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उप मुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता ने आज कहा कि राज्य सरकार समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य के समावेशी और न्यायसंगत विकास वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों के बीच 15. 9 7 लाख रुपये के भुगतान प्रधिकार पत्र (पीएएल) को वितरित करते हुए यह कहा। समारोह जम्मू-कश्मीर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग विकास निगम लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर निगम के उप चेयरमैन बलबीर राम रतन और निगम के अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। जम्मू और कठुआ जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों में कृष्ण लाल, देव राज, पवन कुमार, अवतार कृष्ण, शमशेर कुमार, रघुबीर लाल, शिव ओम नाथ, गुलशन कुमार और परवीन कुमार और बीसी श्रेणी से रेणु वर्मा शामिल हैं। इस अवसर पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षित बेरोजगार युवाओं को विनिर्माण, व्यापार और सेवा और व्यापार क्षेत्रों में अपने उद्यम शुरू करने के लिए आसान सब्सिडी वाली वित्तीय सहायता प्रदान करना है। उन्होंने बेरोजगार युवाओं से अपने स्वयं के उद्यम शुरू करने के लिए ऐसी योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। कविंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार आम जनता, विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं और अन्य कमजोर वर्गों के मुद्दों के समान है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कदम उठाए जा रहे हैं ताकि वास्तविक योजनाएं इन योजनाओं से लाभान्वित हों। गुप्ता ने सरकार द्वारा शुरू किए गए कल्याणकारी योजनाओं के आधार पर राज्य में वंचित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के अपने सतत प्रयासों के लिए निगम की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, 'निगम समाज के वंचित वर्गों के कल्याण और विकास के प्रति उदार सेवा कर रहा है'। उन्होंने निगम के अधिकारियों से लक्षित समूह के लिए उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं और राज्य के प्रत्येक क्षेत्र को कवर करने के लिए व्यापक प्रचार देने के लिए कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि कमजोर वर्गों, विकलांग व्यक्तियों और अन्य लोगों के कष्टों को कम करने के लिए निगम अपनी महान गतिविधियों को जारी रखेगा। इस बीच, उप चेयरमैन बलबीर राम रतन ने इन लाभार्थियों पर अपनी कमाई इकाइयों को जल्द से जल्द स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया और समय पर ऋण की राशि की मासिक किस्तों का भी भुगतान किया। निगम, एफए / सीएओ मोहम्मद यासीन, महाप्रबंधक गुलाम कादिर खटाना, प्रबंधक परियोजनाएं मोहम्मद इकबाल कटारिया, प्रबंधक रिकवरीज कस्तुरी लाल भगत, प्रबंधक वित्त अनिल गुप्ता, जिला प्रबंधक जोगिंदर पॉल अत्री और केके भगत इस अवसर पर उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री कविंद्र गुप्ता ने आज कहा कि राज्य सरकार समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य के समावेशी और न्यायसंगत विकास वर्तमान सरकार की प्राथमिकता है। उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग के लाभार्थियों के बीच पंद्रह. नौ सात लाख रुपये के भुगतान प्रधिकार पत्र को वितरित करते हुए यह कहा। समारोह जम्मू-कश्मीर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग विकास निगम लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया था। इस अवसर पर निगम के उप चेयरमैन बलबीर राम रतन और निगम के अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। जम्मू और कठुआ जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से अनुसूचित जाति वर्ग के लाभार्थियों में कृष्ण लाल, देव राज, पवन कुमार, अवतार कृष्ण, शमशेर कुमार, रघुबीर लाल, शिव ओम नाथ, गुलशन कुमार और परवीन कुमार और बीसी श्रेणी से रेणु वर्मा शामिल हैं। इस अवसर पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षित बेरोजगार युवाओं को विनिर्माण, व्यापार और सेवा और व्यापार क्षेत्रों में अपने उद्यम शुरू करने के लिए आसान सब्सिडी वाली वित्तीय सहायता प्रदान करना है। उन्होंने बेरोजगार युवाओं से अपने स्वयं के उद्यम शुरू करने के लिए ऐसी योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया। कविंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार आम जनता, विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं और अन्य कमजोर वर्गों के मुद्दों के समान है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए कदम उठाए जा रहे हैं ताकि वास्तविक योजनाएं इन योजनाओं से लाभान्वित हों। गुप्ता ने सरकार द्वारा शुरू किए गए कल्याणकारी योजनाओं के आधार पर राज्य में वंचित लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के अपने सतत प्रयासों के लिए निगम की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा, 'निगम समाज के वंचित वर्गों के कल्याण और विकास के प्रति उदार सेवा कर रहा है'। उन्होंने निगम के अधिकारियों से लक्षित समूह के लिए उपलब्ध कल्याणकारी योजनाओं और राज्य के प्रत्येक क्षेत्र को कवर करने के लिए व्यापक प्रचार देने के लिए कहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि कमजोर वर्गों, विकलांग व्यक्तियों और अन्य लोगों के कष्टों को कम करने के लिए निगम अपनी महान गतिविधियों को जारी रखेगा। इस बीच, उप चेयरमैन बलबीर राम रतन ने इन लाभार्थियों पर अपनी कमाई इकाइयों को जल्द से जल्द स्थापित करने और आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया और समय पर ऋण की राशि की मासिक किस्तों का भी भुगतान किया। निगम, एफए / सीएओ मोहम्मद यासीन, महाप्रबंधक गुलाम कादिर खटाना, प्रबंधक परियोजनाएं मोहम्मद इकबाल कटारिया, प्रबंधक रिकवरीज कस्तुरी लाल भगत, प्रबंधक वित्त अनिल गुप्ता, जिला प्रबंधक जोगिंदर पॉल अत्री और केके भगत इस अवसर पर उपस्थित थे।
महाराष्ट्र पुलिस ने एटापल्ली के पास घने जंगलों में एक मुठभेड़ में सात महिलाओं सहित 13 माओवादियों को ढेर कर दिया है। पायडी-कोटमी जंगलों में सुबह शुरू हुई माओवादियों और सी-60 कमांडो की क्रैक फोर्स के बीच 90 मिनट की मुठभेड़ में भले ही कम से कम 4-5 और विद्रोही घायल हो गए हों, लेकिन वे भाग निकले। नक्सल विरोधी अभियान (ANO) के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि एक गुप्त सूचना के बाद कि माओवादियों का एक समूह अपने नियमित जबरन वसूली के लिए स्थानीय गांवों में आने की योजना बना रहा है, की एक टीम सी-60 कमांडो को जंगलों में तलाशी अभियान के लिए तैनात किया गया था। उस समय, लगभग 60-70 भारी हथियारों से लैस माओवादियों के एक गिरोह ने पुलिस टीमों की दिशा में अंधाधुंध गोलियां चलाईं। पुलिस ने पहले विद्रोहियों से हथियार डालने और आत्मसमर्पण करने की अपील की, लेकिन वे नहीं माने और कमांडो ने माओवादियों पर फायरिंग के साथ जवाब दिया। लगभग 90 मिनट के बाद, माओवादी सुबह की मुठभेड़ को समाप्त करते हुए घने जंगलों में भाग निकले, जब पुलिस ने विद्रोहियों की ओर से भारी टोल निकाला। बाद में आस-पास की तलाशी में 7 महिलाओं और छह पुरुषों सहित 13 माओवादियों के शव मिले। पुलिस ने एके-47, एसएलआर, कार्बाइन, 303 रिवॉल्वर, 12-बोर राइफल, और गोला-बारूद और विस्फोटकों का एक बड़ा स्टॉक, दैनिक उपयोग की वस्तुओं के अलावा, जो एक अस्थायी शिविर क्षेत्र प्रतीत होता है, जैसे हथियार भी बरामद किए। माओवादियों द्वारा किसी भी जवाबी हमले के लिए अन्य तालुकाओं में जिला पुलिस और आसपास के इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है।
महाराष्ट्र पुलिस ने एटापल्ली के पास घने जंगलों में एक मुठभेड़ में सात महिलाओं सहित तेरह माओवादियों को ढेर कर दिया है। पायडी-कोटमी जंगलों में सुबह शुरू हुई माओवादियों और सी-साठ कमांडो की क्रैक फोर्स के बीच नब्बे मिनट की मुठभेड़ में भले ही कम से कम चार-पाँच और विद्रोही घायल हो गए हों, लेकिन वे भाग निकले। नक्सल विरोधी अभियान के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि एक गुप्त सूचना के बाद कि माओवादियों का एक समूह अपने नियमित जबरन वसूली के लिए स्थानीय गांवों में आने की योजना बना रहा है, की एक टीम सी-साठ कमांडो को जंगलों में तलाशी अभियान के लिए तैनात किया गया था। उस समय, लगभग साठ-सत्तर भारी हथियारों से लैस माओवादियों के एक गिरोह ने पुलिस टीमों की दिशा में अंधाधुंध गोलियां चलाईं। पुलिस ने पहले विद्रोहियों से हथियार डालने और आत्मसमर्पण करने की अपील की, लेकिन वे नहीं माने और कमांडो ने माओवादियों पर फायरिंग के साथ जवाब दिया। लगभग नब्बे मिनट के बाद, माओवादी सुबह की मुठभेड़ को समाप्त करते हुए घने जंगलों में भाग निकले, जब पुलिस ने विद्रोहियों की ओर से भारी टोल निकाला। बाद में आस-पास की तलाशी में सात महिलाओं और छह पुरुषों सहित तेरह माओवादियों के शव मिले। पुलिस ने एके-सैंतालीस, एसएलआर, कार्बाइन, तीन सौ तीन रिवॉल्वर, बारह-बोर राइफल, और गोला-बारूद और विस्फोटकों का एक बड़ा स्टॉक, दैनिक उपयोग की वस्तुओं के अलावा, जो एक अस्थायी शिविर क्षेत्र प्रतीत होता है, जैसे हथियार भी बरामद किए। माओवादियों द्वारा किसी भी जवाबी हमले के लिए अन्य तालुकाओं में जिला पुलिस और आसपास के इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है।
नेरचौक। बल्ह घाटी के डडौर में आज तडक़े आगजनी की घटना में चार दुकानों में लाखों रुपए की संपत्ति आग की भेंट चढ़ गई। आग बुझाने के लिए हालांकि अग्निशमन विभाग की गाड़ी भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन इसके बावजूद भी यहां कुछ भी नहीं बचाया जा सका। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिन दुकानों में आगजनी की घटना घटी है, उनमें रामेश्वरी देवी की कपड़े की दुकान है, राकेश कुमार की मोबाइल की दुकान और गिरधारी लाल की बीज की दुकान शामिल है। इसके साथ ही यहां एक ठेका भी हाथ की भेंट चढ़ गया है। प्रशासन की ओर से पीडि़त परिवारों को दस-दस हजार रूपए की फौरी राहत प्रदान की गई है।
नेरचौक। बल्ह घाटी के डडौर में आज तडक़े आगजनी की घटना में चार दुकानों में लाखों रुपए की संपत्ति आग की भेंट चढ़ गई। आग बुझाने के लिए हालांकि अग्निशमन विभाग की गाड़ी भी मौके पर पहुंची थी, लेकिन इसके बावजूद भी यहां कुछ भी नहीं बचाया जा सका। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिन दुकानों में आगजनी की घटना घटी है, उनमें रामेश्वरी देवी की कपड़े की दुकान है, राकेश कुमार की मोबाइल की दुकान और गिरधारी लाल की बीज की दुकान शामिल है। इसके साथ ही यहां एक ठेका भी हाथ की भेंट चढ़ गया है। प्रशासन की ओर से पीडि़त परिवारों को दस-दस हजार रूपए की फौरी राहत प्रदान की गई है।
IPL Final Schedule : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने रविवार को आइपीएल के प्लेऑफ और फाइनल का कार्यक्रम जारी कर दिया है। टूर्नामेंट का पहला क्वालीफायर पांच नवंबर को दुबई में खेला जाएगा, जबकि दूसरा क्वालीफायर आठ नवंबर को अबूधाबी में होगा। इस बीच एलिमिनेटर छह नवंबर को अबूधाबी में खेला जाएगा। टूर्नामेंट का फाइनल मैच 10 नवंबर को पहले ही निर्धारित कर दिया गया था। यह मैच दुबई में होगा। सभी मैच भारतीय समयानुसार 7ः30 बजे से खेले जाएंगे। बीसीसीआइ ने इसके अलावा महिला टी-20 चैलेंज का कार्यक्रम भी जारी किया है। इसके चार मैच चार, पांच, सात और नौ नवंबर को शारजाह में खेले जाएंगे। मालूम हो कि इसमें तीन टीमें सुपरनोवाज, ट्रेलब्लेजर्स और वेलोसिटी हिस्सा लेंगी। इनके कप्तान क्रमशः हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और मिताली राज हैं। इसमें भारत के अलावा इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की क्रिकेटर हिस्सा होंगी। प्लेऑफ और फाइनल का कार्यक्रम (सभी मैच शाम 7ः30 बजे)
IPL Final Schedule : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने रविवार को आइपीएल के प्लेऑफ और फाइनल का कार्यक्रम जारी कर दिया है। टूर्नामेंट का पहला क्वालीफायर पांच नवंबर को दुबई में खेला जाएगा, जबकि दूसरा क्वालीफायर आठ नवंबर को अबूधाबी में होगा। इस बीच एलिमिनेटर छह नवंबर को अबूधाबी में खेला जाएगा। टूर्नामेंट का फाइनल मैच दस नवंबर को पहले ही निर्धारित कर दिया गया था। यह मैच दुबई में होगा। सभी मैच भारतीय समयानुसार सातःतीस बजे से खेले जाएंगे। बीसीसीआइ ने इसके अलावा महिला टी-बीस चैलेंज का कार्यक्रम भी जारी किया है। इसके चार मैच चार, पांच, सात और नौ नवंबर को शारजाह में खेले जाएंगे। मालूम हो कि इसमें तीन टीमें सुपरनोवाज, ट्रेलब्लेजर्स और वेलोसिटी हिस्सा लेंगी। इनके कप्तान क्रमशः हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और मिताली राज हैं। इसमें भारत के अलावा इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की क्रिकेटर हिस्सा होंगी। प्लेऑफ और फाइनल का कार्यक्रम
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी आवास खाली होने की संभावना देखते हुए उन्हें हासिल करने की चाहत रखने वाले नेताओं की नजर उन पर लगी है। महलनुमा बंगलों के खाली होने के बाद उनके उपयोग को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने भी इस बात की टोह लेनी शुरू कर दी है कि क्या यह बंगले उनको आवंटित हो सकते हैं? राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों से कई मंत्रियों ने इन सरकारी आवासों के बाबत जानकारियां ली हैं। चूंकि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यह तय कर लिया है कि वह जल्द ही आवास खाली कर देंगे, इसलिए चार कालिदास मार्ग स्थित उनके बंगले को लेकर सरकार के मंत्रियों में अधिक जिज्ञासा है। आखिर मुख्यमंत्री आवास के बगल में कौन नहीं रहना चाहेगा। राजनाथ सिंह गोमतीनगर स्थित अपने निजी घर में शिफ्ट होने जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भी आवास की तलाश शुरू कर दी है, इसलिए अब उनका आवास भी चर्चा में आ गया है। हालांकि नए आवास में प्रवेश की सबसे बड़ी बाधा मलमास का महीना है। इस महीने में शुभ कार्यों में परहेज किया जाता है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मायावती, कल्याण सिंह, एनडी तिवारी को भी आवास खाली करने का नोटिस दिया है। एनडी तिवारी को अस्पताल में भर्ती होने की वजह से दिल्ली नोटिस भेजा गया है। हालांकि इनकी ओर से आवास खाली करने का कोई संकेत अभी तक नहीं दिया गया है।
लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पूर्व मुख्यमंत्रियों के सरकारी आवास खाली होने की संभावना देखते हुए उन्हें हासिल करने की चाहत रखने वाले नेताओं की नजर उन पर लगी है। महलनुमा बंगलों के खाली होने के बाद उनके उपयोग को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। दूसरी ओर राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने भी इस बात की टोह लेनी शुरू कर दी है कि क्या यह बंगले उनको आवंटित हो सकते हैं? राज्य संपत्ति विभाग के अधिकारियों से कई मंत्रियों ने इन सरकारी आवासों के बाबत जानकारियां ली हैं। चूंकि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने यह तय कर लिया है कि वह जल्द ही आवास खाली कर देंगे, इसलिए चार कालिदास मार्ग स्थित उनके बंगले को लेकर सरकार के मंत्रियों में अधिक जिज्ञासा है। आखिर मुख्यमंत्री आवास के बगल में कौन नहीं रहना चाहेगा। राजनाथ सिंह गोमतीनगर स्थित अपने निजी घर में शिफ्ट होने जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भी आवास की तलाश शुरू कर दी है, इसलिए अब उनका आवास भी चर्चा में आ गया है। हालांकि नए आवास में प्रवेश की सबसे बड़ी बाधा मलमास का महीना है। इस महीने में शुभ कार्यों में परहेज किया जाता है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मायावती, कल्याण सिंह, एनडी तिवारी को भी आवास खाली करने का नोटिस दिया है। एनडी तिवारी को अस्पताल में भर्ती होने की वजह से दिल्ली नोटिस भेजा गया है। हालांकि इनकी ओर से आवास खाली करने का कोई संकेत अभी तक नहीं दिया गया है।
हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस पायल रोहतगी जबरदस्त सुर्खियों में बनी हुई हैं. पायल फिल्मों से तो दूर हैं लेकिन अपने ट्विटर एकाउंट के जरिए ट्रेंडिग खबरों पर अकसर कमेंट करती दिख जाती हैं. इसी के चलते वो खबरों में बनी रहती हैं. खास बात ये है कि उन्हें सोशल मीडिया पर जबरदस्त समर्थन मिलता दिखाई देता है. बीते दिनों उन्होंने अभिनेत्री शबाना आज़मी द्वारा सरकार पर किए कमेंट पर गुस्सा जाहिर किया था. वहीं कल उन्होंने मुंबई पुलिस को लेकर एक ट्वीट किया था, जिसमें उनका कहना था कि मुंबई पुलिस के ट्विटर एकाउंट से उन्हें ब्लॉक कर दिया गया है. पायल रोहतगी ने ट्विटर पर स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए मुंबई पुलिस से सवाल पूछ डाला कि 'मुंबई पुलिस ने मुझे क्यों ब्लॉक किया? ' उन्होंने इसे पक्षपात बताते हुए आगे कहा कि 'मुंबई पुलिस के इस पक्षपात के बाद तो मुझे हिंदुस्तान में रहने में डर लग रहा है'. पायल का ये ट्वीट देखते ही लोगों ने उन्हें सपोर्ट करना शुरू कर दिया है. किसी का कहना है कि मुंबई पुलिस को ब्लॉक करने का हक नहीं नहीं है तो कोई हैरान है कि पुलिस ने पायल को क्यों ब्लॉक किया है. वहीं पायल रोहतगी के इस आरोप को जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की पत्नी अमृता फडनवीस ने ट्विटर एकाउंट के जरिए मुंबई पुलिस तक पहुंचाया तो पुलिस ऑफिशियल ट्विटर एकाउंट से सफाई आई है. मुंबई पुलिस ने लिखा है कि 'मैडम मुंबई पुलिस हर नागरिक के लिए समान रूप से खड़ी हुई है. मिस पायल रोहातगी का एकाउंट खुला है और पॉलिसी के मुताबिक हम किसी मुंबईकर को ब्लॉक नहीं कर सकते. अगर कोई टेक्निकल प्रॉब्लम है तो हमारी टीम इसकी जांच कर रही है. ' वहीं मुंबई पुलिस के इस रिप्लाई पर मिले कमेंट्स को देखें तो कोई भी ये मानने के लिए तैयार नहीं है कि पायल रोहातगी को ब्लॉक नहीं किया गया था. इसके साथ ही लोग पुलिस को कई तरह की नसीहतें देते दिखाई दे रहे हैं. .
हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस पायल रोहतगी जबरदस्त सुर्खियों में बनी हुई हैं. पायल फिल्मों से तो दूर हैं लेकिन अपने ट्विटर एकाउंट के जरिए ट्रेंडिग खबरों पर अकसर कमेंट करती दिख जाती हैं. इसी के चलते वो खबरों में बनी रहती हैं. खास बात ये है कि उन्हें सोशल मीडिया पर जबरदस्त समर्थन मिलता दिखाई देता है. बीते दिनों उन्होंने अभिनेत्री शबाना आज़मी द्वारा सरकार पर किए कमेंट पर गुस्सा जाहिर किया था. वहीं कल उन्होंने मुंबई पुलिस को लेकर एक ट्वीट किया था, जिसमें उनका कहना था कि मुंबई पुलिस के ट्विटर एकाउंट से उन्हें ब्लॉक कर दिया गया है. पायल रोहतगी ने ट्विटर पर स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए मुंबई पुलिस से सवाल पूछ डाला कि 'मुंबई पुलिस ने मुझे क्यों ब्लॉक किया? ' उन्होंने इसे पक्षपात बताते हुए आगे कहा कि 'मुंबई पुलिस के इस पक्षपात के बाद तो मुझे हिंदुस्तान में रहने में डर लग रहा है'. पायल का ये ट्वीट देखते ही लोगों ने उन्हें सपोर्ट करना शुरू कर दिया है. किसी का कहना है कि मुंबई पुलिस को ब्लॉक करने का हक नहीं नहीं है तो कोई हैरान है कि पुलिस ने पायल को क्यों ब्लॉक किया है. वहीं पायल रोहतगी के इस आरोप को जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की पत्नी अमृता फडनवीस ने ट्विटर एकाउंट के जरिए मुंबई पुलिस तक पहुंचाया तो पुलिस ऑफिशियल ट्विटर एकाउंट से सफाई आई है. मुंबई पुलिस ने लिखा है कि 'मैडम मुंबई पुलिस हर नागरिक के लिए समान रूप से खड़ी हुई है. मिस पायल रोहातगी का एकाउंट खुला है और पॉलिसी के मुताबिक हम किसी मुंबईकर को ब्लॉक नहीं कर सकते. अगर कोई टेक्निकल प्रॉब्लम है तो हमारी टीम इसकी जांच कर रही है. ' वहीं मुंबई पुलिस के इस रिप्लाई पर मिले कमेंट्स को देखें तो कोई भी ये मानने के लिए तैयार नहीं है कि पायल रोहातगी को ब्लॉक नहीं किया गया था. इसके साथ ही लोग पुलिस को कई तरह की नसीहतें देते दिखाई दे रहे हैं. .
भुवनेशवर - ओडिशा में स्वाइन फ्लू के रोज नए मामले सामने आ रहे हैं और इस बीमारी से अब तक यहां 14 लोगों की मौत हो गई है। हाल में वीएसएस बुरला अस्पताल में एक और महिला की मौत के बाद इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 14 हो गई, जो अब तक सबसे अधिक है। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में इस बीमारी से राज्य में 13 लोगों की मौत हुई थी। सोल - दक्षिण कोरिया में एक जहाज बनाने वाले कारखाने में विस्फोट से रविवार को चार श्रमिकों की मौत हो गई। यह कारखाना एसटीएक्स आफशार एंड शिपबिल्डिंग के स्वामित्व में है। दमकल विभाग के सूत्रों ने बताया कि विस्फोट के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार विस्फोट जहाज में निर्माणाधीन टैंक के भीतर हुआ। दमकल विभाग के सूत्रों ने बताया कि ये श्रमिक उस समय जहाज के यार्ड के भीतर पेंट कर रहे थे। येरूशलम - इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगले सप्ताह रूसी शहर सोची में राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया को लेकर बातचीत होने की संभावना है। श्री नेतन्याहू के कार्यालय ने रविवार को यह जानकारी दी। इजरायल ईरान की सीरिया में स्थायी सैन्य अड्डा बनाने की योजना को लेकर चिंतित है। इस संबंध में श्री नेतन्याहू ने गत सप्ताह अपने एक भाषण में कहा था कि इजरायल सीरिया में जारी ईरानी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। बगदाद - इराकी सुरक्षाबलों ने तल अफार शहर को इस्लामिक स्टेट के कब्जे से छुड़ाने के लिए रविवार को एक व्यापक अभियान की शुरुआत की। प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने बताया कि अमरीकी समर्थन प्राप्त इस अभियान का अगला लक्ष्य तल अफार शहर से इस्लामिक आतंकवादियों को बाहर खदेड़ना है। श्री अबादी ने आतंकवादियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करो अथवा मरने के लिए तैयार हो जाओ। कलिमपोंग/दार्जिलिंग - पश्चिम बंगाल के कलिमपोंग पुलिस थाने को शनिवार रात निशाना बनाकर किए गए शक्तिशाली ग्रेनेड हमले में एक नागरिक कार्यकर्ता की मौत हो गई। हमल मेें होमगार्ड एवं अर्द्धसैनिक बल का एक जवान घायल हो गया। इससे पहले शुक्रवार रात को भी यहां शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ था। कलिमपोंग जिला पुलिस प्रमुख अजित सिंह यादव ने बताया कि राज्य में अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर आठ जून से किए जा रहे इस आंदोलन में यह पहला ग्रनेड हमला है। मेलबर्न - आस्ट्रेलिया पुलिस ने गत वर्ष मेलबर्न की एक शिया मस्जिद में किए गए आतंकवादी हमले के संबंध में तीन लोगों पर आरोप पत्र दायर किया है। यह हमला आतंकवादी संगठन आईएस से प्रेरित होकर किया गया था। पुलिस ने बताया कि तीन में से दो लोग पहले ही इस मामले में हिरासत में हैं और दोनों पर मेलबर्न में बम हमले की साजिश रचने के आरोप में मुकदमा चलाया जाएगा। हमले के आरोपी तीसरे व्यक्ति को शनिवार देर रात गिरफ्तार किया गया। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
भुवनेशवर - ओडिशा में स्वाइन फ्लू के रोज नए मामले सामने आ रहे हैं और इस बीमारी से अब तक यहां चौदह लोगों की मौत हो गई है। हाल में वीएसएस बुरला अस्पताल में एक और महिला की मौत के बाद इस बीमारी से मरने वालों की संख्या चौदह हो गई, जो अब तक सबसे अधिक है। गौरतलब है कि वर्ष दो हज़ार तेरह में इस बीमारी से राज्य में तेरह लोगों की मौत हुई थी। सोल - दक्षिण कोरिया में एक जहाज बनाने वाले कारखाने में विस्फोट से रविवार को चार श्रमिकों की मौत हो गई। यह कारखाना एसटीएक्स आफशार एंड शिपबिल्डिंग के स्वामित्व में है। दमकल विभाग के सूत्रों ने बताया कि विस्फोट के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार विस्फोट जहाज में निर्माणाधीन टैंक के भीतर हुआ। दमकल विभाग के सूत्रों ने बताया कि ये श्रमिक उस समय जहाज के यार्ड के भीतर पेंट कर रहे थे। येरूशलम - इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अगले सप्ताह रूसी शहर सोची में राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया को लेकर बातचीत होने की संभावना है। श्री नेतन्याहू के कार्यालय ने रविवार को यह जानकारी दी। इजरायल ईरान की सीरिया में स्थायी सैन्य अड्डा बनाने की योजना को लेकर चिंतित है। इस संबंध में श्री नेतन्याहू ने गत सप्ताह अपने एक भाषण में कहा था कि इजरायल सीरिया में जारी ईरानी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है और किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए तैयार है। बगदाद - इराकी सुरक्षाबलों ने तल अफार शहर को इस्लामिक स्टेट के कब्जे से छुड़ाने के लिए रविवार को एक व्यापक अभियान की शुरुआत की। प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने बताया कि अमरीकी समर्थन प्राप्त इस अभियान का अगला लक्ष्य तल अफार शहर से इस्लामिक आतंकवादियों को बाहर खदेड़ना है। श्री अबादी ने आतंकवादियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करो अथवा मरने के लिए तैयार हो जाओ। कलिमपोंग/दार्जिलिंग - पश्चिम बंगाल के कलिमपोंग पुलिस थाने को शनिवार रात निशाना बनाकर किए गए शक्तिशाली ग्रेनेड हमले में एक नागरिक कार्यकर्ता की मौत हो गई। हमल मेें होमगार्ड एवं अर्द्धसैनिक बल का एक जवान घायल हो गया। इससे पहले शुक्रवार रात को भी यहां शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ था। कलिमपोंग जिला पुलिस प्रमुख अजित सिंह यादव ने बताया कि राज्य में अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर आठ जून से किए जा रहे इस आंदोलन में यह पहला ग्रनेड हमला है। मेलबर्न - आस्ट्रेलिया पुलिस ने गत वर्ष मेलबर्न की एक शिया मस्जिद में किए गए आतंकवादी हमले के संबंध में तीन लोगों पर आरोप पत्र दायर किया है। यह हमला आतंकवादी संगठन आईएस से प्रेरित होकर किया गया था। पुलिस ने बताया कि तीन में से दो लोग पहले ही इस मामले में हिरासत में हैं और दोनों पर मेलबर्न में बम हमले की साजिश रचने के आरोप में मुकदमा चलाया जाएगा। हमले के आरोपी तीसरे व्यक्ति को शनिवार देर रात गिरफ्तार किया गया। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले (Shahdol) के कोयलांचल नगरी धनपुरी में शराब के नशे में धुत दो युवकों का हाई वोल्टेज ड्रामा (High Voltage Drama) देखने को मिला। दोनों युवक रीवा अमरकंटक मार्ग धनपुरी शराब की दुकान के पास बीच सड़क पर 500 के नोट लहराते नजर आए। जिसका वीडियो (Video) सोशल मीडिया (social media) पर जमकर वायरल (Viral) हो रहा है। जिले के धनपुरी थानान्तर्गत रीवा अमरकंटक मार्ग (Rewa Amarkantak Marg) पर अंग्रेजी शराब के दुकान के समीप नशे में धुत दो युवक सड़क में बैठकर हंगामा करते रहे। इस दौरान तेज रफ्तार से आ रहे बड़े वाहनों से उनकी जान का खतरा बना रहा। नशे में चूर दोनों युवक सड़क में हाई वोल्टेज ड्रामा करते रहे। इतना ही नहीं 500 रुपये की दो गड्डी लहराते दिखाई दिए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान वहां मौजूद लोग असहज महसूस कर रहे थे। उनके इस हंगामे के चलते रीवा अमरकंटक मार्ग में आवागमन भी बाधित हो रहा था। दोनों युवक धनपुरी के ही रहने वाले बताए जा रहे है।
अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के कोयलांचल नगरी धनपुरी में शराब के नशे में धुत दो युवकों का हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। दोनों युवक रीवा अमरकंटक मार्ग धनपुरी शराब की दुकान के पास बीच सड़क पर पाँच सौ के नोट लहराते नजर आए। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिले के धनपुरी थानान्तर्गत रीवा अमरकंटक मार्ग पर अंग्रेजी शराब के दुकान के समीप नशे में धुत दो युवक सड़क में बैठकर हंगामा करते रहे। इस दौरान तेज रफ्तार से आ रहे बड़े वाहनों से उनकी जान का खतरा बना रहा। नशे में चूर दोनों युवक सड़क में हाई वोल्टेज ड्रामा करते रहे। इतना ही नहीं पाँच सौ रुपयापये की दो गड्डी लहराते दिखाई दिए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान वहां मौजूद लोग असहज महसूस कर रहे थे। उनके इस हंगामे के चलते रीवा अमरकंटक मार्ग में आवागमन भी बाधित हो रहा था। दोनों युवक धनपुरी के ही रहने वाले बताए जा रहे है।
इंदौर के पलासिया इलाके में बाइक टकराने की बात पर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। काफी देर तक सड़क में हंगामा होता रहा। दोनों पक्ष शिकायत लेकर थाने पहुंचे। मारपीट का वायरल वीडियो देखने के बाद पुलिस ने दोनों ही पक्षों पर मारपीट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। TI संजय सिंह बेस के मुताबिक घटना बड़वानी प्लाजा की है। शनिवार सुबह रॉन्ग साइड से आ रहे बाइक सवार ने सामने से आ रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। इसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि रॉन्ग साइड से आए युवक के साथ दूसरे युवक ने मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान यहां काफी भीड़ जमा हो गई। पिटने वाले होने वाले युवक पर छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया गया। जब मामला थाने पहुंचा तो घटनास्थल पर सिपाहियों को भेजकर जानकारी निकाली गई। जिसमें वाहन टकराने की बात ही सामने आई इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर सड़क पर हंगामा करने,भीड़ इकट्ठा करने और मारपीट करने के मामले में केस दर्ज किया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
इंदौर के पलासिया इलाके में बाइक टकराने की बात पर दो पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। काफी देर तक सड़क में हंगामा होता रहा। दोनों पक्ष शिकायत लेकर थाने पहुंचे। मारपीट का वायरल वीडियो देखने के बाद पुलिस ने दोनों ही पक्षों पर मारपीट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। TI संजय सिंह बेस के मुताबिक घटना बड़वानी प्लाजा की है। शनिवार सुबह रॉन्ग साइड से आ रहे बाइक सवार ने सामने से आ रहे बाइक सवार को टक्कर मार दी। इसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि रॉन्ग साइड से आए युवक के साथ दूसरे युवक ने मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान यहां काफी भीड़ जमा हो गई। पिटने वाले होने वाले युवक पर छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया गया। जब मामला थाने पहुंचा तो घटनास्थल पर सिपाहियों को भेजकर जानकारी निकाली गई। जिसमें वाहन टकराने की बात ही सामने आई इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर सड़क पर हंगामा करने,भीड़ इकट्ठा करने और मारपीट करने के मामले में केस दर्ज किया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
- 9 hrs ago राम चरण की सुपरहिट फिल्म 'आरआरआर' का जल्द आएगा सीक्वल, परंतु राजामौली नहीं होगे डायरेक्टर! - 10 hrs ago Shahrukh Khan की 'जवान' प्रीव्यू पर सलमान खान का शानदार रिएक्शन, बोले, "पठान जवान बन गया, वाह. . " Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? भारत में सलमान ने कैट को दिलाई दोगुनी फीस, रकम जानकर चौंक जाएंगे आप! हाल ही में प्रियंका चोपड़ा ने सलमान खान की फिल्म भारत छोड़ दी थी। जिसके बाद फिल्म में कैटरीना कैफ की एंट्री हुई। खुद सलमान ने कैटरीना का जबरदस्त स्वागत किया। फिल्म को लेकर जब कैट से सवाल किया गया तो उन्होंने भारत की तारीफों के पुल बांध दिए। वहीं अली अब्बाज जफर भी कैट के फिल्म में आने के बाद काफी खुश हैं। जिसका सबूत है भारत में कैट की तगड़ी फीस। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म के लिए उन्हें भारी-भरकम रकम दी जा रही है। बताया जा रहा है कि कैट की फीस खुद सलमान खान ने फाइनल की है। आम तौर पर कैटरीना एक फिल्म के लिए 5 से 6 करोड़ फीस चार्ज करती हैं लेकिन इस फिल्म ने उनकी किस्मत ही खोल दी है। भारत में कैटरीना की फीस जानकर आप भी चौंक जाएंगे। इस फिल्म में उन्हें प्रियंका के बराबर फीस दी जा रही है। जी हां! 5-6 करोड़ के बाद अब उनकी फीस दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है।
- नौ hrs ago राम चरण की सुपरहिट फिल्म 'आरआरआर' का जल्द आएगा सीक्वल, परंतु राजामौली नहीं होगे डायरेक्टर! - दस hrs ago Shahrukh Khan की 'जवान' प्रीव्यू पर सलमान खान का शानदार रिएक्शन, बोले, "पठान जवान बन गया, वाह. . " Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? भारत में सलमान ने कैट को दिलाई दोगुनी फीस, रकम जानकर चौंक जाएंगे आप! हाल ही में प्रियंका चोपड़ा ने सलमान खान की फिल्म भारत छोड़ दी थी। जिसके बाद फिल्म में कैटरीना कैफ की एंट्री हुई। खुद सलमान ने कैटरीना का जबरदस्त स्वागत किया। फिल्म को लेकर जब कैट से सवाल किया गया तो उन्होंने भारत की तारीफों के पुल बांध दिए। वहीं अली अब्बाज जफर भी कैट के फिल्म में आने के बाद काफी खुश हैं। जिसका सबूत है भारत में कैट की तगड़ी फीस। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस फिल्म के लिए उन्हें भारी-भरकम रकम दी जा रही है। बताया जा रहा है कि कैट की फीस खुद सलमान खान ने फाइनल की है। आम तौर पर कैटरीना एक फिल्म के लिए पाँच से छः करोड़ फीस चार्ज करती हैं लेकिन इस फिल्म ने उनकी किस्मत ही खोल दी है। भारत में कैटरीना की फीस जानकर आप भी चौंक जाएंगे। इस फिल्म में उन्हें प्रियंका के बराबर फीस दी जा रही है। जी हां! पाँच-छः करोड़ के बाद अब उनकी फीस दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है।
भाजपा ने शिवसेना के खिलाफ लगातार सियासी हमले करने वाले मुंबई उत्तर-पूर्व के अपने मौजूदा कद्दावर सांसद किरीट सोमैया का टिकट काट दिया है। उनकी जगह मनोज कोटक को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा की गई है। पार्टी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष व कांग्रेस प्रत्याशी सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली में दिनेश प्रताप सिंह को उम्मीदवार बनाया है जबकि आजमगढ़ में समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा ने बुधवार को लोकसभा चुनाव के लिए छह उम्मीदवारों की सूची जारी की। इनमें महाराष्ट्र से एक और उत्तर प्रदेश से पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। भाजपा की सूची में रायबरेली से दिनेश प्रताप सिंह और आजमगढ़ से प्रसिद्ध भोजपुरी गायक दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को टिकट दिया गया है। आजमगढ़ सीट से सपा पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव के खिलाफ प्रेम सिंह शाक्य को उतारा है। भाजपा ने फिरोजपुर सीट से चंद्र सेन जांदू को टिकट दिया है। सूत्रों की मानें तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के कड़े विरोध के मद्देनजर ही भाजपा ने मुंबई उत्तर-पूर्व से दो-दो बार के सांसद किरीट सोमैया का टिकट काट दिया है। 2017 के मुंबई नगर निगम के चुनाव के दौरान उन्होंने शिवसेना के अलावा उसके मुखिया ठाकरे पर भी जमकर निशाना साधा था। चुनावी समझौता होने तक भाजपा व शिवसेना में चलने वाली तकरार में सोमैया भाजपा की ओर से सियासी निशाने साधने में आगे रहे। उनका टिकट काटे जाने को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि मुंबई से वे एकमात्र ऐसे निवर्तमान सांसद हैं जिनका टिकट पार्टी ने काटने का फैसला किया है। टिकट काटे जाने को लेकर पूछने पर सोमैया ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें इसकी खुशी है कि पार्टी ने उनकी जगह मनोज कोटक को प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के अन्य तमाम कार्यकर्ताओं संग मिलकर कोटक की जीत तय करेंगे। उधर, आजमगढ़ से अखिलेश यादव के खिलाफ ताल ठोकने उतरे भोजपुरी गायक दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने कहा पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसको वह किसी कीमत पर टूटने नहीं देंगे।
भाजपा ने शिवसेना के खिलाफ लगातार सियासी हमले करने वाले मुंबई उत्तर-पूर्व के अपने मौजूदा कद्दावर सांसद किरीट सोमैया का टिकट काट दिया है। उनकी जगह मनोज कोटक को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा की गई है। पार्टी ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष व कांग्रेस प्रत्याशी सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली में दिनेश प्रताप सिंह को उम्मीदवार बनाया है जबकि आजमगढ़ में समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा ने बुधवार को लोकसभा चुनाव के लिए छह उम्मीदवारों की सूची जारी की। इनमें महाराष्ट्र से एक और उत्तर प्रदेश से पांच उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। भाजपा की सूची में रायबरेली से दिनेश प्रताप सिंह और आजमगढ़ से प्रसिद्ध भोजपुरी गायक दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को टिकट दिया गया है। आजमगढ़ सीट से सपा पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव के खिलाफ प्रेम सिंह शाक्य को उतारा है। भाजपा ने फिरोजपुर सीट से चंद्र सेन जांदू को टिकट दिया है। सूत्रों की मानें तो शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के कड़े विरोध के मद्देनजर ही भाजपा ने मुंबई उत्तर-पूर्व से दो-दो बार के सांसद किरीट सोमैया का टिकट काट दिया है। दो हज़ार सत्रह के मुंबई नगर निगम के चुनाव के दौरान उन्होंने शिवसेना के अलावा उसके मुखिया ठाकरे पर भी जमकर निशाना साधा था। चुनावी समझौता होने तक भाजपा व शिवसेना में चलने वाली तकरार में सोमैया भाजपा की ओर से सियासी निशाने साधने में आगे रहे। उनका टिकट काटे जाने को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि मुंबई से वे एकमात्र ऐसे निवर्तमान सांसद हैं जिनका टिकट पार्टी ने काटने का फैसला किया है। टिकट काटे जाने को लेकर पूछने पर सोमैया ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें इसकी खुशी है कि पार्टी ने उनकी जगह मनोज कोटक को प्रत्याशी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि वे पार्टी के अन्य तमाम कार्यकर्ताओं संग मिलकर कोटक की जीत तय करेंगे। उधर, आजमगढ़ से अखिलेश यादव के खिलाफ ताल ठोकने उतरे भोजपुरी गायक दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ ने कहा पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसको वह किसी कीमत पर टूटने नहीं देंगे।
भारत में रहने वाले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के शरणार्थियों ने शनिवार, 22 अक्टूबर को जम्मू में 'ब्लैक डे (Black Day)' के रूप में प्रदर्शन किया। ये शरणार्थी वो लोग हैं, जिन्हें 1947 और उसके बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में उनके घरों से निकाल दिया गया था। जम्मू में जमा हुए पीओके के शरणार्थियों ने हाथों पर काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया। इन भी ने "आवाज दो- हम एक है" और "छीन के लेंगे अपना हक" के नारे लगाए। रिपब्लिक से बात करते हुए, पीओके के शरणार्थियों में से एक ने बताया कि वे सभी अपने घरों को देखना चाहते हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। शरणार्थी ने कहा, "हर किसी की यह इच्छा होती है कि वह उस स्थान पर जाए जहां वे पैदा हुए थे... मरने से पहले हम अपने पुश्तैनी घरों को देखना चाहते हैं।" एक अन्य पीओके शरणार्थी ने 1947 में पाकिस्तान की ओर से किए गए भयानक नरसंहार को सुनाया। जब उन्होंने अवैध रूप से पीओके के रूप में जाने वाले कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया था। "1947 में, मैं लगभग 6-12 महीने का था। हमारे परिवार में 28 लोगों को लाइन में खड़ा किया गया और उन्हें (पाकिस्तान ने) मार दिया। वे महिलाओं को अपने साथ में ले गए। हम 1952 में वापस आए जब सरकार ने हमें बुलाया... अगर सरकार कुछ करती है तो हम अपने घर जाने को तैयार हैं।" कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जाकर अपने पुश्तैनी घर देखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि भारत सरकार कार्रवाई करे, चाहे वह सैन्य हो या राजनीतिक, ताकि वे अपने वतन वापस जा सकें। प्रदर्शनकारी पीओके शरणार्थियों में से एक ने कहा, "हम सभी वापस जाना चाहते हैं। यहां कोई नहीं है जो अपने घर वापस नहीं जाना चाहता। हमारे 90 प्रतिशत बुजुर्गों ने अपनी मृत्यु तक प्रार्थना की कि वे उन घरों में वापस जाना चाहते हैं जहां वे पैदा हुए थे... सरकार को प्रयास करना चाहिए... उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए, चाहे वह सैन्य कार्रवाई हो या राजनीतिक कार्रवाई।" गौरतलब है कि, 1947 में जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तानी हमले के दौरान, मीरपुर, मुजफ्फराबाद, कोटली और तत्कालीन एकीकृत कश्मीर के अन्य हिस्सों में रहने वाले कई हिंदू और सिख मारे गए और महिलाओं का अपहरण कर लिया गया था। जिसके बाद कई परिवार पलायन करके जम्मू आ गए थे। यह भी पढ़ेंः घाटी में टारगेट किलिंग; जम्मू के उपराज्यपाल बोले- 'आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा'
भारत में रहने वाले पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के शरणार्थियों ने शनिवार, बाईस अक्टूबर को जम्मू में 'ब्लैक डे ' के रूप में प्रदर्शन किया। ये शरणार्थी वो लोग हैं, जिन्हें एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस और उसके बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में उनके घरों से निकाल दिया गया था। जम्मू में जमा हुए पीओके के शरणार्थियों ने हाथों पर काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया। इन भी ने "आवाज दो- हम एक है" और "छीन के लेंगे अपना हक" के नारे लगाए। रिपब्लिक से बात करते हुए, पीओके के शरणार्थियों में से एक ने बताया कि वे सभी अपने घरों को देखना चाहते हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। शरणार्थी ने कहा, "हर किसी की यह इच्छा होती है कि वह उस स्थान पर जाए जहां वे पैदा हुए थे... मरने से पहले हम अपने पुश्तैनी घरों को देखना चाहते हैं।" एक अन्य पीओके शरणार्थी ने एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में पाकिस्तान की ओर से किए गए भयानक नरसंहार को सुनाया। जब उन्होंने अवैध रूप से पीओके के रूप में जाने वाले कश्मीर के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया था। "एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में, मैं लगभग छः-बारह महीने का था। हमारे परिवार में अट्ठाईस लोगों को लाइन में खड़ा किया गया और उन्हें मार दिया। वे महिलाओं को अपने साथ में ले गए। हम एक हज़ार नौ सौ बावन में वापस आए जब सरकार ने हमें बुलाया... अगर सरकार कुछ करती है तो हम अपने घर जाने को तैयार हैं।" कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में जाकर अपने पुश्तैनी घर देखना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि भारत सरकार कार्रवाई करे, चाहे वह सैन्य हो या राजनीतिक, ताकि वे अपने वतन वापस जा सकें। प्रदर्शनकारी पीओके शरणार्थियों में से एक ने कहा, "हम सभी वापस जाना चाहते हैं। यहां कोई नहीं है जो अपने घर वापस नहीं जाना चाहता। हमारे नब्बे प्रतिशत बुजुर्गों ने अपनी मृत्यु तक प्रार्थना की कि वे उन घरों में वापस जाना चाहते हैं जहां वे पैदा हुए थे... सरकार को प्रयास करना चाहिए... उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए, चाहे वह सैन्य कार्रवाई हो या राजनीतिक कार्रवाई।" गौरतलब है कि, एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तानी हमले के दौरान, मीरपुर, मुजफ्फराबाद, कोटली और तत्कालीन एकीकृत कश्मीर के अन्य हिस्सों में रहने वाले कई हिंदू और सिख मारे गए और महिलाओं का अपहरण कर लिया गया था। जिसके बाद कई परिवार पलायन करके जम्मू आ गए थे। यह भी पढ़ेंः घाटी में टारगेट किलिंग; जम्मू के उपराज्यपाल बोले- 'आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा'
वैश्विक अकादमिक शक्तियों में लगातार बढ़ावा करते हुए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने अपने स्कूल ऑफ फैशन डिजाइन के लिए विश्वप्रसिद्ध इटैलियन आर्ट एंड डिजाइन यूनिवर्सिटीज-नाबा (नोवा अकेडिमिया दि बेले आर्टी) और डोमस अकडेमी मिलानो के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। नाबा इटली का एकमात्र डिजाइन स्कूल है जिसे इटैलियन मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन, यूनिवर्सिटी और रिसर्च द्वारा मान्यता प्राप्त है। कई सफल विद्यार्थियों की नाबा यूनिवर्सिटी ने दुनिया की कई सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को प्रशिक्षित किया है, जबकि डोमस एकेडमी इटली का सबसे दूरदर्शी पोस्ट ग्रेजुएट डिजाइन स्कूल है और यह फैशन, औद्योगिक डिजाइन और डिजाइन प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएट और प्रोफेशनल पाठ्यक्रम प्रदान करती है। इन दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों ने दुनिया भर में फैशन और डिजाइन उद्योग में एक महत्त्वपूर्ण नाम बनाया है। इस महत्त्वपूर्ण करार पर नाबा के मैनेजिंग डायरेक्टर डोनटो मेडिसी ने साझा किया कि हम एलपीयू के स्कूल ऑफ डिजाइन (फैशन), जो शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी है, के साथ जुड़े होने पर बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं। दोनों संस्थान समृद्ध शैक्षणिक अनुभव और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ एक सी दिशा में ही काम करते हैं। हम शैक्षणिक महत्त्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए दोनों विश्वविद्यालयों में युवा दिमागों को सशक्त बनाने के लिए तत्पर हैं। एलपीयू की रजिस्ट्रार डा. मोनिका गुलाटी ने हस्ताक्षर समारोह के दौरान एलपीयू का प्रतिनिधित्व किया था। इन सहयोगों के साथ, एलपीयू के फैशन के विद्यार्थियों को अब अंतरराष्ट्रीय अवसरों और एक्सचेंज कार्यक्रमों, प्रोफेशनल विकास पाठ्यक्रमों, ज्ञान साझा करने वाले मंचों, सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाओं, प्रमुख सेमिनारों और सम्मेलनों में वैश्विक सेट तक पहुंच मिलेगी। ये करार वास्तव में विद्यार्थियों के समग्र शैक्षिक विकास का एक हिस्सा साबित होंगे। इस कॉम्पैक्ट करार पर बेहद प्रसन्नय एलपीयू में अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रमुख अमन मित्तल ने बताया कि एलपीयू के डिजाइन स्कूल को भारत के सर्वश्रेष्ठ डिजाइन कालेजों में माना जाता है।
वैश्विक अकादमिक शक्तियों में लगातार बढ़ावा करते हुए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने अपने स्कूल ऑफ फैशन डिजाइन के लिए विश्वप्रसिद्ध इटैलियन आर्ट एंड डिजाइन यूनिवर्सिटीज-नाबा और डोमस अकडेमी मिलानो के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। नाबा इटली का एकमात्र डिजाइन स्कूल है जिसे इटैलियन मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन, यूनिवर्सिटी और रिसर्च द्वारा मान्यता प्राप्त है। कई सफल विद्यार्थियों की नाबा यूनिवर्सिटी ने दुनिया की कई सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को प्रशिक्षित किया है, जबकि डोमस एकेडमी इटली का सबसे दूरदर्शी पोस्ट ग्रेजुएट डिजाइन स्कूल है और यह फैशन, औद्योगिक डिजाइन और डिजाइन प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएट और प्रोफेशनल पाठ्यक्रम प्रदान करती है। इन दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों ने दुनिया भर में फैशन और डिजाइन उद्योग में एक महत्त्वपूर्ण नाम बनाया है। इस महत्त्वपूर्ण करार पर नाबा के मैनेजिंग डायरेक्टर डोनटो मेडिसी ने साझा किया कि हम एलपीयू के स्कूल ऑफ डिजाइन , जो शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी है, के साथ जुड़े होने पर बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं। दोनों संस्थान समृद्ध शैक्षणिक अनुभव और वैश्विक दृष्टिकोण के साथ एक सी दिशा में ही काम करते हैं। हम शैक्षणिक महत्त्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए दोनों विश्वविद्यालयों में युवा दिमागों को सशक्त बनाने के लिए तत्पर हैं। एलपीयू की रजिस्ट्रार डा. मोनिका गुलाटी ने हस्ताक्षर समारोह के दौरान एलपीयू का प्रतिनिधित्व किया था। इन सहयोगों के साथ, एलपीयू के फैशन के विद्यार्थियों को अब अंतरराष्ट्रीय अवसरों और एक्सचेंज कार्यक्रमों, प्रोफेशनल विकास पाठ्यक्रमों, ज्ञान साझा करने वाले मंचों, सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाओं, प्रमुख सेमिनारों और सम्मेलनों में वैश्विक सेट तक पहुंच मिलेगी। ये करार वास्तव में विद्यार्थियों के समग्र शैक्षिक विकास का एक हिस्सा साबित होंगे। इस कॉम्पैक्ट करार पर बेहद प्रसन्नय एलपीयू में अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रमुख अमन मित्तल ने बताया कि एलपीयू के डिजाइन स्कूल को भारत के सर्वश्रेष्ठ डिजाइन कालेजों में माना जाता है।
कवरण के रूप सव्व की तरह, और काई के इकारान्त की तरह चलते हैं ! किं और काई का अव्यय की तरह भी प्रयोग होता है। यह ( इदम् ) को अपभ्रंश में "आ" होता है। तीनों लिङ्गों में 'सव्व' की तरह आय के रूप होते हैं केवल नपुंसक लिंग कर्ता और कर्म के एक वचन में ' ' इम' होता है । आयुयो आयआया आयु या आय आया ( १ ) अपभ्रंश में एवं ( ऐसा ही) परं ( पर ) समं ( समान ) ध्रुवं ( निश्चय ही ) मा ( निषेधार्थक) मनाकू ( थोड़ा ) शब्दों के स्थान में क्रमशः एम्व पर, समाणु, ध्रुवु मं और माउं आदेश होते हैं। जैसेनिद्द न एम्ब न तेम्ब = नींद न ऐसे हो, न वैसे ही (आती है । ) गुणहि न सम्पय कित्ति पर = गुणों से सम्पत्ति नहीं परन्तु १ इदमः प्रायः २ इदमः इमु क्लीवे । ३ एवं परं समं ध्रुवं मा मनाक् एम्ब पर समाणु ध्रुवु मं मगाउं । ५
कवरण के रूप सव्व की तरह, और काई के इकारान्त की तरह चलते हैं ! किं और काई का अव्यय की तरह भी प्रयोग होता है। यह को अपभ्रंश में "आ" होता है। तीनों लिङ्गों में 'सव्व' की तरह आय के रूप होते हैं केवल नपुंसक लिंग कर्ता और कर्म के एक वचन में ' ' इम' होता है । आयुयो आयआया आयु या आय आया अपभ्रंश में एवं परं समं ध्रुवं मा मनाकू शब्दों के स्थान में क्रमशः एम्व पर, समाणु, ध्रुवु मं और माउं आदेश होते हैं। जैसेनिद्द न एम्ब न तेम्ब = नींद न ऐसे हो, न वैसे ही गुणहि न सम्पय कित्ति पर = गुणों से सम्पत्ति नहीं परन्तु एक इदमः प्रायः दो इदमः इमु क्लीवे । तीन एवं परं समं ध्रुवं मा मनाक् एम्ब पर समाणु ध्रुवु मं मगाउं । पाँच
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव और लोकसभा चुनाव के पहले फिर से उत्तर बंगाल में अलग राज्य की मांग उठने लगी है. दूसरी ओर, दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता बिमल गुरुंग ने भी अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. उत्तर बंगाल की राजनीति फिर से गरमा गई है. बंगाल में कूचबिहार को लेकर अलग राज्य की मांग उठ रही है, तो दार्जिलिंग में बिमल गुरुंग भी अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. बिमल गुरुंग ने कहा कि साल 2024 में उसी पार्टी को समर्थन करेंगे, तो उनकी मांग का समर्थन करेगी. बता दें कि इसके पहले बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद गुरुंग ममता बनर्जी का समर्थन करते दिख रहे थे, लेकिन अब गुरुंग ने अपना रूख बदल लिया है. इस बीच, केंद्रीय राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक से मुलाकात के 24 घंटे के भीतर ही कूचबिहार के नेता अनंत महाराज अलीपुरद्वार तृणमूल के उपाध्यक्ष प्रेमानंद दास से मिलने कामाखगुड़ी आए. ग्रेटर कूचबिहार की मांग करने वाले अनंत महाराज ने स्पष्ट रूप से कहा कि अलग राज्य हो रहा है. यह लोकसभा चुनाव से पहले होगा. अनंत महाराज कहा, "मुझे नहीं लगता कि प्रेमानंद तृणमूल नेता हैं. निसिथ को भी नहीं सोचते हैं. यह कोई राजनीतिक मामला नहीं है. उनका कहना है कि राज्य के पास कहने के लिए कुछ नहीं है. हमने पश्चिम बंगाल से कुछ भी नहीं मांगा हैं. हमारी मांग केंद्र से है. मुझे नहीं पता कि राज्य क्या कह रहा है." केएलओ के मुखिया जीवन सिंह के बारे में अनंत महाराज ने कहा, "हमें नहीं पता कि सरकार को क्या हो गया है. अगर वह मुख्यधारा में वापस आते हैं, तो अच्छा होगा. केंद्र सरकार सरकार चलाएगी, हम नहीं. केएलओ और केपीपी की हमारी विचारधारा नहीं है. यह संविधान के अनुसार होगा." बता दें कि उत्तर बंगाल में अलग कूचबिहार की मांग चल रही है. केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने भी कहा है कि बंगाल में अलग सवेरा होगा. मंत्री के बयान को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के पार्टी सुप्रीमो बिमल गुरुंग ने कहा, "हम 2024 में उसे जिताएंगे, जो हमारी उम्मीदों पर खरा उतरेगा. राज्य सरकार द्वारा किए गए वादों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है. हम उसका इंतजार कर रहे हैं. मैं इस बारे में सोचूंगा कि भविष्य में क्या किया जा सकता है और कैसे किया जा सकता है. यह सब भविष्य की स्थिति पर निर्भर करेगा. 2021 में हमने कहा था कि हम ममता बनर्जी को तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, लेकिन जो 2024 में हमारे लिए काम करेगा वह जीतेगा. हम हमेशा यही कहते हैं." जीटीए वोट को लेकर राज्य के साथ बिमल गुरुंग के गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की असहमति सामने आई थी. भले ही राज्य जीटीए चुनाव कराना चाहता था, लेकिन गुरुंग पंथी सहमत नहीं थे.
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव और लोकसभा चुनाव के पहले फिर से उत्तर बंगाल में अलग राज्य की मांग उठने लगी है. दूसरी ओर, दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के नेता बिमल गुरुंग ने भी अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. उत्तर बंगाल की राजनीति फिर से गरमा गई है. बंगाल में कूचबिहार को लेकर अलग राज्य की मांग उठ रही है, तो दार्जिलिंग में बिमल गुरुंग भी अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. बिमल गुरुंग ने कहा कि साल दो हज़ार चौबीस में उसी पार्टी को समर्थन करेंगे, तो उनकी मांग का समर्थन करेगी. बता दें कि इसके पहले बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद गुरुंग ममता बनर्जी का समर्थन करते दिख रहे थे, लेकिन अब गुरुंग ने अपना रूख बदल लिया है. इस बीच, केंद्रीय राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक से मुलाकात के चौबीस घंटाटे के भीतर ही कूचबिहार के नेता अनंत महाराज अलीपुरद्वार तृणमूल के उपाध्यक्ष प्रेमानंद दास से मिलने कामाखगुड़ी आए. ग्रेटर कूचबिहार की मांग करने वाले अनंत महाराज ने स्पष्ट रूप से कहा कि अलग राज्य हो रहा है. यह लोकसभा चुनाव से पहले होगा. अनंत महाराज कहा, "मुझे नहीं लगता कि प्रेमानंद तृणमूल नेता हैं. निसिथ को भी नहीं सोचते हैं. यह कोई राजनीतिक मामला नहीं है. उनका कहना है कि राज्य के पास कहने के लिए कुछ नहीं है. हमने पश्चिम बंगाल से कुछ भी नहीं मांगा हैं. हमारी मांग केंद्र से है. मुझे नहीं पता कि राज्य क्या कह रहा है." केएलओ के मुखिया जीवन सिंह के बारे में अनंत महाराज ने कहा, "हमें नहीं पता कि सरकार को क्या हो गया है. अगर वह मुख्यधारा में वापस आते हैं, तो अच्छा होगा. केंद्र सरकार सरकार चलाएगी, हम नहीं. केएलओ और केपीपी की हमारी विचारधारा नहीं है. यह संविधान के अनुसार होगा." बता दें कि उत्तर बंगाल में अलग कूचबिहार की मांग चल रही है. केंद्रीय मंत्री निसिथ प्रमाणिक ने भी कहा है कि बंगाल में अलग सवेरा होगा. मंत्री के बयान को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के पार्टी सुप्रीमो बिमल गुरुंग ने कहा, "हम दो हज़ार चौबीस में उसे जिताएंगे, जो हमारी उम्मीदों पर खरा उतरेगा. राज्य सरकार द्वारा किए गए वादों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है. हम उसका इंतजार कर रहे हैं. मैं इस बारे में सोचूंगा कि भविष्य में क्या किया जा सकता है और कैसे किया जा सकता है. यह सब भविष्य की स्थिति पर निर्भर करेगा. दो हज़ार इक्कीस में हमने कहा था कि हम ममता बनर्जी को तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, लेकिन जो दो हज़ार चौबीस में हमारे लिए काम करेगा वह जीतेगा. हम हमेशा यही कहते हैं." जीटीए वोट को लेकर राज्य के साथ बिमल गुरुंग के गोरखा जनमुक्ति मोर्चा की असहमति सामने आई थी. भले ही राज्य जीटीए चुनाव कराना चाहता था, लेकिन गुरुंग पंथी सहमत नहीं थे.
