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अखियाँ है, छवि की चमकनि वह, हम तौ चाहति सवै पियौ री । सुनि सजनी यह करनी अपनी अपने ही सिर मानि लियौ री ।। हम तौ पाप कियौ, भुगतै को, पुन्य प्रगट क्यौँ जात छियो री । सूरदास प्रभु रूप-सुधा निधि, पुट थोरौ, बिधि नहीं बियौ री ॥ सुनि री सखी बचन इक मोसौ रोम-रोम प्रति लोचन चाहति, द्वै सावित हूँ तोसौँ ॥ में विधना सौ कहाँ कछू नहि, नित प्रति निमि को कोसो । येऊ जो नीकें दोउ रहते निरखत रहती हौं साँ ॥ इक इक अंग-अंग छवि धरती, मैं जो कहती तोसौं । सूर कहा तू कहति यानी, काम परचौ सुनि ज्यौ सौ ।। कह काहू को दोष लगावें । निमि सौ कहा, कहति, कह विधि साँ, कह नैननि पछितावें ।। स्याम हितू कैसे करि जानति, औरो निठुर कहावें । छिन मैं और और अॅग सोभा, जोवें देखि न पावें ॥ जबहीँ इकटक करि अवलोकति, तवहीँ वै झलकावें । सूर स्याम के चरित लखै को, येई वैर बढ़ावें । लहनी करम के पाछै । दियो अपनी लहै सोई, मिलै नहि च ॥ प्रगट ही हैं स्याम ठाढ़े, कौन अंग किहि रूप । लह्यौ काहूँ, 'कहौँ मोसौँ, स्याम हैं ठग भूप ॥ प्रेम-जाचक धनी हरि साँ, नैन पुढ कह लेइ । अमृत-सिंधु हिलोरि पूरन, कृपा दरस न देइ ।। पाइयै सोई सखी री, लिख्यौ जोई भाल । सूर उत कछु कमी नाहीं, छवि समुद गोपाल ।
अखियाँ है, छवि की चमकनि वह, हम तौ चाहति सवै पियौ री । सुनि सजनी यह करनी अपनी अपने ही सिर मानि लियौ री ।। हम तौ पाप कियौ, भुगतै को, पुन्य प्रगट क्यौँ जात छियो री । सूरदास प्रभु रूप-सुधा निधि, पुट थोरौ, बिधि नहीं बियौ री ॥ सुनि री सखी बचन इक मोसौ रोम-रोम प्रति लोचन चाहति, द्वै सावित हूँ तोसौँ ॥ में विधना सौ कहाँ कछू नहि, नित प्रति निमि को कोसो । येऊ जो नीकें दोउ रहते निरखत रहती हौं साँ ॥ इक इक अंग-अंग छवि धरती, मैं जो कहती तोसौं । सूर कहा तू कहति यानी, काम परचौ सुनि ज्यौ सौ ।। कह काहू को दोष लगावें । निमि सौ कहा, कहति, कह विधि साँ, कह नैननि पछितावें ।। स्याम हितू कैसे करि जानति, औरो निठुर कहावें । छिन मैं और और अॅग सोभा, जोवें देखि न पावें ॥ जबहीँ इकटक करि अवलोकति, तवहीँ वै झलकावें । सूर स्याम के चरित लखै को, येई वैर बढ़ावें । लहनी करम के पाछै । दियो अपनी लहै सोई, मिलै नहि च ॥ प्रगट ही हैं स्याम ठाढ़े, कौन अंग किहि रूप । लह्यौ काहूँ, 'कहौँ मोसौँ, स्याम हैं ठग भूप ॥ प्रेम-जाचक धनी हरि साँ, नैन पुढ कह लेइ । अमृत-सिंधु हिलोरि पूरन, कृपा दरस न देइ ।। पाइयै सोई सखी री, लिख्यौ जोई भाल । सूर उत कछु कमी नाहीं, छवि समुद गोपाल ।
बॉलीवुड में डेब्यू के बाद से सारा अली खान लगातार सुर्खियों में छाई रहती हैं। सारा अली खान आए दिन मीडिया से रूबरू होती रहती हैं और कोई न कोई ऐसा बयान दे देती हैं, जिसकी वजह से वह चर्चा का विषय बन जाती हैं। जी हां, सारा अली खान अब युवाओं के दिल में बसने लगीं है और हर कोई इन्हें देखना या सुनना पसंद करने लगा है। सारा अली खान के पास एक जबरदस्त बॉलीवुड फैमिली है, जिसका फायदा उन्हें बहुत अच्छे से मिल रहा है। तो चलिए जानते हैं कि सिंबा गर्ल ने अब ऐसा क्या कहा दिया, जिससे वे सुर्खियों में आ गई? फिल्म सिंबा के सुपरहिट होने के बाद सारा अली खान का कद पहले के मुकाबले और भी ऊंचा हो गया। सारा अली खान अपनी पहली फिल्म से ही सुर्खियों में है। सारा अली खान के सुर्खियों में होने के पीछे एक वजह यह है कि उन्होंने दो फिल्में एक साथ की और दोनों ही एक ही महीने के अंदर रिलीज भी हुई। ऐसे में सारा अली खान के लिए यह एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। बता दें कि अब सारा अली खान ने अपने भाई को लेकर बड़ा दिया है, जोकि खूब वायरल हो रहा है। क्या सारा अली खान ने? सारा अली खान ने अपने भाई को लेकर कहा कि मैं उसे थप्पड़ जड़ने के लिए तैयार हूं, यदि कोई मुझे एक लाख रूपये दे तो। दरअसल, सारा अली खान से पूछा गया कि क्या आप अपने लाडले भाई को करोड़ों रूपये के लिए थप्पड़ मार देंगी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि कोई एक लाख भी दे तो भी मैं उसे थप्पड़ मार दूंगी। बता दें कि सारा अली खान ने भले ही यह बात मजाकिया तौर पर कही हो, लेकिन बहुत ही ज्यादा वारयल हो रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सारा के बयान पर उनके भाई इब्राहिम क्या जवाब देते हैं। कॉफी विद करण में सारा अली खान ने अपने क्रश कार्तिक आर्यन को लेकर बड़ा खुलासा किया तो आए दिन उनका नाम कार्तिक के साथ जोड़ा जाने लगा। कार्तिक को लेकर सारा अली खान सुर्खियोंं में रहती हैं। कभी सारा उनके साथ डेट पर जाने की ख्वाहिश जताती हैं, तो कभी उनकी मां कार्तिक को मैसेज करने से मना करती हैं, इन सबके बीच कहा जा रहा है कि कार्तिक इन दिनों अनन्या पांडे को डेट कर रहे हैं, जिससे सारा का दिल टूट गया है। पर्सनल लाइफ के अलावा सारा अली खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म में व्यस्त हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि साल के आखिरी तक सारा अली खान की दो फिल्मे और भी रिलीज हो सकती हैं, जिसमें से एक लव आजकल पार्ट -2 माना जा रहा है। हालांकि, अभी इस प्रोजक्ट की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सारा अली खान के पास फिल्मों की कमी नहीं है।
बॉलीवुड में डेब्यू के बाद से सारा अली खान लगातार सुर्खियों में छाई रहती हैं। सारा अली खान आए दिन मीडिया से रूबरू होती रहती हैं और कोई न कोई ऐसा बयान दे देती हैं, जिसकी वजह से वह चर्चा का विषय बन जाती हैं। जी हां, सारा अली खान अब युवाओं के दिल में बसने लगीं है और हर कोई इन्हें देखना या सुनना पसंद करने लगा है। सारा अली खान के पास एक जबरदस्त बॉलीवुड फैमिली है, जिसका फायदा उन्हें बहुत अच्छे से मिल रहा है। तो चलिए जानते हैं कि सिंबा गर्ल ने अब ऐसा क्या कहा दिया, जिससे वे सुर्खियों में आ गई? फिल्म सिंबा के सुपरहिट होने के बाद सारा अली खान का कद पहले के मुकाबले और भी ऊंचा हो गया। सारा अली खान अपनी पहली फिल्म से ही सुर्खियों में है। सारा अली खान के सुर्खियों में होने के पीछे एक वजह यह है कि उन्होंने दो फिल्में एक साथ की और दोनों ही एक ही महीने के अंदर रिलीज भी हुई। ऐसे में सारा अली खान के लिए यह एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। बता दें कि अब सारा अली खान ने अपने भाई को लेकर बड़ा दिया है, जोकि खूब वायरल हो रहा है। क्या सारा अली खान ने? सारा अली खान ने अपने भाई को लेकर कहा कि मैं उसे थप्पड़ जड़ने के लिए तैयार हूं, यदि कोई मुझे एक लाख रूपये दे तो। दरअसल, सारा अली खान से पूछा गया कि क्या आप अपने लाडले भाई को करोड़ों रूपये के लिए थप्पड़ मार देंगी, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि कोई एक लाख भी दे तो भी मैं उसे थप्पड़ मार दूंगी। बता दें कि सारा अली खान ने भले ही यह बात मजाकिया तौर पर कही हो, लेकिन बहुत ही ज्यादा वारयल हो रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सारा के बयान पर उनके भाई इब्राहिम क्या जवाब देते हैं। कॉफी विद करण में सारा अली खान ने अपने क्रश कार्तिक आर्यन को लेकर बड़ा खुलासा किया तो आए दिन उनका नाम कार्तिक के साथ जोड़ा जाने लगा। कार्तिक को लेकर सारा अली खान सुर्खियोंं में रहती हैं। कभी सारा उनके साथ डेट पर जाने की ख्वाहिश जताती हैं, तो कभी उनकी मां कार्तिक को मैसेज करने से मना करती हैं, इन सबके बीच कहा जा रहा है कि कार्तिक इन दिनों अनन्या पांडे को डेट कर रहे हैं, जिससे सारा का दिल टूट गया है। पर्सनल लाइफ के अलावा सारा अली खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म में व्यस्त हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि साल के आखिरी तक सारा अली खान की दो फिल्मे और भी रिलीज हो सकती हैं, जिसमें से एक लव आजकल पार्ट -दो माना जा रहा है। हालांकि, अभी इस प्रोजक्ट की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सारा अली खान के पास फिल्मों की कमी नहीं है।
बीते शनिवार को मुंबई में 64वें फिल्मफेयर अवॉर्ड का आयोजन किया गया। हर साल की तरह ये साल भी कई सितारों और फिल्मों के लिए बेहद खास रहा। हैरान करने वाली बात यह है कि इस साल बॉलीवुड के तीनों खान कोई पुरस्कार जीतने में कामयाब नहीं हुए। इस बार बेस्ट एक्टर लीडिंग रोल (मेल) पॉपुलर का खिताब रणबीर कपूर को मिला, तो वहीं क्रिटिक्स अवॉर्ड बेस्ट एक्टर (मेल) रणवीर सिंह लेने में कामयाब रहे। अवॉर्ड मिलने पर रणवीर सिंह फूले नहीं समाए और वह स्टेज पर ही अपनी पत्नी दीपिका पादुकोण के लिए घुटने पर बैठ गए और इसके बाद उन्हें किस कर डाला। फिल्मफेयर अवॉर्ड 2019 के दो वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक वीडियो में रणवीर सिंह दीपिका के लिए एक घुटने पर बैठे नजर आए तो वहीं दूसरे वीडियो में पत्नी की तारीफ की और किस कर डाला। रणवीर सिंह ने दीपिका पादुकोण की तारीफ करते हुए कहा- 'ये ब्लैक लेडी (फिल्मफेयर अवॉर्ड) मेरे लिए बहुत खास है, लेकिन ये लेडी (दीपिका) मेरे लिए और भी ज्यादा खास है जिसकी वजह से मै हूं, मैं तुम्हे प्यार करता हूं कि तुम मुझ पर गर्व करती हो। ' इसके बाद उन्होंने दीपिका को स्टेज पर ही किस कर दिया। ' रणवीर और दीपिका के अलावा एक्टर आयुष्मान खुराना भी स्टेज पर मौजूद थे। गौरतलब है कि रणवीर सिंह को निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली को फिल्म 'पद्मावत' के लिए 64वें फिल्मफेयर अवॉर्ड में क्रिटिक्स बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला है। इस फिल्म में उन्होंने खलनायक यानी अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका निभाई थी। 'पद्मावत' के रिलीज के समय दर्शकों और फिल्म क्रिटिक्स ने उनके किरदार की काफी तारीफ की थी। बताया जा रहा है कि 'पद्मावत' के लिए मिले अवॉर्ड को रणवीर सिंह ने अपनी नानी को समर्पित किया है। उन्होंने अवॉर्ड समर्पित करने का कारण बताते हुए कहा- 'मैं ये अवॉर्ड मेरे नानी को समर्पित कर रहा हूं। एक दिन मैंने अपनी बहन को कॉल की और पूछा कि नानी क्या कर रही हैं, उसने कहा कि नानी छत पर अपनी मनपसंद फिल्म पद्मावत देख रही हैं। '
बीते शनिवार को मुंबई में चौंसठवें फिल्मफेयर अवॉर्ड का आयोजन किया गया। हर साल की तरह ये साल भी कई सितारों और फिल्मों के लिए बेहद खास रहा। हैरान करने वाली बात यह है कि इस साल बॉलीवुड के तीनों खान कोई पुरस्कार जीतने में कामयाब नहीं हुए। इस बार बेस्ट एक्टर लीडिंग रोल पॉपुलर का खिताब रणबीर कपूर को मिला, तो वहीं क्रिटिक्स अवॉर्ड बेस्ट एक्टर रणवीर सिंह लेने में कामयाब रहे। अवॉर्ड मिलने पर रणवीर सिंह फूले नहीं समाए और वह स्टेज पर ही अपनी पत्नी दीपिका पादुकोण के लिए घुटने पर बैठ गए और इसके बाद उन्हें किस कर डाला। फिल्मफेयर अवॉर्ड दो हज़ार उन्नीस के दो वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक वीडियो में रणवीर सिंह दीपिका के लिए एक घुटने पर बैठे नजर आए तो वहीं दूसरे वीडियो में पत्नी की तारीफ की और किस कर डाला। रणवीर सिंह ने दीपिका पादुकोण की तारीफ करते हुए कहा- 'ये ब्लैक लेडी मेरे लिए बहुत खास है, लेकिन ये लेडी मेरे लिए और भी ज्यादा खास है जिसकी वजह से मै हूं, मैं तुम्हे प्यार करता हूं कि तुम मुझ पर गर्व करती हो। ' इसके बाद उन्होंने दीपिका को स्टेज पर ही किस कर दिया। ' रणवीर और दीपिका के अलावा एक्टर आयुष्मान खुराना भी स्टेज पर मौजूद थे। गौरतलब है कि रणवीर सिंह को निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली को फिल्म 'पद्मावत' के लिए चौंसठवें फिल्मफेयर अवॉर्ड में क्रिटिक्स बेस्ट एक्टर अवॉर्ड मिला है। इस फिल्म में उन्होंने खलनायक यानी अलाउद्दीन खिलजी की भूमिका निभाई थी। 'पद्मावत' के रिलीज के समय दर्शकों और फिल्म क्रिटिक्स ने उनके किरदार की काफी तारीफ की थी। बताया जा रहा है कि 'पद्मावत' के लिए मिले अवॉर्ड को रणवीर सिंह ने अपनी नानी को समर्पित किया है। उन्होंने अवॉर्ड समर्पित करने का कारण बताते हुए कहा- 'मैं ये अवॉर्ड मेरे नानी को समर्पित कर रहा हूं। एक दिन मैंने अपनी बहन को कॉल की और पूछा कि नानी क्या कर रही हैं, उसने कहा कि नानी छत पर अपनी मनपसंद फिल्म पद्मावत देख रही हैं। '
उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में सफाई रखकर लोग स्मार्ट फोन जीत सकते हैं। निगम ने स्वच्छता अभियान 2021 को सफल बनाने के लिए नार्थ एमसीडी ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। इसके तहत करोल बाग क्षेत्र में 14 दिनों के लिए छह गतिविधियां शुरू की गई है। इस मौके पर महापौर जय प्रकाश ने बताया कि नार्थ एमसीडी करोल बाग क्षेत्र ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के मद्देनजर नागरिकों की सहभागिता के लिए 14 दिन की चुनौती के अंतर्गत छह गतिविधियां शुरू की है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वच्छता के संबंध में छह गतिविधियां को ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर तस्वीरें पर अपलोड करें। इन छह गतिविधियों में शामिल है, घर के कचरे को गीले, सूखे और खतरनाक कचरे में अलग-अलग करना, गीले को घर पर ही खाद में परिवर्तित करना, प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग से बचना। कचरे को कम करना, पुन उपयोग और पुन-चक्रित करना। विभिन्न स्थानों पर लगे स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 के लोगो के साथ सेल्फी लेना और एक पौधा को संरक्षित करना शामिल हैं। महापौर जय प्रकाश ने सोमवार को निगम प्राथमिक विद्यालय जयरानी बाग, पदम नगर में नव. निर्मित छह कक्षाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद जय प्रकाश अग्रवाल, नार्थ एमसीडी के कांग्रेस दल के नेता मुकेश गोयल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि निगम विद्यालयों में लगभग 3 लाख बच्चे पढ़ते हैं उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए निगम हर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा की आज उत्तरी दिल्ली नगर के विद्यालय किसी भी निजी विद्यालय से कम नहीं है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में सफाई रखकर लोग स्मार्ट फोन जीत सकते हैं। निगम ने स्वच्छता अभियान दो हज़ार इक्कीस को सफल बनाने के लिए नार्थ एमसीडी ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है। इसके तहत करोल बाग क्षेत्र में चौदह दिनों के लिए छह गतिविधियां शुरू की गई है। इस मौके पर महापौर जय प्रकाश ने बताया कि नार्थ एमसीडी करोल बाग क्षेत्र ने स्वच्छ सर्वेक्षण-दो हज़ार इक्कीस के मद्देनजर नागरिकों की सहभागिता के लिए चौदह दिन की चुनौती के अंतर्गत छह गतिविधियां शुरू की है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे स्वच्छता के संबंध में छह गतिविधियां को ट्विटर, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर तस्वीरें पर अपलोड करें। इन छह गतिविधियों में शामिल है, घर के कचरे को गीले, सूखे और खतरनाक कचरे में अलग-अलग करना, गीले को घर पर ही खाद में परिवर्तित करना, प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग से बचना। कचरे को कम करना, पुन उपयोग और पुन-चक्रित करना। विभिन्न स्थानों पर लगे स्वच्छ सर्वेक्षण-दो हज़ार इक्कीस के लोगो के साथ सेल्फी लेना और एक पौधा को संरक्षित करना शामिल हैं। महापौर जय प्रकाश ने सोमवार को निगम प्राथमिक विद्यालय जयरानी बाग, पदम नगर में नव. निर्मित छह कक्षाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद जय प्रकाश अग्रवाल, नार्थ एमसीडी के कांग्रेस दल के नेता मुकेश गोयल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि निगम विद्यालयों में लगभग तीन लाख बच्चे पढ़ते हैं उन्हें बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए निगम हर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा की आज उत्तरी दिल्ली नगर के विद्यालय किसी भी निजी विद्यालय से कम नहीं है।
मानाउसः नेमार के विजयी गोल की मदद से ब्राज़ील ने कोलंबिया को विश्व कप 2018 फुटबाल क्वालीफाइंग दौर के मैच में 2-1 से हरा दिया। बार्सीलोना के सुपरस्टार नेमार ने 74वें मिनट में गोल किया। नेमार के लिए यह गोल इसलिए भी खास रहा क्योंकि कोलंबिया के खिलाफ 2014 विश्व कप में उन्हें चोट लगी थी। उसी मैच में हारकर ब्राजील टूर्नामैंट से बाहर हो गया था। इससे पहले ब्राजील ने दूसरे मिनट में इंटर मिलान के डिफेंडर मिरांडा के गोल के दम पर बढत बनाई। कोलंबिया के लिए बराबरी का गोल नौवें मिनट में मारकिन्होस ने किया। ब्राजील ने हाल ही में रियो ओलंपिक में पहली बार फुटबॉल की स्पर्धा में गोल्ड जीता है। रियो के माराकाना स्टेडियम में जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में ब्राजील की जीत के साथ मेजबान देश ने इतिहास रच दिया। 5 बार फुटबॉल का विश्व कप जीते चुके ब्राजील के लिए ओलिंपिक में गोल्ड जीतना बड़ा सपना था। लेकिन, इस सपने को बार्सिलोना स्टार नेमार ने पेनल्टी में गोल दागकर साकार कर दिया। इसके बाद ब्राजील के फुटबॉल प्रशंसकों की आंखों में खुशी के आंसू थे। रियो ओलिंपिक गेम्स के सबसे अधिक क्राउड वाले इस मैच में रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया। ब्राजील के कप्तान नेमार ने 26वें मिनट में गोल कर अपनी टीम 1-0 की बढ़त दिला दी। लेकिन जर्मनी भी हार मानने के लिए तैयार नहीं और खेल के 59वें मिनट में जर्मन खिलाड़ी मेयर मैक्सीलियम ने गोल कर स्कोर एक-एक की बराबरी पर ला दिया।
मानाउसः नेमार के विजयी गोल की मदद से ब्राज़ील ने कोलंबिया को विश्व कप दो हज़ार अट्ठारह फुटबाल क्वालीफाइंग दौर के मैच में दो-एक से हरा दिया। बार्सीलोना के सुपरस्टार नेमार ने चौहत्तरवें मिनट में गोल किया। नेमार के लिए यह गोल इसलिए भी खास रहा क्योंकि कोलंबिया के खिलाफ दो हज़ार चौदह विश्व कप में उन्हें चोट लगी थी। उसी मैच में हारकर ब्राजील टूर्नामैंट से बाहर हो गया था। इससे पहले ब्राजील ने दूसरे मिनट में इंटर मिलान के डिफेंडर मिरांडा के गोल के दम पर बढत बनाई। कोलंबिया के लिए बराबरी का गोल नौवें मिनट में मारकिन्होस ने किया। ब्राजील ने हाल ही में रियो ओलंपिक में पहली बार फुटबॉल की स्पर्धा में गोल्ड जीता है। रियो के माराकाना स्टेडियम में जर्मनी के खिलाफ मुकाबले में ब्राजील की जीत के साथ मेजबान देश ने इतिहास रच दिया। पाँच बार फुटबॉल का विश्व कप जीते चुके ब्राजील के लिए ओलिंपिक में गोल्ड जीतना बड़ा सपना था। लेकिन, इस सपने को बार्सिलोना स्टार नेमार ने पेनल्टी में गोल दागकर साकार कर दिया। इसके बाद ब्राजील के फुटबॉल प्रशंसकों की आंखों में खुशी के आंसू थे। रियो ओलिंपिक गेम्स के सबसे अधिक क्राउड वाले इस मैच में रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया। ब्राजील के कप्तान नेमार ने छब्बीसवें मिनट में गोल कर अपनी टीम एक-शून्य की बढ़त दिला दी। लेकिन जर्मनी भी हार मानने के लिए तैयार नहीं और खेल के उनसठवें मिनट में जर्मन खिलाड़ी मेयर मैक्सीलियम ने गोल कर स्कोर एक-एक की बराबरी पर ला दिया।
- वर्ष 2021 में फुलेरा दूज व्रत (Phulera Dooj Vrat) कब है। - फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त (Shubh muhurt) क्या रहेगा। - फुलेरा दूज के दिन क्या करें। Phulera Dooj 2021 : वर्ष 2021 में फुलेरा दूज व्रत (Phulera Dooj Vrat) कब है और इस व्रत का शुभ मुहूर्त (Shubh muhurt) कब है। साथ ही द्वितीया तिथि कब शुरू होगी और कब समाप्त होगी। तथा फुलेरा दूज के दिन क्या करना चाहिए। तो आइए जानते हैं फुलेरा दूज के बारे में। फुलेरा दूज 15 मार्च 2021, दिन सोमवार को मनायी जाएगी। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार हर वर्ष फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व होली से कुछ दिन पहले पड़ता है। फुलेरा दूज का त्योहार उत्तरी भारत में विशेष रूप से मनाया जाता है। इसे रंगों का त्योहार भी कहते हैं। यह पर्व राधा और कृष्ण जी के मिलन के दिन के रूप में भी मनाया जाता है। फुलेरा दूज का पर्व मथुरा और वृंदावन में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में भजन-कीर्तन और कृष्ण लीलाओं का आयोजन किया जाता है। फुलेरा दूज का दिन दोष मुक्त होता है इसलिए इस दिन कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य किया जा सकता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है और उन्हें गुलाल अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि जो लोग फुलेरा दूज के दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथ राधा जी का पूरी भक्ति के साथ पूजन करते हैं उनके जीवन में प्रेम की वर्षा होती है। इसलिए फुलेरा दूज के दिन कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य कर सकते हैं। फुलेरा दूज के दिन विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी की पूजा की जाती है। इस दिन आपको सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कार्यों से निवृत्त होकर साफ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद एक चौकी लेकर उस पर गंगाजल छिड़ककर साफ करके पीले रंग का वस्त्र बिछाकर श्रीराधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा आदि स्थापित करना चाहिए। प्रतिमा स्थापित करने के बाद राधारानी और बांके बिहारी जी की प्रतिमा पर फूलों की वर्षा करनी चाहिए। तथा उन्हें गुलाल अर्पित करना चाहिए। फुलेरा दूज के दिन श्रीराधारानी को सभी सुहाग की वस्तुएं अर्पित करें। तथा उनकी विधिवत रूप से पूजा करें। भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी को मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद भगवान को अर्पित किए गए गुलाल से अपने मस्तक पर टीका करें। और उस गुलाल को अपने और अपने प्रियजनों के गालों पर भी लगाएं। अगर आप महिला हैं तो राधाजी को अर्पित किए गए सुहाग के सामान में से कोई भी एक चीज अपने पास रख लें। और बाकी सारा सामान किसी सुहागिन महिला को भेंट कर दें। (Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi. com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
- वर्ष दो हज़ार इक्कीस में फुलेरा दूज व्रत कब है। - फुलेरा दूज का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। - फुलेरा दूज के दिन क्या करें। Phulera Dooj दो हज़ार इक्कीस : वर्ष दो हज़ार इक्कीस में फुलेरा दूज व्रत कब है और इस व्रत का शुभ मुहूर्त कब है। साथ ही द्वितीया तिथि कब शुरू होगी और कब समाप्त होगी। तथा फुलेरा दूज के दिन क्या करना चाहिए। तो आइए जानते हैं फुलेरा दूज के बारे में। फुलेरा दूज पंद्रह मार्च दो हज़ार इक्कीस, दिन सोमवार को मनायी जाएगी। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार हर वर्ष फाल्गुन मास में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व होली से कुछ दिन पहले पड़ता है। फुलेरा दूज का त्योहार उत्तरी भारत में विशेष रूप से मनाया जाता है। इसे रंगों का त्योहार भी कहते हैं। यह पर्व राधा और कृष्ण जी के मिलन के दिन के रूप में भी मनाया जाता है। फुलेरा दूज का पर्व मथुरा और वृंदावन में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में भजन-कीर्तन और कृष्ण लीलाओं का आयोजन किया जाता है। फुलेरा दूज का दिन दोष मुक्त होता है इसलिए इस दिन कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य किया जा सकता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है और उन्हें गुलाल अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि जो लोग फुलेरा दूज के दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथ राधा जी का पूरी भक्ति के साथ पूजन करते हैं उनके जीवन में प्रेम की वर्षा होती है। इसलिए फुलेरा दूज के दिन कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य कर सकते हैं। फुलेरा दूज के दिन विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी की पूजा की जाती है। इस दिन आपको सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कार्यों से निवृत्त होकर साफ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद एक चौकी लेकर उस पर गंगाजल छिड़ककर साफ करके पीले रंग का वस्त्र बिछाकर श्रीराधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा आदि स्थापित करना चाहिए। प्रतिमा स्थापित करने के बाद राधारानी और बांके बिहारी जी की प्रतिमा पर फूलों की वर्षा करनी चाहिए। तथा उन्हें गुलाल अर्पित करना चाहिए। फुलेरा दूज के दिन श्रीराधारानी को सभी सुहाग की वस्तुएं अर्पित करें। तथा उनकी विधिवत रूप से पूजा करें। भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी को मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद भगवान को अर्पित किए गए गुलाल से अपने मस्तक पर टीका करें। और उस गुलाल को अपने और अपने प्रियजनों के गालों पर भी लगाएं। अगर आप महिला हैं तो राधाजी को अर्पित किए गए सुहाग के सामान में से कोई भी एक चीज अपने पास रख लें। और बाकी सारा सामान किसी सुहागिन महिला को भेंट कर दें।
गोसाईगंज : श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने गोसाईगंज के सिठौली कला गांव में बन रहे अटल आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसका निर्माण सितंबर तक पूरा कर लिया जाए। गुरुवार को सिठौली गांव पहुंचे मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई के लिए नवोदय विद्यालय की तरह से अटल आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। इन विद्यालयों में गरीब, श्रमिक परिवारों के बच्चों के साथ ही अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा मिलेगी तथा बच्चे स्कूल में ही रह कर पढ़ाई करेंगे। उनको ड्रेस, खाना, पुस्तकें भी दी जाएंगी। आर्थिक रूप से कमजोर, पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चे तथा अनाथ बच्चों को शिक्षा के लिए उनकी पात्रता के आधर पर प्रवेश दिया जाएगा। स्कूल में शिक्षा के साथ ही आवास व भोजन की भी मुफ्त व्यवस्था होगी। इससे शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा। बताया गया कि अभी सभी 18 मंडलों में एक-एक विद्यालय खोला जाएगा। इनमें गोसाईगंज के सिठौली गांव का स्कूल शामिल है। निरीक्षण के दौरान प्रधान विपिन सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। बख्शी का तालाब : राजस्व विभाग के राज्यमंत्री अनूप प्रधान बीकेटी तहसील का अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। मंत्री के निरीक्षण के दौरान रजिस्टार कानूनगो और नायब नाजिर समेत डेढ़ दर्जन से अधिक अधिकारी/कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। राजस्व मंत्री अनूप प्रधान गुरुवार को सुबह साढ़े दस बजे से पांच मिनट पहले ही तहसील पहुंच गए थे। तब तक राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी नहीं पहुंचे थे। इसको लेकर हड़कंप मच गया। अधिकारियों के समय से न पहुंचने को लेकर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं या कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मंत्री ने किसानों द्वारा किए गए आवेदन का समयबद्ध सीमांकन कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा निरीक्षण में जो भी कमियां मिली हैं उनमें जल्द सुधार होगा। एसडीएम ने बताया निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले सभी 21 कर्मचारियों की रिपोर्ट राजस्व मंत्री को भेज दी गई है।
गोसाईगंज : श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने गोसाईगंज के सिठौली कला गांव में बन रहे अटल आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसका निर्माण सितंबर तक पूरा कर लिया जाए। गुरुवार को सिठौली गांव पहुंचे मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई के लिए नवोदय विद्यालय की तरह से अटल आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। इन विद्यालयों में गरीब, श्रमिक परिवारों के बच्चों के साथ ही अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा मिलेगी तथा बच्चे स्कूल में ही रह कर पढ़ाई करेंगे। उनको ड्रेस, खाना, पुस्तकें भी दी जाएंगी। आर्थिक रूप से कमजोर, पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चे तथा अनाथ बच्चों को शिक्षा के लिए उनकी पात्रता के आधर पर प्रवेश दिया जाएगा। स्कूल में शिक्षा के साथ ही आवास व भोजन की भी मुफ्त व्यवस्था होगी। इससे शिक्षा के स्तर में सुधार आएगा। बताया गया कि अभी सभी अट्ठारह मंडलों में एक-एक विद्यालय खोला जाएगा। इनमें गोसाईगंज के सिठौली गांव का स्कूल शामिल है। निरीक्षण के दौरान प्रधान विपिन सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे। बख्शी का तालाब : राजस्व विभाग के राज्यमंत्री अनूप प्रधान बीकेटी तहसील का अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। मंत्री के निरीक्षण के दौरान रजिस्टार कानूनगो और नायब नाजिर समेत डेढ़ दर्जन से अधिक अधिकारी/कर्मचारी अनुपस्थित मिले। सभी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। राजस्व मंत्री अनूप प्रधान गुरुवार को सुबह साढ़े दस बजे से पांच मिनट पहले ही तहसील पहुंच गए थे। तब तक राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी नहीं पहुंचे थे। इसको लेकर हड़कंप मच गया। अधिकारियों के समय से न पहुंचने को लेकर मंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं या कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मंत्री ने किसानों द्वारा किए गए आवेदन का समयबद्ध सीमांकन कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा निरीक्षण में जो भी कमियां मिली हैं उनमें जल्द सुधार होगा। एसडीएम ने बताया निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले सभी इक्कीस कर्मचारियों की रिपोर्ट राजस्व मंत्री को भेज दी गई है।
चीनी चिप बनाने वाली दिग्गज विंगटेक टेक्नोलॉजी ने सोमवार को घोषणा की कि उसकी सहायक कंपनी नेक्सपेरिया ने ब्रिटिश चिपमेकर न्यूपोर्ट वेफर फाउंड्री (NWF) का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। 5 जुलाई को, डच चिप कंपनी नेक्सपेरिया ने NWF के साथ एक अधिग्रहण समझौते पर हस्ताक्षर किए। सौदे की खबर ने तुरंत उद्योग और कई विदेशी मीडिया का ध्यान आकर्षित किया। ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने अधिग्रहण की सुरक्षा समीक्षा का आदेश दिया है। अधिग्रहण के पूरा होने के बाद, Nexperia NWF और इसके यौगिक अर्धचालकों जैसे क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी का 100% स्वामित्व प्राप्त करेगा। Wingtech 133.958 बिलियन युआन के कुल बाजार मूल्य के साथ 1.21% बढ़कर 107.59 युआन ($16.6) प्रति शेयर पर बंद हुआ। नेक्सपेरिया डच सेमीकंडक्टर कंपनी एनएक्सपी की मानक उत्पाद व्यवसाय इकाई थी और 2019 में विंगटेक द्वारा अधिग्रहित की गई थी। नेक्सपेरिया हर साल 90 बिलियन से अधिक उत्पादों को वितरित कर सकता है। 1982 में स्थापित, एनडब्ल्यूएफ ब्रिटेन में लगभग 32,000 इकाइयों की मासिक वेफर क्षमता वाला सबसे बड़ा फैब है। NWF की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इसके चिप्स मुख्य रूप से 0.7m से 0 हैं। 18 माइक्रोन।अमेरिकी उपभोक्ता समाचार और व्यापार चैनलरिपोर्टों के अनुसार, NWF के पास 55 मिलियन पाउंड मूल्य के एक दर्जन से अधिक ब्रिटिश सरकार के अनुबंध हैं, जिनमें से कुछ में युद्ध के लिए रडार सिस्टम चिप्स भी शामिल हैं। जुलाई के अंत में, ब्रिटिश GPU निर्माता Imagination Technologies के पूर्व सीईओ रॉन ब्लैक ने NWF के लिए बोली लगाने की घोषणा करने के लिए छह कंपनियों को बुलाया। अगस्त में, तीन और कंपनियां शामिल हुईं। इन ब्रिटिश कंपनियों ने NWF को चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा अधिग्रहित होने से रोकने के लिए $300 मिलियन जुटाने की योजना बनाई है। हालांकि, एनडब्ल्यूएफ का ऋण बोझ अधिक है, जो इसकी कुछ आरएंडडी क्षमताओं और दीर्घकालिक रणनीतियों को बाधित करता है।डेली टेलीग्राफयह बताया गया है कि नेक्सपेरिया से आदेश और निवेश प्राप्त करने के लिए, एनडब्ल्यूएफ को कंपनी को संपार्श्विक के रूप में उपयोग करना पड़ा। अधिग्रहण भी अपने संविदात्मक दायित्वों को पूरा करने में अपनी विफलता के कारण हुआ था। वर्तमान में, नेक्सपेरिया ने वेल्श सरकार को एनडब्ल्यूएफ के 17 मिलियन पाउंड के ऋण को पूरी तरह से चुका दिया है और कंपनी में निवेश करना जारी रखेगा। इस साल अप्रैल में, Yiling Technology ने शंघाई में एक फैब बनाने के लिए 12 बिलियन युआन के निवेश की घोषणा की। इसके जुलाई 2022 तक 400,000 वेफर्स के वार्षिक उत्पादन के साथ उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। इस साल जून में, नेक्सपेरिया ने अपने यूरोपीय फैब, एशियाई पैकेजिंग और परीक्षण केंद्र और वैश्विक अनुसंधान और विकास आधार का विस्तार करने के लिए अगले 12 से 15 महीनों में $700 मिलियन का निवेश करने की योजना बनाई है।
चीनी चिप बनाने वाली दिग्गज विंगटेक टेक्नोलॉजी ने सोमवार को घोषणा की कि उसकी सहायक कंपनी नेक्सपेरिया ने ब्रिटिश चिपमेकर न्यूपोर्ट वेफर फाउंड्री का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। पाँच जुलाई को, डच चिप कंपनी नेक्सपेरिया ने NWF के साथ एक अधिग्रहण समझौते पर हस्ताक्षर किए। सौदे की खबर ने तुरंत उद्योग और कई विदेशी मीडिया का ध्यान आकर्षित किया। ब्रिटिश प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन ने अधिग्रहण की सुरक्षा समीक्षा का आदेश दिया है। अधिग्रहण के पूरा होने के बाद, Nexperia NWF और इसके यौगिक अर्धचालकों जैसे क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी का एक सौ% स्वामित्व प्राप्त करेगा। Wingtech एक सौ तैंतीस.नौ सौ अट्ठावन बिलियन युआन के कुल बाजार मूल्य के साथ एक.इक्कीस% बढ़कर एक सौ सात.उनसठ युआन प्रति शेयर पर बंद हुआ। नेक्सपेरिया डच सेमीकंडक्टर कंपनी एनएक्सपी की मानक उत्पाद व्यवसाय इकाई थी और दो हज़ार उन्नीस में विंगटेक द्वारा अधिग्रहित की गई थी। नेक्सपेरिया हर साल नब्बे बिलियन से अधिक उत्पादों को वितरित कर सकता है। एक हज़ार नौ सौ बयासी में स्थापित, एनडब्ल्यूएफ ब्रिटेन में लगभग बत्तीस,शून्य इकाइयों की मासिक वेफर क्षमता वाला सबसे बड़ा फैब है। NWF की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इसके चिप्स मुख्य रूप से शून्य दशमलव सात मीटर से शून्य हैं। अट्ठारह माइक्रोन।अमेरिकी उपभोक्ता समाचार और व्यापार चैनलरिपोर्टों के अनुसार, NWF के पास पचपन मिलियन पाउंड मूल्य के एक दर्जन से अधिक ब्रिटिश सरकार के अनुबंध हैं, जिनमें से कुछ में युद्ध के लिए रडार सिस्टम चिप्स भी शामिल हैं। जुलाई के अंत में, ब्रिटिश GPU निर्माता Imagination Technologies के पूर्व सीईओ रॉन ब्लैक ने NWF के लिए बोली लगाने की घोषणा करने के लिए छह कंपनियों को बुलाया। अगस्त में, तीन और कंपनियां शामिल हुईं। इन ब्रिटिश कंपनियों ने NWF को चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा अधिग्रहित होने से रोकने के लिए तीन सौ डॉलर मिलियन जुटाने की योजना बनाई है। हालांकि, एनडब्ल्यूएफ का ऋण बोझ अधिक है, जो इसकी कुछ आरएंडडी क्षमताओं और दीर्घकालिक रणनीतियों को बाधित करता है।डेली टेलीग्राफयह बताया गया है कि नेक्सपेरिया से आदेश और निवेश प्राप्त करने के लिए, एनडब्ल्यूएफ को कंपनी को संपार्श्विक के रूप में उपयोग करना पड़ा। अधिग्रहण भी अपने संविदात्मक दायित्वों को पूरा करने में अपनी विफलता के कारण हुआ था। वर्तमान में, नेक्सपेरिया ने वेल्श सरकार को एनडब्ल्यूएफ के सत्रह मिलियन पाउंड के ऋण को पूरी तरह से चुका दिया है और कंपनी में निवेश करना जारी रखेगा। इस साल अप्रैल में, Yiling Technology ने शंघाई में एक फैब बनाने के लिए बारह बिलियन युआन के निवेश की घोषणा की। इसके जुलाई दो हज़ार बाईस तक चार सौ,शून्य वेफर्स के वार्षिक उत्पादन के साथ उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। इस साल जून में, नेक्सपेरिया ने अपने यूरोपीय फैब, एशियाई पैकेजिंग और परीक्षण केंद्र और वैश्विक अनुसंधान और विकास आधार का विस्तार करने के लिए अगले बारह से पंद्रह महीनों में सात सौ डॉलर मिलियन का निवेश करने की योजना बनाई है।
डॉक्टर बनना हर स्टूडेंट का सपना होता है। इसके लिए लाखों छात्र हर साल नीट का एग्जाम भी देते हैं। लेकिन सभी पास नहीं होते। गुजरात अहमदाबाद के एक शख्स ने 52 की उम्र में नीट एग्जाम पास कया है। लेकिन उन्हें डॉक्टर नहीं बनना है। छात्रों में आत्मविश्वास जगाने के लिए इसे पास किया है। दरअसल, यह होनहार शख्स का नाम प्रदीप कुमार सिंह है जो कि अहमदाबाद के रहने वाले हैं। वह पेशे से एक बिजनेसमैन हैं। हाल ही में जारी हुए नीट रिजल्ट में उन्हें 720 में से 607 अंक प्राप्त हुए हैं। यानी कारोबारी प्रदीप ने इस एग्जाम में 98. 98 पर्सेंटाइल अंक हासिल किए हैं। अगर स्टूडेंट इतने नंबर लाता है तो वह आगे चलकर एक डॉक्टर बन जाता है। लेकिन प्रदीप को इतने अच्छे स्कोर करने के बाद भी डॉक्टर नहीं बनना हैं। नीट परीक्षा पास करने के बाद जब मीडिया ने प्रदीप कुमार से पूछा कि आप डॉक्टर क्यों नहीं बनना चाहते तो हो। तो उन्होंने शानदार जवाब देते हुए कहा- में इसलिए मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं लेना चाहता कि वहां में अकेला ही डॉक्टर बनूंगा। लेकिन बाहर रहकर गरीब बच्चों को मुफ्त कोचिंग देकर कई स्टूडेंट को डॉक्टर बनाऊंगा। उन्होंने कहा-मेरा बेटा बिजिन स्नेहांश MBBS के छात्र हैं। साल 2019 में स्नेहांश नें नीट की परीक्षा पास की थी, उसे 595 अंक हासिल हुए थे। जब मेरे बेटे ने नीट की तैयारी शुरू की थी तो मुझे एहसास हुआ कि कोचिंग इंस्टीट्यूट्स कितनी मोटी फीस लेते हैं। आज सोचता हूं कि गरीब बच्चे कैसे इतनी महंगी पढ़ाई कर पाएंगे। इसिलए में इन बच्चों की मदद करना चाहता हूं। बता दें कि प्रदीप कुमार बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे स्टूडेंट रहे हैं। उन्होंने 1987 में 12वीं की परीक्षा 71 फीसदी अंक हासिल किए थे। इसके बाद वह उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बैचलर्स डिग्री प्राप्त की। वहीं दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स पूरा किया। वह चाहते तो उन्हें किसी भी विभाग में बड़े पद पर सरकारी नौकरी मिल सकते थी। लेकिन उनका लक्ष्य पढ़कर जॉब हासिल करना नहीं रहा। वह आज अहमदाबाद के एक सफल कारोबारी हैं।
डॉक्टर बनना हर स्टूडेंट का सपना होता है। इसके लिए लाखों छात्र हर साल नीट का एग्जाम भी देते हैं। लेकिन सभी पास नहीं होते। गुजरात अहमदाबाद के एक शख्स ने बावन की उम्र में नीट एग्जाम पास कया है। लेकिन उन्हें डॉक्टर नहीं बनना है। छात्रों में आत्मविश्वास जगाने के लिए इसे पास किया है। दरअसल, यह होनहार शख्स का नाम प्रदीप कुमार सिंह है जो कि अहमदाबाद के रहने वाले हैं। वह पेशे से एक बिजनेसमैन हैं। हाल ही में जारी हुए नीट रिजल्ट में उन्हें सात सौ बीस में से छः सौ सात अंक प्राप्त हुए हैं। यानी कारोबारी प्रदीप ने इस एग्जाम में अट्ठानवे. अट्ठानवे पर्सेंटाइल अंक हासिल किए हैं। अगर स्टूडेंट इतने नंबर लाता है तो वह आगे चलकर एक डॉक्टर बन जाता है। लेकिन प्रदीप को इतने अच्छे स्कोर करने के बाद भी डॉक्टर नहीं बनना हैं। नीट परीक्षा पास करने के बाद जब मीडिया ने प्रदीप कुमार से पूछा कि आप डॉक्टर क्यों नहीं बनना चाहते तो हो। तो उन्होंने शानदार जवाब देते हुए कहा- में इसलिए मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं लेना चाहता कि वहां में अकेला ही डॉक्टर बनूंगा। लेकिन बाहर रहकर गरीब बच्चों को मुफ्त कोचिंग देकर कई स्टूडेंट को डॉक्टर बनाऊंगा। उन्होंने कहा-मेरा बेटा बिजिन स्नेहांश MBBS के छात्र हैं। साल दो हज़ार उन्नीस में स्नेहांश नें नीट की परीक्षा पास की थी, उसे पाँच सौ पचानवे अंक हासिल हुए थे। जब मेरे बेटे ने नीट की तैयारी शुरू की थी तो मुझे एहसास हुआ कि कोचिंग इंस्टीट्यूट्स कितनी मोटी फीस लेते हैं। आज सोचता हूं कि गरीब बच्चे कैसे इतनी महंगी पढ़ाई कर पाएंगे। इसिलए में इन बच्चों की मदद करना चाहता हूं। बता दें कि प्रदीप कुमार बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे स्टूडेंट रहे हैं। उन्होंने एक हज़ार नौ सौ सत्तासी में बारहवीं की परीक्षा इकहत्तर फीसदी अंक हासिल किए थे। इसके बाद वह उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बैचलर्स डिग्री प्राप्त की। वहीं दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स पूरा किया। वह चाहते तो उन्हें किसी भी विभाग में बड़े पद पर सरकारी नौकरी मिल सकते थी। लेकिन उनका लक्ष्य पढ़कर जॉब हासिल करना नहीं रहा। वह आज अहमदाबाद के एक सफल कारोबारी हैं।
कर्नाटक की भाजपा सरकार के इस फैसले को हाल ही में कई शहरों में हुए सावरकार बनाम टीपू सुल्तान पोस्टर विवाद के बाद एक बड़ा फैसला बताया जा रहा है। वहीं राष्ट्र में राष्ट्रवाद की हवा को दिशा देने के कदम से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बेंगलुरु, आनलाइन डेस्क। कर्नाटक सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेजों के लिए सुबह की प्रार्थना में राष्ट्रगान अनिवार्य करने का आदेश दिया है। ये आदेश प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर सरकारी स्कूलों में लागू होगा। कर्नाटक की भाजपा सरकार के इस फैसले को हाल ही में कई शहरों में हुए सावरकार बनाम टीपू सुल्तान पोस्टर विवाद के बाद एक बड़ा फैसला बताया जा रहा है। वहीं, राष्ट्र में राष्ट्रवाद की हवा को दिशा देने के कदम से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, कर्नाटक एजुकेशन एक्ट, 1983 में राष्ट्रगान को लेकर साफ नियम हैं। द हिंदू की खबर के मुताबिक, कर्नाटक शिक्षा अधिनियम, 1983 की धारा -7(2)(G)(i), के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना और सभी स्कूलों में सुबह सामूहिक प्रार्थना में नियमित रूप से राष्ट्रगान गाना अनिवार्य है। लेकिन समस्या यह आ रही थी कि कुछ प्राइवेट स्कूल इस नियम को नहीं मान रहे थे। ऐसे में सरकार द्वारा बुधवार को आदेश जारी कर ऐसे स्कूलों को चेताया गया। डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन के डिप्टी डायरेक्टर , बेंगलुरु-उत्तर और दक्षिण ने पिछले दिनों कुछ निजी स्कूलों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने पाया कि कुछ संस्थानों में सुबह की प्रार्थना में राष्ट्रगान गाना नहीं गाया जा रहा था। इसके बाद सरकार ने आदेश जारी कर राष्ट्रगान की अनिवार्यता को लेकर स्कूलों को चेताया। इस बीच जगह की कमी का हवाला दे रहे कुछ संस्थानों के लिए कक्षा के भीतर राष्ट्रगान गाने की अनुमति दी है। बता दें कि भारत का राष्ट्रगान 'जन गण मन' है, जो जन-जन में देशप्रेम की भावना को जागृत करता है। यह मूलतः बांग्ला भाषा में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा लिखा गया था। भारत सरकार द्वारा 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में अंगीकृत किया गया। इसके गायन की अवधि लगभग 52 सेकेंड निर्धारित है। साथ ही इसे गाने के कुछ नियम भी हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होता है।
कर्नाटक की भाजपा सरकार के इस फैसले को हाल ही में कई शहरों में हुए सावरकार बनाम टीपू सुल्तान पोस्टर विवाद के बाद एक बड़ा फैसला बताया जा रहा है। वहीं राष्ट्र में राष्ट्रवाद की हवा को दिशा देने के कदम से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बेंगलुरु, आनलाइन डेस्क। कर्नाटक सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेजों के लिए सुबह की प्रार्थना में राष्ट्रगान अनिवार्य करने का आदेश दिया है। ये आदेश प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर सरकारी स्कूलों में लागू होगा। कर्नाटक की भाजपा सरकार के इस फैसले को हाल ही में कई शहरों में हुए सावरकार बनाम टीपू सुल्तान पोस्टर विवाद के बाद एक बड़ा फैसला बताया जा रहा है। वहीं, राष्ट्र में राष्ट्रवाद की हवा को दिशा देने के कदम से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, कर्नाटक एजुकेशन एक्ट, एक हज़ार नौ सौ तिरासी में राष्ट्रगान को लेकर साफ नियम हैं। द हिंदू की खबर के मुताबिक, कर्नाटक शिक्षा अधिनियम, एक हज़ार नौ सौ तिरासी की धारा -सात, के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना और सभी स्कूलों में सुबह सामूहिक प्रार्थना में नियमित रूप से राष्ट्रगान गाना अनिवार्य है। लेकिन समस्या यह आ रही थी कि कुछ प्राइवेट स्कूल इस नियम को नहीं मान रहे थे। ऐसे में सरकार द्वारा बुधवार को आदेश जारी कर ऐसे स्कूलों को चेताया गया। डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन के डिप्टी डायरेक्टर , बेंगलुरु-उत्तर और दक्षिण ने पिछले दिनों कुछ निजी स्कूलों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने पाया कि कुछ संस्थानों में सुबह की प्रार्थना में राष्ट्रगान गाना नहीं गाया जा रहा था। इसके बाद सरकार ने आदेश जारी कर राष्ट्रगान की अनिवार्यता को लेकर स्कूलों को चेताया। इस बीच जगह की कमी का हवाला दे रहे कुछ संस्थानों के लिए कक्षा के भीतर राष्ट्रगान गाने की अनुमति दी है। बता दें कि भारत का राष्ट्रगान 'जन गण मन' है, जो जन-जन में देशप्रेम की भावना को जागृत करता है। यह मूलतः बांग्ला भाषा में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा लिखा गया था। भारत सरकार द्वारा चौबीस जनवरी एक हज़ार नौ सौ पचास को राष्ट्रगान के रूप में अंगीकृत किया गया। इसके गायन की अवधि लगभग बावन सेकेंड निर्धारित है। साथ ही इसे गाने के कुछ नियम भी हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य होता है।
बिहार के दरभंगा की रहने वाली भावना कंठ अब देश भर में जाना-पहचाना नाम है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड में वह इंडियन एयरफोर्स की झांकी में सबसे आगे खड़ी थीं। बिहार के एक छोटे से गांव से निकली इस बेटी को पूरा देश अपने घरों में TV के जरिए देख रहा था। दरभंगा में भावना के पैतृक गांव में तो जश्न था ही, जिस बेगूसराय ने भावना को पढ़ा-लिखाकर इस काबिल बनाया, वहां भी लोग गौरवान्वित हो रहे थे। भावना के पिता तेजनारायण कंठ और मां राधा कंठ के अनुसार उसकी रुचि बचपन से दौड़-भाग वाले खेलों में थी। बरौनी के DAV से स्कूल की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने बेंगलुरु से इंजीनियरिंग की डिग्री ली। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में जॉब भी किया। फिर उन्होंने इंडियन एयरफोर्स का एग्जाम दिया। चयनित होने के बाद पायलट बनने का ऑप्शन मिला तो भावना ने तुरंत हामी भर दी। यह उनके सपने के पूरा होने के जैसा था। वर्ष 2015 में ही केंद्र सरकार ने इंडियन एयरफोर्स में महिला फाइटर पायलट की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। इसके बाद पहले ही बैच में भावना का चयन हो गया। दो चरणों की ट्रेनिंग के बाद भावना को वर्ष 2018 में पहली बार MIG-21 फाइटर प्लेन उड़ाने का मौका मिला। MIG-21 बाइसन प्लेन की सफल उड़ान के बाद वर्ष 2019 में उन्हें दो अन्य महिला पायलट (अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह) के साथ इंडियन एयरफोर्स के लड़ाकू अभियानों में शामिल होने के लिए चुन लिया गया। इस तरह देश की पहली महिला फाइटर पायलट्स के बैच में भावना शामिल हो गईं। ऐसा कमाल करने वाली बिहार की पहली महिला हैं। वह अभी राजस्थान के एयरबेस पर तैनात हैं। पिता की नौकरी गई तो कतर से लौट इलेक्ट्रिकल इंजीनियर भावना बनी 'मशरूम गर्ल' This website follows the DNPA Code of Ethics.
बिहार के दरभंगा की रहने वाली भावना कंठ अब देश भर में जाना-पहचाना नाम है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की परेड में वह इंडियन एयरफोर्स की झांकी में सबसे आगे खड़ी थीं। बिहार के एक छोटे से गांव से निकली इस बेटी को पूरा देश अपने घरों में TV के जरिए देख रहा था। दरभंगा में भावना के पैतृक गांव में तो जश्न था ही, जिस बेगूसराय ने भावना को पढ़ा-लिखाकर इस काबिल बनाया, वहां भी लोग गौरवान्वित हो रहे थे। भावना के पिता तेजनारायण कंठ और मां राधा कंठ के अनुसार उसकी रुचि बचपन से दौड़-भाग वाले खेलों में थी। बरौनी के DAV से स्कूल की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने बेंगलुरु से इंजीनियरिंग की डिग्री ली। इसके बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में जॉब भी किया। फिर उन्होंने इंडियन एयरफोर्स का एग्जाम दिया। चयनित होने के बाद पायलट बनने का ऑप्शन मिला तो भावना ने तुरंत हामी भर दी। यह उनके सपने के पूरा होने के जैसा था। वर्ष दो हज़ार पंद्रह में ही केंद्र सरकार ने इंडियन एयरफोर्स में महिला फाइटर पायलट की नियुक्ति को मंजूरी दी थी। इसके बाद पहले ही बैच में भावना का चयन हो गया। दो चरणों की ट्रेनिंग के बाद भावना को वर्ष दो हज़ार अट्ठारह में पहली बार MIG-इक्कीस फाइटर प्लेन उड़ाने का मौका मिला। MIG-इक्कीस बाइसन प्लेन की सफल उड़ान के बाद वर्ष दो हज़ार उन्नीस में उन्हें दो अन्य महिला पायलट के साथ इंडियन एयरफोर्स के लड़ाकू अभियानों में शामिल होने के लिए चुन लिया गया। इस तरह देश की पहली महिला फाइटर पायलट्स के बैच में भावना शामिल हो गईं। ऐसा कमाल करने वाली बिहार की पहली महिला हैं। वह अभी राजस्थान के एयरबेस पर तैनात हैं। पिता की नौकरी गई तो कतर से लौट इलेक्ट्रिकल इंजीनियर भावना बनी 'मशरूम गर्ल' This website follows the DNPA Code of Ethics.
