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प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला के बलिया में आवास स्थित कैंप कार्यालय पर फरियाद लेकर पहुंचीं महिलाओं ने सोमवार यानी आज दिन में जमकर हंगामा किया। इस दौरान मंत्री का घेराव भी किया और कुर्सिंयां भी इधर-उधर फेंक दीं। महिलाएं स्कूल में पुराने बच्चों को मिलने वाली अनुदान राशि की मांग कर रहीं थीं।
मंत्री के बीएसए से बात करने के बाद भी महिलाएं तत्काल अनुदान राशि दिलाने की जिद पर अड़ी रहीं। मौके पर सीओ और कोतवाल महिला पुलिस के साथ पहुंचे और महिलाओं को वहां से हटाया। वहीं महिलाओं ने कार्यकर्ताओं पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। मंत्री शुक्ला ने बताया कि यह सब प्रायोजित था। इसके पीछे साजिश है।
मंत्री के कार्यालय में तोड़फोड़ होने की जानकारी मिलते ही महिला पुलिस के साथ पुलिस अधिकारी पहुंचे और आननफानन महिलाओं को समझा बुझाकर परिसर के बाहर किया। इस दौरान आक्रोशित महिलाओं से पुलिस अधिकारियों की भी बहस हुई़। विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस ने आश्वासन देकर महिलाओं को बाहर किया। कुछ महिलाओं को पकड़कर कोतवाली लाया गया। मंत्री ने महिलाओं के आक्रोश को साजिश का हिस्सा बताते हुए इस पर अपना रोष जाहिर किया। कहा कि महिलाओं की मांग के अनुरूप ही अधिकारियों तक उनकी बात को पहुंचाकर समस्या का निवारण करने का प्रयास किया गया था। इसके बाद महिलाएं आक्रोशित होकर प्रदर्शन करने लगीं।
| प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला के बलिया में आवास स्थित कैंप कार्यालय पर फरियाद लेकर पहुंचीं महिलाओं ने सोमवार यानी आज दिन में जमकर हंगामा किया। इस दौरान मंत्री का घेराव भी किया और कुर्सिंयां भी इधर-उधर फेंक दीं। महिलाएं स्कूल में पुराने बच्चों को मिलने वाली अनुदान राशि की मांग कर रहीं थीं। मंत्री के बीएसए से बात करने के बाद भी महिलाएं तत्काल अनुदान राशि दिलाने की जिद पर अड़ी रहीं। मौके पर सीओ और कोतवाल महिला पुलिस के साथ पहुंचे और महिलाओं को वहां से हटाया। वहीं महिलाओं ने कार्यकर्ताओं पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। मंत्री शुक्ला ने बताया कि यह सब प्रायोजित था। इसके पीछे साजिश है। मंत्री के कार्यालय में तोड़फोड़ होने की जानकारी मिलते ही महिला पुलिस के साथ पुलिस अधिकारी पहुंचे और आननफानन महिलाओं को समझा बुझाकर परिसर के बाहर किया। इस दौरान आक्रोशित महिलाओं से पुलिस अधिकारियों की भी बहस हुई़। विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस ने आश्वासन देकर महिलाओं को बाहर किया। कुछ महिलाओं को पकड़कर कोतवाली लाया गया। मंत्री ने महिलाओं के आक्रोश को साजिश का हिस्सा बताते हुए इस पर अपना रोष जाहिर किया। कहा कि महिलाओं की मांग के अनुरूप ही अधिकारियों तक उनकी बात को पहुंचाकर समस्या का निवारण करने का प्रयास किया गया था। इसके बाद महिलाएं आक्रोशित होकर प्रदर्शन करने लगीं। |
आम आदमी पार्टी के मुखिया गुजरात की जनसभाओं में यह लिखकर देते थे कि गुजरात में उनकी सरकार बन रही है पर ऐसा नहीं हो सका, लेकिन पार्टी को जितनी वोट शेयरिंग मिल रही है उसे आम आदमी पार्टी की सफलता को हल्के में नहीं लेना चाहिए.
एग्जिट पोल के सर्वे गुजरात में भले आम आदमी पार्टी को बहुत कम सीट दे रहे हैं पर कांग्रेस और बीजेपी के लिए खतरे की घंटी जरूर सुना रहे हैं. आम आदमी पार्टी के मुखिया गुजरात की जनसभाओं में यह लिखकर देते थे कि गुजरात में उनकी सरकार बन रही है पर ऐसा नहीं हो सका, लेकिन पार्टी को जितनी वोट शेयरिंग मिल रही है उसे आम आदमी पार्टी की सफलता को हल्के में नहीं लेना चाहिए.
टीवी 9 भारत वर्ष के एग्जिट पोल के अनुसार आम आदमी पार्टी को 7 से 10 सीट मिल सकती है पर वोट शेयर करीब 12 प्रतिशत का है. इसी तरह आज तक के एग्जिट पोल में पार्टी को 20 परसेंट वोट पाने की बात की जा रही है. किसी भी पार्टी के अपने पहले चुनाव की लिहाज से 20 परसेंट तक का वोट शेयर काफी उत्साहजनक है.
एक्सिस माई इंडिया के अनुसार आम आदमी पार्टी को करीब 9 से 21 सीटें मिल रही हैं. इसी तरह एबीपी-सीवोटर के सर्वे में पार्टी को 3 से 11 सीटें मिल रही हैं. रिपब्लिक पी मार्क अपने नतीजों में पार्टी को 2 से 10 सीटें तो न्यूज 24-चाणक्या के सर्वे में पार्टी को 11 सीटें मिलती दिख रही हैं. टाइम्स नाऊ का पोल भी पार्टी को 11 सीटें दे रहा है.
सभी एग्जिट पोल में भले पार्टी को मिलने वाली सीटों की संख्या कम मिल रही हैं पर सभी ने वोट का शेयर संतोषजनक बताया है. आजतक के अनुमान अगर सही होते हैं पार्टी को 20 प्रतिशत के करीब राज्य में वोट मिलता है तो यह कांग्रेस और बीजेपी के खतरे की घंटी है. दरअसल आम आदमी पार्टी के ग्रोथ का सूचकांक गुजरात में उसी तरह है जैसे दिल्ली और पंजाब में रहा है. पार्टी धीरे-धीरे इन स्थानों पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है.
दिल्ली में कई कोशिशों के बावजूद बीजेपी जैसी संसाधनों से मजबूत पार्टी को भी एमसीडी चुनावों में भारी असफलता हाथ लगती दिख रही है. जिन जगहों पर आदमी पार्टी जगह बना रही है वहां सबसे अधिक दुर्गति कांग्रेस की ही होती है. पंजाब और दिल्ली में कांग्रेस को समाप्त करने के बाद आदमी पार्टी गुजरात मे भी कांग्रेस को मटियामेट करने पर उतारू है. दिल्ली में एमसीडी चुनावों के एग्जिट पोल और गुजरात के एग्जिट पोल में एक बात साफ हो गई है कि कांग्रेस के वोट बैंक विशेषकर मुस्लिम वोटों पर आम आदमी पार्टी का कब्जा बढता जा रहा है.
गुजरात में महंगी बिजली से किसान और व्यापारी दोनों परेशान हैं. किसानों और व्यापारियों की ओर से सस्ती बिजली की मांग लगातार हो रही थी. तो क्या इसे केजरीवाल के दिल्ली मॉडल की सफलता की शुरूआत मान सकते हैं. केजरीवाल ने लगातार अपने चुनावी सभाओं में गुजरात में स्कूली शिक्षा के गिरते स्तर और मजबूत स्वास्थ्य सुविधाओं की बात की है.
राहुल गांधी की जोर-शोर से चल रही भारत जोड़ो यात्रा का भी कोई असर दिखता नजर नहीं आ रहा है. इस यात्रा के चलते ही राहुल गांधी गुजरात चुनावों से लगभग दूर ही रहे. प्रियंका की ओर से भी उतनी मेहनत नहीं की गई जितनी उनसे उम्मीद की गई थी. पड़ोसी राज्य राजस्थान में गहलोत और पाइलट की फाइट पर नियंत्रण न कर पाना भी पार्टी के प्रति लोगों का भरोसा खोने का कारण बना जो अंततः आम आदमी पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हुआ है.
| आम आदमी पार्टी के मुखिया गुजरात की जनसभाओं में यह लिखकर देते थे कि गुजरात में उनकी सरकार बन रही है पर ऐसा नहीं हो सका, लेकिन पार्टी को जितनी वोट शेयरिंग मिल रही है उसे आम आदमी पार्टी की सफलता को हल्के में नहीं लेना चाहिए. एग्जिट पोल के सर्वे गुजरात में भले आम आदमी पार्टी को बहुत कम सीट दे रहे हैं पर कांग्रेस और बीजेपी के लिए खतरे की घंटी जरूर सुना रहे हैं. आम आदमी पार्टी के मुखिया गुजरात की जनसभाओं में यह लिखकर देते थे कि गुजरात में उनकी सरकार बन रही है पर ऐसा नहीं हो सका, लेकिन पार्टी को जितनी वोट शेयरिंग मिल रही है उसे आम आदमी पार्टी की सफलता को हल्के में नहीं लेना चाहिए. टीवी नौ भारत वर्ष के एग्जिट पोल के अनुसार आम आदमी पार्टी को सात से दस सीट मिल सकती है पर वोट शेयर करीब बारह प्रतिशत का है. इसी तरह आज तक के एग्जिट पोल में पार्टी को बीस परसेंट वोट पाने की बात की जा रही है. किसी भी पार्टी के अपने पहले चुनाव की लिहाज से बीस परसेंट तक का वोट शेयर काफी उत्साहजनक है. एक्सिस माई इंडिया के अनुसार आम आदमी पार्टी को करीब नौ से इक्कीस सीटें मिल रही हैं. इसी तरह एबीपी-सीवोटर के सर्वे में पार्टी को तीन से ग्यारह सीटें मिल रही हैं. रिपब्लिक पी मार्क अपने नतीजों में पार्टी को दो से दस सीटें तो न्यूज चौबीस-चाणक्या के सर्वे में पार्टी को ग्यारह सीटें मिलती दिख रही हैं. टाइम्स नाऊ का पोल भी पार्टी को ग्यारह सीटें दे रहा है. सभी एग्जिट पोल में भले पार्टी को मिलने वाली सीटों की संख्या कम मिल रही हैं पर सभी ने वोट का शेयर संतोषजनक बताया है. आजतक के अनुमान अगर सही होते हैं पार्टी को बीस प्रतिशत के करीब राज्य में वोट मिलता है तो यह कांग्रेस और बीजेपी के खतरे की घंटी है. दरअसल आम आदमी पार्टी के ग्रोथ का सूचकांक गुजरात में उसी तरह है जैसे दिल्ली और पंजाब में रहा है. पार्टी धीरे-धीरे इन स्थानों पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. दिल्ली में कई कोशिशों के बावजूद बीजेपी जैसी संसाधनों से मजबूत पार्टी को भी एमसीडी चुनावों में भारी असफलता हाथ लगती दिख रही है. जिन जगहों पर आदमी पार्टी जगह बना रही है वहां सबसे अधिक दुर्गति कांग्रेस की ही होती है. पंजाब और दिल्ली में कांग्रेस को समाप्त करने के बाद आदमी पार्टी गुजरात मे भी कांग्रेस को मटियामेट करने पर उतारू है. दिल्ली में एमसीडी चुनावों के एग्जिट पोल और गुजरात के एग्जिट पोल में एक बात साफ हो गई है कि कांग्रेस के वोट बैंक विशेषकर मुस्लिम वोटों पर आम आदमी पार्टी का कब्जा बढता जा रहा है. गुजरात में महंगी बिजली से किसान और व्यापारी दोनों परेशान हैं. किसानों और व्यापारियों की ओर से सस्ती बिजली की मांग लगातार हो रही थी. तो क्या इसे केजरीवाल के दिल्ली मॉडल की सफलता की शुरूआत मान सकते हैं. केजरीवाल ने लगातार अपने चुनावी सभाओं में गुजरात में स्कूली शिक्षा के गिरते स्तर और मजबूत स्वास्थ्य सुविधाओं की बात की है. राहुल गांधी की जोर-शोर से चल रही भारत जोड़ो यात्रा का भी कोई असर दिखता नजर नहीं आ रहा है. इस यात्रा के चलते ही राहुल गांधी गुजरात चुनावों से लगभग दूर ही रहे. प्रियंका की ओर से भी उतनी मेहनत नहीं की गई जितनी उनसे उम्मीद की गई थी. पड़ोसी राज्य राजस्थान में गहलोत और पाइलट की फाइट पर नियंत्रण न कर पाना भी पार्टी के प्रति लोगों का भरोसा खोने का कारण बना जो अंततः आम आदमी पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हुआ है. |
जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड अटैक किया गया है. हालांकि इस हमने में कितने जवान घायल हुए हैं या किस तरह की क्षति पहुंची है, इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिली है. जम्मू-कश्मीर में सोमवार को ग्रेनेड अटैक की ये दूसरी घटना है. इससे पहले बारामूला जिले में आतंकियों ने ग्रेनेड अटैक किया था. इस हमले में छह नागरिक घायल हो गए थे.
आतंकियों ने सोमवार को सेना के एक वाहन को निशाना बनाकर ग्रेनेड दागे. लेकिन ग्रेनेड निशाना से चूक गया और सड़क पर जा गिरा. सड़क पर ग्रेनेड के विस्फोट होने पर छह नागरिक घायल हो गए. जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि ग्रेनेड अटैक में घायल नागरिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों का बारामूला के एक स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है. गनीमत है कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है.
पाकिस्तान ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौसेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर सीजफायर का उल्लंघन किया. इसमें भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया था.
सेना ने जारी बयान में बताया कि पाकिस्तान की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया गया. हालांकि पाकिस्तान की गोलीबारी में नायब सूबेदार राजविंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया. नायब सूबेदार राजविंदर सिंह एक बहादुर, बेहद प्रेरित और एक ईमानदार सैनिक थे.
| जम्मू-कश्मीर के सोपोर जिले में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड अटैक किया गया है. हालांकि इस हमने में कितने जवान घायल हुए हैं या किस तरह की क्षति पहुंची है, इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिली है. जम्मू-कश्मीर में सोमवार को ग्रेनेड अटैक की ये दूसरी घटना है. इससे पहले बारामूला जिले में आतंकियों ने ग्रेनेड अटैक किया था. इस हमले में छह नागरिक घायल हो गए थे. आतंकियों ने सोमवार को सेना के एक वाहन को निशाना बनाकर ग्रेनेड दागे. लेकिन ग्रेनेड निशाना से चूक गया और सड़क पर जा गिरा. सड़क पर ग्रेनेड के विस्फोट होने पर छह नागरिक घायल हो गए. जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि ग्रेनेड अटैक में घायल नागरिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों का बारामूला के एक स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है. गनीमत है कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ है. पाकिस्तान ने रविवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौसेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर सीजफायर का उल्लंघन किया. इसमें भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया था. सेना ने जारी बयान में बताया कि पाकिस्तान की फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब दिया गया. हालांकि पाकिस्तान की गोलीबारी में नायब सूबेदार राजविंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया. नायब सूबेदार राजविंदर सिंह एक बहादुर, बेहद प्रेरित और एक ईमानदार सैनिक थे. |
सिक्किम को मिला जैविक खेती का प्रमाण पत्र (Photo Credit: ANI)
नई दिल्लीः
दुनिया में खेती के लिए इस्तेमाल हो रहे बड़ी मात्रा में खाद और कीटनाशक दवाओं से जमीनें बंजर हो रही हैं. हालात इतने बुरे होते जा रहे हैं कि जहां पर ज्यादा कीटनाशक दवाओं का प्रयोग किया जा रहा है वहां की जमीनों में अब जान तक नहीं बची है. वहां ना तो फसलों का उत्पादन हो रहा है और ना ही कोई पेड़ पौधे तैयार हो रहे हैं. कृषि के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थानों ने कई राज्यों में खाद और कीटनाशक दवाओं के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने की तैयारी कर रही है. वहीं, भारत का एक राज्य ऐसा भी है जहां बिना पेस्टिसाइड्स हजारों हैक्टेयर में खेती कर नया कीर्तिमान हासिल किया है. सिक्किम ने यह उपलब्धि अपने नाम किया है. लोग भी ऑर्गेनिक अनाज लेने के लिए मार्केट में पहुंच रहे हैं. यहां बिना कीटनाशक दवाओं और खाद से खेती की जा रही है. जैविक खेती करने के लिए पूर्वोत्तर के इस राज्य को दुनिया के पहले जैविक राज्य का सिर्टिफिकेट मिला है. हालांकि, सिक्कम को जैविक राज्य का दर्जा पहले ही मिल गया था, लेकिन प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ था. सोमवार को लंदन ने इसे जारी किया है.
लंदन की वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने सिक्किम को दुनिया के पहले जैविक प्रदेश का प्रमाण पत्र दिया है. सिक्किम को अपराध मुक्त और बेहतर प्रशासन वाला राज्य भी माना गया है. केंद्रीय संचार मंत्रालय ने सिक्किम को बधाई दी है. पहला जैविक प्रदेश बनने पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सिक्किम के चार मंत्रियों के साथ एक विशेष डाक कवर भी जारी किया.
सिक्किम में सिर्फ प्राकृतिक खादों से अनाज पैदा किया जाता है. इसमें गाय-भैंस के गोबर, कंपोस्ट खाद, नीम खाद आदि का इस्तेमाल होता है. इससे जमीन की गुणवत्ता भी खराब नहीं होती और हवा पानी भी दूषित नहीं होते. सिक्किम ने पहले 75 हजार हेक्टेयर जमीन पर जैविक खेती की शुरुआत की. इसके तहत सिक्किम की सरकार ने तय जमीन पर फर्टिलाइजर्स के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी थी. नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया. इससे राज्य में जैविक खेती करने के प्रति किसानों की रुचि बढ़ी. आज राज्य की सारी खेती प्राकृतिक खेती पर निर्भर है. यहां की सारी खेती जैविक तरीके से की जाती है.
भारत में अनाज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 1960 में हरित क्रांति की शुरुआत हुई थी, लेकिन अनाज उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल होने लगा, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता और पानी, हवा बुरी तरह प्रभावित हो गई. आज देश और दुनिया में फर्टिलाइजर्स की कमी पर जोर दिया जा रहा है. ऐसे में भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम ने जैविक खेती को बढ़ावा देकर एक मिसाल पेश की.
| सिक्किम को मिला जैविक खेती का प्रमाण पत्र नई दिल्लीः दुनिया में खेती के लिए इस्तेमाल हो रहे बड़ी मात्रा में खाद और कीटनाशक दवाओं से जमीनें बंजर हो रही हैं. हालात इतने बुरे होते जा रहे हैं कि जहां पर ज्यादा कीटनाशक दवाओं का प्रयोग किया जा रहा है वहां की जमीनों में अब जान तक नहीं बची है. वहां ना तो फसलों का उत्पादन हो रहा है और ना ही कोई पेड़ पौधे तैयार हो रहे हैं. कृषि के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थानों ने कई राज्यों में खाद और कीटनाशक दवाओं के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने की तैयारी कर रही है. वहीं, भारत का एक राज्य ऐसा भी है जहां बिना पेस्टिसाइड्स हजारों हैक्टेयर में खेती कर नया कीर्तिमान हासिल किया है. सिक्किम ने यह उपलब्धि अपने नाम किया है. लोग भी ऑर्गेनिक अनाज लेने के लिए मार्केट में पहुंच रहे हैं. यहां बिना कीटनाशक दवाओं और खाद से खेती की जा रही है. जैविक खेती करने के लिए पूर्वोत्तर के इस राज्य को दुनिया के पहले जैविक राज्य का सिर्टिफिकेट मिला है. हालांकि, सिक्कम को जैविक राज्य का दर्जा पहले ही मिल गया था, लेकिन प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ था. सोमवार को लंदन ने इसे जारी किया है. लंदन की वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने सिक्किम को दुनिया के पहले जैविक प्रदेश का प्रमाण पत्र दिया है. सिक्किम को अपराध मुक्त और बेहतर प्रशासन वाला राज्य भी माना गया है. केंद्रीय संचार मंत्रालय ने सिक्किम को बधाई दी है. पहला जैविक प्रदेश बनने पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सिक्किम के चार मंत्रियों के साथ एक विशेष डाक कवर भी जारी किया. सिक्किम में सिर्फ प्राकृतिक खादों से अनाज पैदा किया जाता है. इसमें गाय-भैंस के गोबर, कंपोस्ट खाद, नीम खाद आदि का इस्तेमाल होता है. इससे जमीन की गुणवत्ता भी खराब नहीं होती और हवा पानी भी दूषित नहीं होते. सिक्किम ने पहले पचहत्तर हजार हेक्टेयर जमीन पर जैविक खेती की शुरुआत की. इसके तहत सिक्किम की सरकार ने तय जमीन पर फर्टिलाइजर्स के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी थी. नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया. इससे राज्य में जैविक खेती करने के प्रति किसानों की रुचि बढ़ी. आज राज्य की सारी खेती प्राकृतिक खेती पर निर्भर है. यहां की सारी खेती जैविक तरीके से की जाती है. भारत में अनाज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए एक हज़ार नौ सौ साठ में हरित क्रांति की शुरुआत हुई थी, लेकिन अनाज उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में फर्टिलाइजर्स का इस्तेमाल होने लगा, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता और पानी, हवा बुरी तरह प्रभावित हो गई. आज देश और दुनिया में फर्टिलाइजर्स की कमी पर जोर दिया जा रहा है. ऐसे में भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम ने जैविक खेती को बढ़ावा देकर एक मिसाल पेश की. |
इस अजीबोगरीब शादी को कराने वाले दिनेश चौधरी और रायपुर टीकरी के डॉ. रामप्रकाश ने लोगों को बताया कि इस शादी के साथ दोनों परिवार के लोग अब रिश्तेदार बन गए हैं।
ट्रेंडिंग डेस्क. यूपी के अलीगढ़ जिले से डॉग्स की शादी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। अलीगढ़ के सुखरावली गांव में पालतू डॉग टॉमी दूल्हा बना तो वहीं दूसरे परिवार की जैली उसकी दुल्हन। इतना ही नहीं बाकायदा दोनों के सात फेरे, जयमाला और शादी का रिसेप्शन भी हुआ, जिसमें लोग जमकर नाचे भी। बाकायदा एक आम शादी की तरह यहां टेंट, डेकोरेशन सबकुछ नजर आया।
जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सुखरावली गांव के रहने वाले पूर्व प्रधान दिनेश चौधरी के बेटे ने कुछ साल पहले एक स्ट्रीट डॉग को घर में पाल लिया था। इस डॉग को सब बहुत प्यार करने लगे और इसका नाम टॉमी रख दिया गया। वहीं, पास के गांव में रहने वाले इसी परिवार के परिचित डॉक्टर रामप्रकाश के घर पर एक कुतिया थी, जिसका नाम जैली था। दोनों परिवार की सहमति पर टॉम और जैली की शादी करने का फैसला लिया गया।
| इस अजीबोगरीब शादी को कराने वाले दिनेश चौधरी और रायपुर टीकरी के डॉ. रामप्रकाश ने लोगों को बताया कि इस शादी के साथ दोनों परिवार के लोग अब रिश्तेदार बन गए हैं। ट्रेंडिंग डेस्क. यूपी के अलीगढ़ जिले से डॉग्स की शादी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। अलीगढ़ के सुखरावली गांव में पालतू डॉग टॉमी दूल्हा बना तो वहीं दूसरे परिवार की जैली उसकी दुल्हन। इतना ही नहीं बाकायदा दोनों के सात फेरे, जयमाला और शादी का रिसेप्शन भी हुआ, जिसमें लोग जमकर नाचे भी। बाकायदा एक आम शादी की तरह यहां टेंट, डेकोरेशन सबकुछ नजर आया। जानें क्या है पूरा मामला? दरअसल, सुखरावली गांव के रहने वाले पूर्व प्रधान दिनेश चौधरी के बेटे ने कुछ साल पहले एक स्ट्रीट डॉग को घर में पाल लिया था। इस डॉग को सब बहुत प्यार करने लगे और इसका नाम टॉमी रख दिया गया। वहीं, पास के गांव में रहने वाले इसी परिवार के परिचित डॉक्टर रामप्रकाश के घर पर एक कुतिया थी, जिसका नाम जैली था। दोनों परिवार की सहमति पर टॉम और जैली की शादी करने का फैसला लिया गया। |
बुलंदशहरः ट्रिपल मर्डर का एक मामला बुलंदशहर में हड़कंप मचा रहा है, इसी के चलते पुलिस प्रशासन भी पूरे तरीके से सतर्क हो गया है। आरोपी की तलाश जारी है, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
शिकारपूर के बारहखंभा की यह घटना बताई जा रही है। आरोपी सईद ने अपने परिवार को हथौड़े की चोट से मौत के घाट उतार दिया। पत्नी और तीन बच्चों पर हमला करके उन्हें मारने की कोशिश की, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
सईद को पत्नी और बेटियों के चरित्र पर शक था, जिसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया। इस मामले में पत्नी और दो बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक लड़की की हालत काफी गंभीर बनी हुई है।
शिकारपूर, अंबेडकरनगर की इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इसके बाद पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ गए, क्षेत्र की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंच कर मामले का जायजा लिया। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
एक बेटी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उसकी हालत काफी नाजुक बनी हुई है। आरोपी सईद अभी फरार है, उसकी तलाश पुलिस कर रही है।
| बुलंदशहरः ट्रिपल मर्डर का एक मामला बुलंदशहर में हड़कंप मचा रहा है, इसी के चलते पुलिस प्रशासन भी पूरे तरीके से सतर्क हो गया है। आरोपी की तलाश जारी है, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शिकारपूर के बारहखंभा की यह घटना बताई जा रही है। आरोपी सईद ने अपने परिवार को हथौड़े की चोट से मौत के घाट उतार दिया। पत्नी और तीन बच्चों पर हमला करके उन्हें मारने की कोशिश की, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और एक की हालत गंभीर बनी हुई है। सईद को पत्नी और बेटियों के चरित्र पर शक था, जिसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया। इस मामले में पत्नी और दो बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक लड़की की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। शिकारपूर, अंबेडकरनगर की इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इसके बाद पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ गए, क्षेत्र की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंच कर मामले का जायजा लिया। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एक बेटी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जहां उसकी हालत काफी नाजुक बनी हुई है। आरोपी सईद अभी फरार है, उसकी तलाश पुलिस कर रही है। |
ख. संज्ञामूलक, क्रियामूलक तथा अन्य क्रियाविशेषण
३३४. सर्वनाममूलक क्रियाविशेषणों के अतिरिक्त मुख्य मुख्य अन्य विशेषणों की सूची नीचे दी जाती है । ' इन की व्युत्पत्ति को भी यथा संभव दिखलाने का यत्न किया गया है ।
हि० ज< पा० अज्ज< सं० अध ।
हि० कल, सं० कल्य से निकला है जिसका अर्थ उषाकाल होता है । हिंदी में यह शब्द आने वाले तथा गुजरे हुए दोनों दिनों के लिए प्रयुक्त होता है ।
हि० परसो < सं० परः श्वस् : बोलियों में परौ रूप अधिक प्रचलित
। हिंदी में इस का प्रयोग गुजरे हुए दूसरे दिन के लिए भी होता है । सस्कृत में इसका अर्थ केवल आने वाला दूसरा दिन था ।
हि० तरसो या अतरसोः परसों के ढंग पर शायद सं० अन्तर के आधार पर ये रूप गढे गए हैं ( सं० त्रि + श्वस् ) ।
हि० नरसो : चौथे दिन के लिए कभी-कभी प्रयुक्त होता है। अन्य + तरसो के मेल से इस की उत्पत्ति की संभावना संदिग्ध है । R
हि० सबेर अबेर : इन का प्रयोग बोलियों से विशेष होता है । ये शब्द सं० वेला के साथ स तथा अ लगा कर बने मालूम होते है ।
१ हिंदी बोलियो मे पाए जाने वाले कियाविशेषण के लिए देखिए के, हि. ग्रॅ., कियाविशेषणों के लिए देखिए सक., ए. प्र., अध्याय ७ । | ख. संज्ञामूलक, क्रियामूलक तथा अन्य क्रियाविशेषण तीन सौ चौंतीस. सर्वनाममूलक क्रियाविशेषणों के अतिरिक्त मुख्य मुख्य अन्य विशेषणों की सूची नीचे दी जाती है । ' इन की व्युत्पत्ति को भी यथा संभव दिखलाने का यत्न किया गया है । हिशून्य ज< पाशून्य अज्ज< संशून्य अध । हिशून्य कल, संशून्य कल्य से निकला है जिसका अर्थ उषाकाल होता है । हिंदी में यह शब्द आने वाले तथा गुजरे हुए दोनों दिनों के लिए प्रयुक्त होता है । हिशून्य परसो < संशून्य परः श्वस् : बोलियों में परौ रूप अधिक प्रचलित । हिंदी में इस का प्रयोग गुजरे हुए दूसरे दिन के लिए भी होता है । सस्कृत में इसका अर्थ केवल आने वाला दूसरा दिन था । हिशून्य तरसो या अतरसोः परसों के ढंग पर शायद संशून्य अन्तर के आधार पर ये रूप गढे गए हैं । हिशून्य नरसो : चौथे दिन के लिए कभी-कभी प्रयुक्त होता है। अन्य + तरसो के मेल से इस की उत्पत्ति की संभावना संदिग्ध है । R हिशून्य सबेर अबेर : इन का प्रयोग बोलियों से विशेष होता है । ये शब्द संशून्य वेला के साथ स तथा अ लगा कर बने मालूम होते है । एक हिंदी बोलियो मे पाए जाने वाले कियाविशेषण के लिए देखिए के, हि. ग्रॅ., कियाविशेषणों के लिए देखिए सक., ए. प्र., अध्याय सात । |
है।"(Life is Education and Education is Life in uself) डम्बिल के अनुसार, "शिक्षा के व्यापक अर्थ मे वे सभी प्रभाव आ जाते हैं, जो व्यक्ति को जन्म से लेकर मृत्यु तक प्रभावित करते हैं।" इस शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य सैद्धान्तिक रूप से बालक का विकास करना है। इसके लिए विशेष समय, स्थान या विशेष व्यक्ति की आवश्यकता नहीं होती, न ही इसके लिए कोई पूर्व योजना, पाठ्यक्रम व शिक्षण विधि आदि होती है। परिवार समुदाय राज्य आदि सभी इसके अभिकरण हैं। यह बालक की अन्तर्निहित शक्तियों का अधिकतम विकास करती है ।
( 3 ) निरौपचारिक शिक्षा (Non-formal Education) - यह शिक्षा एक प्रकार से औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा का मिश्रित रूप कही जा सकती है, जिसमें शिक्षा की ओपचारिकताएँ, जैसे- पाठ्यक्रम, विद्यालय, शिक्षण विधियाँ, समय आदि शिक्षा के साधनो की कमी हो जाती हैं। यह शिक्षा उन व्यक्तियों के लिए उपयोगी हैं, जो विद्यालयी शिक्षा पूरी नहीं कर पाए और बड़ी उम्र मे पढ़ना चाहते हैं। आज वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास के युग मे जहाँ ज्ञान का विस्फोट हो रहा है, इस स्थिति में निरौपचारिक शिक्षा श्रेयस्कर साधन है। इसमें समय, स्थान, अवधि, पाठ्यक्रम सभी दृष्यिों से शिक्षा में शिथिलता वरती जाती है। वर्तमान मे प्राढ़ शिक्षा, पत्राचार कार्यक्रम, इग्नू (IGNOU), 'नॉन फॉरमल एजूकेशन फॉर ड्रॉप आउट' आदि कार्यक्रम इसी विधि द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं। इससे उन सभी व्यक्तियों को शिक्षा का लाभ मिलता है, जो किसी कारण समय रहते अपनी शिक्षा पूरी न कर सके।
भारत में शिक्षा का विकास (Development of Education in India)- वैदिक युग एतिहासिक दृष्टि से भारतीय सभ्यता के विकास और प्रसार का प्राचीनतम काल कहा जा सकता है, जिसमे शिक्षा में 'गुरु-शिष्य' परम्परा प्रचलित थी। गुरु द्वारा भौखिक वार्तालाप, व्याख्या, विचार-विमर्श आदि द्वारा छात्र को शिक्षा दी जाती थी । शिक्षा का उद्देश्य 'मोक्ष की प्राप्ति' करना था। उत्तर - वैदिक युग मे गुरु-शिष्य संवाद, प्रश्नोत्तर, दृष्टात, कथोपकथन एव प्रत्यक्ष निरीक्षण आदि क्रियाओ द्वारा ज्ञान का स्पष्टीकरण किया जाता था। इसमें ग्रंथों की व्याख्या की जाती थी। युद्ध कौशल, नैतिकता आदि का शिक्षा व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती थी । यह शिक्षा बहुत कम लोगों के लिए थो । प्रायः समाज के समृद्ध और शक्तिशाली वर्ग के बच्चे ही शिक्षा ग्रहण कर सकते थे। उपनिषद् काल में शिक्षा का प्रसार होने के कारण आश्रमों और गुरुकुलों की संख्या में वृद्धि हुई। व्यावहारिक और व्यावसायिक शिक्षण पर भी बल दिया जाने लगा। गुरु-सेवा, शिष्यों में सामाजिक्ता, व्यवहार कुशलता, सहकारिता, सामाजिक व युद्ध-सम्बन्धी व्यवस्था जैसे गुणो का विकास करना इस युग की विशेषता थी । मध्यकाल तक आते-आते शिक्षा के स्वरूप में परिवर्तन आया। 18वीं शताब्दी के अन्त में ब्राह्मणो की स्थिति मे परिवर्तन आया । शहरीकरण का रुझान बढा, अनेक रोजगार सामने आने लगे और शिक्षा की प्रक्रिया का विकास होने लगा। अनेक स्वदेशी पाठशालाएँ अस्तित्व मे आने लगीं। 19वीं सदी के प्रारम्भ में ब्रितानिया सरकार का ध्यान शिक्षा पर गया और अनेक पाठशालाएँ उस समय खुलो, जिनमे जमींदार, व्यापारी आदि वर्ग के बालक पढ़ने लगे। शिक्षा से सम्बन्धित नीतियाँ बनने लगी। शिक्षा सुविधाओं में विस्तार किया जाने लगा। इस अवधि में शिक्षा का
सार्वजनीकरण करने की बातें रखी गईं। उस काल में सन् 1870 से 1880 के बीच के अनिवार्य शिक्षा कानूनों से प्रेरणा मिली। 1882 में हण्टर कमीशन में अनिवार्य शिक्षा की बात कही गई । उसके बाद गोपालकृष्ण गोखले एवं महात्मा गाँधी ने प्राथमिक शिक्षा को सार्वजनीन बनाने का प्रयास किया। गाँधजी ने वर्धा- योजना बनाई । 20वीं सदी शिक्षा की दृष्टि से श्रेष्ठकाल कहा जा सकता है, जिसमें समाज के सभी वर्गो - अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, स्त्रियाँ, विकलांग आदि को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे सामाजिक गतिशीलता में वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय परिदृश्य में शिक्षा सबके लिए आवश्यक है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति- यद्यपि शिक्षा के सार्वभौमिकरण के लिए समय-समय पर अनेक नीतियाँ आयोग बनते रहे, जिनमें सबके लिए शिक्षा के समान अवसर सुझाने पर बल दिया गया। विश्वविद्यालय आयोग (1952-53), कोठारी आयोग (1964-66) व शिक्षा नीति - 1968 और अन्त में राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 1986 का गठन हुआ तथा 1992 में इसमें पुनः संशोधन हुआ जिसमे शिक्षा के अवसरों की समानता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (1986) मे 'समानता के लिए शिक्षा' मे असमानताओं का निवारण और शैक्षिक अवसरों को समान उपलब्धियो पर जोर दिया गया है- इनमें कुछ महत्त्वपूर्ण वर्ग इस प्रकार हैं1. महिलाओं की समानता के लिए शिक्षा - नए मूल्यों के विकास हेतु महिलाओं की निरक्षरता के निवारणार्थ तथा शिक्षा में उनमे प्रवेश की रुकावटों को दूर करने के लिए प्रयासों को आज सर्वाधिक प्राथमिकता दी जा रही है। महिलाओ की व्यावसायिक तकनीकी एवं अन्य क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने व समाज में इनकी स्थिति को सुदृढ़ बनाने की दृष्टि से अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं.
(1) शिक्षा विभाग में महिला विकास के प्रभावी कार्यक्रमों का निर्माण । ( 2 ) एन.सी. ई. आर टी. नीपा, प्रौढ़ शिक्षा निदेशालय, यूजीसी द्वारा राज्य एवं राष्ट्र स्तरो पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, तथा (3) शिक्षण, अनुसन्धान, प्रशिक्षण और प्रसार कार्यक्रमों का क्रियान्वयन ।
2. महिला शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अनेक कार्यक्रम, जैसे- महिला समाख्या (1980) कार्यक्रम, राजस्थान मे नवोदय विद्यालय, बालिका शिक्षा फाउडेशन (1994), दत्तक जानकी योजना (1997-98), सरस्वती योजना (1994-95) व शिक्षा आपके द्वार (सन् 2000) योजनाएँ तथा इन्दिरा गाँधी महिला योजना (1995-96), स्वयंसिद्धा योजना (2001) आदि चलाई जा रही हैं। सन् 2001 को महिला अधिकारिता वर्ष के रूप मे घोषित किया गया। महिला और बाल विकास के विभाग द्वारा महिलाओं को आर्थिक तथा सामाजिक दोनों दृष्टियों से अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से उन्हें प्रशिक्षण, रोजगार और आय-सृजन, कल्याणकारी और सहायता सेवा आदि के उपाय किए जा रहे हैं। रोजगार सृजन हेतु रोजगार सहायता कार्यक्रम, कृषि, डेयरी, हस्तशिल्प में उन्हें भागीदार बनाया जा रहा है। | है।" डम्बिल के अनुसार, "शिक्षा के व्यापक अर्थ मे वे सभी प्रभाव आ जाते हैं, जो व्यक्ति को जन्म से लेकर मृत्यु तक प्रभावित करते हैं।" इस शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य सैद्धान्तिक रूप से बालक का विकास करना है। इसके लिए विशेष समय, स्थान या विशेष व्यक्ति की आवश्यकता नहीं होती, न ही इसके लिए कोई पूर्व योजना, पाठ्यक्रम व शिक्षण विधि आदि होती है। परिवार समुदाय राज्य आदि सभी इसके अभिकरण हैं। यह बालक की अन्तर्निहित शक्तियों का अधिकतम विकास करती है । निरौपचारिक शिक्षा - यह शिक्षा एक प्रकार से औपचारिक और अनौपचारिक शिक्षा का मिश्रित रूप कही जा सकती है, जिसमें शिक्षा की ओपचारिकताएँ, जैसे- पाठ्यक्रम, विद्यालय, शिक्षण विधियाँ, समय आदि शिक्षा के साधनो की कमी हो जाती हैं। यह शिक्षा उन व्यक्तियों के लिए उपयोगी हैं, जो विद्यालयी शिक्षा पूरी नहीं कर पाए और बड़ी उम्र मे पढ़ना चाहते हैं। आज वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास के युग मे जहाँ ज्ञान का विस्फोट हो रहा है, इस स्थिति में निरौपचारिक शिक्षा श्रेयस्कर साधन है। इसमें समय, स्थान, अवधि, पाठ्यक्रम सभी दृष्यिों से शिक्षा में शिथिलता वरती जाती है। वर्तमान मे प्राढ़ शिक्षा, पत्राचार कार्यक्रम, इग्नू , 'नॉन फॉरमल एजूकेशन फॉर ड्रॉप आउट' आदि कार्यक्रम इसी विधि द्वारा आयोजित किए जा रहे हैं। इससे उन सभी व्यक्तियों को शिक्षा का लाभ मिलता है, जो किसी कारण समय रहते अपनी शिक्षा पूरी न कर सके। भारत में शिक्षा का विकास - वैदिक युग एतिहासिक दृष्टि से भारतीय सभ्यता के विकास और प्रसार का प्राचीनतम काल कहा जा सकता है, जिसमे शिक्षा में 'गुरु-शिष्य' परम्परा प्रचलित थी। गुरु द्वारा भौखिक वार्तालाप, व्याख्या, विचार-विमर्श आदि द्वारा छात्र को शिक्षा दी जाती थी । शिक्षा का उद्देश्य 'मोक्ष की प्राप्ति' करना था। उत्तर - वैदिक युग मे गुरु-शिष्य संवाद, प्रश्नोत्तर, दृष्टात, कथोपकथन एव प्रत्यक्ष निरीक्षण आदि क्रियाओ द्वारा ज्ञान का स्पष्टीकरण किया जाता था। इसमें ग्रंथों की व्याख्या की जाती थी। युद्ध कौशल, नैतिकता आदि का शिक्षा व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करती थी । यह शिक्षा बहुत कम लोगों के लिए थो । प्रायः समाज के समृद्ध और शक्तिशाली वर्ग के बच्चे ही शिक्षा ग्रहण कर सकते थे। उपनिषद् काल में शिक्षा का प्रसार होने के कारण आश्रमों और गुरुकुलों की संख्या में वृद्धि हुई। व्यावहारिक और व्यावसायिक शिक्षण पर भी बल दिया जाने लगा। गुरु-सेवा, शिष्यों में सामाजिक्ता, व्यवहार कुशलता, सहकारिता, सामाजिक व युद्ध-सम्बन्धी व्यवस्था जैसे गुणो का विकास करना इस युग की विशेषता थी । मध्यकाल तक आते-आते शिक्षा के स्वरूप में परिवर्तन आया। अट्ठारहवीं शताब्दी के अन्त में ब्राह्मणो की स्थिति मे परिवर्तन आया । शहरीकरण का रुझान बढा, अनेक रोजगार सामने आने लगे और शिक्षा की प्रक्रिया का विकास होने लगा। अनेक स्वदेशी पाठशालाएँ अस्तित्व मे आने लगीं। उन्नीसवीं सदी के प्रारम्भ में ब्रितानिया सरकार का ध्यान शिक्षा पर गया और अनेक पाठशालाएँ उस समय खुलो, जिनमे जमींदार, व्यापारी आदि वर्ग के बालक पढ़ने लगे। शिक्षा से सम्बन्धित नीतियाँ बनने लगी। शिक्षा सुविधाओं में विस्तार किया जाने लगा। इस अवधि में शिक्षा का सार्वजनीकरण करने की बातें रखी गईं। उस काल में सन् एक हज़ार आठ सौ सत्तर से एक हज़ार आठ सौ अस्सी के बीच के अनिवार्य शिक्षा कानूनों से प्रेरणा मिली। एक हज़ार आठ सौ बयासी में हण्टर कमीशन में अनिवार्य शिक्षा की बात कही गई । उसके बाद गोपालकृष्ण गोखले एवं महात्मा गाँधी ने प्राथमिक शिक्षा को सार्वजनीन बनाने का प्रयास किया। गाँधजी ने वर्धा- योजना बनाई । बीसवीं सदी शिक्षा की दृष्टि से श्रेष्ठकाल कहा जा सकता है, जिसमें समाज के सभी वर्गो - अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, स्त्रियाँ, विकलांग आदि को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे सामाजिक गतिशीलता में वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय परिदृश्य में शिक्षा सबके लिए आवश्यक है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- यद्यपि शिक्षा के सार्वभौमिकरण के लिए समय-समय पर अनेक नीतियाँ आयोग बनते रहे, जिनमें सबके लिए शिक्षा के समान अवसर सुझाने पर बल दिया गया। विश्वविद्यालय आयोग , कोठारी आयोग व शिक्षा नीति - एक हज़ार नौ सौ अड़सठ और अन्त में राष्ट्रीय शिक्षा नीति- एक हज़ार नौ सौ छियासी का गठन हुआ तथा एक हज़ार नौ सौ बानवे में इसमें पुनः संशोधन हुआ जिसमे शिक्षा के अवसरों की समानता पर विशेष ध्यान दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति मे 'समानता के लिए शिक्षा' मे असमानताओं का निवारण और शैक्षिक अवसरों को समान उपलब्धियो पर जोर दिया गया है- इनमें कुछ महत्त्वपूर्ण वर्ग इस प्रकार हैंएक. महिलाओं की समानता के लिए शिक्षा - नए मूल्यों के विकास हेतु महिलाओं की निरक्षरता के निवारणार्थ तथा शिक्षा में उनमे प्रवेश की रुकावटों को दूर करने के लिए प्रयासों को आज सर्वाधिक प्राथमिकता दी जा रही है। महिलाओ की व्यावसायिक तकनीकी एवं अन्य क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने व समाज में इनकी स्थिति को सुदृढ़ बनाने की दृष्टि से अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं. शिक्षा विभाग में महिला विकास के प्रभावी कार्यक्रमों का निर्माण । एन.सी. ई. आर टी. नीपा, प्रौढ़ शिक्षा निदेशालय, यूजीसी द्वारा राज्य एवं राष्ट्र स्तरो पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, तथा शिक्षण, अनुसन्धान, प्रशिक्षण और प्रसार कार्यक्रमों का क्रियान्वयन । दो. महिला शिक्षा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से अनेक कार्यक्रम, जैसे- महिला समाख्या कार्यक्रम, राजस्थान मे नवोदय विद्यालय, बालिका शिक्षा फाउडेशन , दत्तक जानकी योजना , सरस्वती योजना व शिक्षा आपके द्वार योजनाएँ तथा इन्दिरा गाँधी महिला योजना , स्वयंसिद्धा योजना आदि चलाई जा रही हैं। सन् दो हज़ार एक को महिला अधिकारिता वर्ष के रूप मे घोषित किया गया। महिला और बाल विकास के विभाग द्वारा महिलाओं को आर्थिक तथा सामाजिक दोनों दृष्टियों से अधिकार प्रदान करने के उद्देश्य से उन्हें प्रशिक्षण, रोजगार और आय-सृजन, कल्याणकारी और सहायता सेवा आदि के उपाय किए जा रहे हैं। रोजगार सृजन हेतु रोजगार सहायता कार्यक्रम, कृषि, डेयरी, हस्तशिल्प में उन्हें भागीदार बनाया जा रहा है। |
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उन्होंने कहा, "सरकार को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि पीड़ितों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में साफ पानी, स्वच्छता की सुविधाएं और उपयुक्त आश्रय प्रदान किए जाएं। "
डॉ. अग्रवाल ने कुछ सुझाव दिए, "बाढ़ के पानी में न तो घूमें और न ही उसमंे होकर गुजरें, क्योंकि इसमें सीवेज और मलबा होता है। यह उन लोगों के मामले में अधिक घातक है, जो पहले से कमजोर हैं, जैसे मधुमेह रोगी, बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग आदि। संक्रमित होने के जोखिम से बचने के लिए चोट या घाव वाले स्थान को बाढ़ के पानी से दूर ही रखें। इसके अतिरिक्त, इन घावों को साफ पानी से साफ करें और ड्रेसिंग करें। "
उन्होंने कहा, "क्षतिग्रस्त सामग्री, बाढ़ के पानी या मिट्टी के संपर्क में आने पर या वाशरूम में जाने के बाद अपने हाथ साबुन और पानी से अवश्य धोएं। गंदे हाथों से खाना न छूएं। यदि आपने भोजन किया है, तो बरतनों को धो लें और ब्लीच सॉल्यूशन से साफ करें। खाद्य सामग्री को जल्द से जल्द उपयोग कर लें। इस्तेमाल से पहले पानी उबालना न भूलें। "
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पेरिस समझौते को लेकर अब अमेरिका अलग-थलग होता नजर आ रहा है। इस समझौते को लेकर अमेरिका लगातार विरोध कर रहा है। इसी साल जून में अमेरिकी राष्ट्रपति ने पेरिस समझौते से अमेरिका को अलग करने की घोषणा भी की थी। जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए पेरिस समझौते का समर्थन अमेरिकी को छोड़कर अन्य सभी देश कर रहे है।
अब तो सीरिया ने भी पेरिस समझौते में शामिल होने का फैसला किया है।साल 2015 में हुए पेरिस समझौते के समय सीरिया और निकारागुआ ही इससे बाहर थे। इसी साल अक्टूबर में निकारागुआ ने इस समझौते में शामिल होने का ऐलान किया था। वहीं अब एकमात्र बचा हुआ देश सीरिया भी इसमें शामिल हो गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में पेरिस समझौते से अलग होते हुए कहा था कि इस समझौते की वजह से अमेरिका को नुकसान होगा। अमेरिका में लाखों की संख्या में नौकरी चली जाएगी। साथ ही ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होने की भी आशंका जताई थी।
ट्रंप का इस समझौते को लेकर मानना था कि इससे चीन और भारत जैसे देशों को फायदा पहुंच रहा है। इसकी वजह से अमेरिका अपनी संपदा को अन्य देशों के साथ नहीं बांट सकता है।
हाल ही में बॉन में जलवायु सम्मेलन भी आयोजित हो रहा है। जिसमें कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। यहीं पर सीरिया ने इसकी जानकारी दी है। अमेरिका की वजह से पेरिस समझौते को लागू करने में मुश्किल भी हो सकती है।
पेरिस समझौते के तहत यह प्रावधान किया गया है कि वैश्विक तापमान को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे रखा जाए और कोशिश की जाए कि वो 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक न बढ़े। इसका उद्देश्य हानिकारक गैसों का उत्सर्जन कम कर दुनियाभर में बढ़ रहे तापमान को रोकना है।
साथ ही इसमें विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्तीय सहायता के लिए 100 अरब डॉलर प्रति वर्ष देना और भविष्य में इसे बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने की बात भी कही गई है।अमेरिकी को मुख्यतः इसी प्रावधान को लेकर परेशानी है।
| पेरिस समझौते को लेकर अब अमेरिका अलग-थलग होता नजर आ रहा है। इस समझौते को लेकर अमेरिका लगातार विरोध कर रहा है। इसी साल जून में अमेरिकी राष्ट्रपति ने पेरिस समझौते से अमेरिका को अलग करने की घोषणा भी की थी। जलवायु परिवर्तन रोकने के लिए पेरिस समझौते का समर्थन अमेरिकी को छोड़कर अन्य सभी देश कर रहे है। अब तो सीरिया ने भी पेरिस समझौते में शामिल होने का फैसला किया है।साल दो हज़ार पंद्रह में हुए पेरिस समझौते के समय सीरिया और निकारागुआ ही इससे बाहर थे। इसी साल अक्टूबर में निकारागुआ ने इस समझौते में शामिल होने का ऐलान किया था। वहीं अब एकमात्र बचा हुआ देश सीरिया भी इसमें शामिल हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जून में पेरिस समझौते से अलग होते हुए कहा था कि इस समझौते की वजह से अमेरिका को नुकसान होगा। अमेरिका में लाखों की संख्या में नौकरी चली जाएगी। साथ ही ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होने की भी आशंका जताई थी। ट्रंप का इस समझौते को लेकर मानना था कि इससे चीन और भारत जैसे देशों को फायदा पहुंच रहा है। इसकी वजह से अमेरिका अपनी संपदा को अन्य देशों के साथ नहीं बांट सकता है। हाल ही में बॉन में जलवायु सम्मेलन भी आयोजित हो रहा है। जिसमें कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। यहीं पर सीरिया ने इसकी जानकारी दी है। अमेरिका की वजह से पेरिस समझौते को लागू करने में मुश्किल भी हो सकती है। पेरिस समझौते के तहत यह प्रावधान किया गया है कि वैश्विक तापमान को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे रखा जाए और कोशिश की जाए कि वो एक दशमलव पाँच डिग्री सेल्सियस से अधिक न बढ़े। इसका उद्देश्य हानिकारक गैसों का उत्सर्जन कम कर दुनियाभर में बढ़ रहे तापमान को रोकना है। साथ ही इसमें विकासशील देशों के लिए जलवायु वित्तीय सहायता के लिए एक सौ अरब डॉलर प्रति वर्ष देना और भविष्य में इसे बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने की बात भी कही गई है।अमेरिकी को मुख्यतः इसी प्रावधान को लेकर परेशानी है। |
एक अपूर्व गौरव प्राप्त किया था। वहीं गौरव इतना क्षणिक होकर इस प्रकार उसके जीवन में ही नष्ट हो रहा था। क्यो उसे नष्ट होना चाहिए? क्यो एक अनचाहे विवाद के अंधकार में भटकना पडेगा ? देखते ही देखते परिवर्तन क्यो पर इस जगती में स्थिर क्या रह पाया है ? समय के रथ पर सब को चलना पड़ रहा है। जो जीवित है, जो चेतन है, जिसे भोगा जा सकता है, वह सव गतिमान है। स्थिर है तो केवल मृत्यु - जड़ । जहाँ सुख-दुख की क्रिया - प्रतिक्रिया की कोई अनुभूति नहीं । जहा कुछ घटता नही, कुछ बढता नही । सब कुछ स्थिर और निश्चेष्ट ।
इसलिए यहा क्या पाना और क्या खोना ? जो मिलता है वह एक संयोग है और जो खोता है वह भी महज एक सयोग है। पर पाने की जो एक सुखानुभूति होती है, जो आत्मसतोप होता है, लगता है वही मंत्र कुछ है। उमे पकड़ कर, जकड़ कर जीते रहने की एक चाह होती है। वह न बीते, इसलिए उसे घेर कर बाध रखने का सतत् प्रयास होता है, पर काल-म्प वैसा कहां रहने देता है 'जामिका खेल कर वह अनजाने चला जाता है और तब एक अनचाहा, अप्रिय सत्व अपनी सर्वस्व कटुता में आ खडा होता है, तो उसे स्वीकार करने के सिवा अन्य मार्ग नही रहता ।
इन्ही उलझनो में वह खोई थी कि एक दिन घिसियावन उसे दिखाई दिया। वह चुपचाप दरवाजे के सामने से ही चला जा रहा था। उसे देख कर भी नहीं रुका, यह देख कर अन्नदा को चोट लगी । सोचा-- एक दिन यही आदमी चौघीस घंटे मही रहता था। जब देखो तव मालकिन-मालकिन कहता रहता था। आज दो मिनट खडा भी नहीं हो सकता। यही दरवाजे के नामने से चला जा रहा है मुझे देखा, भी, पर ऐसा व्यवहार कर रहा है जैसे वह इस घर के लिए अपरिचित हो । ठीक है, अब यह वडा आदमी हो गया है, लेकिन क्या मैं इतनी छोटी हो गई हू कि वह देख कर राम-राम भी न करे । उससे रहा न गया तो खुद हो आवाज दो-"सरपंच !"
अमल में वह अन्नदा से आंख बचाकर चला जाना चाहता था। गोपाल पर जुरमाने ने मामले को लेकर वह उनसे कतरा रहा था। पर जब अन्नदा
अन्नदा : 111 | एक अपूर्व गौरव प्राप्त किया था। वहीं गौरव इतना क्षणिक होकर इस प्रकार उसके जीवन में ही नष्ट हो रहा था। क्यो उसे नष्ट होना चाहिए? क्यो एक अनचाहे विवाद के अंधकार में भटकना पडेगा ? देखते ही देखते परिवर्तन क्यो पर इस जगती में स्थिर क्या रह पाया है ? समय के रथ पर सब को चलना पड़ रहा है। जो जीवित है, जो चेतन है, जिसे भोगा जा सकता है, वह सव गतिमान है। स्थिर है तो केवल मृत्यु - जड़ । जहाँ सुख-दुख की क्रिया - प्रतिक्रिया की कोई अनुभूति नहीं । जहा कुछ घटता नही, कुछ बढता नही । सब कुछ स्थिर और निश्चेष्ट । इसलिए यहा क्या पाना और क्या खोना ? जो मिलता है वह एक संयोग है और जो खोता है वह भी महज एक सयोग है। पर पाने की जो एक सुखानुभूति होती है, जो आत्मसतोप होता है, लगता है वही मंत्र कुछ है। उमे पकड़ कर, जकड़ कर जीते रहने की एक चाह होती है। वह न बीते, इसलिए उसे घेर कर बाध रखने का सतत् प्रयास होता है, पर काल-म्प वैसा कहां रहने देता है 'जामिका खेल कर वह अनजाने चला जाता है और तब एक अनचाहा, अप्रिय सत्व अपनी सर्वस्व कटुता में आ खडा होता है, तो उसे स्वीकार करने के सिवा अन्य मार्ग नही रहता । इन्ही उलझनो में वह खोई थी कि एक दिन घिसियावन उसे दिखाई दिया। वह चुपचाप दरवाजे के सामने से ही चला जा रहा था। उसे देख कर भी नहीं रुका, यह देख कर अन्नदा को चोट लगी । सोचा-- एक दिन यही आदमी चौघीस घंटे मही रहता था। जब देखो तव मालकिन-मालकिन कहता रहता था। आज दो मिनट खडा भी नहीं हो सकता। यही दरवाजे के नामने से चला जा रहा है मुझे देखा, भी, पर ऐसा व्यवहार कर रहा है जैसे वह इस घर के लिए अपरिचित हो । ठीक है, अब यह वडा आदमी हो गया है, लेकिन क्या मैं इतनी छोटी हो गई हू कि वह देख कर राम-राम भी न करे । उससे रहा न गया तो खुद हो आवाज दो-"सरपंच !" अमल में वह अन्नदा से आंख बचाकर चला जाना चाहता था। गोपाल पर जुरमाने ने मामले को लेकर वह उनसे कतरा रहा था। पर जब अन्नदा अन्नदा : एक सौ ग्यारह |
- आज के दौर में ई-आधार की मान्यता ठीक वैसे ही है, जैसे फिजिकल आधार कार्ड की। ऐसे में ई-आधार को कोई भी किसी काम के लिए लेने से मना नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करता है तो आप इसकी शिकायत संबंधित अधिकारी या विभाग में कर सकते हैं।
- नियमों के मुताबिक यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया गया ई-आधार पूरी तरह से मान्य है। ये एक तरह की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी होती है, जिसे आप अपने मोबाइल में सेव करके रख सकते हैं।
- ई-आधार में पासवर्ड लगा होता है, ताकि इसे आपके अलावा कोई और न खोल सके। इसके पासवर्ड के लिए आपको अपने नाम के पहले चार अंग्रेजी अक्षर के साथ अपनी जन्मतिथि का साल डालना होता है।
- अगर आप भी ई-आधार चाहते हैं, तो इसके लिए आपको यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। यहां आप अपना आधार नंबर डालकर और कुछ प्रोसेस को फॉलो करके इसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
| - आज के दौर में ई-आधार की मान्यता ठीक वैसे ही है, जैसे फिजिकल आधार कार्ड की। ऐसे में ई-आधार को कोई भी किसी काम के लिए लेने से मना नहीं कर सकता। अगर कोई ऐसा करता है तो आप इसकी शिकायत संबंधित अधिकारी या विभाग में कर सकते हैं। - नियमों के मुताबिक यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया गया ई-आधार पूरी तरह से मान्य है। ये एक तरह की इलेक्ट्रॉनिक कॉपी होती है, जिसे आप अपने मोबाइल में सेव करके रख सकते हैं। - ई-आधार में पासवर्ड लगा होता है, ताकि इसे आपके अलावा कोई और न खोल सके। इसके पासवर्ड के लिए आपको अपने नाम के पहले चार अंग्रेजी अक्षर के साथ अपनी जन्मतिथि का साल डालना होता है। - अगर आप भी ई-आधार चाहते हैं, तो इसके लिए आपको यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। यहां आप अपना आधार नंबर डालकर और कुछ प्रोसेस को फॉलो करके इसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। |
भारत और श्रीलंका के बीच हुए इस दुसरे वनडे मैच में धवन और रोहित ने 115 रन जोड़े थे और भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. धवन ने 67 गेंदों पर 68 रन बनाकर भारत को एक शानदार शुरूआत दिलाई थी और रोहित ने 50 ओवरों के क्रिकेट में अपना तीसरा दोहरा शतक जड़ा था. अब भारतीय टीम का तीसरा और निर्णायक वनडे मैच रविवार को खेला जाना है, लेकिन उससे पहले शनिवार को शिखर धवन का एक बहुत बड़ा बयान सामने आया है.