जल्द ही यह हमारे पास उत्कृष्ट पर आश्चर्य करने के लिए आएगाहमारे डिजाइनरों का निर्माण, और लंबी दूरी की विमानन के लंबी दूरी की विमानन परिसर मॉडल नहीं प्राप्त करेगा, लेकिन असली रूपरेखा? अपने पूर्ववर्तियों को पहले से ही, Zhukovsky में MAKS 2017 में प्रदर्शन किया था, हालांकि 2018 में उनके प्रदर्शन का वादा किया। बेशक, यह अपेक्षित विमान नहीं है, लेकिन टु -160 एम 2 पहले से ही दर्शकों को प्रभावित कर चुका है। पहले परीक्षण नमूना के रूप में उड़ान पाक डीए केवल 2020 में की उम्मीद है, लेकिन "उड़ान पंख" की रूपरेखा प्रशंसा करने के लिए पहले से ही अब मॉडल, एक ही समय में विशेषज्ञों की राय जानना हाल ही में इंजन का एक नया सेट के लिए मंजूरी दे दी है के रूप में माना जा सकता है 23 tf जोर दिया। तथाकथित "उत्पाद 80" ने एक संपूर्ण विकसित कियानिगम, और अब स्केच के साथ काम पूरा हो गया है यह गिने हुए उत्पाद इंजन का एक प्रोजेक्ट है जो लंबी दूरी की विमानन के लंबी दूरी की विमानन परिसर को लेगा, आम लोगों में वार्तालापों और चर्चाओं का एक निरंतर विषय होगा, जो कि ज्यादातर विमानन और डिजाइन के विकास से दूर है। हालांकि, एक नए विमान का उदय सचमुच सभी है। शायद, रूस में कुछ लोग हैं जो बेसब्री से अपेक्षा नहीं करेंगे, जब एक होनहार लंबी दूरी की विमानन जटिल दिखाई देगी, और वे इस दिशा में काम के पाठ्यक्रम का पालन नहीं करेंगे। तो, संयुक्त इंजन बिल्डिंगनिगम ने लोगों को बताया कि इस इंजन के लिए एक मसौदा डिजाइन को अपनाया गया था, और डिजाइन टीम ने इस उल्लेखनीय विमान के कार्य दस्तावेज को विकसित करना शुरू किया। प्रारंभिक डिजाइन परियोजना को अपनाने के बाद रक्षा मंत्री उप मंत्री ने प्रेस को सूचित किया कि पीएसी की पूर्ण तत्परता की शर्तों को स्थगित कर दिया गया था। पहली बार इसे केवल सात से आठ वर्षों में हवा में उठाए जाने की योजना है, और 2029 में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा। एक रणनीतिक मिसाइल वाहकहमारे देश के भविष्य की रक्षा के लिए Tupolev डिजाइन ब्यूरो द्वारा विकसित किया जा रहा है, एक आशाजनक लंबी दूरी की विमानन जटिल सैन्य विमानन के सभी वर्तमान में मौजूदा मॉडल पर कई फायदे होंगे। उन्हें जितना संभव हो सके उतने हथियार लेना होगा, और साथ ही आकाश में अदृश्य रहता है और किसी भी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने में सक्षम हो सकता है। बातचीत कज़ान एविएशन में हुई थीकारखाने जहां यूरी बोरिसोव एक काम के दौरे पर पहुंचे। इस यात्रा के लिए कारण अद्भुत - कज़ान पहले अद्यतन मं 160m2, जो, विशेषज्ञों के अनुसार, हमारे मौजूदा लंबी दूरी की विमानन के बीच एक मध्यस्थ के रूप में कार्य करने के लिए है इकट्ठा करने के लिए शुरू किया, और है कि एक पाक महंगाई भत्ते (पाक डीए) शामिल होंगे। यहाँ संयंत्र के कर्मचारियों के साथ इस बैठक में और एक नया बमवर्षक के निर्माण के बारे में विशेष जानकारी आवाज उठाई। एक बार फिर, नए के आवेदनप्रौद्योगिकीः हमारे विशेषज्ञों ने सीखा है कि टाइटेनियम कैसे तैयार किया जाए, सामग्री भारी शुल्क और अल्ट्रा-लाइट है सभी ट्यू -160 एस के फ़्यूज़ल्स इस पद्धति का उपयोग करके निर्मित किए गए थे, जिन्हें अभी भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। अगर हम टाइटेनियम को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के लिए नहीं सीखते हैं, तो हम लंबे समय तक विमानन विमानन (पीएसी यस) की लंबी दूरी की विमानन परिसर की तरह एक उड़ान राक्षस नहीं देख सकते हैं। स्थिति के इस दृष्टिकोण में एक स्पष्टीकरण है, और यहयह काफी उचित है विशेष रूप से वित्त के मामले में और वास्तव मेंः अब मिसाइलें तेजी से गोली मारती हैं, आगे, अतिसंवेदनशील होने के बारे में है। विमान को ऐसा करने के लिए मजबूर क्यों करना है जो मूल रूप से करने की ज़रूरत नहीं है? इसके अलावा, यह वैकल्पिक इतना महंगा है। आपरेशन में रूसी बमवर्षक पाक डीए सिर्फ परिमाण किसी भी सुपरसोनिक कार की तुलना में सस्ता के एक आदेश है। यह रक्षा के माध्यम से लड़ाई, इस हवा शस्त्रागार हवाई क्षेत्र में इत्मीनान से loitering के साथ तोड़ने के लिए इरादा नहीं है। पाक हाँ ("टुपोलेव") लंबी दूरी पर ले जाएगाक्रूज मिसाइल - एक बिल्कुल घातक उनके शेयर। उदाहरण के लिए, एक्स-555 और H101 है, जो तीन से पांच हजार किलोमीटर से उड़ते हैं। , सभी कि वह किया था के लिए बेहतर नवीनतम के रूप में वे कहते हैं,, लेकिन जो की बारीकियों रहस्य के लिए खुला है - और वहाँ एक और है। लड़ाकू विमान की गति प्रदर्शन के संबंध में इसी प्रवृत्ति दिखाई दिया। उदाहरण के लिए, एफ -22, रैप्टर, एक पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू, वह असाधारण गतिशीलता और सुपरसोनिक गति, लेकिन न तो एक और न ही उसके पास अन्य है, सबसे अधिक संभावना है, न उपयोगी है, क्योंकि आधुनिक युद्ध हाथापाई में ग्रहण नहीं है। बंदूकों से बात नहीं करेंगे, और रॉकेट, और दुश्मन के हवाई रक्षा क्षेत्र में प्रवेश आवश्यक नहीं है। अमेरिकियों, अपने बमवर्षक का विकास अगलेनब्बे के दशक में जनरेशन बॉम्बर, उत्पादन की अंतिम तारीख 2035 कहलाती है। पाकिस्तान डीए को 2008 में विकसित करना शुरू हुआ और इसकी रचना की स्ताखानोव की दरों स्पष्ट रूप से नहीं होगी। सबसे पहले, क्योंकि ऐसा कोई युद्ध नहीं है, जहां यह एक जरूरी आवश्यकता होगी, और दूसरी बात, इस परियोजना की कीमत वास्तव में विशाल है अब तक, यह पैंतीस अरब डॉलर का अनुमान है अमेरिका में, केवल दस डिजाइन कार्य खर्च किए गए थे, और उन्हें पूरे के रूप में निवेश करना कितना भी ज्ञात नहीं है। इसलिए, वे हमारे साथ या उनके साथ जल्दबाजी में नहीं हैं। और सेना यह सुनिश्चित करती है कि अगली जनरेशन बॉम्बर बंद होने तक, और हमारे पाक हाँ आगमन के साथ विलंबित हो जाएंगे। रूसी संघ के कमांडर इन चीफ एयर फोर्स ने बताया कि इस मेंजटिल मुख्य विमान नहीं होगा, लेकिन इसके उपकरण। यह जटिल 7000 किलोमीटर तक की सीमाओं के साथ मिसाइलों को ले जाएगा, जो खुद तय करेंगे कि कब, किस ऊंचाई पर और किस गति से उड़ना चाहिए विमान केवल उस क्षेत्र में पहुंचने का एक साधन है जहां लॉन्च हो जाएगा। इसके अलावा, पाक डीए केवल सामरिक मिसाइलों को नहीं लेगा, बल्कि अन्य हथियारों को भी - उच्च परिशुद्धता, और इसके विशेषताओं के बारे में जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है। जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, प्रौद्योगिकी लागू किया जाएगाऔर कोशिश की, और पूरी तरह से नया कुछ उपकरणों और प्रणालियों को नवीनतम घटनाओं से उधार लिया गया है, जिसमें सबसे ज्यादा दक्षता और विश्वसनीयता दिखाई देती है। पूरी तरह से नया, पूरे परिसर में संचार, संचार की सुविधा, पुनर्प्रेषण का साधन, साथ ही साथ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के साधनों को लक्षित करना होगा। अमेरिकी विशेषज्ञों का यकीन है कि नएपरमाणु प्रभुत्व बनाए रखने के लिए रूस के सैन्य विमानन आवश्यक है संयुक्त राज्य अमेरिका में पहले से ही उन्नीस अदृश्य बी -2 आत्मा बमवर्षक हैं और अब रूस के लिए शब्द - 2025 में कमीशन के पहले स्क्वाड्रन के बारह पाकी हां होंगे? रोमानिया के एक सैन्य विशेषज्ञ, वैलेन्टिन वासिलेकू, यह सुनिश्चित करेंगे कि वे करेंगे, लेकिन संभव है कि वे पहले ही थे। इसके अलावा, नाटो विशेषज्ञ तकनीकी पर चर्चा करते थेभविष्य की रूसी बॉम्बर की विशेषताओं वे जानते हैं कि, सबसे अधिक संभावना है, रूस अमेरिकी बी -2 आत्मा के समान एक नया हमला करेगा जो कि रडार के लिए अदृश्य है। हाइपोसिकिक विमानों में बहुत कम पैंतरेबाजी होती है और इसमें बहुत जड़ता होती है, और इसलिए पीएसी के डीए इंजनों में निश्चित रूप से बहुत कर्षण होगा, जैसे अमेरिकी बमवर्षकों पर किया गया था। केबिन में डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले होना चाहिएप्रत्येक पायलटों में से प्रत्येक के लिए एक लिक्विड क्रिस्टल रंग स्क्रीन के साथ सिस्टम उड़ान उपकरण, जो उड़ान नियंत्रण में इलेक्ट्रॉनिक इंटरफ़ेस के कामकाज को सुनिश्चित करेगा। स्टील्थ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल विमान के डिजाइन में कुछ सीमाएं पेश करता है। पाकिस्तान हाँ, रात में उड़ जाएगा, इसका मतलब है कि ऑन-बोर्ड सेंसर की भूमिका में काफी वृद्धि हुई है, और मैन्युअल नियंत्रण हाइपरसोनिक गति को शामिल नहीं करता है। निष्कर्षः बॉम्बर, शायद, अच्छा होगा, लेकिन रूस में यह अच्छी तरह से काम नहीं करेगा (वे निश्चित रूप से नहीं जानते हैं कि पाकिस्तान में हाइपरसोनिक गति नहीं होगी)। विशेषज्ञों को यकीन नहीं है कि वे करेंगे एक विशेष कोटिंग के साथ विमान की पतवार को शाब्दिक रूप से पारंपरिक बमवर्षकों के रूप में सेवा के लिए दस गुणा की आवश्यकता होगी। और सबसे महत्वपूर्ण बात, पाक हाँ एयरबोर्न रेडियो पहचान और लक्ष्यीकरण जटिल (एडब्ल्यूएसीएएस) पर लाभ हासिल करने में सक्षम नहीं होगा।
जल्द ही यह हमारे पास उत्कृष्ट पर आश्चर्य करने के लिए आएगाहमारे डिजाइनरों का निर्माण, और लंबी दूरी की विमानन के लंबी दूरी की विमानन परिसर मॉडल नहीं प्राप्त करेगा, लेकिन असली रूपरेखा? अपने पूर्ववर्तियों को पहले से ही, Zhukovsky में MAKS दो हज़ार सत्रह में प्रदर्शन किया था, हालांकि दो हज़ार अट्ठारह में उनके प्रदर्शन का वादा किया। बेशक, यह अपेक्षित विमान नहीं है, लेकिन टु -एक सौ साठ एम दो पहले से ही दर्शकों को प्रभावित कर चुका है। पहले परीक्षण नमूना के रूप में उड़ान पाक डीए केवल दो हज़ार बीस में की उम्मीद है, लेकिन "उड़ान पंख" की रूपरेखा प्रशंसा करने के लिए पहले से ही अब मॉडल, एक ही समय में विशेषज्ञों की राय जानना हाल ही में इंजन का एक नया सेट के लिए मंजूरी दे दी है के रूप में माना जा सकता है तेईस tf जोर दिया। तथाकथित "उत्पाद अस्सी" ने एक संपूर्ण विकसित कियानिगम, और अब स्केच के साथ काम पूरा हो गया है यह गिने हुए उत्पाद इंजन का एक प्रोजेक्ट है जो लंबी दूरी की विमानन के लंबी दूरी की विमानन परिसर को लेगा, आम लोगों में वार्तालापों और चर्चाओं का एक निरंतर विषय होगा, जो कि ज्यादातर विमानन और डिजाइन के विकास से दूर है। हालांकि, एक नए विमान का उदय सचमुच सभी है। शायद, रूस में कुछ लोग हैं जो बेसब्री से अपेक्षा नहीं करेंगे, जब एक होनहार लंबी दूरी की विमानन जटिल दिखाई देगी, और वे इस दिशा में काम के पाठ्यक्रम का पालन नहीं करेंगे। तो, संयुक्त इंजन बिल्डिंगनिगम ने लोगों को बताया कि इस इंजन के लिए एक मसौदा डिजाइन को अपनाया गया था, और डिजाइन टीम ने इस उल्लेखनीय विमान के कार्य दस्तावेज को विकसित करना शुरू किया। प्रारंभिक डिजाइन परियोजना को अपनाने के बाद रक्षा मंत्री उप मंत्री ने प्रेस को सूचित किया कि पीएसी की पूर्ण तत्परता की शर्तों को स्थगित कर दिया गया था। पहली बार इसे केवल सात से आठ वर्षों में हवा में उठाए जाने की योजना है, और दो हज़ार उनतीस में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा। एक रणनीतिक मिसाइल वाहकहमारे देश के भविष्य की रक्षा के लिए Tupolev डिजाइन ब्यूरो द्वारा विकसित किया जा रहा है, एक आशाजनक लंबी दूरी की विमानन जटिल सैन्य विमानन के सभी वर्तमान में मौजूदा मॉडल पर कई फायदे होंगे। उन्हें जितना संभव हो सके उतने हथियार लेना होगा, और साथ ही आकाश में अदृश्य रहता है और किसी भी हवाई क्षेत्र का उपयोग करने में सक्षम हो सकता है। बातचीत कज़ान एविएशन में हुई थीकारखाने जहां यूरी बोरिसोव एक काम के दौरे पर पहुंचे। इस यात्रा के लिए कारण अद्भुत - कज़ान पहले अद्यतन मं एक सौ साठmदो, जो, विशेषज्ञों के अनुसार, हमारे मौजूदा लंबी दूरी की विमानन के बीच एक मध्यस्थ के रूप में कार्य करने के लिए है इकट्ठा करने के लिए शुरू किया, और है कि एक पाक महंगाई भत्ते शामिल होंगे। यहाँ संयंत्र के कर्मचारियों के साथ इस बैठक में और एक नया बमवर्षक के निर्माण के बारे में विशेष जानकारी आवाज उठाई। एक बार फिर, नए के आवेदनप्रौद्योगिकीः हमारे विशेषज्ञों ने सीखा है कि टाइटेनियम कैसे तैयार किया जाए, सामग्री भारी शुल्क और अल्ट्रा-लाइट है सभी ट्यू -एक सौ साठ एस के फ़्यूज़ल्स इस पद्धति का उपयोग करके निर्मित किए गए थे, जिन्हें अभी भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। अगर हम टाइटेनियम को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के लिए नहीं सीखते हैं, तो हम लंबे समय तक विमानन विमानन की लंबी दूरी की विमानन परिसर की तरह एक उड़ान राक्षस नहीं देख सकते हैं। स्थिति के इस दृष्टिकोण में एक स्पष्टीकरण है, और यहयह काफी उचित है विशेष रूप से वित्त के मामले में और वास्तव मेंः अब मिसाइलें तेजी से गोली मारती हैं, आगे, अतिसंवेदनशील होने के बारे में है। विमान को ऐसा करने के लिए मजबूर क्यों करना है जो मूल रूप से करने की ज़रूरत नहीं है? इसके अलावा, यह वैकल्पिक इतना महंगा है। आपरेशन में रूसी बमवर्षक पाक डीए सिर्फ परिमाण किसी भी सुपरसोनिक कार की तुलना में सस्ता के एक आदेश है। यह रक्षा के माध्यम से लड़ाई, इस हवा शस्त्रागार हवाई क्षेत्र में इत्मीनान से loitering के साथ तोड़ने के लिए इरादा नहीं है। पाक हाँ लंबी दूरी पर ले जाएगाक्रूज मिसाइल - एक बिल्कुल घातक उनके शेयर। उदाहरण के लिए, एक्स-पाँच सौ पचपन और Hएक सौ एक है, जो तीन से पांच हजार किलोमीटर से उड़ते हैं। , सभी कि वह किया था के लिए बेहतर नवीनतम के रूप में वे कहते हैं,, लेकिन जो की बारीकियों रहस्य के लिए खुला है - और वहाँ एक और है। लड़ाकू विमान की गति प्रदर्शन के संबंध में इसी प्रवृत्ति दिखाई दिया। उदाहरण के लिए, एफ -बाईस, रैप्टर, एक पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू, वह असाधारण गतिशीलता और सुपरसोनिक गति, लेकिन न तो एक और न ही उसके पास अन्य है, सबसे अधिक संभावना है, न उपयोगी है, क्योंकि आधुनिक युद्ध हाथापाई में ग्रहण नहीं है। बंदूकों से बात नहीं करेंगे, और रॉकेट, और दुश्मन के हवाई रक्षा क्षेत्र में प्रवेश आवश्यक नहीं है। अमेरिकियों, अपने बमवर्षक का विकास अगलेनब्बे के दशक में जनरेशन बॉम्बर, उत्पादन की अंतिम तारीख दो हज़ार पैंतीस कहलाती है। पाकिस्तान डीए को दो हज़ार आठ में विकसित करना शुरू हुआ और इसकी रचना की स्ताखानोव की दरों स्पष्ट रूप से नहीं होगी। सबसे पहले, क्योंकि ऐसा कोई युद्ध नहीं है, जहां यह एक जरूरी आवश्यकता होगी, और दूसरी बात, इस परियोजना की कीमत वास्तव में विशाल है अब तक, यह पैंतीस अरब डॉलर का अनुमान है अमेरिका में, केवल दस डिजाइन कार्य खर्च किए गए थे, और उन्हें पूरे के रूप में निवेश करना कितना भी ज्ञात नहीं है। इसलिए, वे हमारे साथ या उनके साथ जल्दबाजी में नहीं हैं। और सेना यह सुनिश्चित करती है कि अगली जनरेशन बॉम्बर बंद होने तक, और हमारे पाक हाँ आगमन के साथ विलंबित हो जाएंगे। रूसी संघ के कमांडर इन चीफ एयर फोर्स ने बताया कि इस मेंजटिल मुख्य विमान नहीं होगा, लेकिन इसके उपकरण। यह जटिल सात हज़ार किलोग्राममीटर तक की सीमाओं के साथ मिसाइलों को ले जाएगा, जो खुद तय करेंगे कि कब, किस ऊंचाई पर और किस गति से उड़ना चाहिए विमान केवल उस क्षेत्र में पहुंचने का एक साधन है जहां लॉन्च हो जाएगा। इसके अलावा, पाक डीए केवल सामरिक मिसाइलों को नहीं लेगा, बल्कि अन्य हथियारों को भी - उच्च परिशुद्धता, और इसके विशेषताओं के बारे में जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है। जैसा कि पहले ही उल्लेख किया गया है, प्रौद्योगिकी लागू किया जाएगाऔर कोशिश की, और पूरी तरह से नया कुछ उपकरणों और प्रणालियों को नवीनतम घटनाओं से उधार लिया गया है, जिसमें सबसे ज्यादा दक्षता और विश्वसनीयता दिखाई देती है। पूरी तरह से नया, पूरे परिसर में संचार, संचार की सुविधा, पुनर्प्रेषण का साधन, साथ ही साथ इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के साधनों को लक्षित करना होगा। अमेरिकी विशेषज्ञों का यकीन है कि नएपरमाणु प्रभुत्व बनाए रखने के लिए रूस के सैन्य विमानन आवश्यक है संयुक्त राज्य अमेरिका में पहले से ही उन्नीस अदृश्य बी -दो आत्मा बमवर्षक हैं और अब रूस के लिए शब्द - दो हज़ार पच्चीस में कमीशन के पहले स्क्वाड्रन के बारह पाकी हां होंगे? रोमानिया के एक सैन्य विशेषज्ञ, वैलेन्टिन वासिलेकू, यह सुनिश्चित करेंगे कि वे करेंगे, लेकिन संभव है कि वे पहले ही थे। इसके अलावा, नाटो विशेषज्ञ तकनीकी पर चर्चा करते थेभविष्य की रूसी बॉम्बर की विशेषताओं वे जानते हैं कि, सबसे अधिक संभावना है, रूस अमेरिकी बी -दो आत्मा के समान एक नया हमला करेगा जो कि रडार के लिए अदृश्य है। हाइपोसिकिक विमानों में बहुत कम पैंतरेबाजी होती है और इसमें बहुत जड़ता होती है, और इसलिए पीएसी के डीए इंजनों में निश्चित रूप से बहुत कर्षण होगा, जैसे अमेरिकी बमवर्षकों पर किया गया था। केबिन में डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले होना चाहिएप्रत्येक पायलटों में से प्रत्येक के लिए एक लिक्विड क्रिस्टल रंग स्क्रीन के साथ सिस्टम उड़ान उपकरण, जो उड़ान नियंत्रण में इलेक्ट्रॉनिक इंटरफ़ेस के कामकाज को सुनिश्चित करेगा। स्टील्थ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल विमान के डिजाइन में कुछ सीमाएं पेश करता है। पाकिस्तान हाँ, रात में उड़ जाएगा, इसका मतलब है कि ऑन-बोर्ड सेंसर की भूमिका में काफी वृद्धि हुई है, और मैन्युअल नियंत्रण हाइपरसोनिक गति को शामिल नहीं करता है। निष्कर्षः बॉम्बर, शायद, अच्छा होगा, लेकिन रूस में यह अच्छी तरह से काम नहीं करेगा । विशेषज्ञों को यकीन नहीं है कि वे करेंगे एक विशेष कोटिंग के साथ विमान की पतवार को शाब्दिक रूप से पारंपरिक बमवर्षकों के रूप में सेवा के लिए दस गुणा की आवश्यकता होगी। और सबसे महत्वपूर्ण बात, पाक हाँ एयरबोर्न रेडियो पहचान और लक्ष्यीकरण जटिल पर लाभ हासिल करने में सक्षम नहीं होगा।
मैं विवाहित महिला हूं. मेरे व पति की उम्र में 9 साल का अंतर है. समस्या यह है कि पति मेरी फीलिंग्स को नहीं समझते. मैं अपने पति में ही अपना दोस्त, अपना बौयफ्रैंड देखना चाहती हूं, लेकिन वे मुझे सिर्फ अपने बच्चों की मां समझते हैं. मैं नहीं चाहती कि मेरी जिंदगी में कोई और आए. मैं अपने पति के साथ ही खुशहाल जिंदगी बिताना चाहती हूं लेकिन वे मेरी फीलिंग्स को इग्नोर कर के मुझे अकेला छोड़ देते हैं. मैं क्या करूं, सलाह दीजिए. वैवाहिक संबंधों में उम्र का अंतर अधिक माने नहीं रखता अगर पतिपत्नी के बीच आपसी अंडरस्टैंडिंग व प्यार हो. ऐसे अनेक वैवाहिक जोड़े हैं जो उम्र के अंतर के बावजूद खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं. आप अपने पति को अपना दोस्त, बौयफ्रैंड बनाना चाहती हैं तो पहले खुद उन की गर्लफ्रैंड बनें, वैसा व्यवहार करें. क्योंकि अधिकांश महिलाएं पति से तो प्रेमी बनने की अपेक्षा करती हैं लेकिन खुद विवाह व बच्चे हो जाने के बाद अपनी फिटनैस व लुक्स को अनदेखा करती हैं. वे पति की बातों को इग्नोर करती हैं. बातबात पर बहस करने लग जाती हैं. छोटीछोटी बातें बतंगड़ बनने में देर नहीं लगती. धीरेधीरे रिश्तों में भी खटास आने लगती है. इसलिए ऐसा न करें. पति की नजदीकी पाने के लिए आप उन्हें आकर्षित करने के तरीके अपनाएं व उन्हें एहसास कराएं कि उन के व आप के बीच उम्र का अंतर कोई माने नहीं रखता व वे ही आप के लिए महत्त्वपूर्ण हैं और पूरी तरह स्वीकार्य हैं. मैं विवाहित महिला हूं. समस्या यह है कि मेरा वजन बहुत कम है, जबकि अधिकांश महिलाओं का विवाह के बाद वजन बढ़ जाता है. कृपया कुछ ऐसे तरीके बताएं जिन से मैं अपना वजन बढ़ा सकूं और अपने व्यक्तित्व में निखार ला सकूं.
मैं विवाहित महिला हूं. मेरे व पति की उम्र में नौ साल का अंतर है. समस्या यह है कि पति मेरी फीलिंग्स को नहीं समझते. मैं अपने पति में ही अपना दोस्त, अपना बौयफ्रैंड देखना चाहती हूं, लेकिन वे मुझे सिर्फ अपने बच्चों की मां समझते हैं. मैं नहीं चाहती कि मेरी जिंदगी में कोई और आए. मैं अपने पति के साथ ही खुशहाल जिंदगी बिताना चाहती हूं लेकिन वे मेरी फीलिंग्स को इग्नोर कर के मुझे अकेला छोड़ देते हैं. मैं क्या करूं, सलाह दीजिए. वैवाहिक संबंधों में उम्र का अंतर अधिक माने नहीं रखता अगर पतिपत्नी के बीच आपसी अंडरस्टैंडिंग व प्यार हो. ऐसे अनेक वैवाहिक जोड़े हैं जो उम्र के अंतर के बावजूद खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं. आप अपने पति को अपना दोस्त, बौयफ्रैंड बनाना चाहती हैं तो पहले खुद उन की गर्लफ्रैंड बनें, वैसा व्यवहार करें. क्योंकि अधिकांश महिलाएं पति से तो प्रेमी बनने की अपेक्षा करती हैं लेकिन खुद विवाह व बच्चे हो जाने के बाद अपनी फिटनैस व लुक्स को अनदेखा करती हैं. वे पति की बातों को इग्नोर करती हैं. बातबात पर बहस करने लग जाती हैं. छोटीछोटी बातें बतंगड़ बनने में देर नहीं लगती. धीरेधीरे रिश्तों में भी खटास आने लगती है. इसलिए ऐसा न करें. पति की नजदीकी पाने के लिए आप उन्हें आकर्षित करने के तरीके अपनाएं व उन्हें एहसास कराएं कि उन के व आप के बीच उम्र का अंतर कोई माने नहीं रखता व वे ही आप के लिए महत्त्वपूर्ण हैं और पूरी तरह स्वीकार्य हैं. मैं विवाहित महिला हूं. समस्या यह है कि मेरा वजन बहुत कम है, जबकि अधिकांश महिलाओं का विवाह के बाद वजन बढ़ जाता है. कृपया कुछ ऐसे तरीके बताएं जिन से मैं अपना वजन बढ़ा सकूं और अपने व्यक्तित्व में निखार ला सकूं.
हाल के वर्षों में सबसे उल्लेखनीय वैश्विक रुझानों में से एक चीन का परिवर्तन है, दशकों के एक मामले में और यहां तक कि वर्षों के सत्ता के एक शक्तिशाली केंद्र में इसका परिवर्तन, जिसके साथ पूरी दुनिया को फिर से जुड़ना है, और महाशक्ति की स्थिति में इस देश का अंतिम समेकन है। चीनी आर्थिक चमत्कार, चीनी अर्थव्यवस्था के निरंतर विकास से संभव हुआ, इसने वैश्विक भू-राजनीतिक विस्तार करने में सक्षम बनाया। वैश्विक संकट के चरम पर, पूरी दुनिया ने आश्चर्य और रुचि के साथ देखा कि चीन कितनी आसानी से और कितनी पीड़ा से इस परीक्षण से गुजरा। और यह दुनिया के बाकी हिस्सों को चिंतित नहीं कर सकता है, इस तथ्य से प्रबलित है कि चीन के पास वित्तीय भंडार की मात्रा है जो बीमार पश्चिमी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से को खरीदने के लिए पर्याप्त है। सबसे पहले, निश्चित रूप से, अमेरिकियों। अमेरिकी नेताओं द्वारा हाल ही में किए गए बयानों से पता चलता है कि वे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी स्थिति छोड़ने का इरादा नहीं रखते हैं और अपनी विदेश नीति में एपीआर की पारंपरिक प्राथमिकता की बात करते हैं। और ये केवल शब्द नहीं हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने पीआरसी पड़ोसियों के साथ पहले ही सक्रिय राजनयिक कार्य शुरू कर दिया है। इस पृष्ठभूमि के खिलाफ, विशेष रूप से ब्याज संयुक्त राज्य अमेरिका और वियतनाम का तेजी से पुनर्मूल्यांकन है, पूर्व शपथ लेने वाले दुश्मन, साथ ही बर्मा के साथ अमेरिकी संबंधों की बहाली, पूर्व में अमेरिकियों द्वारा एक दुष्ट राज्य माना जाता था। मुख्य प्रश्न, जिसे वे आज पूरी दुनिया में जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं, चीन से उसके तीव्र आर्थिक विकास और गहन सैन्य लाभ के संबंध में क्या अपेक्षा की जानी चाहिए। क्या चीन बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय या वैश्विक विस्तार शुरू करेगा? स्वयं चीनियों के आश्वासन के अनुसार, ऐसी रणनीति उनके लिए सांस्कृतिक या ऐतिहासिक रूप से अजीब नहीं है, और चीन यूरोपीय प्रकार की एक विस्तारवादी शक्ति नहीं बनेगा। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ कई तर्कों का हवाला देते हैं जो दृढ़ता से विपरीत का सुझाव देते हैं। सबसे पहले, इसकी सैन्य क्षमता का एक अभूतपूर्व बिल्डअप चीन के वैश्विक विस्तार की संभावित शुरुआत की गवाही दे सकता है। इस तथ्य के बावजूद कि चीन का रक्षा बजट अमेरिका का केवल 1/6 है, उनके बीच की खाई तेजी से कम हो रही है। पिछले एक साल में ही इसमें 13% की कमी आई है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी संख्या में दुनिया में सबसे बड़ी हैः इसमें 2,3 मिलियन लोग हैं, और, इस तथ्य को देखते हुए कि जनसंख्या के मामले में चीन दुनिया का पहला देश है, चीनी भीड़ क्षमता शायद ही 300 मिलियन लोगों तक सीमित है (! ) । एक विशाल भूमि सेना के साथ, चीन ने एक आधुनिक बनाने के लिए गंभीरता से शुरुआत की है बेड़ा। चीनी नौसेना पहले से ही विश्व में पहले स्थान पर कब्जा कर रही है और बहुत से महत्वपूर्ण पदों पर है, साथ ही मात्रात्मक रूप से भी। इस सब के बावजूद, यह कहना जल्दबाजी होगी कि चीनी सशस्त्र बल अमेरिकी सेना के बराबर प्रतिरोध करने में सक्षम हैं। चीनी सैन्य मशीन अनिवार्य रूप से हथियारों की गुणवत्ता के मामले में सबसे पहले अमेरिका से हारती है। चीन का मुख्य बैकलॉग, जो महाशक्ति क्लब में देश की पूर्ण सदस्यता पर महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, परमाणु हथियारों के विकास में इसका बैकलॉग है। कुछ अनुमानों के अनुसार, हाल के वर्षों में अपनी सभी आर्थिक सफलताओं के साथ, चीन को संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के साथ परमाणु क्षमता का मिलान करने के लिए एक दशक से अधिक समय बिताना होगा। ऐसा लगता है कि चीनी नेतृत्व इसे अच्छी तरह से समझता है, क्योंकि यह एक असममित काउंटरवेट के संगठन पर निर्भर करता है। चीन तथाकथित "साइबरनेटिक सैनिकों" के निर्माण की ओर बढ़ रहा है, जिसका काम हथियारों के नियंत्रण और लड़ाकू इकाइयों को अक्षम करने के लक्ष्य के साथ दुश्मन के संचार नेटवर्क पर साइबर हमले करना है। यह ज्ञात है कि चीन के विशेषज्ञों ने पहले ही इस संबंध में कुछ सफलता हासिल की हैः कुछ आंकड़ों के अनुसार, 2003 में, चीनी सैन्य हैकर्स ने लॉकहीड मार्टिन, नासा और अन्य प्रमुख अमेरिकी रक्षा संरचनाओं के संसाधनों को हैक कर लिया। ऐसा माना जाता है कि इस साइबर हमले ने चीन को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू-बमवर्षक एफ-एक्सएनयूएमएक्स के उत्पादन से जुड़े मुख्य रहस्यों को उजागर करने की अनुमति दी। 35 में, अमेरिकी रक्षा विभाग के ई-मेल को हैक कर लिया गया था, और पेंटागन, विदेश विभाग और कई अमेरिकी मंत्रालयों के नेटवर्क क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसलिए, बीजिंग का व्यवहार कितना भी शांतिपूर्ण और सतर्क क्यों न हो, और पारंपरिक चीनी शांति-प्रियता और लोगों की आक्रामकता के बारे में चीनी विद्वानों की दलीलें कितनी भी गंभीर क्यों न हों, ये कुछ लेकिन बहुत ही सटीक तथ्यों के साथ यह कहना संभव है कि सक्रिय हस्तक्षेप वैश्विक टकराव में चीन सिर्फ वहां नहीं है, बल्कि पूरे जोरों पर है और सबसे उन्नत तकनीकी स्तर पर है। - लेखकः
हाल के वर्षों में सबसे उल्लेखनीय वैश्विक रुझानों में से एक चीन का परिवर्तन है, दशकों के एक मामले में और यहां तक कि वर्षों के सत्ता के एक शक्तिशाली केंद्र में इसका परिवर्तन, जिसके साथ पूरी दुनिया को फिर से जुड़ना है, और महाशक्ति की स्थिति में इस देश का अंतिम समेकन है। चीनी आर्थिक चमत्कार, चीनी अर्थव्यवस्था के निरंतर विकास से संभव हुआ, इसने वैश्विक भू-राजनीतिक विस्तार करने में सक्षम बनाया। वैश्विक संकट के चरम पर, पूरी दुनिया ने आश्चर्य और रुचि के साथ देखा कि चीन कितनी आसानी से और कितनी पीड़ा से इस परीक्षण से गुजरा। और यह दुनिया के बाकी हिस्सों को चिंतित नहीं कर सकता है, इस तथ्य से प्रबलित है कि चीन के पास वित्तीय भंडार की मात्रा है जो बीमार पश्चिमी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से को खरीदने के लिए पर्याप्त है। सबसे पहले, निश्चित रूप से, अमेरिकियों। अमेरिकी नेताओं द्वारा हाल ही में किए गए बयानों से पता चलता है कि वे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी स्थिति छोड़ने का इरादा नहीं रखते हैं और अपनी विदेश नीति में एपीआर की पारंपरिक प्राथमिकता की बात करते हैं। और ये केवल शब्द नहीं हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने पीआरसी पड़ोसियों के साथ पहले ही सक्रिय राजनयिक कार्य शुरू कर दिया है। इस पृष्ठभूमि के खिलाफ, विशेष रूप से ब्याज संयुक्त राज्य अमेरिका और वियतनाम का तेजी से पुनर्मूल्यांकन है, पूर्व शपथ लेने वाले दुश्मन, साथ ही बर्मा के साथ अमेरिकी संबंधों की बहाली, पूर्व में अमेरिकियों द्वारा एक दुष्ट राज्य माना जाता था। मुख्य प्रश्न, जिसे वे आज पूरी दुनिया में जवाब देने की कोशिश कर रहे हैं, चीन से उसके तीव्र आर्थिक विकास और गहन सैन्य लाभ के संबंध में क्या अपेक्षा की जानी चाहिए। क्या चीन बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय या वैश्विक विस्तार शुरू करेगा? स्वयं चीनियों के आश्वासन के अनुसार, ऐसी रणनीति उनके लिए सांस्कृतिक या ऐतिहासिक रूप से अजीब नहीं है, और चीन यूरोपीय प्रकार की एक विस्तारवादी शक्ति नहीं बनेगा। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ कई तर्कों का हवाला देते हैं जो दृढ़ता से विपरीत का सुझाव देते हैं। सबसे पहले, इसकी सैन्य क्षमता का एक अभूतपूर्व बिल्डअप चीन के वैश्विक विस्तार की संभावित शुरुआत की गवाही दे सकता है। इस तथ्य के बावजूद कि चीन का रक्षा बजट अमेरिका का केवल एक/छः है, उनके बीच की खाई तेजी से कम हो रही है। पिछले एक साल में ही इसमें तेरह% की कमी आई है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी संख्या में दुनिया में सबसे बड़ी हैः इसमें दो,तीन मिलियन लोग हैं, और, इस तथ्य को देखते हुए कि जनसंख्या के मामले में चीन दुनिया का पहला देश है, चीनी भीड़ क्षमता शायद ही तीन सौ मिलियन लोगों तक सीमित है । एक विशाल भूमि सेना के साथ, चीन ने एक आधुनिक बनाने के लिए गंभीरता से शुरुआत की है बेड़ा। चीनी नौसेना पहले से ही विश्व में पहले स्थान पर कब्जा कर रही है और बहुत से महत्वपूर्ण पदों पर है, साथ ही मात्रात्मक रूप से भी। इस सब के बावजूद, यह कहना जल्दबाजी होगी कि चीनी सशस्त्र बल अमेरिकी सेना के बराबर प्रतिरोध करने में सक्षम हैं। चीनी सैन्य मशीन अनिवार्य रूप से हथियारों की गुणवत्ता के मामले में सबसे पहले अमेरिका से हारती है। चीन का मुख्य बैकलॉग, जो महाशक्ति क्लब में देश की पूर्ण सदस्यता पर महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, परमाणु हथियारों के विकास में इसका बैकलॉग है। कुछ अनुमानों के अनुसार, हाल के वर्षों में अपनी सभी आर्थिक सफलताओं के साथ, चीन को संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के साथ परमाणु क्षमता का मिलान करने के लिए एक दशक से अधिक समय बिताना होगा। ऐसा लगता है कि चीनी नेतृत्व इसे अच्छी तरह से समझता है, क्योंकि यह एक असममित काउंटरवेट के संगठन पर निर्भर करता है। चीन तथाकथित "साइबरनेटिक सैनिकों" के निर्माण की ओर बढ़ रहा है, जिसका काम हथियारों के नियंत्रण और लड़ाकू इकाइयों को अक्षम करने के लक्ष्य के साथ दुश्मन के संचार नेटवर्क पर साइबर हमले करना है। यह ज्ञात है कि चीन के विशेषज्ञों ने पहले ही इस संबंध में कुछ सफलता हासिल की हैः कुछ आंकड़ों के अनुसार, दो हज़ार तीन में, चीनी सैन्य हैकर्स ने लॉकहीड मार्टिन, नासा और अन्य प्रमुख अमेरिकी रक्षा संरचनाओं के संसाधनों को हैक कर लिया। ऐसा माना जाता है कि इस साइबर हमले ने चीन को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू-बमवर्षक एफ-एक्सएनयूएमएक्स के उत्पादन से जुड़े मुख्य रहस्यों को उजागर करने की अनुमति दी। पैंतीस में, अमेरिकी रक्षा विभाग के ई-मेल को हैक कर लिया गया था, और पेंटागन, विदेश विभाग और कई अमेरिकी मंत्रालयों के नेटवर्क क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसलिए, बीजिंग का व्यवहार कितना भी शांतिपूर्ण और सतर्क क्यों न हो, और पारंपरिक चीनी शांति-प्रियता और लोगों की आक्रामकता के बारे में चीनी विद्वानों की दलीलें कितनी भी गंभीर क्यों न हों, ये कुछ लेकिन बहुत ही सटीक तथ्यों के साथ यह कहना संभव है कि सक्रिय हस्तक्षेप वैश्विक टकराव में चीन सिर्फ वहां नहीं है, बल्कि पूरे जोरों पर है और सबसे उन्नत तकनीकी स्तर पर है। - लेखकः
ई-इनवॉइस शुरू होने से बिजनेस में गलत इनपुट क्रेडिट के क्लेम को पकड़ा जा सकेगा. इससे टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी. 1 अक्टूबर से उन बिजनेस के लिए ई-इनवॉइस को जरूरी किया गया है जिनका सालाना टर्नओवर 10 करोड़ से अधिक है. बिजनेस टू बिजनेस ट्रांजैक्शन में ई-इनवॉइसिंग को 1 अक्टूबर, 2020 से अनिवार्य किया गया था, लेकिन टर्नओवर को 500 करोड़ रखा गया था. अभी यह नियम 10 करोड़ रुपये के टर्नओवर का है. लेकिन अगली 1 जनवरी से 5 करोड़ के टर्नओवर को भी ई-इनवॉइसिंग में शामिल कर लिया जाएगा.
ई-इनवॉइस शुरू होने से बिजनेस में गलत इनपुट क्रेडिट के क्लेम को पकड़ा जा सकेगा. इससे टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी. एक अक्टूबर से उन बिजनेस के लिए ई-इनवॉइस को जरूरी किया गया है जिनका सालाना टर्नओवर दस करोड़ से अधिक है. बिजनेस टू बिजनेस ट्रांजैक्शन में ई-इनवॉइसिंग को एक अक्टूबर, दो हज़ार बीस से अनिवार्य किया गया था, लेकिन टर्नओवर को पाँच सौ करोड़ रखा गया था. अभी यह नियम दस करोड़ रुपये के टर्नओवर का है. लेकिन अगली एक जनवरी से पाँच करोड़ के टर्नओवर को भी ई-इनवॉइसिंग में शामिल कर लिया जाएगा.
उत्तर प्रदेश में बाबा का बुलडोजर लगातार अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने में लगा हुआ है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ (Lucknow) के अमीनाबाद (Aminabad) में गुरुवार को पुराने हनुमान मंदिर परिसर (Hanuman Temple) में बने कॉम्प्लेक्स (Complex) पर बुलडोजर चलाया गया है। अवैध रूप से बने इस कॉम्प्लेक्श को जमींदोज करने का काम जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, यह कॉम्प्लेक्स अवैध रूप से पार्क की जमीन पर बनाया जा रहा था। 10 हजार स्क्वॉयर फीट में बन रहे इस कॉम्प्लेक्स को ढहाने का काम सुबह से शुरू हुआ। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि आज हम अमीनाबाद में चल रहे अवैध निर्माण को जमींदोज कर रहे हैं। जोन-1 में स्थित मंदिर की आड़ में यह अवैध निर्माण हो रहा था। नगर निगम ने संज्ञान लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की है। बेसमेंट के साथ 2 मंजिला निर्माण कराया गया था, जिसको जमींदोज किया जा रहा है। बता दें कि पार्षद सुनीता सिंघल और उनके पति विनोद कृष्ण सिंघल अवैध निर्माणों की शिकायत कर रहे थे। श्रीमहावीर मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी अशोक पाठक ने हनुमान मंदिर की आड़ में पार्क में अवैध तरीके से मार्केट बनाई थी। यहां अमीनाबाद के पुराने हनुमान मंदिर परिसर में बुलडोजर चला कर कभी भू-माफिया घोषित अशोक पाठक के अवैध मार्केट को जमींदोज कर दिया गया है। ( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
उत्तर प्रदेश में बाबा का बुलडोजर लगातार अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने में लगा हुआ है। इसी क्रम में राजधानी लखनऊ के अमीनाबाद में गुरुवार को पुराने हनुमान मंदिर परिसर में बने कॉम्प्लेक्स पर बुलडोजर चलाया गया है। अवैध रूप से बने इस कॉम्प्लेक्श को जमींदोज करने का काम जारी है। मिली जानकारी के अनुसार, यह कॉम्प्लेक्स अवैध रूप से पार्क की जमीन पर बनाया जा रहा था। दस हजार स्क्वॉयर फीट में बन रहे इस कॉम्प्लेक्स को ढहाने का काम सुबह से शुरू हुआ। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि आज हम अमीनाबाद में चल रहे अवैध निर्माण को जमींदोज कर रहे हैं। जोन-एक में स्थित मंदिर की आड़ में यह अवैध निर्माण हो रहा था। नगर निगम ने संज्ञान लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की है। बेसमेंट के साथ दो मंजिला निर्माण कराया गया था, जिसको जमींदोज किया जा रहा है। बता दें कि पार्षद सुनीता सिंघल और उनके पति विनोद कृष्ण सिंघल अवैध निर्माणों की शिकायत कर रहे थे। श्रीमहावीर मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी अशोक पाठक ने हनुमान मंदिर की आड़ में पार्क में अवैध तरीके से मार्केट बनाई थी। यहां अमीनाबाद के पुराने हनुमान मंदिर परिसर में बुलडोजर चला कर कभी भू-माफिया घोषित अशोक पाठक के अवैध मार्केट को जमींदोज कर दिया गया है।
रायपुर। प्रदेश में आज गुरुवार की तुलना में 105 कोरोना पॉजिटिव मरीज कम मिले हैं। 467 मरीज स्वस्थ हुए हैं व 5 मरीजों की मौत हुई है। प्रदेश भर में आज हुए 24806 सैंपलों की जांच में केवल 305 व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिले हैं। 2 जुलाई की स्थिति में प्रदेश की पॉजिटिविटी दर 1. 2 प्रतिशत है। तो वहीं राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण घटा है। रायपुर जिले के लिए बड़ी राहत भरी खबर है कि इस सप्ताह कोरोना मरीजों की मौत नहीं हुई है। आज भी रायपुर में किसी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। शुक्रवार को केवल 13 नए मरीजों की पहचान हुई है। एक मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया है, वहीं 17 मरीजों ने होम आइसोलेशन कंप्लीट किया है। अब 194 एक्टिव केस बचे हैं।
रायपुर। प्रदेश में आज गुरुवार की तुलना में एक सौ पाँच कोरोना पॉजिटिव मरीज कम मिले हैं। चार सौ सरसठ मरीज स्वस्थ हुए हैं व पाँच मरीजों की मौत हुई है। प्रदेश भर में आज हुए चौबीस हज़ार आठ सौ छः सैंपलों की जांच में केवल तीन सौ पाँच व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिले हैं। दो जुलाई की स्थिति में प्रदेश की पॉजिटिविटी दर एक. दो प्रतिशत है। तो वहीं राजधानी रायपुर में कोरोना संक्रमण घटा है। रायपुर जिले के लिए बड़ी राहत भरी खबर है कि इस सप्ताह कोरोना मरीजों की मौत नहीं हुई है। आज भी रायपुर में किसी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। शुक्रवार को केवल तेरह नए मरीजों की पहचान हुई है। एक मरीज को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज किया गया है, वहीं सत्रह मरीजों ने होम आइसोलेशन कंप्लीट किया है। अब एक सौ चौरानवे एक्टिव केस बचे हैं।
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) राजधानी का सबसे बिजी चौऱाहा आईटीओ, हमेशा जाम रहने के कारण बदनाम रहने वाला एनएच 24 ,जो दिल्ली को नोएडा और गाजियाबाद से जोड़ता है, और आश्रम समेत बहुत से भीड़भाड़ वाले चौराहें और सड़कों पर आज मजे से ट्रैफिक चल रहा है। कहीं कोई जाम नहीं। लाजपत नगर में रहने वाले बिजनेसमैन दीपक जोशी कहने लगे कि उन्हें नेहरु प्लेस पहुंचने में आधा घंटा लगता है। पर वे आज 10 मिनट में अपनी कार से पहुंच गए। कारण है सिडनी में चल रहा भारत-आस्ट्रेलिया का सेमीफाइनल मैच। जब मेजबान टीम के शुरूआती बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की धुनाई चालू की तो बहुत से क्रिकेट प्रेमियों का मूड खराब होने लगा और वे दफ्तरों की तरफ जाने लगे। पर बाद में हालात बदले। उसके बाद तो जो लोग घरों से दफ्तरों और अपने कामकाज के निकलने लगे थे वे फिर से घरों में रूक गए। इस बीच, आज बहुत से दफ्तरों में स्टाफ काफी कम है। हजारों-लाखों लोग अपने घरों से ही काम कर रहे हैं या अवकाश पर हैं। ये सभी आज सिडनी में भारत-आस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2015 के सेमी फाइनल मैच को देख रहे हैं। जो भी टीम भी आज के मैच में फतेह हासिल करेगी उसे फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा न्यूजीलैंड के खिलाफ। राजधानी के क्नाट प्लेस के एक शूज शो-रूम के मालिक जार्ज च्यू ने बताया कि आज काम मंदा रहने वाला है मैच के कारण। सब लोग मैच देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत का मैच होता है तो लोग कम ही खरीददारी के लिए निकलते हैं। रीयल एस्टेट एडवाइजरी सैंचुरी 21 के मैनेजिंग डायरेक्टर डा. देवेन्द्र गुप्ता ने बताया कि उन्हें जैसी आशंका थी उनके दफ्तर में 50 फीसद ही स्टाफ पहुंचा। तो साफ है कि जब लोग घरों में बैठकर मैच का लुत्फ उठा रहे हैं तो सड़कें तो खाली होंगी ही। ईस्ट दिल्ली के विकास मार्ग में भी यातायात सामान्य तरीके से चल रहा है। इधर बाकी दिनों में तो लंबा जाम लगा रहता है। कुछ व्यंगय के अंदाज में ईस्ट दिल्ली निवासी आशुतोष उप्रेती ने कहा कि उन्होंने विकास मार्ग को ट्रैफिक से वंचित कभी नहीं देखा।
नई दिल्ली राजधानी का सबसे बिजी चौऱाहा आईटीओ, हमेशा जाम रहने के कारण बदनाम रहने वाला एनएच चौबीस ,जो दिल्ली को नोएडा और गाजियाबाद से जोड़ता है, और आश्रम समेत बहुत से भीड़भाड़ वाले चौराहें और सड़कों पर आज मजे से ट्रैफिक चल रहा है। कहीं कोई जाम नहीं। लाजपत नगर में रहने वाले बिजनेसमैन दीपक जोशी कहने लगे कि उन्हें नेहरु प्लेस पहुंचने में आधा घंटा लगता है। पर वे आज दस मिनट में अपनी कार से पहुंच गए। कारण है सिडनी में चल रहा भारत-आस्ट्रेलिया का सेमीफाइनल मैच। जब मेजबान टीम के शुरूआती बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की धुनाई चालू की तो बहुत से क्रिकेट प्रेमियों का मूड खराब होने लगा और वे दफ्तरों की तरफ जाने लगे। पर बाद में हालात बदले। उसके बाद तो जो लोग घरों से दफ्तरों और अपने कामकाज के निकलने लगे थे वे फिर से घरों में रूक गए। इस बीच, आज बहुत से दफ्तरों में स्टाफ काफी कम है। हजारों-लाखों लोग अपने घरों से ही काम कर रहे हैं या अवकाश पर हैं। ये सभी आज सिडनी में भारत-आस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप दो हज़ार पंद्रह के सेमी फाइनल मैच को देख रहे हैं। जो भी टीम भी आज के मैच में फतेह हासिल करेगी उसे फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा न्यूजीलैंड के खिलाफ। राजधानी के क्नाट प्लेस के एक शूज शो-रूम के मालिक जार्ज च्यू ने बताया कि आज काम मंदा रहने वाला है मैच के कारण। सब लोग मैच देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब भारत का मैच होता है तो लोग कम ही खरीददारी के लिए निकलते हैं। रीयल एस्टेट एडवाइजरी सैंचुरी इक्कीस के मैनेजिंग डायरेक्टर डा. देवेन्द्र गुप्ता ने बताया कि उन्हें जैसी आशंका थी उनके दफ्तर में पचास फीसद ही स्टाफ पहुंचा। तो साफ है कि जब लोग घरों में बैठकर मैच का लुत्फ उठा रहे हैं तो सड़कें तो खाली होंगी ही। ईस्ट दिल्ली के विकास मार्ग में भी यातायात सामान्य तरीके से चल रहा है। इधर बाकी दिनों में तो लंबा जाम लगा रहता है। कुछ व्यंगय के अंदाज में ईस्ट दिल्ली निवासी आशुतोष उप्रेती ने कहा कि उन्होंने विकास मार्ग को ट्रैफिक से वंचित कभी नहीं देखा।
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में 20-20 खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है। नागरिकता क़ानून से लेकर भीमा कोरेगाँव मामले पर उद्धव ठाकरे और शरद पवार के बीच मतभेद कितना बड़ा है? यदि दोनों पक्षों में सब ठीक है तो गठबंध सरकार बनने के बाद से ही इस पर बयानबाज़ी क्यों तेज़ हो रही है? कहीं सरकार गिरेगी तो नहीं? यदि ऐसा हुआ तो क्या शिवसेना फिर बीजेपी के साथ सरकार बनाएगी? देखिए आशुतोष की बात। क्या जामिया मिल्लिया इसलामिया में पुलिस कार्रवाई के 'झूठ' के पोल खुल रहे हैं? पुलिस ने किस आधार पर दावा किया था कि वह लाइब्रेरी में नहीं घुसी थी? अब जो एक के बाद एक वीडियो आ रहे हैं उसमें पुलिस के दावे ग़लत साबित नहीं होते? वीडियो में सीसीटीवी कैमरे और दूसरी चीजों में तोड़फोड़ करते दिखे पुलिसकर्मी की आख़िर क्या कहानी है? देखिए आशुतोष की बात। बीजेपी तो ज़ाहिर तौर पर ख़ुद को राम के नाम पर वोट माँगती रही है, लेकिन दूसरी तरफ़ केजरीवाल ने भी आप को हिंदू पार्टी के तौर पेश कर दिया। क्या केजरीवाल का हनुमान चालीसा पाठ सोची-समझी रणनीति नहीं थी? तो क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव से एक बड़ा सवाल खड़ा नहीं हुआ है कि असली हिंदू पार्टी कौन है? बीजेपी या आम आदमी पार्टी? देखिए आशुतोष की बात। अमित शाह ने कहा है कि बीजेपी नेताओं के नफ़रत वाले बयान के कारण दिल्ली चुनाव में नुक़सान हुआ होगा। तो नफ़रत वाले बयान बीजेपी के नेता किसके इशारे पर दे रहे थे? ख़ुद अमित शाह ने क्यों कहा था कि बटन ऐसा दबाना जिससे शाहीन बाग़ को करंट लगे? अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा और योगी जैसे नेता क्यों नफ़रत वाले दे रहे थे? देखिए आशुतोष की बात। आम आदमी पार्टी की धमाकेदार जीत के बाद अरविंद केजरीवाल लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। देश भर के नेता बधाइयाँ दे रहे हैं। केजरीवाल की राजनीतिक ताक़त बढ़ी है। क्या विपक्षी दलों में केजरीवाल सबसे ताक़तवर नेता हो गए हैं? क्या इन नेताओं में पीएम पद के उम्मीदवारों में केजरीवाल सबसे आगे होंगे? देखिए आशुतोष की बात। प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमति शाह सहित पूरी बीजेपी के जुटने के बावजूद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली चुनाव में ज़बरदस्त शिकस्त दी। बीजेपी क्यों हार गयी? क्या केजरीवाल से निपटना मोदी के वश की बात नहीं? मोदी के लिए बड़ी चुनौती क्यों साबित हो रहे हैं केजरीवाल? क्या मोदी को डरना चाहिए? देखिए आशुतोष की बात। कल जब दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आएँगे तो क्या एग़्जिट पोल ग़लत साबित हो जाएँगे? पहले भी कई बार एग़्जिट पोल ग़लत साबित हुए हैं। क्या मनोज तिवारी का 48 से ज़्यादा सीटें जीतने का दावा सच साबित होगा? क्या साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण, शाहीन बाग़ जैसे मुद्दे बीजेपी के लिए चल गए? देखिए आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार शैलेश के साथ चर्चा। एग्ज़िट पोल्स से लगता है कि 'आप' बड़ी जीत दर्ज करेगी। तो प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी बीजेपी की इतनी ख़राब हालत क्यों हो गई? ऐसी स्थिति के लिए क्या रहे वो दस कारण? क्या बीजेपी का 'राष्ट्रवाद' और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण नहीं चला? देखिए आशुतोष की बात। प्रधानमंत्री मोदी ने किस आधार पर कहा कि भारत के बँटवारे के लिए नेहरू ज़िम्मेदार थे? क्या यह नेहरू के क़द को कम करने का बीजेपी का लगातार प्रयास का नतीजा नहीं है? क्या यह उसका नतीजा नहीं है जिसमें पटेल के क़द को बड़ा किया जाए? बँटवारे से सहमत होने की शुरुआत किसने की और इस मामले में नेहरू और पटेल की क्या स्थिति थी? देखिए आशुतोष की बात वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ के साथ चर्चा। दिल्ली का चुनाव प्रधानमंत्री मोदी बनाम अरविंद केजरीवाल क्यों बन गया है? और यदि यह लड़ाई मोदी और केजरीवाल के बीच में है तो फिर नतीजे कैसे आएँगे? कहीं 2015 की स्थिति तो नहीं बनेगी? 2014 में मोदी लहर के बावजूद केजरीवाल 2015 के दिल्ली चुनाव में 70 में से 67 सीटें कैसे ले आए थे? देखिए सत्य हिंदी पर आशुतोष की बात। क्या केजरीवाल दोबारा मुख्यमंत्री बन पाएँगे या फिर चुनाव हार जाएँगे? कांग्रेस का खाता भी खुल पाएगा या नहीं? इससे भी बड़ा सवाल है कि अमित शाह की बीजेपी का क्या होगा? अमित शाह ने दिल्ली जैसे राज्य में जिस तरह से पूरी ताक़त झोंक दी है और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश की है, उसका नतीजा क्या होगा? देखिए आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री और दिलबर गोठी की चर्चा। अरविंद केजरीवाल हनुमान भक्त क्यों बन गए? वह हनुमान चालीसा क्यों पढ़ रहे हैं या इस पर ज़ोर दे रहे हैं? क्या वह देश की साम्प्रदायिक राजनीति में कूद कर साम्प्रदायिक हो रहे हैं या फिर वह बीजेपी के हिंदुत्व की काट में अपने आप को हिंदू नेता के तौर पर पेश कर रहे हैं? देखिए सत्य हिंदी पर आशुतोष की बात। दिल्ली के चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी कूद पड़े हैं। प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा, क्या उससे यह नहीं पता चलता कि शाहीन बाग़ के नाम पर पिछले 10 दिन से नफ़रत फैलाने का खेल चल रहा है? प्रधानमंत्री अपने इस बयान से बीजेपी को जिताएँगे या हराएँगे? यदि हराएँगे तो उनके निशाने पर कौन है? देखिए आशुतोष की बात। जामिया में शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर गोली किसने और क्यों चलाई? क्या यह नफ़रत की राजनीति का नतीजा नहीं है? केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दो दिन पहले ही चुनावी रैली में नारा लगवाया था "देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को"। एक के बाद एक दूसरे कई नेता भी ऐसी ही बयानबाज़ी करते रहे हैं। आख़िर क्यों ऐसी स्थिति आन पड़ी? देखिए आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश और वीरेंद्र सेंगर के साथ चर्चा। बीजेपी नेता केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के गंभीर आपत्तिजनक भाषणों पर चुनाव आयोग ने मामूली कार्रवाई क्यों की? उन्हें चुनाव अभियान से भी नहीं रोका, क्यों? देश संविधान के हिसाब से चलेगा या मनमानी तरीक़े से? संवैधानिक संस्थाएँ कमज़ोर क्यों हुईं? कौन हैं ज़िम्मेदार? देखिए आशुतोष की बात। दिल्ली चुनाव में एक हफ़्ते का समय बाक़ी है। बीजेपी साम्प्रदायिक एजेंडे पर क्यों उतर आई है? शाहीन बाग़ को चुनावी मुद्दा क्यों बना रही है? बीजेपी नेता क्यों आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं? ऐसा क्यों हो रहा है? क्या केजरीवाल के विकास के चुनावी मुद्दे से बीजेपी का निपटना मुश्किल हो रहा है? देखिए आशुतोष की बात। देश का केंद्रीय मंत्री क्या आम सभा में ऐसा नारा लगवा सकता है- देश के गद्दारों को. . . गोली मारो सालों को? क्या यह हत्या के लिए उकसाने वाला नारा नहीं है? केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह नारा बार-बार क्यों लगवाया? सत्य हिंदी पर देखिए आशुतोष की बात। नागरिकता क़ानून, नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार में क्या संबंध हैं? क्या मोदी और नीतीश कुमार एक ही राह पर हैं? अपनी ही पार्टी के नेता प्रशांत किशोर और पवन वर्मा के विरोध के बावजूद नीतीश कुमार नागरिकता क़ानून के पक्ष में क्यों खड़े दिखते हैं? क्या यह बिहार विधानसभा चुनाव के लिए है? क्या नीतीश मोदी के जाल में फँस गए हैं? देखिए आशुतोष की बात। जेपी नड्डा के अध्यक्ष बनते ही क्या अब बीजेपी में अमित शाह युग ख़त्म हो गया है? क्या यह संभव है कि पीछे के दरवाज़े से पार्टी में सबकुछ अमित शाह तय करेंगे? या फिर जेपी नड्डा को अध्यक्ष बनाकर आरएसएस पार्टी को अपने एजेंडे पर चलाएगा? क्या बदलेगा इस पर देखिए आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री और विजय त्रिवेदी के साथ चर्चा। हिंदुत्ववादी विचारधारा वाले योगी आदित्यनाथ विवादों में क्यों रहे हैं? मुसलिमों के ख़िलाफ़ अक्सर विवादित बयान क्यों देते रहे हैं? अब उन्होंने क्यों कहा कि मुसलमानों की आबादी 7-8 गुणा बढ़ी है? उन्होंने ऐसा किस आधार पर कहा? क्या यह साफ़ झूठ नहीं है? उन्होंने ऐसा क्यों कहा? सत्य हिंदी पर देखिए आशुतोष की बात।
पत्रकारिता में एक लंबी पारी और राजनीति में बीस-बीस खेलने के बाद आशुतोष पिछले दिनों पत्रकारिता में लौट आए हैं। समाचार पत्रों में लिखी उनकी टिप्पणियाँ 'मुखौटे का राजधर्म' नामक संग्रह से प्रकाशित हो चुका है। उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकों में अन्ना आंदोलन पर भी लिखी एक किताब भी है। नागरिकता क़ानून से लेकर भीमा कोरेगाँव मामले पर उद्धव ठाकरे और शरद पवार के बीच मतभेद कितना बड़ा है? यदि दोनों पक्षों में सब ठीक है तो गठबंध सरकार बनने के बाद से ही इस पर बयानबाज़ी क्यों तेज़ हो रही है? कहीं सरकार गिरेगी तो नहीं? यदि ऐसा हुआ तो क्या शिवसेना फिर बीजेपी के साथ सरकार बनाएगी? देखिए आशुतोष की बात। क्या जामिया मिल्लिया इसलामिया में पुलिस कार्रवाई के 'झूठ' के पोल खुल रहे हैं? पुलिस ने किस आधार पर दावा किया था कि वह लाइब्रेरी में नहीं घुसी थी? अब जो एक के बाद एक वीडियो आ रहे हैं उसमें पुलिस के दावे ग़लत साबित नहीं होते? वीडियो में सीसीटीवी कैमरे और दूसरी चीजों में तोड़फोड़ करते दिखे पुलिसकर्मी की आख़िर क्या कहानी है? देखिए आशुतोष की बात। बीजेपी तो ज़ाहिर तौर पर ख़ुद को राम के नाम पर वोट माँगती रही है, लेकिन दूसरी तरफ़ केजरीवाल ने भी आप को हिंदू पार्टी के तौर पेश कर दिया। क्या केजरीवाल का हनुमान चालीसा पाठ सोची-समझी रणनीति नहीं थी? तो क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव से एक बड़ा सवाल खड़ा नहीं हुआ है कि असली हिंदू पार्टी कौन है? बीजेपी या आम आदमी पार्टी? देखिए आशुतोष की बात। अमित शाह ने कहा है कि बीजेपी नेताओं के नफ़रत वाले बयान के कारण दिल्ली चुनाव में नुक़सान हुआ होगा। तो नफ़रत वाले बयान बीजेपी के नेता किसके इशारे पर दे रहे थे? ख़ुद अमित शाह ने क्यों कहा था कि बटन ऐसा दबाना जिससे शाहीन बाग़ को करंट लगे? अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा और योगी जैसे नेता क्यों नफ़रत वाले दे रहे थे? देखिए आशुतोष की बात। आम आदमी पार्टी की धमाकेदार जीत के बाद अरविंद केजरीवाल लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। देश भर के नेता बधाइयाँ दे रहे हैं। केजरीवाल की राजनीतिक ताक़त बढ़ी है। क्या विपक्षी दलों में केजरीवाल सबसे ताक़तवर नेता हो गए हैं? क्या इन नेताओं में पीएम पद के उम्मीदवारों में केजरीवाल सबसे आगे होंगे? देखिए आशुतोष की बात। प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमति शाह सहित पूरी बीजेपी के जुटने के बावजूद आम आदमी पार्टी ने दिल्ली चुनाव में ज़बरदस्त शिकस्त दी। बीजेपी क्यों हार गयी? क्या केजरीवाल से निपटना मोदी के वश की बात नहीं? मोदी के लिए बड़ी चुनौती क्यों साबित हो रहे हैं केजरीवाल? क्या मोदी को डरना चाहिए? देखिए आशुतोष की बात। कल जब दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे आएँगे तो क्या एग़्जिट पोल ग़लत साबित हो जाएँगे? पहले भी कई बार एग़्जिट पोल ग़लत साबित हुए हैं। क्या मनोज तिवारी का अड़तालीस से ज़्यादा सीटें जीतने का दावा सच साबित होगा? क्या साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण, शाहीन बाग़ जैसे मुद्दे बीजेपी के लिए चल गए? देखिए आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार शैलेश के साथ चर्चा। एग्ज़िट पोल्स से लगता है कि 'आप' बड़ी जीत दर्ज करेगी। तो प्रधानमंत्री मोदी की पार्टी बीजेपी की इतनी ख़राब हालत क्यों हो गई? ऐसी स्थिति के लिए क्या रहे वो दस कारण? क्या बीजेपी का 'राष्ट्रवाद' और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण नहीं चला? देखिए आशुतोष की बात। प्रधानमंत्री मोदी ने किस आधार पर कहा कि भारत के बँटवारे के लिए नेहरू ज़िम्मेदार थे? क्या यह नेहरू के क़द को कम करने का बीजेपी का लगातार प्रयास का नतीजा नहीं है? क्या यह उसका नतीजा नहीं है जिसमें पटेल के क़द को बड़ा किया जाए? बँटवारे से सहमत होने की शुरुआत किसने की और इस मामले में नेहरू और पटेल की क्या स्थिति थी? देखिए आशुतोष की बात वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ के साथ चर्चा। दिल्ली का चुनाव प्रधानमंत्री मोदी बनाम अरविंद केजरीवाल क्यों बन गया है? और यदि यह लड़ाई मोदी और केजरीवाल के बीच में है तो फिर नतीजे कैसे आएँगे? कहीं दो हज़ार पंद्रह की स्थिति तो नहीं बनेगी? दो हज़ार चौदह में मोदी लहर के बावजूद केजरीवाल दो हज़ार पंद्रह के दिल्ली चुनाव में सत्तर में से सरसठ सीटें कैसे ले आए थे? देखिए सत्य हिंदी पर आशुतोष की बात। क्या केजरीवाल दोबारा मुख्यमंत्री बन पाएँगे या फिर चुनाव हार जाएँगे? कांग्रेस का खाता भी खुल पाएगा या नहीं? इससे भी बड़ा सवाल है कि अमित शाह की बीजेपी का क्या होगा? अमित शाह ने दिल्ली जैसे राज्य में जिस तरह से पूरी ताक़त झोंक दी है और साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश की है, उसका नतीजा क्या होगा? देखिए आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री और दिलबर गोठी की चर्चा। अरविंद केजरीवाल हनुमान भक्त क्यों बन गए? वह हनुमान चालीसा क्यों पढ़ रहे हैं या इस पर ज़ोर दे रहे हैं? क्या वह देश की साम्प्रदायिक राजनीति में कूद कर साम्प्रदायिक हो रहे हैं या फिर वह बीजेपी के हिंदुत्व की काट में अपने आप को हिंदू नेता के तौर पर पेश कर रहे हैं? देखिए सत्य हिंदी पर आशुतोष की बात। दिल्ली के चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी कूद पड़े हैं। प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा, क्या उससे यह नहीं पता चलता कि शाहीन बाग़ के नाम पर पिछले दस दिन से नफ़रत फैलाने का खेल चल रहा है? प्रधानमंत्री अपने इस बयान से बीजेपी को जिताएँगे या हराएँगे? यदि हराएँगे तो उनके निशाने पर कौन है? देखिए आशुतोष की बात। जामिया में शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर गोली किसने और क्यों चलाई? क्या यह नफ़रत की राजनीति का नतीजा नहीं है? केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दो दिन पहले ही चुनावी रैली में नारा लगवाया था "देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को"। एक के बाद एक दूसरे कई नेता भी ऐसी ही बयानबाज़ी करते रहे हैं। आख़िर क्यों ऐसी स्थिति आन पड़ी? देखिए आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश और वीरेंद्र सेंगर के साथ चर्चा। बीजेपी नेता केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के गंभीर आपत्तिजनक भाषणों पर चुनाव आयोग ने मामूली कार्रवाई क्यों की? उन्हें चुनाव अभियान से भी नहीं रोका, क्यों? देश संविधान के हिसाब से चलेगा या मनमानी तरीक़े से? संवैधानिक संस्थाएँ कमज़ोर क्यों हुईं? कौन हैं ज़िम्मेदार? देखिए आशुतोष की बात। दिल्ली चुनाव में एक हफ़्ते का समय बाक़ी है। बीजेपी साम्प्रदायिक एजेंडे पर क्यों उतर आई है? शाहीन बाग़ को चुनावी मुद्दा क्यों बना रही है? बीजेपी नेता क्यों आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं? ऐसा क्यों हो रहा है? क्या केजरीवाल के विकास के चुनावी मुद्दे से बीजेपी का निपटना मुश्किल हो रहा है? देखिए आशुतोष की बात। देश का केंद्रीय मंत्री क्या आम सभा में ऐसा नारा लगवा सकता है- देश के गद्दारों को. . . गोली मारो सालों को? क्या यह हत्या के लिए उकसाने वाला नारा नहीं है? केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह नारा बार-बार क्यों लगवाया? सत्य हिंदी पर देखिए आशुतोष की बात। नागरिकता क़ानून, नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार में क्या संबंध हैं? क्या मोदी और नीतीश कुमार एक ही राह पर हैं? अपनी ही पार्टी के नेता प्रशांत किशोर और पवन वर्मा के विरोध के बावजूद नीतीश कुमार नागरिकता क़ानून के पक्ष में क्यों खड़े दिखते हैं? क्या यह बिहार विधानसभा चुनाव के लिए है? क्या नीतीश मोदी के जाल में फँस गए हैं? देखिए आशुतोष की बात। जेपी नड्डा के अध्यक्ष बनते ही क्या अब बीजेपी में अमित शाह युग ख़त्म हो गया है? क्या यह संभव है कि पीछे के दरवाज़े से पार्टी में सबकुछ अमित शाह तय करेंगे? या फिर जेपी नड्डा को अध्यक्ष बनाकर आरएसएस पार्टी को अपने एजेंडे पर चलाएगा? क्या बदलेगा इस पर देखिए आशुतोष की बात में वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री और विजय त्रिवेदी के साथ चर्चा। हिंदुत्ववादी विचारधारा वाले योगी आदित्यनाथ विवादों में क्यों रहे हैं? मुसलिमों के ख़िलाफ़ अक्सर विवादित बयान क्यों देते रहे हैं? अब उन्होंने क्यों कहा कि मुसलमानों की आबादी सात-आठ गुणा बढ़ी है? उन्होंने ऐसा किस आधार पर कहा? क्या यह साफ़ झूठ नहीं है? उन्होंने ऐसा क्यों कहा? सत्य हिंदी पर देखिए आशुतोष की बात।
देश में कोरोना वायरस की वजह से दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कोरोना से फैलने से रोका जा सके, इसके लिए दिल्ली के सभी सिनेमा हॉल को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस की वजह से दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कोरोना से फैलने से रोका जा सके, इसके लिए दिल्ली के सभी सिनेमा हॉल को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा सभी स्कूल और कॉलेज भी 31 मार्च तक बंद कर दिए गए। स्कूल और कॉलेज वही बंद किए गए हैं जहां परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं। दिल्ली में कोरोना वायरस से 6 लोग प्रभावित हैं। डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया। इसके बाद दिल्ली सरकार ने भी इसे महामारी घोषित कर दिया। महामारी घोषित होने के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ी तैयारी की है। कोरोना से प्रभावित मरीजों के लिए दिल्ली अरबन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड ( DUSIB) के खाली फ्लैटों और निर्माणाधीन अस्पतालों में बेड का इंतजाम किया जा रहा है। - ऐसे जगहों पर 500 से ज्यादा बेड का इंतजाम किया गया है। दिल्ली सरकार ने आदेश दिया है कि सभी सार्वजनिक स्थानों जैसे कि सरकारी और प्राइवेट ऑफिस, दुकानों, मॉल आदि को रोज सैनेटाइज करने का आदेश दिया है। भारत में कोरोना का असर और गहराता जा रहा है। संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देश में गुरुवार को 5 और नए मामलों की पुष्टि की गई है। जिसके बाद कोरोना से संक्रमितों की संख्या अब 73 तक पहुंच गई है। सरकार ने कोरोना से राहत पाने के लिए विदेश से आने वाले नागरिकों के वीजा को 15 अप्रैल तक निलंबित कर दिया है। कोरोना से प्रभावित मरीजों की संख्या सबसे अधिक राजस्थान के जयपुर में है, जहां 18 मरीज कोरोना की चपेट में आए हैं। जबकि केरल में मरीजों की संख्या 14 है। वहीं, उत्तर प्रदेश में 11 तो उत्तर प्रदेश में 9 मामले सामने आए हैं। इन सब के अलावा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 5, कर्नाटक में 4 और लद्दाख में 2 मरीज समेत कुल 73 लोग कोरोना से संक्रमित हैं।