छत्तीसगढ़ के कांकेर में मंगलवार देर रात नक्सलियों ने दो जगहों पर तेंदूपत्ता फड़ में आग लगा दी। इसके कारण करीब 150 बोरे तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गए। नक्सलियों ने इस वारदात को थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर अंजाम दिया है। मामला बड़गांव थाना क्षेत्र का है। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
छत्तीसगढ़ के कांकेर में मंगलवार देर रात नक्सलियों ने दो जगहों पर तेंदूपत्ता फड़ में आग लगा दी। इसके कारण करीब एक सौ पचास बोरे तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गए। नक्सलियों ने इस वारदात को थाने से महज एक सौ मीटर की दूरी पर अंजाम दिया है। मामला बड़गांव थाना क्षेत्र का है। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक के मुकाबले दो के बहुमत से फैसला सुनाते हुए सहकारी समितियों के प्रभावी प्रबंधन संबंधी मामलों से निपटने वाले संविधान के 97वें संशोधन की वैधता बरकरार रखी, लेकिन इसके जरिए जोड़े गए उस हिस्से को खारिज कर दिया, जो संविधान एवं सहकारी समितियों के कामकाज से संबंधित है। जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस केएम जोसफ और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि हमने सहकारी समितियों से संबंधित संविधान के भाग 9बी को हटा दिया है, लेकिन हमने संशोधन को बचा लिया है। जस्टिस नरीमन ने कहा कि जस्टिस जोसफ ने आंशिक असहमति वाला फैसला दिया है और पूरे 97वें संविधान संशोधन को रद्द कर दिया है। जस्टिस नरीमन, जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीआर गवई की 3 जजों की बैंच ने गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत संघ द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक के मुकाबले दो के बहुमत से फैसला सुनाते हुए सहकारी समितियों के प्रभावी प्रबंधन संबंधी मामलों से निपटने वाले संविधान के सत्तानवेवें संशोधन की वैधता बरकरार रखी, लेकिन इसके जरिए जोड़े गए उस हिस्से को खारिज कर दिया, जो संविधान एवं सहकारी समितियों के कामकाज से संबंधित है। जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस केएम जोसफ और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि हमने सहकारी समितियों से संबंधित संविधान के भाग नौबी को हटा दिया है, लेकिन हमने संशोधन को बचा लिया है। जस्टिस नरीमन ने कहा कि जस्टिस जोसफ ने आंशिक असहमति वाला फैसला दिया है और पूरे सत्तानवेवें संविधान संशोधन को रद्द कर दिया है। जस्टिस नरीमन, जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीआर गवई की तीन जजों की बैंच ने गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ भारत संघ द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया।
यह एक दिलचस्प विचार है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्मे और वाकपटुता का ही असर था कि कोरोना संकट के दौरान लोग लॉकडाउन के आदेशों का पालन करते रहे, ताली-थाली बजाने और दीया-मोमबत्ती जलाने की अपीलों पर अमल करते रहे. आज अगर मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री होते और कोरोनावायरस से लड़ाई का नेतृत्व कर रहे होते तो शायद यह सब मुमकिन न होता. मनमोहन सिंह की मद्धिम आवाज़, विनम्र चाल-ढाल और भारत भर में अपनी राजनीतिक पूंजी या प्रशंसकों की जमात का अभाव इस महामारी से जंग में उनके लिए भारी अड़ंगे पैदा करता. जरा कल्पना कीजिए, रात आठ बजे वे देश के नाम अपने संदेश में लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील कर रहे हैं, मगर उनके अपने मंत्री ही एक आवाज़ में नहीं बोल रहे हैं. लेकिन मोदी के राज में भारत इससे अलग है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव प्रीति सूदन के करीबी लोग बताते हैं कि अगर वे रात 2 बजे भी कोरोना महामारी के बारे में सूचना पाने के लिए व्हाट्सअप पर निर्देश भेजती हैं तो मिनटों के भीतर जवाब आ जाता है. इसके बरक्स यूपीए-2 की मनमोहन सिंह सरकार के स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद तो सामान्य कॉल के लिए भी मोबाइल फोन का प्रयोग करने से कतराते थे. दोनों सरकारों के बीच केवल इसी तरह का फर्क नहीं है. दोनों सरकार, यानी एक तो 2004-14 के बीच चली मनमोहन सिंह सरकार जो उनके व्यक्तित्व की प्रतिबिंब थी और जिस सरकार में वे उन तमाम दूसरे लोगों में एक थे जिनकी चलती थी और दूसरी प्रधानमंत्री मोदी की सरकार जिसमें केवल उनकी आवाज़ वजन रखती है. मनमोहन सिंह मददगार की भूमिका में होते थे, जबकि मोदी आग्रही हैं. लेकिन नेतृत्व-गुण में केवल प्रभावशाली व्यक्तित्व और अपने लिए व्यक्तिपूजा की भावना जगाने जैसी विशेषताएं ही शामिल नहीं हैं. लोकतन्त्र संस्थाओं और उन्हें चलाने वाले लोगों का निर्माण करने की मांग करता है - वह भी कैमरों, सुर्खियों, और हैशटैग से दूर रहते हुए. मनमोहन सिंह एक शांत सत्ता के प्रतीक थे - जो संस्थाओं और व्यवस्था से संचालित होती है. मोदी अपनी शख्सियत के बल पर अपनी कथनी और करनी में मुखर रहने वाले नेता हैं. हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें. 2009 में एच-1एन-1 वायरस ने जब भारत में हमला किया था तब वह महामारी नहीं बनी थी, उसने 1,800 लोगों की जान ली थी और 20,000 लोगों को संक्रमित किया था. पूर्व स्वास्थ्य सचिव के. सुजाता राव ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि तब गुलाम नबी आज़ाद सरकार के चेहरे के रूप में सामने थे और वे राजनीतिक ध्यान आकर्षित करने के लिए हरेक मुख्यमंत्री से बात कर रहे थे, राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठकें कर रहे थे. आज स्थिति काफी बदली हुई है, रोज की ब्रीफिंग स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन नहीं बल्कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय के चहेते लव अग्रवाल करते हैं, जबकि मुख्यमंत्रियों के साथ सभी वीडियो मीटिंग खुद मोदी करते हैं. यह स्पष्ट करता है कि मोदी किस तरह सरकार चलाते हैं. 24 मार्च से जब पूरे देश में लॉकडाउन घोषित करने का फैसला हुआ तब मुख्यमंत्रियों को इसके बारे में पहले सूचित नहीं किया गया. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बाद में ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री ने अगर राज्यों से पहले ही सलाह-मशविरा किया होता तो यह देशहित में ही होता. लेकिन मोदी तो सर्जिकल स्ट्राइक वाली मानसिकता से ग्रस्त हैं, चाहे वह 2016 में नोटबंदी की घोषणा हो या पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर पर सर्जिकल स्ट्राइक करने का फैसला हो. उन्हें तो लोगों को चौंकाना ज्यादा पसंद है. मनमोहन सिंह ने जब कहा था कि उनका मूल्यांकन करने में इतिहास मीडिया के मुक़ाबले ज्यादा उदारता बरतेगा, तब उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि वह मौका इतनी जल्दी आ जाएगा. यूपीए की दोनों सरकारों के घोर आलोचक भी, जो यह मानते थे कि यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के सामने मनमोहन सिंह भीगी बिल्ली बने रहते थे, आज यह कबूल कर रहे हैं कि वे निर्णय प्रक्रिया में ज्यादा लोगों को शामिल करते थे और आज वे अर्थव्यवस्था को ज्यादा बेहतर तरीके से संभालते. मनमोहन सिंह और मोदी की खूबियां और कमजोरियों का फौरी विश्लेषण दिलचस्प विरोधाभासों को उजागर कर सकता है. प्रभावपूर्ण संवाद न कर पाना मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी कमजोरी रही है, जबकि मोदी यह शानदार तरीके से कर लेते हैं. वैसे, इसमें कोई संदेह नहीं है कि मनमोहन सिंह या यूपीए के दूसरे किसी बड़े नेता के विपरीत मोदी ने अपने संवाद कौशल का बखूबी इस्तेमाल किया है - चाहे यह शाम 8 बजे देश के नाम संदेश हो या सुबह 9 बजे रेकॉर्डेड संदेश हो. और उन्होंने अपनी यह छवि मजबूत की है कि वे लोगों से सीधे बात करते हैं और लोग भी उनकी बात मानते हैं - चाहे यह स्वास्थ्यकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए ताली-थाली बजाना हो या कथित अंधकार को भगाने के लिए दीया-मोमबत्ती जलाना हो. चेरियन कहते हैं कि लोगों से सीधे संवाद करने की अपनी क्षमता को औज़ार बनाकर ही तो मोदी ने एक सरकार का तख़्ता पलट किया था. जवाहरलाल नेहरू और बर्बाद किए गए सत्तर साल के खिलाफ मोदी कई भाषण दे सकते हैं. लेकिन कहा जा सकता है कि मोदी ने मनमोहन सिंह सरकार से बहुत कुछ उधार लिया है. उदाहरण के लिए, नेशनल सेंटर फॉर डिजीजेज़ कंट्रोल द्वारा 2004 में विकसित समेकित रोग निगरानी कार्यक्रम को लें. इसी का इस्तेमाल 2020 में कोरोनावायरस के फैलाव का पता लगाने के लिए किया जा रहा है. या फिर व्यापक विचार-विमर्श के लिए मंत्रियों के विशेष समूह (जीओएम) के गठन के आइडिया को लें. मोदी युग में मंत्री लोग जिस तरह अदृश्य नज़र आते हैं उसे देखते हुए जीओएम की जगह 'एम्पावर्ड जीओएम' (ईजीओएम) बनाए गए और इनका प्रभार खास-खास चुनिन्दा सचिवों को दिया गया. यह फैसला तब किया गया जब मानवीय त्रासदी बेकाबू होने लगी और यह साफ हो गया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) द्वारा 18 मार्च को गठित टेक्निकल टास्क फोर्स तथा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा 21 मार्च को गठित पब्लिक हेल्थ वर्किंग ग्रुप पर्याप्त नहीं हैं. यूपीए-2 में 30 जीओएम और ईजीओएम थे. मोदी ने गद्दी पर बैठते ही इन सबको खत्म कर दिया था. लेकिन 29 मार्च को मोदी सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत 11 ईजीओएम गठित किए, जिनका प्रभारी उन खास चुनिन्दा सचिवों को बनाया, जो संकट के दौरान काम कर दिखते रहे हैं. इनमें जल आपूर्ति सचिव परमेश्वरन अय्यर हैं जिन्हें खाद्य सामग्री तथा दवाओं जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता बनाए रखने के सप्लाई चेन एवं व्यवस्था को बनाए रखने का जिम्मा सौंपा गया है. नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कान्त को निजी क्षेत्र, एनजीओ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ तालमेल रखने का जिम्मा सौंपा गया है. औषधि विभाग के सचिव पी. डी. वाघेला को पीपीई, मास्क, दस्ताने, वेंटिलेटर, सरीखे जरूरी साजोसामान की उपलब्धता और उनके उत्पादन, उगाही, निर्यात, वितरण आदि का जिम्मा सौंपा गया है. यहां तक कि मोदी की प्रिय 'आयुष्मान भारत' योजना 2008 में शुरू की गई राष्ट्रीय बीमा योजना का ही परिवर्द्धित संस्करण है. भारी-भरकम के प्रति मोदी के झुकाव के कारण 'आयुष्मान भारत' योजना अब दुनिया में सरकारी स्वास्थ्य बीमा की सबसे बड़ी योजना बन गई है. लेकिन सभी नकल सकारात्मक नहीं कहे जा सकते. स्वास्थ्य सेवाओं पर जीडीपी के 2. 5 प्रतिशत के बराबर राशि खर्च करने का फैसला किया गया है मगर यह मंजिल अभी बहुत दूर है. स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गठित एक उच्चस्तरीय दल ने 2017 में गठित 15वें वित्त आयोग को सौंपी अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि 2017 में घोषित राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के मुताबिक जीडीपी के 2. 5 प्रतिशत की बराबरी पर पहुँचने के लिए 2020-21 में स्वास्थ्य क्षेत्र को केंद्र से 145,000 करोड़ रुपये मिलने चाहिए. लेकिन इस साल केंद्र से उसे मात्र 70,000 करोड़ रुपये मिले. अगर कोई सबक सीखना है तो वह यूपीए-1 सरकार से सीखा जा सकता है, कि उसने एड्स से किस तरह मुक़ाबला किया और मातृ एवं शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के बजट को किस तरह तीन गुना बढ़ा दिया था. लेकिन यूपीए-2 में कई घोटालों के कारण स्वास्थ्य का मसला नेपथ्य में चला गया. इसमें आगे की सरकारों के लिए कई सबक हैं बशर्ते पर्याप्त राजनीतिक समर्थन हो, पर्याप्त बजट हो और सिविल सोसाइटी तथा राज्यों के साथ निरंतर संवाद हो. लेकिन सिविल सोसाइटी के प्रति सरकार की उपेक्षा जगजाहिर है और असहमति जाहिर करने वाले एनजीओ को राष्ट्र विरोधी माना जाता है, यूपीए-1 और 2 के दौरान गठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की निरंतर निंदा की जाती रही और भाजपा इसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर तंज़ कसते हुए उन्हें 'सुपर पीएम' कहती रही. आइसीएमआर के पूर्व महानिदेशक निर्मल के. गांगुली भी यही कहते हैं. भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने जो चार फैसले किए थे उनमें सबसे अहम था सार्वजनिक स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक व व्यवहारजनित रोगों के वैज्ञानिकों का एक काडर बनाने का फैसला. अंग्रेजों के राज में यहां इंडियन मेडिकल सर्विस थी जिसके सैन्य काडर को असैनिक अस्पतालों में भी तैनात किया जाता था. उसे 1947 में खत्म कर दिया गया. दूसरा फैसला आसान पहुंच वाली और कम खर्चीली सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का जाल बिछाने से संबंधित था. तीसरा फैसला संक्रामक रोगों का एक पोस्टडॉक्टरल विशेष कोर्स शुरू करने का था. चौथा फैसला सरकार और दूसरे संगठनों की मदद से रिसर्च एनजीओ का नेटवर्क बनाने का था. एनआरएचएम के बारे में राव बताती हैं कि योजना आयोग के साथ लंबे तकरार के बाद इसे यूपीए-2 में रद्द कर दिया गया, जो स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण और सर्वोच्च स्तर पर राजनीतिक दिशाहीनता का मॉडल बनता दिख रहा था. क) केवल तीन घंटे पहले 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के कारण मेडिकल और किराना की दुकानों पर भीड़ और धक्कामुक्की के हालात पैदा हो गए, जिससे सोशल डिस्टेन्सिंग की धज्जी उड़ गई. बल्कि इसके लिए मोदी को चार दिन का समय देना चाहिए था ताकि लोग अपने दफ्तर वगैरह जा पाते और जरूरी काम निबटा पाते, बिलों के भुगतान कर पाते, घर से काम करने के लिए व्यवस्था कर पाते, जरूरी चीजें खरीद पाते. ख) सार्वजनिक परिवहन को चार दिन के बाद बंद करना चाहिए था ताकि प्रवासी कामगार अपने गांव/घर सुरक्षित पहुंच जाते, बेशक वाहनों में भीड़भाड़ से बचने के एहतियात बरते जाते. ग) उद्योगों और कामगारों की सहायता के लिए मोदी सरकार ने 1. 7 लाख करोड़ के जिस पैकेज की घोषणा की है उसे 10 लाख करोड़ का उधार लेकर बढ़ाया जाना चाहिए. ब्याज दरें जबकि न्यूनतम स्तर पर हैं, 10 लाख करोड़ पर 4 फीसदी की दर से सालाना 40,000 करोड़ का ब्याज देना पड़ेगा. इससे वित्तीय घाटे में महज 0. 2 प्रतिशत की वृद्धि होगी. इसे बर्दाश्त किया जा सकता है, जबकि जीडीपी की 5 प्रतिशत के बराबर की राशि से उद्योगों और कामगारों को इस संकट से तेजी से उबरने में मदद मिलेगी. विदेश नीति का, जो कि मनमोहन सिंह का मजबूत सिक्का था, आज यही हाल है कि हरेक देश अपने लिए सोच रहा है. मोदी ने हर भारतीय दूतावास को मेजबान देश को भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों - 21 दिन के लॉकडाउन, कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए तमाम देशों से सहयोग और तालमेल की पेशकश आदि - के बारे में अवगत कराने का निर्देश दिया है लेकिन विशेषज्ञ भरत कारनाड कहते हैं कि तमाम देशों ने जिस तरह अंतर्मुखी रुख अपना लिया है उसके कारण ऐसे निर्देशों से कोई लाभ नहीं हासिल होने वाला है. विशेषज्ञों ने जिस तरह वायरस के नियमित प्रकोप की आशंकाएं जताई हैं उसके मद्देनजर साफ है कि स्वास्थ्य को एजेंडा पर भारी अहमियत देनी होगी. पिछली गलतियों को दोहराना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मोदी इस कोरोना महामारी का उपयोग एक ऐसी नयी जवाबदेह, और सर्वसमावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करने के लिए एक पोर्टल के तौर पर कर सकते हैं, जो देशवासियों को तब भी अच्छी सेवा दे जब कोई इमरजेंसी न हो. इसकी छोटी शुरुआत हर्षवर्धन से हो सकती है. चूंकि भारत को किस्मत से एक डॉक्टर के रूप में एक मंत्री मिला है जिसने दिल्ली से पोलियो के उन्मूलन और धूम्रपान के खिलाफ सख्त कदम उठाने के मामलों में अपनी क्षमता साबित की है, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी उन्हें केवल महकमे की ज़िम्मेदारी ग्रहण करने की नहीं बल्कि उसे संभालते हुए दिखने की भी अनुमति देंगे. (इस लेख को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें) (लेखिका स्वतंत्र पत्रकार हैं)
यह एक दिलचस्प विचार है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्मे और वाकपटुता का ही असर था कि कोरोना संकट के दौरान लोग लॉकडाउन के आदेशों का पालन करते रहे, ताली-थाली बजाने और दीया-मोमबत्ती जलाने की अपीलों पर अमल करते रहे. आज अगर मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री होते और कोरोनावायरस से लड़ाई का नेतृत्व कर रहे होते तो शायद यह सब मुमकिन न होता. मनमोहन सिंह की मद्धिम आवाज़, विनम्र चाल-ढाल और भारत भर में अपनी राजनीतिक पूंजी या प्रशंसकों की जमात का अभाव इस महामारी से जंग में उनके लिए भारी अड़ंगे पैदा करता. जरा कल्पना कीजिए, रात आठ बजे वे देश के नाम अपने संदेश में लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील कर रहे हैं, मगर उनके अपने मंत्री ही एक आवाज़ में नहीं बोल रहे हैं. लेकिन मोदी के राज में भारत इससे अलग है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव प्रीति सूदन के करीबी लोग बताते हैं कि अगर वे रात दो बजे भी कोरोना महामारी के बारे में सूचना पाने के लिए व्हाट्सअप पर निर्देश भेजती हैं तो मिनटों के भीतर जवाब आ जाता है. इसके बरक्स यूपीए-दो की मनमोहन सिंह सरकार के स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद तो सामान्य कॉल के लिए भी मोबाइल फोन का प्रयोग करने से कतराते थे. दोनों सरकारों के बीच केवल इसी तरह का फर्क नहीं है. दोनों सरकार, यानी एक तो दो हज़ार चार-चौदह के बीच चली मनमोहन सिंह सरकार जो उनके व्यक्तित्व की प्रतिबिंब थी और जिस सरकार में वे उन तमाम दूसरे लोगों में एक थे जिनकी चलती थी और दूसरी प्रधानमंत्री मोदी की सरकार जिसमें केवल उनकी आवाज़ वजन रखती है. मनमोहन सिंह मददगार की भूमिका में होते थे, जबकि मोदी आग्रही हैं. लेकिन नेतृत्व-गुण में केवल प्रभावशाली व्यक्तित्व और अपने लिए व्यक्तिपूजा की भावना जगाने जैसी विशेषताएं ही शामिल नहीं हैं. लोकतन्त्र संस्थाओं और उन्हें चलाने वाले लोगों का निर्माण करने की मांग करता है - वह भी कैमरों, सुर्खियों, और हैशटैग से दूर रहते हुए. मनमोहन सिंह एक शांत सत्ता के प्रतीक थे - जो संस्थाओं और व्यवस्था से संचालित होती है. मोदी अपनी शख्सियत के बल पर अपनी कथनी और करनी में मुखर रहने वाले नेता हैं. हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें. दो हज़ार नौ में एच-एकएन-एक वायरस ने जब भारत में हमला किया था तब वह महामारी नहीं बनी थी, उसने एक,आठ सौ लोगों की जान ली थी और बीस,शून्य लोगों को संक्रमित किया था. पूर्व स्वास्थ्य सचिव के. सुजाता राव ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि तब गुलाम नबी आज़ाद सरकार के चेहरे के रूप में सामने थे और वे राजनीतिक ध्यान आकर्षित करने के लिए हरेक मुख्यमंत्री से बात कर रहे थे, राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठकें कर रहे थे. आज स्थिति काफी बदली हुई है, रोज की ब्रीफिंग स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन नहीं बल्कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय के चहेते लव अग्रवाल करते हैं, जबकि मुख्यमंत्रियों के साथ सभी वीडियो मीटिंग खुद मोदी करते हैं. यह स्पष्ट करता है कि मोदी किस तरह सरकार चलाते हैं. चौबीस मार्च से जब पूरे देश में लॉकडाउन घोषित करने का फैसला हुआ तब मुख्यमंत्रियों को इसके बारे में पहले सूचित नहीं किया गया. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बाद में ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री ने अगर राज्यों से पहले ही सलाह-मशविरा किया होता तो यह देशहित में ही होता. लेकिन मोदी तो सर्जिकल स्ट्राइक वाली मानसिकता से ग्रस्त हैं, चाहे वह दो हज़ार सोलह में नोटबंदी की घोषणा हो या पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर पर सर्जिकल स्ट्राइक करने का फैसला हो. उन्हें तो लोगों को चौंकाना ज्यादा पसंद है. मनमोहन सिंह ने जब कहा था कि उनका मूल्यांकन करने में इतिहास मीडिया के मुक़ाबले ज्यादा उदारता बरतेगा, तब उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि वह मौका इतनी जल्दी आ जाएगा. यूपीए की दोनों सरकारों के घोर आलोचक भी, जो यह मानते थे कि यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी के सामने मनमोहन सिंह भीगी बिल्ली बने रहते थे, आज यह कबूल कर रहे हैं कि वे निर्णय प्रक्रिया में ज्यादा लोगों को शामिल करते थे और आज वे अर्थव्यवस्था को ज्यादा बेहतर तरीके से संभालते. मनमोहन सिंह और मोदी की खूबियां और कमजोरियों का फौरी विश्लेषण दिलचस्प विरोधाभासों को उजागर कर सकता है. प्रभावपूर्ण संवाद न कर पाना मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी कमजोरी रही है, जबकि मोदी यह शानदार तरीके से कर लेते हैं. वैसे, इसमें कोई संदेह नहीं है कि मनमोहन सिंह या यूपीए के दूसरे किसी बड़े नेता के विपरीत मोदी ने अपने संवाद कौशल का बखूबी इस्तेमाल किया है - चाहे यह शाम आठ बजे देश के नाम संदेश हो या सुबह नौ बजे रेकॉर्डेड संदेश हो. और उन्होंने अपनी यह छवि मजबूत की है कि वे लोगों से सीधे बात करते हैं और लोग भी उनकी बात मानते हैं - चाहे यह स्वास्थ्यकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए ताली-थाली बजाना हो या कथित अंधकार को भगाने के लिए दीया-मोमबत्ती जलाना हो. चेरियन कहते हैं कि लोगों से सीधे संवाद करने की अपनी क्षमता को औज़ार बनाकर ही तो मोदी ने एक सरकार का तख़्ता पलट किया था. जवाहरलाल नेहरू और बर्बाद किए गए सत्तर साल के खिलाफ मोदी कई भाषण दे सकते हैं. लेकिन कहा जा सकता है कि मोदी ने मनमोहन सिंह सरकार से बहुत कुछ उधार लिया है. उदाहरण के लिए, नेशनल सेंटर फॉर डिजीजेज़ कंट्रोल द्वारा दो हज़ार चार में विकसित समेकित रोग निगरानी कार्यक्रम को लें. इसी का इस्तेमाल दो हज़ार बीस में कोरोनावायरस के फैलाव का पता लगाने के लिए किया जा रहा है. या फिर व्यापक विचार-विमर्श के लिए मंत्रियों के विशेष समूह के गठन के आइडिया को लें. मोदी युग में मंत्री लोग जिस तरह अदृश्य नज़र आते हैं उसे देखते हुए जीओएम की जगह 'एम्पावर्ड जीओएम' बनाए गए और इनका प्रभार खास-खास चुनिन्दा सचिवों को दिया गया. यह फैसला तब किया गया जब मानवीय त्रासदी बेकाबू होने लगी और यह साफ हो गया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा अट्ठारह मार्च को गठित टेक्निकल टास्क फोर्स तथा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा इक्कीस मार्च को गठित पब्लिक हेल्थ वर्किंग ग्रुप पर्याप्त नहीं हैं. यूपीए-दो में तीस जीओएम और ईजीओएम थे. मोदी ने गद्दी पर बैठते ही इन सबको खत्म कर दिया था. लेकिन उनतीस मार्च को मोदी सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत ग्यारह ईजीओएम गठित किए, जिनका प्रभारी उन खास चुनिन्दा सचिवों को बनाया, जो संकट के दौरान काम कर दिखते रहे हैं. इनमें जल आपूर्ति सचिव परमेश्वरन अय्यर हैं जिन्हें खाद्य सामग्री तथा दवाओं जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता बनाए रखने के सप्लाई चेन एवं व्यवस्था को बनाए रखने का जिम्मा सौंपा गया है. नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कान्त को निजी क्षेत्र, एनजीओ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ तालमेल रखने का जिम्मा सौंपा गया है. औषधि विभाग के सचिव पी. डी. वाघेला को पीपीई, मास्क, दस्ताने, वेंटिलेटर, सरीखे जरूरी साजोसामान की उपलब्धता और उनके उत्पादन, उगाही, निर्यात, वितरण आदि का जिम्मा सौंपा गया है. यहां तक कि मोदी की प्रिय 'आयुष्मान भारत' योजना दो हज़ार आठ में शुरू की गई राष्ट्रीय बीमा योजना का ही परिवर्द्धित संस्करण है. भारी-भरकम के प्रति मोदी के झुकाव के कारण 'आयुष्मान भारत' योजना अब दुनिया में सरकारी स्वास्थ्य बीमा की सबसे बड़ी योजना बन गई है. लेकिन सभी नकल सकारात्मक नहीं कहे जा सकते. स्वास्थ्य सेवाओं पर जीडीपी के दो. पाँच प्रतिशत के बराबर राशि खर्च करने का फैसला किया गया है मगर यह मंजिल अभी बहुत दूर है. स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गठित एक उच्चस्तरीय दल ने दो हज़ार सत्रह में गठित पंद्रहवें वित्त आयोग को सौंपी अपनी रिपोर्ट में अनुमान लगाया है कि दो हज़ार सत्रह में घोषित राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के मुताबिक जीडीपी के दो. पाँच प्रतिशत की बराबरी पर पहुँचने के लिए दो हज़ार बीस-इक्कीस में स्वास्थ्य क्षेत्र को केंद्र से एक सौ पैंतालीस,शून्य करोड़ रुपये मिलने चाहिए. लेकिन इस साल केंद्र से उसे मात्र सत्तर,शून्य करोड़ रुपये मिले. अगर कोई सबक सीखना है तो वह यूपीए-एक सरकार से सीखा जा सकता है, कि उसने एड्स से किस तरह मुक़ाबला किया और मातृ एवं शिशु मृत्युदर को कम करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के बजट को किस तरह तीन गुना बढ़ा दिया था. लेकिन यूपीए-दो में कई घोटालों के कारण स्वास्थ्य का मसला नेपथ्य में चला गया. इसमें आगे की सरकारों के लिए कई सबक हैं बशर्ते पर्याप्त राजनीतिक समर्थन हो, पर्याप्त बजट हो और सिविल सोसाइटी तथा राज्यों के साथ निरंतर संवाद हो. लेकिन सिविल सोसाइटी के प्रति सरकार की उपेक्षा जगजाहिर है और असहमति जाहिर करने वाले एनजीओ को राष्ट्र विरोधी माना जाता है, यूपीए-एक और दो के दौरान गठित राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की निरंतर निंदा की जाती रही और भाजपा इसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर तंज़ कसते हुए उन्हें 'सुपर पीएम' कहती रही. आइसीएमआर के पूर्व महानिदेशक निर्मल के. गांगुली भी यही कहते हैं. भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने जो चार फैसले किए थे उनमें सबसे अहम था सार्वजनिक स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक व व्यवहारजनित रोगों के वैज्ञानिकों का एक काडर बनाने का फैसला. अंग्रेजों के राज में यहां इंडियन मेडिकल सर्विस थी जिसके सैन्य काडर को असैनिक अस्पतालों में भी तैनात किया जाता था. उसे एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में खत्म कर दिया गया. दूसरा फैसला आसान पहुंच वाली और कम खर्चीली सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का जाल बिछाने से संबंधित था. तीसरा फैसला संक्रामक रोगों का एक पोस्टडॉक्टरल विशेष कोर्स शुरू करने का था. चौथा फैसला सरकार और दूसरे संगठनों की मदद से रिसर्च एनजीओ का नेटवर्क बनाने का था. एनआरएचएम के बारे में राव बताती हैं कि योजना आयोग के साथ लंबे तकरार के बाद इसे यूपीए-दो में रद्द कर दिया गया, जो स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण और सर्वोच्च स्तर पर राजनीतिक दिशाहीनता का मॉडल बनता दिख रहा था. क) केवल तीन घंटे पहले इक्कीस दिन के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा के कारण मेडिकल और किराना की दुकानों पर भीड़ और धक्कामुक्की के हालात पैदा हो गए, जिससे सोशल डिस्टेन्सिंग की धज्जी उड़ गई. बल्कि इसके लिए मोदी को चार दिन का समय देना चाहिए था ताकि लोग अपने दफ्तर वगैरह जा पाते और जरूरी काम निबटा पाते, बिलों के भुगतान कर पाते, घर से काम करने के लिए व्यवस्था कर पाते, जरूरी चीजें खरीद पाते. ख) सार्वजनिक परिवहन को चार दिन के बाद बंद करना चाहिए था ताकि प्रवासी कामगार अपने गांव/घर सुरक्षित पहुंच जाते, बेशक वाहनों में भीड़भाड़ से बचने के एहतियात बरते जाते. ग) उद्योगों और कामगारों की सहायता के लिए मोदी सरकार ने एक. सात लाख करोड़ के जिस पैकेज की घोषणा की है उसे दस लाख करोड़ का उधार लेकर बढ़ाया जाना चाहिए. ब्याज दरें जबकि न्यूनतम स्तर पर हैं, दस लाख करोड़ पर चार फीसदी की दर से सालाना चालीस,शून्य करोड़ का ब्याज देना पड़ेगा. इससे वित्तीय घाटे में महज शून्य. दो प्रतिशत की वृद्धि होगी. इसे बर्दाश्त किया जा सकता है, जबकि जीडीपी की पाँच प्रतिशत के बराबर की राशि से उद्योगों और कामगारों को इस संकट से तेजी से उबरने में मदद मिलेगी. विदेश नीति का, जो कि मनमोहन सिंह का मजबूत सिक्का था, आज यही हाल है कि हरेक देश अपने लिए सोच रहा है. मोदी ने हर भारतीय दूतावास को मेजबान देश को भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों - इक्कीस दिन के लॉकडाउन, कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए तमाम देशों से सहयोग और तालमेल की पेशकश आदि - के बारे में अवगत कराने का निर्देश दिया है लेकिन विशेषज्ञ भरत कारनाड कहते हैं कि तमाम देशों ने जिस तरह अंतर्मुखी रुख अपना लिया है उसके कारण ऐसे निर्देशों से कोई लाभ नहीं हासिल होने वाला है. विशेषज्ञों ने जिस तरह वायरस के नियमित प्रकोप की आशंकाएं जताई हैं उसके मद्देनजर साफ है कि स्वास्थ्य को एजेंडा पर भारी अहमियत देनी होगी. पिछली गलतियों को दोहराना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मोदी इस कोरोना महामारी का उपयोग एक ऐसी नयी जवाबदेह, और सर्वसमावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करने के लिए एक पोर्टल के तौर पर कर सकते हैं, जो देशवासियों को तब भी अच्छी सेवा दे जब कोई इमरजेंसी न हो. इसकी छोटी शुरुआत हर्षवर्धन से हो सकती है. चूंकि भारत को किस्मत से एक डॉक्टर के रूप में एक मंत्री मिला है जिसने दिल्ली से पोलियो के उन्मूलन और धूम्रपान के खिलाफ सख्त कदम उठाने के मामलों में अपनी क्षमता साबित की है, इसलिए उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रधानमंत्री मोदी उन्हें केवल महकमे की ज़िम्मेदारी ग्रहण करने की नहीं बल्कि उसे संभालते हुए दिखने की भी अनुमति देंगे.
(पायल बनर्जी) नयी दिल्ली, 15 सितंबर रूस के राजदूत ने भारत सरकार का आह्वान किया है कि वह हेट्रो बायोफार्मा द्वारा उत्पादित कोविड-19 टीके की एकल खुराक वाली स्पूतनिक लाइट के निर्यात की अनुमति दे। हेट्रो टीका उत्पादन के लिए आरडीआईएफ के साझेदारों में है। राजदूत ने कहा कि उनके देश को टीके की खुराक का तबतक निर्यात करने की अनुमति दी जाए जबतक भारतीय औषधि नियामक इसे यहां आपात इस्तेमाल के लिए अधिकृत न कर दे। सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार को लिखे पत्र में रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने कहा कि हेट्रो बायोफार्मा लिमिटेड पहले ही स्पूतनिक- V की 10 लाख खुराक और स्पूतनिक लाइट की 20 लाख खुराकों को बनाने में इस्तेमाल अवयव-1 को तैयार कर चुकी है, लेकिन अधिकतम छह महीने तक इन्हें रखने की अवधि इसके पंजीकरण से पहले ही खत्म हो सकती है जिसका नतीजा इन खुराकों की बर्बादी होगी। उल्लेखनीय है कि स्पूतनिक लाइट में भी स्पूतनिक-V के अवयव-1 का ही इस्तेमाल होता है। सूत्रों ने बताया कि हाल में इस मुद्दे पर अधिकार प्राप्त समूह-5 में चर्चा हुई थी जिसके बाद इसे कोविड-19 के लिए टीका प्रशासन पर गठित राष्ट्रीय विशेष समूह के उप समूह को विचार के लिए भेज दिया गया ताकि विशेषज्ञ इस प्रस्ताव पर मंथन कर सके। सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने राजदूत द्वारा लिखे पत्र में कहा कि कुछ महीनों से रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) भारत में स्पूतनिक टीके के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है जिनका इस्तेमाल स्थानीय और वैश्विक बाजार में किया जा सकता है। इस समय आरडीआईएफ डॉ. रेड्डी लैब के साथ मिलकर भारत में स्पूतनिक लाइट का पंजीकरण कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ काम कर रहा है। रूस ने कहा कि अगर स्थायी या समय-समय पर हेट्रो बायोफार्मा लिमिडटेड को उत्पादित स्पूतनिक लाइट टीके की खुराक भारत में पंजीकरण होने तक आरडीआईएफ को बेचकर निर्यात करने की अनुमति दी जाती है तो यह कंपनी को अपना उत्पादन बढ़ाने को प्रोत्साहित करेगा और जैसे ही नियामक से मंजूरी मिलेगी वह भारतीय बाजार को अधिक मात्रा में स्पूतनिक लाइट की आपूर्ति कर पाएगा। इस बीच, भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने डॉ. रेड्डी लेबोरेटरी लिमिटेड को भारत में तीसरे चरण का परीक्षण करने की अनुमति दी है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
नयी दिल्ली, पंद्रह सितंबर रूस के राजदूत ने भारत सरकार का आह्वान किया है कि वह हेट्रो बायोफार्मा द्वारा उत्पादित कोविड-उन्नीस टीके की एकल खुराक वाली स्पूतनिक लाइट के निर्यात की अनुमति दे। हेट्रो टीका उत्पादन के लिए आरडीआईएफ के साझेदारों में है। राजदूत ने कहा कि उनके देश को टीके की खुराक का तबतक निर्यात करने की अनुमति दी जाए जबतक भारतीय औषधि नियामक इसे यहां आपात इस्तेमाल के लिए अधिकृत न कर दे। सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार को लिखे पत्र में रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने कहा कि हेट्रो बायोफार्मा लिमिटेड पहले ही स्पूतनिक- V की दस लाख खुराक और स्पूतनिक लाइट की बीस लाख खुराकों को बनाने में इस्तेमाल अवयव-एक को तैयार कर चुकी है, लेकिन अधिकतम छह महीने तक इन्हें रखने की अवधि इसके पंजीकरण से पहले ही खत्म हो सकती है जिसका नतीजा इन खुराकों की बर्बादी होगी। उल्लेखनीय है कि स्पूतनिक लाइट में भी स्पूतनिक-V के अवयव-एक का ही इस्तेमाल होता है। सूत्रों ने बताया कि हाल में इस मुद्दे पर अधिकार प्राप्त समूह-पाँच में चर्चा हुई थी जिसके बाद इसे कोविड-उन्नीस के लिए टीका प्रशासन पर गठित राष्ट्रीय विशेष समूह के उप समूह को विचार के लिए भेज दिया गया ताकि विशेषज्ञ इस प्रस्ताव पर मंथन कर सके। सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने राजदूत द्वारा लिखे पत्र में कहा कि कुछ महीनों से रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष भारत में स्पूतनिक टीके के उत्पादन को बढ़ाने के लिए भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है जिनका इस्तेमाल स्थानीय और वैश्विक बाजार में किया जा सकता है। इस समय आरडीआईएफ डॉ. रेड्डी लैब के साथ मिलकर भारत में स्पूतनिक लाइट का पंजीकरण कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ काम कर रहा है। रूस ने कहा कि अगर स्थायी या समय-समय पर हेट्रो बायोफार्मा लिमिडटेड को उत्पादित स्पूतनिक लाइट टीके की खुराक भारत में पंजीकरण होने तक आरडीआईएफ को बेचकर निर्यात करने की अनुमति दी जाती है तो यह कंपनी को अपना उत्पादन बढ़ाने को प्रोत्साहित करेगा और जैसे ही नियामक से मंजूरी मिलेगी वह भारतीय बाजार को अधिक मात्रा में स्पूतनिक लाइट की आपूर्ति कर पाएगा। इस बीच, भारत के औषधि महानियंत्रक ने डॉ. रेड्डी लेबोरेटरी लिमिटेड को भारत में तीसरे चरण का परीक्षण करने की अनुमति दी है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
जी20 प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों के कुंभलगढ दोरे को लेकर जिला मजिस्ट्रेट नीलाभ सक्सेना ने आदेश जारी कर आयोजन के लिए कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए अधिकारियों को नियुक्त किए हैं। आदेशानुसार मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद राजसमंद उत्साह चौधरी व विकास अधिकारी ओमप्रकाश काबरा को उदयपुर जिले से राजसमंद जिले में प्रवेश द्वार से आवागमन क्षेत्र की संपूर्ण सामान्य व्यवस्थाओं के लिए, मुख्य निष्पादन अधिकारी मंदिर मंडल नाथद्वारा जितेंद्र ओझा व तहसीलदार देवगढ़ मुकन सिंह शेखावत को होटल महुआ बाग के लिए, उप वन संरक्षक वन्य जीव राजसमंद एन. के. गुप्ता को संपूर्ण यात्रा के दौरान वन्य क्षेत्र में आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार उपखंड मजिस्ट्रेट आमेट निशा सहारण व तहसीलदार गढ़बोर दिनेश आचार्य को कुंभलगढ़ दुर्ग क्षेत्र के लिए, उपखंड मजिस्ट्रेट कुंभलगढ़ जयपाल सिंह राठौड़ व तहसीलदार कुंभलगढ़ रणजीत सिंह को कुंभलगढ़ संपूर्ण यात्रा के दौरान के लिए, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी जिला परिषद राजसमंद भुवनेश्वर सिंह चौहान व विकास अधिकारी देलवाड़ा सविता को कुंभलगढ़ दुर्ग क्षेत्र विजिट के दौरान रास्तों पर सफाई व्यवस्था और आवारा पशुओं के आगमन को रुकने के लिए नियुक्त किया गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
जीबीस प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों के कुंभलगढ दोरे को लेकर जिला मजिस्ट्रेट नीलाभ सक्सेना ने आदेश जारी कर आयोजन के लिए कानून एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिए अधिकारियों को नियुक्त किए हैं। आदेशानुसार मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद राजसमंद उत्साह चौधरी व विकास अधिकारी ओमप्रकाश काबरा को उदयपुर जिले से राजसमंद जिले में प्रवेश द्वार से आवागमन क्षेत्र की संपूर्ण सामान्य व्यवस्थाओं के लिए, मुख्य निष्पादन अधिकारी मंदिर मंडल नाथद्वारा जितेंद्र ओझा व तहसीलदार देवगढ़ मुकन सिंह शेखावत को होटल महुआ बाग के लिए, उप वन संरक्षक वन्य जीव राजसमंद एन. के. गुप्ता को संपूर्ण यात्रा के दौरान वन्य क्षेत्र में आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार उपखंड मजिस्ट्रेट आमेट निशा सहारण व तहसीलदार गढ़बोर दिनेश आचार्य को कुंभलगढ़ दुर्ग क्षेत्र के लिए, उपखंड मजिस्ट्रेट कुंभलगढ़ जयपाल सिंह राठौड़ व तहसीलदार कुंभलगढ़ रणजीत सिंह को कुंभलगढ़ संपूर्ण यात्रा के दौरान के लिए, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी जिला परिषद राजसमंद भुवनेश्वर सिंह चौहान व विकास अधिकारी देलवाड़ा सविता को कुंभलगढ़ दुर्ग क्षेत्र विजिट के दौरान रास्तों पर सफाई व्यवस्था और आवारा पशुओं के आगमन को रुकने के लिए नियुक्त किया गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
अगस्त में खत्म हो रही डेडलाइन के बाद भी अफगानिस्तान (Afghanistan) में अमेरिकी सैनिक (American Troops) तैनात रह सकते हैं. बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने कहा कि हम अफगानिस्तान से सभी अमेरिकियों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि अगर 31 अगस्त को खत्म हो रही डेडलाइन के बाद भी वहां अमेरिकी सैनिकों को रखना पड़ा तो वह भी किया जाएगा. एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिकियों, अफगानी दोस्तों को अफगानिस्तान से सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका को जो भी ताकत लगानी पड़े सब लगा दी जाएगी. जब उनसे यह पूछा गया कि 31 अगस्त के बाद प्रशासन अमेरिकियों को अफगानिस्तान से वापस कैसे ले आएगा. इस पर उन्होंने कहा कि वहां जबतक अमेरिकी लोग मौजूद रहेंगे तबतक अमेरिकी सेना की तैनाती जारी रहेगी. जबतक प्रत्येक अमेरिकी वहां से नहीं आ जाता सेना वहां मौजूद रहेगी. बता दें कि तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान में फिलहाल लगभग 15 हजार अमेरिकी वहां मौजूद हैं. इससे पहले रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने बुधवार को पहले कहा था कि अमेरिकी सेना के पास अफगानिस्तान में अपने मौजूदा मिशन का विस्तार करने के लिए काबुल हवाई अड्डे को सुरक्षित करने से लेकर राजधानी में कहीं और अमेरिकियों और जोखिम वाले अफगानों को इकट्ठा करने और उन्हें निकासी के लिए फोर्स नहीं है. ऑस्टिन ने कहा कि लोगों को अफगानिस्तान से वापस लाने के संदर्भ में हम फिलहाल उस स्थिति में नहीं है जो हमने सोचा था. बता दें कि बाइडेन की डेडलाइन के बाद अफगानिस्तान से निकलने की जुगत में जुटे लोगों का सवाल ऐसे में खड़ा हुआ है जब तालिबान ने कुछ चेक प्वाइंट्स पर कुछ लोगों को जाने से रोक दिया है.
अगस्त में खत्म हो रही डेडलाइन के बाद भी अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिक तैनात रह सकते हैं. बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हम अफगानिस्तान से सभी अमेरिकियों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि अगर इकतीस अगस्त को खत्म हो रही डेडलाइन के बाद भी वहां अमेरिकी सैनिकों को रखना पड़ा तो वह भी किया जाएगा. एबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिकियों, अफगानी दोस्तों को अफगानिस्तान से सुरक्षित निकालने के लिए अमेरिका को जो भी ताकत लगानी पड़े सब लगा दी जाएगी. जब उनसे यह पूछा गया कि इकतीस अगस्त के बाद प्रशासन अमेरिकियों को अफगानिस्तान से वापस कैसे ले आएगा. इस पर उन्होंने कहा कि वहां जबतक अमेरिकी लोग मौजूद रहेंगे तबतक अमेरिकी सेना की तैनाती जारी रहेगी. जबतक प्रत्येक अमेरिकी वहां से नहीं आ जाता सेना वहां मौजूद रहेगी. बता दें कि तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान में फिलहाल लगभग पंद्रह हजार अमेरिकी वहां मौजूद हैं. इससे पहले रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने बुधवार को पहले कहा था कि अमेरिकी सेना के पास अफगानिस्तान में अपने मौजूदा मिशन का विस्तार करने के लिए काबुल हवाई अड्डे को सुरक्षित करने से लेकर राजधानी में कहीं और अमेरिकियों और जोखिम वाले अफगानों को इकट्ठा करने और उन्हें निकासी के लिए फोर्स नहीं है. ऑस्टिन ने कहा कि लोगों को अफगानिस्तान से वापस लाने के संदर्भ में हम फिलहाल उस स्थिति में नहीं है जो हमने सोचा था. बता दें कि बाइडेन की डेडलाइन के बाद अफगानिस्तान से निकलने की जुगत में जुटे लोगों का सवाल ऐसे में खड़ा हुआ है जब तालिबान ने कुछ चेक प्वाइंट्स पर कुछ लोगों को जाने से रोक दिया है.
रिवालसर पुलिस ने कार टायर चोरी का मामला घटना के बीते 24 घंटों के अंदर सुलझाने में सफलता हासिल की है। मामले में आरोपी भानु यादव (19) गांव घियुं धार तहसील बल्ह जिला मंडी को गिरफ्तार किया गया है। जबकि चोरी की वारदात में उसका दूसरा साथी एक 17 वर्षीय नाबालिग युवक बताया गया है। जानकारी के अनुसार चोरी में शामिल दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूला है। तथा उनके द्वारा चोरी कर छिपाये गए चारों टायर रिम सहित पुलिस ने घटना के करीब 100 मीटर दूर बनी एक पुली से बरामद कर लिए हंै। गौरतलब है कि ज्ञानचंद निवासी घियूंधार ने गत शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा था कि शनिवार रात को उनकी बहन रूमा देवी के नाम कार नंबर युके11-2156 को सड़क के किनारे खड़ा किया गया था। रात को कोई अज्ञात चोर रिम सहित चारों टायरों को चोरी करके ले गए, जिस पर पुलिस चौकी प्रभारी सुरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस कॢर्मयों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चोरी की घटना को 24 घटों के अंदर सुलझाने में कामयाबी हासिल कर ली है। मामले की पुष्टि डीएसपी मंडी अनिल पटियाल ने की है। उन्होंने बताया कि चोरी में शामिल दोनों आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने मामला दर्ज किया है तथा मामले की आगामी कार्रवाई जारी है। रिवालसर । बल्ह थाना क्षेत्र के अंतर्गत रती में एक व्यक्ति का शव मिला है। सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए नेरचौक मेडिकल कालेज भेज दिया है। जहां उसका कोरना टेस्ट भी किया जाना है। जानकारी के अनुसार बाहरी राज्य का यह व्यक्ति रती अस्पताल के नजदीक बने शौचालय के पास बीते 15. 20 सालों से रह रहा था, लेकिन उसका नाम पता आज तक किसी को भी मालूम नहीं था। स्थानीय लोगों के अनुसार उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी, जिसके कारण स्थानीय लोग व दुकानदार उसे भोजन आदि देते थे। परंतु शनिवार प्रातः उसे मृत अवस्ता में देखा गया। घटना की पुष्टि डीएसपी मंडी अनिल पटियाल ने की है।
रिवालसर पुलिस ने कार टायर चोरी का मामला घटना के बीते चौबीस घंटाटों के अंदर सुलझाने में सफलता हासिल की है। मामले में आरोपी भानु यादव गांव घियुं धार तहसील बल्ह जिला मंडी को गिरफ्तार किया गया है। जबकि चोरी की वारदात में उसका दूसरा साथी एक सत्रह वर्षीय नाबालिग युवक बताया गया है। जानकारी के अनुसार चोरी में शामिल दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूला है। तथा उनके द्वारा चोरी कर छिपाये गए चारों टायर रिम सहित पुलिस ने घटना के करीब एक सौ मीटर दूर बनी एक पुली से बरामद कर लिए हंै। गौरतलब है कि ज्ञानचंद निवासी घियूंधार ने गत शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते हुए कहा था कि शनिवार रात को उनकी बहन रूमा देवी के नाम कार नंबर युकेग्यारह-दो हज़ार एक सौ छप्पन को सड़क के किनारे खड़ा किया गया था। रात को कोई अज्ञात चोर रिम सहित चारों टायरों को चोरी करके ले गए, जिस पर पुलिस चौकी प्रभारी सुरेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस कॢर्मयों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चोरी की घटना को चौबीस घटों के अंदर सुलझाने में कामयाबी हासिल कर ली है। मामले की पुष्टि डीएसपी मंडी अनिल पटियाल ने की है। उन्होंने बताया कि चोरी में शामिल दोनों आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने मामला दर्ज किया है तथा मामले की आगामी कार्रवाई जारी है। रिवालसर । बल्ह थाना क्षेत्र के अंतर्गत रती में एक व्यक्ति का शव मिला है। सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए नेरचौक मेडिकल कालेज भेज दिया है। जहां उसका कोरना टेस्ट भी किया जाना है। जानकारी के अनुसार बाहरी राज्य का यह व्यक्ति रती अस्पताल के नजदीक बने शौचालय के पास बीते पंद्रह. बीस सालों से रह रहा था, लेकिन उसका नाम पता आज तक किसी को भी मालूम नहीं था। स्थानीय लोगों के अनुसार उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी, जिसके कारण स्थानीय लोग व दुकानदार उसे भोजन आदि देते थे। परंतु शनिवार प्रातः उसे मृत अवस्ता में देखा गया। घटना की पुष्टि डीएसपी मंडी अनिल पटियाल ने की है।
ऑस्ट्रिया में एक शख्स के साथ एक त्रासदी भरी घटना सामने आई है. इस शख्स के प्राइवेट पार्ट पर एक सांप ने काट लिया. जांच में सामने आया कि ये सांप इस शख्स के पड़ोसी का था और ये ड्रेन सिस्टम से निकलते हुए 65 साल के व्यक्ति के टॉयलेट में जा पहुंचा था. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images) ऑस्ट्रिया के ग्राज शहर में रहने वाले ये वृद्ध व्यक्ति सुबह उठकर वॉशरुम गए थे. पुलिस का कहना था कि वे टॉयलेट सीट पर बैठे ही थे कि उन्हें एहसास हुआ था कि वहां कोई चीज मौजूद है. इस व्यक्ति ने उसके बाद 5 फीट का पायथॉन देखा था जो उन्हें लगातार देख रहा था. (फोटो क्रेडिटः ऑस्ट्रेलियन पुलिस) इससे पहले कि ये शख्स कुछ कर पाता, पायथॉन ने उन पर हमला कर दिया. इसके बाद इस वृद्ध व्यक्ति ने पुलिस को फोन किया जो एक लोकल स्नेक एक्सपर्ट के साथ पहुंची. इस शख्स को अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images) इस मामले में डॉक्टर्स का कहना था कि पायथॉन सांप जहरीले तो नहीं होते हैं लेकिन इस बात का खतरा था कि ये सांप टॉयलेट में मौजूद बैक्टीरिया से इंफेक्ट हो गया हो और इसके चलते इस शख्स को भी इंफेक्शन की संभावना बढ़ सकती थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images) पुलिस ने कहा कि इस शख्स के पड़ोसी के पास एक-दो नहीं बल्कि 11 सांप हैं. हालांकि ये सांप जहरीले नहीं हैं. उन्होंने इन सांपों को पालने के लिए खास तरीके के डिजाइन किए हुए पिंजरों का निर्माण किया हुआ है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images) 24 साल के इस व्यक्ति को पता ही नहीं था कि उसका पायथॉन सांप गायब है. जब पुलिस इस सांप को वापस इस शख्स के पास लेकर आई तो उसने कहा कि उसे समझ नहीं आ रहा है कि आखिर उसके सुरक्षित पिंजरे से ये सांप बाहर निकलने में कैसे कामयाब रहा. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images) सांपों के विशेषज्ञ ने स्थानीय मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि वे पिछले 40 सालों से सांपों के साथ डील कर रहे हैं लेकिन उन्होंने कभी अपनी लाइफ में इस तरह की घटना के बारे में नहीं सुना था कि ड्रेन सिस्टम से निकलकर कोई सांप यूं किसी के वॉशरुम में पहुंच जाए. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images) इसके अलावा पुलिस ने स्थानीय एनिमल सर्विस को भी अलर्ट कर दिया था कि इस शख्स के घर पर कई खतरनाक सांप मौजूद हैं. पुलिस ने इस व्यक्ति को अरेस्ट कर लिया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/getty images)
ऑस्ट्रिया में एक शख्स के साथ एक त्रासदी भरी घटना सामने आई है. इस शख्स के प्राइवेट पार्ट पर एक सांप ने काट लिया. जांच में सामने आया कि ये सांप इस शख्स के पड़ोसी का था और ये ड्रेन सिस्टम से निकलते हुए पैंसठ साल के व्यक्ति के टॉयलेट में जा पहुंचा था. ऑस्ट्रिया के ग्राज शहर में रहने वाले ये वृद्ध व्यक्ति सुबह उठकर वॉशरुम गए थे. पुलिस का कहना था कि वे टॉयलेट सीट पर बैठे ही थे कि उन्हें एहसास हुआ था कि वहां कोई चीज मौजूद है. इस व्यक्ति ने उसके बाद पाँच फीट का पायथॉन देखा था जो उन्हें लगातार देख रहा था. इससे पहले कि ये शख्स कुछ कर पाता, पायथॉन ने उन पर हमला कर दिया. इसके बाद इस वृद्ध व्यक्ति ने पुलिस को फोन किया जो एक लोकल स्नेक एक्सपर्ट के साथ पहुंची. इस शख्स को अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है. इस मामले में डॉक्टर्स का कहना था कि पायथॉन सांप जहरीले तो नहीं होते हैं लेकिन इस बात का खतरा था कि ये सांप टॉयलेट में मौजूद बैक्टीरिया से इंफेक्ट हो गया हो और इसके चलते इस शख्स को भी इंफेक्शन की संभावना बढ़ सकती थी. पुलिस ने कहा कि इस शख्स के पड़ोसी के पास एक-दो नहीं बल्कि ग्यारह सांप हैं. हालांकि ये सांप जहरीले नहीं हैं. उन्होंने इन सांपों को पालने के लिए खास तरीके के डिजाइन किए हुए पिंजरों का निर्माण किया हुआ है. चौबीस साल के इस व्यक्ति को पता ही नहीं था कि उसका पायथॉन सांप गायब है. जब पुलिस इस सांप को वापस इस शख्स के पास लेकर आई तो उसने कहा कि उसे समझ नहीं आ रहा है कि आखिर उसके सुरक्षित पिंजरे से ये सांप बाहर निकलने में कैसे कामयाब रहा. सांपों के विशेषज्ञ ने स्थानीय मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि वे पिछले चालीस सालों से सांपों के साथ डील कर रहे हैं लेकिन उन्होंने कभी अपनी लाइफ में इस तरह की घटना के बारे में नहीं सुना था कि ड्रेन सिस्टम से निकलकर कोई सांप यूं किसी के वॉशरुम में पहुंच जाए. इसके अलावा पुलिस ने स्थानीय एनिमल सर्विस को भी अलर्ट कर दिया था कि इस शख्स के घर पर कई खतरनाक सांप मौजूद हैं. पुलिस ने इस व्यक्ति को अरेस्ट कर लिया है.
Posted On: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सूची में अन्य पिछड़े वर्गों के तहत उप-वर्गीकरण के मामले की जांच के लिए संविधान की धारा 340 के अंतर्गत गठित आयोग को 31 जुलाई, 2020 तक छह महीने के कार्यकाल-विस्तांर की मंजूरी दी। अन्य पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सूची में जिन समुदायों को केंद्र सरकार की नौकरियों में व केंद्र सरकार के शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत आरक्षण की सुविधा का विशेष लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, आशा है कि आयोग की अनुशंसाओं के कार्यान्वयन से उन्हें लाभ मिलेगा। आयोग संभवतः ओबीसी की केंद्रीय सूची में ऐसे हाशिए के समुदायों के लाभ के लिए अनुशंसाएं प्रदान करेगा। वित्तीय प्रभावः सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, आयोग के प्रशासनिक व स्थापना संबंधी परिव्यय का वहन करेगा। ऐसे सभी व्यक्ति, जो एसईबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल जातियों/समुदायों से ताल्लुक रखते हैं और जिन्हें केंद्र सरकार की नौकरियों में व केंद्र सरकार के शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण की सुविधा का विशेष लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, उक्त अनुशंसाओं से उन्हें लाभ मिलेगा। कार्यान्वयन रणनीति और लक्ष्यः महामहिम राष्ट्रपति से स्वीकृति मिलने के पश्चात आयोग के कार्यकाल विस्तार एवं संदर्भ-शर्तों में कुछ तथ्यों को जोड़ने से संबंधित आदेश को गजट में अधिसूचित किया जाएगा। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद संविधान की धारा 340 के अंतर्गत आयोग का गठन 2 अक्टूबर, 2017 को किया गया था। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्रीमती जी.रोहिणी की अध्यक्षता में आयोग ने 11 अक्टूबर, 2017 को कार्य करना प्रारंभ किया और अब तक आयोग उन सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श कर चुका है जिन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग में उप-वर्गीकरण किया है। आयोग ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोगों के साथ भी विचार-विमर्श किया है। आयोग अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए अतिरिक्त समय चाहता है क्योंकि अन्य पिछड़ा वर्ग की वर्तमान केंद्रीय सूची में अक्षर विन्यास या प्रतिलेखन में पुनरावृत्ति, अस्पष्टता, असंगतता तथा गलतियां विद्यमान हैं और इनमें सुधार करने की जरूरत है। इसलिए आयोग ने अपने कार्यकाल में छह महीने (31 जुलाई, 2020 तक) के विस्तार और वर्तमान संदर्भ-शर्तों में कुछ अन्य शर्तों को जोड़ने का अनुरोध किया है।
Posted On: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्रीय सूची में अन्य पिछड़े वर्गों के तहत उप-वर्गीकरण के मामले की जांच के लिए संविधान की धारा तीन सौ चालीस के अंतर्गत गठित आयोग को इकतीस जुलाई, दो हज़ार बीस तक छह महीने के कार्यकाल-विस्तांर की मंजूरी दी। अन्य पिछड़ा वर्ग की वर्तमान सूची में जिन समुदायों को केंद्र सरकार की नौकरियों में व केंद्र सरकार के शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण की सुविधा का विशेष लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, आशा है कि आयोग की अनुशंसाओं के कार्यान्वयन से उन्हें लाभ मिलेगा। आयोग संभवतः ओबीसी की केंद्रीय सूची में ऐसे हाशिए के समुदायों के लाभ के लिए अनुशंसाएं प्रदान करेगा। वित्तीय प्रभावः सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, आयोग के प्रशासनिक व स्थापना संबंधी परिव्यय का वहन करेगा। ऐसे सभी व्यक्ति, जो एसईबीसी की केंद्रीय सूची में शामिल जातियों/समुदायों से ताल्लुक रखते हैं और जिन्हें केंद्र सरकार की नौकरियों में व केंद्र सरकार के शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में अन्य पिछड़ा वर्ग के तहत आरक्षण की सुविधा का विशेष लाभ प्राप्त नहीं हुआ है, उक्त अनुशंसाओं से उन्हें लाभ मिलेगा। कार्यान्वयन रणनीति और लक्ष्यः महामहिम राष्ट्रपति से स्वीकृति मिलने के पश्चात आयोग के कार्यकाल विस्तार एवं संदर्भ-शर्तों में कुछ तथ्यों को जोड़ने से संबंधित आदेश को गजट में अधिसूचित किया जाएगा। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद संविधान की धारा तीन सौ चालीस के अंतर्गत आयोग का गठन दो अक्टूबर, दो हज़ार सत्रह को किया गया था। न्यायमूर्ति श्रीमती जी.रोहिणी की अध्यक्षता में आयोग ने ग्यारह अक्टूबर, दो हज़ार सत्रह को कार्य करना प्रारंभ किया और अब तक आयोग उन सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श कर चुका है जिन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग में उप-वर्गीकरण किया है। आयोग ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोगों के साथ भी विचार-विमर्श किया है। आयोग अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए अतिरिक्त समय चाहता है क्योंकि अन्य पिछड़ा वर्ग की वर्तमान केंद्रीय सूची में अक्षर विन्यास या प्रतिलेखन में पुनरावृत्ति, अस्पष्टता, असंगतता तथा गलतियां विद्यमान हैं और इनमें सुधार करने की जरूरत है। इसलिए आयोग ने अपने कार्यकाल में छह महीने के विस्तार और वर्तमान संदर्भ-शर्तों में कुछ अन्य शर्तों को जोड़ने का अनुरोध किया है।
नई दिल्ली। वर्तमान परिवेश में आधार कार्ड (Aadhar Card) बेहद जरूरी डाक्यूमेंट हैं। इसके बिना कोई भी कार्य संभव नहीं हैं। आधार कार्ड के बिना न तो आपका बैंक में खाता खुल सकता हैं और न ही इसके बिना कोई सरकारी गैर सरकारी काम हो सकते हैं। इसके अलावा अगर आप आधार कार्ड की मदद से कोई ट्रांजेक्शन करते हैं तो इसके लिए मोबाइल नम्बर लिंक होना बेहद जरूरी हैं। अगर किसी परिस्थितिवश आपका Aadhar Card से लिंक मोबाइल नम्बर बदल गया है तो दूसरे नम्बर को आप कैसे लिंक कर सकते हैं। इसके बारे में हम आपको स्टेप बाई स्टेप पूरी प्रोसेस बताएंगे। अगर आप Aadhar Card की मदद से कोई फाईनेंशियल ट्रांजेक्शन करते हैं तो इसके लिए मोबाइल नम्बर का लिंक होना बेहद जरूरी है। क्योंकि यह आधार कार्ड की मदद से अगर आप कोई भी काम करते हैं तो रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एक वेरीफिकेशन लिंक जाता है। ऐसे में अगर आपका नम्बर बदल गया अथवा चेंज हो गया है यह ओटीपी आपको नहीं आएगा। जिससे आपका काम अटक सकता हैं। इसलिए जरूरी है कि वर्तमान नम्बर को आधार नम्बर से लिंक करें। जिसे करना बेहद आसान हैं। आधार से नया अथवा वर्तमान नम्बर रजिस्टर्ड करने के लिए आपको आधार रजिस्ट्रेशन सेंटर जाना होगा। जहां फोन नम्बर से आधार को लिंक कराने एक फार्म आपको दिया जाएगा। जिसे करेक्शन फार्म कहते हैं। इसमें सही जानकारी भर दें। इसके बाद 25 रूपए शुल्क के साथ उस फार्म को अधिकारी को दे दें। जिसके बाद एक स्लिप आपको मिलेगी। जिसमें अपडेट रिक्वेस्ट नम्बर होगा। जिसकी मदद से आप यह चेक कर सकते हैं कि आपका नम्बर आधार से लिंक हुआ या नहीं। रिपोर्ट्स की माने तो लगभग 3 महीने के अंदर आपका नया मोबाइल नम्बर आधार से लिंक हो जाएगा। जिसके बाद आपके नए नम्बर पर ओटीपी आना शुरू हो जाएगा। इसके बाद आप आधार कार्ड से जुड़ा कोई भी काम आसानी से कर सकेंगे।
नई दिल्ली। वर्तमान परिवेश में आधार कार्ड बेहद जरूरी डाक्यूमेंट हैं। इसके बिना कोई भी कार्य संभव नहीं हैं। आधार कार्ड के बिना न तो आपका बैंक में खाता खुल सकता हैं और न ही इसके बिना कोई सरकारी गैर सरकारी काम हो सकते हैं। इसके अलावा अगर आप आधार कार्ड की मदद से कोई ट्रांजेक्शन करते हैं तो इसके लिए मोबाइल नम्बर लिंक होना बेहद जरूरी हैं। अगर किसी परिस्थितिवश आपका Aadhar Card से लिंक मोबाइल नम्बर बदल गया है तो दूसरे नम्बर को आप कैसे लिंक कर सकते हैं। इसके बारे में हम आपको स्टेप बाई स्टेप पूरी प्रोसेस बताएंगे। अगर आप Aadhar Card की मदद से कोई फाईनेंशियल ट्रांजेक्शन करते हैं तो इसके लिए मोबाइल नम्बर का लिंक होना बेहद जरूरी है। क्योंकि यह आधार कार्ड की मदद से अगर आप कोई भी काम करते हैं तो रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर पर एक वेरीफिकेशन लिंक जाता है। ऐसे में अगर आपका नम्बर बदल गया अथवा चेंज हो गया है यह ओटीपी आपको नहीं आएगा। जिससे आपका काम अटक सकता हैं। इसलिए जरूरी है कि वर्तमान नम्बर को आधार नम्बर से लिंक करें। जिसे करना बेहद आसान हैं। आधार से नया अथवा वर्तमान नम्बर रजिस्टर्ड करने के लिए आपको आधार रजिस्ट्रेशन सेंटर जाना होगा। जहां फोन नम्बर से आधार को लिंक कराने एक फार्म आपको दिया जाएगा। जिसे करेक्शन फार्म कहते हैं। इसमें सही जानकारी भर दें। इसके बाद पच्चीस रूपए शुल्क के साथ उस फार्म को अधिकारी को दे दें। जिसके बाद एक स्लिप आपको मिलेगी। जिसमें अपडेट रिक्वेस्ट नम्बर होगा। जिसकी मदद से आप यह चेक कर सकते हैं कि आपका नम्बर आधार से लिंक हुआ या नहीं। रिपोर्ट्स की माने तो लगभग तीन महीने के अंदर आपका नया मोबाइल नम्बर आधार से लिंक हो जाएगा। जिसके बाद आपके नए नम्बर पर ओटीपी आना शुरू हो जाएगा। इसके बाद आप आधार कार्ड से जुड़ा कोई भी काम आसानी से कर सकेंगे।
नवतचना प्रश्नोत्तर विराग साधु समान एवानु परिणाम के नेशनने मते स्वसत्ता जीन करनां वपना चिंतन व के करी महानिकारा प्रत्ये करे है. मां नत्र तत्व मांडेलां छान तत्व था काय, ते रीतें जवां वे मार कहे ते. ते जी व्य सारनवने मतें तो संसारी सदस्य कही. अंतरंगा साधु समान परिणाम है मां एक निपोज पामीयें. एशिष्यः- वीजा जीव. जे उपत्यकी साधु पना रहित के वने अंतर की साधुप रहित , ते जीव कया ? नया तेनां वा केट सां पामीयें ? यने सात नयमांदेला केटला नय पानी यें ? तथा नव तत्व मांसां केटलां तत्त्व पामीयें ? तथा तेना चार निदेपा कैम जापीयें ? गुरुः - ते जीव, मिथ्यादृष्टि पढेले गुण्ठाये जाया, तेमां नयनुं स्वरूप रीतें ढे, नैगम नयने मतें नागल गये कालें मिथ्यात्वी तो अने श्रावते काले मिथ्यात्वरूप गुणें करी मिथ्यात्व भावें वर्त्तशे तथा वर्तमा नकालें पस मिथ्यात्व भावें वर्ते दे. ए रीतें तेने नैगमनचना मतवालो निध्यात्वी करी बोलावे, थने संग्रहनयना मतवालो तो सत्तानुं ग्रहण करे वे, माटे जे जीवने मिथ्यात्वरूप दलीयां सत्तायें थनंतां रसां ठे, तेची ते जी बने संग्रट् नयना मतवालो पण मिथ्यात्वी करी बोलावे, यने व्यवहार नयना मतवालो वाकी उपरथी मिथ्यात्वरूप याचरण करतो देखे ठे. माटे ए पण मिथ्यात्वी करी बोलावे, तथा जुसूत्र नयना मतवाली पण एने अंतरंग परिणाम मिथ्यात्वरूप कार्यनुं चिंतन करतो देखी मिथ्या वी करी बोलावे. ए. रीतें ए मिथ्यात्री जीवमां चार नय जाणवा, तथा एमां ध्यागल कहेली रीतें नव तत्त्वमांदेलां व तत्त्व पामीयें. हवे एमां चार निषा कड़े टेः-जे कोइनुं नाम, मिथ्यात्वी होय ते नामनिदेपो भने थकर व तेनी मूर्ति स्थापवी, ते स्थापना मिथ्यात्व, तथा ते जीवने सत्तायें मिथ्यात्वरूप दलीयां रखां ठे, ते द्रव्य मिथ्यात्व कहियें. तथा ते दलीयां उदयरूप नावपणे जोगवे ठे, ते नाव मिथ्यात्व जापबुं. वली बीजी रीतें चार निछेपा कहे तेःजे कोइनुं मिथ्यात्वी एवं नाम, ते नाम मिथ्यात्व, तथा मिथ्यात्वीनी मूर्ति प्रमुख स्थापवी, ते स्थापनामि ध्यात्व. तथा यन्यदर्शनी जे यतीत, वैरागी, ब्राह्मण प्रमुख ते व्यनि ध्यावी जाणवा. तथा जे जिनशासनना द्वेषी, वा, विपरीत मागेना देखाडनारा, दुंढी या प्रमुख ते नाव मिथ्याली जाएवा. ए मिथ्यालीनाचार निक्षेपा वे, तेमां नवतत्त्व मांहेसां व तत्त्व यागत कलां, तेप्रमाणे जाएंगे, १०२ शिप्पः- चोया जीव, उपरथकी साधु पणा सहित वे, अने अंतर थकी पण साधु पणा सहित ठें, ते जीव कया? तथा तेमां गुणवाणां केटसो पामीयें ? अने सात नय मांहेला नय केटला पामीयें ? तथा नव तत्वमो हेलां केटलां तत्त्व पामीयें ? तथा तेमां चार निक्षेपा केवी रीतें जाएगा? गुरुः - ते जीव, साधु मुनिराज वहा सातमा गुणवापायी मांगीने यावत अगीयारमा बारमा गुणवाणा पर्यंत वनस्य मुनिराज जाणवा, हवे तेम नयनुं स्वरूप बतावे ठे, कोइ जीव, संसारथकी उजग्यो साचा धर्मनी पर का करतो मोकुसुखनी लालचें साधुपणुं लेवानो तेना मनमां अंश उत न थयो एटले नैगमनयना मतवालो एक अंश महीने ते जीवने साधु व ही वोलावे, तथा ते जीव, जेवारें साधुपणुं सेवाने य उपकरणादि धो, मुहपत्ती, कपडां, कांवली, पात्रां प्रमुख साधुपानी सत्ताने दे, वारें संग्रहनयना मतवालो तेने साधु कही बोलावे, तथा जे पांच महा त सूधां पाले अने साधुनी क्रिया याचार व्यवहार प्रमुख सूधी रीतें क उजय टंकना आवश्यक साचवे, सांज सवार पडिलेहां, पोरिसी जणावे, ' रीत उपरथी आचरणारूप क्रिया देखे, तेने व्यवहारनयना मतवालो साधु ही चोलावे, तथा जुसूत्रनयना मतवालो पारिणामिक नाव ग्रहण करें है माटे संसारउदासी, विषय कपायथकी विरक्त जाव त्याग वैराग्यकुक्षीव णाम जेना वर्से ठे, तेने जुसूत्रनयना मतवालो साधु कहे, तथा तो जे, जीव अजीवरूप नव तत्व पड्डव्यनी उलखाण का थने जा अजीवसत्तानो त्याग करे, तेवा शुद्ध निश्चयनयटलां पार्म किया पण जे आगल कही, ते रीतें सर्वे रीतें सत्तागतना धर्मने साधे, ते ५ तथा समरूि नयना मतवापा /जीव, नवमा दरामा गुणवापाथी मांगीमतें उ गया पर्यंत शुद्ध शुक्ल ध्यान रूपातीत पेसी जा जापवं. दुं. नाम, ते
नवतचना प्रश्नोत्तर विराग साधु समान एवानु परिणाम के नेशनने मते स्वसत्ता जीन करनां वपना चिंतन व के करी महानिकारा प्रत्ये करे है. मां नत्र तत्व मांडेलां छान तत्व था काय, ते रीतें जवां वे मार कहे ते. ते जी व्य सारनवने मतें तो संसारी सदस्य कही. अंतरंगा साधु समान परिणाम है मां एक निपोज पामीयें. एशिष्यः- वीजा जीव. जे उपत्यकी साधु पना रहित के वने अंतर की साधुप रहित , ते जीव कया ? नया तेनां वा केट सां पामीयें ? यने सात नयमांदेला केटला नय पानी यें ? तथा नव तत्व मांसां केटलां तत्त्व पामीयें ? तथा तेना चार निदेपा कैम जापीयें ? गुरुः - ते जीव, मिथ्यादृष्टि पढेले गुण्ठाये जाया, तेमां नयनुं स्वरूप रीतें ढे, नैगम नयने मतें नागल गये कालें मिथ्यात्वी तो अने श्रावते काले मिथ्यात्वरूप गुणें करी मिथ्यात्व भावें वर्त्तशे तथा वर्तमा नकालें पस मिथ्यात्व भावें वर्ते दे. ए रीतें तेने नैगमनचना मतवालो निध्यात्वी करी बोलावे, थने संग्रहनयना मतवालो तो सत्तानुं ग्रहण करे वे, माटे जे जीवने मिथ्यात्वरूप दलीयां सत्तायें थनंतां रसां ठे, तेची ते जी बने संग्रट् नयना मतवालो पण मिथ्यात्वी करी बोलावे, यने व्यवहार नयना मतवालो वाकी उपरथी मिथ्यात्वरूप याचरण करतो देखे ठे. माटे ए पण मिथ्यात्वी करी बोलावे, तथा जुसूत्र नयना मतवाली पण एने अंतरंग परिणाम मिथ्यात्वरूप कार्यनुं चिंतन करतो देखी मिथ्या वी करी बोलावे. ए. रीतें ए मिथ्यात्री जीवमां चार नय जाणवा, तथा एमां ध्यागल कहेली रीतें नव तत्त्वमांदेलां व तत्त्व पामीयें. हवे एमां चार निषा कड़े टेः-जे कोइनुं नाम, मिथ्यात्वी होय ते नामनिदेपो भने थकर व तेनी मूर्ति स्थापवी, ते स्थापना मिथ्यात्व, तथा ते जीवने सत्तायें मिथ्यात्वरूप दलीयां रखां ठे, ते द्रव्य मिथ्यात्व कहियें. तथा ते दलीयां उदयरूप नावपणे जोगवे ठे, ते नाव मिथ्यात्व जापबुं. वली बीजी रीतें चार निछेपा कहे तेःजे कोइनुं मिथ्यात्वी एवं नाम, ते नाम मिथ्यात्व, तथा मिथ्यात्वीनी मूर्ति प्रमुख स्थापवी, ते स्थापनामि ध्यात्व. तथा यन्यदर्शनी जे यतीत, वैरागी, ब्राह्मण प्रमुख ते व्यनि ध्यावी जाणवा. तथा जे जिनशासनना द्वेषी, वा, विपरीत मागेना देखाडनारा, दुंढी या प्रमुख ते नाव मिथ्याली जाएवा. ए मिथ्यालीनाचार निक्षेपा वे, तेमां नवतत्त्व मांहेसां व तत्त्व यागत कलां, तेप्रमाणे जाएंगे, एक सौ दो शिप्पः- चोया जीव, उपरथकी साधु पणा सहित वे, अने अंतर थकी पण साधु पणा सहित ठें, ते जीव कया? तथा तेमां गुणवाणां केटसो पामीयें ? अने सात नय मांहेला नय केटला पामीयें ? तथा नव तत्वमो हेलां केटलां तत्त्व पामीयें ? तथा तेमां चार निक्षेपा केवी रीतें जाएगा? गुरुः - ते जीव, साधु मुनिराज वहा सातमा गुणवापायी मांगीने यावत अगीयारमा बारमा गुणवाणा पर्यंत वनस्य मुनिराज जाणवा, हवे तेम नयनुं स्वरूप बतावे ठे, कोइ जीव, संसारथकी उजग्यो साचा धर्मनी पर का करतो मोकुसुखनी लालचें साधुपणुं लेवानो तेना मनमां अंश उत न थयो एटले नैगमनयना मतवालो एक अंश महीने ते जीवने साधु व ही वोलावे, तथा ते जीव, जेवारें साधुपणुं सेवाने य उपकरणादि धो, मुहपत्ती, कपडां, कांवली, पात्रां प्रमुख साधुपानी सत्ताने दे, वारें संग्रहनयना मतवालो तेने साधु कही बोलावे, तथा जे पांच महा त सूधां पाले अने साधुनी क्रिया याचार व्यवहार प्रमुख सूधी रीतें क उजय टंकना आवश्यक साचवे, सांज सवार पडिलेहां, पोरिसी जणावे, ' रीत उपरथी आचरणारूप क्रिया देखे, तेने व्यवहारनयना मतवालो साधु ही चोलावे, तथा जुसूत्रनयना मतवालो पारिणामिक नाव ग्रहण करें है माटे संसारउदासी, विषय कपायथकी विरक्त जाव त्याग वैराग्यकुक्षीव णाम जेना वर्से ठे, तेने जुसूत्रनयना मतवालो साधु कहे, तथा तो जे, जीव अजीवरूप नव तत्व पड्डव्यनी उलखाण का थने जा अजीवसत्तानो त्याग करे, तेवा शुद्ध निश्चयनयटलां पार्म किया पण जे आगल कही, ते रीतें सर्वे रीतें सत्तागतना धर्मने साधे, ते पाँच तथा समरूि नयना मतवापा /जीव, नवमा दरामा गुणवापाथी मांगीमतें उ गया पर्यंत शुद्ध शुक्ल ध्यान रूपातीत पेसी जा जापवं. दुं. नाम, ते
सरकार नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों सहित प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की समय-समय पर समीक्षा करती है। सितम्बर 2012 में 6 नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों के प्रत्येक मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में 50 छात्रों को प्रवेश दिया गया। इस प्रकार इनकी कुल संख्या 300 हो गयी। इसी प्रकार अगस्त 2013 में प्रत्येक नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों में एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में 100 छात्रों को प्रवेश दिया गया, जिसके तहत उनकी कुल संख्या 600 हो गयी। अगस्त 2013 में ही 6 नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों के प्रत्येक नर्सिंग कालेजों में स्नातक पाठ्यक्रम में 60 छात्रों को प्रवेश दिया गया, जिसके तहत उनकी कुल संख्या 360 हो गयी। इन सभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों में ओपीडी सेवाएं काम कर रही हैं। सभी संस्थानों के लिए केन्द्र सरकार ने 4089 पदों को मंजूरी दी है। चिकित्सकों और पराचिकित्सकीय स्टाफ की नियुक्ति चरणबद्ध तरीके से की जाती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
सरकार नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों सहित प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की समय-समय पर समीक्षा करती है। सितम्बर दो हज़ार बारह में छः नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों के प्रत्येक मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में पचास छात्रों को प्रवेश दिया गया। इस प्रकार इनकी कुल संख्या तीन सौ हो गयी। इसी प्रकार अगस्त दो हज़ार तेरह में प्रत्येक नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों में एमबीबीएस पाठ्यक्रमों में एक सौ छात्रों को प्रवेश दिया गया, जिसके तहत उनकी कुल संख्या छः सौ हो गयी। अगस्त दो हज़ार तेरह में ही छः नए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों के प्रत्येक नर्सिंग कालेजों में स्नातक पाठ्यक्रम में साठ छात्रों को प्रवेश दिया गया, जिसके तहत उनकी कुल संख्या तीन सौ साठ हो गयी। इन सभी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों में ओपीडी सेवाएं काम कर रही हैं। सभी संस्थानों के लिए केन्द्र सरकार ने चार हज़ार नवासी पदों को मंजूरी दी है। चिकित्सकों और पराचिकित्सकीय स्टाफ की नियुक्ति चरणबद्ध तरीके से की जाती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