शिखर धवन ने रोहित शर्मा को लेकर अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
"रोहित शर्मा वर्तमान में दुनिया के बेहतरीन ओपनरों में से एक है. वह अभी सिर्फ तीन मैचों के लिए ही कप्तानी कर रहा है, लेकिन मुझे लगता है, कि वह लंबे समय तक कप्तानी करने की क्षमता रखता है.
धवन ने रोहित को लेकर आगे अपने बयान में कहा,
"जब आप विपक्ष पर हमला करते हैं तो विपक्षी गेंदबाजो में दबाव बन जाता है. इसलिए मैंने मोहाली वनडे में थोड़ा संभल कर खेलने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजो पर आक्रमण करना शुरू किया था. मुझे पता था, कि मैं किसी भी टीम के खिलाफ आक्रमक रवैया अपनाकर खेल सकता हूं.
जब धवन से सीमिंग विकेटों की विफलता के बारे में पूछा गया तो धवन ने कहा,
"जब हम कोलकाता और धर्मशाला में खेले, तो वहां के विकेट सीमिंग थे और यह भी एक सीमिंग विकेट है, लेकिन हम अपने सकारात्मक इरादों के साथ मैदान में उतरेंगे और अपना बेस्ट देने की कोशिश करेंगे. मुझे नहीं लगता, कि पिच हमारे रास्ते पर आएगी.
हम सभी ने इसके बारे में सीखा है, कि जब आप विफल हो जाते हैं तो कभी-कभी यह आपके लिए अच्छा होता है, क्योंकि आप इससे बहुत सी चीजें सीखते हैं. जिस तरह से हम अगले मैच में वापस आए वह शानदार था.
मोहाली में भी शुरू में एक सीमिंग विकेट था शुरू में गेंद बल्ले में सही तरीके से नहीं आ रही थी. इसलिए हमने शुरू में संभल कर खेला बाद में यह दस ओवर बाद बदल गया था. इसलिए हम ऐसी विकेटों में खेलना सिख रहे है.
| भारत और श्रीलंका के बीच हुए इस दुसरे वनडे मैच में धवन और रोहित ने एक सौ पंद्रह रन जोड़े थे और भारतीय टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. धवन ने सरसठ गेंदों पर अड़सठ रन बनाकर भारत को एक शानदार शुरूआत दिलाई थी और रोहित ने पचास ओवरों के क्रिकेट में अपना तीसरा दोहरा शतक जड़ा था. अब भारतीय टीम का तीसरा और निर्णायक वनडे मैच रविवार को खेला जाना है, लेकिन उससे पहले शनिवार को शिखर धवन का एक बहुत बड़ा बयान सामने आया है. शिखर धवन ने रोहित शर्मा को लेकर अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "रोहित शर्मा वर्तमान में दुनिया के बेहतरीन ओपनरों में से एक है. वह अभी सिर्फ तीन मैचों के लिए ही कप्तानी कर रहा है, लेकिन मुझे लगता है, कि वह लंबे समय तक कप्तानी करने की क्षमता रखता है. धवन ने रोहित को लेकर आगे अपने बयान में कहा, "जब आप विपक्ष पर हमला करते हैं तो विपक्षी गेंदबाजो में दबाव बन जाता है. इसलिए मैंने मोहाली वनडे में थोड़ा संभल कर खेलने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजो पर आक्रमण करना शुरू किया था. मुझे पता था, कि मैं किसी भी टीम के खिलाफ आक्रमक रवैया अपनाकर खेल सकता हूं. जब धवन से सीमिंग विकेटों की विफलता के बारे में पूछा गया तो धवन ने कहा, "जब हम कोलकाता और धर्मशाला में खेले, तो वहां के विकेट सीमिंग थे और यह भी एक सीमिंग विकेट है, लेकिन हम अपने सकारात्मक इरादों के साथ मैदान में उतरेंगे और अपना बेस्ट देने की कोशिश करेंगे. मुझे नहीं लगता, कि पिच हमारे रास्ते पर आएगी. हम सभी ने इसके बारे में सीखा है, कि जब आप विफल हो जाते हैं तो कभी-कभी यह आपके लिए अच्छा होता है, क्योंकि आप इससे बहुत सी चीजें सीखते हैं. जिस तरह से हम अगले मैच में वापस आए वह शानदार था. मोहाली में भी शुरू में एक सीमिंग विकेट था शुरू में गेंद बल्ले में सही तरीके से नहीं आ रही थी. इसलिए हमने शुरू में संभल कर खेला बाद में यह दस ओवर बाद बदल गया था. इसलिए हम ऐसी विकेटों में खेलना सिख रहे है. |
मुंबई. कंगना रनोट की बहन रंगोली चंदेल अपने बयानों के चलते विवादों में रहती हैं लेकिन इस बार रंगोली अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, रंगोली ने ट्वीट कर बताया कि वे जल्द ही एक बच्चा गोद लेने वाली हैं। रंगोली ने ट्वीट किया- 'मैंने और मेरे पति ने एक बच्चा गोद लेने का फैसला किया है। मैं कपल्स को बच्चा अडॉप्ट करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती हूं बजाए सरोगेसी के। इसके जरिए उन बच्चों को घर दिलाएं जो पहले से इस दुनिया में हैं और उनका ख्वाब भी पूरा हो, जो पेरेंट बनना चाहते हैं। '
| मुंबई. कंगना रनोट की बहन रंगोली चंदेल अपने बयानों के चलते विवादों में रहती हैं लेकिन इस बार रंगोली अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, रंगोली ने ट्वीट कर बताया कि वे जल्द ही एक बच्चा गोद लेने वाली हैं। रंगोली ने ट्वीट किया- 'मैंने और मेरे पति ने एक बच्चा गोद लेने का फैसला किया है। मैं कपल्स को बच्चा अडॉप्ट करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती हूं बजाए सरोगेसी के। इसके जरिए उन बच्चों को घर दिलाएं जो पहले से इस दुनिया में हैं और उनका ख्वाब भी पूरा हो, जो पेरेंट बनना चाहते हैं। ' |
रायपुर। Nandkumar Sai News: आदिवासी नेता नंदकुमार साय के कांग्रेस में शामिल होने के बाद भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है। भाजपा के राष्टीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह ने कहा, पार्टी के लिए बड़ी क्षति है। वरिष्ठ कार्यकर्ता के छोड़ने पर पार्टी को नुकसान तो होता है। उन्हें मनाने के लिए पार्टी के पदाधिकारियों ने लगातार कोशिश की। नंदकुमार द्वारा भूपेश सरकार की प्रशंसा पर रमन सिंह ने कहा, कांग्रेस में चले गए तो कांगेस के काम से ही प्रभावित होंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा, नंदकुमार का कांग्रेस में शामिल होना सोचने का विषय है। हालांकि, जिस कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जीवनभर लड़-लड़कर वो इतने बड़े नेता बने आज उसी पार्टी में शामिल हो गए। यह दुभाग्यपूर्ण है। भाजपा ने उन्हें लगातार मान-सम्मान दिया है।
आदिवासी नेता के कांग्रेस जाने से आदिवासियों में भाजपा के भरोसे के सवाल पर साव ने कहा, आदिवासी समाज का भाजपा पर हमेशा से विश्वास रहा है। भाजपा ने लगातार आदिवासी समाज को सम्मान देने का काम किया है।
चुनावी साल में भाजपा को झटका देते हुए वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। साय ने इंटरनेट मीडिया पर अपना इस्तीफा पोस्ट करते हुए कहा कि पार्टी के नेता उनके खिलाफ लगातार षड़यंत्र कर रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को भेजे इस्तीफे में साय ने पार्टी के नेताओं पर छवि धूमिल करने का आरोप भी लगाया है। साय का इस्तीफा उस समय आया है, जब प्रदेश प्रभारी ओम माथुर सहित सभी वरिष्ठ नेता राजधानी रायपुर में हैं।
| रायपुर। Nandkumar Sai News: आदिवासी नेता नंदकुमार साय के कांग्रेस में शामिल होने के बाद भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है। भाजपा के राष्टीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह ने कहा, पार्टी के लिए बड़ी क्षति है। वरिष्ठ कार्यकर्ता के छोड़ने पर पार्टी को नुकसान तो होता है। उन्हें मनाने के लिए पार्टी के पदाधिकारियों ने लगातार कोशिश की। नंदकुमार द्वारा भूपेश सरकार की प्रशंसा पर रमन सिंह ने कहा, कांग्रेस में चले गए तो कांगेस के काम से ही प्रभावित होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा, नंदकुमार का कांग्रेस में शामिल होना सोचने का विषय है। हालांकि, जिस कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जीवनभर लड़-लड़कर वो इतने बड़े नेता बने आज उसी पार्टी में शामिल हो गए। यह दुभाग्यपूर्ण है। भाजपा ने उन्हें लगातार मान-सम्मान दिया है। आदिवासी नेता के कांग्रेस जाने से आदिवासियों में भाजपा के भरोसे के सवाल पर साव ने कहा, आदिवासी समाज का भाजपा पर हमेशा से विश्वास रहा है। भाजपा ने लगातार आदिवासी समाज को सम्मान देने का काम किया है। चुनावी साल में भाजपा को झटका देते हुए वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। साय ने इंटरनेट मीडिया पर अपना इस्तीफा पोस्ट करते हुए कहा कि पार्टी के नेता उनके खिलाफ लगातार षड़यंत्र कर रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को भेजे इस्तीफे में साय ने पार्टी के नेताओं पर छवि धूमिल करने का आरोप भी लगाया है। साय का इस्तीफा उस समय आया है, जब प्रदेश प्रभारी ओम माथुर सहित सभी वरिष्ठ नेता राजधानी रायपुर में हैं। |
नई दिल्ली. चुनाव आयोग (Election Commission) ने कांग्रेस (Congress) की शिकायत खारिज करते हुए उससे 15 मई तक जवाब देने को कहा है. दरअसल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कहा था कि कर्नाटक में उन ईवीएम का इस्तेमाल हुआ है, जिनका पहले दक्षिण अफ्रीका में उपयोग हुआ था. कांग्रेस ने चिंता जाहिर की थी की उन्होंने अपने स्रोतों से यह जानकारी मिली है. इस पर चुनाव आयोग से साफ किया है कि न तो दक्षिण अफ्रीका ईवीएम भेजी गई और न ही वहां इस्तेमाल ईवीएम का इस्तेमाल हुआ है. चुनाव आयोग ने कांग्रेस से कहा कि ऐसी गलत जानकारी देने वाले को सार्वजनिक तौर पर एक्सपोज करें.
चुनाव आयोग ने कांग्रेस की चिंता का समाधान करते हुए लिखा है कि ऐसा कोई घटनाक्रम नहीं हुआ है. ईवीएम दक्षिण अफ्रीका नहीं भेजी गई हैं, ऐसे में आपकी जानकारी गलत है. आयोग ने कांग्रेस से कहा है कि वह इस गलत सूचना देने पर अपना जवाब 15 मई तक प्रस्तुत कर दे.
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| नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने कांग्रेस की शिकायत खारिज करते हुए उससे पंद्रह मई तक जवाब देने को कहा है. दरअसल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कहा था कि कर्नाटक में उन ईवीएम का इस्तेमाल हुआ है, जिनका पहले दक्षिण अफ्रीका में उपयोग हुआ था. कांग्रेस ने चिंता जाहिर की थी की उन्होंने अपने स्रोतों से यह जानकारी मिली है. इस पर चुनाव आयोग से साफ किया है कि न तो दक्षिण अफ्रीका ईवीएम भेजी गई और न ही वहां इस्तेमाल ईवीएम का इस्तेमाल हुआ है. चुनाव आयोग ने कांग्रेस से कहा कि ऐसी गलत जानकारी देने वाले को सार्वजनिक तौर पर एक्सपोज करें. चुनाव आयोग ने कांग्रेस की चिंता का समाधान करते हुए लिखा है कि ऐसा कोई घटनाक्रम नहीं हुआ है. ईवीएम दक्षिण अफ्रीका नहीं भेजी गई हैं, ऐसे में आपकी जानकारी गलत है. आयोग ने कांग्रेस से कहा है कि वह इस गलत सूचना देने पर अपना जवाब पंद्रह मई तक प्रस्तुत कर दे. . |
सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म दिल बेचारा रिलीज होने वाली है। उससे पहले अनुराग कश्यप ने उन्हें गैर पेशेवर बताया है।
मुंबई पुलिस ने कंगना रनौत को उनके मनाली स्थित घर पर समन भेजा है। मामला सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड से जुड़ा है।
छतौना बाजार स्थित वीर बाबा मंदिर के परिसर में संदिग्ध हालात में बालयोगी सत्येंद्र आनंद सरस्वती महाराज नागा बाबा का शव पेड़ से लटका पाया गया।
इस केस की जाँच के तहत हाल ही में फिल्ममेकर आदित्य चोपड़ा और संजय लीला भंसाली के बयान लिए गए थे। जिसके बाद दोनों के बयान में अंतर देखने को मिला है।
दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित कॉन्ग्रेस मुख्यालय के एक कर्मचारी ने सुसाइड कर लिया। कॉन्ग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया के घर CBI ने छापेमारी की।
ऑपइंडिया ने संजीव कुमार की वर्तमान स्थिति जानने के लिए डुमरा थाना क्षेत्र के SHO को संपर्क किया। SHO ने हमें बताया कि संजीव की स्थिति फिलहाल स्थिर है। लेकिन उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं मिला है।
AIIMS की चौथी मंजिल से कूदने वाले 'दैनिक भास्कर' पत्रकार तरुण सिसोदिया की मौत हो गई है। उन्हें कैंसर था और बाद में वो कोरोना से भी संक्रमित हो गए थे।
सुशांत सिंह की मौत से पैदा सहानुभूति का फायदा उठाने के लिए स्वरा भास्कर ने खुद को आउटसाइडर बताया है, जबकि उनकी मॉं सेंसर बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सुशांत सिंह राजपूत के विकिपीडिया पेज को उनकी मौत से पहले ही एडिट किए जाने का दावा करते हुए स्क्रीनशॉट्स शेयर किए।
| सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म दिल बेचारा रिलीज होने वाली है। उससे पहले अनुराग कश्यप ने उन्हें गैर पेशेवर बताया है। मुंबई पुलिस ने कंगना रनौत को उनके मनाली स्थित घर पर समन भेजा है। मामला सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड से जुड़ा है। छतौना बाजार स्थित वीर बाबा मंदिर के परिसर में संदिग्ध हालात में बालयोगी सत्येंद्र आनंद सरस्वती महाराज नागा बाबा का शव पेड़ से लटका पाया गया। इस केस की जाँच के तहत हाल ही में फिल्ममेकर आदित्य चोपड़ा और संजय लीला भंसाली के बयान लिए गए थे। जिसके बाद दोनों के बयान में अंतर देखने को मिला है। दिल्ली के चौबीस अकबर रोड स्थित कॉन्ग्रेस मुख्यालय के एक कर्मचारी ने सुसाइड कर लिया। कॉन्ग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया के घर CBI ने छापेमारी की। ऑपइंडिया ने संजीव कुमार की वर्तमान स्थिति जानने के लिए डुमरा थाना क्षेत्र के SHO को संपर्क किया। SHO ने हमें बताया कि संजीव की स्थिति फिलहाल स्थिर है। लेकिन उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं मिला है। AIIMS की चौथी मंजिल से कूदने वाले 'दैनिक भास्कर' पत्रकार तरुण सिसोदिया की मौत हो गई है। उन्हें कैंसर था और बाद में वो कोरोना से भी संक्रमित हो गए थे। सुशांत सिंह की मौत से पैदा सहानुभूति का फायदा उठाने के लिए स्वरा भास्कर ने खुद को आउटसाइडर बताया है, जबकि उनकी मॉं सेंसर बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सुशांत सिंह राजपूत के विकिपीडिया पेज को उनकी मौत से पहले ही एडिट किए जाने का दावा करते हुए स्क्रीनशॉट्स शेयर किए। |
Manabadi TS EAMCET Results 2018, TS EAMCET Results 2018 at http://www. eamcet. tsche. ac. in: तेलंगाना स्टेट काउंसिल ऑफ हायर एजुकेशन (TSCHE) आज (18 मई) तेलंगाना स्टेट EAMCET रिजल्ट 2018 और Telangana EAMCET रिजल्ट 2018 जारी कर सकता है। तेलंगाना स्टेट EAMCET का रिजल्ट तेलंगाना स्टेट काउंसिल ऑफ हायर एजुकेशन की आधिकारिक वेबसाइट eamcet. tsche. ac. in पर जारी किया जाएगा। यह एग्जाम जवाहर लाला टेक्निकल यूनिवर्सिटी हैदराबाद ने 2 से 7 मई के बीच आयोजित किए थे। जिन स्टूडेंट्स ने तेलंगाना स्टेट इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर, मेडिकल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (TS EAMCET) 2018 दिया था वह अपना रिजल्ट http://www. manabadi. com पर चेक कर सकते हैं। TS EAMCET 2018 या तेंलंगाना EAMCET 2018 का काउंसलिंग शेड्यूल भी रिजल्ट घोषित होने के बाद जारी कर दिया जाएगा।
जानिए कैसे चेक करें TS EAMCET रिजल्ट 2018 या तेलंगाना EAMCET रिजल्ट्स 2018: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट eamcet. tsche. ac. in पर जाएं। जब आप वेबसाइट पर जाएंगे तो Telangana EAMCET result 2018 का लिंक दिखाई देगा। अ ब इस लिंक पर क्लिक करें। लिंक पर क्लिक करते ही नया पेज खुल जाएगा। अब नए पेज पर स्टूडेंट्स को अपना हॉल टिकट नंबर डालना है। इसके साथ ही ग्रुप भी सिलेक्ट करना है। यह करने के बाद सबमिट पर क्लिक कर दें। सबमिट पर क्लिक करते ही आपका रिजल्ट आपके सामने होगा। इसे स्टूडेंट्स चाहें तो डाउनलोड करके इसका प्रिंट आउट भी ले सकते हैं।
| Manabadi TS EAMCET Results दो हज़ार अट्ठारह, TS EAMCET Results दो हज़ार अट्ठारह at http://www. eamcet. tsche. ac. in: तेलंगाना स्टेट काउंसिल ऑफ हायर एजुकेशन आज तेलंगाना स्टेट EAMCET रिजल्ट दो हज़ार अट्ठारह और Telangana EAMCET रिजल्ट दो हज़ार अट्ठारह जारी कर सकता है। तेलंगाना स्टेट EAMCET का रिजल्ट तेलंगाना स्टेट काउंसिल ऑफ हायर एजुकेशन की आधिकारिक वेबसाइट eamcet. tsche. ac. in पर जारी किया जाएगा। यह एग्जाम जवाहर लाला टेक्निकल यूनिवर्सिटी हैदराबाद ने दो से सात मई के बीच आयोजित किए थे। जिन स्टूडेंट्स ने तेलंगाना स्टेट इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चर, मेडिकल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट दो हज़ार अट्ठारह दिया था वह अपना रिजल्ट http://www. manabadi. com पर चेक कर सकते हैं। TS EAMCET दो हज़ार अट्ठारह या तेंलंगाना EAMCET दो हज़ार अट्ठारह का काउंसलिंग शेड्यूल भी रिजल्ट घोषित होने के बाद जारी कर दिया जाएगा। जानिए कैसे चेक करें TS EAMCET रिजल्ट दो हज़ार अट्ठारह या तेलंगाना EAMCET रिजल्ट्स दो हज़ार अट्ठारह: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट eamcet. tsche. ac. in पर जाएं। जब आप वेबसाइट पर जाएंगे तो Telangana EAMCET result दो हज़ार अट्ठारह का लिंक दिखाई देगा। अ ब इस लिंक पर क्लिक करें। लिंक पर क्लिक करते ही नया पेज खुल जाएगा। अब नए पेज पर स्टूडेंट्स को अपना हॉल टिकट नंबर डालना है। इसके साथ ही ग्रुप भी सिलेक्ट करना है। यह करने के बाद सबमिट पर क्लिक कर दें। सबमिट पर क्लिक करते ही आपका रिजल्ट आपके सामने होगा। इसे स्टूडेंट्स चाहें तो डाउनलोड करके इसका प्रिंट आउट भी ले सकते हैं। |
और अर्थ-विकास
पतञ्जलि ने जातिवाची और गुरणवाची शब्दों के विषय में विशेष रूप से लिखा है कि इनका अर्थ स्पष्ट रहता है । ये जो वस्तु जितनी और जैसी होगी, वैसा और उतना ही उसका अर्थ बोधित करेंगे ।
केचिद्यावदेव तद् भवति तावदेवाहु, य एते जातिशब्दा गुणशब्दाश्च ।
उदाहरण के रूप में उन्होंने लिखा है कि जैसे तैल या घृत कहने से उसके परिणाम रूप आदि का बोध नहीं होता । एक बूँद तैल भी तैल है और मन भर भी । गो शब्द के कहने से कौन सी गाय, किस रंग की, कितनी बड़ी इत्यादि का बोध स्पष्ट रूप से नहीं होता। प्रत्येक प्रकार की गाय का गाय शब्द बोध कराता है, इसी प्रकार गुणवाची शब्द । यथा, शुक्ल, कृष्ण, नील आदि बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी वस्तु की शुक्लता, को व्यक्त करते हैं। प्रत्येक वस्तु की शुक्लता कृष्णता और नीलता में अन्तर होता है। जिस वस्तु में जैसी शुक्लता आदि हे गी, वैसा ही शुक्ल आदि शब्द अर्थ होता जाएगा । वाक्य का० ३० १९६
स्फटिक के ऊपर जिस रंग की जो वस्तु रखी जाती है, उसका रूप रंग तद्वत् हो जाता है। इसी प्रकार शब्दों का अर्थ भी जिस-जिस वस्तु के साथ सम्बद्ध होता है, वैसा ही अर्थ व्यक्त करता है । हेलाराज ने इसकी व्याख्या करते हुए लिखा है कि शब्द के अर्थ में पदान्तर के साथ सम्बद्ध होने के कारण विशेष रूप जाता है। अतः शब्दार्थ औपचारिक सत्ता से युक्त होता है। हेलाराज, वाक्य० ३ पृ० ११६ ।
पतञ्जलि ने ऐसे स्थलों का क्या और कैसा होता है, इसके विषय में लिखा है कि इस प्रकार के सामान्य शब्दों (जातिवाची और विशेषरण शब्द ) का जिस प्रकार इन्होंने या जिस विशेष शब्द के साथ प्रयोग होता है, उसी प्रकार से बोधित करते हैं, और विशेष अर्थ में व्यवस्थित होते हैं ।
सामान्य शब्दाश्च नान्तरेण विशेषं प्रकरणं वा विशेषेष्ववतिष्ठते । प्रकरणादिसापेक्षतयाऽर्थप्रत्यायकत्वं सामान्यशब्दत्वम् ।।
( उद्योत् ) । महा० १, २, ४५ १
इस प्रकार से सामान्य शब्दों का मनुष्य या वस्तु, भली या बुरी, छोटे या बड़े जिसके साथ प्रयोग होगा, तदनुसार परिवर्तित होता जाएगा। जैसे "सुन्दर स्त्री" और 'सुन्दर चित्र" में सुन्दर शब्द के अर्थ में अन्तर है। "शोभना दिवासः" और " शोभनेो जनः " में शोभन शब्द के अर्थ में समानता नहीं है। गुणवाची शब्दों के अर्थों में किस प्रकार सामान्यवाचिता के कारण विशेष अर्थविकास उपलब्ध होता है । | और अर्थ-विकास पतञ्जलि ने जातिवाची और गुरणवाची शब्दों के विषय में विशेष रूप से लिखा है कि इनका अर्थ स्पष्ट रहता है । ये जो वस्तु जितनी और जैसी होगी, वैसा और उतना ही उसका अर्थ बोधित करेंगे । केचिद्यावदेव तद् भवति तावदेवाहु, य एते जातिशब्दा गुणशब्दाश्च । उदाहरण के रूप में उन्होंने लिखा है कि जैसे तैल या घृत कहने से उसके परिणाम रूप आदि का बोध नहीं होता । एक बूँद तैल भी तैल है और मन भर भी । गो शब्द के कहने से कौन सी गाय, किस रंग की, कितनी बड़ी इत्यादि का बोध स्पष्ट रूप से नहीं होता। प्रत्येक प्रकार की गाय का गाय शब्द बोध कराता है, इसी प्रकार गुणवाची शब्द । यथा, शुक्ल, कृष्ण, नील आदि बड़ी से बड़ी और छोटी से छोटी वस्तु की शुक्लता, को व्यक्त करते हैं। प्रत्येक वस्तु की शुक्लता कृष्णता और नीलता में अन्तर होता है। जिस वस्तु में जैसी शुक्लता आदि हे गी, वैसा ही शुक्ल आदि शब्द अर्थ होता जाएगा । वाक्य काशून्य तीस एक सौ छियानवे स्फटिक के ऊपर जिस रंग की जो वस्तु रखी जाती है, उसका रूप रंग तद्वत् हो जाता है। इसी प्रकार शब्दों का अर्थ भी जिस-जिस वस्तु के साथ सम्बद्ध होता है, वैसा ही अर्थ व्यक्त करता है । हेलाराज ने इसकी व्याख्या करते हुए लिखा है कि शब्द के अर्थ में पदान्तर के साथ सम्बद्ध होने के कारण विशेष रूप जाता है। अतः शब्दार्थ औपचारिक सत्ता से युक्त होता है। हेलाराज, वाक्यशून्य तीन पृशून्य एक सौ सोलह । पतञ्जलि ने ऐसे स्थलों का क्या और कैसा होता है, इसके विषय में लिखा है कि इस प्रकार के सामान्य शब्दों का जिस प्रकार इन्होंने या जिस विशेष शब्द के साथ प्रयोग होता है, उसी प्रकार से बोधित करते हैं, और विशेष अर्थ में व्यवस्थित होते हैं । सामान्य शब्दाश्च नान्तरेण विशेषं प्रकरणं वा विशेषेष्ववतिष्ठते । प्रकरणादिसापेक्षतयाऽर्थप्रत्यायकत्वं सामान्यशब्दत्वम् ।। । महाशून्य एक, दो, पैंतालीस एक इस प्रकार से सामान्य शब्दों का मनुष्य या वस्तु, भली या बुरी, छोटे या बड़े जिसके साथ प्रयोग होगा, तदनुसार परिवर्तित होता जाएगा। जैसे "सुन्दर स्त्री" और 'सुन्दर चित्र" में सुन्दर शब्द के अर्थ में अन्तर है। "शोभना दिवासः" और " शोभनेो जनः " में शोभन शब्द के अर्थ में समानता नहीं है। गुणवाची शब्दों के अर्थों में किस प्रकार सामान्यवाचिता के कारण विशेष अर्थविकास उपलब्ध होता है । |
आमतौर पर साहित्य अकादमी जैसी सरकारी संस्थाओं से जुड़े साहित्यकारों के प्रति धारणा रहती है कि वे सरकारी नीतियों के समर्थक होते हैं पर जिस तरह एकएक कर के लगभग 50 साहित्यकारों ने साहित्य के नाम पर मिले पुरस्कारों को लौटाया है उस से यह संतोष होता है कि देश में विचारों की स्वतंत्रता की रक्षा करने वाले मौजूद हैं भारतीय जनता पार्टी की चुनावी विजय के साथ यह अंदेशा तो था ही कि धार्मिक प्रचारप्रसार के साथ आलोचना करने वालों का मुंह बंद किया जाएगा क्योंकि यह पार्टी केवल सरकार चलाने के लिए नहीं गठित हुई थी. भारतीय जनता पार्टी शुरू से ही शास्त्रीय हिंदू धर्म की पुनर्स्थापना करने का दावा करती रही है. उस का आदर्श वह रामराज्य है जिस में राजा चुना नहीं जाता था, पैदा होता था व जिस में राजा के तीरों की कम जबकि ब्राह्मणों, ऋषियों, मुनियों की ज्यादा चलती थी. रामायण व महाभारत यज्ञों के बखानों से ज्यादा भरे हैं बजाय सुशासन के, जिस का नारा दे कर 2014 का चुनाव जीता गया था.
स्पष्ट बात है कि 2014 की विजय को भारतीय जनता पार्टी अपनी धार्मिक विजय मानती है. धर्म को थोपने के लिए विधर्मी और अधर्मी दोनों को शत्रु मान सकती है. वह धर्म के खिलाफ ही नहीं बल्कि सामाजिक कुरीतियों, पाखंडों, अंधविश्वासों, चंदा जमा करने वालों के खिलाफ बोलने व मंदिरों के अतिक्रमणों तक की बात करने वालों को धर्मविरोधी मान सकती है. वह सोचती है कि उस के पास पोप के वे सब अधिकार हैं जिन को पोपों ने यूरोप में प्रोटैस्टैंट क्रांति से पहले लागू किया था और जनता को तो छोडि़ए राजाओं तक को अपनी उंगलियों पर नचाया था. यहां पोपशाही नहीं है पर उस जैसा माहौल बनाने की भरसक कोशिश की जा रही है. पाखंड विरोधियों, गोमांस, मंदिर निर्माण को ले कर मुंह बंद करने के जो प्रयास किए जा रहे हैं वे पोपशाही जैसी व्यवस्था की स्थापना के उद्देश्य से हैं.
| आमतौर पर साहित्य अकादमी जैसी सरकारी संस्थाओं से जुड़े साहित्यकारों के प्रति धारणा रहती है कि वे सरकारी नीतियों के समर्थक होते हैं पर जिस तरह एकएक कर के लगभग पचास साहित्यकारों ने साहित्य के नाम पर मिले पुरस्कारों को लौटाया है उस से यह संतोष होता है कि देश में विचारों की स्वतंत्रता की रक्षा करने वाले मौजूद हैं भारतीय जनता पार्टी की चुनावी विजय के साथ यह अंदेशा तो था ही कि धार्मिक प्रचारप्रसार के साथ आलोचना करने वालों का मुंह बंद किया जाएगा क्योंकि यह पार्टी केवल सरकार चलाने के लिए नहीं गठित हुई थी. भारतीय जनता पार्टी शुरू से ही शास्त्रीय हिंदू धर्म की पुनर्स्थापना करने का दावा करती रही है. उस का आदर्श वह रामराज्य है जिस में राजा चुना नहीं जाता था, पैदा होता था व जिस में राजा के तीरों की कम जबकि ब्राह्मणों, ऋषियों, मुनियों की ज्यादा चलती थी. रामायण व महाभारत यज्ञों के बखानों से ज्यादा भरे हैं बजाय सुशासन के, जिस का नारा दे कर दो हज़ार चौदह का चुनाव जीता गया था. स्पष्ट बात है कि दो हज़ार चौदह की विजय को भारतीय जनता पार्टी अपनी धार्मिक विजय मानती है. धर्म को थोपने के लिए विधर्मी और अधर्मी दोनों को शत्रु मान सकती है. वह धर्म के खिलाफ ही नहीं बल्कि सामाजिक कुरीतियों, पाखंडों, अंधविश्वासों, चंदा जमा करने वालों के खिलाफ बोलने व मंदिरों के अतिक्रमणों तक की बात करने वालों को धर्मविरोधी मान सकती है. वह सोचती है कि उस के पास पोप के वे सब अधिकार हैं जिन को पोपों ने यूरोप में प्रोटैस्टैंट क्रांति से पहले लागू किया था और जनता को तो छोडि़ए राजाओं तक को अपनी उंगलियों पर नचाया था. यहां पोपशाही नहीं है पर उस जैसा माहौल बनाने की भरसक कोशिश की जा रही है. पाखंड विरोधियों, गोमांस, मंदिर निर्माण को ले कर मुंह बंद करने के जो प्रयास किए जा रहे हैं वे पोपशाही जैसी व्यवस्था की स्थापना के उद्देश्य से हैं. |
मध्य प्रदेशका बौद्ध - पुरातत्त्व
मध्यप्रदेशीय शिल्प-स्थापत्य विषयक कलावशेषोके परिशीलनसे ज्ञात होता है कि बौद्ध संस्कृतिका प्रभाव इस भू-भागपर, बहुत प्राचीन कालसे रहा है । शिलोत्कीणित लेख, गुफा एवं प्रस्तर तथा धातु-मूर्तियाँ आदि उपर्युक्त पक्तिकी सार्थकता सिद्ध करती है । बौद्धोमे कलाविषयक नैसर्गिक प्रेम शुरूसे रहा है ।
जबलपुर जिलेके रूपनाथ नामक स्थानपर सम्राट् अशोकका एक लेख पाया गया है। सभव है उन दिनों बौद्ध वहाँ रहे हो या उस स्थानकी प्रसिद्धि के कारण, अशोकने प्रचारार्थ शिक्षाएँ वहाँ खुदवा दी हो। यह लेख उसने बौद्ध होनेके २।। वर्ष बाद खुदवाया था । इससे इतना तो निश्चित है कि सम्राट अशोक द्वारा मध्य प्रदेश मे बौद्ध धर्मकी नीव पड़ी। मध्यप्रदेशीय शासनकी ग्रीष्मकालीन राजधानी पचमढ़ीमे भी कुछ गुफाएँ है, जिनका सबध बौद्ध धर्मसे बताया जाता है ।
मौर्य साम्राज्यके बाद मध्यप्रान्तपर जिन शक्तिसपन्न राजवशोने शासन किया, उनमंसे अधिकतर परम वैदिक थे । अत मौर्य शासन के बाद बौद्ध धर्मका व्यवस्थित प्रचार, जैसा होना चाहिए था, न हो पाया । समसामयिक समीपस्थ प्रादेशिक पुरातन स्थापत्योके अन्वेषणसे फलित होता है कि तत्रस्थ शासन वैदिक होते हुए भी, बौद्ध संस्कृति अनुन्नत नही थी । मेरा तात्पर्य साँची व परवर्ती बौद्ध अवशेषोसे है ।
कहा जाता है कि नागार्जुन बरारके निवासी थे । ये बौद्ध धर्मके विद्वान्, पोषक एव प्रचारक आचार्य तो थे ही साथ ही महायान सप्रदायकी माध्यमिक शाखाके स्तभ भी थे । ये महाकवि अश्वघोषकी परम्परा के
श्री प्रयागदत्त शुक्ल, होशंगाबाद-हंकार, १० ८९,
चमकीले नक्षत्र थे । दर्शनशास्त्र एवं आयुर्वेदमं इनकी अबाधगति थी । भारतीय प्रायुर्वेद-शास्त्रमे रस द्वारा चिकित्सा करनेकी पद्धतिका सूत्रपात, इन्हीके गभीर अन्वेषणका परिणाम है। प० जयचन्द्र' विद्यालंकारने अश्वघोषके 'हर्षचरित' के आधार पर लिखा है कि नागार्जुन दक्षिण कोसल (छत्तीसगढ़ ) के राजा सातवाहनके मित्र थे । चीनी पर्यटक श्युश्रान्-चुभाङ्ने भी आयुर्वेदमे पारगत बोधिसत्त्व नागार्जुनका बहुमान पूर्वक स्मरण किया है । बाण कवि भी इसका समर्थन करते है। इसलिए इनका काल ईस्वी की दूसरी शताब्दीसे पीछे नहीं जा सकता । यहॉपर प्रश्न यह उपस्थित होता है कि नागार्जुन और सिद्धनागार्जुन एक ही थे या पृथक् ? पं० जयचन्द्र विद्यालंकारने दोनोको एक ही माना है। जैन साहित्यमे सिद्ध नागार्जुनका वर्णन विशद रूपमे आया है। मूलत वे सौराष्ट्रान्तर्गत हकगिरिके निवासी व प्राचार्य पादलिप्तसूरि के शिष्य थे । इनकी भी आयुर्वेद एवं वनस्पति शास्त्रमें अद्भुत गति थी । रससिद्धिके लिए इन्होने बड़ा परिश्रम किया था । सातवाहन इनको सम्मानकी दृष्टि से देखता था, पर यह सातवाहन छत्तीसगढका न होकर, प्रतिष्ठानपुर - पैठन ( नाशिक के समीप ) का था। दोनो नागार्जुनके जीवनकी विशिष्ट घटनाओको गभीरतापूर्वक देखे तो आशिक साम्य परिलक्षित होता है । तन्त्रविषयक योगरत्नमाला और साधनामाला वगैरह कुछ ग्रन्थोमे पर्याप्त भाव-साम्य है; पर जहाँतक भाषाका प्रश्न है, इन ग्रन्थोके रचयिता नागार्जुन ही जान पडते है, क्योंकि सिद्धनागार्जुनके समय जैन सप्रदाय में अपने भावको संस्कृत भाषामे व्यक्त करनेकी प्रणाली ही नही थी । मेरे जेष्ठ गुरु बन्धु मनि श्री मंगलसागरजी महाराज साहबके ग्रन्थ सग्रहमे नागार्जुन कल्प नामक एक हस्त लिखित प्रति है, उसमे भारतीय रस चिकित्सा एव अनेक प्रकारके महत्त्वपूर्ण व आश्चर्यजनक रासायनिक प्रयोगोंका सकलन है । इसकी भाषा प्राकृत मिश्रित अपभ्रंश है। यह कृति
'भारतीय बाङ्मयके भ्रमररत्न,
सिद्धनागार्जुनकी होनी चाहिए, क्योंकि प्राकृत भाषा में होनेसे ही, मै इसे उनकी रचना नही मानता, पर कल्प में कई स्थानोंपर पादलिप्तसूरिका नाम बड़े सम्मान के साथ लिया गया है, जो इनके सब प्रकारसे गुरु थे । प्रश्न रहा अपभ्रश प्रतिलिपिका, इसका उत्तर भी बहुत सरल है। प्रत्यत लोकप्रिय कृतियोमे भाषा विषयक परिवर्तन होना स्वाभाविक बात है ।
नागार्जुन और सिद्धनागार्जुन भारतीय इतिहासकी दृष्टि से विवेचनकी अपेक्षा रखते हैं। उभय-साम्य, समस्याको और भी जटिल बना देता है। सिद्धनागार्जुनके जीवन-पटपर इन ग्रन्थोसे प्रकाश पड़ता है, प्रभावकचरित्र, विविधतीर्थकल्प, प्रबन्धकोष, प्रबन्ध चिन्तामणि, पुरातन प्रबन्ध संग्रह और पिण्डविशुद्धिको टीकाएँ आदि ।
बौद्ध नागार्जुन, रामटेकमें रहा करते थे। आज भी वहाँ एक ऐसी कन्दरा है, जिसका सबध, नागार्जुनसे बताया जाता है । "चीनी प्रवासी कुमारजीव नामक विद्वान्ने नागार्जुनके संस्कृत चरितका अनुवाद, चीनी भाषामं सन् ४०५ ई० मे किया था " ( रत्नपुर श्री विष्णुमहायज्ञ स्मारक ग्रन्थ पू० ८१) । मध्यप्रदेशके प्रसिद्ध अन्वेषक स्व० डाक्टर हीरालालजी'ने नागार्जुनपर निम्न पक्तियोमे अपने विचार व्यक्त किये है --
"स्त्रीष्टीय तीसरी शताब्दी में अन्यत्र यह सिद्ध किया गया है कि विदर्भ देशके एक ब्राह्मणका लडका रामटेककी पहाड़ी पर मौतकी प्रतीक्षा करनेको भेज दिया गया था, क्योंकि ज्योतिषियोने उसके पिताको निश्चय करा दिया था कि वह अपनी आयुके सातवे बरस मर जायगा । यह बालक रामटेकके पहाड़की एक खोहमे नौकरोंके साथ जा टिका । अकस्मात् वहाँसे त्वसर्पण महाबोधिसत्त्व निकले और उस बालककी
स्व० डॉ० हीरालाल-मध्यप्रदेशीय भौगोलिक नामार्थ - परिचय पृष्ठ १२-१३,
कथा सुनकर आदेश किया कि नालेन्द्र विहारको चला जा, वहाँ जानेसे मृत्युसे बच जावेगा । नालेन्द्र अथवा नालिन्दा मगध देशमे बौद्धोका एक बडा विहार तथा महाविद्यालय था । उसमें भर्ती होकर यह वरारी बालक अत्यत विद्वान् और बौद्धशास्त्र - वेत्ता हो गया । इसके व्याख्यान सुननेको अनेक स्थानोसे निमन्त्रण प्राये । उनमेसे एक नाग-नागिनियोका भी था । नागोके देशमे तीन मास रहकर उसने एक धर्म-पुस्तक नागसहस्त्रिका नामकी रची और वहीपर उसको नागार्जुनकी उपाधि मिली, जिस नामसे अब वह प्रख्यात है। रामटेक पहाडमे अभीतक एक कन्दरा है जिसका नाम नागार्जुन ही रख लिया गया है।"
उपर्युक्त पक्तिमे वर्णित समस्त विचारोसे मै सहमत नहीं हूँ । इसपर स्वतन्त्र निबन्धकी ही आवश्यकता है, पर हाँ, इतना अवश्य कहना पडेगा कि नागार्जुनने अपनी प्रतिभासे विद्वद्जगत्को चमत्कृत किया है । ८४ सिद्धोकी २ सूचियोमे भी एक नागार्जुनका' नाम है, पर वे कालकी दृष्टि से बहुत बाद पड़ते है ।
अलबेरुनी नागार्जुनके लिए इस प्रकार लिखता है"रसविद्याके नागार्जुन नामक एक ख्यातिप्राप्त श्राचार्य थ, जो सोमनाथ ( सौराष्ट्र ) के निकट देहकमें रहते थे, वे रसविद्या में प्रवीण थे, एक ग्रन्थ भी उनने इस विषयपर लिखा है । वे हमसे १०० वर्ष पूर्व हो गये हैं।"
अलबेरुनीका उपर्युक्त उत्लेख कुछ अशोमे भ्रामक है। मुझे तो
'श्री हजारीप्रसाद द्विवेदी -- 'नाथ सम्प्रदाय' १० २९, अलबेरुनीने इन्हीं नागार्जुनको सिद्धनागार्जुन मान लिया है, जो स्पष्टतः उनका भ्रम है। दुर्गाशंकर के० शास्त्री - - - ऐतिहासिक संशोधन, पृ० ४९८ ।
ऐसा लगता है कि उसने सुनी हुई परम्पराको ही लिपिबद्ध कर दिया और वही आज हमारे लिए ऐतिहासिक प्रमाण हो गया। जहाँतक रसविद्याके विद्वान् व सौराष्ट्रके दैहिक निवासी होनेका प्रश्न है, मै सहमत हूँ, जैनसाहित्य नागार्जुनको ढकगिरिका निवासी प्रमाणित करता है, जो सोमनाथके निकट न होते हुए भी सौराष्ट्र-देशमे तो है ही। सोमनाथके निकट लिखनेका तात्पर्य यह होना चाहिए कि उन दिनो उनकी ख्याति काफी बढ़ी हुई थी, यहातक कि सोमनाथके नामसे सौराष्ट्रका बोध हो जाता था, इसलिए अलबेरुतीने भी वैसा ही लिख दिया । रसशास्त्र के आचार्य भी ढंकवाले नागार्जुन ही थे । अव प्रश्न रह जाता है दैहिक और ढंकके साम्यका । दैहिक या ऐसे ही नामका कोई ग्राम सोमनाथके निकट है या नहीं ? ढक नोमनाथमे कितना दूर पड़ता है, इसके निर्णयपर ही आगे विचार किया जा सकता है । इन पक्तियोमे इतना तो सिद्ध ही है कि अलबरूनी भी रसशास्त्री नागार्जुनको सौराष्ट्रका मानता है। जिस ग्रन्थकी चर्चा उसने की है, मेरी रायमे वह नागार्जुनकल्प ही होना चाहिये ।
अलबेरुनीने जो समय दिया है वह नवम शती का अन्त भाग पडता है। यही उनका भ्रम है । इस भ्रमका भी एक कारण मेरी समझमे आता है वह यह कि ८४ सिद्धोमे नागार्जुनका भी नाम आता है, इसका समय अलबेरुनीके उल्लेबसे मिलता-जुलता है । नागार्जुनके नाम-साम्य के कारण ही अलबेन्नी से यह भूल हो गई जान पड़ती है । सिद्धोकी सूचीवाले नागार्जुन आयुर्वेदके ज्ञाता थे, यह यह ज्ञात विषय है।
उपर्युक्त विवेचन मे सिद्ध है कि कोई एक नागार्जुन रसतत्रके आचार्य हो गये है और उनका आयुर्वेद-जगत्मे महान् दान भी है। सुश्रुतके टीकाकार उल्हणका मत है कि सुश्रुतके प्रसिद्धकर्ता नागार्जुन ही है । रसवृन्द और चक्रपाणि लिखते है कि प्रमुक पाठ नागार्जुनने कहे है। माधवके टीकाकार विजयरक्षितने नागार्जुन कृत आरोग्यमंजरीके कई उद्धरण. | मध्य प्रदेशका बौद्ध - पुरातत्त्व मध्यप्रदेशीय शिल्प-स्थापत्य विषयक कलावशेषोके परिशीलनसे ज्ञात होता है कि बौद्ध संस्कृतिका प्रभाव इस भू-भागपर, बहुत प्राचीन कालसे रहा है । शिलोत्कीणित लेख, गुफा एवं प्रस्तर तथा धातु-मूर्तियाँ आदि उपर्युक्त पक्तिकी सार्थकता सिद्ध करती है । बौद्धोमे कलाविषयक नैसर्गिक प्रेम शुरूसे रहा है । जबलपुर जिलेके रूपनाथ नामक स्थानपर सम्राट् अशोकका एक लेख पाया गया है। सभव है उन दिनों बौद्ध वहाँ रहे हो या उस स्थानकी प्रसिद्धि के कारण, अशोकने प्रचारार्थ शिक्षाएँ वहाँ खुदवा दी हो। यह लेख उसने बौद्ध होनेके दो।। वर्ष बाद खुदवाया था । इससे इतना तो निश्चित है कि सम्राट अशोक द्वारा मध्य प्रदेश मे बौद्ध धर्मकी नीव पड़ी। मध्यप्रदेशीय शासनकी ग्रीष्मकालीन राजधानी पचमढ़ीमे भी कुछ गुफाएँ है, जिनका सबध बौद्ध धर्मसे बताया जाता है । मौर्य साम्राज्यके बाद मध्यप्रान्तपर जिन शक्तिसपन्न राजवशोने शासन किया, उनमंसे अधिकतर परम वैदिक थे । अत मौर्य शासन के बाद बौद्ध धर्मका व्यवस्थित प्रचार, जैसा होना चाहिए था, न हो पाया । समसामयिक समीपस्थ प्रादेशिक पुरातन स्थापत्योके अन्वेषणसे फलित होता है कि तत्रस्थ शासन वैदिक होते हुए भी, बौद्ध संस्कृति अनुन्नत नही थी । मेरा तात्पर्य साँची व परवर्ती बौद्ध अवशेषोसे है । कहा जाता है कि नागार्जुन बरारके निवासी थे । ये बौद्ध धर्मके विद्वान्, पोषक एव प्रचारक आचार्य तो थे ही साथ ही महायान सप्रदायकी माध्यमिक शाखाके स्तभ भी थे । ये महाकवि अश्वघोषकी परम्परा के श्री प्रयागदत्त शुक्ल, होशंगाबाद-हंकार, दस नवासी, चमकीले नक्षत्र थे । दर्शनशास्त्र एवं आयुर्वेदमं इनकी अबाधगति थी । भारतीय प्रायुर्वेद-शास्त्रमे रस द्वारा चिकित्सा करनेकी पद्धतिका सूत्रपात, इन्हीके गभीर अन्वेषणका परिणाम है। पशून्य जयचन्द्र' विद्यालंकारने अश्वघोषके 'हर्षचरित' के आधार पर लिखा है कि नागार्जुन दक्षिण कोसल के राजा सातवाहनके मित्र थे । चीनी पर्यटक श्युश्रान्-चुभाङ्ने भी आयुर्वेदमे पारगत बोधिसत्त्व नागार्जुनका बहुमान पूर्वक स्मरण किया है । बाण कवि भी इसका समर्थन करते है। इसलिए इनका काल ईस्वी की दूसरी शताब्दीसे पीछे नहीं जा सकता । यहॉपर प्रश्न यह उपस्थित होता है कि नागार्जुन और सिद्धनागार्जुन एक ही थे या पृथक् ? पंशून्य जयचन्द्र विद्यालंकारने दोनोको एक ही माना है। जैन साहित्यमे सिद्ध नागार्जुनका वर्णन विशद रूपमे आया है। मूलत वे सौराष्ट्रान्तर्गत हकगिरिके निवासी व प्राचार्य पादलिप्तसूरि के शिष्य थे । इनकी भी आयुर्वेद एवं वनस्पति शास्त्रमें अद्भुत गति थी । रससिद्धिके लिए इन्होने बड़ा परिश्रम किया था । सातवाहन इनको सम्मानकी दृष्टि से देखता था, पर यह सातवाहन छत्तीसगढका न होकर, प्रतिष्ठानपुर - पैठन का था। दोनो नागार्जुनके जीवनकी विशिष्ट घटनाओको गभीरतापूर्वक देखे तो आशिक साम्य परिलक्षित होता है । तन्त्रविषयक योगरत्नमाला और साधनामाला वगैरह कुछ ग्रन्थोमे पर्याप्त भाव-साम्य है; पर जहाँतक भाषाका प्रश्न है, इन ग्रन्थोके रचयिता नागार्जुन ही जान पडते है, क्योंकि सिद्धनागार्जुनके समय जैन सप्रदाय में अपने भावको संस्कृत भाषामे व्यक्त करनेकी प्रणाली ही नही थी । मेरे जेष्ठ गुरु बन्धु मनि श्री मंगलसागरजी महाराज साहबके ग्रन्थ सग्रहमे नागार्जुन कल्प नामक एक हस्त लिखित प्रति है, उसमे भारतीय रस चिकित्सा एव अनेक प्रकारके महत्त्वपूर्ण व आश्चर्यजनक रासायनिक प्रयोगोंका सकलन है । इसकी भाषा प्राकृत मिश्रित अपभ्रंश है। यह कृति 'भारतीय बाङ्मयके भ्रमररत्न, सिद्धनागार्जुनकी होनी चाहिए, क्योंकि प्राकृत भाषा में होनेसे ही, मै इसे उनकी रचना नही मानता, पर कल्प में कई स्थानोंपर पादलिप्तसूरिका नाम बड़े सम्मान के साथ लिया गया है, जो इनके सब प्रकारसे गुरु थे । प्रश्न रहा अपभ्रश प्रतिलिपिका, इसका उत्तर भी बहुत सरल है। प्रत्यत लोकप्रिय कृतियोमे भाषा विषयक परिवर्तन होना स्वाभाविक बात है । नागार्जुन और सिद्धनागार्जुन भारतीय इतिहासकी दृष्टि से विवेचनकी अपेक्षा रखते हैं। उभय-साम्य, समस्याको और भी जटिल बना देता है। सिद्धनागार्जुनके जीवन-पटपर इन ग्रन्थोसे प्रकाश पड़ता है, प्रभावकचरित्र, विविधतीर्थकल्प, प्रबन्धकोष, प्रबन्ध चिन्तामणि, पुरातन प्रबन्ध संग्रह और पिण्डविशुद्धिको टीकाएँ आदि । बौद्ध नागार्जुन, रामटेकमें रहा करते थे। आज भी वहाँ एक ऐसी कन्दरा है, जिसका सबध, नागार्जुनसे बताया जाता है । "चीनी प्रवासी कुमारजीव नामक विद्वान्ने नागार्जुनके संस्कृत चरितका अनुवाद, चीनी भाषामं सन् चार सौ पाँच ईशून्य मे किया था " । मध्यप्रदेशके प्रसिद्ध अन्वेषक स्वशून्य डाक्टर हीरालालजी'ने नागार्जुनपर निम्न पक्तियोमे अपने विचार व्यक्त किये है -- "स्त्रीष्टीय तीसरी शताब्दी में अन्यत्र यह सिद्ध किया गया है कि विदर्भ देशके एक ब्राह्मणका लडका रामटेककी पहाड़ी पर मौतकी प्रतीक्षा करनेको भेज दिया गया था, क्योंकि ज्योतिषियोने उसके पिताको निश्चय करा दिया था कि वह अपनी आयुके सातवे बरस मर जायगा । यह बालक रामटेकके पहाड़की एक खोहमे नौकरोंके साथ जा टिका । अकस्मात् वहाँसे त्वसर्पण महाबोधिसत्त्व निकले और उस बालककी स्वशून्य डॉशून्य हीरालाल-मध्यप्रदेशीय भौगोलिक नामार्थ - परिचय पृष्ठ बारह-तेरह, कथा सुनकर आदेश किया कि नालेन्द्र विहारको चला जा, वहाँ जानेसे मृत्युसे बच जावेगा । नालेन्द्र अथवा नालिन्दा मगध देशमे बौद्धोका एक बडा विहार तथा महाविद्यालय था । उसमें भर्ती होकर यह वरारी बालक अत्यत विद्वान् और बौद्धशास्त्र - वेत्ता हो गया । इसके व्याख्यान सुननेको अनेक स्थानोसे निमन्त्रण प्राये । उनमेसे एक नाग-नागिनियोका भी था । नागोके देशमे तीन मास रहकर उसने एक धर्म-पुस्तक नागसहस्त्रिका नामकी रची और वहीपर उसको नागार्जुनकी उपाधि मिली, जिस नामसे अब वह प्रख्यात है। रामटेक पहाडमे अभीतक एक कन्दरा है जिसका नाम नागार्जुन ही रख लिया गया है।" उपर्युक्त पक्तिमे वर्णित समस्त विचारोसे मै सहमत नहीं हूँ । इसपर स्वतन्त्र निबन्धकी ही आवश्यकता है, पर हाँ, इतना अवश्य कहना पडेगा कि नागार्जुनने अपनी प्रतिभासे विद्वद्जगत्को चमत्कृत किया है । चौरासी सिद्धोकी दो सूचियोमे भी एक नागार्जुनका' नाम है, पर वे कालकी दृष्टि से बहुत बाद पड़ते है । अलबेरुनी नागार्जुनके लिए इस प्रकार लिखता है"रसविद्याके नागार्जुन नामक एक ख्यातिप्राप्त श्राचार्य थ, जो सोमनाथ के निकट देहकमें रहते थे, वे रसविद्या में प्रवीण थे, एक ग्रन्थ भी उनने इस विषयपर लिखा है । वे हमसे एक सौ वर्ष पूर्व हो गये हैं।" अलबेरुनीका उपर्युक्त उत्लेख कुछ अशोमे भ्रामक है। मुझे तो 'श्री हजारीप्रसाद द्विवेदी -- 'नाथ सम्प्रदाय' दस उनतीस, अलबेरुनीने इन्हीं नागार्जुनको सिद्धनागार्जुन मान लिया है, जो स्पष्टतः उनका भ्रम है। दुर्गाशंकर केशून्य शास्त्री - - - ऐतिहासिक संशोधन, पृशून्य चार सौ अट्ठानवे । ऐसा लगता है कि उसने सुनी हुई परम्पराको ही लिपिबद्ध कर दिया और वही आज हमारे लिए ऐतिहासिक प्रमाण हो गया। जहाँतक रसविद्याके विद्वान् व सौराष्ट्रके दैहिक निवासी होनेका प्रश्न है, मै सहमत हूँ, जैनसाहित्य नागार्जुनको ढकगिरिका निवासी प्रमाणित करता है, जो सोमनाथके निकट न होते हुए भी सौराष्ट्र-देशमे तो है ही। सोमनाथके निकट लिखनेका तात्पर्य यह होना चाहिए कि उन दिनो उनकी ख्याति काफी बढ़ी हुई थी, यहातक कि सोमनाथके नामसे सौराष्ट्रका बोध हो जाता था, इसलिए अलबेरुतीने भी वैसा ही लिख दिया । रसशास्त्र के आचार्य भी ढंकवाले नागार्जुन ही थे । अव प्रश्न रह जाता है दैहिक और ढंकके साम्यका । दैहिक या ऐसे ही नामका कोई ग्राम सोमनाथके निकट है या नहीं ? ढक नोमनाथमे कितना दूर पड़ता है, इसके निर्णयपर ही आगे विचार किया जा सकता है । इन पक्तियोमे इतना तो सिद्ध ही है कि अलबरूनी भी रसशास्त्री नागार्जुनको सौराष्ट्रका मानता है। जिस ग्रन्थकी चर्चा उसने की है, मेरी रायमे वह नागार्जुनकल्प ही होना चाहिये । अलबेरुनीने जो समय दिया है वह नवम शती का अन्त भाग पडता है। यही उनका भ्रम है । इस भ्रमका भी एक कारण मेरी समझमे आता है वह यह कि चौरासी सिद्धोमे नागार्जुनका भी नाम आता है, इसका समय अलबेरुनीके उल्लेबसे मिलता-जुलता है । नागार्जुनके नाम-साम्य के कारण ही अलबेन्नी से यह भूल हो गई जान पड़ती है । सिद्धोकी सूचीवाले नागार्जुन आयुर्वेदके ज्ञाता थे, यह यह ज्ञात विषय है। उपर्युक्त विवेचन मे सिद्ध है कि कोई एक नागार्जुन रसतत्रके आचार्य हो गये है और उनका आयुर्वेद-जगत्मे महान् दान भी है। सुश्रुतके टीकाकार उल्हणका मत है कि सुश्रुतके प्रसिद्धकर्ता नागार्जुन ही है । रसवृन्द और चक्रपाणि लिखते है कि प्रमुक पाठ नागार्जुनने कहे है। माधवके टीकाकार विजयरक्षितने नागार्जुन कृत आरोग्यमंजरीके कई उद्धरण. |
नई दिल्लीः एलोपैथी और आयुर्वेद को लेकर चल रहा विवाद अब दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) पहुंच गया है और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA) ने इसको लेकर याचिका दायर की है. डीएमए ने याचिका में बाबा रामदेव (Baba Ramdev) के खिलाफ केस दायर कर उन्हें कोरोनिल टैबलेट को लेकर झूठे दावे और गलत बयानबाजी करने से रोकने की अपील की गई है.महामारी का इलाज खोजने में समय लगाएंः कोर्टयाचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA) से कहा, 'आपलोगों को कोर्ट का समय बर्बाद करने के बजाय महामारी का इलाज खोजने में समय लगाना चाहिए.' इस पर DMA ने कोर्ट से कहा कि बाबा रामदेव अपनी दवा को कोविड-19 के इलाज के तौर पर दावा कर रहे हैं. हाईकोर्ट ने कहा कि आपने खुद कहा है कि दावा झूठा है और अगर मान लें कि यह झूठा है तो इसपर संज्ञान मिनिस्ट्री ऑफ आयुष को लेना है. आप इससे कैसे प्रभावित हो रहे हैं.कोरोनिल पर रोक लगाने के कार्ट ने किया इनकारआयुर्वेदिक दवा कोरोनिल (Coronil) के बारे में गलत प्रचार से रामदेव को रोकने के संबंध में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA) की अर्जी पर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने कहा कि कोर्ट नहीं बोल सकता कि कोरोनिल कोरोना का इलाज है या नहीं, क्योंकि मेडिकल एक्सपर्ट ही इसका पता लगा सकते हैं.मंत्रालय तय करेगा कि क्या गलत हुआः HCहाई कोर्ट ने कहा कि यदि नियम का उल्लंघन हुआ है तो यह मंत्रालय को तय करना है कि क्या गलत है. आप क्यों मशाल उठाकर आगे चल रहे हैं. कोर्ट ने DMA से कहा कि आप वीडियो को अदालत में पेश कर नहीं सकते हैं. अगर वे यूट्यूब से हटा दिए गए हैं, तो वे बेकार हैं. आपको मूल दस्तावेज फाइल करने की जरूरत है.रामदेव को रोक नहीं सकते, सिर्फ नोटिस दे सकते हैंः कोर्टदिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने कोरोनिल को लेकर कहा, 'रामदेव कहते हैं कि उनको एलोपैथी पर भरोसा नहीं है और उन्हें लगता है कि सब कुछ योग और आयुर्वेद से सही हो सकता है. वह सही भी हो सकते हैं और गलत भी हो सकते हैं. एलोपैथिक किसी के लिए काम करती है और किसी के लिए नहीं, यह सबका अपना-अपना व्यू है. हम इस मामले में नोटिस जारी कर सकते हैं, लेकिन हम रामदेव को रोक नहीं सकते हैं.व्यक्तिगत राय पर मुकदमा करने का क्या औचित्यः HCहाई कोर्ट में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (DMA) की तरफ से कहा गया कि स्वामी रामदेव (Swami Ramdev) की ओर से डॉक्टरों को लेकर दिए गए बयान से तमाम डॉक्टर आहत हुए हैं. दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि हर व्यक्ति की अपनी व्यक्तिगत राय होती है और इस मामले पर मुकदमा करने का क्या औचित्य है. क्या एलोपैथी इतना कमजोर साइंस है कि किसी के बयान देने पर कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी जाए.डॉक्टरों को लेकर ऐसा बयान ना दें रामदेवः कोर्टबाबा रामदेव (Baba Ramdev) के द्वारा एलोपैथी के डॉक्टरों के खिलाफ बयान के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने उनके वकील को नसीहत देते हुए कहा कि वह अपने क्लाइंट से कहें कि भविष्य में एलोपैथी के बारे में इस प्रकार का कोई बयान न दें. इस पर बाबा रामदेव के वकील ने कहा कि वो एक सम्मानित व्यक्ति हैं और कोर्ट के आदेश का सम्मान करेंगे. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में हम कोई भी आदेश जारी नहीं कर रहे हैं और हमें पूरी उम्मीद है कि भविष्य में उनके क्लाइंट कोई बयान नहीं जारी करेंगे.
