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दिन के अधिकतर समय बैठे रहने की जीवनशैली के अलावा मानसिक तनाव, अपर्याप्त नींद इन महामारियों के मुख्य कारण हैं और इसी वजह से नमक व चीनी की खपत भी बढ़ रही है। यह भी कह सकते हैं कि "चीनी एक तरह की नई तंबाकू है"। चीनी के अधिक सेवन के कारण ये विभिन्न समस्याएं हो सकती हैंः
कहा जाता है कि चीनी बच्चों में अतिशय सक्रियता की दोषी है। कुछ बच्चे ज्यादा चीनी खाने की वजह से अति सक्रिय रहते हैं। जब उन्हें चीनी मिल जाती है, जब वे वास्तव में उद्दंड हो जाते हैं। लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं है। इस पर जो साहित्य उपलब्ध है, उसके तथ्यों का कोई आधार नहीं है।
बहुत से लोगों को चीनी की लत हो सकती है। दुष्प्रयुक्त ड्रग्स की तरह, मस्तिष्क के प्रतिफल केन्द्र में चीनी डोपामाईन जारी करती है। इससे लोगों में तृप्ति में कमी आती है और तब लोगों को इसकी लत लग जाती है, जिससे उनका खुद पर से नियंत्रण छूट जाता है। इसमें आश्चर्य नहीं है कि जो लोग अधिक चीनी का सेवन करते हैं, उनके वजन बढ़ने की आशंका अधिक होती है। यह बात उम्र के सभी समूहों पर लागू होती है।
चीनी का लेप्टिन प्रतिरोध में भी योगदान रहता है, जो वजन बढ़ने, लालसा व नींद की परेशानी आदि के लिए जावाब्देह है। यहाँ तक कि चीनी के अधिक सेवन से याददाश्त की समस्याएँ भी संबद्ध हैं।
- इस लत से छुटकारे के लिए स्वयं प्रतिबद्ध रहें।
- चीनी के सभी प्रकारों को रोकेंः रिफाइंड आटे, कृत्रिम मिठास, प्री-पैकेज्ड आहार।
- चीनी से समृद्ध पेयों को पीना बंद करें।
- प्रत्येक भोजन में प्रोटीन मिलाएं।
- यदि आप कार्बोहाईड्रेट्स खा रहे हैं, तो गैर-स्टार्ची सब्जियां खाएं।
- अपने तनाव का प्रबंधन करें।
- अच्छी निद्रा लें।
| दिन के अधिकतर समय बैठे रहने की जीवनशैली के अलावा मानसिक तनाव, अपर्याप्त नींद इन महामारियों के मुख्य कारण हैं और इसी वजह से नमक व चीनी की खपत भी बढ़ रही है। यह भी कह सकते हैं कि "चीनी एक तरह की नई तंबाकू है"। चीनी के अधिक सेवन के कारण ये विभिन्न समस्याएं हो सकती हैंः कहा जाता है कि चीनी बच्चों में अतिशय सक्रियता की दोषी है। कुछ बच्चे ज्यादा चीनी खाने की वजह से अति सक्रिय रहते हैं। जब उन्हें चीनी मिल जाती है, जब वे वास्तव में उद्दंड हो जाते हैं। लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं है। इस पर जो साहित्य उपलब्ध है, उसके तथ्यों का कोई आधार नहीं है। बहुत से लोगों को चीनी की लत हो सकती है। दुष्प्रयुक्त ड्रग्स की तरह, मस्तिष्क के प्रतिफल केन्द्र में चीनी डोपामाईन जारी करती है। इससे लोगों में तृप्ति में कमी आती है और तब लोगों को इसकी लत लग जाती है, जिससे उनका खुद पर से नियंत्रण छूट जाता है। इसमें आश्चर्य नहीं है कि जो लोग अधिक चीनी का सेवन करते हैं, उनके वजन बढ़ने की आशंका अधिक होती है। यह बात उम्र के सभी समूहों पर लागू होती है। चीनी का लेप्टिन प्रतिरोध में भी योगदान रहता है, जो वजन बढ़ने, लालसा व नींद की परेशानी आदि के लिए जावाब्देह है। यहाँ तक कि चीनी के अधिक सेवन से याददाश्त की समस्याएँ भी संबद्ध हैं। - इस लत से छुटकारे के लिए स्वयं प्रतिबद्ध रहें। - चीनी के सभी प्रकारों को रोकेंः रिफाइंड आटे, कृत्रिम मिठास, प्री-पैकेज्ड आहार। - चीनी से समृद्ध पेयों को पीना बंद करें। - प्रत्येक भोजन में प्रोटीन मिलाएं। - यदि आप कार्बोहाईड्रेट्स खा रहे हैं, तो गैर-स्टार्ची सब्जियां खाएं। - अपने तनाव का प्रबंधन करें। - अच्छी निद्रा लें। |
नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट के सर्वकालिक महान लेग स्पिनर्स में से एक भागवत चंद्रशेखर का आज अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। ये दिन भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए निश्चित तौर पर सेलिब्रेशन का है। 17 मई 1945 को कर्नाटक के मैसूर में जन्मे भागवत चंद्रशेखर के बारे में एक बात कम लोगों को मालूम है कि बचपन में उनका दाहिना हाथ पोलियो से ग्रसित हो गया था। हालांकि उनकी कलाई में इसका कोई असर नहीं पड़ा। इसी हाथ की कलाई की मदद से वो तकरीबन मध्यम गति वाली गेंदों को गेंदों तरफ स्पिन कराने में सक्षम थे। गुगली, टॉप स्पिन और लेग ब्रेक उनकी सबसे बड़ी ताकत थी।
जिस दौर में दुनियाभर में तेज गेंदबाजों का दबदबा हुआ करता था उस दौर में भागवत चंद्रशेखर, इरापल्ली प्रसन्ना, बिशन सिंह बेदी, वेंकटराघवन की चौकड़ी धमाल मचा रही थी। भारतीय टीम की उस दौर में सफलता में इस स्पिन तिकड़ी का अहम योगदान होता था। चंद्रशेखर एक मैच विजेता गेंदबाज थे। उन्होंने साल 1971 में भारत की इंग्लैंड के ओवल और 1977-78 में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न मिली जीत में अहम भूमिका अदा की थी। यह भारत की ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट जीत थी। ओवल में खेले गए टेस्ट मैच में चंद्रशेखर ने 38 रन पर इंग्लैंड के 6 विकेट धराशायी कर दिए थे। वहीं मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने 104 रन देकर 12 विकेट लेकर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। चंद्रशेखर के करियर के दौरान भारत ने कुल 14 टेस्ट मैच जीते। इन 14 टेस्ट मैचों में उन्होंने 19. 27 के औसत से 98 विकेट लिए।
चंद्रशेखर जितने मंझे हुए गेंदबाज थे उतने ही फिसड्डी बल्लेबाज थे। उन्होंने 1964 में इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में डेब्यू किया था। इस मैच में उन्होंने 5 विकेट हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 1964 से 1979 के बीच 15 साल के करियर में कुल 58 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान 97 पारियों में 29. 74 के औसत और 65. 9 के स्ट्राइक रेट से कुल 242 विकेट हासिल किए। उन्होंने एक पारी में 16 बार पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए। वहीं मैच में दो बार 10 से ज्यादा विकेट हासिल किए। उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8/79 रहा। जबकि एक मैच में उन्होंने 12/104 विकेट हासिल किए।
चंद्रशेखर ने लेग स्पिन गेंदबाजी को उस दौर में स्थापित किया जब इसे एक विलुप्त कला माना जाने लगा था। जिन टेस्ट मैचों में भारत ने जीत हासिल की उसमें उन्होंने 19वीं गेंद में विकेट हासिल किया। वहीं जिसमें भारतीय टीम को जीत नहीं मिली उन मैचों में वो 37वीं गेंद में विकेट झटक सके। वहीं बल्लेबाजी में उन्होंने 80 पारियों में 4. 07 की औसत से 167 रन बनाए। 39 बार वो नाबाद रहे। करियर की 80 टेस्ट पारियों में से 38 में खाता भी नहीं खोल पाए।
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 246 मैच में 24. 03 की औसत से 1063 विकेट हासिल किए। उन्होंने 75 बार पारी में पांच विकेट से ज्यादा लिए और 19 बार मैच में 10 या उससे ज्यादा विकेट लिए। उनका प्रथमश्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 9/72 विकेट रहा।
| नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट के सर्वकालिक महान लेग स्पिनर्स में से एक भागवत चंद्रशेखर का आज अपना पचहत्तरवां जन्मदिन मना रहे हैं। ये दिन भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए निश्चित तौर पर सेलिब्रेशन का है। सत्रह मई एक हज़ार नौ सौ पैंतालीस को कर्नाटक के मैसूर में जन्मे भागवत चंद्रशेखर के बारे में एक बात कम लोगों को मालूम है कि बचपन में उनका दाहिना हाथ पोलियो से ग्रसित हो गया था। हालांकि उनकी कलाई में इसका कोई असर नहीं पड़ा। इसी हाथ की कलाई की मदद से वो तकरीबन मध्यम गति वाली गेंदों को गेंदों तरफ स्पिन कराने में सक्षम थे। गुगली, टॉप स्पिन और लेग ब्रेक उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। जिस दौर में दुनियाभर में तेज गेंदबाजों का दबदबा हुआ करता था उस दौर में भागवत चंद्रशेखर, इरापल्ली प्रसन्ना, बिशन सिंह बेदी, वेंकटराघवन की चौकड़ी धमाल मचा रही थी। भारतीय टीम की उस दौर में सफलता में इस स्पिन तिकड़ी का अहम योगदान होता था। चंद्रशेखर एक मैच विजेता गेंदबाज थे। उन्होंने साल एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर में भारत की इंग्लैंड के ओवल और एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर-अठहत्तर में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न मिली जीत में अहम भूमिका अदा की थी। यह भारत की ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट जीत थी। ओवल में खेले गए टेस्ट मैच में चंद्रशेखर ने अड़तीस रन पर इंग्लैंड के छः विकेट धराशायी कर दिए थे। वहीं मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने एक सौ चार रन देकर बारह विकेट लेकर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। चंद्रशेखर के करियर के दौरान भारत ने कुल चौदह टेस्ट मैच जीते। इन चौदह टेस्ट मैचों में उन्होंने उन्नीस. सत्ताईस के औसत से अट्ठानवे विकेट लिए। चंद्रशेखर जितने मंझे हुए गेंदबाज थे उतने ही फिसड्डी बल्लेबाज थे। उन्होंने एक हज़ार नौ सौ चौंसठ में इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में डेब्यू किया था। इस मैच में उन्होंने पाँच विकेट हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने एक हज़ार नौ सौ चौंसठ से एक हज़ार नौ सौ उन्यासी के बीच पंद्रह साल के करियर में कुल अट्ठावन टेस्ट मैच खेले और इस दौरान सत्तानवे पारियों में उनतीस. चौहत्तर के औसत और पैंसठ. नौ के स्ट्राइक रेट से कुल दो सौ बयालीस विकेट हासिल किए। उन्होंने एक पारी में सोलह बार पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए। वहीं मैच में दो बार दस से ज्यादा विकेट हासिल किए। उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आठ/उन्यासी रहा। जबकि एक मैच में उन्होंने बारह/एक सौ चार विकेट हासिल किए। चंद्रशेखर ने लेग स्पिन गेंदबाजी को उस दौर में स्थापित किया जब इसे एक विलुप्त कला माना जाने लगा था। जिन टेस्ट मैचों में भारत ने जीत हासिल की उसमें उन्होंने उन्नीसवीं गेंद में विकेट हासिल किया। वहीं जिसमें भारतीय टीम को जीत नहीं मिली उन मैचों में वो सैंतीसवीं गेंद में विकेट झटक सके। वहीं बल्लेबाजी में उन्होंने अस्सी पारियों में चार. सात की औसत से एक सौ सरसठ रन बनाए। उनतालीस बार वो नाबाद रहे। करियर की अस्सी टेस्ट पारियों में से अड़तीस में खाता भी नहीं खोल पाए। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने दो सौ छियालीस मैच में चौबीस. तीन की औसत से एक हज़ार तिरेसठ विकेट हासिल किए। उन्होंने पचहत्तर बार पारी में पांच विकेट से ज्यादा लिए और उन्नीस बार मैच में दस या उससे ज्यादा विकेट लिए। उनका प्रथमश्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नौ/बहत्तर विकेट रहा। |
अथ पंचपद वंदना
[नोटः- जैन धर्म में अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु - ये पांच वदनीक पद वतलाया है। अरिहंत, सिद्ध-अशरीरी, आचार्य्य उपाध्याय और मुनि ( साधु ) इनका आद्याक्षर, अ+ अ+ आ+ उ+ म् इनकी संधि करने से ओम् होता है। ओम् केवल जैनियों के नहीं प्रत्युत भारत के प्रायः सभी धर्मवालों के आदर का शब्द है। अतः इन पांच पदों की वंदना प्रत्यह करने से आत्मिक विशुद्धि व उन्नति होती है। है समस्त पाठकों को इस बंदना को याद कर लेना चाहिए और कम से कम सुवह उठकर और रात में सोते वक्त शुद्ध मन से जयना सहित इन पंच परमेष्टि की वंदना कर कृतकृत्य होना
पहिले पड़ श्री सीमंधर स्वामी आदि देई जघन्य २० (बीस) तीर्थकर देवाधिदेवजी उत्कृष्टा १६० ( एकसह साठ ) तीर्थङ्कर देवाधिदेवजी पञ्चमहाबिदेह खेत्रां के विषै बिचरै छै, अनन्त ज्ञान का धणी, अनन्त दर्शन का धणी, अनन्त बल का धणी, एक हजार आठ लक्षणा का धारणहार, चौसठ इन्द्रां का पूजनीक, चौतीस अतिशय, पैंतीस चाणी, द्वादश गुण सहित बिराजमान है, ज्यां अरिहन्ता से मांहरी वन्दना तिक्खुता का पाठ से मालूम होज्यो ।
दूजे पद अनन्ता सिद्ध, पन्दरा भेदे अनन्ती चौबीसी मोक्ष पहुंता तिहां जनम नहीं, जरा नहीं, रोग नहीं, सोग नहीं, मरण नहीं,
भय नहीं, संयोग नहीं. त्रियोग नहीं, दुःख नहीं, दारिद्र नहीं, फिर पाछा गर्भावास में आवै नहीं, इसा उत्तम सिद्ध भगवन्ता से मांहरी वन्दना तिक्खुता का पाठ से मालूम होज्यो ।
तीजै पद जघन्य दोय कोड़ केवली उत्कृष्टा नव कोड़ केवलो पश्च महाविदेह खेत्रां में विचरै छै, केवल ज्ञान केवल दर्शण का धारक, लोकालोक प्रकाशक, सर्व द्रव्य खेत्रकाल भाव जाणे देखें छै, ज्यां केबली जी से मांहरी वन्दना तिक्खता का पाठ से मालूम होज्यो ।
चौथे पढ़ गणधरजी आचार्यजी उपाध्यायजी थविरजी, ते गणधरजी महाराज केहवा है, अनेक गुणा विराजमान है, आचार्यजी महाराज केहवा छै, छत्तिस गुणा विराजमान है, उपाध्यायजी महाराज केहवा छै, पञ्चीस गुणा विराजमान है, थविरजी महाराज केहवा छै धर्म से डिगता हुआ प्राणी ने थिर करी राखे, शुद्ध आचार पाले पलावे, ज्यां उत्तम पुरुषां से मांहरी वन्दना तिक्खुत्ता का पाठ से मालूम होज्यो ।
पंचमें पढ़ मौहरा धर्म आचारज गुरु पूज्य श्री श्री श्री १००८ श्री श्री तुलसीगमजी स्वामी ( वर्त्तमान आचारज को नाम लेणो ) आदि जघन्य दोय हजार कोड़ साधू साध्वी. उत्कृष्टा नव हजार कोड़ साधू साध्वी, अढ़ाई द्वीप पन्दरै खेत्रां में विचरै छै तं महा उत्तम पुरुष केहवा छै, पंच महाव्रत का पालणहार, छवं काया ना पोहर, पंच सुमति सुमता, तीन गुप्ति गुप्ता, नत्र विधि वाड सहित ब्रह्मचना पालनहार, वारै भेदै तपस्या का करणहार, वावीस परीसह का जीतंणहार, 'वयालीस दोष टाल आहार पाणी का
लेवणहार, बावन व्यणाचार का टालणहार, सताबीस गुण संयुक्त, निर्लोभी, निर्लालची, सचित्त का त्यागी, अचित्त का भोगी, संसार से पूठा, मोक्ष से सहामां, मस्त्रादी, त्यागी, वैरागी, तेडिया आवै नहीं, नोंतियां जीमें नहीं, बायरानीं पर अप्रतिबन्ध विहारी इसा महापुरुषां से मांहरी वन्दना तिषखुता का पाठ से मालूम होज्यो । | अथ पंचपद वंदना [नोटः- जैन धर्म में अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु - ये पांच वदनीक पद वतलाया है। अरिहंत, सिद्ध-अशरीरी, आचार्य्य उपाध्याय और मुनि इनका आद्याक्षर, अ+ अ+ आ+ उ+ म् इनकी संधि करने से ओम् होता है। ओम् केवल जैनियों के नहीं प्रत्युत भारत के प्रायः सभी धर्मवालों के आदर का शब्द है। अतः इन पांच पदों की वंदना प्रत्यह करने से आत्मिक विशुद्धि व उन्नति होती है। है समस्त पाठकों को इस बंदना को याद कर लेना चाहिए और कम से कम सुवह उठकर और रात में सोते वक्त शुद्ध मन से जयना सहित इन पंच परमेष्टि की वंदना कर कृतकृत्य होना पहिले पड़ श्री सीमंधर स्वामी आदि देई जघन्य बीस तीर्थकर देवाधिदेवजी उत्कृष्टा एक सौ साठ तीर्थङ्कर देवाधिदेवजी पञ्चमहाबिदेह खेत्रां के विषै बिचरै छै, अनन्त ज्ञान का धणी, अनन्त दर्शन का धणी, अनन्त बल का धणी, एक हजार आठ लक्षणा का धारणहार, चौसठ इन्द्रां का पूजनीक, चौतीस अतिशय, पैंतीस चाणी, द्वादश गुण सहित बिराजमान है, ज्यां अरिहन्ता से मांहरी वन्दना तिक्खुता का पाठ से मालूम होज्यो । दूजे पद अनन्ता सिद्ध, पन्दरा भेदे अनन्ती चौबीसी मोक्ष पहुंता तिहां जनम नहीं, जरा नहीं, रोग नहीं, सोग नहीं, मरण नहीं, भय नहीं, संयोग नहीं. त्रियोग नहीं, दुःख नहीं, दारिद्र नहीं, फिर पाछा गर्भावास में आवै नहीं, इसा उत्तम सिद्ध भगवन्ता से मांहरी वन्दना तिक्खुता का पाठ से मालूम होज्यो । तीजै पद जघन्य दोय कोड़ केवली उत्कृष्टा नव कोड़ केवलो पश्च महाविदेह खेत्रां में विचरै छै, केवल ज्ञान केवल दर्शण का धारक, लोकालोक प्रकाशक, सर्व द्रव्य खेत्रकाल भाव जाणे देखें छै, ज्यां केबली जी से मांहरी वन्दना तिक्खता का पाठ से मालूम होज्यो । चौथे पढ़ गणधरजी आचार्यजी उपाध्यायजी थविरजी, ते गणधरजी महाराज केहवा है, अनेक गुणा विराजमान है, आचार्यजी महाराज केहवा छै, छत्तिस गुणा विराजमान है, उपाध्यायजी महाराज केहवा छै, पञ्चीस गुणा विराजमान है, थविरजी महाराज केहवा छै धर्म से डिगता हुआ प्राणी ने थिर करी राखे, शुद्ध आचार पाले पलावे, ज्यां उत्तम पुरुषां से मांहरी वन्दना तिक्खुत्ता का पाठ से मालूम होज्यो । पंचमें पढ़ मौहरा धर्म आचारज गुरु पूज्य श्री श्री श्री एक हज़ार आठ श्री श्री तुलसीगमजी स्वामी आदि जघन्य दोय हजार कोड़ साधू साध्वी. उत्कृष्टा नव हजार कोड़ साधू साध्वी, अढ़ाई द्वीप पन्दरै खेत्रां में विचरै छै तं महा उत्तम पुरुष केहवा छै, पंच महाव्रत का पालणहार, छवं काया ना पोहर, पंच सुमति सुमता, तीन गुप्ति गुप्ता, नत्र विधि वाड सहित ब्रह्मचना पालनहार, वारै भेदै तपस्या का करणहार, वावीस परीसह का जीतंणहार, 'वयालीस दोष टाल आहार पाणी का लेवणहार, बावन व्यणाचार का टालणहार, सताबीस गुण संयुक्त, निर्लोभी, निर्लालची, सचित्त का त्यागी, अचित्त का भोगी, संसार से पूठा, मोक्ष से सहामां, मस्त्रादी, त्यागी, वैरागी, तेडिया आवै नहीं, नोंतियां जीमें नहीं, बायरानीं पर अप्रतिबन्ध विहारी इसा महापुरुषां से मांहरी वन्दना तिषखुता का पाठ से मालूम होज्यो । |
भोपाल, 7 सितंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को पूरा कराने के लिए गुरुवार को राज्य सरकार के खिलाफ 'नींद हराम आंदोलन' के तहत दो दिवसीय सत्याग्रह शुरू कर दिया है।
प्रदेशभर से भोपाल पहुंचे अतिथि शिक्षकों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी और शोषण करने का आरोप लगाया।
राजधानी के शाहजहानी पार्क में अतिथि शिक्षक संगठन समिति के बैनर तले जमा हुए अतिथि शिक्षकों ने गुरुवार से दो दिवसीय सत्याग्रह शुरू किया है। साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि वह उनसे मजदूरों से भी बुरा बर्ताव करना बंद कर दें, नहीं तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
समिति के प्रदेशाध्यक्ष शंभूचरण दुबे ने कहा कि राज्य सरकार अतिथि शिक्षकों का आर्थिक, मानसिक शोषण कर रही है, उन्हें 100 रुपये प्रतिदिन दिए जाते हैं, जबकि मजदूर कहीं इससे ज्यादा रकम पाता है। मनरेगा में मजदूर को 173 रुपये मिल रहे हैं, अर्धकुशल को 265 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, वहीं ईमानदारी से शिक्षण कार्य करने वाले को महज सौ रुपये। अतिथि शिक्षकों का परिवार आज भुखमरी की कगार पर है।
दुबे ने कहा है कि अभी राजधानी में दो दिवसीय सत्याग्रह है, जो गांधीवादी है। उसके बाद अतिथि शिक्षक सड़कों पर भी उतरने से नहीं चूकेंगे। उनकी मांग है कि अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाया जाए, डीएड और बीएड से मुक्त रखते हुए अनुभव के आधार पर 12 वर्ष की उम्र में छूट दी जाए। नवीनीकरण की प्रक्रिया बंद करने के साथ जिन अतिथि शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उन्हें दोबारा रखा जाए।
समिति के संरक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह ने अतिथि शिक्षकों से अपने हित की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। शुक्रवार को भी अतिथि शिक्षकों का सत्याग्रह जारी रहेगा।
| भोपाल, सात सितंबर । मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को पूरा कराने के लिए गुरुवार को राज्य सरकार के खिलाफ 'नींद हराम आंदोलन' के तहत दो दिवसीय सत्याग्रह शुरू कर दिया है। प्रदेशभर से भोपाल पहुंचे अतिथि शिक्षकों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी और शोषण करने का आरोप लगाया। राजधानी के शाहजहानी पार्क में अतिथि शिक्षक संगठन समिति के बैनर तले जमा हुए अतिथि शिक्षकों ने गुरुवार से दो दिवसीय सत्याग्रह शुरू किया है। साथ ही सरकार को चेतावनी दी कि वह उनसे मजदूरों से भी बुरा बर्ताव करना बंद कर दें, नहीं तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। समिति के प्रदेशाध्यक्ष शंभूचरण दुबे ने कहा कि राज्य सरकार अतिथि शिक्षकों का आर्थिक, मानसिक शोषण कर रही है, उन्हें एक सौ रुपयापये प्रतिदिन दिए जाते हैं, जबकि मजदूर कहीं इससे ज्यादा रकम पाता है। मनरेगा में मजदूर को एक सौ तिहत्तर रुपयापये मिल रहे हैं, अर्धकुशल को दो सौ पैंसठ रुपयापये प्रतिदिन मिलते हैं, वहीं ईमानदारी से शिक्षण कार्य करने वाले को महज सौ रुपये। अतिथि शिक्षकों का परिवार आज भुखमरी की कगार पर है। दुबे ने कहा है कि अभी राजधानी में दो दिवसीय सत्याग्रह है, जो गांधीवादी है। उसके बाद अतिथि शिक्षक सड़कों पर भी उतरने से नहीं चूकेंगे। उनकी मांग है कि अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाया जाए, डीएड और बीएड से मुक्त रखते हुए अनुभव के आधार पर बारह वर्ष की उम्र में छूट दी जाए। नवीनीकरण की प्रक्रिया बंद करने के साथ जिन अतिथि शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उन्हें दोबारा रखा जाए। समिति के संरक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह ने अतिथि शिक्षकों से अपने हित की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। शुक्रवार को भी अतिथि शिक्षकों का सत्याग्रह जारी रहेगा। |
महाभारत ग्रन्थ में प्रक्षेप
[ लेखक - श्री स्वामी वेदानन्द सरस्वती, अध्यक्ष, विरजानन्द वैदिक संस्थान ( १ ) गणेश की कथा
रामायण तथा महाभारत ये दोनो मन्थरत्न आर्ग्यजाति की बहुमूल्य सम्पत्ति हैं। रामायण का महत्त्व द्योतित करने के लिए इतना ही बस है कि रूस जैसे अध्यात्मभाव विरोधी देश के एक विद्वान् को रामायण का रूसी भाषा मे अनुवाद करने के उपरान्त लिखना पड़ा "सीता जैसी पावन चरित स्त्री अन्यत्र असंभव है।" एक क्षण के लिए इसी कवि की कल्पना मान लीजिए । किन्तु ऐसी कल्पना करने वाले कवि की पवित्रता को तो बरबस साधुवाद देना ही होगा । महाभारत का गौरव उसके विस्तार तथा उसके सर्वग्रासी होने के कारण है। यह किसी एक की रचना नहीं है, इसे किसी अन्य अवसर के लिए छोड़ते हैं । अनेकों की रचना होने पर भी इसमें भई प्रक्षेप हुए हैं। हम ऐसे स्पष्ट प्रतीत होने भद्दो वाले प्रक्षेपो का दिग्दर्शन करना चाहते है ।
यह सभी को विदितचर है कि व्यास जी जब महाभारत बना चुके तो उन्हें यह चिन्ता हुई कि इसे किस से लिखवायें ? तब ब्रह्मा जी की सम्मति से उन्होंने पौराणिक देवता गणेश को स्मरण किया । गणेश ने लेखक बनना तो स्वीकार किया किन्तु एक प्रतिबन्ध के साथ कि मेरी लेखनी रुके नहीं। व्यास जी ने भी इस पर एक प्रतिबन्ध अपनी ओर से लगाया कि बिना समझे लिखना नहीं। जैसा कि उपलभ्यमान
महाभारत आदि पर्व के प्रथमाध्याय में लिखा हैलेखको भारतस्यास्य भव त्वं गणनायक । मयैव प्रोच्यमानस्य मनसा कल्पितस्य च ॥३७ श्रुत्वैतत्प्राह विघ्नेशो यद मे लेखनी क्षणम् । लिखंती नावतिष्ठत तदा स्यां लेखको ह्यम् ७८ व्यासोप्युवाचतं देवमबुद्धा मा लिख क्यचन् । ओमित्युक्त्वा गणेशोपेि बभूव किल लेखकः॥ ७६ हे गणनायक = गणेश ! मुझ से कथ्यमान तथा मन से कल्पित (रचित) इस भारत का तू लेखक = लिपिकर्ता हो । इसे सुनकर विघ्नेश गणेश ने कहा - यदि लिखते हुए मेरी लेखनी एक क्षण भी न रुकने पाए तो मैं इसका लेखक हो सकूं । व्यास ने भी उस देव को कहा - समझे ।। - तू भी कहीं मत लिखियो, 'ओम्' [ स्वीकार है ] यह कह कर गणेश भी लेखक हो गया ।
जिस समय ये श्लोक बन.ए गए, इनमें वर्णित कथांश उससे बहुत पूर्व का है, क्योंकि इसमें प्रयुक्त हुए 'बभूव किल' ये शब्द पूर्वकाल के द्योतक हैं ।
हमारा कहना यह है कि यह सारा सन्दर्भ प्रक्षिप्त है। इसका प्रमाण इसी अध्याय में विद्यमान है। देखिये -
तपसा ब्रह्मचर्येण व्यस्य वेदं सनातनम् । इतिहासमिमं चक्रे पुण्यं सत्यवतीसुतः ।।५४ पराशरात्मजो विद्वान ब्रह्मर्षिः संशितव्रतः । | महाभारत ग्रन्थ में प्रक्षेप [ लेखक - श्री स्वामी वेदानन्द सरस्वती, अध्यक्ष, विरजानन्द वैदिक संस्थान गणेश की कथा रामायण तथा महाभारत ये दोनो मन्थरत्न आर्ग्यजाति की बहुमूल्य सम्पत्ति हैं। रामायण का महत्त्व द्योतित करने के लिए इतना ही बस है कि रूस जैसे अध्यात्मभाव विरोधी देश के एक विद्वान् को रामायण का रूसी भाषा मे अनुवाद करने के उपरान्त लिखना पड़ा "सीता जैसी पावन चरित स्त्री अन्यत्र असंभव है।" एक क्षण के लिए इसी कवि की कल्पना मान लीजिए । किन्तु ऐसी कल्पना करने वाले कवि की पवित्रता को तो बरबस साधुवाद देना ही होगा । महाभारत का गौरव उसके विस्तार तथा उसके सर्वग्रासी होने के कारण है। यह किसी एक की रचना नहीं है, इसे किसी अन्य अवसर के लिए छोड़ते हैं । अनेकों की रचना होने पर भी इसमें भई प्रक्षेप हुए हैं। हम ऐसे स्पष्ट प्रतीत होने भद्दो वाले प्रक्षेपो का दिग्दर्शन करना चाहते है । यह सभी को विदितचर है कि व्यास जी जब महाभारत बना चुके तो उन्हें यह चिन्ता हुई कि इसे किस से लिखवायें ? तब ब्रह्मा जी की सम्मति से उन्होंने पौराणिक देवता गणेश को स्मरण किया । गणेश ने लेखक बनना तो स्वीकार किया किन्तु एक प्रतिबन्ध के साथ कि मेरी लेखनी रुके नहीं। व्यास जी ने भी इस पर एक प्रतिबन्ध अपनी ओर से लगाया कि बिना समझे लिखना नहीं। जैसा कि उपलभ्यमान महाभारत आदि पर्व के प्रथमाध्याय में लिखा हैलेखको भारतस्यास्य भव त्वं गणनायक । मयैव प्रोच्यमानस्य मनसा कल्पितस्य च ॥सैंतीस श्रुत्वैतत्प्राह विघ्नेशो यद मे लेखनी क्षणम् । लिखंती नावतिष्ठत तदा स्यां लेखको ह्यम् अठहत्तर व्यासोप्युवाचतं देवमबुद्धा मा लिख क्यचन् । ओमित्युक्त्वा गणेशोपेि बभूव किल लेखकः॥ छिहत्तर हे गणनायक = गणेश ! मुझ से कथ्यमान तथा मन से कल्पित इस भारत का तू लेखक = लिपिकर्ता हो । इसे सुनकर विघ्नेश गणेश ने कहा - यदि लिखते हुए मेरी लेखनी एक क्षण भी न रुकने पाए तो मैं इसका लेखक हो सकूं । व्यास ने भी उस देव को कहा - समझे ।। - तू भी कहीं मत लिखियो, 'ओम्' [ स्वीकार है ] यह कह कर गणेश भी लेखक हो गया । जिस समय ये श्लोक बन.ए गए, इनमें वर्णित कथांश उससे बहुत पूर्व का है, क्योंकि इसमें प्रयुक्त हुए 'बभूव किल' ये शब्द पूर्वकाल के द्योतक हैं । हमारा कहना यह है कि यह सारा सन्दर्भ प्रक्षिप्त है। इसका प्रमाण इसी अध्याय में विद्यमान है। देखिये - तपसा ब्रह्मचर्येण व्यस्य वेदं सनातनम् । इतिहासमिमं चक्रे पुण्यं सत्यवतीसुतः ।।चौवन पराशरात्मजो विद्वान ब्रह्मर्षिः संशितव्रतः । |
भारत और इंग्लैंड के बीच जारी 5 टी-20 मैचों की सीरीज का दूसरा मैच फिलहाल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। मैच के दौरान भारतीय टीम ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरी इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में 164 रन बनाए।
इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने मैच में जीत हासिल कर ली। मैच में जीत के बाद विराट कोहली पोस्ट मैच प्रजेंटेशन सेरेमनी में पहुचे तो उन्होंने टीम के खिलाड़ियों की तारीफ की।
दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना थोड़ा बेहतर था, गेंद थोड़ी कम उछली। शायद इसी वजह से बहुत सॉर्ट गेंदबाजी की गई। मैंने वह करने की कोशिश की जो मैं कर सकता हूं। ईशान किशन ने आज बेहतरीन बल्लेबाजी की, उसकी बल्लेबाजी ने खेल को विपक्ष से दूर कर दिया। पदार्पण मैच में ईशान ने बेहतरीन पारी खेली।
"हार्दिक को भी श्रेय जाता जो की हमारे लिए खेल में कम से कम 3 ओवर गेंदबाजी कर रहे हैं। अगले 6 से 8 महीने की अवधि के लिए उसने वादा किया है कि वह ऑलराउंडर होने के लिए सब कुछ करने जा रहा है, जिसकी टीम को तीनों प्रारूपों में जरूरत है। वह हर समय टीम के लिए खेलते हैं"।
| भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पाँच टी-बीस मैचों की सीरीज का दूसरा मैच फिलहाल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। मैच के दौरान भारतीय टीम ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरी इंग्लैंड ने निर्धारित बीस ओवर में एक सौ चौंसठ रन बनाए। इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने मैच में जीत हासिल कर ली। मैच में जीत के बाद विराट कोहली पोस्ट मैच प्रजेंटेशन सेरेमनी में पहुचे तो उन्होंने टीम के खिलाड़ियों की तारीफ की। दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना थोड़ा बेहतर था, गेंद थोड़ी कम उछली। शायद इसी वजह से बहुत सॉर्ट गेंदबाजी की गई। मैंने वह करने की कोशिश की जो मैं कर सकता हूं। ईशान किशन ने आज बेहतरीन बल्लेबाजी की, उसकी बल्लेबाजी ने खेल को विपक्ष से दूर कर दिया। पदार्पण मैच में ईशान ने बेहतरीन पारी खेली। "हार्दिक को भी श्रेय जाता जो की हमारे लिए खेल में कम से कम तीन ओवर गेंदबाजी कर रहे हैं। अगले छः से आठ महीने की अवधि के लिए उसने वादा किया है कि वह ऑलराउंडर होने के लिए सब कुछ करने जा रहा है, जिसकी टीम को तीनों प्रारूपों में जरूरत है। वह हर समय टीम के लिए खेलते हैं"। |
नयी दिल्ली। जो लोग नौकरी करते हैं उनके पास रिटायरमेंट के लिए बचत करने का एक शानदार ऑप्शन होता है। ये ऑप्शन है ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि)। ये पैसा आपकी बेसिक सैलेरी में से कटता है। जितना योगदान आपकी सैलेरी में से पीएफ फंड में जाता है उतना ही पैसा आपकी कंपनी भी आपके ईपीएफ खाते में डालती है। ये पैसा हर महीने जमा होता रहता है, जिस पर ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) ब्याज देता है। इस तरह रिटायरमेंट तक आप अच्छा खासा पैसा जमा कर सकते हैं। वैसे अब ईपीएफ में से जरूरत के समय पैसा निकालना आसान हो गया है। मगर बेहतर यही है कि इस पैसे को आप भूल जाएं और रिटायरमेंट के बाद के लिए ही बचा कर रखें। मगर ईपीएफ का एक और बेनेफिट है, जिसके बारे में अधिकतर लोग नहीं जानते। इस बेनेफिट में 7 लाख रु मिलते हैं। आइए जानते हैं पूरी डिटेल।
बहुत कम लोग जानते हैं कि ईपीएफ खाताधारकों को 7 लाख रु का फ्री इंश्योरेंस मिलता है। यह लाइफ इंश्योरेंस की तरह है, जिसमें यदि खाताधारक की मृत्यु हो जाए तो उसके परिवार को 7 लाख रु की राशि दी जाती है। बता दें कि पहले यह बीमा राशि 6 लाख रु तक थी, मगर अब इसे बढ़ा कर 7 लाख रु कर दिया गया है। यदि किसी भी ईपीएफ खाताधारक की नौकरी अवधि में मौत हो जाए तो उसके नॉमिनी को 7 लाख रु तक मिलेंगे। ये पैसा एक बार में ही दिया जाता है।
हालांकि सभी को 7 लाख रु नहीं दिए जाते। इसकी अलग-अलग तरीके से कैल्कुलेशन की जाती है। कर्मचारी डिपोजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम के तहत ईपीएफ खाताधारकों को फ्री बीमा दिया जाता है। बीमा का पैसा कर्मचारी की नौकरी की अवधि दौरान मृत्यु पर दिया जाता है। इस पैसे के परिवार को आर्थिक मदद मिलती है। ध्यान रहे कि ये रकम केवल कर्मचारी के एक्टिव (नौकरी करते हुए) रहते हुए ही मिलती है।
बीमा स्कीम के तहत ईपीएफ खाताधारक के नॉमिनी को पिछले 12 महीनों में मिली मासिक सैलेरी के 30 गुना पैसे मिलते हैं। मगर ये अधिकतम 7 लाख रु होते हैं। परिवार को यह पैसा दुर्घटना या सामान्य मृत्यु के मामले में भी मिलता है। मगर इसके लिए नॉमिनी को कई दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं। दस्तावेज जमा करने के बाद ही क्लेम का पैसा मिलता है।
क्लेम के लिए नॉमिनी के आवेदन को एम्प्लोयर की तरफ से वेरिफाई होना जरूरी है। एम्प्लोयर यदि क्लेम वेरिफाई न कर पाए तो गैजेटेड ऑफिसर, मजिस्ट्रेट, ग्राम पंचायत अध्यक्ष, नगरपालिका या जिला स्थानीय बोर्ड के अध्यक्ष / सचिव / सदस्य, सांसद या विधायक उसे वेरिफाई कर सकते हैं।
सॉफ्टवेयर की दिक्कत के कारण 50 लाख लोगों को ईपीएफ पर ब्याज का पैसा नहीं मिला है। तकनीकी दिक्कत के चलते इन लोगों के खातों में ब्याज का पैसा नहीं पहुंच सका है। कहा जा रहा है कि ऐसे लोगों को आगामी 15-20 दिनों में ईपीएफ ब्याज का पैसा दे दिया जाएगा। असल में यदि किसी कंपनी के एक व्यक्ति के ईपीएफ खाते में कोई गड़बड़ी है तो इसके चलते कंपनी के सभी लोगों के खातों में ब्याज का पैसा क्रेडिट नहीं हो रहा है।
| नयी दिल्ली। जो लोग नौकरी करते हैं उनके पास रिटायरमेंट के लिए बचत करने का एक शानदार ऑप्शन होता है। ये ऑप्शन है ईपीएफ । ये पैसा आपकी बेसिक सैलेरी में से कटता है। जितना योगदान आपकी सैलेरी में से पीएफ फंड में जाता है उतना ही पैसा आपकी कंपनी भी आपके ईपीएफ खाते में डालती है। ये पैसा हर महीने जमा होता रहता है, जिस पर ईपीएफओ ब्याज देता है। इस तरह रिटायरमेंट तक आप अच्छा खासा पैसा जमा कर सकते हैं। वैसे अब ईपीएफ में से जरूरत के समय पैसा निकालना आसान हो गया है। मगर बेहतर यही है कि इस पैसे को आप भूल जाएं और रिटायरमेंट के बाद के लिए ही बचा कर रखें। मगर ईपीएफ का एक और बेनेफिट है, जिसके बारे में अधिकतर लोग नहीं जानते। इस बेनेफिट में सात लाख रु मिलते हैं। आइए जानते हैं पूरी डिटेल। बहुत कम लोग जानते हैं कि ईपीएफ खाताधारकों को सात लाख रु का फ्री इंश्योरेंस मिलता है। यह लाइफ इंश्योरेंस की तरह है, जिसमें यदि खाताधारक की मृत्यु हो जाए तो उसके परिवार को सात लाख रु की राशि दी जाती है। बता दें कि पहले यह बीमा राशि छः लाख रु तक थी, मगर अब इसे बढ़ा कर सात लाख रु कर दिया गया है। यदि किसी भी ईपीएफ खाताधारक की नौकरी अवधि में मौत हो जाए तो उसके नॉमिनी को सात लाख रु तक मिलेंगे। ये पैसा एक बार में ही दिया जाता है। हालांकि सभी को सात लाख रु नहीं दिए जाते। इसकी अलग-अलग तरीके से कैल्कुलेशन की जाती है। कर्मचारी डिपोजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम के तहत ईपीएफ खाताधारकों को फ्री बीमा दिया जाता है। बीमा का पैसा कर्मचारी की नौकरी की अवधि दौरान मृत्यु पर दिया जाता है। इस पैसे के परिवार को आर्थिक मदद मिलती है। ध्यान रहे कि ये रकम केवल कर्मचारी के एक्टिव रहते हुए ही मिलती है। बीमा स्कीम के तहत ईपीएफ खाताधारक के नॉमिनी को पिछले बारह महीनों में मिली मासिक सैलेरी के तीस गुना पैसे मिलते हैं। मगर ये अधिकतम सात लाख रु होते हैं। परिवार को यह पैसा दुर्घटना या सामान्य मृत्यु के मामले में भी मिलता है। मगर इसके लिए नॉमिनी को कई दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं। दस्तावेज जमा करने के बाद ही क्लेम का पैसा मिलता है। क्लेम के लिए नॉमिनी के आवेदन को एम्प्लोयर की तरफ से वेरिफाई होना जरूरी है। एम्प्लोयर यदि क्लेम वेरिफाई न कर पाए तो गैजेटेड ऑफिसर, मजिस्ट्रेट, ग्राम पंचायत अध्यक्ष, नगरपालिका या जिला स्थानीय बोर्ड के अध्यक्ष / सचिव / सदस्य, सांसद या विधायक उसे वेरिफाई कर सकते हैं। सॉफ्टवेयर की दिक्कत के कारण पचास लाख लोगों को ईपीएफ पर ब्याज का पैसा नहीं मिला है। तकनीकी दिक्कत के चलते इन लोगों के खातों में ब्याज का पैसा नहीं पहुंच सका है। कहा जा रहा है कि ऐसे लोगों को आगामी पंद्रह-बीस दिनों में ईपीएफ ब्याज का पैसा दे दिया जाएगा। असल में यदि किसी कंपनी के एक व्यक्ति के ईपीएफ खाते में कोई गड़बड़ी है तो इसके चलते कंपनी के सभी लोगों के खातों में ब्याज का पैसा क्रेडिट नहीं हो रहा है। |
इस्लामाबादः पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लोकसभा चुनाव में भारी जीत के लिए बधाई दी.
वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैजल ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने दो ट्वीट किए हैं. फैजल ने लिखा है कि आज पीएम (इमरान खान) ने पीएम मोदी से बात की और भारत के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी की जीत पर उन्हें बधाई दी. पीएम ने भारत के प्रधानमंत्री से दोनों देशों को लोगों की बेहतरी के लिए एक साथ काम करने की इच्छा जताई है.
PM spoke to PM Modi today and congratulated him on his party's electoral victory in Lok Sabha elections in India. PM expressed his desire for both countries to work together for betterment of their peoples.
हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.
फैजल ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा है कि प्रधानमंत्री ने दक्षिण एशिया में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए अपने दृष्टिकोण को दोहराया है. वह पीएम मोदी के साथ इन उद्देश्यों को आगे ले जाने के लिए काम करना चाहते हैं.
बता दें कि सात चरणों के लोकसभा चुनाव के बाद 23 मई को आए रिजल्ट में पीएम मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए को 352 जबकि अकेले भाजपा को 303 सीटें मिली हैं. भारत में लगभग 90 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 67 प्रतिशत ने 11 अप्रैल 19 मई तक हुए सात चरणों के चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इस चुनाव में पीएम मोदी ने भारी सफलता हासिल की है. ध्यान देने वाले बात है कि इस चुनाव में पाकिस्तान भी प्रमुख मुद्दा बना रहा. बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के साथ युद्ध तक कि स्थिति बन गई जिसे पीएम मोदी ने जमकर चुनाव में मुद्दा बनाया.
| इस्लामाबादः पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गुरुवार को अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा चुनाव में भारी जीत के लिए बधाई दी. वहीं पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फैजल ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने दो ट्वीट किए हैं. फैजल ने लिखा है कि आज पीएम ने पीएम मोदी से बात की और भारत के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी की जीत पर उन्हें बधाई दी. पीएम ने भारत के प्रधानमंत्री से दोनों देशों को लोगों की बेहतरी के लिए एक साथ काम करने की इच्छा जताई है. PM spoke to PM Modi today and congratulated him on his party's electoral victory in Lok Sabha elections in India. PM expressed his desire for both countries to work together for betterment of their peoples. हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें. फैजल ने अपने दूसरे ट्वीट में कहा है कि प्रधानमंत्री ने दक्षिण एशिया में शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए अपने दृष्टिकोण को दोहराया है. वह पीएम मोदी के साथ इन उद्देश्यों को आगे ले जाने के लिए काम करना चाहते हैं. बता दें कि सात चरणों के लोकसभा चुनाव के बाद तेईस मई को आए रिजल्ट में पीएम मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए को तीन सौ बावन जबकि अकेले भाजपा को तीन सौ तीन सीटें मिली हैं. भारत में लगभग नब्बे करोड़ मतदाताओं में से लगभग सरसठ प्रतिशत ने ग्यारह अप्रैल उन्नीस मई तक हुए सात चरणों के चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया. इस चुनाव में पीएम मोदी ने भारी सफलता हासिल की है. ध्यान देने वाले बात है कि इस चुनाव में पाकिस्तान भी प्रमुख मुद्दा बना रहा. बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के साथ युद्ध तक कि स्थिति बन गई जिसे पीएम मोदी ने जमकर चुनाव में मुद्दा बनाया. |
उत्तरी माली में इस्लामी आतंकियों ने शनिवार को एक सेना शिविर पर हमला किया। इस हमले में 14 सैनिकों की मौत हो गई। सेना प्रवक्ता कर्नल डरेन कोन ने आतंकी हमले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यह आतंकी हमला टिंबुकटु क्षेत्र में हुआ है।
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| उत्तरी माली में इस्लामी आतंकियों ने शनिवार को एक सेना शिविर पर हमला किया। इस हमले में चौदह सैनिकों की मौत हो गई। सेना प्रवक्ता कर्नल डरेन कोन ने आतंकी हमले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि यह आतंकी हमला टिंबुकटु क्षेत्र में हुआ है। Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news. |
वेस्टइंडीज और इंग्लैंड तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में आमने-सामने हैं। एंटीगुआ में खेले गए पहले मैच का कोई नतीजा नहीं निकला था और अब बारबाडोस में हुआ दूसरा टेस्ट भी ड्रॉ हो गया है। इंग्लैंड ने 282 रन का लक्ष्य दिया था और वेस्टइंडीज ने अंतिम दिन दूसरी पारी में 65 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 135 रन जुटाए। एक समय विंडीज के पांच विकेट 100 रन से पहले ही गिर गए थे और लग रहा था कि वेस्टइंडीज हार की ओर बढ़ रही है। लेकिन बतौर ओपनर उतरे कप्तान क्रेग ब्रैथवेट ने उम्मीद नहीं छोड़ी। वह आखिर तक डटे रहे और इंग्लिश गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए। उन्होंने 4 घंटे से भी अधिक समय तक बल्लेबाजी की और 184 गेंदों में 4 चौकों की मदद से नाबाद 56 रन बनाए।
ब्रैथवेट के अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज जोशुआ दा सिल्वा ने टिककर बल्लेबाजी की। उन्होंने 63 गेंदों में 6 चौकों के जरिए नाबाद 30 रन बनाकर कप्तान का बखूबी साथ दिया। जोशुआ और ब्रैथवेट ने छठे विकेट के लिए 42 रन की अटूट साझेदारी की। इससे पहले वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में शुरुआत बेहद निराशाजनक रही थी। सलामी बल्लेबाज जॉन कैम्पबेल छठे ओवर में महज 10 रन बनाकर आउट हो गए थे। उनके बाद शामराह ब्रूक्स (4) नौवें ओवर में पवेलियन लौटे। एन्क्रूमाह बैनर (3) 13वें जबकि जर्मेन ब्लैकवुड (27) ने 37वें ओवर में विकेट खोया। वहीं, जेसन होल्डर बिना खाता खोले 45वें ओवर में आउट हुए। इंग्लैंड के लिए जैक लीच ने तीन और साकिब महमूद ने 2 विकेट चटकाए।
इंग्लैंड ने दूसरे टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी थी और पहली पारी 507/9 के स्कोर पर घोषित की। वहीं, वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 411 रन बनाए थे और मेजबान टीम 96 रन से पिछड़ी गई थी। वेस्टइंडीज के लिए पहली पारी में भी ब्रैथवेट ने शानदार बल्लेबाजी की और 489 गेंदों में 160 रन बनाए। ब्रैथवेट को मैच में शानदार बैटिंग के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया है। बता दें कि इंग्लैंड ने दूसरी पारी पांचवें दिन 185/6 के स्कोर पर घोषित की। चौथे दिन खराब रोशनी के कारण जल्दी खेल खत्म हो गया था, जिसके बाद इंग्लैंड ने आखिरी दिन अपनी दूसरी पारी बिना किसी नुकसान के 40 रन से आगे बढ़ाई थी।
| वेस्टइंडीज और इंग्लैंड तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में आमने-सामने हैं। एंटीगुआ में खेले गए पहले मैच का कोई नतीजा नहीं निकला था और अब बारबाडोस में हुआ दूसरा टेस्ट भी ड्रॉ हो गया है। इंग्लैंड ने दो सौ बयासी रन का लक्ष्य दिया था और वेस्टइंडीज ने अंतिम दिन दूसरी पारी में पैंसठ ओवर में पाँच विकेट के नुकसान पर एक सौ पैंतीस रन जुटाए। एक समय विंडीज के पांच विकेट एक सौ रन से पहले ही गिर गए थे और लग रहा था कि वेस्टइंडीज हार की ओर बढ़ रही है। लेकिन बतौर ओपनर उतरे कप्तान क्रेग ब्रैथवेट ने उम्मीद नहीं छोड़ी। वह आखिर तक डटे रहे और इंग्लिश गेंदबाजों के हौसले पस्त कर दिए। उन्होंने चार घंटाटे से भी अधिक समय तक बल्लेबाजी की और एक सौ चौरासी गेंदों में चार चौकों की मदद से नाबाद छप्पन रन बनाए। ब्रैथवेट के अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज जोशुआ दा सिल्वा ने टिककर बल्लेबाजी की। उन्होंने तिरेसठ गेंदों में छः चौकों के जरिए नाबाद तीस रन बनाकर कप्तान का बखूबी साथ दिया। जोशुआ और ब्रैथवेट ने छठे विकेट के लिए बयालीस रन की अटूट साझेदारी की। इससे पहले वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में शुरुआत बेहद निराशाजनक रही थी। सलामी बल्लेबाज जॉन कैम्पबेल छठे ओवर में महज दस रन बनाकर आउट हो गए थे। उनके बाद शामराह ब्रूक्स नौवें ओवर में पवेलियन लौटे। एन्क्रूमाह बैनर तेरहवें जबकि जर्मेन ब्लैकवुड ने सैंतीसवें ओवर में विकेट खोया। वहीं, जेसन होल्डर बिना खाता खोले पैंतालीसवें ओवर में आउट हुए। इंग्लैंड के लिए जैक लीच ने तीन और साकिब महमूद ने दो विकेट चटकाए। इंग्लैंड ने दूसरे टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी थी और पहली पारी पाँच सौ सात/नौ के स्कोर पर घोषित की। वहीं, वेस्टइंडीज ने पहली पारी में चार सौ ग्यारह रन बनाए थे और मेजबान टीम छियानवे रन से पिछड़ी गई थी। वेस्टइंडीज के लिए पहली पारी में भी ब्रैथवेट ने शानदार बल्लेबाजी की और चार सौ नवासी गेंदों में एक सौ साठ रन बनाए। ब्रैथवेट को मैच में शानदार बैटिंग के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया है। बता दें कि इंग्लैंड ने दूसरी पारी पांचवें दिन एक सौ पचासी/छः के स्कोर पर घोषित की। चौथे दिन खराब रोशनी के कारण जल्दी खेल खत्म हो गया था, जिसके बाद इंग्लैंड ने आखिरी दिन अपनी दूसरी पारी बिना किसी नुकसान के चालीस रन से आगे बढ़ाई थी। |
टोरंटो, 15 जून (आईएएनएस)। कनाडा के स्कारबोरो में एक आवासीय परिसर के खेल के मैदान में हुई गोलीबारी में घायल दो बच्चियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, गुरुवार को शाम लगभग पांच बजे पांच से नौ साल की नौ बच्चियों को गोली लगी।
सीटीवी के मुताबिक, पांच साल की बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस संदिग्ध की तलाश कर रही है।
| टोरंटो, पंद्रह जून । कनाडा के स्कारबोरो में एक आवासीय परिसर के खेल के मैदान में हुई गोलीबारी में घायल दो बच्चियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, गुरुवार को शाम लगभग पांच बजे पांच से नौ साल की नौ बच्चियों को गोली लगी। सीटीवी के मुताबिक, पांच साल की बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस संदिग्ध की तलाश कर रही है। |
बेलारूस स्वच्छ नदियों और झीलों, अनंत जंगलों, अद्वितीय भंडार, राष्ट्रीय उद्यानों के अपने प्रचुरता के लिए प्रसिद्ध है।
राजधानी - मिन्स्क - केंद्र और आस-पास के इलाकों में बहुत सारे होटल सुविधाओं में केंद्रित है।
कुलीन होटल परिसर में निम्न शामिल हैंः
कमरे एक सुरुचिपूर्ण क्लासिक शैली में सजाए गए हैं। वातानुकूलन, टीवी, रेडियो, टेलीफोन, मिनी बार आराम के साथ कमरे भरें आसपास के बाथरूम में टॉयलेटरीज़, तौलिए, चप्पल के साथ स्नानवस्त्र, हेअर ड्रायर शामिल हैं।
सकारात्मक प्रतिक्रियाओं के बहुत सारे संस्थान की उच्च स्थिति की पुष्टि करते हैं - यह महान, ठाठ, सुविधाजनक, स्वादिष्ट है!
असंतोषजनक सत्यापन का सामान्य अर्थसेवा शब्दों में बयान किया जा सकता हैः "कुछ भी नहीं एकदम सही है" - महंगा नाश्ता, सिंथेटिक भराव के साथ तकिए, कमरे में खिड़की दीवार, एक छोटे से मनोरंजन प्रदान nepafosnuyu कार हस्तांतरण करने के लिए दिखाई दे रही थी।
होटल कॉम्प्लेक्स 4-सितारा अनुरूपों में अग्रणी है। आवासीय भवन वास्तुशिल्प स्मारकों की सूची में शामिल है।
आवास के लिए, एक कमरे के अपार्टमेंट उपलब्ध हैं1-2 व्यक्तियों के लिए शानदार अच्छी तरह से तैयार इंटीरियर, 2-3 कमरे के सुइट्स और एक फायरप्लेस युक्त लक्जरी अपार्टमेंट, भोजन और कामकाजी क्षेत्र के साथ एक राष्ट्रपति कमरा, 2 बेडरूम, एक सौना।
मेहमान सैटेलाइट एलसीडी टीवी, मिनी बार, सुरक्षित, लंबी दूरी की टेलीफोन, हेअर ड्रायर का उपयोग कर सकते हैं। हमेशा चाय / कॉफी और उपयुक्त बर्तन हैं। मुफ्त वाई-फाई, फिटनेस, पार्किंग।
सेवाओं का एक बड़ा पैकेज प्रदान किया जाता हैः
मेहमानों के लिए राष्ट्रीय और यूरोपीय व्यंजन, बुफे के साथ रेस्तरां खोलें। लॉबी में एक लॉबी बार है।
अधिकांश पर्यटकों को सकारात्मक इंप्रेशन के साथ छोड़ दिया गया थाः
ग्राहकों को डिस्कने में त्रुटियां मिलींः
22 मंजिला इमारत नदी से ऊपर उगती है। Svisloch (शहर के केंद्र)। 500 से अधिक कमरे लक्जरी, अपार्टमेंट, बिजनेस क्लास की श्रेणियों से संबंधित हैं।
कमरे के भीतर सेफ, शॉवर, रेफ़्रिजरेटर, केबल टी.वी., टेलीफोन, वाई-फाई, मिनीबार।
3 सितारों के बावजूद, होटल बेलारूस (मिन्स्क) में एक बुनियादी ढांचा है जो स्थिति संस्थानों से बहुत कम नहीं हैः
अधिकांश अतिथि होटल "बेलारूस" की सराहना करते हैं। समीक्षा कमरे के सफल डिजाइन और सफाई, कर्मचारियों की सद्भावना, अच्छे व्यंजन पर छू गई।
लेकिन इस तथ्य के दावे हैं किः
"ईस्ट टाइम" होटल की बजट श्रेणी को संदर्भित करता है। पहली नज़र में बस स्टेशन "वोस्टोची" के पास, केंद्र से दूरी में इसका स्थान एक नुकसान लगता है। हालांकि, आवास के लिए किराए पर बचत, पर्यटक दर्शनीय स्थलों के भ्रमण उद्देश्यों और खरीदारी के लिए दोनों शहरों के आसपास दैनिक बस यात्रा कर सकते हैं। नगरपालिका परिवहन नियमित रूप से केंद्र में जाता है - अंतिम स्टॉप के पास।
बाथरूम के साथ आरामदायक आरामदायक 1-3 बेडरूमनए फर्नीचर, टीवी, इंटरनेट के साथ सुसज्जित। 24 घंटे का स्वागत एक केतली और हेअर ड्रायर प्रदान करता है। खाते में स्वीडिश सिस्टम पर नाश्ते शामिल हैं। बेलारूस में सबसे अच्छे होटल के रूप में, "ईस्ट टाइम" मुफ़्त वाई-फाई प्रदान करता है।
पूर्व मेहमानों ने कर्मचारियों, आरामदायक बिस्तर, ताजा लिनन, स्वादिष्ट भोजन का ध्यान दिया।
असंतोष के लिए प्रेरणा निम्नलिखित तथ्यों थीः
देश के कई सांस्कृतिक केंद्रों (विटेब्स्क, ग्रोडनो, गोमेल, ब्रेस्ट इत्यादि) में बेलारूस में होटल कभी-कभी आकर्षण और ठाठ में राजधानी को पार करते हैं।
गोमेल में, एक पार्क होटल हाल ही में खोला गया थालक्ज़री क्लास "कैसल"। इसकी वास्तुकला ने इमारतों की सजावट में पुराने स्लाविक महल और आधुनिक दिशाओं की शैली को जोड़ा। इस सुविधा को उत्कृष्ट इंटीरियर अंदरूनी, परिदृश्य डिजाइन में देखा जा सकता है। होटल का क्षेत्र नदी पर प्रसिद्ध गोमेल पार्क का हिस्सा है। SOG।
42 कमरे विश्व मानकों के अनुसार सुसज्जित हैंः
एक अद्भुत सहारा, कर्मचारियों की अविश्वसनीय ध्यान व्यापार मीटिंग्स, शादियों, रोमांटिक आराम के लिए उपलब्ध है। यह आगंतुकों की प्रतिक्रिया से पुष्टि की है।
एक लोकप्रिय होटल सुविधा देश के बाहर भी है। स्पा होटल "बेलारूस" (Krasnaya Polyana, सोची) एक ढलान पर स्थित है, यह एक बड़े पहाड़ शैलेट जैसा दिखता है।
एक अच्छे आराम के लिए यहां एक अच्छा आधार हैः
कमरों में टीवी, एयर कंडीशनिंग, मुफ्त इंटरनेट हैं। आसपास के बाथरूम में - शॉवर, स्वच्छता किट, हेयर ड्रायर। रेस्टोरेंट एक मेनू और बुफे, स्नैक बार - हल्के स्नैक्स पेश करते हैं।
होटल "बेलारूस" (Krasnaya Polyana) 2014 में खोला गया और मनोरंजन के लिए पहले से ही कई मेहमानों को ले लिया है।
दुर्लभ अपवाद वाले मेहमान सर्वसम्मति से हैं कि व्यंजन स्वादिष्ट और अधिक विविध हो सकता है, परिसर में स्पा प्रक्रियाओं का विस्तार असुविधाजनक है, और टीवी कुछ चैनल पकड़ता है।
लेकिन हर कोई ताजा हवा, खूबसूरत पहाड़ के दृश्य, एक बड़ा पार्क, आकर्षक स्कीइंग के लिए एक उच्च स्कोर डालता है।
| बेलारूस स्वच्छ नदियों और झीलों, अनंत जंगलों, अद्वितीय भंडार, राष्ट्रीय उद्यानों के अपने प्रचुरता के लिए प्रसिद्ध है। राजधानी - मिन्स्क - केंद्र और आस-पास के इलाकों में बहुत सारे होटल सुविधाओं में केंद्रित है। कुलीन होटल परिसर में निम्न शामिल हैंः कमरे एक सुरुचिपूर्ण क्लासिक शैली में सजाए गए हैं। वातानुकूलन, टीवी, रेडियो, टेलीफोन, मिनी बार आराम के साथ कमरे भरें आसपास के बाथरूम में टॉयलेटरीज़, तौलिए, चप्पल के साथ स्नानवस्त्र, हेअर ड्रायर शामिल हैं। सकारात्मक प्रतिक्रियाओं के बहुत सारे संस्थान की उच्च स्थिति की पुष्टि करते हैं - यह महान, ठाठ, सुविधाजनक, स्वादिष्ट है! असंतोषजनक सत्यापन का सामान्य अर्थसेवा शब्दों में बयान किया जा सकता हैः "कुछ भी नहीं एकदम सही है" - महंगा नाश्ता, सिंथेटिक भराव के साथ तकिए, कमरे में खिड़की दीवार, एक छोटे से मनोरंजन प्रदान nepafosnuyu कार हस्तांतरण करने के लिए दिखाई दे रही थी। होटल कॉम्प्लेक्स चार-सितारा अनुरूपों में अग्रणी है। आवासीय भवन वास्तुशिल्प स्मारकों की सूची में शामिल है। आवास के लिए, एक कमरे के अपार्टमेंट उपलब्ध हैंएक-दो व्यक्तियों के लिए शानदार अच्छी तरह से तैयार इंटीरियर, दो-तीन कमरे के सुइट्स और एक फायरप्लेस युक्त लक्जरी अपार्टमेंट, भोजन और कामकाजी क्षेत्र के साथ एक राष्ट्रपति कमरा, दो बेडरूम, एक सौना। मेहमान सैटेलाइट एलसीडी टीवी, मिनी बार, सुरक्षित, लंबी दूरी की टेलीफोन, हेअर ड्रायर का उपयोग कर सकते हैं। हमेशा चाय / कॉफी और उपयुक्त बर्तन हैं। मुफ्त वाई-फाई, फिटनेस, पार्किंग। सेवाओं का एक बड़ा पैकेज प्रदान किया जाता हैः मेहमानों के लिए राष्ट्रीय और यूरोपीय व्यंजन, बुफे के साथ रेस्तरां खोलें। लॉबी में एक लॉबी बार है। अधिकांश पर्यटकों को सकारात्मक इंप्रेशन के साथ छोड़ दिया गया थाः ग्राहकों को डिस्कने में त्रुटियां मिलींः बाईस मंजिला इमारत नदी से ऊपर उगती है। Svisloch । पाँच सौ से अधिक कमरे लक्जरी, अपार्टमेंट, बिजनेस क्लास की श्रेणियों से संबंधित हैं। कमरे के भीतर सेफ, शॉवर, रेफ़्रिजरेटर, केबल टी.वी., टेलीफोन, वाई-फाई, मिनीबार। तीन सितारों के बावजूद, होटल बेलारूस में एक बुनियादी ढांचा है जो स्थिति संस्थानों से बहुत कम नहीं हैः अधिकांश अतिथि होटल "बेलारूस" की सराहना करते हैं। समीक्षा कमरे के सफल डिजाइन और सफाई, कर्मचारियों की सद्भावना, अच्छे व्यंजन पर छू गई। लेकिन इस तथ्य के दावे हैं किः "ईस्ट टाइम" होटल की बजट श्रेणी को संदर्भित करता है। पहली नज़र में बस स्टेशन "वोस्टोची" के पास, केंद्र से दूरी में इसका स्थान एक नुकसान लगता है। हालांकि, आवास के लिए किराए पर बचत, पर्यटक दर्शनीय स्थलों के भ्रमण उद्देश्यों और खरीदारी के लिए दोनों शहरों के आसपास दैनिक बस यात्रा कर सकते हैं। नगरपालिका परिवहन नियमित रूप से केंद्र में जाता है - अंतिम स्टॉप के पास। बाथरूम के साथ आरामदायक आरामदायक एक-तीन बेडरूमनए फर्नीचर, टीवी, इंटरनेट के साथ सुसज्जित। चौबीस घंटाटे का स्वागत एक केतली और हेअर ड्रायर प्रदान करता है। खाते में स्वीडिश सिस्टम पर नाश्ते शामिल हैं। बेलारूस में सबसे अच्छे होटल के रूप में, "ईस्ट टाइम" मुफ़्त वाई-फाई प्रदान करता है। पूर्व मेहमानों ने कर्मचारियों, आरामदायक बिस्तर, ताजा लिनन, स्वादिष्ट भोजन का ध्यान दिया। असंतोष के लिए प्रेरणा निम्नलिखित तथ्यों थीः देश के कई सांस्कृतिक केंद्रों में बेलारूस में होटल कभी-कभी आकर्षण और ठाठ में राजधानी को पार करते हैं। गोमेल में, एक पार्क होटल हाल ही में खोला गया थालक्ज़री क्लास "कैसल"। इसकी वास्तुकला ने इमारतों की सजावट में पुराने स्लाविक महल और आधुनिक दिशाओं की शैली को जोड़ा। इस सुविधा को उत्कृष्ट इंटीरियर अंदरूनी, परिदृश्य डिजाइन में देखा जा सकता है। होटल का क्षेत्र नदी पर प्रसिद्ध गोमेल पार्क का हिस्सा है। SOG। बयालीस कमरे विश्व मानकों के अनुसार सुसज्जित हैंः एक अद्भुत सहारा, कर्मचारियों की अविश्वसनीय ध्यान व्यापार मीटिंग्स, शादियों, रोमांटिक आराम के लिए उपलब्ध है। यह आगंतुकों की प्रतिक्रिया से पुष्टि की है। एक लोकप्रिय होटल सुविधा देश के बाहर भी है। स्पा होटल "बेलारूस" एक ढलान पर स्थित है, यह एक बड़े पहाड़ शैलेट जैसा दिखता है। एक अच्छे आराम के लिए यहां एक अच्छा आधार हैः कमरों में टीवी, एयर कंडीशनिंग, मुफ्त इंटरनेट हैं। आसपास के बाथरूम में - शॉवर, स्वच्छता किट, हेयर ड्रायर। रेस्टोरेंट एक मेनू और बुफे, स्नैक बार - हल्के स्नैक्स पेश करते हैं। होटल "बेलारूस" दो हज़ार चौदह में खोला गया और मनोरंजन के लिए पहले से ही कई मेहमानों को ले लिया है। दुर्लभ अपवाद वाले मेहमान सर्वसम्मति से हैं कि व्यंजन स्वादिष्ट और अधिक विविध हो सकता है, परिसर में स्पा प्रक्रियाओं का विस्तार असुविधाजनक है, और टीवी कुछ चैनल पकड़ता है। लेकिन हर कोई ताजा हवा, खूबसूरत पहाड़ के दृश्य, एक बड़ा पार्क, आकर्षक स्कीइंग के लिए एक उच्च स्कोर डालता है। |
पेरिस, 10 जून (एपी) अनास्तासिया पावल्युचेनकोवा ने गुरुवार को यहां सेमीफाइनल में गैरवरीय तमारा जिदानसेक को सीधे सेटों में हराकर पहली बार फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया।
रूस की 31 वरीय पावल्युचेनकोवा जिदानसेक को 7-5, 6-3 से हराकर आस्ट्रेलिया ओपन 2015 के बाद किसी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाने वाली अपने देश की पहली महिला खिलाड़ी बनीं।
कोर्ट फिलिप चैटरियर पर दोनों खिलाड़ियों को अपनी सर्विस को लेकर जूझना पड़ा लेकिन पावल्युचेनकोवा ने महत्वपूर्ण अंकों पर धैर्य बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की।
इससे पहले कभी किसी ग्रैंडस्लैम के दूसरे दौर से भी आगे नहीं बढ़ने वाली जिदानसेक ने कुछ शानदार ड्रॉप शॉट और फोरहैंड विनर लगाए लेकिन साथ ही उन्होंने 33 सहज गल्तियां भी की।
इस बार सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली चारों महिला खिलाड़ी इससे पहले कभी किसी ग्रैंडस्लैम के अंतिम चार में नहीं पहुंची।
शनिवार को होने वाले फाइनल में पावल्युचेनकोवा का सामना 17वीं वरीय मारिया सकारी और बारबरा क्रेजसिकोवा के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता से होगा।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
| पेरिस, दस जून अनास्तासिया पावल्युचेनकोवा ने गुरुवार को यहां सेमीफाइनल में गैरवरीय तमारा जिदानसेक को सीधे सेटों में हराकर पहली बार फ्रेंच ओपन टेनिस टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया। रूस की इकतीस वरीय पावल्युचेनकोवा जिदानसेक को सात-पाँच, छः-तीन से हराकर आस्ट्रेलिया ओपन दो हज़ार पंद्रह के बाद किसी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाने वाली अपने देश की पहली महिला खिलाड़ी बनीं। कोर्ट फिलिप चैटरियर पर दोनों खिलाड़ियों को अपनी सर्विस को लेकर जूझना पड़ा लेकिन पावल्युचेनकोवा ने महत्वपूर्ण अंकों पर धैर्य बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की। इससे पहले कभी किसी ग्रैंडस्लैम के दूसरे दौर से भी आगे नहीं बढ़ने वाली जिदानसेक ने कुछ शानदार ड्रॉप शॉट और फोरहैंड विनर लगाए लेकिन साथ ही उन्होंने तैंतीस सहज गल्तियां भी की। इस बार सेमीफाइनल में जगह बनाने वाली चारों महिला खिलाड़ी इससे पहले कभी किसी ग्रैंडस्लैम के अंतिम चार में नहीं पहुंची। शनिवार को होने वाले फाइनल में पावल्युचेनकोवा का सामना सत्रहवीं वरीय मारिया सकारी और बारबरा क्रेजसिकोवा के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता से होगा। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है। |
संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) को पर्यवेक्षक का दर्जा दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए ISA वैश्विक ऊर्जा वृद्धि और विकास को लाभ पहुंचाने के लिए साझेदारी के माध्यम से सकारात्मक वैश्विक जलवायु कार्रवाई का एक उदाहरण बन गया है।
तिरुमूर्ति ने इस संबंध में एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को पर्यवेक्षक का दर्जा देने के लिए आज संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। बीते 6 वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन वैश्विक ऊर्जा वृद्धि और विकास के लिए साझेदारी के जरिये सकारात्मक वैश्विक जलवायु कार्रवाई का एक उदाहरण बन गया है। सभी सदस्य राष्ट्रों को धन्यवाद। '
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की चौथी आम सभा इससे पहले अक्टूबर में आयोजित की गई थी। इसमें कुल 108 देशों ने हिस्सा लिया था, जिनमें 74 सदस्य देश, 34 पर्यवेक्षक देश, 23 सहयोगी संगठन और 33 विशेष आमंत्रित संगठन शामिल रहे।
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के शुभारंभ की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलां ने नवंबर 2015 में फ्रांस के पेरिस में आयोजित यूएन क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज के 21वें सत्र में की थी।
| संयुक्त राष्ट्र : संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को पर्यवेक्षक का दर्जा दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए ISA वैश्विक ऊर्जा वृद्धि और विकास को लाभ पहुंचाने के लिए साझेदारी के माध्यम से सकारात्मक वैश्विक जलवायु कार्रवाई का एक उदाहरण बन गया है। तिरुमूर्ति ने इस संबंध में एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन को पर्यवेक्षक का दर्जा देने के लिए आज संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। बीते छः वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन वैश्विक ऊर्जा वृद्धि और विकास के लिए साझेदारी के जरिये सकारात्मक वैश्विक जलवायु कार्रवाई का एक उदाहरण बन गया है। सभी सदस्य राष्ट्रों को धन्यवाद। ' अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की चौथी आम सभा इससे पहले अक्टूबर में आयोजित की गई थी। इसमें कुल एक सौ आठ देशों ने हिस्सा लिया था, जिनमें चौहत्तर सदस्य देश, चौंतीस पर्यवेक्षक देश, तेईस सहयोगी संगठन और तैंतीस विशेष आमंत्रित संगठन शामिल रहे। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के शुभारंभ की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलां ने नवंबर दो हज़ार पंद्रह में फ्रांस के पेरिस में आयोजित यूएन क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज के इक्कीसवें सत्र में की थी। |
भोपाल (नवदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी में कोहेफिजा थाना पुलिस ने खुले मकानों में चोरी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक महंगा मोबाइल फोन और एक आइपैड बरामद किया है। वह स्मैक का नशा करने का आदी है। नशे की लत पूरी करने के लिए ही वह चोरी करता है। पुलिस उससे चोरी की अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।
कोहेफिजा थाना पुलिस के मुताबिक लालघाटी स्थित विजय नगर निवासी कैप्टन उपेंद्र सिरोठिया ने 30 मार्च को शिकायत दर्ज करार्इ थी। उसमें बताया था कि 29 मार्च की रात करीब 9:40 बजे खाना खाने के बाद वह पत्नी के साथ घर के बाहर टहलने के लिए चले गए थे। घर में बच्चों के मौजूद रहने के कारण वह दरवाजा खुला छोड़ कर गए थे। 10:45 बजे वे लोग वापस घर लौटे। उन्होंने देखा कि दरवाजे के पास चार्जिंग में लगा उनका सैमसंग कंपनी का मोबाइल फोन एवं एप्पल कंपनी का आइपैड गायब है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चोरी का प्रकरण दर्ज किया था।
मंगलवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दाता कालोनी के पास एक युवक महंगा मोबाइल फोन कम कीमत में बेचने की बात कर रहा है। संभवतः मोबाइल फोन चोरी का है। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर युवक को पकड़ा और हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने मोबाइल फोन विजय नगर के एक मकान से चोरी करना बताया। आरोपित की पहचान बीडीए क्वार्टर, गांधी नगर निवासी प्रदीप पुत्र कैलाश अहिरवार के रूप में हुर्इ। थाने लाकर पूछताछ करने पर उसने मोबाइल के साथ आइपैड भी चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपित के घर से आइपैड भी बरामद कर लिया। मूलतः रायसेन निवासी प्रदीप ने पुलिस को बताया कि वह स्मैक का नशा करता है। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए वह चोरी करने लगा है। पुलिस उससे चोरी की अन्य वारदात के बारे में पूछताछ कर रही है।
| भोपाल । राजधानी में कोहेफिजा थाना पुलिस ने खुले मकानों में चोरी करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक महंगा मोबाइल फोन और एक आइपैड बरामद किया है। वह स्मैक का नशा करने का आदी है। नशे की लत पूरी करने के लिए ही वह चोरी करता है। पुलिस उससे चोरी की अन्य वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है। कोहेफिजा थाना पुलिस के मुताबिक लालघाटी स्थित विजय नगर निवासी कैप्टन उपेंद्र सिरोठिया ने तीस मार्च को शिकायत दर्ज करार्इ थी। उसमें बताया था कि उनतीस मार्च की रात करीब नौ:चालीस बजे खाना खाने के बाद वह पत्नी के साथ घर के बाहर टहलने के लिए चले गए थे। घर में बच्चों के मौजूद रहने के कारण वह दरवाजा खुला छोड़ कर गए थे। दस:पैंतालीस बजे वे लोग वापस घर लौटे। उन्होंने देखा कि दरवाजे के पास चार्जिंग में लगा उनका सैमसंग कंपनी का मोबाइल फोन एवं एप्पल कंपनी का आइपैड गायब है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चोरी का प्रकरण दर्ज किया था। मंगलवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दाता कालोनी के पास एक युवक महंगा मोबाइल फोन कम कीमत में बेचने की बात कर रहा है। संभवतः मोबाइल फोन चोरी का है। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर युवक को पकड़ा और हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने मोबाइल फोन विजय नगर के एक मकान से चोरी करना बताया। आरोपित की पहचान बीडीए क्वार्टर, गांधी नगर निवासी प्रदीप पुत्र कैलाश अहिरवार के रूप में हुर्इ। थाने लाकर पूछताछ करने पर उसने मोबाइल के साथ आइपैड भी चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपित के घर से आइपैड भी बरामद कर लिया। मूलतः रायसेन निवासी प्रदीप ने पुलिस को बताया कि वह स्मैक का नशा करता है। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए वह चोरी करने लगा है। पुलिस उससे चोरी की अन्य वारदात के बारे में पूछताछ कर रही है। |
उदाहरण के लिए धन ! यदि किसी दुष्ट को धन मिले तो वह अहंकारी, घमंडी, क्रूर व दूसरों का अपमान करने वाला हो जायेगा। यदि किसी अच्छे मनुष्य को धन मिलता है तो वह दान व अच्छे काम करने वाला हो जायेगा । दुष्ट लोग शारीरिक बल का उपयोग, दूसरों को हानि पहुँचाने के लिए करते हैं जबकि अच्छे लोग शारीरिक बल का उपयोग दूसरों की रक्षा करने के लिए करते हैं ।
एक बात पर यहाँ ध्यान देना है। कृष्ण ने कहा कि कोध व लोभ जो धर्म के प्रतिकूल नहीं होते वे भी दैविक अभिव्यक्ति के स्वरूप हैं । संक्षेप में सब भावनायें, सब वस्तुयें, उसी एक दैविक अस्तित्व के परा व अ-परा स्वभाव से उत्पन्न हुई हैं, लेकिन श्रेष्ठ अनुभव और भावनायें पाने के लिए मनुष्य को मेरा स्वरूप श्रेष्ठ भावनाओं, उच्चतर आकृतियों और श्रेष्ठ लोगों में देखने का स्वभाव बना लेना चाहिए । फिर भी ऐसे विचार ठीक नहीं कि श्रेष्ठ ही दिव्य हैं और जो क्षुद्र हैं वह दिव्य नहीं हैं । बाह्य जगत् अपनी सात्विक, राजसिक, तामसिक वस्तुओं व प्रतिक्रियाओं और प्रवृत्तियों सहित भगवान् से ही उद्भूत है। यह विश्वास तुममें पनप कर तभी दृढ़ हो सकेगा जब बुद्धि द्वारा तुम इसके सत्य को स्वीकार कर आत्मसात कर लोगे ।
भगवान् ने स्वयं प्रकट किया कि "यह सब मुझसे उत्पन्न हुए हैं और यह सब मुझमें ही निहित हैं, लेकिन मैं इन सब पर निर्भर नहीं हूँ। मेरी इन सब में कोई आसक्ति नहीं है"। यहाँ दो प्रकार के दृष्टिकोण हैं । जीव का दृष्टिकोण और भगवान् का दृष्टिकोण । जीव को अच्छे व बुरे दो प्रकार के अनुभव होते हैं जबकि परमात्मा के ऐसे दो प्रकार नहीं हैं। जब सभी ब्रह्म है तथा वही सब की अन्तरात्मा है तब एक अच्छा व दूसरा बुरा कैसे हो सकता है ?
