चाहिए। उन्होंने हिंदुओं से निवेदन भी किया की तैयार हो जाओ उस फिल्म को देखने भी मत जाना। इस फिल्म को बनाने वाले मूर्ख हैं। वह मां भगवती के लिए ऐसी मूर्खता कर रहा है।
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| फिल्म डायरेक्टर लीना मणिमेकलई ने देवी काली के पोस्टर को शेयर किया था। उसके बाद से देश भर में हिंदू समाज विरोध कर रहा है। इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली के पोस्टर का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब इस विवाद में कथावाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज की एंट्री हो गई है। दरअसल फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलई की डॉक्यूमेंट्री फिल्म काली के पोस्टर में माता काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया गया है। इसके बाद फिल्म के इस पोस्टर का लगातार विरोध किया जा रहा है। इसी बीच पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी बागेश्वर धाम ने गांव गढ़ा में कथा दौरान कहा कि जिसने मां काली का पोस्टर सिगरेट पीते हुए लगाया है, उनके कान और मुंह में जलती हुई लकड़ी लगा देना चाहिए। उन्होंने हिंदुओं से निवेदन भी किया की तैयार हो जाओ उस फिल्म को देखने भी मत जाना। इस फिल्म को बनाने वाले मूर्ख हैं। वह मां भगवती के लिए ऐसी मूर्खता कर रहा है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
हमारे संवाददाता नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की कानून व्यवस्था का कोई पहल खराब नहीं हुई है। इससे पहले भी दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस कटघरे में रही है। दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर दिल्ली विधानसभा में भी पुलिस के खिलाफ निंदा पस्ताव पेश करने की मांग विपक्षी द्वारा उठायी जा चुकी है। यहां सबसे हैरानी वाली बात यह है कि दिल्ली की मु यमंत्री शीला दीक्षित जो लगातार तीन बार से दिल्ली की सत्ता पर काबिज हैं, ने कभी भी दिल्ली पुलिस पर इतना तीखा पहार नहीं किया जितना इस 16 दिस बर की घटना के बाद कर रही हैं। विपक्ष भी शीला के इस बयान से इतेफाक नहीं रखता है। पदेश भाजपा के पवक्पा स बत पात्रा का कहना है कि मु यमंत्री दिल्ली की कानून व्यवस्था पर घड़ियाली आंसू बहा रही हैं। उन्होंने कहा कि मु यमंत्री खुद ही मुजरिम हैं, खुद ही वकील हैं और खुद ही दलील पेश कर रही हैं। पात्रा ने कहा कि 16 दिस बर की घटना के बाद दिल्ली की जनता मु यमंत्री की सच्चाई को जान चुकी है। गौरतलब है कि इस घटना के पहले मु यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगी भी दिल्ली पुलिस की पशंसा करते नहीं थकते थे। पिछले साल जब नजफगढ के विधायक भरत सिंह को गोली मरी गई थी तब उस समय के पुलिस आयुक्प बीके गुप्ता को विधानसभा में तलब कया गया था लेकिन वहां भी मु यमंत्री कोई कड़ा आदेश पारित कराने के स्थान दिल्ली पुलिस की ही महिमा का बखान करती नजर आईं। जिसेक बाद बीके गुप्ता आराम से मुस्कराते हुए वापस चले गये थे। पात्रा ने कहा कि 16 दिस बर की घटना के बाद दिल्ली सरकार और कांग्रेस की शाख दिल्ली के लोगों के बीच न सिर्फ शाख गिरी बल्कि इस बार महिलाएं मु यमंत्री से खासी नराज भी हैं। राजधानी में अपनी जमीन खिसकती देख मु यमंत्री अब इस पकार की बयान दे रही हैं। 16 दिसंबर की घटना के बाद दिल्ली की जनता में काफी रोष है। जिसको मु यमंत्री भी अच्छी पकार से समझ रहीं है। मु यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली की जनता उनसे उ मीद रखती है क्योंकि वे उन्हे वोट देती हैं। पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि मु यमंत्री पिछले 15 सालों में एक बार भी दिल्ली कि कानून व्यवस्था को लेकर इतनी परेशान नहीं दिखी। हर बार दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर करार देती रहीं हैं। दिल्ली में कानून व्यवस्था के लिए बाहरी लोगों को जि मेदार मानती रहीं हैं लेकिन चुनवी साल में उनका सुर बदल गया है। इस बार उनके निशाने पर दिल्ली पुलिस है जिसे वे राजधानी की बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए सीधे दोषी मान रही हैं।
| हमारे संवाददाता नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की कानून व्यवस्था का कोई पहल खराब नहीं हुई है। इससे पहले भी दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस कटघरे में रही है। दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर दिल्ली विधानसभा में भी पुलिस के खिलाफ निंदा पस्ताव पेश करने की मांग विपक्षी द्वारा उठायी जा चुकी है। यहां सबसे हैरानी वाली बात यह है कि दिल्ली की मु यमंत्री शीला दीक्षित जो लगातार तीन बार से दिल्ली की सत्ता पर काबिज हैं, ने कभी भी दिल्ली पुलिस पर इतना तीखा पहार नहीं किया जितना इस सोलह दिस बर की घटना के बाद कर रही हैं। विपक्ष भी शीला के इस बयान से इतेफाक नहीं रखता है। पदेश भाजपा के पवक्पा स बत पात्रा का कहना है कि मु यमंत्री दिल्ली की कानून व्यवस्था पर घड़ियाली आंसू बहा रही हैं। उन्होंने कहा कि मु यमंत्री खुद ही मुजरिम हैं, खुद ही वकील हैं और खुद ही दलील पेश कर रही हैं। पात्रा ने कहा कि सोलह दिस बर की घटना के बाद दिल्ली की जनता मु यमंत्री की सच्चाई को जान चुकी है। गौरतलब है कि इस घटना के पहले मु यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगी भी दिल्ली पुलिस की पशंसा करते नहीं थकते थे। पिछले साल जब नजफगढ के विधायक भरत सिंह को गोली मरी गई थी तब उस समय के पुलिस आयुक्प बीके गुप्ता को विधानसभा में तलब कया गया था लेकिन वहां भी मु यमंत्री कोई कड़ा आदेश पारित कराने के स्थान दिल्ली पुलिस की ही महिमा का बखान करती नजर आईं। जिसेक बाद बीके गुप्ता आराम से मुस्कराते हुए वापस चले गये थे। पात्रा ने कहा कि सोलह दिस बर की घटना के बाद दिल्ली सरकार और कांग्रेस की शाख दिल्ली के लोगों के बीच न सिर्फ शाख गिरी बल्कि इस बार महिलाएं मु यमंत्री से खासी नराज भी हैं। राजधानी में अपनी जमीन खिसकती देख मु यमंत्री अब इस पकार की बयान दे रही हैं। सोलह दिसंबर की घटना के बाद दिल्ली की जनता में काफी रोष है। जिसको मु यमंत्री भी अच्छी पकार से समझ रहीं है। मु यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली की जनता उनसे उ मीद रखती है क्योंकि वे उन्हे वोट देती हैं। पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि मु यमंत्री पिछले पंद्रह सालों में एक बार भी दिल्ली कि कानून व्यवस्था को लेकर इतनी परेशान नहीं दिखी। हर बार दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर करार देती रहीं हैं। दिल्ली में कानून व्यवस्था के लिए बाहरी लोगों को जि मेदार मानती रहीं हैं लेकिन चुनवी साल में उनका सुर बदल गया है। इस बार उनके निशाने पर दिल्ली पुलिस है जिसे वे राजधानी की बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए सीधे दोषी मान रही हैं। |
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अगर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत फोन टैपिंग मामले में बार-बार उनका नाम लेंगे तो मानहानि का केस कर देंगे। वह सीएम गहलोत की गलतियां गिन रहे हैं।
राजस्थान में फोन टैपिंग का मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। फोन टैपिंग में वॉइस सैंपल ने देने के आरोप से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अगर सीएम अशोक गहलोत बार-बार उनका नाम लेंगे तो वो मानहानि का दावा करेंगे। शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री फोन टैपिंग में वॉइस सैंपल लेने की बात कहते हैं। लेकिन आज तक उन्होंने सैंपल नहीं लिया। मुख्यमंत्री न्यायालय में गए, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई। उसके बाद उन्होंने फिर से अपील नहीं की। अगर मुख्यमंत्री बार बार उनका नाम लेंगे तो वो मानहानि का दावा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने भी 100 गलतियां माफ की थी। वो भी गलतियों की गिनती कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में वर्ष 2020 में पायलट की बगावत के समय केंद्रीय मंत्री शेखावत पर सरकार को गिराने के आरोप लगे थे। इसी मामले में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सीएम गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा रखी है। मामला दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा है।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर अलवर के कंपनी बाग में हुए हांडी फोड़ कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासर पर जमकर निशाना साधा है। शेखावत ने कहा कि डोटासरा झूठा व्यक्ति है। शेखावत ने कहा कि सीकर का पानी इतना झूठा नहीं है। जितनी गोविंद सिंह डोटासरा झूठ बोलते हैं। अगर वो कहते हैं कि मैं झूठा हूं तो मैं जोधपुर का रहने वाला हूं और मैंने जोधपुर का पानी पिया है। मेरी ही विधानसभा क्षेत्र के प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं। उन्होंने भी जोधपुर का ही पानी पिया है। अब गोविंद सिंह डोटासरा ये फैसला कर लें कि कौन झूठा है। उल्लेखनीय है कि पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने राजधानी जयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है. अगर उसके बाद भी यह बोलना मानहानि है, तो यह मानहानि सहन करने के लिए मैं तैयार हूं।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि था कि वह वॉइस सैंपल देने के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भी देने के लिए तैयार रहना चाहिए। विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि उन पर पायलट की बगावत के समय सरकार गिराने के आरोप लगे हैं। ऐसे सुनने में आता है। मैं वॉइस सैंपल देने के लिए तैयार हूं। शेखावत को भी तैयार रहना चाहिए। विश्वेंद्र सिंह पर पलटवार करते हुए शेखावत ने कहा कि था कि उन्हें नियमों की जानकारी नहीं है।
| केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अगर राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत फोन टैपिंग मामले में बार-बार उनका नाम लेंगे तो मानहानि का केस कर देंगे। वह सीएम गहलोत की गलतियां गिन रहे हैं। राजस्थान में फोन टैपिंग का मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। फोन टैपिंग में वॉइस सैंपल ने देने के आरोप से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अगर सीएम अशोक गहलोत बार-बार उनका नाम लेंगे तो वो मानहानि का दावा करेंगे। शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री फोन टैपिंग में वॉइस सैंपल लेने की बात कहते हैं। लेकिन आज तक उन्होंने सैंपल नहीं लिया। मुख्यमंत्री न्यायालय में गए, लेकिन उनकी याचिका खारिज हो गई। उसके बाद उन्होंने फिर से अपील नहीं की। अगर मुख्यमंत्री बार बार उनका नाम लेंगे तो वो मानहानि का दावा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने भी एक सौ गलतियां माफ की थी। वो भी गलतियों की गिनती कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में वर्ष दो हज़ार बीस में पायलट की बगावत के समय केंद्रीय मंत्री शेखावत पर सरकार को गिराने के आरोप लगे थे। इसी मामले में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने सीएम गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा रखी है। मामला दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहा है। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर अलवर के कंपनी बाग में हुए हांडी फोड़ कार्यक्रम में मीडिया से बात करते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासर पर जमकर निशाना साधा है। शेखावत ने कहा कि डोटासरा झूठा व्यक्ति है। शेखावत ने कहा कि सीकर का पानी इतना झूठा नहीं है। जितनी गोविंद सिंह डोटासरा झूठ बोलते हैं। अगर वो कहते हैं कि मैं झूठा हूं तो मैं जोधपुर का रहने वाला हूं और मैंने जोधपुर का पानी पिया है। मेरी ही विधानसभा क्षेत्र के प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं। उन्होंने भी जोधपुर का ही पानी पिया है। अब गोविंद सिंह डोटासरा ये फैसला कर लें कि कौन झूठा है। उल्लेखनीय है कि पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने राजधानी जयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज है. अगर उसके बाद भी यह बोलना मानहानि है, तो यह मानहानि सहन करने के लिए मैं तैयार हूं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि था कि वह वॉइस सैंपल देने के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को भी देने के लिए तैयार रहना चाहिए। विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि उन पर पायलट की बगावत के समय सरकार गिराने के आरोप लगे हैं। ऐसे सुनने में आता है। मैं वॉइस सैंपल देने के लिए तैयार हूं। शेखावत को भी तैयार रहना चाहिए। विश्वेंद्र सिंह पर पलटवार करते हुए शेखावत ने कहा कि था कि उन्हें नियमों की जानकारी नहीं है। |
Facebook की स्वामित्व वाले माइक्रोब्लॉगिंग ऐप Whatsapp के लिए जल्द ही मल्टी डिवाइस फीचर रोल आउट किया जा सकता है। इस नए फीचर के रोल आउट होने के बाद यूजर एक ही Whatsapp अकाउंट को एक साथ चार डिवाइसेज में कनेक्ट कर सकेंगे। Whatsapp की डिजाइनर टीम काफी समय से इस फीचर पर काम कर रही है। Whatsapp फिलहाल इस फीचर की बीटा टेस्टिंग कर रहा है। पिछले कुछ समय से ही Whsatsapp के मल्टी डिवाइस फीचर को लेकर खबरें सामने आ रही हैं। Whatsapp के इस मल्टी डिवाइस फीचर के बारे में जानकारी एक बीटा वर्जन के स्क्रीन शॉट के जरिए सामने आई है।
WABetaInfo द्वारा शेयर किए गए एक स्क्रीनशॉट से इस बात का खुलासा किया गया है। WABetaInfo ने अपने ट्वीट में लिखा है, हां, एक ही Whatsapp अकाउंट को एक साथ चार डिवाइसेज में इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल ये फीचर अंडर डेवलपमेंट है, लेकिन शानदार है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में ऐप को डिवाइस के डाटा को सिंक करने के लिए Wi-Fi कनेक्टिविटी का इस्तेमाल करना पड़ता है।
फिलहाल यूजर अपने Whatsapp अकाउंट को केवल एक ही डिवाइस में इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे ही यूजर अपने Whatsapp अकाउंट को दूसरे डिवाइस में लॉग-इन करते हैं। पहले डिवाइस से अकाउंट अपने आप लॉग-आउट हो जाता है। हालांकि, यूजर्स Whatsapp Web के जरिए एक ही अकाउंट को मोबाइल या टैब के साथ-साथ PC या लैपटॉप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
जैसा की WABetaInfo द्वारा शेयर किए गए ट्वीट में साफ मेंशन किया गया है कि यह फीचर फिलहाल अंडर डेवलेपमेंट में है, जो बीटा वर्जन में स्पॉट किया गया है। स्टेबल वर्जन में इस फीचर को कुछ बदलाव के साथ पेश किया जा सकता है। इस साल अप्रैल में भी WABetaInfo ने एक स्क्रीनशॉट शेयर करके मल्टी डिवाइस फीचर को रिवील किया था। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में मल्टीपल डिवाइस कनेक्टिविटी के लिए QR (क्विक रिस्पॉन्स) कोड को स्कैन करके प्रोफाइल क्रिएट करने के बारे में जानकारी मिली थी। Whatsapp अपने इस फीचर को रोल आउट करने में थोड़ा और समय ले सकता है।
| Facebook की स्वामित्व वाले माइक्रोब्लॉगिंग ऐप Whatsapp के लिए जल्द ही मल्टी डिवाइस फीचर रोल आउट किया जा सकता है। इस नए फीचर के रोल आउट होने के बाद यूजर एक ही Whatsapp अकाउंट को एक साथ चार डिवाइसेज में कनेक्ट कर सकेंगे। Whatsapp की डिजाइनर टीम काफी समय से इस फीचर पर काम कर रही है। Whatsapp फिलहाल इस फीचर की बीटा टेस्टिंग कर रहा है। पिछले कुछ समय से ही Whsatsapp के मल्टी डिवाइस फीचर को लेकर खबरें सामने आ रही हैं। Whatsapp के इस मल्टी डिवाइस फीचर के बारे में जानकारी एक बीटा वर्जन के स्क्रीन शॉट के जरिए सामने आई है। WABetaInfo द्वारा शेयर किए गए एक स्क्रीनशॉट से इस बात का खुलासा किया गया है। WABetaInfo ने अपने ट्वीट में लिखा है, हां, एक ही Whatsapp अकाउंट को एक साथ चार डिवाइसेज में इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल ये फीचर अंडर डेवलपमेंट है, लेकिन शानदार है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में ऐप को डिवाइस के डाटा को सिंक करने के लिए Wi-Fi कनेक्टिविटी का इस्तेमाल करना पड़ता है। फिलहाल यूजर अपने Whatsapp अकाउंट को केवल एक ही डिवाइस में इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे ही यूजर अपने Whatsapp अकाउंट को दूसरे डिवाइस में लॉग-इन करते हैं। पहले डिवाइस से अकाउंट अपने आप लॉग-आउट हो जाता है। हालांकि, यूजर्स Whatsapp Web के जरिए एक ही अकाउंट को मोबाइल या टैब के साथ-साथ PC या लैपटॉप में इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसा की WABetaInfo द्वारा शेयर किए गए ट्वीट में साफ मेंशन किया गया है कि यह फीचर फिलहाल अंडर डेवलेपमेंट में है, जो बीटा वर्जन में स्पॉट किया गया है। स्टेबल वर्जन में इस फीचर को कुछ बदलाव के साथ पेश किया जा सकता है। इस साल अप्रैल में भी WABetaInfo ने एक स्क्रीनशॉट शेयर करके मल्टी डिवाइस फीचर को रिवील किया था। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में मल्टीपल डिवाइस कनेक्टिविटी के लिए QR कोड को स्कैन करके प्रोफाइल क्रिएट करने के बारे में जानकारी मिली थी। Whatsapp अपने इस फीचर को रोल आउट करने में थोड़ा और समय ले सकता है। |
रिकांगपिओ - किन्नौर जिला में अवैध रूप से लगे क्रशर प्लांटों पर अंकुश लगाने में सरकारी तंत्र चाहे विफल रहा हो, लेकिन अब अवैध कारोबारियों के विरुद्ध ग्रामीणों ने मोर्चा संभाल लिया है। बताया जाता है कि किन्नौर जिला के रल्ली नामक स्थान पर गत कई दिनों से अवैध रूप से क्रशर प्लांट चल रहा था। इस बारे ग्रामीणों ने कई बार जिला खन्नि अधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों को इस की सूचना दी जाती रहीं। बावजूद इस के सरकारी तंत्र की नर्म रुख के चलते यह क्रशर रात दिन चला रहा। आज रल्ली गांव के ग्रामीणों ने सड़कों पर उतर कर अवैध रूप से चल रहे रल्ली क्रशर प्लांट को बंद कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने साफ तौर से चेतावनी दी कि जब तक उक्त क्रशर प्लांट प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के तय नियमों सहित एनजीटी के आदेशों के अनुरूप नहीं लगता तब तक उक्त क्रशर प्लांट को किसी भी सूरत मे चलने नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों का यह कदम बढ़ते पर्यावरण असंतुलन को देखते हुए उठाया गया कदम है। इस दौरान ग्रामीणों ने खन्नि अधिकारी के विरुद्ध भी जम कर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप लगाया कि अवैध रूप से लगे इस क्रशर प्लांट के पीछे खन्न विभाग सहित प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के कुछ एक अधिकारियों की भी संलिप्तता हो सकती है। ग्रामीणों ने अवैध रूप से चल रहे उक्त क्रशर प्लांट को लेकर एनएच पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा भी ग्रामीणों पर दबाव बनाया जाने को लेकर कई ग्रामीणों ने एनएच के अधिकारियों के विरुद्ध भी कड़ा रोष प्रकट करते देखा गया।
किन्नौर जिला के रल्ली नामक स्थान पर एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे अवैध रूप से चल रहे स्टोन क्रशर प्लांट के मामले को 'दिव्य हिमाचल' ने प्रमुखता से उठाया था। बताया जाता है कि उक्त क्रशर प्लांट को स्थापित करने से पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार से लैंड डायवर्शन की अनुमति तक प्राप्त नहीं किया गया है। न ही क्रशर प्लांट में यूज होने वाले कवारी को साफ दर्शया गया है। यहां तक कि इस क्रशर प्लांट को स्थापित करने के दौरान एनजीटी के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाई है।
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| रिकांगपिओ - किन्नौर जिला में अवैध रूप से लगे क्रशर प्लांटों पर अंकुश लगाने में सरकारी तंत्र चाहे विफल रहा हो, लेकिन अब अवैध कारोबारियों के विरुद्ध ग्रामीणों ने मोर्चा संभाल लिया है। बताया जाता है कि किन्नौर जिला के रल्ली नामक स्थान पर गत कई दिनों से अवैध रूप से क्रशर प्लांट चल रहा था। इस बारे ग्रामीणों ने कई बार जिला खन्नि अधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारियों को इस की सूचना दी जाती रहीं। बावजूद इस के सरकारी तंत्र की नर्म रुख के चलते यह क्रशर रात दिन चला रहा। आज रल्ली गांव के ग्रामीणों ने सड़कों पर उतर कर अवैध रूप से चल रहे रल्ली क्रशर प्लांट को बंद कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने साफ तौर से चेतावनी दी कि जब तक उक्त क्रशर प्लांट प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के तय नियमों सहित एनजीटी के आदेशों के अनुरूप नहीं लगता तब तक उक्त क्रशर प्लांट को किसी भी सूरत मे चलने नहीं दिया जाएगा। ग्रामीणों का यह कदम बढ़ते पर्यावरण असंतुलन को देखते हुए उठाया गया कदम है। इस दौरान ग्रामीणों ने खन्नि अधिकारी के विरुद्ध भी जम कर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप लगाया कि अवैध रूप से लगे इस क्रशर प्लांट के पीछे खन्न विभाग सहित प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के कुछ एक अधिकारियों की भी संलिप्तता हो सकती है। ग्रामीणों ने अवैध रूप से चल रहे उक्त क्रशर प्लांट को लेकर एनएच पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों द्वारा भी ग्रामीणों पर दबाव बनाया जाने को लेकर कई ग्रामीणों ने एनएच के अधिकारियों के विरुद्ध भी कड़ा रोष प्रकट करते देखा गया। किन्नौर जिला के रल्ली नामक स्थान पर एनजीटी के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे अवैध रूप से चल रहे स्टोन क्रशर प्लांट के मामले को 'दिव्य हिमाचल' ने प्रमुखता से उठाया था। बताया जाता है कि उक्त क्रशर प्लांट को स्थापित करने से पूर्व वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार से लैंड डायवर्शन की अनुमति तक प्राप्त नहीं किया गया है। न ही क्रशर प्लांट में यूज होने वाले कवारी को साफ दर्शया गया है। यहां तक कि इस क्रशर प्लांट को स्थापित करने के दौरान एनजीटी के आदेशों की भी धज्जियां उड़ाई है। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें ! |
अध्यात्म-विषयक टीका - साहित्य २०१
आगमार्थ और अन्तमे भावार्य कहनेकी पद्धतिको स्वीकार किया है और प्रायः तदनुसार ही गाथाओंका व्याख्यान किया है ।
इन सब बातोंसे यह सिद्ध होता है कि दोनों टीकाओंके कर्ता ब्रह्मदेव जी ही हैं। यह बात इसलिए लिखनेकी आवश्यकता हुई कि परमात्मप्रकाशकी टीकामें टीकाकारका नाम नहीं है, किन्तु हिन्दी-टीकाकार दौलतरामजी परमात्मप्रकाशकी संस्कृतवृत्तिको ब्रह्मदेवरचित कहते है ।
परमात्मप्रकाशकी टीकाके अन्तमे ब्रह्मदेवजीने लिखा है- इस ग्रन्थ में अधिकतर पदोंकी सन्धि नही की गयी है और सुखपूर्वक बोध कराने के लिए वाक्य भी जुदेजुदे रखे गये है । अत विद्वानोंको इस ग्रन्थ में लिंग, वचन, क्रिया, कारक, संधि, समास, विशेष्य, विशेषण, वाक्यसमाप्ति आदि दूषण नही देखने चाहिए ।'
इससे प्रतीत होता है कि ब्रह्मदेवजीने अपनी यह टीका सरल संस्कृत में लिखी है जिससे साधारण ज्ञाता भी उसका लाभ उठा सके । बृ० द्रव्यसंग्रह की टीकामें इस तरहकी कोई बात नही लिखो है, क्योकि उसकी रचना इस दृष्टिसे नहीं की गयी है ।
ब्रह्मदेवजीकी इन टीकाओसे उनके सम्बन्धमें कुछ भी ज्ञात नही होता, अत उनके समयका निश्चय करनेके लिए ग्रन्थ में उद्धृत ग्रन्थान्तरोके पद्यो आदिका ही सहारा लेना पड़ता है।
ब्रह्मदेवजीमे भी ग्रन्थान्तरोसे पद्य उद्धृत करनेकी अभिरुचि जयसेनाचार्य की जैसी ही प्रतीत होती है । जयसेनकी पञ्चास्तिकाय-टीकाओके साथ उनकी टीकाओका मिलान करने से यह स्पष्ट हो जाता है कि उन्होंने अपनी टीकाओमे जयसेनका अनुकरण किया है। जयसेनाचार्यने भी टीकाके आदिमे शब्दार्थ, १. 'एव शब्दार्थ कथित । नयार्थोऽप्युक्त । मतार्थोऽप्युक्त । इन्द्रशतवन्दिता इत्यागमार्थ प्रसिद्ध एव इति भावार्थ । अनेन प्रकारेण शब्द नयमतागम भावार्थ । मंगल णिमित्त हेऊ ।।१।। वक्खाणउ व्याख्यातु । सक कर्ता । आइरिओ आचार्य कि । सत्य शास्त्र - पच्छा पश्चात् । कि कृत्वा पूर्व । वागरिय व्याकृत्य व्याख्याय । कान् । छप्पि' षडपि मगलणिमितहेऊ परिणाम णाम तह य कतार । मंगळनिमित्त हेतु परिमाणनामकर्तृ स्वाधिकाराणीति । -पञ्चा० टी०, पृ० ४-५ । 'उक्तं च-मंगलंणिमित्तहेउं ।।१।। वक्खाणउ व्याख्यात । क सक ? आयरिओ आचार्य । सत्यं शास्त्र, 'पच्छा' पश्चात् कि कृत्वा पूर्व ? वागरिय व्याकृत्य व्याख्याय । कान् ? छप्पि षडपि अधिकारान् । कथंभूतान् ? मंगल णिमित्त ।' - बृहद्, सं० टी०, पृ० ६-७ । | अध्यात्म-विषयक टीका - साहित्य दो सौ एक आगमार्थ और अन्तमे भावार्य कहनेकी पद्धतिको स्वीकार किया है और प्रायः तदनुसार ही गाथाओंका व्याख्यान किया है । इन सब बातोंसे यह सिद्ध होता है कि दोनों टीकाओंके कर्ता ब्रह्मदेव जी ही हैं। यह बात इसलिए लिखनेकी आवश्यकता हुई कि परमात्मप्रकाशकी टीकामें टीकाकारका नाम नहीं है, किन्तु हिन्दी-टीकाकार दौलतरामजी परमात्मप्रकाशकी संस्कृतवृत्तिको ब्रह्मदेवरचित कहते है । परमात्मप्रकाशकी टीकाके अन्तमे ब्रह्मदेवजीने लिखा है- इस ग्रन्थ में अधिकतर पदोंकी सन्धि नही की गयी है और सुखपूर्वक बोध कराने के लिए वाक्य भी जुदेजुदे रखे गये है । अत विद्वानोंको इस ग्रन्थ में लिंग, वचन, क्रिया, कारक, संधि, समास, विशेष्य, विशेषण, वाक्यसमाप्ति आदि दूषण नही देखने चाहिए ।' इससे प्रतीत होता है कि ब्रह्मदेवजीने अपनी यह टीका सरल संस्कृत में लिखी है जिससे साधारण ज्ञाता भी उसका लाभ उठा सके । बृशून्य द्रव्यसंग्रह की टीकामें इस तरहकी कोई बात नही लिखो है, क्योकि उसकी रचना इस दृष्टिसे नहीं की गयी है । ब्रह्मदेवजीकी इन टीकाओसे उनके सम्बन्धमें कुछ भी ज्ञात नही होता, अत उनके समयका निश्चय करनेके लिए ग्रन्थ में उद्धृत ग्रन्थान्तरोके पद्यो आदिका ही सहारा लेना पड़ता है। ब्रह्मदेवजीमे भी ग्रन्थान्तरोसे पद्य उद्धृत करनेकी अभिरुचि जयसेनाचार्य की जैसी ही प्रतीत होती है । जयसेनकी पञ्चास्तिकाय-टीकाओके साथ उनकी टीकाओका मिलान करने से यह स्पष्ट हो जाता है कि उन्होंने अपनी टीकाओमे जयसेनका अनुकरण किया है। जयसेनाचार्यने भी टीकाके आदिमे शब्दार्थ, एक. 'एव शब्दार्थ कथित । नयार्थोऽप्युक्त । मतार्थोऽप्युक्त । इन्द्रशतवन्दिता इत्यागमार्थ प्रसिद्ध एव इति भावार्थ । अनेन प्रकारेण शब्द नयमतागम भावार्थ । मंगल णिमित्त हेऊ ।।एक।। वक्खाणउ व्याख्यातु । सक कर्ता । आइरिओ आचार्य कि । सत्य शास्त्र - पच्छा पश्चात् । कि कृत्वा पूर्व । वागरिय व्याकृत्य व्याख्याय । कान् । छप्पि' षडपि मगलणिमितहेऊ परिणाम णाम तह य कतार । मंगळनिमित्त हेतु परिमाणनामकर्तृ स्वाधिकाराणीति । -पञ्चाशून्य टीशून्य, पृशून्य चार-पाँच । 'उक्तं च-मंगलंणिमित्तहेउं ।।एक।। वक्खाणउ व्याख्यात । क सक ? आयरिओ आचार्य । सत्यं शास्त्र, 'पच्छा' पश्चात् कि कृत्वा पूर्व ? वागरिय व्याकृत्य व्याख्याय । कान् ? छप्पि षडपि अधिकारान् । कथंभूतान् ? मंगल णिमित्त ।' - बृहद्, संशून्य टीशून्य, पृशून्य छः-सात । |
अपामार्ग के दुर्लभ प्रयोग-धन प्राप्ति प्रयोग
Dhan prapti prayog sadhana
इसे कौन नही करना चाहेगा
आसानी से पाए जाने वाले इस पौधे के कितने तांत्रिक प्रयोग हैं यह बताने की या लिखने की आवश्यकता नही हैं. यह इतने सारे हैं की एक पूरा ग्रन्थ ही इस अद्वितीय पौधे पर बन सकता हैं और यदि एक साधक या व्यक्ति सिर्फ इस पौधे पर ही अर्थात इसके उपयोगों को वह चाहे आर्युवेद हो या तंत्रजगत हो पर अपना जीवन लगाने को तैयार हो जाए तो यह एक पौधा ही उसे विश्व प्रसिद्ध बनने की सामर्थ्य रखता हैं, इस बात को भी नहीं भूलना चहिये की यह अपामार्ग दिव्य औषिधि हैं अतः इसके गुणों का तो कोई अंत ही नही, फिर भी अनेको व्यक्ति इस पौधे को पहचानते नही हैं.जबकि किसी भी जानकार से इस पौधे का परिचय प्राप्त कर ही लेना चाहिए. यह स्वेत और लाल दो प्रकार से मुख्यता पाया जाता हैं. इस पौधे के अनेको नाम हैं जैसे चिरचिटा, पंजाबी मे पुठ्कंठा, बंगाली मे अपाग भी कहा जाता हैं, यह झाडी दार पौधा हैं और आसानी से उपलब्ध होता हैं और अनेको प्रकार का पाया जाता हैं. | अपामार्ग के दुर्लभ प्रयोग-धन प्राप्ति प्रयोग Dhan prapti prayog sadhana इसे कौन नही करना चाहेगा आसानी से पाए जाने वाले इस पौधे के कितने तांत्रिक प्रयोग हैं यह बताने की या लिखने की आवश्यकता नही हैं. यह इतने सारे हैं की एक पूरा ग्रन्थ ही इस अद्वितीय पौधे पर बन सकता हैं और यदि एक साधक या व्यक्ति सिर्फ इस पौधे पर ही अर्थात इसके उपयोगों को वह चाहे आर्युवेद हो या तंत्रजगत हो पर अपना जीवन लगाने को तैयार हो जाए तो यह एक पौधा ही उसे विश्व प्रसिद्ध बनने की सामर्थ्य रखता हैं, इस बात को भी नहीं भूलना चहिये की यह अपामार्ग दिव्य औषिधि हैं अतः इसके गुणों का तो कोई अंत ही नही, फिर भी अनेको व्यक्ति इस पौधे को पहचानते नही हैं.जबकि किसी भी जानकार से इस पौधे का परिचय प्राप्त कर ही लेना चाहिए. यह स्वेत और लाल दो प्रकार से मुख्यता पाया जाता हैं. इस पौधे के अनेको नाम हैं जैसे चिरचिटा, पंजाबी मे पुठ्कंठा, बंगाली मे अपाग भी कहा जाता हैं, यह झाडी दार पौधा हैं और आसानी से उपलब्ध होता हैं और अनेको प्रकार का पाया जाता हैं. |
Fashion Face off : आलिया के बाद दीपिका ने कैरी किया टाई डाई लुक, स्वेटशर्ट में आपको कौन सी है ज्यादा पसंद?
आलिया भट्ट (Alia Bhatt) कई बार टाई आउटफिट में नजर आ चुकी हैं. वहीं दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) इन दिनों अपने इंस्टाग्राम रील्स को लेकर सोशल मीडिया पर छाई हुईं हैं.
इन दिनों मल्टी कलर पैटर्न टाई डाई प्रिंट्स का ट्रेंड काफी पसंद किया जा रहा है. हालांकि ये ट्रेंड क्वारंटीन टाइम में शुरू हुआ था लेकिन इन दिनों इनका ट्रेंड काफी बढ़ गया है. साड़ी, ब्लेजर, कैजुअल ट्रैकसूट, टी शर्ट और शार्ट्स में टाई डाई (Tie-Die) लुक देखने को मिल रहा है. आलिया भट्ट, जाह्नवी कपूर, अनन्या पांडे, दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) जैसी बॉलीवुड डिवाज ट्राई डाई लुक में नजर आ चुकी हैं.
आलिया भट्ट कई बार टाई डाई आउटफिट में नजर आ चुकी हैं. वहीं दीपिका पादुकोण इन दिनों अपने इंस्टाग्राम रील्स को लेकर सोशल मीडिया पर छाई हुईं हैं. हाल ही में एक्ट्रेस ने अपना एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो किचन में डांस करती नजर आ रही हैं. इस दौरान एक्ट्रेस ने टाई डाई स्वेटशर्ट पहना है जो काफी हद तक आलिया भट्ट से मिलता- जुलता है.
फैशनिस्टा दीपिका पादुकोण ने अपने कैजुअल लुक को फंकी और स्पोर्टी ट्विस्ट दिया है. उन्होंने अपने कैजुअल लुक को व्हाइट जूते और जुराबों के साथ स्टाइल किया है. दीपिका ने गोल्डन हूप इयररिंग्स और ग्लोडन कड़े पहने हैं.
एक्ट्रेस ने बालों का जूड़ा बनाया है और सबटल मेकअप के साथ आंखों को स्मोकी लुक दिया है. एक्ट्रेस का फंकी कूल लुक उनके फैंस को खूब पसंद आया है.
आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने अपनी एक सेल्फ पोस्ट की थीं. इस सेल्फी में आलिया टाई डाई स्वेट शर्ट पहने नजर आ रही हैं. एक्ट्रेस ने टाई डाई स्वेट शर्ट को ब्लैक शार्ट्स के साथ पेयरअप किया था. इस दौरान उन्होंने कोई मेकअप नहीं किया था. आउटफिट को हूप इयररिंग्स के साथ एक्सेसराइज करते हुए बालों का जूड़ा बनाया था.
खास बात ये रही कि दोनों एक्ट्रेस ने अपने आउटफिट को हूप इयररिंग्स के साथ एक्सेसराइज किया था और बालों का जूड़ा बनाया था. जहां एक तरफ दीपिका ने जूतों और एक्सेसरीज के साथ खुद को स्पोर्टी लुक दिया था. वहीं आलिया का लुक रिलेक्स और कैजुअल था.
| Fashion Face off : आलिया के बाद दीपिका ने कैरी किया टाई डाई लुक, स्वेटशर्ट में आपको कौन सी है ज्यादा पसंद? आलिया भट्ट कई बार टाई आउटफिट में नजर आ चुकी हैं. वहीं दीपिका पादुकोण इन दिनों अपने इंस्टाग्राम रील्स को लेकर सोशल मीडिया पर छाई हुईं हैं. इन दिनों मल्टी कलर पैटर्न टाई डाई प्रिंट्स का ट्रेंड काफी पसंद किया जा रहा है. हालांकि ये ट्रेंड क्वारंटीन टाइम में शुरू हुआ था लेकिन इन दिनों इनका ट्रेंड काफी बढ़ गया है. साड़ी, ब्लेजर, कैजुअल ट्रैकसूट, टी शर्ट और शार्ट्स में टाई डाई लुक देखने को मिल रहा है. आलिया भट्ट, जाह्नवी कपूर, अनन्या पांडे, दीपिका पादुकोण जैसी बॉलीवुड डिवाज ट्राई डाई लुक में नजर आ चुकी हैं. आलिया भट्ट कई बार टाई डाई आउटफिट में नजर आ चुकी हैं. वहीं दीपिका पादुकोण इन दिनों अपने इंस्टाग्राम रील्स को लेकर सोशल मीडिया पर छाई हुईं हैं. हाल ही में एक्ट्रेस ने अपना एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो किचन में डांस करती नजर आ रही हैं. इस दौरान एक्ट्रेस ने टाई डाई स्वेटशर्ट पहना है जो काफी हद तक आलिया भट्ट से मिलता- जुलता है. फैशनिस्टा दीपिका पादुकोण ने अपने कैजुअल लुक को फंकी और स्पोर्टी ट्विस्ट दिया है. उन्होंने अपने कैजुअल लुक को व्हाइट जूते और जुराबों के साथ स्टाइल किया है. दीपिका ने गोल्डन हूप इयररिंग्स और ग्लोडन कड़े पहने हैं. एक्ट्रेस ने बालों का जूड़ा बनाया है और सबटल मेकअप के साथ आंखों को स्मोकी लुक दिया है. एक्ट्रेस का फंकी कूल लुक उनके फैंस को खूब पसंद आया है. आलिया भट्ट ने अपनी एक सेल्फ पोस्ट की थीं. इस सेल्फी में आलिया टाई डाई स्वेट शर्ट पहने नजर आ रही हैं. एक्ट्रेस ने टाई डाई स्वेट शर्ट को ब्लैक शार्ट्स के साथ पेयरअप किया था. इस दौरान उन्होंने कोई मेकअप नहीं किया था. आउटफिट को हूप इयररिंग्स के साथ एक्सेसराइज करते हुए बालों का जूड़ा बनाया था. खास बात ये रही कि दोनों एक्ट्रेस ने अपने आउटफिट को हूप इयररिंग्स के साथ एक्सेसराइज किया था और बालों का जूड़ा बनाया था. जहां एक तरफ दीपिका ने जूतों और एक्सेसरीज के साथ खुद को स्पोर्टी लुक दिया था. वहीं आलिया का लुक रिलेक्स और कैजुअल था. |
कार बिहार सरकार में कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर की बताई जा रही है. घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, हालांकि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई और उसकी मदद से पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है.
Patna Crime News: बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है. यहां एक तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने सोमवार (7 अगस्त) की शाम को 10 मोटरसाइकिलों को कुचल दिया. इस दौरान वहां खड़े लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई. ये कार बिहार सरकार में कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर की बताई जा रही है. घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, हालांकि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई और उसकी मदद से पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है.
आरोपी कृषि विभाग के अधिकारी का बेटा बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, वो नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था. पुलिस के मुताबिक कार कृषि विभाग के अधिकारी विकास कुमार भारद्वाज के नाम पर रजिस्टर्ड है. कार पर नेम प्लेट भी लगा हुई है. हादसे के दौरान कार को अधिकारी का बेटा अमर्त्य चला रहा था. पुलिस उसको गिरफ्तार करके पूछताछ कर रही है.
ये हादसा सोमवार रात करीब साढ़े 10 बजे बोरिंग रोड पर हुआ. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है, एक लाल रंग की ब्रिजा कार अचानक से किनारे खड़ी बाइक पर चढ़ जाती है. इस दौरान 2-3 लोग पास ही खड़े थे, जो फुटपाथ की ओर भागकर अपनी जान बचाते हैं. कुछ लोग कार को रोकने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन गाड़ी एक स्कूटी को रौंदते हुए वहां से निकल जाती है.
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस लाल कार की अनियंत्रित और तेज रफ्तार को देख कर लोग दहशत में आ गए. लाल रंग की टीशर्ट पहने युवक यमुना अपार्टमेंट के पास भी तेज रफ्तार कार चला रहा था. कुछ लोगों ने बताया कि इसी कार ने बोरिंग रोड स्थित यमुना अपार्टमेंट के पास 4-5 लोगों को ठोकर मारी है. जिससे उन्हें मामूली चोट भी आई है.
| कार बिहार सरकार में कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर की बताई जा रही है. घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, हालांकि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई और उसकी मदद से पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है. Patna Crime News: बिहार की राजधानी पटना में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है. यहां एक तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने सोमवार की शाम को दस मोटरसाइकिलों को कुचल दिया. इस दौरान वहां खड़े लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई. ये कार बिहार सरकार में कृषि विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर की बताई जा रही है. घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया, हालांकि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई और उसकी मदद से पुलिस ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी कृषि विभाग के अधिकारी का बेटा बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, वो नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था. पुलिस के मुताबिक कार कृषि विभाग के अधिकारी विकास कुमार भारद्वाज के नाम पर रजिस्टर्ड है. कार पर नेम प्लेट भी लगा हुई है. हादसे के दौरान कार को अधिकारी का बेटा अमर्त्य चला रहा था. पुलिस उसको गिरफ्तार करके पूछताछ कर रही है. ये हादसा सोमवार रात करीब साढ़े दस बजे बोरिंग रोड पर हुआ. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है, एक लाल रंग की ब्रिजा कार अचानक से किनारे खड़ी बाइक पर चढ़ जाती है. इस दौरान दो-तीन लोग पास ही खड़े थे, जो फुटपाथ की ओर भागकर अपनी जान बचाते हैं. कुछ लोग कार को रोकने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन गाड़ी एक स्कूटी को रौंदते हुए वहां से निकल जाती है. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस लाल कार की अनियंत्रित और तेज रफ्तार को देख कर लोग दहशत में आ गए. लाल रंग की टीशर्ट पहने युवक यमुना अपार्टमेंट के पास भी तेज रफ्तार कार चला रहा था. कुछ लोगों ने बताया कि इसी कार ने बोरिंग रोड स्थित यमुना अपार्टमेंट के पास चार-पाँच लोगों को ठोकर मारी है. जिससे उन्हें मामूली चोट भी आई है. |
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें गडकरी मीडिया से कह रहे है कि 'प्रधानमंत्री जो बात कर रहे हैं वह लोकतंत्र के विरोध में है। '
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर नितिन गडकरी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हैं । जिसमें उन्हें अपने पार्टी का विरोध करते हुए दिखाया गया है। क्या है इस वीडियो के पीछे की सच्चाई, आइए देखते हैं ।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें गडकरी मीडिया से कह रहे है कि 'प्रधानमंत्री जो बात कर रहे हैं वह लोकतंत्र के विरोध में है । इस देश में भ्रष्ट नेताओं और सरकारों के खिलाफ आंदोलन करना लोकतंत्र में संविधानिक अधिकार है। जनता का अधिकार है। विपक्ष का अधिकार है। काम करने वाले देश के अनेक नागरिकों का अधिकार है। यह अधिकार कोई कांग्रेस पार्टी या प्रधानमंत्री जी ने हिन्दुस्तान के लोगो को नही दिया हैं । यह अधिकार हमारे संविधान में है।
वीडियो में गडकरी कह रहे हैं कि फंडामेंटल राइट, मूलभूत अधिकार बोलने कि आजादी यह हर नागरिक को संविधान में हासिल है। यह सब अधिकार होने के बाद भी शान्तिपूर्ण तरीके से लोगो को आंदोलन नही करना चाहिए। यह बात प्रधानमंत्री किस आधार पर कर रहे है क्या उनका कहना अधिकार कानूनी है ? क्या उनका कहना संविधान के दायरे में उचित है ?
