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Team India Cricketer Retirement: भारतीय टीम फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज खेल रही है. इस सीरीज के लिए टीम इंडिया में नहीं चुना गया एक खिलाड़ी कभी भी अपने सुनहरे अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम दे सकता है. वह आईसीसी ट्रॉफी भी जीत चुका है और टीम इंडिया की कप्तानी भी संभाली है.
IND vs AUS 4th Test, Shikhar Dhawan Career: भारतीय क्रिकेट टीम फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज (Border Gavaskar Trophy Series) खेल रही है. इस सीरीज का चौथा टेस्ट मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस बीच एक ऐसा खिलाड़ी टीम से बाहर है जो कप्तानी भी संभाल चुका है और सफल भी रहा.
सेलेक्टर्स ने किया किनारा?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जब न्यूजीलैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की क्रिकेट सीरीज के लिए टीम चुनी तो वनडे में रोहित शर्मा और टी20 में धुरंधर ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को कप्तानी सौंपी. इस बीच एक धाकड़ ओपनर को चयनकर्ताओं ने किसी भी सीरीज के लिए मौका नहीं दिया. एक समय में अपने बल्ले से बड़े-बड़े गेंदबाजों को परेशान करने वाले इस धाकड़ खिलाड़ी को अब राष्ट्रीय टीम में जगह मिलना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है. ऐसा कहा जा सकता है कि सेलेक्टर्स ने भी उनसे किनारा कर लिया है.
धवन को कब मिलेगा मौका?
जिस स्टार ओपनर का जिक्र किया जा रहा है, वह कोई और नहीं बल्कि शिखर धवन हैं. कप्तानी संभाल चुके शिखर धवन को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल नहीं किया गया. वह काफी वक्त से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं. हाल में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई थी. तब लगने लगा था कि वह आगामी वनडे वर्ल्ड कप (World Cup 2023) के लिए कहीं ना कहीं सेलेक्टर्स के प्लान में हैं, लेकिन उन्हें ऐसे टीम से बाहर किया गया जैसे दूध में से मक्खी. न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले साल नवंबर में खेली गई वनडे सीरीज में धवन ही कप्तान थे लेकिन अब उन्हें मौके मिलना ही मुश्किल हो गया है.
कभी भी कर सकते हैं संन्यास का ऐलान!
37 साल के शिखर धवन इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ सीरीज का भी हिस्सा नहीं बनाए गए थे. बांग्लादेश दौरे पर बल्ले से कुछ खास नहीं कर सके. उन्होंने तब तीन वनडे में कुल 18 रन (3,8 और 7) बनाए. वह अपनी पिछली पांच अंतरराष्ट्रीय पारियों में कुल 49 रन ही बना सके हैं. उन्होंने साल 2011 में टी20 के जरिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और अब माना जा रहा है कि वह कभी भी अपने इस सुनहरे अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का ऐलान कर सकते हैं.
शिखर धवन के करियर की बात करें तो उन्होंने 34 टेस्ट, 167 वनडे और 68 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. तीनों फॉर्मेट में कुल मिलाकर धवन ने 10 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं. उन्होंने टेस्ट में 7 शतक और 5 अर्धशतकों की मदद से 2315, वनडे में 6793 जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में कुल 1759 रन बनाए हैं. वनडे में उनके नाम 17 शतक और 39 अर्धशतक दर्ज हैं. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में धवन के नाम कुल 8499 रन दर्ज हैं. वह 2013 में खेली गई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में प्लेयर ऑफ द सीरीज बने थे.
| Team India Cricketer Retirement: भारतीय टीम फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज खेल रही है. इस सीरीज के लिए टीम इंडिया में नहीं चुना गया एक खिलाड़ी कभी भी अपने सुनहरे अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम दे सकता है. वह आईसीसी ट्रॉफी भी जीत चुका है और टीम इंडिया की कप्तानी भी संभाली है. IND vs AUS चारth Test, Shikhar Dhawan Career: भारतीय क्रिकेट टीम फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज खेल रही है. इस सीरीज का चौथा टेस्ट मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस बीच एक ऐसा खिलाड़ी टीम से बाहर है जो कप्तानी भी संभाल चुका है और सफल भी रहा. सेलेक्टर्स ने किया किनारा? भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने जब न्यूजीलैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की क्रिकेट सीरीज के लिए टीम चुनी तो वनडे में रोहित शर्मा और टीबीस में धुरंधर ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या को कप्तानी सौंपी. इस बीच एक धाकड़ ओपनर को चयनकर्ताओं ने किसी भी सीरीज के लिए मौका नहीं दिया. एक समय में अपने बल्ले से बड़े-बड़े गेंदबाजों को परेशान करने वाले इस धाकड़ खिलाड़ी को अब राष्ट्रीय टीम में जगह मिलना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है. ऐसा कहा जा सकता है कि सेलेक्टर्स ने भी उनसे किनारा कर लिया है. धवन को कब मिलेगा मौका? जिस स्टार ओपनर का जिक्र किया जा रहा है, वह कोई और नहीं बल्कि शिखर धवन हैं. कप्तानी संभाल चुके शिखर धवन को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल नहीं किया गया. वह काफी वक्त से खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं. हाल में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई थी. तब लगने लगा था कि वह आगामी वनडे वर्ल्ड कप के लिए कहीं ना कहीं सेलेक्टर्स के प्लान में हैं, लेकिन उन्हें ऐसे टीम से बाहर किया गया जैसे दूध में से मक्खी. न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछले साल नवंबर में खेली गई वनडे सीरीज में धवन ही कप्तान थे लेकिन अब उन्हें मौके मिलना ही मुश्किल हो गया है. कभी भी कर सकते हैं संन्यास का ऐलान! सैंतीस साल के शिखर धवन इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ सीरीज का भी हिस्सा नहीं बनाए गए थे. बांग्लादेश दौरे पर बल्ले से कुछ खास नहीं कर सके. उन्होंने तब तीन वनडे में कुल अट्ठारह रन बनाए. वह अपनी पिछली पांच अंतरराष्ट्रीय पारियों में कुल उनचास रन ही बना सके हैं. उन्होंने साल दो हज़ार ग्यारह में टीबीस के जरिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था और अब माना जा रहा है कि वह कभी भी अपने इस सुनहरे अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का ऐलान कर सकते हैं. शिखर धवन के करियर की बात करें तो उन्होंने चौंतीस टेस्ट, एक सौ सरसठ वनडे और अड़सठ टीबीस इंटरनेशनल मैच खेले हैं. तीनों फॉर्मेट में कुल मिलाकर धवन ने दस हजार से ज्यादा रन बनाए हैं. उन्होंने टेस्ट में सात शतक और पाँच अर्धशतकों की मदद से दो हज़ार तीन सौ पंद्रह, वनडे में छः हज़ार सात सौ तिरानवे जबकि टीबीस अंतरराष्ट्रीय में कुल एक हज़ार सात सौ उनसठ रन बनाए हैं. वनडे में उनके नाम सत्रह शतक और उनतालीस अर्धशतक दर्ज हैं. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में धवन के नाम कुल आठ हज़ार चार सौ निन्यानवे रन दर्ज हैं. वह दो हज़ार तेरह में खेली गई आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में प्लेयर ऑफ द सीरीज बने थे. |
शराब एक गंभीर बीमारी है। व्यसन के कारण, कई परिवार अलग हो जाते हैं। पुरुषों को अल्कोहल बनने के लिए काफी समय चाहिए, जिसे महिलाओं के पीने के बारे में नहीं कहा जा सकता है। उनके मादक पेय बहुत तेजी से कसते हैं। और फिर, महिलाओं के लिए पुरुषों की तुलना में व्यसन छोड़ना बहुत मुश्किल है। मादा शराब क्या है, इसके कारण क्या हैं और रोग का इलाज कैसे किया जाता है? इस लेख में इस पर चर्चा की जाएगी।
हमेशा एक पीना महिला मना नहीं कर सकती हैखुद की लत कारण क्या है? मजबूत सेक्स के सदस्यों की तुलना में महिलाएं शारीरिक रूप से कमजोर हैं। पुरुषों की तुलना में छोटे आकार की महिलाओं के यकृत और अन्य आंतरिक अंग। नतीजतन, पैनक्रियास एक उच्च भार का सामना नहीं करता है और मादक पेय पदार्थों की बड़ी खुराक को चयापचय करने में सक्षम नहीं है।
मादा पेट में, एथिल अल्कोहल में निहित हैनर की तुलना में अधिक एकाग्रता। कारण यह है कि पानी की महिलाओं के शरीर में 10 प्रतिशत कम है। एक अन्य कारक एक निश्चित एंजाइम है, जो शुद्धि के लिए जिम्मेदार है। वह केवल मादा शरीर में पुरुष शरीर में मौजूद है। नतीजतन, महिलाओं को शराब की आदत अधिक बार और तेजी से आती है।
सबसे पहले, शराब दूसरों से गुप्त रूप से नशे में है। पुरुषों के विपरीत, शराब के लिए अपनी लत के लिए महिलाओं द्वारा महिलाओं की दृढ़ निंदा की जाती है। इसलिए, महिलाएं पीना पसंद करती हैं ताकि किसी ने इसे देखा न हो। इस कारण से, अंतिम शराब में मादा शराब का पता चला है, जब पति और उनके आसपास के बच्चों की राय महिला के लिए पहले से ही महत्वहीन हो जाती है।
समय के साथ, शराब केवल एक ही हो जाता है"मित्र"। शराब के लिए अधिक महिलाओं को दोषी ठहराया जाता है, जितना अधिक वे नसों को फिर से शराब से शांत करने की इच्छा रखते हैं। इससे बचने के लिए उत्सुकता, वे फिर से एक भूतिया दुनिया में गिर गए हैं। अगली सुबह एक हैंगओवर शुरू होता है, जो फिर से, महिलाओं को पुरुषों से भी बदतर पीड़ित होता है। महिलाओं के दावे के बावजूद कि वे मजबूत हैं और समर्थन के बिना अपनी लत का सामना कर सकते हैं, यह अभी भी बहुत महत्वपूर्ण है।
यह याद रखना चाहिए कि महिलाएं बहुत अधिक हैंपुरुषों की तुलना में अधिक भावनात्मक। इसलिए, सभी समस्याओं, निराशाओं और परेशानियों को सुंदर सेक्स दिल के बहुत करीब समझता है। इन क्षणों में, पुरुषों को महिलाओं के प्रति अधिक चौकस होना चाहिए। फिर हानिकारक परिणामों से बचने की संभावना है। अन्यथा, महिला शराब में मोक्ष की तलाश शुरू करती है। अगर वह वास्तव में उससे निर्वहन प्राप्त करती है, तो समय में यह एक हानिकारक आदत में बदल सकता है।
क्या एक महिला के लिए अल्कोहल पीना संभव है? यदि छोटी मात्रा में और अक्सर, तो शराब से कोई नुकसान नहीं होगा। विशेष रूप से प्रकाश आत्माओं से। लेकिन शराब के नियमित उपयोग (और यहां तक कि अधिक महत्वपूर्ण खुराक) के साथ, गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
एक महिला की आवाज़ का झुकाव एक मोटे, घबराहट में बदल जाता है,नर के करीब महिला पुरुष हार्मोन का उत्पादन शुरू करती है। नतीजतन, मूंछ बढ़ने लगती है। चूंकि अल्कोहल में कई कैलोरी होती है, इसलिए शरीर को तेजी से वजन कम होता है। महिला की उपस्थिति खराब हो रही है। पीने, धूम्रपान करने वाली महिलाओं को त्वचा की चमक, भंगुर नाखून प्लेटों, स्लोवेनिटी द्वारा प्रतिष्ठित किया जाता है। शराब और सिगरेट बालों से बहुत पीड़ित होते हैं और जल्दी से पतले होने लगते हैं।
महिलाओं में, हार्मोनल चक्र बाधित है, मेंपरिणाम रजोनिवृत्ति की शुरुआत की शुरुआत है। अवधारणा मुश्किल हो जाती है। शराब से बांझपन पैदा हो सकता है। एक पीड़ित गर्भवती महिला अपने भ्रूण को नुकसान पहुंचाने का जोखिम चलाती है। शराब गर्भपात का कारण बन सकता है। यदि आप प्रसव के बाद अल्कोहल का उपयोग जारी रखते हैं, स्तनपान के दौरान, बच्चे का स्वास्थ्य खतरे में पड़ता है।
महिलाएं आंतरिक के काम को बाधित करती हैंअंग, पुरानी बीमारियां विकसित, खुफिया और स्मृति में कमी। तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क पर अल्कोहल का मजबूत प्रभाव पड़ता है। महिलाओं में, वे पुरुषों की तुलना में अधिक संवेदनशील और संवेदनशील होते हैं। अल्कोहल के लंबे समय तक उपयोग से ठंडी हो सकती है।
भावनात्मक पृष्ठभूमि भी बदलती है। महिला शराब पीड़ित, घबराहट हो जाती है। कोई नकारात्मक विवरण आसानी से परिवार में एक घोटाला का कारण बन सकता है। यह अक्सर बच्चों को प्रभावित करता है। शराब के अंतिम चरण में, मातृ वृत्ति गायब हो सकती है।
महिलाएं क्यों पीते हैं, कई लोग हो सकते हैं। अक्सर यह काम पर, घर पर, परेशान व्यक्तिगत जीवन में समस्याएं हैं। अक्सर शराब अकेलेपन के कारण होता है। शराब के लिए लालसा गंभीर जीवन परीक्षण या दुः ख की पृष्ठभूमि के खिलाफ प्रकट होता है। अन्य कारण भी हैंः
- असफल कंपनी;
- शराबी पति;
- गरीब आनुवंशिकता;
- अनिद्रा के लगातार झगड़े;
- एकल माता-पिता परिवार;
- रजोनिवृत्ति की अवधि;
- स्वभाव;
- बोरियत;
- तलाक;
- अवसाद;
- प्रिय से अलगाव;
- लालसा।
शराब के लिए लालसा पृष्ठभूमि के खिलाफ उत्पन्न हो सकता हैगलतफहमी उत्पन्न होने पर बच्चों या उसके पति के साथ घोटाले। देवियों निराशा, निराशा, आंतरिक खालीपन की भावना, जीवन में उनकी क्षमता की अवास्तविकता से पी सकते हैं। वेरिएंट क्यों महिलाएं पीते हैं, बहुत कुछ। अक्सर वे अकेले शारीरिक, घरेलू और सामाजिक कारकों को दूर करने में असमर्थ हैं।
महिलाओं के लिए शराब छोड़ना क्यों मुश्किल है?
समाज नशे में प्रतिनिधियों के आदी हो गया हैमजबूत सेक्स लेकिन जब एक औरत पीती है - यह एक लापरवाही अपमान, शर्म की बात माना जाता है। मदद के बजाय, वह तुरंत दूसरों, परिचितों और यहां तक कि करीबी लोगों से निंदा, अपमान और अवमानना प्राप्त करती है। नतीजतन, महिला का हाथ फिर से बोतल का पालन करता है। हालांकि, शराब की शुरुआत को रोकने के लिए, कभी-कभी यह सुनने, समझने और नैतिक समर्थन प्रदान करने के लिए पर्याप्त है।
ज्यादातर मामलों में महिला पीना पहचान नहीं हैशराब पर निर्भरता। ऐसा लगता है कि वह किसी भी समय अपनी लत छोड़ सकती है। लेकिन ऐसा नहीं है। शराब आराम करता है, अपने कार्यों और कार्यों पर नियंत्रण खो जाता है। फिर अल्कोहल के लिए एक अनियंत्रित लालसा आता है। महिला शराब के कई चरणों में हैः
- पहला किशोरावस्था में शुरू होता है। अधिकांश लड़कियां इसे शराब और मजबूत पेय के साथ शोर कंपनियों में बिताती हैं।
- फिर दूसरा चरण आता है - युवा। इस समय, महिलाओं ने अभी तक अपनी सीमाओं पर फैसला नहीं किया है, जिसके बाद जागरूकता का नुकसान शुरू होता है। इसलिए, विभिन्न प्रकार के अल्कोहल और विभिन्न खुराक का प्रयोग एक प्रयोग के रूप में किया जाता है।
- कार्यस्थल में शराब का उपयोग शुरू होता है। दोस्तों के साथ बैठक शराब के बिना नहीं कर सकती है। अक्सर, महिलाएं अक्सर अकेले पीना शुरू कर देती हैं।
- शराब एक दैनिक आदत में बदल जाता है।
- एक महिला हर दिन पीना शुरू कर देती है और रुक सकती नहीं है। शराब का खुराक धीरे-धीरे बढ़ता है।
- अल्कोहल पर लगातार निर्भरता है। रोग निश्चित रूप से बनाया गया है।
पहले चरण में, जब तक अल्कोहल में शामिल नहीं किया गया थादैनिक आदत और आवश्यकता, अल्कोहल पर निर्भरता को दूर करने के लिए एक महिला अकेले हो सकती है। अगर वह अकेले सामना नहीं कर सकती है, तो दूसरों की मदद महत्वपूर्ण है, लेकिन उनकी निंदा नहीं। लेकिन यदि शराब पहले से ही एक विकसित बीमारी है, तो इस मामले में एक महिला के लिए उसकी नशे की लत से छुटकारा पाने में बहुत मुश्किल होती है। इस मामले में, एक नशीविज्ञानी और मनोवैज्ञानिक की मदद की आवश्यकता है।
अगर उसकी पत्नी पीना शुरू कर देती है तो आदमी को क्या करना चाहिए?
अगर एक महिला अपने पति के साथ क्या करती है या पीती हैबच्चों? सबसे पहले, आपको यह याद रखना होगा कि शराब का परिणाम एक परिणाम है, इसलिए आपको अल्कोहल में लत का कारण ढूंढना होगा। यदि यह नकारात्मक कारक समाप्त हो गया है या इसका सामना करने में मदद मिली है, तो एक महिला खुद शराब छोड़ने में सक्षम होगी।
अगर पति / पत्नी (माँ) नहीं जाती हैस्पष्ट बातचीत, उसके दोस्तों या परिचितों पर सवाल उठाए जाते हैं। जब एक महिला हर दिन पीती है, तो एक आदमी को उसके बारे में बात करने की ज़रूरत होती है, शराब उसे कैसे प्रभावित करती है। कभी-कभी पति / पत्नी को अल्कोहल छोड़ने के लिए यह एक भारी तर्क है। आप और क्या कर सकते हैंः
- घर पर पार्टी की व्यवस्था न करने और पार्टी में एक दावत से बचने की कोशिश न करें।
- पंजीकरण करने के लिए एक महिला को प्रेरित करें और अज्ञात शराबियों पर जाएं।
- उपस्थिति में अल्कोहल न पीने का प्रयास करेंपत्नी। एक राय है कि इस तरह एक व्यक्ति एक शराब पीने वाले शराब पीने से कम करता है। लेकिन ऐसा नहीं है। सबसे पहले, शराबियों को अक्सर एक कंपनी की आवश्यकता होती है, और पत्नी केवल अपने पति से जुड़ने में खुश होगी। दूसरा, शराब तेजी से खत्म हो जाएगा, जिसका मतलब है कि एक महिला बड़ी मात्रा में इसे खरीद लेगी। पेय पदार्थों के संयुक्त पीने से परिवार में बड़े पैमाने पर शराब का कारण बन सकता है। कभी-कभी बच्चे टेबल में शामिल होते हैं।
- जब एक औरत पीती है, तो आप उसे घोटाला नहीं कर सकते और हमले में संलग्न नहीं हो सकते हैं। यह केवल उसे बोतल डालने का एक अतिरिक्त कारण देगा। महिला एक बार फिर "शराब में पहाड़ डूबने" की कोशिश करेगी।
- शराब निर्भरता के लिए आप उसे दोष नहीं दे सकते। वह पीता है कि वह क्यों पीता है, और उसे समस्या से निपटने के लिए आमंत्रित करने के लिए जरूरी है।
जबरदस्ती शराब महिला छोड़ने के लिए मजबूर करेंयह तब तक असंभव है जब तक वह स्वयं ऐसी इच्छा व्यक्त नहीं करती। एक आदमी केवल यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर सकता है कि पति स्वेच्छा से व्यसन से छुटकारा पाएं। अक्सर बच्चे एक बड़ा प्रोत्साहन होते हैं। हर महिला अपनी आंसूदार इच्छाओं को खड़ा नहीं करेगी।
बीयर शराब एक अलग प्रजाति हैरोग। बीयर पीते महिलाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है, क्योंकि यह कम अल्कोहल वाला पेय है, और शरीर को कोई नुकसान नहीं होता है। लेकिन यह एक धोखाधड़ी राय है। यदि कभी-कभी (सप्ताह में एक से अधिक बार नहीं) बियर पीने के लिए, यह स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता है। लेकिन यह एक चालाक पेय है, जल्दी नशे की लत।
बियर पर निर्भरता में, ज्यादातर शर्मीली और शर्मीली महिलाएं जिनके पास कोई समस्या आती है। इस तरह के शराबियों की मजबूत इच्छा वाली महिलाओं में व्यावहारिक रूप से कोई नहीं है। बीयर शराब के शुरुआती संकेतः
- एक दिन पीने के एक लीटर से अधिक पीते हैं;
- बियर के बिना आराम करो और आराम करो;
- एक महिला को तब तक गुस्सा और जलन महसूस होती है जब तक वह शराब नहीं पीती;
- सुबह के सिरदर्द दिखाई देते हैं, जो बीयर पीने के बाद गायब हो जाते हैं;
- इस पेय के बिना, एक शांतिपूर्ण और ध्वनि नींद असंभव हो जाती है।
धीरे-धीरे, महिला एक बीयर की लत में पड़ जाती है,लेकिन इसकी गहराई की सराहना नहीं कर सकते। महिला की उपस्थिति बदतर के लिए बदल रही है, झुर्रियाँ दिखाई देती हैं, त्वचा उम्र बढ़ने लगती है। चेहरे और शरीर पर फुंसियां देखी जाती हैं। इसके विपरीत, पैर बहुत पतले हो जाते हैं। होंठों पर छाले पड़ जाते हैं। चेहरा सूजने लगता है। होठों पर और छाती पर बालों का विकास शुरू हो सकता है।
शराब की एक छोटी खुराक वाले पेय से गंभीर नशा नहीं होता है। इसलिए, कोई भी खुद को शराबी नहीं मानता, भले ही कोई महिला बीयर पीती हो हर दिन इस मामले में क्या करना है? किसी भी प्रकार के शराब के उपचार के लिए, मानक तरीकों और तैयारी का उपयोग किया जाता है। दवा उपचार क्लीनिकों पर जाने के बाद रोगियों का सबसे तेजी से प्रभाव देखा गया।
पीने वाली महिलाओं की तस्वीरें प्रतिकारक दिखती हैं। कई महिलाएं, यह महसूस करते हुए कि वे शराब की आदी हैं, का इलाज किया जाने लगा है। लेकिन ज्यादातर मामलों में, कोई भी शराबी इस तरह के निदान से सहमत नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति अपने आप को रोक नहीं सकता है, तो उसे उपचार के लिए एक दवा उपचार क्लिनिक में भेजा जाता है।
लेकिन अक्सर पति और बच्चे किसी महिला को मना नहीं सकतेइस संस्था में जाओ। इस मामले में, एक मनोचिकित्सक की मदद आवश्यक है। वह ऐसा करने में सक्षम होगा जो उसके रिश्तेदार और दोस्त सफल नहीं हुए - उन्हें एक विशेष क्लिनिक या ड्रग उपचार केंद्र में उपचार के लिए सहमत होने के लिए राजी करने में। निर्भरता से छुटकारा पाना उन कारणों को खोजने और खत्म करने से शुरू होता है जो इस बीमारी का कारण बने।
एक प्रभावी विधि एक नाकाबंदी है जिसके दौरानशरीर को एक दवा के साथ इंजेक्ट किया जाता है जो हर बार एक मादक शराब पीने की कोशिश करने पर मतली और उल्टी का कारण बनता है। विधि एक निश्चित अवधि के लिए वैध है। लेकिन इस समय के दौरान, रोगी के पास पहले से ही अपने शांत राज्य के लाभों की तुलना करने का अवसर होता है। इसलिए, नाकाबंदी की आवश्यकता शायद ही कभी होती है।
बिना नशा या क्लीनिक में शराबी को जगह देनाउसकी सहमति असंभव है। इस मामले में, उपचार घर पर होता है। द्वि घातुमान दवा से बाहर निकलने की सुविधा के लिए मेडिह्रोनल और अल्कज़ेलज़र निर्धारित हैं। उपकरण काफी महंगे हैं, लेकिन अभी तक घरेलू उत्पादन के कोई एनालॉग नहीं हैं।
शराब की लालसा को कम करने के लिए"Proproten -100।" यह घरेलू उत्पादन की एक दवा है, जो आंशिक रूप से शराब पर निर्भरता को हटा देती है। दुर्लभ मामलों में, दवा पूरी तरह से शराब को खत्म करती है। "प्रोप्रोटीन -100" के विदेशी एनालॉग हैं, लेकिन वे अभी तक रूस में आयात नहीं किए गए हैं।
अलग-अलग दवाएं हैं जो पैदा करती हैंशराब की असहिष्णुता - "ओफोरल", "टेटौरम", "लिडविन"। जब मादक पेय पदार्थों के साथ एक साथ लिया जाता है, तो एक व्यक्ति मतली, उल्टी और सिरदर्द विकसित करता है। दिल की धड़कन देखी। ऐसी दवाओं की मदद से नाकाबंदी की जाती है।
अगर एक महिला पीती है, और पति उसे मनाने में कामयाब रहेलत छोड़ दे, उसकी मदद चाहिए। इस मामले में, अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक नहीं है। लेकिन पुनर्वास में लंबा समय लगेगा। सभी मादक पेय घर से हटा दिए जाते हैं। इसे उसकी पत्नी के अनुरोध पर नहीं खरीदा जा सकता है।
पति को अपनी कंपनी नहीं रखनी चाहिए। आपको जाने से बचना चाहिए। पति या पत्नी के लिए, पति दूसरों से पूर्ण अलगाव की अवधि बनाता है। आपको किसी भी मेहमान को अस्थायी रूप से मना करने की आवश्यकता है जो मादक पेय के साथ आ सकते हैं। कमरे दैनिक रूप से प्रसारित किए जाते हैं। ताजा हवा को मस्तिष्क की कोशिकाओं में लगातार प्रवाहित होना चाहिए।
शराब के उपचार की अवधि के दौरान एक महिला नहीं कर सकती हैतनाव, झटके, किसी भी नकारात्मक भावनाओं का अनुभव करना। सभी घरेलू घोटालों पर प्रतिबंध है। एक ही समय में, एक नशा विशेषज्ञ आवश्यक दवाओं और अतिरिक्त लोक उपचार निर्धारित किया जाता है।
यहां तक कि अगर एक महिला केवल शराब पीती है, तो यह नहीं हैइसका मतलब है कि वह शराबी नहीं बनेगी। प्रारंभिक चरण में, ज्यादातर महिलाओं को यकीन है कि एक गिलास हल्के शराब युक्त पेय एक नशे की उपस्थिति का कारण नहीं होगा। लेकिन यह एक गलत धारणा है। दरअसल, कई महिलाएं केवल वाइन या शराब ही पीती हैं। उन लोगों के लिए जो समय पर रुक सकते हैं और केवल समय-समय पर पेय का सेवन करते हैं, यह सुरक्षित है। लेकिन जोखिम में अभी भी ऐसी महिलाएं हैं।
एक महिला एक दिन में 200-400 मिली वाइन पी सकती है।रात के खाने के लिए। कुछ वर्षों के बाद, लंच ब्रेक के दौरान पेय का उपयोग करने की इच्छा होती है। समय के साथ, थोड़ा पीने की इच्छा सुबह में पहले से ही प्रकट होती है। यह एक हैंगओवर द्वारा उचित है। पीने के बाद, महिला बेहतर महसूस करती है। अनिद्रा के लक्षण हैं, और महिला रात में "अच्छी नींद के लिए" शराब डालती है। यह सुबह की शराबखोरी शराबबंदी का पहला संकेत है।
फिर शराब एक महिला के जीवन में कब्जा करना शुरू कर देती हैतेजी से बड़ी जगह। वह दूसरों के प्रति उदासीन हो जाता है, यहां तक कि करीबी लोग भी। कम से कम शराब की बोतल के बिना, यह अब काम नहीं कर सकता है। स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं। एक महिला आकर्षण खो देती है और शरीर का तेजी से बूढ़ा होना देखा जाता है। यह मुख्य रूप से चेहरे पर परिलक्षित होता है।
महिलाएं थोड़ी मात्रा में सेवन कर सकती हैंशराब, यदि आप समय में बंद कर देते हैं। एक गिलास शराब, एक गिलास वोदका या 100 ग्राम ब्रांडी, स्वास्थ्य के लिए नुकसान नहीं पहुंचाएगा, अगर नशे में है। शराब की लालसा के पहले संकेतों पर, एक महिला को शराब के उपयोग में तेजी से खुद को सीमित करना चाहिए। यदि वह पूरी तरह से शराब नहीं छोड़ने वाली है, तो कम से कम इसके उपयोग को कुछ समय के लिए बाधित करना आवश्यक है।
महिला रोजाना और बड़े पैमाने पर शराब पीती हैमात्रा, जो पहले से ही शराब से "बंधी" है, को "शराबी" का निदान मिलता है। इस तथ्य के बावजूद कि यह हल्के मादक पेय पदार्थों का सेवन करता है, समस्या का सार नहीं बदलता है। एक महिला शराब की आदी हो जाती है, और अपने दम पर इस आदत का सामना नहीं कर सकती है। परिवार में समस्याएं शुरू होती हैं, अवसाद दिखाई देता है, और स्वास्थ्य बिगड़ा हुआ है।
चिकित्सीय उपायों के एक जटिल की मदद से विशेष क्लीनिक में शराबियों का उपचार सफलतापूर्वक किया जाता है। वे शामिल हैंः
- दवा उपचार;
- शराब के साथ जहर शरीर की शुद्धि;
- मनोवैज्ञानिक मदद।
चिकित्सा के दौरान, एक महिला cravings को दूर करने के लिए सीखती है।शराब के लिए। मनोवैज्ञानिक यह समझने में मदद करते हैं कि आप शराब के बिना जीवन की समस्याओं का सामना कर सकते हैं। थेरेपी की प्रभावशीलता महिला की शराब की लालसा से छुटकारा पाने की इच्छा की डिग्री पर निर्भर करती है। हालांकि, दबाव या खतरे के किसी भी तरीके को पूरी तरह से बाहर रखा गया है।
एक महिला के साथ शराब पीने से कैसे रोकेंलोक तरीके? एक पुराना और बहुत प्रभावी उपाय है - हरे रंग की बग। उनसे मिलावट की जाती है। यह कीड़े के 15-30 टुकड़ों से लिया जाता है, जो 500 मिलीलीटर वोदका से भरा होता है। द्रव 2 से 3 दिनों से संक्रमित होता है।
फिर शराबी को टिंचर दिया जाता है। शराब के लिए तरस के गायब होने के लिए पर्याप्त 50 ग्राम उपकरण। एकमात्र समस्या यह है कि हरे रंग की कीड़े की सही मात्रा को खोजने और पकड़ने के लिए बहुत समस्याग्रस्त है।
एक और मूल तरीका शराबियों को देना हैमशरूम गोबर की एक डिश खाएं। अपने आप से, वे पूरी तरह से हानिरहित हैं। लेकिन जब शराब के साथ मशरूम का एक साथ सेवन किया जाता है, तो विषाक्तता के लक्षण दिखाई देते हैं। यह प्रभाव कई दिनों तक रहेगा। यह महिला को कम से कम द्वि घातुमान से बाहर निकलने में मदद करेगा।
शराब की लत का इलाज नहीं, लेकिनसाधारण ग्रीन टी इसे कम करने में मदद करती है। यहां तक कि एक गर्भवती महिला भी इस पद्धति का उपयोग कर सकती है। लेकिन विधि त्वरित परिणाम नहीं देती है। जिस दिन एक महिला को कम से कम 4 कप पेय पीना चाहिए। 1-2 महीनों के बाद, शराब की आवश्यकता काफी कम हो जाएगी।
खुद महिला को शराब पीने से कैसे रोकें? इसके लिए आपसी सहायता समूह हैं। या एक महिला एक गुमनाम शराबी समाज में शामिल हो सकती है। पारस्परिक सहायता समूहों में, लत से छुटकारा पाने के लिए कोई विशेषज्ञ नहीं हैं। एक गुमनाम समाज में, समूह के सदस्यों को बस आवश्यक नैतिक समर्थन और संयम के लिए प्रेरणा मिलती है।
शराबी महिलाएं लोगों से संवाद कर सकती हैंजो पहले ही इस मार्ग पर जा चुका है या उबर चुका है। ऐसे समूहों और समाजों के नियमित दौरे के बाद, रोगी अन्य लोगों के उदाहरणों से प्रेरित होते हैं। नतीजतन, महिला को घातक नशे का विरोध करने की इच्छा है।
शराबी बेनामी कार्यक्रम के होते हैंबारह कदम। उनमें से प्रत्येक एक नई समस्या की मान्यता है, जिसमें से बहुत से लोग पीते हैं। नारकोलॉजिस्ट ऐसे समाजों पर संदेह करते हैं। फिर भी, कई महिलाएं और पुरुष एक शांत जीवन शैली का एक स्थिर परिणाम प्राप्त करने में सक्षम थे। लेकिन कभी-कभी इसमें सालों लग जाते हैं।
| शराब एक गंभीर बीमारी है। व्यसन के कारण, कई परिवार अलग हो जाते हैं। पुरुषों को अल्कोहल बनने के लिए काफी समय चाहिए, जिसे महिलाओं के पीने के बारे में नहीं कहा जा सकता है। उनके मादक पेय बहुत तेजी से कसते हैं। और फिर, महिलाओं के लिए पुरुषों की तुलना में व्यसन छोड़ना बहुत मुश्किल है। मादा शराब क्या है, इसके कारण क्या हैं और रोग का इलाज कैसे किया जाता है? इस लेख में इस पर चर्चा की जाएगी। हमेशा एक पीना महिला मना नहीं कर सकती हैखुद की लत कारण क्या है? मजबूत सेक्स के सदस्यों की तुलना में महिलाएं शारीरिक रूप से कमजोर हैं। पुरुषों की तुलना में छोटे आकार की महिलाओं के यकृत और अन्य आंतरिक अंग। नतीजतन, पैनक्रियास एक उच्च भार का सामना नहीं करता है और मादक पेय पदार्थों की बड़ी खुराक को चयापचय करने में सक्षम नहीं है। मादा पेट में, एथिल अल्कोहल में निहित हैनर की तुलना में अधिक एकाग्रता। कारण यह है कि पानी की महिलाओं के शरीर में दस प्रतिशत कम है। एक अन्य कारक एक निश्चित एंजाइम है, जो शुद्धि के लिए जिम्मेदार है। वह केवल मादा शरीर में पुरुष शरीर में मौजूद है। नतीजतन, महिलाओं को शराब की आदत अधिक बार और तेजी से आती है। सबसे पहले, शराब दूसरों से गुप्त रूप से नशे में है। पुरुषों के विपरीत, शराब के लिए अपनी लत के लिए महिलाओं द्वारा महिलाओं की दृढ़ निंदा की जाती है। इसलिए, महिलाएं पीना पसंद करती हैं ताकि किसी ने इसे देखा न हो। इस कारण से, अंतिम शराब में मादा शराब का पता चला है, जब पति और उनके आसपास के बच्चों की राय महिला के लिए पहले से ही महत्वहीन हो जाती है। समय के साथ, शराब केवल एक ही हो जाता है"मित्र"। शराब के लिए अधिक महिलाओं को दोषी ठहराया जाता है, जितना अधिक वे नसों को फिर से शराब से शांत करने की इच्छा रखते हैं। इससे बचने के लिए उत्सुकता, वे फिर से एक भूतिया दुनिया में गिर गए हैं। अगली सुबह एक हैंगओवर शुरू होता है, जो फिर से, महिलाओं को पुरुषों से भी बदतर पीड़ित होता है। महिलाओं के दावे के बावजूद कि वे मजबूत हैं और समर्थन के बिना अपनी लत का सामना कर सकते हैं, यह अभी भी बहुत महत्वपूर्ण है। यह याद रखना चाहिए कि महिलाएं बहुत अधिक हैंपुरुषों की तुलना में अधिक भावनात्मक। इसलिए, सभी समस्याओं, निराशाओं और परेशानियों को सुंदर सेक्स दिल के बहुत करीब समझता है। इन क्षणों में, पुरुषों को महिलाओं के प्रति अधिक चौकस होना चाहिए। फिर हानिकारक परिणामों से बचने की संभावना है। अन्यथा, महिला शराब में मोक्ष की तलाश शुरू करती है। अगर वह वास्तव में उससे निर्वहन प्राप्त करती है, तो समय में यह एक हानिकारक आदत में बदल सकता है। क्या एक महिला के लिए अल्कोहल पीना संभव है? यदि छोटी मात्रा में और अक्सर, तो शराब से कोई नुकसान नहीं होगा। विशेष रूप से प्रकाश आत्माओं से। लेकिन शराब के नियमित उपयोग के साथ, गंभीर परिणाम हो सकते हैं। एक महिला की आवाज़ का झुकाव एक मोटे, घबराहट में बदल जाता है,नर के करीब महिला पुरुष हार्मोन का उत्पादन शुरू करती है। नतीजतन, मूंछ बढ़ने लगती है। चूंकि अल्कोहल में कई कैलोरी होती है, इसलिए शरीर को तेजी से वजन कम होता है। महिला की उपस्थिति खराब हो रही है। पीने, धूम्रपान करने वाली महिलाओं को त्वचा की चमक, भंगुर नाखून प्लेटों, स्लोवेनिटी द्वारा प्रतिष्ठित किया जाता है। शराब और सिगरेट बालों से बहुत पीड़ित होते हैं और जल्दी से पतले होने लगते हैं। महिलाओं में, हार्मोनल चक्र बाधित है, मेंपरिणाम रजोनिवृत्ति की शुरुआत की शुरुआत है। अवधारणा मुश्किल हो जाती है। शराब से बांझपन पैदा हो सकता है। एक पीड़ित गर्भवती महिला अपने भ्रूण को नुकसान पहुंचाने का जोखिम चलाती है। शराब गर्भपात का कारण बन सकता है। यदि आप प्रसव के बाद अल्कोहल का उपयोग जारी रखते हैं, स्तनपान के दौरान, बच्चे का स्वास्थ्य खतरे में पड़ता है। महिलाएं आंतरिक के काम को बाधित करती हैंअंग, पुरानी बीमारियां विकसित, खुफिया और स्मृति में कमी। तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क पर अल्कोहल का मजबूत प्रभाव पड़ता है। महिलाओं में, वे पुरुषों की तुलना में अधिक संवेदनशील और संवेदनशील होते हैं। अल्कोहल के लंबे समय तक उपयोग से ठंडी हो सकती है। भावनात्मक पृष्ठभूमि भी बदलती है। महिला शराब पीड़ित, घबराहट हो जाती है। कोई नकारात्मक विवरण आसानी से परिवार में एक घोटाला का कारण बन सकता है। यह अक्सर बच्चों को प्रभावित करता है। शराब के अंतिम चरण में, मातृ वृत्ति गायब हो सकती है। महिलाएं क्यों पीते हैं, कई लोग हो सकते हैं। अक्सर यह काम पर, घर पर, परेशान व्यक्तिगत जीवन में समस्याएं हैं। अक्सर शराब अकेलेपन के कारण होता है। शराब के लिए लालसा गंभीर जीवन परीक्षण या दुः ख की पृष्ठभूमि के खिलाफ प्रकट होता है। अन्य कारण भी हैंः - असफल कंपनी; - शराबी पति; - गरीब आनुवंशिकता; - अनिद्रा के लगातार झगड़े; - एकल माता-पिता परिवार; - रजोनिवृत्ति की अवधि; - स्वभाव; - बोरियत; - तलाक; - अवसाद; - प्रिय से अलगाव; - लालसा। शराब के लिए लालसा पृष्ठभूमि के खिलाफ उत्पन्न हो सकता हैगलतफहमी उत्पन्न होने पर बच्चों या उसके पति के साथ घोटाले। देवियों निराशा, निराशा, आंतरिक खालीपन की भावना, जीवन में उनकी क्षमता की अवास्तविकता से पी सकते हैं। वेरिएंट क्यों महिलाएं पीते हैं, बहुत कुछ। अक्सर वे अकेले शारीरिक, घरेलू और सामाजिक कारकों को दूर करने में असमर्थ हैं। महिलाओं के लिए शराब छोड़ना क्यों मुश्किल है? समाज नशे में प्रतिनिधियों के आदी हो गया हैमजबूत सेक्स लेकिन जब एक औरत पीती है - यह एक लापरवाही अपमान, शर्म की बात माना जाता है। मदद के बजाय, वह तुरंत दूसरों, परिचितों और यहां तक कि करीबी लोगों से निंदा, अपमान और अवमानना प्राप्त करती है। नतीजतन, महिला का हाथ फिर से बोतल का पालन करता है। हालांकि, शराब की शुरुआत को रोकने के लिए, कभी-कभी यह सुनने, समझने और नैतिक समर्थन प्रदान करने के लिए पर्याप्त है। ज्यादातर मामलों में महिला पीना पहचान नहीं हैशराब पर निर्भरता। ऐसा लगता है कि वह किसी भी समय अपनी लत छोड़ सकती है। लेकिन ऐसा नहीं है। शराब आराम करता है, अपने कार्यों और कार्यों पर नियंत्रण खो जाता है। फिर अल्कोहल के लिए एक अनियंत्रित लालसा आता है। महिला शराब के कई चरणों में हैः - पहला किशोरावस्था में शुरू होता है। अधिकांश लड़कियां इसे शराब और मजबूत पेय के साथ शोर कंपनियों में बिताती हैं। - फिर दूसरा चरण आता है - युवा। इस समय, महिलाओं ने अभी तक अपनी सीमाओं पर फैसला नहीं किया है, जिसके बाद जागरूकता का नुकसान शुरू होता है। इसलिए, विभिन्न प्रकार के अल्कोहल और विभिन्न खुराक का प्रयोग एक प्रयोग के रूप में किया जाता है। - कार्यस्थल में शराब का उपयोग शुरू होता है। दोस्तों के साथ बैठक शराब के बिना नहीं कर सकती है। अक्सर, महिलाएं अक्सर अकेले पीना शुरू कर देती हैं। - शराब एक दैनिक आदत में बदल जाता है। - एक महिला हर दिन पीना शुरू कर देती है और रुक सकती नहीं है। शराब का खुराक धीरे-धीरे बढ़ता है। - अल्कोहल पर लगातार निर्भरता है। रोग निश्चित रूप से बनाया गया है। पहले चरण में, जब तक अल्कोहल में शामिल नहीं किया गया थादैनिक आदत और आवश्यकता, अल्कोहल पर निर्भरता को दूर करने के लिए एक महिला अकेले हो सकती है। अगर वह अकेले सामना नहीं कर सकती है, तो दूसरों की मदद महत्वपूर्ण है, लेकिन उनकी निंदा नहीं। लेकिन