अब इस बात पर साधारण लोगों को एक सन्देह हो सकता है । भगवान् कहते हैं सब चीजें अच्छी या बुरी उन्हीं से सम्पन्न हुई हैं और वे ही उनका आदि कारण हैं। लेकिन साथ-साथ यह भी सूचित करते हैं कि इस प्रकार उनसे उत्पन्न वस्तुओं के प्रभाव या कुप्रभाव से वे निर्लिप्त हैं; उनसे न तो वे बँधे हैं, न प्रभावित होते । वे कहते हैं कि उनका इनसे कोई भी सम्बन्ध नहीं और इस उत्पत्ति का कारण होते हुए भी वे उन सबसे परे हैं ।
इससे तुम इस निष्कर्ष पर आ सकते हो कि मनुष्य के द्वारा भगवान् जो भी | उदाहरण के लिए धन ! यदि किसी दुष्ट को धन मिले तो वह अहंकारी, घमंडी, क्रूर व दूसरों का अपमान करने वाला हो जायेगा। यदि किसी अच्छे मनुष्य को धन मिलता है तो वह दान व अच्छे काम करने वाला हो जायेगा । दुष्ट लोग शारीरिक बल का उपयोग, दूसरों को हानि पहुँचाने के लिए करते हैं जबकि अच्छे लोग शारीरिक बल का उपयोग दूसरों की रक्षा करने के लिए करते हैं । एक बात पर यहाँ ध्यान देना है। कृष्ण ने कहा कि कोध व लोभ जो धर्म के प्रतिकूल नहीं होते वे भी दैविक अभिव्यक्ति के स्वरूप हैं । संक्षेप में सब भावनायें, सब वस्तुयें, उसी एक दैविक अस्तित्व के परा व अ-परा स्वभाव से उत्पन्न हुई हैं, लेकिन श्रेष्ठ अनुभव और भावनायें पाने के लिए मनुष्य को मेरा स्वरूप श्रेष्ठ भावनाओं, उच्चतर आकृतियों और श्रेष्ठ लोगों में देखने का स्वभाव बना लेना चाहिए । फिर भी ऐसे विचार ठीक नहीं कि श्रेष्ठ ही दिव्य हैं और जो क्षुद्र हैं वह दिव्य नहीं हैं । बाह्य जगत् अपनी सात्विक, राजसिक, तामसिक वस्तुओं व प्रतिक्रियाओं और प्रवृत्तियों सहित भगवान् से ही उद्भूत है। यह विश्वास तुममें पनप कर तभी दृढ़ हो सकेगा जब बुद्धि द्वारा तुम इसके सत्य को स्वीकार कर आत्मसात कर लोगे । भगवान् ने स्वयं प्रकट किया कि "यह सब मुझसे उत्पन्न हुए हैं और यह सब मुझमें ही निहित हैं, लेकिन मैं इन सब पर निर्भर नहीं हूँ। मेरी इन सब में कोई आसक्ति नहीं है"। यहाँ दो प्रकार के दृष्टिकोण हैं । जीव का दृष्टिकोण और भगवान् का दृष्टिकोण । जीव को अच्छे व बुरे दो प्रकार के अनुभव होते हैं जबकि परमात्मा के ऐसे दो प्रकार नहीं हैं। जब सभी ब्रह्म है तथा वही सब की अन्तरात्मा है तब एक अच्छा व दूसरा बुरा कैसे हो सकता है ? अब इस बात पर साधारण लोगों को एक सन्देह हो सकता है । भगवान् कहते हैं सब चीजें अच्छी या बुरी उन्हीं से सम्पन्न हुई हैं और वे ही उनका आदि कारण हैं। लेकिन साथ-साथ यह भी सूचित करते हैं कि इस प्रकार उनसे उत्पन्न वस्तुओं के प्रभाव या कुप्रभाव से वे निर्लिप्त हैं; उनसे न तो वे बँधे हैं, न प्रभावित होते । वे कहते हैं कि उनका इनसे कोई भी सम्बन्ध नहीं और इस उत्पत्ति का कारण होते हुए भी वे उन सबसे परे हैं । इससे तुम इस निष्कर्ष पर आ सकते हो कि मनुष्य के द्वारा भगवान् जो भी |
बिहार में सरकारी मास्टरों को राहत, अब शिक्षक नहीं एनजीओ ही बांटेंगे विद्यालय में MDM!
बिहार में सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर, डाक विभाग, बैंक, पुलिस और रेलवे में निकली हैं बंपर वेकैंसी!
पटना का रिंग रोड़ अब जुड़ेगा इस ज़िला के सड़क से, जानिए किन लोगों को मिलेगा फ़ायदा!
पटना से यूपी के लिए शुरू हो रही है सरकारी बस सेवा। अब सफर होगा आसान और किराया भी होगा सस्ता।
बिहार का यह ज़िला पूरे देश में नहीं बल्कि एशिया में सबसे अधिक एथेनाल का उत्पादन करेगा, जानिए विस्तार से!
इस तारीख को किया जाएगा निर्जला एकादशी व्रत, पूजा में की ये गलती तो नहीं मिलता फल!
| बिहार में सरकारी मास्टरों को राहत, अब शिक्षक नहीं एनजीओ ही बांटेंगे विद्यालय में MDM! बिहार में सरकारी नौकरी का सुनहरा अवसर, डाक विभाग, बैंक, पुलिस और रेलवे में निकली हैं बंपर वेकैंसी! पटना का रिंग रोड़ अब जुड़ेगा इस ज़िला के सड़क से, जानिए किन लोगों को मिलेगा फ़ायदा! पटना से यूपी के लिए शुरू हो रही है सरकारी बस सेवा। अब सफर होगा आसान और किराया भी होगा सस्ता। बिहार का यह ज़िला पूरे देश में नहीं बल्कि एशिया में सबसे अधिक एथेनाल का उत्पादन करेगा, जानिए विस्तार से! इस तारीख को किया जाएगा निर्जला एकादशी व्रत, पूजा में की ये गलती तो नहीं मिलता फल! |
जिब्राल्टर जलसन्धि पूर्व में भूमध्य सागर को पश्चिम में अटलांटिक महासागर से जोड़ती है। इसके उत्तर में यूरोप के स्पेन और जिब्राल्टर क्षेत्र हैं जबकि दक्षिण में उत्तरी अफ़्रीका के मरोक्को और सेउटा क्षेत्र हैं। अपने सबसे क़रीबी बिन्दु पर यूरोप और अफ़्रीका के महाद्वीपों में केवल 14.3 किमी की ही दूरी है। क्योंकि यह भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर के बीच में यातायात का एक सिकुड़ा हुआ बिन्दु है इसलिये इस जलसन्धि पर क़ब्ज़ा करना ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। मध्यकाल के आरम्भ में उत्तर अफ़्रीका से आए अरबों ने इस जलसंधि को लांघकर स्पेन पर क़ब्ज़ा किया था और स्पेनियों ने कई सौ वर्ष बाद उन्हें जलसंधि के पार खदेड़कर अपना साम्राज्य फिर स्थापित किया था। .
4 संबंधोंः जलसंधि, विंगसूट फ़्लाइंग (उड़ान), इब्राहिम-अल-इब्राहिम मस्जिद, अफ़्रीका।
जलडमरूमध्य जिब्राल्टर जलडमरूमध्य जलसंधि (अंग्रेज़ीः Strait, स्ट्रेट) या जलसंयोगी या जलडमरू पानी के ऐसे तंग मार्ग को कहते हैं जो दो बड़े पानी के समूहों को जोड़ता हो और जिसमें से नौकाएँ गुज़रकर एक बड़े जलाशय से दूसरे बड़े जलाशय तक जा सकें। इसका भौगोलिक आकार अक्सर डमरू जैसा होता है, जिसके दो बड़े जलीय भागों के मध्य में जलसंधि होती है, इसलिये इसे जलडमरूमध्य भी कहते हैं। कूटनीतिक दृष्टि से जो भी दो सागरों को जोड़ने वाले किसी जलसंधि क्षेत्र पर क़ब्ज़ा रखता है वह आने-जाने वाले व्यापारिक व सैनिक नाव-यातायात पर नज़र और नियंत्रण रख सकता है। थलसेनाएँ भी जलसंधियों की कम चौड़ाई को पार करके एक स्थान से दूसरे स्थान में प्रवेश करती हैं। इस कारणवश जलसंधियाँ इतिहास में महत्वपूर्ण रहीं हैं और उनपर अंतरराष्ट्रीय खीचातानी हमेशा से जारी रही है। उदाहरण के लिए जिब्राल्टर जलसंधि स्पेन एवं मोरोक्को भूभागों को अलग करती है, व अंध महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है और इस क्षेत्र पर स्पेन, ब्रिटेन और मोरोक्को में बहुत मजा ले दे रहा है।, Ana G. Lâopez Martâin, pp.
विंगसूट फ़्लाइंग (उड़ान)
उड़ान में विंगसूट विंगसूट फ़्लाइंग (उड़ान), विंगसूट नामक एक विशेष जंपसूट का इस्तेमाल कर मानव शरीर को हवा में उड़ाने का खेल है। यह विंगसूट मानव शरीर के सतही आकार में वृद्धि कर उसे उड़ान में काफी मदद करता है। आधुनिक विंगसूट डिजाइनों में सतही आकार वाले भाग को कपड़ों से पैरों के बीच और बाहों के नीचे बानाया जाता है। विंगसूट को बर्डमैन सूट या स्क्विरल सूट भी कहा जा सकता है। विंगसूट उड़ान पैराशूट के खुलने के साथ समाप्त हो जाता है, इसलिए विंग सूट को ऐसे किसी भी स्थान से उड़ाया जा सकता जो हवा में गोते लगाने के लिए पर्याप्त ऊंचाई प्रदान करता है, जैसे कि हवा में गोते लागाने वाले (स्काइडाइविंग) विमान या बेस (BASE) जम्पिंग एग्जिट प्वाइंट, साथ ही यह पैराशूट का उपयोग करने की अनुमति भी देता है। विंगसूट उड़ाका स्काइडाइविंग या बेस जम्पिंग के लिए डिजाइन किया गया पैराशूट उपकरण पहनता है। उड़ाका एक सुनियोजित ऊंचाई पर जाकर पैरासूट का उपयोग करता है और आवश्यकता पड़ने पर बांहों के पंखों को खोलता है, जिससे कि वह नियंत्रण टॉगल तक पहुँच सके और एक सामान्य पैराशूट लैंडिंग के स्तर पर उड़ सके.
इब्राहिम-अल-इब्राहिम मस्जिद इब्राहिम-अल-इब्राहिम मस्जिद (Ibrahim-al-Ibrahim Mosque), जिसे किंग फहद बिन अब्दुलअजीज अल-सऊद मस्जिद (अंग्रेज़ीः King Fahd bin Abdulaziz al-Saud Mosque) या मोस्क ऑफ़ द कस्टोडियन ऑफ़ द टू होली मोस्क्स (अंग्रेज़ीः Mosque of the Custodian of the Two Holy Mosques) के नामों से भी जाना जाता है, ब्रिटिश प्रवासी शासित प्रदेश जिब्राल्टर में स्थित एक मस्जिद है। यह मस्जिद क्षेत्र के दक्षिणी सिरे पर यूरोपा पॉईंट पर स्थित है। मस्जिद का मुख जिब्राल्टर जलसन्धि और अफ़्रीकी राष्ट्र मोरक्को की तरफ़ है, जो यहाँ से केवल कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है। मस्जिद जिब्राल्टर की मुस्लिम आबादी के लिए साउदी अरब के महाराजा महाराजा फहद द्वारा दिया उपहार था। इसके निर्माण में दो वर्ष का समय लगा था और पाँच मिलियन यूरो का खर्चा आया था। इसका उद्घाटन 8 अगस्त 1997 के दिन हुआ था। यह महाद्वीपीय यूरोप के सबसे दक्षिणी सिरे पर स्थित है तथा गैर-इस्लामिक राष्ट्रों की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। मस्जिद परिसर में नमाज़ पढ़ने के हॉल के अलावा अन्य कई सुविधाएँ भी शामिल हैं, जैसे पुसतकालय, स्कूल, आदि। मस्जिद सम्पूर्ण जिब्राल्टर की मुस्लिम आबादी के लिए आधायात्मिक स्रोत है, जो जिब्राल्टर की कुल आबादी का चार प्रतिशत है तथा क्षेत्र का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समूह है; ईसाईयत के पश्चात सबसे बड़ा धर्म। .
अफ़्रीका वा कालद्वीप, एशिया के बाद विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है। यह 37°14' उत्तरी अक्षांश से 34°50' दक्षिणी अक्षांश एवं 17°33' पश्चिमी देशान्तर से 51°23' पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है। अफ्रीका के उत्तर में भूमध्यसागर एवं यूरोप महाद्वीप, पश्चिम में अंध महासागर, दक्षिण में दक्षिण महासागर तथा पूर्व में अरब सागर एवं हिन्द महासागर हैं। पूर्व में स्वेज भूडमरूमध्य इसे एशिया से जोड़ता है तथा स्वेज नहर इसे एशिया से अलग करती है। जिब्राल्टर जलडमरूमध्य इसे उत्तर में यूरोप महाद्वीप से अलग करता है। इस महाद्वीप में विशाल मरुस्थल, अत्यन्त घने वन, विस्तृत घास के मैदान, बड़ी-बड़ी नदियाँ व झीलें तथा विचित्र जंगली जानवर हैं। मुख्य मध्याह्न रेखा (0°) अफ्रीका महाद्वीप के घाना देश की राजधानी अक्रा शहर से होकर गुजरती है। यहाँ सेरेनगेती और क्रुजर राष्ट्रीय उद्यान है तो जलप्रपात और वर्षावन भी हैं। एक ओर सहारा मरुस्थल है तो दूसरी ओर किलिमंजारो पर्वत भी है और सुषुप्त ज्वालामुखी भी है। युगांडा, तंजानिया और केन्या की सीमा पर स्थित विक्टोरिया झील अफ्रीका की सबसे बड़ी तथा सम्पूर्ण पृथ्वी पर मीठे पानी की दूसरी सबसे बड़ी झीलहै। यह झील दुनिया की सबसे लम्बी नदी नील के पानी का स्रोत भी है। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इसी महाद्वीप में सबसे पहले मानव का जन्म व विकास हुआ और यहीं से जाकर वे दूसरे महाद्वीपों में बसे, इसलिए इसे मानव सभ्यता की जन्मभूमि माना जाता है। यहाँ विश्व की दो प्राचीन सभ्यताओं (मिस्र एवं कार्थेज) का भी विकास हुआ था। अफ्रीका के बहुत से देश द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्वतंत्र हुए हैं एवं सभी अपने आर्थिक विकास में लगे हुए हैं। अफ़्रीका अपनी बहुरंगी संस्कृति और जमीन से जुड़े साहित्य के कारण भी विश्व में जाना जाता है। .
| जिब्राल्टर जलसन्धि पूर्व में भूमध्य सागर को पश्चिम में अटलांटिक महासागर से जोड़ती है। इसके उत्तर में यूरोप के स्पेन और जिब्राल्टर क्षेत्र हैं जबकि दक्षिण में उत्तरी अफ़्रीका के मरोक्को और सेउटा क्षेत्र हैं। अपने सबसे क़रीबी बिन्दु पर यूरोप और अफ़्रीका के महाद्वीपों में केवल चौदह.तीन किमी की ही दूरी है। क्योंकि यह भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर के बीच में यातायात का एक सिकुड़ा हुआ बिन्दु है इसलिये इस जलसन्धि पर क़ब्ज़ा करना ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। मध्यकाल के आरम्भ में उत्तर अफ़्रीका से आए अरबों ने इस जलसंधि को लांघकर स्पेन पर क़ब्ज़ा किया था और स्पेनियों ने कई सौ वर्ष बाद उन्हें जलसंधि के पार खदेड़कर अपना साम्राज्य फिर स्थापित किया था। . चार संबंधोंः जलसंधि, विंगसूट फ़्लाइंग , इब्राहिम-अल-इब्राहिम मस्जिद, अफ़्रीका। जलडमरूमध्य जिब्राल्टर जलडमरूमध्य जलसंधि या जलसंयोगी या जलडमरू पानी के ऐसे तंग मार्ग को कहते हैं जो दो बड़े पानी के समूहों को जोड़ता हो और जिसमें से नौकाएँ गुज़रकर एक बड़े जलाशय से दूसरे बड़े जलाशय तक जा सकें। इसका भौगोलिक आकार अक्सर डमरू जैसा होता है, जिसके दो बड़े जलीय भागों के मध्य में जलसंधि होती है, इसलिये इसे जलडमरूमध्य भी कहते हैं। कूटनीतिक दृष्टि से जो भी दो सागरों को जोड़ने वाले किसी जलसंधि क्षेत्र पर क़ब्ज़ा रखता है वह आने-जाने वाले व्यापारिक व सैनिक नाव-यातायात पर नज़र और नियंत्रण रख सकता है। थलसेनाएँ भी जलसंधियों की कम चौड़ाई को पार करके एक स्थान से दूसरे स्थान में प्रवेश करती हैं। इस कारणवश जलसंधियाँ इतिहास में महत्वपूर्ण रहीं हैं और उनपर अंतरराष्ट्रीय खीचातानी हमेशा से जारी रही है। उदाहरण के लिए जिब्राल्टर जलसंधि स्पेन एवं मोरोक्को भूभागों को अलग करती है, व अंध महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है और इस क्षेत्र पर स्पेन, ब्रिटेन और मोरोक्को में बहुत मजा ले दे रहा है।, Ana G. Lâopez Martâin, pp. विंगसूट फ़्लाइंग उड़ान में विंगसूट विंगसूट फ़्लाइंग , विंगसूट नामक एक विशेष जंपसूट का इस्तेमाल कर मानव शरीर को हवा में उड़ाने का खेल है। यह विंगसूट मानव शरीर के सतही आकार में वृद्धि कर उसे उड़ान में काफी मदद करता है। आधुनिक विंगसूट डिजाइनों में सतही आकार वाले भाग को कपड़ों से पैरों के बीच और बाहों के नीचे बानाया जाता है। विंगसूट को बर्डमैन सूट या स्क्विरल सूट भी कहा जा सकता है। विंगसूट उड़ान पैराशूट के खुलने के साथ समाप्त हो जाता है, इसलिए विंग सूट को ऐसे किसी भी स्थान से उड़ाया जा सकता जो हवा में गोते लगाने के लिए पर्याप्त ऊंचाई प्रदान करता है, जैसे कि हवा में गोते लागाने वाले विमान या बेस जम्पिंग एग्जिट प्वाइंट, साथ ही यह पैराशूट का उपयोग करने की अनुमति भी देता है। विंगसूट उड़ाका स्काइडाइविंग या बेस जम्पिंग के लिए डिजाइन किया गया पैराशूट उपकरण पहनता है। उड़ाका एक सुनियोजित ऊंचाई पर जाकर पैरासूट का उपयोग करता है और आवश्यकता पड़ने पर बांहों के पंखों को खोलता है, जिससे कि वह नियंत्रण टॉगल तक पहुँच सके और एक सामान्य पैराशूट लैंडिंग के स्तर पर उड़ सके. इब्राहिम-अल-इब्राहिम मस्जिद इब्राहिम-अल-इब्राहिम मस्जिद , जिसे किंग फहद बिन अब्दुलअजीज अल-सऊद मस्जिद या मोस्क ऑफ़ द कस्टोडियन ऑफ़ द टू होली मोस्क्स के नामों से भी जाना जाता है, ब्रिटिश प्रवासी शासित प्रदेश जिब्राल्टर में स्थित एक मस्जिद है। यह मस्जिद क्षेत्र के दक्षिणी सिरे पर यूरोपा पॉईंट पर स्थित है। मस्जिद का मुख जिब्राल्टर जलसन्धि और अफ़्रीकी राष्ट्र मोरक्को की तरफ़ है, जो यहाँ से केवल कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है। मस्जिद जिब्राल्टर की मुस्लिम आबादी के लिए साउदी अरब के महाराजा महाराजा फहद द्वारा दिया उपहार था। इसके निर्माण में दो वर्ष का समय लगा था और पाँच मिलियन यूरो का खर्चा आया था। इसका उद्घाटन आठ अगस्त एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे के दिन हुआ था। यह महाद्वीपीय यूरोप के सबसे दक्षिणी सिरे पर स्थित है तथा गैर-इस्लामिक राष्ट्रों की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। मस्जिद परिसर में नमाज़ पढ़ने के हॉल के अलावा अन्य कई सुविधाएँ भी शामिल हैं, जैसे पुसतकालय, स्कूल, आदि। मस्जिद सम्पूर्ण जिब्राल्टर की मुस्लिम आबादी के लिए आधायात्मिक स्रोत है, जो जिब्राल्टर की कुल आबादी का चार प्रतिशत है तथा क्षेत्र का सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समूह है; ईसाईयत के पश्चात सबसे बड़ा धर्म। . अफ़्रीका वा कालद्वीप, एशिया के बाद विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है। यह सैंतीस°चौदह' उत्तरी अक्षांश से चौंतीस°पचास' दक्षिणी अक्षांश एवं सत्रह°तैंतीस' पश्चिमी देशान्तर से इक्यावन°तेईस' पूर्वी देशान्तर के मध्य स्थित है। अफ्रीका के उत्तर में भूमध्यसागर एवं यूरोप महाद्वीप, पश्चिम में अंध महासागर, दक्षिण में दक्षिण महासागर तथा पूर्व में अरब सागर एवं हिन्द महासागर हैं। पूर्व में स्वेज भूडमरूमध्य इसे एशिया से जोड़ता है तथा स्वेज नहर इसे एशिया से अलग करती है। जिब्राल्टर जलडमरूमध्य इसे उत्तर में यूरोप महाद्वीप से अलग करता है। इस महाद्वीप में विशाल मरुस्थल, अत्यन्त घने वन, विस्तृत घास के मैदान, बड़ी-बड़ी नदियाँ व झीलें तथा विचित्र जंगली जानवर हैं। मुख्य मध्याह्न रेखा अफ्रीका महाद्वीप के घाना देश की राजधानी अक्रा शहर से होकर गुजरती है। यहाँ सेरेनगेती और क्रुजर राष्ट्रीय उद्यान है तो जलप्रपात और वर्षावन भी हैं। एक ओर सहारा मरुस्थल है तो दूसरी ओर किलिमंजारो पर्वत भी है और सुषुप्त ज्वालामुखी भी है। युगांडा, तंजानिया और केन्या की सीमा पर स्थित विक्टोरिया झील अफ्रीका की सबसे बड़ी तथा सम्पूर्ण पृथ्वी पर मीठे पानी की दूसरी सबसे बड़ी झीलहै। यह झील दुनिया की सबसे लम्बी नदी नील के पानी का स्रोत भी है। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इसी महाद्वीप में सबसे पहले मानव का जन्म व विकास हुआ और यहीं से जाकर वे दूसरे महाद्वीपों में बसे, इसलिए इसे मानव सभ्यता की जन्मभूमि माना जाता है। यहाँ विश्व की दो प्राचीन सभ्यताओं का भी विकास हुआ था। अफ्रीका के बहुत से देश द्वितीय विश्व युद्ध के बाद स्वतंत्र हुए हैं एवं सभी अपने आर्थिक विकास में लगे हुए हैं। अफ़्रीका अपनी बहुरंगी संस्कृति और जमीन से जुड़े साहित्य के कारण भी विश्व में जाना जाता है। . |
यदि आपने काशी विद्यापीठ में एडमिशन के लिए अप्लाई किया है तो ये खबर खास आपके लिए है। एडमिशन प्रॉसेस के तहत जो कैंडीडेट्स तीन दिन के अंदर फीस जमा नहीं करेंगे उनका एडमिशन कैंसिल कर दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेट्स का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर रही है। अभ्यर्थियों के विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर उन्हें एसएमएस से इसकी सूचना दी जा रही है। अब तक करीब 150 से अधिक अभ्यर्थियों को विवरण संशोधन कराने के लिए एसएमएस भेजा जा चुका है। प्रमाणपत्रों का सत्यापन तीन दिन के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि जल्द से जल्द अभ्यर्थियों को शुल्क जमा करने का मैसेज भेजा जा सके। चयनित अभ्यर्थियों को शुल्क जमा करने के लिए तीन दिन का ही मौका दिया जाएगा।
रजिस्ट्रार डॉ। एसएल मौर्य ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को शुल्क जमा करने के लिए भी विश्वविद्यालय आने की जरूरत नहीं है। चयनित अभ्यर्थी घर बैठे आनलाइन शुल्क जमा कर सकते हैं। शुल्क जमा करने के बाद अभ्यर्थियों का दाखिला पूर्ण हो जाएगा। हालांकि बाद में अभ्यर्थियों को मूल प्रमाणपत्रों का सत्यापन विभागों में कराना होगा। प्रमाणपत्रों में कोई अंतर मिला तो शुल्क जमा करने के बाद भी दाखिला निरस्त कर दिया जाएगा।
कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए इस बार दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जा रही है। मेरिट के अनुसार विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीट के सापेक्ष तीन गुना अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र अपलोड करने का मौका दिया गया था। ताकि प्रमाणपत्रों की जांच कराने के लिए विभागों की दौड़ न लगानी पड़े। आनलाइन सत्यापन चल रहा है। इस आधार पर मेरिट से शुल्क जमा करने का मौका मिलेगा।
| यदि आपने काशी विद्यापीठ में एडमिशन के लिए अप्लाई किया है तो ये खबर खास आपके लिए है। एडमिशन प्रॉसेस के तहत जो कैंडीडेट्स तीन दिन के अंदर फीस जमा नहीं करेंगे उनका एडमिशन कैंसिल कर दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेट्स का ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर रही है। अभ्यर्थियों के विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर उन्हें एसएमएस से इसकी सूचना दी जा रही है। अब तक करीब एक सौ पचास से अधिक अभ्यर्थियों को विवरण संशोधन कराने के लिए एसएमएस भेजा जा चुका है। प्रमाणपत्रों का सत्यापन तीन दिन के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि जल्द से जल्द अभ्यर्थियों को शुल्क जमा करने का मैसेज भेजा जा सके। चयनित अभ्यर्थियों को शुल्क जमा करने के लिए तीन दिन का ही मौका दिया जाएगा। रजिस्ट्रार डॉ। एसएल मौर्य ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को शुल्क जमा करने के लिए भी विश्वविद्यालय आने की जरूरत नहीं है। चयनित अभ्यर्थी घर बैठे आनलाइन शुल्क जमा कर सकते हैं। शुल्क जमा करने के बाद अभ्यर्थियों का दाखिला पूर्ण हो जाएगा। हालांकि बाद में अभ्यर्थियों को मूल प्रमाणपत्रों का सत्यापन विभागों में कराना होगा। प्रमाणपत्रों में कोई अंतर मिला तो शुल्क जमा करने के बाद भी दाखिला निरस्त कर दिया जाएगा। कोविड-उन्नीस के प्रकोप को देखते हुए इस बार दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जा रही है। मेरिट के अनुसार विभिन्न पाठ्यक्रमों में सीट के सापेक्ष तीन गुना अभ्यर्थियों को प्रमाणपत्र अपलोड करने का मौका दिया गया था। ताकि प्रमाणपत्रों की जांच कराने के लिए विभागों की दौड़ न लगानी पड़े। आनलाइन सत्यापन चल रहा है। इस आधार पर मेरिट से शुल्क जमा करने का मौका मिलेगा। |
Raju Srivastav Health Update: उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के चेयरमैन और जाने-माने कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव (Raju Srivastav) को 10 अगस्त की सुबह वर्कआउट करते वक्त हार्टअटैक आया। जिसके बाद से ही वो दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल में भर्ती हैं। कॉमेडियन को आए हार्ट अटैक की खबर वायरल होने के बाद से ही उनके फैंस काफी चिंतित हैं और लगातार उनका हेल्थ अपडेट जानना चाह रहे हैं। इसी कड़ी में कॉमेडियन के पर्सनल सेक्रेटरी गरवित नारंग ने उनके स्वास्थ को लेकर बड़ी अपडेट दी है।
बताते चलें कि दिल का दौरा पड़ने के बाद एम्स अस्पताल में भर्ती राजू श्रीवास्तव की एंजियोप्लास्टी हुई थी। इसके बाद उनके हाथ, पैरों में आई हरकत की जानकारी से फैंस खुश हो उठे। हालांकि, राजू को अबतक होश नहीं आया है जो सबके लिए चिंता का सबब बना हुआ है। इसी बीच राजू के सेक्रेटरी ने उनके हेल्थ को लेकर अपडेट दिया है, जो खुश करने वाला है।
He was admitted to AIIMS Delhi on August 10 after experiencing chest pain and collapsing while working out at the gym.
वहीं, राजू श्रीवास्तव की एमआरआई रिपोर्ट से पता चला है कि उनके ब्रेन के एक हिस्से में इंजरी के निशान हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक, ये इंजरी दिमाग में ऑक्सीजन नहीं पहुंचने की वजह से हुई है। मीडिया खबरों के अनुसार, एमआरआई रिपोर्ट में राजू श्रीवास्तव के सिर के सबसे ऊपरी हिस्से में कुछ धब्बे पाए गए हैं, इन्हीं धब्बों को डॉक्टर इंजरी बता रहे हैं। आपको बता दें कि राजू को होश में आने में अभी एक से दो हफ्ते का समय और लग सकता है।
| Raju Srivastav Health Update: उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के चेयरमैन और जाने-माने कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को दस अगस्त की सुबह वर्कआउट करते वक्त हार्टअटैक आया। जिसके बाद से ही वो दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती हैं। कॉमेडियन को आए हार्ट अटैक की खबर वायरल होने के बाद से ही उनके फैंस काफी चिंतित हैं और लगातार उनका हेल्थ अपडेट जानना चाह रहे हैं। इसी कड़ी में कॉमेडियन के पर्सनल सेक्रेटरी गरवित नारंग ने उनके स्वास्थ को लेकर बड़ी अपडेट दी है। बताते चलें कि दिल का दौरा पड़ने के बाद एम्स अस्पताल में भर्ती राजू श्रीवास्तव की एंजियोप्लास्टी हुई थी। इसके बाद उनके हाथ, पैरों में आई हरकत की जानकारी से फैंस खुश हो उठे। हालांकि, राजू को अबतक होश नहीं आया है जो सबके लिए चिंता का सबब बना हुआ है। इसी बीच राजू के सेक्रेटरी ने उनके हेल्थ को लेकर अपडेट दिया है, जो खुश करने वाला है। He was admitted to AIIMS Delhi on August दस after experiencing chest pain and collapsing while working out at the gym. वहीं, राजू श्रीवास्तव की एमआरआई रिपोर्ट से पता चला है कि उनके ब्रेन के एक हिस्से में इंजरी के निशान हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक, ये इंजरी दिमाग में ऑक्सीजन नहीं पहुंचने की वजह से हुई है। मीडिया खबरों के अनुसार, एमआरआई रिपोर्ट में राजू श्रीवास्तव के सिर के सबसे ऊपरी हिस्से में कुछ धब्बे पाए गए हैं, इन्हीं धब्बों को डॉक्टर इंजरी बता रहे हैं। आपको बता दें कि राजू को होश में आने में अभी एक से दो हफ्ते का समय और लग सकता है। |
कहानी बेलारूस के क्षेत्र में "छलावरण" में 33 रूसी लोगों को हिरासत में लेना मुश्किल और अस्पष्ट है। लेकिन यह देश में 9 अगस्त को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों को स्थगित करने का एक कारण बन सकता है।
यह राय स्पेनिश अखबार एल मुंडो के पन्नों में व्यक्त की गई है।
रूसी संघ के विदेश मामलों के मंत्रालय ने बेलारूसी कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा रूसी नागरिकों की हिरासत की निंदा की और उनकी रिहाई की मांग की। मिन्स्क के पास बेलोरसोचका अभयारण्य में 32 लोगों को हिरासत में लिया गया था। लोग शांत, सभ्य थे और शराब नहीं पीते थे। यह, जैसा कि यह निकला, संदेह जगाया। बाद में, देश के दक्षिण में एक और रूसी को हिरासत में लिया गया था।
बेलारूसी सुरक्षा बलों का मानना है कि सभी बंदी रूसी निजी सैन्य कंपनी वैगनर के कर्मचारी हैं, जो कथित तौर पर व्यवसायी येवगेनी प्रिगोझिन के मालिक हैं। बेलारूस में कानून प्रवर्तन अधिकारी देश में कठिन चुनाव पूर्व स्थिति के कारण हाई अलर्ट पर हैं।
स्पेनिश प्रेस नोटः
बेलारूस गणराज्य की जांच समिति ने बताया कि लोगों पर दंगे की तैयारी करने का संदेह है, और गणतंत्र की सुरक्षा परिषद के राज्य सचिव आंद्रेई रावकोव ने कहा कि वे आतंकवादी हमले की तैयारी कर सकते हैं।
रूसी पक्ष का दावा है कि बंदियों के पास कोई निंदनीय योजना नहीं थी, खासकर बेलारूस में। वे बेलारूस में पारगमन में थे और एक तीसरे देश में जाने वाले थे।
बेलारूस में विपक्ष हाल ही में अधिक सक्रिय हो गया है, जो सरकार को बदलना चाहता है। स्पेनिश लेखक के अनुसार, अलेक्जेंडर लुकाशेंको, इसके लिए बाहरी शक्तियों को दोष देने की कोशिश कर रहा है, जिसमें शामिल है, जैसा कि यह निकला, रूस।
यद्यपि यह संभव है कि लड़ाके विशेष रूप से हिरासत में आए। इस प्रकार, लुकाशेन्का के पास एक तख्तापलट की धमकी के कारण आपातकाल की स्थिति की तरह कुछ घोषित करने और चुनाव रद्द करने का बहाना होगा। इस नस में, बेलारूसी राष्ट्रपति पहले ही बोल चुके हैंः
सभी प्रकार के युद्ध अब सड़क विरोध, प्रदर्शनों, फिर मैदानों से शुरू होते हैं। मैदान पर, अगर हमारे खुद के लोग नहीं हैं (हमारे पास पर्याप्त "मायादानुएल" नहीं है), तो उन्हें पक्ष से खींच लिया जाएगा।
यह संस्करण इस तथ्य पर फिट बैठता है कि दंगों का आयोजन पीएमसी प्रतिनिधियों के कौशल के बीच नहीं है, किसी विशेष सेवाओं के प्रतिनिधि यहां बेहतर काम करेंगे। और ये लोग, अगर वे वास्तव में "भाग्य के सैनिक" हैं, तो उन्हें जुझारू देशों में सैन्य संचालन करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
बेलारूस गणराज्य के राष्ट्रपति ने 4 अगस्त को नागरिकों के लिए एक अपील निर्धारित की है।
एक चुनाव अभियान का आयोजन परेशानी और महंगा है, और बेलारूसी अर्थव्यवस्था आज अपने सबसे अच्छे आकार में नहीं है। बजट में अतिरिक्त धन को आकर्षित करने के लिए, जिसे देश के अधिकारियों को अब इतनी बुरी तरह से आवश्यकता है, मिन्स्क ने 1 अगस्त से कच्चे तेल और इसके उत्पादों पर निर्यात शुल्क बढ़ाने का फैसला किया। यह राज्य समाचार एजेंसी बेल्टा द्वारा रिपोर्ट किया गया था।
तेल की आपूर्ति मुख्य रूप से रूस से बेलारूस को की जाती है।
| कहानी बेलारूस के क्षेत्र में "छलावरण" में तैंतीस रूसी लोगों को हिरासत में लेना मुश्किल और अस्पष्ट है। लेकिन यह देश में नौ अगस्त को होने वाले राष्ट्रपति चुनावों को स्थगित करने का एक कारण बन सकता है। यह राय स्पेनिश अखबार एल मुंडो के पन्नों में व्यक्त की गई है। रूसी संघ के विदेश मामलों के मंत्रालय ने बेलारूसी कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा रूसी नागरिकों की हिरासत की निंदा की और उनकी रिहाई की मांग की। मिन्स्क के पास बेलोरसोचका अभयारण्य में बत्तीस लोगों को हिरासत में लिया गया था। लोग शांत, सभ्य थे और शराब नहीं पीते थे। यह, जैसा कि यह निकला, संदेह जगाया। बाद में, देश के दक्षिण में एक और रूसी को हिरासत में लिया गया था। बेलारूसी सुरक्षा बलों का मानना है कि सभी बंदी रूसी निजी सैन्य कंपनी वैगनर के कर्मचारी हैं, जो कथित तौर पर व्यवसायी येवगेनी प्रिगोझिन के मालिक हैं। बेलारूस में कानून प्रवर्तन अधिकारी देश में कठिन चुनाव पूर्व स्थिति के कारण हाई अलर्ट पर हैं। स्पेनिश प्रेस नोटः बेलारूस गणराज्य की जांच समिति ने बताया कि लोगों पर दंगे की तैयारी करने का संदेह है, और गणतंत्र की सुरक्षा परिषद के राज्य सचिव आंद्रेई रावकोव ने कहा कि वे आतंकवादी हमले की तैयारी कर सकते हैं। रूसी पक्ष का दावा है कि बंदियों के पास कोई निंदनीय योजना नहीं थी, खासकर बेलारूस में। वे बेलारूस में पारगमन में थे और एक तीसरे देश में जाने वाले थे। बेलारूस में विपक्ष हाल ही में अधिक सक्रिय हो गया है, जो सरकार को बदलना चाहता है। स्पेनिश लेखक के अनुसार, अलेक्जेंडर लुकाशेंको, इसके लिए बाहरी शक्तियों को दोष देने की कोशिश कर रहा है, जिसमें शामिल है, जैसा कि यह निकला, रूस। यद्यपि यह संभव है कि लड़ाके विशेष रूप से हिरासत में आए। इस प्रकार, लुकाशेन्का के पास एक तख्तापलट की धमकी के कारण आपातकाल की स्थिति की तरह कुछ घोषित करने और चुनाव रद्द करने का बहाना होगा। इस नस में, बेलारूसी राष्ट्रपति पहले ही बोल चुके हैंः सभी प्रकार के युद्ध अब सड़क विरोध, प्रदर्शनों, फिर मैदानों से शुरू होते हैं। मैदान पर, अगर हमारे खुद के लोग नहीं हैं , तो उन्हें पक्ष से खींच लिया जाएगा। यह संस्करण इस तथ्य पर फिट बैठता है कि दंगों का आयोजन पीएमसी प्रतिनिधियों के कौशल के बीच नहीं है, किसी विशेष सेवाओं के प्रतिनिधि यहां बेहतर काम करेंगे। और ये लोग, अगर वे वास्तव में "भाग्य के सैनिक" हैं, तो उन्हें जुझारू देशों में सैन्य संचालन करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। बेलारूस गणराज्य के राष्ट्रपति ने चार अगस्त को नागरिकों के लिए एक अपील निर्धारित की है। एक चुनाव अभियान का आयोजन परेशानी और महंगा है, और बेलारूसी अर्थव्यवस्था आज अपने सबसे अच्छे आकार में नहीं है। बजट में अतिरिक्त धन को आकर्षित करने के लिए, जिसे देश के अधिकारियों को अब इतनी बुरी तरह से आवश्यकता है, मिन्स्क ने एक अगस्त से कच्चे तेल और इसके उत्पादों पर निर्यात शुल्क बढ़ाने का फैसला किया। यह राज्य समाचार एजेंसी बेल्टा द्वारा रिपोर्ट किया गया था। तेल की आपूर्ति मुख्य रूप से रूस से बेलारूस को की जाती है। |
अज्ञेयवाद क्या है?
"ए" का अर्थ है "बिना" और "gnosis" का अर्थ है "ज्ञान। " इसलिए अज्ञेय शब्द का अर्थ शाब्दिक अर्थ है "ज्ञान के बिना," हालांकि यह आम तौर पर ज्ञान के बजाय देवताओं के ज्ञान पर केंद्रित है। क्योंकि ज्ञान विश्वास से संबंधित है, लेकिन विश्वास के समान नहीं है, नास्तिकतावाद को नास्तिकता और धर्मवाद के बीच "तीसरा रास्ता" नहीं माना जा सकता है। अज्ञेयवाद क्या है?
दार्शनिक अज्ञेयवाद क्या है?
अज्ञेयवाद के पीछे झूठ बोलने वाले दो दार्शनिक सिद्धांत हैं।
पहला महामारी है और यह दुनिया के बारे में ज्ञान प्राप्त करने के लिए अनुभवजन्य और तार्किक साधनों पर निर्भर करता है। दूसरा नैतिक है और इसमें यह विचार शामिल है कि हमारे पास नैतिक कर्तव्य है कि वे उन विचारों के दावों पर जोर न दें जो हम सबूत या तर्क के माध्यम से उचित रूप से समर्थन नहीं कर सकते हैं। दार्शनिक अज्ञेयवाद क्या है?
अगर कोई कमजोर अज्ञेयवादी है, तो वे केवल यह कह रहे हैं कि वे नहीं जानते कि क्या कोई देवता मौजूद है या नहीं।
क्या अज्ञात बस बाड़ पर बैठे हैं?
बहुत से लोग अज्ञेयवाद को किसी भी देवता के सवाल के सवाल के लिए 'गैर-निर्णायक' दृष्टिकोण के रूप में देखते हैं - यही कारण है कि इसे अक्सर नास्तिकता और धर्मवाद के बीच "तीसरा रास्ता" माना जाता है, जिसमें से प्रत्येक को कुछ विशेष रूप से प्रतिबद्ध किया जाता है स्थिति जबकि अज्ञेयवादी पक्ष लेने से इनकार करते हैं।
यह विश्वास गलत है क्योंकि अज्ञेयवाद ज्ञान की कमी है, प्रतिबद्धता की कमी नहीं है। क्या अज्ञात बस बाड़ पर बैठे हैं?
नास्तिक बनाम अज्ञेयवादः क्या अंतर है?
अज्ञेयवाद देवताओं में विश्वास के बारे में नहीं बल्कि देवताओं के ज्ञान के बारे में है - यह मूल रूप से उस व्यक्ति की स्थिति का वर्णन करने के लिए तैयार किया गया था जो यह सुनिश्चित करने का दावा नहीं कर सका कि क्या कोई देवता मौजूद है या नहीं। इसलिए अज्ञेयवादवादवाद और नास्तिकता दोनों के साथ संगत है। एक व्यक्ति कुछ भगवान (धर्मवाद) में विश्वास करने के बिना यह सुनिश्चित करने के लिए विश्वास कर सकता है कि वह भगवान मौजूद है या नहीं; वह अज्ञेयवादीवाद है । एक अन्य व्यक्ति यह सुनिश्चित करने के लिए देवताओं (नास्तिकता) में अविश्वास कर सकता है कि कोई देवता मौजूद नहीं हो सकता है या नहीं; वह अज्ञेय नास्तिकता है। नास्तिक बनाम अज्ञेयवादः क्या अंतर है?
अज्ञेयवादी धर्मवाद क्या है?
यह अजीब लग सकता है कि एक व्यक्ति बिना किसी भगवान के विश्वास में दावा करेगा कि उनका भगवान अस्तित्व में है, भले ही हम कुछ हद तक ज्ञान को परिभाषित करते हैं; सच्चाई, हालांकि, यह है कि ऐसी स्थिति शायद बहुत आम है। जो लोग ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास करते हैं वे विश्वास पर ऐसा करते हैं, और यह विश्वास आम तौर पर हमारे आसपास की दुनिया के बारे में ज्ञान के प्रकारों से अलग होता है। अज्ञेयवादी धर्मवाद क्या है?
थॉमस हेनरी हक्सले ने खुद को अज्ञेयवादी के रूप में वर्णित करने से पहले कोई भी नहीं, लेकिन पहले के कई दार्शनिक और विद्वान थे जिन्होंने जोर दिया कि या तो उन्हें अंतिम वास्तविकता और देवताओं का ज्ञान नहीं था, या किसी के लिए यह संभव नहीं था इस तरह का ज्ञान है।
अमेरिका में 1 9वीं शताब्दी के उत्तरार्ध के दौरान धर्मनिरपेक्षता और धार्मिक संदेह का एक प्रसिद्ध और प्रभावशाली समर्थक, रॉबर्ट ग्रीन इंगर्सोल दासता और महिलाओं के अधिकारों को समाप्त करने के लिए एक मजबूत वकील था, दोनों बहुत ही अलोकप्रिय पदों पर। हालांकि, जिस स्थिति ने उन्हें सबसे अधिक समस्याएं पैदा की थी, वह अज्ञेयवाद और उनकी कड़े विरोधी-विरोधीवाद की उनकी मजबूत रक्षा थी।
| अज्ञेयवाद क्या है? "ए" का अर्थ है "बिना" और "gnosis" का अर्थ है "ज्ञान। " इसलिए अज्ञेय शब्द का अर्थ शाब्दिक अर्थ है "ज्ञान के बिना," हालांकि यह आम तौर पर ज्ञान के बजाय देवताओं के ज्ञान पर केंद्रित है। क्योंकि ज्ञान विश्वास से संबंधित है, लेकिन विश्वास के समान नहीं है, नास्तिकतावाद को नास्तिकता और धर्मवाद के बीच "तीसरा रास्ता" नहीं माना जा सकता है। अज्ञेयवाद क्या है? दार्शनिक अज्ञेयवाद क्या है? अज्ञेयवाद के पीछे झूठ बोलने वाले दो दार्शनिक सिद्धांत हैं। पहला महामारी है और यह दुनिया के बारे में ज्ञान प्राप्त करने के लिए अनुभवजन्य और तार्किक साधनों पर निर्भर करता है। दूसरा नैतिक है और इसमें यह विचार शामिल है कि हमारे पास नैतिक कर्तव्य है कि वे उन विचारों के दावों पर जोर न दें जो हम सबूत या तर्क के माध्यम से उचित रूप से समर्थन नहीं कर सकते हैं। दार्शनिक अज्ञेयवाद क्या है? अगर कोई कमजोर अज्ञेयवादी है, तो वे केवल यह कह रहे हैं कि वे नहीं जानते कि क्या कोई देवता मौजूद है या नहीं। क्या अज्ञात बस बाड़ पर बैठे हैं? बहुत से लोग अज्ञेयवाद को किसी भी देवता के सवाल के सवाल के लिए 'गैर-निर्णायक' दृष्टिकोण के रूप में देखते हैं - यही कारण है कि इसे अक्सर नास्तिकता और धर्मवाद के बीच "तीसरा रास्ता" माना जाता है, जिसमें से प्रत्येक को कुछ विशेष रूप से प्रतिबद्ध किया जाता है स्थिति जबकि अज्ञेयवादी पक्ष लेने से इनकार करते हैं। यह विश्वास गलत है क्योंकि अज्ञेयवाद ज्ञान की कमी है, प्रतिबद्धता की कमी नहीं है। क्या अज्ञात बस बाड़ पर बैठे हैं? नास्तिक बनाम अज्ञेयवादः क्या अंतर है? अज्ञेयवाद देवताओं में विश्वास के बारे में नहीं बल्कि देवताओं के ज्ञान के बारे में है - यह मूल रूप से उस व्यक्ति की स्थिति का वर्णन करने के लिए तैयार किया गया था जो यह सुनिश्चित करने का दावा नहीं कर सका कि क्या कोई देवता मौजूद है या नहीं। इसलिए अज्ञेयवादवादवाद और नास्तिकता दोनों के साथ संगत है। एक व्यक्ति कुछ भगवान में विश्वास करने के बिना यह सुनिश्चित करने के लिए विश्वास कर सकता है कि वह भगवान मौजूद है या नहीं; वह अज्ञेयवादीवाद है । एक अन्य व्यक्ति यह सुनिश्चित करने के लिए देवताओं में अविश्वास कर सकता है कि कोई देवता मौजूद नहीं हो सकता है या नहीं; वह अज्ञेय नास्तिकता है। नास्तिक बनाम अज्ञेयवादः क्या अंतर है? अज्ञेयवादी धर्मवाद क्या है? यह अजीब लग सकता है कि एक व्यक्ति बिना किसी भगवान के विश्वास में दावा करेगा कि उनका भगवान अस्तित्व में है, भले ही हम कुछ हद तक ज्ञान को परिभाषित करते हैं; सच्चाई, हालांकि, यह है कि ऐसी स्थिति शायद बहुत आम है। जो लोग ईश्वर के अस्तित्व में विश्वास करते हैं वे विश्वास पर ऐसा करते हैं, और यह विश्वास आम तौर पर हमारे आसपास की दुनिया के बारे में ज्ञान के प्रकारों से अलग होता है। अज्ञेयवादी धर्मवाद क्या है? थॉमस हेनरी हक्सले ने खुद को अज्ञेयवादी के रूप में वर्णित करने से पहले कोई भी नहीं, लेकिन पहले के कई दार्शनिक और विद्वान थे जिन्होंने जोर दिया कि या तो उन्हें अंतिम वास्तविकता और देवताओं का ज्ञान नहीं था, या किसी के लिए यह संभव नहीं था इस तरह का ज्ञान है। अमेरिका में एक नौवीं शताब्दी के उत्तरार्ध के दौरान धर्मनिरपेक्षता और धार्मिक संदेह का एक प्रसिद्ध और प्रभावशाली समर्थक, रॉबर्ट ग्रीन इंगर्सोल दासता और महिलाओं के अधिकारों को समाप्त करने के लिए एक मजबूत वकील था, दोनों बहुत ही अलोकप्रिय पदों पर। हालांकि, जिस स्थिति ने उन्हें सबसे अधिक समस्याएं पैदा की थी, वह अज्ञेयवाद और उनकी कड़े विरोधी-विरोधीवाद की उनकी मजबूत रक्षा थी। |
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड्स (अंग्रेजीः Guinness World Records; हिन्दी अनुवादः गिनीज़ विश्व कीर्तिमान), प्रतिवर्ष प्रकाशित होने वाली एक सन्दर्भ पुस्तक है जिसमें विश्व कीर्तिमानों (रिकॉर्ड्स) का संकलन होता है। सन् 2000 तक इसे 'गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' (अमेरिका में गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स) के नाम से जाना जाता था। यह पुस्तक 'सर्वाधिक बिकने वाली कॉपीराइट पुस्तक' के रूप में स्वयं एक रिकार्डधारी पुस्तक है। यह पुस्तक अमेरिका के 'सार्वजनिक पुस्तकालयों से सर्वाधिक चोरी जाने वाली पुस्तक' भी है। मताधिकार टेलिविजन शृंखला और संग्रहालयो में शामिल करने के लिऐ प्रिंट से आगे बढ़ाया गया है। मताधिकार की लोकप्रीयता गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड्स विश्व रिकार्ड की एक बड़ी संख्या को सुचिबदध करने और स्त्यापन पर प्राथमिक अंतरराशट्रिय प्राधिकरण बनने में हुई है। संगठन के रिकार्ड की स्थापना और थोड़ने सत्यपित करने के लिऐ अधिकृत सरकारी रिकार्ड निर्णायकों कायरत है . सैंड्रा एनेट बुलक (Sandra Annette Bullock, जन्म २६ जुलाई १९६४) एक अमरीकी अभिनेत्री व निर्माता है जो १९९० के दशक में डेमोलिशन मैन, स्पीड, द नेट, अ टाइम टू किल और व्हाइल यु वर स्लीपिंग जैसी सफल फ़िल्मों में भूमिकाओं के कारण प्रकाश्ज्योत में रही। नई सदी में वे मिस कांजिनियालिटी, द लेक हाउस और क्रैश जैसी फ़िल्मों में नज़र आई। २००७ में उन्हें १४वि सबसे रइस महिला सिलेब्रिटी का ख़िताब दिया गया (कुल संपत्ति $८५ मिलियन)। २००९ में बुलक ने दो व्यापारिक दृष्टी से सफल फ़िल्में, द प्रपोज़ल और द ब्लाइंड साइड में भूमिका निभाई। उन्हें द ब्लाइंड साइड में एनी टूओही की भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का गोल्डेन ग्लोब पुरस्कार, मुख्य भूमिका में महिला अभिनेत्री द्वारा अप्रतिम अभिनय का स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया। वे २०१२ की गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की पुस्तक में ($५६ मिलियन के साथ) उच्च आमदनी वाली अभिनेत्री के रूप में दर्ज है। .
गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और सैंड्रा बुलक आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)।
गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स 4 संबंध है और सैंड्रा बुलक 5 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (4 + 5)।
यह लेख गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और सैंड्रा बुलक के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
| शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड्स , प्रतिवर्ष प्रकाशित होने वाली एक सन्दर्भ पुस्तक है जिसमें विश्व कीर्तिमानों का संकलन होता है। सन् दो हज़ार तक इसे 'गिनीज़ बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' के नाम से जाना जाता था। यह पुस्तक 'सर्वाधिक बिकने वाली कॉपीराइट पुस्तक' के रूप में स्वयं एक रिकार्डधारी पुस्तक है। यह पुस्तक अमेरिका के 'सार्वजनिक पुस्तकालयों से सर्वाधिक चोरी जाने वाली पुस्तक' भी है। मताधिकार टेलिविजन शृंखला और संग्रहालयो में शामिल करने के लिऐ प्रिंट से आगे बढ़ाया गया है। मताधिकार की लोकप्रीयता गिनीज़ वर्ल्ड रिकार्ड्स विश्व रिकार्ड की एक बड़ी संख्या को सुचिबदध करने और स्त्यापन पर प्राथमिक अंतरराशट्रिय प्राधिकरण बनने में हुई है। संगठन के रिकार्ड की स्थापना और थोड़ने सत्यपित करने के लिऐ अधिकृत सरकारी रिकार्ड निर्णायकों कायरत है . सैंड्रा एनेट बुलक एक अमरीकी अभिनेत्री व निर्माता है जो एक हज़ार नौ सौ नब्बे के दशक में डेमोलिशन मैन, स्पीड, द नेट, अ टाइम टू किल और व्हाइल यु वर स्लीपिंग जैसी सफल फ़िल्मों में भूमिकाओं के कारण प्रकाश्ज्योत में रही। नई सदी में वे मिस कांजिनियालिटी, द लेक हाउस और क्रैश जैसी फ़िल्मों में नज़र आई। दो हज़ार सात में उन्हें चौदहवि सबसे रइस महिला सिलेब्रिटी का ख़िताब दिया गया । दो हज़ार नौ में बुलक ने दो व्यापारिक दृष्टी से सफल फ़िल्में, द प्रपोज़ल और द ब्लाइंड साइड में भूमिका निभाई। उन्हें द ब्लाइंड साइड में एनी टूओही की भूमिका के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का गोल्डेन ग्लोब पुरस्कार, मुख्य भूमिका में महिला अभिनेत्री द्वारा अप्रतिम अभिनय का स्क्रीन एक्टर्स गिल्ड अवार्ड और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का अकादमी पुरस्कार प्रदान किया गया। वे दो हज़ार बारह की गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की पुस्तक में उच्च आमदनी वाली अभिनेत्री के रूप में दर्ज है। . गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और सैंड्रा बुलक आम में शून्य बातें हैं । गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स चार संबंध है और सैंड्रा बुलक पाँच है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स और सैंड्रा बुलक के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः |
सप्ताह का अवकाश दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है।
अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है।
बाद संसदीय कार्यमंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने इस अाशय कि जानकारी दी।
होंगे।
एक कमेटी के गठन का फैसला लिया है ।
| सप्ताह का अवकाश दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर छब्बीस सप्ताह कर दिया गया है। अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है। बाद संसदीय कार्यमंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने इस अाशय कि जानकारी दी। होंगे। एक कमेटी के गठन का फैसला लिया है । |
जबकि फरहान अख्तर ने ड्रू नील, समीर जौरा और डेरेल फोस्टर की निगरानी में कठिन ट्रेनिंग ली है, लेकिन बावजूद इसके निर्देशक ने वास्तविक जीवन के मुक्केबाजों को फिल्म में शामिल किया ताकि वे फरहान अख्तर के साथ रिंग में लड़ाई लड़ सके।
निर्देशक कहते है,मेरे लिए, यह महत्वपूर्ण था कि सभी मुकाबले असली मुक्केबाजों के साथ हो। साथ ही निर्देशक ने बताया कि उनकी प्रोडक्शन टीम ने देश भर में इन प्रतिभाओं की खोज की थी।
हमने उत्तर-पूर्व, हरियाणा और महाराष्ट्र से मुक्केबाजों को शामिल किया है। हमने अमेरिका से भी एक पेशेवर मुक्केबाज को टीम में शामिल किया है। फिल्म के फाइनल सीक्वेंस में फरहान का किरदार उनसे लड़ते हुए नजर आएंगे।
फिल्म का निर्माण रितेश सिधवानी, राकेश ओमप्रकाश मेहरा और फरहान अख्तर द्वारा किया गया है। तूफान का निर्देशन राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने किया है जिसमें फरहान अख्तर ने अभिनय किया है और मृत्युंजय ठाकुर व परेश रावल भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
'तूफान' का प्रीमियर 21 मई 2021 में अमेजन प्राइम वीडियो पर किया जाएगा। (आईएएनएस)
| जबकि फरहान अख्तर ने ड्रू नील, समीर जौरा और डेरेल फोस्टर की निगरानी में कठिन ट्रेनिंग ली है, लेकिन बावजूद इसके निर्देशक ने वास्तविक जीवन के मुक्केबाजों को फिल्म में शामिल किया ताकि वे फरहान अख्तर के साथ रिंग में लड़ाई लड़ सके। निर्देशक कहते है,मेरे लिए, यह महत्वपूर्ण था कि सभी मुकाबले असली मुक्केबाजों के साथ हो। साथ ही निर्देशक ने बताया कि उनकी प्रोडक्शन टीम ने देश भर में इन प्रतिभाओं की खोज की थी। हमने उत्तर-पूर्व, हरियाणा और महाराष्ट्र से मुक्केबाजों को शामिल किया है। हमने अमेरिका से भी एक पेशेवर मुक्केबाज को टीम में शामिल किया है। फिल्म के फाइनल सीक्वेंस में फरहान का किरदार उनसे लड़ते हुए नजर आएंगे। फिल्म का निर्माण रितेश सिधवानी, राकेश ओमप्रकाश मेहरा और फरहान अख्तर द्वारा किया गया है। तूफान का निर्देशन राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने किया है जिसमें फरहान अख्तर ने अभिनय किया है और मृत्युंजय ठाकुर व परेश रावल भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। 'तूफान' का प्रीमियर इक्कीस मई दो हज़ार इक्कीस में अमेजन प्राइम वीडियो पर किया जाएगा। |
Pro Kabaddi League: प्रो कबड्डी लीग (Pro Kabaddi League) के 9वें सीजन (PKL 2022) की शुरुआत 7 अक्टूबर से होने वाली है। इस साल PKL का आयोजन बैंगलोर, पुणे और हैदराबाद में होने वाला हैं। सबसे खास बात यह है कि फैंस इस सीजन का लुत्फ सीधे स्टेडियम से उठा सकते हैं।
PKL 9 का पहला मुकाबला गत विजेता दबंग दिल्ली और यू मुंबा के बीच खेला जाएगा। इसके अलावा पहले दिन बेंगलुरु बुल्स vs तेलुगु टाइटंस और यूपी योद्धा vs जयपुर पिंक पैंथर्स के बीच भी मुकाबला होगा।
अभी 66 मैचों का ही शेड्यूल का ऐलान किया गया है, दूसरे हाफ में होने वाले मैचों का ऐलान अक्टूबर में किया जाएगा। इसके अलावा 7 से 27 अक्टूबर तक मुकाबले बैंगलोर में खेले जाएंगे, तो 28 अक्टूबर से पुणे लेग की शुरुआत होगी।
सभी 12 टीमों को फैंस पहले दो दिनों में ही खेलते हुए देख पाएंगे। हर शुक्रवार और शनिवार को तीन-तीन मुकाबले खेले जाएंगे।
इस सीजन सभी टीमों में बड़े-बड़े बदलाव देखने को मिले और कई टीमों के कोचिंग स्टाफ भी बदले हुए हैं। एक तरफ पवन सेहरावत PKL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं, उन्हें तमिल थलाइवाज ने 2 करोड़ 26 लाख रुपये में खरीदा था। इसके अलावा विकास कंडोला बेंगलुरु बुल्स, दीपक हूडा बंगाल वॉरियर्स, राहुल चौधरी जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए खेलने वाले हैं। परदीप नरवाल एक बार फिर यूपी योद्धा के लिए खेलने वाले हैं।
Pro Kabaddi League के विजेताओं की बात की जाए, तो अभी तक पटना पाइरेट्स ने सबसे ज्यादा 3, जयपुर पिंक पैंथर्स, यू मुंबा, बेंगलुरु बुल्स, बंगाल वॉरियर्स और दबंग दिल्ली केसी ने एक एक बार खिताबी जीत दर्ज की है। अब देखना दिलचस्प होगा कि PKL 9 में कोई नई टीम चैंपियन बनती है, है, या पहले जीत चुकी 6 टीमों में से कोई खिताबी जीत दर्ज करता है।
Pro Kabaddi League, PKL के 9वें सीजन का शेड्यूल इस प्रकार हैः
PKL 2022 में होने वाले मैचों की शुरुआत कब होगी और उन्हें लाइव किस तरह देखा जा सकता है?