'प्रधानमंत्री को आत्मपरीक्षण करना चाहिए'
मुझे लगता है कि इसका प्रधानमंत्री को आत्मपरीक्षण करना चाहिए। एक बात जरुर है जो एक साथ 2जी स्पेक्ट्रम में जीरो भ्रष्टाचार हुआ, कहने वाले लोग थे। जो एक बार रामदेव बाबा को संत बताकर तीन और चार बार मिलने गए। जिन लोगो ने अन्ना हजारे के साथ चर्चा की। सब लोग अच्छे थे। अब भ्रष्टाचार हटाने की बात छेड़ कर जो लोग बोल रहे है। उन्ही को निशाना बनाकर एक तरह से उन्ही को खत्म किया जा रहा है। अगर आप हमारे खिलाफ बोलेगे तो हम आप के आंदोलन को चलने नही देंगे। इस प्रकार की नीति है।
एक तरफ सरकार जिस तरह से काम कर रही है। जिस तरह से प्रधानमंत्री ने बोले हैं, वह पूरी तरह लोकतंत्र के विरोध में है। हिन्दुस्तान की जनता जो लोकतंत्र को अपनी आत्मा मानती है। वह ऐसी बातों का कभी समर्थन नही कर सकती, क्योंकि इमरजेंसी में हिन्दुस्तान की जनता ने लोकतंत्र के विरोध में जो कुछ भी हुआ उसका प्रतिकार करके उस समय के सरकार को सबक सिखाया था। निश्चित रुप से इसी प्रकार से प्रधानमंत्री देश को चलाना चाहते है तो देश की जनता इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
आप को बता दे कि यह वीडियो 7 साल पुराना है। इस वीडियो में नितिन गडकरी के बगल में भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद खड़े हैं । वीडियो में दिखाई दे रहे किसी भी व्यक्ति ने अपने चेहरे पर मास्क नहीं लगा रखा है । गडकरी ने कांग्रेस के सरकार के विरोध में जो कहा है वह इस समय वीडियो को एडिट कर बीजेपी के खिलाफ चलाया जा रहा है।
दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।
| सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें गडकरी मीडिया से कह रहे है कि 'प्रधानमंत्री जो बात कर रहे हैं वह लोकतंत्र के विरोध में है। ' नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर नितिन गडकरी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हैं । जिसमें उन्हें अपने पार्टी का विरोध करते हुए दिखाया गया है। क्या है इस वीडियो के पीछे की सच्चाई, आइए देखते हैं । सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें गडकरी मीडिया से कह रहे है कि 'प्रधानमंत्री जो बात कर रहे हैं वह लोकतंत्र के विरोध में है । इस देश में भ्रष्ट नेताओं और सरकारों के खिलाफ आंदोलन करना लोकतंत्र में संविधानिक अधिकार है। जनता का अधिकार है। विपक्ष का अधिकार है। काम करने वाले देश के अनेक नागरिकों का अधिकार है। यह अधिकार कोई कांग्रेस पार्टी या प्रधानमंत्री जी ने हिन्दुस्तान के लोगो को नही दिया हैं । यह अधिकार हमारे संविधान में है। वीडियो में गडकरी कह रहे हैं कि फंडामेंटल राइट, मूलभूत अधिकार बोलने कि आजादी यह हर नागरिक को संविधान में हासिल है। यह सब अधिकार होने के बाद भी शान्तिपूर्ण तरीके से लोगो को आंदोलन नही करना चाहिए। यह बात प्रधानमंत्री किस आधार पर कर रहे है क्या उनका कहना अधिकार कानूनी है ? क्या उनका कहना संविधान के दायरे में उचित है ? 'प्रधानमंत्री को आत्मपरीक्षण करना चाहिए' मुझे लगता है कि इसका प्रधानमंत्री को आत्मपरीक्षण करना चाहिए। एक बात जरुर है जो एक साथ दोजी स्पेक्ट्रम में जीरो भ्रष्टाचार हुआ, कहने वाले लोग थे। जो एक बार रामदेव बाबा को संत बताकर तीन और चार बार मिलने गए। जिन लोगो ने अन्ना हजारे के साथ चर्चा की। सब लोग अच्छे थे। अब भ्रष्टाचार हटाने की बात छेड़ कर जो लोग बोल रहे है। उन्ही को निशाना बनाकर एक तरह से उन्ही को खत्म किया जा रहा है। अगर आप हमारे खिलाफ बोलेगे तो हम आप के आंदोलन को चलने नही देंगे। इस प्रकार की नीति है। एक तरफ सरकार जिस तरह से काम कर रही है। जिस तरह से प्रधानमंत्री ने बोले हैं, वह पूरी तरह लोकतंत्र के विरोध में है। हिन्दुस्तान की जनता जो लोकतंत्र को अपनी आत्मा मानती है। वह ऐसी बातों का कभी समर्थन नही कर सकती, क्योंकि इमरजेंसी में हिन्दुस्तान की जनता ने लोकतंत्र के विरोध में जो कुछ भी हुआ उसका प्रतिकार करके उस समय के सरकार को सबक सिखाया था। निश्चित रुप से इसी प्रकार से प्रधानमंत्री देश को चलाना चाहते है तो देश की जनता इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। आप को बता दे कि यह वीडियो सात साल पुराना है। इस वीडियो में नितिन गडकरी के बगल में भाजपा के नेता रविशंकर प्रसाद खड़े हैं । वीडियो में दिखाई दे रहे किसी भी व्यक्ति ने अपने चेहरे पर मास्क नहीं लगा रखा है । गडकरी ने कांग्रेस के सरकार के विरोध में जो कहा है वह इस समय वीडियो को एडिट कर बीजेपी के खिलाफ चलाया जा रहा है। दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें। |
उनके जो प्राण है वे ( सुमेधसः ) उनकी बुद्धिकों अत्यंत वढाने वाले होते है और उस मोक्ष प्राप्त मनुष्यकों पूर्व मुक्तलोग थप ने समीप आनंदरों रख लेते है और फिर वे परस्पर अपने समीप थानंदसें रख लेते है और फिर परस्पर वे अपने ज्ञानसें एक सरेंकों प्रीतिपूर्वक देखतें और मिलतें है, ( सनोवंधुण ) सव म. नुप्योंकों यह जानना चाहिये की वही परमेश्वर हमारा बंधु श्र र्थात् दुःखका नाश करनेवाला है तथा वही सब कमका पूर्ण कर्त्ता और सब लोकोंके जाननेवाला है कि जिसमें देव अर्थात् विद्वान् लोग मोकको प्राप्त होके सदा आनंदमें रहते है और वे तीसरें घाम अर्थात् शुझसत्वस सहित होके सर्वोत्तम सुखमें सदा स्वच्छंदतारों रमण करते है ॥ १ ॥ इस प्रकार संक्षेपमें मुक्तिका विषय कुछ तो वर्णन कर दिया और कुछ धागेनी कहीं कहीं क रेगे सो जान लेना, जैस (वेदाहमेत ) इस मंत्रमेंनी मुक्तिका वि पय कहा गया है । इति मुक्तिविषयः संकेपतः ॥ यह दयानंद सरस्वती की मानी दुश् मुक्ति है.
अब हम इस पूर्वोक्त मुक्तिकों विचारतें है, प्रथम वेदांतकी मुक्तिमें झगमा पड रहा है. व्यासजीके पिता वादरीजीतो मुक्तिका स्वरूप कितनी वस्तुयोंके अन्ना. व होनेसें मानतें है, और जैमिनी व्यासका मुख्य शिष्य बादरीजीसें विपरीत मुक्ति स्वरूप मानतें है, और व्यासजी इन दोनोंदीसें मित्र तीसरी तैरेंमी मुक्ति मानतें है. इससे यह सिद्ध होता है कि वेदोंमें मुक्ति स्वरूप थच्छी तरेंसें नही कथन करा है जे कर करा होता तो इन पूर्वोक्त तीनों प्राचार्योका थ लग अलग मुक्ति विषयमें मत न होता, जे कर कहोगे वेदोही में मुक्ति तिन तरेकी कड़ी है. न तो वेद एक ईश्वरके बनाये हूये नदी है, किंतु तीन जणांके बनाए इये है. जैर्म। जैमी निसकी
समझ भी उसने वैचा वैसा लिख दिया तब तो मुक्तिके स्वरूप में संशयपूर्वोक्त मुक्ति तीनों तरेकी प्रेक्षावानोंकों उपादेय नही, तो फेर दयानंदजीनें इनमेंतें कौनसी मुक्तिकों स्वीकार करा यह नही मालुम होता. और तीनो तरोकी मुक्ति मानें तो पस्पपर विरोध घावे हे और वेदांतियां प्राप्यादि शास्त्रों दयानंदकरे हूये अर्थ विरुद्ध है, न तो ऐसे अर्थ वेदांती मातें है, और से शांकर प्यादिकमें लिखें है. इम नही जानते के दयाकी कल्पना क्योंकर सत्य हो सकती है जेकर कसीके शका रूपको रासन चरें तो देखनेवालेकी क्या हानि है, दानितो कुठ
परंतु अनुचित काम देखनेंसें मनको अच्छा नही लगता है, जनके शास्त्रांका इलटा कर्म करा है वेही दयानंदजीतें पूग्ना होवेगा तो पूर्व ले बगे इमतो जैसें अर्थ दयानंदसरस्वती जीनें लिवे है नदीका विचार करते है, दयानंदसरस्वती लिखता है कि मुक्त लोगोंका जाना थाना सब लोक लोकांतरमें होता है. मुक्त लोक जो सब जगे आते जाते है और घूमते है इसमें क्या हेतु है, क्या उनके एक जगे रहनें से हाय पग शरीरादि अकम जाते है उनके खोलने वास्ते लोक लोकांतरमें घूमते है इसमें १ अथवा उनका एक जर्गे चित्त नही लगता १ २ अयवा एक जगें रहना अपने आपको कैदी समजतें है इस वास्ते लोक लोकांतर में दौमते फिरतें हैं ? ३ अथवा मुक्त होकेनी उनके मनमें लोक लोकांतरके तमाशे देखने वास्ते सब जर्गे दौकना पकता है इस वास्ते मे जमे फिरते है ? ४ अग्रवा मुक्त हूआं पीठे ननकों पूर्ण ज्ञान नही होता है और वस्तुयांके देखनेकी इच्छा बहुत होती है तो वस्तुके समीप गया बिना देख नही सकता है इस वास्ते हरेक जगें भटकते फिरते है ? ५ अथवा एक जगें रहनेसें वहांकी आव हवा त्रिगम जाती है इस वास्ते अच्छी
श्राव इवाको जगमें जाते है ? ६ श्रथवा विनाही प्रयोजन वाव. लोकी तरें फिरते है ? ७ इन सातोही पक्कोमें अनेक दूपण है. इन पड़ोमेंसें एकजी पक माना जायेगा तो मुक्त सिद्ध तो किसी तरें भी नही हो सकेगा परंतु मुक्तिकी खरावी तो सिद्ध हो जावेगी क्या जाने इस मुक्तिके माननेवालेकी एसी मनसा होवेकि यहां तो देश देशांतर जानेमें रेला दिकका नामा देना पकता है और जब हम मुक्त हो जायेंगे तब तो पकीयोंकी तरे जहांका तमाशा देखना होगा तहां चले जायेंगे तो इस वातकों कौन मना कहता दे. परंतु मेकावान तो युक्तिविकल मुक्तिको कदापि नही मानेगे. तया मुक्त होके चलना फिरना, देशदेशांतरमें जाना ग्राना, ऐसी मुक्ति तो पतंजलि गौतम वादरि जैमिनि ध्यास याज्ञवल्क्यादि. कोनें किसीनेंजी नही मानी तो फेर उनके मतके शास्त्रोंसे मुक्ति स्वरूप लिखनेसे क्या प्रयोजन सिद्ध होता है, और दयानंद सरस्वतीजीनें जो वेदोक्त मुक्ति लिखी है उसमेंनी मुक्त लोगोंका लोकांतरमै जाना थाना नही लिखा है तोफेर यह नमे फिरने लोक लोकांतर जाना थानेवाली मुक्ति सरस्वतीजीनें कहांसें निकाला लीनी तथा फेर दयानंदजी लिखते है मुक्त ट्र्यां पीछे उनके स काम पूर्ण हो जाते है, कोई काम अपूर्ण नही रहता है, तो फेर दम पूछते है कि मुकलोग लोकलोकांतर में किस वास्ते जाते श्राते है ? प्रयोजन तो उनका कोश्नी बाकी नही रहा है. यह पूर्वापर व्यादति है. फेर दयानंदजी लिखते है कि पूर्वोक्त मुक्ति प्रजापति पर मेश्वर जीलिये वेदोमं बताता है तो हम पूछते है, ऐसी चलने फिरने बाजी मुक्ति परमेश्वरने कौनमे वेदमं बता है. जो तुमने ऋग्वेद, यजुर्वेदके दो मंवमें मुक्ति स्वरूप लिखा है जिसमें तो चलने फिरनेवाली मुक्ति नही लिखी है तथा फेर दयानंदजी लिखते है मुक्तिस्थान परमेश्वरई है. अन्य कोड मुक्कियान नही तो | उनके जो प्राण है वे उनकी बुद्धिकों अत्यंत वढाने वाले होते है और उस मोक्ष प्राप्त मनुष्यकों पूर्व मुक्तलोग थप ने समीप आनंदरों रख लेते है और फिर वे परस्पर अपने समीप थानंदसें रख लेते है और फिर परस्पर वे अपने ज्ञानसें एक सरेंकों प्रीतिपूर्वक देखतें और मिलतें है, सव म. नुप्योंकों यह जानना चाहिये की वही परमेश्वर हमारा बंधु श्र र्थात् दुःखका नाश करनेवाला है तथा वही सब कमका पूर्ण कर्त्ता और सब लोकोंके जाननेवाला है कि जिसमें देव अर्थात् विद्वान् लोग मोकको प्राप्त होके सदा आनंदमें रहते है और वे तीसरें घाम अर्थात् शुझसत्वस सहित होके सर्वोत्तम सुखमें सदा स्वच्छंदतारों रमण करते है ॥ एक ॥ इस प्रकार संक्षेपमें मुक्तिका विषय कुछ तो वर्णन कर दिया और कुछ धागेनी कहीं कहीं क रेगे सो जान लेना, जैस इस मंत्रमेंनी मुक्तिका वि पय कहा गया है । इति मुक्तिविषयः संकेपतः ॥ यह दयानंद सरस्वती की मानी दुश् मुक्ति है. अब हम इस पूर्वोक्त मुक्तिकों विचारतें है, प्रथम वेदांतकी मुक्तिमें झगमा पड रहा है. व्यासजीके पिता वादरीजीतो मुक्तिका स्वरूप कितनी वस्तुयोंके अन्ना. व होनेसें मानतें है, और जैमिनी व्यासका मुख्य शिष्य बादरीजीसें विपरीत मुक्ति स्वरूप मानतें है, और व्यासजी इन दोनोंदीसें मित्र तीसरी तैरेंमी मुक्ति मानतें है. इससे यह सिद्ध होता है कि वेदोंमें मुक्ति स्वरूप थच्छी तरेंसें नही कथन करा है जे कर करा होता तो इन पूर्वोक्त तीनों प्राचार्योका थ लग अलग मुक्ति विषयमें मत न होता, जे कर कहोगे वेदोही में मुक्ति तिन तरेकी कड़ी है. न तो वेद एक ईश्वरके बनाये हूये नदी है, किंतु तीन जणांके बनाए इये है. जैर्म। जैमी निसकी समझ भी उसने वैचा वैसा लिख दिया तब तो मुक्तिके स्वरूप में संशयपूर्वोक्त मुक्ति तीनों तरेकी प्रेक्षावानोंकों उपादेय नही, तो फेर दयानंदजीनें इनमेंतें कौनसी मुक्तिकों स्वीकार करा यह नही मालुम होता. और तीनो तरोकी मुक्ति मानें तो पस्पपर विरोध घावे हे और वेदांतियां प्राप्यादि शास्त्रों दयानंदकरे हूये अर्थ विरुद्ध है, न तो ऐसे अर्थ वेदांती मातें है, और से शांकर प्यादिकमें लिखें है. इम नही जानते के दयाकी कल्पना क्योंकर सत्य हो सकती है जेकर कसीके शका रूपको रासन चरें तो देखनेवालेकी क्या हानि है, दानितो कुठ परंतु अनुचित काम देखनेंसें मनको अच्छा नही लगता है, जनके शास्त्रांका इलटा कर्म करा है वेही दयानंदजीतें पूग्ना होवेगा तो पूर्व ले बगे इमतो जैसें अर्थ दयानंदसरस्वती जीनें लिवे है नदीका विचार करते है, दयानंदसरस्वती लिखता है कि मुक्त लोगोंका जाना थाना सब लोक लोकांतरमें होता है. मुक्त लोक जो सब जगे आते जाते है और घूमते है इसमें क्या हेतु है, क्या उनके एक जगे रहनें से हाय पग शरीरादि अकम जाते है उनके खोलने वास्ते लोक लोकांतरमें घूमते है इसमें एक अथवा उनका एक जर्गे चित्त नही लगता एक दो अयवा एक जगें रहना अपने आपको कैदी समजतें है इस वास्ते लोक लोकांतर में दौमते फिरतें हैं ? तीन अथवा मुक्त होकेनी उनके मनमें लोक लोकांतरके तमाशे देखने वास्ते सब जर्गे दौकना पकता है इस वास्ते मे जमे फिरते है ? चार अग्रवा मुक्त हूआं पीठे ननकों पूर्ण ज्ञान नही होता है और वस्तुयांके देखनेकी इच्छा बहुत होती है तो वस्तुके समीप गया बिना देख नही सकता है इस वास्ते हरेक जगें भटकते फिरते है ? पाँच अथवा एक जगें रहनेसें वहांकी आव हवा त्रिगम जाती है इस वास्ते अच्छी श्राव इवाको जगमें जाते है ? छः श्रथवा विनाही प्रयोजन वाव. लोकी तरें फिरते है ? सात इन सातोही पक्कोमें अनेक दूपण है. इन पड़ोमेंसें एकजी पक माना जायेगा तो मुक्त सिद्ध तो किसी तरें भी नही हो सकेगा परंतु मुक्तिकी खरावी तो सिद्ध हो जावेगी क्या जाने इस मुक्तिके माननेवालेकी एसी मनसा होवेकि यहां तो देश देशांतर जानेमें रेला दिकका नामा देना पकता है और जब हम मुक्त हो जायेंगे तब तो पकीयोंकी तरे जहांका तमाशा देखना होगा तहां चले जायेंगे तो इस वातकों कौन मना कहता दे. परंतु मेकावान तो युक्तिविकल मुक्तिको कदापि नही मानेगे. तया मुक्त होके चलना फिरना, देशदेशांतरमें जाना ग्राना, ऐसी मुक्ति तो पतंजलि गौतम वादरि जैमिनि ध्यास याज्ञवल्क्यादि. कोनें किसीनेंजी नही मानी तो फेर उनके मतके शास्त्रोंसे मुक्ति स्वरूप लिखनेसे क्या प्रयोजन सिद्ध होता है, और दयानंद सरस्वतीजीनें जो वेदोक्त मुक्ति लिखी है उसमेंनी मुक्त लोगोंका लोकांतरमै जाना थाना नही लिखा है तोफेर यह नमे फिरने लोक लोकांतर जाना थानेवाली मुक्ति सरस्वतीजीनें कहांसें निकाला लीनी तथा फेर दयानंदजी लिखते है मुक्त ट्र्यां पीछे उनके स काम पूर्ण हो जाते है, कोई काम अपूर्ण नही रहता है, तो फेर दम पूछते है कि मुकलोग लोकलोकांतर में किस वास्ते जाते श्राते है ? प्रयोजन तो उनका कोश्नी बाकी नही रहा है. यह पूर्वापर व्यादति है. फेर दयानंदजी लिखते है कि पूर्वोक्त मुक्ति प्रजापति पर मेश्वर जीलिये वेदोमं बताता है तो हम पूछते है, ऐसी चलने फिरने बाजी मुक्ति परमेश्वरने कौनमे वेदमं बता है. जो तुमने ऋग्वेद, यजुर्वेदके दो मंवमें मुक्ति स्वरूप लिखा है जिसमें तो चलने फिरनेवाली मुक्ति नही लिखी है तथा फेर दयानंदजी लिखते है मुक्तिस्थान परमेश्वरई है. अन्य कोड मुक्कियान नही तो |
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने की कवायदों के बीच फिर से भारतीय जनता पार्टी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी में विवाद गहरा गया है। दरअसल दोनों ही दलों के नेता राज्यपाल एनएन वोहरा से मिलने नहीं पहुंच रहे हैं। खबर है कि बीजेपी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों को चाहती है और मुफ्ती मोहम्मद सईद के वक्त मिले पोर्टफोलियो पर राजी नहीं है। हालांकि इससे पहले शुक्रवार को खबर आई थी कि दोनों ही दल सरकार बनाने के दावे प्रस्तुत करेंगे। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक दल की बैठक में पीडीपी ने अपनी ओर से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती को प्रमुख चुना गया।
दूसरी ओर भाजपा खेमे से निर्मल सिंह के नाम पर उपमुख्यमंत्री पद की मुहर सर्वसम्मति से लगा दी गई। जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और भाजपा गठबंधन को लेकर कुछ विवाद जरूर हो रहे हैं लेकिन दोनों ही दल एक साथ सरकार बनाने के लिए कुछ कदम आगे जरूर आए हैं।
भारतीय जनता पार्टी का कहना था कि उसके पास 28 विधायक हैं। जिसमें सज्जाद लोन के दो और निर्दलीय 1 विधायक शामिल है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के समीप केवल 27 विधायक ही हैं। कम एमएलए होने के बाद भी बीजेपी पीडीपी को मुख्यमंत्री का पद दे रही है, जबकि उपमुख्यमंत्री का पद अपने पास रखना चाहती है।
| श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने की कवायदों के बीच फिर से भारतीय जनता पार्टी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी में विवाद गहरा गया है। दरअसल दोनों ही दलों के नेता राज्यपाल एनएन वोहरा से मिलने नहीं पहुंच रहे हैं। खबर है कि बीजेपी सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों को चाहती है और मुफ्ती मोहम्मद सईद के वक्त मिले पोर्टफोलियो पर राजी नहीं है। हालांकि इससे पहले शुक्रवार को खबर आई थी कि दोनों ही दल सरकार बनाने के दावे प्रस्तुत करेंगे। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक दल की बैठक में पीडीपी ने अपनी ओर से पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती को प्रमुख चुना गया। दूसरी ओर भाजपा खेमे से निर्मल सिंह के नाम पर उपमुख्यमंत्री पद की मुहर सर्वसम्मति से लगा दी गई। जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और भाजपा गठबंधन को लेकर कुछ विवाद जरूर हो रहे हैं लेकिन दोनों ही दल एक साथ सरकार बनाने के लिए कुछ कदम आगे जरूर आए हैं। भारतीय जनता पार्टी का कहना था कि उसके पास अट्ठाईस विधायक हैं। जिसमें सज्जाद लोन के दो और निर्दलीय एक विधायक शामिल है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के समीप केवल सत्ताईस विधायक ही हैं। कम एमएलए होने के बाद भी बीजेपी पीडीपी को मुख्यमंत्री का पद दे रही है, जबकि उपमुख्यमंत्री का पद अपने पास रखना चाहती है। |
Bareilly News: बरेली जनपद में नाबालिग को अगवाकर गैंगरेप करने का मामला सामने आया है। जनपद में 54 साल के एक मुस्लिम युवक पहले एक नाबालिग लड़की को अगवाकर अपने साथ ले गया। फिर उसके साथ तीन लोगों ने मिलकर बारी से बारी गैंगरेप किया। पीड़िता को बीते 6 जून को अपहरण किया गया था उसके बाद से उसके साथ लगातार गैंगरेप किया गया।
| Bareilly News: बरेली जनपद में नाबालिग को अगवाकर गैंगरेप करने का मामला सामने आया है। जनपद में चौवन साल के एक मुस्लिम युवक पहले एक नाबालिग लड़की को अगवाकर अपने साथ ले गया। फिर उसके साथ तीन लोगों ने मिलकर बारी से बारी गैंगरेप किया। पीड़िता को बीते छः जून को अपहरण किया गया था उसके बाद से उसके साथ लगातार गैंगरेप किया गया। |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक फिटनेस वीडियो शेयर किया। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के के द्वारा दिए गए फिटनेस चैलेंज को स्वीकार करने के बाद पीएम मोदी ने आज सोशल मीडिया पर अपना फिटनेस वीडियो शेयर किया। वीडियो में प्रधानमंत्री पार्क में कई तरह के योगा अभ्यास कर रहे हैं। पीएम ने इसके साथ ही कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और खिलाड़ी मनिका बत्रा को नॉमिनेट किया है।
पीएम मोदी के वीडियो को केद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी रिट्वीट किया है आैर लिखा है कि एक फिट नेता ही स्वस्थ्य आैर समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी को इतना फिट आैर फोकस देखना प्रेरणादायक है। इसमें कोर्इ हैरान करने वाली बात नहीं है कि पीएम मोदी दिन में 18-19 घंटे काम कर सकते हैं।
बता दें कि मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ये मेरे मॉर्निंग एक्सरसाइज की कुछ झलक है। योगा के अलावा मैं ट्रैक पर टहलता हूं, जो प्रकृति के पांच तत्वों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश से प्रेरित है। इसके अलावा मैं सांस की एक्सरसाइज भी करता हूं। पीएम मोदी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और खिलाड़ी मनिका बत्रा को फ़िटनेस चैलेंज के लिए नॉमिनेट किया।
पीएम मोदी के फ़िटनेस चैलेंज पर कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने ट्वीट किया है। डियर नरेंद्र मोदी जी, ये मेरे लिए सम्मान की बात है। मेरे स्वास्थ्य के प्रति आपकी चिंता के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। शारीरिक फ़िटनेस सभी के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए मैं मुहिम का समर्थन करता हूं। योग-ट्रेडमिल मेरी दिनचर्या का हिस्सा हैं। फिर भी मुझे अपने राज्य के विकास के फ़िटनेस की ज़्यादा चिंता है और इसके लिए आपका सहयोग चाहिए।
टेबल टेनिस प्लेयर मनिका बत्रा ने कहा कि मैं काफी खुश हूं कि पीएम मोदी ने मुझे फिटनेस चैलेंज दिया। पीएम के द्वारा यह काफी अच्छी पहल है। न केवल खिलाड़ियों को, बल्कि सभी को फिटनेस रूटीन फॉलो करना चाहिए।
आपको बता दें कि भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली ने खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का 'फिटनेस चैलेंज' स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा को टैग करते हुए उन्हें चुनौती दी थी। अनुष्का शर्मा पहले ही कोहली का ये चैलेंज पूरा कर चुकी हैं।
I have accepted the #FitnessChallenge by @ra_THORe sir. Now I would like to challenge my wife @AnushkaSharma , our PM @narendramodi ji and @msdhoni Bhai for the same.
राठौड़ ने देश में फिटनेस को लेकर जागरूकता अभियान के तहत व्यायाम करते हुए अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था और खेल और सिनेमा जगत की कुछ प्रमुख हस्तियों को टैग करते हुए उनसे भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की थी।
पीएम मोदी से पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू फिटनेस चैलेंज काे स्वीकार करते हुए अपने फिटनेस का वीडियो टविटर पर शेयस कर चुके हैं।
| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को एक फिटनेस वीडियो शेयर किया। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली के के द्वारा दिए गए फिटनेस चैलेंज को स्वीकार करने के बाद पीएम मोदी ने आज सोशल मीडिया पर अपना फिटनेस वीडियो शेयर किया। वीडियो में प्रधानमंत्री पार्क में कई तरह के योगा अभ्यास कर रहे हैं। पीएम ने इसके साथ ही कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और खिलाड़ी मनिका बत्रा को नॉमिनेट किया है। पीएम मोदी के वीडियो को केद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी रिट्वीट किया है आैर लिखा है कि एक फिट नेता ही स्वस्थ्य आैर समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी को इतना फिट आैर फोकस देखना प्रेरणादायक है। इसमें कोर्इ हैरान करने वाली बात नहीं है कि पीएम मोदी दिन में अट्ठारह-उन्नीस घंटाटे काम कर सकते हैं। बता दें कि मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ये मेरे मॉर्निंग एक्सरसाइज की कुछ झलक है। योगा के अलावा मैं ट्रैक पर टहलता हूं, जो प्रकृति के पांच तत्वों पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश से प्रेरित है। इसके अलावा मैं सांस की एक्सरसाइज भी करता हूं। पीएम मोदी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और खिलाड़ी मनिका बत्रा को फ़िटनेस चैलेंज के लिए नॉमिनेट किया। पीएम मोदी के फ़िटनेस चैलेंज पर कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने ट्वीट किया है। डियर नरेंद्र मोदी जी, ये मेरे लिए सम्मान की बात है। मेरे स्वास्थ्य के प्रति आपकी चिंता के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। शारीरिक फ़िटनेस सभी के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए मैं मुहिम का समर्थन करता हूं। योग-ट्रेडमिल मेरी दिनचर्या का हिस्सा हैं। फिर भी मुझे अपने राज्य के विकास के फ़िटनेस की ज़्यादा चिंता है और इसके लिए आपका सहयोग चाहिए। टेबल टेनिस प्लेयर मनिका बत्रा ने कहा कि मैं काफी खुश हूं कि पीएम मोदी ने मुझे फिटनेस चैलेंज दिया। पीएम के द्वारा यह काफी अच्छी पहल है। न केवल खिलाड़ियों को, बल्कि सभी को फिटनेस रूटीन फॉलो करना चाहिए। आपको बता दें कि भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली ने खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का 'फिटनेस चैलेंज' स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा को टैग करते हुए उन्हें चुनौती दी थी। अनुष्का शर्मा पहले ही कोहली का ये चैलेंज पूरा कर चुकी हैं। I have accepted the #FitnessChallenge by @ra_THORe sir. Now I would like to challenge my wife @AnushkaSharma , our PM @narendramodi ji and @msdhoni Bhai for the same. राठौड़ ने देश में फिटनेस को लेकर जागरूकता अभियान के तहत व्यायाम करते हुए अपना एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था और खेल और सिनेमा जगत की कुछ प्रमुख हस्तियों को टैग करते हुए उनसे भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की थी। पीएम मोदी से पहले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू फिटनेस चैलेंज काे स्वीकार करते हुए अपने फिटनेस का वीडियो टविटर पर शेयस कर चुके हैं। |
नई दिल्लीः कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव में अब दो ही उम्मीदवारों के बीच टक्कर होगी। दरअसल, केएन त्रिपाठी का नामांकन पत्र आज यानी शनिवार (1 अक्टूबर) को खारिज कर दिया गया है। केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि झारखंड से स्थानीय नेता त्रिपाठी ने शुक्रवार को नामांकन दाखिल कर अपनी दावेदारी पेश की थी मगर, आज उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है।
मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में अब सिर्फ दो प्रत्याशी मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर हैं। हालांकि, मिस्त्री ने इसका कोई कारण नहीं बताया है। बता दें कि, कांग्रेस अध्यक्ष पद के नामांकन के अंतिम दिन खड़गे, थरूर और त्रिपाठी ने अपना-अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। खड़गे ने 14 सेट में अपना पर्चा भरा था और उनके प्रस्तावकों में अशोक गहलोत, दिग्विजय सिंह, ए के एंटनी, अंबिका सोनी, मुकुल वासनिक और जी-23 के सदस्य आनंद शर्मा, भूपेंद्र हुड्डा, पृथ्वीराज चव्हाण और मनीष तिवारी शामिल हैं।
बता दें कि नामांकन भरने के बाद अब इस पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद' से अपना इस्तीफे दे दिया है। खड़गे ने अपना इस्तीफा कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, खड़गे ने सोनिया गांधी से मुलाकात की और उदयपुर चिंतन शिविर में कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनाए गए 'एक व्यक्ति एक पद' के सिद्धांत के तहत अपना त्यागपत्र दे दिया है।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से खड़गे ने दिया इस्तीफा, बनेंगे कांग्रेस अध्यक्ष ?
| नई दिल्लीः कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए हो रहे चुनाव में अब दो ही उम्मीदवारों के बीच टक्कर होगी। दरअसल, केएन त्रिपाठी का नामांकन पत्र आज यानी शनिवार को खारिज कर दिया गया है। केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि झारखंड से स्थानीय नेता त्रिपाठी ने शुक्रवार को नामांकन दाखिल कर अपनी दावेदारी पेश की थी मगर, आज उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है। मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में अब सिर्फ दो प्रत्याशी मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर हैं। हालांकि, मिस्त्री ने इसका कोई कारण नहीं बताया है। बता दें कि, कांग्रेस अध्यक्ष पद के नामांकन के अंतिम दिन खड़गे, थरूर और त्रिपाठी ने अपना-अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। खड़गे ने चौदह सेट में अपना पर्चा भरा था और उनके प्रस्तावकों में अशोक गहलोत, दिग्विजय सिंह, ए के एंटनी, अंबिका सोनी, मुकुल वासनिक और जी-तेईस के सदस्य आनंद शर्मा, भूपेंद्र हुड्डा, पृथ्वीराज चव्हाण और मनीष तिवारी शामिल हैं। बता दें कि नामांकन भरने के बाद अब इस पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद' से अपना इस्तीफे दे दिया है। खड़गे ने अपना इस्तीफा कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेज दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, खड़गे ने सोनिया गांधी से मुलाकात की और उदयपुर चिंतन शिविर में कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनाए गए 'एक व्यक्ति एक पद' के सिद्धांत के तहत अपना त्यागपत्र दे दिया है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष पद से खड़गे ने दिया इस्तीफा, बनेंगे कांग्रेस अध्यक्ष ? |
कोरोना की दूसरी लहर का असर अब कम हो गया है लेकिन इस लहर में संक्रमित होने वाले हीराराम ने अपने हौसले और हिम्मत से सीटी स्कोर 24 होने के के साथ कोरोना को करीब तीन महीने बाद मात दे दी है। हीराराम ने कहा डॉक्टर भगवान से कम नही है।
दूधिया निवासी हीराराम को खांसी, बुखार आने पर एचआरसीटी जांच करवाई गई तो स्कोर 8 और ऑक्सीजन लेवल 89 आया। डॉक्टरों की सलाह पर जिला अस्पताल में 21 अप्रैल को भर्ती करवाया दिया गया था। इसके कुछ दिन बाद वापस से सीटी स्केन पर करवाया स्कोर बढ़कर 22 और तीसरी बार स्कोर बढ़कर 24 तक पहुंच गया। ऑक्सीजल लेवल 49 के आसपास पहुंच गया था। मरीज हीराराम और डॉक्टरों ने हिम्मत नहीं हारी और डॉक्टर लगातार इलाज करते रहे। मरीज हीराराम को 30 दिन तक बेस सर्किट व 45 दिन हाई फ्लो मास्क पर डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती रहा।
पीएमओ डॉ. बी. एल. मसुरिया ने कहा कि मरीज ने हौसला रखकर एवं डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ की ओर से समय-समय पर देखरेख करने पर ही मरीज स्वस्थ्य हुआ और मंगलवार को डिस्चार्ज किया गया। मरीज के रिश्तेदार तुलछाराम चौधरी कहना है कि जब अस्पताल में भर्ती करने के बाद दिनों दिन मरीज की हालात बिगड़ती गई। एक बार तो हमने हिम्मत हार दी थी लेकिन मरीज हीराराम और डॉक्टरों सहित नर्सिग स्टॉफ ने हिम्मत नहीं हारी। इसका नतीजा है कि मंगलवार को 84 दिन बाद हिराराम को डिस्चार्ज कर दिया है।
मरीज का इलाज डॉ. दिनेश परमार, डॉ. गोरधनसिंह चौधरी, डॉ. शालू परिहार, डॉ. अनिल सेठिया, डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. सुरेश गहलोत, डॉ. सुरेश चौधरी, डॉ. अरविन्द विश्नोई, डॉ. मालदेव, डॉ. चिराग माहेश्वरी, डॉ चिराग गोदारा व नर्सिग स्टॉफ अशोक शर्मा, सुभाष सोनी, महेश सोनी, ओमप्रकाश माली, महेश जाटोल, अंजू विश्नोई, विमला गौड़, जोगेन्द्र सहारण, ललित, फिरोज खान, नरेश बेनीवाल, भजनलाल सैनी, प्रवीण कुमार, नन्द किशोर, श्याम, अवतारसिंह, मदन सिंह, भजनलाल, राजू, जयकिशन आदि का विशेष सहयोग रहा।
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| कोरोना की दूसरी लहर का असर अब कम हो गया है लेकिन इस लहर में संक्रमित होने वाले हीराराम ने अपने हौसले और हिम्मत से सीटी स्कोर चौबीस होने के के साथ कोरोना को करीब तीन महीने बाद मात दे दी है। हीराराम ने कहा डॉक्टर भगवान से कम नही है। दूधिया निवासी हीराराम को खांसी, बुखार आने पर एचआरसीटी जांच करवाई गई तो स्कोर आठ और ऑक्सीजन लेवल नवासी आया। डॉक्टरों की सलाह पर जिला अस्पताल में इक्कीस अप्रैल को भर्ती करवाया दिया गया था। इसके कुछ दिन बाद वापस से सीटी स्केन पर करवाया स्कोर बढ़कर बाईस और तीसरी बार स्कोर बढ़कर चौबीस तक पहुंच गया। ऑक्सीजल लेवल उनचास के आसपास पहुंच गया था। मरीज हीराराम और डॉक्टरों ने हिम्मत नहीं हारी और डॉक्टर लगातार इलाज करते रहे। मरीज हीराराम को तीस दिन तक बेस सर्किट व पैंतालीस दिन हाई फ्लो मास्क पर डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती रहा। पीएमओ डॉ. बी. एल. मसुरिया ने कहा कि मरीज ने हौसला रखकर एवं डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ की ओर से समय-समय पर देखरेख करने पर ही मरीज स्वस्थ्य हुआ और मंगलवार को डिस्चार्ज किया गया। मरीज के रिश्तेदार तुलछाराम चौधरी कहना है कि जब अस्पताल में भर्ती करने के बाद दिनों दिन मरीज की हालात बिगड़ती गई। एक बार तो हमने हिम्मत हार दी थी लेकिन मरीज हीराराम और डॉक्टरों सहित नर्सिग स्टॉफ ने हिम्मत नहीं हारी। इसका नतीजा है कि मंगलवार को चौरासी दिन बाद हिराराम को डिस्चार्ज कर दिया है। मरीज का इलाज डॉ. दिनेश परमार, डॉ. गोरधनसिंह चौधरी, डॉ. शालू परिहार, डॉ. अनिल सेठिया, डॉ. विक्रम सिंह, डॉ. सुरेश गहलोत, डॉ. सुरेश चौधरी, डॉ. अरविन्द विश्नोई, डॉ. मालदेव, डॉ. चिराग माहेश्वरी, डॉ चिराग गोदारा व नर्सिग स्टॉफ अशोक शर्मा, सुभाष सोनी, महेश सोनी, ओमप्रकाश माली, महेश जाटोल, अंजू विश्नोई, विमला गौड़, जोगेन्द्र सहारण, ललित, फिरोज खान, नरेश बेनीवाल, भजनलाल सैनी, प्रवीण कुमार, नन्द किशोर, श्याम, अवतारसिंह, मदन सिंह, भजनलाल, राजू, जयकिशन आदि का विशेष सहयोग रहा। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
बातचीत के दौरान कोरोना से उपजे हालात को संभालने को लेकर चर्चा होगी. साथ भविष्य की तैयारियों को लेकर भी बातचीत होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narenda Modi) शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi) के डॉक्टरों, फार्मा स्टाफ और अन्य फ्रंटलाइन वकर्स (Frontline Workers) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से इसकी जानकारी दी गई है. पीएम मोदी से बातचीत में वाराणसी के विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टर और अन्य स्टाफ शामिल होंगे. इन अस्पतालों में पंडित राजन मिश्रा हॉस्पिटल भी शामिल है. इस अस्पताल को हाल में डीआरडीओ और सेना के संयुक्त प्रयास के जरिए बनाया गया है. इसके अलावा पीएम मोदी शहर के अन्य नॉन कोविड अस्पतालों के बारे में भी जानकारी हासिल करेंगे.
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान कोरोना से उपजे हालात को संभालने को लेकर चर्चा होगी. साथ भविष्य की तैयारियों को लेकर भी बातचीत होगी. प्रधानमंत्री डेढ़ महीने में 40 फीसदी संक्रमण दर को तीन फीसदी पर लाने वाले चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह बढ़ाएंगे. दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर की जबरदस्त चपेट में आए वाराणसी ने डेढ़ महीने में स्थिति को संभाल लिया है.
कुछ दिनों पहले ही पीएम मोदी ने देशभर के डॉक्टरों से बातचीत की थी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बातचीत में पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के इलाज को लेकर डॉक्टरों के अनुभव और सीख जानी. इस बातचीत में देश के विभिन्न इलाकों के चिकित्सक मौजूद रहे, इनमें नॉर्थईस्ट, जम्मू-कश्मीर भी शामिल है. डॉक्टरों ने महामारी के इलाज के दौरान आई मुश्किलों और अनुभव के बारे में पीएम मोदी को बताया.