पिछले कुछ वर्षों में सोची के चेहरे मान्यता से परे बदल गया है। सुविधाओं ओलंपिक के रन-अप में निर्माण किया गया है के अलावा, आप एक शहर होटल "मखमल" मौसम चुन सकते हैं। यह "रूसी हाउस", "कैथरीन तिमाही," "शुद्ध तालाबों" और अलग-होटल "Alexandrovsky गार्डन" का मेगा होटल तिमाही शामिल है। सोची कमीशन के बाद काफी पर्यटकों को प्राप्त करने के लिए अपनी क्षमता का विस्तार किया है के बाद से सभी वस्तुओं गगनचुंबी इमारतों, मेहमानों के लिए जहां उपलब्ध हैं - विभिन्न श्रेणियों के 9000 के बारे में कमरे, 104 मामलों में व्यवस्था की। परिसर के विवरण "Alexandrovsky गार्डन" यह अपार्टमेंट होटल, जो शहर के "मखमली मौसम" होटल का हिस्सा है, के रूप में जो लोग शहर में आ व्यापार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक किस्म में भाग लेने के लिए समायोजित करने के लिए, परिवार की छुट्टियों के लिए एक महान जगह के रूप में माना जाता है। जटिल 20 शयनगृह और कई अलग भवनों, जो रेस्तरां, कैफे और गृह व्यवस्था सेवाओं घरों शामिल हैं। विशाल हरित क्षेत्र Aparthotel सत्ता पक्ष पर, वहाँ कई खेल के मैदान और खेल के मैदान हैं। होटल को एक साथ 5,000 लोगों को समायोजित कर सकते हैं। उनके लिए विभिन्न श्रेणियों के 2908 आरामदायक कमरे से लैस करने। पर्यटकों रह सकते हैंः - एक रसोईघर के साथ एक तीन कमरे सायबान में; - एक या दो जगह 16 या 24 केवी के क्षेत्र में "मानकों" में। मीटर; - रसोईघर के साथ "स्टूडियो" में; - 2 कमरे 2- या 4- बेड "लक्स" (50 या 60 वर्ग मीटर। ); - 2 कमरे के एक रसोईघर के साथ "सूट"। पहली मंजिल पर सभी भवनों ऐसे लोग हैं जो कुछ परेशानी सहायता रहित चलने के लिए उपलब्ध हैं। सभी इमारतों रैंप से लैस हैं। होटल में कम से कम दो साल के द्वारा संचालित है, इसलिए सभी कमरों के अंदरूनी "3 सितारों" के वर्ग से संबंधित होटल के नवीनतम आवश्यकताओं के अनुसार सजाया गया है और सजाया गया है। यह सब अपनी उच्च रेटिंग में परिलक्षित होता है। बिस्तर (बेड) को छोड़कर सभी कमरों में एक हैंगर, दर्पण, अलमारी, बेडसाइड टेबल, मेज और कुर्सियों है। वहाँ एक छोटा सा फ्रिज, एयर कंडीशनिंग, टेलीफोन और टीवी एलसीडी है। एक सैटेलाइट टीवी। बाथरूम में, आगंतुकों के लिए सभी आवश्यक प्रसाधन, चप्पल, हेयर ड्रायर, स्नान और समुद्र तट तौलिया मिल जाएगा। मूल्य उच्च गति इंटरनेट का उपयोग भी शामिल। एक शुल्क के लिए, आप मिनी बार उपयोग कर सकते हैं। दैनिक सफाई सेवा और तौलिया परिवर्तन। छत कमरे में एक ड्रायर के साथ सुसज्जित है। बिस्तर पर चादर हर 3 दिन बदल जाता है। होटल "Alexandrovsky गार्डन" (सोची) मेहमानों के लिएः - कैफे है, जो एक अलग इमारत में स्थित है। यह 11:00 से 22:00 तक घंटे से खुला है, और यह यूरोपीय और कोकेशियान भोजन परोसा जाता है। - भोजन कक्ष, एक आवासीय भवन, जहां आगंतुकों 07:00 बजे से 20:00 बजे तक किया जाएगा में स्थित है। - मुख्य रेस्तरां है, जो 07:00 बजे से 20:00 बजे तक खुला रहता है। - आउटडोर कैफे, जहां 11:00 से 22:00 बजे तक आप सड़क पर खा सकते हैं। होटल के परिसर "Alexandrovsky गार्डन" (सोची), भोजन कक्ष में खानपान के तीन विकल्प उपलब्ध कराता है दौरे पैकेज खरीदा पर निर्भर करता हैः - केवल नाश्ता; - दो भोजन एक दिन; - नाश्ता, दोपहर और रात के खाने। वे सब के सब "बुफे" द्वारा सेवित हैं। मेनू में, वहाँ हमेशा ताजा सब्जियों और फलों, जूस और पेस्ट्री कर रहे हैं। यह कोकेशियान और यूरोपीय व्यंजन परोसता है। जो लोग दौरे संकुल है कि भोजन शामिल नहीं है, पर आया इसके लिए अलग से भुगतान कर सकते हैं। इस बिंदु पर, निम्नलिखित की कीमतेंः दोपहर के भोजन की कीमत - 400, रात के खाने - 350 और नाश्ता - प्रति व्यक्ति 350 रूबल। होटल "Alexandrovsky गार्डन" आधिकारिक घटनाओं के सभी प्रकार व्यवस्थित करने के लिए एक शानदार जगह है। ऐसा करने के लिए, होटल में एक सम्मेलन कक्ष है कि 350 प्रतिभागियों को समायोजित कर सकते हैं। इन विकल्पों के अध्यक्ष स्थानः - पत्र "पी"; - "क्लास"; - "पर्व"; - "गोल मेज"; - "बुफे"; - "थिएटर"। यदि आवश्यक हो, हॉल वीडियो प्रदर्शन, वक्ताओं, कंप्यूटर या लैपटॉप, माइक्रोफोन, मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर, मंच, फ्लिप चार्ट, स्क्रीन, आर्मचेयर, कुर्सियां, संगीत खड़ा के साथ प्रेसिडियम कुर्सियों के लिए एक मेज स्थापित किया जाएगा। इंटरनेट का उपयोग करने उपलब्ध कराया गया। अन्य फ्लैट होटल कि मेगा "मखमली सीजन" (सोची) का हिस्सा हैं की तरह, "सिकंदर गार्डन" एक विकसित बुनियादी सुविधाओं है। इसके अलावा, रिसॉर्ट, जो इसे अपने निवास स्थान के रूप में चयन करेंगे के मेहमानों को आसानी से इस तरह के "ओलिंपिक पार्क", ट्रैक "फॉर्मूला 1" और कई अन्य लोगों के रूप में पर्यटक स्थलों के लिए प्राप्त करने में सक्षम हो जाएगा। बसे हुए इमारतों से 500 मीटर की दूरी पर एक सुपरमार्केट, 5 मिनट के लिए बस ड्राइव करने के लिए निकटतम एक हायपरमार्केट है। अलेक्जेंडर गार्डन के नजदीक भी Ornithological पार्क और दक्षिणी संस्कृतियों के पार्क कर रहे हैं। होटल "Alexandrovsky गार्डन" काला सागर के तट से कुछ दूरी पर स्थित है। मेहमानों को प्राकृतिक दृश्यों शहरी कंकड़ समुद्र तट, जिसकी लंबाई 2. 5 किमी से अधिक है उपयोग कर सकते हैं। यह इमेरेती खाड़ी के किनारे फैला है, और उस पर पानी उपकरण किराए पर लेने एजेंसी, मिनी बाजार और एक कैफे देखते हैं। सूर्य कुर्सियों और छतरियों। क्वार्टर "Alexandrovsky गार्डन" (सोची) समुद्र तट से 1. 5 किमी दूर स्थित है, इसलिए चलने के लिए यह 15 मिनट में पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा, कुछ घंटे शटल पर्यटकों में (करने के लिए इधर-उधर)। कोई अतिरिक्त शुल्क मेहमानों कर सकते हैंः - एक फिटनेस सेंटर और साइट पर संगठित मनोरंजक गतिविधियों; - जटिल में वाई-फाई इंटरनेट का उपयोग करने के लिए; - सोची और उसके आकर्षण के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं; - समुद्र तट और सैर के लिए एक शटल सवारी; - इस्त्री कक्ष का उपयोग करें; - पत्राचार, हवाई जहाज के टिकट, ट्रेन या थिएटर की संख्या में वितरण के आदेश; - एक कुली और सुरक्षित पार्किंग की सेवाओं का उपयोग; - संगठित समूह और सैर के साथ अलग-अलग जॉगिंग में भाग लेते हैं। जो लोग पहले क्रास्नोडार क्षेत्र के रिसॉर्ट पर आराम करने के लिए चला गया, अक्सर पूछते हैं, क्या जगहें आप सोची में देख सकते हैं। "Alexandrovsky गार्डन" - एक होटल है कि दिलचस्प यात्राएं न केवल शहर बल्कि अब्खाज़िया में और आसपास के पहाड़ों में के लिए एक सुविधाजनक प्रारंभिक बिंदु हो सकता है। मानक सक्रिय वस्तुओं से मिलकर कार्यक्रम के अलावा ओलंपिक पर्यटकों को आम तौर पर सवारी लाल समाशोधन और मछलीघर और स्टालिन कुटीर का चयन किया। पिछले दौरे अब्खाज़िया के लिए एक यात्रा है, जिसके दौरान यात्रियों इस छोटे से देश के सुंदरता का आनंद लेने और इसके आकर्षण से परिचित हो भी शामिल है। यह पर्यटकों में बहुत लोकप्रिय है, और यह अपने दोस्तों के लगभग सभी जो सोची में आराम की सिफारिश की है। आप नहीं जानते, जहां बच्चों के साथ समुद्र में अपनी छुट्टी बिताना करते हैं? सोची चुनें! "Alexandrovsky गार्डन" एक परिवार की छुट्टी के लिए भी करना है। वहाँ हमेशा स्वागत युवा मेहमानों, जो किसी भी उम्र से स्वीकार कर रहे हैं है। हालांकि, 12 वर्ष से कम सभी बच्चों को माता-पिता के लिए एक कमरे में निः शुल्क (खाद्य और अतिरिक्त बेड के बिना) में कब्जा कर लिया गया है। "मखमली मौसम" शहर-होटल बच्चों के लिए बच्चों के खेल के मैदान की सुविधा के दौरान, कैंटीन एक विशेष नाश्ता और मानार्थ पालना, playpen आदेश कर सकते हैं। माता-पिता चुपचाप एक समुद्र तट छुट्टी का आनंद सकता है और आकर्षण का दौरा करने के लिए, होटल के परिसर "Alexandrovsky गार्डन" घंटे के हिसाब से नर्स कॉल करने के लिए एक अवसर प्रदान किया। इसके अलावा, बड़े बच्चे खेल के कमरे (अतिरिक्त शुल्क) में अनुभवी ट्यूटर्स की देखरेख में छोड़ा जा सकता है। कई पर्यटक जो हाल ही में एक छुट्टी से लौट आए, ध्यान दें कि सबसे अच्छा विकल्प है कि सोची प्रदान करता है में से एक - "Alexandrovsky गार्डन"। उनकी समीक्षा में, इस होटल के परिसर के फायदे के रूप में, वे कमरे की सफाई, प्राकृतिक दृश्यों से क्षेत्र और भोजन कक्ष है, जहां शेफ स्वादिष्ट व्यंजन के साथ मेहमानों को प्रसन्न में एक अलग मेनू पर ध्यान दें। अगर हम कमियों के बारे में बात करते हैं, सबसे शिकायतों समुद्र तट से होटल और अपने कर्तव्यों कुछ नौकरानियों और अन्य सेवाओं के कर्मचारियों की उपेक्षा की पृथकता का कारण बना। सामान्य तौर पर, पर्यटकों सकारात्मक होटल "Alexandrovsky गार्डन" का आकलन, यह देखते हुए कि यह सस्ता छुट्टी के लिए एक शानदार विकल्प है, खासकर यदि हम पैसे के लिए मूल्य की दृष्टि से यह विचार करें। पता Aparthotel: एडलर जिला, सड़क जी उठने, 12। आप बस संख्या 100 या संख्या 117 या बंद करने के लिए बस संख्या 125 से बंद करने के लिए "न्यू एज" एडलर बस संख्या 135 के हवाई अड्डे से वहाँ प्राप्त कर सकते हैं, तो "राज्य खेत रूस। " जो लोग स्टेशन के लिए "सिकंदर गार्डन" से ट्रेन द्वारा रिसॉर्ट के लिए आते हैं, द्वारा पहुंचा जा सकता बसों №№ 125, 125 या टैक्सी नंबर 117 (बंद "रूसी स्टेट फार्म")। अब आप जानते हैं, जहां शहर होटल "मखमली सीजन" (सोची)। "Alexandrovsky गार्डन" है, जो अपने पड़ोस में से एक हैं, तो आप आराम करने के लिए आमंत्रित कर रही है और आरामदायक आवास और उत्कृष्ट सेवा वादा करता है।
पिछले कुछ वर्षों में सोची के चेहरे मान्यता से परे बदल गया है। सुविधाओं ओलंपिक के रन-अप में निर्माण किया गया है के अलावा, आप एक शहर होटल "मखमल" मौसम चुन सकते हैं। यह "रूसी हाउस", "कैथरीन तिमाही," "शुद्ध तालाबों" और अलग-होटल "Alexandrovsky गार्डन" का मेगा होटल तिमाही शामिल है। सोची कमीशन के बाद काफी पर्यटकों को प्राप्त करने के लिए अपनी क्षमता का विस्तार किया है के बाद से सभी वस्तुओं गगनचुंबी इमारतों, मेहमानों के लिए जहां उपलब्ध हैं - विभिन्न श्रेणियों के नौ हज़ार के बारे में कमरे, एक सौ चार मामलों में व्यवस्था की। परिसर के विवरण "Alexandrovsky गार्डन" यह अपार्टमेंट होटल, जो शहर के "मखमली मौसम" होटल का हिस्सा है, के रूप में जो लोग शहर में आ व्यापार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक किस्म में भाग लेने के लिए समायोजित करने के लिए, परिवार की छुट्टियों के लिए एक महान जगह के रूप में माना जाता है। जटिल बीस शयनगृह और कई अलग भवनों, जो रेस्तरां, कैफे और गृह व्यवस्था सेवाओं घरों शामिल हैं। विशाल हरित क्षेत्र Aparthotel सत्ता पक्ष पर, वहाँ कई खेल के मैदान और खेल के मैदान हैं। होटल को एक साथ पाँच,शून्य लोगों को समायोजित कर सकते हैं। उनके लिए विभिन्न श्रेणियों के दो हज़ार नौ सौ आठ आरामदायक कमरे से लैस करने। पर्यटकों रह सकते हैंः - एक रसोईघर के साथ एक तीन कमरे सायबान में; - एक या दो जगह सोलह या चौबीस केवी के क्षेत्र में "मानकों" में। मीटर; - रसोईघर के साथ "स्टूडियो" में; - दो कमरे दो- या चार- बेड "लक्स" ; - दो कमरे के एक रसोईघर के साथ "सूट"। पहली मंजिल पर सभी भवनों ऐसे लोग हैं जो कुछ परेशानी सहायता रहित चलने के लिए उपलब्ध हैं। सभी इमारतों रैंप से लैस हैं। होटल में कम से कम दो साल के द्वारा संचालित है, इसलिए सभी कमरों के अंदरूनी "तीन सितारों" के वर्ग से संबंधित होटल के नवीनतम आवश्यकताओं के अनुसार सजाया गया है और सजाया गया है। यह सब अपनी उच्च रेटिंग में परिलक्षित होता है। बिस्तर को छोड़कर सभी कमरों में एक हैंगर, दर्पण, अलमारी, बेडसाइड टेबल, मेज और कुर्सियों है। वहाँ एक छोटा सा फ्रिज, एयर कंडीशनिंग, टेलीफोन और टीवी एलसीडी है। एक सैटेलाइट टीवी। बाथरूम में, आगंतुकों के लिए सभी आवश्यक प्रसाधन, चप्पल, हेयर ड्रायर, स्नान और समुद्र तट तौलिया मिल जाएगा। मूल्य उच्च गति इंटरनेट का उपयोग भी शामिल। एक शुल्क के लिए, आप मिनी बार उपयोग कर सकते हैं। दैनिक सफाई सेवा और तौलिया परिवर्तन। छत कमरे में एक ड्रायर के साथ सुसज्जित है। बिस्तर पर चादर हर तीन दिन बदल जाता है। होटल "Alexandrovsky गार्डन" मेहमानों के लिएः - कैफे है, जो एक अलग इमारत में स्थित है। यह ग्यारह:शून्य से बाईस:शून्य तक घंटे से खुला है, और यह यूरोपीय और कोकेशियान भोजन परोसा जाता है। - भोजन कक्ष, एक आवासीय भवन, जहां आगंतुकों सात:शून्य बजे से बीस:शून्य बजे तक किया जाएगा में स्थित है। - मुख्य रेस्तरां है, जो सात:शून्य बजे से बीस:शून्य बजे तक खुला रहता है। - आउटडोर कैफे, जहां ग्यारह:शून्य से बाईस:शून्य बजे तक आप सड़क पर खा सकते हैं। होटल के परिसर "Alexandrovsky गार्डन" , भोजन कक्ष में खानपान के तीन विकल्प उपलब्ध कराता है दौरे पैकेज खरीदा पर निर्भर करता हैः - केवल नाश्ता; - दो भोजन एक दिन; - नाश्ता, दोपहर और रात के खाने। वे सब के सब "बुफे" द्वारा सेवित हैं। मेनू में, वहाँ हमेशा ताजा सब्जियों और फलों, जूस और पेस्ट्री कर रहे हैं। यह कोकेशियान और यूरोपीय व्यंजन परोसता है। जो लोग दौरे संकुल है कि भोजन शामिल नहीं है, पर आया इसके लिए अलग से भुगतान कर सकते हैं। इस बिंदु पर, निम्नलिखित की कीमतेंः दोपहर के भोजन की कीमत - चार सौ, रात के खाने - तीन सौ पचास और नाश्ता - प्रति व्यक्ति तीन सौ पचास रूबल। होटल "Alexandrovsky गार्डन" आधिकारिक घटनाओं के सभी प्रकार व्यवस्थित करने के लिए एक शानदार जगह है। ऐसा करने के लिए, होटल में एक सम्मेलन कक्ष है कि तीन सौ पचास प्रतिभागियों को समायोजित कर सकते हैं। इन विकल्पों के अध्यक्ष स्थानः - पत्र "पी"; - "क्लास"; - "पर्व"; - "गोल मेज"; - "बुफे"; - "थिएटर"। यदि आवश्यक हो, हॉल वीडियो प्रदर्शन, वक्ताओं, कंप्यूटर या लैपटॉप, माइक्रोफोन, मल्टीमीडिया प्रोजेक्टर, मंच, फ्लिप चार्ट, स्क्रीन, आर्मचेयर, कुर्सियां, संगीत खड़ा के साथ प्रेसिडियम कुर्सियों के लिए एक मेज स्थापित किया जाएगा। इंटरनेट का उपयोग करने उपलब्ध कराया गया। अन्य फ्लैट होटल कि मेगा "मखमली सीजन" का हिस्सा हैं की तरह, "सिकंदर गार्डन" एक विकसित बुनियादी सुविधाओं है। इसके अलावा, रिसॉर्ट, जो इसे अपने निवास स्थान के रूप में चयन करेंगे के मेहमानों को आसानी से इस तरह के "ओलिंपिक पार्क", ट्रैक "फॉर्मूला एक" और कई अन्य लोगों के रूप में पर्यटक स्थलों के लिए प्राप्त करने में सक्षम हो जाएगा। बसे हुए इमारतों से पाँच सौ मीटर की दूरी पर एक सुपरमार्केट, पाँच मिनट के लिए बस ड्राइव करने के लिए निकटतम एक हायपरमार्केट है। अलेक्जेंडर गार्डन के नजदीक भी Ornithological पार्क और दक्षिणी संस्कृतियों के पार्क कर रहे हैं। होटल "Alexandrovsky गार्डन" काला सागर के तट से कुछ दूरी पर स्थित है। मेहमानों को प्राकृतिक दृश्यों शहरी कंकड़ समुद्र तट, जिसकी लंबाई दो. पाँच किमी से अधिक है उपयोग कर सकते हैं। यह इमेरेती खाड़ी के किनारे फैला है, और उस पर पानी उपकरण किराए पर लेने एजेंसी, मिनी बाजार और एक कैफे देखते हैं। सूर्य कुर्सियों और छतरियों। क्वार्टर "Alexandrovsky गार्डन" समुद्र तट से एक. पाँच किमी दूर स्थित है, इसलिए चलने के लिए यह पंद्रह मिनट में पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा, कुछ घंटे शटल पर्यटकों में । कोई अतिरिक्त शुल्क मेहमानों कर सकते हैंः - एक फिटनेस सेंटर और साइट पर संगठित मनोरंजक गतिविधियों; - जटिल में वाई-फाई इंटरनेट का उपयोग करने के लिए; - सोची और उसके आकर्षण के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं; - समुद्र तट और सैर के लिए एक शटल सवारी; - इस्त्री कक्ष का उपयोग करें; - पत्राचार, हवाई जहाज के टिकट, ट्रेन या थिएटर की संख्या में वितरण के आदेश; - एक कुली और सुरक्षित पार्किंग की सेवाओं का उपयोग; - संगठित समूह और सैर के साथ अलग-अलग जॉगिंग में भाग लेते हैं। जो लोग पहले क्रास्नोडार क्षेत्र के रिसॉर्ट पर आराम करने के लिए चला गया, अक्सर पूछते हैं, क्या जगहें आप सोची में देख सकते हैं। "Alexandrovsky गार्डन" - एक होटल है कि दिलचस्प यात्राएं न केवल शहर बल्कि अब्खाज़िया में और आसपास के पहाड़ों में के लिए एक सुविधाजनक प्रारंभिक बिंदु हो सकता है। मानक सक्रिय वस्तुओं से मिलकर कार्यक्रम के अलावा ओलंपिक पर्यटकों को आम तौर पर सवारी लाल समाशोधन और मछलीघर और स्टालिन कुटीर का चयन किया। पिछले दौरे अब्खाज़िया के लिए एक यात्रा है, जिसके दौरान यात्रियों इस छोटे से देश के सुंदरता का आनंद लेने और इसके आकर्षण से परिचित हो भी शामिल है। यह पर्यटकों में बहुत लोकप्रिय है, और यह अपने दोस्तों के लगभग सभी जो सोची में आराम की सिफारिश की है। आप नहीं जानते, जहां बच्चों के साथ समुद्र में अपनी छुट्टी बिताना करते हैं? सोची चुनें! "Alexandrovsky गार्डन" एक परिवार की छुट्टी के लिए भी करना है। वहाँ हमेशा स्वागत युवा मेहमानों, जो किसी भी उम्र से स्वीकार कर रहे हैं है। हालांकि, बारह वर्ष से कम सभी बच्चों को माता-पिता के लिए एक कमरे में निः शुल्क में कब्जा कर लिया गया है। "मखमली मौसम" शहर-होटल बच्चों के लिए बच्चों के खेल के मैदान की सुविधा के दौरान, कैंटीन एक विशेष नाश्ता और मानार्थ पालना, playpen आदेश कर सकते हैं। माता-पिता चुपचाप एक समुद्र तट छुट्टी का आनंद सकता है और आकर्षण का दौरा करने के लिए, होटल के परिसर "Alexandrovsky गार्डन" घंटे के हिसाब से नर्स कॉल करने के लिए एक अवसर प्रदान किया। इसके अलावा, बड़े बच्चे खेल के कमरे में अनुभवी ट्यूटर्स की देखरेख में छोड़ा जा सकता है। कई पर्यटक जो हाल ही में एक छुट्टी से लौट आए, ध्यान दें कि सबसे अच्छा विकल्प है कि सोची प्रदान करता है में से एक - "Alexandrovsky गार्डन"। उनकी समीक्षा में, इस होटल के परिसर के फायदे के रूप में, वे कमरे की सफाई, प्राकृतिक दृश्यों से क्षेत्र और भोजन कक्ष है, जहां शेफ स्वादिष्ट व्यंजन के साथ मेहमानों को प्रसन्न में एक अलग मेनू पर ध्यान दें। अगर हम कमियों के बारे में बात करते हैं, सबसे शिकायतों समुद्र तट से होटल और अपने कर्तव्यों कुछ नौकरानियों और अन्य सेवाओं के कर्मचारियों की उपेक्षा की पृथकता का कारण बना। सामान्य तौर पर, पर्यटकों सकारात्मक होटल "Alexandrovsky गार्डन" का आकलन, यह देखते हुए कि यह सस्ता छुट्टी के लिए एक शानदार विकल्प है, खासकर यदि हम पैसे के लिए मूल्य की दृष्टि से यह विचार करें। पता Aparthotel: एडलर जिला, सड़क जी उठने, बारह। आप बस संख्या एक सौ या संख्या एक सौ सत्रह या बंद करने के लिए बस संख्या एक सौ पच्चीस से बंद करने के लिए "न्यू एज" एडलर बस संख्या एक सौ पैंतीस के हवाई अड्डे से वहाँ प्राप्त कर सकते हैं, तो "राज्य खेत रूस। " जो लोग स्टेशन के लिए "सिकंदर गार्डन" से ट्रेन द्वारा रिसॉर्ट के लिए आते हैं, द्वारा पहुंचा जा सकता बसों №№ एक सौ पच्चीस, एक सौ पच्चीस या टैक्सी नंबर एक सौ सत्रह । अब आप जानते हैं, जहां शहर होटल "मखमली सीजन" । "Alexandrovsky गार्डन" है, जो अपने पड़ोस में से एक हैं, तो आप आराम करने के लिए आमंत्रित कर रही है और आरामदायक आवास और उत्कृष्ट सेवा वादा करता है।
महिलाओं में अतातुर्क विश्वविद्यालय और पुरुषों में सेलाल बयार विश्वविद्यालय 3×3 बास्केटबॉल प्रतियोगिता रेड बुल हाफ कोर्ट में विजेता टीमों के चैंपियन बन गए, जो दुनिया के सबसे बड़े स्ट्रीट बास्केटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है। तुर्की के चैंपियन रेड बुल हाफ कोर्ट में निर्धारित किए गए थे, जो सड़क संस्कृति और बास्केटबॉल को जोड़ती है और जहां शौकिया बास्केटबॉल खिलाड़ी हर साल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। इस्तांबुल गैलाटापोर्ट क्लॉक टॉवर स्क्वायर में आयोजित अंतिम प्रतियोगिताओं के परिणामस्वरूप, महिलाओं में अतातुर्क विश्वविद्यालय और पुरुषों में सेलाल बयार विश्वविद्यालय ने कप जीता। रेड बुल हाफ कोर्ट तुर्की फाइनल में, अंतिम चरण में पहुंचने में सफल रही 8 महिलाओं और 8 पुरुषों की बास्केटबॉल टीमों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। महिलाओं के फाइनल में ओवरटाइम अवधि के अंत में अतातुर्क विश्वविद्यालय ने गाजी विश्वविद्यालय को 6-4 के स्कोर से हराया, वहीं सेलाल बयार विश्वविद्यालय ने पुरुषों के फाइनल में बेकोज विश्वविद्यालय को 17-11 के स्कोर से हराकर कप जीता। रेड बुल हाफ कोर्ट के फाइनल में भयंकर प्रतियोगिताओं के अलावा, जो रुचि के साथ पीछा किया गया था, पुरुषों और महिलाओं की श्रेणियों में तीन-बिंदु प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। महिलाओं में तीन-बिंदु खेल का विजेता मुगला साइटकी कोकमैन विश्वविद्यालय से सिमाय नाज़ ओगेट था, जबकि पुरुषों में विजेता मध्य पूर्व तकनीकी विश्वविद्यालय से अताहन एर्गुएल था। आयोजन के हिस्से के रूप में आयोजित डंक प्रतियोगिता में, डूसू विश्वविद्यालय से मुहम्मद सान्यांग विजयी रहे। प्रदर्शनी मैच और एगे कुबुकु संगीत कार्यक्रम जिसमें एल्पर बिसेन ने भी संगठन में भाग लिया, ने दर्शकों का बहुत ध्यान आकर्षित किया। सितंबर में सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में होने वाले रेड बुल हाफ कोर्ट वर्ल्ड फाइनल में पुरुष और महिला वर्ग की विजेता टीमें तुर्की का प्रतिनिधित्व करने के लिए योग्य हैं।
महिलाओं में अतातुर्क विश्वविद्यालय और पुरुषों में सेलाल बयार विश्वविद्यालय तीन×तीन बास्केटबॉल प्रतियोगिता रेड बुल हाफ कोर्ट में विजेता टीमों के चैंपियन बन गए, जो दुनिया के सबसे बड़े स्ट्रीट बास्केटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है। तुर्की के चैंपियन रेड बुल हाफ कोर्ट में निर्धारित किए गए थे, जो सड़क संस्कृति और बास्केटबॉल को जोड़ती है और जहां शौकिया बास्केटबॉल खिलाड़ी हर साल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। इस्तांबुल गैलाटापोर्ट क्लॉक टॉवर स्क्वायर में आयोजित अंतिम प्रतियोगिताओं के परिणामस्वरूप, महिलाओं में अतातुर्क विश्वविद्यालय और पुरुषों में सेलाल बयार विश्वविद्यालय ने कप जीता। रेड बुल हाफ कोर्ट तुर्की फाइनल में, अंतिम चरण में पहुंचने में सफल रही आठ महिलाओं और आठ पुरुषों की बास्केटबॉल टीमों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। महिलाओं के फाइनल में ओवरटाइम अवधि के अंत में अतातुर्क विश्वविद्यालय ने गाजी विश्वविद्यालय को छः-चार के स्कोर से हराया, वहीं सेलाल बयार विश्वविद्यालय ने पुरुषों के फाइनल में बेकोज विश्वविद्यालय को सत्रह-ग्यारह के स्कोर से हराकर कप जीता। रेड बुल हाफ कोर्ट के फाइनल में भयंकर प्रतियोगिताओं के अलावा, जो रुचि के साथ पीछा किया गया था, पुरुषों और महिलाओं की श्रेणियों में तीन-बिंदु प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। महिलाओं में तीन-बिंदु खेल का विजेता मुगला साइटकी कोकमैन विश्वविद्यालय से सिमाय नाज़ ओगेट था, जबकि पुरुषों में विजेता मध्य पूर्व तकनीकी विश्वविद्यालय से अताहन एर्गुएल था। आयोजन के हिस्से के रूप में आयोजित डंक प्रतियोगिता में, डूसू विश्वविद्यालय से मुहम्मद सान्यांग विजयी रहे। प्रदर्शनी मैच और एगे कुबुकु संगीत कार्यक्रम जिसमें एल्पर बिसेन ने भी संगठन में भाग लिया, ने दर्शकों का बहुत ध्यान आकर्षित किया। सितंबर में सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में होने वाले रेड बुल हाफ कोर्ट वर्ल्ड फाइनल में पुरुष और महिला वर्ग की विजेता टीमें तुर्की का प्रतिनिधित्व करने के लिए योग्य हैं।
अंधे लोग सपने में देखते है कुछ ऐसा, जिसे जानकर हैरान रह जायेंगे आप ! अक्सर जन्म से नेत्रहीन व्यक्ति अपने सपनों में केवल आवाज़ों को सुनता है जबकि किसी कारणवश अपनी आंखों की रोशनी गंवा चुका व्यक्ति अपनी ज़िंदगी के रंगीन पलों को दुबारा सपनों में देखता है। यदि किसी व्यक्ति ने अपनी आंखों की रोशनी 7 साल की उम्र के बाद गंवाई है तो उसके सपने एक आम व्यक्ति के समानों की तरह ही होंगे। यदि एक व्यक्ति 50 साल की आयु के बाद नेत्रहीन हो जाता है तो उसके सपने भी उसकी आंखों की तरह धुंधले नज़र आते हैं। माना जाता है कि सपनों की रंगीन दुनिया में 5 से 7 साल की उम्र बहुत अहम भूमिका भाती है। क्योंकि एक नेत्रहीन व्यक्ति के सपने काफी स्पष्ट और हकीकत के काफी करीब होते हैं। माना जाता है कि वे अपनी असल ज़िंदगी को ही अपने सपनों में देखते हैं तथा सपनों में जीवन के स्पर्श, भाव, ध्वनि को भी महसूस करते हैं। वे अपने आस-पास चल रही दुनिया को काफी अच्छे से महसूस कर पाते हैं तथा उनकी इंद्रियाएं इस एहसास को स्वप्न के रूप में सृजन करने में मदद करती हैं। यदि आप किसी कारणवश अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं तब आप भी अपने सपनों में रंगों को देख सकते हैं क्योंकि आप असल जीवन में उन रंगों को देख चुके हैं। एक अध्ययन से यह पता चला है कि 70 प्रतिशत नेत्रहीन व्यक्ति अपने सपनों में स्पर्श महसूस कर सकते हैं जबकि बाकियों को केवल वास की अनुभूति हुई। एक आम व नेत्रहीन व्यक्ति में संवदिक अंतर चाहे जितना हो, लेकिन सपनों के साथ इन दोनों प्रकार के लोगों का भावनात्मक लगाव एक समान रहता है। इससे पता चलता है कि एक नेत्रहीन व्यक्ति के सपने भी आम लोगों की तरह ही होते हैं। यह भी कहा गया है कि जब एक नेत्रहीन व्यक्ति अपने सपनों में रोशनी का वर्णन करता है तो वह असल रोशनी नहीं है। बल्कि, मस्तिष्क द्वारा भेजे गए संकेत उसे रोशनी के रूप में नज़र आते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि सपनों को स्पष्ट व प्रभावी महसूस कराने के लिए एक नेत्रहीन व्यक्ति का मस्तिष्क संकेत भेजता है।
अंधे लोग सपने में देखते है कुछ ऐसा, जिसे जानकर हैरान रह जायेंगे आप ! अक्सर जन्म से नेत्रहीन व्यक्ति अपने सपनों में केवल आवाज़ों को सुनता है जबकि किसी कारणवश अपनी आंखों की रोशनी गंवा चुका व्यक्ति अपनी ज़िंदगी के रंगीन पलों को दुबारा सपनों में देखता है। यदि किसी व्यक्ति ने अपनी आंखों की रोशनी सात साल की उम्र के बाद गंवाई है तो उसके सपने एक आम व्यक्ति के समानों की तरह ही होंगे। यदि एक व्यक्ति पचास साल की आयु के बाद नेत्रहीन हो जाता है तो उसके सपने भी उसकी आंखों की तरह धुंधले नज़र आते हैं। माना जाता है कि सपनों की रंगीन दुनिया में पाँच से सात साल की उम्र बहुत अहम भूमिका भाती है। क्योंकि एक नेत्रहीन व्यक्ति के सपने काफी स्पष्ट और हकीकत के काफी करीब होते हैं। माना जाता है कि वे अपनी असल ज़िंदगी को ही अपने सपनों में देखते हैं तथा सपनों में जीवन के स्पर्श, भाव, ध्वनि को भी महसूस करते हैं। वे अपने आस-पास चल रही दुनिया को काफी अच्छे से महसूस कर पाते हैं तथा उनकी इंद्रियाएं इस एहसास को स्वप्न के रूप में सृजन करने में मदद करती हैं। यदि आप किसी कारणवश अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं तब आप भी अपने सपनों में रंगों को देख सकते हैं क्योंकि आप असल जीवन में उन रंगों को देख चुके हैं। एक अध्ययन से यह पता चला है कि सत्तर प्रतिशत नेत्रहीन व्यक्ति अपने सपनों में स्पर्श महसूस कर सकते हैं जबकि बाकियों को केवल वास की अनुभूति हुई। एक आम व नेत्रहीन व्यक्ति में संवदिक अंतर चाहे जितना हो, लेकिन सपनों के साथ इन दोनों प्रकार के लोगों का भावनात्मक लगाव एक समान रहता है। इससे पता चलता है कि एक नेत्रहीन व्यक्ति के सपने भी आम लोगों की तरह ही होते हैं। यह भी कहा गया है कि जब एक नेत्रहीन व्यक्ति अपने सपनों में रोशनी का वर्णन करता है तो वह असल रोशनी नहीं है। बल्कि, मस्तिष्क द्वारा भेजे गए संकेत उसे रोशनी के रूप में नज़र आते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि सपनों को स्पष्ट व प्रभावी महसूस कराने के लिए एक नेत्रहीन व्यक्ति का मस्तिष्क संकेत भेजता है।
हरियाणा में चरखी दादरी के गांव सांजरवास में मुस्लिम समाज के पिता-पुत्र की कुछ शरारती तत्वों ने मारपीट करते हुए उनकी जबरदस्ती दाढ़ी काट दी. इस दौरान युवकों ने दोनों के साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की भी धमकी दी. समाज के लोगों ने पीड़ितों के साथ मिलकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए बौंद कलां पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई है. पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी इदरीश और उसका लड़क़ा मोहसिन पिछली 14 मार्च को गांव अचिना से अपने गांव जा रहे थे. आरोप है कि जब ये गांव के सांजरवास बस स्टैंड पर पहुंचे तो 4 शरारती युवकों ने इनके साथ मारपीट की. इन पर फब्तियां कसीं और जबरदस्ती दोनों की दाढ़ी काट दी. पीड़ितों ने घटना की जानकारी समाज के लोगों को दी. बाद में समाज के लोग एकत्रित होकर पीड़ितों के साथ बौंद कलां पुलिस थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई. शिकायत में पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्वों ने धार्मिक भावनाएं भड़काते हुए उनकी जबरदस्ती दाढ़ी काट दी और जान से मारने की धमकी दी. पुलिस द्वारा इस संबंध में शिकायत दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है. थाना प्रभारी राकेश कुमार ने फोन पर बताया कि शिकायत मिली है. जांच के बाद ही इस बारे में कुछ बताया जाएगा. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है. .
हरियाणा में चरखी दादरी के गांव सांजरवास में मुस्लिम समाज के पिता-पुत्र की कुछ शरारती तत्वों ने मारपीट करते हुए उनकी जबरदस्ती दाढ़ी काट दी. इस दौरान युवकों ने दोनों के साथ मारपीट करते हुए जान से मारने की भी धमकी दी. समाज के लोगों ने पीड़ितों के साथ मिलकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए बौंद कलां पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई है. पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी इदरीश और उसका लड़क़ा मोहसिन पिछली चौदह मार्च को गांव अचिना से अपने गांव जा रहे थे. आरोप है कि जब ये गांव के सांजरवास बस स्टैंड पर पहुंचे तो चार शरारती युवकों ने इनके साथ मारपीट की. इन पर फब्तियां कसीं और जबरदस्ती दोनों की दाढ़ी काट दी. पीड़ितों ने घटना की जानकारी समाज के लोगों को दी. बाद में समाज के लोग एकत्रित होकर पीड़ितों के साथ बौंद कलां पुलिस थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई. शिकायत में पीड़ितों ने आरोप लगाया कि कुछ शरारती तत्वों ने धार्मिक भावनाएं भड़काते हुए उनकी जबरदस्ती दाढ़ी काट दी और जान से मारने की धमकी दी. पुलिस द्वारा इस संबंध में शिकायत दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है. थाना प्रभारी राकेश कुमार ने फोन पर बताया कि शिकायत मिली है. जांच के बाद ही इस बारे में कुछ बताया जाएगा. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है. .
राजधानी शिमला में पुस्तक मेले में रविवार को अवकाश के दिन पुस्तकों की खरीददारी के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे। शनिवार से शुरू हुए इस पुस्तक मेले को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। यहां पर 40 से ज्यादा प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही 63 के करीब बुक स्टॉल लगाए गए हैं। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, हिमाचली, पंजाबी और उर्दू सहित अन्य भाषाओं की पुस्तकों का प्रदर्शन और बिक्री की जा रही है। मेले में सभी आयु वर्ग के पाठकों की रुचि का ध्यान रखा गया है। बच्चों के लिए प्रकाशित द्विभाषी पुस्तकों के साथ नई श्रृंखला इंडिया 75 भी मेले में प्रदर्शित की जा रही हैं। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित यह प्रदर्शनी स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और संघर्ष से परिचय करा रही है। दूसरे दिन भी पुस्तक प्रेमियों और आगंतुकों से खचाखच भरा रहा। मेले में 63 स्टालों पर हजारों किताबें प्रदर्शित की गई हैं, उनमें अपनी पसंद की किताबें खरीदने के लिए लगातार लोगों की कतार लगी हुई है। भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में प्रदर्शित पुस्तकों में अपनी पसंद के विषयों में उपलब्ध पुस्तकों को लेने के लिए शिमला में लोग अति उत्साहित हैं। यह पुस्तक मेला गेयटी थिएटर और पदम देव परिसर में तीन जुलाई, 2022 तक चलेगा। इस पुस्तक मेले में करीब 18 हजार पुस्तकें उपलब्ध है, जिसमें बच्चों की कार्टून और कॉमिक्स बुक्स के साथ आध्यात्म से जुड़ी पुस्तकें भी सस्ते दामों पर उपलब्ध है। इसमें दिल्ली और अन्य शहरों से जुड़े कई प्रकाशक ऐसे हैं जो इससे पहले भी दो से तीन बार यहां स्टॉल लगा चुके हैं और उनका अनुभव काफी बेहतर रहा है। इसमें भगवत गीता, रामचरित मानस सहित कई ऐसे किताबें हैं जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध है। मोनाल पब्लिक स्कूल के कई बच्चे बड़ी संख्या में स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव थीम पर आधारित पोस्टर मेकिंग सत्र में भाग लेने के लिए आए। इसमें उदय शंकर, प्रसिद्ध चित्रकार ने बच्चों को पोस्टर बनाने की तकनीक बताई। छात्रों ने कहानी लेखन कार्यशाला में भी भाग लिया जहां उन्होंने एक अच्छी कहानी लिखने की तकनीक सीखी, और फिर प्रत्येक छात्र ने एक कहानी लिखी और उस पर चर्चा भी की गई। दोनों आयोजनों के अंत में बच्चों को नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया की ओर से उपहार स्वरूप पुस्तकें भेंट की गईं। इसके साथ ही प्रदेश के समृद्ध लोक और पारंपरिक संगीत और नृत्यों को प्रदर्शित करने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
राजधानी शिमला में पुस्तक मेले में रविवार को अवकाश के दिन पुस्तकों की खरीददारी के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे। शनिवार से शुरू हुए इस पुस्तक मेले को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। यहां पर चालीस से ज्यादा प्रकाशकों की पुस्तकें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही तिरेसठ के करीब बुक स्टॉल लगाए गए हैं। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, हिमाचली, पंजाबी और उर्दू सहित अन्य भाषाओं की पुस्तकों का प्रदर्शन और बिक्री की जा रही है। मेले में सभी आयु वर्ग के पाठकों की रुचि का ध्यान रखा गया है। बच्चों के लिए प्रकाशित द्विभाषी पुस्तकों के साथ नई श्रृंखला इंडिया पचहत्तर भी मेले में प्रदर्शित की जा रही हैं। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयोजित यह प्रदर्शनी स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और संघर्ष से परिचय करा रही है। दूसरे दिन भी पुस्तक प्रेमियों और आगंतुकों से खचाखच भरा रहा। मेले में तिरेसठ स्टालों पर हजारों किताबें प्रदर्शित की गई हैं, उनमें अपनी पसंद की किताबें खरीदने के लिए लगातार लोगों की कतार लगी हुई है। भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में प्रदर्शित पुस्तकों में अपनी पसंद के विषयों में उपलब्ध पुस्तकों को लेने के लिए शिमला में लोग अति उत्साहित हैं। यह पुस्तक मेला गेयटी थिएटर और पदम देव परिसर में तीन जुलाई, दो हज़ार बाईस तक चलेगा। इस पुस्तक मेले में करीब अट्ठारह हजार पुस्तकें उपलब्ध है, जिसमें बच्चों की कार्टून और कॉमिक्स बुक्स के साथ आध्यात्म से जुड़ी पुस्तकें भी सस्ते दामों पर उपलब्ध है। इसमें दिल्ली और अन्य शहरों से जुड़े कई प्रकाशक ऐसे हैं जो इससे पहले भी दो से तीन बार यहां स्टॉल लगा चुके हैं और उनका अनुभव काफी बेहतर रहा है। इसमें भगवत गीता, रामचरित मानस सहित कई ऐसे किताबें हैं जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध है। मोनाल पब्लिक स्कूल के कई बच्चे बड़ी संख्या में स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव थीम पर आधारित पोस्टर मेकिंग सत्र में भाग लेने के लिए आए। इसमें उदय शंकर, प्रसिद्ध चित्रकार ने बच्चों को पोस्टर बनाने की तकनीक बताई। छात्रों ने कहानी लेखन कार्यशाला में भी भाग लिया जहां उन्होंने एक अच्छी कहानी लिखने की तकनीक सीखी, और फिर प्रत्येक छात्र ने एक कहानी लिखी और उस पर चर्चा भी की गई। दोनों आयोजनों के अंत में बच्चों को नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया की ओर से उपहार स्वरूप पुस्तकें भेंट की गईं। इसके साथ ही प्रदेश के समृद्ध लोक और पारंपरिक संगीत और नृत्यों को प्रदर्शित करने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
कार्तिक आर्यन की फिल्म भूल भुलैया 2 ने रिलीज के बाद दर्शकों को बड़ा सरप्राइज दिया है. इस फिल्म ने कम ही उम्मीद की जा रही थीं. लेकिन इसे देखने के बाद दर्शक खुश हो गए हैं. फिल्म में हंसी और हॉरर का बढ़िया डोज है. यही वजह है की फिल्म और कार्तिक दोनों की तारीफ करते कोई नहीं थक रहा है. अब फिल्म के पहले दिन के बॉक्स ऑफिस नंबर्स भी सामने आ गए हैं. क्या है भूल भुलैया 2 की कमाई? कहा जा रहा है कि भूल भुलैया 2 ने पहले दिन ही बॉक्स ऑफिस पर कमाई के झंडे गाड़ दिए. इसे काफी तगड़ी ओपनिंग मिली है. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्वीट कर बताया है कि भूल भुलैया 2 का पहले दिन का कलेक्शन 14. 11 करोड़ रुपये है. ट्रेड एनालिस्ट ने इस हॉरर कॉमेडी फिल्म के डबल डिजिट में कमाई करने की भविष्वाणी की थी. अब यह सच भी हो गई है. भूल भुलैया 2 को देशभर में तकरीबन 3200 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया है. इसने बच्चन पांडे और गंगूबाई काठियावाड़ी के पहले दिन के कलेशन को पीछे छोड़ दिया है. इसे फैंस और क्रिटिक्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, भूल भुलैया 2 ने मॉर्निंग शो में 20 परसेंट ऑक्यूपेंसी के साथ शुरुआत की थी. यह रात के शो तक जाते-जाते 50 परसेंट हो गई थी. फिल्म की एवरेज ऑक्यूपेंसी 35 परसेंट थी. भूल भुलैया 2 ने कम कीमत के टिकट रेट पर यह कमाई की है. ट्रेड एनालिस्ट कोमल नहाता के मुताबिक, भूल भुलैया 2 को देखने नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं. इस समय कार्तिक की फिल्म की मांग राजामौली की फिल्म RRR के हिंदी वर्जन से ज्यादा है. ओपनिंग डे पर फिल्म भूल भुलैया 2 ने लगभग 8. 50 लाख रुपये के टिकट्स की बिक्री की है. माना जा रहा है कि यही वो फिल्म है जो बॉलीवुड में पड़े कमाई के सूखे को दूर करेगी. भूल भुलैया 2 की कहानी राजस्थान के एक परिवार और मंजुलिका के बारे में है. फिल्म में कार्तिक आर्यन ने ढोंगी बाबा का रोल निभाया है, जो भूतों से बात करने का दावा करता है. फिल्म में उनके साथ तब्बू, राजपाल यादव, कियारा आडवाणी और संजय मिश्रा संग अन्य स्टार्स हैं. डायरेक्टर अनीस बज्मी ने इस फिल्म को बनाया है. इस फिल्म का क्लैश कंगना रनौत की धाकड़ से हुआ है.
कार्तिक आर्यन की फिल्म भूल भुलैया दो ने रिलीज के बाद दर्शकों को बड़ा सरप्राइज दिया है. इस फिल्म ने कम ही उम्मीद की जा रही थीं. लेकिन इसे देखने के बाद दर्शक खुश हो गए हैं. फिल्म में हंसी और हॉरर का बढ़िया डोज है. यही वजह है की फिल्म और कार्तिक दोनों की तारीफ करते कोई नहीं थक रहा है. अब फिल्म के पहले दिन के बॉक्स ऑफिस नंबर्स भी सामने आ गए हैं. क्या है भूल भुलैया दो की कमाई? कहा जा रहा है कि भूल भुलैया दो ने पहले दिन ही बॉक्स ऑफिस पर कमाई के झंडे गाड़ दिए. इसे काफी तगड़ी ओपनिंग मिली है. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्वीट कर बताया है कि भूल भुलैया दो का पहले दिन का कलेक्शन चौदह. ग्यारह करोड़ रुपये है. ट्रेड एनालिस्ट ने इस हॉरर कॉमेडी फिल्म के डबल डिजिट में कमाई करने की भविष्वाणी की थी. अब यह सच भी हो गई है. भूल भुलैया दो को देशभर में तकरीबन तीन हज़ार दो सौ से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया है. इसने बच्चन पांडे और गंगूबाई काठियावाड़ी के पहले दिन के कलेशन को पीछे छोड़ दिया है. इसे फैंस और क्रिटिक्स से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक, भूल भुलैया दो ने मॉर्निंग शो में बीस परसेंट ऑक्यूपेंसी के साथ शुरुआत की थी. यह रात के शो तक जाते-जाते पचास परसेंट हो गई थी. फिल्म की एवरेज ऑक्यूपेंसी पैंतीस परसेंट थी. भूल भुलैया दो ने कम कीमत के टिकट रेट पर यह कमाई की है. ट्रेड एनालिस्ट कोमल नहाता के मुताबिक, भूल भुलैया दो को देखने नेशनल मल्टीप्लेक्स चेन्स में ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं. इस समय कार्तिक की फिल्म की मांग राजामौली की फिल्म RRR के हिंदी वर्जन से ज्यादा है. ओपनिंग डे पर फिल्म भूल भुलैया दो ने लगभग आठ. पचास लाख रुपये के टिकट्स की बिक्री की है. माना जा रहा है कि यही वो फिल्म है जो बॉलीवुड में पड़े कमाई के सूखे को दूर करेगी. भूल भुलैया दो की कहानी राजस्थान के एक परिवार और मंजुलिका के बारे में है. फिल्म में कार्तिक आर्यन ने ढोंगी बाबा का रोल निभाया है, जो भूतों से बात करने का दावा करता है. फिल्म में उनके साथ तब्बू, राजपाल यादव, कियारा आडवाणी और संजय मिश्रा संग अन्य स्टार्स हैं. डायरेक्टर अनीस बज्मी ने इस फिल्म को बनाया है. इस फिल्म का क्लैश कंगना रनौत की धाकड़ से हुआ है.
नई दिल्ली (एजेंसी). रिलायंस (Reliance): रिलायंस के साथ फ्यूचर ग्रुप का सौदा अब मुश्किल में पड़ता दिख रहा है. रिलायंस (Reliance) रिटेल की कंपीटिटर अमेजन ने किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप की होल्डिंग कंपनी फ्यूचर कूपन्स को एक नोटिस भेज कर कहा है कि रिलायंस के साथ फ्यूचर का सौदा उसके साथ किए गए करार का उल्लंघन है. अमेजन ने पिछले साल फ्यूचर ग्रुप में अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी खरीदी थी. अमेजन का कहना है कि करार के मुताबिक फ्यूचर बगैर अमेजन की अनुमति के रिलायंस या किसी ऐसी दूसरी कंपनी को अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती क्योंकि ' फर्स्ट रिफ्यूजल' का अधिकार उसके पास है. यह भी पढ़ें : इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक फ्यूचर ने रिलायंस (Reliance) रिटेल को अपनी हिस्सेदारी बेचने से पहले अमेजन की अनुमति नहीं ली, जबकि करार के मुताबिक फ्यूचर कूपन्स को अपनी हिस्सेदारी के लिए पहले उसके सामने पेशकश करना था. अमेजन के मुताबिक फ्यूचर कूपन्स के साथ उसके करार में साफ लिखा है बगैर उसकी अनुमति के किसी थर्ड पार्टी या कंपीटिटर को वह अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती. अमेजन की फ्यूचर रिटेल में पांच फीसदी हिस्सेदारी है. फ्यूचर रिटेल के तहत ही बिग बाजार और ईजी डे स्टोर का संचालन किया जाता है. पिछले साल अमेजन ने 1500 करोड़ रुपये में फ्यूचर कूपन्स की 5 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी. यह भी पढ़ें : इस साल फरवरी में विदेशी निवेश से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए थे. इसके बाद अमेजन ने फ्यूचर कूपन्स के जरिये फ्यूचर ग्रुप में हिस्सेदारी खरीदी ताकि रिटेल से जुड़े विदेशी निवेश नियमों का पालन हो सके. वैसे, अगस्त में रिलायंस रिटेल ने एक जटिल सौदे के तहत फ्यूचर समूह के रिटेल एसेट्स का अधिग्रहण कर लिया. यह भी पढ़ें :
नई दिल्ली . रिलायंस : रिलायंस के साथ फ्यूचर ग्रुप का सौदा अब मुश्किल में पड़ता दिख रहा है. रिलायंस रिटेल की कंपीटिटर अमेजन ने किशोर बियानी के फ्यूचर ग्रुप की होल्डिंग कंपनी फ्यूचर कूपन्स को एक नोटिस भेज कर कहा है कि रिलायंस के साथ फ्यूचर का सौदा उसके साथ किए गए करार का उल्लंघन है. अमेजन ने पिछले साल फ्यूचर ग्रुप में अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी खरीदी थी. अमेजन का कहना है कि करार के मुताबिक फ्यूचर बगैर अमेजन की अनुमति के रिलायंस या किसी ऐसी दूसरी कंपनी को अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती क्योंकि ' फर्स्ट रिफ्यूजल' का अधिकार उसके पास है. यह भी पढ़ें : इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक फ्यूचर ने रिलायंस रिटेल को अपनी हिस्सेदारी बेचने से पहले अमेजन की अनुमति नहीं ली, जबकि करार के मुताबिक फ्यूचर कूपन्स को अपनी हिस्सेदारी के लिए पहले उसके सामने पेशकश करना था. अमेजन के मुताबिक फ्यूचर कूपन्स के साथ उसके करार में साफ लिखा है बगैर उसकी अनुमति के किसी थर्ड पार्टी या कंपीटिटर को वह अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच सकती. अमेजन की फ्यूचर रिटेल में पांच फीसदी हिस्सेदारी है. फ्यूचर रिटेल के तहत ही बिग बाजार और ईजी डे स्टोर का संचालन किया जाता है. पिछले साल अमेजन ने एक हज़ार पाँच सौ करोड़ रुपये में फ्यूचर कूपन्स की पाँच फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी. यह भी पढ़ें : इस साल फरवरी में विदेशी निवेश से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए थे. इसके बाद अमेजन ने फ्यूचर कूपन्स के जरिये फ्यूचर ग्रुप में हिस्सेदारी खरीदी ताकि रिटेल से जुड़े विदेशी निवेश नियमों का पालन हो सके. वैसे, अगस्त में रिलायंस रिटेल ने एक जटिल सौदे के तहत फ्यूचर समूह के रिटेल एसेट्स का अधिग्रहण कर लिया. यह भी पढ़ें :
इस अवधि में ए आर रहमान काफी सुखी रहेंगे। नौकरी के हालात सुधरेंगे। प्रचुर लाभ होने की संभावना है। पारिवारिक वातावरण भी सुखद रहेगा। ए आर रहमान अपनी अड़चनें और बाधाएं दूर करने और शत्रुओं का दमन करने के लिये चेष्टारत रहेंगे। कार इत्यादि चलाते समय सावधानी बरतें। रोजमर्रा के जीवन में पैसा वसूल करने में ए आर रहमान को परेशानी हो सकती है। किसी भी उघम की प्रायोजना की पूरी जांच परख कर के ही पूंजी निवेश की सोचें। घर का वातावरण भी तनावपूर्ण रहेगा। परिवारजनों से कभी कभी मतभेद रहेगा।इस अवधि में आंख की पीड़ा भी ए आर रहमान भोग सकते हैं। साधारण रूप से स्वास्थ्य ठीक रहेगा। शत्रु नुकसान पहुंचाने का प्रयत्न करेंगे। घर के मामलों में एक असुरक्षा की भावना से आक्रान्त रहेंगे। ए आर रहमान शुभ एवम श्रेष्ठ कृत्यों से सम्ब्दीत रहेंगे। इस दौरान ए आर रहमान काफी प्रसन्न रहेंगे और परिवार में कोई श्रेष्ठ संस्कार भी सम्पन्न होगा। ए आर रहमान की आमदनी बढ़ेगी तथा सरकारी अफसरों से ए आर रहमान के संबंध भी सुधरेंगे। अपनी योग्यता के कारण ए आर रहमान विपरीत परिस्थितियों का भी भली प्रकार सामना कर लेंगे। पारिवारिक सुख सुनिश्चित रहेगा। दर्शन एवम् तत्व मीमांसा में ए आर रहमान की विशेष रूचि रहेगी। इस अवधि मे दिमाग पूरी तरह चैतन्य और सानकूल रहेगा। इस अवधि में ए आर रहमान की सारी इच्छाओं और महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति होगी। ए आर रहमान नए उद्यम शुरू करेंगे। मित्रों और हितैषियों से खूब मदद मिलेगी। इस अवधि में व्यापार द्वारा ए आर रहमान को अच्छा खासा लाभ होना चाहिए। निकट संबंधी के बारे में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सुदूर प्रदेशों के निवासियों से ए आर रहमान के अच्छे संबंध कायम होंगे। भ्रमण उपयोगी रहेगा। प्रणय संबंधों के लिए भी यह समय अच्छा है। परिवारजनों का व्यवहार ए आर रहमान के प्रति बहुत अच्छा रहेगा। प्रयत्नों के बावजूद असफलता ए आर रहमान को निराश करेगी। ए आर रहमान को बहुत मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि काम का बोझ बहुत रहेगा। छोटी छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ने की संभावना है। बेकार के व अमहत्वपूर्ण कामों में ए आर रहमान अपनी शक्ति और समय व्यय करेंगे। जल्दी धन कमाने की अपनी प्रवृति पर अंकुश लगायें। स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण कुछ काम ए आर रहमान नहीं कर पायेंगे। पारिवारिक जीवन में तनावग्रस्त रहेंगे। वैसे इस अवधि में गूढ़ एवं परामनोवैाानिक अनुभव ए आर रहमान को प्राप्त होंगे। बेकार की यात्राओं से बचें। इस अवधि में अचानक लाभ होने की संभावना है। अगर वसीयत प्राप्त करने की संभावना है या ए आर रहमान उसको प्राप्त करने के लिये इच्छुक है तो ए आर रहमान उसे प्राप्त कर सकते हैं। ए आर रहमान का मन धार्मिक क्रियाकलापों की ओर झुका रहेगा। कुछ अतीन्द्रिय अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं। पारिवारिक माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा। अचानक यात्राएं सफलदायक सिद्ध होंगी। ए आर रहमान की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और सम्मान में इजाफा होगा। छोटी मोटी बीमारियां मानसिक शांति भंग कर सकती हैं। ए आर रहमान तीर्थाटन पर जा सकते हैं। कुल मिलाकर सुखी रहेंगे। किसी बदनामी देने वाले काण्ड में फंसने के कारण ए आर रहमान की प्रतिष्ठा पर आंच आयेगी। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह कोई अच्छा समय नहीं है। अचानक धन प्रात की संभावना है। लेकिन साथ ही साथ खर्चे भी बढेंगे। गुप्त और निगूढ सुखों को भोगने वाली प्रवृति पर अंकुश लगाये नहीं तो बड़ी शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। वैसे परिवारजनों का सहयोग पूरा रहेगा। यद्यपि कभी कभी मतभेद भी रह सकता है। जहां तक संभव हो यात्राएं न करें। इस अवधि में मिले जुले फल मिलेंगे। लम्बी यात्राएं सफल नहीं होंगी न सफलदायक ही सिद्ध होगी। उच्च पद प्रतिष्ठा प्राप्त लोगों से भेंट होगी और उनकी कृपा रहेगी। माता पिता बीमार रह सकते हैं। धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे। साख अच्छी रहने से काम भी खूब मिलेगा। रूपये पैसे के लिहाज से भी यह समय अच्छा है। ए आर रहमान अपने ही विचारों और योजनाओं को रचनात्मक रूप दे सकेंगे। नौकरी या व्यापार से संबंधित कुछ ठोस परिणाम सामने आयेंगे। ए आर रहमान को सारे ही उद्यमों में सफलता निश्चित है। अपने से वरिष्ठ लोगों या पर्यवेक्षकों के साथ अति मधुर संबंध रहेंगे। इस समय का पूरा सदुपयोग कीजिये।
इस अवधि में ए आर रहमान काफी सुखी रहेंगे। नौकरी के हालात सुधरेंगे। प्रचुर लाभ होने की संभावना है। पारिवारिक वातावरण भी सुखद रहेगा। ए आर रहमान अपनी अड़चनें और बाधाएं दूर करने और शत्रुओं का दमन करने के लिये चेष्टारत रहेंगे। कार इत्यादि चलाते समय सावधानी बरतें। रोजमर्रा के जीवन में पैसा वसूल करने में ए आर रहमान को परेशानी हो सकती है। किसी भी उघम की प्रायोजना की पूरी जांच परख कर के ही पूंजी निवेश की सोचें। घर का वातावरण भी तनावपूर्ण रहेगा। परिवारजनों से कभी कभी मतभेद रहेगा।इस अवधि में आंख की पीड़ा भी ए आर रहमान भोग सकते हैं। साधारण रूप से स्वास्थ्य ठीक रहेगा। शत्रु नुकसान पहुंचाने का प्रयत्न करेंगे। घर के मामलों में एक असुरक्षा की भावना से आक्रान्त रहेंगे। ए आर रहमान शुभ एवम श्रेष्ठ कृत्यों से सम्ब्दीत रहेंगे। इस दौरान ए आर रहमान काफी प्रसन्न रहेंगे और परिवार में कोई श्रेष्ठ संस्कार भी सम्पन्न होगा। ए आर रहमान की आमदनी बढ़ेगी तथा सरकारी अफसरों से ए आर रहमान के संबंध भी सुधरेंगे। अपनी योग्यता के कारण ए आर रहमान विपरीत परिस्थितियों का भी भली प्रकार सामना कर लेंगे। पारिवारिक सुख सुनिश्चित रहेगा। दर्शन एवम् तत्व मीमांसा में ए आर रहमान की विशेष रूचि रहेगी। इस अवधि मे दिमाग पूरी तरह चैतन्य और सानकूल रहेगा। इस अवधि में ए आर रहमान की सारी इच्छाओं और महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति होगी। ए आर रहमान नए उद्यम शुरू करेंगे। मित्रों और हितैषियों से खूब मदद मिलेगी। इस अवधि में व्यापार द्वारा ए आर रहमान को अच्छा खासा लाभ होना चाहिए। निकट संबंधी के बारे में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सुदूर प्रदेशों के निवासियों से ए आर रहमान के अच्छे संबंध कायम होंगे। भ्रमण उपयोगी रहेगा। प्रणय संबंधों के लिए भी यह समय अच्छा है। परिवारजनों का व्यवहार ए आर रहमान के प्रति बहुत अच्छा रहेगा। प्रयत्नों के बावजूद असफलता ए आर रहमान को निराश करेगी। ए आर रहमान को बहुत मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि काम का बोझ बहुत रहेगा। छोटी छोटी बातों को लेकर विवाद बढ़ने की संभावना है। बेकार के व अमहत्वपूर्ण कामों में ए आर रहमान अपनी शक्ति और समय व्यय करेंगे। जल्दी धन कमाने की अपनी प्रवृति पर अंकुश लगायें। स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण कुछ काम ए आर रहमान नहीं कर पायेंगे। पारिवारिक जीवन में तनावग्रस्त रहेंगे। वैसे इस अवधि में गूढ़ एवं परामनोवैाानिक अनुभव ए आर रहमान को प्राप्त होंगे। बेकार की यात्राओं से बचें। इस अवधि में अचानक लाभ होने की संभावना है। अगर वसीयत प्राप्त करने की संभावना है या ए आर रहमान उसको प्राप्त करने के लिये इच्छुक है तो ए आर रहमान उसे प्राप्त कर सकते हैं। ए आर रहमान का मन धार्मिक क्रियाकलापों की ओर झुका रहेगा। कुछ अतीन्द्रिय अनुभव भी प्राप्त कर सकते हैं। पारिवारिक माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा। अचानक यात्राएं सफलदायक सिद्ध होंगी। ए आर रहमान की प्रतिष्ठा बढ़ेगी और सम्मान में इजाफा होगा। छोटी मोटी बीमारियां मानसिक शांति भंग कर सकती हैं। ए आर रहमान तीर्थाटन पर जा सकते हैं। कुल मिलाकर सुखी रहेंगे। किसी बदनामी देने वाले काण्ड में फंसने के कारण ए आर रहमान की प्रतिष्ठा पर आंच आयेगी। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह कोई अच्छा समय नहीं है। अचानक धन प्रात की संभावना है। लेकिन साथ ही साथ खर्चे भी बढेंगे। गुप्त और निगूढ सुखों को भोगने वाली प्रवृति पर अंकुश लगाये नहीं तो बड़ी शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। वैसे परिवारजनों का सहयोग पूरा रहेगा। यद्यपि कभी कभी मतभेद भी रह सकता है। जहां तक संभव हो यात्राएं न करें। इस अवधि में मिले जुले फल मिलेंगे। लम्बी यात्राएं सफल नहीं होंगी न सफलदायक ही सिद्ध होगी। उच्च पद प्रतिष्ठा प्राप्त लोगों से भेंट होगी और उनकी कृपा रहेगी। माता पिता बीमार रह सकते हैं। धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करेंगे। साख अच्छी रहने से काम भी खूब मिलेगा। रूपये पैसे के लिहाज से भी यह समय अच्छा है। ए आर रहमान अपने ही विचारों और योजनाओं को रचनात्मक रूप दे सकेंगे। नौकरी या व्यापार से संबंधित कुछ ठोस परिणाम सामने आयेंगे। ए आर रहमान को सारे ही उद्यमों में सफलता निश्चित है। अपने से वरिष्ठ लोगों या पर्यवेक्षकों के साथ अति मधुर संबंध रहेंगे। इस समय का पूरा सदुपयोग कीजिये।
जिस तरह से पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गये हैं उससे लोग काफी परेशान हैं। लोगो का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में इतनी बढ़ोत्तरी तो पहले कभी नहीं हुई। इसके खिलाफ देश भर की कई जगहों पर धरना-प्रदर्शन भी हो रहा है। हमने इस बढ़ती महंगाई के बारे में हमारे देश के युवा की क्या राय है, यह जानने की कोशिश की। सरकार के द्वारा बढ़ाये गए पेट्रोल-दिसेल के दामों से युवा काफी निराश हैं। युवाओं का कहना कि सरकार दिन प्रति दिन मंहगाई बढ़ाती जा रही है, और जिन चीज़ों पे ध्यान देना चाहिए जैसे रोज़गार, उसपर ध्यान नहीं दे रही है। जब युवा बेरोज़गार ही हैं तो वो कहाँ से इतना पैसा लाएंगे कि पेट्रोल डीजल खरीद सकें और किसी भी प्रकार की यात्रा कर सकें। युवाओं का यह भी कहना है कि पेट्रोल डीजल के दामों के साथ और भी ज़रूरी चीज़ों के दाम बढ़ गए हैं, जैसे दाल, चावल और घरेलु सामग्री में भी बहुत महंगाई बढ़ गयी है। पहले जैसे लोग दस कदम दूरी के लिए भी बाइक उठा लेते थे अब वो लोग एक किलोमीटर की दूरी भी साइकिल से तय कर रहे हैं। सबसे ज़्यादा परेशानी तो किसान और मज़दूर वर्ग को हो रही है जिनकी आमदनी इतनी नहीं है कि वो रोज़ रोज़ इतना महंगा पेट्रोल- डीजल खरीद कर व्यापार करने या कसी और ज़रुरत से बाहर जा पाएं। अब देखना यह होगा कि सरकार लोगों की बात मान कर इनके दामों में गिरावट लाएगी या महंगाई का यही हाल रह जायेगा।
जिस तरह से पूरे देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ गये हैं उससे लोग काफी परेशान हैं। लोगो का कहना है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में इतनी बढ़ोत्तरी तो पहले कभी नहीं हुई। इसके खिलाफ देश भर की कई जगहों पर धरना-प्रदर्शन भी हो रहा है। हमने इस बढ़ती महंगाई के बारे में हमारे देश के युवा की क्या राय है, यह जानने की कोशिश की। सरकार के द्वारा बढ़ाये गए पेट्रोल-दिसेल के दामों से युवा काफी निराश हैं। युवाओं का कहना कि सरकार दिन प्रति दिन मंहगाई बढ़ाती जा रही है, और जिन चीज़ों पे ध्यान देना चाहिए जैसे रोज़गार, उसपर ध्यान नहीं दे रही है। जब युवा बेरोज़गार ही हैं तो वो कहाँ से इतना पैसा लाएंगे कि पेट्रोल डीजल खरीद सकें और किसी भी प्रकार की यात्रा कर सकें। युवाओं का यह भी कहना है कि पेट्रोल डीजल के दामों के साथ और भी ज़रूरी चीज़ों के दाम बढ़ गए हैं, जैसे दाल, चावल और घरेलु सामग्री में भी बहुत महंगाई बढ़ गयी है। पहले जैसे लोग दस कदम दूरी के लिए भी बाइक उठा लेते थे अब वो लोग एक किलोमीटर की दूरी भी साइकिल से तय कर रहे हैं। सबसे ज़्यादा परेशानी तो किसान और मज़दूर वर्ग को हो रही है जिनकी आमदनी इतनी नहीं है कि वो रोज़ रोज़ इतना महंगा पेट्रोल- डीजल खरीद कर व्यापार करने या कसी और ज़रुरत से बाहर जा पाएं। अब देखना यह होगा कि सरकार लोगों की बात मान कर इनके दामों में गिरावट लाएगी या महंगाई का यही हाल रह जायेगा।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। एक एक एलजी लि (VX9900) पर एक पाठ संदेश टाइप उपयोगकर्ता पाठ संदेशन, या पाठन का अभिप्राय एक नेटवर्क पर एक अचल लाइन फोन या मोबाइल फोन तथा अचल या सुवाह्य उपकरण के बीच संक्षिप्त लिखित संदेशों के आदान-प्रदान से है। जबकि मूल शब्द (नीचे देखें) रेडियो टोलीग्राफी से उत्पन्न लघु संदेश सेवा (एसएमएस (SMS)) का उपयोग करते हुए संदेशों के भेजे जाने की बात से व्युत्पन्न हुआ था, तब से छवि, वीडियो और ध्वनि सामग्री युक्त संदेशों को शामिल करने के लिए (एमएमएस (MMS) संदेशों के रूप में जाने जाते हैं) इसका विस्तार किया गया है। पाठ संदेश भेजने वाला प्रेषक (texter) के रूप में जाना जाता है, जबकि बोलचाल की भाषा में खुद इस सेवा के क्षेत्रों के आधार पर कई नाम हैंः उत्तरी अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपीन्स और इंगलैंड में इसे मात्र पाठ (टेक्स्ट), अधिकतर यूरोप में एसएमएस (SMS) और मध्य पूर्व और एशिया में टीएमएस (TMS) या एसएमएस (SMS) कहा जाता है। पाठ संदेशों का उपयोग मोबाइल फोन के लिए उत्पादों और सेवाओं के आदेश देने या प्रतियोगिताओं में भाग लेने जैसे स्वचालित तंत्रों के साथ परस्पर क्रिया करने में किया जा सकता है। विज्ञापनदाता और सेवा प्रदाता पाठ संदेशों का उपयोग मोबाइल फोन प्रयोक्ताओं को प्रोत्साहनों, भुगतान देय तिथियों तथा अन्य सूचनाएं जिन्हें सामान्यतः डाक से, ईमेल से या वॉयसमेल से भेजा जा सकता है, को भेजने में कर सकते हैं। सीधी और संक्षिप्त परिभाषा में, फोन या मोबाइल फोन से पाठ संदेशन में अंग्रेजी वर्णमाला के 26 अक्षर तथा 10 अंक शामिल होने चाहिएं, अर्थात प्रेषक द्वारा प्रेषित या प्राप्तकर्ता द्वारा प्राप्त पाठ या अक्षरांकिक संदेश. ब्लैकबेरी वायरलेस मोबाइल उपकरण की एक श्रेणी है, जिसे 1999 में दो-तरफ़ा पेजर के रूप में पेश किया गया था। 2002 में, आमतौर पर स्मार्टफ़ोन के नाम से विख्यात ब्लैकबेरी जारी किया गया, जो पुश ई-मेल, मोबाइल फोन, टेक्स्ट मैसेजिंग, इंटरनेट फैक्स, वेब ब्राउज़िंग और अन्य वायरलेस सूचना सेवाओं की सुविधाओं का समर्थन करता है। यह अभिसारी डिवाइस का एक उदाहरण है। कनाडा की कंपनी रिसर्च इन मोशन(RIM) द्वारा इसे विकसित किया गया है, यह मोबाइल फोन सेवा कंपनियों के वायरलेस डाटा नेटवर्क पर जानकारी देने का काम करती है। ब्लैकबेरी ने पहले बाजार में ई मेल पर ध्यान केंद्रित करके प्रगति की। रिम (RIM) वर्तमान में ब्लैकबेरी कनेक्ट सॉफ्टवेयर के माध्यम से गैर-ब्लैकबेरी उपकरणों, जैसे कि पाम ट्रेओ को ब्लैकबेरी ई-मेल सेवा प्रदान करने का काम करती है। मूल ब्लैकबेरी उपकरण का डिस्प्ले मोनोक्रोम हुआ करता था, लेकिन अब सभी मॉडल के डिस्प्ले रंगीन हैं और नवप्रवर्तन में बाज़ार का अगुवा है, विशेष रूप से बहुद्देशीय ऑपरेटिंग सिस्टम और बैकेंड संदेश के साथ समाकलन और सहयोग और अनुकूलित अनुप्रयोग सिस्टम के मामले में. पाठ संदेश और ब्लैकबेरी आम में एक बात है (यूनियनपीडिया में): प-पत्र। एक ई-मेल परमाणु पत्र (प-पत्र) ईमेल इलॅक्ट्रॉनिक मेल का संक्षिप्त रूप है। यह संगणक द्वारा अंतरजाल के माध्यम से पत्र भेजने का एक तरीका है। एक ईमेल को भेजने के लिए एक ईमेल पते की आवश्यकता होती है जो यूजर-नेम आैर डोमेन नेम से मिल कर बना होता है । आमतौर इण्टरनेट पर कई मुफ्त ईमेल सेवायें उपलब्ध हैं और जिस प्रकार एक ईमेल को कंप्यूटर से भेजा जाता है उसी प्रकार से एक ईमेल को स्मार्टफ़ोन से भी भेजा जा सकता है । . पाठ संदेश 29 संबंध है और ब्लैकबेरी 22 है। वे आम 1 में है, समानता सूचकांक 1.96% है = 1 / (29 + 22)। यह लेख पाठ संदेश और ब्लैकबेरी के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। एक एक एलजी लि पर एक पाठ संदेश टाइप उपयोगकर्ता पाठ संदेशन, या पाठन का अभिप्राय एक नेटवर्क पर एक अचल लाइन फोन या मोबाइल फोन तथा अचल या सुवाह्य उपकरण के बीच संक्षिप्त लिखित संदेशों के आदान-प्रदान से है। जबकि मूल शब्द रेडियो टोलीग्राफी से उत्पन्न लघु संदेश सेवा ) का उपयोग करते हुए संदेशों के भेजे जाने की बात से व्युत्पन्न हुआ था, तब से छवि, वीडियो और ध्वनि सामग्री युक्त संदेशों को शामिल करने के लिए संदेशों के रूप में जाने जाते हैं) इसका विस्तार किया गया है। पाठ संदेश भेजने वाला प्रेषक के रूप में जाना जाता है, जबकि बोलचाल की भाषा में खुद इस सेवा के क्षेत्रों के आधार पर कई नाम हैंः उत्तरी अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, फिलीपीन्स और इंगलैंड में इसे मात्र पाठ , अधिकतर यूरोप में एसएमएस और मध्य पूर्व और एशिया में टीएमएस या एसएमएस कहा जाता है। पाठ संदेशों का उपयोग मोबाइल फोन के लिए उत्पादों और सेवाओं के आदेश देने या प्रतियोगिताओं में भाग लेने जैसे स्वचालित तंत्रों के साथ परस्पर क्रिया करने में किया जा सकता है। विज्ञापनदाता और सेवा प्रदाता पाठ संदेशों का उपयोग मोबाइल फोन प्रयोक्ताओं को प्रोत्साहनों, भुगतान देय तिथियों तथा अन्य सूचनाएं जिन्हें सामान्यतः डाक से, ईमेल से या वॉयसमेल से भेजा जा सकता है, को भेजने में कर सकते हैं। सीधी और संक्षिप्त परिभाषा में, फोन या मोबाइल फोन से पाठ संदेशन में अंग्रेजी वर्णमाला के छब्बीस अक्षर तथा दस अंक शामिल होने चाहिएं, अर्थात प्रेषक द्वारा प्रेषित या प्राप्तकर्ता द्वारा प्राप्त पाठ या अक्षरांकिक संदेश. ब्लैकबेरी वायरलेस मोबाइल उपकरण की एक श्रेणी है, जिसे एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में दो-तरफ़ा पेजर के रूप में पेश किया गया था। दो हज़ार दो में, आमतौर पर स्मार्टफ़ोन के नाम से विख्यात ब्लैकबेरी जारी किया गया, जो पुश ई-मेल, मोबाइल फोन, टेक्स्ट मैसेजिंग, इंटरनेट फैक्स, वेब ब्राउज़िंग और अन्य वायरलेस सूचना सेवाओं की सुविधाओं का समर्थन करता है। यह अभिसारी डिवाइस का एक उदाहरण है। कनाडा की कंपनी रिसर्च इन मोशन द्वारा इसे विकसित किया गया है, यह मोबाइल फोन सेवा कंपनियों के वायरलेस डाटा नेटवर्क पर जानकारी देने का काम करती है। ब्लैकबेरी ने पहले बाजार में ई मेल पर ध्यान केंद्रित करके प्रगति की। रिम वर्तमान में ब्लैकबेरी कनेक्ट सॉफ्टवेयर के माध्यम से गैर-ब्लैकबेरी उपकरणों, जैसे कि पाम ट्रेओ को ब्लैकबेरी ई-मेल सेवा प्रदान करने का काम करती है। मूल ब्लैकबेरी उपकरण का डिस्प्ले मोनोक्रोम हुआ करता था, लेकिन अब सभी मॉडल के डिस्प्ले रंगीन हैं और नवप्रवर्तन में बाज़ार का अगुवा है, विशेष रूप से बहुद्देशीय ऑपरेटिंग सिस्टम और बैकेंड संदेश के साथ समाकलन और सहयोग और अनुकूलित अनुप्रयोग सिस्टम के मामले में. पाठ संदेश और ब्लैकबेरी आम में एक बात है : प-पत्र। एक ई-मेल परमाणु पत्र ईमेल इलॅक्ट्रॉनिक मेल का संक्षिप्त रूप है। यह संगणक द्वारा अंतरजाल के माध्यम से पत्र भेजने का एक तरीका है। एक ईमेल को भेजने के लिए एक ईमेल पते की आवश्यकता होती है जो यूजर-नेम आैर डोमेन नेम से मिल कर बना होता है । आमतौर इण्टरनेट पर कई मुफ्त ईमेल सेवायें उपलब्ध हैं और जिस प्रकार एक ईमेल को कंप्यूटर से भेजा जाता है उसी प्रकार से एक ईमेल को स्मार्टफ़ोन से भी भेजा जा सकता है । . पाठ संदेश उनतीस संबंध है और ब्लैकबेरी बाईस है। वे आम एक में है, समानता सूचकांक एक.छियानवे% है = एक / । यह लेख पाठ संदेश और ब्लैकबेरी के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
कोरोना का कहर सभी ओर बरपा हुआ है और लोग अपनों की जिंदगी बचाने की कोशिशों में जुटे हैं, कहीं बेड की कमी है तो कहीं ऑक्सीजन की इन सबसे दो-चार हो रहे हैं कोविड मरीज के परिजन ऐसे में यूपी के शाहजहांपुर से एक बड़े रोड एक्सीडेंट की खबर सामने आई है,इसमें 5 लोगों की मौत हो गई है, ये लोग एक मरीज के लिए ऑक्सीजन की तलाश में निकले थे। बताया जा रहा है कि यूपी के शाहजहांपुर के निगोही के रहने वाले पांच लोग बीमार एक बीमार महिला के लिए ऑक्सीजन की तलाश में निकले थे। शाहजहांपुर के बाद बरेली में भी ऑक्सीजन ना मिलने पर परिवार के लोग महिला को लेकर वापस शाहजहांपुर लौट रहे थे इसी दौरान बीच तेज रफ्तार कार पेड़ से टकरा गई जिसमें पांच लोगों की बेहद दर्दनाक मौत हो गई जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है। मरने वालों में महिला जमुका देवी उसका पति रामनरेश राठौर और बेटा कौशल भी शामिल है हादसे में कार चालक की भी मौत हो गई है वहीं उनके दामाद की हालत नाजुक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि निगोही के रामनरेश की पत्नी जमुकादेवी को सांस लेने में दिक्कत थी वह शाहजहांपुर के कई अस्पतालो में गए, लेकिन वहां वह कोविड पाजिटिव नहीं पाई गईं, लेकिन उनके अंदर लक्षण कोरोना जैसे ही दिख रहे थे। परिवार के लोग उन्हें बरेली ले गए पूरा परिवार मेडिकल आक्सीजन की व्यवस्था करने में भी लगा रहा, लेकिन वो नहीं मिली। सोमवार को जमुकादेवी को गंभीर हालत में कार से उनका पति रामनरेश, बेटा,देवर, कार ड्राइवर शाहजहांपुर आ रहे थे तभी कार रास्ते में पेड़ से टकरा गई और ये दर्दनाक हादसा सामने आया।
कोरोना का कहर सभी ओर बरपा हुआ है और लोग अपनों की जिंदगी बचाने की कोशिशों में जुटे हैं, कहीं बेड की कमी है तो कहीं ऑक्सीजन की इन सबसे दो-चार हो रहे हैं कोविड मरीज के परिजन ऐसे में यूपी के शाहजहांपुर से एक बड़े रोड एक्सीडेंट की खबर सामने आई है,इसमें पाँच लोगों की मौत हो गई है, ये लोग एक मरीज के लिए ऑक्सीजन की तलाश में निकले थे। बताया जा रहा है कि यूपी के शाहजहांपुर के निगोही के रहने वाले पांच लोग बीमार एक बीमार महिला के लिए ऑक्सीजन की तलाश में निकले थे। शाहजहांपुर के बाद बरेली में भी ऑक्सीजन ना मिलने पर परिवार के लोग महिला को लेकर वापस शाहजहांपुर लौट रहे थे इसी दौरान बीच तेज रफ्तार कार पेड़ से टकरा गई जिसमें पांच लोगों की बेहद दर्दनाक मौत हो गई जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है। मरने वालों में महिला जमुका देवी उसका पति रामनरेश राठौर और बेटा कौशल भी शामिल है हादसे में कार चालक की भी मौत हो गई है वहीं उनके दामाद की हालत नाजुक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि निगोही के रामनरेश की पत्नी जमुकादेवी को सांस लेने में दिक्कत थी वह शाहजहांपुर के कई अस्पतालो में गए, लेकिन वहां वह कोविड पाजिटिव नहीं पाई गईं, लेकिन उनके अंदर लक्षण कोरोना जैसे ही दिख रहे थे। परिवार के लोग उन्हें बरेली ले गए पूरा परिवार मेडिकल आक्सीजन की व्यवस्था करने में भी लगा रहा, लेकिन वो नहीं मिली। सोमवार को जमुकादेवी को गंभीर हालत में कार से उनका पति रामनरेश, बेटा,देवर, कार ड्राइवर शाहजहांपुर आ रहे थे तभी कार रास्ते में पेड़ से टकरा गई और ये दर्दनाक हादसा सामने आया।
बंगलोरः बेंगलुरु में भड़की हिंसा मामले में कांग्रेस MLA श्रीनिवास मूर्ति ने CBI जांच कराए जाने की मांग की है. वहीं, पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है, जबकि 200 से 300 आरोपी अज्ञात हैं. इसके साथ ही राज्य सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए उत्तर प्रदेश मॉडल इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. कांग्रेस MLA श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि मैंने किसी के साथ कोई गलत काम नहीं किया. मेरे घर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया और मेरी पूरी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. कांग्रेस के जनरल सेकेट्री केसी वेणुगोपाल और अन्य नेताओं ने मुझसे फ़ोन पर चर्चा की. मैंने कोई भी अतिरिक्त सुरक्षा की मांग नहीं की है. मेरे सुरक्षा के लिए केवल एक पुलिसकर्मी है. ' हिंसा में PFI और SDPI की भूमिका पर MLA श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि मैं जांच पर कोई बयान नहीं देना चाहता. वीडियो फुटेज में नज़र आ रहा है कि कुछ लोगों ने उपद्रवियों में पैसा बांटा था. मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इन आरोपियों पर कार्रवाई करें. वहीं राज्य के मंत्री सीटी रवि का कहना है कि हिंसा पूर्वनियोजित थी. संपत्ति के नुकसान के लिए पेट्रोल बम और पत्थरों का उपयोग किया गया था. लगभग 300 से अधिक वाहन जला दिए गए हैं. हमारे पास संदिग्ध हैं, किन्तु जांच के बाद ही पुष्टि हो सकती है. उपद्रवियों से उत्तर प्रदेश में जैसे संपत्ति की वसूली की गई थी, वैसे ही हम करेंगे.