Pro Kabaddi League के 9वें सीजन का लाइव प्रसारण आप स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर हिंदी एवं इंग्लिश पर देख सकते हैं। ऑनलाइन आप इसका आंनद हॉटस्टार ऐप पर उठा सकते हैं। इसके अलावा स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी पर भी आपको सभी मैचोंं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलती रहेगी।
साथ ही पहले मुकाबले की शुरुआत शाम 7:30, दूसरे मैच की शुरुआत रात 8:30 और जिस दिन तीन मैच खेले जाएंगे उस दिन तीसरा मुकाबला रात 9:30 बजे शुरू होगा।
| Pro Kabaddi League: प्रो कबड्डी लीग के नौवें सीजन की शुरुआत सात अक्टूबर से होने वाली है। इस साल PKL का आयोजन बैंगलोर, पुणे और हैदराबाद में होने वाला हैं। सबसे खास बात यह है कि फैंस इस सीजन का लुत्फ सीधे स्टेडियम से उठा सकते हैं। PKL नौ का पहला मुकाबला गत विजेता दबंग दिल्ली और यू मुंबा के बीच खेला जाएगा। इसके अलावा पहले दिन बेंगलुरु बुल्स vs तेलुगु टाइटंस और यूपी योद्धा vs जयपुर पिंक पैंथर्स के बीच भी मुकाबला होगा। अभी छयासठ मैचों का ही शेड्यूल का ऐलान किया गया है, दूसरे हाफ में होने वाले मैचों का ऐलान अक्टूबर में किया जाएगा। इसके अलावा सात से सत्ताईस अक्टूबर तक मुकाबले बैंगलोर में खेले जाएंगे, तो अट्ठाईस अक्टूबर से पुणे लेग की शुरुआत होगी। सभी बारह टीमों को फैंस पहले दो दिनों में ही खेलते हुए देख पाएंगे। हर शुक्रवार और शनिवार को तीन-तीन मुकाबले खेले जाएंगे। इस सीजन सभी टीमों में बड़े-बड़े बदलाव देखने को मिले और कई टीमों के कोचिंग स्टाफ भी बदले हुए हैं। एक तरफ पवन सेहरावत PKL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं, उन्हें तमिल थलाइवाज ने दो करोड़ छब्बीस लाख रुपये में खरीदा था। इसके अलावा विकास कंडोला बेंगलुरु बुल्स, दीपक हूडा बंगाल वॉरियर्स, राहुल चौधरी जयपुर पिंक पैंथर्स के लिए खेलने वाले हैं। परदीप नरवाल एक बार फिर यूपी योद्धा के लिए खेलने वाले हैं। Pro Kabaddi League के विजेताओं की बात की जाए, तो अभी तक पटना पाइरेट्स ने सबसे ज्यादा तीन, जयपुर पिंक पैंथर्स, यू मुंबा, बेंगलुरु बुल्स, बंगाल वॉरियर्स और दबंग दिल्ली केसी ने एक एक बार खिताबी जीत दर्ज की है। अब देखना दिलचस्प होगा कि PKL नौ में कोई नई टीम चैंपियन बनती है, है, या पहले जीत चुकी छः टीमों में से कोई खिताबी जीत दर्ज करता है। Pro Kabaddi League, PKL के नौवें सीजन का शेड्यूल इस प्रकार हैः PKL दो हज़ार बाईस में होने वाले मैचों की शुरुआत कब होगी और उन्हें लाइव किस तरह देखा जा सकता है? Pro Kabaddi League के नौवें सीजन का लाइव प्रसारण आप स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर हिंदी एवं इंग्लिश पर देख सकते हैं। ऑनलाइन आप इसका आंनद हॉटस्टार ऐप पर उठा सकते हैं। इसके अलावा स्पोर्ट्सकीड़ा हिंदी पर भी आपको सभी मैचोंं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलती रहेगी। साथ ही पहले मुकाबले की शुरुआत शाम सात:तीस, दूसरे मैच की शुरुआत रात आठ:तीस और जिस दिन तीन मैच खेले जाएंगे उस दिन तीसरा मुकाबला रात नौ:तीस बजे शुरू होगा। |
भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही ट्विटर फॉलोअर्स पर सियासत शुरु हो गई है। ट्विटर पर एमपी बीजेपी से ज्यादा फॉलोअर्स कांग्रेस के हैं। कांग्रेस के फॉलोअर्स ज्यादा होने पर बीजेपी आईटी सेल ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कांग्रेस के फॉलोअर्स को फर्जी करार दिया है।
बता दें कि कांग्रेस के लगभग 48%फॉलोअर्स फर्जी हैं। इसमें ज्यादातर फॉलोअर्स ने जिंदगी में कभी भी ट्वीट नहीं किए। हज़ारों एकाउंट तो ऐसे हैं जिनके जीरो फॉलोअर्स हैं। अगस्त 2019 में जिस कांग्रेस के मात्र 3 लाख फॉलोअर्स होते थे, वो मात्र 15 महीने में 9 लाख पहुंच गए।
वहीं कांग्रेस के फर्जी फॉलोअर्स पाकिस्तान और अरब देशों से जुड़े हुए हैं। कांग्रेस की पोस्ट पर अधिकतर इन्हीं एकाउंट से रिट्वीट होते हैं। ट्विटर पर कांग्रेस के कुल फर्जी फॉलोअर्स 4,38,721 हैं। हज़ारो की संख्या में ऐसे अकाउंट है जिनके फॉलोअर्स 0 से 5 के बीच में है। इनके प्रोफाइल फोटो भी नहीं है।
दरअसल यह जो फर्जी अकाउंट्स है वे एक भी ट्वीट नहीं करते हैं मात्र कांग्रेस की पोस्ट पर रिट्वीट की संख्या बढ़ाते हैं। कांग्रेस का बस चले तो इलेक्शन कमीशन को ही हटा दे और सिर्फ फॉलोअर्स की संख्या पर ही उम्मीदवार को विजय घोषित कर दे।
दरअसल ट्विटर पर कांग्रेस ने बीजेपी को मात दे दी है। कांग्रेस के फॉलोअर बीजेपी से ज्यादा हैं। बीजेपी के ट्विटर में 7 लाख 82 हजार हैं। वहीं कांग्रेस के बीजेपी से तकरीबन डेढ़ लाख ज्यादा फॉलोअर हैं। कांग्रेस के 9 लाख 17 हजार फॉलोअर हैं।
| भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही ट्विटर फॉलोअर्स पर सियासत शुरु हो गई है। ट्विटर पर एमपी बीजेपी से ज्यादा फॉलोअर्स कांग्रेस के हैं। कांग्रेस के फॉलोअर्स ज्यादा होने पर बीजेपी आईटी सेल ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कांग्रेस के फॉलोअर्स को फर्जी करार दिया है। बता दें कि कांग्रेस के लगभग अड़तालीस%फॉलोअर्स फर्जी हैं। इसमें ज्यादातर फॉलोअर्स ने जिंदगी में कभी भी ट्वीट नहीं किए। हज़ारों एकाउंट तो ऐसे हैं जिनके जीरो फॉलोअर्स हैं। अगस्त दो हज़ार उन्नीस में जिस कांग्रेस के मात्र तीन लाख फॉलोअर्स होते थे, वो मात्र पंद्रह महीने में नौ लाख पहुंच गए। वहीं कांग्रेस के फर्जी फॉलोअर्स पाकिस्तान और अरब देशों से जुड़े हुए हैं। कांग्रेस की पोस्ट पर अधिकतर इन्हीं एकाउंट से रिट्वीट होते हैं। ट्विटर पर कांग्रेस के कुल फर्जी फॉलोअर्स चार,अड़तीस,सात सौ इक्कीस हैं। हज़ारो की संख्या में ऐसे अकाउंट है जिनके फॉलोअर्स शून्य से पाँच के बीच में है। इनके प्रोफाइल फोटो भी नहीं है। दरअसल यह जो फर्जी अकाउंट्स है वे एक भी ट्वीट नहीं करते हैं मात्र कांग्रेस की पोस्ट पर रिट्वीट की संख्या बढ़ाते हैं। कांग्रेस का बस चले तो इलेक्शन कमीशन को ही हटा दे और सिर्फ फॉलोअर्स की संख्या पर ही उम्मीदवार को विजय घोषित कर दे। दरअसल ट्विटर पर कांग्रेस ने बीजेपी को मात दे दी है। कांग्रेस के फॉलोअर बीजेपी से ज्यादा हैं। बीजेपी के ट्विटर में सात लाख बयासी हजार हैं। वहीं कांग्रेस के बीजेपी से तकरीबन डेढ़ लाख ज्यादा फॉलोअर हैं। कांग्रेस के नौ लाख सत्रह हजार फॉलोअर हैं। |
Çerkezköy 6 13 ट्रेन स्टेशन से प्रति माह हजार यात्रियों यहां ले गएः राज्य रेलवे प्रशासन के तुर्की जनरल निदेशालय गणराज्य Çerkezköy 2016 के सामान्य निदेशालय ने साल के अंत के आंकड़ों की घोषणा की।
Çerkezköy स्टेशन से अगस्त में 2 हजार 107, सितंबर में 2, अक्टूबर में 448 हजार 2, नवंबर में 39 और दिसंबर में 2 कुल 497 हजार 2 टिकट बिके। इन टिकटों से TCDD 478 हजार 13 TL आय प्राप्त हुई।
Halkalı-Çerkezköy-एडिर्न की ओर बढ़ते हुए, Çerkezköyनागरिकों ने उज़ुन्कोप्रु उड़ानों को रद्द करने और इस तथ्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त की कि वे अभी भी शुरू नहीं हुईं। Çerkezköyनागरिकों ने यह कहते हुए कि इस्तांबुल से उज़ुनकोप्रू जाने वाले बहुत से लोग हैं, अधिकारियों से इस लाइन को फिर से खोलने के लिए कहा। लाइन की शुरुआत के साथ Çerkezköy- अनुमान है कि उज़ुनकोप्रु लाइन से यात्रियों की संख्या 5 गुना तक बढ़ जाएगी।
TCDD यात्री परिवहन विभाग ने कहा कि 2017 की कुछ ट्रेनों के लिए TCDD जनरल निदेशालय द्वारा किए गए सड़क रखरखाव, सिग्नल और विद्युतीकरण आधुनिकीकरण कार्यों के कारण, पहले प्रस्तावित यात्री ट्रेनों को प्रतिबंधित कर दिया गया था।
TCDD यात्री परिवहन विभाग, जो उन मार्गों के बारे में एक लेख भी प्रकाशित करता है जहां संशोधन किए गए हैं, Halkalı-कैटाल्का, कैटाल्का Çerkezköy, Çerkezköy- यह घोषणा की गई है कि मुराटली, एडिरने ट्रेन स्टेशन, अबलार-तैयाकादीन और मुराटली पहलिवनकोय में सड़क रखरखाव, स्विच प्रतिस्थापन और पुल स्लीपर कार्य किए जाएंगे। इस मार्ग पर मरम्मत कार्य के चलते Çerkezköy- पता चला कि उज़ुन्कोप्रु उड़ानें नहीं की जा सकीं।
| Çerkezköy छः तेरह ट्रेन स्टेशन से प्रति माह हजार यात्रियों यहां ले गएः राज्य रेलवे प्रशासन के तुर्की जनरल निदेशालय गणराज्य Çerkezköy दो हज़ार सोलह के सामान्य निदेशालय ने साल के अंत के आंकड़ों की घोषणा की। Çerkezköy स्टेशन से अगस्त में दो हजार एक सौ सात, सितंबर में दो, अक्टूबर में चार सौ अड़तालीस हजार दो, नवंबर में उनतालीस और दिसंबर में दो कुल चार सौ सत्तानवे हजार दो टिकट बिके। इन टिकटों से TCDD चार सौ अठहत्तर हजार तेरह TL आय प्राप्त हुई। Halkalı-Çerkezköy-एडिर्न की ओर बढ़ते हुए, Çerkezköyनागरिकों ने उज़ुन्कोप्रु उड़ानों को रद्द करने और इस तथ्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त की कि वे अभी भी शुरू नहीं हुईं। Çerkezköyनागरिकों ने यह कहते हुए कि इस्तांबुल से उज़ुनकोप्रू जाने वाले बहुत से लोग हैं, अधिकारियों से इस लाइन को फिर से खोलने के लिए कहा। लाइन की शुरुआत के साथ Çerkezköy- अनुमान है कि उज़ुनकोप्रु लाइन से यात्रियों की संख्या पाँच गुना तक बढ़ जाएगी। TCDD यात्री परिवहन विभाग ने कहा कि दो हज़ार सत्रह की कुछ ट्रेनों के लिए TCDD जनरल निदेशालय द्वारा किए गए सड़क रखरखाव, सिग्नल और विद्युतीकरण आधुनिकीकरण कार्यों के कारण, पहले प्रस्तावित यात्री ट्रेनों को प्रतिबंधित कर दिया गया था। TCDD यात्री परिवहन विभाग, जो उन मार्गों के बारे में एक लेख भी प्रकाशित करता है जहां संशोधन किए गए हैं, Halkalı-कैटाल्का, कैटाल्का Çerkezköy, Çerkezköy- यह घोषणा की गई है कि मुराटली, एडिरने ट्रेन स्टेशन, अबलार-तैयाकादीन और मुराटली पहलिवनकोय में सड़क रखरखाव, स्विच प्रतिस्थापन और पुल स्लीपर कार्य किए जाएंगे। इस मार्ग पर मरम्मत कार्य के चलते Çerkezköy- पता चला कि उज़ुन्कोप्रु उड़ानें नहीं की जा सकीं। |
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रवक्ता एवं महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के शीर्ष अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए गुरुवार को दावा किया कि गोवा जाने वाले लक्जरी क्रूजलाइनर कॉर्डेलिया पर ड्रग्स पार्टी के आयोजक वानखेड़े के करीबी दोस्त थे। साथ ही उन्होंने जानना चाहा कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
श्री मलिक ने एक निजी समाचार चैनल को बताया कि पार्टी के आयोजक काशिफ खान को दो अक्टूबर को अपनी प्रेमिका के साथ क्रूज जहाज पर देखा गया था। उन्होंने यह भी जानने की मांग की कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
श्री मलिक ने दावा किया कि खान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के करीबी दोस्त हैं और इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया। काशिफ खान जेएफटीवी के भारत प्रमुख हैं और फैशन टीवी के प्रबंध निदेशक भी हैं।
उन्होंने दावा किया कि उनकी गर्लफ्रेंड रुक्मिणी हुड के पास बंदूक के साथ फोटो हैं।
| राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता एवं महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के शीर्ष अधिकारी समीर वानखेड़े के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए गुरुवार को दावा किया कि गोवा जाने वाले लक्जरी क्रूजलाइनर कॉर्डेलिया पर ड्रग्स पार्टी के आयोजक वानखेड़े के करीबी दोस्त थे। साथ ही उन्होंने जानना चाहा कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। श्री मलिक ने एक निजी समाचार चैनल को बताया कि पार्टी के आयोजक काशिफ खान को दो अक्टूबर को अपनी प्रेमिका के साथ क्रूज जहाज पर देखा गया था। उन्होंने यह भी जानने की मांग की कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। श्री मलिक ने दावा किया कि खान नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के करीबी दोस्त हैं और इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया। काशिफ खान जेएफटीवी के भारत प्रमुख हैं और फैशन टीवी के प्रबंध निदेशक भी हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी गर्लफ्रेंड रुक्मिणी हुड के पास बंदूक के साथ फोटो हैं। |
बिलासपुर। परिवहन विभाग के द्वारा शिविर लगाकर स्कूल बसों की जांच की गई थी। जांच के दौरान खामियां भी मिलीं। पर कार्रवाई करने के बजाय विभाग ने सुधार के लिए सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए थे। इसके लिए एक समय भी निर्धारित किया गया था। जो पूरा हो चुका है। इसलिए अब किसी भी दिन विभाग का अमला औचक जांच कर सकता है। इस दौरान किसी भी स्कूल बसों कमियां पाईं गई तो इस बार छूट नहीं दी जाएगी, बल्कि सीधे कार्रवाई की जाएगी।
जून महीने के अंतिम सप्ताह में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की ओर से पुलिस मैदान में जांच शिविर लगाया गया था। इसमें सभी स्कूल प्रबंधन को बसें भेजनी थी। पर शिविर में केवल 117 बसें ही पहुंची। जिनकी जांच के दौरान 75 में कई खाामियां मिली। 42 अनफिट थीं। चालकों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। जिन बसों में खामियां मिलीं थी, उन्हें निर्देश दिया गया कि गाइड लाइन के अनुसार बसों की खिड़कियांे में जालियां, प्राथमिक उपचार बाक्स, सीसीटीवी कैमरा व अन्य सुविधाएं होनी चाहिए। हालांकि शिविर में केवल जांच करने का निर्णय था। इसलिए एक भी बसों पर कार्रवाई नहीं हुई।
उन्हें सामान्य निर्देश देते हुए छोड़ दिया गया। हालांकि स्कूल प्रबंधन को पत्र जारी कर इस संंबंध में सुधार करने का निर्देश दिया गया था। पर अब किसी तरह छूट नहीं दी जाएगी, बल्कि एक भी कमियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा शिविर के दौरान चेतावनी दी गई थी। उन्हें यह भी कहा गया था कि विभाग की टीम किसी भी दिन स्कूल में जाकर या मार्ग पर बसों की जांच कर सकती है। जांच के दौरान कमियां मिलने पर कार्रवाई होगी। हालांकि जांच कब होगी और किस स्कूल की होगी। फिलहाल तय नहीं है। इसकी वजह कर्मचारियों की हड़ताल है। 29 जुलाई का इसका अंतिम दिन है। ऐसे में 30 जुलाई या इससे पहले अफसर खुद जांच कर सकते हैं।
| बिलासपुर। परिवहन विभाग के द्वारा शिविर लगाकर स्कूल बसों की जांच की गई थी। जांच के दौरान खामियां भी मिलीं। पर कार्रवाई करने के बजाय विभाग ने सुधार के लिए सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए थे। इसके लिए एक समय भी निर्धारित किया गया था। जो पूरा हो चुका है। इसलिए अब किसी भी दिन विभाग का अमला औचक जांच कर सकता है। इस दौरान किसी भी स्कूल बसों कमियां पाईं गई तो इस बार छूट नहीं दी जाएगी, बल्कि सीधे कार्रवाई की जाएगी। जून महीने के अंतिम सप्ताह में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की ओर से पुलिस मैदान में जांच शिविर लगाया गया था। इसमें सभी स्कूल प्रबंधन को बसें भेजनी थी। पर शिविर में केवल एक सौ सत्रह बसें ही पहुंची। जिनकी जांच के दौरान पचहत्तर में कई खाामियां मिली। बयालीस अनफिट थीं। चालकों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। जिन बसों में खामियां मिलीं थी, उन्हें निर्देश दिया गया कि गाइड लाइन के अनुसार बसों की खिड़कियांे में जालियां, प्राथमिक उपचार बाक्स, सीसीटीवी कैमरा व अन्य सुविधाएं होनी चाहिए। हालांकि शिविर में केवल जांच करने का निर्णय था। इसलिए एक भी बसों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्हें सामान्य निर्देश देते हुए छोड़ दिया गया। हालांकि स्कूल प्रबंधन को पत्र जारी कर इस संंबंध में सुधार करने का निर्देश दिया गया था। पर अब किसी तरह छूट नहीं दी जाएगी, बल्कि एक भी कमियां मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में परिवहन विभाग द्वारा शिविर के दौरान चेतावनी दी गई थी। उन्हें यह भी कहा गया था कि विभाग की टीम किसी भी दिन स्कूल में जाकर या मार्ग पर बसों की जांच कर सकती है। जांच के दौरान कमियां मिलने पर कार्रवाई होगी। हालांकि जांच कब होगी और किस स्कूल की होगी। फिलहाल तय नहीं है। इसकी वजह कर्मचारियों की हड़ताल है। उनतीस जुलाई का इसका अंतिम दिन है। ऐसे में तीस जुलाई या इससे पहले अफसर खुद जांच कर सकते हैं। |
बॉलीवुड का हर बड़ा सितारा अब ओटीटी प्लैटफॉर्म की तरफ रूख कर रहा है। फिल्मों में अपना जलवा दिखाने के बाद एक्टर्स अब ओटीटी पर अपना जादू दिखा रहे है। वहीं अब इस लिस्ट में जानी-मानी एक्ट्रेस करीना कपूर खान का नाम भी जुड़ने वाला है। करीना भी जल्द ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपना डेब्यू करने जा रही हैं।आपको बता दें कि, एक्ट्रेस करीना कपूर खान नेटफ्लिक्स पर डेब्यू करेंगी। वहीं उनकी फिल्म की कहानी 'द डिवोशन ऑफ सस्पेक्स एक्स' पर आधारित होगी जो कि एक जापानी राइटर केगो हिगाशिनो ने किताब अपनी किताब मे लिखी है। इस फिल्म मे करीना के एक्टर जयदीप अहलावत और विजय वर्मा भी नजर आने वाले है। इसी के साथ इस फिल्म को जाने-माने डायरेक्टर सुजॉय घोष डायरेक्ट करेंगे।वही अपने ओटीटी डेब्यू की जानकारी खुद एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने अपने इस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करके दी है। इसी के उन्होने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा- 'और ये शुरू हो गई है। वहीं इस वीडियो में करीना फिल्म की टीम के साथ स्क्रिप्ट को रीड करती हुई दिखाई दे रही है साथ ही करीना काफी खुश और एक्साटेड भी नजर आ रही है। वीडियो में करीना को पूरी टीम के साथ एक क्लासिकल सॉन्ग गाते भी देखा जा सकता है।
| बॉलीवुड का हर बड़ा सितारा अब ओटीटी प्लैटफॉर्म की तरफ रूख कर रहा है। फिल्मों में अपना जलवा दिखाने के बाद एक्टर्स अब ओटीटी पर अपना जादू दिखा रहे है। वहीं अब इस लिस्ट में जानी-मानी एक्ट्रेस करीना कपूर खान का नाम भी जुड़ने वाला है। करीना भी जल्द ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपना डेब्यू करने जा रही हैं।आपको बता दें कि, एक्ट्रेस करीना कपूर खान नेटफ्लिक्स पर डेब्यू करेंगी। वहीं उनकी फिल्म की कहानी 'द डिवोशन ऑफ सस्पेक्स एक्स' पर आधारित होगी जो कि एक जापानी राइटर केगो हिगाशिनो ने किताब अपनी किताब मे लिखी है। इस फिल्म मे करीना के एक्टर जयदीप अहलावत और विजय वर्मा भी नजर आने वाले है। इसी के साथ इस फिल्म को जाने-माने डायरेक्टर सुजॉय घोष डायरेक्ट करेंगे।वही अपने ओटीटी डेब्यू की जानकारी खुद एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने अपने इस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करके दी है। इसी के उन्होने वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा- 'और ये शुरू हो गई है। वहीं इस वीडियो में करीना फिल्म की टीम के साथ स्क्रिप्ट को रीड करती हुई दिखाई दे रही है साथ ही करीना काफी खुश और एक्साटेड भी नजर आ रही है। वीडियो में करीना को पूरी टीम के साथ एक क्लासिकल सॉन्ग गाते भी देखा जा सकता है। |
बुर्के और घूंघट पर काफी चर्चा हो रही है. या यूं कहें कि इसका मुद्दा अभी गर्माया हुआ है. क्यों. . क्योंकि श्रीलंका में जब ईस्टर के दिन कई धमाके हुए तो वहां के राष्ट्रपति ने मुंह ढंकने पर पाबंदी लगा दी थी और हिजाब का इस्तेमाल न करने का आदेश दिया था.
भारत में जब वो खबर पहुंची तो लोगों ने उसे कुछ और ही सुन लिया. वहां तो हिजाब पर पाबंदी थी, लेकिन यहां के नेता पूरे के पूरे बुर्के पर बैन लगाने की रेस में शामिल हो गए.
ऐसे में गीतकार जावेद अख्तर भी बुर्के की बात पर सुर्खियों में आए. उन्होंने कहा था कि महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं का मुंह ढंकना ही बंद करना चाहिए, वो चाहे नकाब से हो या फिर घूंघट से.
दोनों को बंद करना चाहिए. ये बात हुई ही थी कि इसकी चपेट में फिल्म एक्ट्रेस शबाना आज़मी भी आ गईं.
इनकम टैक्स : इस साल ऑनलाइन टैक्स में 6. 60 लाख लोगों की कमी !
ये है शबाना आज़मी का ट्वीट, जिसमें उन्होंने अपने पति जावेद अख्तर को भी टैग किया है. इसमें वो जावेद अख्तर को बोलना तो कुछ और ही चाह रही हैं, लेकिन ट्रोल्स के ट्रोल ने शबाना आज़मी के रोमांस की बैंड बजा दी. ट्रोल्स उन पर बुर्के को लेकर कमेंट करने लगे.
इसके बाद ट्रोल्स की बारिश होने लगी. किसी ने 'जिहादी' कहा तो किसी ने 'तालिबानी'.
हालांकि शबाना आज़मी ने किसी भी ट्रोल का पलटकर जवाब नहीं दिया है. लेकिन ट्रोल्स का क्या है? किसी और बात पर बवाल मचाएंगे, किसी और को पाकिस्तान भेजेंगे. किसी और को गालियां देंगे. इसके बिना खाना पचता कहां है उनका.
| बुर्के और घूंघट पर काफी चर्चा हो रही है. या यूं कहें कि इसका मुद्दा अभी गर्माया हुआ है. क्यों. . क्योंकि श्रीलंका में जब ईस्टर के दिन कई धमाके हुए तो वहां के राष्ट्रपति ने मुंह ढंकने पर पाबंदी लगा दी थी और हिजाब का इस्तेमाल न करने का आदेश दिया था. भारत में जब वो खबर पहुंची तो लोगों ने उसे कुछ और ही सुन लिया. वहां तो हिजाब पर पाबंदी थी, लेकिन यहां के नेता पूरे के पूरे बुर्के पर बैन लगाने की रेस में शामिल हो गए. ऐसे में गीतकार जावेद अख्तर भी बुर्के की बात पर सुर्खियों में आए. उन्होंने कहा था कि महिला सशक्तिकरण के लिए महिलाओं का मुंह ढंकना ही बंद करना चाहिए, वो चाहे नकाब से हो या फिर घूंघट से. दोनों को बंद करना चाहिए. ये बात हुई ही थी कि इसकी चपेट में फिल्म एक्ट्रेस शबाना आज़मी भी आ गईं. इनकम टैक्स : इस साल ऑनलाइन टैक्स में छः. साठ लाख लोगों की कमी ! ये है शबाना आज़मी का ट्वीट, जिसमें उन्होंने अपने पति जावेद अख्तर को भी टैग किया है. इसमें वो जावेद अख्तर को बोलना तो कुछ और ही चाह रही हैं, लेकिन ट्रोल्स के ट्रोल ने शबाना आज़मी के रोमांस की बैंड बजा दी. ट्रोल्स उन पर बुर्के को लेकर कमेंट करने लगे. इसके बाद ट्रोल्स की बारिश होने लगी. किसी ने 'जिहादी' कहा तो किसी ने 'तालिबानी'. हालांकि शबाना आज़मी ने किसी भी ट्रोल का पलटकर जवाब नहीं दिया है. लेकिन ट्रोल्स का क्या है? किसी और बात पर बवाल मचाएंगे, किसी और को पाकिस्तान भेजेंगे. किसी और को गालियां देंगे. इसके बिना खाना पचता कहां है उनका. |
टेस्ट फॉर्मेट में डेब्यू करने के बाद से ही हर मुकाबले में आक्रामक गेंदबाजी कर रहे कीवी क्रिकेटर चर्चा चारों तरफ हो रही है. नासिर हुसैन (Nasser Hussain) का कहना है कि, वो भविष्य के सुपरस्टार हैं. क्योंकि इन दिनों वो जिस जगह भी जा रहे हैं वहां विरोधी टीम के खिलाफ सबसे किफायती गेंदबाज साबित हो रहे हैं. चारों तरफ उनके प्रदर्शन को लेकर दिग्गज तारीफों के पुल बांध रहे हैं.
यहां तक कि, अब साउथैम्पटन में भी खेले जा रहे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर लोगों का दिल जीत लिया है. 5 विकेट हॉल लेकर उन्होंने इस मैच में एक नया इतिहास रच दिया है. इस बारे में बातचीत करते हुए हाल ही में नासिर हुसैन (Nasser Hussain) ने बयान देते हुए कहा कि,
फिलहाल इस समय कीवी टीम का ये गेंदबाज भारतीय टीम के खिलाफ अपनी धारदार गेंदबाजी के लिए छाया हुआ है. पहली पारी में उन्होंने भारत के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए विराट कोहली, रोहित शर्मा, ऋषभ पंत, इशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया था. टीम इंडिया की पहली पारी का अंत महज 217 रन पर करने में उनकी अहम भूमिका रही. इस सिलसिले में बात करते हुए नासिल हुसैन (Nasser Hussain) ने कहा कि,
| टेस्ट फॉर्मेट में डेब्यू करने के बाद से ही हर मुकाबले में आक्रामक गेंदबाजी कर रहे कीवी क्रिकेटर चर्चा चारों तरफ हो रही है. नासिर हुसैन का कहना है कि, वो भविष्य के सुपरस्टार हैं. क्योंकि इन दिनों वो जिस जगह भी जा रहे हैं वहां विरोधी टीम के खिलाफ सबसे किफायती गेंदबाज साबित हो रहे हैं. चारों तरफ उनके प्रदर्शन को लेकर दिग्गज तारीफों के पुल बांध रहे हैं. यहां तक कि, अब साउथैम्पटन में भी खेले जा रहे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर लोगों का दिल जीत लिया है. पाँच विकेट हॉल लेकर उन्होंने इस मैच में एक नया इतिहास रच दिया है. इस बारे में बातचीत करते हुए हाल ही में नासिर हुसैन ने बयान देते हुए कहा कि, फिलहाल इस समय कीवी टीम का ये गेंदबाज भारतीय टीम के खिलाफ अपनी धारदार गेंदबाजी के लिए छाया हुआ है. पहली पारी में उन्होंने भारत के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए विराट कोहली, रोहित शर्मा, ऋषभ पंत, इशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया था. टीम इंडिया की पहली पारी का अंत महज दो सौ सत्रह रन पर करने में उनकी अहम भूमिका रही. इस सिलसिले में बात करते हुए नासिल हुसैन ने कहा कि, |
हो एक उत्तम पलँग भा गया । पथिक माचर्य चकित होकर उस पलँग पर लेट गया । अब वह सोचने लगा कि, एक युवती भाकर मेरी चरण-सेवा करतो तो में मानन्दके साथ शयन करता । इच्छा करतेही शोघ्र एक षोडशी युवती भाकर उसके पैर दबाने लगी। पथिकके भावये और आनन्दको सीमा म रही। अब उसे कुछ भूखकी खबर हुई । वह सोचने लगा कि जब इच्छा करने पर इतनी वस्तुयें प्राप्त हुई हैं तो क्या कुछ भोजन के लिये न मिलेगा ? शीघ्र ही एक नाना प्रकार के व्यञ्जनों से भरी हुई थालो आगई। पथिक भोजन करके फिर पलँग पर लेट गया और मन-ही-मन वर्तमान घटना को भालोचना करने लगा। सहसा उसके मनमें विचार उठा कि, इस वनमें से एकाध शेर आ जाय तो मेरी क्या गति हो ? मनमें यह विचार आतेही सामने से एक शेर छलांगें मारता हुआ था पहुँचा और उसकी गर्दनको पकड कर रक्त पीने लगा । पथिक को जीवनलीला वहीं समाप्त हो गई । इस संसार में जीवोंको भी ऐसी ही दशा होती है। वे ईश्वरको पाराधना करके उससे धन, जन, मान, यश आदिको कामना करते हैं। प्रारम्भ में उनको अपनी इच्छानुरूप कुछ फल अवश्य मिलता है, किन्तु अन्त में शेरका भय रहता है। रोग, शोक, दुःख, मान, अपमान और विषयरूपी व्याघ्र साधारण व्यावसे हज़ार गुना यन्त्रणादायक है ।
२१ - एक व्यक्तिके मनमें सहसा वैराग्यभाव उत्पन्न हुआ।
वह अपने भाई से कहने लगा -- "मुझे यह संसार घच्छा नहीं लगता । मे किसी निर्जन स्थान में जाकर भगवान्का भजन करूँगा।" इस शुभ संकल्प के लिये उसके भाईने अनुमति दे दो। वह अपना घर छोड़कर एक वनमें चला गया और घोर तपस्या करने लगा । लगातार १२ वर्ष तक कठिन तपस्या करने के उपदान्त उसे कुछ सिद्धि प्राप्त होगई । वह घर लौट आया । बहुत दिनोंके बाद उसको घर पावा हुआ जानकर उसके भाईको वडा आनन्द हुआ । बातोही बातोंमें उसने अपने तपस्वी भाई से पूछा- "भाई। इतने दिन घोर तपस्या
करके क्या ज्ञान प्राप्त किया ?" यह सुन तपस्खो हसा और सामने जाते हुए एक हाथोके पास जाकर और उसके शरीर पर तोन वार हाथ फेरकर कहने लगा- "हाथी तू मर जा ।" इतना वाहते हो हाथी मृतवत् होकर ज़मीनपर गिर पडा । कुछ समयके उपरान्त उसने फिर हाथोके शरीर पर हाथ फेर कर कहा, ~~ "हाथी, तू इसी समय उठ बैठ ।" हाथो शीघ्र उठकर खड़ा हो गया ।
इसके पश्चात् नदी पर जाकर मन्त्र बलसे वह नदीके इस उस पार तक चला गया । दर्शकगण दांतों तले अँगुली दबा कर रह गये। किन्तु उसके भाई ने कहा - "भाई ! तुमने इतने समय तक व्यर्थ श्रम उठाया । हाथी को मारने या जिलाने से तुम्हें क्या लाभ हुआ ? इसके सिवा १२ वर्ष कठिन तपस्या करके तुमने मदीको इस पार से उस पार तक
जाना लोखा, पर मैं जब चाहता हूँ तभी एक पैसा खर्च करके
नदी के उस पार चला जाता हूँ । घतश्व यह तुम्हारा सारा
प्रयास वृथा है।" भाईकी बातें सुनकर सपस्वीकी आँखें खुल गईं। वह कहने लगा, - "वास्तव में, इससे मुझे कोई लाभ नहीं हुया ।" ऐसा कहकर वह ईश्वर दर्शन करने की इच्छामे फिर तपस्या करनेको चला गया ।
२२ - अपने को अधिक चतुर समझना उचित नहीं है । देखो, कोया अपनेको सब पक्षियोंसे अधिक चतुर समझता है, किन्तु वही सबसे अधिक घृणित चीजें खाता है। इसी प्रकार इस संसार में जो मनुष्य अधिक चालाकी किया करते हैं वे ही अधिक ठगे जाते हैं - ठोकरे जाते हैं।
२३ - एक समुष्य गङ्गाके किनारे खडा होकर, एक हाथमें रुपया और दूसरे में मिट्टीका ठेला लेकर विचार करने लगा कि रुपया हो सिट्टी, और मिट्टी ही रुपया है । इसके पश्चात् उसने वे दोनों चीजें गङ्गाजल में फेंक दीं। कुछ समय के उपरान्त वह सोचने लगा कि, यदि लक्ष्मीजी नाराज होकर मुझे खानेको न देंगी तो ? अतः वह फिर कहने लगालक्ष्मी, तुम हमारे हृदय में निवास करो, किन्तु मैं तुम्हारे ऐश्वर्य को नहीं चाहता।
२४ - कई लोग व्यर्थ ही अपने वडप्पन में भूले रहते हैं । मच्छर बैलके सौंग पर बैठा था। कुछ समयके उपरान्त उसके मनमें उत्सम वृद्धि नागरित हुई। वह सोचने लगा, में फब से इसके
सौग पर बैठा हूँ, मेरे कारण इसे कितना कष्ट पहुँचा होगा ? अतः उसने बैलको पुकार कर कहा, "भाई मुझे क्षमा करना । में बहुत समय से तुम्हारे सींग पर बैठा हूँ, तुम्हें बहुत कष्ट पहुँचा होगा। भब में शीघ्र उड़ जाता हूँ और फिर कभी तुम्हें इस प्रकार तकलीफ न दूँगा ।" बैलने उत्तर दियानहीं, नहीं, तुम सपरिवार आकर हमारे सींग पर निवास करो न- तुम्हारे रहने जाने से हमारा कुछ बनताबिगड़ता नही है ।
२५ - एक दिन लक्ष्मीनारायण नामका एक धनी मारवाड़ी दक्षिणेश्वरके मन्दिर में परमहंसजीके दर्शन करनेके लिये गया । उसके साथ अनेक समय वेदान्त-विषय पर बातचीत होती रही । अन्त में जब वह घर जाने लगा तब उसने परमहंसजोसे कहा"मैं आपकी सेवाके निमित्त दस हज़ार देना चाहता हूँ।" यह सुन परमहंसजी को दारुण आघात पहुँचा-वे कुछ समयके लिये अचेतन से हो गये। फिर उन्होंने विरक्त होकर कहा - "तुम हमको मायाका प्रलोभन दिखाते हो ?" मारवाडी ने कुछ अप्रतिभ होकर कहा - "अभी आप कुछ कच्चे हैं । ओ महापुरुष अत्यन्त उच्चावस्था को पहुँच जाते है उनको त्याज्य और ग्राह्य दोनों एक समान हो जाते हैं। कोई उनको कुछ दे या लेकर उन्हे सन्तोष या क्षोभ नहीं पहुँचा सकता है।" मारवाड़ी भक्तको बातें सुनकर परमहंसजी हँस पड़े और कहने लगे - "देखो, निर्मल मन आइने के समान
स्वच्छ होता है, उसमें कामिनी काञ्चनरूपी कालिमा लगाना उचित नहीं है।" मारवाडी बोला- "अच्छा, तो यह व्यक्तिजो नित्य आपकी सेवा किया करता है, इसके पास रुपया जमा करहूँ ?" परमहंसजीने कहा- "नहीं, ऐसा भी नही हो सकता । कारण, कि जिसके पास रुपये जमा किये जावेंगे उससे यदि में कह कि अमुक व्यक्तिको इतने रुपये दे दो, या अमुक वस्तु खरोद लो, और वह रुपया देना नचाहे तो हमारे मनमें सहज ही ऐसा अभिमान उत्पन्न हो सकता है कि, रुपया तो इसका नहीं, हमारा है। अतएव यह भी ठीक नहीं है । मारवाडी भक्त परमहंसजोको बातें सुनकर बहुत विस्मित हुआ और उनके ऐसे मदृष्टपूर्व त्यागभावको देखकर परम प्रसन्न होता हुआ अपने घरको चला गया ।
साधनमें सहाय ।
१ - प्रथमावस्था में किसी निर्जन स्थान में बैठकर मन स्थिर करना चाहिये, अन्यथा सांसारिक अनेक बातें देख- सुनकर मन चञ्चल हो जाता है। जैसे दूध और पानीको एकत्र रखने से दोनों मिल जाते हैं, किन्तु दूधको मथकर जब उसका मक्खन बना लिया जाता है तब वह पानी से नहीं मिलता, उसपर तैरने लगता है, इसी प्रकार जिसका मन स्थिर हो जाता है वह सब जगह बैठकर भजन कर सकता है । २- निष्ठा- भक्ति के बिना ईश्वर-लाभ नहीं होता । जैसे एक पतिमें निष्ठा रखनेसे खो-सतो हो जाती है, उसी प्रकार अपने इष्टके प्रति निष्ठा रखने से इष्ट-प्राप्ति होती है ।
३ - प्रथमावस्था में किसी निर्जन स्थानमें बैठकर ध्यान करनेका अभ्यास करना चाहिये । जब अभ्यास दृढ़ हो जाय तब जहाँ चाहे बैठकर ध्यान किया जा सकता है। जैसे जब तक वृक्ष छोटा रहता है तब तक उसकी रक्षाका उपाय करना पढता है, यदि उसको रक्षा न करें तो गाय बकरी आदि खाकर उसे नष्ट करदें। वही पेड़ जब बड़ा हो जाता है तब उससे १० गाय-वकरी बाँध दो, तोभी वे उसको कुछ हानि नहीं पहुंचा सकतीं।
४ - ध्यान मंनमें, घनमें और कोने में, सब जगह किया जा सकता है ।
५ - सह्य गुण के समान और दूसरा गुण नहीं है । जो सहन करता है यह रहता है और जो सहन हो नहीं करता वह नष्ट हो जाता है। सब वर्णमाला तोन 'स' होते है -
घ, ष, स ।
६ - सह्य गुपके समान और दूसरा गुण नहीं । जैसे लुहारको निहाई पर नित्य हजारों चोटें पडती है, किन्तु इसमे वह जरा भी विचलित नहीं होती । इसी प्रकार सबमें सच गुण होना चाहिये । कोई कुछ भी करे, कुछ भी कड़े, सब सहन करना चाहिये ।
- मछली कितनी हो दूर क्यों न हो, चॉवल फकते हो यहाँ तुरन्त प्रा जाती है। इसी प्रकार भगवान् भी विश्वासी भक्तोंके हृदय में शीघ्र प्रकट होते हैं ।
८- एक जातिके कोड़े होते हैं, जिन्हें लोग पतङ्ग कहते है। वे प्रकाशको देखकर दोडे आते हैं। उनके प्राण भलेही चले जायँ, किन्तु वे प्रकाश को छोडकर अँधेरेमें नहीं जाते। इसी प्रकार भगवकत साधु-सङ्ग और हरिकथा के लिये लालायित रहते हैं। वे साधन-भजनको छोडकर संसारके प्रसार पदार्थों के मोहमें नहीं फँसते 1
८ - गुरुवाक्य में भचल और अटल विश्वास उत्पन्न हुए बिना ईश्वरलाभ होना असम्भवित है ।
१० - इस दुर्लभ मनुष्य देहको पाकर जो ईश्वर-लाभ नहीं कर सका, उसका जन्म धारण करना ही वृथा है ।
११ - मन कमानोदार गद्दोके समान है। जब तक गद्दी पर बैठो तभौतक वह दबी रहती है, किन्तु न्योंही उस परसे उठो त्योंही वह फिर पूर्ववत् उठ जाती है । मन भी उसी प्रकारका है । वह सदा स्फीत होकर रहना चाहता है। उसे नव तक हरिचर्चा और साधुसङ्ग में लगाश्रो, तभी तक वह संवत अवस्था में रहता है, इसके पश्चात् वह फिर अपनी पूर्वावस्था में आ जाता है।
१५ - नाममें रुचि और विश्वास उत्पन्न हो जाने पर फिर और किसी प्रकारके साधन-सजनको आवश्यकता नहीं रहती। नामके प्रभावसे उसके सब सन्देह दूर हो जाते है । नाम से चित्त शुद्ध होता और नामडी से भगवद्दर्शन होते हैं ।
१३ - साधुसङ्ग चविलके धोवनके समान है । जिसे अधिक नशा चढ़ा हो उसे चाँवलका घोवन पिलाने से नशा उतर जाता है, इसी प्रकार संसारमदसे मत्त हुए लोगोंका नशा उतारनेको एकमात्र साधुसङ्ग ही है ।
१४ -जैसे बकौलको देखकर मुकद्दमा-मामले और कचहरी की याद आती है, वैद्य और डाकर को देखकर रोग और प्रौषधिका स्मरण हो आता है, उसी प्रकार भगवकता और साधु पुरुष को देखकर ईश्वर-भावकी जाग्यति होती है । | हो एक उत्तम पलँग भा गया । पथिक माचर्य चकित होकर उस पलँग पर लेट गया । अब वह सोचने लगा कि, एक युवती भाकर मेरी चरण-सेवा करतो तो में मानन्दके साथ शयन करता । इच्छा करतेही शोघ्र एक षोडशी युवती भाकर उसके पैर दबाने लगी। पथिकके भावये और आनन्दको सीमा म रही। अब उसे कुछ भूखकी खबर हुई । वह सोचने लगा कि जब इच्छा करने पर इतनी वस्तुयें प्राप्त हुई हैं तो क्या कुछ भोजन के लिये न मिलेगा ? शीघ्र ही एक नाना प्रकार के व्यञ्जनों से भरी हुई थालो आगई। पथिक भोजन करके फिर पलँग पर लेट गया और मन-ही-मन वर्तमान घटना को भालोचना करने लगा। सहसा उसके मनमें विचार उठा कि, इस वनमें से एकाध शेर आ जाय तो मेरी क्या गति हो ? मनमें यह विचार आतेही सामने से एक शेर छलांगें मारता हुआ था पहुँचा और उसकी गर्दनको पकड कर रक्त पीने लगा । पथिक को जीवनलीला वहीं समाप्त हो गई । इस संसार में जीवोंको भी ऐसी ही दशा होती है। वे ईश्वरको पाराधना करके उससे धन, जन, मान, यश आदिको कामना करते हैं। प्रारम्भ में उनको अपनी इच्छानुरूप कुछ फल अवश्य मिलता है, किन्तु अन्त में शेरका भय रहता है। रोग, शोक, दुःख, मान, अपमान और विषयरूपी व्याघ्र साधारण व्यावसे हज़ार गुना यन्त्रणादायक है । इक्कीस - एक व्यक्तिके मनमें सहसा वैराग्यभाव उत्पन्न हुआ। वह अपने भाई से कहने लगा -- "मुझे यह संसार घच्छा नहीं लगता । मे किसी निर्जन स्थान में जाकर भगवान्का भजन करूँगा।" इस शुभ संकल्प के लिये उसके भाईने अनुमति दे दो। वह अपना घर छोड़कर एक वनमें चला गया और घोर तपस्या करने लगा । लगातार बारह वर्ष तक कठिन तपस्या करने के उपदान्त उसे कुछ सिद्धि प्राप्त होगई । वह घर लौट आया । बहुत दिनोंके बाद उसको घर पावा हुआ जानकर उसके भाईको वडा आनन्द हुआ । बातोही बातोंमें उसने अपने तपस्वी भाई से पूछा- "भाई। इतने दिन घोर तपस्या करके क्या ज्ञान प्राप्त किया ?" यह सुन तपस्खो हसा और सामने जाते हुए एक हाथोके पास जाकर और उसके शरीर पर तोन वार हाथ फेरकर कहने लगा- "हाथी तू मर जा ।" इतना वाहते हो हाथी मृतवत् होकर ज़मीनपर गिर पडा । कुछ समयके उपरान्त उसने फिर हाथोके शरीर पर हाथ फेर कर कहा, ~~ "हाथी, तू इसी समय उठ बैठ ।" हाथो शीघ्र उठकर खड़ा हो गया । इसके पश्चात् नदी पर जाकर मन्त्र बलसे वह नदीके इस उस पार तक चला गया । दर्शकगण दांतों तले अँगुली दबा कर रह गये। किन्तु उसके भाई ने कहा - "भाई ! तुमने इतने समय तक व्यर्थ श्रम उठाया । हाथी को मारने या जिलाने से तुम्हें क्या लाभ हुआ ? इसके सिवा बारह वर्ष कठिन तपस्या करके तुमने मदीको इस पार से उस पार तक जाना लोखा, पर मैं जब चाहता हूँ तभी एक पैसा खर्च करके नदी के उस पार चला जाता हूँ । घतश्व यह तुम्हारा सारा प्रयास वृथा है।" भाईकी बातें सुनकर सपस्वीकी आँखें खुल गईं। वह कहने लगा, - "वास्तव में, इससे मुझे कोई लाभ नहीं हुया ।" ऐसा कहकर वह ईश्वर दर्शन करने की इच्छामे फिर तपस्या करनेको चला गया । बाईस - अपने को अधिक चतुर समझना उचित नहीं है । देखो, कोया अपनेको सब पक्षियोंसे अधिक चतुर समझता है, किन्तु वही सबसे अधिक घृणित चीजें खाता है। इसी प्रकार इस संसार में जो मनुष्य अधिक चालाकी किया करते हैं वे ही अधिक ठगे जाते हैं - ठोकरे जाते हैं। तेईस - एक समुष्य गङ्गाके किनारे खडा होकर, एक हाथमें रुपया और दूसरे में मिट्टीका ठेला लेकर विचार करने लगा कि रुपया हो सिट्टी, और मिट्टी ही रुपया है । इसके पश्चात् उसने वे दोनों चीजें गङ्गाजल में फेंक दीं। कुछ समय के उपरान्त वह सोचने लगा कि, यदि लक्ष्मीजी नाराज होकर मुझे खानेको न देंगी तो ? अतः वह फिर कहने लगालक्ष्मी, तुम हमारे हृदय में निवास करो, किन्तु मैं तुम्हारे ऐश्वर्य को नहीं चाहता। चौबीस - कई लोग व्यर्थ ही अपने वडप्पन में भूले रहते हैं । मच्छर बैलके सौंग पर बैठा था। कुछ समयके उपरान्त उसके मनमें उत्सम वृद्धि नागरित हुई। वह सोचने लगा, में फब से इसके सौग पर बैठा हूँ, मेरे कारण इसे कितना कष्ट पहुँचा होगा ? अतः उसने बैलको पुकार कर कहा, "भाई मुझे क्षमा करना । में बहुत समय से तुम्हारे सींग पर बैठा हूँ, तुम्हें बहुत कष्ट पहुँचा होगा। भब में शीघ्र उड़ जाता हूँ और फिर कभी तुम्हें इस प्रकार तकलीफ न दूँगा ।" बैलने उत्तर दियानहीं, नहीं, तुम सपरिवार आकर हमारे सींग पर निवास करो न- तुम्हारे रहने जाने से हमारा कुछ बनताबिगड़ता नही है । पच्चीस - एक दिन लक्ष्मीनारायण नामका एक धनी मारवाड़ी दक्षिणेश्वरके मन्दिर में परमहंसजीके दर्शन करनेके लिये गया । उसके साथ अनेक समय वेदान्त-विषय पर बातचीत होती रही । अन्त में जब वह घर जाने लगा तब उसने परमहंसजोसे कहा"मैं आपकी सेवाके निमित्त दस हज़ार देना चाहता हूँ।" यह सुन परमहंसजी को दारुण आघात पहुँचा-वे कुछ समयके लिये अचेतन से हो गये। फिर उन्होंने विरक्त होकर कहा - "तुम हमको मायाका प्रलोभन दिखाते हो ?" मारवाडी ने कुछ अप्रतिभ होकर कहा - "अभी आप कुछ कच्चे हैं । ओ महापुरुष अत्यन्त उच्चावस्था को पहुँच जाते है उनको त्याज्य और ग्राह्य दोनों एक समान हो जाते हैं। कोई उनको कुछ दे या लेकर उन्हे सन्तोष या क्षोभ नहीं पहुँचा सकता है।" मारवाड़ी भक्तको बातें सुनकर परमहंसजी हँस पड़े और कहने लगे - "देखो, निर्मल मन आइने के समान स्वच्छ होता है, उसमें कामिनी काञ्चनरूपी कालिमा लगाना उचित नहीं है।" मारवाडी बोला- "अच्छा, तो यह व्यक्तिजो नित्य आपकी सेवा किया करता है, इसके पास रुपया जमा करहूँ ?" परमहंसजीने कहा- "नहीं, ऐसा भी नही हो सकता । कारण, कि जिसके पास रुपये जमा किये जावेंगे उससे यदि में कह कि अमुक व्यक्तिको इतने रुपये दे दो, या अमुक वस्तु खरोद लो, और वह रुपया देना नचाहे तो हमारे मनमें सहज ही ऐसा अभिमान उत्पन्न हो सकता है कि, रुपया तो इसका नहीं, हमारा है। अतएव यह भी ठीक नहीं है । मारवाडी भक्त परमहंसजोको बातें सुनकर बहुत विस्मित हुआ और उनके ऐसे मदृष्टपूर्व त्यागभावको देखकर परम प्रसन्न होता हुआ अपने घरको चला गया । साधनमें सहाय । एक - प्रथमावस्था में किसी निर्जन स्थान में बैठकर मन स्थिर करना चाहिये, अन्यथा सांसारिक अनेक बातें देख- सुनकर मन चञ्चल हो जाता है। जैसे दूध और पानीको एकत्र रखने से दोनों मिल जाते हैं, किन्तु दूधको मथकर जब उसका मक्खन बना लिया जाता है तब वह पानी से नहीं मिलता, उसपर तैरने लगता है, इसी प्रकार जिसका मन स्थिर हो जाता है वह सब जगह बैठकर भजन कर सकता है । दो- निष्ठा- भक्ति के बिना ईश्वर-लाभ नहीं होता । जैसे एक पतिमें निष्ठा रखनेसे खो-सतो हो जाती है, उसी प्रकार अपने इष्टके प्रति निष्ठा रखने से इष्ट-प्राप्ति होती है । तीन - प्रथमावस्था में किसी निर्जन स्थानमें बैठकर ध्यान करनेका अभ्यास करना चाहिये । जब अभ्यास दृढ़ हो जाय तब जहाँ चाहे बैठकर ध्यान किया जा सकता है। जैसे जब तक वृक्ष छोटा रहता है तब तक उसकी रक्षाका उपाय करना पढता है, यदि उसको रक्षा न करें तो गाय बकरी आदि खाकर उसे नष्ट करदें। वही पेड़ जब बड़ा हो जाता है तब उससे दस गाय-वकरी बाँध दो, तोभी वे उसको कुछ हानि नहीं पहुंचा सकतीं। चार - ध्यान मंनमें, घनमें और कोने में, सब जगह किया जा सकता है । पाँच - सह्य गुण के समान और दूसरा गुण नहीं है । जो सहन करता है यह रहता है और जो सहन हो नहीं करता वह नष्ट हो जाता है। सब वर्णमाला तोन 'स' होते है - घ, ष, स । छः - सह्य गुपके समान और दूसरा गुण नहीं । जैसे लुहारको निहाई पर नित्य हजारों चोटें पडती है, किन्तु इसमे वह जरा भी विचलित नहीं होती । इसी प्रकार सबमें सच गुण होना चाहिये । कोई कुछ भी करे, कुछ भी कड़े, सब सहन करना चाहिये । - मछली कितनी हो दूर क्यों न हो, चॉवल फकते हो यहाँ तुरन्त प्रा जाती है। इसी प्रकार भगवान् भी विश्वासी भक्तोंके हृदय में शीघ्र प्रकट होते हैं । आठ- एक जातिके कोड़े होते हैं, जिन्हें लोग पतङ्ग कहते है। वे प्रकाशको देखकर दोडे आते हैं। उनके प्राण भलेही चले जायँ, किन्तु वे प्रकाश को छोडकर अँधेरेमें नहीं जाते। इसी प्रकार भगवकत साधु-सङ्ग और हरिकथा के लिये लालायित रहते हैं। वे साधन-भजनको छोडकर संसारके प्रसार पदार्थों के मोहमें नहीं फँसते एक आठ - गुरुवाक्य में भचल और अटल विश्वास उत्पन्न हुए बिना ईश्वरलाभ होना असम्भवित है । दस - इस दुर्लभ मनुष्य देहको पाकर जो ईश्वर-लाभ नहीं कर सका, उसका जन्म धारण करना ही वृथा है । ग्यारह - मन कमानोदार गद्दोके समान है। जब तक गद्दी पर बैठो तभौतक वह दबी रहती है, किन्तु न्योंही उस परसे उठो त्योंही वह फिर पूर्ववत् उठ जाती है । मन भी उसी प्रकारका है । वह सदा स्फीत होकर रहना चाहता है। उसे नव तक हरिचर्चा और साधुसङ्ग में लगाश्रो, तभी तक वह संवत अवस्था में रहता है, इसके पश्चात् वह फिर अपनी पूर्वावस्था में आ जाता है। पंद्रह - नाममें रुचि और विश्वास उत्पन्न हो जाने पर फिर और किसी प्रकारके साधन-सजनको आवश्यकता नहीं रहती। नामके प्रभावसे उसके सब सन्देह दूर हो जाते है । नाम से चित्त शुद्ध होता और नामडी से भगवद्दर्शन होते हैं । तेरह - साधुसङ्ग चविलके धोवनके समान है । जिसे अधिक नशा चढ़ा हो उसे चाँवलका घोवन पिलाने से नशा उतर जाता है, इसी प्रकार संसारमदसे मत्त हुए लोगोंका नशा उतारनेको एकमात्र साधुसङ्ग ही है । चौदह -जैसे बकौलको देखकर मुकद्दमा-मामले और कचहरी की याद आती है, वैद्य और डाकर को देखकर रोग और प्रौषधिका स्मरण हो आता है, उसी प्रकार भगवकता और साधु पुरुष को देखकर ईश्वर-भावकी जाग्यति होती है । |
गोवा में 21 नवंबर 2018 को हुई भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफी) के 49वें संस्करण की प्रेस वार्ता में डैन वोलमैन ने कहा कि "भारतीय और इजरायली सिनेमा में कई सारी समानताएं हैं और दोनों मुल्कों को अपने-अपने सिनेमाओं को और भी गहराई में टटोलने की जरूरत है।" डैन वोलमैन को इस साल गोवा में हुए इफी में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया है। खुद को हाशिये के सिनेमा का समर्थक बताते हुए वोलमैन ने कहा कि हालांकि उन्होंने कुछ बार अपनी आजीविका के लिए भी फिल्में बनाई हैं लेकिन उनकी इच्छा हमेशा उम्र बढ़ने, वेश्यावृत्ति, समलैंगिक विषयों जैसे मसलों पर फिल्म बनाने की रही है।
श्री वोलमैन ने एक अनुभव बताया जब किसी ऐसे व्यक्ति ने उनका साक्षात्कार लिया जिसे समानांतर सिनेमा के बारे में कुछ नहीं पता था। हॉलोकॉस्ट नरसंहार में अपने दो-तिहाई परिवार को खो चुके वोलमैन अपनी फिल्मों में भावों को अप्रत्यक्ष और सूक्ष्म तरीकों से चित्रित करने में यकीन रखते हैं।
रंगमंच में अपनी रुचि से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए श्री वोलमैन ने कहा कि थियेटर एक उत्साहजनक और कम खर्चीला माध्यम है जिससे लोगों तक पहुंचा जा सकता है और अपनी 18 फिल्म स्कूलों के साथ इजरायल में थियेटर की शानदार परंपरा है।
वोलमैन ने इसके अलावा कहा कि इजरायली समाज विभिन्न नस्ली और प्रवासी समूहों की उपस्थिति से परिभाषित होती है जो फिल्म-मेकिंग को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। वोलमैन ने कहा कि हालांकि इसके बावजूद विविधता हमारी ताकत है और ये दिखाती है कि हमारे फिल्मी कुनबे के पास कितनी कुशलता है।
भारतीय और इजरायली सिनेमा के मध्य समानताओं को सामने लाते हुए मुंबई में इजरायल के महावाणिज्य दूत श्री याकोव फिंकलस्टीन ने कहा कि भारत और इजरायल ने फिल्म क्षेत्र समेत विभिन्न क्षेत्रों में शानदार तरक्की देखी है और दोनों देशों के फिल्म उद्योगों के बीच के संबंध इसे और अधिक ऊंचाई पर ले जाएंगे। धर्मा प्रोडक्शंस जैसी भारतीय निर्माण कंपनियों द्वारा तेल अवीव के समुद्रतटों पर शूटिंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि फिल्म क्षेत्र में भारत और इजरायल के पास व्यापक कारोबारी अवसर हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री चाहते हैं कि दोनों देशों की फिल्में भारत और इजरायल के लोगों के बीच के सदी से भी लंबे रिश्ते को और अधिक मजबूत करें।
इफी की 'कंट्री फोकस' श्रेणी में इजरायल की 10 फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी जो उस मुल्क के दृश्यों, इतिहास और सामाजिक मसलों को सामने रखेंगी। महावाणिज्य दूत श्री याकोव ने इजरायल की सुंदरता का गवाह बनने और वहां की व्यापक शूटिंग संभावनाओं को टटोलने के लिए भारतीय लोगों को आमंत्रित करते हुए कहा कि उन्हें भारत और इजरायल जैसे लोकतंत्रों पर गर्व है जहां सामाजिक-आर्थिक विषयों का सामना करते हुए लोगों की चिंताओं को ध्यान में रखा जाना होता है।
अपनी फिल्म 'द अदर स्टोरी' के बारे में बात करते हुए इजरायल के निर्माता डेविड सिलबर ने कहा कि "ये एक ऐसी फिल्म है जो दो बाग़ी युवतियों के बारे में है और मैं इस कहानी से खुद को जोड़कर देख सकता हूं।" श्री सिलबर ने कहा, "मैं एक संग्रहालय का निरीक्षक हुआ करता था और फिल्म निर्माता बनने के लिए वो पेशा छोड़ दिया और मेरा उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन देना नहीं है बल्कि अपने दर्शकों को मस्तिष्क के लिए भोजन (सार्थक विचार) देना भी है।"
| गोवा में इक्कीस नवंबर दो हज़ार अट्ठारह को हुई भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के उनचासवें संस्करण की प्रेस वार्ता में डैन वोलमैन ने कहा कि "भारतीय और इजरायली सिनेमा में कई सारी समानताएं हैं और दोनों मुल्कों को अपने-अपने सिनेमाओं को और भी गहराई में टटोलने की जरूरत है।" डैन वोलमैन को इस साल गोवा में हुए इफी में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया है। खुद को हाशिये के सिनेमा का समर्थक बताते हुए वोलमैन ने कहा कि हालांकि उन्होंने कुछ बार अपनी आजीविका के लिए भी फिल्में बनाई हैं लेकिन उनकी इच्छा हमेशा उम्र बढ़ने, वेश्यावृत्ति, समलैंगिक विषयों जैसे मसलों पर फिल्म बनाने की रही है। श्री वोलमैन ने एक अनुभव बताया जब किसी ऐसे व्यक्ति ने उनका साक्षात्कार लिया जिसे समानांतर सिनेमा के बारे में कुछ नहीं पता था। हॉलोकॉस्ट नरसंहार में अपने दो-तिहाई परिवार को खो चुके वोलमैन अपनी फिल्मों में भावों को अप्रत्यक्ष और सूक्ष्म तरीकों से चित्रित करने में यकीन रखते हैं। रंगमंच में अपनी रुचि से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए श्री वोलमैन ने कहा कि थियेटर एक उत्साहजनक और कम खर्चीला माध्यम है जिससे लोगों तक पहुंचा जा सकता है और अपनी अट्ठारह फिल्म स्कूलों के साथ इजरायल में थियेटर की शानदार परंपरा है। वोलमैन ने इसके अलावा कहा कि इजरायली समाज विभिन्न नस्ली और प्रवासी समूहों की उपस्थिति से परिभाषित होती है जो फिल्म-मेकिंग को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं। वोलमैन ने कहा कि हालांकि इसके बावजूद विविधता हमारी ताकत है और ये दिखाती है कि हमारे फिल्मी कुनबे के पास कितनी कुशलता है। भारतीय और इजरायली सिनेमा के मध्य समानताओं को सामने लाते हुए मुंबई में इजरायल के महावाणिज्य दूत श्री याकोव फिंकलस्टीन ने कहा कि भारत और इजरायल ने फिल्म क्षेत्र समेत विभिन्न क्षेत्रों में शानदार तरक्की देखी है और दोनों देशों के फिल्म उद्योगों के बीच के संबंध इसे और अधिक ऊंचाई पर ले जाएंगे। धर्मा प्रोडक्शंस जैसी भारतीय निर्माण कंपनियों द्वारा तेल अवीव के समुद्रतटों पर शूटिंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि फिल्म क्षेत्र में भारत और इजरायल के पास व्यापक कारोबारी अवसर हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री चाहते हैं कि दोनों देशों की फिल्में भारत और इजरायल के लोगों के बीच के सदी से भी लंबे रिश्ते को और अधिक मजबूत करें। इफी की 'कंट्री फोकस' श्रेणी में इजरायल की दस फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी जो उस मुल्क के दृश्यों, इतिहास और सामाजिक मसलों को सामने रखेंगी। महावाणिज्य दूत श्री याकोव ने इजरायल की सुंदरता का गवाह बनने और वहां की व्यापक शूटिंग संभावनाओं को टटोलने के लिए भारतीय लोगों को आमंत्रित करते हुए कहा कि उन्हें भारत और इजरायल जैसे लोकतंत्रों पर गर्व है जहां सामाजिक-आर्थिक विषयों का सामना करते हुए लोगों की चिंताओं को ध्यान में रखा जाना होता है। अपनी फिल्म 'द अदर स्टोरी' के बारे में बात करते हुए इजरायल के निर्माता डेविड सिलबर ने कहा कि "ये एक ऐसी फिल्म है जो दो बाग़ी युवतियों के बारे में है और मैं इस कहानी से खुद को जोड़कर देख सकता हूं।" श्री सिलबर ने कहा, "मैं एक संग्रहालय का निरीक्षक हुआ करता था और फिल्म निर्माता बनने के लिए वो पेशा छोड़ दिया और मेरा उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन देना नहीं है बल्कि अपने दर्शकों को मस्तिष्क के लिए भोजन देना भी है।" |
WWE चैंपियनशिप कंपनी की सबसे महत्वपूर्ण टाइटल होती है और इसे जीतने वाला कंपनी का सबसे रेसलर होता है जो ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को प्रभावित करने में सक्षम होता है। रेसलिंग जगत के कुछ बड़े नामों ने WWE चैंपियनशिप जीती है, लेकिन कुछ रेसलर ऐसे भी रहे हैं जिन्हें अपना टाइटल एक दिन के अंदर ही गंवाना भी पड़ा है। एक नजर WWE में सबसे कम समय तक टाइटल अपने पास रख सकने वाले 5 रेसलर्स पर।
समरस्लैम 2013 पर डेनियल ब्रायन ने जॉन सीना को हराने में सफलता हासिल की थी और वह अपनी जीत को लेकर काफी उत्साहित थे। ब्रायन अपनी जीत को फैंस के साथ सेलीब्रेट कर रहे थे कि इसी बीच गेस्ट रेफरी ट्रिपल एच ने उन्हें पेडिग्री दिया और फिर रैंडी ऑर्टन ने रिंग में घुसते ही उनका मनी इन द बैंक हथिया लिया। ब्रायन की चैंपियनशिप मात्र चार मिनट और सात सेकेंड तक ही टिक सकी।
2010 एलिमिनेशन चैंबर पर जॉन सीना ने WWE चैंपियनशिप जीतने के लिए रैंडी ऑर्टन, ट्रिपल एच, शीमस, टेड डिबिएज़ और कोफी किंग्सटन का सामना किया था। हालांकि, जब सीना अपनी जीत की खुशी मना रहे थे उसी समय विंस मैकमैहन वहां आए और उन्होंने कहा कि वह रेसलमेनिया में तभी जा सकेंगे जब वह बटिस्टा को हराएंगे। बटिस्टा ने सीना को पॉवरबॉम्ब लगाया और केवल तीन मिनट तीस सेकेंड में उनक टाइटल छिन गया।
रेसलमेनिया IX पर योकोज़ुना ने ब्रेट हार्ट को हराने में सफलता हासिल की और WWE चैंपियनशिप पर अपना कब्जा जमाया। हालांकि, योकोज़ुना ने यह जीत बेईमानी से हासिल की थी और उनके मैनेजर ने हार्ट की आंखों में नमक डाल दिया था। इसके बाद हल्क होगन वहां पहुंचे और उन्होंने खुद WWE चैंपियनशिप जीत ली। योकोज़ुना अपने टाइटल को मात्र दो मिनट और छह सेकेंड तक ही अपने पास रख सके थे।
सैथ रॉलिंस का नाम भी उन सुपरस्टार्स में शामिल है जिनका टाइटल काफी कम समय में छिन गया। यह घटना मनी इन द बैंक 2016 पर हुई जहां रॉलिंस ने अपने पूर्व शील्ड पार्टनर रोमन रेंस को हराकर WWE चैंपियनशिप जीती थी। हालांकि, अन्य शील्ड मेंबर डीन एंब्रोज़ जिन्होंने मनी इन द बैंक का लैडर मुकाबला जीता था वहां पहुंचे और उन्होंने टाइटल छीन लिया। एंब्रोज़ ने रॉलिंस का टाइटल केवल दो मिनट में ही छीन लिया था।
| WWE चैंपियनशिप कंपनी की सबसे महत्वपूर्ण टाइटल होती है और इसे जीतने वाला कंपनी का सबसे रेसलर होता है जो ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को प्रभावित करने में सक्षम होता है। रेसलिंग जगत के कुछ बड़े नामों ने WWE चैंपियनशिप जीती है, लेकिन कुछ रेसलर ऐसे भी रहे हैं जिन्हें अपना टाइटल एक दिन के अंदर ही गंवाना भी पड़ा है। एक नजर WWE में सबसे कम समय तक टाइटल अपने पास रख सकने वाले पाँच रेसलर्स पर। समरस्लैम दो हज़ार तेरह पर डेनियल ब्रायन ने जॉन सीना को हराने में सफलता हासिल की थी और वह अपनी जीत को लेकर काफी उत्साहित थे। ब्रायन अपनी जीत को फैंस के साथ सेलीब्रेट कर रहे थे कि इसी बीच गेस्ट रेफरी ट्रिपल एच ने उन्हें पेडिग्री दिया और फिर रैंडी ऑर्टन ने रिंग में घुसते ही उनका मनी इन द बैंक हथिया लिया। ब्रायन की चैंपियनशिप मात्र चार मिनट और सात सेकेंड तक ही टिक सकी। दो हज़ार दस एलिमिनेशन चैंबर पर जॉन सीना ने WWE चैंपियनशिप जीतने के लिए रैंडी ऑर्टन, ट्रिपल एच, शीमस, टेड डिबिएज़ और कोफी किंग्सटन का सामना किया था। हालांकि, जब सीना अपनी जीत की खुशी मना रहे थे उसी समय विंस मैकमैहन वहां आए और उन्होंने कहा कि वह रेसलमेनिया में तभी जा सकेंगे जब वह बटिस्टा को हराएंगे। बटिस्टा ने सीना को पॉवरबॉम्ब लगाया और केवल तीन मिनट तीस सेकेंड में उनक टाइटल छिन गया। रेसलमेनिया IX पर योकोज़ुना ने ब्रेट हार्ट को हराने में सफलता हासिल की और WWE चैंपियनशिप पर अपना कब्जा जमाया। हालांकि, योकोज़ुना ने यह जीत बेईमानी से हासिल की थी और उनके मैनेजर ने हार्ट की आंखों में नमक डाल दिया था। इसके बाद हल्क होगन वहां पहुंचे और उन्होंने खुद WWE चैंपियनशिप जीत ली। योकोज़ुना अपने टाइटल को मात्र दो मिनट और छह सेकेंड तक ही अपने पास रख सके थे। सैथ रॉलिंस का नाम भी उन सुपरस्टार्स में शामिल है जिनका टाइटल काफी कम समय में छिन गया। यह घटना मनी इन द बैंक दो हज़ार सोलह पर हुई जहां रॉलिंस ने अपने पूर्व शील्ड पार्टनर रोमन रेंस को हराकर WWE चैंपियनशिप जीती थी। हालांकि, अन्य शील्ड मेंबर डीन एंब्रोज़ जिन्होंने मनी इन द बैंक का लैडर मुकाबला जीता था वहां पहुंचे और उन्होंने टाइटल छीन लिया। एंब्रोज़ ने रॉलिंस का टाइटल केवल दो मिनट में ही छीन लिया था। |
चेन्नई, 25 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता की जिंदगी पर आधारित बायोपिक 'थलाइवी' का निर्देशन करने के लिए तैयार फिल्मकार विजय का कहना है कि कहानी के अंतिम संस्करण को तय करने के लिए उन्होंने और उनकी टीम ने 20 से ज्यादा प्रारूपों को देखा।
रविवार को जयललिता की 71वीं जयंती पर फिल्म के शीर्षक के साथ पोस्टर को भी जारी किया।
विष्णु इंदुरी द्वारा निर्मित 'थलाइवी' की शूटिंग अप्रैल से शुरू होगी।
फिल्म में संगीत जी. वी. प्रकाश कुमार दे रहे हैं जबकि कैमरा नीरव शाह के हाथों में रहेगा। 'बाहुबली' और 'बजरंगी भाईजान' के लेखक विजयेंद्र प्रसाद को लेखन प्रक्रिया के लिए लाया गया है।
मजेदार बात यह है कि जयललिता की एक और बायोपिक 'द आयरन लेडी' की भी शूटिंग चल रही है। रविवार को फिल्म के निर्माताओं ने कहा कि उनका लक्ष्य फरवरी 2020 में फिल्म को रिलीज करने का है।
| चेन्नई, पच्चीस फरवरी । तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता की जिंदगी पर आधारित बायोपिक 'थलाइवी' का निर्देशन करने के लिए तैयार फिल्मकार विजय का कहना है कि कहानी के अंतिम संस्करण को तय करने के लिए उन्होंने और उनकी टीम ने बीस से ज्यादा प्रारूपों को देखा। रविवार को जयललिता की इकहत्तरवीं जयंती पर फिल्म के शीर्षक के साथ पोस्टर को भी जारी किया। विष्णु इंदुरी द्वारा निर्मित 'थलाइवी' की शूटिंग अप्रैल से शुरू होगी। फिल्म में संगीत जी. वी. प्रकाश कुमार दे रहे हैं जबकि कैमरा नीरव शाह के हाथों में रहेगा। 'बाहुबली' और 'बजरंगी भाईजान' के लेखक विजयेंद्र प्रसाद को लेखन प्रक्रिया के लिए लाया गया है। मजेदार बात यह है कि जयललिता की एक और बायोपिक 'द आयरन लेडी' की भी शूटिंग चल रही है। रविवार को फिल्म के निर्माताओं ने कहा कि उनका लक्ष्य फरवरी दो हज़ार बीस में फिल्म को रिलीज करने का है। |
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में बल्दीराय के इब्राहीमपुर में दो समुदाय के मध्य हुआ विवाद अब सियासी रूप ले चुका है। शुक्रवार को सपा-कांग्रेस और आप ने प्रोस्टेट किया। DM से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा तो आज इसौली विधानसभा क्षेत्र के अलीगंज में सपा विधायक ताहिर खां के विरुद्ध पोस्टर वार हो गया।
बंधुआ कला के अलीगंज कस्बे में आज सुबह जब लोग उठे तो उन्होंने देखा कि कई स्थानो पर पोस्टर लगे हुए थे। पोस्टर प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजना के जिला अध्यक्ष चिरंजीव मिश्रा उर्फ मोंटी मिश्रा की ओर से लगाया गया है। उन्होंने लिखा है "विधायक ताहिर खान महोदय, कृपया आप हमारे गांव में न आइएए जिससे गांव का सांप्रदायिक सौहार्द कायम रहे। आप के विवादित बयान से हमारे ग्रामवासी व क्षेत्रवासी असहज महसूस कर रहे हैं।
बता दें कि कल विधायक इब्राहीमपुर कांड पर सपा के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ DM रवीश गुप्ता से मिले थे। जहां उन्होंने कहा था कि मूर्ति क्षतिग्रस्त करने वाले हो या मस्जिद सभी को वीडियो क्लिप से चिंहित कर उन पर कार्रवाई हो। उन्होंने ये भी कहा था कि थानाध्यक्ष बल्दीराय, चौकी इंचार्ज वल्लीपुर ने ड्यूटी में लापरवाही बरती उनके विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जाए। थानाध्यक्ष के आमर्यादित भड़काऊ भाषण से उग्र होकर उपद्रवियों ने पटैला चौराहे से लेकर पारा बाजार से लेकर हेमनापुर तक आगजनी की गई। तोड़फोड़ लूटपाट की गई इस पर कार्रवाई की मांग करते हैं।
विधायक ने मांग पत्र में कहा है कि 10 अक्टूबर की रात पुलिस-प्रशासन द्वारा विशेष समुदाय के घरों में लूटपाट, आगजनी अश्लील हरकत की गई। नाम पूछकर निर्दोष लोगो को गिरफ्तार किया जा रहा है। जिन 51 लोगो के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है उसमें भी लोग बेरोजगार के सिलसिले में बाहर हैं इनकी नामजदगी गलत है। जांच कराकर कार्रवाई न की जाए।
बताते चले कि बीते 10 अक्टूबर को विसर्जन शोभा के दौरान इब्राहीमपुर गांव में उस समय बवाल हुआ था जब एक धार्मिक स्थल के पास डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। बात इतनी बढ़ी की दोनों ओर से पथराव हुआ। फिर एक समुदाय ने गाड़ियों में आग लगा दिया। अधिकारियों के पहुंचने पर मामला शांत हुआ, इसके बाद रात में अधिकारियों की मौजूदगी में कुछ उपद्रवियों ने दूसरे पक्ष के घरों में तांडव मचाया। लूटपाट और आगजनी का भी आरोप लगा। अंत में पुलिस पर एक पक्ष के विरुद्ध केस दर्ज करने का आरोप लगा। पुलिस ने चार मामले दर्ज कर 32 लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
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| उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में बल्दीराय के इब्राहीमपुर में दो समुदाय के मध्य हुआ विवाद अब सियासी रूप ले चुका है। शुक्रवार को सपा-कांग्रेस और आप ने प्रोस्टेट किया। DM से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा तो आज इसौली विधानसभा क्षेत्र के अलीगंज में सपा विधायक ताहिर खां के विरुद्ध पोस्टर वार हो गया। बंधुआ कला के अलीगंज कस्बे में आज सुबह जब लोग उठे तो उन्होंने देखा कि कई स्थानो पर पोस्टर लगे हुए थे। पोस्टर प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजना के जिला अध्यक्ष चिरंजीव मिश्रा उर्फ मोंटी मिश्रा की ओर से लगाया गया है। उन्होंने लिखा है "विधायक ताहिर खान महोदय, कृपया आप हमारे गांव में न आइएए जिससे गांव का सांप्रदायिक सौहार्द कायम रहे। आप के विवादित बयान से हमारे ग्रामवासी व क्षेत्रवासी असहज महसूस कर रहे हैं। बता दें कि कल विधायक इब्राहीमपुर कांड पर सपा के एक प्रतिनिधि मंडल के साथ DM रवीश गुप्ता से मिले थे। जहां उन्होंने कहा था कि मूर्ति क्षतिग्रस्त करने वाले हो या मस्जिद सभी को वीडियो क्लिप से चिंहित कर उन पर कार्रवाई हो। उन्होंने ये भी कहा था कि थानाध्यक्ष बल्दीराय, चौकी इंचार्ज वल्लीपुर ने ड्यूटी में लापरवाही बरती उनके विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जाए। थानाध्यक्ष के आमर्यादित भड़काऊ भाषण से उग्र होकर उपद्रवियों ने पटैला चौराहे से लेकर पारा बाजार से लेकर हेमनापुर तक आगजनी की गई। तोड़फोड़ लूटपाट की गई इस पर कार्रवाई की मांग करते हैं। विधायक ने मांग पत्र में कहा है कि दस अक्टूबर की रात पुलिस-प्रशासन द्वारा विशेष समुदाय के घरों में लूटपाट, आगजनी अश्लील हरकत की गई। नाम पूछकर निर्दोष लोगो को गिरफ्तार किया जा रहा है। जिन इक्यावन लोगो के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है उसमें भी लोग बेरोजगार के सिलसिले में बाहर हैं इनकी नामजदगी गलत है। जांच कराकर कार्रवाई न की जाए। बताते चले कि बीते दस अक्टूबर को विसर्जन शोभा के दौरान इब्राहीमपुर गांव में उस समय बवाल हुआ था जब एक धार्मिक स्थल के पास डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था। बात इतनी बढ़ी की दोनों ओर से पथराव हुआ। फिर एक समुदाय ने गाड़ियों में आग लगा दिया। अधिकारियों के पहुंचने पर मामला शांत हुआ, इसके बाद रात में अधिकारियों की मौजूदगी में कुछ उपद्रवियों ने दूसरे पक्ष के घरों में तांडव मचाया। लूटपाट और आगजनी का भी आरोप लगा। अंत में पुलिस पर एक पक्ष के विरुद्ध केस दर्ज करने का आरोप लगा। पुलिस ने चार मामले दर्ज कर बत्तीस लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
करियर डेस्क. IAS Interview Etiquettes/ UPSC personality Test Tips: आईएएस इंटरव्यू के लिए जाते समय कैंडिडेट्स को बाकी बातों के अलावा शिष्टाचार संबंधित कुछ छोटी लेकिन जरूरी बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। इससे इंटरव्यू पैनल पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। ये हैं एकदम आम बातें पर कई बार नर्वसनेस में कैंडिडेट इन्हें भूल जाते हैं।
शिष्टाचार पर बात करने से पहले जरूरी है समय के बारे में बात करना। अगर कैंडिडेट समय से तैयार नहीं होगा तो शिष्टाचार दिखाने के पहले ही बात बिगड़ जाएगी। किसी भी प्रकार की हड़बड़ी आपका पहला ही इंप्रेशन खराब कर सकती है।
इसलिए घर से समय से निकलें, सारे डॉक्यूमेंट्स पहले ही कायदे से देखकर एक फाइल में लगा लें और ऑफिस में पहुंचने के बाद ऑफिशियल्स से कोऑर्डिनेट करके अपने डॉक्यूमेंट्स आदि मैच करा लें।
याद रखें यहां पर सेलफोन बंद रखें क्योंकि यूपीएससी का ऑफिस नो मोबाइल्स ज़ोन के अंतर्गत आता है। साक्षात्कार के पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करके आपके लिए एलॉट सीट पर बैठ जाएं।
- साक्षात्कार के लिए जाने से पहले हल्का भोजन लें ताकि आप फ्रेश फील करें। न नींद आए, न सुस्ती और न ही गैस आदि कि समस्या हो।
- खाली पेट भी न रहें जिससे पैनल के सामने ही बर्प करें या कोई और समस्या होने लगे।
- बुलावा आने के पहले एक बार वॉशरूम जाकर खुद को चेक कर लें कि कपड़े आदि सब ठीक हैं और आप प्रेजेंटेबल लग रहे हैं।
- कक्ष में घुसने के पहले परमिशन मांगें और अंदर जाकर पहले सबको ग्रीट करें। महिला सदस्यों को पहले ग्रीट करें।
- जब कहा जाए तभी बैठें और चेयर आराम से खीचें। किसी प्रकार का शोर नहीं होना चाहिए। कई बार पैनल आपके पेशेंस चेक करने के लिए आपको देर से बैठने का इशारा करता है। ऐसे में कहे जाने का वेट करें।
- कक्ष में प्रवेश करते समय शरीर सीधा रखें, चाल में कांफिडेंस होना चाहिए और बॉडी लैंग्वेज जितनी संभव हो सहज होनी चाहिए। न बहुत तेज एंट्री करें न ही बहुत धीरे।
- इस समय किसी का भी नर्वस होना एकदम नेचुरल है। बोर्ड भी इस बात को समझता है। कोशिश करें कि बहुत न घबराएं पर ऐसा हो तो इसका बर्डन न लें क्योंकि बोर्ड आपकी नर्वसनेस को समझते हुए पहले आपको नॉर्मल करने का पूरा प्रयास करता है।
- बैठते समय अपने पॉश्चर का ध्यान रखें, कोशिश भर सीधे बैठें और हाथ चेयर के हैंडल पर रखें।
- साक्षात्कार होने के बाद सबको थैंक्यू बोलें और बाहर निकलते समय भी सीधा चलें।
- पुरुष उम्मीदवार पैर नीचे रखकर बैठें, महिलाएं पैर क्रॉस करके बैठें पर पैर हिलाएं नहीं।
- बात करते समय आई कॉन्टैक्ट बनाकर जवाब दें।
- बातचीत के दौरान चेहरे पर सौम्य सी मुस्कान रखें। किसी गंभीर बात पर स्माइल न करें और न ही गंभीर दिखने के चक्कर में ऐसा मुंह बनाएं कि नाराज दिखें।
- किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आता तो बहुत पोलाइट मैनर में उसके लिए सॉरी बोल दें।
| करियर डेस्क. IAS Interview Etiquettes/ UPSC personality Test Tips: आईएएस इंटरव्यू के लिए जाते समय कैंडिडेट्स को बाकी बातों के अलावा शिष्टाचार संबंधित कुछ छोटी लेकिन जरूरी बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। इससे इंटरव्यू पैनल पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। ये हैं एकदम आम बातें पर कई बार नर्वसनेस में कैंडिडेट इन्हें भूल जाते हैं। शिष्टाचार पर बात करने से पहले जरूरी है समय के बारे में बात करना। अगर कैंडिडेट समय से तैयार नहीं होगा तो शिष्टाचार दिखाने के पहले ही बात बिगड़ जाएगी। किसी भी प्रकार की हड़बड़ी आपका पहला ही इंप्रेशन खराब कर सकती है। इसलिए घर से समय से निकलें, सारे डॉक्यूमेंट्स पहले ही कायदे से देखकर एक फाइल में लगा लें और ऑफिस में पहुंचने के बाद ऑफिशियल्स से कोऑर्डिनेट करके अपने डॉक्यूमेंट्स आदि मैच करा लें। याद रखें यहां पर सेलफोन बंद रखें क्योंकि यूपीएससी का ऑफिस नो मोबाइल्स ज़ोन के अंतर्गत आता है। साक्षात्कार के पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करके आपके लिए एलॉट सीट पर बैठ जाएं। - साक्षात्कार के लिए जाने से पहले हल्का भोजन लें ताकि आप फ्रेश फील करें। न नींद आए, न सुस्ती और न ही गैस आदि कि समस्या हो। - खाली पेट भी न रहें जिससे पैनल के सामने ही बर्प करें या कोई और समस्या होने लगे। - बुलावा आने के पहले एक बार वॉशरूम जाकर खुद को चेक कर लें कि कपड़े आदि सब ठीक हैं और आप प्रेजेंटेबल लग रहे हैं। - कक्ष में घुसने के पहले परमिशन मांगें और अंदर जाकर पहले सबको ग्रीट करें। महिला सदस्यों को पहले ग्रीट करें। - जब कहा जाए तभी बैठें और चेयर आराम से खीचें। किसी प्रकार का शोर नहीं होना चाहिए। कई बार पैनल आपके पेशेंस चेक करने के लिए आपको देर से बैठने का इशारा करता है। ऐसे में कहे जाने का वेट करें। - कक्ष में प्रवेश करते समय शरीर सीधा रखें, चाल में कांफिडेंस होना चाहिए और बॉडी लैंग्वेज जितनी संभव हो सहज होनी चाहिए। न बहुत तेज एंट्री करें न ही बहुत धीरे। - इस समय किसी का भी नर्वस होना एकदम नेचुरल है। बोर्ड भी इस बात को समझता है। कोशिश करें कि बहुत न घबराएं पर ऐसा हो तो इसका बर्डन न लें क्योंकि बोर्ड आपकी नर्वसनेस को समझते हुए पहले आपको नॉर्मल करने का पूरा प्रयास करता है। - बैठते समय अपने पॉश्चर का ध्यान रखें, कोशिश भर सीधे बैठें और हाथ चेयर के हैंडल पर रखें। - साक्षात्कार होने के बाद सबको थैंक्यू बोलें और बाहर निकलते समय भी सीधा चलें। - पुरुष उम्मीदवार पैर नीचे रखकर बैठें, महिलाएं पैर क्रॉस करके बैठें पर पैर हिलाएं नहीं। - बात करते समय आई कॉन्टैक्ट बनाकर जवाब दें। - बातचीत के दौरान चेहरे पर सौम्य सी मुस्कान रखें। किसी गंभीर बात पर स्माइल न करें और न ही गंभीर दिखने के चक्कर में ऐसा मुंह बनाएं कि नाराज दिखें। - किसी प्रश्न का उत्तर नहीं आता तो बहुत पोलाइट मैनर में उसके लिए सॉरी बोल दें। |
200,000 से अधिक नामांकित छात्रों के साथ, इंडियाना में आइवी टेक कम्युनिटी कॉलेज में 23 परिसरों, एक ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रणाली शामिल है, और यह देश की सबसे बड़ी सामुदायिक कॉलेज प्रणाली है। आइवी टेक छात्रों को काम कौशल प्रदान करने के लिए सहयोगी डिग्री और प्रमाणपत्र कार्यक्रम प्रदान करता है, जबकि चार साल के कॉलेजों में स्थानांतरण की नींव भी प्रदान करता है।
एमी मार्टिन, एक गैर-पारंपरिक छात्र और 8 की मां जो 30 के उत्तरार्ध में कॉलेज लौट आईं, ने आईवी टेक चुना क्योंकि कॉलेज के विकल्प उन्हें "मेरे शेड्यूल के आसपास काम करने की अनुमति देते हैं और मैं अपने कुछ पाठ्यक्रम ऑनलाइन या हमारे स्थानीय शिक्षा में ले सकता हूं केंद्र। "
एमी आईवी टेक में "ठेठ" छात्र का प्रतिनिधि है; संचार और विपणन के उपाध्यक्ष जेफ फेंटर के मुताबिक आइवी टेक में छात्रों की औसत आयु 27. 3 साल है। कई लोग विस्थापित श्रमिक या गैर पारंपरिक पारंपरिक शिक्षार्थियों को करियर परिवर्तन की तलाश में हैं। काम करते समय अन्य नौकरी कौशल को बढ़ावा दे रहे हैं; 81% आइवी टेक कम्युनिटी कॉलेज के छात्र अंशकालिक में भाग लेते हैं।
आइवी टेक परिसरों में शामिल हैंः
पूरे इंडियाना में 75 अलग-अलग स्थानों पर कक्षाएं आयोजित की जाती हैं, और कैंपस कनेक्ट का उपयोग करके आइवी टेक ब्लैकबोर्ड विकल्प छात्रों को ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भी नामांकन करने देते हैं।
दूरस्थ शिक्षा स्कूल के दृष्टिकोण का एक अभिन्न हिस्सा है, और फेंटर के अनुसार, "हम प्रत्येक सेमेस्टर में लगभग 350 विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं।
आइवी टेक छात्रों के लगभग 30% प्रत्येक सेमेस्टर में कम से कम एक कक्षा ऑनलाइन लेते हैं। आईवी टेक में लगभग 30,000 छात्र ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। "
आइवी टेक कैंपस कनेक्ट के माध्यम से अकेले ऑनलाइन नामांकन संयुक्त राज्य अमेरिका के कई बड़े कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पूरी छात्र आबादी से अधिक है।
आइवी टेक किसी भी समय 350 से अधिक ई-लर्निंग कोर्स प्रदान करता है और छात्रों को हाइब्रिड विकल्पों से लाभ होता है, ऑनलाइन कैंपस कक्षाओं के साथ-साथ ऑनलाइन डिग्री के काम के साथ।
क्रॉनिकल ऑफ हायर एजुकेशन ने 25 अप्रैल, 2010 को संस्करण में आईवी टेक की एक वर्षीय सहयोगी डिग्री प्रोग्राम दिखाया; अगस्त 2010 में लुमिना फाउंडेशन से $ 2. 3 मिलियन अनुदान और इंडियाना डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन से $ 270,000 के साथ शुरू किया गया अभिनव प्रयोग। आइवी टेक इंडी और फोर्ट वेन परिसरों में छात्र एक वर्ष के लिए सप्ताह में पांच दिन 8 बजे से शाम 5 बजे तक कॉलेज में भाग ले सकते हैं; ट्यूशन का भुगतान किया जाता है और छात्रों को साप्ताहिक छात्रवृत्ति मिलती है। एक वर्ष के अंत में, छात्र आइवी टेक से एक सहयोगी डिग्री कमाता है।
प्रयोग दो साल के कॉलेजों से निराशाजनक स्नातक दरों का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सहयोगी डिग्री कार्यक्रमों में शुरू होने वाले केवल 25% छात्र वास्तव में देश भर में एक सहयोगी डिग्री कमाते हैं; आइवी टेक एक वर्षीय सहयोगी डिग्री परीक्षण दुर्घटना दर में सुधार के लिए बनाया गया है।
इन-स्टेट छात्र प्रति सत्र ले रहे क्रेडिट घंटे की संख्या के आधार पर शिक्षण का भुगतान करते हैं। एक ठेठ आइवी टेक सहयोगी डिग्री $ 7,000 से कम के लिए पूरी की जा सकती है और सभी संघीय वित्तीय सहायता लागू होती है।
इसके अलावा, आइवी टेक एक अद्वितीय वित्तीय सहायता टीवी श्रृंखला ऑनलाइन प्रदान करता है, जिसमें वीडियो के लिए अक्सर भुगतान किए जाने वाले प्रश्नों का उत्तर दिया जाता है।
आइवी टेक में गैर पारंपरिक छात्र नामांकन के बारे में अधिक जानकारी के लिए, अपनी वेबसाइट पर जाएं या 888-IVY-LINE पर कॉल करें।
| दो सौ,शून्य से अधिक नामांकित छात्रों के साथ, इंडियाना में आइवी टेक कम्युनिटी कॉलेज में तेईस परिसरों, एक ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रणाली शामिल है, और यह देश की सबसे बड़ी सामुदायिक कॉलेज प्रणाली है। आइवी टेक छात्रों को काम कौशल प्रदान करने के लिए सहयोगी डिग्री और प्रमाणपत्र कार्यक्रम प्रदान करता है, जबकि चार साल के कॉलेजों में स्थानांतरण की नींव भी प्रदान करता है। एमी मार्टिन, एक गैर-पारंपरिक छात्र और आठ की मां जो तीस के उत्तरार्ध में कॉलेज लौट आईं, ने आईवी टेक चुना क्योंकि कॉलेज के विकल्प उन्हें "मेरे शेड्यूल के आसपास काम करने की अनुमति देते हैं और मैं अपने कुछ पाठ्यक्रम ऑनलाइन या हमारे स्थानीय शिक्षा में ले सकता हूं केंद्र। " एमी आईवी टेक में "ठेठ" छात्र का प्रतिनिधि है; संचार और विपणन के उपाध्यक्ष जेफ फेंटर के मुताबिक आइवी टेक में छात्रों की औसत आयु सत्ताईस. तीन साल है। कई लोग विस्थापित श्रमिक या गैर पारंपरिक पारंपरिक शिक्षार्थियों को करियर परिवर्तन की तलाश में हैं। काम करते समय अन्य नौकरी कौशल को बढ़ावा दे रहे हैं; इक्यासी% आइवी टेक कम्युनिटी कॉलेज के छात्र अंशकालिक में भाग लेते हैं। आइवी टेक परिसरों में शामिल हैंः पूरे इंडियाना में पचहत्तर अलग-अलग स्थानों पर कक्षाएं आयोजित की जाती हैं, और कैंपस कनेक्ट का उपयोग करके आइवी टेक ब्लैकबोर्ड विकल्प छात्रों को ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में भी नामांकन करने देते हैं। दूरस्थ शिक्षा स्कूल के दृष्टिकोण का एक अभिन्न हिस्सा है, और फेंटर के अनुसार, "हम प्रत्येक सेमेस्टर में लगभग तीन सौ पचास विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। आइवी टेक छात्रों के लगभग तीस% प्रत्येक सेमेस्टर में कम से कम एक कक्षा ऑनलाइन लेते हैं। आईवी टेक में लगभग तीस,शून्य छात्र ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। " आइवी टेक कैंपस कनेक्ट के माध्यम से अकेले ऑनलाइन नामांकन संयुक्त राज्य अमेरिका के कई बड़े कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पूरी छात्र आबादी से अधिक है। आइवी टेक किसी भी समय तीन सौ पचास से अधिक ई-लर्निंग कोर्स प्रदान करता है और छात्रों को हाइब्रिड विकल्पों से लाभ होता है, ऑनलाइन कैंपस कक्षाओं के साथ-साथ ऑनलाइन डिग्री के काम के साथ। क्रॉनिकल ऑफ हायर एजुकेशन ने पच्चीस अप्रैल, दो हज़ार दस को संस्करण में आईवी टेक की एक वर्षीय सहयोगी डिग्री प्रोग्राम दिखाया; अगस्त दो हज़ार दस में लुमिना फाउंडेशन से दो डॉलर. तीन मिलियन अनुदान और इंडियाना डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन से दो सौ सत्तर डॉलर,शून्य के साथ शुरू किया गया अभिनव प्रयोग। आइवी टेक इंडी और फोर्ट वेन परिसरों में छात्र एक वर्ष के लिए सप्ताह में पांच दिन आठ बजे से शाम पाँच बजे तक कॉलेज में भाग ले सकते हैं; ट्यूशन का भुगतान किया जाता है और छात्रों को साप्ताहिक छात्रवृत्ति मिलती है। एक वर्ष के अंत में, छात्र आइवी टेक से एक सहयोगी डिग्री कमाता है। प्रयोग दो साल के कॉलेजों से निराशाजनक स्नातक दरों का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सहयोगी डिग्री कार्यक्रमों में शुरू होने वाले केवल पच्चीस% छात्र वास्तव में देश भर में एक सहयोगी डिग्री कमाते हैं; आइवी टेक एक वर्षीय सहयोगी डिग्री परीक्षण दुर्घटना दर में सुधार के लिए बनाया गया है। इन-स्टेट छात्र प्रति सत्र ले रहे क्रेडिट घंटे की संख्या के आधार पर शिक्षण का भुगतान करते हैं। एक ठेठ आइवी टेक सहयोगी डिग्री सात डॉलर,शून्य से कम के लिए पूरी की जा सकती है और सभी संघीय वित्तीय सहायता लागू होती है। इसके अलावा, आइवी टेक एक अद्वितीय वित्तीय सहायता टीवी श्रृंखला ऑनलाइन प्रदान करता है, जिसमें वीडियो के लिए अक्सर भुगतान किए जाने वाले प्रश्नों का उत्तर दिया जाता है। आइवी टेक में गैर पारंपरिक छात्र नामांकन के बारे में अधिक जानकारी के लिए, अपनी वेबसाइट पर जाएं या आठ सौ अठासी-IVY-LINE पर कॉल करें। |
आईएस ने एक वीडियो जारी किया है कि जिसमें पांच कैदियों को लोहे के पिंजरे में बंद कर एक स्वीमिंग पूल में जिंदा डुबाते दिखाया गया है। देखिए, आईएस की एक और क्रूरता की तस्वीरें।
डेलीमेल के अनुसार, आईएस ने इस क्रूरता खेल चरमपंथियों के गढ़ माने जाने वाले शहर मोसुल में किया है। आई ने पहले पांचों कैदियों को एक भारी लोहे के पिंजरे में बंद कर स्वीमिंग पूल में ले गए और फिर उन्हें धीरे-धीरे डुबोकर जिंदा मार दिया।
आईएस की इस वीडियो की तस्वीरों में कैदियों में गले से ऊपर तक पानी में खड़ा करके तड़पते दिखाया गया है। बाद में पूरे पिंजरे को जब पूरी गहराई में डुबो दिया जाता है जिसके बाद पिंजरे में बंद कैदी छटपटा छटपटाकर अपनी जान दे देते दिखाई दे रहे हैं।
इससे पहले आईएस ने दो युवकों को रोजा के दौरान कुछ खा लेने के आरोप में सरेआम कत्ल कर दिया था।
आईएस ने खुद ही इस क्रूर कृत्य का वीडियो जारी कर बताया कि इन दोनों युवकों को इस लिए मौत के घाट उतारा गया है कि क्योंकि इन्होंने रोजा तोड़ने का जुर्म किया है।
| आईएस ने एक वीडियो जारी किया है कि जिसमें पांच कैदियों को लोहे के पिंजरे में बंद कर एक स्वीमिंग पूल में जिंदा डुबाते दिखाया गया है। देखिए, आईएस की एक और क्रूरता की तस्वीरें। डेलीमेल के अनुसार, आईएस ने इस क्रूरता खेल चरमपंथियों के गढ़ माने जाने वाले शहर मोसुल में किया है। आई ने पहले पांचों कैदियों को एक भारी लोहे के पिंजरे में बंद कर स्वीमिंग पूल में ले गए और फिर उन्हें धीरे-धीरे डुबोकर जिंदा मार दिया। आईएस की इस वीडियो की तस्वीरों में कैदियों में गले से ऊपर तक पानी में खड़ा करके तड़पते दिखाया गया है। बाद में पूरे पिंजरे को जब पूरी गहराई में डुबो दिया जाता है जिसके बाद पिंजरे में बंद कैदी छटपटा छटपटाकर अपनी जान दे देते दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले आईएस ने दो युवकों को रोजा के दौरान कुछ खा लेने के आरोप में सरेआम कत्ल कर दिया था। आईएस ने खुद ही इस क्रूर कृत्य का वीडियो जारी कर बताया कि इन दोनों युवकों को इस लिए मौत के घाट उतारा गया है कि क्योंकि इन्होंने रोजा तोड़ने का जुर्म किया है। |
मानवी गागरू टीवीएफ की बेहतरीन वेब सीरीज 'ट्रिपलिंग' और 'फोर मोर शॉट्स प्लीज!" से खासा चर्चा में आईं थीं. जिसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में दो बड़ी फिल्मों में भी काम किया था.