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 से 238 और लोगों की मौत हो गई और 6725 और लोगों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई. स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरुवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कोविड-19 से 238 और लोगों की मौत हो गई है. इसके साथ ही राज्य में इस वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 18588 हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा 21 मौतें राजधानी लखनऊ में हुई हैं. इसके अलावा वाराणसी में 16, गाजीपुर में 15, आगरा में 12 तथा मेरठ और कानपुर नगर में 11-11 मरीजों की मौत हुई है.
| बातचीत के दौरान कोरोना से उपजे हालात को संभालने को लेकर चर्चा होगी. साथ भविष्य की तैयारियों को लेकर भी बातचीत होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के डॉक्टरों, फार्मा स्टाफ और अन्य फ्रंटलाइन वकर्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से इसकी जानकारी दी गई है. पीएम मोदी से बातचीत में वाराणसी के विभिन्न अस्पतालों के डॉक्टर और अन्य स्टाफ शामिल होंगे. इन अस्पतालों में पंडित राजन मिश्रा हॉस्पिटल भी शामिल है. इस अस्पताल को हाल में डीआरडीओ और सेना के संयुक्त प्रयास के जरिए बनाया गया है. इसके अलावा पीएम मोदी शहर के अन्य नॉन कोविड अस्पतालों के बारे में भी जानकारी हासिल करेंगे. बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान कोरोना से उपजे हालात को संभालने को लेकर चर्चा होगी. साथ भविष्य की तैयारियों को लेकर भी बातचीत होगी. प्रधानमंत्री डेढ़ महीने में चालीस फीसदी संक्रमण दर को तीन फीसदी पर लाने वाले चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साह बढ़ाएंगे. दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर की जबरदस्त चपेट में आए वाराणसी ने डेढ़ महीने में स्थिति को संभाल लिया है. कुछ दिनों पहले ही पीएम मोदी ने देशभर के डॉक्टरों से बातचीत की थी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बातचीत में पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के इलाज को लेकर डॉक्टरों के अनुभव और सीख जानी. इस बातचीत में देश के विभिन्न इलाकों के चिकित्सक मौजूद रहे, इनमें नॉर्थईस्ट, जम्मू-कश्मीर भी शामिल है. डॉक्टरों ने महामारी के इलाज के दौरान आई मुश्किलों और अनुभव के बारे में पीएम मोदी को बताया. उत्तर प्रदेश में पिछले चौबीस घंटाटों के दौरान कोविड-उन्नीस से दो सौ अड़तीस और लोगों की मौत हो गई और छः हज़ार सात सौ पच्चीस और लोगों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई. स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरुवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चौबीस घंटाटों के दौरान राज्य में कोविड-उन्नीस से दो सौ अड़तीस और लोगों की मौत हो गई है. इसके साथ ही राज्य में इस वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर अट्ठारह हज़ार पाँच सौ अठासी हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा इक्कीस मौतें राजधानी लखनऊ में हुई हैं. इसके अलावा वाराणसी में सोलह, गाजीपुर में पंद्रह, आगरा में बारह तथा मेरठ और कानपुर नगर में ग्यारह-ग्यारह मरीजों की मौत हुई है. |
1 भारत सरकार के खादय मंत्रालय में पदस्थ डिप्टी कमिश्नर विश्वजीत हलधर द्वारा बालाघाट तथा मण्डला जिले में कस्टम मिलिंग के माध्यम से उपार्जित किये गये चांवल को जिन गोदामों में भण्डारित किया गया था उनकी जांच की गई तथा भण्डारित किये गये चांवल के नमूने लेकर उनका प्रयोगशाला में परीक्षण करवाया गया था। राईस मिलर्स तथा आपूर्ति निगम के अधिकारियों गुणवत्ता निरीक्षकों की सांठगांठ एवं कमीशनबाजी प्रति लाठ 5000 से 8000 रूपये लेकर कस्टम मिलिंग के माध्यम से जानवरों को खिलाये जाने वाले स्तर का चांवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरित कर दिया गया। इस मामले के उजागर होने के बाद आर्थिक अपराध जांच शाखा द्वारा जांच कराये जाने की सरकारी घोषणा की रफतार थम सी गई है और मामले को रफा दफा करने की कोशिश की गई। 2 पिछले 6 सितम्बर को छ ग के कबीरधाम जिले के बालसमुंद पानी निवासी झामसिंह धुर्वे की मौत पुलिस की गोली से हुई है इस बात का उल्लेख नक्सिलयों ने पर्चे फेंककर किया है। जहां नक्सलियों ने फेंके हुए बताया कि पुलिस अपनी कायराना हरकतो को छिपाने के लिये उसे नक्सली मुठभेंड बता रही है। तदाशय के संदर्भ में भारत की कम्युनिष्ठ पार्टी माओवादी महाराष्ट्र म प्र छ ग स्पेशल जोनल कमेटी के द्वारा उसी क्षेत्र से लगे जैरासी देवगांव पंडरापानी निक्कुम गांवो के आसपास जंगलो में पर्चे चिपकाये है। जहां पर्चे में उन्होने उक्त घटना की घोर निंदा करने का भी उल्लेख किया है। माओवादियों के द्वारा फेंके गये पर्चे में उल्लेख है कि 12 सितम्बर को धनिया जोन के जंगल से बादल रातोरात अपनी कायराना हरकतो से कारण फरार हो गया था जिसको जनता कभी माफ नही करेगी। पर्चे में डाबरी के दहियानटोला निवासी हिरालाल टेकाम का भी उल्लेख किया है । 3 किसान विरोधी बिल व युवा कांग्रेस महासचिव भैया पवार बंटी शेलके व युवा कांग्रेस पंजाब के प्रदेशाध्यक्ष व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नितिन भोज के नेतृत्व में युवा कांग्रेस एवं एन एस यू आई साथियों के द्वारा बालाघाट के हनुमान चौक पर किसान विरोधी व युवा विरोधी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। 4 लालबर्रा नगर मुख्यालय में स्थित गुजरात स्वीट्स से लेकर विश्रामगृह तक की सड़ांध मारती बदबूदार नाली की साफ-सफाई गुजरात स्वीट्स के संचालक चेतन जैन द्वारा जागरूकता का परिचय देते हुए स्वयं के खर्चे से उक्त बदबूदार नाली की उचित साफ-सफाई 29 सितंबर को करवाई गई है, लेकिन नाली से निकला उक्त मलबा आने जाने वाले राहगीरों व स्थानीय दुकानदारों के लिए परेशानियों का सबब बन गया है, 5 . लालबर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम भांडामूर्री में एक पति ने अपनी ही पत्नि को धारधार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस घटना स्थल पर पहुचकर शव को बरामद कर शव का पोस्मार्टम जिला चिकित्सालय मे कराया गया। इस संबध मे पुलिस ने बताया कि भांडामूर्री निवासी सुनिता पति अरविंद मरठे २६ वर्ष का उसके पति अरविंद के साथ विवाद होने पर उसके सिर पर और गले पर गंभीर चोट आने के कारण उसकी मौत हो गई। 6. भरवेली प्रधान को हटाने पंच और ग्रामीणो ने सौपा ज्ञापन बालाघाट। जनपद पंचायत बालाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरवेली की प्रभारी सरपंच को पद से पृथक करने की मांग को लेकर पंचो सहित ग्रामीणो ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालाघाट को ज्ञापन सौपा गया। ज्ञापन मे उल्लेखित कर बताया कि ग्राम पचंायत भरवेली की वार्ड पंच है जो सरपंच रेखा सरवारी द्वारा ग्राम में नियम विरूद्ध निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन व अमानक स्तर के कराए गए है। जिनकी शिकायतए ग्रामीणो के द्वारा समय समय पर की गई जिस पर वरिष्ट अधिकारियों के द्वारा आज तक किसी प्रकार की कार्यवाही नही की गई। 7 उच्च षिक्षा विभाग के निर्देषानुसार शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में नियमित विद्यार्थियों के लिए आॅनलाइन कक्षाओं का संचालन आगामी 1 अक्टुबंर से 30 नवम्बर 2020 तक की अवधि में किया जाना है। उक्ताषय जानकारी शासकीय स्नातक महाविद्यालय प्राचार्य सुरेन्द्र कुमार खड्यात ने देते हुए बताया कि उक्त आनलाइन कक्षाओं का संचालन हेतु समय सारणी छात्रो को सूचनार्थ उनके वाॅटसाॅप नंबरो पर प्रसारित की जा चुकी है। महाविद्यालय में अध्ययनरत् समस्त नियमित छात्र/छात्राए अपने विषय षिक्षक के सम्पर्क मे रहते हुये आॅनलाइन कक्षाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराये।
| एक भारत सरकार के खादय मंत्रालय में पदस्थ डिप्टी कमिश्नर विश्वजीत हलधर द्वारा बालाघाट तथा मण्डला जिले में कस्टम मिलिंग के माध्यम से उपार्जित किये गये चांवल को जिन गोदामों में भण्डारित किया गया था उनकी जांच की गई तथा भण्डारित किये गये चांवल के नमूने लेकर उनका प्रयोगशाला में परीक्षण करवाया गया था। राईस मिलर्स तथा आपूर्ति निगम के अधिकारियों गुणवत्ता निरीक्षकों की सांठगांठ एवं कमीशनबाजी प्रति लाठ पाँच हज़ार से आठ हज़ार रूपये लेकर कस्टम मिलिंग के माध्यम से जानवरों को खिलाये जाने वाले स्तर का चांवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरित कर दिया गया। इस मामले के उजागर होने के बाद आर्थिक अपराध जांच शाखा द्वारा जांच कराये जाने की सरकारी घोषणा की रफतार थम सी गई है और मामले को रफा दफा करने की कोशिश की गई। दो पिछले छः सितम्बर को छ ग के कबीरधाम जिले के बालसमुंद पानी निवासी झामसिंह धुर्वे की मौत पुलिस की गोली से हुई है इस बात का उल्लेख नक्सिलयों ने पर्चे फेंककर किया है। जहां नक्सलियों ने फेंके हुए बताया कि पुलिस अपनी कायराना हरकतो को छिपाने के लिये उसे नक्सली मुठभेंड बता रही है। तदाशय के संदर्भ में भारत की कम्युनिष्ठ पार्टी माओवादी महाराष्ट्र म प्र छ ग स्पेशल जोनल कमेटी के द्वारा उसी क्षेत्र से लगे जैरासी देवगांव पंडरापानी निक्कुम गांवो के आसपास जंगलो में पर्चे चिपकाये है। जहां पर्चे में उन्होने उक्त घटना की घोर निंदा करने का भी उल्लेख किया है। माओवादियों के द्वारा फेंके गये पर्चे में उल्लेख है कि बारह सितम्बर को धनिया जोन के जंगल से बादल रातोरात अपनी कायराना हरकतो से कारण फरार हो गया था जिसको जनता कभी माफ नही करेगी। पर्चे में डाबरी के दहियानटोला निवासी हिरालाल टेकाम का भी उल्लेख किया है । तीन किसान विरोधी बिल व युवा कांग्रेस महासचिव भैया पवार बंटी शेलके व युवा कांग्रेस पंजाब के प्रदेशाध्यक्ष व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नितिन भोज के नेतृत्व में युवा कांग्रेस एवं एन एस यू आई साथियों के द्वारा बालाघाट के हनुमान चौक पर किसान विरोधी व युवा विरोधी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। चार लालबर्रा नगर मुख्यालय में स्थित गुजरात स्वीट्स से लेकर विश्रामगृह तक की सड़ांध मारती बदबूदार नाली की साफ-सफाई गुजरात स्वीट्स के संचालक चेतन जैन द्वारा जागरूकता का परिचय देते हुए स्वयं के खर्चे से उक्त बदबूदार नाली की उचित साफ-सफाई उनतीस सितंबर को करवाई गई है, लेकिन नाली से निकला उक्त मलबा आने जाने वाले राहगीरों व स्थानीय दुकानदारों के लिए परेशानियों का सबब बन गया है, पाँच . लालबर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम भांडामूर्री में एक पति ने अपनी ही पत्नि को धारधार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस घटना स्थल पर पहुचकर शव को बरामद कर शव का पोस्मार्टम जिला चिकित्सालय मे कराया गया। इस संबध मे पुलिस ने बताया कि भांडामूर्री निवासी सुनिता पति अरविंद मरठे छब्बीस वर्ष का उसके पति अरविंद के साथ विवाद होने पर उसके सिर पर और गले पर गंभीर चोट आने के कारण उसकी मौत हो गई। छः. भरवेली प्रधान को हटाने पंच और ग्रामीणो ने सौपा ज्ञापन बालाघाट। जनपद पंचायत बालाघाट के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरवेली की प्रभारी सरपंच को पद से पृथक करने की मांग को लेकर पंचो सहित ग्रामीणो ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालाघाट को ज्ञापन सौपा गया। ज्ञापन मे उल्लेखित कर बताया कि ग्राम पचंायत भरवेली की वार्ड पंच है जो सरपंच रेखा सरवारी द्वारा ग्राम में नियम विरूद्ध निर्माण कार्य गुणवत्ताहीन व अमानक स्तर के कराए गए है। जिनकी शिकायतए ग्रामीणो के द्वारा समय समय पर की गई जिस पर वरिष्ट अधिकारियों के द्वारा आज तक किसी प्रकार की कार्यवाही नही की गई। सात उच्च षिक्षा विभाग के निर्देषानुसार शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में नियमित विद्यार्थियों के लिए आॅनलाइन कक्षाओं का संचालन आगामी एक अक्टुबंर से तीस नवम्बर दो हज़ार बीस तक की अवधि में किया जाना है। उक्ताषय जानकारी शासकीय स्नातक महाविद्यालय प्राचार्य सुरेन्द्र कुमार खड्यात ने देते हुए बताया कि उक्त आनलाइन कक्षाओं का संचालन हेतु समय सारणी छात्रो को सूचनार्थ उनके वाॅटसाॅप नंबरो पर प्रसारित की जा चुकी है। महाविद्यालय में अध्ययनरत् समस्त नियमित छात्र/छात्राए अपने विषय षिक्षक के सम्पर्क मे रहते हुये आॅनलाइन कक्षाओं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराये। |
Pakistan News: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की मुसीबतें कम होती नहीं दिखाई दे रही हैं।
कई महिलाएं ऐसी भी हैं जिनके जज्बे और हिम्मत के आगे न ही उनकी दिव्यांगता बाधा बनी और न ही हौंसले कमजोर हुए।
Imran Khan: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मूसीबतें अब बढ़ती दिखाई दे रही हैं। पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के चीफ मौलाना फजल उल रहमान ने कहा है कि इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
Afghanistan Hunger Crisis: अफगानिस्तान में भुखमरी अपनी चरम पर है। यहां पर लोग किडनी बेचने को मजबूर हैं। गांव का नाम किडनी गांव पड़ गया है।
2020 Delhi Riots: दिल्ली दंगा को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अनुराग ठाकुर को नोटिस भेजा है।
APN News Live Updates: ईडी ने नवाब मलिक को अंडरवर्ल्ड से कथित संबंधों वाली एक प्रॉपर्टी से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है।
APN News Live Updates: Karnataka के Udupi में सरकारी First Grade College में भगवा शॉल V/S हिजाब का मामला 3 फरवरी से चल रहा है।
| Pakistan News: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुसीबतें कम होती नहीं दिखाई दे रही हैं। कई महिलाएं ऐसी भी हैं जिनके जज्बे और हिम्मत के आगे न ही उनकी दिव्यांगता बाधा बनी और न ही हौंसले कमजोर हुए। Imran Khan: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मूसीबतें अब बढ़ती दिखाई दे रही हैं। पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के चीफ मौलाना फजल उल रहमान ने कहा है कि इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा। Afghanistan Hunger Crisis: अफगानिस्तान में भुखमरी अपनी चरम पर है। यहां पर लोग किडनी बेचने को मजबूर हैं। गांव का नाम किडनी गांव पड़ गया है। दो हज़ार बीस Delhi Riots: दिल्ली दंगा को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अनुराग ठाकुर को नोटिस भेजा है। APN News Live Updates: ईडी ने नवाब मलिक को अंडरवर्ल्ड से कथित संबंधों वाली एक प्रॉपर्टी से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। APN News Live Updates: Karnataka के Udupi में सरकारी First Grade College में भगवा शॉल V/S हिजाब का मामला तीन फरवरी से चल रहा है। |
माध्यम के पीसी को इकट्ठा करने के लिए मदरबोर्ड औरकंप्यूटर प्लेटफार्म AM2 / AM2 + / AM3 के भीतर प्रीमियम स्तर - यह GA-M52L-S3 के लिए पूरी तरह से सच है। यद्यपि यह समाधान बहुत समय पहले जारी किया गया था, इसके आधार पर सिस्टम ब्लॉक में पर्याप्त गति है और अधिकांश समस्याओं को हल करने की अनुमति है। यह एक प्रसिद्ध निर्माता से यह कंप्यूटर घटक है जिसे भविष्य में माना जाएगा।
जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, मदरबोर्डमॉडल गीगाबाइट GA-M52L-S3 औसत और प्रीमियम स्तर के AM2 / AM2 + कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म पर आधारित सिस्टम इकाई बनाने के लिए बहुत अच्छा है। यह स्थिति फेनोम एक्स 3 श्रृंखला के सबसे उत्पादक चिप्स के लिए समर्थन द्वारा इंगित की जाती है। इसके अलावा, कनेक्टिंग ड्राइव के लिए सैटा III बंदरगाहों की उपस्थिति से इसकी उपस्थिति का संकेत मिलता है। इष्टतम यह कार्ड गेमिंग सिस्टम, एंट्री लेवल सर्वर, ग्राफ़िक या वर्कस्टेशन, प्रिंट सर्वर को इकट्ठा करने के लिए उपयुक्त है।
GA-M52L-S3 की डिलीवरी सूची में निम्नलिखित शामिल हैंः
- मदरबोर्ड का यह मॉडल।
- सिस्टम इकाई के बैक पैनल में बोर्ड को घुमाने के लिए एक धातु स्टब प्लेट।
- एक ब्रांडेड वारंटी कार्ड के साथ उपयोगकर्ता पुस्तिका।
- कनेक्शन के लिए loops का सेट।
- इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रलेखन के साथ सीडी-रोम और ड्राइवरों का एक सेट।
एनफोर्स 520 ली सिस्टम तर्क का सेट में निहित हैआधारित जीए-एम 52 एल-एस 3। इसकी विशेषताओं से संकेत मिलता है कि संरचना में केवल एक चिप शामिल है। यह एक साथ उत्तरी पुल और दक्षिणी दोनों के कार्यों को निष्पादित करता है। इस मदरबोर्ड में प्रोसेसर सॉकेट सार्वभौमिक है, और इसे एएम 2 और एएम 2 + संस्करणों में चिप्स से लैस किया जा सकता है। इस तरह के एक कंप्यूटर सिस्टम की रचना में उत्तरार्द्ध का उपयोग बेहतर है।
समर्थित मॉडल की एक बड़ी सूचीसीपीयू में GA-M52L-S3 है। समर्थित प्रोसेसर कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म AM2, AM2 + और यहां तक कि AM3 से संबंधित हो सकते हैं। बाद के मामले में, आपको नवीनतम संस्करण में BIOS अद्यतन करने की आवश्यकता होगी। अन्यथा, यह मदरबोर्ड ऐसे CPU मॉडल के संयोजन में काम कर सकता हैः
एएम 2 कंप्यूटर प्लेटफार्म के ढांचे के भीतर, निम्नलिखित प्रोसेसर स्थापित किए जा सकते हैंः
एथलॉन 64 एफएक्स।
एथलॉन एक्स 2।
एथलॉन 64X2।
एथलॉन ली।
एथलॉन 64।
सेप्ट्रॉन एक्स 2।
सेप्ट्रॉन ली।
एएम 2 + परिवार सीपीयू के मॉडल में निम्नलिखित स्थापित करना संभव थाः
फेनोम IIX4।
फेनोम एक्स 4।
फेनोम एक्स 3।
इस मदरबोर्ड के साथ संगत AM3 चिप्स की सूची में प्रोसेसर समाधान के ऐसे मॉडल शामिल हैंः
फेनोम II।
एथलॉन II।
आज के लिए प्रदर्शन के स्वीकार्य स्तरदिन केवल चिप्स के नवीनतम मॉडल प्रदान करता है जिनमें 4 या 6 गणना मॉड्यूल भी होते हैं। यही है, एथलॉन IIX4, फेनोम IIX4 और फेनोम IIX6 इस सूची से संबंधित हैं। पहले दो परिवार 4 कोर से सुसज्जित हैं, और अंतिम - छह कोर के साथ। उच्च प्रदर्शन चिप्स श्रृंखला फेनोम द्वितीय का दावा कर सकता है कि उनके पास कैश मेमोरी है जिसमें 3 स्तर होते हैं। लेकिन एथलॉन II में केवल 2 तेज स्मृति है, और इस तथ्य का उनके प्रदर्शन पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस मंच के ढांचे के भीतर अन्य सभी प्रोसेसर समाधान पुराने हैं और सबसे सरल कार्यों के समाधान के लिए उपयुक्त हैं, जिनमें कार्यालय पैकेज, विभिन्न मल्टीमीडिया फाइलों का प्लेबैक या इंटरनेट साइटों की सर्फिंग शामिल है।
"गीगाबाइट" मॉडल GA-M52L-S3 से मदरबोर्डयह 2-चैनल डीडीआर 2 मेमोरी कंट्रोलर से लैस है। इसलिए, बड़े आकार के साथ कम स्मृति क्षमता वाले मॉड्यूल की एक बड़ी संख्या स्थापित करना अधिक अनुकूल है। उदाहरण के लिए, 2 जीबी स्लैट के बजाय 4 2 जीबी मॉड्यूल स्थापित होने पर ऐसे पीसी की गति में काफी वृद्धि होगी। यह आपको 10-15 प्रतिशत के प्रदर्शन लाभ के कई कार्यों में शामिल होने की अनुमति देता है। मॉडल सेट करने के लिए रैम स्लॉट की संख्या 4 तक सीमित है। एड्रेस करने योग्य रैम की सबसे बड़ी मात्रा निर्माता द्वारा 16 जीबी पर सेट की जाती है। यही है, इस मामले में, आप 4 जीबी के 4 मॉड्यूल स्थापित कर सकते हैं। इस तरह के मदरबोर्ड पर 800 मेगाहट्र्ज की मामूली आवृत्ति के साथ मॉड्यूल स्थापित करना सबसे अनुकूल है। अन्य सभी मामलों में, कंप्यूटर सिस्टम की गति कम हो जाएगी।
ऐसे विस्तार स्लॉट की उपलब्धता में गिगाबाइट GA-M52L-S3 हैः
- विस्तार नियंत्रकों के आंतरिक बोर्डों के नए संशोधनों की स्थापना के लिए, 2 पीसीआई ई स्लॉट, संस्करण 1 एक्स हैं।
- पीसीआई स्लॉट में विस्तार नियंत्रकों के पुराने मॉडल स्थापित किए जा सकते हैं। इस मामले में, वे 4 हैं।
इस मदरबोर्ड में भी निम्नलिखित संचार बंदरगाह शामिल हैंः
- 2 एक्स पीएस / 2 सॉकेट।
- 1 समांतर एलपीटी पोर्ट।
- 4 सार्वभौमिक धारावाहिक यूएसबी पोर्ट्स।
- 1 खेल बंदरगाह।
- विभिन्न प्रयोजनों के लिए 6 ऑडियो जैक, प्रारूप 3.5 मिमी।
- 1 नेटवर्क कनेक्टर प्रारूप आरजे -45।
GA-M52L-S3 मदरबोर्ड की विशेषता हैसमीक्षा में मालिक ज्यादातर सकारात्मक पक्ष पर हैं। इसके प्लस में समृद्ध कार्यक्षमता (इस कंप्यूटर प्लेटफॉर्म के लिए), स्वीकार्य गति और उच्च स्तर की विश्वसनीयता शामिल है। ताजा प्रोसेसर समाधान स्थापित करने के मामले में BIOS को अपडेट करने की आवश्यकता केवल एकमात्र नकारात्मक है।
| माध्यम के पीसी को इकट्ठा करने के लिए मदरबोर्ड औरकंप्यूटर प्लेटफार्म AMदो / AMदो + / AMतीन के भीतर प्रीमियम स्तर - यह GA-MबावनL-Sतीन के लिए पूरी तरह से सच है। यद्यपि यह समाधान बहुत समय पहले जारी किया गया था, इसके आधार पर सिस्टम ब्लॉक में पर्याप्त गति है और अधिकांश समस्याओं को हल करने की अनुमति है। यह एक प्रसिद्ध निर्माता से यह कंप्यूटर घटक है जिसे भविष्य में माना जाएगा। जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, मदरबोर्डमॉडल गीगाबाइट GA-MबावनL-Sतीन औसत और प्रीमियम स्तर के AMदो / AMदो + कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म पर आधारित सिस्टम इकाई बनाने के लिए बहुत अच्छा है। यह स्थिति फेनोम एक्स तीन श्रृंखला के सबसे उत्पादक चिप्स के लिए समर्थन द्वारा इंगित की जाती है। इसके अलावा, कनेक्टिंग ड्राइव के लिए सैटा III बंदरगाहों की उपस्थिति से इसकी उपस्थिति का संकेत मिलता है। इष्टतम यह कार्ड गेमिंग सिस्टम, एंट्री लेवल सर्वर, ग्राफ़िक या वर्कस्टेशन, प्रिंट सर्वर को इकट्ठा करने के लिए उपयुक्त है। GA-MबावनL-Sतीन की डिलीवरी सूची में निम्नलिखित शामिल हैंः - मदरबोर्ड का यह मॉडल। - सिस्टम इकाई के बैक पैनल में बोर्ड को घुमाने के लिए एक धातु स्टब प्लेट। - एक ब्रांडेड वारंटी कार्ड के साथ उपयोगकर्ता पुस्तिका। - कनेक्शन के लिए loops का सेट। - इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रलेखन के साथ सीडी-रोम और ड्राइवरों का एक सेट। एनफोर्स पाँच सौ बीस ली सिस्टम तर्क का सेट में निहित हैआधारित जीए-एम बावन एल-एस तीन। इसकी विशेषताओं से संकेत मिलता है कि संरचना में केवल एक चिप शामिल है। यह एक साथ उत्तरी पुल और दक्षिणी दोनों के कार्यों को निष्पादित करता है। इस मदरबोर्ड में प्रोसेसर सॉकेट सार्वभौमिक है, और इसे एएम दो और एएम दो + संस्करणों में चिप्स से लैस किया जा सकता है। इस तरह के एक कंप्यूटर सिस्टम की रचना में उत्तरार्द्ध का उपयोग बेहतर है। समर्थित मॉडल की एक बड़ी सूचीसीपीयू में GA-MबावनL-Sतीन है। समर्थित प्रोसेसर कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म AMदो, AMदो + और यहां तक कि AMतीन से संबंधित हो सकते हैं। बाद के मामले में, आपको नवीनतम संस्करण में BIOS अद्यतन करने की आवश्यकता होगी। अन्यथा, यह मदरबोर्ड ऐसे CPU मॉडल के संयोजन में काम कर सकता हैः एएम दो कंप्यूटर प्लेटफार्म के ढांचे के भीतर, निम्नलिखित प्रोसेसर स्थापित किए जा सकते हैंः एथलॉन चौंसठ एफएक्स। एथलॉन एक्स दो। एथलॉन चौंसठXदो। एथलॉन ली। एथलॉन चौंसठ। सेप्ट्रॉन एक्स दो। सेप्ट्रॉन ली। एएम दो + परिवार सीपीयू के मॉडल में निम्नलिखित स्थापित करना संभव थाः फेनोम IIXचार। फेनोम एक्स चार। फेनोम एक्स तीन। इस मदरबोर्ड के साथ संगत AMतीन चिप्स की सूची में प्रोसेसर समाधान के ऐसे मॉडल शामिल हैंः फेनोम II। एथलॉन II। आज के लिए प्रदर्शन के स्वीकार्य स्तरदिन केवल चिप्स के नवीनतम मॉडल प्रदान करता है जिनमें चार या छः गणना मॉड्यूल भी होते हैं। यही है, एथलॉन IIXचार, फेनोम IIXचार और फेनोम IIXछः इस सूची से संबंधित हैं। पहले दो परिवार चार कोर से सुसज्जित हैं, और अंतिम - छह कोर के साथ। उच्च प्रदर्शन चिप्स श्रृंखला फेनोम द्वितीय का दावा कर सकता है कि उनके पास कैश मेमोरी है जिसमें तीन स्तर होते हैं। लेकिन एथलॉन II में केवल दो तेज स्मृति है, और इस तथ्य का उनके प्रदर्शन पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस मंच के ढांचे के भीतर अन्य सभी प्रोसेसर समाधान पुराने हैं और सबसे सरल कार्यों के समाधान के लिए उपयुक्त हैं, जिनमें कार्यालय पैकेज, विभिन्न मल्टीमीडिया फाइलों का प्लेबैक या इंटरनेट साइटों की सर्फिंग शामिल है। "गीगाबाइट" मॉडल GA-MबावनL-Sतीन से मदरबोर्डयह दो-चैनल डीडीआर दो मेमोरी कंट्रोलर से लैस है। इसलिए, बड़े आकार के साथ कम स्मृति क्षमता वाले मॉड्यूल की एक बड़ी संख्या स्थापित करना अधिक अनुकूल है। उदाहरण के लिए, दो जीबी स्लैट के बजाय चार दो जीबी मॉड्यूल स्थापित होने पर ऐसे पीसी की गति में काफी वृद्धि होगी। यह आपको दस-पंद्रह प्रतिशत के प्रदर्शन लाभ के कई कार्यों में शामिल होने की अनुमति देता है। मॉडल सेट करने के लिए रैम स्लॉट की संख्या चार तक सीमित है। एड्रेस करने योग्य रैम की सबसे बड़ी मात्रा निर्माता द्वारा सोलह जीबी पर सेट की जाती है। यही है, इस मामले में, आप चार जीबी के चार मॉड्यूल स्थापित कर सकते हैं। इस तरह के मदरबोर्ड पर आठ सौ मेगाहट्र्ज की मामूली आवृत्ति के साथ मॉड्यूल स्थापित करना सबसे अनुकूल है। अन्य सभी मामलों में, कंप्यूटर सिस्टम की गति कम हो जाएगी। ऐसे विस्तार स्लॉट की उपलब्धता में गिगाबाइट GA-MबावनL-Sतीन हैः - विस्तार नियंत्रकों के आंतरिक बोर्डों के नए संशोधनों की स्थापना के लिए, दो पीसीआई ई स्लॉट, संस्करण एक एक्स हैं। - पीसीआई स्लॉट में विस्तार नियंत्रकों के पुराने मॉडल स्थापित किए जा सकते हैं। इस मामले में, वे चार हैं। इस मदरबोर्ड में भी निम्नलिखित संचार बंदरगाह शामिल हैंः - दो एक्स पीएस / दो सॉकेट। - एक समांतर एलपीटी पोर्ट। - चार सार्वभौमिक धारावाहिक यूएसबी पोर्ट्स। - एक खेल बंदरगाह। - विभिन्न प्रयोजनों के लिए छः ऑडियो जैक, प्रारूप तीन.पाँच मिमी। - एक नेटवर्क कनेक्टर प्रारूप आरजे -पैंतालीस। GA-MबावनL-Sतीन मदरबोर्ड की विशेषता हैसमीक्षा में मालिक ज्यादातर सकारात्मक पक्ष पर हैं। इसके प्लस में समृद्ध कार्यक्षमता , स्वीकार्य गति और उच्च स्तर की विश्वसनीयता शामिल है। ताजा प्रोसेसर समाधान स्थापित करने के मामले में BIOS को अपडेट करने की आवश्यकता केवल एकमात्र नकारात्मक है। |
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
धमनियां वे रक्त वाहिकाएं होती हैं, जो हृदय से रक्त को आगे पहुंचाती हैं। पल्मोनरी एवं आवलनाल धमनियों के अलावा सभी धमनियां ऑक्सीजन-युक्त रक्त लेजाती हैं। . यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें (याद रखें - पृष्ठ को संपादित करने के लिये रजिस्टर करना आवश्यक नहीं है)। दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं। श्रेणीःचिकित्सा पद्धति.
धमनी और धमनी शल्यचिकित्सा आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)।
धमनी 7 संबंध है और धमनी शल्यचिकित्सा 1 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (7 + 1)।
यह लेख धमनी और धमनी शल्यचिकित्सा के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
| शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। धमनियां वे रक्त वाहिकाएं होती हैं, जो हृदय से रक्त को आगे पहुंचाती हैं। पल्मोनरी एवं आवलनाल धमनियों के अलावा सभी धमनियां ऑक्सीजन-युक्त रक्त लेजाती हैं। . यह शब्द चिकित्सा में काफी प्रयुक्त होता है, यदि आप इसका सटीक अर्थ जानते है तो पृष्ठ को संपादित करने में संकोच ना करें । दिया गया प्रारूप सिर्फ दिशा निर्देशन के लिये है, आप इसमें अपने अनुसार फेर-बदल कर सकते हैं। श्रेणीःचिकित्सा पद्धति. धमनी और धमनी शल्यचिकित्सा आम में शून्य बातें हैं । धमनी सात संबंध है और धमनी शल्यचिकित्सा एक है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख धमनी और धमनी शल्यचिकित्सा के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः |
उत्तराखंड में बंसत पंचमी का दिन सबसे पवित्र दिनों में माना जाता है. कई स्थानों में इसे स्थानीय भाषा में सिर पंचमी भी कहा जाता है. कुछ स्थानों में आज यहां अपनी-अपनी स्थानीय नदियों को गंगा समझ स्नान किया जाता है. पहाड़ों में माना जाता है कि आज का दिन इतना पवित्र होता है कि आज किसी भी के शुभ कार्य के लिये लग्न करने की आवश्यकता नहीं होती.
(Basant Panchami in Uttarakhand)
पहाड़ियों के काज-काम में पैट-अपैट का भी बहुत ध्यान रखा जाता है. किसी भी काज-काम के लिये पैट होना अनिवार्य है. पैट का शाब्दिक अर्थ हिन्दी माह की तारीख से है. काम-काज के संदर्भ में पैट का अर्थ शुभ दिन से है. पैट-अपैट की गणना कुंडली अनुसार, पंचांग देखकर की जाती है. माना जाता है कि बसंत पंचमी के दिन सभी शुभ कार्य किये जा सकते हैं. आज के दिन जनेऊ और विवाह जैसे शुभ कार्य बिना लग्न के किये जा सकते हैं.
पहाड़ों में आज भी कृषक परिवारों के घरों में सुबह के समय खीर बनती है. सुबह-सुबह घर की लिपाई-पुताई की जाती है. मुख्य दरवाजे के ऊपर टीका लगाते हैं. घर के मंदिर में पूजा के बाद घर के मुख्य दरवाजे के ऊपर (स्तम्भ के दोनों ओर) गोबर के साथ जौ की हरी पत्तियों को लगा दिया जाता है. बहुत से गावों में बिना गोबर के जौ की पत्तियों को रखा जाता है. कहीं कहीं घर की मुख्य देली में सरसों के पीले फूल भी डाले जाते हैं. मंदिर में भी सरसों के पीले फूल चढ़ाये जाते हैं. जौ की हरी पत्तियां घर के प्रत्येक सदस्य के सिर अथवा कान में रखे जाते हैं और उसे आर्शीवचन दिये जाते हैं.
(Basant Panchami in Uttarakhand)
जौ की हरी पत्तियों को यहाँ सुख और सम्पन्नता का सूचक माना गया है. कुछ गावों में जहां जौ की एक छोटी पूरी पौध दरवाजे के ऊपर गोबर के साथ लगाई जाती है वहीं कुछ स्थानों में जौ की पांच पत्तियां लगाई जाती है.
आज के दिन बच्चों को पीले कपड़े पहनाते हैं. बच्चियों के नाक और कान छेदे जाते हैं. बच्चियों के नाक कान छेदते समय खाज़ ( कच्चे चावल) और गुड़ खिलाया जाता है.
(Basant Panchami in Uttarakhand)
| उत्तराखंड में बंसत पंचमी का दिन सबसे पवित्र दिनों में माना जाता है. कई स्थानों में इसे स्थानीय भाषा में सिर पंचमी भी कहा जाता है. कुछ स्थानों में आज यहां अपनी-अपनी स्थानीय नदियों को गंगा समझ स्नान किया जाता है. पहाड़ों में माना जाता है कि आज का दिन इतना पवित्र होता है कि आज किसी भी के शुभ कार्य के लिये लग्न करने की आवश्यकता नहीं होती. पहाड़ियों के काज-काम में पैट-अपैट का भी बहुत ध्यान रखा जाता है. किसी भी काज-काम के लिये पैट होना अनिवार्य है. पैट का शाब्दिक अर्थ हिन्दी माह की तारीख से है. काम-काज के संदर्भ में पैट का अर्थ शुभ दिन से है. पैट-अपैट की गणना कुंडली अनुसार, पंचांग देखकर की जाती है. माना जाता है कि बसंत पंचमी के दिन सभी शुभ कार्य किये जा सकते हैं. आज के दिन जनेऊ और विवाह जैसे शुभ कार्य बिना लग्न के किये जा सकते हैं. पहाड़ों में आज भी कृषक परिवारों के घरों में सुबह के समय खीर बनती है. सुबह-सुबह घर की लिपाई-पुताई की जाती है. मुख्य दरवाजे के ऊपर टीका लगाते हैं. घर के मंदिर में पूजा के बाद घर के मुख्य दरवाजे के ऊपर गोबर के साथ जौ की हरी पत्तियों को लगा दिया जाता है. बहुत से गावों में बिना गोबर के जौ की पत्तियों को रखा जाता है. कहीं कहीं घर की मुख्य देली में सरसों के पीले फूल भी डाले जाते हैं. मंदिर में भी सरसों के पीले फूल चढ़ाये जाते हैं. जौ की हरी पत्तियां घर के प्रत्येक सदस्य के सिर अथवा कान में रखे जाते हैं और उसे आर्शीवचन दिये जाते हैं. जौ की हरी पत्तियों को यहाँ सुख और सम्पन्नता का सूचक माना गया है. कुछ गावों में जहां जौ की एक छोटी पूरी पौध दरवाजे के ऊपर गोबर के साथ लगाई जाती है वहीं कुछ स्थानों में जौ की पांच पत्तियां लगाई जाती है. आज के दिन बच्चों को पीले कपड़े पहनाते हैं. बच्चियों के नाक और कान छेदे जाते हैं. बच्चियों के नाक कान छेदते समय खाज़ और गुड़ खिलाया जाता है. |
वर्तमान में 42 भारतीय उपग्रह अपनी-अपनी कक्षाओं में कार्यरत हैं या चालू अवस्था में हैं।
इन 42 उपग्रहों में से 15 उपग्रहों का उपयोग संचार के लिए, चार उपग्रहों का इस्तेमाल मौसम संबंधी अवलोकन के लिए, 14 उपग्रहों का उपयोग पृथ्वी के अवलोकन के लिए, 7 उपग्रहों का इस्तेमाल नौवहन के लिए और 2 उपग्रहों का उपयोग अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान इनसैट/जीसैट ट्रांसपोंडरों की लीजिंग (लीज या पट्टे पर देना) के जरिए संचार उपग्रहों से कुल मिलाकर 746.68 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ।
पृथ्वी का अवलोकन करने वाले उपग्रहों के संदर्भ में सुदूर संवेदी उपग्रह डेटा की बिक्री से वार्षिक आमदनी 25.17 करोड़ रुपये की हुई।
पृथ्वी के अवलोकन, मौसम संबंधी अवलोकन, संचार एवं नौवहन उपग्रहों से प्राप्त डेटा एवं मूल्य वर्धन सेवाओं का उपयोग विभिन्न कार्यों अर्थात संसाधन की निगरानी, मौसम का पूर्वानुमान लगाने, आपदा प्रबंधन, स्थान (लोकेशन) आधारित सेवाओं को आवश्यक संबल प्रदान करने में किया जाता है।
इन उपग्रहों के प्रक्षेपण में किया गया खर्च अन्य देशों के मुकाबले कम है।
यह जानकारी केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।
| वर्तमान में बयालीस भारतीय उपग्रह अपनी-अपनी कक्षाओं में कार्यरत हैं या चालू अवस्था में हैं। इन बयालीस उपग्रहों में से पंद्रह उपग्रहों का उपयोग संचार के लिए, चार उपग्रहों का इस्तेमाल मौसम संबंधी अवलोकन के लिए, चौदह उपग्रहों का उपयोग पृथ्वी के अवलोकन के लिए, सात उपग्रहों का इस्तेमाल नौवहन के लिए और दो उपग्रहों का उपयोग अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जा रहा है। वित्त वर्ष दो हज़ार सोलह-सत्रह के दौरान इनसैट/जीसैट ट्रांसपोंडरों की लीजिंग के जरिए संचार उपग्रहों से कुल मिलाकर सात सौ छियालीस.अड़सठ करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ। पृथ्वी का अवलोकन करने वाले उपग्रहों के संदर्भ में सुदूर संवेदी उपग्रह डेटा की बिक्री से वार्षिक आमदनी पच्चीस.सत्रह करोड़ रुपये की हुई। पृथ्वी के अवलोकन, मौसम संबंधी अवलोकन, संचार एवं नौवहन उपग्रहों से प्राप्त डेटा एवं मूल्य वर्धन सेवाओं का उपयोग विभिन्न कार्यों अर्थात संसाधन की निगरानी, मौसम का पूर्वानुमान लगाने, आपदा प्रबंधन, स्थान आधारित सेवाओं को आवश्यक संबल प्रदान करने में किया जाता है। इन उपग्रहों के प्रक्षेपण में किया गया खर्च अन्य देशों के मुकाबले कम है। यह जानकारी केन्द्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री , पीएमओ, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। |
जबकि बीएन सिंह की जांच औधोगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन करेंगे.
नोएडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कोरोना के बढ़ते प्रभाव को लेकर नोएडा में डीएम समेत जिले के सभी अधिकारीयों की मीटिंग ली. सीएम ने मीटिंग के दौरान ही जिलाधिकारी बीएन सिंह को लताड़ लगाईं. जिसके बाद जिलाधिकारी ने अपनी असमर्थता जाहिर करते हुए तीन महीने की छुट्टी की अर्जी दे दी .
अभी मिली जानकारी के मुताबिक प्रमुख सचिव आर के तिवारी ने कहा है कि गौतमबुद्धनगर के डीएम ने बीएन सिंह ने अनुशासनहीनता की है. कोरोना रोकने में फेल हुए गौतमबुद्धनगर के डीएम बीएन सिंह को राजस्व परिषद में सदस्य बनाया गया है. जबकि आईएएस सुहास एल वाई गौतमबुद्धनगर के नए डीएम बनाये गये है.
बता दें कि आईएएस सुहास एल वाई प्रयागराज जैसे जिलों में रह चुके हैं. गौतम बुध नगर के लिए लखनऊ से रवाना हो चुके है चूँकि कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते उन्हें अभी नोएडा आकर चार्ज लेना होगा. पैरा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं. अब तक कई ख़िताब उनके नाम हो चुके है.
2007 बैच के IAS सुहास एलवाई का नाम यूपी के अच्छे अफसरों में शुमार है.मूल रूप से कर्नाटक के शिमोगा ज़िले के रहने वाले हैं। कंप्यूटर साइंस में बीटेक है. वर्ल्ड रैंक 2 नंबर के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी है . 2016 में उत्तरप्रदेश के सबसे बेहतरीन सिविल सर्वेन्ट के खिताब से गवर्नर ने नवाजा था. अभी स्पेशल सेक्रेटरी प्लानिंग डिपार्टमेंट लखनऊ में फरवरी से तैनात थे. जबकि बीएन सिंह की जांच औधोगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन करेंगे.
| जबकि बीएन सिंह की जांच औधोगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन करेंगे. नोएडा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कोरोना के बढ़ते प्रभाव को लेकर नोएडा में डीएम समेत जिले के सभी अधिकारीयों की मीटिंग ली. सीएम ने मीटिंग के दौरान ही जिलाधिकारी बीएन सिंह को लताड़ लगाईं. जिसके बाद जिलाधिकारी ने अपनी असमर्थता जाहिर करते हुए तीन महीने की छुट्टी की अर्जी दे दी . अभी मिली जानकारी के मुताबिक प्रमुख सचिव आर के तिवारी ने कहा है कि गौतमबुद्धनगर के डीएम ने बीएन सिंह ने अनुशासनहीनता की है. कोरोना रोकने में फेल हुए गौतमबुद्धनगर के डीएम बीएन सिंह को राजस्व परिषद में सदस्य बनाया गया है. जबकि आईएएस सुहास एल वाई गौतमबुद्धनगर के नए डीएम बनाये गये है. बता दें कि आईएएस सुहास एल वाई प्रयागराज जैसे जिलों में रह चुके हैं. गौतम बुध नगर के लिए लखनऊ से रवाना हो चुके है चूँकि कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते उन्हें अभी नोएडा आकर चार्ज लेना होगा. पैरा बैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके हैं. अब तक कई ख़िताब उनके नाम हो चुके है. दो हज़ार सात बैच के IAS सुहास एलवाई का नाम यूपी के अच्छे अफसरों में शुमार है.मूल रूप से कर्नाटक के शिमोगा ज़िले के रहने वाले हैं। कंप्यूटर साइंस में बीटेक है. वर्ल्ड रैंक दो नंबर के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी है . दो हज़ार सोलह में उत्तरप्रदेश के सबसे बेहतरीन सिविल सर्वेन्ट के खिताब से गवर्नर ने नवाजा था. अभी स्पेशल सेक्रेटरी प्लानिंग डिपार्टमेंट लखनऊ में फरवरी से तैनात थे. जबकि बीएन सिंह की जांच औधोगिक विकास आयुक्त आलोक टंडन करेंगे. |
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है. एक शख्स ने महज इसलिए खुदकुशी कर ली क्योंकि उसकी पत्नी, उसे बिना बताए अपने भाई के साथ मायके चली गई थी. मृतक का नाम रवि है, जिसकी उम्र 30 साल है. दोनों की शादी भी ढाई साल पहले हुई थी, जिससे उसे 15 महीने का एक बच्चा भी है.
रवि की पत्नी का नाम आरती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रवि अपनी पत्नी आरती से बेहद प्यार करता था. वह पत्नी को छोड़कर कहीं रहना नहीं चाहता था. इससे पहले जब भी उसकी पत्नी मायके जाती, वह भी साथ में जाता था. लेकिन 2 दिन पहले ही आरती अपने भाई के साथ रवि को बिना बताए चली गई थी.
आरती के बिना बताए मायके जाने से रवि बेहद नाराज था. दोनों में इस बात को लेकर कुछ कहा सुनी हुई, जिसके बाद वह इतना क्षुब्ध हो गया कि उसने खुद को गोली मार ली. गोली लगने के बाद आनन-फानन में लोग युवक को अस्पताल लेकर गए, लेकिन वहां उसे बचाया नहीं जा सका, रास्ते में ही मौत हो गई.
यह मामला ऊसराहार थाने के अंतर्गत आने वाले गांव नगला दुली का है. रवि अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था. शुक्रवार देर शाम उसने खुद को गोली मारकर खत्म कर लिया. परिजनों का भी यही कहना है कि पत्नी के जाने की वजह से उसने ऐसा कदम उठाया है. आरती का मायका औरेया जिले में है.
रवि की एक बड़ी बहन भी है, जिसकी शादी हो चुकी है. परिजन खुदकुशी के बाद से ही सदमे में हैं. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है कि आखिर किस वजह से शख्स ने खुदकुशी है.
(इटावा से अमित तिवारी की रिपोर्ट)
| उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है. एक शख्स ने महज इसलिए खुदकुशी कर ली क्योंकि उसकी पत्नी, उसे बिना बताए अपने भाई के साथ मायके चली गई थी. मृतक का नाम रवि है, जिसकी उम्र तीस साल है. दोनों की शादी भी ढाई साल पहले हुई थी, जिससे उसे पंद्रह महीने का एक बच्चा भी है. रवि की पत्नी का नाम आरती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि रवि अपनी पत्नी आरती से बेहद प्यार करता था. वह पत्नी को छोड़कर कहीं रहना नहीं चाहता था. इससे पहले जब भी उसकी पत्नी मायके जाती, वह भी साथ में जाता था. लेकिन दो दिन पहले ही आरती अपने भाई के साथ रवि को बिना बताए चली गई थी. आरती के बिना बताए मायके जाने से रवि बेहद नाराज था. दोनों में इस बात को लेकर कुछ कहा सुनी हुई, जिसके बाद वह इतना क्षुब्ध हो गया कि उसने खुद को गोली मार ली. गोली लगने के बाद आनन-फानन में लोग युवक को अस्पताल लेकर गए, लेकिन वहां उसे बचाया नहीं जा सका, रास्ते में ही मौत हो गई. यह मामला ऊसराहार थाने के अंतर्गत आने वाले गांव नगला दुली का है. रवि अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था. शुक्रवार देर शाम उसने खुद को गोली मारकर खत्म कर लिया. परिजनों का भी यही कहना है कि पत्नी के जाने की वजह से उसने ऐसा कदम उठाया है. आरती का मायका औरेया जिले में है. रवि की एक बड़ी बहन भी है, जिसकी शादी हो चुकी है. परिजन खुदकुशी के बाद से ही सदमे में हैं. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है कि आखिर किस वजह से शख्स ने खुदकुशी है. |
पादप ठीक नहीं है, यह साफ है ।
( ३ ) शून्यवाद (= नागार्जुन-मत) का खंडन - नागार्जुनने क्षणिकवाद और प्रतीत्यसमुत्पादके आधारपर अपने सापेक्षतावाद या शून्यवादका विकास किया, यह हम बतला चुके हैं । विच्छिन्न - प्रवाह रूपमें वस्तुके निरन्तर विनाश और उत्पत्ति होने से प्रत्येक वस्तुकी स्थितिको सापेक्ष तौरपर ही कह सकते हैं। सर्दीकी सत्ता हमें गर्मीकी अपेक्षासे मालूम होती, गर्मीकी सर्दीकी अपेक्षासे । इस तरह सत्ता सापेक्ष ही सिद्ध होती है । सापेक्षसत्तासे ( वस्तुका ) सर्वथा अभाव सिद्ध करना मर्यादाको पार करना है, तो भी हम जानते हैं कि नागार्जुनका सापेक्षतावाद अन्त में वहाँ तक ज़रूर पहुँचा, और इसीलिए शून्यवादका अर्थ जहाँ क्षणिक जगत् और उसका प्रत्येक श किसी भी स्थिर तत्वसे सर्वथा शून्य है --होना चाहिए था; वहाँ क्षणिकत्वसे भी उसका अर्थ शून्य - सर्वथा शून्य -- मान लिया गया । "भावों" ( = सद्भुत् पदार्थों) में एकका दूसरेमें प्रभाव ( = घड़े में कपड़े का प्रभाव, = कपड़े घड़े) देखा जाता है, इसलिए सारे ( पदार्थ ) प्रभाव ( = शून्य ) ही हैं "" - इस तरह शून्यवादके पक्षको रखते - हुए अपादने उसके विरुद्ध अपने मतको स्थापित किया -- 'सब अभाव है' यह बात गलत है, क्योंकि भाव ( = सद्भूत पदार्थ ) अभाव ( = सत्ता से विद्यमान देखे जाते हैं । एक ओर सब वस्तुओंके अभावकी घोषणा भी करना और दूसरी ओर उसी अभावको सिद्ध करने के लिए उन्हीं अभावभूत वस्तुसे कुछको सापेक्षताके लिए लेना क्या यह परस्पर विरोधी नहीं है ?