| नई दिल्लीः एलोपैथी और आयुर्वेद को लेकर चल रहा विवाद अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है और दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने इसको लेकर याचिका दायर की है. डीएमए ने याचिका में बाबा रामदेव के खिलाफ केस दायर कर उन्हें कोरोनिल टैबलेट को लेकर झूठे दावे और गलत बयानबाजी करने से रोकने की अपील की गई है.महामारी का इलाज खोजने में समय लगाएंः कोर्टयाचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन से कहा, 'आपलोगों को कोर्ट का समय बर्बाद करने के बजाय महामारी का इलाज खोजने में समय लगाना चाहिए.' इस पर DMA ने कोर्ट से कहा कि बाबा रामदेव अपनी दवा को कोविड-उन्नीस के इलाज के तौर पर दावा कर रहे हैं. हाईकोर्ट ने कहा कि आपने खुद कहा है कि दावा झूठा है और अगर मान लें कि यह झूठा है तो इसपर संज्ञान मिनिस्ट्री ऑफ आयुष को लेना है. आप इससे कैसे प्रभावित हो रहे हैं.कोरोनिल पर रोक लगाने के कार्ट ने किया इनकारआयुर्वेदिक दवा कोरोनिल के बारे में गलत प्रचार से रामदेव को रोकने के संबंध में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की अर्जी पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि कोर्ट नहीं बोल सकता कि कोरोनिल कोरोना का इलाज है या नहीं, क्योंकि मेडिकल एक्सपर्ट ही इसका पता लगा सकते हैं.मंत्रालय तय करेगा कि क्या गलत हुआः HCहाई कोर्ट ने कहा कि यदि नियम का उल्लंघन हुआ है तो यह मंत्रालय को तय करना है कि क्या गलत है. आप क्यों मशाल उठाकर आगे चल रहे हैं. कोर्ट ने DMA से कहा कि आप वीडियो को अदालत में पेश कर नहीं सकते हैं. अगर वे यूट्यूब से हटा दिए गए हैं, तो वे बेकार हैं. आपको मूल दस्तावेज फाइल करने की जरूरत है.रामदेव को रोक नहीं सकते, सिर्फ नोटिस दे सकते हैंः कोर्टदिल्ली हाई कोर्ट ने कोरोनिल को लेकर कहा, 'रामदेव कहते हैं कि उनको एलोपैथी पर भरोसा नहीं है और उन्हें लगता है कि सब कुछ योग और आयुर्वेद से सही हो सकता है. वह सही भी हो सकते हैं और गलत भी हो सकते हैं. एलोपैथिक किसी के लिए काम करती है और किसी के लिए नहीं, यह सबका अपना-अपना व्यू है. हम इस मामले में नोटिस जारी कर सकते हैं, लेकिन हम रामदेव को रोक नहीं सकते हैं.व्यक्तिगत राय पर मुकदमा करने का क्या औचित्यः HCहाई कोर्ट में दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से कहा गया कि स्वामी रामदेव की ओर से डॉक्टरों को लेकर दिए गए बयान से तमाम डॉक्टर आहत हुए हैं. दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि हर व्यक्ति की अपनी व्यक्तिगत राय होती है और इस मामले पर मुकदमा करने का क्या औचित्य है. क्या एलोपैथी इतना कमजोर साइंस है कि किसी के बयान देने पर कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी जाए.डॉक्टरों को लेकर ऐसा बयान ना दें रामदेवः कोर्टबाबा रामदेव के द्वारा एलोपैथी के डॉक्टरों के खिलाफ बयान के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके वकील को नसीहत देते हुए कहा कि वह अपने क्लाइंट से कहें कि भविष्य में एलोपैथी के बारे में इस प्रकार का कोई बयान न दें. इस पर बाबा रामदेव के वकील ने कहा कि वो एक सम्मानित व्यक्ति हैं और कोर्ट के आदेश का सम्मान करेंगे. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में हम कोई भी आदेश जारी नहीं कर रहे हैं और हमें पूरी उम्मीद है कि भविष्य में उनके क्लाइंट कोई बयान नहीं जारी करेंगे. |
नई दिल्ली (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा उनकी कहानी को पुनर्जीवित किए जाने के बाद 17वीं सदी के लड़ाके लाचित बरफुकन की कहानी को 'आरआरआर' के पटकथा लेखक, फिल्म निर्देशक और राज्यसभा सांसद विजयेंद्र प्रसाद 'ब्रह्मपुत्राः द अहोम सन राइजेज (बुक 1)' नामक उपन्यास में जीवंत कर रहे हैं। कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों के पटकथा लेखक और एसएस राजामौली के पिता विजयेंद्र प्रसाद की यह किताब हार्परकॉलिन्स पब्लिसर्स इंडिया द्वारा 30 मई को रिलीज हो रही है। उन्होंने इसे लिखने के लिए पूर्व तटरक्षक अधिकारी और जासूसी फिक्शन लेखक कुलप्रीत यादव का सहयोग लिया था।
एक्शन और रोमांस को मिलाने वाली यह कहानी लाचित के राजकुमारी पद्मिनी के प्यार में पड़ने से शुरू होती है जो अहोम साम्राज्य के शासक स्वर्गदेव जयध्वज सिंघा की बेटी है। जब राजा को उनके रोमांस के बारे में पता चलता है और वह लाचित को राजधानी जोरहाट से निकाल देता है।
कुछ दिनों बाद अहोम की राजधानी पर औरंगजेब की सेना हमला करती है और राजा एक शांति संधि पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर हो जाता है। वह मुगलों को अपने राज्य का कुछ नियंत्रण सौंप देता है। लाचित और उनके परम मित्र राजकुमार चक्रध्वज को संधि की शर्तें अपमानजनक लगती हैं।
कुछ ही दिनों बाद उनकी मुसीबतें बढ़ जाती हैं। अहोमों के प्रति वफादार एक राज्य का राजकुमार अन्य छोटे शासकों को गुमराह कर जोरहाट पर हमला करता है। लाचित और राजकुमार चक्रध्वज राजधानी की रक्षा करते हैं। इस लड़ाई में अहोम साम्राज्य के भविष्य को हमेशा के लिए बदलने की ताकत है।
क्या लाचित, राजकुमार चक्रध्वज और राजकुमारी पद्मिनी विद्रोहियों को हराकर और मुगलों के शिकंजे से मुक्त होकर अहोमों के सम्मान को बहाल कर सकते हैं? 'बजरंगी भाईजान' और 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी' के अलावा दो 'बाहुबली' फिल्मों के लिए कई पुरस्कार जीत चुके लेखक की कहानी का सार यही है।
प्रसाद के सहयोगी, कुलप्रीत यादव नौसेना अधिकारी अकादमी से प्रशिक्षित हैं जिन्होंने एक वर्दीधारी अधिकारी के रूप में दो दशक तक सेवा दी और अपने करियर में सफलतापूर्वक तीन जहाजों की कमान संभाली।
भारतीय तट रक्षक बल से 2014 में से उनकी सेवानिवृत्ति के बाद से उन्होंने जासूसी, सैन्य इतिहास और सच्चे अपराध जैसी कई विधाओं में किताबें लिखी हैं। वह मुंबई में रहते हैं और उनकी नवीनतम 'द बैटल ऑफ रेजांग ला' (पेंगुइन, 2021) है।
| नई दिल्ली । असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा उनकी कहानी को पुनर्जीवित किए जाने के बाद सत्रहवीं सदी के लड़ाके लाचित बरफुकन की कहानी को 'आरआरआर' के पटकथा लेखक, फिल्म निर्देशक और राज्यसभा सांसद विजयेंद्र प्रसाद 'ब्रह्मपुत्राः द अहोम सन राइजेज ' नामक उपन्यास में जीवंत कर रहे हैं। कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों के पटकथा लेखक और एसएस राजामौली के पिता विजयेंद्र प्रसाद की यह किताब हार्परकॉलिन्स पब्लिसर्स इंडिया द्वारा तीस मई को रिलीज हो रही है। उन्होंने इसे लिखने के लिए पूर्व तटरक्षक अधिकारी और जासूसी फिक्शन लेखक कुलप्रीत यादव का सहयोग लिया था। एक्शन और रोमांस को मिलाने वाली यह कहानी लाचित के राजकुमारी पद्मिनी के प्यार में पड़ने से शुरू होती है जो अहोम साम्राज्य के शासक स्वर्गदेव जयध्वज सिंघा की बेटी है। जब राजा को उनके रोमांस के बारे में पता चलता है और वह लाचित को राजधानी जोरहाट से निकाल देता है। कुछ दिनों बाद अहोम की राजधानी पर औरंगजेब की सेना हमला करती है और राजा एक शांति संधि पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर हो जाता है। वह मुगलों को अपने राज्य का कुछ नियंत्रण सौंप देता है। लाचित और उनके परम मित्र राजकुमार चक्रध्वज को संधि की शर्तें अपमानजनक लगती हैं। कुछ ही दिनों बाद उनकी मुसीबतें बढ़ जाती हैं। अहोमों के प्रति वफादार एक राज्य का राजकुमार अन्य छोटे शासकों को गुमराह कर जोरहाट पर हमला करता है। लाचित और राजकुमार चक्रध्वज राजधानी की रक्षा करते हैं। इस लड़ाई में अहोम साम्राज्य के भविष्य को हमेशा के लिए बदलने की ताकत है। क्या लाचित, राजकुमार चक्रध्वज और राजकुमारी पद्मिनी विद्रोहियों को हराकर और मुगलों के शिकंजे से मुक्त होकर अहोमों के सम्मान को बहाल कर सकते हैं? 'बजरंगी भाईजान' और 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ झांसी' के अलावा दो 'बाहुबली' फिल्मों के लिए कई पुरस्कार जीत चुके लेखक की कहानी का सार यही है। प्रसाद के सहयोगी, कुलप्रीत यादव नौसेना अधिकारी अकादमी से प्रशिक्षित हैं जिन्होंने एक वर्दीधारी अधिकारी के रूप में दो दशक तक सेवा दी और अपने करियर में सफलतापूर्वक तीन जहाजों की कमान संभाली। भारतीय तट रक्षक बल से दो हज़ार चौदह में से उनकी सेवानिवृत्ति के बाद से उन्होंने जासूसी, सैन्य इतिहास और सच्चे अपराध जैसी कई विधाओं में किताबें लिखी हैं। वह मुंबई में रहते हैं और उनकी नवीनतम 'द बैटल ऑफ रेजांग ला' है। |
अब तक सुनने में आ रहा था कि रेस 3 में सलमान खान का किरदार ग्रे-शेड्स लिए हुए हैं। अपने लंबे-चौड़े करियर में पहली बार वे परदे पर खलनायकी दिखाने जा रहे थे, लेकिन अब सलमान खान ने यू-टर्न ले लिया है।
फिल्म से जुड़े सूत्रों की मानें तो सलमान ने कह दिया है कि वे तो हीरो ही बनेंगे, भले ही विलेन का रोल पॉवरफुल हो। वे अपनी इमेज से छेड़खानी करने के मूड में नहीं हैं।
सलमान के फैंस में बच्चों की संख्या भी बहुत ज्यादा है और वे नन्हें-मुन्नों के सामने बदमाशी नहीं करना चाहते। बताया जा रहा है कि अब खलनायकी वाला किरदार आदित्य पंचोली निभाएंगे।
वैसे, रेस 3 से जुड़े सारे फैसले सलमान ही ले रहे हैं। चाहे निर्देशक को फिट करना हो या हीरोइन को। अपने बेरोजगार बैठे दोस्त बॉबी देओल को भी सलमान ने रेस 3 से जोड़ लिया है।
| अब तक सुनने में आ रहा था कि रेस तीन में सलमान खान का किरदार ग्रे-शेड्स लिए हुए हैं। अपने लंबे-चौड़े करियर में पहली बार वे परदे पर खलनायकी दिखाने जा रहे थे, लेकिन अब सलमान खान ने यू-टर्न ले लिया है। फिल्म से जुड़े सूत्रों की मानें तो सलमान ने कह दिया है कि वे तो हीरो ही बनेंगे, भले ही विलेन का रोल पॉवरफुल हो। वे अपनी इमेज से छेड़खानी करने के मूड में नहीं हैं। सलमान के फैंस में बच्चों की संख्या भी बहुत ज्यादा है और वे नन्हें-मुन्नों के सामने बदमाशी नहीं करना चाहते। बताया जा रहा है कि अब खलनायकी वाला किरदार आदित्य पंचोली निभाएंगे। वैसे, रेस तीन से जुड़े सारे फैसले सलमान ही ले रहे हैं। चाहे निर्देशक को फिट करना हो या हीरोइन को। अपने बेरोजगार बैठे दोस्त बॉबी देओल को भी सलमान ने रेस तीन से जोड़ लिया है। |
आज कल हर तरफ साउथ की फिल्मों का जलवा है, लेकिन अभी ऐसे ही बॉलीवुड की फिल्मों की चर्चा हुआ करती थी। किसी फिल्म को हिट बनाने में एक्टर्स ही नहीं बल्कि कैमरे के पीछे काम करने वाली नजर यानी कि डायरेक्टर का भी उतना ही योगदान होता है। बॉलीवुड लाइफ इस खास रिपोर्ट में हम आपको बॉलीवुड के सबसे महंगे डायरेक्टर्स के बारे में बता रहे हैं। इस लिस्ट में कई ऐसे नाम शामिल है, जिनकी आपने फिल्में तो जरूर देखी होंगी, लेकिन नाम पहली बार सुना होगा।
| आज कल हर तरफ साउथ की फिल्मों का जलवा है, लेकिन अभी ऐसे ही बॉलीवुड की फिल्मों की चर्चा हुआ करती थी। किसी फिल्म को हिट बनाने में एक्टर्स ही नहीं बल्कि कैमरे के पीछे काम करने वाली नजर यानी कि डायरेक्टर का भी उतना ही योगदान होता है। बॉलीवुड लाइफ इस खास रिपोर्ट में हम आपको बॉलीवुड के सबसे महंगे डायरेक्टर्स के बारे में बता रहे हैं। इस लिस्ट में कई ऐसे नाम शामिल है, जिनकी आपने फिल्में तो जरूर देखी होंगी, लेकिन नाम पहली बार सुना होगा। |
मुरादाबाद, जेएनएन। अमरोहा जिले में 43 प्रत्याशियों के राजनीतिक भाग्य का फैसला दस मार्च को 56 टीमों द्वारा किया जाएगा। वोटों की गिनती के लिए हर टेबिल पर एक टीम लगाई जाएगी। इसमें चार सदस्य शामिल रहेंगे। सुबह आठ बजे से मंडी समिति परिसर में मतगणना का कार्य चालू होगा। जिसके लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता बंदोबस्त किए जा रहे हैं।
दस मार्च को जनपद में विधानसभा चुनाव की मतगणना होगी। जिसके लिए प्रशासन ने मंडी समिति स्थल का चयन किया है। मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा तेजी के साथ तैयारियां की जा रही हैं। हर व्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है। उसने विधानसभा वार टेबिल का निर्धारण कर दिया है। प्रत्येक विधानसभा में 14-14 टेबिल लगाई जाएंगी। इसके अलावा एक आरओ की टेबिल होगी। अब मतगणना कार्मिकों की तैनाती की प्रकि्रया शुरू कर दी है। वोटों की गिनती के लिए प्रशासन द्वारा 56 टीमों का गठन किया जाएगा। हर टेबिल पर एक-एक टीम मतगणना का काम करेगी।
धनौरा विस की 30 तो अमरोहा की 26 चक्र में होगी मतगणनाः अमरोहाः जनपद की चारों विधानसभा में हुए चुनाव की मतगणना के लिए प्रशासन द्वारा तैयारियों का खाका खींचा जा रहा है। उसके द्वारा चक्र निर्धारित कर दिए गए हैं। मंडी धनौरा विस क्षेत्र की मतगणना 30, नौगावां सादात की 29, अमरोहा की 26 व हसनपुर की 28 चक्र में पूरी होगी। सबसे पहले अमरोहा विधानसभा के नतीजे आएंगे क्योंकि, यहां पर बूथों की संख्या सबसे कम 366 है जबकि, अन्य विस क्षेत्र में 400 के पार है।
| मुरादाबाद, जेएनएन। अमरोहा जिले में तैंतालीस प्रत्याशियों के राजनीतिक भाग्य का फैसला दस मार्च को छप्पन टीमों द्वारा किया जाएगा। वोटों की गिनती के लिए हर टेबिल पर एक टीम लगाई जाएगी। इसमें चार सदस्य शामिल रहेंगे। सुबह आठ बजे से मंडी समिति परिसर में मतगणना का कार्य चालू होगा। जिसके लिए प्रशासन द्वारा पुख्ता बंदोबस्त किए जा रहे हैं। दस मार्च को जनपद में विधानसभा चुनाव की मतगणना होगी। जिसके लिए प्रशासन ने मंडी समिति स्थल का चयन किया है। मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा तेजी के साथ तैयारियां की जा रही हैं। हर व्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है। उसने विधानसभा वार टेबिल का निर्धारण कर दिया है। प्रत्येक विधानसभा में चौदह-चौदह टेबिल लगाई जाएंगी। इसके अलावा एक आरओ की टेबिल होगी। अब मतगणना कार्मिकों की तैनाती की प्रकि्रया शुरू कर दी है। वोटों की गिनती के लिए प्रशासन द्वारा छप्पन टीमों का गठन किया जाएगा। हर टेबिल पर एक-एक टीम मतगणना का काम करेगी। धनौरा विस की तीस तो अमरोहा की छब्बीस चक्र में होगी मतगणनाः अमरोहाः जनपद की चारों विधानसभा में हुए चुनाव की मतगणना के लिए प्रशासन द्वारा तैयारियों का खाका खींचा जा रहा है। उसके द्वारा चक्र निर्धारित कर दिए गए हैं। मंडी धनौरा विस क्षेत्र की मतगणना तीस, नौगावां सादात की उनतीस, अमरोहा की छब्बीस व हसनपुर की अट्ठाईस चक्र में पूरी होगी। सबसे पहले अमरोहा विधानसभा के नतीजे आएंगे क्योंकि, यहां पर बूथों की संख्या सबसे कम तीन सौ छयासठ है जबकि, अन्य विस क्षेत्र में चार सौ के पार है। |
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य एवं मध्य प्रदेश के उद्यानिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह के विशेष आतिथ्य में, विषाणु रोग रहित आलू बीज उत्पादन के लिए एरोपॉनिक विधि का म.प्र. सरकार के साथ आज दिल्ली में अनुबंध हुआ। इसके अंतर्गत ग्वालियर में म.प्र. की पहली लैब स्थापित होगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अंतर्गत केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला ने हवा में आलू के बीज उत्पादन की यह अनूठी तकनीक विकसित की है। अनुबंध के कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि किसानों को फसलों के प्रमाणित बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इसी कड़ी में आईसीएआर के संस्थानों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में नई तकनीकों का विकास किया जाता है।
केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित विषाणु रोग रहित आलू बीज उत्पादन की एरोपॉनिक विधि के माध्यम से बीज आलू की उपलब्धता देश के कई भागों में किसानों के लिए सुलभ की गई है और आज म.प्र. के बागवानी विभाग को इस तकनीक का लाइसेंस देने के लिए अनुबंध किया गया है। श्री तोमर ने कहा कि यह नई तकनीक आलू के बीज की आवश्यकता को महत्वपूर्ण रूप से पूरा करेगी और अंततः राज्य के साथ ही देश में भी आलू के उत्पादन में वृद्धि करेगी। श्री तोमर ने कहा कि आलू विश्व की सबसे महत्वपूर्ण गैर-अनाज फसल है, जिसकी वैश्विक खाद्य प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री तोमर ने श्रेष्ठ अनुसंधान के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अनेक योजनाओं पर मिशन मोड में काम कर रही है। म.प्र. के मंत्री श्री कुशवाह ने उम्मीद जताई कि यह तकनीक आलू बीज की जरूरत काफी हद तक पूरा करेगी व राज्य में उत्पादन में वृद्धि करेगी। श्री कुशवाह ने कहा कि म.प्र., आलू का छठा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। मालवा क्षेत्र उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। म.प्र. आलू प्रसंस्करण के लिए आदर्श गंतव्य के रूप में उभरा है। म.प्र. में प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्र इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, भोपाल तथा प्रदेश के अन्य छोटे क्षेत्र छिंदवाड़ा, सीधी, सतना, रीवा, सरगुजा, राजगढ़, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, जबलपुर, पन्ना, मुरैना, छतरपुर, विदिशा, रतलाम एवं बैतूल हैं। प्रदेश में उच्च गुणवता वाले बीज़ की कमी हमेशा से समस्या रही है, जिसका हल किया जा रहा है। आज हुए इस अनुबंध से भी मध्य प्रदेश के आलू उत्पादन किसानों को काफी सहूलियत होगी। इस संबंध में श्री कुशवाह ने कृषि मंत्री श्री तोमर को धन्यवाद दिया,साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की चिंता करते हुए योजनाओं को गंभीरता से अमल में ला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अनेक सौगातें दी है।म.प्र. के बागवानी आयुक्त श्री ई. रमेश कुमार ने कहा कि म.प्र. को लगभग चार लाख टन बीज़ की आवश्यकता है, जिसे 10 लाख मिनी ट्यूबर उत्पादन क्षमता वाली इस तकनीक से पूरा किया जाएगा। ग्वालियर में एक जिला- एक उत्पाद के अंतर्गत आलू फसल का चयन किया गया है।
डेयर के सचिव व आईसीएआर के डीजी डा. त्रिलोचन महापात्र ने भी संबोधित किया। डीडीजी-बागवानी डा. आनंद कुमार सिंह, म.प्र. के अपर संचालक-बागवानी डा. के.एस. किराड़, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के प्रभारी निदेशक डा. एन.के. पांडे, एग्रीनोवेट इंडिया की सीईओ डा. सुधा मैसूर ने भी विचार रखें। सुश्री पूजा ने संचालन किया। एरोपॉनिक के जरिये पोषक तत्वों का छिड़काव मिस्टिंग के रूप में जड़ों में किया जाता है। पौधे का ऊपरी भाग खुली हवा व प्रकाश में रहता है। एक पौधे से औसत 35-60 मिनिकन्द (3-10 ग्राम) प्राप्त किए जाते हैं। चूंकि, मिट्टी उपयोग नहीं होती तो मिट्टी से जुड़े रोग नहीं होते। पारंपरिक प्रणाली की तुलना में एरोपॉनिक प्रजनक बीज के विकास में दो साल की बचत करती है।
| Posted On: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य एवं मध्य प्रदेश के उद्यानिकी राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह के विशेष आतिथ्य में, विषाणु रोग रहित आलू बीज उत्पादन के लिए एरोपॉनिक विधि का म.प्र. सरकार के साथ आज दिल्ली में अनुबंध हुआ। इसके अंतर्गत ग्वालियर में म.प्र. की पहली लैब स्थापित होगी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला ने हवा में आलू के बीज उत्पादन की यह अनूठी तकनीक विकसित की है। अनुबंध के कार्यक्रम के अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि किसानों को फसलों के प्रमाणित बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इसी कड़ी में आईसीएआर के संस्थानों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में नई तकनीकों का विकास किया जाता है। केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित विषाणु रोग रहित आलू बीज उत्पादन की एरोपॉनिक विधि के माध्यम से बीज आलू की उपलब्धता देश के कई भागों में किसानों के लिए सुलभ की गई है और आज म.प्र. के बागवानी विभाग को इस तकनीक का लाइसेंस देने के लिए अनुबंध किया गया है। श्री तोमर ने कहा कि यह नई तकनीक आलू के बीज की आवश्यकता को महत्वपूर्ण रूप से पूरा करेगी और अंततः राज्य के साथ ही देश में भी आलू के उत्पादन में वृद्धि करेगी। श्री तोमर ने कहा कि आलू विश्व की सबसे महत्वपूर्ण गैर-अनाज फसल है, जिसकी वैश्विक खाद्य प्रणाली में महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री तोमर ने श्रेष्ठ अनुसंधान के लिए कृषि वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार अनेक योजनाओं पर मिशन मोड में काम कर रही है। म.प्र. के मंत्री श्री कुशवाह ने उम्मीद जताई कि यह तकनीक आलू बीज की जरूरत काफी हद तक पूरा करेगी व राज्य में उत्पादन में वृद्धि करेगी। श्री कुशवाह ने कहा कि म.प्र., आलू का छठा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। मालवा क्षेत्र उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। म.प्र. आलू प्रसंस्करण के लिए आदर्श गंतव्य के रूप में उभरा है। म.प्र. में प्रमुख आलू उत्पादक क्षेत्र इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, भोपाल तथा प्रदेश के अन्य छोटे क्षेत्र छिंदवाड़ा, सीधी, सतना, रीवा, सरगुजा, राजगढ़, सागर, दमोह, छिंदवाड़ा, जबलपुर, पन्ना, मुरैना, छतरपुर, विदिशा, रतलाम एवं बैतूल हैं। प्रदेश में उच्च गुणवता वाले बीज़ की कमी हमेशा से समस्या रही है, जिसका हल किया जा रहा है। आज हुए इस अनुबंध से भी मध्य प्रदेश के आलू उत्पादन किसानों को काफी सहूलियत होगी। इस संबंध में श्री कुशवाह ने कृषि मंत्री श्री तोमर को धन्यवाद दिया,साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की चिंता करते हुए योजनाओं को गंभीरता से अमल में ला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अनेक सौगातें दी है।म.प्र. के बागवानी आयुक्त श्री ई. रमेश कुमार ने कहा कि म.प्र. को लगभग चार लाख टन बीज़ की आवश्यकता है, जिसे दस लाख मिनी ट्यूबर उत्पादन क्षमता वाली इस तकनीक से पूरा किया जाएगा। ग्वालियर में एक जिला- एक उत्पाद के अंतर्गत आलू फसल का चयन किया गया है। डेयर के सचिव व आईसीएआर के डीजी डा. त्रिलोचन महापात्र ने भी संबोधित किया। डीडीजी-बागवानी डा. आनंद कुमार सिंह, म.प्र. के अपर संचालक-बागवानी डा. के.एस. किराड़, केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के प्रभारी निदेशक डा. एन.के. पांडे, एग्रीनोवेट इंडिया की सीईओ डा. सुधा मैसूर ने भी विचार रखें। सुश्री पूजा ने संचालन किया। एरोपॉनिक के जरिये पोषक तत्वों का छिड़काव मिस्टिंग के रूप में जड़ों में किया जाता है। पौधे का ऊपरी भाग खुली हवा व प्रकाश में रहता है। एक पौधे से औसत पैंतीस-साठ मिनिकन्द प्राप्त किए जाते हैं। चूंकि, मिट्टी उपयोग नहीं होती तो मिट्टी से जुड़े रोग नहीं होते। पारंपरिक प्रणाली की तुलना में एरोपॉनिक प्रजनक बीज के विकास में दो साल की बचत करती है। |
Harbhajan Singh all time T20I playing XI हरभजन सिंह ने अपनी पसंदीदा टीम में बतौर ओपनर भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा को शामिल किया तो वहीं उनके जोड़ीदार के तौर पर गेल को अपनी टीम में जगह दी जो इस प्रारूप में दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक हैं।
नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। Harbhajan Singh all time T20I playing XI: टी20 वर्ल्ड कप 2021 के रोमांच के बीच टीम इंडिया के सीनियर स्पिनर हरभजन सिंह ने अपनी पसंदीदा आल-टाइम टी20 प्लेइंग इलेवन का चयन किया। अपनी इस टीम में भज्जी ने विराट कोहली और बाबर आजम जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को शामिल नहीं किया। यही नहीं उन्होंने टी20 क्रिकेट में माहिर बल्लेबाज डेविड वार्नर को भी अपनी टीम में जगह नहीं दी। भज्जी ने ज्यादातर अपनी टीम में उन खिलाड़ियों को शामिल किया जिनके साथ वो खेल चुके हैं। आज के दौर के कुछ ही खिलाड़ी उनकी टीम में जगह बना पाने में सफल रहे।
हरभजन सिंह ने अपनी पसंदीदा टीम में बतौर ओपनर भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा को शामिल किया तो वहीं उनके जोड़ीदार के तौर पर क्रिस गेल को अपनी टीम में जगह दी जो इस प्रारूप में दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक हैं। तीसरे नंबर पर उन्होंने इंग्लैंड के जोस बटलर को टीम में जगह दी तो वहीं चौथे नंबर पर पूर्व आस्ट्रेलियाई आलराउंडर शेन वाटसन को टीम में रखा है। एबी डिविलियर्स को उन्होंने टीम में पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी के लिए रखा है तो छठे स्थान पर महेंद्र सिंह धौनी हैं। धौनी इस टीम के कप्तान व विकेटकीपर दोनों हैं।
भज्जी ने बतौर आलराउंडर टीम में ड्वेन ब्रावो व किरोन पोलार्ड को शामिल किया जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी भी करते हैं। उन्होंने अपनी टीम में बतौर शुद्ध स्पिनर सुनील नरेन को जगह दी तो वहीं तेज गेंदबाज के तौर पर लसिथ मलिंगा और जसप्रीत बुमराह को टीम में शामिल किया। वैसे हरभजन सिंह की ये टीम बेहद मजबूत और संतुलित नजर आती है।
रोहित शर्मा, क्रिस गेल, जोस बटलर, शेन वाटसन, एबी डिविलियर्स, एम एस धौनी (कप्तान व विकेटकीपर), ड्वेन ब्रावो, किरोन पोलार्ड, सुनील नरेन, लसिथ मलिंगा, जसप्रीत बुमराह।
| Harbhajan Singh all time TबीसI playing XI हरभजन सिंह ने अपनी पसंदीदा टीम में बतौर ओपनर भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा को शामिल किया तो वहीं उनके जोड़ीदार के तौर पर गेल को अपनी टीम में जगह दी जो इस प्रारूप में दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक हैं। नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। Harbhajan Singh all time TबीसI playing XI: टीबीस वर्ल्ड कप दो हज़ार इक्कीस के रोमांच के बीच टीम इंडिया के सीनियर स्पिनर हरभजन सिंह ने अपनी पसंदीदा आल-टाइम टीबीस प्लेइंग इलेवन का चयन किया। अपनी इस टीम में भज्जी ने विराट कोहली और बाबर आजम जैसे दिग्गज बल्लेबाजों को शामिल नहीं किया। यही नहीं उन्होंने टीबीस क्रिकेट में माहिर बल्लेबाज डेविड वार्नर को भी अपनी टीम में जगह नहीं दी। भज्जी ने ज्यादातर अपनी टीम में उन खिलाड़ियों को शामिल किया जिनके साथ वो खेल चुके हैं। आज के दौर के कुछ ही खिलाड़ी उनकी टीम में जगह बना पाने में सफल रहे। हरभजन सिंह ने अपनी पसंदीदा टीम में बतौर ओपनर भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा को शामिल किया तो वहीं उनके जोड़ीदार के तौर पर क्रिस गेल को अपनी टीम में जगह दी जो इस प्रारूप में दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक हैं। तीसरे नंबर पर उन्होंने इंग्लैंड के जोस बटलर को टीम में जगह दी तो वहीं चौथे नंबर पर पूर्व आस्ट्रेलियाई आलराउंडर शेन वाटसन को टीम में रखा है। एबी डिविलियर्स को उन्होंने टीम में पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी के लिए रखा है तो छठे स्थान पर महेंद्र सिंह धौनी हैं। धौनी इस टीम के कप्तान व विकेटकीपर दोनों हैं। भज्जी ने बतौर आलराउंडर टीम में ड्वेन ब्रावो व किरोन पोलार्ड को शामिल किया जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी भी करते हैं। उन्होंने अपनी टीम में बतौर शुद्ध स्पिनर सुनील नरेन को जगह दी तो वहीं तेज गेंदबाज के तौर पर लसिथ मलिंगा और जसप्रीत बुमराह को टीम में शामिल किया। वैसे हरभजन सिंह की ये टीम बेहद मजबूत और संतुलित नजर आती है। रोहित शर्मा, क्रिस गेल, जोस बटलर, शेन वाटसन, एबी डिविलियर्स, एम एस धौनी , ड्वेन ब्रावो, किरोन पोलार्ड, सुनील नरेन, लसिथ मलिंगा, जसप्रीत बुमराह। |
Yoga For High Cholesterol: लगातार योगाभ्यास और स्वस्थ आहार एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम करने और एचडीएल (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।
Yoga For High Cholesterol: उच्च कोलेस्ट्रॉल को एक 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है क्योंकि यदि समय पर इसका निदान और प्रबंधन नहीं किया गया तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। उच्च या खराब कोलेस्ट्रॉल शुरुआती संकेतों में खुद को पेश नहीं करेगा जिससे आपके स्वास्थ्य के खराब होने के बाद ही स्थिति का पता चल सकता है। जब आपके रक्त में बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल होता है, तो यह आपकी धमनियों में निर्माण करना शुरू कर देता है जिससे शरीर के कुछ लक्षण हो सकते हैं जिन्हें आपको अनदेखा नहीं करना चाहिए।
उच्च कोलेस्ट्रॉल वंशानुगत हो सकता है, लेकिन अक्सर यह एक अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण होता है, जिससे इसे इलाज योग्य बना दिया जाता है। नियमित व्यायाम और स्वस्थ आहार आसानी से उच्च कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं। योग एक बड़ा परिवर्तन हो सकता है जो प्रक्रिया में सहायता कर सकता है। लगातार योगाभ्यास और स्वस्थ आहार एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम करने और एचडीएल (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। यहां 3 बेहतरीन योग आसन हैं जिन्हें आपको उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए 3 प्रभावी योग आसनः
1. सर्वांगासन (Sarvangasana) :
सर्वांगासन उच्च कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए सबसे अच्छे योग आसनों में से एक है। यह आसन शरीर के हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है।
कैसे करेंः
अपने पैरों को अपनी पीठ पर उठाएं, फिर अपना वजन अपने सिर, कंधों और कोहनी पर समान रूप से रखकर खुद को संतुलित करें।
जब तक आप पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाते, तब तक अपने पैरों को जितना हो सके सीधा ऊपर की ओर खींचें।
थायरॉयड, हृदय या हर्निया विकार से पीड़ित किसी को भी इस आसन से बचना चाहिए।
2. कपालभाति प्राणायाम (Kapalbhati Pranayama):
इस योग आसन में कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए एक बहुत ही सफल तरीका होने की क्षमता है। यह मोटापे को भी नियंत्रित करता है।
कैसे करेंः
सीधे बैठें, गहरी सांस लें, अपने पेट को अंदर लें और सांस छोड़ें।
माइग्रेन अटैक, गर्भावस्था और मासिक धर्म के दौरान कपालभाति प्राणायाम से बचना चाहिए।
3. पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana):
यह मुद्रा रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी अत्यधिक प्रभावी हो सकती है।
कैसे करेंः
इसे करने के लिए पैरों को सीधा करके बैठ जाएं।
साँस छोड़ते हुए, धीरे-धीरे आगे झुकें जब तक कि आपकी नाक आपके पैरों को उठाए बिना आपके घुटनों को छू रही हो।
| Yoga For High Cholesterol: लगातार योगाभ्यास और स्वस्थ आहार एलडीएल को कम करने और एचडीएल को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। Yoga For High Cholesterol: उच्च कोलेस्ट्रॉल को एक 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है क्योंकि यदि समय पर इसका निदान और प्रबंधन नहीं किया गया तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। उच्च या खराब कोलेस्ट्रॉल शुरुआती संकेतों में खुद को पेश नहीं करेगा जिससे आपके स्वास्थ्य के खराब होने के बाद ही स्थिति का पता चल सकता है। जब आपके रक्त में बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल होता है, तो यह आपकी धमनियों में निर्माण करना शुरू कर देता है जिससे शरीर के कुछ लक्षण हो सकते हैं जिन्हें आपको अनदेखा नहीं करना चाहिए। उच्च कोलेस्ट्रॉल वंशानुगत हो सकता है, लेकिन अक्सर यह एक अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण होता है, जिससे इसे इलाज योग्य बना दिया जाता है। नियमित व्यायाम और स्वस्थ आहार आसानी से उच्च कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं। योग एक बड़ा परिवर्तन हो सकता है जो प्रक्रिया में सहायता कर सकता है। लगातार योगाभ्यास और स्वस्थ आहार एलडीएल को कम करने और एचडीएल को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। यहां तीन बेहतरीन योग आसन हैं जिन्हें आपको उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए। कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए तीन प्रभावी योग आसनः एक. सर्वांगासन : सर्वांगासन उच्च कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए सबसे अच्छे योग आसनों में से एक है। यह आसन शरीर के हानिकारक कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। कैसे करेंः अपने पैरों को अपनी पीठ पर उठाएं, फिर अपना वजन अपने सिर, कंधों और कोहनी पर समान रूप से रखकर खुद को संतुलित करें। जब तक आप पूरी तरह से स्थिर नहीं हो जाते, तब तक अपने पैरों को जितना हो सके सीधा ऊपर की ओर खींचें। थायरॉयड, हृदय या हर्निया विकार से पीड़ित किसी को भी इस आसन से बचना चाहिए। दो. कपालभाति प्राणायाम : इस योग आसन में कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए एक बहुत ही सफल तरीका होने की क्षमता है। यह मोटापे को भी नियंत्रित करता है। कैसे करेंः सीधे बैठें, गहरी सांस लें, अपने पेट को अंदर लें और सांस छोड़ें। माइग्रेन अटैक, गर्भावस्था और मासिक धर्म के दौरान कपालभाति प्राणायाम से बचना चाहिए। तीन. पश्चिमोत्तानासन : यह मुद्रा रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी अत्यधिक प्रभावी हो सकती है। कैसे करेंः इसे करने के लिए पैरों को सीधा करके बैठ जाएं। साँस छोड़ते हुए, धीरे-धीरे आगे झुकें जब तक कि आपकी नाक आपके पैरों को उठाए बिना आपके घुटनों को छू रही हो। |
अध्याय 47 प्रारम्भिक सेल और संचायक सेल
(Pritnaxy Cells and Accumulators ) 47.1. विद्यन धाग ( Electric current ):-इन रिले माग a विद्युत प्रावेश (Charge) के उत्पादन के बारे में पढ़ चुके है। यह प्राय एक स्थान पर ही स्थित होता है । जब यह मावेश एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर प्रत्राहि हो उ इस प्रकार के प्रवाह को विद्यत धारा ( Electric current ) कहते हैं। विद्युत धारा विद्यत प्रवेश के प्रवाह की दर को बहते हैं। यदि t समय में Q प्रावेश एक स्थान से दूसरे स्थान की मोर प्रवाहित हो तो विद्यत धारा i=Q/t होगी। हमें मालूम है कि प्रदेश के प्रवाह के लिए यह आवश्यक है कि दो बिन्दुओं के बीच विमवान्तर ( potential difference ) हो । उदाहरणार्थ P मौरQ दो मुचालक है, जो भिन्न विभव पर है ।
मान लो P का विभव Q से अधिक है। यदि 15 और Q को किसी सुवालक वार द्वारा जोड़ दिया जाय तो मावेश P से Q को और बहेगा। इस प्रकार भावेश के प्रवाह से P का विभव कम होगा और Q का बढ़ेगा मोर क्षण भर में P मौरQर विभव बराबर होकर प्रवेश का प्रवाह वद हो जायेगा। इस प्रकार हमे इस से विद्युत धारा एक क्षण भर के लिए हो प्राप्त होती है। यदि हम चाहते है कि नि घारा की एक निश्चित मात्रा P से Q की ओर निरन्तर बहती रहे, तो यह मावश्यक है कि P और Q में विभवान्तर यही बना रहे। यह तभी हो सकता है कि जब P को उन हो आवेश वापिस मिलता रहे, जितना कि उससे जाता है, और Q से उतना हो स बारेय बाहर निकलता रहे, जितना कि उसे प्राप्त होता है। प्रतएव, वितधारा उत्पन्न करने के लिये, हमें ऐसे उपकरण की योजना करनी चाहिये, जिसके बीज एक नियत विभयान्तर हमेशा बना रहे। इस प्रकार का कार्य हम मियत सेल (electric cell ) द्वारा संपादित कर सकते है । जिस विभाग में हम वितधारा के गुणों का न करते हैं, उसे धारावाहिक विद्युत (current electricity ) है ।
47.3. वोल्टीय सेलः- विद्युत सेनाजनक था इटल निवासी शा गल्वनी (1737-98), एक बार 1787 में प्रयोग करते समय उसने एक छो से एक कपको feet को acet fदया । उसने देखा कि ज पीठन को चिमटी और मेंहक के पैर में स्पर्श होता है, तब तब मरे हुए केर में | अध्याय सैंतालीस प्रारम्भिक सेल और संचायक सेल सैंतालीस.एक. विद्यन धाग :-इन रिले माग a विद्युत प्रावेश के उत्पादन के बारे में पढ़ चुके है। यह प्राय एक स्थान पर ही स्थित होता है । जब यह मावेश एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर प्रत्राहि हो उ इस प्रकार के प्रवाह को विद्यत धारा कहते हैं। विद्युत धारा विद्यत प्रवेश के प्रवाह की दर को बहते हैं। यदि t समय में Q प्रावेश एक स्थान से दूसरे स्थान की मोर प्रवाहित हो तो विद्यत धारा i=Q/t होगी। हमें मालूम है कि प्रदेश के प्रवाह के लिए यह आवश्यक है कि दो बिन्दुओं के बीच विमवान्तर हो । उदाहरणार्थ P मौरQ दो मुचालक है, जो भिन्न विभव पर है । मान लो P का विभव Q से अधिक है। यदि पंद्रह और Q को किसी सुवालक वार द्वारा जोड़ दिया जाय तो मावेश P से Q को और बहेगा। इस प्रकार भावेश के प्रवाह से P का विभव कम होगा और Q का बढ़ेगा मोर क्षण भर में P मौरQर विभव बराबर होकर प्रवेश का प्रवाह वद हो जायेगा। इस प्रकार हमे इस से विद्युत धारा एक क्षण भर के लिए हो प्राप्त होती है। यदि हम चाहते है कि नि घारा की एक निश्चित मात्रा P से Q की ओर निरन्तर बहती रहे, तो यह मावश्यक है कि P और Q में विभवान्तर यही बना रहे। यह तभी हो सकता है कि जब P को उन हो आवेश वापिस मिलता रहे, जितना कि उससे जाता है, और Q से उतना हो स बारेय बाहर निकलता रहे, जितना कि उसे प्राप्त होता है। प्रतएव, वितधारा उत्पन्न करने के लिये, हमें ऐसे उपकरण की योजना करनी चाहिये, जिसके बीज एक नियत विभयान्तर हमेशा बना रहे। इस प्रकार का कार्य हम मियत सेल द्वारा संपादित कर सकते है । जिस विभाग में हम वितधारा के गुणों का न करते हैं, उसे धारावाहिक विद्युत है । सैंतालीस.तीन. वोल्टीय सेलः- विद्युत सेनाजनक था इटल निवासी शा गल्वनी , एक बार एक हज़ार सात सौ सत्तासी में प्रयोग करते समय उसने एक छो से एक कपको feet को acet fदया । उसने देखा कि ज पीठन को चिमटी और मेंहक के पैर में स्पर्श होता है, तब तब मरे हुए केर में |
दिल्ली। कई सालों से लोगों के घरों में जॉनसन एंड जॉनसन जाना माना नाम रहा है। कंपनी का बेेबी पाउडर तो सभी बच्चोंं के लिए जरुरी चीज रहा है। अब कंपनी बुरे झमेले में फंस गई है।
काफी पुराने और मशहूर ब्रांड जॉनसन एंड जॉनसन बेबी प्रोडक्ट को लेकर भले ही मशहूर रहा हो लेकिन कंपनी अब नए झमेले मेंं फंंसती नजर आ रही है। सरकार ने कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर 230 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने GST कटौती का फायदा कस्टमर्स को नहीं दिया था। जिसके चलते नेशनल एंटी प्रोफिटियरिंग अथॉरिटी ने कंपनी पर जुर्माना लगाया है।
अथारिटी ने अपने फैसले में कहा है कि जिस हिसाब से कंपनी ने टैक्स कटौती की गणना की थी, वो काफी गलत आकलन था। जांच में पाया गया कि 15 नवंबर 2017 को कुछ वस्तुओं पर GST की दर 28 से घटाकर 18 फीसदी की गई तो जॉनसन एंड जॉनसन ने कस्टमर्स को फायदा नहीं दिया। जिसके चलते कंपनी पर ये कठोर कार्रवाई की है।
| दिल्ली। कई सालों से लोगों के घरों में जॉनसन एंड जॉनसन जाना माना नाम रहा है। कंपनी का बेेबी पाउडर तो सभी बच्चोंं के लिए जरुरी चीज रहा है। अब कंपनी बुरे झमेले में फंस गई है। काफी पुराने और मशहूर ब्रांड जॉनसन एंड जॉनसन बेबी प्रोडक्ट को लेकर भले ही मशहूर रहा हो लेकिन कंपनी अब नए झमेले मेंं फंंसती नजर आ रही है। सरकार ने कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर दो सौ तीस करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने GST कटौती का फायदा कस्टमर्स को नहीं दिया था। जिसके चलते नेशनल एंटी प्रोफिटियरिंग अथॉरिटी ने कंपनी पर जुर्माना लगाया है। अथारिटी ने अपने फैसले में कहा है कि जिस हिसाब से कंपनी ने टैक्स कटौती की गणना की थी, वो काफी गलत आकलन था। जांच में पाया गया कि पंद्रह नवंबर दो हज़ार सत्रह को कुछ वस्तुओं पर GST की दर अट्ठाईस से घटाकर अट्ठारह फीसदी की गई तो जॉनसन एंड जॉनसन ने कस्टमर्स को फायदा नहीं दिया। जिसके चलते कंपनी पर ये कठोर कार्रवाई की है। |
आगरा, । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में तीसरे चरण के मतदान के लिए शुक्रवार शाम को प्रचार थम जाएगा। उससे पहले ही दोपहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मैनपुरी में हैं।
तेज धूप के बीच हजारों की संख्या में जुटी भीड़ को संबोधित करते मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शाम को प्रचार खत्म होगा। इस बार ध्यान रखना कि मैनपुरी की चारों सीटे भाजपा जीतेगी। जो उत्तर प्रदेश देश को नेतृत्व देता था, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारों ने इसकी ऐसी दुर्गति कर दी थी कि इसके अस्तित्व पर ही सवाल खडा हो गया था।
मैनपुरी में जनसभा में मौजूद भीड़ ने सीएम योगी का हाथ उठाकर अभिवादन किया।
मैनपुरी के क्रिश्चियन ग्राउंड में दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे हैं। उनके आने से पहलेे ही मैदान में हजारों की संख्या में लोग जुट चुके थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मयन ऋषि की पावन धरती को प्रणाम करता हूं। मैनपुरी भारत की ऋषि परम्परा से जुड़ी है। में यहां आता हूं तो महाराजा तेज सिंह की भी याद आती है। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है।
सपा और बसपा की गुंडागर्दी खत्म हो गई है। पहले बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। दंगे होते थे। अब दंगा नहीं होता। कोई कोशिश करता है तो उसका पोस्टर चौराहों पर लग जाता है। जब अखिलेश यादव की सरकार बनी थी तो पहला काम प्रभु श्रीराम के मन्दिर पर हमला करने वाले आतंकियों को छोड़ने का काम किया था। हमने किसानों का ऋण माफ किया। हम ने कोरोना काल में फ्री में दवा, उपचार और वैक्सीन फ्री में दी। अखिलेश कहते थे ये तो मोदी वेक्सीन है। इस बार आप भी कह देना कि वोट भी भाजपा को ही देंगे क्योंकि जान तो भाजपा की वैक्सीन से बची है। भाजपा जो कहती है वो करके दिखाती है। हम तो राष्ट्र हित के हिसाब से बिना भेदभाव से काम करते हैँ। उन्होंने भाजपा प्रत्याशियों को जिताने की अपील के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।
| आगरा, । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में तीसरे चरण के मतदान के लिए शुक्रवार शाम को प्रचार थम जाएगा। उससे पहले ही दोपहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मैनपुरी में हैं। तेज धूप के बीच हजारों की संख्या में जुटी भीड़ को संबोधित करते मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शाम को प्रचार खत्म होगा। इस बार ध्यान रखना कि मैनपुरी की चारों सीटे भाजपा जीतेगी। जो उत्तर प्रदेश देश को नेतृत्व देता था, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की सरकारों ने इसकी ऐसी दुर्गति कर दी थी कि इसके अस्तित्व पर ही सवाल खडा हो गया था। मैनपुरी में जनसभा में मौजूद भीड़ ने सीएम योगी का हाथ उठाकर अभिवादन किया। मैनपुरी के क्रिश्चियन ग्राउंड में दोपहर करीब बारह बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे हैं। उनके आने से पहलेे ही मैदान में हजारों की संख्या में लोग जुट चुके थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मयन ऋषि की पावन धरती को प्रणाम करता हूं। मैनपुरी भारत की ऋषि परम्परा से जुड़ी है। में यहां आता हूं तो महाराजा तेज सिंह की भी याद आती है। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है। सपा और बसपा की गुंडागर्दी खत्म हो गई है। पहले बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। दंगे होते थे। अब दंगा नहीं होता। कोई कोशिश करता है तो उसका पोस्टर चौराहों पर लग जाता है। जब अखिलेश यादव की सरकार बनी थी तो पहला काम प्रभु श्रीराम के मन्दिर पर हमला करने वाले आतंकियों को छोड़ने का काम किया था। हमने किसानों का ऋण माफ किया। हम ने कोरोना काल में फ्री में दवा, उपचार और वैक्सीन फ्री में दी। अखिलेश कहते थे ये तो मोदी वेक्सीन है। इस बार आप भी कह देना कि वोट भी भाजपा को ही देंगे क्योंकि जान तो भाजपा की वैक्सीन से बची है। भाजपा जो कहती है वो करके दिखाती है। हम तो राष्ट्र हित के हिसाब से बिना भेदभाव से काम करते हैँ। उन्होंने भाजपा प्रत्याशियों को जिताने की अपील के साथ अपना संबोधन समाप्त किया। |
चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़. फोटो-(ईटीवी)
राजधानी में पानीपेच स्थित डेन्टल कॉलेज-हॉस्पिटल के हालातों ने मंगलवार को चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ को भी हैरान कर दिया.
औचक निरीक्षण करने पहुंचे चिकित्सा मंत्री ने बदहाल व्यवस्थाओं को देखकर कहा कि मैंने अपनी जिंदगी में ऐसा अस्पताल नहीं देखा. यहां सबसे रद्दी हालात हैं.
अव्यवस्थाओं से खासे नाराज चिकित्सा मंत्री ने डेन्टल कॉलेज-हॉस्पिटल प्रिसीपल और अधीक्षक को एपीओ करने के निर्देश दिए हैं. चिकित्सा मंत्री के औचक निरीक्षण में सामने आया कि मरीजों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए लंबी डेट दी जा रही थी. कैप लगाने के लिए आठ महीनों की वेटिंग दी जा रही थी. तो वाइरिंग करने के लिए नौ महीनों की डेट दी जा रही थी. इन सबसे मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने खासी नाराजगी जाहिर की.
चिकित्सा मंत्री ने बताया की निरीक्षण के दौरान 20 चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए तो अन्य स्टाफ भी अनुपस्थित मिला. सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा.
इस दौरान अस्पताल के हालात सुधारने के लिए चिकित्सा मंत्री ने एक कमेटी का गठन किया जो 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी. निरीक्षण के दौरान मरीजों ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर शिकात की.
चिकित्सा मंत्री ने मीडिया से बातचीत में संस्थान के हालातों को सुधारने का आश्वासन दिया. उन्होंन आरयूएचएस के वीसी डॉ. राजाबाबू पवार को हर सप्ताह आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए.
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| चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़. फोटो- राजधानी में पानीपेच स्थित डेन्टल कॉलेज-हॉस्पिटल के हालातों ने मंगलवार को चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ को भी हैरान कर दिया. औचक निरीक्षण करने पहुंचे चिकित्सा मंत्री ने बदहाल व्यवस्थाओं को देखकर कहा कि मैंने अपनी जिंदगी में ऐसा अस्पताल नहीं देखा. यहां सबसे रद्दी हालात हैं. अव्यवस्थाओं से खासे नाराज चिकित्सा मंत्री ने डेन्टल कॉलेज-हॉस्पिटल प्रिसीपल और अधीक्षक को एपीओ करने के निर्देश दिए हैं. चिकित्सा मंत्री के औचक निरीक्षण में सामने आया कि मरीजों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए लंबी डेट दी जा रही थी. कैप लगाने के लिए आठ महीनों की वेटिंग दी जा रही थी. तो वाइरिंग करने के लिए नौ महीनों की डेट दी जा रही थी. इन सबसे मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने खासी नाराजगी जाहिर की. चिकित्सा मंत्री ने बताया की निरीक्षण के दौरान बीस चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए तो अन्य स्टाफ भी अनुपस्थित मिला. सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा. इस दौरान अस्पताल के हालात सुधारने के लिए चिकित्सा मंत्री ने एक कमेटी का गठन किया जो पंद्रह दिनों में अपनी रिपोर्ट देगी. निरीक्षण के दौरान मरीजों ने भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर शिकात की. चिकित्सा मंत्री ने मीडिया से बातचीत में संस्थान के हालातों को सुधारने का आश्वासन दिया. उन्होंन आरयूएचएस के वीसी डॉ. राजाबाबू पवार को हर सप्ताह आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए. . |
१ - ब्रह्मचर्य की युक्ति सूर्य नमस्कार अर्थात्
प्रिय पाठकों !