यदि शराब पहले से ही एक विकसित बीमारी है, तो इस मामले में एक महिला के लिए उसकी नशे की लत से छुटकारा पाने में बहुत मुश्किल होती है। इस मामले में, एक नशीविज्ञानी और मनोवैज्ञानिक की मदद की आवश्यकता है। अगर उसकी पत्नी पीना शुरू कर देती है तो आदमी को क्या करना चाहिए? अगर एक महिला अपने पति के साथ क्या करती है या पीती हैबच्चों? सबसे पहले, आपको यह याद रखना होगा कि शराब का परिणाम एक परिणाम है, इसलिए आपको अल्कोहल में लत का कारण ढूंढना होगा। यदि यह नकारात्मक कारक समाप्त हो गया है या इसका सामना करने में मदद मिली है, तो एक महिला खुद शराब छोड़ने में सक्षम होगी। अगर पति / पत्नी नहीं जाती हैस्पष्ट बातचीत, उसके दोस्तों या परिचितों पर सवाल उठाए जाते हैं। जब एक महिला हर दिन पीती है, तो एक आदमी को उसके बारे में बात करने की ज़रूरत होती है, शराब उसे कैसे प्रभावित करती है। कभी-कभी पति / पत्नी को अल्कोहल छोड़ने के लिए यह एक भारी तर्क है। आप और क्या कर सकते हैंः - घर पर पार्टी की व्यवस्था न करने और पार्टी में एक दावत से बचने की कोशिश न करें। - पंजीकरण करने के लिए एक महिला को प्रेरित करें और अज्ञात शराबियों पर जाएं। - उपस्थिति में अल्कोहल न पीने का प्रयास करेंपत्नी। एक राय है कि इस तरह एक व्यक्ति एक शराब पीने वाले शराब पीने से कम करता है। लेकिन ऐसा नहीं है। सबसे पहले, शराबियों को अक्सर एक कंपनी की आवश्यकता होती है, और पत्नी केवल अपने पति से जुड़ने में खुश होगी। दूसरा, शराब तेजी से खत्म हो जाएगा, जिसका मतलब है कि एक महिला बड़ी मात्रा में इसे खरीद लेगी। पेय पदार्थों के संयुक्त पीने से परिवार में बड़े पैमाने पर शराब का कारण बन सकता है। कभी-कभी बच्चे टेबल में शामिल होते हैं। - जब एक औरत पीती है, तो आप उसे घोटाला नहीं कर सकते और हमले में संलग्न नहीं हो सकते हैं। यह केवल उसे बोतल डालने का एक अतिरिक्त कारण देगा। महिला एक बार फिर "शराब में पहाड़ डूबने" की कोशिश करेगी। - शराब निर्भरता के लिए आप उसे दोष नहीं दे सकते। वह पीता है कि वह क्यों पीता है, और उसे समस्या से निपटने के लिए आमंत्रित करने के लिए जरूरी है। जबरदस्ती शराब महिला छोड़ने के लिए मजबूर करेंयह तब तक असंभव है जब तक वह स्वयं ऐसी इच्छा व्यक्त नहीं करती। एक आदमी केवल यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर सकता है कि पति स्वेच्छा से व्यसन से छुटकारा पाएं। अक्सर बच्चे एक बड़ा प्रोत्साहन होते हैं। हर महिला अपनी आंसूदार इच्छाओं को खड़ा नहीं करेगी। बीयर शराब एक अलग प्रजाति हैरोग। बीयर पीते महिलाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है, क्योंकि यह कम अल्कोहल वाला पेय है, और शरीर को कोई नुकसान नहीं होता है। लेकिन यह एक धोखाधड़ी राय है। यदि कभी-कभी बियर पीने के लिए, यह स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता है। लेकिन यह एक चालाक पेय है, जल्दी नशे की लत। बियर पर निर्भरता में, ज्यादातर शर्मीली और शर्मीली महिलाएं जिनके पास कोई समस्या आती है। इस तरह के शराबियों की मजबूत इच्छा वाली महिलाओं में व्यावहारिक रूप से कोई नहीं है। बीयर शराब के शुरुआती संकेतः - एक दिन पीने के एक लीटर से अधिक पीते हैं; - बियर के बिना आराम करो और आराम करो; - एक महिला को तब तक गुस्सा और जलन महसूस होती है जब तक वह शराब नहीं पीती; - सुबह के सिरदर्द दिखाई देते हैं, जो बीयर पीने के बाद गायब हो जाते हैं; - इस पेय के बिना, एक शांतिपूर्ण और ध्वनि नींद असंभव हो जाती है। धीरे-धीरे, महिला एक बीयर की लत में पड़ जाती है,लेकिन इसकी गहराई की सराहना नहीं कर सकते। महिला की उपस्थिति बदतर के लिए बदल रही है, झुर्रियाँ दिखाई देती हैं, त्वचा उम्र बढ़ने लगती है। चेहरे और शरीर पर फुंसियां देखी जाती हैं। इसके विपरीत, पैर बहुत पतले हो जाते हैं। होंठों पर छाले पड़ जाते हैं। चेहरा सूजने लगता है। होठों पर और छाती पर बालों का विकास शुरू हो सकता है। शराब की एक छोटी खुराक वाले पेय से गंभीर नशा नहीं होता है। इसलिए, कोई भी खुद को शराबी नहीं मानता, भले ही कोई महिला बीयर पीती हो हर दिन इस मामले में क्या करना है? किसी भी प्रकार के शराब के उपचार के लिए, मानक तरीकों और तैयारी का उपयोग किया जाता है। दवा उपचार क्लीनिकों पर जाने के बाद रोगियों का सबसे तेजी से प्रभाव देखा गया। पीने वाली महिलाओं की तस्वीरें प्रतिकारक दिखती हैं। कई महिलाएं, यह महसूस करते हुए कि वे शराब की आदी हैं, का इलाज किया जाने लगा है। लेकिन ज्यादातर मामलों में, कोई भी शराबी इस तरह के निदान से सहमत नहीं होगा। यदि कोई व्यक्ति अपने आप को रोक नहीं सकता है, तो उसे उपचार के लिए एक दवा उपचार क्लिनिक में भेजा जाता है। लेकिन अक्सर पति और बच्चे किसी महिला को मना नहीं सकतेइस संस्था में जाओ। इस मामले में, एक मनोचिकित्सक की मदद आवश्यक है। वह ऐसा करने में सक्षम होगा जो उसके रिश्तेदार और दोस्त सफल नहीं हुए - उन्हें एक विशेष क्लिनिक या ड्रग उपचार केंद्र में उपचार के लिए सहमत होने के लिए राजी करने में। निर्भरता से छुटकारा पाना उन कारणों को खोजने और खत्म करने से शुरू होता है जो इस बीमारी का कारण बने। एक प्रभावी विधि एक नाकाबंदी है जिसके दौरानशरीर को एक दवा के साथ इंजेक्ट किया जाता है जो हर बार एक मादक शराब पीने की कोशिश करने पर मतली और उल्टी का कारण बनता है। विधि एक निश्चित अवधि के लिए वैध है। लेकिन इस समय के दौरान, रोगी के पास पहले से ही अपने शांत राज्य के लाभों की तुलना करने का अवसर होता है। इसलिए, नाकाबंदी की आवश्यकता शायद ही कभी होती है। बिना नशा या क्लीनिक में शराबी को जगह देनाउसकी सहमति असंभव है। इस मामले में, उपचार घर पर होता है। द्वि घातुमान दवा से बाहर निकलने की सुविधा के लिए मेडिह्रोनल और अल्कज़ेलज़र निर्धारित हैं। उपकरण काफी महंगे हैं, लेकिन अभी तक घरेलू उत्पादन के कोई एनालॉग नहीं हैं। शराब की लालसा को कम करने के लिए"Proproten -एक सौ।" यह घरेलू उत्पादन की एक दवा है, जो आंशिक रूप से शराब पर निर्भरता को हटा देती है। दुर्लभ मामलों में, दवा पूरी तरह से शराब को खत्म करती है। "प्रोप्रोटीन -एक सौ" के विदेशी एनालॉग हैं, लेकिन वे अभी तक रूस में आयात नहीं किए गए हैं। अलग-अलग दवाएं हैं जो पैदा करती हैंशराब की असहिष्णुता - "ओफोरल", "टेटौरम", "लिडविन"। जब मादक पेय पदार्थों के साथ एक साथ लिया जाता है, तो एक व्यक्ति मतली, उल्टी और सिरदर्द विकसित करता है। दिल की धड़कन देखी। ऐसी दवाओं की मदद से नाकाबंदी की जाती है। अगर एक महिला पीती है, और पति उसे मनाने में कामयाब रहेलत छोड़ दे, उसकी मदद चाहिए। इस मामले में, अस्पताल में भर्ती होना आवश्यक नहीं है। लेकिन पुनर्वास में लंबा समय लगेगा। सभी मादक पेय घर से हटा दिए जाते हैं। इसे उसकी पत्नी के अनुरोध पर नहीं खरीदा जा सकता है। पति को अपनी कंपनी नहीं रखनी चाहिए। आपको जाने से बचना चाहिए। पति या पत्नी के लिए, पति दूसरों से पूर्ण अलगाव की अवधि बनाता है। आपको किसी भी मेहमान को अस्थायी रूप से मना करने की आवश्यकता है जो मादक पेय के साथ आ सकते हैं। कमरे दैनिक रूप से प्रसारित किए जाते हैं। ताजा हवा को मस्तिष्क की कोशिकाओं में लगातार प्रवाहित होना चाहिए। शराब के उपचार की अवधि के दौरान एक महिला नहीं कर सकती हैतनाव, झटके, किसी भी नकारात्मक भावनाओं का अनुभव करना। सभी घरेलू घोटालों पर प्रतिबंध है। एक ही समय में, एक नशा विशेषज्ञ आवश्यक दवाओं और अतिरिक्त लोक उपचार निर्धारित किया जाता है। यहां तक कि अगर एक महिला केवल शराब पीती है, तो यह नहीं हैइसका मतलब है कि वह शराबी नहीं बनेगी। प्रारंभिक चरण में, ज्यादातर महिलाओं को यकीन है कि एक गिलास हल्के शराब युक्त पेय एक नशे की उपस्थिति का कारण नहीं होगा। लेकिन यह एक गलत धारणा है। दरअसल, कई महिलाएं केवल वाइन या शराब ही पीती हैं। उन लोगों के लिए जो समय पर रुक सकते हैं और केवल समय-समय पर पेय का सेवन करते हैं, यह सुरक्षित है। लेकिन जोखिम में अभी भी ऐसी महिलाएं हैं। एक महिला एक दिन में दो सौ-चार सौ मिली वाइन पी सकती है।रात के खाने के लिए। कुछ वर्षों के बाद, लंच ब्रेक के दौरान पेय का उपयोग करने की इच्छा होती है। समय के साथ, थोड़ा पीने की इच्छा सुबह में पहले से ही प्रकट होती है। यह एक हैंगओवर द्वारा उचित है। पीने के बाद, महिला बेहतर महसूस करती है। अनिद्रा के लक्षण हैं, और महिला रात में "अच्छी नींद के लिए" शराब डालती है। यह सुबह की शराबखोरी शराबबंदी का पहला संकेत है। फिर शराब एक महिला के जीवन में कब्जा करना शुरू कर देती हैतेजी से बड़ी जगह। वह दूसरों के प्रति उदासीन हो जाता है, यहां तक कि करीबी लोग भी। कम से कम शराब की बोतल के बिना, यह अब काम नहीं कर सकता है। स्वास्थ्य समस्याएं शुरू हो जाती हैं। एक महिला आकर्षण खो देती है और शरीर का तेजी से बूढ़ा होना देखा जाता है। यह मुख्य रूप से चेहरे पर परिलक्षित होता है। महिलाएं थोड़ी मात्रा में सेवन कर सकती हैंशराब, यदि आप समय में बंद कर देते हैं। एक गिलास शराब, एक गिलास वोदका या एक सौ ग्राम ब्रांडी, स्वास्थ्य के लिए नुकसान नहीं पहुंचाएगा, अगर नशे में है। शराब की लालसा के पहले संकेतों पर, एक महिला को शराब के उपयोग में तेजी से खुद को सीमित करना चाहिए। यदि वह पूरी तरह से शराब नहीं छोड़ने वाली है, तो कम से कम इसके उपयोग को कुछ समय के लिए बाधित करना आवश्यक है। महिला रोजाना और बड़े पैमाने पर शराब पीती हैमात्रा, जो पहले से ही शराब से "बंधी" है, को "शराबी" का निदान मिलता है। इस तथ्य के बावजूद कि यह हल्के मादक पेय पदार्थों का सेवन करता है, समस्या का सार नहीं बदलता है। एक महिला शराब की आदी हो जाती है, और अपने दम पर इस आदत का सामना नहीं कर सकती है। परिवार में समस्याएं शुरू होती हैं, अवसाद दिखाई देता है, और स्वास्थ्य बिगड़ा हुआ है। चिकित्सीय उपायों के एक जटिल की मदद से विशेष क्लीनिक में शराबियों का उपचार सफलतापूर्वक किया जाता है। वे शामिल हैंः - दवा उपचार; - शराब के साथ जहर शरीर की शुद्धि; - मनोवैज्ञानिक मदद। चिकित्सा के दौरान, एक महिला cravings को दूर करने के लिए सीखती है।शराब के लिए। मनोवैज्ञानिक यह समझने में मदद करते हैं कि आप शराब के बिना जीवन की समस्याओं का सामना कर सकते हैं। थेरेपी की प्रभावशीलता महिला की शराब की लालसा से छुटकारा पाने की इच्छा की डिग्री पर निर्भर करती है। हालांकि, दबाव या खतरे के किसी भी तरीके को पूरी तरह से बाहर रखा गया है। एक महिला के साथ शराब पीने से कैसे रोकेंलोक तरीके? एक पुराना और बहुत प्रभावी उपाय है - हरे रंग की बग। उनसे मिलावट की जाती है। यह कीड़े के पंद्रह-तीस टुकड़ों से लिया जाता है, जो पाँच सौ मिलीलीटर वोदका से भरा होता है। द्रव दो से तीन दिनों से संक्रमित होता है। फिर शराबी को टिंचर दिया जाता है। शराब के लिए तरस के गायब होने के लिए पर्याप्त पचास ग्राम उपकरण। एकमात्र समस्या यह है कि हरे रंग की कीड़े की सही मात्रा को खोजने और पकड़ने के लिए बहुत समस्याग्रस्त है। एक और मूल तरीका शराबियों को देना हैमशरूम गोबर की एक डिश खाएं। अपने आप से, वे पूरी तरह से हानिरहित हैं। लेकिन जब शराब के साथ मशरूम का एक साथ सेवन किया जाता है, तो विषाक्तता के लक्षण दिखाई देते हैं। यह प्रभाव कई दिनों तक रहेगा। यह महिला को कम से कम द्वि घातुमान से बाहर निकलने में मदद करेगा। शराब की लत का इलाज नहीं, लेकिनसाधारण ग्रीन टी इसे कम करने में मदद करती है। यहां तक कि एक गर्भवती महिला भी इस पद्धति का उपयोग कर सकती है। लेकिन विधि त्वरित परिणाम नहीं देती है। जिस दिन एक महिला को कम से कम चार कप पेय पीना चाहिए। एक-दो महीनों के बाद, शराब की आवश्यकता काफी कम हो जाएगी। खुद महिला को शराब पीने से कैसे रोकें? इसके लिए आपसी सहायता समूह हैं। या एक महिला एक गुमनाम शराबी समाज में शामिल हो सकती है। पारस्परिक सहायता समूहों में, लत से छुटकारा पाने के लिए कोई विशेषज्ञ नहीं हैं। एक गुमनाम समाज में, समूह के सदस्यों को बस आवश्यक नैतिक समर्थन और संयम के लिए प्रेरणा मिलती है। शराबी महिलाएं लोगों से संवाद कर सकती हैंजो पहले ही इस मार्ग पर जा चुका है या उबर चुका है। ऐसे समूहों और समाजों के नियमित दौरे के बाद, रोगी अन्य लोगों के उदाहरणों से प्रेरित होते हैं। नतीजतन, महिला को घातक नशे का विरोध करने की इच्छा है। शराबी बेनामी कार्यक्रम के होते हैंबारह कदम। उनमें से प्रत्येक एक नई समस्या की मान्यता है, जिसमें से बहुत से लोग पीते हैं। नारकोलॉजिस्ट ऐसे समाजों पर संदेह करते हैं। फिर भी, कई महिलाएं और पुरुष एक शांत जीवन शैली का एक स्थिर परिणाम प्राप्त करने में सक्षम थे। लेकिन कभी-कभी इसमें सालों लग जाते हैं। |
यरुशलम। इजरायल ने घोषणा की है कि वह 1 मार्च से बिना टीकाकरण वाले सभी पर्यटकों के लिए सीमाएं खोल देगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और स्वास्थ्य मंत्री नित्जन होरोविट्ज ने रविवार को एक संयुक्त बयान में कहा, सभी पर्यटकों को दो पीसीआर टेस्ट करवाने होंगे, एक पहुंचने से पहले और दूसरा वहां पहुंचने के बाद टेस्ट करवाना होगा।
इजरायली नागरिकों के लिए विमान में चढ़ने से पहले एक एंटीजन टेस्ट लेने की आवश्यकता को रद्द कर दिया गया है। इसके बजाय आगमन पर केवल एक पीसीआर टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा।
हवाईअड्डे पर पीसीआर टेस्ट के निगेटिव रिपोर्ट के साथ बिना टीकाकरण वाले इजरायलियों को क्वारंटीन की आवश्यकता नहीं होगी।
बेनेट ने बयान में कहा, हम मोरबिडिटी के आंकड़ों में लगातार गिरावट देख रहे हैं।
उन्होंने कहा, फिलहाल इजरायल में स्थिति अच्छी है। यह सही और गतिशील प्रबंधन का परिणाम है।
वर्तमान में केवल टीकाकरण वाले पर्यटकों को ही देश में प्रवेश करने की अनुमति है।
इजरायल ने मार्च 2020 में विदेशी पर्याटकों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया और बाद में प्रतिबंधों में ढील दी। चूंकि 2021 के अंत में अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों का पता चला है, इसलिए प्रतिबंध फिर से लगा दिया गया था। (आईएएनएस)
| यरुशलम। इजरायल ने घोषणा की है कि वह एक मार्च से बिना टीकाकरण वाले सभी पर्यटकों के लिए सीमाएं खोल देगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और स्वास्थ्य मंत्री नित्जन होरोविट्ज ने रविवार को एक संयुक्त बयान में कहा, सभी पर्यटकों को दो पीसीआर टेस्ट करवाने होंगे, एक पहुंचने से पहले और दूसरा वहां पहुंचने के बाद टेस्ट करवाना होगा। इजरायली नागरिकों के लिए विमान में चढ़ने से पहले एक एंटीजन टेस्ट लेने की आवश्यकता को रद्द कर दिया गया है। इसके बजाय आगमन पर केवल एक पीसीआर टेस्ट करवाना अनिवार्य होगा। हवाईअड्डे पर पीसीआर टेस्ट के निगेटिव रिपोर्ट के साथ बिना टीकाकरण वाले इजरायलियों को क्वारंटीन की आवश्यकता नहीं होगी। बेनेट ने बयान में कहा, हम मोरबिडिटी के आंकड़ों में लगातार गिरावट देख रहे हैं। उन्होंने कहा, फिलहाल इजरायल में स्थिति अच्छी है। यह सही और गतिशील प्रबंधन का परिणाम है। वर्तमान में केवल टीकाकरण वाले पर्यटकों को ही देश में प्रवेश करने की अनुमति है। इजरायल ने मार्च दो हज़ार बीस में विदेशी पर्याटकों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया और बाद में प्रतिबंधों में ढील दी। चूंकि दो हज़ार इक्कीस के अंत में अत्यधिक संक्रामक ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामलों का पता चला है, इसलिए प्रतिबंध फिर से लगा दिया गया था। |
नयी दिल्ली, 31 दिसंबर सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग कंपनी भेल ने गुरुवार को बताया कि उसे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में जलविद्युत परियोजनाओं के लिए 3,200 करोड़ रुपये के ठेके मिले हैं।
कंपनी ने बताया कि आंध्र प्रदेश में 12 गुणा 80 मेगावाट की पोलावरम पनबिजली परियोजना के लिए ईएंडएम ठेका मिला है। आंध्र प्रदेश पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही पोलावरम परियोजना, आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में है।
Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
| नयी दिल्ली, इकतीस दिसंबर सार्वजनिक क्षेत्र की इंजीनियरिंग कंपनी भेल ने गुरुवार को बताया कि उसे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में जलविद्युत परियोजनाओं के लिए तीन,दो सौ करोड़ रुपये के ठेके मिले हैं। कंपनी ने बताया कि आंध्र प्रदेश में बारह गुणा अस्सी मेगावाट की पोलावरम पनबिजली परियोजना के लिए ईएंडएम ठेका मिला है। आंध्र प्रदेश पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा विकसित की जा रही पोलावरम परियोजना, आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है। |
बकिंघम पैलेस का नाम आपने कई बार सुना होगा। इसकी लोकप्रियता के कारण लोग इस पैलेस के बारे में सबसे ज्यादा सर्च करते हैं। यह लंदन में ब्रिटिश शासक का वो महल है, जहां क्वीन एलिजाबेथ रहती थी। इस जगह की यात्रा के बिना यूनाइटेड किंगडम की यात्रा अधूरी है। यहां के शाही क्वार्टर,आर्ट गैलेरी, हरे-भरे बगीचे और बहुत कुछ देखने लायक है। जानकारी और घूमने के लिहाज से पर्यटकों ने इस साल इस शाही महल के बारे में सबसे ज्यादा सर्च किया है।
बिग बेन लंदन का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। बिग बेन वेस्टमिंस्टर में क्लॉक टॉवर के अंदर बड़ी घंटी को दिया गया नाम है। बता दें कि यह दुनिया की सबसे बड़ी चार मुख मंडल वाली घड़ी है। इसकी एक्यूरेसी आज भी बरकरार है। यह लंदन के प्रतिष्ठित स्थलों में से एक है जो निश्चित रूप से लंदन के दर्शनीय स्थलों में शामिल है। इस घंटी की आवाज कई किलोमीटर तक गूंजती है।
आपने इस जगह की कई तस्वीरें देखी होंगी, लेकिन जब आप इसके सामने खड़े होते हैं तो यह अहसास सामान्य नहीं होता। यह मिस्त्र का सबसे बड़ा पिरामिड है और चौथे राजा फराओ खुफू का मकबरा भी। दुनिया के सात अजूबों में से गीजा पिरामिड सबसे पुराना है। यह पिरामिड 2560 ईसा पूर्व के आसपास बनवाया गया था। 6 वीं शताब्दी की शुरुआत में निर्मित, इस पिरामिड में 2. 3 मिलियन लाइमस्टोन्स ब्लॉक्स और ग्रेनाइट पत्थर लगे हैं। इस पिरामिड को बनने में 10 से 20 साल लगे थे। कहते हैं कि ये पिरामिड इतना बड़ा है, कि चांद से भी इसे देखा जा सकता है।
ये भी पढ़ें- भारत के इन रेलवे स्टेशनों पर भूलकर भी ना करें ट्रेन पकड़ने की गलती, गंदगी में हैं नीचे से एक नंबर!
इस साल घूमने के दीवाने लोगों ने सबसे ज्यादा लंदन का स्काई गार्डन सर्च किया है। यह गार्डन कांच के गुंबद की तरह दिखाई देता है, जिसके अंदर बेहद खूबसूरत गार्डन है। इस बगीचे को देखकर आपका दिल बाग बाग हो उठेगा। अपने खास आकार की वजह से इसे वॉकी टॉकी कहते हैं। अगर आप लंदन का खूबसूरत नजारा देखना चाहते हें तो वॉकी टॉकी की 43 वीं मंजिल पर जाएं, यहां की स्काई गार्डन गैलरी में जाएं। यहां पर कई पॉपुलर बार और रेस्टोरेंट्स भी हैं। एक रोमांटिक ईवनिंग के लिए यह जगह बहुत पॉपुलर है।
इंडोनेशिया का बाली शहर दुनियाभर के पर्यटकों की सबसे पसंदीदा जगह है। यहां का एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन तनात लोत पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। दरअसल, यह एक विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। बाली घूमने जाने वाले लोग इस मंदिर के बारे में काफी चीजें सर्च करते हैं। वास्तव में यह मंदिर अपनी सुंदरता और रचनात्मकता के लिए जाना जाता है। फोटोग्राफी के लिए तो यह मंदिर एकदम बेस्ट है।
| बकिंघम पैलेस का नाम आपने कई बार सुना होगा। इसकी लोकप्रियता के कारण लोग इस पैलेस के बारे में सबसे ज्यादा सर्च करते हैं। यह लंदन में ब्रिटिश शासक का वो महल है, जहां क्वीन एलिजाबेथ रहती थी। इस जगह की यात्रा के बिना यूनाइटेड किंगडम की यात्रा अधूरी है। यहां के शाही क्वार्टर,आर्ट गैलेरी, हरे-भरे बगीचे और बहुत कुछ देखने लायक है। जानकारी और घूमने के लिहाज से पर्यटकों ने इस साल इस शाही महल के बारे में सबसे ज्यादा सर्च किया है। बिग बेन लंदन का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। बिग बेन वेस्टमिंस्टर में क्लॉक टॉवर के अंदर बड़ी घंटी को दिया गया नाम है। बता दें कि यह दुनिया की सबसे बड़ी चार मुख मंडल वाली घड़ी है। इसकी एक्यूरेसी आज भी बरकरार है। यह लंदन के प्रतिष्ठित स्थलों में से एक है जो निश्चित रूप से लंदन के दर्शनीय स्थलों में शामिल है। इस घंटी की आवाज कई किलोमीटर तक गूंजती है। आपने इस जगह की कई तस्वीरें देखी होंगी, लेकिन जब आप इसके सामने खड़े होते हैं तो यह अहसास सामान्य नहीं होता। यह मिस्त्र का सबसे बड़ा पिरामिड है और चौथे राजा फराओ खुफू का मकबरा भी। दुनिया के सात अजूबों में से गीजा पिरामिड सबसे पुराना है। यह पिरामिड दो हज़ार पाँच सौ साठ ईसा पूर्व के आसपास बनवाया गया था। छः वीं शताब्दी की शुरुआत में निर्मित, इस पिरामिड में दो. तीन मिलियन लाइमस्टोन्स ब्लॉक्स और ग्रेनाइट पत्थर लगे हैं। इस पिरामिड को बनने में दस से बीस साल लगे थे। कहते हैं कि ये पिरामिड इतना बड़ा है, कि चांद से भी इसे देखा जा सकता है। ये भी पढ़ें- भारत के इन रेलवे स्टेशनों पर भूलकर भी ना करें ट्रेन पकड़ने की गलती, गंदगी में हैं नीचे से एक नंबर! इस साल घूमने के दीवाने लोगों ने सबसे ज्यादा लंदन का स्काई गार्डन सर्च किया है। यह गार्डन कांच के गुंबद की तरह दिखाई देता है, जिसके अंदर बेहद खूबसूरत गार्डन है। इस बगीचे को देखकर आपका दिल बाग बाग हो उठेगा। अपने खास आकार की वजह से इसे वॉकी टॉकी कहते हैं। अगर आप लंदन का खूबसूरत नजारा देखना चाहते हें तो वॉकी टॉकी की तैंतालीस वीं मंजिल पर जाएं, यहां की स्काई गार्डन गैलरी में जाएं। यहां पर कई पॉपुलर बार और रेस्टोरेंट्स भी हैं। एक रोमांटिक ईवनिंग के लिए यह जगह बहुत पॉपुलर है। इंडोनेशिया का बाली शहर दुनियाभर के पर्यटकों की सबसे पसंदीदा जगह है। यहां का एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन तनात लोत पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। दरअसल, यह एक विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। बाली घूमने जाने वाले लोग इस मंदिर के बारे में काफी चीजें सर्च करते हैं। वास्तव में यह मंदिर अपनी सुंदरता और रचनात्मकता के लिए जाना जाता है। फोटोग्राफी के लिए तो यह मंदिर एकदम बेस्ट है। |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
आप जितना ज्यादा हो सके उतना पानी पीएं। पानी से आपको फेट कटता है। पर इस बात का ध्यान रखें कि आप अपने खाने के साथ किसी तरह का कोई समझोता ना करें। ऎसा करने से आपको कमजोरी महसूस हो सकती है।
| आप जितना ज्यादा हो सके उतना पानी पीएं। पानी से आपको फेट कटता है। पर इस बात का ध्यान रखें कि आप अपने खाने के साथ किसी तरह का कोई समझोता ना करें। ऎसा करने से आपको कमजोरी महसूस हो सकती है। |
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का शनिवार को जिला शिमला के रामपुर बुशैहर स्थित उनके पैतृक स्थान पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, वन मंत्री राकेश पठानिया, भाजपा एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों के हजारों लोगों ने वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। वीरभद्र सिंह ने 8 जुलाई, 2021 को प्रातः शिमला के आईजीएमसी में अंतिम सांस ली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने 50 वर्षों से अधिक लम्बे राजनीतिक जीवन में हिमाचल प्रदेश के विकास और राज्य के लोगों के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने छह बार मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का नेतृत्व किया और कई बार केन्द्रीय मंत्री के रूप में भी अपनी बहुमूल्य सेवाएं दीं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह के दिए योगदान को राज्य के लोग सदैव याद रखेंगे।
| पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का शनिवार को जिला शिमला के रामपुर बुशैहर स्थित उनके पैतृक स्थान पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर, शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, वन मंत्री राकेश पठानिया, भाजपा एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों के हजारों लोगों ने वीरभद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। वीरभद्र सिंह ने आठ जुलाई, दो हज़ार इक्कीस को प्रातः शिमला के आईजीएमसी में अंतिम सांस ली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने अपने पचास वर्षों से अधिक लम्बे राजनीतिक जीवन में हिमाचल प्रदेश के विकास और राज्य के लोगों के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने छह बार मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का नेतृत्व किया और कई बार केन्द्रीय मंत्री के रूप में भी अपनी बहुमूल्य सेवाएं दीं। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह के दिए योगदान को राज्य के लोग सदैव याद रखेंगे। |
लैटिन अमेरिका में फुटबॉल सामूहिक पहचान का एक बुनियादी प्रतीक बना हुआ है। फुटबॉल खेलने का अंदाज़, अपने होने का तरीका है जो हरेक समुदाय की अनोखी बनावट को उजागर करता है और उसके अनोखेपन के अधिकार की तस्दीक करता है। इस महाद्वीप का हर देश फुटबॉल खेलने के अपने अलग-अलग अंदाज के लिए जाना जाता है।
प्रख्यात लैटिन अमेरिकी लेखक एदुआर्दो गालियानो ने इस महाद्वीप के फुटबॉल के बारे में कहा था " मुझे बताओ कि तुम कैसे खेलते हो और मैं तुम्हें बता दूंगा की तुम कौन हो।" लैटिन अमेरिका में फुटबॉल एक कला में तब्दील हो चुका है। इस कला को ब्राजील के पेले और अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना ने जो ऊंचाई प्रदान की उसकी दूसरी मिसाल नहीं मिलती। लेकिन विभिन्न देशों की कलात्मक पहचान को फुटबॉल में आई नई तब्दीलियां बदल रही हैं।
फुटबॉल के खेल में कला के बजाए जैसा की गालियानो ने कहा था "यह खेल एक तमाशा हो गया है। यह तमाशा दुनिया का सबसे मुनाफादेह कारोबार बन गया है, जिसका ताना-बाना खेल को मुमकिन बनाने के लिए नहीं बल्कि इसमें रुकावट पैदा करने के लिए बना है। पेशेवर खेल की तकनीकी नौकरशाही ने बिजली जैसी तेजी और क्रूर ताकत को फुटबॉल पर थोपने में कामयाबी हासिल की है, एक ऐसा फुटबॉल जो खुशियों को नकारता है, कल्पनाओं को हत्या करता है और जुर्रत करने वालों को गैरकानूनी ठहराता है।"
लेकिन माराडोना फुटबॉल में खुशी, कल्पना और जुर्रत करने की संभावना के प्रतीक पुरुष बन चुके थे। फुटबॉल के खेल से लेकर राजनीति विचारों तक में जुर्रत करने की हिमाकत का नाम है माराडोना। एक फुटबॉल खिलाड़ी के रूप में उन्होंने फीफा में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर आवाज उठाया और फीफा को ' माफिया' तक कहने की जुर्रत दिखाई।
उन्होंने फुटबॉल खिलाड़ियों का यूनियन बनाने के लिए अथक संघर्ष किया। नब्बे के दशक में माराडोना ने अन्य प्रमुख सितारों के साथ मिलकर " इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल फुटबॉल प्लेयर्स " की स्थापना की ताकि इन खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा हो सके। सन 2000 में माराडोना की आत्मकथा प्रकाशित हुई जिसका नाम "आई एम डियागो" था। माराडोना फुटबॉल के मैदानों की तरह राजनीति में भी वामपंथी राजनीति के खुले समर्थक थे।
यह महज संयोग ही कहा जायगा कि जिस दिन यानी 25 नवम्बर को डिएगो माराडोना की मृत्यु हुई उसके ठीक चार वर्ष पूर्व क्यूबा के क्रांतिकारी नेता व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो की मृत्यु हो गयी थी। माराडोना फिडल कास्त्रो को अपना दूसरा पिता (second father) मानते थे।
फिदेल को वह अपना पिता इसलिए भी मानते थे क्योंकि उन्हें दूसरा जीवन क्यूबा में मिला। जब ड्रग्स और अल्कोहल की लत पड़ जाने के कारण उनका स्वास्थ्य गिरता जा रहा था ऐसे वक्त में फिदेल ने हस्तक्षेप कर उनका क्यूबा में इलाज करवाया। परिणामस्वरूप धीरे- धीरे उनके स्वास्थ्य में सुधार होता गया। इसी वजह से फिदेल के निधन पर मारोडोना दुख प्रकट करते हुए कहा " वे मेरे लिए पिता के समान थे। उन्होंने अपने क्यूबा का दरवाजा मेरे लिए तब खोल दिया था जब अर्जेंटीना उसे बन्द कर रहा था।"
खेल की दुनिया को नज़दीक से जानने वाले लोग ये मानते हैं कि ग़रीब घर से आने वाले माराडोना जैसे मशहूर खिलाड़ियों को नशे की और ले जाने में एक ख़ास तरह गैंग और नेटवर्क भी ऑपरेट करता है। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का इसी वजह से असमय सितारा डूब चुका है। माराडोना पहली बार फिदेल से 1987 में फुटबाल विश्व कप विजय के एक साल बाद मिले थे। उस वक्त वे अपनी प्रसिद्धि के शिखर पर थे।
उनकी यह मुलाकात एक आत्मीय रिश्ते में बदल गयी और यह रिश्ता उस समय और गहरा हो गया जब वे साल 2000 में लंबे समय तक नशा मुक्ति केन्द्र में रहे जहां उनका इलाज चला। वे दिल की बीमारी और कोकीन की लत के कारण लगभग मरने के कागार पर पहुंच गये थे। तब फिदेल और क्यूबा ने उन्हें इस तकलीफ से निजात दिलायी, यह चार साल का लंबा समय था जिसमें फिदेल उनकी सहायता के लिए आगे आये। क्यूबा ने उनके लिए तब दरवाजे खोले जब उनके अपने देश के अस्पतालों के दरवाजे उनके लिए बंद हो गये थे, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि माराडोना की मृत्यु उनके क्लिनिक में हो जाए। जब 25 नवंबर 2016 को फिदेल इस दुनिया से चले गये तो माराडोना बुरी तरह टूट गये और उन्होंने स्वयं स्वीकारा की वे अपने पिता की मौत के बाद दूसरी बार इतना अधिक टूटे थे कि उनके खुद के आंसूओं पर उनका बस नहीं रहा था।
माराडोना के फिदेल के प्रति प्रेम को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु से उनकी मुलाकात से समझा जा सकता है। जब माराडोना 2008 में भारत आए तो उन्हें देखने के लिए पूरा कलकत्ता उमड़ पड़ा। जगह-जगह उन के कटआउट लगाए गए।
संयोग से उनके स्वागत समारोह में ज्योति बसु उनके साथ मंच साझा नहीं कर पाए तो माराडोना ने उनके घर जाकर उनसे मुलाकात की और कहा " फिदेल आपको अपना नजदीकी मानते हैं। मैं फिदेल के प्रति काफी सम्मान रखता हूँ। इस लिहाज से मैं आपके प्रति भी मैं वैसी ही निकटता महसूस करता हूँ।"
फिदेल कास्त्रो और चे-ग्वेरा दोनों द्वारा दुनिया को बदलने के लिए संघर्ष मारोडोना को आकर्षित करती थी। इन दो महान क्रांतिकारियों का टैटू माराडोना के हाथ और पैर पर अंकित था। चेग्वेरा तो माराडोना के हमवतन भी थे। चेग्वेरा के अर्जेंटीना से क्यूबा जाकर फिदेल कास्त्रो के साथ मिलकर क्रान्ति सम्पन्न करने और फिर बोलीविया में अकेले ही उनका रोमांचकारी अभियान और शहादत पूरे लैटिन अमेरिकी महादेश में लोकाख्यान का दर्जा पा चुका है।
इन दोनों क्रांतिकारियों के प्रति सम्मान का कारण था कि ये दोनों अमेरिका की साम्राज्यवादी नीतियों का विरोध करते थे। माराडोना जितने बड़े फुटबाल खिलाड़ी से उतने ही बड़े व प्रबल अमेरिकी साम्राज्यवाद के आलोचक भी थे। अमेरिकी साम्राज्यवाद के संबन्ध में माराडोना ने चावेज के साथ एक टेलीविजन साक्षात्कार के दौरान कहा था " वे अमेरिका से बेइन्तहा नफरत करते हैं और अमेरिका से आना वाला कुछ भी उन्हें मंजूर नहीं है। और मैं इसे पूरी ताकत से नफरत करता हूं।"
माराडोना ने जार्ज बुश के दूसरी बार चुने जाने पर उनकी सार्वजनिक रूप से आलोचना की और बुश को एक 'फ्रॉड 'और 'मियामी का एक आतंकी माफिया' तक कह डाला था। माराडोना ने दुनिया भर की और विशेषकर लैटिन अमेरिका की वामरुझानों वाली प्रगतिशील और समाजवादी सरकारों का खुले रूप में समर्थन किया करते थे।
फिलीस्तीन के मुद्दे पर समर्थन करते हुए उन्होंने कहा " मैं अपने हृदय से फिलीस्तीन के साथ हूँ। " साथ में यह भी जोड़ा " मैं फिलीस्तीनी जनता के हितों के रक्षक हूँ। मैं उनका सम्मान करता हूँ, उनके प्रति सहानुभति रखता हूं। मैं बिना डरे फिलीस्तीन के साथ खड़ा हूँ।"
चे और फिदेल के अतिरिक्त लैटिन अमेरीका के प्रगतिशील राष्ट्रपति जिसमें वेनेजुएला के ह्यूगो चावेज और बोलीविया के इवो मोरालेस के काफी निकटवर्ती मित्र थे। चावेज के संबन्ध में उन्होंने कहा था" मैं ह्यूगो चावेज पर यकीन करता हूँ। मैं चाविस्ता हूँ। मेरे दृष्टिकोण से, चावेज और फिदेल, जो भी करते हैं वो सर्वोत्तम होता है।"
माराडोना वामपंथी राजनीति के प्रति खुलकर अपनी प्रतिबद्धता का इजहार करते रहे थे। माराडोना कहा करते " हमें खरीदा नहीं जा सकता क्योंकि हम वामपन्थी हैं। हम वामपन्थी हैं अपने पैरों में, हम वामपंथी हैं अपने हाथों से, हम अपने दिमाग से वामपंथी हैं। इसे लोगों को जानना चाहिए। हम सच कहते हैं और समानता की चाहत रखते हैं। हम नहीं चाहते कि यांकी ( अमेरिका) का झंडा हमारे ऊपर थोपा जाए।"
माराडोना का जन्म अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स की झुग्गी बस्ती में एक कारखाना मजदूर के घर में पैदा हुआ था । 30 अक्टूबर 1960 को अर्जेन्टीना की गरीब मजदूर बस्ती में जन्मे आठ भाई बहनों में पांचवे डिएगो माराडोना को बचपन से ही फुटबाल से बेहद लगाव था। उन्होंने स्थानीय लीग में 15 वर्ष की उम्र में खेलना शुरू किया परंतु किसी तरह वे 1978 की विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बनने से रह गये थे और 1982 में बीमारी के कारण विश्व कप नहीं खेल सके थे।
परंतु 1984 तक उन्होंने वापसी की और नापोली टीम ने उन्हें अपना हिस्सा बनाने के लिए 7.5 मिलियन डॉलर का उस समय एक रिकॉर्ड कान्ट्रेक्ट किया। अपने कौशल से माराडोना ने नापोली को दो बार इटली की खिताब विजेता टीम बना डाला। माराडोना और नापोली के रिश्ते को उनके प्रतिद्वंदी भी याद करते हैं। नापोली दक्षिणी इटली का पिछड़ा इलाका है, लेकिन नापोली की पूरी पहचान माराडोना के इर्द-गिर्द है। इस क्लब से जब माराडोना जुड़े तो इसका प्रभाव बहुत ही व्यापक था। यहां के लोगों की सफलता और उम्मीद को जगाने में माराडोना की अहम भूमिका थी। माराडोना ने 491 मैचों में कुल 259 गोल दागे थे । अपने देश अर्जेंटीना के लिए उन्होंने 91 मैच खेले जिसमें 34 गोल दागे। हमेशा 10 नम्बर की जर्सी पहनने के कारण माराडोना " EI 10" के नाम से चर्चित थे।
अर्जेंटीना को 1986 में पश्चिम जर्मनी की सशक्त टीम को हराकर विश्व फुटबाल कप में विजेता बनाया। इस पूरे टूर्नामेंट में वह मात्र दो गोल ही कर पाए। एक इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल विवादित गोल जिसे "हैंड आफ गाड' के नाम से विश्वप्रसिद्ध है जबकि दूसरा फाइनल में पश्चिम जर्मनी के खिलाफ। इस प्रकार वह दुनिया के फुटबाल प्रेमियों के एक प्रेरणाश्रोत बने। दुनिया में बहुत सारे लोग यह भी मानते हैं कि वह अबतक दुनिया में सबसे श्रेष्ठ फुटहाल खिलाड़ी है। दुनिया भर के उनके चाहने वालों ने उन्हें 2000 का फीफा शताब्दी ऑवार्ड सर्वाधिक वोट के साथ दिलवाया और इस ऑवार्ड के लिए की गयी वोटिंग में महान पेले के बाद माराडोना दूसरे स्थान पर थे।
पेले या माराडोनाः कौन बड़ा खिलाड़ी?