बंगलोरः बेंगलुरु में भड़की हिंसा मामले में कांग्रेस MLA श्रीनिवास मूर्ति ने CBI जांच कराए जाने की मांग की है. वहीं, पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है, जबकि दो सौ से तीन सौ आरोपी अज्ञात हैं. इसके साथ ही राज्य सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए उत्तर प्रदेश मॉडल इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. कांग्रेस MLA श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि मैंने किसी के साथ कोई गलत काम नहीं किया. मेरे घर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया और मेरी पूरी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. कांग्रेस के जनरल सेकेट्री केसी वेणुगोपाल और अन्य नेताओं ने मुझसे फ़ोन पर चर्चा की. मैंने कोई भी अतिरिक्त सुरक्षा की मांग नहीं की है. मेरे सुरक्षा के लिए केवल एक पुलिसकर्मी है. ' हिंसा में PFI और SDPI की भूमिका पर MLA श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि मैं जांच पर कोई बयान नहीं देना चाहता. वीडियो फुटेज में नज़र आ रहा है कि कुछ लोगों ने उपद्रवियों में पैसा बांटा था. मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इन आरोपियों पर कार्रवाई करें. वहीं राज्य के मंत्री सीटी रवि का कहना है कि हिंसा पूर्वनियोजित थी. संपत्ति के नुकसान के लिए पेट्रोल बम और पत्थरों का उपयोग किया गया था. लगभग तीन सौ से अधिक वाहन जला दिए गए हैं. हमारे पास संदिग्ध हैं, किन्तु जांच के बाद ही पुष्टि हो सकती है. उपद्रवियों से उत्तर प्रदेश में जैसे संपत्ति की वसूली की गई थी, वैसे ही हम करेंगे.
मेष दैनिक राशिफलः मेष दैनिक राशिफलः मेष दैनिक राशिफलः मेष राशि लोग अपने सुखद दायरे से निकालकर प्रेम खोजने का जोखिम उठा सकते हैं। याद रखें बिना जोखिम उठाए कुछ प्राप्त नहीं होगा। आपके व आपके प्रेमी के बीच नए समीकरण बन सकते हैं। वृषभ दैनिक राशिफलः मेष दैनिक राशिफलः ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की फिल्म वॉर अपने रिलीज के तीसरे सप्ताह में शुक्रवार को 2. 80 करोड़ रुपए की कमाई के साथ ही 300 करोड़ रुपए के बेहद करीब पहुँच गई है। आज मैं आपको उन स्मार्टफोन्स के बारे में बताने जा रहा हूं जो दुनिया के सबसे अच्छे स्मार्टफोन हैं।
मेष दैनिक राशिफलः मेष दैनिक राशिफलः मेष दैनिक राशिफलः मेष राशि लोग अपने सुखद दायरे से निकालकर प्रेम खोजने का जोखिम उठा सकते हैं। याद रखें बिना जोखिम उठाए कुछ प्राप्त नहीं होगा। आपके व आपके प्रेमी के बीच नए समीकरण बन सकते हैं। वृषभ दैनिक राशिफलः मेष दैनिक राशिफलः ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ की फिल्म वॉर अपने रिलीज के तीसरे सप्ताह में शुक्रवार को दो. अस्सी करोड़ रुपए की कमाई के साथ ही तीन सौ करोड़ रुपए के बेहद करीब पहुँच गई है। आज मैं आपको उन स्मार्टफोन्स के बारे में बताने जा रहा हूं जो दुनिया के सबसे अच्छे स्मार्टफोन हैं।
से इसकी सेवा की । आज नागपुरी गद्य को सम्पन्न करने मे अनेक प्रतिभाएँ साधना-रत हैं जिनमे फादर नवरंगी, योगेन्द्रनाथ तिवारी, राधाकृष्ण, सुशील कुमार, प्रफुल्लकुमार राय, विष्णुदत्त साहु आदि विशेष उल्लेखनीय है । प्रफुल्लकुमार राय का 'सोनझईर' नागपुरी गद्य के इतिहास में एक दीप-स्तभ की तरह स्मरणीय रहेगा । सम्प्रति नागपुरी पूरे वेग से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रही है । आकाशवाणी रांची, रांची विश्वविद्यालय और नागपुरी भाषा परिषद् की स्थापना और सेवाओ से इसे प्रभुत बल मिल रहा है । 'साप्ताहिक आदिवासी' यहाँ के अन्य भाषा-साहित्य के साथ इसके उत्थान मे भी यथोचित सक्रिय है । ईसाई मिशनरियो ने इसके व्याकरण लिखे है । फादर नवरंगी ने इसके व्याकरण को पूर्णता दी है, साथ ही शब्द - कोष का निर्माण भी किया है । प्रो० केसरीकुमार ने 'नागपुरी भाषा और साहित्य' नामक अपने निबन्ध के द्वारा इसका क्षितिज - विस्तार किया है । और अब तो इस पर शोध भी होने लगे है । प्रो० श्रवणकुमार गोस्वामी इसके शिष्ट साहित्य का अनुसंधान कर रहे है, मै शृङ्गार गीतों का । कई अन्य सज्जन भी इसके सकलन और अध्ययन में निरत है । इन सब शुभ लक्षणों को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि नागपुरी की महान आत्माओं का शीघ्र ही उद्धार होगा और छोटानागपुर की उन्नति के साथ नागपुरी भाषा - साहित्य का भी उत्तरोत्तर उत्थान होता जायगा । ( आदिवासी (साप्ताहिक) १६ दिसम्बर १९६८ वर्ष २३, अंक ४३)
से इसकी सेवा की । आज नागपुरी गद्य को सम्पन्न करने मे अनेक प्रतिभाएँ साधना-रत हैं जिनमे फादर नवरंगी, योगेन्द्रनाथ तिवारी, राधाकृष्ण, सुशील कुमार, प्रफुल्लकुमार राय, विष्णुदत्त साहु आदि विशेष उल्लेखनीय है । प्रफुल्लकुमार राय का 'सोनझईर' नागपुरी गद्य के इतिहास में एक दीप-स्तभ की तरह स्मरणीय रहेगा । सम्प्रति नागपुरी पूरे वेग से प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रही है । आकाशवाणी रांची, रांची विश्वविद्यालय और नागपुरी भाषा परिषद् की स्थापना और सेवाओ से इसे प्रभुत बल मिल रहा है । 'साप्ताहिक आदिवासी' यहाँ के अन्य भाषा-साहित्य के साथ इसके उत्थान मे भी यथोचित सक्रिय है । ईसाई मिशनरियो ने इसके व्याकरण लिखे है । फादर नवरंगी ने इसके व्याकरण को पूर्णता दी है, साथ ही शब्द - कोष का निर्माण भी किया है । प्रोशून्य केसरीकुमार ने 'नागपुरी भाषा और साहित्य' नामक अपने निबन्ध के द्वारा इसका क्षितिज - विस्तार किया है । और अब तो इस पर शोध भी होने लगे है । प्रोशून्य श्रवणकुमार गोस्वामी इसके शिष्ट साहित्य का अनुसंधान कर रहे है, मै शृङ्गार गीतों का । कई अन्य सज्जन भी इसके सकलन और अध्ययन में निरत है । इन सब शुभ लक्षणों को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि नागपुरी की महान आत्माओं का शीघ्र ही उद्धार होगा और छोटानागपुर की उन्नति के साथ नागपुरी भाषा - साहित्य का भी उत्तरोत्तर उत्थान होता जायगा । सोलह दिसम्बर एक हज़ार नौ सौ अड़सठ वर्ष तेईस, अंक तैंतालीस)
नई दिल्ली। शूटर दादी के नाम से मशहूर निशानेबाज चंद्रो तोमर को कोविड-19 के लिये पॉजिटिव पाया गया है और सांस लेने में परेशानी के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली 89 वर्षीय निशानेबाज के ट्विटर पेज पर यह जानकारी दी गई है। उनके ट्विटर पेज पर लिखा गया है, दादी चंद्रो तोमर कोरोना पॉज़िटिव हैं और साँस की परेशानी के चलते हॉस्पिटल में भर्ती हैं। ईश्वर सबकी रक्षा करे - परिवार। चंद्रो तोमर ने जब निशानेबाजी को अपनाया तब उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक थी लेकिन इसके बाद उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीती और यहां तक उन पर एक फिल्म भी बनायी गयी है। उन्हें विश्व की सबसे उम्रदराज निशानेबाज माना जाता है। उन्होंने अपनी बहन प्रकाशी तोमर के साथ कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। प्रकाशी भी दुनिया की उम्रदराज महिला निशानेबाजों में शामिल हैं। इन दोनों बहनों की जिंदगी पर फिल्म भी बनी हैं। अपने जीवन में उन्होंने पुरुष प्रधान समाज में कई रुढ़ियों को भी समाप्त किया।
नई दिल्ली। शूटर दादी के नाम से मशहूर निशानेबाज चंद्रो तोमर को कोविड-उन्नीस के लिये पॉजिटिव पाया गया है और सांस लेने में परेशानी के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उत्तर प्रदेश के बागपत की रहने वाली नवासी वर्षीय निशानेबाज के ट्विटर पेज पर यह जानकारी दी गई है। उनके ट्विटर पेज पर लिखा गया है, दादी चंद्रो तोमर कोरोना पॉज़िटिव हैं और साँस की परेशानी के चलते हॉस्पिटल में भर्ती हैं। ईश्वर सबकी रक्षा करे - परिवार। चंद्रो तोमर ने जब निशानेबाजी को अपनाया तब उनकी उम्र साठ वर्ष से अधिक थी लेकिन इसके बाद उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीती और यहां तक उन पर एक फिल्म भी बनायी गयी है। उन्हें विश्व की सबसे उम्रदराज निशानेबाज माना जाता है। उन्होंने अपनी बहन प्रकाशी तोमर के साथ कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। प्रकाशी भी दुनिया की उम्रदराज महिला निशानेबाजों में शामिल हैं। इन दोनों बहनों की जिंदगी पर फिल्म भी बनी हैं। अपने जीवन में उन्होंने पुरुष प्रधान समाज में कई रुढ़ियों को भी समाप्त किया।
उठाये गये आन्दोलनका नेतृत्व किया था, उन्होने वे कोई भी और कैसे भी क्यो न रहे हो, निस्सन्देह लोगोके मनसे अग्रेज लोगोका डर दूर कर दिया था । यह देशकी स्पष्ट सेवा थी । परन्तु वीरता और आत्म-त्यागका अर्थ किसीको मार डालना नही है । ये क्रान्तिकारी महाशय याद रखे कि 'हिन्द स्वराज्य' नामक पुस्तिका, जैसा कि उस पुस्तिकासे स्पष्ट है, लिखी गई थी एक क्रान्तिकारीको ही दलीलो और तरीकोके उत्तरमे । पुस्तक लिखनेका अभिप्राय यह था कि क्रान्तिकारियोको उस चीजसे जो उनके पास है, कही अधिक उत्तम वस्तु दी जाये, और जिससे उनके अन्दरकी तमाम वीरता और आत्मत्यागके भाव भी बने रहे। मै क्रान्तिकारियोको केवल इसलिए अज्ञानी नही कहता कि वे मेरे साघनोको नही समझते या उनकी कदर नही करते, बल्कि इसलिए कि वे मुझे युद्ध कलाके ज्ञाता भी प्रतीत नही होते । जिन-जिन वीरोका उल्लेख उन्होने किया है वे युद्ध-कलाका ज्ञान रखते थे और उनके पास अपने आदमी भी थे। दूसरा प्रश्न यह है क्या टेरेंस मैक्स्विनी जिसने ७१ दिनका उपवास करके प्राण त्यागे, हिंसा षड्यन्त्रादिसे नितान्त अनभिज्ञ कोई भोलाभाला व्यक्ति था ? वह अन्ततक गुप्त षड्यन्त्रों, खूँरेजी और आतंकवादका हामी रहा और अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ 'स्वतन्त्रताके सिद्धान्त में लिखित विचारोंका प्रतिपादन करता रहा। यदि आप मैक्स्विनीको भोलाभाला और स्वच्छ मतिवाला व्यक्ति कह सकते है तो क्या गोपोमोहन साहाके लिए भी उन्हीं शब्दोंका प्रयोग करने को तैयार न होंगे ? खेद है कि मैं मैक्स्विनीका जीवन चरित्र इतना नही जानता कि कोई राय दे सकूँ । पर यदि उसने गुप्त षड्यन्त्र, खूंरेजी और आतकवादकी हिमायत की हो तो उसके साधनोपर भी वही आक्षेप किये जा सकते है जो मैं इन पृष्ठोमे कर चुका हूँ । मैंने उन्हें कभी भोलाभाला और पाक-साफ नही माना । जब उनके उपवासकी वात प्रकाशित हुई थी, तभी मैने उसपर अपनी यह राय प्रकट की थी कि मेरी दृष्टिमे उनकी यह भूल थी। मै हर प्रकारके उपवासका समर्थन नहीं करता । तीसरा सवाल इस प्रकार हैआप वर्ण-व्यवस्थाको मानते है। इसलिए यह स्वयंसिद्ध है कि आप क्षत्रियों को भी अन्य वर्णोकी तरह उपयोगी मानते है । इस निःक्षत्रिय युगमें, भारतवर्ष में क्रान्तिकारी लोग क्षत्रिय होनेका दावा करते है । 'क्षतात् त्रायते इति क्षत्रियः' । मे भारतको आज अभूतपूर्व क्षतको अवस्थामें देखता हूँ और इसलिए वह समय आ गया है जब देशको क्षत्रियों को अत्यन्त आवश्यकता है। महान स्मृतिकार मनु महाराजने क्षत्रियोंके लिए चार साधनोंकी व्यवस्था की हैं - साम, दाम, दण्ड, भेद । इस सम्बन्ध में स्वामी विवेकानन्दके ग्रन्थसे १. ' गोपीनाथ साहा' होना चाहिए; देखिए खण्ड २४, पृष्ठ २०५-६ ।
उठाये गये आन्दोलनका नेतृत्व किया था, उन्होने वे कोई भी और कैसे भी क्यो न रहे हो, निस्सन्देह लोगोके मनसे अग्रेज लोगोका डर दूर कर दिया था । यह देशकी स्पष्ट सेवा थी । परन्तु वीरता और आत्म-त्यागका अर्थ किसीको मार डालना नही है । ये क्रान्तिकारी महाशय याद रखे कि 'हिन्द स्वराज्य' नामक पुस्तिका, जैसा कि उस पुस्तिकासे स्पष्ट है, लिखी गई थी एक क्रान्तिकारीको ही दलीलो और तरीकोके उत्तरमे । पुस्तक लिखनेका अभिप्राय यह था कि क्रान्तिकारियोको उस चीजसे जो उनके पास है, कही अधिक उत्तम वस्तु दी जाये, और जिससे उनके अन्दरकी तमाम वीरता और आत्मत्यागके भाव भी बने रहे। मै क्रान्तिकारियोको केवल इसलिए अज्ञानी नही कहता कि वे मेरे साघनोको नही समझते या उनकी कदर नही करते, बल्कि इसलिए कि वे मुझे युद्ध कलाके ज्ञाता भी प्रतीत नही होते । जिन-जिन वीरोका उल्लेख उन्होने किया है वे युद्ध-कलाका ज्ञान रखते थे और उनके पास अपने आदमी भी थे। दूसरा प्रश्न यह है क्या टेरेंस मैक्स्विनी जिसने इकहत्तर दिनका उपवास करके प्राण त्यागे, हिंसा षड्यन्त्रादिसे नितान्त अनभिज्ञ कोई भोलाभाला व्यक्ति था ? वह अन्ततक गुप्त षड्यन्त्रों, खूँरेजी और आतंकवादका हामी रहा और अपने प्रसिद्ध ग्रन्थ 'स्वतन्त्रताके सिद्धान्त में लिखित विचारोंका प्रतिपादन करता रहा। यदि आप मैक्स्विनीको भोलाभाला और स्वच्छ मतिवाला व्यक्ति कह सकते है तो क्या गोपोमोहन साहाके लिए भी उन्हीं शब्दोंका प्रयोग करने को तैयार न होंगे ? खेद है कि मैं मैक्स्विनीका जीवन चरित्र इतना नही जानता कि कोई राय दे सकूँ । पर यदि उसने गुप्त षड्यन्त्र, खूंरेजी और आतकवादकी हिमायत की हो तो उसके साधनोपर भी वही आक्षेप किये जा सकते है जो मैं इन पृष्ठोमे कर चुका हूँ । मैंने उन्हें कभी भोलाभाला और पाक-साफ नही माना । जब उनके उपवासकी वात प्रकाशित हुई थी, तभी मैने उसपर अपनी यह राय प्रकट की थी कि मेरी दृष्टिमे उनकी यह भूल थी। मै हर प्रकारके उपवासका समर्थन नहीं करता । तीसरा सवाल इस प्रकार हैआप वर्ण-व्यवस्थाको मानते है। इसलिए यह स्वयंसिद्ध है कि आप क्षत्रियों को भी अन्य वर्णोकी तरह उपयोगी मानते है । इस निःक्षत्रिय युगमें, भारतवर्ष में क्रान्तिकारी लोग क्षत्रिय होनेका दावा करते है । 'क्षतात् त्रायते इति क्षत्रियः' । मे भारतको आज अभूतपूर्व क्षतको अवस्थामें देखता हूँ और इसलिए वह समय आ गया है जब देशको क्षत्रियों को अत्यन्त आवश्यकता है। महान स्मृतिकार मनु महाराजने क्षत्रियोंके लिए चार साधनोंकी व्यवस्था की हैं - साम, दाम, दण्ड, भेद । इस सम्बन्ध में स्वामी विवेकानन्दके ग्रन्थसे एक. ' गोपीनाथ साहा' होना चाहिए; देखिए खण्ड चौबीस, पृष्ठ दो सौ पाँच-छः ।
कानपुर में साउथ एक्स मल्टीप्लेक्स, मिराज सिनेमा, गुरुदेव, पम्मी में मैडम चीफ मिनिस्टर फिल्म के शो के कुछ देर बाद ब्लॉस्ट होगा, कोई नहीं बचेगा। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे सूर्यवंशी बादशाह के नाम से कानपुर पुलिस और यूपी पुलिस सहित कई लोगों को टैग करते हुए यह ट्वीट मिला तो हड़कंप मच गया। सभी मॉल और सिनेमाघरों में बीडीएस और डॉग स्क्वायड टीम पहुंची और जांच पड़ताल की गई। शहर के कई मल्टीप्लैक्स और सिनेमा घरों में शु्क्रवार को एक्ट्रेस रिचा चड्ढा की फिल्म मैडम चीफ मिनिस्टर मूवी रिलीज हुई है। साउथ एक्स मॉल के मल्टीप्लैक्स में भी सुबह 11 बजे मूवी चल रही थी। उस समय छह लोग मूवी देख रहे थे। तभी अचानक जूही थाने की फोर्स, बीडीएस और डॉग स्क्वायड पहुंच गई। इसे देख मॉल में हड़कंप मच गया। तुरंत ही मूवी रुकवाकर लोगों को वापस किया गया और जांच की गई। एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि एक ट्वीटर के जरिए सूर्यवंशी बादशाह नाम से साउथ एक्स सहित तीन थियेटरों को बम से उड़ाने की धमकी दी है। ट्वीट करने वाले के बारे में पता लगाया जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से मॉल और सिनेमाघरों में जांच कराई जा रही है। गुरुदेव पैलेस में दोपहर के शो में 9 और पम्मी पैलेस में 19 दर्शक मौजूद थे। अचानक कल्याणपुर थाने से पुलिस पहुंची और शो रुकवा दिया। सभी दर्शकों को बाहर जाने को कहा गया। डॉग स्क्वायड की तलाशी और कहीं से कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिलने के बाद शो शुरू हुआ। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि ट्वीटर हैन्डल @suryavanshi Bad1 से साऊथ एक्स मॉल आदि में बम की झूठी अफवाह फैलाई गई। पुलिस ने ट्वीट करने वाले के खिलाफ जूही थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। सर्विलांस, साइबर सेल और क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। कानपुर के साथ ही यूपी के कई जिलों में बम की सूचना पुलिस को मिली। ठीक गणतंत्र दिवस से पहले मिली सूचनाओं को पुलिस ने हल्के में नहीं लिया और जांच पड़ताल शुरू कर दी। चप्पा-चप्पा छान मारा गया। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही बम रखे होने वाली जगहों पर लोगों को जाने दिया गया। प्रयागराज के पीवीआर में भी बम की सूचना ट्वीट से पुलिस को मिली। मॉल में मौजूद सभी ग्राहक दुकानदारों को बाहर निकालकर जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने बम निरोधक दस्ते के साथ ही किसी भी स्थिति से निबटने के लिए फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया। वाराणसी के कैंटोमेंट में स्थित जेएचवी मॉल में बम रखने की सूचना पुलिस को मिली। एसएसपी के निर्देश पर सीओ कैंट की के साथ भारी फोर्स और बम निरोधक दस्ता पहुंच गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ पुलिस ने चप्पे चप्पे की तलाशी ली। नोएडा के थाना फेस-3 क्षेत्र के छिजारसी गांव के पास शुक्रवार सुबह राहगीरों को बम जैसी वस्तु दिखने से इलाके में अफरातफरी मच गई। बम की सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गए। बम निरोधक दस्ते ने जांच के बाद पुष्टि की कि यह कोई विस्फोटक वस्तु नहीं है। इससे पहले गुरुवार की दोपहर नोएडा के सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल में बम की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना पर मौके पर पहुंचकर पुलिस, डाग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने अस्पताल में सघन जांच की। जब पुलिसकर्मियों ने बताया कि सब कुछ ठीक है तो लोगों के साथ चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधन व पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली थी।
कानपुर में साउथ एक्स मल्टीप्लेक्स, मिराज सिनेमा, गुरुदेव, पम्मी में मैडम चीफ मिनिस्टर फिल्म के शो के कुछ देर बाद ब्लॉस्ट होगा, कोई नहीं बचेगा। शुक्रवार दोपहर करीब बारह बजे सूर्यवंशी बादशाह के नाम से कानपुर पुलिस और यूपी पुलिस सहित कई लोगों को टैग करते हुए यह ट्वीट मिला तो हड़कंप मच गया। सभी मॉल और सिनेमाघरों में बीडीएस और डॉग स्क्वायड टीम पहुंची और जांच पड़ताल की गई। शहर के कई मल्टीप्लैक्स और सिनेमा घरों में शु्क्रवार को एक्ट्रेस रिचा चड्ढा की फिल्म मैडम चीफ मिनिस्टर मूवी रिलीज हुई है। साउथ एक्स मॉल के मल्टीप्लैक्स में भी सुबह ग्यारह बजे मूवी चल रही थी। उस समय छह लोग मूवी देख रहे थे। तभी अचानक जूही थाने की फोर्स, बीडीएस और डॉग स्क्वायड पहुंच गई। इसे देख मॉल में हड़कंप मच गया। तुरंत ही मूवी रुकवाकर लोगों को वापस किया गया और जांच की गई। एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि एक ट्वीटर के जरिए सूर्यवंशी बादशाह नाम से साउथ एक्स सहित तीन थियेटरों को बम से उड़ाने की धमकी दी है। ट्वीट करने वाले के बारे में पता लगाया जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से मॉल और सिनेमाघरों में जांच कराई जा रही है। गुरुदेव पैलेस में दोपहर के शो में नौ और पम्मी पैलेस में उन्नीस दर्शक मौजूद थे। अचानक कल्याणपुर थाने से पुलिस पहुंची और शो रुकवा दिया। सभी दर्शकों को बाहर जाने को कहा गया। डॉग स्क्वायड की तलाशी और कहीं से कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिलने के बाद शो शुरू हुआ। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि ट्वीटर हैन्डल @suryavanshi Badएक से साऊथ एक्स मॉल आदि में बम की झूठी अफवाह फैलाई गई। पुलिस ने ट्वीट करने वाले के खिलाफ जूही थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। सर्विलांस, साइबर सेल और क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। कानपुर के साथ ही यूपी के कई जिलों में बम की सूचना पुलिस को मिली। ठीक गणतंत्र दिवस से पहले मिली सूचनाओं को पुलिस ने हल्के में नहीं लिया और जांच पड़ताल शुरू कर दी। चप्पा-चप्पा छान मारा गया। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही बम रखे होने वाली जगहों पर लोगों को जाने दिया गया। प्रयागराज के पीवीआर में भी बम की सूचना ट्वीट से पुलिस को मिली। मॉल में मौजूद सभी ग्राहक दुकानदारों को बाहर निकालकर जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने बम निरोधक दस्ते के साथ ही किसी भी स्थिति से निबटने के लिए फायर ब्रिगेड को भी बुला लिया। वाराणसी के कैंटोमेंट में स्थित जेएचवी मॉल में बम रखने की सूचना पुलिस को मिली। एसएसपी के निर्देश पर सीओ कैंट की के साथ भारी फोर्स और बम निरोधक दस्ता पहुंच गया। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड के साथ पुलिस ने चप्पे चप्पे की तलाशी ली। नोएडा के थाना फेस-तीन क्षेत्र के छिजारसी गांव के पास शुक्रवार सुबह राहगीरों को बम जैसी वस्तु दिखने से इलाके में अफरातफरी मच गई। बम की सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गए। बम निरोधक दस्ते ने जांच के बाद पुष्टि की कि यह कोई विस्फोटक वस्तु नहीं है। इससे पहले गुरुवार की दोपहर नोएडा के सेक्टर-सत्ताईस स्थित कैलाश अस्पताल में बम की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना पर मौके पर पहुंचकर पुलिस, डाग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने अस्पताल में सघन जांच की। जब पुलिसकर्मियों ने बताया कि सब कुछ ठीक है तो लोगों के साथ चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधन व पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली थी।
धर्मशाला -कांगड़ा जिला में कोरोना संक्रमण के बीच शुक्रवार को तीन वर्षीय बच्ची सहित 27 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। नए मामलों के साथ ही जिला में संक्रमित लोगों का आंकड़ा 3300 को पार कर गया है। वहीं, जिला में शुक्रवार को 11 कोरोना मरीज स्वस्थ हुए हैं। नए मामलों में धर्मशाला के जवाहर नगर से तीन साल की बच्ची भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। सीएमओ कांगड़ा डा. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को 27 नए मामले आने के बाद कांगड़ा जिला में संक्रमितों का आंकड़ा 3306 पंहुच गया है। जिला में अब सक्रिय मरीजों की संख्या 418 हो गई है, जबकि अब तक 74 लोगों की मौत हो चुकी है।
धर्मशाला -कांगड़ा जिला में कोरोना संक्रमण के बीच शुक्रवार को तीन वर्षीय बच्ची सहित सत्ताईस नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। नए मामलों के साथ ही जिला में संक्रमित लोगों का आंकड़ा तीन हज़ार तीन सौ को पार कर गया है। वहीं, जिला में शुक्रवार को ग्यारह कोरोना मरीज स्वस्थ हुए हैं। नए मामलों में धर्मशाला के जवाहर नगर से तीन साल की बच्ची भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। सीएमओ कांगड़ा डा. गुरदर्शन गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को सत्ताईस नए मामले आने के बाद कांगड़ा जिला में संक्रमितों का आंकड़ा तीन हज़ार तीन सौ छः पंहुच गया है। जिला में अब सक्रिय मरीजों की संख्या चार सौ अट्ठारह हो गई है, जबकि अब तक चौहत्तर लोगों की मौत हो चुकी है।
Facebook, वाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी और टारगेट ऐड के संबंध में भी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है. इसमें ऐपल द्वारा प्राइवेसी सुरक्षा की शुरुआत भी शामिल है. वाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी (WhatsApp Privacy Policy) को लेकर चल रहे विरोध के बावजूद फेसबुक (Facebook) की आमदनी में 2020 की अंतिम तिमाही में जोरदार इजाफा हुआ है. कोविड-19 महामारी के चलते लोगों के घर में रहने से फेसबुक के यूजर्स में बढ़ोतरी हुई और डिजिटल विज्ञापन से आय बढ़ी है. हालांकि, कंपनी ने 2021 को लेकर अनिश्चितता जताई है और कहा कि वह इस साल के दूसरे हिस्से में आमदनी को लेकर महत्वपूर्ण दबाव का सामना कर सकती है. जाहिर है कि फेसबुक, वाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी और टारगेट ऐड के संबंध में भी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है, इसमें ऐपल द्वारा प्राइवेसी सुरक्षा की शुरुआत भी शामिल है, जो लक्ष्यित विज्ञापन देने की फेसबुक की क्षमता को सीमित कर सकता है. फैक्टसैट द्वारा कराए गए एक सर्वे में विश्लेषकों ने बताया कि फेसबुक ने अक्टूबर से दिसंबर के दौरान 11.22 अरब डॉलर या 3.88 डॉलर प्रति शेयर का मुनाफा हासिल किया, जो इससे एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 53 प्रतिशत अधिक है. इस दौरान कंपनी की आय 22 प्रतिशत बढ़कर 28.07 अरब डॉलर हो गई. फेसबुक का मंथली यूजर बेस 12 प्रतिशत बढ़कर 2.8 अरब हो गया. फेसबुक में 2020 के अंत तक 58,604 कर्मचारी काम कर रहे थे. बता दें हाल ही में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने वाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी के अपडेट का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि यह "ऐप में बिजनेस के लिए ऑप्शनल एक्सपीरियंस" को आसान बनाने के उद्देश्य से है. (PTI इनपुट के साथ)
Facebook, वाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी और टारगेट ऐड के संबंध में भी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है. इसमें ऐपल द्वारा प्राइवेसी सुरक्षा की शुरुआत भी शामिल है. वाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर चल रहे विरोध के बावजूद फेसबुक की आमदनी में दो हज़ार बीस की अंतिम तिमाही में जोरदार इजाफा हुआ है. कोविड-उन्नीस महामारी के चलते लोगों के घर में रहने से फेसबुक के यूजर्स में बढ़ोतरी हुई और डिजिटल विज्ञापन से आय बढ़ी है. हालांकि, कंपनी ने दो हज़ार इक्कीस को लेकर अनिश्चितता जताई है और कहा कि वह इस साल के दूसरे हिस्से में आमदनी को लेकर महत्वपूर्ण दबाव का सामना कर सकती है. जाहिर है कि फेसबुक, वाट्सऐप प्राइवेसी पॉलिसी और टारगेट ऐड के संबंध में भी कुछ चुनौतियों का सामना कर रही है, इसमें ऐपल द्वारा प्राइवेसी सुरक्षा की शुरुआत भी शामिल है, जो लक्ष्यित विज्ञापन देने की फेसबुक की क्षमता को सीमित कर सकता है. फैक्टसैट द्वारा कराए गए एक सर्वे में विश्लेषकों ने बताया कि फेसबुक ने अक्टूबर से दिसंबर के दौरान ग्यारह.बाईस अरब डॉलर या तीन.अठासी डॉलर प्रति शेयर का मुनाफा हासिल किया, जो इससे एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले तिरेपन प्रतिशत अधिक है. इस दौरान कंपनी की आय बाईस प्रतिशत बढ़कर अट्ठाईस.सात अरब डॉलर हो गई. फेसबुक का मंथली यूजर बेस बारह प्रतिशत बढ़कर दो.आठ अरब हो गया. फेसबुक में दो हज़ार बीस के अंत तक अट्ठावन,छः सौ चार कर्मचारी काम कर रहे थे. बता दें हाल ही में फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने वाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी के अपडेट का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि यह "ऐप में बिजनेस के लिए ऑप्शनल एक्सपीरियंस" को आसान बनाने के उद्देश्य से है.
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ-II की अंत्येष्टि आज राजकीय सम्मान के साथ होगी. महारानी के अंतिम संस्कार में करीब 500 प्रतिनिधि और वीआईपी दुनियाभर से शामिल होंगे. लंदन के वेस्टमिंस्टर एब्बे में महारानी के अंतिम संस्कार की रस्में शुरू की जाएंगी. इसका लाइव प्रसारण किया जाएगा. इसके लिए विभिन्न पार्कों में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं. महारानी की अंतिम विदाई को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का निधन 8 सितंबर को स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल में 96 साल की उम्र में हुआ था. जानकारी के मुताबिक आज सुबह 10. 44 बजे महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का ताबूत पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर से वेस्टमिंस्टर एब्बे तक ले जाया जाएगा. इसके बाद सुबह 11 बजे वेस्टमिंस्टर एब्बे में महारानी के अंतिम संस्कार की रस्में होंगी. इसके बाद करीब 11:55 बजे 2 मिनट का मौन रखा जाएगा. इसके बाद एक सार्वजनिक जुलूस निकाल जाएगा, जो कि दोपहर 12. 15 बजे शुरू होगा. महारानी का शाही ताबूत लंदन में वेस्टमिंस्टर एब्बे से वेलिंगटन आर्क ले जाया जाएगा. जुलूस ब्रॉड सैंक्चुअरी, पार्लियामेंट स्क्वायर, व्हाइटहॉल, हॉर्स गार्ड्स परेड, हॉर्स गार्ड्स रोड, द मॉल और कॉन्स्टिट्यूशन हिल से होकर गुजरेगा. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के ताबूत को अल्बर्ट मेमोरियल तक ले जाया जाएगा. इसके बाद विंडसर का सफर शुरू होगा. सोमवार शाम को राजकीय सम्मान और शाही रस्मों के साथ दिवंगत महारानी को किंग जॉर्ज VI मेमोरियल चैपल में उनके दिवंगत पति प्रिंस फिलिप के बराबर में दफनाया जाएगा. संस्कृति, मीडिया और खेल विभाग (DCMS) ने कहा कि लंदन के हाइड पार्क, शेफील्ड के कैथेड्रल स्क्वायर, बर्मिंघम के शताब्दी स्क्वायर, कार्लिस्ले के बिट्स पार्क, एडिनबर्ग के होलीरूड पार्क और उत्तरी आयरलैंड में कोलेराइन टाउन हॉल सहित देश भर में बड़े स्क्रीन लगाए जाएंगे. साथ ही सोमवार को पूरे ब्रिटेन में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है. ब्रिटेन में सिनेमाघर भी अंतिम संस्कार दिखाने की तैयारी कर रहे हैं. राजकीय अंतिम संस्कार की तैयारियों के लिए सोमवार सुबह 6. 30 बजे (स्थानीय समयानुसार) श्रद्धांजलि देने वालों की लंबी कतारों को रोक दिया जाएगा. महारानी को अंतिम विदाई देने दुनियाभर के नेता, राजघराने के लोग पहुंचे थे. लंदन में लोगों की भीड़ उमड़ रही है. अपनी दिवंगत महारानी की एक झलक देखने के लिए सैलाब उमड़ रहा है. हर कोई चाहता है कि वह महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करें. उनके अंतिम दर्शन करें. यहां महारानी की अंतिम विदाई की भव्य तैयारियां की गई हैं.
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ-II की अंत्येष्टि आज राजकीय सम्मान के साथ होगी. महारानी के अंतिम संस्कार में करीब पाँच सौ प्रतिनिधि और वीआईपी दुनियाभर से शामिल होंगे. लंदन के वेस्टमिंस्टर एब्बे में महारानी के अंतिम संस्कार की रस्में शुरू की जाएंगी. इसका लाइव प्रसारण किया जाएगा. इसके लिए विभिन्न पार्कों में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं. महारानी की अंतिम विदाई को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का निधन आठ सितंबर को स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल में छियानवे साल की उम्र में हुआ था. जानकारी के मुताबिक आज सुबह दस. चौंतालीस बजे महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का ताबूत पैलेस ऑफ वेस्टमिंस्टर से वेस्टमिंस्टर एब्बे तक ले जाया जाएगा. इसके बाद सुबह ग्यारह बजे वेस्टमिंस्टर एब्बे में महारानी के अंतिम संस्कार की रस्में होंगी. इसके बाद करीब ग्यारह:पचपन बजे दो मिनट का मौन रखा जाएगा. इसके बाद एक सार्वजनिक जुलूस निकाल जाएगा, जो कि दोपहर बारह. पंद्रह बजे शुरू होगा. महारानी का शाही ताबूत लंदन में वेस्टमिंस्टर एब्बे से वेलिंगटन आर्क ले जाया जाएगा. जुलूस ब्रॉड सैंक्चुअरी, पार्लियामेंट स्क्वायर, व्हाइटहॉल, हॉर्स गार्ड्स परेड, हॉर्स गार्ड्स रोड, द मॉल और कॉन्स्टिट्यूशन हिल से होकर गुजरेगा. महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के ताबूत को अल्बर्ट मेमोरियल तक ले जाया जाएगा. इसके बाद विंडसर का सफर शुरू होगा. सोमवार शाम को राजकीय सम्मान और शाही रस्मों के साथ दिवंगत महारानी को किंग जॉर्ज VI मेमोरियल चैपल में उनके दिवंगत पति प्रिंस फिलिप के बराबर में दफनाया जाएगा. संस्कृति, मीडिया और खेल विभाग ने कहा कि लंदन के हाइड पार्क, शेफील्ड के कैथेड्रल स्क्वायर, बर्मिंघम के शताब्दी स्क्वायर, कार्लिस्ले के बिट्स पार्क, एडिनबर्ग के होलीरूड पार्क और उत्तरी आयरलैंड में कोलेराइन टाउन हॉल सहित देश भर में बड़े स्क्रीन लगाए जाएंगे. साथ ही सोमवार को पूरे ब्रिटेन में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है. ब्रिटेन में सिनेमाघर भी अंतिम संस्कार दिखाने की तैयारी कर रहे हैं. राजकीय अंतिम संस्कार की तैयारियों के लिए सोमवार सुबह छः. तीस बजे श्रद्धांजलि देने वालों की लंबी कतारों को रोक दिया जाएगा. महारानी को अंतिम विदाई देने दुनियाभर के नेता, राजघराने के लोग पहुंचे थे. लंदन में लोगों की भीड़ उमड़ रही है. अपनी दिवंगत महारानी की एक झलक देखने के लिए सैलाब उमड़ रहा है. हर कोई चाहता है कि वह महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करें. उनके अंतिम दर्शन करें. यहां महारानी की अंतिम विदाई की भव्य तैयारियां की गई हैं.
केरल के कोच्चि में इंटरनेशनल ट्रांसशिपमेंट कंटेनर टर्मिनल (वल्लारपाद) पर 25 टन क़ुरान की नीलामी की जाएगी। इन्हें सऊदी अरब से 6 महीने पहले भेजा गया था। मल्लापुरम के वाज़हक्कड़ स्थित दारुल उलूम अरेबिक कॉलेज के प्रिंसिपल अब्दुल सलाम ने इन्हें मँगवाया था। अब उन्होंने आयात शुल्क का भुगतान करने में असमर्थता जताई है। इसलिए 21 जनवरी को 25 टन क़ुरान को नीलाम कर दिया जाएगा। ख़बर के अनुसार, बड़ी संख्या में क़ुरान की खेप 6 महीने पहले वल्लारपदम इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल (ICTT) में आई थी। विदेश में अत्याधुनिक प्रेस में छपी हुई ये क़ुरान तब से पड़ी हुई है। मलप्पुरम में दारुल उलूम अरबी कॉलेज के प्रिंसिपल अब्दुल सलाम ने बताया कि कॉलेज ने आर्थिक रूप से कमज़ोर तबके के मुस्लिमों को मुफ़्त क़ुरान बाँटने के लिए इन्हें सऊदी अरब से मँगवाया था। सलाम ने यह भी बताया कि उन्होंने क़ुरान की खेप को वापस सऊदी अरब भेजने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्हें सूचित किया गया कि इसके लिए माल भाड़ा शुल्क का भुगतान करना होगा। उसके बाद, उन्होंने टर्मिनल अधिकारियों को क़ुरान की नीलामी के लिए एक पत्र दे दिया। इस पत्र में कहा गया था कि कॉलेज 8 लाख रुपए का शुल्क अदा करने में असमर्थ है। सलाम ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में क़ुरान की प्रतियाँ सऊदी अरब से निशुल्क भेजी गई थी। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें पता चला था कि 2018 में केरल में आई बाढ़ के दौरान बहुत सारी क़ुरान खो गई थीं। अब जब कॉलेज ने क़ुरान को लेने से इनकार कर दिया है, तो MIV लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने क़ुरान की खेप की नीलामी करने संबंधी एक नोटिस जारी किया है। लॉजिस्टिक कंपनी का कहना था कि उन्होंने सीमा शुल्क विभाग से कार्रवाई आगे बढ़ाने के आदेश पर क़ुरान की नीलामी करने का फ़ैसला लिया है। MIV लॉजिस्टिक्स के अधिकारियों ने बताया कि कंसाइनमेंट किसी भी छूट की श्रेणी में नहीं आता है और आयातक के लिए शुल्क का भुगतान करना ज़रूरी होता है। उन्होंने बताया कि सभी आयातित सामानों को कम्प्यूटरीकृत भारतीय सीमा-शुल्क EDI प्रणाली से गुज़रना पड़ता है। सीमा शुल्क के तहत मूल्यांकनकर्ताओं की एक समिति ने क़ुरान की खेप की नीलामी के लिए आधार मूल्य के रूप में 1 लाख रुपए की राशि तय की है, इसकी ई-नीलामी 21 जनवरी को होगी। तख्ती गैंग, मौलवी क़ुरान पढ़ाने के बहाने जब रेप करता है तो कौन सा मज़हब शर्मिंदा होगा?
केरल के कोच्चि में इंटरनेशनल ट्रांसशिपमेंट कंटेनर टर्मिनल पर पच्चीस टन क़ुरान की नीलामी की जाएगी। इन्हें सऊदी अरब से छः महीने पहले भेजा गया था। मल्लापुरम के वाज़हक्कड़ स्थित दारुल उलूम अरेबिक कॉलेज के प्रिंसिपल अब्दुल सलाम ने इन्हें मँगवाया था। अब उन्होंने आयात शुल्क का भुगतान करने में असमर्थता जताई है। इसलिए इक्कीस जनवरी को पच्चीस टन क़ुरान को नीलाम कर दिया जाएगा। ख़बर के अनुसार, बड़ी संख्या में क़ुरान की खेप छः महीने पहले वल्लारपदम इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल में आई थी। विदेश में अत्याधुनिक प्रेस में छपी हुई ये क़ुरान तब से पड़ी हुई है। मलप्पुरम में दारुल उलूम अरबी कॉलेज के प्रिंसिपल अब्दुल सलाम ने बताया कि कॉलेज ने आर्थिक रूप से कमज़ोर तबके के मुस्लिमों को मुफ़्त क़ुरान बाँटने के लिए इन्हें सऊदी अरब से मँगवाया था। सलाम ने यह भी बताया कि उन्होंने क़ुरान की खेप को वापस सऊदी अरब भेजने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्हें सूचित किया गया कि इसके लिए माल भाड़ा शुल्क का भुगतान करना होगा। उसके बाद, उन्होंने टर्मिनल अधिकारियों को क़ुरान की नीलामी के लिए एक पत्र दे दिया। इस पत्र में कहा गया था कि कॉलेज आठ लाख रुपए का शुल्क अदा करने में असमर्थ है। सलाम ने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में क़ुरान की प्रतियाँ सऊदी अरब से निशुल्क भेजी गई थी। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें पता चला था कि दो हज़ार अट्ठारह में केरल में आई बाढ़ के दौरान बहुत सारी क़ुरान खो गई थीं। अब जब कॉलेज ने क़ुरान को लेने से इनकार कर दिया है, तो MIV लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने क़ुरान की खेप की नीलामी करने संबंधी एक नोटिस जारी किया है। लॉजिस्टिक कंपनी का कहना था कि उन्होंने सीमा शुल्क विभाग से कार्रवाई आगे बढ़ाने के आदेश पर क़ुरान की नीलामी करने का फ़ैसला लिया है। MIV लॉजिस्टिक्स के अधिकारियों ने बताया कि कंसाइनमेंट किसी भी छूट की श्रेणी में नहीं आता है और आयातक के लिए शुल्क का भुगतान करना ज़रूरी होता है। उन्होंने बताया कि सभी आयातित सामानों को कम्प्यूटरीकृत भारतीय सीमा-शुल्क EDI प्रणाली से गुज़रना पड़ता है। सीमा शुल्क के तहत मूल्यांकनकर्ताओं की एक समिति ने क़ुरान की खेप की नीलामी के लिए आधार मूल्य के रूप में एक लाख रुपए की राशि तय की है, इसकी ई-नीलामी इक्कीस जनवरी को होगी। तख्ती गैंग, मौलवी क़ुरान पढ़ाने के बहाने जब रेप करता है तो कौन सा मज़हब शर्मिंदा होगा?
मंडी. 12 दिसंबर (निस) सुंदरनगर के एक स्कूल के 11वीं के छात्र आस्तिक गुप्ता का छठे दिन भी कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने आस्तिक गुप्ता का पता लगाने वाले को 51000 रुपये की नकद राशि बतौर इनाम देने का ऐलान किया है। आस्तिक गुप्ता के पिता प्रदीप कुमार गुप्ता निवासी बग्गी, जिला मंडी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बेटे से भी आग्रह किया कि वे हर हाल में उसे अपनाने को तैयार हैं। आस्तिक गुप्ता सुंदरनगर के एक स्कूल में पढ़ता है और हॉस्टल में रहता था। छुट्टियाें में वह अपने चाचा के घर लौट रहा था और अंतिम बार सीसीटीवी कैमरे में पुराना बस अड्डा में नजर आया था। उसके बाद उसका कोई अता-पता नहीं है।
मंडी. बारह दिसंबर सुंदरनगर के एक स्कूल के ग्यारहवीं के छात्र आस्तिक गुप्ता का छठे दिन भी कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों ने आस्तिक गुप्ता का पता लगाने वाले को इक्यावन हज़ार रुपयापये की नकद राशि बतौर इनाम देने का ऐलान किया है। आस्तिक गुप्ता के पिता प्रदीप कुमार गुप्ता निवासी बग्गी, जिला मंडी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बेटे से भी आग्रह किया कि वे हर हाल में उसे अपनाने को तैयार हैं। आस्तिक गुप्ता सुंदरनगर के एक स्कूल में पढ़ता है और हॉस्टल में रहता था। छुट्टियाें में वह अपने चाचा के घर लौट रहा था और अंतिम बार सीसीटीवी कैमरे में पुराना बस अड्डा में नजर आया था। उसके बाद उसका कोई अता-पता नहीं है।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में चौथे चरण के विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में आज राजधानी लखनऊ और लखीमपुर खीरी समेत उत्तर प्रदेश की 59 सीटों पर मतदान हो रहा है। UP Assembly Election: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में चौथे चरण के विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में आज राजधानी लखनऊ और लखीमपुर खीरी समेत उत्तर प्रदेश की 59 सीटों पर मतदान हो रहा है। सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के गढ़ रायबरेली (Rae Bareli) की पांच सीटों पर भी मतदान हो रहा है। 1- ये 59 विधानसभा सीटें पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, बांदा और फतेहपुर जिलों में फैली हुई हैं। 2- साल 2017 में बीजेपी को 51 सीटें मिली थीं, चार समाजवादी पार्टी को, दो कांग्रेस को और दो सीटें मायावती की बहुजन समाज पार्टी को मिली थीं। बीजेपी के सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) को एक सीट मिली थी। 3- लखीमपुर खीरी में चुनाव को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। क्योंकि उनके बेटे आशीष मिश्रा बीते साल अक्टूबर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान चार किसानों की मौत के मामले में हत्या के आरोपी हैं। 4- केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए कृषि कानूनों से नाखुश किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जिन्हें आशीष मिश्रा की एसयूवी के द्वारा कुच दिया गया था। इस हादसे में चार किसानों मौत हो गई थी। किसानों ने आशीष मिश्रा की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। 5- लखीमपुर खीरी की सभी 8 सीटें अभी बीजेपी के पास हैं। लखीमपुर सिटी सीट पर बीजेपी और एसपी दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। साल 2017 के चुनावों में सीट जीतने वाले भाजपा के योगेश वर्मा का मुकाबला फिर से समाजवादी पार्टी के उत्कर्ष वर्मा मधुर से हो रहा है। कांग्रेस ने रविशंकर त्रिवेदी को चुनावी मैदान में उतारा है। 6- लखनऊ की 9 विधानसभा सीटों पर आज मतदान हो रहा है। उत्सुकता से देखी जाने वाली प्रतियोगिताओं में सरोजिनी नगर शामिल है। जहां प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह, आईआईएम के पूर्व प्रोफेसर और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के करीबी अभिषेक मिश्रा के खिलाफ सीधी लड़ाई में हैं। 7- लखनऊ छावनी में राज्य के कानून मंत्री बृजेश पाठक समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार और दो बार के पार्षद सुरेंद्र सिंह गांधी से भिड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अनुराग भदौरिया के खिलाफ लखनऊ पूर्व से राज्य मंत्री आशुतोष टंडन मैदान में हैं। 8- हाई-प्रोफाइल रायबरेली सदर में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी की संसदीय सीट का हिस्सा और पार्टी की मौजूदा विधायक अदिति सिंह भाजपा में शामिल हो गईं थीं। उनका सामना कांग्रेस के मनीष चौहान से है। अदिति सिंह पांच बार विधायक रहे दिवंगत अखिलेश सिंह की बेटी हैं। समाजवादी पार्टी ने आरपी यादव को चुनावी मैदान में उतारा है। 9- महिला मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए राज्य पुलिस ने 137 गुलाबी बूथ बनाए हैं, जो महिला अधिकारियों द्वारा संचालित हैं। लखनऊ के क्राइस्ट चर्च कॉलेज ने घोषणा की है कि वह उन छात्रों को 10 अंक देगा जिनके माता-पिता मतदान करेंगे। 10- यूपी चुनाव के सात चरणों के बाकी बचे तीन चरणों के लिए 27 फरवरी, 3 मार्च और 7 मार्च को वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी।
उत्तर प्रदेश में चौथे चरण के विधानसभा चुनाव में आज राजधानी लखनऊ और लखीमपुर खीरी समेत उत्तर प्रदेश की उनसठ सीटों पर मतदान हो रहा है। UP Assembly Election: उत्तर प्रदेश में चौथे चरण के विधानसभा चुनाव में आज राजधानी लखनऊ और लखीमपुर खीरी समेत उत्तर प्रदेश की उनसठ सीटों पर मतदान हो रहा है। सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली की पांच सीटों पर भी मतदान हो रहा है। एक- ये उनसठ विधानसभा सीटें पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, बांदा और फतेहपुर जिलों में फैली हुई हैं। दो- साल दो हज़ार सत्रह में बीजेपी को इक्यावन सीटें मिली थीं, चार समाजवादी पार्टी को, दो कांग्रेस को और दो सीटें मायावती की बहुजन समाज पार्टी को मिली थीं। बीजेपी के सहयोगी अपना दल को एक सीट मिली थी। तीन- लखीमपुर खीरी में चुनाव को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। क्योंकि उनके बेटे आशीष मिश्रा बीते साल अक्टूबर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान चार किसानों की मौत के मामले में हत्या के आरोपी हैं। चार- केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए कृषि कानूनों से नाखुश किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जिन्हें आशीष मिश्रा की एसयूवी के द्वारा कुच दिया गया था। इस हादसे में चार किसानों मौत हो गई थी। किसानों ने आशीष मिश्रा की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। पाँच- लखीमपुर खीरी की सभी आठ सीटें अभी बीजेपी के पास हैं। लखीमपुर सिटी सीट पर बीजेपी और एसपी दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। साल दो हज़ार सत्रह के चुनावों में सीट जीतने वाले भाजपा के योगेश वर्मा का मुकाबला फिर से समाजवादी पार्टी के उत्कर्ष वर्मा मधुर से हो रहा है। कांग्रेस ने रविशंकर त्रिवेदी को चुनावी मैदान में उतारा है। छः- लखनऊ की नौ विधानसभा सीटों पर आज मतदान हो रहा है। उत्सुकता से देखी जाने वाली प्रतियोगिताओं में सरोजिनी नगर शामिल है। जहां प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह, आईआईएम के पूर्व प्रोफेसर और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के करीबी अभिषेक मिश्रा के खिलाफ सीधी लड़ाई में हैं। सात- लखनऊ छावनी में राज्य के कानून मंत्री बृजेश पाठक समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार और दो बार के पार्षद सुरेंद्र सिंह गांधी से भिड़ रहे हैं। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अनुराग भदौरिया के खिलाफ लखनऊ पूर्व से राज्य मंत्री आशुतोष टंडन मैदान में हैं। आठ- हाई-प्रोफाइल रायबरेली सदर में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी की संसदीय सीट का हिस्सा और पार्टी की मौजूदा विधायक अदिति सिंह भाजपा में शामिल हो गईं थीं। उनका सामना कांग्रेस के मनीष चौहान से है। अदिति सिंह पांच बार विधायक रहे दिवंगत अखिलेश सिंह की बेटी हैं। समाजवादी पार्टी ने आरपी यादव को चुनावी मैदान में उतारा है। नौ- महिला मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए राज्य पुलिस ने एक सौ सैंतीस गुलाबी बूथ बनाए हैं, जो महिला अधिकारियों द्वारा संचालित हैं। लखनऊ के क्राइस्ट चर्च कॉलेज ने घोषणा की है कि वह उन छात्रों को दस अंक देगा जिनके माता-पिता मतदान करेंगे। दस- यूपी चुनाव के सात चरणों के बाकी बचे तीन चरणों के लिए सत्ताईस फरवरी, तीन मार्च और सात मार्च को वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती दस मार्च को होगी।
कोलंबो, 15 मार्चः टीम इंडिया के युवा ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने निदाहास ट्रॉफी में अपनी दमदार गेंदबाजी से टीम इंडिया को बांग्लादेश के खिलाफ 17 रन से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बुधवार को खेले गए मैच में सुंदर ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 22 रन देकर 3 विकेट झटके और टीम इंडिया को 17 रन से जीत दिलाते हुए फाइनल में पहुंचा दिया। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए रोहित शर्मा (89) और सुरेश रैना (47) की जोरदार पारियों की बदौलत 20 ओवर में 3 विकेट पर 176 रन बनाए, जिसके जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 159 रन ही बना सकी। ये भारत की इस ट्रॉफी में लगातार तीसरी जीत है और इसके साथ ही वह फाइनल में पहुंच गया है। सुंदर ने महज 18 साल 160 दिन की उम्र में 3 विकेट झटकते हुए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में तीन विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने अक्षर पटेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में 21 साल 178 दिन की उम्र में 17 रन देकर 3 विकेट झटके थे। (पढ़ेंः Nidahas Trophy 2018: रोहित शर्मा की फिफ्टी के बाद सुंदर की फिरकी ने किया कमाल, भारत फाइनल में) इस मैच में बांग्लादेशी बैटिंग की कमर सुंदर ने ही तोड़ी और उन्होंने ही बांग्लादेश के पहले तीनों विकेट झटके। उन्होंने तमीम इकबाल(27), लिटन दास (7) और सौम्य सरकार (1) को आउट करते हुए बांग्लादेश के पहले तीनों विकेट झटके। पिछले साल दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले सुंदर अपने पहले चार मैचों में ही 7 विकेट झटके हैं। निदाहास ट्रॉफी में भी वह तीन मैचों में 5 विकेट ले चुके हैं। (पढ़ेंः Ind Vs Ban T20: रोहित शर्मा ने युवराज सिंह के सबसे ज्यादा छक्के लगाने का तोड़ा रिकॉर्ड) तमिलनाडु से आने वाले सुंदर पिछले साल आईपीएल में पुणे सुपरजाएंट के लिए खेलते हुए अपना जलवा बिखेर चुके हैं।
कोलंबो, पंद्रह मार्चः टीम इंडिया के युवा ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने निदाहास ट्रॉफी में अपनी दमदार गेंदबाजी से टीम इंडिया को बांग्लादेश के खिलाफ सत्रह रन से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बुधवार को खेले गए मैच में सुंदर ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में बाईस रन देकर तीन विकेट झटके और टीम इंडिया को सत्रह रन से जीत दिलाते हुए फाइनल में पहुंचा दिया। भारत ने पहले बैटिंग करते हुए रोहित शर्मा और सुरेश रैना की जोरदार पारियों की बदौलत बीस ओवर में तीन विकेट पर एक सौ छिहत्तर रन बनाए, जिसके जवाब में बांग्लादेश की टीम बीस ओवर में छः विकेट पर एक सौ उनसठ रन ही बना सकी। ये भारत की इस ट्रॉफी में लगातार तीसरी जीत है और इसके साथ ही वह फाइनल में पहुंच गया है। सुंदर ने महज अट्ठारह साल एक सौ साठ दिन की उम्र में तीन विकेट झटकते हुए टीबीस इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में तीन विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने अक्षर पटेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने दो हज़ार पंद्रह में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में इक्कीस साल एक सौ अठहत्तर दिन की उम्र में सत्रह रन देकर तीन विकेट झटके थे। इस मैच में बांग्लादेशी बैटिंग की कमर सुंदर ने ही तोड़ी और उन्होंने ही बांग्लादेश के पहले तीनों विकेट झटके। उन्होंने तमीम इकबाल, लिटन दास और सौम्य सरकार को आउट करते हुए बांग्लादेश के पहले तीनों विकेट झटके। पिछले साल दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ अपना टीबीस इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले सुंदर अपने पहले चार मैचों में ही सात विकेट झटके हैं। निदाहास ट्रॉफी में भी वह तीन मैचों में पाँच विकेट ले चुके हैं। तमिलनाडु से आने वाले सुंदर पिछले साल आईपीएल में पुणे सुपरजाएंट के लिए खेलते हुए अपना जलवा बिखेर चुके हैं।
नवी मुंबई के खारघर में बुधवार रात भयंकर आग लग गई है। आग बहुत तेजी से फैल रही है। जिस जगह पर आग लगी है उसके आसपास के इलाके में ऊंची-ऊंची इमारतें भी हैं जिसमें लोग रहते हैं। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दे दी है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर आग कैसे लगी। पिछले महीने मुंबई के उपनगर बोरीवली में 24 मंजिला आवासीय इमारत की चौथी मंजिल में आग लगने के बाद शुक्रवार को दोपहर में करीब 35 लोगों को बाहर निकाला गया था। एक स्थानीय निकाय अधिकारी ने बताया था कि बोरीवली पश्चिम के चीकूवाड़ी इलाके में पद्मा नगर में बस्ती पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) की पैराडाइज हाइट्स इमारत में दोपहर करीब साढ़े 12 बजे आग लग गई थी। सूचना मिलने के बाद दमकल की कम से कम चार गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं थी। दमकल कर्मियों ने इमारत से करीब 35 लोगों को बाहर निकाला था। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ बजे आग पर काबू पा लिया गया था।
नवी मुंबई के खारघर में बुधवार रात भयंकर आग लग गई है। आग बहुत तेजी से फैल रही है। जिस जगह पर आग लगी है उसके आसपास के इलाके में ऊंची-ऊंची इमारतें भी हैं जिसमें लोग रहते हैं। आसपास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दे दी है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर आग कैसे लगी। पिछले महीने मुंबई के उपनगर बोरीवली में चौबीस मंजिला आवासीय इमारत की चौथी मंजिल में आग लगने के बाद शुक्रवार को दोपहर में करीब पैंतीस लोगों को बाहर निकाला गया था। एक स्थानीय निकाय अधिकारी ने बताया था कि बोरीवली पश्चिम के चीकूवाड़ी इलाके में पद्मा नगर में बस्ती पुनर्वास प्राधिकरण की पैराडाइज हाइट्स इमारत में दोपहर करीब साढ़े बारह बजे आग लग गई थी। सूचना मिलने के बाद दमकल की कम से कम चार गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं थी। दमकल कर्मियों ने इमारत से करीब पैंतीस लोगों को बाहर निकाला था। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ बजे आग पर काबू पा लिया गया था।
The Kerala Story Team Yogi Adityanath द केरल स्टोरी की टीम ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ शिष्टाचार भेंट की है। उनकी फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें उन्हें स्माइल करते हुए देखा जा सकता है। नई दिल्ली, जेएनएन। The Kerala Story Team Yogi Adityanath: द केरल स्टोरी को जहां उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया गया है। वहीं, फिल्म की टीम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की है। योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर तस्वीरें जारी कर इस बात की जानकारी दी है। योगी आदित्यनाथ ने लिखा है, 'आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर द केरल स्टोरी फिल्म की टीम के साथ शिष्टाचार भेंट हुई। ' योगी आदित्यनाथ को अपने चिर-परिचित अंदाज में मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। वहीं, फोटो में फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह, फिल्म के निर्देशक सुदीप्तो सेन, फिल्म एक्ट्रेस अदा शर्मा और 2 अन्य लोगों को देखा जा सकता है। इसके पहले योगी आदित्यनाथ ने जानकारी दी थी कि फिल्म द केरल स्टोरी को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया गया है। द केरल स्टोरी को लेकर पूरे देश में इस समय काफी विवाद छिड़ा हुआ है। दरअसल फिल्म की कहानी चर्चा का विषय है और इसे लेकर काफी विवाद भी है। यह फिल्म आईएसआईएस के आतंकवाद के पैटर्न को उजागर करती है, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ है। फिल्म में अदा शर्मा के अलावा और भी कई कलाकारों की अहम भूमिका है। फिल्म ने 5 दिनों में ₹50 करोड़ से ज्यादा का व्यापार कर लिया है। इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई जगहों पर रिलीज किया जा रहा है। वहीं, फिल्म को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फिल्म से जुड़े कई क्रू मेंबर को जान से मारने की धमकी मिल रही है। इस बीच फिल्म के कलाकार निश्चिंत होकर फिल्म के प्रमोशन में लगे हैं और उन्हें अपेक्षा है कि यह जल्द ही 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू लेगी। फिल्म को बंगाल, तमिलनाडु और केरल में बैन किया जा चुका है। वहीं, फिल्म के निर्माता ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का भी निर्णय लिया है और कल यानी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट मामले पर सुनवाई करने वाला है।
The Kerala Story Team Yogi Adityanath द केरल स्टोरी की टीम ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ शिष्टाचार भेंट की है। उनकी फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें उन्हें स्माइल करते हुए देखा जा सकता है। नई दिल्ली, जेएनएन। The Kerala Story Team Yogi Adityanath: द केरल स्टोरी को जहां उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया गया है। वहीं, फिल्म की टीम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की है। योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर तस्वीरें जारी कर इस बात की जानकारी दी है। योगी आदित्यनाथ ने लिखा है, 'आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर द केरल स्टोरी फिल्म की टीम के साथ शिष्टाचार भेंट हुई। ' योगी आदित्यनाथ को अपने चिर-परिचित अंदाज में मुस्कुराते हुए देखा जा सकता है। वहीं, फोटो में फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह, फिल्म के निर्देशक सुदीप्तो सेन, फिल्म एक्ट्रेस अदा शर्मा और दो अन्य लोगों को देखा जा सकता है। इसके पहले योगी आदित्यनाथ ने जानकारी दी थी कि फिल्म द केरल स्टोरी को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री कर दिया गया है। द केरल स्टोरी को लेकर पूरे देश में इस समय काफी विवाद छिड़ा हुआ है। दरअसल फिल्म की कहानी चर्चा का विषय है और इसे लेकर काफी विवाद भी है। यह फिल्म आईएसआईएस के आतंकवाद के पैटर्न को उजागर करती है, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ है। फिल्म में अदा शर्मा के अलावा और भी कई कलाकारों की अहम भूमिका है। फिल्म ने पाँच दिनों में पचास रुपया करोड़ से ज्यादा का व्यापार कर लिया है। इस फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई जगहों पर रिलीज किया जा रहा है। वहीं, फिल्म को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फिल्म से जुड़े कई क्रू मेंबर को जान से मारने की धमकी मिल रही है। इस बीच फिल्म के कलाकार निश्चिंत होकर फिल्म के प्रमोशन में लगे हैं और उन्हें अपेक्षा है कि यह जल्द ही एक सौ करोड़ रुपये का आंकड़ा छू लेगी। फिल्म को बंगाल, तमिलनाडु और केरल में बैन किया जा चुका है। वहीं, फिल्म के निर्माता ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का भी निर्णय लिया है और कल यानी गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट मामले पर सुनवाई करने वाला है।
संजय सिंह आपके लिए प्रत्येक दिन लेकर आते हैं नई और रोचक कहानियां, जिनमें छूपे होते हैं जिन्दगी के कई राज और गहरे संदेश. आज संजय सिन्हा की कहानी का शीर्षक है दिल्ली बना गांव. कहानी है बाप-बेटे के बीच संवाद की. क्या है इस कहानी में खास, जानने के लिए देखें ये एपिसोड. Sanjay Sinha brings you fascinating and motivational stories everyday. These stories give us profound exercises and deep learning of life. Today in Sanjay Sinha Ki Kahani we will tune in to a story whose title is Delhi become village. Watch Sanjay Sinha Ki Kahani.