ब्रह्मचर्य - विवेक का तृतीय खण्ड समाप्त हो
आपलोगों को एक नहीं, ब्रह्मचर्य प्राप्ति के सैकड़ों साधन बतलाये गये, आशा है, किसी एक का आश्रय ग्रहण कर इस अशान्त व्यभिचार- सागर से पार होंगे। इसके अतिरिक्त एक और ऐसा साधन बतलाता हूँ जिसके द्वारा महाव्यभिचारी भी सदाचारी और ब्रह्मचारी बन सकता है । वास्तव में यह संजीवनी युक्ति है । यदि पतित समाज इस युक्ति का आश्रय ग्रहण कर ले तो निःसंदेह देवसमाज हुये बिना न रहे ।
वह अनुपम युक्ति पाद-शिरासन है, इसे महात्माओं ने सूर्यनमस्कार के नाम से पुकारा है। इसका साधक दीन, दुखी और दुर्बलेन्द्रिय नहीं रहता, कुछ ही दिन के अभ्यास में शरीर वीर्य से ओत-प्रोत हो जाता है । नस और नाड़ियों में पवित्र रक्त प्रवाहित | एक - ब्रह्मचर्य की युक्ति सूर्य नमस्कार अर्थात् प्रिय पाठकों ! ब्रह्मचर्य - विवेक का तृतीय खण्ड समाप्त हो आपलोगों को एक नहीं, ब्रह्मचर्य प्राप्ति के सैकड़ों साधन बतलाये गये, आशा है, किसी एक का आश्रय ग्रहण कर इस अशान्त व्यभिचार- सागर से पार होंगे। इसके अतिरिक्त एक और ऐसा साधन बतलाता हूँ जिसके द्वारा महाव्यभिचारी भी सदाचारी और ब्रह्मचारी बन सकता है । वास्तव में यह संजीवनी युक्ति है । यदि पतित समाज इस युक्ति का आश्रय ग्रहण कर ले तो निःसंदेह देवसमाज हुये बिना न रहे । वह अनुपम युक्ति पाद-शिरासन है, इसे महात्माओं ने सूर्यनमस्कार के नाम से पुकारा है। इसका साधक दीन, दुखी और दुर्बलेन्द्रिय नहीं रहता, कुछ ही दिन के अभ्यास में शरीर वीर्य से ओत-प्रोत हो जाता है । नस और नाड़ियों में पवित्र रक्त प्रवाहित |
प्रयागराजः जिला न्यायाधीश संतोष राय ने महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चित्रकूट जेल में निरूद्ध आनंद गिरि को अपने बचाव में दस्तावेजों को दाखिल किए जाने के लिए अंतिम मौका दिया है। अदालत ने कहा है कि 23 नवंबर तक वह सभी तरह के दस्तावेज दाखिल कर दें, अन्यथा, आरोप तय कर दिए जाएंगे।
बता दें कि अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 नवंबर की तिथि तय की है। इसके पूर्व केस की सुनवाई शुरू होते ही आनंद गिरि के अधिवक्ता ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की और बताया कि उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दाखिल कर केस दूसरे प्रदेश में स्थानांतरण किए जाने की मांग की गई है। आनंदगिरि चाहते हैं कि उनके केस की सुनवाई मध्य प्रदेश की जबलपुर कोर्ट में किया जाए। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई कर रहा है इसके साथ ही जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल है। इसलिए अभी आरोप तय करने के मामले में आठ हफ्ते तक सुनवाई न शुरू किया जाए।
हालांकि, मामले में सीबीआई के अधिवक्ता मो. फरीद और शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने इस पर विरोध जताया। कहा कि बुधवार को आरोप तय करने के लिए तारीख तय की गई थी। जानबूझकर विलंब किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान अभियुक्त आनंदगिरि, आद्या और संदीप तिवारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहे। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले को 23 मई को फिर से पेश करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अदालत ने आद्या प्रसाद की अर्जी पर सुनवाई करते हुए उन्हें चिकित्सकीय सुविधा और मुकदमें से जुड़े सभी दस्तावेजों की द्वितीय प्रति उपलब्ध कराने का आदेश दिया।
| प्रयागराजः जिला न्यायाधीश संतोष राय ने महंत नरेंद्र गिरि को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चित्रकूट जेल में निरूद्ध आनंद गिरि को अपने बचाव में दस्तावेजों को दाखिल किए जाने के लिए अंतिम मौका दिया है। अदालत ने कहा है कि तेईस नवंबर तक वह सभी तरह के दस्तावेज दाखिल कर दें, अन्यथा, आरोप तय कर दिए जाएंगे। बता दें कि अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तेईस नवंबर की तिथि तय की है। इसके पूर्व केस की सुनवाई शुरू होते ही आनंद गिरि के अधिवक्ता ने कोर्ट में अर्जी दाखिल की और बताया कि उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दाखिल कर केस दूसरे प्रदेश में स्थानांतरण किए जाने की मांग की गई है। आनंदगिरि चाहते हैं कि उनके केस की सुनवाई मध्य प्रदेश की जबलपुर कोर्ट में किया जाए। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में सुनवाई कर रहा है इसके साथ ही जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल है। इसलिए अभी आरोप तय करने के मामले में आठ हफ्ते तक सुनवाई न शुरू किया जाए। हालांकि, मामले में सीबीआई के अधिवक्ता मो. फरीद और शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि ने इस पर विरोध जताया। कहा कि बुधवार को आरोप तय करने के लिए तारीख तय की गई थी। जानबूझकर विलंब किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान अभियुक्त आनंदगिरि, आद्या और संदीप तिवारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहे। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले को तेईस मई को फिर से पेश करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अदालत ने आद्या प्रसाद की अर्जी पर सुनवाई करते हुए उन्हें चिकित्सकीय सुविधा और मुकदमें से जुड़े सभी दस्तावेजों की द्वितीय प्रति उपलब्ध कराने का आदेश दिया। |
जौहरियों ने शनिवार को 18 दिनों से चली आ रही हड़ताल खत्म कर दी है।
नई दिल्ली. जौहरियों ने आम बजट में सोना, हीरा तथा अन्य कीमती रत्न जड़ित चांदी के आभूषणों पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाए जाने का विरोध किया है। 18 दिनों तक इसके विरोध में हड़ताल चली है। शनिवार को जा कर यह हड़ताल समाप्त हुई है।
एनडीटीवी के खबर के अनुसार ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन, ऑल बुनियान एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन और जेम्स ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के बाद हड़ताल खत्म करने का फैसला किया गया।
जीजेएफ के अध्यक्ष श्रीधर जीवी ने बताया, 'वित्त मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि कोई इंस्पेक्टर राज नहीं होगा और हम इस संदर्भ में अधिसूचना की उम्मीद कर रहे हैं। लंबे विचार-विमर्श के बाद हमने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। '
आपको बता दें कि आभूषण विक्रेता और कारोबारी दो लाख रुपये और इससे अधिक के लेनदेन पर स्थायी खाता संख्या (पैन) का उल्लेख अनिवार्य किए जाने का भी विरोध कर रहे हैं।
इस बीच विरोध प्रदर्शन करने वाले आभूषण विक्रेताओं को शांत करने की कोशिश के तहत वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि कारीगरों और शिल्पकारों को उत्पाद शुल्क नहीं देना होगा और न ही उन्हें इसके लिए पंजीकरण लेने की आवश्यकता है।
| जौहरियों ने शनिवार को अट्ठारह दिनों से चली आ रही हड़ताल खत्म कर दी है। नई दिल्ली. जौहरियों ने आम बजट में सोना, हीरा तथा अन्य कीमती रत्न जड़ित चांदी के आभूषणों पर एक प्रतिशत उत्पाद शुल्क लगाए जाने का विरोध किया है। अट्ठारह दिनों तक इसके विरोध में हड़ताल चली है। शनिवार को जा कर यह हड़ताल समाप्त हुई है। एनडीटीवी के खबर के अनुसार ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन, ऑल बुनियान एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन और जेम्स ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के बाद हड़ताल खत्म करने का फैसला किया गया। जीजेएफ के अध्यक्ष श्रीधर जीवी ने बताया, 'वित्त मंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि कोई इंस्पेक्टर राज नहीं होगा और हम इस संदर्भ में अधिसूचना की उम्मीद कर रहे हैं। लंबे विचार-विमर्श के बाद हमने हड़ताल खत्म करने का फैसला किया। ' आपको बता दें कि आभूषण विक्रेता और कारोबारी दो लाख रुपये और इससे अधिक के लेनदेन पर स्थायी खाता संख्या का उल्लेख अनिवार्य किए जाने का भी विरोध कर रहे हैं। इस बीच विरोध प्रदर्शन करने वाले आभूषण विक्रेताओं को शांत करने की कोशिश के तहत वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि कारीगरों और शिल्पकारों को उत्पाद शुल्क नहीं देना होगा और न ही उन्हें इसके लिए पंजीकरण लेने की आवश्यकता है। |
पंजाब सी. एम. द्वारा मुख्तार अंसारी मामले में जारी किए गए नोटिस के बाद अब कांग्रेस नेता सुखजिंद्र रंधावा का पलटवार सामने आया है।
पंजाब भाजपा में बड़ी हलचल सामने आई है।
नगर निगम चुनाव लेकर नए बने 85 वार्डों की हदबंदी को लेकर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा जताए गए एतराजों पर निगम ने काम करना शुरू कर दिया है।
फिलहाल उक्त वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सुझाव दिया है।
उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि रात में उनके घर पर आने वाले व्यक्ति के बारे में अच्छे से पता करवाया जाए।
पुलिस को लिखित शिकायत दी जिसके बाद पुलिस केस दर्ज कर जांच मे जुट गई है।
पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अकाली दल नेताओं के बीच चंडीगढ़ में हुई बैठक पर तंज कसा है।
अमेरिका और कनाडा के चोटी के एन. आर. आई. उद्योगपति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर अगले महीने जुलाई में भारत का दौरा करेंगे।
फोन पर उसने बताया कि गृह मंत्रालय ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व कार्यकरिणी में फेरबदल करना है और यदि आप अध्यक्ष बनने की इच्छुक हैं तो बठिंडा आ जाएं।
नगर निगम चुनाव लड़ने के इच्छुक ज्यादातर नेताओं को न तो वार्डबंदी का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन समझ में आ रहा है।
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| पंजाब सी. एम. द्वारा मुख्तार अंसारी मामले में जारी किए गए नोटिस के बाद अब कांग्रेस नेता सुखजिंद्र रंधावा का पलटवार सामने आया है। पंजाब भाजपा में बड़ी हलचल सामने आई है। नगर निगम चुनाव लेकर नए बने पचासी वार्डों की हदबंदी को लेकर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा जताए गए एतराजों पर निगम ने काम करना शुरू कर दिया है। फिलहाल उक्त वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को सुझाव दिया है। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि रात में उनके घर पर आने वाले व्यक्ति के बारे में अच्छे से पता करवाया जाए। पुलिस को लिखित शिकायत दी जिसके बाद पुलिस केस दर्ज कर जांच मे जुट गई है। पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अकाली दल नेताओं के बीच चंडीगढ़ में हुई बैठक पर तंज कसा है। अमेरिका और कनाडा के चोटी के एन. आर. आई. उद्योगपति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर अगले महीने जुलाई में भारत का दौरा करेंगे। फोन पर उसने बताया कि गृह मंत्रालय ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व कार्यकरिणी में फेरबदल करना है और यदि आप अध्यक्ष बनने की इच्छुक हैं तो बठिंडा आ जाएं। नगर निगम चुनाव लड़ने के इच्छुक ज्यादातर नेताओं को न तो वार्डबंदी का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन समझ में आ रहा है। Be on the top of everything happening around the world. Try Punjab Kesari E-Paper Premium Service. |
Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin Spoiler: सीरियल गुम है किसी के प्यार में सवी का किरदार भाविका शर्मा निभा रही है. शो में दिखाया जा रहा है कि सवी अपनी हरिणी ताई की दिक्कतें जानकर काफी परेशान है. वो उनकी मदद के लिए नौकरी खोज रही है, ताकि पैसों की दिक्कत उनकी कम कर सकें. इस बीच सवी अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही है. इस बीच नया प्रोमा सामने आया है, जिसमें ईशान, सवी का जन्मदिन मनाने की प्लानिंग करता है. वो खुद से उसके लिए खास तैयारी करता है. वो सवी को जैसे ही हैप्पी बर्थडे कहता है वैसे ही रीवा का कॉल आ जाता है. वो उसे बताती है वि सबकुछ छोड़कर वापस उसकी जिंदगी में आ रही है. वहीं, शो का अपकमिंग ट्रैक काफी दिलचस्प होने वाला है.
गुम है किसी के प्यार में दिखाया गया है कि सवी को उस जगह से देर हो जाएगी जहां उसने काम करने का फैसला किया है और रास्ते में उसकी मुलाकात बाजीराव से होगी. वो उसे होस्टल छोड़ देता है. वहीं. शो के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि सवी, हरिणी से फोन पर बात करती है. हरिनी उससे पूछती है उसके जन्मदिन समारोह कैसा चल रहा है. सवी, हरिनी के 45,000 रुपये के किराए के बारे में चिंतित होकर पूछताछ करती है, लेकिन हरिनी उसे आश्वस्त करती है. सवी उसे बताती है कि उसे जॉब मिल गया है और इसे वो उसके घर का किराया चुका देगी. हरिणी उसे कहती है कि वो पढ़ाई के साथ-साथ जॉब कैसे मैनेज करेगी. सवी कहती है कि बस इस बात से ईशान सर उसपर गुस्सा ना हो.
सवी अपने सांस्कृतिक सचिव पद से इस्तीफा देने का फैसला करती है और चली जाती है. ईशान और सवी के बीच इस बात को लेकर नोंक-झोंक होती है और शांतनु सवी को शांत करने की कोशिश करता है, लेकिन असफल रहता है. सवी के दोस्त हैरान होते है कि वो शनिवार को इस्तीफा क्यों दे रही है जबकि उसका जन्मदिन उसी दिन है. ईशान को पता चलता है कि यह सवी का जन्मदिन है और वह अपनी पिछली प्रतिक्रिया के लिए दोषी महसूस करता है. वह उनके दोस्तों के साथ मिलकर सवी के लिए सरप्राइज पार्टी की योजना बनाता है. ईशान प्रतीक के साथ अपनी गलतफहमी पर चर्चा करता है और सवी के लिए उपहार चुनने में मदद मांगता है. प्रतीक एक अच्छी ड्रेस देने के लिए कहता है.
रूपा के जाल में फंसेगी सवी!
सवी अपनी नौकरी पर पहुंचती है और उसे एक भारी बैग को घर के पीछे डंप करने के लिए कहा जाता है. वो ऐसा नहीं करना चाहती है, लेकिन उसने कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है और इस वजह से उसे ये काम करना पड़ता है. वहीं. आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि सवी जब वापस हॉस्टल जाती है तो गेट बंद होता है और वो गेट कूदकर हॉस्टल में एंट्री लेती है. ये बात ईशान को गॉर्ड बता देता है और ईशान सोचने लगता है कि उसे ऐसा करने की क्या जरूरत है. वो सवी का पीछा करता है और देखता है कि सवी एक सुनसान जगह जा रही है.
गुम है किसी के प्यार में के नया प्रोमो ने दिखाया है कि रीवा की वापसी हो रही है. रीवा और ईशान एक-दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन रीवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए उसे छोड़कर विदेश चली जाती है. अब देखना है कि रीवा के वापस आने पर ईशान की जिंदगी में क्या तूफान आता है. क्या रीवा से एक बार फिर ईशान प्यार कर पाएगा. क्या ईशान को उसकी बातों पर भरोसा होगा.
| Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin Spoiler: सीरियल गुम है किसी के प्यार में सवी का किरदार भाविका शर्मा निभा रही है. शो में दिखाया जा रहा है कि सवी अपनी हरिणी ताई की दिक्कतें जानकर काफी परेशान है. वो उनकी मदद के लिए नौकरी खोज रही है, ताकि पैसों की दिक्कत उनकी कम कर सकें. इस बीच सवी अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही है. इस बीच नया प्रोमा सामने आया है, जिसमें ईशान, सवी का जन्मदिन मनाने की प्लानिंग करता है. वो खुद से उसके लिए खास तैयारी करता है. वो सवी को जैसे ही हैप्पी बर्थडे कहता है वैसे ही रीवा का कॉल आ जाता है. वो उसे बताती है वि सबकुछ छोड़कर वापस उसकी जिंदगी में आ रही है. वहीं, शो का अपकमिंग ट्रैक काफी दिलचस्प होने वाला है. गुम है किसी के प्यार में दिखाया गया है कि सवी को उस जगह से देर हो जाएगी जहां उसने काम करने का फैसला किया है और रास्ते में उसकी मुलाकात बाजीराव से होगी. वो उसे होस्टल छोड़ देता है. वहीं. शो के अपकमिंग एपिसोड में दिखाया जाएगा कि सवी, हरिणी से फोन पर बात करती है. हरिनी उससे पूछती है उसके जन्मदिन समारोह कैसा चल रहा है. सवी, हरिनी के पैंतालीस,शून्य रुपयापये के किराए के बारे में चिंतित होकर पूछताछ करती है, लेकिन हरिनी उसे आश्वस्त करती है. सवी उसे बताती है कि उसे जॉब मिल गया है और इसे वो उसके घर का किराया चुका देगी. हरिणी उसे कहती है कि वो पढ़ाई के साथ-साथ जॉब कैसे मैनेज करेगी. सवी कहती है कि बस इस बात से ईशान सर उसपर गुस्सा ना हो. सवी अपने सांस्कृतिक सचिव पद से इस्तीफा देने का फैसला करती है और चली जाती है. ईशान और सवी के बीच इस बात को लेकर नोंक-झोंक होती है और शांतनु सवी को शांत करने की कोशिश करता है, लेकिन असफल रहता है. सवी के दोस्त हैरान होते है कि वो शनिवार को इस्तीफा क्यों दे रही है जबकि उसका जन्मदिन उसी दिन है. ईशान को पता चलता है कि यह सवी का जन्मदिन है और वह अपनी पिछली प्रतिक्रिया के लिए दोषी महसूस करता है. वह उनके दोस्तों के साथ मिलकर सवी के लिए सरप्राइज पार्टी की योजना बनाता है. ईशान प्रतीक के साथ अपनी गलतफहमी पर चर्चा करता है और सवी के लिए उपहार चुनने में मदद मांगता है. प्रतीक एक अच्छी ड्रेस देने के लिए कहता है. रूपा के जाल में फंसेगी सवी! सवी अपनी नौकरी पर पहुंचती है और उसे एक भारी बैग को घर के पीछे डंप करने के लिए कहा जाता है. वो ऐसा नहीं करना चाहती है, लेकिन उसने कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है और इस वजह से उसे ये काम करना पड़ता है. वहीं. आने वाले एपिसोड में दिखाया जाएगा कि सवी जब वापस हॉस्टल जाती है तो गेट बंद होता है और वो गेट कूदकर हॉस्टल में एंट्री लेती है. ये बात ईशान को गॉर्ड बता देता है और ईशान सोचने लगता है कि उसे ऐसा करने की क्या जरूरत है. वो सवी का पीछा करता है और देखता है कि सवी एक सुनसान जगह जा रही है. गुम है किसी के प्यार में के नया प्रोमो ने दिखाया है कि रीवा की वापसी हो रही है. रीवा और ईशान एक-दूसरे से प्यार करते थे, लेकिन रीवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए उसे छोड़कर विदेश चली जाती है. अब देखना है कि रीवा के वापस आने पर ईशान की जिंदगी में क्या तूफान आता है. क्या रीवा से एक बार फिर ईशान प्यार कर पाएगा. क्या ईशान को उसकी बातों पर भरोसा होगा. |
कोरोना से ठीक लोगों को करना पड़ा दिल की समस्या का सामनाः शोध (Photo Credit: फाइल फोटो)
नई दिल्लीः
कोरोना वायरस (corona virus) महामारी के कारणों और प्रभावों का अध्ययन करने के लिए पूरी दुनिया में शोध चल रहे हैं. इस बीच एक शोध में इस बात का पता चला है कि कोरोना वायरस से जंग जीत चुके लोगों को दिल संबंधी समस्या का सामना करना पड़ा है. शोध में ऐसे लोगों की दिल की मांसपेशियों में सूजन का पता चला है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह शोध जर्मनी में किया गया, जिसमें कहा गया है कि जो लोग कोरोना वायरस से ठीक हो चुके हैं, उन्हें कुछ महीनों बाद दिल संबंधी परेशानी से जूझना पड़ा. इस शोध को जामा कार्डिओलोजी में प्रकाशित किया गया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस का इलाज कराने के बाद ठीक हुए 1 हजार लोगों का अध्ययन किया, जिनकी उम्र 45-53 साल थी. शोध में पता चला कि 33 लोग अस्पताल में दाखिल हुए, जबकि 67 लोग अपने घर पर ही ठीक हो गए. इन लोगों के कोरोना से संक्रमित होने की तारीख से दो महीनों का MRC स्कैन का अध्ययन किया गया. शोध में दावा किया गया कि इनमें से दो तिहाई लोगों में दिल संबंधी असामान्य लक्षण दिखे. दिल की मांसपेशियों में सूजन या मायोकार्डिटिस की पहचान की गई.
शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्यादातर लोगों के खून में दिल के नुकसान का सूचक ट्रोपोनिन प्रोटीन मिला. हालांकि शोधकर्ता कहते हैं कि फिलहाल इस बात को सुनिश्चित करना है कि लोगों में कैसे सामान्य दिल की समस्या पाई गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस शोध पर मुंबई के एशियन हर्ट इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संतोष कुमार का कहना है कि ऐसे खतरे आने वाले समय में लोगों के दिल की धड़कन के रुकने का कारण बन सकते हैं.
| कोरोना से ठीक लोगों को करना पड़ा दिल की समस्या का सामनाः शोध नई दिल्लीः कोरोना वायरस महामारी के कारणों और प्रभावों का अध्ययन करने के लिए पूरी दुनिया में शोध चल रहे हैं. इस बीच एक शोध में इस बात का पता चला है कि कोरोना वायरस से जंग जीत चुके लोगों को दिल संबंधी समस्या का सामना करना पड़ा है. शोध में ऐसे लोगों की दिल की मांसपेशियों में सूजन का पता चला है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह शोध जर्मनी में किया गया, जिसमें कहा गया है कि जो लोग कोरोना वायरस से ठीक हो चुके हैं, उन्हें कुछ महीनों बाद दिल संबंधी परेशानी से जूझना पड़ा. इस शोध को जामा कार्डिओलोजी में प्रकाशित किया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस का इलाज कराने के बाद ठीक हुए एक हजार लोगों का अध्ययन किया, जिनकी उम्र पैंतालीस-तिरेपन साल थी. शोध में पता चला कि तैंतीस लोग अस्पताल में दाखिल हुए, जबकि सरसठ लोग अपने घर पर ही ठीक हो गए. इन लोगों के कोरोना से संक्रमित होने की तारीख से दो महीनों का MRC स्कैन का अध्ययन किया गया. शोध में दावा किया गया कि इनमें से दो तिहाई लोगों में दिल संबंधी असामान्य लक्षण दिखे. दिल की मांसपेशियों में सूजन या मायोकार्डिटिस की पहचान की गई. शोधकर्ताओं का कहना है कि ज्यादातर लोगों के खून में दिल के नुकसान का सूचक ट्रोपोनिन प्रोटीन मिला. हालांकि शोधकर्ता कहते हैं कि फिलहाल इस बात को सुनिश्चित करना है कि लोगों में कैसे सामान्य दिल की समस्या पाई गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस शोध पर मुंबई के एशियन हर्ट इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संतोष कुमार का कहना है कि ऐसे खतरे आने वाले समय में लोगों के दिल की धड़कन के रुकने का कारण बन सकते हैं. |
केंद्र सरकार की ओर से अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद ही पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी है। जहां एक ओर देश में ट्रेन रोकी जा रही हैं तो वहीं दूसरी ओर पुलिस पर पत्थरबाजी की जा रही है। टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान शाहजहांपुर में भी 200 फुट रोड पर सैकड़ों युवा नेशनल हाईवे संख्या 48 को जाम करने का प्रयास किया। मगर पुलिस की मुस्तैदी के चलते यह प्रयास नाकामयाब हो गया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों युवाओं को खदेड़ा और जाम होने से बचा लिया। वहीं पुलिस ने 8 युवाओं को हिरासत में भी लिया है। घटना के बाद से पुलिस का भारी बल हाईवे पर मौजूद है। नीमराना डीएसपी महावीर सिंह शेखावत खुद हाइवे पर पुलिस बल का मोर्चा संभाले हुए हैं और किसी भी प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए है।
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| केंद्र सरकार की ओर से अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद ही पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी है। जहां एक ओर देश में ट्रेन रोकी जा रही हैं तो वहीं दूसरी ओर पुलिस पर पत्थरबाजी की जा रही है। टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान शाहजहांपुर में भी दो सौ फुट रोड पर सैकड़ों युवा नेशनल हाईवे संख्या अड़तालीस को जाम करने का प्रयास किया। मगर पुलिस की मुस्तैदी के चलते यह प्रयास नाकामयाब हो गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों युवाओं को खदेड़ा और जाम होने से बचा लिया। वहीं पुलिस ने आठ युवाओं को हिरासत में भी लिया है। घटना के बाद से पुलिस का भारी बल हाईवे पर मौजूद है। नीमराना डीएसपी महावीर सिंह शेखावत खुद हाइवे पर पुलिस बल का मोर्चा संभाले हुए हैं और किसी भी प्रदर्शन पर नजर बनाए हुए है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
गया, 15 सितम्बर (आईएएनएस)। सनातन धर्म में मान्यता है कि पितृ ऋण से तभी मुक्ति मिलती है जब पुत्र मृत पिता की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और श्राद्घ करे। वैसे, पितृपक्ष में अपने पूर्वजों और पितरों को पिंडदान और तर्पण करने के लिए लाखों लोग पिंडदान के लिए बिहार के गया पहुंचते है। परंतु, इस गया में एक ऐसा भी परिवार है, जो पिछले 16 सालों से गरीबों और ऐसे लोगों के लिए पिंडदान करता है, जिन्होंने जीवित रहते समाज को काफी कुछ दिया। गया के रहने वाले स्वर्गीय सुरेश नारायण के पुत्र चंदन कुमार सिंह ने गुरुवार को गया के प्रसिद्घ विष्णुपद मंदिर के नजदीक देवघाट पर पूरे हिन्दू रीति-रिवाज और धार्मिक परम्पराओं के मुताबिक गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युमन, पत्रकार गौरी लंकेश तथा गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से मौत के शिकार हुए बच्चों की आत्मा की शांति सहित कई जाने-अनजाने सैकड़ों लोगों के मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान और तर्पण किया।
चंदन ने आईएएनएस को बताया कि उनके पिता सुरेश नारायण वर्ष 2001 में गुजरात में जब भूकम्प आया था तब ऐसे बच्चों को देखा था जो कल तक अपने परिजनों के साथ महंगी कारों में घूमते थे, परन्तु वे अचानक सड़कों पर भीख मांग रहे थे।
उसी दिन से नारायण के मन में यह विचार आया कि क्यों न इन सैकड़ों लोगों के लिए पिंडदान किया जाए। उसके बाद से इस परिवार के लिए यह कार्य परंपरा बन गई।
चंदन बताते हैं, मेरे पिता लगातार 13 वषरें तक इस परंपरा का निर्वाह किया और उनके परलोक सिधारने के बाद मैं इस कार्य को निभा रहा हूं। उनका कहना है कि पूरी दुनिया अपनी है। अगर किसी का बेटा या परिजन होकर पिंडदान करने से किसी की आत्मा को शांति मिल जाती है, तो इससे बड़ा कार्य क्या हो सकता है।
बकौल चंदन, इस गया की धरती पर कोई भी व्यक्ति तिल, गुड़ और कुश के साथ पिंडदान कर दे तो उसके पूर्वजों को मुक्ति मिल जाती है। चंदन कहते हैं कि उनके पिता ने अपनी मृत्यु के समय ही कहा था कि वे रहे हैं या न रहें परंतु यह परंपरा चलनी चाहिए।
गया के देवघाट पर चंदन ने धार्मिक कर्मकांडों और परम्पराओं के मुताबिक गुरुवार को सामूहिक तर्पण और पिंडदान किया। यह पिंडदान रामानुज मठ के जगद्गुरु वेंटकेश प्रपणाचार्य के आचार्यत्व के निर्देशन में हुआ।
चंदन ने पुत्रवत और परिजन होकर जम्मू के उड़ी में शहीद हुए सैनिकों को मोक्ष मिले इसके लिए देवघाट पर गया श्राद्घ किया गया। इसके साथ ही देश-विदेश के प्रातिक आपदाओं में मारे गए जाने-अजाने सैकड़ों लोगों के लिए चंदन ने पिंडदान व तर्पण किया। मधुबनी के बेनीपट्टी बस दुर्घटना में मारे गए, अटारी, अमृतसर बस दुर्घटना में मारे गए आठ स्कूली बच्चे, बनारस भगदड़ में मारे गए 24 लोग, इंदौर पटना ट्रेन हादसे के शिकार हुए लोग, सुकमा (छत्तीसगढ़) में नक्सली हमले में शहीद हुए जवान, कलिंगा एक्सप्रेस में मारे गए यात्री, बिहार में बाढ़ के शिकार हुए लोगों सहित उन तमाम लोगों के लिए भी मोक्ष की प्रार्थना की, जो पिछले एक वर्ष के दौरान शरीर छोड़ चुके हैं।
जगद्गुरु वेंटकेश प्रपणाचार्य ने कहा कि अपना हो या काई और हो, किसी का नाम लेकर गयाधाम में पिंडदान करने से ब्रह्मलोक की प्राप्ति हो जाती है। चंदन ने सामूहिक पिंडदान किया है। चंदन के पिता सुरेश नारायण ने भी लगातार 13 वषों तक इसी तिथि और इसी स्थान पर देश-विदेश के हजारों लोगों के लिए गया श्राद्घ किया करते थे।
नई दिल्ली। पितृपक्ष का आरंभ शुक्रवार 29 सितंबर से हो चुका है और 14 अक्टूबर तक रहेगा। इस दौरान पूर्वजों और पितरों के नाम से श्राद्ध आदि के कार्य किए जाते हैं। पितृपक्ष में कुछ कार्य करने के लिए मना किया गया है पितृ पक्ष में ये पांच कार्य करना प्रतिबंधित है। आइए जानते हैं पितृपक्ष में क्या करें क्या न करें।
पितृ पक्ष का आरंभ 29 सितंबर शुक्रवार से हो चुका है। पितृ पक्ष 16 दिनों तक चलने वाला है। पितृ पक्ष में कई कार्यों को करने के लिए मना किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में यदि आपको कोई पूर्वज है या अशांत पितृ है तो वह आपसे नाराज हो सकते हैं। पितरों और पूर्वजों के नाराज होने से आपके जीवन में कई तरह की समस्या आ सकती है। आइए जानते हैं पितृ पक्ष में कौनसे कार्य करना वर्जित माना जाता है।
पितृ पक्ष में शराब, मांसाहार, पान, बैंगन, प्याज, लहसुन, बासी भोजन, सफेद तिल, लौकी, मूली, काला नमक, सत्तू, जीरा, मसूर की दाल, सरसों का साग, आदि वर्जित माना गया है। श्राद्ध में कोई इनक चीजों का सेवन करना है या इन चीजों का उपयोग करता है। उससे पितर नाराज हो जाते हैं।
पितृ पक्ष के दौरान मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। जैसे विवाह, गृह प्रवेश, दुकान का मुहूर्त आदि तरह के मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। साथ ही इस समय में कोई नया सामान भी नहीं खरीदना चाहिए।
पितृ पक्ष में किसी से भी झूठ नहीं बोलना चाहिए। इसके अलावा किसी को अपशब्द नहीं कहना चाहिए। सट्टा खेलना किसे के साथ छल कपट करना इस तरह के कार्य नहीं करने चाहिए। ऐसा करने से पितृ नाराज हो जाते हैं। साथ ही श्राद्ध पक्ष में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
पितृपक्ष में आपके दरवाजे पर यदि कोई भी जानवर, साधु आदि आता है तो उनका अपमान न करें। इन लोगों का अपमान करने से आपके पितृ आपसे नाराज हो सकते हैं।
साथ ही घर की चौखट पर यदि कोई गाय, कुत्ता, भिखारी आता है तो उनका अपमान भी न करें। साथ ही श्राद्ध करने वाले को बाल नाखून और दाढ़ी नहीं कटवानी चाहिए।
श्राद्ध के दौरान तर्पण के लिए काले तिल का प्रयोग किया जाता है। इस दौरान भूलकर भी लाल या सफेद तिल के इस्तेमाल न करें। साथ ही श्राद्ध करने के लिए लोहे के बर्तन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। न ही स्टील के बर्तन का प्रयोग करना चाहिए।
इस दौरान आप पीतल के बर्तन में भोजन कर सकते हैं और तांबे के बर्तन में पानी पीना चाहिए। श्राद्ध के लिए आप जो भोजन बना रहे हैं उसको न तो चखना चाहिए न ही पहले खुद खाना चाहिए।
| गया, पंद्रह सितम्बर । सनातन धर्म में मान्यता है कि पितृ ऋण से तभी मुक्ति मिलती है जब पुत्र मृत पिता की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और श्राद्घ करे। वैसे, पितृपक्ष में अपने पूर्वजों और पितरों को पिंडदान और तर्पण करने के लिए लाखों लोग पिंडदान के लिए बिहार के गया पहुंचते है। परंतु, इस गया में एक ऐसा भी परिवार है, जो पिछले सोलह सालों से गरीबों और ऐसे लोगों के लिए पिंडदान करता है, जिन्होंने जीवित रहते समाज को काफी कुछ दिया। गया के रहने वाले स्वर्गीय सुरेश नारायण के पुत्र चंदन कुमार सिंह ने गुरुवार को गया के प्रसिद्घ विष्णुपद मंदिर के नजदीक देवघाट पर पूरे हिन्दू रीति-रिवाज और धार्मिक परम्पराओं के मुताबिक गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युमन, पत्रकार गौरी लंकेश तथा गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से मौत के शिकार हुए बच्चों की आत्मा की शांति सहित कई जाने-अनजाने सैकड़ों लोगों के मोक्ष प्राप्ति के लिए पिंडदान और तर्पण किया। चंदन ने आईएएनएस को बताया कि उनके पिता सुरेश नारायण वर्ष दो हज़ार एक में गुजरात में जब भूकम्प आया था तब ऐसे बच्चों को देखा था जो कल तक अपने परिजनों के साथ महंगी कारों में घूमते थे, परन्तु वे अचानक सड़कों पर भीख मांग रहे थे। उसी दिन से नारायण के मन में यह विचार आया कि क्यों न इन सैकड़ों लोगों के लिए पिंडदान किया जाए। उसके बाद से इस परिवार के लिए यह कार्य परंपरा बन गई। चंदन बताते हैं, मेरे पिता लगातार तेरह वषरें तक इस परंपरा का निर्वाह किया और उनके परलोक सिधारने के बाद मैं इस कार्य को निभा रहा हूं। उनका कहना है कि पूरी दुनिया अपनी है। अगर किसी का बेटा या परिजन होकर पिंडदान करने से किसी की आत्मा को शांति मिल जाती है, तो इससे बड़ा कार्य क्या हो सकता है। बकौल चंदन, इस गया की धरती पर कोई भी व्यक्ति तिल, गुड़ और कुश के साथ पिंडदान कर दे तो उसके पूर्वजों को मुक्ति मिल जाती है। चंदन कहते हैं कि उनके पिता ने अपनी मृत्यु के समय ही कहा था कि वे रहे हैं या न रहें परंतु यह परंपरा चलनी चाहिए। गया के देवघाट पर चंदन ने धार्मिक कर्मकांडों और परम्पराओं के मुताबिक गुरुवार को सामूहिक तर्पण और पिंडदान किया। यह पिंडदान रामानुज मठ के जगद्गुरु वेंटकेश प्रपणाचार्य के आचार्यत्व के निर्देशन में हुआ। चंदन ने पुत्रवत और परिजन होकर जम्मू के उड़ी में शहीद हुए सैनिकों को मोक्ष मिले इसके लिए देवघाट पर गया श्राद्घ किया गया। इसके साथ ही देश-विदेश के प्रातिक आपदाओं में मारे गए जाने-अजाने सैकड़ों लोगों के लिए चंदन ने पिंडदान व तर्पण किया। मधुबनी के बेनीपट्टी बस दुर्घटना में मारे गए, अटारी, अमृतसर बस दुर्घटना में मारे गए आठ स्कूली बच्चे, बनारस भगदड़ में मारे गए चौबीस लोग, इंदौर पटना ट्रेन हादसे के शिकार हुए लोग, सुकमा में नक्सली हमले में शहीद हुए जवान, कलिंगा एक्सप्रेस में मारे गए यात्री, बिहार में बाढ़ के शिकार हुए लोगों सहित उन तमाम लोगों के लिए भी मोक्ष की प्रार्थना की, जो पिछले एक वर्ष के दौरान शरीर छोड़ चुके हैं। जगद्गुरु वेंटकेश प्रपणाचार्य ने कहा कि अपना हो या काई और हो, किसी का नाम लेकर गयाधाम में पिंडदान करने से ब्रह्मलोक की प्राप्ति हो जाती है। चंदन ने सामूहिक पिंडदान किया है। चंदन के पिता सुरेश नारायण ने भी लगातार तेरह वषों तक इसी तिथि और इसी स्थान पर देश-विदेश के हजारों लोगों के लिए गया श्राद्घ किया करते थे। नई दिल्ली। पितृपक्ष का आरंभ शुक्रवार उनतीस सितंबर से हो चुका है और चौदह अक्टूबर तक रहेगा। इस दौरान पूर्वजों और पितरों के नाम से श्राद्ध आदि के कार्य किए जाते हैं। पितृपक्ष में कुछ कार्य करने के लिए मना किया गया है पितृ पक्ष में ये पांच कार्य करना प्रतिबंधित है। आइए जानते हैं पितृपक्ष में क्या करें क्या न करें। पितृ पक्ष का आरंभ उनतीस सितंबर शुक्रवार से हो चुका है। पितृ पक्ष सोलह दिनों तक चलने वाला है। पितृ पक्ष में कई कार्यों को करने के लिए मना किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि पितृ पक्ष में यदि आपको कोई पूर्वज है या अशांत पितृ है तो वह आपसे नाराज हो सकते हैं। पितरों और पूर्वजों के नाराज होने से आपके जीवन में कई तरह की समस्या आ सकती है। आइए जानते हैं पितृ पक्ष में कौनसे कार्य करना वर्जित माना जाता है। पितृ पक्ष में शराब, मांसाहार, पान, बैंगन, प्याज, लहसुन, बासी भोजन, सफेद तिल, लौकी, मूली, काला नमक, सत्तू, जीरा, मसूर की दाल, सरसों का साग, आदि वर्जित माना गया है। श्राद्ध में कोई इनक चीजों का सेवन करना है या इन चीजों का उपयोग करता है। उससे पितर नाराज हो जाते हैं। पितृ पक्ष के दौरान मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। जैसे विवाह, गृह प्रवेश, दुकान का मुहूर्त आदि तरह के मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। साथ ही इस समय में कोई नया सामान भी नहीं खरीदना चाहिए। पितृ पक्ष में किसी से भी झूठ नहीं बोलना चाहिए। इसके अलावा किसी को अपशब्द नहीं कहना चाहिए। सट्टा खेलना किसे के साथ छल कपट करना इस तरह के कार्य नहीं करने चाहिए। ऐसा करने से पितृ नाराज हो जाते हैं। साथ ही श्राद्ध पक्ष में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। पितृपक्ष में आपके दरवाजे पर यदि कोई भी जानवर, साधु आदि आता है तो उनका अपमान न करें। इन लोगों का अपमान करने से आपके पितृ आपसे नाराज हो सकते हैं। साथ ही घर की चौखट पर यदि कोई गाय, कुत्ता, भिखारी आता है तो उनका अपमान भी न करें। साथ ही श्राद्ध करने वाले को बाल नाखून और दाढ़ी नहीं कटवानी चाहिए। श्राद्ध के दौरान तर्पण के लिए काले तिल का प्रयोग किया जाता है। इस दौरान भूलकर भी लाल या सफेद तिल के इस्तेमाल न करें। साथ ही श्राद्ध करने के लिए लोहे के बर्तन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। न ही स्टील के बर्तन का प्रयोग करना चाहिए। इस दौरान आप पीतल के बर्तन में भोजन कर सकते हैं और तांबे के बर्तन में पानी पीना चाहिए। श्राद्ध के लिए आप जो भोजन बना रहे हैं उसको न तो चखना चाहिए न ही पहले खुद खाना चाहिए। |
केंद्र गवर्नमेंट (Central Government) ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति (Appointment of a new Chief Justice) के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस रमेश सिन्हा (Justice Ramesh Sinha) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के नए चीफ जस्टिस (Chief Justice of Chhattisgarh High Court) बनाए गए हैं। एक माह पहले उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने उन्हें प्रमोशन देकर चीफ जस्टिस बनाने का प्रस्ताव केंद्र गवर्नमेंट के पास भेजा था। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी (Arup Kumar Goswami) रिटायर हो गए हैं।
लिहाजा, उच्च न्यायालय में चीफ जस्टिस का पद रिक्त हो गया है। हालांकि, अभी सीनियर जस्टिस गौतम भादुड़ी को अभिनय चीफ जस्टिस बनाया गया है। इससे पहले ही उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने सीनियर जजों को चीफ जस्टिस नियुक्त कर प्रमोशन देने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी थी। इसके लिए केंद्र गवर्नमेंट को प्रस्ताव भेजा गया था. ।
कौन हैं नए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा?
बता दें कि नए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा साल 1990 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में वकालत प्रारम्भ की। इस दौरान इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सिविल और आपराधिक मुकदमा के लिए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। 21 वर्ष वकालत करने के बाद उन्हें साल 2011 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया, फिर वे 2013 में स्थायी जज नियुक्त हुए, तब से वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पदस्थ हैं। अब उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में चीफ जस्टिस के पद पर प्रमोशन दिया गया है।
साथ ही अक्टूबर 2018 में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से इलाहाबाद स्थानांतरित किए गए न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए हैं। वहीं केरल हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति के। विनोद चंद्रन को पटना हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
| केंद्र गवर्नमेंट ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस रमेश सिन्हा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के नए चीफ जस्टिस बनाए गए हैं। एक माह पहले उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने उन्हें प्रमोशन देकर चीफ जस्टिस बनाने का प्रस्ताव केंद्र गवर्नमेंट के पास भेजा था। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी रिटायर हो गए हैं। लिहाजा, उच्च न्यायालय में चीफ जस्टिस का पद रिक्त हो गया है। हालांकि, अभी सीनियर जस्टिस गौतम भादुड़ी को अभिनय चीफ जस्टिस बनाया गया है। इससे पहले ही उच्चतम न्यायालय के कॉलेजियम ने सीनियर जजों को चीफ जस्टिस नियुक्त कर प्रमोशन देने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी थी। इसके लिए केंद्र गवर्नमेंट को प्रस्ताव भेजा गया था. । कौन हैं नए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा? बता दें कि नए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा साल एक हज़ार नौ सौ नब्बे में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने उच्च न्यायालय में वकालत प्रारम्भ की। इस दौरान इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सिविल और आपराधिक मुकदमा के लिए उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। इक्कीस वर्ष वकालत करने के बाद उन्हें साल दो हज़ार ग्यारह में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया, फिर वे दो हज़ार तेरह में स्थायी जज नियुक्त हुए, तब से वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पदस्थ हैं। अब उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में चीफ जस्टिस के पद पर प्रमोशन दिया गया है। साथ ही अक्टूबर दो हज़ार अट्ठारह में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से इलाहाबाद स्थानांतरित किए गए न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए गए हैं। वहीं केरल हाई कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति के। विनोद चंद्रन को पटना हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। |
PRAYAGRAJ: जिस युवती को सचिन मिश्रा प्रेमिका बता रहा था दरअसल वे उसे जानती ही नहीं। सचिन उसे बदनाम करने की धमकी देकर जबरिया शादी करने का प्रयास कर रहा था। मकसद में कामयाब नहीं हुआ तो एसएसपी ऑफिस में आत्मदाह की कोशिश करने पहुंच गया था। आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा उसके खिलाफ कर्नलगंज थाने में दर्ज किया गया है। उधर युवती के भाई हिमांशु सिंह ने भी सचिन के खिलाफ सरायइनायत थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।
सहसो क्षेत्र निवासी हिमांशु सिंह ने पुलिस को सचिन मिश्र के करतूत की जानकारी दी। तहरीर के मुताबिक सचिन सिंगरामऊ सहसो का निवासी है। सचिन उसकी बहन को अक्सर परेशान किया करता था। अश्लील वीडियो दिखाकर उसकी शादी तुड़वाने व बदनाम करने की धमकी दे रहा था। हिमांशु ने पुलिस को बताया कि दो माह पूर्व उसकी बहन की सगाई हो चुकी है। यह खबर सचिन को लगी तो वे उसकी होने वाले ससुराल जा पहुंचा। युवती के ससुराल वालों को बताया कि उसकी शादी मुझसे पहले ही हो चुकी है। इतना ही नहीं चालबाज सचिन डॉयल 112 पुलिस भेजकर भी शादी का दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। जब पुलिस द्वारा युवती से बात की गई तो वह सचिन को जानने से इंकार कर दी। हर जतन कर सचिन हार गया तो वह दबाव बनाने के लिए एसएसपी ऑफिस पहुंच आत्म दाह की कोशिश करने लगा। हिमांशु सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सचिन मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
युवक की तहरीर पर सचिन मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।
| PRAYAGRAJ: जिस युवती को सचिन मिश्रा प्रेमिका बता रहा था दरअसल वे उसे जानती ही नहीं। सचिन उसे बदनाम करने की धमकी देकर जबरिया शादी करने का प्रयास कर रहा था। मकसद में कामयाब नहीं हुआ तो एसएसपी ऑफिस में आत्मदाह की कोशिश करने पहुंच गया था। आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा उसके खिलाफ कर्नलगंज थाने में दर्ज किया गया है। उधर युवती के भाई हिमांशु सिंह ने भी सचिन के खिलाफ सरायइनायत थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। सहसो क्षेत्र निवासी हिमांशु सिंह ने पुलिस को सचिन मिश्र के करतूत की जानकारी दी। तहरीर के मुताबिक सचिन सिंगरामऊ सहसो का निवासी है। सचिन उसकी बहन को अक्सर परेशान किया करता था। अश्लील वीडियो दिखाकर उसकी शादी तुड़वाने व बदनाम करने की धमकी दे रहा था। हिमांशु ने पुलिस को बताया कि दो माह पूर्व उसकी बहन की सगाई हो चुकी है। यह खबर सचिन को लगी तो वे उसकी होने वाले ससुराल जा पहुंचा। युवती के ससुराल वालों को बताया कि उसकी शादी मुझसे पहले ही हो चुकी है। इतना ही नहीं चालबाज सचिन डॉयल एक सौ बारह पुलिस भेजकर भी शादी का दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। जब पुलिस द्वारा युवती से बात की गई तो वह सचिन को जानने से इंकार कर दी। हर जतन कर सचिन हार गया तो वह दबाव बनाने के लिए एसएसपी ऑफिस पहुंच आत्म दाह की कोशिश करने लगा। हिमांशु सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सचिन मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। युवक की तहरीर पर सचिन मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी। |
।उपोददत (Upoddath)
वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। इस राशिवालों के लिए शुभ दिन शुक्रवार और बुधवार होते हैं। कुलस्वामिनी को वृषभ राशि के उपोददत नाम के लड़कों का आराध्य माना जाता है। उपोददत नाम के लड़के गले के विकारों जैसे खांसी और खराश से ग्रस्त रहते हैं। इन उपोददत नाम के लड़कों में गोइटर और गले में टॉन्सिल संभावित रूप से हो जाता है साथ ही ये के लड़के मांसल शरीर के होते हैं। वृषभ राशि के उपोददत नाम के लड़के आलसी, मोटे और खाने पीने के शौकीन होते हैं। इस राशि के उपोददत नाम के लड़के भोजन-नली, जबड़े, कान और गले की बीमारियों से अकसर ग्रस्त रहते हैं। उपोददत नाम के लड़कों पर विश्वास किया जा सकता है और ये लक्ष्य को पूरा करने में माहिर होते हैं।
अगर आप अपने बच्चे का नाम उपोददत रखने की सोच रहें हैं तो पहले उसका मतलब जान लेना जरूरी है। आपको बता दें कि उपोददत का मतलब अध्यापक होता है। अपनी संतान को उपोददत नाम देकर आप उसके जीवन को एक नई दिशा दे सकते हैं। उपोददत नाम रखने से पहले इसका अर्थ जानना जरूरी होता है। जैसे कि उपोददत नाम का मतलब अध्यापक होता है और इस अर्थ का प्रभाव उपोददत नाम के व्यक्ति के स्वभाव में भी दिखने लगता है। जैसा कि हमने बताया कि उपोददत का अर्थ अध्यापक होता है और इस अर्थ का प्रभाव आप उपोददत नाम के व्यक्ति के व्यव्हार में भी देख सकते हैं। यह माना जाता है कि यदि आपका नाम उपोददत है और इसका अर्थ अध्यापक है, तो इसका गहरा प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव पर भी पड़ता है। उपोददत नाम की राशि, उपोददत नाम का लकी नंबर व उपोददत नाम के लोगों के व्यक्तित्व अथवा इस नाम के मतलब जो कि अध्यापक है, आदि के बारे में आगे बताया गया है।
उपोददत नाम के लोगों का ग्रह स्वामी शुक्र और शुभ अंक 6 है। जिन लोगों का शुभ अंक 6 होता है, वे आकर्षक और खूबसूरत होते हैं। उपोददत नाम के लोगों को जरा भी गंदगी पसंद नहीं होती। ये कलात्मक भी होते हैं। जिन लोगों का शुभ अंक 6 है, उन्हें घूमना-फिरना काफी पसंद होता है। ये लोग धैर्यवान होते हैं। उपोददत नाम के लोगों को भविष्य में विदेश जाने का मौका मिल सकता है। इन्हें अपने माता-पिता से अत्यंत प्रेम और स्नेह प्राप्त होता है।
उपोददत नाम वाले व्यक्ति की राशि वृषभ होती है। उपोददत नाम के लोग अपने दोस्तों व आस-पास के लोगों से काफी प्रेम रखते हैं और अपनी नौकरी व काम के प्रति काफी ईमानदारी रहते हैं। जिनका नाम उपोददत है, उन्हें बिना किसी उतार-चढ़ाव वाली जिंदगी जीना अच्छा लगता है। चूंकि, वृषभ राशि के लोगों को बदलाव पसंद नहीं होता है इसलिए इनके व्यव्हार में अड़ियलपन नजर आता है। मनमौजी, धैर्यवान और भरोसा इनके स्वाभाव की खास बाते हैं। मेष राशि के लोगों की खास बात होती है कि वे विश्वसनीय होते हैं।
।भगवान शिव, चमकदार, शिव का एक नाम, Kandarp का नाम, आग की एक नाम उदय या ऊपर की ओर प्रज्वलन,
।(आदम का बेटा)
| ।उपोददत वृषभ राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। इस राशिवालों के लिए शुभ दिन शुक्रवार और बुधवार होते हैं। कुलस्वामिनी को वृषभ राशि के उपोददत नाम के लड़कों का आराध्य माना जाता है। उपोददत नाम के लड़के गले के विकारों जैसे खांसी और खराश से ग्रस्त रहते हैं। इन उपोददत नाम के लड़कों में गोइटर और गले में टॉन्सिल संभावित रूप से हो जाता है साथ ही ये के लड़के मांसल शरीर के होते हैं। वृषभ राशि के उपोददत नाम के लड़के आलसी, मोटे और खाने पीने के शौकीन होते हैं। इस राशि के उपोददत नाम के लड़के भोजन-नली, जबड़े, कान और गले की बीमारियों से अकसर ग्रस्त रहते हैं। उपोददत नाम के लड़कों पर विश्वास किया जा सकता है और ये लक्ष्य को पूरा करने में माहिर होते हैं। अगर आप अपने बच्चे का नाम उपोददत रखने की सोच रहें हैं तो पहले उसका मतलब जान लेना जरूरी है। आपको बता दें कि उपोददत का मतलब अध्यापक होता है। अपनी संतान को उपोददत नाम देकर आप उसके जीवन को एक नई दिशा दे सकते हैं। उपोददत नाम रखने से पहले इसका अर्थ जानना जरूरी होता है। जैसे कि उपोददत नाम का मतलब अध्यापक होता है और इस अर्थ का प्रभाव उपोददत नाम के व्यक्ति के स्वभाव में भी दिखने लगता है। जैसा कि हमने बताया कि उपोददत का अर्थ अध्यापक होता है और इस अर्थ का प्रभाव आप उपोददत नाम के व्यक्ति के व्यव्हार में भी देख सकते हैं। यह माना जाता है कि यदि आपका नाम उपोददत है और इसका अर्थ अध्यापक है, तो इसका गहरा प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव पर भी पड़ता है। उपोददत नाम की राशि, उपोददत नाम का लकी नंबर व उपोददत नाम के लोगों के व्यक्तित्व अथवा इस नाम के मतलब जो कि अध्यापक है, आदि के बारे में आगे बताया गया है। उपोददत नाम के लोगों का ग्रह स्वामी शुक्र और शुभ अंक छः है। जिन लोगों का शुभ अंक छः होता है, वे आकर्षक और खूबसूरत होते हैं। उपोददत नाम के लोगों को जरा भी गंदगी पसंद नहीं होती। ये कलात्मक भी होते हैं। जिन लोगों का शुभ अंक छः है, उन्हें घूमना-फिरना काफी पसंद होता है। ये लोग धैर्यवान होते हैं। उपोददत नाम के लोगों को भविष्य में विदेश जाने का मौका मिल सकता है। इन्हें अपने माता-पिता से अत्यंत प्रेम और स्नेह प्राप्त होता है। उपोददत नाम वाले व्यक्ति की राशि वृषभ होती है। उपोददत नाम के लोग अपने दोस्तों व आस-पास के लोगों से काफी प्रेम रखते हैं और अपनी नौकरी व काम के प्रति काफी ईमानदारी रहते हैं। जिनका नाम उपोददत है, उन्हें बिना किसी उतार-चढ़ाव वाली जिंदगी जीना अच्छा लगता है। चूंकि, वृषभ राशि के लोगों को बदलाव पसंद नहीं होता है इसलिए इनके व्यव्हार में अड़ियलपन नजर आता है। मनमौजी, धैर्यवान और भरोसा इनके स्वाभाव की खास बाते हैं। मेष राशि के लोगों की खास बात होती है कि वे विश्वसनीय होते हैं। ।भगवान शिव, चमकदार, शिव का एक नाम, Kandarp का नाम, आग की एक नाम उदय या ऊपर की ओर प्रज्वलन, । |
अन्धकारस्थप्रमातृविषयः पुनः योऽन्यो व्यवहारोऽस्फुटतामयः तत्र ते आभासा अन्यथा, तथाहि - जात्यन्धस्य बाह्येन्द्रिय प्रत्यक्षत्वलक्षणम् आभासान्तरं नैव अस्ति, दृष्टवतस्तु अन्धोभूतस्य संतमसस्थितस्य च तात्कालिकं तत् वास्ति अपि तु प्राक्तनमेव बाह्येन्द्रिय प्रत्यक्षत्वम् अनुसन्धत्ते, तस्मात् अर्थावभासस्य केषुचिदपि विकल्पेषु सत्तायांस्वरूपे विशेषोऽस्ति इति सम्भावना न कर्तव्या, ते हि विकल्पा भाविवस्तुगामिनो वा भविष्यन्निष्ठा भवन्तु वर्तमाननिष्ठा वा अतीतवस्तुविश्रान्ता वा, एतदुक्तं भवति-नीलमिदं पश्यामि, संकल्पयामि, उत्प्रेक्षे, स्मरामि, करोमि, वेद्मि इत्यादौ नीलाभासोऽसौ स्वरूपतोऽनुनाधिकः एवं पश्यामीत्येवं यः पोत्तादिषु ते पुनराभासाः स्वातन्त्र्येण यदा भगवता संयोज्यन्ते वियोज्यन्ते च तदा अयं स्फुट वास्फुटत्वादिव्यवहारः, नीलमित्याभासस्य उत्प्रेक्षे इत्याद्याभासान्तरव्यवच्छेदेन पश्यामीति आभासव्यामिश्रणायां स्फुटताव्यवहारः । एवं त्रैकालिकव्यवहार वैचित्र्योपपत्तिः । परमेश्वेरस्वरूपान्तर्भूतत्वे पुनराभासानां न कुतश्चित् व्यवच्छेदः -न केनचित् व्यामिश्रणा इति ॥ १-२ ॥
ननु एतत् नीलादिषु उपपद्यताम् यत्र बाह्येन्द्रियव्यापारोऽस्ति, सुखादौ तु तदभावात् कथं
रूप में दूसरे आभास को अपेक्षा रखनेवाले उससे मिले हुए, आभास कहीं-कहीं हो जाते हैं, जहाँ पर स्फुटरूप से व्यवहार होता है और अन्ध विषयक व्यवहार अन्धकार में रहनेवाला प्रमातृगत विषयक व्यवहार होता है, वही आभास 'मंद' अस्फुट कहलाता है; क्योंकि उसका इन्द्रियों से सम्बन्ध नहीं है । जैसा कि जन्मना अन्धे व्यक्ति को बाह्येन्द्रिय से प्रत्यक्ष होनेवाला दूसरा आभास नहीं होता, जिसने कभी वस्तु को देख लिया और बाद में अन्धापन आ गया है उसका और अन्धकार में बैठे हुए व्यक्ति का तात्कालिक आभास नहीं होता है, किन्तु वह पूर्वं कालिक इन्द्रियों के प्रत्यक्ष का ही अनुसन्धान [ स्मरण ] करता है। इससे यह सिद्ध होता है कि किन्हीं- किन्हीं विकल्पों को सत्ता में विशेषताएँ होती हैं- ऐसी संभावना नहीं करनी चाहिए, वे विकल्प भविष्यनिष्ठ अतीत वस्तुओं में होते हैं या वर्तमान में रहते हैं या काल में विश्रान्त हो जाते हैं, यह कहा जाता है कि मैं इस नील को देखता हूँ, [ यह भाव सापेक्ष है ] मैं संकल्प करता हूँ [ यह निरपेक्ष है ] मैं उत्प्रेक्षा करता हूँ,
है ] मैं करता हूँ, [ यह क्रिया प्रधान है ] इत्यादि विकल्पों में नीलाभास स्वरूपतः सारा का सारा रहता ही है, इसी प्रकार से मैं देखता हूँ - ऐसा जो पीतादि पदार्थों के आभास हैं उन्हें स्वातन्त्र्यरूप से जब भगवान् संयोजन-वियोजन आदि करते हैं तभी इसमें स्फुटत्व और अस्फुटत्व का व्यवहार होता है। नील उत्प्रेक्षा में आभास का दूसरे आभास के साथ मिला देने पर स्फुटता का व्यवहार होता है - इस प्रकार तीनों कालों में भी व्यवहार की विचित्रता सिद्ध होती है, परमेश्वर के स्वरूप में अन्तर्भूत होने पर तो परमार्थ प्रमाता के आधीन होनेवाले आभासों का किसी से न व्यवच्छेद होता है और न किसी से मेल ही होता है ।। १-२॥
अब शङ्का करते हैं कि नीलादि-पदाथों के आभासों में जहाँ पर बाह्येन्द्रियों के व्यापार हैं, वहाँ पर तो - यह बात घट सकती है, किन्तु सुखादि में तो, बाह्येन्द्रियों के व्यापार न होने
१. यह स्फुटकत्त्र और अस्फुटकत्व आदि का व्यवहार भी सकल, प्रलयाकल आदि प्रमाताओं में विश्रान्त होता है किन्तु परमार्थं प्रमाता में नहीं होता, इसी कारण उन्हें परमेश्वर कहा जाता है। २१ | अन्धकारस्थप्रमातृविषयः पुनः योऽन्यो व्यवहारोऽस्फुटतामयः तत्र ते आभासा अन्यथा, तथाहि - जात्यन्धस्य बाह्येन्द्रिय प्रत्यक्षत्वलक्षणम् आभासान्तरं नैव अस्ति, दृष्टवतस्तु अन्धोभूतस्य संतमसस्थितस्य च तात्कालिकं तत् वास्ति अपि तु प्राक्तनमेव बाह्येन्द्रिय प्रत्यक्षत्वम् अनुसन्धत्ते, तस्मात् अर्थावभासस्य केषुचिदपि विकल्पेषु सत्तायांस्वरूपे विशेषोऽस्ति इति सम्भावना न कर्तव्या, ते हि विकल्पा भाविवस्तुगामिनो वा भविष्यन्निष्ठा भवन्तु वर्तमाननिष्ठा वा अतीतवस्तुविश्रान्ता वा, एतदुक्तं भवति-नीलमिदं पश्यामि, संकल्पयामि, उत्प्रेक्षे, स्मरामि, करोमि, वेद्मि इत्यादौ नीलाभासोऽसौ स्वरूपतोऽनुनाधिकः एवं पश्यामीत्येवं यः पोत्तादिषु ते पुनराभासाः स्वातन्त्र्येण यदा भगवता संयोज्यन्ते वियोज्यन्ते च तदा अयं स्फुट वास्फुटत्वादिव्यवहारः, नीलमित्याभासस्य उत्प्रेक्षे इत्याद्याभासान्तरव्यवच्छेदेन पश्यामीति आभासव्यामिश्रणायां स्फुटताव्यवहारः । एवं त्रैकालिकव्यवहार वैचित्र्योपपत्तिः । परमेश्वेरस्वरूपान्तर्भूतत्वे पुनराभासानां न कुतश्चित् व्यवच्छेदः -न केनचित् व्यामिश्रणा इति ॥ एक-दो ॥ ननु एतत् नीलादिषु उपपद्यताम् यत्र बाह्येन्द्रियव्यापारोऽस्ति, सुखादौ तु तदभावात् कथं रूप में दूसरे आभास को अपेक्षा रखनेवाले उससे मिले हुए, आभास कहीं-कहीं हो जाते हैं, जहाँ पर स्फुटरूप से व्यवहार होता है और अन्ध विषयक व्यवहार अन्धकार में रहनेवाला प्रमातृगत विषयक व्यवहार होता है, वही आभास 'मंद' अस्फुट कहलाता है; क्योंकि उसका इन्द्रियों से सम्बन्ध नहीं है । जैसा कि जन्मना अन्धे व्यक्ति को बाह्येन्द्रिय से प्रत्यक्ष होनेवाला दूसरा आभास नहीं होता, जिसने कभी वस्तु को देख लिया और बाद में अन्धापन आ गया है उसका और अन्धकार में बैठे हुए व्यक्ति का तात्कालिक आभास नहीं होता है, किन्तु वह पूर्वं कालिक इन्द्रियों के प्रत्यक्ष का ही अनुसन्धान [ स्मरण ] करता है। इससे यह सिद्ध होता है कि किन्हीं- किन्हीं विकल्पों को सत्ता में विशेषताएँ होती हैं- ऐसी संभावना नहीं करनी चाहिए, वे विकल्प भविष्यनिष्ठ अतीत वस्तुओं में होते हैं या वर्तमान में रहते हैं या काल में विश्रान्त हो जाते हैं, यह कहा जाता है कि मैं इस नील को देखता हूँ, [ यह भाव सापेक्ष है ] मैं संकल्प करता हूँ [ यह निरपेक्ष है ] मैं उत्प्रेक्षा करता हूँ, है ] मैं करता हूँ, [ यह क्रिया प्रधान है ] इत्यादि विकल्पों में नीलाभास स्वरूपतः सारा का सारा रहता ही है, इसी प्रकार से मैं देखता हूँ - ऐसा जो पीतादि पदार्थों के आभास हैं उन्हें स्वातन्त्र्यरूप से जब भगवान् संयोजन-वियोजन आदि करते हैं तभी इसमें स्फुटत्व और अस्फुटत्व का व्यवहार होता है। नील उत्प्रेक्षा में आभास का दूसरे आभास के साथ मिला देने पर स्फुटता का व्यवहार होता है - इस प्रकार तीनों कालों में भी व्यवहार की विचित्रता सिद्ध होती है, परमेश्वर के स्वरूप में अन्तर्भूत होने पर तो परमार्थ प्रमाता के आधीन होनेवाले आभासों का किसी से न व्यवच्छेद होता है और न किसी से मेल ही होता है ।। एक-दो॥ अब शङ्का करते हैं कि नीलादि-पदाथों के आभासों में जहाँ पर बाह्येन्द्रियों के व्यापार हैं, वहाँ पर तो - यह बात घट सकती है, किन्तु सुखादि में तो, बाह्येन्द्रियों के व्यापार न होने एक. यह स्फुटकत्त्र और अस्फुटकत्व आदि का व्यवहार भी सकल, प्रलयाकल आदि प्रमाताओं में विश्रान्त होता है किन्तु परमार्थं प्रमाता में नहीं होता, इसी कारण उन्हें परमेश्वर कहा जाता है। इक्कीस |
ये वही फैक्ट्री है, जिसमें पिछले साल भी आग लगी थी और काफी लोगों की जान चली गई थी. साल 2022 के 13 मई को इसी फैक्ट्री में आग लगी थी, तब 27 लोगों की मौत हो गई थी. बाहरी दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के समीप एक इमारत में रविवार को आग लग गई. दिल्ली दमकल सेवा के अधिकारियों ने यह जानकारी दी.