आखिर पेले और माराडोना में कौन ज्यादा बड़ा खिलाड़ी था। इसे लेकर दोनों के मध्य एक अंदरूनी प्रतियोगिता चला करती थी। यह एक ऐसी प्रतिद्वंद्विता थी जिसमें फीफा ने पक्ष लेने से इनकार कर दिया था। 20 वीं सदी के सबसे महान खिलाड़ी पेले को विशेषज्ञों ने, तो माराडोना को, ऑनलाइन वोटिंग के माध्यम से आम जनता ने चुना।
तीन बार के विश्वकप विजेता पेले के संबन्ध में विचार व्यक्त हुए एक इंटरव्यू में माराडोना ने कहा " आखिर कुल 1281 गोल किसके ख़िलाफ़ बनाये ? किसके विरुद्ध आपने गोल किये? अपने घर के आंगन और उसके पीछे के भतीजों के विरुद्ध?" लेकिन इस प्रतियोगिता के पीछे एक दूसरे के प्रति प्रशंसा भी थी।
जब माराडोना की मृत्यु हुई तो 80 वर्षीय पेले ने कहा " मैंने अपना प्रिय मित्र खो दिया और दुनिया ने एक लीजेंड को " साथ में यह भी कहा " मैं उम्मीद करता हूँ कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब हमदोनों आसमान में फुटबॉल खेलेंगे।"
गालियानो ने फुटबॉल में अनोखपन को समाप्त कर एक खास किस्म के फुटबॉल ( कला की जगह ताकत व क्रूरता) को थोपने की कोशिश के खतरे के संबन्ध में आगाह किया था " अनेक बरसों से फुटबॉल अलग-अलग अंदाज में खेला जाता रहा है, हरेक इंसान की शख्सीयत की अनोखी अभिव्यक्ति और इस फर्क को, अलग-अलग खासियतों को बचाकर रखना मुझे पहले के किसी दौर के मुकाबले आज ज्यादा जरूरी मालूम होता है। यह फुटबॉल में और बाकी सभी चीजों में थोपी गई हमशक़्ली का वक्त है। "
डिएगो माराडोना फुटबॉल के साथ साथ खेल के साथ राजनीति में इस 'थोपी गई हमशक्ली' के प्रतिपक्ष की तरह खड़े नजर आते हैं। इसलिए दुनिया भर के न सिर्फ खेलप्रेमियों बल्कि दुनिया को बेहतर बनाने की कोशिशों में लोगों को ये एहसास हुआ कि उन्होंने अपना एक हमदर्द खो दिया है।
(अनीश अंकुर, पटना स्थित स्वतंत्र पत्रकार हैं। विचार व्यक्तिगत हैं।)
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| लैटिन अमेरिका में फुटबॉल सामूहिक पहचान का एक बुनियादी प्रतीक बना हुआ है। फुटबॉल खेलने का अंदाज़, अपने होने का तरीका है जो हरेक समुदाय की अनोखी बनावट को उजागर करता है और उसके अनोखेपन के अधिकार की तस्दीक करता है। इस महाद्वीप का हर देश फुटबॉल खेलने के अपने अलग-अलग अंदाज के लिए जाना जाता है। प्रख्यात लैटिन अमेरिकी लेखक एदुआर्दो गालियानो ने इस महाद्वीप के फुटबॉल के बारे में कहा था " मुझे बताओ कि तुम कैसे खेलते हो और मैं तुम्हें बता दूंगा की तुम कौन हो।" लैटिन अमेरिका में फुटबॉल एक कला में तब्दील हो चुका है। इस कला को ब्राजील के पेले और अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना ने जो ऊंचाई प्रदान की उसकी दूसरी मिसाल नहीं मिलती। लेकिन विभिन्न देशों की कलात्मक पहचान को फुटबॉल में आई नई तब्दीलियां बदल रही हैं। फुटबॉल के खेल में कला के बजाए जैसा की गालियानो ने कहा था "यह खेल एक तमाशा हो गया है। यह तमाशा दुनिया का सबसे मुनाफादेह कारोबार बन गया है, जिसका ताना-बाना खेल को मुमकिन बनाने के लिए नहीं बल्कि इसमें रुकावट पैदा करने के लिए बना है। पेशेवर खेल की तकनीकी नौकरशाही ने बिजली जैसी तेजी और क्रूर ताकत को फुटबॉल पर थोपने में कामयाबी हासिल की है, एक ऐसा फुटबॉल जो खुशियों को नकारता है, कल्पनाओं को हत्या करता है और जुर्रत करने वालों को गैरकानूनी ठहराता है।" लेकिन माराडोना फुटबॉल में खुशी, कल्पना और जुर्रत करने की संभावना के प्रतीक पुरुष बन चुके थे। फुटबॉल के खेल से लेकर राजनीति विचारों तक में जुर्रत करने की हिमाकत का नाम है माराडोना। एक फुटबॉल खिलाड़ी के रूप में उन्होंने फीफा में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ जमकर आवाज उठाया और फीफा को ' माफिया' तक कहने की जुर्रत दिखाई। उन्होंने फुटबॉल खिलाड़ियों का यूनियन बनाने के लिए अथक संघर्ष किया। नब्बे के दशक में माराडोना ने अन्य प्रमुख सितारों के साथ मिलकर " इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ प्रोफेशनल फुटबॉल प्लेयर्स " की स्थापना की ताकि इन खिलाड़ियों के अधिकारों की रक्षा हो सके। सन दो हज़ार में माराडोना की आत्मकथा प्रकाशित हुई जिसका नाम "आई एम डियागो" था। माराडोना फुटबॉल के मैदानों की तरह राजनीति में भी वामपंथी राजनीति के खुले समर्थक थे। यह महज संयोग ही कहा जायगा कि जिस दिन यानी पच्चीस नवम्बर को डिएगो माराडोना की मृत्यु हुई उसके ठीक चार वर्ष पूर्व क्यूबा के क्रांतिकारी नेता व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो की मृत्यु हो गयी थी। माराडोना फिडल कास्त्रो को अपना दूसरा पिता मानते थे। फिदेल को वह अपना पिता इसलिए भी मानते थे क्योंकि उन्हें दूसरा जीवन क्यूबा में मिला। जब ड्रग्स और अल्कोहल की लत पड़ जाने के कारण उनका स्वास्थ्य गिरता जा रहा था ऐसे वक्त में फिदेल ने हस्तक्षेप कर उनका क्यूबा में इलाज करवाया। परिणामस्वरूप धीरे- धीरे उनके स्वास्थ्य में सुधार होता गया। इसी वजह से फिदेल के निधन पर मारोडोना दुख प्रकट करते हुए कहा " वे मेरे लिए पिता के समान थे। उन्होंने अपने क्यूबा का दरवाजा मेरे लिए तब खोल दिया था जब अर्जेंटीना उसे बन्द कर रहा था।" खेल की दुनिया को नज़दीक से जानने वाले लोग ये मानते हैं कि ग़रीब घर से आने वाले माराडोना जैसे मशहूर खिलाड़ियों को नशे की और ले जाने में एक ख़ास तरह गैंग और नेटवर्क भी ऑपरेट करता है। कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का इसी वजह से असमय सितारा डूब चुका है। माराडोना पहली बार फिदेल से एक हज़ार नौ सौ सत्तासी में फुटबाल विश्व कप विजय के एक साल बाद मिले थे। उस वक्त वे अपनी प्रसिद्धि के शिखर पर थे। उनकी यह मुलाकात एक आत्मीय रिश्ते में बदल गयी और यह रिश्ता उस समय और गहरा हो गया जब वे साल दो हज़ार में लंबे समय तक नशा मुक्ति केन्द्र में रहे जहां उनका इलाज चला। वे दिल की बीमारी और कोकीन की लत के कारण लगभग मरने के कागार पर पहुंच गये थे। तब फिदेल और क्यूबा ने उन्हें इस तकलीफ से निजात दिलायी, यह चार साल का लंबा समय था जिसमें फिदेल उनकी सहायता के लिए आगे आये। क्यूबा ने उनके लिए तब दरवाजे खोले जब उनके अपने देश के अस्पतालों के दरवाजे उनके लिए बंद हो गये थे, क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि माराडोना की मृत्यु उनके क्लिनिक में हो जाए। जब पच्चीस नवंबर दो हज़ार सोलह को फिदेल इस दुनिया से चले गये तो माराडोना बुरी तरह टूट गये और उन्होंने स्वयं स्वीकारा की वे अपने पिता की मौत के बाद दूसरी बार इतना अधिक टूटे थे कि उनके खुद के आंसूओं पर उनका बस नहीं रहा था। माराडोना के फिदेल के प्रति प्रेम को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु से उनकी मुलाकात से समझा जा सकता है। जब माराडोना दो हज़ार आठ में भारत आए तो उन्हें देखने के लिए पूरा कलकत्ता उमड़ पड़ा। जगह-जगह उन के कटआउट लगाए गए। संयोग से उनके स्वागत समारोह में ज्योति बसु उनके साथ मंच साझा नहीं कर पाए तो माराडोना ने उनके घर जाकर उनसे मुलाकात की और कहा " फिदेल आपको अपना नजदीकी मानते हैं। मैं फिदेल के प्रति काफी सम्मान रखता हूँ। इस लिहाज से मैं आपके प्रति भी मैं वैसी ही निकटता महसूस करता हूँ।" फिदेल कास्त्रो और चे-ग्वेरा दोनों द्वारा दुनिया को बदलने के लिए संघर्ष मारोडोना को आकर्षित करती थी। इन दो महान क्रांतिकारियों का टैटू माराडोना के हाथ और पैर पर अंकित था। चेग्वेरा तो माराडोना के हमवतन भी थे। चेग्वेरा के अर्जेंटीना से क्यूबा जाकर फिदेल कास्त्रो के साथ मिलकर क्रान्ति सम्पन्न करने और फिर बोलीविया में अकेले ही उनका रोमांचकारी अभियान और शहादत पूरे लैटिन अमेरिकी महादेश में लोकाख्यान का दर्जा पा चुका है। इन दोनों क्रांतिकारियों के प्रति सम्मान का कारण था कि ये दोनों अमेरिका की साम्राज्यवादी नीतियों का विरोध करते थे। माराडोना जितने बड़े फुटबाल खिलाड़ी से उतने ही बड़े व प्रबल अमेरिकी साम्राज्यवाद के आलोचक भी थे। अमेरिकी साम्राज्यवाद के संबन्ध में माराडोना ने चावेज के साथ एक टेलीविजन साक्षात्कार के दौरान कहा था " वे अमेरिका से बेइन्तहा नफरत करते हैं और अमेरिका से आना वाला कुछ भी उन्हें मंजूर नहीं है। और मैं इसे पूरी ताकत से नफरत करता हूं।" माराडोना ने जार्ज बुश के दूसरी बार चुने जाने पर उनकी सार्वजनिक रूप से आलोचना की और बुश को एक 'फ्रॉड 'और 'मियामी का एक आतंकी माफिया' तक कह डाला था। माराडोना ने दुनिया भर की और विशेषकर लैटिन अमेरिका की वामरुझानों वाली प्रगतिशील और समाजवादी सरकारों का खुले रूप में समर्थन किया करते थे। फिलीस्तीन के मुद्दे पर समर्थन करते हुए उन्होंने कहा " मैं अपने हृदय से फिलीस्तीन के साथ हूँ। " साथ में यह भी जोड़ा " मैं फिलीस्तीनी जनता के हितों के रक्षक हूँ। मैं उनका सम्मान करता हूँ, उनके प्रति सहानुभति रखता हूं। मैं बिना डरे फिलीस्तीन के साथ खड़ा हूँ।" चे और फिदेल के अतिरिक्त लैटिन अमेरीका के प्रगतिशील राष्ट्रपति जिसमें वेनेजुएला के ह्यूगो चावेज और बोलीविया के इवो मोरालेस के काफी निकटवर्ती मित्र थे। चावेज के संबन्ध में उन्होंने कहा था" मैं ह्यूगो चावेज पर यकीन करता हूँ। मैं चाविस्ता हूँ। मेरे दृष्टिकोण से, चावेज और फिदेल, जो भी करते हैं वो सर्वोत्तम होता है।" माराडोना वामपंथी राजनीति के प्रति खुलकर अपनी प्रतिबद्धता का इजहार करते रहे थे। माराडोना कहा करते " हमें खरीदा नहीं जा सकता क्योंकि हम वामपन्थी हैं। हम वामपन्थी हैं अपने पैरों में, हम वामपंथी हैं अपने हाथों से, हम अपने दिमाग से वामपंथी हैं। इसे लोगों को जानना चाहिए। हम सच कहते हैं और समानता की चाहत रखते हैं। हम नहीं चाहते कि यांकी का झंडा हमारे ऊपर थोपा जाए।" माराडोना का जन्म अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स की झुग्गी बस्ती में एक कारखाना मजदूर के घर में पैदा हुआ था । तीस अक्टूबर एक हज़ार नौ सौ साठ को अर्जेन्टीना की गरीब मजदूर बस्ती में जन्मे आठ भाई बहनों में पांचवे डिएगो माराडोना को बचपन से ही फुटबाल से बेहद लगाव था। उन्होंने स्थानीय लीग में पंद्रह वर्ष की उम्र में खेलना शुरू किया परंतु किसी तरह वे एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर की विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बनने से रह गये थे और एक हज़ार नौ सौ बयासी में बीमारी के कारण विश्व कप नहीं खेल सके थे। परंतु एक हज़ार नौ सौ चौरासी तक उन्होंने वापसी की और नापोली टीम ने उन्हें अपना हिस्सा बनाने के लिए सात.पाँच मिलियन डॉलर का उस समय एक रिकॉर्ड कान्ट्रेक्ट किया। अपने कौशल से माराडोना ने नापोली को दो बार इटली की खिताब विजेता टीम बना डाला। माराडोना और नापोली के रिश्ते को उनके प्रतिद्वंदी भी याद करते हैं। नापोली दक्षिणी इटली का पिछड़ा इलाका है, लेकिन नापोली की पूरी पहचान माराडोना के इर्द-गिर्द है। इस क्लब से जब माराडोना जुड़े तो इसका प्रभाव बहुत ही व्यापक था। यहां के लोगों की सफलता और उम्मीद को जगाने में माराडोना की अहम भूमिका थी। माराडोना ने चार सौ इक्यानवे मैचों में कुल दो सौ उनसठ गोल दागे थे । अपने देश अर्जेंटीना के लिए उन्होंने इक्यानवे मैच खेले जिसमें चौंतीस गोल दागे। हमेशा दस नम्बर की जर्सी पहनने के कारण माराडोना " EI दस" के नाम से चर्चित थे। अर्जेंटीना को एक हज़ार नौ सौ छियासी में पश्चिम जर्मनी की सशक्त टीम को हराकर विश्व फुटबाल कप में विजेता बनाया। इस पूरे टूर्नामेंट में वह मात्र दो गोल ही कर पाए। एक इंग्लैंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल विवादित गोल जिसे "हैंड आफ गाड' के नाम से विश्वप्रसिद्ध है जबकि दूसरा फाइनल में पश्चिम जर्मनी के खिलाफ। इस प्रकार वह दुनिया के फुटबाल प्रेमियों के एक प्रेरणाश्रोत बने। दुनिया में बहुत सारे लोग यह भी मानते हैं कि वह अबतक दुनिया में सबसे श्रेष्ठ फुटहाल खिलाड़ी है। दुनिया भर के उनके चाहने वालों ने उन्हें दो हज़ार का फीफा शताब्दी ऑवार्ड सर्वाधिक वोट के साथ दिलवाया और इस ऑवार्ड के लिए की गयी वोटिंग में महान पेले के बाद माराडोना दूसरे स्थान पर थे। पेले या माराडोनाः कौन बड़ा खिलाड़ी? आखिर पेले और माराडोना में कौन ज्यादा बड़ा खिलाड़ी था। इसे लेकर दोनों के मध्य एक अंदरूनी प्रतियोगिता चला करती थी। यह एक ऐसी प्रतिद्वंद्विता थी जिसमें फीफा ने पक्ष लेने से इनकार कर दिया था। बीस वीं सदी के सबसे महान खिलाड़ी पेले को विशेषज्ञों ने, तो माराडोना को, ऑनलाइन वोटिंग के माध्यम से आम जनता ने चुना। तीन बार के विश्वकप विजेता पेले के संबन्ध में विचार व्यक्त हुए एक इंटरव्यू में माराडोना ने कहा " आखिर कुल एक हज़ार दो सौ इक्यासी गोल किसके ख़िलाफ़ बनाये ? किसके विरुद्ध आपने गोल किये? अपने घर के आंगन और उसके पीछे के भतीजों के विरुद्ध?" लेकिन इस प्रतियोगिता के पीछे एक दूसरे के प्रति प्रशंसा भी थी। जब माराडोना की मृत्यु हुई तो अस्सी वर्षीय पेले ने कहा " मैंने अपना प्रिय मित्र खो दिया और दुनिया ने एक लीजेंड को " साथ में यह भी कहा " मैं उम्मीद करता हूँ कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब हमदोनों आसमान में फुटबॉल खेलेंगे।" गालियानो ने फुटबॉल में अनोखपन को समाप्त कर एक खास किस्म के फुटबॉल को थोपने की कोशिश के खतरे के संबन्ध में आगाह किया था " अनेक बरसों से फुटबॉल अलग-अलग अंदाज में खेला जाता रहा है, हरेक इंसान की शख्सीयत की अनोखी अभिव्यक्ति और इस फर्क को, अलग-अलग खासियतों को बचाकर रखना मुझे पहले के किसी दौर के मुकाबले आज ज्यादा जरूरी मालूम होता है। यह फुटबॉल में और बाकी सभी चीजों में थोपी गई हमशक़्ली का वक्त है। " डिएगो माराडोना फुटबॉल के साथ साथ खेल के साथ राजनीति में इस 'थोपी गई हमशक्ली' के प्रतिपक्ष की तरह खड़े नजर आते हैं। इसलिए दुनिया भर के न सिर्फ खेलप्रेमियों बल्कि दुनिया को बेहतर बनाने की कोशिशों में लोगों को ये एहसास हुआ कि उन्होंने अपना एक हमदर्द खो दिया है। अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें। |
लाए। एक दूसरे को आकर्षित करने की भावना अभी हृदय की बहुत गहराई में है और स्पष्टता से उभर नहीं पाई, यही कारण है कि 'क्षितिज' और 'सायकाल' शब्दों का प्रयोग किया । 'नव जलद ' इसलिए लिखा कि दोनों के अन्त करण सच्चे अर्थ में प्रथम बार ही प्रेम करने को उत्सुक हुए हैं।
था समर्पण में - समर्पण - अपने को सौंपना । ग्रहण - अधिकार । सुनिहित - छिपा हुआ । प्रगति कर्षण की वृद्धि । श्रटकाव - सकोच । विजन पथ- हृदय का सूनापन । मधुर जीवन खेल - प्रेम की मधुर भावना । नियति --भाग्य, विधाता ।
अर्थ-श्रद्धा और मनु ने एक दूसरे के हाथ अपने को सौप दिया था, पर इसमें एक दूसरे पर अधिकार करने की भावना भी छिपी हुई थी । एक का दूसरे के प्रति आकर्षण वैसे चढ़ रहा था, पर संकोच के बीच में आने से वे अपने हृदय की बात स्पष्टता से कह न पाते थे । अपने सूने हृदय में वे अभी तक एक दूसरे के प्रति प्रेम की मधुर भावना पोषित कर रहे थे, पर अब विधाता की ऐसी इच्छा थी कि ये जो पास-पास रहते हुए भी पति के समान जीवन व्यतीत कर रहे हैं, प्रेमी-प्रेमिकाओं की भाँति मिल कर रहें ।
नित्य परिचित हो रहे - अतर का विशेष गूढ़ रहस्य - प्रेम । सतत - निरंतर । नयन की गति रोक-दृष्टि गढ़ाए ।
अर्थ - नित्य कोई न कोई ऐसी घटना हो जाती थी जिससे उन्हें एक दूसरे के आकर्षण का पता चल जाता था, पर दोनों में से खुल कर बात कोई न करना था । इससे उनके हृदय का जो अधिक गम्भीर रहस्य ( प्रेम ) था वह छिपा ही रह जाता था । समीपता का अनुभव करते हुए भी वे एक दूसरे से उसी प्रकार दूर थे जैसे घने बन में होकर जाने वाला पथिक पथ के प्रत का प्रकाश देख कर उसे निकट ही समझता है, पर जैसे-जैसे वह उसकी ओर दृष्टि गड़ाए बढ़ता है वैसे ही वैसे वह दूर होता जाता है।
पृष्ठ ८२
गिर रहा निस्तेज - निस्तेज - आभाहीन । गोलक - गोल पिंड, यहाँ सूर्य । - | लाए। एक दूसरे को आकर्षित करने की भावना अभी हृदय की बहुत गहराई में है और स्पष्टता से उभर नहीं पाई, यही कारण है कि 'क्षितिज' और 'सायकाल' शब्दों का प्रयोग किया । 'नव जलद ' इसलिए लिखा कि दोनों के अन्त करण सच्चे अर्थ में प्रथम बार ही प्रेम करने को उत्सुक हुए हैं। था समर्पण में - समर्पण - अपने को सौंपना । ग्रहण - अधिकार । सुनिहित - छिपा हुआ । प्रगति कर्षण की वृद्धि । श्रटकाव - सकोच । विजन पथ- हृदय का सूनापन । मधुर जीवन खेल - प्रेम की मधुर भावना । नियति --भाग्य, विधाता । अर्थ-श्रद्धा और मनु ने एक दूसरे के हाथ अपने को सौप दिया था, पर इसमें एक दूसरे पर अधिकार करने की भावना भी छिपी हुई थी । एक का दूसरे के प्रति आकर्षण वैसे चढ़ रहा था, पर संकोच के बीच में आने से वे अपने हृदय की बात स्पष्टता से कह न पाते थे । अपने सूने हृदय में वे अभी तक एक दूसरे के प्रति प्रेम की मधुर भावना पोषित कर रहे थे, पर अब विधाता की ऐसी इच्छा थी कि ये जो पास-पास रहते हुए भी पति के समान जीवन व्यतीत कर रहे हैं, प्रेमी-प्रेमिकाओं की भाँति मिल कर रहें । नित्य परिचित हो रहे - अतर का विशेष गूढ़ रहस्य - प्रेम । सतत - निरंतर । नयन की गति रोक-दृष्टि गढ़ाए । अर्थ - नित्य कोई न कोई ऐसी घटना हो जाती थी जिससे उन्हें एक दूसरे के आकर्षण का पता चल जाता था, पर दोनों में से खुल कर बात कोई न करना था । इससे उनके हृदय का जो अधिक गम्भीर रहस्य था वह छिपा ही रह जाता था । समीपता का अनुभव करते हुए भी वे एक दूसरे से उसी प्रकार दूर थे जैसे घने बन में होकर जाने वाला पथिक पथ के प्रत का प्रकाश देख कर उसे निकट ही समझता है, पर जैसे-जैसे वह उसकी ओर दृष्टि गड़ाए बढ़ता है वैसे ही वैसे वह दूर होता जाता है। पृष्ठ बयासी गिर रहा निस्तेज - निस्तेज - आभाहीन । गोलक - गोल पिंड, यहाँ सूर्य । - |
ALLAHABAD: हमारी सरकार दिव्यांग भाईयों के लिए साथ है। उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। यह बात उप्र दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कही। वह प्रयाग संगीत समिति में आयोजित कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याओं के सम्बंध में चाइना से रिसर्च के लिए जो टीम आई थी। उसके रिसर्च के आधार पर दिव्यांगों के ऑपरेशन के लिए 6 लाख तक का खर्च आएगा, जिसे सरकार सुनिश्चित करेगी।
कार्यक्रम में नेशनल थर्मल पॉवर कारर्पोरेशन (एनटीपीसी) मेजा के सीएसआर निधि के दिव्यांगों को स्वरोजगार हेतु सिलाई मशीन एवं स्मार्टकेन का वितरण किया गया। शिविर में कुल 297 ट्राईसाइकिल, 100 जोड़ी वैशाखी, 42 सिलाई मशीन, 24 कान की मशीन, 02 ब्लाइण्ड एवं 15 स्मार्टकेन का वितरण किया गया। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों को चयनित कर उनकी सूची देने का आदेश दिया।
-जुलाई के अंत तक ट्राई साइकिल में ट्राली लगाकर वितरण किया जाएगा।
-अभी 8000 ट्राई-साइकिल देने की व्यवस्था की जा रही है।
-दिव्यांगजनों को रेलवे में रिजर्वेशन की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।
-देश में उत्तर प्रदेश की परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजनों को निशुल्क सेवा दिलवाने का कार्य किया है।
-प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए 55 दिव्यांगजन केन्द्र प्रदेश के 18 मण्डलों में खोलने का कार्य किया है।
इसके पहले स्वागत गीत एवं सरस्वती वन्दना राज अंध विद्यालय के बच्चों ने प्रस्तुत किया। लघु नाटिका उप्र मूक बधिर विद्यालय, स्कूल चलो गीत बचपन डे केयर सेंटर राजकीय ममता विद्यालय के बच्चों ने प्रस्तुत किया। दिव्यांगजन मंत्री ने गुरुवार को राजकीय ममता विद्यालय कौंडिहार में नवीन भवन का उदघाटन व निरीक्षण किया। कार्यक्रम में उप निदेशक दिव्यांगजन विनीता यादव, उप निदेशक आरएन वर्मा, जिला दिव्यांगजन अधिकारी विपिन उपाध्याय आदि उपस्थित रहे।
| ALLAHABAD: हमारी सरकार दिव्यांग भाईयों के लिए साथ है। उनकी हरसंभव मदद की जाएगी। यह बात उप्र दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कही। वह प्रयाग संगीत समिति में आयोजित कृत्रिम अंग वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की समस्याओं के सम्बंध में चाइना से रिसर्च के लिए जो टीम आई थी। उसके रिसर्च के आधार पर दिव्यांगों के ऑपरेशन के लिए छः लाख तक का खर्च आएगा, जिसे सरकार सुनिश्चित करेगी। कार्यक्रम में नेशनल थर्मल पॉवर कारर्पोरेशन मेजा के सीएसआर निधि के दिव्यांगों को स्वरोजगार हेतु सिलाई मशीन एवं स्मार्टकेन का वितरण किया गया। शिविर में कुल दो सौ सत्तानवे ट्राईसाइकिल, एक सौ जोड़ी वैशाखी, बयालीस सिलाई मशीन, चौबीस कान की मशीन, दो ब्लाइण्ड एवं पंद्रह स्मार्टकेन का वितरण किया गया। उन्होंने अधिकारियों को बच्चों को चयनित कर उनकी सूची देने का आदेश दिया। -जुलाई के अंत तक ट्राई साइकिल में ट्राली लगाकर वितरण किया जाएगा। -अभी आठ हज़ार ट्राई-साइकिल देने की व्यवस्था की जा रही है। -दिव्यांगजनों को रेलवे में रिजर्वेशन की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। -देश में उत्तर प्रदेश की परिवहन निगम की बसों में दिव्यांगजनों को निशुल्क सेवा दिलवाने का कार्य किया है। -प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए पचपन दिव्यांगजन केन्द्र प्रदेश के अट्ठारह मण्डलों में खोलने का कार्य किया है। इसके पहले स्वागत गीत एवं सरस्वती वन्दना राज अंध विद्यालय के बच्चों ने प्रस्तुत किया। लघु नाटिका उप्र मूक बधिर विद्यालय, स्कूल चलो गीत बचपन डे केयर सेंटर राजकीय ममता विद्यालय के बच्चों ने प्रस्तुत किया। दिव्यांगजन मंत्री ने गुरुवार को राजकीय ममता विद्यालय कौंडिहार में नवीन भवन का उदघाटन व निरीक्षण किया। कार्यक्रम में उप निदेशक दिव्यांगजन विनीता यादव, उप निदेशक आरएन वर्मा, जिला दिव्यांगजन अधिकारी विपिन उपाध्याय आदि उपस्थित रहे। |
भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव एक बार फिर खेसारी कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। दरअसल, उनके ऊपर असभ्य गाना बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसके तहत उनको कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
तापसी पन्नू, विक्रांत मैसी और हर्षवर्धन राणे की फिल्म हसीन दिलरूबा का ट्रेलर रिलीज हो गया है। करीब 2 मिनट से ज्यादा का यह ट्रेलर लव, थ्रिलर, सस्पेंस से भरा है। फिल्म के डायरेक्टर विनिल मैथ्यू है और इसे आनंद एल राय के बैनर कलर येलो प्रोडक्शन के तहत बनाया है। फिल्म 2 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।
अब अनुपम खेर ने दावा किया है कि ट्विटर पर 36 घंटे के अंदर उनके 80 हजार फॉलोअर्स घट गए हैं। वैसे, आपको बता दें कि अनुपम पहले ऐसे सेलेब्स नहीं है जिनके साथ ऐसी घटना हुई हो, इसके पहले भी अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान, कंगना रनोट के साथ ऐसा हो चुका है।
वीडियो डेस्क। ऐक्टर सोनू सूद पिछले एक साल से कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की जमकर मदद कर रहे हैं। भारत में COVID-19 की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए अब सोनू ने देशभर के 16-18 राज्यों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने की घोषणा की है। सोनू ने बताया है कि आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और कुरनूल शहरों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है और सितंबर तक सभी राज्यों के ये ऑक्सीजन प्लांट काम करने लगेंगे। 'मैंने सभी राज्यों को कवर करने की कोशिश की है। ऑक्सीजन प्लांट्स को जरूरतमंद अस्पतालों के नजदीक लगाया जाएगा जिनमें 150-200 बेड्स होंगे। इसके बाद इन सभी हॉस्पिटल्स को कभी ऑक्सीजन की कमी नहीं पड़ेगी। मुझे उम्मीद है कि इन अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान नहीं जाएगी।
ट्रेजडी किंग के नाम से फेमस दिलीप कुमार को अस्पताल से शुक्रवार को छुट्टी मिल गई है। सांस लेने में हो रही दिक्कत के बाद मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब उनकी तबीयत ठीक है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही फैंस लगातार उनकी अच्छी सेहत के लिए दुआ कर रहे थे।
कोरोना महामारी में सोनू सूद ने जरूरतमंदों की खूब मदद की। सोनू की वजह से कई लोगों को राहत मिली। देशभर में उनके फैन्स है और इन्हीं में एक फैन तो उनका इतना दीवाना हो गया कि सोनू से मिलने हैदराबाद से नंगे पैर मुंबई पहुंच गया।
| भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार खेसारी लाल यादव एक बार फिर खेसारी कानूनी पचड़े में फंसते नजर आ रहे हैं। दरअसल, उनके ऊपर असभ्य गाना बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसके तहत उनको कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। तापसी पन्नू, विक्रांत मैसी और हर्षवर्धन राणे की फिल्म हसीन दिलरूबा का ट्रेलर रिलीज हो गया है। करीब दो मिनट से ज्यादा का यह ट्रेलर लव, थ्रिलर, सस्पेंस से भरा है। फिल्म के डायरेक्टर विनिल मैथ्यू है और इसे आनंद एल राय के बैनर कलर येलो प्रोडक्शन के तहत बनाया है। फिल्म दो जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। अब अनुपम खेर ने दावा किया है कि ट्विटर पर छत्तीस घंटाटे के अंदर उनके अस्सी हजार फॉलोअर्स घट गए हैं। वैसे, आपको बता दें कि अनुपम पहले ऐसे सेलेब्स नहीं है जिनके साथ ऐसी घटना हुई हो, इसके पहले भी अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान, कंगना रनोट के साथ ऐसा हो चुका है। वीडियो डेस्क। ऐक्टर सोनू सूद पिछले एक साल से कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की जमकर मदद कर रहे हैं। भारत में COVID-उन्नीस की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए अब सोनू ने देशभर के सोलह-अट्ठारह राज्यों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने की घोषणा की है। सोनू ने बताया है कि आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और कुरनूल शहरों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है और सितंबर तक सभी राज्यों के ये ऑक्सीजन प्लांट काम करने लगेंगे। 'मैंने सभी राज्यों को कवर करने की कोशिश की है। ऑक्सीजन प्लांट्स को जरूरतमंद अस्पतालों के नजदीक लगाया जाएगा जिनमें एक सौ पचास-दो सौ बेड्स होंगे। इसके बाद इन सभी हॉस्पिटल्स को कभी ऑक्सीजन की कमी नहीं पड़ेगी। मुझे उम्मीद है कि इन अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान नहीं जाएगी। ट्रेजडी किंग के नाम से फेमस दिलीप कुमार को अस्पताल से शुक्रवार को छुट्टी मिल गई है। सांस लेने में हो रही दिक्कत के बाद मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब उनकी तबीयत ठीक है। अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही फैंस लगातार उनकी अच्छी सेहत के लिए दुआ कर रहे थे। कोरोना महामारी में सोनू सूद ने जरूरतमंदों की खूब मदद की। सोनू की वजह से कई लोगों को राहत मिली। देशभर में उनके फैन्स है और इन्हीं में एक फैन तो उनका इतना दीवाना हो गया कि सोनू से मिलने हैदराबाद से नंगे पैर मुंबई पहुंच गया। |
Chaitra Navratri 2023 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में चार नवरात्रि मनाई जाती है. चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो गुप्त नवरात्रि होती हैं। चैत्र और अश्विन माह में आने वाली नवरात्रि पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना होती है वहीं आषाढ़ और माघ की गुप्त नवरात्रि में मां अंबे की 10 महाविद्याओं की उपासना की जाती है. नवरात्रि के नौ दिन लगातार माता का पूजन चलता है. आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि में आपको कौन सी तिथि पर किस देवी की पूजा-अर्चना करनी है.
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त ( Kalash Sthapana Shubh Muhurat)
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना यानी कलश में अनाज बोने की परंपरा निभाई जाती है. इसका शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 23 मिनट से प्रारंभ होगा और ये मुहूर्त करीब एक घंटे का रहेगा. भक्तजन इस लाभ के मुहुर्त में 7 बजकर 55 मिनट तक देवी पूजा और कलश स्थापना कर सकते हैं.
उदया तिथि के अनुसार नवरात्रि की शुरूआत 22 मार्च से होगी, जो 30 मार्च को रामनवमी तक चलेगी. इसी दिन से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2080 भी शुरू होगा. महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में इस दिन गुड़ी पड़वा का त्योहार मनाया जाता है. इस साल चैत्र नवरात्रि पर घटस्थापना 22 मार्च को की जाएगी. 22 मार्च को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 29 मिनट से सुबह 7 बजकर 39 मिनट तक रहेगा.