ऑनलाइन-बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज की दुनिया का बड़ा नाम मानवी गागरू एक बार फिर चर्चा में हैं. एक्ट्रेस ने हाल ही में अपने एक खास इंटरव्यू में काम करने को लेकर कंप्रोमाइज की बात पर बड़ा खुलासा किया है. एक्ट्रेस ने बताया है कि उन्हें ओटीटी प्लेटफॉर्म पर काम दिलवाने का लालच देकर कंप्रोमाइज करने की बात कही गई थी. जहां अब एक्ट्रेस ने इस ओटीटी प्लेटफार्म की शिकायत की है.
आपको बता दें, मानवी गागरू टी.वी.एफ की बेहतरीन वेब सीरीज 'ट्रिपलिंग' और 'फोर मोर शॉट्स प्लीज!" से खासा चर्चा में आईं थीं. जिसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में दो बड़ी फिल्मों में भी काम किया था जिसमें 'उजड़ा चमन' और 'शुभ मंगल ज्यादा सावधान' शामिल हैं. एक्ट्रेस ने अपनी इन फिल्मों के बारे में बात करते एक्ट्रेस ने बताया कि उनकी कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस नहीं कर पाई. एक्ट्रेस ने कहा "'मुझे लगता है फिल्म उजड़ा चमन की मार्केटिंग वैसे नहीं हुई जैसी होना चाहिए थी. जहां तक बात शुभ मंगल ज्यादा सावधान की है, तो यह फिल्म समय से आगे के कांसेप्ट पर बनी थी जिसके चलते यह बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी थी'.
एक्ट्रेस की मानें तो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उन्हें कभी अभिनय की दुनिया में इतनी पहचान मिलेगी, एक्ट्रेस कहती हैं "' देखिए, फिल्मी करियर तो मेरा पहले कभी था ही नहीं, वेब ने पूरा खेल बदल दिया और मेरे अंदर छिपे आर्टिस्ट को पहचान लिया.' मानवी के अनुसार, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने आर्टिस्ट्स के साथ ही डायरेक्टर, राइटर्स, टैक्नीशियन्स और कई अन्य लोगों मौके दिए हैं'. एक्ट्रेस इन दिनों अपनी अगली फिल्मों की तैयारियों में खासा व्यस्त चल रही हैं. उम्मीद है कि वो बहुत जल्द अपने नए प्रोजेक्ट की जानकारी अपने फैंस के साथ साझा करेंगी. आपको ये खबर कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं. बॉलीवुड समेत देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए बने रहें टीवी9 भारतवर्ष के साथ.
| मानवी गागरू टीवीएफ की बेहतरीन वेब सीरीज 'ट्रिपलिंग' और 'फोर मोर शॉट्स प्लीज!" से खासा चर्चा में आईं थीं. जिसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में दो बड़ी फिल्मों में भी काम किया था. ऑनलाइन-बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज की दुनिया का बड़ा नाम मानवी गागरू एक बार फिर चर्चा में हैं. एक्ट्रेस ने हाल ही में अपने एक खास इंटरव्यू में काम करने को लेकर कंप्रोमाइज की बात पर बड़ा खुलासा किया है. एक्ट्रेस ने बताया है कि उन्हें ओटीटी प्लेटफॉर्म पर काम दिलवाने का लालच देकर कंप्रोमाइज करने की बात कही गई थी. जहां अब एक्ट्रेस ने इस ओटीटी प्लेटफार्म की शिकायत की है. आपको बता दें, मानवी गागरू टी.वी.एफ की बेहतरीन वेब सीरीज 'ट्रिपलिंग' और 'फोर मोर शॉट्स प्लीज!" से खासा चर्चा में आईं थीं. जिसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में दो बड़ी फिल्मों में भी काम किया था जिसमें 'उजड़ा चमन' और 'शुभ मंगल ज्यादा सावधान' शामिल हैं. एक्ट्रेस ने अपनी इन फिल्मों के बारे में बात करते एक्ट्रेस ने बताया कि उनकी कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस नहीं कर पाई. एक्ट्रेस ने कहा "'मुझे लगता है फिल्म उजड़ा चमन की मार्केटिंग वैसे नहीं हुई जैसी होना चाहिए थी. जहां तक बात शुभ मंगल ज्यादा सावधान की है, तो यह फिल्म समय से आगे के कांसेप्ट पर बनी थी जिसके चलते यह बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी थी'. एक्ट्रेस की मानें तो उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि उन्हें कभी अभिनय की दुनिया में इतनी पहचान मिलेगी, एक्ट्रेस कहती हैं "' देखिए, फिल्मी करियर तो मेरा पहले कभी था ही नहीं, वेब ने पूरा खेल बदल दिया और मेरे अंदर छिपे आर्टिस्ट को पहचान लिया.' मानवी के अनुसार, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने आर्टिस्ट्स के साथ ही डायरेक्टर, राइटर्स, टैक्नीशियन्स और कई अन्य लोगों मौके दिए हैं'. एक्ट्रेस इन दिनों अपनी अगली फिल्मों की तैयारियों में खासा व्यस्त चल रही हैं. उम्मीद है कि वो बहुत जल्द अपने नए प्रोजेक्ट की जानकारी अपने फैंस के साथ साझा करेंगी. आपको ये खबर कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बताएं. बॉलीवुड समेत देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए बने रहें टीवीनौ भारतवर्ष के साथ. |
बिहटा से महज कुछ ही दूरी पर सह थाना क्षेत्र के बांध ऑफिस के पास बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े 5 लाख रूप की लूट की है। जहां घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची।
मिली जानकारी के अनुसार बिहटा थानाक्षेत्र के मौदही गांव निवासी राजेश प्रसाद और शत्रुघ्न राय अपने भाई के शादी के लिए बिहटा स्थित आईसीआईसीआई बैंक से पांच लाख रुपया निकालकर अपने भाई के साथ बाइक से घर जा रहा था तब ही बांध ऑफिस के पास अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने पैसों से भरा थैला को छीन कर फरार हो गया।
इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है। बता दे कि घटना थाना से महज कुछ ही दूरी पर हुई है। बिहटा थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया की घटना की सूचना मिली है। फिलहाल सभी मामलों पर जांच किया जा रहा है।
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| बिहटा से महज कुछ ही दूरी पर सह थाना क्षेत्र के बांध ऑफिस के पास बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े पाँच लाख रूप की लूट की है। जहां घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। मिली जानकारी के अनुसार बिहटा थानाक्षेत्र के मौदही गांव निवासी राजेश प्रसाद और शत्रुघ्न राय अपने भाई के शादी के लिए बिहटा स्थित आईसीआईसीआई बैंक से पांच लाख रुपया निकालकर अपने भाई के साथ बाइक से घर जा रहा था तब ही बांध ऑफिस के पास अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने पैसों से भरा थैला को छीन कर फरार हो गया। इधर घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुट गई है। बता दे कि घटना थाना से महज कुछ ही दूरी पर हुई है। बिहटा थाना प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया की घटना की सूचना मिली है। फिलहाल सभी मामलों पर जांच किया जा रहा है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
इस दिन पत्नी के साथ आप भी व्रत रख सकते हैं। आपको आसपास कई ऐसे पुरुष मिल जाएंगे जो पत्नी के साथ खुद भी उपवास करते हैं। वह खुद भी उपवास कर पत्नी के साथ प्यार जाहिर करते हैं। लिहाजा इस दिन उपवास कर आप पत्नी के साथ बिना कहे अपनी फीलींग्स का एहसास करवा सकते हैं।
शादी और उसके पहले साल जितने भी फेस्टिवल्स होते हैं उन्हें कपल्स गहनों से लेकर कपड़े देने तक खास बना सकते हैं। ऐसे में पत्नी को वह गिफ्ट दें जिसमें आपकी केयर और लव शो होता हो। अपनी फीलिंग्स को जाहिर करने के लिए आप प्यार भरा खत लिख सकते हैं या फिर फ्लॉवर्स देकर उन्हें सरप्राइड कर सकते हैं।
करवाचौथ का दिन पत्नी के लिए बेहद चैलेंजिंग रह सकता है। लिहाजा इस दिन को आसानी और फन के साथ बिताने का प्लान बनाएं। पत्नी और खुद की फेवरेट मूवीज की लिस्ट बनाकर उन्हें देखें। इसी बीच आप कुछ गेम्स भी खेल सकते हैं। इन एक्टिविटीज के साथ आपकी पत्नी को पता ही नहीं चलेगा कि दिन कैसे बीत गया।
किसी भी सुहागन के लिए करवाचौथ का व्रत बेहद खास होता है। ऐसे में अगर पति उस व्रत में एफर्ट्स डाल दे तो वह दिन हमेशा के लिए ही पत्नी के जहन में यादगार हो जाता है।
हालांकि इस दिन को खास बनाने के लिए आपको भारी-भरकम राशि खर्च करने की जरूरत नहीं है। कई बार आपके द्वारा की गयी हुई छोटी-छोटी चीजें ही इस दिन को खास बना सकती हैं।
| इस दिन पत्नी के साथ आप भी व्रत रख सकते हैं। आपको आसपास कई ऐसे पुरुष मिल जाएंगे जो पत्नी के साथ खुद भी उपवास करते हैं। वह खुद भी उपवास कर पत्नी के साथ प्यार जाहिर करते हैं। लिहाजा इस दिन उपवास कर आप पत्नी के साथ बिना कहे अपनी फीलींग्स का एहसास करवा सकते हैं। शादी और उसके पहले साल जितने भी फेस्टिवल्स होते हैं उन्हें कपल्स गहनों से लेकर कपड़े देने तक खास बना सकते हैं। ऐसे में पत्नी को वह गिफ्ट दें जिसमें आपकी केयर और लव शो होता हो। अपनी फीलिंग्स को जाहिर करने के लिए आप प्यार भरा खत लिख सकते हैं या फिर फ्लॉवर्स देकर उन्हें सरप्राइड कर सकते हैं। करवाचौथ का दिन पत्नी के लिए बेहद चैलेंजिंग रह सकता है। लिहाजा इस दिन को आसानी और फन के साथ बिताने का प्लान बनाएं। पत्नी और खुद की फेवरेट मूवीज की लिस्ट बनाकर उन्हें देखें। इसी बीच आप कुछ गेम्स भी खेल सकते हैं। इन एक्टिविटीज के साथ आपकी पत्नी को पता ही नहीं चलेगा कि दिन कैसे बीत गया। किसी भी सुहागन के लिए करवाचौथ का व्रत बेहद खास होता है। ऐसे में अगर पति उस व्रत में एफर्ट्स डाल दे तो वह दिन हमेशा के लिए ही पत्नी के जहन में यादगार हो जाता है। हालांकि इस दिन को खास बनाने के लिए आपको भारी-भरकम राशि खर्च करने की जरूरत नहीं है। कई बार आपके द्वारा की गयी हुई छोटी-छोटी चीजें ही इस दिन को खास बना सकती हैं। |
Roman Reigns: WWE क्राउन ज्वेल (Crown Jewel) 2022 के लिए जबरदस्त तरह से हाइप बनी हुई है। इसके बाद सर्वाइवर सीरीज (Survivor Series) 2022 का आयोजन किया जाने वाला है। WWE इस शो को जरूर खास बनाना चाहेगा। आपको बता दें कि यहां पर WarGames मैच देखने को मिलेंगे। मेन रोस्टर पर इस मैच को लाना अच्छी चीज़ है।
रोमन रेंस अब पार्ट टाइमर बन गए हैं और इसी कारण वो कम शोज़ में नज़र आते हैं। अभी तक यही नहीं पता कि रेंस Survivor Series का हिस्सा बनेंगे या नहीं। हालांकि, कुछ ऐसे कारण हैं, जिनसे लगता है कि उन्हें इस शो में अहम किरदार निभाना चाहिए। इस आर्टिकल में हम 4 कारणों के बारे में बात करेंगे क्यों रोमन रेंस को Survivor Series का हिस्सा बनना चाहिए।
Survivor Series असल में WWE के सबसे बड़े शोज़ में गिना जाता है। इस शो का आयोजन सालों से देखने को मिल रहा है और फैंस इसे बहुत ज्यादा पसंद करते हैं। WWE सही मायने में इसे खास बनाना चाहेगा। इसी कारण उन्हें बड़े सुपरस्टार्स को इस इवेंट में जरूर बुक करना होगा।
रोमन रेंस मौजूदा समय में WWE के सबसे चर्चित सुपरस्टार हैं। इसी कारण उन्हें जरूर ही Survivor Series 2022 का हिस्सा बनना चाहिए। उनके आने से WWE को टिकट सेलिंग और व्यूअरशिप दोनों के मामले में बड़ा फायदा होगा। रेंस के कारण Survivor Series बेहतर बनेगा .
Crown Jewel 2022 के कुछ हफ्तों बाद Survivor Series का आयोजन किया जाएगा। हालांकि, इसके बाद काफी समय तक WWE का कोई शो देखने को नहीं मिलने वाला है। आपको बता दें कि WWE ने Day 1 इवेंट को कैंसिल कर दिया है और इसी कारण अब Survivor Series के बाद लगभग दो महीनों तक कोई भी प्रीमियम लाइव इवेंट नहीं होगा।
इसी कारण अगर रोमन रेंस Survivor Series का हिस्सा नहीं बने तो फिर वो सीधा Royal Rumble 2022 में ही अपना टाइटल डिफेंड करेंगे। वो बीच में एपिसोड्स के दौरान जरूर चैंपियनशिप मैच लड़ सकते हैं लेकिन इवेंट में टाइटल डिफेंड किए उन्हें बहुत समय हो जाएगा। इसी कारण उन्हें Survivor Series में नज़र आना चाहिए।
Survivor Series पिछले कुछ सालों से फैंस को उतना पसंद नहीं आ रहा है। रोमन रेंस जरूर इन शोज़ में नज़र आए हैं लेकिन फिर भी इवेंट ज्यादा बढ़िया नहीं रहा है। ऐसे में अगर इस बार रोमन खुद इस शो का हिस्सा नहीं रहेंगे तो WWE का यह प्रीमियम लाइव इवेंट एकदम फ्लॉप हो जाएगा।
इस बार WWE ने Survivor Series की थीम में बदलाव किया है। ऐसे में अगर रोमन रेंस मैच कार्ड का हिस्सा बनेंगे तो फैंस इससे खुश होंगे। अमूमन फैंस मैच कार्ड और बड़े सुपरस्टार्स की अपीयरेंस को देखकर ही शो देखने का निर्णय लेते हैं। रोमन को बुक करने से कंपनी को पैसों के मामले में फायदा होगा और कार्ड भी बेहतर बन जाएगा।
WWE के NXT ब्रांड में कई बार WarGames मैच देखने को मिल गए हैं। हालांकि, ट्रिपल एच के क्रिएटिव हेड बनने के बाद WarGames मुकाबलों को मेन रोस्टर का हिस्सा बनाया गया। दरअसल, Survivor Series में अब इस तरह के मैचों का आयोजन WWE करने वाला है।
WWE मुख्य शो पर पहली बार यह मैच बुक करने जा रहा है और इसी कारण उन्हें इस तरह के मैच में बड़े सुपरस्टार्स को लाना होगा। रोमन रेंस के आने से WWE को फायदा होगा। वो ब्लडलाइन के साथ टीम बनाकर WarGames में किसी अच्छे फैक्शन का सामना कर सकते हैं।
WWE और रेसलिंग से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के साथ-साथ अपडेट्स, लाइव रिजल्ट्स को हमारे Facebook page पर पाएं।
| Roman Reigns: WWE क्राउन ज्वेल दो हज़ार बाईस के लिए जबरदस्त तरह से हाइप बनी हुई है। इसके बाद सर्वाइवर सीरीज दो हज़ार बाईस का आयोजन किया जाने वाला है। WWE इस शो को जरूर खास बनाना चाहेगा। आपको बता दें कि यहां पर WarGames मैच देखने को मिलेंगे। मेन रोस्टर पर इस मैच को लाना अच्छी चीज़ है। रोमन रेंस अब पार्ट टाइमर बन गए हैं और इसी कारण वो कम शोज़ में नज़र आते हैं। अभी तक यही नहीं पता कि रेंस Survivor Series का हिस्सा बनेंगे या नहीं। हालांकि, कुछ ऐसे कारण हैं, जिनसे लगता है कि उन्हें इस शो में अहम किरदार निभाना चाहिए। इस आर्टिकल में हम चार कारणों के बारे में बात करेंगे क्यों रोमन रेंस को Survivor Series का हिस्सा बनना चाहिए। Survivor Series असल में WWE के सबसे बड़े शोज़ में गिना जाता है। इस शो का आयोजन सालों से देखने को मिल रहा है और फैंस इसे बहुत ज्यादा पसंद करते हैं। WWE सही मायने में इसे खास बनाना चाहेगा। इसी कारण उन्हें बड़े सुपरस्टार्स को इस इवेंट में जरूर बुक करना होगा। रोमन रेंस मौजूदा समय में WWE के सबसे चर्चित सुपरस्टार हैं। इसी कारण उन्हें जरूर ही Survivor Series दो हज़ार बाईस का हिस्सा बनना चाहिए। उनके आने से WWE को टिकट सेलिंग और व्यूअरशिप दोनों के मामले में बड़ा फायदा होगा। रेंस के कारण Survivor Series बेहतर बनेगा . Crown Jewel दो हज़ार बाईस के कुछ हफ्तों बाद Survivor Series का आयोजन किया जाएगा। हालांकि, इसके बाद काफी समय तक WWE का कोई शो देखने को नहीं मिलने वाला है। आपको बता दें कि WWE ने Day एक इवेंट को कैंसिल कर दिया है और इसी कारण अब Survivor Series के बाद लगभग दो महीनों तक कोई भी प्रीमियम लाइव इवेंट नहीं होगा। इसी कारण अगर रोमन रेंस Survivor Series का हिस्सा नहीं बने तो फिर वो सीधा Royal Rumble दो हज़ार बाईस में ही अपना टाइटल डिफेंड करेंगे। वो बीच में एपिसोड्स के दौरान जरूर चैंपियनशिप मैच लड़ सकते हैं लेकिन इवेंट में टाइटल डिफेंड किए उन्हें बहुत समय हो जाएगा। इसी कारण उन्हें Survivor Series में नज़र आना चाहिए। Survivor Series पिछले कुछ सालों से फैंस को उतना पसंद नहीं आ रहा है। रोमन रेंस जरूर इन शोज़ में नज़र आए हैं लेकिन फिर भी इवेंट ज्यादा बढ़िया नहीं रहा है। ऐसे में अगर इस बार रोमन खुद इस शो का हिस्सा नहीं रहेंगे तो WWE का यह प्रीमियम लाइव इवेंट एकदम फ्लॉप हो जाएगा। इस बार WWE ने Survivor Series की थीम में बदलाव किया है। ऐसे में अगर रोमन रेंस मैच कार्ड का हिस्सा बनेंगे तो फैंस इससे खुश होंगे। अमूमन फैंस मैच कार्ड और बड़े सुपरस्टार्स की अपीयरेंस को देखकर ही शो देखने का निर्णय लेते हैं। रोमन को बुक करने से कंपनी को पैसों के मामले में फायदा होगा और कार्ड भी बेहतर बन जाएगा। WWE के NXT ब्रांड में कई बार WarGames मैच देखने को मिल गए हैं। हालांकि, ट्रिपल एच के क्रिएटिव हेड बनने के बाद WarGames मुकाबलों को मेन रोस्टर का हिस्सा बनाया गया। दरअसल, Survivor Series में अब इस तरह के मैचों का आयोजन WWE करने वाला है। WWE मुख्य शो पर पहली बार यह मैच बुक करने जा रहा है और इसी कारण उन्हें इस तरह के मैच में बड़े सुपरस्टार्स को लाना होगा। रोमन रेंस के आने से WWE को फायदा होगा। वो ब्लडलाइन के साथ टीम बनाकर WarGames में किसी अच्छे फैक्शन का सामना कर सकते हैं। WWE और रेसलिंग से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के साथ-साथ अपडेट्स, लाइव रिजल्ट्स को हमारे Facebook page पर पाएं। |
नागपुर में आज भारत और श्रीलंका के बीच तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा हैं ने शानदार शतकीय पारी खेली थी, तीसरे दिन चेतेश्वर पुजारा {143} और टीम के कप्तान विराट कोहली {213} ने लंकाई गेंदबाजो की जमकर खबर ली.
विराट कोहली तो शतक को दोहरे शतक में बदलने में भी सफल रहे. टेस्ट क्रिकेट में हमारे कप्तान साहब का यह पांचवा दोहरा शतक रहा. दोहरे शतक के बाद सभी की आँखे कोहली के पहले तिहरे शतक पर लग गयी थी, लेकिन विराट 213 रनों के स्कोर पर आउट हो गयी.
विराट कोहली ने 267 गेंदों का सामना करते हुए 213 रनों की अद्दभुत कप्तानी पारी खेली. अपनी शानदार पारी के दौरान विराट किंग कोहली ने 17 चौके और दो लम्बे लम्बे छक्के भी लगाये.
@imVkohli पांचवा दोहरा शतक,
श्रीलंका के विरुद्ध पहला,
इस साल दूसरा,
बतौर कप्तान पांचवा,
जी हाँ ! विराट कोहली का यह टेस्ट क्रिकेट में पांचवा दोहरा शतक. सबसे खास बात तो यह रही, कि यह पांचो दोहरे शतक विराट कोहली ने सभी अलग अलग टीमों के खिलाफ बनाये. इतना ही नहीं बतौर कप्तान विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गये.
| नागपुर में आज भारत और श्रीलंका के बीच तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा हैं ने शानदार शतकीय पारी खेली थी, तीसरे दिन चेतेश्वर पुजारा {एक सौ तैंतालीस} और टीम के कप्तान विराट कोहली {दो सौ तेरह} ने लंकाई गेंदबाजो की जमकर खबर ली. विराट कोहली तो शतक को दोहरे शतक में बदलने में भी सफल रहे. टेस्ट क्रिकेट में हमारे कप्तान साहब का यह पांचवा दोहरा शतक रहा. दोहरे शतक के बाद सभी की आँखे कोहली के पहले तिहरे शतक पर लग गयी थी, लेकिन विराट दो सौ तेरह रनों के स्कोर पर आउट हो गयी. विराट कोहली ने दो सौ सरसठ गेंदों का सामना करते हुए दो सौ तेरह रनों की अद्दभुत कप्तानी पारी खेली. अपनी शानदार पारी के दौरान विराट किंग कोहली ने सत्रह चौके और दो लम्बे लम्बे छक्के भी लगाये. @imVkohli पांचवा दोहरा शतक, श्रीलंका के विरुद्ध पहला, इस साल दूसरा, बतौर कप्तान पांचवा, जी हाँ ! विराट कोहली का यह टेस्ट क्रिकेट में पांचवा दोहरा शतक. सबसे खास बात तो यह रही, कि यह पांचो दोहरे शतक विराट कोहली ने सभी अलग अलग टीमों के खिलाफ बनाये. इतना ही नहीं बतौर कप्तान विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी बन गये. |
वीर अर्जुन संवाददाता देहरादून । मुख्यमंत्री डॉ. रमेष पोखरियाल निषंक ने मंगलवार को सुभाश रोड स्थित एक स्थानीय वेडिंग प्वाइंट में षौर्य दिवस (कारगिल दिवस) के अवसर पर आयोजित कार्पाम में कारगिल षहीदों और वीरता पदक पाप्त सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया। कार्पाम में 21 कारगिल षहीद जवानों के परिजनों तथा 41 वीरता पदक (अषोक पा, महावीर पा, वीर पा षौर्य पा) पाप्त सैनिकों अथवा उनके परिजनों को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. निषंक ने कहा कि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है और यहां के युवाओं ने देष की रक्षा में अग्रिम पंक्ति में रहते हुए सर्वेच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या अनुपात के अनुसार उत्तराखण्ड देष को सर्वाधिक सैनिक देने वाला राज्य है। इससे पूर्व मंगलवार पातः मुख्यमंत्री डॉ. निषंक गांधी पार्क स्थित कारगिल षहीद स्मारक पर पहुंचे और षहीद जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किया। षौर्य दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. निषंक ने कहा कि राज्य सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों और सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं षुरू की है। देश में यह पहला राज्य है, जहां सैनिकों को मिलने वाली अनुदान राशि कई गुना वृद्धि की गई है। इसके साथ ही सैनिकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने पत्येक जिला, तहसील और चिन्हित ब्लाक स्तरों पर सैनिक विश्राम गृहों का निर्माण करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमेष पोखरियाल निषंक ने कहा कि सैनिकों और उनके आश्रितों को सम्मान देने के उद्देष्य से विभिन्न योजनाएं षुरू की है। इस कड़ी में 26 जुलाई को मनाये जाने वाले कारगिल दिवस को इस बार से षौर्य दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। देहरादून में स्टेट वार मेमोरियल की स्थापना करने का भी निर्णय लिया गया है और इस कार्य के लिए राज्य सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की धनराषि का षासनादेष जारी हो गया है। उन्हेंने कहा कि षहीदों के बच्चों के लिए देहरादून में छात्रावास बनाया जायेगा, जिसके लिए जमीन चिन्हित कर दी गई है। पूर्व सैनिकों को स्कूटर, कार खरीदने पर टैक्स में छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वीरता पदक से अंलकृत सैनिकों को देय वार्शिकी अनुदान में सबसे ज्यादा वृद्धि करने वाला उत्तराखण्ड देष में अग्रणी है। नॉन पेंशनर सैनिकों और सैनिक विधवाओं की पेंशन दो हजार रुपये से बढ़ाकर तीन हजार रुपये पतिमाह कर दी गई है। वीरता पदक पाप्तकर्ता सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली वार्शिकी राषि 30 वर्श के स्थान पर आजीवन दिये जाने का निर्णय लिया गया है। युद्ध में शहीद सैनिकों की विधवाओं और युद्ध अपंगता के कारण सेवामुक्त हुए सैनिकों को देय आवासीय सहायता राशि 25 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। द्वितीय विष्व युद्ध के पूर्व सैनिकों के अनुदान में वृद्धि की गई है। द्वितीय विष्व युद्ध के पूर्व सैनिक एवं सैनिक विधवाऐं जो पदेष में निवास कर रही है, को मिलने वाले मासिक अनुदान को 2000 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये पतिमाह कर दिया गया है। युद्ध में षहीद सैनिकों की विधवाओं और युद्ध अपंगता के कारण सेवामुक्त हुए सैनिकों को देय `आवासीय सहायता` राषी 25,000 रुपये से बढाकर 1,00,000 रुपये कर दी गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. निषंक ने कहा कि उत्तराखंण्ड़ देष का पहला राज्य है जहॉं पूर्व सैनिकों को ब्लाक पतिनिधि नियुक्त कर मानदेय दिया जा रहा है। ब्लाक पतिनिधियों की कार्यक्षमता बढाने के लिये उन्हे 2000 रुपये से बढाकर 4,000 रुपये पतिमाह `मानदेय` अनुमन्य किया गया है। इससे 95 पूर्व सैनिकों को अपने ही क्षेत्र मे रोजगार उपलब्ध हुआ है। पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की सुगमता हेतु निदेषालय सैनिक कल्याण व जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में टोल फी टेलिफोन लगाये गयें हैं। उत्तराखंण्ड देष का पहला राज्य है जहॉं टोल फी सुविधा अनुमन्य है। सैनिक विश्राम गृह नीति के तहत राज्य, जिला, तहसील और चिन्हित ब्लाक स्तरों पर सैनिक विश्राम गृहों का निर्माण किया गया है। वर्तमान में 27 सैनिक विश्राम गृह राज्य में संचालित है तथा 4 विश्राम गृहों का निर्माण कार्य पगति पर है। पदेष के बाहर स्थित सैनिक स्कूलों में अघ्ययनरत उत्तराखण्ड़ राज्य के छात्रों को सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में अध्ययनरत राज्य के छात्रों की भॉंति छात्रवृत्ति पदान किये जाने की स्वीकृति पदान की गयी है। समारोह को भूतपूर्व सैनिक कल्याण परिशद के उपाध्यक्ष कर्नल बी. डी. कुड़ियाल,, कर्नल (अ. प. ) इन्दर सिंह रावत, ब्रिगेडियर (अ. प. ) ए. एन. बहुगुणा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ले. कर्नल अनिल वाधवा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।
| वीर अर्जुन संवाददाता देहरादून । मुख्यमंत्री डॉ. रमेष पोखरियाल निषंक ने मंगलवार को सुभाश रोड स्थित एक स्थानीय वेडिंग प्वाइंट में षौर्य दिवस के अवसर पर आयोजित कार्पाम में कारगिल षहीदों और वीरता पदक पाप्त सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया। कार्पाम में इक्कीस कारगिल षहीद जवानों के परिजनों तथा इकतालीस वीरता पदक पाप्त सैनिकों अथवा उनके परिजनों को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. निषंक ने कहा कि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है और यहां के युवाओं ने देष की रक्षा में अग्रिम पंक्ति में रहते हुए सर्वेच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या अनुपात के अनुसार उत्तराखण्ड देष को सर्वाधिक सैनिक देने वाला राज्य है। इससे पूर्व मंगलवार पातः मुख्यमंत्री डॉ. निषंक गांधी पार्क स्थित कारगिल षहीद स्मारक पर पहुंचे और षहीद जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किया। षौर्य दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. निषंक ने कहा कि राज्य सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों और सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं षुरू की है। देश में यह पहला राज्य है, जहां सैनिकों को मिलने वाली अनुदान राशि कई गुना वृद्धि की गई है। इसके साथ ही सैनिकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने पत्येक जिला, तहसील और चिन्हित ब्लाक स्तरों पर सैनिक विश्राम गृहों का निर्माण करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमेष पोखरियाल निषंक ने कहा कि सैनिकों और उनके आश्रितों को सम्मान देने के उद्देष्य से विभिन्न योजनाएं षुरू की है। इस कड़ी में छब्बीस जुलाई को मनाये जाने वाले कारगिल दिवस को इस बार से षौर्य दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। देहरादून में स्टेट वार मेमोरियल की स्थापना करने का भी निर्णय लिया गया है और इस कार्य के लिए राज्य सरकार द्वारा एक करोड़ रुपये की धनराषि का षासनादेष जारी हो गया है। उन्हेंने कहा कि षहीदों के बच्चों के लिए देहरादून में छात्रावास बनाया जायेगा, जिसके लिए जमीन चिन्हित कर दी गई है। पूर्व सैनिकों को स्कूटर, कार खरीदने पर टैक्स में छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वीरता पदक से अंलकृत सैनिकों को देय वार्शिकी अनुदान में सबसे ज्यादा वृद्धि करने वाला उत्तराखण्ड देष में अग्रणी है। नॉन पेंशनर सैनिकों और सैनिक विधवाओं की पेंशन दो हजार रुपये से बढ़ाकर तीन हजार रुपये पतिमाह कर दी गई है। वीरता पदक पाप्तकर्ता सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को दी जाने वाली वार्शिकी राषि तीस वर्श के स्थान पर आजीवन दिये जाने का निर्णय लिया गया है। युद्ध में शहीद सैनिकों की विधवाओं और युद्ध अपंगता के कारण सेवामुक्त हुए सैनिकों को देय आवासीय सहायता राशि पच्चीस हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। द्वितीय विष्व युद्ध के पूर्व सैनिकों के अनुदान में वृद्धि की गई है। द्वितीय विष्व युद्ध के पूर्व सैनिक एवं सैनिक विधवाऐं जो पदेष में निवास कर रही है, को मिलने वाले मासिक अनुदान को दो हज़ार रुपयापये से बढ़ाकर तीन हज़ार रुपयापये पतिमाह कर दिया गया है। युद्ध में षहीद सैनिकों की विधवाओं और युद्ध अपंगता के कारण सेवामुक्त हुए सैनिकों को देय `आवासीय सहायता` राषी पच्चीस,शून्य रुपयापये से बढाकर एक,शून्य,शून्य रुपयापये कर दी गयी है। मुख्यमंत्री डॉ. निषंक ने कहा कि उत्तराखंण्ड़ देष का पहला राज्य है जहॉं पूर्व सैनिकों को ब्लाक पतिनिधि नियुक्त कर मानदेय दिया जा रहा है। ब्लाक पतिनिधियों की कार्यक्षमता बढाने के लिये उन्हे दो हज़ार रुपयापये से बढाकर चार,शून्य रुपयापये पतिमाह `मानदेय` अनुमन्य किया गया है। इससे पचानवे पूर्व सैनिकों को अपने ही क्षेत्र मे रोजगार उपलब्ध हुआ है। पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों की सुगमता हेतु निदेषालय सैनिक कल्याण व जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में टोल फी टेलिफोन लगाये गयें हैं। उत्तराखंण्ड देष का पहला राज्य है जहॉं टोल फी सुविधा अनुमन्य है। सैनिक विश्राम गृह नीति के तहत राज्य, जिला, तहसील और चिन्हित ब्लाक स्तरों पर सैनिक विश्राम गृहों का निर्माण किया गया है। वर्तमान में सत्ताईस सैनिक विश्राम गृह राज्य में संचालित है तथा चार विश्राम गृहों का निर्माण कार्य पगति पर है। पदेष के बाहर स्थित सैनिक स्कूलों में अघ्ययनरत उत्तराखण्ड़ राज्य के छात्रों को सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में अध्ययनरत राज्य के छात्रों की भॉंति छात्रवृत्ति पदान किये जाने की स्वीकृति पदान की गयी है। समारोह को भूतपूर्व सैनिक कल्याण परिशद के उपाध्यक्ष कर्नल बी. डी. कुड़ियाल,, कर्नल इन्दर सिंह रावत, ब्रिगेडियर ए. एन. बहुगुणा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ले. कर्नल अनिल वाधवा सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे। |
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अभियोजकों द्वारा कथित तौर पर कहा गया है कि वह वयस्क-फिल्म अभिनेता स्टॉर्मी डेनियल्स को 2016 के चुनाव से कुछ समय पहले गुपचुप तरीके से भुगतान करने के लिए आपराधिक आरोपों का सामना कर सकते हैं, जिन्होंने कहा था कि उनका उनके साथ यौन संबंध था। अभिभावक. श्री ट्रम्प को मैनहट्टन जिला अटॉर्नी द्वारा मामले में सबूतों की जांच करने वाली एक भव्य जूरी के समक्ष अगले सप्ताह पेश होने के लिए आमंत्रित किया गया है। आउटलेट ने आगे कहा कि जांच की शुरुआत के बाद से यह एक महत्वपूर्ण विकास है और यह संकेत देता है कि श्री ट्रम्प को अमेरिकी इतिहास में पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बनने का गंभीर खतरा है।
श्री ट्रम्प, हालांकि, प्रस्ताव को ठुकरा सकते हैं, कार्यवाही के ज्ञान वाले चार लोगों ने बताया न्यूयॉर्क टाइम्स (एनवाईटी).
नवीनतम विकास श्री ट्रम्प को भी झटका देगा जिन्होंने घोषणा की है कि वह 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगे।
श्री ट्रम्प की टीम द्वारा $ 130,000 गुप्त धन का भुगतान किया गया था, जिसमें उनके लंबे समय के सहयोगी माइकल कोहेन भी शामिल थे, जिन्होंने बाद में दोषी ठहराया और दावा किया कि यह "ट्रम्प के समन्वय में और उनके निर्देश पर" किया गया था।
एनवाईटी अपनी रिपोर्ट में कहा कि अब तक छह लोगों ने अदालत के सामने गवाही दी है और कोहेन के भी ऐसा करने की उम्मीद है. हालांकि, भले ही उन्हें आरोपित किया गया हो, श्री ट्रम्प को जेल भेजना चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि उनके खिलाफ आरोप निम्न स्तर के हैं, पेपर ने आगे कहा।
श्री ट्रम्प के सहयोगियों ने हाल के महीनों में पूर्व राष्ट्रपति से कहा है कि उनके पास एक मजबूत मामला है यदि वे तर्क देते हैं कि भुगतानों का 2016 के चुनावों से कोई लेना-देना नहीं था। इसके बजाय उन्होंने श्री ट्रम्प को यह तर्क देने की सलाह दी कि भुगतान पूरी तरह से उनकी पत्नी मेलानिया के साथ संघर्ष को रोकने के लिए थे।
| पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अभियोजकों द्वारा कथित तौर पर कहा गया है कि वह वयस्क-फिल्म अभिनेता स्टॉर्मी डेनियल्स को दो हज़ार सोलह के चुनाव से कुछ समय पहले गुपचुप तरीके से भुगतान करने के लिए आपराधिक आरोपों का सामना कर सकते हैं, जिन्होंने कहा था कि उनका उनके साथ यौन संबंध था। अभिभावक. श्री ट्रम्प को मैनहट्टन जिला अटॉर्नी द्वारा मामले में सबूतों की जांच करने वाली एक भव्य जूरी के समक्ष अगले सप्ताह पेश होने के लिए आमंत्रित किया गया है। आउटलेट ने आगे कहा कि जांच की शुरुआत के बाद से यह एक महत्वपूर्ण विकास है और यह संकेत देता है कि श्री ट्रम्प को अमेरिकी इतिहास में पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बनने का गंभीर खतरा है। श्री ट्रम्प, हालांकि, प्रस्ताव को ठुकरा सकते हैं, कार्यवाही के ज्ञान वाले चार लोगों ने बताया न्यूयॉर्क टाइम्स . नवीनतम विकास श्री ट्रम्प को भी झटका देगा जिन्होंने घोषणा की है कि वह दो हज़ार चौबीस के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगे। श्री ट्रम्प की टीम द्वारा एक सौ तीस डॉलर,शून्य गुप्त धन का भुगतान किया गया था, जिसमें उनके लंबे समय के सहयोगी माइकल कोहेन भी शामिल थे, जिन्होंने बाद में दोषी ठहराया और दावा किया कि यह "ट्रम्प के समन्वय में और उनके निर्देश पर" किया गया था। एनवाईटी अपनी रिपोर्ट में कहा कि अब तक छह लोगों ने अदालत के सामने गवाही दी है और कोहेन के भी ऐसा करने की उम्मीद है. हालांकि, भले ही उन्हें आरोपित किया गया हो, श्री ट्रम्प को जेल भेजना चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि उनके खिलाफ आरोप निम्न स्तर के हैं, पेपर ने आगे कहा। श्री ट्रम्प के सहयोगियों ने हाल के महीनों में पूर्व राष्ट्रपति से कहा है कि उनके पास एक मजबूत मामला है यदि वे तर्क देते हैं कि भुगतानों का दो हज़ार सोलह के चुनावों से कोई लेना-देना नहीं था। इसके बजाय उन्होंने श्री ट्रम्प को यह तर्क देने की सलाह दी कि भुगतान पूरी तरह से उनकी पत्नी मेलानिया के साथ संघर्ष को रोकने के लिए थे। |
Husainabad (Palamu) : रामनवमी के अवसर पर भाजपा नेता विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में हरिहरगंज में भव्य शोभायात्रा निकाली गई. इसमें जन सैलाब उमड़ पड़ा. जय श्रीराम के नारे से गली और शहरी इलाका गुंजित हो उठा. कहीं ढोल-नगाड़े तो कहीं मृदंग इस जुलूस में शोभा बढ़ा रहे थे. सभी के हाथों में पारंपरिक हथियार थे, जो धार्मिक सहिष्णुता का परिचय दे रहा था. शोभा यात्रा में रौशन कुमार सिंह, बल्लू बलराम, मुना विश्वकर्मा, सतेंद्र मेहता, राजीव कुमार, दिनेश गुप्ता, सतेंद्र पासवान, लखन सॉ, अशोक सिंह, डॉक्टर सुनील सिंह, शक्ति सिंह, राजेश कर्ण समेत सैकड़ों राम भक्त मौजूद थे.
| Husainabad : रामनवमी के अवसर पर भाजपा नेता विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में हरिहरगंज में भव्य शोभायात्रा निकाली गई. इसमें जन सैलाब उमड़ पड़ा. जय श्रीराम के नारे से गली और शहरी इलाका गुंजित हो उठा. कहीं ढोल-नगाड़े तो कहीं मृदंग इस जुलूस में शोभा बढ़ा रहे थे. सभी के हाथों में पारंपरिक हथियार थे, जो धार्मिक सहिष्णुता का परिचय दे रहा था. शोभा यात्रा में रौशन कुमार सिंह, बल्लू बलराम, मुना विश्वकर्मा, सतेंद्र मेहता, राजीव कुमार, दिनेश गुप्ता, सतेंद्र पासवान, लखन सॉ, अशोक सिंह, डॉक्टर सुनील सिंह, शक्ति सिंह, राजेश कर्ण समेत सैकड़ों राम भक्त मौजूद थे. |
अभी तक आपने पिछले भाग में पढ़ा की मिनी की कस्टडी को लेकर नीना देवी और नियति के वकील के बीच बहस चल रही है। जज साहब इत्मीनान से ध्यान पूर्वक दोनों पक्षों की बात सुन रहे थे। खुराना भी बहुत बड़े देश के जाने माने वकील संतोष साल्वे भी अदालत में मौजूद थे। रस्तोगी अपना पॉइंट जज साहब के सामने रख चुका था। अब आगे पढ़े।
कोर्ट अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा था। दोनो पक्ष अपना अपना पॉइंट बड़ी ही कुशलता से रख रहे थे।
अब रस्तोगी को इंतज्ञार था बस नीता के आने का। बस उसकी गवाही ही बची थी। और उसी पर केस का पूरा दारोमदार था।
तभी अचानक नीता कोर्ट में आ गई। रस्तोगी ने उनको गवाही के लिए बुलाया। पूरे केस का रुख पलटने में नीता का बयान तुरुप का इक्का साबित होगा ये रस्तोगी और मुझे पूरा यकीन था। कस्टडी नियति को ना देने कि जो वजह नीना देवी के वकील ने बताई थी की, नीता के बयान से वो दोनों वजहें समाप्त हो जाती। नीता कोर्ट में आई और विटनेस बॉक्स में जाकर अपना परिचय जज साहब को बड़े ही सम्मान के साथ दिया।
नीना को ये तो पता था की नीता उससे नाराज है। उसे लगा हमेशा की तरह कुछ दिन बाद वो सामान्य हो जायेगी और फिर से घर आने जाने लगेगी। ऐसा पहले भी हो कई बार हो चुका था। नियति का पक्ष लेने पर नीता को कई बार भला बुरा सुनना पड़ा था। और नीना की बातों को बड़ी बहन का अधिकार समझ कर नीता नजर अंदाज का देती। पर इस बार बात इतनी दूर तक चली जायेगी ये नीना को अंदाजा नहीं था। नीना ये भी अच्छे से जानती थी की नीता मिनी से ज्यादा दिन दूर नही रह पाएगी। पर नीता...! उसकी खुद की छोटी बहन उसके खिलाफ कोर्ट में खड़ी हो जायेगी ये उसने सपने में भी नही सोचा था!!!
नीता सिर्फ कोर्ट ही नही आई बल्कि नियति के पक्ष में अपना बयान भी दिया। साथ ही नीता ने कहा, "जज साहब नियति ने पति को खोने के बाद बहुत दुख झेला है। खुद संघर्ष कर अपने पैरो पर खड़ी हुई है। इतनी बड़ी बिजनेस फैमिली की बहू होने के बाद भी कभी कोई अधिकार नही मांगा। मेरे कोई संतान नहीं है। मैं नियति के पति मयंक को ही अपना बेटा मानती थी। और अब नियति और मिनी ही मेरी फैमिली है। अभी खुराना साहब ने कहा कि नियति मिनी की परवरिश उस तरीके से करने में सक्षम नहीं है जिस तरह से अभी हो रही है। एक बात और की उसके जॉब पर जाने पर मिनी की देख भाल कौन करेगा?" कुछ पल के लिए नीता रुकी, फिर से बोलना शुरू किया, "मेरे पास ईश्वर की कृपा से सब कुछ है। मैं उसी तरह परवरिश करने में नियति का सहयोग कर सकती हूं। जैसे की अभी तक मिनी की परवरिश होती आई है। उसके जॉब पर जाने पर, उसकी घर पर ना रहने पर मैं मिनी की देखभाल करूंगी..... कोई कोर कसर नहीं रहने दूंगी। इसका विश्वाश मैं इस अदालत और जज साहब को दिलाना चाहूंगी।" नीता ने बड़े ही आत्म विश्वास के साथ ये सब कुछ कहा।
जज साहब को नीता की बात तर्क संगत लग रही है, उनके हाव भाव से ऐसा प्रतीत हो रहा था की वो नीता की बातों से संतुष्ट है।
जज साहब नीता की बातों से संतुष्ट थे फिर भी अपना जो थोड़ा बहुत शक था उसे दूर कर लेना जरुरी समझा और नीता से प्रश्न किया, " मिसेज नीता ..! अगर इतनी बड़ी जिमेदारी लेने के बाद कल को आपके पति ने एतराज किया... या आपका ही इरादा कुछ समय बाद बदल गया तो...? इस मासूम बच्ची के साथ गलत नही हो जायेगा?"
नीता ने बिना एक पल गवाए फौरन जवाब दिया, "अगर अदालत या जज साहब को मेरी बातों का सबूत चाहिए तो मैं अपना बंगला, प्रॉपर्टी सब कुछ नियति के नाम करने को तैयार हूं। आप जब भी आदेश देंगे मैं ये सब कुछ नियति के नाम कर दूंगी। आप समझते ही होंगे इतना बड़ा फैसला कोई भी औरत अकेले नहीं ले सकती।और जब मैं इतना बड़ा फैसला ले रही हूं तो जाहिर है मेरे पति को किसी भी फैसले पर एतराज नहीं होता होगा।"
नीता का दृढ़ निश्चय जज साहब को प्रभावित कर गया। पर जज साहब केस के हर पहलू , हर छोटी बड़ी बात को समझ लेना चाहते थे इसी लिए वो बोले, "नियति मैडम...पर मैं अपनी तरफ से कुछ नही कह रहा पर इनका कोई तो कसूर होगा, कुछ तो गलती होगी, जो नीना देवी ने इन्हे खुद से और बच्ची से दूर कर रक्खा है। कोई तो वजह होगी।"
नीता ने लंबी सांस ले उल्टा जज साहब से ही सवाल कर ते हुए कहा, "जज साहब आपने दुनिया नही देखी क्या....? इसमें आश्चर्य क्या है....? अपने भारतीय समाज की यही तो विडंबना है। एक लड़की शादी कर अपना घर द्वार, मां बाप, सब छोड़ कर पति के घर को अपनाती है और उसे ही अपना घर मान कर, परिवार मान कर नया जीवन शुरू करती है। पर दुर्भाग्य वश यदि पति को कुछ हो जाए, वो इस दुनिया से चला जाए तो वही परिवार उसे बेघर करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। आप उस औरत के लिए सोचिए ..? एक तो पति के जाने का गम दूसरा ससुराल में अपमान.... तिरस्कार!! इसमें कुछ भी तो नया नही है। यही सब कुछ नियति के साथ भी हुआ है। कोढ़ में खाज की स्थिति हो जाती है यदि दोनो का प्रेम विवाह हुआ हो तो। मयंक ने नियति से प्रेम विवाह किया था। नियति को मेरी बहन बिलकुल पसंद नहीं करती थीं । नीना दीदी ने सिर्फ पुत्र को कहीं खो ना दे ...? इस बेटे के खोने के डर से ही नियति को बहू के रूप में स्वीकार किया था। अब जब मयंक नही है तो वो नियति को क्यों झेलें ? मयंक का जाना एक विडंबना थी। नीना देवी मेरी सगी बड़ी बहन है। पर मैं भी इनका एक और अत्याचार एक मासूम लड़की पर नही सह सकती। आखिर मैं भी एक नारी हूं। मैं अपनी आंखे के आगे ये सब होते अब और नहीं देख सकती।
इस कारण मैने नियति का साथ देने का फैसला किया।
मैं एक मां को अपनी बच्ची के लिए तड़पते और नही देख सकती।"
जज साहब अभी विचार कर रहे थे की नीना देवी ने खुराना को पास बुलाया और उनके कान में कुछ कहा। उसके बाद खुराना ने जज साहब से नीना देवी को बयान देने को विटनेस बॉक्स में बुलाने की इच्छा जाहिर की। कहा "जज साहब नीना देवी भी अपना पक्ष रखना चाहती है।" जज साहब ने परमिशन दे दी।
नीना देवी विटनेस बॉक्स में आईं और जज साहब का अभिवादन कर कहना शुरू किया, "जज साहब मैं एक मां हूं और मां का दर्द समझती हूं पर इस लड़की में मां वाली कोई बात ही नही दिखी मुझे जो मैं इसे बच्ची सौप दूं । मिनी मेरे बेटे की आखिरी निशानी है। मैं इसे किसी गैर जिम्मेदार हाथों में नही दे सकती। इसी कारण मैने इसे बच्ची से दूर कर दिया। इसके लक्षण अच्छे नहीं थे शुरू से ही । पहले मेरे बेटे को वश में कर शादी कर ली। जब ऊब गई तो गाड़ी में पता नही ऐसा क्या किया की मेरा बेटा चला गया। अब इसने किसी दूसरे को भी अपने वश में कर रक्खा है।" (नीना ने खुराना से मेरे बारे में सारे मालूमात कर लिए थे। उसके दिमाग में एक शातिर चाल चल रही थी। मेरे और नियति के संबंध का लांछन लगा कर नियति को चरित्रहीन साबित करना चाहती थी।)
फिर मेरी ओर इशारा कर बोली, "शायद यही प्रणय है, नियति के अगले टाइम पास। ये भी आज अपना कीमती समय लेकर यहा आए है। अब मुझे नही पता क्यों? (रहस्यमी मुस्कान के साथ नीना देवी बोली)
अब आप ही बताइए मैं कैसे अपनी पोती इस... लड़की को सौप दूं?"