देश में कोरोना वायरस की वजह से दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कोरोना से फैलने से रोका जा सके, इसके लिए दिल्ली के सभी सिनेमा हॉल को इकतीस मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस की वजह से दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कोरोना से फैलने से रोका जा सके, इसके लिए दिल्ली के सभी सिनेमा हॉल को इकतीस मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। इसके अलावा सभी स्कूल और कॉलेज भी इकतीस मार्च तक बंद कर दिए गए। स्कूल और कॉलेज वही बंद किए गए हैं जहां परीक्षाएं खत्म हो चुकी हैं। दिल्ली में कोरोना वायरस से छः लोग प्रभावित हैं। डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया। इसके बाद दिल्ली सरकार ने भी इसे महामारी घोषित कर दिया। महामारी घोषित होने के बाद दिल्ली सरकार ने बड़ी तैयारी की है। कोरोना से प्रभावित मरीजों के लिए दिल्ली अरबन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड के खाली फ्लैटों और निर्माणाधीन अस्पतालों में बेड का इंतजाम किया जा रहा है। - ऐसे जगहों पर पाँच सौ से ज्यादा बेड का इंतजाम किया गया है। दिल्ली सरकार ने आदेश दिया है कि सभी सार्वजनिक स्थानों जैसे कि सरकारी और प्राइवेट ऑफिस, दुकानों, मॉल आदि को रोज सैनेटाइज करने का आदेश दिया है। भारत में कोरोना का असर और गहराता जा रहा है। संक्रमित होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देश में गुरुवार को पाँच और नए मामलों की पुष्टि की गई है। जिसके बाद कोरोना से संक्रमितों की संख्या अब तिहत्तर तक पहुंच गई है। सरकार ने कोरोना से राहत पाने के लिए विदेश से आने वाले नागरिकों के वीजा को पंद्रह अप्रैल तक निलंबित कर दिया है। कोरोना से प्रभावित मरीजों की संख्या सबसे अधिक राजस्थान के जयपुर में है, जहां अट्ठारह मरीज कोरोना की चपेट में आए हैं। जबकि केरल में मरीजों की संख्या चौदह है। वहीं, उत्तर प्रदेश में ग्यारह तो उत्तर प्रदेश में नौ मामले सामने आए हैं। इन सब के अलावा राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पाँच, कर्नाटक में चार और लद्दाख में दो मरीज समेत कुल तिहत्तर लोग कोरोना से संक्रमित हैं।
अर्जेटीना के फुटबाल स्टार लियोनेल मेसी ने रोसारियो में अपने बचपन की दोस्त से शादी कर ली। बीबीसी के मुताबिक, रोसारियो के एक होटल में शुक्रवार को मेसी (30) और एंटोनेला रोकुजो (29) वैवाहिक बंधन में बंध गए। मेसी ने रोकुजो से उस समय मुलाकात की थी, जब वह पांच साल के थे। रोकुजो, मेसी के बेस्ट फ्रेंड लुकास स्कागलिया की कजिन थीं। यह जोड़ा अब बार्सिलोना में रह रहा है और इसके दो बेटे हैं। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, मेसी की बहन मारिया सोल, भाई रॉड्रिगो और मैटियस मेसी भी शादी में शामिल हुए। इसके साथ ही रोकुजो की बहनें पॉला और कार्ला भी आईं।
अर्जेटीना के फुटबाल स्टार लियोनेल मेसी ने रोसारियो में अपने बचपन की दोस्त से शादी कर ली। बीबीसी के मुताबिक, रोसारियो के एक होटल में शुक्रवार को मेसी और एंटोनेला रोकुजो वैवाहिक बंधन में बंध गए। मेसी ने रोकुजो से उस समय मुलाकात की थी, जब वह पांच साल के थे। रोकुजो, मेसी के बेस्ट फ्रेंड लुकास स्कागलिया की कजिन थीं। यह जोड़ा अब बार्सिलोना में रह रहा है और इसके दो बेटे हैं। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, मेसी की बहन मारिया सोल, भाई रॉड्रिगो और मैटियस मेसी भी शादी में शामिल हुए। इसके साथ ही रोकुजो की बहनें पॉला और कार्ला भी आईं।
हिमाचल विधानसभा में बाल श्रम निषेध दिवस पर बाल सत्र का आयोजन किया गया। इसमें बाल विधायकों ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों से जुड़े कई सवाल पूछे। इनका जवाब संबंधित विभागों के बाल मंत्रियों ने दिया। विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। बाल सत्र को लेकर अप्रैल माह से तैयारियां चल रही हैं। देशभर के 1108 बच्चों में से 68 बाल विधायक चुने गए हैं। इन्हीं में से मुख्यमंत्री, स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष, विधायक, सचिव चुने गए हैं। कुछ बाल विधायक सत्ता पक्ष और कुछ विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। इस सत्र के बहाने बाल विधायकों ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल-पट्टी खोली। ज्यादातर बच्चों ने शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों में खाली पड़े टीचरों और डॉक्टरों से जुड़े सवाल सदन में पूछे। इनका संबंधित विभागों के बाल मंत्रियों ने सदे हुए अंदाज में जवाब दिया। मंडी जिले के सुंदरनगर स्कूल की जाह्नवी ने बाल मुख्यमंत्री की भूमिका में है। इसी तरह बाल विधायकों की काबिलियत के हिसाब से स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष, बाल कैबिनेट मंत्री भी चुने गए हैं। इस मौके पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। साथ ही हिमाचल विधानसभा के स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल, इंडस्ट्री मिनिस्टर हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आदि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि बाल सत्र में विभिन्न मुद्दों पर आए सुझावों पर सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के सवाल नए हिमाचल की नींव रखते हैं और उनके सवाल-जवाब देखकर इस बात का विश्वास और दृढ़ हुआ कि हिमाचल का भविष्य सुरक्षित है। ' उन्होंने बाल सत्र के दौरान स्कूलों में योगाभ्यास के लिए विशेष सत्र आयोजित करने के सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
हिमाचल विधानसभा में बाल श्रम निषेध दिवस पर बाल सत्र का आयोजन किया गया। इसमें बाल विधायकों ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों से जुड़े कई सवाल पूछे। इनका जवाब संबंधित विभागों के बाल मंत्रियों ने दिया। विधानसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। बाल सत्र को लेकर अप्रैल माह से तैयारियां चल रही हैं। देशभर के एक हज़ार एक सौ आठ बच्चों में से अड़सठ बाल विधायक चुने गए हैं। इन्हीं में से मुख्यमंत्री, स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष, विधायक, सचिव चुने गए हैं। कुछ बाल विधायक सत्ता पक्ष और कुछ विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। इस सत्र के बहाने बाल विधायकों ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल-पट्टी खोली। ज्यादातर बच्चों ने शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों में खाली पड़े टीचरों और डॉक्टरों से जुड़े सवाल सदन में पूछे। इनका संबंधित विभागों के बाल मंत्रियों ने सदे हुए अंदाज में जवाब दिया। मंडी जिले के सुंदरनगर स्कूल की जाह्नवी ने बाल मुख्यमंत्री की भूमिका में है। इसी तरह बाल विधायकों की काबिलियत के हिसाब से स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष, बाल कैबिनेट मंत्री भी चुने गए हैं। इस मौके पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। साथ ही हिमाचल विधानसभा के स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया, स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल, इंडस्ट्री मिनिस्टर हर्षवर्धन चौहान, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर आदि भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि बाल सत्र में विभिन्न मुद्दों पर आए सुझावों पर सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के सवाल नए हिमाचल की नींव रखते हैं और उनके सवाल-जवाब देखकर इस बात का विश्वास और दृढ़ हुआ कि हिमाचल का भविष्य सुरक्षित है। ' उन्होंने बाल सत्र के दौरान स्कूलों में योगाभ्यास के लिए विशेष सत्र आयोजित करने के सुझाव पर विचार करने का आश्वासन दिया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
बांसवाड़ा से 70 किमी दूर गुजरात की सीमा पर स्थित मानगढ़ पहाड़ी साक्षी है उस क्रूरता की जब भक्त सम्मेलन में भाग ले रहे जनजाति समाज के निर्दोष लोगों पर अंग्रेजों एवं देसी रियासतों की संयुक्त सेना ने आक्रमण कर दिया था। जिसमें 1500 से अधिक लोग मारे गए थे। 17 नवम्बर 1913 में घटित यह हत्याकांड जलियांवाला बाग से भी बड़ा व क्रूर था। इतिहास के बारे में यह जानकारी प्रो. रतनपाल डोडियार ने हरिदेव जोशी राजकीय कन्या महाविद्यालय में अंतरसंकाय संवाद के अंतर्गत आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यवक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए दी। उन्होंने बताया कि इस नरसंहार के बाद जनजाति समाज के आदर्श गोविन्द गुरू एवं उनके अनुयायियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गोविंद गुरू को फांसी की सजा सुनाई गई परन्तु उनकी लोकप्रियता के भय से उसे आजन्म कारावास में बदल दिया गया। आज भी उनके अनुयायी उनके आदर्शों का पालन करते हैं और लड़ाई-झगड़ा, गो हत्या, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा से दूर रहते हैं। लड़के-लड़की में कोई भेद नहीं करते, शुद्ध सात्विक जीवन जीते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डाॅ. सर्वजीत दुबे ने कहा कि बलिदानियों के स्मरण मात्र से उनके जीवन के ऊँचे मूल्य हमें बदलने लगते हैं। श्री गोविन्द गुरू ने सर्वप्रथम आंतरिक बुराइयों, व्यसन, चोरी इत्यादि से छुटकारा दिलवाने का अभियान चलाया और फिर बाहरी गुलामी और शोषण से लड़ने के लिये सबको जगाया। मानगढ़ पर सद्गुणी लोग हर साल मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर सभा करते थे जिसे सम्प सभा कहा जाता था। सम्प सभा में श्री गोविन्द एवं उनके भक्तों ने राजाओं और अंग्रेजों से संघर्ष का बिगुल फूंका। इसमें हजारों लोगों ने बलिदान दिया जिसके परिणामस्वरूप अगली पीढ़ी को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। यह स्वतंत्रता व्यसनों से भी थी और शोषकों से भी थी। इस अवसर पर डाॅ. गीताराम शर्मा, डाॅ. रक्षा निनामा, प्रमिला पारगी, डाॅ. नीति भट्ट, मोनिषा मीणा, मीना कुमारी मीणा, गिरीश कुमार, भूमिका पाण्डेय, कृष्णकान्त चौधरी आदि उपस्थित रहे। अंत में बलिदानियों की याद में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बांसवाड़ा से सत्तर किमी दूर गुजरात की सीमा पर स्थित मानगढ़ पहाड़ी साक्षी है उस क्रूरता की जब भक्त सम्मेलन में भाग ले रहे जनजाति समाज के निर्दोष लोगों पर अंग्रेजों एवं देसी रियासतों की संयुक्त सेना ने आक्रमण कर दिया था। जिसमें एक हज़ार पाँच सौ से अधिक लोग मारे गए थे। सत्रह नवम्बर एक हज़ार नौ सौ तेरह में घटित यह हत्याकांड जलियांवाला बाग से भी बड़ा व क्रूर था। इतिहास के बारे में यह जानकारी प्रो. रतनपाल डोडियार ने हरिदेव जोशी राजकीय कन्या महाविद्यालय में अंतरसंकाय संवाद के अंतर्गत आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यवक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए दी। उन्होंने बताया कि इस नरसंहार के बाद जनजाति समाज के आदर्श गोविन्द गुरू एवं उनके अनुयायियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गोविंद गुरू को फांसी की सजा सुनाई गई परन्तु उनकी लोकप्रियता के भय से उसे आजन्म कारावास में बदल दिया गया। आज भी उनके अनुयायी उनके आदर्शों का पालन करते हैं और लड़ाई-झगड़ा, गो हत्या, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा से दूर रहते हैं। लड़के-लड़की में कोई भेद नहीं करते, शुद्ध सात्विक जीवन जीते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डाॅ. सर्वजीत दुबे ने कहा कि बलिदानियों के स्मरण मात्र से उनके जीवन के ऊँचे मूल्य हमें बदलने लगते हैं। श्री गोविन्द गुरू ने सर्वप्रथम आंतरिक बुराइयों, व्यसन, चोरी इत्यादि से छुटकारा दिलवाने का अभियान चलाया और फिर बाहरी गुलामी और शोषण से लड़ने के लिये सबको जगाया। मानगढ़ पर सद्गुणी लोग हर साल मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर सभा करते थे जिसे सम्प सभा कहा जाता था। सम्प सभा में श्री गोविन्द एवं उनके भक्तों ने राजाओं और अंग्रेजों से संघर्ष का बिगुल फूंका। इसमें हजारों लोगों ने बलिदान दिया जिसके परिणामस्वरूप अगली पीढ़ी को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। यह स्वतंत्रता व्यसनों से भी थी और शोषकों से भी थी। इस अवसर पर डाॅ. गीताराम शर्मा, डाॅ. रक्षा निनामा, प्रमिला पारगी, डाॅ. नीति भट्ट, मोनिषा मीणा, मीना कुमारी मीणा, गिरीश कुमार, भूमिका पाण्डेय, कृष्णकान्त चौधरी आदि उपस्थित रहे। अंत में बलिदानियों की याद में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मेरठ में कारोबारी के घर 15 दिन पहले चोरी हुई थी। आज तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। थाने से लेकर चौकी तक कई बार पीड़ित चक्कर लगा चुके हैं। मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई। मेरठ, जागरण संवाददाता। वारदात के बाद भी पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है। कारोबारी के घर 15 दिन पहले चोरी हुई थी। आज तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। थाने से लेकर चौकी तक कई बार पीड़ित चक्कर लगा चुके हैं। मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के लक्खीपुरा निवासी तस्लीम ने बताया कि उनका कपड़े का कारोबार है। 15 मई को वह स्वजन संग रिश्तेदारी में शादी में गए थे। अगले दिन जब आए तो मकान के ताले टूटे हुए थे। चोर नकदी, जेवर और अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए थे। सूचना पर पुलिस भी पहुंची थी। तहरीर के बावजूद आज तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। कई बार वह पिलोखड़ी चौकी और थाने के चक्कर लगा चुके हैं। मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे। दिवस अधिकारी सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर बदमाशों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। जुआ खेलने से मना करने पर दो युवकों में कहासुनी हो गई। तभी एक युवक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर दिव्यांग की पिटाई कर दी। विरोध करने पर आरोपितों ने दिव्यंगा को चाकू मार दिया। शोर सुनकर आस-पड़ोस के लोग आ गए। जिन्हें देखकर हमलावर मौके से भाग निकले। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के माधवपुरम सेक्टर-तीन के रहने वाले वाहिद और साहिल रविवार रात जुआ खेल रहे थे। वाहिद दिव्यांग है। जुआ में पैसे जीतने पर वाहिद ने और खेलने से मना कर दिया। जिस वजह से उनमे कहासुनी हो गई। आरोप है देर रात साहिल ने अपने साथियों संग मिलकर वाहिद के घर हमला कर दिया। दिव्यांग ने विरोध किया तो आरोपितों ने चाकू मार दिया। इतना ही नहीं ब्लेड से भी वार किए गए। पुलिस ने कालोनी के लोगों के साथ मिलकर घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। थाना प्रभारी दिनेश चंद्र शर्मा का कहना है कि घायल के स्वजन ने तहरीर दी है। मुकदमा दर्ज कर आरोपित पर कार्रवाई की जाएगी। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगा दी गई है, जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
मेरठ में कारोबारी के घर पंद्रह दिन पहले चोरी हुई थी। आज तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। थाने से लेकर चौकी तक कई बार पीड़ित चक्कर लगा चुके हैं। मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई। मेरठ, जागरण संवाददाता। वारदात के बाद भी पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही है। कारोबारी के घर पंद्रह दिन पहले चोरी हुई थी। आज तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। थाने से लेकर चौकी तक कई बार पीड़ित चक्कर लगा चुके हैं। मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई। लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के लक्खीपुरा निवासी तस्लीम ने बताया कि उनका कपड़े का कारोबार है। पंद्रह मई को वह स्वजन संग रिश्तेदारी में शादी में गए थे। अगले दिन जब आए तो मकान के ताले टूटे हुए थे। चोर नकदी, जेवर और अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए थे। सूचना पर पुलिस भी पहुंची थी। तहरीर के बावजूद आज तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। कई बार वह पिलोखड़ी चौकी और थाने के चक्कर लगा चुके हैं। मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे। दिवस अधिकारी सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर बदमाशों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। जुआ खेलने से मना करने पर दो युवकों में कहासुनी हो गई। तभी एक युवक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर दिव्यांग की पिटाई कर दी। विरोध करने पर आरोपितों ने दिव्यंगा को चाकू मार दिया। शोर सुनकर आस-पड़ोस के लोग आ गए। जिन्हें देखकर हमलावर मौके से भाग निकले। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के माधवपुरम सेक्टर-तीन के रहने वाले वाहिद और साहिल रविवार रात जुआ खेल रहे थे। वाहिद दिव्यांग है। जुआ में पैसे जीतने पर वाहिद ने और खेलने से मना कर दिया। जिस वजह से उनमे कहासुनी हो गई। आरोप है देर रात साहिल ने अपने साथियों संग मिलकर वाहिद के घर हमला कर दिया। दिव्यांग ने विरोध किया तो आरोपितों ने चाकू मार दिया। इतना ही नहीं ब्लेड से भी वार किए गए। पुलिस ने कालोनी के लोगों के साथ मिलकर घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। थाना प्रभारी दिनेश चंद्र शर्मा का कहना है कि घायल के स्वजन ने तहरीर दी है। मुकदमा दर्ज कर आरोपित पर कार्रवाई की जाएगी। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगा दी गई है, जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
Karnataka Election 2023: कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद से बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा है कि बजरंगबली बीजेपी से नाराज़ हैं। तेजस्वी ने कहा कि हम तो पहले ही बोले थे कि हनुमान जी भाजपा से नाराज हैं, कांग्रेस की एकतरफा जीत हुई है। यह हार सिर्फ भाजपा, पीएम मोदी की हार नहीं है। यह पूंजीवाद की भी हार है, उनके सहयोगियों की हार है। यह एक संदेश है कि पूरी मजबूती के साथ हम अगर एकजुट होकर लड़े, जिसकी कवायद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लालू यादव और हम सब कर रहे हैं, सभी लोगों को गोलबंद करें और जीतें।
Karnataka Election दो हज़ार तेईस: कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद से बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा है कि बजरंगबली बीजेपी से नाराज़ हैं। तेजस्वी ने कहा कि हम तो पहले ही बोले थे कि हनुमान जी भाजपा से नाराज हैं, कांग्रेस की एकतरफा जीत हुई है। यह हार सिर्फ भाजपा, पीएम मोदी की हार नहीं है। यह पूंजीवाद की भी हार है, उनके सहयोगियों की हार है। यह एक संदेश है कि पूरी मजबूती के साथ हम अगर एकजुट होकर लड़े, जिसकी कवायद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लालू यादव और हम सब कर रहे हैं, सभी लोगों को गोलबंद करें और जीतें।
नगर निगम मंडी के तहत शहर के बस स्टैंड के बाहर और आईटीआई चौक के समीप कई दिनों से सीवरेज की गंदगी मनाली-चंडीगढ़ नेशनल हाई-वे पर लगातार बह रही है, जिससे वहां पर रेहड़ी विक्रेताओं के साथ-साथ मंडी बस स्टैंड में दुकानदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड के दुकानदार रमेश ठाकुर ने बताया कि बस स्टैंड के बाहर सड़क पर बह रही गंदगी से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। लोगों के जूतों के साथ गंदगी बस स्टैंड तक पहुंच गई है। इसके साथ सड़कों पर आने-जाने वाले वाहनों से भी गंदगी इधर-उधर बिखर रही है। जिससे बस स्टैंड में भी बदबू फैल गई है और दुकान चलाना मुश्किल हो गया है। वहीं, चौक के समीप रेहड़ी विक्रेता संजय कुमार का कहना है कि करीब एक महीने से ज्यादा का समय इस समस्या को पैदा हुए हो गया है, लेकिन इस संबंध में कोई भी उनकी सुध नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि आलम यहां तक हो गया कि अब ग्राहक भी दुकानों में आने से परहेज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या की तरफ जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या ऐसी ही बनी रही तो उनकी दुकानदारी खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने नगर निगम और प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही इस समस्या से बस स्टैंड के दुकानदारों और रेहड़ी विक्रेताओं को निजात दिलाई जाए। सड़क से सीवरेज का पानी लीक होने से गंदगी का आलम तो है ही, लेकिन वाहनों के गुजरने से लोगों पर गंदगी के छींटे भी पड़ रहे हैं। जिससे लोगों के कपड़े भी खराब हो रहे हैं। इसके साथ दो पहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय वाहन चालकों व लोगों का कहना है कि सीवरेज की लीकेज के कारण एक तो सड़क में गड्ढ़े पड़ गए हैं तो दूसरी तरफ गड्ढों में खड़ी गंदगी वाहनों के गुजरने से लोगों पर गिर रही है।
नगर निगम मंडी के तहत शहर के बस स्टैंड के बाहर और आईटीआई चौक के समीप कई दिनों से सीवरेज की गंदगी मनाली-चंडीगढ़ नेशनल हाई-वे पर लगातार बह रही है, जिससे वहां पर रेहड़ी विक्रेताओं के साथ-साथ मंडी बस स्टैंड में दुकानदारों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड के दुकानदार रमेश ठाकुर ने बताया कि बस स्टैंड के बाहर सड़क पर बह रही गंदगी से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। लोगों के जूतों के साथ गंदगी बस स्टैंड तक पहुंच गई है। इसके साथ सड़कों पर आने-जाने वाले वाहनों से भी गंदगी इधर-उधर बिखर रही है। जिससे बस स्टैंड में भी बदबू फैल गई है और दुकान चलाना मुश्किल हो गया है। वहीं, चौक के समीप रेहड़ी विक्रेता संजय कुमार का कहना है कि करीब एक महीने से ज्यादा का समय इस समस्या को पैदा हुए हो गया है, लेकिन इस संबंध में कोई भी उनकी सुध नहीं ले रहा है। उन्होंने कहा कि आलम यहां तक हो गया कि अब ग्राहक भी दुकानों में आने से परहेज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या की तरफ जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी व कर्मचारी कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि समस्या ऐसी ही बनी रही तो उनकी दुकानदारी खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने नगर निगम और प्रशासन से मांग की है कि जल्द ही इस समस्या से बस स्टैंड के दुकानदारों और रेहड़ी विक्रेताओं को निजात दिलाई जाए। सड़क से सीवरेज का पानी लीक होने से गंदगी का आलम तो है ही, लेकिन वाहनों के गुजरने से लोगों पर गंदगी के छींटे भी पड़ रहे हैं। जिससे लोगों के कपड़े भी खराब हो रहे हैं। इसके साथ दो पहिया वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय वाहन चालकों व लोगों का कहना है कि सीवरेज की लीकेज के कारण एक तो सड़क में गड्ढ़े पड़ गए हैं तो दूसरी तरफ गड्ढों में खड़ी गंदगी वाहनों के गुजरने से लोगों पर गिर रही है।
India vs New Zealand, 1st T20: न्यूजीलैंड की टीम को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम (Sawai Mansingh Stadium, Jaipur) में खेले गए पहले टी20 मैच में 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. केन विलियम्सन (Kane Williamson) की गैरमौजूदगी में टिम साउदी (Tim Southee) टीम की कमान संभाल रहे थे, लेकिन टीम को टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले में जीत नहीं दिला सके. भले ही न्यूजीलैंड के प्रदर्शन से फैंस निराश हुए, लेकिन बल्लेबाज मार्क चैपमन (Mark Chapman) ने सभी का दिल जीत लिया. चैपमन ने 50 गेंदों में 2 छक्कों और 6 चौकों की मदद से 63 रन की पारी खेली. इसके साथ ही उन्होंने मार्टिन गप्टिल (Martin Guptill) के साथ दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की. टी20 अंतर्राष्ट्रीय में यह मार्क चैपमन का दूसरा अर्धशतक रहा. इससे पहले उन्होंने जो पहली फिफ्टी जड़ी थी, वह न्यूजीलैंड की ओर से नहीं, बल्कि किसी और देश की तरफ से थी. मार्क चैपमन ने हांगकांग की ओर से टी20 फॉर्मेट में अपनी पहली फिफ्टी जड़ी थी, जिसमें उन्होंने 63 रन बनाए थे. इसके बाद वह न्यूजीलैंड की टीम से जुड़ गए. चैपमन ने अपना वनडे डेब्यू भी हांगकांग की तरफ से किया था. 27 वर्षीय मार्क चैपमन ने 6 वनडे मैचों में 1 शतक की मदद से 161 रन बनाए हैं. वहीं 31 टी20 मैचों में वह 23.92 की औसत के साथ 598 रन बना चुके हैं. चैपमन टी20 फॉर्मेट में 4 विकेट भी झटक चुके हैं. भारत ने सीरीज के शुरुआती मुकाबले को 5 विकेट से अपने नाम कर 1-0 से लीड हासिल कर ली. जयपुर में खेले गए पहले टी20 मैच में न्यूजीलैंड ने 6 विकेट खोकर 164 रन बनाए. इसके जवाब में टीम इंडिया ने रोहित शर्मा (48) और सूर्यकुमार यादव (62) की शानदार पारियों के दम जीत दर्ज की. अब दोनों टीमों के बीच 19 नवंबर को रांची में दूसरा टी20 मैच खेला जाना है.
India vs New Zealand, एकst Tबीस: न्यूजीलैंड की टीम को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेले गए पहले टीबीस मैच में पाँच विकेट से हार का सामना करना पड़ा. केन विलियम्सन की गैरमौजूदगी में टिम साउदी टीम की कमान संभाल रहे थे, लेकिन टीम को टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले में जीत नहीं दिला सके. भले ही न्यूजीलैंड के प्रदर्शन से फैंस निराश हुए, लेकिन बल्लेबाज मार्क चैपमन ने सभी का दिल जीत लिया. चैपमन ने पचास गेंदों में दो छक्कों और छः चौकों की मदद से तिरेसठ रन की पारी खेली. इसके साथ ही उन्होंने मार्टिन गप्टिल के साथ दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की. टीबीस अंतर्राष्ट्रीय में यह मार्क चैपमन का दूसरा अर्धशतक रहा. इससे पहले उन्होंने जो पहली फिफ्टी जड़ी थी, वह न्यूजीलैंड की ओर से नहीं, बल्कि किसी और देश की तरफ से थी. मार्क चैपमन ने हांगकांग की ओर से टीबीस फॉर्मेट में अपनी पहली फिफ्टी जड़ी थी, जिसमें उन्होंने तिरेसठ रन बनाए थे. इसके बाद वह न्यूजीलैंड की टीम से जुड़ गए. चैपमन ने अपना वनडे डेब्यू भी हांगकांग की तरफ से किया था. सत्ताईस वर्षीय मार्क चैपमन ने छः वनडे मैचों में एक शतक की मदद से एक सौ इकसठ रन बनाए हैं. वहीं इकतीस टीबीस मैचों में वह तेईस.बानवे की औसत के साथ पाँच सौ अट्ठानवे रन बना चुके हैं. चैपमन टीबीस फॉर्मेट में चार विकेट भी झटक चुके हैं. भारत ने सीरीज के शुरुआती मुकाबले को पाँच विकेट से अपने नाम कर एक-शून्य से लीड हासिल कर ली. जयपुर में खेले गए पहले टीबीस मैच में न्यूजीलैंड ने छः विकेट खोकर एक सौ चौंसठ रन बनाए. इसके जवाब में टीम इंडिया ने रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव की शानदार पारियों के दम जीत दर्ज की. अब दोनों टीमों के बीच उन्नीस नवंबर को रांची में दूसरा टीबीस मैच खेला जाना है.
सिंह राशिः इस राशि के लोग काफी काफी मेहनती और ईमानदार होते हैं। ये बहुत जल्दी सफलता हासिल कर लेते हैं। इन्हें लाइफ में धन संबंधी दिक्कतों का सामना कम ही करना पड़ता है। ये लोग दूसरों की बात सुनना कम ही पसंद करते हैं। ये दूसरों पर हावी होने की कोशिश करते हैं। जिस कारण इनका लव रिलेशन खराब होने के आसार रहते हैं।
सिंह राशिः इस राशि के लोग काफी काफी मेहनती और ईमानदार होते हैं। ये बहुत जल्दी सफलता हासिल कर लेते हैं। इन्हें लाइफ में धन संबंधी दिक्कतों का सामना कम ही करना पड़ता है। ये लोग दूसरों की बात सुनना कम ही पसंद करते हैं। ये दूसरों पर हावी होने की कोशिश करते हैं। जिस कारण इनका लव रिलेशन खराब होने के आसार रहते हैं।
वन-डे सीरीज में कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की फिरकी में फंसते रहे अफ्रीकी बल्लेबाजों ने इस मैच में इन दोनों की जमकर क्लास ली। इन्होंने 11. 3 ओवर में 120 लुटाए। इससे पहले अफ्रीकी कप्तान एडेन मार्करम और हाशिम अमला ने टीम को मजबूत शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 43 रन की साझेदारी की। मार्करम को बुमराह ने 22 रन पर पवेलियन भेजा। इसके बाद जेपी डुमिनी 10 रन बनाकर कुलदीप की गेंद पर LBW होकर पवेलियन लौटे। चोट के बाद टीम में वापसी कर रहे एबी डीविलियर्स ने अहम 26 रन की पारी खेली। उन्हें पंड्या ने फाइन लेग पर रोहित के हाथों कैच आउट करवाया। उनके आउट होने के बाद लगा टीम इंडिया मैच में वापसी कर लेगी, लेकिन इसके बाद डेविड मिलर और हेनरिच क्लासेन की जोड़ी ने टीम इंडिया के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और मैच को उनके मुंह से निकालकर ले गए। इन दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी हुई। टीम इंडिया की ओर से कुलदीप यादव ने 6 ओवर में 51 रन देकर 2 विकेट लिए, जबकि बुमराह-पंड्या और चहल ने संयुक्त रूप से एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए करते हुए टीम इंडिया ने निर्धारित 50 ओवरों में 289 रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया को चौथे ओवर में सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (5 रन) के रूप में पहला झटका लगा। कागिसो रबाडा की गेंद पर रोहित कैच आउट होकर पवेलियन लौटे। रोहित का इस पूरे सीरीज में अब तक का फॉर्म लगातार खराब रहा है। रोहित ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वन-डे में 20, दूसरे वन-डे में 15, तीसरे में शून्य और चौथे में 5 रन बनाकर आउट हुए। उनके आउट होने का बाद कप्तान विराट कोहली बल्लेबाजी करने आए। दूसरे विकेट के लिए धवन और कोहली के बीच शानदार 158 रन की साझेदारी हुई। विराट ने चौथे वन-डे में अपना 46वां अर्धशतक जमाया। उन्होंने 83 गेंदों में 7 चौकों और एक छक्कों की मदद से 75 रन की पारी खेली। कोहली को क्रिस मॉरिस ने डेविड मिलर के हाथों कवर्स में कैच आउट कराकर पवेलियन भेजा। इसके बाद टीम इंडिया को तीसरा झटका अजिंक्य रहाणे के रूप में लगा। लुंगी एन्गिडी ने उन्हें स्क्वायर लेग पर रबाडा के हाथों कैच आउट करवाया। रहाणे ने 15 गेंदों पर 8 रन की छोटी सी पारी खेली। इससे पहले खतरनाक दिख रहे धवन को मोर्ने मॉर्केल ने मिड ऑफ पर डीविलियर्स के हाथों कैच आउट कराकर पवेलियन भेजा। उन्होंने इस मैच में 105 गेंदों में 7 चौके और एक छक्के की मदद से 109 रन की शानदार पारी खेली। इसके अलावा एमएस धोनी ने 43 गेंदों में 3 चौकों और एक छक्के की मदद से 42 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि श्रेयर अय्यर (18), पांड्या (9) और भुवनेश्वर कुमार (7) रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से मोर्केल और एन्गिडी ने 2-2 जबकि मॉरिस और रबाडा ने 1-1 विकेट लिए।
वन-डे सीरीज में कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की फिरकी में फंसते रहे अफ्रीकी बल्लेबाजों ने इस मैच में इन दोनों की जमकर क्लास ली। इन्होंने ग्यारह. तीन ओवर में एक सौ बीस लुटाए। इससे पहले अफ्रीकी कप्तान एडेन मार्करम और हाशिम अमला ने टीम को मजबूत शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए तैंतालीस रन की साझेदारी की। मार्करम को बुमराह ने बाईस रन पर पवेलियन भेजा। इसके बाद जेपी डुमिनी दस रन बनाकर कुलदीप की गेंद पर LBW होकर पवेलियन लौटे। चोट के बाद टीम में वापसी कर रहे एबी डीविलियर्स ने अहम छब्बीस रन की पारी खेली। उन्हें पंड्या ने फाइन लेग पर रोहित के हाथों कैच आउट करवाया। उनके आउट होने के बाद लगा टीम इंडिया मैच में वापसी कर लेगी, लेकिन इसके बाद डेविड मिलर और हेनरिच क्लासेन की जोड़ी ने टीम इंडिया के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और मैच को उनके मुंह से निकालकर ले गए। इन दोनों के बीच छठे विकेट के लिए बहत्तर रन की साझेदारी हुई। टीम इंडिया की ओर से कुलदीप यादव ने छः ओवर में इक्यावन रन देकर दो विकेट लिए, जबकि बुमराह-पंड्या और चहल ने संयुक्त रूप से एक-एक विकेट हासिल किए। इससे पहले टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए करते हुए टीम इंडिया ने निर्धारित पचास ओवरों में दो सौ नवासी रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया को चौथे ओवर में सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के रूप में पहला झटका लगा। कागिसो रबाडा की गेंद पर रोहित कैच आउट होकर पवेलियन लौटे। रोहित का इस पूरे सीरीज में अब तक का फॉर्म लगातार खराब रहा है। रोहित ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वन-डे में बीस, दूसरे वन-डे में पंद्रह, तीसरे में शून्य और चौथे में पाँच रन बनाकर आउट हुए। उनके आउट होने का बाद कप्तान विराट कोहली बल्लेबाजी करने आए। दूसरे विकेट के लिए धवन और कोहली के बीच शानदार एक सौ अट्ठावन रन की साझेदारी हुई। विराट ने चौथे वन-डे में अपना छियालीसवां अर्धशतक जमाया। उन्होंने तिरासी गेंदों में सात चौकों और एक छक्कों की मदद से पचहत्तर रन की पारी खेली। कोहली को क्रिस मॉरिस ने डेविड मिलर के हाथों कवर्स में कैच आउट कराकर पवेलियन भेजा। इसके बाद टीम इंडिया को तीसरा झटका अजिंक्य रहाणे के रूप में लगा। लुंगी एन्गिडी ने उन्हें स्क्वायर लेग पर रबाडा के हाथों कैच आउट करवाया। रहाणे ने पंद्रह गेंदों पर आठ रन की छोटी सी पारी खेली। इससे पहले खतरनाक दिख रहे धवन को मोर्ने मॉर्केल ने मिड ऑफ पर डीविलियर्स के हाथों कैच आउट कराकर पवेलियन भेजा। उन्होंने इस मैच में एक सौ पाँच गेंदों में सात चौके और एक छक्के की मदद से एक सौ नौ रन की शानदार पारी खेली। इसके अलावा एमएस धोनी ने तैंतालीस गेंदों में तीन चौकों और एक छक्के की मदद से बयालीस रन की नाबाद पारी खेली, जबकि श्रेयर अय्यर , पांड्या और भुवनेश्वर कुमार रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से मोर्केल और एन्गिडी ने दो-दो जबकि मॉरिस और रबाडा ने एक-एक विकेट लिए।
कंपनी ने पिछले वर्ष वीडियोटैक्स कंपनी के साथ भारत में कदम रखा था और अब उसकी अगले दो वर्ष के भीतर टीवी विनिर्माण संयंत्र लगाने की योजना है। उन्होंने कहा कि कंपनी इसके अलावा लेसर टीवी, क्यूएलइडी टीवी, रेफ्रिजरेटर, कपड़े और बर्तन धोने वाली मशीन, माइक्रोवेव और रसोई से संबंधित अन्य उपकरणों के उत्पादन पर भी जोर देगी। कंपनी की वैश्विक स्तर पर 160 देशों में मौजूदगी है। उसके दक्षिण अफ्रीका, स्लोवेनिया, सर्बिया, मेक्सिको, चेक में उसके 14 विनिर्माण केंद्र भी हैं।
कंपनी ने पिछले वर्ष वीडियोटैक्स कंपनी के साथ भारत में कदम रखा था और अब उसकी अगले दो वर्ष के भीतर टीवी विनिर्माण संयंत्र लगाने की योजना है। उन्होंने कहा कि कंपनी इसके अलावा लेसर टीवी, क्यूएलइडी टीवी, रेफ्रिजरेटर, कपड़े और बर्तन धोने वाली मशीन, माइक्रोवेव और रसोई से संबंधित अन्य उपकरणों के उत्पादन पर भी जोर देगी। कंपनी की वैश्विक स्तर पर एक सौ साठ देशों में मौजूदगी है। उसके दक्षिण अफ्रीका, स्लोवेनिया, सर्बिया, मेक्सिको, चेक में उसके चौदह विनिर्माण केंद्र भी हैं।
Haribhoomi Explainer: मणिपुर से एक भयावह वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसमें मणिपुर में पुरुषों के एक समूह द्वारा दो महिलाओं को सड़क पर नग्न अवस्था में घुमाया जा रहा है। कई युवा पुरुषों को उनके साथ-साथ चलते देखा जा सकता है। जबकि अन्य पुरुष परेशान दिख रही महिलाओं को खेतों में खींच रहे हैं। बताया जा रहा है कि समूह के द्वारा दोनों महिलाओं के साथ एक खेत में सामूहिक बलात्कार किया गया। यह इस बात की याद दिलाता है कि मणिपुर में फैली हिंसा के बीच यौन हिंसा को किस तरह हथियार बनाया जाता है। आइए आज के हरिभूमि एक्सप्लेनर के माध्यम से हम आपको बताते हैं कि मणिपुर हिंसा में किस प्रकार महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। Haribhoomi Explainer: दो महीने से अधिक समय हो गया है और मणिपुर (Manipur) अभी भी हिंसा की आग में उबल रहा है। मैतेई (Meitei) और कुकी-जोमी (Cookie-zommy) जनजातियों (Tribes) के बीच जातीय संघर्ष में 140 से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग पलायन (Getaway) कर दिए। केंद्र सरकार (Central Government) और सेना ने हिंसा शांत कराने की पूरी कोशिश की लेकिन हिंसा में कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। अशांति के महीनों ने मणिपुर में अनिश्चितता ला दी है। कई लोगों का कहना है कि पूर्वोत्तर राज्य गृह युद्ध के कगार पर है। और जैसा कि किसी भी संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में होता है, महिलाएं और लड़कियां सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। वे कमजोर मानकर उनका शोषण किया जाता है और उन्हें हिंसा, अक्सर यौन शोषण का सामना करना पड़ता है। उन्हें अपमानित और आतंकित किया जाता है। मणिपुर की भयावह घटना जहां पुरुषों की भीड़ ने कुकी-जोमी समुदाय की दो महिलाओं को नग्न कर घुमाया और उनका यौन उत्पीड़न किया, यह इस बात की याद दिलाती है कि अशांति के बीच यौन हिंसा को किस तरह हथियार बनाया जाता है। आइए आज के हरिभूमि एक्सप्लेनर के माध्यम से हम आपको बताते हैं कि मणिपुर हिंसा में किस प्रकार महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। मणिपुर से बुधवार को चौंकाने वाला वीडियो इंटरनेट पर सामने आया है। जिसमें दो महिलाओं को नग्न कर सड़कों पर घुमाया जा रहा है। आरोप यह भी है कि महिलाओं का पहले यौन शोषण किया गया था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं जिनकी उम्र 20 और 40 वर्ष के बीच है। दोनों कांगपोकपी के पहाड़ी जिले से हैं, जहां कुकी-जोमी समुदाय का प्रभुत्व है। कुकी समुदाय (Cookie Community) का प्रतिनिधित्व करने वाले आईटीएलएफ ने कहा कि यह घटना 4 मई को कांगपोकपी (Kangpokpi) जिले में हुई थी। 3 मई को बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को एसटी (ST) का दर्जा देने पर विचार करने के लिए राज्य सरकार को मणिपुर उच्च न्यायालय (Manipur High Court) के निर्देश के खिलाफ आदिवासी समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद मणिपुर में हिंसा भड़क उठी। इसी हिंसा के दौरान लगभग 800-1,000 की संख्या में भीड़ ने न केवल महिलाओं के साथ बलात्कार किया और उन्हें नग्न कर घुमाया, बल्कि उन्होंने कथित तौर पर दोनों महिलाओं के परिवार के सदस्यों की भी हत्या कर दी। घटना 4 मई को दोपहर 3 बजे के आसपास हुई, जब लगभग 800-1,000 सशस्त्र भीड़ कांगपोकपी जिले के बी फीनोम गांव में घुस गई। उन्होंने घरों में तोड़फोड़ की, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बर्तन, कपड़े, अनाज, मवेशी, घरेलू जानवर और नकदी लूट ली। इतना ही नहीं जाने से पहले उन्होंने घरों को भी जला दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 4 मई को हमले के दौरान, पांच ग्रामीण, दो पुरुष और तीन महिलाएं जंगल में भाग गए थे। बाद में उन्हें नोंगपोक सेकमाई पुलिस टीम ने बचाया और पुलिस स्टेशन ले जा रही थी, लेकिन भीड़ ने उनका अपहरण कर लिया। भीड़ ने एक आदमी को तुरंत मार डाला और तीन महिलाओं को अपने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया। उनमें से एक 19 वर्षीय के साथ बेरहमी से सामूहिक बलात्कार किया गया और जब उसके भाई ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो उसकी भी हत्या कर दी गई। 3 मई से मणिपुर में इंटरनेट निलंबित है और तब से राज्य सरकार अफवाहों, वीडियो, फोटो और संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट के निलंबन को बढ़ाती रही है, जो जातीय हिंसा में कानून और व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकते थे। मणिपुर के गृह विभाग द्वारा व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर आदि जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से गलत सूचना और झूठी अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया था। मणिपुर उच्च न्यायालय ने 7 जुलाई को मणिपुर सरकार के गृह विभाग को जनता के लिए इंटरनेट सेवाओं तक सीमित पहुंच की सुविधा के लिए राज्य भर में इंटरनेट लीज लाइन्स (आईएलएल) के माध्यम से इंटरनेट प्रदान करने पर प्रतिबंध हटाने का निर्देश दिया। जब इंटरनेट सेवा फिर से बहाल हुई तो अराजकतत्वों ने वीडियो को वायरल कर दिया। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कथित तौर पर दो महिलाओं को सड़क पर नग्न घुमाने के अपराध में शामिल लोगों को मौत की सजा देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह मानवता के खिलाफ अपराध है और अगर यह सच पाया गया, तो राज्य सरकार दोषियों को पकड़ने और उन्हें मृत्युदंड देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। यह एक जघन्य अपराध है और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। केंद्र सरकार ने गुरुवार को ट्विटर और अन्य सोशल प्लेटफॉर्मों को एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया है कि दो मणिपुरी महिलाओं को भीड़ द्वारा कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद नग्न घुमाने के वायरल वीडियो को साझा न किया जाए। हालांकि यह घटना जितनी चौंकाने वाली है, यह पहली बार नहीं है कि राज्य में जारी हिंसा के दौरान महिलाओं को निशाना बनाया गया है। पिछले शनिवार को मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले के सावोमबुंग इलाके में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उसका चेहरा विकृत कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया था कि 50 साल की महिला के चेहरे पर गोली मारी गई थी। उन्होंने बताया कि वह मारिंग नागा समुदाय से थीं। एक दिन बाद, मणिपुर पुलिस ने कहा कि उन्होंने पांच महिलाओं सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। 6 जुलाई को अज्ञात बंदूकधारियों ने मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में एक स्कूल के बाहर एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह घटना हिंसा के कारण राज्य में दो महीने बाद कक्षाएं शुरू होने के एक दिन बाद लाम्फेल पुलिस स्टेशन के तहत क्वाकीथेल मायाई कोइबी में हुई। अधिकारियों ने बताया कि वह किसी काम से स्कूल के पास गई थी लेकिन उसका किसी स्कूल से कोई संबंध नहीं था। इन घटनाओं से पहले भी, अन्य महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, क्योंकि कुकी जातीय समूह के सदस्यों जो ज्यादातर पहाड़ियों में रहते हैं, और निचले इलाकों में प्रमुख समुदाय मेइतीस के बीच झड़पें हुई थीं।
Haribhoomi Explainer: मणिपुर से एक भयावह वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसमें मणिपुर में पुरुषों के एक समूह द्वारा दो महिलाओं को सड़क पर नग्न अवस्था में घुमाया जा रहा है। कई युवा पुरुषों को उनके साथ-साथ चलते देखा जा सकता है। जबकि अन्य पुरुष परेशान दिख रही महिलाओं को खेतों में खींच रहे हैं। बताया जा रहा है कि समूह के द्वारा दोनों महिलाओं के साथ एक खेत में सामूहिक बलात्कार किया गया। यह इस बात की याद दिलाता है कि मणिपुर में फैली हिंसा के बीच यौन हिंसा को किस तरह हथियार बनाया जाता है। आइए आज के हरिभूमि एक्सप्लेनर के माध्यम से हम आपको बताते हैं कि मणिपुर हिंसा में किस प्रकार महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। Haribhoomi Explainer: दो महीने से अधिक समय हो गया है और मणिपुर अभी भी हिंसा की आग में उबल रहा है। मैतेई और कुकी-जोमी जनजातियों के बीच जातीय संघर्ष में एक सौ चालीस से अधिक लोग मारे गए और हजारों लोग पलायन कर दिए। केंद्र सरकार और सेना ने हिंसा शांत कराने की पूरी कोशिश की लेकिन हिंसा में कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। अशांति के महीनों ने मणिपुर में अनिश्चितता ला दी है। कई लोगों का कहना है कि पूर्वोत्तर राज्य गृह युद्ध के कगार पर है। और जैसा कि किसी भी संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में होता है, महिलाएं और लड़कियां सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। वे कमजोर मानकर उनका शोषण किया जाता है और उन्हें हिंसा, अक्सर यौन शोषण का सामना करना पड़ता है। उन्हें अपमानित और आतंकित किया जाता है। मणिपुर की भयावह घटना जहां पुरुषों की भीड़ ने कुकी-जोमी समुदाय की दो महिलाओं को नग्न कर घुमाया और उनका यौन उत्पीड़न किया, यह इस बात की याद दिलाती है कि अशांति के बीच यौन हिंसा को किस तरह हथियार बनाया जाता है। आइए आज के हरिभूमि एक्सप्लेनर के माध्यम से हम आपको बताते हैं कि मणिपुर हिंसा में किस प्रकार महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। मणिपुर से बुधवार को चौंकाने वाला वीडियो इंटरनेट पर सामने आया है। जिसमें दो महिलाओं को नग्न कर सड़कों पर घुमाया जा रहा है। आरोप यह भी है कि महिलाओं का पहले यौन शोषण किया गया था। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं जिनकी उम्र बीस और चालीस वर्ष के बीच है। दोनों कांगपोकपी के पहाड़ी जिले से हैं, जहां कुकी-जोमी समुदाय का प्रभुत्व है। कुकी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले आईटीएलएफ ने कहा कि यह घटना चार मई को कांगपोकपी जिले में हुई थी। तीन मई को बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को एसटी का दर्जा देने पर विचार करने के लिए राज्य सरकार को मणिपुर उच्च न्यायालय के निर्देश के खिलाफ आदिवासी समूहों द्वारा विरोध प्रदर्शन के बाद मणिपुर में हिंसा भड़क उठी। इसी हिंसा के दौरान लगभग आठ सौ-एक,शून्य की संख्या में भीड़ ने न केवल महिलाओं के साथ बलात्कार किया और उन्हें नग्न कर घुमाया, बल्कि उन्होंने कथित तौर पर दोनों महिलाओं के परिवार के सदस्यों की भी हत्या कर दी। घटना चार मई को दोपहर तीन बजे के आसपास हुई, जब लगभग आठ सौ-एक,शून्य सशस्त्र भीड़ कांगपोकपी जिले के बी फीनोम गांव में घुस गई। उन्होंने घरों में तोड़फोड़ की, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, बर्तन, कपड़े, अनाज, मवेशी, घरेलू जानवर और नकदी लूट ली। इतना ही नहीं जाने से पहले उन्होंने घरों को भी जला दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चार मई को हमले के दौरान, पांच ग्रामीण, दो पुरुष और तीन महिलाएं जंगल में भाग गए थे। बाद में उन्हें नोंगपोक सेकमाई पुलिस टीम ने बचाया और पुलिस स्टेशन ले जा रही थी, लेकिन भीड़ ने उनका अपहरण कर लिया। भीड़ ने एक आदमी को तुरंत मार डाला और तीन महिलाओं को अपने कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया। उनमें से एक उन्नीस वर्षीय के साथ बेरहमी से सामूहिक बलात्कार किया गया और जब उसके भाई ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो उसकी भी हत्या कर दी गई। तीन मई से मणिपुर में इंटरनेट निलंबित है और तब से राज्य सरकार अफवाहों, वीडियो, फोटो और संदेशों के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट के निलंबन को बढ़ाती रही है, जो जातीय हिंसा में कानून और व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित कर सकते थे। मणिपुर के गृह विभाग द्वारा व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर आदि जैसे विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से गलत सूचना और झूठी अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया था। मणिपुर उच्च न्यायालय ने सात जुलाई को मणिपुर सरकार के गृह विभाग को जनता के लिए इंटरनेट सेवाओं तक सीमित पहुंच की सुविधा के लिए राज्य भर में इंटरनेट लीज लाइन्स के माध्यम से इंटरनेट प्रदान करने पर प्रतिबंध हटाने का निर्देश दिया। जब इंटरनेट सेवा फिर से बहाल हुई तो अराजकतत्वों ने वीडियो को वायरल कर दिया। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कथित तौर पर दो महिलाओं को सड़क पर नग्न घुमाने के अपराध में शामिल लोगों को मौत की सजा देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह मानवता के खिलाफ अपराध है और अगर यह सच पाया गया, तो राज्य सरकार दोषियों को पकड़ने और उन्हें मृत्युदंड देने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। यह एक जघन्य अपराध है और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। केंद्र सरकार ने गुरुवार को ट्विटर और अन्य सोशल प्लेटफॉर्मों को एक आदेश जारी किया जिसमें कहा गया है कि दो मणिपुरी महिलाओं को भीड़ द्वारा कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार के बाद नग्न घुमाने के वायरल वीडियो को साझा न किया जाए। हालांकि यह घटना जितनी चौंकाने वाली है, यह पहली बार नहीं है कि राज्य में जारी हिंसा के दौरान महिलाओं को निशाना बनाया गया है। पिछले शनिवार को मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले के सावोमबुंग इलाके में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उसका चेहरा विकृत कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया था कि पचास साल की महिला के चेहरे पर गोली मारी गई थी। उन्होंने बताया कि वह मारिंग नागा समुदाय से थीं। एक दिन बाद, मणिपुर पुलिस ने कहा कि उन्होंने पांच महिलाओं सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। छः जुलाई को अज्ञात बंदूकधारियों ने मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में एक स्कूल के बाहर एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह घटना हिंसा के कारण राज्य में दो महीने बाद कक्षाएं शुरू होने के एक दिन बाद लाम्फेल पुलिस स्टेशन के तहत क्वाकीथेल मायाई कोइबी में हुई। अधिकारियों ने बताया कि वह किसी काम से स्कूल के पास गई थी लेकिन उसका किसी स्कूल से कोई संबंध नहीं था। इन घटनाओं से पहले भी, अन्य महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, क्योंकि कुकी जातीय समूह के सदस्यों जो ज्यादातर पहाड़ियों में रहते हैं, और निचले इलाकों में प्रमुख समुदाय मेइतीस के बीच झड़पें हुई थीं।
- हरी पत्तेदार सब्जियां स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती हैं। डायबिटीज के मरीजों को डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है। - डायबिटीज के मरीजों के लिए स्ट्रॅाबेरी का सेवन काफी फायदेमंद होता है। स्ट्रॅाबेरी का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है। स्ट्रॅाबेरी का सेवन दिल के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। - डायबिटीज के मरीजों को दालचीनी को डाइट में शामिल करना चाहिए। दालचीनी ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण रखने में सहायक होती है। - ब्रोकली का सेवन स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। ब्रोकली का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है। डायबिटीज के मरीजों को ब्रोकली को डाइट में शामिल करना चाहिए। डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। सभी के लिए कैसा रहेगा नया साल, पढ़ें राशिफल 2021:
- हरी पत्तेदार सब्जियां स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती हैं। डायबिटीज के मरीजों को डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए। हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है। - डायबिटीज के मरीजों के लिए स्ट्रॅाबेरी का सेवन काफी फायदेमंद होता है। स्ट्रॅाबेरी का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है। स्ट्रॅाबेरी का सेवन दिल के मरीजों के लिए भी काफी फायदेमंद होता है। - डायबिटीज के मरीजों को दालचीनी को डाइट में शामिल करना चाहिए। दालचीनी ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण रखने में सहायक होती है। - ब्रोकली का सेवन स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। ब्रोकली का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहता है। डायबिटीज के मरीजों को ब्रोकली को डाइट में शामिल करना चाहिए। डिस्क्लेमर : यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। किसी बीमारी के पेशेंट हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। सभी के लिए कैसा रहेगा नया साल, पढ़ें राशिफल दो हज़ार इक्कीस:
नया साल आते ही लोग इस बात को जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि ये साल उनके करियर के लिए कैसा रहेगा। अगर आपकी राशि मकर है और आप जानना चाहते हैं कि साल 2021 में जो आप चाहते हैं वो इस साल कर पाएंगे या नहीं, या फिर प्रमोशन होने का क्या चांस है। ये सब कुछ ज्योतिषाचार्य अनिल कुमार ठक्कर से जानिए। करियर में, इस वर्ष आपकी मेहनत के अनुसार अच्छे फल प्राप्त होंगे। व्यापारियों के लिए भी यह साल विशेष शुभ रहने वाला है। आर्थिक जीवन में शुरुआती कुछ महीनों में परेशानियां आएंगी, लेकिन बाद में धन की आवाजाही आपकी आर्थिक तंगी को दूर करेगी। विद्यार्थियों को अच्छे फलों की प्राप्ति होगी, जिससे उन्हें अपने सभी विषय को समझने में मदद मिलेगी।
नया साल आते ही लोग इस बात को जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि ये साल उनके करियर के लिए कैसा रहेगा। अगर आपकी राशि मकर है और आप जानना चाहते हैं कि साल दो हज़ार इक्कीस में जो आप चाहते हैं वो इस साल कर पाएंगे या नहीं, या फिर प्रमोशन होने का क्या चांस है। ये सब कुछ ज्योतिषाचार्य अनिल कुमार ठक्कर से जानिए। करियर में, इस वर्ष आपकी मेहनत के अनुसार अच्छे फल प्राप्त होंगे। व्यापारियों के लिए भी यह साल विशेष शुभ रहने वाला है। आर्थिक जीवन में शुरुआती कुछ महीनों में परेशानियां आएंगी, लेकिन बाद में धन की आवाजाही आपकी आर्थिक तंगी को दूर करेगी। विद्यार्थियों को अच्छे फलों की प्राप्ति होगी, जिससे उन्हें अपने सभी विषय को समझने में मदद मिलेगी।
"सीखना अनुभव के परिणामस्वरूप व्यवहार में परिवर्तन करना है। * वस्तुतः शिक्षा व सीखना दोनों एक होते हुये भी प्राकृतिक स्वतः प्रक्रिया की अनुकूलता वा प्रतिकूलता पर निर्भर करती है । कभी तो विधिवत् शिक्षा प्रदान किये जाने के बाद भी यह उस बौद्धिक विकास स्तर तक नहीं पहुँच पाता है, जबकि कभी-कभी मनुष्य बिना विधिवत् शिक्षा या सीखने के भी बौद्धिक स्तर के मामले में कहीं स्तरीय परिवर्तन के साथ परिलक्षित होता है। यदि शिक्षा व सीखने की साहित्यिक तथा मनोवैज्ञानिक तत्वों को संगीत की दृष्टि में लिया जाये तो निःसंदेह रूचि, लगन, बुद्धिमत्ता, ग्राहयता इत्यादि तत्व भी अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। साथ ही एक तत्व और भी उभर कर सामने आता है वह है, प्रेरणा। वस्तुतः सीखने में प्रेरणा का भी प्रमुख हाथ है। प्रेरणा मानव को क्रियाशील तो बनाती ही है साथ ही उसे एक निश्चित दिशा की ओर भी ले जाती है। और यह क्रिया उसके मानसिक संतोष की अवस्था तक सतत् क्रियाशील भी रहती है। 'सीखना' या learning की भी विशद व्याख्या मनोविज्ञान के अन्तर्गत की गई है । तथापि संगीत की दृष्टि में उन मनोवैज्ञानिक कारकों का अध्ययन करना तथा उनका विवरण देना संभवतः युक्ति
"सीखना अनुभव के परिणामस्वरूप व्यवहार में परिवर्तन करना है। * वस्तुतः शिक्षा व सीखना दोनों एक होते हुये भी प्राकृतिक स्वतः प्रक्रिया की अनुकूलता वा प्रतिकूलता पर निर्भर करती है । कभी तो विधिवत् शिक्षा प्रदान किये जाने के बाद भी यह उस बौद्धिक विकास स्तर तक नहीं पहुँच पाता है, जबकि कभी-कभी मनुष्य बिना विधिवत् शिक्षा या सीखने के भी बौद्धिक स्तर के मामले में कहीं स्तरीय परिवर्तन के साथ परिलक्षित होता है। यदि शिक्षा व सीखने की साहित्यिक तथा मनोवैज्ञानिक तत्वों को संगीत की दृष्टि में लिया जाये तो निःसंदेह रूचि, लगन, बुद्धिमत्ता, ग्राहयता इत्यादि तत्व भी अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। साथ ही एक तत्व और भी उभर कर सामने आता है वह है, प्रेरणा। वस्तुतः सीखने में प्रेरणा का भी प्रमुख हाथ है। प्रेरणा मानव को क्रियाशील तो बनाती ही है साथ ही उसे एक निश्चित दिशा की ओर भी ले जाती है। और यह क्रिया उसके मानसिक संतोष की अवस्था तक सतत् क्रियाशील भी रहती है। 'सीखना' या learning की भी विशद व्याख्या मनोविज्ञान के अन्तर्गत की गई है । तथापि संगीत की दृष्टि में उन मनोवैज्ञानिक कारकों का अध्ययन करना तथा उनका विवरण देना संभवतः युक्ति
बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन राखी सावंत(Rakhi sawant) हमेशा अपनी बेबाकी और मजाकिया अंदाज को लेकर सुर्खियो में रहती है। वो अक्सर ऐसा कुछ करती रहती है जिससे सबका ध्यान उन्हीं पर रहता है। अक्सर उन्हें पैपराजी से बात करते हुए भी देखा जाता है। उन्हें बिग-बॉस14(Big boss14) में भी लोगों का खूब मनोरंजन करते देखा गया था। शो में उनके अलग-अलग अवतार देखने को मिले थे। भले ही वो शो की विनर ना रही हो लेकिन अपने मजाकियां अंदाज से उन्होंने लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई। वहीं अब हाल ही में राखी का एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें वह अपने गाने 'मेरे ड्रीम में तेरी एंट्री' पर जमकर डांस करती नजर आ रही है। उनका ये डांसिंग वीडियो सोशल मीडिया(Social media) पर जमकर वायरल(Viral video) हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में राखी सावंत ने पिंक कलर की शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई है। साथ ही नीले रंग के बूट्स उनके लुक को और निखार रहे है। वहीं वो अपने साथियों के साथ अपने गाने 'मेरे ड्रीम में तेरी एंट्री' पर खूब डांस करती हुई नजर आ रही है। बता दें कि राखी जब बिग-बॉस14 में थी तो उन्होंने अपनी शादी को लेकर कई बड़े खुलासे किए थे। उन्होंने कहा था कि शादी तो की लेकिन उनका पति रितेश(ritesh) अब विदेश में रहता है और वह मीडिया में नहीं आना चाहता है। बता दें कि राखी सावंत जब बिग बॉस 14 में गई थी तो उनके जाने से शो की टीआरपी में जबरदस्त बड़ गई थी। शो के जरिए राखी ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया था। ऐसे में ये सुनने में आ रहा है कि राखी एक बार फिर शो में नजर आ सकती है। जी हां शो के 15वें सीजन में राखी सावंत की कुछ समय के लिए दोबारा एंट्री हो सकती है। हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
बॉलीवुड की ड्रामा क्वीन राखी सावंत हमेशा अपनी बेबाकी और मजाकिया अंदाज को लेकर सुर्खियो में रहती है। वो अक्सर ऐसा कुछ करती रहती है जिससे सबका ध्यान उन्हीं पर रहता है। अक्सर उन्हें पैपराजी से बात करते हुए भी देखा जाता है। उन्हें बिग-बॉसचौदह में भी लोगों का खूब मनोरंजन करते देखा गया था। शो में उनके अलग-अलग अवतार देखने को मिले थे। भले ही वो शो की विनर ना रही हो लेकिन अपने मजाकियां अंदाज से उन्होंने लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई। वहीं अब हाल ही में राखी का एक नया वीडियो सामने आया है जिसमें वह अपने गाने 'मेरे ड्रीम में तेरी एंट्री' पर जमकर डांस करती नजर आ रही है। उनका ये डांसिंग वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे इस वीडियो में राखी सावंत ने पिंक कलर की शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई है। साथ ही नीले रंग के बूट्स उनके लुक को और निखार रहे है। वहीं वो अपने साथियों के साथ अपने गाने 'मेरे ड्रीम में तेरी एंट्री' पर खूब डांस करती हुई नजर आ रही है। बता दें कि राखी जब बिग-बॉसचौदह में थी तो उन्होंने अपनी शादी को लेकर कई बड़े खुलासे किए थे। उन्होंने कहा था कि शादी तो की लेकिन उनका पति रितेश अब विदेश में रहता है और वह मीडिया में नहीं आना चाहता है। बता दें कि राखी सावंत जब बिग बॉस चौदह में गई थी तो उनके जाने से शो की टीआरपी में जबरदस्त बड़ गई थी। शो के जरिए राखी ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया था। ऐसे में ये सुनने में आ रहा है कि राखी एक बार फिर शो में नजर आ सकती है। जी हां शो के पंद्रहवें सीजन में राखी सावंत की कुछ समय के लिए दोबारा एंट्री हो सकती है। हालांकि इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। अब सलमान आने वाली कई इंट्रेस्टिंग फिल्मों में नजर आएंगे। सलमान जहां दबंग 3 में दिखेंगे, वहीं आलिया भट्ट के ऑपोजिट संजय लीला भंसाली फिल्म इंशाअल्लाह में भी वह नजर आएंगे। इसके अलावा टाइगर फ्रैंचाइज के तीसरे सीक्वल की भी बात चल रही है। चर्चा है कि दबंग 3 की शूटिंग के बाद सलमान अपने भाई सोहेल खान की फिल्म शेर खान पर काम शुरू कर सकते हैं। इससे पहले कुछ कारणों से फिल्म को होल्ड कर दिया गया था लेकिन इस पर काम कभी नहीं रुका और अब सारी चीजें सेटल होने के बाद टीम जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकती है। फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम जारी है। फिल्म में वीएफएक्स का भरपूर इस्तेमाल किया जायेगा जिससे फिल्म में अडवेंचर और बढ़ेगा। कहा जा रहा है कि इंशाअल्लाह के बाद सलमान शेर खान पर काम शुरू करना चाहते हैं।
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। अब सलमान आने वाली कई इंट्रेस्टिंग फिल्मों में नजर आएंगे। सलमान जहां दबंग तीन में दिखेंगे, वहीं आलिया भट्ट के ऑपोजिट संजय लीला भंसाली फिल्म इंशाअल्लाह में भी वह नजर आएंगे। इसके अलावा टाइगर फ्रैंचाइज के तीसरे सीक्वल की भी बात चल रही है। चर्चा है कि दबंग तीन की शूटिंग के बाद सलमान अपने भाई सोहेल खान की फिल्म शेर खान पर काम शुरू कर सकते हैं। इससे पहले कुछ कारणों से फिल्म को होल्ड कर दिया गया था लेकिन इस पर काम कभी नहीं रुका और अब सारी चीजें सेटल होने के बाद टीम जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर सकती है। फिल्म की स्क्रिप्ट पर काम जारी है। फिल्म में वीएफएक्स का भरपूर इस्तेमाल किया जायेगा जिससे फिल्म में अडवेंचर और बढ़ेगा। कहा जा रहा है कि इंशाअल्लाह के बाद सलमान शेर खान पर काम शुरू करना चाहते हैं।
Kanpur Railway Station: प्रयागराज मंडल के 17 स्टेशनों का कायाकल्प होगा। इनमें कानपुर के तीन रेलवे स्टेशन भी शामिल है। स्टेशनों पर यात्रियों को चमचमाती बेंच, लिफ्ट और एस्कलेटर की सुविधा मिलेगी। अमृत भारत योजना में शामिल स्टेशनों पर नए वित्तीय वर्ष में यात्री सुविधाओं के लिए कार्य शुरू कराए जाएंगे। अप्रैल माह में सर्वे कराया जाएगा। नई ट्रेनों के साथ ही यात्री सुविधाओं की मिलेगी सौगातउत्तर मध्य रेलवे के टूंडला, इटावा, अनवरगंज, फतेहपुर, मानिकपुर, पनकीधाम, मिर्जापुर, खुर्जा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, मैनपुरी, गोविंदपुरी, चुनार, सोनभद्र, विंध्याचल, अलीगढ़ औऱ प्रयागराज स्टेशन शामिल हैं। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के कायाकल्प पर 729 करोड़ रुपये अलग से खर्च किए जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया विचाराधीन है। नए वित्तीय वर्ष में इसके कार्य भी शुरू हो जाएंगे। पीआरओ अमित सिंह ने कहा कि अमृत भारत योजना में अकेले कानपुर के यह तीन स्टेशन तो शामिल ही हुए हैं, साथ ही सेंट्रल रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन का दर्जा देने के लिए 729 करोड़ रुपये पहले ही प्रस्तावित हो चुके हैं। डीएफसी पर मालगाड़ी जल्द डायवर्ट की जाएंगी। कानपुर शहर को नई ट्रेनों के साथ ही यात्री सुविधाओं की सौगात भी मिलेगी। गोविंदपुरी स्टेशन से होकर चलेंगी ट्रेनेंकानपुर सेंट्रल स्टेशन का दबाव कम करने के लिए ट्रेनें गोविंदपुरी स्टेशन से होकर चलेंगी। राजधानी एक्सप्रेस सहित लंबी दूरी की दूसरी रेलगाड़ियों को गोविंदपुरी से जीएमसी होते हुए चंदारी रूट पर संचालित किया जाएगा। यह ट्रेनें कानपुर सेंट्रल स्टेशन से हटेंगी। उधर, जरीबचौकी से आईआईटी तक एलिवेटेड ट्रैक बनाने के साथ ही अनवरगंज स्टेशन को टर्मिनल का दर्जा मिलेगा। अनवगरंज-फर्रुखाबाद रेलवे रूट पर बरेली-मथुरा होते हुए दिल्ली और आगरा, राजस्थान, गुजरात की ट्रेनें भी बढ़ेंगी। PM Modi के USA दौरे को लेकर राजदूत ने क्या कहा ? Exclusive Interview में Ashwini Vaishnaw ने कहा, 'पिछले 9 सालों में PM Modi ने रेलवे को ट्रांसफॉर्म किया' Sawal Public Ka : Navika से पहलवानों के प्रदर्शन पर क्या बोली स्मृति ईरानी ? Opinion India Ka : 'गॉडमदर' कहां फरार. . एक्सपोज हुए सारे मददगार !