संजय सिंह आपके लिए प्रत्येक दिन लेकर आते हैं नई और रोचक कहानियां, जिनमें छूपे होते हैं जिन्दगी के कई राज और गहरे संदेश. आज संजय सिन्हा की कहानी का शीर्षक है दिल्ली बना गांव. कहानी है बाप-बेटे के बीच संवाद की. क्या है इस कहानी में खास, जानने के लिए देखें ये एपिसोड. Sanjay Sinha brings you fascinating and motivational stories everyday. These stories give us profound exercises and deep learning of life. Today in Sanjay Sinha Ki Kahani we will tune in to a story whose title is Delhi become village. Watch Sanjay Sinha Ki Kahani.
चर्चा में क्यों? 28 जुलाई, 2022 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग ज़िले के पाटन विकासखंड के ग्राम करसा में छत्तीसगढ़ के पहले त्योहार 'हरेली'के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कंप्लीट एग्रीकल्चर ड्रोन सॉल्यूशन, पशुचालित बैटरी ऑपरेटेड कल्टीवेटर और प्लांटर की लॉन्चिंग की। - एग्रीकल्चर ड्रोन के माध्यम से 4 एकड़ खेतों में आधे घंटे के भीतर दवा का छिड़काव हो सकेगा। अमूमन एक किसान को इसके लिये 1 एकड़ हेतु 3 घंटे का वक्त लगता है। मशीन के माध्यम से दवा की मात्रा भी निर्धारित की जा सकेगी। - ग्रामीण क्षेत्रों में छिड़काव के लिये लेबर मिलने में भी परेशानी होती है। इसके माध्यम से किसानों की समय की बचत भी होगी और समूहों की आय भी बढ़ेगी। - एग्रीकल्चर ड्रोन सॉल्यूशन के साथ ही एग्री एम्बुलेंस भी होगी, जिसमें एग्रीकल्चर लैब की सुविधा भी होगी। इसमें किसान सॉइल टेस्टिंग आदि करा सकेंगे। इसमें खेती-किसानी के लिये संपूर्ण सुविधा होगी। इसमें जैविक खाद की उपलब्धता भी होगी। - उल्लेखनीय है कि यह पीपीपी मॉडल पर काम करेगा। 20 गाँव में एक मशीन के माध्यम से कार्य हो सकेगा। यह कार्य समूह करेगा। ड्रोन के संचालन के लिये समूह के युवाओं को ही प्रशिक्षित किया जाएगा। समूह के सदस्य इससे तकनीकी रूप से दक्ष हो सकेंगे। इससे उन्हें खेती-किसानी के अतिरिक्त अन्य आजीविकामूलक गतिविधियों के लिये पर्याप्त समय मिल सकेगा। - इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा निर्मित कृषि कार्य आसान बनाने वाले दो तरह के कृषि यंत्रों-पशुचलित बैटरी ऑपरेटेड कल्टीवेटर और प्लांटर को भी लॉन्च किया। - कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इन यंत्रों के इस्तेमाल से किसानों को कृषि कार्य में लगने वाले समय में कमी आएगी, साथ ही लागत में भी कमी होगी। बैटरी ऑपरेटेड कल्टीवेटर और प्लांटर के उपयोग से पशुओं पर भी बोझ कम पड़ेगा। - द्वितीयक जुताई के लिये पशुचालित बैटरी ऑपरेटेड कल्टीवेटर कृषकों की समस्या का निदान कर सकता है। इस कल्टीवेटर की सहायता से 1 हेक्टेयर खेत की 5-7 घंटे में एक बार द्वितीयक जुताई की जा सकती है। इससे जहाँ मवेशियों को कम बल लगाना पड़ेगा, वहीं कृषक भी सीट पर बैठकर आसानी से पूरे यंत्र को संचालित कर सकता है। इस पूरे यंत्र की लागत करीब 55-60 हज़ार रुपए है। - पशुचालित बैटरी ऑपरेटेड प्लांटर की सहायता से कतारबद्ध बीज-से-बीज की दूरी बनाए रखते हुए बुआई की जा सकेगी। इस प्लांटर को कतार-से-कतार के बीच की दूरी फसल के अनुसार 20 से 50 सेमी. तक व्यवस्थित कर सकते हैं। प्लांटर की लागत लगभग 20-25 हज़ार रुपए है।
चर्चा में क्यों? अट्ठाईस जुलाई, दो हज़ार बाईस को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुर्ग ज़िले के पाटन विकासखंड के ग्राम करसा में छत्तीसगढ़ के पहले त्योहार 'हरेली'के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कंप्लीट एग्रीकल्चर ड्रोन सॉल्यूशन, पशुचालित बैटरी ऑपरेटेड कल्टीवेटर और प्लांटर की लॉन्चिंग की। - एग्रीकल्चर ड्रोन के माध्यम से चार एकड़ खेतों में आधे घंटे के भीतर दवा का छिड़काव हो सकेगा। अमूमन एक किसान को इसके लिये एक एकड़ हेतु तीन घंटाटे का वक्त लगता है। मशीन के माध्यम से दवा की मात्रा भी निर्धारित की जा सकेगी। - ग्रामीण क्षेत्रों में छिड़काव के लिये लेबर मिलने में भी परेशानी होती है। इसके माध्यम से किसानों की समय की बचत भी होगी और समूहों की आय भी बढ़ेगी। - एग्रीकल्चर ड्रोन सॉल्यूशन के साथ ही एग्री एम्बुलेंस भी होगी, जिसमें एग्रीकल्चर लैब की सुविधा भी होगी। इसमें किसान सॉइल टेस्टिंग आदि करा सकेंगे। इसमें खेती-किसानी के लिये संपूर्ण सुविधा होगी। इसमें जैविक खाद की उपलब्धता भी होगी। - उल्लेखनीय है कि यह पीपीपी मॉडल पर काम करेगा। बीस गाँव में एक मशीन के माध्यम से कार्य हो सकेगा। यह कार्य समूह करेगा। ड्रोन के संचालन के लिये समूह के युवाओं को ही प्रशिक्षित किया जाएगा। समूह के सदस्य इससे तकनीकी रूप से दक्ष हो सकेंगे। इससे उन्हें खेती-किसानी के अतिरिक्त अन्य आजीविकामूलक गतिविधियों के लिये पर्याप्त समय मिल सकेगा। - इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा निर्मित कृषि कार्य आसान बनाने वाले दो तरह के कृषि यंत्रों-पशुचलित बैटरी ऑपरेटेड कल्टीवेटर और प्लांटर को भी लॉन्च किया। - कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इन यंत्रों के इस्तेमाल से किसानों को कृषि कार्य में लगने वाले समय में कमी आएगी, साथ ही लागत में भी कमी होगी। बैटरी ऑपरेटेड कल्टीवेटर और प्लांटर के उपयोग से पशुओं पर भी बोझ कम पड़ेगा। - द्वितीयक जुताई के लिये पशुचालित बैटरी ऑपरेटेड कल्टीवेटर कृषकों की समस्या का निदान कर सकता है। इस कल्टीवेटर की सहायता से एक हेक्टेयर खेत की पाँच-सात घंटाटे में एक बार द्वितीयक जुताई की जा सकती है। इससे जहाँ मवेशियों को कम बल लगाना पड़ेगा, वहीं कृषक भी सीट पर बैठकर आसानी से पूरे यंत्र को संचालित कर सकता है। इस पूरे यंत्र की लागत करीब पचपन-साठ हज़ार रुपए है। - पशुचालित बैटरी ऑपरेटेड प्लांटर की सहायता से कतारबद्ध बीज-से-बीज की दूरी बनाए रखते हुए बुआई की जा सकेगी। इस प्लांटर को कतार-से-कतार के बीच की दूरी फसल के अनुसार बीस से पचास सेमी. तक व्यवस्थित कर सकते हैं। प्लांटर की लागत लगभग बीस-पच्चीस हज़ार रुपए है।
Deoghar : पुनासी नहर परियोजना के अंतर्गत बाघमारा मौजा के रैयतों को मुआवजा नहीं मिल पाने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है. इसी सिलसिले में रविवार को बाघमारा स्थित सामुदायिक भवन के पास सिंचाई विभाग देवघर प्रमंडल के सहायक अभियंता सहित वरीय पदाधिकारियों की टीम ग्रामीणों के साथ बैठक कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया. बैठक में रैयतों ने बताया कि 1980 में जमीन अधिग्रहण संबंधित एक नोटिस मिला था। उसके बाद पुनासी नहर परियोजना ठंडे बस्ते में चला गया. सभी रैयतों के द्वारा जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज को 2011 भूअर्जन कार्यालय में जमा किया गया, लेकिन विभाग के द्वारा सिर्फ आश्वासन मिला. सिचाई प्रमंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक में ग्रामीणों द्वारा राजस्व भूमि सुधार विभाग के पत्रांक 540 /2018 के आलोक में स्पष्ट आदेश का पत्र भी दिखाया, जिसमें सरकारी बंदोबस्ती, गैर मजरुआ जमीन पर मालिकाना हक को लेकर सभी उपायुक्तों को अधिग्रहण के मामले में मुआवजा देने का आदेश दिया गया है. ग्रामीणों ने भूअर्जन विभाग पर टालमटोल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भूअर्जन विभाग के पास जमीन से संबंधित सभी मूल दस्तावेज उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन विभाग के उदासीन रवैया से रैयतों को सिर्फ कागजी कार्यवाई के नाम पर परेशान किया जा रहा है. मौके पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता, जूनियर इंजीनियर सहित त्रिपुरारी यादव, धमेंद्र यादव, रामवतार यादव, दिगम्बर यादव, विनय यादव, प्रकाश यादव, पंकज दास, नीरज दास, रविंद्र यादव, लक्ष्मण राणा, मुन्ना राणा, उमेशचन्द्र यादव, अशोक महतो, रंजीत यादव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे.
Deoghar : पुनासी नहर परियोजना के अंतर्गत बाघमारा मौजा के रैयतों को मुआवजा नहीं मिल पाने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है. इसी सिलसिले में रविवार को बाघमारा स्थित सामुदायिक भवन के पास सिंचाई विभाग देवघर प्रमंडल के सहायक अभियंता सहित वरीय पदाधिकारियों की टीम ग्रामीणों के साथ बैठक कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया. बैठक में रैयतों ने बताया कि एक हज़ार नौ सौ अस्सी में जमीन अधिग्रहण संबंधित एक नोटिस मिला था। उसके बाद पुनासी नहर परियोजना ठंडे बस्ते में चला गया. सभी रैयतों के द्वारा जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज को दो हज़ार ग्यारह भूअर्जन कार्यालय में जमा किया गया, लेकिन विभाग के द्वारा सिर्फ आश्वासन मिला. सिचाई प्रमंडल के पदाधिकारियों के साथ बैठक में ग्रामीणों द्वारा राजस्व भूमि सुधार विभाग के पत्रांक पाँच सौ चालीस /दो हज़ार अट्ठारह के आलोक में स्पष्ट आदेश का पत्र भी दिखाया, जिसमें सरकारी बंदोबस्ती, गैर मजरुआ जमीन पर मालिकाना हक को लेकर सभी उपायुक्तों को अधिग्रहण के मामले में मुआवजा देने का आदेश दिया गया है. ग्रामीणों ने भूअर्जन विभाग पर टालमटोल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भूअर्जन विभाग के पास जमीन से संबंधित सभी मूल दस्तावेज उपलब्ध करा दिया गया है, लेकिन विभाग के उदासीन रवैया से रैयतों को सिर्फ कागजी कार्यवाई के नाम पर परेशान किया जा रहा है. मौके पर सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता, जूनियर इंजीनियर सहित त्रिपुरारी यादव, धमेंद्र यादव, रामवतार यादव, दिगम्बर यादव, विनय यादव, प्रकाश यादव, पंकज दास, नीरज दास, रविंद्र यादव, लक्ष्मण राणा, मुन्ना राणा, उमेशचन्द्र यादव, अशोक महतो, रंजीत यादव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे.
से किस ने यह कलिमे कहे थे? और उस ने कोई बुरी बात नहीं कही। तो मैंने यह शब्द ( ज़रा बुलन्द आवाज़ से) कह दिये । आप ने फरमायाः मैंने बारह फरिश्तों को देखा है कि वह उन कलिमात की तरफ जल्दी-जल्दी बढ़ रहे हैं कि कौन उन को लेकर अल्लाह के पास पहुँचता है। फाइदा :- इस हदीस की रोशनी में ऊँची आवाज़ से पढ़ना मुस्तहब और बड़ी फ़ज़ीलत का काम है। अगर कोई ऐसा करे तो बग़ल वाले को बुरा नहीं मानना चाहिये। ' 764:- इब्ने जुबैर बिन मुतइम अपने पिता (जुबैर बिन मुतइम) से रिवायत करते हैं कि उन्होंने नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को एक नमाज़ पढ़ते देखा। अम्र ने कहाः मुझे नहीं मालूम कि कौन सी नमाज़ थी 775 :- अबू सज़द खुदरी रज़ि• बयान करते हैं कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब रात को नमाज़ पढ़ते तो अल्लाहु अक्बर कहते, फिर यूँ कहतेः सुब्हा-न-कल्ला हुम्म वबि-हम् दि - क व-तबा - र - कस्मु-क व तआला जद्रु- क वला इला-ह गैरु क फिर कहतेः "लाइला- ह इल्लल्लाहु" तीन बार फिर कहतेः "अल्लाहु अक्बर कबी- रन " तीन बार, अऊजु बिल्लाहिस्समीइल् अलीमि मि-नश्शैता र्निजमि मिन् हम्ज़िही व नफख़िही व-नफसिही 777 : - समुरा बिन जुन्दुब रज़ि• बयान करते हैं कि मुझे नमाज़ में दो सक्ते याद हैं। एक तो जब इमाम तक्बीर कहता है तो किरात शुरु करने तक। दूसरा जब वह सूरः फातिहा और दूसरी सूरत की किरात से फारिग़ होकर रुकूअ करना चाहता है। कहा कि इमरान बिन हुसैन ने समुरा पर इस का इन्कार किया। चुनान्चे उन्होंने यह मस्अला मदीना में उबय्यि बिन क अब रज़ि० की तरफ़ लिख भेजा तो उन्होंने समुरा रज़ि० की बात की तसदीक फरमाई । 778 :- समुरा बिन जुन्दुब रज़ि० नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बयान करते हैं कि आप दो सक्ते फरमाया करते थे। पहला, नमाज़ शुरु करते हुये (किरात से पहले) दूसरा, जब पूरी किरात से फारिग़ हो जाते। और यूनुस की रिवायत के हममाना ज़िक्र किया। 779 :- समुरा बिन जुन्दुब रज़ि० ने बयान किया कि हमें नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दो सकते याद हैं। पहला सक्ता वह है जब आप तक्बीर कहते । दूसरा सक्ता वह है जब आप सूरः फातिहा पढ़ कर फारिग़ होते । समुरा रज़ि० को यह याद था मगर इम्रान बिन हुसैन ने उन का इन्कार किया तो उन दोनों ने यह मस्अला उबय्यि बिन कअब की तरफ लिख भेजा। तो उन्होंने उत्तर में लिखा कि समुरा ने यह मस्अला सहीह याद रखा है। 780 :- समुरा रज़ि० फरमाते हैं कि दो सकते हैं जो मुझे नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से याद हैं । सज़द कहते हैं कि हम ने कृतादा से पूछाः यह दो सक्ते कौन से हैं? उन्होंने कहाः जब नमाज़ शुरु करते और जब किरात से फ़ारिग़ होते । फिर इस के बाद कहाः और जब "व- लज्ज़ाल्लीन" कहते । 781 :- अबू हुरैरा रज़ि• से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब नमाज़ के लिये तक्बीर कहते तो तक्बीर और किरात शुरु करने के दर्मियान कुछ देर ख़ामोश रहते। मैंने आप से पूछाः मेरे माता-पिता आप पर कुबान ! तक्बीर और किरात के दर्मियान अपने ख़ामोश रहने के बारे में फरमायें कि उस दौरान आप क्या पढ़ते हैं? आप ने फरमायाः अल्लाहुम्म बासिद् बैनी 782 : - अनस बिन मालिक रज़ि० से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, अबू बक्र, उमर और उस्मान रज़ि० किरात की इब्तिदा "अल्-हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आ-लमीन" से किया करते थे। 783 : - आइशा सिद्दीका रज़ि० से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नमाज़ की इब्तिदा अल्लाहु अक्बर से करते और किरात की इब्तिदा "अल्-हम्दु लिल्लाहि रब्बिल् आ-लमीन से किया करते । और जब रुकूअ करते तो अपना सर न ऊँचा रखते और न झुकाते, बल्कि उस के बीच बीच होता। जब रुकूअ से सर उठाते तो उस वक़्त तक सज्दा न करते जब तक कि सहीह सीधे न खड़े हो जाते। और जब सज्दे से सर उठाते तो दूसरा सज्दा उस समय तक न करते जब तक कि आराम से बैठ न जाते । और हर दो रक्अत के बाद तशहुद (अत्तहिय्यात) पढ़ते । और जब बैठते तो अपना बायाँ पाँव बिछा लेते और दायें को खड़ा करते। और शैतान की चोकडी और दरिन्दे के बैठने की तरह बैठने से मना फरमाते । और नमाज़ को सलाम पर समाप्त करते । फाइदा :- तमाम हदीसों को जमा किया जाये (जैसे बुख़ारी - 743, मुस्लिम - 399, अहमद 3 / 55 ) तो मालूम होता है कि बिस्मिल्लाह को ख़ामोशी से पढ़ना चाहिये । इसीलिये आइशा रज़ि• ने इब्तिदा सूरः फातिहा को बताया, न कि बिस्मिल्लिाह को । दरिन्दों की तरह बैठने से मुराद यह है कि अपने हाथ कोहनी तक लंबा बिछा ले जैसे दरिन्दे अगला पैर फैला कर बैठते हैं । इस प्रकार बैठना जाइज़ नहीं। 784:- अनस बिन मालिक रजि० से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमायाः मुझ पर अभी-अभी एक सूरः नाज़िल हुयी है। फिर आप ने बिस्मिल्लाह पढ़ कर सूरः कौसर पढ़ी। फिर आप ने पूछाः जानते हो कौसर क्या है ? सहाबा ने कहाः अल्लाह और उस के रसूल बेहतर जानते हैं। आप ने फ़रमायाः यह एक नहर है जिस का मेरे रब ने मुझ से जन्नत में वादा फरमाया है। 785:- उर्वा के वास्ते से आइशा रजि० से रिवायत है..... और उर्वा ने आइशा रज़ि० पर झूठे आरोप का ज़िक्र किया.... आइशा रजि० ने बयान किया कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बैठे और अपने चेहरे से कपड़ा हटाया और कहाः अऊजु बिस्समीइल् अलीमि मि-नश्शैता र्निरजीमि इन्नल्लज़ी-न (हदीस ज़ओफ़ है ) फाइदा :- इस में अल्लाह का नाम नहीं है, इसलिये इस प्रकार का तअव्वुज़ पढ़ना सहीह नहीं है।
से किस ने यह कलिमे कहे थे? और उस ने कोई बुरी बात नहीं कही। तो मैंने यह शब्द कह दिये । आप ने फरमायाः मैंने बारह फरिश्तों को देखा है कि वह उन कलिमात की तरफ जल्दी-जल्दी बढ़ रहे हैं कि कौन उन को लेकर अल्लाह के पास पहुँचता है। फाइदा :- इस हदीस की रोशनी में ऊँची आवाज़ से पढ़ना मुस्तहब और बड़ी फ़ज़ीलत का काम है। अगर कोई ऐसा करे तो बग़ल वाले को बुरा नहीं मानना चाहिये। ' सात सौ चौंसठ:- इब्ने जुबैर बिन मुतइम अपने पिता से रिवायत करते हैं कि उन्होंने नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को एक नमाज़ पढ़ते देखा। अम्र ने कहाः मुझे नहीं मालूम कि कौन सी नमाज़ थी सात सौ पचहत्तर :- अबू सज़द खुदरी रज़ि• बयान करते हैं कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब रात को नमाज़ पढ़ते तो अल्लाहु अक्बर कहते, फिर यूँ कहतेः सुब्हा-न-कल्ला हुम्म वबि-हम् दि - क व-तबा - र - कस्मु-क व तआला जद्रु- क वला इला-ह गैरु क फिर कहतेः "लाइला- ह इल्लल्लाहु" तीन बार फिर कहतेः "अल्लाहु अक्बर कबी- रन " तीन बार, अऊजु बिल्लाहिस्समीइल् अलीमि मि-नश्शैता र्निजमि मिन् हम्ज़िही व नफख़िही व-नफसिही सात सौ सतहत्तर : - समुरा बिन जुन्दुब रज़ि• बयान करते हैं कि मुझे नमाज़ में दो सक्ते याद हैं। एक तो जब इमाम तक्बीर कहता है तो किरात शुरु करने तक। दूसरा जब वह सूरः फातिहा और दूसरी सूरत की किरात से फारिग़ होकर रुकूअ करना चाहता है। कहा कि इमरान बिन हुसैन ने समुरा पर इस का इन्कार किया। चुनान्चे उन्होंने यह मस्अला मदीना में उबय्यि बिन क अब रज़िशून्य की तरफ़ लिख भेजा तो उन्होंने समुरा रज़िशून्य की बात की तसदीक फरमाई । सात सौ अठहत्तर :- समुरा बिन जुन्दुब रज़िशून्य नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बयान करते हैं कि आप दो सक्ते फरमाया करते थे। पहला, नमाज़ शुरु करते हुये दूसरा, जब पूरी किरात से फारिग़ हो जाते। और यूनुस की रिवायत के हममाना ज़िक्र किया। सात सौ उन्यासी :- समुरा बिन जुन्दुब रज़िशून्य ने बयान किया कि हमें नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दो सकते याद हैं। पहला सक्ता वह है जब आप तक्बीर कहते । दूसरा सक्ता वह है जब आप सूरः फातिहा पढ़ कर फारिग़ होते । समुरा रज़िशून्य को यह याद था मगर इम्रान बिन हुसैन ने उन का इन्कार किया तो उन दोनों ने यह मस्अला उबय्यि बिन कअब की तरफ लिख भेजा। तो उन्होंने उत्तर में लिखा कि समुरा ने यह मस्अला सहीह याद रखा है। सात सौ अस्सी :- समुरा रज़िशून्य फरमाते हैं कि दो सकते हैं जो मुझे नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से याद हैं । सज़द कहते हैं कि हम ने कृतादा से पूछाः यह दो सक्ते कौन से हैं? उन्होंने कहाः जब नमाज़ शुरु करते और जब किरात से फ़ारिग़ होते । फिर इस के बाद कहाः और जब "व- लज्ज़ाल्लीन" कहते । सात सौ इक्यासी :- अबू हुरैरा रज़ि• से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब नमाज़ के लिये तक्बीर कहते तो तक्बीर और किरात शुरु करने के दर्मियान कुछ देर ख़ामोश रहते। मैंने आप से पूछाः मेरे माता-पिता आप पर कुबान ! तक्बीर और किरात के दर्मियान अपने ख़ामोश रहने के बारे में फरमायें कि उस दौरान आप क्या पढ़ते हैं? आप ने फरमायाः अल्लाहुम्म बासिद् बैनी सात सौ बयासी : - अनस बिन मालिक रज़िशून्य से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, अबू बक्र, उमर और उस्मान रज़िशून्य किरात की इब्तिदा "अल्-हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आ-लमीन" से किया करते थे। सात सौ तिरासी : - आइशा सिद्दीका रज़िशून्य से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नमाज़ की इब्तिदा अल्लाहु अक्बर से करते और किरात की इब्तिदा "अल्-हम्दु लिल्लाहि रब्बिल् आ-लमीन से किया करते । और जब रुकूअ करते तो अपना सर न ऊँचा रखते और न झुकाते, बल्कि उस के बीच बीच होता। जब रुकूअ से सर उठाते तो उस वक़्त तक सज्दा न करते जब तक कि सहीह सीधे न खड़े हो जाते। और जब सज्दे से सर उठाते तो दूसरा सज्दा उस समय तक न करते जब तक कि आराम से बैठ न जाते । और हर दो रक्अत के बाद तशहुद पढ़ते । और जब बैठते तो अपना बायाँ पाँव बिछा लेते और दायें को खड़ा करते। और शैतान की चोकडी और दरिन्दे के बैठने की तरह बैठने से मना फरमाते । और नमाज़ को सलाम पर समाप्त करते । फाइदा :- तमाम हदीसों को जमा किया जाये तो मालूम होता है कि बिस्मिल्लाह को ख़ामोशी से पढ़ना चाहिये । इसीलिये आइशा रज़ि• ने इब्तिदा सूरः फातिहा को बताया, न कि बिस्मिल्लिाह को । दरिन्दों की तरह बैठने से मुराद यह है कि अपने हाथ कोहनी तक लंबा बिछा ले जैसे दरिन्दे अगला पैर फैला कर बैठते हैं । इस प्रकार बैठना जाइज़ नहीं। सात सौ चौरासी:- अनस बिन मालिक रजिशून्य से रिवायत है कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमायाः मुझ पर अभी-अभी एक सूरः नाज़िल हुयी है। फिर आप ने बिस्मिल्लाह पढ़ कर सूरः कौसर पढ़ी। फिर आप ने पूछाः जानते हो कौसर क्या है ? सहाबा ने कहाः अल्लाह और उस के रसूल बेहतर जानते हैं। आप ने फ़रमायाः यह एक नहर है जिस का मेरे रब ने मुझ से जन्नत में वादा फरमाया है। सात सौ पचासी:- उर्वा के वास्ते से आइशा रजिशून्य से रिवायत है..... और उर्वा ने आइशा रज़िशून्य पर झूठे आरोप का ज़िक्र किया.... आइशा रजिशून्य ने बयान किया कि नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बैठे और अपने चेहरे से कपड़ा हटाया और कहाः अऊजु बिस्समीइल् अलीमि मि-नश्शैता र्निरजीमि इन्नल्लज़ी-न फाइदा :- इस में अल्लाह का नाम नहीं है, इसलिये इस प्रकार का तअव्वुज़ पढ़ना सहीह नहीं है।
- 1 hr ago मारुति सुजुकी इन्विक्टो रिव्यूः एमपीवी सेगमेंट को मिलेगा नया किंग? Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? देश की प्रमुख एसयूवी वाहन निर्माता कंपनी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा की शानदार एसयूवी स्कार्पियो ने भारतीय सड़क पर 10 शानदार वर्षो तक सफलता पूर्वक फर्राटा भरा है। जी हां महिन्द्रा की इस एसयूवी को दुनिया को सामने पेश किये हुए कुल 10 वर्ष हो गयें। महिन्द्रा ने अपनी इस बेहतरीन एसयूवी को बीते वर्ष 2002 में भारतीय बाजार में पहली बार पेश किया था, तब से लेकर अभी तक यह एसयूवी अपने सेग्मेंट में सबसे लोकप्रिय एसयूवी के तौर पर एक दशक से फर्राटा भर रही है। वैसे तो भारतीय बाजार में एक से बढ़कर एसयूवी वाहन निर्माता मौजूद है लेकिन देश की प्रमुख एसयूवी वाहन निर्माता कंपनी महिन्द्रा एंड महिन्द्रा का इस मामले में कोई तोड़ नहीं है। एक अर्से से महिन्द्रा ने देश की सड़कों पर अपने शानदार यूटिलीटी वाहनों को पेश किया है चाहे वो मार्शल हो, स्कार्पियो, बोलेरो या फिर नई नवेली एक्सयूवी 500 हो। महिन्द्रा के एसयूवी वाहनों ने देश की सड़कों पर जो प्रदर्शन किया है वो वाकई बेहद शानदार है। महिन्द्रा ने स्कार्पियो में 2. 2 लीटर की क्षमता का एम हॉक इंजन प्रयोग किया है। जो कि इस बेहतरीन एसयूवी को शानदार शक्ति प्रदान करता है। भारतीय बाजार में स्कार्पियो के कुल एलएक्स, एसएलई, वीएलएक्स और गेटवे सहित चार वैरिएंट मौजूद है। महिन्द्रा स्कार्पियो एलएक्स वैरिएंट में कंपनी सभी शानदार और आधुनिक फीचर्स को शामिल किया है। विशेषकर स्कार्पियो का बेहतरीन मशक्यूलर बॉडी, बोनट और डिजायन सबको तेजी से अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। नई स्कार्पियो में कंपनी ने एअर बैग, माइक्रो हाइब्रिड तकनीकी, रेन-लाईट सेंसर, एलॉय व्हील, 4डब्लू डी ऑप्सन, टॉयर प्रेसर मानिटरिंग सिस्टम जैसे बेहतरीन फीचर्स को शामिल किया है। भारतीय बाजार में इस बेहतरीन एसयूवी की कीमत 7. 48 लाख रूपये से लेकर 10. 68 लाख रूपये तक यह है। यह कीमत एक्सशोरूम दिल्ली के अनुसार दी गई है।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के लोकप्रिय विधायक लोकेन्द्र सिंह चौहान का आज सड़क हादसे में निधन हो गया हैं. लोकेन्द्र सिंह चौहान बिजनौर जिले के नूरपुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे. यह दुखद घटना आज सुबह घटी हैं. प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक के साथ ही 3 अन्य लोग की भी मौत हो गई है. विधायक की कार ट्रक से जा भिड़ी थी, जिसके चलते लोकेन्द्र सिंह चौहान के साथ उनके दो गनर और ट्रक चालक की भी मौत हो गई. ख़बरों की माने तो यह गंभीर सड़क हादसा विधायक के कार चालक के नींद में रहने के कारण हुआ है. यह हादसा हुआ तब विधायक का कार चालक नींद में था. विधायक के ड्राइवर की इस लापरवाही के कारन 4 लोगो को अपनी जान गंवानी पड़ी हैं. कार NH 24 पर डिवाइडर पार कर सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी थी. घटना की खबर पुलिस को मिलने के बाद पुलिस तुरंत घटना स्थल पर पहुंची और पुलिस ने मामले की जांच की. इस हादसे में विधायक के गनमैन बृजेश मिश्रा 32 साल और दीपक कुमार 30 साल की अस्पताल लाने से पहले ही मौत हो गई थी. जबकि, विधायक के ड्राइवर सचिन सिंह चौहान गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती हैं. जैसे ही पार्टी के मुख्य कार्यकर्ताओं को इस बात की जानकारी मिली वे तुरंत घटना स्थल पर जुट गए. साथ ही मौके पर डीएम और एसपी आदि भी मौजूद रहे.
उत्तर प्रदेश विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के लोकप्रिय विधायक लोकेन्द्र सिंह चौहान का आज सड़क हादसे में निधन हो गया हैं. लोकेन्द्र सिंह चौहान बिजनौर जिले के नूरपुर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक थे. यह दुखद घटना आज सुबह घटी हैं. प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक के साथ ही तीन अन्य लोग की भी मौत हो गई है. विधायक की कार ट्रक से जा भिड़ी थी, जिसके चलते लोकेन्द्र सिंह चौहान के साथ उनके दो गनर और ट्रक चालक की भी मौत हो गई. ख़बरों की माने तो यह गंभीर सड़क हादसा विधायक के कार चालक के नींद में रहने के कारण हुआ है. यह हादसा हुआ तब विधायक का कार चालक नींद में था. विधायक के ड्राइवर की इस लापरवाही के कारन चार लोगो को अपनी जान गंवानी पड़ी हैं. कार NH चौबीस पर डिवाइडर पार कर सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी थी. घटना की खबर पुलिस को मिलने के बाद पुलिस तुरंत घटना स्थल पर पहुंची और पुलिस ने मामले की जांच की. इस हादसे में विधायक के गनमैन बृजेश मिश्रा बत्तीस साल और दीपक कुमार तीस साल की अस्पताल लाने से पहले ही मौत हो गई थी. जबकि, विधायक के ड्राइवर सचिन सिंह चौहान गंभीर हालात में अस्पताल में भर्ती हैं. जैसे ही पार्टी के मुख्य कार्यकर्ताओं को इस बात की जानकारी मिली वे तुरंत घटना स्थल पर जुट गए. साथ ही मौके पर डीएम और एसपी आदि भी मौजूद रहे.
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! Home Remedies for split ends: बालों से जुड़ी कुछ प्रॉब्लम्स ऐसी होती हैं जो हर मौसम में लौटकर आ जाती हैं। कई महंगे प्रॉडक्ट्स यूज करने के बाद भी लोगों को अपनी इन हेयर प्रॉब्लम्स से आराम नहीं मिल पाता है। ऐसी ही एक समस्या है स्प्लिट एंड्स या दोमुंहे बालों की, जो कुछ लोगों के लिए कभी-कभार होने वाली समस्या है तो कुछ लोगों को हमेशा इस परेशानी से जूझना पड़ सकता है। स्प्लिट एंड्स में बालों के सिरों या छोर पर वह बहुत अधिक ड्राई दिखायी देते हैं और एक ही बाल कई हिस्सों में कट-फट जाता है। इससे बालों के सिरे पर 2-3 पतले-पतले रेशे दिखायी देते हैं। दोमुंहे बालों की परेशानी से राहत पाने के लिए ज्यादातर लड़कियां उन्हें ट्रिम करा लेती है क्योंकि, बाल कटाने से स्प्लिट एंड्स वाला हिस्सा बाकी के स्वस्थ बालों से अलग हो जाता है और बालों की ग्रोथ भी सामान्य तरीके से होने लगती हैं। लेकिन, जिन लोगों की समस्या इसके बाद भी हल नहीं होती उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ सकती है। (problem of split ends in Hindi) अगर आपके बाल भी थोड़े-थोड़े समय बाद इसी तरह खराब हो जाते हैं और स्प्लिट एंड्स की वजह से आपके बालों की लम्बाई भी नहीं बढ़ पा रही, तो इस समस्या से राहत के लिए घर पर कुछ ऐसी चीजों से नुस्खे तैयार करें जो बालों को पोषण देते हैं और उन्हें टूटने या दोमुंहे होने से बचा सकती हैं। ऐसे ही कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में पढ़ें यहां। (Home Remedies for split ends in Hindi) प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत होने के कारण अंडा बालों के लिए जरूरी पोषण का स्रोत है। प्रोटीन की मदद से बालों की बनावट बेहतर होती है और बाल स्मूद भी बनते हैं। अंडे से हेयर मास्क तैयार करें और उसे बालों में लगाएं, यह दोमुंहे बालों की समस्या को कम करता है। दरअसल अंडे में बायोटिन पाया जाता है जो बालों को अंदर से रिपेयर करता है और उन्हें टूटने से बचाता है। साथ ही यह बालों को समय से पहले सफेद होने और हेयर फॉलजैसी समस्याओं से भी आराम दिलाता है।
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! Home Remedies for split ends: बालों से जुड़ी कुछ प्रॉब्लम्स ऐसी होती हैं जो हर मौसम में लौटकर आ जाती हैं। कई महंगे प्रॉडक्ट्स यूज करने के बाद भी लोगों को अपनी इन हेयर प्रॉब्लम्स से आराम नहीं मिल पाता है। ऐसी ही एक समस्या है स्प्लिट एंड्स या दोमुंहे बालों की, जो कुछ लोगों के लिए कभी-कभार होने वाली समस्या है तो कुछ लोगों को हमेशा इस परेशानी से जूझना पड़ सकता है। स्प्लिट एंड्स में बालों के सिरों या छोर पर वह बहुत अधिक ड्राई दिखायी देते हैं और एक ही बाल कई हिस्सों में कट-फट जाता है। इससे बालों के सिरे पर दो-तीन पतले-पतले रेशे दिखायी देते हैं। दोमुंहे बालों की परेशानी से राहत पाने के लिए ज्यादातर लड़कियां उन्हें ट्रिम करा लेती है क्योंकि, बाल कटाने से स्प्लिट एंड्स वाला हिस्सा बाकी के स्वस्थ बालों से अलग हो जाता है और बालों की ग्रोथ भी सामान्य तरीके से होने लगती हैं। लेकिन, जिन लोगों की समस्या इसके बाद भी हल नहीं होती उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ सकती है। अगर आपके बाल भी थोड़े-थोड़े समय बाद इसी तरह खराब हो जाते हैं और स्प्लिट एंड्स की वजह से आपके बालों की लम्बाई भी नहीं बढ़ पा रही, तो इस समस्या से राहत के लिए घर पर कुछ ऐसी चीजों से नुस्खे तैयार करें जो बालों को पोषण देते हैं और उन्हें टूटने या दोमुंहे होने से बचा सकती हैं। ऐसे ही कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में पढ़ें यहां। प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत होने के कारण अंडा बालों के लिए जरूरी पोषण का स्रोत है। प्रोटीन की मदद से बालों की बनावट बेहतर होती है और बाल स्मूद भी बनते हैं। अंडे से हेयर मास्क तैयार करें और उसे बालों में लगाएं, यह दोमुंहे बालों की समस्या को कम करता है। दरअसल अंडे में बायोटिन पाया जाता है जो बालों को अंदर से रिपेयर करता है और उन्हें टूटने से बचाता है। साथ ही यह बालों को समय से पहले सफेद होने और हेयर फॉलजैसी समस्याओं से भी आराम दिलाता है।
बीडी पाण्डेय जिला अस्पताल में नर्सिंग डे पर सामाजिक दूरी के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ कर्मियों ने कोरोना को हराने के लिए पूरे तन-मन से मरीजों की सेवा व प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया। इस दौरान कोरोना काल में बेहतर कार्य करने पर नर्सों को सम्मानित किया गया। पिथौरागढ़ के बीडी पाण्डेय जिला अस्पताल में नर्सिंग डे पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें नर्सों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए पीड़ित मानवता के कल्याण के लिए उनकी सेवाओं को याद किया। नर्सिंग आफीसर दीपा रावत ने कहा कि साधन-संपन्न परिवार में जन्म लेने के बावजूद फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने लोगों की सेवा के लिए नर्सिंग जैसा नोबेल प्रोफेशन चुना। इस समय पूरा विश्व कोरोना के संक्रमण से जूझ रहा है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल के बताए मार्ग पर चलते हुए नर्सें कोरोना के खतरे के बीच सेवाएं दे रही हैं। पिथौरागढ़ के कोरोना मुक्त होने तक उनकी यह लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान पीएमएस डॉ. केसी भट्ट ने कोरोना काल में बेहतर कार्य करने पर नर्सों को सम्मानित किया। डॉ. एलएस बोरा व वरिष्ठ फार्मासिस्ट पीके जोशी ने उन्हें स्वास्थ विभाग की रीढ़ कहा। कहा कि आज से सिस्टर इंचार्ज को सीनियर नर्सिंग आफिसर व स्टाफ नर्स को नर्सिंग आफिसर के पदनाम से संबोधित किया जाएगा।
बीडी पाण्डेय जिला अस्पताल में नर्सिंग डे पर सामाजिक दूरी के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ कर्मियों ने कोरोना को हराने के लिए पूरे तन-मन से मरीजों की सेवा व प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया। इस दौरान कोरोना काल में बेहतर कार्य करने पर नर्सों को सम्मानित किया गया। पिथौरागढ़ के बीडी पाण्डेय जिला अस्पताल में नर्सिंग डे पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें नर्सों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करते हुए पीड़ित मानवता के कल्याण के लिए उनकी सेवाओं को याद किया। नर्सिंग आफीसर दीपा रावत ने कहा कि साधन-संपन्न परिवार में जन्म लेने के बावजूद फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने लोगों की सेवा के लिए नर्सिंग जैसा नोबेल प्रोफेशन चुना। इस समय पूरा विश्व कोरोना के संक्रमण से जूझ रहा है। फ्लोरेंस नाइटिंगेल के बताए मार्ग पर चलते हुए नर्सें कोरोना के खतरे के बीच सेवाएं दे रही हैं। पिथौरागढ़ के कोरोना मुक्त होने तक उनकी यह लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान पीएमएस डॉ. केसी भट्ट ने कोरोना काल में बेहतर कार्य करने पर नर्सों को सम्मानित किया। डॉ. एलएस बोरा व वरिष्ठ फार्मासिस्ट पीके जोशी ने उन्हें स्वास्थ विभाग की रीढ़ कहा। कहा कि आज से सिस्टर इंचार्ज को सीनियर नर्सिंग आफिसर व स्टाफ नर्स को नर्सिंग आफिसर के पदनाम से संबोधित किया जाएगा।
भविष्य में आपदा आने पर शव को जलाने में परेशानी नहीं हो, इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर नगर विकास विभाग अंतर्गत एजेंसी जुडको द्वारा राज्य के 16 नगर निकायों में विद्युत शवदाह गृह जो गैस से संचालित होंगे, बनाया जाना है. यह शवदाह गृह गिरिडीह, आदित्यपुर, चाईबासा, सरायकेला, धनबाद, चास, कोडरमा, सिमडेगा, दुमका, जुगसलाई, चतरा, लातेहार, खूंटी, गुमला और गोड्डा जैसे नगर निकायों में बनाया जायेगा. निकायों में बन रहे इस आधुनिक शवदाह गृह को लेकर जुडको ने डीपीआर तैयार की है. इस मॉडल के तहत एक शवदाह गृह निर्माण में 3 करोड़ (करीब 2. 95 करोड़) रुपये खर्च किये जाएंगे. रांची के हरमू में स्थित विद्युत शवदाह गृह का संचालन मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा किया जा रहा है. समिति ने इसका नाम मोक्षधाम रखा है. यह करीब एक दशक पुराना है. पहले यहां पर शव को बिजली से जलाया जाता था, लेकिन अब यहां शव को गैस से जलाया जा रहा है. अभी यहां गैस सिलेंडर से ही बॉडी जलती है. जुडको की योजना यहां पर जल्द ही पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति करना है. इसके अलावा जुडको द्वारा रांची के बूटी मोड़ स्थित जुमार नदी में भी मॉडर्न शवदाह गृह का निर्माण कराया जाना है. इसमें करीब 6. 60 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे. यह शहर का दूसरा विद्युत शवदाह गृह होगा. बता दें कि रांची के हरमू में स्थित मुक्तिधाम को कई वर्षों पहले बनाया गया था. उस समय राजधानी की आबादी 3 लाख के करीब थी. आज राजधानी की जनसंख्या बढ़कर करीब 30 लाख तक पहुंच चुकी है. बढ़ती जनसंख्या के कारण हरमू मुक्तिधाम में भी दबाव बढ़ा है. हालांकि नामकुम, धुर्वा, कांके में अस्थायी तौर पर शव जलाने की व्यवस्था है. शव को जलाने के लिए लकड़ी की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है. इससे पेड़ों की कटाई भी तेजी से हो रही है. ऐसे में आज विद्युत शवदाह गृह की आवश्यकता महसूस होने लगी है. हरमू स्थित आधुनिक शवदाह गृह के अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी आधुनिक शवदाह गृह का निर्माण होने से आम लोगों को काफी आसानी होगी. जुडको द्वारा 16 नगर निकायों में बनने वाले विद्युत शवदाह गृह भवन में कई तरह के कामों को अंजाम दिया जाना है. इसमें ऑफिस, इंट्रनेस लॉबी, बरामदा, टॉयलेट, स्टोर रूम, वेटिंग हॉल, सीटिंग एरिया, शव जलाने के लिए भट्टी, गैस सिलेंडर स्टोर एरिया के अलावा पार्किंग, जेनरेटर की व्यवस्था की जाएगी. विद्युत शवदाह गृह में शव को जलाने में केवल 15 से 20 मिनट का समय लगेगा. एक साथ दो शव को जलाने की व्यवस्था रहेगी. शव को जलाने में तीन से चार हजार का खर्च आने का अनुमान है. यहां पर अंतिम संस्कार की सारी विधि व्यवस्था भी रहेगी. इसके लिए यहां पर पूजा के सामानों का दुकान भी बनाया जायेगा.
भविष्य में आपदा आने पर शव को जलाने में परेशानी नहीं हो, इसलिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर नगर विकास विभाग अंतर्गत एजेंसी जुडको द्वारा राज्य के सोलह नगर निकायों में विद्युत शवदाह गृह जो गैस से संचालित होंगे, बनाया जाना है. यह शवदाह गृह गिरिडीह, आदित्यपुर, चाईबासा, सरायकेला, धनबाद, चास, कोडरमा, सिमडेगा, दुमका, जुगसलाई, चतरा, लातेहार, खूंटी, गुमला और गोड्डा जैसे नगर निकायों में बनाया जायेगा. निकायों में बन रहे इस आधुनिक शवदाह गृह को लेकर जुडको ने डीपीआर तैयार की है. इस मॉडल के तहत एक शवदाह गृह निर्माण में तीन करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे. रांची के हरमू में स्थित विद्युत शवदाह गृह का संचालन मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा किया जा रहा है. समिति ने इसका नाम मोक्षधाम रखा है. यह करीब एक दशक पुराना है. पहले यहां पर शव को बिजली से जलाया जाता था, लेकिन अब यहां शव को गैस से जलाया जा रहा है. अभी यहां गैस सिलेंडर से ही बॉडी जलती है. जुडको की योजना यहां पर जल्द ही पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति करना है. इसके अलावा जुडको द्वारा रांची के बूटी मोड़ स्थित जुमार नदी में भी मॉडर्न शवदाह गृह का निर्माण कराया जाना है. इसमें करीब छः. साठ करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे. यह शहर का दूसरा विद्युत शवदाह गृह होगा. बता दें कि रांची के हरमू में स्थित मुक्तिधाम को कई वर्षों पहले बनाया गया था. उस समय राजधानी की आबादी तीन लाख के करीब थी. आज राजधानी की जनसंख्या बढ़कर करीब तीस लाख तक पहुंच चुकी है. बढ़ती जनसंख्या के कारण हरमू मुक्तिधाम में भी दबाव बढ़ा है. हालांकि नामकुम, धुर्वा, कांके में अस्थायी तौर पर शव जलाने की व्यवस्था है. शव को जलाने के लिए लकड़ी की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है. इससे पेड़ों की कटाई भी तेजी से हो रही है. ऐसे में आज विद्युत शवदाह गृह की आवश्यकता महसूस होने लगी है. हरमू स्थित आधुनिक शवदाह गृह के अलावा शहर के अन्य इलाकों में भी आधुनिक शवदाह गृह का निर्माण होने से आम लोगों को काफी आसानी होगी. जुडको द्वारा सोलह नगर निकायों में बनने वाले विद्युत शवदाह गृह भवन में कई तरह के कामों को अंजाम दिया जाना है. इसमें ऑफिस, इंट्रनेस लॉबी, बरामदा, टॉयलेट, स्टोर रूम, वेटिंग हॉल, सीटिंग एरिया, शव जलाने के लिए भट्टी, गैस सिलेंडर स्टोर एरिया के अलावा पार्किंग, जेनरेटर की व्यवस्था की जाएगी. विद्युत शवदाह गृह में शव को जलाने में केवल पंद्रह से बीस मिनट का समय लगेगा. एक साथ दो शव को जलाने की व्यवस्था रहेगी. शव को जलाने में तीन से चार हजार का खर्च आने का अनुमान है. यहां पर अंतिम संस्कार की सारी विधि व्यवस्था भी रहेगी. इसके लिए यहां पर पूजा के सामानों का दुकान भी बनाया जायेगा.
नई दिल्लीः पितृपक्ष के बाद आता है नवरात्रि का उत्सव, जिसे लेकर पुरे देश में एक धार्मिक माहौल बन जाता है। जैसा कि हम सब जानते है हिंदी पंचांग के अनुसार, अश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तक शारदीय नवरात्रि का यह पावन पर्व मनाया जाता है, इस नौ दिन के बाद इसके अगले दिन विजयदशमी मनाई जाती है, जिसे हम दशहरा के नाम से भी जानते है। हर साल होने वाले इस शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा, अर्चना की जाती है। इस मौके पर देशभर में उत्सव जैसा माहौल रहता है। बस्तर, (छत्तीसगढ़) सबसे पहले हमबात करते है छत्तीसगढ़ में स्थित बस्तर की। आपको बता दें कि यहां नवरात्री में दुर्गा पूजा भव्य और पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है। जी हां दरअसल यहां 52 शक्तिपीठों में एक शक्तिपीठ दंतेवाड़ा में स्थित है। इसके अलावा, आप मुंबई, वाराणसी, कुल्लू मनाली आदि जगहों पर घूमने जा सकते हैं, यहां भी माता दुर्गा के कई मंदिर है। हम सब जानते है कि पश्चिम बंगाल खास कर दुर्गा पूजा के लिए जाना जाता है। पश्चिम बंगाल दुर्गा पूजा के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां भव्य तरीके से मां का आह्वान किया जाता है। इस मौके पर विधि विधान पूर्वक मां की पूजा उपासना की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि जिस तरह महाराष्ट्र में गणपति पूजा की जाती है। ठीक उसी प्रकार बंगाल में दुर्गा पूजा मनाई जाती है। हर घर में कलश स्थापना कर मां की पूजा की जाती है। इसके लिए लोगों की प्राथमिकता पश्चिम बंगाल में नवरात्रि मनाने की रहती है। यहां नवरात्रि में माता के दरबार देखने लायक रहते है। अहमदाबाद, (गुजरात) पश्चिम बंगाल के अलावा गुजरात में नवरात्रि का उत्सव बड़े जोरोशोरों से मनाया जाता है, जी हां दरअसल यहां नवरात्री के मौके पर बड़े पैमाने परडांडिया का आयोजन होता है। बता दें कि डांडिया अब वर्तमान समय में यह मुंबई में भी प्रसिद्ध है। नवरात्रि के नौ दिनों में आरती के साथ सेलिब्रेशन शुरू होता है। इस मौके पर गरबा का आयोजन होता है। इसमें मां का आह्वान किया जाता है। अगर आप डांडिया और गरबा नृत्य देखना चाहते हैं, तो अहमदाबाद घूमने जरूर जाएं। यहां का नवरात्रि उत्सव देख कर आप भी प्रसन्न हो जाएंगे।
नई दिल्लीः पितृपक्ष के बाद आता है नवरात्रि का उत्सव, जिसे लेकर पुरे देश में एक धार्मिक माहौल बन जाता है। जैसा कि हम सब जानते है हिंदी पंचांग के अनुसार, अश्विन माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नवमी तक शारदीय नवरात्रि का यह पावन पर्व मनाया जाता है, इस नौ दिन के बाद इसके अगले दिन विजयदशमी मनाई जाती है, जिसे हम दशहरा के नाम से भी जानते है। हर साल होने वाले इस शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा, अर्चना की जाती है। इस मौके पर देशभर में उत्सव जैसा माहौल रहता है। बस्तर, सबसे पहले हमबात करते है छत्तीसगढ़ में स्थित बस्तर की। आपको बता दें कि यहां नवरात्री में दुर्गा पूजा भव्य और पारंपरिक ढंग से मनाया जाता है। जी हां दरअसल यहां बावन शक्तिपीठों में एक शक्तिपीठ दंतेवाड़ा में स्थित है। इसके अलावा, आप मुंबई, वाराणसी, कुल्लू मनाली आदि जगहों पर घूमने जा सकते हैं, यहां भी माता दुर्गा के कई मंदिर है। हम सब जानते है कि पश्चिम बंगाल खास कर दुर्गा पूजा के लिए जाना जाता है। पश्चिम बंगाल दुर्गा पूजा के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां भव्य तरीके से मां का आह्वान किया जाता है। इस मौके पर विधि विधान पूर्वक मां की पूजा उपासना की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि जिस तरह महाराष्ट्र में गणपति पूजा की जाती है। ठीक उसी प्रकार बंगाल में दुर्गा पूजा मनाई जाती है। हर घर में कलश स्थापना कर मां की पूजा की जाती है। इसके लिए लोगों की प्राथमिकता पश्चिम बंगाल में नवरात्रि मनाने की रहती है। यहां नवरात्रि में माता के दरबार देखने लायक रहते है। अहमदाबाद, पश्चिम बंगाल के अलावा गुजरात में नवरात्रि का उत्सव बड़े जोरोशोरों से मनाया जाता है, जी हां दरअसल यहां नवरात्री के मौके पर बड़े पैमाने परडांडिया का आयोजन होता है। बता दें कि डांडिया अब वर्तमान समय में यह मुंबई में भी प्रसिद्ध है। नवरात्रि के नौ दिनों में आरती के साथ सेलिब्रेशन शुरू होता है। इस मौके पर गरबा का आयोजन होता है। इसमें मां का आह्वान किया जाता है। अगर आप डांडिया और गरबा नृत्य देखना चाहते हैं, तो अहमदाबाद घूमने जरूर जाएं। यहां का नवरात्रि उत्सव देख कर आप भी प्रसन्न हो जाएंगे।
महामुनि पतञ्जलि योगशास्त्र के अतिरिक्त पतञ्जलीने पाणिनिके व्याकरण पर महाभांष्य लिखा था । चिकित्सा नामक एक वैद्यक ग्रन्य भी उन्होंने रखा था। उनके इन कार्यों में लोलुपाने बड़ी सहायता दी थी पतञ्जलि कव हुए यह निश्चित रूपसे नहीं बतलाया जासकता । भाष्यहीके आधार पर भर्तृहरिने कारिका लिखी थी, अतः ये भर्तृहरिके पूर्व हुए यह सर्वथा निष्पन्न है। महाभाष्यके कुछ शब्दोंको लेकर कुछ लोग उनका समय ईसा पूर्व २०० वत लाते है, परन्तु व्यासके समयमें उनका योगदर्शन घर्तमान था. उस पर उनका भाष्य है अतः ज्ञात होता है, कि उनका अस्तित्व पांच हजार वर्षके पूर्व था । पतञ्जलिके योगदर्शनसे ज्ञानी, विद्वान, योगी और मुमुक्षुगण लाभ उठाते हैं। ऋऋषि मुनियोंके दीर्घायुषी होनेका कारण योग ही था । योगहीके कारण वे अपने घमत्कारों द्वारा संसारको चकित कर सकते थे और असाध्यको साध्य कर दिखाते थे । वास्तवमें योगहीके अभावसे आज हमारा आत्मबल नष्ट हो गया है और हमारी अधोगति होती जा रही है। आज, यदि योगके साधारण नियमों पर भी हम चलें तो रामचन्द्र, पर शुराम, अर्जुन भीष्म और अन्यान्य महा पुरुषोंके समान प्रतापी और समर्थ हो सकते हैं। चतुर्थ खण्ड महान नृपति , पुरुरवा ম चन्दवंशके आदि पुरुष धर्म्मवीर राजा पुरुरवा. चन्द्रके ॐ पौत्र और बुधके पुत्र थे। उनकी माताका नाम था इला। इला सूर्य्य गंशी राजा इक्ष्वाकुकी बहिन थी । पुरुरखाका जन्म सत्ययुगमें हुआ था। उन्होंने प्रयाग--प्रतिष्ठानपुर यसा कर उसे अपनी राजधानी बनाया था। राजा पुरुरवा परम धार्मि क, शूर और धनुर्विद्या विशारद थे उन्होंने प्रजाका समुचित प्रेम सम्पादन कर अगणित यज्ञ किये थे। अपनी उदारताके कारण वह दानवीर कहे जाते थे। उन्होंने अपने अतुल पराक्रमले अनेक अधम दैत्योंका वध कर लोगोंको दुख मुक्त किया था। उनकी कीर्त्ति दिगदिगन्तमें व्याप्त हो रही थी। वह विष्णुके परम भक्त थे। उन्होंने अपनी प्रजाको विद्वान और कलाकुशल घनानेके लिये बड़ा उद्योग किया था विद्या और कलाओंके शानसे देशका व्यवसाय और व्यवसायके कारण लक्ष्मीकी वृद्धि हुई थी। उनके राज्यमें कहीं अत्याचार न होता था। कोई किसीकी वस्तु हरण न करता था। प्राण जाने पर भी लोग झूठ न बोलते थे। ईपद्वेष और न विश्वासघात सुनाई भी न देता था । पुरुरवा के राज्य में सर्वत्र शान्ति और सदाचार फैल रहा था। अमरेश इन्द्र और राजा पुरुरवामें बड़ा सौदाई था । घे आवश्यकता पड़ने पर एक दूसरेको सहायता दिया करते । जय इन्द्र और असुरोंका घनघोर युद्ध होता, तब वे पुरुरवाफो बुलाते और उन्हें अपना सेनापति नियत करते । राजा पुरुरवा ऐसे प्रतापी थे, कि जिनको देखतेहो दानव गण भाग खड़े होते थे। महाराजा पुरुरवाने उर्वशी नामक अप्सराका पाणिग्रहण किया था। उर्वशीके विषय में कहते हैं, कि वह नारायणकी जंघासे उत्पन्न हुई थी। नर नारायणं नामक दो ऋषि बदरिकाश्रम में तप स्या कर रहे थे। उनके इस कार्य में बाधा देनेके लिये इन्द्रने कई अप्सराये भेजीं, परन्तु नरनारायण जैसे तैसे तपस्वो न थे, अतः उनका किया कुछ न हुआ । इन्द्रका मान खण्डन करनेके लिये नारायणने जंघा पर एक पुष्प रख, उससे एक स्त्रो उत्पन्न की। वह इतनी सुन्दर थी, कि उसको देखतेही लज्जित हो सब अप्सराये वापस चली गयीं । नरनारायणने उसे इन्द्रको अर्पण किया । भविष्यमें वही उर्वशोके नामसे विख्यात हुई और पुरु
महामुनि पतञ्जलि योगशास्त्र के अतिरिक्त पतञ्जलीने पाणिनिके व्याकरण पर महाभांष्य लिखा था । चिकित्सा नामक एक वैद्यक ग्रन्य भी उन्होंने रखा था। उनके इन कार्यों में लोलुपाने बड़ी सहायता दी थी पतञ्जलि कव हुए यह निश्चित रूपसे नहीं बतलाया जासकता । भाष्यहीके आधार पर भर्तृहरिने कारिका लिखी थी, अतः ये भर्तृहरिके पूर्व हुए यह सर्वथा निष्पन्न है। महाभाष्यके कुछ शब्दोंको लेकर कुछ लोग उनका समय ईसा पूर्व दो सौ वत लाते है, परन्तु व्यासके समयमें उनका योगदर्शन घर्तमान था. उस पर उनका भाष्य है अतः ज्ञात होता है, कि उनका अस्तित्व पांच हजार वर्षके पूर्व था । पतञ्जलिके योगदर्शनसे ज्ञानी, विद्वान, योगी और मुमुक्षुगण लाभ उठाते हैं। ऋऋषि मुनियोंके दीर्घायुषी होनेका कारण योग ही था । योगहीके कारण वे अपने घमत्कारों द्वारा संसारको चकित कर सकते थे और असाध्यको साध्य कर दिखाते थे । वास्तवमें योगहीके अभावसे आज हमारा आत्मबल नष्ट हो गया है और हमारी अधोगति होती जा रही है। आज, यदि योगके साधारण नियमों पर भी हम चलें तो रामचन्द्र, पर शुराम, अर्जुन भीष्म और अन्यान्य महा पुरुषोंके समान प्रतापी और समर्थ हो सकते हैं। चतुर्थ खण्ड महान नृपति , पुरुरवा ম चन्दवंशके आदि पुरुष धर्म्मवीर राजा पुरुरवा. चन्द्रके ॐ पौत्र और बुधके पुत्र थे। उनकी माताका नाम था इला। इला सूर्य्य गंशी राजा इक्ष्वाकुकी बहिन थी । पुरुरखाका जन्म सत्ययुगमें हुआ था। उन्होंने प्रयाग--प्रतिष्ठानपुर यसा कर उसे अपनी राजधानी बनाया था। राजा पुरुरवा परम धार्मि क, शूर और धनुर्विद्या विशारद थे उन्होंने प्रजाका समुचित प्रेम सम्पादन कर अगणित यज्ञ किये थे। अपनी उदारताके कारण वह दानवीर कहे जाते थे। उन्होंने अपने अतुल पराक्रमले अनेक अधम दैत्योंका वध कर लोगोंको दुख मुक्त किया था। उनकी कीर्त्ति दिगदिगन्तमें व्याप्त हो रही थी। वह विष्णुके परम भक्त थे। उन्होंने अपनी प्रजाको विद्वान और कलाकुशल घनानेके लिये बड़ा उद्योग किया था विद्या और कलाओंके शानसे देशका व्यवसाय और व्यवसायके कारण लक्ष्मीकी वृद्धि हुई थी। उनके राज्यमें कहीं अत्याचार न होता था। कोई किसीकी वस्तु हरण न करता था। प्राण जाने पर भी लोग झूठ न बोलते थे। ईपद्वेष और न विश्वासघात सुनाई भी न देता था । पुरुरवा के राज्य में सर्वत्र शान्ति और सदाचार फैल रहा था। अमरेश इन्द्र और राजा पुरुरवामें बड़ा सौदाई था । घे आवश्यकता पड़ने पर एक दूसरेको सहायता दिया करते । जय इन्द्र और असुरोंका घनघोर युद्ध होता, तब वे पुरुरवाफो बुलाते और उन्हें अपना सेनापति नियत करते । राजा पुरुरवा ऐसे प्रतापी थे, कि जिनको देखतेहो दानव गण भाग खड़े होते थे। महाराजा पुरुरवाने उर्वशी नामक अप्सराका पाणिग्रहण किया था। उर्वशीके विषय में कहते हैं, कि वह नारायणकी जंघासे उत्पन्न हुई थी। नर नारायणं नामक दो ऋषि बदरिकाश्रम में तप स्या कर रहे थे। उनके इस कार्य में बाधा देनेके लिये इन्द्रने कई अप्सराये भेजीं, परन्तु नरनारायण जैसे तैसे तपस्वो न थे, अतः उनका किया कुछ न हुआ । इन्द्रका मान खण्डन करनेके लिये नारायणने जंघा पर एक पुष्प रख, उससे एक स्त्रो उत्पन्न की। वह इतनी सुन्दर थी, कि उसको देखतेही लज्जित हो सब अप्सराये वापस चली गयीं । नरनारायणने उसे इन्द्रको अर्पण किया । भविष्यमें वही उर्वशोके नामसे विख्यात हुई और पुरु
लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर एयरपोर्ट पर अपने पिता को रिसीव करने पहुंची। एयरपोर्ट पर पिता को देखते ही रोहिणी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिए। इस दौरान लालू के साथ पत्नी राबड़ी देवी भी थी। राजद राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए नई दिल्ली से सिंगापुर पहुंचें। उनके साथ पत्नी राबड़ी देवी और बड़ी बेटी मीसा भारती भी साथ थीं। इस मौके पर सिंगापुर एयरपोर्ट का एक वीडियो शेयर करते हुए बेटी रोहिणी ने भावुक ट्वीट किया और कहा कि खुशी का हर लम्हा होता है पास, पिता का साया जो होता है साथ। हर मुसीबत में लड़ना हमें है सिखाया, गरीब, वंचित, शोषित समाज को जिन्होंने अधिकार है दिलाया। वीडियो में रोहिणी पिता लालू प्रसाद का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले रही है। लालू प्रसाद व्हीलचेयर पर बैठे हुए हैं। इस वीडियो में लालू प्रसाद लोगों का अभिवादन कर रहे है। गौरतलब है कि लालू प्रसाद को उनकी बेटी रोहिणी किडनी देने वाली है। बता दें कि लालू यादव का किडनी ट्रांसप्लांट होना है। बेटी रोहिणी आचार्य उनको अपनी किडनी डोनेट कर रही। रोहिणी ने कुछ समय पहले भी एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि वह अपने पिता की जान बचाने के लिए कुछ भी कर सकती है। एक किडनी तो बस एक मांस का टुकड़ा है जो कि वह पिता को दे रहीं। लालू यादव किडनी के साथ साथ कई बीमारियों से भी ग्रसित हैं।
लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर एयरपोर्ट पर अपने पिता को रिसीव करने पहुंची। एयरपोर्ट पर पिता को देखते ही रोहिणी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिए। इस दौरान लालू के साथ पत्नी राबड़ी देवी भी थी। राजद राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव किडनी ट्रांसप्लांट कराने के लिए नई दिल्ली से सिंगापुर पहुंचें। उनके साथ पत्नी राबड़ी देवी और बड़ी बेटी मीसा भारती भी साथ थीं। इस मौके पर सिंगापुर एयरपोर्ट का एक वीडियो शेयर करते हुए बेटी रोहिणी ने भावुक ट्वीट किया और कहा कि खुशी का हर लम्हा होता है पास, पिता का साया जो होता है साथ। हर मुसीबत में लड़ना हमें है सिखाया, गरीब, वंचित, शोषित समाज को जिन्होंने अधिकार है दिलाया। वीडियो में रोहिणी पिता लालू प्रसाद का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले रही है। लालू प्रसाद व्हीलचेयर पर बैठे हुए हैं। इस वीडियो में लालू प्रसाद लोगों का अभिवादन कर रहे है। गौरतलब है कि लालू प्रसाद को उनकी बेटी रोहिणी किडनी देने वाली है। बता दें कि लालू यादव का किडनी ट्रांसप्लांट होना है। बेटी रोहिणी आचार्य उनको अपनी किडनी डोनेट कर रही। रोहिणी ने कुछ समय पहले भी एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि वह अपने पिता की जान बचाने के लिए कुछ भी कर सकती है। एक किडनी तो बस एक मांस का टुकड़ा है जो कि वह पिता को दे रहीं। लालू यादव किडनी के साथ साथ कई बीमारियों से भी ग्रसित हैं।
Upcoming 7 Seater Cars: अगर आपकी भी फैमिली बड़ी है तो बता दें कि Nissan, Toyota और Tata जल्द अपनी 7 सीटर गाड़ियों को बेहतरीन फीचर्स के साथ लॉन्च करने वाली हैं. Upcoming 7 Seater Cars: बड़े परिवार वाले लोग 7 सीटर गाड़ियों को काफी पसंद करते हैं, हमेशा से ऐसा देखा गया है कि बेहतर बूट स्पेस और सीटिंग कैपेसिटी वाली कारों को डिमांड काफी बढ़िया रहती है. हम आज आप लोगों को इस लेख में उन 7 सीटर गाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो जल्द बाजार में एंट्री कर सकती हैं. बता दें कि ग्राहकों के लिए कुछ तो नए मॉडल्स आने वाले हैं तो वहीं कुछ गाड़ियों के फेसलिफ्ट वर्जन नए अंदाज में उतारे जा सकते हैं. Toyota Fortuner Next Gen: टोयोटा फॉर्च्यूनर का नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल पिछले लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है. कहा जा रहा है कि कंपनी अपनी इस पॉपुलर कार के नेक्स्ट जेनरेशन वेरिएंट को उतारने की तैयारी में है. अगले साल 2023 में इस कार को ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जा सकता है. कहा जा रहा है कि मौजूदा IMV आर्किटेक्चर के बजाय टोयोटा अपनी इस अपकमिंग कार को TNGA प्लेटफॉर्म पर तैयार कर सकती है. टोयोटा की इस कार में 2.8 लीटर डीजल इंजन का इस्तेमाल किया जा सकता है जो माइल्ड हाइब्रिड तकनीक से पैक्ड होगा, इससे कार को बेहतर माइलेज मिलने की उम्मीद है. 2023 Tata Safari: कई बार रोड्स पर टेस्टिंग के दौरान 2023 Tata Safari को स्पॉट किया जा चुका है. इस कार को अगले साल पेश किए जाने की उम्मीद है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा की इस नई कार में ADAS यानी एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा इस कार में 360 डिग्री कैमरा सिस्टम, Apple Car Play और Android Auto कम्पैटिबिलिटी के साथ बड़ा टचस्क्रीन इंफोसिस्टम भी दिया जा सकता है.सेफ्टी की बात करें तो इस कार को ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग सिस्टम, लेन कीप असिस्ट, ऑटो इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन डिपार्चर वॉर्निंग जैसी खासियतों से पैक्ड किया जा सकता है. Nissan X-Trail: वाहन निर्माता कंपनी निसान इंडिया ने पिछले महीने अपने तीन मॉडल्स को शोकेस किया था, इन तीन मॉडल्स में से एक मॉडल X-Trail का भी था. इस कार को अगले साल ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जा सकता है, लॉन्च के बाद ये कार मार्केट में MG Gloster, Toyota Fortuner आदि अन्य गाड़ियों से मुकाबला करेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार को टेस्टिंग के दौरान स्पॉट किया जा चुका है और इस कार को ई-पावर टेक्नोलॉजी के साथ लाया जा सकता है.