रस्तोगी ने तुरंत ऑब्जेक्शन किया, कहा "मेरी क्लाइंट के चरित्र पर ऐसे कीचड़ नही उछाल सकती नीना देवी।"
जज साहब ने भी कड़े शब्दों में नीना देवी को बिना सबूत कोई भी लांछन नियति पर लगाने से मना किया।
आगे की कहानी में पढ़े क्या नियति के पक्ष में नीता का बयान देना असरदार साबित हुआ? क्या नीता के बयान ने केस का रुख पलट दिया..? क्या नीना देवी के आरोपों को जज साहब ने कोई अहमियत दी? पढ़े अगले भाग में।
| अभी तक आपने पिछले भाग में पढ़ा की मिनी की कस्टडी को लेकर नीना देवी और नियति के वकील के बीच बहस चल रही है। जज साहब इत्मीनान से ध्यान पूर्वक दोनों पक्षों की बात सुन रहे थे। खुराना भी बहुत बड़े देश के जाने माने वकील संतोष साल्वे भी अदालत में मौजूद थे। रस्तोगी अपना पॉइंट जज साहब के सामने रख चुका था। अब आगे पढ़े। कोर्ट अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा था। दोनो पक्ष अपना अपना पॉइंट बड़ी ही कुशलता से रख रहे थे। अब रस्तोगी को इंतज्ञार था बस नीता के आने का। बस उसकी गवाही ही बची थी। और उसी पर केस का पूरा दारोमदार था। तभी अचानक नीता कोर्ट में आ गई। रस्तोगी ने उनको गवाही के लिए बुलाया। पूरे केस का रुख पलटने में नीता का बयान तुरुप का इक्का साबित होगा ये रस्तोगी और मुझे पूरा यकीन था। कस्टडी नियति को ना देने कि जो वजह नीना देवी के वकील ने बताई थी की, नीता के बयान से वो दोनों वजहें समाप्त हो जाती। नीता कोर्ट में आई और विटनेस बॉक्स में जाकर अपना परिचय जज साहब को बड़े ही सम्मान के साथ दिया। नीना को ये तो पता था की नीता उससे नाराज है। उसे लगा हमेशा की तरह कुछ दिन बाद वो सामान्य हो जायेगी और फिर से घर आने जाने लगेगी। ऐसा पहले भी हो कई बार हो चुका था। नियति का पक्ष लेने पर नीता को कई बार भला बुरा सुनना पड़ा था। और नीना की बातों को बड़ी बहन का अधिकार समझ कर नीता नजर अंदाज का देती। पर इस बार बात इतनी दूर तक चली जायेगी ये नीना को अंदाजा नहीं था। नीना ये भी अच्छे से जानती थी की नीता मिनी से ज्यादा दिन दूर नही रह पाएगी। पर नीता...! उसकी खुद की छोटी बहन उसके खिलाफ कोर्ट में खड़ी हो जायेगी ये उसने सपने में भी नही सोचा था!!! नीता सिर्फ कोर्ट ही नही आई बल्कि नियति के पक्ष में अपना बयान भी दिया। साथ ही नीता ने कहा, "जज साहब नियति ने पति को खोने के बाद बहुत दुख झेला है। खुद संघर्ष कर अपने पैरो पर खड़ी हुई है। इतनी बड़ी बिजनेस फैमिली की बहू होने के बाद भी कभी कोई अधिकार नही मांगा। मेरे कोई संतान नहीं है। मैं नियति के पति मयंक को ही अपना बेटा मानती थी। और अब नियति और मिनी ही मेरी फैमिली है। अभी खुराना साहब ने कहा कि नियति मिनी की परवरिश उस तरीके से करने में सक्षम नहीं है जिस तरह से अभी हो रही है। एक बात और की उसके जॉब पर जाने पर मिनी की देख भाल कौन करेगा?" कुछ पल के लिए नीता रुकी, फिर से बोलना शुरू किया, "मेरे पास ईश्वर की कृपा से सब कुछ है। मैं उसी तरह परवरिश करने में नियति का सहयोग कर सकती हूं। जैसे की अभी तक मिनी की परवरिश होती आई है। उसके जॉब पर जाने पर, उसकी घर पर ना रहने पर मैं मिनी की देखभाल करूंगी..... कोई कोर कसर नहीं रहने दूंगी। इसका विश्वाश मैं इस अदालत और जज साहब को दिलाना चाहूंगी।" नीता ने बड़े ही आत्म विश्वास के साथ ये सब कुछ कहा। जज साहब को नीता की बात तर्क संगत लग रही है, उनके हाव भाव से ऐसा प्रतीत हो रहा था की वो नीता की बातों से संतुष्ट है। जज साहब नीता की बातों से संतुष्ट थे फिर भी अपना जो थोड़ा बहुत शक था उसे दूर कर लेना जरुरी समझा और नीता से प्रश्न किया, " मिसेज नीता ..! अगर इतनी बड़ी जिमेदारी लेने के बाद कल को आपके पति ने एतराज किया... या आपका ही इरादा कुछ समय बाद बदल गया तो...? इस मासूम बच्ची के साथ गलत नही हो जायेगा?" नीता ने बिना एक पल गवाए फौरन जवाब दिया, "अगर अदालत या जज साहब को मेरी बातों का सबूत चाहिए तो मैं अपना बंगला, प्रॉपर्टी सब कुछ नियति के नाम करने को तैयार हूं। आप जब भी आदेश देंगे मैं ये सब कुछ नियति के नाम कर दूंगी। आप समझते ही होंगे इतना बड़ा फैसला कोई भी औरत अकेले नहीं ले सकती।और जब मैं इतना बड़ा फैसला ले रही हूं तो जाहिर है मेरे पति को किसी भी फैसले पर एतराज नहीं होता होगा।" नीता का दृढ़ निश्चय जज साहब को प्रभावित कर गया। पर जज साहब केस के हर पहलू , हर छोटी बड़ी बात को समझ लेना चाहते थे इसी लिए वो बोले, "नियति मैडम...पर मैं अपनी तरफ से कुछ नही कह रहा पर इनका कोई तो कसूर होगा, कुछ तो गलती होगी, जो नीना देवी ने इन्हे खुद से और बच्ची से दूर कर रक्खा है। कोई तो वजह होगी।" नीता ने लंबी सांस ले उल्टा जज साहब से ही सवाल कर ते हुए कहा, "जज साहब आपने दुनिया नही देखी क्या....? इसमें आश्चर्य क्या है....? अपने भारतीय समाज की यही तो विडंबना है। एक लड़की शादी कर अपना घर द्वार, मां बाप, सब छोड़ कर पति के घर को अपनाती है और उसे ही अपना घर मान कर, परिवार मान कर नया जीवन शुरू करती है। पर दुर्भाग्य वश यदि पति को कुछ हो जाए, वो इस दुनिया से चला जाए तो वही परिवार उसे बेघर करने में कोई कसर नहीं छोड़ता है। आप उस औरत के लिए सोचिए ..? एक तो पति के जाने का गम दूसरा ससुराल में अपमान.... तिरस्कार!! इसमें कुछ भी तो नया नही है। यही सब कुछ नियति के साथ भी हुआ है। कोढ़ में खाज की स्थिति हो जाती है यदि दोनो का प्रेम विवाह हुआ हो तो। मयंक ने नियति से प्रेम विवाह किया था। नियति को मेरी बहन बिलकुल पसंद नहीं करती थीं । नीना दीदी ने सिर्फ पुत्र को कहीं खो ना दे ...? इस बेटे के खोने के डर से ही नियति को बहू के रूप में स्वीकार किया था। अब जब मयंक नही है तो वो नियति को क्यों झेलें ? मयंक का जाना एक विडंबना थी। नीना देवी मेरी सगी बड़ी बहन है। पर मैं भी इनका एक और अत्याचार एक मासूम लड़की पर नही सह सकती। आखिर मैं भी एक नारी हूं। मैं अपनी आंखे के आगे ये सब होते अब और नहीं देख सकती। इस कारण मैने नियति का साथ देने का फैसला किया। मैं एक मां को अपनी बच्ची के लिए तड़पते और नही देख सकती।" जज साहब अभी विचार कर रहे थे की नीना देवी ने खुराना को पास बुलाया और उनके कान में कुछ कहा। उसके बाद खुराना ने जज साहब से नीना देवी को बयान देने को विटनेस बॉक्स में बुलाने की इच्छा जाहिर की। कहा "जज साहब नीना देवी भी अपना पक्ष रखना चाहती है।" जज साहब ने परमिशन दे दी। नीना देवी विटनेस बॉक्स में आईं और जज साहब का अभिवादन कर कहना शुरू किया, "जज साहब मैं एक मां हूं और मां का दर्द समझती हूं पर इस लड़की में मां वाली कोई बात ही नही दिखी मुझे जो मैं इसे बच्ची सौप दूं । मिनी मेरे बेटे की आखिरी निशानी है। मैं इसे किसी गैर जिम्मेदार हाथों में नही दे सकती। इसी कारण मैने इसे बच्ची से दूर कर दिया। इसके लक्षण अच्छे नहीं थे शुरू से ही । पहले मेरे बेटे को वश में कर शादी कर ली। जब ऊब गई तो गाड़ी में पता नही ऐसा क्या किया की मेरा बेटा चला गया। अब इसने किसी दूसरे को भी अपने वश में कर रक्खा है।" फिर मेरी ओर इशारा कर बोली, "शायद यही प्रणय है, नियति के अगले टाइम पास। ये भी आज अपना कीमती समय लेकर यहा आए है। अब मुझे नही पता क्यों? अब आप ही बताइए मैं कैसे अपनी पोती इस... लड़की को सौप दूं?" रस्तोगी ने तुरंत ऑब्जेक्शन किया, कहा "मेरी क्लाइंट के चरित्र पर ऐसे कीचड़ नही उछाल सकती नीना देवी।" जज साहब ने भी कड़े शब्दों में नीना देवी को बिना सबूत कोई भी लांछन नियति पर लगाने से मना किया। आगे की कहानी में पढ़े क्या नियति के पक्ष में नीता का बयान देना असरदार साबित हुआ? क्या नीता के बयान ने केस का रुख पलट दिया..? क्या नीना देवी के आरोपों को जज साहब ने कोई अहमियत दी? पढ़े अगले भाग में। |
भारतीय क्रिकेट टीम बीते 10 सालों से एक भी ICC खिताब नहीं जीत सकी है। ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक खास रणनीति तैयार की है। BCCI ने देश के करीब 20 ऐसे खिलाड़ियों को बुलाया है जो ऑलराउंड प्रदर्शन करते हों। बोर्ड इन खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने का काम करेगा। बोर्ड की इस लिस्ट में मुंबई इंडियंन (MI) के ऑलराउंडर अर्जुन तेंदुलकर भी शामिल हैं। अर्जुन ने हाल ही में अपना IPL डेब्यू किया था।
युवा खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए BCCI राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) में 3 सप्ताह का एक कैंप लगाने जा रहा है। इसके लिए 20 संभावित ऑलराउंडर्स को बुलाया गया है। PTI की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैंप का आयोजन अगस्त में होगा और NCA में ऑलराउंडर्स का कैंप लगाने का सुझाव वीवीएस लक्ष्मण ने दिया है। शिव सुंदर दास की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ राष्ट्रीय चयन समिति ने प्रदर्शन और क्षमता के आधार पर खिलाड़ियों का चयन किया है।
| भारतीय क्रिकेट टीम बीते दस सालों से एक भी ICC खिताब नहीं जीत सकी है। ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने एक खास रणनीति तैयार की है। BCCI ने देश के करीब बीस ऐसे खिलाड़ियों को बुलाया है जो ऑलराउंड प्रदर्शन करते हों। बोर्ड इन खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने का काम करेगा। बोर्ड की इस लिस्ट में मुंबई इंडियंन के ऑलराउंडर अर्जुन तेंदुलकर भी शामिल हैं। अर्जुन ने हाल ही में अपना IPL डेब्यू किया था। युवा खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए BCCI राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में तीन सप्ताह का एक कैंप लगाने जा रहा है। इसके लिए बीस संभावित ऑलराउंडर्स को बुलाया गया है। PTI की रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैंप का आयोजन अगस्त में होगा और NCA में ऑलराउंडर्स का कैंप लगाने का सुझाव वीवीएस लक्ष्मण ने दिया है। शिव सुंदर दास की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ राष्ट्रीय चयन समिति ने प्रदर्शन और क्षमता के आधार पर खिलाड़ियों का चयन किया है। |
नई दिल्ली। वर्ष 2010-11 के लिए देश का निर्यात लक्ष्य 200 अरब अमरीकी डॉलर का रखा गया है। निर्यात की मौजूदा वृद्धि दर के लिहाज से हम इस लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। भारतीय उत्पादों के प्रमुख आयातक अमरीका के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की वृद्धि दर में मामूली सुधार हुआ है। 2009 में जीडीपी की नकारात्मक वृद्धि दर के मुकाबले आईएमएफ का अनुमान है कि 2010 में इसकी अर्थव्यवस्था की विकास दर 3. 3 फीसदी और 2011 में 2. 9 फीसदी रहेगी।
विदेश व्यापार नीति 2009-14 के अनुसार वित्त वर्ष 2009-10 में भारतीय निर्यात 200 अरब अमरीकी डॉलर हो जाने का अनुमान है। यह लक्ष्य पाने के लिए सरकार ने विभिन्न नीतिगत उपायों जैसे वित्तीय प्रोत्साहन, संस्थागत परिवर्तन, प्रक्रियागत सुधार, अखिल विश्व में बाजार का विस्तार, निर्यात बाजार का विविधीकरण आदि अपनाने का फैसला लिया है। निर्यात संबंधी मूलभूत ढाँचे में सुधार, विनिमय लागत में कमी एवं सभी अप्रत्यक्ष करों और शुल्कों की पूर्ण वापसी-ये तीन चीजें इस निर्यात लक्ष्य को पाने में तीन मजबूत स्तंभों का काम करेंगी।
सरकार ने बाजार के विविधिकरण पर जोर दिया है क्योंकि अमरीका और यूरोप केंद्रित होने के चलते आर्थिक मंदी का भारत के पारंपरिक निर्यात पर काफी बुरा असर पड़ा है। विदेश व्यापार नीति 2009-14 की घोषणा के समय से ही बाजार का विस्तार अफ्रीका के विकासशील देशों, लैटिन अमरीका और ओसियाना के कुछ हिस्सों में करने पर जोर दिया गया है। हाल में भारतीय निर्यातकों के महासंघ फियो की ओर से किए गए एक प्रारंभिक सर्वेक्षण से पता चला है कि कई योजनाओं विशेषकर फोकस मार्केट स्कीम (एफएमएस) और मार्केट लिंक्ड फोकस प्रॉडक्ट स्कीम (एमएलएफपीएस) ने भारत का निर्यात आधार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और एफएमएस के तहत अगस्त 2009 में नए जुड़े 27 देशों में से 15 में आर्थिक मंदी के बावजूद निर्यात में प्रभावी वृद्धि हुई है।
रोजगार के अवसरों के सृजन और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सेज़ योजना को अच्छा समर्थन मिला है। सेज़ योजना को देश और विदेश के निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। सेज़ ने विदेशी मुद्रा अर्जन और बुनियादी ढाँचा के विकास के अलावा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन, नई गतिविधियों की शुरुआत, उपभोग प्रारूप और सामाजिक जीवन में बदलाव, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मानव विकास सुविधाओं के विकास के रूप में कई महत्वपूर्ण स्थानीय प्रभाव छोड़े हैं। अब तक 580 सेज़ परियोजनाओं को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है। इसमें से 367 परियोजनाएं अधिसूचित हो गई हैं। सेज़ परियोजनाओं से कुल 6,20,824 लोग संबद्ध हैं। इसमें से 4,86,120 लोगों को मिला रोजगार नवसृजित है। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में यानी 30 सितंबर, 2010 तक सेज़ से हुए कुल निर्यात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 55. 8 फीसदी की वृद्धि हुई। इस तरह अप्रैल से सितंबर के बीच कुल 1,39,841 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। सेज़ में स्वतः अनुमोदित मार्ग से शतप्रतिशत निवेश को मंजूरी दी गई। अभी कुल 122 सेज़ निर्यात कर रहे हैं। इनमें से 69 आईटी या आईटीईएस, 16 बहु-उत्पाद और 37 अन्य क्षेत्र से जुड़े हुए सेज़ हैं। इन विशेष आर्थिक क्षेत्रों में कुल मिलाकर 3,139 इकाई हैं।
भारत हमेशा खुली, उचित, निष्पक्ष और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था का समर्थक रहा है। अतीत में, भारत का आरटीए के प्रति रुख बहुत सतर्क और रक्षात्मक रहा था। शुरुआत में यह कुछ द्विपक्षीय या क्षेत्रीय प्रयासों तक ही सीमित था। इनमें मुख्य प्रयास तरजीह कारोबार समझौतों (पीटीए) जैसे एस्कैप क्षेत्र में कर छूट के विनिमय के लिए बैंकॉक समझौता (1975), जी-77 के सदस्य देशों के मध्य कर छूट विनिमय के लिए वैश्विक व्यापार तरजीह प्रणाली (जीएसटीपी, 1988), दक्षिण एशिया में व्यापार को उदार बनाने के लिए सार्क तरजीही कारोबार समझौता (साप्टा, 1993) के जरिए किए गए। हालांकि, इन समझौतों से सदस्य देशों के बीच के कारोबार में सीमित वृद्धि ही हुई। विश्व व्यापार में आरटीए का महत्व पहचानते हुए भारत ने निर्यात बाजार बढ़ाने की मंशा से इस दशक के शुरू से ही अपने व्यापारिक सहयोगियों के साथ बातचीत शुरू कर दी जिसके तहत वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और आर्थिक सहयोग के चिह्नित क्षेत्रों में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) शामिल थे।
भारत-जापान सीईपीए-बातचीत पूरी हो चुकी है। प्रस्तावित समझौते के तहत वस्तु, सेवा, निवेश, बौद्धिक संपदा अधिकार, एसपीएसए/टीबीटी शामिल है। भारत-यूरोपीय संघ बीटीआईए-28 जून, 2007 को बातचीत शुरू हुई और अब तक 11 दौर की बातचीत हो चुकी है। वस्तु, सेवा, निवेश, सफाई, कारोबार के समक्ष तकनीकी बाधाएं, व्यापार को सुगम बनाना और कस्टम सहयोग, बौद्धिक संपदा अधिकार और भौगोलिक संकेतक आदि बातचीत के प्रमुख मुद्दे हैं। भारत-आसियन सीईसीए-सेवा और निवेश समझौता-सेवाओं के कारोबार ओर निवेश पर बातचीत जारी। अब तक नौ दौर की वार्ता संपन्न हो चुकी है और मार्च 2011 तक बातचीत पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। भारत-श्रीलंका सीईपीए- वस्तुओं का मुक्त व्यापार समझौता मार्च 2000 से लागू है और सेवा एवं निवेश मामलों पर वार्ता जारी है।
भारत-थाईलैंड सीईसीए- 82 वस्तुओं पर आरंभिक फसल योजना लागू है। हालिया बैठक दिसंबर 2010 में हुई है। भारत-मलेशिया सीईसीए- वार्ता हो चुकी है। इस पर दस्तखत जनवरी 2011 में होने और इसके जुलाई 2011 से लागू होने की उम्मीद है। भारत-मॉरिशस सीईसीपीए- वार्ता का आखिरी दौर अक्तूबर 2006 में संपन्न हुआ था। भारत-ईएफटीए बीटीआईए- छठे दौर की वार्ता 11 और 12 नवंबर 2010 को संपन्न हुई अगले दौर की वार्ता संभवतः फरवरी 2011 में होगी। भारत-न्यूजीलैंड एफटीए/सीईसीए- अब तक तीन दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। भारत-इजराइल एफटीए- 26 मई, 2010 को पहले दौर की वार्ता संपन्न हुई। भारत-सिंगापुर सीईसीए- दूसरी समीक्षा मई 2010 में प्रस्तुत की गई। 2011 मध्य तक पूरा होने के आसार हैं। भारत-एसएसीयू पीटीए- अक्तूबर 2009 में चौथे दौर की वार्ता नई दिल्ली में संपन्न हुई। भारत-मर्कोसुर पीटीए- ज्यादा उत्पाद शामिल करने और ज्यादा तरजीह देने की कोशिश कर रहा है, दूसरे दौर की वार्ता जून 2010 में पूरी हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार भारत-चिली पीटीए- ज्यादा उत्पाद शामिल करने और ज्यादा तरजीह देने कोशिश में है जबकि दूसरे दौर की वार्ता अगस्त 2010 में पूरी चुकी है। बिम्सटेक सीईसीए- 18 दौर की वार्ता हो चुकी है। वस्तु, कस्टम सहयोग और व्यापार सरलीकरण पर बातचीत पूरी। सेवा और निवेश को लेकर बातचीत जारी है। भारत-जीसीसी फ्रेमवर्क समझौता- सितंबर 2008 में दूसरे दौर की वार्ता आयोजित की गई। भारत-कनाडा एफटीए- नवंबर 2010 में पहले दौर की बातचीत की गई।
प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौतों के अनुसार भारत-ऑस्ट्रेलिया- जेएसजी रिपोर्ट मई 2010 में जमा हुई, भारत-इंडोनेशिया- जेएसजी रिपोर्ट सितंबर 2009 में जमा हुई और बातचीत शुरू करने के लिए पीएमओ को नोट भेज गया। भारत-तुर्की एफटीए- जेएसजी की तीसरी बैठक अक्टूबर 2010 में दिल्ली में संपन्न हुई और इसमें वस्तु, सेवा और निवेश पर वार्ता हुई। भारत-मिस्र एफटीए- एफटीए की व्यवाहर्यता जांचने के लिए जेएसजी के गठन संबंधी संशोधित प्रस्ताव तैयार हो रहा है। भारत-रूस एफटीए- मई 2010 में संयुक्त कार्यबल की चौथी बैठक मॉस्को में हुई और पांचवी बैठक अक्टूबर 2010 में प्रस्तावित हुई। भारत-मर्कोसुर-एसएसीयू- भारत के व्यापार मंत्री और मर्कोसुर और एसएसीयू के सदस्य देशों की बैठक नवंबर 2009 में जेनेवा में हुई। इसमें त्रिपक्षीय तरजीह व्यापार समझौते की संभावना तलाशी गई। भारत-चीन- संयुक्त कार्यबल की रिपोर्ट अक्तूबर 2007 में पूरी हो चुकी है। हिंद महासागर क्षेत्र-क्षेत्रीय सहयोग संगठन- प्रस्तावित तरजीह कारोबार समझौते में भागीदारी पर भारत की ओर से विरोध किया गया है वह इसलिए कि भारत के ज्यादातर आईओआर-एआरसी देशों से पहले ही पृथक व्यापार समझौते हैं।
| नई दिल्ली। वर्ष दो हज़ार दस-ग्यारह के लिए देश का निर्यात लक्ष्य दो सौ अरब अमरीकी डॉलर का रखा गया है। निर्यात की मौजूदा वृद्धि दर के लिहाज से हम इस लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं। भारतीय उत्पादों के प्रमुख आयातक अमरीका के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की वृद्धि दर में मामूली सुधार हुआ है। दो हज़ार नौ में जीडीपी की नकारात्मक वृद्धि दर के मुकाबले आईएमएफ का अनुमान है कि दो हज़ार दस में इसकी अर्थव्यवस्था की विकास दर तीन. तीन फीसदी और दो हज़ार ग्यारह में दो. नौ फीसदी रहेगी। विदेश व्यापार नीति दो हज़ार नौ-चौदह के अनुसार वित्त वर्ष दो हज़ार नौ-दस में भारतीय निर्यात दो सौ अरब अमरीकी डॉलर हो जाने का अनुमान है। यह लक्ष्य पाने के लिए सरकार ने विभिन्न नीतिगत उपायों जैसे वित्तीय प्रोत्साहन, संस्थागत परिवर्तन, प्रक्रियागत सुधार, अखिल विश्व में बाजार का विस्तार, निर्यात बाजार का विविधीकरण आदि अपनाने का फैसला लिया है। निर्यात संबंधी मूलभूत ढाँचे में सुधार, विनिमय लागत में कमी एवं सभी अप्रत्यक्ष करों और शुल्कों की पूर्ण वापसी-ये तीन चीजें इस निर्यात लक्ष्य को पाने में तीन मजबूत स्तंभों का काम करेंगी। सरकार ने बाजार के विविधिकरण पर जोर दिया है क्योंकि अमरीका और यूरोप केंद्रित होने के चलते आर्थिक मंदी का भारत के पारंपरिक निर्यात पर काफी बुरा असर पड़ा है। विदेश व्यापार नीति दो हज़ार नौ-चौदह की घोषणा के समय से ही बाजार का विस्तार अफ्रीका के विकासशील देशों, लैटिन अमरीका और ओसियाना के कुछ हिस्सों में करने पर जोर दिया गया है। हाल में भारतीय निर्यातकों के महासंघ फियो की ओर से किए गए एक प्रारंभिक सर्वेक्षण से पता चला है कि कई योजनाओं विशेषकर फोकस मार्केट स्कीम और मार्केट लिंक्ड फोकस प्रॉडक्ट स्कीम ने भारत का निर्यात आधार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और एफएमएस के तहत अगस्त दो हज़ार नौ में नए जुड़े सत्ताईस देशों में से पंद्रह में आर्थिक मंदी के बावजूद निर्यात में प्रभावी वृद्धि हुई है। रोजगार के अवसरों के सृजन और बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सेज़ योजना को अच्छा समर्थन मिला है। सेज़ योजना को देश और विदेश के निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। सेज़ ने विदेशी मुद्रा अर्जन और बुनियादी ढाँचा के विकास के अलावा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन, नई गतिविधियों की शुरुआत, उपभोग प्रारूप और सामाजिक जीवन में बदलाव, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मानव विकास सुविधाओं के विकास के रूप में कई महत्वपूर्ण स्थानीय प्रभाव छोड़े हैं। अब तक पाँच सौ अस्सी सेज़ परियोजनाओं को औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है। इसमें से तीन सौ सरसठ परियोजनाएं अधिसूचित हो गई हैं। सेज़ परियोजनाओं से कुल छः,बीस,आठ सौ चौबीस लोग संबद्ध हैं। इसमें से चार,छियासी,एक सौ बीस लोगों को मिला रोजगार नवसृजित है। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में यानी तीस सितंबर, दो हज़ार दस तक सेज़ से हुए कुल निर्यात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले पचपन. आठ फीसदी की वृद्धि हुई। इस तरह अप्रैल से सितंबर के बीच कुल एक,उनतालीस,आठ सौ इकतालीस करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। सेज़ में स्वतः अनुमोदित मार्ग से शतप्रतिशत निवेश को मंजूरी दी गई। अभी कुल एक सौ बाईस सेज़ निर्यात कर रहे हैं। इनमें से उनहत्तर आईटी या आईटीईएस, सोलह बहु-उत्पाद और सैंतीस अन्य क्षेत्र से जुड़े हुए सेज़ हैं। इन विशेष आर्थिक क्षेत्रों में कुल मिलाकर तीन,एक सौ उनतालीस इकाई हैं। भारत हमेशा खुली, उचित, निष्पक्ष और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था का समर्थक रहा है। अतीत में, भारत का आरटीए के प्रति रुख बहुत सतर्क और रक्षात्मक रहा था। शुरुआत में यह कुछ द्विपक्षीय या क्षेत्रीय प्रयासों तक ही सीमित था। इनमें मुख्य प्रयास तरजीह कारोबार समझौतों जैसे एस्कैप क्षेत्र में कर छूट के विनिमय के लिए बैंकॉक समझौता , जी-सतहत्तर के सदस्य देशों के मध्य कर छूट विनिमय के लिए वैश्विक व्यापार तरजीह प्रणाली , दक्षिण एशिया में व्यापार को उदार बनाने के लिए सार्क तरजीही कारोबार समझौता के जरिए किए गए। हालांकि, इन समझौतों से सदस्य देशों के बीच के कारोबार में सीमित वृद्धि ही हुई। विश्व व्यापार में आरटीए का महत्व पहचानते हुए भारत ने निर्यात बाजार बढ़ाने की मंशा से इस दशक के शुरू से ही अपने व्यापारिक सहयोगियों के साथ बातचीत शुरू कर दी जिसके तहत वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और आर्थिक सहयोग के चिह्नित क्षेत्रों में मुक्त व्यापार समझौते शामिल थे। भारत-जापान सीईपीए-बातचीत पूरी हो चुकी है। प्रस्तावित समझौते के तहत वस्तु, सेवा, निवेश, बौद्धिक संपदा अधिकार, एसपीएसए/टीबीटी शामिल है। भारत-यूरोपीय संघ बीटीआईए-अट्ठाईस जून, दो हज़ार सात को बातचीत शुरू हुई और अब तक ग्यारह दौर की बातचीत हो चुकी है। वस्तु, सेवा, निवेश, सफाई, कारोबार के समक्ष तकनीकी बाधाएं, व्यापार को सुगम बनाना और कस्टम सहयोग, बौद्धिक संपदा अधिकार और भौगोलिक संकेतक आदि बातचीत के प्रमुख मुद्दे हैं। भारत-आसियन सीईसीए-सेवा और निवेश समझौता-सेवाओं के कारोबार ओर निवेश पर बातचीत जारी। अब तक नौ दौर की वार्ता संपन्न हो चुकी है और मार्च दो हज़ार ग्यारह तक बातचीत पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। भारत-श्रीलंका सीईपीए- वस्तुओं का मुक्त व्यापार समझौता मार्च दो हज़ार से लागू है और सेवा एवं निवेश मामलों पर वार्ता जारी है। भारत-थाईलैंड सीईसीए- बयासी वस्तुओं पर आरंभिक फसल योजना लागू है। हालिया बैठक दिसंबर दो हज़ार दस में हुई है। भारत-मलेशिया सीईसीए- वार्ता हो चुकी है। इस पर दस्तखत जनवरी दो हज़ार ग्यारह में होने और इसके जुलाई दो हज़ार ग्यारह से लागू होने की उम्मीद है। भारत-मॉरिशस सीईसीपीए- वार्ता का आखिरी दौर अक्तूबर दो हज़ार छः में संपन्न हुआ था। भारत-ईएफटीए बीटीआईए- छठे दौर की वार्ता ग्यारह और बारह नवंबर दो हज़ार दस को संपन्न हुई अगले दौर की वार्ता संभवतः फरवरी दो हज़ार ग्यारह में होगी। भारत-न्यूजीलैंड एफटीए/सीईसीए- अब तक तीन दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है। भारत-इजराइल एफटीए- छब्बीस मई, दो हज़ार दस को पहले दौर की वार्ता संपन्न हुई। भारत-सिंगापुर सीईसीए- दूसरी समीक्षा मई दो हज़ार दस में प्रस्तुत की गई। दो हज़ार ग्यारह मध्य तक पूरा होने के आसार हैं। भारत-एसएसीयू पीटीए- अक्तूबर दो हज़ार नौ में चौथे दौर की वार्ता नई दिल्ली में संपन्न हुई। भारत-मर्कोसुर पीटीए- ज्यादा उत्पाद शामिल करने और ज्यादा तरजीह देने की कोशिश कर रहा है, दूसरे दौर की वार्ता जून दो हज़ार दस में पूरी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार भारत-चिली पीटीए- ज्यादा उत्पाद शामिल करने और ज्यादा तरजीह देने कोशिश में है जबकि दूसरे दौर की वार्ता अगस्त दो हज़ार दस में पूरी चुकी है। बिम्सटेक सीईसीए- अट्ठारह दौर की वार्ता हो चुकी है। वस्तु, कस्टम सहयोग और व्यापार सरलीकरण पर बातचीत पूरी। सेवा और निवेश को लेकर बातचीत जारी है। भारत-जीसीसी फ्रेमवर्क समझौता- सितंबर दो हज़ार आठ में दूसरे दौर की वार्ता आयोजित की गई। भारत-कनाडा एफटीए- नवंबर दो हज़ार दस में पहले दौर की बातचीत की गई। प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौतों के अनुसार भारत-ऑस्ट्रेलिया- जेएसजी रिपोर्ट मई दो हज़ार दस में जमा हुई, भारत-इंडोनेशिया- जेएसजी रिपोर्ट सितंबर दो हज़ार नौ में जमा हुई और बातचीत शुरू करने के लिए पीएमओ को नोट भेज गया। भारत-तुर्की एफटीए- जेएसजी की तीसरी बैठक अक्टूबर दो हज़ार दस में दिल्ली में संपन्न हुई और इसमें वस्तु, सेवा और निवेश पर वार्ता हुई। भारत-मिस्र एफटीए- एफटीए की व्यवाहर्यता जांचने के लिए जेएसजी के गठन संबंधी संशोधित प्रस्ताव तैयार हो रहा है। भारत-रूस एफटीए- मई दो हज़ार दस में संयुक्त कार्यबल की चौथी बैठक मॉस्को में हुई और पांचवी बैठक अक्टूबर दो हज़ार दस में प्रस्तावित हुई। भारत-मर्कोसुर-एसएसीयू- भारत के व्यापार मंत्री और मर्कोसुर और एसएसीयू के सदस्य देशों की बैठक नवंबर दो हज़ार नौ में जेनेवा में हुई। इसमें त्रिपक्षीय तरजीह व्यापार समझौते की संभावना तलाशी गई। भारत-चीन- संयुक्त कार्यबल की रिपोर्ट अक्तूबर दो हज़ार सात में पूरी हो चुकी है। हिंद महासागर क्षेत्र-क्षेत्रीय सहयोग संगठन- प्रस्तावित तरजीह कारोबार समझौते में भागीदारी पर भारत की ओर से विरोध किया गया है वह इसलिए कि भारत के ज्यादातर आईओआर-एआरसी देशों से पहले ही पृथक व्यापार समझौते हैं। |
एजेंसी, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 का चुनावी परिणाम घोषित होने में कुछ ही समय रह गया है इस बीच चुनावी पोल के आंकडों के मुताबिक देश में फिर एक बार भाजपा की सरकार बनती दिखाई दे रही है। गठबंधन व अन्य दल कुछ ही चुनिन्दा सीटों पर अपना डेरा जमाए हुए हैं।
इसी बीच कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी हार स्वीकार कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जीत की बधाई दी और कहा जनता स्वंय मालिक है और मालिक ने अपने आदेश दिये हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पूरी जान लगाकर मेहनत की है, मैं उनका धन्यवाद देता हूं।
लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे अब साफ हैं, देश में नरेंद्र मोदी एक बार फिर सरकार बना रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नरेंद्र मोदी को बधाई दी और इसके साथ ही उन्होंने अमेठी में अपनी हार भी स्वीकार कर ली है। लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है।
उन्होंने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के सामने पार्टी अध्यक्ष से इस्तीफा देने की पेशकश की। हालांकि, अभी सोनिया और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने समझाया कि ये सब बातें पार्टी फोरम में रखनी चाहिए, जिसके बाद राहुल गांधी रुके। बता दें कि चुनाव नतीजों पर मंथन को अगले एक हफ्ते में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई है, जिसमें राहुल गांधी इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं।
नतीजों के बाद राहुल ने लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'आज स्मृति जी अमेठी में जीती हैं, मैं उन्हें बधाई देता हूं। खास बात ये है कि अभी तक अमेठी के नतीजे सामने नहीं आए हैं, लेकिन राहुल ने पहले ही हार मान ली है। बता दें कि अमेठी में अभी स्मृति ईरानी 33 हज़ार वोटों से आगे चल रही हैं. स्मृति को अभी तक 286504 तो वहीं राहुल गांधी को 253503 वोट मिले हैं। गौरतलब है कि ये एक लंबे समय के बाद होगा जब अमेठी से गांधी परिवार का कोई सदस्य चुनाव हारेगा। राहुल गांधी भी 2004, 2009 और 2014 में अमेठी से लगातार जीत दर्ज कर चुके हैं।
| एजेंसी, नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव दो हज़ार उन्नीस का चुनावी परिणाम घोषित होने में कुछ ही समय रह गया है इस बीच चुनावी पोल के आंकडों के मुताबिक देश में फिर एक बार भाजपा की सरकार बनती दिखाई दे रही है। गठबंधन व अन्य दल कुछ ही चुनिन्दा सीटों पर अपना डेरा जमाए हुए हैं। इसी बीच कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी हार स्वीकार कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जीत की बधाई दी और कहा जनता स्वंय मालिक है और मालिक ने अपने आदेश दिये हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पूरी जान लगाकर मेहनत की है, मैं उनका धन्यवाद देता हूं। लोकसभा चुनाव दो हज़ार उन्नीस के नतीजे अब साफ हैं, देश में नरेंद्र मोदी एक बार फिर सरकार बना रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नरेंद्र मोदी को बधाई दी और इसके साथ ही उन्होंने अमेठी में अपनी हार भी स्वीकार कर ली है। लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है। उन्होंने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के सामने पार्टी अध्यक्ष से इस्तीफा देने की पेशकश की। हालांकि, अभी सोनिया और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने समझाया कि ये सब बातें पार्टी फोरम में रखनी चाहिए, जिसके बाद राहुल गांधी रुके। बता दें कि चुनाव नतीजों पर मंथन को अगले एक हफ्ते में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई है, जिसमें राहुल गांधी इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं। नतीजों के बाद राहुल ने लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'आज स्मृति जी अमेठी में जीती हैं, मैं उन्हें बधाई देता हूं। खास बात ये है कि अभी तक अमेठी के नतीजे सामने नहीं आए हैं, लेकिन राहुल ने पहले ही हार मान ली है। बता दें कि अमेठी में अभी स्मृति ईरानी तैंतीस हज़ार वोटों से आगे चल रही हैं. स्मृति को अभी तक दो लाख छियासी हज़ार पाँच सौ चार तो वहीं राहुल गांधी को दो लाख तिरेपन हज़ार पाँच सौ तीन वोट मिले हैं। गौरतलब है कि ये एक लंबे समय के बाद होगा जब अमेठी से गांधी परिवार का कोई सदस्य चुनाव हारेगा। राहुल गांधी भी दो हज़ार चार, दो हज़ार नौ और दो हज़ार चौदह में अमेठी से लगातार जीत दर्ज कर चुके हैं। |
प्रदेश हाई कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि भूमि की कीमत उसकी किस्म से नहीं बल्कि सर्किल रेट के आधार पर दी जाए। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने सीमेंट कंपनी की अपील को स्वीकारते हुए आदेश दिए कि एक ही उद्देश्य के लिए भूमि का अधिग्रहण करने पर भूमि का एक ही मूल्य तय किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि भूमि की किस्म के आधार पर अधिग्रहित भूमि का मुआवजा तय नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब भूमि का अधिग्रहण एक ही उद्देश्य के लिए किया जाता है, तो उस स्थिति में भूमि की किस्म के आधार पर मुआवजा देना सही नहीं है। भू -अधिग्रहण अधिकारी ने अधिग्रहित भूमि की किस्म के आधार पर मुआवजा प्रदान किया था जिसमें बाखल, अव्वल, दोयम बंजर और कदीम के लिए अलग-अलग मुआवजा तय किया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि भूमि का उचित मूल्य तय करने के लिए संबंधित सर्किल में हुई उच्चतर सेल डिड को भी देखा जाना चाहिए।
| प्रदेश हाई कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि भूमि की कीमत उसकी किस्म से नहीं बल्कि सर्किल रेट के आधार पर दी जाए। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर ने सीमेंट कंपनी की अपील को स्वीकारते हुए आदेश दिए कि एक ही उद्देश्य के लिए भूमि का अधिग्रहण करने पर भूमि का एक ही मूल्य तय किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि भूमि की किस्म के आधार पर अधिग्रहित भूमि का मुआवजा तय नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब भूमि का अधिग्रहण एक ही उद्देश्य के लिए किया जाता है, तो उस स्थिति में भूमि की किस्म के आधार पर मुआवजा देना सही नहीं है। भू -अधिग्रहण अधिकारी ने अधिग्रहित भूमि की किस्म के आधार पर मुआवजा प्रदान किया था जिसमें बाखल, अव्वल, दोयम बंजर और कदीम के लिए अलग-अलग मुआवजा तय किया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि भूमि का उचित मूल्य तय करने के लिए संबंधित सर्किल में हुई उच्चतर सेल डिड को भी देखा जाना चाहिए। |
होजाई के विधायक शिलादित्य देव ने शुक्रवार को यहां अटल अमृत अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पौर सभा परिसर में एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक शिलादित्य देव, पौरसभा के कार्यकारी अधिकारी संजय महंत, पौर सभानेत्री ममता दे, पौरसभा उपाध्यक्ष समीर सरकार सहित अनेक विशिष्ठजन उपस्थित थे।
इस अवसर पर शिलादित्य ने कहा कि चुनाव के पहले भाजपा सरकार ने घोषणा की थी कि लोगों को अच्छा से अच्छा स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराएगी। उसी के तहत अटल अमृत योजना प्रारंभ हुई है। इसमें कैंसर, ह्रदयरोग, किडनी रोग, स्नायू रोग, आगजनी से पीड़ित लोगों को लाभ पहुंचेंगे।
जिस परिवार की आर्थिक कमाई 5 लाख से नीचे है उस परिवारों के सदस्यों को नाम रजिस्टर करवाकर उन्हें कार्ड मुहैया कराया जाएगा। वहीं इस पंजीयन के दौरान जिस परिवार की आय एक लाख 20 हजार से ज्यादा है और पांच लाख से कम है उन्हें पंजीयन हेतु 100 रुपए देने होंगे। देव ने कहा कि उक्त योजना से होजाई जिला के 90 फीसदी लोग उपकृत होंगे।
| होजाई के विधायक शिलादित्य देव ने शुक्रवार को यहां अटल अमृत अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पौर सभा परिसर में एक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक शिलादित्य देव, पौरसभा के कार्यकारी अधिकारी संजय महंत, पौर सभानेत्री ममता दे, पौरसभा उपाध्यक्ष समीर सरकार सहित अनेक विशिष्ठजन उपस्थित थे। इस अवसर पर शिलादित्य ने कहा कि चुनाव के पहले भाजपा सरकार ने घोषणा की थी कि लोगों को अच्छा से अच्छा स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराएगी। उसी के तहत अटल अमृत योजना प्रारंभ हुई है। इसमें कैंसर, ह्रदयरोग, किडनी रोग, स्नायू रोग, आगजनी से पीड़ित लोगों को लाभ पहुंचेंगे। जिस परिवार की आर्थिक कमाई पाँच लाख से नीचे है उस परिवारों के सदस्यों को नाम रजिस्टर करवाकर उन्हें कार्ड मुहैया कराया जाएगा। वहीं इस पंजीयन के दौरान जिस परिवार की आय एक लाख बीस हजार से ज्यादा है और पांच लाख से कम है उन्हें पंजीयन हेतु एक सौ रुपयापए देने होंगे। देव ने कहा कि उक्त योजना से होजाई जिला के नब्बे फीसदी लोग उपकृत होंगे। |
Amitabh Bachchan: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक अजनबी का आभार व्यक्त किया, जिसने उन्हें ट्रैफिक को मात देने और फिल्म की शूटिंग के स्थान पर समय पर पहुंचने में मदद की. टोपी, शॉर्ट्स और पीले रंग की टी-शर्ट पहने दयालु अजनबी की एक तस्वीर साझा करते हुए, दिग्गज अभिनेता ने उन्हें लिफ्ट देने और मुंबई के ट्रैफिक जाम से बचने में मदद करने के लिए धन्यवाद दिया. उस व्यक्ति को न जानने के बावजूद, अमिताभ बच्चन अजनबी के दयालु भाव की सराहना करते दिखे. देखें तस्वीरः
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| Amitabh Bachchan: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक अजनबी का आभार व्यक्त किया, जिसने उन्हें ट्रैफिक को मात देने और फिल्म की शूटिंग के स्थान पर समय पर पहुंचने में मदद की. टोपी, शॉर्ट्स और पीले रंग की टी-शर्ट पहने दयालु अजनबी की एक तस्वीर साझा करते हुए, दिग्गज अभिनेता ने उन्हें लिफ्ट देने और मुंबई के ट्रैफिक जाम से बचने में मदद करने के लिए धन्यवाद दिया. उस व्यक्ति को न जानने के बावजूद, अमिताभ बच्चन अजनबी के दयालु भाव की सराहना करते दिखे. देखें तस्वीरः |
जनपद में सोमवार को भी कोरोना का कहर नहीं थमा। सोमवार को कोरोना के 357 नए मरीज मिले हैं, वहीं कोरोना से एक महिला की मौत हो गयी। 111 संक्रमितों को ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल जनपद में एक्टिव मरीजों की संख्या 2730 पर पहुंच गयी है। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा जनपद में 136 पर पहुंच चुका है।
सीएमओ महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि जनपद में सोमवार को आरटीपीसीआर से 251 लोगों ने टेस्ट कराए, जिनमें से 94 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। एंटीजन टेस्ट से 189, प्राइवेट लैब से 70 व अन्य जनपद से 4 लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है। जनपद में सोमवार को 357 नए मरीज मिले है। शहर की 61 वर्षीय बुजुर्ग महिला को 14 अप्रैल को कोरोना पॉजीटिव होने पर बैगराजपुर स्थित कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार को महिला की उपचार के दौरान मौत हो गयी। कोरोना से जनपद में अब तक 136 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। सोमवार को 111 संक्रमितों को ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल जनपद में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 2730 पर पहुंच चुकी है। एक्टिव मरीजों की संख्या जनपद में लगातार बढती जा रही है। जनपद में अब तक कोरोना के 12321 केस मिल चुके है, जिनमें से 9455 संक्रमितों को ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सोमवार को फिर से शहरी क्षेत्र में कोरोना का कहर दिखायी दिया। शहरी क्षेत्र में सोमवार को कोरोना के 266 नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा बघरा ब्लॉक में 8, बुढाना ब्लॉक में 6, चरथावल ब्लॉक में 9, जानसठ ब्लॉक में 4, खतौली ब्लॉक में 35, मोरना ब्लॉक में 11, पुरकाजी ब्लॉक में 5, शाहपुर ब्लॉक में कोरोना के 13 नए मरीज मिले हैं।
सोमवार को कोरोना ने जेल में अपना तांडव मचाया है। जिला कारागार में कोरोना के 41 मरीज मिलने हडकम्प मच गया। जेल में लॉकडाउन के दौरान भी कोरोना ने कहर बरपाया था। जेल अधीक्षक समेत कई बंदीरक्षक कोरोना पॉजीटिव हुए थे। अब फिर जेल में कोरोना का कहर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा शहर में आवास विकास कालोनी में 9, गांधी कालोनी में 8, रामपुरी में 7, नई मंडी में 9, साऊथ सिविल लाइन में 6, बचन सिंह कालोनी में 6, चरथावल क्षेत्र में 6, आर्यपुरी में 6, शाहपुर के मंगलापुरी मंडी में 6 समेत शहर व देहात क्षेत्र में कई स्थानों पर कोरोना के नए मरीज मिले है।
मुजफ्फरनगर। शहर में दो शिक्षकों की हुई मौत से हड़कंप मच गया है। हालांकि इनकी मौत कोरोना से हुई मृत्यु के आंकड़े में शामिल नहीं है। इनमें एक शिक्षक द्वारिकापुरी निवासी था और शहर के नामी पब्लिक स्कूल में खेल विभाग में शिक्षक था। वहीं दूसरा शिक्षक नगर के ही एक प्रतिष्ठित इंटर कॉलेज मे 31 मार्च को ही सेवानिवृत्त हुआ और वर्तमान में एटूजेड कालोनी में रह रहा था। उसने अपनी सेवानिवृत्ति पर शानदार दावत का आयोजन भी किया था। दोनों शिक्षकों की मौत से शहर में कोरोना के प्रति हडकंप मचा हुआ है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कोरोना से डैथ के आंकडे में इन शिक्षकों की मौत को शामिल नही किया गया है। इससे पूर्व नईमंडी के भरतिया कालोनी निवासी दीवानी के वरिष्ठ अधिवक्ता व नईमंडी में ही कनफैक्शनरी का कारोबार करने वालों के परिवार की महिला की भी ऐसे ही मृत्यु हुई थी। उनके अंतिम संस्कार तो पीपीई किट पहनकर नईमंडी शमशान घाट पर कराए गए थे लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकडों में इन दोनों मौत को भी कोरोना से मृत्यु होने के आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया था।
| जनपद में सोमवार को भी कोरोना का कहर नहीं थमा। सोमवार को कोरोना के तीन सौ सत्तावन नए मरीज मिले हैं, वहीं कोरोना से एक महिला की मौत हो गयी। एक सौ ग्यारह संक्रमितों को ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल जनपद में एक्टिव मरीजों की संख्या दो हज़ार सात सौ तीस पर पहुंच गयी है। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा जनपद में एक सौ छत्तीस पर पहुंच चुका है। सीएमओ महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि जनपद में सोमवार को आरटीपीसीआर से दो सौ इक्यावन लोगों ने टेस्ट कराए, जिनमें से चौरानवे लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। एंटीजन टेस्ट से एक सौ नवासी, प्राइवेट लैब से सत्तर व अन्य जनपद से चार लोगों की रिपोर्ट पॉजीटिव आयी है। जनपद में सोमवार को तीन सौ सत्तावन नए मरीज मिले है। शहर की इकसठ वर्षीय बुजुर्ग महिला को चौदह अप्रैल को कोरोना पॉजीटिव होने पर बैगराजपुर स्थित कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार को महिला की उपचार के दौरान मौत हो गयी। कोरोना से जनपद में अब तक एक सौ छत्तीस लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। सोमवार को एक सौ ग्यारह संक्रमितों को ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। फिलहाल जनपद में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या दो हज़ार सात सौ तीस पर पहुंच चुकी है। एक्टिव मरीजों की संख्या जनपद में लगातार बढती जा रही है। जनपद में अब तक कोरोना के बारह हज़ार तीन सौ इक्कीस केस मिल चुके है, जिनमें से नौ हज़ार चार सौ पचपन संक्रमितों को ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सोमवार को फिर से शहरी क्षेत्र में कोरोना का कहर दिखायी दिया। शहरी क्षेत्र में सोमवार को कोरोना के दो सौ छयासठ नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा बघरा ब्लॉक में आठ, बुढाना ब्लॉक में छः, चरथावल ब्लॉक में नौ, जानसठ ब्लॉक में चार, खतौली ब्लॉक में पैंतीस, मोरना ब्लॉक में ग्यारह, पुरकाजी ब्लॉक में पाँच, शाहपुर ब्लॉक में कोरोना के तेरह नए मरीज मिले हैं। सोमवार को कोरोना ने जेल में अपना तांडव मचाया है। जिला कारागार में कोरोना के इकतालीस मरीज मिलने हडकम्प मच गया। जेल में लॉकडाउन के दौरान भी कोरोना ने कहर बरपाया था। जेल अधीक्षक समेत कई बंदीरक्षक कोरोना पॉजीटिव हुए थे। अब फिर जेल में कोरोना का कहर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा शहर में आवास विकास कालोनी में नौ, गांधी कालोनी में आठ, रामपुरी में सात, नई मंडी में नौ, साऊथ सिविल लाइन में छः, बचन सिंह कालोनी में छः, चरथावल क्षेत्र में छः, आर्यपुरी में छः, शाहपुर के मंगलापुरी मंडी में छः समेत शहर व देहात क्षेत्र में कई स्थानों पर कोरोना के नए मरीज मिले है। मुजफ्फरनगर। शहर में दो शिक्षकों की हुई मौत से हड़कंप मच गया है। हालांकि इनकी मौत कोरोना से हुई मृत्यु के आंकड़े में शामिल नहीं है। इनमें एक शिक्षक द्वारिकापुरी निवासी था और शहर के नामी पब्लिक स्कूल में खेल विभाग में शिक्षक था। वहीं दूसरा शिक्षक नगर के ही एक प्रतिष्ठित इंटर कॉलेज मे इकतीस मार्च को ही सेवानिवृत्त हुआ और वर्तमान में एटूजेड कालोनी में रह रहा था। उसने अपनी सेवानिवृत्ति पर शानदार दावत का आयोजन भी किया था। दोनों शिक्षकों की मौत से शहर में कोरोना के प्रति हडकंप मचा हुआ है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कोरोना से डैथ के आंकडे में इन शिक्षकों की मौत को शामिल नही किया गया है। इससे पूर्व नईमंडी के भरतिया कालोनी निवासी दीवानी के वरिष्ठ अधिवक्ता व नईमंडी में ही कनफैक्शनरी का कारोबार करने वालों के परिवार की महिला की भी ऐसे ही मृत्यु हुई थी। उनके अंतिम संस्कार तो पीपीई किट पहनकर नईमंडी शमशान घाट पर कराए गए थे लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकडों में इन दोनों मौत को भी कोरोना से मृत्यु होने के आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया था। |
उस की मंगल कामना ऐसी सरल भाषा में सहज मार्मिकता के साथ प्रगट हुई है कि हम मुग्ध हो जाते हैं। इन परवर्ती गीतिकारों ने गीतों को अपने हृदय के अन्य स्पन्दन के तंतुओं से बांध कर आकाश से भूमि पर उतारा है और इनके द्वारा गीतिकला की युग- बन्दिनी कारा एक बार फिर मुक्त हुई है।
परन्तु इसमें सन्देह नहीं कि अभी आधुनिक गीत अपनी सर्वोच्च उड़ान नहीं उड़ सका है। अभी उसे भाषा, शैली, गीति-भंगिमा और व्यंजना की अनेक मंज़िलें पार करनी हैं। अभी उसे लोक-हृदय को छूना है और कवि- कल्पना है और संगीत - मधुरिमा में ऐसा अटूट ग्रन्थि बंधन करना है, जो हमारे गीतों को एक साथ ही जनता और सहृदय के लिये आकर्षक बना दें । | उस की मंगल कामना ऐसी सरल भाषा में सहज मार्मिकता के साथ प्रगट हुई है कि हम मुग्ध हो जाते हैं। इन परवर्ती गीतिकारों ने गीतों को अपने हृदय के अन्य स्पन्दन के तंतुओं से बांध कर आकाश से भूमि पर उतारा है और इनके द्वारा गीतिकला की युग- बन्दिनी कारा एक बार फिर मुक्त हुई है। परन्तु इसमें सन्देह नहीं कि अभी आधुनिक गीत अपनी सर्वोच्च उड़ान नहीं उड़ सका है। अभी उसे भाषा, शैली, गीति-भंगिमा और व्यंजना की अनेक मंज़िलें पार करनी हैं। अभी उसे लोक-हृदय को छूना है और कवि- कल्पना है और संगीत - मधुरिमा में ऐसा अटूट ग्रन्थि बंधन करना है, जो हमारे गीतों को एक साथ ही जनता और सहृदय के लिये आकर्षक बना दें । |
पटियाला, 28 अप्रैलः पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से विभिन्न जिलों में मंडियों का दौरा करके खरीद कार्याें का जायजा लेने तैनात किए सीनियर आई.ए.एस. अधिकारियों ने आज पटियाला जिले की मंडियों का दौरा करके मंडियों में आढ़तियों सहित किसानों के साथ भी चर्चा की है।
पटियाला और राजपुरा की अनाज मंडियों में कोरोना वायरस के चलते पूरे एहतियात के साथ चल रही गेहूँ की खरीद के प्रबंधों पर तसल्ली प्रकट करते हुए राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास श्री विशवाजीत खन्ना ने कहा कि खरीदी जा रही गेहूँ की लिफ्टिंग में और तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं। इस अवसर पर उनके साथ पंजाब मंडी बोर्ड के सचिव श्री रवि भक्त भी उपस्थित रहे।
श्री खन्ना ने यहाँ की बैठक दौरान पटियाला के डिप्टी कमिश्नर श्री कुमार अमित से जिले की मंडियों में जारी गेहूँ की खरीद प्रक्रिया बारे विस्तार में जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि मंडियों में भीड़ भाड़ रोकने के लिए मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की विशेष पहल पर पंजाब सरकार की तरफ से शुरू की गई पास प्रणाली को सख्ती के साथ लागू किया जाए।
श्री विशवाजीत खन्ना ने कहा कि मुख्य मंत्री के आदेशों पर वे राज्य रबी के मंडीकरण सीजन 2020 -21 दौरान चल रहे खरीद कार्याें का जमीन स्तर पर जा कर पता लगाने के लिए आज पटियाला पहुँचे हैं और 30 अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट मुख्य मंत्री को सौंपेंगे।
श्री खन्ना ने कहा कि उन्होंने कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए कर्फ्यू दौरान किसानों को जारी पास प्रणाली सहित मंडियों में गाँव अनुसार क्रमवार पहुँच रही गेहूँ, उपज की खरीद, बारदाना, मजदूरों, लिफ्टिंग आदि के प्रबंधों के अलावा गेहूँ की गुणवत्ता और कोविड -19 प्रोटोकोल की पालना के अंतर्गत सामाजिक दूरी, सैनेटाईजेशन आदि बारे आज पटियाला जिले का जायजा लिया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास विशवाजीत खन्ना ने बताया कि करोनावायरस के फैलाव को रोकनो के लिए राज्य सरकार की तरफ से जारी की गई सेहत एडवाइजरी के मद्देनजर चरणबद्ध तरीके से गेहूँ लाने के बावजूद अब तक मनोनीत पंजाब भर के 4100 खरीद केन्द्रों के लिए किसानों को आढतियों के माध्यम से 7.13 लाख पास जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की मंडियों में खुशहाली के रक्षक जीओजी और पुलिस मुलाजिम भी निर्विघ्न खरीद कार्याें के अलावा सभी पक्षों की सफाई और सुरक्षा को यकीनी बनाने में ड्यूटी निभा रहे हैं।
पंजाब मंडी बोर्ड के सचिव श्री रवि भक्त ने कहा कि मंडियों में इस बार कोरोना वायरस के मद्देनजर किसानों और मजदूरों के लिए खास प्रबंध किये गए हैं, जिसमें पीने वाले पानी, हाथ धोने के लिए साबुन आदि सहित सैनेटाईजेशन शामिल है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश हैं कि मंडियों में किसानों को कोई मुश्किल ना पेश आने दी जाए।
इस अवसर पर जिला खाद्य एंव नागरिक आपूर्ति कंट्रोलर श्री हरशरणजीत सिंह, मंडी बोर्ड के डिप्टी जनरल मैनेजर मंडी बोर्ड गुरभजन सिंह औलख, जिला मंडी अफसर श्रीमती भजन कौर, पनसप के डी.एम. प्रवीण जैन, वेयरहाऊस के डी.एम. केवल कृष्ण, मार्कफैड के डी.एम. विनोद कुमार, एफ.सी.आई. के डी.एम. अकाश कुमार, डी.डी.एम.ओ. मंडी बोर्ड जसपाल सिंह घुम्मण आदि उपस्थित रहे।
| पटियाला, अट्ठाईस अप्रैलः पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से विभिन्न जिलों में मंडियों का दौरा करके खरीद कार्याें का जायजा लेने तैनात किए सीनियर आई.ए.एस. अधिकारियों ने आज पटियाला जिले की मंडियों का दौरा करके मंडियों में आढ़तियों सहित किसानों के साथ भी चर्चा की है। पटियाला और राजपुरा की अनाज मंडियों में कोरोना वायरस के चलते पूरे एहतियात के साथ चल रही गेहूँ की खरीद के प्रबंधों पर तसल्ली प्रकट करते हुए राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास श्री विशवाजीत खन्ना ने कहा कि खरीदी जा रही गेहूँ की लिफ्टिंग में और तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं। इस अवसर पर उनके साथ पंजाब मंडी बोर्ड के सचिव श्री रवि भक्त भी उपस्थित रहे। श्री खन्ना ने यहाँ की बैठक दौरान पटियाला के डिप्टी कमिश्नर श्री कुमार अमित से जिले की मंडियों में जारी गेहूँ की खरीद प्रक्रिया बारे विस्तार में जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि मंडियों में भीड़ भाड़ रोकने के लिए मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह की विशेष पहल पर पंजाब सरकार की तरफ से शुरू की गई पास प्रणाली को सख्ती के साथ लागू किया जाए। श्री विशवाजीत खन्ना ने कहा कि मुख्य मंत्री के आदेशों पर वे राज्य रबी के मंडीकरण सीजन दो हज़ार बीस -इक्कीस दौरान चल रहे खरीद कार्याें का जमीन स्तर पर जा कर पता लगाने के लिए आज पटियाला पहुँचे हैं और तीस अप्रैल तक अपनी रिपोर्ट मुख्य मंत्री को सौंपेंगे। श्री खन्ना ने कहा कि उन्होंने कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए कर्फ्यू दौरान किसानों को जारी पास प्रणाली सहित मंडियों में गाँव अनुसार क्रमवार पहुँच रही गेहूँ, उपज की खरीद, बारदाना, मजदूरों, लिफ्टिंग आदि के प्रबंधों के अलावा गेहूँ की गुणवत्ता और कोविड -उन्नीस प्रोटोकोल की पालना के अंतर्गत सामाजिक दूरी, सैनेटाईजेशन आदि बारे आज पटियाला जिले का जायजा लिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास विशवाजीत खन्ना ने बताया कि करोनावायरस के फैलाव को रोकनो के लिए राज्य सरकार की तरफ से जारी की गई सेहत एडवाइजरी के मद्देनजर चरणबद्ध तरीके से गेहूँ लाने के बावजूद अब तक मनोनीत पंजाब भर के चार हज़ार एक सौ खरीद केन्द्रों के लिए किसानों को आढतियों के माध्यम से सात.तेरह लाख पास जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की मंडियों में खुशहाली के रक्षक जीओजी और पुलिस मुलाजिम भी निर्विघ्न खरीद कार्याें के अलावा सभी पक्षों की सफाई और सुरक्षा को यकीनी बनाने में ड्यूटी निभा रहे हैं। पंजाब मंडी बोर्ड के सचिव श्री रवि भक्त ने कहा कि मंडियों में इस बार कोरोना वायरस के मद्देनजर किसानों और मजदूरों के लिए खास प्रबंध किये गए हैं, जिसमें पीने वाले पानी, हाथ धोने के लिए साबुन आदि सहित सैनेटाईजेशन शामिल है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश हैं कि मंडियों में किसानों को कोई मुश्किल ना पेश आने दी जाए। इस अवसर पर जिला खाद्य एंव नागरिक आपूर्ति कंट्रोलर श्री हरशरणजीत सिंह, मंडी बोर्ड के डिप्टी जनरल मैनेजर मंडी बोर्ड गुरभजन सिंह औलख, जिला मंडी अफसर श्रीमती भजन कौर, पनसप के डी.एम. प्रवीण जैन, वेयरहाऊस के डी.एम. केवल कृष्ण, मार्कफैड के डी.एम. विनोद कुमार, एफ.सी.आई. के डी.एम. अकाश कुमार, डी.डी.एम.ओ. मंडी बोर्ड जसपाल सिंह घुम्मण आदि उपस्थित रहे। |
Jamshedpur (Sunil Pandey) : इंटक से संबंद्ध कन्वाई चालकों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ज्ञानसागर प्रसाद के नेतृत्व में धालभूम एसडीएम पीयूष सिंहा से मिला. सभी ने एसडीएम को बताया कि ऑल इंडिया कन्वाई वर्कर्स यूनियन का निबंधन (संख्या-1523) श्रमायुक्त सह रजिस्ट्रार के द्वारा रद्द कर दिया गया. लेकिन उक्त यूनियन से जुड़े पदाधिकारी कन्वाई चालकों की बुकिंग में हस्तक्षेप करते हैं. यहां तक की विरोध करने वालों को जान से मारने की धमकी देते हैं. ज्ञानसागर प्रसाद ने बताया कि निबंधन रद्द यूनियन के कथित महामंत्री अमरजीत सिंह बाटे, जयनारायण सिंह समेत अन्य नेता माइक से अनाउंस करते हुए धमकाते हैं.
ज्ञानसागर प्रसाद ने बताया कि उन्होंने एसडीएम को पूरे मामले से जुड़े कागजात उपलब्ध करा दिया है. एसडीएम ने निबंधन रद्द होने से संबंधित कागजात की मांग की. जिसे जल्द मुहैया करा दिया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष बलदेव सिंह, महामंत्री बिनोद कुमार सिंह, उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह समेत अन्य कन्वाई चालक शामिल हुए. इससे पहले कन्वाई चालकों ने उपायुक्त, सिटी एसपी, डीएसपी, टेल्को थाना प्रभारी को शिकायत की प्रतिलिपि सौंपी.