चैत्र नवरात्रि 2023 तिथि (Chaitra Navratri 2023 Tithi)
चैत्र नवरात्रि नवां दिन (30 मार्च 2023) - नवमी तिथि, मां सिद्धीदात्री पूजा, दुर्गा महानवमी, राम नवमी(Ram Navami 2023) (दसवें दिन नवरात्रि व्रत का पारण किया जाएगा)
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. prabhatkhabar. com इसकी पुष्टि नहीं करता है. )
| Chaitra Navratri दो हज़ार तेईस Date: हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में चार नवरात्रि मनाई जाती है. चैत्र और शारदीय नवरात्रि के अलावा दो गुप्त नवरात्रि होती हैं। चैत्र और अश्विन माह में आने वाली नवरात्रि पर मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना होती है वहीं आषाढ़ और माघ की गुप्त नवरात्रि में मां अंबे की दस महाविद्याओं की उपासना की जाती है. नवरात्रि के नौ दिन लगातार माता का पूजन चलता है. आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि में आपको कौन सी तिथि पर किस देवी की पूजा-अर्चना करनी है. घटस्थापना का शुभ मुहूर्त चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना यानी कलश में अनाज बोने की परंपरा निभाई जाती है. इसका शुभ मुहूर्त सुबह छः बजकर तेईस मिनट से प्रारंभ होगा और ये मुहूर्त करीब एक घंटे का रहेगा. भक्तजन इस लाभ के मुहुर्त में सात बजकर पचपन मिनट तक देवी पूजा और कलश स्थापना कर सकते हैं. उदया तिथि के अनुसार नवरात्रि की शुरूआत बाईस मार्च से होगी, जो तीस मार्च को रामनवमी तक चलेगी. इसी दिन से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत दो हज़ार अस्सी भी शुरू होगा. महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में इस दिन गुड़ी पड़वा का त्योहार मनाया जाता है. इस साल चैत्र नवरात्रि पर घटस्थापना बाईस मार्च को की जाएगी. बाईस मार्च को घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह छः बजकर उनतीस मिनट से सुबह सात बजकर उनतालीस मिनट तक रहेगा. चैत्र नवरात्रि दो हज़ार तेईस तिथि चैत्र नवरात्रि नवां दिन - नवमी तिथि, मां सिद्धीदात्री पूजा, दुर्गा महानवमी, राम नवमी |
इन्द्रिय, इन्द्रिय के विषय, रथी और रथ आदि के रूप में कल्पना की गई है रथ रूप से उल्लेख्य शरीर को ही अव्यक्त शब्द से प्रस्तुत किया गया है। यह रूपक उक्त प्रकरण के पूर्व का ही है। रूपक इस प्रकार है - "आत्मा को ही रथी, शरीर को रथ, बुद्धि को सारथी, और मन को लगाम समझो, इन्द्रियो को घोडा, विषयों को उनकी विचरण भूमि" इत्यादि से लेकर "वही ससार मार्ग से पार वैष्णव पद को प्राप्त करते है" इस अतिम वाक्य तक, ससार मार्ग से पार वैष्णव पद को प्राप्त करने की इच्छावाले उपासक को रथी रूप से एवं उसके शरीर आदि को रथ और रथाग अश्व आदि रूप से कल्पना करके, यह दिखलाया गया है कि जो इन रथ आदि को वश मे रखता है वही ससार मार्ग से पार जाकर वैष्णव पद प्राप्त करता है। स्थादि रूप से कल्पित शरीर आदि वे मध्य मे जिन्हें वशीभूत करने की बात कही गई है उनमे भो सर्व प्रधान, जिनको वशीभूत करना सर्वाधिक क्प्ट साध्य है ' इन्द्रियेभ्य परा" इत्यादि मे उन्ही वृत्तियो को परा" शब्द से उल्लेख किया गया है इस वशीकरण कार्य मे, अश्वरूप से कल्पित इन्द्रियों की अपेक्षा, गोचर रूप से कल्पित विपयो का समूह प्रधान है । क्योकि जिन लोगो ने एक मात्र इन्द्रियो को सयमित कर भी लिया, विषयों से विरक्ति नही हुई तो प्राय उनको इन्द्रियों असयत हो जाती हैं। प्रग्रह ( लगाम ) रूप से कल्पित मन, उन विषयों से भी प्रधान है, क्योकि - मन के विरत होने पर ही विषयो की न्यूनता होती है। सारथी रूप से वल्पित बुद्धि, मन की अपेक्षा और भी प्रधान है, क्योंकि- बुद्धि के द्वारा अव्यवसाय न करने पर मन भी कुछ नहीं कर सकता । रथी रूप से कल्पित आत्मा, सर्वकर्ता होने के कारण उस बुद्धि को अपेक्षा प्रधान है, क्योकि उक्त सभी आत्माधीन हैं, इसलिए आत्मा को हो "महान्" ऐसा विशेष नाम वाला कहा गया है। रथ रूप से कल्पित शरीर, उस आत्मा की अपेक्षा प्रधान है, क्योकि - शरीर ही, जीवात्मा के हर प्रकार के पुरुषार्थ साधन मे प्रवृत्ति प्रयोजक है । ससार मार्ग से पार सबके अन्तर्यामी, परम पुरुष परमात्मा उसको अपेक्षा प्रधान हैं, क्योकि पूर्वोक्त आत्मा पर्यन्त सभी पदार्थ समस्त प्रवृत्तियां, उन्ही की इच्छाशक्ति के अधीन हैं, वे ही अतर्यामी रूप से उपासना का भी निर्वाह करते हैं । "परातू, तच्छने " इस सूत्र मे जीवात्मा का कत्त, त्य, परं पुरुष के अधीन है। ऐसा बतलाते हैं। वे | इन्द्रिय, इन्द्रिय के विषय, रथी और रथ आदि के रूप में कल्पना की गई है रथ रूप से उल्लेख्य शरीर को ही अव्यक्त शब्द से प्रस्तुत किया गया है। यह रूपक उक्त प्रकरण के पूर्व का ही है। रूपक इस प्रकार है - "आत्मा को ही रथी, शरीर को रथ, बुद्धि को सारथी, और मन को लगाम समझो, इन्द्रियो को घोडा, विषयों को उनकी विचरण भूमि" इत्यादि से लेकर "वही ससार मार्ग से पार वैष्णव पद को प्राप्त करते है" इस अतिम वाक्य तक, ससार मार्ग से पार वैष्णव पद को प्राप्त करने की इच्छावाले उपासक को रथी रूप से एवं उसके शरीर आदि को रथ और रथाग अश्व आदि रूप से कल्पना करके, यह दिखलाया गया है कि जो इन रथ आदि को वश मे रखता है वही ससार मार्ग से पार जाकर वैष्णव पद प्राप्त करता है। स्थादि रूप से कल्पित शरीर आदि वे मध्य मे जिन्हें वशीभूत करने की बात कही गई है उनमे भो सर्व प्रधान, जिनको वशीभूत करना सर्वाधिक क्प्ट साध्य है ' इन्द्रियेभ्य परा" इत्यादि मे उन्ही वृत्तियो को परा" शब्द से उल्लेख किया गया है इस वशीकरण कार्य मे, अश्वरूप से कल्पित इन्द्रियों की अपेक्षा, गोचर रूप से कल्पित विपयो का समूह प्रधान है । क्योकि जिन लोगो ने एक मात्र इन्द्रियो को सयमित कर भी लिया, विषयों से विरक्ति नही हुई तो प्राय उनको इन्द्रियों असयत हो जाती हैं। प्रग्रह रूप से कल्पित मन, उन विषयों से भी प्रधान है, क्योकि - मन के विरत होने पर ही विषयो की न्यूनता होती है। सारथी रूप से वल्पित बुद्धि, मन की अपेक्षा और भी प्रधान है, क्योंकि- बुद्धि के द्वारा अव्यवसाय न करने पर मन भी कुछ नहीं कर सकता । रथी रूप से कल्पित आत्मा, सर्वकर्ता होने के कारण उस बुद्धि को अपेक्षा प्रधान है, क्योकि उक्त सभी आत्माधीन हैं, इसलिए आत्मा को हो "महान्" ऐसा विशेष नाम वाला कहा गया है। रथ रूप से कल्पित शरीर, उस आत्मा की अपेक्षा प्रधान है, क्योकि - शरीर ही, जीवात्मा के हर प्रकार के पुरुषार्थ साधन मे प्रवृत्ति प्रयोजक है । ससार मार्ग से पार सबके अन्तर्यामी, परम पुरुष परमात्मा उसको अपेक्षा प्रधान हैं, क्योकि पूर्वोक्त आत्मा पर्यन्त सभी पदार्थ समस्त प्रवृत्तियां, उन्ही की इच्छाशक्ति के अधीन हैं, वे ही अतर्यामी रूप से उपासना का भी निर्वाह करते हैं । "परातू, तच्छने " इस सूत्र मे जीवात्मा का कत्त, त्य, परं पुरुष के अधीन है। ऐसा बतलाते हैं। वे |
लक्ष्य सेन ने ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर सके थे. अब उन्होंने एक टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया है.
देश और दुनिया से खेल की खबरें लेकर हाजिर है टीवी9 हिंदी का स्पोर्ट्स बुलेटिन(Sports Bulletin). इस बुलेटिन में हम आपको क्रिकेट से इतर अन्य खेलों की खबरों की जानकारी देंगे. हम आपको टेनिस, बास्केटबॉल, फुटबॉल जैसे खेलों के बारे में बताएंगे.दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्पेन के राफेल नडाल (Rafael Nadal) को परिबास ओपन के फाइनल में हार मिली है. इसके बारे में हम आपको बताएंगे. हाल ही में ऑल इंग्लैंड के फाइनल में जगह बनाने वाले भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन (Lakshya Sen) ने एक टूर्नामेंट से नाम वापस लेना का फैसला किया. इसके बारे में और इस टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती के बारे में भी हम आपको जानकारी देंगे.
फुटबॉल की दुनिया से हम आपको भारतीय टीम के साथ-साथ मैनचेस्टर सिटी, बार्सिलोना, रियल मेड्रिड के मैचों की जानकारी देंगे. साथ ही भारत की 3बीएल महिला बास्केटबॉल लीग का खिताब किस टीम के नाम रहा इसके बारे में भी जानकारी देंगे.
स्विस ओपन में सेन को अपना पहला मैच हमवतन समीर वर्मा से खेलना था. सेन ने पिछले कुछ समय में शानदार प्रदर्शन किया है.उन्होंने दिसंबर में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता जबकि जनवरी में इंडिया ओपन के रूप में अपना पहला सुपर 500 खिताब हासिल किया. इसके बाद वह जर्मन ओपन और ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे.
स्विस ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में सभी की निगाहें दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु और विश्व चैंपियनशिप के रजत विजेता किदांबी श्रीकांत पर टिकी रहेंगी.टूर्नामेंट मंगलवार से शुरू हो रहा है. सिंधु, श्रीकांत और साइना नेहवाल बर्मिंघम में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में भी नाकाम रहे. इस सप्ताह वे अपने प्रदर्शन में सुधार करने की कोशिश करेंगे. सिंधु और साइना जहां जर्मन ओपन और ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप दोनों में दूसरे दौर में हार गयी थी, वहीं श्रीकांत जर्मन ओपन के अंतिम आठ में पहुंचे थे।
सिंधु को यहां दूसरी वरीयता दी गयी है. वह पहले दौर में डेनमार्क की विश्व में 32वें नंबर की खिलाड़ी होजमार्क केजेर्सफेल्ट से भिड़ेंगी, जबकि साइना का सामना चीन की सातवीं वरीयता प्राप्त वांग झी यी होगा. विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद से अच्छी फॉर्म में दिख रहे श्रीकांत का सामना पुरुष एकल के पहले मैच में क्वालीफायर से होगा.टोक्यो ओलिंपियन बी साई प्रणीत अपने शुरुआती मैच में हमवतन एचएस प्रणय से भिड़ेंगे, जबकि पारुपल्ली कश्यप क्वालीफायर के खिलाफ उतरेंगे.
टेलर फ्रिट्ज ने टखने की चोट के बावजूद राफेल नडाल का 20 मैच से चला आ रहा विजय अभियान रोककर रविवार को यहां इंडियन वेल्स बीएनपी परिबास ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीता. फ्रिट्ज पर चोट के कारण मैच से हटने का दबाव था. उनके कोच ने उन्हें जोखिम नहीं लेने की सलाह दी थी लेकिन अमेरिका के इस खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और स्पेनिश दिग्गज नडाल को 6-3, 7-5 (6) से हराकर खिताब जीता.
रिकार्ड 21 ग्रैंडस्लैम जीत चुके नडाल की यह इस साल में पहली हार है. फ्रिट्ज सेमीफाइनल में सातवीं वरीयता प्राप्त आंद्रे रूबलेव के खिलाफ मैच के दौरान चोटिल हो गये थे. नडाल भी अस्वस्थ थे और उन्होंने फाइनल के दौरान दो बार 'मेडिकल टाइमआउट' लिया था. उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी.
पूर्व भारतीय कप्तान रसप्रीत सिद्धू की अगुवाई में दिल्ली दीवास ने सोमवार को यहां फाइनल में पिछले चैंपियन कोच्चि स्टार्स को 17-14 से हराकर 3बीएल महिला बास्केटबॉल लीग का खिताब जीता. दिल्ली और स्टीव रिक्सन की अगुवाई वाली कोच्चि के बीच फाइनल में कड़ा मुकाबला देखने को मिला और एक समय स्कोर 7-7 से बराबरी पर था लेकिन आखिर में रसप्रीत का अनुभव उनकी प्रतिद्वंद्वी टीम पर भारी पड़ा. रसप्रीत को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया.
आयोजकों की विज्ञप्ति के अनुसार दिल्ली दीवास की टीम अब 16 और 17 अप्रैल को इंडोनेशिया के बाली में होने वाले पहले आसियान बास्केटबॉल लीग (एबीएल) 2022 में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी.
भारत ने इस महीने के आखिर में बहरीन और बेलारूस के खिलाफ होने वाले अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैत्री मैचों के लिये सोमवार को सात नये खिलाड़ियों को अपनी 25 सदस्यीय टीम में शामिल किया. भारतीय राष्ट्रीय पुरुष टीम के कोच इगोर स्टीमाक ने बहरीन में 23 और 26 मार्च को खेले जाने वाले दो मैचों के लिये प्रभशुखान गिल, होर्मिपम रुइवा, अनवर अली, रोशन सिंह, वीपी सुहैर, दानिश फारूक और अनिकेत यादव के रूप में नये चेहरों को टीम में शामिल किया है.
ये मैत्री मैच एएफसी एशियाई कप चीन 2023 के आठ जून से कोलकाता में होने वाले क्वालीफाइंग मैचों के अंतिम दौर के लिये टीम की तैयारी का हिस्सा हैं. क्वालीफाईंग दौर के लिये भारत को हांगकांग, अफगानिस्तान और कंबोडिया के साथ ग्रुप डी में रखा गया है.
बहरीन और बेलारूस के खिलाफ मैत्री मैचों के लिये भारत की 25 सदस्यीय टीम इस प्रकार है :
गोलकीपर : गुरप्रीत सिंह संधू, अमरिंदर सिंह, प्रभासुखन गिल.
रक्षापंक्ति : प्रीतम कोटल, सेरीटन फर्नांडीस, राहुल भेके, होर्मिपम रुइवा, संदेश झिंगन, अनवर अली, चिंगलेनसाना सिंह, सुभाशीष बोस, आकाश मिश्रा, रोशन सिंह.
मध्यपंक्ति : बिपिन सिंह, अनिरुद्ध थापा, प्रणय हलदर, जैकसन सिंह, ब्रैंडन फर्नांडीस, वीपी सुहैर, दानिश फारूक, यासिर मोहम्मद, अनिकेत जाधव.
अग्रिम पंक्ति : मनवीर सिंह, लिस्टन कोलाको, रहीम अली.
इंग्लिश प्रीमियर लीग (ईपीएल) की प्रतिद्वंद्वी टीम मैनचेस्टर सिटी और लिवरपूल ने रविवार को एफए कप फुटबॉल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनायी जहां वे आमने सामने होंगी. सिटी ने क्वार्टर फाइनल में साउथैम्पटन को 4-1 से हराया तो लिवरपूल ने दूसरी श्रेणी की लीग में खेलने वाली टीम नॉटिंघम फॉरेस्ट को 1-0 से पराजित किया. इसका मतलब होगा कि अगले महीने ये दोनों टीम एक सप्ताह के अंदर दो बार एक दूसरे से भिड़ेंगी. इन दोनों के बीच 10 अप्रैल को ईपीएल का मैच खेला जाएगा जबकि 16-17 अप्रैल के सप्ताहांत में एफए कप का सेमीफाइनल होगा.
एफए कप का दूसरा सेमीफाइनल चेल्सी और क्रिस्टल पैलेस के बीच खेला जाएगा. क्रिस्टल पैलेस ने रविवार को एवर्टन को 4-0 से हराकर 2016 के बाद पहली बार अंतिम चार में जगह बनायी. चेल्सी ने शनिवार को मिडिलेसबोरोग को 2-0 से हराया था.
चैंपियन्स लीग के क्वार्टर फाइनल में रियल मेड्रिड से हार झेलने के बाद पेरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) को फ्रांसीसी फुटबॉल लीग में रविवार को मोनाको के हाथों 3-0 से हार का सामना करना पड़ा. मोनाको की तरफ से विसाम बेन येडेर ने दो गोल किये जबकि कई स्टार खिलाड़ियों से सजी पीएसजी की टीम एक भी गोल नहीं कर पायी. मोनाको की लीग1 में पीएसजी के खिलाफ 1999 के बाद यह सबसे बड़ी जीत है.
इस हार के बावजूद पीएसजी लीग1 में अब भी 12 अंक की बढ़त से शीर्ष पर बना हुआ है. उसके बाद मार्सेली का नंबर आता है जिसने एक अन्य मैच में नीस को 2-1 से हराया. पीएसजी फ्रांसीसी लीग में सेंट एटिनी के 10 खिताब के रिकार्ड की बराबरी करने की कवायद में है.
बार्सिलोना ने रियल मेड्रिड को 4-0 से करारी शिकस्त देकर अपने इस चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ हार का क्रम तोड़ने के साथ स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लिगा में खिताब की अपनी उम्मीदें भी जीवंत रखी. लियोनेल मेसी के बिना अपना पहला सत्र खेल रहे बार्सिलोना को रियल मेड्रिड से लगातार पांच मैच में हार का सामना करना पड़ा था. यह 2019 के बाद रियल मैड्रिड के खिलाफ उसकी पहली जीत है.
बार्सिलोना की जीत में पियरे एमरिक औबामेयांग ने दो जबकि रोनाल्ड आरुजो और फेरान टोरेस ने एक - एक गोल किया. इस जीत से बार्सिलोना लीग में शीर्ष पर चल रहे रीयाल मैड्रिड से अब 12 अंक पीछे है. अभी नौ दौर के मैच खेले जाने बाकी हैं. बार्सिलोना के चौथे स्थान की टीम एटलेटिको मैड्रिड के बराबर अंक हैं. वह दूसरे स्थान की टीम सेविला से तीन अंक पीछे है जिसने रीयाल सोसिडाड के खिलाफ मैच गोलरहित ड्रा खेला था.
| लक्ष्य सेन ने ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाई थी लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर सके थे. अब उन्होंने एक टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया है. देश और दुनिया से खेल की खबरें लेकर हाजिर है टीवीनौ हिंदी का स्पोर्ट्स बुलेटिन. इस बुलेटिन में हम आपको क्रिकेट से इतर अन्य खेलों की खबरों की जानकारी देंगे. हम आपको टेनिस, बास्केटबॉल, फुटबॉल जैसे खेलों के बारे में बताएंगे.दिग्गज टेनिस खिलाड़ी स्पेन के राफेल नडाल को परिबास ओपन के फाइनल में हार मिली है. इसके बारे में हम आपको बताएंगे. हाल ही में ऑल इंग्लैंड के फाइनल में जगह बनाने वाले भारत के युवा बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने एक टूर्नामेंट से नाम वापस लेना का फैसला किया. इसके बारे में और इस टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती के बारे में भी हम आपको जानकारी देंगे. फुटबॉल की दुनिया से हम आपको भारतीय टीम के साथ-साथ मैनचेस्टर सिटी, बार्सिलोना, रियल मेड्रिड के मैचों की जानकारी देंगे. साथ ही भारत की तीनबीएल महिला बास्केटबॉल लीग का खिताब किस टीम के नाम रहा इसके बारे में भी जानकारी देंगे. स्विस ओपन में सेन को अपना पहला मैच हमवतन समीर वर्मा से खेलना था. सेन ने पिछले कुछ समय में शानदार प्रदर्शन किया है.उन्होंने दिसंबर में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता जबकि जनवरी में इंडिया ओपन के रूप में अपना पहला सुपर पाँच सौ खिताब हासिल किया. इसके बाद वह जर्मन ओपन और ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे. स्विस ओपन सुपर तीन सौ बैडमिंटन टूर्नामेंट में सभी की निगाहें दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु और विश्व चैंपियनशिप के रजत विजेता किदांबी श्रीकांत पर टिकी रहेंगी.टूर्नामेंट मंगलवार से शुरू हो रहा है. सिंधु, श्रीकांत और साइना नेहवाल बर्मिंघम में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में भी नाकाम रहे. इस सप्ताह वे अपने प्रदर्शन में सुधार करने की कोशिश करेंगे. सिंधु और साइना जहां जर्मन ओपन और ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप दोनों में दूसरे दौर में हार गयी थी, वहीं श्रीकांत जर्मन ओपन के अंतिम आठ में पहुंचे थे। सिंधु को यहां दूसरी वरीयता दी गयी है. वह पहले दौर में डेनमार्क की विश्व में बत्तीसवें नंबर की खिलाड़ी होजमार्क केजेर्सफेल्ट से भिड़ेंगी, जबकि साइना का सामना चीन की सातवीं वरीयता प्राप्त वांग झी यी होगा. विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद से अच्छी फॉर्म में दिख रहे श्रीकांत का सामना पुरुष एकल के पहले मैच में क्वालीफायर से होगा.टोक्यो ओलिंपियन बी साई प्रणीत अपने शुरुआती मैच में हमवतन एचएस प्रणय से भिड़ेंगे, जबकि पारुपल्ली कश्यप क्वालीफायर के खिलाफ उतरेंगे. टेलर फ्रिट्ज ने टखने की चोट के बावजूद राफेल नडाल का बीस मैच से चला आ रहा विजय अभियान रोककर रविवार को यहां इंडियन वेल्स बीएनपी परिबास ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीता. फ्रिट्ज पर चोट के कारण मैच से हटने का दबाव था. उनके कोच ने उन्हें जोखिम नहीं लेने की सलाह दी थी लेकिन अमेरिका के इस खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और स्पेनिश दिग्गज नडाल को छः-तीन, सात-पाँच से हराकर खिताब जीता. रिकार्ड इक्कीस ग्रैंडस्लैम जीत चुके नडाल की यह इस साल में पहली हार है. फ्रिट्ज सेमीफाइनल में सातवीं वरीयता प्राप्त आंद्रे रूबलेव के खिलाफ मैच के दौरान चोटिल हो गये थे. नडाल भी अस्वस्थ थे और उन्होंने फाइनल के दौरान दो बार 'मेडिकल टाइमआउट' लिया था. उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी. पूर्व भारतीय कप्तान रसप्रीत सिद्धू की अगुवाई में दिल्ली दीवास ने सोमवार को यहां फाइनल में पिछले चैंपियन कोच्चि स्टार्स को सत्रह-चौदह से हराकर तीनबीएल महिला बास्केटबॉल लीग का खिताब जीता. दिल्ली और स्टीव रिक्सन की अगुवाई वाली कोच्चि के बीच फाइनल में कड़ा मुकाबला देखने को मिला और एक समय स्कोर सात-सात से बराबरी पर था लेकिन आखिर में रसप्रीत का अनुभव उनकी प्रतिद्वंद्वी टीम पर भारी पड़ा. रसप्रीत को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी चुना गया. आयोजकों की विज्ञप्ति के अनुसार दिल्ली दीवास की टीम अब सोलह और सत्रह अप्रैल को इंडोनेशिया के बाली में होने वाले पहले आसियान बास्केटबॉल लीग दो हज़ार बाईस में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी. भारत ने इस महीने के आखिर में बहरीन और बेलारूस के खिलाफ होने वाले अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैत्री मैचों के लिये सोमवार को सात नये खिलाड़ियों को अपनी पच्चीस सदस्यीय टीम में शामिल किया. भारतीय राष्ट्रीय पुरुष टीम के कोच इगोर स्टीमाक ने बहरीन में तेईस और छब्बीस मार्च को खेले जाने वाले दो मैचों के लिये प्रभशुखान गिल, होर्मिपम रुइवा, अनवर अली, रोशन सिंह, वीपी सुहैर, दानिश फारूक और अनिकेत यादव के रूप में नये चेहरों को टीम में शामिल किया है. ये मैत्री मैच एएफसी एशियाई कप चीन दो हज़ार तेईस के आठ जून से कोलकाता में होने वाले क्वालीफाइंग मैचों के अंतिम दौर के लिये टीम की तैयारी का हिस्सा हैं. क्वालीफाईंग दौर के लिये भारत को हांगकांग, अफगानिस्तान और कंबोडिया के साथ ग्रुप डी में रखा गया है. बहरीन और बेलारूस के खिलाफ मैत्री मैचों के लिये भारत की पच्चीस सदस्यीय टीम इस प्रकार है : गोलकीपर : गुरप्रीत सिंह संधू, अमरिंदर सिंह, प्रभासुखन गिल. रक्षापंक्ति : प्रीतम कोटल, सेरीटन फर्नांडीस, राहुल भेके, होर्मिपम रुइवा, संदेश झिंगन, अनवर अली, चिंगलेनसाना सिंह, सुभाशीष बोस, आकाश मिश्रा, रोशन सिंह. मध्यपंक्ति : बिपिन सिंह, अनिरुद्ध थापा, प्रणय हलदर, जैकसन सिंह, ब्रैंडन फर्नांडीस, वीपी सुहैर, दानिश फारूक, यासिर मोहम्मद, अनिकेत जाधव. अग्रिम पंक्ति : मनवीर सिंह, लिस्टन कोलाको, रहीम अली. इंग्लिश प्रीमियर लीग की प्रतिद्वंद्वी टीम मैनचेस्टर सिटी और लिवरपूल ने रविवार को एफए कप फुटबॉल टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनायी जहां वे आमने सामने होंगी. सिटी ने क्वार्टर फाइनल में साउथैम्पटन को चार-एक से हराया तो लिवरपूल ने दूसरी श्रेणी की लीग में खेलने वाली टीम नॉटिंघम फॉरेस्ट को एक-शून्य से पराजित किया. इसका मतलब होगा कि अगले महीने ये दोनों टीम एक सप्ताह के अंदर दो बार एक दूसरे से भिड़ेंगी. इन दोनों के बीच दस अप्रैल को ईपीएल का मैच खेला जाएगा जबकि सोलह-सत्रह अप्रैल के सप्ताहांत में एफए कप का सेमीफाइनल होगा. एफए कप का दूसरा सेमीफाइनल चेल्सी और क्रिस्टल पैलेस के बीच खेला जाएगा. क्रिस्टल पैलेस ने रविवार को एवर्टन को चार-शून्य से हराकर दो हज़ार सोलह के बाद पहली बार अंतिम चार में जगह बनायी. चेल्सी ने शनिवार को मिडिलेसबोरोग को दो-शून्य से हराया था. चैंपियन्स लीग के क्वार्टर फाइनल में रियल मेड्रिड से हार झेलने के बाद पेरिस सेंट जर्मेन को फ्रांसीसी फुटबॉल लीग में रविवार को मोनाको के हाथों तीन-शून्य से हार का सामना करना पड़ा. मोनाको की तरफ से विसाम बेन येडेर ने दो गोल किये जबकि कई स्टार खिलाड़ियों से सजी पीएसजी की टीम एक भी गोल नहीं कर पायी. मोनाको की लीगएक में पीएसजी के खिलाफ एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे के बाद यह सबसे बड़ी जीत है. इस हार के बावजूद पीएसजी लीगएक में अब भी बारह अंक की बढ़त से शीर्ष पर बना हुआ है. उसके बाद मार्सेली का नंबर आता है जिसने एक अन्य मैच में नीस को दो-एक से हराया. पीएसजी फ्रांसीसी लीग में सेंट एटिनी के दस खिताब के रिकार्ड की बराबरी करने की कवायद में है. बार्सिलोना ने रियल मेड्रिड को चार-शून्य से करारी शिकस्त देकर अपने इस चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ हार का क्रम तोड़ने के साथ स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लिगा में खिताब की अपनी उम्मीदें भी जीवंत रखी. लियोनेल मेसी के बिना अपना पहला सत्र खेल रहे बार्सिलोना को रियल मेड्रिड से लगातार पांच मैच में हार का सामना करना पड़ा था. यह दो हज़ार उन्नीस के बाद रियल मैड्रिड के खिलाफ उसकी पहली जीत है. बार्सिलोना की जीत में पियरे एमरिक औबामेयांग ने दो जबकि रोनाल्ड आरुजो और फेरान टोरेस ने एक - एक गोल किया. इस जीत से बार्सिलोना लीग में शीर्ष पर चल रहे रीयाल मैड्रिड से अब बारह अंक पीछे है. अभी नौ दौर के मैच खेले जाने बाकी हैं. बार्सिलोना के चौथे स्थान की टीम एटलेटिको मैड्रिड के बराबर अंक हैं. वह दूसरे स्थान की टीम सेविला से तीन अंक पीछे है जिसने रीयाल सोसिडाड के खिलाफ मैच गोलरहित ड्रा खेला था. |
रविंदर ने बुधवार को यहां विश्व जूनियर कुश्ती चैंपियनशिप में पुरुषों की फ्रीस्टाइल 61 किग्रा रजत पदक जीता, जबकि बिपाशा महिलाओं के 76 किग्रा फाइनल में पहुंचीं और भारत को किसी भी अन्य पदक की गारंटी दी।
बिपाशा ने कजाकिस्तान की दिलनाज मुल्किनोवा को 6-तीन और मंगोलिया की ओडबाग उलजीबत को 9-4 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। महिलाओं में सिमरन (50 किग्रा), सीतो (55 किग्रा), कुसुम (59 किग्रा) और आरजू (68 किग्रा) अपने-अपने कांस्य पदक के मैच लड़ेंगी। सिमरन सेमीफाइनल में हार गईं, जबकि सीतो, क्वार्टर फाइनल में कुसुम और आरजू को हार का सामना करना पड़ा।
मंगलवार को आखिरी में जगह बनाने वाले रविंदर ईरानी रहमान मौसा अमौजादखलीली से 9-3 से हारकर रजत पदक अपने नाम कर चुके हैं।
यश (74 किग्रा), पृथ्वीराज पाटिल (92 किग्रा) और कुमार अनिरुद्ध (125 किग्रा) को कांस्य पदक मैचों में दिया गया। यश प्री-क्वार्टर फाइनल में हार गए, जबकि पृथ्वीराज और अनिरुद्ध अपनी किस्मत में सुधार देखने से पहले क्वार्टर फाइनल में हार गए थे।
मंगलवार को गौरव बालियान (79 किग्रा) और दीपक (97 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया।
| रविंदर ने बुधवार को यहां विश्व जूनियर कुश्ती चैंपियनशिप में पुरुषों की फ्रीस्टाइल इकसठ किग्रा रजत पदक जीता, जबकि बिपाशा महिलाओं के छिहत्तर किग्रा फाइनल में पहुंचीं और भारत को किसी भी अन्य पदक की गारंटी दी। बिपाशा ने कजाकिस्तान की दिलनाज मुल्किनोवा को छः-तीन और मंगोलिया की ओडबाग उलजीबत को नौ-चार से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। महिलाओं में सिमरन , सीतो , कुसुम और आरजू अपने-अपने कांस्य पदक के मैच लड़ेंगी। सिमरन सेमीफाइनल में हार गईं, जबकि सीतो, क्वार्टर फाइनल में कुसुम और आरजू को हार का सामना करना पड़ा। मंगलवार को आखिरी में जगह बनाने वाले रविंदर ईरानी रहमान मौसा अमौजादखलीली से नौ-तीन से हारकर रजत पदक अपने नाम कर चुके हैं। यश , पृथ्वीराज पाटिल और कुमार अनिरुद्ध को कांस्य पदक मैचों में दिया गया। यश प्री-क्वार्टर फाइनल में हार गए, जबकि पृथ्वीराज और अनिरुद्ध अपनी किस्मत में सुधार देखने से पहले क्वार्टर फाइनल में हार गए थे। मंगलवार को गौरव बालियान और दीपक ने कांस्य पदक हासिल किया। |
काव्य के प्रोज, प्रसाद और चमत्कार के लिये महाभारत की समानता संस्कृत साहित्य में केवल रामायण से ही हो सकती है। मध्यदेश के उस समय के जीवन के लिये भी इसका मूल्य बहुत है । अनेक समय पर अनेक कवियों के द्वारा रचे जाने से महाभारत में विचार या व्यवहार की एकता नहीं है पर यह भेद ऐतिहासिक उपयोगिता को बढ़ाता ही है । महाभारत में बहुत से उपाख्यान, संवाद, गीता इत्यादि शामिल हैं जिनकी रचना सम्भवतः मूल कथा के आस पास हुई थी पर जो पीछे से मिलाये गये हैं। महाभारत हिन्दूधर्म, नीति, समाजसिद्धान्त और कथाओं का विश्वकोष सा है। उसके रचयिता अथवा यो कहिये सम्पादक का यह दावा निर्मूल नहीं है कि जो कुछ है महाभारत से निकला है, जो महाभारत में नहीं है वह कहीं भी नहीं है ।
महाभारत की मुख्य कथा तो सब को विदित है। कौन नहीं जानता कि पांडु के पांच पुत्र युधिडिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव अपने चचेरे भाई कौरव अर्थात् धृतराष्ट्र के सौ पुत्रों से बहुत अनबन, निर्वासन, और संधि प्रस्तावों की निष्फलता के बाद, कुरुक्षेत्र में महायुद्ध किया था और बड़ी काट मार के बाद विजय प्राप्त की थी ? महाभारत में यह कथा कुरुवंश की उत्पत्ति से लेकर युद्ध में मारे हुये वीरों की अन्त्येष्टि किया तक और विजेताओं के स्वर्गारोहण तक अठारह पर्वों में घयान की है । कथा का क्षेत्र मुख्यतः मध्यदेश का पच्छिमी भाग हैं, केन्द्र हस्तिनापुर
है; पर कौरव या पांडवों की ओर से युद्ध करने वाले राजाओं के वर्णन में सारे देश का व्यौरा श्रा गया है । में महाभारत की कथा में कहां तक ऐतिहासिक घटनाएं हैं और कहां तक कवियों को कल्पनाएं हैं - यह बताना असम्भव है । शायद मूल कथा की मोटी २ घटनाओं में ऐतिहासिक सत्य है पर बाक़ी सब छोटी २ बातें और कथानक मुख्यतः कवियों की करामात हैं। पर वर्णन चाहे ऐतिहासिक हो और चाहे कल्पित हों उनसे सभ्यता की बहुत सी बातों का पता लगता है । हिन्दू राजनीति का व्योरेवार वृत्तान्त सब से पहिले महाभारत में मिलता है । सामाजिक संस्थाप व्यवहार में कैसी थीं - यह भी महाभारत और रामायण से अच्छी तरह मालूम होता है । इसके अलावा उस समय के तत्त्वज्ञान पर भी कुछ प्रकाश पड़ता है।
महाभारत में समाज का संगठन सिद्धान्त वर्णव्यवस्था के अनुसार के आधार पर है पर व्यवहार में इस व्यवस्था का उल्लंघन करता था । वनपर्व में युधि ष्ठिर कहते हैं कि जातियों का सम्मिश्रण इतना ज्यादा होगया है कि जन्म नहीं, किन्तु चरित्र ही प्रधान है । आदिपर्व से भी मालूम होता है कि कोई • राजा शुद्र कन्याओं | काव्य के प्रोज, प्रसाद और चमत्कार के लिये महाभारत की समानता संस्कृत साहित्य में केवल रामायण से ही हो सकती है। मध्यदेश के उस समय के जीवन के लिये भी इसका मूल्य बहुत है । अनेक समय पर अनेक कवियों के द्वारा रचे जाने से महाभारत में विचार या व्यवहार की एकता नहीं है पर यह भेद ऐतिहासिक उपयोगिता को बढ़ाता ही है । महाभारत में बहुत से उपाख्यान, संवाद, गीता इत्यादि शामिल हैं जिनकी रचना सम्भवतः मूल कथा के आस पास हुई थी पर जो पीछे से मिलाये गये हैं। महाभारत हिन्दूधर्म, नीति, समाजसिद्धान्त और कथाओं का विश्वकोष सा है। उसके रचयिता अथवा यो कहिये सम्पादक का यह दावा निर्मूल नहीं है कि जो कुछ है महाभारत से निकला है, जो महाभारत में नहीं है वह कहीं भी नहीं है । महाभारत की मुख्य कथा तो सब को विदित है। कौन नहीं जानता कि पांडु के पांच पुत्र युधिडिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव अपने चचेरे भाई कौरव अर्थात् धृतराष्ट्र के सौ पुत्रों से बहुत अनबन, निर्वासन, और संधि प्रस्तावों की निष्फलता के बाद, कुरुक्षेत्र में महायुद्ध किया था और बड़ी काट मार के बाद विजय प्राप्त की थी ? महाभारत में यह कथा कुरुवंश की उत्पत्ति से लेकर युद्ध में मारे हुये वीरों की अन्त्येष्टि किया तक और विजेताओं के स्वर्गारोहण तक अठारह पर्वों में घयान की है । कथा का क्षेत्र मुख्यतः मध्यदेश का पच्छिमी भाग हैं, केन्द्र हस्तिनापुर है; पर कौरव या पांडवों की ओर से युद्ध करने वाले राजाओं के वर्णन में सारे देश का व्यौरा श्रा गया है । में महाभारत की कथा में कहां तक ऐतिहासिक घटनाएं हैं और कहां तक कवियों को कल्पनाएं हैं - यह बताना असम्भव है । शायद मूल कथा की मोटी दो घटनाओं में ऐतिहासिक सत्य है पर बाक़ी सब छोटी दो बातें और कथानक मुख्यतः कवियों की करामात हैं। पर वर्णन चाहे ऐतिहासिक हो और चाहे कल्पित हों उनसे सभ्यता की बहुत सी बातों का पता लगता है । हिन्दू राजनीति का व्योरेवार वृत्तान्त सब से पहिले महाभारत में मिलता है । सामाजिक संस्थाप व्यवहार में कैसी थीं - यह भी महाभारत और रामायण से अच्छी तरह मालूम होता है । इसके अलावा उस समय के तत्त्वज्ञान पर भी कुछ प्रकाश पड़ता है। महाभारत में समाज का संगठन सिद्धान्त वर्णव्यवस्था के अनुसार के आधार पर है पर व्यवहार में इस व्यवस्था का उल्लंघन करता था । वनपर्व में युधि ष्ठिर कहते हैं कि जातियों का सम्मिश्रण इतना ज्यादा होगया है कि जन्म नहीं, किन्तु चरित्र ही प्रधान है । आदिपर्व से भी मालूम होता है कि कोई • राजा शुद्र कन्याओं |
वॉशिंगटन धमकी देनेवाला नॉर्थ कोरिया भले ही नरम दिख रहा हो पर उसके साथ अमेरिका को डील करने में कई तरह की परेशानी आ सकती है। परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को एक ऐसी हुकूमत का सामना करना है, जिसका दशकों से काफी छिपा हुआ अजेंडा रहा है। इंटरनैशनल मॉनिटर्स को नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। ऐसे में सार्थक समझौता इस बात पर निर्भर करेगा कि नॉर्थ कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम के स्कोप के बारे में क्या घोषणा करता है। यह एक ऐसी घोषणा होगी, जिस पर कोई भी भरोसा नहीं करेगा।
न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के इस संभावित ऐलान की तमाम विशेषज्ञों द्वारा व्यापक जांच की जरूरत होगी। इससे 50 साल के नॉर्थ कोरिया के बड़े रहस्य से पर्दा उठेगा। मीलों तक फैली उसकी इंडस्ट्रियल साइट्स और पहाडों के पास बनी सुरंगों के बारे में दुनिया को पहली बार पता चलेगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को करीब 200 देशों के 300 इंस्पेक्टरों को तैनात करना पड़ सकता है।
ट्रंप के लिए डील इस लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण होगी क्योंकि उन्होंने 2015 में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते पर सवाल उठाए थे और उसे झूठा करार दिया था। इससे हटने पर वह अगले कुछ दिनों में फैसला भी ले सकते हैं। वैसे ईरान से नॉर्थ कोरिया का मामला बिल्कुल अलग है। नॉर्थ कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम को दुनिया की नजरों से छुपाकर रखा और करीब 20 से 60 परमाणु हथियार बना लिए जबकि ईरान के पास ऐसा कुछ नहीं है।
इंस्पेक्टरों की टीम को कितनी सफलता मिलती है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि नॉर्थ कोरिया के लीडर किम जोंग-उन से उन्हें कितना सहयोग मिलता है। 4 साल पहले RAND कॉर्पोरेशन (डिफेंस डिपार्टमेंट के लिए स्टडी करने वाली संस्था) ने अनुमान लगाया था कि अगर देश का पतन हुआ तो नॉर्थ कोरिया के सामूहिक विनाश के हथियार का पता लगाने और उसे सुरक्षित करने के लिए 2,73,000 सैनिकों की जरूरत पड़ेगी। यह आंकड़ा इराक में एक समय में मौजूद रहे अमेरिकियों से कहीं ज्यादा है।
ईरान की तरह नॉर्थ कोरिया को भी निरस्त्रीकरण समझौते के लिए अपने परमाणु स्थलों, फैक्टरीज और हथियारों के बारे में पूरी लिस्ट देनी होगी। इसके बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियां फौरन अपने आंकड़ों से इसकी तुलना करेगी। सत्यापन की प्रक्रिया की जटिलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निरस्त्रीकरण को लेकर ट्रंम के माइंड में क्या है और क्या यह किम की परिभाषा से मैच करता है।
ट्रंप प्रशासन ने यह नहीं कहा है कि क्या नॉर्थ कोरिया को अपने सभी प्रॉडक्शन फसिलटीज को खत्म करना होगा, जिसे ईरान से ज्यादा माना जा रहा है। यह भी साफ नहीं है कि क्या नॉर्थ अपने सभी मिसाइलों को भी खत्म कर देगा।
| वॉशिंगटन धमकी देनेवाला नॉर्थ कोरिया भले ही नरम दिख रहा हो पर उसके साथ अमेरिका को डील करने में कई तरह की परेशानी आ सकती है। परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप को एक ऐसी हुकूमत का सामना करना है, जिसका दशकों से काफी छिपा हुआ अजेंडा रहा है। इंटरनैशनल मॉनिटर्स को नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। ऐसे में सार्थक समझौता इस बात पर निर्भर करेगा कि नॉर्थ कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम के स्कोप के बारे में क्या घोषणा करता है। यह एक ऐसी घोषणा होगी, जिस पर कोई भी भरोसा नहीं करेगा। न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के इस संभावित ऐलान की तमाम विशेषज्ञों द्वारा व्यापक जांच की जरूरत होगी। इससे पचास साल के नॉर्थ कोरिया के बड़े रहस्य से पर्दा उठेगा। मीलों तक फैली उसकी इंडस्ट्रियल साइट्स और पहाडों के पास बनी सुरंगों के बारे में दुनिया को पहली बार पता चलेगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को करीब दो सौ देशों के तीन सौ इंस्पेक्टरों को तैनात करना पड़ सकता है। ट्रंप के लिए डील इस लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण होगी क्योंकि उन्होंने दो हज़ार पंद्रह में ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते पर सवाल उठाए थे और उसे झूठा करार दिया था। इससे हटने पर वह अगले कुछ दिनों में फैसला भी ले सकते हैं। वैसे ईरान से नॉर्थ कोरिया का मामला बिल्कुल अलग है। नॉर्थ कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम को दुनिया की नजरों से छुपाकर रखा और करीब बीस से साठ परमाणु हथियार बना लिए जबकि ईरान के पास ऐसा कुछ नहीं है। इंस्पेक्टरों की टीम को कितनी सफलता मिलती है, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि नॉर्थ कोरिया के लीडर किम जोंग-उन से उन्हें कितना सहयोग मिलता है। चार साल पहले RAND कॉर्पोरेशन ने अनुमान लगाया था कि अगर देश का पतन हुआ तो नॉर्थ कोरिया के सामूहिक विनाश के हथियार का पता लगाने और उसे सुरक्षित करने के लिए दो,तिहत्तर,शून्य सैनिकों की जरूरत पड़ेगी। यह आंकड़ा इराक में एक समय में मौजूद रहे अमेरिकियों से कहीं ज्यादा है। ईरान की तरह नॉर्थ कोरिया को भी निरस्त्रीकरण समझौते के लिए अपने परमाणु स्थलों, फैक्टरीज और हथियारों के बारे में पूरी लिस्ट देनी होगी। इसके बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियां फौरन अपने आंकड़ों से इसकी तुलना करेगी। सत्यापन की प्रक्रिया की जटिलता इस बात पर निर्भर करेगी कि निरस्त्रीकरण को लेकर ट्रंम के माइंड में क्या है और क्या यह किम की परिभाषा से मैच करता है। ट्रंप प्रशासन ने यह नहीं कहा है कि क्या नॉर्थ कोरिया को अपने सभी प्रॉडक्शन फसिलटीज को खत्म करना होगा, जिसे ईरान से ज्यादा माना जा रहा है। यह भी साफ नहीं है कि क्या नॉर्थ अपने सभी मिसाइलों को भी खत्म कर देगा। |