Upcoming सात Seater Cars: अगर आपकी भी फैमिली बड़ी है तो बता दें कि Nissan, Toyota और Tata जल्द अपनी सात सीटर गाड़ियों को बेहतरीन फीचर्स के साथ लॉन्च करने वाली हैं. Upcoming सात Seater Cars: बड़े परिवार वाले लोग सात सीटर गाड़ियों को काफी पसंद करते हैं, हमेशा से ऐसा देखा गया है कि बेहतर बूट स्पेस और सीटिंग कैपेसिटी वाली कारों को डिमांड काफी बढ़िया रहती है. हम आज आप लोगों को इस लेख में उन सात सीटर गाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो जल्द बाजार में एंट्री कर सकती हैं. बता दें कि ग्राहकों के लिए कुछ तो नए मॉडल्स आने वाले हैं तो वहीं कुछ गाड़ियों के फेसलिफ्ट वर्जन नए अंदाज में उतारे जा सकते हैं. Toyota Fortuner Next Gen: टोयोटा फॉर्च्यूनर का नेक्स्ट जेनरेशन मॉडल पिछले लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है. कहा जा रहा है कि कंपनी अपनी इस पॉपुलर कार के नेक्स्ट जेनरेशन वेरिएंट को उतारने की तैयारी में है. अगले साल दो हज़ार तेईस में इस कार को ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जा सकता है. कहा जा रहा है कि मौजूदा IMV आर्किटेक्चर के बजाय टोयोटा अपनी इस अपकमिंग कार को TNGA प्लेटफॉर्म पर तैयार कर सकती है. टोयोटा की इस कार में दो दशमलव आठ लीटरटर डीजल इंजन का इस्तेमाल किया जा सकता है जो माइल्ड हाइब्रिड तकनीक से पैक्ड होगा, इससे कार को बेहतर माइलेज मिलने की उम्मीद है. दो हज़ार तेईस Tata Safari: कई बार रोड्स पर टेस्टिंग के दौरान दो हज़ार तेईस Tata Safari को स्पॉट किया जा चुका है. इस कार को अगले साल पेश किए जाने की उम्मीद है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा की इस नई कार में ADAS यानी एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा इस कार में तीन सौ साठ डिग्री कैमरा सिस्टम, Apple Car Play और Android Auto कम्पैटिबिलिटी के साथ बड़ा टचस्क्रीन इंफोसिस्टम भी दिया जा सकता है.सेफ्टी की बात करें तो इस कार को ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग सिस्टम, लेन कीप असिस्ट, ऑटो इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन डिपार्चर वॉर्निंग जैसी खासियतों से पैक्ड किया जा सकता है. Nissan X-Trail: वाहन निर्माता कंपनी निसान इंडिया ने पिछले महीने अपने तीन मॉडल्स को शोकेस किया था, इन तीन मॉडल्स में से एक मॉडल X-Trail का भी था. इस कार को अगले साल ग्राहकों के लिए लॉन्च किया जा सकता है, लॉन्च के बाद ये कार मार्केट में MG Gloster, Toyota Fortuner आदि अन्य गाड़ियों से मुकाबला करेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार को टेस्टिंग के दौरान स्पॉट किया जा चुका है और इस कार को ई-पावर टेक्नोलॉजी के साथ लाया जा सकता है.
Obstructive Sleep Apnea: तेज खर्राटे लेना, हाई ब्लड प्रेशर, सुबह के वक्त सिर में दर्द होना, दिन के वक्त ज्यादा नींद आना, सांस रुकने या गला चोक होने से नींद खुल जाना, सोते वक्त मुंह सूखना और गला चिपकना, सोते वक्त सांस रुकना या गला चोक हो जाना। नई दिल्ली। बॉलीवुड के महान सिंगर और कम्पोजर बप्पी लहरी का 69 की उम्र में निधन हो गया है। डॉक्टर्स के मुताबिक, ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया बीमारी की वजह से उनकी जान गई। यह बेहद कॉमन स्लीपिंग डिसऑर्डर है। इस बीमारी से सोते वक्त ज्यादा समम्या होती है। आपको बता दें, कि स्लीपिंग डिसऑर्डर कई तरह के होते हैं। वहीं ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप ऐप्निया में सोते वक्त मरीज का गला चोक हो जाता है। इस वजह फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में सीने की मांसपेशियों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। तो चलिए आज जानते है कि इस बीमारी के और क्या-क्या लक्षण, वजह और रिस्क फैक्टर है। खर्राटे लेना भी इसका एक लक्षण है। ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया में मरीज के गले की मसल्स सोते वक्त स्वांसनली में बार-बार रुकावट पैदा करने लगती हैं। तेज खर्राटे लेना, हाई ब्लड प्रेशर, सुबह के वक्त सिर में दर्द होना, दिन के वक्त ज्यादा नींद आना, सांस रुकने या गला चोक होने से नींद खुल जाना, सोते वक्त मुंह सूखना और गला चिपकना, सोते वक्त सांस रुकना या गला चोक हो जाना। अगर आपका वजन ज्यादा है। आप पुरुष है और आपका उम्र 60 से 70 के बीच हो। ब्लड प्रेशर हाई रहता है। आपको बचपन से टॉन्सिल्स की समस्या होती रहती है। अक्सर रात में नाक जाम हो जाती है। आप स्मोक करते हैं। आपको डायबिटीज या दिल की बीमारी या अस्थमा है। अगर सोते वक्त आपके खर्राटे से आपकी या दूसरों की नींद खुल जाती है। गला चोक होकर नींद खुल जाती है, सोते वक्त सांस रुक जाती है, दिनभर आलस आता है, आप टीवी देखते या ड्राइविंग के वक्त भी सोने लगते हैं।
Obstructive Sleep Apnea: तेज खर्राटे लेना, हाई ब्लड प्रेशर, सुबह के वक्त सिर में दर्द होना, दिन के वक्त ज्यादा नींद आना, सांस रुकने या गला चोक होने से नींद खुल जाना, सोते वक्त मुंह सूखना और गला चिपकना, सोते वक्त सांस रुकना या गला चोक हो जाना। नई दिल्ली। बॉलीवुड के महान सिंगर और कम्पोजर बप्पी लहरी का उनहत्तर की उम्र में निधन हो गया है। डॉक्टर्स के मुताबिक, ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया बीमारी की वजह से उनकी जान गई। यह बेहद कॉमन स्लीपिंग डिसऑर्डर है। इस बीमारी से सोते वक्त ज्यादा समम्या होती है। आपको बता दें, कि स्लीपिंग डिसऑर्डर कई तरह के होते हैं। वहीं ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप ऐप्निया में सोते वक्त मरीज का गला चोक हो जाता है। इस वजह फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में सीने की मांसपेशियों को काफी मेहनत करनी पड़ती है। तो चलिए आज जानते है कि इस बीमारी के और क्या-क्या लक्षण, वजह और रिस्क फैक्टर है। खर्राटे लेना भी इसका एक लक्षण है। ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एप्निया में मरीज के गले की मसल्स सोते वक्त स्वांसनली में बार-बार रुकावट पैदा करने लगती हैं। तेज खर्राटे लेना, हाई ब्लड प्रेशर, सुबह के वक्त सिर में दर्द होना, दिन के वक्त ज्यादा नींद आना, सांस रुकने या गला चोक होने से नींद खुल जाना, सोते वक्त मुंह सूखना और गला चिपकना, सोते वक्त सांस रुकना या गला चोक हो जाना। अगर आपका वजन ज्यादा है। आप पुरुष है और आपका उम्र साठ से सत्तर के बीच हो। ब्लड प्रेशर हाई रहता है। आपको बचपन से टॉन्सिल्स की समस्या होती रहती है। अक्सर रात में नाक जाम हो जाती है। आप स्मोक करते हैं। आपको डायबिटीज या दिल की बीमारी या अस्थमा है। अगर सोते वक्त आपके खर्राटे से आपकी या दूसरों की नींद खुल जाती है। गला चोक होकर नींद खुल जाती है, सोते वक्त सांस रुक जाती है, दिनभर आलस आता है, आप टीवी देखते या ड्राइविंग के वक्त भी सोने लगते हैं।
आपकी राशि आपके जीवन पर बहुत प्रभाव डालती है। राशिफल द्वारा भविष्य जीवन में होने वाली घटनाओ का आप पूर्वानुमान लगा सकते हैं। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल होगा की आगे आने वाला सप्ताह हमारे लिए कैसा रहेगा? यह सप्ताह हमारे जीवन में क्या-क्या परिवर्तन ला सकता है? इस सप्ताह आपके सितारे क्या कहते हैं? आज हम आपको अगले सप्ताह का राशिफल बता रहे हैं जिसमें आप अपनी राशि के अनुसार जान सकेंगे की आने वाला सप्ताह आपके प्यार, करियर तथा सेहत के लिहाज से कैसा रहने वाला है। इस साप्ताहिक राशिफल में आपको आपके जीवन में होने वाली एक सप्ताह की घटनाओं का संक्षेप में वर्णन मिलेगा, तो जानने के लिए पढ़ें 2 जुलाई से 8 जुलाई तक का राशिफल. मेष (Aries) च, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ : इस सप्ताह नयी गतिविधियाँ और मनोरंजन आपके लिए विश्राम करने में सहायक सिद्ध होंगे। तंग आर्थिक हालात के चलते कोई अहम काम बीच में अटक सकता है। अपने खर्चों पर क़ाबू रखें और आज हाथ खोलकर व्यय करने से बचें। दफ़्तर में आपका सहयोगी रवैया इच्छित परिणाम लाएगा। आपको कई और ज़िम्मेदारियाँ मिलेंगी और कम्पनी में ऊँचा ओहदा हासिल होगा। यात्रा के दौरान आप नयी जगहों को जानेंगे और महत्वपूर्ण लोगों से मुलाक़ात होगी। इस समय किसी के बीच-बचाव से दूर रहें। सामाजिक कार्यो में भाग लेने की इच्छा परिपूर्ण हो सकती है। प्यार के विषय में : आपका प्रिय आपके साथ में समय बिताने और तोहफ़े की उम्मीद कर सकता है। करियर के विषय में : बिजनेस में भी उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के योग बनेंगे। हेल्थ के विषय में : स्वास्थ्य को लेकर परेशानी झेलनी पड़ सकती है। वृषभ (Taurus) ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो ब बो : सप्ताह की शुरुआत किसी अच्छी खबर के साथ होगी। कारोबार आपका सामान्य चलेगा। परिवार में हल्की अनबन हो सकती है। शत्रु चिंतित करेंगे। संपत्ति से लाभ होगा। निवेश तथा नौकरी के अनुकूल परिणाम होंगे। नए लोगों से मुलाकात हो सकती है। अजनबियों पर विश्वास न करें। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। आपको लगेगा कि कोई बहुत महत्वपूर्ण अवसर आपके हाथ से निकल गया है, लेकिन इसे लेकर परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, समय बीतने पर वही अवसर फिर आपके सामने आएगा और आप उसे पूरे इत्मीनान से स्वीकार कर सकेंगे। प्यार के विषय में : उम्मीद है कि आप इस सप्ताह अपने साथी के साथ कहीं बाहर जाकर बहुत अच्छा समय बिताएंगे। करियर के विषय में : इस सप्ताह व्यापार व्यवसाय में अनुकूल वातावरण बनेगा। हेल्थ के विषय में : लंबी यात्रा करने से आपको मानसिक तनाव हो सकता है। मिथुन (Gemini) का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह : इस सप्ताह पारिवारिक जीवन में आनंद और घनिष्ठता बढ़ेगी, आपसी सहयोग मिलेगा। दूसरों के लिए खराब नीयत रखना मानसिक तनाव को जन्म दे सकता है। इस तरह के विचारों से बचें, क्योंकि ये समय की बर्बादी करते हैं और आपकी क्षमताओं को खत्म करते हैं। काम अपने आप ठीक हो जायेंगे। आज आप अपने स्वभाव में एक आंतरिक संतुष्टि महसूस कर सकते हैं। व्यवसायी जातकों के लिए यह समय थोड़ा मुश्किल हो सकता है, धैर्य से काम करें, आपको अपनी मेहनत का फल अवश्य मिलेगा। आर्थिक मोर्चे पर आपको अच्छा मौका मिलने के संकेत हैं। प्यार के विषय में : इस सप्ताह आपके प्रेम संबंधों के उजागर होने का भय है। करियर के विषय में : इस सप्ताह नौकरी करने वाले लोगों की तनख्वाह में बढ़ोतरी हो सकती है। हेल्थ के विषय में : इस सप्ताह आप बहुत तंदुरुस्त रहेंगे आप किसी खेलकूद में हिस्सा ले सकते हैं। कर्क (Cancer) ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो : इस सप्ताह आप बड़ों का आदर करने में अग्रणी रहेंगे। आप की योग्यता से लोग आप से जुडना पसंद करेंगे। इस सप्ताह आपकी शैली और काम करने का ढंग लोगों को प्रभावित करेगा। अगर आप अपनी चीजों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो इस सप्ताह उनके खोने या चोरी होने की संभावना है। अधिकारियों के मार्गदर्शन से रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। परिजनों से सहयोग मिलेगा। आपके अंदर सफलता की ऊंचाइयों को छूने का जुनून है और यह समय उसके लिए बिल्कुल उचित है। अगर आपका धन कहीं पर लंबे समय से फंसा हुआ है तो वह इस सप्ताह आपको वापस मिल सकता है। प्यार के विषय में : प्रेमियों के लिए यह सप्ताह शुभ नहीं है पार्टनर से अनबन हो सकती है। करियर के विषय में : कारोबारी भागीदारी वाले व्यवसायों और चालाकी भरी आर्थिक योजनाओं में निवेश न करें। हेल्थ के विषय में : इस सप्ताह शरीर में आलस्य बना रहेगा। सिंह (Leo) मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे : इस सप्ताह आपको नौकरीपेशा में निजी क्षेत्र के माध्यम से बड़ा पद मिलने की संभावना है। मित्रों का सहयोग समस्याओं का समाधान करवाएगा। व्यापारियों के लिए उन्नति तथा व्यावसायिक लाभ का समय है। मिली-जुली प्रतिक्रियाएं लक्ष्य को प्रभावित कर सकती हैं। संदिग्ध आर्थिक लेन-देन में फँसने से सावधान रहें। आपके माता-पिता की सेहत चिंता और घबराहट का कारण बन सकती है। इच्छाविरुद्ध कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। लेखनकार्य के लिए सप्ताह अच्छा है। बुद्धि से आप किसी भी उलझन को सुलझा लेंगे। प्यार के विषय में : प्रेमी के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं। संबंधों में भी सुधार हो सकता है। करियर के विषय में : नौकरीपेशा लोगों को अचानक धन लाभ होने की संभावना है। प्रमोशन के भी चांस मिल सकते हैं। हेल्थ के विषय में : कोई पुरानी बीमारी भी परेशान कर सकती है, सावधान रहें। कन्या (Virgo) ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो : इस सप्ताह आपके लिए सम्पति के बड़े सौदे लाभदायक रहेंगे। आपकी समझ और अनुभव से भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। इस सप्ताह बच्चे और बुजुर्ग खुद के लिए आपसे ज्यादा समय की मांग कर सकते हैं। आपको विदेश से समाचार मिलेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। समय समय पर घर के बुजुर्गो को समय दें। आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। आपका जबरदस्त उत्साह विशेष रूप से बहुत आकर्षक होगा और यह कई लोगों को आपके पक्ष में आकर्षित करेगा। वरिष्ठ अधिकारियों से लाभ पाओगे। प्यार के विषय में : इस सप्ताह आपको प्यार की कमी महसूस हो सकती है। करियर के विषय में : आर्थिक लिहाज से आप के लिए यह सप्ताह अनुकूल रहेगा। हेल्थ के विषय में : इस सप्ताह आप की सेहत में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। तुला (Libra) रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते : इस सप्ताह आप अपने कोर्ट-कचहरी संबंधी कार्यों में सावधानी रखें। गणेश जी आपको यह समय ईश्वरभक्ति और आध्यात्मिक प्रवृत्तियों में बिताने की सलाह देते हैं। सप्ताह की शुरुआत में आपको थोडी बहुत प्रतिकूलताओं का सामना करना पडे़गा। भाग्यवृद्धि होने के संकेत है। किसी फैसले या किसी स्थिति में तब तक शामिल न हों, जब तक आपने उसे ठीक से समझ न लिया हो। आपको भावनात्मक संतुलन रखने में परेशानी आएगी। मीठा बोलकर काम पूरे करवा लेंगे। अनजान लोगों पर भरोसा करने से बचें। आपकी कार्य क्षमता आने वाले दिनों में भी आपको फायदा दिलाएगी। प्यार के विषय में : विवाहित इस सप्ताह पार्टनर की उपलब्धियों से बेहद खुश होंगे। करियर के विषय में : इस सप्ताह कारोबार में ज्यादा खर्च हो सकता है। निवेश करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। हेल्थ के विषय में : परिवार में किसी सदस्य की सेहत खराब हो सकती है। वृश्चिक (Scorpio) तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू : इस सप्ताह आप बड़ी कुशलता के साथ अपने सामाजिक दायित्वों को पूरा करेंगे। अध्ययन में रुचि बढ़ेगी। जीवन साथी से धन की प्राप्ति हो सकती है। आध्यात्मिक क्षेत्र में एक नई सोच का जन्म हो सकता है। सरकारी कार्य समय पर पूर्ण होंगे। कोई उपहार मिल सकता है। मान सम्मान बढ़ेगा। कर्ज संबंधी समस्याओं से निपटारा होगा। तनाव दूर होने से कार्यों में गति आएगी। वाहन सुख मिलेगा। संपर्कों के जरिए प्रगति के अवसर मिलेंगे। परिवार में सुख शांति का माहौल रहेगा। सहकर्मियों से उम्मीद के मुताबिक सहयोग नहीं मिलेगा लेकिन धैर्य का दामन थामे रहें। प्यार के विषय में : आपकी लव लाइफ एकदम बोरिंग चल रही है इसमें नयापन लाने के लिए आपको कुछ हटकर करना होगा। करियर के विषय में : नौकरीपेशा लोगों को उनके सहकर्मियों द्वारा सहयोग प्राप्त होगा। हेल्थ के विषय में : सेहत से समझौता न करें वरना किसी रोग की चपेट में आ सकते हैं। धनु (Sagittarius) ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे : इस सप्ताह आप नए क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास करेंगे। लाभ के लिए निवेश का विकल्प भी खुला रहेगा। आप व्यापार में प्रगति करोगे। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। संपत्ति के मामलों में सुधार होगी। किसी काम के कारण आपको यात्रा करनी होगी। नौकरीपेशा में वरिष्ठों का सहयोग कार्य क्षेत्र में सरलता देगा। महिला, छात्रवर्ग को विदेश के अवसर मिल सकते हैं। अपने पैसे के दृश्य पर नजर रखें क्योंकि कुछ अप्रत्याशित आपकी कमाई या आपकी संपत्ति को प्रभावित करेगा। इनकम बढ़ाने के लिए आप ज्यादा मेहनत करेंगे और कुछ हद तक सफल भी हो सकते हैं। प्यार के विषय में : आपके क़रीबी आपके प्रेम संबंधों को तोड़ने की साज़िश रच सकते हैं। करियर के विषय में : बिजनेस और नौकरी के सिलसिले में की गई यात्राएं आपके लिए फायदेमंद रहेंगी। हेल्थ के विषय में : सेहत के नजरिए से समय आपके लिए अच्छा है। पुराने रोग खत्म हो सकते हैं। मकर (Capricorn) भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी : इस सप्ताह आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। जिस भी कार्य को शुरू करेंगे। उसमें मनचाही उन्नति प्राप्त होगी। कारोबार उन्नति की राह पर अग्रसर होगा। परिवार के बड़े सदस्यों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। किसी भी बड़े निवेश को करने से पहले सोच विचार जरूर करें। रचनात्मक काम में लगे लोगों के लिए सफलता से भरा सप्ताह है, उन्हें वह शौहरत और पहचान मिलेगी जिसकी उन्हें एक अरसे से तलाश थी। सहकर्मियों और वरिष्ठों से मिला सहयोग आपके उत्साह में इजाफा करेगा। किसी भी ख़र्चीले काम या योजना में हाथ डालने से पहले ठीक तरह से सोच-विचार कर लें। प्यार के विषय में : पार्टनर के साथ अनबन होने के योग बन रहे हैं। सावधान रहें। करियर के विषय में : पैसों के मामले में किसी पर भरोसा न करें। धोखा हो सकता है। हेल्थ के विषय में : सेहत कमजोर रहेगी। भोजन में सावधानी रखें। कुंभ (Aquarius) गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा : इस सप्ताह कुछ नया करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें। जोखिम भरे फैसले न लें। आप काम-धंधे के चलते अपने परिवार से दूर रह सकते हैं। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ने के आसार हैं। आप परोपकार के कार्यों के लिए चंदा इत्यादि भी दे सकते हैं। संतान के साथ आपके वैचारिक मतभेद बनते दिखाई दे रहे हैं व उनकी उन्नति में रुकावटें संभव हैं। पढ़ने में उनका ध्यान कुछ कम रहेगा। अचानक से किसी परेशानी के चलते आपके कुछ महत्वपूर्ण कार्य रुक सकते हैं। रुपये-पैसे के मामले में कोई हड़बड़ी ना दिखाएं। लोगों से अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करें। प्यार के विषय में : जो संबंध आपको भावनात्मक मजबूती देते हैं, उनके बारे में गहराई से विचार करें। लव लाइफ के लिए सप्ताह अच्छा रहेगा। करियर के विषय में : जो जातक पिछले कुछ समय से रोजगार पाने के लिए प्रयासरत हैं, उनमें से कुछ को इस हफ्ते सफलता मिल सकती है। हेल्थ के विषय में : सेहत के मामले में यह सप्ताह ठीक-ठाक ही रहेगा। कोई बड़ी बीमारी या तकलीफ होने के योग नहीं है। मीन (Pisces) दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची : इस सप्ताह कुछ नए लोगों से मुलाकात होने के योग बन रहे हैं। सामाजिक कार्यों में मान-सम्मान की वृद्धि होगी। परिवार का सहयोग मिल सकता है। नौकरी और व्यावसायिक कार्यों में परिश्रम से सफलता प्राप्त करेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। कानूनी अड़चन दूर होगी। धनार्जन होगा। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा। इस सप्ताह नए संबंधों की शुरुआत होने की संभावना रहेगी। धन लाभ होने की भी संभावना है लेकिन राह में चुनौतियां भी आएंगी। अकेलापन आपको जकड़ने की कोशिश कर सकता है, इसे खुद पर काबू न करने दें बाहर जाकर कुछ दोस्तों के साथ समय बिताएँ। प्यार के विषय में : इस सप्ताह आपके प्रेम संबंधों के उजागर होने का भय है। करियर के विषय में : बिजनेस में भी किसी से अनबन हो सकती है। स्टूडेंट्स थोड़े परेशान जरूर रहेंगे। हेल्थ के विषय में : योग का सहारा लें जो शारीरिक तौर पर स्वस्थ रखकर दिल और दिमाग को बेहतर बनाएगा।
आपकी राशि आपके जीवन पर बहुत प्रभाव डालती है। राशिफल द्वारा भविष्य जीवन में होने वाली घटनाओ का आप पूर्वानुमान लगा सकते हैं। बहुत से लोगों के मन में यह सवाल होगा की आगे आने वाला सप्ताह हमारे लिए कैसा रहेगा? यह सप्ताह हमारे जीवन में क्या-क्या परिवर्तन ला सकता है? इस सप्ताह आपके सितारे क्या कहते हैं? आज हम आपको अगले सप्ताह का राशिफल बता रहे हैं जिसमें आप अपनी राशि के अनुसार जान सकेंगे की आने वाला सप्ताह आपके प्यार, करियर तथा सेहत के लिहाज से कैसा रहने वाला है। इस साप्ताहिक राशिफल में आपको आपके जीवन में होने वाली एक सप्ताह की घटनाओं का संक्षेप में वर्णन मिलेगा, तो जानने के लिए पढ़ें दो जुलाई से आठ जुलाई तक का राशिफल. मेष च, चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, आ : इस सप्ताह नयी गतिविधियाँ और मनोरंजन आपके लिए विश्राम करने में सहायक सिद्ध होंगे। तंग आर्थिक हालात के चलते कोई अहम काम बीच में अटक सकता है। अपने खर्चों पर क़ाबू रखें और आज हाथ खोलकर व्यय करने से बचें। दफ़्तर में आपका सहयोगी रवैया इच्छित परिणाम लाएगा। आपको कई और ज़िम्मेदारियाँ मिलेंगी और कम्पनी में ऊँचा ओहदा हासिल होगा। यात्रा के दौरान आप नयी जगहों को जानेंगे और महत्वपूर्ण लोगों से मुलाक़ात होगी। इस समय किसी के बीच-बचाव से दूर रहें। सामाजिक कार्यो में भाग लेने की इच्छा परिपूर्ण हो सकती है। प्यार के विषय में : आपका प्रिय आपके साथ में समय बिताने और तोहफ़े की उम्मीद कर सकता है। करियर के विषय में : बिजनेस में भी उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के योग बनेंगे। हेल्थ के विषय में : स्वास्थ्य को लेकर परेशानी झेलनी पड़ सकती है। वृषभ ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो ब बो : सप्ताह की शुरुआत किसी अच्छी खबर के साथ होगी। कारोबार आपका सामान्य चलेगा। परिवार में हल्की अनबन हो सकती है। शत्रु चिंतित करेंगे। संपत्ति से लाभ होगा। निवेश तथा नौकरी के अनुकूल परिणाम होंगे। नए लोगों से मुलाकात हो सकती है। अजनबियों पर विश्वास न करें। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। आपको लगेगा कि कोई बहुत महत्वपूर्ण अवसर आपके हाथ से निकल गया है, लेकिन इसे लेकर परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, समय बीतने पर वही अवसर फिर आपके सामने आएगा और आप उसे पूरे इत्मीनान से स्वीकार कर सकेंगे। प्यार के विषय में : उम्मीद है कि आप इस सप्ताह अपने साथी के साथ कहीं बाहर जाकर बहुत अच्छा समय बिताएंगे। करियर के विषय में : इस सप्ताह व्यापार व्यवसाय में अनुकूल वातावरण बनेगा। हेल्थ के विषय में : लंबी यात्रा करने से आपको मानसिक तनाव हो सकता है। मिथुन का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह : इस सप्ताह पारिवारिक जीवन में आनंद और घनिष्ठता बढ़ेगी, आपसी सहयोग मिलेगा। दूसरों के लिए खराब नीयत रखना मानसिक तनाव को जन्म दे सकता है। इस तरह के विचारों से बचें, क्योंकि ये समय की बर्बादी करते हैं और आपकी क्षमताओं को खत्म करते हैं। काम अपने आप ठीक हो जायेंगे। आज आप अपने स्वभाव में एक आंतरिक संतुष्टि महसूस कर सकते हैं। व्यवसायी जातकों के लिए यह समय थोड़ा मुश्किल हो सकता है, धैर्य से काम करें, आपको अपनी मेहनत का फल अवश्य मिलेगा। आर्थिक मोर्चे पर आपको अच्छा मौका मिलने के संकेत हैं। प्यार के विषय में : इस सप्ताह आपके प्रेम संबंधों के उजागर होने का भय है। करियर के विषय में : इस सप्ताह नौकरी करने वाले लोगों की तनख्वाह में बढ़ोतरी हो सकती है। हेल्थ के विषय में : इस सप्ताह आप बहुत तंदुरुस्त रहेंगे आप किसी खेलकूद में हिस्सा ले सकते हैं। कर्क ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो : इस सप्ताह आप बड़ों का आदर करने में अग्रणी रहेंगे। आप की योग्यता से लोग आप से जुडना पसंद करेंगे। इस सप्ताह आपकी शैली और काम करने का ढंग लोगों को प्रभावित करेगा। अगर आप अपनी चीजों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो इस सप्ताह उनके खोने या चोरी होने की संभावना है। अधिकारियों के मार्गदर्शन से रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। परिजनों से सहयोग मिलेगा। आपके अंदर सफलता की ऊंचाइयों को छूने का जुनून है और यह समय उसके लिए बिल्कुल उचित है। अगर आपका धन कहीं पर लंबे समय से फंसा हुआ है तो वह इस सप्ताह आपको वापस मिल सकता है। प्यार के विषय में : प्रेमियों के लिए यह सप्ताह शुभ नहीं है पार्टनर से अनबन हो सकती है। करियर के विषय में : कारोबारी भागीदारी वाले व्यवसायों और चालाकी भरी आर्थिक योजनाओं में निवेश न करें। हेल्थ के विषय में : इस सप्ताह शरीर में आलस्य बना रहेगा। सिंह मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे : इस सप्ताह आपको नौकरीपेशा में निजी क्षेत्र के माध्यम से बड़ा पद मिलने की संभावना है। मित्रों का सहयोग समस्याओं का समाधान करवाएगा। व्यापारियों के लिए उन्नति तथा व्यावसायिक लाभ का समय है। मिली-जुली प्रतिक्रियाएं लक्ष्य को प्रभावित कर सकती हैं। संदिग्ध आर्थिक लेन-देन में फँसने से सावधान रहें। आपके माता-पिता की सेहत चिंता और घबराहट का कारण बन सकती है। इच्छाविरुद्ध कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी मिल सकती है। लेखनकार्य के लिए सप्ताह अच्छा है। बुद्धि से आप किसी भी उलझन को सुलझा लेंगे। प्यार के विषय में : प्रेमी के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं। संबंधों में भी सुधार हो सकता है। करियर के विषय में : नौकरीपेशा लोगों को अचानक धन लाभ होने की संभावना है। प्रमोशन के भी चांस मिल सकते हैं। हेल्थ के विषय में : कोई पुरानी बीमारी भी परेशान कर सकती है, सावधान रहें। कन्या ढो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो : इस सप्ताह आपके लिए सम्पति के बड़े सौदे लाभदायक रहेंगे। आपकी समझ और अनुभव से भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। इस सप्ताह बच्चे और बुजुर्ग खुद के लिए आपसे ज्यादा समय की मांग कर सकते हैं। आपको विदेश से समाचार मिलेंगे। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। समय समय पर घर के बुजुर्गो को समय दें। आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। आपका जबरदस्त उत्साह विशेष रूप से बहुत आकर्षक होगा और यह कई लोगों को आपके पक्ष में आकर्षित करेगा। वरिष्ठ अधिकारियों से लाभ पाओगे। प्यार के विषय में : इस सप्ताह आपको प्यार की कमी महसूस हो सकती है। करियर के विषय में : आर्थिक लिहाज से आप के लिए यह सप्ताह अनुकूल रहेगा। हेल्थ के विषय में : इस सप्ताह आप की सेहत में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। तुला रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते : इस सप्ताह आप अपने कोर्ट-कचहरी संबंधी कार्यों में सावधानी रखें। गणेश जी आपको यह समय ईश्वरभक्ति और आध्यात्मिक प्रवृत्तियों में बिताने की सलाह देते हैं। सप्ताह की शुरुआत में आपको थोडी बहुत प्रतिकूलताओं का सामना करना पडे़गा। भाग्यवृद्धि होने के संकेत है। किसी फैसले या किसी स्थिति में तब तक शामिल न हों, जब तक आपने उसे ठीक से समझ न लिया हो। आपको भावनात्मक संतुलन रखने में परेशानी आएगी। मीठा बोलकर काम पूरे करवा लेंगे। अनजान लोगों पर भरोसा करने से बचें। आपकी कार्य क्षमता आने वाले दिनों में भी आपको फायदा दिलाएगी। प्यार के विषय में : विवाहित इस सप्ताह पार्टनर की उपलब्धियों से बेहद खुश होंगे। करियर के विषय में : इस सप्ताह कारोबार में ज्यादा खर्च हो सकता है। निवेश करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। हेल्थ के विषय में : परिवार में किसी सदस्य की सेहत खराब हो सकती है। वृश्चिक तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू : इस सप्ताह आप बड़ी कुशलता के साथ अपने सामाजिक दायित्वों को पूरा करेंगे। अध्ययन में रुचि बढ़ेगी। जीवन साथी से धन की प्राप्ति हो सकती है। आध्यात्मिक क्षेत्र में एक नई सोच का जन्म हो सकता है। सरकारी कार्य समय पर पूर्ण होंगे। कोई उपहार मिल सकता है। मान सम्मान बढ़ेगा। कर्ज संबंधी समस्याओं से निपटारा होगा। तनाव दूर होने से कार्यों में गति आएगी। वाहन सुख मिलेगा। संपर्कों के जरिए प्रगति के अवसर मिलेंगे। परिवार में सुख शांति का माहौल रहेगा। सहकर्मियों से उम्मीद के मुताबिक सहयोग नहीं मिलेगा लेकिन धैर्य का दामन थामे रहें। प्यार के विषय में : आपकी लव लाइफ एकदम बोरिंग चल रही है इसमें नयापन लाने के लिए आपको कुछ हटकर करना होगा। करियर के विषय में : नौकरीपेशा लोगों को उनके सहकर्मियों द्वारा सहयोग प्राप्त होगा। हेल्थ के विषय में : सेहत से समझौता न करें वरना किसी रोग की चपेट में आ सकते हैं। धनु ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे : इस सप्ताह आप नए क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास करेंगे। लाभ के लिए निवेश का विकल्प भी खुला रहेगा। आप व्यापार में प्रगति करोगे। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। संपत्ति के मामलों में सुधार होगी। किसी काम के कारण आपको यात्रा करनी होगी। नौकरीपेशा में वरिष्ठों का सहयोग कार्य क्षेत्र में सरलता देगा। महिला, छात्रवर्ग को विदेश के अवसर मिल सकते हैं। अपने पैसे के दृश्य पर नजर रखें क्योंकि कुछ अप्रत्याशित आपकी कमाई या आपकी संपत्ति को प्रभावित करेगा। इनकम बढ़ाने के लिए आप ज्यादा मेहनत करेंगे और कुछ हद तक सफल भी हो सकते हैं। प्यार के विषय में : आपके क़रीबी आपके प्रेम संबंधों को तोड़ने की साज़िश रच सकते हैं। करियर के विषय में : बिजनेस और नौकरी के सिलसिले में की गई यात्राएं आपके लिए फायदेमंद रहेंगी। हेल्थ के विषय में : सेहत के नजरिए से समय आपके लिए अच्छा है। पुराने रोग खत्म हो सकते हैं। मकर भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी : इस सप्ताह आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। जिस भी कार्य को शुरू करेंगे। उसमें मनचाही उन्नति प्राप्त होगी। कारोबार उन्नति की राह पर अग्रसर होगा। परिवार के बड़े सदस्यों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। किसी भी बड़े निवेश को करने से पहले सोच विचार जरूर करें। रचनात्मक काम में लगे लोगों के लिए सफलता से भरा सप्ताह है, उन्हें वह शौहरत और पहचान मिलेगी जिसकी उन्हें एक अरसे से तलाश थी। सहकर्मियों और वरिष्ठों से मिला सहयोग आपके उत्साह में इजाफा करेगा। किसी भी ख़र्चीले काम या योजना में हाथ डालने से पहले ठीक तरह से सोच-विचार कर लें। प्यार के विषय में : पार्टनर के साथ अनबन होने के योग बन रहे हैं। सावधान रहें। करियर के विषय में : पैसों के मामले में किसी पर भरोसा न करें। धोखा हो सकता है। हेल्थ के विषय में : सेहत कमजोर रहेगी। भोजन में सावधानी रखें। कुंभ गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा : इस सप्ताह कुछ नया करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें। जोखिम भरे फैसले न लें। आप काम-धंधे के चलते अपने परिवार से दूर रह सकते हैं। सामाजिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ने के आसार हैं। आप परोपकार के कार्यों के लिए चंदा इत्यादि भी दे सकते हैं। संतान के साथ आपके वैचारिक मतभेद बनते दिखाई दे रहे हैं व उनकी उन्नति में रुकावटें संभव हैं। पढ़ने में उनका ध्यान कुछ कम रहेगा। अचानक से किसी परेशानी के चलते आपके कुछ महत्वपूर्ण कार्य रुक सकते हैं। रुपये-पैसे के मामले में कोई हड़बड़ी ना दिखाएं। लोगों से अच्छे संबंध बनाने की कोशिश करें। प्यार के विषय में : जो संबंध आपको भावनात्मक मजबूती देते हैं, उनके बारे में गहराई से विचार करें। लव लाइफ के लिए सप्ताह अच्छा रहेगा। करियर के विषय में : जो जातक पिछले कुछ समय से रोजगार पाने के लिए प्रयासरत हैं, उनमें से कुछ को इस हफ्ते सफलता मिल सकती है। हेल्थ के विषय में : सेहत के मामले में यह सप्ताह ठीक-ठाक ही रहेगा। कोई बड़ी बीमारी या तकलीफ होने के योग नहीं है। मीन दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची : इस सप्ताह कुछ नए लोगों से मुलाकात होने के योग बन रहे हैं। सामाजिक कार्यों में मान-सम्मान की वृद्धि होगी। परिवार का सहयोग मिल सकता है। नौकरी और व्यावसायिक कार्यों में परिश्रम से सफलता प्राप्त करेंगे। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। कानूनी अड़चन दूर होगी। धनार्जन होगा। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा। इस सप्ताह नए संबंधों की शुरुआत होने की संभावना रहेगी। धन लाभ होने की भी संभावना है लेकिन राह में चुनौतियां भी आएंगी। अकेलापन आपको जकड़ने की कोशिश कर सकता है, इसे खुद पर काबू न करने दें बाहर जाकर कुछ दोस्तों के साथ समय बिताएँ। प्यार के विषय में : इस सप्ताह आपके प्रेम संबंधों के उजागर होने का भय है। करियर के विषय में : बिजनेस में भी किसी से अनबन हो सकती है। स्टूडेंट्स थोड़े परेशान जरूर रहेंगे। हेल्थ के विषय में : योग का सहारा लें जो शारीरिक तौर पर स्वस्थ रखकर दिल और दिमाग को बेहतर बनाएगा।
एसएटी एक्ट में न्यायालय के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने सोमवार को कानपुर में भी धरना प्रदर्शन किया। चौराहों पर कई घंटे तक जाम लगाया। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। बड़ा चौराहा और नानाराव पार्क के बाहर पुलिस और प्रदर्शन करने वालों में झड़प भी हुई। इस बीच केंद्र सरकार का पुतला फूंकने जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लाठी लेकर दौड़ाया। बाजारों में बंद का कोई असर नहीं रहा। दलित संगठनों का प्रदर्शन शाम पांच बजे तक चला। बसपा की तरफ से जुलूस निकालकर सरकार और न्यायालय विरोध नारेबाजी की गई। दिन में चुन्नीगंज चौराहे से बसपा के साथ दूसरे संगठनों ने जुलूस निकाला। जुलूस लाल इमली चौराहे होते हुए पहले बड़ा चौराहा पर आकर रुका। यहां प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ ग्रए, जिससे पूरा चौराहा जाम हो गया। काफी देर के बाद पुलिस ने यहां से लोगों को उठाया तो जुलूस आगे चलकर फूलबाग चौराहे पर इकट्ठा हो गया। इस बीच भीड़ ने शिवाला मार्केट पहुंचकर वहां की दुकानों को बंद कराने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद पुलिस की निगरानी में सभी प्रदर्शन करने वालों को नानाराव पार्क में लाकर रोक दिया गया है। जहां पर लोगों ने केंद्र सरकार और न्यायालय के फैसले पर के खिलाफ नारेबाजी की। समाजवादी पार्टी की नगर और ग्रामीण इकाई ने भी भारत बंद का समर्थन किया। इस मौके पर नगर अध्यक्ष मुईन खान ने पार्टी की अल्पसंख्यक सभा की बैठक में कहा कि एसएसटी उत्पीड़न कानून को कमजोर करने को लेकर दलितों का विरोध जायज है। ग्रामीण अध्यक्ष राघवेंद्र ने कहा कि किसी का अधिकार छीनने का अधिकार किसी को नहीं है। बंद समर्थन करनेवालों में दलित शोषण मुक्ति मंच, दलित मुस्लिम राजैनतिक मोर्चा भी शामिल रहा।
एसएटी एक्ट में न्यायालय के फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने सोमवार को कानपुर में भी धरना प्रदर्शन किया। चौराहों पर कई घंटे तक जाम लगाया। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। बड़ा चौराहा और नानाराव पार्क के बाहर पुलिस और प्रदर्शन करने वालों में झड़प भी हुई। इस बीच केंद्र सरकार का पुतला फूंकने जा रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लाठी लेकर दौड़ाया। बाजारों में बंद का कोई असर नहीं रहा। दलित संगठनों का प्रदर्शन शाम पांच बजे तक चला। बसपा की तरफ से जुलूस निकालकर सरकार और न्यायालय विरोध नारेबाजी की गई। दिन में चुन्नीगंज चौराहे से बसपा के साथ दूसरे संगठनों ने जुलूस निकाला। जुलूस लाल इमली चौराहे होते हुए पहले बड़ा चौराहा पर आकर रुका। यहां प्रदर्शनकारी धरने पर बैठ ग्रए, जिससे पूरा चौराहा जाम हो गया। काफी देर के बाद पुलिस ने यहां से लोगों को उठाया तो जुलूस आगे चलकर फूलबाग चौराहे पर इकट्ठा हो गया। इस बीच भीड़ ने शिवाला मार्केट पहुंचकर वहां की दुकानों को बंद कराने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को वहां से खदेड़ दिया। इसके बाद पुलिस की निगरानी में सभी प्रदर्शन करने वालों को नानाराव पार्क में लाकर रोक दिया गया है। जहां पर लोगों ने केंद्र सरकार और न्यायालय के फैसले पर के खिलाफ नारेबाजी की। समाजवादी पार्टी की नगर और ग्रामीण इकाई ने भी भारत बंद का समर्थन किया। इस मौके पर नगर अध्यक्ष मुईन खान ने पार्टी की अल्पसंख्यक सभा की बैठक में कहा कि एसएसटी उत्पीड़न कानून को कमजोर करने को लेकर दलितों का विरोध जायज है। ग्रामीण अध्यक्ष राघवेंद्र ने कहा कि किसी का अधिकार छीनने का अधिकार किसी को नहीं है। बंद समर्थन करनेवालों में दलित शोषण मुक्ति मंच, दलित मुस्लिम राजैनतिक मोर्चा भी शामिल रहा।
Updated :07 Jun, 2023, 04:55 PM(IST) Reported By: पटना : खबर है राजधानी पटना से जहां क्षेत्र में लगातार हो रही अपराधी घटना और लापरवाही बरतने के आरोप में पत्रकार नगर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पटना SSP ने यह कार्रवाई की है साथ ही पूरे मामले में थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। गौरतलब है कि पटना के पत्रकार नगर इलाके में पिछले कुछ दिनों से आपराधिक घटनाओ का ग्राफ काफी बढ़ गया था। वहीँ बुधवार को पटना SSP राजीव मिश्रा ने पत्रकार नगर थाना प्रभारी मनोरंजन भारती को लाइन हाजिर कर दिया है।
Updated :सात जून, दो हज़ार तेईस, चार:पचपन PM Reported By: पटना : खबर है राजधानी पटना से जहां क्षेत्र में लगातार हो रही अपराधी घटना और लापरवाही बरतने के आरोप में पत्रकार नगर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। पटना SSP ने यह कार्रवाई की है साथ ही पूरे मामले में थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। गौरतलब है कि पटना के पत्रकार नगर इलाके में पिछले कुछ दिनों से आपराधिक घटनाओ का ग्राफ काफी बढ़ गया था। वहीँ बुधवार को पटना SSP राजीव मिश्रा ने पत्रकार नगर थाना प्रभारी मनोरंजन भारती को लाइन हाजिर कर दिया है।
प्रीलिम्स के लियेः मेन्स के लियेः चर्चा में क्यों? हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम, 2008 (National Investigation Agency Act, 2008) की वैधानिकता को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। - छत्तीसगढ़ राज्य ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत इस केंद्रीय कानून को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने की मांग की है। - ध्यातव्य है कि संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत सर्वोच्च न्यायालय के पास यह मूल क्षेत्राधिकार है कि वह केंद्र और राज्य के बीच, केंद्र एवं राज्य और राज्य/राज्यों के बीच तथा दो या अधिक राज्यों के बीच किसी विवाद की सुनवाई कर सकता है। - छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार, यह कानून संविधान का उल्लंघन करता है और राज्य की पुलिस के कार्यों में हस्तक्षेप करता है जो कि असंवैधानिक है। - यह दूसरा उदाहरण है जब किसी राज्य ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत एक केंद्रीय कानून को चुनौती देने की मांग की है। गौरतलब है कि इसके पहले केरल सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम को उच्चतम न्यायालय में अनुच्छेद 131 के तहत चुनौती दी थी। - यह कानून भारत की प्रमुख आतंकवाद विरोधी एजेंसी के कामकाज को नियंत्रित करता है। ध्यातव्य है कि वर्ष 2008 के 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद इस कानून को पारित किया गया था। (National Investigation Agency- NIA) - राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी भी कहा जाता है। - यह अधिनियम सही मायने में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को संयुक्त राज्य अमेरिका के एफबीआई (Federal Bureau of Investigation- FBI) की तर्ज़ पर देश की एकमात्र संघीय एजेंसी बनाता है, जो सीबीआई से भी अधिक शक्तिशाली है। - यह अधिनियम NIA को भारत के किसी भी हिस्से में आतंकी गतिविधियों पर संज्ञान लेने और राज्य सरकार की अनुमति के बिना किसी भी राज्य में प्रवेश करने तथा लोगों की जाँच एवं गिरफ्तारी के लिए मुकदमा दायर करने की शक्ति देता है। - छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार, यह अधिनियम केंद्र सरकार को जाँच के लिये एक एजेंसी के गठन की अनुमति देता है, जो कि राज्य पुलिस का कार्य है। - याचिका में कहा गया है कि यह अधिनियम राज्य को पुलिस के माध्यम से जाँच कराने की उसकी शक्ति का अतिक्रमण करता है, जबकि केंद्र की विवेकाधीन और मनमानी शक्तियों का उल्लेख करता है और राज्य की संप्रभुता का उल्लंघन करता है। - गौरतलब है कि राज्य ने अधिनियम की धारा 6 (4), 6 (6), 7, 8 और 10 के प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई है। - धारा 6 की उपधारा 4 के अनुसार, यदि केंद्र सरकार की यह राय है कि अपराध अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आता है और यह NIA द्वारा जाँच के लिये उपयुक्त मामला है तो केंद्र सरकार NIA को अपराध की जाँच करने का निर्देश देगी। - उपधारा 6 के अनुसार, जहाँ कोई निर्देश उपधारा (4) या उपधारा (5) के अधीन दिया गया है वहाँ राज्य सरकार और अपराध की जाँच करने वाला राज्य सरकार का कोई भी पुलिस अधिकारी आगे जाँच नहीं करेगा और तत्काल संबंधित दस्तावेज़ों और अभिलेखों को एजेंसी को प्रेषित करेगा। - केंद्र सरकार के पूर्व अनुमोदन से मामले को अपराध के अन्वेषण और विचारण के लिये राज्य सरकार को अंतरित कर सकेगा। - धारा 8 : संसक्त अपराधों की जाँच करने की शक्ति- किसी भी अनुसूचित अपराध की जांच करते समय एजेंसी किसी अन्य अपराध की भी जांच कर सकती है, यदि वह अपराध अनुसूचित अपराध के साथ जुड़ा हुआ है। - धारा 10 : अनुसूचित अपराधों का अन्वेषण करने की राज्य सरकार की शक्ति- इस अधिनियम में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय इस अधिनियम की कोई बात किसी विधि के अधीन अन्य अपराधों का अन्वेषण और अभियोजन करने की राज्य सरकार की शक्तियों पर प्रभाव नहीं डालेगी। - हाल ही में वर्ष 2008 के मूल अधिनियम में संशोधन करते हुए संसद द्वारा राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2019 पारित किया गया। - इस विधेयक में NIA को निम्नलिखित अतिरिक्त आपराधिक मामलों की भी जाँच करने की अनुमति देने का प्रावधान हैः - विस्फोटक पदार्थ अधिनियम (Explosive Substances Act), 1908 के तहत अपराध। - NIA के अधिकारियों को पूरे देश में ऐसे अपराधों की जाँच करने के संबंध में अन्य पुलिस अधिकारियों के समान ही शक्तियाँ प्राप्त हैं। - NIA को भारत के बाहर घटित ऐसे सूचीबद्ध अपराधों की जाँच करने का अधिकार होगा, जो अंतर्राष्ट्रीय संधियों और अन्य देशों के घरेलू कानूनों के अधीन हैं। - केंद्र सरकार NIA को ऐसे मामलों की जाँच के निर्देश दे सकती है जो भारत में ही अंजाम दिये गए हों। - ऐसे मामलों पर नई दिल्ली स्थित विशेष न्यायालय का न्यायाधिकार होगा। - यह संशोधन केंद्र सरकार को NIA परीक्षणों के लिये सत्र अदालतों को विशेष अदालतों के रूप में नामित करने में सक्षम बनाता है। - गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) संशोधन अधिनियम (UAPA), 2019 किसी राज्य के पुलिस महानिदेशक की पूर्व अनुमति के बिना एक NIA अधिकारी को छापा मारने और उन लोगों की संपत्तियों को ज़ब्त करने की अनुमति देता है जिनके आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने की आशंका है। जाँच अधिकारी को केवल NIA के महानिदेशक से मंज़ूरी की आवश्यकता होती है। - संविधान की अनुसूची VII के तहत सार्वजनिक व्यवस्था और पुलिस बल का रखरखाव राज्य सूची का विषय है। - यद्यपि आपराधिक कानून समवर्ती सूची और राष्ट्रीय सुरक्षा संघ सूची में शामिल विषय हैं। - केंद्र सरकार के पास यह अधिकार है कि वह मानव तस्करी, विस्फोटक अधिनियम के अंतर्गत शामिल अपराध और शस्त्र अधिनियम के दायरे में किये गए कुछ अपराधों की जाँच का उत्तरदायित्व NIA को सौंप सकती है। - यद्यपि उपरोक्त अधिनियम के दायरे में आने वाले प्रत्येक अपराध राष्ट्रीय सुरक्षा व संप्रभुता के लिये खतरा नहीं होते और राज्यों के पास इनसे निपटने की क्षमता मौजूद है। - संशोधन विधेयक सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (Information Technology Act) की धारा 66F को अपराधों का सूचीकरण करते हुए अनुसूची में शामिल करता है। - धारा 66F साइबर आतंकवाद से संबंधित है। - लेकिन भारत में कोई डेटा सुरक्षा अधिनियम प्रवर्तित नहीं है और साइबर आतंकवाद की कोई परिभाषा तय नहीं की गई है। - NIA अधिनियम में लाया गया संशोधन एजेंसी को व्यक्तियों द्वारा किये गए उन अपराधों की जाँच का भी अधिकार देता है जो भारतीय नागरिकों के विरुद्ध हैं या 'भारत के हित को प्रभावित करने' वाले हैं। - हालाँकि 'भारत के हित को प्रभावित करने' वाले वाक्यांश को परिभाषित नहीं किया गया है और सरकारों द्वारा भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के लिये इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। - इसके अतिरिक्त जिस विधान के तहत NIA को जाँच करने का अधिकार प्राप्त है, स्वयं वहाँ "भारत के हित को प्रभावित करने" वाले वाक्यांश का अपराध के रूप में उल्लेख नहीं है। - हालाँकि 'भारत के हित को प्रभावित करने' वाले वाक्यांश को परिभाषित नहीं किया गया है और सरकारों द्वारा भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के लिये इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।
प्रीलिम्स के लियेः मेन्स के लियेः चर्चा में क्यों? हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम, दो हज़ार आठ की वैधानिकता को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। - छत्तीसगढ़ राज्य ने संविधान के अनुच्छेद एक सौ इकतीस के तहत इस केंद्रीय कानून को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने की मांग की है। - ध्यातव्य है कि संविधान के अनुच्छेद एक सौ इकतीस के तहत सर्वोच्च न्यायालय के पास यह मूल क्षेत्राधिकार है कि वह केंद्र और राज्य के बीच, केंद्र एवं राज्य और राज्य/राज्यों के बीच तथा दो या अधिक राज्यों के बीच किसी विवाद की सुनवाई कर सकता है। - छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार, यह कानून संविधान का उल्लंघन करता है और राज्य की पुलिस के कार्यों में हस्तक्षेप करता है जो कि असंवैधानिक है। - यह दूसरा उदाहरण है जब किसी राज्य ने संविधान के अनुच्छेद एक सौ इकतीस के तहत एक केंद्रीय कानून को चुनौती देने की मांग की है। गौरतलब है कि इसके पहले केरल सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम को उच्चतम न्यायालय में अनुच्छेद एक सौ इकतीस के तहत चुनौती दी थी। - यह कानून भारत की प्रमुख आतंकवाद विरोधी एजेंसी के कामकाज को नियंत्रित करता है। ध्यातव्य है कि वर्ष दो हज़ार आठ के छब्बीस/ग्यारह मुंबई आतंकी हमले के बाद इस कानून को पारित किया गया था। - राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी भी कहा जाता है। - यह अधिनियम सही मायने में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को संयुक्त राज्य अमेरिका के एफबीआई की तर्ज़ पर देश की एकमात्र संघीय एजेंसी बनाता है, जो सीबीआई से भी अधिक शक्तिशाली है। - यह अधिनियम NIA को भारत के किसी भी हिस्से में आतंकी गतिविधियों पर संज्ञान लेने और राज्य सरकार की अनुमति के बिना किसी भी राज्य में प्रवेश करने तथा लोगों की जाँच एवं गिरफ्तारी के लिए मुकदमा दायर करने की शक्ति देता है। - छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार, यह अधिनियम केंद्र सरकार को जाँच के लिये एक एजेंसी के गठन की अनुमति देता है, जो कि राज्य पुलिस का कार्य है। - याचिका में कहा गया है कि यह अधिनियम राज्य को पुलिस के माध्यम से जाँच कराने की उसकी शक्ति का अतिक्रमण करता है, जबकि केंद्र की विवेकाधीन और मनमानी शक्तियों का उल्लेख करता है और राज्य की संप्रभुता का उल्लंघन करता है। - गौरतलब है कि राज्य ने अधिनियम की धारा छः , छः , सात, आठ और दस के प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई है। - धारा छः की उपधारा चार के अनुसार, यदि केंद्र सरकार की यह राय है कि अपराध अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आता है और यह NIA द्वारा जाँच के लिये उपयुक्त मामला है तो केंद्र सरकार NIA को अपराध की जाँच करने का निर्देश देगी। - उपधारा छः के अनुसार, जहाँ कोई निर्देश उपधारा या उपधारा के अधीन दिया गया है वहाँ राज्य सरकार और अपराध की जाँच करने वाला राज्य सरकार का कोई भी पुलिस अधिकारी आगे जाँच नहीं करेगा और तत्काल संबंधित दस्तावेज़ों और अभिलेखों को एजेंसी को प्रेषित करेगा। - केंद्र सरकार के पूर्व अनुमोदन से मामले को अपराध के अन्वेषण और विचारण के लिये राज्य सरकार को अंतरित कर सकेगा। - धारा आठ : संसक्त अपराधों की जाँच करने की शक्ति- किसी भी अनुसूचित अपराध की जांच करते समय एजेंसी किसी अन्य अपराध की भी जांच कर सकती है, यदि वह अपराध अनुसूचित अपराध के साथ जुड़ा हुआ है। - धारा दस : अनुसूचित अपराधों का अन्वेषण करने की राज्य सरकार की शक्ति- इस अधिनियम में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय इस अधिनियम की कोई बात किसी विधि के अधीन अन्य अपराधों का अन्वेषण और अभियोजन करने की राज्य सरकार की शक्तियों पर प्रभाव नहीं डालेगी। - हाल ही में वर्ष दो हज़ार आठ के मूल अधिनियम में संशोधन करते हुए संसद द्वारा राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम, दो हज़ार उन्नीस पारित किया गया। - इस विधेयक में NIA को निम्नलिखित अतिरिक्त आपराधिक मामलों की भी जाँच करने की अनुमति देने का प्रावधान हैः - विस्फोटक पदार्थ अधिनियम , एक हज़ार नौ सौ आठ के तहत अपराध। - NIA के अधिकारियों को पूरे देश में ऐसे अपराधों की जाँच करने के संबंध में अन्य पुलिस अधिकारियों के समान ही शक्तियाँ प्राप्त हैं। - NIA को भारत के बाहर घटित ऐसे सूचीबद्ध अपराधों की जाँच करने का अधिकार होगा, जो अंतर्राष्ट्रीय संधियों और अन्य देशों के घरेलू कानूनों के अधीन हैं। - केंद्र सरकार NIA को ऐसे मामलों की जाँच के निर्देश दे सकती है जो भारत में ही अंजाम दिये गए हों। - ऐसे मामलों पर नई दिल्ली स्थित विशेष न्यायालय का न्यायाधिकार होगा। - यह संशोधन केंद्र सरकार को NIA परीक्षणों के लिये सत्र अदालतों को विशेष अदालतों के रूप में नामित करने में सक्षम बनाता है। - गैरकानूनी गतिविधियाँ संशोधन अधिनियम , दो हज़ार उन्नीस किसी राज्य के पुलिस महानिदेशक की पूर्व अनुमति के बिना एक NIA अधिकारी को छापा मारने और उन लोगों की संपत्तियों को ज़ब्त करने की अनुमति देता है जिनके आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने की आशंका है। जाँच अधिकारी को केवल NIA के महानिदेशक से मंज़ूरी की आवश्यकता होती है। - संविधान की अनुसूची VII के तहत सार्वजनिक व्यवस्था और पुलिस बल का रखरखाव राज्य सूची का विषय है। - यद्यपि आपराधिक कानून समवर्ती सूची और राष्ट्रीय सुरक्षा संघ सूची में शामिल विषय हैं। - केंद्र सरकार के पास यह अधिकार है कि वह मानव तस्करी, विस्फोटक अधिनियम के अंतर्गत शामिल अपराध और शस्त्र अधिनियम के दायरे में किये गए कुछ अपराधों की जाँच का उत्तरदायित्व NIA को सौंप सकती है। - यद्यपि उपरोक्त अधिनियम के दायरे में आने वाले प्रत्येक अपराध राष्ट्रीय सुरक्षा व संप्रभुता के लिये खतरा नहीं होते और राज्यों के पास इनसे निपटने की क्षमता मौजूद है। - संशोधन विधेयक सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा छयासठF को अपराधों का सूचीकरण करते हुए अनुसूची में शामिल करता है। - धारा छयासठF साइबर आतंकवाद से संबंधित है। - लेकिन भारत में कोई डेटा सुरक्षा अधिनियम प्रवर्तित नहीं है और साइबर आतंकवाद की कोई परिभाषा तय नहीं की गई है। - NIA अधिनियम में लाया गया संशोधन एजेंसी को व्यक्तियों द्वारा किये गए उन अपराधों की जाँच का भी अधिकार देता है जो भारतीय नागरिकों के विरुद्ध हैं या 'भारत के हित को प्रभावित करने' वाले हैं। - हालाँकि 'भारत के हित को प्रभावित करने' वाले वाक्यांश को परिभाषित नहीं किया गया है और सरकारों द्वारा भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के लिये इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। - इसके अतिरिक्त जिस विधान के तहत NIA को जाँच करने का अधिकार प्राप्त है, स्वयं वहाँ "भारत के हित को प्रभावित करने" वाले वाक्यांश का अपराध के रूप में उल्लेख नहीं है। - हालाँकि 'भारत के हित को प्रभावित करने' वाले वाक्यांश को परिभाषित नहीं किया गया है और सरकारों द्वारा भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाने के लिये इसका दुरुपयोग किया जा सकता है।
थाना गोइंदवाल साहिब के अधीन आती पुलिस चौकी कंग के इंचार्ज द्वारा 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के 5 मोटरसाइकिल बरामद किए हैं। तरनतारन (रमन): थाना गोइंदवाल साहिब के अधीन आती पुलिस चौकी कंग के इंचार्ज द्वारा 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के 5 मोटरसाइकिल बरामद किए हैं। पुलिस चौकी कंग के इंचार्ज मुख्तार सिंह ने बताया कि वह पुलिस पार्टी को साथ लेकर शरारती तत्वों की तलाश में निकले थे। तब उनको गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि जोबनदीप सिंह उर्फ दीप पुत्र बलजीत सिंह निवासी कल्ला, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र परमजीत सिंह निवासी खलचियां नामक व्यक्ति चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 5 मोटरसाइकिल बरामद किए गए। जो विभिन्न स्थानों से चोरी किए गए थे। चोरी के आरोप में दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना गोइंदवाल साहिब में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों से अगली पूछताछ जारी है।
थाना गोइंदवाल साहिब के अधीन आती पुलिस चौकी कंग के इंचार्ज द्वारा दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के पाँच मोटरसाइकिल बरामद किए हैं। तरनतारन : थाना गोइंदवाल साहिब के अधीन आती पुलिस चौकी कंग के इंचार्ज द्वारा दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी के पाँच मोटरसाइकिल बरामद किए हैं। पुलिस चौकी कंग के इंचार्ज मुख्तार सिंह ने बताया कि वह पुलिस पार्टी को साथ लेकर शरारती तत्वों की तलाश में निकले थे। तब उनको गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि जोबनदीप सिंह उर्फ दीप पुत्र बलजीत सिंह निवासी कल्ला, गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी पुत्र परमजीत सिंह निवासी खलचियां नामक व्यक्ति चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल पाँच मोटरसाइकिल बरामद किए गए। जो विभिन्न स्थानों से चोरी किए गए थे। चोरी के आरोप में दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना गोइंदवाल साहिब में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों से अगली पूछताछ जारी है।
इंटरनेट डेस्क। भोजपुरी अभिनेत्री नेहा मलिक को उनकी हॉट अदाओं के लिए जाना जाता है। सोशल मीडिया पर रहती है एक्टिव। लाखों की संख्या में है उनकी फैन फोलोविंग। अपनी बोल्डनेस के कारण रहती है सुर्खियों में। ग्लैमर लुक से बनाती है सबकों दीवाना। इंस्टाग्राम पर की है फोटोज शेयर। Copyright @ 2023 Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.
इंटरनेट डेस्क। भोजपुरी अभिनेत्री नेहा मलिक को उनकी हॉट अदाओं के लिए जाना जाता है। सोशल मीडिया पर रहती है एक्टिव। लाखों की संख्या में है उनकी फैन फोलोविंग। अपनी बोल्डनेस के कारण रहती है सुर्खियों में। ग्लैमर लुक से बनाती है सबकों दीवाना। इंस्टाग्राम पर की है फोटोज शेयर। Copyright @ दो हज़ार तेईस Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved.