| Jamshedpur : इंटक से संबंद्ध कन्वाई चालकों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ज्ञानसागर प्रसाद के नेतृत्व में धालभूम एसडीएम पीयूष सिंहा से मिला. सभी ने एसडीएम को बताया कि ऑल इंडिया कन्वाई वर्कर्स यूनियन का निबंधन श्रमायुक्त सह रजिस्ट्रार के द्वारा रद्द कर दिया गया. लेकिन उक्त यूनियन से जुड़े पदाधिकारी कन्वाई चालकों की बुकिंग में हस्तक्षेप करते हैं. यहां तक की विरोध करने वालों को जान से मारने की धमकी देते हैं. ज्ञानसागर प्रसाद ने बताया कि निबंधन रद्द यूनियन के कथित महामंत्री अमरजीत सिंह बाटे, जयनारायण सिंह समेत अन्य नेता माइक से अनाउंस करते हुए धमकाते हैं. ज्ञानसागर प्रसाद ने बताया कि उन्होंने एसडीएम को पूरे मामले से जुड़े कागजात उपलब्ध करा दिया है. एसडीएम ने निबंधन रद्द होने से संबंधित कागजात की मांग की. जिसे जल्द मुहैया करा दिया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष बलदेव सिंह, महामंत्री बिनोद कुमार सिंह, उपाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह समेत अन्य कन्वाई चालक शामिल हुए. इससे पहले कन्वाई चालकों ने उपायुक्त, सिटी एसपी, डीएसपी, टेल्को थाना प्रभारी को शिकायत की प्रतिलिपि सौंपी. |
मीरजापुर ( आशीष तिवारी ) स्थानीय थाना क्षेत्र के रतेह चैराहा के पास मोटर साईकिल और मोटर साईकिल की आमने-सामने की भिड़न्त में दोे बालक घायल हो गयेे। आलोक 12 वर्ष व मनेन्द्र 10 वर्ष गम्भीर रूप से घायल प्राप्त जानकारी के अनुसार रामलाल वर्मा निवासी मुंडेल अपनी मोटर साईकिल से रतेह चैराहा पहुॅचा था की सुनील मिश्र 20 वर्ष निवासी बरेज आलोक 12 वर्ष व मुनेन्द्र्र 10 वर्ष मोटर साईकिल से कही जा रहा था। कि जैसे वही वह रतेेह चैराहा के पास पहुंचा की आमने-सामने सीधी टक्कर हो गयी। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हे घायलावस्था में उपचार के लिए भेजा गया। थे।
| मीरजापुर स्थानीय थाना क्षेत्र के रतेह चैराहा के पास मोटर साईकिल और मोटर साईकिल की आमने-सामने की भिड़न्त में दोे बालक घायल हो गयेे। आलोक बारह वर्ष व मनेन्द्र दस वर्ष गम्भीर रूप से घायल प्राप्त जानकारी के अनुसार रामलाल वर्मा निवासी मुंडेल अपनी मोटर साईकिल से रतेह चैराहा पहुॅचा था की सुनील मिश्र बीस वर्ष निवासी बरेज आलोक बारह वर्ष व मुनेन्द्र्र दस वर्ष मोटर साईकिल से कही जा रहा था। कि जैसे वही वह रतेेह चैराहा के पास पहुंचा की आमने-सामने सीधी टक्कर हो गयी। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हे घायलावस्था में उपचार के लिए भेजा गया। थे। |
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने कहा है कि इस्राईल को दुनिया से मिटाने की बात सपना नहीं, हक़ीक़त है।
"फ़िलिस्तीन विजयी होगा" शीर्षक के अंतर्गत आयोजित होने वाली एक काॅन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि जब हम इस अवैध क़ब्ज़ा करने वाली व ग़ैर क़ानूनी सरकार, कैंसर के फोड़े और असली दुश्मन को दुनिया से मिटा देने की बात करते हैं तो यह कोई कल्पना, अभिलाषा और सपना नहीं है क्योंकि हम झूठी बातों पर भरोसा नहीं करते।
उनका कहना था कि जब हम यह कहते हैं कि बैतुल मुक़द्दस क़रीब आ गया है तो वह सच में क़रीब आ गया है और "बैतुल मुक़द्दस की तलवार" अभियान ने बैतुल मुक़द्दस को पहले से ज़्यादा हमसे क़रीब कर दिया है। हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने कहा कि हो सकता है कि दुनिया में बहुत से लोगों को इस्राईल के अंत की बात बुरी लगे लेकिन हम बढ़ा-चढ़ा कर नहीं बोलते बल्कि सच्ची आशाओं की बात करते हैं।
सैयद हसन नसरुल्लाह ने ज़ोर देकर कहा कि इस्राईल से मुक़ाबले को अमरीका के वर्चस्ववाद के ख़िलाफ़ संघर्ष से अलग नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमरीकी वर्चस्ववाद ने क्षेत्र की सभी संभावनाओं को इस्राईल की झोली में डाल दिया है और ज़ायोनी शासन का अस्तित्व अमरीका के समर्थन से जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि अमरीकी, वर्चस्ववाद पूरे इलाक़े की जनता ख़ास तौर से इराक़ व सीरिया के लोगों के लिए ख़तरा बना हुआ है, जबकि हर राष्ट्र को अमरीकी हस्तक्षेप के बिना, अपने भविष्य के निर्धारण का हक़ है।
लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने अमरीका को लेबनान के वर्तमान संकट का असली ज़िम्मेदार बताते हुए कहा कि वाॅशिंग्टन अन्य देशों को लेबनान की मदद करने से रोक रहा है और प्रतिबंधों व रुकावटों के माध्यम से जनता को हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ भड़काने की कोशिश कर रहा है। सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि लेबनान की आर्थिक समस्याएं, इस देश की साहसी जनता के हाथों हल होंगी और सरकार के गठन की निर्णायक घड़ी आने ही वाली है। (HN)
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| लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने कहा है कि इस्राईल को दुनिया से मिटाने की बात सपना नहीं, हक़ीक़त है। "फ़िलिस्तीन विजयी होगा" शीर्षक के अंतर्गत आयोजित होने वाली एक काॅन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि जब हम इस अवैध क़ब्ज़ा करने वाली व ग़ैर क़ानूनी सरकार, कैंसर के फोड़े और असली दुश्मन को दुनिया से मिटा देने की बात करते हैं तो यह कोई कल्पना, अभिलाषा और सपना नहीं है क्योंकि हम झूठी बातों पर भरोसा नहीं करते। उनका कहना था कि जब हम यह कहते हैं कि बैतुल मुक़द्दस क़रीब आ गया है तो वह सच में क़रीब आ गया है और "बैतुल मुक़द्दस की तलवार" अभियान ने बैतुल मुक़द्दस को पहले से ज़्यादा हमसे क़रीब कर दिया है। हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने कहा कि हो सकता है कि दुनिया में बहुत से लोगों को इस्राईल के अंत की बात बुरी लगे लेकिन हम बढ़ा-चढ़ा कर नहीं बोलते बल्कि सच्ची आशाओं की बात करते हैं। सैयद हसन नसरुल्लाह ने ज़ोर देकर कहा कि इस्राईल से मुक़ाबले को अमरीका के वर्चस्ववाद के ख़िलाफ़ संघर्ष से अलग नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमरीकी वर्चस्ववाद ने क्षेत्र की सभी संभावनाओं को इस्राईल की झोली में डाल दिया है और ज़ायोनी शासन का अस्तित्व अमरीका के समर्थन से जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि अमरीकी, वर्चस्ववाद पूरे इलाक़े की जनता ख़ास तौर से इराक़ व सीरिया के लोगों के लिए ख़तरा बना हुआ है, जबकि हर राष्ट्र को अमरीकी हस्तक्षेप के बिना, अपने भविष्य के निर्धारण का हक़ है। लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने अमरीका को लेबनान के वर्तमान संकट का असली ज़िम्मेदार बताते हुए कहा कि वाॅशिंग्टन अन्य देशों को लेबनान की मदद करने से रोक रहा है और प्रतिबंधों व रुकावटों के माध्यम से जनता को हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ भड़काने की कोशिश कर रहा है। सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि लेबनान की आर्थिक समस्याएं, इस देश की साहसी जनता के हाथों हल होंगी और सरकार के गठन की निर्णायक घड़ी आने ही वाली है। हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए! |
बीजेपी में शामिल होने वाले इन लोगों में दलित समाज, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक समाज तथा सामान्य वर्ग के लोग भी शामिल हैं, जो अब तक बहुजन समाज पार्टी के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने भाजपा में शामिल होकर भाजपा प्रत्याशियों के लिए काम करने का मंतव्य दोहराया। हरिद्वार में त्रिस्तरीय चुनाव पंचायत के चुनाव घोषित हो गए हैं। इसमें सभी दलों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। ऐसे में लगातार भाजपा में लोगों के शामिल होने से पार्टी में उत्साह है। साथ ही विश्वास है कि भाजपा पंचायत चुनाव भारी बहुमत से जीतेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बुधवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रह चुके चौधरी रविंद्र सिंह पनियाला ने अपने साथियों के साथ भाजपा की सदस्यता ली और भाजपा को जिताने की घोषणा की। उनके साथ ही लोकेन्द्र सिंह पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा समेत तमाम ब्लाक प्रमुख, बीडीसी मेम्बर, प्रधान तथा अन्य लोग भी शामिल हुए हैं। लोकेन्द्र सिंह चुड़ियाला के साथ भी काफी युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाजपा ही एक ऐसा संगठन है जो सबको साथ लेकर चलने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरा विश्व उनके साथ जुड़ रहे हैं। इसका कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तित्व और कृतित्व है। लगातार जनता के लिए कार्य करने की शैली तथा जन कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से वह लोगों का दिल जीत रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड पर प्रधानमंत्री की विशेष अनुकंपा है। उन्होंने इस अवसर पर शामिल होने वाले लोगों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि केन्द्र, राज्य के साथ पंचायत व निकायों में भाजपा की सरकार लाएं ताकि सरकार तेजी से कार्य कर सके। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि हमें हर पंचायत स्तर तक कमल स्थापित करना है। इसका भाजपा का हर वर्ग, हर पंथ के साथ काम करना है। उन्होंने सेवा सुशासन और गरीब कल्याण की भी चर्चा की तथा कोरोना काल में किये गये कार्यों की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में महामारी का डर लोगों को सता रहा था, लेकिन केन्द्र सरकार ने टीका विकसित करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहित कर लोगों के लिए सर्व सुलभ टीके का प्रबंधन किया। यही भाजपा का सर्व समाज के लिए काम करने का तरीका है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने कहा कि भाजपा ही एक ऐसा संगठन है जो जन कल्याणकारी कार्यों के लिए समर्पित रहता है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि देश प्रदेश के बाद अब हमें पंचायतों व निकायों में भी अपना वर्चस्व कायम करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा परिवार बहुत बड़ा परिवार है और हमारे परिवार में लगातार लोग शामिल हो रहे हैं जो इस बात का संकेत है कि हमारा परिवार अब और बड़ा हो रहा है। उन्होंने सबसे मिलजुलकर कार्य करने का आग्रह किया तथा कहा कि बड़े परिवार के लोग आपस में मिलकर काम करेंगे तो संगठन को और ऊंचाइयां मिलेगी। उन्होंने केन्द्र की शिक्षा, स्वास्थ्य समेत तमाम कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा की तथा कहा कि हर वर्ग हर समाज का कल्याण ही हमारा मूल उद्देश्य है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने चौधरी रविंद्र सिंह पनियाला तथा लोकेन्द्र सिंह चूड़ियाला के भाजपा में आने पर उनका स्वागत किया तथा कहा कि चौधरी उनियाल तथा लोकेन्द्र सिंह चूड़ियाला के भाजपा मे आने से भाजपा का प्रभाव और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इन दोनों नेताओं व उनके सैकड़ों सहयोगियों के आने से संगठन तो मजबूत होगा ही हम हर क्षेत्र में प्रगति करेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके उनकी नीतियों से स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल कॉलेज, शिक्षा, सड़कों के क्षेत्र में प्रदेश प्रगति के पथ पर आगे बड़ा है । उन्होंने कहा कि हरिद्वार से देहरादून आने में पहले तीन घंटे लगते थे लेकिन अब 45 मिनट में देहरादून पहुंच रहे हैं। ठीक यही स्थिति पूरे देश की है। उन्होंने कहा कि आज देहरादून से दिल्ली की दूरी कम हो गई है। यह विकास के नये मानकों का ही प्रमाण है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस अवसर पर भाजपा में शामिल होने वालों में चौधरी रविंद्र सिंह पनियाल, लोकेन्द्र सिंह, तेलू राम, विजेन्द्र सिंह, राशिद अली, धर्मपाल आदि थे। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष देशराज कर्णवाल, प्रदेश महामंत्री खिलेन्द्र चौधरी, राजेन्द्र बिष्ट, कार्यालय सचिव कौस्तुभानंद जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, प्रदेश प्रवक्ता विनोद सुयाल, विनय गोयल, हरिद्वार जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल समेत भारी संख्या में लोग उपस्थित थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को विभिन्न सेवा कार्यक्रमों का आयोजन कर 'सेवा पखवाड़ा' के रूप में मनाने जा रही है । राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड़ड़ा के निर्देशों व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के मार्गदर्शन में मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 2 अक्तूबर तक मनाए जाने वाले इस पखवाड़े में प्रदर्शनी, रक्तदान शिविर, निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, कोविड टीकाकरण केन्द्रों पर स्टाल जैसे अनेकों कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के संकल्प को जन जन तक पहुंचाया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पार्टी प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने जानकारी दी कि केंद्रीय नेत्रत्व के निर्देशों पर प्रदेश संगठन विगत वर्षों की भांति प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन पर उनकी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों में परिलक्षित सेवा व गरीब कल्याण की भावना में जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष भी सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम बड़े पैमाने पर मनाने जा रहा है । उन्होने बताया कि "सेवा पखवाड़ा-17 सितंबर से 2 अक्तूबर 2022" को विभिन्न सेवा व जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा, जिसके तहत मोदी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर जिला स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जो नमो एप पर डिजिटल प्रारूप में भी मौजूद रहेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसी प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री के जनकल्याणकारी कार्यों व प्रशासनिक कार्यों पर आधारित मोदी@सपने हुए साकार व इसी तरह की अन्य पुस्तकों के स्टाल लगाए जाएंगे। युवा मोर्चा की ओर से रक्तदान शिविर व निशुल्क स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया जाएगा। मोदी प्रेरणा से प्रदेश को 2024 तक टीबी मुक्त करने के लिए मण्डल व वार्ड स्तर पर टीबी रोगियों को गोद लेकर एक वर्ष तक उनके भरण-पोषण सुनिश्चित करने की व्यवस्थता की जाएगी। कोविड टीकाकरण की ऐतिहासिक सफलता के मद्देनजर इनके केन्द्रों पर सेवा स्टॉल लगाकर व अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने के कार्य किए जाएंगे। सभी बूथों पर लाइफ प्रो-नेट पीपल कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि दो दिन मण्डल स्तर पर स्वच्छता अभियान के तहत पहले दिन सार्वजनिक स्थल व दूसरे दिन निर्माणाधीन अमृत सरोवर पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मण्डल स्तर पर जल जीवन मिशन के तहत घर-घर संवाद से जल संरक्षण की जानकारी साझा की जाएगी। जिला स्तर पर विविधता में एकता महोत्सव के तहत 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का संदेश समाज को दिया जाएगा। जिले स्तर पर आत्मनिर्भर अभियान की सफलता की कहानी लोकल फॉर वोकल के माध्यम से समाज तक पहुंचाई जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में प्रधानमंत्री जी के विजन, नीतियों व व्यक्तित्व आधारित चर्चा के लिए प्रबुद्धजन एवं बुद्धिजीवी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों को बेहतर व प्रतियोग्यात्मक करने के उद्देश्य से इनके विडियो व जानकारी को सोशल मीडिया व नमो एप पर भी साझा किया जाएगा। इसमें से देश के 10 व प्रदेश के 3 श्रेष्ठ जिलों को कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वहन के लिए सम्मानित भी किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मनवीर चौहान ने बताया कि उपरोक्त सभी कार्यक्रमों के अतिरिक्त प्रमुखता से 25 सितंबर पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके व्यक्तित्व पर चर्चा आधारित कार्यक्रम बूथ स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही साथ 2 अक्तूबर गांधी जयंती व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर सभी कार्यकर्ता स्वदेशी, खादी, स्वलम्बन, सादगी व स्वच्छता पर जागरूकता अभियान चलाएंगे। इन सभी कार्यक्रमों में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी शामिल होकर रचनात्मक सहयोग प्रदान करेंगे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इन कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वहन के लिए प्रदेश स्तर पर प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया है। इसमें अन्य सदस्य के तौर पर प्रदेश उपाध्यक्ष नीरू देवी, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरि, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत शामिल हैं।
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।
| बीजेपी में शामिल होने वाले इन लोगों में दलित समाज, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक समाज तथा सामान्य वर्ग के लोग भी शामिल हैं, जो अब तक बहुजन समाज पार्टी के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने भाजपा में शामिल होकर भाजपा प्रत्याशियों के लिए काम करने का मंतव्य दोहराया। हरिद्वार में त्रिस्तरीय चुनाव पंचायत के चुनाव घोषित हो गए हैं। इसमें सभी दलों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। ऐसे में लगातार भाजपा में लोगों के शामिल होने से पार्टी में उत्साह है। साथ ही विश्वास है कि भाजपा पंचायत चुनाव भारी बहुमत से जीतेगी। बुधवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष रह चुके चौधरी रविंद्र सिंह पनियाला ने अपने साथियों के साथ भाजपा की सदस्यता ली और भाजपा को जिताने की घोषणा की। उनके साथ ही लोकेन्द्र सिंह पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा समेत तमाम ब्लाक प्रमुख, बीडीसी मेम्बर, प्रधान तथा अन्य लोग भी शामिल हुए हैं। लोकेन्द्र सिंह चुड़ियाला के साथ भी काफी युवाओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भाजपा ही एक ऐसा संगठन है जो सबको साथ लेकर चलने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज पूरा विश्व उनके साथ जुड़ रहे हैं। इसका कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तित्व और कृतित्व है। लगातार जनता के लिए कार्य करने की शैली तथा जन कल्याणकारी नीतियों के माध्यम से वह लोगों का दिल जीत रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड पर प्रधानमंत्री की विशेष अनुकंपा है। उन्होंने इस अवसर पर शामिल होने वाले लोगों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि केन्द्र, राज्य के साथ पंचायत व निकायों में भाजपा की सरकार लाएं ताकि सरकार तेजी से कार्य कर सके। उन्होंने कहा कि हमें हर पंचायत स्तर तक कमल स्थापित करना है। इसका भाजपा का हर वर्ग, हर पंथ के साथ काम करना है। उन्होंने सेवा सुशासन और गरीब कल्याण की भी चर्चा की तथा कोरोना काल में किये गये कार्यों की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में महामारी का डर लोगों को सता रहा था, लेकिन केन्द्र सरकार ने टीका विकसित करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहित कर लोगों के लिए सर्व सुलभ टीके का प्रबंधन किया। यही भाजपा का सर्व समाज के लिए काम करने का तरीका है। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट ने कहा कि भाजपा ही एक ऐसा संगठन है जो जन कल्याणकारी कार्यों के लिए समर्पित रहता है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि देश प्रदेश के बाद अब हमें पंचायतों व निकायों में भी अपना वर्चस्व कायम करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा परिवार बहुत बड़ा परिवार है और हमारे परिवार में लगातार लोग शामिल हो रहे हैं जो इस बात का संकेत है कि हमारा परिवार अब और बड़ा हो रहा है। उन्होंने सबसे मिलजुलकर कार्य करने का आग्रह किया तथा कहा कि बड़े परिवार के लोग आपस में मिलकर काम करेंगे तो संगठन को और ऊंचाइयां मिलेगी। उन्होंने केन्द्र की शिक्षा, स्वास्थ्य समेत तमाम कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा की तथा कहा कि हर वर्ग हर समाज का कल्याण ही हमारा मूल उद्देश्य है। हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने चौधरी रविंद्र सिंह पनियाला तथा लोकेन्द्र सिंह चूड़ियाला के भाजपा में आने पर उनका स्वागत किया तथा कहा कि चौधरी उनियाल तथा लोकेन्द्र सिंह चूड़ियाला के भाजपा मे आने से भाजपा का प्रभाव और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इन दोनों नेताओं व उनके सैकड़ों सहयोगियों के आने से संगठन तो मजबूत होगा ही हम हर क्षेत्र में प्रगति करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके उनकी नीतियों से स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल कॉलेज, शिक्षा, सड़कों के क्षेत्र में प्रदेश प्रगति के पथ पर आगे बड़ा है । उन्होंने कहा कि हरिद्वार से देहरादून आने में पहले तीन घंटे लगते थे लेकिन अब पैंतालीस मिनट में देहरादून पहुंच रहे हैं। ठीक यही स्थिति पूरे देश की है। उन्होंने कहा कि आज देहरादून से दिल्ली की दूरी कम हो गई है। यह विकास के नये मानकों का ही प्रमाण है। इस अवसर पर भाजपा में शामिल होने वालों में चौधरी रविंद्र सिंह पनियाल, लोकेन्द्र सिंह, तेलू राम, विजेन्द्र सिंह, राशिद अली, धर्मपाल आदि थे। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष देशराज कर्णवाल, प्रदेश महामंत्री खिलेन्द्र चौधरी, राजेन्द्र बिष्ट, कार्यालय सचिव कौस्तुभानंद जोशी, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, प्रदेश प्रवक्ता विनोद सुयाल, विनय गोयल, हरिद्वार जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल समेत भारी संख्या में लोग उपस्थित थे। भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को विभिन्न सेवा कार्यक्रमों का आयोजन कर 'सेवा पखवाड़ा' के रूप में मनाने जा रही है । राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड़ड़ा के निर्देशों व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के मार्गदर्शन में मोदी के जन्मदिवस सत्रह सितंबर से दो अक्तूबर तक मनाए जाने वाले इस पखवाड़े में प्रदर्शनी, रक्तदान शिविर, निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, कोविड टीकाकरण केन्द्रों पर स्टाल जैसे अनेकों कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के संकल्प को जन जन तक पहुंचाया जाएगा। पार्टी प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने जानकारी दी कि केंद्रीय नेत्रत्व के निर्देशों पर प्रदेश संगठन विगत वर्षों की भांति प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन पर उनकी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों में परिलक्षित सेवा व गरीब कल्याण की भावना में जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष भी सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम बड़े पैमाने पर मनाने जा रहा है । उन्होने बताया कि "सेवा पखवाड़ा-सत्रह सितंबर से दो अक्तूबर दो हज़ार बाईस" को विभिन्न सेवा व जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा, जिसके तहत मोदी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर जिला स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जो नमो एप पर डिजिटल प्रारूप में भी मौजूद रहेगी। इसी प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री के जनकल्याणकारी कार्यों व प्रशासनिक कार्यों पर आधारित मोदी@सपने हुए साकार व इसी तरह की अन्य पुस्तकों के स्टाल लगाए जाएंगे। युवा मोर्चा की ओर से रक्तदान शिविर व निशुल्क स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया जाएगा। मोदी प्रेरणा से प्रदेश को दो हज़ार चौबीस तक टीबी मुक्त करने के लिए मण्डल व वार्ड स्तर पर टीबी रोगियों को गोद लेकर एक वर्ष तक उनके भरण-पोषण सुनिश्चित करने की व्यवस्थता की जाएगी। कोविड टीकाकरण की ऐतिहासिक सफलता के मद्देनजर इनके केन्द्रों पर सेवा स्टॉल लगाकर व अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करने के कार्य किए जाएंगे। सभी बूथों पर लाइफ प्रो-नेट पीपल कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। उन्होंने बताया कि दो दिन मण्डल स्तर पर स्वच्छता अभियान के तहत पहले दिन सार्वजनिक स्थल व दूसरे दिन निर्माणाधीन अमृत सरोवर पर स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मण्डल स्तर पर जल जीवन मिशन के तहत घर-घर संवाद से जल संरक्षण की जानकारी साझा की जाएगी। जिला स्तर पर विविधता में एकता महोत्सव के तहत 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का संदेश समाज को दिया जाएगा। जिले स्तर पर आत्मनिर्भर अभियान की सफलता की कहानी लोकल फॉर वोकल के माध्यम से समाज तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में प्रधानमंत्री जी के विजन, नीतियों व व्यक्तित्व आधारित चर्चा के लिए प्रबुद्धजन एवं बुद्धिजीवी सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों को बेहतर व प्रतियोग्यात्मक करने के उद्देश्य से इनके विडियो व जानकारी को सोशल मीडिया व नमो एप पर भी साझा किया जाएगा। इसमें से देश के दस व प्रदेश के तीन श्रेष्ठ जिलों को कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वहन के लिए सम्मानित भी किया जाएगा। मनवीर चौहान ने बताया कि उपरोक्त सभी कार्यक्रमों के अतिरिक्त प्रमुखता से पच्चीस सितंबर पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके व्यक्तित्व पर चर्चा आधारित कार्यक्रम बूथ स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही साथ दो अक्तूबर गांधी जयंती व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर सभी कार्यकर्ता स्वदेशी, खादी, स्वलम्बन, सादगी व स्वच्छता पर जागरूकता अभियान चलाएंगे। इन सभी कार्यक्रमों में पार्टी के सभी सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी शामिल होकर रचनात्मक सहयोग प्रदान करेंगे। इन कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वहन के लिए प्रदेश स्तर पर प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया है। इसमें अन्य सदस्य के तौर पर प्रदेश उपाध्यक्ष नीरू देवी, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश गिरि, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक रावत शामिल हैं। लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं। भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड। |
कभी कभी आँखों के सामने ऐसे ऐसे कारनामे सामने आ जाते हैं जो हैरान कर जाते हैं। ऐसे ही कुछ हाल ही में भी हुआ है। जी दरअसल हम बात कर रहे हैं पांच करोड़ 50 लाख साल पुराने नामीब रेगिस्तान की जो दुनिया का सबसे पुराना रेगिस्तान माना जाता है। जी हाँ, दरअसल सहारा रेगिस्तान सिर्फ 20 से 70 लाख साल पहले का है और गर्मियों में यहां तापमान अक्सर 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और रातें इतनी ठंडी होती हैं कि बर्फ जम जाए।
वहीं बात करें नामीब रेगिस्तान की तो यह दक्षिणी अंगोला से नामीबिया होते हुए 2,000 किलोमीटर दूर दक्षिण अफ्रीका के उत्तरी हिस्से तक फैला है। आप सभी को बता दें कि नामीब रेगिस्तान के सबसे सूखे हिस्सों में साल में औसतन सिर्फ दो मिलीमीटर बारिश होती है और कई साल बिल्कुल बारिश नहीं होती लेकिन फिर भी ओरिक्स, स्प्रिंगबॉक (दोनों हिरण की प्रजातियां), चीता, लकड़बग्घा, शुतुरमुर्ग और जेब्रा ने यहां की कठोर परिस्थितियों में खुद को ढाल लिया है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि ईश्वर ने इस क्षेत्र को गुस्से में बनाया है। उनके अनुसार वहां परियों के छल्ले हैं।
जी दरअसल साल 2014 में पर्यावरण वैज्ञानिक ब्रॉनविन बेल ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पिलबारा क्षेत्र में भी ऐसे ही घेरे ढूंढे और इन शानदार आकृतियों से हैरान होकर बेल ने जर्मनी के पारिस्थितिकी वैज्ञानिक विशेषज्ञ स्टीफन गेट्जिन से संपर्क किया और अपनी खोज शेयर की। उसके बाद स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने कहा उन्हें इन आकृतियों के बारे में बहुत पहले से पता था और स्थानीय हिम्बा लोगों का विश्वास है कि इन्हें आ त्माओं ने बनाया है और ये उनके देवता मुकुरू के पैरों के निशान हैं। कुछ शोध बताते हैं कि ये घेरे दीमक के कारण बने हैं, जो जमीन से पानी और पोषक तत्वों को तलाशते रहते हैं। वहीं पौधे की जड़ों को खाकर वे जमीन के नीचे खाली जगह बना देते हैं, जिससे बारिश के पानी को धरती के अंदर तक पहुंचने में आसानी होती है। वहीं कई लोग इसके रहस्य से अनजान है और इसे रहस्य ही मानते हैं।
| कभी कभी आँखों के सामने ऐसे ऐसे कारनामे सामने आ जाते हैं जो हैरान कर जाते हैं। ऐसे ही कुछ हाल ही में भी हुआ है। जी दरअसल हम बात कर रहे हैं पांच करोड़ पचास लाख साल पुराने नामीब रेगिस्तान की जो दुनिया का सबसे पुराना रेगिस्तान माना जाता है। जी हाँ, दरअसल सहारा रेगिस्तान सिर्फ बीस से सत्तर लाख साल पहले का है और गर्मियों में यहां तापमान अक्सर पैंतालीस डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और रातें इतनी ठंडी होती हैं कि बर्फ जम जाए। वहीं बात करें नामीब रेगिस्तान की तो यह दक्षिणी अंगोला से नामीबिया होते हुए दो,शून्य किलोग्राममीटर दूर दक्षिण अफ्रीका के उत्तरी हिस्से तक फैला है। आप सभी को बता दें कि नामीब रेगिस्तान के सबसे सूखे हिस्सों में साल में औसतन सिर्फ दो मिलीमीटर बारिश होती है और कई साल बिल्कुल बारिश नहीं होती लेकिन फिर भी ओरिक्स, स्प्रिंगबॉक , चीता, लकड़बग्घा, शुतुरमुर्ग और जेब्रा ने यहां की कठोर परिस्थितियों में खुद को ढाल लिया है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि ईश्वर ने इस क्षेत्र को गुस्से में बनाया है। उनके अनुसार वहां परियों के छल्ले हैं। जी दरअसल साल दो हज़ार चौदह में पर्यावरण वैज्ञानिक ब्रॉनविन बेल ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के पिलबारा क्षेत्र में भी ऐसे ही घेरे ढूंढे और इन शानदार आकृतियों से हैरान होकर बेल ने जर्मनी के पारिस्थितिकी वैज्ञानिक विशेषज्ञ स्टीफन गेट्जिन से संपर्क किया और अपनी खोज शेयर की। उसके बाद स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने कहा उन्हें इन आकृतियों के बारे में बहुत पहले से पता था और स्थानीय हिम्बा लोगों का विश्वास है कि इन्हें आ त्माओं ने बनाया है और ये उनके देवता मुकुरू के पैरों के निशान हैं। कुछ शोध बताते हैं कि ये घेरे दीमक के कारण बने हैं, जो जमीन से पानी और पोषक तत्वों को तलाशते रहते हैं। वहीं पौधे की जड़ों को खाकर वे जमीन के नीचे खाली जगह बना देते हैं, जिससे बारिश के पानी को धरती के अंदर तक पहुंचने में आसानी होती है। वहीं कई लोग इसके रहस्य से अनजान है और इसे रहस्य ही मानते हैं। |
फरहान अख्तर और रितेश सिद्धवानी की फिल्म निर्माण कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि वे अपनी आगामी फिल्म 'फोन भूत' पर एक विशेष कामिक श्रृंखला के लिए डायमंड टून्स के साथ साझेदारी कर रहे हैं। यह हास्य फिल्म भूत भगाने का दावा करने वाले दो किरदारों पर केंद्रित है जो एक शैतान से मुकाबले के लिए एक भूत के साथ ही मिल जाते हैं।
फिल्म निर्माताओं के साथ साझेदारी के तहत डायमंड टून्स एक कामिक जारी करेंगे जिसमें 'फोन भूत' के तीन प्रमुख पात्रों का चित्रण चाचा चौधरी और साबू के साथ किया जाएगा। डायमंड टून्स के निदेशक मनीष वर्मा ने कहा कि वे 'चाचा चौधरी और फोन भूत' के विशेष अंक के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ साझेदारी करके प्रसन्न हैं। प्राण फीचर्स के निखिल प्राण ने कहा कि वे 'चाचा चौधरी और फोन भूत' के प्रकाशन को लेकर उत्साहित हैं। 'फोन भूत' चार नवंबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।
अभिनेता आयुष शर्मा ने अपने जन्मदिन पर फिल्म की घोषणा की। जिसे उन्होंने एक 'एक्शन-थ्रिलर' फिल्म बताया। इस फिल्म का अभी कोई नाम नहीं रखा गया है जिसका निर्देशन कात्यायन शिवपुरी करेंगे जो अपनी लघु फिल्म जैसे कि 'मुर्गा' और 'हंगर' के लिए जाने जाते हैं। फिल्म के निर्माता के के राधामोहन हैं। शर्मा इससे पहले 'एक्शन ड्रामा' फिल्म 'अंतिमः द फाइनल ट्रुथ' में दिखे थे।
अभिनेता ने अपने जन्मदिन के अवसर पर आगामी फिल्म का टीजर अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर जारी किया। अभिनेता ने टीजर के साथ लिखा, 'बर्थडे पर कुछ थ्रिल तो बनता है। आप सबका प्यार ही है मेरी पहचान। आपकी दुआओं के लिए आप सभी को शुक्रिया। अपनी चौथी फिल्म पेश कर रहा हूं। ' मीडिया में जारी बयान में शर्मा ने कहा कि आगामी फिल्म में वह एक नए अवतार में दिखेंगे। अगस्त में अभिनेता ने अपनी तीसरी फिल्म की घोषणा की थी जो एक 'पौराणिक पृष्ठभूमि पर आधारित आधुनिक एक्शन रोमांच से भरपूर' फिल्म है।
अभिनेता विजय की तमिल फिल्म वारिसू अगले साल मकर संक्रांति के मौके पर प्रदर्शित होगी। वामशी पैडीपल्ली द्वारा निर्देशित इस फिल्म का तेलुगू नाम वारासुदू है। दिल राजू और शिरीष ने अपने प्रोडक्शन हाउस श्रीवेंकटेश्वर क्रिएशंस के बैनर तले इस फिल्म का निर्माण किया है। दिवाली पर फिल्म के निमार्ताओं की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि संक्रांति तेलुगू भाषियों और तमिलनाडु के लिए सबसे बड़ा महोत्सव है।
लिहाजा निर्माता इस सीजन का लाभ उठाने को लेकर उत्सुक हैं। पैडीपल्ली ने हरि और अशीषोर सोलोमन के साथ फिल्म की पटकथा लिखी है। फिल्म की शूटिंग अंतिम चरण में है। इसमें रश्मिका मंदना, प्रभु, सरथ कुमार, प्रकाश राज, जयसुधा, श्रीकांत, योगी बाबू, संगीता और संयुक्ता ने भी अभिनय किया है।
क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी का फिल्म प्रोडक्शन हाउस तमिल फिल्म जगत में उतरने की तैयारी में है। एक विज्ञप्ति के मुताबिक, धोनी एंटरटेनमेंट तमिल भाषा में पहली फिल्म बनाएगा। फिल्म की अवधारणा साक्षी सिंह धोनी की है, जो प्रोडक्शन हाउस की प्रबंध निदेशक हैं। फिल्म का निर्देशन रमेश थामिलमणि करेंगे जो अथर्वा- द ओरिजिन के लेखक हैं।
फिल्म में काम करने वाले कलाकारों के नामों की जल्द घोषणा की जाएगी। विज्ञप्ति में थामिलमणि के हवाले से कहा गया है, मैंने साक्षी की लिखी अवधारणा पढ़ी। मुझे पता था कि यह खास है। अवधारणा नई है और इसमें एक मजेदार पारिवारिक मनोरंजक फिल्म बनने की पूरी क्षमता है।
| फरहान अख्तर और रितेश सिद्धवानी की फिल्म निर्माण कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि वे अपनी आगामी फिल्म 'फोन भूत' पर एक विशेष कामिक श्रृंखला के लिए डायमंड टून्स के साथ साझेदारी कर रहे हैं। यह हास्य फिल्म भूत भगाने का दावा करने वाले दो किरदारों पर केंद्रित है जो एक शैतान से मुकाबले के लिए एक भूत के साथ ही मिल जाते हैं। फिल्म निर्माताओं के साथ साझेदारी के तहत डायमंड टून्स एक कामिक जारी करेंगे जिसमें 'फोन भूत' के तीन प्रमुख पात्रों का चित्रण चाचा चौधरी और साबू के साथ किया जाएगा। डायमंड टून्स के निदेशक मनीष वर्मा ने कहा कि वे 'चाचा चौधरी और फोन भूत' के विशेष अंक के लिए एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ साझेदारी करके प्रसन्न हैं। प्राण फीचर्स के निखिल प्राण ने कहा कि वे 'चाचा चौधरी और फोन भूत' के प्रकाशन को लेकर उत्साहित हैं। 'फोन भूत' चार नवंबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। अभिनेता आयुष शर्मा ने अपने जन्मदिन पर फिल्म की घोषणा की। जिसे उन्होंने एक 'एक्शन-थ्रिलर' फिल्म बताया। इस फिल्म का अभी कोई नाम नहीं रखा गया है जिसका निर्देशन कात्यायन शिवपुरी करेंगे जो अपनी लघु फिल्म जैसे कि 'मुर्गा' और 'हंगर' के लिए जाने जाते हैं। फिल्म के निर्माता के के राधामोहन हैं। शर्मा इससे पहले 'एक्शन ड्रामा' फिल्म 'अंतिमः द फाइनल ट्रुथ' में दिखे थे। अभिनेता ने अपने जन्मदिन के अवसर पर आगामी फिल्म का टीजर अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर जारी किया। अभिनेता ने टीजर के साथ लिखा, 'बर्थडे पर कुछ थ्रिल तो बनता है। आप सबका प्यार ही है मेरी पहचान। आपकी दुआओं के लिए आप सभी को शुक्रिया। अपनी चौथी फिल्म पेश कर रहा हूं। ' मीडिया में जारी बयान में शर्मा ने कहा कि आगामी फिल्म में वह एक नए अवतार में दिखेंगे। अगस्त में अभिनेता ने अपनी तीसरी फिल्म की घोषणा की थी जो एक 'पौराणिक पृष्ठभूमि पर आधारित आधुनिक एक्शन रोमांच से भरपूर' फिल्म है। अभिनेता विजय की तमिल फिल्म वारिसू अगले साल मकर संक्रांति के मौके पर प्रदर्शित होगी। वामशी पैडीपल्ली द्वारा निर्देशित इस फिल्म का तेलुगू नाम वारासुदू है। दिल राजू और शिरीष ने अपने प्रोडक्शन हाउस श्रीवेंकटेश्वर क्रिएशंस के बैनर तले इस फिल्म का निर्माण किया है। दिवाली पर फिल्म के निमार्ताओं की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि संक्रांति तेलुगू भाषियों और तमिलनाडु के लिए सबसे बड़ा महोत्सव है। लिहाजा निर्माता इस सीजन का लाभ उठाने को लेकर उत्सुक हैं। पैडीपल्ली ने हरि और अशीषोर सोलोमन के साथ फिल्म की पटकथा लिखी है। फिल्म की शूटिंग अंतिम चरण में है। इसमें रश्मिका मंदना, प्रभु, सरथ कुमार, प्रकाश राज, जयसुधा, श्रीकांत, योगी बाबू, संगीता और संयुक्ता ने भी अभिनय किया है। क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी का फिल्म प्रोडक्शन हाउस तमिल फिल्म जगत में उतरने की तैयारी में है। एक विज्ञप्ति के मुताबिक, धोनी एंटरटेनमेंट तमिल भाषा में पहली फिल्म बनाएगा। फिल्म की अवधारणा साक्षी सिंह धोनी की है, जो प्रोडक्शन हाउस की प्रबंध निदेशक हैं। फिल्म का निर्देशन रमेश थामिलमणि करेंगे जो अथर्वा- द ओरिजिन के लेखक हैं। फिल्म में काम करने वाले कलाकारों के नामों की जल्द घोषणा की जाएगी। विज्ञप्ति में थामिलमणि के हवाले से कहा गया है, मैंने साक्षी की लिखी अवधारणा पढ़ी। मुझे पता था कि यह खास है। अवधारणा नई है और इसमें एक मजेदार पारिवारिक मनोरंजक फिल्म बनने की पूरी क्षमता है। |
रुस्तम- कीशी तो
ने हां में हां मिलाई ।
मुग़ान की कपास की खेती के ख़ुदा हैं !
'परती ज़मीन पर भी इनके हाथ लगते ही लिली
के फूल खिल उठते हैं...
सलमान बेकार ख़दा और लिलियों की बात कर रहा है, " रुस्तम ने ठण्डी सांस ली। लेकिन एक मामले में इसका कहना सही है । खराब ज़मीन नहीं होती, काश्तकार ख़राब होते हैं । मुग़ान की धरती हमसे कहती है : 'तू प्यार से मेरी संभाल करेगा तो मैं तुझे ऊंचा उठा दूंगी। और मेरी उपेक्षा करेगा, तो तुझे बरबाद कर दूंगी । तेरी लगन का मैं तुझे दस गुना ज़्यादा इनाम दूंगी, अगर आलस करेगा, तो फिर दोष अपने को ही देना' । बेशक 'नवजीवन' सामूहिक फ़ार्म की मिट्टी बेहतर और उपजाऊ है। लेकिन क्यों ? क्योंकि उसकी संभाल मुग़ान के तुम्हारे जैसे देशभक्त करते हैं, बेटो ।
उसने अपने पास खड़े युवकों को बांहों में भरा और सन्तोषपूर्वक कहकहे लगाता हुआ उन्हें दबोचने लगा :
"बुड्ढे में नौजवानों के पूरे झुण्ड से कहीं ज्यादा ताक़त है ! शेरज़ाद बिलकुल ट्रक की साइड के सहारे बैठा था, अध्यक्ष के हाथ उस तक नहीं पहुंच पाये । वह सोच में डूबा गरम-गरम नम भाप छोड़ रही ज़मीन को ताक रहा था और उसे लग रहा था कि मिट्टी से वैसी ही सौंधी खुशबू आ रही है, जैसी चूल्हे से निकाली गरम-गरम रोटी से ।
ट्रक बस्ती के निकट पहुंचता जा रहा था । अब तक पर्णविहीन बाग़ों से घिरे घर, डेरीफ़ार्म, वाटरटावर व शेड नज़र आने लगे । रास्ते में सामूहिक किसान लाल झण्डा लिये झुण्ड बनायें खड़े थे। उनके बीच में साधारण काला कोट व पोस्तीन की कनटोपी पहने दरमियाने क़द का दुबला-पतला कारा केरेमोगलू भी था। उसकी मुखमुद्रा ऐसी थी, मानो वह ग़लती से वहां आ गया हो और भीड़ में खो जाना चाहता हो । केवल उसकी घनी सफ़ेद भौंहों से लगभग पूरी ढकी आंखों में झांककर ही कोई जान सकता था कि वह कितना व्याकुल है ।
ट्रक रुका और मेहमान उल्लासपूर्ण आवाजों के साथ ज़मीन पर कूद गये । यारमामेद केबिन में से निकला और सब से ज़्यादा नीचे सिर झुकाकर सलाम करने लगा । सलमान ने कराह रहे रुस्तम की उतरने में मदद की, और तभी मालूम हुआ कि कारा केरेमोगल स्वागतकारियों में, जैसा कि अध्यक्ष के लिए उचित होता है, सब से आगे सम्मानित स्थान पर मौजूद था ।
साथ कहा ।
उसने सहृदय मुस्कान के
आपके क़दम हमारे लिए बरकती हों, प्यारे मेहमानो ! "
स्वागत है ! तशरीफ़ लाइये !
दोस्ताना "हुर्रा " की आवाजें गूंज उठीं ।
अध्यक्षों ने सबसे पहले तो एक दूसरे से हाथ मिलाये, फिर चुम्बनों का आदान-प्रदान किया । चुम्बन लेने का रिवाज मेहमानों व मेज़बानों दोनों को ही पसंद आया, और वे एक दूसरे को चूमने लगे । कोई लपककर गिजेतार के पास भी आ पहुंचा और उसने उसका आलिंगन कर उसके ठण्डे गुलाबी कपोल पर चुमकार लिया। फिर उसने अपने को दूसरे युवक के लिंग में पाया और वह यह देखकर आश्चर्यचकित रह गयी कि उसे नजफ़ चूम रहा है ।
उफ़, कितने चालाक हो ! घर पर जी भरके नहीं चूमा था ! हंस पड़ी और पति को धक्का दे दिया ।
कारा केरेमोगल ने अतिथियों को संस्कृति भवन चलने का निमंत्रण दिया, उनसे समय पर पुल की मरम्मत न करा पाने के लिए क्षमा याचना की, पर रुस्तम ने उसे तसल्ली दिलायी : मौसम बढ़िया है, थोड़ा टहलना लाभदायक होता है, फिर ऐसा तो होता ही रहता है । कोट के बटन
खोले, भेड़ की खाल की टोपी गुद्दी पर खिसकाये भारी-भरकम रुस्तम मेहमानों को घेरी हुई भीड़ के साथ ज़ोर-ज़ोर से मज़ाक़ करता, हंसता चल रहा था, जब कि उसके साथ चल रहा केरेमोगलू अगोचर लग रहा था । शेरज़ाद 'लाल झण्डा सामूहिक फ़ार्म के अपने परिचित युवकों से दोस्ताना अंदाज़ में दुआ-सलाम करके सामूहिक फ़ार्म की नयी बस्ती को ध्यानपूर्वक देखता एक ओर चल रहा था । उसे तीर की तरह सीधा मार्ग, जिस के दोनों ओर मकान बने थे, पसंद आया। उसने कल्पना की कि वसन्त में जब बाग़ों के हरे-भरे और घने वृक्ष सारे मार्ग पर छाया करेंगे, तो कितना सुन्दर लगेगा । शेरज़ाद लड़कपन में चाचा के साथ एक बार बीज लेने 'लाल झण्डा' आया था और उसे टेढ़े-मेढ़े, लोहे की भोंडी चादरों के पैबंद लगे मटमैले घर व गंदे गड्ढेदार, कूड़े के ढेरों से पटे रास्ते याद थे । लेकिन 'नवजीवन' में तो आज भी वैसी ही गंदगी है, जैसी कि यहां आज से दस साल पहले थी । सामूहिक फ़ार्म सम्पन्न होता जा रहा है, जिन परिवारों में दो-तीन कामगार हैं उनके यहां कोठियां अकेबाहुल्य से फटी जा रही हैं, जब कि अध्यक्ष अभी तक कंजूसी बरत रहा है, कौड़ीकौड़ी जैसे आड़े दिन के लिए बचाकर रख रहा है... मेहमानों को अपने | रुस्तम- कीशी तो ने हां में हां मिलाई । मुग़ान की कपास की खेती के ख़ुदा हैं ! 'परती ज़मीन पर भी इनके हाथ लगते ही लिली के फूल खिल उठते हैं... सलमान बेकार ख़दा और लिलियों की बात कर रहा है, " रुस्तम ने ठण्डी सांस ली। लेकिन एक मामले में इसका कहना सही है । खराब ज़मीन नहीं होती, काश्तकार ख़राब होते हैं । मुग़ान की धरती हमसे कहती है : 'तू प्यार से मेरी संभाल करेगा तो मैं तुझे ऊंचा उठा दूंगी। और मेरी उपेक्षा करेगा, तो तुझे बरबाद कर दूंगी । तेरी लगन का मैं तुझे दस गुना ज़्यादा इनाम दूंगी, अगर आलस करेगा, तो फिर दोष अपने को ही देना' । बेशक 'नवजीवन' सामूहिक फ़ार्म की मिट्टी बेहतर और उपजाऊ है। लेकिन क्यों ? क्योंकि उसकी संभाल मुग़ान के तुम्हारे जैसे देशभक्त करते हैं, बेटो । उसने अपने पास खड़े युवकों को बांहों में भरा और सन्तोषपूर्वक कहकहे लगाता हुआ उन्हें दबोचने लगा : "बुड्ढे में नौजवानों के पूरे झुण्ड से कहीं ज्यादा ताक़त है ! शेरज़ाद बिलकुल ट्रक की साइड के सहारे बैठा था, अध्यक्ष के हाथ उस तक नहीं पहुंच पाये । वह सोच में डूबा गरम-गरम नम भाप छोड़ रही ज़मीन को ताक रहा था और उसे लग रहा था कि मिट्टी से वैसी ही सौंधी खुशबू आ रही है, जैसी चूल्हे से निकाली गरम-गरम रोटी से । ट्रक बस्ती के निकट पहुंचता जा रहा था । अब तक पर्णविहीन बाग़ों से घिरे घर, डेरीफ़ार्म, वाटरटावर व शेड नज़र आने लगे । रास्ते में सामूहिक किसान लाल झण्डा लिये झुण्ड बनायें खड़े थे। उनके बीच में साधारण काला कोट व पोस्तीन की कनटोपी पहने दरमियाने क़द का दुबला-पतला कारा केरेमोगलू भी था। उसकी मुखमुद्रा ऐसी थी, मानो वह ग़लती से वहां आ गया हो और भीड़ में खो जाना चाहता हो । केवल उसकी घनी सफ़ेद भौंहों से लगभग पूरी ढकी आंखों में झांककर ही कोई जान सकता था कि वह कितना व्याकुल है । ट्रक रुका और मेहमान उल्लासपूर्ण आवाजों के साथ ज़मीन पर कूद गये । यारमामेद केबिन में से निकला और सब से ज़्यादा नीचे सिर झुकाकर सलाम करने लगा । सलमान ने कराह रहे रुस्तम की उतरने में मदद की, और तभी मालूम हुआ कि कारा केरेमोगल स्वागतकारियों में, जैसा कि अध्यक्ष के लिए उचित होता है, सब से आगे सम्मानित स्थान पर मौजूद था । साथ कहा । उसने सहृदय मुस्कान के आपके क़दम हमारे लिए बरकती हों, प्यारे मेहमानो ! " स्वागत है ! तशरीफ़ लाइये ! दोस्ताना "हुर्रा " की आवाजें गूंज उठीं । अध्यक्षों ने सबसे पहले तो एक दूसरे से हाथ मिलाये, फिर चुम्बनों का आदान-प्रदान किया । चुम्बन लेने का रिवाज मेहमानों व मेज़बानों दोनों को ही पसंद आया, और वे एक दूसरे को चूमने लगे । कोई लपककर गिजेतार के पास भी आ पहुंचा और उसने उसका आलिंगन कर उसके ठण्डे गुलाबी कपोल पर चुमकार लिया। फिर उसने अपने को दूसरे युवक के लिंग में पाया और वह यह देखकर आश्चर्यचकित रह गयी कि उसे नजफ़ चूम रहा है । उफ़, कितने चालाक हो ! घर पर जी भरके नहीं चूमा था ! हंस पड़ी और पति को धक्का दे दिया । कारा केरेमोगल ने अतिथियों को संस्कृति भवन चलने का निमंत्रण दिया, उनसे समय पर पुल की मरम्मत न करा पाने के लिए क्षमा याचना की, पर रुस्तम ने उसे तसल्ली दिलायी : मौसम बढ़िया है, थोड़ा टहलना लाभदायक होता है, फिर ऐसा तो होता ही रहता है । कोट के बटन खोले, भेड़ की खाल की टोपी गुद्दी पर खिसकाये भारी-भरकम रुस्तम मेहमानों को घेरी हुई भीड़ के साथ ज़ोर-ज़ोर से मज़ाक़ करता, हंसता चल रहा था, जब कि उसके साथ चल रहा केरेमोगलू अगोचर लग रहा था । शेरज़ाद 'लाल झण्डा सामूहिक फ़ार्म के अपने परिचित युवकों से दोस्ताना अंदाज़ में दुआ-सलाम करके सामूहिक फ़ार्म की नयी बस्ती को ध्यानपूर्वक देखता एक ओर चल रहा था । उसे तीर की तरह सीधा मार्ग, जिस के दोनों ओर मकान बने थे, पसंद आया। उसने कल्पना की कि वसन्त में जब बाग़ों के हरे-भरे और घने वृक्ष सारे मार्ग पर छाया करेंगे, तो कितना सुन्दर लगेगा । शेरज़ाद लड़कपन में चाचा के साथ एक बार बीज लेने 'लाल झण्डा' आया था और उसे टेढ़े-मेढ़े, लोहे की भोंडी चादरों के पैबंद लगे मटमैले घर व गंदे गड्ढेदार, कूड़े के ढेरों से पटे रास्ते याद थे । लेकिन 'नवजीवन' में तो आज भी वैसी ही गंदगी है, जैसी कि यहां आज से दस साल पहले थी । सामूहिक फ़ार्म सम्पन्न होता जा रहा है, जिन परिवारों में दो-तीन कामगार हैं उनके यहां कोठियां अकेबाहुल्य से फटी जा रही हैं, जब कि अध्यक्ष अभी तक कंजूसी बरत रहा है, कौड़ीकौड़ी जैसे आड़े दिन के लिए बचाकर रख रहा है... मेहमानों को अपने |
कोरोना की तबाही थमने का नाम नहीं ले रही है। इसकी दहशत से लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक युवक ने खुद का प्राइवेट पार्ट ब्लेड से काटकर बीच सड़र पर फेंक दिया।
शिवपुरी (मध्य प्रदेश). कोरोना की तबाही थमने का नाम नहीं ले रही है। इसकी दहशत से लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक युवक ने खुद का प्राइवेट पार्ट ब्लेड से काटकर बीच सड़र पर फेंक दिया।
दरअसल,यह घटना शिवपुरी जिले के पिछोर कस्बे में बुधवार के दिन सामने आई। जहां 22 साल के गोविंददास जाटव ने इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया। युवक ने इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह किन्नर बनने की इच्छा जताई है।
खून बहता देख युवक के परिजन घबरा गए। वह बेटे को लहूलुहान हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसको ग्वालियर रेफर कर दिया। युवक पिछोर तहसील के नगरेला गांव का रहने वाला है डॉक्टरों के मुताबिक उसकी मानसिक हालत भी ठीक है।
| कोरोना की तबाही थमने का नाम नहीं ले रही है। इसकी दहशत से लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक युवक ने खुद का प्राइवेट पार्ट ब्लेड से काटकर बीच सड़र पर फेंक दिया। शिवपुरी . कोरोना की तबाही थमने का नाम नहीं ले रही है। इसकी दहशत से लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं। इसी बीच मध्य प्रदेश से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक युवक ने खुद का प्राइवेट पार्ट ब्लेड से काटकर बीच सड़र पर फेंक दिया। दरअसल,यह घटना शिवपुरी जिले के पिछोर कस्बे में बुधवार के दिन सामने आई। जहां बाईस साल के गोविंददास जाटव ने इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया। युवक ने इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह किन्नर बनने की इच्छा जताई है। खून बहता देख युवक के परिजन घबरा गए। वह बेटे को लहूलुहान हालत में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसको ग्वालियर रेफर कर दिया। युवक पिछोर तहसील के नगरेला गांव का रहने वाला है डॉक्टरों के मुताबिक उसकी मानसिक हालत भी ठीक है। |
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प्रस्ताहना ] [२१ माप नहन्हों रखठा। तारा झकरतराठक्ष न टिटाज सासाबिक न्याय (१९१९) में आहाच्य कान क बाट के हुऊ प्रतिनिधि त्ववासकारों वा परिचय टिया है॥ ट्िवनाराबा छाल शखाबास्तव न हिटी तप्रयाड (१९४०) डिल्कर मवप्रथम एविहासिशद थोए फपत्यामतर आशाचना-यझवियों का समस्वय किया और एक मटान अमाव की प्रति का । विवाटमदझर व्यास की "पयासनकटा (१९८१) विटायर कौर भारठीय छायास का परिचय दही है। पया प्रसाठ पर'डेय का हिठी कया-्सादिय! (१ २१) कठिए्य कयाकरों के धाटिय का निपयामसक आहाचना डै 1 परुमहाक् पुठाछाट बक्यो कया खाटिय क॒ प्रथम आधुनिक समालाचक हैं। बाएुनिक कवायाद्धिय! (१९६५४) उसके पुरात-नय निदर्धों का सकटन है डिसमें व्यक्तित्र रुचि स गामीर सर्म था मिल गल है । द्रजरान टास ने हिन्दा-नदपयासन्सादिया (१०५६) में ठप०मन््कटा और प्राचान क्या-परम्धरा पर विस्वारस विधा" छत हुए हिल्ती-जपरयात्ध का एतिहासिर "प्टि से बछायन डिया है छ्यर प्रारम्मिक _०यासशर्शे ब्य अपक्षिव पृष्ठ टिए हैं । विनुवन बिंह का हिन्द उप्रय्रास जौर यवायवाट (१९५५) एक अभिनव प्रयास है। सिद्धान्त नाणयास कर यद्धान्विक प्रतत पर पहड़ा पुस्तअ प० अम्विकवाटच सास का श्ब्न्य मोमासा' (१८९७) है। विदाान लक न नद टूपष्टि य पता वम्तू का ट्खा इयरिए उन्हें सम्झत गदजाना में कयारत नाीं मिछा कार हगना कि सु मर बस्तु छा टस्टा इव्यलिए उन जनुसार उप्रयास छ झुर मत लन्चाम अबु ट छ वराह एकलाजस कछ्ाख कदानव हार, चार सो हएु। प० ज्ाप्राय प्रखाद मानु का कछात्य प्रभाकर" (११०१) में रद्यझाज्य की क्टि में उनयास का रखना जनुचित नाय क्योंकि उम्रमें नाति एड लप्रटणाडनक ट्विवा्दों नहीं था $ टा० ट्यासयूदर टास ने दाटटियानाइन (१९३२) में "या का वरदिर" बौर विवचन ठट्खन के एन दटादबाान हू € स्टणा बाऊ छिटरेचर्र के अनुसार किया पर अहोंनडट्री मोल्िकि एव विचासत्त झुक व्यास्या पर्तुत झा! उतकी परिमाषरा खारानित है. दपायाय मष्य रू दास्तदिद्म घादन छो जान्पनिझ रुया है! । डा० रमशुमार दसा का साहिए-ममाटाचना (१९३८) बात दिपय पर आन हर की रचदा हैं। पर० विश्वताय प्रदाद मिथ का दाहमंय हिमाय (३ ४२) समीला "गाज में एंड नूल्ल ब्र्याय शोटत्प है । >हीने ध्यसेद बोर प्राचात्य दिद्धास्वों का ५,
| लेखक : पुस्तक का साइज़ : कुल पृष्ठ : श्रेणी : लेखक के बारे में अधिक जानकारी : पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश प्रस्ताहना ] [इक्कीस माप नहन्हों रखठा। तारा झकरतराठक्ष न टिटाज सासाबिक न्याय में आहाच्य कान क बाट के हुऊ प्रतिनिधि त्ववासकारों वा परिचय टिया है॥ ट्िवनाराबा छाल शखाबास्तव न हिटी तप्रयाड डिल्कर मवप्रथम एविहासिशद थोए फपत्यामतर आशाचना-यझवियों का समस्वय किया और एक मटान अमाव की प्रति का । विवाटमदझर व्यास की "पयासनकटा विटायर कौर भारठीय छायास का परिचय दही है। पया प्रसाठ पर'डेय का हिठी कया-्सादिय! कठिए्य कयाकरों के धाटिय का निपयामसक आहाचना डै एक परुमहाक् पुठाछाट बक्यो कया खाटिय क॒ प्रथम आधुनिक समालाचक हैं। बाएुनिक कवायाद्धिय! उसके पुरात-नय निदर्धों का सकटन है डिसमें व्यक्तित्र रुचि स गामीर सर्म था मिल गल है । द्रजरान टास ने हिन्दा-नदपयासन्सादिया में ठपशून्यमन््कटा और प्राचान क्या-परम्धरा पर विस्वारस विधा" छत हुए हिल्ती-जपरयात्ध का एतिहासिर "प्टि से बछायन डिया है छ्यर प्रारम्मिक _शून्ययासशर्शे ब्य अपक्षिव पृष्ठ टिए हैं । विनुवन बिंह का हिन्द उप्रय्रास जौर यवायवाट एक अभिनव प्रयास है। सिद्धान्त नाणयास कर यद्धान्विक प्रतत पर पहड़ा पुस्तअ पशून्य अम्विकवाटच सास का श्ब्न्य मोमासा' है। विदाान लक न नद टूपष्टि य पता वम्तू का ट्खा इयरिए उन्हें सम्झत गदजाना में कयारत नाीं मिछा कार हगना कि सु मर बस्तु छा टस्टा इव्यलिए उन जनुसार उप्रयास छ झुर मत लन्चाम अबु ट छ वराह एकलाजस कछ्ाख कदानव हार, चार सो हएु। पशून्य ज्ाप्राय प्रखाद मानु का कछात्य प्रभाकर" में रद्यझाज्य की क्टि में उनयास का रखना जनुचित नाय क्योंकि उम्रमें नाति एड लप्रटणाडनक ट्विवा्दों नहीं था $ टाशून्य ट्यासयूदर टास ने दाटटियानाइन में "या का वरदिर" बौर विवचन ठट्खन के एन दटादबाान हू € स्टणा बाऊ छिटरेचर्र के अनुसार किया पर अहोंनडट्री मोल्िकि एव विचासत्त झुक व्यास्या पर्तुत झा! उतकी परिमाषरा खारानित है. दपायाय मष्य रू दास्तदिद्म घादन छो जान्पनिझ रुया है! । डाशून्य रमशुमार दसा का साहिए-ममाटाचना बात दिपय पर आन हर की रचदा हैं। परशून्य विश्वताय प्रदाद मिथ का दाहमंय हिमाय समीला "गाज में एंड नूल्ल ब्र्याय शोटत्प है । >हीने ध्यसेद बोर प्राचात्य दिद्धास्वों का पाँच, |
दिल्ली में सोमवार को 22 फरवरी के बाद से कोविड-19 के सबसे कम 131 नये मामले सामने आये तथा 16 मरीजों की मौत हुई। यहां संक्रमण दर घटकर 0. 22 फीसद रह गयी है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। दिल्ली में 22 फरवरी को संक्रमण के 128 मामले सामने आए थे। संक्रमण के कारण पिछले 24 घंटे में मरने वालों की संख्या भी पांच अप्रैल के बाद सबसे कम है, तब कोविड-19 के कारण यहां 15 लोगों की मौत हुई थी।
लगातार दो हफ्ते से संक्रमण दर एक फीसदी से भी कम रहने के कारण रविवार को दिल्ली सरकार ने रेस्तरां और साप्ताहिक बाजारों पर 14 जून से आंशिक छूट देने की घोषणा की थी। बता दें कि दिल्ली में कोरोना के मामले कम होने के बाद दिल्ली में चरणबद्ध अनलॉक के तहत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सोमवार से बाजारों को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि साप्ताहिक बाजार फिर से खुलेंगे, लेकिन एक दिन में एक जोन में एक ही बाजार खुलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे खोली जा रही हैं और कुछ सार्वजनिक गतिविधियों को छोड़कर, जो पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं, सोमवार से सभी सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, बैंक्वेट हॉल, होटल और मैरिज हॉल में विवाह की अनुमति नहीं दी जा सकती है। शादियां केवल घर या अदालत में ही हो सकती हैं, जिसमें 20 से अधिक लोग उपस्थित न हों। केजरीवाल ने यह भी कहा कि सोमवार से धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी जाएगी, हालांकि आगंतुकों को अनुमति नहीं दी जाएगी। अंतिम संस्कार और अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं दी जा सकती है।
| दिल्ली में सोमवार को बाईस फरवरी के बाद से कोविड-उन्नीस के सबसे कम एक सौ इकतीस नये मामले सामने आये तथा सोलह मरीजों की मौत हुई। यहां संक्रमण दर घटकर शून्य. बाईस फीसद रह गयी है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन में यह जानकारी दी गई। दिल्ली में बाईस फरवरी को संक्रमण के एक सौ अट्ठाईस मामले सामने आए थे। संक्रमण के कारण पिछले चौबीस घंटाटे में मरने वालों की संख्या भी पांच अप्रैल के बाद सबसे कम है, तब कोविड-उन्नीस के कारण यहां पंद्रह लोगों की मौत हुई थी। लगातार दो हफ्ते से संक्रमण दर एक फीसदी से भी कम रहने के कारण रविवार को दिल्ली सरकार ने रेस्तरां और साप्ताहिक बाजारों पर चौदह जून से आंशिक छूट देने की घोषणा की थी। बता दें कि दिल्ली में कोरोना के मामले कम होने के बाद दिल्ली में चरणबद्ध अनलॉक के तहत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सोमवार से बाजारों को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक बाजार फिर से खुलेंगे, लेकिन एक दिन में एक जोन में एक ही बाजार खुलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे खोली जा रही हैं और कुछ सार्वजनिक गतिविधियों को छोड़कर, जो पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं, सोमवार से सभी सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों, बैंक्वेट हॉल, होटल और मैरिज हॉल में विवाह की अनुमति नहीं दी जा सकती है। शादियां केवल घर या अदालत में ही हो सकती हैं, जिसमें बीस से अधिक लोग उपस्थित न हों। केजरीवाल ने यह भी कहा कि सोमवार से धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी जाएगी, हालांकि आगंतुकों को अनुमति नहीं दी जाएगी। अंतिम संस्कार और अंतिम संस्कार में बीस से अधिक लोगों को अनुमति नहीं दी जा सकती है। |
ठाणे : युवतियों से विवाह कर उनके घरवालों से रुपये ऐंठने वाले मुंब्रा निवासी जलाल नाडकर और उसकी मां के विरोध में मुंब्रा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जलाल ५ विवाह कर चुका है और वह छठवां विवाह करने का प्रयास में था। जलाल की पूर्व पत्नी के चलते उसका भंडाफोड़ हुआ।
मुंब्रा पुलिस के अनुसार, किस्मत कॉलोनी के सवेरा अपार्टमेंट में रहने वाले जलाल नाडकर के ५ विवाह हुए थे। वह मुंबई के कुर्ला में रहने वाली युवती के साथ छठा विवाह करने वाला था। जलाल नाड़कर और उसकी मां नईमा नाड़कर ने युवती के घरवालों से पूर्व में किए गए विवाह की बात छिपाई थी। कुर्ला निवासी युवती के साथ जलाल की पिछले दिसंबर माह में मंगनी हुई थी। युवती के घरवालों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते उन्होंने कुछ माह बाद विवाह करने का निर्णय लिया था।
इसी बीच जलाल नाड़कर की एक पूर्व पत्नी ने कुर्ला निवासी युवती के घरवालों को फोन कर जलाल के पहले किए गए विवाह की जानकारी दी। जलाल का भंडाफोड़ होने के बाद युवती के घरवालों ने जलाल और उसकी मां के विरोध में मुंब्रा पुलिस स्टेशन में आईपीसी ४२० और ३४ के तहत मामला दर्ज किया है। युवती के घरवालों ने आरोप लगाया है कि, जलाल ने उनकी बेटी के नाम पर कार लेने और स्वयं की ट्रैवल एजेंसी में लगाने की झूठी बात उनसे कही और उनसे तीन चेक ले लिए थे। मुंब्रा पुलिस प्रकरण की छानबीन कर रही है।
| ठाणे : युवतियों से विवाह कर उनके घरवालों से रुपये ऐंठने वाले मुंब्रा निवासी जलाल नाडकर और उसकी मां के विरोध में मुंब्रा पुलिस ने मामला दर्ज किया है। जलाल पाँच विवाह कर चुका है और वह छठवां विवाह करने का प्रयास में था। जलाल की पूर्व पत्नी के चलते उसका भंडाफोड़ हुआ। मुंब्रा पुलिस के अनुसार, किस्मत कॉलोनी के सवेरा अपार्टमेंट में रहने वाले जलाल नाडकर के पाँच विवाह हुए थे। वह मुंबई के कुर्ला में रहने वाली युवती के साथ छठा विवाह करने वाला था। जलाल नाड़कर और उसकी मां नईमा नाड़कर ने युवती के घरवालों से पूर्व में किए गए विवाह की बात छिपाई थी। कुर्ला निवासी युवती के साथ जलाल की पिछले दिसंबर माह में मंगनी हुई थी। युवती के घरवालों की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते उन्होंने कुछ माह बाद विवाह करने का निर्णय लिया था। इसी बीच जलाल नाड़कर की एक पूर्व पत्नी ने कुर्ला निवासी युवती के घरवालों को फोन कर जलाल के पहले किए गए विवाह की जानकारी दी। जलाल का भंडाफोड़ होने के बाद युवती के घरवालों ने जलाल और उसकी मां के विरोध में मुंब्रा पुलिस स्टेशन में आईपीसी चार सौ बीस और चौंतीस के तहत मामला दर्ज किया है। युवती के घरवालों ने आरोप लगाया है कि, जलाल ने उनकी बेटी के नाम पर कार लेने और स्वयं की ट्रैवल एजेंसी में लगाने की झूठी बात उनसे कही और उनसे तीन चेक ले लिए थे। मुंब्रा पुलिस प्रकरण की छानबीन कर रही है। |
गया, वह कमरों में चक्कर लगाता रहा और उसके विचारमग्न, खोयेखोये और उदास चेहरे से सभी मेहमान चकित रह गये ।
बॉल के दिन से प्येर यह अनुभव कर रहा था कि मानसिक विषाद का मूड उसपर फिर से हावी होनेवाला है और वह उससे बचने के लिये अपना पूरा ज़ोर लगा रहा था । राजकुमार के साथ उसकी पत्नी की घनिष्ठता बढ़ने के बाद उसे अचानक ही ऊंचा दरबारी पद दे दिया गया था और इसी वक़्त से वह दरबारी हलक़ों में अपने मन पर एक बोझ तथा शर्म महसूस करने लगा था और उसके दिमाग़ में अक्सर सभी मानवीय चीज़ों की निस्सारता के बारे में पहलेवाले उदासी भरे विचार आने लगे थे। इसी समय अपनी संरक्षिता नताशा और प्रिंस अन्द्रेई के बीच बढ़ती प्रेम भावना की ओर उसका ध्यान गया तथा अपनी स्थिति और अपने मित्र की स्थिति की तुलना से उसकी खिन्नता का यह मूड और ज्यादा खराब हो गया । वह अपनी पत्नी, नताशा और प्रिंस अन्द्रेई के बारे में समान रूप से न सोचने का प्रयास करता । फिर से शाश्वतता की तुलना में उसे शेष सभी कुछ तुच्छ प्रतीत होने लगा, फिर से उसके सामने यह प्रश्न आने लगा : "आखिर इस सब में तुक ही क्या है ? " और वह इस शैतानी भावना को अपने से दूर भगाने की आशा करते हुए दिन-रात अपने को फ्री मेसनों की रचनाओं पर काम करने के लिये मजबूर करने लगा। रात के ग्यारह बजने के बाद प्येर काउंटेस के कमरों से ऊपर आया, वह नीची छतवाले तथा तम्बाकू के धुएं से भरे कमरे में पुराना-धुराना ड्रेसिंग गाउन पहने मेज़ के सामने बैठा हुआ स्कॉटलैंड के फ़ी मेसनों की मूल नियमावली की नक़ल उतार रहा था, जब किसी ने उसके कमरे में प्रवेश किया। यह प्रिंस अन्द्रेई था ।
अरे, यह आप हैं ? " प्येर ने खोयी- खोयी और असन्तोषपूर्ण मुख- मुद्रा में कहा । में कहा। मैं तो काम कर रहा हूं, " उसने ऐसे दुखी लोगों के भाव से कापी की ओर संकेत करते हुए कहा जो काम को अपनी ज़िन्दगी की मुसीबतों से मुक्ति पाने का साधन मानते हैं ।
प्रिंस अन्द्रेई चमकते, उल्लासपूर्ण और जीवन के प्रति नूतन उत्साह से ओत-प्रोत चेहरे के साथ प्येर के सामने आकर खड़ा हो गया और उसके मुख पर अंकित दुख की ओर कोई ध्यान दिये बिना अपने सुख के कारण स्वार्थी ढंग से मुस्करा दिया ।
'तो, मेरे प्यारे दोस्त,
उसने कहा,
मैं कल तुमसे कुछ कहना
चाहता था और इसी के लिये आज तुम्हारे यहां आया हूं। इस तरह की अनुभूति मुझे आज तक पहले कभी नहीं हुई थी। मुझे मुहब्बत हो गयी है, मेरे दोस्त ।"
प्येर ने अचानक गहरी सांस ली और अपनी भारी-भरकम देह को प्रिंस अन्द्रेई की बग़ल में सोफ़े पर फैलाते हुए बोला :
नताशा रोस्तोवा से ? ठीक है न ?
हां, हां, और किससे हो सकती है ? मैंने कभी भी इस चीज़ का यक़ीन न किया होता, लेकिन यह भावना मुझसे अधिक प्रबल है। कल मैं यातना सहता रहा, व्यथित होता रहा, किन्तु इस व्यथावेदना को भी मैं दुनिया की किसी भी चीज़ से बदलने को तैयार नहीं हूं । आज तक मैं जिया ही नहीं। मैं तो केवल अभी जी रहा हूं, मगर मैं उसके बिना नहीं जी सकता । लेकिन क्या वह भी मुझे प्यार कर सकती है ? मैं उससे उम्र में कहीं बड़ा हूं... तुम कुछ कहते क्यों नही ? मैं ? मैं ? मैने आपसे क्या कहा था ? प्येर सोफ़े से उठते और कमरे में चक्कर लगाना शुरू करते हुए सहसा कह उठा । "मैं हमेशा यही सोचता रहा हूं... यह लड़की तो ऐसा क़ीमती हीरा है, ऐसा क़ीमती. यह तो दुर्लभ लड़की है... मेरे प्यारे दोस्त, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप ज्यादा सोच विचार के फेर में नहीं पड़ें, शंका के शिकार नहीं हों, उससे शादी कर लें, शादी कर लें, शादी कर लें ... और मुझे यक़ीन है कि आपसे ज़्यादा खुशक़िस्मत और कोई आदमी नहीं होगा ।"
लेकिन वह ?"
वह आपको प्यार करती है ।" फ़जूल की बात नहीं करो प्येर की आंखों में झांकते हुए कहा ।
उठा ।
प्रिंस अन्द्रेई ने मुस्कराते और
मैं जानता हूं, वह प्यार करती है,
प्येर झल्लाकर चिल्ला
नहीं, तुम मेरी बात सुनो, " प्रिंस अन्द्रेई ने उसका हाथ पकड़कर उसे रोकते हुए कहा । "तुम्हें मालूम है कि इस वक़्त मेरी कैसी हालत है ? मुझे ज़रूर किसी से यह सब कुछ कहना चाहिये । " | गया, वह कमरों में चक्कर लगाता रहा और उसके विचारमग्न, खोयेखोये और उदास चेहरे से सभी मेहमान चकित रह गये । बॉल के दिन से प्येर यह अनुभव कर रहा था कि मानसिक विषाद का मूड उसपर फिर से हावी होनेवाला है और वह उससे बचने के लिये अपना पूरा ज़ोर लगा रहा था । राजकुमार के साथ उसकी पत्नी की घनिष्ठता बढ़ने के बाद उसे अचानक ही ऊंचा दरबारी पद दे दिया गया था और इसी वक़्त से वह दरबारी हलक़ों में अपने मन पर एक बोझ तथा शर्म महसूस करने लगा था और उसके दिमाग़ में अक्सर सभी मानवीय चीज़ों की निस्सारता के बारे में पहलेवाले उदासी भरे विचार आने लगे थे। इसी समय अपनी संरक्षिता नताशा और प्रिंस अन्द्रेई के बीच बढ़ती प्रेम भावना की ओर उसका ध्यान गया तथा अपनी स्थिति और अपने मित्र की स्थिति की तुलना से उसकी खिन्नता का यह मूड और ज्यादा खराब हो गया । वह अपनी पत्नी, नताशा और प्रिंस अन्द्रेई के बारे में समान रूप से न सोचने का प्रयास करता । फिर से शाश्वतता की तुलना में उसे शेष सभी कुछ तुच्छ प्रतीत होने लगा, फिर से उसके सामने यह प्रश्न आने लगा : "आखिर इस सब में तुक ही क्या है ? " और वह इस शैतानी भावना को अपने से दूर भगाने की आशा करते हुए दिन-रात अपने को फ्री मेसनों की रचनाओं पर काम करने के लिये मजबूर करने लगा। रात के ग्यारह बजने के बाद प्येर काउंटेस के कमरों से ऊपर आया, वह नीची छतवाले तथा तम्बाकू के धुएं से भरे कमरे में पुराना-धुराना ड्रेसिंग गाउन पहने मेज़ के सामने बैठा हुआ स्कॉटलैंड के फ़ी मेसनों की मूल नियमावली की नक़ल उतार रहा था, जब किसी ने उसके कमरे में प्रवेश किया। यह प्रिंस अन्द्रेई था । अरे, यह आप हैं ? " प्येर ने खोयी- खोयी और असन्तोषपूर्ण मुख- मुद्रा में कहा । में कहा। मैं तो काम कर रहा हूं, " उसने ऐसे दुखी लोगों के भाव से कापी की ओर संकेत करते हुए कहा जो काम को अपनी ज़िन्दगी की मुसीबतों से मुक्ति पाने का साधन मानते हैं । प्रिंस अन्द्रेई चमकते, उल्लासपूर्ण और जीवन के प्रति नूतन उत्साह से ओत-प्रोत चेहरे के साथ प्येर के सामने आकर खड़ा हो गया और उसके मुख पर अंकित दुख की ओर कोई ध्यान दिये बिना अपने सुख के कारण स्वार्थी ढंग से मुस्करा दिया । 'तो, मेरे प्यारे दोस्त, उसने कहा, मैं कल तुमसे कुछ कहना चाहता था और इसी के लिये आज तुम्हारे यहां आया हूं। इस तरह की अनुभूति मुझे आज तक पहले कभी नहीं हुई थी। मुझे मुहब्बत हो गयी है, मेरे दोस्त ।" प्येर ने अचानक गहरी सांस ली और अपनी भारी-भरकम देह को प्रिंस अन्द्रेई की बग़ल में सोफ़े पर फैलाते हुए बोला : नताशा रोस्तोवा से ? ठीक है न ? हां, हां, और किससे हो सकती है ? मैंने कभी भी इस चीज़ का यक़ीन न किया होता, लेकिन यह भावना मुझसे अधिक प्रबल है। कल मैं यातना सहता रहा, व्यथित होता रहा, किन्तु इस व्यथावेदना को भी मैं दुनिया की किसी भी चीज़ से बदलने को तैयार नहीं हूं । आज तक मैं जिया ही नहीं। मैं तो केवल अभी जी रहा हूं, मगर मैं उसके बिना नहीं जी सकता । लेकिन क्या वह भी मुझे प्यार कर सकती है ? मैं उससे उम्र में कहीं बड़ा हूं... तुम कुछ कहते क्यों नही ? मैं ? मैं ? मैने आपसे क्या कहा था ? प्येर सोफ़े से उठते और कमरे में चक्कर लगाना शुरू करते हुए सहसा कह उठा । "मैं हमेशा यही सोचता रहा हूं... यह लड़की तो ऐसा क़ीमती हीरा है, ऐसा क़ीमती. यह तो दुर्लभ लड़की है... मेरे प्यारे दोस्त, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप ज्यादा सोच विचार के फेर में नहीं पड़ें, शंका के शिकार नहीं हों, उससे शादी कर लें, शादी कर लें, शादी कर लें ... और मुझे यक़ीन है कि आपसे ज़्यादा खुशक़िस्मत और कोई आदमी नहीं होगा ।" लेकिन वह ?" वह आपको प्यार करती है ।" फ़जूल की बात नहीं करो प्येर की आंखों में झांकते हुए कहा । उठा । प्रिंस अन्द्रेई ने मुस्कराते और मैं जानता हूं, वह प्यार करती है, प्येर झल्लाकर चिल्ला नहीं, तुम मेरी बात सुनो, " प्रिंस अन्द्रेई ने उसका हाथ पकड़कर उसे रोकते हुए कहा । "तुम्हें मालूम है कि इस वक़्त मेरी कैसी हालत है ? मुझे ज़रूर किसी से यह सब कुछ कहना चाहिये । " |
मधुबनी न्यूज़ः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी विभागों की समीक्षा की गई. डीडीसी अभ्येंद्र मोहन सिंह ने समीक्षा की जिसमें एसडीओ, बीडीओ एवं अन्य प्रखंड स्तरीय अधिकारी थे.
बैठक में सभी बीडीओ एवं कार्यपालक पदाधिकारियों सह चार्ज पदाधिकारी (शहरी एवं ग्रामीण) को बिहार जाति आधारित गणना के प्रथम चरण के आंकड़ों की वेब पोर्टल पर इंट्री कराने का निर्देश दिया गया. जिले के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थानों के पंजीकरण हेतु अनुशंसा विभाग को भेजने का निर्देश एडीसीपी अनीता कुमारी को दिया गया. डीडीसी द्वारा सभी पदाधिकारियों को विधान सभा में बजट सत्र के दौरान उठाए जा रहे सवालों का उत्तर प्रतिवेदन यथाशीघ्र अपने विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया. आईसीडीएस विभाग अंतर्गत शून्य से पांच वर्ष तक आयु के बच्चों के आधार पंजीकरण का अभियान चलाने का निर्देश सभी बीडीओ एवं सीडीपीओ को दिया गया. इसके अतिरिक्त सभी विभागों के संबंधित पदाधिकारियों के लंबित एसेट डिक्लयरेशन को जमा करने का निर्देश दिया. इस अवसर पर डीपीआरओ मंजू प्रसाद, वरीय उप समाहर्ता कृष्णा कुमार, वरीय उप समाहर्ता अमित कुमार सिंह, उप निर्वाचन पदाधिकारी मो. गजाली, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सतीश कुमार, एडीसीपी अनीता कुमारी, श्रम अधीक्षक, ईई पीएचईडी,अभय कुमार, आईटी मैनेजर प्रदीप कुमार, डीपीओ राजीव रंजन, डीपीओ दयाशंकर सिंह, ईओ अजीत कुमार एवं वीसी के माध्यम से अन्य पदाधिकारी थे.
| मधुबनी न्यूज़ः वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी विभागों की समीक्षा की गई. डीडीसी अभ्येंद्र मोहन सिंह ने समीक्षा की जिसमें एसडीओ, बीडीओ एवं अन्य प्रखंड स्तरीय अधिकारी थे. बैठक में सभी बीडीओ एवं कार्यपालक पदाधिकारियों सह चार्ज पदाधिकारी को बिहार जाति आधारित गणना के प्रथम चरण के आंकड़ों की वेब पोर्टल पर इंट्री कराने का निर्देश दिया गया. जिले के विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थानों के पंजीकरण हेतु अनुशंसा विभाग को भेजने का निर्देश एडीसीपी अनीता कुमारी को दिया गया. डीडीसी द्वारा सभी पदाधिकारियों को विधान सभा में बजट सत्र के दौरान उठाए जा रहे सवालों का उत्तर प्रतिवेदन यथाशीघ्र अपने विभाग को भेजने का निर्देश दिया गया. आईसीडीएस विभाग अंतर्गत शून्य से पांच वर्ष तक आयु के बच्चों के आधार पंजीकरण का अभियान चलाने का निर्देश सभी बीडीओ एवं सीडीपीओ को दिया गया. इसके अतिरिक्त सभी विभागों के संबंधित पदाधिकारियों के लंबित एसेट डिक्लयरेशन को जमा करने का निर्देश दिया. इस अवसर पर डीपीआरओ मंजू प्रसाद, वरीय उप समाहर्ता कृष्णा कुमार, वरीय उप समाहर्ता अमित कुमार सिंह, उप निर्वाचन पदाधिकारी मो. गजाली, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सतीश कुमार, एडीसीपी अनीता कुमारी, श्रम अधीक्षक, ईई पीएचईडी,अभय कुमार, आईटी मैनेजर प्रदीप कुमार, डीपीओ राजीव रंजन, डीपीओ दयाशंकर सिंह, ईओ अजीत कुमार एवं वीसी के माध्यम से अन्य पदाधिकारी थे. |
नीति के घने जगल मे कुछ सूझता न था पर तूफान ने प्रत्येक वृक्ष को अस्थिर कर दिया था। बहुत दिनो से, बुजुर्ग की तरह उम्म्र का बोझ उठाये हुए वृक्ष आँधी से जीवन-मरण के बीच झोके खा रहे थे और आधी लानेवाली शक्तियों को कोस रहे थे कि बुढापे मे, शान्ति से पूर्व जीवन की स्मृतियो का गौरव-गान करते-करते, तथा नवागन्तुको को सावधानी एव गभीरता के उपदेश देते-देते, चार दिन की जिन्दगी शेष कर देने के वक्त, यह कहाँ का तूफान खडा हुआ ।
इस आधी के बीच, अपने उथल-पुथल हो रहे जीवन में, पहली बार मैने मोतीलालजी को काशी में देखा । कई नेताओं को देख चुका थालोकमान्य को भी, लालाजी को भी । ये भारतीय राजनीति को व्यक्तित्व से प्रकाशित करनेवाले नेता हुए है । पर इनको देखकर दूसरा ही भाव उपजा था । व्यक्तित्व का कोई तात्कालिक असर उनके दर्शन से नही होता था । पर मोतीलालजी तो, इस लिहाज से, बेजोड थे । उनके सिर को देखते हुए जान पडा, एक असाधारण पुरुष को देखा है ।
-दोअद्भुत व्यक्तित्व
निस्सन्देह मोतीलालजी का व्यक्तित्व सम्पूर्ण भारतीय राजनीतिक नेताओ मे अद्वितीय था । उनका ग्रीक (यूनानी ) काट का चेहरा, उनकी गठन, उनके दृढ जबडे, ज्योतिर्मयी आँखे और ऊँचे कंधो को देखते ही एक अपरिचित के मन पर भी उनके महत्व की छाप पडती थी, - जैसे वह साधारण से भिन्न हो । उनके चेहरे से खान्दानी बडप्पन - ( Aris - tocratic greatness ) - टपकता था । गाधी को न जाननेवाला मुसाP
मोतीलाल नेहरू : अद्भुत व्यक्तित्व
फिर सिर्फ देखकर यह नहीं समझ सकता कि यह एक महापुरुप हैउनके ढाँचे मे कोई ऐसी बात नही पर मोतीलाल को साधारण आदमी, प्रथम दर्शन मे भी, न जानने पर भी, अपनी श्रेणी का समझ ही न सकता था । वह खुद भी अपने को सामान्य कभी न समझते थे । अनेक बार ऐसी घटनाएँ घटी है जिनसे उनके व्यक्तित्व की महानता प्रकट होती है । १९२९ या ३० की बात है। श्री जेम्स वान शेक { James Van Shyke ) नाम के एक अग्रेज़ पत्रकार भारत में यात्रा के लिए आये थे । उन्होंने पहले कभी मोतीलालजी को देखा न था । उन्होने मीतीलालजी के प्रथम दर्शन का ज़िक्र किया है जिससे उनके असाधारण व्यक्तित्व का पता चलता है --
"गरमी पड रही थी। रेलगाडी दौडी जा रही थी। कई स्टेशनो पर मैने भीड देखी । एक बार मेरी निगाह प्लेटफार्म पर खडे, मामूली पोशाक पहने, एक आदमी पर पडी । पता नही क्यो मुझे अनुभव हुआ कि यह तो असाधारण आदमी है - ऐसा आदमी जो जनता का होकर भी जनता से भिन्न हो । जैसे कोई युरोपीय हो । x x x पीछे मैने उस आदमी को 'भोजन के डब्बे' - 'डाइनिंग सैलून' - मे बडी वेतकल्लुफी से बैठे देखा । मामूली हिंदुस्तानी कपडा पहने इस बेतकल्लुफी के साथ 'डाइनिंग कार' मे बैठनेवाला दुर्लभ आदमियो मे से एक मालूम हुआ । x x x अन्त मे मुझसे न रहा गया। मैंने उसके पास जाकर पूछा--"क्षमा कीजिएगा, क्या में इस सम्बन्ध में आपकी राय जान सकता हूँ कि जिन दंगो के बारे मे हम विदेशो में पढ़ते है, उनका अन्त कव होगा ?" x x वह हँसा, ओठ दवाया । मुखपर अद्भुत दृढ़ता थी । बोला - "इनमे अधिकाश तो निर्माण किये जाते है । " x x x एक मिनट सोचकर मै वोला - "वही सही पर आपकी सम्मति मे इनका | नीति के घने जगल मे कुछ सूझता न था पर तूफान ने प्रत्येक वृक्ष को अस्थिर कर दिया था। बहुत दिनो से, बुजुर्ग की तरह उम्म्र का बोझ उठाये हुए वृक्ष आँधी से जीवन-मरण के बीच झोके खा रहे थे और आधी लानेवाली शक्तियों को कोस रहे थे कि बुढापे मे, शान्ति से पूर्व जीवन की स्मृतियो का गौरव-गान करते-करते, तथा नवागन्तुको को सावधानी एव गभीरता के उपदेश देते-देते, चार दिन की जिन्दगी शेष कर देने के वक्त, यह कहाँ का तूफान खडा हुआ । इस आधी के बीच, अपने उथल-पुथल हो रहे जीवन में, पहली बार मैने मोतीलालजी को काशी में देखा । कई नेताओं को देख चुका थालोकमान्य को भी, लालाजी को भी । ये भारतीय राजनीति को व्यक्तित्व से प्रकाशित करनेवाले नेता हुए है । पर इनको देखकर दूसरा ही भाव उपजा था । व्यक्तित्व का कोई तात्कालिक असर उनके दर्शन से नही होता था । पर मोतीलालजी तो, इस लिहाज से, बेजोड थे । उनके सिर को देखते हुए जान पडा, एक असाधारण पुरुष को देखा है । -दोअद्भुत व्यक्तित्व निस्सन्देह मोतीलालजी का व्यक्तित्व सम्पूर्ण भारतीय राजनीतिक नेताओ मे अद्वितीय था । उनका ग्रीक काट का चेहरा, उनकी गठन, उनके दृढ जबडे, ज्योतिर्मयी आँखे और ऊँचे कंधो को देखते ही एक अपरिचित के मन पर भी उनके महत्व की छाप पडती थी, - जैसे वह साधारण से भिन्न हो । उनके चेहरे से खान्दानी बडप्पन - - टपकता था । गाधी को न जाननेवाला मुसाP मोतीलाल नेहरू : अद्भुत व्यक्तित्व फिर सिर्फ देखकर यह नहीं समझ सकता कि यह एक महापुरुप हैउनके ढाँचे मे कोई ऐसी बात नही पर मोतीलाल को साधारण आदमी, प्रथम दर्शन मे भी, न जानने पर भी, अपनी श्रेणी का समझ ही न सकता था । वह खुद भी अपने को सामान्य कभी न समझते थे । अनेक बार ऐसी घटनाएँ घटी है जिनसे उनके व्यक्तित्व की महानता प्रकट होती है । एक हज़ार नौ सौ उनतीस या तीस की बात है। श्री जेम्स वान शेक { James Van Shyke ) नाम के एक अग्रेज़ पत्रकार भारत में यात्रा के लिए आये थे । उन्होंने पहले कभी मोतीलालजी को देखा न था । उन्होने मीतीलालजी के प्रथम दर्शन का ज़िक्र किया है जिससे उनके असाधारण व्यक्तित्व का पता चलता है -- "गरमी पड रही थी। रेलगाडी दौडी जा रही थी। कई स्टेशनो पर मैने भीड देखी । एक बार मेरी निगाह प्लेटफार्म पर खडे, मामूली पोशाक पहने, एक आदमी पर पडी । पता नही क्यो मुझे अनुभव हुआ कि यह तो असाधारण आदमी है - ऐसा आदमी जो जनता का होकर भी जनता से भिन्न हो । जैसे कोई युरोपीय हो । x x x पीछे मैने उस आदमी को 'भोजन के डब्बे' - 'डाइनिंग सैलून' - मे बडी वेतकल्लुफी से बैठे देखा । मामूली हिंदुस्तानी कपडा पहने इस बेतकल्लुफी के साथ 'डाइनिंग कार' मे बैठनेवाला दुर्लभ आदमियो मे से एक मालूम हुआ । x x x अन्त मे मुझसे न रहा गया। मैंने उसके पास जाकर पूछा--"क्षमा कीजिएगा, क्या में इस सम्बन्ध में आपकी राय जान सकता हूँ कि जिन दंगो के बारे मे हम विदेशो में पढ़ते है, उनका अन्त कव होगा ?" x x वह हँसा, ओठ दवाया । मुखपर अद्भुत दृढ़ता थी । बोला - "इनमे अधिकाश तो निर्माण किये जाते है । " x x x एक मिनट सोचकर मै वोला - "वही सही पर आपकी सम्मति मे इनका |
दिल्ली में मौजूद भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने हॉस्टल की 10वीं मंजिल से कुदकर आत्महत्या कर ली। डॉक्टर की उम्र 25 साल थी। डॉक्टर आत्महत्या क्यों किया वजहों का पता अभी नहीं चल पाया है।
शुरूआती जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की शाम जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने हॉस्टल के 10वीं मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के समय वहां मौजूद लोगों ने उसे एम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया। हालांकि, उसे बचाया नहीं जा सका और उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतक की पहचान अनुराग के रूप में हुई है। वह मनोविज्ञान विभाग में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अनुराग डॉक्टर छात्रावास में रहते थे और कथित तौर पर शाम 5 बजे के आसपास उन्होंने छात्रावास की 10वीं मंजिल से छलांग लगा दी।
He was under treatment for severe depression for sometime now & took away his own life.