Kanpur Railway Station: प्रयागराज मंडल के सत्रह स्टेशनों का कायाकल्प होगा। इनमें कानपुर के तीन रेलवे स्टेशन भी शामिल है। स्टेशनों पर यात्रियों को चमचमाती बेंच, लिफ्ट और एस्कलेटर की सुविधा मिलेगी। अमृत भारत योजना में शामिल स्टेशनों पर नए वित्तीय वर्ष में यात्री सुविधाओं के लिए कार्य शुरू कराए जाएंगे। अप्रैल माह में सर्वे कराया जाएगा। नई ट्रेनों के साथ ही यात्री सुविधाओं की मिलेगी सौगातउत्तर मध्य रेलवे के टूंडला, इटावा, अनवरगंज, फतेहपुर, मानिकपुर, पनकीधाम, मिर्जापुर, खुर्जा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, मैनपुरी, गोविंदपुरी, चुनार, सोनभद्र, विंध्याचल, अलीगढ़ औऱ प्रयागराज स्टेशन शामिल हैं। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के कायाकल्प पर सात सौ उनतीस करोड़ रुपये अलग से खर्च किए जाएंगे। टेंडर प्रक्रिया विचाराधीन है। नए वित्तीय वर्ष में इसके कार्य भी शुरू हो जाएंगे। पीआरओ अमित सिंह ने कहा कि अमृत भारत योजना में अकेले कानपुर के यह तीन स्टेशन तो शामिल ही हुए हैं, साथ ही सेंट्रल रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन का दर्जा देने के लिए सात सौ उनतीस करोड़ रुपये पहले ही प्रस्तावित हो चुके हैं। डीएफसी पर मालगाड़ी जल्द डायवर्ट की जाएंगी। कानपुर शहर को नई ट्रेनों के साथ ही यात्री सुविधाओं की सौगात भी मिलेगी। गोविंदपुरी स्टेशन से होकर चलेंगी ट्रेनेंकानपुर सेंट्रल स्टेशन का दबाव कम करने के लिए ट्रेनें गोविंदपुरी स्टेशन से होकर चलेंगी। राजधानी एक्सप्रेस सहित लंबी दूरी की दूसरी रेलगाड़ियों को गोविंदपुरी से जीएमसी होते हुए चंदारी रूट पर संचालित किया जाएगा। यह ट्रेनें कानपुर सेंट्रल स्टेशन से हटेंगी। उधर, जरीबचौकी से आईआईटी तक एलिवेटेड ट्रैक बनाने के साथ ही अनवरगंज स्टेशन को टर्मिनल का दर्जा मिलेगा। अनवगरंज-फर्रुखाबाद रेलवे रूट पर बरेली-मथुरा होते हुए दिल्ली और आगरा, राजस्थान, गुजरात की ट्रेनें भी बढ़ेंगी। PM Modi के USA दौरे को लेकर राजदूत ने क्या कहा ? Exclusive Interview में Ashwini Vaishnaw ने कहा, 'पिछले नौ सालों में PM Modi ने रेलवे को ट्रांसफॉर्म किया' Sawal Public Ka : Navika से पहलवानों के प्रदर्शन पर क्या बोली स्मृति ईरानी ? Opinion India Ka : 'गॉडमदर' कहां फरार. . एक्सपोज हुए सारे मददगार !
ऋचा चड्ढा (Richa Chadha) बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस में से एक है. वह इंडस्ट्री में अपने बेबाक और बोल्ड अंदाज की वजह से जानी जाती है. इसके अलावा ऋचा अपने विचारों को खूल कर रखने की वजह से भी अक्सर चर्चा में बनी रहती हैं. वहीं इसी वजह से एक बार फिर ऋचा चड्ढा सुर्खियों में आई हैं. उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) का समर्थन करते हुए ट्रोलर्स को खूब खरी खोटी सुनाई हैं. दरअसल, मंगलवार को एशिया कप 2022' के सुपर फोर में पाकिस्तान के बाद, श्रीलंका से भी टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा. इस मैच में श्रीलंका और टीम इंडिया के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. ये खेल बहुत रोमांचक भरा था. भले ही टीम इंडिया जीतने में नकाम रही हो लेकिन मैच के आखिरी ओवर में तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने जिस तरह की गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और भारी दवाब के बीच उन्होंने आखिरी ओवर में अपनी शानदार प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया. उनकी तारीफ हर जगह हो रही है. बता दें, ऋचा चड्ढा जल्द ही बॉलीवुड एक्टर अली फजल (Ali Fazal) से शादी के बंधन में बंधने वाली हैं. ये कपल अगले महीने अक्टूबर के पहले हफ्ते में शादी कर रहे हैं. इस महीने के आखिर से ही इनकी शादी के फंक्शन शुरू हो जाएंगे. बॉलीवुड और टीवी की अन्य खबरों के लिए क्लिक करेंः
ऋचा चड्ढा बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस में से एक है. वह इंडस्ट्री में अपने बेबाक और बोल्ड अंदाज की वजह से जानी जाती है. इसके अलावा ऋचा अपने विचारों को खूल कर रखने की वजह से भी अक्सर चर्चा में बनी रहती हैं. वहीं इसी वजह से एक बार फिर ऋचा चड्ढा सुर्खियों में आई हैं. उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह का समर्थन करते हुए ट्रोलर्स को खूब खरी खोटी सुनाई हैं. दरअसल, मंगलवार को एशिया कप दो हज़ार बाईस' के सुपर फोर में पाकिस्तान के बाद, श्रीलंका से भी टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा. इस मैच में श्रीलंका और टीम इंडिया के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली. ये खेल बहुत रोमांचक भरा था. भले ही टीम इंडिया जीतने में नकाम रही हो लेकिन मैच के आखिरी ओवर में तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने जिस तरह की गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और भारी दवाब के बीच उन्होंने आखिरी ओवर में अपनी शानदार प्रदर्शन से सभी का दिल जीत लिया. उनकी तारीफ हर जगह हो रही है. बता दें, ऋचा चड्ढा जल्द ही बॉलीवुड एक्टर अली फजल से शादी के बंधन में बंधने वाली हैं. ये कपल अगले महीने अक्टूबर के पहले हफ्ते में शादी कर रहे हैं. इस महीने के आखिर से ही इनकी शादी के फंक्शन शुरू हो जाएंगे. बॉलीवुड और टीवी की अन्य खबरों के लिए क्लिक करेंः
Pakistan kept their semi finals hope alive: पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप के सुपर-12 राउंड मैच में मात देकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। पाकिस्तान ने डकवर्थ लुईस पद्यति के आधार पर प्रोटियाज को 33 रन से मात दी। पाकिस्तान की जीत के साथ ही ग्रुप-2 में सेमीफाइनल की रेस रोमांचक बन चुकी है। सिडनीः पाकिस्तान ( Pakistan Cricket team ) ने गुरुवार को टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) के सुपर-12 राउंड में दक्षिण अफ्रीका ( South Africa Cricket team ) को मात देकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। बाबर आजम (Babar Azam) के नेतृत्व वाली पाकिस्तान ने वर्षा बाधित मुकाबले में डकवर्थ लुईस पद्यति के आधार पर दक्षिण अफ्रीका को 33 रन से मात दी। सिडनी में खेले गए मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करके 185/9 का स्कोर बनाया। बारिश के कारण दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 14 ओवर में 142 रन का संशोधित लक्ष्य मिला। प्रोटियाज टीम 14 ओवर में 108/9 का स्कोर बना सकी। पाकिस्तान के टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरूआत खराब रही थी। उसे सबसे पहले भारत के हाथों आखिरी गेंद पर चार विकेट से शिकस्त मिली। इसके बाद वह जिंबाब्वे के खिलाफ बड़े उलटफेर का शिकार हुई। जिंबाब्वे ने दक्षिण अफ्रीका को 1 रन से मात दी थी। तब लगने लगा था कि पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई है। मगर मेन इन ग्रीन ने जोरदार वापसी करते हुए पहले नीदरलैंड्स को मात दी और फिर दक्षिण अफ्रीका को हराया। अगर अन्य मैचों के नतीजे भी पाकिस्तान के पक्ष में गए तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचना तय हो सकता है। वैसे, पाकिस्तान की दक्षिण अफ्रीका पर जीत से भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों पर प्रभाव पड़ा है। चलिए आपको बताते हैं कि ग्रुप-2 से सेमीफाइनल में पहुंचने का कौन-कौन दावेदार है और वो कैसे टॉप-4 में जगह पक्की कर सकते हैं। भारत के लिए आसान मौकाभारत के पास सेमीफाइनल में पहुंचने का आसान तरीका है। वो रविवार को अगर जिंबाब्वे को हरा देगी तो अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर रहेगी। अगर भारत हारता भी है तो उसके लिए सेमीफाइनल के दरवाजे बंद नहीं होंगे। मगर इस समय तो पाकिस्तान की जीत ने भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने के अवसर को प्रभावित किया है। पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका भी दावेदारपाकिस्तान की आखिरी मुकाबले में हार उसे टूर्नामेंट से बाहर कर देगी। तब दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में क्वालीफाई कर लेगी। भारत को भी पाकिस्तान की हार का फायदा मिलेगा क्योंकि उसका रन रेट बांलादेश से काफी बेहतर है। तीन टीमें तो सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी हैं। भारत के सेमीफाइनल की जगह पक्की करने के प्रबल अवसर हैं। बस पाकिस्तान की दक्षिण अफ्रीका पर जीत ने भारत के टॉप-4 में पहुंचने के सफर को लंबा कर दिया है। बहरहाल, एक जीत जहां भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाएगी, वहीं हारने पर उसे ध्यान देना होगा कि पाकिस्तान या दक्षिण अफ्रीका में से कोई एक टीम मैच हार जाए। अगर पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका ने अपने आखिरी मैच जीते तो भारत बाहर हो जाएगा। भारत और पाकिस्तान के तब 6-6 अंक हो जाएंगे, लेकिन मेन इन ग्रीन का नेट रन रेट भारत से बेहतर है। हालांकि, भारतीय फैंस को उम्मीद है कि रोहित शर्मा ब्रिगेड आसानी से जिंबाब्वे का काम तमाम करके टॉप-4 में प्रवेश कर लेगी। Milk Benefits: सिर्फ कैल्शियम ही नहीं इन पोषक तत्वों का भी खजाना है दूध, एक्सपर्ट से जानिए क्या कच्चा दूध पीना चाहिए ? ट्रेंडिंगः
Pakistan kept their semi finals hope alive: पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका को टीबीस वर्ल्ड कप के सुपर-बारह राउंड मैच में मात देकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। पाकिस्तान ने डकवर्थ लुईस पद्यति के आधार पर प्रोटियाज को तैंतीस रन से मात दी। पाकिस्तान की जीत के साथ ही ग्रुप-दो में सेमीफाइनल की रेस रोमांचक बन चुकी है। सिडनीः पाकिस्तान ने गुरुवार को टीबीस वर्ल्ड कप के सुपर-बारह राउंड में दक्षिण अफ्रीका को मात देकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा है। बाबर आजम के नेतृत्व वाली पाकिस्तान ने वर्षा बाधित मुकाबले में डकवर्थ लुईस पद्यति के आधार पर दक्षिण अफ्रीका को तैंतीस रन से मात दी। सिडनी में खेले गए मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करके एक सौ पचासी/नौ का स्कोर बनाया। बारिश के कारण दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए चौदह ओवर में एक सौ बयालीस रन का संशोधित लक्ष्य मिला। प्रोटियाज टीम चौदह ओवर में एक सौ आठ/नौ का स्कोर बना सकी। पाकिस्तान के टीबीस वर्ल्ड कप अभियान की शुरूआत खराब रही थी। उसे सबसे पहले भारत के हाथों आखिरी गेंद पर चार विकेट से शिकस्त मिली। इसके बाद वह जिंबाब्वे के खिलाफ बड़े उलटफेर का शिकार हुई। जिंबाब्वे ने दक्षिण अफ्रीका को एक रन से मात दी थी। तब लगने लगा था कि पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई है। मगर मेन इन ग्रीन ने जोरदार वापसी करते हुए पहले नीदरलैंड्स को मात दी और फिर दक्षिण अफ्रीका को हराया। अगर अन्य मैचों के नतीजे भी पाकिस्तान के पक्ष में गए तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचना तय हो सकता है। वैसे, पाकिस्तान की दक्षिण अफ्रीका पर जीत से भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों पर प्रभाव पड़ा है। चलिए आपको बताते हैं कि ग्रुप-दो से सेमीफाइनल में पहुंचने का कौन-कौन दावेदार है और वो कैसे टॉप-चार में जगह पक्की कर सकते हैं। भारत के लिए आसान मौकाभारत के पास सेमीफाइनल में पहुंचने का आसान तरीका है। वो रविवार को अगर जिंबाब्वे को हरा देगी तो अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर रहेगी। अगर भारत हारता भी है तो उसके लिए सेमीफाइनल के दरवाजे बंद नहीं होंगे। मगर इस समय तो पाकिस्तान की जीत ने भारत के सेमीफाइनल में पहुंचने के अवसर को प्रभावित किया है। पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका भी दावेदारपाकिस्तान की आखिरी मुकाबले में हार उसे टूर्नामेंट से बाहर कर देगी। तब दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में क्वालीफाई कर लेगी। भारत को भी पाकिस्तान की हार का फायदा मिलेगा क्योंकि उसका रन रेट बांलादेश से काफी बेहतर है। तीन टीमें तो सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी हैं। भारत के सेमीफाइनल की जगह पक्की करने के प्रबल अवसर हैं। बस पाकिस्तान की दक्षिण अफ्रीका पर जीत ने भारत के टॉप-चार में पहुंचने के सफर को लंबा कर दिया है। बहरहाल, एक जीत जहां भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाएगी, वहीं हारने पर उसे ध्यान देना होगा कि पाकिस्तान या दक्षिण अफ्रीका में से कोई एक टीम मैच हार जाए। अगर पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका ने अपने आखिरी मैच जीते तो भारत बाहर हो जाएगा। भारत और पाकिस्तान के तब छः-छः अंक हो जाएंगे, लेकिन मेन इन ग्रीन का नेट रन रेट भारत से बेहतर है। हालांकि, भारतीय फैंस को उम्मीद है कि रोहित शर्मा ब्रिगेड आसानी से जिंबाब्वे का काम तमाम करके टॉप-चार में प्रवेश कर लेगी। Milk Benefits: सिर्फ कैल्शियम ही नहीं इन पोषक तत्वों का भी खजाना है दूध, एक्सपर्ट से जानिए क्या कच्चा दूध पीना चाहिए ? ट्रेंडिंगः
जेवर. केंद्र सरकार के नए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं. किसान आंदोलन को आठ महीने से भी अधिक हो गया. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में 5 सितंबर को होने वाली भाकियू की महापंचायत में आर-पार की रणनीति तैयार होगी. टिकैत ने रविवार शाम जेवर क्षेत्र में हुई महापंचायत में शिरकत की. किसानों के मंच से हुंकार भरते हुए उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार किसानों के खिलाफ बनाए गए तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती, तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी. राकेश टिकैत अपने काफिले के साथ रविवार दोपहर जेवर के झाझर रोड स्थित सबौता अंडरपास पर आयोजित महापंचायत में पहुंचे. यहां हजारों किसानों की मौजूदगी में संगठन के पदाधिकारियों ने उनके सिर पर पगड़ी बांधकर और माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया. राकेश टिकैत ने कहा कि 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में केंद्र सरकार को उखाड़ने और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रदेश सरकार को रोकने का पूरा प्रयास किया जाएगा. सरकार धर्म के नाम पर हिन्दू-मुस्लिमों के बीच भेदभाव पैदा कर रही है. मुजफ्फरनगर की महापंचायत में यूपी के अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान आदि राज्यों के हजारों किसान शिरकत करेंगे, जहां संयुक्त मोर्चा की मदद से सरकार को उखाड़ने की रणनीति बनाई जाएगी. उन्होंने केंद्र सरकार से तीनों नए कृषि कानूनों को तुरंत वापस लेने की मांग को दोहराते हुए कहा कि ये कृषि कानून किसान-मजदूर और आमजन के विरोधी हैं. टिकैत ने कहा कि किसानों को बर्बाद करने के लिए बिना मांगे ये कृषि कानून देश के किसानों पर थोप दिए गए हैं, जिससे किसान पहले कर्ज में डूबेगा, फिर धीरे-धीरे पूंजीपति किसानों से उनकी जमीन हड़पने का काम करेंगे. देश के लोग किसान आंदोलन से नहीं वैचारिक क्रांति से जुड़ रहे हैं. उन्होंने क्षेत्र के किसानों से 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लेने की अपील की. टिकैत ने कहा कि सरकार केवल इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों का आंदोलन बता रही है, लेकिन इसमें 550 से अधिक किसान संगठन जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार यह गलतफहमी छोड़ दे कि किसान थक कर घर वापस चले जाएंगे. महापंचायत में जेवर के अलावा बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा सहित कई जिलों के लोग भी पहुंचे थे. किसान नेता टिकैत ने कहा कि आठ माह से किसान काले कानून वापस कराने के लिए दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर के अलावा कई राज्यों में धरने पर बैठे हैं. जेवर टोल प्लाजा पर भी ढाई माह से किसान धरने पर बैठे हुए हैं, मगर सरकार जैसे आंखों पर पट्टी बांधे बैठी है. जल्द ही किसान भारी तादाद में लखनऊ की ओर कूच करके महापंचायत कर प्रदेश सरकार के खिलाफ बिगुल फूंकेंगे. महापंचायत में किसानों से आह्वान करते हुए टिकैत ने कहा कि इस अंडरपास की जमीन का भराव कर समतल बनाएं और फुलवारी लगाकर सौंदर्यकरण कर लें, ताकि बारिश और तूफान के मौसम में बिना टैंट जनसभा की जा सके.
जेवर. केंद्र सरकार के नए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं. किसान आंदोलन को आठ महीने से भी अधिक हो गया. भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पाँच सितंबर को होने वाली भाकियू की महापंचायत में आर-पार की रणनीति तैयार होगी. टिकैत ने रविवार शाम जेवर क्षेत्र में हुई महापंचायत में शिरकत की. किसानों के मंच से हुंकार भरते हुए उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार किसानों के खिलाफ बनाए गए तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती, तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी. राकेश टिकैत अपने काफिले के साथ रविवार दोपहर जेवर के झाझर रोड स्थित सबौता अंडरपास पर आयोजित महापंचायत में पहुंचे. यहां हजारों किसानों की मौजूदगी में संगठन के पदाधिकारियों ने उनके सिर पर पगड़ी बांधकर और माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया. राकेश टिकैत ने कहा कि पाँच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में केंद्र सरकार को उखाड़ने और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रदेश सरकार को रोकने का पूरा प्रयास किया जाएगा. सरकार धर्म के नाम पर हिन्दू-मुस्लिमों के बीच भेदभाव पैदा कर रही है. मुजफ्फरनगर की महापंचायत में यूपी के अलावा पंजाब, हरियाणा और राजस्थान आदि राज्यों के हजारों किसान शिरकत करेंगे, जहां संयुक्त मोर्चा की मदद से सरकार को उखाड़ने की रणनीति बनाई जाएगी. उन्होंने केंद्र सरकार से तीनों नए कृषि कानूनों को तुरंत वापस लेने की मांग को दोहराते हुए कहा कि ये कृषि कानून किसान-मजदूर और आमजन के विरोधी हैं. टिकैत ने कहा कि किसानों को बर्बाद करने के लिए बिना मांगे ये कृषि कानून देश के किसानों पर थोप दिए गए हैं, जिससे किसान पहले कर्ज में डूबेगा, फिर धीरे-धीरे पूंजीपति किसानों से उनकी जमीन हड़पने का काम करेंगे. देश के लोग किसान आंदोलन से नहीं वैचारिक क्रांति से जुड़ रहे हैं. उन्होंने क्षेत्र के किसानों से पाँच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लेने की अपील की. टिकैत ने कहा कि सरकार केवल इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों का आंदोलन बता रही है, लेकिन इसमें पाँच सौ पचास से अधिक किसान संगठन जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार यह गलतफहमी छोड़ दे कि किसान थक कर घर वापस चले जाएंगे. महापंचायत में जेवर के अलावा बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा सहित कई जिलों के लोग भी पहुंचे थे. किसान नेता टिकैत ने कहा कि आठ माह से किसान काले कानून वापस कराने के लिए दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर के अलावा कई राज्यों में धरने पर बैठे हैं. जेवर टोल प्लाजा पर भी ढाई माह से किसान धरने पर बैठे हुए हैं, मगर सरकार जैसे आंखों पर पट्टी बांधे बैठी है. जल्द ही किसान भारी तादाद में लखनऊ की ओर कूच करके महापंचायत कर प्रदेश सरकार के खिलाफ बिगुल फूंकेंगे. महापंचायत में किसानों से आह्वान करते हुए टिकैत ने कहा कि इस अंडरपास की जमीन का भराव कर समतल बनाएं और फुलवारी लगाकर सौंदर्यकरण कर लें, ताकि बारिश और तूफान के मौसम में बिना टैंट जनसभा की जा सके.
इस वजह से गिरे प्रॉपर्टी के दाम मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की हाल ही में संपन्न ऐतिहासिक 20वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद कई लोगों का चीन के बाजार से मोहभंग हो गया है। इस वजह से भी कई धनी चीनी और ताइवानी अपनी संपत्ति कम कीमतों पर बेच रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान के व्यवसायी अपने रेस्तरां, होटल और अन्य संपत्ति नकद के लिए बेच रहे हैं। बहुत सारे लक्जरी घरों के रेट बीते दिनों के मुकाबले 40 फीसदी तक नीचे गिर गए हैं। इन घरों को बेचने वाले ऐसे लोग हैं जो अब देश छोड़कर जाना चाहते हैं। हर हाल में प्रॉपर्टी बेचना चाहते हैं लोग रिपोर्ट के मुताबिक, शंघाई के चेटो पिनेकल में एक बड़ा पेंटहाउस, कैरिना लाउ का पूर्व निवास है। ये पिछले महीने 60 मिलियन युआन यानी करीब 8. 37 मिलियन अमेरिकी डॉलर में बिक रहा था। लेकिन अब इसके दाम घटकर 35. 99 मिलियन युआन हो गए हैं। फाइनेंस स्ट्रीट रोंगयु समुदाय में एक लग्जरी पेंटहाउस जो पिछले महीने 55 मिलियन युआन में बिक रहा था। इसकी कीमत अब 30 मिलियन युआन हो गई है। चीन छोड़कर जा चुके हैं कई अमीर मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, शंघाई के अधिकांश अमीर लोग पहले ही चीन छोड़ चुके हैं या अपना पैसा विदेशों में ट्रांसफर कर चुके हैं। रिपोर्ट बताती है कि वुहान, शंघाई, बीजिंग, जिआंगसु और झेजियांग में कई अमीर लोगों ने अपनी संपत्ति बेच दी है। झोउ ने कहा कि ताइवान के व्यवसायियों ने भी अपने कारोबार को बेचना और नकद निकालना शुरू कर दिया है। जानकार बताते हैं कि चीन में ताइवान के लोगों ने संपत्ति बेचने का फैसला किया है क्योंकि उन्हें लगता है कि चीन की नीति बदल गई है।
इस वजह से गिरे प्रॉपर्टी के दाम मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की हाल ही में संपन्न ऐतिहासिक बीसवीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद कई लोगों का चीन के बाजार से मोहभंग हो गया है। इस वजह से भी कई धनी चीनी और ताइवानी अपनी संपत्ति कम कीमतों पर बेच रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान के व्यवसायी अपने रेस्तरां, होटल और अन्य संपत्ति नकद के लिए बेच रहे हैं। बहुत सारे लक्जरी घरों के रेट बीते दिनों के मुकाबले चालीस फीसदी तक नीचे गिर गए हैं। इन घरों को बेचने वाले ऐसे लोग हैं जो अब देश छोड़कर जाना चाहते हैं। हर हाल में प्रॉपर्टी बेचना चाहते हैं लोग रिपोर्ट के मुताबिक, शंघाई के चेटो पिनेकल में एक बड़ा पेंटहाउस, कैरिना लाउ का पूर्व निवास है। ये पिछले महीने साठ मिलियन युआन यानी करीब आठ. सैंतीस मिलियन अमेरिकी डॉलर में बिक रहा था। लेकिन अब इसके दाम घटकर पैंतीस. निन्यानवे मिलियन युआन हो गए हैं। फाइनेंस स्ट्रीट रोंगयु समुदाय में एक लग्जरी पेंटहाउस जो पिछले महीने पचपन मिलियन युआन में बिक रहा था। इसकी कीमत अब तीस मिलियन युआन हो गई है। चीन छोड़कर जा चुके हैं कई अमीर मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, शंघाई के अधिकांश अमीर लोग पहले ही चीन छोड़ चुके हैं या अपना पैसा विदेशों में ट्रांसफर कर चुके हैं। रिपोर्ट बताती है कि वुहान, शंघाई, बीजिंग, जिआंगसु और झेजियांग में कई अमीर लोगों ने अपनी संपत्ति बेच दी है। झोउ ने कहा कि ताइवान के व्यवसायियों ने भी अपने कारोबार को बेचना और नकद निकालना शुरू कर दिया है। जानकार बताते हैं कि चीन में ताइवान के लोगों ने संपत्ति बेचने का फैसला किया है क्योंकि उन्हें लगता है कि चीन की नीति बदल गई है।
नई दिल्लीः हरियाणा (haryana) और पंजाब (punjab) में जारी शीतलहर (cold wave) से बुधवार को भी कोई राहत नहीं मिली. अधिकांश जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से भी नीचे बना हुआ है. दोनों राज्यों में सुबह के समय कई जगहों पर कोहरा भी देखा गया. मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा के नारनौल में न्यूनतम तापमान 4. 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सिरसा में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जहां न्यूनतम तापमान 6. 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भिवानी का न्यूनतम तापमान 4. 7 डिग्री सेल्सियस, रोहतक का 7. 8 डिग्री सेल्सियस, जबकि अंबाला का न्यूनतम तापमान 8. 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मोगा और मुक्तसर में भी न्यूनतम तापमान क्रमशः 5. 7 और 6. 2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जहां पिछले लगभग तीन सप्ताह से कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है, वहीं अधिकतम तापमान में भी पिछले दो सप्ताह में तेजी से गिरावट आई है. चंडीगढ़ समेत हरियाणा और पंजाब में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है. इस बीच, दिल्ली में, बुधवार को घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर केवल 50 मीटर रह गयी थी, जिससे वाहनों और ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई. आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि घने से बहुत घने कोहरे की एक परत पंजाब से लेकर बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास स्थित पालम ऑब्जर्वेटरी में दृश्यता स्तर 50 मीटर दर्ज किया गया. उत्तर रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि घने कोहरे के कारण 20 ट्रेनें एक घंटे से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने ट्वीट किया कि आईजीआई हवाईअड्डे पर दृश्यता की वजह से उड़ान बाधित रहीं हैं. यात्रियों को सलाह दिया गया है कि उड़ान भरने से पहले संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करके ही एयरपोर्ट पहुंचे. शीत लहर क्या है? शीत लहर (जिसे कुछ क्षेत्रों में कोल्ड स्नैप, कोल्ड स्पेल या आर्कटिक स्नैप के रूप में भी जाना जाता है) एक मौसम की घटना है जो हवा के ठंडा होने की विशेषता है. संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय मौसम सेवा ने शीत लहर को परिभाषित किया है कि ये 24 घंटे की अवधि में तेजी से तापमान में गिरावट है. शीत लहर के लिए सटीक मानदंड तापमान में गिरावट की दर और न्यूनतम तापमान में गिरावट है. न्यूनतम तापमान भौगोलिक क्षेत्र और वर्ष के समय के अनुसार बदलता रहता है. आईएमडी 'गंभीर शीत लहर' की घोषणा तब करता है जब मैदानी इलाकों में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर जाता है, या औसत तापमान 6. 4 डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है. एक गंभीर शीत लहर को आईएमडी द्वारा हवा के तापमान के रूप में परिभाषित किया गया है जो "उजागर होने पर मानव शरीर के लिए घातक" है. शीतलहर का मुख्य कारणवायुदाब में अंतरः राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम एशिया में जेट स्ट्रीम के कारण बने लंबे उच्च वायु दाब वाले क्षेत्र भारत में शीत लहर का कारण बन सकता है. जेट धाराएं के कारण पृथ्वी असमान रूप से गर्म होती है और विभिन्न क्षेत्रों में वायु दाब में अंतर की वह से हवाएं एक जगह से दूसरे जगह बहती हैं. मेघ आच्छादनः बादल छाये रहने की कमी भी शीत लहर का कारण बन सकती है. बादल पृथ्वी से अवरक्त विकिरण को रोक लेते हैं, और जैसे-जैसे बादलों का आवरण घटता है, पृथ्वी की सतह से अधिक गर्मी निकलती है, जिसके परिणामस्वरूप सतह ठंडी होती है और तापमान कम होता है, जो अत्यधिक ठंड का कारण बनता है. ला नीनाः यह एक मौसम संबंधी घटना है जो प्रशांत महासागर में घटित होती है. ला नीना को 'छोटी लड़की' का नाम दिया गया है. इस घटना की वजह से दक्षिण-पूर्वी एशिया में भयंकर ठंड पड़ती है. आईएमडी के अनुसार, ला नीना के दिसंबर से फरवरी 2023 तक रहने की उम्मीद है. बिन-मानसून की बारिशः बिन-मानसून के बारिश होना जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप होता है. बे मौसम बारिश की वजह से सर्दियों के महीनों के दौरान शीत लहरों में वृद्धि होती है. कब ख़त्म होगी शीतलहरभारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को अपने बुलेटिन में कहा कि अगले चार दिनों (शनिवार तक) के दौरान उत्तर भारत में शीतलहर की स्थिति प्रबल रहने की संभावना है, लोगों को राहत मिलने के आसार हैं. वर्तमान ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण, उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में 2-4 डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है. (पीटीआई इनपुट) .
नई दिल्लीः हरियाणा और पंजाब में जारी शीतलहर से बुधवार को भी कोई राहत नहीं मिली. अधिकांश जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से भी नीचे बना हुआ है. दोनों राज्यों में सुबह के समय कई जगहों पर कोहरा भी देखा गया. मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा के नारनौल में न्यूनतम तापमान चार. छः डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सिरसा में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जहां न्यूनतम तापमान छः. चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भिवानी का न्यूनतम तापमान चार. सात डिग्री सेल्सियस, रोहतक का सात. आठ डिग्री सेल्सियस, जबकि अंबाला का न्यूनतम तापमान आठ. पाँच डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मोगा और मुक्तसर में भी न्यूनतम तापमान क्रमशः पाँच. सात और छः. दो डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जहां पिछले लगभग तीन सप्ताह से कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है, वहीं अधिकतम तापमान में भी पिछले दो सप्ताह में तेजी से गिरावट आई है. चंडीगढ़ समेत हरियाणा और पंजाब में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान ग्यारह डिग्री सेल्सियस से सोलह डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है. इस बीच, दिल्ली में, बुधवार को घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर केवल पचास मीटर रह गयी थी, जिससे वाहनों और ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई. आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा कि घने से बहुत घने कोहरे की एक परत पंजाब से लेकर बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास स्थित पालम ऑब्जर्वेटरी में दृश्यता स्तर पचास मीटर दर्ज किया गया. उत्तर रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि घने कोहरे के कारण बीस ट्रेनें एक घंटे से दस घंटाटे की देरी से चल रही हैं. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने ट्वीट किया कि आईजीआई हवाईअड्डे पर दृश्यता की वजह से उड़ान बाधित रहीं हैं. यात्रियों को सलाह दिया गया है कि उड़ान भरने से पहले संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करके ही एयरपोर्ट पहुंचे. शीत लहर क्या है? शीत लहर एक मौसम की घटना है जो हवा के ठंडा होने की विशेषता है. संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय मौसम सेवा ने शीत लहर को परिभाषित किया है कि ये चौबीस घंटाटे की अवधि में तेजी से तापमान में गिरावट है. शीत लहर के लिए सटीक मानदंड तापमान में गिरावट की दर और न्यूनतम तापमान में गिरावट है. न्यूनतम तापमान भौगोलिक क्षेत्र और वर्ष के समय के अनुसार बदलता रहता है. आईएमडी 'गंभीर शीत लहर' की घोषणा तब करता है जब मैदानी इलाकों में तापमान दो डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर जाता है, या औसत तापमान छः. चार डिग्री सेल्सियस से कम हो जाता है. एक गंभीर शीत लहर को आईएमडी द्वारा हवा के तापमान के रूप में परिभाषित किया गया है जो "उजागर होने पर मानव शरीर के लिए घातक" है. शीतलहर का मुख्य कारणवायुदाब में अंतरः राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम एशिया में जेट स्ट्रीम के कारण बने लंबे उच्च वायु दाब वाले क्षेत्र भारत में शीत लहर का कारण बन सकता है. जेट धाराएं के कारण पृथ्वी असमान रूप से गर्म होती है और विभिन्न क्षेत्रों में वायु दाब में अंतर की वह से हवाएं एक जगह से दूसरे जगह बहती हैं. मेघ आच्छादनः बादल छाये रहने की कमी भी शीत लहर का कारण बन सकती है. बादल पृथ्वी से अवरक्त विकिरण को रोक लेते हैं, और जैसे-जैसे बादलों का आवरण घटता है, पृथ्वी की सतह से अधिक गर्मी निकलती है, जिसके परिणामस्वरूप सतह ठंडी होती है और तापमान कम होता है, जो अत्यधिक ठंड का कारण बनता है. ला नीनाः यह एक मौसम संबंधी घटना है जो प्रशांत महासागर में घटित होती है. ला नीना को 'छोटी लड़की' का नाम दिया गया है. इस घटना की वजह से दक्षिण-पूर्वी एशिया में भयंकर ठंड पड़ती है. आईएमडी के अनुसार, ला नीना के दिसंबर से फरवरी दो हज़ार तेईस तक रहने की उम्मीद है. बिन-मानसून की बारिशः बिन-मानसून के बारिश होना जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप होता है. बे मौसम बारिश की वजह से सर्दियों के महीनों के दौरान शीत लहरों में वृद्धि होती है. कब ख़त्म होगी शीतलहरभारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को अपने बुलेटिन में कहा कि अगले चार दिनों के दौरान उत्तर भारत में शीतलहर की स्थिति प्रबल रहने की संभावना है, लोगों को राहत मिलने के आसार हैं. वर्तमान ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण, उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में दो-चार डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है. .
वाश्ंिागटन। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख की कांग्रेस के सदस्यों से मुलाकात से पहले भारतीय मूल के अमेरिकियों ने आज कैपिटॅल हिल में अमेरिकी सांसदों से कहा कि वह पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि में कटौती करें। यहां आए आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जहीर उल इस्लाम कल तक वाशिंगटन में रहेंगे और वह कैपिटॅल हिल में प्रख्यात अमेरिकी सांसदों से मुलाकात करेंगे। भारतीय अमेरिकी समुदाय के नेताओं ने "नेशनल इंडियन अमेरिकन कोएलिशन ःएनआईएसीः के बैनर तले एकत्र हो कर सांसदों से कहा कि पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि में कांग्रेस द्वारा की गई हालिया कटौती से वह उत्साहित हैं। एनआईएसी के शिकागो स्थित उद्योगपति शल्ली कुमार ने बैक के बाद कहा "हम चाहते हैं कि कांग्रेस पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता में कटौती के लिए एक विधेयक पारित करे। जोए वाल्श, टेड पोए, केवुन योदेर, पीट ओल्सन और स्टीवेन येट्स सहित करीब दस अमेरिकी सांसदों ने कैपिटॅल हिल में एनआईएसी द्वारा आयोजित "कॉफी विद कांग्रेस में भाग लिया। इसके बाद एनआईएसी के सदस्यों ने अन्य अमेरिकी सांसदों से भी मुलाकात की। बैक में अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रही भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि कांग्रेस का पाकिस्तान को सहायता में कटौती का हालिया कदम उत्साहजनक संकेत है। उन्होंने कहा "यह ःसहायताः पाकिस्तान में आतंकवादी समूहों को जाती प्रतीत होती है जो अफगानिस्तान में हिंसा फैलाते और संभवतः भारत को निशाना बनाते नजर आते हैं। निर्मला ने कहा "पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता का दुरूपयोग होने संबंधी आशंका को अमेरिका में सीनेटरों और कांग्रेस सदस्यों ने तब बल दे दिया जब उन्होंने अपनी सरकार से पाकिस्तान की सहायता में कटौती करने को कहा। हम भारतीय मानते हैं कि भारत को न केवल नुकसान होता है या गंभीर खामियाजा मिलता है बल्कि हम आतंकवाद के प्रमुख निशाने हैं। एनआईएसी ने पाकिस्तान की सहायता में कटौती के लिए कांग्रेस सदस्य टेड पोए के विधेयक के समर्थन में कांग्रेस के पास 50,000 से अधिक याचिकाएं भेजी हैं।
वाश्ंिागटन। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रमुख की कांग्रेस के सदस्यों से मुलाकात से पहले भारतीय मूल के अमेरिकियों ने आज कैपिटॅल हिल में अमेरिकी सांसदों से कहा कि वह पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि में कटौती करें। यहां आए आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल जहीर उल इस्लाम कल तक वाशिंगटन में रहेंगे और वह कैपिटॅल हिल में प्रख्यात अमेरिकी सांसदों से मुलाकात करेंगे। भारतीय अमेरिकी समुदाय के नेताओं ने "नेशनल इंडियन अमेरिकन कोएलिशन ःएनआईएसीः के बैनर तले एकत्र हो कर सांसदों से कहा कि पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि में कांग्रेस द्वारा की गई हालिया कटौती से वह उत्साहित हैं। एनआईएसी के शिकागो स्थित उद्योगपति शल्ली कुमार ने बैक के बाद कहा "हम चाहते हैं कि कांग्रेस पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता में कटौती के लिए एक विधेयक पारित करे। जोए वाल्श, टेड पोए, केवुन योदेर, पीट ओल्सन और स्टीवेन येट्स सहित करीब दस अमेरिकी सांसदों ने कैपिटॅल हिल में एनआईएसी द्वारा आयोजित "कॉफी विद कांग्रेस में भाग लिया। इसके बाद एनआईएसी के सदस्यों ने अन्य अमेरिकी सांसदों से भी मुलाकात की। बैक में अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रही भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा कि कांग्रेस का पाकिस्तान को सहायता में कटौती का हालिया कदम उत्साहजनक संकेत है। उन्होंने कहा "यह ःसहायताः पाकिस्तान में आतंकवादी समूहों को जाती प्रतीत होती है जो अफगानिस्तान में हिंसा फैलाते और संभवतः भारत को निशाना बनाते नजर आते हैं। निर्मला ने कहा "पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता का दुरूपयोग होने संबंधी आशंका को अमेरिका में सीनेटरों और कांग्रेस सदस्यों ने तब बल दे दिया जब उन्होंने अपनी सरकार से पाकिस्तान की सहायता में कटौती करने को कहा। हम भारतीय मानते हैं कि भारत को न केवल नुकसान होता है या गंभीर खामियाजा मिलता है बल्कि हम आतंकवाद के प्रमुख निशाने हैं। एनआईएसी ने पाकिस्तान की सहायता में कटौती के लिए कांग्रेस सदस्य टेड पोए के विधेयक के समर्थन में कांग्रेस के पास पचास,शून्य से अधिक याचिकाएं भेजी हैं।
जैसा कि पहले "मिलिट्री रिव्यू" द्वारा रिपोर्ट किया गया था, आज स्कॉटलैंड में उन्होंने स्वायत्त स्कॉटिश सरकार के प्रधान मंत्री (प्रथम मंत्री) के पद के लिए उम्मीदवारों पर मतदान के परिणामों को अभिव्यक्त किया। निकोला स्टर्जन की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हमजा यूसुफ चुनाव में जीत का जश्न मना रहे हैं। लंबे समय तक उनके नेतृत्व वाली स्कॉटिश नेशनल पार्टी से स्कॉट्स के बड़े पैमाने पर बाहर निकलने के आंकड़ों को सार्वजनिक किए जाने के बाद स्टर्जन ने इस्तीफा दे दिया। इस कारक को इस तथ्य के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है कि स्टर्जन ने हाल ही में यूरोपीय संघ में एक साथ वापसी के साथ ब्रिटेन से स्कॉटलैंड की वापसी के मुद्दे को उठाना बंद कर दिया है। हमजा यूसुफ पाकिस्तान के अप्रवासियों का बेटा है, एक मुस्लिम जिसने कुछ समय पहले समान-लिंग विवाहों को वैध बनाने और समान-लिंग "जोड़ों" द्वारा बच्चों को गोद लेने पर मतदान में भाग लेने से इनकार कर दिया था। स्कॉटिश नेशनल पार्टी के ऑनलाइन सदस्यों के बीच हुए मतदान के परिणामों के अनुसार, यूसुफ ने 52% वोट हासिल किए और अब निकोला स्टर्जन पार्टी और स्कॉटिश कैबिनेट दोनों का नियंत्रण उन्हें हस्तांतरित कर देंगी। हमजा के चुनाव के तुरंत बाद, यूसुफ ने स्कॉटिश स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के मुद्दे को अद्यतन करने के लिए अपनी तत्परता की पुष्टि की। यदि अंग्रेजों को कुछ दशक पहले (भारत के उपनिवेशीकरण के समय का उल्लेख नहीं) कहा गया था कि ब्रिटिश प्रधान मंत्री एक जातीय भारतीय (हिंदू) होगा, और स्कॉटिश सरकार का प्रमुख एक पाकिस्तानी होगा, तो कई शायद सोचेंगे कि यह एक मजाक था। लेकिन आज ये यूनाइटेड किंगडम की वास्तविकताएं हैं, जिसमें एक राजनेता प्रकट होता है जो यूके से स्कॉटलैंड की वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयार है। यूसुफ खुद इसे "लंदन से एक सौहार्दपूर्ण तलाक" कहते हैं।
जैसा कि पहले "मिलिट्री रिव्यू" द्वारा रिपोर्ट किया गया था, आज स्कॉटलैंड में उन्होंने स्वायत्त स्कॉटिश सरकार के प्रधान मंत्री के पद के लिए उम्मीदवारों पर मतदान के परिणामों को अभिव्यक्त किया। निकोला स्टर्जन की सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हमजा यूसुफ चुनाव में जीत का जश्न मना रहे हैं। लंबे समय तक उनके नेतृत्व वाली स्कॉटिश नेशनल पार्टी से स्कॉट्स के बड़े पैमाने पर बाहर निकलने के आंकड़ों को सार्वजनिक किए जाने के बाद स्टर्जन ने इस्तीफा दे दिया। इस कारक को इस तथ्य के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है कि स्टर्जन ने हाल ही में यूरोपीय संघ में एक साथ वापसी के साथ ब्रिटेन से स्कॉटलैंड की वापसी के मुद्दे को उठाना बंद कर दिया है। हमजा यूसुफ पाकिस्तान के अप्रवासियों का बेटा है, एक मुस्लिम जिसने कुछ समय पहले समान-लिंग विवाहों को वैध बनाने और समान-लिंग "जोड़ों" द्वारा बच्चों को गोद लेने पर मतदान में भाग लेने से इनकार कर दिया था। स्कॉटिश नेशनल पार्टी के ऑनलाइन सदस्यों के बीच हुए मतदान के परिणामों के अनुसार, यूसुफ ने बावन% वोट हासिल किए और अब निकोला स्टर्जन पार्टी और स्कॉटिश कैबिनेट दोनों का नियंत्रण उन्हें हस्तांतरित कर देंगी। हमजा के चुनाव के तुरंत बाद, यूसुफ ने स्कॉटिश स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के मुद्दे को अद्यतन करने के लिए अपनी तत्परता की पुष्टि की। यदि अंग्रेजों को कुछ दशक पहले कहा गया था कि ब्रिटिश प्रधान मंत्री एक जातीय भारतीय होगा, और स्कॉटिश सरकार का प्रमुख एक पाकिस्तानी होगा, तो कई शायद सोचेंगे कि यह एक मजाक था। लेकिन आज ये यूनाइटेड किंगडम की वास्तविकताएं हैं, जिसमें एक राजनेता प्रकट होता है जो यूके से स्कॉटलैंड की वापसी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयार है। यूसुफ खुद इसे "लंदन से एक सौहार्दपूर्ण तलाक" कहते हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी की पूरी राजनीति ही झूठे वादों और नौटंकी पर टिकी है। केजरीवाल के करीबी डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने 19 जून को ट्वीट कर लिखा कि कोरोना महामारी के दौरान ड्यूटी पर शहीद हुए पुलिस वालों के साथ सेना के 6 जवानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रु. की सहायता सम्मान राशि देने का निर्णय लिया। इसमें से 3 भारतीय वायु सेना से, 2 दिल्ली पुलिस से और एक सिविल डिफ़ेंस से थे। इस ट्वीट को अरविंद केजरीवाल ने भी रिट्वीट किया था। इस दौरान क्रेडिट लेने के लिए शहीदों को सम्मान राशि देने का करोड़ों रुपये का विज्ञापन छपवा दिया गया, लेकिन आरटीआई में खुलासा हुआ कि 2015, 2018 और 2019 में शहीद होने के बाद भी आजतक किसी को कोई सम्मान राशि नहीं दी गई। Another lie of Kejriwal, fake news being spread on Public Money. 865 crores on advertisement, not a penny till now for a शहीद. केजरीवाल का धूर्तता झुठ एक बार फिर हुई बेनकाब! Pic1:
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी की पूरी राजनीति ही झूठे वादों और नौटंकी पर टिकी है। केजरीवाल के करीबी डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने उन्नीस जून को ट्वीट कर लिखा कि कोरोना महामारी के दौरान ड्यूटी पर शहीद हुए पुलिस वालों के साथ सेना के छः जवानों के परिवारों को एक-एक करोड़ रु. की सहायता सम्मान राशि देने का निर्णय लिया। इसमें से तीन भारतीय वायु सेना से, दो दिल्ली पुलिस से और एक सिविल डिफ़ेंस से थे। इस ट्वीट को अरविंद केजरीवाल ने भी रिट्वीट किया था। इस दौरान क्रेडिट लेने के लिए शहीदों को सम्मान राशि देने का करोड़ों रुपये का विज्ञापन छपवा दिया गया, लेकिन आरटीआई में खुलासा हुआ कि दो हज़ार पंद्रह, दो हज़ार अट्ठारह और दो हज़ार उन्नीस में शहीद होने के बाद भी आजतक किसी को कोई सम्मान राशि नहीं दी गई। Another lie of Kejriwal, fake news being spread on Public Money. आठ सौ पैंसठ crores on advertisement, not a penny till now for a शहीद. केजरीवाल का धूर्तता झुठ एक बार फिर हुई बेनकाब! Picएक:
दण्ड ऊपर की ओर से मिलता था और आज्ञा पालनकर्ताओं के लिए इनाम भी । ऊपर का भय मानव के स्वार्थी प्रयत्नों और लालच पर रोक लगाता था और सुख की आकांक्षा उसे दूसरों के कल्याण का विचार करने को बाध्य करती थी । उग्र धर्म (Aggresive religion ) : बाद में हम कानून की राष्ट्रीय पद्धतियों को सामाजिक मान्यताओं के बीच धार्मिक रंग से रँगा हुआ पाते हैं। फौजी जन-समूहों में हम ईश्वर को वकीलों की तरह संरक्षक और सत्ता के द्वारा सही रास्ते पर कायम रखने की बात पाते हैं। जिसमें अपने अधिकारों की रक्षा की ईर्ष्या भावना मानी जाती थी, जिसमें नास्तिक पूर्वजों की गलतियों का प्रतिशोध उनकी तीसरी-चौथी पीढ़ी तक ले लिया जाता था और जो उससे डरते थे, उन हजारों की भलाई की जाती थी । इस स्थिति में लोगों में इस बात की निश्चित इच्छा पायी जाती थी कि वे इस शक्ति के प्रति श्रद्धालु लोगों की संख्या बढ़ाने का प्रयत्न करें । ऐसे प्रयत्नों को उस शक्ति से इनाम मिलने की आशा की जाती थी । जातीय धर्मः इनके अतिरिक्त मनुष्य द्वारा धर्म का उपयोग स्वयं के द्वारा विकसित संस्कृति को सुरक्षित रखने, आगे बढ़ाने और परिपक्व करने में भी संगठित रूप में किया जाता है । सामाजिक धर्म ( Social religion ) : सभ्यता के आगे बढ़ने के साथ धर्म की भी आपसी व्यवहार की एक ऐसी आदरणीय पद्धति बन गयी है कि जिसके मान्य रिवाज और तरीके हैं। लोगों से कुछ निश्चित कर्मकाण्डों के अनुसरण करने की अपेक्षा की जाती है और इस प्रकार में वे समाज में अपना सम्मान कायम रखते हैं । इन चार रूपों को संगठित अथवा संस्थागत धर्मों में श्रेणीवद्ध किया जा सकता है। अधिकांश प्राचीन धर्म इनमें से कुछ या सभी स्थितियों में होकर गुजरे हैं और उन पर न्यूनाधिक रूप से इनमें से हरएक स्थिति की छाप है। अभी इनमें से किसी के संबंध में भी हमारी रुचि नहीं है। पश्चिम के लोगों के ईसाई मतों में इन रूपों में से अनेक लक्षण शामिल हैं। अधिनायकीय धर्म के रूप में ईसाई धर्म में ईश्वर को एक बड़े हिसाबकिताब रखनेवाले के रूप में चित्रित किया गया है, जो भाग्य की पुस्तक में हमारे सारे कामों का लेखा-जोखा रखता है और निष्ठुर न्याय के साथ हमारे पापों का दण्ड देता है । ईश्वर का भय ही बुद्धिमत्ता का आरम्भ कहा गया है। यदि आप भले काम करेंगे तो स्वर्ग में जायेंगे, अन्यथा आप नरक में जायेंगे । जिस दिन से पीटर ने दुनिया के बड़े लोगों के सेवकों के साथ भाईचारा कायम करके सुख और आराम पाने की सोची और इस प्रकार ईश्वर के प्रति इनकार करने की ओर वह ले जाया गया, तभी से विभिन्न सम्प्रदायों की उग्र धर्म-संस्थाओं ने अपने आरम्भकर्ता के उदाहरण का अनुसरण किया और वे शासकों के दरबारों, प्रांगणों और दीर्घाओं के खुशामदी बन गये हैं । हम आज भी उन्हें वहीं पाते हैं । वे अपना आराम और सुख ढूँढ़ रहे हैं और ईश्वर को लगातार इनकार करने की ओर ले जा रहे हैं --- न केवल मुर्गा बोलने के पहले, बल्कि सब समय । सम्प्रदायों का उपयोग राज्यों के द्वारा जनता को गिराने और दबाये रखने के लिए एक सुविधाजनक औजार के रूप में किया गया है। हमें लगता है कि इतिहास के क्रम में इसकी परिगति कटुता में होती है। हम देखते हैं कि लोगों को गुलाम रखने में जो काम रूस के धार्मिक सम्प्रदायों ने किया, उसके कारण रूस सारे आध्यात्मिक मूल्यों से दूर हो गया है। ऐसे धार्मिक सम्प्रदाय साम्राज्यवाद के आवश्यक सहायक हैं। इसमें हमें रूस तक जाने की भी जरूरत नहीं है । हमारे ही देश में तथा अन्य सब गैर-ईसाई देशों में ईसाइयों के मिशन स्वाभाविक रूप से इसी श्रेणी में आते हैं। हमें यह देखकर दुःख होता है कि ईसाई धर्म के अनुयायी दूसरे धर्म के असंतुष्ट लोगों को अपने सम्प्रदाय में शामिल करने हेतु उनसे साक्षात्कार करने के लिए दौड़ते हैं । वे असभ्य को सभ्य बनाने के गीत गाते हैं, पर अन्त में वे उसके श्रम का शोषण करके और उसकी धरती छीनकर उसका खून ही पी डालते हैं। यूरोप के अन्धकारमय युगों में हमने ईसाई धर्म को एक जातीय धर्म के रूप में काम करते हुए देखा है और उसने अपनी शक्ति सारसायी समूहों और ईसाई दुनिया के खिलाफ धर्म-युद्ध के लिए फौजकशी में लगायी । जो अँधेरे में बैठे हैं, उन्हें प्रकाश पहुँचाने और शिक्षा देने की कामना धर्म के ऐसे जातीय स्वरूप में से पैदा होती है, जिसमें साम्राज्यवादी सैनिक भावना भी घुल-मिल गयी हो । ईसाई धर्म को सामाजिक धर्म के रूप में काम करने के लिए किसी साक्षी की तो आज हमें आवश्यकता ही नहीं है। अगर आप समाज को उच्चस्तर में प्रवेश दिलाना चाहते हैं तो इंग्लिश चर्च के गिरजाघर की सदस्यता बहुत मददगार होगी। यह सम्मान का चिह्न है। यहूदी वाइसराय को भी राजकीय समारोहों के अवसर पर इंग्लिश चर्च की प्रार्थनाओं में शामिल होकर अपने सम्माननीय होने का परिचय देना पड़ता था । हम ईसाई धर्म का विचार यहाँ इस दृष्टि से नहीं करेंगे। हमारा उद्देश्य समाजशास्त्रीय अथवा राजनीतिक नहीं है। मैं इस बात से इनकार नहीं करता कि ऐसी दुनिया में, जहाँ विकास की भिन्न-भिन्न अवस्थाओं के समूह रहते हैं, धर्म के इन स्वरूपों ने बहुत उपयोगी काम किया था तथा कर रहे हैं, किन्तु मैं इस बात की कोई साक्षी नहीं पाता कि ईसामसीह ने एक ऐसे धर्म की नींव डाली, जो उपर्युक्त किसी भी श्रेणी में आ जाय । यदि आधुनिक ईसाई धर्म इनमें स्थान पाता है, तो यह इस बात का सूचक है कि जिस रूप में हम इसे आज पाते हैं, उससे ईसामसीह का कोई वास्ता नहीं था । ईसा का कहना है कि मेरा सिद्धान्त मेरा नहीं है, अपितु उसका है, जिसने मुझे भेजा है। अगर वे सिद्धान्त ईश्वर के हैं तो ईसा का धर्म स्वयं ईश्वर के जितना ही व्यापक है । धर्म के इन आरम्भिक कार्यों के संबंध में चर्चा करने में मेरा उद्देश्य यह दिखलाना है कि ईसाई धर्म में उन्हें कहने तक पूरा किया है । कुछ ऐसे सम्प्रदाय भी हैं, उदाहरणार्थ सोसाइटी ऑफ फ्रेण्ड्स तथा कुछ विशिष्ट व्यक्ति भी हैं, जो बिना कोई संगठन बनाये ईसा के सिद्धान्तों पर चलते हैं । शुद्ध धर्म वास्तविक अर्थ में धर्म वह सम्बन्ध है, जो ईश्वर के प्रति, अपने आदर्शों के प्रति, अपने साथी मानव के प्रति, समाज के प्रति और दुनिया के प्रति मनुष्य के व्यक्तिगत दृष्टिकोण को नियंत्रित करता है । हम इस अर्थ में ईसामसीह के धर्म के संबंध में विचार करना चाहते हैं । अर्थात् हमें ईसा के इनके प्रति व्यक्तिगत संबंधों का विचार करना है । जब ईसा इस धरती पर मौजूद थे तब : (क) उनका धर्म क्या था ? ( ख ) ईश्वर के प्रति उनका दृष्टिकोण क्या था ? (ग ) स्वयं के संबंध में उनका दर्शन क्या था ? (घ अपने माता-पिता और बुजुर्गों के साथ उनका संबंध कैसा था ? ( च ) अपने भाई-बहनों के प्रति उनका दृष्टिकोण क्या था ? (छ) समाज और राज्य के प्रति, (ज) भौतिक साधन-सामग्री के प्रति, (झ) मानवीय मूल्यों के प्रति, (ट) अन्य धर्मों के प्रति उनका दृष्टिकोण क्या था ? ईश्वर और संसार के साथ व्यक्तिगत आत्मिक एकता के इस रूप में ईसामसीह यहूदी धर्म में जो विकास की स्थिति पाते हैं, उसे आगे बढ़ाकर उसे पूर्णता तक ले जाते हैं । यह शुद्ध धर्म है, जिसमें समाजशास्त्र और राजनैतिक मिलावट नहीं है । कुछ वर्षों पहले डॉ० जे० सी० फ़रक़ुहर ने 'हिन्दू धर्म का मुकुट' नामक एक पुस्तक प्रकाशित की थी, जिसमें उन्होंने ईसाई धर्म को हिन्दू धर्म की अन्तिम सिद्धि के रूप में प्रतिपादित किया था । उन्होंने ईसा के शुद्ध धर्म को इसके जनक यहूदी धर्म के समाजशास्त्रीय मूल से अलग करके उसकी कलम हिन्दू धर्म के समाजशास्त्रीय रूप पर चढ़ाने की कोशिश की । पर वे भूल गये कि सारे शुद्ध धर्म व्यक्तिगत होते हैं । सुविधा के लिए सर्वपल्ली राधाकृष्णन्, पं० मदनमोहन मालवीय और गांधीजी के व्यक्तिगत धर्म को हिन्दू धर्म में शामिल कर सकते हैं । पर वास्तव में ये तीन विभिन्न धर्म हैं, जिनकी परमात्मा के साथ प्रत्येक विभिन्न व्यक्तित्वों की अपनी छाप है । जिस तरह महासमुद्र में फेंका गया पत्थर का एक छोटा टुकड़ा विराट् जलराशि में लहरें पैदा करता है, उसी प्रकार एक मनुष्य, चाहे वह कितना भी छोटा हो, अपनी छाप उस असीम पर लगा देता है । जब तक हमारी मान्यता है कि प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व उसका अपना और अलग है, तब तक किसी भी दूसरे के साथ उसके निकट संबंधों पर उसके व्यक्तित्व की छाप रहेगी । लाखों-करोड़ों लोगों का अन्य सभी दूसरे लोगों से एक ही प्रकार का संबंध रहे, यह आकांक्षा व्यर्थ है । क्या किन्हीं भी दो व्यक्तियों में विलकुल किन्हीं अन्य दो जैसी ही भिन्नता हो सकती है ? प्रत्येक संबंध स्वतन्त्र ही होता है। इन सबको इस सुविधा के लिए मैत्रियाँ कह सकते हैं । पर दो व्यक्तित्वों के बीच प्रत्येक मैत्री एक विशेष प्रकार की मंत्री बन जाती है, जिसमें उस मंत्री के निर्णायक तत्त्व शामिल होते हैं। यदि आप इनमें से किसी भी एक तत्त्व को हटा दें तो वह संबंध पूर्ववत् नहीं रहेगा। इस अर्थ में धर्म परिवर्तन हो ही नहीं सकता । यदि डॉ० राधाकृष्णन् और मैं दोनों मित्र हैं, तो हम उसी मंत्री में अन्य दूसरों को दीक्षित नहीं कर सकते । समाज में मंत्रियाँ रह सकती हैं लेकिन एक जैसी मैत्रियाँ नहीं हो सकतीं ।* ६ देखिये, क्रिश्चियनटी, इट्स इकॉनॉमी एण्ड वे ऑफ लाइफ, पृष्ठ ५३-५७।
दण्ड ऊपर की ओर से मिलता था और आज्ञा पालनकर्ताओं के लिए इनाम भी । ऊपर का भय मानव के स्वार्थी प्रयत्नों और लालच पर रोक लगाता था और सुख की आकांक्षा उसे दूसरों के कल्याण का विचार करने को बाध्य करती थी । उग्र धर्म : बाद में हम कानून की राष्ट्रीय पद्धतियों को सामाजिक मान्यताओं के बीच धार्मिक रंग से रँगा हुआ पाते हैं। फौजी जन-समूहों में हम ईश्वर को वकीलों की तरह संरक्षक और सत्ता के द्वारा सही रास्ते पर कायम रखने की बात पाते हैं। जिसमें अपने अधिकारों की रक्षा की ईर्ष्या भावना मानी जाती थी, जिसमें नास्तिक पूर्वजों की गलतियों का प्रतिशोध उनकी तीसरी-चौथी पीढ़ी तक ले लिया जाता था और जो उससे डरते थे, उन हजारों की भलाई की जाती थी । इस स्थिति में लोगों में इस बात की निश्चित इच्छा पायी जाती थी कि वे इस शक्ति के प्रति श्रद्धालु लोगों की संख्या बढ़ाने का प्रयत्न करें । ऐसे प्रयत्नों को उस शक्ति से इनाम मिलने की आशा की जाती थी । जातीय धर्मः इनके अतिरिक्त मनुष्य द्वारा धर्म का उपयोग स्वयं के द्वारा विकसित संस्कृति को सुरक्षित रखने, आगे बढ़ाने और परिपक्व करने में भी संगठित रूप में किया जाता है । सामाजिक धर्म : सभ्यता के आगे बढ़ने के साथ धर्म की भी आपसी व्यवहार की एक ऐसी आदरणीय पद्धति बन गयी है कि जिसके मान्य रिवाज और तरीके हैं। लोगों से कुछ निश्चित कर्मकाण्डों के अनुसरण करने की अपेक्षा की जाती है और इस प्रकार में वे समाज में अपना सम्मान कायम रखते हैं । इन चार रूपों को संगठित अथवा संस्थागत धर्मों में श्रेणीवद्ध किया जा सकता है। अधिकांश प्राचीन धर्म इनमें से कुछ या सभी स्थितियों में होकर गुजरे हैं और उन पर न्यूनाधिक रूप से इनमें से हरएक स्थिति की छाप है। अभी इनमें से किसी के संबंध में भी हमारी रुचि नहीं है। पश्चिम के लोगों के ईसाई मतों में इन रूपों में से अनेक लक्षण शामिल हैं। अधिनायकीय धर्म के रूप में ईसाई धर्म में ईश्वर को एक बड़े हिसाबकिताब रखनेवाले के रूप में चित्रित किया गया है, जो भाग्य की पुस्तक में हमारे सारे कामों का लेखा-जोखा रखता है और निष्ठुर न्याय के साथ हमारे पापों का दण्ड देता है । ईश्वर का भय ही बुद्धिमत्ता का आरम्भ कहा गया है। यदि आप भले काम करेंगे तो स्वर्ग में जायेंगे, अन्यथा आप नरक में जायेंगे । जिस दिन से पीटर ने दुनिया के बड़े लोगों के सेवकों के साथ भाईचारा कायम करके सुख और आराम पाने की सोची और इस प्रकार ईश्वर के प्रति इनकार करने की ओर वह ले जाया गया, तभी से विभिन्न सम्प्रदायों की उग्र धर्म-संस्थाओं ने अपने आरम्भकर्ता के उदाहरण का अनुसरण किया और वे शासकों के दरबारों, प्रांगणों और दीर्घाओं के खुशामदी बन गये हैं । हम आज भी उन्हें वहीं पाते हैं । वे अपना आराम और सुख ढूँढ़ रहे हैं और ईश्वर को लगातार इनकार करने की ओर ले जा रहे हैं --- न केवल मुर्गा बोलने के पहले, बल्कि सब समय । सम्प्रदायों का उपयोग राज्यों के द्वारा जनता को गिराने और दबाये रखने के लिए एक सुविधाजनक औजार के रूप में किया गया है। हमें लगता है कि इतिहास के क्रम में इसकी परिगति कटुता में होती है। हम देखते हैं कि लोगों को गुलाम रखने में जो काम रूस के धार्मिक सम्प्रदायों ने किया, उसके कारण रूस सारे आध्यात्मिक मूल्यों से दूर हो गया है। ऐसे धार्मिक सम्प्रदाय साम्राज्यवाद के आवश्यक सहायक हैं। इसमें हमें रूस तक जाने की भी जरूरत नहीं है । हमारे ही देश में तथा अन्य सब गैर-ईसाई देशों में ईसाइयों के मिशन स्वाभाविक रूप से इसी श्रेणी में आते हैं। हमें यह देखकर दुःख होता है कि ईसाई धर्म के अनुयायी दूसरे धर्म के असंतुष्ट लोगों को अपने सम्प्रदाय में शामिल करने हेतु उनसे साक्षात्कार करने के लिए दौड़ते हैं । वे असभ्य को सभ्य बनाने के गीत गाते हैं, पर अन्त में वे उसके श्रम का शोषण करके और उसकी धरती छीनकर उसका खून ही पी डालते हैं। यूरोप के अन्धकारमय युगों में हमने ईसाई धर्म को एक जातीय धर्म के रूप में काम करते हुए देखा है और उसने अपनी शक्ति सारसायी समूहों और ईसाई दुनिया के खिलाफ धर्म-युद्ध के लिए फौजकशी में लगायी । जो अँधेरे में बैठे हैं, उन्हें प्रकाश पहुँचाने और शिक्षा देने की कामना धर्म के ऐसे जातीय स्वरूप में से पैदा होती है, जिसमें साम्राज्यवादी सैनिक भावना भी घुल-मिल गयी हो । ईसाई धर्म को सामाजिक धर्म के रूप में काम करने के लिए किसी साक्षी की तो आज हमें आवश्यकता ही नहीं है। अगर आप समाज को उच्चस्तर में प्रवेश दिलाना चाहते हैं तो इंग्लिश चर्च के गिरजाघर की सदस्यता बहुत मददगार होगी। यह सम्मान का चिह्न है। यहूदी वाइसराय को भी राजकीय समारोहों के अवसर पर इंग्लिश चर्च की प्रार्थनाओं में शामिल होकर अपने सम्माननीय होने का परिचय देना पड़ता था । हम ईसाई धर्म का विचार यहाँ इस दृष्टि से नहीं करेंगे। हमारा उद्देश्य समाजशास्त्रीय अथवा राजनीतिक नहीं है। मैं इस बात से इनकार नहीं करता कि ऐसी दुनिया में, जहाँ विकास की भिन्न-भिन्न अवस्थाओं के समूह रहते हैं, धर्म के इन स्वरूपों ने बहुत उपयोगी काम किया था तथा कर रहे हैं, किन्तु मैं इस बात की कोई साक्षी नहीं पाता कि ईसामसीह ने एक ऐसे धर्म की नींव डाली, जो उपर्युक्त किसी भी श्रेणी में आ जाय । यदि आधुनिक ईसाई धर्म इनमें स्थान पाता है, तो यह इस बात का सूचक है कि जिस रूप में हम इसे आज पाते हैं, उससे ईसामसीह का कोई वास्ता नहीं था । ईसा का कहना है कि मेरा सिद्धान्त मेरा नहीं है, अपितु उसका है, जिसने मुझे भेजा है। अगर वे सिद्धान्त ईश्वर के हैं तो ईसा का धर्म स्वयं ईश्वर के जितना ही व्यापक है । धर्म के इन आरम्भिक कार्यों के संबंध में चर्चा करने में मेरा उद्देश्य यह दिखलाना है कि ईसाई धर्म में उन्हें कहने तक पूरा किया है । कुछ ऐसे सम्प्रदाय भी हैं, उदाहरणार्थ सोसाइटी ऑफ फ्रेण्ड्स तथा कुछ विशिष्ट व्यक्ति भी हैं, जो बिना कोई संगठन बनाये ईसा के सिद्धान्तों पर चलते हैं । शुद्ध धर्म वास्तविक अर्थ में धर्म वह सम्बन्ध है, जो ईश्वर के प्रति, अपने आदर्शों के प्रति, अपने साथी मानव के प्रति, समाज के प्रति और दुनिया के प्रति मनुष्य के व्यक्तिगत दृष्टिकोण को नियंत्रित करता है । हम इस अर्थ में ईसामसीह के धर्म के संबंध में विचार करना चाहते हैं । अर्थात् हमें ईसा के इनके प्रति व्यक्तिगत संबंधों का विचार करना है । जब ईसा इस धरती पर मौजूद थे तब : उनका धर्म क्या था ? ईश्वर के प्रति उनका दृष्टिकोण क्या था ? स्वयं के संबंध में उनका दर्शन क्या था ? अपने भाई-बहनों के प्रति उनका दृष्टिकोण क्या था ? समाज और राज्य के प्रति, भौतिक साधन-सामग्री के प्रति, मानवीय मूल्यों के प्रति, अन्य धर्मों के प्रति उनका दृष्टिकोण क्या था ? ईश्वर और संसार के साथ व्यक्तिगत आत्मिक एकता के इस रूप में ईसामसीह यहूदी धर्म में जो विकास की स्थिति पाते हैं, उसे आगे बढ़ाकर उसे पूर्णता तक ले जाते हैं । यह शुद्ध धर्म है, जिसमें समाजशास्त्र और राजनैतिक मिलावट नहीं है । कुछ वर्षों पहले डॉशून्य जेशून्य सीशून्य फ़रक़ुहर ने 'हिन्दू धर्म का मुकुट' नामक एक पुस्तक प्रकाशित की थी, जिसमें उन्होंने ईसाई धर्म को हिन्दू धर्म की अन्तिम सिद्धि के रूप में प्रतिपादित किया था । उन्होंने ईसा के शुद्ध धर्म को इसके जनक यहूदी धर्म के समाजशास्त्रीय मूल से अलग करके उसकी कलम हिन्दू धर्म के समाजशास्त्रीय रूप पर चढ़ाने की कोशिश की । पर वे भूल गये कि सारे शुद्ध धर्म व्यक्तिगत होते हैं । सुविधा के लिए सर्वपल्ली राधाकृष्णन्, पंशून्य मदनमोहन मालवीय और गांधीजी के व्यक्तिगत धर्म को हिन्दू धर्म में शामिल कर सकते हैं । पर वास्तव में ये तीन विभिन्न धर्म हैं, जिनकी परमात्मा के साथ प्रत्येक विभिन्न व्यक्तित्वों की अपनी छाप है । जिस तरह महासमुद्र में फेंका गया पत्थर का एक छोटा टुकड़ा विराट् जलराशि में लहरें पैदा करता है, उसी प्रकार एक मनुष्य, चाहे वह कितना भी छोटा हो, अपनी छाप उस असीम पर लगा देता है । जब तक हमारी मान्यता है कि प्रत्येक व्यक्ति का व्यक्तित्व उसका अपना और अलग है, तब तक किसी भी दूसरे के साथ उसके निकट संबंधों पर उसके व्यक्तित्व की छाप रहेगी । लाखों-करोड़ों लोगों का अन्य सभी दूसरे लोगों से एक ही प्रकार का संबंध रहे, यह आकांक्षा व्यर्थ है । क्या किन्हीं भी दो व्यक्तियों में विलकुल किन्हीं अन्य दो जैसी ही भिन्नता हो सकती है ? प्रत्येक संबंध स्वतन्त्र ही होता है। इन सबको इस सुविधा के लिए मैत्रियाँ कह सकते हैं । पर दो व्यक्तित्वों के बीच प्रत्येक मैत्री एक विशेष प्रकार की मंत्री बन जाती है, जिसमें उस मंत्री के निर्णायक तत्त्व शामिल होते हैं। यदि आप इनमें से किसी भी एक तत्त्व को हटा दें तो वह संबंध पूर्ववत् नहीं रहेगा। इस अर्थ में धर्म परिवर्तन हो ही नहीं सकता । यदि डॉशून्य राधाकृष्णन् और मैं दोनों मित्र हैं, तो हम उसी मंत्री में अन्य दूसरों को दीक्षित नहीं कर सकते । समाज में मंत्रियाँ रह सकती हैं लेकिन एक जैसी मैत्रियाँ नहीं हो सकतीं ।* छः देखिये, क्रिश्चियनटी, इट्स इकॉनॉमी एण्ड वे ऑफ लाइफ, पृष्ठ तिरेपन-सत्तावन।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
छोटे पर्दे की संस्कारी बहुओं में से एक एक्ट्रेस रिताशा राठौर काफी ज्यादा सुर्ख़ियों में चल रहीं हैं. रिताशा ने एंड टीवी के मशहूर शो 'बढ़ो बहु' में संस्कारी बहु का किरदार निभाकर अपनी एक खास पहचान बना ली है. रिताशा की गिनती टीवी की प्लस साइज एक्ट्रेसेस में की जाती है. रिताशा पर्दे पर भले ही संस्कारी और साधारण दिखती हैं लेकिन असल जिंदगी में वो काफी ज्यादा हॉट है और ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि उनकी तस्वीरें खुद साबित कर रहे हैं. वाकई में इस लुक में रिताशा बहुत खूबसूरत लग रहीं हैं और उनके फैंस भी उनकी फोटो की खूब तारीफ कर रहे हैं. आपको बता दें रिताशा कभी भी बोल्ड पोज़ में शर्माती नहीं है और बेबाकी के साथ हॉट फोटोशूट करवाकर अपनी सभी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करती ही रहती हैं. वहीं उनके शो की बात करे तो बढ़ो बहु में रिताशा ने गांव की रहने वाली एक संस्कारी हरियाणवी बहु का किरदार निभाकर सभी का दिल जीत लिया था. रिताशा के साथ इस शो में 'बिग बॉस' विजेता प्रिंस नरुला नजर आए थे.