उत्तर प्रदेश के मेरठ में पशु-तस्करों द्वारा पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर मारने का मामला सामने आया है। इस दौरान हमलावरों ने पुलिस की जीप भी तोड़ डाली। घटनास्थल पर भारी संख्या में पहुँच पुलिस बल ने एसपी (देहात) अविनाश कुमार पांडे के नेतृत्व में हालात पर क़ाबू पाया। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
घटना मेरठ के थाना इंचोली क्षेत्र की है। सीखड़े गाँव में पशु-तस्करी की सूचना पर इंचोली थाने की पुलिस दबिश के मक़सद से गई थी। पशु तस्कर के घर में शादी समारोह चल रहा था और उसके घर में दर्जनों लोग इकट्ठा थे। पुलिस को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस ने पशु तस्कर असलम और उसके बेटे अकरम को हिरासत में ले लिया। अचानक पहुंँची पुलिस को देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
एसपी के मुताबिक़, बुधवार (28 अगस्त) को सिखोड़ा थाना से दो भैंसों की चोरी की सूचना मिली थी। इसमें नामज़द मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें अकरम भाटी को आरोपित बनाया गया। इससे पहले भी आरोपित पर पैसा न लौटाने संबंधी आरोप लगते रहे हैं। इसी मामले में पुलिस उसे गिरफ़्तार करने पहुँची थी। ख़बर के अनुसार, पुलिस ने देर रात 26 लोगों को हिरासत में लिया।
| उत्तर प्रदेश के मेरठ में पशु-तस्करों द्वारा पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ा कर मारने का मामला सामने आया है। इस दौरान हमलावरों ने पुलिस की जीप भी तोड़ डाली। घटनास्थल पर भारी संख्या में पहुँच पुलिस बल ने एसपी अविनाश कुमार पांडे के नेतृत्व में हालात पर क़ाबू पाया। कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। घटना मेरठ के थाना इंचोली क्षेत्र की है। सीखड़े गाँव में पशु-तस्करी की सूचना पर इंचोली थाने की पुलिस दबिश के मक़सद से गई थी। पशु तस्कर के घर में शादी समारोह चल रहा था और उसके घर में दर्जनों लोग इकट्ठा थे। पुलिस को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस ने पशु तस्कर असलम और उसके बेटे अकरम को हिरासत में ले लिया। अचानक पहुंँची पुलिस को देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। एसपी के मुताबिक़, बुधवार को सिखोड़ा थाना से दो भैंसों की चोरी की सूचना मिली थी। इसमें नामज़द मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें अकरम भाटी को आरोपित बनाया गया। इससे पहले भी आरोपित पर पैसा न लौटाने संबंधी आरोप लगते रहे हैं। इसी मामले में पुलिस उसे गिरफ़्तार करने पहुँची थी। ख़बर के अनुसार, पुलिस ने देर रात छब्बीस लोगों को हिरासत में लिया। |
मतलन यह हुआ कि सभी श्रमी को ( बौद्धिक और शारीरिक ) सम्पत्ति प्राप्त करने का पूरा-पूरा अवसर रहेगा । अर्थात् समाज उसका यथा उचित नियंत्रण कर सकेगा। सामाजिक निर्वन्ध और नियंत्रण को अप्पाजी अपथ्यकर नहीं समझते । प्रत्युत वे जैसी समाज-रचना चाहते हैं, वह निर्बन्धो के बिना नहीं बन सकती, यह उनका स्पष्ट मत देस पड़ता है ।
अर्थात् शोषणरहित धनसंचय से उत्पन्न होनेवाली अस मानता और उससे निर्मित होनेवाली आर्थिक और सामाजिक विपमता अप्पाजी को स्वीकार है। यही नहीं, बल्कि मेहनती और प्रयत्नशील समाज का संगोपन करने के लिए इसकी आवश्यकता है; यही उनका सिद्धान्त है और उनकी कल्पना के अनुसार उनका यह विचार भूदान तत्त्वज्ञान-प्रणीत 'शोषणरहित' समाज-रचना के विपरीत होने के कारण उन्होंने अपना यह मतभेद स्पष्ट रूप से प्रकट कर ही दिया है। इसका अभिप्राय यह नहीं है कि इस प्रकार होनेवाली विपमता तात्त्विक दृष्टि से अप्पाजी को स्वीकार है । अपरिग्रह का तत्त्व सर्वश्रेष्ठ है । प्रत्येक मनुष्य के सामने यह ध्येय रूप से होना चाहिए । परन्तु यह 'अनुनय' का विषय है । यह सामाजिक निर्वन्च से निर्माण करने की चीज नहीं, यही उनकी मान्यता है ।
आज की 'शोपणयुक्त' आर्थिक रचना से जो विषमता उत्पन्न हुई है, उसका क्या होगा ? इसके लिए अप्पाजी ने 'उदकशान्ति' की कल्पना सुझायी है, और उसके बाद ही यह सारी व्यवस्था कार्यरूप मे आने को है । अर्थात् किसी निश्चित तारीस को सब लोग अपनी सम्पत्ति का यथाशक्ति अंश स्वेच्छा से दान करेंगे। इसमें किसी पर कोई जोर या दबाव न होगा । दवाव डालना अन्याय होगा। 'आज तक अमीरी का जिन्हें अभ्यास पड़ा हुआ था, जिन्हें हमने आपने ही इस प्रकार रहने दिया, उन्हें | मतलन यह हुआ कि सभी श्रमी को सम्पत्ति प्राप्त करने का पूरा-पूरा अवसर रहेगा । अर्थात् समाज उसका यथा उचित नियंत्रण कर सकेगा। सामाजिक निर्वन्ध और नियंत्रण को अप्पाजी अपथ्यकर नहीं समझते । प्रत्युत वे जैसी समाज-रचना चाहते हैं, वह निर्बन्धो के बिना नहीं बन सकती, यह उनका स्पष्ट मत देस पड़ता है । अर्थात् शोषणरहित धनसंचय से उत्पन्न होनेवाली अस मानता और उससे निर्मित होनेवाली आर्थिक और सामाजिक विपमता अप्पाजी को स्वीकार है। यही नहीं, बल्कि मेहनती और प्रयत्नशील समाज का संगोपन करने के लिए इसकी आवश्यकता है; यही उनका सिद्धान्त है और उनकी कल्पना के अनुसार उनका यह विचार भूदान तत्त्वज्ञान-प्रणीत 'शोषणरहित' समाज-रचना के विपरीत होने के कारण उन्होंने अपना यह मतभेद स्पष्ट रूप से प्रकट कर ही दिया है। इसका अभिप्राय यह नहीं है कि इस प्रकार होनेवाली विपमता तात्त्विक दृष्टि से अप्पाजी को स्वीकार है । अपरिग्रह का तत्त्व सर्वश्रेष्ठ है । प्रत्येक मनुष्य के सामने यह ध्येय रूप से होना चाहिए । परन्तु यह 'अनुनय' का विषय है । यह सामाजिक निर्वन्च से निर्माण करने की चीज नहीं, यही उनकी मान्यता है । आज की 'शोपणयुक्त' आर्थिक रचना से जो विषमता उत्पन्न हुई है, उसका क्या होगा ? इसके लिए अप्पाजी ने 'उदकशान्ति' की कल्पना सुझायी है, और उसके बाद ही यह सारी व्यवस्था कार्यरूप मे आने को है । अर्थात् किसी निश्चित तारीस को सब लोग अपनी सम्पत्ति का यथाशक्ति अंश स्वेच्छा से दान करेंगे। इसमें किसी पर कोई जोर या दबाव न होगा । दवाव डालना अन्याय होगा। 'आज तक अमीरी का जिन्हें अभ्यास पड़ा हुआ था, जिन्हें हमने आपने ही इस प्रकार रहने दिया, उन्हें |
ब्लॉक त्रिवेदीगंज की ग्राम पंचायत दहिला में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की कनवर्जन कॉस्ट की रकम को लेकर प्रधान व जूनियर हाईस्कूल के हेड मास्टर में ठन गई है। प्रधान ने हेडमास्टर पर प्रति माह तीन हजार रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया है।
ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार यादव ने डीएम अजय यादव से शिकायत की है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय के हेडमास्टर लल्लूराम वर्मा मिड-डे-मील की चेक भुगतान के लिए ऑफिस खर्च के नाम पर प्रतिमाह तीन हजार रुपये मांग रहे हैं। यह रकम न देने पर उन्होंने सितंबर के कनवर्जन कॉस्ट की रकम की चेक पर हस्ताक्षर से मना कर दिया है।
हेडमास्टर लल्लूराम वर्मा ने बताया कि प्रधान झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कोई रकम नहीं मांगी है। यह सब इसलिए हो रहा है कि क्योंकि उन्होंने 26जनवरी, 15अगस्त व गांधी जयंती पर बच्चों को मीठा वितरण न करने पर एतराज जताया था। सोमवार के दिन फल न देने पर आपत्ति जताई थी। बीईओ मनमोहन सिंह ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। आएगी तो जांच होगी।
📌अनुपस्थिति लगाने से गुस्साए शिक्षक ने गुरुवार को अपने साथियों संग मिलकर खंड शिक्षा अधिकारी डंडे-लाठी से पीटकर घायल कर दिया। साथ ही मोबाइल समेत जेब में रखी हुई नगदी लूटकर फरार हो गया। बीएसए ने मामले में शिक्षक को बर्खास्त करने की बात कही है।
📌भदपुरा ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी ओपी कुशवाहा ने गुरुवार को तीन विद्यालयों का निरीक्षण किया। उनको प्राथमिक विद्यालय देशनगर में तैनात शिक्षक अब्दुल हामिद एवं राणा प्रताप स्कूल में नहीं मिले। इस पर उन्होंने दोनों की अनुपस्थिति दर्ज कर दी। उधर शिक्षक अब्दुल हामिद ने अपने साथी व शिक्षक नेता हरेंद्र सिंह रानू से फोन करवाकर बीईओ पर अनुपस्थिति न करने का दवाब बनाना शुरू कर दिया लेकिन बीईओ नहीं माने। यह बात शिक्षक अब्दुल को नागवार गुजरी। कार्यालय से शाम को घर लौटते समय शिक्षक ने अपने छह साथियों के साथ लवखेड़ा पुलिया के पास बीईओ की कार रोक ली। इसके बाद उन्हें कार से जबरन उतारकर डंडे-लाठियों से पीटकर लहूलुहान कर दिया। साथ ही जेब में रखे मोबाइल समेत नगदी लूटकर फरार हो गए। बीईओ ने मामले की सूचना बीएसए ऐश्वर्या लक्ष्मी यादव को दी। पीड़ित ने बताया कि शुक्रवार को घटना की तहरीर दी जाएगी।
विद्यालयों में डेंगू से बचाव की बच्चों को गहराई से जानकारी दी जाएगी। बच्चे खुद तो जागरूक होंगे ही, घर से लेकर समाज को भी जानकारियां देंगे। दिनों दिन फैल रही बीमारियों और डेंगू से बचाव के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने पहल शुरू की है। बेसिक शिक्षा निदेशक के आदेश पर इसे लागू किया जा रहा है।बुखार जानलेवा होता जा रहा है तो डेंगू कहर मचाए हुए है। वैसे डेंगू का न तो कोई टीका है और न ही कोई बचने की दवाई। बस सावधानी ही बीमारी से बचाव है। वैसे तो स्वास्थ्य विभाग जागरुकता अभियान चला रहा है। जिसमें सबसे ज्यादा मच्छरों से बचाव, घर व विद्यालयों को साफ सुधरा रखने, पानी न जमा होने देने आदि की जानकारी दी जाती है। कूलर और गमलों से भी पानी साफ करने के लिए कहा जाता है। स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अब बच्चों को भी जागरुकता अभियान में चलाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा निदेशक दिनेश बाबू शर्मा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी आदेश में बताया कि शिक्षक शिक्षिकाओं को गहराई से जानकारी दी जाए और वह बच्चों को एक एक ¨बदु की जानकारी दें। विद्यालयों को पूरी तरह से साफ सुथरा रखा जाए। निदेशक ने बताया कि जब बच्चे जागरुक हो जाएंगे तो फिर समाज खुद व खुद जागरुक हो जाएगा। बच्चे घरों में लोगों को जानकारी देंगे साथ ही अन्य को भी प्रेरित करेंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक के आदेश पर एडी बेसिक महेंद्र सिंह राणा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग पर लगा ग्रहण दूर करने के लिए एक बार फिर शासन पर निगाहें टिकी हैं। यदि जल्द ही नए सदस्यों का नियुक्तियां न की गईं तो आयोग का हाल फिर पहले जैसा ही हो सकता है। वर्तमान में आयोग में अध्यक्ष के अलावा सिर्फ एक ही सदस्य शेष रह गए हैं, जो मौजूदा हाल में कोई भी फैसला लेने में सक्षम नहीं हैं। इससे 1652 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की भर्ती का इंतजार और लंबा होने के आसार हैं।
वैसे सदस्यों के अकाल के बावजूद आयोग मे नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर काम हो रहा है। चूंकि कोरम रहते 1652 पदों की भर्ती का साक्षात्कार शुरू करा दिया गया था इसलिए इसमें कोई व्यवधान नहीं है। यह अलग बात है कि सदस्यों की नियुक्ति होती तो बोर्ड की संख्या बढ़ जाती और यह काम जल्दी निपट जाता। आयोग के सूत्र बताते हैं कि यदि सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई तो साक्षात्कार की यह प्रक्रिया अगले साल तक खिंच जाएगी।
इसके अलावा आयोग ने 1150 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू करा दी है, जो सदस्यों की कमी से प्रभावित हो जाएगी। आयोग के सूत्रों का कहना है कि सदस्यों की नियुक्ति के लिए शासन स्तर पर चल रही प्रक्रिया में तेजी आई है और इसी महीने चयन हो जाने की संभावना है। आयोग के अध्यक्ष प्रभात मित्तल ने भी वस्तुस्थिति से शासन को अवगत कराया है।1यह विडंबना ही है कि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का विधिवत गठन न हो पाने की वजह से बीते छह साल से डिग्री कालेज के शिक्षकों की एक भी नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। कमोबेश यही स्थिति प्राचार्य पदों की भी है। खुद सरकार भी इससे उदासीन ही रही, क्योंकि जो नियुक्तियां की भी गईं, वह विवादों में फंसी रहीं। लंबे समय तक तो कार्यवाहक अध्यक्ष रामवीर सिंह यादव से काम चलाया गया। उनकी नियुक्ति हाईकोर्ट ने अवैध पाई। इसके बाद जुलाई में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एलबी पांडेय को भेजा गया लेकिन वह महज दो माह ही रह सके। उनकी नियुक्ति भी कोर्ट ने रद कर दी। इससे पहले तीन सदस्यों की नियुक्ति रद की जा चुकी थी।
सचिव पद पर संजय सिंह की नियुक्ति को लेकर भी विवाद रहा। नया अध्यक्ष आने के बाद आयोग पटरी पर आया जरूर लेकिन अब फिर स्थिति जस की तस पहुंच गई है।
कक्षा 1 से 8 तक चलती हैं 54 प्रकार की किताबें,
बेसिक शिक्षा परिषद में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सत्र 2016-17 अच्छा नहीं रहा कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। कारण कि आधा सत्र बिना किताबों के ही बीत गया है। 15 अक्टूबर से अर्ध वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम आ गया है। अब सब किताबें हाथ में आ पाई हैं।
विभाग के मांग पत्र के अनुसार तीसरी खेप में 12 प्रकार की किताबों की खेप आ गई है। कक्षा एक से आठ तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को कक्षावार किताबें आवंटित हैं। 54 प्रकार की किताबों से शिक्षा दी जाती है। इसबार का इतिहास बड़ा गड़बड़ रहा। शासन स्तर पर किताबों की छपाई में आई बाधा का खामियाजा नौनिहालों ने भुगता।
अक्टूबर माह का पहला सप्ताह बीत रहा है, अब किताबों की मांग पूरी हो पाई है। शासन से भेजी गई किताबों की खेप का सत्यापन टीम से कराने के बाद स्कूलों को भेजकर वितरण की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। निःशुल्क किताबों के वितरण प्रभारी-बीईओ राकेश सचान ने बताया कि तीन खेप में किताबें प्राप्त हुईं हैं। दो खेप का वितरण कराया जा चुका है। अंतिम तीसरी खेप में 12 तरह की किताबें आईं हैं जो जल्द ही छात्रों में वितरित करा दी जाएंगी। बीआरसी भेजने का काम शुक्रवार से शुरू हो जाएगा।
कार्य पुस्तिका की खेप नहीं आई : परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए निःशुल्क भेजी जाने वाली किताबों के साथ कार्य पुस्तिका भी दी जाती है। अभी तक विभाग के पास किताबों का ही टोटा से ही नहीं उबर पा रहा था। अब कार्य पुस्तिका के लिए रोना पड़ेगा। यह पुस्तिका आएगी कि नहीं इसको लेकर अलग अलग तरह विचार रखे जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि कार्य पुस्तिका आने के आसार कम दिख रहे हैं। कारण कि आसन्न चुनाव के चलते आगे पढ़ाई का समय कम बचा है। वहीं जिम्मेदार इसको लेकर विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। उनका कहना है कि कार्य पुस्तिका आएगी।
कुशीनगर : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में गैर जनपदों से आये शिक्षकों को विद्यालय आवंटन हेतु काउंसिलिंग,
अंतरजनपदीय स्थानांतरण से अपने गृह जनपद आए परिषदीय शिक्षकों की पदस्थापना के लिए बुधवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में काउंसिलिंग हुई। इस दौरान परिसर में गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने नवागत शिक्षकों को शुभकामनाएं दी है। शासन के निर्देश पर बीते दिनों हुए अंतरजनपदीय तबादलों में जनपद से 427 शिक्षकों का गैर जनपद तबादला हुआ था। इसी तरह 78 शिक्षक गैर जनपदों से स्थानांतरित होकर कुशीनगर आए हैं। अपने गृह जनपद आए इन शिक्षकों में 48 शिक्षकों की काउंसिलिंग प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक पद के लिए पहले दिन हुई। जबकि बाकी बचे 30 शिक्षकों की काउंसिलिंग अगले दिन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक पद के लिए होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पन्ना राम गुप्त भी डायट पहुंचे और जानकारी ली। काउंसिलिंग के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी मोतीचक एसएन त्रिपाठी, कसया धीरेंद्र त्रिपाठी, पडरौना अजय तिवारी, बीएन तिवारी, संदीप राय, नवीन पांडेय, धर्मेंद्र शर्मा, राजीव यादव आदि मौजूद रहे।
| ब्लॉक त्रिवेदीगंज की ग्राम पंचायत दहिला में मध्याह्न भोजन की कनवर्जन कॉस्ट की रकम को लेकर प्रधान व जूनियर हाईस्कूल के हेड मास्टर में ठन गई है। प्रधान ने हेडमास्टर पर प्रति माह तीन हजार रुपये मांगे जाने का आरोप लगाया है। ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार यादव ने डीएम अजय यादव से शिकायत की है कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय के हेडमास्टर लल्लूराम वर्मा मिड-डे-मील की चेक भुगतान के लिए ऑफिस खर्च के नाम पर प्रतिमाह तीन हजार रुपये मांग रहे हैं। यह रकम न देने पर उन्होंने सितंबर के कनवर्जन कॉस्ट की रकम की चेक पर हस्ताक्षर से मना कर दिया है। हेडमास्टर लल्लूराम वर्मा ने बताया कि प्रधान झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कोई रकम नहीं मांगी है। यह सब इसलिए हो रहा है कि क्योंकि उन्होंने छब्बीसजनवरी, पंद्रहअगस्त व गांधी जयंती पर बच्चों को मीठा वितरण न करने पर एतराज जताया था। सोमवार के दिन फल न देने पर आपत्ति जताई थी। बीईओ मनमोहन सिंह ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। आएगी तो जांच होगी। 📌अनुपस्थिति लगाने से गुस्साए शिक्षक ने गुरुवार को अपने साथियों संग मिलकर खंड शिक्षा अधिकारी डंडे-लाठी से पीटकर घायल कर दिया। साथ ही मोबाइल समेत जेब में रखी हुई नगदी लूटकर फरार हो गया। बीएसए ने मामले में शिक्षक को बर्खास्त करने की बात कही है। 📌भदपुरा ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी ओपी कुशवाहा ने गुरुवार को तीन विद्यालयों का निरीक्षण किया। उनको प्राथमिक विद्यालय देशनगर में तैनात शिक्षक अब्दुल हामिद एवं राणा प्रताप स्कूल में नहीं मिले। इस पर उन्होंने दोनों की अनुपस्थिति दर्ज कर दी। उधर शिक्षक अब्दुल हामिद ने अपने साथी व शिक्षक नेता हरेंद्र सिंह रानू से फोन करवाकर बीईओ पर अनुपस्थिति न करने का दवाब बनाना शुरू कर दिया लेकिन बीईओ नहीं माने। यह बात शिक्षक अब्दुल को नागवार गुजरी। कार्यालय से शाम को घर लौटते समय शिक्षक ने अपने छह साथियों के साथ लवखेड़ा पुलिया के पास बीईओ की कार रोक ली। इसके बाद उन्हें कार से जबरन उतारकर डंडे-लाठियों से पीटकर लहूलुहान कर दिया। साथ ही जेब में रखे मोबाइल समेत नगदी लूटकर फरार हो गए। बीईओ ने मामले की सूचना बीएसए ऐश्वर्या लक्ष्मी यादव को दी। पीड़ित ने बताया कि शुक्रवार को घटना की तहरीर दी जाएगी। विद्यालयों में डेंगू से बचाव की बच्चों को गहराई से जानकारी दी जाएगी। बच्चे खुद तो जागरूक होंगे ही, घर से लेकर समाज को भी जानकारियां देंगे। दिनों दिन फैल रही बीमारियों और डेंगू से बचाव के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने पहल शुरू की है। बेसिक शिक्षा निदेशक के आदेश पर इसे लागू किया जा रहा है।बुखार जानलेवा होता जा रहा है तो डेंगू कहर मचाए हुए है। वैसे डेंगू का न तो कोई टीका है और न ही कोई बचने की दवाई। बस सावधानी ही बीमारी से बचाव है। वैसे तो स्वास्थ्य विभाग जागरुकता अभियान चला रहा है। जिसमें सबसे ज्यादा मच्छरों से बचाव, घर व विद्यालयों को साफ सुधरा रखने, पानी न जमा होने देने आदि की जानकारी दी जाती है। कूलर और गमलों से भी पानी साफ करने के लिए कहा जाता है। स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अब बच्चों को भी जागरुकता अभियान में चलाया जा रहा है। बेसिक शिक्षा निदेशक दिनेश बाबू शर्मा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी आदेश में बताया कि शिक्षक शिक्षिकाओं को गहराई से जानकारी दी जाए और वह बच्चों को एक एक ¨बदु की जानकारी दें। विद्यालयों को पूरी तरह से साफ सुथरा रखा जाए। निदेशक ने बताया कि जब बच्चे जागरुक हो जाएंगे तो फिर समाज खुद व खुद जागरुक हो जाएगा। बच्चे घरों में लोगों को जानकारी देंगे साथ ही अन्य को भी प्रेरित करेंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक के आदेश पर एडी बेसिक महेंद्र सिंह राणा ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग पर लगा ग्रहण दूर करने के लिए एक बार फिर शासन पर निगाहें टिकी हैं। यदि जल्द ही नए सदस्यों का नियुक्तियां न की गईं तो आयोग का हाल फिर पहले जैसा ही हो सकता है। वर्तमान में आयोग में अध्यक्ष के अलावा सिर्फ एक ही सदस्य शेष रह गए हैं, जो मौजूदा हाल में कोई भी फैसला लेने में सक्षम नहीं हैं। इससे एक हज़ार छः सौ बावन असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की भर्ती का इंतजार और लंबा होने के आसार हैं। वैसे सदस्यों के अकाल के बावजूद आयोग मे नौ दिन चले अढ़ाई कोस की तर्ज पर काम हो रहा है। चूंकि कोरम रहते एक हज़ार छः सौ बावन पदों की भर्ती का साक्षात्कार शुरू करा दिया गया था इसलिए इसमें कोई व्यवधान नहीं है। यह अलग बात है कि सदस्यों की नियुक्ति होती तो बोर्ड की संख्या बढ़ जाती और यह काम जल्दी निपट जाता। आयोग के सूत्र बताते हैं कि यदि सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई तो साक्षात्कार की यह प्रक्रिया अगले साल तक खिंच जाएगी। इसके अलावा आयोग ने एक हज़ार एक सौ पचास रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू करा दी है, जो सदस्यों की कमी से प्रभावित हो जाएगी। आयोग के सूत्रों का कहना है कि सदस्यों की नियुक्ति के लिए शासन स्तर पर चल रही प्रक्रिया में तेजी आई है और इसी महीने चयन हो जाने की संभावना है। आयोग के अध्यक्ष प्रभात मित्तल ने भी वस्तुस्थिति से शासन को अवगत कराया है।एकयह विडंबना ही है कि उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग का विधिवत गठन न हो पाने की वजह से बीते छह साल से डिग्री कालेज के शिक्षकों की एक भी नियुक्तियां नहीं हो पाई हैं। कमोबेश यही स्थिति प्राचार्य पदों की भी है। खुद सरकार भी इससे उदासीन ही रही, क्योंकि जो नियुक्तियां की भी गईं, वह विवादों में फंसी रहीं। लंबे समय तक तो कार्यवाहक अध्यक्ष रामवीर सिंह यादव से काम चलाया गया। उनकी नियुक्ति हाईकोर्ट ने अवैध पाई। इसके बाद जुलाई में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एलबी पांडेय को भेजा गया लेकिन वह महज दो माह ही रह सके। उनकी नियुक्ति भी कोर्ट ने रद कर दी। इससे पहले तीन सदस्यों की नियुक्ति रद की जा चुकी थी। सचिव पद पर संजय सिंह की नियुक्ति को लेकर भी विवाद रहा। नया अध्यक्ष आने के बाद आयोग पटरी पर आया जरूर लेकिन अब फिर स्थिति जस की तस पहुंच गई है। कक्षा एक से आठ तक चलती हैं चौवन प्रकार की किताबें, बेसिक शिक्षा परिषद में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सत्र दो हज़ार सोलह-सत्रह अच्छा नहीं रहा कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी। कारण कि आधा सत्र बिना किताबों के ही बीत गया है। पंद्रह अक्टूबर से अर्ध वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम आ गया है। अब सब किताबें हाथ में आ पाई हैं। विभाग के मांग पत्र के अनुसार तीसरी खेप में बारह प्रकार की किताबों की खेप आ गई है। कक्षा एक से आठ तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को कक्षावार किताबें आवंटित हैं। चौवन प्रकार की किताबों से शिक्षा दी जाती है। इसबार का इतिहास बड़ा गड़बड़ रहा। शासन स्तर पर किताबों की छपाई में आई बाधा का खामियाजा नौनिहालों ने भुगता। अक्टूबर माह का पहला सप्ताह बीत रहा है, अब किताबों की मांग पूरी हो पाई है। शासन से भेजी गई किताबों की खेप का सत्यापन टीम से कराने के बाद स्कूलों को भेजकर वितरण की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। निःशुल्क किताबों के वितरण प्रभारी-बीईओ राकेश सचान ने बताया कि तीन खेप में किताबें प्राप्त हुईं हैं। दो खेप का वितरण कराया जा चुका है। अंतिम तीसरी खेप में बारह तरह की किताबें आईं हैं जो जल्द ही छात्रों में वितरित करा दी जाएंगी। बीआरसी भेजने का काम शुक्रवार से शुरू हो जाएगा। कार्य पुस्तिका की खेप नहीं आई : परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए निःशुल्क भेजी जाने वाली किताबों के साथ कार्य पुस्तिका भी दी जाती है। अभी तक विभाग के पास किताबों का ही टोटा से ही नहीं उबर पा रहा था। अब कार्य पुस्तिका के लिए रोना पड़ेगा। यह पुस्तिका आएगी कि नहीं इसको लेकर अलग अलग तरह विचार रखे जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि कार्य पुस्तिका आने के आसार कम दिख रहे हैं। कारण कि आसन्न चुनाव के चलते आगे पढ़ाई का समय कम बचा है। वहीं जिम्मेदार इसको लेकर विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। उनका कहना है कि कार्य पुस्तिका आएगी। कुशीनगर : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण में गैर जनपदों से आये शिक्षकों को विद्यालय आवंटन हेतु काउंसिलिंग, अंतरजनपदीय स्थानांतरण से अपने गृह जनपद आए परिषदीय शिक्षकों की पदस्थापना के लिए बुधवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में काउंसिलिंग हुई। इस दौरान परिसर में गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने नवागत शिक्षकों को शुभकामनाएं दी है। शासन के निर्देश पर बीते दिनों हुए अंतरजनपदीय तबादलों में जनपद से चार सौ सत्ताईस शिक्षकों का गैर जनपद तबादला हुआ था। इसी तरह अठहत्तर शिक्षक गैर जनपदों से स्थानांतरित होकर कुशीनगर आए हैं। अपने गृह जनपद आए इन शिक्षकों में अड़तालीस शिक्षकों की काउंसिलिंग प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक पद के लिए पहले दिन हुई। जबकि बाकी बचे तीस शिक्षकों की काउंसिलिंग अगले दिन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक पद के लिए होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी पन्ना राम गुप्त भी डायट पहुंचे और जानकारी ली। काउंसिलिंग के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी मोतीचक एसएन त्रिपाठी, कसया धीरेंद्र त्रिपाठी, पडरौना अजय तिवारी, बीएन तिवारी, संदीप राय, नवीन पांडेय, धर्मेंद्र शर्मा, राजीव यादव आदि मौजूद रहे। |
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
रामायण आदि कवि वाल्मीकि द्वारा लिखा गया संस्कृत का एक अनुपम महाकाव्य है। इसके २४,००० श्लोक हैं। यह हिन्दू स्मृति का वह अंग हैं जिसके माध्यम से रघुवंश के राजा राम की गाथा कही गयी। इसे आदिकाव्य तथा इसके रचयिता महर्षि वाल्मीकि को 'आदिकवि' भी कहा जाता है। रामायण के सात अध्याय हैं जो काण्ड के नाम से जाने जाते हैं। . श्रीसीतारामकेलिकौमुदी (२००८), शब्दार्थः सीता और राम की (बाल) लीलाओं की चन्द्रिका, हिन्दी साहित्य की रीतिकाव्य परम्परा में ब्रजभाषा (कुछ पद मैथिली में भी) में रचित एक मुक्तक काव्य है। इसकी रचना जगद्गुरु रामभद्राचार्य (१९५०-) द्वारा २००७ एवं २००८ में की गई थी।रामभद्राचार्य २००८, पृष्ठ "क"-"ड़"काव्यकृति वाल्मीकि रामायण एवं तुलसीदास की श्रीरामचरितमानस के बालकाण्ड की पृष्ठभूमि पर आधारित है और सीता तथा राम के बाल्यकाल की मधुर केलिओं (लीलाओं) एवं मुख्य प्रसंगों का वर्णन करने वाले मुक्तक पदों से युक्त है। श्रीसीतारामकेलिकौमुदी में ३२४ पद हैं, जो १०८ पदों वाले तीन भागों में विभक्त हैं। पदों की रचना अमात्रिका, कवित्त, गीत, घनाक्षरी, चौपैया, द्रुमिल एवं मत्तगयन्द नामक सात प्राकृत छन्दों में हुई है। ग्रन्थ की एक प्रति हिन्दी टीका के साथ जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रकाशित की गई थी। पुस्तक का विमोचन ३० अक्टूबर २००८ को किया गया था। .
रामायण और श्रीसीतारामकेलिकौमुदी आम में 30 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): चित्रकूट, तुलसीदास, दशरथ, पार्वती, भरत, महाकाव्य, माण्डवी, मिथिला, राम, रामायण, रावण, राक्षस, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, शिव, श्रुतिकीर्ति, श्रीरामचरितमानस, सरस्वती, संस्कृत भाषा, सुनयना, सीता, जनक, वसिष्ठ, वाल्मीकि रामायण, विश्वामित्र, आश्रम, कौशल्या, कैकेयी, अयोध्या, उर्मिला (रामायण)।
चित्रकूट धाम मंदाकिनी नदी के किनारे पर बसा भारत के सबसे प्राचीन तीर्थस्थलों में एक है। उत्तर प्रदेश में 38.2 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला शांत और सुन्दर चित्रकूट प्रकृति और ईश्वर की अनुपम देन है। चारों ओर से विन्ध्य पर्वत श्रृंखलाओं और वनों से घिरे चित्रकूट को अनेक आश्चर्यो की पहाड़ी कहा जाता है। मंदाकिनी नदी के किनार बने अनेक घाट और मंदिर में पूरे साल श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। माना जाता है कि भगवान राम ने सीता और लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के चौदह वर्षो में ग्यारह वर्ष चित्रकूट में ही बिताए थे। इसी स्थान पर ऋषि अत्रि और सती अनसुइया ने ध्यान लगाया था। ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने चित्रकूट में ही सती अनसुइया के घर जन्म लिया था। .
गोस्वामी तुलसीदास (1511 - 1623) हिंदी साहित्य के महान कवि थे। इनका जन्म सोरों शूकरक्षेत्र, वर्तमान में कासगंज (एटा) उत्तर प्रदेश में हुआ था। कुछ विद्वान् आपका जन्म राजापुर जिला बाँदा(वर्तमान में चित्रकूट) में हुआ मानते हैं। इन्हें आदि काव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का अवतार भी माना जाता है। श्रीरामचरितमानस का कथानक रामायण से लिया गया है। रामचरितमानस लोक ग्रन्थ है और इसे उत्तर भारत में बड़े भक्तिभाव से पढ़ा जाता है। इसके बाद विनय पत्रिका उनका एक अन्य महत्वपूर्ण काव्य है। महाकाव्य श्रीरामचरितमानस को विश्व के १०० सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय काव्यों में ४६वाँ स्थान दिया गया। .
दशरथ ऋष्यश्रृंग को लेने के लिए जाते हुए दशरथ वाल्मीकि रामायण के अनुसार अयोध्या के रघुवंशी (सूर्यवंशी) राजा थे। वह इक्ष्वाकु कुल के थे तथा प्रभु श्रीराम, जो कि विष्णु का अवतार थे, के पिता थे। दशरथ के चरित्र में आदर्श महाराजा, पुत्रों को प्रेम करने वाले पिता और अपने वचनों के प्रति पूर्ण समर्पित व्यक्ति दर्शाया गया है। उनकी तीन पत्नियाँ थीं - कौशल्या, सुमित्रा तथा कैकेयी। अंगदेश के राजा रोमपाद या चित्ररथ की दत्तक पुत्री शान्ता महर्षि ऋष्यशृंग की पत्नी थीं। एक प्रसंग के अनुसार शान्ता दशरथ की पुत्री थीं तथा रोमपाद को गोद दी गयीं थीं। .
पार्वती हिमनरेश हिमावन तथा मैनावती की पुत्री हैं, तथा भगवान शंकर की पत्नी हैं। उमा, गौरी भी पार्वती के ही नाम हैं। यह प्रकृति स्वरूपा हैं। पार्वती के जन्म का समाचार सुनकर देवर्षि नारद हिमनरेश के घर आये थे। हिमनरेश के पूछने पर देवर्षि नारद ने पार्वती के विषय में यह बताया कि तुम्हारी कन्या सभी सुलक्षणों से सम्पन्न है तथा इसका विवाह भगवान शंकर से होगा। किन्तु महादेव जी को पति के रूप में प्राप्त करने के लिये तुम्हारी पुत्री को घोर तपस्या करना होगा। बाद में इनके दो पुत्र कार्तिकेय तथा गणेश हुए। कई पुराणों में इनकी पुत्री अशोक सुंदरी का भी वर्णन है। .
कोई विवरण नहीं।
संस्कृत काव्यशास्त्र में महाकाव्य (एपिक) का प्रथम सूत्रबद्ध लक्षण आचार्य भामह ने प्रस्तुत किया है और परवर्ती आचार्यों में दंडी, रुद्रट तथा विश्वनाथ ने अपने अपने ढंग से इस महाकाव्य(एपिक)सूत्रबद्ध के लक्षण का विस्तार किया है। आचार्य विश्वनाथ का लक्षण निरूपण इस परंपरा में अंतिम होने के कारण सभी पूर्ववर्ती मतों के सारसंकलन के रूप में उपलब्ध है।महाकाव्य में भारत को भारतवर्ष अथवा भरत का देश कहा गया है तथा भारत निवासियों को भारती अथवा भरत की संतान कहा गया है .
माण्डवी भरत की पत्नी का नाम है। श्रेणीःरामायण के पात्र.
"'मिथिला"' मिथिला प्राचीन भारत में एक राज्य था। माना जाता है कि यह वर्तमान उत्तरी बिहार और नेपाल की तराई का इलाका है जिसे मिथिला के नाम से जाना जाता था। मिथिला की लोकश्रुति कई सदियों से चली आ रही है जो अपनी बौद्धिक परम्परा के लिये भारत और भारत के बाहर जानी जाती रही है। इस क्षेत्र की प्रमुख भाषा मैथिली है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में सबसे पहले इसका संकेत शतपथ ब्राह्मण में तथा स्पष्ट उल्लेख वाल्मीकीय रामायण में मिलता है। मिथिला का उल्लेख महाभारत, रामायण, पुराण तथा जैन एवं बौद्ध ग्रन्थों में हुआ है। .
राम (रामचन्द्र) प्राचीन भारत में अवतार रूपी भगवान के रूप में मान्य हैं। हिन्दू धर्म में राम विष्णु के दस अवतारों में से सातवें अवतार हैं। राम का जीवनकाल एवं पराक्रम महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित संस्कृत महाकाव्य रामायण के रूप में वर्णित हुआ है। गोस्वामी तुलसीदास ने भी उनके जीवन पर केन्द्रित भक्तिभावपूर्ण सुप्रसिद्ध महाकाव्य श्री रामचरितमानस की रचना की है। इन दोनों के अतिरिक्त अनेक भारतीय भाषाओं में अनेक रामायणों की रचना हुई हैं, जो काफी प्रसिद्ध भी हैं। खास तौर पर उत्तर भारत में राम बहुत अधिक पूजनीय हैं और हिन्दुओं के आदर्श पुरुष हैं। राम, अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र थे। राम की पत्नी का नाम सीता था (जो लक्ष्मी का अवतार मानी जाती हैं) और इनके तीन भाई थे- लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न। हनुमान, भगवान राम के, सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं। राम ने राक्षस जाति के लंका के राजा रावण का वध किया। राम की प्रतिष्ठा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में है। राम ने मर्यादा के पालन के लिए राज्य, मित्र, माता पिता, यहाँ तक कि पत्नी का भी साथ छोड़ा। इनका परिवार आदर्श भारतीय परिवार का प्रतिनिधित्व करता है। राम रघुकुल में जन्मे थे, जिसकी परम्परा प्रान जाहुँ बरु बचनु न जाई की थी। श्रीराम के पिता दशरथ ने उनकी सौतेली माता कैकेयी को उनकी किन्हीं दो इच्छाओं को पूरा करने का वचन (वर) दिया था। कैकेयी ने दासी मन्थरा के बहकावे में आकर इन वरों के रूप में राजा दशरथ से अपने पुत्र भरत के लिए अयोध्या का राजसिंहासन और राम के लिए चौदह वर्ष का वनवास माँगा। पिता के वचन की रक्षा के लिए राम ने खुशी से चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार किया। पत्नी सीता ने आदर्श पत्नी का उदहारण देते हुए पति के साथ वन जाना उचित समझा। सौतेले भाई लक्ष्मण ने भी भाई के साथ चौदह वर्ष वन में बिताये। भरत ने न्याय के लिए माता का आदेश ठुकराया और बड़े भाई राम के पास वन जाकर उनकी चरणपादुका (खड़ाऊँ) ले आये। फिर इसे ही राज गद्दी पर रख कर राजकाज किया। राम की पत्नी सीता को रावण हरण (चुरा) कर ले गया। राम ने उस समय की एक जनजाति वानर के लोगों की मदद से सीता को ढूँढ़ा। समुद्र में पुल बना कर रावण के साथ युद्ध किया। उसे मार कर सीता को वापस लाये। जंगल में राम को हनुमान जैसा मित्र और भक्त मिला जिसने राम के सारे कार्य पूरे कराये। राम के अयोध्या लौटने पर भरत ने राज्य उनको ही सौंप दिया। राम न्यायप्रिय थे। उन्होंने बहुत अच्छा शासन किया इसलिए लोग आज भी अच्छे शासन को रामराज्य की उपमा देते हैं। इनके पुत्र कुश व लव ने इन राज्यों को सँभाला। हिन्दू धर्म के कई त्योहार, जैसे दशहरा, राम नवमी और दीपावली, राम की जीवन-कथा से जुड़े हुए हैं। .