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अतुल कुमार ठाकुर ने बताया, "उसे एम्स कैजुअल्टी ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।" बताया जा रहा है कि डॉक्टर अवसाद में चल रहे थे।
| दिल्ली में मौजूद भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने अपने हॉस्टल की दसवीं मंजिल से कुदकर आत्महत्या कर ली। डॉक्टर की उम्र पच्चीस साल थी। डॉक्टर आत्महत्या क्यों किया वजहों का पता अभी नहीं चल पाया है। शुरूआती जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार की शाम जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने हॉस्टल के दसवीं मंजिल से छलांग लगा दी। घटना के समय वहां मौजूद लोगों ने उसे एम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया। हालांकि, उसे बचाया नहीं जा सका और उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक की पहचान अनुराग के रूप में हुई है। वह मनोविज्ञान विभाग में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर थे। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अनुराग डॉक्टर छात्रावास में रहते थे और कथित तौर पर शाम पाँच बजे के आसपास उन्होंने छात्रावास की दसवीं मंजिल से छलांग लगा दी। He was under treatment for severe depression for sometime now & took away his own life. पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया, "उसे एम्स कैजुअल्टी ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।" बताया जा रहा है कि डॉक्टर अवसाद में चल रहे थे। |
रास्ता बदलने पर मुर्शिदाबाद में कुछ देर के लिए रोकी गई भाजपा की 'परिवर्तन यात्रा'
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा को सोमवार को मुर्शिदाबाद जिले में आगे बढ़ने से अस्थायी तौर पर रोक दिया गया, क्योंकि अनुरोध किए जाने के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता संवेदनशील रास्ते से यात्रा लेकर गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
जिला भाजपा अध्यक्ष गौरीशंकर घोष ने दावा किया कि पार्टी ने प्रशासन को पहले ही सूचित किया था कि उक्त मार्ग से यात्रा निकाली जाएगी लेकिन तब कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई गई थी। पुलिस के साथ बातचीत करने के बाद भाजपा कार्यकर्ता दूसरे रास्ते से यात्रा लेकर गए, क्योंकि वे किसी अप्रिय घटना से बचना चाहते थे।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 6 फरवरी को नादिया जिले के नवद्वीप से परिवर्तन यात्रा को रवाना किया था। इसके तहत नाकाशिपाड़ा से होते हुए 7 फरवरी को यात्रा मुर्शिदाबाद पहुंची। अधिकारी ने कहा कि रथ बहरामपुर जा रहा था और उसे हरिहरपुर होते हुए एक खास रास्ते पर न जाने को कहा गया, क्योंकि वहां कुछ संवेदनशील इलाके हैं। रथ को बेलडांगा पर रोक दिया गया, क्योंकि यह भारत सेवाश्रम संघ से गुजर रहा था।
घोष ने कहा कि प्रशासन की ओर से ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया गया था। प्रदेश भाजपा नेता कल्याण चौबे ने कहा कि हमने यात्रा का मार्ग तय करने से पहले पुलिस से चर्चा की थी। जब हमें बेलडांगा पर रोक दिया गया तो आश्चर्य हुआ। हम 3 घंटे सड़क पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि बाद में पुलिस के सुझाव पर हमने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 34 का रास्ता पकड़ा क्योंकि हम किसी अप्रिय घटना को नहीं होने देना चाहते थे। (भाषा)
| रास्ता बदलने पर मुर्शिदाबाद में कुछ देर के लिए रोकी गई भाजपा की 'परिवर्तन यात्रा' कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा को सोमवार को मुर्शिदाबाद जिले में आगे बढ़ने से अस्थायी तौर पर रोक दिया गया, क्योंकि अनुरोध किए जाने के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता संवेदनशील रास्ते से यात्रा लेकर गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिला भाजपा अध्यक्ष गौरीशंकर घोष ने दावा किया कि पार्टी ने प्रशासन को पहले ही सूचित किया था कि उक्त मार्ग से यात्रा निकाली जाएगी लेकिन तब कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई गई थी। पुलिस के साथ बातचीत करने के बाद भाजपा कार्यकर्ता दूसरे रास्ते से यात्रा लेकर गए, क्योंकि वे किसी अप्रिय घटना से बचना चाहते थे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने छः फरवरी को नादिया जिले के नवद्वीप से परिवर्तन यात्रा को रवाना किया था। इसके तहत नाकाशिपाड़ा से होते हुए सात फरवरी को यात्रा मुर्शिदाबाद पहुंची। अधिकारी ने कहा कि रथ बहरामपुर जा रहा था और उसे हरिहरपुर होते हुए एक खास रास्ते पर न जाने को कहा गया, क्योंकि वहां कुछ संवेदनशील इलाके हैं। रथ को बेलडांगा पर रोक दिया गया, क्योंकि यह भारत सेवाश्रम संघ से गुजर रहा था। घोष ने कहा कि प्रशासन की ओर से ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया गया था। प्रदेश भाजपा नेता कल्याण चौबे ने कहा कि हमने यात्रा का मार्ग तय करने से पहले पुलिस से चर्चा की थी। जब हमें बेलडांगा पर रोक दिया गया तो आश्चर्य हुआ। हम तीन घंटाटे सड़क पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि बाद में पुलिस के सुझाव पर हमने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या चौंतीस का रास्ता पकड़ा क्योंकि हम किसी अप्रिय घटना को नहीं होने देना चाहते थे। |
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि एकनाथ शिंदे और भाजपा को चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम एकनाथ शिंदे को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए, जैसे मैंने इस्तीफा दिया था। विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले साल बगावत करने वाले शिवसेना के विधायकों की अयोग्यता पर फैसला नहीं लिया तो मैं फिर सुप्रीम कोर्ट जाउंगा।
उधर, NCP नेता अजित पवार ने कहा कि शिंदे से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांगने की जरूरत नहीं है। हम सभी जानते हैं कि शिंदे सपने में भी मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा नहीं देंगे।
उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, आइए सभी चुनावों का सामना करें और लोगों को आखिरी फैसला करने दें। जैसे मैंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था, शिंदे को भी नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले साल बगावत करने वाले शिवसेना के विधायकों की अयोग्यता पर फैसला नहीं लिया तो मैं फिर सुप्रीम कोर्ट जाउंगा। फिलहाल स्पीकर विदेश में हैं, जब वे वापस लौटेंगे तो उन्हें इस बारे में फैसला लेना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं पीएम मोदी को बताना चाहता हूं कि देश में हालात सही नहीं है और आपको इसे रोकना चाहिए। महाराष्ट्र के नाम दुनियाभर में कीचड़ उछाला जा रहा है।
NCP नेता अजित पवार ने कहा कि नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की मांग करने की कोई जरूरत ही नहीं है। हम जानते हैं वो अपने सपने में भी इस्तीफा नहीं देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अब के लोगों में जमीन आसमान का अंतर है। जुलाई के महीने में अगला विधानसभा का सत्र है, हम अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे कि इस मुद्दे पर क्या कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता नाना पटोले ने उस समय के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से परामर्श किए बिना ही स्पीकर पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसा नहीं होना चाहिए था। अगर तब अध्यक्ष को चुन लिया जाता तो शिंदे खेमे के 16 विधायक अयोग्य घोषित हो जाते।
बता दें कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन के घटक दल भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिंदे सरकार से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांग रहे हैं। उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने गुरुवार को कहा था कि महाराष्ट्र में शिंदे सरकार अवैध और संविधान के खिलाफ बनाई गई है।
मुख्यमंत्री शिंदे ने गुरुवार को कहा था कि मैं इस बारे में बात नहीं करूंगा कि सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बारे में क्या कहा, लेकिन राज्यपाल ने उस समय की स्थिति के अनुसार काम किया था।
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| महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि एकनाथ शिंदे और भाजपा को चुनाव के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम एकनाथ शिंदे को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए, जैसे मैंने इस्तीफा दिया था। विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले साल बगावत करने वाले शिवसेना के विधायकों की अयोग्यता पर फैसला नहीं लिया तो मैं फिर सुप्रीम कोर्ट जाउंगा। उधर, NCP नेता अजित पवार ने कहा कि शिंदे से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांगने की जरूरत नहीं है। हम सभी जानते हैं कि शिंदे सपने में भी मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, आइए सभी चुनावों का सामना करें और लोगों को आखिरी फैसला करने दें। जैसे मैंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था, शिंदे को भी नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले साल बगावत करने वाले शिवसेना के विधायकों की अयोग्यता पर फैसला नहीं लिया तो मैं फिर सुप्रीम कोर्ट जाउंगा। फिलहाल स्पीकर विदेश में हैं, जब वे वापस लौटेंगे तो उन्हें इस बारे में फैसला लेना चाहिए। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं पीएम मोदी को बताना चाहता हूं कि देश में हालात सही नहीं है और आपको इसे रोकना चाहिए। महाराष्ट्र के नाम दुनियाभर में कीचड़ उछाला जा रहा है। NCP नेता अजित पवार ने कहा कि नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस्तीफे की मांग करने की कोई जरूरत ही नहीं है। हम जानते हैं वो अपने सपने में भी इस्तीफा नहीं देंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अब के लोगों में जमीन आसमान का अंतर है। जुलाई के महीने में अगला विधानसभा का सत्र है, हम अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे कि इस मुद्दे पर क्या कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता नाना पटोले ने उस समय के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से परामर्श किए बिना ही स्पीकर पद से इस्तीफा दे दिया था। ऐसा नहीं होना चाहिए था। अगर तब अध्यक्ष को चुन लिया जाता तो शिंदे खेमे के सोलह विधायक अयोग्य घोषित हो जाते। बता दें कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन के घटक दल भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिंदे सरकार से नैतिक आधार पर इस्तीफा मांग रहे हैं। उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने गुरुवार को कहा था कि महाराष्ट्र में शिंदे सरकार अवैध और संविधान के खिलाफ बनाई गई है। मुख्यमंत्री शिंदे ने गुरुवार को कहा था कि मैं इस बारे में बात नहीं करूंगा कि सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के तत्कालीन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बारे में क्या कहा, लेकिन राज्यपाल ने उस समय की स्थिति के अनुसार काम किया था। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
मेरठ न्यूज़ः कांच का पुल से सीधे जाने वाले मार्ग के पश्चिम में स्थित नौ गलियों में सिमटे वार्ड-83 में कई समस्याएं बिखरी हुई हैं, जिनके समाधान के लिए नगर निगम समेत जनप्रतिनिधियों की निगाहे-करम का इंतजार यहां के वाशिंदे कर रहे हैं। पूर्व के वार्ड-73 से परिसीमन के बाद बनाए गए इस वार्ड-83 को फखरुद्दीन अली अहमद नगर पश्चिम प्रथम नाम दिया गया है। इस वार्ड में गली नंबर एक से नौ तक रहने वाले करीब 11 हजार मतदाता आते हैं। मुस्लिम बाहुल्य इस नए वार्ड के गठन के बाद पहली बार प्रतिनिधित्व कय्यूम अंसारी कर रहे हैं। उनका दावा है कि वार्ड के प्रमुख नाले समेत सभी गलियों का निर्माण कराते हुए साफ-सफाई, पथ प्रकाश आदि की समस्याओं का समाधान कराया गया है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता भी है, कि यह एक साफ सुथरा वार्ड है, लेकिन इसमें कुछ देर घूमने के बाद नौ प्रमुख गलियों के भीतर कई दर्जन गलियों का जाल बिछा नजर आता है, साथ ही वहां नालों के किनारे लगे कूड़े के ढेर देखकर यह भ्रम टूट जाता है। और कई ऐसी समस्याएं सामने आती हैं, जिनका समाधान जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण नहीं हो पा रहा है। कांच का पुल से शुरू होने वाले इस वार्ड में कई लोगों ने अवैध निर्माण करके नाले को पाट रखा है। जिसके कारण नाले की सफाई से लेकर जलनिकासी तक प्रभावित होती है, लेकिन अवैध निर्माण को हटाने के लिए नगर निगम की ओर से यहां कोई अभियान नहीं चलाया गया है।
नागरिक सेवा समिति से जुड़े वार्ड के निवासी मुन्ना अहमद अली बताते हैं कि वार्ड-83 से सटे वार्ड-88 के नाले में यहां के बहुत से घरों के पानी की निकासी की जाती है, लेकिन इस गली में चल रही अवैध डेयरियों से बहा दिए जाने वाले गोबर के कारण नाला अकसर चोक रहता है। इस नाले को सामने टक्कर पर जाकर एकदम 90 डिग्री के कोण से मोड़ दिया गया है, जिसके कारण इस मोड़ पर आकर तमाम कचरा जमा होकर जलनिकासी को अवरुद्ध कर देता है। शाहिद अंसारी, साजिद अंसारी, मो. आरिफ अंसारी आदि बताते हैं कि वार्ड में सरकारी भूमि पर एक पार्क बनवाने की मांग लंबे समय से नगर निगम से की जाती रही है। लेकिन नगर निगम ने इस पार्क को विकसित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि मोहल्ले के लोगों ने स्वयं चंदा करके इस भूमि को मिट्टी डालकर समतल कराने और पौधे लगाकर सौंदर्यीकरण का काम कराया है। हालांकि इसमें नगर निगम ने यह सहयोग किया है कि यहा पड़ने वाले कूड़े को हटवा दिया है। साथ ही एक सबमसर्बिल और पौधे लगवाने में सहयोग किया है। जबकि पार्क में कराए जाने वाले कार्य में विधायक रफीक अंसारी के स्तर से भी सहयोग किए जाने की बात वार्ड के लोग बताते हैं।
इस वार्ड से आगामी चुनाव में पार्षद के लिए ताल ठोंकने की तैयारी कर रहे हाजी आजम अंसारी का कहना है कि वार्ड में जनता की अपेक्षा के अनुसार काम नहीं हो सके हैं। नगर निगम की ओर से दो-तीन गलियों में काम कराया गया है, जबकि विधायक रफीक अंसारी की निधि से अधिकतर गलियों का निर्माण कराया गया है। रिजवान अंसारी भी आने वाले चुनाव में अपनी दावेदारी करते हुए कहते हैं कि वार्ड पार्षद सिर्फ नगर निगम नहीं, बल्कि सांसद निधि तक काम कराने में सक्षम होना चाहिए। 'उनका कहना है कि वार्ड में अस्पताल, बैंक, डाकघर जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मौजूद नहीं हैं। साफ-सफाई के लिए कहने को वार्ड में 24 कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन कुछ कर्मचारियों को छोड़कर अधिकतर का आगमन वार्ड में गाहे-बगाहे ही होता है। जबकि उनकी उपस्थिति नियमित रूप से दर्शायी जाती है। वार्ड 82-83 के बीच से गुजरने वाली प्रमुख सड़क का जगह जगह से टूटा होना, बिजली के खंभों पर बेतरतीब बिछे तार अव्यवस्था की कहानी बयान करने के लिए काफी है। मुख्य मार्ग पर रईस अंसारी के मकान के बाहर एक खंभा टेढ़ा होकर गिरने की स्थिति में पहुंच चुका है, लेकिन इस और बार-बार ध्यान दिलाए जाने के बावजूद कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।
पार्षद का कथनः वार्ड-83 के पार्षद कय्यूम अंसारी का कहना है कि उनके कार्यकाल में वार्ड में मुख्य नाला निर्माण से लेकर सभी प्रमुख और भीतरी गलियों का काम हुआ है। इन सबको मिलाया जाए, तो करोड़ों रुपये की लागत से वार्ड में काम कराए जा चुके हैं। मोती वाले पुल से चांद वाले पुल तक और अवस्थापना निधि से निर्माण कार्य कराया गया है। मोती वाले पुल के पास गहरा गड्ढा सही कराते हुए रास्ता बनवाया गया है। साफ-सफाई का काम कराने के लिए यहां एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, उन्होंने प्रयास करके 24 सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था कराई है। इस समय भी नगर निगम की ओर से प्रमुख और भीतरी कई गलियों में निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
| मेरठ न्यूज़ः कांच का पुल से सीधे जाने वाले मार्ग के पश्चिम में स्थित नौ गलियों में सिमटे वार्ड-तिरासी में कई समस्याएं बिखरी हुई हैं, जिनके समाधान के लिए नगर निगम समेत जनप्रतिनिधियों की निगाहे-करम का इंतजार यहां के वाशिंदे कर रहे हैं। पूर्व के वार्ड-तिहत्तर से परिसीमन के बाद बनाए गए इस वार्ड-तिरासी को फखरुद्दीन अली अहमद नगर पश्चिम प्रथम नाम दिया गया है। इस वार्ड में गली नंबर एक से नौ तक रहने वाले करीब ग्यारह हजार मतदाता आते हैं। मुस्लिम बाहुल्य इस नए वार्ड के गठन के बाद पहली बार प्रतिनिधित्व कय्यूम अंसारी कर रहे हैं। उनका दावा है कि वार्ड के प्रमुख नाले समेत सभी गलियों का निर्माण कराते हुए साफ-सफाई, पथ प्रकाश आदि की समस्याओं का समाधान कराया गया है। प्रथम दृष्टया ऐसा लगता भी है, कि यह एक साफ सुथरा वार्ड है, लेकिन इसमें कुछ देर घूमने के बाद नौ प्रमुख गलियों के भीतर कई दर्जन गलियों का जाल बिछा नजर आता है, साथ ही वहां नालों के किनारे लगे कूड़े के ढेर देखकर यह भ्रम टूट जाता है। और कई ऐसी समस्याएं सामने आती हैं, जिनका समाधान जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण नहीं हो पा रहा है। कांच का पुल से शुरू होने वाले इस वार्ड में कई लोगों ने अवैध निर्माण करके नाले को पाट रखा है। जिसके कारण नाले की सफाई से लेकर जलनिकासी तक प्रभावित होती है, लेकिन अवैध निर्माण को हटाने के लिए नगर निगम की ओर से यहां कोई अभियान नहीं चलाया गया है। नागरिक सेवा समिति से जुड़े वार्ड के निवासी मुन्ना अहमद अली बताते हैं कि वार्ड-तिरासी से सटे वार्ड-अठासी के नाले में यहां के बहुत से घरों के पानी की निकासी की जाती है, लेकिन इस गली में चल रही अवैध डेयरियों से बहा दिए जाने वाले गोबर के कारण नाला अकसर चोक रहता है। इस नाले को सामने टक्कर पर जाकर एकदम नब्बे डिग्री के कोण से मोड़ दिया गया है, जिसके कारण इस मोड़ पर आकर तमाम कचरा जमा होकर जलनिकासी को अवरुद्ध कर देता है। शाहिद अंसारी, साजिद अंसारी, मो. आरिफ अंसारी आदि बताते हैं कि वार्ड में सरकारी भूमि पर एक पार्क बनवाने की मांग लंबे समय से नगर निगम से की जाती रही है। लेकिन नगर निगम ने इस पार्क को विकसित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि मोहल्ले के लोगों ने स्वयं चंदा करके इस भूमि को मिट्टी डालकर समतल कराने और पौधे लगाकर सौंदर्यीकरण का काम कराया है। हालांकि इसमें नगर निगम ने यह सहयोग किया है कि यहा पड़ने वाले कूड़े को हटवा दिया है। साथ ही एक सबमसर्बिल और पौधे लगवाने में सहयोग किया है। जबकि पार्क में कराए जाने वाले कार्य में विधायक रफीक अंसारी के स्तर से भी सहयोग किए जाने की बात वार्ड के लोग बताते हैं। इस वार्ड से आगामी चुनाव में पार्षद के लिए ताल ठोंकने की तैयारी कर रहे हाजी आजम अंसारी का कहना है कि वार्ड में जनता की अपेक्षा के अनुसार काम नहीं हो सके हैं। नगर निगम की ओर से दो-तीन गलियों में काम कराया गया है, जबकि विधायक रफीक अंसारी की निधि से अधिकतर गलियों का निर्माण कराया गया है। रिजवान अंसारी भी आने वाले चुनाव में अपनी दावेदारी करते हुए कहते हैं कि वार्ड पार्षद सिर्फ नगर निगम नहीं, बल्कि सांसद निधि तक काम कराने में सक्षम होना चाहिए। 'उनका कहना है कि वार्ड में अस्पताल, बैंक, डाकघर जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मौजूद नहीं हैं। साफ-सफाई के लिए कहने को वार्ड में चौबीस कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन कुछ कर्मचारियों को छोड़कर अधिकतर का आगमन वार्ड में गाहे-बगाहे ही होता है। जबकि उनकी उपस्थिति नियमित रूप से दर्शायी जाती है। वार्ड बयासी-तिरासी के बीच से गुजरने वाली प्रमुख सड़क का जगह जगह से टूटा होना, बिजली के खंभों पर बेतरतीब बिछे तार अव्यवस्था की कहानी बयान करने के लिए काफी है। मुख्य मार्ग पर रईस अंसारी के मकान के बाहर एक खंभा टेढ़ा होकर गिरने की स्थिति में पहुंच चुका है, लेकिन इस और बार-बार ध्यान दिलाए जाने के बावजूद कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। पार्षद का कथनः वार्ड-तिरासी के पार्षद कय्यूम अंसारी का कहना है कि उनके कार्यकाल में वार्ड में मुख्य नाला निर्माण से लेकर सभी प्रमुख और भीतरी गलियों का काम हुआ है। इन सबको मिलाया जाए, तो करोड़ों रुपये की लागत से वार्ड में काम कराए जा चुके हैं। मोती वाले पुल से चांद वाले पुल तक और अवस्थापना निधि से निर्माण कार्य कराया गया है। मोती वाले पुल के पास गहरा गड्ढा सही कराते हुए रास्ता बनवाया गया है। साफ-सफाई का काम कराने के लिए यहां एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था, उन्होंने प्रयास करके चौबीस सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था कराई है। इस समय भी नगर निगम की ओर से प्रमुख और भीतरी कई गलियों में निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। |
Palamu: जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के पिरोजी गांव में अवैध अंग्रेजी शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने सोमवार को इसका उद्भेदन किया है. पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी सुदामा कुमार दास के नेतृत्व में पुलिस ने पिरोजी गांव स्थित एक ईंट करकट के मकान में छापामारी कर 70 कार्टून में अवैध देशी शराब, ब्लू रंग के 9 गैलन में 360 लीटर स्प्रिट, बॉटलिंग पंचिंग मशीन, प्लास्टिक की खाली बोतल, ढक्कन, रॉयल ब्लू वाइन का स्टीकर 50 सीट, शराब पैक करने वाले 300 गता तथा एक लाल काले रंग की टीवीएस अपाची मोटरसाइकिल बरामद की गई.
मौके से शहर के वैद्य बिगहा निवासी रमन पासवान का पुत्र मुकेश कुमार को गिरफ्तार कर किया गया. उसो जेल भेज दिया गया है.
मालूम हो कि जिस मकान से उक्त सभी सामग्री जप्त की गई. वह मकान भगत तेंदुआ गांव निवासी पिंटू सिंह उर्फ अमित सिंह का है. इस संबंध में थाना प्रभारी ने बताया कि अवैध शराब निर्माण तथा बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी.
छापामारी दल में एएसआई संजय कुमार सिंह, आरक्षी चालक रामचंद्र राम, प्रशांत कुमार सहित पुलिस बल के कई जवान शामिल थे.
नशीले पदार्थों की तस्करी और खरीद बिक्री रोकने को लेकर चलाये जा रहे अभियान में तरहसी थाना पुलिस को सफलता हाथ लगी है. गुप्त सूचना के आधार पर थाना प्रभारी जयप्रकाश पासवान के द्वारा की गई कार्रवाई में जमुना गांव से एक किलो 800 ग्राम अफीम बरामद हुई है. अफीम खलील मियां के घर से मिली है. इस संबंध में खलील मियां के खिलाफ नामजद और 10 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. खलील मियां एवं अन्य फरार बताये जाते हैं.
थाना प्रभारी ने सोमवार को बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि जमुना गांव में खलील मियां के घर अफीम लाई गई है और उसकी तस्करी की जानी है. सूचना पर एक टीम बनाकर रविवार की रात जमुना गांव में छापामारी की गई. जैसे ही पुलिस खलील मियां के घर पहुंची कि मौके से आरोपी फरार हो गया. बाद में घर में सर्च करने पर एक किलो 800 ग्राम अफीम बरामद हुई.
| Palamu: जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के पिरोजी गांव में अवैध अंग्रेजी शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने सोमवार को इसका उद्भेदन किया है. पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी सुदामा कुमार दास के नेतृत्व में पुलिस ने पिरोजी गांव स्थित एक ईंट करकट के मकान में छापामारी कर सत्तर कार्टून में अवैध देशी शराब, ब्लू रंग के नौ गैलन में तीन सौ साठ लीटरटर स्प्रिट, बॉटलिंग पंचिंग मशीन, प्लास्टिक की खाली बोतल, ढक्कन, रॉयल ब्लू वाइन का स्टीकर पचास सीट, शराब पैक करने वाले तीन सौ गता तथा एक लाल काले रंग की टीवीएस अपाची मोटरसाइकिल बरामद की गई. मौके से शहर के वैद्य बिगहा निवासी रमन पासवान का पुत्र मुकेश कुमार को गिरफ्तार कर किया गया. उसो जेल भेज दिया गया है. मालूम हो कि जिस मकान से उक्त सभी सामग्री जप्त की गई. वह मकान भगत तेंदुआ गांव निवासी पिंटू सिंह उर्फ अमित सिंह का है. इस संबंध में थाना प्रभारी ने बताया कि अवैध शराब निर्माण तथा बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी. छापामारी दल में एएसआई संजय कुमार सिंह, आरक्षी चालक रामचंद्र राम, प्रशांत कुमार सहित पुलिस बल के कई जवान शामिल थे. नशीले पदार्थों की तस्करी और खरीद बिक्री रोकने को लेकर चलाये जा रहे अभियान में तरहसी थाना पुलिस को सफलता हाथ लगी है. गुप्त सूचना के आधार पर थाना प्रभारी जयप्रकाश पासवान के द्वारा की गई कार्रवाई में जमुना गांव से एक किलो आठ सौ ग्राम अफीम बरामद हुई है. अफीम खलील मियां के घर से मिली है. इस संबंध में खलील मियां के खिलाफ नामजद और दस अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. खलील मियां एवं अन्य फरार बताये जाते हैं. थाना प्रभारी ने सोमवार को बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि जमुना गांव में खलील मियां के घर अफीम लाई गई है और उसकी तस्करी की जानी है. सूचना पर एक टीम बनाकर रविवार की रात जमुना गांव में छापामारी की गई. जैसे ही पुलिस खलील मियां के घर पहुंची कि मौके से आरोपी फरार हो गया. बाद में घर में सर्च करने पर एक किलो आठ सौ ग्राम अफीम बरामद हुई. |
मथुरा। मथुरा और वृंदावन में 25 दिसंबर से पांच जनवरी तक भीड़ का असर ठाकुर श्रीबांके बिहारी ( Banke Bihari temple) समेत प्रमुख मंदिर में दिखाई देगा। इस दौरान मंदिरों में लाखों की संख्या में भक्त पहुंचेंगे। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को उचित स्वास्थ्य सेवाएं देने और आपातकाल से निपटने के लिए चार और मेडिकल बूथ बनाए जा रहे हैं। यहां सुबह और शाम के दर्शन के समय अलग-अलग शिफ्टों में डॉक्टर और पैरा मेडिकल टीम की तैनाती की जाएगी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर ( Banke Bihari temple) में हुए हादसे के बाद मंदिर के गेट नंबर एक के पास और गेट नंबर चार के समीप दो मेडिकल बूथ बनाए गए हैं। यहां डॉक्टरों की तैनाती की गई है, जो मंदिर में तबियत बिगड़ने पर श्रद्धालुओं का उपचार कर रहे हैं। 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक होने वाली भीड़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने चार और नए बूथ बनाने की योजना को अंतिम रूप दिया है।
सीएमओ डॉ. एके वर्मा ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर की ओर जाने वाले विद्यापीठ चौराहा, जुगल घाट पर मेडिकल बूथ बनाए जा रहे हैं। वहीं निकास वीआईपी मार्ग स्थित जादौन पार्किंग के अलावा राधा सनेह बिहारी मंदिर पर मेडिकल बूथ बनाया जा रहा है। यहां डॉक्टरों के साथ अन्य मेडिकल स्टाफ रहेगा। मेडिकल बूथ पर लोगों को दवा के साथ ही प्राथमिक उपचार देने की व्यवस्था की जा रही है।
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में कोई आपात स्थिति उत्पन्न होने पर मंदिर क्षेत्र में एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने वीआईपी रोड पर एंबुलेंस के खड़े होने की व्यवस्था की है।
ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी का कहना है कि बिहारीजी मंदिर में प्रतिदिन उमड़ पड़ने वाली भक्तों की बेतहाशा भीड़ के सामने कोविड प्रोटोकॉल का पालन होना सहज नहीं। यदि देश और दुनिया में कोरोना ने पहले की तरह से कोहराम मचाया तो सरकार सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ नहीं जुटने देगी, जिसका सीधा असर बिहारीजी मंदिर सहित अन्य स्थलों पर भी पड़ेगा।
| मथुरा। मथुरा और वृंदावन में पच्चीस दिसंबर से पांच जनवरी तक भीड़ का असर ठाकुर श्रीबांके बिहारी समेत प्रमुख मंदिर में दिखाई देगा। इस दौरान मंदिरों में लाखों की संख्या में भक्त पहुंचेंगे। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को उचित स्वास्थ्य सेवाएं देने और आपातकाल से निपटने के लिए चार और मेडिकल बूथ बनाए जा रहे हैं। यहां सुबह और शाम के दर्शन के समय अलग-अलग शिफ्टों में डॉक्टर और पैरा मेडिकल टीम की तैनाती की जाएगी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हुए हादसे के बाद मंदिर के गेट नंबर एक के पास और गेट नंबर चार के समीप दो मेडिकल बूथ बनाए गए हैं। यहां डॉक्टरों की तैनाती की गई है, जो मंदिर में तबियत बिगड़ने पर श्रद्धालुओं का उपचार कर रहे हैं। पच्चीस दिसंबर से पाँच जनवरी तक होने वाली भीड़ के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने चार और नए बूथ बनाने की योजना को अंतिम रूप दिया है। सीएमओ डॉ. एके वर्मा ने बताया कि बांके बिहारी मंदिर की ओर जाने वाले विद्यापीठ चौराहा, जुगल घाट पर मेडिकल बूथ बनाए जा रहे हैं। वहीं निकास वीआईपी मार्ग स्थित जादौन पार्किंग के अलावा राधा सनेह बिहारी मंदिर पर मेडिकल बूथ बनाया जा रहा है। यहां डॉक्टरों के साथ अन्य मेडिकल स्टाफ रहेगा। मेडिकल बूथ पर लोगों को दवा के साथ ही प्राथमिक उपचार देने की व्यवस्था की जा रही है। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में कोई आपात स्थिति उत्पन्न होने पर मंदिर क्षेत्र में एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी। स्वास्थ्य विभाग ने वीआईपी रोड पर एंबुलेंस के खड़े होने की व्यवस्था की है। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी का कहना है कि बिहारीजी मंदिर में प्रतिदिन उमड़ पड़ने वाली भक्तों की बेतहाशा भीड़ के सामने कोविड प्रोटोकॉल का पालन होना सहज नहीं। यदि देश और दुनिया में कोरोना ने पहले की तरह से कोहराम मचाया तो सरकार सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ नहीं जुटने देगी, जिसका सीधा असर बिहारीजी मंदिर सहित अन्य स्थलों पर भी पड़ेगा। |
मध्यप्रदेश सरकार के आंगनबाड़ी केन्द्रों में अंडा वितरण का भाजपा ने विरोध तेज कर दिया है. इसे लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार जनता के साथ पाप कर रही है.
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ियों में कुपोषण से बचाने के लिए बच्चों को अंडे देने की तैयारी की जा रही है. वहीं सरकार के इस फैसले के विरोध में भाजपा मैदान में उतर आई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि कमलनाथ सरकार प्रदेश की जनता के साथ पाप कर रही है. हमारी संस्कृति सनातन संस्कृति है, इसमें मांसाहार निषेध है. अगर हम बचपन से बच्चों को तामसी प्रवृत्ति डाल देंगे तो बच्चे आगे जाकर नरभक्षि न हो जाएं.
मध्यप्रदेश सरकार के आंगनबाड़ी केन्द्रों में अंडा वितरण का भाजपा ने विरोध तेज कर दिया है. इसे लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार जनता के साथ पाप कर रही है. उन्होंने सरकार के आंगनवाड़ियों में अंडा बांटने के प्रस्ताव पर कहा कि हमारी संस्कृति सनात संस्कृति है, इसमें मांसाहार निषेध है. अगर बचपन से ही बच्चों में तामसी प्रवृत्ति डाल देंगे तो आगे जाकर वह नरभक्षि न हो जाएं. उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक आहार देने के और भी कई तरीके हैं. आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अंडे देने का विचार कई बार आ चुका है.
भाजपा सरकार के समय जब मैं मंत्री था, तब भी बच्चों को आंगनबाड़ियों में अंडे देने की बात सामने आई थी, लेकिन हमारी संस्कृति हमें शाकाहार का सेवन करने की दिशा प्रदान करती है, क्योंकि अंडा मांस का ही एक रुप है, इसलिए हमने इसकी अनुमति नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि कुपोषित सरकार से इससे ज्यादा और क्या उम्मीद की जा सकती है. बच्चों को अंडा खिलाएगी जो नहीं खाता उन्हें जबरन खिलाएंगे. अंडे से पोषण नहीं मिला तो बकरे खिलाएगी यह सरकार.
उल्लेखनीय है कि 2013 में यूपीए सरकार ने मिड डे मील और आंगनबाड़ियों में बच्चों को अंडा देने की बात कही थी. मगर उस समय जिन राज्यों में भाजपा सरकार थी, उन्होंने इस बात को नहीं माना था, जबकि कई राज्यों में दूध और अंडे दिए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ में भी यह योजना पिछले महीने ही शुरू हुई है.
नेता प्रतिपक्ष के पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस फैसले का विरोध किया था. विजयवर्गीय ने बुधवार को अंडे बांटे जाने के प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि हम इसका विरोध करेंगे. उन्होंने कहा कि लोगों के धार्मिक विश्वास के बीच किसी को भी हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.
कमलनाथ सरकार के इस फैसले का राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी विरोध किया है. उन्होंने कहा कि कोई क्या खाए ये उसके विवेक पर निर्भर करता है, लेकिन सरकार कहे कि अंडा खाओ यह उचित नहीं है. आंगनवाड़ियों में अंडा खिलाने का हम घनघोर विरोध करते हैं. अंडे के कई विकल्प मौजूद हैं, पोषण आहार के लिए कई विकल्प हैं. आंगनबाड़ियों में अंडा नहीं परोसा जाना चाहिए. अंडा खिलाने का हम विरोध करेंगे. हमारे समय जब प्रस्ताव आया था अंडे का तो हमने इसको खारिज कर दिया था हम आंगनवाड़ियों में दूध देते थे.
महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने आज फिर आंगनबाड़ियों में अंडा वितरण करने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अंडा शाकाहारी है. जहां पर कुपोषण होगा, वहां सरकार मध्यान्ह भोजन में अंडा देगी. मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां कुपोषण है, वहां पर अंडा दिया जाएगा. मंत्री इमरती देवी ने घोषणा की कि आदिवासी अंचल के बाद पूरे प्रदेश में सरकार अंडा बांटेगी . मंत्री ने कहा कि मैं खुद भी अंडा खाती हूं , अंडा खाने में कोई बुराई नहीं है. विरोध कर रहे भाजपा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए मंत्री इमरती देवी ने कहा कि विरोध करने वालों को होटल में जाकर देखा, वहां पर ये किस हाल में मिलेंगे, क्या खा रहे होंगे.
| मध्यप्रदेश सरकार के आंगनबाड़ी केन्द्रों में अंडा वितरण का भाजपा ने विरोध तेज कर दिया है. इसे लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार जनता के साथ पाप कर रही है. मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ियों में कुपोषण से बचाने के लिए बच्चों को अंडे देने की तैयारी की जा रही है. वहीं सरकार के इस फैसले के विरोध में भाजपा मैदान में उतर आई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि कमलनाथ सरकार प्रदेश की जनता के साथ पाप कर रही है. हमारी संस्कृति सनातन संस्कृति है, इसमें मांसाहार निषेध है. अगर हम बचपन से बच्चों को तामसी प्रवृत्ति डाल देंगे तो बच्चे आगे जाकर नरभक्षि न हो जाएं. मध्यप्रदेश सरकार के आंगनबाड़ी केन्द्रों में अंडा वितरण का भाजपा ने विरोध तेज कर दिया है. इसे लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार जनता के साथ पाप कर रही है. उन्होंने सरकार के आंगनवाड़ियों में अंडा बांटने के प्रस्ताव पर कहा कि हमारी संस्कृति सनात संस्कृति है, इसमें मांसाहार निषेध है. अगर बचपन से ही बच्चों में तामसी प्रवृत्ति डाल देंगे तो आगे जाकर वह नरभक्षि न हो जाएं. उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक आहार देने के और भी कई तरीके हैं. आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अंडे देने का विचार कई बार आ चुका है. भाजपा सरकार के समय जब मैं मंत्री था, तब भी बच्चों को आंगनबाड़ियों में अंडे देने की बात सामने आई थी, लेकिन हमारी संस्कृति हमें शाकाहार का सेवन करने की दिशा प्रदान करती है, क्योंकि अंडा मांस का ही एक रुप है, इसलिए हमने इसकी अनुमति नहीं दी थी. उन्होंने कहा कि कुपोषित सरकार से इससे ज्यादा और क्या उम्मीद की जा सकती है. बच्चों को अंडा खिलाएगी जो नहीं खाता उन्हें जबरन खिलाएंगे. अंडे से पोषण नहीं मिला तो बकरे खिलाएगी यह सरकार. उल्लेखनीय है कि दो हज़ार तेरह में यूपीए सरकार ने मिड डे मील और आंगनबाड़ियों में बच्चों को अंडा देने की बात कही थी. मगर उस समय जिन राज्यों में भाजपा सरकार थी, उन्होंने इस बात को नहीं माना था, जबकि कई राज्यों में दूध और अंडे दिए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ में भी यह योजना पिछले महीने ही शुरू हुई है. नेता प्रतिपक्ष के पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने भी इस फैसले का विरोध किया था. विजयवर्गीय ने बुधवार को अंडे बांटे जाने के प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि हम इसका विरोध करेंगे. उन्होंने कहा कि लोगों के धार्मिक विश्वास के बीच किसी को भी हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. कमलनाथ सरकार के इस फैसले का राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी विरोध किया है. उन्होंने कहा कि कोई क्या खाए ये उसके विवेक पर निर्भर करता है, लेकिन सरकार कहे कि अंडा खाओ यह उचित नहीं है. आंगनवाड़ियों में अंडा खिलाने का हम घनघोर विरोध करते हैं. अंडे के कई विकल्प मौजूद हैं, पोषण आहार के लिए कई विकल्प हैं. आंगनबाड़ियों में अंडा नहीं परोसा जाना चाहिए. अंडा खिलाने का हम विरोध करेंगे. हमारे समय जब प्रस्ताव आया था अंडे का तो हमने इसको खारिज कर दिया था हम आंगनवाड़ियों में दूध देते थे. महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी ने आज फिर आंगनबाड़ियों में अंडा वितरण करने का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अंडा शाकाहारी है. जहां पर कुपोषण होगा, वहां सरकार मध्यान्ह भोजन में अंडा देगी. मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां कुपोषण है, वहां पर अंडा दिया जाएगा. मंत्री इमरती देवी ने घोषणा की कि आदिवासी अंचल के बाद पूरे प्रदेश में सरकार अंडा बांटेगी . मंत्री ने कहा कि मैं खुद भी अंडा खाती हूं , अंडा खाने में कोई बुराई नहीं है. विरोध कर रहे भाजपा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए मंत्री इमरती देवी ने कहा कि विरोध करने वालों को होटल में जाकर देखा, वहां पर ये किस हाल में मिलेंगे, क्या खा रहे होंगे. |
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) संजीव वाजपेयी ने मंगलवार को बताया कि घटना थाना बंडा अंतर्गत एक गांव की है। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम बच्चे लुका-छुपी खेल रहे थे, लेकिन इसी दौरान खेल में शामिल कक्षा दो का सात वर्षीय छात्र 11 वर्षीय एक अन्य लड़के के साथ बच्ची को बहला-फुसलाकर गन्ने के खेत में ले गया और उससे बारी-बारी से दुष्कर्म किया।
वाजपेयी ने बताया कि घटना के बाद बच्ची किसी तरह रोती हुई घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने पीड़िता की मां की ओर से दी गई तहरीर पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। वाजपेयी ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित बच्ची को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
| पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेयी ने मंगलवार को बताया कि घटना थाना बंडा अंतर्गत एक गांव की है। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम बच्चे लुका-छुपी खेल रहे थे, लेकिन इसी दौरान खेल में शामिल कक्षा दो का सात वर्षीय छात्र ग्यारह वर्षीय एक अन्य लड़के के साथ बच्ची को बहला-फुसलाकर गन्ने के खेत में ले गया और उससे बारी-बारी से दुष्कर्म किया। वाजपेयी ने बताया कि घटना के बाद बच्ची किसी तरह रोती हुई घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद मंगलवार को पुलिस ने पीड़िता की मां की ओर से दी गई तहरीर पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। वाजपेयी ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित बच्ची को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। |
रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सुप्रीमो शिबू सोरेन (Shibu Soren) की तबीयत गुरुवार को बिगड़ गयी।
उन्हें आनन-फानन में रांची के मेदांता अस्पताल (Medanta Hospital) में भर्ती कराया गया है। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अमित की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
बताया जा रहा है कि सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान उनके साथ पुत्रवधू कल्पना सोरेन थीं। इसकी पुष्टि केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य (Supriyo Bhattacharya) ने की है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन Corona से संक्रमित हो गए थे। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों (Doctors) की सलाह पर उन्हें रांची के मेदांता में भर्ती कराया गया था।
शिबू सोरेन को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद डॉक्टरों के परामर्श पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता (Gurugram Medanta) में भर्ती कराया गया था। इसके बाद वे स्वस्थ होकर रांची लौटे थे।
| रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता और झारखंड मुक्ति मोर्चा सुप्रीमो शिबू सोरेन की तबीयत गुरुवार को बिगड़ गयी। उन्हें आनन-फानन में रांची के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. अमित की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान उनके साथ पुत्रवधू कल्पना सोरेन थीं। इसकी पुष्टि केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने की है। उल्लेखनीय है कि वर्ष दो हज़ार बीस में राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन Corona से संक्रमित हो गए थे। तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें रांची के मेदांता में भर्ती कराया गया था। शिबू सोरेन को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसके बाद डॉक्टरों के परामर्श पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता में भर्ती कराया गया था। इसके बाद वे स्वस्थ होकर रांची लौटे थे। |
लखनऊः यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाला है। कोरोना का संक्रमण कम होने पर सभी पार्टियों ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव शुरू होने में लगभग 8 से 10 महीनों का समय है। ऐसे में राम मंदिर का मुद्दा खबरों में आना शुरू हो गया है।
इसकी शुरुआत आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कर दी है। संजय सिंह ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर घोटाले का आरोप लगाकर बीजेपी को बैकफुट पर लाने की कोशिश की तो वहीं बीजेपी भी इस मुद्दे पर मंथन करके चुनाव की शुरुआत करने के मूंड में दिख रही है। खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या विकास कार्यों पर बराबर नजर रखने वाले है। शनिवार को पीएम मोदी वर्चुअली एक समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में यूपी के मुख्यमंत्री योगी भी हिस्सा लेंगे। इस बड़ी मीटिंग में पीएम मोदी पूरी योजना की प्रोग्रेस रिपोर्ट को देखेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी कल सुबह 11 बजे अयोध्या का विजन डाक्यूमेंटस देखेंगे। पीएम के साथ 13 अन्य सदस्य इस कांफ्रेस में शामिल होंगे। सीएम योगी भी इस मीटिंग में वर्चुअली जुड़ेंगे। सीएम के साथ दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या और दिनेश शर्मा भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा वित्त मंत्री सुरेश खन्ना,आशुतोष टंडम,नील कंठ तिवारी और मंत्री महेंद्र सिंह भी शामिल होंगे। अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह भी शामिल होंगे। प्रमुख सचिव आवास विकास प्रेजेंटेशन देंगे।
रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कुछ दिन पहले अयोध्या का दौरा कर विकास कार्यों का दौरा किया था। नृपेंद्र मिश्र की रिपोर्ट पीएम मोदी तक पहुंच भी चुकी है। पीएम मोदी अपनी शनिवार की बैठक में इस रिपोर्ट के आधार अयोध्या मामले पर मास्टर प्लान पर चर्चा करेंगे। इस बैठक के लिए अधिकारियों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है।
राम मंदिर से सरयुघाट के सौंदर्यीकरण और राम की प्रतिमा तक की परियोजना की चर्चा की जाएगी। इसमें हेरिटेज सिटी, समरस अयोध्या, स्मार्ट अयोध्या को डेवलप करने का कार्य किया जाना है।
| लखनऊः यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाला है। कोरोना का संक्रमण कम होने पर सभी पार्टियों ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। चुनाव शुरू होने में लगभग आठ से दस महीनों का समय है। ऐसे में राम मंदिर का मुद्दा खबरों में आना शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कर दी है। संजय सिंह ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर घोटाले का आरोप लगाकर बीजेपी को बैकफुट पर लाने की कोशिश की तो वहीं बीजेपी भी इस मुद्दे पर मंथन करके चुनाव की शुरुआत करने के मूंड में दिख रही है। खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या विकास कार्यों पर बराबर नजर रखने वाले है। शनिवार को पीएम मोदी वर्चुअली एक समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में यूपी के मुख्यमंत्री योगी भी हिस्सा लेंगे। इस बड़ी मीटिंग में पीएम मोदी पूरी योजना की प्रोग्रेस रिपोर्ट को देखेंगे। प्रधानमंत्री मोदी कल सुबह ग्यारह बजे अयोध्या का विजन डाक्यूमेंटस देखेंगे। पीएम के साथ तेरह अन्य सदस्य इस कांफ्रेस में शामिल होंगे। सीएम योगी भी इस मीटिंग में वर्चुअली जुड़ेंगे। सीएम के साथ दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या और दिनेश शर्मा भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा वित्त मंत्री सुरेश खन्ना,आशुतोष टंडम,नील कंठ तिवारी और मंत्री महेंद्र सिंह भी शामिल होंगे। अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह भी शामिल होंगे। प्रमुख सचिव आवास विकास प्रेजेंटेशन देंगे। रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कुछ दिन पहले अयोध्या का दौरा कर विकास कार्यों का दौरा किया था। नृपेंद्र मिश्र की रिपोर्ट पीएम मोदी तक पहुंच भी चुकी है। पीएम मोदी अपनी शनिवार की बैठक में इस रिपोर्ट के आधार अयोध्या मामले पर मास्टर प्लान पर चर्चा करेंगे। इस बैठक के लिए अधिकारियों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। राम मंदिर से सरयुघाट के सौंदर्यीकरण और राम की प्रतिमा तक की परियोजना की चर्चा की जाएगी। इसमें हेरिटेज सिटी, समरस अयोध्या, स्मार्ट अयोध्या को डेवलप करने का कार्य किया जाना है। |
Indore Court News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मंदसौर गोलीकांड मामले में गठित जांच आयोग ने चार साल पहले अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। शासन ने हाई कोर्ट में आश्वासन दिया था कि इस रिपोर्ट को जल्द ही सार्वजनिक कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने से आम आदमी को पता ही नहीं चल रहा है कि मंदसौर गोलीकांड में आखिर गलती किसकी थी। जो छह किसान इस गोलीकांड में मारे गए थे आखिर उनकी गलती क्या थी।
यह मजमून है उस जनहित याचिका का जो मंदसौर गोलीकांड को लेकर मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत हुई है। याचिका पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने एडवोकेट प्रत्युश मिश्रा के माध्यम से दायर की है। इसमें जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सार्वजनिक करने का आदेश देने की मांग की गई है। गौरतलब है कि 6 जून 2017 को मंदसौर में सड़क पर प्रदर्शन कर रहे किसान और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें पुलिस की गोली से छह किसानों की मौत हो गई थी। यह मामला हाई कोर्ट पहुंचने के बाद जांच के लिए एक सदस्यीय जैन आयोग गठित किया गया था। इस जांच आयोग ने सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद 2018 में जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी।
हाई कोर्ट में शासन ने आश्वासन दिया था कि जैन आयोग की रिपोर्ट छह माह के भीतर विधानसभा में प्रस्तुत कर दी जाएगी। इसके बाद यह सार्वजनिक हो जाएगी और कोई भी आम व्यक्ति इस रिपोर्ट का अवलोकन कर सकेंगे। हाई कोर्ट में आश्वासन देने के बावजूद ऐसा नहीं हुआ। रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है। अब यह मामला एक बार फिर हाई कोर्ट पहुंच गया है। इसे लेकर एक नई जनहित याचिका प्रस्तुत हुई है। मंगलवार को इसी में बहस है। याचिकाकर्ता की मांग है कि रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
| Indore Court News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मंदसौर गोलीकांड मामले में गठित जांच आयोग ने चार साल पहले अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। शासन ने हाई कोर्ट में आश्वासन दिया था कि इस रिपोर्ट को जल्द ही सार्वजनिक कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होने से आम आदमी को पता ही नहीं चल रहा है कि मंदसौर गोलीकांड में आखिर गलती किसकी थी। जो छह किसान इस गोलीकांड में मारे गए थे आखिर उनकी गलती क्या थी। यह मजमून है उस जनहित याचिका का जो मंदसौर गोलीकांड को लेकर मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत हुई है। याचिका पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने एडवोकेट प्रत्युश मिश्रा के माध्यम से दायर की है। इसमें जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द सार्वजनिक करने का आदेश देने की मांग की गई है। गौरतलब है कि छः जून दो हज़ार सत्रह को मंदसौर में सड़क पर प्रदर्शन कर रहे किसान और पुलिस के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें पुलिस की गोली से छह किसानों की मौत हो गई थी। यह मामला हाई कोर्ट पहुंचने के बाद जांच के लिए एक सदस्यीय जैन आयोग गठित किया गया था। इस जांच आयोग ने सभी पक्षों के बयान दर्ज करने के बाद दो हज़ार अट्ठारह में जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। हाई कोर्ट में शासन ने आश्वासन दिया था कि जैन आयोग की रिपोर्ट छह माह के भीतर विधानसभा में प्रस्तुत कर दी जाएगी। इसके बाद यह सार्वजनिक हो जाएगी और कोई भी आम व्यक्ति इस रिपोर्ट का अवलोकन कर सकेंगे। हाई कोर्ट में आश्वासन देने के बावजूद ऐसा नहीं हुआ। रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है। अब यह मामला एक बार फिर हाई कोर्ट पहुंच गया है। इसे लेकर एक नई जनहित याचिका प्रस्तुत हुई है। मंगलवार को इसी में बहस है। याचिकाकर्ता की मांग है कि रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि वास्तविकता सामने आ सके। |
मोनगीरः बिहार में मोनगीर ज़िले के क़ासिम बाज़ार थाना इलाके में बदमाशों ने आज एक व्यापारी से छः लाख इकत्तीस हज़ार रुपय लूट लिये।
पुलिस सुत्रो ने यहां बताया कि व्यापारी अभिषेक कुमार अपने पिता के साथ बैंक में रुपय जमा करने के लिए मोटर साईकल से जा रहा था तभी क़ासिम बाज़ार मुहल्ला में दो मोटर साईकिल पर सवार चार बदमाशों ने हथियार का ख़ौफ़ दिखा कर उन्हें अपने क़बज़े में ले लिया । उस के बाद बदमाशों ने व्यापारी के पास से थैले में रखे छः लाख इकत्तीस हज़ार रुपय लूट कर फ़रार हो गए।
सूत्रों ने बताया कि भागने के दौरान लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश में फायरिंग भी की। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।
| मोनगीरः बिहार में मोनगीर ज़िले के क़ासिम बाज़ार थाना इलाके में बदमाशों ने आज एक व्यापारी से छः लाख इकत्तीस हज़ार रुपय लूट लिये। पुलिस सुत्रो ने यहां बताया कि व्यापारी अभिषेक कुमार अपने पिता के साथ बैंक में रुपय जमा करने के लिए मोटर साईकल से जा रहा था तभी क़ासिम बाज़ार मुहल्ला में दो मोटर साईकिल पर सवार चार बदमाशों ने हथियार का ख़ौफ़ दिखा कर उन्हें अपने क़बज़े में ले लिया । उस के बाद बदमाशों ने व्यापारी के पास से थैले में रखे छः लाख इकत्तीस हज़ार रुपय लूट कर फ़रार हो गए। सूत्रों ने बताया कि भागने के दौरान लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश में फायरिंग भी की। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। |
नई दिल्लीः मौजूदा दौर में भागदौड़ और बिजी लाइफ में ज्यादातर लोग अपनी हेल्थ पर पूरी तरह से ध्यान नहीं दे पाते है। जिससे शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है। अक्सर सुनने को मिलता है, सीढ़ियां चढ़ते वक्त लोगों की सांसें फूलने लगती है। कई लोगों को तो दो-चार सीढ़ियां चढ़ने में ही शामत आती है। ये समस्या हर उम्र के लोगों में पाया जाता है। बदलते जीवनशैली के कारण ये समस्या उत्पन्न हो रही है। लोग अपने स्वास्थ्य का सही तरीके से ध्यान नहीं रख पाते हैं, इसलिए वे कमजोर महसूस करते हैं और उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। तो आइए जानें इस समस्या से छुटकारा पाने के उपाय।
जानकारों के अनुसार, जिन लोगों के शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है। उन लोगों में ये समस्या आम तौर पर देखी जाती है। इसलिए अपने आहार में पोषक युक्त भोजन शामिल करें। जिससे आपके शरीर को एनर्जी मिलेगी और सीढ़ियों पर चलते वक्त आपकी सांसें नहीं फूलेंगी।
शरीर में पानी की कमी की वजह से भी ये समस्या होती है। डिहाइड्रेशन की समस्या के कारण सीढ़ियां चढ़ते वक्त सांस फूलने लगती है। भरपूर मात्रा में पानी पिएं, चाहे तो आप रोजाना नारियल पानी और फलों के जूस को भी शामिल कर सकते हैं। तनाव के कारण भी दो-चार सीढ़ियां चढ़ने पर ही सांसे फूलने लगती है। ऐसे में आप तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें। सुबह जल्दी उठने की कोशिश करें। देर तक सोने पर भी ये समस्या उत्पन्न होती है। हर रोज पूरी नींद लें और दिन में सोने की आदत से बचें।
इतना सब करने के बाद भी अगर जल्दी सांस फूलने जैसी परेशानी बरकरार रहती है तो फिर उसको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। क्योंकि, यह एक क्रोनिक फैटीग सिंड्रोम (Chronic Fatigue Syndrome) का भी संकेत हो सकता है।
| नई दिल्लीः मौजूदा दौर में भागदौड़ और बिजी लाइफ में ज्यादातर लोग अपनी हेल्थ पर पूरी तरह से ध्यान नहीं दे पाते है। जिससे शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है। अक्सर सुनने को मिलता है, सीढ़ियां चढ़ते वक्त लोगों की सांसें फूलने लगती है। कई लोगों को तो दो-चार सीढ़ियां चढ़ने में ही शामत आती है। ये समस्या हर उम्र के लोगों में पाया जाता है। बदलते जीवनशैली के कारण ये समस्या उत्पन्न हो रही है। लोग अपने स्वास्थ्य का सही तरीके से ध्यान नहीं रख पाते हैं, इसलिए वे कमजोर महसूस करते हैं और उन्हें इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। तो आइए जानें इस समस्या से छुटकारा पाने के उपाय। जानकारों के अनुसार, जिन लोगों के शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है। उन लोगों में ये समस्या आम तौर पर देखी जाती है। इसलिए अपने आहार में पोषक युक्त भोजन शामिल करें। जिससे आपके शरीर को एनर्जी मिलेगी और सीढ़ियों पर चलते वक्त आपकी सांसें नहीं फूलेंगी। शरीर में पानी की कमी की वजह से भी ये समस्या होती है। डिहाइड्रेशन की समस्या के कारण सीढ़ियां चढ़ते वक्त सांस फूलने लगती है। भरपूर मात्रा में पानी पिएं, चाहे तो आप रोजाना नारियल पानी और फलों के जूस को भी शामिल कर सकते हैं। तनाव के कारण भी दो-चार सीढ़ियां चढ़ने पर ही सांसे फूलने लगती है। ऐसे में आप तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें। सुबह जल्दी उठने की कोशिश करें। देर तक सोने पर भी ये समस्या उत्पन्न होती है। हर रोज पूरी नींद लें और दिन में सोने की आदत से बचें। इतना सब करने के बाद भी अगर जल्दी सांस फूलने जैसी परेशानी बरकरार रहती है तो फिर उसको जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क कर लेना चाहिए। क्योंकि, यह एक क्रोनिक फैटीग सिंड्रोम का भी संकेत हो सकता है। |
रूस-यूक्रेन जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने नाटो को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ने कई देशों में अपने परमाणु हथियार तैनात किए हुए है। अब रूस बेलारूस में परमाणु हथियार तैनात करेगा।
रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध को एक साल ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन दोनों देशों के बीच जारी जंग रूकने का नाम नहीं ले रही है। रूस यूक्रेन जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बड़ा ऐलान करते हुए नोटो देश को चेताया है। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अब रूस बेलारूस में टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन की तैनात करेगा। पुतिन का कहना है कि उनका यह फैसला न्यूक्लियर ट्रीटी का उल्लंघन नहीं करता है। क्योंकि अमेरिका ने भी कई देशों में अपने न्यूक्लियर वेपन तैनात किए हुए है और रूस भी ऐसा ही करने वाला है।
इसके साथ ही रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच यूक्रेन को हथियारों सहायता करने वाले नाटो को चेतावनी भी दी है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि जो देश यूक्रेन को हथियार की सप्लाई करेंगे उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
दरअसल, क्षेत्रफल की दृष्टि से रूस विश्व का सबसे बड़ा देश है। जबकि बेलारूस एक छोटा यूरोपीय देश है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप में बेलारूस से ही रूस से सबसे घनिष्ठ संबंध हैं। इसलिए रूस ने अपने परमाणु हाथियार को तैनात करने के लिए बेलारूस को चुना है।
रूसी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया दी। अमेरिका ने कहा कि रूस भले परमाणु हथियार की धमकी देता रहे, लेकिन फिलहाल इसका कोई संकेत नहीं है कि वह न्यूक्लियर वेपन का इस्तेमाल करेगा। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हमें न्यूक्लियर वेपन से जुड़ी अपनी स्ट्रेट्जी को बदलने का फिलहाल कोई कारण नहीं दिख रहा है।
आपको बता दें कि 1990 के बाद ऐसा पहली बार ऐसा हो रहा है जब रूस किसी और देश में अपने परमाणु हथियार तैनात करेगा। बेलारूस के तानाशाह अलेक्जेंडर लुकाशेंको और रूसी राष्ट्रपति में काफी घनिष्ट संबंध है। अलेक्जेंडर लुकाशेंको का कहना है कि उन्होंने रूस के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम और इस्कंदर मिसाइल सिस्टम को इंस्टॉल कर लिया है, इन्हें रूस ने करीब छह महीने पहले बेलारूस भिजवाया था।
| रूस-यूक्रेन जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने नाटो को चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ने कई देशों में अपने परमाणु हथियार तैनात किए हुए है। अब रूस बेलारूस में परमाणु हथियार तैनात करेगा। रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध को एक साल ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन दोनों देशों के बीच जारी जंग रूकने का नाम नहीं ले रही है। रूस यूक्रेन जंग के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बड़ा ऐलान करते हुए नोटो देश को चेताया है। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि अब रूस बेलारूस में टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन की तैनात करेगा। पुतिन का कहना है कि उनका यह फैसला न्यूक्लियर ट्रीटी का उल्लंघन नहीं करता है। क्योंकि अमेरिका ने भी कई देशों में अपने न्यूक्लियर वेपन तैनात किए हुए है और रूस भी ऐसा ही करने वाला है। इसके साथ ही रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ लगातार बढ़ते तनाव के बीच यूक्रेन को हथियारों सहायता करने वाले नाटो को चेतावनी भी दी है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि जो देश यूक्रेन को हथियार की सप्लाई करेंगे उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। दरअसल, क्षेत्रफल की दृष्टि से रूस विश्व का सबसे बड़ा देश है। जबकि बेलारूस एक छोटा यूरोपीय देश है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप में बेलारूस से ही रूस से सबसे घनिष्ठ संबंध हैं। इसलिए रूस ने अपने परमाणु हाथियार को तैनात करने के लिए बेलारूस को चुना है। रूसी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया दी। अमेरिका ने कहा कि रूस भले परमाणु हथियार की धमकी देता रहे, लेकिन फिलहाल इसका कोई संकेत नहीं है कि वह न्यूक्लियर वेपन का इस्तेमाल करेगा। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि हमें न्यूक्लियर वेपन से जुड़ी अपनी स्ट्रेट्जी को बदलने का फिलहाल कोई कारण नहीं दिख रहा है। आपको बता दें कि एक हज़ार नौ सौ नब्बे के बाद ऐसा पहली बार ऐसा हो रहा है जब रूस किसी और देश में अपने परमाणु हथियार तैनात करेगा। बेलारूस के तानाशाह अलेक्जेंडर लुकाशेंको और रूसी राष्ट्रपति में काफी घनिष्ट संबंध है। अलेक्जेंडर लुकाशेंको का कहना है कि उन्होंने रूस के एस-चार सौ एयर डिफेंस सिस्टम और इस्कंदर मिसाइल सिस्टम को इंस्टॉल कर लिया है, इन्हें रूस ने करीब छह महीने पहले बेलारूस भिजवाया था। |
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Election) के दिन नासा (NASA) की एस्ट्रॉनॉट केट रूबिन्स (Kate Rubins) अंतरिक्ष से वोट देंगी. 1997 में नासा के डेविड वूल्फ पहले एस्ट्रॉनॉट थे, जिन्होंने स्पेस से वोटिंग की थी. प्रश्न यह है कि स्पेस से वोटिंग होती कैसे है?
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) धरती से 200 मील दूर स्थित है और पृथ्वी की कक्षा में 17000 मील प्रति घंटे से चक्कर लगाता है. अब मुद्दा ये है कि जिस दिन अमेरिका में चुनाव होंगे, उस दिन कुछ अंतरिक्ष यात्री यानी एस्ट्रॉनॉट्स अंतरिक्ष में होंगे, तो वो वोट कैसे देंगे? खबरों में कहा गया है कि आईएसएस का मिशन चूंकि छह महीने से पहले खत्म होना मुश्किल है इसलिए एस्ट्रॉनॉट अंतरिक्ष से ही अपना वोट देंगे. कैसे? इसके लिए एक खास व्यवस्था हुई है.
एस्ट्रॉनॉट के लिए तकनीकी वोटिंग का एक सिस्टम विकसित करने के लिए 1997 में ही टेक्सस विधायिका में एक बिल पास हो चुका था. इस बिल से अंतरिक्ष से ही वोट देने का अधिकार और सहूलियत मिलती है. साल 2016 के चुनाव में भी एस्ट्रॉनॉट एडवर्ड माइकल फिंक और ग्रेग चैमिटॉफ ने ISS के मिशन पर रहते हुए अपना वोट स्पेशल सीक्रेट मतपत्र के ज़रिये किया था.
नियम कहता है कि अगर चुनाव के दिन या शुरूआती वोटिंग के समय कोई व्यक्ति यानी अमेरिकी नागरिक अंतरिक्ष में है तो वह संघीय पोस्टकार्ड आवेदन यानी (FPCA) के ज़रिये वोटिंग कर सकता है. इसके लिए नासा को सचिवालय में सूचना देना होती है और इस पद्धति का इस्तेमाल करने के लिए इजाज़त लेने के साथ ही सीक्रेट मतपत्र लेने होते हैं. (तस्वीर में केट रूबिन्स, जो इस साल स्पेस से अपना वोट दे सकती हैं. )
नासा के एक पोस्ट के आधार पर खबरें कह रही हैं कि इस तरह की वोटिंग के लिए करीब एक साल पहले से तैयारी होती है कि किस चुनाव के समय कौन सा अंतरिक्ष यात्री स्पेस में होगा और क्या वह वोटिंग करना चाहेगा. इस तैयारी के चलते चुनाव से छह महीने पहले एस्ट्रॉनॉट को एक स्टैंडर्ड फॉर्म मिल जाता है, जिसे वोटर रजिस्ट्रेशन और FPCA भी कहा जाता है.
अमेरिकी चुनाव के एक दिन पहले, एस्ट्रॉनॉट को एक एन्क्रिप्टेड ई मतपत्र अपलिंक हो जाता है. ईमेल से एस्ट्रॉनॉट को जो यूनिक प्रमाण पत्र भेजे गए होते हैं, उनका इस्तेमाल करते हुए एस्ट्रॉनॉट अपना वोट देते हैं और भेजे गए अपलिंक को पृथ्वी पर उतरने के बाद वो डाउनलिंक कर इसकी सूचना काउंटी के क्लर्क दफ्तर में देते हैं.
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) धरती से 200 मील दूर स्थित है और पृथ्वी की कक्षा में 17000 मील प्रति घंटे से चक्कर लगाता है. अब मुद्दा ये है कि जिस दिन अमेरिका में चुनाव होंगे, उस दिन कुछ अंतरिक्ष यात्री यानी एस्ट्रॉनॉट्स अंतरिक्ष में होंगे, तो वो वोट कैसे देंगे? खबरों में कहा गया है कि आईएसएस का मिशन चूंकि छह महीने से पहले खत्म होना मुश्किल है इसलिए एस्ट्रॉनॉट अंतरिक्ष से ही अपना वोट देंगे. कैसे? इसके लिए एक खास व्यवस्था हुई है.
| अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दिन नासा की एस्ट्रॉनॉट केट रूबिन्स अंतरिक्ष से वोट देंगी. एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे में नासा के डेविड वूल्फ पहले एस्ट्रॉनॉट थे, जिन्होंने स्पेस से वोटिंग की थी. प्रश्न यह है कि स्पेस से वोटिंग होती कैसे है? इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन धरती से दो सौ मील दूर स्थित है और पृथ्वी की कक्षा में सत्रह हज़ार मील प्रति घंटे से चक्कर लगाता है. अब मुद्दा ये है कि जिस दिन अमेरिका में चुनाव होंगे, उस दिन कुछ अंतरिक्ष यात्री यानी एस्ट्रॉनॉट्स अंतरिक्ष में होंगे, तो वो वोट कैसे देंगे? खबरों में कहा गया है कि आईएसएस का मिशन चूंकि छह महीने से पहले खत्म होना मुश्किल है इसलिए एस्ट्रॉनॉट अंतरिक्ष से ही अपना वोट देंगे. कैसे? इसके लिए एक खास व्यवस्था हुई है. एस्ट्रॉनॉट के लिए तकनीकी वोटिंग का एक सिस्टम विकसित करने के लिए एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे में ही टेक्सस विधायिका में एक बिल पास हो चुका था. इस बिल से अंतरिक्ष से ही वोट देने का अधिकार और सहूलियत मिलती है. साल दो हज़ार सोलह के चुनाव में भी एस्ट्रॉनॉट एडवर्ड माइकल फिंक और ग्रेग चैमिटॉफ ने ISS के मिशन पर रहते हुए अपना वोट स्पेशल सीक्रेट मतपत्र के ज़रिये किया था. नियम कहता है कि अगर चुनाव के दिन या शुरूआती वोटिंग के समय कोई व्यक्ति यानी अमेरिकी नागरिक अंतरिक्ष में है तो वह संघीय पोस्टकार्ड आवेदन यानी के ज़रिये वोटिंग कर सकता है. इसके लिए नासा को सचिवालय में सूचना देना होती है और इस पद्धति का इस्तेमाल करने के लिए इजाज़त लेने के साथ ही सीक्रेट मतपत्र लेने होते हैं. नासा के एक पोस्ट के आधार पर खबरें कह रही हैं कि इस तरह की वोटिंग के लिए करीब एक साल पहले से तैयारी होती है कि किस चुनाव के समय कौन सा अंतरिक्ष यात्री स्पेस में होगा और क्या वह वोटिंग करना चाहेगा. इस तैयारी के चलते चुनाव से छह महीने पहले एस्ट्रॉनॉट को एक स्टैंडर्ड फॉर्म मिल जाता है, जिसे वोटर रजिस्ट्रेशन और FPCA भी कहा जाता है. अमेरिकी चुनाव के एक दिन पहले, एस्ट्रॉनॉट को एक एन्क्रिप्टेड ई मतपत्र अपलिंक हो जाता है. ईमेल से एस्ट्रॉनॉट को जो यूनिक प्रमाण पत्र भेजे गए होते हैं, उनका इस्तेमाल करते हुए एस्ट्रॉनॉट अपना वोट देते हैं और भेजे गए अपलिंक को पृथ्वी पर उतरने के बाद वो डाउनलिंक कर इसकी सूचना काउंटी के क्लर्क दफ्तर में देते हैं. इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन धरती से दो सौ मील दूर स्थित है और पृथ्वी की कक्षा में सत्रह हज़ार मील प्रति घंटे से चक्कर लगाता है. अब मुद्दा ये है कि जिस दिन अमेरिका में चुनाव होंगे, उस दिन कुछ अंतरिक्ष यात्री यानी एस्ट्रॉनॉट्स अंतरिक्ष में होंगे, तो वो वोट कैसे देंगे? खबरों में कहा गया है कि आईएसएस का मिशन चूंकि छह महीने से पहले खत्म होना मुश्किल है इसलिए एस्ट्रॉनॉट अंतरिक्ष से ही अपना वोट देंगे. कैसे? इसके लिए एक खास व्यवस्था हुई है. |
क्या आपकी भी गर्लफ्रेंड को SEX के बाद नहीं आया पीरियड, तो क्या वह प्रेग्नेंट हो सकती है ?
लाइफस्टाइल डेस्कः पीरियड और प्रेगनेंसी के संदर्भ में जोड़ों के कई सवाल होते हैं।
ऐसा ही एक सवाल है कि क्या मेरी गर्लफ्रेंड और मैंने हाल ही में सेक्स SEX किया था।
इसके बाद से अब तक उसके पीरियड नहीं आए हैं। आइए जानते हैं क्या है इसकी वजह।
सवालः मेरी गर्लफ्रेंड और मैंने हाल ही में सेक्स SEX किया था। इसके बाद से अब तक उसके पीरियड नहीं आए हैं, तो क्या वह गर्भवती हो सकती है?