छोटे पर्दे की संस्कारी बहुओं में से एक एक्ट्रेस रिताशा राठौर काफी ज्यादा सुर्ख़ियों में चल रहीं हैं. रिताशा ने एंड टीवी के मशहूर शो 'बढ़ो बहु' में संस्कारी बहु का किरदार निभाकर अपनी एक खास पहचान बना ली है. रिताशा की गिनती टीवी की प्लस साइज एक्ट्रेसेस में की जाती है. रिताशा पर्दे पर भले ही संस्कारी और साधारण दिखती हैं लेकिन असल जिंदगी में वो काफी ज्यादा हॉट है और ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि उनकी तस्वीरें खुद साबित कर रहे हैं. वाकई में इस लुक में रिताशा बहुत खूबसूरत लग रहीं हैं और उनके फैंस भी उनकी फोटो की खूब तारीफ कर रहे हैं. आपको बता दें रिताशा कभी भी बोल्ड पोज़ में शर्माती नहीं है और बेबाकी के साथ हॉट फोटोशूट करवाकर अपनी सभी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करती ही रहती हैं. वहीं उनके शो की बात करे तो बढ़ो बहु में रिताशा ने गांव की रहने वाली एक संस्कारी हरियाणवी बहु का किरदार निभाकर सभी का दिल जीत लिया था. रिताशा के साथ इस शो में 'बिग बॉस' विजेता प्रिंस नरुला नजर आए थे.
पिछले हफ्ते Realme ने भारतीय बाजार में एंट्री-लेवल स्मार्टफोन Realme C33 लॉन्च किया था. अब Realme C33 को आज पहली बार बिक्री के लिए पेश किया जा रहा है. इस मोबाइल को आज खरीदने पर कंपनी ऑफर भी दे रही है. Realme C33 को दो स्टोरेज वैरिएंट में पेश किया गया है. इसके बेस वैरिएंट में 3GB रैम दिया गया है. इसके साथ 32GB की इंटरनल मेमोरी दी गई है. इसकी कीमत 8,999 रुपये रखी गई है. जबकि 4GB रैम और 64GB स्टोरेज के लिए आपको 9,999 रुपये खर्च करने होंगे. कलर की बात करें तो इस फोन को Aqua Blue, Night Sea और Sandy Gold कल ऑप्शन में पेश किया गया है. Realme के इस फोन की फ्लैश सेल Flipkart पर आज दोपहर दोपहर 12 बजे से शुरू होगी. सेल ऑफर के तौर पर बायर्स को 1000 रुपये का डिस्काउंट HDFC Bank क्रेडिट और डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन के साथ दिया जाएगा. ICICI बैंक कस्मटर्स Realme C33 को जब सीधे रियलमी इंडिया की वेबसाइट से खरीदेंगे तो कस्टमर्स को 1,000 रुपये का इंस्टैंट डिस्काउंट दिया जाएगा. Flipkart Axis Bank कार्ड यूजर्स को इस डिवाइस की खरीदारी पर 5 परसेंट का कैशबैक दिया जाएगा. स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो Realme C33 में 6. 5-इंच की HD+ स्क्रीन दी गई है. इसका टच सैंपलिंग रेट 120Hz का है. इसमें Unisoc T612 चिपसेट दिया गया है. इसके अलावा इसमें 4GB रैम और 64GB का स्टोरेज दिया गया है. स्टोरेज को 1TB तक बढ़ाया जा सकता है. इस हैंडसेट में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है. ये स्मार्टफोन Android 12-बेस्ड Realme UI S Edition पर काम करता है. फोटोग्राफी की बात करें तो इस फोन के बैक पर 50-मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया गया है. इसके फोन के फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 5-मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है. Realme C33 में 5,000mAh की बैटरी दी गई है. ये 10W चार्जिंग को सपोर्ट करता है. इस फोन का वजन 187 ग्राम है. कनेक्टिविटी के लिए फोन में 4G, डुअल बैंड Wi-Fi, Bluetooth, GPS और USB Type-C पोर्ट दिया गया है.
पिछले हफ्ते Realme ने भारतीय बाजार में एंट्री-लेवल स्मार्टफोन Realme Cतैंतीस लॉन्च किया था. अब Realme Cतैंतीस को आज पहली बार बिक्री के लिए पेश किया जा रहा है. इस मोबाइल को आज खरीदने पर कंपनी ऑफर भी दे रही है. Realme Cतैंतीस को दो स्टोरेज वैरिएंट में पेश किया गया है. इसके बेस वैरिएंट में तीनGB रैम दिया गया है. इसके साथ बत्तीसGB की इंटरनल मेमोरी दी गई है. इसकी कीमत आठ,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये रखी गई है. जबकि चारGB रैम और चौंसठGB स्टोरेज के लिए आपको नौ,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये खर्च करने होंगे. कलर की बात करें तो इस फोन को Aqua Blue, Night Sea और Sandy Gold कल ऑप्शन में पेश किया गया है. Realme के इस फोन की फ्लैश सेल Flipkart पर आज दोपहर दोपहर बारह बजे से शुरू होगी. सेल ऑफर के तौर पर बायर्स को एक हज़ार रुपयापये का डिस्काउंट HDFC Bank क्रेडिट और डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन के साथ दिया जाएगा. ICICI बैंक कस्मटर्स Realme Cतैंतीस को जब सीधे रियलमी इंडिया की वेबसाइट से खरीदेंगे तो कस्टमर्स को एक,शून्य रुपयापये का इंस्टैंट डिस्काउंट दिया जाएगा. Flipkart Axis Bank कार्ड यूजर्स को इस डिवाइस की खरीदारी पर पाँच परसेंट का कैशबैक दिया जाएगा. स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो Realme Cतैंतीस में छः. पाँच-इंच की HD+ स्क्रीन दी गई है. इसका टच सैंपलिंग रेट एक सौ बीस हर्ट्ज़ का है. इसमें Unisoc Tछः सौ बारह चिपसेट दिया गया है. इसके अलावा इसमें चारGB रैम और चौंसठGB का स्टोरेज दिया गया है. स्टोरेज को एकTB तक बढ़ाया जा सकता है. इस हैंडसेट में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है. ये स्मार्टफोन Android बारह-बेस्ड Realme UI S Edition पर काम करता है. फोटोग्राफी की बात करें तो इस फोन के बैक पर पचास-मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया गया है. इसके फोन के फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए पाँच-मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है. Realme Cतैंतीस में पाँच,शून्यmAh की बैटरी दी गई है. ये दस वाट चार्जिंग को सपोर्ट करता है. इस फोन का वजन एक सौ सत्तासी ग्राम है. कनेक्टिविटी के लिए फोन में चारG, डुअल बैंड Wi-Fi, Bluetooth, GPS और USB Type-C पोर्ट दिया गया है.
मुंबई, 17 जुलाई (हि. स. )। मुंबई महानगरपालिका ने गंदे पानी (dirty water) से मुक्ति दिलाने के लिए सातवें मलजल प्रक्रिया केंद्र (STP Plant) को मंजूरी दी है। महानगर के नालों से निकलने मलजल को प्रक्रिया कर उसे इस्तेमाल करने योग्य बनाया जाएगा। इसके लिए मुंबईभर में कुल सात स्थानों पर एसटीपी प्लांट स्थापित किए जाएंगे। मुंबई मनपा पहले छह प्लांट को स्वीकृति दे चुकी है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय (Union Environment Ministry) से अनुमति के बाद सातवे प्रोजेक्ट को भी मंजूर कर दिया गया है। सातवां एसटीपी प्लांट भांडुप में बनेगा। इन सातों प्लांटों में 2464 एमएलडी गंदे पानी पर प्रक्रिया की जाएगी। भांडुप से पहले धारावी, बांद्रा, मालाड, वर्सोवा, घाटकोपर और वर्ली नाका सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी दी गई थी। वर्ली में 500 एमएलडी, बांद्रा में 360 एमएलडी, मालाड में 454 एमएलडी, घाटकोपर में 337 एमएलडी, धारावी में 418 एमएलडी, वर्सोवा में 180 एमएलडी और भांडुप में 215 एमएलडी गंदे पानी का ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसके लिए कुल 26 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। मनपा प्रशासन ने ट्रीटमेंट प्लांट की टेंडर प्रक्रिया (tender process) सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार शुरू कर दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार को काम शुरू करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। मनपा से मिली जानकारी अनुसार अगले चार वर्ष में प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। उसके बाद 15 साल तक के रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार पर रहेगी। मुंबई में रोजाना हजारों एमएलडी पानी नालों के जरिये समुद्र में छोड़ा जाता है। मलजल से जहां समंदर गंदा होता है, वहीं पर्यावरण भी दूषित होता है। उक्त प्लांट के माध्यम से गंदे पानी का ट्रीटमेंट करके उसे फिर से उपयोग में लाने लायक बनाया जाएगा।
मुंबई, सत्रह जुलाई । मुंबई महानगरपालिका ने गंदे पानी से मुक्ति दिलाने के लिए सातवें मलजल प्रक्रिया केंद्र को मंजूरी दी है। महानगर के नालों से निकलने मलजल को प्रक्रिया कर उसे इस्तेमाल करने योग्य बनाया जाएगा। इसके लिए मुंबईभर में कुल सात स्थानों पर एसटीपी प्लांट स्थापित किए जाएंगे। मुंबई मनपा पहले छह प्लांट को स्वीकृति दे चुकी है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति के बाद सातवे प्रोजेक्ट को भी मंजूर कर दिया गया है। सातवां एसटीपी प्लांट भांडुप में बनेगा। इन सातों प्लांटों में दो हज़ार चार सौ चौंसठ एमएलडी गंदे पानी पर प्रक्रिया की जाएगी। भांडुप से पहले धारावी, बांद्रा, मालाड, वर्सोवा, घाटकोपर और वर्ली नाका सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को मंजूरी दी गई थी। वर्ली में पाँच सौ एमएलडी, बांद्रा में तीन सौ साठ एमएलडी, मालाड में चार सौ चौवन एमएलडी, घाटकोपर में तीन सौ सैंतीस एमएलडी, धारावी में चार सौ अट्ठारह एमएलडी, वर्सोवा में एक सौ अस्सी एमएलडी और भांडुप में दो सौ पंद्रह एमएलडी गंदे पानी का ट्रीटमेंट किया जाएगा। इसके लिए कुल छब्बीस हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। मनपा प्रशासन ने ट्रीटमेंट प्लांट की टेंडर प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार शुरू कर दी है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद ठेकेदार को काम शुरू करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। मनपा से मिली जानकारी अनुसार अगले चार वर्ष में प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। उसके बाद पंद्रह साल तक के रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार पर रहेगी। मुंबई में रोजाना हजारों एमएलडी पानी नालों के जरिये समुद्र में छोड़ा जाता है। मलजल से जहां समंदर गंदा होता है, वहीं पर्यावरण भी दूषित होता है। उक्त प्लांट के माध्यम से गंदे पानी का ट्रीटमेंट करके उसे फिर से उपयोग में लाने लायक बनाया जाएगा।
चेन्नईः कोयंबटूर कार ब्लास्ट केस में NIA ने गुरुवार को 6 लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी है. NIA ने कहा है कि इस हमले का मुख्य आरोपी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से बेहद प्रेरित था. बता दें कि, गत वर्ष 23 को अक्टूबर में कोयंबटूर के संगमेश्वर मंदिर के सामने यह ब्लास्ट हुआ था. इस हमले में जामेशा मुबीन की मौत हो गई थी. जाँच एजेंसी ने इस मामले की जाँच 27 अक्टूबर 2022 को अपने हाथ में ली थी. जांच में पता चला कि हमले का मुख्य आरोपी मुबीन ISIS का कट्टर समर्थक था. वह स्वयंभू खलीफा अबू-अल-हसन अल-हाशिमी अल-कुरैशी के बयानों से भी बेहद प्रेरित था. NIA ने मुबीन के छह सहयोगियों मोहम्मद असरुतीन, मोहम्मद तल्हा, फिरोज, मोहम्मद रियास, नवास और अफसार खान पर UAPA, IPC की धारा और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत केस दर्ज किए थे. NIA ने बताया है कि हमले को अंजाम देने में इन 6 लोगों ने मुबीन की सहायता की थी. हमले को अंजाम देने के लिए मोहम्मद तल्हा ने मारुति 800 कार का उपयोग किया गया था. कार का रजिस्ट्रेशन नंबर TN-01-F-6163 था. जांच एजेंसी ने जानकारी दी है कि जांच के दौरान पता चला कि फिरोस, रियास और नवास ने कार में विस्फोटक, गैस सिलेंडर आदि लादे थे. वहीं, असरुतीन और अफसार ने रसायन खरीदने, मिलाने और उसे पैक करने का कार्य किया था.
चेन्नईः कोयंबटूर कार ब्लास्ट केस में NIA ने गुरुवार को छः लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल कर दी है. NIA ने कहा है कि इस हमले का मुख्य आरोपी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से बेहद प्रेरित था. बता दें कि, गत वर्ष तेईस को अक्टूबर में कोयंबटूर के संगमेश्वर मंदिर के सामने यह ब्लास्ट हुआ था. इस हमले में जामेशा मुबीन की मौत हो गई थी. जाँच एजेंसी ने इस मामले की जाँच सत्ताईस अक्टूबर दो हज़ार बाईस को अपने हाथ में ली थी. जांच में पता चला कि हमले का मुख्य आरोपी मुबीन ISIS का कट्टर समर्थक था. वह स्वयंभू खलीफा अबू-अल-हसन अल-हाशिमी अल-कुरैशी के बयानों से भी बेहद प्रेरित था. NIA ने मुबीन के छह सहयोगियों मोहम्मद असरुतीन, मोहम्मद तल्हा, फिरोज, मोहम्मद रियास, नवास और अफसार खान पर UAPA, IPC की धारा और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत केस दर्ज किए थे. NIA ने बताया है कि हमले को अंजाम देने में इन छः लोगों ने मुबीन की सहायता की थी. हमले को अंजाम देने के लिए मोहम्मद तल्हा ने मारुति आठ सौ कार का उपयोग किया गया था. कार का रजिस्ट्रेशन नंबर TN-एक-F-छः हज़ार एक सौ तिरेसठ था. जांच एजेंसी ने जानकारी दी है कि जांच के दौरान पता चला कि फिरोस, रियास और नवास ने कार में विस्फोटक, गैस सिलेंडर आदि लादे थे. वहीं, असरुतीन और अफसार ने रसायन खरीदने, मिलाने और उसे पैक करने का कार्य किया था.
रखने के कारण तथा - 'इत्थं माता विद्याचक्रं स्वगुरुः स्वयं चेति । भेदाभावो मन्त्रस्य कौलिकार्थोऽयम् ॥' (माता, विद्या, गुरु, चक्र, एवं भक्त - इन पाँचों अभिन्नता की अनुभूति रूप 'कौलिकार्थ') (गुरु- देह एवं देवी के देह में अभिन्नता एवं उन दोनों से शिष्य की अभिन्नता - 'देव्या देहो यथा प्रोक्तो गुरुदेहस्तथैव च । तत्प्रसादाच्च शिष्योडिप तद्रूपः सन् प्रकाशते, का प्रतिपादन करने, 'ब्रह्मणि जगतो जगति च विद्याभेदस्तु संप्रदायार्थ' की पुष्टि करने एवं इसी प्रकार १५ प्रकार के अर्थों की विभावना द्वारा अद्वैतवाद की प्रबल स्थापना करने के कारण (भास्करराय) के अद्वैतवादी ज्ञानी और योगी तो अवश्य सिद्ध होते हैं किन्तु भावना के धरातल पर वे भक्त भी हैं। उनकी भक्ति है - भगवती त्रिपुरा के प्रति ॥ वे 'ब्रह्मपरिणामवादी' हैं - 'इयं सृष्टिः परब्रह्मपरिणाम इति पूर्वमुक्तम् । "" ५. 'वरिवस्यारहस्यम्' - एक विहङ्गमावलोकन 'वरिवस्यारहस्यम्' श्रीविद्या पर प्रकाश डालने वाला एक उत्कृष्ट ग्रन्थ है । इसके प्रणेता भास्कराचार्य हैं । ग्रन्थकार ने प्रारंभिक श्लोकों में 'प्रकाश' एवं 'विमर्श' के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए अर्थमयी, शब्दमयी, चक्रमयी एवं देहमयी सृष्टि के ज्ञान हेतु चौदह विद्याओं के सारभूत वेदों के सारतम गायत्री मन्त्र पर प्रकाश डालते हुए उसे पञ्चदशी मन्त्र से अभिन्न प्रतिपादित किया है । अगले श्लोकों में 'वाग्भव' 'कामराज' एवं 'शक्तिकूट' एवं उनके सङ्घटक वर्णों पर प्रकाश डाला गया है । इसके बाद - हल्लेखा के स्वरूप के अन्तर्गत आने वाले - व्योम, अग्नि, वामलोचना, बिन्दु, अर्द्धचन्द्र, रोधिनी, नाद, नादान्त, शक्ति, व्यापिका, समना, उन्मनी के स्वरूप पर प्रकाश डाला गया है । अगले श्लोकों में त्रिकूटों के वर्गों में अवस्थापञ्चक की स्थिति पञ्चविषुव, जप के स्वरूप, गायत्री के पंद्रह अर्थ, गायत्री मन्त्र एवं पञ्चदशी मन्त्र में अभिन्नता आदि की मीमांसा की गई है । इसके बाद कूटत्रय के प्रतीकार्थ पर प्रकाश डाला गया है । इसके बाद श्रीविद्या के आन्तरिक एवं बाह्य अङ्गों पर प्रकाश डाला गया है । अन्त में गुरु के महत्व पर के प्रकाश डाला गया है । 'वरिवस्यारहस्यम्' पर अद्वैत का प्रभाव है । भास्करराय ने आजीवन त्रिपुरा की उपासना की और अपने धार्मिक दर्शन की नींव अप्पय दीक्षित के "रत्नत्रयपरीक्षा" पर रक्खा । उन्हें शङ्कराचार्य के अद्वैतवाद पर पूर्ण विश्वास था । उन्होंने 'पञ्चपादिका', 'वार्तिक', 'विवरण', 'भामती' 'पञ्चदशी' एवं 'शारीरक भाष्यं' आदि वेदान्त-ग्रन्थों का उल्लेख करते हुए उनके श्लोकों को उद्धृत भी किया है । इन सबके बाद भी भास्करराय ने अद्वैतवाद का त्याग करके तान्त्रिक दर्शन का अनुवर्तन किया । चूँकि भास्करराय सरस्वतीदेवी के भी एकनिष्ठ उपासक थे अतः उन्होंने शाक्त दर्शन का प्रतिपादन किया और शाङ्कर वेदान्त के 'विवर्तवाद' का खण्डन भी किया। इसी दृष्टि से उन्होंने 'वरिवस्यारहस्यम्' के प्रारंभ में ही ( तीसरे श्लोक में) - 'स जयति महान् प्रकाशो यस्मिन् दृष्टे न दृश्यते किमपि । कथमिव तस्मिञ्ज्ञाते सर्वं विज्ञातमुच्यते वेदे" कहकर 'विवर्तवाद' का खण्डन करते हुए 'परिणामवाद' की पुष्टि की है - "विवर्तवादं वेदान्तिसंमतं परिणामवादी तान्त्रिको दूषयति ॥' उन्होंने अपने तर्क की पुष्टि में 'प्रकाश' में 'वामकेश्वरतन्त्र' के इस परिणामवादी सिद्धान्त की पुष्टि की है जिसमें कहा गया है - "तस्यां परिणतायां तु न कश्चित् पर इष्यते ।" वे यह भी कहते हैं कि - 'नेह नानास्ति किञ्चन' वाक्य में भेदांश मात्र का निषेध किया गया है न कि प्रपञ्च का । वे यह भी कहते हैं कि आचार्य शङ्कर जैसे अद्वैतवादी दार्शनिक ने भी 'सौन्दर्यलहरी' में 'त्वयिपरिणातायाम्' कहकर ("परिणामवाद एवाभिप्रेतः, परिणामवाद एव स्फुटीकृतः ॥") परिणामवाद का प्रतिपादन किया । तान्त्रिकों की मान्यता है कि - गायत्री के दो स्वरूप हैं- १. सामान्य अनुत्कृष्ट रूप - चौबीस वर्णों की गायत्री २. श्रीविद्या पञ्चदशाक्षरी ।। श्रीविद्या के इस मन्त्र के प्रत्येक वर्ण का अपना देवता है । और इन सबकी विशिष्ट अर्थवत्ता है । भास्कराचार्य का कथन है कि पञ्चदशाक्षरी विद्या उपनिषदों के 'तत्त्वमसि', 'अहं ब्रह्मास्मि' एवं 'सर्वं खल्विदं ब्रह्म' द्वारा व्यक्त जीव-ब्रह्मैक्य के अद्वैतवाद का प्रतिपादन करती है । भास्करराय ने अद्वैतवाद के उस स्वरूप को स्वीकार किया है जो कि शाक्त-दर्शन में स्वीकृत है । उन्होंने 'प्रकाश' में वेदान्त दर्शन के - 'आत्मकृतेः परिणामात' सूत्र का उल्लेख करके 'मनस्त्वं व्योमस्त्वं' को उद्धृत करके एवं अन्य तर्क प्रस्तुत करके 'परिणामवाद' की पुष्टि की है । वे यह भी कहते हैं कि'वाचारंभणं विकारो नामधेयं' जैसे आदि वैदिक वाक्यों एवं वामकेश्वरतन्त्र के- 'तस्यां परिणतायां तु न कश्चित् पर इष्यते' - वाक्य में भी अर्थ एवं भाव की दृष्टि से परस्पर विरोध नहीं प्रत्युत् स्वारस्य है । उन्होंने इस ग्रन्थ में विभिन्न प्रकार के ऐ क्यों, ऐ कात्म्यों एवं अभिन्न बीजों का भी प्रतिपादन किया है । 'वरिवस्यारहस्यम्' मन्त्र शास्त्र का ग्रन्थ है । 'मन्त्र - साधना' साधना की एक ऐसी आध्यात्मिक प्रक्रिया है जिसको अनुष्ठित किए जाने पर साधक अपने अति तेजस्वी एवं तत्त्वस्वरूप इष्टदेवता का मनन करने से समस्त भयं से मुक्त हो जाता है - 'मननात्तत्त्वरूपस्य देवस्यामिततेजसः । त्रायते सर्वभयतस्तस्मान्मन्त्र इतीरितः ॥ १ मन्त्रशास्त्र तो साधन है - 'मन्त्र' साधना का उपकरण है और 'देवता' इस साधना का लक्ष्य या उपलब्धि है । 'देवता' के तात्त्विक स्वरूप पर भी 'वरिवस्यारहस्यम्' में प्रकाश डाला गया है । देवता, त्राण करने वाली एक अचिन्त्य शक्ति है। जो आध्यात्मिक अचिन्त्य शक्ति उपासक के शरीर में स्थित होकर अपने वरदान के द्वारा उपासक के तापत्रय का शमन कर देता है वही देवता है । "दे" का अर्थ है भक्तो का देह । 'व' = देवता का वरदान । 'ता' = १. भास्कराचार्य- वरि० 'प्रकाश'
रखने के कारण तथा - 'इत्थं माता विद्याचक्रं स्वगुरुः स्वयं चेति । भेदाभावो मन्त्रस्य कौलिकार्थोऽयम् ॥' के अद्वैतवादी ज्ञानी और योगी तो अवश्य सिद्ध होते हैं किन्तु भावना के धरातल पर वे भक्त भी हैं। उनकी भक्ति है - भगवती त्रिपुरा के प्रति ॥ वे 'ब्रह्मपरिणामवादी' हैं - 'इयं सृष्टिः परब्रह्मपरिणाम इति पूर्वमुक्तम् । "" पाँच. 'वरिवस्यारहस्यम्' - एक विहङ्गमावलोकन 'वरिवस्यारहस्यम्' श्रीविद्या पर प्रकाश डालने वाला एक उत्कृष्ट ग्रन्थ है । इसके प्रणेता भास्कराचार्य हैं । ग्रन्थकार ने प्रारंभिक श्लोकों में 'प्रकाश' एवं 'विमर्श' के स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए अर्थमयी, शब्दमयी, चक्रमयी एवं देहमयी सृष्टि के ज्ञान हेतु चौदह विद्याओं के सारभूत वेदों के सारतम गायत्री मन्त्र पर प्रकाश डालते हुए उसे पञ्चदशी मन्त्र से अभिन्न प्रतिपादित किया है । अगले श्लोकों में 'वाग्भव' 'कामराज' एवं 'शक्तिकूट' एवं उनके सङ्घटक वर्णों पर प्रकाश डाला गया है । इसके बाद - हल्लेखा के स्वरूप के अन्तर्गत आने वाले - व्योम, अग्नि, वामलोचना, बिन्दु, अर्द्धचन्द्र, रोधिनी, नाद, नादान्त, शक्ति, व्यापिका, समना, उन्मनी के स्वरूप पर प्रकाश डाला गया है । अगले श्लोकों में त्रिकूटों के वर्गों में अवस्थापञ्चक की स्थिति पञ्चविषुव, जप के स्वरूप, गायत्री के पंद्रह अर्थ, गायत्री मन्त्र एवं पञ्चदशी मन्त्र में अभिन्नता आदि की मीमांसा की गई है । इसके बाद कूटत्रय के प्रतीकार्थ पर प्रकाश डाला गया है । इसके बाद श्रीविद्या के आन्तरिक एवं बाह्य अङ्गों पर प्रकाश डाला गया है । अन्त में गुरु के महत्व पर के प्रकाश डाला गया है । 'वरिवस्यारहस्यम्' पर अद्वैत का प्रभाव है । भास्करराय ने आजीवन त्रिपुरा की उपासना की और अपने धार्मिक दर्शन की नींव अप्पय दीक्षित के "रत्नत्रयपरीक्षा" पर रक्खा । उन्हें शङ्कराचार्य के अद्वैतवाद पर पूर्ण विश्वास था । उन्होंने 'पञ्चपादिका', 'वार्तिक', 'विवरण', 'भामती' 'पञ्चदशी' एवं 'शारीरक भाष्यं' आदि वेदान्त-ग्रन्थों का उल्लेख करते हुए उनके श्लोकों को उद्धृत भी किया है । इन सबके बाद भी भास्करराय ने अद्वैतवाद का त्याग करके तान्त्रिक दर्शन का अनुवर्तन किया । चूँकि भास्करराय सरस्वतीदेवी के भी एकनिष्ठ उपासक थे अतः उन्होंने शाक्त दर्शन का प्रतिपादन किया और शाङ्कर वेदान्त के 'विवर्तवाद' का खण्डन भी किया। इसी दृष्टि से उन्होंने 'वरिवस्यारहस्यम्' के प्रारंभ में ही - 'स जयति महान् प्रकाशो यस्मिन् दृष्टे न दृश्यते किमपि । कथमिव तस्मिञ्ज्ञाते सर्वं विज्ञातमुच्यते वेदे" कहकर 'विवर्तवाद' का खण्डन करते हुए 'परिणामवाद' की पुष्टि की है - "विवर्तवादं वेदान्तिसंमतं परिणामवादी तान्त्रिको दूषयति ॥' उन्होंने अपने तर्क की पुष्टि में 'प्रकाश' में 'वामकेश्वरतन्त्र' के इस परिणामवादी सिद्धान्त की पुष्टि की है जिसमें कहा गया है - "तस्यां परिणतायां तु न कश्चित् पर इष्यते ।" वे यह भी कहते हैं कि - 'नेह नानास्ति किञ्चन' वाक्य में भेदांश मात्र का निषेध किया गया है न कि प्रपञ्च का । वे यह भी कहते हैं कि आचार्य शङ्कर जैसे अद्वैतवादी दार्शनिक ने भी 'सौन्दर्यलहरी' में 'त्वयिपरिणातायाम्' कहकर परिणामवाद का प्रतिपादन किया । तान्त्रिकों की मान्यता है कि - गायत्री के दो स्वरूप हैं- एक. सामान्य अनुत्कृष्ट रूप - चौबीस वर्णों की गायत्री दो. श्रीविद्या पञ्चदशाक्षरी ।। श्रीविद्या के इस मन्त्र के प्रत्येक वर्ण का अपना देवता है । और इन सबकी विशिष्ट अर्थवत्ता है । भास्कराचार्य का कथन है कि पञ्चदशाक्षरी विद्या उपनिषदों के 'तत्त्वमसि', 'अहं ब्रह्मास्मि' एवं 'सर्वं खल्विदं ब्रह्म' द्वारा व्यक्त जीव-ब्रह्मैक्य के अद्वैतवाद का प्रतिपादन करती है । भास्करराय ने अद्वैतवाद के उस स्वरूप को स्वीकार किया है जो कि शाक्त-दर्शन में स्वीकृत है । उन्होंने 'प्रकाश' में वेदान्त दर्शन के - 'आत्मकृतेः परिणामात' सूत्र का उल्लेख करके 'मनस्त्वं व्योमस्त्वं' को उद्धृत करके एवं अन्य तर्क प्रस्तुत करके 'परिणामवाद' की पुष्टि की है । वे यह भी कहते हैं कि'वाचारंभणं विकारो नामधेयं' जैसे आदि वैदिक वाक्यों एवं वामकेश्वरतन्त्र के- 'तस्यां परिणतायां तु न कश्चित् पर इष्यते' - वाक्य में भी अर्थ एवं भाव की दृष्टि से परस्पर विरोध नहीं प्रत्युत् स्वारस्य है । उन्होंने इस ग्रन्थ में विभिन्न प्रकार के ऐ क्यों, ऐ कात्म्यों एवं अभिन्न बीजों का भी प्रतिपादन किया है । 'वरिवस्यारहस्यम्' मन्त्र शास्त्र का ग्रन्थ है । 'मन्त्र - साधना' साधना की एक ऐसी आध्यात्मिक प्रक्रिया है जिसको अनुष्ठित किए जाने पर साधक अपने अति तेजस्वी एवं तत्त्वस्वरूप इष्टदेवता का मनन करने से समस्त भयं से मुक्त हो जाता है - 'मननात्तत्त्वरूपस्य देवस्यामिततेजसः । त्रायते सर्वभयतस्तस्मान्मन्त्र इतीरितः ॥ एक मन्त्रशास्त्र तो साधन है - 'मन्त्र' साधना का उपकरण है और 'देवता' इस साधना का लक्ष्य या उपलब्धि है । 'देवता' के तात्त्विक स्वरूप पर भी 'वरिवस्यारहस्यम्' में प्रकाश डाला गया है । देवता, त्राण करने वाली एक अचिन्त्य शक्ति है। जो आध्यात्मिक अचिन्त्य शक्ति उपासक के शरीर में स्थित होकर अपने वरदान के द्वारा उपासक के तापत्रय का शमन कर देता है वही देवता है । "दे" का अर्थ है भक्तो का देह । 'व' = देवता का वरदान । 'ता' = एक. भास्कराचार्य- वरिशून्य 'प्रकाश'
जालसाज न एक महिला को कॉल कर बीमा पाॅलिसी की मैच्योरिटी दिलाने का झांसा देकर 1. 39 लाख रुपए ठग लिए। महिला ने गोरखपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। गोरखपुर पुलिस के मुताबिक नेगी एनक्लेव गोरखपुर निवासी 35 वर्षीय श्रुति जायसवाल ने शिकायत कर बताया कि एक बीमा पॉलिसी की परिपक्वता पूरी हो गई थी। इसी दौरान उसके मोबाइल पर कॉल आया और उसने बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी की जानकारी देते हुए पैसे दिलाने का झांसा दिया। जालसाज ने झांसे में फंसा कर उसके 1 लाख, 39 हजार 62 रुपए हड़प लिए। गोरखपुर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच में प्रकरण लिया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
जालसाज न एक महिला को कॉल कर बीमा पाॅलिसी की मैच्योरिटी दिलाने का झांसा देकर एक. उनतालीस लाख रुपए ठग लिए। महिला ने गोरखपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। गोरखपुर पुलिस के मुताबिक नेगी एनक्लेव गोरखपुर निवासी पैंतीस वर्षीय श्रुति जायसवाल ने शिकायत कर बताया कि एक बीमा पॉलिसी की परिपक्वता पूरी हो गई थी। इसी दौरान उसके मोबाइल पर कॉल आया और उसने बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी की जानकारी देते हुए पैसे दिलाने का झांसा दिया। जालसाज ने झांसे में फंसा कर उसके एक लाख, उनतालीस हजार बासठ रुपयापए हड़प लिए। गोरखपुर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच में प्रकरण लिया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
Delhi Corona: पश्चिमी दिल्ली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एडीएम की ओर से जारी आदेश के अनुसार नांगलोई के पंजाबी बस्ती बाजार और जनता मार्केट को 30 नवंबर तक के लिए बंद कर दिया गया था। दिल्ली में कोरोना वायरस का कहर जारी है। दिल्ली के लोगों की लापरवाही बरतने के कारण कोरोना संक्रमण फैलता जा रहा है। हर रोज 100 से अधिक लोगों की मौतें हो रही है। जिसके कारण दिल्ली जिला प्रशासन ने आज नांगलोई और पंजाब बाग के दो बाजारों को सील कर दिया था। जिसके बाद फैसले को वापिस ले लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई में कोविड-19 के नियमों का पालन न करने पर शाम के दो बाजारों को बंद करने का आदेश जिला प्रशासन द्वारा जारी करने के कुछ घंटों बाद ही वापस ले लिया गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पश्चिमी दिल्ली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एडीएम की ओर से जारी आदेश के अनुसार नांगलोई के पंजाबी बस्ती बाजार और जनता मार्केट को 30 नवंबर तक के लिए बंद कर दिया गया था। जिले के अधिकारियों, नगर निगम और पुलिस द्वारा रविवार को सीलिंग की कार्रवाई भी की गई थी। हालांकि, बंद करने के आदेश को कुछ घंटों बाद ही वापस ले लिया गया क्योंकि महामारी के दौरान दिल्ली सरकार द्वारा बाजारों के नियमन का प्रस्ताव केंद्र के पास लंबित है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि बाजार बंद करने का आदेश इसलिए वापस लिया गया है क्योंकि कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर दिल्ली सरकार द्वारा बाजारों के नियमन का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित है। जिले के अधिकारी किसी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई कर सकते हैं लेकिन पूरे बाजार को सील नहीं कर सकते।
Delhi Corona: पश्चिमी दिल्ली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एडीएम की ओर से जारी आदेश के अनुसार नांगलोई के पंजाबी बस्ती बाजार और जनता मार्केट को तीस नवंबर तक के लिए बंद कर दिया गया था। दिल्ली में कोरोना वायरस का कहर जारी है। दिल्ली के लोगों की लापरवाही बरतने के कारण कोरोना संक्रमण फैलता जा रहा है। हर रोज एक सौ से अधिक लोगों की मौतें हो रही है। जिसके कारण दिल्ली जिला प्रशासन ने आज नांगलोई और पंजाब बाग के दो बाजारों को सील कर दिया था। जिसके बाद फैसले को वापिस ले लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई में कोविड-उन्नीस के नियमों का पालन न करने पर शाम के दो बाजारों को बंद करने का आदेश जिला प्रशासन द्वारा जारी करने के कुछ घंटों बाद ही वापस ले लिया गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पश्चिमी दिल्ली जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और एडीएम की ओर से जारी आदेश के अनुसार नांगलोई के पंजाबी बस्ती बाजार और जनता मार्केट को तीस नवंबर तक के लिए बंद कर दिया गया था। जिले के अधिकारियों, नगर निगम और पुलिस द्वारा रविवार को सीलिंग की कार्रवाई भी की गई थी। हालांकि, बंद करने के आदेश को कुछ घंटों बाद ही वापस ले लिया गया क्योंकि महामारी के दौरान दिल्ली सरकार द्वारा बाजारों के नियमन का प्रस्ताव केंद्र के पास लंबित है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि बाजार बंद करने का आदेश इसलिए वापस लिया गया है क्योंकि कोविड-उन्नीस के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर दिल्ली सरकार द्वारा बाजारों के नियमन का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित है। जिले के अधिकारी किसी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई कर सकते हैं लेकिन पूरे बाजार को सील नहीं कर सकते।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी का कहना है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेनाओं की शक्ति केवल रक्षा के लिए है। डाक्टर हसन रूहानी ने सोमवार को रक्षा उद्योग की राष्ट्रीय योजनाओं के उद्धाटन समारोह में कहा कि ईरान वह शक्ति है जो क्षेत्र में अपनी और अपने पड़ोसी देशों की रक्षा करता है। राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी का कहना था कि पिछले आठ साल के दौरान ईरान का एयर डिफ़ेंस सिस्टम, पहले से ज़्यादा ताक़तवर और शक्तिशाली रहा है। उनका कहना था कि इस अवधि में एयर डिफ़ेंस सिस्टम और एरो स्पेस के क्षेत्र में आधुनिक हथियार बनाए गये और अतीत की तुलना में देश की मीज़ाइल ताक़त बहुत ज़्यादा बढ़ी है। इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी का कहना था कि पिछले आठ साल की अवधि में नौसेना के लिए आवश्यक युद्धपोतों, पनडुब्बियों और मीज़ाइलों का निर्माण किया गया और नौसेना की शक्ति में वृद्धि की जबकि क्रूज़ मीज़ाइल की मारक क्षमता को 300 से एक हज़ार किलोमीटर तक पहुंचाई। उनका कहना था कि आज हमारे पास एक मज़बूत सशस्त्र सेना है। राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कौसर युद्धक विमान और हवाई जहाज़ के इंजनों के निर्माण और इसी प्रकार एरोस्पेस के क्षेत्र में अन्य उपलब्धियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि आज ईरान की सेना और आईआरजीसी आत्म निर्भर हो गयी है और अपने पैरों पर खड़ी है। (AK) हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!
इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी का कहना है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेनाओं की शक्ति केवल रक्षा के लिए है। डाक्टर हसन रूहानी ने सोमवार को रक्षा उद्योग की राष्ट्रीय योजनाओं के उद्धाटन समारोह में कहा कि ईरान वह शक्ति है जो क्षेत्र में अपनी और अपने पड़ोसी देशों की रक्षा करता है। राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी का कहना था कि पिछले आठ साल के दौरान ईरान का एयर डिफ़ेंस सिस्टम, पहले से ज़्यादा ताक़तवर और शक्तिशाली रहा है। उनका कहना था कि इस अवधि में एयर डिफ़ेंस सिस्टम और एरो स्पेस के क्षेत्र में आधुनिक हथियार बनाए गये और अतीत की तुलना में देश की मीज़ाइल ताक़त बहुत ज़्यादा बढ़ी है। इस्लामी गणतंत्र ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी का कहना था कि पिछले आठ साल की अवधि में नौसेना के लिए आवश्यक युद्धपोतों, पनडुब्बियों और मीज़ाइलों का निर्माण किया गया और नौसेना की शक्ति में वृद्धि की जबकि क्रूज़ मीज़ाइल की मारक क्षमता को तीन सौ से एक हज़ार किलोमीटर तक पहुंचाई। उनका कहना था कि आज हमारे पास एक मज़बूत सशस्त्र सेना है। राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कौसर युद्धक विमान और हवाई जहाज़ के इंजनों के निर्माण और इसी प्रकार एरोस्पेस के क्षेत्र में अन्य उपलब्धियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि आज ईरान की सेना और आईआरजीसी आत्म निर्भर हो गयी है और अपने पैरों पर खड़ी है। हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!
असम में, 27 जिलों के छह लाख 60 हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। बराक घाटी, दीमा हसाओ और होजई के इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कछार जिला प्रशासन ने आज से सभी शैक्षणिक संस्थान और गैर-जरूरी निजी संस्थान 48 घंटे के लिए बंद करने की घोषणा की है। कई स्थानों पर सड़क और रेल संपर्क कट गया है और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। पिछले 24 घंटों में करीब 8 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य सरकार के छह वरिष्ठ मंत्रियों को बराक घाटी, दीमा हसाओ और होजई में बचाव और राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आश्वासन दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाने-पीने की वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। दीमा हसाओ जिले में वायुसेना के जहाज से खाने-पीने की चीजें गिराई गईं।
असम में, सत्ताईस जिलों के छह लाख साठ हजार से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। बराक घाटी, दीमा हसाओ और होजई के इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कछार जिला प्रशासन ने आज से सभी शैक्षणिक संस्थान और गैर-जरूरी निजी संस्थान अड़तालीस घंटाटे के लिए बंद करने की घोषणा की है। कई स्थानों पर सड़क और रेल संपर्क कट गया है और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। पिछले चौबीस घंटाटों में करीब आठ हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य सरकार के छह वरिष्ठ मंत्रियों को बराक घाटी, दीमा हसाओ और होजई में बचाव और राहत कार्यों की निगरानी करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आश्वासन दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाने-पीने की वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। दीमा हसाओ जिले में वायुसेना के जहाज से खाने-पीने की चीजें गिराई गईं।
सुरपस्टार रजनीकांत की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद हैदराबाद में अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन अब वह ठीक है और अस्पताल से उन्हें छुट्टी भी मिल गई है. रविवार को अस्पताल के डाक्टरों की टीम ने उनके स्थिति का आकलन कर उन्हें छुट्टी दे दी है. अस्पताल के डॉक्टर ने कहा, जांच रिपोर्ट में कुछ भी चिंताजनक नहीं है और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव होने के संबंध में उनका इलाज चल रहा है. अब उनका ब्लड प्रेशर भी स्थिर है. बता दें, रजनीकांत का ब्लड प्रेशर अस्थिर होने के बाद उन्हें शुक्रवार 25 दिसंबर को हैदराबाद के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह 'सन पिक्चर्स' की तमिल फिल्म 'अन्नाथे' की शूटिंग करने के लिए 13 दिसंबर से हैदराबाद में हैं. कुछ दिन पहले फिल्म से जुड़े चार सदस्यों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद अभिनेता ने खुद को पृथक-वास में रखा था. हालांकि बाद में अभिनेता की जांच रिपोर्ट में संक्रमण नहीं पाया गया था. रजनीकांत 2021 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक पार्टी की भी शुरुआत करने वाले हैं.
सुरपस्टार रजनीकांत की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद हैदराबाद में अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. लेकिन अब वह ठीक है और अस्पताल से उन्हें छुट्टी भी मिल गई है. रविवार को अस्पताल के डाक्टरों की टीम ने उनके स्थिति का आकलन कर उन्हें छुट्टी दे दी है. अस्पताल के डॉक्टर ने कहा, जांच रिपोर्ट में कुछ भी चिंताजनक नहीं है और ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव होने के संबंध में उनका इलाज चल रहा है. अब उनका ब्लड प्रेशर भी स्थिर है. बता दें, रजनीकांत का ब्लड प्रेशर अस्थिर होने के बाद उन्हें शुक्रवार पच्चीस दिसंबर को हैदराबाद के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह 'सन पिक्चर्स' की तमिल फिल्म 'अन्नाथे' की शूटिंग करने के लिए तेरह दिसंबर से हैदराबाद में हैं. कुछ दिन पहले फिल्म से जुड़े चार सदस्यों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद अभिनेता ने खुद को पृथक-वास में रखा था. हालांकि बाद में अभिनेता की जांच रिपोर्ट में संक्रमण नहीं पाया गया था. रजनीकांत दो हज़ार इक्कीस में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले अपनी राजनीतिक पार्टी की भी शुरुआत करने वाले हैं.
चैम्पियंस ट्रॉफी के रोमांचक सफर का आगाज हो चुका है। इसके लिए भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी विराट कोहली की अगुवाई में अभ्यास कर रहे हैं। भारत 4 जून को पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच खेलेगे। इस मैच से पहले दोनों ही टीमें अभ्यास कर रही हैं। भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने बर्मिंघम में गुरुवार से अभ्यास कर दिया था। गुरुवार और शुक्रवार को टीम के लगभग सभी खिलाड़ी अभ्यास में शामिल हुए थे। लेकिन इस दौरान एक अहम बात यह रही है कि टीम के ओपनर खिलाड़ी शिखर धवन शुक्रवार को अभ्यास से नदारद रहे हैं। धवन को गुरुवार को अभ्यास करने के दौरान चोट लग गयी थी। इसके बाद वो आराम करने चले गए थे। इसके बाद लगभग पूरी टीम अभ्यास करने मैदान में उतरी थी। लेकिन ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन अभ्यास से नदारद रहे है। माना जा रहा है कि धवन पसलियों में चोट लगने की वजह से अभ्यास में शामिल नहीं हुए हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टी नहीं हो पायी है। वहीं इनके साथी ओपनर खिलाड़ी रोहित शर्मा दोनों ही दिन अभ्यास में शामिल हुए थे और उन्होंने इस दौरान काफी मेहनत की है। भारत चैम्पियंस ट्रॉफी में पहला मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ 4 जून को खेलेगी। यह मैच बर्मिंघम में आयोजिता होगा। इसके बाद दूसरा मैच 8 जून को लंदन में श्रीलंका के खिलाफ है। वहीं आखिरी मुकाबला 11 जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ है। यह मैच लंदन के ओवल मैदान में खेला जायेगा। इन मुकाबलों के बाद अंकतालिका में टॉप रहने वाली टीमें सेमी फाइनल का खेलेंगी। सेमी फाइनल के दो मुकाबले 14 और 15 जून को खेले जायेंगे।
चैम्पियंस ट्रॉफी के रोमांचक सफर का आगाज हो चुका है। इसके लिए भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी विराट कोहली की अगुवाई में अभ्यास कर रहे हैं। भारत चार जून को पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच खेलेगे। इस मैच से पहले दोनों ही टीमें अभ्यास कर रही हैं। भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने बर्मिंघम में गुरुवार से अभ्यास कर दिया था। गुरुवार और शुक्रवार को टीम के लगभग सभी खिलाड़ी अभ्यास में शामिल हुए थे। लेकिन इस दौरान एक अहम बात यह रही है कि टीम के ओपनर खिलाड़ी शिखर धवन शुक्रवार को अभ्यास से नदारद रहे हैं। धवन को गुरुवार को अभ्यास करने के दौरान चोट लग गयी थी। इसके बाद वो आराम करने चले गए थे। इसके बाद लगभग पूरी टीम अभ्यास करने मैदान में उतरी थी। लेकिन ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन अभ्यास से नदारद रहे है। माना जा रहा है कि धवन पसलियों में चोट लगने की वजह से अभ्यास में शामिल नहीं हुए हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टी नहीं हो पायी है। वहीं इनके साथी ओपनर खिलाड़ी रोहित शर्मा दोनों ही दिन अभ्यास में शामिल हुए थे और उन्होंने इस दौरान काफी मेहनत की है। भारत चैम्पियंस ट्रॉफी में पहला मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ चार जून को खेलेगी। यह मैच बर्मिंघम में आयोजिता होगा। इसके बाद दूसरा मैच आठ जून को लंदन में श्रीलंका के खिलाफ है। वहीं आखिरी मुकाबला ग्यारह जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ है। यह मैच लंदन के ओवल मैदान में खेला जायेगा। इन मुकाबलों के बाद अंकतालिका में टॉप रहने वाली टीमें सेमी फाइनल का खेलेंगी। सेमी फाइनल के दो मुकाबले चौदह और पंद्रह जून को खेले जायेंगे।
मेरठ। मेरठ की लिसाड़ी गेट पुलिस ने आज एक रिश्तों के कत्ल का खुलासा किया है जहां ममेरे दो भाइयों ने अपने से छोटे भाई की प्रेमप्रसंग के चलते हत्या कर डाली और हत्या को आत्महत्या का रूप दिया गया हालांकि पुलिस ने तफ्तीश के बाद आरोपी दोनों भाइयों को गिरफ़्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया है। दरअसल मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके में 29-7-18 को 15 वर्षीय छात्र शनवाज़ का शव फाँसी के फंदे पर लटका मिला था। बता दें कि पहले तो सबने इसको आत्महत्या मान पुलिस कार्रवाई से मना कर दिया था लेकिन पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करा हत्या का खुलासा किया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के पास आई तो पुलिस सन रेह गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र की गला घोंटकर हत्या करना आया जिसके बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरु की तो एक चौकाने वाला खुलासा हुआ मृतक शनवाज़ 9 कक्षा का छात्र था और उसका प्रेमप्रसंग पास की एक युवती से चल रहा था लेकिन उसही युवती का प्रेमप्रसंग मृतक के मामा के बेटे फैसल से भी चल रहा था जब इस बात का पता फैसल को चला तो उसने पहले शनवाज़ को समझया की वो रास्ते से हट जाए।
मेरठ। मेरठ की लिसाड़ी गेट पुलिस ने आज एक रिश्तों के कत्ल का खुलासा किया है जहां ममेरे दो भाइयों ने अपने से छोटे भाई की प्रेमप्रसंग के चलते हत्या कर डाली और हत्या को आत्महत्या का रूप दिया गया हालांकि पुलिस ने तफ्तीश के बाद आरोपी दोनों भाइयों को गिरफ़्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया है। दरअसल मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके में उनतीस जुलाई अट्ठारह को पंद्रह वर्षीय छात्र शनवाज़ का शव फाँसी के फंदे पर लटका मिला था। बता दें कि पहले तो सबने इसको आत्महत्या मान पुलिस कार्रवाई से मना कर दिया था लेकिन पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करा हत्या का खुलासा किया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस के पास आई तो पुलिस सन रेह गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्र की गला घोंटकर हत्या करना आया जिसके बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरु की तो एक चौकाने वाला खुलासा हुआ मृतक शनवाज़ नौ कक्षा का छात्र था और उसका प्रेमप्रसंग पास की एक युवती से चल रहा था लेकिन उसही युवती का प्रेमप्रसंग मृतक के मामा के बेटे फैसल से भी चल रहा था जब इस बात का पता फैसल को चला तो उसने पहले शनवाज़ को समझया की वो रास्ते से हट जाए।
पूर्णिया/समस्तीपुर. बिहार से एक बेहद ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. समस्तीपुर रेल मंडल में रेलवे के एक इंजीनियर ने फर्जी चिट्ठी दिखाकर पुराने स्टीम इंजन का स्क्रैप (Railway engineer in Bihar sells steam engine) बेच दिया. मामले के खुलासे के बाद इस धोखाधड़ी में लिप्त इंजीनियर, हेल्पर और आरपीएफ (RPF ) के सब इंस्पेक्टर सस्पेंड को कर दिया गया है. इस पूरी घटना में समस्तीपुर रेलवे डिवीजन (Samastipur Railway Division) के एक इंजीनियर ने मुख्य भूमिका निभाई है. इंजीनियर पर आरोप है कि उसने रेलवे के स्क्रैप को बेचने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे. इसके बाद इन दस्तावेज को दिखाकर रेलवे लोकोमोटिव इंजन को बेच दिया. इंजीनियर की करतूत सामने आने के बाद पूरे रेलवे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. इस जालसाजी के पूरे खेल का खुलासा आरपीएफ के एक सब इंस्पेक्टर ने किया है. इस मामले इंजीनियर और आरपीएफ दरोगा समेत सात लोग शामिल है. फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड SSE राजीव रंजन झा है. उन्होंने ही स्क्रैप गायब करने का पूरा खेल रचा है. झा ने बीते 14 दिसंबर को फर्जी टेंडर का पेपर दिखाकर हेल्पर सुशील यादव और एक कटर के साथ मिलकर पूर्णिया कोर्ट स्टेशन (Purnia Court Railway Station) के पास वर्षों से खड़ी पुराने स्टीम इंजन का फ्रेम काट दिया. इसके बाद इस खेल पर पर्दा डालने के लिए आरपीएफ दारोगा वीरेंद्र द्विवेदी ने इंजीनियर की मदद की. दरोगा से मिलीभगत कर सबकुछ सही दिखाने के लिए एक पिकअप वैन के आने की एंट्री करवा दी. इसके बाद अवैध तरीके से ट्रक, पिकअप, जेसीबी से लाखों के स्क्रैप को गायब करवा दिया. एक प्रत्यक्षदर्शी रेलवे मजदूर ने बताया कि वो लोग दो तीन पहले स्क्रैप को कटिंग कर के और ट्रक पर लादकर ले गए. वहीं दूसरे प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि उन्होंने इंजन का कटिंग पहले से कर के रखा था. समस्तीपुर रेलवे मंडल में इस खबर से हड़कंप मचा हुआ है. स्टीम इंजन के स्क्रैप को माफिया के साथ मिलकर बेचने के मामलों को समस्तीपुर डीआरएम ने भी गंभीरता से लिया है. इस बाबत बनमनखी आरपीएफ थाना में कोर्ट स्टेशन के आरपीएफ सब इंस्पेक्टर एम रहमान के आवेदन पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई है जिसमें 7 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है जिसमें इंजीनियर राजीव रंजन झा, हेल्पर सुशील यादव पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. जानकारी के अनुसार जब इस मामले की सूचना समस्तीपुर के डीआरएम आलोक अग्रवाल को मिली तो उन्होंने इंजीनियर राजीव रंजन झा, हेल्पर सुशील यादव और आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. आरपीएफ की टीम द्वारा इंजीनियर राजीव झा समेत अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी की जा रही है. जानकारी के अनुसार आरपीएफ को कुछ साक्ष्य भी मिले हैं. इन साक्ष्यों के आधार पर लगातार छापामारी की जा रही है. बहरहाल देखना है कि इस मामले में जांच में क्या मामला सामने आता है. माना जा रहा है कि आगे भी सभी सात आरोपियों की मुश्किलें बढ़ने वाली है. जांच के बाद सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. . न शाहरुख- सलमान, न रजनीकांत और अक्षय कुमार तोड़ पाए इस 63 साल के साउथ स्टार का ये रिकॉर्ड, 400 फिल्मों. .