रामायण आदि कवि वाल्मीकि द्वारा लिखा गया संस्कृत का एक अनुपम महाकाव्य है। इसके २४,००० श्लोक हैं। यह हिन्दू स्मृति का वह अंग हैं जिसके माध्यम से रघुवंश के राजा राम की गाथा कही गयी। इसे आदिकाव्य तथा इसके रचयिता महर्षि वाल्मीकि को 'आदिकवि' भी कहा जाता है। रामायण के सात अध्याय हैं जो काण्ड के नाम से जाने जाते हैं। .
त्रिंकोमली के कोणेश्वरम मन्दिर में रावण की प्रतिमा रावण रामायण का एक प्रमुख प्रतिचरित्र है। रावण लंका का राजा था। वह अपने दस सिरों के कारण भी जाना जाता था, जिसके कारण उसका नाम दशानन (दश .
The Army of Super Creatures राक्षस प्राचीन काल के प्रजाति का नाम है। राक्षस वह है जो विधान और मैत्री में विश्वास नहीं रखता और वस्तुओं को हडप करना चाहता है। रावण ने रक्ष संस्कृति या रक्ष धर्म की स्थापना की थी। रक्ष धर्म को मानने वाले गरीब, कमजोर, विकास के पीछे रह गए लोगों, किसानों व वंचितों की रक्षा करते थे। रक्ष धर्म को मानने वाले राक्षस थे। श्रेणीःरामायण.
लक्ष्मण रामायण के एक आदर्श पात्र हैं। इनको शेषनाग का अवतार माना जाता है। रामायण के अनुसार, राजा दशरथ के तीसरे पुत्र थे, उनकी माता सुमित्रा थी। वे राम के भाई थे, इन दोनों भाईयों में अपार प्रेम था। उन्होंने राम-सीता के साथ १४ वर्षो का वनवास किया। मंदिरों में अक्सर ही राम-सीता के साथ उनकी भी पूजा होती है। उनके अन्य भाई भरत और शत्रुघ्न थे। लक्ष्मण हर कला में निपुण थे, चाहे वो मल्लयुद्ध हो या धनुर्विद्या। .
शत्रुघ्न, रामायण के अनुसार, राजा दशरथ के चौथे पुत्र थे, उनकी माता सुमित्रा थी। वे राम के भाई थे, उनके अन्य भाई थे भरत और लक्ष्मण। ये और लक्ष्मण जुड़वे भाई थे। श्रेणीःरामायण के पात्र.
शिव या महादेव हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक है। वह त्रिदेवों में एक देव हैं। इन्हें देवों के देव भी कहते हैं। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ,गंगाधार के नाम से भी जाना जाता है। तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में से हैं। वेद में इनका नाम रुद्र है। यह व्यक्ति की चेतना के अन्तर्यामी हैं। इनकी अर्धांगिनी (शक्ति) का नाम पार्वती है। इनके पुत्र कार्तिकेय और गणेश हैं, तथा पुत्री अशोक सुंदरी हैं। शिव अधिक्तर चित्रों में योगी के रूप में देखे जाते हैं और उनकी पूजा शिवलिंग तथा मूर्ति दोनों रूपों में की जाती है। शिव के गले में नाग देवता विराजित हैं और हाथों में डमरू और त्रिशूल लिए हुए हैं। कैलाश में उनका वास है। यह शैव मत के आधार है। इस मत में शिव के साथ शक्ति सर्व रूप में पूजित है। भगवान शिव को संहार का देवता कहा जाता है। भगवान शिव सौम्य आकृति एवं रौद्ररूप दोनों के लिए विख्यात हैं। अन्य देवों से शिव को भिन्न माना गया है। सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति एवं संहार के अधिपति शिव हैं। त्रिदेवों में भगवान शिव संहार के देवता माने गए हैं। शिव अनादि तथा सृष्टि प्रक्रिया के आदिस्रोत हैं और यह काल महाकाल ही ज्योतिषशास्त्र के आधार हैं। शिव का अर्थ यद्यपि कल्याणकारी माना गया है, लेकिन वे हमेशा लय एवं प्रलय दोनों को अपने अधीन किए हुए हैं। राम, रावण, शनि, कश्यप ऋषि आदि इनके भक्त हुए है। शिव सभी को समान दृष्टि से देखते है इसलिये उन्हें महादेव कहा जाता है। .
श्रुतकीर्ति शत्रुघ्न की पत्नी का नाम है। श्रेणीःरामायण के पात्र.
गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित श्रीरामचरितमानस का आवरण श्री राम चरित मानस अवधी भाषा में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा १६वीं सदी में रचित एक महाकाव्य है। इस ग्रन्थ को हिंदी साहित्य की एक महान कृति माना जाता है। इसे सामान्यतः 'तुलसी रामायण' या 'तुलसीकृत रामायण' भी कहा जाता है। रामचरितमानस भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है। उत्तर भारत में 'रामायण' के रूप में बहुत से लोगों द्वारा प्रतिदिन पढ़ा जाता है। शरद नवरात्रि में इसके सुन्दर काण्ड का पाठ पूरे नौ दिन किया जाता है। रामायण मण्डलों द्वारा शनिवार को इसके सुन्दरकाण्ड का पाठ किया जाता है। श्री रामचरित मानस के नायक राम हैं जिनको एक महाशक्ति के रूप में दर्शाया गया है जबकि महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण में श्री राम को एक मानव के रूप में दिखाया गया है। तुलसी के प्रभु राम सर्वशक्तिमान होते हुए भी मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। त्रेता युग में हुए ऐतिहासिक राम-रावण युद्ध पर आधारित और हिन्दी की ही एक लोकप्रिय भाषा अवधी में रचित रामचरितमानस को विश्व के १०० सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय काव्यों में ४६वाँ स्थान दिया गया। .
कोई विवरण नहीं।
संस्कृत (संस्कृतम्) भारतीय उपमहाद्वीप की एक शास्त्रीय भाषा है। इसे देववाणी अथवा सुरभारती भी कहा जाता है। यह विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। संस्कृत एक हिंद-आर्य भाषा हैं जो हिंद-यूरोपीय भाषा परिवार का एक शाखा हैं। आधुनिक भारतीय भाषाएँ जैसे, हिंदी, मराठी, सिन्धी, पंजाबी, नेपाली, आदि इसी से उत्पन्न हुई हैं। इन सभी भाषाओं में यूरोपीय बंजारों की रोमानी भाषा भी शामिल है। संस्कृत में वैदिक धर्म से संबंधित लगभग सभी धर्मग्रंथ लिखे गये हैं। बौद्ध धर्म (विशेषकर महायान) तथा जैन मत के भी कई महत्त्वपूर्ण ग्रंथ संस्कृत में लिखे गये हैं। आज भी हिंदू धर्म के अधिकतर यज्ञ और पूजा संस्कृत में ही होती हैं। .
सुनयना रामायण की एक प्रमुख पात्रा हैं। वे मिथिला के राजा जनक की पत्नी तथा सीता की माता थीं। सुनयना का नाम वाल्मीकि रामायण मे नहीं मिलता, यह नाम तुलसीदास की रामचरितमानस मे प्रयोगिक किया है। जैन ग्रंथ 'पौम्यचरित्र' मे उनका नाम विदेह हैं और 'वासुदेवहिंदी' मे उनका नाम धारिणी दिया गया हैं। महाभारत के शांतिपर्व मे जनक की पत्नी को कौशल्या कहा गया है। कुछ संस्करण मे उन्हें सुनेत्रा कहा गया है। बौद्ध धर्म की महाजनक जातक मे उनका नाम शिव्वली बताया गया है। श्रेणीःरामायण के पात्र.
सीता रामायण और रामकथा पर आधारित अन्य रामायण ग्रंथ, जैसे रामचरितमानस, की मुख्य पात्र है। सीता मिथिला के राजा जनक की ज्येष्ठ पुत्री थी। इनका विवाह अयोध्या के राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र राम से स्वयंवर में शिवधनुष को भंग करने के उपरांत हुआ था। इनकी स्त्री व पतिव्रता धर्म के कारण इनका नाम आदर से लिया जाता है। त्रेतायुग में इन्हे सौभाग्य की देवी लक्ष्मी का अवतार मानते हैं। .
जनक नाम से अनेक व्यक्ति हुए हैं। पुराणों के अनुसार इक्ष्वाकुपुत्र निमि ने विदेह के सूर्यवंशी राज्य की स्थापना की, जिसकी राजधानी मिथिला हुई। मिथिला में जनक नाम का एक अत्यंत प्राचीन तथा प्रसिद्ध राजवंश था जिसके मूल पुरुष कोई जनक थे। मूल जनक के बाद मिथिला के उस राजवंश का ही नाम 'जनक' हो गया जो उनकी प्रसिद्धि और शक्ति का द्योतक है। जनक के पुत्र उदावयु, पौत्र नंदिवर्धन् और कई पीढ़ी पश्चात् ह्रस्वरोमा हुए। ह्रस्वरोमा के दो पुत्र सीरध्वज तथा कुशध्वज हुए। जनक नामक एक अथवा अनेक राजाओं के उल्लेख ब्राह्मण ग्रंथों, उपनिषदों, रामायण, महाभारत और पुराणों में हुए हैं। इतना निश्चित प्रतीत होता है कि जनक नाम के कम से कम दो प्रसिद्ध राजा अवश्य हुए; एक तो वैदिक साहित्य के दार्शनिक और तत्वज्ञानी जनक विदेह और दूसरे राम के ससुर जनक, जिन्हें वायुपुराण और पद्मपुराण में सीरध्वज कहा गया है। असंभव नहीं, और भी जनक हुए हों और यही कारण है, कुछ विद्वान् वशिष्ठ और विश्वामित्र की भाँति 'जनक' को भी कुलनाम मानते हैं। सीरध्वज की दो कन्याएँ सीता तथा उर्मिला हुईं जिनका विवाह, राम तथा लक्ष्मण से हुआ। कुशध्वज की कन्याएँ मांडवी तथा श्रुतिकीर्ति हुईं जिनके व्याह भरत तथा शत्रुघ्न से हुए। श्रीमद्भागवत में दी हुई जनकवंश की सूची कुछ भिन्न है, परंतु सीरध्वज के योगिराज होने में सभी ग्रंथ एकमत हैं। इनके अन्य नाम 'विदेह' अथवा 'वैदेह' तथा 'मिथिलेश' आदि हैं। मिथिला राज्य तथा नगरी इनके पूर्वज निमि के नाम पर प्रसिद्ध हुए। .
वसिष्ठ वैदिक काल के विख्यात ऋषि थे। वसिष्ठ एक सप्तर्षि हैं - यानि के उन सात ऋषियों में से एक जिन्हें ईश्वर द्वारा सत्य का ज्ञान एक साथ हुआ था और जिन्होंने मिलकर वेदों का दर्शन किया (वेदों की रचना की ऐसा कहना अनुचित होगा क्योंकि वेद तो अनादि है)। उनकी पत्नी अरुन्धती है। वह योग-वासिष्ठ में राम के गुरु हैं। वसिष्ठ राजा दशरथ के राजकुल गुरु भी थे। आकाश में चमकते सात तारों के समूह में पंक्ति के एक स्थान पर वशिष्ठ को स्थित माना जाता है। दूसरे (दाहिने से) वशिष्ठ और उनकी पत्नी अरुंधती को दिखाया गया है। अंग्रेज़ी में सप्तर्षि तारसमूह को "बिग डिपर" या "ग्रेट बियर" (बड़ा भालू) कहते हैं और वशिष्ठ-अरुंधती को "अल्कोर-मिज़र" कहते हैं। श्रेणीःऋषि मुनि.
वाल्मीकीय रामायण संस्कृत साहित्य का एक आरम्भिक महाकाव्य है जो संस्कृत भाषा में अनुष्टुप छन्दों में रचित है। इसमें श्रीराम के चरित्र का उत्तम एवं वृहद् विवरण काव्य रूप में उपस्थापित हुआ है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित होने के कारण इसे 'वाल्मीकीय रामायण' कहा जाता है। वर्तमान में राम के चरित्र पर आधारित जितने भी ग्रन्थ उपलब्ध हैं उन सभी का मूल महर्षि वाल्मीकि कृत 'वाल्मीकीय रामायण' ही है। 'वाल्मीकीय रामायण' के प्रणेता महर्षि वाल्मीकि को 'आदिकवि' माना जाता है और इसीलिए यह महाकाव्य 'आदिकाव्य' माना गया है। यह महाकाव्य भारतीय संस्कृति के महत्त्वपूर्ण आयामों को प्रतिबिम्बित करने वाला होने से साहित्य रूप में अक्षय निधि है। .
विश्वामित्र वैदिक काल के विख्यात ऋषि थे। ऋषि विश्वामित्र बड़े ही प्रतापी और तेजस्वी महापुरुष थे। ऋषि धर्म ग्रहण करने के पूर्व वे बड़े पराक्रमी और प्रजावत्सल नरेश थे। .
प्राचीन काल में सामाजिक व्यवस्था के दो स्तंभ थे - वर्ण और आश्रम। मनुष्य की प्रकृति-गुण, कर्म और स्वभाव-के आधार पर मानवमात्र का वर्गीकरण चार वर्णो में हुआ था। व्यक्तिगत संस्कार के लिए उसके जीवन का विभाजन चार आश्रमों में किया गया था। ये चार आश्रम थे- (१) ब्रह्मचर्य, (२) गार्हस्थ्य, (३) वानप्रस्थ और (४) संन्यास। अमरकोश (७.४) पर टीका करते हुए भानु जी दीक्षित ने 'आश्रम' शब्द की व्याख्या इस प्रकार की हैः आश्राम्यन्त्यत्र। अनेन वा। श्रमु तपसि। घं्ा। यद्वा आ समंताछ्रमोऽत्र। स्वधर्मसाधनक्लेशात्। अर्थात् जिसमें स्म्यक् प्रकार से श्रम किया जाए वह आश्रम है अथवा आश्रम जीवन की वह स्थिति है जिसमें कर्तव्यपालन के लिए पूर्ण परिश्रम किया जाए। आश्रम का अर्थ 'अवस्थाविशेष' 'विश्राम का स्थान', 'ऋषिमुनियों के रहने का पवित्र स्थान' आदि भी किया गया है। आश्रमसंस्था का प्रादुर्भाव वैदिक युग में हो चुका था, किंतु उसके विकसित और दृढ़ होने में काफी समय लगा। वैदिक साहित्य में ब्रह्मचर्य और गार्हस्थ्य अथवा गार्हपत्य का स्वतंत्र विकास का उल्लेख नहीं मिलता। इन दोनों का संयुक्त अस्तित्व बहुत दिनों तक बना रहा और इनको वैखानस, पर्व्राािट्, यति, मुनि, श्रमण आदि से अभिहित किया जाता था। वैदिक काल में कर्म तथा कर्मकांड की प्रधानता होने के कारण निवृत्तिमार्ग अथवा संन्यास को विशेष प्रोत्साहन नहीं था। वैदिक साहित्य के अंतिम चरण उपनिषदों में निवृत्ति और संन्यास पर जोर दिया जाने लगा और यह स्वीकार कर लिया गया था कि जिस समय जीवन में उत्कट वैराग्य उत्पन्न हो उस समय से वैराग्य से प्रेरित होकर संन्यास ग्रहण किया जा सकता है। फिर भी संन्यास अथवा श्रमण धर्म के प्रति उपेक्षा और अनास्था का भाव था। सुत्रयुग में चार आश्रमों की परिगणना होने लगी थी, यद्यपि उनके नामक्रम में अब भी मतभेद था। आपस्तंब धर्मसूत्र (२.९.२१.१) के अनुसार गार्हस्थ्य, आचार्यकुल (.
कौशल्या रामायण की एक प्रमुख पात्र हैं। वे कौशल प्रदेश (छत्तीसगढ़) की राजकुमारी तथा अयोध्या के राजा दशरथ की पत्नी थीं। कौशल्या को राम की माता होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। .
कैकेयी सामान्य अर्थ में 'केकय देश की राजकुमारी'। तदनुसार महाभारत में सार्वभौम की पत्नी, जयत्सेन की माता सुनंदा को कैकेयी कहा गया है। इसी प्रकार परीक्षित के पुत्र भीमसेन की पत्नी, प्रतिश्रवा की माता कुमारी को भी कैकेयी नाम दिया गया है। किन्तु रूढ़ एवं अति प्रचलित रूप में ' कैकेयी ' केकेय देश के राजा अश्वपति & Shubhlakshana की कन्या एवं कोसलनरेश दशरथ की कनिष्ठ किंतु अत्यंत प्रिय पत्नी का नाम है। इसके गर्भ से भरत का जन्म हुआ था। जब राजा दशरथ देवदानव युद्ध में देवताओं के सहायतार्थ गए थे तब कैकेयी भी उनके साथ गई थी। युद्ध में दशरथ के रथ का धुरा टूट गया उस समय कैकेयी ने धुरे में अपना हाथ लगाकर रथ को टूटने से बचाया और दशरथ युद्ध करते रहे। युद्ध समाप्त होने पर जब दशरथ की इस बात का पता लगा तो प्रसन्न होकर कैकेयी को दो वर माँगने के लिए कहा। कैकेयी ने उसे यथासमय माँगने के लिये रख छोड़ा। जब राम को युवराज बनाने की चर्चा उठी तब मंथरा नाम की दासी के बहकावे मे आकर कैकेयी ने दशरथ से अपने उन दो वरों के रूप में राम के लिये १४ वर्ष का वनवास और भरत के लिये राज्य की माँग की। तदनुसार राम वन को गए पर भरत ने राज्य ग्रहण करना स्वीकार नहीं किया, माता की भर्त्सना की और राम को लौटा लाने के लिये वन गए। उस समय कैकेयी भी उनके साथ गई। एक अनुश्रुति यह भी है कि केकयनरेश ने दशरथ के साथ कैकेयी का विवाह करते समय दशरथ से वचन लिया था कि उनका दौहित्र, कैकेयी का पुत्र राज्य का अधिकारी होगा। श्रेणीःरामायण के पात्र.
अयोध्या भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक अति प्राचीन धार्मिक नगर है। यह फैजाबाद जिला के अन्तर्गत आता है। यह सरयू नदी (घाघरा नदी) के दाएं तट पर बसा है। प्राचीन काल में इसे 'कौशल देश' कहा जाता था। अयोध्या हिन्दुओं का प्राचीन और सात पवित्र तीर्थस्थलों में एक है। .
उर्मिला (रामायण)
उर्मिला लक्ष्मण की पत्नी का नाम है। श्रेणीःरामायण के पात्र.
रामायण 150 संबंध है और श्रीसीतारामकेलिकौमुदी 87 है। वे आम 30 में है, समानता सूचकांक 12.66% है = 30 / (150 + 87)।
यह लेख रामायण और श्रीसीतारामकेलिकौमुदी के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
| शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। रामायण आदि कवि वाल्मीकि द्वारा लिखा गया संस्कृत का एक अनुपम महाकाव्य है। इसके चौबीस,शून्य श्लोक हैं। यह हिन्दू स्मृति का वह अंग हैं जिसके माध्यम से रघुवंश के राजा राम की गाथा कही गयी। इसे आदिकाव्य तथा इसके रचयिता महर्षि वाल्मीकि को 'आदिकवि' भी कहा जाता है। रामायण के सात अध्याय हैं जो काण्ड के नाम से जाने जाते हैं। . श्रीसीतारामकेलिकौमुदी , शब्दार्थः सीता और राम की लीलाओं की चन्द्रिका, हिन्दी साहित्य की रीतिकाव्य परम्परा में ब्रजभाषा में रचित एक मुक्तक काव्य है। इसकी रचना जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा दो हज़ार सात एवं दो हज़ार आठ में की गई थी।रामभद्राचार्य दो हज़ार आठ, पृष्ठ "क"-"ड़"काव्यकृति वाल्मीकि रामायण एवं तुलसीदास की श्रीरामचरितमानस के बालकाण्ड की पृष्ठभूमि पर आधारित है और सीता तथा राम के बाल्यकाल की मधुर केलिओं एवं मुख्य प्रसंगों का वर्णन करने वाले मुक्तक पदों से युक्त है। श्रीसीतारामकेलिकौमुदी में तीन सौ चौबीस पद हैं, जो एक सौ आठ पदों वाले तीन भागों में विभक्त हैं। पदों की रचना अमात्रिका, कवित्त, गीत, घनाक्षरी, चौपैया, द्रुमिल एवं मत्तगयन्द नामक सात प्राकृत छन्दों में हुई है। ग्रन्थ की एक प्रति हिन्दी टीका के साथ जगद्गुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रकाशित की गई थी। पुस्तक का विमोचन तीस अक्टूबर दो हज़ार आठ को किया गया था। . रामायण और श्रीसीतारामकेलिकौमुदी आम में तीस बातें हैं : चित्रकूट, तुलसीदास, दशरथ, पार्वती, भरत, महाकाव्य, माण्डवी, मिथिला, राम, रामायण, रावण, राक्षस, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, शिव, श्रुतिकीर्ति, श्रीरामचरितमानस, सरस्वती, संस्कृत भाषा, सुनयना, सीता, जनक, वसिष्ठ, वाल्मीकि रामायण, विश्वामित्र, आश्रम, कौशल्या, कैकेयी, अयोध्या, उर्मिला । चित्रकूट धाम मंदाकिनी नदी के किनारे पर बसा भारत के सबसे प्राचीन तीर्थस्थलों में एक है। उत्तर प्रदेश में अड़तीस.दो वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला शांत और सुन्दर चित्रकूट प्रकृति और ईश्वर की अनुपम देन है। चारों ओर से विन्ध्य पर्वत श्रृंखलाओं और वनों से घिरे चित्रकूट को अनेक आश्चर्यो की पहाड़ी कहा जाता है। मंदाकिनी नदी के किनार बने अनेक घाट और मंदिर में पूरे साल श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। माना जाता है कि भगवान राम ने सीता और लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के चौदह वर्षो में ग्यारह वर्ष चित्रकूट में ही बिताए थे। इसी स्थान पर ऋषि अत्रि और सती अनसुइया ने ध्यान लगाया था। ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने चित्रकूट में ही सती अनसुइया के घर जन्म लिया था। . गोस्वामी तुलसीदास हिंदी साहित्य के महान कवि थे। इनका जन्म सोरों शूकरक्षेत्र, वर्तमान में कासगंज उत्तर प्रदेश में हुआ था। कुछ विद्वान् आपका जन्म राजापुर जिला बाँदा में हुआ मानते हैं। इन्हें आदि काव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि का अवतार भी माना जाता है। श्रीरामचरितमानस का कथानक रामायण से लिया गया है। रामचरितमानस लोक ग्रन्थ है और इसे उत्तर भारत में बड़े भक्तिभाव से पढ़ा जाता है। इसके बाद विनय पत्रिका उनका एक अन्य महत्वपूर्ण काव्य है। महाकाव्य श्रीरामचरितमानस को विश्व के एक सौ सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय काव्यों में छियालीसवाँ स्थान दिया गया। . दशरथ ऋष्यश्रृंग को लेने के लिए जाते हुए दशरथ वाल्मीकि रामायण के अनुसार अयोध्या के रघुवंशी राजा थे। वह इक्ष्वाकु कुल के थे तथा प्रभु श्रीराम, जो कि विष्णु का अवतार थे, के पिता थे। दशरथ के चरित्र में आदर्श महाराजा, पुत्रों को प्रेम करने वाले पिता और अपने वचनों के प्रति पूर्ण समर्पित व्यक्ति दर्शाया गया है। उनकी तीन पत्नियाँ थीं - कौशल्या, सुमित्रा तथा कैकेयी। अंगदेश के राजा रोमपाद या चित्ररथ की दत्तक पुत्री शान्ता महर्षि ऋष्यशृंग की पत्नी थीं। एक प्रसंग के अनुसार शान्ता दशरथ की पुत्री थीं तथा रोमपाद को गोद दी गयीं थीं। . पार्वती हिमनरेश हिमावन तथा मैनावती की पुत्री हैं, तथा भगवान शंकर की पत्नी हैं। उमा, गौरी भी पार्वती के ही नाम हैं। यह प्रकृति स्वरूपा हैं। पार्वती के जन्म का समाचार सुनकर देवर्षि नारद हिमनरेश के घर आये थे। हिमनरेश के पूछने पर देवर्षि नारद ने पार्वती के विषय में यह बताया कि तुम्हारी कन्या सभी सुलक्षणों से सम्पन्न है तथा इसका विवाह भगवान शंकर से होगा। किन्तु महादेव जी को पति के रूप में प्राप्त करने के लिये तुम्हारी पुत्री को घोर तपस्या करना होगा। बाद में इनके दो पुत्र कार्तिकेय तथा गणेश हुए। कई पुराणों में इनकी पुत्री अशोक सुंदरी का भी वर्णन है। . कोई विवरण नहीं। संस्कृत काव्यशास्त्र में महाकाव्य का प्रथम सूत्रबद्ध लक्षण आचार्य भामह ने प्रस्तुत किया है और परवर्ती आचार्यों में दंडी, रुद्रट तथा विश्वनाथ ने अपने अपने ढंग से इस महाकाव्यसूत्रबद्ध के लक्षण का विस्तार किया है। आचार्य विश्वनाथ का लक्षण निरूपण इस परंपरा में अंतिम होने के कारण सभी पूर्ववर्ती मतों के सारसंकलन के रूप में उपलब्ध है।महाकाव्य में भारत को भारतवर्ष अथवा भरत का देश कहा गया है तथा भारत निवासियों को भारती अथवा भरत की संतान कहा गया है . माण्डवी भरत की पत्नी का नाम है। श्रेणीःरामायण के पात्र. "'मिथिला"' मिथिला प्राचीन भारत में एक राज्य था। माना जाता है कि यह वर्तमान उत्तरी बिहार और नेपाल की तराई का इलाका है जिसे मिथिला के नाम से जाना जाता था। मिथिला की लोकश्रुति कई सदियों से चली आ रही है जो अपनी बौद्धिक परम्परा के लिये भारत और भारत के बाहर जानी जाती रही है। इस क्षेत्र की प्रमुख भाषा मैथिली है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथों में सबसे पहले इसका संकेत शतपथ ब्राह्मण में तथा स्पष्ट उल्लेख वाल्मीकीय रामायण में मिलता है। मिथिला का उल्लेख महाभारत, रामायण, पुराण तथा जैन एवं बौद्ध ग्रन्थों में हुआ है। . राम प्राचीन भारत में अवतार रूपी भगवान के रूप में मान्य हैं। हिन्दू धर्म में राम विष्णु के दस अवतारों में से सातवें अवतार हैं। राम का जीवनकाल एवं पराक्रम महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित संस्कृत महाकाव्य रामायण के रूप में वर्णित हुआ है। गोस्वामी तुलसीदास ने भी उनके जीवन पर केन्द्रित भक्तिभावपूर्ण सुप्रसिद्ध महाकाव्य श्री रामचरितमानस की रचना की है। इन दोनों के अतिरिक्त अनेक भारतीय भाषाओं में अनेक रामायणों की रचना हुई हैं, जो काफी प्रसिद्ध भी हैं। खास तौर पर उत्तर भारत में राम बहुत अधिक पूजनीय हैं और हिन्दुओं के आदर्श पुरुष हैं। राम, अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र थे। राम की पत्नी का नाम सीता था और इनके तीन भाई थे- लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न। हनुमान, भगवान राम के, सबसे बड़े भक्त माने जाते हैं। राम ने राक्षस जाति के लंका के राजा रावण का वध किया। राम की प्रतिष्ठा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में है। राम ने मर्यादा के पालन के लिए राज्य, मित्र, माता पिता, यहाँ तक कि पत्नी का भी साथ छोड़ा। इनका परिवार आदर्श भारतीय परिवार का प्रतिनिधित्व करता है। राम रघुकुल में जन्मे थे, जिसकी परम्परा प्रान जाहुँ बरु बचनु न जाई की थी। श्रीराम के पिता दशरथ ने उनकी सौतेली माता कैकेयी को उनकी किन्हीं दो इच्छाओं को पूरा करने का वचन दिया था। कैकेयी ने दासी मन्थरा के बहकावे में आकर इन वरों के रूप में राजा दशरथ से अपने पुत्र भरत के लिए अयोध्या का राजसिंहासन और राम के लिए चौदह वर्ष का वनवास माँगा। पिता के वचन की रक्षा के लिए राम ने खुशी से चौदह वर्ष का वनवास स्वीकार किया। पत्नी सीता ने आदर्श पत्नी का उदहारण देते हुए पति के साथ वन जाना उचित समझा। सौतेले भाई लक्ष्मण ने भी भाई के साथ चौदह वर्ष वन में बिताये। भरत ने न्याय के लिए माता का आदेश ठुकराया और बड़े भाई राम के पास वन जाकर उनकी चरणपादुका ले आये। फिर इसे ही राज गद्दी पर रख कर राजकाज किया। राम की पत्नी सीता को रावण हरण कर ले गया। राम ने उस समय की एक जनजाति वानर के लोगों की मदद से सीता को ढूँढ़ा। समुद्र में पुल बना कर रावण के साथ युद्ध किया। उसे मार कर सीता को वापस लाये। जंगल में राम को हनुमान जैसा मित्र और भक्त मिला जिसने राम के सारे कार्य पूरे कराये। राम के अयोध्या लौटने पर भरत ने राज्य उनको ही सौंप दिया। राम न्यायप्रिय थे। उन्होंने बहुत अच्छा शासन किया इसलिए लोग आज भी अच्छे शासन को रामराज्य की उपमा देते हैं। इनके पुत्र कुश व लव ने इन राज्यों को सँभाला। हिन्दू धर्म के कई त्योहार, जैसे दशहरा, राम नवमी और दीपावली, राम की जीवन-कथा से जुड़े हुए हैं। . रामायण आदि कवि वाल्मीकि द्वारा लिखा गया संस्कृत का एक अनुपम महाकाव्य है। इसके चौबीस,शून्य श्लोक हैं। यह हिन्दू स्मृति का वह अंग हैं जिसके माध्यम से रघुवंश के राजा राम की गाथा कही गयी। इसे आदिकाव्य तथा इसके रचयिता महर्षि वाल्मीकि को 'आदिकवि' भी कहा जाता है। रामायण के सात अध्याय हैं जो काण्ड के नाम से जाने जाते हैं। . त्रिंकोमली के कोणेश्वरम मन्दिर में रावण की प्रतिमा रावण रामायण का एक प्रमुख प्रतिचरित्र है। रावण लंका का राजा था। वह अपने दस सिरों के कारण भी जाना जाता था, जिसके कारण उसका नाम दशानन का नाम पार्वती है। इनके पुत्र कार्तिकेय और गणेश हैं, तथा पुत्री अशोक सुंदरी हैं। शिव अधिक्तर चित्रों में योगी के रूप में देखे जाते हैं और उनकी पूजा शिवलिंग तथा मूर्ति दोनों रूपों में की जाती है। शिव के गले में नाग देवता विराजित हैं और हाथों में डमरू और त्रिशूल लिए हुए हैं। कैलाश में उनका वास है। यह शैव मत के आधार है। इस मत में शिव के साथ शक्ति सर्व रूप में पूजित है। भगवान शिव को संहार का देवता कहा जाता है। भगवान शिव सौम्य आकृति एवं रौद्ररूप दोनों के लिए विख्यात हैं। अन्य देवों से शिव को भिन्न माना गया है। सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति एवं संहार के अधिपति शिव हैं। त्रिदेवों में भगवान शिव संहार के देवता माने गए हैं। शिव अनादि तथा सृष्टि प्रक्रिया के आदिस्रोत हैं और यह काल महाकाल ही ज्योतिषशास्त्र के आधार हैं। शिव का अर्थ यद्यपि कल्याणकारी माना गया है, लेकिन वे हमेशा लय एवं प्रलय दोनों को अपने अधीन किए हुए हैं। राम, रावण, शनि, कश्यप ऋषि आदि इनके भक्त हुए है। शिव सभी को समान दृष्टि से देखते है इसलिये उन्हें महादेव कहा जाता है। . श्रुतकीर्ति शत्रुघ्न की पत्नी का नाम है। श्रेणीःरामायण के पात्र. गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित श्रीरामचरितमानस का आवरण श्री राम चरित मानस अवधी भाषा में गोस्वामी तुलसीदास द्वारा सोलहवीं सदी में रचित एक महाकाव्य है। इस ग्रन्थ को हिंदी साहित्य की एक महान कृति माना जाता है। इसे सामान्यतः 'तुलसी रामायण' या 'तुलसीकृत रामायण' भी कहा जाता है। रामचरितमानस भारतीय संस्कृति में एक विशेष स्थान रखता है। उत्तर भारत में 'रामायण' के रूप में बहुत से लोगों द्वारा प्रतिदिन पढ़ा जाता है। शरद नवरात्रि में इसके सुन्दर काण्ड का पाठ पूरे नौ दिन किया जाता है। रामायण मण्डलों द्वारा शनिवार को इसके सुन्दरकाण्ड का पाठ किया जाता है। श्री रामचरित मानस के नायक राम हैं जिनको एक महाशक्ति के रूप में दर्शाया गया है जबकि महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण में श्री राम को एक मानव के रूप में दिखाया गया है। तुलसी के प्रभु राम सर्वशक्तिमान होते हुए भी मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। त्रेता युग में हुए ऐतिहासिक राम-रावण युद्ध पर आधारित और हिन्दी की ही एक लोकप्रिय भाषा अवधी में रचित रामचरितमानस को विश्व के एक सौ सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय काव्यों में छियालीसवाँ स्थान दिया गया। . कोई विवरण नहीं। संस्कृत भारतीय उपमहाद्वीप की एक शास्त्रीय भाषा है। इसे देववाणी अथवा सुरभारती भी कहा जाता है। यह विश्व की सबसे प्राचीन भाषा है। संस्कृत एक हिंद-आर्य भाषा हैं जो हिंद-यूरोपीय भाषा परिवार का एक शाखा हैं। आधुनिक भारतीय भाषाएँ जैसे, हिंदी, मराठी, सिन्धी, पंजाबी, नेपाली, आदि इसी से उत्पन्न हुई हैं। इन सभी भाषाओं में यूरोपीय बंजारों की रोमानी भाषा भी शामिल है। संस्कृत में वैदिक धर्म से संबंधित लगभग सभी धर्मग्रंथ लिखे गये हैं। बौद्ध धर्म तथा जैन मत के भी कई महत्त्वपूर्ण ग्रंथ संस्कृत में लिखे गये हैं। आज भी हिंदू धर्म के अधिकतर यज्ञ और पूजा संस्कृत में ही होती हैं। . सुनयना रामायण की एक प्रमुख पात्रा हैं। वे मिथिला के राजा जनक की पत्नी तथा सीता की माता थीं। सुनयना का नाम वाल्मीकि रामायण मे नहीं मिलता, यह नाम तुलसीदास की रामचरितमानस मे प्रयोगिक किया है। जैन ग्रंथ 'पौम्यचरित्र' मे उनका नाम विदेह हैं और 'वासुदेवहिंदी' मे उनका नाम धारिणी दिया गया हैं। महाभारत के शांतिपर्व मे जनक की पत्नी को कौशल्या कहा गया है। कुछ संस्करण मे उन्हें सुनेत्रा कहा गया है। बौद्ध धर्म की महाजनक जातक मे उनका नाम शिव्वली बताया गया है। श्रेणीःरामायण के पात्र. सीता रामायण और रामकथा पर आधारित अन्य रामायण ग्रंथ, जैसे रामचरितमानस, की मुख्य पात्र है। सीता मिथिला के राजा जनक की ज्येष्ठ पुत्री थी। इनका विवाह अयोध्या के राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र राम से स्वयंवर में शिवधनुष को भंग करने के उपरांत हुआ था। इनकी स्त्री व पतिव्रता धर्म के कारण इनका नाम आदर से लिया जाता है। त्रेतायुग में इन्हे सौभाग्य की देवी लक्ष्मी का अवतार मानते हैं। . जनक नाम से अनेक व्यक्ति हुए हैं। पुराणों के अनुसार इक्ष्वाकुपुत्र निमि ने विदेह के सूर्यवंशी राज्य की स्थापना की, जिसकी राजधानी मिथिला हुई। मिथिला में जनक नाम का एक अत्यंत प्राचीन तथा प्रसिद्ध राजवंश था जिसके मूल पुरुष कोई जनक थे। मूल जनक के बाद मिथिला के उस राजवंश का ही नाम 'जनक' हो गया जो उनकी प्रसिद्धि और शक्ति का द्योतक है। जनक के पुत्र उदावयु, पौत्र नंदिवर्धन् और कई पीढ़ी पश्चात् ह्रस्वरोमा हुए। ह्रस्वरोमा के दो पुत्र सीरध्वज तथा कुशध्वज हुए। जनक नामक एक अथवा अनेक राजाओं के उल्लेख ब्राह्मण ग्रंथों, उपनिषदों, रामायण, महाभारत और पुराणों में हुए हैं। इतना निश्चित प्रतीत होता है कि जनक नाम के कम से कम दो प्रसिद्ध राजा अवश्य हुए; एक तो वैदिक साहित्य के दार्शनिक और तत्वज्ञानी जनक विदेह और दूसरे राम के ससुर जनक, जिन्हें वायुपुराण और पद्मपुराण में सीरध्वज कहा गया है। असंभव नहीं, और भी जनक हुए हों और यही कारण है, कुछ विद्वान् वशिष्ठ और विश्वामित्र की भाँति 'जनक' को भी कुलनाम मानते हैं। सीरध्वज की दो कन्याएँ सीता तथा उर्मिला हुईं जिनका विवाह, राम तथा लक्ष्मण से हुआ। कुशध्वज की कन्याएँ मांडवी तथा श्रुतिकीर्ति हुईं जिनके व्याह भरत तथा शत्रुघ्न से हुए। श्रीमद्भागवत में दी हुई जनकवंश की सूची कुछ भिन्न है, परंतु सीरध्वज के योगिराज होने में सभी ग्रंथ एकमत हैं। इनके अन्य नाम 'विदेह' अथवा 'वैदेह' तथा 'मिथिलेश' आदि हैं। मिथिला राज्य तथा नगरी इनके पूर्वज निमि के नाम पर प्रसिद्ध हुए। . वसिष्ठ वैदिक काल के विख्यात ऋषि थे। वसिष्ठ एक सप्तर्षि हैं - यानि के उन सात ऋषियों में से एक जिन्हें ईश्वर द्वारा सत्य का ज्ञान एक साथ हुआ था और जिन्होंने मिलकर वेदों का दर्शन किया । उनकी पत्नी अरुन्धती है। वह योग-वासिष्ठ में राम के गुरु हैं। वसिष्ठ राजा दशरथ के राजकुल गुरु भी थे। आकाश में चमकते सात तारों के समूह में पंक्ति के एक स्थान पर वशिष्ठ को स्थित माना जाता है। दूसरे वशिष्ठ और उनकी पत्नी अरुंधती को दिखाया गया है। अंग्रेज़ी में सप्तर्षि तारसमूह को "बिग डिपर" या "ग्रेट बियर" कहते हैं और वशिष्ठ-अरुंधती को "अल्कोर-मिज़र" कहते हैं। श्रेणीःऋषि मुनि. वाल्मीकीय रामायण संस्कृत साहित्य का एक आरम्भिक महाकाव्य है जो संस्कृत भाषा में अनुष्टुप छन्दों में रचित है। इसमें श्रीराम के चरित्र का उत्तम एवं वृहद् विवरण काव्य रूप में उपस्थापित हुआ है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित होने के कारण इसे 'वाल्मीकीय रामायण' कहा जाता है। वर्तमान में राम के चरित्र पर आधारित जितने भी ग्रन्थ उपलब्ध हैं उन सभी का मूल महर्षि वाल्मीकि कृत 'वाल्मीकीय रामायण' ही है। 'वाल्मीकीय रामायण' के प्रणेता महर्षि वाल्मीकि को 'आदिकवि' माना जाता है और इसीलिए यह महाकाव्य 'आदिकाव्य' माना गया है। यह महाकाव्य भारतीय संस्कृति के महत्त्वपूर्ण आयामों को प्रतिबिम्बित करने वाला होने से साहित्य रूप में अक्षय निधि है। . विश्वामित्र वैदिक काल के विख्यात ऋषि थे। ऋषि विश्वामित्र बड़े ही प्रतापी और तेजस्वी महापुरुष थे। ऋषि धर्म ग्रहण करने के पूर्व वे बड़े पराक्रमी और प्रजावत्सल नरेश थे। . प्राचीन काल में सामाजिक व्यवस्था के दो स्तंभ थे - वर्ण और आश्रम। मनुष्य की प्रकृति-गुण, कर्म और स्वभाव-के आधार पर मानवमात्र का वर्गीकरण चार वर्णो में हुआ था। व्यक्तिगत संस्कार के लिए उसके जीवन का विभाजन चार आश्रमों में किया गया था। ये चार आश्रम थे- ब्रह्मचर्य, गार्हस्थ्य, वानप्रस्थ और संन्यास। अमरकोश पर टीका करते हुए भानु जी दीक्षित ने 'आश्रम' शब्द की व्याख्या इस प्रकार की हैः आश्राम्यन्त्यत्र। अनेन वा। श्रमु तपसि। घं्ा। यद्वा आ समंताछ्रमोऽत्र। स्वधर्मसाधनक्लेशात्। अर्थात् जिसमें स्म्यक् प्रकार से श्रम किया जाए वह आश्रम है अथवा आश्रम जीवन की वह स्थिति है जिसमें कर्तव्यपालन के लिए पूर्ण परिश्रम किया जाए। आश्रम का अर्थ 'अवस्थाविशेष' 'विश्राम का स्थान', 'ऋषिमुनियों के रहने का पवित्र स्थान' आदि भी किया गया है। आश्रमसंस्था का प्रादुर्भाव वैदिक युग में हो चुका था, किंतु उसके विकसित और दृढ़ होने में काफी समय लगा। वैदिक साहित्य में ब्रह्मचर्य और गार्हस्थ्य अथवा गार्हपत्य का स्वतंत्र विकास का उल्लेख नहीं मिलता। इन दोनों का संयुक्त अस्तित्व बहुत दिनों तक बना रहा और इनको वैखानस, पर्व्राािट्, यति, मुनि, श्रमण आदि से अभिहित किया जाता था। वैदिक काल में कर्म तथा कर्मकांड की प्रधानता होने के कारण निवृत्तिमार्ग अथवा संन्यास को विशेष प्रोत्साहन नहीं था। वैदिक साहित्य के अंतिम चरण उपनिषदों में निवृत्ति और संन्यास पर जोर दिया जाने लगा और यह स्वीकार कर लिया गया था कि जिस समय जीवन में उत्कट वैराग्य उत्पन्न हो उस समय से वैराग्य से प्रेरित होकर संन्यास ग्रहण किया जा सकता है। फिर भी संन्यास अथवा श्रमण धर्म के प्रति उपेक्षा और अनास्था का भाव था। सुत्रयुग में चार आश्रमों की परिगणना होने लगी थी, यद्यपि उनके नामक्रम में अब भी मतभेद था। आपस्तंब धर्मसूत्र के अनुसार गार्हस्थ्य, आचार्यकुल की राजकुमारी तथा अयोध्या के राजा दशरथ की पत्नी थीं। कौशल्या को राम की माता होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। . कैकेयी सामान्य अर्थ में 'केकय देश की राजकुमारी'। तदनुसार महाभारत में सार्वभौम की पत्नी, जयत्सेन की माता सुनंदा को कैकेयी कहा गया है। इसी प्रकार परीक्षित के पुत्र भीमसेन की पत्नी, प्रतिश्रवा की माता कुमारी को भी कैकेयी नाम दिया गया है। किन्तु रूढ़ एवं अति प्रचलित रूप में ' कैकेयी ' केकेय देश के राजा अश्वपति & Shubhlakshana की कन्या एवं कोसलनरेश दशरथ की कनिष्ठ किंतु अत्यंत प्रिय पत्नी का नाम है। इसके गर्भ से भरत का जन्म हुआ था। जब राजा दशरथ देवदानव युद्ध में देवताओं के सहायतार्थ गए थे तब कैकेयी भी उनके साथ गई थी। युद्ध में दशरथ के रथ का धुरा टूट गया उस समय कैकेयी ने धुरे में अपना हाथ लगाकर रथ को टूटने से बचाया और दशरथ युद्ध करते रहे। युद्ध समाप्त होने पर जब दशरथ की इस बात का पता लगा तो प्रसन्न होकर कैकेयी को दो वर माँगने के लिए कहा। कैकेयी ने उसे यथासमय माँगने के लिये रख छोड़ा। जब राम को युवराज बनाने की चर्चा उठी तब मंथरा नाम की दासी के बहकावे मे आकर कैकेयी ने दशरथ से अपने उन दो वरों के रूप में राम के लिये चौदह वर्ष का वनवास और भरत के लिये राज्य की माँग की। तदनुसार राम वन को गए पर भरत ने राज्य ग्रहण करना स्वीकार नहीं किया, माता की भर्त्सना की और राम को लौटा लाने के लिये वन गए। उस समय कैकेयी भी उनके साथ गई। एक अनुश्रुति यह भी है कि केकयनरेश ने दशरथ के साथ कैकेयी का विवाह करते समय दशरथ से वचन लिया था कि उनका दौहित्र, कैकेयी का पुत्र राज्य का अधिकारी होगा। श्रेणीःरामायण के पात्र. अयोध्या भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक अति प्राचीन धार्मिक नगर है। यह फैजाबाद जिला के अन्तर्गत आता है। यह सरयू नदी के दाएं तट पर बसा है। प्राचीन काल में इसे 'कौशल देश' कहा जाता था। अयोध्या हिन्दुओं का प्राचीन और सात पवित्र तीर्थस्थलों में एक है। . उर्मिला उर्मिला लक्ष्मण की पत्नी का नाम है। श्रेणीःरामायण के पात्र. रामायण एक सौ पचास संबंध है और श्रीसीतारामकेलिकौमुदी सत्तासी है। वे आम तीस में है, समानता सूचकांक बारह.छयासठ% है = तीस / । यह लेख रामायण और श्रीसीतारामकेलिकौमुदी के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः |
भारतीय रेलवे ने यात्रियों को होली से पहले बड़ा झटका दिया है.... रेलवे ने 7 मार्च से करीब 358 ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है.... इनमें ज्यादातर ट्रेन बिहार और उत्तरप्रदेश की तरफ जाने वाली.... या वहां से उत्तर भारत की तरफ आने वाली हैं....