नीतू कपूर ने अपने पति ऋषि कपूर का इलाज करने वाली डॉक्टर्स की टीम का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने एक इमोशनल पोस्ट के जरिये मुंबई के एचएन रिलायंस हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और नर्सों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है, जो अंतिम क्षणों तक ऋषि का ख्याल रखते रहे। इससे पहले नीतू ने शनिवार को ऋषि को अंतिम विदाई देते हुए एक बेहद इमोशनल पोस्ट किया था। ऋषि कपूर की एक फोटो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा- 'हमारी कहानी खत्म हुई'। एक्टर ऋषि कपूर का कैंसर के खिलाफ दो साल के जंग के बाद 30 अप्रैल को मुंबई के एचएन रिलायंस हॉस्पिटल में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार उसी दिन मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान में परिवार और कुछ करीबी दोस्तों की उपस्थिति में किया गया। जिसके बाद उनकी अस्थियां रविवार को मुंबई के बाणगंगा तालाब में विसर्जित की गईं। इस मौके पर रणबीर कपूर, नीतू कपूर, रिद्धिमा कपूर ने पूजा में भाग लिया। इस मौके पर आलिया भट्ट और निर्देशक अयान मुखर्जी भी मौजूद थे।
नीतू कपूर ने अपने पति ऋषि कपूर का इलाज करने वाली डॉक्टर्स की टीम का शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने एक इमोशनल पोस्ट के जरिये मुंबई के एचएन रिलायंस हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और नर्सों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है, जो अंतिम क्षणों तक ऋषि का ख्याल रखते रहे। इससे पहले नीतू ने शनिवार को ऋषि को अंतिम विदाई देते हुए एक बेहद इमोशनल पोस्ट किया था। ऋषि कपूर की एक फोटो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा- 'हमारी कहानी खत्म हुई'। एक्टर ऋषि कपूर का कैंसर के खिलाफ दो साल के जंग के बाद तीस अप्रैल को मुंबई के एचएन रिलायंस हॉस्पिटल में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार उसी दिन मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान में परिवार और कुछ करीबी दोस्तों की उपस्थिति में किया गया। जिसके बाद उनकी अस्थियां रविवार को मुंबई के बाणगंगा तालाब में विसर्जित की गईं। इस मौके पर रणबीर कपूर, नीतू कपूर, रिद्धिमा कपूर ने पूजा में भाग लिया। इस मौके पर आलिया भट्ट और निर्देशक अयान मुखर्जी भी मौजूद थे।
Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? चौथे रविवार को बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार COMEBACK हुआ. . . 42 करोड़! आमिर खान स्टारर दंगल ने चीन बॉक्स ऑफिस पर चौथे रविवार को फिर से धमाका ही कर दिया है। दरअसल, माना जा रहा था कि पाइरेट्स ऑफ कैरिबियन की रिलीज़ के बाद दंगल की कमाई बॉक्स ऑफिस पर थम जाएगी। भी। गिरेगा। की। फिलहाल दंगल की चीन में कुल कमाई 883 करोड़ हो गई है। बाहुबली 2 को सबसे बड़ी भारतीय फिल्म के सिंहासन से उतारच चुकी है। चीन में फिल्म धमाकेदार कमाई भी कर रही है और प्रदर्शन भी। बाहुबली की हर दिन की कमाई अब 4 - 6 करोड़ पर आकर सिमट गई है वहीं दंगल चीन में हर दिन लगभग 18 से 20 करोड़ कमा रही है। ऐसे में ज़ाहिर सी बात है कि दंगल भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है। लेकिन दंगल की ये खुशी बस कुछ ही दिनों की है। दंगल की कमाई का ये दूसरा फेज़ है। फिल्म 7000 स्क्रीन पर रिलीज़ हुई है। और बाहुबली 2 का चीन में रिलीज़ होना बाकी है।
Don't Miss! - Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? चौथे रविवार को बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार COMEBACK हुआ. . . बयालीस करोड़! आमिर खान स्टारर दंगल ने चीन बॉक्स ऑफिस पर चौथे रविवार को फिर से धमाका ही कर दिया है। दरअसल, माना जा रहा था कि पाइरेट्स ऑफ कैरिबियन की रिलीज़ के बाद दंगल की कमाई बॉक्स ऑफिस पर थम जाएगी। भी। गिरेगा। की। फिलहाल दंगल की चीन में कुल कमाई आठ सौ तिरासी करोड़ हो गई है। बाहुबली दो को सबसे बड़ी भारतीय फिल्म के सिंहासन से उतारच चुकी है। चीन में फिल्म धमाकेदार कमाई भी कर रही है और प्रदर्शन भी। बाहुबली की हर दिन की कमाई अब चार - छः करोड़ पर आकर सिमट गई है वहीं दंगल चीन में हर दिन लगभग अट्ठारह से बीस करोड़ कमा रही है। ऐसे में ज़ाहिर सी बात है कि दंगल भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है। लेकिन दंगल की ये खुशी बस कुछ ही दिनों की है। दंगल की कमाई का ये दूसरा फेज़ है। फिल्म सात हज़ार स्क्रीन पर रिलीज़ हुई है। और बाहुबली दो का चीन में रिलीज़ होना बाकी है।
येवलाः बुधवार की गोधूलि बेला में मनमाड में कार और टेम्पो के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस घटना में 6 लोगों की मौत हो गई। प्राप्त सूचना के मुताबिक अहमदनगर के कारगांव निवासी खांदवे परिवार इंदौर अपने किसी परिजन के यहां गया था। यह हादसा वापस लौटते समय हुआ हैं। अनकाई बारी के पास येवला से मनमाड की ओर जा रहे टेम्पो की मनमाड से येवला की ओर आ रही कार से जोरदार टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जबर्दस्त थी कि कार के सामने का हिस्सा चकनाचूर हो गए। हादसे की सूचना प्राप्त होते ही ग्रामीण पुलिस थाने के अधिकारी मौके पर पहुंचे। दुर्घटना में इर्टिका कार के परखच्चे उड़े। जिसे टेम्पो से निकालने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। मृतक अनाड परिवार कोपरगाव शहर के प्रख्यात बाबा पान स्टाल के मालिक और करोबारी हैं। जो इंदौर में अपने परिजन से मिलकर लौट रहे थे। इस दुर्घटना में इर्टिका कार में सवार अहमदनगर के कोपरगाव स्थित शारदा नगर निवासी बालासाहेब मुरलीधर आनाड (60) इंदुबाई बाळासाहेब अनाड (55), कार चालक श्रीनाथ बाळासाहेब आनाड (25) मोहिनी गणेश खांदवे (5), हरि गणेश खांदवे (5) भिमाबाई बापू रोकले (70) की मौत हो गई।
येवलाः बुधवार की गोधूलि बेला में मनमाड में कार और टेम्पो के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस घटना में छः लोगों की मौत हो गई। प्राप्त सूचना के मुताबिक अहमदनगर के कारगांव निवासी खांदवे परिवार इंदौर अपने किसी परिजन के यहां गया था। यह हादसा वापस लौटते समय हुआ हैं। अनकाई बारी के पास येवला से मनमाड की ओर जा रहे टेम्पो की मनमाड से येवला की ओर आ रही कार से जोरदार टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जबर्दस्त थी कि कार के सामने का हिस्सा चकनाचूर हो गए। हादसे की सूचना प्राप्त होते ही ग्रामीण पुलिस थाने के अधिकारी मौके पर पहुंचे। दुर्घटना में इर्टिका कार के परखच्चे उड़े। जिसे टेम्पो से निकालने के लिए जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। मृतक अनाड परिवार कोपरगाव शहर के प्रख्यात बाबा पान स्टाल के मालिक और करोबारी हैं। जो इंदौर में अपने परिजन से मिलकर लौट रहे थे। इस दुर्घटना में इर्टिका कार में सवार अहमदनगर के कोपरगाव स्थित शारदा नगर निवासी बालासाहेब मुरलीधर आनाड इंदुबाई बाळासाहेब अनाड , कार चालक श्रीनाथ बाळासाहेब आनाड मोहिनी गणेश खांदवे , हरि गणेश खांदवे भिमाबाई बापू रोकले की मौत हो गई।
ड्रोन। विश्व की धरोहर ताज महल की सुरक्षा नाकाफी है। ताज के आसपास बार-बार ड्रोन की उड़ानों ने ये साबित कर दिया है। गुरुवार को एक बार फिर ताज महल के पास ड्रोन हवा में उड़ता दिखा। इन कुछ सालों में 22 से अधिक बार ड्रोन उड़ने की घटना हो चुकी है। ताज महल में सामान्य दिनों की तरह गुरुवार को भी पर्यटक आ-जा रहे थे और सुरक्षा के इंतजाम थे। तभी सुबह लगभग 9 बजे आसमान में ड्रोन उड़ता दिखाई दिया। इसे देखकर सीआईएसएफ के अधिकारी और जवान हरकत में आ गए। ड्रोन की सूचना और लोकेशन पर पुलिस जवान मेहताब बाग पहुंचे। वहां टर्की का पर्यटक ड्रोन के रिमोट के साथ मिला। उससे ड्रोन उतरवाया और कब्जे में लिया। टर्की पर्यटक से पूछताछ भी की। पर्यटक ने ड्रोन उड़ाने को लेकर प्रतिबंध के निमय पर अनभिज्ञता जताई। उसने गलती स्वीकारी और माफीनामा भी लिखा। कुछ हफ्ते पहले ही चीनी पर्यटक ड्रोन लेकर ताजमहल परिसर तक पहुंच गया था। पिछले महीने विक्टोरिया पार्क से एक ड्रोन उड़ाया गया था, जो काफी देर तक हवा में उड़ा था। पुलिस ने ड्रोन कब्जे में ले लिया था। ये पर्यटक भी विदेशी ही थे। कुछ सालों पहले ही तत्कालिक डीएम ने ताजमहल की सुरक्षा को देखते हुए ही आसपास पांच सौ मीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन अधिकांश पर्यटकों को इसकी जानकारी नहीं है। ताज महल की सुरक्षा से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मेहताब बाग के पास एक टर्की का विजिटर ड्रोन लिए हुए था। पुलिस ने उससे ड्रोन ले लिया। उसे बताया गया कि यहां ड्रोन उड़ाने की इजाजत नहीं है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
ड्रोन। विश्व की धरोहर ताज महल की सुरक्षा नाकाफी है। ताज के आसपास बार-बार ड्रोन की उड़ानों ने ये साबित कर दिया है। गुरुवार को एक बार फिर ताज महल के पास ड्रोन हवा में उड़ता दिखा। इन कुछ सालों में बाईस से अधिक बार ड्रोन उड़ने की घटना हो चुकी है। ताज महल में सामान्य दिनों की तरह गुरुवार को भी पर्यटक आ-जा रहे थे और सुरक्षा के इंतजाम थे। तभी सुबह लगभग नौ बजे आसमान में ड्रोन उड़ता दिखाई दिया। इसे देखकर सीआईएसएफ के अधिकारी और जवान हरकत में आ गए। ड्रोन की सूचना और लोकेशन पर पुलिस जवान मेहताब बाग पहुंचे। वहां टर्की का पर्यटक ड्रोन के रिमोट के साथ मिला। उससे ड्रोन उतरवाया और कब्जे में लिया। टर्की पर्यटक से पूछताछ भी की। पर्यटक ने ड्रोन उड़ाने को लेकर प्रतिबंध के निमय पर अनभिज्ञता जताई। उसने गलती स्वीकारी और माफीनामा भी लिखा। कुछ हफ्ते पहले ही चीनी पर्यटक ड्रोन लेकर ताजमहल परिसर तक पहुंच गया था। पिछले महीने विक्टोरिया पार्क से एक ड्रोन उड़ाया गया था, जो काफी देर तक हवा में उड़ा था। पुलिस ने ड्रोन कब्जे में ले लिया था। ये पर्यटक भी विदेशी ही थे। कुछ सालों पहले ही तत्कालिक डीएम ने ताजमहल की सुरक्षा को देखते हुए ही आसपास पांच सौ मीटर के दायरे में ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन अधिकांश पर्यटकों को इसकी जानकारी नहीं है। ताज महल की सुरक्षा से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मेहताब बाग के पास एक टर्की का विजिटर ड्रोन लिए हुए था। पुलिस ने उससे ड्रोन ले लिया। उसे बताया गया कि यहां ड्रोन उड़ाने की इजाजत नहीं है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
Punjab Election 2022: अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया और कांग्रेस के नवजोत सिद्धू अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव ( Punjab Election 2022 ) में आमने-सामने होंगे। अकाली दल ने आज घोषणा की कि मजीठिया अमृतसर (पूर्व) विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से नवजोत सिंह सिद्धू चुनाव लड़ रहे हैं। मालूम हो कि सिद्धू अमृतसर पूर्व के मौजूदा विधायक हैं। पिछले चुनाव में इस सीट को सिद्धू ने काफी आराम से जीत लिया था क्योंकि उस समय उनके खिलाफ कोई बड़ा चेहरा नहीं था। यह दूसरी सीट होगी जहां बिक्रम मजीठिया चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने अमृतसर के मजीठिया से 2012 और 2017 का विधानसभा चुनाव जीता था, जिसे अकाली नेता की सुरक्षित सीट के रूप में देखा जाता है। दिसंबर में, बिक्रम मजीठिया पर ड्रग्स के मामले में मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी। फिलहाल उसकी जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कर रही है। याद हो कि नवजोत सिद्धू ने घोषणा की थी कि मजीठिया की गिरफ्तारी तक "वह आराम नहीं करेंगे। " 2017 के चुनावों के विपरीत, यह राज्य की एकमात्र सीट होगी जहां एक हाई-प्रोफाइल मुकाबला होगा। बता दें कि पंजाब चुनाव के लिए मतदान की तारीख में बदलाव किया गया था। पहले जहां 14 फरवरी को मतदान होना था वहीं अब यह 20 फरवरी को होगा। घोषित कार्यक्रम के अनुसार आगामी विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया एक फरवरी तक जारी रहेगी। राज्य के मतदाताओं की बात की जाए तो चुनावों में पंजाब में कुल 2,12,75,066 पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से 1,11,87,857 पुरुष, 1,00,86,514 महिला, 695 थर्ड जेंडर, 1,44,667 पीडब्ल्यूडी मतदाता, 1,10,163 सर्विस मतदाता, 1,601 एनआरआई मतदाता और 5,13,229 मतदाता 80 वर्ष से अधिक आयु के हैं।
Punjab Election दो हज़ार बाईस: अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया और कांग्रेस के नवजोत सिद्धू अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव में आमने-सामने होंगे। अकाली दल ने आज घोषणा की कि मजीठिया अमृतसर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से नवजोत सिंह सिद्धू चुनाव लड़ रहे हैं। मालूम हो कि सिद्धू अमृतसर पूर्व के मौजूदा विधायक हैं। पिछले चुनाव में इस सीट को सिद्धू ने काफी आराम से जीत लिया था क्योंकि उस समय उनके खिलाफ कोई बड़ा चेहरा नहीं था। यह दूसरी सीट होगी जहां बिक्रम मजीठिया चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने अमृतसर के मजीठिया से दो हज़ार बारह और दो हज़ार सत्रह का विधानसभा चुनाव जीता था, जिसे अकाली नेता की सुरक्षित सीट के रूप में देखा जाता है। दिसंबर में, बिक्रम मजीठिया पर ड्रग्स के मामले में मामला दर्ज किया गया था और बाद में उन्हें हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिली थी। फिलहाल उसकी जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम कर रही है। याद हो कि नवजोत सिद्धू ने घोषणा की थी कि मजीठिया की गिरफ्तारी तक "वह आराम नहीं करेंगे। " दो हज़ार सत्रह के चुनावों के विपरीत, यह राज्य की एकमात्र सीट होगी जहां एक हाई-प्रोफाइल मुकाबला होगा। बता दें कि पंजाब चुनाव के लिए मतदान की तारीख में बदलाव किया गया था। पहले जहां चौदह फरवरी को मतदान होना था वहीं अब यह बीस फरवरी को होगा। घोषित कार्यक्रम के अनुसार आगामी विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया एक फरवरी तक जारी रहेगी। राज्य के मतदाताओं की बात की जाए तो चुनावों में पंजाब में कुल दो,बारह,पचहत्तर,छयासठ पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से एक,ग्यारह,सत्तासी,आठ सौ सत्तावन पुरुष, एक,शून्य,छियासी,पाँच सौ चौदह महिला, छः सौ पचानवे थर्ड जेंडर, एक,चौंतालीस,छः सौ सरसठ पीडब्ल्यूडी मतदाता, एक,दस,एक सौ तिरेसठ सर्विस मतदाता, एक,छः सौ एक एनआरआई मतदाता और पाँच,तेरह,दो सौ उनतीस मतदाता अस्सी वर्ष से अधिक आयु के हैं।
- 31 min ago ब्रालेस ड्रेस पहनकर असहज हुईं जन्नत जुबैर? मीडिया के सामने ही करतीं बार बार फिक्स! - 53 min ago रवीना टंडन की बेटी से लोगों ने कर दी ऐसी डिमांड, जवाब सुनकर खुला रह जाएगा मुंह! Don't Miss! शर्लिन चोपड़ा का 'कामसूत्र 3D'में आउट एंड इन होना पब्लिसिटी स्टंट है यह कहना है वनइंडिया के पाठकों का है। जिनका कहना है कि शर्लिन ने जानबूझकर यह नाटक फैलाया है ताकी लोगों की उनकी फिल्म के प्रति दिलचस्पी बनी रहे वरना उनकी फिल्म को देखने कौन जाता? वैसे भी किसी भी फिल्म के निर्देशक को इस बात से परेशानी कैसे हो सकती है कि उनकी हिरोईन उनकी फिल्म का प्रचार कर रही है। आपको बता दें कि पिछले दिनों यह खबर आयी थी कि शर्लिन को 'कामसूत्र 3D'फिल्म से रूपेश पॉल ने इसलिए ॉ आउट किया था क्योंकि उन्होंने बिना उनसे पूछे फिल्म के न्यू़ड वीडियो को इंटरनेट पर डाल दिया था। शर्लिन चोपड़ा की जगह कामासूत्र 3 डी में हॉलीवुड अभिनेत्रियां इवा लोंगोरिया या मिला कुनीस में से लेने की बात हो रही थी। Sheryln Chopra back in Kamasutra 3D, this whole episode could be a planned publicity gimmick said Oneindia readers.
- इकतीस मिनट ago ब्रालेस ड्रेस पहनकर असहज हुईं जन्नत जुबैर? मीडिया के सामने ही करतीं बार बार फिक्स! - तिरेपन मिनट ago रवीना टंडन की बेटी से लोगों ने कर दी ऐसी डिमांड, जवाब सुनकर खुला रह जाएगा मुंह! Don't Miss! शर्लिन चोपड़ा का 'कामसूत्र तीनD'में आउट एंड इन होना पब्लिसिटी स्टंट है यह कहना है वनइंडिया के पाठकों का है। जिनका कहना है कि शर्लिन ने जानबूझकर यह नाटक फैलाया है ताकी लोगों की उनकी फिल्म के प्रति दिलचस्पी बनी रहे वरना उनकी फिल्म को देखने कौन जाता? वैसे भी किसी भी फिल्म के निर्देशक को इस बात से परेशानी कैसे हो सकती है कि उनकी हिरोईन उनकी फिल्म का प्रचार कर रही है। आपको बता दें कि पिछले दिनों यह खबर आयी थी कि शर्लिन को 'कामसूत्र तीनD'फिल्म से रूपेश पॉल ने इसलिए ॉ आउट किया था क्योंकि उन्होंने बिना उनसे पूछे फिल्म के न्यू़ड वीडियो को इंटरनेट पर डाल दिया था। शर्लिन चोपड़ा की जगह कामासूत्र तीन डी में हॉलीवुड अभिनेत्रियां इवा लोंगोरिया या मिला कुनीस में से लेने की बात हो रही थी। Sheryln Chopra back in Kamasutra तीनD, this whole episode could be a planned publicity gimmick said Oneindia readers.
छ्वन्रूस्॥ श्वष्ठक्कक्त्रः टाटानगर रेलवे स्टेशन चौक से बागबेड़ा बड़ौदा घाट तक सड़क निर्माण और चौड़ीकरण को लेकर रेलवे ने अतिक्रमण हटाने का एलान कर दिया है। सड़क निर्माण और चौड़ीकरण की आड़ में रेलवे अपनी जमीन से भी अवैध कब्जा हटा लेना चाहता है। इसे लेकर रेलवे ने कथित तौर से अवैध मकानों और दुकानों पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा कर दिया है। इससे बागबेड़ा में हड़कंप मच गया है। दुकानदारों ने विधायक मेनका सरदार और जिला परिषद सदस्य किशोर यादव के नेतृत्व में डीसी से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई है। डीसी ने कहा है कि वह 15 नवंबर के बाद रेलवे के अधिकारियों, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, एसडीओ धालभूम सूरज कुमार, सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक मेनका सरदार और दुकानदार प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मामले का हल निकालेंगे। एसडीओ ने विधायक और जिला परिषद सदस्य को बताया कि वह जल्द ही संबंधित सड़क का निरीक्षण करेंगे। गौरतलब है कि टाटानगर स्टेशन चौक से बागबेड़ा बड़ौदा घाट तक सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण होना है। यह सड़क रेलवे की जमीन पर बनी है। अब रेलवे के अधिकारियों ने सड़क किनारे बने दुकानों और मकानों को नोटिस जारी कर दी है। नोटिस में लिखा गया है कि स्टेशन चौक से बागबेड़ा बड़ौदा घाट सड़क कहीं 12 मीटर तो कहीं 10 मीटर तक चौड़ी की जाएगी। रेलवे ने इसके लिए ट्रैफिक और बागबेड़ा कालोनी में नापी कर निशान लगा दिए हैं। इस नापी की जद में आने वाले दुकान और मकान को तोड़ा जाएगा। रेलवे की तरफ से सभी मकान और दुकान मालिकों को हफ्ते भर में अतिक्रमण हटा लेने की चेतावनी दी गई है। रेलवे के कर्मचारियों ने दुकानों और मकानों पर नोटिस चिपका दिया है। नोटिस पर किसी भी रेल अधिकारियों का दस्तखत नहीं हैं। अलबत्ता, नोटिस के नीचे रेल प्रशासन लिख दिया गया है। विधायक के साथ आने वाले दुकानदारों में गौरी शंकर सिंह ,संजय कुमार सिंह, शिवप्रसाद, राम नारायण सिंह, विजय ठाकुर, पूरन रजक, मोहन प्रसाद शर्मा, प्रकाश प्रसाद, अखिलेश वर्मा, अनवर जगदीश प्रसाद अग्रवाल, शिव शंभू लाल, उमेश शर्मा, पीएन चौधरी आदि थे।
छ्वन्रूस्॥ श्वष्ठक्कक्त्रः टाटानगर रेलवे स्टेशन चौक से बागबेड़ा बड़ौदा घाट तक सड़क निर्माण और चौड़ीकरण को लेकर रेलवे ने अतिक्रमण हटाने का एलान कर दिया है। सड़क निर्माण और चौड़ीकरण की आड़ में रेलवे अपनी जमीन से भी अवैध कब्जा हटा लेना चाहता है। इसे लेकर रेलवे ने कथित तौर से अवैध मकानों और दुकानों पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा कर दिया है। इससे बागबेड़ा में हड़कंप मच गया है। दुकानदारों ने विधायक मेनका सरदार और जिला परिषद सदस्य किशोर यादव के नेतृत्व में डीसी से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाई है। डीसी ने कहा है कि वह पंद्रह नवंबर के बाद रेलवे के अधिकारियों, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, एसडीओ धालभूम सूरज कुमार, सांसद विद्युत वरण महतो, विधायक मेनका सरदार और दुकानदार प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मामले का हल निकालेंगे। एसडीओ ने विधायक और जिला परिषद सदस्य को बताया कि वह जल्द ही संबंधित सड़क का निरीक्षण करेंगे। गौरतलब है कि टाटानगर स्टेशन चौक से बागबेड़ा बड़ौदा घाट तक सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण होना है। यह सड़क रेलवे की जमीन पर बनी है। अब रेलवे के अधिकारियों ने सड़क किनारे बने दुकानों और मकानों को नोटिस जारी कर दी है। नोटिस में लिखा गया है कि स्टेशन चौक से बागबेड़ा बड़ौदा घाट सड़क कहीं बारह मीटर तो कहीं दस मीटर तक चौड़ी की जाएगी। रेलवे ने इसके लिए ट्रैफिक और बागबेड़ा कालोनी में नापी कर निशान लगा दिए हैं। इस नापी की जद में आने वाले दुकान और मकान को तोड़ा जाएगा। रेलवे की तरफ से सभी मकान और दुकान मालिकों को हफ्ते भर में अतिक्रमण हटा लेने की चेतावनी दी गई है। रेलवे के कर्मचारियों ने दुकानों और मकानों पर नोटिस चिपका दिया है। नोटिस पर किसी भी रेल अधिकारियों का दस्तखत नहीं हैं। अलबत्ता, नोटिस के नीचे रेल प्रशासन लिख दिया गया है। विधायक के साथ आने वाले दुकानदारों में गौरी शंकर सिंह ,संजय कुमार सिंह, शिवप्रसाद, राम नारायण सिंह, विजय ठाकुर, पूरन रजक, मोहन प्रसाद शर्मा, प्रकाश प्रसाद, अखिलेश वर्मा, अनवर जगदीश प्रसाद अग्रवाल, शिव शंभू लाल, उमेश शर्मा, पीएन चौधरी आदि थे।
उत्तर प्रदेशः नोएडा के ग्रैंड ओमेक्स सोसायटी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तस्वीरें नोएडा सेक्टर-93 की है। बता दें कि नोएडा के ग्रैंड ओमैक्स सोसायटी में लगातार दूसरे दिन बवाल के बाद ऐक्शन शुरू हो गया है. सेक्टर-93बी स्थित ग्रैंड ओमेक्स सोसायटी में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. लापरवाही बरतने के आरोप में थाना फेज 2 के प्रभारी सुजीत उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है. नोएडा के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने बताया कि पड़ताल में पाया गया है. कि सुजीत उपाध्याय ने इस मामले में लापरवाह बरती. सोसायटी में रविवार की देर शाम तक हंगामा होता रहा. शाम करीब 8 बजे सोसायटी में करीब डेढ़ दर्जन लड़कों ने घुसकर हंगामा मचाया. वे श्रीकांत त्यागी के साथी बताए जा रहे हैं. करीब आधा दर्जन हंगामा करने वालों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है. लेकिन मामला अब काफी गरमा गया है. सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के कड़े रुख के बाद पहली गाज फेस-2 के थाना प्रभारी पर गिरी है. महेश शर्मा ने सवाल किया था कि आखिर दूसरे दिन लड़के सोसायटी में घुस कैसे गए? वहीं इस मामले में नोएडा के डीसीपा राजेश एस ने बताया कि श्रीकांत त्यागी की ओर से कुछ लोगों ने सोसायटी में प्रवेश किया. वहां रहवासी भी जमा हो गए. 6 लोगों को हिरासत में लिया गया. समाज में प्रवेश करने पर उनके खिलाफ आगे की जांच की जाएगी. वहीं नोएडा पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने कहा कि हमने इस परिवार को सुरक्षा प्रदान की है और समाज में सुरक्षा का लाइसेंस भी जल्द ही रद्द कर दिया जाएगा। श्रीकांत त्यागी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर रहे हैं और उनकी सभी अवैध संपत्ति की पहचान की जाएगी. ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में प्रवेश करने वाले सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. यह पाया गया कि एसएचओ फेज 2, सेंट्रल नोएडा सुजीत उपाध्याय की ओर से लापरवाही की गई थी, जिन्हें निलंबित कर दिया गया है, आगे की जांच जारी है। दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर भाजपा नेता बताए जा रह श्रीकांत त्यागी एक महिला के साथ गाली-गलौज करता और फिर उसे धक्का मारकर मारपीट की कोशिश करता दिख रहा है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस भी हरकत में आई और मौके पर पंहुचकर पीड़ित महिला से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई में जुट गई.
उत्तर प्रदेशः नोएडा के ग्रैंड ओमेक्स सोसायटी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तस्वीरें नोएडा सेक्टर-तिरानवे की है। बता दें कि नोएडा के ग्रैंड ओमैक्स सोसायटी में लगातार दूसरे दिन बवाल के बाद ऐक्शन शुरू हो गया है. सेक्टर-तिरानवेबी स्थित ग्रैंड ओमेक्स सोसायटी में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. लापरवाही बरतने के आरोप में थाना फेज दो के प्रभारी सुजीत उपाध्याय को निलंबित कर दिया गया है. नोएडा के पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने बताया कि पड़ताल में पाया गया है. कि सुजीत उपाध्याय ने इस मामले में लापरवाह बरती. सोसायटी में रविवार की देर शाम तक हंगामा होता रहा. शाम करीब आठ बजे सोसायटी में करीब डेढ़ दर्जन लड़कों ने घुसकर हंगामा मचाया. वे श्रीकांत त्यागी के साथी बताए जा रहे हैं. करीब आधा दर्जन हंगामा करने वालों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है. लेकिन मामला अब काफी गरमा गया है. सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा के कड़े रुख के बाद पहली गाज फेस-दो के थाना प्रभारी पर गिरी है. महेश शर्मा ने सवाल किया था कि आखिर दूसरे दिन लड़के सोसायटी में घुस कैसे गए? वहीं इस मामले में नोएडा के डीसीपा राजेश एस ने बताया कि श्रीकांत त्यागी की ओर से कुछ लोगों ने सोसायटी में प्रवेश किया. वहां रहवासी भी जमा हो गए. छः लोगों को हिरासत में लिया गया. समाज में प्रवेश करने पर उनके खिलाफ आगे की जांच की जाएगी. वहीं नोएडा पुलिस आयुक्त आलोक सिंह ने कहा कि हमने इस परिवार को सुरक्षा प्रदान की है और समाज में सुरक्षा का लाइसेंस भी जल्द ही रद्द कर दिया जाएगा। श्रीकांत त्यागी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर रहे हैं और उनकी सभी अवैध संपत्ति की पहचान की जाएगी. ग्रैंड ओमेक्स सोसाइटी में प्रवेश करने वाले सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. यह पाया गया कि एसएचओ फेज दो, सेंट्रल नोएडा सुजीत उपाध्याय की ओर से लापरवाही की गई थी, जिन्हें निलंबित कर दिया गया है, आगे की जांच जारी है। दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कथित तौर पर भाजपा नेता बताए जा रह श्रीकांत त्यागी एक महिला के साथ गाली-गलौज करता और फिर उसे धक्का मारकर मारपीट की कोशिश करता दिख रहा है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस भी हरकत में आई और मौके पर पंहुचकर पीड़ित महिला से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई में जुट गई.
देख लेने की चेष्टा कर रहा था । अन्तिम भेंट की कल्पना थी। हाथ में छुरा लेकर घर से निकला । सन्नाटे में भटक रहा था । गंगा तट पर आया । देखा, एक भिखारी पड़ा था। मैं वहीं खड़ा हो गया । मेरी नस-नस में उन्माद का संचार हो रहा था। वह पड़ा हुआ फराहता था। मैंने पूछा- क्या चाहते हो ? क्या मुख चाहिये ? उसने बड़े धीमे स्वर में कहा - घायू, मर रहा हूँ, जान भी नहीं निकलती ! मैंने तीखे स्वर में पूछा- जान देना चाहते हो ? उसने कहा - ... न जान दे देने पर हो तुम्हें सुख मिलेगा कहते हुए मैंने छुरे को उसकी छाती के पार कर दिया। वहाँ से, खून मे लथपथ हाथों से, याकर थाने में अपना बयान दिया, जो आपके सामने है। मैं अपने अपराध को स्वीकार करना हूँ, मुझे इससे अधिक कुछ नहीं कहना है । मुझे फाँसी चाहिये, इसमें मुझे शान्ति मिलेगी। हाँ, एक बात के लिये में फोर्ट में प्रार्थना करता हूँ कि यह मेरे बच्चे और स्त्री को भी फाँसी देकर मेरी अन्तिम अभिलाषा पूर्ण करे । संसार में मृत्यु से बढ़कर हम लोगों के
देख लेने की चेष्टा कर रहा था । अन्तिम भेंट की कल्पना थी। हाथ में छुरा लेकर घर से निकला । सन्नाटे में भटक रहा था । गंगा तट पर आया । देखा, एक भिखारी पड़ा था। मैं वहीं खड़ा हो गया । मेरी नस-नस में उन्माद का संचार हो रहा था। वह पड़ा हुआ फराहता था। मैंने पूछा- क्या चाहते हो ? क्या मुख चाहिये ? उसने बड़े धीमे स्वर में कहा - घायू, मर रहा हूँ, जान भी नहीं निकलती ! मैंने तीखे स्वर में पूछा- जान देना चाहते हो ? उसने कहा - ... न जान दे देने पर हो तुम्हें सुख मिलेगा कहते हुए मैंने छुरे को उसकी छाती के पार कर दिया। वहाँ से, खून मे लथपथ हाथों से, याकर थाने में अपना बयान दिया, जो आपके सामने है। मैं अपने अपराध को स्वीकार करना हूँ, मुझे इससे अधिक कुछ नहीं कहना है । मुझे फाँसी चाहिये, इसमें मुझे शान्ति मिलेगी। हाँ, एक बात के लिये में फोर्ट में प्रार्थना करता हूँ कि यह मेरे बच्चे और स्त्री को भी फाँसी देकर मेरी अन्तिम अभिलाषा पूर्ण करे । संसार में मृत्यु से बढ़कर हम लोगों के
कर्नाटक में कानडी जनता ने जैसे भाजपा को गाड़ा उसी तरह महाराष्ट्र में भी भाजपा को गाड़ना है, ऐसा जबरदस्त निश्चय शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल व्यक्त किया। महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी के दौर में दंगे नहीं हुए लेकिन मिंधे सरकार आने पर जाति द्वेष के अंकुर फूटकर दंगे भड़कने लगे हैं, ऐसी तोप भी उद्धव ठाकरे ने दागी। महाराष्ट्र के सत्ता संघर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ द्वारा दिए गए पैâसले की पार्श्वभूमि में शिवसेना के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक कल 'शिवसेना भवन' में संपन्न हुई। इस बैठक का उद्धव ठाकरे ने मार्गदर्शन किया। बैठक में शिवसेना नेता, जिलाप्रमुख, जिलासंगठक, समन्वयक और शिवसेना के विधायक उपस्थित थे। इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने सत्ता संघर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए पैâसले का विश्लेषण किया। इसी के साथ-साथ राज्य के जातीय दंगे, त्र्यंबकेश्वर की घटना और भविष्य में होनेवाले स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव पर अपने विचार व्यक्त किए। महाविकास आघाड़ी सरकार के काल में जातीय दंगे नहीं हुए थे। कोरोना काल में सभी त्योहार, प्रार्थनास्थल बंद थे। उस दौरान भी हम रैली निकालेंगे ही, ऐसा आततायीपना किसी ने नहीं किया था। मैंने जो कुछ कहा उसे सभी लोगों ने शांतिपूर्वक सुना। मैंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और १५-२० दिनों के बाद सीएए-एनआरसी का मुद्दा भड़क उठा। देश में कुछ जगहों पर दंगे हुए लेकिन महाराष्ट्र में दंगे नहीं हुए। हमने दंगे नहीं होने दिए। लेकिन अब सरकार बदलते ही दंगे होने लगे हैं। इन शब्दों में उद्धव ठाकरे ने निशाना साधा। कर्नाटक शांत है। महाराष्ट्र में दंगे होने लगे। कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता में आते ही दंगे होंगे, ऐसे बयान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिए थे। अब कांग्रेस की जीत होने के बाद कर्नाटक शांत है, परंतु महाराष्ट्र में दंगे होने लगे हैं। हमारी सरकार के समय जो नहीं होता था, वो गद्दारों की सरकार आने के बाद होने लगे हैं। अभी अचानक हिंदू और मुसलमानों को ऐसा हुआ तो क्या हुआ? ऐसा सवाल करते हुए उद्धव ठाकरे ने तोप दागी। मिंधे सरकार आने पर महाराष्ट्र में जाति द्वेष के अंकुर फूटने लगे और दंगे होने लगे, ऐसा उल्लेख करते हुए अकोला और नगर स्थित शेवगाव में हुए दंगों की ओर उन्होंने ध्यान दिलाया। त्र्यंबकेश्वर मंदिर की घटना का उल्लेख करते हुए उद्धव ठाकरे ने वास्तविकता की ओर ध्यान आकर्षित किया। नासिक के लोग यहां आए थे। त्र्यंबकेश्वर में मुस्लिम भाइयों ने रैली निकाली। हमारी भी श्रद्धा है और हम हर बार मंदिर के समक्ष जाकर धूप जलाते हैं। हम कोई मंदिर में नहीं जाते हैं, ऐसा उन्होंने कहा। लेकिन इस पर हंगामा मचाया गया। दंगे भड़काने के प्रयास किए गए, ऐसा आरोप उद्धव ठाकरे ने लगाया। मणिपुर में तनाव भड़का। वहां भी भाजपा सत्ता में है। महाराष्ट्र में भाजपा के आने पर फिर दंगे होने लगे हैं। इसका अर्थ यही है कि अनाप-शनाप प्रलोभन देकर निर्वाचित होना और जनता सवाल पूछने लगे तो दंगे करवाना यही भाजपा की नीति है, ऐसा प्रहार उद्धव ठाकरे ने किया। अब चुनाव आयोग क्या कर रहा है? कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'जय बजरंग बली बोलो और मतदान करो' ऐसा आह्वान सार्वजनिक तौर पर किया। ये क्या मामला है। इससे चुनाव आयोग का कानून नहीं टूटता है क्या? अब चुनाव आयोग क्या कर रहा है? अन्य समय में ऐसे बयानों पर चुनाव आयोग सुमोटो (स्वयं संज्ञान) लेकर कार्रवाई किया होता। लेकिन यहां वैसा नहीं हुआ, ऐसे शब्दों में आयोग के कामकाज पर उद्धव ठाकरे ने चाबुक चलाया। यदि सार्वजनिक तौर पर जय बजरंग बली के नाम पर प्रचार करके मोदी मत मांगते होंगे तो हम खुलकर जय भवानी, जय शिवाजी, जय महाकाली, जय श्रीराम, जय शिवशंभो कहकर मतदाताओं का आह्वान करेंगे तब तुम हमें अयोग्य नहीं ठहराना, ऐसी चेतावनी ही इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने दी। 'मिशन' पहले ही उल्टा पड़ गया! भाजपा ने मिशन ४०० घोषित किया है। उसकी उद्धव ठाकरे ने खिल्ली उड़ाई। लोकसभा चुनाव की तारीख अभी तक घोषित भी नहीं हुई है फिर भी भाजपा ने मिशन ४०० शुरू किया है। ये ४०० दिन कहां से पकड़े इसका अनुमान नहीं है, परंतु एक अच्छा हुआ कि इन ४०० दिनों में भाजपा की कर्नाटक में पोल खुल गई। कर्नाटक में मतदाताओं को हमें धन्यवाद देना चाहिए। वहां की जनता ने सच्चाई को पहचाना और इनके फर्जी हिंदुत्व के प्रचार का झूठ खुल गया, ऐसे शब्दों में उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर हमला किया। महाराष्ट्र के सत्ता संघर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय के पैâसले और शिंदे समर्थकों की गद्दारी के संदर्भ में जनता के मन में क्या भावना है, ऐसा सवाल उद्धव ठाकरे ने पदाधिकारियों से पूछा। तो लोगों के मन में गुस्सा है। जो हुआ वो अच्छा नहीं हुआ, ऐसा लोगों को लगता है, ऐसा जवाब पदाधिकारियों ने दिया। इस पर कर्नाटक में डीके शिवकुमार लोगों तक पहुंचते रहे, मिलते रहे यही काम हमें महाराष्ट्र में करना है। उन्होंने पांच साल तक इस रोष को जनता में पहुंचाया लेकिन हमें आठ-दस महीनों में ही इस काम को करना है, ऐसा आह्वान उद्धव ठाकरे ने किया। अगले महीने १९ जून को शिवसेना का वर्धापन दिन है। उस दिन प्रथा के अनुसार षण्मुखानंद सभागृह में वर्धापन दिवस समारोह मनाया जाएगा। इससे पहले १८ जून को वर्ली स्थित एनएससीआई संकुल में पार्टी का राज्यव्यापी शिविर आयोजित किया जाएगा, ऐसी घोषणा उद्धव ठाकरे ने की। इस शिविर में तालुकाप्रमुख, शहरप्रमुख तक के सभी पदाधिकारी शामिल होंगे, ऐसा उन्होंने कहा।
कर्नाटक में कानडी जनता ने जैसे भाजपा को गाड़ा उसी तरह महाराष्ट्र में भी भाजपा को गाड़ना है, ऐसा जबरदस्त निश्चय शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल व्यक्त किया। महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी के दौर में दंगे नहीं हुए लेकिन मिंधे सरकार आने पर जाति द्वेष के अंकुर फूटकर दंगे भड़कने लगे हैं, ऐसी तोप भी उद्धव ठाकरे ने दागी। महाराष्ट्र के सत्ता संघर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ द्वारा दिए गए पैâसले की पार्श्वभूमि में शिवसेना के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक कल 'शिवसेना भवन' में संपन्न हुई। इस बैठक का उद्धव ठाकरे ने मार्गदर्शन किया। बैठक में शिवसेना नेता, जिलाप्रमुख, जिलासंगठक, समन्वयक और शिवसेना के विधायक उपस्थित थे। इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने सत्ता संघर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए पैâसले का विश्लेषण किया। इसी के साथ-साथ राज्य के जातीय दंगे, त्र्यंबकेश्वर की घटना और भविष्य में होनेवाले स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव पर अपने विचार व्यक्त किए। महाविकास आघाड़ी सरकार के काल में जातीय दंगे नहीं हुए थे। कोरोना काल में सभी त्योहार, प्रार्थनास्थल बंद थे। उस दौरान भी हम रैली निकालेंगे ही, ऐसा आततायीपना किसी ने नहीं किया था। मैंने जो कुछ कहा उसे सभी लोगों ने शांतिपूर्वक सुना। मैंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और पंद्रह-बीस दिनों के बाद सीएए-एनआरसी का मुद्दा भड़क उठा। देश में कुछ जगहों पर दंगे हुए लेकिन महाराष्ट्र में दंगे नहीं हुए। हमने दंगे नहीं होने दिए। लेकिन अब सरकार बदलते ही दंगे होने लगे हैं। इन शब्दों में उद्धव ठाकरे ने निशाना साधा। कर्नाटक शांत है। महाराष्ट्र में दंगे होने लगे। कर्नाटक में कांग्रेस के सत्ता में आते ही दंगे होंगे, ऐसे बयान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दिए थे। अब कांग्रेस की जीत होने के बाद कर्नाटक शांत है, परंतु महाराष्ट्र में दंगे होने लगे हैं। हमारी सरकार के समय जो नहीं होता था, वो गद्दारों की सरकार आने के बाद होने लगे हैं। अभी अचानक हिंदू और मुसलमानों को ऐसा हुआ तो क्या हुआ? ऐसा सवाल करते हुए उद्धव ठाकरे ने तोप दागी। मिंधे सरकार आने पर महाराष्ट्र में जाति द्वेष के अंकुर फूटने लगे और दंगे होने लगे, ऐसा उल्लेख करते हुए अकोला और नगर स्थित शेवगाव में हुए दंगों की ओर उन्होंने ध्यान दिलाया। त्र्यंबकेश्वर मंदिर की घटना का उल्लेख करते हुए उद्धव ठाकरे ने वास्तविकता की ओर ध्यान आकर्षित किया। नासिक के लोग यहां आए थे। त्र्यंबकेश्वर में मुस्लिम भाइयों ने रैली निकाली। हमारी भी श्रद्धा है और हम हर बार मंदिर के समक्ष जाकर धूप जलाते हैं। हम कोई मंदिर में नहीं जाते हैं, ऐसा उन्होंने कहा। लेकिन इस पर हंगामा मचाया गया। दंगे भड़काने के प्रयास किए गए, ऐसा आरोप उद्धव ठाकरे ने लगाया। मणिपुर में तनाव भड़का। वहां भी भाजपा सत्ता में है। महाराष्ट्र में भाजपा के आने पर फिर दंगे होने लगे हैं। इसका अर्थ यही है कि अनाप-शनाप प्रलोभन देकर निर्वाचित होना और जनता सवाल पूछने लगे तो दंगे करवाना यही भाजपा की नीति है, ऐसा प्रहार उद्धव ठाकरे ने किया। अब चुनाव आयोग क्या कर रहा है? कर्नाटक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'जय बजरंग बली बोलो और मतदान करो' ऐसा आह्वान सार्वजनिक तौर पर किया। ये क्या मामला है। इससे चुनाव आयोग का कानून नहीं टूटता है क्या? अब चुनाव आयोग क्या कर रहा है? अन्य समय में ऐसे बयानों पर चुनाव आयोग सुमोटो लेकर कार्रवाई किया होता। लेकिन यहां वैसा नहीं हुआ, ऐसे शब्दों में आयोग के कामकाज पर उद्धव ठाकरे ने चाबुक चलाया। यदि सार्वजनिक तौर पर जय बजरंग बली के नाम पर प्रचार करके मोदी मत मांगते होंगे तो हम खुलकर जय भवानी, जय शिवाजी, जय महाकाली, जय श्रीराम, जय शिवशंभो कहकर मतदाताओं का आह्वान करेंगे तब तुम हमें अयोग्य नहीं ठहराना, ऐसी चेतावनी ही इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने दी। 'मिशन' पहले ही उल्टा पड़ गया! भाजपा ने मिशन चार सौ घोषित किया है। उसकी उद्धव ठाकरे ने खिल्ली उड़ाई। लोकसभा चुनाव की तारीख अभी तक घोषित भी नहीं हुई है फिर भी भाजपा ने मिशन चार सौ शुरू किया है। ये चार सौ दिन कहां से पकड़े इसका अनुमान नहीं है, परंतु एक अच्छा हुआ कि इन चार सौ दिनों में भाजपा की कर्नाटक में पोल खुल गई। कर्नाटक में मतदाताओं को हमें धन्यवाद देना चाहिए। वहां की जनता ने सच्चाई को पहचाना और इनके फर्जी हिंदुत्व के प्रचार का झूठ खुल गया, ऐसे शब्दों में उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर हमला किया। महाराष्ट्र के सत्ता संघर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय के पैâसले और शिंदे समर्थकों की गद्दारी के संदर्भ में जनता के मन में क्या भावना है, ऐसा सवाल उद्धव ठाकरे ने पदाधिकारियों से पूछा। तो लोगों के मन में गुस्सा है। जो हुआ वो अच्छा नहीं हुआ, ऐसा लोगों को लगता है, ऐसा जवाब पदाधिकारियों ने दिया। इस पर कर्नाटक में डीके शिवकुमार लोगों तक पहुंचते रहे, मिलते रहे यही काम हमें महाराष्ट्र में करना है। उन्होंने पांच साल तक इस रोष को जनता में पहुंचाया लेकिन हमें आठ-दस महीनों में ही इस काम को करना है, ऐसा आह्वान उद्धव ठाकरे ने किया। अगले महीने उन्नीस जून को शिवसेना का वर्धापन दिन है। उस दिन प्रथा के अनुसार षण्मुखानंद सभागृह में वर्धापन दिवस समारोह मनाया जाएगा। इससे पहले अट्ठारह जून को वर्ली स्थित एनएससीआई संकुल में पार्टी का राज्यव्यापी शिविर आयोजित किया जाएगा, ऐसी घोषणा उद्धव ठाकरे ने की। इस शिविर में तालुकाप्रमुख, शहरप्रमुख तक के सभी पदाधिकारी शामिल होंगे, ऐसा उन्होंने कहा।
नई दिल्ली। बिजली कंपनी एनटीपीसी (NTPC) ने चालू वित्त वर्ष में 100 अरब यूनिट बिजली पैदा की है। शनिवार को जानकारी देते हुए कंपनी ने बताया की एनटीपीसी ग्रुप की स्थापित क्षमता 62. 9 गीगावॉट है। एक दिन में सबसे अधिक बिजली पैदा करने का नया रेकॉर्ड बनाया था। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (Central Electricity Authority) के आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित एनटीपीसी के प्लांट का प्रदर्शन थर्मल प्लांट में सबसे अच्छा रहा है। इस प्लांट ने अप्रैल से जुलाई 2020 के दौरान 97. 42 फीसदी के लोड फैक्टर के साथ काम किया।
नई दिल्ली। बिजली कंपनी एनटीपीसी ने चालू वित्त वर्ष में एक सौ अरब यूनिट बिजली पैदा की है। शनिवार को जानकारी देते हुए कंपनी ने बताया की एनटीपीसी ग्रुप की स्थापित क्षमता बासठ. नौ गीगावॉट है। एक दिन में सबसे अधिक बिजली पैदा करने का नया रेकॉर्ड बनाया था। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित एनटीपीसी के प्लांट का प्रदर्शन थर्मल प्लांट में सबसे अच्छा रहा है। इस प्लांट ने अप्रैल से जुलाई दो हज़ार बीस के दौरान सत्तानवे. बयालीस फीसदी के लोड फैक्टर के साथ काम किया।
ज्वालापुर के सात युवक हादसे का शिकार, एक की मौत, छह घायल हायर सेंटर रेफर. . आखिरकार सही निकला परिजनों का शक, गंग नहर से मिला लापता युवक का शव. . पत्नी की पिटाई, गर्लफ्रैंड की घुमाई करने वाले को हवालात की हवा खिलाई. . आखिरी सेल्फी लेकर महिला ने मौत को गले लगाया, पहेली सुलझाने में जुटी पुलिस. .
ज्वालापुर के सात युवक हादसे का शिकार, एक की मौत, छह घायल हायर सेंटर रेफर. . आखिरकार सही निकला परिजनों का शक, गंग नहर से मिला लापता युवक का शव. . पत्नी की पिटाई, गर्लफ्रैंड की घुमाई करने वाले को हवालात की हवा खिलाई. . आखिरी सेल्फी लेकर महिला ने मौत को गले लगाया, पहेली सुलझाने में जुटी पुलिस. .
कोरोना ने बरेका के समर्पित कर्मचारी एवं होनहार फुटबाल खिलाड़ी लालजी प्रसाद को भी छीन लिया। बरेका खेलकूद संघ की फुटबाल टीम में सेंटर हॉफ पोजीशन पर खेलने वाले लालजी प्रसाद का गत बुधवार को कोरोना से निधन हो गया। उनका उपचार बरेका चिकित्सालय में किया जा रहा था। बुधवार की शाम उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें बीएचयू ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके परिजनों ने बेटावर स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया। वह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र एवं एक पुत्री छोड़ गए हैं। बरेका फुटबॉल अकादमी के कोच विनोद कन्नौजिया ने बताया कि नाथूपुर निवासी लालजी प्रसाद 1979 बैच में बरेली हॉस्टल में चयनित हुए थे और 1982 में तत्कालीन डीरेका से जुड़े थे। लालजी प्रसाद राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त एवं 26 जनवरी को बरेका स्टेडियम में होने वाले समारोह के लिए राष्ट्रीय ध्वज स्थल को सजाने में अपना विशेष योगदान करते थे। वह 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके निधन से प्रदेश भर के फुटबाल खिलाड़ियों में शोक व्याप्त है। गुरुवार को खिलाड़ियों की ओर से ऑनलाइन शोक सभा हुई। इसमें देहरादून से फुटबाल प्रशिक्षक भीम बहादुर खत्री, सहारनपुर से वीरेंद्र बोरा, कवलजीत सिंह, कानपुर से आरजी. पाल तथा वाराणसी से आरवी गिल, मनोज मांझी, जैश्री प्रसाद, दूधनाथ, रामजी, राकेश जोशी, भीम सेन, आनंद लाल, नूर आलम ने उनके प्रति शोक संवेदना व्यक्त की।
कोरोना ने बरेका के समर्पित कर्मचारी एवं होनहार फुटबाल खिलाड़ी लालजी प्रसाद को भी छीन लिया। बरेका खेलकूद संघ की फुटबाल टीम में सेंटर हॉफ पोजीशन पर खेलने वाले लालजी प्रसाद का गत बुधवार को कोरोना से निधन हो गया। उनका उपचार बरेका चिकित्सालय में किया जा रहा था। बुधवार की शाम उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्हें बीएचयू ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके परिजनों ने बेटावर स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया। वह अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र एवं एक पुत्री छोड़ गए हैं। बरेका फुटबॉल अकादमी के कोच विनोद कन्नौजिया ने बताया कि नाथूपुर निवासी लालजी प्रसाद एक हज़ार नौ सौ उन्यासी बैच में बरेली हॉस्टल में चयनित हुए थे और एक हज़ार नौ सौ बयासी में तत्कालीन डीरेका से जुड़े थे। लालजी प्रसाद राष्ट्रीय पर्व पंद्रह अगस्त एवं छब्बीस जनवरी को बरेका स्टेडियम में होने वाले समारोह के लिए राष्ट्रीय ध्वज स्थल को सजाने में अपना विशेष योगदान करते थे। वह तीस नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनके निधन से प्रदेश भर के फुटबाल खिलाड़ियों में शोक व्याप्त है। गुरुवार को खिलाड़ियों की ओर से ऑनलाइन शोक सभा हुई। इसमें देहरादून से फुटबाल प्रशिक्षक भीम बहादुर खत्री, सहारनपुर से वीरेंद्र बोरा, कवलजीत सिंह, कानपुर से आरजी. पाल तथा वाराणसी से आरवी गिल, मनोज मांझी, जैश्री प्रसाद, दूधनाथ, रामजी, राकेश जोशी, भीम सेन, आनंद लाल, नूर आलम ने उनके प्रति शोक संवेदना व्यक्त की।
Tina Turner Death दिग्गज सिंगर्स में शुमार टीना टर्नर अब इस दुनिया में नहीं रहीं। सिंगर का बीते दिन 83 साल की उम्र में निधन हो गया। उनकी मौत से बॉलीवुड अभिनेता अरबाज खान को झटका लगा है। नई दिल्ली, जेएनएन। Tina Turner Death: 'रॉक एन रॉल' की रानी कही जाने वाली टीना टर्नर का निधन हो गया है। अपने चाहने वालों की आंखें नम कर वह इस दुनिया को अलविदा कह गईं। वह लंबे समय से बीमार थीं। 83 साल की टीना के निधन से उनके फैंस से लेकर सेलब्रिटीज तक शॉक में हैं। टीना टर्नर के निधन पर अरबाज ने क्या किया पोस्ट? फैंस से सेलेब्स तक दिग्गज सिंगर को सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अरबाज खान (Arbaaz Khan) ने भी टीना टर्नर के निधन पर शोक जताया है। अरबाज ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दिवंगत सिंगर की तस्वीर शेयर की है। फोटो के साथ अरबाज ने कैप्शन में लिखा, "RIP टीना टर्नर। " इसके साथ अरबाज ने एक टूटी हुई हार्ट इमोजी भी शेयर की है। कैसे हुआ टीना टर्नर का निधन? "'क्वीन ऑफ रॉक एन रोल' का आज 83 साल की उम्र में स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख के पास कुसनाच स्थित उनके घर में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके जाने से दुनिया ने एक महान संगीतकार और एक रोल मॉडल हमेशा के लिए खो दिया। " लंबे समय से क्यों बीमार थीं टीना टर्नर? पिछले कुछ सालों से टीना टर्नर की सेहत ठीक नहीं थी। साल 2016 में टीना को आंतों के कैंसर का पता चला था। एक साल बाद यानी 2017 में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। टीना टर्नर का पहला गाना कौन सा था? 26 नवंबर 1939 को जन्मी टीना ने 60 के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी। टीना टर्नर का पहला गाना 'ए फूल इन लव' था, जिसे उन्होंने अपने एक्स हसबैंड इके के साथ गाया था। इसने सक्सेस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। 60 दशक के मध्य में टीना और उनके पति इके की जोड़ी ने म्यूजिक इंडस्ट्री में धमाल कर दिया था। हालांकि, 70 के दशक में जब टीना ने अपने पति इके से तलाक लिया तो उनकी प्रोफेशनल जोड़ी भी टूट गई। इसके बाद टीना ने अकेले ही म्यूजिक इंडस्ट्री में कमाल किया।
Tina Turner Death दिग्गज सिंगर्स में शुमार टीना टर्नर अब इस दुनिया में नहीं रहीं। सिंगर का बीते दिन तिरासी साल की उम्र में निधन हो गया। उनकी मौत से बॉलीवुड अभिनेता अरबाज खान को झटका लगा है। नई दिल्ली, जेएनएन। Tina Turner Death: 'रॉक एन रॉल' की रानी कही जाने वाली टीना टर्नर का निधन हो गया है। अपने चाहने वालों की आंखें नम कर वह इस दुनिया को अलविदा कह गईं। वह लंबे समय से बीमार थीं। तिरासी साल की टीना के निधन से उनके फैंस से लेकर सेलब्रिटीज तक शॉक में हैं। टीना टर्नर के निधन पर अरबाज ने क्या किया पोस्ट? फैंस से सेलेब्स तक दिग्गज सिंगर को सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अरबाज खान ने भी टीना टर्नर के निधन पर शोक जताया है। अरबाज ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दिवंगत सिंगर की तस्वीर शेयर की है। फोटो के साथ अरबाज ने कैप्शन में लिखा, "RIP टीना टर्नर। " इसके साथ अरबाज ने एक टूटी हुई हार्ट इमोजी भी शेयर की है। कैसे हुआ टीना टर्नर का निधन? "'क्वीन ऑफ रॉक एन रोल' का आज तिरासी साल की उम्र में स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख के पास कुसनाच स्थित उनके घर में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके जाने से दुनिया ने एक महान संगीतकार और एक रोल मॉडल हमेशा के लिए खो दिया। " लंबे समय से क्यों बीमार थीं टीना टर्नर? पिछले कुछ सालों से टीना टर्नर की सेहत ठीक नहीं थी। साल दो हज़ार सोलह में टीना को आंतों के कैंसर का पता चला था। एक साल बाद यानी दो हज़ार सत्रह में उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। टीना टर्नर का पहला गाना कौन सा था? छब्बीस नवंबर एक हज़ार नौ सौ उनतालीस को जन्मी टीना ने साठ के दशक में अपने करियर की शुरुआत की थी। टीना टर्नर का पहला गाना 'ए फूल इन लव' था, जिसे उन्होंने अपने एक्स हसबैंड इके के साथ गाया था। इसने सक्सेस के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। साठ दशक के मध्य में टीना और उनके पति इके की जोड़ी ने म्यूजिक इंडस्ट्री में धमाल कर दिया था। हालांकि, सत्तर के दशक में जब टीना ने अपने पति इके से तलाक लिया तो उनकी प्रोफेशनल जोड़ी भी टूट गई। इसके बाद टीना ने अकेले ही म्यूजिक इंडस्ट्री में कमाल किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज आज सिडनी के एडमिरल्टी हाउस में द्विपक्षीय बैठक की है। इस दौरान पीएम मोदी को सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज बुधवार को सिडनी के एडमिरल्टी हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। बैठक शुरू होने से पहले एडमिरल्टी हाउस में पीएम मोदी के सम्मान में उन्हें सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने एडमिरल्टी हाउस में विजिटर्स बुक में हस्ताक्षर भी किए है। इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने सिडनी के कुडोस बैंक एरिना में एक सामुदायिक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया था। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत करते हुए उन्हें बॉस बताया। अल्बानीस ने कहा कि "आखिरी बार मैंने इस मंच पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन को देखा था मगर उन्हें ऐसा स्वागत नहीं मिला जो प्रधानमंत्री मोदी को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी बॉस हैं। " पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक संबंधों का आधार आपसी विश्वास और आपसी सम्मान है। पीएम मोदी ने कहा कि "मैं जब 2014 में आया था तब आपसे एक वादा किया था कि आपको फिर भारत के किसी प्रधानमंत्री का 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आज सिडनी में, इस एरीना में, मैं फिर हाजिर हूं और मैं अकेला नहीं आया हूं। प्रधानमंत्री अल्बनीज भी मेरे साथ आए हैं। " पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक संबंधों का आधार आपसी विश्वास और आपसी सम्मान है। पीएम मोदी ने कहा कि "मैं जब 2014 में आया था तब आपसे एक वादा किया था कि आपको फिर भारत के किसी प्रधानमंत्री का 28 साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आज सिडनी में, इस एरीना में, मैं फिर हाजिर हूं और मैं अकेला नहीं आया हूं। प्रधानमंत्री अल्बनीज भी मेरे साथ आए हैं। " मंगलवार को पीएम मोदी ने सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने उद्योगपतियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। बता दें कि पीएम मोदी अपनी छह दिवसीय विदेश यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण के तहत सिडनी का दौरा कर रहे है। वहीं बुधवार को पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय बैठक की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज आज सिडनी के एडमिरल्टी हाउस में द्विपक्षीय बैठक की है। इस दौरान पीएम मोदी को सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज बुधवार को सिडनी के एडमिरल्टी हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। बैठक शुरू होने से पहले एडमिरल्टी हाउस में पीएम मोदी के सम्मान में उन्हें सेरेमोनियल गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने एडमिरल्टी हाउस में विजिटर्स बुक में हस्ताक्षर भी किए है। इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने सिडनी के कुडोस बैंक एरिना में एक सामुदायिक कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया था। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत करते हुए उन्हें बॉस बताया। अल्बानीस ने कहा कि "आखिरी बार मैंने इस मंच पर ब्रूस स्प्रिंगस्टीन को देखा था मगर उन्हें ऐसा स्वागत नहीं मिला जो प्रधानमंत्री मोदी को मिला है। प्रधानमंत्री मोदी बॉस हैं। " पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक संबंधों का आधार आपसी विश्वास और आपसी सम्मान है। पीएम मोदी ने कहा कि "मैं जब दो हज़ार चौदह में आया था तब आपसे एक वादा किया था कि आपको फिर भारत के किसी प्रधानमंत्री का अट्ठाईस साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आज सिडनी में, इस एरीना में, मैं फिर हाजिर हूं और मैं अकेला नहीं आया हूं। प्रधानमंत्री अल्बनीज भी मेरे साथ आए हैं। " पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक संबंधों का आधार आपसी विश्वास और आपसी सम्मान है। पीएम मोदी ने कहा कि "मैं जब दो हज़ार चौदह में आया था तब आपसे एक वादा किया था कि आपको फिर भारत के किसी प्रधानमंत्री का अट्ठाईस साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आज सिडनी में, इस एरीना में, मैं फिर हाजिर हूं और मैं अकेला नहीं आया हूं। प्रधानमंत्री अल्बनीज भी मेरे साथ आए हैं। " मंगलवार को पीएम मोदी ने सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई कंपनियों के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने उद्योगपतियों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। बता दें कि पीएम मोदी अपनी छह दिवसीय विदेश यात्रा के तीसरे और अंतिम चरण के तहत सिडनी का दौरा कर रहे है। वहीं बुधवार को पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय बैठक की है।
गोरखपुरः कभी-कभी कोई ऐसा शख्स हमारे लिए मसीहा बन जाता है, जिसे हम जानते तक नहीं हैं। वो अजनबी होते हुए भी हमारे जीवन को बदल देता है। कुछ ऐसा ही हुआ है उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में। जिले में एक अजनबी कॉलर व बाल संरक्षण विभाग की मदद से डेढ़ सालों में 20 किशोरियों को बालिका वधु बनने से बचाया गया। दोनों के प्रयासों से 20 किशोरियों की शादी तुड़वाई गई, जिनमें एक की शादी उसके दोगुने उम्र के व्यक्ति से हो रही थी। ऐसे में उसे बाल विवाह के संकट से बचा लिया गया। जानकारी के मुताबिक, साल 2019-20 में चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर बाल विवाह की 15 और साल 2020-21 में पांच शिकायतें आयीं। इसके बाद चाइल्ड लाइन ने बाल संरक्षण विभाग को सूचना दी और बाल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ऐसी शादियों को रुकवाया। बाल संरक्षण विभाग की टीम इन किशोरियों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और अब उनकी शादी बालिग होने के बाद ही कराई जाएगी। अगर हम कुछ मामलों की बात करें तो बांसगांव थाना क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी माता-पिता की मृत्यु हो जाने के बाद अपनी दादी के पास रह रही थी। मगर, उसकी दादी किशोरी की शादी एक ऐसे व्यक्ति के साथ करा रही थी, जिसकी उम्र किशोरी के दोगुनी थी। जब इसकी जानकारी बाल संरक्षण विभाग को हुई तो टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी रुकवाई। हालांकि, जब टीम शादी रुकवाने पहुंची तो ग्राम प्रधान किशोरी के आठवीं पास दस्तावेज दिखाकर उसे बालिग बता रहे थे, लेकिन मेडिकल कराने पर वह नाबालिग निकली। इसके बाद टीम ने किशोरी को उसके ननिहाल वालों के पास भेज दिया। वहीं, हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र में एक किशोरी की शादी तो उसके फुफेरे भाई से करा दी गई थी। जब इसकी सूचना बाल संरक्षण विभाग को मिली तो टीम ने मामले की जांच करवाई। जांच में किशोरी नाबालिग निकली और फिर शादी तुड़वाई गई। साथ ही टीम ने आरोपित के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का मुकदमा भी दर्ज कराया। उधर, इन मामलों पर बाल संरक्षण अधिकारी मिठाई लाल गुप्ता ने बताया कि, पिछले डेढ़ सालों में बाल विवाह की 20 सूचनाएं टीम को मिली हैं। टीम ने मौके पर जाकर शादियां रुकवाईं और परिजनों को चेतावनी दी है। एक मामले में तो मुकदमा भी पंजीकृत कराया गया है।
गोरखपुरः कभी-कभी कोई ऐसा शख्स हमारे लिए मसीहा बन जाता है, जिसे हम जानते तक नहीं हैं। वो अजनबी होते हुए भी हमारे जीवन को बदल देता है। कुछ ऐसा ही हुआ है उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में। जिले में एक अजनबी कॉलर व बाल संरक्षण विभाग की मदद से डेढ़ सालों में बीस किशोरियों को बालिका वधु बनने से बचाया गया। दोनों के प्रयासों से बीस किशोरियों की शादी तुड़वाई गई, जिनमें एक की शादी उसके दोगुने उम्र के व्यक्ति से हो रही थी। ऐसे में उसे बाल विवाह के संकट से बचा लिया गया। जानकारी के मुताबिक, साल दो हज़ार उन्नीस-बीस में चाइल्ड लाइन नंबर एक हज़ार अट्ठानवे पर बाल विवाह की पंद्रह और साल दो हज़ार बीस-इक्कीस में पांच शिकायतें आयीं। इसके बाद चाइल्ड लाइन ने बाल संरक्षण विभाग को सूचना दी और बाल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ऐसी शादियों को रुकवाया। बाल संरक्षण विभाग की टीम इन किशोरियों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और अब उनकी शादी बालिग होने के बाद ही कराई जाएगी। अगर हम कुछ मामलों की बात करें तो बांसगांव थाना क्षेत्र के एक गांव में एक किशोरी माता-पिता की मृत्यु हो जाने के बाद अपनी दादी के पास रह रही थी। मगर, उसकी दादी किशोरी की शादी एक ऐसे व्यक्ति के साथ करा रही थी, जिसकी उम्र किशोरी के दोगुनी थी। जब इसकी जानकारी बाल संरक्षण विभाग को हुई तो टीम ने मौके पर पहुंचकर शादी रुकवाई। हालांकि, जब टीम शादी रुकवाने पहुंची तो ग्राम प्रधान किशोरी के आठवीं पास दस्तावेज दिखाकर उसे बालिग बता रहे थे, लेकिन मेडिकल कराने पर वह नाबालिग निकली। इसके बाद टीम ने किशोरी को उसके ननिहाल वालों के पास भेज दिया। वहीं, हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र में एक किशोरी की शादी तो उसके फुफेरे भाई से करा दी गई थी। जब इसकी सूचना बाल संरक्षण विभाग को मिली तो टीम ने मामले की जांच करवाई। जांच में किशोरी नाबालिग निकली और फिर शादी तुड़वाई गई। साथ ही टीम ने आरोपित के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का मुकदमा भी दर्ज कराया। उधर, इन मामलों पर बाल संरक्षण अधिकारी मिठाई लाल गुप्ता ने बताया कि, पिछले डेढ़ सालों में बाल विवाह की बीस सूचनाएं टीम को मिली हैं। टीम ने मौके पर जाकर शादियां रुकवाईं और परिजनों को चेतावनी दी है। एक मामले में तो मुकदमा भी पंजीकृत कराया गया है।
- #CongressParliament Monsoon Session 20 जुलाई से, एक दिन पहले NDA फ्लोर लीडर्स की बैठक, प्रह्लाद जोशी ने क्या बताया? नई दिल्ली, 04 मईः कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कई थ्री-स्टार अधिकारियों सहित सैकड़ों पूर्व सैनिकों को पेंशन नहीं देने को लेकर "राष्ट्र का अपमान" करने का आरोप लगाया। इस मामले पर हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट को साझा करते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'वन रैंक, वन पेंशन' के धोखे के बाद अब मोदी सरकार 'ऑल रैंक, नो पेंशन' की नीति अपना रही है। हमारे सैनिकों का अपमान करना देश का अपमान है। सरकार को पूर्व सैनिकों की पेंशन जल्द से जल्द देनी चाहिए। दरअसल, नई ऑनलाइन पेंशन वितरण प्रणाली लागू होने के बाद से हाल के दिनों में कई बार खाते में पेंशन नहीं पहुंचने की शिकायतें मिल चुकी हैं। कई पूर्व सैनिकों के लिए उनकी आय का एकमात्र यही स्रोत है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, (रिटायर्ड) लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हूडा ने इस मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हस्तक्षेप करने का निवेदन किया है। कई पूर्व सैनिकों के खाते में अप्रैल 2022 में पेंशन नहीं पहुंचने और इस बारे में सरकार की ओर से कोई वजह नहीं बताए जाने को लेकर राहुल गांधी ने हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट साझा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "'One Rank, One Pension' के धोखे के बाद अब मोदी सरकार 'All Rank, NO Pension' की नीति अपना रही है। सैनिकों का अपमान देश का अपमान है। सरकार को पूर्व सैनिकों की पेंशन जल्द से जल्द देनी चाहिए। "
- #CongressParliament Monsoon Session बीस जुलाई से, एक दिन पहले NDA फ्लोर लीडर्स की बैठक, प्रह्लाद जोशी ने क्या बताया? नई दिल्ली, चार मईः कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कई थ्री-स्टार अधिकारियों सहित सैकड़ों पूर्व सैनिकों को पेंशन नहीं देने को लेकर "राष्ट्र का अपमान" करने का आरोप लगाया। इस मामले पर हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट को साझा करते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'वन रैंक, वन पेंशन' के धोखे के बाद अब मोदी सरकार 'ऑल रैंक, नो पेंशन' की नीति अपना रही है। हमारे सैनिकों का अपमान करना देश का अपमान है। सरकार को पूर्व सैनिकों की पेंशन जल्द से जल्द देनी चाहिए। दरअसल, नई ऑनलाइन पेंशन वितरण प्रणाली लागू होने के बाद से हाल के दिनों में कई बार खाते में पेंशन नहीं पहुंचने की शिकायतें मिल चुकी हैं। कई पूर्व सैनिकों के लिए उनकी आय का एकमात्र यही स्रोत है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हूडा ने इस मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से हस्तक्षेप करने का निवेदन किया है। कई पूर्व सैनिकों के खाते में अप्रैल दो हज़ार बाईस में पेंशन नहीं पहुंचने और इस बारे में सरकार की ओर से कोई वजह नहीं बताए जाने को लेकर राहुल गांधी ने हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट साझा की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, "'One Rank, One Pension' के धोखे के बाद अब मोदी सरकार 'All Rank, NO Pension' की नीति अपना रही है। सैनिकों का अपमान देश का अपमान है। सरकार को पूर्व सैनिकों की पेंशन जल्द से जल्द देनी चाहिए। "
हाथरस में गैंगरेप पीड़िता के मौत के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. विपक्ष लगातार योगी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. इस बीच रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा के प्रदेश में विपक्ष जातीय दंगा फैलाने की साजिश कर रहा है. सियासत करने वालों को विकास से कोई मतलब नहीं है. वो रोज नए ष्डयंत्र रचने की साजिश कर रहे हैं. दंगे का मकसद प्रदेश के विकास को रोकना है. देखें वीडियो. Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath slams opposition over Hathras case on Sunday. CM Yogi alleges big conspiracy by opposition to stoke communal violence in the state. The opposition did not like development in the state. Opposition bringing communal politics in the country. Watch the video to know more.
हाथरस में गैंगरेप पीड़िता के मौत के बाद सियासी पारा चढ़ गया है. विपक्ष लगातार योगी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. इस बीच रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा के प्रदेश में विपक्ष जातीय दंगा फैलाने की साजिश कर रहा है. सियासत करने वालों को विकास से कोई मतलब नहीं है. वो रोज नए ष्डयंत्र रचने की साजिश कर रहे हैं. दंगे का मकसद प्रदेश के विकास को रोकना है. देखें वीडियो. Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath slams opposition over Hathras case on Sunday. CM Yogi alleges big conspiracy by opposition to stoke communal violence in the state. The opposition did not like development in the state. Opposition bringing communal politics in the country. Watch the video to know more.
मध्यप्रदेश में सोमवार को भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश खंडवा में रिकॉर्ड की गई। यहां एक इंच पानी बरस गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में 24 जिलों में अति भारी या भारी बारिश होने के आसार जताए हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बना है। 14 सितंबर तक प्रदेश में झमाझम बारिश होने के आसार हैं। सोमवार सुबह 8. 30 से शाम 5. 30 बजे के बीच प्रदेश के कई शहरों में बारिश हुई। नरसिंहपुर, पचमढ़ी, दमोह, बैतूल, मंडला, रायसेन, उमरिया में आधा इंच के आसपास बारिश हुई। खरगोन, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रतलाम, छतरपुर, भोपाल, रीवा, उज्जैन, सीधी, छिंदवाड़ा, सागर और राजगढ़ में भी बारिश दर्ज की गई। सितंबर में अब तक 10 साल में बारिश का रिकॉर्ड (आंकड़े इंच में) अभी ट्रफ लाइन काफी ऊपर UP की तरफ है। सोमवार को ये मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल में नीचे आ गई। इससे दूसरा सिस्टम एक्टिव हो गया। जो तीन दिन तक ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, बघेलखंड, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, सागर, रायसेन, विदिशा, गुना समेत कई इलाकों में बारिश कराएगा। कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार बन सकते हैं। जुलाई-अगस्त में झमाझम होने के बाद सितंबर में अब तक कोई भी स्ट्रॉन्ग सिस्टम नहीं होने के कारण 11 दिन से अच्छी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में प्रदेश के कई इलाकों जैसे, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, रीवा, सीधी, झाबुआ और अलीराजपुर की स्थिति खराब हो गई है। इस साल सितंबर में अब तक बीते 7 साल में सबसे कम बारिश हुई है। अब तक कुल 2. 16 इंच पानी ही गिरा है। साल 2019 में 17. 48 बारिश हुई थी। यह बीते 10 साल में सबसे ज्यादा थी। मध्यप्रदेश में 1 जून से अब तक करीब 40 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य रूप से अब तक 35 इंच बारिश होना चाहिए। यह सामान्य से 16% ज्यादा है। पूर्वी मध्यप्रदेश की स्थिति ज्यादा ठीक नहीं है। छतरपुर, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, पन्ना, रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, सिंगरौली, उमरिया और टीकमगढ़ में सामान्य से कम बारिश हुई है। हालांकि सिर्फ रीवा और सीधी ही दो ऐसे इलाके हैं, जहां पर अभी तक कोटे की 70% तक बारिश नहीं हुई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में दतिया (32%) अलीराजपुर (30%) और झाबुआ (26%) ही ऐसे इलाके हैं, जहां पर बारिश का कोटा सामान्य से कम रहा है। इसके अलावा धार, मुरैना और ग्वालियर, में सामान्य से कम बारिश हुई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश भोपाल (88%) में हुई है। इसके बाद राजगढ़ (85%), गुना (58%) और आगर-मालवा (57%) का नंबर आता है। छिंदवाड़ा (51%), विदिशा (49%), बैतूल (50%), रायसेन (44%), देवास (45%), सीहोर (43%), नीमच (42%), शाजापुर (39%), श्योपुरकलां (38%) सिवनी (35%), नर्मदापुरम (35%), हरदा (28%), बुरहानपुर (28%), मंदसौर (25%), सागर (24%), अशोक नगर (25%) और रतलाम (23%), में हुई है। सितंबर में अच्छी बारिश नहीं होने के कारण कोटे पर इसका असर पड़ा है। ज्यादा बारिश वाले टॉप 5 शहर (आंकड़ा इंच में) कम बारिश वाले टॉप 5 शहर (आंकड़ा इंच में) This website follows the DNPA Code of Ethics.
मध्यप्रदेश में सोमवार को भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश खंडवा में रिकॉर्ड की गई। यहां एक इंच पानी बरस गया। मौसम विभाग ने अगले चौबीस घंटाटे में चौबीस जिलों में अति भारी या भारी बारिश होने के आसार जताए हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बना है। चौदह सितंबर तक प्रदेश में झमाझम बारिश होने के आसार हैं। सोमवार सुबह आठ. तीस से शाम पाँच. तीस बजे के बीच प्रदेश के कई शहरों में बारिश हुई। नरसिंहपुर, पचमढ़ी, दमोह, बैतूल, मंडला, रायसेन, उमरिया में आधा इंच के आसपास बारिश हुई। खरगोन, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रतलाम, छतरपुर, भोपाल, रीवा, उज्जैन, सीधी, छिंदवाड़ा, सागर और राजगढ़ में भी बारिश दर्ज की गई। सितंबर में अब तक दस साल में बारिश का रिकॉर्ड अभी ट्रफ लाइन काफी ऊपर UP की तरफ है। सोमवार को ये मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल में नीचे आ गई। इससे दूसरा सिस्टम एक्टिव हो गया। जो तीन दिन तक ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, बघेलखंड, भोपाल, उज्जैन, इंदौर, सागर, रायसेन, विदिशा, गुना समेत कई इलाकों में बारिश कराएगा। कहीं-कहीं भारी बारिश के आसार बन सकते हैं। जुलाई-अगस्त में झमाझम होने के बाद सितंबर में अब तक कोई भी स्ट्रॉन्ग सिस्टम नहीं होने के कारण ग्यारह दिन से अच्छी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में प्रदेश के कई इलाकों जैसे, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, रीवा, सीधी, झाबुआ और अलीराजपुर की स्थिति खराब हो गई है। इस साल सितंबर में अब तक बीते सात साल में सबसे कम बारिश हुई है। अब तक कुल दो. सोलह इंच पानी ही गिरा है। साल दो हज़ार उन्नीस में सत्रह. अड़तालीस बारिश हुई थी। यह बीते दस साल में सबसे ज्यादा थी। मध्यप्रदेश में एक जून से अब तक करीब चालीस इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य रूप से अब तक पैंतीस इंच बारिश होना चाहिए। यह सामान्य से सोलह% ज्यादा है। पूर्वी मध्यप्रदेश की स्थिति ज्यादा ठीक नहीं है। छतरपुर, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, पन्ना, रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, सिंगरौली, उमरिया और टीकमगढ़ में सामान्य से कम बारिश हुई है। हालांकि सिर्फ रीवा और सीधी ही दो ऐसे इलाके हैं, जहां पर अभी तक कोटे की सत्तर% तक बारिश नहीं हुई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में दतिया अलीराजपुर और झाबुआ ही ऐसे इलाके हैं, जहां पर बारिश का कोटा सामान्य से कम रहा है। इसके अलावा धार, मुरैना और ग्वालियर, में सामान्य से कम बारिश हुई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश भोपाल में हुई है। इसके बाद राजगढ़ , गुना और आगर-मालवा का नंबर आता है। छिंदवाड़ा , विदिशा , बैतूल , रायसेन , देवास , सीहोर , नीमच , शाजापुर , श्योपुरकलां सिवनी , नर्मदापुरम , हरदा , बुरहानपुर , मंदसौर , सागर , अशोक नगर और रतलाम , में हुई है। सितंबर में अच्छी बारिश नहीं होने के कारण कोटे पर इसका असर पड़ा है। ज्यादा बारिश वाले टॉप पाँच शहर कम बारिश वाले टॉप पाँच शहर This website follows the DNPA Code of Ethics.