अध्याय १७
(४) विज्ञानवाद-खंडन -- यद्यपि बौद्ध (क्षणिक-) विज्ञानवादके महान् आचार्य प्रसंग ३५० ई० के आसपास हुए, किन्तु विज्ञानवादका
मूल (= अविकसित ) रूप उनसे पहिलेके वैपुल्य सूत्रोंमें पाया जाता है, | पादप ठीक नहीं है, यह साफ है । शून्यवाद का खंडन - नागार्जुनने क्षणिकवाद और प्रतीत्यसमुत्पादके आधारपर अपने सापेक्षतावाद या शून्यवादका विकास किया, यह हम बतला चुके हैं । विच्छिन्न - प्रवाह रूपमें वस्तुके निरन्तर विनाश और उत्पत्ति होने से प्रत्येक वस्तुकी स्थितिको सापेक्ष तौरपर ही कह सकते हैं। सर्दीकी सत्ता हमें गर्मीकी अपेक्षासे मालूम होती, गर्मीकी सर्दीकी अपेक्षासे । इस तरह सत्ता सापेक्ष ही सिद्ध होती है । सापेक्षसत्तासे सर्वथा अभाव सिद्ध करना मर्यादाको पार करना है, तो भी हम जानते हैं कि नागार्जुनका सापेक्षतावाद अन्त में वहाँ तक ज़रूर पहुँचा, और इसीलिए शून्यवादका अर्थ जहाँ क्षणिक जगत् और उसका प्रत्येक श किसी भी स्थिर तत्वसे सर्वथा शून्य है --होना चाहिए था; वहाँ क्षणिकत्वसे भी उसका अर्थ शून्य - सर्वथा शून्य -- मान लिया गया । "भावों" में एकका दूसरेमें प्रभाव देखा जाता है, इसलिए सारे प्रभाव ही हैं "" - इस तरह शून्यवादके पक्षको रखते - हुए अपादने उसके विरुद्ध अपने मतको स्थापित किया -- 'सब अभाव है' यह बात गलत है, क्योंकि भाव अभाव विज्ञानवाद-खंडन -- यद्यपि बौद्ध विज्ञानवादके महान् आचार्य प्रसंग तीन सौ पचास ईशून्य के आसपास हुए, किन्तु विज्ञानवादका मूल रूप उनसे पहिलेके वैपुल्य सूत्रोंमें पाया जाता है, |
आज के जमाने में पैसा होना बहुत जरुरी है। क्या आप सिर्फ कठिन मेहनत करके ही पैसे कमा सकते हैं? जी नहीं, कई लोंगो की किसमत हर चीज़ में अच्छी होती है मगर उनके घर में फिर भी पैसे नहीं टिकते।
यहां पर जानिये कि आपको अपने घर पर ऐसी कौन सी चीज़ें रखनी चाहिये, जिससे वास्तु का अच्छा परिणाम मिले और आपके घर में पैसे बहना शुरु हो जाएं।
घर में रूपए-पैसे ना टिकना, एक खराब वास्तु का परिणाम हो सकता है। आइये जानते हैं आप इसे कैसे ठीक कर सकते हैं।
| आज के जमाने में पैसा होना बहुत जरुरी है। क्या आप सिर्फ कठिन मेहनत करके ही पैसे कमा सकते हैं? जी नहीं, कई लोंगो की किसमत हर चीज़ में अच्छी होती है मगर उनके घर में फिर भी पैसे नहीं टिकते। यहां पर जानिये कि आपको अपने घर पर ऐसी कौन सी चीज़ें रखनी चाहिये, जिससे वास्तु का अच्छा परिणाम मिले और आपके घर में पैसे बहना शुरु हो जाएं। घर में रूपए-पैसे ना टिकना, एक खराब वास्तु का परिणाम हो सकता है। आइये जानते हैं आप इसे कैसे ठीक कर सकते हैं। |
कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) और कियारा आडवाणी की केमेस्ट्री ने दूसरे हफ्ते भी धमाकेदार प्रदर्शन किया. आयुष्मान खुराना की 'अनेक' बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हो रही है.
बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना (Ayushmann khurrana) की फिल्मों का अक्सर उनके फैंस को बेसब्री से इंतजार रहता है. लेकिन, इस बार फैंस को उनका ये इंतजार कुछ रास नहीं आया. हाल ही में रिलीज हुई आयुष्मान खुराना की फिल्म अनेक ने बॉक्स ऑफिस ('Anek' Box Office) पर अपने बुरे प्रदर्शन से दर्शकों को बेहद निराश कर दिया. वहीं, दूसरी ओर 'भूल भुलैया 2' (Bhool Bhulaiyaa 2) का सीक्वल कर रही अभिनेता कार्तिक आर्यन की फिल्म भूल भुलैया 2 ने उम्मीद से ज्यादा कमाई कर दर्शकों का दिल जीत लिया. कार्तिक की फिल्म को रिलीज हुए 10 दिन से भी ज्यादा का वक्त हो गया है लेकिन फिल्म का कलेक्शन अबतक जारी है. वहीं, अनेक ने अपने रिलीज के हफ्ते भर के अंदर ही बॉक्स ऑफिस पर अपने हाथ खड़े कर दिए.
कार्तिक और कियारा की 'भूल भुलैया 2' ने बॉक्स ऑफिस का सारा फोकस अपने नाम कर लिया है. कार्तिक और कियारा आडवाणी की केमेस्ट्री ने दूसरे हफ्ते भी धमाकेदार प्रदर्शन किया. इसके बाद फिल्म ने बीते दिन सोमवार को 5.50 करोड़ रुपए का कुल कारोबार कर लिया है. इसके साथ ही, निर्माता अनीस बज्मी की फिल्म ने 11 दिनों के अंतराल में कुल 128.19 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है.
आयुष्मान खुराना की 'अनेक' बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हो रही है. फिल्म का कलेक्शन देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म शायद ही 15 करोड़ का आंकड़ा भी छू पाए. बॉक्स ऑफिस पर खराब शुरुआत के बाद फिल्म ने रविवार तक केवल 6.50 करोड़ रुपए का ही बिजनेस किया था. वहीं, बीते दिन सोमवार को फिल्म की कमाई का आंकड़ा और भी कम हो गया. इसी के साथ फिल्म ने अपने चौथे दिन सिर्फ 0.50 करोड़ रुपए का ही कुल कारोबार किया.
आपको बता दें कि अब कार्तिक आर्यन की फिल्म भूल भुलैया 2 के जल्द ही 150 करोड़ रुपए के क्लब में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है. अपने नॉन स्टॉप बिजनेस से फिल्म ने सबका अटेंशन अपनी ओर खींच लिया है. वहीं, आयुष्मान की फिल्म को क्रिटिक्स का तो अच्छा रिस्पॉन्स मिला है लेकिन ऐसा लग रहा है कि ये फिल्म ऑडियंस को थिएटर में बांध कर रखने में सफल नहीं हो पाई.
बताते चलें कि कार्तिक आर्यन, कियारा आडवाणी और तब्बू की फिल्म भूल भुलैया 2 का जलवा देखने के लिए हर कोई सिनेमाघरों के चक्कर लगा रहा है. फिल्म 100 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है. अब इसके 150 करोड़ का आंकड़ छूने की गुंजाइश बढ़ गई है. दर्शकों को इस बार अनेक से ज्यादा कार्तिक की हॉरर कॉमेडी ने एंटरटेन किया. शायद यही वजह है कि आयुष्मान की फिल्म भूल भुलैया 2 के आगे टिक नहीं पाई.
| कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी की केमेस्ट्री ने दूसरे हफ्ते भी धमाकेदार प्रदर्शन किया. आयुष्मान खुराना की 'अनेक' बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हो रही है. बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना की फिल्मों का अक्सर उनके फैंस को बेसब्री से इंतजार रहता है. लेकिन, इस बार फैंस को उनका ये इंतजार कुछ रास नहीं आया. हाल ही में रिलीज हुई आयुष्मान खुराना की फिल्म अनेक ने बॉक्स ऑफिस पर अपने बुरे प्रदर्शन से दर्शकों को बेहद निराश कर दिया. वहीं, दूसरी ओर 'भूल भुलैया दो' का सीक्वल कर रही अभिनेता कार्तिक आर्यन की फिल्म भूल भुलैया दो ने उम्मीद से ज्यादा कमाई कर दर्शकों का दिल जीत लिया. कार्तिक की फिल्म को रिलीज हुए दस दिन से भी ज्यादा का वक्त हो गया है लेकिन फिल्म का कलेक्शन अबतक जारी है. वहीं, अनेक ने अपने रिलीज के हफ्ते भर के अंदर ही बॉक्स ऑफिस पर अपने हाथ खड़े कर दिए. कार्तिक और कियारा की 'भूल भुलैया दो' ने बॉक्स ऑफिस का सारा फोकस अपने नाम कर लिया है. कार्तिक और कियारा आडवाणी की केमेस्ट्री ने दूसरे हफ्ते भी धमाकेदार प्रदर्शन किया. इसके बाद फिल्म ने बीते दिन सोमवार को पाँच.पचास करोड़ रुपए का कुल कारोबार कर लिया है. इसके साथ ही, निर्माता अनीस बज्मी की फिल्म ने ग्यारह दिनों के अंतराल में कुल एक सौ अट्ठाईस.उन्नीस करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है. आयुष्मान खुराना की 'अनेक' बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हो रही है. फिल्म का कलेक्शन देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म शायद ही पंद्रह करोड़ का आंकड़ा भी छू पाए. बॉक्स ऑफिस पर खराब शुरुआत के बाद फिल्म ने रविवार तक केवल छः.पचास करोड़ रुपए का ही बिजनेस किया था. वहीं, बीते दिन सोमवार को फिल्म की कमाई का आंकड़ा और भी कम हो गया. इसी के साथ फिल्म ने अपने चौथे दिन सिर्फ शून्य.पचास करोड़ रुपए का ही कुल कारोबार किया. आपको बता दें कि अब कार्तिक आर्यन की फिल्म भूल भुलैया दो के जल्द ही एक सौ पचास करोड़ रुपए के क्लब में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है. अपने नॉन स्टॉप बिजनेस से फिल्म ने सबका अटेंशन अपनी ओर खींच लिया है. वहीं, आयुष्मान की फिल्म को क्रिटिक्स का तो अच्छा रिस्पॉन्स मिला है लेकिन ऐसा लग रहा है कि ये फिल्म ऑडियंस को थिएटर में बांध कर रखने में सफल नहीं हो पाई. बताते चलें कि कार्तिक आर्यन, कियारा आडवाणी और तब्बू की फिल्म भूल भुलैया दो का जलवा देखने के लिए हर कोई सिनेमाघरों के चक्कर लगा रहा है. फिल्म एक सौ करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है. अब इसके एक सौ पचास करोड़ का आंकड़ छूने की गुंजाइश बढ़ गई है. दर्शकों को इस बार अनेक से ज्यादा कार्तिक की हॉरर कॉमेडी ने एंटरटेन किया. शायद यही वजह है कि आयुष्मान की फिल्म भूल भुलैया दो के आगे टिक नहीं पाई. |
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और स्वाजीलैंड (इसका नया नाम 'इस्वातिनी' है) के बीच 'सीमा विहीन कर निरीक्षक कार्यक्रम' के तहत स्वाजीलैंड को कर संबंधी सहायता देने के लिए नामित भारतीय विशेषज्ञ की सहभागिता से संबंधित विचारार्थ विषय (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए जाने को मंजूरी दे दी है।
- 'सीमा विहीन कर निरीक्षक (टीआईडब्ल्यूबी) कार्यक्रम' के तहत भारत सरकार और ईस्वातिनी साम्राज्य की सरकार द्वारा एक भारतीय विशेषज्ञ को पारस्परिक रूप से चयनित किया गया है।
- विचारार्थ विषय से टीआईडब्ल्यूबी कार्यक्रम के तहत इस्वातिनी को कर संबंधी सहायता देने के लिए नामित भारतीय विशेषज्ञ की सहभागिता से जुड़ी शर्तों को औपचारिक रूप दिया जाएगा।
टीआईडब्ल्यूबी कार्यक्रम के तहत भारतीय विशेषज्ञ की सहभागिता से विकासशील देशों में कर संबंधी मामलों में क्षमता निर्माण करने में भारत द्वारा सहयोग दिये जाने को काफी बढ़ावा मिलेगा।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किए गए 'सीमा विहीन कर निरीक्षक (टीआईडब्ल्यूबी) कार्यक्रम' का उद्देश्य ऑडिट क्षमता के सुदृढ़ीकरण के जरिए राष्ट्रीय कर प्रशासन को मजबूत करने के लिए विकासशील देशों को आवश्यक सहयोग देना और अन्य देशों के साथ इस ज्ञान को साझा करना है। टीआईडब्ल्यूबी कार्यक्रम का उद्देश्य विकासशील देशों के टैक्स ऑडिटरों को आवश्यक तकनीकी जानकारियां और कौशल हस्तांतरित करने के साथ-साथ इन टैक्स ऑडिटरों के साथ सामान्य ऑडिट प्रथाओं और ज्ञान संसाधनों के प्रचार-प्रसार को साझा करके इन देशों के कर प्रशासनों को मजबूत करना है। टीआईडब्ल्यूबी कार्यक्रम कर संबंधी मसलों पर सहयोग बढ़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा किए जा रहे प्रयासों के पूरक के तौर पर है और इसके साथ ही यह विकासशील देशों के घरेलू कर जुटाने संबंधी प्रयासों में योगदान भी करता है। भारत विकासशील देशों में कर संबंधी मसलों में क्षमता निर्माण के लिए आवश्यक सहयोग देता रहा है। भारत चूंकि इस संदर्भ में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है, इसलिए भारत को कर संबंधी मसलों में दक्षिण-दक्षिण सहयोग अथवा विकासशील देशों के बीच सहयोग सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।
| Posted On: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और स्वाजीलैंड के बीच 'सीमा विहीन कर निरीक्षक कार्यक्रम' के तहत स्वाजीलैंड को कर संबंधी सहायता देने के लिए नामित भारतीय विशेषज्ञ की सहभागिता से संबंधित विचारार्थ विषय पर हस्ताक्षर किए जाने को मंजूरी दे दी है। - 'सीमा विहीन कर निरीक्षक कार्यक्रम' के तहत भारत सरकार और ईस्वातिनी साम्राज्य की सरकार द्वारा एक भारतीय विशेषज्ञ को पारस्परिक रूप से चयनित किया गया है। - विचारार्थ विषय से टीआईडब्ल्यूबी कार्यक्रम के तहत इस्वातिनी को कर संबंधी सहायता देने के लिए नामित भारतीय विशेषज्ञ की सहभागिता से जुड़ी शर्तों को औपचारिक रूप दिया जाएगा। टीआईडब्ल्यूबी कार्यक्रम के तहत भारतीय विशेषज्ञ की सहभागिता से विकासशील देशों में कर संबंधी मामलों में क्षमता निर्माण करने में भारत द्वारा सहयोग दिये जाने को काफी बढ़ावा मिलेगा। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किए गए 'सीमा विहीन कर निरीक्षक कार्यक्रम' का उद्देश्य ऑडिट क्षमता के सुदृढ़ीकरण के जरिए राष्ट्रीय कर प्रशासन को मजबूत करने के लिए विकासशील देशों को आवश्यक सहयोग देना और अन्य देशों के साथ इस ज्ञान को साझा करना है। टीआईडब्ल्यूबी कार्यक्रम का उद्देश्य विकासशील देशों के टैक्स ऑडिटरों को आवश्यक तकनीकी जानकारियां और कौशल हस्तांतरित करने के साथ-साथ इन टैक्स ऑडिटरों के साथ सामान्य ऑडिट प्रथाओं और ज्ञान संसाधनों के प्रचार-प्रसार को साझा करके इन देशों के कर प्रशासनों को मजबूत करना है। टीआईडब्ल्यूबी कार्यक्रम कर संबंधी मसलों पर सहयोग बढ़ाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा किए जा रहे प्रयासों के पूरक के तौर पर है और इसके साथ ही यह विकासशील देशों के घरेलू कर जुटाने संबंधी प्रयासों में योगदान भी करता है। भारत विकासशील देशों में कर संबंधी मसलों में क्षमता निर्माण के लिए आवश्यक सहयोग देता रहा है। भारत चूंकि इस संदर्भ में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है, इसलिए भारत को कर संबंधी मसलों में दक्षिण-दक्षिण सहयोग अथवा विकासशील देशों के बीच सहयोग सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है। |
उत्तराखंड के 121 महाविद्यालयों में से 113 में आज छात्र संघ चुनाव हो रहे हैं। सुबह आठ बजे से शुरू हुआ मतदान दोपहर दो बजे के बाद तक जारी रहा। वहीं कहीं-कहीं मतदान संपन्न होने के बाद गणना शुरू हो गई।
आज ही मतगणना और चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है।
चुनाव को लेकर जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। वही छात्र-छात्राओं से अपील की गई है कि चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखें।
दोपहर दो बजे देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में मतदान अंतिम चरण में पहुंचा। इस बार डीएवी में मतदान प्रतिशत कम रहा। एसजीआरआर पीजी कॉलेज में भी दो बजे मतदान खत्म हो गया। यहां कुल 1080 वोट पड़े।
डीबीएस में भी मतदान प्रतिशत गिरा है। दो दिन पहले हुए झगड़े का असर माना जा रहा है। वहीं दोपहर दो बजे तक डीबीएस कॉलेज में 60 प्रतिशत वोटिंग हुई। इसके बाद यहां गणना शुरू हुई।
| उत्तराखंड के एक सौ इक्कीस महाविद्यालयों में से एक सौ तेरह में आज छात्र संघ चुनाव हो रहे हैं। सुबह आठ बजे से शुरू हुआ मतदान दोपहर दो बजे के बाद तक जारी रहा। वहीं कहीं-कहीं मतदान संपन्न होने के बाद गणना शुरू हो गई। आज ही मतगणना और चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए भारी पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। चुनाव को लेकर जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी किए गए। वही छात्र-छात्राओं से अपील की गई है कि चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखें। दोपहर दो बजे देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में मतदान अंतिम चरण में पहुंचा। इस बार डीएवी में मतदान प्रतिशत कम रहा। एसजीआरआर पीजी कॉलेज में भी दो बजे मतदान खत्म हो गया। यहां कुल एक हज़ार अस्सी वोट पड़े। डीबीएस में भी मतदान प्रतिशत गिरा है। दो दिन पहले हुए झगड़े का असर माना जा रहा है। वहीं दोपहर दो बजे तक डीबीएस कॉलेज में साठ प्रतिशत वोटिंग हुई। इसके बाद यहां गणना शुरू हुई। |
MUMBAI LIVE IN:
शरद पवार ने दिखाई 'पावर'!
महाराष्ट्र विधानसभा चुानव- कांग्रेस के आगे एनसीपी ने संभाली कमान!
शरद पवार नहीं गए ईडी कार्यालय!
Maharashtra Assembly Election 2019: कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन में मनसे को जगह नहीं!
NEW UPDATE (S)
| MUMBAI LIVE IN: शरद पवार ने दिखाई 'पावर'! महाराष्ट्र विधानसभा चुानव- कांग्रेस के आगे एनसीपी ने संभाली कमान! शरद पवार नहीं गए ईडी कार्यालय! Maharashtra Assembly Election दो हज़ार उन्नीस: कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन में मनसे को जगह नहीं! NEW UPDATE |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
पंजाब के होशियारपुर का एक युवक पाकिस्तान के नशा तस्करों से मिला हुआ है। इसका संबंध 21 दिन पहले राजस्थान के बीकानेर जिले में बरामद की गई साढ़े 56 किलो हेरोइन के साथ है। यह खेप उसने ही मंगवाई थी। जांच में यह खुलासा होने के बाद नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो की जोधपुर टीम ने गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसे शरण देने और बॉर्डर एरिया की रैकी में मदद करने के आरोप में 3 अन्य भी धरे गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार 3 जून को भारत-पाक सीमा पर स्थित बीकानेर के खाजूवाला में 56. 501 किलो हेरोइन बरामद की गई थी। यह खेप PVC पाइप के 54 टुकड़ों में छोटे-छोटे थैलों में भरकर भेजी गई थी। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने तुरंत इसे कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी गई थी। सप्लाई लेने आए पंजाब के होशियारपुर सदर में किलची निवासी रूपा पुत्र कश्मीर सिंह व फाजिल्का के रामसिंह बाला निवासी हरमेशसिंह पुत्र गुरदेव सिंह को गिरफ्तार किया गया था, जबकि जसबीर सिंह और हरमेश उर्फ काली मौके से फरार हो गए थे। हेरोइन बरामदगी की जांच NCB की जोधपुर इकाई को सौंपी गई थी।
15 दिन की तलाश के बाद बुधवार को NCB को सूचना मिली कि इस प्रकरण से जुड़ा होशियारपुर जिले के गांव बड़ी मैना का जसबीर सिंह आया हुआ है। इसके बाद देर रात उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस को देख जसबीर सिंह भागने लगा, लेकिन काफी दूर तक पीछा करके 35 वर्षीय जसबीर सिंह उर्फ मोनी उर्फ बॉस को गिरफ्तार कर लिया। NCB ने मास्टर माइंड जसबीर सिंह को शरण और हेरोइन की खेप लेने के दौरान रैकी करने के आरोप में श्रीगंगानगर जिले में रावला मण्डी थानान्तर्गत 10 KND निवासी राजविन्दर सिंह, सुखप्रीत सिंह और समेजा कोली थानान्तर्गत सुनील सिंह को भी गिरफ्तार किया है। हालांकि हेरोइन की खेप मंगाने में शामिल फिरोजपुर में किलची निवासी हरमेश उर्फ काली/काला की तलाश जारी है।
पंजाब के नारकोटिक्स विंग के SP संदीप के मुताबिक NCB की जांच में सामने आया कि हेरोइन की यह खेप पाकिस्तान के लाहौर में मौजूद मलिक चौधरी ने भारत भेजी थी और जसबीर सिंह भारत में हेरोइन मंगवाने वाले गिरोह का मास्टर माइंड है। हेरोइन की बरामदगी के बाद भागे जसबीर ने परिवार सहित गांव छोड़ दिया था। रात के अंधेरे में जैसे ही गांव लौटा तो NCB ने दबोच लिया।
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| पंजाब के होशियारपुर का एक युवक पाकिस्तान के नशा तस्करों से मिला हुआ है। इसका संबंध इक्कीस दिन पहले राजस्थान के बीकानेर जिले में बरामद की गई साढ़े छप्पन किलो हेरोइन के साथ है। यह खेप उसने ही मंगवाई थी। जांच में यह खुलासा होने के बाद नारकोटिक्स कन्ट्रोल ब्यूरो की जोधपुर टीम ने गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसे शरण देने और बॉर्डर एरिया की रैकी में मदद करने के आरोप में तीन अन्य भी धरे गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार तीन जून को भारत-पाक सीमा पर स्थित बीकानेर के खाजूवाला में छप्पन. पाँच सौ एक किलो हेरोइन बरामद की गई थी। यह खेप PVC पाइप के चौवन टुकड़ों में छोटे-छोटे थैलों में भरकर भेजी गई थी। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने तुरंत इसे कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी गई थी। सप्लाई लेने आए पंजाब के होशियारपुर सदर में किलची निवासी रूपा पुत्र कश्मीर सिंह व फाजिल्का के रामसिंह बाला निवासी हरमेशसिंह पुत्र गुरदेव सिंह को गिरफ्तार किया गया था, जबकि जसबीर सिंह और हरमेश उर्फ काली मौके से फरार हो गए थे। हेरोइन बरामदगी की जांच NCB की जोधपुर इकाई को सौंपी गई थी। पंद्रह दिन की तलाश के बाद बुधवार को NCB को सूचना मिली कि इस प्रकरण से जुड़ा होशियारपुर जिले के गांव बड़ी मैना का जसबीर सिंह आया हुआ है। इसके बाद देर रात उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। पुलिस को देख जसबीर सिंह भागने लगा, लेकिन काफी दूर तक पीछा करके पैंतीस वर्षीय जसबीर सिंह उर्फ मोनी उर्फ बॉस को गिरफ्तार कर लिया। NCB ने मास्टर माइंड जसबीर सिंह को शरण और हेरोइन की खेप लेने के दौरान रैकी करने के आरोप में श्रीगंगानगर जिले में रावला मण्डी थानान्तर्गत दस KND निवासी राजविन्दर सिंह, सुखप्रीत सिंह और समेजा कोली थानान्तर्गत सुनील सिंह को भी गिरफ्तार किया है। हालांकि हेरोइन की खेप मंगाने में शामिल फिरोजपुर में किलची निवासी हरमेश उर्फ काली/काला की तलाश जारी है। पंजाब के नारकोटिक्स विंग के SP संदीप के मुताबिक NCB की जांच में सामने आया कि हेरोइन की यह खेप पाकिस्तान के लाहौर में मौजूद मलिक चौधरी ने भारत भेजी थी और जसबीर सिंह भारत में हेरोइन मंगवाने वाले गिरोह का मास्टर माइंड है। हेरोइन की बरामदगी के बाद भागे जसबीर ने परिवार सहित गांव छोड़ दिया था। रात के अंधेरे में जैसे ही गांव लौटा तो NCB ने दबोच लिया। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
आज से छठ महापर्व का शुभारंभ हो गया है। बिहार में छठ महापर्व पर 4 दिनों तक मौसम में बदलाव होगा। इस दौरान 9 से 12 किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे रात में ठंड बढ़ जाएगी। दिन में धूप तो होगी लेकिन सुबह शाम होने वाला कोहरा व पश्चिमी हवाओं का झोंका धूप की तपिश को कम करने का काम करेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक, शुष्क मौसम और तेज हवाओं के प्रभाव से बिहार के सभी हिस्से में तापमान में गिरावट होने का पूर्वानुमान है। इस दौरान पटना, गया, बेगूसराय सहित 23 जिलों में आसमान पर बादल छाए रहेंगे, जिससे धूप निकलने के बाद भी तपिश का एहसास नहीं होगाl पटना में अधिकतम तापमान 30. 2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16. 4 डिग्री दर्ज किया गया l सोमवार को पटना में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री होने के आसार हैं।
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| आज से छठ महापर्व का शुभारंभ हो गया है। बिहार में छठ महापर्व पर चार दिनों तक मौसम में बदलाव होगा। इस दौरान नौ से बारह किलो मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे रात में ठंड बढ़ जाएगी। दिन में धूप तो होगी लेकिन सुबह शाम होने वाला कोहरा व पश्चिमी हवाओं का झोंका धूप की तपिश को कम करने का काम करेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, शुष्क मौसम और तेज हवाओं के प्रभाव से बिहार के सभी हिस्से में तापमान में गिरावट होने का पूर्वानुमान है। इस दौरान पटना, गया, बेगूसराय सहित तेईस जिलों में आसमान पर बादल छाए रहेंगे, जिससे धूप निकलने के बाद भी तपिश का एहसास नहीं होगाl पटना में अधिकतम तापमान तीस. दो डिग्री और न्यूनतम तापमान सोलह. चार डिग्री दर्ज किया गया l सोमवार को पटना में अधिकतम तापमान तीस डिग्री और न्यूनतम तापमान पंद्रह डिग्री होने के आसार हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
नागपुर. आर्किटेक्ट एकनाथ निमगड़े हत्या प्रकरण में कई बड़े लोगों के शामिल होने के कारण इसकी ठीक से जांच नहीं किए जाने तथा सीबीआई से जांच कराने की मांग कर उनके पुत्र अनुपम निमगड़े की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई. इस पर सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से बंद लिफाफे में अब तक की गई जांच को लेकर 8वीं रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई. रिपोर्ट पर न्यायाधीश विनय जोशी और न्यायाधीश वाल्मिकी मेनेझेस ने कहा कि जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ हुई. यहां तक कि हथियार भी जब्त किए गए. चूंकि जांच अभी भी जारी है. अतः जांच प्रभावित न हो, इसके लिए रिपोर्ट में दी गई जानकारी जानबूझकर उजागर नहीं की जा रही है. याचिकाकर्ता की ओर से स्वयं अधि. अनुपम निमगड़े ने पैरवी की.
सीबीआई की ओर से सुनवाई के दौरान बताया गया कि विशेषज्ञों की राय ली जा रही है जिससे जांच में कुछ समय लगने की संभावना है. सुनवाई के बाद अदालत ने 6 सप्ताह का समय प्रदान किया. साथ ही कोर्ट शिरस्तेदार को पुनः लिफाफा सील कर रजिस्ट्रार (न्यायिक) को भेजने के आदेश दिए. अदालत ने इस स्टेटस रिपोर्ट को कस्टडी में रखने तथा कोर्ट के आदेश के बिना किसी भी व्यक्ति के पहुंच से स्टेटस रिपोर्ट दूर रखने के आदेश रजिस्ट्रार को दिए. गत समय सीबीआई ने बताया था कि मोहसीन अंसारी नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी का पीसीआर लिया गया है. जांच के दौरान खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी जिसके आधार पर ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
सीबीआई की ओर से दिए गए हलफनामा में बताया गया कि चूंकि अब एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और उसे पूछताछ के लिए कस्टडी में लिया गया, अतः आरोपी से हत्या के मामले में कुछ संकेत मिल सकते हैं. सुनवाई के बाद अदालत ने इस संदर्भ में संकेत मिलने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ने की आशा जताई. साथ ही जांच के लिए कुछ समय देने का अनुरोध भी अदालत से किया. सुनवाई के बाद अदालत ने सीबीआई को समय प्रदान किया. अदालत ने आदेश में कहा कि जांच में प्रगति है. सकारात्मक कदम उठाकर सत्य उजागर करने के लिए जांच एजेंसी को मौका दिया जाना चाहिए.
| नागपुर. आर्किटेक्ट एकनाथ निमगड़े हत्या प्रकरण में कई बड़े लोगों के शामिल होने के कारण इसकी ठीक से जांच नहीं किए जाने तथा सीबीआई से जांच कराने की मांग कर उनके पुत्र अनुपम निमगड़े की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई. इस पर सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से बंद लिफाफे में अब तक की गई जांच को लेकर आठवीं रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई. रिपोर्ट पर न्यायाधीश विनय जोशी और न्यायाधीश वाल्मिकी मेनेझेस ने कहा कि जांच के दौरान कई लोगों से पूछताछ हुई. यहां तक कि हथियार भी जब्त किए गए. चूंकि जांच अभी भी जारी है. अतः जांच प्रभावित न हो, इसके लिए रिपोर्ट में दी गई जानकारी जानबूझकर उजागर नहीं की जा रही है. याचिकाकर्ता की ओर से स्वयं अधि. अनुपम निमगड़े ने पैरवी की. सीबीआई की ओर से सुनवाई के दौरान बताया गया कि विशेषज्ञों की राय ली जा रही है जिससे जांच में कुछ समय लगने की संभावना है. सुनवाई के बाद अदालत ने छः सप्ताह का समय प्रदान किया. साथ ही कोर्ट शिरस्तेदार को पुनः लिफाफा सील कर रजिस्ट्रार को भेजने के आदेश दिए. अदालत ने इस स्टेटस रिपोर्ट को कस्टडी में रखने तथा कोर्ट के आदेश के बिना किसी भी व्यक्ति के पहुंच से स्टेटस रिपोर्ट दूर रखने के आदेश रजिस्ट्रार को दिए. गत समय सीबीआई ने बताया था कि मोहसीन अंसारी नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी का पीसीआर लिया गया है. जांच के दौरान खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी जिसके आधार पर ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. सीबीआई की ओर से दिए गए हलफनामा में बताया गया कि चूंकि अब एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और उसे पूछताछ के लिए कस्टडी में लिया गया, अतः आरोपी से हत्या के मामले में कुछ संकेत मिल सकते हैं. सुनवाई के बाद अदालत ने इस संदर्भ में संकेत मिलने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ने की आशा जताई. साथ ही जांच के लिए कुछ समय देने का अनुरोध भी अदालत से किया. सुनवाई के बाद अदालत ने सीबीआई को समय प्रदान किया. अदालत ने आदेश में कहा कि जांच में प्रगति है. सकारात्मक कदम उठाकर सत्य उजागर करने के लिए जांच एजेंसी को मौका दिया जाना चाहिए. |
Vani Jairam Death: प्रसिद्ध सिंगर वाणी जयराम ने चेन्नई स्थित अपने घर में रविवार को आखिरी सांस ली है. वाणी जयराम 77 साल की थीं और उनके निधन की खबर पुलिस ने कन्फर्म की है. वाणी जयराम का नाम हाल ही में पद्म भूषण के लिए कन्फर्म हुआ. हालांकि अभी तक उनकी मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई है. वाणी जयराम ने अपने जीवनकाल में 10 हजार से भी अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं.
Can't accept the hard hitting reality that Legendary Singer Vani Jairam Amma is no more. We miss you Amma. Met her and recorded for my upcoming film "Malai" last August. And I'm shocked to know that she's no more today.
My prayers.
May Her soul Rest in Peace.
(SocialLY के साथ पाएं लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज, वायरल ट्रेंड और सोशल मीडिया की दुनिया से जुड़ी सभी खबरें. यहां आपको ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल होने वाले हर कंटेंट की सीधी जानकारी मिलेगी. ऊपर दिखाया गया पोस्ट अनएडिटेड कंटेंट है, जिसे सीधे सोशल मीडिया यूजर्स के अकाउंट से लिया गया है. लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है. सोशल मीडिया पोस्ट लेटेस्टली के विचारों और भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, हम इस पोस्ट में मौजूद किसी भी कंटेंट के लिए कोई जिम्मेदारी या दायित्व स्वीकार नहीं करते हैं. )
| Vani Jairam Death: प्रसिद्ध सिंगर वाणी जयराम ने चेन्नई स्थित अपने घर में रविवार को आखिरी सांस ली है. वाणी जयराम सतहत्तर साल की थीं और उनके निधन की खबर पुलिस ने कन्फर्म की है. वाणी जयराम का नाम हाल ही में पद्म भूषण के लिए कन्फर्म हुआ. हालांकि अभी तक उनकी मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है. पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई है. वाणी जयराम ने अपने जीवनकाल में दस हजार से भी अधिक गाने रिकॉर्ड किए हैं. Can't accept the hard hitting reality that Legendary Singer Vani Jairam Amma is no more. We miss you Amma. Met her and recorded for my upcoming film "Malai" last August. And I'm shocked to know that she's no more today. My prayers. May Her soul Rest in Peace. |
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने चर्चित फिल्म The Kerala Story को टैक्स फ्री कर दिया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की सरकारों द्वारा इस फिल्म को टैक्स फ्री किया जा चुका है।
हरियाणा में The Kerala Story फिल्म को टैक्स फ्री करने से पहले मुख्यमंत्री ने कमेटी का गठन किया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद इसकी जानकारी साझा की थी। कमेटी की सिफारिश के बाद ही इस पर फैसला लिया गया। बुधवार को देर रात सीएम ने इस बारे में घोषणा की।
हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने को लेकर चर्चा की गई थी। उसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के बाद आबकारी एवं कराधान विभाग ने भी इस संबंध में अधिसूचना जारी करके प्रदेश के सभी डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर को जानकारी भेज दी है।
हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने प्रदेश के तीनों महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, मोहनलाल बडोली और पवन सैनी के साथ 'द केरल स्टोरी' फिल्म देख चुके हैं। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सत्य घटनाओं पर आधारित मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली फिल्म है।
| चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने चर्चित फिल्म The Kerala Story को टैक्स फ्री कर दिया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की सरकारों द्वारा इस फिल्म को टैक्स फ्री किया जा चुका है। हरियाणा में The Kerala Story फिल्म को टैक्स फ्री करने से पहले मुख्यमंत्री ने कमेटी का गठन किया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद इसकी जानकारी साझा की थी। कमेटी की सिफारिश के बाद ही इस पर फैसला लिया गया। बुधवार को देर रात सीएम ने इस बारे में घोषणा की। हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में इस फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने को लेकर चर्चा की गई थी। उसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के बाद आबकारी एवं कराधान विभाग ने भी इस संबंध में अधिसूचना जारी करके प्रदेश के सभी डिप्टी एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर को जानकारी भेज दी है। हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ ने प्रदेश के तीनों महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, मोहनलाल बडोली और पवन सैनी के साथ 'द केरल स्टोरी' फिल्म देख चुके हैं। उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सत्य घटनाओं पर आधारित मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली फिल्म है। |
शास्त्रीय वक्तव्य में , अनौपचारिक प्रमाण सबूत हैं (या प्रेरणा का साधन) जो एक स्पीकर द्वारा नहीं बनाए जाते हैं, यह है कि, आविष्कार के बजाय लागू किए गए सबूत हैं। कलात्मक सबूत के साथ तुलना करें। बाहरी प्रमाण या कलाहीन सबूत भी कहा जाता है।
अरिस्टोटल के समय, अनौपचारिक सबूत (ग्रीक में, पिस्तिस अटेक्नोई ) में कानून, अनुबंध, शपथ, और गवाहों की गवाही शामिल थी। बाहरी प्रमाण भी कहा जाता है।
"प्राचीन शिक्षकों को पता था कि बाह्य प्रमाण हमेशा विश्वसनीय नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए, वे काफी जानते थे कि लिखित दस्तावेजों को आमतौर पर सावधानीपूर्वक व्याख्या की आवश्यकता होती है, और वे अपनी सटीकता और अधिकार के बारे में भी संदेह करते थे। "
(शेरोन क्रॉली और डेबरा हौही, समकालीन छात्रों के लिए प्राचीन रोटोरिक्स, चौथा संस्करण। लॉन्गमैन, 2008)
"दृढ़ता के तरीकों में से कुछ कट्टरपंथी कला की सख्ती से संबंधित हैं और कुछ नहीं करते हैं। बाद में [यानी, अनौपचारिक सबूत] मेरा मतलब है कि ऐसी चीजें जो स्पीकर द्वारा आपूर्ति नहीं की जाती हैं, लेकिन शुरुआत में गवाह हैं, सबूत दिए गए हैं यातना के तहत, लिखित अनुबंध, और इसी तरह।
पूर्व [यानी, कलात्मक सबूत] से मेरा मतलब है कि हम खुद को रोटोरिक के सिद्धांतों के माध्यम से बना सकते हैं। एक तरह का इस्तेमाल किया जाना है, दूसरे का आविष्कार किया जाना चाहिए। "
(अरिस्टोटल, रेटोरिक , चौथी शताब्दी ईसा पूर्व)
" पिस्टेस ( प्रेरणा के साधनों के अर्थ में) अरिस्टोटल द्वारा दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता हैः कलाहीन सबूत ( पिस्टेस एटेक्नोई ), यानी, जो स्पीकर द्वारा प्रदान नहीं किए जाते हैं लेकिन पूर्व-विद्यमान हैं, और कलात्मक सबूत ( पिस्टिस एंटेक्नोई ) , यही वह है जो स्पीकर द्वारा बनाए जाते हैं। " ।
। ।
"कलात्मक और कलाहीन सबूत के बीच अरिस्टोटल का अंतर मौलिक है, फिर भी वैचारिक अभ्यास में भेदभाव धुंधला हो गया है, क्योंकि कलाहीन सबूतों को काफी कलात्मक तरीके से संभाला जाता है। वृत्तचित्र साक्ष्य की आवधिक परिचय, जिसे स्पीकर को क्लर्क पढ़ने के दौरान रोकने की आवश्यकता होती है, जाहिर है कि विराम चिह्न भाषण । वक्ताओं कलात्मक प्रमाणों को भी व्यापक दावों के लिए स्पष्ट रूप से प्रासंगिक नहीं कर सकते हैं, ताकि वे अपने नागरिक विचारधारा, कानून पालन करने वाले चरित्र को दिखा सकें या 'तथ्य' को स्पष्ट कर सकें कि प्रतिद्वंद्वी इस बात को नकारता है सामान्य रूप से कानून . . . Pisteis atechnoi का उपयोग अन्य आविष्कारक तरीकों से किया जा सकता है जो कि पुस्तिकाओं में वर्णित नहीं है। प्रारंभिक चौथी शताब्दी से, गवाह की गवाही लिखित बयान के रूप में प्रस्तुत की गई थी। चूंकि मुकदमे ने खुद को बयान का मसौदा तैयार किया था और फिर गवाहों ने उनकी कसम खाई थी , इस बात की काफी कला हो सकती है कि साक्ष्य कैसे phrased किया गया था। "
(माइकल डी ब्रुव, "द पार्ट्स ऑफ द स्पीच। " ए कम्पेनियन टू ग्रीक रेटोरिक , एड। इयान वर्थिंगटन द्वारा। विली-ब्लैकवेल, 2010)
- "एक श्रोताओं या श्रोता को विलुप्त होने, ब्लैकमेल, रिश्वत और दयनीय व्यवहार के माध्यम से अनजाने में प्रेरित किया जा सकता है।
बल की धमकी, दयालुता, चापलूसी और विनम्रता के लिए अपील अक्सर सीमावर्ती डिवाइस हैं, हालांकि अक्सर बहुत प्रभावी होती हैं। । । ।
"[मैं] नाटकीय साक्ष्य दृढ़ता और वैध अंतर्दृष्टि के प्रभावी तरीके हैं क्योंकि वे स्पीकर को अपने लक्ष्यों को अवांछित असंगतताओं के बिना प्राप्त करने में मदद करते हैं। भाषण शिक्षक और rhetoricians पारंपरिक रूप से अकादमिक सबूत के उपयोग में छात्रों को प्रशिक्षित नहीं करते हैं। हम मानते हैं कि संवर्द्धन की प्राकृतिक प्रक्रियाओं का उपयोग करने के लिए कौशल विकसित करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करते हैं। निश्चित रूप से, यह है कि कुछ लोग इंटर्स्टिकवादी प्रेरणाओं पर बहुत कुशल बन जाते हैं, जबकि अन्य उन्हें बिल्कुल नहीं सीखते हैं, इस प्रकार खुद को सामाजिक नुकसान में डालते हैं . . . । ।
"हालांकि छात्रों को भयभीत करने या कैजोल करने में सक्षम होने के सवाल से उठाए गए कुछ गंभीर नैतिक मुद्दे हैं, लेकिन संभावनाओं के बारे में जानना उनके लिए निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है। "
(जेराल्ड एम। फिलिप्स, संचार अक्षमताः प्रशिक्षण की एक सिद्धांत मौखिक प्रदर्शन व्यवहार । दक्षिणी इलिनोइस विश्वविद्यालय प्रेस, 1 99 1)
- "अनौपचारिक सबूत में स्पीकर द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाता है, जैसे अवसर, स्पीकर को आवंटित समय, या ऐसी चीजें जो व्यक्तियों को कुछ कार्यवाही करने के लिए बाध्य करती हैं, जैसे कि निर्विवाद तथ्य या आंकड़े। ध्यान देने योग्य भी हैं कि अनुपालन करने की रणनीतियां हैं संदिग्ध साधनों जैसे कि यातना, मुश्किल या बाध्यकारी अनुबंध जो हमेशा नैतिक नहीं होते हैं, और शपथ ग्रहण करते हैं, लेकिन इन सभी विधियों में वास्तव में रिसीवर को वास्तव में उन्हें मनाने के बजाए एक डिग्री या दूसरे के अनुपालन में मजबूर किया जाता है। हम आज जानते हैं कि जबरदस्ती या यातना परिणाम कम प्रतिबद्धता, न केवल वांछित कार्रवाई को कम करने के परिणामस्वरूप, बल्कि रवैया में बदलाव की संभावना में कमी। "
(चार्ल्स यू। लार्सन, पर्सुएशनः रिसेप्शन एंड रिस्पॉन्सिबिलिटी , 13 वां संस्करण। वैड्सवर्थ, 2013)
"2008 के राष्ट्रपति अभियान के अनुसार, जैक बाउर के नाम का आविष्कार सीआईए एजेंटों को अनुमति देने की अनौपचारिक नीति के लिए राजनीतिक संहिता के रूप में कार्य करता था, जो अत्यधिक आपात स्थिति के लिए यातना का उपयोग करने के लिए कानून के बाहर अपने आप पर कार्य करता था।
संक्षेप में, दुनिया की प्रमुख शक्ति ने 21 वीं शताब्दी की शुरुआत में अनुसंधान या तर्कसंगत विश्लेषण पर नहीं बल्कि कल्पना और कल्पना में अपने सबसे विवादास्पद नीति निर्णय को आधार दिया। "
(अल्फ्रेड डब्ल्यू मैककोय, यातना और प्रतिरक्षाः अमेरिकी सिद्धांत का जबरदस्त पूछताछ । विस्कॉन्सिन प्रेस विश्वविद्यालय, 2012)
| शास्त्रीय वक्तव्य में , अनौपचारिक प्रमाण सबूत हैं जो एक स्पीकर द्वारा नहीं बनाए जाते हैं, यह है कि, आविष्कार के बजाय लागू किए गए सबूत हैं। कलात्मक सबूत के साथ तुलना करें। बाहरी प्रमाण या कलाहीन सबूत भी कहा जाता है। अरिस्टोटल के समय, अनौपचारिक सबूत में कानून, अनुबंध, शपथ, और गवाहों की गवाही शामिल थी। बाहरी प्रमाण भी कहा जाता है। "प्राचीन शिक्षकों को पता था कि बाह्य प्रमाण हमेशा विश्वसनीय नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए, वे काफी जानते थे कि लिखित दस्तावेजों को आमतौर पर सावधानीपूर्वक व्याख्या की आवश्यकता होती है, और वे अपनी सटीकता और अधिकार के बारे में भी संदेह करते थे। " "दृढ़ता के तरीकों में से कुछ कट्टरपंथी कला की सख्ती से संबंधित हैं और कुछ नहीं करते हैं। बाद में [यानी, अनौपचारिक सबूत] मेरा मतलब है कि ऐसी चीजें जो स्पीकर द्वारा आपूर्ति नहीं की जाती हैं, लेकिन शुरुआत में गवाह हैं, सबूत दिए गए हैं यातना के तहत, लिखित अनुबंध, और इसी तरह। पूर्व [यानी, कलात्मक सबूत] से मेरा मतलब है कि हम खुद को रोटोरिक के सिद्धांतों के माध्यम से बना सकते हैं। एक तरह का इस्तेमाल किया जाना है, दूसरे का आविष्कार किया जाना चाहिए। " " पिस्टेस अरिस्टोटल द्वारा दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता हैः कलाहीन सबूत , यानी, जो स्पीकर द्वारा प्रदान नहीं किए जाते हैं लेकिन पूर्व-विद्यमान हैं, और कलात्मक सबूत , यही वह है जो स्पीकर द्वारा बनाए जाते हैं। " । । । "कलात्मक और कलाहीन सबूत के बीच अरिस्टोटल का अंतर मौलिक है, फिर भी वैचारिक अभ्यास में भेदभाव धुंधला हो गया है, क्योंकि कलाहीन सबूतों को काफी कलात्मक तरीके से संभाला जाता है। वृत्तचित्र साक्ष्य की आवधिक परिचय, जिसे स्पीकर को क्लर्क पढ़ने के दौरान रोकने की आवश्यकता होती है, जाहिर है कि विराम चिह्न भाषण । वक्ताओं कलात्मक प्रमाणों को भी व्यापक दावों के लिए स्पष्ट रूप से प्रासंगिक नहीं कर सकते हैं, ताकि वे अपने नागरिक विचारधारा, कानून पालन करने वाले चरित्र को दिखा सकें या 'तथ्य' को स्पष्ट कर सकें कि प्रतिद्वंद्वी इस बात को नकारता है सामान्य रूप से कानून . . . Pisteis atechnoi का उपयोग अन्य आविष्कारक तरीकों से किया जा सकता है जो कि पुस्तिकाओं में वर्णित नहीं है। प्रारंभिक चौथी शताब्दी से, गवाह की गवाही लिखित बयान के रूप में प्रस्तुत की गई थी। चूंकि मुकदमे ने खुद को बयान का मसौदा तैयार किया था और फिर गवाहों ने उनकी कसम खाई थी , इस बात की काफी कला हो सकती है कि साक्ष्य कैसे phrased किया गया था। " - "एक श्रोताओं या श्रोता को विलुप्त होने, ब्लैकमेल, रिश्वत और दयनीय व्यवहार के माध्यम से अनजाने में प्रेरित किया जा सकता है। बल की धमकी, दयालुता, चापलूसी और विनम्रता के लिए अपील अक्सर सीमावर्ती डिवाइस हैं, हालांकि अक्सर बहुत प्रभावी होती हैं। । । । "[मैं] नाटकीय साक्ष्य दृढ़ता और वैध अंतर्दृष्टि के प्रभावी तरीके हैं क्योंकि वे स्पीकर को अपने लक्ष्यों को अवांछित असंगतताओं के बिना प्राप्त करने में मदद करते हैं। भाषण शिक्षक और rhetoricians पारंपरिक रूप से अकादमिक सबूत के उपयोग में छात्रों को प्रशिक्षित नहीं करते हैं। हम मानते हैं कि संवर्द्धन की प्राकृतिक प्रक्रियाओं का उपयोग करने के लिए कौशल विकसित करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करते हैं। निश्चित रूप से, यह है कि कुछ लोग इंटर्स्टिकवादी प्रेरणाओं पर बहुत कुशल बन जाते हैं, जबकि अन्य उन्हें बिल्कुल नहीं सीखते हैं, इस प्रकार खुद को सामाजिक नुकसान में डालते हैं . . . । । "हालांकि छात्रों को भयभीत करने या कैजोल करने में सक्षम होने के सवाल से उठाए गए कुछ गंभीर नैतिक मुद्दे हैं, लेकिन संभावनाओं के बारे में जानना उनके लिए निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है। " - "अनौपचारिक सबूत में स्पीकर द्वारा नियंत्रित नहीं किया जाता है, जैसे अवसर, स्पीकर को आवंटित समय, या ऐसी चीजें जो व्यक्तियों को कुछ कार्यवाही करने के लिए बाध्य करती हैं, जैसे कि निर्विवाद तथ्य या आंकड़े। ध्यान देने योग्य भी हैं कि अनुपालन करने की रणनीतियां हैं संदिग्ध साधनों जैसे कि यातना, मुश्किल या बाध्यकारी अनुबंध जो हमेशा नैतिक नहीं होते हैं, और शपथ ग्रहण करते हैं, लेकिन इन सभी विधियों में वास्तव में रिसीवर को वास्तव में उन्हें मनाने के बजाए एक डिग्री या दूसरे के अनुपालन में मजबूर किया जाता है। हम आज जानते हैं कि जबरदस्ती या यातना परिणाम कम प्रतिबद्धता, न केवल वांछित कार्रवाई को कम करने के परिणामस्वरूप, बल्कि रवैया में बदलाव की संभावना में कमी। " "दो हज़ार आठ के राष्ट्रपति अभियान के अनुसार, जैक बाउर के नाम का आविष्कार सीआईए एजेंटों को अनुमति देने की अनौपचारिक नीति के लिए राजनीतिक संहिता के रूप में कार्य करता था, जो अत्यधिक आपात स्थिति के लिए यातना का उपयोग करने के लिए कानून के बाहर अपने आप पर कार्य करता था। संक्षेप में, दुनिया की प्रमुख शक्ति ने इक्कीस वीं शताब्दी की शुरुआत में अनुसंधान या तर्कसंगत विश्लेषण पर नहीं बल्कि कल्पना और कल्पना में अपने सबसे विवादास्पद नीति निर्णय को आधार दिया। " |
मिशन मंगल भारत की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक हैं।
हाउसफुल 4 आज भी लोगों के दिलों पर राज करती है।
3 इडियट्स लोगों के बीच काफी मशहूर है।
गुड न्यूज अब तक की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक है।
लाखों नौजवान जिंदगी न मिलेगी दोबारा देखना पसन्द करते हैं।
फिल्म मुहब्बतें आज भी लोगों के दिलों पर राज करती है।
फिल्म मरजावां के भी OTT पर लाखों फैंस हैं।
रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल में रश्मिका मंदाना, बॉबी देओल और रश्मिका मंदाना नजर आएंगे।
अगली वेब स्टोरी देखें.