पूर्णिया/समस्तीपुर. बिहार से एक बेहद ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. समस्तीपुर रेल मंडल में रेलवे के एक इंजीनियर ने फर्जी चिट्ठी दिखाकर पुराने स्टीम इंजन का स्क्रैप बेच दिया. मामले के खुलासे के बाद इस धोखाधड़ी में लिप्त इंजीनियर, हेल्पर और आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर सस्पेंड को कर दिया गया है. इस पूरी घटना में समस्तीपुर रेलवे डिवीजन के एक इंजीनियर ने मुख्य भूमिका निभाई है. इंजीनियर पर आरोप है कि उसने रेलवे के स्क्रैप को बेचने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे. इसके बाद इन दस्तावेज को दिखाकर रेलवे लोकोमोटिव इंजन को बेच दिया. इंजीनियर की करतूत सामने आने के बाद पूरे रेलवे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. इस जालसाजी के पूरे खेल का खुलासा आरपीएफ के एक सब इंस्पेक्टर ने किया है. इस मामले इंजीनियर और आरपीएफ दरोगा समेत सात लोग शामिल है. फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड SSE राजीव रंजन झा है. उन्होंने ही स्क्रैप गायब करने का पूरा खेल रचा है. झा ने बीते चौदह दिसंबर को फर्जी टेंडर का पेपर दिखाकर हेल्पर सुशील यादव और एक कटर के साथ मिलकर पूर्णिया कोर्ट स्टेशन के पास वर्षों से खड़ी पुराने स्टीम इंजन का फ्रेम काट दिया. इसके बाद इस खेल पर पर्दा डालने के लिए आरपीएफ दारोगा वीरेंद्र द्विवेदी ने इंजीनियर की मदद की. दरोगा से मिलीभगत कर सबकुछ सही दिखाने के लिए एक पिकअप वैन के आने की एंट्री करवा दी. इसके बाद अवैध तरीके से ट्रक, पिकअप, जेसीबी से लाखों के स्क्रैप को गायब करवा दिया. एक प्रत्यक्षदर्शी रेलवे मजदूर ने बताया कि वो लोग दो तीन पहले स्क्रैप को कटिंग कर के और ट्रक पर लादकर ले गए. वहीं दूसरे प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि उन्होंने इंजन का कटिंग पहले से कर के रखा था. समस्तीपुर रेलवे मंडल में इस खबर से हड़कंप मचा हुआ है. स्टीम इंजन के स्क्रैप को माफिया के साथ मिलकर बेचने के मामलों को समस्तीपुर डीआरएम ने भी गंभीरता से लिया है. इस बाबत बनमनखी आरपीएफ थाना में कोर्ट स्टेशन के आरपीएफ सब इंस्पेक्टर एम रहमान के आवेदन पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई है जिसमें सात लोगों को अभियुक्त बनाया गया है जिसमें इंजीनियर राजीव रंजन झा, हेल्पर सुशील यादव पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. जानकारी के अनुसार जब इस मामले की सूचना समस्तीपुर के डीआरएम आलोक अग्रवाल को मिली तो उन्होंने इंजीनियर राजीव रंजन झा, हेल्पर सुशील यादव और आरपीएफ के सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. आरपीएफ की टीम द्वारा इंजीनियर राजीव झा समेत अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी की जा रही है. जानकारी के अनुसार आरपीएफ को कुछ साक्ष्य भी मिले हैं. इन साक्ष्यों के आधार पर लगातार छापामारी की जा रही है. बहरहाल देखना है कि इस मामले में जांच में क्या मामला सामने आता है. माना जा रहा है कि आगे भी सभी सात आरोपियों की मुश्किलें बढ़ने वाली है. जांच के बाद सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. . न शाहरुख- सलमान, न रजनीकांत और अक्षय कुमार तोड़ पाए इस तिरेसठ साल के साउथ स्टार का ये रिकॉर्ड, चार सौ फिल्मों. .
बीजिंग (भाषा)। चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि अगर भारत दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करने की अनुमति देकर घटिया खेल खेलता है तो चीन को भी "ईंट का जवाब पत्थर से देने में" हिचकना नहीं चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार भारत के गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू के बयान के बाद भारत पर तीखा हमला बोला है। रिजीजू ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश, जिसे चीन दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता है, वह भारत का अभिन्न हिस्सा है। रिजीजू की टिप्पणियों पर विरोध जताते हुए इन अखबारों ने कहा कि भारत दलाई लामा का इस्तेमाल चीन के खिलाफ एक रणनीतिक औजार के रुप में कर रहा है। वह ऐसा इसलिए कर रहा है क्योंकि चीन ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत की सदस्यता और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध के खिलाफ 'वीटो जैसे मजबूत' अधिकार का इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, "बीजिंग के कूटनीतिक अभिवेदनों से एक पंक्ति लेकर रिजीजू खुद को मासूम समझ सकते हैं लेकिन उन्होंने यहां एक मूल अंतर को नजरअंदाज कर दिया कि ताइवान और चीन के किसी भी अन्य हिस्से की तरह, तिब्बत चीनी क्षेत्र का हिस्सा है फिर चाहे नई दिल्ली इसपर सहमत हो या न हो।" इसमें कहा गया, "दूसरी ओर, दक्षिणी तिब्बत को उनके (रिजीजू के) देश के पूर्व औपनिवेशिक स्वामी ने चीन के अंदरुनी तनाव का फायदा उठाते हुए चुरा लिया था। यदि रिजीजू को दक्षिणी तिब्बत की स्थिति को लेकर कोई सवाल हो तो वह ऐतिहासिक अभिलेखागारों से संपर्क कर सकते हैं।" इसमें कहा गया, " न तो मैकमोहन रेखा को और न ही मौजूदा अरुणाचल प्रदेश को चीन का समर्थन प्राप्त है। इसी रेखा के जरिए भारत दक्षिणी तिब्बत पर अपने असल नियंत्रण को उचित ठहराता है। दूसरे शब्दों में कहें तो इस क्षेत्र पर भारत का कब्जा कानूनी तौर पर असमर्थनीय है। इसलिए इसका इस्तेमाल एक लाभ के तौर पर करना न सिर्फ अनुचित है बल्कि अवैध भी है।" इसमें कहा गया, "ऐतिहासिक विवाद के बावजूद चीन-भारत सीमा क्षेत्र हाल में अमूमन शांत ही रहा है। खासकर तब जबकि बीजिंग और नई दिल्ली ने सीमा वार्ताओं के बारे में गंभीर होना शुरु कर दिया है।" अखबार ने कहा, "यदि नई दिल्ली घटिया खेल खेलने का विकल्प चुनता है तो बीजिंग को ईंट का जवाब पत्थर से देेने में हिचकना नहीं चाहिए।" इन आक्रामक संपादकीयों से पहले कल चीन ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता की इस क्षेत्र की यात्रा पर भारतीय राजदूत विजय गोखले के समक्ष विरोध दर्ज कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, "नई दिल्ली चीन के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधाें में अपने लाभ को संभवतः कुछ ज्यादा ही आंकता है. दोनों देशों ने हाल के वर्षों में अपने संबंध सुधारने के लिए सतत प्रयास किए हैं और सीमा पर शांति बनाकर रखी गई है।" आक्रामक राष्ट्रवादी रुख अपनाने के लिए पहचाने जाने वाले इस अखबार ने कहा, "द्विपक्षीय संबंधों की अच्छी गति से भारत को भी उतना ही लाभ हुआ है, जितना कि चीन को। यदि नई दिल्ली भारत और चीन के संबंधों को बर्बाद करता है और दोनों देश खुले तौर पर दुश्मन बन जाते हैं तो क्या भारत इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार है?" रिपोर्ट के अनुसार, "भारत से कई गुना ज्यादा जीडीपी वाले चीन की सैन्य क्षमताएं इतनी अधिक हैं कि वह हिंद महासागर तक पहुंच रखता है और उसके भारत के आसपास के देशों से अच्छे संबंध भी हैं। इसके अलावा चीन की सीमा से सटे भारत के पूर्वोत्तर में अशांति भी एक सत्य है। ऐसे में अगर चीन भारत के साथ भू राजनीतिक खेल में उतरता है तो क्या बीजिंग भारत से हार जाएगा?" इसमें कहा गया, "चीन भारत को एक मित्रवत पडोसी और सहयोगी मानता है। चीन ने कभी भी द्विपक्षीय विवादों को भडकाया नहीं और न ही कभी दलाई लामा को लेकर भारत के समक्ष कोई दबाव बनाने वाली मांग रखी। नई दिल्ली को बीजिंग की सदभावना का जवाब सदभावना के साथ ही देना चाहिए।" इसमें कहा गया, "दलाई लामा का सवाल उन समस्याआंे में से एक बन गया है, जो भारत-चीन के संबंध पर खराब असर डालता है।" ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।
बीजिंग । चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि अगर भारत दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करने की अनुमति देकर घटिया खेल खेलता है तो चीन को भी "ईंट का जवाब पत्थर से देने में" हिचकना नहीं चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार भारत के गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू के बयान के बाद भारत पर तीखा हमला बोला है। रिजीजू ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश, जिसे चीन दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता है, वह भारत का अभिन्न हिस्सा है। रिजीजू की टिप्पणियों पर विरोध जताते हुए इन अखबारों ने कहा कि भारत दलाई लामा का इस्तेमाल चीन के खिलाफ एक रणनीतिक औजार के रुप में कर रहा है। वह ऐसा इसलिए कर रहा है क्योंकि चीन ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की सदस्यता और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध के खिलाफ 'वीटो जैसे मजबूत' अधिकार का इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, "बीजिंग के कूटनीतिक अभिवेदनों से एक पंक्ति लेकर रिजीजू खुद को मासूम समझ सकते हैं लेकिन उन्होंने यहां एक मूल अंतर को नजरअंदाज कर दिया कि ताइवान और चीन के किसी भी अन्य हिस्से की तरह, तिब्बत चीनी क्षेत्र का हिस्सा है फिर चाहे नई दिल्ली इसपर सहमत हो या न हो।" इसमें कहा गया, "दूसरी ओर, दक्षिणी तिब्बत को उनके देश के पूर्व औपनिवेशिक स्वामी ने चीन के अंदरुनी तनाव का फायदा उठाते हुए चुरा लिया था। यदि रिजीजू को दक्षिणी तिब्बत की स्थिति को लेकर कोई सवाल हो तो वह ऐतिहासिक अभिलेखागारों से संपर्क कर सकते हैं।" इसमें कहा गया, " न तो मैकमोहन रेखा को और न ही मौजूदा अरुणाचल प्रदेश को चीन का समर्थन प्राप्त है। इसी रेखा के जरिए भारत दक्षिणी तिब्बत पर अपने असल नियंत्रण को उचित ठहराता है। दूसरे शब्दों में कहें तो इस क्षेत्र पर भारत का कब्जा कानूनी तौर पर असमर्थनीय है। इसलिए इसका इस्तेमाल एक लाभ के तौर पर करना न सिर्फ अनुचित है बल्कि अवैध भी है।" इसमें कहा गया, "ऐतिहासिक विवाद के बावजूद चीन-भारत सीमा क्षेत्र हाल में अमूमन शांत ही रहा है। खासकर तब जबकि बीजिंग और नई दिल्ली ने सीमा वार्ताओं के बारे में गंभीर होना शुरु कर दिया है।" अखबार ने कहा, "यदि नई दिल्ली घटिया खेल खेलने का विकल्प चुनता है तो बीजिंग को ईंट का जवाब पत्थर से देेने में हिचकना नहीं चाहिए।" इन आक्रामक संपादकीयों से पहले कल चीन ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता की इस क्षेत्र की यात्रा पर भारतीय राजदूत विजय गोखले के समक्ष विरोध दर्ज कराया था। रिपोर्ट के अनुसार, "नई दिल्ली चीन के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधाें में अपने लाभ को संभवतः कुछ ज्यादा ही आंकता है. दोनों देशों ने हाल के वर्षों में अपने संबंध सुधारने के लिए सतत प्रयास किए हैं और सीमा पर शांति बनाकर रखी गई है।" आक्रामक राष्ट्रवादी रुख अपनाने के लिए पहचाने जाने वाले इस अखबार ने कहा, "द्विपक्षीय संबंधों की अच्छी गति से भारत को भी उतना ही लाभ हुआ है, जितना कि चीन को। यदि नई दिल्ली भारत और चीन के संबंधों को बर्बाद करता है और दोनों देश खुले तौर पर दुश्मन बन जाते हैं तो क्या भारत इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार है?" रिपोर्ट के अनुसार, "भारत से कई गुना ज्यादा जीडीपी वाले चीन की सैन्य क्षमताएं इतनी अधिक हैं कि वह हिंद महासागर तक पहुंच रखता है और उसके भारत के आसपास के देशों से अच्छे संबंध भी हैं। इसके अलावा चीन की सीमा से सटे भारत के पूर्वोत्तर में अशांति भी एक सत्य है। ऐसे में अगर चीन भारत के साथ भू राजनीतिक खेल में उतरता है तो क्या बीजिंग भारत से हार जाएगा?" इसमें कहा गया, "चीन भारत को एक मित्रवत पडोसी और सहयोगी मानता है। चीन ने कभी भी द्विपक्षीय विवादों को भडकाया नहीं और न ही कभी दलाई लामा को लेकर भारत के समक्ष कोई दबाव बनाने वाली मांग रखी। नई दिल्ली को बीजिंग की सदभावना का जवाब सदभावना के साथ ही देना चाहिए।" इसमें कहा गया, "दलाई लामा का सवाल उन समस्याआंे में से एक बन गया है, जो भारत-चीन के संबंध पर खराब असर डालता है।" ताजा अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहां, ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें।
"पीटर ने कहा कि कथित अनियमितताओं को कार्ति चिदंबरम की मदद और सलाह के साथ सही किया जा सकता है, क्योंकि उनके पिता तत्कालीन वित्त मंत्री थे। " नई दिल्ली. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से लेकर सीबीआई हिरासत के सफर में एक महिला की अहम भूमिका रही, वो महिला कोई और नहीं बल्कि इंद्राणी मुखर्जी है। इसके बयान पर चिदंबरम को जेल का मुंह ताकना पड़ा। हालांकि, इंद्राणी तो खुद की बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में जेल में बंद है। इंद्राणी के एक बयान पर देश की राजनीति में भूचाल मचा हुआ है। इस मामले को हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने पी चिदंबरम को राहत देने से इंकार कर दिया है। आइये जानते हैं कौन हैं इंद्राणी मुखर्जी, जिसने चिदंबरम को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिकंजे में पहुंचा दिया है। इंद्राणी मुखर्जी एक पूर्व मानव संसाधन सलाहकार और मीडिया कार्यकारी है। उसने दो शादी की है। इंद्राणी, पहले पति संजीव खन्ना 1993-2002 और दूसरे पति पीटर मुखर्जी 2002-2017 तक साथ रही। पीटर रिटायर्ड इंडियन टेलीविजन एक्जक्यूटिव हैं। वह 1997 से 2007 के बीच स्टार भारत के सीईओ भी रहे। उन्होंने 2007 में INX मीडिया की शुरुआत की थी। इसमें इंद्राणी ने सीईओ की भूमिका निभाई थी। 2009 में दोनों ने INX मीडिया से इस्तीफा दे दिया। इसके पहले इंद्राणी एचआर कंसल्टेंट और मीडिया एक्जक्यूटिव भी रह चुकी थी। इंद्राणी मुखर्जी और उनके प्रेमी सिद्धार्थ दास की बेटी शीना बोरा के मर्डर केस में वो पुलिस की हिरासत में है। शीना बोरा मुंबई मेट्रो में काम करती थी, जो कि 24 अप्रैल 2012 से वह लापता थी। 23 मई 2012 को शीना बोरा का शव रायगढ़ जिले के एक जंगल में स्थानीय लोगों को मिला था। शव को हत्या के बाद जंगल में दफनाने की कोशिश की गई थी। ग्रामीणों की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने शव को कब्र से बाहर निकाला और उसका पोस्टमार्टम करवाया, उसके बाद दोबारा दफना दिया। तब तक शव की पहचान नहीं हो पाई थी। 2015 में मुंबई में शीना बोरा की हत्या का मामला दर्ज होने पर शव की पहचान हो पाई थी। हालांकि, इंद्राणी उसे अपनी बहन बताती है। इंद्राणी मुखर्जी ने एजेंसी को बताया, "आईएनएक्स मीडिया द्वारा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड को आवेदन दिए जाने के बाद वह अपने पति और कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ चिदंबरम से मिलने उनके दिल्ली के उत्तरी ब्लॉक ऑफिस में गई थी। " "पीटर ने पी चिदंबरम के साथ बातचीत शुरू की और एफडीआई लाने के लिए आईएनएक्स मीडिया के आवेदन का जिक्र किया। आवेदन की एक कॉपी उन्हें (चिदंबरम) भी दी। इस मुद्दे को समझने के बाद पूर्व वित्त मंत्री ने पीटर से कहा कि वह बेटे कार्ति को उसके व्यवसाय में मदद करें। 2008 में जब उन्हें एफआईपीबी अप्रूवल से जुड़ी कंपनी की कथित अनियमितताओं के बारे में पता चला तो पीटर ने फैसला किया कि इन मुद्दों को हल करने के लिए तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मिलना चाहिए। " "पीटर ने कहा कि कथित अनियमितताओं को कार्ति चिदंबरम की मदद और सलाह के साथ सही किया जा सकता है, क्योंकि उनके पिता तत्कालीन वित्त मंत्री थे। " इंद्राणी ने ईडी को बताया, "वो कार्ति से दिल्ली के एक होटल में मिली थी। कार्ति ने पूछा कि क्या मामले को सुलझाने के लिए $ 1 मिलियन उनके या उनके सहयोगियों के विदेशी खाते में ट्रांसफर किए जा सकते हैं। तब पीटर ने कहा कि विदेशी ट्रांसफर संभव नहीं है। तब उन्होंने भुगतान करने के लिए दो फर्मों 'चेस मैनेजमेंट' और 'एडवांटेज स्ट्रेटजिक' के नाम सुझाए। "
"पीटर ने कहा कि कथित अनियमितताओं को कार्ति चिदंबरम की मदद और सलाह के साथ सही किया जा सकता है, क्योंकि उनके पिता तत्कालीन वित्त मंत्री थे। " नई दिल्ली. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से लेकर सीबीआई हिरासत के सफर में एक महिला की अहम भूमिका रही, वो महिला कोई और नहीं बल्कि इंद्राणी मुखर्जी है। इसके बयान पर चिदंबरम को जेल का मुंह ताकना पड़ा। हालांकि, इंद्राणी तो खुद की बेटी शीना बोरा की हत्या के आरोप में जेल में बंद है। इंद्राणी के एक बयान पर देश की राजनीति में भूचाल मचा हुआ है। इस मामले को हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने पी चिदंबरम को राहत देने से इंकार कर दिया है। आइये जानते हैं कौन हैं इंद्राणी मुखर्जी, जिसने चिदंबरम को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के शिकंजे में पहुंचा दिया है। इंद्राणी मुखर्जी एक पूर्व मानव संसाधन सलाहकार और मीडिया कार्यकारी है। उसने दो शादी की है। इंद्राणी, पहले पति संजीव खन्ना एक हज़ार नौ सौ तिरानवे-दो हज़ार दो और दूसरे पति पीटर मुखर्जी दो हज़ार दो-दो हज़ार सत्रह तक साथ रही। पीटर रिटायर्ड इंडियन टेलीविजन एक्जक्यूटिव हैं। वह एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे से दो हज़ार सात के बीच स्टार भारत के सीईओ भी रहे। उन्होंने दो हज़ार सात में INX मीडिया की शुरुआत की थी। इसमें इंद्राणी ने सीईओ की भूमिका निभाई थी। दो हज़ार नौ में दोनों ने INX मीडिया से इस्तीफा दे दिया। इसके पहले इंद्राणी एचआर कंसल्टेंट और मीडिया एक्जक्यूटिव भी रह चुकी थी। इंद्राणी मुखर्जी और उनके प्रेमी सिद्धार्थ दास की बेटी शीना बोरा के मर्डर केस में वो पुलिस की हिरासत में है। शीना बोरा मुंबई मेट्रो में काम करती थी, जो कि चौबीस अप्रैल दो हज़ार बारह से वह लापता थी। तेईस मई दो हज़ार बारह को शीना बोरा का शव रायगढ़ जिले के एक जंगल में स्थानीय लोगों को मिला था। शव को हत्या के बाद जंगल में दफनाने की कोशिश की गई थी। ग्रामीणों की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने शव को कब्र से बाहर निकाला और उसका पोस्टमार्टम करवाया, उसके बाद दोबारा दफना दिया। तब तक शव की पहचान नहीं हो पाई थी। दो हज़ार पंद्रह में मुंबई में शीना बोरा की हत्या का मामला दर्ज होने पर शव की पहचान हो पाई थी। हालांकि, इंद्राणी उसे अपनी बहन बताती है। इंद्राणी मुखर्जी ने एजेंसी को बताया, "आईएनएक्स मीडिया द्वारा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड को आवेदन दिए जाने के बाद वह अपने पति और कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ चिदंबरम से मिलने उनके दिल्ली के उत्तरी ब्लॉक ऑफिस में गई थी। " "पीटर ने पी चिदंबरम के साथ बातचीत शुरू की और एफडीआई लाने के लिए आईएनएक्स मीडिया के आवेदन का जिक्र किया। आवेदन की एक कॉपी उन्हें भी दी। इस मुद्दे को समझने के बाद पूर्व वित्त मंत्री ने पीटर से कहा कि वह बेटे कार्ति को उसके व्यवसाय में मदद करें। दो हज़ार आठ में जब उन्हें एफआईपीबी अप्रूवल से जुड़ी कंपनी की कथित अनियमितताओं के बारे में पता चला तो पीटर ने फैसला किया कि इन मुद्दों को हल करने के लिए तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मिलना चाहिए। " "पीटर ने कहा कि कथित अनियमितताओं को कार्ति चिदंबरम की मदद और सलाह के साथ सही किया जा सकता है, क्योंकि उनके पिता तत्कालीन वित्त मंत्री थे। " इंद्राणी ने ईडी को बताया, "वो कार्ति से दिल्ली के एक होटल में मिली थी। कार्ति ने पूछा कि क्या मामले को सुलझाने के लिए एक डॉलर मिलियन उनके या उनके सहयोगियों के विदेशी खाते में ट्रांसफर किए जा सकते हैं। तब पीटर ने कहा कि विदेशी ट्रांसफर संभव नहीं है। तब उन्होंने भुगतान करने के लिए दो फर्मों 'चेस मैनेजमेंट' और 'एडवांटेज स्ट्रेटजिक' के नाम सुझाए। "
लखनऊ/गोंडा. यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी (Rita Bahuguna Joshi) और उनके बेटे मयंक जोशी (Mayank Joshi) को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने भाजपा सांसद के सपा ज्वाइन करने के सवाल पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि रीता बहुगुणा जोशी के सपा में शामिल होने पर अभी मैं कुछ नहीं कह सकता, लेकिन उनके बेटे की हमारे साथ मुलाकात हुई है. इसके साथ यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इस वक्त समाजवादी पार्टी का प्रयास अपने साथ अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का है. दरअसल प्रयागराज की भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक ने मंगलवार को अखिलेश यादव से मुलाकात की थी, जिसकी तस्वीर खुद सपा प्रमुख ने शेयर की थी. बताया जा रहा है मयंक जोशी सपा का दामन थाम सकते हैं. हालांकि भाजपा सांसद ने अपनी पार्टी से मयंक जोशी को लखनऊ कैंट से टिकट देने की गुहार लगाई थी, लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया. लखनऊ की कैंट सीट से भाजपा ने राज्य मंत्री बृजेश पाठक को उम्मीदवार बनाया है, जहां आज मतदान हो चुका है. वैसे इस सीट से मयंक जोशी के अलावा मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव टिकट पाने की उम्मीद कर रहे थे. .
लखनऊ/गोंडा. यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी और उनके बेटे मयंक जोशी को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है. इस बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सांसद के सपा ज्वाइन करने के सवाल पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि रीता बहुगुणा जोशी के सपा में शामिल होने पर अभी मैं कुछ नहीं कह सकता, लेकिन उनके बेटे की हमारे साथ मुलाकात हुई है. इसके साथ यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि इस वक्त समाजवादी पार्टी का प्रयास अपने साथ अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का है. दरअसल प्रयागराज की भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी के बेटे मयंक ने मंगलवार को अखिलेश यादव से मुलाकात की थी, जिसकी तस्वीर खुद सपा प्रमुख ने शेयर की थी. बताया जा रहा है मयंक जोशी सपा का दामन थाम सकते हैं. हालांकि भाजपा सांसद ने अपनी पार्टी से मयंक जोशी को लखनऊ कैंट से टिकट देने की गुहार लगाई थी, लेकिन पार्टी ने टिकट नहीं दिया. लखनऊ की कैंट सीट से भाजपा ने राज्य मंत्री बृजेश पाठक को उम्मीदवार बनाया है, जहां आज मतदान हो चुका है. वैसे इस सीट से मयंक जोशी के अलावा मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव टिकट पाने की उम्मीद कर रहे थे. .
हम जानते हैं कि सौरव गांगुली का नाम आपको इन खिलाड़ियों के साथ देखकर आप यकीनन चौक गए हैं। लेकिन दादा का नाम भी उन खिलाड़ियों की लिस्ट में शुमार है जिन्होंने आज तक टी20 क्रिकेट का एक मैच भी नहीं खेला है। गांगुली मौजूदा वक्त में भारतीय क्रिकेट कमेंटेटर हैं। साथ ही क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल के अध्यक्ष और विजडन इंडिया के साथ संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। दादा को भारतीय क्रिकेट इतिहास में अच्छा जौहरी माना जाता है क्योंकि अपनी कप्तानी के दौरान इस गांगुली ने कई महान खिलाड़ियों को बनाया। इस सलामी बल्लेबाज ने 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू कर 188 टेस्ट पारियां खेलते हुए 42. 18 के औसत से 7212 रन बनाए थे। वहीं 1992 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे डेब्यू कर 300 वनडे पारियां खेलते हुए 40. 73 के औसत से 11363 रन अपने नाम किए थे। इसी के साथ 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी वनडे और 2008 में आखिरी टेस्ट मैच खेलते हुए अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया।
हम जानते हैं कि सौरव गांगुली का नाम आपको इन खिलाड़ियों के साथ देखकर आप यकीनन चौक गए हैं। लेकिन दादा का नाम भी उन खिलाड़ियों की लिस्ट में शुमार है जिन्होंने आज तक टीबीस क्रिकेट का एक मैच भी नहीं खेला है। गांगुली मौजूदा वक्त में भारतीय क्रिकेट कमेंटेटर हैं। साथ ही क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल के अध्यक्ष और विजडन इंडिया के साथ संपादकीय बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। दादा को भारतीय क्रिकेट इतिहास में अच्छा जौहरी माना जाता है क्योंकि अपनी कप्तानी के दौरान इस गांगुली ने कई महान खिलाड़ियों को बनाया। इस सलामी बल्लेबाज ने एक हज़ार नौ सौ छियानवे में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू कर एक सौ अठासी टेस्ट पारियां खेलते हुए बयालीस. अट्ठारह के औसत से सात हज़ार दो सौ बारह रन बनाए थे। वहीं एक हज़ार नौ सौ बानवे में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे डेब्यू कर तीन सौ वनडे पारियां खेलते हुए चालीस. तिहत्तर के औसत से ग्यारह हज़ार तीन सौ तिरेसठ रन अपने नाम किए थे। इसी के साथ दो हज़ार सात में पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी वनडे और दो हज़ार आठ में आखिरी टेस्ट मैच खेलते हुए अपने क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के एक आफिसर का डांस इंटरनेट मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। ये डांस और कुछ नहीं बल्कि खुद के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का है। AIG जहां वे खुद तो इसका आनंद लेते हुए डांस कर रहे हैं, साथ ही उनके साथ मौजूद अन्य लोगों को भी अपने डांस से प्रभावित कर रहे हैं। कह सकते हैं कि वहां मौजूद लोग भी उनके साथ ताल से ताल मिला कर डांस कर रहे हैं। फिटनेस का फिटनेस और डांस का डांस दोनों एक साथ। वीडियो में डांस कर रहे शख्स AIG संजय शर्मा है। उनका ये डांस लोगों को फिटनेस और खुद को खुश रखने के प्रति प्रेरित कर रही है। इनका फिटनेस डांस देखने में किसी मस्तमौला और बेफ्रिक इंसान की तरह है। उनका कुछ देर के इस फिटनेस वीडियो ने लोगों में भी एक अलग जज्बा पैदा कर रही है। दरअसल, ये वीडियो रायपुर के तेलीबांधा तालाब के पास का है। जहां तालाब के किनारे AIG संजय शर्मा डांस करते हुए अपने मजेदार अंदाज में डांस स्टेप्स और मूव्स वहां मौजूद लोगों को भी सिखाते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं उनका ये फिटनेस डांस के सामने मौजूद लड़किया बखूबी फालो कर रही हैं, साथ ही कदम से कदम मिला कर उनका भरपूर साथ भी दे रही है। बता दें कि दरअसल AIG का ये डांस एक म्यूजिक फिटनेस सेशन था। जिसे खुद AIG लीड कर रहे थे। AIG जिस डांस फार्म को कर रहे हैं, वह और कुछ नहीं ऐरोबिक का एक डांस फार्म जुम्बा है, जिसे आज कल के युवा काफी कर रहे हैं। ये करने में भी आसान होता है। किसी भी आइटम नंबर हो या तड़कता फड़कता गाना, इसे उस पर आसान स्टेप्स के साथ कर सकते हैं। गौरतलब है कि शहर में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम द्वारा फिटनेस प्रोग्राम आयोजित किया जाता है। जिसमें साइक्लिंग, पैदल वाक और एक्सरसाइज करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है। इसी के तहत रायपुर में भी तेलीबांधा तालाब के किनारे इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आम लोग तो शामिल हुए ही साथ ही सरकारी विभाग के भी अधिकारी कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हुए माहौल को खुशनुमा बना दिया। साथ ही लोगों ने अपने स्वास्थ्य़ के प्रति अपनी पहली जिम्मेदारी समझते हुए इसमें हिस्सा लिया। ये कार्यक्रम एक साथ पूरे देश में आयोजित किया गया था। जुंबा एक डांस वर्कआउट है, जो कि आपके शरीर में बेहतर महसूस करवाने वाले हार्मोन सेरोटोनिन का उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है। जब आपका मूड बेहतर होगा तो उससे आपका तनाव कम होगा। जुंबा वर्कआउट करने से शरीर में आक्सीजन का स्तर बढ़ता है और रक्त धमनियां स्वस्थ होती हैं। जिससे रक्त धमनियों में से खून का प्रवाह सही होता है। जुम्बा शरीर को एनर्जी देता है। वहीं अगर से तेजी से वजन घटाना हो तो जुम्बा काफी फायदेमंद साबित हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक, 40 मिनट जुंबा वर्कआउट करने से करीब 370 कैलोरी बर्न की जा सकती है। आज की भागती दौड़ती जिंदगी में कुछ पीछे छूट रहा है तो वह है खुद का स्वास्थ्य। हम कमाने के पीछे शौक को पूरा करने के पीछे इस कदर भाग रहे हैं कि हम अपने फिटनेस का शरीर का ख्याल ही नहीं रख पाते। ऐसे में जरूरी है खुद को समय दें और अपने स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए सुबह एक घंटे जरूर वर्कआउट करें। अच्छा पौष्टिक खाना खाएं। खूब सारा पानी पिए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के एक आफिसर का डांस इंटरनेट मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। ये डांस और कुछ नहीं बल्कि खुद के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का है। AIG जहां वे खुद तो इसका आनंद लेते हुए डांस कर रहे हैं, साथ ही उनके साथ मौजूद अन्य लोगों को भी अपने डांस से प्रभावित कर रहे हैं। कह सकते हैं कि वहां मौजूद लोग भी उनके साथ ताल से ताल मिला कर डांस कर रहे हैं। फिटनेस का फिटनेस और डांस का डांस दोनों एक साथ। वीडियो में डांस कर रहे शख्स AIG संजय शर्मा है। उनका ये डांस लोगों को फिटनेस और खुद को खुश रखने के प्रति प्रेरित कर रही है। इनका फिटनेस डांस देखने में किसी मस्तमौला और बेफ्रिक इंसान की तरह है। उनका कुछ देर के इस फिटनेस वीडियो ने लोगों में भी एक अलग जज्बा पैदा कर रही है। दरअसल, ये वीडियो रायपुर के तेलीबांधा तालाब के पास का है। जहां तालाब के किनारे AIG संजय शर्मा डांस करते हुए अपने मजेदार अंदाज में डांस स्टेप्स और मूव्स वहां मौजूद लोगों को भी सिखाते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं उनका ये फिटनेस डांस के सामने मौजूद लड़किया बखूबी फालो कर रही हैं, साथ ही कदम से कदम मिला कर उनका भरपूर साथ भी दे रही है। बता दें कि दरअसल AIG का ये डांस एक म्यूजिक फिटनेस सेशन था। जिसे खुद AIG लीड कर रहे थे। AIG जिस डांस फार्म को कर रहे हैं, वह और कुछ नहीं ऐरोबिक का एक डांस फार्म जुम्बा है, जिसे आज कल के युवा काफी कर रहे हैं। ये करने में भी आसान होता है। किसी भी आइटम नंबर हो या तड़कता फड़कता गाना, इसे उस पर आसान स्टेप्स के साथ कर सकते हैं। गौरतलब है कि शहर में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम द्वारा फिटनेस प्रोग्राम आयोजित किया जाता है। जिसमें साइक्लिंग, पैदल वाक और एक्सरसाइज करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है। इसी के तहत रायपुर में भी तेलीबांधा तालाब के किनारे इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आम लोग तो शामिल हुए ही साथ ही सरकारी विभाग के भी अधिकारी कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हुए माहौल को खुशनुमा बना दिया। साथ ही लोगों ने अपने स्वास्थ्य़ के प्रति अपनी पहली जिम्मेदारी समझते हुए इसमें हिस्सा लिया। ये कार्यक्रम एक साथ पूरे देश में आयोजित किया गया था। जुंबा एक डांस वर्कआउट है, जो कि आपके शरीर में बेहतर महसूस करवाने वाले हार्मोन सेरोटोनिन का उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है। जब आपका मूड बेहतर होगा तो उससे आपका तनाव कम होगा। जुंबा वर्कआउट करने से शरीर में आक्सीजन का स्तर बढ़ता है और रक्त धमनियां स्वस्थ होती हैं। जिससे रक्त धमनियों में से खून का प्रवाह सही होता है। जुम्बा शरीर को एनर्जी देता है। वहीं अगर से तेजी से वजन घटाना हो तो जुम्बा काफी फायदेमंद साबित हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक, चालीस मिनट जुंबा वर्कआउट करने से करीब तीन सौ सत्तर कैलोरी बर्न की जा सकती है। आज की भागती दौड़ती जिंदगी में कुछ पीछे छूट रहा है तो वह है खुद का स्वास्थ्य। हम कमाने के पीछे शौक को पूरा करने के पीछे इस कदर भाग रहे हैं कि हम अपने फिटनेस का शरीर का ख्याल ही नहीं रख पाते। ऐसे में जरूरी है खुद को समय दें और अपने स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए सुबह एक घंटे जरूर वर्कआउट करें। अच्छा पौष्टिक खाना खाएं। खूब सारा पानी पिए।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर नर्सों को सराहनीय सेवा के धन्यवाद प्रदान करने के लिए टीम ग्रीन, टीम हेल्प और फॉलेन लीव के तरफ से आर्किड अस्पताल के नर्सों के लिए एक वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नर्सों ने अपने जीवन और काम के कुछ अनुभवों को साझा किया। साथ ही पूरे उत्साह और सकारात्मकता के साथ मिलकर इस दिन को मनाया। एक घंटे के सत्र में नर्सों ने अपने जीवन के शौक जैसे सिंगिग, डांसिंग, क्राफ्टिंफ, ट्रैवलिंग आदि के बारे में बताया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गायक अभिषेक पाठक, एनी सिंह, और शीतल जैन का महत्पूर्ण योगदान रहा। इन्होंने नर्स और स्वास्थ कर्मियों के लिए गाना गाकर उनका मनोरंजन किया और उत्साह बढ़ाया।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर नर्सों को सराहनीय सेवा के धन्यवाद प्रदान करने के लिए टीम ग्रीन, टीम हेल्प और फॉलेन लीव के तरफ से आर्किड अस्पताल के नर्सों के लिए एक वर्चुअल कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नर्सों ने अपने जीवन और काम के कुछ अनुभवों को साझा किया। साथ ही पूरे उत्साह और सकारात्मकता के साथ मिलकर इस दिन को मनाया। एक घंटे के सत्र में नर्सों ने अपने जीवन के शौक जैसे सिंगिग, डांसिंग, क्राफ्टिंफ, ट्रैवलिंग आदि के बारे में बताया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गायक अभिषेक पाठक, एनी सिंह, और शीतल जैन का महत्पूर्ण योगदान रहा। इन्होंने नर्स और स्वास्थ कर्मियों के लिए गाना गाकर उनका मनोरंजन किया और उत्साह बढ़ाया।
Batla House Encounter: 13 सितंबर 2008 को दिल्ली के कई इलाकों में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे. ब्लास्ट में 26 लोगों की जान चली गई थी और करीब 133 लोग जख्मी हो गए थे. दिल्ली (Delhi) में साल 2008 में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर मामले (Batla House Encounter Case) में आरोपी आरिज खान (Ariz Khan) को दोषी ठहराया जा चुका है. इस बीच केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आरिज खान उर्फ जुनैद एक बहुत बड़ा खतरनाक आतंकवादी था, जिसके अलग-अलग कारनामों में 165 लोगों की जान गई और 535 गंभीर रूप से घायल हुए. दिल्ली पुलिस तब BJP नेताओं से गुहार लगा रही थी कि उन्हें बचा लिया जाए. रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि वह तो आजमगढ़ तक चले गए थे. वोट बैंक पॉलिटिक्स के लिए पूरे घटना पर संदेह डालने की कोशिश की गई. तब अमर सिंह और ममता बनर्जी जामिया नगर गए थे. उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी ने वहां जाकर लोगों के बीच क्या कहा, अगर बाटला घटना में दोषारोपण सत्य हुई तो मैं राजनीति छोड़ दूंगी, अब क्या कहेंगी, अब तो प्रूव हो गया है. क्या वोट बैंक के लिए आतंकवाद के घटना से इस तरह खिलवाड़ किया जाएगा. रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'हम मांग करते हैं कि ममता जी आप माफी मांगेगी. सोनिया जी आपके आंसू निकल रहे थे क्या आप माफी मांगेगी? इस पूरे घटना से और इन लोगों के गलत कैंपेन से दिल्ली पुलिस का मनोबल और हिम्मत कितना पस्त हुई इसकी जांच होनी चाहिए. आज के दिन मैं फिर शाहिद मोहन चंद शर्मा को प्रणाम करता हूं. 13 सितंबर 2008 को दिल्ली के कई इलाकों में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे. ब्लास्ट में 26 लोगों की जान चली गई थी और करीब 133 लोग जख्मी हो गए थे. ब्लास्ट के पीछे आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) का हाथ होने की बात सामने आई थी. मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को 19 सितंबर 2008 को खबर मिली थी कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के 5 आतंकवादी बाटला हाउस की बिल्डिंग L-18 के फ्लैट में मौजूद हैं. इन 5 आतंकवादियों में आरिज खान, आतिफ अमीन, मोहम्मद साजिद, मोहम्मद सैफ और शहजाद अहमद शामिल थे. इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा अपनी टीम के साथ आतंकियों को पकड़ने के लिए पहुंचे तो आतंकियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए. इंस्पेक्टर शर्मा की हत्या के मामले में शहजाद अहमद को कोर्ट पहले ही दोषी करार दे चुकी है.
Batla House Encounter: तेरह सितंबर दो हज़ार आठ को दिल्ली के कई इलाकों में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे. ब्लास्ट में छब्बीस लोगों की जान चली गई थी और करीब एक सौ तैंतीस लोग जख्मी हो गए थे. दिल्ली में साल दो हज़ार आठ में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर मामले में आरोपी आरिज खान को दोषी ठहराया जा चुका है. इस बीच केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आरिज खान उर्फ जुनैद एक बहुत बड़ा खतरनाक आतंकवादी था, जिसके अलग-अलग कारनामों में एक सौ पैंसठ लोगों की जान गई और पाँच सौ पैंतीस गंभीर रूप से घायल हुए. दिल्ली पुलिस तब BJP नेताओं से गुहार लगा रही थी कि उन्हें बचा लिया जाए. रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि वह तो आजमगढ़ तक चले गए थे. वोट बैंक पॉलिटिक्स के लिए पूरे घटना पर संदेह डालने की कोशिश की गई. तब अमर सिंह और ममता बनर्जी जामिया नगर गए थे. उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी ने वहां जाकर लोगों के बीच क्या कहा, अगर बाटला घटना में दोषारोपण सत्य हुई तो मैं राजनीति छोड़ दूंगी, अब क्या कहेंगी, अब तो प्रूव हो गया है. क्या वोट बैंक के लिए आतंकवाद के घटना से इस तरह खिलवाड़ किया जाएगा. रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'हम मांग करते हैं कि ममता जी आप माफी मांगेगी. सोनिया जी आपके आंसू निकल रहे थे क्या आप माफी मांगेगी? इस पूरे घटना से और इन लोगों के गलत कैंपेन से दिल्ली पुलिस का मनोबल और हिम्मत कितना पस्त हुई इसकी जांच होनी चाहिए. आज के दिन मैं फिर शाहिद मोहन चंद शर्मा को प्रणाम करता हूं. तेरह सितंबर दो हज़ार आठ को दिल्ली के कई इलाकों में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे. ब्लास्ट में छब्बीस लोगों की जान चली गई थी और करीब एक सौ तैंतीस लोग जख्मी हो गए थे. ब्लास्ट के पीछे आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन का हाथ होने की बात सामने आई थी. मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को उन्नीस सितंबर दो हज़ार आठ को खबर मिली थी कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के पाँच आतंकवादी बाटला हाउस की बिल्डिंग L-अट्ठारह के फ्लैट में मौजूद हैं. इन पाँच आतंकवादियों में आरिज खान, आतिफ अमीन, मोहम्मद साजिद, मोहम्मद सैफ और शहजाद अहमद शामिल थे. इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा अपनी टीम के साथ आतंकियों को पकड़ने के लिए पहुंचे तो आतंकियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए. इंस्पेक्टर शर्मा की हत्या के मामले में शहजाद अहमद को कोर्ट पहले ही दोषी करार दे चुकी है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी, उनकी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार सुबह श्रीनगर में हजरतबल दरगाह का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा (Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi Vadra) ने गांदरबल जिले में खीर भवानी के श्रद्धेय मंदिर का भी दौरा किया। श्रीनगर से 28 किलोमीटर दूर मध्य कश्मीर जिले के तुल्लमुला इलाके में शक्तिशाली चिनारों के बीच बसे मंदिर में राहुल और प्रियंका ने पूजा अर्चना की। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा सोमवार को खत्म हो गई। यात्रा के समापन पर राहुल गांधी ने श्रीनगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर तिरंगा फहराया। इस दौरना राहुल गांधी ने भाषण भी दिया और बताया कि उन्होंने कैसे इस 4 हजार किलोमीटर की यात्रा को पूरा किया। राहुल गांधी ने कहा कि मैंने गांधी जी से सीखा है कि जीना है, तो डरे बिना जीना है। उन्होंने कहा कि मैंने बस यही सोचा कि बदल दो मेरी टी-शर्ट का रंग, लाल कर दो, लेकिन जो मैंने सोचा था, वही हुआ। जम्मू कश्मीर के लोगों ने मुझे हैंड ग्रेनेड नहीं दिया बल्कि मुझे प्यार दिया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी, उनकी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार सुबह श्रीनगर में हजरतबल दरगाह का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने गांदरबल जिले में खीर भवानी के श्रद्धेय मंदिर का भी दौरा किया। श्रीनगर से अट्ठाईस किलोग्राममीटर दूर मध्य कश्मीर जिले के तुल्लमुला इलाके में शक्तिशाली चिनारों के बीच बसे मंदिर में राहुल और प्रियंका ने पूजा अर्चना की। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली भारत जोड़ो यात्रा सोमवार को खत्म हो गई। यात्रा के समापन पर राहुल गांधी ने श्रीनगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर तिरंगा फहराया। इस दौरना राहुल गांधी ने भाषण भी दिया और बताया कि उन्होंने कैसे इस चार हजार किलोमीटर की यात्रा को पूरा किया। राहुल गांधी ने कहा कि मैंने गांधी जी से सीखा है कि जीना है, तो डरे बिना जीना है। उन्होंने कहा कि मैंने बस यही सोचा कि बदल दो मेरी टी-शर्ट का रंग, लाल कर दो, लेकिन जो मैंने सोचा था, वही हुआ। जम्मू कश्मीर के लोगों ने मुझे हैंड ग्रेनेड नहीं दिया बल्कि मुझे प्यार दिया।
"शुक्रिया" के बजाए "जज़ाकुमुल्लाह" कहना चाहिए इसी वजह से हमारे दीन में हर हर मौके लिए दुआयें तल्कीन की गयी हैं। जैसे छींकने वाले के जवाब में कहोः "यर्हमुकल्लाह" अल्लाह तुम पर रहम करे। मुलाकात के वक़्त "अस्सलामु अलैकुम कहो, तुम पर सलामती हो। कोई तुम्हारे साथ भलाई करे तो कहो "जज़ाकुमुल्लाह" अल्लाह तआला तुम्हें बदला दे। आज कल यह रिवाज हो गया है कि जब कोई शख़्स दूसरे के साथ कोई भलाई करता है तो उसके जवाब में कहता है कि "आपका बहुत बहुत शुक्रिया" यह लफ़्ज़ कहना या शुक्रिया अदा करना कोई गुनाह की बात नहीं, अच्छी बात है। हदीस शरीफ में है किः "من لم يشكر الناس لم يشكر الله" यानी जो शख़्स इन्सानों का शुक्रिया अदा नहीं करता वह अल्लाह का शुक्रिया भी अदा नहीं करता। लेकिन शुक्रिया अदा करने का बेहतरीन तरीका यह है कि जिसका शुक्र अदा कर रहे हो उसको कुछ दुआ दे दो, ताकि उस दुआ के नतीजे में उसका कुछ फायदा हो जाए। क्योंकि अगर आपने कहा कि "बहुत बहुत शुक्रिया" तो इन अल्फ़ाज़ के कहने से उसको क्या मिला? क्या दुनिया व आख़िरत की कोई नेमत मिल गयी, या उसको कोई फायदा पहुंचा? कुछ नहीं मिला, लेकिन जब तुमने "जज़ाकुमुल्लाह" कहा तो उसको एक दुआ मिल गयी। बहर हाल ! इस्लाम में यह तरीका सिखाया गया कि कदम कदम पर दूसरों को दुआयें दो और दुआयें लो। इसलिये इनको अपने मामूलात में और दिन रात की गुफ्तगू में शामिल कर लेना चाहिए। खुद भी इनकी आदत डालें और बच्चों को भी बचपन ही से इन कलिमात को अदा करना सिखायें। सलाम का जवाब बुलन्द आवाज़ से देना चाहिए से एक साहिब ने पूछा है कि सलाम का जवाब बुलन्द आवाज़ देना ज़रूरी है या आहिस्ता आवाज़ से भी जवाब दे सकते हैं? इसका इस्लाही खुतबात == जवाब यह है कि वैसे तो सलाम का जवाब देना वाजिब है, लेकिन इतनी आवाज़ से जवाब देना कि सलाम करने वाला वह जवाब सुन ले यह मुस्तहब और सुन्नत है, लेकिन अगर इतनी आहिस्ता आवाज़ से जवाब दिया कि मुखातब ने वह जवाब नहीं सुना तो वाजिब तो अदा हो जायेगा लेकिन मुस्तहब अदा नहीं होगा। इसलिये बुलन्द आवाज़ से जवाब देने का एहतिमाम करना चाहिए। अल्लाह तआला हमें इन बातों पर अमल करने की तौफीक अता फरमाए, आमीन। وآخر دعوانا ان الحمد لله رب العالمين
"शुक्रिया" के बजाए "जज़ाकुमुल्लाह" कहना चाहिए इसी वजह से हमारे दीन में हर हर मौके लिए दुआयें तल्कीन की गयी हैं। जैसे छींकने वाले के जवाब में कहोः "यर्हमुकल्लाह" अल्लाह तुम पर रहम करे। मुलाकात के वक़्त "अस्सलामु अलैकुम कहो, तुम पर सलामती हो। कोई तुम्हारे साथ भलाई करे तो कहो "जज़ाकुमुल्लाह" अल्लाह तआला तुम्हें बदला दे। आज कल यह रिवाज हो गया है कि जब कोई शख़्स दूसरे के साथ कोई भलाई करता है तो उसके जवाब में कहता है कि "आपका बहुत बहुत शुक्रिया" यह लफ़्ज़ कहना या शुक्रिया अदा करना कोई गुनाह की बात नहीं, अच्छी बात है। हदीस शरीफ में है किः "من لم يشكر الناس لم يشكر الله" यानी जो शख़्स इन्सानों का शुक्रिया अदा नहीं करता वह अल्लाह का शुक्रिया भी अदा नहीं करता। लेकिन शुक्रिया अदा करने का बेहतरीन तरीका यह है कि जिसका शुक्र अदा कर रहे हो उसको कुछ दुआ दे दो, ताकि उस दुआ के नतीजे में उसका कुछ फायदा हो जाए। क्योंकि अगर आपने कहा कि "बहुत बहुत शुक्रिया" तो इन अल्फ़ाज़ के कहने से उसको क्या मिला? क्या दुनिया व आख़िरत की कोई नेमत मिल गयी, या उसको कोई फायदा पहुंचा? कुछ नहीं मिला, लेकिन जब तुमने "जज़ाकुमुल्लाह" कहा तो उसको एक दुआ मिल गयी। बहर हाल ! इस्लाम में यह तरीका सिखाया गया कि कदम कदम पर दूसरों को दुआयें दो और दुआयें लो। इसलिये इनको अपने मामूलात में और दिन रात की गुफ्तगू में शामिल कर लेना चाहिए। खुद भी इनकी आदत डालें और बच्चों को भी बचपन ही से इन कलिमात को अदा करना सिखायें। सलाम का जवाब बुलन्द आवाज़ से देना चाहिए से एक साहिब ने पूछा है कि सलाम का जवाब बुलन्द आवाज़ देना ज़रूरी है या आहिस्ता आवाज़ से भी जवाब दे सकते हैं? इसका इस्लाही खुतबात == जवाब यह है कि वैसे तो सलाम का जवाब देना वाजिब है, लेकिन इतनी आवाज़ से जवाब देना कि सलाम करने वाला वह जवाब सुन ले यह मुस्तहब और सुन्नत है, लेकिन अगर इतनी आहिस्ता आवाज़ से जवाब दिया कि मुखातब ने वह जवाब नहीं सुना तो वाजिब तो अदा हो जायेगा लेकिन मुस्तहब अदा नहीं होगा। इसलिये बुलन्द आवाज़ से जवाब देने का एहतिमाम करना चाहिए। अल्लाह तआला हमें इन बातों पर अमल करने की तौफीक अता फरमाए, आमीन। وآخر دعوانا ان الحمد لله رب العالمين
[ भाग II - घ31 कञ खण्ड 3 (i) ] किन्हीं अन्य मदों के साथ जो भारतीय लेखा मानक 28 के अनुच्छेद 38 के अनुसार व्यवस्था में प्रतिष्ठान के निवल निवेश के भाग होती है, इक्विटी पद्धति का प्रयोग करते हुए पूर्व में लेखांकित निवेश से उत्पन्न अन्तर तथा किसी ख्याति सहित आस्तियों तथा दायित्वों की निवल राशि जिसको मान्यता दी गई है, निम्नप्रकार होगीः यदि किसी ख्याति सहित मान्यता प्राप्त आस्तियों तथा दायित्वों की निवल राशि अमान्यता प्राप्त निवेश (तथा कोई अन्य मदें जो प्रतिष्ठान के निवल निवेश का भाग होती है) से अधिक होती है तो भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर प्रतिधारित अर्जन के प्रति समायोजित किसी शेष बचे अन्तर के साथ निवेश से संबंधित किसी ख्याति के प्रति समंजित होगी । यदि किसी ख्याति सहित मान्यता प्राप्त आस्तियों तथा दायित्वों की निवल राशि अमान्यता प्राप्त निवेश की राशि (तथा कोई अन्य मदें जो प्रतिष्ठान के निवल निवेश के भाग होती है) से कम होती है तो भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर प्रतिधारित अर्जन के प्रति समायोजित होगी। इक्विटी पद्धति से आस्तियों तथा दायित्वों के लिए लेखांकन में परिवर्तित होने वाला प्रतिष्ठान अमान्यता प्राप्त निवेश तथा मान्यता प्राप्त आस्तियों एवं दायित्वों के बीच किसी शेष बचे अन्तर सहित जिसे प्रतिधारित अर्जन के प्रति समायोजित किया गया है भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर समाधान देता है। प्रतिष्ठान के पृथक वित्तीय विवरणों में संक्रमण काल के उपबंध एक प्रतिष्ठान जो भारतीय लेखा मानक 27 के अनुच्छेद 10 के अनुसार अपने पृथक वित्तीय विवरणों में संयुक्त परिचालन में अपने हित के लिए पूर्व में लागत पर निवेश के रूप में अथवा भारतीय लेखा मानक 109 के अनुसार लेखांकन करता था, निम्नप्रकार करेगा : भारतीय लेखा मानक 12 के अनुच्छेद 15 तथा 24 में प्रारम्भिक मान्यता अपवाद तब लागू नहीं होता है जब प्रतिष्ठान संयुक्त परिचालन में अपने हित से संबंधित आस्तियों तथा दायित्वों को मान्यता देता है। अनुच्छेद घ31कछ-घ31कझ के अनुसार निश्चित की गई राशियों पर संयुक्त परिचालन में अपने हित के संबंध में निवेश को अमान्य करेगा तथा आस्तियों एवं दायित्वों को मान्यता देगा। अमान्यता प्राप्त निवेश तथा प्रतिधारित अर्जन के प्रति समायोजित किसी शेष अन्तर सहित मान्यता प्राप्त आस्तियों तथा दायित्वों के बीच भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर समाधान देगा। सतही खान के उत्पादन चरण में निकासी लागतें प्रथमबार अंगीकर्त्ता भारतीय लेखा मानक 16 के परिशिष्ट 'ख', सतही खान के उत्पादन चरण की निकासी लागतें, को भारतीय लेखा कों की ओर संक्रमण की तिथि से लागू कर सकता है। भारतीय मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर पूर्व में मान्यता प्राप्त उस आस्ति शेष को जो उत्पादन चरण के दौरान की गई निकासी गतिविधियों के परिणाम (पूर्व निकासी आस्ति) को उस वर्तमान आस्ति के भाग के रूप में उस सीमा तक पुनर्वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे निकासी गतिविधि संबंधित है, जो अयस्क समूह के पहचानयोग्य घटक में शेष रह जाता है जिसके साथ पूर्व निकासी आस्ति को संबंद्ध किया जा सकता है। ऐसे शेषों को अयस्क समूह के पहचान किए गए घटक के शेष प्रत्याशित जीवनकाल में मूल्यहासित या परिशोधित किया जाएगा जिससे पूर्व निकासी आस्ति शेष संबंधित होता है। यदि अयस्क समूह का कोई पहचान योग्य घटक नहीं है जिससे वह पूर्व निकासी आस्ति संबंधित होती है तो इसको भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण तारीख पर प्रारम्भिक प्रतिधारित अर्जन में मान्यता दी जाएगी। गैर-वित्तीय मद खरीदने या बेचने के लिए अनुबंधों का पदनामांकन भारतीय लेखा मानक 109 गैर-वित्तीय मद को खरीदने या बेचने के लिए कुछ अनुबंधों को लाभ या हानि के माध्यम से (देखें भारतीय लेखा मानक 109 का अनुच्छेद 2.5) उचित मूल्य पर मापे गए रूप में प्रारम्भ में अनुमति देता है। इस अपेक्षा के बावजूद, प्रतिष्ठान को भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर उन अनुबंधों को पदनामित करने के लिए अनुमति दी गई है जो लाभ या हानि के माध्यम से उचित मूल्य पर मापे गए रूप में उस तारीख पर पहले से विद्यमान होते है लेकिन ऐसा केवल तभी होता है यदि वे उस तारीख पर भारतीय लेखा मानक 109 के अनुच्छेद 2.5 की अपेक्षाओं को पूरा करते है तथा प्रतिष्ठान एक जैसे सभी अनुबंधों को पदनामित करता है। ग्राहकों के साथ अनुबंधों से राजस्व प्रथमबार अंगीकर्त्ता निम्नलिखित व्यावहारिक उपायों को एक या अधिक बार प्रयोग कर सकता है जब भारतीय लेखा मानक 115 को पूर्व व्यापी प्रभाव से लागू किया जा रहा होः पूरे किए गए अनुबंधों के लिए प्रतिष्ठान के लिए उन अनुबंधों का पुनर्कथन करना आवश्यक नहीं है जो समान वार्षिक रिपोर्टिंग अवधि के अन्दर शुरू होते है तथा समाप्त होते है; पूरे किए अनुबंधों के लिए, जिनके परिवर्तनशील प्रतिफल होते है, प्रतिष्ठान तुलनात्मक रिपोर्टिंग अवधियों में परिवर्तनशील प्रतिफल की राशियों का प्राक्कलन करने के बजाय, उस तारीख की लेन-देन कीमत का प्रयोग कर सकता है जिस तारीख पर अनुबंध पूरा किया गया था; तथा
[ भाग II - घइकतीस कञ खण्ड तीन ] किन्हीं अन्य मदों के साथ जो भारतीय लेखा मानक अट्ठाईस के अनुच्छेद अड़तीस के अनुसार व्यवस्था में प्रतिष्ठान के निवल निवेश के भाग होती है, इक्विटी पद्धति का प्रयोग करते हुए पूर्व में लेखांकित निवेश से उत्पन्न अन्तर तथा किसी ख्याति सहित आस्तियों तथा दायित्वों की निवल राशि जिसको मान्यता दी गई है, निम्नप्रकार होगीः यदि किसी ख्याति सहित मान्यता प्राप्त आस्तियों तथा दायित्वों की निवल राशि अमान्यता प्राप्त निवेश से अधिक होती है तो भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर प्रतिधारित अर्जन के प्रति समायोजित किसी शेष बचे अन्तर के साथ निवेश से संबंधित किसी ख्याति के प्रति समंजित होगी । यदि किसी ख्याति सहित मान्यता प्राप्त आस्तियों तथा दायित्वों की निवल राशि अमान्यता प्राप्त निवेश की राशि से कम होती है तो भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर प्रतिधारित अर्जन के प्रति समायोजित होगी। इक्विटी पद्धति से आस्तियों तथा दायित्वों के लिए लेखांकन में परिवर्तित होने वाला प्रतिष्ठान अमान्यता प्राप्त निवेश तथा मान्यता प्राप्त आस्तियों एवं दायित्वों के बीच किसी शेष बचे अन्तर सहित जिसे प्रतिधारित अर्जन के प्रति समायोजित किया गया है भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर समाधान देता है। प्रतिष्ठान के पृथक वित्तीय विवरणों में संक्रमण काल के उपबंध एक प्रतिष्ठान जो भारतीय लेखा मानक सत्ताईस के अनुच्छेद दस के अनुसार अपने पृथक वित्तीय विवरणों में संयुक्त परिचालन में अपने हित के लिए पूर्व में लागत पर निवेश के रूप में अथवा भारतीय लेखा मानक एक सौ नौ के अनुसार लेखांकन करता था, निम्नप्रकार करेगा : भारतीय लेखा मानक बारह के अनुच्छेद पंद्रह तथा चौबीस में प्रारम्भिक मान्यता अपवाद तब लागू नहीं होता है जब प्रतिष्ठान संयुक्त परिचालन में अपने हित से संबंधित आस्तियों तथा दायित्वों को मान्यता देता है। अनुच्छेद घइकतीसकछ-घइकतीसकझ के अनुसार निश्चित की गई राशियों पर संयुक्त परिचालन में अपने हित के संबंध में निवेश को अमान्य करेगा तथा आस्तियों एवं दायित्वों को मान्यता देगा। अमान्यता प्राप्त निवेश तथा प्रतिधारित अर्जन के प्रति समायोजित किसी शेष अन्तर सहित मान्यता प्राप्त आस्तियों तथा दायित्वों के बीच भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर समाधान देगा। सतही खान के उत्पादन चरण में निकासी लागतें प्रथमबार अंगीकर्त्ता भारतीय लेखा मानक सोलह के परिशिष्ट 'ख', सतही खान के उत्पादन चरण की निकासी लागतें, को भारतीय लेखा कों की ओर संक्रमण की तिथि से लागू कर सकता है। भारतीय मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर पूर्व में मान्यता प्राप्त उस आस्ति शेष को जो उत्पादन चरण के दौरान की गई निकासी गतिविधियों के परिणाम को उस वर्तमान आस्ति के भाग के रूप में उस सीमा तक पुनर्वर्गीकृत किया जाएगा, जिससे निकासी गतिविधि संबंधित है, जो अयस्क समूह के पहचानयोग्य घटक में शेष रह जाता है जिसके साथ पूर्व निकासी आस्ति को संबंद्ध किया जा सकता है। ऐसे शेषों को अयस्क समूह के पहचान किए गए घटक के शेष प्रत्याशित जीवनकाल में मूल्यहासित या परिशोधित किया जाएगा जिससे पूर्व निकासी आस्ति शेष संबंधित होता है। यदि अयस्क समूह का कोई पहचान योग्य घटक नहीं है जिससे वह पूर्व निकासी आस्ति संबंधित होती है तो इसको भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण तारीख पर प्रारम्भिक प्रतिधारित अर्जन में मान्यता दी जाएगी। गैर-वित्तीय मद खरीदने या बेचने के लिए अनुबंधों का पदनामांकन भारतीय लेखा मानक एक सौ नौ गैर-वित्तीय मद को खरीदने या बेचने के लिए कुछ अनुबंधों को लाभ या हानि के माध्यम से उचित मूल्य पर मापे गए रूप में प्रारम्भ में अनुमति देता है। इस अपेक्षा के बावजूद, प्रतिष्ठान को भारतीय लेखा मानकों की ओर संक्रमण की तिथि पर उन अनुबंधों को पदनामित करने के लिए अनुमति दी गई है जो लाभ या हानि के माध्यम से उचित मूल्य पर मापे गए रूप में उस तारीख पर पहले से विद्यमान होते है लेकिन ऐसा केवल तभी होता है यदि वे उस तारीख पर भारतीय लेखा मानक एक सौ नौ के अनुच्छेद दो.पाँच की अपेक्षाओं को पूरा करते है तथा प्रतिष्ठान एक जैसे सभी अनुबंधों को पदनामित करता है। ग्राहकों के साथ अनुबंधों से राजस्व प्रथमबार अंगीकर्त्ता निम्नलिखित व्यावहारिक उपायों को एक या अधिक बार प्रयोग कर सकता है जब भारतीय लेखा मानक एक सौ पंद्रह को पूर्व व्यापी प्रभाव से लागू किया जा रहा होः पूरे किए गए अनुबंधों के लिए प्रतिष्ठान के लिए उन अनुबंधों का पुनर्कथन करना आवश्यक नहीं है जो समान वार्षिक रिपोर्टिंग अवधि के अन्दर शुरू होते है तथा समाप्त होते है; पूरे किए अनुबंधों के लिए, जिनके परिवर्तनशील प्रतिफल होते है, प्रतिष्ठान तुलनात्मक रिपोर्टिंग अवधियों में परिवर्तनशील प्रतिफल की राशियों का प्राक्कलन करने के बजाय, उस तारीख की लेन-देन कीमत का प्रयोग कर सकता है जिस तारीख पर अनुबंध पूरा किया गया था; तथा
आम आदमी पार्टी के नेता और मशहूर हिंदी कवि कुमार विश्वास की सास का निधन हो गया। इस बात की जानकारी खुद कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर बताया कि उनकी सास ही वह पहली शख्स थी जिन्होंने उनकी बेटी के साथ मेरे अंतरजातीय विवाह को स्वीकारा था। कुमार विश्वास ने अपनी सास के लिए ट्विटर पर बेहद भावुक संदेश लिखते हुए कहा है कि आपके अंदर की ज्योति हमेशा आपकी बेटी और मेरी बेटी में जगमगाती रहेगी। कुमार विश्वास ने उन्हें अंतिम प्रणाम देते हुए आत्मा की शांति की अपील की है। कुमार विश्वास का ये ट्वीट देख उनके फैंस और फॉलोवर्स को भी दुख पहुंचा। ऐसे फॉलोवर्स ने उनके ट्वीट पर कमेंट करते हुए अपनी श्रद्धांजलि भी दी है। कुमार विश्वास के दुख में साथ देने वालों में पूर्व बीजेपी सांसद तरुण विजय जैसे लोगों के भी नाम हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पिलखुवा के रहने वाले कुमार विश्वास ने प्रेम विवाह किया है। कुमार विश्वास गौर ब्राह्मण हैं और उन्होंने जाति की दीवार तोड़कर मंजू नाम की प्रोफेसर से शादी रचाई है। कुमार विश्वास कई बार सार्वजनिक मंचों से अपनी प्रेम कहानी का जिक्र कर चुके हैं। कुमार विश्वास ने ये भी सार्वजनिक तौर पर जाहिर कर चुके हैं कि उन्होंने जिस अंतरजातीय विवाह किया था जब इसको लेकर काफी बवाल होता था। अब अपनी सास की मौत के बाद कुमार विश्वास ने बता दिया कि उनकी इंटर कास्ट मैरिज में उन्हें कहां-कहां से सपोर्ट मिला था। फिलहाल कुमार विश्वास एक सुखद पारिवारिक जीवन बिता रहे हैं। कुमार विश्वास यूपी के गाजियाबाद में ही पत्नी मंजू शर्मा और दो बच्चों के साथ रहते हैं। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर अपने जीवन में खास स्थान रखने वाली अपनी दिवंगत सास के लिए भावुक संदेश लिखा है। Lost my Mother in Law. She was the first person in the family who readily accepted our inter-caste marriage with all warmth and motherly affection. Your light resides in your daughter and reflects in our daughters too. May your soul dwell in peace. कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर उनके फैंस और फॉलोवर्स के रिएक्शनः our condolences. Prayers for the departed soul. महान संस्कार देने वाली , उन मूल्यों को जीने वाली माँ की प्रेरक स्मृति को सादर प्रणाम और श्रद्धांजलि. Sad to hear the news , pray may the departed soul rest in peace & strength to the family to over come this grief movement. Ishwar unki aatma ko shanti pradan kare. . Om Shanti Shanti Shanti. .