यह नहीं बताया है कि ट्रेनों को कैंसिल करने के पीछे क्या कारण है.... यात्रियों के सामने ट्रेनें रद्द होने की परेशानी फरवरी से आ रही है...रेलवे लगातार फरवरी से ही ट्रेनों को रद्द करता आ रहा है.... और इसमें कई महत्वपूर्ण ट्रेनें भी हैं....
वहीं अब रेलवे ने त्यौहारी मौसम में इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनें कैंसिल कर लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है.... ऐसे में यात्रा के अन्य विकल्प भी यात्रियों के लिए पूरे नहीं पड़ेंगे....
| भारतीय रेलवे ने यात्रियों को होली से पहले बड़ा झटका दिया है.... रेलवे ने सात मार्च से करीब तीन सौ अट्ठावन ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है.... इनमें ज्यादातर ट्रेन बिहार और उत्तरप्रदेश की तरफ जाने वाली.... या वहां से उत्तर भारत की तरफ आने वाली हैं.... यह नहीं बताया है कि ट्रेनों को कैंसिल करने के पीछे क्या कारण है.... यात्रियों के सामने ट्रेनें रद्द होने की परेशानी फरवरी से आ रही है...रेलवे लगातार फरवरी से ही ट्रेनों को रद्द करता आ रहा है.... और इसमें कई महत्वपूर्ण ट्रेनें भी हैं.... वहीं अब रेलवे ने त्यौहारी मौसम में इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनें कैंसिल कर लोगों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है.... ऐसे में यात्रा के अन्य विकल्प भी यात्रियों के लिए पूरे नहीं पड़ेंगे.... |
राज एक्सप्रेस। सोशल मीडिया के इस दौर में कई तरह के वीडियो वायरल होना बहुत आम बात है। हालांकि, कभी कभी सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो भी वायरल हो जाते हैं। जो या तो बहुत ही शर्मनाक होते हैं या अपने आप में ही एक बड़ा प्रश्न उठा देते हैं। ऐसे ही इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें 70 साल की एक महिला को अपनी पेंशन के लिए बहुत परेशान होती हुई पैदल जा रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद यह प्रशासन के लिए काफी शर्मनाक था। इस पर अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने वीडियो शेयर कर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को फटकार लगाई है।
वित्त मंत्री ने लगाई SBI को फटकार :
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक 70 साल की महिला को अपनी पेंशन लेने के लिए इस कड़ी धूप में नंगे पैर एक कुर्सी का सहारा लेते हुए कई किलोमीटर चल के जाती नजर आरही है। इस वीडियो में महिला ने एक टूटी कुर्सी को वाकर कि जगह सहारा बनता हुआ हुआ है और वेह उसे पकड़ कर ही चलते हुए दिख रही हैं। जिस समय यह महिला जा रही थी उस सीन को किसी ने कैमरे में कैद कर लिया और अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जब इस वीडियो पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रकाश में आया तो उन्होंने इस वीडियो को शेयर करते हुए महिला की परेशानी समझी और देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को फटकार लगा दी। उन्होंने ट्विटर पर वीडियो करते हुए लिखा,
"भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के प्रबंधक ने इस मामले में जवाब दिया है, लेकिन फिर भी वित्तीय सेवा विभाग (DFS) और एसबीआई से ऐसे मामलों में त्वरित संज्ञान लेने और मानवीय रूप से कार्य करने की उम्मीद करती हैं। (प्रश्न करते हुए) उन्होंने पूछा है कि क्या उस क्षेत्र में बैंक मित्र नहीं हैं? "
महिला की पहचान :
इस वीडियो को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह वाक्या 17 अप्रैल का ओडिशा के नबरंगपुर जिले का बताया जा रहा है। वीडियो में जाती नजर आरही बुजुर्ग महिला की पहचान सूर्या हरिजन के तौर पर हुई है। इस महिला का बड़ा बेटा दूसरे राज्य में प्रवासी मजदूर का काम करता है। महिला यहां अपने छोटे बेटे के साथ रहती हैं जो मवेशियों को चराने का कार्य करता है। यह परिवार यहां एक झोपड़ी में रहता हैं।
SBI की प्रतिक्रिया :
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगाई गई फटकार के बाद भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने भी ट्वीट कर प्रतिक्रिया दिया है। SBI कि तरफ से ट्वीट कर कहा गया है कि, "हम भी वीडियो को देखकर बहुत दुखी हैं। श्रीमती सूर्या हरिजन हर महीने अपने गांव में सीएसपी से अपनी पेंशन निकालती थीं। बुढ़ापे के कारण उसके फिंगर प्रिंट मेल नहीं खा रहे थे। हमने इसके बाद डोरस्टेप पेंशन डिलीवरी की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। हम जल्द ही उन्हें व्हीलचेयर सौंप देंगे। वह अपने रिश्तेदार के साथ हमारी झरीगांव शाखा गई। हमारे शाखा प्रबंधक ने तुरंत अपने खाते को मैन्युअल रूप से डेबिट करके राशि का भुगतान किया। हमारी ब्रांच मैनेजर ने यह भी बताया है कि, उनकी पेंशन अगले महीने से उनके घर पहुंचा दी जाएगी। "
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| राज एक्सप्रेस। सोशल मीडिया के इस दौर में कई तरह के वीडियो वायरल होना बहुत आम बात है। हालांकि, कभी कभी सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो भी वायरल हो जाते हैं। जो या तो बहुत ही शर्मनाक होते हैं या अपने आप में ही एक बड़ा प्रश्न उठा देते हैं। ऐसे ही इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें सत्तर साल की एक महिला को अपनी पेंशन के लिए बहुत परेशान होती हुई पैदल जा रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद यह प्रशासन के लिए काफी शर्मनाक था। इस पर अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वीडियो शेयर कर भारतीय स्टेट बैंक को फटकार लगाई है। वित्त मंत्री ने लगाई SBI को फटकार : दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक सत्तर साल की महिला को अपनी पेंशन लेने के लिए इस कड़ी धूप में नंगे पैर एक कुर्सी का सहारा लेते हुए कई किलोमीटर चल के जाती नजर आरही है। इस वीडियो में महिला ने एक टूटी कुर्सी को वाकर कि जगह सहारा बनता हुआ हुआ है और वेह उसे पकड़ कर ही चलते हुए दिख रही हैं। जिस समय यह महिला जा रही थी उस सीन को किसी ने कैमरे में कैद कर लिया और अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जब इस वीडियो पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रकाश में आया तो उन्होंने इस वीडियो को शेयर करते हुए महिला की परेशानी समझी और देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक को फटकार लगा दी। उन्होंने ट्विटर पर वीडियो करते हुए लिखा, "भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक ने इस मामले में जवाब दिया है, लेकिन फिर भी वित्तीय सेवा विभाग और एसबीआई से ऐसे मामलों में त्वरित संज्ञान लेने और मानवीय रूप से कार्य करने की उम्मीद करती हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या उस क्षेत्र में बैंक मित्र नहीं हैं? " महिला की पहचान : इस वीडियो को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह वाक्या सत्रह अप्रैल का ओडिशा के नबरंगपुर जिले का बताया जा रहा है। वीडियो में जाती नजर आरही बुजुर्ग महिला की पहचान सूर्या हरिजन के तौर पर हुई है। इस महिला का बड़ा बेटा दूसरे राज्य में प्रवासी मजदूर का काम करता है। महिला यहां अपने छोटे बेटे के साथ रहती हैं जो मवेशियों को चराने का कार्य करता है। यह परिवार यहां एक झोपड़ी में रहता हैं। SBI की प्रतिक्रिया : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगाई गई फटकार के बाद भारतीय स्टेट बैंक ने भी ट्वीट कर प्रतिक्रिया दिया है। SBI कि तरफ से ट्वीट कर कहा गया है कि, "हम भी वीडियो को देखकर बहुत दुखी हैं। श्रीमती सूर्या हरिजन हर महीने अपने गांव में सीएसपी से अपनी पेंशन निकालती थीं। बुढ़ापे के कारण उसके फिंगर प्रिंट मेल नहीं खा रहे थे। हमने इसके बाद डोरस्टेप पेंशन डिलीवरी की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। हम जल्द ही उन्हें व्हीलचेयर सौंप देंगे। वह अपने रिश्तेदार के साथ हमारी झरीगांव शाखा गई। हमारे शाखा प्रबंधक ने तुरंत अपने खाते को मैन्युअल रूप से डेबिट करके राशि का भुगतान किया। हमारी ब्रांच मैनेजर ने यह भी बताया है कि, उनकी पेंशन अगले महीने से उनके घर पहुंचा दी जाएगी। " ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें। |
इसलिए यह सर्विस लाइफ की एक महत्वपूर्ण कमी है या आप वास्तव में वह हासिल नहीं करते हैं जो वहां होना चाहिए था।
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Coatings will not be effective,
if surface is not prepared adequately
Corroded region
Debonded coating
अब कुछ आरेखीय चित्र, यदि आपने रेत से विस्फोट करके सरिए का लेप किया है, और फिर हम सरिए को उजागर रखते हैं और फिर उसकी ऑटोप्सी करके देखते हैं तो आप यहां और वहां कुछ धब्बे देख सकते हैं जो निम्न स्तर के क्षरण का संकेत देते हैं लेकिन जब आप, कोटिंग को सफाई और रेत के विस्फोट के बिना लगाते हैं, तब आपको महत्वपूर्ण मात्रा में संक्षारण दिखाई देता है। तो यह ऐसा कुछ नहीं है जिसकी अपेक्षा की जाती है। यदि आप सीपीसी कोटिंग का उपयोग कर रहे हैं तो हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उचित सफाई की गई है अन्यथा इसका उपयोग करना वास्तव में उचित नहीं है।
| इसलिए यह सर्विस लाइफ की एक महत्वपूर्ण कमी है या आप वास्तव में वह हासिल नहीं करते हैं जो वहां होना चाहिए था। Coatings will not be effective, if surface is not prepared adequately Corroded region Debonded coating अब कुछ आरेखीय चित्र, यदि आपने रेत से विस्फोट करके सरिए का लेप किया है, और फिर हम सरिए को उजागर रखते हैं और फिर उसकी ऑटोप्सी करके देखते हैं तो आप यहां और वहां कुछ धब्बे देख सकते हैं जो निम्न स्तर के क्षरण का संकेत देते हैं लेकिन जब आप, कोटिंग को सफाई और रेत के विस्फोट के बिना लगाते हैं, तब आपको महत्वपूर्ण मात्रा में संक्षारण दिखाई देता है। तो यह ऐसा कुछ नहीं है जिसकी अपेक्षा की जाती है। यदि आप सीपीसी कोटिंग का उपयोग कर रहे हैं तो हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उचित सफाई की गई है अन्यथा इसका उपयोग करना वास्तव में उचित नहीं है। |
ऑपरेशन दोस्त के अंतर्गत भारत की छठी उडान आज तुर्किए पहुंच गई है। विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने एक ट्वीट में बताया कि और भी खोजी और बचाव दल डॉक स्कवाड, जरूरी राहत सामग्री, दवाएं और चिकित्सा उपकरण भूकम्प प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जाने के लिए तैयार हैं। भारत आपातकालीन चिकित्सा सुविधा के लिए हताए में फील्ड अस्पताल बनाने की भी तैयारी कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह 30 बिस्तरों वाला अस्पताल सभी चिकित्सा सुविधाओं से युक्त होगा जिसमें आपरेशन थियेटर, आपरेशन मशीन और वेन्टीलेटर उपलब्ध होंगे।
इस बीच, तुर्किए और सीरिया में भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हजार हो गई है। राहत एजेंसियों और बचाव कार्यकर्ताओं ने आगाह किया है कि मलबे में अभी भी बहुत से लोगों के दबे होने के कारण मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। बचाव कार्यकर्ता भूकंप से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। भूकंप के बाद मलबे के आसपास कमजोर हो चुकी मूलभूत संरचना के भवनों के गिरने की भी आशंका है।
इस बीच, तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यब एर्दोआन ने दो विनाशकारी भूकंप को लेकर अपनी सरकार की प्रतिक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि आपदा के अनुरूप तैयारी करना संभव है। आलोचकों का कहना है कि आपात सेवाओं की प्रतिक्रिया बहुत धीमी है और सरकार की तैयारी भी कमजोर है। रेसेप तैय्यब एर्दोआन ने स्वीकार किया कि सरकार को कुछ समस्याएं हो रही है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
| ऑपरेशन दोस्त के अंतर्गत भारत की छठी उडान आज तुर्किए पहुंच गई है। विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर ने एक ट्वीट में बताया कि और भी खोजी और बचाव दल डॉक स्कवाड, जरूरी राहत सामग्री, दवाएं और चिकित्सा उपकरण भूकम्प प्रभावित क्षेत्रों में भेजे जाने के लिए तैयार हैं। भारत आपातकालीन चिकित्सा सुविधा के लिए हताए में फील्ड अस्पताल बनाने की भी तैयारी कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार यह तीस बिस्तरों वाला अस्पताल सभी चिकित्सा सुविधाओं से युक्त होगा जिसमें आपरेशन थियेटर, आपरेशन मशीन और वेन्टीलेटर उपलब्ध होंगे। इस बीच, तुर्किए और सीरिया में भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर पंद्रह हजार हो गई है। राहत एजेंसियों और बचाव कार्यकर्ताओं ने आगाह किया है कि मलबे में अभी भी बहुत से लोगों के दबे होने के कारण मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। बचाव कार्यकर्ता भूकंप से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। भूकंप के बाद मलबे के आसपास कमजोर हो चुकी मूलभूत संरचना के भवनों के गिरने की भी आशंका है। इस बीच, तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यब एर्दोआन ने दो विनाशकारी भूकंप को लेकर अपनी सरकार की प्रतिक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि आपदा के अनुरूप तैयारी करना संभव है। आलोचकों का कहना है कि आपात सेवाओं की प्रतिक्रिया बहुत धीमी है और सरकार की तैयारी भी कमजोर है। रेसेप तैय्यब एर्दोआन ने स्वीकार किया कि सरकार को कुछ समस्याएं हो रही है लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। |
- 57 min ago बॉलीवुड को लेकर एक्ट्रेस ने दिया विवादित बयान, बोलीं- अगर बॉलीवुड में लांच हुई होती तो कपड़े उतरवा देते...'
Don't Miss!
एक्ट्रेस और मॉडल लारा दत्ता आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। 16 अप्रैल 1978 में जन्मीं लारा दत्ता 42 साल की हो गई हैं। अभी भी वह फिल्मों में एक्टिव हैं। लारा दत्ता ने मिस इंडिया से लेकर मिस यूनिवर्स का सफर तय किया। फिर फिल्मों में अक्षय कुमार के साथ डेब्यू किया। लारा दत्ता के पिता पंजाबी और मां एंग्लो इंडियन थीं। जो खुद मिस इंडिया की रनरअप रह चुकी हैं। लेकिन बेटी ने उनका ख्वाब पूरा किया।
खूबसूरत और बोल्ड एक्ट्रेस में शुमार लारा दत्ता उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जन्मीं। उनके पिता एयरफोर्स में विंग कमांडर थे और मां जेनिफर दत्ता खुद मॉडलिंग कर चुकी हैं। उनकी दो बहने भी हैं। वह हिंदी, इंग्लिश, कन्नड़ और पंजाबी जैसे कई भाषाएं जानती हैं। इसके अलावा वह फ्रेंज भी बोल लेती हैं।
इकनॉमिक्स में अपनी डिग्री लेकर मॉडलिंग में करियर की शुरुआत की। इस क्षेत्र में ढेरों अवॉर्ड लारा ने अपने नाम किए। जिस भी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, वह बेशक छोटी हो या मिस यूनिवर्स जैसी बड़ी, उस कॉम्पीटिशन में जीत दर्ज की।
Viral Video: बंद कमरे में लड़कियों ने की ऐसी हरकत, वीडियो देख भड़के यूजर्स, बोले- 'पढ़ने लिखने की उम्र में...'
| - सत्तावन मिनट ago बॉलीवुड को लेकर एक्ट्रेस ने दिया विवादित बयान, बोलीं- अगर बॉलीवुड में लांच हुई होती तो कपड़े उतरवा देते...' Don't Miss! एक्ट्रेस और मॉडल लारा दत्ता आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। सोलह अप्रैल एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर में जन्मीं लारा दत्ता बयालीस साल की हो गई हैं। अभी भी वह फिल्मों में एक्टिव हैं। लारा दत्ता ने मिस इंडिया से लेकर मिस यूनिवर्स का सफर तय किया। फिर फिल्मों में अक्षय कुमार के साथ डेब्यू किया। लारा दत्ता के पिता पंजाबी और मां एंग्लो इंडियन थीं। जो खुद मिस इंडिया की रनरअप रह चुकी हैं। लेकिन बेटी ने उनका ख्वाब पूरा किया। खूबसूरत और बोल्ड एक्ट्रेस में शुमार लारा दत्ता उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में जन्मीं। उनके पिता एयरफोर्स में विंग कमांडर थे और मां जेनिफर दत्ता खुद मॉडलिंग कर चुकी हैं। उनकी दो बहने भी हैं। वह हिंदी, इंग्लिश, कन्नड़ और पंजाबी जैसे कई भाषाएं जानती हैं। इसके अलावा वह फ्रेंज भी बोल लेती हैं। इकनॉमिक्स में अपनी डिग्री लेकर मॉडलिंग में करियर की शुरुआत की। इस क्षेत्र में ढेरों अवॉर्ड लारा ने अपने नाम किए। जिस भी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, वह बेशक छोटी हो या मिस यूनिवर्स जैसी बड़ी, उस कॉम्पीटिशन में जीत दर्ज की। Viral Video: बंद कमरे में लड़कियों ने की ऐसी हरकत, वीडियो देख भड़के यूजर्स, बोले- 'पढ़ने लिखने की उम्र में...' |
कर्नाटक के बेंगलुरु में तेज बारिश लोगों के लिए बड़ी आफत लेकर आई है। जगह-जगह जलभराव हो चुका है, लंबे जाम लगे हैं और स्थिति खराब होती जा रही है। इसी कड़ी में बेंगलुरु में एक में 22 वर्षीय लड़की की मौत हो गई है। वो अपने रिश्तेदारों के साथ गाड़ी में थी जो अंडरपास में जा डूबी। पानी इतना ज्यादा भर गया कि दरवाजे नहीं खुल पाए और लड़की ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
मृतक लड़की का नाम भानुरेखा है जो आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की रहने वाली है। रविवार को भानुरेका और उसके रिश्तेदार एक गाड़ी से केआर सर्किल अंडरपास की ओर से जा रहे थे। लेकिन बारिश की वजह से अंडरपास पर काफी ज्यादा पानी जमा हो चुका था। गाड़ी क्योंकि आगे बढ़ा दी गई, ऐसे में वो पानी में फंस गई और इंजन ऑफ हो गया। स्थानीय लोगों ने जब उस गाड़ी को डूबते हुए देखा तो दमकल और इमरजेंसी कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी गई।
लैडर की मदद से भानुरेखा के परिवार के सभी सदस्यों बचा लिया गया, लेकिन खुद भानुरेखा क्योंकि अपने शरीर के अंदर काफी ज्यादा पानी ले चुकी थी, उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। अभी के लिए अस्पताल पर आरोप लग रहा है कि उन्होंने समय रहते इलाज नहीं किया, लेकिन अस्पताल इसे खारिज कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया खुद अस्पताल आए और उनकी तरफ से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता दी गई।
अब ये कोई पहली बार नहीं है जब बेंगलुरु में यूं बारिश की वजह से आम जीवन ऐसे अस्त-व्यस्त हुआ। हर साल बेंगलुरु में ऐसे ही हालात बन जाते हैं, विकास के बड़े दावे जरूर होते हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति नहीं बदलती। जलभराव की परेशानी बेंगलुरु में काफी पुरानी है और थोड़ी देर की बारिश ही पूरे इलाके को पानी में डुबो देती है। इस बार इसी पानी ने एक 22 वर्षीय भानुरेखा की जान ली है।
| कर्नाटक के बेंगलुरु में तेज बारिश लोगों के लिए बड़ी आफत लेकर आई है। जगह-जगह जलभराव हो चुका है, लंबे जाम लगे हैं और स्थिति खराब होती जा रही है। इसी कड़ी में बेंगलुरु में एक में बाईस वर्षीय लड़की की मौत हो गई है। वो अपने रिश्तेदारों के साथ गाड़ी में थी जो अंडरपास में जा डूबी। पानी इतना ज्यादा भर गया कि दरवाजे नहीं खुल पाए और लड़की ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। मृतक लड़की का नाम भानुरेखा है जो आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा की रहने वाली है। रविवार को भानुरेका और उसके रिश्तेदार एक गाड़ी से केआर सर्किल अंडरपास की ओर से जा रहे थे। लेकिन बारिश की वजह से अंडरपास पर काफी ज्यादा पानी जमा हो चुका था। गाड़ी क्योंकि आगे बढ़ा दी गई, ऐसे में वो पानी में फंस गई और इंजन ऑफ हो गया। स्थानीय लोगों ने जब उस गाड़ी को डूबते हुए देखा तो दमकल और इमरजेंसी कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी गई। लैडर की मदद से भानुरेखा के परिवार के सभी सदस्यों बचा लिया गया, लेकिन खुद भानुरेखा क्योंकि अपने शरीर के अंदर काफी ज्यादा पानी ले चुकी थी, उसने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। अभी के लिए अस्पताल पर आरोप लग रहा है कि उन्होंने समय रहते इलाज नहीं किया, लेकिन अस्पताल इसे खारिज कर रहा है। वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया खुद अस्पताल आए और उनकी तरफ से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की सहायता दी गई। अब ये कोई पहली बार नहीं है जब बेंगलुरु में यूं बारिश की वजह से आम जीवन ऐसे अस्त-व्यस्त हुआ। हर साल बेंगलुरु में ऐसे ही हालात बन जाते हैं, विकास के बड़े दावे जरूर होते हैं, लेकिन जमीन पर स्थिति नहीं बदलती। जलभराव की परेशानी बेंगलुरु में काफी पुरानी है और थोड़ी देर की बारिश ही पूरे इलाके को पानी में डुबो देती है। इस बार इसी पानी ने एक बाईस वर्षीय भानुरेखा की जान ली है। |
इन Juicer On Amazon से घर पर ही बनाएं ताजा और साफ, फल और सब्जियों का जूस। इनपर अभी आपको 65% तक की भारी छूट मिल रही है।
जूस पीना हम सबको पसंद है। यह हमारी सेहत के लिए भी काफी अच्छा होता है। रोजाना ताजे फलों का जूस पीने से हम कई बीमारियों से बचे रह सकते हैं। तो अगर आप भी अपने घर पर ताजे फलों का जूस निकालकर पीना चाहते हैं तो आज ही आर्डर करें ये Juicer On Amazon। इन Best Juicer On Amazon अभी आर्डर करने पर आपको 65% तक का भारी डिस्काउंट मिल रहा है।
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वाशिंगटन, 21 अगस्त (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस ने रविवार को बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार रात देश के नाम संबोधन में अपनी अफगानिस्तान रणनीति का खुलासा करेंगे।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा है कि अमेरिका के समयानुसाररात 9 बजे ट्रंप का संदेश टीवी पर प्रसारित किया जाएगा जिसमें वह अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया में अमेरिका के अगले कदमों के बारे में बताएंगे।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबााम ने तय किया था कि साल 2015 के अंत तक अफगानिस्तान से 5500 सैनिकों को वापस बुला लिया जाएगा जिनकी उस समय संख्या 9800 थी। इसके साथ ही ओबामा ने साल 2016 में अपने कार्यकाल के अंत तक सभी सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया था।
लेकिन, अफगानिस्तान में सुरक्षा के बिगड़ते हालात को देखते हुए ओबामा प्रशासन ने अपने फैसले को टाल दिया था।
वर्तमान में अमेरिका के करीब 8400 सैनिकों के साथ नाटो के 5000 सैनिक अफगानिस्तान में रहकर अफगानी सेना को तालीबान और दूसरे आतंकी संगठनों से लड़ने के लिए तैयार कर रहे हैं।
नई अफगानिस्तान रणनीति उस वक्त सामने आ रही है जब अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने वहां सुरक्षा के बिगड़ते हालात के बारे में सरकार को चेताया है।
कराची। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के एक मस्जिद के पास एक आत्मघाती हमले में लगभग 34 लोगों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 130 से अधिक लोग इस हमले में घायल हो गए हैं। मालूम हो कि जब लोग पैगंबर मुहम्मद का जन्मदिन मनाने के लिए एक रैली के लिए एकत्र हुए थे, जिस दौरान यह हादसा हुआ है।
स्थानीय जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोट मस्तुंग जिले में मदीना मस्जिद के पास हुआ। मृतकों में मस्तुंग के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नवाज गशकोरी भी शामिल हैं। वह हमले के दौरान रैली के लिए ड्यूटी पर थे।
| वाशिंगटन, इक्कीस अगस्त । व्हाइट हाउस ने रविवार को बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार रात देश के नाम संबोधन में अपनी अफगानिस्तान रणनीति का खुलासा करेंगे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा है कि अमेरिका के समयानुसाररात नौ बजे ट्रंप का संदेश टीवी पर प्रसारित किया जाएगा जिसमें वह अफगानिस्तान और दक्षिण एशिया में अमेरिका के अगले कदमों के बारे में बताएंगे। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबााम ने तय किया था कि साल दो हज़ार पंद्रह के अंत तक अफगानिस्तान से पाँच हज़ार पाँच सौ सैनिकों को वापस बुला लिया जाएगा जिनकी उस समय संख्या नौ हज़ार आठ सौ थी। इसके साथ ही ओबामा ने साल दो हज़ार सोलह में अपने कार्यकाल के अंत तक सभी सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया था। लेकिन, अफगानिस्तान में सुरक्षा के बिगड़ते हालात को देखते हुए ओबामा प्रशासन ने अपने फैसले को टाल दिया था। वर्तमान में अमेरिका के करीब आठ हज़ार चार सौ सैनिकों के साथ नाटो के पाँच हज़ार सैनिक अफगानिस्तान में रहकर अफगानी सेना को तालीबान और दूसरे आतंकी संगठनों से लड़ने के लिए तैयार कर रहे हैं। नई अफगानिस्तान रणनीति उस वक्त सामने आ रही है जब अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों ने वहां सुरक्षा के बिगड़ते हालात के बारे में सरकार को चेताया है। कराची। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के एक मस्जिद के पास एक आत्मघाती हमले में लगभग चौंतीस लोगों की मौत हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक सौ तीस से अधिक लोग इस हमले में घायल हो गए हैं। मालूम हो कि जब लोग पैगंबर मुहम्मद का जन्मदिन मनाने के लिए एक रैली के लिए एकत्र हुए थे, जिस दौरान यह हादसा हुआ है। स्थानीय जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोट मस्तुंग जिले में मदीना मस्जिद के पास हुआ। मृतकों में मस्तुंग के पुलिस उपाधीक्षक नवाज गशकोरी भी शामिल हैं। वह हमले के दौरान रैली के लिए ड्यूटी पर थे। |
मंदसौर के बाद अब सतना में एक बच्ची से रेप की ख़बर है. यहां 4 साल की एक बच्ची को घर से उठाकर ले जाने और उसके बाद रेप की घटना सामने आई है. बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है. उसे सतना से जबलपुर रिफर किया गया है. आरोपी की गिरफ़्तारी हो चुकी है.
सतना के पन्ना गांव में रविवार रात 4 साल की बच्ची को शिकार बनाया गया. आरोपी 23 साल का महेन्द्र सिंह गौड़ है. बच्ची अपने घर में सो रही थी. आरोपी देर रात उसे घर से उठा ले गया. रेप के बाद वो बच्ची को मरा समझ कर खेत में फेंककर भाग गया था.
इससे पिछले बुधवार को मंदसौर में 8 साल की बच्ची को गैंगरेप का शिकार बनाया गया था. स्कूल की छुट्टी के बाद घरवालों का इंतज़ार कर रही बच्ची का अपहरण कर लिया गया था. आरोपियों ने बच्ची को मिठाई का लालच देकर अगवा किया था. आरोपियों ने रेप के बाद बच्ची को मारने की कोशिश की थी और फिर उसे मरा समझकर झाड़ियों में फेंककर भाग गए थे.
बच्ची फिलहाल इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती है. दो आरोपी इरफान और आसिफ को गिरफ़्तार किया जा चुका है.