Thanks For Reading!
| मिशन मंगल भारत की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक हैं। हाउसफुल चार आज भी लोगों के दिलों पर राज करती है। तीन इडियट्स लोगों के बीच काफी मशहूर है। गुड न्यूज अब तक की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक है। लाखों नौजवान जिंदगी न मिलेगी दोबारा देखना पसन्द करते हैं। फिल्म मुहब्बतें आज भी लोगों के दिलों पर राज करती है। फिल्म मरजावां के भी OTT पर लाखों फैंस हैं। रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल में रश्मिका मंदाना, बॉबी देओल और रश्मिका मंदाना नजर आएंगे। अगली वेब स्टोरी देखें. Thanks For Reading! |
भिंड. रौन. लहार। जिले के लहार और मेहगांव सर्किल में गुरुवार शाम तेज हवा के बाद ओलावृष्टि हुई है। आसमान से बरसे आफत रूपी ओलों से लहार, मेहगांव के 31 गांवों में फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। सरसों और अरहर की फसल कटकर खेतों में बिछ गई है। लहार से मिहोना सड़क पर करीब 10 किमी पर ओलो की सफेद चादर बिछ गई। कलेक्टर सतीश कुमार एस ने एसडीएम और तहसीलदारों को नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार सुबह से ही पटवारियों और कृषि अधिकारियों के दल को खेतों में नुकसान का आंलन करने के लिए कहा गया है।
गुरुवार शाम को मौसम में अचानक आए बदलाव से लहार के 24 और मेहगांव के अमायन क्षेत्र के सात गांवों में ओलावृष्टि हुई है। कई गांवों में 100 ग्राम से ज्यादा वजन तक के ओले गिरे हैं। इससे खेतों में खड़ी सरसों, मसूर, अरहर और चना की फसल में नुकसान हुआ है। लहार-मेहगांव के मिहोना, मछंड, पचोखरा, असनेहट, जमनापुरा, नौधा, बसंतपुरा, रौन के गोअरा, दबरेहा, अचलपुरा, मेहदवां, चंदावली, रौन, बरुआ, मेहगांव के गहेली, गाता-गितौर, सेंथरी, कैरोरा आदि गांवों में ओलावृष्टि से फसलों में बड़ा नुकसान हुआ है।
भिंड जिले में बुधवार देर रात से ही मौसम में परिवर्तन नजर आ रहा था। तीन दिन धूप खिलने के बाद बुधवार देर रात से तेज हवा चलना शुरू हो गई थी। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे तक 45 किमी प्रति घंटे की फ्तार से हवा चली है। इससे गेहूं की फसल में 15-20 फीसद नुकसान होना बताया है। तेज हवा होने से कई जगह गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। कृषि उप संचालक शिवराज सिंह यादव का कहना है कि इससे मसूर का फूल झड़ जाएगा। इसके अलावा जो लोग खेतों में बुधवार को पानी दे चुके थे। गुरुवार को बारिश होने से उनको भी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इससे मसूर, चना, अरहर का उत्पादन प्रभावित होगा।
गुरुवार शाम को लहार और अमायन सर्किल में हुई ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। कई खेतों में ओलों की परत देर रात तक जमी रही है। रिहायशी क्षेत्रों में भी ओलों से नुकसान हुआ है। मिहोना के पचोखरा, असनेहट, जमनापुरा, नौधा, बसंतपुरा आदि गांवों में ओलों से घरों के पनाले और दरवाजे बंद रहे हैं। बारिश बंद होने के बाद लोगों ने घरों से निकलकर ओलों को हटाया है।
ओलावृष्टि ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। लहार विधानसभा के दबोह और आलमपुर सर्किल के 19 गांवों में 25 दिन पहले नौ जनवरी को आसमान से ओलों के रूप में आफत बरसी थी। इससे इन गांवों के ढाई हजार से ज्यादा किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 10 दिन में किसानों को राहत राशि देने के लिए कहा था, लेकिन यहां किसानों को अब तक राहत राशि नहीं मिली है। तीन करोड़ से ज्यादा राहत राशि बांटने के लिए अभी किसानों से बैंक खाते मांगे जा रहे हैं।
वर्जनः
जिले में ओलावृष्टि से गुरुवार को लहार-मेहगांव के 31 गांवों में नुकसान हुआ है। फसलों में कितना नुकसान है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पूर्व में हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत राशि देने के लिए उनके खाते नंबर कलेक्ट किए जा रहे हैं।
वर्जनः
किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। प्राकृतिक आपदा से पीडि़त किसानों को जल्द से जल्द लाभ दिया जाए। दबोह-आलमपुर के किसानों को अब तक राहत राशि नहीं दी गई है। यह गंभीर बात है। मुख्यमंत्री को ऐसी लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई करना चाहिए।
| भिंड. रौन. लहार। जिले के लहार और मेहगांव सर्किल में गुरुवार शाम तेज हवा के बाद ओलावृष्टि हुई है। आसमान से बरसे आफत रूपी ओलों से लहार, मेहगांव के इकतीस गांवों में फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। सरसों और अरहर की फसल कटकर खेतों में बिछ गई है। लहार से मिहोना सड़क पर करीब दस किमी पर ओलो की सफेद चादर बिछ गई। कलेक्टर सतीश कुमार एस ने एसडीएम और तहसीलदारों को नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार सुबह से ही पटवारियों और कृषि अधिकारियों के दल को खेतों में नुकसान का आंलन करने के लिए कहा गया है। गुरुवार शाम को मौसम में अचानक आए बदलाव से लहार के चौबीस और मेहगांव के अमायन क्षेत्र के सात गांवों में ओलावृष्टि हुई है। कई गांवों में एक सौ ग्राम से ज्यादा वजन तक के ओले गिरे हैं। इससे खेतों में खड़ी सरसों, मसूर, अरहर और चना की फसल में नुकसान हुआ है। लहार-मेहगांव के मिहोना, मछंड, पचोखरा, असनेहट, जमनापुरा, नौधा, बसंतपुरा, रौन के गोअरा, दबरेहा, अचलपुरा, मेहदवां, चंदावली, रौन, बरुआ, मेहगांव के गहेली, गाता-गितौर, सेंथरी, कैरोरा आदि गांवों में ओलावृष्टि से फसलों में बड़ा नुकसान हुआ है। भिंड जिले में बुधवार देर रात से ही मौसम में परिवर्तन नजर आ रहा था। तीन दिन धूप खिलने के बाद बुधवार देर रात से तेज हवा चलना शुरू हो गई थी। गुरुवार सुबह करीब ग्यारह बजे तक पैंतालीस किमी प्रति घंटे की फ्तार से हवा चली है। इससे गेहूं की फसल में पंद्रह-बीस फीसद नुकसान होना बताया है। तेज हवा होने से कई जगह गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। कृषि उप संचालक शिवराज सिंह यादव का कहना है कि इससे मसूर का फूल झड़ जाएगा। इसके अलावा जो लोग खेतों में बुधवार को पानी दे चुके थे। गुरुवार को बारिश होने से उनको भी नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि इससे मसूर, चना, अरहर का उत्पादन प्रभावित होगा। गुरुवार शाम को लहार और अमायन सर्किल में हुई ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। कई खेतों में ओलों की परत देर रात तक जमी रही है। रिहायशी क्षेत्रों में भी ओलों से नुकसान हुआ है। मिहोना के पचोखरा, असनेहट, जमनापुरा, नौधा, बसंतपुरा आदि गांवों में ओलों से घरों के पनाले और दरवाजे बंद रहे हैं। बारिश बंद होने के बाद लोगों ने घरों से निकलकर ओलों को हटाया है। ओलावृष्टि ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। लहार विधानसभा के दबोह और आलमपुर सर्किल के उन्नीस गांवों में पच्चीस दिन पहले नौ जनवरी को आसमान से ओलों के रूप में आफत बरसी थी। इससे इन गांवों के ढाई हजार से ज्यादा किसानों की फसल को नुकसान हुआ है। ओलावृष्टि के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दस दिन में किसानों को राहत राशि देने के लिए कहा था, लेकिन यहां किसानों को अब तक राहत राशि नहीं मिली है। तीन करोड़ से ज्यादा राहत राशि बांटने के लिए अभी किसानों से बैंक खाते मांगे जा रहे हैं। वर्जनः जिले में ओलावृष्टि से गुरुवार को लहार-मेहगांव के इकतीस गांवों में नुकसान हुआ है। फसलों में कितना नुकसान है, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पूर्व में हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत राशि देने के लिए उनके खाते नंबर कलेक्ट किए जा रहे हैं। वर्जनः किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। प्राकृतिक आपदा से पीडि़त किसानों को जल्द से जल्द लाभ दिया जाए। दबोह-आलमपुर के किसानों को अब तक राहत राशि नहीं दी गई है। यह गंभीर बात है। मुख्यमंत्री को ऐसी लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई करना चाहिए। |
आस्ट्रेलियाई आल राउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने आईपीएल नीलामी में किंग्स इलेवन पंजाब द्वारा 10. 75 करोड़ रुपए में खरीदे जाने के बाद शुक्रवार को बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स के लिए 39 गेंद में 83 रन की विस्फोटकीय पारी खेली।
आस्ट्रेलियाई आल राउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने आईपीएल नीलामी में किंग्स इलेवन पंजाब द्वारा 10. 75 करोड़ रुपए में खरीदे जाने के बाद शुक्रवार को बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स के लिए 39 गेंद में 83 रन की विस्फोटकीय पारी खेली।
मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए ब्रेक लेकर वापसी करने के बाद मैक्सवेल ने एक बार फिर दिखा दिया कि उन्हें टी20 क्रिकेट में सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक क्यों माना जाता है। उन्होंने पारी के दौरान सात चौके और पांच छक्के जमाए। उन्होंने साथ ही अपने सबसे तेज अर्धशतक (23 गेंद) की बराबरी की।
उनकी पारी से उनकी टीम ने ब्रिसबेन हीट के खिलाफ सात विकेट पर 167 रन का स्कोर खड़ा किया। किंग्स इलेवन पंजाब ने ट्विटर पर मैक्सवेल की पारी की प्रशंसा की जो तीन साल के बाद फ्रेंचाइजी में वापसी कर रहे हैं। किंग्स इलेवन पंजाब ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'बिग शो' ने 'बिग शो' दिखाया। ग्लेन मैक्सवेल अपनी खतरनाक फार्म में हैं जिन्होंने बीबीएल में महज 39 गेंद में 83 रन बनाए।
| आस्ट्रेलियाई आल राउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने आईपीएल नीलामी में किंग्स इलेवन पंजाब द्वारा दस. पचहत्तर करोड़ रुपए में खरीदे जाने के बाद शुक्रवार को बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स के लिए उनतालीस गेंद में तिरासी रन की विस्फोटकीय पारी खेली। आस्ट्रेलियाई आल राउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने आईपीएल नीलामी में किंग्स इलेवन पंजाब द्वारा दस. पचहत्तर करोड़ रुपए में खरीदे जाने के बाद शुक्रवार को बिग बैश लीग में मेलबर्न स्टार्स के लिए उनतालीस गेंद में तिरासी रन की विस्फोटकीय पारी खेली। मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए ब्रेक लेकर वापसी करने के बाद मैक्सवेल ने एक बार फिर दिखा दिया कि उन्हें टीबीस क्रिकेट में सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक क्यों माना जाता है। उन्होंने पारी के दौरान सात चौके और पांच छक्के जमाए। उन्होंने साथ ही अपने सबसे तेज अर्धशतक की बराबरी की। उनकी पारी से उनकी टीम ने ब्रिसबेन हीट के खिलाफ सात विकेट पर एक सौ सरसठ रन का स्कोर खड़ा किया। किंग्स इलेवन पंजाब ने ट्विटर पर मैक्सवेल की पारी की प्रशंसा की जो तीन साल के बाद फ्रेंचाइजी में वापसी कर रहे हैं। किंग्स इलेवन पंजाब ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, 'बिग शो' ने 'बिग शो' दिखाया। ग्लेन मैक्सवेल अपनी खतरनाक फार्म में हैं जिन्होंने बीबीएल में महज उनतालीस गेंद में तिरासी रन बनाए। |
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Weather Prediction: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. ठंड के साथ लोगों को कोहरे से भी जूझना पड़ रहा है. आने वाले दिनों में उत्तर भारत में कैसा मौसम रहेगा, इसकी भविष्यवाणी मौसम विभाग ने की है. मौसम विभाग ने क्या कहा है आइए जानते हैं.
North India Weather: ठंड से जूझ रहे उत्तर भारत के लोगों को आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में पारा गिरने की संभावना है. ये न्यूनतम -4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 2 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. न्यूज एजेंसी ANI के हवाले से ये जानकारी सामने आई है.
हालांकि पिछले कुछ दिनों में उत्तर भारत में कोहरे की स्थिति में सुधार हुआ है. लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की वजह से चल रही तेज हवाओं के कारण, मौसम विशेषज्ञ के अनुसार यह राहत ज्यादा देर तक नहीं रहेगी और कोहरा जल्द ही लौटेगा. मौसम विशेषज्ञ ने कहा कि 14 से 19 जनवरी के बीच बर्फीली, भीषण ठंड का अनुभव होगा और 16 से 18 जनवरी तक इसके चरम पर रहने की संभावना है.
मौसम विशेषज्ञ ने एक ट्वीट किया कि एक सप्ताह में उत्तरी मैदानी इलाकों में शीतलहर चलेगी. भारत में शीतलहर का आगामी दौर 14-19 जनवरी 2023 के दौरान वास्तव में चरम पर होगा. मैदानी इलाकों में -4°c से +2°c तक का तापमान रह सकता है. इस बीच, दिल्ली में आज (गुरुवार) हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है. नई दिल्ली में क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र (RWFC) ने गुरुवार, 12 जनवरी को आसमान में बादल छाए रहने और बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है.
Don't know how to put this up but upcoming spell of #Coldwave in #India look really extreme during 14-19th January 2023 with peak on 16-18th, Never seen temperature ensemble going this low in a prediction model so far in my career.
सफदरजंग में गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री जबकि पालम में न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी में कोहरे की स्थिति बनी हुई है.जम्मू और कश्मीर, जो बर्फ से ढका हुआ है, उसे भी ठंड से कोई राहत नहीं मिलेगी. पारा के न्यूनतम -6 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की भविष्यवाणी की गई है. पंजाब, हरियाणा, नई दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश सप्ताह के दौरान भीषण शीतलहर की चपेट में रहेंगे. यहां न्यूनतम तापमान 0 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा.
राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी भागों में 12-13 जनवरी को बादल छाए रहेंगे. हालांकि इस दौरान व्यापक स्तर पर बारिश या मावठ होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं है. विभाग के अनुसार, 14 जनवरी से राज्य के अधिकतर भागों में एक बार पुनः उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट होने से राज्य में शीतलहर का नया दौर बीकानेर संभाग से शुरू होगा, जबकि 15 जनवरी से शीतलहर की तीव्रता में बढ़ोतरी होने से बीकानेर, जयपुर, अजमेर व भरतपुर संभाग के अधिकतर भागों में शीतलहर से तीव्र शीतलहर दर्ज होने की प्रबल संभावना है.
बीते चौबीस घंटे में राज्य में न्यूनतम तापमान अलवर में 8.8 डिग्री सेल्सियस, बीकानेर में 9.1 डिग्री व संगरिया में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. शेष जगहों में से ज्यादातर स्थानों पर यह 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया.
| Weather Prediction: उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. ठंड के साथ लोगों को कोहरे से भी जूझना पड़ रहा है. आने वाले दिनों में उत्तर भारत में कैसा मौसम रहेगा, इसकी भविष्यवाणी मौसम विभाग ने की है. मौसम विभाग ने क्या कहा है आइए जानते हैं. North India Weather: ठंड से जूझ रहे उत्तर भारत के लोगों को आने वाले दिनों में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में पारा गिरने की संभावना है. ये न्यूनतम -चार डिग्री सेल्सियस और अधिकतम दो डिग्री सेल्सियस रह सकता है. न्यूज एजेंसी ANI के हवाले से ये जानकारी सामने आई है. हालांकि पिछले कुछ दिनों में उत्तर भारत में कोहरे की स्थिति में सुधार हुआ है. लेकिन पश्चिमी विक्षोभ की वजह से चल रही तेज हवाओं के कारण, मौसम विशेषज्ञ के अनुसार यह राहत ज्यादा देर तक नहीं रहेगी और कोहरा जल्द ही लौटेगा. मौसम विशेषज्ञ ने कहा कि चौदह से उन्नीस जनवरी के बीच बर्फीली, भीषण ठंड का अनुभव होगा और सोलह से अट्ठारह जनवरी तक इसके चरम पर रहने की संभावना है. मौसम विशेषज्ञ ने एक ट्वीट किया कि एक सप्ताह में उत्तरी मैदानी इलाकों में शीतलहर चलेगी. भारत में शीतलहर का आगामी दौर चौदह-उन्नीस जनवरी दो हज़ार तेईस के दौरान वास्तव में चरम पर होगा. मैदानी इलाकों में -चार°c से +दो°c तक का तापमान रह सकता है. इस बीच, दिल्ली में आज हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है. नई दिल्ली में क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान केंद्र ने गुरुवार, बारह जनवरी को आसमान में बादल छाए रहने और बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना जताई है. Don't know how to put this up but upcoming spell of #Coldwave in #India look really extreme during चौदह-उन्नीस जनवरीuary दो हज़ार तेईस with peak on सोलह-अट्ठारहth, Never seen temperature ensemble going this low in a prediction model so far in my career. सफदरजंग में गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक न्यूनतम तापमान नौ.तीन डिग्री जबकि पालम में न्यूनतम तापमान नौ दशमलव छः डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी में कोहरे की स्थिति बनी हुई है.जम्मू और कश्मीर, जो बर्फ से ढका हुआ है, उसे भी ठंड से कोई राहत नहीं मिलेगी. पारा के न्यूनतम -छः डिग्री सेल्सियस तक गिरने की भविष्यवाणी की गई है. पंजाब, हरियाणा, नई दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश सप्ताह के दौरान भीषण शीतलहर की चपेट में रहेंगे. यहां न्यूनतम तापमान शून्य से चार डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी भागों में बारह-तेरह जनवरी को बादल छाए रहेंगे. हालांकि इस दौरान व्यापक स्तर पर बारिश या मावठ होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं है. विभाग के अनुसार, चौदह जनवरी से राज्य के अधिकतर भागों में एक बार पुनः उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में तीन-पाँच डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट होने से राज्य में शीतलहर का नया दौर बीकानेर संभाग से शुरू होगा, जबकि पंद्रह जनवरी से शीतलहर की तीव्रता में बढ़ोतरी होने से बीकानेर, जयपुर, अजमेर व भरतपुर संभाग के अधिकतर भागों में शीतलहर से तीव्र शीतलहर दर्ज होने की प्रबल संभावना है. बीते चौबीस घंटे में राज्य में न्यूनतम तापमान अलवर में आठ दशमलव आठ डिग्री सेल्सियस, बीकानेर में नौ.एक डिग्री व संगरिया में नौ दशमलव दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. शेष जगहों में से ज्यादातर स्थानों पर यह दस डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया. |
टोनी आलम, एएनएम न्यूजः दुर्गापुर महकमा के 43 परीक्षा केंद्रों पर कुल परीक्षार्थियों की संख्या 9261 है। माध्यमिक परीक्षा 23 फरवरी से 4 मार्च तक होने जा रही है। मंगलवार को दुर्गापुर के महकमा शासक कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन किया गया। यहां माध्यमिक जिला संयोजक गांधी प्रसाद नुनिया महकमा संयोजक डॉ. कलीमुल हक सहित अनुमंडल शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। दुर्गापुर अनुमंडल के सभी परीक्षा केंद्रों के प्रधानाध्यापकों के साथ यह आपात बैठक हुई। उम्मीदवार पिछले साल तक 15 साल की उम्र में माध्यमिक परीक्षा दे सकते थे। इस साल से नए नियम शुरू हो गए हैं। उम्मीदवारों को 16 साल की उम्र में परीक्षा देनी होगी। जिसके लिए प्रदेश में माध्यमिक परीक्षार्थियों की संख्या में कमी आई है। कई नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र में तीन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। सीपीव्हीएफ को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। एक तरफ बोर्ड तो दूसरी ओर परीक्षा केंद्र मे शिक्षक परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखेंगे।
| टोनी आलम, एएनएम न्यूजः दुर्गापुर महकमा के तैंतालीस परीक्षा केंद्रों पर कुल परीक्षार्थियों की संख्या नौ हज़ार दो सौ इकसठ है। माध्यमिक परीक्षा तेईस फरवरी से चार मार्च तक होने जा रही है। मंगलवार को दुर्गापुर के महकमा शासक कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन किया गया। यहां माध्यमिक जिला संयोजक गांधी प्रसाद नुनिया महकमा संयोजक डॉ. कलीमुल हक सहित अनुमंडल शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। दुर्गापुर अनुमंडल के सभी परीक्षा केंद्रों के प्रधानाध्यापकों के साथ यह आपात बैठक हुई। उम्मीदवार पिछले साल तक पंद्रह साल की उम्र में माध्यमिक परीक्षा दे सकते थे। इस साल से नए नियम शुरू हो गए हैं। उम्मीदवारों को सोलह साल की उम्र में परीक्षा देनी होगी। जिसके लिए प्रदेश में माध्यमिक परीक्षार्थियों की संख्या में कमी आई है। कई नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र में तीन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। सीपीव्हीएफ को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। एक तरफ बोर्ड तो दूसरी ओर परीक्षा केंद्र मे शिक्षक परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखेंगे। |
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले भारत के सचिन तेंदुलकर ने अब "India Against Propaganda" के तहत ट्वीट करते हुए अपनी बात रखी है।
गौरतलब है की देश की राजधानी दिल्ली में देश भर से किसानों का जमावड़ा लगा है जहां वो खुद सरकार से अपने हक को लेकर बातें कर रहे है।
इसी बीच अमेरिकन पॉप सिंगर रिहाना ने एक ट्वीट किया था जिसमें किसानों के हक को लेकर बातें कह थी। ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा," हमलोग इसके बारे में बातें क्यों नहीं कर रहे है?"
लेकिन अब जैसे ही इस मुद्दे ने तेजी पकड़ी वैसे ही पूरे भारत से कई हस्तियों ने इसको लेकर ट्वीट किया। इसी क्रम में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी ट्वीट करते हुए लिखा,"भारत की अंखडता को विभाजित नहीं किया जा सकता। बाहर के लोग दर्शक हो सकते है लेकिन वो इसमें हिस्सा नहीं ले सकतें। भारतीय भारत को जानते है और उन्हें ही भारत के लिए फैसला करना चाहिए। हमें सभी को देश के तौर पर एक साथ खड़ा रहना चाहिए।"
सचिन के इस ट्वीट के बाद कई लोगों ने इसमें अपनी हामी जताई।
सचिन के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी ट्वीट करते हुए कहा,"दुख की इस घड़ी में हम सभी एकजुट रहें। किसान हमारे देश के अभिन्न अंग हैं। और मुझे यकीन है कि सभी पक्षों के बीच एक सही समाधान मिल जाएगा ताकि शांति हो और सभी मिलकर आगे बढ़ सकें।"
सचिन और कोहली के अलावा भारत के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भी इसको लेकर एक ट्वीट किया और कहा है कि कई वर्षों से भारत के ऊपर बाहरी लोग अपनी नजर बनाकर रखें और वह यहां पर लोगों को बैठकर यहां राज करना चाहते हैं। लेकिन जब तक हम साथ हैं ऐसा कुछ नहीं होगा। यह एक नया भारत है।
| क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले भारत के सचिन तेंदुलकर ने अब "India Against Propaganda" के तहत ट्वीट करते हुए अपनी बात रखी है। गौरतलब है की देश की राजधानी दिल्ली में देश भर से किसानों का जमावड़ा लगा है जहां वो खुद सरकार से अपने हक को लेकर बातें कर रहे है। इसी बीच अमेरिकन पॉप सिंगर रिहाना ने एक ट्वीट किया था जिसमें किसानों के हक को लेकर बातें कह थी। ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा," हमलोग इसके बारे में बातें क्यों नहीं कर रहे है?" लेकिन अब जैसे ही इस मुद्दे ने तेजी पकड़ी वैसे ही पूरे भारत से कई हस्तियों ने इसको लेकर ट्वीट किया। इसी क्रम में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने भी ट्वीट करते हुए लिखा,"भारत की अंखडता को विभाजित नहीं किया जा सकता। बाहर के लोग दर्शक हो सकते है लेकिन वो इसमें हिस्सा नहीं ले सकतें। भारतीय भारत को जानते है और उन्हें ही भारत के लिए फैसला करना चाहिए। हमें सभी को देश के तौर पर एक साथ खड़ा रहना चाहिए।" सचिन के इस ट्वीट के बाद कई लोगों ने इसमें अपनी हामी जताई। सचिन के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी ट्वीट करते हुए कहा,"दुख की इस घड़ी में हम सभी एकजुट रहें। किसान हमारे देश के अभिन्न अंग हैं। और मुझे यकीन है कि सभी पक्षों के बीच एक सही समाधान मिल जाएगा ताकि शांति हो और सभी मिलकर आगे बढ़ सकें।" सचिन और कोहली के अलावा भारत के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर ने भी इसको लेकर एक ट्वीट किया और कहा है कि कई वर्षों से भारत के ऊपर बाहरी लोग अपनी नजर बनाकर रखें और वह यहां पर लोगों को बैठकर यहां राज करना चाहते हैं। लेकिन जब तक हम साथ हैं ऐसा कुछ नहीं होगा। यह एक नया भारत है। |
आईबीबीआई ने 31 मार्च, 2017 को आईबीबीआई (सूचना उपयोगिता) (संशोधन) अधिनियम, 2017 अधिसूचित किया। इस अधिनियम में व्यवस्था की गई है कि कोई भी व्यक्ति किसी सूचना उपयोगिता की प्रदत्त इक्विटी शेयर पूंजी का 10 प्रतिशत से अधिक अथवा इसमें मतदान का अधिकार नहीं रख सकता, जबकि कुछ विशेष व्यक्तियों को 25 प्रतिशत तक की इजाजत दी गई है। इसमें व्यवस्था की गई है कि व्यक्ति पंजीकरण के बाद तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने तक प्रदत्त इक्विटी शेयर पूंजी का 51 प्रतिशत अथवा मतदान का संपूर्ण अधिकार रख सकता है। आईबीबीआई ने आईबीबीआई (सूचना उपयोगिता) अधिनियम, 2017 में 29 सितंबर, 2017 को संशोधन किया। संशोधित अधिनियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने पंजीकरण की तारीख से तीन वर्ष तक सूचना उपयोगिता की 51 प्रतिशत प्रदत्त इक्विटी शेयर पूंजी अथवा मतदान का संपूर्ण अधिकार स्वयं अथवा व्यक्तियों की सहमति से रख सकता है। इसके अलावा एक भारतीय कंपनी, (i) जो भारत में स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है अथवा (ii) जहां कोई व्यक्ति, प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से, स्वयं अथवा व्यक्तियों की सहमति से प्रदत्त इक्विटी शेयर पूंजी का 10 प्रतिशत से अधिक रखता है, पंजीकरण की तारीख से तीन वर्ष तक सूचना उपयोगिता की प्रदत्त इक्विटी शेयर पूंजी का शत प्रतिशत अथवा मतदान का संपूर्ण अधिकार रख सकता है। तथापि ये संशोधित प्रावधान 30 सितंबर, 2018 से पहले पंजीकृत सूचना उपयोगिता के संबंध में उपलब्ध होंगे।
संशोधन में यह आवश्यक किया गया है कि किसी सूचना उपयोगिता के आधे से अधिक निदेशक भारतीय नागरिक और भारत के निवासी होने चाहिए।
संशोधन 29 सितंबर, 2017 से प्रभावी होंगे। ये www.mca.gov.in और www.ibbi.gov.in पर उपलब्ध है।
| आईबीबीआई ने इकतीस मार्च, दो हज़ार सत्रह को आईबीबीआई अधिनियम, दो हज़ार सत्रह अधिसूचित किया। इस अधिनियम में व्यवस्था की गई है कि कोई भी व्यक्ति किसी सूचना उपयोगिता की प्रदत्त इक्विटी शेयर पूंजी का दस प्रतिशत से अधिक अथवा इसमें मतदान का अधिकार नहीं रख सकता, जबकि कुछ विशेष व्यक्तियों को पच्चीस प्रतिशत तक की इजाजत दी गई है। इसमें व्यवस्था की गई है कि व्यक्ति पंजीकरण के बाद तीन वर्ष की अवधि समाप्त होने तक प्रदत्त इक्विटी शेयर पूंजी का इक्यावन प्रतिशत अथवा मतदान का संपूर्ण अधिकार रख सकता है। आईबीबीआई ने आईबीबीआई अधिनियम, दो हज़ार सत्रह में उनतीस सितंबर, दो हज़ार सत्रह को संशोधन किया। संशोधित अधिनियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने पंजीकरण की तारीख से तीन वर्ष तक सूचना उपयोगिता की इक्यावन प्रतिशत प्रदत्त इक्विटी शेयर पूंजी अथवा मतदान का संपूर्ण अधिकार स्वयं अथवा व्यक्तियों की सहमति से रख सकता है। इसके अलावा एक भारतीय कंपनी, जो भारत में स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध है अथवा जहां कोई व्यक्ति, प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से, स्वयं अथवा व्यक्तियों की सहमति से प्रदत्त इक्विटी शेयर पूंजी का दस प्रतिशत से अधिक रखता है, पंजीकरण की तारीख से तीन वर्ष तक सूचना उपयोगिता की प्रदत्त इक्विटी शेयर पूंजी का शत प्रतिशत अथवा मतदान का संपूर्ण अधिकार रख सकता है। तथापि ये संशोधित प्रावधान तीस सितंबर, दो हज़ार अट्ठारह से पहले पंजीकृत सूचना उपयोगिता के संबंध में उपलब्ध होंगे। संशोधन में यह आवश्यक किया गया है कि किसी सूचना उपयोगिता के आधे से अधिक निदेशक भारतीय नागरिक और भारत के निवासी होने चाहिए। संशोधन उनतीस सितंबर, दो हज़ार सत्रह से प्रभावी होंगे। ये www.mca.gov.in और www.ibbi.gov.in पर उपलब्ध है। |
दावोसः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वाशिंगटन कश्मीर मामले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच घटनाक्रम पर करीबी नज़र बनाए है. साथ ही उन्होंने एक बार फिर दोनों पड़ोसी देशों के बीच इस विवाद को सुलझाने में मदद करने की पेशकश की.
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ निजी बैठक से पहले पत्रकारों से कहा कि व्यापार और सीमा विवाद दोनों ही चर्चा के महत्वपूर्ण बिंदु हैं. जबकि खान ने कहा कि उनके लिए, अफगानिस्तान सर्वोच्च प्राथमिकता है.
ट्रम्प ने खान से कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मौजूदा कश्मीर मुद्दे पर बातचीत करेंगे.
ट्रम्प के आगामी सप्ताह में भारत दौरे पर आने की संभावना है. राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी.
हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.
'मेरे दोस्त' का संबोधन उन्होंने इमरान खान के लिए दिया.
गौरतलब है कि पांच अगस्त 2019 को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने और उसे दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा की थी. इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव कायम है.
भारत ने जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताते हुए अमेरिका या संयुक्त राष्ट्र सहित किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की बात को लगातार सिरे से खारिज किया है. उसका कहना है कि यह पाकिस्तान और उसका द्विपक्षीय मामला है. वहीं पाकिस्तान लगातार तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की मांग करता रहा है.