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. दिल्ली दमकल सेवा के मुताबिक आग लगने की सूचना शाम करीब पौने पांच बजे मिली जिसके बाद दमकल की छह गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह वही इमारत है जहां पिछले साल आग लगी थी और 27 लोगों की मौत हो गई थी. उन्होंने बताया कि आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है.
दिल्ली सरकार ने पिछले साल मई के महीने में मुंडका अग्निकांड और जामिया नगर के रेस्टोरेंट में जान गंवाने वाले कुल 29 लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की थी. इसके अलावा दोनों अग्निकांडों में घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी देने का ऐलान किया गया था. हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि बिल्डिंग में कोई मौजूद था या फिर सामान रखा हुआ था.
| ये वही फैक्ट्री है, जिसमें पिछले साल भी आग लगी थी और काफी लोगों की जान चली गई थी. साल दो हज़ार बाईस के तेरह मई को इसी फैक्ट्री में आग लगी थी, तब सत्ताईस लोगों की मौत हो गई थी. बाहरी दिल्ली के मुंडका मेट्रो स्टेशन के समीप एक इमारत में रविवार को आग लग गई. दिल्ली दमकल सेवा के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. दिल्ली दमकल सेवा के मुताबिक आग लगने की सूचना शाम करीब पौने पांच बजे मिली जिसके बाद दमकल की छह गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह वही इमारत है जहां पिछले साल आग लगी थी और सत्ताईस लोगों की मौत हो गई थी. उन्होंने बताया कि आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है. दिल्ली सरकार ने पिछले साल मई के महीने में मुंडका अग्निकांड और जामिया नगर के रेस्टोरेंट में जान गंवाने वाले कुल उनतीस लोगों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये देने की घोषणा की थी. इसके अलावा दोनों अग्निकांडों में घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की आर्थिक मदद भी देने का ऐलान किया गया था. हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि बिल्डिंग में कोई मौजूद था या फिर सामान रखा हुआ था. |
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अमेरिका (US) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के खिलाफ संसद के निचले सदन में चल रही महाभियोग की कार्यवाही (Impeachment proceedings) को ऊपरी सदन सीनेट भेजने के पक्ष में सांसदों ने बुधवार को वोट किया।
सत्ता के दुरुपयोग और संसद के काम में अवरोध पैदा करने के आरोप में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग अब सीनेट में चलेगा। ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही सीनेट में चलाए जाने के पक्ष में 228 सांसदों ने जबकि विपक्ष में 193 सांसदों ने वोट दिया।
बता दें कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए इसे उच्च सदन में भेजने के लिए मतदान करवाया ताकि उन्हें सत्ता के दुरुपयोग और कांग्रेस के लिए बाधा पैदा करने को लेकर पद से हटाया जा सके।
जिसके बाद सदन ने महाभियोग चलाने के लिए स्पीकर नैंसी पेलोसी ने अभियोजन पक्ष की ओर से सात सांसदों को भी नियुक्त किया है। जो डेमोक्रेट सदस्यों के साथ महाभियोग की कार्यवाही पर बहस करेंगे।
दरअसल 435 सदस्यों वाले निचले सदन में 18 दिसंबर, 2019 को राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए महाभियोग चलाए जाने की संस्तुति की गई थी।
इसके लिए कांग्रेसी और इंटेलिजेंस पर स्थायी चयन समिति के अध्यक्ष एडम शिफ नामित किए गए जो कि सदस्यों की समिति के प्रमुख होंगे। उनके साथ कांग्रेसी और सदन की न्यायिक समिति के प्रमुख जेरी नैडलर, जोए लोफग्रेन, हकीम जेफरीज, वैल डेनिंग डेमिंग्स और दो अन्य सदस्य इस समिति में शामिल होंगे।
उच्च सदन सीनेट में अब चलने वाली महाभियोग की कार्यवाही में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के पास 100 सदस्यों के साथ बहुमत है। माना जा रहा है कि ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही 21 जनवरी से शुरू हो सकती है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश करेंगे। ट्रायल के दौरान व्हाइट हाउस राष्ट्रपति का बचाव करेगा।
दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में संभावित प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के लिए यूक्रेन की सरकार पर दबाव बनाया। बिडेन के बेटे यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी में बड़े अधिकारी हैं। ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडीमिर जेलेंस्की के बीच हुई कथित फोन वार्ता महाभियोग के लिए एक अहम सबूत की तरह है।
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| नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ संसद के निचले सदन में चल रही महाभियोग की कार्यवाही को ऊपरी सदन सीनेट भेजने के पक्ष में सांसदों ने बुधवार को वोट किया। सत्ता के दुरुपयोग और संसद के काम में अवरोध पैदा करने के आरोप में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग अब सीनेट में चलेगा। ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही सीनेट में चलाए जाने के पक्ष में दो सौ अट्ठाईस सांसदों ने जबकि विपक्ष में एक सौ तिरानवे सांसदों ने वोट दिया। बता दें कि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए इसे उच्च सदन में भेजने के लिए मतदान करवाया ताकि उन्हें सत्ता के दुरुपयोग और कांग्रेस के लिए बाधा पैदा करने को लेकर पद से हटाया जा सके। जिसके बाद सदन ने महाभियोग चलाने के लिए स्पीकर नैंसी पेलोसी ने अभियोजन पक्ष की ओर से सात सांसदों को भी नियुक्त किया है। जो डेमोक्रेट सदस्यों के साथ महाभियोग की कार्यवाही पर बहस करेंगे। दरअसल चार सौ पैंतीस सदस्यों वाले निचले सदन में अट्ठारह दिसंबर, दो हज़ार उन्नीस को राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए महाभियोग चलाए जाने की संस्तुति की गई थी। इसके लिए कांग्रेसी और इंटेलिजेंस पर स्थायी चयन समिति के अध्यक्ष एडम शिफ नामित किए गए जो कि सदस्यों की समिति के प्रमुख होंगे। उनके साथ कांग्रेसी और सदन की न्यायिक समिति के प्रमुख जेरी नैडलर, जोए लोफग्रेन, हकीम जेफरीज, वैल डेनिंग डेमिंग्स और दो अन्य सदस्य इस समिति में शामिल होंगे। उच्च सदन सीनेट में अब चलने वाली महाभियोग की कार्यवाही में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के पास एक सौ सदस्यों के साथ बहुमत है। माना जा रहा है कि ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही इक्कीस जनवरी से शुरू हो सकती है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश करेंगे। ट्रायल के दौरान व्हाइट हाउस राष्ट्रपति का बचाव करेगा। दरअसल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में संभावित प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के लिए यूक्रेन की सरकार पर दबाव बनाया। बिडेन के बेटे यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी में बड़े अधिकारी हैं। ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडीमिर जेलेंस्की के बीच हुई कथित फोन वार्ता महाभियोग के लिए एक अहम सबूत की तरह है। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक। |
लखनऊः उ. प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2019 में चयनित नायब तहसीलदारों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा नवचयनित नायब तहसीलदारों को नियुक्ति-पत्र वितरित करने का अवसर मुझे प्राप्त हुआ है। मैं आप सभी को हृदय से बधाई व शुभकामनाएं देता हूं। आप जैसे युवा और ऊर्जावान नायब तहसीलदारों के माध्यम से तहसील की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने, जनसुनवाई को और तीव्र बनाने, राजस्व संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण को एक नई गति प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री बोले कि आज योग्य एवं प्रतिभावान लोगों को पूरा अवसर दिया जा रहा है। पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं का चयन हो रहा है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा नवचयनित 145 नायब तहसीलदारों में से 110 को आज यहां नियुक्ति पत्र वितरित किया जा रहा है। मुझे प्रसन्नता है कि यूपी सरकार विगत साढ़े चार वर्षों में 4. 50 लाख युवाओं को सफलतापूर्वक नियुक्ति देकर प्रदेश में उनकी ऊर्जा और प्रतिभा का लाभ ले रही है।
आगे उन्होनें कहा कि चयन की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। सरकार सभी नवचयनित नायब तहसीलदारों से अपेक्षा रखती है कि आप भी पूरी ईमानदारी से शासकीय व्यवस्था का हिस्सा बनने के साथ अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करेंगे। प्रदेश वही तंत्र वही संसाधन वही सब कुछ वही है... लेकिन विगत साढ़े चार वर्षों में प्रदेश की छवि बदली है। आज प्रदेश के नौजवानों को विभिन्न सेवाओं में पारदर्शी तरीके से चयन के बाद सेवा का अवसर प्राप्त हो रहा है। मुझे प्रसन्नता है कि विगत साढ़े चार वर्षों में प्रदेश के प्रति व्यक्ति की आय लगभग दोगुनी होने की ओर अग्रसर है।
उ. प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2019 में चयनित नायब तहसीलदारों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में CM ने कहा कि यूपी सरकार ने प्रदेश को उस दिशा की ओर अग्रसर किया, जिससे अपना राज्य देश की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। आज प्रदेश 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में नंबर-2 पर आने के साथ ही देश की 44 महत्वपूर्ण योजनाओं में नंबर-1 है।
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| लखनऊः उ. प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-दो हज़ार उन्नीस में चयनित नायब तहसीलदारों को नियुक्ति पत्र वितरित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा नवचयनित नायब तहसीलदारों को नियुक्ति-पत्र वितरित करने का अवसर मुझे प्राप्त हुआ है। मैं आप सभी को हृदय से बधाई व शुभकामनाएं देता हूं। आप जैसे युवा और ऊर्जावान नायब तहसीलदारों के माध्यम से तहसील की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने, जनसुनवाई को और तीव्र बनाने, राजस्व संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण को एक नई गति प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री बोले कि आज योग्य एवं प्रतिभावान लोगों को पूरा अवसर दिया जा रहा है। पूरी पारदर्शिता के साथ युवाओं का चयन हो रहा है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा नवचयनित एक सौ पैंतालीस नायब तहसीलदारों में से एक सौ दस को आज यहां नियुक्ति पत्र वितरित किया जा रहा है। मुझे प्रसन्नता है कि यूपी सरकार विगत साढ़े चार वर्षों में चार. पचास लाख युवाओं को सफलतापूर्वक नियुक्ति देकर प्रदेश में उनकी ऊर्जा और प्रतिभा का लाभ ले रही है। आगे उन्होनें कहा कि चयन की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। सरकार सभी नवचयनित नायब तहसीलदारों से अपेक्षा रखती है कि आप भी पूरी ईमानदारी से शासकीय व्यवस्था का हिस्सा बनने के साथ अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करेंगे। प्रदेश वही तंत्र वही संसाधन वही सब कुछ वही है... लेकिन विगत साढ़े चार वर्षों में प्रदेश की छवि बदली है। आज प्रदेश के नौजवानों को विभिन्न सेवाओं में पारदर्शी तरीके से चयन के बाद सेवा का अवसर प्राप्त हो रहा है। मुझे प्रसन्नता है कि विगत साढ़े चार वर्षों में प्रदेश के प्रति व्यक्ति की आय लगभग दोगुनी होने की ओर अग्रसर है। उ. प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-दो हज़ार उन्नीस में चयनित नायब तहसीलदारों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में CM ने कहा कि यूपी सरकार ने प्रदेश को उस दिशा की ओर अग्रसर किया, जिससे अपना राज्य देश की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। आज प्रदेश 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' में नंबर-दो पर आने के साथ ही देश की चौंतालीस महत्वपूर्ण योजनाओं में नंबर-एक है। This website uses cookies. |
की रचना भी विशिष्ट होती है, किन्तु वह सव यौगिक नहीं माने जाते । उनको रसायन शास्त्र सम्मेलन ही कहता है। इसी तरह ताम्र, वंग या ताम्र यशद आदि के साथ कांस्य, भरत, पित्तल आदिके जो मिश्रण बनते हैं यह सव मिश्रणा कहलाते हैं। इनको यौगिक नहीं कहा जाता । यौगिक और मिश्रण व सम्मेलन बहुत अन्तर होता है । यौगिक तो उसको कहते हैं कि जहां दो या अधिक पदार्थ जब परस्पर मिलें तो वह अपना अपना स्वतन्त्र अस्तित्व गंवा कर एक तीसरे ऐसे पदार्थकी रचना करें जिसके गुण, स्वभाव उन मौलिक तत्त्वोंसे भिन्न हो । जैसे रससिंदूर, इसमें पारद एक स्वेत चमकदार द्रव धातु तत्त्व है, दूसरी ओर बलि एक पीत वर्ण धातु तत्त्व है । किन्तु जब इन दोनोंके योग से जो यौगिक बनता है वह रक्त वर्णका कण (रवा) रूप होता है जिसका तन, घन मात्रा, वर्ण, रूप, गुण, धर्म सब अपने दोनों मौलिक तत्त्वोंसे भिन्न होते हैं । मिश्रण व सम्मेलनमें तत्त्वोंके अपने गुण, धर्म सबके सब यथावत् विद्यमान रहते हैं।
जिन वैद्योंके यह विचार हैं कि जब पारदको अत्यन्त शुद्ध किया जाय तो वह बुभुक्षित हो जाता है उस समय वह सुवर्णको खा कर अपने में तल्लीन कर लेता है, बुभुक्षित पारदमें फिर सुवर्णका कोई स्वतन्त्र अस्तित्व नहीं मिलता, न सुवर्णका भार ही उसमें पाया जाता है, न उसकी द्रवताही घटती है, रसायन शास्त्र इन विचारोंकी पुष्टि नहीं करता । न रसायन शास्त्रियोंने आज तक पारद की कोई ऐसी अवस्था देखी ही है। वैद्य समुदाय शास्त्रका प्रमाण तो देदे हैं किंतु ऐसा पारद कोई वैद्य आजतक तय्यार करके न दिखा सके, इसलिये जब तक यह प्रत्यक्ष प्रयोग - सिद्ध बात सामने न आवे, रसायन शस्त्र इस पर अपनी कोई सम्मति नहीं देता।
जिस समय हमारे रसाचार्यों द्वारा धातु-वाद जोरों पर था उस समय तक ७ धातुएं तथा बलि, सोमल, टङ्कण आदि कुछ अधातु तत्त्वोंका ही ज्ञान था। | की रचना भी विशिष्ट होती है, किन्तु वह सव यौगिक नहीं माने जाते । उनको रसायन शास्त्र सम्मेलन ही कहता है। इसी तरह ताम्र, वंग या ताम्र यशद आदि के साथ कांस्य, भरत, पित्तल आदिके जो मिश्रण बनते हैं यह सव मिश्रणा कहलाते हैं। इनको यौगिक नहीं कहा जाता । यौगिक और मिश्रण व सम्मेलन बहुत अन्तर होता है । यौगिक तो उसको कहते हैं कि जहां दो या अधिक पदार्थ जब परस्पर मिलें तो वह अपना अपना स्वतन्त्र अस्तित्व गंवा कर एक तीसरे ऐसे पदार्थकी रचना करें जिसके गुण, स्वभाव उन मौलिक तत्त्वोंसे भिन्न हो । जैसे रससिंदूर, इसमें पारद एक स्वेत चमकदार द्रव धातु तत्त्व है, दूसरी ओर बलि एक पीत वर्ण धातु तत्त्व है । किन्तु जब इन दोनोंके योग से जो यौगिक बनता है वह रक्त वर्णका कण रूप होता है जिसका तन, घन मात्रा, वर्ण, रूप, गुण, धर्म सब अपने दोनों मौलिक तत्त्वोंसे भिन्न होते हैं । मिश्रण व सम्मेलनमें तत्त्वोंके अपने गुण, धर्म सबके सब यथावत् विद्यमान रहते हैं। जिन वैद्योंके यह विचार हैं कि जब पारदको अत्यन्त शुद्ध किया जाय तो वह बुभुक्षित हो जाता है उस समय वह सुवर्णको खा कर अपने में तल्लीन कर लेता है, बुभुक्षित पारदमें फिर सुवर्णका कोई स्वतन्त्र अस्तित्व नहीं मिलता, न सुवर्णका भार ही उसमें पाया जाता है, न उसकी द्रवताही घटती है, रसायन शास्त्र इन विचारोंकी पुष्टि नहीं करता । न रसायन शास्त्रियोंने आज तक पारद की कोई ऐसी अवस्था देखी ही है। वैद्य समुदाय शास्त्रका प्रमाण तो देदे हैं किंतु ऐसा पारद कोई वैद्य आजतक तय्यार करके न दिखा सके, इसलिये जब तक यह प्रत्यक्ष प्रयोग - सिद्ध बात सामने न आवे, रसायन शस्त्र इस पर अपनी कोई सम्मति नहीं देता। जिस समय हमारे रसाचार्यों द्वारा धातु-वाद जोरों पर था उस समय तक सात धातुएं तथा बलि, सोमल, टङ्कण आदि कुछ अधातु तत्त्वोंका ही ज्ञान था। |
इस्लामाबाद, 9 मार्च (आईएएनएस)। रावलपिंडी से स्कार्दू, गिलगित-बाल्टिस्तान जा रही एक यात्री वैन के नदी में गिर जाने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और 4 अन्य घायल हुए। पुलिस ने कहा है कि घटना सोमवार को हुई। डॉन न्यूज के मुताबिक, गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार के प्रवक्ता फैजुल्लाह फराक ने कहा है कि पीड़ितों में दो बच्चे भी शामिल हैं।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि गिलगित-बाटलिस्तान के मुख्यमंत्री हाफिज उर रहमान ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।
| इस्लामाबाद, नौ मार्च । रावलपिंडी से स्कार्दू, गिलगित-बाल्टिस्तान जा रही एक यात्री वैन के नदी में गिर जाने से कम से कम इक्कीस लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए। पुलिस ने कहा है कि घटना सोमवार को हुई। डॉन न्यूज के मुताबिक, गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार के प्रवक्ता फैजुल्लाह फराक ने कहा है कि पीड़ितों में दो बच्चे भी शामिल हैं। प्रवक्ता ने आगे कहा कि गिलगित-बाटलिस्तान के मुख्यमंत्री हाफिज उर रहमान ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। |
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भारत सरकार इस वर्ष की 16 जनवरी से 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के तहत कारगर टीकाकरण अभियान के लिए राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों का समर्थन करती रही है। टीके की खुराकों की उपलब्धता को कारगर बनाने के लिएकेंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं के निरंतर संपर्क में है और 1 मई 2021 से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए खरीद के अलग-अलग विकल्प खोले हैं।
ऐसी कई निराधार मीडिया रिपोर्टें आई हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में जनता के बीच गलत सूचना फैलाई है।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह आरोप लगाया गया है कि केंद्र सरकार ने जून के दौरान टीकों की 120 मिलियन खुराकों का वादा किया जबकि मई महीने में उपलब्ध कुल 79 मिलियन खुराकों में से केवल 58 मिलियन खुराकें दी गईं। यह रिपोर्ट तथ्यात्मक दृष्टि से गलत और निराधार है।
1 जून 2021 की सुबह 7:00 बजे के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 31 मई 2021 के बीच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा टीकों की कुल 61.06 मिलियन खुराकें दी गई हैं।राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के पास कुल 16.22 मिलियन शेष और इस्तेमाल नहीं की गईं खुराकें उपलब्ध थीं। 1 मई से 31 मई 2021 तक उपलब्ध कुल टीके की खुराकें 79.45 मिलियन थीं।
कुछ मीडिया रिपोर्टों ने असत्यापित हवालों के आधार पर भारत की टीकाकरण नीति की आलोचना की है। जनसंख्या भागों की प्राथमिकता पर सवाल उठाने वाली ये रिपोर्टें इस मामले की पूरी जानकारी से समर्थित नहीं हैं।
- स्वास्थ्य सेवा की रक्षा महामारी अनुक्रिया प्रणाली के हिस्से के रूप में करना।
- कोविड-19 के कारण मृत्यु को रोकना औरबीमारी के कारण उच्चतम जोखिम और मृत्यु दर की चपेट में आने वाले व्यक्तियों की रक्षा करना।
इसी के अनुसार अपने देश में टीकाकरण अभियान का क्रमिक रूप से विस्तार किया गया है ताकि स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों (एचसीडब्ल्यू) के साथ शुरू होने वाले प्राथमिकता वाले समूहों को शामिल किया जा सके, इसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स (एफएलडब्ल्यू), फिर 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों और 20 चिन्हित रोगों के साथ 45-59 वर्ष की आयु वाले लोगों को शामिल किया जा सके। बाद में 1 अप्रैल 2021 से 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी व्यक्ति कोविड-19 टीकाकरण के लिए पात्र थे।
इस तरह के दृष्टिकोण के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। पंजीकृत एचसीडब्ल्यू के बीच 81 प्रतिशत से अधिक पहली खुराक कवरेज और पंजीकृत एफएलडब्ल्यू में पहली खुराक के लगभग 84 प्रतिशत का कवरेज मिला है जिससे दूसरी लहर के बीच स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, निगरानी और रोकथाम गतिविधियों में शामिल इन समूहों की रक्षा की जा रही है।45 वर्ष और उससे ऊपर के आयु वर्ग में 37 प्रतिशत लोगों को टीके की पहली खुराक दी गई है जबकि इस समूह के पात्र 32 प्रतिशत लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गई है।
अब 1 मई, 2021 से 18 वर्ष और उससे ऊपर की आयु के सभी नागरिक टीका के पात्र हैं। 1 मई, 2021 को एक 'उदारीकृत मूल्य निर्धारण और त्वरित राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण रणनीति' को अपनाया गया जो कोविड-19 टीकारण अभियान के चालू चरण-III का निर्देशन कर रही है। इस रणनीति के अंतर्गत प्रत्येक महीने किसी भी निर्माता की कुल केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (सीडीएल) द्वारा मंजूर टीके की 50 प्रतिशत खुराक भारत सरकार द्वारा खरीदी जाएगी।भारत सरकार पहले की तरह ही इन खुराकों को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क उपलब्ध कराती रहेगी।शेष 50 प्रतिशत खुराकें राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों द्वारा सीधी खरीद के लिए उपलब्ध हैं, जिनमें से राज्यों का हिस्सा आनुपातिक आधार पर है।
| Posted On: भारत सरकार इस वर्ष की सोलह जनवरी से 'संपूर्ण सरकार' दृष्टिकोण के तहत कारगर टीकाकरण अभियान के लिए राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों का समर्थन करती रही है। टीके की खुराकों की उपलब्धता को कारगर बनाने के लिएकेंद्र सरकार वैक्सीन निर्माताओं के निरंतर संपर्क में है और एक मई दो हज़ार इक्कीस से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए खरीद के अलग-अलग विकल्प खोले हैं। ऐसी कई निराधार मीडिया रिपोर्टें आई हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में जनता के बीच गलत सूचना फैलाई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह आरोप लगाया गया है कि केंद्र सरकार ने जून के दौरान टीकों की एक सौ बीस मिलियन खुराकों का वादा किया जबकि मई महीने में उपलब्ध कुल उन्यासी मिलियन खुराकों में से केवल अट्ठावन मिलियन खुराकें दी गईं। यह रिपोर्ट तथ्यात्मक दृष्टि से गलत और निराधार है। एक जून दो हज़ार इक्कीस की सुबह सात:शून्य बजे के आंकड़ों के अनुसार, एक से इकतीस मई दो हज़ार इक्कीस के बीच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा टीकों की कुल इकसठ.छः मिलियन खुराकें दी गई हैं।राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के पास कुल सोलह.बाईस मिलियन शेष और इस्तेमाल नहीं की गईं खुराकें उपलब्ध थीं। एक मई से इकतीस मई दो हज़ार इक्कीस तक उपलब्ध कुल टीके की खुराकें उन्यासी.पैंतालीस मिलियन थीं। कुछ मीडिया रिपोर्टों ने असत्यापित हवालों के आधार पर भारत की टीकाकरण नीति की आलोचना की है। जनसंख्या भागों की प्राथमिकता पर सवाल उठाने वाली ये रिपोर्टें इस मामले की पूरी जानकारी से समर्थित नहीं हैं। - स्वास्थ्य सेवा की रक्षा महामारी अनुक्रिया प्रणाली के हिस्से के रूप में करना। - कोविड-उन्नीस के कारण मृत्यु को रोकना औरबीमारी के कारण उच्चतम जोखिम और मृत्यु दर की चपेट में आने वाले व्यक्तियों की रक्षा करना। इसी के अनुसार अपने देश में टीकाकरण अभियान का क्रमिक रूप से विस्तार किया गया है ताकि स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के साथ शुरू होने वाले प्राथमिकता वाले समूहों को शामिल किया जा सके, इसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स , फिर साठ वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों और बीस चिन्हित रोगों के साथ पैंतालीस-उनसठ वर्ष की आयु वाले लोगों को शामिल किया जा सके। बाद में एक अप्रैल दो हज़ार इक्कीस से पैंतालीस वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी व्यक्ति कोविड-उन्नीस टीकाकरण के लिए पात्र थे। इस तरह के दृष्टिकोण के सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। पंजीकृत एचसीडब्ल्यू के बीच इक्यासी प्रतिशत से अधिक पहली खुराक कवरेज और पंजीकृत एफएलडब्ल्यू में पहली खुराक के लगभग चौरासी प्रतिशत का कवरेज मिला है जिससे दूसरी लहर के बीच स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं, निगरानी और रोकथाम गतिविधियों में शामिल इन समूहों की रक्षा की जा रही है।पैंतालीस वर्ष और उससे ऊपर के आयु वर्ग में सैंतीस प्रतिशत लोगों को टीके की पहली खुराक दी गई है जबकि इस समूह के पात्र बत्तीस प्रतिशत लाभार्थियों को दूसरी खुराक दी गई है। अब एक मई, दो हज़ार इक्कीस से अट्ठारह वर्ष और उससे ऊपर की आयु के सभी नागरिक टीका के पात्र हैं। एक मई, दो हज़ार इक्कीस को एक 'उदारीकृत मूल्य निर्धारण और त्वरित राष्ट्रीय कोविड-उन्नीस टीकाकरण रणनीति' को अपनाया गया जो कोविड-उन्नीस टीकारण अभियान के चालू चरण-III का निर्देशन कर रही है। इस रणनीति के अंतर्गत प्रत्येक महीने किसी भी निर्माता की कुल केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला द्वारा मंजूर टीके की पचास प्रतिशत खुराक भारत सरकार द्वारा खरीदी जाएगी।भारत सरकार पहले की तरह ही इन खुराकों को राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को निशुल्क उपलब्ध कराती रहेगी।शेष पचास प्रतिशत खुराकें राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी और निजी अस्पतालों द्वारा सीधी खरीद के लिए उपलब्ध हैं, जिनमें से राज्यों का हिस्सा आनुपातिक आधार पर है। |
मुख्यमंत्री के मन की बात सुनते विधायक व अधिकारी।
रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से जिले की 1030 पुल-पुलियों के मरम्मत कार्य का रविवार को उद्घाटन किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों को समय से पूरा कराने के आदेश दिए। इसमें 993 का जीर्णोद्धार व 37 पुलियों का नए सिरे से निर्माण् होगा।
बछरावां विधानसभा क्षेत्र में 164, हरचंदपुर में 89, सदर में 227, सलोन में 287, ऊंचाहार में 163, सरेनी में 63 पुल-पुलियों को चिह्नित किया गया है। बछरावां में तीन, हरचंदपुर में एक, सदर में पांच, सलोन में नौ, ऊंचाहार में 15 तथा सरेनी में चार पुल-पुलियां नए सिरे से बनवाए जाएंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम ने कहा कि सभी कार्य 100 दिन में पूरे कराए जाएं।
अगले चरण में नहरों की पटरियों को चयनित करके प्रत्येक नहर की पटरियों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर एनआईसी में बछरावां विधायक राम नरेश रावत, सदर विधायिका के प्रतिनिधि मुशीर अहमद, डीएम वैभव श्रीवास्तव, एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष, पीडी प्रेमचंद्र पटेल आदि मौजूद रहे।
जिले में सिंचाई विभाग की नहरों और रजबहों पर बनी 1030 पुल और पुलियों की रेलिंग, पुल की छत सहित अन्य कार्यों को कराने में 16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 100 दिन में काम पूरा होने के बाद इन पुल और पुलियों से आवागमन का काम सुगम हो जाएगा। पुलों की मरम्मत होने करीब 10 लाख लोगों को आने-जाने में सहूलित मिलेगी।
अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड दक्षिणी हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में सिंचाई विभाग के आठ खंडों की नहरें हैं। इसमें रायबरेली खंड दक्षिणी, शारदा सहायक खंड 45, उन्नाव खंड शारदा सहायक नहर, लखनऊ खंड शारदा नहर, शारदा सहायक खंड 28 हैदरगढ़, शारदा सहायक खंड 41 गौरीगंज अमेठी, सिंचाई खंड प्रतापगढ़, सिंचाई खंड उन्नाव है। इन सभी खंडों के अंतर्गत 1030 पुल व पुलिया जर्जर है। सभी खंड कार्य कराकर समय से काम को पूरा कराएंगे।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
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| मुख्यमंत्री के मन की बात सुनते विधायक व अधिकारी। रायबरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से जिले की एक हज़ार तीस पुल-पुलियों के मरम्मत कार्य का रविवार को उद्घाटन किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कार्यों को समय से पूरा कराने के आदेश दिए। इसमें नौ सौ तिरानवे का जीर्णोद्धार व सैंतीस पुलियों का नए सिरे से निर्माण् होगा। बछरावां विधानसभा क्षेत्र में एक सौ चौंसठ, हरचंदपुर में नवासी, सदर में दो सौ सत्ताईस, सलोन में दो सौ सत्तासी, ऊंचाहार में एक सौ तिरेसठ, सरेनी में तिरेसठ पुल-पुलियों को चिह्नित किया गया है। बछरावां में तीन, हरचंदपुर में एक, सदर में पांच, सलोन में नौ, ऊंचाहार में पंद्रह तथा सरेनी में चार पुल-पुलियां नए सिरे से बनवाए जाएंगे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम ने कहा कि सभी कार्य एक सौ दिन में पूरे कराए जाएं। अगले चरण में नहरों की पटरियों को चयनित करके प्रत्येक नहर की पटरियों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर एनआईसी में बछरावां विधायक राम नरेश रावत, सदर विधायिका के प्रतिनिधि मुशीर अहमद, डीएम वैभव श्रीवास्तव, एडीएम राम अभिलाष, पीडी प्रेमचंद्र पटेल आदि मौजूद रहे। जिले में सिंचाई विभाग की नहरों और रजबहों पर बनी एक हज़ार तीस पुल और पुलियों की रेलिंग, पुल की छत सहित अन्य कार्यों को कराने में सोलह करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एक सौ दिन में काम पूरा होने के बाद इन पुल और पुलियों से आवागमन का काम सुगम हो जाएगा। पुलों की मरम्मत होने करीब दस लाख लोगों को आने-जाने में सहूलित मिलेगी। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड दक्षिणी हेमंत कुमार वर्मा ने बताया कि जिले में सिंचाई विभाग के आठ खंडों की नहरें हैं। इसमें रायबरेली खंड दक्षिणी, शारदा सहायक खंड पैंतालीस, उन्नाव खंड शारदा सहायक नहर, लखनऊ खंड शारदा नहर, शारदा सहायक खंड अट्ठाईस हैदरगढ़, शारदा सहायक खंड इकतालीस गौरीगंज अमेठी, सिंचाई खंड प्रतापगढ़, सिंचाई खंड उन्नाव है। इन सभी खंडों के अंतर्गत एक हज़ार तीस पुल व पुलिया जर्जर है। सभी खंड कार्य कराकर समय से काम को पूरा कराएंगे। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
महिला से मारपीट करता आरोपी (तस्वीर -एएनआई)
मुंबई में गुरुवार रात थाने-सीएसटी लोकल ट्रेन में एक महिला पर हमले का मामला सामने आया है. ट्रेन के डिब्बे में मौजूद एक अन्य यात्री ने घटना का वीडियो बना लिया. वीडियो में महिला, हमला करने वाले शख्स का मुकाबला करती नज़र आ रही है. ट्रेन कंपार्टमेंट दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित था. रेलवे पुलिस ने दादर स्टेशन पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
वीडियो में दूसरे डिब्बे में एक महाराष्ट्र सिक्योरिटी का एक गार्ड भी दिख रहा है. हालांकि, दोनों डिब्बों के बीच ग्रिल लगी होने के कारण वो मदद नहीं कर पाया.
मुंबई मिरर के मुताबिक, समीर जावेरी नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने गार्ड से इमरजेंसी चेन खींचने को कहा, लेकिन उसने जवाब नहीं दिया. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "दिव्यांग कंपार्टमेंट में एक शख्स बुरी तरह महिला को पीट रहा था. खतरा होने के कारण मैं महिला की मदद नहीं कर पाया. अगर मैं बीच-बचाव करता तो मेरी जान जा सकती थी. मैंने लेडीज कोच में बैठे गार्ड को इमरजेंसी चेन खींचने को कहा, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. "
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| महिला से मारपीट करता आरोपी मुंबई में गुरुवार रात थाने-सीएसटी लोकल ट्रेन में एक महिला पर हमले का मामला सामने आया है. ट्रेन के डिब्बे में मौजूद एक अन्य यात्री ने घटना का वीडियो बना लिया. वीडियो में महिला, हमला करने वाले शख्स का मुकाबला करती नज़र आ रही है. ट्रेन कंपार्टमेंट दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित था. रेलवे पुलिस ने दादर स्टेशन पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. वीडियो में दूसरे डिब्बे में एक महाराष्ट्र सिक्योरिटी का एक गार्ड भी दिख रहा है. हालांकि, दोनों डिब्बों के बीच ग्रिल लगी होने के कारण वो मदद नहीं कर पाया. मुंबई मिरर के मुताबिक, समीर जावेरी नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी ने गार्ड से इमरजेंसी चेन खींचने को कहा, लेकिन उसने जवाब नहीं दिया. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "दिव्यांग कंपार्टमेंट में एक शख्स बुरी तरह महिला को पीट रहा था. खतरा होने के कारण मैं महिला की मदद नहीं कर पाया. अगर मैं बीच-बचाव करता तो मेरी जान जा सकती थी. मैंने लेडीज कोच में बैठे गार्ड को इमरजेंसी चेन खींचने को कहा, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. " . |
नई दिल्लीः
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई अदालत ने यौन शोषण के मामले में दोषी करार दिया है। गुरमीत राम रहीम पर उनकी पूर्व महिला अनुयायी ने डेरा शिविर में उससे कई बार यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। फैसले से पहले समर्थकों की भीड़ को देखते हुए डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय सिरसा और पंचकुला में सेना बुला ली गई है।
यौन शोषण के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ फैसले से पहले हरियाणा-पंजाब में एकत्रित भीड़ पर हाईकोर्ट सख्त है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरत पड़ने पर हथियार इस्तेमाल करने से नहीं हिचकें।
उत्तर प्रदेश में विधानपरिषद की चार सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद उप्र की सियासत में पावर गेम शुरू हो गया है। बीजेपी के पास इतनी संख्या है कि वह चारों सीटों पर अपने उम्मीदवारों को जितवा सकती है लेकिन बीजेपी सूत्र बता रहे हैं कि किसी एक मंत्री का पत्ता साफ होना लगभग तय है।
साउथ कोरिया की एक कोर्ट ने सैमसंग के उत्तराधिकारी ली जेई यॉन्ग को पाच साल की जेल की सज़ा सुनाई है। ली को घूसखोरी के मामले में सजा सुनाई गई है जिसके कारण वहां की पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग का मामला भी चला था।
देशभर में आज धूमधाम से गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जा रहा है। गणपति बप्पा के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। वैसे तो पूरे भारत में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जा रहा है, लेकिन महाराष्ट्र में गजानन हर घर में पधारेंगे। यह त्योहार पूरे 10 दिन तक विधि-विधान के साथ मनाया जाएगा। 5 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन किया जाएगा।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी रविवार को पटना में होने जा रही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की रैली में शामिल नहीं होंगे। वह इस दौरान नॉर्वे के दौरे पर होंगे।
राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, 'मैं नार्वे के विदेश मामलों के मंत्रालय के निमंत्रण पर कुछ दिनों के लिए ऑस्लो की यात्रा पर रहूंगा।
सुप्रीम कोर्ट जम्मू एवं कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले अनुच्छेद 35ए के ख़िलाफ़ याचिका पर दिवाली बाद सुनवाई के लिए तैयार हो गई है।
जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली बेंच ने जम्मू-कश्मीर सरकार की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें यह कहा गया था कि अनुच्छेद 35ए के ख़िलाफ़ दायर याचिका की सुनवाई दिवाली बाद की जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में भारतीय नागरिकों को निजता का अधिकार दिया है। इसे अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार मानते हुए सभी नागरिकों की निजता को सुरक्षित किया है। जस्टिस खेहर की अध्यक्षता वाली 9 जजों की बेंच ने अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन की किताब 'डेवेलपमेंट एण्ड फ्रीडम' और दूसरी किताबो और लेखों की लाइनों को उदाहरण के तौर पर पेश किया।
यूएडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने गुरुवार को कहा कि आधार कार्ड के साथ पैन कार्ड लिंकिंग जोड़ने का आदेश पहले की तरह ही लागू रहेगा, साथ ही सभी सरकारी योजनाओं जिनमें सब्सिडी का लाभ मिलना है उसमें भी 12 अंकों का आधार नंबर लिंक करना अनिवार्य है।
मुंबई में माहिम के पास अंधेरी जाने वाली हार्बर लाइन के चार डिब्बे शुक्रवार को पटरी से उतर गए, जिसमें 4 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। पश्चिमी रेलवे ने कहा, 'हार्बर लाइन पर माहिम के पास लोकल ट्रेन की चार बोगियां पटरी से उतर गई। पांच यात्रियों को चोटें आई है। '
| नई दिल्लीः डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई अदालत ने यौन शोषण के मामले में दोषी करार दिया है। गुरमीत राम रहीम पर उनकी पूर्व महिला अनुयायी ने डेरा शिविर में उससे कई बार यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। फैसले से पहले समर्थकों की भीड़ को देखते हुए डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय सिरसा और पंचकुला में सेना बुला ली गई है। यौन शोषण के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ फैसले से पहले हरियाणा-पंजाब में एकत्रित भीड़ पर हाईकोर्ट सख्त है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरत पड़ने पर हथियार इस्तेमाल करने से नहीं हिचकें। उत्तर प्रदेश में विधानपरिषद की चार सीटों के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद उप्र की सियासत में पावर गेम शुरू हो गया है। बीजेपी के पास इतनी संख्या है कि वह चारों सीटों पर अपने उम्मीदवारों को जितवा सकती है लेकिन बीजेपी सूत्र बता रहे हैं कि किसी एक मंत्री का पत्ता साफ होना लगभग तय है। साउथ कोरिया की एक कोर्ट ने सैमसंग के उत्तराधिकारी ली जेई यॉन्ग को पाच साल की जेल की सज़ा सुनाई है। ली को घूसखोरी के मामले में सजा सुनाई गई है जिसके कारण वहां की पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग का मामला भी चला था। देशभर में आज धूमधाम से गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जा रहा है। गणपति बप्पा के दर्शन के लिए सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। वैसे तो पूरे भारत में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जा रहा है, लेकिन महाराष्ट्र में गजानन हर घर में पधारेंगे। यह त्योहार पूरे दस दिन तक विधि-विधान के साथ मनाया जाएगा। पाँच सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर विसर्जन किया जाएगा। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी रविवार को पटना में होने जा रही राष्ट्रीय जनता दल की रैली में शामिल नहीं होंगे। वह इस दौरान नॉर्वे के दौरे पर होंगे। राहुल गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, 'मैं नार्वे के विदेश मामलों के मंत्रालय के निमंत्रण पर कुछ दिनों के लिए ऑस्लो की यात्रा पर रहूंगा। सुप्रीम कोर्ट जम्मू एवं कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले अनुच्छेद पैंतीसए के ख़िलाफ़ याचिका पर दिवाली बाद सुनवाई के लिए तैयार हो गई है। जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली बेंच ने जम्मू-कश्मीर सरकार की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें यह कहा गया था कि अनुच्छेद पैंतीसए के ख़िलाफ़ दायर याचिका की सुनवाई दिवाली बाद की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में भारतीय नागरिकों को निजता का अधिकार दिया है। इसे अनुच्छेद इक्कीस के तहत मौलिक अधिकार मानते हुए सभी नागरिकों की निजता को सुरक्षित किया है। जस्टिस खेहर की अध्यक्षता वाली नौ जजों की बेंच ने अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन की किताब 'डेवेलपमेंट एण्ड फ्रीडम' और दूसरी किताबो और लेखों की लाइनों को उदाहरण के तौर पर पेश किया। यूएडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडे ने गुरुवार को कहा कि आधार कार्ड के साथ पैन कार्ड लिंकिंग जोड़ने का आदेश पहले की तरह ही लागू रहेगा, साथ ही सभी सरकारी योजनाओं जिनमें सब्सिडी का लाभ मिलना है उसमें भी बारह अंकों का आधार नंबर लिंक करना अनिवार्य है। मुंबई में माहिम के पास अंधेरी जाने वाली हार्बर लाइन के चार डिब्बे शुक्रवार को पटरी से उतर गए, जिसमें चार लोगों को मामूली चोटें आई हैं। पश्चिमी रेलवे ने कहा, 'हार्बर लाइन पर माहिम के पास लोकल ट्रेन की चार बोगियां पटरी से उतर गई। पांच यात्रियों को चोटें आई है। ' |
द्वारका के अडिशनल डीसीपी-1 शंकर चौधरी को इसी डिस्ट्रिक्ट का डीसीपी नियुक्त किया गया है। डीसीपी सिक्यॉरिटी से गौरव शर्मा को साउथ-वेस्ट की जिम्मेदारी दी गई है। डीसीपी ट्रैफिक ब्रिजेन्द्र कुमार यादव को डीसीपी आउटर नॉर्थ बनाया गया है। नए फेरबदल के तहत जिले के तीन डीसीपी को स्पेशल सेल में भेजा गया है।
| द्वारका के अडिशनल डीसीपी-एक शंकर चौधरी को इसी डिस्ट्रिक्ट का डीसीपी नियुक्त किया गया है। डीसीपी सिक्यॉरिटी से गौरव शर्मा को साउथ-वेस्ट की जिम्मेदारी दी गई है। डीसीपी ट्रैफिक ब्रिजेन्द्र कुमार यादव को डीसीपी आउटर नॉर्थ बनाया गया है। नए फेरबदल के तहत जिले के तीन डीसीपी को स्पेशल सेल में भेजा गया है। |
सिद्धान्त और अध्यतन की दिशाए
प्रतिभा या सर्जनात्मक कल्पना, सवेदना तथा सौन्दर्य-चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर सकता है। कालिदास अश्वघोष को प्रतिभा पर हम वाल्मीकि की अमिट छाप देखते हैं । इसी प्रकार कालिदास के व्यक्तित्व मे उनको समसामयिक संस्कृति के साथ वैदिक संस्कृति और पूर्ववर्ती गरिमामय परम्परा का दाय प्रतिबिम्बित है । परवर्ती कवियों की प्रतिभा को कालिदास ने अनुप्राणित किया है । संस्कृत के प्रायः सभी कवि वेद, इतिहास - पुराणो और प्राचीन संस्कृति से प्रभावित हैं । समसामयिक परिवेश
कवि को काव्य-सृजन की प्रेरणा या तो अपने आसपास के जीवन से मिलती है अथवा प्राचीन माहित्य से । प्राचीन साहित्य से विषय-वस्तु को लेकर भी बह अपने समकालीन समाज, संस्कृति तथा वातावरण से कटकर नहीं रह सकता । इस प्रकार कवि के व्यक्तित्व पर उसके सामयिक समाज तथा संस्कृति का प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पडता है । यदि वह अपने समय के वातावरण से निरपेक्ष रह कर प्राचीन जीवन-मूल्यो से ही बंधा रहता है तो वह सच्चा कवि नही है ।
व्यक्ति समाज के बीच ही आँखें खोलता है, उसी के बीच वह रहता है, और अपने व्यक्तित्व का विकास करता है। जन्म से ही समाज की चेतना उसको चेतना मे समाने लगती है। वह अपने चारो ओर स्पन्दित होते हुए जीवन को देखता और समझता है तथा उससे प्रभावित होता है। वह अपने चारो ओर के जीवन से प्रभावित होकर उसे काव्य मे रूपायित करता है । "महान साहित्य जीवन के भीतर से पनपता है और यही उसकी शक्ति का रहस्य है । साहित्य मे उन सभी वस्तुओं का चित्रण मिलता है जिन्हें मनुष्य या समाज मे जीवन मे देखा या अनुभव किया है या उसके विषय में जो कुछ भी सोचा है।' यहा जीवन का अर्थ उसके व्यापक परिप्रेक्ष्य में ही लिया जाना चाहिये । जीवन किसी का भी हो सकता है - व्यक्ति का समाज का, देश का या समूचे विश्व का भी ।
कबि अपने युग, समसामयिक परिवेश तथा संस्कृति की उपज होता है। इनके बीच जीता है, इनसे प्रभावित होता तथा अपने विराट् व्यक्तित्व द्वारा कभी कभो इन्हे प्रभावित भी करता है । कालिदास अपने युग मे ही हो सकते थे, आज के कुण्ठा अनास्था और भोतिकवादी संस्कृति से ग्रस्त वातावरण के बीच कालिदास का जन्म लेना कठिन है। माघ का विशाल पाण्डित्य और बहुविध ज्ञान तथा विलासमयी प्रवृत्ति भी उनके युग की देन है । हर्ष का दार्शनिक व्यक्तित्व भो अपने युग की निम्न और हेय कामुक वृत्तियों से पिच्छिल और पंकप्राय हो गया है । | सिद्धान्त और अध्यतन की दिशाए प्रतिभा या सर्जनात्मक कल्पना, सवेदना तथा सौन्दर्य-चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर सकता है। कालिदास अश्वघोष को प्रतिभा पर हम वाल्मीकि की अमिट छाप देखते हैं । इसी प्रकार कालिदास के व्यक्तित्व मे उनको समसामयिक संस्कृति के साथ वैदिक संस्कृति और पूर्ववर्ती गरिमामय परम्परा का दाय प्रतिबिम्बित है । परवर्ती कवियों की प्रतिभा को कालिदास ने अनुप्राणित किया है । संस्कृत के प्रायः सभी कवि वेद, इतिहास - पुराणो और प्राचीन संस्कृति से प्रभावित हैं । समसामयिक परिवेश कवि को काव्य-सृजन की प्रेरणा या तो अपने आसपास के जीवन से मिलती है अथवा प्राचीन माहित्य से । प्राचीन साहित्य से विषय-वस्तु को लेकर भी बह अपने समकालीन समाज, संस्कृति तथा वातावरण से कटकर नहीं रह सकता । इस प्रकार कवि के व्यक्तित्व पर उसके सामयिक समाज तथा संस्कृति का प्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पडता है । यदि वह अपने समय के वातावरण से निरपेक्ष रह कर प्राचीन जीवन-मूल्यो से ही बंधा रहता है तो वह सच्चा कवि नही है । व्यक्ति समाज के बीच ही आँखें खोलता है, उसी के बीच वह रहता है, और अपने व्यक्तित्व का विकास करता है। जन्म से ही समाज की चेतना उसको चेतना मे समाने लगती है। वह अपने चारो ओर स्पन्दित होते हुए जीवन को देखता और समझता है तथा उससे प्रभावित होता है। वह अपने चारो ओर के जीवन से प्रभावित होकर उसे काव्य मे रूपायित करता है । "महान साहित्य जीवन के भीतर से पनपता है और यही उसकी शक्ति का रहस्य है । साहित्य मे उन सभी वस्तुओं का चित्रण मिलता है जिन्हें मनुष्य या समाज मे जीवन मे देखा या अनुभव किया है या उसके विषय में जो कुछ भी सोचा है।' यहा जीवन का अर्थ उसके व्यापक परिप्रेक्ष्य में ही लिया जाना चाहिये । जीवन किसी का भी हो सकता है - व्यक्ति का समाज का, देश का या समूचे विश्व का भी । कबि अपने युग, समसामयिक परिवेश तथा संस्कृति की उपज होता है। इनके बीच जीता है, इनसे प्रभावित होता तथा अपने विराट् व्यक्तित्व द्वारा कभी कभो इन्हे प्रभावित भी करता है । कालिदास अपने युग मे ही हो सकते थे, आज के कुण्ठा अनास्था और भोतिकवादी संस्कृति से ग्रस्त वातावरण के बीच कालिदास का जन्म लेना कठिन है। माघ का विशाल पाण्डित्य और बहुविध ज्ञान तथा विलासमयी प्रवृत्ति भी उनके युग की देन है । हर्ष का दार्शनिक व्यक्तित्व भो अपने युग की निम्न और हेय कामुक वृत्तियों से पिच्छिल और पंकप्राय हो गया है । |
ढाका, 30 दिसम्बर । बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ी शहादत हुसैन और उनकी पत्नी के खिलाफ अपनी 11 वर्षीय नौकरानी को प्रताड़ित करने के मामले में बांग्लादेश पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। समाचार चैनल के अनुसार दोषी पाए जाने पर दोनों को साथ से 14 साल की जेल हो सकती है। इस समय हुसैन दंपति जमानत पर बाहर हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने पहले ही हुसैन को प्रतिबंधित कर दिया है। पुलिस द्वारा दायर आरोप-पत्र में दोनों पर नौकरानी को शारीरिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया गया है। केस की सुनवाई 12 जनवरी को होगी।
सितंबर में हुसैन के यहां काम करने वाली बच्ची सड़क पर लावारिस मिली थी। उस समय उसकी आंख पर चोट के निशान थे और पांव टूटा हुआ था। छह सितंबर को हुसैन ने अपनी नौकरानी के गुम होने की खबर पुलिस को दी थी, लेकिन बच्ची के बयान के बाद हुसैन ने पांच अक्टूबर को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
| ढाका, तीस दिसम्बर । बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ी शहादत हुसैन और उनकी पत्नी के खिलाफ अपनी ग्यारह वर्षीय नौकरानी को प्रताड़ित करने के मामले में बांग्लादेश पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। समाचार चैनल के अनुसार दोषी पाए जाने पर दोनों को साथ से चौदह साल की जेल हो सकती है। इस समय हुसैन दंपति जमानत पर बाहर हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पहले ही हुसैन को प्रतिबंधित कर दिया है। पुलिस द्वारा दायर आरोप-पत्र में दोनों पर नौकरानी को शारीरिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया गया है। केस की सुनवाई बारह जनवरी को होगी। सितंबर में हुसैन के यहां काम करने वाली बच्ची सड़क पर लावारिस मिली थी। उस समय उसकी आंख पर चोट के निशान थे और पांव टूटा हुआ था। छह सितंबर को हुसैन ने अपनी नौकरानी के गुम होने की खबर पुलिस को दी थी, लेकिन बच्ची के बयान के बाद हुसैन ने पांच अक्टूबर को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। |
कैथरीन ऐन केट बोसवरथ (लैटिनः Kate Bosworth) (जन्म 2 जनवरी 1983) संयुक्त राज्य अमेरिका की एक फिल्म अभिनेत्री है। .
4 संबंधोंः लातिन भाषा, लॉस एंजेलिस, संयुक्त राज्य, कैलिफ़ोर्निया।
लातीना (Latina लातीना) प्राचीन रोमन साम्राज्य और प्राचीन रोमन धर्म की राजभाषा थी। आज ये एक मृत भाषा है, लेकिन फिर भी रोमन कैथोलिक चर्च की धर्मभाषा और वैटिकन सिटी शहर की राजभाषा है। ये एक शास्त्रीय भाषा है, संस्कृत की ही तरह, जिससे ये बहुत ज़्यादा मेल खाती है। लातीना हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार की रोमांस शाखा में आती है। इसी से फ़्रांसिसी, इतालवी, स्पैनिश, रोमानियाई और पुर्तगाली भाषाओं का उद्गम हुआ है (पर अंग्रेज़ी का नहीं)। यूरोप में ईसाई धर्म के प्रभुत्व की वजह से लातीना मध्ययुगीन और पूर्व-आधुनिक कालों में लगभग सारे यूरोप की अंतर्राष्ट्रीय भाषा थी, जिसमें समस्त धर्म, विज्ञान, उच्च साहित्य, दर्शन और गणित की किताबें लिखी जाती थीं। .
सिटी हॉल लॉस एंजेल्स अमरीका के कैलिफोर्निया प्रांत का सबसे बडा शहर एवं पूरे देश का दूसरा सबसे बडा शहर है। शहर को अक्सर बोलचाल में एल ए, कहा जाता है एवं इसकी अनुमानित जनसंख्या ३.८ मिलियन एवं क्षेत्रफल ४६९.१ वर्गमील (१,२१४.९ वर्ग किमी) है। यदि इसमें ग्रेटर लॉस एंजेल्स की आबादी शामिल की जाए तो इसकी आबादी लगभग १२.९ मिलियन हो जाती है जिनमें पूरी दुनिया से आए लोग शामिल हैं एवं २२४ अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं। लॉस एंजेल्स शहर लॉस एंजेल्स काउंटी क प्रशासनिक मुख्यालय भी है एवं जो अमरीका में अत्यंत सघन बसा हुआ एवं काफी विविधता वाला काउंटी है। इस काउंटी में रहने वालों को "एंजीलियंस" कहकर संबोधित किया जाता है। लॉस एंजेल्स की स्थापना १७८१ में स्पैनिश गवर्नर फेलिपे दे नेवे द्वारा की गयी थी। स्पेन से आजाद होने के बाद यह शहर १८२१ में मेक्सिको का हिस्सा बना एवं १८४८ में मेक्सिकन अमरीकी युद्ध के समाप्त होने के बाद, अमरीका एवं मेक्सिको के बीच हुई एक संधि के तहत अमरीका द्वारा खरीद लिया गया। १८५० में कैलिफोर्निया के पूर्ण राज्य घोषित होने से पांच महीने पूर्व ४ अप्रैल को इसे नगर निगम का दर्जा भी हासिल हुआ। आज लॉस एंजेल्स पूरी दुनिया के संस्कृति, तकनीक, मीडिया, व्यापार के क्षेत्र में एक प्रमुख शहर के रूप में स्थापित है। .
संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) (यू एस ए), जिसे सामान्यतः संयुक्त राज्य (United States) (यू एस) या अमेरिका कहा जाता हैं, एक देश हैं, जिसमें राज्य, एक फ़ेडरल डिस्ट्रिक्ट, पाँच प्रमुख स्व-शासनीय क्षेत्र, और विभिन्न अधिनस्थ क्षेत्र सम्मिलित हैं। 48 संस्पर्शी राज्य और फ़ेडरल डिस्ट्रिक्ट, कनाडा और मेक्सिको के मध्य, केन्द्रीय उत्तर अमेरिका में हैं। अलास्का राज्य, उत्तर अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है, जिसके पूर्व में कनाडा की सीमा एवं पश्चिम मे बेरिंग जलसन्धि रूस से घिरा हुआ है। वहीं हवाई राज्य, मध्य-प्रशान्त में स्थित हैं। अमेरिकी स्व-शासित क्षेत्र प्रशान्त महासागर और कॅरीबीयन सागर में बिखरें हुएँ हैं। 38 लाख वर्ग मील (98 लाख किमी2)"", U.S. Census Bureau, database as of August 2010, excluding the U.S. Minor Outlying Islands.