आम आदमी पार्टी के नेता और मशहूर हिंदी कवि कुमार विश्वास की सास का निधन हो गया। इस बात की जानकारी खुद कुमार विश्वास ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर बताया कि उनकी सास ही वह पहली शख्स थी जिन्होंने उनकी बेटी के साथ मेरे अंतरजातीय विवाह को स्वीकारा था। कुमार विश्वास ने अपनी सास के लिए ट्विटर पर बेहद भावुक संदेश लिखते हुए कहा है कि आपके अंदर की ज्योति हमेशा आपकी बेटी और मेरी बेटी में जगमगाती रहेगी। कुमार विश्वास ने उन्हें अंतिम प्रणाम देते हुए आत्मा की शांति की अपील की है। कुमार विश्वास का ये ट्वीट देख उनके फैंस और फॉलोवर्स को भी दुख पहुंचा। ऐसे फॉलोवर्स ने उनके ट्वीट पर कमेंट करते हुए अपनी श्रद्धांजलि भी दी है। कुमार विश्वास के दुख में साथ देने वालों में पूर्व बीजेपी सांसद तरुण विजय जैसे लोगों के भी नाम हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के पिलखुवा के रहने वाले कुमार विश्वास ने प्रेम विवाह किया है। कुमार विश्वास गौर ब्राह्मण हैं और उन्होंने जाति की दीवार तोड़कर मंजू नाम की प्रोफेसर से शादी रचाई है। कुमार विश्वास कई बार सार्वजनिक मंचों से अपनी प्रेम कहानी का जिक्र कर चुके हैं। कुमार विश्वास ने ये भी सार्वजनिक तौर पर जाहिर कर चुके हैं कि उन्होंने जिस अंतरजातीय विवाह किया था जब इसको लेकर काफी बवाल होता था। अब अपनी सास की मौत के बाद कुमार विश्वास ने बता दिया कि उनकी इंटर कास्ट मैरिज में उन्हें कहां-कहां से सपोर्ट मिला था। फिलहाल कुमार विश्वास एक सुखद पारिवारिक जीवन बिता रहे हैं। कुमार विश्वास यूपी के गाजियाबाद में ही पत्नी मंजू शर्मा और दो बच्चों के साथ रहते हैं। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर अपने जीवन में खास स्थान रखने वाली अपनी दिवंगत सास के लिए भावुक संदेश लिखा है। Lost my Mother in Law. She was the first person in the family who readily accepted our inter-caste marriage with all warmth and motherly affection. Your light resides in your daughter and reflects in our daughters too. May your soul dwell in peace. कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर उनके फैंस और फॉलोवर्स के रिएक्शनः our condolences. Prayers for the departed soul. महान संस्कार देने वाली , उन मूल्यों को जीने वाली माँ की प्रेरक स्मृति को सादर प्रणाम और श्रद्धांजलि. Sad to hear the news , pray may the departed soul rest in peace & strength to the family to over come this grief movement. Ishwar unki aatma ko shanti pradan kare. . Om Shanti Shanti Shanti. .
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र के पहले दिन बुधवार दोपहर शुभ मुहुर्त 12 बजकर 10 पर लखनऊ के 5 कालिदास मार्ग में प्रवेश किया। इससे पहले लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास को जाने वाले कालिदास मार्ग को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था और मीडिया के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई। योगी आदित्यनाथ ने शुभ मुहूर्त और नक्षत्रों को ध्यान में रखते हुए नए घर में प्रवेश किया है। योग गुरु बाबा रामदेव मुख्यमंत्री आवास में सीएम योगी आदित्यनाथ के पहले मेहमान बने। योगी के लिए बंगले का सारा फर्नीचर और सामान निकाल कर बिल्कुल खाली कर दिया गया था और उसके अंदर सफेद रंग से पेंट किया गया है। सारे दरवाजों पर नया रंगरोगन किया गया है। अखिलेश यादव ने सीएम बंगले के लिविंग रूम में अपने निजी लेदर के सोफे और बेडरूम में अपना निजी डबल बैड लगा रखा था, जिसे बंगला खाली करते वक्त वह अपने साथ ले गए। इसके पहले यहां रहने वाली मायावती लेदर के सोफे इस्तेमाल करती थीं। चूंकि योगी लेदर के फर्नीचर पर नहीं बैठते इसलिए उनके लिए लकड़ी का तख्त और लकड़ी की कुर्सियां लगाई गई हैं। योगी को जानने वालों का कहना है कि जल्द ही सीएम आवास में गोरक्षनाथ की मूर्ति भी लगाई जाएगी। गोरक्षनाथ 11वीं सदी में नाथ संप्रदाय के संत थे। उनके नाम पर ही गोरखपुर में गोरक्षा पीठ है, जिसके योगी आदित्यनाथ महंत हैं। मुख्यमंत्री आवास में मंत्रों के जाप के साथ नवरात्रि की पूजा हो रही है। गोरखनाथ मंदिर के पुजारियों के साथ सीएम योगी ने खुद पूजा और कर्मकांड के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पूजा में गोरखपुर से आई गाय में शामिल है। इसके पहले 20 मार्च को सीएम आवास से बुलाए गए सात पुरोहितों ने कई घंटे पूजा-अर्चना की थी, जिसमें योगी भी शामिल हुए थे। इस दौरान सीएम बंगले के हर दरवाजे पर ओम और स्वास्तिक के निशान बनाए गए थे और बंगले की छत की सैंड स्टोन की जालीदार रेलिंग भगवा रंग के कपड़ों से सजाई गई थी। उस रोज बंगले के हर गेट पर गंगाजल छिडक़ाव किया गया था, जिसके लिए कहा गया कि योगी के रहने से पहले बंगले का शुद्धिकरण किया गया। इसे लेकर सियासी बयानबाजी भी हुई। अखिलेश यादव ने मजाकिया लहजे अंदाज में कहा कि जब 2022 में उनकी सरकार आएगी, तो वह सीएम रेसिडेंस को फायर टेंकरर में गंगाजल भरकर शुद्ध करेंगे और पटना में लालू यादव ने आरोप लगाया कि चूंकि अखिलेश पिछड़ी जाति से हैं इसलिए योगी ने बंगले का शुद्धिकरण किया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र के पहले दिन बुधवार दोपहर शुभ मुहुर्त बारह बजकर दस पर लखनऊ के पाँच कालिदास मार्ग में प्रवेश किया। इससे पहले लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास को जाने वाले कालिदास मार्ग को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था और मीडिया के प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी गई। योगी आदित्यनाथ ने शुभ मुहूर्त और नक्षत्रों को ध्यान में रखते हुए नए घर में प्रवेश किया है। योग गुरु बाबा रामदेव मुख्यमंत्री आवास में सीएम योगी आदित्यनाथ के पहले मेहमान बने। योगी के लिए बंगले का सारा फर्नीचर और सामान निकाल कर बिल्कुल खाली कर दिया गया था और उसके अंदर सफेद रंग से पेंट किया गया है। सारे दरवाजों पर नया रंगरोगन किया गया है। अखिलेश यादव ने सीएम बंगले के लिविंग रूम में अपने निजी लेदर के सोफे और बेडरूम में अपना निजी डबल बैड लगा रखा था, जिसे बंगला खाली करते वक्त वह अपने साथ ले गए। इसके पहले यहां रहने वाली मायावती लेदर के सोफे इस्तेमाल करती थीं। चूंकि योगी लेदर के फर्नीचर पर नहीं बैठते इसलिए उनके लिए लकड़ी का तख्त और लकड़ी की कुर्सियां लगाई गई हैं। योगी को जानने वालों का कहना है कि जल्द ही सीएम आवास में गोरक्षनाथ की मूर्ति भी लगाई जाएगी। गोरक्षनाथ ग्यारहवीं सदी में नाथ संप्रदाय के संत थे। उनके नाम पर ही गोरखपुर में गोरक्षा पीठ है, जिसके योगी आदित्यनाथ महंत हैं। मुख्यमंत्री आवास में मंत्रों के जाप के साथ नवरात्रि की पूजा हो रही है। गोरखनाथ मंदिर के पुजारियों के साथ सीएम योगी ने खुद पूजा और कर्मकांड के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पूजा में गोरखपुर से आई गाय में शामिल है। इसके पहले बीस मार्च को सीएम आवास से बुलाए गए सात पुरोहितों ने कई घंटे पूजा-अर्चना की थी, जिसमें योगी भी शामिल हुए थे। इस दौरान सीएम बंगले के हर दरवाजे पर ओम और स्वास्तिक के निशान बनाए गए थे और बंगले की छत की सैंड स्टोन की जालीदार रेलिंग भगवा रंग के कपड़ों से सजाई गई थी। उस रोज बंगले के हर गेट पर गंगाजल छिडक़ाव किया गया था, जिसके लिए कहा गया कि योगी के रहने से पहले बंगले का शुद्धिकरण किया गया। इसे लेकर सियासी बयानबाजी भी हुई। अखिलेश यादव ने मजाकिया लहजे अंदाज में कहा कि जब दो हज़ार बाईस में उनकी सरकार आएगी, तो वह सीएम रेसिडेंस को फायर टेंकरर में गंगाजल भरकर शुद्ध करेंगे और पटना में लालू यादव ने आरोप लगाया कि चूंकि अखिलेश पिछड़ी जाति से हैं इसलिए योगी ने बंगले का शुद्धिकरण किया है।
890 / औपन्यासिक जीवनियां परंतु देख ! तुलसी की बार तो डील हो ही गई है।" ढील शब्द में कितना ममत्व था, जैसे समुद्र हिलोरें ले रहा हो। गर्जन नहीं, उसमें से प्रार्थना का समर्पण गूंजता है, पवनरूपी यातना उसकी उद्वेगभरी वासना की लहर-सहर को दृढ़ता की चट्टानों पर फेंककर खंड-खंड करती है, फेन बनकर अहं का उन्माद बिखर जाता है और फिर समुद्र का-सा स्नेह बादर से हिल्लोलित होने लगता है। नारायण ने कहा, "मलूक ! गुरुदेव को आराम करने दे।" भलूक उठ आया । गुरुदेव ने फिर शांति से आँखें मूंद लीं । फिर न जाने कहाँ से एक हल्का-सा उजाला हुआ। फिर उस उजाले में दो चरण दिखाई दिए। उन चरणों को देखकर तुलसीदास छोटा होने लगा। अब वह फिर आठ वर्ष का हो गया था। उसने सिर ऊपर उठाकर देखा। वह दृष्टि चरणों से ऊपर उठती हुई जाकर मुख पर टिक गई। अरे ! यह तो गुरुदेव नरहरि का मुख था। शांत दिव्य ! उस पर कितना गौरव और आत्मविश्वास था ! बालक तुलसीदास ने उन चरणों पर सिर रखकर पूर्ण भक्ति से प्रणाम किया। आलोक की शरण में जैसे कीचड़ में उगने वाला पंकज शतदल कमल बनकर मुखरत हो जाता है, वैसे ही वह गुरु के चरणों में विकस उठा था। गुरु ने कहा था, "शतायु भव ! आयुष्मान् भव !" "वत्स !" गुरुदेव ने कहा था । "हाँ गुरुदेव !" "शूकर क्षेत्र कैसा है ?" "अच्छा है !" "यही तेरी जन्मभूमि है।" बालक नहीं बोला । गुरुदेव ने कहा, "यह पवित्र भूमि है वत्स ! यह आयवर्त्त है। यहाँ पवित्र भागीरथी बहती है। यही पुष्यतोया धारा कलि में पतिततारिणी है। इसे कौन इस पृथ्वी पर लाया था, जानता है ?" "नहीं गुरुदेव !" "तो सुन !" गुरुदेव ने कहा। बामक ध्यानमग्न सुनने लगा। वे कथा सुना गए । बालक अपने को ल-सा गया था। गुरुदेव कह रहे थे, "तब भगीरथ का रथ आगे-आगे चलने लगा, पीछेपीछे मुरसरि आने लगी और फिर समुद्र में गिरने लगी। इसमें वेद के बाद अखंड महिमा है।"
आठ सौ नब्बे / औपन्यासिक जीवनियां परंतु देख ! तुलसी की बार तो डील हो ही गई है।" ढील शब्द में कितना ममत्व था, जैसे समुद्र हिलोरें ले रहा हो। गर्जन नहीं, उसमें से प्रार्थना का समर्पण गूंजता है, पवनरूपी यातना उसकी उद्वेगभरी वासना की लहर-सहर को दृढ़ता की चट्टानों पर फेंककर खंड-खंड करती है, फेन बनकर अहं का उन्माद बिखर जाता है और फिर समुद्र का-सा स्नेह बादर से हिल्लोलित होने लगता है। नारायण ने कहा, "मलूक ! गुरुदेव को आराम करने दे।" भलूक उठ आया । गुरुदेव ने फिर शांति से आँखें मूंद लीं । फिर न जाने कहाँ से एक हल्का-सा उजाला हुआ। फिर उस उजाले में दो चरण दिखाई दिए। उन चरणों को देखकर तुलसीदास छोटा होने लगा। अब वह फिर आठ वर्ष का हो गया था। उसने सिर ऊपर उठाकर देखा। वह दृष्टि चरणों से ऊपर उठती हुई जाकर मुख पर टिक गई। अरे ! यह तो गुरुदेव नरहरि का मुख था। शांत दिव्य ! उस पर कितना गौरव और आत्मविश्वास था ! बालक तुलसीदास ने उन चरणों पर सिर रखकर पूर्ण भक्ति से प्रणाम किया। आलोक की शरण में जैसे कीचड़ में उगने वाला पंकज शतदल कमल बनकर मुखरत हो जाता है, वैसे ही वह गुरु के चरणों में विकस उठा था। गुरु ने कहा था, "शतायु भव ! आयुष्मान् भव !" "वत्स !" गुरुदेव ने कहा था । "हाँ गुरुदेव !" "शूकर क्षेत्र कैसा है ?" "अच्छा है !" "यही तेरी जन्मभूमि है।" बालक नहीं बोला । गुरुदेव ने कहा, "यह पवित्र भूमि है वत्स ! यह आयवर्त्त है। यहाँ पवित्र भागीरथी बहती है। यही पुष्यतोया धारा कलि में पतिततारिणी है। इसे कौन इस पृथ्वी पर लाया था, जानता है ?" "नहीं गुरुदेव !" "तो सुन !" गुरुदेव ने कहा। बामक ध्यानमग्न सुनने लगा। वे कथा सुना गए । बालक अपने को ल-सा गया था। गुरुदेव कह रहे थे, "तब भगीरथ का रथ आगे-आगे चलने लगा, पीछेपीछे मुरसरि आने लगी और फिर समुद्र में गिरने लगी। इसमें वेद के बाद अखंड महिमा है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (joe Biden) के परमाणु हथियारों (Nuclear Program) पर बयान से पाकिस्तान (Pkistan) की सियासत में हड़कंप मचा हुआ है. पाकिस्तान मुस्लिम लीग - नवाज (PML-N) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेता इमरान खान के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है. पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर बाइडेन की साफ टिप्पणी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने ट्विटर पर अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) से पूछा कि उन्होंने यह बयान किस आधार पर दिया. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने ट्वीट में कहा, क्या बाइडन की टिप्पणी आयातित सरकार की विदेश नीति की पूरी विफलता- अमेरिका के साथ ताल्लुकातों की बहाली के दावों को दिखाता है? क्या ये है ताल्लुकातों की बहाली? इस सरकार ने अक्षमता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पीटीआई नेता इमरान खान का जवाब में पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने भी ट्वीट कर दिया. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Biden) ने कहा था कि पाकिस्तान (Pakistan) दुनिया के सबसे खतरनाक देशों (Dangerous Nation) में से एक है, क्योंकि देश के पास बिना किसी सामंजस्य के परमाणु हथियार हैं. बाइडेन ने कहा, मैं वास्तव में यह मानता हूं. दुनिया हमें देख रही है. यह कोई मजाक नहीं है. यहां तक कि हमारे दुश्मन भी हमें यह पता लगाने के लिए देख रहे हैं कि हम इसे कैसे समझते हैं और हम क्या करते हैं. बाइडेन ने जोर देकर कहा कि अमेरिका में दुनिया को उस स्थान पर ले जाने की क्षमता है, जो पहले कभी नहीं थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के परमाणु हथियारों पर बयान से पाकिस्तान की सियासत में हड़कंप मचा हुआ है. पाकिस्तान मुस्लिम लीग - नवाज की उपाध्यक्ष मरियम नवाज और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता इमरान खान के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है. पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर बाइडेन की साफ टिप्पणी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्विटर पर अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा कि उन्होंने यह बयान किस आधार पर दिया. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने ट्वीट में कहा, क्या बाइडन की टिप्पणी आयातित सरकार की विदेश नीति की पूरी विफलता- अमेरिका के साथ ताल्लुकातों की बहाली के दावों को दिखाता है? क्या ये है ताल्लुकातों की बहाली? इस सरकार ने अक्षमता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. पीटीआई नेता इमरान खान का जवाब में पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने भी ट्वीट कर दिया. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि पाकिस्तान दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक है, क्योंकि देश के पास बिना किसी सामंजस्य के परमाणु हथियार हैं. बाइडेन ने कहा, मैं वास्तव में यह मानता हूं. दुनिया हमें देख रही है. यह कोई मजाक नहीं है. यहां तक कि हमारे दुश्मन भी हमें यह पता लगाने के लिए देख रहे हैं कि हम इसे कैसे समझते हैं और हम क्या करते हैं. बाइडेन ने जोर देकर कहा कि अमेरिका में दुनिया को उस स्थान पर ले जाने की क्षमता है, जो पहले कभी नहीं थी.
उलड्. कृत स्वीकृत किया गया है। वह सर्वज्ञ, दयालु और ज्ञान और मौत देने वाला है । निर्विशेष, ज्ञानमात्र या चिन्यान नहीं है। सर्वशक्तिमान, स्वतन्त्र, अदितीय, शंकर के ब्रल को तरह वह निर्गुण, न्यायुसुथा में अनुव्याख्यान के महगलाचरण को व्याख्या करते हुए नारायण के स्वरूप को स्पष्ट किया गया है। ब्रह्म की सगुणता उसकी उत्तम गुणकता है। मैं देहवान है। देहवान होने पर हो उनमें ज्ञानादि गुण स्वोकृत किये जा सकते हैं। ब्रह्म । ब्रह्म में ये गुण सर्वोत्कृष्ट और अद्वितीय रूप से विद्यमान है । अन्य देवताओं या बोवों में यथपि ज्ञानादि गुण होते है किन्तु वल्प, सीमित और सातिशय रूप से । इसके साथ बीवों में इन गुणों के साथ ही दुःखादिदोष भी रहते हैं, किन्तु बृद्ध स्थलगुणपूर्ण और फलदोष रहित है। यहां पर यह शङ्का उठती है कि ब्रस यदि देहवान है तो ज्ञानादि गुणों के साथ उसमें दुःखादि दोष भी होने । इन दोषों के होने से ब्रह्म सब बीबों की तरह सुख दुःसादि को भोगने वाला होगा, और ऐसी स्थिति में वह स्वतन्त्र या सर्वोत्कृष्ट नहीं होगा। इसका समाधान करते हुए जयतीर्थ का कथन है कि ब्रह्म देहवल्स्वाइ ज्ञानादि गुणों से पूर्ण तो है, किन्तु उसमें दोषों का सर्वथा अभाव है। वह निसिलगुण पूर्ण मात्र है, आनन्दादि गुण उसमें पूर्ण रूप में विद्यमान है। ये गुण हो उसका देश है, प्राकृत पुरुषों की तरह उसका देह नहीं है । बती के उक्त व्याख्यान पर यह बात नहीं किया बा सकता कि आनन्दादि गुणों के साथ दुःसादि दोषों को भी स्थिति होती है। क्योंकि सुख दुःख की स्थिति प्राकृत देशों में होती है किन्तु ब्रह्म का तो गुण ज्ञानां शादी विष्णु मोवश्व : अनुव्याख्यान, पृ० १
उलड्. कृत स्वीकृत किया गया है। वह सर्वज्ञ, दयालु और ज्ञान और मौत देने वाला है । निर्विशेष, ज्ञानमात्र या चिन्यान नहीं है। सर्वशक्तिमान, स्वतन्त्र, अदितीय, शंकर के ब्रल को तरह वह निर्गुण, न्यायुसुथा में अनुव्याख्यान के महगलाचरण को व्याख्या करते हुए नारायण के स्वरूप को स्पष्ट किया गया है। ब्रह्म की सगुणता उसकी उत्तम गुणकता है। मैं देहवान है। देहवान होने पर हो उनमें ज्ञानादि गुण स्वोकृत किये जा सकते हैं। ब्रह्म । ब्रह्म में ये गुण सर्वोत्कृष्ट और अद्वितीय रूप से विद्यमान है । अन्य देवताओं या बोवों में यथपि ज्ञानादि गुण होते है किन्तु वल्प, सीमित और सातिशय रूप से । इसके साथ बीवों में इन गुणों के साथ ही दुःखादिदोष भी रहते हैं, किन्तु बृद्ध स्थलगुणपूर्ण और फलदोष रहित है। यहां पर यह शङ्का उठती है कि ब्रस यदि देहवान है तो ज्ञानादि गुणों के साथ उसमें दुःखादि दोष भी होने । इन दोषों के होने से ब्रह्म सब बीबों की तरह सुख दुःसादि को भोगने वाला होगा, और ऐसी स्थिति में वह स्वतन्त्र या सर्वोत्कृष्ट नहीं होगा। इसका समाधान करते हुए जयतीर्थ का कथन है कि ब्रह्म देहवल्स्वाइ ज्ञानादि गुणों से पूर्ण तो है, किन्तु उसमें दोषों का सर्वथा अभाव है। वह निसिलगुण पूर्ण मात्र है, आनन्दादि गुण उसमें पूर्ण रूप में विद्यमान है। ये गुण हो उसका देश है, प्राकृत पुरुषों की तरह उसका देह नहीं है । बती के उक्त व्याख्यान पर यह बात नहीं किया बा सकता कि आनन्दादि गुणों के साथ दुःसादि दोषों को भी स्थिति होती है। क्योंकि सुख दुःख की स्थिति प्राकृत देशों में होती है किन्तु ब्रह्म का तो गुण ज्ञानां शादी विष्णु मोवश्व : अनुव्याख्यान, पृशून्य एक
PATNA : बिहार के नये गवर्नर रामनाथ कोविंद ने पद व गोपनीयता की ओथ ली। हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस न्यायाधीश आईएस अंसारी ने उन्हें ओथ दिलायी। गवर्नर हाउस में आयोजित कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार सहित मंत्री विजय चौधरी, एमपी मनोज तिवारी, नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव भी मौजूद रहे। रामनाथ कोविंद दो बार क्99ब् और ख्00म् में राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। इनकी उम्र म्9 वर्ष है और यूपी के कानपुर निवासी हैं। बीजेपी में अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष, महामंत्री और प्रवक्ता के पद पर रह चुके हैं। नए गवर्नर को सीएम नीतीश कुमार ने बधाई दी और कहा कि उन्हें वे पहले से ही जानते हैं। वे राज्यसभा में थे और मैं लोकसभा में। उनसे मुलाकात भी होती थी। मेरा पूरा सहयोग उन्हें रहेगा। ओथ लेने के बाद गवर्नर को बधाई भले ही नीतीश कुमार ने दी लेकिन उनके मन में कसक जरूर रही। नीतीश कुमार ने उस समय केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया था जब राष्ट्रपति ने रामनाथ कोविंद को बिहार का गवर्नर नियुक्त किया था। उन्होंने कहा था कि उनसे सहमति नहीं ली गई। गवर्नर राम नाथ कोविंद ने पटना होईकोर्ट पहुंचकर भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेदकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। स्थानीय गांधी मैदान पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व बिस्कोमान ऑफिस के समीप जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। उन्होंने राजभवन के पास भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद एवं महात्मा बुद्ध की प्रतिमा पर भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
PATNA : बिहार के नये गवर्नर रामनाथ कोविंद ने पद व गोपनीयता की ओथ ली। हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस न्यायाधीश आईएस अंसारी ने उन्हें ओथ दिलायी। गवर्नर हाउस में आयोजित कार्यक्रम में सीएम नीतीश कुमार सहित मंत्री विजय चौधरी, एमपी मनोज तिवारी, नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव भी मौजूद रहे। रामनाथ कोविंद दो बार क्निन्यानवेब् और ख्शून्यम् में राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। इनकी उम्र म्नौ वर्ष है और यूपी के कानपुर निवासी हैं। बीजेपी में अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष, महामंत्री और प्रवक्ता के पद पर रह चुके हैं। नए गवर्नर को सीएम नीतीश कुमार ने बधाई दी और कहा कि उन्हें वे पहले से ही जानते हैं। वे राज्यसभा में थे और मैं लोकसभा में। उनसे मुलाकात भी होती थी। मेरा पूरा सहयोग उन्हें रहेगा। ओथ लेने के बाद गवर्नर को बधाई भले ही नीतीश कुमार ने दी लेकिन उनके मन में कसक जरूर रही। नीतीश कुमार ने उस समय केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया था जब राष्ट्रपति ने रामनाथ कोविंद को बिहार का गवर्नर नियुक्त किया था। उन्होंने कहा था कि उनसे सहमति नहीं ली गई। गवर्नर राम नाथ कोविंद ने पटना होईकोर्ट पहुंचकर भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेदकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। स्थानीय गांधी मैदान पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व बिस्कोमान ऑफिस के समीप जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया। उन्होंने राजभवन के पास भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद एवं महात्मा बुद्ध की प्रतिमा पर भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
घुमारवीं(बिलासपुर). कंदरौर से हमीरपुर तक बनाया जाने वाले डबल लेन में अधिकारी व प्रशासन कई तरह की अनियमितताएं बरत रहे हैं. डबल लेन जो 72 फुट का बनना था, वह कई स्थानो पर सड़क की चौड़ाई को कम करके माननीयों को लाभ पंहुचा रहे हैं. शिमला धर्मशाला एनएच-103 पर अवैध कब्जे को हटाए जाने को लेकर कुछ दिन पहले हाईकोर्ट की ओर से दिया गया आदेश भी हवा-हवाई साबित हो रहा है. कुछ समय पूर्व एसडीएम की ओर से एनएच के अधिकारियों और कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक गई. जिसमे निर्णय लिया गया है कि जिन लोगों ने अभी अवैध निर्माण नहीं हटाए है, वह खुद ही हटा लें नही तो प्रशासन कार्रवाई करेगा. संबंधित विभाग ने अवैध निर्माण करने वालों का खाका तैयार कर लिया हैं जिसमें सौ के करीब अवैध निर्माण चिन्हित कर लिए गए हैं. जिसमे से कुछ हटा भी दिए गए थे. घुमारवी शहर में आजकल जो कंपनी के अधिकारियों की ओर से कार्य करवाया जा रहा है, उसमे कई लोगो को लाभ पहुंचाया जा रहा है. शहर के लोगो मे ज्ञान चंद ठाकुर, रजनीश मेहता, मंजीत ठाकुर, कुलदीप पटियाल, राकेश कुमार, राजेश पठानिया, अजीत कुमार ने आरोप लगाया है कि यह कथित धांधली प्रशासन के नाक तले हो रही हैं तथा राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोगो को लाभ पहुंचाकर सड़क के किनारे जो नालिया बनाई जा रही हैं, उनकी दिशा में मनमर्जी से बदलाव किया जा रहा है. कुछ जगहों पर कार्यवाही से पहले ही अवैध निर्माण हटा लिया गया है. जिनमें घाघस, कदरौर, घुमाणी चौक, भगेड, घुमारवीं, पट्टा, निहारी, दधोल और अन्य छोटे छोटे स्थानो पर प्रशासन की कार्यवाही के पहले ही अवैध निर्माण हटाए लिए गए थे. लेकिन कुछ लोगों की ओर से अवैध निर्माण अब भी नहीं हटाए गए हैं. एसडीएम शशिपाल शर्मा ने कहा कि लोगों की तरफ से लिखित शिकायत नही आई हैं, फिर भी अधिकारी को निर्देश दिये जाएगे कि किसी भी तरह की कोताही न बरते. अगर कर्मचारी कोताही बरतते हुए पकड़े जाते हैं तो उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी.
घुमारवीं. कंदरौर से हमीरपुर तक बनाया जाने वाले डबल लेन में अधिकारी व प्रशासन कई तरह की अनियमितताएं बरत रहे हैं. डबल लेन जो बहत्तर फुट का बनना था, वह कई स्थानो पर सड़क की चौड़ाई को कम करके माननीयों को लाभ पंहुचा रहे हैं. शिमला धर्मशाला एनएच-एक सौ तीन पर अवैध कब्जे को हटाए जाने को लेकर कुछ दिन पहले हाईकोर्ट की ओर से दिया गया आदेश भी हवा-हवाई साबित हो रहा है. कुछ समय पूर्व एसडीएम की ओर से एनएच के अधिकारियों और कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक गई. जिसमे निर्णय लिया गया है कि जिन लोगों ने अभी अवैध निर्माण नहीं हटाए है, वह खुद ही हटा लें नही तो प्रशासन कार्रवाई करेगा. संबंधित विभाग ने अवैध निर्माण करने वालों का खाका तैयार कर लिया हैं जिसमें सौ के करीब अवैध निर्माण चिन्हित कर लिए गए हैं. जिसमे से कुछ हटा भी दिए गए थे. घुमारवी शहर में आजकल जो कंपनी के अधिकारियों की ओर से कार्य करवाया जा रहा है, उसमे कई लोगो को लाभ पहुंचाया जा रहा है. शहर के लोगो मे ज्ञान चंद ठाकुर, रजनीश मेहता, मंजीत ठाकुर, कुलदीप पटियाल, राकेश कुमार, राजेश पठानिया, अजीत कुमार ने आरोप लगाया है कि यह कथित धांधली प्रशासन के नाक तले हो रही हैं तथा राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोगो को लाभ पहुंचाकर सड़क के किनारे जो नालिया बनाई जा रही हैं, उनकी दिशा में मनमर्जी से बदलाव किया जा रहा है. कुछ जगहों पर कार्यवाही से पहले ही अवैध निर्माण हटा लिया गया है. जिनमें घाघस, कदरौर, घुमाणी चौक, भगेड, घुमारवीं, पट्टा, निहारी, दधोल और अन्य छोटे छोटे स्थानो पर प्रशासन की कार्यवाही के पहले ही अवैध निर्माण हटाए लिए गए थे. लेकिन कुछ लोगों की ओर से अवैध निर्माण अब भी नहीं हटाए गए हैं. एसडीएम शशिपाल शर्मा ने कहा कि लोगों की तरफ से लिखित शिकायत नही आई हैं, फिर भी अधिकारी को निर्देश दिये जाएगे कि किसी भी तरह की कोताही न बरते. अगर कर्मचारी कोताही बरतते हुए पकड़े जाते हैं तो उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी.
त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में बिसलघर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पिजुश कांति बिश्वास की गाड़ी पर हमला कर दिया गया। लखनऊः त्रिपुरा के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पिजुश कांति बिश्वास पर रविवार को हमला हुआ है। आज सिपाहीजाला जिले बिश्वास की कार पर ज्ञात लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें बिश्वास को भी चोटें आई हैं, साथ ही उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष पर हुए इस हमले के बाद पार्टी में हड़कंप मच गया। वहीं हमले का आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगा है। त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में बिसलघर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पिजुश कांति बिश्वास की गाड़ी पर हमला कर दिया गया। बिस्वास त्रिपुरा से 20 किलोमीटर दूर बिशालगढ़ पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इस दौरान ऊपर हमला कर दिया गया। कार की विंडशील्ड क्षतिग्रस्त होकर चकनाचूर हो गई। वहीं शीशे के टुकड़े कार की आगे की सीट पर भी फैल गए। खुद बिश्वास को मामूली चोटे सिर और अन्य शरीर के अंगों पर आई। वहीं उनके काफिले के साथ शामिल कई कांग्रेस कार्यकर्ता भी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हमले में कांग्रेस अध्यक्ष को बचाने में जुटें कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गए। घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष समेत घायल कार्यकर्ताओं को इलाज के लिए एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं पर इस हमला का आरोप लगा है। फिलहाल बिश्वास ने हमले को लेकर पुलिस में एक एफआईआर दर्ज करा दी है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि हमले के राजनीतिक उद्देश्य को लेकर अभी तक पुलिस कुछ नहीं कह रही। दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।
त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में बिसलघर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पिजुश कांति बिश्वास की गाड़ी पर हमला कर दिया गया। लखनऊः त्रिपुरा के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पिजुश कांति बिश्वास पर रविवार को हमला हुआ है। आज सिपाहीजाला जिले बिश्वास की कार पर ज्ञात लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें बिश्वास को भी चोटें आई हैं, साथ ही उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। कांग्रेस अध्यक्ष पर हुए इस हमले के बाद पार्टी में हड़कंप मच गया। वहीं हमले का आरोप भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगा है। त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में बिसलघर इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पिजुश कांति बिश्वास की गाड़ी पर हमला कर दिया गया। बिस्वास त्रिपुरा से बीस किलोग्राममीटर दूर बिशालगढ़ पार्टी के एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इस दौरान ऊपर हमला कर दिया गया। कार की विंडशील्ड क्षतिग्रस्त होकर चकनाचूर हो गई। वहीं शीशे के टुकड़े कार की आगे की सीट पर भी फैल गए। खुद बिश्वास को मामूली चोटे सिर और अन्य शरीर के अंगों पर आई। वहीं उनके काफिले के साथ शामिल कई कांग्रेस कार्यकर्ता भी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि हमले में कांग्रेस अध्यक्ष को बचाने में जुटें कई पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गए। घटना के बाद कांग्रेस अध्यक्ष समेत घायल कार्यकर्ताओं को इलाज के लिए एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहीं बीजेपी कार्यकर्ताओं पर इस हमला का आरोप लगा है। फिलहाल बिश्वास ने हमले को लेकर पुलिस में एक एफआईआर दर्ज करा दी है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। हालांकि हमले के राजनीतिक उद्देश्य को लेकर अभी तक पुलिस कुछ नहीं कह रही। दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।
Saifai News: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पार्थिव शरीर को मंगलवार को मुखाग्नि दी गई. उनके बड़े बेटे और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी. मुखाग्नि देने से पहले अखिलेश ने सिर पर सपा की लाल टोपी लगाई. अंतिम संस्कार के दौरान वहां मौजूद हजारों लोगों ने 'नेताजी-अमर रहें' और 'मुलायम सिंह यादव-अमर रहें के नारे लगाए. परिवार के सदस्यों ने सबसे पहले पुष्प चक्र अर्पित कर नेताजी को अंतिम विदाई दी. इस बीच देश की दिग्गज राजनीतिक हस्तियां इटावा के सैफई में अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह यादव का इटावा जिले में स्थित पैतृक गांव सैफई में राजकीय अंतिम संस्कार हुआ. उनके पार्थिव शरीर को सुबह 10 बजे से अंतिम दर्शन के लिए सैफई मेला ग्राउंड के पंडाल में रखा गया था. मुलायम सिंह यादव का सोमवार को निधन हो गया था. 82 साल की उम्र में उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली थी. वे बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे. उनके पार्थिव शरीर को सोमवार शाम सैफई लाया गया और उनकी 'कोठी' में रखा गया, जहां हजारों लोग 'नेता जी' को अंतिम विदाई देने पहुंचे. वो अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच 'नेताजी' के नाम से मशहूर थे. उनको अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि देने के लिए मेला ग्राउंड में एक मंच बनाया गया था. अखिलेश यादव और परिवार के अन्य सदस्य एक रथ पर मुलायम का पार्थिव शरीर लेकर मंगलवार सुबह 'कोठी' से मेला ग्राउंड पहुंचे, जहां लाखों लोगों के अंतिम दर्शन के लिए उसे एक विशाल मंच बनाया गया था. रथ मेला ग्राउंड में पहुंचा तो वहां का माहौल गमगीन हो गया. मंच पर अखिलेश के अलावा उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव, प्रोफेसर राम गोपाल यादव, प्रतीक यादव, धर्मेंद्र यादव सहित परिवार के तमाम सदस्य नजर आए. परिवार के सदस्यों ने सबसे पहले पुष्प चक्र अर्पित कर नेताजी को अंतिम विदाई दी. पूर्व सांसद डिंपल यादव समेत परिवार की महिलाएं भी मौजूद थीं. सभी फूट-फूटकर रो रहे थे. इस बीच देश के केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद समेत राज्य सरकार के कई मंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार व सुप्रिया सुले समेत अनेक नेता श्रद्धांजलि देने सैफई पहुंचे. महाराष्ट्र में मुंबई से सपा नेता अबू आजमी, अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष कृष्णा पटेल, किसान नेता राकेश टिकैत, केंद्रीय मंत्री प्रोफेसर एसपी बघेल व साध्वी निरंजन ज्योति समेत अनेक प्रमुख लोगों ने मुलायम के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की. उद्योगपति अनिल अंबानी भी मुलायम सिंह के अंतिम संस्कार में भाग लेने सैफई पहुंचे.
Saifai News: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पार्थिव शरीर को मंगलवार को मुखाग्नि दी गई. उनके बड़े बेटे और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी. मुखाग्नि देने से पहले अखिलेश ने सिर पर सपा की लाल टोपी लगाई. अंतिम संस्कार के दौरान वहां मौजूद हजारों लोगों ने 'नेताजी-अमर रहें' और 'मुलायम सिंह यादव-अमर रहें के नारे लगाए. परिवार के सदस्यों ने सबसे पहले पुष्प चक्र अर्पित कर नेताजी को अंतिम विदाई दी. इस बीच देश की दिग्गज राजनीतिक हस्तियां इटावा के सैफई में अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के पूर्व प्रमुख मुलायम सिंह यादव का इटावा जिले में स्थित पैतृक गांव सैफई में राजकीय अंतिम संस्कार हुआ. उनके पार्थिव शरीर को सुबह दस बजे से अंतिम दर्शन के लिए सैफई मेला ग्राउंड के पंडाल में रखा गया था. मुलायम सिंह यादव का सोमवार को निधन हो गया था. बयासी साल की उम्र में उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली थी. वे बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे. उनके पार्थिव शरीर को सोमवार शाम सैफई लाया गया और उनकी 'कोठी' में रखा गया, जहां हजारों लोग 'नेता जी' को अंतिम विदाई देने पहुंचे. वो अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच 'नेताजी' के नाम से मशहूर थे. उनको अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि देने के लिए मेला ग्राउंड में एक मंच बनाया गया था. अखिलेश यादव और परिवार के अन्य सदस्य एक रथ पर मुलायम का पार्थिव शरीर लेकर मंगलवार सुबह 'कोठी' से मेला ग्राउंड पहुंचे, जहां लाखों लोगों के अंतिम दर्शन के लिए उसे एक विशाल मंच बनाया गया था. रथ मेला ग्राउंड में पहुंचा तो वहां का माहौल गमगीन हो गया. मंच पर अखिलेश के अलावा उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव, प्रोफेसर राम गोपाल यादव, प्रतीक यादव, धर्मेंद्र यादव सहित परिवार के तमाम सदस्य नजर आए. परिवार के सदस्यों ने सबसे पहले पुष्प चक्र अर्पित कर नेताजी को अंतिम विदाई दी. पूर्व सांसद डिंपल यादव समेत परिवार की महिलाएं भी मौजूद थीं. सभी फूट-फूटकर रो रहे थे. इस बीच देश के केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद समेत राज्य सरकार के कई मंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार व सुप्रिया सुले समेत अनेक नेता श्रद्धांजलि देने सैफई पहुंचे. महाराष्ट्र में मुंबई से सपा नेता अबू आजमी, अपना दल की अध्यक्ष कृष्णा पटेल, किसान नेता राकेश टिकैत, केंद्रीय मंत्री प्रोफेसर एसपी बघेल व साध्वी निरंजन ज्योति समेत अनेक प्रमुख लोगों ने मुलायम के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की. उद्योगपति अनिल अंबानी भी मुलायम सिंह के अंतिम संस्कार में भाग लेने सैफई पहुंचे.
बोकारोः झारखंड के बोकारो जिले में एक बहुत चौंका देने वाली घटना सामने आई है। यहां कोरोना का टीका लेना एक शख्स के लिए रामबाण साबित हुआ है। कोरोना वैक्सीन लेने के पश्चात् कई वर्षों से बोलने तथा चलने में असमर्थ महेंद्र मुंडा एक बार फिर से सामान्य जिंदगी जीने लगे। इस चमत्कार को देख कर परिवार वालों के साथ-साथ डॉक्टर भी हैरान हैं। दरअसल, ये मामला झारखंड के बोकारो जिले के उतासारा पंचायत अंतर्गत सलगा डीह गांव का है। यहां महेंद्र मुंडा नाम का शख्स 4 साल पहले एक हादसे का शिकार हुआ था। इस हादसे के पश्चात् से उसके बोलने और चलने-फिरने की क्षमता चली गई थी। हालांकि 6 जनवरी को 2022 को कोविशील्ड की पहली डोज लगने के पश्चात से उसके शरीर में हरकत होना आरम्भ हो गया। 8 जनवरी से आहिस्ता-आहिस्ता वह बोलने भी लगा तथा उसके हाथ-पैर भी चलने लगे। वही इसे चमत्कार कहे या कोरोना खुराक का कमाल, जहां सड़क दुर्घटना में 4 वर्ष पहले एक शख्स की आवाज चली गई थी, वहीं वैक्सीन लगते ही अब बोलने लगा है। इन 4 वर्षों में, उपचार के चलते महेंद्र मुंडा को अपनी पुश्तैनी जमीन तक बेचनी पड़ी। लेकिन इस बीच उनकी सेहत ठीक होने की जगह बिगड़ती चली गई। इस मामले को लेकर बोकारो के सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र ने बताया कि इस मामले की वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जांच होनी चाहिए। जिस तरीके से कोरोना के वैक्सीन लेने के पश्चात् शख्स के शरीर में परिवर्तन आएं हैं, इससे स्पष्ट है कि वैक्सीन लगने के पश्चात् शरीर में इम्यूनिटी बढ़ी है, जिस कारण ये परिवर्तन हुए हैं। कोरोना से जंग जारी, पहले ही दिन करीब 10 लाख लोगों को लगी 'बूस्टर डोज़'
बोकारोः झारखंड के बोकारो जिले में एक बहुत चौंका देने वाली घटना सामने आई है। यहां कोरोना का टीका लेना एक शख्स के लिए रामबाण साबित हुआ है। कोरोना वैक्सीन लेने के पश्चात् कई वर्षों से बोलने तथा चलने में असमर्थ महेंद्र मुंडा एक बार फिर से सामान्य जिंदगी जीने लगे। इस चमत्कार को देख कर परिवार वालों के साथ-साथ डॉक्टर भी हैरान हैं। दरअसल, ये मामला झारखंड के बोकारो जिले के उतासारा पंचायत अंतर्गत सलगा डीह गांव का है। यहां महेंद्र मुंडा नाम का शख्स चार साल पहले एक हादसे का शिकार हुआ था। इस हादसे के पश्चात् से उसके बोलने और चलने-फिरने की क्षमता चली गई थी। हालांकि छः जनवरी को दो हज़ार बाईस को कोविशील्ड की पहली डोज लगने के पश्चात से उसके शरीर में हरकत होना आरम्भ हो गया। आठ जनवरी से आहिस्ता-आहिस्ता वह बोलने भी लगा तथा उसके हाथ-पैर भी चलने लगे। वही इसे चमत्कार कहे या कोरोना खुराक का कमाल, जहां सड़क दुर्घटना में चार वर्ष पहले एक शख्स की आवाज चली गई थी, वहीं वैक्सीन लगते ही अब बोलने लगा है। इन चार वर्षों में, उपचार के चलते महेंद्र मुंडा को अपनी पुश्तैनी जमीन तक बेचनी पड़ी। लेकिन इस बीच उनकी सेहत ठीक होने की जगह बिगड़ती चली गई। इस मामले को लेकर बोकारो के सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र ने बताया कि इस मामले की वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जांच होनी चाहिए। जिस तरीके से कोरोना के वैक्सीन लेने के पश्चात् शख्स के शरीर में परिवर्तन आएं हैं, इससे स्पष्ट है कि वैक्सीन लगने के पश्चात् शरीर में इम्यूनिटी बढ़ी है, जिस कारण ये परिवर्तन हुए हैं। कोरोना से जंग जारी, पहले ही दिन करीब दस लाख लोगों को लगी 'बूस्टर डोज़'
नई दिल्ली (एएनआई): मंगलवार को वर्चुअल प्रारूप में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अफगान धरती का इस्तेमाल अपने पड़ोस को अस्थिर करने के लिए करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। एससीओ प्रमुखों की शिखर बैठक में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मानवीय सहायता और काबुल में निर्वाचित सरकार स्थापित करना एससीओ की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं. "अफगानिस्तान की स्थिति ने क्षेत्र की सुरक्षा को सीधे प्रभावित किया है। अफगानिस्तान के लिए भारत की चिंताएं और आकांक्षाएं अन्य एससीओ देशों के समान हैं। हमें अफगान लोगों के कल्याण के लिए सामूहिक रूप से काम करना होगा। अफगान नागरिकों को मानवीय सहायता, एक गठन निर्वाचित और समावेशी सरकार, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ना और महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुनिश्चित करना- ये सभी हमारी साझा प्राथमिकताएं हैं। " पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सुरक्षा, आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी, एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए सम्मान और पर्यावरण संरक्षण एससीओ के लिए भारत के दृष्टिकोण के स्तंभ हैं। शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित अन्य ने भाग लिया। भारत 2005 में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में एससीओ में शामिल हुआ और 2017 में अस्ताना शिखर सम्मेलन में समूह का पूर्ण सदस्य बन गया। सितंबर 2022 में समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन में, भारत ने पहली बार उज्बेकिस्तान से एससीओ की अध्यक्षता संभाली। (एएनआई)
नई दिल्ली : मंगलवार को वर्चुअल प्रारूप में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अफगान धरती का इस्तेमाल अपने पड़ोस को अस्थिर करने के लिए करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। एससीओ प्रमुखों की शिखर बैठक में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मानवीय सहायता और काबुल में निर्वाचित सरकार स्थापित करना एससीओ की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं. "अफगानिस्तान की स्थिति ने क्षेत्र की सुरक्षा को सीधे प्रभावित किया है। अफगानिस्तान के लिए भारत की चिंताएं और आकांक्षाएं अन्य एससीओ देशों के समान हैं। हमें अफगान लोगों के कल्याण के लिए सामूहिक रूप से काम करना होगा। अफगान नागरिकों को मानवीय सहायता, एक गठन निर्वाचित और समावेशी सरकार, मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद के खिलाफ लड़ना और महिलाओं, बच्चों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुनिश्चित करना- ये सभी हमारी साझा प्राथमिकताएं हैं। " पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सुरक्षा, आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी, एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए सम्मान और पर्यावरण संरक्षण एससीओ के लिए भारत के दृष्टिकोण के स्तंभ हैं। शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित अन्य ने भाग लिया। भारत दो हज़ार पाँच में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में एससीओ में शामिल हुआ और दो हज़ार सत्रह में अस्ताना शिखर सम्मेलन में समूह का पूर्ण सदस्य बन गया। सितंबर दो हज़ार बाईस में समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन में, भारत ने पहली बार उज्बेकिस्तान से एससीओ की अध्यक्षता संभाली।
रामपुर। बुधवार से मुकद्दस माह रमजान की शुरुआत हो गई। रोजेदारों ने सहरी के वक्त नाश्ता खाकर नमाज अदा की। दिन भर उन्होंने इबादत में गुजारा। रात में तरावीह की नमाज अदा की और कलाम-ए-पाक पढ़ा गया। लॉकडाउन के कारण मस्जिदों में नमाजियों की संख्या सीमित रही। इस कारण अधिकतर रोजेदारों ने पांच वक्त की नमाज और तरावीह की नमाज घरों में ही पढ़ी। मंगलवार रात को चांद दिखने के बाद तरावीह की नमाज हुई और बुधवार से अल्लाह की बेशुमार रहमतों का पाक माह रमजान शुरू हो गया। रमजान माह में अल्लाह अपने नेक बंदों पर बेशुमार रहमतें बरसाता है। नेक बंदे भी दुनिया की सब बातें भूलकर सिर्फ अल्लाह की इबादत में ही अपना समय गुजारते हैं। रमजान के पहले अशरे में लोगों ने अल्लाह तआला की इबादत की और दुआ की। रोजेदारों ने सुबह सहरी खाई और इसके बाद शाम को निर्धारित समय पर खजूर से इफ्तार किया। रात में मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई लेकिन पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण लागू कोविड-19 गाइडलाइन के अनुपालन के चलते मस्जिदों में नमाजियों की संख्या सीमित रही। कई बच्चों ने पहली बार भी रोजा रखा और अल्लाह तआला की इबादत की। रामपुर। माह-ए-रमजान का मुबारक महीना शुरू हो गया है। इफ्तार में सुन्नत माना जाने वाला खजूर सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। डॉ. नरेंद्र कुमार गौतम बताते हैं कि खजूर में मौजूद मैग्नीशियम-पोटेशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। दिनभर रोजा रखने से शरीर में ऊर्जा का स्तर कम होता है। ऐसे में रोजा खोलते ही खजूर खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। खजूर में फ्लोरीन पाया जाता है जो कि दांतों के लिए फायदेमंद होता है। इसके साथ ही खजूर में वो सभी विटामिन होते हैं जो नर्वस सिस्टम के लिए जरूरी हैं। साथ ही इसमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में होता है, जिससे पाचन तंत्र को फायदा होता है। और मिठास कम होने के कारण शुगर का स्तर भी नहीं बिगड़ता।
रामपुर। बुधवार से मुकद्दस माह रमजान की शुरुआत हो गई। रोजेदारों ने सहरी के वक्त नाश्ता खाकर नमाज अदा की। दिन भर उन्होंने इबादत में गुजारा। रात में तरावीह की नमाज अदा की और कलाम-ए-पाक पढ़ा गया। लॉकडाउन के कारण मस्जिदों में नमाजियों की संख्या सीमित रही। इस कारण अधिकतर रोजेदारों ने पांच वक्त की नमाज और तरावीह की नमाज घरों में ही पढ़ी। मंगलवार रात को चांद दिखने के बाद तरावीह की नमाज हुई और बुधवार से अल्लाह की बेशुमार रहमतों का पाक माह रमजान शुरू हो गया। रमजान माह में अल्लाह अपने नेक बंदों पर बेशुमार रहमतें बरसाता है। नेक बंदे भी दुनिया की सब बातें भूलकर सिर्फ अल्लाह की इबादत में ही अपना समय गुजारते हैं। रमजान के पहले अशरे में लोगों ने अल्लाह तआला की इबादत की और दुआ की। रोजेदारों ने सुबह सहरी खाई और इसके बाद शाम को निर्धारित समय पर खजूर से इफ्तार किया। रात में मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई लेकिन पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण लागू कोविड-उन्नीस गाइडलाइन के अनुपालन के चलते मस्जिदों में नमाजियों की संख्या सीमित रही। कई बच्चों ने पहली बार भी रोजा रखा और अल्लाह तआला की इबादत की। रामपुर। माह-ए-रमजान का मुबारक महीना शुरू हो गया है। इफ्तार में सुन्नत माना जाने वाला खजूर सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। डॉ. नरेंद्र कुमार गौतम बताते हैं कि खजूर में मौजूद मैग्नीशियम-पोटेशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है। दिनभर रोजा रखने से शरीर में ऊर्जा का स्तर कम होता है। ऐसे में रोजा खोलते ही खजूर खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। खजूर में फ्लोरीन पाया जाता है जो कि दांतों के लिए फायदेमंद होता है। इसके साथ ही खजूर में वो सभी विटामिन होते हैं जो नर्वस सिस्टम के लिए जरूरी हैं। साथ ही इसमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में होता है, जिससे पाचन तंत्र को फायदा होता है। और मिठास कम होने के कारण शुगर का स्तर भी नहीं बिगड़ता।
सुपरस्टार आमिर खान की आगामी फिल्म 'दंगल' का उनका पहलवान लुक सामने आ गया है. इसमें वह पहलवान महावीर सिंह फोगट के युवावस्था के किरदार में नजर आएंगे. आमिर ने डिजिटल प्लेटफार्म पर अपने पहलवान लुक की एक तस्वीर साझा की. फोटोग्राफर अविनाश गोवारिकर द्वारा क्लिक की गई तस्वीर में आमिर काले रंग की गंजी पहने गठीले बदन और मूंछों में नजर आ रहे हैं. ट्विटर पर तस्वीर साझा करते हुए आमिर ने लिखा, 'युवा महावीर की शूटिंग शुरू करने के लिए दो दिन बाकी है. फिल्म में आमिर अभिनेता पहलवान की अलग अलग उम्र में भूमिका निभाते दिखाई देंगे। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है. उन्हेंने फिल्म के पहले चरण की शूटिंग के लिए अपना वजन 68 किलोग्राम से बढ़ाकर 93 किलोग्राम किया. इसके बाद 50 वर्षीय अभिनेता ने अपना वजन 25 किलोग्राम तक कम किया. फिल्म में अभिनेत्री साक्षी तंवर, फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा भी नजर आएंगे. नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित 'दंगल' 23 दिसंबर को रिलीज होने वाली है.
सुपरस्टार आमिर खान की आगामी फिल्म 'दंगल' का उनका पहलवान लुक सामने आ गया है. इसमें वह पहलवान महावीर सिंह फोगट के युवावस्था के किरदार में नजर आएंगे. आमिर ने डिजिटल प्लेटफार्म पर अपने पहलवान लुक की एक तस्वीर साझा की. फोटोग्राफर अविनाश गोवारिकर द्वारा क्लिक की गई तस्वीर में आमिर काले रंग की गंजी पहने गठीले बदन और मूंछों में नजर आ रहे हैं. ट्विटर पर तस्वीर साझा करते हुए आमिर ने लिखा, 'युवा महावीर की शूटिंग शुरू करने के लिए दो दिन बाकी है. फिल्म में आमिर अभिनेता पहलवान की अलग अलग उम्र में भूमिका निभाते दिखाई देंगे। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है. उन्हेंने फिल्म के पहले चरण की शूटिंग के लिए अपना वजन अड़सठ किलोग्रामग्राम से बढ़ाकर तिरानवे किलोग्रामग्राम किया. इसके बाद पचास वर्षीय अभिनेता ने अपना वजन पच्चीस किलोग्रामग्राम तक कम किया. फिल्म में अभिनेत्री साक्षी तंवर, फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा भी नजर आएंगे. नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित 'दंगल' तेईस दिसंबर को रिलीज होने वाली है.