जवाबः उसे गायनेकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) को देखना चाहिए और केमिस्ट से प्रेगनेंसी टेस्ट किट भी खरीदनी चाहिए।
भविष्य की कार्रवाई के बारे में फैसला लेने से पहले उसे जल्द से जल्द टेस्ट कराना चाहिए।
| क्या आपकी भी गर्लफ्रेंड को SEX के बाद नहीं आया पीरियड, तो क्या वह प्रेग्नेंट हो सकती है ? लाइफस्टाइल डेस्कः पीरियड और प्रेगनेंसी के संदर्भ में जोड़ों के कई सवाल होते हैं। ऐसा ही एक सवाल है कि क्या मेरी गर्लफ्रेंड और मैंने हाल ही में सेक्स SEX किया था। इसके बाद से अब तक उसके पीरियड नहीं आए हैं। आइए जानते हैं क्या है इसकी वजह। सवालः मेरी गर्लफ्रेंड और मैंने हाल ही में सेक्स SEX किया था। इसके बाद से अब तक उसके पीरियड नहीं आए हैं, तो क्या वह गर्भवती हो सकती है? जवाबः उसे गायनेकोलॉजिस्ट को देखना चाहिए और केमिस्ट से प्रेगनेंसी टेस्ट किट भी खरीदनी चाहिए। भविष्य की कार्रवाई के बारे में फैसला लेने से पहले उसे जल्द से जल्द टेस्ट कराना चाहिए। |
इंग्लैंड के खिलाफ लंदन के केनिंग्टन ओवल में खेले जा रहे चौथे टेस्ट के तीसरे दिन भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने जोरदार शतक जड़कर टीम को मुसीबत से बाहर निकाला। उनके इस शतक की हर तरफ तारीफ हो रही हैं, क्योंकि उन्होंने ऐसे समय में शतक जड़ा, जब टीम को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी और दूसरा यह उनका विदेशी सरजमीं पर पहला टेस्ट शतक है। रोहित ने जैसे ही शतक पूरा किया, वैसे ही क्रिकेट जगत के दिग्गज क्रिकेटर इस विस्फोटक सलामी बल्लेबाजी को बधाई देने लग गए। बधाई देने वालों में उनके खास दोस्त युवराज सिंह का नाम भी शामिल है। उन्होंने इस मौके पर रोहित की एक मजेदार फोटो शेयर की है।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'क्योंकि तुमने विदेशी सरजमीं पर पहली टेस्ट सेंचुरी जड़ी है। हिटमैन तुम्हारा जवाब नहीं। ' रोहित और युवराज अक्सर सोशल मीडिया पर एक-दूसरे की टांग खींचते रहते हैं। इस मैच में रोहित के इस शतक के दम पर टीम इंडिया ने पहली पारी में 99 रनों से पिछड़ने के बाद भी दूसरी पारी में 171 रनों की बढ़त हासिल कर ली है, जबकि उसके कप्तान विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे सहित सात विकेट बाकी हैं।
भारत इंग्लैंड के खिलाफ चौथे दिन अगर दो सेशन बल्लेबाजी कर लेता है तो उसके पास लगभग 300 रनों की बढ़त हो जाएगी, जिससे की उसके यह मैच जीतने के चांस काफी बढ़ जाएंगे। तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद भारत की लीड 171 रनों से ज्यादा होती, लेकिन खराब रोशनी के कारण तीसरे दिन का खेल जल्दी समाप्त करना पड़ा। खेल खत्म होने तक विराट कोहली 22 और रविंद्र जडेजा 9 रन बनाकर खेल रहे थे।
इंग्लैंड ने भारतीय पारी के 80 ओवर समाप्त होने के बाद जब नई गेंद ली तो उसके तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने एक ही ओवर में रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा को पवेलियन भेजकर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी थी। इस दौरान रॉबिन्सन ने पहली ही गेंद पर रोहित को पवेलियन भेजा। रोहित ने रॉबिन्सन की शॉर्ट गेंद को हल्का सा पुल करना चाहा लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर क्रिस वोक्स के हाथों में चली गई और इसके साथ ही रोहित की 127 रनों की शानदार पारी का अंत हो गया।
| इंग्लैंड के खिलाफ लंदन के केनिंग्टन ओवल में खेले जा रहे चौथे टेस्ट के तीसरे दिन भारत के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने जोरदार शतक जड़कर टीम को मुसीबत से बाहर निकाला। उनके इस शतक की हर तरफ तारीफ हो रही हैं, क्योंकि उन्होंने ऐसे समय में शतक जड़ा, जब टीम को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी और दूसरा यह उनका विदेशी सरजमीं पर पहला टेस्ट शतक है। रोहित ने जैसे ही शतक पूरा किया, वैसे ही क्रिकेट जगत के दिग्गज क्रिकेटर इस विस्फोटक सलामी बल्लेबाजी को बधाई देने लग गए। बधाई देने वालों में उनके खास दोस्त युवराज सिंह का नाम भी शामिल है। उन्होंने इस मौके पर रोहित की एक मजेदार फोटो शेयर की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि, 'क्योंकि तुमने विदेशी सरजमीं पर पहली टेस्ट सेंचुरी जड़ी है। हिटमैन तुम्हारा जवाब नहीं। ' रोहित और युवराज अक्सर सोशल मीडिया पर एक-दूसरे की टांग खींचते रहते हैं। इस मैच में रोहित के इस शतक के दम पर टीम इंडिया ने पहली पारी में निन्यानवे रनों से पिछड़ने के बाद भी दूसरी पारी में एक सौ इकहत्तर रनों की बढ़त हासिल कर ली है, जबकि उसके कप्तान विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे सहित सात विकेट बाकी हैं। भारत इंग्लैंड के खिलाफ चौथे दिन अगर दो सेशन बल्लेबाजी कर लेता है तो उसके पास लगभग तीन सौ रनों की बढ़त हो जाएगी, जिससे की उसके यह मैच जीतने के चांस काफी बढ़ जाएंगे। तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद भारत की लीड एक सौ इकहत्तर रनों से ज्यादा होती, लेकिन खराब रोशनी के कारण तीसरे दिन का खेल जल्दी समाप्त करना पड़ा। खेल खत्म होने तक विराट कोहली बाईस और रविंद्र जडेजा नौ रन बनाकर खेल रहे थे। इंग्लैंड ने भारतीय पारी के अस्सी ओवर समाप्त होने के बाद जब नई गेंद ली तो उसके तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने एक ही ओवर में रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा को पवेलियन भेजकर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी थी। इस दौरान रॉबिन्सन ने पहली ही गेंद पर रोहित को पवेलियन भेजा। रोहित ने रॉबिन्सन की शॉर्ट गेंद को हल्का सा पुल करना चाहा लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर क्रिस वोक्स के हाथों में चली गई और इसके साथ ही रोहित की एक सौ सत्ताईस रनों की शानदार पारी का अंत हो गया। |
Pm Kisan KCC Yojana 2022 : जिन किसानों को ऋण की आवश्यकता है, उनके लिए केंद्र सरकार द्वारा एक नई योजना शुरू की गई है जिसे प्रधान मंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना के रूप में जाना जाता है। योजना का लाभ लेने वाला प्रत्येक किसान प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पात्र लाभार्थी भी है।
इसलिए यदि आप एक किसान हैं जो पीएम किसान के पहले लाभार्थी हैं और आपको लोन की जरूरत है तो आप पीएम किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी योजना) के लिए आवेदन करके आसानी से लोन प्राप्त कर सकते हैं।
केसीसी योजना के लिए, प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थी पात्र हैं।
जिन किसानों का आधार कार्ड सत्यापित है और उन्हें पीएम किसान की किस्तें मिलती हैं, वे केसीसी योजना का फॉर्म बैंक में जमा कर सकते हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत एक किसान ₹160000 तक के ऋण के लिए पात्र हो सकता है।
अगर आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कृषि लाभार्थी हैं तो यह आपके लिए बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि आपको भी केसीसी का लाभ दिया जाएगा।
सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी पीएम किसान केसीसी योजना) के लाभार्थियों के रूप में लाभ दे सकती है।
प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना दिशानिर्देशों के तहत, अब सभी पीएम किसान लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) प्राप्त होगा।
मोदी सरकार ने आम बजट में किसान कल्याण के लिए 16 सूत्रीय कार्य योजना पेश की, जिसमें किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु दिया गया।
इस महत्वपूर्ण बिंदु के तहत, प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी) तक पहुंच प्राप्त होगी।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना (KCC) के माध्यम से ये सभी किसान बिना किसी गारंटी के सरकार से ₹160000 तक का ऋण ले सकेंगे और इस पर बहुत कम ब्याज देना होगा।
घोषणा की गई है कि पहले चरण में 9. 5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी) से जोड़ा जाएगा। दूसरे चरण में 14. 5 करोड़ में से 5 करोड़ किसानों को जोड़ा जाएगा।
सरल शब्दों में इसका अर्थ यह हुआ कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) से लाभान्वित होने वाले किसान, जो किस्त का भुगतान प्राप्त कर रहे हैं, वे पूर्ण रूप से किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी) के लिए हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के कई लाभ हो सकते हैं।
किसानों को बिना गारंटी के कर्ज मिलेगा।
पीएम किसान ने एक गाइडलाइन बनाई है जो अब किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना (केसीसी अप्लाई) के लिए बहुत आसानी से आवेदन करने की अनुमति देती है।
किसान क्रेडिट कार्ड योजना (kcc Loan) से अब किसानों को बहुत ही कम ब्याज दर पर *160000 रुपए दिए जाएंगे।
यदि किसान पीएम किसान केसीसी फॉर्म लाकर बैंक में केसीसी के लिए आवेदन करता है तो बैंक प्रबंधक उसे माफ नहीं कर पाएगा।
यह कोई रहस्य नहीं है कि पीएम किसान केसीसी सूची, या पीएम किसान क्रेडिट कार्ड के लाभार्थियों से संबंधित एक बड़ी खबर है।
प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना (पीएम किसान केसीसी योजना) सभी किसानों को नहीं दी जाएगी, केवल 9. 4 करोड़ किसानों को ही पीएम किसान केसीसी योजना का लाभार्थी माना गया है।
जिनमें से केवल उन्हीं किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके मोबाइल नंबर बैंक द्वारा भेजे गए थे।
पीएम किसान केसीसी में उन किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनके पास अभी तक कोई कर्ज नहीं है।
बैंक उन्हें सूचित कर रहा है कि आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (pm Kisan) के लाभार्थी हैं लेकिन आपने अभी तक प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना (pm Kisan KCC Yojana) के लिए आवेदन नहीं किया है।
इसलिए आज ही शाखा में आएं और प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना (पीएम किसान केसीसी योजना) के तहत अपने क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करें।
जिन किसानों को बैंक से इस तरह के एसएमएस प्राप्त हुए हैं, वे सुनिश्चित हो सकते हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना (Pm Kisan KCC Yojana 2022) का लाभ मिलेगा।
इस तरह के कई सवाल हमारे किसान भाइयों से हैं जो पूछ रहे हैं कि सर, हमें बैंक से कोई एसएमएस नहीं मिला है, क्या हम बैंक जाकर पीएम किसान के लिए आवेदन कर सकते हैं या हमें आवेदन नहीं करना चाहिए?
बैंक से एसएमएस प्राप्त करना इस कार्यक्रम के तहत आपकी प्राथमिकता को दर्शाता है।
इसके बावजूद, जिन किसानों को बैंक से एसएमएस नहीं मिला, उन्हें अभी भी पीएम किसान केसीसी योजना का लाभार्थी माना जाता है।
बैंक आपको एक एसएमएस भेजेगा यदि उसे प्राप्त हुआ है, लेकिन भले ही आपको एसएमएस प्राप्त न हो, फिर भी, आप बैंक में जाकर पीएम किसान केसीसी फॉर्म जमा कर सकते हैं।
9. 5 करोड़ किसान लाभार्थी हैं, जिनमें आप भी किसान हैं।
| Pm Kisan KCC Yojana दो हज़ार बाईस : जिन किसानों को ऋण की आवश्यकता है, उनके लिए केंद्र सरकार द्वारा एक नई योजना शुरू की गई है जिसे प्रधान मंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना के रूप में जाना जाता है। योजना का लाभ लेने वाला प्रत्येक किसान प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पात्र लाभार्थी भी है। इसलिए यदि आप एक किसान हैं जो पीएम किसान के पहले लाभार्थी हैं और आपको लोन की जरूरत है तो आप पीएम किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए आवेदन करके आसानी से लोन प्राप्त कर सकते हैं। केसीसी योजना के लिए, प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थी पात्र हैं। जिन किसानों का आधार कार्ड सत्यापित है और उन्हें पीएम किसान की किस्तें मिलती हैं, वे केसीसी योजना का फॉर्म बैंक में जमा कर सकते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत एक किसान एक लाख साठ हज़ार रुपया तक के ऋण के लिए पात्र हो सकता है। अगर आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कृषि लाभार्थी हैं तो यह आपके लिए बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि आपको भी केसीसी का लाभ दिया जाएगा। सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लाभार्थियों के रूप में लाभ दे सकती है। प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना दिशानिर्देशों के तहत, अब सभी पीएम किसान लाभार्थियों को किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त होगा। मोदी सरकार ने आम बजट में किसान कल्याण के लिए सोलह सूत्रीय कार्य योजना पेश की, जिसमें किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु दिया गया। इस महत्वपूर्ण बिंदु के तहत, प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सभी किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना तक पहुंच प्राप्त होगी। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से ये सभी किसान बिना किसी गारंटी के सरकार से एक लाख साठ हज़ार रुपया तक का ऋण ले सकेंगे और इस पर बहुत कम ब्याज देना होगा। घोषणा की गई है कि पहले चरण में नौ. पाँच करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना से जोड़ा जाएगा। दूसरे चरण में चौदह. पाँच करोड़ में से पाँच करोड़ किसानों को जोड़ा जाएगा। सरल शब्दों में इसका अर्थ यह हुआ कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित होने वाले किसान, जो किस्त का भुगतान प्राप्त कर रहे हैं, वे पूर्ण रूप से किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के कई लाभ हो सकते हैं। किसानों को बिना गारंटी के कर्ज मिलेगा। पीएम किसान ने एक गाइडलाइन बनाई है जो अब किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए बहुत आसानी से आवेदन करने की अनुमति देती है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना से अब किसानों को बहुत ही कम ब्याज दर पर *एक लाख साठ हज़ार रुपयापए दिए जाएंगे। यदि किसान पीएम किसान केसीसी फॉर्म लाकर बैंक में केसीसी के लिए आवेदन करता है तो बैंक प्रबंधक उसे माफ नहीं कर पाएगा। यह कोई रहस्य नहीं है कि पीएम किसान केसीसी सूची, या पीएम किसान क्रेडिट कार्ड के लाभार्थियों से संबंधित एक बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना सभी किसानों को नहीं दी जाएगी, केवल नौ. चार करोड़ किसानों को ही पीएम किसान केसीसी योजना का लाभार्थी माना गया है। जिनमें से केवल उन्हीं किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके मोबाइल नंबर बैंक द्वारा भेजे गए थे। पीएम किसान केसीसी में उन किसानों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनके पास अभी तक कोई कर्ज नहीं है। बैंक उन्हें सूचित कर रहा है कि आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी हैं लेकिन आपने अभी तक प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना के लिए आवेदन नहीं किया है। इसलिए आज ही शाखा में आएं और प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अपने क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करें। जिन किसानों को बैंक से इस तरह के एसएमएस प्राप्त हुए हैं, वे सुनिश्चित हो सकते हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ मिलेगा। इस तरह के कई सवाल हमारे किसान भाइयों से हैं जो पूछ रहे हैं कि सर, हमें बैंक से कोई एसएमएस नहीं मिला है, क्या हम बैंक जाकर पीएम किसान के लिए आवेदन कर सकते हैं या हमें आवेदन नहीं करना चाहिए? बैंक से एसएमएस प्राप्त करना इस कार्यक्रम के तहत आपकी प्राथमिकता को दर्शाता है। इसके बावजूद, जिन किसानों को बैंक से एसएमएस नहीं मिला, उन्हें अभी भी पीएम किसान केसीसी योजना का लाभार्थी माना जाता है। बैंक आपको एक एसएमएस भेजेगा यदि उसे प्राप्त हुआ है, लेकिन भले ही आपको एसएमएस प्राप्त न हो, फिर भी, आप बैंक में जाकर पीएम किसान केसीसी फॉर्म जमा कर सकते हैं। नौ. पाँच करोड़ किसान लाभार्थी हैं, जिनमें आप भी किसान हैं। |
Savchenko Alena Valentinovna - प्रसिद्ध हैयूक्रेनी और जर्मन sportswoman। सही ढंग से सोवियत यूक्रेन और आधुनिक जर्मनी के बाद के सर्वश्रेष्ठ स्केटिंगर्स में से एक माना जाता है। संग्रह में विभिन्न स्तरों के बहुत सारे पुरस्कार हैं।
Alena Valentinovna Savchenko में पैदा हुआ थाओबुखोव में 1 9 84, जो कीव के नजदीक है। माता-पिता ने शिक्षकों के रूप में काम किया। भविष्य के चैंपियन के तीन भाई थे। 1 9 87 में उन्हें अपने जन्मदिन पर पहली बार स्केट दिया गया था।
अपने युवाओं में पिताजी भारोत्तोलन में लगे थे।उसने तुरंत देखा कि लड़की खेल में जा रही थी और उसे सवारी करने के लिए झील में ले जाना शुरू कर दिया था। तब यह था कि Savchenko Alena उसका पहला अनुभव मिला। जब लड़की पांच वर्ष की थी, तो उसे अनुभाग में दिया गया था। वह बर्फ रिंक "लेडिंका" पर अभ्यास करना शुरू करती है, जो कि कीव में थी। तो, नौ साल के लिए युवा आकृति स्केटर हर दिन Obukhov से कसरत करने के लिए चला गया। यूक्रेनी राजधानी में एक अपार्टमेंट किराए पर लेने की संभावना नहीं थी।
इस तथ्य के बावजूद कि लड़की सबसे ज्यादा थीउनकी पीढ़ी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी, राज्य से कोई समर्थन नहीं था। बजट की कीमत पर, केवल एक सूट सिलवाया गया था। एलेना के सभी उपकरणों को खुद को खरीदना पड़ा।
प्रतिभाशाली आकृति स्केटर का पहला साथी थादिमित्री बोएनको। जोड़ी का कोच प्रसिद्ध कोच अलेक्जेंडर आर्टिचेन्को था। युवा लोगों ने स्पोर्ट्स क्लब "डायनेमो" (कीव) के सम्मान का बचाव किया। 1 99 8 में सावेचेन्को और बोएन्को युवा विश्व चैम्पियनशिप में गए। वे पसंदीदा नहीं थे, वे बेहद असफल थे। अंतिम तेरहवें स्थान ने इस तथ्य को जन्म दिया कि जोड़ी टूट गई।
Savchenko Alena बहुत लंबे समय तक अकेले नहीं रहते थे।बहुत जल्द उसका नया साथी मोरोजोज स्टैनिस्लाव बन गया, जिसने "डायनेमो" का भी प्रतिनिधित्व किया। फिगर स्केटर में भी एक कोच है। 2000 में, एथलीट जूनियर के बीच विश्व मंच पर जाते हैं। वे वहां पहली जगह लेते हैं। Savchenko, Morozov के साथ यूक्रेन के दो बार चैंपियन बन गया।
2002 मेंवे साल्ट लेक सिटी में ओलंपिक में जाते हैं, लेकिन केवल पंद्रहवीं हैं, जो अपेक्षाओं को पूरा नहीं करते थे। ओलंपिक खेलों के तुरंत बाद स्टेनस्ला गंभीर रूप से घायल हो गया। Savchenko Alena कीमती साल बर्बाद नहीं करने का फैसला करता है और एक नए साथी की तलाश शुरू होता है।
लड़की ने एंटोन के साथ मिलकर काम करने की कोशिश कीNemenko (रूसी संघ)। स्केटर कीव जाने के लिए तैयार हो गया, लेकिन उसे नहीं करना था। यूक्रेनी पक्ष ने इस जोड़ी को वित्त देने से इनकार कर दिया। वास्तविक कारण इस दिन के लिए ज्ञात नहीं हैं, लेकिन एक राय है कि यह किसी भी तरह राजनीति से जुड़ा हुआ है।
एक लंबे समय के लिए Alena Valentinovna Savchenko नहीं कर सकाएक साथी को ढूंढें, और इसलिए सफल कैरियर निरंतरता की आशा पिघल गई। लड़की जर्मन पत्रकार से उसकी मदद करने के लिए कहने का फैसला करती है। पत्रकार यूक्रेनी जर्मन इनगो शोटायर को सिफारिश करता है। नतीजतन, 2003 में एलन जर्मनी के लिए छोड़ दिया।
नए देश में, रॉबिन शाल्कोवी एक यूक्रेनी साथी बन गया। 2003/2004 सीज़न में, वे जर्मन चैंपियनशिप में अपनी शुरुआत करते हैं, जो तुरंत जीतते हैं।
2005 में, सावनचेको ने टूरिन ओलंपिक में जर्मन राष्ट्रीय टीम के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपनी नागरिकता बदलने का फैसला किया। जोड़ी ओलंपिक खेलों में जाती है और छठी जगह लेती है।
2007 में, जोड़े एलेना Savchenko - Sholkovy रॉबिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पहला गंभीर पदक जीता। वे विश्व कप में तीसरे स्थान पर हैं और यूरोपीय चैंपियनशिप जीतते हैं।
जर्मनी में एलन के करियर की पूरी अवधि स्वीकार कर ली गई हैसफल के रूप में विशेषता। एलेना Savchenko एक आकृति स्केटर है जो बहुत सारे कप और पदक के साथ अपने पुरस्कारों का संग्रह भरने में कामयाब रहा है। साथी के साथ, उन्होंने एक भी प्रमुख टूर्नामेंट को याद नहीं किया और हर जगह जीत के लिए मुख्य दावेदारों में से एक थे। जैसा कि स्केटर ने खुद कहा था, यह केवल कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद और कोच के लिए धन्यवाद, जिसने उसे और रॉबिन को पूरी तरह से अलग स्तर पर लाया।
जोड़ी के कोच ने बार-बार ध्यान दिया कि यह थाएलेना इस जोड़ी का नेता था। एक पत्रकार जिसने लड़की को जर्मनी में बसने में मदद की, ने अपने लेखों में लिखा कि खेलकूद और कोच के बीच, एक अविश्वसनीय रूप से गर्म, मैत्रीपूर्ण रिश्ता। एक बार एलेना ने स्वीकार किया कि इनगो स्टोयर उसकी मूर्ति है।
2014 मेंरॉबिन शाल्कोवी ने अपने खेल करियर को समाप्त करने का फैसला किया। यह आगामी शादी और पारिवारिक जीवन पर ध्यान केंद्रित करने की इच्छा के कारण था। उस समय फिगर स्केटर केवल 30 साल का था। वह अभी तक बड़ा खेल नहीं छोड़ रही थी। अपनी योजनाओं में - 2018 में ओलंपिक में भाग लेने के लिए।
Savchenko की सफलताओं के तथ्य से कई आश्चर्यचकित हैंअपने मातृभूमि में बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। शायद, यह इस तथ्य के कारण है कि उसने अपने करियर के एक निश्चित चरण में अपनी नागरिकता बदल दी। इसके बावजूद, कोई केवल ईर्ष्या ही कर सकता है कि उसने अपना कैरियर कैसे विकसित किया।
एलेना Savchenko - स्केटर, कौन हैपांच बार विश्व चैंपियन। दो बार वह एक रजत पदक विजेता और एक बार कांस्य पदक विजेता बन गई। चार बार यूरोपीय चैंपियन। ओलंपिक खेलों में उनके दो कांस्य पदक प्राप्त हुए हैं। ग्रांड प्रिक्स श्रृंखला के फाइनल में आठ बार हिस्सा लिया और चार बार स्वर्ण जीता।
यह ध्यान देने योग्य है कि सभी पुरस्कार जोड़ी स्केटिंग में प्राप्त होते हैं।
जर्मन नागरिकता प्राप्त करने के बाद, एक लड़कीवह चेमनिट्ज़ में जर्मनी में रहता है। यह ज्ञात है कि यहां उसके पास एक अपार्टमेंट है, जिसे उसे स्पोर्ट्स बोर्डिंग स्कूल दिया गया था। वह अकेली है और उसके बच्चे नहीं हैं। अकेले रहता है। मैं अपना खाली समय प्रशिक्षण खर्च करता हूं।
| Savchenko Alena Valentinovna - प्रसिद्ध हैयूक्रेनी और जर्मन sportswoman। सही ढंग से सोवियत यूक्रेन और आधुनिक जर्मनी के बाद के सर्वश्रेष्ठ स्केटिंगर्स में से एक माना जाता है। संग्रह में विभिन्न स्तरों के बहुत सारे पुरस्कार हैं। Alena Valentinovna Savchenko में पैदा हुआ थाओबुखोव में एक नौ चौरासी, जो कीव के नजदीक है। माता-पिता ने शिक्षकों के रूप में काम किया। भविष्य के चैंपियन के तीन भाई थे। एक नौ सत्तासी में उन्हें अपने जन्मदिन पर पहली बार स्केट दिया गया था। अपने युवाओं में पिताजी भारोत्तोलन में लगे थे।उसने तुरंत देखा कि लड़की खेल में जा रही थी और उसे सवारी करने के लिए झील में ले जाना शुरू कर दिया था। तब यह था कि Savchenko Alena उसका पहला अनुभव मिला। जब लड़की पांच वर्ष की थी, तो उसे अनुभाग में दिया गया था। वह बर्फ रिंक "लेडिंका" पर अभ्यास करना शुरू करती है, जो कि कीव में थी। तो, नौ साल के लिए युवा आकृति स्केटर हर दिन Obukhov से कसरत करने के लिए चला गया। यूक्रेनी राजधानी में एक अपार्टमेंट किराए पर लेने की संभावना नहीं थी। इस तथ्य के बावजूद कि लड़की सबसे ज्यादा थीउनकी पीढ़ी की प्रतिभाशाली खिलाड़ी, राज्य से कोई समर्थन नहीं था। बजट की कीमत पर, केवल एक सूट सिलवाया गया था। एलेना के सभी उपकरणों को खुद को खरीदना पड़ा। प्रतिभाशाली आकृति स्केटर का पहला साथी थादिमित्री बोएनको। जोड़ी का कोच प्रसिद्ध कोच अलेक्जेंडर आर्टिचेन्को था। युवा लोगों ने स्पोर्ट्स क्लब "डायनेमो" के सम्मान का बचाव किया। एक निन्यानवे आठ में सावेचेन्को और बोएन्को युवा विश्व चैम्पियनशिप में गए। वे पसंदीदा नहीं थे, वे बेहद असफल थे। अंतिम तेरहवें स्थान ने इस तथ्य को जन्म दिया कि जोड़ी टूट गई। Savchenko Alena बहुत लंबे समय तक अकेले नहीं रहते थे।बहुत जल्द उसका नया साथी मोरोजोज स्टैनिस्लाव बन गया, जिसने "डायनेमो" का भी प्रतिनिधित्व किया। फिगर स्केटर में भी एक कोच है। दो हज़ार में, एथलीट जूनियर के बीच विश्व मंच पर जाते हैं। वे वहां पहली जगह लेते हैं। Savchenko, Morozov के साथ यूक्रेन के दो बार चैंपियन बन गया। दो हज़ार दो मेंवे साल्ट लेक सिटी में ओलंपिक में जाते हैं, लेकिन केवल पंद्रहवीं हैं, जो अपेक्षाओं को पूरा नहीं करते थे। ओलंपिक खेलों के तुरंत बाद स्टेनस्ला गंभीर रूप से घायल हो गया। Savchenko Alena कीमती साल बर्बाद नहीं करने का फैसला करता है और एक नए साथी की तलाश शुरू होता है। लड़की ने एंटोन के साथ मिलकर काम करने की कोशिश कीNemenko । स्केटर कीव जाने के लिए तैयार हो गया, लेकिन उसे नहीं करना था। यूक्रेनी पक्ष ने इस जोड़ी को वित्त देने से इनकार कर दिया। वास्तविक कारण इस दिन के लिए ज्ञात नहीं हैं, लेकिन एक राय है कि यह किसी भी तरह राजनीति से जुड़ा हुआ है। एक लंबे समय के लिए Alena Valentinovna Savchenko नहीं कर सकाएक साथी को ढूंढें, और इसलिए सफल कैरियर निरंतरता की आशा पिघल गई। लड़की जर्मन पत्रकार से उसकी मदद करने के लिए कहने का फैसला करती है। पत्रकार यूक्रेनी जर्मन इनगो शोटायर को सिफारिश करता है। नतीजतन, दो हज़ार तीन में एलन जर्मनी के लिए छोड़ दिया। नए देश में, रॉबिन शाल्कोवी एक यूक्रेनी साथी बन गया। दो हज़ार तीन/दो हज़ार चार सीज़न में, वे जर्मन चैंपियनशिप में अपनी शुरुआत करते हैं, जो तुरंत जीतते हैं। दो हज़ार पाँच में, सावनचेको ने टूरिन ओलंपिक में जर्मन राष्ट्रीय टीम के लिए प्रतिस्पर्धा करने के लिए अपनी नागरिकता बदलने का फैसला किया। जोड़ी ओलंपिक खेलों में जाती है और छठी जगह लेती है। दो हज़ार सात में, जोड़े एलेना Savchenko - Sholkovy रॉबिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पहला गंभीर पदक जीता। वे विश्व कप में तीसरे स्थान पर हैं और यूरोपीय चैंपियनशिप जीतते हैं। जर्मनी में एलन के करियर की पूरी अवधि स्वीकार कर ली गई हैसफल के रूप में विशेषता। एलेना Savchenko एक आकृति स्केटर है जो बहुत सारे कप और पदक के साथ अपने पुरस्कारों का संग्रह भरने में कामयाब रहा है। साथी के साथ, उन्होंने एक भी प्रमुख टूर्नामेंट को याद नहीं किया और हर जगह जीत के लिए मुख्य दावेदारों में से एक थे। जैसा कि स्केटर ने खुद कहा था, यह केवल कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद और कोच के लिए धन्यवाद, जिसने उसे और रॉबिन को पूरी तरह से अलग स्तर पर लाया। जोड़ी के कोच ने बार-बार ध्यान दिया कि यह थाएलेना इस जोड़ी का नेता था। एक पत्रकार जिसने लड़की को जर्मनी में बसने में मदद की, ने अपने लेखों में लिखा कि खेलकूद और कोच के बीच, एक अविश्वसनीय रूप से गर्म, मैत्रीपूर्ण रिश्ता। एक बार एलेना ने स्वीकार किया कि इनगो स्टोयर उसकी मूर्ति है। दो हज़ार चौदह मेंरॉबिन शाल्कोवी ने अपने खेल करियर को समाप्त करने का फैसला किया। यह आगामी शादी और पारिवारिक जीवन पर ध्यान केंद्रित करने की इच्छा के कारण था। उस समय फिगर स्केटर केवल तीस साल का था। वह अभी तक बड़ा खेल नहीं छोड़ रही थी। अपनी योजनाओं में - दो हज़ार अट्ठारह में ओलंपिक में भाग लेने के लिए। Savchenko की सफलताओं के तथ्य से कई आश्चर्यचकित हैंअपने मातृभूमि में बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। शायद, यह इस तथ्य के कारण है कि उसने अपने करियर के एक निश्चित चरण में अपनी नागरिकता बदल दी। इसके बावजूद, कोई केवल ईर्ष्या ही कर सकता है कि उसने अपना कैरियर कैसे विकसित किया। एलेना Savchenko - स्केटर, कौन हैपांच बार विश्व चैंपियन। दो बार वह एक रजत पदक विजेता और एक बार कांस्य पदक विजेता बन गई। चार बार यूरोपीय चैंपियन। ओलंपिक खेलों में उनके दो कांस्य पदक प्राप्त हुए हैं। ग्रांड प्रिक्स श्रृंखला के फाइनल में आठ बार हिस्सा लिया और चार बार स्वर्ण जीता। यह ध्यान देने योग्य है कि सभी पुरस्कार जोड़ी स्केटिंग में प्राप्त होते हैं। जर्मन नागरिकता प्राप्त करने के बाद, एक लड़कीवह चेमनिट्ज़ में जर्मनी में रहता है। यह ज्ञात है कि यहां उसके पास एक अपार्टमेंट है, जिसे उसे स्पोर्ट्स बोर्डिंग स्कूल दिया गया था। वह अकेली है और उसके बच्चे नहीं हैं। अकेले रहता है। मैं अपना खाली समय प्रशिक्षण खर्च करता हूं। |
रॉक त्योहारों भारी संगीत के प्रशंसकों की पसंदीदा जगहों में से एक है। गर्मी के महीनों में विश्व भर के युवाओं को नियमित रूप से आराम करने और अपने पसंदीदा कलाकारों को देखने के लिए रहने के लिए एक ही स्थान पर एकत्रित करता है। इस तरह के समारोहों में लंबे समय, हमेशा की तरह संगीत शो से बाहर चले गए हैं एक पूरे उप-संस्कृति बन गया। वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण संगीत कार्यक्रम पर दुनिया भर से प्रशंसकों को आकर्षित करती है।
पहले रॉक त्योहारों साल पचास पहले शुरू किया गया है। प्रारंभ में, वे आज के से बहुत अलग थे। वे हिस्सा है, समूह की जनता के लिए अज्ञात में ले लिया। और संगठन और त्योहार के संचालन सत्ता पर नियंत्रण नहीं कर सकते।
हालांकि, दस साल बाद स्थिति को गंभीरता से बदल गया है। रॉक समारोह में अधिक से अधिक युवा लोगों को आकर्षित करने के लिए शुरू किया। शो के दौरान शराब की असीमित मात्रा में बेच दिया। इसके अलावा, कुछ लोगों को उन लोगों के साथ दवाओं ले आया।
वातावरण, भारी संगीत, साथ ही बड़े पैमाने पर नशे की राज्य की वजह से ड्राइव, अक्सर विनाशकारी परिणाम के लिए नेतृत्व किया। प्लावित युवा लोगों को आक्रामक व्यवहार, झगड़े में शामिल हो रही है और बर्बरता के कृत्यों की व्यवस्था। पुलिस अक्सर आइटम की एक किस्म उड़ान आया।
त्योहार में से कोई भी कई दर्जन लोगों की गिरफ्तारी के बिना जगह ले और एम्बुलेंस कहते हैं। इसलिए, कानून प्रवर्तन अधिकारियों को धीरे-धीरे उनके नियंत्रण में रॉक समारोह लेना शुरू कर दिया। लेकिन सुरक्षा - मुख्य कारण है कि अधिकारियों के लिए कहा जाए यह कदम उठाने का नहीं है। बड़े निगमों और उद्यमी लोगों ने देखा कि त्योहार हर साल हजारों लोगों के दसियों को आकर्षित करती है है। और इसका मतलब है - लाभ के लिए एक बड़ा अवसर।
पहला वाणिज्यिक त्योहारों का आयोजन किया गया। किसी भी फर्म संगीतकारों की फीस और अन्य संगठनात्मक मुद्दे शामिल भुगतान किया। यह टिकटों की बिक्री और जमीन पर खुदरा से अच्छा लाभ पाने के लिए। अमेरिका रॉक समारोह में कुछ समय के बाद सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण में एक बहुत ही महत्वपूर्ण जगह ले लिया है। लगभग हर किशोरी का सपना इस तरह की घटना के लिए जाना होगा।
शास्त्रीय त्योहारों इसके अलावा भी दान कर रहे हैं। वे पहली बार अस्सी के दशक में दिखाई दिया जब युवाओं में शांतिवादी विचारों के प्रसार। वियतनाम पर अमेरिकी आक्रमण के क्रांतिकारी आंदोलनों के लिए एक उत्प्रेरक था। हम के समर्थन में संगीत कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए शुरू किया विश्व शांति और बीमार बच्चों और इतने पर की खातिर। आमतौर पर, सर्जक एक रॉक बैंड प्रदर्शन किया है। त्योहार कुछ ही महीनों की तारीख से पहले नियुक्त किया गया। इस समय के दौरान, अन्य समूहों की भागीदारी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आमतौर पर त्योहार कुछ दिनों के, आम तौर पर तीन पिछले। स्थानीय आबादी और अन्य समस्याओं के साथ भ्रम से बचने के शो रेगिस्तान में जगह लेता है, अब तक शहरी ढेर से। गर्मियों के रॉक त्योहारों एक उच्च सुरक्षा मानकों की है। आयोजकों पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहिए और सभी आगंतुकों को एक मेडिकल स्टाफ की है।
एक रॉक त्योहार आमतौर पर शैली कलाकारों में समान हैं। उदाहरण के लिए, उत्सव "Hellfest" लाइव बैंड पर शैली mosh कट्टर beatdown में खेल रहा है। इस प्रकार, घटना इस दिशा के प्रशंसकों की संख्या सबसे अधिक आकर्षित करती है। के बाद से रॉक संगीत अक्सर एक सामाजिक या राजनीतिक संदर्भ में किया जाता है, त्योहारों अक्सर कुछ के खिलाफ एक विरोध के रूप में एकत्र। इस प्रकार है, जो अस्सी-नौ साल में, वह मास्को में प्रसिद्ध "शांति के लिए संगीतकार", लोगों को हजारों की संख्या में लोग शामिल पारित कर दिया।
जो इस तरह के एक समारोह में भाग लेने जा रहे हैं उन, हमें याद रखना चाहिए कि यह खतरों के एक नंबर शामिल है। के रूप में इस शो के आयोजन स्थल शहर के बाहर दूर स्थित है, तो आप के रूप में ज्यादा पानी और गैर विनाशशील भोजन लेने की जरूरत है। साइट पर वहाँ की दुकानों और हो जाएगा स्टालों, लेकिन उन्हें बारी मीटर के सैकड़ों के लिए खिंचाव कर सकते हैं। इस तरह की समस्याएं नियमित रूप से "आक्रमण" के साथ। रॉक फेस्टिवल से अधिक सात साल के लिए आयोजित किया जाता है, और इस समय के दौरान अप्रिय स्थितियों का एक बहुत था। कई बार वहाँ पानी है, जो समय पर वितरित नहीं कर सके कुछ समस्याएं थी।
कि सक्रिय आंदोलनों के दौरान कम नहीं करता है और अधिक लायक आरामदायक कपड़े, पहनें। कट्टर नृत्य तत्व, जब चारों ओर चल रहे लोगों की एक बड़ी संख्या, अंगों की अराजक आंदोलन कर रही है - "वुडस्टॉक" के रूप में इस तरह के समारोहों में अक्सर moshpit होता है। आप इस तरह के में कभी नहीं भाग लिया है, तो यह चक्र से दूर रहने के लिए सबसे अच्छा है। इसके अलावा, एक ज़िपर के साथ अपने बैग या जेब में अपने सभी क़ीमती सामान डाल क्योंकि वे बस एक उग्र गति से बाहर छोड़ सकते हैं। कुछ त्योहारों की अनुमति दी steydzhdayving - भीड़ में मंच से कूद। वे संगीतकारों और उपहार के रूप में करते हैं। लीप आमतौर पर अधिक से अधिक जोखिम के साथ जुड़ा हुआ नहीं है, लेकिन सबसे अधिक संभावना है आप अपने दोस्तों को खो देंगे। इसलिए, त्योहार की शुरुआत से पहले आपात स्थिति के मामले में एक बैठक की जगह पर फैसला करने के लिए बेहतर है।
| रॉक त्योहारों भारी संगीत के प्रशंसकों की पसंदीदा जगहों में से एक है। गर्मी के महीनों में विश्व भर के युवाओं को नियमित रूप से आराम करने और अपने पसंदीदा कलाकारों को देखने के लिए रहने के लिए एक ही स्थान पर एकत्रित करता है। इस तरह के समारोहों में लंबे समय, हमेशा की तरह संगीत शो से बाहर चले गए हैं एक पूरे उप-संस्कृति बन गया। वर्ष की सबसे महत्वपूर्ण संगीत कार्यक्रम पर दुनिया भर से प्रशंसकों को आकर्षित करती है। पहले रॉक त्योहारों साल पचास पहले शुरू किया गया है। प्रारंभ में, वे आज के से बहुत अलग थे। वे हिस्सा है, समूह की जनता के लिए अज्ञात में ले लिया। और संगठन और त्योहार के संचालन सत्ता पर नियंत्रण नहीं कर सकते। हालांकि, दस साल बाद स्थिति को गंभीरता से बदल गया है। रॉक समारोह में अधिक से अधिक युवा लोगों को आकर्षित करने के लिए शुरू किया। शो के दौरान शराब की असीमित मात्रा में बेच दिया। इसके अलावा, कुछ लोगों को उन लोगों के साथ दवाओं ले आया। वातावरण, भारी संगीत, साथ ही बड़े पैमाने पर नशे की राज्य की वजह से ड्राइव, अक्सर विनाशकारी परिणाम के लिए नेतृत्व किया। प्लावित युवा लोगों को आक्रामक व्यवहार, झगड़े में शामिल हो रही है और बर्बरता के कृत्यों की व्यवस्था। पुलिस अक्सर आइटम की एक किस्म उड़ान आया। त्योहार में से कोई भी कई दर्जन लोगों की गिरफ्तारी के बिना जगह ले और एम्बुलेंस कहते हैं। इसलिए, कानून प्रवर्तन अधिकारियों को धीरे-धीरे उनके नियंत्रण में रॉक समारोह लेना शुरू कर दिया। लेकिन सुरक्षा - मुख्य कारण है कि अधिकारियों के लिए कहा जाए यह कदम उठाने का नहीं है। बड़े निगमों और उद्यमी लोगों ने देखा कि त्योहार हर साल हजारों लोगों के दसियों को आकर्षित करती है है। और इसका मतलब है - लाभ के लिए एक बड़ा अवसर। पहला वाणिज्यिक त्योहारों का आयोजन किया गया। किसी भी फर्म संगीतकारों की फीस और अन्य संगठनात्मक मुद्दे शामिल भुगतान किया। यह टिकटों की बिक्री और जमीन पर खुदरा से अच्छा लाभ पाने के लिए। अमेरिका रॉक समारोह में कुछ समय के बाद सामाजिक-सांस्कृतिक वातावरण में एक बहुत ही महत्वपूर्ण जगह ले लिया है। लगभग हर किशोरी का सपना इस तरह की घटना के लिए जाना होगा। शास्त्रीय त्योहारों इसके अलावा भी दान कर रहे हैं। वे पहली बार अस्सी के दशक में दिखाई दिया जब युवाओं में शांतिवादी विचारों के प्रसार। वियतनाम पर अमेरिकी आक्रमण के क्रांतिकारी आंदोलनों के लिए एक उत्प्रेरक था। हम के समर्थन में संगीत कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए शुरू किया विश्व शांति और बीमार बच्चों और इतने पर की खातिर। आमतौर पर, सर्जक एक रॉक बैंड प्रदर्शन किया है। त्योहार कुछ ही महीनों की तारीख से पहले नियुक्त किया गया। इस समय के दौरान, अन्य समूहों की भागीदारी के लिए आवेदन कर सकते हैं। आमतौर पर त्योहार कुछ दिनों के, आम तौर पर तीन पिछले। स्थानीय आबादी और अन्य समस्याओं के साथ भ्रम से बचने के शो रेगिस्तान में जगह लेता है, अब तक शहरी ढेर से। गर्मियों के रॉक त्योहारों एक उच्च सुरक्षा मानकों की है। आयोजकों पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहिए और सभी आगंतुकों को एक मेडिकल स्टाफ की है। एक रॉक त्योहार आमतौर पर शैली कलाकारों में समान हैं। उदाहरण के लिए, उत्सव "Hellfest" लाइव बैंड पर शैली mosh कट्टर beatdown में खेल रहा है। इस प्रकार, घटना इस दिशा के प्रशंसकों की संख्या सबसे अधिक आकर्षित करती है। के बाद से रॉक संगीत अक्सर एक सामाजिक या राजनीतिक संदर्भ में किया जाता है, त्योहारों अक्सर कुछ के खिलाफ एक विरोध के रूप में एकत्र। इस प्रकार है, जो अस्सी-नौ साल में, वह मास्को में प्रसिद्ध "शांति के लिए संगीतकार", लोगों को हजारों की संख्या में लोग शामिल पारित कर दिया। जो इस तरह के एक समारोह में भाग लेने जा रहे हैं उन, हमें याद रखना चाहिए कि यह खतरों के एक नंबर शामिल है। के रूप में इस शो के आयोजन स्थल शहर के बाहर दूर स्थित है, तो आप के रूप में ज्यादा पानी और गैर विनाशशील भोजन लेने की जरूरत है। साइट पर वहाँ की दुकानों और हो जाएगा स्टालों, लेकिन उन्हें बारी मीटर के सैकड़ों के लिए खिंचाव कर सकते हैं। इस तरह की समस्याएं नियमित रूप से "आक्रमण" के साथ। रॉक फेस्टिवल से अधिक सात साल के लिए आयोजित किया जाता है, और इस समय के दौरान अप्रिय स्थितियों का एक बहुत था। कई बार वहाँ पानी है, जो समय पर वितरित नहीं कर सके कुछ समस्याएं थी। कि सक्रिय आंदोलनों के दौरान कम नहीं करता है और अधिक लायक आरामदायक कपड़े, पहनें। कट्टर नृत्य तत्व, जब चारों ओर चल रहे लोगों की एक बड़ी संख्या, अंगों की अराजक आंदोलन कर रही है - "वुडस्टॉक" के रूप में इस तरह के समारोहों में अक्सर moshpit होता है। आप इस तरह के में कभी नहीं भाग लिया है, तो यह चक्र से दूर रहने के लिए सबसे अच्छा है। इसके अलावा, एक ज़िपर के साथ अपने बैग या जेब में अपने सभी क़ीमती सामान डाल क्योंकि वे बस एक उग्र गति से बाहर छोड़ सकते हैं। कुछ त्योहारों की अनुमति दी steydzhdayving - भीड़ में मंच से कूद। वे संगीतकारों और उपहार के रूप में करते हैं। लीप आमतौर पर अधिक से अधिक जोखिम के साथ जुड़ा हुआ नहीं है, लेकिन सबसे अधिक संभावना है आप अपने दोस्तों को खो देंगे। इसलिए, त्योहार की शुरुआत से पहले आपात स्थिति के मामले में एक बैठक की जगह पर फैसला करने के लिए बेहतर है। |
प्रकार के
है। उसे मेरी बुद्धि की वैचारित
राष्ट्र की उपासना
होती कि कुछ लोग बुद्धि उध योग शरीर भम तो उसने कुछ लोगों को दिरही सिर दिने होते और कुछ कोही हामश्वर के लिए भी मन नहीं है। लेकिन उसने रएकोमागया है और पे भी। उधर चिठन भी चलता है और पर भूमी लगती है। इसलिए वह विचार भी गलत है कि मजदूर भ शरीर मम ही करते रहे। उन्हें घंटे का भी मौका मिलना चाहिए । क्या ऐसा है लोग सिर्फ लाना में और सिर्फ पानी ही पिये। यह ठीक है कि शाहार करने कम पानी पी और पेटीमात्र फिर मी पाना भी चाहिए और पानी भी । इसी तरह मा रचना ऐसी होनी चाहिए नि एक मनुष्य का पूरा हो । सौसिएरएको और दोनों की महतूम म मता ही होनी चाहिए ।
मुझे बचपन की एक पटना मार भाती है। एक दिन मैं के पास जाना माँगने या तो उसने पूछा कि स्नान किया। मेरे कहने पर ने फिर से " पोहा मन
ये हैं ना सान्म नहीं दिया। इस तरह बन की उपासना शुरू होगी और हर माता अपने मामय परिश्रम किये कोरलाना नहीं देगी
ऊँचा वेग्म ।
समाज के टुकरमा भषमं
एमय आन्दोलन कुछ मनुष्यों के लिए हो चाहिए । ग्राम सौग केर | प्रकार के है। उसे मेरी बुद्धि की वैचारित राष्ट्र की उपासना होती कि कुछ लोग बुद्धि उध योग शरीर भम तो उसने कुछ लोगों को दिरही सिर दिने होते और कुछ कोही हामश्वर के लिए भी मन नहीं है। लेकिन उसने रएकोमागया है और पे भी। उधर चिठन भी चलता है और पर भूमी लगती है। इसलिए वह विचार भी गलत है कि मजदूर भ शरीर मम ही करते रहे। उन्हें घंटे का भी मौका मिलना चाहिए । क्या ऐसा है लोग सिर्फ लाना में और सिर्फ पानी ही पिये। यह ठीक है कि शाहार करने कम पानी पी और पेटीमात्र फिर मी पाना भी चाहिए और पानी भी । इसी तरह मा रचना ऐसी होनी चाहिए नि एक मनुष्य का पूरा हो । सौसिएरएको और दोनों की महतूम म मता ही होनी चाहिए । मुझे बचपन की एक पटना मार भाती है। एक दिन मैं के पास जाना माँगने या तो उसने पूछा कि स्नान किया। मेरे कहने पर ने फिर से " पोहा मन ये हैं ना सान्म नहीं दिया। इस तरह बन की उपासना शुरू होगी और हर माता अपने मामय परिश्रम किये कोरलाना नहीं देगी ऊँचा वेग्म । समाज के टुकरमा भषमं एमय आन्दोलन कुछ मनुष्यों के लिए हो चाहिए । ग्राम सौग केर |
शीरा बच्चों का वजन बढ़ाता है और इम्यून सिस्टम को ठीक तरह से काम करने में मदद करता है। आज हम आपको यहां बच्चों के लिए शीरा बनाने की विधि के बारे में बता रहे हैं।
बच्चों के लिए शीरा बनाने के लिए आपको दो से तीन चम्मच चीनी, दो चम्मच बेसन, दो चम्मच सूजी, दो चम्मच ड्राई फ्रूट पाउडर, तीन से चार चम्मच देसी घी, आधा चम्मच इलायची पाउडर और एक कप पानी की जरूरत है।
बच्चों के लिए शीरा बनाने के स्टेप्स इस प्रकार हैं :
- सबसे पहले गैस पर एक पैन रखें और उसे गर्म करें।
- पैन के गर्म होने पर उसमें घी डालें।
- घी को पूरे पैन पर फैला लें और फिर उसमें सूजी डालें।
- सूजी को अच्छी तरह से चला लें और एक मिनट तक पकाएं।
- शीरा बनाते समय आपको आंच धीमी ही रखनी है।
- अब इसमें बेसन डालें और इसे ठीक से चला लें ताकि इसमें कोई गुठली न रहे।
- धीमी आंच पर भूनने के बाद इसमें ड्राई फ्रूट पाउडर डालें।
- दो मिनट तक इसे अच्छी तरह से भूनें।
- फिर इसमें आपको चीनी मिलानी है और इसके साथ ही इलायची पाउडर भी डाल दें।
- इन सब चीजों को मिक्स करने के तुंरत बाद पानी मिलाएं।
- इसे अच्छी तरह से चला लें ताकि कोई गुठली न रहे।
- जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए तब तक उसे चलाते रहें।
- गाढ़ा होने पर आपका शीरा तैयार है।
ये शीरा बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ उनका वजन भी बढ़ाता है। इसे खाने से बच्चों को खांसी, जुकाम और बुखार की परेशानी भी होती है। बहती नाक और थकान को दूर करने में भी शीरा मदद करता है।
| शीरा बच्चों का वजन बढ़ाता है और इम्यून सिस्टम को ठीक तरह से काम करने में मदद करता है। आज हम आपको यहां बच्चों के लिए शीरा बनाने की विधि के बारे में बता रहे हैं। बच्चों के लिए शीरा बनाने के लिए आपको दो से तीन चम्मच चीनी, दो चम्मच बेसन, दो चम्मच सूजी, दो चम्मच ड्राई फ्रूट पाउडर, तीन से चार चम्मच देसी घी, आधा चम्मच इलायची पाउडर और एक कप पानी की जरूरत है। बच्चों के लिए शीरा बनाने के स्टेप्स इस प्रकार हैं : - सबसे पहले गैस पर एक पैन रखें और उसे गर्म करें। - पैन के गर्म होने पर उसमें घी डालें। - घी को पूरे पैन पर फैला लें और फिर उसमें सूजी डालें। - सूजी को अच्छी तरह से चला लें और एक मिनट तक पकाएं। - शीरा बनाते समय आपको आंच धीमी ही रखनी है। - अब इसमें बेसन डालें और इसे ठीक से चला लें ताकि इसमें कोई गुठली न रहे। - धीमी आंच पर भूनने के बाद इसमें ड्राई फ्रूट पाउडर डालें। - दो मिनट तक इसे अच्छी तरह से भूनें। - फिर इसमें आपको चीनी मिलानी है और इसके साथ ही इलायची पाउडर भी डाल दें। - इन सब चीजों को मिक्स करने के तुंरत बाद पानी मिलाएं। - इसे अच्छी तरह से चला लें ताकि कोई गुठली न रहे। - जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए तब तक उसे चलाते रहें। - गाढ़ा होने पर आपका शीरा तैयार है। ये शीरा बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ उनका वजन भी बढ़ाता है। इसे खाने से बच्चों को खांसी, जुकाम और बुखार की परेशानी भी होती है। बहती नाक और थकान को दूर करने में भी शीरा मदद करता है। |
विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं के तहत आने वाली ग्राम पंचायत पनौल के गांव पुवाई में भू-स्खलन होने के चलते लगभग 15 परिवार पर खतरा मंडरा रहा है। भारी बारिश होने के चलते इस गांव के ठीक ऊपर पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर खिसक कर नीचे की तरफ आ रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार इस गांव में लगभग 11 मकान हैं। इस गांव में सरवण, शंकुतला देवी, रणजीत, नंदलाल, महेंद्र, जमना, बंसी राम, रिंकू, लक्ष्मी दत्त, सुनील, मनोज, संजीव आदि के परिवार रहते हैं। इस गांव के निखिल सिंह ने बताया कि भारी बारिश होने के चलते पहाड़ी पर भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ से बड़े. बड़े पत्थर खिसक कर नीचे की तरफ आ रहे हैं। निखिल सिंह ने बताया कि एक भारी. भरकम चट्टान इन घरों के समीप पहुंचने ही वाली थी।
अचानक यह बड़ा पत्थर एक पेड़ के साथ अटक गया। जिसके चलते अनहोनी टल गई। ग्राम वासियों ने बताया कि इस गांव में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने बताया कि इन परिवारों का कोई भी सदस्य सो नहीं पा रहा है। सभी लोगों पर खतरा मंडरा रहा है। उधर, घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार घुमारवीं जय गोपाल शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने के लिए कहा गया है। इस क्षेत्र में होने वाले भूस्खलन के कारण दो मकानों को ज्यादा खतरा बना हुआ है। घटना की पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रेषित कर दी गई है। वहीं, इस गांव में रहने वाला एक परिवार सभी सदस्यों सहित किसी बाहरी राज्य की तरफ चला गया है। जानकारी के अनुसार इस परिवार का किसी दूसरी जगह पर भी रहने के लिए ठिकाना है।
| विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं के तहत आने वाली ग्राम पंचायत पनौल के गांव पुवाई में भू-स्खलन होने के चलते लगभग पंद्रह परिवार पर खतरा मंडरा रहा है। भारी बारिश होने के चलते इस गांव के ठीक ऊपर पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर खिसक कर नीचे की तरफ आ रहे हैं। इसके चलते ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार इस गांव में लगभग ग्यारह मकान हैं। इस गांव में सरवण, शंकुतला देवी, रणजीत, नंदलाल, महेंद्र, जमना, बंसी राम, रिंकू, लक्ष्मी दत्त, सुनील, मनोज, संजीव आदि के परिवार रहते हैं। इस गांव के निखिल सिंह ने बताया कि भारी बारिश होने के चलते पहाड़ी पर भूस्खलन हो रहा है। पहाड़ से बड़े. बड़े पत्थर खिसक कर नीचे की तरफ आ रहे हैं। निखिल सिंह ने बताया कि एक भारी. भरकम चट्टान इन घरों के समीप पहुंचने ही वाली थी। अचानक यह बड़ा पत्थर एक पेड़ के साथ अटक गया। जिसके चलते अनहोनी टल गई। ग्राम वासियों ने बताया कि इस गांव में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने बताया कि इन परिवारों का कोई भी सदस्य सो नहीं पा रहा है। सभी लोगों पर खतरा मंडरा रहा है। उधर, घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार घुमारवीं जय गोपाल शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने के लिए कहा गया है। इस क्षेत्र में होने वाले भूस्खलन के कारण दो मकानों को ज्यादा खतरा बना हुआ है। घटना की पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को प्रेषित कर दी गई है। वहीं, इस गांव में रहने वाला एक परिवार सभी सदस्यों सहित किसी बाहरी राज्य की तरफ चला गया है। जानकारी के अनुसार इस परिवार का किसी दूसरी जगह पर भी रहने के लिए ठिकाना है। |
Monsoon Session 2022:
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। ये सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। इस बार के मानसून सत्र में कुल 24 बिल पेश किए जाएंगे और 18 बैठकें होंगी। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों से अपील की है। उन्होंने कहा है कि संसद लोकतंत्र का तीर्थक्षेत्र है और इसके सुचारू रूप से चलने के लिए सबका सहयोग जरूरी है।
पीएम मोदी ने कहा कि ये सत्र बहुत महत्वपूर्ण है और इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसी समय राष्ट्रपति (President) और उपराष्ट्रपति (Vice President) पद के चुनाव हो रहे हैं। आज मतदान भी हो रहा है और इसी कालखंड में देश को नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति मिलेंगे।
प्रधानमंत्री (PM Modi) ने आगे कहा कि हम हमेशा सदन को संवाद का सक्षम माध्यम मनाते हैं, जहां खुले मन से संवाद हो, खुले मन से वाद-विवाद हो, आलोचना भी हो और उत्तम प्रकार से विश्लेषण हो ताकि नीति और निर्णय में बहुत ही सकारात्मक योगदान हो सके।
पीएम ने कहा कि मैं सभी सांसद से आग्रह करूंगा कि गहन चिंतन, गहन चर्चा और सदन को जितना प्रोटेक्टिव बना सके। इसलिए सबका सहयोग हो और सबके प्रयास से ही लोकतंत्र, सदन और सभी के प्रयास से सदन उत्तम निर्णय लेता है इसलिए सदन की गरिमा बढ़ाने के लिए हम सब अपने कर्तव्यों का निर्वाह करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये अवधि बेहद महत्वपूर्ण है। ये आजादी के अमृत महोत्सव का दौर है। अब आने वाले 25 वर्षों का एक विशेष महत्व होगा। जब राष्ट्र स्वतंत्रता के 100 वर्ष मनाएगा, ये हमारी यात्रा तय करने का संकल्प करने का समय होगा।
| Monsoon Session दो हज़ार बाईस: नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। ये सत्र तेरह अगस्त तक चलेगा। इस बार के मानसून सत्र में कुल चौबीस बिल पेश किए जाएंगे और अट्ठारह बैठकें होंगी। इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों से अपील की है। उन्होंने कहा है कि संसद लोकतंत्र का तीर्थक्षेत्र है और इसके सुचारू रूप से चलने के लिए सबका सहयोग जरूरी है। पीएम मोदी ने कहा कि ये सत्र बहुत महत्वपूर्ण है और इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इसी समय राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के चुनाव हो रहे हैं। आज मतदान भी हो रहा है और इसी कालखंड में देश को नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति मिलेंगे। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हम हमेशा सदन को संवाद का सक्षम माध्यम मनाते हैं, जहां खुले मन से संवाद हो, खुले मन से वाद-विवाद हो, आलोचना भी हो और उत्तम प्रकार से विश्लेषण हो ताकि नीति और निर्णय में बहुत ही सकारात्मक योगदान हो सके। पीएम ने कहा कि मैं सभी सांसद से आग्रह करूंगा कि गहन चिंतन, गहन चर्चा और सदन को जितना प्रोटेक्टिव बना सके। इसलिए सबका सहयोग हो और सबके प्रयास से ही लोकतंत्र, सदन और सभी के प्रयास से सदन उत्तम निर्णय लेता है इसलिए सदन की गरिमा बढ़ाने के लिए हम सब अपने कर्तव्यों का निर्वाह करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये अवधि बेहद महत्वपूर्ण है। ये आजादी के अमृत महोत्सव का दौर है। अब आने वाले पच्चीस वर्षों का एक विशेष महत्व होगा। जब राष्ट्र स्वतंत्रता के एक सौ वर्ष मनाएगा, ये हमारी यात्रा तय करने का संकल्प करने का समय होगा। |
कानपुर में एक बार फिर तेंदुआ ने दस्तक दी है। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई) के गर्ल्स हॉस्टल के बाहर तेंदुआ की चहल-कदमी देखने को मिली है। वन विभाग की टीमें एक बार फिर एक्टिव हो गई हैं।
कानपुरः यूपी के कानपुर में तेंदुआ का आतंक देखने को मिल रहा है। तेंदुआ वन विभाग के कर्मचारियों के साथ आंख-मिचौली खेल रहा है। बीते आठ दिनों बाद तेंदुआ फिर से देखा गया है। कानपुर आईआईटी और एनएसआई (राष्ट्रीय शर्करा संस्थान) के जंगलों में एक बार फिर तेंदुए की चहलकदमी देखी गई है। एनएसआई के गर्ल्स हॉस्टल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ कैद हो गया। दोनों संस्थानों के सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। वहीं, वन विभाग की टीमों ने फिर डेरा डाल दिया है।
एनएसआई और आईआईटी में तेंदुआ ने एक बार फिर से दस्तक दे दी है। आईआईटी में पहली बार तेंदुआ 25 अक्टूबर को देखा गया था। इसके बाद एनएसआई और अर्मापुर के स्माल आर्म फैक्ट्री में देखा गया था। एक बार फिर तेंदुआ की चहलकदमी को देखते हुए संस्थान ने हॉस्टल में रहने वाले छात्रों और प्रोफेसरों से हॉस्टल में रहने की अपील की है। इसके साथ ही छात्रों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
आईआईटी कानपुर में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने गुरुवार देररात तेंदुआ को आते हुए देखा था। इसके बाद तेंदुआ आधी रात के बाद जीटी रोड से होते हुए एनएसआई के जंगलों से होते हुए गर्ल्स हॉस्टल पहुंचा था। वन विभाग की टीमें एक बार फिर से पिंजरा और ट्रैप कैमरे लगाए हैं। चिड़ियाघर के वन्य जीव चिकित्सक ट्रैंकुलाइजर गन लेकर तेंदुए की तलाश कर रहे हैं।
| कानपुर में एक बार फिर तेंदुआ ने दस्तक दी है। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान के गर्ल्स हॉस्टल के बाहर तेंदुआ की चहल-कदमी देखने को मिली है। वन विभाग की टीमें एक बार फिर एक्टिव हो गई हैं। कानपुरः यूपी के कानपुर में तेंदुआ का आतंक देखने को मिल रहा है। तेंदुआ वन विभाग के कर्मचारियों के साथ आंख-मिचौली खेल रहा है। बीते आठ दिनों बाद तेंदुआ फिर से देखा गया है। कानपुर आईआईटी और एनएसआई के जंगलों में एक बार फिर तेंदुए की चहलकदमी देखी गई है। एनएसआई के गर्ल्स हॉस्टल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ कैद हो गया। दोनों संस्थानों के सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। वहीं, वन विभाग की टीमों ने फिर डेरा डाल दिया है। एनएसआई और आईआईटी में तेंदुआ ने एक बार फिर से दस्तक दे दी है। आईआईटी में पहली बार तेंदुआ पच्चीस अक्टूबर को देखा गया था। इसके बाद एनएसआई और अर्मापुर के स्माल आर्म फैक्ट्री में देखा गया था। एक बार फिर तेंदुआ की चहलकदमी को देखते हुए संस्थान ने हॉस्टल में रहने वाले छात्रों और प्रोफेसरों से हॉस्टल में रहने की अपील की है। इसके साथ ही छात्रों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आईआईटी कानपुर में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने गुरुवार देररात तेंदुआ को आते हुए देखा था। इसके बाद तेंदुआ आधी रात के बाद जीटी रोड से होते हुए एनएसआई के जंगलों से होते हुए गर्ल्स हॉस्टल पहुंचा था। वन विभाग की टीमें एक बार फिर से पिंजरा और ट्रैप कैमरे लगाए हैं। चिड़ियाघर के वन्य जीव चिकित्सक ट्रैंकुलाइजर गन लेकर तेंदुए की तलाश कर रहे हैं। |
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। फिल्म 'सिटीलाइट्स' के अभिनेता राजकुमार राव का कहना है कि उनके भीतर हमेशा एक डांसर मौजूद रहा है, ेलेकिन अभिनय स्कूल जाने के बाद उन्हें अभिनय से प्यार हो गया।
अभिनेता ने कहा कि मौका मिलने पर वह नृत्य पर आधारित फिल्म में काम करना पसंद करेंगे।
राजकुमार ने कहा, मेरे अंदर डांसर मौजूद है। यह हमेशा रहा है, लेकिन एफटीआईआई जाने के बाद मैं बस अभिनय के प्यार में पड़ गया। बचपन से ही मैं हर प्रतियोगिता और कार्यक्रम में लोगों के सामने डांस करता रहा हूं, लेकिन जब से मैंने अभिनय करना शुरू किया। मेरे अंदर का अभिनेता डांसर पर हावी हो गया, लेकिन अगर कोई नृत्य पर आधारित फिल्म करने का प्रस्ताव मुझे देता है तो मैं इसे करना पसंद करूंगा।
अभिनेता अपनी फिल्म 'बहन होगी तेरी' के प्रचार के सिलसिले में जूम चैनल के शो 'यार मेरा सुपर स्टार' के दूसरे सीजन में शामिल हुए। इस फिल्म में श्रुति हासन और गौतम गुलाटी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है जो बचपन से अपनी दोस्त व पड़ोसी लड़की से प्यार करता है, लेकिन वह उसे एक पड़ोसी या भाई से ज्यादा नहीं मानती।
'शाहिद', 'सिटीलाइट्स', और 'ट्रैप्ड' जैसी फिल्मों में संवेदनशील व गंभीर भूमिकाएं निभाने वाले राजकुमार पहली बार किसी कॉमेडी फिल्म में नजर आएंगे।
फिल्म नौ जून को रिलीज हो रही है।
नई दिल्ली। कंगना रनोट की फिल्म चंद्रमुखी 2 रिलीज हो गई है। इसके साथ ही दो और फिल्में फुकरे 3 और द वैक्सीन वॉर भी थिएटर्स में पहुंची। 28 सितंबर को एक साथ तीन फिल्में रिलीज की गई। इनमे सबसे ज्यादा कलेक्शन फुकरे 3 ने किया। इसके बाद कंगना रनोट की चंद्रमुखी रही है और अंत में द वैक्सीन वॉर को जगह मिली।
चंद्रमुखी में कंगना रनोट के साथ लीड रोल में राघव लॉरेंस हैं। गुरुवार को रिलीज हुई इस फिल्म ने 7 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया। न्यूज़ पोर्टल Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रमुखी ने ओपनिंग डे पर डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस पर 7.5 करोड़ के साथ खाता खोला है। हालांकि, ये शुरुआती आंकड़े हैं।
फिल्म को हिंदी के साथ-साथ साउथ में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। पोर्टल के अनुसार, तमिल में 51.90 % की ऑक्यूपेंसी रही। वहीं, तेलुगु में 42.65 % और हिंदी में 12.77 % की ऑक्यूपेंसी रही, जो किसी भी फिल्म की अच्छी शुरुआत की ओर इशारा कर रही है।
फुकरे 3 के ओपनिंग कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने पहले दिन 8.50 करोड़ का कलेक्शन किया है। वहीं, द वैक्सीन वॉर पहले दिन फिल्म लड़ाई हारते हुए नजर आई। ओपनिंग डे पर द वैक्सीन वॉर ने महज 1.30 करोड़ का बिजनेस किया।
चंद्रमुखी 2 ब्लॉकबस्टर तमिल हॉरर कॉमेडी फिल्म चंद्रमुखी का सीक्वल है। ओरिजिनल फिल्म में रजनीकांत और ज्योतिका ने मुख्य भूमिका निभाई थी। ये फिल्म 15 सितंबर को रिलीज होने वाली थी लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण इसे 28 सितंबर तक के लिए टाल दिया गया। एम. एम. कीरावानी ने फिल्म के लिए संगीत दिया है।
| नई दिल्ली, तीन जून । फिल्म 'सिटीलाइट्स' के अभिनेता राजकुमार राव का कहना है कि उनके भीतर हमेशा एक डांसर मौजूद रहा है, ेलेकिन अभिनय स्कूल जाने के बाद उन्हें अभिनय से प्यार हो गया। अभिनेता ने कहा कि मौका मिलने पर वह नृत्य पर आधारित फिल्म में काम करना पसंद करेंगे। राजकुमार ने कहा, मेरे अंदर डांसर मौजूद है। यह हमेशा रहा है, लेकिन एफटीआईआई जाने के बाद मैं बस अभिनय के प्यार में पड़ गया। बचपन से ही मैं हर प्रतियोगिता और कार्यक्रम में लोगों के सामने डांस करता रहा हूं, लेकिन जब से मैंने अभिनय करना शुरू किया। मेरे अंदर का अभिनेता डांसर पर हावी हो गया, लेकिन अगर कोई नृत्य पर आधारित फिल्म करने का प्रस्ताव मुझे देता है तो मैं इसे करना पसंद करूंगा। अभिनेता अपनी फिल्म 'बहन होगी तेरी' के प्रचार के सिलसिले में जूम चैनल के शो 'यार मेरा सुपर स्टार' के दूसरे सीजन में शामिल हुए। इस फिल्म में श्रुति हासन और गौतम गुलाटी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है जो बचपन से अपनी दोस्त व पड़ोसी लड़की से प्यार करता है, लेकिन वह उसे एक पड़ोसी या भाई से ज्यादा नहीं मानती। 'शाहिद', 'सिटीलाइट्स', और 'ट्रैप्ड' जैसी फिल्मों में संवेदनशील व गंभीर भूमिकाएं निभाने वाले राजकुमार पहली बार किसी कॉमेडी फिल्म में नजर आएंगे। फिल्म नौ जून को रिलीज हो रही है। नई दिल्ली। कंगना रनोट की फिल्म चंद्रमुखी दो रिलीज हो गई है। इसके साथ ही दो और फिल्में फुकरे तीन और द वैक्सीन वॉर भी थिएटर्स में पहुंची। अट्ठाईस सितंबर को एक साथ तीन फिल्में रिलीज की गई। इनमे सबसे ज्यादा कलेक्शन फुकरे तीन ने किया। इसके बाद कंगना रनोट की चंद्रमुखी रही है और अंत में द वैक्सीन वॉर को जगह मिली। चंद्रमुखी में कंगना रनोट के साथ लीड रोल में राघव लॉरेंस हैं। गुरुवार को रिलीज हुई इस फिल्म ने सात करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया। न्यूज़ पोर्टल Sacnilk की रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रमुखी ने ओपनिंग डे पर डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस पर सात.पाँच करोड़ के साथ खाता खोला है। हालांकि, ये शुरुआती आंकड़े हैं। फिल्म को हिंदी के साथ-साथ साउथ में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। पोर्टल के अनुसार, तमिल में इक्यावन.नब्बे % की ऑक्यूपेंसी रही। वहीं, तेलुगु में बयालीस.पैंसठ % और हिंदी में बारह.सतहत्तर % की ऑक्यूपेंसी रही, जो किसी भी फिल्म की अच्छी शुरुआत की ओर इशारा कर रही है। फुकरे तीन के ओपनिंग कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने पहले दिन आठ.पचास करोड़ का कलेक्शन किया है। वहीं, द वैक्सीन वॉर पहले दिन फिल्म लड़ाई हारते हुए नजर आई। ओपनिंग डे पर द वैक्सीन वॉर ने महज एक.तीस करोड़ का बिजनेस किया। चंद्रमुखी दो ब्लॉकबस्टर तमिल हॉरर कॉमेडी फिल्म चंद्रमुखी का सीक्वल है। ओरिजिनल फिल्म में रजनीकांत और ज्योतिका ने मुख्य भूमिका निभाई थी। ये फिल्म पंद्रह सितंबर को रिलीज होने वाली थी लेकिन तकनीकी दिक्कतों के कारण इसे अट्ठाईस सितंबर तक के लिए टाल दिया गया। एम. एम. कीरावानी ने फिल्म के लिए संगीत दिया है। |
सेरेना विलियम्स ने टेनिस को अलविदा कहने का मन बना लिया है। संन्यास शब्द को लेने से घबराने वाली इस टेनिस सुंदरी ने इशारों में अपने बेहद सफल और रिकार्ड से भरे करियर का अंत करने के संकेत दिए हैं।
नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दुनिया की पूर्व नंबर एक अमेरिका की दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने इस खेल को अलविदा कहने का मन बना लिया है। संन्यास शब्द को लेने से घबराने वाली इस टेनिस सुंदरी ने इशारों में अपने बेहद सफल और रिकार्ड से भरे करियर का अंत करने के संकेत दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक खास मैसेज देते हुए उन्होंने बताया कि टेनिस उनको कितना प्यारा है लेकिन अब वह एक मां हैं और वह इस भूमिका को अच्छे से निभाना चाहती हैं।
सेरेना ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, "हम सभी के जीवन में एक ऐसा वक्त आ ही जाता है जब एक अलग दिशा की तरफ जाने का फैसला करना होता है। वो लम्हा बेहद ही कठिन होता है जब आप किसी चीज को हद से ज्यादा प्यार करते हैं। मेरी किस्मत थी कि मैंने टेनिस का काफी ज्यादा मजा उठाया लेकिन अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अब मैंने मां होने पर ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया है। मेरे आत्मिक लक्ष्य और अचानक से मैंने एक अलग ही सेरेना को पाया है। मैं इसे अगले कुछ हफ्ते के लिए काफी इंज्वाय करना चाहती हूं।
दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने फ्रेंच ओपन 2021 के बाद अपनी पहली जीत दर्ज की। सेरेना ने नेशनल बैंक ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पहले दौर में नूरिया पारिजास डियाज को 6-3, 6-4 से हराकर शानदार शुरुआत की। 40 वर्षीय सेरेना का यह सत्र का केवल दूसरा टूर्नामेंट है। उन्होंने एक महीने पहले ही विंबलडन में वापसी की थी, लेकिन 23 बार की ग्रैंडस्लैम चैंपियन पहले दौर में ही हारकर बाहर हो गई थीं। सेरेना का नेशनल बैंक ओपन में अगला मुकाबला बेलिंडा बेनकिक या टेरेजा मार्टिनकोवा से होगा।
जीत के बाद सेरेना ने कहा कि वह भूल गई थीं कि जीत का अहसास कैसा होता है। उन्होंने कहा, 'मैं जीत दर्ज करके खुश हूं। यह जीत मुझे लंबे समय बाद मिली है। मैं भूल गई थी कि जीत का अहसास कैसा होता है।
| सेरेना विलियम्स ने टेनिस को अलविदा कहने का मन बना लिया है। संन्यास शब्द को लेने से घबराने वाली इस टेनिस सुंदरी ने इशारों में अपने बेहद सफल और रिकार्ड से भरे करियर का अंत करने के संकेत दिए हैं। नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। दुनिया की पूर्व नंबर एक अमेरिका की दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने इस खेल को अलविदा कहने का मन बना लिया है। संन्यास शब्द को लेने से घबराने वाली इस टेनिस सुंदरी ने इशारों में अपने बेहद सफल और रिकार्ड से भरे करियर का अंत करने के संकेत दिए हैं। सोशल मीडिया पर एक खास मैसेज देते हुए उन्होंने बताया कि टेनिस उनको कितना प्यारा है लेकिन अब वह एक मां हैं और वह इस भूमिका को अच्छे से निभाना चाहती हैं। सेरेना ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, "हम सभी के जीवन में एक ऐसा वक्त आ ही जाता है जब एक अलग दिशा की तरफ जाने का फैसला करना होता है। वो लम्हा बेहद ही कठिन होता है जब आप किसी चीज को हद से ज्यादा प्यार करते हैं। मेरी किस्मत थी कि मैंने टेनिस का काफी ज्यादा मजा उठाया लेकिन अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अब मैंने मां होने पर ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया है। मेरे आत्मिक लक्ष्य और अचानक से मैंने एक अलग ही सेरेना को पाया है। मैं इसे अगले कुछ हफ्ते के लिए काफी इंज्वाय करना चाहती हूं। दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स ने फ्रेंच ओपन दो हज़ार इक्कीस के बाद अपनी पहली जीत दर्ज की। सेरेना ने नेशनल बैंक ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पहले दौर में नूरिया पारिजास डियाज को छः-तीन, छः-चार से हराकर शानदार शुरुआत की। चालीस वर्षीय सेरेना का यह सत्र का केवल दूसरा टूर्नामेंट है। उन्होंने एक महीने पहले ही विंबलडन में वापसी की थी, लेकिन तेईस बार की ग्रैंडस्लैम चैंपियन पहले दौर में ही हारकर बाहर हो गई थीं। सेरेना का नेशनल बैंक ओपन में अगला मुकाबला बेलिंडा बेनकिक या टेरेजा मार्टिनकोवा से होगा। जीत के बाद सेरेना ने कहा कि वह भूल गई थीं कि जीत का अहसास कैसा होता है। उन्होंने कहा, 'मैं जीत दर्ज करके खुश हूं। यह जीत मुझे लंबे समय बाद मिली है। मैं भूल गई थी कि जीत का अहसास कैसा होता है। |
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