एक संवाददाता ने ट्रम्प से पूछा कि क्या भारत दौरे के समय वह पाकिस्तान भी जाना चाहेंगे. इस पर ट्रम्प ने कहा कि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से दावोस में मिल रहे हैं.
| दावोसः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वाशिंगटन कश्मीर मामले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच घटनाक्रम पर करीबी नज़र बनाए है. साथ ही उन्होंने एक बार फिर दोनों पड़ोसी देशों के बीच इस विवाद को सुलझाने में मदद करने की पेशकश की. विश्व आर्थिक मंच की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ निजी बैठक से पहले पत्रकारों से कहा कि व्यापार और सीमा विवाद दोनों ही चर्चा के महत्वपूर्ण बिंदु हैं. जबकि खान ने कहा कि उनके लिए, अफगानिस्तान सर्वोच्च प्राथमिकता है. ट्रम्प ने खान से कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मौजूदा कश्मीर मुद्दे पर बातचीत करेंगे. ट्रम्प के आगामी सप्ताह में भारत दौरे पर आने की संभावना है. राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी. हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें. 'मेरे दोस्त' का संबोधन उन्होंने इमरान खान के लिए दिया. गौरतलब है कि पांच अगस्त दो हज़ार उन्नीस को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद तीन सौ सत्तर के अधिकतर प्रावधान समाप्त करने और उसे दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा की थी. इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव कायम है. भारत ने जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न हिस्सा बताते हुए अमेरिका या संयुक्त राष्ट्र सहित किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की बात को लगातार सिरे से खारिज किया है. उसका कहना है कि यह पाकिस्तान और उसका द्विपक्षीय मामला है. वहीं पाकिस्तान लगातार तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की मांग करता रहा है. एक संवाददाता ने ट्रम्प से पूछा कि क्या भारत दौरे के समय वह पाकिस्तान भी जाना चाहेंगे. इस पर ट्रम्प ने कहा कि वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से दावोस में मिल रहे हैं. |
शिवपुरी। जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के तहत आने वाले ग्राम बागोदा में गांव के रहने वाले युवक ने महिला के साथ छेड़छाड़ कर दी। घटना के समय महिला गेंत में गोबर थापने के लिए गई हुई थी उसी समय आरोपी वहां आ गया और महिला के साथ छेड़छाड़ कर दी। वहीं जब महिला ने घटनाक्रम के बारे में परिजनों को बताया तो परिजनों ने आरोपी को पकड़कर उसकी जमकर मारपीट कर दी। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। ग्राम बागोदा की रहने वाली 32 वर्षीय महिला ने पुलिस को शिकायत में बताया कि शुक्रवार को वह अपनी गेंत में गोबर थाप रही थी तभी गांव का रहने वाला सीताराम पुत्र चरनदास जाटव (40) आया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे।
जब महिला ने विरोध किया तो उसकी मारपीट कर वहां से भाग गया। इसके बाद महिला ने जब परिजनों को घटनाक्रम के बारे में बताया तो परिजनों ने सीताराम की जमकर मारपीट कर दी।
मामले में पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी पर छेड़छाड़ सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। वहीं सीताराम की शिकायत पर महिला के परिजनों पर मारपीट का केस दर्ज कर लिया है।
| शिवपुरी। जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के तहत आने वाले ग्राम बागोदा में गांव के रहने वाले युवक ने महिला के साथ छेड़छाड़ कर दी। घटना के समय महिला गेंत में गोबर थापने के लिए गई हुई थी उसी समय आरोपी वहां आ गया और महिला के साथ छेड़छाड़ कर दी। वहीं जब महिला ने घटनाक्रम के बारे में परिजनों को बताया तो परिजनों ने आरोपी को पकड़कर उसकी जमकर मारपीट कर दी। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। ग्राम बागोदा की रहने वाली बत्तीस वर्षीय महिला ने पुलिस को शिकायत में बताया कि शुक्रवार को वह अपनी गेंत में गोबर थाप रही थी तभी गांव का रहने वाला सीताराम पुत्र चरनदास जाटव आया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे। जब महिला ने विरोध किया तो उसकी मारपीट कर वहां से भाग गया। इसके बाद महिला ने जब परिजनों को घटनाक्रम के बारे में बताया तो परिजनों ने सीताराम की जमकर मारपीट कर दी। मामले में पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी पर छेड़छाड़ सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। वहीं सीताराम की शिकायत पर महिला के परिजनों पर मारपीट का केस दर्ज कर लिया है। |
Gwalior Crime News: ग्वालियर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सिटी सेंटर में रिटायर्ड कर्नल और बुजुर्ग के घर से लाखों रुपये की चोरी करने वाली गैंग पुलिस ने पकड़ी है। पुलिस ने पांच चोर पकड़े हैं, इनके पास से करीब दस लाख रुपये से ज्यादा का माल बरामद हुआ है। इसमें हीरे, सोना-चांदी के गहने व रुपये शामिल हैं। गोविंदपुरी में रहने वाले रिटायर्ड कर्नल प्रदीप सिंह चौहान के घर 13-14 मार्च की रात चोरों ने धावा बोला था।
चोर यहां से करीब 18 लाख रुपये का माल समेट ले गए थे। इसके बाद पटेल नगर में रहने वाले रामनिवास शर्मा के घर को निशाना बनाया। यहां से 6 लाख रुपये नकद और सोना-चांदी के गहने सहित करीब 10 लाख रुपये का माल समेट ले गए थे। एसएसपी अमित सांघी ने बताया कि अलग-अलग टीमों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसके बाद चोरों के भागने का रूट खंगाला और चोरों के ठिकाने का पता लगा। रिटायर्ड कर्नल के घर चोर आटो से आए थे। इस आटो के बारे में पड़ताल की तो पता लगा कि जिसकी आटो थी, उसने बेच दी। इसी एंगल पर टीम काम कर रही थी। चोरों की पहचान हो गई।
इसके बाद शनिवार रात को अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। यहां से चोरों को पकड़ लिया गया। पहले रिटायर्ड कर्नल के घर चोरी करने वाले तीन चोर पकड़े गए, लेकिन आटो चालक पकड़ा नहीं जा सका। इसके कुछ ही देर बाद उपनगर ग्वालियर से बुजुर्ग रामनिवास के घर चोरी करने वाले दो चोरों को पकड़ लिया। पकड़े गए चोरों के नाम कोमल जाटव, आकाश जाटव, राहुल जाटव उर्फ गुठली आशीष उर्फ मोटा, बृजेश जाटव हैं। कोमल, आकाश और राहुल ने रिटायर्ड कर्नल के घर चोरी की थी।
द्यआशीष और बृजेश ने बताया कि उनके तीन और साथी इस वारदात में शामिल थे। यह लोग दो बाइक पर सवार होकर आए थे और चोरी करने के बाद अलग-अलग भाग गए। इन दोनों के पास यही माल था, जबकि रामनिवास शर्मा के घर से चोरी हुए अन्य गहने बाकी तीन चोरों के पास हैं।
| Gwalior Crime News: ग्वालियर । सिटी सेंटर में रिटायर्ड कर्नल और बुजुर्ग के घर से लाखों रुपये की चोरी करने वाली गैंग पुलिस ने पकड़ी है। पुलिस ने पांच चोर पकड़े हैं, इनके पास से करीब दस लाख रुपये से ज्यादा का माल बरामद हुआ है। इसमें हीरे, सोना-चांदी के गहने व रुपये शामिल हैं। गोविंदपुरी में रहने वाले रिटायर्ड कर्नल प्रदीप सिंह चौहान के घर तेरह-चौदह मार्च की रात चोरों ने धावा बोला था। चोर यहां से करीब अट्ठारह लाख रुपये का माल समेट ले गए थे। इसके बाद पटेल नगर में रहने वाले रामनिवास शर्मा के घर को निशाना बनाया। यहां से छः लाख रुपये नकद और सोना-चांदी के गहने सहित करीब दस लाख रुपये का माल समेट ले गए थे। एसएसपी अमित सांघी ने बताया कि अलग-अलग टीमों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। इसके बाद चोरों के भागने का रूट खंगाला और चोरों के ठिकाने का पता लगा। रिटायर्ड कर्नल के घर चोर आटो से आए थे। इस आटो के बारे में पड़ताल की तो पता लगा कि जिसकी आटो थी, उसने बेच दी। इसी एंगल पर टीम काम कर रही थी। चोरों की पहचान हो गई। इसके बाद शनिवार रात को अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। यहां से चोरों को पकड़ लिया गया। पहले रिटायर्ड कर्नल के घर चोरी करने वाले तीन चोर पकड़े गए, लेकिन आटो चालक पकड़ा नहीं जा सका। इसके कुछ ही देर बाद उपनगर ग्वालियर से बुजुर्ग रामनिवास के घर चोरी करने वाले दो चोरों को पकड़ लिया। पकड़े गए चोरों के नाम कोमल जाटव, आकाश जाटव, राहुल जाटव उर्फ गुठली आशीष उर्फ मोटा, बृजेश जाटव हैं। कोमल, आकाश और राहुल ने रिटायर्ड कर्नल के घर चोरी की थी। द्यआशीष और बृजेश ने बताया कि उनके तीन और साथी इस वारदात में शामिल थे। यह लोग दो बाइक पर सवार होकर आए थे और चोरी करने के बाद अलग-अलग भाग गए। इन दोनों के पास यही माल था, जबकि रामनिवास शर्मा के घर से चोरी हुए अन्य गहने बाकी तीन चोरों के पास हैं। |
एक लड़की जिसे बचपन से ही सेंटर स्टेज रहना पसंद था। छुटपन से ही वो काफी चुलबुल और तेज तर्रार रही। स्पोर्ट्स के साथ फैशन में रुचि रही तो फैशन डिजाइनर बन गई और जब लगा कि एडमिनिस्ट्रेशन में रहकर कुछ बड़ा कर सकती है तो फील्ड ही बदल दिया। मेहनत की और यूपीएससी क्रैक कर किया। आज वो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिला की एसएसपी है। आज के 'ये मैं हूं' बात तनुश्री की।
मैं बिहार के जमुई से आती हूं। पापा पुलिस में थे और मेरा पूरा बचपन बिहार-झारखंड के अलग-अलग जिलों में घूमते हुए गुजरा। झारखंड के अलग होने के बाद पापा ने झारखंड कैडर चुना और हम झारखंड में रहने लगे। पापा के होने वाले तबादलों की वजह से 12वीं तक मैं 6 स्कूल बदल चुकी थी। सच बताऊं तो हमें भी आदत सी हो गई थी। तीन साल तक एक जगह पर रहने के बाद बोरियत होनी लगती। मैं बचपन में काफी एक्टिव रही हूं। मुझे कभी भी दर्शकों के बीच रहना पसंद नहीं था। मैं हमेशा अपने-आप को स्टेज पर देखती। मेरे पेरेंट्स भी बच्चों के ऑलराउड डेवलपमेंट पर विश्वास रखते थे। मैं पढ़ाई के अलावा सारे एक्स्ट्रा एक्टिविटीज में शामिल रही हूं। खासकर मेरी दिलचस्पी स्पोर्ट्स में ज्यादा रही। मैं मार्शल आर्ट्स की फर्म मुई थाई में प्रशिक्षित हूं।
मैंने बारहवीं के बाद गांधीनगर से निफ्ट किया। मैंने टेक्सटाइल डिजाइनिंग में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। फिर झारखंड में हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट सेक्टर में बतौर सीनियर डिजाइनर तीन-चार साल तक काम किया। दरअसल, ये गर्वमेंट सेक्टर का क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट था। वहां पर मैंने हैंडलूम बुनकरों के सेल्फ हेल्फ ग्रुप बनाकर खूब सारा काम किया। मैंने अपने आपको सिर्फ डिजाइनर तक सीमित नहीं रखा। मैं सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाती, बुनकरों को ट्रेनिंग देती फिर उन्हें मार्केट से जोड़ती। ऐसे में हमें सीनियर आईएएस ऑफिसर का सपोर्ट मिलता। सरकार की योजनाओं को बुनकरों तक पहुंचाते। तभी मुझे एहसास हुआ कि मैं डिजाइनिंग के अलावा और भी बहुत कुछ कर सकती हूं। फिर मैंने जॉब छोड़ने का फैसला किया।
पापा के पुलिस में होने कारण मेरे घर का माहौल काफी पुलिसिया रहा है। मेरी बहन इंजीनियरिंग कर रही थी। यूपीएससी निकलना उसका सपना था। मेरा यूपीएससी को लेकर कोई एजेंडा नहीं था। लेकिन बतौर डिजाइनर काम करते हुए मुझे ये तो पता चल गया था कि मैं बहुत कुछ कर सकती हूं। इसलिए जब मैंने जॉब छोड़ा तो दिल्ली में बहन के साथ यूपीएससी की तैयारी करने चली गई। उसे देखकर मुझे भी थोड़ा मोटिवेशन मिल गया।
मैंने यूपीएससी एग्जाम दिया और तीसरी कोशिश में मेरा रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के लिए चयन हो गया। ट्रेनिंग के दौरान मैंने मैंने बीपीएससी का भी एग्जाम दिया। लेकिन तभी मैं आईपीएस के लिए चुन ली गई। आईपीएस की ट्रेनिंग दौरान लड़का-लड़की का कोई भेदभाव देखने को नहीं मिला। वहां जेंडर से ऊपर उठकर सिर्फ आपको ऑफिसर होना सिखाया जाता है। जो कि काफी अच्छा लगता है। ट्रेनिंग के बाद ही मुझे जम्मू एंड कश्मीर कैडर मिला, ये जानकर मैं बहुत खुश हुई।
मेरी लव मैरिज है। जब मेरी शादी हुई थी, तब मैं रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में थी और लखनऊ में ट्रेनिंग कर रही थी। मैंने आगे की तैयारी शादी के बाद ही की। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे न सिर्फ पति बल्कि ससुर भी बहुत सपोर्टिव मिले हैं। उन्हें मेरे आईपीएस होने पर गर्व है। जब मैं लखनऊ में ट्रेनिंग कर रही थी, तब मेरे पति फ्रांस से एमबीए कर रहे थे। फिर उनकी नौकरी सिंगापुर में लगी। मेरी जॉब ऐसी है, जिसमें छुट्टी नहीं मिलती। कोविड के दौर में इंटरनेशनली ट्रैवल करना मुश्किल हो गया था। ऐसे में मेरे पति ने मुझसे पूछा कि क्या प्लान है तुम्हारा? मैंने कहा मैं अपनी नौकरी जारी रखूंगी। तब मेरे पति ने अपने लिए वर्क फ्रॉम होम चुना। जिसमें उन्होंने मेरा फायदा और प्रोफेशनल पैशन दोनों देखा।
साल 2019 में मेरी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में हुई। उसी समय आर्टिकल 370 हटाया गया था। वहां चीजें तेजी से बदल रही थी। जॉइनिंग के समय मेरे सीनियर ने मुझसे पूछा था कि मैं कहां रहना चाहती हूं, कश्मीर या जम्मू। मैंने कश्मीर चुना। मैं श्रीनगर में एसएचओ बनकर गई। मेरा पहला ऑपरेशन ही हिजुबल मुजाहिद्दीन के कमांडर के खिलाफ था। वो ऑपरेशन श्रीनगर के डाउन टाउन इलाके में था, जो अपने आप में मुश्किल जगह है। उस ऑपरेशन से मुझे एहसास हुआ कि ये नौकरी कितनी जिम्मेदारी भरी है। मैंने सीखा कि कैसे कॉर्डन लगाया जाता है, कैसे सिविलियंस को बिना किसी नुकसान बाहर निकला जाता है। आपकी तरफ से कोई कैजुअल्टी न हो इसका ध्यान कैसे रखा जाता है।
श्रीनगर पोस्टिंग के दौरान मैं तीन-चार ऑपरेशनों का हिस्सा रही। इसके अलावा बहुत सारी जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभाई। इस आधार पर मुझे कश्मीर के शोपियां जिले का एसएसपी नियुक्त किया गया। हम ऑनगोइंग ऑपरेशन में भी सरडेंर कराने की कोशिश करते हैं, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। लेकिन हमारी टीम ने कई बार एक्टिव मिलिटेंट्स से सरडेंर कराया है। जब भी हमें पता चलता है कि कोई नया बच्चा मिलिटेंसी में शामिल है तो हम उनके परिवार के साथ बातचीत करके उनका यकीन जीतते हैं। फिर हम परिवार के जरिए ही बच्चे से बातचीत करते हैं और बच्चे को वापस सही राह पर लाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जब सफलता मिलती है तो हमें भी खुशी होती है कि कोई बच्चा वापस लौट आया। हम बाद में उनसे जुड़े रहते हैं ताकि वो फिर से न भटके। ऐसे में एक रिश्ता सा जुड़ जाता है।
पहले कश्मीर की दिक्कत थी कि हड़ताल, नारेबाजी या पत्थरबाजी हो, उसमें काफी भीड़ जुट जाती थी। ऐसा लगता था कि पूरा कश्मीर एक तरफ और एडिमिनिस्ट्रेशन एक तरफ। लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। हमारी कोशिश से हमने लोगों का भरोसा जीता है। अब जब ऑपरेशन होता है तो सिर्फ एक्टिव मिलिटेंट होते हैं। गांव के लोगों का उसमें कोई लेना-देना नहीं होता। साथ ही, ऐसे ऑपरेशन में अब कोई सिविलियन कैजुअल्टी नहीं होती। कैजुअल्टी तो छोड़िए हमें चोट तक नहीं आने देते। लोग हमारे पास अपनी रोजमर्रा की दिक्कतों को लेकर आते हैं। हमारी भी कोशिश होती है कि हम उनकी दिक्कतों को जल्द से जल्द सुलाझाए। मैं ये कह सकती हूं कि आम लोग और एडमिनिस्ट्रेशन के बीच की दूरियां अब कम हुई है।
कानून-व्यवस्था सुधारने के साथ ही मेरी कोशिश रहती है कि बच्चों को मोटिवेट कर सकूं। हमलोग स्कूल-कॉलेज में स्पोर्ट्स, कल्चरल इवेंट कराते हैं। वहां के छात्र-छात्राओं से जुड़ने की कोशिश करते हैं। हमने भारत दर्शन प्रोग्राम भी शुरू किया है। इसमें हर जिले से बच्चों को देश के दूसरे राज्य ले जाते हैं। शोपियां में स्पोर्ट्स में बहुत सारी लड़कियां हैं।
मेरी कोशिश है कि मैं उन्हें एक्सपोजर दे सकूं ताकि जम्मू-कश्मीर की बाकी लड़कियां भी उन्हें देख और मोटिवेट हो। मैं उन्हें ये भी समझाती हूं कि अपने पैरों पर खड़ा होना किसी लड़की के लिए कितनी अहमियत रखता है।
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| एक लड़की जिसे बचपन से ही सेंटर स्टेज रहना पसंद था। छुटपन से ही वो काफी चुलबुल और तेज तर्रार रही। स्पोर्ट्स के साथ फैशन में रुचि रही तो फैशन डिजाइनर बन गई और जब लगा कि एडमिनिस्ट्रेशन में रहकर कुछ बड़ा कर सकती है तो फील्ड ही बदल दिया। मेहनत की और यूपीएससी क्रैक कर किया। आज वो जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिला की एसएसपी है। आज के 'ये मैं हूं' बात तनुश्री की। मैं बिहार के जमुई से आती हूं। पापा पुलिस में थे और मेरा पूरा बचपन बिहार-झारखंड के अलग-अलग जिलों में घूमते हुए गुजरा। झारखंड के अलग होने के बाद पापा ने झारखंड कैडर चुना और हम झारखंड में रहने लगे। पापा के होने वाले तबादलों की वजह से बारहवीं तक मैं छः स्कूल बदल चुकी थी। सच बताऊं तो हमें भी आदत सी हो गई थी। तीन साल तक एक जगह पर रहने के बाद बोरियत होनी लगती। मैं बचपन में काफी एक्टिव रही हूं। मुझे कभी भी दर्शकों के बीच रहना पसंद नहीं था। मैं हमेशा अपने-आप को स्टेज पर देखती। मेरे पेरेंट्स भी बच्चों के ऑलराउड डेवलपमेंट पर विश्वास रखते थे। मैं पढ़ाई के अलावा सारे एक्स्ट्रा एक्टिविटीज में शामिल रही हूं। खासकर मेरी दिलचस्पी स्पोर्ट्स में ज्यादा रही। मैं मार्शल आर्ट्स की फर्म मुई थाई में प्रशिक्षित हूं। मैंने बारहवीं के बाद गांधीनगर से निफ्ट किया। मैंने टेक्सटाइल डिजाइनिंग में अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। फिर झारखंड में हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट सेक्टर में बतौर सीनियर डिजाइनर तीन-चार साल तक काम किया। दरअसल, ये गर्वमेंट सेक्टर का क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट था। वहां पर मैंने हैंडलूम बुनकरों के सेल्फ हेल्फ ग्रुप बनाकर खूब सारा काम किया। मैंने अपने आपको सिर्फ डिजाइनर तक सीमित नहीं रखा। मैं सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाती, बुनकरों को ट्रेनिंग देती फिर उन्हें मार्केट से जोड़ती। ऐसे में हमें सीनियर आईएएस ऑफिसर का सपोर्ट मिलता। सरकार की योजनाओं को बुनकरों तक पहुंचाते। तभी मुझे एहसास हुआ कि मैं डिजाइनिंग के अलावा और भी बहुत कुछ कर सकती हूं। फिर मैंने जॉब छोड़ने का फैसला किया। पापा के पुलिस में होने कारण मेरे घर का माहौल काफी पुलिसिया रहा है। मेरी बहन इंजीनियरिंग कर रही थी। यूपीएससी निकलना उसका सपना था। मेरा यूपीएससी को लेकर कोई एजेंडा नहीं था। लेकिन बतौर डिजाइनर काम करते हुए मुझे ये तो पता चल गया था कि मैं बहुत कुछ कर सकती हूं। इसलिए जब मैंने जॉब छोड़ा तो दिल्ली में बहन के साथ यूपीएससी की तैयारी करने चली गई। उसे देखकर मुझे भी थोड़ा मोटिवेशन मिल गया। मैंने यूपीएससी एग्जाम दिया और तीसरी कोशिश में मेरा रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के लिए चयन हो गया। ट्रेनिंग के दौरान मैंने मैंने बीपीएससी का भी एग्जाम दिया। लेकिन तभी मैं आईपीएस के लिए चुन ली गई। आईपीएस की ट्रेनिंग दौरान लड़का-लड़की का कोई भेदभाव देखने को नहीं मिला। वहां जेंडर से ऊपर उठकर सिर्फ आपको ऑफिसर होना सिखाया जाता है। जो कि काफी अच्छा लगता है। ट्रेनिंग के बाद ही मुझे जम्मू एंड कश्मीर कैडर मिला, ये जानकर मैं बहुत खुश हुई। मेरी लव मैरिज है। जब मेरी शादी हुई थी, तब मैं रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स में थी और लखनऊ में ट्रेनिंग कर रही थी। मैंने आगे की तैयारी शादी के बाद ही की। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे न सिर्फ पति बल्कि ससुर भी बहुत सपोर्टिव मिले हैं। उन्हें मेरे आईपीएस होने पर गर्व है। जब मैं लखनऊ में ट्रेनिंग कर रही थी, तब मेरे पति फ्रांस से एमबीए कर रहे थे। फिर उनकी नौकरी सिंगापुर में लगी। मेरी जॉब ऐसी है, जिसमें छुट्टी नहीं मिलती। कोविड के दौर में इंटरनेशनली ट्रैवल करना मुश्किल हो गया था। ऐसे में मेरे पति ने मुझसे पूछा कि क्या प्लान है तुम्हारा? मैंने कहा मैं अपनी नौकरी जारी रखूंगी। तब मेरे पति ने अपने लिए वर्क फ्रॉम होम चुना। जिसमें उन्होंने मेरा फायदा और प्रोफेशनल पैशन दोनों देखा। साल दो हज़ार उन्नीस में मेरी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में हुई। उसी समय आर्टिकल तीन सौ सत्तर हटाया गया था। वहां चीजें तेजी से बदल रही थी। जॉइनिंग के समय मेरे सीनियर ने मुझसे पूछा था कि मैं कहां रहना चाहती हूं, कश्मीर या जम्मू। मैंने कश्मीर चुना। मैं श्रीनगर में एसएचओ बनकर गई। मेरा पहला ऑपरेशन ही हिजुबल मुजाहिद्दीन के कमांडर के खिलाफ था। वो ऑपरेशन श्रीनगर के डाउन टाउन इलाके में था, जो अपने आप में मुश्किल जगह है। उस ऑपरेशन से मुझे एहसास हुआ कि ये नौकरी कितनी जिम्मेदारी भरी है। मैंने सीखा कि कैसे कॉर्डन लगाया जाता है, कैसे सिविलियंस को बिना किसी नुकसान बाहर निकला जाता है। आपकी तरफ से कोई कैजुअल्टी न हो इसका ध्यान कैसे रखा जाता है। श्रीनगर पोस्टिंग के दौरान मैं तीन-चार ऑपरेशनों का हिस्सा रही। इसके अलावा बहुत सारी जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभाई। इस आधार पर मुझे कश्मीर के शोपियां जिले का एसएसपी नियुक्त किया गया। हम ऑनगोइंग ऑपरेशन में भी सरडेंर कराने की कोशिश करते हैं, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। लेकिन हमारी टीम ने कई बार एक्टिव मिलिटेंट्स से सरडेंर कराया है। जब भी हमें पता चलता है कि कोई नया बच्चा मिलिटेंसी में शामिल है तो हम उनके परिवार के साथ बातचीत करके उनका यकीन जीतते हैं। फिर हम परिवार के जरिए ही बच्चे से बातचीत करते हैं और बच्चे को वापस सही राह पर लाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में जब सफलता मिलती है तो हमें भी खुशी होती है कि कोई बच्चा वापस लौट आया। हम बाद में उनसे जुड़े रहते हैं ताकि वो फिर से न भटके। ऐसे में एक रिश्ता सा जुड़ जाता है। पहले कश्मीर की दिक्कत थी कि हड़ताल, नारेबाजी या पत्थरबाजी हो, उसमें काफी भीड़ जुट जाती थी। ऐसा लगता था कि पूरा कश्मीर एक तरफ और एडिमिनिस्ट्रेशन एक तरफ। लेकिन अब ऐसा नहीं होता है। हमारी कोशिश से हमने लोगों का भरोसा जीता है। अब जब ऑपरेशन होता है तो सिर्फ एक्टिव मिलिटेंट होते हैं। गांव के लोगों का उसमें कोई लेना-देना नहीं होता। साथ ही, ऐसे ऑपरेशन में अब कोई सिविलियन कैजुअल्टी नहीं होती। कैजुअल्टी तो छोड़िए हमें चोट तक नहीं आने देते। लोग हमारे पास अपनी रोजमर्रा की दिक्कतों को लेकर आते हैं। हमारी भी कोशिश होती है कि हम उनकी दिक्कतों को जल्द से जल्द सुलाझाए। मैं ये कह सकती हूं कि आम लोग और एडमिनिस्ट्रेशन के बीच की दूरियां अब कम हुई है। कानून-व्यवस्था सुधारने के साथ ही मेरी कोशिश रहती है कि बच्चों को मोटिवेट कर सकूं। हमलोग स्कूल-कॉलेज में स्पोर्ट्स, कल्चरल इवेंट कराते हैं। वहां के छात्र-छात्राओं से जुड़ने की कोशिश करते हैं। हमने भारत दर्शन प्रोग्राम भी शुरू किया है। इसमें हर जिले से बच्चों को देश के दूसरे राज्य ले जाते हैं। शोपियां में स्पोर्ट्स में बहुत सारी लड़कियां हैं। मेरी कोशिश है कि मैं उन्हें एक्सपोजर दे सकूं ताकि जम्मू-कश्मीर की बाकी लड़कियां भी उन्हें देख और मोटिवेट हो। मैं उन्हें ये भी समझाती हूं कि अपने पैरों पर खड़ा होना किसी लड़की के लिए कितनी अहमियत रखता है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
आंख में जब कीड़ा चला जाये तो आप गुलाबजल का भी प्रयोग कर सकते हैं। उससे भी कीड़ा निकल जाता है। इसके लिए आप एक कटोरी में थोड़ा सा गुलाबजल लें। और उसमे थोड़ी सी रुई को भिगो लें। उसके बाद उससे ही आप अपनी आंख में से डाल कर धीरे-धीरे से उस कीड़े को निकलने की कोशिश करें। इस तरह से भी आपकी आंख के अंदर गया हुआ कीड़ा आसानी से निकल जाएगा। और गुलाब जल आपकी आँखों को भी ठंडक देगा। जिससे आपको आराम मिलेगा।
अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद चुल्लू में पानी भरकर आंखों को नीचे रखते हुए छींटे मारें। इससे पुतलियों पर जमा हुई चीज पानी के साथ बाहर आ जाएगी। अगर इसके बाद भी कीड़ा या कोई चीज नहीं निकल रहा है, तो किसी बड़े बर्तन या बाल्टी में पानी लें। अब इस पानी में अपनी आंखों को खोलकर डुबाएं और थोड़ा पुतलियों को ऊपर नीचे करें। इससे आंखों के कोनों में जमा हुई चीज निकल जाती है।
कई बार ऐसा होता है दिन भर परेशान करने के बाबजूद भी कीड़ा नहीं निकलता। अगर आप रात में सो जाते हैं वो भी आंख में पड़ा हुआ कीड़ा निकल जायेगा। कोई भी उपाय करने से पहले ध्यान रखें आंख बहुत ही नाजुक होती है। इसलिए ध्यान पूर्वक करें।
-अपने हाथ अच्छी तरह धो लें।
-प्रभावित हिस्से को सही तरीके से देखने की कोशिश करें।
-निचली पलकें खींचते हुए ऊपर देखने की कोशिश करें।
-आंखों को पानी से धोने या कोई आई ड्रॉप डालने से कणों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
Disclaimer: यह जानकारी आयुर्वेद की जानकारी के आधार पर लिखी गई है। इंडिया टीवी इसके सफल होने या इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इनके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक का परामर्श जरूर लें।
| आंख में जब कीड़ा चला जाये तो आप गुलाबजल का भी प्रयोग कर सकते हैं। उससे भी कीड़ा निकल जाता है। इसके लिए आप एक कटोरी में थोड़ा सा गुलाबजल लें। और उसमे थोड़ी सी रुई को भिगो लें। उसके बाद उससे ही आप अपनी आंख में से डाल कर धीरे-धीरे से उस कीड़े को निकलने की कोशिश करें। इस तरह से भी आपकी आंख के अंदर गया हुआ कीड़ा आसानी से निकल जाएगा। और गुलाब जल आपकी आँखों को भी ठंडक देगा। जिससे आपको आराम मिलेगा। अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद चुल्लू में पानी भरकर आंखों को नीचे रखते हुए छींटे मारें। इससे पुतलियों पर जमा हुई चीज पानी के साथ बाहर आ जाएगी। अगर इसके बाद भी कीड़ा या कोई चीज नहीं निकल रहा है, तो किसी बड़े बर्तन या बाल्टी में पानी लें। अब इस पानी में अपनी आंखों को खोलकर डुबाएं और थोड़ा पुतलियों को ऊपर नीचे करें। इससे आंखों के कोनों में जमा हुई चीज निकल जाती है। कई बार ऐसा होता है दिन भर परेशान करने के बाबजूद भी कीड़ा नहीं निकलता। अगर आप रात में सो जाते हैं वो भी आंख में पड़ा हुआ कीड़ा निकल जायेगा। कोई भी उपाय करने से पहले ध्यान रखें आंख बहुत ही नाजुक होती है। इसलिए ध्यान पूर्वक करें। -अपने हाथ अच्छी तरह धो लें। -प्रभावित हिस्से को सही तरीके से देखने की कोशिश करें। -निचली पलकें खींचते हुए ऊपर देखने की कोशिश करें। -आंखों को पानी से धोने या कोई आई ड्रॉप डालने से कणों को बाहर निकालने में मदद मिलती है। Disclaimer: यह जानकारी आयुर्वेद की जानकारी के आधार पर लिखी गई है। इंडिया टीवी इसके सफल होने या इसकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इनके इस्तेमाल से पहले चिकित्सक का परामर्श जरूर लें। |
Pitru Paksha Amavasya 2022: आज पितृ पक्ष अमावस्या है। आज पितृ पक्ष का आखिरी दिन यानी समापन है। इसे सर्व पितृ अमावस्या या फिर महालय अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता के मुताबिक इस दिन हमारे पूर्वज विदा होकर वापस देवलोक को प्रस्थान करते हैं। जिन पितरों की तिथि ज्ञात नहीं होती, उन सभी का श्राद्ध अमावस्या के दिन किया जाता है।
मान्यता है कि अगर आप किसी भी कारणवश तिथि पर अपने पूर्वजों का श्राद्ध नहीं कर पाए हैं तो सर्वपितृ अमावस्या पर उनके निमित्त दान-पुण्य करने और कुछ उपाय करने से उनको तृप्ति प्राप्त होती है और वे आपसे प्रसन्न होते हैं। आपको पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है।
हिंदू धर्म में पितर पक्ष का विशेष महत्व है। मान्यता के मुताबिक इन 16 दिनों में पितरों का स्मरण कर उनका पिंडदान, तर्पण आदि किया जाता है। इससे उनकी आत्मा तृप्त होकर वापस लौटती है और वंशजों को खूब सारा आशीर्वाद देते हैं।
इस दिन सर्व पितृ विसर्जन होता है, पवित्र नदी में स्नान कर तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध कर कर पितरों को सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है।
मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान कराया गया भोजन सीधे हमारे पितरों को मिलता है। पितृ विसर्जन के दिन पितरों की विदाई की जाती है। ऐसे में इस दिन आप पितरों का मनपसंद भोजन बनाकर ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
| Pitru Paksha Amavasya दो हज़ार बाईस: आज पितृ पक्ष अमावस्या है। आज पितृ पक्ष का आखिरी दिन यानी समापन है। इसे सर्व पितृ अमावस्या या फिर महालय अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता के मुताबिक इस दिन हमारे पूर्वज विदा होकर वापस देवलोक को प्रस्थान करते हैं। जिन पितरों की तिथि ज्ञात नहीं होती, उन सभी का श्राद्ध अमावस्या के दिन किया जाता है। मान्यता है कि अगर आप किसी भी कारणवश तिथि पर अपने पूर्वजों का श्राद्ध नहीं कर पाए हैं तो सर्वपितृ अमावस्या पर उनके निमित्त दान-पुण्य करने और कुछ उपाय करने से उनको तृप्ति प्राप्त होती है और वे आपसे प्रसन्न होते हैं। आपको पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है। हिंदू धर्म में पितर पक्ष का विशेष महत्व है। मान्यता के मुताबिक इन सोलह दिनों में पितरों का स्मरण कर उनका पिंडदान, तर्पण आदि किया जाता है। इससे उनकी आत्मा तृप्त होकर वापस लौटती है और वंशजों को खूब सारा आशीर्वाद देते हैं। इस दिन सर्व पितृ विसर्जन होता है, पवित्र नदी में स्नान कर तर्पण, पिंडदान, श्राद्ध कर कर पितरों को सम्मानपूर्वक विदाई दी जाती है। मान्यता है कि पितृपक्ष के दौरान कराया गया भोजन सीधे हमारे पितरों को मिलता है। पितृ विसर्जन के दिन पितरों की विदाई की जाती है। ऐसे में इस दिन आप पितरों का मनपसंद भोजन बनाकर ब्राह्मणों को भोजन कराएं। |
पर्वत हमेशा एक अद्वितीय सौंदर्य, ऊर्जा, ताकत और स्वतंत्रता वाले व्यक्ति को मानते हैं। स्विस आल्प्स की सीमा पर एक छोटा स्वतंत्र लिकटेंस्टीन है , जहां अल्पाइन परिदृश्य के हर पहाड़ी, पर्वत या चट्टान का इतिहास है। उदाहरण के लिए, माउंट थ्री बहनों।
तीन बहनों माउंटेन अल्पाइन पहाड़ों की प्रणाली का हिस्सा है और ऑस्ट्रिया के साथ एक प्राकृतिक सीमा, वोरार्लबर्ग की भूमि है। यह ट्राइज़ेन की नगर पालिका के दक्षिणी हिस्से में एक ऐतिहासिक स्थल है। एक दिलचस्प नाम ट्रिपल पीक से आता है, जो पर्वत को समाप्त करता है, और समुद्र तल से ऊपर का उच्चतम बिंदु 2053 मीटर है। लिकटेंस्टीन को रॉक क्लाइंबिंग और अल्पाइन स्कीइंग के लिए एक गुप्त रिसॉर्ट कहा जा सकता है। पहली बार पहाड़ी तीन बहनों को स्कॉट जॉन डगलस द्वारा 1870 में जीत लिया गया था, उसके बाद कई अन्य पर्वतारोही थे। आजकल पहाड़ पर जाने के लिए तीन आधिकारिक पर्यटक मार्ग हैं। भ्रमण समूह को तैयारी और मशहूर पर्वत के शीर्ष पर चढ़ने की कठिनाई के अनुसार विभाजित किया जाता है।
लिकटेंस्टीन की राजधानी वाडुज के समुदाय पर तीन बहनों माउंटेन टावर, जहां कई रोचक जगहें स्थित हैं, उदाहरण के लिए, सरकारी हाउस, लिकटेंस्टीन का राज्य संग्रहालय , डाक संग्रहालय , कला संग्रहालय , वाडुज कैसल और कई अन्य। आदि। पर्वत के शीर्ष को मध्ययुगीन पुराने महल के शायद ही दिखने वाले खंडहरों के साथ ताज पहनाया गया है, जो दूर के अतीत में राजकुमार का किला-निवास था। पर्वत की ढलान पर वाडुज के आकर्षण में से एक है - एक चैपल के साथ एक महल। यह सख्त गॉथिक शैली में बनाया गया है, इतिहासकार नौवीं शताब्दी तक इसके निर्माण का उल्लेख करते हैं।
वहां कैसे पहुंचे?
लिकटेंस्टीन क्षेत्रीय रूप से सबसे छोटे राज्यों में से एक है , कम्यून के साथ वाडुज ट्राइज़न लघु बस मार्ग संख्या 21 को जोड़ता है - लिकटेंस्टीन में एकमात्र प्रकार का सार्वजनिक परिवहन , जहां आप यहां जा सकते हैं। निपटारे में स्वतंत्र रूप से आप टैक्सी या किराए पर कार द्वारा 47'6 'समन्वय पर समन्वय कर सकते हैं। डब्ल्यू। 9'31 'सी। इत्यादि। आप किसी भी पड़ोस से दूर से पहाड़ देख सकते हैं, लेकिन यदि आप इसे चढ़ना चाहते हैं, तो एक यात्रा कंपनी के लिए एक विशेष दौरे के लिए पूछेंः लिकटेंस्टीन पर्यटन, स्टैडल 37।
| पर्वत हमेशा एक अद्वितीय सौंदर्य, ऊर्जा, ताकत और स्वतंत्रता वाले व्यक्ति को मानते हैं। स्विस आल्प्स की सीमा पर एक छोटा स्वतंत्र लिकटेंस्टीन है , जहां अल्पाइन परिदृश्य के हर पहाड़ी, पर्वत या चट्टान का इतिहास है। उदाहरण के लिए, माउंट थ्री बहनों। तीन बहनों माउंटेन अल्पाइन पहाड़ों की प्रणाली का हिस्सा है और ऑस्ट्रिया के साथ एक प्राकृतिक सीमा, वोरार्लबर्ग की भूमि है। यह ट्राइज़ेन की नगर पालिका के दक्षिणी हिस्से में एक ऐतिहासिक स्थल है। एक दिलचस्प नाम ट्रिपल पीक से आता है, जो पर्वत को समाप्त करता है, और समुद्र तल से ऊपर का उच्चतम बिंदु दो हज़ार तिरेपन मीटर है। लिकटेंस्टीन को रॉक क्लाइंबिंग और अल्पाइन स्कीइंग के लिए एक गुप्त रिसॉर्ट कहा जा सकता है। पहली बार पहाड़ी तीन बहनों को स्कॉट जॉन डगलस द्वारा एक हज़ार आठ सौ सत्तर में जीत लिया गया था, उसके बाद कई अन्य पर्वतारोही थे। आजकल पहाड़ पर जाने के लिए तीन आधिकारिक पर्यटक मार्ग हैं। भ्रमण समूह को तैयारी और मशहूर पर्वत के शीर्ष पर चढ़ने की कठिनाई के अनुसार विभाजित किया जाता है। लिकटेंस्टीन की राजधानी वाडुज के समुदाय पर तीन बहनों माउंटेन टावर, जहां कई रोचक जगहें स्थित हैं, उदाहरण के लिए, सरकारी हाउस, लिकटेंस्टीन का राज्य संग्रहालय , डाक संग्रहालय , कला संग्रहालय , वाडुज कैसल और कई अन्य। आदि। पर्वत के शीर्ष को मध्ययुगीन पुराने महल के शायद ही दिखने वाले खंडहरों के साथ ताज पहनाया गया है, जो दूर के अतीत में राजकुमार का किला-निवास था। पर्वत की ढलान पर वाडुज के आकर्षण में से एक है - एक चैपल के साथ एक महल। यह सख्त गॉथिक शैली में बनाया गया है, इतिहासकार नौवीं शताब्दी तक इसके निर्माण का उल्लेख करते हैं। वहां कैसे पहुंचे? लिकटेंस्टीन क्षेत्रीय रूप से सबसे छोटे राज्यों में से एक है , कम्यून के साथ वाडुज ट्राइज़न लघु बस मार्ग संख्या इक्कीस को जोड़ता है - लिकटेंस्टीन में एकमात्र प्रकार का सार्वजनिक परिवहन , जहां आप यहां जा सकते हैं। निपटारे में स्वतंत्र रूप से आप टैक्सी या किराए पर कार द्वारा सैंतालीस'छः 'समन्वय पर समन्वय कर सकते हैं। डब्ल्यू। नौ'इकतीस 'सी। इत्यादि। आप किसी भी पड़ोस से दूर से पहाड़ देख सकते हैं, लेकिन यदि आप इसे चढ़ना चाहते हैं, तो एक यात्रा कंपनी के लिए एक विशेष दौरे के लिए पूछेंः लिकटेंस्टीन पर्यटन, स्टैडल सैंतीस। |
मोदी सरकार को अब संसद में कोई भी बिल पास करवाने में ज्यादा दिक्कतों को सामना करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि देश के 17 राज्यों 55 नए राज्यसभा सांसद चुनकर जा रहे हैं। इसको लेकन भारत निर्वाचन आयोग ने अनाउंसमेंट भी कर दिया है। इन सांसदों के लिए चुनाव 26 मार्च 2020 को कराए जाएंगे है तथा उसी दिन मतों की गणना होगा।
देश जिन 17 राज्यों से नए सांसद चुनकर जा रहे हैं उनमें असम, मेधालय मणिपुर, महाराष्ट्र, ओडिसा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंद्रप्रदेश, तेलंगाना, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्यप्रदेश और राजस्थान शामिल हैं।
असम राज्य में राज्यसभा की 3 सीटें 9 अप्रैल को खाली हो रही हैं। इनमें दो सीटें कांग्रेस के पास हैं जबकि एक सीट बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट की है। 9 अप्रैल को रिटायर होने वाले सांसदों में बुभनेश्वर कालिता, संजय सिंह और बिश्वजीत दैमारी शामिल हैं।
माना जा रहा है कि इन चुनावों के लिए नोटिफिकेशन 6 मार्च को जारी किया जाएगा। इन चुनावों में नॉमिनेशन फाइल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च होगी जिसक बाद 26 मार्च को सुबह 9 से शाम 4 बजे तक वोटिंग की जाएगी।
| मोदी सरकार को अब संसद में कोई भी बिल पास करवाने में ज्यादा दिक्कतों को सामना करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि देश के सत्रह राज्यों पचपन नए राज्यसभा सांसद चुनकर जा रहे हैं। इसको लेकन भारत निर्वाचन आयोग ने अनाउंसमेंट भी कर दिया है। इन सांसदों के लिए चुनाव छब्बीस मार्च दो हज़ार बीस को कराए जाएंगे है तथा उसी दिन मतों की गणना होगा। देश जिन सत्रह राज्यों से नए सांसद चुनकर जा रहे हैं उनमें असम, मेधालय मणिपुर, महाराष्ट्र, ओडिसा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंद्रप्रदेश, तेलंगाना, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्यप्रदेश और राजस्थान शामिल हैं। असम राज्य में राज्यसभा की तीन सीटें नौ अप्रैल को खाली हो रही हैं। इनमें दो सीटें कांग्रेस के पास हैं जबकि एक सीट बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट की है। नौ अप्रैल को रिटायर होने वाले सांसदों में बुभनेश्वर कालिता, संजय सिंह और बिश्वजीत दैमारी शामिल हैं। माना जा रहा है कि इन चुनावों के लिए नोटिफिकेशन छः मार्च को जारी किया जाएगा। इन चुनावों में नॉमिनेशन फाइल करने की अंतिम तिथि इकतीस मार्च होगी जिसक बाद छब्बीस मार्च को सुबह नौ से शाम चार बजे तक वोटिंग की जाएगी। |
हेल्थ डेस्कः जब कोई महिला पहली बार माँ बनती हैं तो माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इन बदलाव के बारे में महिलाओं को सही जानकारी होनी चाहिए ताकि महिलाएं अपने आप का ख्याल रख सकें। आज जानने की कोशिश करेंगे उन्ही बदलाव के बारे में की वो कौन सा बदलाव हैं जो माँ बनने के बाद सभी महिलाओं के शरीर में होता हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से की माँ बनने के बाद शरीर में होते हैं ये 5 बदलाव, महिलाएं रखें ध्यान।
1 ,वजन में बढ़ोत्तरी, माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में सबसे पहला बदलाव वजन को लेकर होता हैं। महिलाओं के शरीर का वजन अचानक से बढ़ने लगता हैं तथा महिलाएं खुद को अस्वस्थ महसूस करती हैं। इससे महिलाओं के शरीर में थकान थकान की समस्या बनी रहती हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और अपने डाइट पर ध्यान देना चाहिए।
2 . हार्मोनिक बदलाव, माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनिक बदलाव होते हैं। जिसके कारण कुछ महिलाओं का बाल झड़ने लगता हैं तथा शरीर में कई तरह की समस्या उत्पन हो जाती हैं। इसलिए सभी महिलाओं को माँ बनने के बाद डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए ताकि इस समस्या से छुटकारा मिल सके।
3 . खून की कमी, माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में खून की कमी हो जाती हैं। जिसके कारण शरीर में कई तरह के बीमारी होने के चांस बने रहते हैं। साथ हीं साथ महिलाओं के दिमाग में चिड़चिड़ापन की समस्या भी जन्म ले लेती हैं जो महिलाओं के लिए खतरनाक साबित होती हैं। इसलिए सभी महिलाओं को माँ बनने के बाद खून की जांच करानी चाहिए और आयरन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए।
4 . जोड़ों में दर्द, जब कोई महिला माँ बनती हैं तो माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में खून की कमी हो जाती हैं। इस कमी के कारण जोड़ों में दर्द की समस्या जन्म ले लेती हैं। महिलाओं को इसके बारे में सही जानकारी होनी चाहिए और जोड़ों के इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को आयरन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए।
5 . गैस और कब्ज की समस्या, माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में पानी की कमी हो जाती हैं। जिसके कारण पेट में गैस और कब्ज की समस्या जन्म ले लेती हैं। शरीर का यह बदलाव महिलाओं के लिए खतरनाक साबित होती हैं। महिलाओं को इस बात पर सदैव ध्यान देना चाहिए और माँ बनने के बाद उन्हें भरपूर पानी का सेवन करना चाहिए ताकि उनका शरीर स्वस्थ और सेहतमंद रह सके।
| हेल्थ डेस्कः जब कोई महिला पहली बार माँ बनती हैं तो माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इन बदलाव के बारे में महिलाओं को सही जानकारी होनी चाहिए ताकि महिलाएं अपने आप का ख्याल रख सकें। आज जानने की कोशिश करेंगे उन्ही बदलाव के बारे में की वो कौन सा बदलाव हैं जो माँ बनने के बाद सभी महिलाओं के शरीर में होता हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से की माँ बनने के बाद शरीर में होते हैं ये पाँच बदलाव, महिलाएं रखें ध्यान। एक ,वजन में बढ़ोत्तरी, माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में सबसे पहला बदलाव वजन को लेकर होता हैं। महिलाओं के शरीर का वजन अचानक से बढ़ने लगता हैं तथा महिलाएं खुद को अस्वस्थ महसूस करती हैं। इससे महिलाओं के शरीर में थकान थकान की समस्या बनी रहती हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और अपने डाइट पर ध्यान देना चाहिए। दो . हार्मोनिक बदलाव, माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनिक बदलाव होते हैं। जिसके कारण कुछ महिलाओं का बाल झड़ने लगता हैं तथा शरीर में कई तरह की समस्या उत्पन हो जाती हैं। इसलिए सभी महिलाओं को माँ बनने के बाद डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए ताकि इस समस्या से छुटकारा मिल सके। तीन . खून की कमी, माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में खून की कमी हो जाती हैं। जिसके कारण शरीर में कई तरह के बीमारी होने के चांस बने रहते हैं। साथ हीं साथ महिलाओं के दिमाग में चिड़चिड़ापन की समस्या भी जन्म ले लेती हैं जो महिलाओं के लिए खतरनाक साबित होती हैं। इसलिए सभी महिलाओं को माँ बनने के बाद खून की जांच करानी चाहिए और आयरन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। चार . जोड़ों में दर्द, जब कोई महिला माँ बनती हैं तो माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में खून की कमी हो जाती हैं। इस कमी के कारण जोड़ों में दर्द की समस्या जन्म ले लेती हैं। महिलाओं को इसके बारे में सही जानकारी होनी चाहिए और जोड़ों के इस दर्द से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को आयरन युक्त आहार का सेवन करना चाहिए। पाँच . गैस और कब्ज की समस्या, माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में पानी की कमी हो जाती हैं। जिसके कारण पेट में गैस और कब्ज की समस्या जन्म ले लेती हैं। शरीर का यह बदलाव महिलाओं के लिए खतरनाक साबित होती हैं। महिलाओं को इस बात पर सदैव ध्यान देना चाहिए और माँ बनने के बाद उन्हें भरपूर पानी का सेवन करना चाहिए ताकि उनका शरीर स्वस्थ और सेहतमंद रह सके। |
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास और मंदिर प्रशासन की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। भक्तों की बढ़ती संख्या और लगातार सुविधाओं के बढ़ाने का दबाव का असर बैठक में दिखा। मंदिर की आय बढ़ाने के उद्देश्य से काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाली सभी दैनिक आरती के टिकट का दाम करीब तीस फीसदी बढ़ा दिया गया है।
बैठक में मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा देने के लिए मैदागिन और गोदौलिया के बीच ई-रिक्शा चलाने की बात पर भी सहमति बनी है। मंदिर प्रशासन के साथ न्यास के सदस्यों ने बैठक कर इस वर्ष चालीस करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा है। वहीं, धाम में शिवभक्तों पर पड़ी इस महंगाई की मार पर कांग्रेस नेता अजय राय ने निशाना साधा है और कहा कि धाम के नाम पर निर्माण कर अब धर्म का व्यवसायीकरण चरम पर है। काशी के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
| काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास और मंदिर प्रशासन की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। भक्तों की बढ़ती संख्या और लगातार सुविधाओं के बढ़ाने का दबाव का असर बैठक में दिखा। मंदिर की आय बढ़ाने के उद्देश्य से काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाली सभी दैनिक आरती के टिकट का दाम करीब तीस फीसदी बढ़ा दिया गया है। बैठक में मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा देने के लिए मैदागिन और गोदौलिया के बीच ई-रिक्शा चलाने की बात पर भी सहमति बनी है। मंदिर प्रशासन के साथ न्यास के सदस्यों ने बैठक कर इस वर्ष चालीस करोड़ खर्च करने का लक्ष्य रखा है। वहीं, धाम में शिवभक्तों पर पड़ी इस महंगाई की मार पर कांग्रेस नेता अजय राय ने निशाना साधा है और कहा कि धाम के नाम पर निर्माण कर अब धर्म का व्यवसायीकरण चरम पर है। काशी के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। |
बॉलीवुड एक्ट्रेस माही गिल 'साहेब बीवी और गुलाम', 'देव डी' जैसी फिल्मों से फिल्म इंडस्ट्री में अपने अभिनय का सिक्का चला चुकीं हैं. माही भले ही दर्शकों के दिल में जगह बनाने में कामयाब रहीं हैं, लेकिन उन्हें अपने करियर में एक मलाल भी सता रहा है. हाल ही में हुए एक इंटरव्यू के दौरान माही ने अपने इस दर्द और इंडस्ट्री से शिकायत के बारे में खुलासा किया.