कैलिफ़ोर्निया संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित एक राज्य है। यह अमेरिका का सबसे अधिक आबादी और क्षेत्रफल में अलास्का और टेक्सस के पश्चात तीसरा सबसे बड़ा राज्य हैं। कैलिफ़ोर्निया के उत्तर में औरिगन, और दक्षिण में मेक्सिको है। कैलिफ़ोर्निया की राजधानी सैक्रामेण्टो है। संयुक्त राज्य अमेरिका की अर्थव्यवस्था में यह राज्य 14 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। अगर कैलिफ़ोर्निया एक स्वतंत्र देश होता तो दुनिया में उसका सकल घरेलू उत्पाद (जी॰ डी॰ पी॰) 6वां स्थान पर होता और जनसंख्या 35वें स्थान पर होती। अंग्रेज़ी राज्य की अधिकारिक भाषा है जो लगभग 57% प्रतिशत जनता मातृभाषा के रूप में बोलती है। स्पेनी 29% प्रतिशत, चीनी 2% और टागालोग भाषा 2% द्वारा बोली जाती है। लॉस एंजेलिस सबसे बड़ा शहर है। .
| कैथरीन ऐन केट बोसवरथ संयुक्त राज्य अमेरिका की एक फिल्म अभिनेत्री है। . चार संबंधोंः लातिन भाषा, लॉस एंजेलिस, संयुक्त राज्य, कैलिफ़ोर्निया। लातीना प्राचीन रोमन साम्राज्य और प्राचीन रोमन धर्म की राजभाषा थी। आज ये एक मृत भाषा है, लेकिन फिर भी रोमन कैथोलिक चर्च की धर्मभाषा और वैटिकन सिटी शहर की राजभाषा है। ये एक शास्त्रीय भाषा है, संस्कृत की ही तरह, जिससे ये बहुत ज़्यादा मेल खाती है। लातीना हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार की रोमांस शाखा में आती है। इसी से फ़्रांसिसी, इतालवी, स्पैनिश, रोमानियाई और पुर्तगाली भाषाओं का उद्गम हुआ है । यूरोप में ईसाई धर्म के प्रभुत्व की वजह से लातीना मध्ययुगीन और पूर्व-आधुनिक कालों में लगभग सारे यूरोप की अंतर्राष्ट्रीय भाषा थी, जिसमें समस्त धर्म, विज्ञान, उच्च साहित्य, दर्शन और गणित की किताबें लिखी जाती थीं। . सिटी हॉल लॉस एंजेल्स अमरीका के कैलिफोर्निया प्रांत का सबसे बडा शहर एवं पूरे देश का दूसरा सबसे बडा शहर है। शहर को अक्सर बोलचाल में एल ए, कहा जाता है एवं इसकी अनुमानित जनसंख्या तीन.आठ मिलियन एवं क्षेत्रफल चार सौ उनहत्तर.एक वर्गमील है। यदि इसमें ग्रेटर लॉस एंजेल्स की आबादी शामिल की जाए तो इसकी आबादी लगभग बारह.नौ मिलियन हो जाती है जिनमें पूरी दुनिया से आए लोग शामिल हैं एवं दो सौ चौबीस अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं। लॉस एंजेल्स शहर लॉस एंजेल्स काउंटी क प्रशासनिक मुख्यालय भी है एवं जो अमरीका में अत्यंत सघन बसा हुआ एवं काफी विविधता वाला काउंटी है। इस काउंटी में रहने वालों को "एंजीलियंस" कहकर संबोधित किया जाता है। लॉस एंजेल्स की स्थापना एक हज़ार सात सौ इक्यासी में स्पैनिश गवर्नर फेलिपे दे नेवे द्वारा की गयी थी। स्पेन से आजाद होने के बाद यह शहर एक हज़ार आठ सौ इक्कीस में मेक्सिको का हिस्सा बना एवं एक हज़ार आठ सौ अड़तालीस में मेक्सिकन अमरीकी युद्ध के समाप्त होने के बाद, अमरीका एवं मेक्सिको के बीच हुई एक संधि के तहत अमरीका द्वारा खरीद लिया गया। एक हज़ार आठ सौ पचास में कैलिफोर्निया के पूर्ण राज्य घोषित होने से पांच महीने पूर्व चार अप्रैल को इसे नगर निगम का दर्जा भी हासिल हुआ। आज लॉस एंजेल्स पूरी दुनिया के संस्कृति, तकनीक, मीडिया, व्यापार के क्षेत्र में एक प्रमुख शहर के रूप में स्थापित है। . संयुक्त राज्य अमेरिका , जिसे सामान्यतः संयुक्त राज्य या अमेरिका कहा जाता हैं, एक देश हैं, जिसमें राज्य, एक फ़ेडरल डिस्ट्रिक्ट, पाँच प्रमुख स्व-शासनीय क्षेत्र, और विभिन्न अधिनस्थ क्षेत्र सम्मिलित हैं। अड़तालीस संस्पर्शी राज्य और फ़ेडरल डिस्ट्रिक्ट, कनाडा और मेक्सिको के मध्य, केन्द्रीय उत्तर अमेरिका में हैं। अलास्का राज्य, उत्तर अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है, जिसके पूर्व में कनाडा की सीमा एवं पश्चिम मे बेरिंग जलसन्धि रूस से घिरा हुआ है। वहीं हवाई राज्य, मध्य-प्रशान्त में स्थित हैं। अमेरिकी स्व-शासित क्षेत्र प्रशान्त महासागर और कॅरीबीयन सागर में बिखरें हुएँ हैं। अड़तीस लाख वर्ग मील "", U.S. Census Bureau, database as of August दो हज़ार दस, excluding the U.S. Minor Outlying Islands. कैलिफ़ोर्निया संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित एक राज्य है। यह अमेरिका का सबसे अधिक आबादी और क्षेत्रफल में अलास्का और टेक्सस के पश्चात तीसरा सबसे बड़ा राज्य हैं। कैलिफ़ोर्निया के उत्तर में औरिगन, और दक्षिण में मेक्सिको है। कैलिफ़ोर्निया की राजधानी सैक्रामेण्टो है। संयुक्त राज्य अमेरिका की अर्थव्यवस्था में यह राज्य चौदह प्रतिशत की हिस्सेदारी रखता है। अगर कैलिफ़ोर्निया एक स्वतंत्र देश होता तो दुनिया में उसका सकल घरेलू उत्पाद छःवां स्थान पर होता और जनसंख्या पैंतीसवें स्थान पर होती। अंग्रेज़ी राज्य की अधिकारिक भाषा है जो लगभग सत्तावन% प्रतिशत जनता मातृभाषा के रूप में बोलती है। स्पेनी उनतीस% प्रतिशत, चीनी दो% और टागालोग भाषा दो% द्वारा बोली जाती है। लॉस एंजेलिस सबसे बड़ा शहर है। . |
पुराने फोन को टाटा-बाय-बाय, मात्र 549 रुपये में क्लासी लुक वाले realme narzo 50 को कहें हाय!
एक पुराने फोन से बोर हो गए हैं तो क्लासी लुक वाले realme narzo 50 को खरीद सकते हैं। आपके लिए realme narzo 50 पर एक शानदार डील की जानकारी देने जा रहे हैं। बेहद कम रुपये में आप इस डिवाइस को अपना बना सकते हैं। (फोटो- अमेजन)
नई दिल्ली, टेक डेस्क। अगर आपके लिए भी स्मार्टफोन के फीचर्स के साथ-साथ लुक मायने रखती है तो ये खबर आपका दिन बना सकती है। आपको एक क्लासी लुक वाले स्मार्टफोन के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। आपका काम कम में भी बन जाएगा। आपके लिए इलेक्ट्रॉनिक कंपनी रियलमी के शानदार realme narzo 50 फोन पर एक कमाल की डील की जानकारी लाए हैं।
16 हजार रुपय की कीमत में आने वाले इस स्मार्टफोन को आप बेहद सस्ते में अपना बना सकते हैं। कंपनी का यह डिवाइस ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। फोन में पिक्चर क्लिक करने के लिए 50MP का प्राइमरी कैमरा मिलता है।
इतना ही नहीं, फोन में क्रिस्टल क्लियर सेल्फी के लिए 16MP फ्रंट कैमरा मिलता है। डिवाइस Octa-core MediaTek Helio G96 प्रोसेसर के साथ आता है। फोन में आपको सारा दिन चलने वाली 5000mAh की लार्ज बैटरी दी जाती है। रियलमी का 4GB रैम+64GB इंटरनल स्टोरेज मॉडल आप 34 प्रतिशत के डिस्काउंट पर खरीद सकते हैं।
दरअसल ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर इस फोन को आप मात्र 10,499 रुपये में खरीद सकते हैं। realme narzo 50 पर बैंक ऑफर में 250 रुपये की भी बचत का कर सकते हैं।
अगर आपका मन आपके पुराने फोन से भर गया है तो एक और डील का फायदा उठा सकते हैं। आप realme narzo 50 को मात्र 549 रुपये में खरीद सकते हैं।
जी हां, अमेजन अपने ग्राहकों को फोन पर एक्सचेंज ऑफर का फायदा दे रहा है। पुराने फोन की हालत ठीक है तो आप इसे देकर बदले में नया फोन ले सकते हैं। यहां बताना जरूरी है कि इस तरह के ऑफर में कीमत कंपनी द्वारा तय की जाती है। यह पूरी तरह से आपके पुराने डिवाइस पर आधारित होती है।
Disclaimer: realme narzo 50 के रेट्स खबर लिखे जाने तक इस हिसाब से लिस्ट हुए हैं। हालांकि, ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर ऑफर की कीमत में बदलाव लगातार होता रहता है। ऐसे में ग्राहक अपनी जिम्मेदारी और समझ पर ही ऑनलाइन खरीदारी करें।
| पुराने फोन को टाटा-बाय-बाय, मात्र पाँच सौ उनचास रुपयापये में क्लासी लुक वाले realme narzo पचास को कहें हाय! एक पुराने फोन से बोर हो गए हैं तो क्लासी लुक वाले realme narzo पचास को खरीद सकते हैं। आपके लिए realme narzo पचास पर एक शानदार डील की जानकारी देने जा रहे हैं। बेहद कम रुपये में आप इस डिवाइस को अपना बना सकते हैं। नई दिल्ली, टेक डेस्क। अगर आपके लिए भी स्मार्टफोन के फीचर्स के साथ-साथ लुक मायने रखती है तो ये खबर आपका दिन बना सकती है। आपको एक क्लासी लुक वाले स्मार्टफोन के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। आपका काम कम में भी बन जाएगा। आपके लिए इलेक्ट्रॉनिक कंपनी रियलमी के शानदार realme narzo पचास फोन पर एक कमाल की डील की जानकारी लाए हैं। सोलह हजार रुपय की कीमत में आने वाले इस स्मार्टफोन को आप बेहद सस्ते में अपना बना सकते हैं। कंपनी का यह डिवाइस ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है। फोन में पिक्चर क्लिक करने के लिए पचासMP का प्राइमरी कैमरा मिलता है। इतना ही नहीं, फोन में क्रिस्टल क्लियर सेल्फी के लिए सोलहMP फ्रंट कैमरा मिलता है। डिवाइस Octa-core MediaTek Helio Gछियानवे प्रोसेसर के साथ आता है। फोन में आपको सारा दिन चलने वाली पाँच हज़ारmAh की लार्ज बैटरी दी जाती है। रियलमी का चारGB रैम+चौंसठGB इंटरनल स्टोरेज मॉडल आप चौंतीस प्रतिशत के डिस्काउंट पर खरीद सकते हैं। दरअसल ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर इस फोन को आप मात्र दस,चार सौ निन्यानवे रुपयापये में खरीद सकते हैं। realme narzo पचास पर बैंक ऑफर में दो सौ पचास रुपयापये की भी बचत का कर सकते हैं। अगर आपका मन आपके पुराने फोन से भर गया है तो एक और डील का फायदा उठा सकते हैं। आप realme narzo पचास को मात्र पाँच सौ उनचास रुपयापये में खरीद सकते हैं। जी हां, अमेजन अपने ग्राहकों को फोन पर एक्सचेंज ऑफर का फायदा दे रहा है। पुराने फोन की हालत ठीक है तो आप इसे देकर बदले में नया फोन ले सकते हैं। यहां बताना जरूरी है कि इस तरह के ऑफर में कीमत कंपनी द्वारा तय की जाती है। यह पूरी तरह से आपके पुराने डिवाइस पर आधारित होती है। Disclaimer: realme narzo पचास के रेट्स खबर लिखे जाने तक इस हिसाब से लिस्ट हुए हैं। हालांकि, ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर ऑफर की कीमत में बदलाव लगातार होता रहता है। ऐसे में ग्राहक अपनी जिम्मेदारी और समझ पर ही ऑनलाइन खरीदारी करें। |
मूसलधार बारिश की वजह से भोपाल में नदी और नाले उफान पर हैं। तालाब की जीवनदायिनी कुलांसी नदी में लगातार जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से कुलांसी नदी का पानी बोरखेड़ी, कोडिया फंदा खुर्द समेत कई गांवों में घुसा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पानी आ जाने की वजह से हाल बदतर होते जा रहे हैं। लेकिन उनकी कोई सुनने वाला है। अभी तक उपसरपंच, एडीएम आकाश श्रीवास्तव कोई भी बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे है। इसके अलावा फंदा, पिपलिया, ईंटखेड़ी गांव में कुलांसी नदी का पानी मेन रोड पर 3 फुट ऊपर बह रहा है। वहीं, एसडीएम का कहना है कि एहतियातन एसडीआरएफ की टीम को तैनात करने के निर्देश दिए है। यह टीम हर परिस्थिति में रेस्क्यू के लिए तैयार रहेगी।
भोपाल शहर में लगातार हो रही बारिश से निचली बस्तियों में पानी भर गया है। पुराने भोपाल के नारियलखेड़ा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। वार्ड 12 के प्रेमनगर समेत अनेक क्षेत्र प्रभावित हुए है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम का जोन से लेकर वार्ड अमला बिल्कुल नदारद है। अधिकारियों और नवनिर्वाचित पार्षदों से संपर्क किया जा रहा है।
सीहोर में भी लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए है। बारिश के चलते जीवनदायिनी सीवन नदी अपने उफान पर आ गई है। जिसके चलते कर्बला पुल जलमग्न हो गया है। पुल के ऊपर पानी आजाने से दर्जनों ग्रामों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। पुल के तीन चार फीट ऊपर से पानी बह रहा है। जिससे दो दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। अवागमन बंद होने की वजह से लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है।
खंडवा जिले में नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर बांध के जलाशय का जलस्तर 257. 60 मीटर पहुंचने से रविवार सुबह करीब 9:30 बजे बांध के 12 गेट खोल दिए गए। आधा मीटर की ऊंचाई तक खोले गए गेट से नर्मदा में प्रति सेकंड 2004 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इससे बांध के डाउन स्ट्रीम में नर्मदा का जल स्तर बढ़ गया है। यहां से पानी ओंकारेश्वर बांध के जलाशय में पहुंचने से वहां से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा भी बढ़ा दी गई है। ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन के डीजीएम केएस पांडे ने बताया कि बर्षा के रूख को देखते हुए एहतिहात बतौर गेट खोले गए हैं। डाउनस्ट्रीम के सभी जिला प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है। लोगों और नाविकों को नर्मदा और बांध क्षेत्र से दूर रहने की ताकीद दी गई है।
ओंकारेश्वर में नगर परिषद की ओर से लाउडस्पीकर पर लगातार लोगों को नर्मदा नदी के नजदीक नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है। एनएचडीसी प्रबंधन में शनिवार को ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध के गेट रविवार सुबह जरूरत के अनुसार खोलने की सूचना जारी कर दी थी। बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ एवं ओम्कारेश्वर पावर स्टेशन के प्रभारी केएस पांडेय ने बताया कि ओम्कारेश्वर बाँध के 23 गेटों में से 18 गेट खोले गए हैं। 5 गेट ढाई मीटर तक खोले हैं। 2 गेट डेढ़ मीटर तक खोले गए हैं। 3 गेट 1-1 मीटर तक खोले गए हैं। 1 गेट आधा मीटर तक खोले गए हैं। पावर हाऊस एवं 18 गेटों से 9 हजार 200 क्यूमेक्स पानी प्रति सेकेंड डिस्चार्ज किया जा रहा है।
भोपाल में रात 8:30 बजे तक एक इंच से ज्यादा बारिश हुई। अधिक बारिश होने की वजह से बड़े तालाब का जलस्तर बढ़कर 1666. 80 फीट पहुंच गया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री कैलाश सारंग ने निर्देश पर भदभदा डैम के गेट खोले गए। ताकि शहर में कहीं जलभराव की स्थिति न बन सके। शनिवार दोपहर एक बजे गेट नंबर पांच और छह को खोला गया। भोपाल की नवनिर्वाचित महापौर मालती राय भी इस दौरान मौजूद रहीं। वहीं भोपाल के कलियासोत डेम के 13 में से 13 गेट खोले गए।
सीहोर जिले के रेहटी में रात भर से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से जलमग्न हो गया है। मेन रोड पर कई फुट पानी भर गया है। साथ ही घरों और दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया है। बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए है। बारिश का पानी लोगों के घरों दुकानों में घुसने से लोगों को काफी नुकसान हुआ है।
| मूसलधार बारिश की वजह से भोपाल में नदी और नाले उफान पर हैं। तालाब की जीवनदायिनी कुलांसी नदी में लगातार जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से कुलांसी नदी का पानी बोरखेड़ी, कोडिया फंदा खुर्द समेत कई गांवों में घुसा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पानी आ जाने की वजह से हाल बदतर होते जा रहे हैं। लेकिन उनकी कोई सुनने वाला है। अभी तक उपसरपंच, एडीएम आकाश श्रीवास्तव कोई भी बाढ़ प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे है। इसके अलावा फंदा, पिपलिया, ईंटखेड़ी गांव में कुलांसी नदी का पानी मेन रोड पर तीन फुट ऊपर बह रहा है। वहीं, एसडीएम का कहना है कि एहतियातन एसडीआरएफ की टीम को तैनात करने के निर्देश दिए है। यह टीम हर परिस्थिति में रेस्क्यू के लिए तैयार रहेगी। भोपाल शहर में लगातार हो रही बारिश से निचली बस्तियों में पानी भर गया है। पुराने भोपाल के नारियलखेड़ा क्षेत्र जलमग्न हो गया है। वार्ड बारह के प्रेमनगर समेत अनेक क्षेत्र प्रभावित हुए है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम का जोन से लेकर वार्ड अमला बिल्कुल नदारद है। अधिकारियों और नवनिर्वाचित पार्षदों से संपर्क किया जा रहा है। सीहोर में भी लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए है। बारिश के चलते जीवनदायिनी सीवन नदी अपने उफान पर आ गई है। जिसके चलते कर्बला पुल जलमग्न हो गया है। पुल के ऊपर पानी आजाने से दर्जनों ग्रामों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है। पुल के तीन चार फीट ऊपर से पानी बह रहा है। जिससे दो दर्जनों गांवों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। अवागमन बंद होने की वजह से लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है। खंडवा जिले में नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर बांध के जलाशय का जलस्तर दो सौ सत्तावन. साठ मीटर पहुंचने से रविवार सुबह करीब नौ:तीस बजे बांध के बारह गेट खोल दिए गए। आधा मीटर की ऊंचाई तक खोले गए गेट से नर्मदा में प्रति सेकंड दो हज़ार चार क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इससे बांध के डाउन स्ट्रीम में नर्मदा का जल स्तर बढ़ गया है। यहां से पानी ओंकारेश्वर बांध के जलाशय में पहुंचने से वहां से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा भी बढ़ा दी गई है। ओंकारेश्वर बांध प्रबंधन के डीजीएम केएस पांडे ने बताया कि बर्षा के रूख को देखते हुए एहतिहात बतौर गेट खोले गए हैं। डाउनस्ट्रीम के सभी जिला प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है। लोगों और नाविकों को नर्मदा और बांध क्षेत्र से दूर रहने की ताकीद दी गई है। ओंकारेश्वर में नगर परिषद की ओर से लाउडस्पीकर पर लगातार लोगों को नर्मदा नदी के नजदीक नहीं जाने की चेतावनी दी जा रही है। एनएचडीसी प्रबंधन में शनिवार को ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर बांध के गेट रविवार सुबह जरूरत के अनुसार खोलने की सूचना जारी कर दी थी। बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ एवं ओम्कारेश्वर पावर स्टेशन के प्रभारी केएस पांडेय ने बताया कि ओम्कारेश्वर बाँध के तेईस गेटों में से अट्ठारह गेट खोले गए हैं। पाँच गेट ढाई मीटर तक खोले हैं। दो गेट डेढ़ मीटर तक खोले गए हैं। तीन गेट एक-एक मीटर तक खोले गए हैं। एक गेट आधा मीटर तक खोले गए हैं। पावर हाऊस एवं अट्ठारह गेटों से नौ हजार दो सौ क्यूमेक्स पानी प्रति सेकेंड डिस्चार्ज किया जा रहा है। भोपाल में रात आठ:तीस बजे तक एक इंच से ज्यादा बारिश हुई। अधिक बारिश होने की वजह से बड़े तालाब का जलस्तर बढ़कर एक हज़ार छः सौ छयासठ. अस्सी फीट पहुंच गया है। चिकित्सा शिक्षा मंत्री कैलाश सारंग ने निर्देश पर भदभदा डैम के गेट खोले गए। ताकि शहर में कहीं जलभराव की स्थिति न बन सके। शनिवार दोपहर एक बजे गेट नंबर पांच और छह को खोला गया। भोपाल की नवनिर्वाचित महापौर मालती राय भी इस दौरान मौजूद रहीं। वहीं भोपाल के कलियासोत डेम के तेरह में से तेरह गेट खोले गए। सीहोर जिले के रेहटी में रात भर से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से जलमग्न हो गया है। मेन रोड पर कई फुट पानी भर गया है। साथ ही घरों और दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया है। बारिश के चलते नदी नाले उफान पर आ गए है। बारिश का पानी लोगों के घरों दुकानों में घुसने से लोगों को काफी नुकसान हुआ है। |
र है ? इतिहासज्ञ बार बार "राघव" शब्द का प्रयोग करता है। राघव राम के संबंध में जो अनुश्रुतियाँ बहुत दिनों से चली आ रही थीं, क्या समुद्रगुप्त ने अयोध्या से उन्हीं की पुनरावृत्ति करने का प्रयत्न नहीं किया था ? क्या कालिदास ने समुद्रगुप्त की विजय का रघु की दिग्विजय में समावेश नहीं किया था ? पुराण में जिस अंतिम साम्राज्य का उल्लेख है, उसी के संस्थापक की ओर यह संकेत घटता है । अर्थात् यह आक्षेप गुप्त साम्राज्य के संस्थापक पर है, जिसका नाम इतिहास - लेखक ने अपने काल-क्रमिक इतिहास में छोड़ दिया है । उसके कहने का मतलब यही है कि स्मरण रखने के योग्य वही इतिहास है, जिसमें उत्तम कार्य और उपयुक्त सेवाएं हों । जिन काव्यों के द्वारा दूसरे लोगों के अधिकार और स्वतंत्रता पद दलित होती हों, वे इस योग्य नहीं हैं कि इतिहास - लेखक उन्हें लिपिबद्ध करे । यदि वह इतिहासपृथ्वी ममैषाशु परित्यजैनम् वदन्ति ये दूतमुखैः स्वशत्रुम । नराधिपास्तेषु ममातिहास : पुनश्च मूढेषु दयाभ्युपैति ।। ६३ ।। विशेष रूप से समुद्र पार के साम्राज्य की ओर संकेत है; और गुप्तों के साम्राज्य को ही यह एक विशेषता थी कि उसका विस्तार समुद्र पार के भी देशों तक था ।
ततो भृत्यांश्च पौरांश्च जिगीषन्ते तथा रिपून् । क्रमेणानेन जेष्यामो वयं पृथ्वीं ससागराम् ॥ ५७ ॥ समुद्रावरणं याति ॥ ५८ ॥
द्वीपान् समाक्रम्य हतारिचक्रः ॥ ७२ ॥ | र है ? इतिहासज्ञ बार बार "राघव" शब्द का प्रयोग करता है। राघव राम के संबंध में जो अनुश्रुतियाँ बहुत दिनों से चली आ रही थीं, क्या समुद्रगुप्त ने अयोध्या से उन्हीं की पुनरावृत्ति करने का प्रयत्न नहीं किया था ? क्या कालिदास ने समुद्रगुप्त की विजय का रघु की दिग्विजय में समावेश नहीं किया था ? पुराण में जिस अंतिम साम्राज्य का उल्लेख है, उसी के संस्थापक की ओर यह संकेत घटता है । अर्थात् यह आक्षेप गुप्त साम्राज्य के संस्थापक पर है, जिसका नाम इतिहास - लेखक ने अपने काल-क्रमिक इतिहास में छोड़ दिया है । उसके कहने का मतलब यही है कि स्मरण रखने के योग्य वही इतिहास है, जिसमें उत्तम कार्य और उपयुक्त सेवाएं हों । जिन काव्यों के द्वारा दूसरे लोगों के अधिकार और स्वतंत्रता पद दलित होती हों, वे इस योग्य नहीं हैं कि इतिहास - लेखक उन्हें लिपिबद्ध करे । यदि वह इतिहासपृथ्वी ममैषाशु परित्यजैनम् वदन्ति ये दूतमुखैः स्वशत्रुम । नराधिपास्तेषु ममातिहास : पुनश्च मूढेषु दयाभ्युपैति ।। तिरेसठ ।। विशेष रूप से समुद्र पार के साम्राज्य की ओर संकेत है; और गुप्तों के साम्राज्य को ही यह एक विशेषता थी कि उसका विस्तार समुद्र पार के भी देशों तक था । ततो भृत्यांश्च पौरांश्च जिगीषन्ते तथा रिपून् । क्रमेणानेन जेष्यामो वयं पृथ्वीं ससागराम् ॥ सत्तावन ॥ समुद्रावरणं याति ॥ अट्ठावन ॥ द्वीपान् समाक्रम्य हतारिचक्रः ॥ बहत्तर ॥ |
वाराणसी (ब्यूरो)। बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रधान ज्योतिर्लिंग की मान्यता श्रीकाशी विश्वनाथ की है। पूरी दुनिया से शिव भक्त काशी आते हैं। बाबा के दरबार में जाकर भगवान शंकर की पूजा करते हैं। अभी तक सकरी गलियों से गुजर कर मंदिर तक जाना पड़ता था। सुविधाओं का काफी अभाव था, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने परिसर का विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण कराया है, जिससे शिव भक्तों को बाबा के दरबार में पहुंचने में सुगमता होगी।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में तीन यात्री सुविधा केंद्र का निर्माण हो रहा है। इनमें गोदौलिया गेट और सरस्वती फाटक पर स्थित यात्री सुविधा केंद्र काफी महत्वपूर्ण है। श्रद्धालु जैसे ही यात्री सुविधा केंद्र में पहचेंगे। सुरक्षा जांच होने के बाद अंदर जा सकेगा। यही पर लॉकर की सुविधा होगी, जहां यात्री अपना सामान सुरक्षित रख सकेंगे। यही पर सूचना काउंटर, हेल्प डेस्क, टिकट काउंटर, शौचालय बना है। पूजा और प्रसाद के लिए दुकानें होंगी। रैंप का भी निर्माण किया गया है। यात्री सुविधा केंद्र को दिव्यांगों के अनुकूल बनाया गया है। निशुल्क, ऑन लाइन बुकिंग, सुगम दर्शन सभी तरह के श्रद्धालु का प्रवेश यहां से होगा।
सुरक्षा के लिए वाच टावर भी होगा। यात्री सुविधा केंद्र में करीब पांच हजार लोग कतार बद्ध हो सकते हैं। यात्री सुविधा केंद्र एक का निर्मित क्षेत्र लगभग 1076 वर्गमीटर है। भूतल प्लस एक मंजिल का है। यात्री सुविधा केंद्र दो का निर्मित क्षेत्र लगभग 2859 वर्गमीटर क्षेत्र में किया जा रहा है। ये भूतल प्लस दो मंजिल का है। यात्री सुविधा केंद्र तीन 878 वर्गमीटर में निर्मित होगा। ये भी भूतल प्लस दो मंजिल है। यहां कुछ कार्यालयों के साथ ही लॉकर की सुविधा होगी।
| वाराणसी । बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रधान ज्योतिर्लिंग की मान्यता श्रीकाशी विश्वनाथ की है। पूरी दुनिया से शिव भक्त काशी आते हैं। बाबा के दरबार में जाकर भगवान शंकर की पूजा करते हैं। अभी तक सकरी गलियों से गुजर कर मंदिर तक जाना पड़ता था। सुविधाओं का काफी अभाव था, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने परिसर का विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण कराया है, जिससे शिव भक्तों को बाबा के दरबार में पहुंचने में सुगमता होगी। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में तीन यात्री सुविधा केंद्र का निर्माण हो रहा है। इनमें गोदौलिया गेट और सरस्वती फाटक पर स्थित यात्री सुविधा केंद्र काफी महत्वपूर्ण है। श्रद्धालु जैसे ही यात्री सुविधा केंद्र में पहचेंगे। सुरक्षा जांच होने के बाद अंदर जा सकेगा। यही पर लॉकर की सुविधा होगी, जहां यात्री अपना सामान सुरक्षित रख सकेंगे। यही पर सूचना काउंटर, हेल्प डेस्क, टिकट काउंटर, शौचालय बना है। पूजा और प्रसाद के लिए दुकानें होंगी। रैंप का भी निर्माण किया गया है। यात्री सुविधा केंद्र को दिव्यांगों के अनुकूल बनाया गया है। निशुल्क, ऑन लाइन बुकिंग, सुगम दर्शन सभी तरह के श्रद्धालु का प्रवेश यहां से होगा। सुरक्षा के लिए वाच टावर भी होगा। यात्री सुविधा केंद्र में करीब पांच हजार लोग कतार बद्ध हो सकते हैं। यात्री सुविधा केंद्र एक का निर्मित क्षेत्र लगभग एक हज़ार छिहत्तर वर्गमीटर है। भूतल प्लस एक मंजिल का है। यात्री सुविधा केंद्र दो का निर्मित क्षेत्र लगभग दो हज़ार आठ सौ उनसठ वर्गमीटर क्षेत्र में किया जा रहा है। ये भूतल प्लस दो मंजिल का है। यात्री सुविधा केंद्र तीन आठ सौ अठहत्तर वर्गमीटर में निर्मित होगा। ये भी भूतल प्लस दो मंजिल है। यहां कुछ कार्यालयों के साथ ही लॉकर की सुविधा होगी। |
इस त्वरित-क्रिया लक्ष्य सेटिंग प्रक्रिया में पहला चरण महत्वपूर्ण है, और यह आसानी से चरणों का सबसे कठिन हो सकता है। यदि आप मल्टीटास्किंग कर रहे हैं - ईमेल का जवाब दे रहे हैं, फोन का जवाब दे रहे हैं, अपनी टू-डू सूची के बारे में सोच रहे हैं, या जुआ परिवार की प्रतिबद्धताओं के बारे में सोच रहे हैं तो आप अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएंगे। शारीरिक रूप से अपने काम से दूर होने का प्रयास करें, फोन बंद करें, अपने कंप्यूटर को बंद करें, और अपने विचारों के साथ स्वयं कुछ मिनटों के लिए मौजूद हैं। इस बारे में सोचें कि आपने हाल ही में क्या हासिल किया है और पिछली बार जब आप परिलक्षित होते हैं तब से आप कितने दूर आए हैं।
अब, कागज का एक टुकड़ा और एक कलम पकड़ो; अब आपके लक्ष्य के लिए विषय या विषय चुनने का समय है। हर बार जब आप भविष्य के बारे में सोचते हैं तो क्या लक्ष्य, इच्छा या सपना पॉप-अप रहता है? आप किसी और चीज़ से अधिक हासिल करना चाहते हैं? आपको क्या रात में जगाए रखता है? यह इस अभ्यास के लिए आपका ध्यान होना चाहिए।
कभी-कभी, यह चरण केवल एक शब्द की पहचान करके पूरा किया जा सकता है जिसमें आप जो हासिल करना चाहते हैं उसे शामिल करता है।
उदाहरण के लिए, क्या आप अपने जीवन के सभी पहलुओं में अधिक उत्पादक और संगठित बनना चाहते हैं? शायद "व्यवस्थित करें" आपकी थीम है। या, क्या आप काम से समय निकालने और अपने लिए अधिक समय लेने पर केंद्रित एक लक्ष्य बनाना चाहते हैं? "छूट" आज़माएं। तुम्हें नया तरीका मिल गया है।
इस चरण में आपके लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक हर संभव कार्रवाई को समझना शामिल है।
स्वच्छता और व्यवस्था के बारे में चिंता न करें, बस कागज के टुकड़े पर सब कुछ नीचे लाएं। उदाहरण के लिए, यदि आपका लक्ष्य वर्ष के अंत तक व्यवसाय क्रेडिट कार्ड का भुगतान करना है, तो आपकी दिमागी सूची में निम्न शामिल हो सकते हैंः
एक बार जब आप सबकुछ लिख लेते हैं, तो आप वापस जा सकते हैं और प्रत्येक विचार को तोड़ सकते हैं ताकि यह सरल कार्यों की सूची बन जाए। उदाहरण के लिए, "खर्च कम करें" हो सकता हैः
अच्छी खबर यह है कि आपको अभी एक व्यापक सूची बनाने की ज़रूरत नहीं है, आपको बस शुरुआत करना है। जैसे ही आप एक्शन आइटम को खटखटाते हैं, आप पाएंगे कि नए एक्शन आइटम और विचार हर समय पॉप अप करते हैं। वास्तव में, इस सूची को आसान रखा जाना चाहिए ताकि आप आवश्यकतानुसार जोड़ और संशोधित कर सकें।
लोगों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि वे इसे देखने के लिए प्रतिबद्धता नहीं बनाते हैं। पेपर पर अपने इरादों को लिखकर आप उस बाधा को दूर कर सकते हैं।
यह लगभग आपके साथ अनुबंध करने जैसा है, एक वादा करता है कि आप एक ही काम करेंगे, भले ही यह एक छोटी सी चीज है, हर दिन अपने लक्ष्य का समर्थन करने के लिए।
इसे एक समय में एक एक्शन आइटम लेना याद रखें, और अपनी प्रगति के लिए खुद को पीछे रखने के लिए समय निकालें। यहां तक कि सबसे छोटी कार्रवाई निष्क्रियता से भी बेहतर है, इसलिए इसे चरण-दर-चरण लेना आपको हर दिन अपने लक्ष्य के करीब ले जाएगा।
| इस त्वरित-क्रिया लक्ष्य सेटिंग प्रक्रिया में पहला चरण महत्वपूर्ण है, और यह आसानी से चरणों का सबसे कठिन हो सकता है। यदि आप मल्टीटास्किंग कर रहे हैं - ईमेल का जवाब दे रहे हैं, फोन का जवाब दे रहे हैं, अपनी टू-डू सूची के बारे में सोच रहे हैं, या जुआ परिवार की प्रतिबद्धताओं के बारे में सोच रहे हैं तो आप अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएंगे। शारीरिक रूप से अपने काम से दूर होने का प्रयास करें, फोन बंद करें, अपने कंप्यूटर को बंद करें, और अपने विचारों के साथ स्वयं कुछ मिनटों के लिए मौजूद हैं। इस बारे में सोचें कि आपने हाल ही में क्या हासिल किया है और पिछली बार जब आप परिलक्षित होते हैं तब से आप कितने दूर आए हैं। अब, कागज का एक टुकड़ा और एक कलम पकड़ो; अब आपके लक्ष्य के लिए विषय या विषय चुनने का समय है। हर बार जब आप भविष्य के बारे में सोचते हैं तो क्या लक्ष्य, इच्छा या सपना पॉप-अप रहता है? आप किसी और चीज़ से अधिक हासिल करना चाहते हैं? आपको क्या रात में जगाए रखता है? यह इस अभ्यास के लिए आपका ध्यान होना चाहिए। कभी-कभी, यह चरण केवल एक शब्द की पहचान करके पूरा किया जा सकता है जिसमें आप जो हासिल करना चाहते हैं उसे शामिल करता है। उदाहरण के लिए, क्या आप अपने जीवन के सभी पहलुओं में अधिक उत्पादक और संगठित बनना चाहते हैं? शायद "व्यवस्थित करें" आपकी थीम है। या, क्या आप काम से समय निकालने और अपने लिए अधिक समय लेने पर केंद्रित एक लक्ष्य बनाना चाहते हैं? "छूट" आज़माएं। तुम्हें नया तरीका मिल गया है। इस चरण में आपके लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक हर संभव कार्रवाई को समझना शामिल है। स्वच्छता और व्यवस्था के बारे में चिंता न करें, बस कागज के टुकड़े पर सब कुछ नीचे लाएं। उदाहरण के लिए, यदि आपका लक्ष्य वर्ष के अंत तक व्यवसाय क्रेडिट कार्ड का भुगतान करना है, तो आपकी दिमागी सूची में निम्न शामिल हो सकते हैंः एक बार जब आप सबकुछ लिख लेते हैं, तो आप वापस जा सकते हैं और प्रत्येक विचार को तोड़ सकते हैं ताकि यह सरल कार्यों की सूची बन जाए। उदाहरण के लिए, "खर्च कम करें" हो सकता हैः अच्छी खबर यह है कि आपको अभी एक व्यापक सूची बनाने की ज़रूरत नहीं है, आपको बस शुरुआत करना है। जैसे ही आप एक्शन आइटम को खटखटाते हैं, आप पाएंगे कि नए एक्शन आइटम और विचार हर समय पॉप अप करते हैं। वास्तव में, इस सूची को आसान रखा जाना चाहिए ताकि आप आवश्यकतानुसार जोड़ और संशोधित कर सकें। लोगों को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि वे इसे देखने के लिए प्रतिबद्धता नहीं बनाते हैं। पेपर पर अपने इरादों को लिखकर आप उस बाधा को दूर कर सकते हैं। यह लगभग आपके साथ अनुबंध करने जैसा है, एक वादा करता है कि आप एक ही काम करेंगे, भले ही यह एक छोटी सी चीज है, हर दिन अपने लक्ष्य का समर्थन करने के लिए। इसे एक समय में एक एक्शन आइटम लेना याद रखें, और अपनी प्रगति के लिए खुद को पीछे रखने के लिए समय निकालें। यहां तक कि सबसे छोटी कार्रवाई निष्क्रियता से भी बेहतर है, इसलिए इसे चरण-दर-चरण लेना आपको हर दिन अपने लक्ष्य के करीब ले जाएगा। |
इंटरेक्शन डिजाइन एक अकादमिक विषय है कि दोनों फार्म और डिजिटल उत्पादों के समारोह पर ध्यान केंद्रित करता है। व्यक्तियों, जो इस क्षेत्र में काम करने में मदद कंपनियों के लिए या अपने स्वयं के व्यवसाय के लिए इंटरैक्टिव प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर प्रोग्राम, और वेबसाइट डिजाइन कर सकते हैं।
थाईलैंड (ประเทศไทย), आधिकारिक तौर पर थाईलैंड (ราช อาณาจักร ไทย) के राज्य अंडमान सागर और थाईलैंड की खाड़ी पर समुद्र तट के साथ दक्षिण पूर्व एशिया में एक देश है. राजधानी बैंकॉक में कई आगंतुकों 'itineraries की शुरुआत में है, और एक आधुनिक शहर है, जबकि यह एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है.
एमए मानविकी या इस तरह के इतिहास, संचार, दर्शन, धर्मशास्त्र या अंग्रेजी के रूप में ललित कला विषयों का अध्ययन एक कार्यक्रम पूरा कर लिया है कि छात्रों को सम्मानित किया एक मास्टर की डिग्री है। कला की डिग्री के मास्टर आम तौर पर शोध, अनुसंधान और लिखित परीक्षा की आवश्यकता है।
| इंटरेक्शन डिजाइन एक अकादमिक विषय है कि दोनों फार्म और डिजिटल उत्पादों के समारोह पर ध्यान केंद्रित करता है। व्यक्तियों, जो इस क्षेत्र में काम करने में मदद कंपनियों के लिए या अपने स्वयं के व्यवसाय के लिए इंटरैक्टिव प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर प्रोग्राम, और वेबसाइट डिजाइन कर सकते हैं। थाईलैंड , आधिकारिक तौर पर थाईलैंड के राज्य अंडमान सागर और थाईलैंड की खाड़ी पर समुद्र तट के साथ दक्षिण पूर्व एशिया में एक देश है. राजधानी बैंकॉक में कई आगंतुकों 'itineraries की शुरुआत में है, और एक आधुनिक शहर है, जबकि यह एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है. एमए मानविकी या इस तरह के इतिहास, संचार, दर्शन, धर्मशास्त्र या अंग्रेजी के रूप में ललित कला विषयों का अध्ययन एक कार्यक्रम पूरा कर लिया है कि छात्रों को सम्मानित किया एक मास्टर की डिग्री है। कला की डिग्री के मास्टर आम तौर पर शोध, अनुसंधान और लिखित परीक्षा की आवश्यकता है। |
संगीता का जन्म हरिणाया के भिवानी में हुआ था। उनके पिता घर्मपाल फतेहाबाद पुलिस विभाग में कारपेंटर थे। उन्होंने अपनी स्कूलिंग भिवानी से की है और उन्होंने अशोका यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएट किया है। उनके पिता अपनी बेटी को एक ऑफिसर बनाना चाहते थे। पिता ने उनकी शिक्षा को सबसे अधिक महत्व दिया और संगीता ने भी कड़ी मेहनत कर के अपने पिता के सपने को पूरा किया।
संगीता ने बताया था कि उन्हें सिविल सर्विस के लिए प्रेरणा 90 के दशक के प्रसिद्ध टीवी शो उड़ान से मिली थी। संगीता ने IPS के एग्जाम में तीसरे प्रयास में UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। इससे पहले प्रयास में वे असफल हो गई थीं। यूपीएससी परीक्षा में उनके दूसरे प्रयास से उन्हें रेलवे मिला था, जिसे उन्होंने ज्वाइन नहीं किया था। आखिरकार तीसरे प्रयास में वह IPS बनने में सफल हुईं।
2010 में जब उनके पिता फतेहाबाद पुलिस से रिटायर हुए उसी समय, उनकी बेटी हरियाणा पुलिस में एक आईपीएस अधिकारी के रूप में शामिल हुई। एक बार पुलिस विभागों के एक सम्मेलन में जब संगीता शामिल हुईं तो कांफ्रेंस रूम की दीवार को देख कर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि यह दीवार उनके पिता ने पेंट की थी। संगीता अपने कड़े फैसलों के लिए जानी जाती हैं।
| संगीता का जन्म हरिणाया के भिवानी में हुआ था। उनके पिता घर्मपाल फतेहाबाद पुलिस विभाग में कारपेंटर थे। उन्होंने अपनी स्कूलिंग भिवानी से की है और उन्होंने अशोका यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएट किया है। उनके पिता अपनी बेटी को एक ऑफिसर बनाना चाहते थे। पिता ने उनकी शिक्षा को सबसे अधिक महत्व दिया और संगीता ने भी कड़ी मेहनत कर के अपने पिता के सपने को पूरा किया। संगीता ने बताया था कि उन्हें सिविल सर्विस के लिए प्रेरणा नब्बे के दशक के प्रसिद्ध टीवी शो उड़ान से मिली थी। संगीता ने IPS के एग्जाम में तीसरे प्रयास में UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी। इससे पहले प्रयास में वे असफल हो गई थीं। यूपीएससी परीक्षा में उनके दूसरे प्रयास से उन्हें रेलवे मिला था, जिसे उन्होंने ज्वाइन नहीं किया था। आखिरकार तीसरे प्रयास में वह IPS बनने में सफल हुईं। दो हज़ार दस में जब उनके पिता फतेहाबाद पुलिस से रिटायर हुए उसी समय, उनकी बेटी हरियाणा पुलिस में एक आईपीएस अधिकारी के रूप में शामिल हुई। एक बार पुलिस विभागों के एक सम्मेलन में जब संगीता शामिल हुईं तो कांफ्रेंस रूम की दीवार को देख कर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि यह दीवार उनके पिता ने पेंट की थी। संगीता अपने कड़े फैसलों के लिए जानी जाती हैं। |
पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक को दिल का दौरा पड़ने के बाद लाहौर के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। पूरी पाक टीम शोक की लहर दौड़ रही है।
मीडिया में आ रहीं सूचनाओं के अनुसार, इंजमाम-उल-हक की हालत सोमवार शाम एंजियोप्लास्टी के बाद फिलहाल स्थिर है. खबरों के मुताबिक इंजमाम-उल-हक को बीते तीन दिनों से सीने में दर्द की शिकायत थी लेकिन शुरुआती जांच में चिकित्सकों ने उन्हें सामान्य पाया।
आपको बता दें कि 51 वर्षीय इंजमाम के नाम क्रिकेट के मैदान पर कई बड़े रिकॉर्ड हैं। वो वनडे क्रिकेट में 10 हजार रन पार करने वाले एकमात्र पाकिस्तानी बल्लेबाज हैं। पूर्व कप्तान ने कुल 375 वनडे में 11701 रन बनाए हैं। पाकिस्तान द्वारा 2007 में वर्ल्ड कप के अगले दौर के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहने के बाद उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
| पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक को दिल का दौरा पड़ने के बाद लाहौर के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। पूरी पाक टीम शोक की लहर दौड़ रही है। मीडिया में आ रहीं सूचनाओं के अनुसार, इंजमाम-उल-हक की हालत सोमवार शाम एंजियोप्लास्टी के बाद फिलहाल स्थिर है. खबरों के मुताबिक इंजमाम-उल-हक को बीते तीन दिनों से सीने में दर्द की शिकायत थी लेकिन शुरुआती जांच में चिकित्सकों ने उन्हें सामान्य पाया। आपको बता दें कि इक्यावन वर्षीय इंजमाम के नाम क्रिकेट के मैदान पर कई बड़े रिकॉर्ड हैं। वो वनडे क्रिकेट में दस हजार रन पार करने वाले एकमात्र पाकिस्तानी बल्लेबाज हैं। पूर्व कप्तान ने कुल तीन सौ पचहत्तर वनडे में ग्यारह हज़ार सात सौ एक रन बनाए हैं। पाकिस्तान द्वारा दो हज़ार सात में वर्ल्ड कप के अगले दौर के लिए क्वालीफाई करने में विफल रहने के बाद उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। |
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद जिल्लुर रहमान का सिंगापुर के एक अस्पताल में देहांत हो गया। शाम 6:47 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली, वह 85 साल के थे और उनका गुर्दे और सांस लेने संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा था। राष्ट्रपति कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, 'राष्ट्रपति ने माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में अंतिम सांस ली। ' बांग्लादेश ने उनके निधन पर तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। सिंगापुर में बांग्लादेश के राजदूत ने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें स्थानीय समयानुसार शाम 6:47 मिनट पर मृत घोषित किया। उस समय वहां उनके बेटे, बेटियां और नजदीकी रिश्तेदार मौजूद थे। बता दें कि रहमान को बीते 10 मार्च को माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उन्हें फेफड़े में संक्रमण के बाद एयर एंबुलेंस से ले जाया गया था। इसी महीने की शुरुआत में 85 साल के हुए रहमान बांग्लादेश के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाते हैं। पेशे से वकील रहमान बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के निकट सहयोगी हुआ करते थे। साल 1975 के तख्तापलट के बाद अवामी लीग को एकजुट रखने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।
| बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद जिल्लुर रहमान का सिंगापुर के एक अस्पताल में देहांत हो गया। शाम छः:सैंतालीस मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली, वह पचासी साल के थे और उनका गुर्दे और सांस लेने संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा था। राष्ट्रपति कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया, 'राष्ट्रपति ने माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में अंतिम सांस ली। ' बांग्लादेश ने उनके निधन पर तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। सिंगापुर में बांग्लादेश के राजदूत ने बताया कि चिकित्सकों ने उन्हें स्थानीय समयानुसार शाम छः:सैंतालीस मिनट पर मृत घोषित किया। उस समय वहां उनके बेटे, बेटियां और नजदीकी रिश्तेदार मौजूद थे। बता दें कि रहमान को बीते दस मार्च को माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उन्हें फेफड़े में संक्रमण के बाद एयर एंबुलेंस से ले जाया गया था। इसी महीने की शुरुआत में पचासी साल के हुए रहमान बांग्लादेश के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाते हैं। पेशे से वकील रहमान बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के निकट सहयोगी हुआ करते थे। साल एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर के तख्तापलट के बाद अवामी लीग को एकजुट रखने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। |
'अनुपमा' की कहानी दिलचस्प मोड़ पर है. (फोटो साभारः Instagram@anupamaa. 2023)
नई दिल्लीः टीवी शो 'अनुपमा' (Anupamaa) की कहानी में ऐसे हालात बन रहे हैं, जिसका दर्शकों को लंबे वक्त से इंतजार था. शो में अनुपमा और अनुज कपाड़िया एक-साथ नजर आने वाले हैं. शो के प्रोमो में इसकी झलक भी मिल गई है. बरखा भाभी का स्वार्थ अनुज-अनुपमा को साथ ले आएगा, हालांकि उनका प्लान उन पर ही भारी पड़ने वाला है.
दर्शकों ने पिछले एपिसोड (शनिवार) में देखा कि कैसे बरखा अनुपमा के सामान सहित उसकी मां के घर पहुंच जाती है. अनुपमा के भाई और मां ने बरखा को एहसास दिलाया कि अभी भी कपाड़िया हाउस की असली मालकिन अनुपमा ही है. वे बरखा की बेइज्जती करते हैं जो किसी तरह कपाड़िया मेंशन को अपने नाम करवाना चाहती है. प्रोमो से पता चलता है कि अनुज और अनुपमा को अंकुश कॉल करेगा.
अंकुश अनुपमा से कहेगा कि वे कपाड़िया मेंशन लौट आएं. वह अनुज कपाड़िया से भी अहमदाबाद लौटने की बात कहेगा. अंकुश दोनों को प्रोपर्टी से जुड़ी जरूरी बात बताएगा और समझाएगा कि क्यों उन्हें कपाड़िया मेंशन आना जरूरी है. दर्शकों का मानना है कि अंकुश यह सब बरखा के सिखाने पर कह रहा है और उसी के कहने पर दोनों को कपाड़िया मेंशन आने की गुजारिश कर रहा है. लोग मानते हैं कि बरखा 'पावर ऑफ अटॉर्नी' अंकुश के नाम होते हुए देखना चाहती है, ताकि अनुपमा प्रोपर्टी से बेदखल हो जाए.
अंकुश और बरखा की कोशिश अनुज और अनुपमा को एक बार फिर आमने-सामने लाकर खड़ा कर देगी. दोनों के पास एक-दूसरे से बात करने की पुख्ता वजह होगी. प्रोमो वीडियो में माया की भी झलक मिल रही है जो चाहती है कि अनुज उनके करीब ही रहे. उसे यह भी आशंका है कि अगर अनुज अहमदाबाद में रहेगा, तो उसकी अनुपमा से मुलाकात बढ़ेगी.
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'जवान' से पहले. . . इन 5 फिल्मों में अपनी खलनायकी से डरा चुके हैं शाहरुख खान, विलेनगिरी से फिर मचाएंगे धमाल!
| 'अनुपमा' की कहानी दिलचस्प मोड़ पर है. नई दिल्लीः टीवी शो 'अनुपमा' की कहानी में ऐसे हालात बन रहे हैं, जिसका दर्शकों को लंबे वक्त से इंतजार था. शो में अनुपमा और अनुज कपाड़िया एक-साथ नजर आने वाले हैं. शो के प्रोमो में इसकी झलक भी मिल गई है. बरखा भाभी का स्वार्थ अनुज-अनुपमा को साथ ले आएगा, हालांकि उनका प्लान उन पर ही भारी पड़ने वाला है. दर्शकों ने पिछले एपिसोड में देखा कि कैसे बरखा अनुपमा के सामान सहित उसकी मां के घर पहुंच जाती है. अनुपमा के भाई और मां ने बरखा को एहसास दिलाया कि अभी भी कपाड़िया हाउस की असली मालकिन अनुपमा ही है. वे बरखा की बेइज्जती करते हैं जो किसी तरह कपाड़िया मेंशन को अपने नाम करवाना चाहती है. प्रोमो से पता चलता है कि अनुज और अनुपमा को अंकुश कॉल करेगा. अंकुश अनुपमा से कहेगा कि वे कपाड़िया मेंशन लौट आएं. वह अनुज कपाड़िया से भी अहमदाबाद लौटने की बात कहेगा. अंकुश दोनों को प्रोपर्टी से जुड़ी जरूरी बात बताएगा और समझाएगा कि क्यों उन्हें कपाड़िया मेंशन आना जरूरी है. दर्शकों का मानना है कि अंकुश यह सब बरखा के सिखाने पर कह रहा है और उसी के कहने पर दोनों को कपाड़िया मेंशन आने की गुजारिश कर रहा है. लोग मानते हैं कि बरखा 'पावर ऑफ अटॉर्नी' अंकुश के नाम होते हुए देखना चाहती है, ताकि अनुपमा प्रोपर्टी से बेदखल हो जाए. अंकुश और बरखा की कोशिश अनुज और अनुपमा को एक बार फिर आमने-सामने लाकर खड़ा कर देगी. दोनों के पास एक-दूसरे से बात करने की पुख्ता वजह होगी. प्रोमो वीडियो में माया की भी झलक मिल रही है जो चाहती है कि अनुज उनके करीब ही रहे. उसे यह भी आशंका है कि अगर अनुज अहमदाबाद में रहेगा, तो उसकी अनुपमा से मुलाकात बढ़ेगी. . 'जवान' से पहले. . . इन पाँच फिल्मों में अपनी खलनायकी से डरा चुके हैं शाहरुख खान, विलेनगिरी से फिर मचाएंगे धमाल! |
देश में कोरोना वायरस के नए मामले जिस रफ्तार से सामने आ रहे हैं उससे कहीं अधिक रफ्तार से लोग ठीक हो रहे हैं जिस वजह से देश में कोरोना वायरस के एक्टिव मामलों में लगातार कमी आ रही है और कोरोना से रिकवरी की दर में भी तेजी से सुधार हो रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान देशभर में कोरोना वायरस के 2. 11 लाख नए मामले सामने आए हैं और इनको मिलाकर देश में अबतक 2. 73 करोड़ से ज्यादा केस दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि 2. 73 करोड़ में से 2. 46 करोड़ लोग पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, यानि कोरोना वायरस से रिकवरी की दर 90 प्रतिशत को पार कर चुकी है।
| देश में कोरोना वायरस के नए मामले जिस रफ्तार से सामने आ रहे हैं उससे कहीं अधिक रफ्तार से लोग ठीक हो रहे हैं जिस वजह से देश में कोरोना वायरस के एक्टिव मामलों में लगातार कमी आ रही है और कोरोना से रिकवरी की दर में भी तेजी से सुधार हो रहा है। पिछले चौबीस घंटाटों के दौरान देशभर में कोरोना वायरस के दो. ग्यारह लाख नए मामले सामने आए हैं और इनको मिलाकर देश में अबतक दो. तिहत्तर करोड़ से ज्यादा केस दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि दो. तिहत्तर करोड़ में से दो. छियालीस करोड़ लोग पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, यानि कोरोना वायरस से रिकवरी की दर नब्बे प्रतिशत को पार कर चुकी है। |
Aaj Ka Rashifal 09 February 2022: आज किन राशियों के लिए खास है दिन, किसके लिए है भारी, पढ़ें आज का राशिफल और जानें क्या कहते हैं आपके सितारे?