लोटते समय उसने चोल, कर्णाट्, नाट आदि राजाओं को भी पराजित किया । जो लोग उसके चले जाने पर वहाँ आये, उन्हें उनके ध्वस्त नगरों से उनके पराजय की सूचना मिली । ज्यों ही वह कश्मीर के द्वार पर पहुँचा, उसने खड्ड में गिरे एक हाथी की चिग्घाड़ सुनी। उसे सुन कर उसे इतना आनन्द आया कि उसने सौ हाथियों को उसी प्रकार निग्माड कर मरने के लिए खड्ड में गिरवा दिया । जिस प्रकार पापी के छूने से शरीर अशुद्ध हो जाता है, इसी प्रकार का अशौच पापियों की बातें सुन कर भी होता है ; इस कारण पाप लगने के भय से उसके अन्य सभी दुष्कमों की चर्चा नहीं की जा रही है । अन्ततः जब भैरव का वह अवतार सत्तर वर्ष तक राज्य कर चुका, तो अत्यन्त बीमार पड़ा और आग में जल मरा । उसकी क्रूरता का चरम उदाहरण यह है कि "एक दिन जब वह चन्द्रकुल्या नदी में उतर रहा था, उसके रास्ते में एक बड़ा सा चट्टान आ गया जो उखाड़ कर हटाया न जा सका । स्वप्न में देवताओं ने उसे बताया कि उस चट्टान में एक शक्तिशाली यक्ष रहता है और वह ब्राह्मण की भाँति व्रत करता है। अतः वह रोड़ा तभी हट सकता है, जब उसे कोई सती नारी छू दे। दूसरे दिन उसने अपने स्वप्न की बात कह सुनाई और उसकी परीक्षा करने का निश्चय किया। चन्द्रावती नाम्नी कुम्हारी को छोड़ कर कोई स्त्री वैसी नहीं मिली जो चट्टान को हटा सके । कुम्हारी के छूते ही चट्टान हट गया। इससे वह बहुत क्रुद्ध हुआ और उसने पतियों, पुत्रों और भाइयां सहित तीन कराड़ स्त्रियों को मरवा डाला ।" जैन अनुश्रुतियों में कहा गया है कि पूर्ववत गुप्तों के पश्चात् चतुर्मुख कल्किन् अथवा कल्किराज नामक एक महान् अत्याचारी शासक हुआ। वह सार्वभौम सम्राट् था ( महीम कृत्स्नां स भोक्ष्यन्ति ) । वह दुर्जनों में आदि ( दुर्जनादिमः ); उल्लेख है । उसमें कहा गया है कि मिन्धु-नरेश किसी भी शरीक कपड़े को तब तक बनने नहीं देता था जब तक कि उस पर उसके पद-चिह्न न हों। जब कश्मीर नरेश ( सम्भवतः मिधिरकुल ) ने अपनी रानी को इसी प्रकार का कोई वस्त्र पहने देखा तो उसने उस वणिक् को बुलवाया जिससे वह क्रय किया गया था। उससे सारी बातें जान कर उसने सिन्धु पर आक्रमण कर राजा हाल का पैर काट डालने की प्रतिज्ञा की। मत्रियों ने बहुत समझाने की चेष्टा की कि सिन्धु ब्राह्मणों का देश है और उससे जीतना असम्भव है। पर मिहिरकुल ने किसी की बात नहीं सुनी और सेना लेकर चल पड़ा। राजा हाल ने देखा कि वह उसका सामना करने में असमर्थ है तो ब्राह्मणों से सलाह ली। उन्होंने मिट्टी का हाथी बनाकर सेना के आगे खड़ा कर देने की सलाह दी। हाथी इस तरह का बनाया गया था कि उससे आग निकाल कर मिहिरकुल के अग्रगामी सेना में से बहुतों को झुलस दिया। अन्ततः मिहिरकुल को सन्धि करने पर विवश होना पड़ा। तब उसने अपनी प्रतिशा राजा हाल की मोम की मूर्ति ननवा कर उसका पैर काट कर पूरी की (रेनां, फ्रैगमेण्ट्स अरबेज एत परसान्स, ५० ४ आदि ) । अकर्मकारिन और भूतल को उद्वेलित करने वाला था। उसने एक दिन अपने मंत्रियों से पूछा कि पृथ्वी पर कोई ऐसा भी है, जो उसकी अधीनता को स्वीकार नहीं करता । उत्तर मिला कि निर्ग्रन्थों को छोड़ कर और कोई नहीं है । अतः तत्काल उमने राज्यादेश जारी किया कि निर्मन्थों को जैन सम्प्रदाय के धार्मिक लोग प्रतिदिन दोपहर को जो भोजन का पहला अंश दिया करते हैं, उसे कर स्वरूप में वसूल किया जाय । कल्किराज के इस अत्याचारपूर्ण आदेश के फलस्वरूप निर्ग्रन्थ लोग भूखों मरने लगे। इस दृश्य को एक दैत्य सहन न कर सका। उसने प्रकट होकर अपने वज्र से उसको भार डाला । तदनन्तर कल्किराज अनन्त काल तक रहने और दुःख भोगने के लिए नरक चला गया ।। युवान च्वांग, सांग - युन, कॉस्मास और कल्हण के वृत्तों के प्रकाश में इस अनुश्रुति को देखने से यही निष्कर्ष निकलता है कि कल्कि अथवा कल्किराज अत्याचारी मिहिर कुल का ही नाम था । कल्किराज अथवा कल्कि के साथ मिहिरकुल की पहचान कर लेने पर जैन अनुश्रुतियों से इस अत्याचारी राजा के समय की भी जानकारी प्राप्त होती है, जो अन्यत्र अप्राप्य है। उनमें मिहिरकुल ( कल्कि ) के जन्म और मरण की निश्चित तिथि का उल्लेख मिलता है। जैन लेखक गुणभद्र का कहना है कि महावीर के निर्वाण से आरम्भ होकर दुस्ममकाल का एक हजार वर्ष बीत जाने पर कल्किराज का जन्म हुआ । नेमिचन्द्र के कथनानुसार, शकराज का जन्म महावीर के निर्वाण के ६०५ वर्ष ५ महीना बीत जाने पर हुआ । और शकराज के जन्म से ३९ वर्ष ७ महीना बीतने पर कल्किराज का जन्म हुआ । गुणभद्र ने इतनी बात और कही है कि कल्कि के जन्म के समय माघ-संवत्सर था । इन सबका सीधा-सादा अर्थ यह हुआ कि कल्कि का जन्म कार्तिक शुक्ल १, शक संवत् ३९४ ( गत ) को हुआ था और उस समय माघ- संवत्सर था। तदनुसार उसका जन्म ४७२ ई० में ठहरता है। जैन अनुश्रुतियों के सभी लेखकों का एक स्वर से कहना है कि कल्कि ( मिहिर कुल ) की मृत्यु ७० वर्ष की अवस्था अर्थात् शक ४६४ (५४२६० ) में हुई । जिनसेन ने उसका राजकाल ४२ वर्ष बताया और गुणचन्द्र और नेमिचन्द केवल ४० ही वर्ष कहते हैं । इस प्रकार इन अनुश्रुतियों के अनुसार मिहिरकुल ५०७ या ५०२ ई० में गड़ी पर बैठा था। इस प्रकार इस सूत्र से हमें एक निश्चित तिथि शांत होती है, जिसके आधार पर परवर्ती गुप्त शासकों के काल में घटित घटनाओं का समयांकन बिना किसी कल्पना के सहज किया जा सकता है। १. जिनसेन, हरिवंशपुराण, ६, ४८७८८; गुणभद्र, उत्तरपुराण, ७६, ३८७-४७७; नेमिचन्द्र, त्रिलोकसार, ८४०-८४६ । २. वही
लोटते समय उसने चोल, कर्णाट्, नाट आदि राजाओं को भी पराजित किया । जो लोग उसके चले जाने पर वहाँ आये, उन्हें उनके ध्वस्त नगरों से उनके पराजय की सूचना मिली । ज्यों ही वह कश्मीर के द्वार पर पहुँचा, उसने खड्ड में गिरे एक हाथी की चिग्घाड़ सुनी। उसे सुन कर उसे इतना आनन्द आया कि उसने सौ हाथियों को उसी प्रकार निग्माड कर मरने के लिए खड्ड में गिरवा दिया । जिस प्रकार पापी के छूने से शरीर अशुद्ध हो जाता है, इसी प्रकार का अशौच पापियों की बातें सुन कर भी होता है ; इस कारण पाप लगने के भय से उसके अन्य सभी दुष्कमों की चर्चा नहीं की जा रही है । अन्ततः जब भैरव का वह अवतार सत्तर वर्ष तक राज्य कर चुका, तो अत्यन्त बीमार पड़ा और आग में जल मरा । उसकी क्रूरता का चरम उदाहरण यह है कि "एक दिन जब वह चन्द्रकुल्या नदी में उतर रहा था, उसके रास्ते में एक बड़ा सा चट्टान आ गया जो उखाड़ कर हटाया न जा सका । स्वप्न में देवताओं ने उसे बताया कि उस चट्टान में एक शक्तिशाली यक्ष रहता है और वह ब्राह्मण की भाँति व्रत करता है। अतः वह रोड़ा तभी हट सकता है, जब उसे कोई सती नारी छू दे। दूसरे दिन उसने अपने स्वप्न की बात कह सुनाई और उसकी परीक्षा करने का निश्चय किया। चन्द्रावती नाम्नी कुम्हारी को छोड़ कर कोई स्त्री वैसी नहीं मिली जो चट्टान को हटा सके । कुम्हारी के छूते ही चट्टान हट गया। इससे वह बहुत क्रुद्ध हुआ और उसने पतियों, पुत्रों और भाइयां सहित तीन कराड़ स्त्रियों को मरवा डाला ।" जैन अनुश्रुतियों में कहा गया है कि पूर्ववत गुप्तों के पश्चात् चतुर्मुख कल्किन् अथवा कल्किराज नामक एक महान् अत्याचारी शासक हुआ। वह सार्वभौम सम्राट् था । वह दुर्जनों में आदि ; उल्लेख है । उसमें कहा गया है कि मिन्धु-नरेश किसी भी शरीक कपड़े को तब तक बनने नहीं देता था जब तक कि उस पर उसके पद-चिह्न न हों। जब कश्मीर नरेश ने अपनी रानी को इसी प्रकार का कोई वस्त्र पहने देखा तो उसने उस वणिक् को बुलवाया जिससे वह क्रय किया गया था। उससे सारी बातें जान कर उसने सिन्धु पर आक्रमण कर राजा हाल का पैर काट डालने की प्रतिज्ञा की। मत्रियों ने बहुत समझाने की चेष्टा की कि सिन्धु ब्राह्मणों का देश है और उससे जीतना असम्भव है। पर मिहिरकुल ने किसी की बात नहीं सुनी और सेना लेकर चल पड़ा। राजा हाल ने देखा कि वह उसका सामना करने में असमर्थ है तो ब्राह्मणों से सलाह ली। उन्होंने मिट्टी का हाथी बनाकर सेना के आगे खड़ा कर देने की सलाह दी। हाथी इस तरह का बनाया गया था कि उससे आग निकाल कर मिहिरकुल के अग्रगामी सेना में से बहुतों को झुलस दिया। अन्ततः मिहिरकुल को सन्धि करने पर विवश होना पड़ा। तब उसने अपनी प्रतिशा राजा हाल की मोम की मूर्ति ननवा कर उसका पैर काट कर पूरी की । अकर्मकारिन और भूतल को उद्वेलित करने वाला था। उसने एक दिन अपने मंत्रियों से पूछा कि पृथ्वी पर कोई ऐसा भी है, जो उसकी अधीनता को स्वीकार नहीं करता । उत्तर मिला कि निर्ग्रन्थों को छोड़ कर और कोई नहीं है । अतः तत्काल उमने राज्यादेश जारी किया कि निर्मन्थों को जैन सम्प्रदाय के धार्मिक लोग प्रतिदिन दोपहर को जो भोजन का पहला अंश दिया करते हैं, उसे कर स्वरूप में वसूल किया जाय । कल्किराज के इस अत्याचारपूर्ण आदेश के फलस्वरूप निर्ग्रन्थ लोग भूखों मरने लगे। इस दृश्य को एक दैत्य सहन न कर सका। उसने प्रकट होकर अपने वज्र से उसको भार डाला । तदनन्तर कल्किराज अनन्त काल तक रहने और दुःख भोगने के लिए नरक चला गया ।। युवान च्वांग, सांग - युन, कॉस्मास और कल्हण के वृत्तों के प्रकाश में इस अनुश्रुति को देखने से यही निष्कर्ष निकलता है कि कल्कि अथवा कल्किराज अत्याचारी मिहिर कुल का ही नाम था । कल्किराज अथवा कल्कि के साथ मिहिरकुल की पहचान कर लेने पर जैन अनुश्रुतियों से इस अत्याचारी राजा के समय की भी जानकारी प्राप्त होती है, जो अन्यत्र अप्राप्य है। उनमें मिहिरकुल के जन्म और मरण की निश्चित तिथि का उल्लेख मिलता है। जैन लेखक गुणभद्र का कहना है कि महावीर के निर्वाण से आरम्भ होकर दुस्ममकाल का एक हजार वर्ष बीत जाने पर कल्किराज का जन्म हुआ । नेमिचन्द्र के कथनानुसार, शकराज का जन्म महावीर के निर्वाण के छः सौ पाँच वर्ष पाँच महीना बीत जाने पर हुआ । और शकराज के जन्म से उनतालीस वर्ष सात महीना बीतने पर कल्किराज का जन्म हुआ । गुणभद्र ने इतनी बात और कही है कि कल्कि के जन्म के समय माघ-संवत्सर था । इन सबका सीधा-सादा अर्थ यह हुआ कि कल्कि का जन्म कार्तिक शुक्ल एक, शक संवत् तीन सौ चौरानवे को हुआ था और उस समय माघ- संवत्सर था। तदनुसार उसका जन्म चार सौ बहत्तर ईशून्य में ठहरता है। जैन अनुश्रुतियों के सभी लेखकों का एक स्वर से कहना है कि कल्कि की मृत्यु सत्तर वर्ष की अवस्था अर्थात् शक चार सौ चौंसठ में हुई । जिनसेन ने उसका राजकाल बयालीस वर्ष बताया और गुणचन्द्र और नेमिचन्द केवल चालीस ही वर्ष कहते हैं । इस प्रकार इन अनुश्रुतियों के अनुसार मिहिरकुल पाँच सौ सात या पाँच सौ दो ईशून्य में गड़ी पर बैठा था। इस प्रकार इस सूत्र से हमें एक निश्चित तिथि शांत होती है, जिसके आधार पर परवर्ती गुप्त शासकों के काल में घटित घटनाओं का समयांकन बिना किसी कल्पना के सहज किया जा सकता है। एक. जिनसेन, हरिवंशपुराण, छः, अड़तालीस हज़ार सात सौ अठासी; गुणभद्र, उत्तरपुराण, छिहत्तर, तीन सौ सत्तासी-चार सौ सतहत्तर; नेमिचन्द्र, त्रिलोकसार, आठ सौ चालीस-आठ सौ छियालीस । दो. वही
- Movies बिन ब्रा साड़ी पहनकर ऐसे मचलीं सोफिया अंसारी, वीडियो प्ले करते ही एक जगह पर अटक जाएगी नजर! - Travel भक्ति की अनुठी कहानी सुनाता है कर्नाटक का कोटिलिंगेश्वर मंदिर, कहां से आते हैं मंदिर में इतने शिवलिंग? क्या आप अपने पुराने कंप्यूटर कीबोर्ड से बोर हो चुके हैं। तो आप भी कुछ ऐसी चीजों से एक नया की बोर्ड बना सकते हैं जिसके बारे में आपने कभी सोंचा नहीं होगा। एमआईटी कालेज में पढ़ने वालें सेकेंड इयर के पीएचडी स्टूडेंट्स ने कुछ ऐसे की बोर्ड बनाएं है जिनके बारे में आप सोंच भी नहीं सकते हैं। ये कीबोर्ड आपकी लाइफ में गैजेट को प्रयोग करने का तरीका ही बदल देंगे। इन स्टूडेंट ने मेकी मेकी नाम की एक ऐसी किट तैयार की है जिसमें किसी भी चीज के द्वारा की बोर्ड बनाने का तरीका दिया गया है। अपने प्रोजेक्ट के लिए दोनों स्टूडेंट ने फंड भी सेव किया है। अभी तक इनके पास 358,379 डॉलर का फंड सेव हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के सद्स्यों में से एक रफी ने केले को कीबोर्ड की तरह प्रयोग किया है। इसके अलावा कई दूसरी चीजों पर भी इन्होंने एक्पेरिमेंट किए हैं। Read more about:
- Movies बिन ब्रा साड़ी पहनकर ऐसे मचलीं सोफिया अंसारी, वीडियो प्ले करते ही एक जगह पर अटक जाएगी नजर! - Travel भक्ति की अनुठी कहानी सुनाता है कर्नाटक का कोटिलिंगेश्वर मंदिर, कहां से आते हैं मंदिर में इतने शिवलिंग? क्या आप अपने पुराने कंप्यूटर कीबोर्ड से बोर हो चुके हैं। तो आप भी कुछ ऐसी चीजों से एक नया की बोर्ड बना सकते हैं जिसके बारे में आपने कभी सोंचा नहीं होगा। एमआईटी कालेज में पढ़ने वालें सेकेंड इयर के पीएचडी स्टूडेंट्स ने कुछ ऐसे की बोर्ड बनाएं है जिनके बारे में आप सोंच भी नहीं सकते हैं। ये कीबोर्ड आपकी लाइफ में गैजेट को प्रयोग करने का तरीका ही बदल देंगे। इन स्टूडेंट ने मेकी मेकी नाम की एक ऐसी किट तैयार की है जिसमें किसी भी चीज के द्वारा की बोर्ड बनाने का तरीका दिया गया है। अपने प्रोजेक्ट के लिए दोनों स्टूडेंट ने फंड भी सेव किया है। अभी तक इनके पास तीन सौ अट्ठावन,तीन सौ उन्यासी डॉलर का फंड सेव हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के सद्स्यों में से एक रफी ने केले को कीबोर्ड की तरह प्रयोग किया है। इसके अलावा कई दूसरी चीजों पर भी इन्होंने एक्पेरिमेंट किए हैं। Read more about:
अजित पवार ने कहा कि इतने पटाखे आए और चले गए, मैं इस बारे में नहीं सोच रहा हूं. पुणेः राज्यपाल पद से भगतसिंह कोश्यारी के इस्तीफे को मंजूरी मिलने के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया है. कोश्यारी के महाराष्ट्र से जाने की खबर सामने आने के बाद से ही महाविकास अघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने जयकारे लगाना शुरू कर दिया था. इसी तरह रविवार को कस्बा उपचुनाव के लिए कांग्रेस के रवींद्र धंगेकर के प्रचार अभियान को लेकर हुई बैठक में एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. इस बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और नेता प्रतिपक्ष अजित पवार मौजूद रहे. इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता अचानक काले गुब्बारों से बंधी भगतसिंह कोश्यारी की फोटो चबूतरे पर ले आए. इस गुब्बारे को अजित पवार को देने की कोशिश की. हालांकि, अजित पवार ने हाथ जोड़कर कोश्यारी की फोटो वाले गुब्बारे को लेने से इनकार कर दिया. माविया के कार्यकर्ताओं के जोर देने के बावजूद अजीत पवार ने अंत तक कोश्यारी की फोटो वाला गुब्बारा नहीं पकड़ा. यह सब देख पुलिस सतर्क हो गई। पुलिस ने इन सभी गुब्बारों को कार्यकर्ताओं के पास से जब्त कर लिया क्योंकि उन पर राज्यपाल की तस्वीर थी। इसके बाद उस पर भगत सिंह कोश्यारी की फोटो खींची गई। कस्बा उपचुनाव की पृष्ठभूमि में पुणे के नाटुबाग में महाविकास अघाड़ी प्रत्याशी रवींद्र धंगेकर के प्रचार के लिए सभा का आयोजन किया गया. भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा इस बैठक में अड़ंगा डालने का प्रयास किया गया। बैठक में जैसे ही अजित पवार ने अपना भाषण शुरू किया, बीजेपी की रैली शुरू हो गई. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अजित पवार के भाषण को बाधित करने की कोशिश की. लेकिन अजित पवार ने अपना भाषण जारी रखा. अजित पवार से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आपका भाषण शुरू होते ही पटाखे चलाए गए. अजित पवार ने जवाब दिया कि मैं उन्हें ज्यादा महत्व नहीं देता. मैं पिछले 31 साल से राजनीति में हूं। अजित पवार ने कहा कि इतने पटाखे आए और चले गए, मैं इस बारे में नहीं सोच रहा हूं.
अजित पवार ने कहा कि इतने पटाखे आए और चले गए, मैं इस बारे में नहीं सोच रहा हूं. पुणेः राज्यपाल पद से भगतसिंह कोश्यारी के इस्तीफे को मंजूरी मिलने के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया है. कोश्यारी के महाराष्ट्र से जाने की खबर सामने आने के बाद से ही महाविकास अघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने जयकारे लगाना शुरू कर दिया था. इसी तरह रविवार को कस्बा उपचुनाव के लिए कांग्रेस के रवींद्र धंगेकर के प्रचार अभियान को लेकर हुई बैठक में एक अलग ही अंदाज देखने को मिला. इस बैठक में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और नेता प्रतिपक्ष अजित पवार मौजूद रहे. इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता अचानक काले गुब्बारों से बंधी भगतसिंह कोश्यारी की फोटो चबूतरे पर ले आए. इस गुब्बारे को अजित पवार को देने की कोशिश की. हालांकि, अजित पवार ने हाथ जोड़कर कोश्यारी की फोटो वाले गुब्बारे को लेने से इनकार कर दिया. माविया के कार्यकर्ताओं के जोर देने के बावजूद अजीत पवार ने अंत तक कोश्यारी की फोटो वाला गुब्बारा नहीं पकड़ा. यह सब देख पुलिस सतर्क हो गई। पुलिस ने इन सभी गुब्बारों को कार्यकर्ताओं के पास से जब्त कर लिया क्योंकि उन पर राज्यपाल की तस्वीर थी। इसके बाद उस पर भगत सिंह कोश्यारी की फोटो खींची गई। कस्बा उपचुनाव की पृष्ठभूमि में पुणे के नाटुबाग में महाविकास अघाड़ी प्रत्याशी रवींद्र धंगेकर के प्रचार के लिए सभा का आयोजन किया गया. भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा इस बैठक में अड़ंगा डालने का प्रयास किया गया। बैठक में जैसे ही अजित पवार ने अपना भाषण शुरू किया, बीजेपी की रैली शुरू हो गई. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अजित पवार के भाषण को बाधित करने की कोशिश की. लेकिन अजित पवार ने अपना भाषण जारी रखा. अजित पवार से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आपका भाषण शुरू होते ही पटाखे चलाए गए. अजित पवार ने जवाब दिया कि मैं उन्हें ज्यादा महत्व नहीं देता. मैं पिछले इकतीस साल से राजनीति में हूं। अजित पवार ने कहा कि इतने पटाखे आए और चले गए, मैं इस बारे में नहीं सोच रहा हूं.
नई दिल्ली । अतिरिक्त माल ढुलाई के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 172.64 किलोमीटर लंबी राजपुरा-बठिंडा रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह मंजूरी दी गई। एक अधिकारिक बयान के मुताबिक, परियोजना पर 1251.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम अगले पांच साल में पूरा होने की उम्मीद है। इस परियोजना से पटियाला, संगरूर, बरनाला और बठिंडा जिलों को फायदा होगा। वर्तमान में राजपुरा-धुरी-बठिंडा रेल खंड एक गैर विद्युतीकृत एकल ब्रॉड गेज लाइन है। वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। प्रधानमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में महिलाओं को लेकर चिंतित होता तो वह दशकों से महिलाओं को उनके अधिकरों से वंचित नहीं रखता। पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम में कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने महिलाओं के लिए शौचालयों के बारे में बात करने पर मेरा मजाक उड़ाया था। उन्होंने आगे कहा कि मैंने महिलाओं के लिए जनधन खातों की बात की, लेकिन इन्होंने उज्ज्वला योजना का भी मजाक उड़ाया। पीएम ने तीन तलाक के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने की बात कर रही थी, लेकिन विपक्ष को अपनी राजनीतिक समीकरणों की चिंता थी। विपक्ष को मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की कोई चिंता नहीं थी। वह केवल अपने वोट बैंक को खोना नहीं चाहते थे। पीएम ने आगे कहा कि जब तीन तलाक के खिलाफ कानून लाया गया तो वह मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के लिए खड़े नहीं हुए।
नई दिल्ली । अतिरिक्त माल ढुलाई के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को एक सौ बहत्तर दशमलव चौंसठ किलोग्राममीटर लंबी राजपुरा-बठिंडा रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह मंजूरी दी गई। एक अधिकारिक बयान के मुताबिक, परियोजना पर एक हज़ार दो सौ इक्यावन.पच्चीस करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेलवे लाइन के दोहरीकरण का काम अगले पांच साल में पूरा होने की उम्मीद है। इस परियोजना से पटियाला, संगरूर, बरनाला और बठिंडा जिलों को फायदा होगा। वर्तमान में राजपुरा-धुरी-बठिंडा रेल खंड एक गैर विद्युतीकृत एकल ब्रॉड गेज लाइन है। वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। प्रधानमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में महिलाओं को लेकर चिंतित होता तो वह दशकों से महिलाओं को उनके अधिकरों से वंचित नहीं रखता। पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम में कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने महिलाओं के लिए शौचालयों के बारे में बात करने पर मेरा मजाक उड़ाया था। उन्होंने आगे कहा कि मैंने महिलाओं के लिए जनधन खातों की बात की, लेकिन इन्होंने उज्ज्वला योजना का भी मजाक उड़ाया। पीएम ने तीन तलाक के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने की बात कर रही थी, लेकिन विपक्ष को अपनी राजनीतिक समीकरणों की चिंता थी। विपक्ष को मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की कोई चिंता नहीं थी। वह केवल अपने वोट बैंक को खोना नहीं चाहते थे। पीएम ने आगे कहा कि जब तीन तलाक के खिलाफ कानून लाया गया तो वह मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के लिए खड़े नहीं हुए।
राजकीय आदर्श जमा दो विद्यालय आनी के होनहारों ने हिमाचल का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर की सांस्कृतिक लोकनृत्य प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर भोपाल में आयोजित प्रतियोगिता में खासा धमाल मचाया। लोकनृत्य में भाग लेने वाले प्रतिभागी छात्रों के साथ राजकीय आदर्श विद्यालय आनी के प्रधानाचार्य अमर चंद चौहान, उपप्रधानाचार्य रणधीर ठाकुर, इतिहास प्रवक्ता धर्म सिंह वर्मा परिचर सहायक, गिरधारी लाल सहित शिक्षा विभाग के क़ अधिकारी शामिल रहे। कम्प्यूटर शिक्षक टेक चंद शर्मा ने बताया कि राज्य स्तर पर अंडर-19 के होनहारों ने अपनी बेहतरीन प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर सोमवार को भोपाल में भी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भोपाल में राष्टीय स्तर की लोकनृत्य सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आगाज भोपाल में रविवार शुरू हो गया। विभिन्न राज्यों की प्रतियोगिता में प्रदर्शन के बाद टॉप तीन टीम में रविवार को स्थान पाया। टॉप तीन टीमों की प्रतियोगिता का आयोजन सोमवार को किया गया, जिसमें निर्णायक मंडल ने राजकीय आदर्श विद्यालय आनी के होनहरों को राष्ट्रीय स्तर के प्रथम पुरस्कार से नवाजा । आदर्श विद्यालय आनी के होनहारों के साथ हिमाचल शिक्षा विभाग के सात एस्कोट अधिकारी भी राष्टीय स्तर की स्पर्धा के लिए लोकनृत्य सांस्कृतिक टीम के साथ भोपाल पहुंचे है उनके उच्च मार्गदर्शन में राजकीय आदर्श विद्यालय की टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम हासिल की। लोक नृत्य प्रतियोगिता में आदर्श विद्यालय आनी के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा बड़ी कड़ी महेनत और आकर्षक नृत्य दिखाकर प्राप्त की । राष्टीय स्तर पर स्थान प्राप्त करना राज्य के शिक्षा विभाग व सम्पूर्ण शिक्षा जगत के लिए गौरवांवित करने वाली बात है। प्रथम स्थान आने के उपलक्ष्य पर आदर्श विद्यालय के शिक्षको को बधाई संदेश मिलने का तांता लग गया है। विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान राम कृष्ण ठाकुर ने सभी प्रतिभागी छात्रों व सहयोगी शिक्षको को राष्टीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में प्रथम आने के लिए शुभकामनाएं व बधाई दी। आज यह मुकाम विद्यालय के तेजतर्रार प्रधानाचार्य अमर चंद चौहान व कल्चर टीम समन्वयक वर्ग के सम्पूर्ण समर्पण व कार्यकुशलता ए सभी अध्यापकों के मार्गदर्शन तथा रंगमंच पर सभी बीस प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा अपने अतुलनीय व ऐतिहासिक प्रदर्शन से पूरे भारतवर्ष में आज सांस्कृतिक स्पर्धा में सरताज बने हैं। जिला स्तर में राजकीय आदर्श विद्यालय आनी पिछले आठ बार लगातार जिला स्तर पर प्रथम रहने के बाद आज राष्ट्रीय स्तर पर भोपाल में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
राजकीय आदर्श जमा दो विद्यालय आनी के होनहारों ने हिमाचल का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय स्तर की सांस्कृतिक लोकनृत्य प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर भोपाल में आयोजित प्रतियोगिता में खासा धमाल मचाया। लोकनृत्य में भाग लेने वाले प्रतिभागी छात्रों के साथ राजकीय आदर्श विद्यालय आनी के प्रधानाचार्य अमर चंद चौहान, उपप्रधानाचार्य रणधीर ठाकुर, इतिहास प्रवक्ता धर्म सिंह वर्मा परिचर सहायक, गिरधारी लाल सहित शिक्षा विभाग के क़ अधिकारी शामिल रहे। कम्प्यूटर शिक्षक टेक चंद शर्मा ने बताया कि राज्य स्तर पर अंडर-उन्नीस के होनहारों ने अपनी बेहतरीन प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर सोमवार को भोपाल में भी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भोपाल में राष्टीय स्तर की लोकनृत्य सांस्कृतिक प्रतियोगिता का आगाज भोपाल में रविवार शुरू हो गया। विभिन्न राज्यों की प्रतियोगिता में प्रदर्शन के बाद टॉप तीन टीम में रविवार को स्थान पाया। टॉप तीन टीमों की प्रतियोगिता का आयोजन सोमवार को किया गया, जिसमें निर्णायक मंडल ने राजकीय आदर्श विद्यालय आनी के होनहरों को राष्ट्रीय स्तर के प्रथम पुरस्कार से नवाजा । आदर्श विद्यालय आनी के होनहारों के साथ हिमाचल शिक्षा विभाग के सात एस्कोट अधिकारी भी राष्टीय स्तर की स्पर्धा के लिए लोकनृत्य सांस्कृतिक टीम के साथ भोपाल पहुंचे है उनके उच्च मार्गदर्शन में राजकीय आदर्श विद्यालय की टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर यह मुकाम हासिल की। लोक नृत्य प्रतियोगिता में आदर्श विद्यालय आनी के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा बड़ी कड़ी महेनत और आकर्षक नृत्य दिखाकर प्राप्त की । राष्टीय स्तर पर स्थान प्राप्त करना राज्य के शिक्षा विभाग व सम्पूर्ण शिक्षा जगत के लिए गौरवांवित करने वाली बात है। प्रथम स्थान आने के उपलक्ष्य पर आदर्श विद्यालय के शिक्षको को बधाई संदेश मिलने का तांता लग गया है। विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान राम कृष्ण ठाकुर ने सभी प्रतिभागी छात्रों व सहयोगी शिक्षको को राष्टीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा में प्रथम आने के लिए शुभकामनाएं व बधाई दी। आज यह मुकाम विद्यालय के तेजतर्रार प्रधानाचार्य अमर चंद चौहान व कल्चर टीम समन्वयक वर्ग के सम्पूर्ण समर्पण व कार्यकुशलता ए सभी अध्यापकों के मार्गदर्शन तथा रंगमंच पर सभी बीस प्रतिभागी विद्यार्थियों द्वारा अपने अतुलनीय व ऐतिहासिक प्रदर्शन से पूरे भारतवर्ष में आज सांस्कृतिक स्पर्धा में सरताज बने हैं। जिला स्तर में राजकीय आदर्श विद्यालय आनी पिछले आठ बार लगातार जिला स्तर पर प्रथम रहने के बाद आज राष्ट्रीय स्तर पर भोपाल में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
पटना। Lalu Yadav पूर्व मुख्यमंत्री व राजद नेता (राष्ट्रीय जनता दल) अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की तबीयत आज अचानक खराब हो गई है। जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबर है कि लालू यादव की देर रात अचानक तबीयत खराब हो गई। जिसके चलते उन्हें आज तड़के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार लालू यादव का ब्लड शुगर लेवल बढ़ गया है। जिसके चलते तेजस्वी यादव ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। उल्लेखनीय है कि लालू यादव रविवार की शाम पूर्व मुख्यमंत्री एवं पत्नी राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में सीढ़ियों से गिर गए थे। इसके चलते उनके कंधे की हड्डी टूट गई है। चिकित्सकों ने इलाज कर कच्चा प्लास्टर चढ़ा दिया और एक माह तक आराम करने की सलाह दी थी। उनकी कमजोर हो गई हड्डियों को देखते हुए सिर्फ प्लास्टर (कंजरवेटिव आॅपरेशन) करके आराम करने की सलाह दी गई है। साथ ही उन्हें व्हील चेयर की सहायता से ही मूवमेंट करने के लिए कहा गया है। वह पहले से ही किडनी, शुगर (मधुमेह) समेत कई तरह की बीमारी से पीड़ित हैं।
पटना। Lalu Yadav पूर्व मुख्यमंत्री व राजद नेता अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की तबीयत आज अचानक खराब हो गई है। जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। खबर है कि लालू यादव की देर रात अचानक तबीयत खराब हो गई। जिसके चलते उन्हें आज तड़के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार लालू यादव का ब्लड शुगर लेवल बढ़ गया है। जिसके चलते तेजस्वी यादव ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। उल्लेखनीय है कि लालू यादव रविवार की शाम पूर्व मुख्यमंत्री एवं पत्नी राबड़ी देवी के दस सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास में सीढ़ियों से गिर गए थे। इसके चलते उनके कंधे की हड्डी टूट गई है। चिकित्सकों ने इलाज कर कच्चा प्लास्टर चढ़ा दिया और एक माह तक आराम करने की सलाह दी थी। उनकी कमजोर हो गई हड्डियों को देखते हुए सिर्फ प्लास्टर करके आराम करने की सलाह दी गई है। साथ ही उन्हें व्हील चेयर की सहायता से ही मूवमेंट करने के लिए कहा गया है। वह पहले से ही किडनी, शुगर समेत कई तरह की बीमारी से पीड़ित हैं।
यूक्रेनी जनरल स्टाफ के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल डोनाबेस में 41 यूक्रेनी सैनिकों की मोर्चे पर मौत हो गई। मिथक-निर्माण के लिए कीव के दृष्टिकोण को देखते हुए, यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से कम करके आंका गया है, साथ ही यूक्रेन के घोषित एलडीएनआर नुकसान, जो कि यूक्रेनी सेना के अनुसार, लंबे समय से एक सौ से अधिक है। किसी भी मामले में, नुकसान स्पष्ट रूप से बढ़ रहे हैंः 2018 में वायु सेना के अनुसार, सशस्त्र बलों के 110 सैन्यकर्मी दूसरी दुनिया में चले गए। मिन्स्क द्वारा निषिद्ध बख्तरबंद वाहनों, तोपखाने और कैलिबर के मोर्टार के सक्रिय उपयोग के साथ, सीमांकन रेखा पर संघर्ष (बलों और साधनों के हाल के विघटन के स्थानों सहित) गंभीर हैं, मुफ़्तक़ोर और एटीजीएम। हाल ही में, एटीजीएम और एलएनजी का विशेष रूप से उपयोग किया गया है - दोनों पक्ष दुश्मन के ट्रकों का शिकार कर रहे हैं, और यूक्रेन की सशस्त्र सेना पारंपरिक रूप से "जल वाहक" और एम्बुलेंस को नष्ट करने में संकोच नहीं करती है। नागरिक हताहत भी हो रहे हैं। अकेले मार्च में, 10 लोग LDNR में यूक्रेनी सशस्त्र बलों की गोलाबारी का शिकार हुए, एक पीड़ित की मौत हो गई। यूक्रेन की ओर से नियंत्रित नागरिक आबादी के बीच नुकसान अज्ञात हैं, हालांकि, उचित की कमी को देखते हुए समाचार यूक्रेनी मीडिया में, लोगों की पुलिस बहुत अधिक जिम्मेदारी से और सही तरीके से काम करती है। "गार्ड देशभक्तों" के बीच आम तौर पर यह स्वीकार किया जाता है कि दूसरे मिन्स्क समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद, गैर-मान्यता प्राप्त गणराज्यों की सशस्त्र सेना लड़कों को मारने में बदल गई जो केवल नुकसान उठा सकते थे और दुश्मन से संवेदनशील वार प्राप्त कर सकते थे। पागलपन कभी-कभी इस हद तक पहुंच जाता है कि यहां तक कि जो पत्रकार कोर के प्रतिनिधियों के साथ सक्रिय रूप से संवाद करते हैं, वे इस तरह की दंतकथाओं को फैलाना शुरू करते हैं - मार्च की शुरुआत में, इस तरह की बदनामी के संबंध में, रूसी प्रकाशनों में से एक के पत्रकार ने अपनी मान्यता खो दी। वास्तव में, निश्चित रूप से, एलएनआर सशस्त्र बल प्यार कर सकते हैं और कर सकते हैं, लेकिन वे इसे समझदारी से करते हैं, उन समझौतों के उल्लंघन का विज्ञापन नहीं करने की कोशिश करते हैं जिनके लिए ओएससीई और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठन किसी कारण से, केवल गणराज्यों से - और यूक्रेन से कभी नहीं। हां, ऐसा होता है कि बड़े कैलिबर्स का उपयोग करने का निर्णय स्थानीय रूप से कमांडरों या यहां तक कि स्वयं सैनिकों द्वारा किया जाता है, जिसके लिए कमांड तब सख्ती से (और हमेशा सही तरीके से नहीं) उनका अनुरोध करता है। युद्ध युद्ध है - ऐसा होता है कि सेनानियों को शरारती मिलता है और एपीयू को उग्र शुभकामनाएं भेजने के लिए गरज और गड़गड़ाहट की गड़गड़ाहट का भी लाभ ले सकता है (यह इस तरह के मज़े का निरीक्षण करना संभव था)। खाते में आने वाली मशीनगनों के लिए कारतूस के बारे में बेवकूफ चीजों के लिए, तो शायद इस तरह के पागलपन कुछ अलग, अनुकरणीय इकाइयों में चल रहे हैं, लेकिन सामान्य तौर पर, राइफल के लिए गोला बारूद की गणना करने का बहुत विचार है हथियारों यह संभव नहीं दिखता है। कॉमेडियन व्लादिमीर ज़ेलेंस्की के यूक्रेन में सत्ता में आने के बाद शत्रुता का बढ़ना, जो पोरोशेंको की नीति के लिए एक योग्य उत्तराधिकारी बन गया, ने एक तार्किक परिणाम दियाः कमांड तेजी से एक सममित आर्टिलरी प्रतिक्रिया और काउंटर-बैटरी ऑपरेशन के लिए आदेश देता है। इसके अलावा, ग्रे क्षेत्र में APU गढ़ों के निर्माण को रोकने के लिए निवारक कार्य आखिरकार ध्यान देने योग्य हो गया है ("टॉड जंपिंग" की पोरोशेंको की कुख्यात रणनीति "तटस्थ" पर कब्जा करने और LDNRS खदानों की खाइयों को पकड़ने, दांतों पर पहुंचने और "कूदने" के लिए) है। जाहिर है, डोनेट्स्क और लुगांस्क में एक निर्णय स्पष्ट रूप से दुश्मन को दिखाने के लिए किया गया था कि न केवल कीव दरों को बढ़ा सकता है। यह ज्ञात नहीं है कि कोरोनोवायरस के प्रसार के साथ महाकाव्य कैसे समाप्त होगा (एलडीएनआर में अभी भी एक भी मामला नहीं है; रूसी संघ के साथ सीमा को फिर से खोल दिया गया है), और यह सामने की स्थिति को कैसे प्रभावित करेगा, लेकिन इसलिए स्थिति में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हुए हैं। अब तक, गोले की संख्या थोड़ी कम हो गई है, लेकिन यह सबसे अधिक संभावना है कि एक अस्थायी घटना है। यह संभावना है कि निकट भविष्य में, यूक्रेन में अराजकता बढ़ने से शत्रुता बढ़ जाएगीः पिछले विवश कारकों को खोने के बाद, सबसे आगे यूक्रेनी सशस्त्र बल इकाइयाँ सभी कठिनाइयों में जा सकती हैं। सशस्त्र बलों के उकसावों और लोगों की पुलिस इकाइयों की बढ़ती गतिविधि से वाहिनी कमान की थकान को देखते हुए, यह मानना तर्कसंगत है कि यूक्रेनी पक्ष से आगे बढ़ने वाले खेल में एक उग्र स्थानीय संघर्ष होगा, और संभवतः एक पूर्ण पैमाने पर नरसंहार होगा। वास्तव में, इस तरह के परिदृश्य को लागू करने के लिए सिर्फ एक धक्का पर्याप्त नहीं है; यूक्रेनी पक्ष के कुछ उकसावे या हरकतों। यह थोड़ा अधिक लगता है - और कॉमेडियन राष्ट्रपति बाहर खेलेंगे . . . हालांकि, यह भी हो सकता है कि कोरोनावायरस का प्रसार डोनबास से यूक्रेनियन का ध्यान भटकाएगा। यह संभावना है कि अप्रैल में स्थिति का और अधिक विकास कम या ज्यादा स्पष्ट हो जाएगा। - लेखकः
यूक्रेनी जनरल स्टाफ के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस साल डोनाबेस में इकतालीस यूक्रेनी सैनिकों की मोर्चे पर मौत हो गई। मिथक-निर्माण के लिए कीव के दृष्टिकोण को देखते हुए, यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से कम करके आंका गया है, साथ ही यूक्रेन के घोषित एलडीएनआर नुकसान, जो कि यूक्रेनी सेना के अनुसार, लंबे समय से एक सौ से अधिक है। किसी भी मामले में, नुकसान स्पष्ट रूप से बढ़ रहे हैंः दो हज़ार अट्ठारह में वायु सेना के अनुसार, सशस्त्र बलों के एक सौ दस सैन्यकर्मी दूसरी दुनिया में चले गए। मिन्स्क द्वारा निषिद्ध बख्तरबंद वाहनों, तोपखाने और कैलिबर के मोर्टार के सक्रिय उपयोग के साथ, सीमांकन रेखा पर संघर्ष गंभीर हैं, मुफ़्तक़ोर और एटीजीएम। हाल ही में, एटीजीएम और एलएनजी का विशेष रूप से उपयोग किया गया है - दोनों पक्ष दुश्मन के ट्रकों का शिकार कर रहे हैं, और यूक्रेन की सशस्त्र सेना पारंपरिक रूप से "जल वाहक" और एम्बुलेंस को नष्ट करने में संकोच नहीं करती है। नागरिक हताहत भी हो रहे हैं। अकेले मार्च में, दस लोग LDNR में यूक्रेनी सशस्त्र बलों की गोलाबारी का शिकार हुए, एक पीड़ित की मौत हो गई। यूक्रेन की ओर से नियंत्रित नागरिक आबादी के बीच नुकसान अज्ञात हैं, हालांकि, उचित की कमी को देखते हुए समाचार यूक्रेनी मीडिया में, लोगों की पुलिस बहुत अधिक जिम्मेदारी से और सही तरीके से काम करती है। "गार्ड देशभक्तों" के बीच आम तौर पर यह स्वीकार किया जाता है कि दूसरे मिन्स्क समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बाद, गैर-मान्यता प्राप्त गणराज्यों की सशस्त्र सेना लड़कों को मारने में बदल गई जो केवल नुकसान उठा सकते थे और दुश्मन से संवेदनशील वार प्राप्त कर सकते थे। पागलपन कभी-कभी इस हद तक पहुंच जाता है कि यहां तक कि जो पत्रकार कोर के प्रतिनिधियों के साथ सक्रिय रूप से संवाद करते हैं, वे इस तरह की दंतकथाओं को फैलाना शुरू करते हैं - मार्च की शुरुआत में, इस तरह की बदनामी के संबंध में, रूसी प्रकाशनों में से एक के पत्रकार ने अपनी मान्यता खो दी। वास्तव में, निश्चित रूप से, एलएनआर सशस्त्र बल प्यार कर सकते हैं और कर सकते हैं, लेकिन वे इसे समझदारी से करते हैं, उन समझौतों के उल्लंघन का विज्ञापन नहीं करने की कोशिश करते हैं जिनके लिए ओएससीई और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संगठन किसी कारण से, केवल गणराज्यों से - और यूक्रेन से कभी नहीं। हां, ऐसा होता है कि बड़े कैलिबर्स का उपयोग करने का निर्णय स्थानीय रूप से कमांडरों या यहां तक कि स्वयं सैनिकों द्वारा किया जाता है, जिसके लिए कमांड तब सख्ती से उनका अनुरोध करता है। युद्ध युद्ध है - ऐसा होता है कि सेनानियों को शरारती मिलता है और एपीयू को उग्र शुभकामनाएं भेजने के लिए गरज और गड़गड़ाहट की गड़गड़ाहट का भी लाभ ले सकता है । खाते में आने वाली मशीनगनों के लिए कारतूस के बारे में बेवकूफ चीजों के लिए, तो शायद इस तरह के पागलपन कुछ अलग, अनुकरणीय इकाइयों में चल रहे हैं, लेकिन सामान्य तौर पर, राइफल के लिए गोला बारूद की गणना करने का बहुत विचार है हथियारों यह संभव नहीं दिखता है। कॉमेडियन व्लादिमीर ज़ेलेंस्की के यूक्रेन में सत्ता में आने के बाद शत्रुता का बढ़ना, जो पोरोशेंको की नीति के लिए एक योग्य उत्तराधिकारी बन गया, ने एक तार्किक परिणाम दियाः कमांड तेजी से एक सममित आर्टिलरी प्रतिक्रिया और काउंटर-बैटरी ऑपरेशन के लिए आदेश देता है। इसके अलावा, ग्रे क्षेत्र में APU गढ़ों के निर्माण को रोकने के लिए निवारक कार्य आखिरकार ध्यान देने योग्य हो गया है है। जाहिर है, डोनेट्स्क और लुगांस्क में एक निर्णय स्पष्ट रूप से दुश्मन को दिखाने के लिए किया गया था कि न केवल कीव दरों को बढ़ा सकता है। यह ज्ञात नहीं है कि कोरोनोवायरस के प्रसार के साथ महाकाव्य कैसे समाप्त होगा , और यह सामने की स्थिति को कैसे प्रभावित करेगा, लेकिन इसलिए स्थिति में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं हुए हैं। अब तक, गोले की संख्या थोड़ी कम हो गई है, लेकिन यह सबसे अधिक संभावना है कि एक अस्थायी घटना है। यह संभावना है कि निकट भविष्य में, यूक्रेन में अराजकता बढ़ने से शत्रुता बढ़ जाएगीः पिछले विवश कारकों को खोने के बाद, सबसे आगे यूक्रेनी सशस्त्र बल इकाइयाँ सभी कठिनाइयों में जा सकती हैं। सशस्त्र बलों के उकसावों और लोगों की पुलिस इकाइयों की बढ़ती गतिविधि से वाहिनी कमान की थकान को देखते हुए, यह मानना तर्कसंगत है कि यूक्रेनी पक्ष से आगे बढ़ने वाले खेल में एक उग्र स्थानीय संघर्ष होगा, और संभवतः एक पूर्ण पैमाने पर नरसंहार होगा। वास्तव में, इस तरह के परिदृश्य को लागू करने के लिए सिर्फ एक धक्का पर्याप्त नहीं है; यूक्रेनी पक्ष के कुछ उकसावे या हरकतों। यह थोड़ा अधिक लगता है - और कॉमेडियन राष्ट्रपति बाहर खेलेंगे . . . हालांकि, यह भी हो सकता है कि कोरोनावायरस का प्रसार डोनबास से यूक्रेनियन का ध्यान भटकाएगा। यह संभावना है कि अप्रैल में स्थिति का और अधिक विकास कम या ज्यादा स्पष्ट हो जाएगा। - लेखकः
जयपुर : राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अजमेर जिले के ब्यावर शहर में शादी समारोह में गैस सिलेंडर फटने से हुये हादसे में मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है। श्रीमती राजे बाड़मेर दौरे के बाद हेलीकॉप्टर से सीधे ब्यावर पहुंची और पीड़ति लोगों से मुलाकात की और हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया। इसके बाद उन्होंने हादसे में प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ब्यावर के राजकीय अमृतकौर अस्पताल पहुंची जहां हादसे में घायल लोगों से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पूछी तथा उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिये। इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ, शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी तथा अन्य मंत्री मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि हादसे में मृतकों की संख्या नौ पहुंच गई हैं और करीब एक दर्जन लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। अन्य विशेष खबरों के लिए पढ़िये पंजाब केसरी की अन्य रिपोर्ट।
जयपुर : राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अजमेर जिले के ब्यावर शहर में शादी समारोह में गैस सिलेंडर फटने से हुये हादसे में मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है। श्रीमती राजे बाड़मेर दौरे के बाद हेलीकॉप्टर से सीधे ब्यावर पहुंची और पीड़ति लोगों से मुलाकात की और हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया। इसके बाद उन्होंने हादसे में प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ब्यावर के राजकीय अमृतकौर अस्पताल पहुंची जहां हादसे में घायल लोगों से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पूछी तथा उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिये। इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ, शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी तथा अन्य मंत्री मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि हादसे में मृतकों की संख्या नौ पहुंच गई हैं और करीब एक दर्जन लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। अन्य विशेष खबरों के लिए पढ़िये पंजाब केसरी की अन्य रिपोर्ट।
पूरे मामले में जांच पड़ताल करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. जिन युवकों के खिलाफ दर्ज किया वह दिल्ली के रहने वाले हैं और दिल्ली में बैठकर ही यूवको ने इंदौर में रहने वाले युवक से संपर्क किया और बातों में उलझाकर उसके साथ ठगी की. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में धोखाधड़ी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है. इसी कड़ी में इंदौर क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के रहने वाले कुछ युवकों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. युवकों ने इंदौर में रहने वाले एक युवक को कनाडा घुमाने के नाम पर लाखों रुपए ले लिए और उसके बाद युवक से संपर्क करना बंद कर दिया. इसके बाद जब युवक को यह एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है तो उसने पूरे मामले की शिकायत इंदौर क्राइम ब्रांच (Crime Branch) की और इंदौर क्राइम ब्रांच ने इस पूरे मामले में काफी बारीकी से जांच पड़ताल करते हुए दिल्ली के रहने वाले आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है. इंदौर क्राइम ब्रांच के डीसीपी निमिष अग्रवाल के मुताबिक, इंदौर में रहने वाले शिकायतकर्ता ने शिकायत की कि कनाडा में सैर सपाटे के नाम पर एक युवक से साढ़े 12 लाख रुपए ले लिए गए. जब उसे अपने साथ हुई ठगी की वारदात का एहसास हुआ तो उसने पूरे मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच से की. क्राइम ब्रांच ने काफी बारीकी से जांच पड़ताल करते हुए आरोपी राहुल और रितिक के खिलाफ केस दर्ज किया. राहुल और रितिक के साथ कुछ और लोग भी शामिल हैं, जिसमें एक साथी सूर्यप्रताप भी है और तीनों आरोपियों की ओर से युवक को कनाडा घुमाने के नाम पर अपने झांसे में लिया और साढ़े 12 लाख रुपए उससे इमीग्रेशन सहित अन्य खर्चो के लिए उसके बाद ना तो पैसा लौटाया ना ही युवक को कनाडा घुमाया. उसके बाद पूरे मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच को कर दी गई. पूरे मामले में जांच पड़ताल करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. जिन युवकों के खिलाफ दर्ज किया वह दिल्ली के रहने वाले हैं और दिल्ली में बैठकर ही यूवको ने इंदौर में रहने वाले युवक से संपर्क किया और बातों में उलझाकर उसके साथ ठगी की. इंदौर का रहने वाला युवक दिल्ली में बैठे युवकों की बातों में आ गया और लाखों रुपए कनाडा घूमने के नाम पर उनको दे दिए. बता दें कि दिल्ली के रहने वाले युवक इंदौर के रहने वाले युवक को तकरीबन 3 सालों से इस तरह से अपने झांसे में ले रहे थे और लाखों रुपए इस दौरान युवक से ले लिया जब युवक को इस पूरे मामले में ठगी का अहसास हुआ तो उसने पूरे मामले की शिकायत इंदौर क्राइम ब्रांच को की और इंदौर क्राइम ब्रांच ने पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर एक टीम उनकी तलाश में दिल्ली भी भेजी है. वहीं पुलिस को यह भी अनुमान है कि आरोपियों के द्वारा इंदौर के साथ ही कई और जगहों पर रहने वाले युवकों से भी इसी तरह से ठगी की होगी.
पूरे मामले में जांच पड़ताल करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. जिन युवकों के खिलाफ दर्ज किया वह दिल्ली के रहने वाले हैं और दिल्ली में बैठकर ही यूवको ने इंदौर में रहने वाले युवक से संपर्क किया और बातों में उलझाकर उसके साथ ठगी की. मध्य प्रदेश के इंदौर में धोखाधड़ी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है. इसी कड़ी में इंदौर क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के रहने वाले कुछ युवकों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है. युवकों ने इंदौर में रहने वाले एक युवक को कनाडा घुमाने के नाम पर लाखों रुपए ले लिए और उसके बाद युवक से संपर्क करना बंद कर दिया. इसके बाद जब युवक को यह एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है तो उसने पूरे मामले की शिकायत इंदौर क्राइम ब्रांच की और इंदौर क्राइम ब्रांच ने इस पूरे मामले में काफी बारीकी से जांच पड़ताल करते हुए दिल्ली के रहने वाले आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है. इंदौर क्राइम ब्रांच के डीसीपी निमिष अग्रवाल के मुताबिक, इंदौर में रहने वाले शिकायतकर्ता ने शिकायत की कि कनाडा में सैर सपाटे के नाम पर एक युवक से साढ़े बारह लाख रुपए ले लिए गए. जब उसे अपने साथ हुई ठगी की वारदात का एहसास हुआ तो उसने पूरे मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच से की. क्राइम ब्रांच ने काफी बारीकी से जांच पड़ताल करते हुए आरोपी राहुल और रितिक के खिलाफ केस दर्ज किया. राहुल और रितिक के साथ कुछ और लोग भी शामिल हैं, जिसमें एक साथी सूर्यप्रताप भी है और तीनों आरोपियों की ओर से युवक को कनाडा घुमाने के नाम पर अपने झांसे में लिया और साढ़े बारह लाख रुपए उससे इमीग्रेशन सहित अन्य खर्चो के लिए उसके बाद ना तो पैसा लौटाया ना ही युवक को कनाडा घुमाया. उसके बाद पूरे मामले की शिकायत क्राइम ब्रांच को कर दी गई. पूरे मामले में जांच पड़ताल करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. जिन युवकों के खिलाफ दर्ज किया वह दिल्ली के रहने वाले हैं और दिल्ली में बैठकर ही यूवको ने इंदौर में रहने वाले युवक से संपर्क किया और बातों में उलझाकर उसके साथ ठगी की. इंदौर का रहने वाला युवक दिल्ली में बैठे युवकों की बातों में आ गया और लाखों रुपए कनाडा घूमने के नाम पर उनको दे दिए. बता दें कि दिल्ली के रहने वाले युवक इंदौर के रहने वाले युवक को तकरीबन तीन सालों से इस तरह से अपने झांसे में ले रहे थे और लाखों रुपए इस दौरान युवक से ले लिया जब युवक को इस पूरे मामले में ठगी का अहसास हुआ तो उसने पूरे मामले की शिकायत इंदौर क्राइम ब्रांच को की और इंदौर क्राइम ब्रांच ने पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर एक टीम उनकी तलाश में दिल्ली भी भेजी है. वहीं पुलिस को यह भी अनुमान है कि आरोपियों के द्वारा इंदौर के साथ ही कई और जगहों पर रहने वाले युवकों से भी इसी तरह से ठगी की होगी.
पठान की एडवांस बुकिंग का क्रेज पूरे विश्व में देखा जा रहा है. खबरों पर भरोसा करें तो इस फिल्म ने जर्मनी में इतने एडवांस टिकट बुक कर लिए हैं, जो वर्ष 2022 की सुपरहिट फिल्म KGF2 के जर्मनी में ऑलटाइम कलेक्शन से भी ज्यादा मूल्य के हैं. भारत में पठान के टिकटों की एडवांस बुकिंग 20 जनवरी यानी शुक्रवार से प्रारम्भ होगी. यह फिल्म 25 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. लेकिन क्या इस फिल्म को देखने के लिए लोगों को ज्यादा प्राइस चुकाने होंगे. स्वयं को क्रिटिक कहने वाले कमाल राशिद खान यानी केआरके ने अपने हालिया ट्वीट में यह बताने की प्रयास की है. उनके ट्वीट पर एक यूजर ने लिखा कि पठान, अजय देवगन की दृश्यम 2 की तरह लंबे वक्त तक चलने वाली फिल्म नहीं है. यह शुरुआती 4 से 5 दिनों में अपने कलेक्शन का 80 प्रतिशत जनरेट करेगी. शुरुआती दिनों में जितना हो जाए, उतनी कमाई महत्वपूर्ण है. पठान फिल्म के टिकटों में यदि वृद्धि की जाती है, तो दर्शकों को जाहिर तौर पर झटका लग सकता है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि वाकई फिल्म के टिकट महंगे होंगे या नहीं. इसके लिए हमें बुकिंग प्रारम्भ होने तक इन्तजार करना होगा. शुक्रवार को स्थिति साफ हो सकती है.
पठान की एडवांस बुकिंग का क्रेज पूरे विश्व में देखा जा रहा है. खबरों पर भरोसा करें तो इस फिल्म ने जर्मनी में इतने एडवांस टिकट बुक कर लिए हैं, जो वर्ष दो हज़ार बाईस की सुपरहिट फिल्म KGFदो के जर्मनी में ऑलटाइम कलेक्शन से भी ज्यादा मूल्य के हैं. भारत में पठान के टिकटों की एडवांस बुकिंग बीस जनवरी यानी शुक्रवार से प्रारम्भ होगी. यह फिल्म पच्चीस जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. लेकिन क्या इस फिल्म को देखने के लिए लोगों को ज्यादा प्राइस चुकाने होंगे. स्वयं को क्रिटिक कहने वाले कमाल राशिद खान यानी केआरके ने अपने हालिया ट्वीट में यह बताने की प्रयास की है. उनके ट्वीट पर एक यूजर ने लिखा कि पठान, अजय देवगन की दृश्यम दो की तरह लंबे वक्त तक चलने वाली फिल्म नहीं है. यह शुरुआती चार से पाँच दिनों में अपने कलेक्शन का अस्सी प्रतिशत जनरेट करेगी. शुरुआती दिनों में जितना हो जाए, उतनी कमाई महत्वपूर्ण है. पठान फिल्म के टिकटों में यदि वृद्धि की जाती है, तो दर्शकों को जाहिर तौर पर झटका लग सकता है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि वाकई फिल्म के टिकट महंगे होंगे या नहीं. इसके लिए हमें बुकिंग प्रारम्भ होने तक इन्तजार करना होगा. शुक्रवार को स्थिति साफ हो सकती है.
कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में धर्मांतरण की सूचना पर एक महिला वकील के घर पहुंचकर विश्व हिंदू महासंघ के लोगों ने बवाल मचा दिया। महासंघ के कार्यकर्ताओं ने वकील के घर में भगवान श्रीकृष्ण के ऊपर लगे यीशु के पोस्टर फाड़ दिए। साथ ही बीमार का इलाज करने पहुंचे मिशनरी अनुयायी सनी जोसेफ के साथ भी मारपीट की और बाद में उसे पकड़कर पुलिस को सुपुर्द कर लिया। बाल विवाह रुकवाने गई पुलिस तो नाबालिग की जगह मां दुल्हन बनकर बैठ गई, फिर जानें आगे क्या हुआ? दरअसल, रविवार को धर्मांतरण की सूचना पर हनुमानताल थाना क्षेत्र के प्रेम सागर इलाके में स्थित एडवोकेट दीप्ति दहिया के घर पर विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ताओं ने भारी हंगामा किया। वकील के घर में भगवान श्रीकृष्ण की पेटिंग के ऊपर यीशू के पोस्टर लगे थे, जिसे महासंघ के कार्यकर्ताओं ने फाड़ दिए। छिंदवाड़ा में BJP ला रही अमेठी फॉर्मूलाः मंत्री कमल पटेल का दावा- 6 महीने से चल रहा काम, कांग्रेस बोली- क्या यहां भी EVM से होगी छेड़छाड़? विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान बीमार का इलाज करने पहुंचे मिशनरी अनुयायी सनी जोसेफ के साथ भी मारपीट की। बाद में उसे पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने सनी जोसेफ को बचाकर अपने साथ ले गई। पीड़ित महिला एडवोकेट ने अपने पति के साथ मारपीट और गाली गलौज के आरोप लगाए हैं। फिलहाल हनुमानताल थाना पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है।
कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में धर्मांतरण की सूचना पर एक महिला वकील के घर पहुंचकर विश्व हिंदू महासंघ के लोगों ने बवाल मचा दिया। महासंघ के कार्यकर्ताओं ने वकील के घर में भगवान श्रीकृष्ण के ऊपर लगे यीशु के पोस्टर फाड़ दिए। साथ ही बीमार का इलाज करने पहुंचे मिशनरी अनुयायी सनी जोसेफ के साथ भी मारपीट की और बाद में उसे पकड़कर पुलिस को सुपुर्द कर लिया। बाल विवाह रुकवाने गई पुलिस तो नाबालिग की जगह मां दुल्हन बनकर बैठ गई, फिर जानें आगे क्या हुआ? दरअसल, रविवार को धर्मांतरण की सूचना पर हनुमानताल थाना क्षेत्र के प्रेम सागर इलाके में स्थित एडवोकेट दीप्ति दहिया के घर पर विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ताओं ने भारी हंगामा किया। वकील के घर में भगवान श्रीकृष्ण की पेटिंग के ऊपर यीशू के पोस्टर लगे थे, जिसे महासंघ के कार्यकर्ताओं ने फाड़ दिए। छिंदवाड़ा में BJP ला रही अमेठी फॉर्मूलाः मंत्री कमल पटेल का दावा- छः महीने से चल रहा काम, कांग्रेस बोली- क्या यहां भी EVM से होगी छेड़छाड़? विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ताओं ने इस दौरान बीमार का इलाज करने पहुंचे मिशनरी अनुयायी सनी जोसेफ के साथ भी मारपीट की। बाद में उसे पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने सनी जोसेफ को बचाकर अपने साथ ले गई। पीड़ित महिला एडवोकेट ने अपने पति के साथ मारपीट और गाली गलौज के आरोप लगाए हैं। फिलहाल हनुमानताल थाना पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है।
नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर समय-समय पर संजू सैमसन की तारीफ करते रहे हैं। वहीं उनके आलोचक यह कहते हुए सैमसन को नकारते रहे हैं कि उनमें निरंतरता की कमी है। ऐसे में जब टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने साफ कर दिया है कि अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए टीम में विकेटकीपर की जगह अभी भी खाली है तो सभी के दिमाग में सवाल यही है कि क्या सैमसन वो स्थान भर सकते हैं। सैमसन को हाल ही में विंडीज सीरीज के लिए चोटिल शिखर धवन के स्थान पर भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। सैमसन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि वे विकेटकीपिंग के लिए तैयार हैं और निरंतरता वो चीज नहीं है जिसके कारण उन्हें परेशानी आ रही हो। सैमसन ने कहा कि उनके लिए टीम की जीत में योगदान देना प्राथमिकता है। केरल से आने वाले इस खिलाड़ी ने कहा, मैंने इसके (निरंतरता) बारे में नहीं सोचा है कि यह एक मुद्दा है। मैंने जो समझा है वो यह है कि मैं थोड़ा अलग तरह का खिलाड़ी हूं और मुझे लगता है कि मैं मैदान पर जाकर गेंदबाजों पर हावी हो सकता हूं। ऐसा हो सकता है कि जब मैं निरंतरता पर ध्यान दूं तो मैं अपनी स्टाइल खो बैठूं। निरंतरता लाने के लिए मैं अपने खेलने की शैली में बदलाव नहीं कर सकता। है। सैमसन ने बताया कि मैं पिछले पांच-छह साल से केरल के लिए सीमित ओवरों में विकेटकीपिंग कर रहा हूं। मैंने रणजी ट्रॉफी में भी की है। मैं इसे विकल्प के तौर पर रखता हूं। जो भी टीम चाहेगी वो मैं करूंगा। आईपीएल में जब मेरी टीम ने चाहा मैंने विकेटकीपिंग की। लेकिन जब उन्हें लगा कि मैं फील्डिंग से योगदान दे सकता हूं तो मैंने वैसा किया। मैंने अपने आपको एक कीपर और फील्डर दोनों के तौर पर तैयार किया है क्योंकि आप नहीं जानते कि टीम क्या देख रही है। शास्त्री के साथ बैठकर आगे के बारे में बात करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं इसके लिए तैयार हूं, मुझे पहले ऐसा करने का मौका नहीं मिला। मैं उनसे बात करने को तैयार हूं। क्या उम्मीदों के दबाव ने उनके खिलाफ काम किया है? इस पर सैमसन ने कहा कि वे इन बातों को ज्यादा अहमियत नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि मैं लोगों के विचारों का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं इन्हें अपने दिमाग में नहीं आने देता। भरना उनका लक्ष्य है? सैमसन ने जवाब दिया ट्रॉफी जीतना है। उन्होंने कहा, सपना भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया में खेले जाने वाला टी20 विश्व कप को जीतना है। मैं इसके लिए तैयारी कर रहा हूं, न कि टीम का हिस्सा होने के लिए। मैं अपने देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता हूं और यही पैमाना मैंने अपने लिए तय किया है। निश्चित तौर पर सपना ट्रॉफी जीतना है क्योंकि हमें विश्व कप जीते हुए काफी समय हो गया है। यही सपना है और मैं इस पर काम कर रहा हूं। (IANS)
नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर समय-समय पर संजू सैमसन की तारीफ करते रहे हैं। वहीं उनके आलोचक यह कहते हुए सैमसन को नकारते रहे हैं कि उनमें निरंतरता की कमी है। ऐसे में जब टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री ने साफ कर दिया है कि अगले साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टीबीस विश्व कप के लिए टीम में विकेटकीपर की जगह अभी भी खाली है तो सभी के दिमाग में सवाल यही है कि क्या सैमसन वो स्थान भर सकते हैं। सैमसन को हाल ही में विंडीज सीरीज के लिए चोटिल शिखर धवन के स्थान पर भारतीय टीबीस टीम में जगह मिली है। सैमसन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि वे विकेटकीपिंग के लिए तैयार हैं और निरंतरता वो चीज नहीं है जिसके कारण उन्हें परेशानी आ रही हो। सैमसन ने कहा कि उनके लिए टीम की जीत में योगदान देना प्राथमिकता है। केरल से आने वाले इस खिलाड़ी ने कहा, मैंने इसके बारे में नहीं सोचा है कि यह एक मुद्दा है। मैंने जो समझा है वो यह है कि मैं थोड़ा अलग तरह का खिलाड़ी हूं और मुझे लगता है कि मैं मैदान पर जाकर गेंदबाजों पर हावी हो सकता हूं। ऐसा हो सकता है कि जब मैं निरंतरता पर ध्यान दूं तो मैं अपनी स्टाइल खो बैठूं। निरंतरता लाने के लिए मैं अपने खेलने की शैली में बदलाव नहीं कर सकता। है। सैमसन ने बताया कि मैं पिछले पांच-छह साल से केरल के लिए सीमित ओवरों में विकेटकीपिंग कर रहा हूं। मैंने रणजी ट्रॉफी में भी की है। मैं इसे विकल्प के तौर पर रखता हूं। जो भी टीम चाहेगी वो मैं करूंगा। आईपीएल में जब मेरी टीम ने चाहा मैंने विकेटकीपिंग की। लेकिन जब उन्हें लगा कि मैं फील्डिंग से योगदान दे सकता हूं तो मैंने वैसा किया। मैंने अपने आपको एक कीपर और फील्डर दोनों के तौर पर तैयार किया है क्योंकि आप नहीं जानते कि टीम क्या देख रही है। शास्त्री के साथ बैठकर आगे के बारे में बात करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैं इसके लिए तैयार हूं, मुझे पहले ऐसा करने का मौका नहीं मिला। मैं उनसे बात करने को तैयार हूं। क्या उम्मीदों के दबाव ने उनके खिलाफ काम किया है? इस पर सैमसन ने कहा कि वे इन बातों को ज्यादा अहमियत नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि मैं लोगों के विचारों का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं इन्हें अपने दिमाग में नहीं आने देता। भरना उनका लक्ष्य है? सैमसन ने जवाब दिया ट्रॉफी जीतना है। उन्होंने कहा, सपना भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया में खेले जाने वाला टीबीस विश्व कप को जीतना है। मैं इसके लिए तैयारी कर रहा हूं, न कि टीम का हिस्सा होने के लिए। मैं अपने देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता हूं और यही पैमाना मैंने अपने लिए तय किया है। निश्चित तौर पर सपना ट्रॉफी जीतना है क्योंकि हमें विश्व कप जीते हुए काफी समय हो गया है। यही सपना है और मैं इस पर काम कर रहा हूं।