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| बॉलीवुड एक्ट्रेस माही गिल 'साहेब बीवी और गुलाम', 'देव डी' जैसी फिल्मों से फिल्म इंडस्ट्री में अपने अभिनय का सिक्का चला चुकीं हैं. माही भले ही दर्शकों के दिल में जगह बनाने में कामयाब रहीं हैं, लेकिन उन्हें अपने करियर में एक मलाल भी सता रहा है. हाल ही में हुए एक इंटरव्यू के दौरान माही ने अपने इस दर्द और इंडस्ट्री से शिकायत के बारे में खुलासा किया. . |
PM Modi in Australia प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिडनी में करीब 20 हजार भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि सिडनी में सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों से जुड़कर बेहद खुशी हुई। बता दें कि पीएम मोदी दो दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं।
नई दिल्ली/सिडनी, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिडनी में करीब 20 हजार भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि सिडनी में सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों से जुड़कर बेहद खुशी हुई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मैं जब 2014 में आया था, तब आपसे एक वादा किया था कि आपको फिर भारत के किसी प्रधानमंत्री का 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आज सिडनी के इस एरीना में, मैं फिर हाजिर हूं और मैं अकेला नहीं आया हूं। प्रधानमंत्री अल्बनीज भी मेरे साथ आए हैं।
'3D-3C और 3E पर आधारित हैं भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंध'
सिडनी में सामुदायिक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था जब कहा जाता था कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध को 3C (कॉमनवेल्थ, क्रिकेट, करी) पर आधारित है। उसके बाद कहा गया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध 3D (डेमोक्रेसी, डायसपोरा, दोस्ती) पर आधारित है। कुछ लोगों ने ये भी कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध 3E (एनर्जी, इकोनॉमी, एजुकेशन) पर आधारित है। अलग-अलग काल में ये बात संभवतः सही भी रही है। मगर भारत-ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक संबंधों का विस्तार इससे कहीं ज्यादा बड़ा है। इन संबंधों का आधार आपसी विश्वास और आपसी सम्मान है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि मुझे ये जानकर अच्छा लगा कि आप सब ने भी आजादी का अमृत महोत्सव भी बड़े धूमधाम से मनाया है। हमारे किक्रेट के रिश्ते को 75 वर्ष पूरे हो गए हैं। किक्रेट की फील्ड पर मुकाबला जितना रोचक होता है उतनी ही गहरी हमारी ऑफ द फील्ड दोस्ती है।
इस दौरान पीएम मोदी ने क्रिकेटर शेन वार्न को भी याद किया। पीएम ने कहा- पिछले साल जब महान क्रिकेटर शेन वार्न का निधन हुआ तो ऑस्ट्रेलिया के साथ कोटि-कोटि भारतीयों ने भी शोक मनाया। ये ऐसा था जैसे हमने अपना कोई खो दिया। आप सभी का एक सपना रहा है कि हमारा भारत भी विकसित राष्ट्र बने। जो सपना आपके दिल में है वो सपना मेरे दिल में भी है।
पीएम मोगी ने कहा-भारत के पास सामर्थ्य की कमी नहीं है। भारत के पास संसाधनों की भी कमी नहीं है। आज दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे युवा टैलेंट की फैक्ट्री भारत में है।
पीएम मोदी ने कहा-भारत हजारों वर्षों की जीवंत सभ्यता है। भारत, Mother of Democracy है। हमने समय के अनुसार खुद को ढाला है, लेकिन अपने मूल सिद्धांतों, बुनियादी बातों पर हमेशा टिके रहे हैं।
'भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का उज्ज्वल बिन्दु मानता है IMF'
पीएम ने आगे कहा कि अगले 25 साल में विकसित होने के लक्ष्य के साथ जो देश आगे बढ़ रहा है वो देश भारत है। आज IMF भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का उज्ज्वल बिन्दु मानता है। वर्ल्ड बैंक का विश्वास है कि ग्लोबल हेडविंड्स को अगर कोई चुनौती दे रहा है तो वो भारत है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा-आज मैं आपके बीच आया हूं कि तो मैं एक घोषणा भी करने जा रहा हूं। ब्रिसबेन में भारतीय समुदाय की बहुत समय से जो मांग थी, अब उसे पूरा किया जाएगा। जल्द ही ब्रिसबेन में भारत का एक नया वाणिज्य दूतावास खोला जाएगा।
भारतीयों को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी के कुडोस बैंक एरिना में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज उनके साथ मौजूद रहे। पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज ने सिडनी सामुदायिक कार्यक्रम में द लिटिल इंडिया गेटवे की आधारशिला रखी।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने सिडनी में सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी को बॉस बताया। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा, "आखिरी बार मैंने इस मंच पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन देखा था और उनका स्वागत पीएम मोदी की तरह नहीं किया गया था, जो सम्मान उनको मिला है। प्रधानमंत्री मोदी बॉस हैं। "
भारतीयों को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी के कुडोस बैंक एरिना में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज उनके साथ मौजूद रहे।
| PM Modi in Australia प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिडनी में करीब बीस हजार भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि सिडनी में सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों से जुड़कर बेहद खुशी हुई। बता दें कि पीएम मोदी दो दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं। नई दिल्ली/सिडनी, एजेंसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सिडनी में करीब बीस हजार भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि सिडनी में सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों से जुड़कर बेहद खुशी हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मैं जब दो हज़ार चौदह में आया था, तब आपसे एक वादा किया था कि आपको फिर भारत के किसी प्रधानमंत्री का अट्ठाईस साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आज सिडनी के इस एरीना में, मैं फिर हाजिर हूं और मैं अकेला नहीं आया हूं। प्रधानमंत्री अल्बनीज भी मेरे साथ आए हैं। 'तीनD-तीन डिग्री सेल्सियस और तीनE पर आधारित हैं भारत-ऑस्ट्रेलिया के संबंध' सिडनी में सामुदायिक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था जब कहा जाता था कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध को तीन डिग्री सेल्सियस पर आधारित है। उसके बाद कहा गया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध तीनD पर आधारित है। कुछ लोगों ने ये भी कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध तीनE पर आधारित है। अलग-अलग काल में ये बात संभवतः सही भी रही है। मगर भारत-ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक संबंधों का विस्तार इससे कहीं ज्यादा बड़ा है। इन संबंधों का आधार आपसी विश्वास और आपसी सम्मान है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि मुझे ये जानकर अच्छा लगा कि आप सब ने भी आजादी का अमृत महोत्सव भी बड़े धूमधाम से मनाया है। हमारे किक्रेट के रिश्ते को पचहत्तर वर्ष पूरे हो गए हैं। किक्रेट की फील्ड पर मुकाबला जितना रोचक होता है उतनी ही गहरी हमारी ऑफ द फील्ड दोस्ती है। इस दौरान पीएम मोदी ने क्रिकेटर शेन वार्न को भी याद किया। पीएम ने कहा- पिछले साल जब महान क्रिकेटर शेन वार्न का निधन हुआ तो ऑस्ट्रेलिया के साथ कोटि-कोटि भारतीयों ने भी शोक मनाया। ये ऐसा था जैसे हमने अपना कोई खो दिया। आप सभी का एक सपना रहा है कि हमारा भारत भी विकसित राष्ट्र बने। जो सपना आपके दिल में है वो सपना मेरे दिल में भी है। पीएम मोगी ने कहा-भारत के पास सामर्थ्य की कमी नहीं है। भारत के पास संसाधनों की भी कमी नहीं है। आज दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे युवा टैलेंट की फैक्ट्री भारत में है। पीएम मोदी ने कहा-भारत हजारों वर्षों की जीवंत सभ्यता है। भारत, Mother of Democracy है। हमने समय के अनुसार खुद को ढाला है, लेकिन अपने मूल सिद्धांतों, बुनियादी बातों पर हमेशा टिके रहे हैं। 'भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का उज्ज्वल बिन्दु मानता है IMF' पीएम ने आगे कहा कि अगले पच्चीस साल में विकसित होने के लक्ष्य के साथ जो देश आगे बढ़ रहा है वो देश भारत है। आज IMF भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था का उज्ज्वल बिन्दु मानता है। वर्ल्ड बैंक का विश्वास है कि ग्लोबल हेडविंड्स को अगर कोई चुनौती दे रहा है तो वो भारत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा-आज मैं आपके बीच आया हूं कि तो मैं एक घोषणा भी करने जा रहा हूं। ब्रिसबेन में भारतीय समुदाय की बहुत समय से जो मांग थी, अब उसे पूरा किया जाएगा। जल्द ही ब्रिसबेन में भारत का एक नया वाणिज्य दूतावास खोला जाएगा। भारतीयों को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी के कुडोस बैंक एरिना में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज उनके साथ मौजूद रहे। पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज ने सिडनी सामुदायिक कार्यक्रम में द लिटिल इंडिया गेटवे की आधारशिला रखी। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज ने सिडनी में सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी को बॉस बताया। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा, "आखिरी बार मैंने इस मंच पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन देखा था और उनका स्वागत पीएम मोदी की तरह नहीं किया गया था, जो सम्मान उनको मिला है। प्रधानमंत्री मोदी बॉस हैं। " भारतीयों को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी के कुडोस बैंक एरिना में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बनीज उनके साथ मौजूद रहे। |
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
भास्वर (फ़ॉस्फ़ोरस) एक रासायनिक तत्व है जिसका संकेत या P है तथा परमाणु संख्या 15। यह शब्द ग्रीक (यूनानी) भाषा के फॉस (प्रकाश) तथा फोरस (धारक) से मिलकर बना है जिसका शाब्दिक अर्थ हुआ प्रकाश का धारक। ये फॉस्फेट चट्टानों में पाया जाता है। इसकी संयोजकता 1, 3 और 5 होती है। तत्वों की आवर्त सारणी में ये भूयाति के समूह में आता है। फ़ॉस्फ़ोरस एक अभिक्रियाशील तत्व है इसकारण ये मुक्त अवस्था में नहीं पाया जाता है। कुछ खनिजों में धातुओं के फॉस्फेट मिलते हैं। पशुओं की हड्डियों में 56% कैल्शियम फॉस्फेट पाया जाता है। जन्तुओं तथा पौधों के लिए यह एक अनिवार्य तत्व है। इसका अस्तित्व कई जैव अवयवों में मिलता है। . बीटा वल्गैरिस, जिसे साधारण भाषा में चुकंदर कहते हैं, अमारैन्थ परिवार का एक पादप सदस्य है। इसे कई रूपों में, जिनमें अधिकतर लाल रंग की जड़ से प्राप्त सब्जी रूप में प्रयोगनीय उत्पाद के लिये उगाया जाता है। इसके अलावा अन्य उत्पादों में इसके पत्तों को शाक रूप में प्रयोग करते हैं, व इसे शर्करा-स्रोत रूप में भी प्रयोग किया जाता है। पशु-आहार के लिये भी कहीं-कहीं प्रयोग किया जाता है। इसकी अधिकतर प्रचलित Beta vulgaris उपजाति vulgaris में आती है। जबकि Beta vulgaris उपजातिःmaritima, जो ई-बीट नाम से प्रचलित है, इसी का जंगली पूर्वज है और भूमध्य सागरीय क्षेत्र, यूरोप की अंध-महासागर तटरेखा एवं भारत में उगती है। एक अन्य जंगली प्रजाति Beta vulgaris उपजातिःadanensis, यूनान से सीरिया पर्यन्त पायी जाती है। "Beta vulgaris", नाम से प्रचलित चुकंदर, शाक विक्रेता के यहां चुकंदर में अच्छी मात्रा में लौह, विटामिन और खनिज होते हैं जो रक्तवर्धन और शोधन के काम में सहायक होते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। यह प्राकृतिक शर्करा का स्रोत होता है। इसमें सोडियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, क्लोरीन, आयोडीन और अन्य महत्वपूर्ण विटामिन पाए जाते हैं। चुकंदर में गुर्दे और पित्ताशय को साफ करने के प्राकृतिक गुण हैं। इसमें उपस्थित पोटेशियम शरीर को प्रतिदिन पोषण प्रदान करने में मदद करता है तो वहीं क्लोरीन गुर्दों के शोधन में मदद करता है। यह पाचन संबंधी समस्याओं जैसे वमन, दस्त, चक्कर आदि में लाभदायक होता है। चुकंदर का रस पीने से रक्ताल्पता दूर हो जाती है क्योंकि इसमें लौह भी प्रचुर मात्र में पाया जाता है।। याहू जागरण चुकंदर का रस हाइपरटेंशन और हृदय संबंधी समस्याओं को दूर रखता है। विशेषतया महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है। चुकंदर में बेटेन नामक तत्व पाया जाता है जिसकी आंत व पेट को साफ करने के लिए शरीर को आवश्यकता होती है और चुकंदर में उपस्थित यह तत्व उसकी आपूर्ति करता है। कई शोधों के अनुसार चुकंदर कैंसर में भी लाभदायक होता है। चुकंदर और उसके पत्ते फोलेट का अच्छा स्रोत होते हैं, जो उच्च रक्तचाप और अल्जाइमर की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं। चुकंदर की भारत में प्रचलित किस्म .
फास्फोरस और बीटा वल्गैरिस आम में 2 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): यूनान, क्लोरीन।
यूनान यूरोप महाद्वीप में स्थित देश है। यहां के लोगों को यूनानी अथवा यवन कहते हैं। अंग्रेजी तथा अन्य पश्चिमी भाषाओं में इन्हें ग्रीक कहा जाता है। यह भूमध्य सागर के उत्तर पूर्व में स्थित द्वीपों का समूह है। प्राचीन यूनानी लोग इस द्वीप से अन्य कई क्षेत्रों में गए जहाँ वे आज भी अल्पसंख्यक के रूप में मौज़ूद है, जैसे - तुर्की, मिस्र, पश्चिमी यूरोप इत्यादि। यूनानी भाषा ने आधुनिक अंग्रेज़ी तथा अन्य यूरोपीय भाषाओं को कई शब्द दिये हैं। तकनीकी क्षेत्रों में इनकी श्रेष्ठता के कारण तकनीकी क्षेत्र के कई यूरोपीय शब्द ग्रीक भाषा के मूलों से बने हैं। इसके कारण ये अन्य भाषाओं में भी आ गए हैं।ग्रीस की महिलाएं देह व्यापार के धंधे में सबसे आगे है.
क्लोरीन (यूनानीः χλωρóς (ख्लोरोस), 'फीका हरा') एक रासायनिक तत्व है, जिसकी परमाणु संख्या १७ तथा संकेत Cl है। ऋणात्मक आयन क्लोराइड के रूप में यह साधारण नमक में उपस्थित होती है और सागर के जल में घुले लवण में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।। हिन्दुस्तान लाइव। ३१ मई २०१० सामान्य तापमान और दाब पर क्लोरीन (Cl2 या "डाईक्लोरीन") गैस के रूप में पायी जाती है। इसका प्रयोग तरणतालों को कीटाणुरहित बनाने में किया जाता है। यह एक हैलोजन है और आवर्त सारणी में समूह १७ (पूर्व में समूह ७, ७ए या ७बी) में रखी गयी है। यह एक पीले और हरे रंग की हवा से हल्की प्राकृतिक गैस जो एक निश्चित दाब और तापमान पर द्रव में बदल जाती है। यह पृथ्वी के साथ ही समुद्र में भी पाई जाती है। क्लोरीन पौधों और मनुष्यों के लिए आवश्यक है। इसका प्रयोग कागज और कपड़े बनाने में किया जाता है। इसमें यह ब्लीचिंग एजेंट (धुलाई करने वाले/ रंग उड़ाने वाले द्रव्य) के रूप में काम में लाई जाती है। वायु की उपस्थिति में यह जल के साथ क्रिया कर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का निर्माण करती है। मूलतः गैस होने के कारण यह खाद्य श्रृंखला का भाग नहीं है। यह गैस स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है। तरणताल में इसका प्रयोग कीटाणुनाशक की तरह किया जाता है। साधारण धुलाई में इसे ब्लीचिंग एजेंट रूप में प्रयोग करते हैं। ब्लीच और कीटाणुनाशक बनाने के कारखाने में काम करने वाले लोगों में इससे प्रभावित होने की आशंका अधिक रहती है। यदि कोई लंबे समय तक इसके संपर्क में रहता है तो उसके स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। इसकी तेज गंध आंखों, त्वचा और श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक होती है। इससे गले में घाव, खांसी और आंखों व त्वचा में जलन हो सकती है, इससे सांस लेने में समस्या होती है। .
फास्फोरस 19 संबंध है और बीटा वल्गैरिस 29 है। वे आम 2 में है, समानता सूचकांक 4.17% है = 2 / (19 + 29)।
यह लेख फास्फोरस और बीटा वल्गैरिस के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
| शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। भास्वर एक रासायनिक तत्व है जिसका संकेत या P है तथा परमाणु संख्या पंद्रह। यह शब्द ग्रीक भाषा के फॉस तथा फोरस से मिलकर बना है जिसका शाब्दिक अर्थ हुआ प्रकाश का धारक। ये फॉस्फेट चट्टानों में पाया जाता है। इसकी संयोजकता एक, तीन और पाँच होती है। तत्वों की आवर्त सारणी में ये भूयाति के समूह में आता है। फ़ॉस्फ़ोरस एक अभिक्रियाशील तत्व है इसकारण ये मुक्त अवस्था में नहीं पाया जाता है। कुछ खनिजों में धातुओं के फॉस्फेट मिलते हैं। पशुओं की हड्डियों में छप्पन% कैल्शियम फॉस्फेट पाया जाता है। जन्तुओं तथा पौधों के लिए यह एक अनिवार्य तत्व है। इसका अस्तित्व कई जैव अवयवों में मिलता है। . बीटा वल्गैरिस, जिसे साधारण भाषा में चुकंदर कहते हैं, अमारैन्थ परिवार का एक पादप सदस्य है। इसे कई रूपों में, जिनमें अधिकतर लाल रंग की जड़ से प्राप्त सब्जी रूप में प्रयोगनीय उत्पाद के लिये उगाया जाता है। इसके अलावा अन्य उत्पादों में इसके पत्तों को शाक रूप में प्रयोग करते हैं, व इसे शर्करा-स्रोत रूप में भी प्रयोग किया जाता है। पशु-आहार के लिये भी कहीं-कहीं प्रयोग किया जाता है। इसकी अधिकतर प्रचलित Beta vulgaris उपजाति vulgaris में आती है। जबकि Beta vulgaris उपजातिःmaritima, जो ई-बीट नाम से प्रचलित है, इसी का जंगली पूर्वज है और भूमध्य सागरीय क्षेत्र, यूरोप की अंध-महासागर तटरेखा एवं भारत में उगती है। एक अन्य जंगली प्रजाति Beta vulgaris उपजातिःadanensis, यूनान से सीरिया पर्यन्त पायी जाती है। "Beta vulgaris", नाम से प्रचलित चुकंदर, शाक विक्रेता के यहां चुकंदर में अच्छी मात्रा में लौह, विटामिन और खनिज होते हैं जो रक्तवर्धन और शोधन के काम में सहायक होते हैं। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। यह प्राकृतिक शर्करा का स्रोत होता है। इसमें सोडियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, क्लोरीन, आयोडीन और अन्य महत्वपूर्ण विटामिन पाए जाते हैं। चुकंदर में गुर्दे और पित्ताशय को साफ करने के प्राकृतिक गुण हैं। इसमें उपस्थित पोटेशियम शरीर को प्रतिदिन पोषण प्रदान करने में मदद करता है तो वहीं क्लोरीन गुर्दों के शोधन में मदद करता है। यह पाचन संबंधी समस्याओं जैसे वमन, दस्त, चक्कर आदि में लाभदायक होता है। चुकंदर का रस पीने से रक्ताल्पता दूर हो जाती है क्योंकि इसमें लौह भी प्रचुर मात्र में पाया जाता है।। याहू जागरण चुकंदर का रस हाइपरटेंशन और हृदय संबंधी समस्याओं को दूर रखता है। विशेषतया महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी है। चुकंदर में बेटेन नामक तत्व पाया जाता है जिसकी आंत व पेट को साफ करने के लिए शरीर को आवश्यकता होती है और चुकंदर में उपस्थित यह तत्व उसकी आपूर्ति करता है। कई शोधों के अनुसार चुकंदर कैंसर में भी लाभदायक होता है। चुकंदर और उसके पत्ते फोलेट का अच्छा स्रोत होते हैं, जो उच्च रक्तचाप और अल्जाइमर की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं। चुकंदर की भारत में प्रचलित किस्म . फास्फोरस और बीटा वल्गैरिस आम में दो बातें हैं : यूनान, क्लोरीन। यूनान यूरोप महाद्वीप में स्थित देश है। यहां के लोगों को यूनानी अथवा यवन कहते हैं। अंग्रेजी तथा अन्य पश्चिमी भाषाओं में इन्हें ग्रीक कहा जाता है। यह भूमध्य सागर के उत्तर पूर्व में स्थित द्वीपों का समूह है। प्राचीन यूनानी लोग इस द्वीप से अन्य कई क्षेत्रों में गए जहाँ वे आज भी अल्पसंख्यक के रूप में मौज़ूद है, जैसे - तुर्की, मिस्र, पश्चिमी यूरोप इत्यादि। यूनानी भाषा ने आधुनिक अंग्रेज़ी तथा अन्य यूरोपीय भाषाओं को कई शब्द दिये हैं। तकनीकी क्षेत्रों में इनकी श्रेष्ठता के कारण तकनीकी क्षेत्र के कई यूरोपीय शब्द ग्रीक भाषा के मूलों से बने हैं। इसके कारण ये अन्य भाषाओं में भी आ गए हैं।ग्रीस की महिलाएं देह व्यापार के धंधे में सबसे आगे है. क्लोरीन , 'फीका हरा') एक रासायनिक तत्व है, जिसकी परमाणु संख्या सत्रह तथा संकेत Cl है। ऋणात्मक आयन क्लोराइड के रूप में यह साधारण नमक में उपस्थित होती है और सागर के जल में घुले लवण में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।। हिन्दुस्तान लाइव। इकतीस मई दो हज़ार दस सामान्य तापमान और दाब पर क्लोरीन गैस के रूप में पायी जाती है। इसका प्रयोग तरणतालों को कीटाणुरहित बनाने में किया जाता है। यह एक हैलोजन है और आवर्त सारणी में समूह सत्रह में रखी गयी है। यह एक पीले और हरे रंग की हवा से हल्की प्राकृतिक गैस जो एक निश्चित दाब और तापमान पर द्रव में बदल जाती है। यह पृथ्वी के साथ ही समुद्र में भी पाई जाती है। क्लोरीन पौधों और मनुष्यों के लिए आवश्यक है। इसका प्रयोग कागज और कपड़े बनाने में किया जाता है। इसमें यह ब्लीचिंग एजेंट के रूप में काम में लाई जाती है। वायु की उपस्थिति में यह जल के साथ क्रिया कर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का निर्माण करती है। मूलतः गैस होने के कारण यह खाद्य श्रृंखला का भाग नहीं है। यह गैस स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है। तरणताल में इसका प्रयोग कीटाणुनाशक की तरह किया जाता है। साधारण धुलाई में इसे ब्लीचिंग एजेंट रूप में प्रयोग करते हैं। ब्लीच और कीटाणुनाशक बनाने के कारखाने में काम करने वाले लोगों में इससे प्रभावित होने की आशंका अधिक रहती है। यदि कोई लंबे समय तक इसके संपर्क में रहता है तो उसके स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। इसकी तेज गंध आंखों, त्वचा और श्वसन तंत्र के लिए हानिकारक होती है। इससे गले में घाव, खांसी और आंखों व त्वचा में जलन हो सकती है, इससे सांस लेने में समस्या होती है। . फास्फोरस उन्नीस संबंध है और बीटा वल्गैरिस उनतीस है। वे आम दो में है, समानता सूचकांक चार.सत्रह% है = दो / । यह लेख फास्फोरस और बीटा वल्गैरिस के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः |
(६३) यदि वृहस्पति सप्तमेश हो तो वह विशेष रूप से मारक समझा जाता है ।
(६४) परन्तु सप्तमेश शुक्र वृहस्पति की अपेक्षा कम मारक होता है ।
(६५) पष्ठेष की स्थिति किसी भी भाव में क्यों न हो, जिसमें भी होगी उसी भाव पर अशुभ प्रभाव डालेगा और उस भाव के फल को अशुभ बना देगा ।
(६६) यदि केन्द्रदेश और त्रिकोणेश का परस्पर में सम्बन्ध हो तो यह एक दूसरे की दशा में शुभ फल देने वाले होते हैं। परन्तु पारस्परिक सम्बन्ध न होने की अवस्था में अशुभ फल दिखाते हैं ।
( ६७ ) केन्द्रश त्रिकोणेश और त्रिपडायेश परस्पर सहधर्मी माने जाते हैं और तदनुसार फल दिखाते हैं ।
(६८) लग्न भाव में सूर्य की राशि (सिंह) हो तो यह योग शुभ समझा जायगा । यदि लग्न भाव शुभ तथा योग कारक ग्रहों से द्रष्ट हो तो जातक को अत्यन्त पराक्रमी और प्रभावशाली बना देगा ।
(६६ किन्तु योगकारक ग्रह की महादशा में पाप रूप अन्तर्दशा आने पर प्रारम्भ में शुभ फल और बाद में अशुभ फल उत्पन्न होगा है ।
(१००) परन्तु योगकारक की महादशा में योगकारक अन्तर्दशर हो तो पूर्ण रूप से शुभ फलदायिनी दशा होती है । | यदि वृहस्पति सप्तमेश हो तो वह विशेष रूप से मारक समझा जाता है । परन्तु सप्तमेश शुक्र वृहस्पति की अपेक्षा कम मारक होता है । पष्ठेष की स्थिति किसी भी भाव में क्यों न हो, जिसमें भी होगी उसी भाव पर अशुभ प्रभाव डालेगा और उस भाव के फल को अशुभ बना देगा । यदि केन्द्रदेश और त्रिकोणेश का परस्पर में सम्बन्ध हो तो यह एक दूसरे की दशा में शुभ फल देने वाले होते हैं। परन्तु पारस्परिक सम्बन्ध न होने की अवस्था में अशुभ फल दिखाते हैं । केन्द्रश त्रिकोणेश और त्रिपडायेश परस्पर सहधर्मी माने जाते हैं और तदनुसार फल दिखाते हैं । लग्न भाव में सूर्य की राशि हो तो यह योग शुभ समझा जायगा । यदि लग्न भाव शुभ तथा योग कारक ग्रहों से द्रष्ट हो तो जातक को अत्यन्त पराक्रमी और प्रभावशाली बना देगा । परन्तु योगकारक की महादशा में योगकारक अन्तर्दशर हो तो पूर्ण रूप से शुभ फलदायिनी दशा होती है । |
पंजाब के दौरे पर गए राष्ट्रपति जैसे ही दिल्ली लौटे उन्होंने गृह मंत्रालय की ओर से भेजी गई राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश पर मुहर लगा दी.जिसके बाद महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग गया.
सियासी ड्रामे के बीच महाराष्ट्र में लगाए गए राष्ट्रपति शासन पर अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सवाल खड़े किए हैं. मंगलवार को राज ठाकरे ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को सीधे तौर पर वोटर्स का अपमान करार दिया.
राज ठाकरे ने ट्वीट कर कहा, "महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना महाराष्ट्र के वोटर्स का घोर अपमान है." मालूम हो कि मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के एप्रूवल के बाद महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा गया. राष्ट्रपति कोविंद ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की सिफारिश पर भेजे गए नोटिस पर मंगलवार को हस्ताक्षर कर दिए.
#PresidentRuleInMaha राज्यात राष्ट्रपती राजवट लागू होणे म्हणजे ह्या नतद्रष्टांनी महाराष्ट्राच्या मतदारांचा केलेला घोर अपमान आहे.
पंजाब के दौरे पर गए राष्ट्रपति जैसे ही दिल्ली लौटे उन्होंने गृह मंत्रालय की ओर से भेजी गई राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश पर मुहर लगा दी. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019 के नतीजे 24 अक्टूबर को आए थे, लेकिन अब तक कोई भी दल समर्थन नहीं जुटा सका, जिसके बाद राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन की संस्तुति भेजी दी, जिसे मंजूर कर लिया गया.
| पंजाब के दौरे पर गए राष्ट्रपति जैसे ही दिल्ली लौटे उन्होंने गृह मंत्रालय की ओर से भेजी गई राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश पर मुहर लगा दी.जिसके बाद महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग गया. सियासी ड्रामे के बीच महाराष्ट्र में लगाए गए राष्ट्रपति शासन पर अब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने भी सवाल खड़े किए हैं. मंगलवार को राज ठाकरे ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को सीधे तौर पर वोटर्स का अपमान करार दिया. राज ठाकरे ने ट्वीट कर कहा, "महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना महाराष्ट्र के वोटर्स का घोर अपमान है." मालूम हो कि मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के एप्रूवल के बाद महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा गया. राष्ट्रपति कोविंद ने केंद्रीय कैबिनेट द्वारा राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की सिफारिश पर भेजे गए नोटिस पर मंगलवार को हस्ताक्षर कर दिए. #PresidentRuleInMaha राज्यात राष्ट्रपती राजवट लागू होणे म्हणजे ह्या नतद्रष्टांनी महाराष्ट्राच्या मतदारांचा केलेला घोर अपमान आहे. पंजाब के दौरे पर गए राष्ट्रपति जैसे ही दिल्ली लौटे उन्होंने गृह मंत्रालय की ओर से भेजी गई राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश पर मुहर लगा दी. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव दो हज़ार उन्नीस के नतीजे चौबीस अक्टूबर को आए थे, लेकिन अब तक कोई भी दल समर्थन नहीं जुटा सका, जिसके बाद राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन की संस्तुति भेजी दी, जिसे मंजूर कर लिया गया. |
चंडीगढ़, 8 अगस्त (ट्रिन्यू)
विधायकों को मिली धमकियों, माइनिंग माफिया द्वारा डीएसपी सुरेंद्र सिंह के मर्डर और प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सोमवार को हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के पहले ही दिन गरमी देखने को मिली। पक्ष और विपक्ष में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई। पूरा विपक्ष इस मामले में एकजुट दिखा और सरकार को घेरता नज़र आया। 18 विधायकों ने कानून व्यवस्था को लेकर काम रोको प्रस्ताव दिया हुआ था, लेकिन स्पीकर ने इसे ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में बदल दिया। इससे नाराज कांग्रेस विधायकों ने दो बार सदन से वॉकआउट भी किया।
कांग्रेस विधायक आखिर तक यही चाहते रहे कि काम रोको प्रस्ताव को मंजूर करके उस पर चर्चा हो। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने स्पष्ट तौर पर कहा कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर ही चर्चा होगी। विधायकों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा। काम रोको प्रस्ताव निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू, ऐलनाबाद विधायक अभय सिंह चौटाला, एनआईटी विधायक नीरज शर्मा द्वारा दिए गए थे। इसी तरह से कांग्रेस के भी करीब डेढ़ दर्जन विधायकों ने इस मुद्दे पर काम रोको प्रस्ताव दिया था। कांग्रेस विधायकों के दो बार के वॉकआउट के बाद इस प्रस्ताव पर करीब पौने दो घंटे चर्चा चली और इस दौरान भी कई बार सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। गृह मंत्री अनिल विज ने पूर्व कांग्रेस सरकार के 10 वर्षों के कार्यकाल के क्राइम के आंकड़ों की मनोहर सरकार के आठ वर्षों के कार्यकाल के साथ तुलना की। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अपराध कम हुआ है। इतना ही नहीं, बदमाशों में पुलिस का खौफ भी बढ़ा है। पांच विधायकों को मिली फिरौती व जान से मारने की धमकी को मुद्दा बनाते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि विधायक ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी की सुरक्षा कैसे होगी।
उन्होंने कहा कि आम आदमी भयभीत है। एक विधायक ने तो धमकी मिलने के बाद विधानसभा से इस्तीफा तक देने का मन बना लिया था। बिगड़ी कानून व्यवस्था के लिए विधायक डॉ़ रघुबीर सिंह कादियान ने गृह मंत्री अनिल विज से इस्तीफा ही मांग लिया। कादियान यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अगर वे मंत्री होते तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देते। पलटवार करते हुए संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा, डॉ़ साहब आपकी सरकार में किस मंत्री ने इस्तीफा दिया था।
विज ने कहा कि विधायकों को धमकी देने वालों को स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा पकड़ा जा चुका है। कांग्रेस पर हमला करते हुए गृह मंत्री ने कहा, पूर्व की सरकार में मामलों को दबाया जाता था। भाजपा सरकार ने जीरो एफआईआर की शुरुआत की है।
महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने अपना प्रस्ताव रखते हुए कहा कि सरकार को सख्ती से काम लेना होगा। बिगड़ी कानून व्यवस्था के कारण राज्य का माहौल खराब हो रहा है। विधायकों को तो धमकियां मिल ही रही हैं। इस मामले की जांच में जुटे स्पेशल टास्क फोर्स के सोनीपत के एक जवान से ही फिरौती मांगी जा रही है। तावड़ू के डीएसपी को माइनिंग माफिया ने कुचल कर मार दिया। इससे साफ है कि पुलिस का खौफ बदमाशों में बचा नहीं है।
इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाए कि सिरसा व फतेहाबाद में 2 से 3 लाख रुपये में हथियारों के लाइसेंस बन रहे हैं। वहीं गुरुग्राम में पांच लाख रुपये तक लिए जाते हैं। इनेलो नेता ने कहा कि पिछले एक साल में 20 हत्या गैंगवार की वजह से हुई हैं। अभय ने आरोप लगाए कि प्रदेश में हथियारों के लाइसेंस भी सिफारिशों पर बनते हैं। वहीं अवैध हथियार आसानी से मिल रहे हैं। गुरुग्राम, पानीपत और करनाल में सबसे अधिक लाइसेंस बने हैं।
हरियाणा के सरकारी विभाग व बोर्ड-निगम अब बिजली बिलों में देरी नहीं कर सकेंगे। कई ऐसे विभाग हैं, जिन पर करोड़ों रुपये की देनदारी है। इस समस्या का अब सरकार ने स्थाई समाधान निकल लिया है। सीएम ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि अब से सरकारी विभागों व बोर्ड-निगमों के बिजली बिलों की राशि विभागों के पास स्वतः पहुंच जाएगी। इसके लिए राज्य के बजट में ही प्रावधान किया जाएगा और अप्रैल माह में ही विभागों को राशि प्रदान कर दी जाएगी। सीएम ने कहा कि कई बार ऐसी शिकायतें सामने आती थी कि कुछ सरकारी विभागों के बिजली बिल बकाया हैं। इन्हीं समस्याओं के निदान के लिए राज्य बजट में ही प्रावधान किया जाएगा।
विपक्ष के आरोपों पर गृह मंत्री विज ने कहा कि राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। विधायकों को जबरन वसूली के कॉल/धमकी मिलने की सूचना के बाद विधायकों को व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मी प्रदान किए हैं। सुरक्षाकर्मियों के लिए वीवीआईपी सुरक्षा बारे रिफ्रेसर कोर्स का आयोजन किया गया और विधायकों के सुरक्षाकर्मियों को एके 47 जैसे उन्नत हथियार भी प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि डीएसपी सुरेंद्र सिंह के मर्डर में शामिल सभी आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। डीएसपी सुरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार हिसार में उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के साथ-साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा भी की है।
एनआईटी विधायक नीरज शर्मा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में सरकार पर तंज कसे। उन्होंने कहा कि 90 विधायकों की सुरक्षा में 811 जवान लगाए हुए हैं। वहीं 19 नेताओं की सुरक्षा 615 लोग कर रहे हैं। सरकार फिर भी कहती है कि राम राज है, यह कैसा राम राज हुआ। शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री तक के आदेश को नहीं माना जाता। 2016 में स्पीकर ने ही विधायक रहते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक द्वारा आउसटीज कोटा में प्लॉट आवंटन के मामले में सीएम को लिखा था। उन्होंने सीबीआई के आदेश दिए, लेकिन जांच नहीं हुई। सीएम ने दो बार आदेश किए थे।
| चंडीगढ़, आठ अगस्त विधायकों को मिली धमकियों, माइनिंग माफिया द्वारा डीएसपी सुरेंद्र सिंह के मर्डर और प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सोमवार को हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के पहले ही दिन गरमी देखने को मिली। पक्ष और विपक्ष में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई। पूरा विपक्ष इस मामले में एकजुट दिखा और सरकार को घेरता नज़र आया। अट्ठारह विधायकों ने कानून व्यवस्था को लेकर काम रोको प्रस्ताव दिया हुआ था, लेकिन स्पीकर ने इसे ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में बदल दिया। इससे नाराज कांग्रेस विधायकों ने दो बार सदन से वॉकआउट भी किया। कांग्रेस विधायक आखिर तक यही चाहते रहे कि काम रोको प्रस्ताव को मंजूर करके उस पर चर्चा हो। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने स्पष्ट तौर पर कहा कि ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर ही चर्चा होगी। विधायकों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलेगा। काम रोको प्रस्ताव निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू, ऐलनाबाद विधायक अभय सिंह चौटाला, एनआईटी विधायक नीरज शर्मा द्वारा दिए गए थे। इसी तरह से कांग्रेस के भी करीब डेढ़ दर्जन विधायकों ने इस मुद्दे पर काम रोको प्रस्ताव दिया था। कांग्रेस विधायकों के दो बार के वॉकआउट के बाद इस प्रस्ताव पर करीब पौने दो घंटे चर्चा चली और इस दौरान भी कई बार सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। गृह मंत्री अनिल विज ने पूर्व कांग्रेस सरकार के दस वर्षों के कार्यकाल के क्राइम के आंकड़ों की मनोहर सरकार के आठ वर्षों के कार्यकाल के साथ तुलना की। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अपराध कम हुआ है। इतना ही नहीं, बदमाशों में पुलिस का खौफ भी बढ़ा है। पांच विधायकों को मिली फिरौती व जान से मारने की धमकी को मुद्दा बनाते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि विधायक ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम आदमी की सुरक्षा कैसे होगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी भयभीत है। एक विधायक ने तो धमकी मिलने के बाद विधानसभा से इस्तीफा तक देने का मन बना लिया था। बिगड़ी कानून व्यवस्था के लिए विधायक डॉ़ रघुबीर सिंह कादियान ने गृह मंत्री अनिल विज से इस्तीफा ही मांग लिया। कादियान यही नहीं रुके, उन्होंने कहा कि अगर वे मंत्री होते तो नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देते। पलटवार करते हुए संसदीय कार्य मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा, डॉ़ साहब आपकी सरकार में किस मंत्री ने इस्तीफा दिया था। विज ने कहा कि विधायकों को धमकी देने वालों को स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा पकड़ा जा चुका है। कांग्रेस पर हमला करते हुए गृह मंत्री ने कहा, पूर्व की सरकार में मामलों को दबाया जाता था। भाजपा सरकार ने जीरो एफआईआर की शुरुआत की है। महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने अपना प्रस्ताव रखते हुए कहा कि सरकार को सख्ती से काम लेना होगा। बिगड़ी कानून व्यवस्था के कारण राज्य का माहौल खराब हो रहा है। विधायकों को तो धमकियां मिल ही रही हैं। इस मामले की जांच में जुटे स्पेशल टास्क फोर्स के सोनीपत के एक जवान से ही फिरौती मांगी जा रही है। तावड़ू के डीएसपी को माइनिंग माफिया ने कुचल कर मार दिया। इससे साफ है कि पुलिस का खौफ बदमाशों में बचा नहीं है। इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाए कि सिरसा व फतेहाबाद में दो से तीन लाख रुपये में हथियारों के लाइसेंस बन रहे हैं। वहीं गुरुग्राम में पांच लाख रुपये तक लिए जाते हैं। इनेलो नेता ने कहा कि पिछले एक साल में बीस हत्या गैंगवार की वजह से हुई हैं। अभय ने आरोप लगाए कि प्रदेश में हथियारों के लाइसेंस भी सिफारिशों पर बनते हैं। वहीं अवैध हथियार आसानी से मिल रहे हैं। गुरुग्राम, पानीपत और करनाल में सबसे अधिक लाइसेंस बने हैं। हरियाणा के सरकारी विभाग व बोर्ड-निगम अब बिजली बिलों में देरी नहीं कर सकेंगे। कई ऐसे विभाग हैं, जिन पर करोड़ों रुपये की देनदारी है। इस समस्या का अब सरकार ने स्थाई समाधान निकल लिया है। सीएम ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि अब से सरकारी विभागों व बोर्ड-निगमों के बिजली बिलों की राशि विभागों के पास स्वतः पहुंच जाएगी। इसके लिए राज्य के बजट में ही प्रावधान किया जाएगा और अप्रैल माह में ही विभागों को राशि प्रदान कर दी जाएगी। सीएम ने कहा कि कई बार ऐसी शिकायतें सामने आती थी कि कुछ सरकारी विभागों के बिजली बिल बकाया हैं। इन्हीं समस्याओं के निदान के लिए राज्य बजट में ही प्रावधान किया जाएगा। विपक्ष के आरोपों पर गृह मंत्री विज ने कहा कि राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। विधायकों को जबरन वसूली के कॉल/धमकी मिलने की सूचना के बाद विधायकों को व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मी प्रदान किए हैं। सुरक्षाकर्मियों के लिए वीवीआईपी सुरक्षा बारे रिफ्रेसर कोर्स का आयोजन किया गया और विधायकों के सुरक्षाकर्मियों को एके सैंतालीस जैसे उन्नत हथियार भी प्रदान किए गए। उन्होंने कहा कि डीएसपी सुरेंद्र सिंह के मर्डर में शामिल सभी आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। डीएसपी सुरेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार हिसार में उनके पैतृक गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के साथ-साथ परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा भी की है। एनआईटी विधायक नीरज शर्मा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में सरकार पर तंज कसे। उन्होंने कहा कि नब्बे विधायकों की सुरक्षा में आठ सौ ग्यारह जवान लगाए हुए हैं। वहीं उन्नीस नेताओं की सुरक्षा छः सौ पंद्रह लोग कर रहे हैं। सरकार फिर भी कहती है कि राम राज है, यह कैसा राम राज हुआ। शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री तक के आदेश को नहीं माना जाता। दो हज़ार सोलह में स्पीकर ने ही विधायक रहते हुए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक द्वारा आउसटीज कोटा में प्लॉट आवंटन के मामले में सीएम को लिखा था। उन्होंने सीबीआई के आदेश दिए, लेकिन जांच नहीं हुई। सीएम ने दो बार आदेश किए थे। |