मेषः आज कुटुंब में माहौल ठीक ठाक रहेगा। धन का आगमन हो सकता है। धन बचत कर पाने में भी आप सफल होंगे। अपनी वाणी में आपको नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी।
वृषभः आज आपका मन किसी एक चीज पर स्थिर नहीं होगा। वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। माता जी से लाभ की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपको अच्छे नतीजे प्राप्त होंगे।
मिथुनः आज आपको कार्यक्षेत्र अथवा व्यापार में आर्थिक नुकसान हो सकता है। कोई चल या अचल संपत्ति का पारिवारिक विवाद की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
कर्कः आज आपको व्यापार में लाभ होगा। आपकी आमदनी में इजाफा हो सकता है। लेकिन खर्चों से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। धन की बचत पर पर ध्यान देंगे।
सिंहः कार्यक्षेत्र में परिस्थितियां मिलीजुली हो सकती हैं। लेकिन आपको अपने कारोबार की चिंता लगी रह सकती है। आप अपने कार्यक्षेत्र में बदलाव के लेकर भी विचार कर सकते हैं।
कन्याः आज आपको भागदौड़ अधिक करनी पड़ सकती है। भाग्य के भरोसे न रहें, बल्कि अपनी मेहनत पर अधिक भरोसा रखें। कार्यक्षेत्र में उत्साहपूर्वक कार्य करेंगे और उसका लाभ भी होगा।
तुलाः आज आप अपने साहस और बुद्धिमानी का परिचय दे सकते हैं। कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आप परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाएंगे।
वृश्चिकः आज आपको शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। वैवाहिक जीवन में सुख-शांति का वातावरण देखने को मिलेगा। आज आप सामाजिक तथा बाह्य क्षेत्रों में प्रशंसा प्राप्त कर सकेंगे।
धनुः आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। अतीत की गलतियों से सीख सकते हैं। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। शत्रु पक्ष आपके ऊपर हावी होने का प्रयास कर सकता है।
मकरः आज उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र अपनी पढ़ाई को लेकर थोड़े चिंतित हो सकते हैं। प्रेम जीवन में साथी से मनमुटाव की स्थिति आ सकती है। परंतु आप स्थिति को कंट्रोल कर लेंगे।
कुंभः आज आपको आयात-निर्यात के व्यवसाय में लाभ होगा। आपकी गलती करने की संभावना ज्यादा रहेगी। अध्यात्म में रुचि बढ़ सकती है। आपकी संपत्ति में भी इजाफा होगा।
मीनः आज आप अपने कार्यक्षेत्र में तरक्की प्राप्त कर सकते हैं। आप ऊर्जा से भरपूर दिखाई देंगे। पारिवारिक वातावरण आनंद प्रद रहेगा। संभव हो तो आज किसी को धन उधार में न दें।
| Aaj Ka Rashifal नौ फ़रवरीruary दो हज़ार बाईस: आज किन राशियों के लिए खास है दिन, किसके लिए है भारी, पढ़ें आज का राशिफल और जानें क्या कहते हैं आपके सितारे? मेषः आज कुटुंब में माहौल ठीक ठाक रहेगा। धन का आगमन हो सकता है। धन बचत कर पाने में भी आप सफल होंगे। अपनी वाणी में आपको नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी। वृषभः आज आपका मन किसी एक चीज पर स्थिर नहीं होगा। वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। माता जी से लाभ की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपको अच्छे नतीजे प्राप्त होंगे। मिथुनः आज आपको कार्यक्षेत्र अथवा व्यापार में आर्थिक नुकसान हो सकता है। कोई चल या अचल संपत्ति का पारिवारिक विवाद की समस्या से छुटकारा मिलेगा। कर्कः आज आपको व्यापार में लाभ होगा। आपकी आमदनी में इजाफा हो सकता है। लेकिन खर्चों से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। धन की बचत पर पर ध्यान देंगे। सिंहः कार्यक्षेत्र में परिस्थितियां मिलीजुली हो सकती हैं। लेकिन आपको अपने कारोबार की चिंता लगी रह सकती है। आप अपने कार्यक्षेत्र में बदलाव के लेकर भी विचार कर सकते हैं। कन्याः आज आपको भागदौड़ अधिक करनी पड़ सकती है। भाग्य के भरोसे न रहें, बल्कि अपनी मेहनत पर अधिक भरोसा रखें। कार्यक्षेत्र में उत्साहपूर्वक कार्य करेंगे और उसका लाभ भी होगा। तुलाः आज आप अपने साहस और बुद्धिमानी का परिचय दे सकते हैं। कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आप परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाएंगे। वृश्चिकः आज आपको शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। वैवाहिक जीवन में सुख-शांति का वातावरण देखने को मिलेगा। आज आप सामाजिक तथा बाह्य क्षेत्रों में प्रशंसा प्राप्त कर सकेंगे। धनुः आज का दिन थोड़ा संभलकर चलने का है। अतीत की गलतियों से सीख सकते हैं। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें। शत्रु पक्ष आपके ऊपर हावी होने का प्रयास कर सकता है। मकरः आज उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र अपनी पढ़ाई को लेकर थोड़े चिंतित हो सकते हैं। प्रेम जीवन में साथी से मनमुटाव की स्थिति आ सकती है। परंतु आप स्थिति को कंट्रोल कर लेंगे। कुंभः आज आपको आयात-निर्यात के व्यवसाय में लाभ होगा। आपकी गलती करने की संभावना ज्यादा रहेगी। अध्यात्म में रुचि बढ़ सकती है। आपकी संपत्ति में भी इजाफा होगा। मीनः आज आप अपने कार्यक्षेत्र में तरक्की प्राप्त कर सकते हैं। आप ऊर्जा से भरपूर दिखाई देंगे। पारिवारिक वातावरण आनंद प्रद रहेगा। संभव हो तो आज किसी को धन उधार में न दें। |
श्री मेटिया जैन मन्यमाना
तेरहवें में परमशुक्ल लेया। चौवें में कोई लेश्या नहीं होती। ( १६ ) हेतु द्वार हेतु का अर्थपरकर्मबन्धका कारण । इसके ५७ भेद हैं- ५ मिथ्यान्च, १५ योग, १२ अ (काय की रक्षा न करना तथा पाँच इन्द्रियों और मन को वश में न रखना) और २५ कपाय (अनन्तानुवन्धी प्यादि १६ और नोकपाय नौ । पहले गुणस्थान में थाहारक और आहारक मिश्र को छोड़ कर शेप ५५ हेतु पाए जाते हैं। दूसरे में ७ मिथ्यात्व और ऊपर वाले दो हेतुओं को छोड़ कर ५० । नीमरे में चार अनन्तानुबन्धी प्रारिक मिश्र, चैक्रिय मिश्र, कार्मण और ऊपर वाले मात, कुल १४ हेतुओं को छोड़ कर ४३ । चौधे में औदारिक मिश्र, वैक्रिय मिश्र और कार्मण इन तीन के बढ़ जाने से ४६ । पाँचवें में चार अप्रत्याख्यानावरण, अविरत और फार्मण घट जाने से ४० । घंटे में २७ अर्थात् १४ योग (कार्मण छोड़ कर) और १३ कपाय (संज्वलन की चौकड़ी और नोकपाय) । सातवें में तीन मिश्र योगों को छोड़ कर २४ । भाठवें में और आहारक को छोड़ कर २२ । नर्वे में हास्यादि छह को छोड़ फर १६ । दसवें में तीन बेद्र और तीन संज्वलन कषायों को छोड़ कर १० । ग्यारहवें तथा वारहवें में चार मन के, चार वचन के और एक औदारिक, ये नौ हेतु पाए जाते हैं। तेरहवें में पॉच - सत्य मनो योग, व्यवहार मनोयोग, सत्य भाषा, व्यवहार भाषा और औदारिक । किसी किसी के मन में सात होते हैं। उन के अनुसार औदारिकमिश्र और कर्मण बढ़ जाते हैं। चौदहवें गुणस्थान में कोई हेतु नहीं होता।
(२०) मार्गरणा द्वार-मार्गरणा का तात्पर्य यहाँ जाने का मार्ग है। पहले गुणस्थान वाला तीसरे, चौथे, पाँचवें और सातवें गुणस्थान में जा सकता है। दूसरे गुणस्थान वाला पहले गुणस्थान में आता है। तीसरे गुरणस्थान वाला ऊपर चौथे, पाँचवें और सातवें | श्री मेटिया जैन मन्यमाना तेरहवें में परमशुक्ल लेया। चौवें में कोई लेश्या नहीं होती। हेतु द्वार हेतु का अर्थपरकर्मबन्धका कारण । इसके सत्तावन भेद हैं- पाँच मिथ्यान्च, पंद्रह योग, बारह अ और पच्चीस कपाय और तेरह कपाय । सातवें में तीन मिश्र योगों को छोड़ कर चौबीस । भाठवें में और आहारक को छोड़ कर बाईस । नर्वे में हास्यादि छह को छोड़ फर सोलह । दसवें में तीन बेद्र और तीन संज्वलन कषायों को छोड़ कर दस । ग्यारहवें तथा वारहवें में चार मन के, चार वचन के और एक औदारिक, ये नौ हेतु पाए जाते हैं। तेरहवें में पॉच - सत्य मनो योग, व्यवहार मनोयोग, सत्य भाषा, व्यवहार भाषा और औदारिक । किसी किसी के मन में सात होते हैं। उन के अनुसार औदारिकमिश्र और कर्मण बढ़ जाते हैं। चौदहवें गुणस्थान में कोई हेतु नहीं होता। मार्गरणा द्वार-मार्गरणा का तात्पर्य यहाँ जाने का मार्ग है। पहले गुणस्थान वाला तीसरे, चौथे, पाँचवें और सातवें गुणस्थान में जा सकता है। दूसरे गुणस्थान वाला पहले गुणस्थान में आता है। तीसरे गुरणस्थान वाला ऊपर चौथे, पाँचवें और सातवें |
Indian Railways: घर से टिकट काटने वाले रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी रेलवे ने दी है(Indian Railways Ticket limit News)।आपको बता दें इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने एक यूजर आईडी से मैक्सिमम 12 टिकट बुक करने की सीमा को बढ़ाकर 24 टिकट तक कर दिया है। रेल मंत्रालय ने 6 जून को विज्ञप्ति जारी करके एक सूचना जारी की है।बताया है सोमवार को अपनी वेबसाइट/ऐप पर आधार से लिंक नहीं होने वाले यूजर आईडी से एक महीने में अधिकतम 6 टिकट बुक करने की सीमा को बढ़ाकर 12 टिकट कर दिया। वहीं, आधार से लिंक आईडी पर एक महीने में अधिकतम 12 टिकट बुक करने की सीमा 24 टिकट तक बढ़ा दी है।
- सबसे पहले IRCTC की आधिकारिक ई-टिकटिंग वेबसाइट irctc.co.in पर जाना होगा।
- इसके बाद आपको अपना यूजर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉग इन करना पड़ेगा।
- अब होम पेज पर 'My Account section' पर जाकर 'Aadhaar KYC' पर क्लिक करना होगा।
- इसके बाद आधार लिंक के ऑप्शन पर क्लिक करना पड़ेगा।
- आधार लिंक के ऑप्शन पर क्लिक करते ही Aadhaar Card के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आ जाएगा।
- इस ओटीपी को दर्ज करें और वैरिफिकेशन कर दें।
- इसके बाद आपका KYC का प्रोसेस पूरा हो जाएगा।
- आधार से संबंधित जानकारी देखने के बाद नीचे लिखे 'Verify' पर क्लिक करें.
- इसके बाद आपके मोबाइल पर मैसेज आएगा कि KYC डिटेल को सफलतापूर्वक अपडेट कर लिया गया है।
| Indian Railways: घर से टिकट काटने वाले रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी रेलवे ने दी है।आपको बता दें इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन ने एक यूजर आईडी से मैक्सिमम बारह टिकट बुक करने की सीमा को बढ़ाकर चौबीस टिकट तक कर दिया है। रेल मंत्रालय ने छः जून को विज्ञप्ति जारी करके एक सूचना जारी की है।बताया है सोमवार को अपनी वेबसाइट/ऐप पर आधार से लिंक नहीं होने वाले यूजर आईडी से एक महीने में अधिकतम छः टिकट बुक करने की सीमा को बढ़ाकर बारह टिकट कर दिया। वहीं, आधार से लिंक आईडी पर एक महीने में अधिकतम बारह टिकट बुक करने की सीमा चौबीस टिकट तक बढ़ा दी है। - सबसे पहले IRCTC की आधिकारिक ई-टिकटिंग वेबसाइट irctc.co.in पर जाना होगा। - इसके बाद आपको अपना यूजर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉग इन करना पड़ेगा। - अब होम पेज पर 'My Account section' पर जाकर 'Aadhaar KYC' पर क्लिक करना होगा। - इसके बाद आधार लिंक के ऑप्शन पर क्लिक करना पड़ेगा। - आधार लिंक के ऑप्शन पर क्लिक करते ही Aadhaar Card के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आ जाएगा। - इस ओटीपी को दर्ज करें और वैरिफिकेशन कर दें। - इसके बाद आपका KYC का प्रोसेस पूरा हो जाएगा। - आधार से संबंधित जानकारी देखने के बाद नीचे लिखे 'Verify' पर क्लिक करें. - इसके बाद आपके मोबाइल पर मैसेज आएगा कि KYC डिटेल को सफलतापूर्वक अपडेट कर लिया गया है। |
सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा ने सेवा से इस्तीफा दे दिया। वर्मा ने डीजी फायर सर्विस का चार्ज लेने से इनकार करते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि उनके मामले में प्राकृतिक न्याय को समाप्त कर दिया है। वर्मा ने कहा कि सीबीआई की साख को बर्बाद करने की कोशिश हो रही है।
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| सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा ने सेवा से इस्तीफा दे दिया। वर्मा ने डीजी फायर सर्विस का चार्ज लेने से इनकार करते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि उनके मामले में प्राकृतिक न्याय को समाप्त कर दिया है। वर्मा ने कहा कि सीबीआई की साख को बर्बाद करने की कोशिश हो रही है। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi. |
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल की शुरूआत में अरूणाचल प्रदेश के दौरे पर जा सकते है। चीन द्वारा अरूणाचल प्रदेश में किसी भी भारतीय नेता व बड़े अधिकारियों का दौरा करने पर कड़ा ऐतराज जताया जाता है। लेकिन संभावना है कि पीएम मोदी चीन के सभी विरोधों को दरकिनार कर उसे मजबूत संदेश देने के लिए अराणाचल प्रदेश का दौरा कर सकते है।
हालांकि पीएम मोदी के अरूणाचल दौरे की तिथि निश्चित नहीं हुई है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने हाल ही में नई दिल्ली में मुलाकात के दौरान पीएम मोदी के दौरे को लेकर चर्चा की थी।
इससे पहले साल 2017 के नवंबर व दिसंबर महीन में भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अलग-अलग अरूणाचल प्रदेश का दौरा किया था। इनके दौरे के बाद चीन की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई थी।
इस पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि चीन को भारत से आशा है कि वो दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को कठिनाई प्रदान न करे, वो भी ऐसे समय पर जब दोनों देशों के बीच में द्विपक्षीय संबंध महत्वपूर्ण स्तर में है।
दरअसल चीन द्वारा भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य के कुछ हिस्सों पर अपना दावा जताया जाता है। इससे पहले जब दलाई लामा ने अरूणाचल प्रदेश का दौरा किया था तो चीन ने काफी नाराजगी व्यक्त की थी।
पीएम मोदी ने साल 2015 में अरूणाचल प्रदेश की यात्रा की थी और साल 2016 में अमेरिकी राजदूत ने भी यात्रा की थी। इन यात्राओं के समय भी चीन ने मजबूत विरोध किया था।
मोदी सरकार में ही नहीं बल्कि जब पहले यूपीए सरकार थी उस समय भी चीन ने भारत के किसी भी नेता के अरूणाचल दौरे पर ऐतराज ही जताया है।
चीन-भारतीय सीमा विवाद के केंद्र में अरुणाचल प्रदेश (90,000 वर्ग किमी) का विवादित मुद्दा है, जिसे चीन "दक्षिणी तिब्बत" के रूप में वर्णित करता है। चीन की मांग है कि अगर भारत पूरा हिस्सा नहीं देना चाहता है तो हमें तवांग ही स्थानांतरित कर दिया जाए।
लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि अरुणाचल प्रदेश में कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। भारत ने साफ कहा है कि वो तवांग को भी चीन को नहीं देगा। पूरा अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है।
| भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस साल की शुरूआत में अरूणाचल प्रदेश के दौरे पर जा सकते है। चीन द्वारा अरूणाचल प्रदेश में किसी भी भारतीय नेता व बड़े अधिकारियों का दौरा करने पर कड़ा ऐतराज जताया जाता है। लेकिन संभावना है कि पीएम मोदी चीन के सभी विरोधों को दरकिनार कर उसे मजबूत संदेश देने के लिए अराणाचल प्रदेश का दौरा कर सकते है। हालांकि पीएम मोदी के अरूणाचल दौरे की तिथि निश्चित नहीं हुई है। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने हाल ही में नई दिल्ली में मुलाकात के दौरान पीएम मोदी के दौरे को लेकर चर्चा की थी। इससे पहले साल दो हज़ार सत्रह के नवंबर व दिसंबर महीन में भारतीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अलग-अलग अरूणाचल प्रदेश का दौरा किया था। इनके दौरे के बाद चीन की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई थी। इस पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि चीन को भारत से आशा है कि वो दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को कठिनाई प्रदान न करे, वो भी ऐसे समय पर जब दोनों देशों के बीच में द्विपक्षीय संबंध महत्वपूर्ण स्तर में है। दरअसल चीन द्वारा भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य के कुछ हिस्सों पर अपना दावा जताया जाता है। इससे पहले जब दलाई लामा ने अरूणाचल प्रदेश का दौरा किया था तो चीन ने काफी नाराजगी व्यक्त की थी। पीएम मोदी ने साल दो हज़ार पंद्रह में अरूणाचल प्रदेश की यात्रा की थी और साल दो हज़ार सोलह में अमेरिकी राजदूत ने भी यात्रा की थी। इन यात्राओं के समय भी चीन ने मजबूत विरोध किया था। मोदी सरकार में ही नहीं बल्कि जब पहले यूपीए सरकार थी उस समय भी चीन ने भारत के किसी भी नेता के अरूणाचल दौरे पर ऐतराज ही जताया है। चीन-भारतीय सीमा विवाद के केंद्र में अरुणाचल प्रदेश का विवादित मुद्दा है, जिसे चीन "दक्षिणी तिब्बत" के रूप में वर्णित करता है। चीन की मांग है कि अगर भारत पूरा हिस्सा नहीं देना चाहता है तो हमें तवांग ही स्थानांतरित कर दिया जाए। लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि अरुणाचल प्रदेश में कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। भारत ने साफ कहा है कि वो तवांग को भी चीन को नहीं देगा। पूरा अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। |
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आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में जिसे देखो उसे किसी ना किसी बात का तनाव घेरे हुए है। किसी को काम का टेंशन, किसी को शादी का टेंशन, किसी को अच्छी नौकरी पाने का तनाव, (Yoga for Stress) तो किसी को बेहतर अंक लाने का दबाव और टेंशन। हर कोई मानसिक तनाव में जी रहा है। न तो एक मिनट का चैन है, ना सुकून है और ना ही खुद को स्ट्रेस फ्री (Yoga for Stress) रखने का समय। स्ट्रेस में लगातार रहने से आप डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं।
ऐसे में जरूरी है कि तनाव (sheetali pranayama) को कम करने के लिए समय रहते ही इसका इलाज करें। यदि आप दवाओं के सेवन के बिना ही तनाव का इलाज करना चाहते हैं, तो सबसे आसान और कारगर इलाज है योग (Yoga for Stress)। योग आपको फिजिकल, मेंटल या इनोशनल सभी तरह के स्ट्रेस से दूर रखता है। इसके लिए आप शीतली प्राणायाम (sheetali pranayama) का अभ्यास कर सकते हैं।
हर दिन आप तनाव, असुरक्षा और चिंता के बीच से गुजर रहे हैं, तो इसका सही समय पर इलाज भी जरूरी है। तनाव के कारण आपको उच्च और निम्न रक्तचाप, दिल की बीमारियां, डायबिटीज, मानसिक असंतुलन जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इतना ही नहीं, तनाव के कारण महिलाओं में इंफर्टिलिटी की समस्या भी बढ़ जाती है। देर से शादी होने के कारण महिलाओं में तनाव होना जायज है, ऐसे में गर्भधारण करने में समस्या आती है। निरंतर दबाव में रहने के कारण वह दिन-रात बेचैन रहती हैं। एक शोध की मानें, तो जो महिलाएं तनाव में अधिक रहती हैं, उनमें 40 प्रतिशत महिलाओं में बांझपन की शिकायत होती है। तनाव और चिंता बढ़ने से महिला और पुरुष दोनों के ही शरीर में हार्मोंस इम्बैलेंस होने लगते हैं। तनाव चाहे जिन कारणों से भी हो, आपको इसका उपचार जल्द से जल्द करना चाहिए।
तनाव को दूर करने के लिए शीतली प्राणायाम को सबसे कारगर माना जाता है। योग से आपके शरीर में मौजूद सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को राहत मिलती है। ये बेचैनी कम करती है। योग करने से तनाव कम होने के साथ ही फोकस तो बढ़ता ही है, जागरूकता भी आती है।
शीतली प्राणायाम का संबंध शीतलता से है, जो शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी ठंडक प्रदान करता है। इससे आपका दिमाग और मन दोनों ही शांत रहता है। आप यदि योग का अभ्यास करते हैं, तो सबसे आखिरी में शीतली प्राणायाम करें। इससे शारीरिक थकान और मानसिक तनाव दूर होगा। यह प्राणायाम भरपूर ऑक्सीजन का भी निर्माण करता है।
चटाई बिछाकर फर्श पर बैठ जाएं। इसे किसी पद्मासन, सुखासन या अन्य किसी आसन में बैठकर भी कर सकते हैं। अब अपनी जीभ को बाहर निकालकर एक नली के सामान बना लें। अब जीभ द्वारा बनाई गई नली के जरिए सांस लेने की कोशिश करें। हवा से पेट को पूरा भर लें। अब जीभ को अंदर करते हुए मुंह बंद कर लें। अब अपनी गर्दन को आगे की तरफ झुकाकर, अपने जबड़े के अगले भाग को छाती से लगाएं और थोड़ी देर के लिए सांस रोककर रखें। अब वापस से गर्दन को सीधा कर लें। नाक से वायु को बाहर निकल दें। कोशिश करें कि सांस बाहर निकालने का समय, सांस अंदर खीचने के समय से अधिक हो। इस प्रक्रिया को अपनी क्षमतानुसार करें।
- सिर दर्द की समस्या दूर करें। दिमाग शांत रखे और तनाव करे कम।
- शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करे।
- मस्तिष्क में होने वाले उथल-पुथल को दूर कर दिमाग को कूल रखे। भावनात्मक उत्तेजना, मन की चंचलता कम करे।
- गहरी और चैन की नींद दिलाए।
- गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडा रखे।
- एसिडिटी और उच्च रक्तचाप को कम करे।
- पाचन तंत्र को मजबूत बनाए। दिल के रोगों से बचाए।
| Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में जिसे देखो उसे किसी ना किसी बात का तनाव घेरे हुए है। किसी को काम का टेंशन, किसी को शादी का टेंशन, किसी को अच्छी नौकरी पाने का तनाव, तो किसी को बेहतर अंक लाने का दबाव और टेंशन। हर कोई मानसिक तनाव में जी रहा है। न तो एक मिनट का चैन है, ना सुकून है और ना ही खुद को स्ट्रेस फ्री रखने का समय। स्ट्रेस में लगातार रहने से आप डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि तनाव को कम करने के लिए समय रहते ही इसका इलाज करें। यदि आप दवाओं के सेवन के बिना ही तनाव का इलाज करना चाहते हैं, तो सबसे आसान और कारगर इलाज है योग । योग आपको फिजिकल, मेंटल या इनोशनल सभी तरह के स्ट्रेस से दूर रखता है। इसके लिए आप शीतली प्राणायाम का अभ्यास कर सकते हैं। हर दिन आप तनाव, असुरक्षा और चिंता के बीच से गुजर रहे हैं, तो इसका सही समय पर इलाज भी जरूरी है। तनाव के कारण आपको उच्च और निम्न रक्तचाप, दिल की बीमारियां, डायबिटीज, मानसिक असंतुलन जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इतना ही नहीं, तनाव के कारण महिलाओं में इंफर्टिलिटी की समस्या भी बढ़ जाती है। देर से शादी होने के कारण महिलाओं में तनाव होना जायज है, ऐसे में गर्भधारण करने में समस्या आती है। निरंतर दबाव में रहने के कारण वह दिन-रात बेचैन रहती हैं। एक शोध की मानें, तो जो महिलाएं तनाव में अधिक रहती हैं, उनमें चालीस प्रतिशत महिलाओं में बांझपन की शिकायत होती है। तनाव और चिंता बढ़ने से महिला और पुरुष दोनों के ही शरीर में हार्मोंस इम्बैलेंस होने लगते हैं। तनाव चाहे जिन कारणों से भी हो, आपको इसका उपचार जल्द से जल्द करना चाहिए। तनाव को दूर करने के लिए शीतली प्राणायाम को सबसे कारगर माना जाता है। योग से आपके शरीर में मौजूद सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम को राहत मिलती है। ये बेचैनी कम करती है। योग करने से तनाव कम होने के साथ ही फोकस तो बढ़ता ही है, जागरूकता भी आती है। शीतली प्राणायाम का संबंध शीतलता से है, जो शरीर के साथ-साथ दिमाग को भी ठंडक प्रदान करता है। इससे आपका दिमाग और मन दोनों ही शांत रहता है। आप यदि योग का अभ्यास करते हैं, तो सबसे आखिरी में शीतली प्राणायाम करें। इससे शारीरिक थकान और मानसिक तनाव दूर होगा। यह प्राणायाम भरपूर ऑक्सीजन का भी निर्माण करता है। चटाई बिछाकर फर्श पर बैठ जाएं। इसे किसी पद्मासन, सुखासन या अन्य किसी आसन में बैठकर भी कर सकते हैं। अब अपनी जीभ को बाहर निकालकर एक नली के सामान बना लें। अब जीभ द्वारा बनाई गई नली के जरिए सांस लेने की कोशिश करें। हवा से पेट को पूरा भर लें। अब जीभ को अंदर करते हुए मुंह बंद कर लें। अब अपनी गर्दन को आगे की तरफ झुकाकर, अपने जबड़े के अगले भाग को छाती से लगाएं और थोड़ी देर के लिए सांस रोककर रखें। अब वापस से गर्दन को सीधा कर लें। नाक से वायु को बाहर निकल दें। कोशिश करें कि सांस बाहर निकालने का समय, सांस अंदर खीचने के समय से अधिक हो। इस प्रक्रिया को अपनी क्षमतानुसार करें। - सिर दर्द की समस्या दूर करें। दिमाग शांत रखे और तनाव करे कम। - शरीर की आंतरिक गर्मी को कम करे। - मस्तिष्क में होने वाले उथल-पुथल को दूर कर दिमाग को कूल रखे। भावनात्मक उत्तेजना, मन की चंचलता कम करे। - गहरी और चैन की नींद दिलाए। - गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडा रखे। - एसिडिटी और उच्च रक्तचाप को कम करे। - पाचन तंत्र को मजबूत बनाए। दिल के रोगों से बचाए। |
पूर्वोत्तर राज्यों में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए बेहतरीन खबर है। असम ग्रामीण विकास प्रशिक्षण ट्रस्ट (AGVPT) ने ग्रामीण स्व-रोजगार संस्थानों (RSETI) के लिए अनुबंध के आधार पर निदेशक, फैकल्टी, ऑफिस असिस्टेंट / कार्यालय सहायक और परिचारक / अटेंडेंट के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
निदेशक और फैकल्टी के पद के लिए चयन व्यक्तिगत साक्षात्कार में प्रदर्शन पर आधारित होगा। ऑफिस असिस्टेंट / कार्यालय सहायक और परिचारक / अटेंडेंट के पद के लिए चयन व्यक्तिगत साक्षात्कार पर आधारित होगा। असम ग्रामीण विकास बैंक की ओर से फैकल्टी और ऑफिस असिस्टेंट पद के लिए उनकी कंप्यूटर क्षमताओं का आकलन करने के लिए कंप्यूटर प्रवीणता परीक्षा आयोजित की जा सकती है।
पर देख सकते हैं।
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत / स्पीड पोस्ट द्वारा निम्नलिखित पते पर भेज सकते हैंः
नोट : आवेदन पत्र 15 जून को या उससे पहले असम ग्रामीण विकास प्रशिक्षण ट्रस्ट के पास पहुंच जाना चाहिए।
निदेशक पद के लिए एक अप्रैल, 2021 तक आयु 62 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। जबकि, फैकल्टी, ऑफिस असिस्टेंट / कार्यालय सहायक और परिचारक / अटेंडेंट के पदों के लिए आयु सीमा एक अप्रैल, 2021 तक 22 से 40 वर्ष के मध्य होनी चाहिए।
| पूर्वोत्तर राज्यों में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए बेहतरीन खबर है। असम ग्रामीण विकास प्रशिक्षण ट्रस्ट ने ग्रामीण स्व-रोजगार संस्थानों के लिए अनुबंध के आधार पर निदेशक, फैकल्टी, ऑफिस असिस्टेंट / कार्यालय सहायक और परिचारक / अटेंडेंट के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पदों के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निदेशक और फैकल्टी के पद के लिए चयन व्यक्तिगत साक्षात्कार में प्रदर्शन पर आधारित होगा। ऑफिस असिस्टेंट / कार्यालय सहायक और परिचारक / अटेंडेंट के पद के लिए चयन व्यक्तिगत साक्षात्कार पर आधारित होगा। असम ग्रामीण विकास बैंक की ओर से फैकल्टी और ऑफिस असिस्टेंट पद के लिए उनकी कंप्यूटर क्षमताओं का आकलन करने के लिए कंप्यूटर प्रवीणता परीक्षा आयोजित की जा सकती है। पर देख सकते हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अपना आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत / स्पीड पोस्ट द्वारा निम्नलिखित पते पर भेज सकते हैंः नोट : आवेदन पत्र पंद्रह जून को या उससे पहले असम ग्रामीण विकास प्रशिक्षण ट्रस्ट के पास पहुंच जाना चाहिए। निदेशक पद के लिए एक अप्रैल, दो हज़ार इक्कीस तक आयु बासठ वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। जबकि, फैकल्टी, ऑफिस असिस्टेंट / कार्यालय सहायक और परिचारक / अटेंडेंट के पदों के लिए आयु सीमा एक अप्रैल, दो हज़ार इक्कीस तक बाईस से चालीस वर्ष के मध्य होनी चाहिए। |
आज का जमाना ऐसा आ गया है कि लोग फास्टफूड के बना जी ही नहीं सकते हैं। लोग ज्यादातर स्वास्थ्यकारी चीज़ों को ना खाकर ये स्वास्थ्य बिगाड़ने वाली चाईनीज चीजें खाते हैं और जो ये खाते हैं अक्सर उनका लिवर डाउन रहने लगता है जिस वजह से उन लोगो को सही समय पर भूख नहीं लगती है और लिवर कमजोर होने की वजह से धीरे धीरे उनकी भूख खत्म हो जाती है। वह लोग इसी वजह से कमजोर भी होने लगते है। इसलिए आज हम आपको एक ऐसी चीजे के बारे में बताने जा रहे है जिसके सेवन से आपकी भूख बढ़ने लगेगी और आप पहले से ज्यादा खाना खाने लगेंगे। दोस्तों भूख बढ़ाने के लिए अपने खाने से एक घंटा पहले आपको आधा चम्मच अजवाइन का सेवन करना है। और अगर आप अजवाइन को चबाकर उसका सेवन करते है तो आपको बहुत जल्दी इसका फायदा मिलता है। अजवाइन के अन्दर बहुत सारे ऐसे तत्व मौजूद होते है जिससे हमारा लिवर स्वस्थ रहता है और पेट से सम्बंधित बीमारियां भी जड़ से खत्म हो जाती है। इससे आप स्वस्थ भी रहोगे और भूख समय पर भी लगेगी जिससे की कमजोरी नहीं आएगी।
| आज का जमाना ऐसा आ गया है कि लोग फास्टफूड के बना जी ही नहीं सकते हैं। लोग ज्यादातर स्वास्थ्यकारी चीज़ों को ना खाकर ये स्वास्थ्य बिगाड़ने वाली चाईनीज चीजें खाते हैं और जो ये खाते हैं अक्सर उनका लिवर डाउन रहने लगता है जिस वजह से उन लोगो को सही समय पर भूख नहीं लगती है और लिवर कमजोर होने की वजह से धीरे धीरे उनकी भूख खत्म हो जाती है। वह लोग इसी वजह से कमजोर भी होने लगते है। इसलिए आज हम आपको एक ऐसी चीजे के बारे में बताने जा रहे है जिसके सेवन से आपकी भूख बढ़ने लगेगी और आप पहले से ज्यादा खाना खाने लगेंगे। दोस्तों भूख बढ़ाने के लिए अपने खाने से एक घंटा पहले आपको आधा चम्मच अजवाइन का सेवन करना है। और अगर आप अजवाइन को चबाकर उसका सेवन करते है तो आपको बहुत जल्दी इसका फायदा मिलता है। अजवाइन के अन्दर बहुत सारे ऐसे तत्व मौजूद होते है जिससे हमारा लिवर स्वस्थ रहता है और पेट से सम्बंधित बीमारियां भी जड़ से खत्म हो जाती है। इससे आप स्वस्थ भी रहोगे और भूख समय पर भी लगेगी जिससे की कमजोरी नहीं आएगी। |
माह के शुरूआती सप्ताह में बुध राशि बदलकर कन्या राशि में प्रवेश कर रहा है। जो आपके लिए अतिशुभ साबित होगा। थोड़ा मानसिक तनाव अथवा अस्वस्थता के कारण परिस्थिति संघर्षमय और विरोधाभासी प्रतीत होगी परंतु आप परिस्थिति पर काबू प्राप्त करने में सफल रहेंगे। यात्रा अथवा पर्यटन स्थल पर जाने का कार्यक्रम बनेगा।
दूसरे सप्ताह शुक्र राशि बदलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहा है। आपकी राशि से तीसरे भाव में शुक्र आपने लिए उत्तम साबित होगा। ९ से १० तारीख़ तक का समय आपके लिए सामान्य फलदायी रहेगा। संतान और अध्ययन के संबंध में शुभ समय रहेगा।
माह का उत्तरार्ध सूर्य दूसरे भाव में पारिवारिक क्लेश और आंखों में तकलीफ का कारण बन सकता है। इस समय आंखों का विशेष ध्यान रखें। इस समय पिता का भाग्य शुभ रहेगा और उनके कारण आप को लाभ होगा। आमदनी में वृद्धि और सुरक्षित निवेश के प्रति आप गंभीर बनेंगे।
बचत को ध्यान में रखकर सोने अथवा शेयर में दीर्घ अवधि का निवेश करने का भी विचार बनाएंगे। 25 और 26 तारीख जीवन साथी के साथ गलतफहमी न हो, इसका ध्यान रखें। इस समय व्यापार में भागीदार के साथ भी आपके संबंध मधुर रहेंगे। उनके साथ कोई भी गलतफहमी हो तो वह दूर होगी।
टिप्सः मंगलवार का उपवास करें एवं मसूर की दाल का दान करें। लाल रंग का उपयोग नहीं करें तो अच्छा है।
| माह के शुरूआती सप्ताह में बुध राशि बदलकर कन्या राशि में प्रवेश कर रहा है। जो आपके लिए अतिशुभ साबित होगा। थोड़ा मानसिक तनाव अथवा अस्वस्थता के कारण परिस्थिति संघर्षमय और विरोधाभासी प्रतीत होगी परंतु आप परिस्थिति पर काबू प्राप्त करने में सफल रहेंगे। यात्रा अथवा पर्यटन स्थल पर जाने का कार्यक्रम बनेगा। दूसरे सप्ताह शुक्र राशि बदलकर वृश्चिक राशि में प्रवेश कर रहा है। आपकी राशि से तीसरे भाव में शुक्र आपने लिए उत्तम साबित होगा। नौ से दस तारीख़ तक का समय आपके लिए सामान्य फलदायी रहेगा। संतान और अध्ययन के संबंध में शुभ समय रहेगा। माह का उत्तरार्ध सूर्य दूसरे भाव में पारिवारिक क्लेश और आंखों में तकलीफ का कारण बन सकता है। इस समय आंखों का विशेष ध्यान रखें। इस समय पिता का भाग्य शुभ रहेगा और उनके कारण आप को लाभ होगा। आमदनी में वृद्धि और सुरक्षित निवेश के प्रति आप गंभीर बनेंगे। बचत को ध्यान में रखकर सोने अथवा शेयर में दीर्घ अवधि का निवेश करने का भी विचार बनाएंगे। पच्चीस और छब्बीस तारीख जीवन साथी के साथ गलतफहमी न हो, इसका ध्यान रखें। इस समय व्यापार में भागीदार के साथ भी आपके संबंध मधुर रहेंगे। उनके साथ कोई भी गलतफहमी हो तो वह दूर होगी। टिप्सः मंगलवार का उपवास करें एवं मसूर की दाल का दान करें। लाल रंग का उपयोग नहीं करें तो अच्छा है। |
मुंबई में राष्ट्रगान के अपमान मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली।
कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान गाना अनिवार्य कर दिया है।
स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है। 73 साल पहले 15 अगस्त, 1947 को भारत को अंग्रेज़ों से आज़ादी मिली थी, तब से हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।
| मुंबई में राष्ट्रगान के अपमान मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली। कर्नाटक सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान गाना अनिवार्य कर दिया है। स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में हर साल पंद्रह अगस्त को मनाया जाता है। तिहत्तर साल पहले पंद्रह अगस्त, एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस को भारत को अंग्रेज़ों से आज़ादी मिली थी, तब से हर साल पंद्रह अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। |
सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के काफीले को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया. प्रियंका के इस काफिले को नारायणपुर पुलिस स्टेशन के पास रोका गया. इस बात से नाराज प्रियंका सहित अन्य कांग्रेस नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए.
धरने पर बैठी प्रियंका गांधी को यूपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. डीएम की गाड़ी में प्रियंका गांधी ने जाते वक्त कहा कि मैं सिर्फ पीड़ित परिवार वालों से मिलने आई थी. मुझे नहीं पता यूपी पुलिस मुझे कहां लेकर जा रही है. लेकिन हम हर जगह जाने को तैयार हैं.
मौके पर डीएम, एसपी सहित अन्य बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद थे. बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी को वहां से चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया. . वहीं इस मामले में राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ट्वीट किया- प्रियंका की अवैध गिरफ्तारी परेशान करने वाली, सत्ता का यह मनमाना उपयोग भाजपा की उत्तरप्रदेश में बढ़ती असुरक्षा को दर्शाता है. ट्वीट के साथ उन्होंने प्रियंका गांधी का वीडियो भी डाला.
इससेपहले वो प्रियंका गांधी सुबह वाराणसी थीं. ट्रामा सेंटर जाकर उन्होंने घायलों का हाल जाना था.
बता दें कि 17 जुलाई को सोनभद्र के उभ्भा गांव में 112 बीघा खेत के लिए दस ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया गया था. लगभग चार करोड़ रुपए की कीमत की इस जमीन के लिए प्रधान और उसके पक्ष ने ग्रामीणों पर अंधाधुन फायरिंग कर दी थी. इस हादसे में 25 अन्य लोग घायल हो गए थे. घटना को लेकर राज्य में सियासत गरमा गयी है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे विवाद के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन काल के दौरान वनवासियों की जमीन को एक सोसायटी के नाम कर दिया गया. कहा कि एक तीन सदस्यीय जांच कमिटी बनाई गई है जो 10 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी.
| सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के काफीले को पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया. प्रियंका के इस काफिले को नारायणपुर पुलिस स्टेशन के पास रोका गया. इस बात से नाराज प्रियंका सहित अन्य कांग्रेस नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए. धरने पर बैठी प्रियंका गांधी को यूपी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. डीएम की गाड़ी में प्रियंका गांधी ने जाते वक्त कहा कि मैं सिर्फ पीड़ित परिवार वालों से मिलने आई थी. मुझे नहीं पता यूपी पुलिस मुझे कहां लेकर जा रही है. लेकिन हम हर जगह जाने को तैयार हैं. मौके पर डीएम, एसपी सहित अन्य बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद थे. बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी को वहां से चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया. . वहीं इस मामले में राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ट्वीट किया- प्रियंका की अवैध गिरफ्तारी परेशान करने वाली, सत्ता का यह मनमाना उपयोग भाजपा की उत्तरप्रदेश में बढ़ती असुरक्षा को दर्शाता है. ट्वीट के साथ उन्होंने प्रियंका गांधी का वीडियो भी डाला. इससेपहले वो प्रियंका गांधी सुबह वाराणसी थीं. ट्रामा सेंटर जाकर उन्होंने घायलों का हाल जाना था. बता दें कि सत्रह जुलाई को सोनभद्र के उभ्भा गांव में एक सौ बारह बीघा खेत के लिए दस ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया गया था. लगभग चार करोड़ रुपए की कीमत की इस जमीन के लिए प्रधान और उसके पक्ष ने ग्रामीणों पर अंधाधुन फायरिंग कर दी थी. इस हादसे में पच्चीस अन्य लोग घायल हो गए थे. घटना को लेकर राज्य में सियासत गरमा गयी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे विवाद के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन काल के दौरान वनवासियों की जमीन को एक सोसायटी के नाम कर दिया गया. कहा कि एक तीन सदस्यीय जांच कमिटी बनाई गई है जो दस दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी. |
पूजा एंटरटेनमेंट की बड़े मियां छोटे मियां के लिए ईद 2024 को लॉक कर दिया गया है।
सबसे बड़ी मैट्रिक्स फाइट नाइट के लिए 1 सप्ताह बाकी हैं।
फिल्म के एक्टर कम प्रोड्यूसर जैकी भगनानी ने "बड़े मियां छोटे मियां" के सेट से एक बिहाइंड द सीन तस्वीर शेयर की हैं जोकि स्कॉटलैंड के खूबसूरत लोकेशन में ली गई है।
दिशा पाटनी ने टाइगर के बर्थडे पर शेयर की यह तस्वीर।
अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ की मोस्ट अवेटिड फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां ' फिल्म की शूटिंग का मुहुर्त यशराज स्टूडियोज में पूरा हो गया है।
वीडियो में टाइगर ने पैंट के साथ स्लीवलेस ब्लैक टी-शर्ट पहनी है। उन्होंने अपने लुक को ब्लैक फेडोरा हैट और जूतों से एक्सेसराइज किया।
एंटरटेनमेंट, एंटरटेनमेंट और एंटरटेनमेंट। एंड पिक्चर्स कर रहा है इस साल की एक मज़ेदार शुरुआत, जहां इस चैनल पर दर्शकों को धमाकेदार एक्शन और कॉमेडी से भरपूर ब्लॉकबस्टर फिल्में दिखाई जाएंगी।
बॉलीवुड के तीन सबसे प्रतिष्ठित एक्शन हीरो की फिटनेस जर्नी पर एक नज़र।
पूजा एंटरटेनमेंट 2022 में बॉक्स ऑफिस पर राज करने के बाद,अब बड़े मियां छोटे मियां के साथ 2023 में दबदबा कायम रखने के लिए आ रही है।
एक तरफ हमारे पास टाइगर श्रॉफ हैं, जो अद्भुत एथलेटिक कौशल वाले व्यक्ति हैं और दूसरी तरफ, हमारे अपने आयुष्मान खुराना हैं, जो 'एन एक्शन हीरो' के लीड हैं, आपको क्या लगता है कि यह लड़ाई कौन जीतेगा?
तारा सुतारिया कहती हैं, "हीरोपंती 2 ऐसी फिल्म है, जिसे पूरा परिवार एक साथ देख सकता है।
हॉटस्टार स्पेशल कॉफी विद करण सीजन 7 के लेटेस्ट एपिसोड में टाइगर श्रॉफ ने न सिर्फ अपने रिलेशलशिप स्टेटस का किया खुलासा बल्कि वो नाम भी जाहिर किया जिससे उन्हें इंफैचुएशन हैं!
धर्मा प्रोडक्शंस की बड़ी बजट की बॉलीवुड एक्शन फिल्म "स्क्रू ढीला" की शूटिंग डेट इश्यु के कारण इस साल के बजाए अगले साल शुरू होगी। इस एक्शन मूवी में अभिनेता टाइगर श्रॉफ लीड रोल में दिखाई देंगे। इस साल वह अपने कुछ प्रोजैक्टस में व्यस्त हैं जिस करण वह इस फिल्म की शूटिंग अगले साल यानी 2023 में करेंगे।
Tiger Shroff और Disha Patani का हुआ ब्रेकअप।
करण जौहर की फिल्म 'स्क्रू ढीला' में दमदार एक्शन करते दिखे टाइगर श्रॉफ।
प्राइम वीडियो ने की टाइगर श्रॉफ की एक्शन-एंटरटेनर "हीरोपंती 2" के स्ट्रीमिंग प्रीमियर की घोषणा।
बागी 2 और बागी 3 जैसी फिल्मों के बाद सादिज नाडियाडवाला, टाइगर श्रॉफ और डायरेक्टर अहमद खान की यह तिगड़ी 'हीरोपंती 2' के साथ आई है। रजत अरोड़ा द्वारा लिखित इस फिल्म का म्यूजिक ए आर रहमान ने दिया हैं। वहीं साजिद नाडियाडवाला की 'हीरोपंती 2' का निर्देशन अहमद खान ने किया है।
भारत के सबसे युवा ही नहीं बल्कि सबसे सफल एक्शन स्टार, टाइगर श्रॉफ आपको साजिद नाडियाडवाला की हीरोपंती 2 के साथ एक एड्रेनालाईन से भरी यात्रा पर ले जाने के लिए तैयार हैं।
साजिद नाडियाडवाला की हीरोपंती 2 के दूसरे ट्रेलर में है एक्शन, इमोशन्स और रोमांस का भरपूर डोज।
2014 में आई हीरोपंती के व्हिसल बाजा गाने में टाइगर और कृति की केमिस्ट्री और उनके शानदार डांस मूव्स ने खूब सुर्खियां बटोरी थी। अब 2022 में एक बार फिर से इसे स्क्रीन पर जीवंत करने के लिए टाइगर और कृति व्हिसल बाजा 2. 0 के साथ हमारे दिलों में जगह बनाने के लिए एक साथ आए है।
देश के सबसे युवा और सबसे सफल एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ ने एक्शन स्पेस में अपनी ऐसी छाप छाप छोड़ी है कि अमिताभ बच्चन जैसे सिनेमा के दिग्गज ने भी उस फील्ड में टाइगर के प्रभाव को स्वीकार किया हैं।
बतौर अभिनेता टाइगर को लॉन्च करने के बाद, अब साजिद नाडियाडवाला हीरोपंती 2 में एक गायक के रूप में एक्टर को कर रहें है लॉन्च।
बात जब एक्शन एंटरटेनर शैली की होती है तो पावर प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला, निर्देशक अहमद खान और भारत के सबसे कम उम्र के एक्शन हीरो टाइगर श्रॉफ की इस तिगड़ी ने समय समय पर साबित किया है कि इसमें इनसे बेहतर और कोई हो ही नहीं सकता है।
यंगेस्ट एक्शन सुपरस्टार टाइगर श्रॉफ ने साजिद नाडियाडवाला की हीरोपंती 2 के कास्ट के साथ 'दफा कर' को किया लॉन्च।
ईद के मौके पर टाइगर श्रॉफ के फैंस को साजिद नाडियाडवाला देंगे "हीरोपंती 2" का धमाकेरदा तोहफा।
सिनेमाई दुनिया का जादू ! हर शैली में एक व्यक्ति का अनुसरण होता है, बड़े पर्दे पर एक हाई-ऑक्टेन एक्शन ड्रामा देखने का रोमांच कुछ भी नहीं है। और जो दिखता है उससे, भारतीय फिल्म इंडस्ट्री एक्शन सिनेमा को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने के लिए पूरे जोरों पर चल रहा है!
| पूजा एंटरटेनमेंट की बड़े मियां छोटे मियां के लिए ईद दो हज़ार चौबीस को लॉक कर दिया गया है। सबसे बड़ी मैट्रिक्स फाइट नाइट के लिए एक सप्ताह बाकी हैं। फिल्म के एक्टर कम प्रोड्यूसर जैकी भगनानी ने "बड़े मियां छोटे मियां" के सेट से एक बिहाइंड द सीन तस्वीर शेयर की हैं जोकि स्कॉटलैंड के खूबसूरत लोकेशन में ली गई है। दिशा पाटनी ने टाइगर के बर्थडे पर शेयर की यह तस्वीर। अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ की मोस्ट अवेटिड फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां ' फिल्म की शूटिंग का मुहुर्त यशराज स्टूडियोज में पूरा हो गया है। वीडियो में टाइगर ने पैंट के साथ स्लीवलेस ब्लैक टी-शर्ट पहनी है। उन्होंने अपने लुक को ब्लैक फेडोरा हैट और जूतों से एक्सेसराइज किया। एंटरटेनमेंट, एंटरटेनमेंट और एंटरटेनमेंट। एंड पिक्चर्स कर रहा है इस साल की एक मज़ेदार शुरुआत, जहां इस चैनल पर दर्शकों को धमाकेदार एक्शन और कॉमेडी से भरपूर ब्लॉकबस्टर फिल्में दिखाई जाएंगी। बॉलीवुड के तीन सबसे प्रतिष्ठित एक्शन हीरो की फिटनेस जर्नी पर एक नज़र। पूजा एंटरटेनमेंट दो हज़ार बाईस में बॉक्स ऑफिस पर राज करने के बाद,अब बड़े मियां छोटे मियां के साथ दो हज़ार तेईस में दबदबा कायम रखने के लिए आ रही है। एक तरफ हमारे पास टाइगर श्रॉफ हैं, जो अद्भुत एथलेटिक कौशल वाले व्यक्ति हैं और दूसरी तरफ, हमारे अपने आयुष्मान खुराना हैं, जो 'एन एक्शन हीरो' के लीड हैं, आपको क्या लगता है कि यह लड़ाई कौन जीतेगा? तारा सुतारिया कहती हैं, "हीरोपंती दो ऐसी फिल्म है, जिसे पूरा परिवार एक साथ देख सकता है। हॉटस्टार स्पेशल कॉफी विद करण सीजन सात के लेटेस्ट एपिसोड में टाइगर श्रॉफ ने न सिर्फ अपने रिलेशलशिप स्टेटस का किया खुलासा बल्कि वो नाम भी जाहिर किया जिससे उन्हें इंफैचुएशन हैं! धर्मा प्रोडक्शंस की बड़ी बजट की बॉलीवुड एक्शन फिल्म "स्क्रू ढीला" की शूटिंग डेट इश्यु के कारण इस साल के बजाए अगले साल शुरू होगी। इस एक्शन मूवी में अभिनेता टाइगर श्रॉफ लीड रोल में दिखाई देंगे। इस साल वह अपने कुछ प्रोजैक्टस में व्यस्त हैं जिस करण वह इस फिल्म की शूटिंग अगले साल यानी दो हज़ार तेईस में करेंगे। Tiger Shroff और Disha Patani का हुआ ब्रेकअप। करण जौहर की फिल्म 'स्क्रू ढीला' में दमदार एक्शन करते दिखे टाइगर श्रॉफ। प्राइम वीडियो ने की टाइगर श्रॉफ की एक्शन-एंटरटेनर "हीरोपंती दो" के स्ट्रीमिंग प्रीमियर की घोषणा। बागी दो और बागी तीन जैसी फिल्मों के बाद सादिज नाडियाडवाला, टाइगर श्रॉफ और डायरेक्टर अहमद खान की यह तिगड़ी 'हीरोपंती दो' के साथ आई है। रजत अरोड़ा द्वारा लिखित इस फिल्म का म्यूजिक ए आर रहमान ने दिया हैं। वहीं साजिद नाडियाडवाला की 'हीरोपंती दो' का निर्देशन अहमद खान ने किया है। भारत के सबसे युवा ही नहीं बल्कि सबसे सफल एक्शन स्टार, टाइगर श्रॉफ आपको साजिद नाडियाडवाला की हीरोपंती दो के साथ एक एड्रेनालाईन से भरी यात्रा पर ले जाने के लिए तैयार हैं। साजिद नाडियाडवाला की हीरोपंती दो के दूसरे ट्रेलर में है एक्शन, इमोशन्स और रोमांस का भरपूर डोज। दो हज़ार चौदह में आई हीरोपंती के व्हिसल बाजा गाने में टाइगर और कृति की केमिस्ट्री और उनके शानदार डांस मूव्स ने खूब सुर्खियां बटोरी थी। अब दो हज़ार बाईस में एक बार फिर से इसे स्क्रीन पर जीवंत करने के लिए टाइगर और कृति व्हिसल बाजा दो. शून्य के साथ हमारे दिलों में जगह बनाने के लिए एक साथ आए है। देश के सबसे युवा और सबसे सफल एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ ने एक्शन स्पेस में अपनी ऐसी छाप छाप छोड़ी है कि अमिताभ बच्चन जैसे सिनेमा के दिग्गज ने भी उस फील्ड में टाइगर के प्रभाव को स्वीकार किया हैं। बतौर अभिनेता टाइगर को लॉन्च करने के बाद, अब साजिद नाडियाडवाला हीरोपंती दो में एक गायक के रूप में एक्टर को कर रहें है लॉन्च। बात जब एक्शन एंटरटेनर शैली की होती है तो पावर प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला, निर्देशक अहमद खान और भारत के सबसे कम उम्र के एक्शन हीरो टाइगर श्रॉफ की इस तिगड़ी ने समय समय पर साबित किया है कि इसमें इनसे बेहतर और कोई हो ही नहीं सकता है। यंगेस्ट एक्शन सुपरस्टार टाइगर श्रॉफ ने साजिद नाडियाडवाला की हीरोपंती दो के कास्ट के साथ 'दफा कर' को किया लॉन्च। ईद के मौके पर टाइगर श्रॉफ के फैंस को साजिद नाडियाडवाला देंगे "हीरोपंती दो" का धमाकेरदा तोहफा। सिनेमाई दुनिया का जादू ! हर शैली में एक व्यक्ति का अनुसरण होता है, बड़े पर्दे पर एक हाई-ऑक्टेन एक्शन ड्रामा देखने का रोमांच कुछ भी नहीं है। और जो दिखता है उससे, भारतीय फिल्म इंडस्ट्री एक्शन सिनेमा को और अधिक ऊंचाई पर ले जाने के लिए पूरे जोरों पर चल रहा है! |
आम आदमी पार्टी के चीफ अरविन्द केजरीवाल की महत्वाकांक्षा पर लगाम कसने के लिए दिल्ली के नए एलजी वी. के. सक्सेना ने पहल कर दी है। केजरीवाल पंजाब के बाद अपने मिशन में और जोर-शोर से जुट गए हैं। आने वाले दिनों में केंद्र और केजरीवाल के टकराव के नए आयाम देखने को मिल सकते हैं।
क्या बंगाल बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं है? बंगाल बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने क्यों चेताया कि उनके बयान से केंद्रीय नेतृत्व शर्मसार है? क्या जल्द ही बंगाल बीजेपी में कुछ हलचल होने वाली है?
| आम आदमी पार्टी के चीफ अरविन्द केजरीवाल की महत्वाकांक्षा पर लगाम कसने के लिए दिल्ली के नए एलजी वी. के. सक्सेना ने पहल कर दी है। केजरीवाल पंजाब के बाद अपने मिशन में और जोर-शोर से जुट गए हैं। आने वाले दिनों में केंद्र और केजरीवाल के टकराव के नए आयाम देखने को मिल सकते हैं। क्या बंगाल बीजेपी में सबकुछ ठीक नहीं है? बंगाल बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने क्यों चेताया कि उनके बयान से केंद्रीय नेतृत्व शर्मसार है? क्या जल्द ही बंगाल बीजेपी में कुछ हलचल होने वाली है? |
डबरा (भरत रावत) : डबरा के ग्राम सिमरिया पट्ठा में रेलवे ट्रैक के किनारे नग्न अवस्था में एक महिला का शव मिलने से आस पास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। महिला का शव नग्न अवस्था में रेलवे ट्रैक के पास ही बनी एक खंती में पानी में पड़ा हुआ मिला है। शव के पास महिला की टूटी हुई चूड़ियां और मंगलसूत्र भी पड़े हुए हैं जो जिससे प्रतीत होता है कि महिला के साथ पहले जोर जबरदस्ती की गई उसके बाद उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगाया गया है। महिला के शरीर पर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान भी दिख रहे हैं। पास में ही महिला के संघर्ष की कहानी बयान करते खून से सने हुए पत्थर भी डले हुए हैं, जो साफ तौर से बयान कर रहे हैं कि महिला ने अपनी आबरू बचाने के लिए दरिंदों के साथ संघर्ष जरूर किया होगा।
जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह-सुबह रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करने निकले रेलवे कर्मचारियों को सिमरिया ताल के रेलवे ट्रैक के पोल क्रमांक 1189 / 16 18 के पास एक महिला का अर्धनग्न अवस्था में सब पड़ा हुआ दिखा जिस पर रेलवे ट्रैक कर्मचारियों ने अपने संबंधित विभाग को सूचना दी। संबंधित विभाग की सूचना पर मौके पर पहुंची डबरा देहात थाना प्रभारी राजकुमारी परमार ने मृतक महिला की सिनाखती के प्रयास तेज कर दिए हैं, और आसपास के लोगों से पूछताछ प्रारंभ कर आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं ग्वालियर से एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। मृतक महिला कौन है और कहां की है इसकी जानकारी अभी पुलिस को नहीं मिली है। महिला की पहचान के प्रयास पुलिस कर रही है।
| डबरा : डबरा के ग्राम सिमरिया पट्ठा में रेलवे ट्रैक के किनारे नग्न अवस्था में एक महिला का शव मिलने से आस पास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। महिला का शव नग्न अवस्था में रेलवे ट्रैक के पास ही बनी एक खंती में पानी में पड़ा हुआ मिला है। शव के पास महिला की टूटी हुई चूड़ियां और मंगलसूत्र भी पड़े हुए हैं जो जिससे प्रतीत होता है कि महिला के साथ पहले जोर जबरदस्ती की गई उसके बाद उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगाया गया है। महिला के शरीर पर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान भी दिख रहे हैं। पास में ही महिला के संघर्ष की कहानी बयान करते खून से सने हुए पत्थर भी डले हुए हैं, जो साफ तौर से बयान कर रहे हैं कि महिला ने अपनी आबरू बचाने के लिए दरिंदों के साथ संघर्ष जरूर किया होगा। जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह-सुबह रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करने निकले रेलवे कर्मचारियों को सिमरिया ताल के रेलवे ट्रैक के पोल क्रमांक एक हज़ार एक सौ नवासी / सोलह अट्ठारह के पास एक महिला का अर्धनग्न अवस्था में सब पड़ा हुआ दिखा जिस पर रेलवे ट्रैक कर्मचारियों ने अपने संबंधित विभाग को सूचना दी। संबंधित विभाग की सूचना पर मौके पर पहुंची डबरा देहात थाना प्रभारी राजकुमारी परमार ने मृतक महिला की सिनाखती के प्रयास तेज कर दिए हैं, और आसपास के लोगों से पूछताछ प्रारंभ कर आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं ग्वालियर से एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। मृतक महिला कौन है और कहां की है इसकी जानकारी अभी पुलिस को नहीं मिली है। महिला की पहचान के प्रयास पुलिस कर रही है। |
सोनीपत, 31 दिसंबर (हप्र)
शहर के ककरोई रोड पर बुधवार रात सीमेंट कारोबारी की दुकान को बुलडोजर चलाकर गिराने का मामला सामने आया है। दीवारों के नीचे दबने से 3 दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। विरोध करने पर चौकीदार से हाथापाई का भी आरोप है। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों के आने की सूचना पर वह कार छोड़कर भाग गए। लोगों ने उनकी कार को तोड़ दिया।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। ककरोई रोड पर व्यापारी राजेश कुमार और उनके भाई संजय की दुकान हैं। संजय की दुकान में सीमेंट भरा हुआ था। दुकान के आगे गोदाम बना हुआ है। पीडि़त पक्ष के अनुसार कुछ लोग दुकान खाली कराने को दबाव बना रहे थे। बुधवार रात करीब 11 बजे कुछ लोगों ने संजय की दुकान पर बुल्डोजर चला दिया। इससे दुकान की दो दीवार और बरामदा गिर गया।
दीवार गिरने से दुकान में खड़े तीन दोपहिया वाहन दबकर क्षतिग्रस्त हो गए। चौकीदारी से हाथापाई की गई। पीडि़त पक्ष के लोगों के आने की सूचना पर वह कार छोड़कर चले गए। गुस्साए लोगों ने कार में तोड़फोड़ कर दी।
| सोनीपत, इकतीस दिसंबर शहर के ककरोई रोड पर बुधवार रात सीमेंट कारोबारी की दुकान को बुलडोजर चलाकर गिराने का मामला सामने आया है। दीवारों के नीचे दबने से तीन दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। विरोध करने पर चौकीदार से हाथापाई का भी आरोप है। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों के आने की सूचना पर वह कार छोड़कर भाग गए। लोगों ने उनकी कार को तोड़ दिया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। ककरोई रोड पर व्यापारी राजेश कुमार और उनके भाई संजय की दुकान हैं। संजय की दुकान में सीमेंट भरा हुआ था। दुकान के आगे गोदाम बना हुआ है। पीडि़त पक्ष के अनुसार कुछ लोग दुकान खाली कराने को दबाव बना रहे थे। बुधवार रात करीब ग्यारह बजे कुछ लोगों ने संजय की दुकान पर बुल्डोजर चला दिया। इससे दुकान की दो दीवार और बरामदा गिर गया। दीवार गिरने से दुकान में खड़े तीन दोपहिया वाहन दबकर क्षतिग्रस्त हो गए। चौकीदारी से हाथापाई की गई। पीडि़त पक्ष के लोगों के आने की सूचना पर वह कार छोड़कर चले गए। गुस्साए लोगों ने कार में तोड़फोड़ कर दी। |
- अक्षय कुमार की फिल्म REJECT.. और 1000 करोड़ी फिल्म किया फाइनल!
- FIRST REVIEW: हिचकी, रानी मुखर्जी पास हो गईं लेकिन नकल कर के!
- 'हाउसफुल 4' से जुड़े तीन और एक्टर्स, अक्षय कुमार के साथ कॉमेडी धमाका!
| - अक्षय कुमार की फिल्म REJECT.. और एक हज़ार करोड़ी फिल्म किया फाइनल! - FIRST REVIEW: हिचकी, रानी मुखर्जी पास हो गईं लेकिन नकल कर के! - 'हाउसफुल चार' से जुड़े तीन और एक्टर्स, अक्षय कुमार के साथ कॉमेडी धमाका! |
खबर के अनुसार कल शाम सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए मैच में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद के सामने 163 रनों का लक्ष्य रखा था। जिसे हैदराबाद की टीम ने 5 गेंदें शेष रहते हासिल कर लिया।
बता दें की गुजरात टाइटंस के शुभमन (7) गिल और साईं सुदर्शन (11) के रूप में दो बड़े झटके लगाने के बाद बल्लेबाजी करने आए कप्तान हार्दिक पांड्या ने 50 रनों की नाबाद पारी खेली और अभिनव मनोहर ने 35 रन बनाकर टीम के स्कोर को 163 रनों तक पहुंचा दिया।
वहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी केन विलियमसन 57 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद निकोलस पूरन ने 18 गेंदों पर 34 रन की नाबाद पारी खेलते हुए हैदराबाद की टीम को जीत दिला दी। इस मैच में केन विलियमसन को मैन ऑफ द मैच दिया गया।
| खबर के अनुसार कल शाम सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए मैच में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए हैदराबाद के सामने एक सौ तिरेसठ रनों का लक्ष्य रखा था। जिसे हैदराबाद की टीम ने पाँच गेंदें शेष रहते हासिल कर लिया। बता दें की गुजरात टाइटंस के शुभमन गिल और साईं सुदर्शन के रूप में दो बड़े झटके लगाने के बाद बल्लेबाजी करने आए कप्तान हार्दिक पांड्या ने पचास रनों की नाबाद पारी खेली और अभिनव मनोहर ने पैंतीस रन बनाकर टीम के स्कोर को एक सौ तिरेसठ रनों तक पहुंचा दिया। वहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी केन विलियमसन सत्तावन रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद निकोलस पूरन ने अट्ठारह गेंदों पर चौंतीस रन की नाबाद पारी खेलते हुए हैदराबाद की टीम को जीत दिला दी। इस मैच में केन विलियमसन को मैन ऑफ द मैच दिया गया। |
अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दिकी की हत्या कर दी गई है दानिश की हत्या पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शोक जताते हुए सरकार से उनका शव जल्द से जल्द वापस लाने की अपील की है।
राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहां कि- "दानिश सिद्दीकी की परिवार की सदस्य और मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं, मों भारत सरकार से अपील करता हूं कि जितना जल्दी हो सके दानिश सिद्दीकी के शव को भारत लाने की व्यवस्था की जाए"
बतादें कि दानिश अपने करियर की शुरुआत एक टेलीविजन समाचार संवाददाता के रूप में की थी और बाद में वह फोटो जर्नलिस्ट बन गए. साल 2018 में सिद्दिकी अपने सहयोगी अदनान आबिदी के साथ पुलित्जर पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय बने थे. इन्होंने रोहिंग्या शरणार्थी संकट को कवर किया था. वहीं कंधार में जारी हिंसा की कवरेज के जुड़ी जानकारी वह अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लगातार शेयर कर रहे थे. 13 जून को उन्होंने जानकारी दी थी कि वह जिस वाहन में सवार थे, उसपर कई हथियारों से हमला किया गया. अपने ट्वीट में सिद्दिकी ने लिखा था, 'मेरी किस्मत अच्छी रही कि मैं सुरक्षित हूं और मैंने एक रॉकेट को आर्मर प्लेट के ऊपर से जाते हुए देखा.'