पफ पेस्ट्री का रोल बेकिंग का एक उत्कृष्ट और तेज़ तरीका है जो आपको किसी भी स्थिति में बचाएगा। इसे किसी भी भरने के साथ तैयार किया जा सकता है, और मेहमान केवल आपकी गति और पाक क्षमताओं पर आश्चर्यचकित होंगे। सामग्रीः - पफ फ्री बल्लेबाज - 1 पैकेज; - छोटा हुआ मांस - 600 ग्राम; - बल्ब - 0. 5 पीसी। - पनीर - 50 ग्राम; - मसाले। अग्रिम में, हम फ्रीजर से पफ पेस्ट्री की चादरें निकालते हैं और उन्हें डिफ्रॉस्टेड छोड़ देते हैं। फिर हम आटा शीट को एक साथ बढ़ाते हैं और एक दिशा में आटा को चौड़ाई में घुमाते हैं। बारीक कटा हुआ प्याज के साथ सूखे मांस को मिलाएं और आटा पर एक समान परत में यह भराई डाल दें, किनारों पर लगभग 10 सेंटीमीटर मुक्त रखें। मसालों के साथ मौसम, शीर्ष पर grated पनीर के साथ छिड़के, रोल के साथ कसकर रोल, किनारों को पैच और एक कांटा के साथ punctures बनाने। हम सबकुछ बेकिंग शीट पर डालते हैं और 30 मिनट तक गर्म ओवन में भेजते हैं। पफ पेस्ट्री से तैयार मांस रोटी थोड़ा ठंडा है, भागों में कटौती और ताजा जड़ी बूटी के साथ छिड़काव। सामग्रीः - पफ खमीर आटा - 500 ग्राम; - सेब - 500 ग्राम; - बादाम - 50 ग्राम; - चीनी - 100 ग्राम; - मक्खन - 1 बड़ा चम्मच। चम्मच; - दालचीनी - 1 चम्मच। पफ खमीर आटा के रोल को तैयार करने के लिए, सेब धोए जाते हैं, साफ किए जाते हैं, कोर हटा दिया जाता है, क्यूब्स में काट दिया जाता है और 5-7 मिनट के लिए क्रीम मक्खन के साथ stewed। इस बार, पागल पीसकर उन्हें फल में जोड़ें। हम चीनी, दालचीनी स्वाद, मिश्रण और एक और 3 मिनट पकाने के लिए डाल दिया। तैयार पफ पेस्ट्री एक परत में घुमाया जाता है, हम भरने फैलते हैं, इसे समान रूप से वितरित करते हैं और रोल रोल करते हैं। हम बेकिंग पेपर के साथ बेकिंग ट्रे को कवर करते हैं, या हम इसे एक अच्छे तेल के साथ ग्रीस करते हैं। हमने अपने रूले को उस पर रखा और इसे गर्म ओवन में डाल दिया। 35 मिनट के लिए एक इलाज सेंकना, और फिर ध्यान से इसे हटा दें, इसे थोड़ा ठंडा करें और परतों में पागल रोल को भागों में काट लें। सामग्रीः - पफ पेस्ट्री - 500 ग्राम; - कॉटेज पनीर - 200 ग्राम; - अंडा - 2 टुकड़े; - चीनी - 100 ग्राम; - मंगा - 3 बड़ा चम्मच। चम्मच। अंडे पूरी तरह से चीनी के साथ रगड़ते हैं और मिक्सर को शानदार में हराते हैं। फिर कुटीर चीज़ पनीर, थोड़ा आम जोड़ें और मिश्रण। हम आटा रोल करते हैं और पहली शीट पर पहली शीट फैलाते हैं। हम सबकुछ दूसरी शीट के साथ कवर करते हैं और फिर इसे भरने के साथ कवर करते हैं। अब ओवन में पके हुए तक एक रोल और सेंकना में आटा लपेटें। सामग्रीः - आटा flaky - 500 ग्राम; - अंडा - 2 टुकड़े; - अफीम - 2 आइटम; - चीनी - 2 आइटम; - पानी - 0. 5 बड़ा चम्मच। तो, हम भरने के साथ रोल की तैयारी शुरू करते हैं। मैक पूर्व धोया, एक गहरे धातु के कटोरे में डाल दिया, पानी डालना, एक कमजोर आग पर डाल दिया और एक उबाल लाने के लिए। 5 मिनट के लिए कुक, फिर प्लेट से हटा दें, एक ढक्कन के साथ कवर करें और इसे लगभग 10 मिनट तक डालने के लिए छोड़ दें। उसके बाद, एक चलनी पर खसखटा डालें, शेष पानी को निकालने दें। दोबारा, हम इसे एक कटोरे में बदलते हैं, चीनी के साथ सोते हैं, या शहद के साथ पानी डालते हैं। मांस ग्राइंडर के माध्यम से सभी 2-3 बार मिलाएं और पास करें। इसके बाद, हम स्तरित रोल के गठन की ओर रुख करते हैं। तैयार आटा पूर्व-डिफ्रॉस्टेड होता है, जिसके बाद हम इसे पतली परत में घुमाते हैं। एक अलग सॉस पैन में पानी उबालें, इसमें कुछ चीनी डालें और इसके पूर्ण विघटन की प्रतीक्षा करें। तैयार सिरप लुढ़का हुआ आटा फैलाता है और अफीम भरने की घनी परत की पूरी सतह पर समान रूप से फैलता है। हम सब कुछ एक रोल में बदल जाते हैं और इसे छोटे टुकड़ों में काटते हैं। ओवन लगभग 200 डिग्री तक गरम किया जाता है। बेकिंग ट्रे को ठंडे पानी से छिड़क दिया जाता है और हम उस पर रोल डालते हैं। गोरे से यौगिक अलग करें, यौगिकों को एक कांटा से हराएं और प्रत्येक टुकड़े को चिकनाई करें। हम पैन को ओवन में भेजते हैं और 30 मिनट का इलाज करते हैं।
पफ पेस्ट्री का रोल बेकिंग का एक उत्कृष्ट और तेज़ तरीका है जो आपको किसी भी स्थिति में बचाएगा। इसे किसी भी भरने के साथ तैयार किया जा सकता है, और मेहमान केवल आपकी गति और पाक क्षमताओं पर आश्चर्यचकित होंगे। सामग्रीः - पफ फ्री बल्लेबाज - एक पैकेज; - छोटा हुआ मांस - छः सौ ग्राम; - बल्ब - शून्य. पाँच पीसी। - पनीर - पचास ग्राम; - मसाले। अग्रिम में, हम फ्रीजर से पफ पेस्ट्री की चादरें निकालते हैं और उन्हें डिफ्रॉस्टेड छोड़ देते हैं। फिर हम आटा शीट को एक साथ बढ़ाते हैं और एक दिशा में आटा को चौड़ाई में घुमाते हैं। बारीक कटा हुआ प्याज के साथ सूखे मांस को मिलाएं और आटा पर एक समान परत में यह भराई डाल दें, किनारों पर लगभग दस सेंटीमीटर मुक्त रखें। मसालों के साथ मौसम, शीर्ष पर grated पनीर के साथ छिड़के, रोल के साथ कसकर रोल, किनारों को पैच और एक कांटा के साथ punctures बनाने। हम सबकुछ बेकिंग शीट पर डालते हैं और तीस मिनट तक गर्म ओवन में भेजते हैं। पफ पेस्ट्री से तैयार मांस रोटी थोड़ा ठंडा है, भागों में कटौती और ताजा जड़ी बूटी के साथ छिड़काव। सामग्रीः - पफ खमीर आटा - पाँच सौ ग्राम; - सेब - पाँच सौ ग्राम; - बादाम - पचास ग्राम; - चीनी - एक सौ ग्राम; - मक्खन - एक बड़ा चम्मच। चम्मच; - दालचीनी - एक चम्मच। पफ खमीर आटा के रोल को तैयार करने के लिए, सेब धोए जाते हैं, साफ किए जाते हैं, कोर हटा दिया जाता है, क्यूब्स में काट दिया जाता है और पाँच-सात मिनट के लिए क्रीम मक्खन के साथ stewed। इस बार, पागल पीसकर उन्हें फल में जोड़ें। हम चीनी, दालचीनी स्वाद, मिश्रण और एक और तीन मिनट पकाने के लिए डाल दिया। तैयार पफ पेस्ट्री एक परत में घुमाया जाता है, हम भरने फैलते हैं, इसे समान रूप से वितरित करते हैं और रोल रोल करते हैं। हम बेकिंग पेपर के साथ बेकिंग ट्रे को कवर करते हैं, या हम इसे एक अच्छे तेल के साथ ग्रीस करते हैं। हमने अपने रूले को उस पर रखा और इसे गर्म ओवन में डाल दिया। पैंतीस मिनट के लिए एक इलाज सेंकना, और फिर ध्यान से इसे हटा दें, इसे थोड़ा ठंडा करें और परतों में पागल रोल को भागों में काट लें। सामग्रीः - पफ पेस्ट्री - पाँच सौ ग्राम; - कॉटेज पनीर - दो सौ ग्राम; - अंडा - दो टुकड़े; - चीनी - एक सौ ग्राम; - मंगा - तीन बड़ा चम्मच। चम्मच। अंडे पूरी तरह से चीनी के साथ रगड़ते हैं और मिक्सर को शानदार में हराते हैं। फिर कुटीर चीज़ पनीर, थोड़ा आम जोड़ें और मिश्रण। हम आटा रोल करते हैं और पहली शीट पर पहली शीट फैलाते हैं। हम सबकुछ दूसरी शीट के साथ कवर करते हैं और फिर इसे भरने के साथ कवर करते हैं। अब ओवन में पके हुए तक एक रोल और सेंकना में आटा लपेटें। सामग्रीः - आटा flaky - पाँच सौ ग्राम; - अंडा - दो टुकड़े; - अफीम - दो आइटम; - चीनी - दो आइटम; - पानी - शून्य. पाँच बड़ा चम्मच। तो, हम भरने के साथ रोल की तैयारी शुरू करते हैं। मैक पूर्व धोया, एक गहरे धातु के कटोरे में डाल दिया, पानी डालना, एक कमजोर आग पर डाल दिया और एक उबाल लाने के लिए। पाँच मिनट के लिए कुक, फिर प्लेट से हटा दें, एक ढक्कन के साथ कवर करें और इसे लगभग दस मिनट तक डालने के लिए छोड़ दें। उसके बाद, एक चलनी पर खसखटा डालें, शेष पानी को निकालने दें। दोबारा, हम इसे एक कटोरे में बदलते हैं, चीनी के साथ सोते हैं, या शहद के साथ पानी डालते हैं। मांस ग्राइंडर के माध्यम से सभी दो-तीन बार मिलाएं और पास करें। इसके बाद, हम स्तरित रोल के गठन की ओर रुख करते हैं। तैयार आटा पूर्व-डिफ्रॉस्टेड होता है, जिसके बाद हम इसे पतली परत में घुमाते हैं। एक अलग सॉस पैन में पानी उबालें, इसमें कुछ चीनी डालें और इसके पूर्ण विघटन की प्रतीक्षा करें। तैयार सिरप लुढ़का हुआ आटा फैलाता है और अफीम भरने की घनी परत की पूरी सतह पर समान रूप से फैलता है। हम सब कुछ एक रोल में बदल जाते हैं और इसे छोटे टुकड़ों में काटते हैं। ओवन लगभग दो सौ डिग्री तक गरम किया जाता है। बेकिंग ट्रे को ठंडे पानी से छिड़क दिया जाता है और हम उस पर रोल डालते हैं। गोरे से यौगिक अलग करें, यौगिकों को एक कांटा से हराएं और प्रत्येक टुकड़े को चिकनाई करें। हम पैन को ओवन में भेजते हैं और तीस मिनट का इलाज करते हैं।
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Easter Sunday 2019 Date: ईसाई धर्म से जुड़े लोग ईस्टर पर्व को बड़े धूम-धाम से मनाते हैं। इस साल 21 अप्रैल को ईस्टर मनाया जा रहा है। ईसाई धर्म के लोगों का ऐसा मानना है कि ईसा मसीह को क्रॉस पर लटकाने के बाद वह फिर से जीवित हो गए थे। इसी खुशी में वे लोग ईस्टर सेलिब्रेट करते हैं। साथ ही ऐसा भी कहा जाता है कि दोबारा जीवित होने के बाद ईसा मसीह अपने भक्तों के बीच लगभग 40 दिनों तक रहे थे। इस त्योहार को ईसाई धर्म के लोग क्रिसमस की तरह मनाते हैं। गुड फ्राइडे के दिन लोग भगवान यीशु के मरने का शोक मनाते हैं तो वहीं ईस्टर के दिन उनके जीवित होने की खुशी मनाते हैं। ईस्टर के दिन ईसाई धर्म के लोग घरों और चर्च में मोमबत्ती जलाते हैं और भगवान के कुशल-मंगल रहने की दुआ करते हैं। साथ ही इस दिन प्रभु भोज का भी आयोजन किया जाता है। ईस्टर की कहानीः ऐसा कहा जाता है कि ईसा मसीह लोगों को सच्चाई की राह पर चलना सिखाते थे और लोगों अंधविश्वास को मानने से रोकते थे। इसी बात के कारण रोमन गर्वनर ने उनपर कोड़ें बरसाए और फिर क्रॉस पर उन्हें लटका दिया। साथ ही उनके सिर पर कांटों का ताज पहनाया और उनके ऊपर थूका भी। ऐसा होने के बावजूद भगवान यीशू ने उनलोगों के लिए प्रार्थना किया था और कहा था कि भगवान इन्हें मांफ कर देना। इनलोगों को पता नहीं है ये क्या कर रहे हैं। इसके बाद ईसा मसीह को कब्र में दफनाया गया और फिर कई महिलाएं उन्हें श्रद्धांजली देने पहुंचीं। जब महिलाएं श्रद्धांजली देने पहुंची तो उन्होंने देखा समाधी खाली है और वहां दो देवदूत हैं जिन्होंने ईसा मसीह के जिंदा होने की शुभ समातार दिया। यहां हुआ था यीशु का जन्मः बेतलेहेम दुनियाभर के ईसाइयों के लिए सबसे पवित्र और खास जगह मानी जाती है। मान्यताओं के अनुसार, यह वहीं शहर है जहां भगवान यीशु का जन्म हुआ था। यह शहर यरूशलेम से मात्र 5 कि. मी. की दूरी पर है। बेतलेहेम का चर्च ऑफ द नेटिविटी को दुनिया के सबसे प्राचीन चर्चों में से एक माना जाता है।
Easter Sunday दो हज़ार उन्नीस Date: ईसाई धर्म से जुड़े लोग ईस्टर पर्व को बड़े धूम-धाम से मनाते हैं। इस साल इक्कीस अप्रैल को ईस्टर मनाया जा रहा है। ईसाई धर्म के लोगों का ऐसा मानना है कि ईसा मसीह को क्रॉस पर लटकाने के बाद वह फिर से जीवित हो गए थे। इसी खुशी में वे लोग ईस्टर सेलिब्रेट करते हैं। साथ ही ऐसा भी कहा जाता है कि दोबारा जीवित होने के बाद ईसा मसीह अपने भक्तों के बीच लगभग चालीस दिनों तक रहे थे। इस त्योहार को ईसाई धर्म के लोग क्रिसमस की तरह मनाते हैं। गुड फ्राइडे के दिन लोग भगवान यीशु के मरने का शोक मनाते हैं तो वहीं ईस्टर के दिन उनके जीवित होने की खुशी मनाते हैं। ईस्टर के दिन ईसाई धर्म के लोग घरों और चर्च में मोमबत्ती जलाते हैं और भगवान के कुशल-मंगल रहने की दुआ करते हैं। साथ ही इस दिन प्रभु भोज का भी आयोजन किया जाता है। ईस्टर की कहानीः ऐसा कहा जाता है कि ईसा मसीह लोगों को सच्चाई की राह पर चलना सिखाते थे और लोगों अंधविश्वास को मानने से रोकते थे। इसी बात के कारण रोमन गर्वनर ने उनपर कोड़ें बरसाए और फिर क्रॉस पर उन्हें लटका दिया। साथ ही उनके सिर पर कांटों का ताज पहनाया और उनके ऊपर थूका भी। ऐसा होने के बावजूद भगवान यीशू ने उनलोगों के लिए प्रार्थना किया था और कहा था कि भगवान इन्हें मांफ कर देना। इनलोगों को पता नहीं है ये क्या कर रहे हैं। इसके बाद ईसा मसीह को कब्र में दफनाया गया और फिर कई महिलाएं उन्हें श्रद्धांजली देने पहुंचीं। जब महिलाएं श्रद्धांजली देने पहुंची तो उन्होंने देखा समाधी खाली है और वहां दो देवदूत हैं जिन्होंने ईसा मसीह के जिंदा होने की शुभ समातार दिया। यहां हुआ था यीशु का जन्मः बेतलेहेम दुनियाभर के ईसाइयों के लिए सबसे पवित्र और खास जगह मानी जाती है। मान्यताओं के अनुसार, यह वहीं शहर है जहां भगवान यीशु का जन्म हुआ था। यह शहर यरूशलेम से मात्र पाँच कि. मी. की दूरी पर है। बेतलेहेम का चर्च ऑफ द नेटिविटी को दुनिया के सबसे प्राचीन चर्चों में से एक माना जाता है।
चीन में साल 2020 में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद पहली बार मून न्यू ईयर को घरेलू पाबंदियों के बिना मनाया जा रहा है। ऐसे में चीन वैक्सीनेशन पर जोर दे रहा है। हालांकि मुफ्त में आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा को समाप्त कर दिया है। शंघाई, रायटर। चीन में शनिवार को लूनर न्यू ईयर की 40 दिन तक चलने वाले "चुन यून" का पहला दिन मनाया गया। कोविड महामारी फैलने से पहले "चुन यून" को विश्व स्तर पर लोगों की सबसे बड़ी आवाजाही के रूप में जाना जाता था। इस अवधि के दौरान 21 जनवरी से शुरू होने वाले चीनी न्यू ईयर को 2020 में कोविड संक्रमण के बाद पहली बार घरेलू आवाजाही नियंत्रणों के बिना मनाया जा रहा है। ऐसे में यात्रियों की बड़ी संख्या को संभालना और कोविड-19 संक्रमण फैलने से रोकना चीन के लिए बड़ी चुनौती है। पिछले माह बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शनों के बाद चीन सरकार ने बार-बार टेस्ट, सीमित आवाजाही और व्यापक लॉकडाउन वाली अपनी जीरो कोविड पॉलिसी में ढील दी थी। इसी कड़ी में इस न्यू ईयर पर लोग देश में बिना किसी प्रतिबंध के आवाजाही कर सकेंगे। उधर चीनी नागरिकों ने न्यू ईयर को लेकर मिली जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोग न्यू ईयर पर अपने घर लौटने और परिजनों से मिलने की स्वतंत्रता से खुश हैं, वहीं कई अन्य लोगों का कहना है कि उनके लिए अपने बुजुर्ग परिजनों को संक्रमण से बचाना महत्वपूर्ण है। लोगों द्वारा आशंकाएं जताई जा रही हैं कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण बढ़ने से हालात अधिक खराब होंगे क्योंकि इन इलाकों में आईसीयू बिस्तरों और वेंटिलेटरों की पहले ही कमी है। चीनी स्वास्थ्य आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि चीन के ग्रामीण क्षेत्र बेहद बड़े हैं, यहां जनसंख्या काफी अधिक है और चिकित्सा सुविधाएं अपेक्षाकृत रूप से कम हैं। अधिकारियों के अनुसार इन क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है। चीन के कई विशेषज्ञों ने अपनी राय दी कि देश के ग्रामीण इलाकों में कोविड संक्रमण पहले ही अपनी चरम स्थिति पर पहुंच चुका है। बीजिंग में गावेकल ड्रैगनोमिक्स के विश्लेषक अर्नान कुई ने विभिन्न ऑनलाइन सर्वेक्षणों के हवाले से बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना पहले ही अपना व्यापक रूप धारण कर चुका है। ऐसे में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कोई खास अंतर नहीं है। चीन हांगकांग के साथ अपनी सीमा फिर से खोलने वाला है। ऐसे में विदेशों से आने वाले यात्रियों को क्वारंटाइन से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसकी वज से चीनी नागरिक बिना किसी चिंता के यात्रा कर सकेंगे। चीन में कोविड मामलों में बढ़ोतरी से पूरा विश्व चिंतित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बुधवार को कहा कि चीन ने कोविड से प्रभावित और मरने वाले लोगों की संख्या कम बताई जाती है। विभिन्न देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों के लिए टेस्ट और क्वारंटाइन अनिवार्य कर दिए हैं, हालांकि चीन ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। चीन में कोविड-19 रोकने के लिए अब तक तालाबंदी, टेस्ट, ट्रैक एवं ट्रेस करने पर जोर दिया जा रहा था लेकिन अब टीकों और उपचार पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में शंघाई में शहरी प्रशासन ने शुक्रवार को 8 जनवरी से निवासियों के लिए निःशुल्क आरटीपीसीआर को समाप्त करने की घोषणा की है। Pakistan: PM शहबाज शरीफ ने कहा- 'गर्मियों में आई बाढ़ से नहीं उबरा पाकिस्तान, कम हो गया दुनिया का ध्यान'
चीन में साल दो हज़ार बीस में कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद पहली बार मून न्यू ईयर को घरेलू पाबंदियों के बिना मनाया जा रहा है। ऐसे में चीन वैक्सीनेशन पर जोर दे रहा है। हालांकि मुफ्त में आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा को समाप्त कर दिया है। शंघाई, रायटर। चीन में शनिवार को लूनर न्यू ईयर की चालीस दिन तक चलने वाले "चुन यून" का पहला दिन मनाया गया। कोविड महामारी फैलने से पहले "चुन यून" को विश्व स्तर पर लोगों की सबसे बड़ी आवाजाही के रूप में जाना जाता था। इस अवधि के दौरान इक्कीस जनवरी से शुरू होने वाले चीनी न्यू ईयर को दो हज़ार बीस में कोविड संक्रमण के बाद पहली बार घरेलू आवाजाही नियंत्रणों के बिना मनाया जा रहा है। ऐसे में यात्रियों की बड़ी संख्या को संभालना और कोविड-उन्नीस संक्रमण फैलने से रोकना चीन के लिए बड़ी चुनौती है। पिछले माह बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शनों के बाद चीन सरकार ने बार-बार टेस्ट, सीमित आवाजाही और व्यापक लॉकडाउन वाली अपनी जीरो कोविड पॉलिसी में ढील दी थी। इसी कड़ी में इस न्यू ईयर पर लोग देश में बिना किसी प्रतिबंध के आवाजाही कर सकेंगे। उधर चीनी नागरिकों ने न्यू ईयर को लेकर मिली जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोग न्यू ईयर पर अपने घर लौटने और परिजनों से मिलने की स्वतंत्रता से खुश हैं, वहीं कई अन्य लोगों का कहना है कि उनके लिए अपने बुजुर्ग परिजनों को संक्रमण से बचाना महत्वपूर्ण है। लोगों द्वारा आशंकाएं जताई जा रही हैं कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण बढ़ने से हालात अधिक खराब होंगे क्योंकि इन इलाकों में आईसीयू बिस्तरों और वेंटिलेटरों की पहले ही कमी है। चीनी स्वास्थ्य आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि चीन के ग्रामीण क्षेत्र बेहद बड़े हैं, यहां जनसंख्या काफी अधिक है और चिकित्सा सुविधाएं अपेक्षाकृत रूप से कम हैं। अधिकारियों के अनुसार इन क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था की जा रही है। चीन के कई विशेषज्ञों ने अपनी राय दी कि देश के ग्रामीण इलाकों में कोविड संक्रमण पहले ही अपनी चरम स्थिति पर पहुंच चुका है। बीजिंग में गावेकल ड्रैगनोमिक्स के विश्लेषक अर्नान कुई ने विभिन्न ऑनलाइन सर्वेक्षणों के हवाले से बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना पहले ही अपना व्यापक रूप धारण कर चुका है। ऐसे में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कोई खास अंतर नहीं है। चीन हांगकांग के साथ अपनी सीमा फिर से खोलने वाला है। ऐसे में विदेशों से आने वाले यात्रियों को क्वारंटाइन से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसकी वज से चीनी नागरिक बिना किसी चिंता के यात्रा कर सकेंगे। चीन में कोविड मामलों में बढ़ोतरी से पूरा विश्व चिंतित है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को कहा कि चीन ने कोविड से प्रभावित और मरने वाले लोगों की संख्या कम बताई जाती है। विभिन्न देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों के लिए टेस्ट और क्वारंटाइन अनिवार्य कर दिए हैं, हालांकि चीन ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। चीन में कोविड-उन्नीस रोकने के लिए अब तक तालाबंदी, टेस्ट, ट्रैक एवं ट्रेस करने पर जोर दिया जा रहा था लेकिन अब टीकों और उपचार पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में शंघाई में शहरी प्रशासन ने शुक्रवार को आठ जनवरी से निवासियों के लिए निःशुल्क आरटीपीसीआर को समाप्त करने की घोषणा की है। Pakistan: PM शहबाज शरीफ ने कहा- 'गर्मियों में आई बाढ़ से नहीं उबरा पाकिस्तान, कम हो गया दुनिया का ध्यान'
इनरव्हील क्लब दुद्धी ने दुद्धी कोतवाली में सैनिटाइजर व फेस मास्क बांटकर पुलिसकर्मियों को रक्षा बांधकर कोरोना से बचने की कामना भी किया। इनरव्हील क्लब दुद्धी ने दुद्धी कोतवाली में सैनिटाइजर व फेस मास्क बांटकर पुलिसकर्मियों को रक्षा बांधकर कोरोना से बचने की कामना भी किया। तहसील दुद्धी जिला सोनभद्र। इनरव्हील क्लब दुद्धी की ओर से कोरोना से बचाव हेतु फेस मास्क एवं सैनिटाइजर का वितरण कर अपर पुलिस अधीक्षक व कोतवाल को बाँधा रक्षा। कोतवाली परिसर दुद्धी में क्लब की सदस्यों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कोविड-19 से बचाव के नियमों का पूरी तरह से पालन करें। जन सहयोग से ही कोरोना वायरस के संक्रमण को रोका जा सकता है। घर से बाहर निकलते हुए मास्क का प्रयोग करें। बार-बार हाथों को सैनिटाइज करते रहें। इनरव्हील क्लब सदस्य राखी जायसवाल, मनोरमा जायसवाल, माधवी जायसवाल, लीना जायसवाल, तारा जायसवाल, अनुपमा जायसवाल, चिंता गुप्ता, लता गुप्ता,कृष्णा गुप्ता, कुसुम मोहन, अमिता वर्मा, लक्ष्मी, स्वाति ने सोनभद्र अपर पुलिस अधीक्षक डॉ राजीव कुमार सिंह, कोतवाल पंकज कुमार सिंह, एसएसआई बंशनारायण यादव, एस आई शमसाद खाँ, सन्तोष कुमार, इनामुलहक को फेस मास्क के साथ रक्षाबंधन पर्व को मद्देनजर समस्त पुलिस भाई को चंदन टीका लगाकर रक्षा भी बांधकर कोरोना से बचने की कामना भी किया।
इनरव्हील क्लब दुद्धी ने दुद्धी कोतवाली में सैनिटाइजर व फेस मास्क बांटकर पुलिसकर्मियों को रक्षा बांधकर कोरोना से बचने की कामना भी किया। इनरव्हील क्लब दुद्धी ने दुद्धी कोतवाली में सैनिटाइजर व फेस मास्क बांटकर पुलिसकर्मियों को रक्षा बांधकर कोरोना से बचने की कामना भी किया। तहसील दुद्धी जिला सोनभद्र। इनरव्हील क्लब दुद्धी की ओर से कोरोना से बचाव हेतु फेस मास्क एवं सैनिटाइजर का वितरण कर अपर पुलिस अधीक्षक व कोतवाल को बाँधा रक्षा। कोतवाली परिसर दुद्धी में क्लब की सदस्यों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कोविड-उन्नीस से बचाव के नियमों का पूरी तरह से पालन करें। जन सहयोग से ही कोरोना वायरस के संक्रमण को रोका जा सकता है। घर से बाहर निकलते हुए मास्क का प्रयोग करें। बार-बार हाथों को सैनिटाइज करते रहें। इनरव्हील क्लब सदस्य राखी जायसवाल, मनोरमा जायसवाल, माधवी जायसवाल, लीना जायसवाल, तारा जायसवाल, अनुपमा जायसवाल, चिंता गुप्ता, लता गुप्ता,कृष्णा गुप्ता, कुसुम मोहन, अमिता वर्मा, लक्ष्मी, स्वाति ने सोनभद्र अपर पुलिस अधीक्षक डॉ राजीव कुमार सिंह, कोतवाल पंकज कुमार सिंह, एसएसआई बंशनारायण यादव, एस आई शमसाद खाँ, सन्तोष कुमार, इनामुलहक को फेस मास्क के साथ रक्षाबंधन पर्व को मद्देनजर समस्त पुलिस भाई को चंदन टीका लगाकर रक्षा भी बांधकर कोरोना से बचने की कामना भी किया।
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना संकटकाल (Corona Era) और लॉकडाउन (Lock Down) के बीच आम आदमी तक मदद पहुंचाने वाले सांसदों में से इंदौर भाजपा सांसद शंकर लालवनी (Shankar Lalwani) ने पहला और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और खजुराहो के सांसद वीडी शर्मा (VD Sharma) ने देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह जानकारी 543 में से करीब 300 लोकसभा सांसदों के करवाए गए सर्वे में सामने आई है। इस सर्वे का उद्देश्य केवल और केवल सांसद लीडरशिप के पैमाने पर कितने खरे उतरे, यह पता लगाने के लिए किया गया था। मिली जानकारी के अनुसार, यह सर्वे दक्षिणी गुजरात विवि के प्रोफेसर धवल मेहता की अगुआयी वाली टीम द्वारा 15 मार्च से 20 जून तक ग्राउंड लेवल पर किया गया था। इस सर्वे में बिहार, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के सांसदों को भी शामिल किया गया था। इसमें लालवानी से ज्यादा शर्मा को तीसरा स्थान मिलना चौंकाने वाला है क्योंकि वर्तमान में वे एक साथ दो जिम्मेदारियां वहन कर रहे है। सांसद के साथ साथ उनके पास प्रदेश में संगठन की कमान भी है। वर्तमान में वीडी पर उपचुनावों की खास जिम्मेदारी है, बावजूद इसके वे अपने दोनों पदों की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहे है। वीडी शर्मा संघ का चेहरा हैं और युवाओं में उनकी अच्छी खासी पकड़ है। - वर्ष 1986 में विद्यार्थी परिषद में सक्रिय हुए। - 1993 से 1994 तक मप्र राज्य सचिव रहे। - वर्ष 1995 से 2013 तक संगठन के प्रचारक रहे। - 2001 से 2007 तक एबीवीपी राज्य संगठन सचिव रहे। - एबीवीपी के राष्ट्रीय सचिव का पद संभाला। - मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संगठन सचिव बने। - 2007 से 2009 तक एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव रहे। - वर्ष 2013 में विधिवत रूप से भाजपा में आए। - वर्ष 2013 से 2018 तक भाजपा में प्रचारक रहे। - अगस्त 2016 से प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी संभाली। - 2015 में नेहरू युवा केंद्र संगठन के उपाध्यक्ष भी रहे। - केंद्र की मोदी सरकार ने दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री के तौर पर यह दायित्व सौंपा था। - 2019 में खजुराहो से लोकसभा सदस्य चुने गए।
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। कोरोना संकटकाल और लॉकडाउन के बीच आम आदमी तक मदद पहुंचाने वाले सांसदों में से इंदौर भाजपा सांसद शंकर लालवनी ने पहला और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और खजुराहो के सांसद वीडी शर्मा ने देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह जानकारी पाँच सौ तैंतालीस में से करीब तीन सौ लोकसभा सांसदों के करवाए गए सर्वे में सामने आई है। इस सर्वे का उद्देश्य केवल और केवल सांसद लीडरशिप के पैमाने पर कितने खरे उतरे, यह पता लगाने के लिए किया गया था। मिली जानकारी के अनुसार, यह सर्वे दक्षिणी गुजरात विवि के प्रोफेसर धवल मेहता की अगुआयी वाली टीम द्वारा पंद्रह मार्च से बीस जून तक ग्राउंड लेवल पर किया गया था। इस सर्वे में बिहार, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के सांसदों को भी शामिल किया गया था। इसमें लालवानी से ज्यादा शर्मा को तीसरा स्थान मिलना चौंकाने वाला है क्योंकि वर्तमान में वे एक साथ दो जिम्मेदारियां वहन कर रहे है। सांसद के साथ साथ उनके पास प्रदेश में संगठन की कमान भी है। वर्तमान में वीडी पर उपचुनावों की खास जिम्मेदारी है, बावजूद इसके वे अपने दोनों पदों की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहे है। वीडी शर्मा संघ का चेहरा हैं और युवाओं में उनकी अच्छी खासी पकड़ है। - वर्ष एक हज़ार नौ सौ छियासी में विद्यार्थी परिषद में सक्रिय हुए। - एक हज़ार नौ सौ तिरानवे से एक हज़ार नौ सौ चौरानवे तक मप्र राज्य सचिव रहे। - वर्ष एक हज़ार नौ सौ पचानवे से दो हज़ार तेरह तक संगठन के प्रचारक रहे। - दो हज़ार एक से दो हज़ार सात तक एबीवीपी राज्य संगठन सचिव रहे। - एबीवीपी के राष्ट्रीय सचिव का पद संभाला। - मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संगठन सचिव बने। - दो हज़ार सात से दो हज़ार नौ तक एबीवीपी के राष्ट्रीय महासचिव रहे। - वर्ष दो हज़ार तेरह में विधिवत रूप से भाजपा में आए। - वर्ष दो हज़ार तेरह से दो हज़ार अट्ठारह तक भाजपा में प्रचारक रहे। - अगस्त दो हज़ार सोलह से प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी संभाली। - दो हज़ार पंद्रह में नेहरू युवा केंद्र संगठन के उपाध्यक्ष भी रहे। - केंद्र की मोदी सरकार ने दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री के तौर पर यह दायित्व सौंपा था। - दो हज़ार उन्नीस में खजुराहो से लोकसभा सदस्य चुने गए।
Tractor में डीजल की खपत को कैसे कम कर सकते हैं? Tractor Tips: आज के आधुनिक दौर में खेती-किसानी भी नए जमाने की हो गई है. तकनीकों और मशीनीकरण से ज्यादातर काम आसान कम हो गए हैं. एक बार इनमें निवेश करके किसान सालोंसाल खेती में संसाधनों की बचत करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आज ज्यादातर कृषि कार्यों को पूरा करने में ट्रैक्टर का अहम रोल है. लगभग हर कृषि यंत्र ट्रैक्टर से जोडकर चलाया जाता है. इसने खेत की जुताई से लेकर पाटा लगाना, बुवाई, सिंचाई, छिड़काव, कटाई और उपज प्रबंधन को आसान बना दिया है, लेकिन तेल की बढ़ती कीमतों के बीच ट्रैक्टर को रोजाना खेत में उतारना मुमकिन नहीं हो पाता. कई बार ट्रैक्टर की मरम्मत में भी अच्छा खासा पैसा खर्च करना पड़ जाता है. इन चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों को ट्रैक्टर में डीजल की खपत तो कम करने के उपायों पर काम करना होगा. कई बार लंबे समय तक ट्रैक्टर का इस्तेमाल तो होता है, लेकिन समय पर इसी सर्विसिंग नहीं होती. लगातार चलने के बाद ट्रैक्टर के इंजन से धुआं भी निकलने लगता है, जो डीजल की बढ़ती खपत का संकेत हो सकता है. इस परेशानी की असल वजह है इंजेक्टर या इन्जेक्सन पम्प में खराबी, जिसे ठीक करवाने के लिए हर 2 महीने में ट्रैक्टर की जांच या सर्विसिंग करवाएं. इसके बावजूद ट्रैक्टर से धुआं निकलता है तो समझ जाएं तो इंजन पर ज्यादा बोझ डाला जा रहा है, इसलिए ट्रैक्टर की क्षमता के अनुसार ही वजन ढ़ोएं. इस तरह ट्रैक्टर को लंबे समय तक सुचारु क्रियान्वयन में आसानी रहेगी. यदि आप ट्रैक्टर में डीजल की खपत को कुछ हद तक कम करना चाहते हैं तो चौड़ाई के बजाए लंबाई में चलाएं. इस तरह ट्रैक्टर को खेतों के किनारे से घूमने में ज्यादा टाइम नहीं लगेगा और डीजल की खपत को भी कम किया जा सकता है. इसके अलावा, इंजन को भी आवश्यकतानुसार ही चक्करों में घुमाएं. इंजन को ज्यादा घुमाने से ना सिर्फ डीजल की खपत बढ़ती है, बल्कि टूट-फूट की संभावना भी बनी रहती है. शरीर की नसें सीधा हृदय से जुड़ी होती है. ठीक उसी तरह ट्रैक्टर का इंजन ही इसकी असली जान है, इसलिए इंजन में समय-समय पर साफ-सफाई देखभाल करते रहें. कई बार खेतों में काम करते दौरान इंजन में धूल-मिट्टी जम जाती है. कई बार इंजन को चालू करने में कई तरह की आवाजें भी आने लगती हैं. ये ट्रैक्टर में हवा के कम बहाव का संकेत है, जिससे डीजल की खपत भी बढ़ सकती है. कई किसान इंजन में एक साथ इकट्ठा मोबिल आयल डलवा लेते हैं, लेकिन ट्रैक्टर का ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता तो मोबिल आयल भी पुराना हो जाता है, जिससे डीजल भी अधिक लगता है. ऐसे में समय-समय रक ना सिर्फ मोबिल आयल, बल्कि फिल्टर्स को भी बदलते रहें. इसी प्रकार की कुछ सावधानियों को ध्यान में रखेंगे तो डीजल की खपत को कम किया जा सकता है. Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
Tractor में डीजल की खपत को कैसे कम कर सकते हैं? Tractor Tips: आज के आधुनिक दौर में खेती-किसानी भी नए जमाने की हो गई है. तकनीकों और मशीनीकरण से ज्यादातर काम आसान कम हो गए हैं. एक बार इनमें निवेश करके किसान सालोंसाल खेती में संसाधनों की बचत करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आज ज्यादातर कृषि कार्यों को पूरा करने में ट्रैक्टर का अहम रोल है. लगभग हर कृषि यंत्र ट्रैक्टर से जोडकर चलाया जाता है. इसने खेत की जुताई से लेकर पाटा लगाना, बुवाई, सिंचाई, छिड़काव, कटाई और उपज प्रबंधन को आसान बना दिया है, लेकिन तेल की बढ़ती कीमतों के बीच ट्रैक्टर को रोजाना खेत में उतारना मुमकिन नहीं हो पाता. कई बार ट्रैक्टर की मरम्मत में भी अच्छा खासा पैसा खर्च करना पड़ जाता है. इन चुनौतियों से निपटने के लिए किसानों को ट्रैक्टर में डीजल की खपत तो कम करने के उपायों पर काम करना होगा. कई बार लंबे समय तक ट्रैक्टर का इस्तेमाल तो होता है, लेकिन समय पर इसी सर्विसिंग नहीं होती. लगातार चलने के बाद ट्रैक्टर के इंजन से धुआं भी निकलने लगता है, जो डीजल की बढ़ती खपत का संकेत हो सकता है. इस परेशानी की असल वजह है इंजेक्टर या इन्जेक्सन पम्प में खराबी, जिसे ठीक करवाने के लिए हर दो महीने में ट्रैक्टर की जांच या सर्विसिंग करवाएं. इसके बावजूद ट्रैक्टर से धुआं निकलता है तो समझ जाएं तो इंजन पर ज्यादा बोझ डाला जा रहा है, इसलिए ट्रैक्टर की क्षमता के अनुसार ही वजन ढ़ोएं. इस तरह ट्रैक्टर को लंबे समय तक सुचारु क्रियान्वयन में आसानी रहेगी. यदि आप ट्रैक्टर में डीजल की खपत को कुछ हद तक कम करना चाहते हैं तो चौड़ाई के बजाए लंबाई में चलाएं. इस तरह ट्रैक्टर को खेतों के किनारे से घूमने में ज्यादा टाइम नहीं लगेगा और डीजल की खपत को भी कम किया जा सकता है. इसके अलावा, इंजन को भी आवश्यकतानुसार ही चक्करों में घुमाएं. इंजन को ज्यादा घुमाने से ना सिर्फ डीजल की खपत बढ़ती है, बल्कि टूट-फूट की संभावना भी बनी रहती है. शरीर की नसें सीधा हृदय से जुड़ी होती है. ठीक उसी तरह ट्रैक्टर का इंजन ही इसकी असली जान है, इसलिए इंजन में समय-समय पर साफ-सफाई देखभाल करते रहें. कई बार खेतों में काम करते दौरान इंजन में धूल-मिट्टी जम जाती है. कई बार इंजन को चालू करने में कई तरह की आवाजें भी आने लगती हैं. ये ट्रैक्टर में हवा के कम बहाव का संकेत है, जिससे डीजल की खपत भी बढ़ सकती है. कई किसान इंजन में एक साथ इकट्ठा मोबिल आयल डलवा लेते हैं, लेकिन ट्रैक्टर का ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता तो मोबिल आयल भी पुराना हो जाता है, जिससे डीजल भी अधिक लगता है. ऐसे में समय-समय रक ना सिर्फ मोबिल आयल, बल्कि फिल्टर्स को भी बदलते रहें. इसी प्रकार की कुछ सावधानियों को ध्यान में रखेंगे तो डीजल की खपत को कम किया जा सकता है. Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल के पुत्र करण देओल अपने चाचा अभय देओल के साथ काम करते नजर आयेंगे। करण देओल ने फिल्म पल पल दिल के पास से बॉलीवुड में अपनी पारी की शुरूआत की थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित नहीं हुयी। इसके बाद वह किसी भी फिल्म में नजर नहीं आए थे। अब करण देओल, अजय देवगन के प्रोडक्शन में बन रही फिल्म वैली की फिल्म नजर आएंगे। करण देओल ने इस फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म में करण के साथ उनके चाचा अभय देओल भी नजर आएंगे। गौरतलब है कि अजय देवगन के प्रोडक्शन में बन रही फिल्म वैली तेलुगु फिल्म ब्रोचेवारेवरूरा का हिंदी रीमेक है। यह एक क्राइम कॉमेडी फिल्म है।
मुंबई, बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल के पुत्र करण देओल अपने चाचा अभय देओल के साथ काम करते नजर आयेंगे। करण देओल ने फिल्म पल पल दिल के पास से बॉलीवुड में अपनी पारी की शुरूआत की थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित नहीं हुयी। इसके बाद वह किसी भी फिल्म में नजर नहीं आए थे। अब करण देओल, अजय देवगन के प्रोडक्शन में बन रही फिल्म वैली की फिल्म नजर आएंगे। करण देओल ने इस फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म में करण के साथ उनके चाचा अभय देओल भी नजर आएंगे। गौरतलब है कि अजय देवगन के प्रोडक्शन में बन रही फिल्म वैली तेलुगु फिल्म ब्रोचेवारेवरूरा का हिंदी रीमेक है। यह एक क्राइम कॉमेडी फिल्म है।
मणुसायु० -- मणुसगदि-मणुसाणु० - उच्चा० ओघं । थावरपगदीणं उक अणु० सव्वलो० । मणु सायु० - मणुसगदि-मणुस ाणु० - उच्चा० उक० अणु० लोग० असंखेज्ज० । तिरिक्खायु० उक्क० लोग० असंखेज्ज० । अणु० लोग० संखेजदि० । सेसाणं उक अणु० लोग० संखेजा० ! सुहुमएइं दिय-पज्जत्तापज्जत्त• तिरिक्ख-मणुसायु ओघं। सेसाणं सव्वपगदीणं उक० अणु० सव्वलोगे । एवं सव्वसुडुमारणं । ४७३ पुढवि० श्राउ० तेउ० - वाउ० सव्वाणं श्रोघं। बादरपुढविका० आउ०तेउ० - वाउ० - बादरवण फदिपत्ते थावरपगदीणं उक्क० लो० असंखेज्ज० । अणु० सव्वलो० । तिरिक्खायु० -तसपगदीणं उक्क० ऋ० लो० असंखेज० । बादरपुढ वि - ० घाउ० तेउ - वाउ० - बादरवण फदि पत्ते० पज्जत्ता ● विगलिंदियभंगो । बादरपुढवि० आउ० ते३० - वाउ० बादरवण फदि पत्ते ० अपज्जत्ता ● थावरपगदीणं उक० अणु० सव्वलो० । मणुसायु० श्रोघं । तिरिक्खायु० तस१गदीणं च उक्क० अणु० लो० असंखेज्ज● । एवरि बादरवाऊणं श्रायु० अणु० लो० जीवोंका क्षेत्र सब लोक है । तिर्यञ्चायु, मनुष्यायु, मनुष्यगति, मनुष्यगत्यानुपूर्वी और उच्चगोत्रका भंग ओघके समान है। बादर एकेन्द्रिय और इनके पर्याप्त और पर्याजीवोंमें स्थावर प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। मनुष्यायु, मनुष्यगति, मनुष्यगत्यानुपूर्वी और उच्चगोत्रकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। तिर्यायुकी उत्कृष्ट स्थितिके वधक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातव भागप्रमाण है । तथा अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके संख्यातवें भाग प्रमाण है। शेप प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके संख्यात बहुभाग प्रमाण है। सूक्ष्म एकेन्द्रिय और इनके पर्याप्त और अपर्याप्त जीवोंमें तिर्यञ्चायु और मनुष्यायु का भङ्ग के समान है। तथा शेप सब प्रकृतियांकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिसे बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। इसी प्रकार सब सूक्ष्म जीवोंके जानना चाहिए । ४७३. पृथ्वीकायिक, जलकायिक, अग्निकायिक, और वायुकायिक जीवोंमें सब प्रकृतितियों का भङ्ग के समान है। बादर पृथ्वीकायिक, वादर जलकायिक, वादर अनिकायिक, बादर वायुकायिक और बादर वनस्पितिकायिक प्रत्येक शरीर जीवों में स्थावर प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवों का क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवों का क्षेत्र सब लोक है । तिञ्चायु और त्रसप्रकृतियों की उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। बादर पृथ्वीकायिक पर्याप्त, यादर जलकायिक पर्याप्त, बादर अग्निकायिक पर्याप्त, बादर वायुकायिक पर्याप्त और बादर वनस्पतिकायिक प्रत्येक शरीर पर्याप्त जीवोंका भङ्ग विकलेन्द्रिय जीवोंके समान है। बादर पृथ्वीकायिक अपर्याप्त, बादर जलकायिक अपर्याप्त बादर अग्निकायिक अपर्याप्त, बादर वायुकायिक अपर्याप्त, और बादर वनस्पतिकायिक प्रत्येकशरीर अपर्याप्त जीवोंमें प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। मनुष्यायुका भङ्ग ओके समान है। तिर्यञ्चायु और त्रस प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोक के असंख्यातवें भाग प्रमाण है। इतनी विशेषता है कि बादर वायुजहरणखेप्तपरूवणा संखेज० । सेसाणं यम्हि लोगस्स असंखेज तम्हि लोगस्स संखेज० कादव्वो । वणफदि - णियोद० थावरषगदी उक० प्र० सव्वलो० । मणुसायु० ओघो । तिरिक्खायु० - तसपगदोणं लोग० असंखेज० । अणु० सव्वलोगे । बादरवणप्फदिणियोद० पजत्तापजत्तगाणं च बादरपुढवि०अपज्जत्तभंगो । सेसाणं रियादि याव सरिय त्ति संखेजा संखेजरासी उक० अ० लोग० असंखेजदिभागे । एवं उकस्सं समतं ४७४ जहण्णए पगदं । दुवि० - ओघे० आदे० । भोघे० पंचणा०-- चदुदंणा ०सादा० - चदुसंज० - पुरिस० - मणु सग दि - मसाणु० - जस० - उच्चा० - पंचंत० जह० लो० असंखेज्ज० । अज० सव्वलोगे । तिरिय आयु० - वेउब्वियछ ० - आहारदुग-तित्थय० जह० अज० उकस्सभंगो । तिरिक्खायु० -- सुहुमणाम० ज० अज० सव्वलो० । सेसाणं ज० लो० संखेज्ज० । अज० सञ्चलो०] । एवं ओघभंगो कायजोगि-ओरालि० - पुंस० कोधादि ०४ - अचक्खु० - भवसि० - आहारग त्ति । -- ४७५ तिरिक्खेसु वेउब्वियछ ० - तिणिण आयु० - मणुस० - मणुस । गु० -- उच्चा० ओघं । तिरिक्खायु० - सुहुभपामागं जह० अज० सव्वलो० । सेसाणं ओघं । एवं एइंदि० कायिक जीवों में आयुकी अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके संख्यातवें भाग प्रमाण है। शेष प्रकृतियोंके बन्धक जीवोंका जहाँ लोकका असंख्यातवां भाग क्षेत्र कहा है वहाँ वह लोकके संख्यातवें भाग प्रमाण जानना चाहिए। वनस्पतिकायिक और निगोद जीवोंमें स्थावर प्रकृतियोंको उत्कृष्ट और अनुकृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। मनुष्यायुका भंग श्रोधके समान है । तिर्यञ्चायु और त्रस प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमारण है । तथा अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवों क्षेत्र सब लोक है। बादर वनस्पतिकायिक और निगोद जीव तथा इनके पर्याप्त और पर्याप्त जीवोंका भंग बादर पृथ्वीकायिक अपर्याप्त जीवोंके समान है। शेप नरकगतिसे लेकर संज्ञी मार्गणा तक संख्यात और असंख्यात राशिवाले जीवोंमें उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। इस प्रकार उत्कृष्ट क्षेत्र समाप्त हुआ । ४७४. जघन्यका प्रकरण है । उसको अपेक्षा निर्देश दो प्रकारका है - ओघ और आदेश । ओघसे पाँच ज्ञानावरण, चार दर्शनावरण, सातावेदनीय, चार सञ्ज्वलन, पुरुषवेद, मनुष्यागति, मनुष्यगत्यानुपूर्वी, यशः कीर्ति, उच्चगोत्र और पॉच अन्तराय इनकी जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। अजघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। तीन आयु, वैक्रियिक छह, आहारकाद्वक और तीर्थकर इनकी जघन्य और अजघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र उत्कृष्टके समान है । तिर्यवायु और सूक्ष्म इनकी जघन्य और अजघन्य स्थितिके वन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। शेप प्रकृतियोंकी जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके संख्यातवें भागका प्रमाण है और अजघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सव लोक है । इसी प्रकार के समान काययोगी, औदरिक काययोगी, नपुंसकवेदी, क्रोधादि चार कपायवाले, अचक्षुदर्शनी, भव्य और आहारक जीवोंके जानना चाहिए। ४७५ तिर्यश्योंमें वैक्रियिक छह, तीन आयु, मनुष्यगति, मनुष्यगत्यानुपूर्वी और उच्चगोत्रका भङ्ग मोधके समान है । तिर्यश्चायु और सूक्ष्मकी जघन्य और जघन्य स्थिति बंधक जीवोंका क्षेत्र सब बादरएइंदि० - पज्जतापज्जत्त० । थावरपगदीणं च एवं चेव । तिरिक्खायु० -तसपगदीणं च ज० अज० लोग० संखेज्ज० । मणुसायु-मणुसगदिदुग० दो पदा लोग० श्रसंखेज० । सव्वसुणुपाणं मगुसायु० श्रोघं । सेसाणं सव्वपगदीणं ज० श्रज० सव्वलो० । ४७६ पुढवि० -- आउ० तेउ० वाउ० तिरिक्ख मणुमायु० श्रोघं । सेसाणं ज० लो० असं० ० । अज० सव्वलो० । बादरपुढवि० उ० उ० वाउ० थावरपगदीणं ज० लो० असंखे० । अज० सव्वलो० । सेसाणं ज० अज० लोग० असंखे० । बादग्पुढवि० -- श्राउ० तेउ० - चाउ० पञ्जत्त० विगलिंदियभंगो । बादग्पुढवि० - । श्राउ० - -तेउ० १० -वाउ०अपज्जत्त० थावरपगदीणं जह० लोग० असंखे० । अज० सव्वलो० । दोश्रायु० - तसपगदीणं जह० श्रज० लोग० असंखे० । सुहुमं दो वि सव्वलोगे । गवरि वाऊणं सव्वत्थ जह० लो० असंखे० तम्हि लोगस्स संखेजदिभागं कादव्वं । वयफदिणियोदाणं दो आयु० - सुहुमणाम० श्रोघं । सेसाणं ज० लो० असंखेज० । श्रज लोक है । शेष प्रकृतियोंका भङ्ग ओघके समान है। इसीप्रकार एकेन्द्रिय, बादर एकेन्द्रिय और इनके पर्याप्त अपर्याप्त जीवोंके जानना चाहिए । स्थावर प्रकृतियोंका क्षेत्र इसी प्रकार है । तिर्यव्चायु और स प्रकृतियों की जघन्य और अजघन्य स्थिति के बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके संख्यातवें भाग प्रमाण है। मनुष्यायु और मनुष्यगतिद्विक इनके दोनों ही पदोंका क्षेत्र लोक के असंख्यातवें भाग प्रमाण है । सब सूक्ष्म जीवोंके मनुष्यायुका भंग ओघके समान है। शेप सब प्रकृतियोंकी जघन्य और जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है । ४७६. पृथ्वीकायिक, जलकायिक, अग्निकायिक और वायुकायिक जीवोंमें तिर्यश्वायु और मनुष्यायु का भंग के समान है। शेष प्रकृतियोंकी जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है और अजघन्य स्थिति के बन्धक जीवों का क्षेत्र सब लोक है । बादर पृथिवीकायिक, बादर जलकायिक, बादर अग्निकायिक और वादरवायुकायिक जीवोंमें स्थावर प्रकृतियोंकी जघन्य स्थिति के बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यात भाग प्रमाण है और अन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। शेष प्रकृतियोंकी जघन्य और अन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। बादर पृथ्वी कायिक पर्याप्त, बादर जलकायिक पर्याप्त, बादर अग्निकायिक पर्याप्त और बादर वायुकायिक पर्याप्त जीवों अपनी सब प्रकृतियोंका भङ्ग विकलेन्द्रियोंके समान है। बादर पृथ्वीकायिक अपर्याप्त, बादर जलकायिक अपर्याप्त, बादर अग्निकायिक और बादर वायुकायिक अपर्याप्त जीवोंमें स्थावर प्रकृतियोंकी जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है और अन्य स्थिति बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। दो आयु और स प्रकृतियोंकी जघन्य और अजघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्य भाग प्रमाण है। सूक्ष्मके दोनों ही पढ़वाले जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। इतनी विशेषता है कि वायुकायिक जीवोके सर्वत्र जहाँ लोकका असंख्यातवां भाग क्षेत्र कहा है वहाँ लोकका संख्यातवां भाग क्षेत्र करना चाहिए। वनस्पतिकायिक और निगोद जीवोंमें दो आयु और सूक्ष्मनामकी अपेक्षा क्षेत्र ओघके समान है। शेप प्रकृतियोंकी जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है और अजघन्य स्थितिके बन्धक
मणुसायुशून्य -- मणुसगदि-मणुसाणुशून्य - उच्चाशून्य ओघं । थावरपगदीणं उक अणुशून्य सव्वलोशून्य । मणु सायुशून्य - मणुसगदि-मणुस ाणुशून्य - उच्चाशून्य उकशून्य अणुशून्य लोगशून्य असंखेज्जशून्य । तिरिक्खायुशून्य उक्कशून्य लोगशून्य असंखेज्जशून्य । अणुशून्य लोगशून्य संखेजदिशून्य । सेसाणं उक अणुशून्य लोगशून्य संखेजाशून्य ! सुहुमएइं दिय-पज्जत्तापज्जत्त• तिरिक्ख-मणुसायु ओघं। सेसाणं सव्वपगदीणं उकशून्य अणुशून्य सव्वलोगे । एवं सव्वसुडुमारणं । चार सौ तिहत्तर पुढविशून्य श्राउशून्य तेउशून्य - वाउशून्य सव्वाणं श्रोघं। बादरपुढविकाशून्य आउशून्यतेउशून्य - वाउशून्य - बादरवण फदिपत्ते थावरपगदीणं उक्कशून्य लोशून्य असंखेज्जशून्य । अणुशून्य सव्वलोशून्य । तिरिक्खायुशून्य -तसपगदीणं उक्कशून्य ऋशून्य लोशून्य असंखेजशून्य । बादरपुढ वि - शून्य घाउशून्य तेउ - वाउशून्य - बादरवण फदि पत्तेशून्य पज्जत्ता ● विगलिंदियभंगो । बादरपुढविशून्य आउशून्य तेतीस - वाउशून्य बादरवण फदि पत्ते शून्य अपज्जत्ता ● थावरपगदीणं उकशून्य अणुशून्य सव्वलोशून्य । मणुसायुशून्य श्रोघं । तिरिक्खायुशून्य तसएकगदीणं च उक्कशून्य अणुशून्य लोशून्य असंखेज्ज● । एवरि बादरवाऊणं श्रायुशून्य अणुशून्य लोशून्य जीवोंका क्षेत्र सब लोक है । तिर्यञ्चायु, मनुष्यायु, मनुष्यगति, मनुष्यगत्यानुपूर्वी और उच्चगोत्रका भंग ओघके समान है। बादर एकेन्द्रिय और इनके पर्याप्त और पर्याजीवोंमें स्थावर प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। मनुष्यायु, मनुष्यगति, मनुष्यगत्यानुपूर्वी और उच्चगोत्रकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। तिर्यायुकी उत्कृष्ट स्थितिके वधक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातव भागप्रमाण है । तथा अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके संख्यातवें भाग प्रमाण है। शेप प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके संख्यात बहुभाग प्रमाण है। सूक्ष्म एकेन्द्रिय और इनके पर्याप्त और अपर्याप्त जीवोंमें तिर्यञ्चायु और मनुष्यायु का भङ्ग के समान है। तथा शेप सब प्रकृतियांकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिसे बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। इसी प्रकार सब सूक्ष्म जीवोंके जानना चाहिए । चार सौ तिहत्तर. पृथ्वीकायिक, जलकायिक, अग्निकायिक, और वायुकायिक जीवोंमें सब प्रकृतितियों का भङ्ग के समान है। बादर पृथ्वीकायिक, वादर जलकायिक, वादर अनिकायिक, बादर वायुकायिक और बादर वनस्पितिकायिक प्रत्येक शरीर जीवों में स्थावर प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवों का क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवों का क्षेत्र सब लोक है । तिञ्चायु और त्रसप्रकृतियों की उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। बादर पृथ्वीकायिक पर्याप्त, यादर जलकायिक पर्याप्त, बादर अग्निकायिक पर्याप्त, बादर वायुकायिक पर्याप्त और बादर वनस्पतिकायिक प्रत्येक शरीर पर्याप्त जीवोंका भङ्ग विकलेन्द्रिय जीवोंके समान है। बादर पृथ्वीकायिक अपर्याप्त, बादर जलकायिक अपर्याप्त बादर अग्निकायिक अपर्याप्त, बादर वायुकायिक अपर्याप्त, और बादर वनस्पतिकायिक प्रत्येकशरीर अपर्याप्त जीवोंमें प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। मनुष्यायुका भङ्ग ओके समान है। तिर्यञ्चायु और त्रस प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोक के असंख्यातवें भाग प्रमाण है। इतनी विशेषता है कि बादर वायुजहरणखेप्तपरूवणा संखेजशून्य । सेसाणं यम्हि लोगस्स असंखेज तम्हि लोगस्स संखेजशून्य कादव्वो । वणफदि - णियोदशून्य थावरषगदी उकशून्य प्रशून्य सव्वलोशून्य । मणुसायुशून्य ओघो । तिरिक्खायुशून्य - तसपगदोणं लोगशून्य असंखेजशून्य । अणुशून्य सव्वलोगे । बादरवणप्फदिणियोदशून्य पजत्तापजत्तगाणं च बादरपुढविशून्यअपज्जत्तभंगो । सेसाणं रियादि याव सरिय त्ति संखेजा संखेजरासी उकशून्य अशून्य लोगशून्य असंखेजदिभागे । एवं उकस्सं समतं चार सौ चौहत्तर जहण्णए पगदं । दुविशून्य - ओघेशून्य आदेशून्य । भोघेशून्य पंचणाशून्य-- चदुदंणा शून्यसादाशून्य - चदुसंजशून्य - पुरिसशून्य - मणु सग दि - मसाणुशून्य - जसशून्य - उच्चाशून्य - पंचंतशून्य जहशून्य लोशून्य असंखेज्जशून्य । अजशून्य सव्वलोगे । तिरिय आयुशून्य - वेउब्वियछ शून्य - आहारदुग-तित्थयशून्य जहशून्य अजशून्य उकस्सभंगो । तिरिक्खायुशून्य -- सुहुमणामशून्य जशून्य अजशून्य सव्वलोशून्य । सेसाणं जशून्य लोशून्य संखेज्जशून्य । अजशून्य सञ्चलोशून्य] । एवं ओघभंगो कायजोगि-ओरालिशून्य - पुंसशून्य कोधादि चार - अचक्खुशून्य - भवसिशून्य - आहारग त्ति । -- चार सौ पचहत्तर तिरिक्खेसु वेउब्वियछ शून्य - तिणिण आयुशून्य - मणुसशून्य - मणुस । गुशून्य -- उच्चाशून्य ओघं । तिरिक्खायुशून्य - सुहुभपामागं जहशून्य अजशून्य सव्वलोशून्य । सेसाणं ओघं । एवं एइंदिशून्य कायिक जीवों में आयुकी अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके संख्यातवें भाग प्रमाण है। शेष प्रकृतियोंके बन्धक जीवोंका जहाँ लोकका असंख्यातवां भाग क्षेत्र कहा है वहाँ वह लोकके संख्यातवें भाग प्रमाण जानना चाहिए। वनस्पतिकायिक और निगोद जीवोंमें स्थावर प्रकृतियोंको उत्कृष्ट और अनुकृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। मनुष्यायुका भंग श्रोधके समान है । तिर्यञ्चायु और त्रस प्रकृतियोंकी उत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमारण है । तथा अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवों क्षेत्र सब लोक है। बादर वनस्पतिकायिक और निगोद जीव तथा इनके पर्याप्त और पर्याप्त जीवोंका भंग बादर पृथ्वीकायिक अपर्याप्त जीवोंके समान है। शेप नरकगतिसे लेकर संज्ञी मार्गणा तक संख्यात और असंख्यात राशिवाले जीवोंमें उत्कृष्ट और अनुत्कृष्ट स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। इस प्रकार उत्कृष्ट क्षेत्र समाप्त हुआ । चार सौ चौहत्तर. जघन्यका प्रकरण है । उसको अपेक्षा निर्देश दो प्रकारका है - ओघ और आदेश । ओघसे पाँच ज्ञानावरण, चार दर्शनावरण, सातावेदनीय, चार सञ्ज्वलन, पुरुषवेद, मनुष्यागति, मनुष्यगत्यानुपूर्वी, यशः कीर्ति, उच्चगोत्र और पॉच अन्तराय इनकी जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। अजघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। तीन आयु, वैक्रियिक छह, आहारकाद्वक और तीर्थकर इनकी जघन्य और अजघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र उत्कृष्टके समान है । तिर्यवायु और सूक्ष्म इनकी जघन्य और अजघन्य स्थितिके वन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। शेप प्रकृतियोंकी जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके संख्यातवें भागका प्रमाण है और अजघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सव लोक है । इसी प्रकार के समान काययोगी, औदरिक काययोगी, नपुंसकवेदी, क्रोधादि चार कपायवाले, अचक्षुदर्शनी, भव्य और आहारक जीवोंके जानना चाहिए। चार सौ पचहत्तर तिर्यश्योंमें वैक्रियिक छह, तीन आयु, मनुष्यगति, मनुष्यगत्यानुपूर्वी और उच्चगोत्रका भङ्ग मोधके समान है । तिर्यश्चायु और सूक्ष्मकी जघन्य और जघन्य स्थिति बंधक जीवोंका क्षेत्र सब बादरएइंदिशून्य - पज्जतापज्जत्तशून्य । थावरपगदीणं च एवं चेव । तिरिक्खायुशून्य -तसपगदीणं च जशून्य अजशून्य लोगशून्य संखेज्जशून्य । मणुसायु-मणुसगदिदुगशून्य दो पदा लोगशून्य श्रसंखेजशून्य । सव्वसुणुपाणं मगुसायुशून्य श्रोघं । सेसाणं सव्वपगदीणं जशून्य श्रजशून्य सव्वलोशून्य । चार सौ छिहत्तर पुढविशून्य -- आउशून्य तेउशून्य वाउशून्य तिरिक्ख मणुमायुशून्य श्रोघं । सेसाणं जशून्य लोशून्य असंशून्य शून्य । अजशून्य सव्वलोशून्य । बादरपुढविशून्य उशून्य उशून्य वाउशून्य थावरपगदीणं जशून्य लोशून्य असंखेशून्य । अजशून्य सव्वलोशून्य । सेसाणं जशून्य अजशून्य लोगशून्य असंखेशून्य । बादग्पुढविशून्य -- श्राउशून्य तेउशून्य - चाउशून्य पञ्जत्तशून्य विगलिंदियभंगो । बादग्पुढविशून्य - । श्राउशून्य - -तेउशून्य दस -वाउशून्यअपज्जत्तशून्य थावरपगदीणं जहशून्य लोगशून्य असंखेशून्य । अजशून्य सव्वलोशून्य । दोश्रायुशून्य - तसपगदीणं जहशून्य श्रजशून्य लोगशून्य असंखेशून्य । सुहुमं दो वि सव्वलोगे । गवरि वाऊणं सव्वत्थ जहशून्य लोशून्य असंखेशून्य तम्हि लोगस्स संखेजदिभागं कादव्वं । वयफदिणियोदाणं दो आयुशून्य - सुहुमणामशून्य श्रोघं । सेसाणं जशून्य लोशून्य असंखेजशून्य । श्रज लोक है । शेष प्रकृतियोंका भङ्ग ओघके समान है। इसीप्रकार एकेन्द्रिय, बादर एकेन्द्रिय और इनके पर्याप्त अपर्याप्त जीवोंके जानना चाहिए । स्थावर प्रकृतियोंका क्षेत्र इसी प्रकार है । तिर्यव्चायु और स प्रकृतियों की जघन्य और अजघन्य स्थिति के बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके संख्यातवें भाग प्रमाण है। मनुष्यायु और मनुष्यगतिद्विक इनके दोनों ही पदोंका क्षेत्र लोक के असंख्यातवें भाग प्रमाण है । सब सूक्ष्म जीवोंके मनुष्यायुका भंग ओघके समान है। शेप सब प्रकृतियोंकी जघन्य और जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है । चार सौ छिहत्तर. पृथ्वीकायिक, जलकायिक, अग्निकायिक और वायुकायिक जीवोंमें तिर्यश्वायु और मनुष्यायु का भंग के समान है। शेष प्रकृतियोंकी जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है और अजघन्य स्थिति के बन्धक जीवों का क्षेत्र सब लोक है । बादर पृथिवीकायिक, बादर जलकायिक, बादर अग्निकायिक और वादरवायुकायिक जीवोंमें स्थावर प्रकृतियोंकी जघन्य स्थिति के बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यात भाग प्रमाण है और अन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। शेष प्रकृतियोंकी जघन्य और अन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है। बादर पृथ्वी कायिक पर्याप्त, बादर जलकायिक पर्याप्त, बादर अग्निकायिक पर्याप्त और बादर वायुकायिक पर्याप्त जीवों अपनी सब प्रकृतियोंका भङ्ग विकलेन्द्रियोंके समान है। बादर पृथ्वीकायिक अपर्याप्त, बादर जलकायिक अपर्याप्त, बादर अग्निकायिक और बादर वायुकायिक अपर्याप्त जीवोंमें स्थावर प्रकृतियोंकी जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है और अन्य स्थिति बन्धक जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। दो आयु और स प्रकृतियोंकी जघन्य और अजघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्य भाग प्रमाण है। सूक्ष्मके दोनों ही पढ़वाले जीवोंका क्षेत्र सब लोक है। इतनी विशेषता है कि वायुकायिक जीवोके सर्वत्र जहाँ लोकका असंख्यातवां भाग क्षेत्र कहा है वहाँ लोकका संख्यातवां भाग क्षेत्र करना चाहिए। वनस्पतिकायिक और निगोद जीवोंमें दो आयु और सूक्ष्मनामकी अपेक्षा क्षेत्र ओघके समान है। शेप प्रकृतियोंकी जघन्य स्थितिके बन्धक जीवोंका क्षेत्र लोकके असंख्यातवें भाग प्रमाण है और अजघन्य स्थितिके बन्धक
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
लखनऊ (Uttar Pradesh)। बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर से 20 अप्रैल के बाद किसी भी समय पुलिस पूछताछ कर सकती है। इसके लिए पुलिस सवालों की सूची तैयार कर रही है। इस सूची में उनके लंदन से लखनऊ और कोरोना पॉजिटिव होने तक से संबंधित सवाल होंगे, जिसके जवाब कनिका कपूर को देने ही होंगे। बता दें कि कोरोना पॉजिटिव निकली कनिका पर तीन थानों में केस दर्ज हुए थे। हालांकि ठीक होने उन्हें 6 अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों की सलाह पर वो 14 दिन तक घर से बाहर नहीं निकलेंगी।
लखनऊ । बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर से बीस अप्रैल के बाद किसी भी समय पुलिस पूछताछ कर सकती है। इसके लिए पुलिस सवालों की सूची तैयार कर रही है। इस सूची में उनके लंदन से लखनऊ और कोरोना पॉजिटिव होने तक से संबंधित सवाल होंगे, जिसके जवाब कनिका कपूर को देने ही होंगे। बता दें कि कोरोना पॉजिटिव निकली कनिका पर तीन थानों में केस दर्ज हुए थे। हालांकि ठीक होने उन्हें छः अप्रैल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों की सलाह पर वो चौदह दिन तक घर से बाहर नहीं निकलेंगी।
शुक्रवार को दुबई में खेले गए एशिया कप 2018 के फाइनल में भारत ने बांग्लादेश को हराकर 7वीं बार खिताब पर कब्जा किया। भारत ने आखिरी गेंद तक चले मैच में 3 विकेट से जीत दर्ज की। रोमांचक जीत के बाद तमाम क्रिकेट फैंस के साथ भारतीय क्रिकटरों समते ,फिल्म और राजनीतिक जगत के लोगों भारत की जीत का जश्न मनाया। भारत ने फाइनल मैच में अपना धैर्य बनाए रखा आखिरी बॉल पर सिंगल लेकर जीत दर्ज की। भारत की जीत में कप्तान रोहित शर्मा (48) ने सबसे अहम योगदान दिया। इसके बाद दिनेशा कार्तिक (37) और एम एस धौनी (36) ने अहम पारियां खेलीं। लेकिन अंत में केदार जाधव (23), भुवनेश्वर (21) और जडेजा (23) ने धैर्य रखते हुए भारत की झोली में जीत डाली। भारत की रोमांचक जीत के बाद सोशल मीडिया में फैंस की बधाइयों की लाइन लग गई। इसमें आर अश्विन, वीवीएस लक्ष्मण, हरभजन सिंह जैसे क्रिकटरों समेत, फिल्मस्टार और राजनेताओं ने भी टीम ट्वीट किए। देखिए किसने भारत की जीत पर क्या कहाः we won Asia Cup! ! !
शुक्रवार को दुबई में खेले गए एशिया कप दो हज़ार अट्ठारह के फाइनल में भारत ने बांग्लादेश को हराकर सातवीं बार खिताब पर कब्जा किया। भारत ने आखिरी गेंद तक चले मैच में तीन विकेट से जीत दर्ज की। रोमांचक जीत के बाद तमाम क्रिकेट फैंस के साथ भारतीय क्रिकटरों समते ,फिल्म और राजनीतिक जगत के लोगों भारत की जीत का जश्न मनाया। भारत ने फाइनल मैच में अपना धैर्य बनाए रखा आखिरी बॉल पर सिंगल लेकर जीत दर्ज की। भारत की जीत में कप्तान रोहित शर्मा ने सबसे अहम योगदान दिया। इसके बाद दिनेशा कार्तिक और एम एस धौनी ने अहम पारियां खेलीं। लेकिन अंत में केदार जाधव , भुवनेश्वर और जडेजा ने धैर्य रखते हुए भारत की झोली में जीत डाली। भारत की रोमांचक जीत के बाद सोशल मीडिया में फैंस की बधाइयों की लाइन लग गई। इसमें आर अश्विन, वीवीएस लक्ष्मण, हरभजन सिंह जैसे क्रिकटरों समेत, फिल्मस्टार और राजनेताओं ने भी टीम ट्वीट किए। देखिए किसने भारत की जीत पर क्या कहाः we won Asia Cup! ! !
यह हमें सूचित किया गया है कि कुछ वेबसाइट// नियोक्ता व्यक्तियों द्वारा नेशनल करियर सर्विस (NCS( / श्रम और रोजगार मंत्रालय (MoLE) के साथ जुड़ने का दावा किया जा रहा हैं और NCS के प्रतीक चिन्ह (Logo) का उपयोग किया जा रहा हैं। यह NCS की छवि और प्रतिष्ठा के प्रति धोखाधड़ी हैं। NCS की सभी सेवाएं बिल्कुल निः शुल्क हैं। NCS अपने पोर्टल पर पंजीकरण, नौकरी आवेदन, साक्षात्कार प्रक्रिया और रोजगार से संबंधित अन्य सेवाओं के लिये किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नहीं लेता है। सहयोग पहल में भाग लेने के लिए धन्यवाद।। क्या आप पहले से ही एनसीएस पर पंजीकृत हैं?
यह हमें सूचित किया गया है कि कुछ वेबसाइट// नियोक्ता व्यक्तियों द्वारा नेशनल करियर सर्विस के साथ जुड़ने का दावा किया जा रहा हैं और NCS के प्रतीक चिन्ह का उपयोग किया जा रहा हैं। यह NCS की छवि और प्रतिष्ठा के प्रति धोखाधड़ी हैं। NCS की सभी सेवाएं बिल्कुल निः शुल्क हैं। NCS अपने पोर्टल पर पंजीकरण, नौकरी आवेदन, साक्षात्कार प्रक्रिया और रोजगार से संबंधित अन्य सेवाओं के लिये किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नहीं लेता है। सहयोग पहल में भाग लेने के लिए धन्यवाद।। क्या आप पहले से ही एनसीएस पर पंजीकृत हैं?