सागर के सुरखी थाना की ढाना पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम बरोदा में युवक की संदेहास्पद अवस्था में मौत हो गई। युवक का शव गांव में सड़क किनारे पड़ा मिला है। मृतक के शरीर पर चोटों के निशान हैं। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा है। मामले में मर्ग कायम कर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार ग्राम बरोदा में गांव के रास्ते पर सड़क किनारे युवक का शव पड़ा मिला है। मृतक की पहचान लक्ष्मन पुत्र जयराम सिंह ठाकुर उम्र 38 साल निवासी बरोदा के रूप में हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया गया है।
मृतक के चाचा धीरज सिंह ठाकुर ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8 बजे तक लोगों ने लक्ष्मन को गांव में देखा था। जिसके बाद वह नजर नहीं आया। रात को घर भी नहीं लौटा था। शनिवार सुबह करीब 6 बजे गांव में ही गली के किनारे लक्ष्मन मृत अवस्था में पड़ा हुआ मिला। उसके सिर, दाढ़ी समेत अन्य हिस्सों पर चोटों के निशान हैं। जेब में रखे पैसे भी गायब हैं। चाचा ने लक्ष्मन की हत्या होने का संदेह जताया है। उन्होंने बताया कि लक्ष्मन की दो बेटी और एक बेटा है। ढाना चौकी प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि शव मिला है। पोस्टमार्टम कराया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। मामले में मर्ग कायम कर हर बिंदु पर जांच कर रहे हैं।
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| सागर के सुरखी थाना की ढाना पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम बरोदा में युवक की संदेहास्पद अवस्था में मौत हो गई। युवक का शव गांव में सड़क किनारे पड़ा मिला है। मृतक के शरीर पर चोटों के निशान हैं। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा है। मामले में मर्ग कायम कर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार ग्राम बरोदा में गांव के रास्ते पर सड़क किनारे युवक का शव पड़ा मिला है। मृतक की पहचान लक्ष्मन पुत्र जयराम सिंह ठाकुर उम्र अड़तीस साल निवासी बरोदा के रूप में हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया गया है। मृतक के चाचा धीरज सिंह ठाकुर ने बताया कि शुक्रवार रात करीब आठ बजे तक लोगों ने लक्ष्मन को गांव में देखा था। जिसके बाद वह नजर नहीं आया। रात को घर भी नहीं लौटा था। शनिवार सुबह करीब छः बजे गांव में ही गली के किनारे लक्ष्मन मृत अवस्था में पड़ा हुआ मिला। उसके सिर, दाढ़ी समेत अन्य हिस्सों पर चोटों के निशान हैं। जेब में रखे पैसे भी गायब हैं। चाचा ने लक्ष्मन की हत्या होने का संदेह जताया है। उन्होंने बताया कि लक्ष्मन की दो बेटी और एक बेटा है। ढाना चौकी प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि शव मिला है। पोस्टमार्टम कराया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। मामले में मर्ग कायम कर हर बिंदु पर जांच कर रहे हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
ॐ शिव गोरक्ष योगी श्री योगी विलासनाथ (पुजारी) गुरु श्री सिद्धयोगी आनन्दनाथ जी ( महामन्त्री)
(प्रथम खण्ड )
साधक तथा योगेश्वरों का प्रतिदिन अखण्ड नित्यकर्म
साधक तथा योगेश्वर प्रातः चौथे प्रहर में उठकर अपने आसन पर पदमासन सिद्धासन, गोरक्षासन इ० अपने अनूकूल आसन में शरीर को बिल्कुल सीधा रखते हुये बैठ जाये। अपनी आंखों की दृष्टि दोनों भौंओं के बीचों बीच कपाल भ्रूमध्य में स्थिर करें। अपने शरीर में हंस मन्त्र जपा-अजपा छैसो का अभ्यास करे । अर्थात यह जपा-अजपा का जाप इक्कीस हजार । स्वांस संख्या नित्य निरंतर चलती रहती हैं ।
अतः साधक प्रथम अपने सतगुरुजी का स्मरण करे फिर गुरु मन्त्र का जाप करे या गुरु गोरक्षनाथ जी के बीज मन्त्र का ध्यान करें । बीज मन्त्रः- ॐ शिव गोरक्ष योगी
तथा गुरु गोरक्षनाथ जी के द्वादश नाम का सुमिरण करें ।
गुरु गोरक्ष द्वादश नाम जाप
सतं नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । श्री शंभुजती गुरु गोरक्ष नाथ जी के द्वादश नाम तै कौन-कौन बोलिये । ॐ गुरुजी प्रथमे निरंन्जननाथ जी द्वितीय श्री सुधबुधनाथजी, तृतीय श्री कलेश्वरनाथ जी चतुर्थ श्री सिद्ध चौरंगी नाथ जी, पंचमे श्री लालग्वाल नाथ जी, षष्टमे
श्री विमलनाथजी, सप्तमे श्री सर्वांगनाथ जी, अष्टमे श्री सत्यनाथजी नवमे श्री गोपालनाथजी, दशमे श्री क्षेत्रनाथजी, एकादशे श्री भूचरनाथजी द्वादशे श्री गुरु गोरक्षनाथजी । ॐ नमो नमो गुरुदेव को, नमो नमो सुखधाम । नामलिये से नर उबरे, कोटि कोटि प्रणाम ।। इति श्री शम्भुजती गोरक्षनाथ जी के द्वादश नाम पठन्ते हरन्ते पाप मोक्ष मुक्ति पदे पदे ।
नादमुद्रा जोति ज्वाला पिण्ड ज्ञान प्रकासते ।। श्री नाथजी गुरुजी को
अतः साधक नवनाथ नाम स्वरुप का जाप करें।
नवनाथ स्वरुप
सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी ॐकार आदिनाथ ॐ कार स्वरुप बोलिये । उदयनाथ पार्वती धरत्री स्वरुप बोलिये । सत्यनाथ ब्रह्माजी जल स्वरुप बोलिये । सन्तोषनाथ विष्णुजी खड़ग - खाण्डा तेज स्वरुप बोलिये। अचल अचम्भेनाथ आकाश स्वरुप बोलिये । गजबेलि गजकन्थडनाथ गणेश जी गज हस्ती स्वरुप बोलिये । ज्ञानपारखी सिद्धचौरंगी नाथ अठारह भार बनस्पति स्वरुप बोलिये । माया रुपी दादा मत्स्येन्द्रनाथ माया स्वरुप बोलिये। घटे पिण्डे नव निरन्तरे सम्पूर्ण रक्षा करन्ते श्री शम्भुजती गुरु गोरक्षनाथ बाल स्वरूप बोलिये । इतना नौनाथ स्वरुप मन्त्र सम्पूर्ण भया अनन्त कोट सिद्धों में बैठकर गुरु गोरक्षनाथ जी ने कहाया नाथजी गुरुजी आदेश ।
तदनन्तर योगेश्वर ने धरत्री गायत्री का जाप करके अपने नासिका कि बायां स्वर चले तो प्रथम बायां पैर या दायां स्वर चले तो दायां पैर अथवा दोनों स्वर चले तो दोनों पैर धरती के ऊपर रखें और नमस्कार करें। धरत्री गायत्री
आदेश । ॐ गुरुजी ! आद अलील अनाद उपाया सत्यकी धर्ती जुहारलो काया, पहले जल, जल पर कमल, कमल पर मच्छ, मच्छं पर कोरम कोरम पर वासुकी, वासुकी पर धौल बैल धौल बैल पर सींग, सींग पर राई, राई पर श्री नाथजी ने नवखण्ड पृथ्वी ठहराई । प्रथमे धरत्री द्वितीये विश्वंभरा तृतीय मेरु मेदिनी, चतुर्थे चतुर्भुजी, पंचमे कृतिका, षष्टमे
ब्रह्मचण्डी, सप्तमे शिवकुमारी, अष्टमे बाला बज्रजोगिनी नवमे नवदुर्गा दशमे सिंहभवानी एकादशे मृतिका नाक द्वादशी वरदायनी । माता धरत्री पिता आकाश, पिण्ड प्राण का तो पर वास । तोपर टेकू दोनों पांई, आगमदे मैलागू पाई ॥ धर्ती माता तू बड़ी तुमसे बड़ा न कोय । जो पग टेकू तोपर मोपर कृपा सुहोय ॥ धर्ती द्वादश नाम पठै गुणै मनमे धरे । जोगी का सब काम, सिद्ध होय वाचा फुरै । इतना धरत्री गायत्री द्वादश नाम जाप सम्पूर्ण भया । अनन्त कोटि सिद्धों में श्री नाथजी ने कहा श्री नाथजी गुरुजी को आदेश दादा मत्स्येन्द्रनाथ की पादुका कौ नमस्ते नमः । औषधी पूरित पात्र दधाना सुमुखाम्बुजा सर्व सस्यालया शुभ्रा भूदेवी शरण भजे ॥ समुद्रवसने देवी । पर्वत स्तनमण्डले । विष्णुपत्नी नमस्तुभ्य पाद स्पर्श क्षमस्व मे ॥ अतः पांव उठाते समय निम्न मन्त्र पढ़े ।
सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । जिस दिशा को सुर वहत चलै, अवर चलनको चित्तु । सोई पग आगे धरौ वेद कहे यहु हित्तु ॥ चारी मंगला पांचों रवि प्रियणे शशि सूर । गोरख जोगी भाखिया यही जीवन का मूर ॥
यह प्रक्रिया होने के बाद धरत्री पर पांव रखे तथा धरत्री माता को नमस्कार करे । अतः निम्न जल मन्त्र से हाथ पांव धोयें तथा पानी पीवे ।
जल मन्त्र
सत नमो आदेश। गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । ॐ अलख निरन्जन तेरी माया । जल बिम्बाय विदमहे नील पुरुषाय धी मही तन्नो अलील प्रचोदयात । नाथजी गुरु जी को आदेश ।
अतः श्री गणेश मन्त्र से काया शुद्ध करे ।
गणेश मन्त्र
सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । ॐ मूल चक्रको करलो पाक परसो परम ज्योति प्रकाश । गणपत स्वामी सनमुख रहे, सुद्धि बुद्धि निर्मली गहे ॥ गमकी छोड़ अगमकी कहे । सतगुरु शब्द भेद पर रहे ।।
ज्ञान गोष्टि की काया थर्पी सतगुरु दियो लखाय । मूल-महल में पिण्डक जड़िया गगण गरजियो जाय ॥ ॐ गणेशाय विद्यहे महागणपताये धीमही तन्नौ एक दन्तः प्रचोदयात! इति गणेश गायत्री मन्त्र सम्पूर्ण भया अनन्त कोटि सिद्धों में बैठकर गुरुगोरक्षनाथ जी ने पढ़ कथकर सुनाया। नाथजी गुरुजी को आदेश ।
अतः नेती धोती निपटकर अन्य योगेश्वर आसन तथा योगासन करते हैं। श्री योगेश्वरों के एक सौ पचहत्तर योगासन है । नित्य प्रतिदिन योगेश्वर आसन प्राणायाम क्रियायें करते हैं और शरीर अपने वश में रखते हैं जिससे शरीर में स्थायी आरोग्य स्फूर्ति की प्राप्ति होती है। योगासन योग साधनों में बहुत सहायक हैं। आसन सिद्ध होते हैं और शरीर की जीवनी, शक्ति, अग्नि और बिन्दु नष्ट नहीं होते।
"निश्चल आसन पवना ध्यान ध्यान अगनी ब्यंद न जाई ।"
अतः साधक आवश्यक उतने ही आसन करे । कुछ योगी मुद्राओं का अभ्यास करते है । जो कि मुद्रायें सिद्धि प्रद होती हैं ।
अतः निम्न मन्त्र पाठ से साधक स्नान करे तथा अलील गायत्री का पाठ
करें ।
स्नान मन्त्र
ॐ हर गंगे हर नर्मदे हर जटा शंकर । काशी विश्वनाथ गंगे, गंगा, गोदावरी तीर्थ बड़े प्रयाग । छालाबड़ी समुद्र की पाप कटे हरिद्वार ॥ ॐ गंगेय ॐ यमुने चैव गोदावरी सरस्वति । नर्मदे सिन्धु कावेरी, जल स्नान च करु ॥ सत्यशील दोय स्नान तृतीय गुरु वाचकं । चतुर्थ क्षमा स्नान, पंचम दया स्नान ॥ ये पांच स्नान निर्मल नित प्रति करत गोरषबाला । जो जानो स्नान ध्यान का भेद आपही कर्ता आपहि देव ॥
तथा साधक अलील गायत्री और शिव गायत्री का पाठ करे और जल अर्पण तर्पण करे ।
सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । तन मंजन जल देवता, मन मंजन गुरु ज्ञान । हाथ मंजन को धर्तरी, अलख पुरुष का ध्यान ॥ जागो जल थल आत्मा जागो अलील देव । जोगी आया करमकूचा वसेदरस परस की टेव ॥ अलील गायत्री सबसे न्यारी, माता कुवारी पिता ब्रह्मचारी । पीया अलील बांधा बंध, बाला जोगी थिरहै कंध ॥ उलटत अलील पलटन्त काया जति गुरु गोरखनाथ चलाया । सेत पुरुष अलील निधान, अविचल आसन निहचल ध्यान ॥ आद अलील अनाद अलील तारण अलील तरण अलील । अलीलाय विद्महे महा अलीलय धीमही तन्नो अलील प्रचोदयात ॥ इति अलील गायत्री सम्पूर्ण भया । अनन्त कोटि सिद्धों में बैठकर श्री नाथजी गुरुजी ने कहायी ॥ श्री नाथ जी गुरुजी को आदेश । आदेश । अतः शिव गायत्री का पाठ करे और तर्पण करे ।
शिव- गायत्री
सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी, जल का दान, जल का स्नान, जलमे ऊपना ब्रह्मज्ञान । जल ही आवै जल ही जाय, जल ही जल में रहया समाय ॥ जल ही ऊंचा जल ही नीचा, उण पाणी सौ लीजै सींचा भूख्याकू अन्न प्यास्याकू पाणी तहां आये गुरु गोरख निरवाणी ॥ पिणा पाणी उत्तम जात, जैसा दीवा तैसी वात । जल में ब्रह्मा, जल में शिव, जल में शक्ति, जल में जीव ॥ जल में धर्ती, जल में आकाश, जल में जागे ज्योति प्रकाश । जल में निरन्जन अवगति रुप, जागी ज्योत जहां अटल अनूप ॥ जहां से उपनी शिव गायत्री, तार तार माता शिव गायत्री । अघोर पिण्ड पडंता राख ब्रह्मा विष्णु महेश्वर साख । जपो शिव गायत्री सारे प्राणी पावै मोक्ष द्वार । जोगी जपे जोग पट ध्यावे राज जपे राजे पद पावे गृही जपे भण्डार भरती दूधपूत सत धरम फलती । जो फल मागू फल होय, शिव गायत्री माता सोय ॥ इतना शिव गायत्री मन्त्र जाप सम्पूर्ण भया । गंगा गोदावरी त्र्यम्बक क्षेत्र कौलागढ़ पर्वत अनुपान शिला कप्लवृक्ष तहा गादी पर बैठे श्री शम्भुजती गुरु
गोरखनाथजी ने नौनाथ चौरासी सिद्ध अनन्त कोट सिद्धों को कथ पढ़ के सुनाया। सिद्धों गुरुवरों को आदेश । आदेश ।
साधक-योगश्वरों ने अपने कुल देवता तथा देवी देवताओं का जल तर्पण करे और धूना कक्ष में जाकर बभूत चढ़ाके योगेश्वर भस्म गायत्री मन्त्र से बभूत रमाते हैं तथा भस्म गायत्री महात्म का तथा योग गायत्री का पाठ करते हैं ।
भस्म गायत्री
सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । बभूत माता बभूत पिता, बभूत तरण तारणी । मानुषते देवता करे, बभूत कसट निवारणी । सो भस्मती माई, जहा पाई तहा रमाई । आदके जोगी अनादकी बभूत सत के जाती धरम के पूत ॥ अमृत झरे धरती फरे, सो फल माता गायत्री चरे । गायत्री माता गोवरी करी, सूरज मुख सुखी अग्नि मुख जरी । अष्ट टंक बभूत नवटंक पाणी, ईश्वर आणी पार्वती छाणी सो भस्मती हस्तक ले मस्तक चढ़ी । चढ़ी बभूत दिल हुवा पाक, अलख निरन्जन आपो आप इति भस्म गायत्री सम्पूर्ण भया नाथजी गुरुजी को आदेश । आदेश ।
इसके बाद योगेश्वर भगवा बाना पहनते हैं। भगवा बाना भगवा मन्त्र पढ़कर या गोरक्ष गायत्री से पहनते हैं ।
भगवा धारण करने का मन्त्र
सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी ॐ सोंह धुन्धुकार शिव शक्ति ने मिल किया पसारा, नख से चीर भग बनाया- रक्त रुप में भगवा आया। अलष पुरुष ने धारण किया । तब पीछे सिद्धों को दिया । आवो सिद्धों धरो ध्यान, भगवा मन्त्र भया प्रणाम इतना भगवा मन्त्र सम्पूर्ण भया । नाथजी गुरुजी को आदेश आदेश ।
तद पश्चात नाद जनेऊ मन्त्र द्वारा जनेऊ पहनते हैं ।
नाद जनेऊ मन्त्र
सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी आदि से शून्य, शून्य में ओंकार आवो सिद्धों नाद बिन्द का करो विचार । नादे चन्द्रमा, नादे सूर्य | ॐ शिव गोरक्ष योगी श्री योगी विलासनाथ गुरु श्री सिद्धयोगी आनन्दनाथ जी साधक तथा योगेश्वरों का प्रतिदिन अखण्ड नित्यकर्म साधक तथा योगेश्वर प्रातः चौथे प्रहर में उठकर अपने आसन पर पदमासन सिद्धासन, गोरक्षासन इशून्य अपने अनूकूल आसन में शरीर को बिल्कुल सीधा रखते हुये बैठ जाये। अपनी आंखों की दृष्टि दोनों भौंओं के बीचों बीच कपाल भ्रूमध्य में स्थिर करें। अपने शरीर में हंस मन्त्र जपा-अजपा छैसो का अभ्यास करे । अर्थात यह जपा-अजपा का जाप इक्कीस हजार । स्वांस संख्या नित्य निरंतर चलती रहती हैं । अतः साधक प्रथम अपने सतगुरुजी का स्मरण करे फिर गुरु मन्त्र का जाप करे या गुरु गोरक्षनाथ जी के बीज मन्त्र का ध्यान करें । बीज मन्त्रः- ॐ शिव गोरक्ष योगी तथा गुरु गोरक्षनाथ जी के द्वादश नाम का सुमिरण करें । गुरु गोरक्ष द्वादश नाम जाप सतं नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । श्री शंभुजती गुरु गोरक्ष नाथ जी के द्वादश नाम तै कौन-कौन बोलिये । ॐ गुरुजी प्रथमे निरंन्जननाथ जी द्वितीय श्री सुधबुधनाथजी, तृतीय श्री कलेश्वरनाथ जी चतुर्थ श्री सिद्ध चौरंगी नाथ जी, पंचमे श्री लालग्वाल नाथ जी, षष्टमे श्री विमलनाथजी, सप्तमे श्री सर्वांगनाथ जी, अष्टमे श्री सत्यनाथजी नवमे श्री गोपालनाथजी, दशमे श्री क्षेत्रनाथजी, एकादशे श्री भूचरनाथजी द्वादशे श्री गुरु गोरक्षनाथजी । ॐ नमो नमो गुरुदेव को, नमो नमो सुखधाम । नामलिये से नर उबरे, कोटि कोटि प्रणाम ।। इति श्री शम्भुजती गोरक्षनाथ जी के द्वादश नाम पठन्ते हरन्ते पाप मोक्ष मुक्ति पदे पदे । नादमुद्रा जोति ज्वाला पिण्ड ज्ञान प्रकासते ।। श्री नाथजी गुरुजी को अतः साधक नवनाथ नाम स्वरुप का जाप करें। नवनाथ स्वरुप सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी ॐकार आदिनाथ ॐ कार स्वरुप बोलिये । उदयनाथ पार्वती धरत्री स्वरुप बोलिये । सत्यनाथ ब्रह्माजी जल स्वरुप बोलिये । सन्तोषनाथ विष्णुजी खड़ग - खाण्डा तेज स्वरुप बोलिये। अचल अचम्भेनाथ आकाश स्वरुप बोलिये । गजबेलि गजकन्थडनाथ गणेश जी गज हस्ती स्वरुप बोलिये । ज्ञानपारखी सिद्धचौरंगी नाथ अठारह भार बनस्पति स्वरुप बोलिये । माया रुपी दादा मत्स्येन्द्रनाथ माया स्वरुप बोलिये। घटे पिण्डे नव निरन्तरे सम्पूर्ण रक्षा करन्ते श्री शम्भुजती गुरु गोरक्षनाथ बाल स्वरूप बोलिये । इतना नौनाथ स्वरुप मन्त्र सम्पूर्ण भया अनन्त कोट सिद्धों में बैठकर गुरु गोरक्षनाथ जी ने कहाया नाथजी गुरुजी आदेश । तदनन्तर योगेश्वर ने धरत्री गायत्री का जाप करके अपने नासिका कि बायां स्वर चले तो प्रथम बायां पैर या दायां स्वर चले तो दायां पैर अथवा दोनों स्वर चले तो दोनों पैर धरती के ऊपर रखें और नमस्कार करें। धरत्री गायत्री आदेश । ॐ गुरुजी ! आद अलील अनाद उपाया सत्यकी धर्ती जुहारलो काया, पहले जल, जल पर कमल, कमल पर मच्छ, मच्छं पर कोरम कोरम पर वासुकी, वासुकी पर धौल बैल धौल बैल पर सींग, सींग पर राई, राई पर श्री नाथजी ने नवखण्ड पृथ्वी ठहराई । प्रथमे धरत्री द्वितीये विश्वंभरा तृतीय मेरु मेदिनी, चतुर्थे चतुर्भुजी, पंचमे कृतिका, षष्टमे ब्रह्मचण्डी, सप्तमे शिवकुमारी, अष्टमे बाला बज्रजोगिनी नवमे नवदुर्गा दशमे सिंहभवानी एकादशे मृतिका नाक द्वादशी वरदायनी । माता धरत्री पिता आकाश, पिण्ड प्राण का तो पर वास । तोपर टेकू दोनों पांई, आगमदे मैलागू पाई ॥ धर्ती माता तू बड़ी तुमसे बड़ा न कोय । जो पग टेकू तोपर मोपर कृपा सुहोय ॥ धर्ती द्वादश नाम पठै गुणै मनमे धरे । जोगी का सब काम, सिद्ध होय वाचा फुरै । इतना धरत्री गायत्री द्वादश नाम जाप सम्पूर्ण भया । अनन्त कोटि सिद्धों में श्री नाथजी ने कहा श्री नाथजी गुरुजी को आदेश दादा मत्स्येन्द्रनाथ की पादुका कौ नमस्ते नमः । औषधी पूरित पात्र दधाना सुमुखाम्बुजा सर्व सस्यालया शुभ्रा भूदेवी शरण भजे ॥ समुद्रवसने देवी । पर्वत स्तनमण्डले । विष्णुपत्नी नमस्तुभ्य पाद स्पर्श क्षमस्व मे ॥ अतः पांव उठाते समय निम्न मन्त्र पढ़े । सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । जिस दिशा को सुर वहत चलै, अवर चलनको चित्तु । सोई पग आगे धरौ वेद कहे यहु हित्तु ॥ चारी मंगला पांचों रवि प्रियणे शशि सूर । गोरख जोगी भाखिया यही जीवन का मूर ॥ यह प्रक्रिया होने के बाद धरत्री पर पांव रखे तथा धरत्री माता को नमस्कार करे । अतः निम्न जल मन्त्र से हाथ पांव धोयें तथा पानी पीवे । जल मन्त्र सत नमो आदेश। गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । ॐ अलख निरन्जन तेरी माया । जल बिम्बाय विदमहे नील पुरुषाय धी मही तन्नो अलील प्रचोदयात । नाथजी गुरु जी को आदेश । अतः श्री गणेश मन्त्र से काया शुद्ध करे । गणेश मन्त्र सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । ॐ मूल चक्रको करलो पाक परसो परम ज्योति प्रकाश । गणपत स्वामी सनमुख रहे, सुद्धि बुद्धि निर्मली गहे ॥ गमकी छोड़ अगमकी कहे । सतगुरु शब्द भेद पर रहे ।। ज्ञान गोष्टि की काया थर्पी सतगुरु दियो लखाय । मूल-महल में पिण्डक जड़िया गगण गरजियो जाय ॥ ॐ गणेशाय विद्यहे महागणपताये धीमही तन्नौ एक दन्तः प्रचोदयात! इति गणेश गायत्री मन्त्र सम्पूर्ण भया अनन्त कोटि सिद्धों में बैठकर गुरुगोरक्षनाथ जी ने पढ़ कथकर सुनाया। नाथजी गुरुजी को आदेश । अतः नेती धोती निपटकर अन्य योगेश्वर आसन तथा योगासन करते हैं। श्री योगेश्वरों के एक सौ पचहत्तर योगासन है । नित्य प्रतिदिन योगेश्वर आसन प्राणायाम क्रियायें करते हैं और शरीर अपने वश में रखते हैं जिससे शरीर में स्थायी आरोग्य स्फूर्ति की प्राप्ति होती है। योगासन योग साधनों में बहुत सहायक हैं। आसन सिद्ध होते हैं और शरीर की जीवनी, शक्ति, अग्नि और बिन्दु नष्ट नहीं होते। "निश्चल आसन पवना ध्यान ध्यान अगनी ब्यंद न जाई ।" अतः साधक आवश्यक उतने ही आसन करे । कुछ योगी मुद्राओं का अभ्यास करते है । जो कि मुद्रायें सिद्धि प्रद होती हैं । अतः निम्न मन्त्र पाठ से साधक स्नान करे तथा अलील गायत्री का पाठ करें । स्नान मन्त्र ॐ हर गंगे हर नर्मदे हर जटा शंकर । काशी विश्वनाथ गंगे, गंगा, गोदावरी तीर्थ बड़े प्रयाग । छालाबड़ी समुद्र की पाप कटे हरिद्वार ॥ ॐ गंगेय ॐ यमुने चैव गोदावरी सरस्वति । नर्मदे सिन्धु कावेरी, जल स्नान च करु ॥ सत्यशील दोय स्नान तृतीय गुरु वाचकं । चतुर्थ क्षमा स्नान, पंचम दया स्नान ॥ ये पांच स्नान निर्मल नित प्रति करत गोरषबाला । जो जानो स्नान ध्यान का भेद आपही कर्ता आपहि देव ॥ तथा साधक अलील गायत्री और शिव गायत्री का पाठ करे और जल अर्पण तर्पण करे । सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । तन मंजन जल देवता, मन मंजन गुरु ज्ञान । हाथ मंजन को धर्तरी, अलख पुरुष का ध्यान ॥ जागो जल थल आत्मा जागो अलील देव । जोगी आया करमकूचा वसेदरस परस की टेव ॥ अलील गायत्री सबसे न्यारी, माता कुवारी पिता ब्रह्मचारी । पीया अलील बांधा बंध, बाला जोगी थिरहै कंध ॥ उलटत अलील पलटन्त काया जति गुरु गोरखनाथ चलाया । सेत पुरुष अलील निधान, अविचल आसन निहचल ध्यान ॥ आद अलील अनाद अलील तारण अलील तरण अलील । अलीलाय विद्महे महा अलीलय धीमही तन्नो अलील प्रचोदयात ॥ इति अलील गायत्री सम्पूर्ण भया । अनन्त कोटि सिद्धों में बैठकर श्री नाथजी गुरुजी ने कहायी ॥ श्री नाथ जी गुरुजी को आदेश । आदेश । अतः शिव गायत्री का पाठ करे और तर्पण करे । शिव- गायत्री सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी, जल का दान, जल का स्नान, जलमे ऊपना ब्रह्मज्ञान । जल ही आवै जल ही जाय, जल ही जल में रहया समाय ॥ जल ही ऊंचा जल ही नीचा, उण पाणी सौ लीजै सींचा भूख्याकू अन्न प्यास्याकू पाणी तहां आये गुरु गोरख निरवाणी ॥ पिणा पाणी उत्तम जात, जैसा दीवा तैसी वात । जल में ब्रह्मा, जल में शिव, जल में शक्ति, जल में जीव ॥ जल में धर्ती, जल में आकाश, जल में जागे ज्योति प्रकाश । जल में निरन्जन अवगति रुप, जागी ज्योत जहां अटल अनूप ॥ जहां से उपनी शिव गायत्री, तार तार माता शिव गायत्री । अघोर पिण्ड पडंता राख ब्रह्मा विष्णु महेश्वर साख । जपो शिव गायत्री सारे प्राणी पावै मोक्ष द्वार । जोगी जपे जोग पट ध्यावे राज जपे राजे पद पावे गृही जपे भण्डार भरती दूधपूत सत धरम फलती । जो फल मागू फल होय, शिव गायत्री माता सोय ॥ इतना शिव गायत्री मन्त्र जाप सम्पूर्ण भया । गंगा गोदावरी त्र्यम्बक क्षेत्र कौलागढ़ पर्वत अनुपान शिला कप्लवृक्ष तहा गादी पर बैठे श्री शम्भुजती गुरु गोरखनाथजी ने नौनाथ चौरासी सिद्ध अनन्त कोट सिद्धों को कथ पढ़ के सुनाया। सिद्धों गुरुवरों को आदेश । आदेश । साधक-योगश्वरों ने अपने कुल देवता तथा देवी देवताओं का जल तर्पण करे और धूना कक्ष में जाकर बभूत चढ़ाके योगेश्वर भस्म गायत्री मन्त्र से बभूत रमाते हैं तथा भस्म गायत्री महात्म का तथा योग गायत्री का पाठ करते हैं । भस्म गायत्री सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी । बभूत माता बभूत पिता, बभूत तरण तारणी । मानुषते देवता करे, बभूत कसट निवारणी । सो भस्मती माई, जहा पाई तहा रमाई । आदके जोगी अनादकी बभूत सत के जाती धरम के पूत ॥ अमृत झरे धरती फरे, सो फल माता गायत्री चरे । गायत्री माता गोवरी करी, सूरज मुख सुखी अग्नि मुख जरी । अष्ट टंक बभूत नवटंक पाणी, ईश्वर आणी पार्वती छाणी सो भस्मती हस्तक ले मस्तक चढ़ी । चढ़ी बभूत दिल हुवा पाक, अलख निरन्जन आपो आप इति भस्म गायत्री सम्पूर्ण भया नाथजी गुरुजी को आदेश । आदेश । इसके बाद योगेश्वर भगवा बाना पहनते हैं। भगवा बाना भगवा मन्त्र पढ़कर या गोरक्ष गायत्री से पहनते हैं । भगवा धारण करने का मन्त्र सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी ॐ सोंह धुन्धुकार शिव शक्ति ने मिल किया पसारा, नख से चीर भग बनाया- रक्त रुप में भगवा आया। अलष पुरुष ने धारण किया । तब पीछे सिद्धों को दिया । आवो सिद्धों धरो ध्यान, भगवा मन्त्र भया प्रणाम इतना भगवा मन्त्र सम्पूर्ण भया । नाथजी गुरुजी को आदेश आदेश । तद पश्चात नाद जनेऊ मन्त्र द्वारा जनेऊ पहनते हैं । नाद जनेऊ मन्त्र सत नमो आदेश । गुरुजी को आदेश । ॐ गुरुजी आदि से शून्य, शून्य में ओंकार आवो सिद्धों नाद बिन्द का करो विचार । नादे चन्द्रमा, नादे सूर्य |
चंडीगढ़ : साध्वी यौन शोषण मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी बताए जाने के बाद भड़की हिंसा के मामले में डेरा सच्चा सौदा से जुड़े 45 लोगों को पुलिस जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है. सूची में शामिल लोगों को पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराना पड़ेगा.
उल्लेखनीय है कि इस सूची में डेरे की चेयरपर्सन विपासना का नाम भी शामिल है. हालाँकि विपासना पहले भी पुलिस को अपना बयान दे चुकी है. हालाँकि विपासना का कहना है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है. इस सूची में आदित्य इंसां, पीआर नैन सहित वकील एस. के. गर्ग का नाम भी शामिल बताया जा रहा है.
आपको बता दें कि गुरुमीत राम रहीम को 25 अगस्त को पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला सहित हरियाणा व पंजाब के कई इलाकों में व्यापक हिंसा हुई थी. इस हिंसा में करीब तीन दर्जन से अधिक लोग मारे गए थे. इस हिंसा में दंगाइयों ने मीडिया को भी नहीं बख्शा और कई वाहनों को आग लगा दी थी. अब इस हिंसा के की जाँच के संबंध में पुलिस डेरे से जुड़े लोगों से पूछताछ करेगी. इसीलिए इन्हें नोटिस जारी किया गया है.
| चंडीगढ़ : साध्वी यौन शोषण मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी बताए जाने के बाद भड़की हिंसा के मामले में डेरा सच्चा सौदा से जुड़े पैंतालीस लोगों को पुलिस जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है. सूची में शामिल लोगों को पुलिस के समक्ष उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराना पड़ेगा. उल्लेखनीय है कि इस सूची में डेरे की चेयरपर्सन विपासना का नाम भी शामिल है. हालाँकि विपासना पहले भी पुलिस को अपना बयान दे चुकी है. हालाँकि विपासना का कहना है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रही है. इस सूची में आदित्य इंसां, पीआर नैन सहित वकील एस. के. गर्ग का नाम भी शामिल बताया जा रहा है. आपको बता दें कि गुरुमीत राम रहीम को पच्चीस अगस्त को पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद पंचकूला सहित हरियाणा व पंजाब के कई इलाकों में व्यापक हिंसा हुई थी. इस हिंसा में करीब तीन दर्जन से अधिक लोग मारे गए थे. इस हिंसा में दंगाइयों ने मीडिया को भी नहीं बख्शा और कई वाहनों को आग लगा दी थी. अब इस हिंसा के की जाँच के संबंध में पुलिस डेरे से जुड़े लोगों से पूछताछ करेगी. इसीलिए इन्हें नोटिस जारी किया गया है. |
कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। ग्वालियर के चक रायपुरा गांव में गौवंश की हत्या मामले में पुलिस ने 4 लोगों पर FIR दर्ज कर लिया है। गांव के लोगों की शिकायत पर महाराजपुरा थाना पुलिस ने आरोपियों मुरादी खान, पप्पू खान, बटरी खान और शाहीद खान पर पर केस तो दर्ज कर लिया। हालांकि सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर है। मामले में राजनीति की भी एंट्री हो गई है।
गौमांस बेचने वाले पकड़े गए, लेकिन हत्यारे नदारद हैं। चक रायपुरा इलाके में असहाय गायों को हत्याकर ढाबों पर बेचने का पाप किया जा रहा है। यह आश्चर्यजनक है कि कसाइयों के पास 30 शस्त्र लाइसेंस है। अवैध निर्माण इन राक्षसों के ऐशगाह बने हुए हैं। इस रैकेट की तह तक जाने के लिए कठोरतम और त्वरित कार्रवाई होना चाहिए। मध्यप्रदेश संपूर्ण गौवध बंदी कानून वाला राज्य है। इसके बावजूद फिर वो कौन लोग हैं जिनके संरक्षण में हिन्दू संवेदनाओं के साथ खेला जा रहा है। अगर देर हुई तो कसाइयों के अड्डों पर मैं स्वयं कूच करने के लिए बाध्य हो जाऊंगा।
| कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। ग्वालियर के चक रायपुरा गांव में गौवंश की हत्या मामले में पुलिस ने चार लोगों पर FIR दर्ज कर लिया है। गांव के लोगों की शिकायत पर महाराजपुरा थाना पुलिस ने आरोपियों मुरादी खान, पप्पू खान, बटरी खान और शाहीद खान पर पर केस तो दर्ज कर लिया। हालांकि सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर है। मामले में राजनीति की भी एंट्री हो गई है। गौमांस बेचने वाले पकड़े गए, लेकिन हत्यारे नदारद हैं। चक रायपुरा इलाके में असहाय गायों को हत्याकर ढाबों पर बेचने का पाप किया जा रहा है। यह आश्चर्यजनक है कि कसाइयों के पास तीस शस्त्र लाइसेंस है। अवैध निर्माण इन राक्षसों के ऐशगाह बने हुए हैं। इस रैकेट की तह तक जाने के लिए कठोरतम और त्वरित कार्रवाई होना चाहिए। मध्यप्रदेश संपूर्ण गौवध बंदी कानून वाला राज्य है। इसके बावजूद फिर वो कौन लोग हैं जिनके संरक्षण में हिन्दू संवेदनाओं के साथ खेला जा रहा है। अगर देर हुई तो कसाइयों के अड्डों पर मैं स्वयं कूच करने के लिए बाध्य हो जाऊंगा। |
GORAKHPUR : डीडीयूजीयू कैंपस को वाई-फाई से लैस किए जाने का प्रोसेज लगभग कंप्लीट कर लिया गया है। डीडीयूजीयू वीसी प्रो। अशोक कुमार ने बताया कि वाइ-फाई का लगभग काम कंप्लीट कर लिया गया है। इसके लिए ट्रायल भी शुरू कर दी गई है। इसका लाभ जल्द ही स्टूडेंट्स को मिलने शुरू हो जाएंगे।
पिछले कई दिनों से डीडीयूजीयू के एडी बिल्िडग में धरने पर बैठे बीपीएड स्टूडेंट्स से वीसी प्रो। अशोक कुमार ने मुलाकात कर उनकी समस्या सुनी। वहीं हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने के चलते स्टूडेंट्स ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
मारवाड़ बिजनेस स्कूल में एनुअल स्पोर्ट्स कॉम्प्टीशन का आयोजन किया गया। पहला मैच महिलाओं के बीच खेला गया। वहीं दूसरा मैच पुरुषों के बीच खेला गया। यह जानकारी स्पोर्ट्स ऑफिसर डॉ। सुनील कुमार ने दी।
एमपीपीजी कॉलेज में भारत-भारती पखवाड़ा के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बालक वर्ग में चार टीम और बालिका वर्ग में तीन टीम ने भाग लिया। यह जानकारी कॉलेज पीआरओ डॉ। राजेश शुक्ल ने दी।
एबीवीपी की महानगर इकाई ने स्टेशन रोड स्थित महाराणा प्रताप की मूर्ति के पास नशा छोड़ो दूध पियो कार्यक्रम के साथ लोगों को दूध पिलाया। वहीं इस कार्यक्रम के चीफ गेस्ट डीडीयूजीयू वीसी प्रो। अशोक कुमार रहे। इन्होंने भी इस मौके पर लोगों को नशा छोड़ दूध पीने की अपील की। इस मौके पर प्रदेश मंत्री उमंग सिंह, महानगर अध्यक्षा डॉ। सुषमा पाण्डेय, महानगर मंत्री दीपक कुमार व डॉ। विनय कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
सेंट एंड्रयूज कॉलेज महिला प्रकोष्ठ 'केयर' की तरफ से ट्यूज्डे को 'नारी संसार एवं विषमताएं' पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसके चीफ गेस्ट सीओ कुशीनगर शशि शेखर रहे। इस मौके पर नारी सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम की चीफ गेस्ट डॉ। अर्चना लाल व कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ। जेके लाल ने की।
सेंट एंड्रयूज कॉलेज के बीएड सेशन ख्0क्फ्-क्ब् के स्टूडेंट्स के प्रैक्टिकल्स क्म् व क्7 जनवरी को होंगे। इसके लिए सभी स्टूडेंट्स अपने बीएड विभाग से संपर्क करें। यह जानकारी कॉलेज के प्रिंसिपल ने दी।
| GORAKHPUR : डीडीयूजीयू कैंपस को वाई-फाई से लैस किए जाने का प्रोसेज लगभग कंप्लीट कर लिया गया है। डीडीयूजीयू वीसी प्रो। अशोक कुमार ने बताया कि वाइ-फाई का लगभग काम कंप्लीट कर लिया गया है। इसके लिए ट्रायल भी शुरू कर दी गई है। इसका लाभ जल्द ही स्टूडेंट्स को मिलने शुरू हो जाएंगे। पिछले कई दिनों से डीडीयूजीयू के एडी बिल्िडग में धरने पर बैठे बीपीएड स्टूडेंट्स से वीसी प्रो। अशोक कुमार ने मुलाकात कर उनकी समस्या सुनी। वहीं हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन होने के चलते स्टूडेंट्स ने अपना धरना समाप्त कर दिया। मारवाड़ बिजनेस स्कूल में एनुअल स्पोर्ट्स कॉम्प्टीशन का आयोजन किया गया। पहला मैच महिलाओं के बीच खेला गया। वहीं दूसरा मैच पुरुषों के बीच खेला गया। यह जानकारी स्पोर्ट्स ऑफिसर डॉ। सुनील कुमार ने दी। एमपीपीजी कॉलेज में भारत-भारती पखवाड़ा के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बालक वर्ग में चार टीम और बालिका वर्ग में तीन टीम ने भाग लिया। यह जानकारी कॉलेज पीआरओ डॉ। राजेश शुक्ल ने दी। एबीवीपी की महानगर इकाई ने स्टेशन रोड स्थित महाराणा प्रताप की मूर्ति के पास नशा छोड़ो दूध पियो कार्यक्रम के साथ लोगों को दूध पिलाया। वहीं इस कार्यक्रम के चीफ गेस्ट डीडीयूजीयू वीसी प्रो। अशोक कुमार रहे। इन्होंने भी इस मौके पर लोगों को नशा छोड़ दूध पीने की अपील की। इस मौके पर प्रदेश मंत्री उमंग सिंह, महानगर अध्यक्षा डॉ। सुषमा पाण्डेय, महानगर मंत्री दीपक कुमार व डॉ। विनय कुमार सिंह आदि शामिल रहे। सेंट एंड्रयूज कॉलेज महिला प्रकोष्ठ 'केयर' की तरफ से ट्यूज्डे को 'नारी संसार एवं विषमताएं' पर सेमिनार का आयोजन किया गया। इसके चीफ गेस्ट सीओ कुशीनगर शशि शेखर रहे। इस मौके पर नारी सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम की चीफ गेस्ट डॉ। अर्चना लाल व कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ। जेके लाल ने की। सेंट एंड्रयूज कॉलेज के बीएड सेशन ख्शून्यक्फ्-क्ब् के स्टूडेंट्स के प्रैक्टिकल्स क्म् व क्सात जनवरी को होंगे। इसके लिए सभी स्टूडेंट्स अपने बीएड विभाग से संपर्क करें। यह जानकारी कॉलेज के प्रिंसिपल ने दी। |
Bal Vatika: हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों में नर्सरी एडमिशन के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। फरीदाबाद के राजकीय विद्यालयों की बाल वाटिकाओं में दाखिलों की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य में नई शिक्षा नीति के तहत 5 वर्ष से कम आयुवर्ग के बच्चों का दाखिला इन बाल वाटिकाओं में किया जाएगा। बाल वाटिका में छात्रों का पठन-पाठन खेलकूद पर आधारित होगा। इसके तहत करीब 4 घंटे ही से छात्र वाटिका में रहेंगे। इस दौरान उन्हें मिड-डे मील की सुविधा भी दी जाएगी।
Bal Vatika:फरीदाबाद जिले के करीब 70 राजकीय आदर्श संस्कृति विद्यालयों में प्रथम चरण में बाल वाटिकाएं शुरू की जाएंगी। इनमें 3 हजार बच्चों को दाखिला मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा शिक्षा विभाग के अनुसार निजी प्ले स्कूल की तर्ज पर यहां काम होगा। छात्रों को कक्षा एक के शिक्षक पढ़ाएंगे। अगर कक्षा में 25 से अधिक छात्र हैं तो अलग से भी शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इन शिक्षकों को बाकयदा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
एनसीईआरटी ने बाल वाटिकाओं में पढ़ने वाले बच्चों के लिए जादुई पिटारा नामक पाठ्य सामग्री तैयार की है। इतना ही नहीं बच्चों को पुस्तकें, कॉपियां, बैग, स्टेशनरी, वर्दी आदि फ्री दी जाएंगी।
| Bal Vatika: हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों में नर्सरी एडमिशन के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं। फरीदाबाद के राजकीय विद्यालयों की बाल वाटिकाओं में दाखिलों की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य में नई शिक्षा नीति के तहत पाँच वर्ष से कम आयुवर्ग के बच्चों का दाखिला इन बाल वाटिकाओं में किया जाएगा। बाल वाटिका में छात्रों का पठन-पाठन खेलकूद पर आधारित होगा। इसके तहत करीब चार घंटाटे ही से छात्र वाटिका में रहेंगे। इस दौरान उन्हें मिड-डे मील की सुविधा भी दी जाएगी। Bal Vatika:फरीदाबाद जिले के करीब सत्तर राजकीय आदर्श संस्कृति विद्यालयों में प्रथम चरण में बाल वाटिकाएं शुरू की जाएंगी। इनमें तीन हजार बच्चों को दाखिला मिलने की उम्मीद है। हरियाणा शिक्षा विभाग के अनुसार निजी प्ले स्कूल की तर्ज पर यहां काम होगा। छात्रों को कक्षा एक के शिक्षक पढ़ाएंगे। अगर कक्षा में पच्चीस से अधिक छात्र हैं तो अलग से भी शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इन शिक्षकों को बाकयदा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एनसीईआरटी ने बाल वाटिकाओं में पढ़ने वाले बच्चों के लिए जादुई पिटारा नामक पाठ्य सामग्री तैयार की है। इतना ही नहीं बच्चों को पुस्तकें, कॉपियां, बैग, स्टेशनरी, वर्दी आदि फ्री दी जाएंगी। |
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