जानकारी के मुताबिक दानिश सिद्दिकी की मौत उस समय हुई जब तालिबान और अफगान सरकार के सुरक्षाबलों के बीच जंग हो रही थी (Taliaban Afghanistan Fight). जो अब भी जारी है. विदेशी सैनिक 20 साल चली लड़ाई के बाद अफगानिस्तान से जा रहे हैं, जिसे तालिबान अपनी जीत के तौर पर देख रहा है और लगातार देश के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिस्सों पर कब्जा करता जा रहा है. बीते दिनों तालिबान ने दावा किया था कि उसने देश के 85 फीसदी हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया है.
| अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दिकी की हत्या कर दी गई है दानिश की हत्या पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शोक जताते हुए सरकार से उनका शव जल्द से जल्द वापस लाने की अपील की है। राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए कहां कि- "दानिश सिद्दीकी की परिवार की सदस्य और मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं, मों भारत सरकार से अपील करता हूं कि जितना जल्दी हो सके दानिश सिद्दीकी के शव को भारत लाने की व्यवस्था की जाए" बतादें कि दानिश अपने करियर की शुरुआत एक टेलीविजन समाचार संवाददाता के रूप में की थी और बाद में वह फोटो जर्नलिस्ट बन गए. साल दो हज़ार अट्ठारह में सिद्दिकी अपने सहयोगी अदनान आबिदी के साथ पुलित्जर पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय बने थे. इन्होंने रोहिंग्या शरणार्थी संकट को कवर किया था. वहीं कंधार में जारी हिंसा की कवरेज के जुड़ी जानकारी वह अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लगातार शेयर कर रहे थे. तेरह जून को उन्होंने जानकारी दी थी कि वह जिस वाहन में सवार थे, उसपर कई हथियारों से हमला किया गया. अपने ट्वीट में सिद्दिकी ने लिखा था, 'मेरी किस्मत अच्छी रही कि मैं सुरक्षित हूं और मैंने एक रॉकेट को आर्मर प्लेट के ऊपर से जाते हुए देखा.' जानकारी के मुताबिक दानिश सिद्दिकी की मौत उस समय हुई जब तालिबान और अफगान सरकार के सुरक्षाबलों के बीच जंग हो रही थी . जो अब भी जारी है. विदेशी सैनिक बीस साल चली लड़ाई के बाद अफगानिस्तान से जा रहे हैं, जिसे तालिबान अपनी जीत के तौर पर देख रहा है और लगातार देश के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिस्सों पर कब्जा करता जा रहा है. बीते दिनों तालिबान ने दावा किया था कि उसने देश के पचासी फीसदी हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया है. |
हमारे चारों ओर के पेड़ बेहद महत्वपूर्ण हैं और मानव जीवन में सुधार के लिए हमेशा जरूरी हैं - दोनों अपने जीवन के दौरान और फसल के बाद। यह विश्वास करने के लिए एक खिंचाव नहीं है कि पेड़ों के बिना हम इस खूबसूरत ग्रह पर मनुष्य मौजूद नहीं होंगे।
पेड़ जीवन के लिए जरूरी हैं क्योंकि हम इसे जानते हैं और जमीन की सेनाएं पर्यावरण की फ्रंटलाइन बना रही हैं। हमारे मौजूदा जंगलों और पेड़ों को हम एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए काम करते हैं। लेकिन मुझे हिम्मत है कि एकाधिक उपयोग अवधारणा का उपयोग करके व्यावहारिक रूप से योजनाबद्ध और टिकाऊ तरीके से फसल फसल के लिए जरूरी है।
हमारे मानवीय अनुभव की शुरुआत में, पेड़ों को पवित्र और आदरणीय माना जाता थाः यूरोपीय ड्रुइड्स द्वारा ओक्स की पूजा की जाती थी, अमेरिकी भारतीय अनुष्ठान का एक हिस्सा रेडवुड , अफ्रीकी जनजातीय जीवन का एक हिस्सा बाबाब, चीनी को जिन्कगो लिंक और बंदर पहेली चिली पीहुएनचे। मध्य युग के दौरान रोमनों और विद्वानों ने अपने साहित्य में वृक्षों का पूजा किया।
आधुनिक मानव समुदाय के पेड़ों की प्रशंसा और सम्मान करने के लिए अन्य, अधिक व्यावहारिक कारण हैं। हमारी सांसारिक स्थिति में सुधार के लिए वृक्षों के कारणों की एक छोटी सूची यहां दी गई है।
अगर हम पेड़ नहीं थे तो हम अस्तित्व में नहीं थे। एक परिपक्व पत्तेदार पेड़ एक मौसम में ज्यादा ऑक्सीजन पैदा करता है क्योंकि एक वर्ष में 10 लोग श्वास लेते हैं। कितने लोगों को यह एहसास नहीं है कि जंगल भी एक विशाल फिल्टर के रूप में कार्य करता है जो हम सांस लेने वाली हवा को साफ करता है।
फाइटोरिडिएशन शब्द खतरनाक रसायनों और मिट्टी में प्रवेश करने वाले अन्य प्रदूषकों के अवशोषण के लिए एक फैंसी शब्द है। पेड़ या तो हानिकारक प्रदूषक स्टोर कर सकते हैं या वास्तव में प्रदूषक को कम हानिकारक रूपों में बदल सकते हैं। पेड़ फिल्टर सीवेज और खेत के रसायनों, जानवरों के कचरे के प्रभाव को कम करने, साफ सड़क के किनारे फैलाने और धाराओं में साफ पानी के प्रवाह को कम करते हैं।
पेड़ शहरी शोर को लगभग पत्थर की दीवारों के रूप में प्रभावी रूप से मफल करते हैं। पड़ोस में या अपने घर के आसपास रणनीतिक बिंदुओं पर लगाए गए पेड़ फ्रीवे और हवाई अड्डे से प्रमुख शोर को कम कर सकते हैं।
फ्लैश बाढ़ को जंगल द्वारा या पेड़ लगाकर नाटकीय रूप से कम किया जा सकता है। एक कोलोराडो ब्लू स्पूस, या तो जंगली या जंगली बढ़ रहा है, पूरी तरह से उगाए जाने पर सालाना 1000 से अधिक गैलन पानी को रोक सकता है। अंडरग्राउंड वॉटर होल्डिंग एक्वाइफर्स को पानी के प्रवाह की धीमी गति से रिचार्ज किया जाता है।
अपने भोजन का उत्पादन करने के लिए, एक पेड़ लकड़ी, जड़ें और पत्तियों में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है और दूर करता है। कार्बन डाइऑक्साइड एक ग्लोबल वार्मिंग संदिग्ध है। एक जंगल एक कार्बन भंडारण क्षेत्र या एक "सिंक" है जो इसे जितना कार्बन बनाता है उतना कार्बन लॉक कर सकता है। यह लॉकिंग-अप प्रक्रिया लकड़ी को लकड़ी के रूप में "स्टोर करती है" और उपलब्ध "ग्रीनहाउस" गैस के रूप में नहीं।
पेड़ एयरबोर्न कणों को रोककर, गर्मी को कम करने और कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के रूप में ऐसे प्रदूषकों को अवशोषित करके हवा को साफ करने में मदद करते हैं। पेड़ हवा के तापमान को कम करने, श्वसन के माध्यम से, और कणों को बनाए रखकर इस वायु प्रदूषण को हटा दें ।
शीतलन के परिणामस्वरूप छाया एक पेड़ के लिए सबसे अच्छी तरह से जाना जाता है। पेड़ से छाया गर्मियों में एयर कंडीशनिंग की आवश्यकता को कम कर देता है। सर्दी में, पेड़ सर्दियों की हवाओं की ताकत तोड़ते हैं, जिससे हीटिंग लागत कम हो जाती है। अध्ययनों से पता चला है कि पेड़ से छाया को ठंडा किए बिना शहरों के कुछ हिस्सों में सचमुच "गर्मी द्वीप" हो सकता है, जो आसपास के क्षेत्रों की तुलना में तापमान 12 डिग्री फ़ारेनहाइट अधिक है।
हवादार और ठंड के मौसम के दौरान, हवादार तरफ स्थित पेड़ हवाओं के रूप में कार्य करते हैं। एक विंडब्रेक घर हीटिंग बिलों को 30% तक कम कर सकता है और बर्फ की बहाव को कम करने पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। हवा में कमी से मिट्टी और वनस्पति पर सुखाने के प्रभाव को भी कम किया जा सकता है और जगह पर कीमती टॉपसिल रखने में मदद मिलती है।
वृक्षारोपण नियंत्रण हमेशा पेड़ और घास रोपण परियोजनाओं के साथ शुरू हुआ है। वृक्ष की जड़ें मिट्टी को बांधती हैं और उनकी पत्तियां मिट्टी पर हवा और बारिश की शक्ति को तोड़ देती हैं। पेड़ मिट्टी के कटाव से लड़ते हैं, वर्षा जल को बचाते हैं और तूफान के बाद पानी के प्रवाह और तलछट जमा को कम करते हैं।
जब पेड़ किसी संपत्ति या पड़ोस को सुशोभित करते हैं तो रियल एस्टेट मूल्य बढ़ते हैं। पेड़ आपके घर के संपत्ति मूल्य को 15% या उससे अधिक तक बढ़ा सकते हैं।
| हमारे चारों ओर के पेड़ बेहद महत्वपूर्ण हैं और मानव जीवन में सुधार के लिए हमेशा जरूरी हैं - दोनों अपने जीवन के दौरान और फसल के बाद। यह विश्वास करने के लिए एक खिंचाव नहीं है कि पेड़ों के बिना हम इस खूबसूरत ग्रह पर मनुष्य मौजूद नहीं होंगे। पेड़ जीवन के लिए जरूरी हैं क्योंकि हम इसे जानते हैं और जमीन की सेनाएं पर्यावरण की फ्रंटलाइन बना रही हैं। हमारे मौजूदा जंगलों और पेड़ों को हम एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए काम करते हैं। लेकिन मुझे हिम्मत है कि एकाधिक उपयोग अवधारणा का उपयोग करके व्यावहारिक रूप से योजनाबद्ध और टिकाऊ तरीके से फसल फसल के लिए जरूरी है। हमारे मानवीय अनुभव की शुरुआत में, पेड़ों को पवित्र और आदरणीय माना जाता थाः यूरोपीय ड्रुइड्स द्वारा ओक्स की पूजा की जाती थी, अमेरिकी भारतीय अनुष्ठान का एक हिस्सा रेडवुड , अफ्रीकी जनजातीय जीवन का एक हिस्सा बाबाब, चीनी को जिन्कगो लिंक और बंदर पहेली चिली पीहुएनचे। मध्य युग के दौरान रोमनों और विद्वानों ने अपने साहित्य में वृक्षों का पूजा किया। आधुनिक मानव समुदाय के पेड़ों की प्रशंसा और सम्मान करने के लिए अन्य, अधिक व्यावहारिक कारण हैं। हमारी सांसारिक स्थिति में सुधार के लिए वृक्षों के कारणों की एक छोटी सूची यहां दी गई है। अगर हम पेड़ नहीं थे तो हम अस्तित्व में नहीं थे। एक परिपक्व पत्तेदार पेड़ एक मौसम में ज्यादा ऑक्सीजन पैदा करता है क्योंकि एक वर्ष में दस लोग श्वास लेते हैं। कितने लोगों को यह एहसास नहीं है कि जंगल भी एक विशाल फिल्टर के रूप में कार्य करता है जो हम सांस लेने वाली हवा को साफ करता है। फाइटोरिडिएशन शब्द खतरनाक रसायनों और मिट्टी में प्रवेश करने वाले अन्य प्रदूषकों के अवशोषण के लिए एक फैंसी शब्द है। पेड़ या तो हानिकारक प्रदूषक स्टोर कर सकते हैं या वास्तव में प्रदूषक को कम हानिकारक रूपों में बदल सकते हैं। पेड़ फिल्टर सीवेज और खेत के रसायनों, जानवरों के कचरे के प्रभाव को कम करने, साफ सड़क के किनारे फैलाने और धाराओं में साफ पानी के प्रवाह को कम करते हैं। पेड़ शहरी शोर को लगभग पत्थर की दीवारों के रूप में प्रभावी रूप से मफल करते हैं। पड़ोस में या अपने घर के आसपास रणनीतिक बिंदुओं पर लगाए गए पेड़ फ्रीवे और हवाई अड्डे से प्रमुख शोर को कम कर सकते हैं। फ्लैश बाढ़ को जंगल द्वारा या पेड़ लगाकर नाटकीय रूप से कम किया जा सकता है। एक कोलोराडो ब्लू स्पूस, या तो जंगली या जंगली बढ़ रहा है, पूरी तरह से उगाए जाने पर सालाना एक हज़ार से अधिक गैलन पानी को रोक सकता है। अंडरग्राउंड वॉटर होल्डिंग एक्वाइफर्स को पानी के प्रवाह की धीमी गति से रिचार्ज किया जाता है। अपने भोजन का उत्पादन करने के लिए, एक पेड़ लकड़ी, जड़ें और पत्तियों में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करता है और दूर करता है। कार्बन डाइऑक्साइड एक ग्लोबल वार्मिंग संदिग्ध है। एक जंगल एक कार्बन भंडारण क्षेत्र या एक "सिंक" है जो इसे जितना कार्बन बनाता है उतना कार्बन लॉक कर सकता है। यह लॉकिंग-अप प्रक्रिया लकड़ी को लकड़ी के रूप में "स्टोर करती है" और उपलब्ध "ग्रीनहाउस" गैस के रूप में नहीं। पेड़ एयरबोर्न कणों को रोककर, गर्मी को कम करने और कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के रूप में ऐसे प्रदूषकों को अवशोषित करके हवा को साफ करने में मदद करते हैं। पेड़ हवा के तापमान को कम करने, श्वसन के माध्यम से, और कणों को बनाए रखकर इस वायु प्रदूषण को हटा दें । शीतलन के परिणामस्वरूप छाया एक पेड़ के लिए सबसे अच्छी तरह से जाना जाता है। पेड़ से छाया गर्मियों में एयर कंडीशनिंग की आवश्यकता को कम कर देता है। सर्दी में, पेड़ सर्दियों की हवाओं की ताकत तोड़ते हैं, जिससे हीटिंग लागत कम हो जाती है। अध्ययनों से पता चला है कि पेड़ से छाया को ठंडा किए बिना शहरों के कुछ हिस्सों में सचमुच "गर्मी द्वीप" हो सकता है, जो आसपास के क्षेत्रों की तुलना में तापमान बारह डिग्री फ़ारेनहाइट अधिक है। हवादार और ठंड के मौसम के दौरान, हवादार तरफ स्थित पेड़ हवाओं के रूप में कार्य करते हैं। एक विंडब्रेक घर हीटिंग बिलों को तीस% तक कम कर सकता है और बर्फ की बहाव को कम करने पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। हवा में कमी से मिट्टी और वनस्पति पर सुखाने के प्रभाव को भी कम किया जा सकता है और जगह पर कीमती टॉपसिल रखने में मदद मिलती है। वृक्षारोपण नियंत्रण हमेशा पेड़ और घास रोपण परियोजनाओं के साथ शुरू हुआ है। वृक्ष की जड़ें मिट्टी को बांधती हैं और उनकी पत्तियां मिट्टी पर हवा और बारिश की शक्ति को तोड़ देती हैं। पेड़ मिट्टी के कटाव से लड़ते हैं, वर्षा जल को बचाते हैं और तूफान के बाद पानी के प्रवाह और तलछट जमा को कम करते हैं। जब पेड़ किसी संपत्ति या पड़ोस को सुशोभित करते हैं तो रियल एस्टेट मूल्य बढ़ते हैं। पेड़ आपके घर के संपत्ति मूल्य को पंद्रह% या उससे अधिक तक बढ़ा सकते हैं। |
नरसिंहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पाड़ल्याबना में रहने वाले 18 वर्षीय युवक की कुएं में डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा और मर्ग कायम कर बिवेचना शुरू की।
एसआई एसएस. जादौन के अनुसार ग्राम पाड़ल्यबना निवासी विशाल (18) पुत्र दयाराम धनगर की कुएं में डूबने से मौत हो गई। युवक कुएं में किन हालातों में गिरा, इसका खुलासा नही हो सका। परिजनों ने बताया कि युवक को कुएं से निकालकर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू की है।
| नरसिंहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पाड़ल्याबना में रहने वाले अट्ठारह वर्षीय युवक की कुएं में डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा और मर्ग कायम कर बिवेचना शुरू की। एसआई एसएस. जादौन के अनुसार ग्राम पाड़ल्यबना निवासी विशाल पुत्र दयाराम धनगर की कुएं में डूबने से मौत हो गई। युवक कुएं में किन हालातों में गिरा, इसका खुलासा नही हो सका। परिजनों ने बताया कि युवक को कुएं से निकालकर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू की है। |
पानीपत SP शशांक कुमार सावन।
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ऑफर का लालच देकर ठगी करने वाला गैंग सक्रिय हो चुका है। रोजाना ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इसके बाद पानीपत पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। SP शशांक कुमार सावन ने कहा कि त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग सोच-समझकर करें। भारी भरकम डिस्काउंट का ऑफर देकर साइबर अपराधी धोखाधड़ी कर सकते हैं। साइबर ठग फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में अपनी निजी जानकारी देने से बचें और सर्च इंजन पर कस्टमर केयर नंबर न ढूंढें।
- कोई अनजान व्यक्ति किसी एप डाउनलोड करने के लिए कहता है तो ऐसा न करें।
- KYC के नाम पर आपसे 1 या 10 रुपये आपके ही बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं, तो ऐसा नहीं करें।
- ATM बूथ पर पैसे निकालते वक्त सावधान रहें। कोई भी व्यक्ति कभी भी किसी ATM बूथ से कार्ड के द्वारा ट्रांजैक्शन करें तो अपना गोपनीय पिन किसी को न बताएं।
- ट्रांजैक्शन करने में असमर्थ होने पर किसी भी अपरिचित व्यक्ति की सहायता न लें।
- ATM से पैसे निकालने में कभी मदद लेनी पड़े तो केवल बैंक के कर्मचारियों या बूथ में मौजूद गार्ड की सहायता लें।
- किसी भी व्यक्ति के साथ अपने बैंक डिटेल, एटीएम कार्ड नंबर, कार्ड की एक्सपायरी एवं कार्ड पर पीछे लिखे 3 डिजिट के सीवीवी नंबर को किसी के साथ शेयर न करें।
- धोखाधडी होने की स्थिति में बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल कर अपने बैंक को सूचित करें।
- ऑनलाइन नेट बैंकिंग इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि ट्रांजैक्शन हमेशा अपने पर्सनल कंम्प्यूटर-लैपटॉप या फोन से करें।
- किसी अपरिचित नंबर से आपके पास फोन मैसेज या सोशल मीडिया पर कोई लिंक या फोटो आए तो उस पर क्लिक न करें।
- साइबर अपराध का शिकार होने पर स्थानीय पुलिस से संपर्क करने के साथ वेबसाइट www. cybercrime. gov. in पर अपनी शिकायत दर्ज कराए।
| पानीपत SP शशांक कुमार सावन। त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ऑफर का लालच देकर ठगी करने वाला गैंग सक्रिय हो चुका है। रोजाना ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इसके बाद पानीपत पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। SP शशांक कुमार सावन ने कहा कि त्योहारी सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग सोच-समझकर करें। भारी भरकम डिस्काउंट का ऑफर देकर साइबर अपराधी धोखाधड़ी कर सकते हैं। साइबर ठग फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में अपनी निजी जानकारी देने से बचें और सर्च इंजन पर कस्टमर केयर नंबर न ढूंढें। - कोई अनजान व्यक्ति किसी एप डाउनलोड करने के लिए कहता है तो ऐसा न करें। - KYC के नाम पर आपसे एक या दस रुपयापये आपके ही बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं, तो ऐसा नहीं करें। - ATM बूथ पर पैसे निकालते वक्त सावधान रहें। कोई भी व्यक्ति कभी भी किसी ATM बूथ से कार्ड के द्वारा ट्रांजैक्शन करें तो अपना गोपनीय पिन किसी को न बताएं। - ट्रांजैक्शन करने में असमर्थ होने पर किसी भी अपरिचित व्यक्ति की सहायता न लें। - ATM से पैसे निकालने में कभी मदद लेनी पड़े तो केवल बैंक के कर्मचारियों या बूथ में मौजूद गार्ड की सहायता लें। - किसी भी व्यक्ति के साथ अपने बैंक डिटेल, एटीएम कार्ड नंबर, कार्ड की एक्सपायरी एवं कार्ड पर पीछे लिखे तीन डिजिट के सीवीवी नंबर को किसी के साथ शेयर न करें। - धोखाधडी होने की स्थिति में बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल कर अपने बैंक को सूचित करें। - ऑनलाइन नेट बैंकिंग इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि ट्रांजैक्शन हमेशा अपने पर्सनल कंम्प्यूटर-लैपटॉप या फोन से करें। - किसी अपरिचित नंबर से आपके पास फोन मैसेज या सोशल मीडिया पर कोई लिंक या फोटो आए तो उस पर क्लिक न करें। - साइबर अपराध का शिकार होने पर स्थानीय पुलिस से संपर्क करने के साथ वेबसाइट www. cybercrime. gov. in पर अपनी शिकायत दर्ज कराए। |
परिभाषा यही हैः शांत मन जिसे न कर सके, वही पाप। जिसे करने के लिए अशांत मन अनिवार्य शर्त है, वही पाप। शांत मन ही जिसे कर सके, वही पुण्य । शांत मन जिसके होने के लिए अनिवार्य भूमिका है, वह पुण्य है।
पुण्य बचेगा। पुण्य की कुशलता बचेगी। पाप खोते चले जाएंगे। नर्क छूटेगा, स्वर्ग शेष रहेगा। बंधन गिरेंगे, मुक्ति उपलब्ध होगी। मोक्ष बचेगा। उसमें तुम्हारी कुशलता बढ़ेगी।
तुम पछताओगे न। तुम कभी लौटकर ऐसा न सोचोगे कि बड़ी गलती कर ली, जो शांत हो गए।
अब तक किसी ने ऐसा नहीं कहा। जो भी शांत हुए हैं सदियों-सदियों में-- अनंत लोग हुए हैं। यह शृंखला छोटी नहीं है। बहुत लोग हुए सदियों-सदियों में, उनमें से किसी एक ने भी नहीं कहा कि शांत होकर पछतावा हुआ।
और इन सदियों में उनसे हजारों गुने लोग अशांत रहे, उन सबने सदा यह कहा कि चूक गए कुछ। कुछ भूल हो गई। कहीं जीवन का तार टूट गया। वीणा बजी नहीं । बांसुरी पर धुन उतरी नहीं। आए तो जरूर, खाली आए, खाली जा रहे हैं।
निरपवाद रूप से जो लोग अशांत रहे हैं, वे पछताए हैं।
निरपवाद रूप से जो लोग शांत हुए हैं उन्होंने धन्यभाग, सौभाग्य माना है। आज इतना ही। | परिभाषा यही हैः शांत मन जिसे न कर सके, वही पाप। जिसे करने के लिए अशांत मन अनिवार्य शर्त है, वही पाप। शांत मन ही जिसे कर सके, वही पुण्य । शांत मन जिसके होने के लिए अनिवार्य भूमिका है, वह पुण्य है। पुण्य बचेगा। पुण्य की कुशलता बचेगी। पाप खोते चले जाएंगे। नर्क छूटेगा, स्वर्ग शेष रहेगा। बंधन गिरेंगे, मुक्ति उपलब्ध होगी। मोक्ष बचेगा। उसमें तुम्हारी कुशलता बढ़ेगी। तुम पछताओगे न। तुम कभी लौटकर ऐसा न सोचोगे कि बड़ी गलती कर ली, जो शांत हो गए। अब तक किसी ने ऐसा नहीं कहा। जो भी शांत हुए हैं सदियों-सदियों में-- अनंत लोग हुए हैं। यह शृंखला छोटी नहीं है। बहुत लोग हुए सदियों-सदियों में, उनमें से किसी एक ने भी नहीं कहा कि शांत होकर पछतावा हुआ। और इन सदियों में उनसे हजारों गुने लोग अशांत रहे, उन सबने सदा यह कहा कि चूक गए कुछ। कुछ भूल हो गई। कहीं जीवन का तार टूट गया। वीणा बजी नहीं । बांसुरी पर धुन उतरी नहीं। आए तो जरूर, खाली आए, खाली जा रहे हैं। निरपवाद रूप से जो लोग अशांत रहे हैं, वे पछताए हैं। निरपवाद रूप से जो लोग शांत हुए हैं उन्होंने धन्यभाग, सौभाग्य माना है। आज इतना ही। |
प्रीतोः पेट देखो अपना कितने मोटे हो गए हो।
राजूः तू भी तो मोटी होती जा रही है।
प्रीतोः मैं तो मां बनने वाली हूं।
राजूः मैं भी तो बाप बनने वाला हूं ! ! !
कालू सिंह एक दिन फिल्म देखने गए।
लौट कर फिर टिकट काउंटर पर आकर टिकट खरीदते।
टिकट काउंटर पर बैठा लड़का गुस्से में बोलाः बार-बार टिकट खरीदने क्यों आ रहे हो ?
एक ही बार में सारे टिकट क्यों नहीं खरीदते ? ?
और वह हॉल की एंट्री पर खड़ा लड़का हर बार मुझसे टिकट लेकर उसके दो टुकड़े कर देता है।
मगर राजू का परिवार सुरक्षित बच गया।
सुरक्षा के लिहाज से अपने मित्र बंता के पास मुंबई भेज दिया।
राजू का तार मिला जिसमें लिखा था : तुम्हारे बच्चों को वापस भेज रहा हूं।
चाहो तो भूकंप को यहां भेज सकते हो ... ! !
एक शराबी बहुत उदास बैठा था,
दोस्त : अरे इतना उदास क्यों बैठा है ?
कि अगर मैंने शराब पीनी नहीं छोड़ी तो वो मुझे तलाक दे देगी।
दोस्तः अरे यार यह तो बहुत दुख की बात है.... .
टीचरः संता यह बताओ टेंस (Tense) कितने प्रकार के होते हैं ?
टीचरः तीनों का एक-एक उदाहरण दो।
संताः सर, कल मैंने कल आपकी बेटी को देखा था।
कल मैं उसे भगा कर ले जाऊंगा...! ! !
दादाजी (ऑफिस कर्मचारी से): मैं संता का दादा हूं उसे बुलाना जरा ! !
कर्मचारीः दादाजी आप थोड़ा लेट हो गए हो,
संता तो थोड़ी देर पहले ही आपकी अर्थी को कांधा देने के लिए छुट्टी लेकर जा चुका है।
| प्रीतोः पेट देखो अपना कितने मोटे हो गए हो। राजूः तू भी तो मोटी होती जा रही है। प्रीतोः मैं तो मां बनने वाली हूं। राजूः मैं भी तो बाप बनने वाला हूं ! ! ! कालू सिंह एक दिन फिल्म देखने गए। लौट कर फिर टिकट काउंटर पर आकर टिकट खरीदते। टिकट काउंटर पर बैठा लड़का गुस्से में बोलाः बार-बार टिकट खरीदने क्यों आ रहे हो ? एक ही बार में सारे टिकट क्यों नहीं खरीदते ? ? और वह हॉल की एंट्री पर खड़ा लड़का हर बार मुझसे टिकट लेकर उसके दो टुकड़े कर देता है। मगर राजू का परिवार सुरक्षित बच गया। सुरक्षा के लिहाज से अपने मित्र बंता के पास मुंबई भेज दिया। राजू का तार मिला जिसमें लिखा था : तुम्हारे बच्चों को वापस भेज रहा हूं। चाहो तो भूकंप को यहां भेज सकते हो ... ! ! एक शराबी बहुत उदास बैठा था, दोस्त : अरे इतना उदास क्यों बैठा है ? कि अगर मैंने शराब पीनी नहीं छोड़ी तो वो मुझे तलाक दे देगी। दोस्तः अरे यार यह तो बहुत दुख की बात है.... . टीचरः संता यह बताओ टेंस कितने प्रकार के होते हैं ? टीचरः तीनों का एक-एक उदाहरण दो। संताः सर, कल मैंने कल आपकी बेटी को देखा था। कल मैं उसे भगा कर ले जाऊंगा...! ! ! दादाजी : मैं संता का दादा हूं उसे बुलाना जरा ! ! कर्मचारीः दादाजी आप थोड़ा लेट हो गए हो, संता तो थोड़ी देर पहले ही आपकी अर्थी को कांधा देने के लिए छुट्टी लेकर जा चुका है। |
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 सीरीज बेहद रोमांचक मोड़ पर है. चौथे टी20 में भारत की जीत के बाद सीरीज 2-2 की बराबरी पर है. ऐसे में सीरीज के अंतिम मैच में फाइनल वाली स्थिति बन गई है. दोनों ही टीमों की नजरें इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर रहेंगी.
इस सीरीज के पहले तीन मैच लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीते थे, लेकिन चौथे मुकाबले में टीम इंडिया लक्ष्य का बचाव करने में सफल रही. भारत ने इस सीरीज में जो दो मुकाबले जीते, उनमें मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजों का बड़ा योगदान रहा. पहली जीत में ईशान किशन और दूसरी जीत में सूर्यकुमार यादव ने अहम भूमिका अदा की थी.
इस मैच में भी सलामी बल्लेबाज केएल राहुल की खराब फॉर्म टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय होगी. हालांकि, यह साफ है कि वह ही रोहित शर्मा के साथ इस मैच में भी पारी की आगाज़ करेंगे. राहुल ने इस सीरीज में क्रमशः 01, 00, 00 और 14 रन बनाए हैं. उनके करियर में अब तक की यह सबसे खराब सीरीज रही है. इसके बावजूद कप्तान विराट कोहली और टीम मैनेजमेंट को उनकी प्रतिभा पर पूरा भरोसा है.
रिपोर्ट की मानें तो सीरीज का फाइनल मुकाबला धामी विकेट पर खेला जा सकता है. दरअसल, इस सीरीज के पहले और तीसरे मुकाबले में पिच से तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिल रही थी, जिससे इंग्लैंड के तेज गेंदबाज भारतीय बल्लेबाज़ों पर हावी हो गए थे. लेकिन चौथे मुकाबले में पिच काफी स्लो थी, जिससे तेज गेंदबाजों को ज्यादा बाउंस नहीं मिल रहा था. पांचवें टी20 में भी पिच स्पिनर्स के लिए मुफीद हो सकती है.
चौथे टी20 में शानदार जीत के बावजूद पांचवें मुकाबले में कप्तान विराट कोहली एक बदलाव के साथ अंग्रेजों का सामना कर सकते हैं. लेफ्ट आर्म ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर की जगह आईपीएल 2020 में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले राहुल तेवतिया को इस मैच में डेब्यू करने का मौका मिल सकता है. अगर कोहली फाइनल में तेवतिया को चांस नहीं देते हैं तो सुंदर की जगह युजवेंद्र चहल की टीम में वापसी हो सकती है.
इंग्लैंड की टीम इस सीरीज में अब तक सिर्फ एक स्पिनर के साथ ही खेली है. हालांकि, फाइनल मुकाबले में वो मोईन अली को प्लेइंग इलेवन में शामिल कर सकती है. मोईन को सैम कर्रन की जगह मौका मिल सकता है. सैम ने इस सीरीज में अब तक औसत प्रदर्शन किया है.
भारतीय टीमः विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा (उप कप्तान), केएल राहुल, शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, टी नटराजन, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चहर, नवदीप सैनी और शार्दुल ठाकुर.
इंग्लैंड टीमः इयोन मोर्गन (कप्तान), मोईन अली, जोफ्रा आर्चर, जॉनी बेयरस्टो, सैम बिलिंग्स, जोस बटलर (विकेटकीपर), सैम कर्रन, टॉम कर्रन, क्रिस जॉर्डन, लियाम लिविंग्स्टोन, डेविड मलान, आदिल राशिद, जेसन रॉय, बेन स्टोक्स, रीस टोप्ले और मार्क वुड.
| भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टीबीस सीरीज बेहद रोमांचक मोड़ पर है. चौथे टीबीस में भारत की जीत के बाद सीरीज दो-दो की बराबरी पर है. ऐसे में सीरीज के अंतिम मैच में फाइनल वाली स्थिति बन गई है. दोनों ही टीमों की नजरें इस मैच को जीतकर सीरीज अपने नाम करने पर रहेंगी. इस सीरीज के पहले तीन मैच लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीते थे, लेकिन चौथे मुकाबले में टीम इंडिया लक्ष्य का बचाव करने में सफल रही. भारत ने इस सीरीज में जो दो मुकाबले जीते, उनमें मुंबई इंडियंस के बल्लेबाजों का बड़ा योगदान रहा. पहली जीत में ईशान किशन और दूसरी जीत में सूर्यकुमार यादव ने अहम भूमिका अदा की थी. इस मैच में भी सलामी बल्लेबाज केएल राहुल की खराब फॉर्म टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय होगी. हालांकि, यह साफ है कि वह ही रोहित शर्मा के साथ इस मैच में भी पारी की आगाज़ करेंगे. राहुल ने इस सीरीज में क्रमशः एक, शून्य, शून्य और चौदह रन बनाए हैं. उनके करियर में अब तक की यह सबसे खराब सीरीज रही है. इसके बावजूद कप्तान विराट कोहली और टीम मैनेजमेंट को उनकी प्रतिभा पर पूरा भरोसा है. रिपोर्ट की मानें तो सीरीज का फाइनल मुकाबला धामी विकेट पर खेला जा सकता है. दरअसल, इस सीरीज के पहले और तीसरे मुकाबले में पिच से तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिल रही थी, जिससे इंग्लैंड के तेज गेंदबाज भारतीय बल्लेबाज़ों पर हावी हो गए थे. लेकिन चौथे मुकाबले में पिच काफी स्लो थी, जिससे तेज गेंदबाजों को ज्यादा बाउंस नहीं मिल रहा था. पांचवें टीबीस में भी पिच स्पिनर्स के लिए मुफीद हो सकती है. चौथे टीबीस में शानदार जीत के बावजूद पांचवें मुकाबले में कप्तान विराट कोहली एक बदलाव के साथ अंग्रेजों का सामना कर सकते हैं. लेफ्ट आर्म ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर की जगह आईपीएल दो हज़ार बीस में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले राहुल तेवतिया को इस मैच में डेब्यू करने का मौका मिल सकता है. अगर कोहली फाइनल में तेवतिया को चांस नहीं देते हैं तो सुंदर की जगह युजवेंद्र चहल की टीम में वापसी हो सकती है. इंग्लैंड की टीम इस सीरीज में अब तक सिर्फ एक स्पिनर के साथ ही खेली है. हालांकि, फाइनल मुकाबले में वो मोईन अली को प्लेइंग इलेवन में शामिल कर सकती है. मोईन को सैम कर्रन की जगह मौका मिल सकता है. सैम ने इस सीरीज में अब तक औसत प्रदर्शन किया है. भारतीय टीमः विराट कोहली , रोहित शर्मा , केएल राहुल, शिखर धवन, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत , ईशान किशन , युजवेंद्र चहल, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, राहुल तेवतिया, टी नटराजन, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चहर, नवदीप सैनी और शार्दुल ठाकुर. इंग्लैंड टीमः इयोन मोर्गन , मोईन अली, जोफ्रा आर्चर, जॉनी बेयरस्टो, सैम बिलिंग्स, जोस बटलर , सैम कर्रन, टॉम कर्रन, क्रिस जॉर्डन, लियाम लिविंग्स्टोन, डेविड मलान, आदिल राशिद, जेसन रॉय, बेन स्टोक्स, रीस टोप्ले और मार्क वुड. |
पांच राफेल लड़ाकू विमानों को आज औपचारिक तौर पर भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया। अंबाला वायु स्थल पर समारोह में विशेष रूप से भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांसीसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पर्ली मौजूद थे। 17 स्क्वाड्रन में राफेल को शामिल करने पर पूरा देश उत्साहित है।
हाल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले धोनी का सेना प्रेम किसी से छिपा नहीं। प्रादेशिक सेना के में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि प्राप्त माही सेना से जुड़ी किसी भी चीज से बेहद अपनत्व रखते हैं। कसी कड़ी में उन्होंने अपने पसंदीदा लड़ाकू विमान का भी खुलासा किया।
| पांच राफेल लड़ाकू विमानों को आज औपचारिक तौर पर भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल कर लिया गया। अंबाला वायु स्थल पर समारोह में विशेष रूप से भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांसीसी रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पर्ली मौजूद थे। सत्रह स्क्वाड्रन में राफेल को शामिल करने पर पूरा देश उत्साहित है। हाल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले धोनी का सेना प्रेम किसी से छिपा नहीं। प्रादेशिक सेना के में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद उपाधि प्राप्त माही सेना से जुड़ी किसी भी चीज से बेहद अपनत्व रखते हैं। कसी कड़ी में उन्होंने अपने पसंदीदा लड़ाकू विमान का भी खुलासा किया। |
कोविड-19 महामारी को नियं देखते हुए प्रभावित हुए पेयजल कार्यों को लेकर इस बार गर्मी में पेयजल संकट गहरा सकता है। शहरी और देहात क्षेत्र में करीब तीन हजार से अधिक हैंडपम्प खराब पडे है। जिन्हें सहीं नहीं कराया गया है। अप्रैल और मई माह में करीब 1016 सरकारी हैंडपम्प रिबोर होने थे, लेकिन लॉक डाउन के कारण मात्र 139 हैंडपम्प ही रिबोर हो पाए है। शहरी क्षेत्र में खराब पडे हैंडपम्पों पर भी कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लॉक डाउन खत्म होने के कारण नगर पालिका ने दो बडे नलकूप रिबोर का कार्य शुरू किया है। देहात क्षेत्र में करीब 29 हजार सरकारी हैंडपम्प है। जिसमें से अधिकांश हैंडपम्पों की हालत खस्ता बनी हुई है। पिछले वर्ष करीब 5 हजार हैंडपम्प रिबोर कराए गए थे। इस बार करीब तीन हजार से अधिक हैंडपम्प पूरी तरह से खराब पडे है। कुछ हैंडपम्पों का पानी खराब हो गया है तो कुछ हैंडपम्प सूखे पडे है। शहरी क्षेत्र में पिछले वर्ष करीब 100 हैंडपम्प रिबोर हुए थे। इस बार करीब 150 हैंडपम्प रिबोर हुए है। लेकिन अभी कुछ शहरी क्षेत्र में काफी स्थानों पर हैंडपम्प खराब पडे है। नगर पालिका में इस वर्ष करीब 70 नए हैंडपम्प लगवाए है। वहीं शहरी क्षेत्र में खराब पडे दो नलकूप रिबोर का कार्य शुरू किया गया है। गांधीनगर में स्थित नलकूप संख्या 39 और रूडकी रोड स्थित नलकूप संख्या 37 का रिबोर का कार्य लॉक डाउन के बाद शुरू किया गया है। "देहात क्षेत्र में करीब काफी हैंडपम्प खराब पडे है। जिन्हें सहीं कराने का कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर चल रहा है। अप्रैल और मई माह में करीब 1016 हैंडपम्प रिबोर होने थे, लेकिन लॉक डाउन के कारण करीब 139 हैंडपम्प ही रिबोर हो पाए हैं। "सुधीर कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओगांव बामनहेडी में मात्र एक हैंडपम्प का प्रस्ताव मुजफ्फरनगर। जल निगम एक्सईएन पीके अग्रवाल ने बताया कि उनके समयकाल में किसी विधायक ने हैंडपम्प लगाने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। इस बार मात्र एक हैंडपम्प लगवाने का प्रस्ताव आया है। एमएलसी हेम सिंह पुंडीर ने गांव बामनहेडी गांव में एक हैंडपम्प लगाने का प्रस्ताव दिया है।
| कोविड-उन्नीस महामारी को नियं देखते हुए प्रभावित हुए पेयजल कार्यों को लेकर इस बार गर्मी में पेयजल संकट गहरा सकता है। शहरी और देहात क्षेत्र में करीब तीन हजार से अधिक हैंडपम्प खराब पडे है। जिन्हें सहीं नहीं कराया गया है। अप्रैल और मई माह में करीब एक हज़ार सोलह सरकारी हैंडपम्प रिबोर होने थे, लेकिन लॉक डाउन के कारण मात्र एक सौ उनतालीस हैंडपम्प ही रिबोर हो पाए है। शहरी क्षेत्र में खराब पडे हैंडपम्पों पर भी कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लॉक डाउन खत्म होने के कारण नगर पालिका ने दो बडे नलकूप रिबोर का कार्य शुरू किया है। देहात क्षेत्र में करीब उनतीस हजार सरकारी हैंडपम्प है। जिसमें से अधिकांश हैंडपम्पों की हालत खस्ता बनी हुई है। पिछले वर्ष करीब पाँच हजार हैंडपम्प रिबोर कराए गए थे। इस बार करीब तीन हजार से अधिक हैंडपम्प पूरी तरह से खराब पडे है। कुछ हैंडपम्पों का पानी खराब हो गया है तो कुछ हैंडपम्प सूखे पडे है। शहरी क्षेत्र में पिछले वर्ष करीब एक सौ हैंडपम्प रिबोर हुए थे। इस बार करीब एक सौ पचास हैंडपम्प रिबोर हुए है। लेकिन अभी कुछ शहरी क्षेत्र में काफी स्थानों पर हैंडपम्प खराब पडे है। नगर पालिका में इस वर्ष करीब सत्तर नए हैंडपम्प लगवाए है। वहीं शहरी क्षेत्र में खराब पडे दो नलकूप रिबोर का कार्य शुरू किया गया है। गांधीनगर में स्थित नलकूप संख्या उनतालीस और रूडकी रोड स्थित नलकूप संख्या सैंतीस का रिबोर का कार्य लॉक डाउन के बाद शुरू किया गया है। "देहात क्षेत्र में करीब काफी हैंडपम्प खराब पडे है। जिन्हें सहीं कराने का कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर चल रहा है। अप्रैल और मई माह में करीब एक हज़ार सोलह हैंडपम्प रिबोर होने थे, लेकिन लॉक डाउन के कारण करीब एक सौ उनतालीस हैंडपम्प ही रिबोर हो पाए हैं। "सुधीर कुमार श्रीवास्तव, डीपीआरओगांव बामनहेडी में मात्र एक हैंडपम्प का प्रस्ताव मुजफ्फरनगर। जल निगम एक्सईएन पीके अग्रवाल ने बताया कि उनके समयकाल में किसी विधायक ने हैंडपम्प लगाने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। इस बार मात्र एक हैंडपम्प लगवाने का प्रस्ताव आया है। एमएलसी हेम सिंह पुंडीर ने गांव बामनहेडी गांव में एक हैंडपम्प लगाने का प्रस्ताव दिया है। |
प्रयागराज में माफिया गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिजनों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार का पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है.
प्रयागराज में माफिया गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिजनों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार का पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है. पुलिस ने उत्तराखंड के पौड़ी जिले में रह रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिजनों की सुरक्षा बढ़ा दी है. बता दें कि यूपी के सीएम योगी के परिजन उत्तराखंड के पौड़ी जिले में यमकेश्वर ब्लाॅक के पंचुर गांव में रहते हैं.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ हत्याकांड के बाद एहतियातन योगी गांव में पुलिस ने अचानक गश्त बढ़ा दी है. पुलिस ने गांव में निगरानी बढ़ा दी है. सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ ही गांव और इलाके में आने जाने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर रख रही है. साथ ही पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर जांच कर रही है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तराखंड के पंचुर गांव में रहने वाले परिजनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. सुरक्षा के सवाल पर एजेंसियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिजनों की सुरक्षा इंतजाम में एहतियात बरतने के निर्देश् दिए थे. जिसके बाद राज्य सरकार के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने योगी के परिजनों की सुरक्षा में गांव और इलाके में गश्त और निगरानी बढ़ा दी.
रिपोर्ट के अनुसार, पौड़ी जिले के यमकेश्वर थाना पुलिस को सीएम योगी के गांव पंचुर में पुलिस पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही पुलिस थाने को लगातार सुरक्षा जांच और निगरानी करने के निर्देश मिले हैं. पौड़ी एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैतृक आवास पर पहले से सुरक्षा के इंतजाम हैं. सीएम योगी के परिजनों की सुरक्षा को लेकर खास अहतियात बरते जा रहे हैं. यमकेश्वर थाना पुलिस को गांव में समय समय पर पेट्रोलिंग और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. थाना एसओ को भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए हैं.
बता दें कि प्रयागराज में 15 अप्रैल की रात साढ़े दस बजे रात माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की तीन हमलावरों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी. इस दिल दहलाने वाली वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावरों ने पुलिस के सामने उसी वक्त सरेंडर कर दिया था.
| प्रयागराज में माफिया गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिजनों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार का पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है. प्रयागराज में माफिया गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिजनों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार का पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है. पुलिस ने उत्तराखंड के पौड़ी जिले में रह रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिजनों की सुरक्षा बढ़ा दी है. बता दें कि यूपी के सीएम योगी के परिजन उत्तराखंड के पौड़ी जिले में यमकेश्वर ब्लाॅक के पंचुर गांव में रहते हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ हत्याकांड के बाद एहतियातन योगी गांव में पुलिस ने अचानक गश्त बढ़ा दी है. पुलिस ने गांव में निगरानी बढ़ा दी है. सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ ही गांव और इलाके में आने जाने वाले संदिग्ध लोगों पर नजर रख रही है. साथ ही पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर जांच कर रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तराखंड के पंचुर गांव में रहने वाले परिजनों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. सुरक्षा के सवाल पर एजेंसियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के परिजनों की सुरक्षा इंतजाम में एहतियात बरतने के निर्देश् दिए थे. जिसके बाद राज्य सरकार के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने योगी के परिजनों की सुरक्षा में गांव और इलाके में गश्त और निगरानी बढ़ा दी. रिपोर्ट के अनुसार, पौड़ी जिले के यमकेश्वर थाना पुलिस को सीएम योगी के गांव पंचुर में पुलिस पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही पुलिस थाने को लगातार सुरक्षा जांच और निगरानी करने के निर्देश मिले हैं. पौड़ी एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैतृक आवास पर पहले से सुरक्षा के इंतजाम हैं. सीएम योगी के परिजनों की सुरक्षा को लेकर खास अहतियात बरते जा रहे हैं. यमकेश्वर थाना पुलिस को गांव में समय समय पर पेट्रोलिंग और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. थाना एसओ को भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए हैं. बता दें कि प्रयागराज में पंद्रह अप्रैल की रात साढ़े दस बजे रात माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की तीन हमलावरों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी. इस दिल दहलाने वाली वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावरों ने पुलिस के सामने उसी वक्त सरेंडर कर दिया था. |
अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मप्र के शहडोल जिले (Shahdol) में एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई थी। जहां जबलपुर से शहडोल आई एक 92 साल की वृद्ध को लिफ्ट देने के बहाने दुष्कर्म (Rape) की घटना को अंजाम दिया गया था। मामले में फरार दुराचारी को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद धर दबोचा है। दरअसल आरोपी ने महिला को लाल बाइक (Red Bike) में लिफ्ट देकर जंगल ले जाकर दुरचार किया था। आरोपी वृद्ध के जख्म से रक्त रिसाव को रोकने के लिए अपने टॉवेल का एक टुकड़ा दे दिया था और उसका दूसरा टुकड़ा अपने पास बाईक में रख लिया। वहीं टॉवेल का टुकड़ा उसके गुनाहों का गवाह बना, जो उसको सलाखों के पीछे भेज दिया।
पकड़े गए आरोपी पर पूर्व में भी दुराचार के मामले दर्ज हैं। आरोपी पर 40 हजार का इनाम घोषित था। वहीं इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) ने दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति की जल्द से जल्द गिरफ्तारी (Arrest) की मांग की थी।
बीती रात जबलपुर (Jabalpur) से शहडोल अपने रिश्तेदार के घर आई एक 92 वर्षीय वृद्ध घर जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान लाल रंग की बाइक में सवार अंतरा निवासी भगवंता कोल लिफ्ट देकर जंगल के रास्ते ले गया और वहां महिला से दुष्कर्म किया। इस दौरान वृद्ध को चोट लग गई थी, जिससे रक्त रिसाव (Blood Leak) हो रहा था। उसके जख्म में पट्टी करने की नियत से आरोपी ने अपने टॉवेल के दो टुकड़े कर एक टुकड़ा वृद्ध महिला को देकर वहां से फरार हो गया था।
इस मामले की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर पतासाजी में जुट गई। मुखबिर की सूचना पर पतासाजी के दौरान यह बात सामने आई थी कि महिला को आरोपी लाल बाइक में ले गया था। इस आधार पर पुलिस ने 15 से अधिक लाल बाइक चालक को पकड़ कर पूछताछ की, तो भगवंता कोल के बाइक में गमछे का दूसरा टुकड़ा भी बरामद हो गया। जिससे आरोपी की शिनाख्त हो गई। पकड़े गए आरोपी पर पूर्व में भी दुराचार का मामला कायम है।
बता दें कि इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने 92 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। वहीं डीसीपी हेड क्वार्टर राघवेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि लिफ्ट देने के बहाने एक वृद्ध महिला के साथ दुष्कर्म किया गया था। आरोपी को कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है।
| अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मप्र के शहडोल जिले में एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई थी। जहां जबलपुर से शहडोल आई एक बानवे साल की वृद्ध को लिफ्ट देने के बहाने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। मामले में फरार दुराचारी को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद धर दबोचा है। दरअसल आरोपी ने महिला को लाल बाइक में लिफ्ट देकर जंगल ले जाकर दुरचार किया था। आरोपी वृद्ध के जख्म से रक्त रिसाव को रोकने के लिए अपने टॉवेल का एक टुकड़ा दे दिया था और उसका दूसरा टुकड़ा अपने पास बाईक में रख लिया। वहीं टॉवेल का टुकड़ा उसके गुनाहों का गवाह बना, जो उसको सलाखों के पीछे भेज दिया। पकड़े गए आरोपी पर पूर्व में भी दुराचार के मामले दर्ज हैं। आरोपी पर चालीस हजार का इनाम घोषित था। वहीं इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। बीती रात जबलपुर से शहडोल अपने रिश्तेदार के घर आई एक बानवे वर्षीय वृद्ध घर जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान लाल रंग की बाइक में सवार अंतरा निवासी भगवंता कोल लिफ्ट देकर जंगल के रास्ते ले गया और वहां महिला से दुष्कर्म किया। इस दौरान वृद्ध को चोट लग गई थी, जिससे रक्त रिसाव हो रहा था। उसके जख्म में पट्टी करने की नियत से आरोपी ने अपने टॉवेल के दो टुकड़े कर एक टुकड़ा वृद्ध महिला को देकर वहां से फरार हो गया था। इस मामले की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर पतासाजी में जुट गई। मुखबिर की सूचना पर पतासाजी के दौरान यह बात सामने आई थी कि महिला को आरोपी लाल बाइक में ले गया था। इस आधार पर पुलिस ने पंद्रह से अधिक लाल बाइक चालक को पकड़ कर पूछताछ की, तो भगवंता कोल के बाइक में गमछे का दूसरा टुकड़ा भी बरामद हो गया। जिससे आरोपी की शिनाख्त हो गई। पकड़े गए आरोपी पर पूर्व में भी दुराचार का मामला कायम है। बता दें कि इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने बानवे वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। वहीं डीसीपी हेड क्वार्टर राघवेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि लिफ्ट देने के बहाने एक वृद्ध महिला के साथ दुष्कर्म किया गया था। आरोपी को कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। |
SUPAUL: एसएसबी एवं वीरपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने चाइनीज सेब से लदे तीन ट्रक को पकड़ा। तीन अन्य ट्रक भी पकड़े गए हैं। इनपर यह सेव लादा जा रहा था। मौके से एक बिना नंबर की एसयूवी एवं एक बिना नंबर की बुलेट एवं एक हीरो स्पलेंडर बाइक भी जब्त की गई है। सभी छह ट्रकों के चालक के साथ दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस इन सभी से पूछताछ करने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार एसओजी पटना को मिली सूचना के आलोक में एसओजी, एसएसबी एवं वीरपुर पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की। बताया गया कि एसएसबी एवं पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा वीरपुर बसमतिया रोड, भीमनगर सहरसा रोड, फारबिसगंज रोड, भीमनगर बोर्डर रोड सहित पांच जगहों पर नाकेबंदी की गई थी। इस दौरान तीन नेपाली नंबर की ट्रक सातआना लाही बोर्डर के रास्ते कोसी कॉलोनी होते हुए भीमनगर-वीरपुर रोड में मेसर्स मां काली प्लाई ब्रिक्स के कैंपस में रुकी। जहां पूर्व से लगे भारतीय नंबर के दो ट्रक में सेब को लादा जा रहा था। तीनों ट्रक को मिलाकर लगभग 1350 पेटी सेब है जो 30, 20 एवं 10 किलो के पैकेट में है। जब्त सेब एवं ट्रक कस्टम के हवाले कर दिया गया है।
| SUPAUL: एसएसबी एवं वीरपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने चाइनीज सेब से लदे तीन ट्रक को पकड़ा। तीन अन्य ट्रक भी पकड़े गए हैं। इनपर यह सेव लादा जा रहा था। मौके से एक बिना नंबर की एसयूवी एवं एक बिना नंबर की बुलेट एवं एक हीरो स्पलेंडर बाइक भी जब्त की गई है। सभी छह ट्रकों के चालक के साथ दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस इन सभी से पूछताछ करने में जुटी है। जानकारी के अनुसार एसओजी पटना को मिली सूचना के आलोक में एसओजी, एसएसबी एवं वीरपुर पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की। बताया गया कि एसएसबी एवं पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा वीरपुर बसमतिया रोड, भीमनगर सहरसा रोड, फारबिसगंज रोड, भीमनगर बोर्डर रोड सहित पांच जगहों पर नाकेबंदी की गई थी। इस दौरान तीन नेपाली नंबर की ट्रक सातआना लाही बोर्डर के रास्ते कोसी कॉलोनी होते हुए भीमनगर-वीरपुर रोड में मेसर्स मां काली प्लाई ब्रिक्स के कैंपस में रुकी। जहां पूर्व से लगे भारतीय नंबर के दो ट्रक में सेब को लादा जा रहा था। तीनों ट्रक को मिलाकर लगभग एक हज़ार तीन सौ पचास पेटी सेब है जो तीस, बीस एवं दस किलो के पैकेट में है। जब्त सेब एवं ट्रक कस्टम के हवाले कर दिया गया है। |
Mujafferpur : जिले में एक सरफिरे ने बीए की छात्रा पर एसिड अटैक करने का मामला मंगलवार को सामने आया है. जिसके बाद युवक के वॉट्सऐप चैट सामने आये हैं. घटना वाले दिन आरोपी युवक और पीड़िता के बीच करीब बारह के आसपास चैटिंग हुई थी. जिसमें आरोपी गुस्से में उसके मैसेज का रिप्लाई कर रहा था. आरोपी युवक ने लिख था कि, 'हम भी आ रहे हैं, जो होना होगा आज होगा'. पुलिस की छानबीन के बाद लड़की का फोन हाथ लगा जिसके बाद पूरा मामला सामने आया.
यह मामला फकुली ओपी क्षेत्र के एक गांव का है. चैट में पीड़िता ने अपने भाई का नाम लेते हुए कहा है कि उसे आने दो फिर बताती हूं. हम तुम्हें अपने घर में नहीं आने देंगे. इस पर आरोपी ने लिखा-वो तो तुम्हारे बाप में भी दम नहीं है, जो हमें रोक ले. आ रहे हैं. छात्रा अपने कमरे में सोने चली गई. इसी दौरान देर रात में करीब दो बजे वह खिड़की के पास आया और बाहर से ही एसिड फेंककर भाग गया.
पीड़िता दर्द से जोर-जोर से रोने लगी. उसकी आवाज सुनकर घरवालों की नींद खुल गई. कमरे में पहुंचे तो देखा कि उसका हाथ जला हुआ है. जिसके बाद पीड़िता को तुरंत कुढ़नी पीएचसी ले गए. उसकी गंभीर स्तिथि को देखते हुए डॉक्टरों ने प्रारम्भिक इलाज के बाद एसकेएमसीएच रेफर कर दिया. वहां से फिर पटना एम्स में भर्ती कराया गया.
| Mujafferpur : जिले में एक सरफिरे ने बीए की छात्रा पर एसिड अटैक करने का मामला मंगलवार को सामने आया है. जिसके बाद युवक के वॉट्सऐप चैट सामने आये हैं. घटना वाले दिन आरोपी युवक और पीड़िता के बीच करीब बारह के आसपास चैटिंग हुई थी. जिसमें आरोपी गुस्से में उसके मैसेज का रिप्लाई कर रहा था. आरोपी युवक ने लिख था कि, 'हम भी आ रहे हैं, जो होना होगा आज होगा'. पुलिस की छानबीन के बाद लड़की का फोन हाथ लगा जिसके बाद पूरा मामला सामने आया. यह मामला फकुली ओपी क्षेत्र के एक गांव का है. चैट में पीड़िता ने अपने भाई का नाम लेते हुए कहा है कि उसे आने दो फिर बताती हूं. हम तुम्हें अपने घर में नहीं आने देंगे. इस पर आरोपी ने लिखा-वो तो तुम्हारे बाप में भी दम नहीं है, जो हमें रोक ले. आ रहे हैं. छात्रा अपने कमरे में सोने चली गई. इसी दौरान देर रात में करीब दो बजे वह खिड़की के पास आया और बाहर से ही एसिड फेंककर भाग गया. पीड़िता दर्द से जोर-जोर से रोने लगी. उसकी आवाज सुनकर घरवालों की नींद खुल गई. कमरे में पहुंचे तो देखा कि उसका हाथ जला हुआ है. जिसके बाद पीड़िता को तुरंत कुढ़नी पीएचसी ले गए. उसकी गंभीर स्तिथि को देखते हुए डॉक्टरों ने प्रारम्भिक इलाज के बाद एसकेएमसीएच रेफर कर दिया. वहां से फिर पटना एम्स में भर्ती कराया गया. |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
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