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| मंदसौर के बाद अब सतना में एक बच्ची से रेप की ख़बर है. यहां चार साल की एक बच्ची को घर से उठाकर ले जाने और उसके बाद रेप की घटना सामने आई है. बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है. उसे सतना से जबलपुर रिफर किया गया है. आरोपी की गिरफ़्तारी हो चुकी है. सतना के पन्ना गांव में रविवार रात चार साल की बच्ची को शिकार बनाया गया. आरोपी तेईस साल का महेन्द्र सिंह गौड़ है. बच्ची अपने घर में सो रही थी. आरोपी देर रात उसे घर से उठा ले गया. रेप के बाद वो बच्ची को मरा समझ कर खेत में फेंककर भाग गया था. इससे पिछले बुधवार को मंदसौर में आठ साल की बच्ची को गैंगरेप का शिकार बनाया गया था. स्कूल की छुट्टी के बाद घरवालों का इंतज़ार कर रही बच्ची का अपहरण कर लिया गया था. आरोपियों ने बच्ची को मिठाई का लालच देकर अगवा किया था. आरोपियों ने रेप के बाद बच्ची को मारने की कोशिश की थी और फिर उसे मरा समझकर झाड़ियों में फेंककर भाग गए थे. बच्ची फिलहाल इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती है. दो आरोपी इरफान और आसिफ को गिरफ़्तार किया जा चुका है. . |
बेन स्टोक्स (Ben Stokes) की टीम इंग्लैंड ने अपने पाकिस्तान के दौरे में 3 मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर सीरीज में पाकिस्तान का सूपड़ा साफ़ कर दिया। लगातार तीसरे टेस्ट मैच में जीत दर्ज़ कर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने भारत के पूर्व धांसू कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
मंगलवार, 20 दिसंबर को टेस्ट सीरीज के अंतिम मैच में कराची के मैदान में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को हरा कर एक कैलेंडर ईयर में 9 टेस्ट मैच जीतने वाले दुनिया के सातवें कप्तान बन गए। इस साल उन्होंने बतौर कप्तान इंग्लैंड के लिए उन्होंने 9 टेस्ट मैच जीते और एक में हार का सामना किया है।
अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट का इतिहास बताता है कि भारतीय टीम के पूर्व धांसू कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने साल 2016 में बतौर टेस्ट कप्तान एक कैलेंडर ईयर में 9 मैच जीते थे और किसी भी मैच में हार का सामना नहीं किया था। विराट कोहली और बेन स्टोक्स के अलावा यह कीर्तिमान पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ (Graeme Smith), रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting), माइकल वॉन (Michael Vaughan), स्टीव वॉ (Steve Waugh) और क्लाइव लॉयड (Clive Lloyd) के नाम भी दर्ज़ है। उन्होंने भी एक कैलेंडर ईयर में 9 टेस्ट मैच जीते हैं।
गौरतलब है कि बेन स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड ने साल 2010 के बाद पहली बार एक कैलेंडर ईयर में 9 या इससे ज्यादा टेस्ट मैच जीते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान की ज़मीन पर पाकिस्तान का टेस्ट सीरीज में पहली बार इंग्लैंड ने सूपड़ा साफ किया है।
इस सीरीज के कराची में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने 111 रनों की शतकीय पारी खेली। डेब्यू टेस्ट मैच खेल रहे 18 साल के युवा स्पिनर रेहान अहमद (Rehan Ahmed) ने 5 विकेट चटकाए और एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। हैरी ब्रूक 'Player of The Series' रहे।
| बेन स्टोक्स की टीम इंग्लैंड ने अपने पाकिस्तान के दौरे में तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में पाकिस्तान को आठ विकेट से हराकर सीरीज में पाकिस्तान का सूपड़ा साफ़ कर दिया। लगातार तीसरे टेस्ट मैच में जीत दर्ज़ कर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने भारत के पूर्व धांसू कप्तान विराट कोहली के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। मंगलवार, बीस दिसंबर को टेस्ट सीरीज के अंतिम मैच में कराची के मैदान में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को हरा कर एक कैलेंडर ईयर में नौ टेस्ट मैच जीतने वाले दुनिया के सातवें कप्तान बन गए। इस साल उन्होंने बतौर कप्तान इंग्लैंड के लिए उन्होंने नौ टेस्ट मैच जीते और एक में हार का सामना किया है। अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट का इतिहास बताता है कि भारतीय टीम के पूर्व धांसू कप्तान विराट कोहली ने साल दो हज़ार सोलह में बतौर टेस्ट कप्तान एक कैलेंडर ईयर में नौ मैच जीते थे और किसी भी मैच में हार का सामना नहीं किया था। विराट कोहली और बेन स्टोक्स के अलावा यह कीर्तिमान पूर्व कप्तान ग्रीम स्मिथ , रिकी पोंटिंग , माइकल वॉन , स्टीव वॉ और क्लाइव लॉयड के नाम भी दर्ज़ है। उन्होंने भी एक कैलेंडर ईयर में नौ टेस्ट मैच जीते हैं। गौरतलब है कि बेन स्टोक्स की कप्तानी में इंग्लैंड ने साल दो हज़ार दस के बाद पहली बार एक कैलेंडर ईयर में नौ या इससे ज्यादा टेस्ट मैच जीते हैं। इसके अलावा पाकिस्तान की ज़मीन पर पाकिस्तान का टेस्ट सीरीज में पहली बार इंग्लैंड ने सूपड़ा साफ किया है। इस सीरीज के कराची में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में इंग्लैंड के युवा बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने एक सौ ग्यारह रनों की शतकीय पारी खेली। डेब्यू टेस्ट मैच खेल रहे अट्ठारह साल के युवा स्पिनर रेहान अहमद ने पाँच विकेट चटकाए और एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। हैरी ब्रूक 'Player of The Series' रहे। |
फरवरी खत्म होते-होते, बच्चों को एग्ज़ामिनेशन फीवर चढ़ने लगता है, क्योंकि आने वाले महीने के साथ ही स्कूल के छात्रों की सालाना परीक्षा शुरु हो जाती है। ऐसे में बेहतर प्रदर्शन करने और माता-पिता या टीचरों की उम्मीद पर खरे उतरने की चाह के कारण बच्चों में एग्ज़ाम्स को लेकर स्ट्रैस होने लगता है। हालांकि थोड़ा बहुत स्ट्रैस, प्रतियोगिता की भावना के लिए अच्छा होता है, लेकिन एग्ज़ाम्स के बारे में ज़रूरत से ज़्यादा चिंता करना बच्चों के शारीरिक और मानसिक संतुलन के लिए खतरनाक हो सकता है।
- शारीरिक - मांसपेशी का खिंचाव, खट्टी डकार आना, नींद की दिक्कत, दिल की धड़कने तेज़ होना, बेचैनी महसूस होना, भूख में बदलाव, कब्ज या दस्त, पीठ दर्द आदि।
- मानसिक - प्रेशर में निराशा और नेगेटिव होना, तनाव महसूस करना और आराम करने में असमर्थ होना, अचानक से उदास, डर महसूस होना या चिड़चिड़ा होना, किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित न कर पाना।
इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने बच्चे को स्ट्रैस फ्री एग्ज़ाम देने में मदद कर सकते हैं। आप सभी को 'हैप्पी एग्ज़ामिनेशन'।
अब आप हमारे साथ फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी जुड़िए।
| फरवरी खत्म होते-होते, बच्चों को एग्ज़ामिनेशन फीवर चढ़ने लगता है, क्योंकि आने वाले महीने के साथ ही स्कूल के छात्रों की सालाना परीक्षा शुरु हो जाती है। ऐसे में बेहतर प्रदर्शन करने और माता-पिता या टीचरों की उम्मीद पर खरे उतरने की चाह के कारण बच्चों में एग्ज़ाम्स को लेकर स्ट्रैस होने लगता है। हालांकि थोड़ा बहुत स्ट्रैस, प्रतियोगिता की भावना के लिए अच्छा होता है, लेकिन एग्ज़ाम्स के बारे में ज़रूरत से ज़्यादा चिंता करना बच्चों के शारीरिक और मानसिक संतुलन के लिए खतरनाक हो सकता है। - शारीरिक - मांसपेशी का खिंचाव, खट्टी डकार आना, नींद की दिक्कत, दिल की धड़कने तेज़ होना, बेचैनी महसूस होना, भूख में बदलाव, कब्ज या दस्त, पीठ दर्द आदि। - मानसिक - प्रेशर में निराशा और नेगेटिव होना, तनाव महसूस करना और आराम करने में असमर्थ होना, अचानक से उदास, डर महसूस होना या चिड़चिड़ा होना, किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित न कर पाना। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप अपने बच्चे को स्ट्रैस फ्री एग्ज़ाम देने में मदद कर सकते हैं। आप सभी को 'हैप्पी एग्ज़ामिनेशन'। अब आप हमारे साथ फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी जुड़िए। |
Corona Vaccine: स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट करते हुए कहा कि इन वेरो कोशिकाओं को विकास के बाद कई बार इसे नवजात बछड़ा सीरम से मुक्त करने के लिए पानी और रसायनों से भी धोया जाता है। इसके बाद ये वेरो कोशिकाएं वायरल ग्रोथ के लिए कोरोना वायरस से संक्रमित होती हैं।
नई दिल्ली। कुछ सोशल मीडिया पोस्टों द्वारा फैलाई गई अफवाहों का खंडन करते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत के स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सीन में नवजात बछड़े का सीरम बिल्कुल नहीं है। मंत्रालय ने कहा, कोवैक्सीन की संरचना के बारे में कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में यह कहा गया है कि कोवैक्सीन टीका में नवजात बछड़ा सीरम है। ऐसे पोस्टों में तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया है और गलत तरीके से पेश किया गया है। मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि नवजात बछड़ा सीरम का उपयोग केवल वेरो कोशिकाओं की तैयारी या विकास के लिए किया जाता है।
विभिन्न प्रकार के गोजातीय और अन्य पशु सीरम वेरो सेल (कोशिका) विकास के लिए विश्व स्तर पर उपयोग किए जाने वाले मानक संवर्धन घटक हैं। वेरो कोशिकाओं का उपयोग कोशिका जीवन स्थापित करने के लिए किया जाता है, जो टीकों के उत्पादन में सहायक होते हैं। इस तकनीक का इस्तेमाल दशकों से पोलियो, रेबीज और इन्फ्लूएंजा के टीकों में किया जाता रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट करते हुए कहा कि इन वेरो कोशिकाओं को विकास के बाद कई बार इसे नवजात बछड़ा सीरम से मुक्त करने के लिए पानी और रसायनों से भी धोया जाता है। इसके बाद ये वेरो कोशिकाएं वायरल ग्रोथ के लिए कोरोना वायरस से संक्रमित होती हैं।
वायरल ग्रोथ की प्रक्रिया में वेरो कोशिकाएं पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं। इसके बाद इस बड़े वायरस को भी मार दिया जाता है (निष्क्रिय कर दिया जाता है) और शुद्ध किया जाता है। मारे गए इस वायरस का प्रयोग अंतिम टीका बनाने के लिए किया जाता है और अंतिम टीका बनाने में कोई बछड़ा सीरम का उपयोग नहीं किया जाता है।
इसलिए अंतिम टीका (कोवैक्सीन) में नवजात बछड़ा सीरम बिलकुल नहीं होते हैं और बछड़ा सीरम अंतिम वैक्सीन उत्पाद का घटक नहीं है।
कोवैक्सीन भारत बायोटेक द्वारा निर्मित भारत की पहला स्वदेशी रूप से विकसित कोविड-19 वैक्सीन है। इस साल 16 जनवरी से भारत में चल रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान में वयस्कों पर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
| Corona Vaccine: स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट करते हुए कहा कि इन वेरो कोशिकाओं को विकास के बाद कई बार इसे नवजात बछड़ा सीरम से मुक्त करने के लिए पानी और रसायनों से भी धोया जाता है। इसके बाद ये वेरो कोशिकाएं वायरल ग्रोथ के लिए कोरोना वायरस से संक्रमित होती हैं। नई दिल्ली। कुछ सोशल मीडिया पोस्टों द्वारा फैलाई गई अफवाहों का खंडन करते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत के स्वदेशी कोविड-उन्नीस वैक्सीन कोवैक्सीन में नवजात बछड़े का सीरम बिल्कुल नहीं है। मंत्रालय ने कहा, कोवैक्सीन की संरचना के बारे में कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में यह कहा गया है कि कोवैक्सीन टीका में नवजात बछड़ा सीरम है। ऐसे पोस्टों में तथ्यों को तोड़ा-मरोड़ा गया है और गलत तरीके से पेश किया गया है। मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि नवजात बछड़ा सीरम का उपयोग केवल वेरो कोशिकाओं की तैयारी या विकास के लिए किया जाता है। विभिन्न प्रकार के गोजातीय और अन्य पशु सीरम वेरो सेल विकास के लिए विश्व स्तर पर उपयोग किए जाने वाले मानक संवर्धन घटक हैं। वेरो कोशिकाओं का उपयोग कोशिका जीवन स्थापित करने के लिए किया जाता है, जो टीकों के उत्पादन में सहायक होते हैं। इस तकनीक का इस्तेमाल दशकों से पोलियो, रेबीज और इन्फ्लूएंजा के टीकों में किया जाता रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट करते हुए कहा कि इन वेरो कोशिकाओं को विकास के बाद कई बार इसे नवजात बछड़ा सीरम से मुक्त करने के लिए पानी और रसायनों से भी धोया जाता है। इसके बाद ये वेरो कोशिकाएं वायरल ग्रोथ के लिए कोरोना वायरस से संक्रमित होती हैं। वायरल ग्रोथ की प्रक्रिया में वेरो कोशिकाएं पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं। इसके बाद इस बड़े वायरस को भी मार दिया जाता है और शुद्ध किया जाता है। मारे गए इस वायरस का प्रयोग अंतिम टीका बनाने के लिए किया जाता है और अंतिम टीका बनाने में कोई बछड़ा सीरम का उपयोग नहीं किया जाता है। इसलिए अंतिम टीका में नवजात बछड़ा सीरम बिलकुल नहीं होते हैं और बछड़ा सीरम अंतिम वैक्सीन उत्पाद का घटक नहीं है। कोवैक्सीन भारत बायोटेक द्वारा निर्मित भारत की पहला स्वदेशी रूप से विकसित कोविड-उन्नीस वैक्सीन है। इस साल सोलह जनवरी से भारत में चल रहे कोविड-उन्नीस टीकाकरण अभियान में वयस्कों पर इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। |
टेरर फंडिंग के आरोपियों को पकड़ में आने से पहले शायद पुलिस को भी यह इमकान नहीं रहा होगा कि यह मामला इतना बड़ा निकलेगा। उनको संदिग्ध रूप से नेपाली और भारतीय करेंसी के लाखों रुपए सहित कुछ लोगों के निघासन कस्बे के पलिया बस अड्डे के पास मौजूद होने का इनपुट गुरुवार रात करीब दस बजे मिला था।
गुरुवार रात कोतवाल दीपक शुक्ल को निघासन कस्बे के पलिया बस अड्डे के पास एक खोखे की ओट में बड़ी मात्रा में नेपाली और भारतीय करेंसी नोटों के साथ चार लोगों के मौजूद होने की इत्तिला मिली थी। इस पर कोतवाल अपने साथ एसआई राहुल सिंह, दीपक राठौर, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश पटेल, सिपाही राहुल कुमार और योगेश कुमार के साथ वहां पहुंचे। उस समय तक आसपास की ज्यादातर दुकानें बंद हो चुकी थीं। मूंगफली, अंडा व पान आदि के एकाध खोखे व हाथठेले तथा कुछ दूरी पर सड़क किनारे चलने वाले खाने के होटल ही खुले थे। वहां उनको बस बड्डे के पास रखे लकड़ी के एक बंद खोखे के पास चार युवक खड़े दिखाई दिए। पुलिस जीप के रुकते ही वे इधर-उधर चलने लगे। उनको किसी तरह रोका गया। उनके पास बैग थे। पूछताछ के बाद इनकी तलाशी लेने पर इनमें से नेपाली और भारतीय करेंसी के छह लाख दस हजार रुपए बरामद हुए। इसके बाद पूछताछ में उम्मेद अली, समीर सलमानी, संजय अग्रवाल और एजाज अली नामक इन युवकों ने जो कबूला उससे पुलिस सकते में आ गई। पुलिस के मुताबिक इन लोगों के पास से जो रकम बरामद हुई, उसे टेरर फंडिंग (आतंकी गतिविधियों के लिए आर्थिक सहयोग) के लिए इस्तेमाल किया जाना था। पुलिस ने चारों से बरामद रकम और चार मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। इसकी सूचना आला अफसरों को दी गई। इसके बाद ऊपर से लेकर नीचे तक चहल-पहल शुरू हो गई। इन लोगों को कोतवाली लाकर पूछताछ की गई। इससे पता चला कि इनमें से दो लोग भारतीय और नेपाली बैंकों में टेरर फंडिंग के लिए लोगों से मिलने वाली रकम इकट्ठा करते थे। इसके बाद वे इसको आगे भेजते थे। वहां से यह रकम ऊपर के आकाओं तक भेजी जाती थी। उनके खिलाफ निघासन कोतवाली में भारतीय दंड संहिता और अवैध गतिविधियां अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आतंकी गतिविधियों से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी विवेचना प्रदेश के आतंक विरोधी दस्ते (एटीएस) को हस्तांतरित की जा रही है। बॉक्स इनसे बरामद हुई यह रकम निघासन में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए टेरर फंडिंग के चारों आरोपियों उम्मेद अली, संजय अग्रवाल, समीर सलमानी उर्फ सोनू और एराज अली के कब्जे से पुलिस ने छह लाख दस हजार रुपए बरामद किए हैं।
| टेरर फंडिंग के आरोपियों को पकड़ में आने से पहले शायद पुलिस को भी यह इमकान नहीं रहा होगा कि यह मामला इतना बड़ा निकलेगा। उनको संदिग्ध रूप से नेपाली और भारतीय करेंसी के लाखों रुपए सहित कुछ लोगों के निघासन कस्बे के पलिया बस अड्डे के पास मौजूद होने का इनपुट गुरुवार रात करीब दस बजे मिला था। गुरुवार रात कोतवाल दीपक शुक्ल को निघासन कस्बे के पलिया बस अड्डे के पास एक खोखे की ओट में बड़ी मात्रा में नेपाली और भारतीय करेंसी नोटों के साथ चार लोगों के मौजूद होने की इत्तिला मिली थी। इस पर कोतवाल अपने साथ एसआई राहुल सिंह, दीपक राठौर, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश पटेल, सिपाही राहुल कुमार और योगेश कुमार के साथ वहां पहुंचे। उस समय तक आसपास की ज्यादातर दुकानें बंद हो चुकी थीं। मूंगफली, अंडा व पान आदि के एकाध खोखे व हाथठेले तथा कुछ दूरी पर सड़क किनारे चलने वाले खाने के होटल ही खुले थे। वहां उनको बस बड्डे के पास रखे लकड़ी के एक बंद खोखे के पास चार युवक खड़े दिखाई दिए। पुलिस जीप के रुकते ही वे इधर-उधर चलने लगे। उनको किसी तरह रोका गया। उनके पास बैग थे। पूछताछ के बाद इनकी तलाशी लेने पर इनमें से नेपाली और भारतीय करेंसी के छह लाख दस हजार रुपए बरामद हुए। इसके बाद पूछताछ में उम्मेद अली, समीर सलमानी, संजय अग्रवाल और एजाज अली नामक इन युवकों ने जो कबूला उससे पुलिस सकते में आ गई। पुलिस के मुताबिक इन लोगों के पास से जो रकम बरामद हुई, उसे टेरर फंडिंग के लिए इस्तेमाल किया जाना था। पुलिस ने चारों से बरामद रकम और चार मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए। इसकी सूचना आला अफसरों को दी गई। इसके बाद ऊपर से लेकर नीचे तक चहल-पहल शुरू हो गई। इन लोगों को कोतवाली लाकर पूछताछ की गई। इससे पता चला कि इनमें से दो लोग भारतीय और नेपाली बैंकों में टेरर फंडिंग के लिए लोगों से मिलने वाली रकम इकट्ठा करते थे। इसके बाद वे इसको आगे भेजते थे। वहां से यह रकम ऊपर के आकाओं तक भेजी जाती थी। उनके खिलाफ निघासन कोतवाली में भारतीय दंड संहिता और अवैध गतिविधियां अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आतंकी गतिविधियों से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी विवेचना प्रदेश के आतंक विरोधी दस्ते को हस्तांतरित की जा रही है। बॉक्स इनसे बरामद हुई यह रकम निघासन में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए टेरर फंडिंग के चारों आरोपियों उम्मेद अली, संजय अग्रवाल, समीर सलमानी उर्फ सोनू और एराज अली के कब्जे से पुलिस ने छह लाख दस हजार रुपए बरामद किए हैं। |
राजधानी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने किसान आंदोलन से जुड़ी 'टूलकिट' सोशल मीडिया पर शेयर करने के मामले में आरोपी इंजीनियर शांतनु मुलुक और वकील निकिता जैकब को 15 मार्च तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है।
टूलकिट मामले में निकिता जैकब की अग्रिम जमानत याचिका पर जवाब देने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस को एक सप्ताह का और समय दिया।
टूलकिट मामले में गिरफ्तार क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को शुक्रवार को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एक अदालत को बताया कि जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि ने पूछताछ में सारा दोष अपने सहआरोपी निकिता जैकब और शांतनु मुलुक पर मढ़ दिया।
दिल्ली पुलिस की ओर से जारी गैर-जमानती अरेस्ट वारंट का सामना कर रहीं एक्टिविस्ट निकिता जैकब को ट्रांजिट अग्रिम जमानत मिल गई है।
| राजधानी दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने किसान आंदोलन से जुड़ी 'टूलकिट' सोशल मीडिया पर शेयर करने के मामले में आरोपी इंजीनियर शांतनु मुलुक और वकील निकिता जैकब को पंद्रह मार्च तक गिरफ्तारी से अंतरिम राहत प्रदान की है। टूलकिट मामले में निकिता जैकब की अग्रिम जमानत याचिका पर जवाब देने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस को एक सप्ताह का और समय दिया। टूलकिट मामले में गिरफ्तार क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को शुक्रवार को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को एक अदालत को बताया कि जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि ने पूछताछ में सारा दोष अपने सहआरोपी निकिता जैकब और शांतनु मुलुक पर मढ़ दिया। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी गैर-जमानती अरेस्ट वारंट का सामना कर रहीं एक्टिविस्ट निकिता जैकब को ट्रांजिट अग्रिम जमानत मिल गई है। |
लगातार एक जगह बैठकर लैपटॉप पर काम करते रहने से कब हमारे कंधे आगे की ओर झुक जाते हैं, हमें इसका अहसास नहीं होता. ये स्थिति हमारे बॉडी पॉश्चर को खराब कर देती है. अगर आपके साथ भी ऐसी परेशानी है तो रोजाना दो योगासन के अभ्यास से आप पॉश्चर को सुधार सकते हैं.
वर्क फ्रॉम होम (Work from Home) के कल्चर में लोग घंटों एक जगह बैठकर लैपटॉप पर काम करते हैं. ऐसे में उन्हें होश भी नहीं होता कि कब काम करते करते उनके कंधे आगे की ओर झुक जाते हैं. धीरे धीरे उनका शरीर इसी तरह से बैठने और काम करने का आदी हो जाता है. ऐसे में कंधों पर काफी जोर पड़ता है. अगर समय रहते अपनी इस आदत को नहीं सुधारा गया तो बॉडी पॉश्चर (Body Posture) बिगड़ जाता है. झुके हुए कंधे आपकी पर्सनैलिटी को तो प्रभावित करते ही हैं, साथ ही आपके अंदर आत्मविश्वास को भी कम कर देते हैं. यहां जानिए ऐसे कुछ योगासन जो आपकी बॉडी पॉश्चर (Yogasanas for improving Body Posture) को ठीक करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं.
भुजंगासन (cobra pose)
भुजंगासन में सांप के फन के समान मुद्रा बनाई जाती है, इसलिए इसे कोबरा आसन भी कहा जाता है. ये आपकी पीठ, कमर और कंधों के लिए काफी फायदेमंद होती है. यह आपके बॉडी पॉश्चर के अलावा आपके पेट को कम करने में मददगार है.
भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं. अब अब अपने हथेली को कंधे के सीध में लाएं. दोनों पैरों के बीच की दूरी को कम करें और पैरों को सीधा रखें. अब एक लंबी सांस लेते हुए अपनी छाती को नाभि तक उठाएं. कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और सांस को रोककर रखें. इसके बाद सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य मुद्रा में आ जाएं. इस अभ्यास को आप एक बार में कम से कम 4 से 5 बार दोहराएं.
पश्चिम नमस्कारासन (Paschim Namaskarasana)
पश्चिम नमस्कारासन भी आपके बॉडी पॉश्चर को ठीक करने में काफी लाभकारी माना जाता है. ये आसन आपके कंधों को मजबूत बनाता है और पेट को बैलेंस करता है. इसे विपरीत नमस्कारासन के नाम से भी जाना जाता है.
आसन को आप बैठकर या खड़े होकर कर कैसे भी सुविधानुसार कर सकते हैं. इसे करने के लिए सबसे पहले अपने कंधों को फ्री यानी कंफर्टेबल अवस्था में रखें. इसके बाद अपने हाथों को पीछे की ओर ले जाकर पीठ से टिकाते हुए जोड़ लें. यानी पीछे की तरफ हाथ जोड़कर प्रार्थना की पोजीशन में आपको आना है. आसन के दौरान गहरी सांस लें और छोड़ें. इस स्थिति में कम से कम 30 सेकंड तक रहें. इसके बाद सामान्य मुद्रा में आ जाएं. ये अभ्यास एक बार में 5 से 6 बार दोहराएं.
| लगातार एक जगह बैठकर लैपटॉप पर काम करते रहने से कब हमारे कंधे आगे की ओर झुक जाते हैं, हमें इसका अहसास नहीं होता. ये स्थिति हमारे बॉडी पॉश्चर को खराब कर देती है. अगर आपके साथ भी ऐसी परेशानी है तो रोजाना दो योगासन के अभ्यास से आप पॉश्चर को सुधार सकते हैं. वर्क फ्रॉम होम के कल्चर में लोग घंटों एक जगह बैठकर लैपटॉप पर काम करते हैं. ऐसे में उन्हें होश भी नहीं होता कि कब काम करते करते उनके कंधे आगे की ओर झुक जाते हैं. धीरे धीरे उनका शरीर इसी तरह से बैठने और काम करने का आदी हो जाता है. ऐसे में कंधों पर काफी जोर पड़ता है. अगर समय रहते अपनी इस आदत को नहीं सुधारा गया तो बॉडी पॉश्चर बिगड़ जाता है. झुके हुए कंधे आपकी पर्सनैलिटी को तो प्रभावित करते ही हैं, साथ ही आपके अंदर आत्मविश्वास को भी कम कर देते हैं. यहां जानिए ऐसे कुछ योगासन जो आपकी बॉडी पॉश्चर को ठीक करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं. भुजंगासन भुजंगासन में सांप के फन के समान मुद्रा बनाई जाती है, इसलिए इसे कोबरा आसन भी कहा जाता है. ये आपकी पीठ, कमर और कंधों के लिए काफी फायदेमंद होती है. यह आपके बॉडी पॉश्चर के अलावा आपके पेट को कम करने में मददगार है. भुजंगासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं. अब अब अपने हथेली को कंधे के सीध में लाएं. दोनों पैरों के बीच की दूरी को कम करें और पैरों को सीधा रखें. अब एक लंबी सांस लेते हुए अपनी छाती को नाभि तक उठाएं. कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और सांस को रोककर रखें. इसके बाद सांस छोड़ते हुए वापस सामान्य मुद्रा में आ जाएं. इस अभ्यास को आप एक बार में कम से कम चार से पाँच बार दोहराएं. पश्चिम नमस्कारासन पश्चिम नमस्कारासन भी आपके बॉडी पॉश्चर को ठीक करने में काफी लाभकारी माना जाता है. ये आसन आपके कंधों को मजबूत बनाता है और पेट को बैलेंस करता है. इसे विपरीत नमस्कारासन के नाम से भी जाना जाता है. आसन को आप बैठकर या खड़े होकर कर कैसे भी सुविधानुसार कर सकते हैं. इसे करने के लिए सबसे पहले अपने कंधों को फ्री यानी कंफर्टेबल अवस्था में रखें. इसके बाद अपने हाथों को पीछे की ओर ले जाकर पीठ से टिकाते हुए जोड़ लें. यानी पीछे की तरफ हाथ जोड़कर प्रार्थना की पोजीशन में आपको आना है. आसन के दौरान गहरी सांस लें और छोड़ें. इस स्थिति में कम से कम तीस सेकंड तक रहें. इसके बाद सामान्य मुद्रा में आ जाएं. ये अभ्यास एक बार में पाँच से छः बार दोहराएं. |
हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गांव सुरजनवास में एक जमीदार के साथ दो लोगों ने मारपीट की। आरोप है कि उसकी छाती पर कांच की बोतल से वार किया गया और उसकी जेब से 50 हजार रुपए निकाल लिए। उसे जान से मारने की धमकी दी। सदर थाना महेंद्रगढ़ पुलिस ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित लीलाराम (47) ने बताया कि वह गांव सुरजनवास का रहने वाला जमींदार है। 5 अक्टूबर को करीब साढ़े 10 ट्रैक्टर से हजारी के लड़के की बाजरे की कड़वी डालकर अपने घर आ रहा था। रास्ते में लाल जी के मकान के बाहर सुभाष और लालजी का लड़का कान्हा मिला। दोनों ने उसको जबरदस्ती पकड़ा और मारना पीटना शुरू कर दिया। दोनों के हाथ में कांच की बोतल लिए हुए थे। कान्हा ने मेरे सिर में कांच की बोतल मारी, छाती में सुभाष ने मारी और सुभाष ने उसकी जेब से 50 हजार रुपए निकाल लिए। वह जान बचाकर भाग गया।
सुभाष और कान्हा ने उसे धमकाया कि अगर पुलिस में रिपोर्ट की तो उसे जान से मार देंगें। वह अपने घर पहुंचा तो उसके चाचा का लड़का दीपक उसे नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचा। तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने उसे महेंद्रगढ़ के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया।
कई दिन बाद अब होश आया है। बुधवार शाम को उसने वारदात को लेकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने उसकी शिकायत पर कान्हा व सुभाष के खिलाफ थाना सदर महेंद्रगढ़ में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
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| हरियाणा के महेंद्रगढ़ के गांव सुरजनवास में एक जमीदार के साथ दो लोगों ने मारपीट की। आरोप है कि उसकी छाती पर कांच की बोतल से वार किया गया और उसकी जेब से पचास हजार रुपए निकाल लिए। उसे जान से मारने की धमकी दी। सदर थाना महेंद्रगढ़ पुलिस ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित लीलाराम ने बताया कि वह गांव सुरजनवास का रहने वाला जमींदार है। पाँच अक्टूबर को करीब साढ़े दस ट्रैक्टर से हजारी के लड़के की बाजरे की कड़वी डालकर अपने घर आ रहा था। रास्ते में लाल जी के मकान के बाहर सुभाष और लालजी का लड़का कान्हा मिला। दोनों ने उसको जबरदस्ती पकड़ा और मारना पीटना शुरू कर दिया। दोनों के हाथ में कांच की बोतल लिए हुए थे। कान्हा ने मेरे सिर में कांच की बोतल मारी, छाती में सुभाष ने मारी और सुभाष ने उसकी जेब से पचास हजार रुपए निकाल लिए। वह जान बचाकर भाग गया। सुभाष और कान्हा ने उसे धमकाया कि अगर पुलिस में रिपोर्ट की तो उसे जान से मार देंगें। वह अपने घर पहुंचा तो उसके चाचा का लड़का दीपक उसे नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचा। तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने उसे महेंद्रगढ़ के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। कई दिन बाद अब होश आया है। बुधवार शाम को उसने वारदात को लेकर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने उसकी शिकायत पर कान्हा व सुभाष के खिलाफ थाना सदर महेंद्रगढ़ में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
Shraddha Kapoor, Ranbir Kapoor (Photo Credit: Social Media)
नई दिल्ली :
रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) और श्रद्धा कपूर (Shraddha Kapoor) की आने वाली फिल्म के टीजर टाइटल का पोस्टर रिलीज हो गया है, जिसमें फिल्म का टाइटल अभी भी लोगों को समझ नहीं आ रहा है. पोस्टर के बैकग्राउंड में श्रद्धा और रणबीर के नाम के साथ 'टीजे एमएम' लिखा हुआ है. फिल्म स्टार्स ने पोस्टर शेयर करने के साथ 'टाइटल कल रिलीज' की घोषणा की है. लव रंजन की इस फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए श्रद्धा ने लिखा, 'और टाइटल है. . . गेस करो? ? ? ' वहीं प्रशंसकों ने आगामी फिल्म के टाइटल का अनुमान लगाना भी शुरू कर दिया. इसका कारण भी साफ है, क्योंकि हर किसी को फिल्म का टाइटल जानना है.
आपको बता दें कि पति के फिल्म का टाइटल आलिया भट्ट ने गेस करते हुए लिखा, 'टिंगल जिंगल मिंगल मिंगल? ' क्यूट आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर चुटकी लेते हुए फिल्म के पोस्टर को हंसते हुए इमोटिकॉन के साथ साझा किया, जो चर्चा में बना हुआ है. हालांकि उनका गेस सही है या गलत किसी को नहीं पता. बता दें कि रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर के फैंस ने एक कदम आगे बढ़कर अनुमान लगाया कि फिल्म लव रंजन के रोम-कॉम ब्रह्मांड का विस्तार हो सकती है.
जानकारी के लिए बता दें कि प्रशंसकों ने ट्विटर पर बताया कि आगामी फिल्म के लिए निर्देशक ने जिस रंग के मेल का इस्तेमाल किया था, वो अजय देवगन की फिल्म 'दे दे प्यार दे' और कार्तिक आर्यन की फिल्म 'प्यार का पंचनामा' के जैसा है. ' एक सोशल मीडिया यूजर ने फिल्म के रंग पर कमेंट करते हुए लिखा कि 'ओह रंग ने मुझे निर्देशक की पुरानी फिल्मों की याद दिला दी. ' फिल्म की बात की जाए तो यह रणबीर के साथ निर्देशक लव रंजन (Luv Ranjan) की पहली फिल्म है, जिसके 8 मार्च, 2023 को होली के त्योहार पर रिलीज होने की उम्मीद है.
| Shraddha Kapoor, Ranbir Kapoor नई दिल्ली : रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर की आने वाली फिल्म के टीजर टाइटल का पोस्टर रिलीज हो गया है, जिसमें फिल्म का टाइटल अभी भी लोगों को समझ नहीं आ रहा है. पोस्टर के बैकग्राउंड में श्रद्धा और रणबीर के नाम के साथ 'टीजे एमएम' लिखा हुआ है. फिल्म स्टार्स ने पोस्टर शेयर करने के साथ 'टाइटल कल रिलीज' की घोषणा की है. लव रंजन की इस फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए श्रद्धा ने लिखा, 'और टाइटल है. . . गेस करो? ? ? ' वहीं प्रशंसकों ने आगामी फिल्म के टाइटल का अनुमान लगाना भी शुरू कर दिया. इसका कारण भी साफ है, क्योंकि हर किसी को फिल्म का टाइटल जानना है. आपको बता दें कि पति के फिल्म का टाइटल आलिया भट्ट ने गेस करते हुए लिखा, 'टिंगल जिंगल मिंगल मिंगल? ' क्यूट आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर चुटकी लेते हुए फिल्म के पोस्टर को हंसते हुए इमोटिकॉन के साथ साझा किया, जो चर्चा में बना हुआ है. हालांकि उनका गेस सही है या गलत किसी को नहीं पता. बता दें कि रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर के फैंस ने एक कदम आगे बढ़कर अनुमान लगाया कि फिल्म लव रंजन के रोम-कॉम ब्रह्मांड का विस्तार हो सकती है. जानकारी के लिए बता दें कि प्रशंसकों ने ट्विटर पर बताया कि आगामी फिल्म के लिए निर्देशक ने जिस रंग के मेल का इस्तेमाल किया था, वो अजय देवगन की फिल्म 'दे दे प्यार दे' और कार्तिक आर्यन की फिल्म 'प्यार का पंचनामा' के जैसा है. ' एक सोशल मीडिया यूजर ने फिल्म के रंग पर कमेंट करते हुए लिखा कि 'ओह रंग ने मुझे निर्देशक की पुरानी फिल्मों की याद दिला दी. ' फिल्म की बात की जाए तो यह रणबीर के साथ निर्देशक लव रंजन की पहली फिल्म है, जिसके आठ मार्च, दो हज़ार तेईस को होली के त्योहार पर रिलीज होने की उम्मीद है. |
ममता के बंगाल से मचा बवाल कोरोना से हो रही मौतों को छिपाने के लिए रात में हो रहा अंतिम संस्कार!
दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में ये दावा किया जा रहा हैं कि श्मशान में लगातार शवों को जलाया या दफनाया जा रहा है। ये भी दावा किया जा रहा है कि कोरोना मरीज के परिजनों को बिना बताए ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस वीडियो को एक ऊंची इमारत से शूट किया गया है।
नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोनावायरस का कहर देश में लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां सभी राज्यों इस महामारी के खिलाफ मोदी सरकार का साथ दे रही है, तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की ममता सरकार कोरोना के मामलों को लेकर केंद्र सरकार के विरोध में खड़ी है। इस बीच सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल के एक सरकारी अस्पताल का चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। जिसके बाद अब ममता बनर्जी की सरकार पर मुश्किलों में घिरती दिख रही है।
दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में ये दावा किया जा रहा हैं कि श्मशान में लगातार शवों को जलाया या दफनाया जा रहा है। ये भी दावा किया जा रहा है कि कोरोना मरीज के परिजनों को बिना बताए ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस वीडियो को एक ऊंची इमारत से शूट किया गया है।
बता दें कि बंगाल सरकार पर कोरोना मरीज़ों के आंकड़ों पर सवाल उठ रहे हैं। ममता बनर्जी सरकार पर आरोप है कि कोरोना के सम्भावित मरीज़ों की जांच नहीं करवा रही है। साथ ही मरीज़ों के आंकड़ों को कम करके दिखा रही है।
दुनियाभर में बसे #WestBengal के डॉक्टर्स, मेडीकल रिसर्चर और इस पेशे से जुड़ी नामी हस्तियों ने CM @MamataOfficial को पत्र लिखकर #Covid19 की सही जाँच न होने और आंकड़े छुपाने पर ऊँगली उठाई है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला भी दिया है।
| ममता के बंगाल से मचा बवाल कोरोना से हो रही मौतों को छिपाने के लिए रात में हो रहा अंतिम संस्कार! दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में ये दावा किया जा रहा हैं कि श्मशान में लगातार शवों को जलाया या दफनाया जा रहा है। ये भी दावा किया जा रहा है कि कोरोना मरीज के परिजनों को बिना बताए ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस वीडियो को एक ऊंची इमारत से शूट किया गया है। नई दिल्ली। वैश्विक महामारी कोरोनावायरस का कहर देश में लगातार बढ़ता जा रहा है। एक तरफ जहां सभी राज्यों इस महामारी के खिलाफ मोदी सरकार का साथ दे रही है, तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की ममता सरकार कोरोना के मामलों को लेकर केंद्र सरकार के विरोध में खड़ी है। इस बीच सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल के एक सरकारी अस्पताल का चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। जिसके बाद अब ममता बनर्जी की सरकार पर मुश्किलों में घिरती दिख रही है। दरअसल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में ये दावा किया जा रहा हैं कि श्मशान में लगातार शवों को जलाया या दफनाया जा रहा है। ये भी दावा किया जा रहा है कि कोरोना मरीज के परिजनों को बिना बताए ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस वीडियो को एक ऊंची इमारत से शूट किया गया है। बता दें कि बंगाल सरकार पर कोरोना मरीज़ों के आंकड़ों पर सवाल उठ रहे हैं। ममता बनर्जी सरकार पर आरोप है कि कोरोना के सम्भावित मरीज़ों की जांच नहीं करवा रही है। साथ ही मरीज़ों के आंकड़ों को कम करके दिखा रही है। दुनियाभर में बसे #WestBengal के डॉक्टर्स, मेडीकल रिसर्चर और इस पेशे से जुड़ी नामी हस्तियों ने CM @MamataOfficial को पत्र लिखकर #Covidउन्नीस की सही जाँच न होने और आंकड़े छुपाने पर ऊँगली उठाई है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट का हवाला भी दिया है। |
Orange Side Effects in Hindi: संतरा एक ऐसा फल है जो अधिकतर लोगों को बहुत पंसद है. रसीले और मीठे संतरे को हर उम्र के लोग बहुत शोक से खाते हैं. ये फल अधिक महंगा भी नहीं होता इसलिए अमीर और गरीब इंसान संतरे का फायदा उठा सकते हैं. संतरे में विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, न्यूट्रिएंट्स और फॉस्फोरस मौजूद होते हैं. यह पोषक तत्व बॉडी को हर तरीके से फायदा पहुंचाते हैं. इतने गुण पाए जाने के बाद भी यह फल हर किसी के लिए लाभकारी नहीं है. क्योंकि ये कुछ लोगों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. तो चलिए हम आपको बताएंगे किन लोगों के लिए संतरे का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक होता है.
जिन लोगों को अधिकतर एसिडिटी की समस्या होती है. उन्हें संतरा या फिर इसका जूस नहीं पीना चाहिए. क्योंकि इससे सीने और पेट में जलन बढ़ सकती है.
संतरे में एक प्रकार का एसिड मौजूद होता है. दांतों के इनेमल में कैल्शियम के साथ मिल जाने पर इससे बैक्टीरियल इंफेक्शन पैदा हो सकता है. अगर आप कैविटी होने पर संतरे का सेवन करते हैं. तो इससे दांत ज्यादा खराब होने लगेंगे.
लोगों के पेट में दर्द कई कारणों से होता है. लेकिन यदि आपको पेट में अचानक से दर्द हो जाए तो संतरा खाना तुरंत छोड़ दें. क्योंकि संतरे में एसिड पाया जाता है, जो पेट दर्द की समस्या को बड़ा सकता है.
अगर आपको पेट से जुड़ी समस्या है. तो आप भूलकर भी डाइट में संतरे को शामिल न करें. क्योंकि इससे दस्त, पेट ऐंठन और इनडाइजेशन की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. यदि संतरा को पूरा खाया जाए तो इससे बॉडी को फाइबर मिलेगा, जो डायरिया जैसे परेशानियों को जन्म दे सकता है.
(नोटः ये जानकारी एक सामान्य सुझाव है. इसे किसी तरह के मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें. आप इसके लिए अपने डॉक्टरों से सलाह जरूर लें. )
| Orange Side Effects in Hindi: संतरा एक ऐसा फल है जो अधिकतर लोगों को बहुत पंसद है. रसीले और मीठे संतरे को हर उम्र के लोग बहुत शोक से खाते हैं. ये फल अधिक महंगा भी नहीं होता इसलिए अमीर और गरीब इंसान संतरे का फायदा उठा सकते हैं. संतरे में विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, न्यूट्रिएंट्स और फॉस्फोरस मौजूद होते हैं. यह पोषक तत्व बॉडी को हर तरीके से फायदा पहुंचाते हैं. इतने गुण पाए जाने के बाद भी यह फल हर किसी के लिए लाभकारी नहीं है. क्योंकि ये कुछ लोगों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. तो चलिए हम आपको बताएंगे किन लोगों के लिए संतरे का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. जिन लोगों को अधिकतर एसिडिटी की समस्या होती है. उन्हें संतरा या फिर इसका जूस नहीं पीना चाहिए. क्योंकि इससे सीने और पेट में जलन बढ़ सकती है. संतरे में एक प्रकार का एसिड मौजूद होता है. दांतों के इनेमल में कैल्शियम के साथ मिल जाने पर इससे बैक्टीरियल इंफेक्शन पैदा हो सकता है. अगर आप कैविटी होने पर संतरे का सेवन करते हैं. तो इससे दांत ज्यादा खराब होने लगेंगे. लोगों के पेट में दर्द कई कारणों से होता है. लेकिन यदि आपको पेट में अचानक से दर्द हो जाए तो संतरा खाना तुरंत छोड़ दें. क्योंकि संतरे में एसिड पाया जाता है, जो पेट दर्द की समस्या को बड़ा सकता है. अगर आपको पेट से जुड़ी समस्या है. तो आप भूलकर भी डाइट में संतरे को शामिल न करें. क्योंकि इससे दस्त, पेट ऐंठन और इनडाइजेशन की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. यदि संतरा को पूरा खाया जाए तो इससे बॉडी को फाइबर मिलेगा, जो डायरिया जैसे परेशानियों को जन्म दे सकता है. |
माता कस्तूरबा की चिता पर राष्ट्रपिता बापू ने जो दो श्रुविन्दु टपकाये थे उसपर जगन्नाथ प्रसाद 'मिलिन्द' ने लिखा थाएक क्षण, ढोण लघु, मूक, निर्मल । दूसरे ही जग्गा उठा चुपचाप
वस्त्र का कोना,
विकपित हाथ से,
ले गया वह पोछ अपने साथ मानो विन्दुओ मे वेदना के सिंधु दो ।
वी के गोलमेज से आने के समय भारत की कक्षा का चित्रे'बच्चन के स्वागत में है तो उनके जन्मदिवस पर कविगण अनेक प्रतिवर्ष अपनी श्रद्धाञ्जलि चढ़ाते हैं । हिदी का कौन सा ऐमा कवि है जिसने इस महान् विश्व विभूति के प्रति दो या विदु देकर अपने काव्य कृतित्व को कृतार्थ न किया हो ?
गाँधी-विचार ग्रौर् गाँधीवाद का इतना अधिक प्रभाव भारतीय साहित्यकारों के मनोजगत् के भाव-लोक पर पडा है कि शत-शत लेखक तो गाँधीबाढी ही है। हिंदी के मैथिलीशरण गुप्त और सियारामशरण गुप्त, 'जिशकर 'प्रसाद', महादेवी और मुभद्राकुमारी चौहान, माखनलाल चतुर बालकृष्ण शर्मा 'नवीन', सोहनलाल द्विवेदी, रामनरेशनपद कवि और कवयित्रिन, जैनेन्द्र कुमार और प्रेमचन्द, वियोगी हरि और गमनाथ 'सुमन, हरिभाऊ उपाध्याय, घनश्याम दास चिडला आदि लेखक और विचारक गॉबीबाढी ग से रगे हुए हैं। सर्वश्री किशोरलाल घ० मवाला, श्राचार्य काना कालेलकर, नाना भाई भट्ट, विनोवा भावे आदि आदि अनेक विचारक साहित्यकारों ने विभाषाभाषी होकर भी हिंदी वाड्मय को गाँधी-विचार-वारा प्रदान की है।
गाँधी- विचार - बारा से अविच्छिन्न अनेक प्रकाशन संस्थान हिंदी-जगत् मे कर्मशील हैं, जिनमें अजमेर (दिल्ली) का 'सस्ता साहित्य मण्डल'
मूर्द्धन्य है। गुजराती, मराठी, ग्रेजी भाषा के विविध गाँधीवादी लेसको की कृतियाँ मण्डल के द्वारा प्रकाश में आई है। वर्धा से प्रकाशित 'सर्वोदय' मासिक ग्रहमदाबाद से प्रकाशित 'हरिजनऔर दिल्ली सेवक' साप्ताहिको ने हिन्दी-जगत् मे गाँधी- विचारों का प्रसार करने मे मित्व किया है ।
हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने गाँधी जी की छत्रछाया में हिन्दी का देश के कोने कोने में प्रचार और प्रसार देखा और भाषा को भी खिल राष्ट्रीयन देने में गाँधी का हिन्दी पर असीम ऋण हे । गाँधी जी का ही प्रताप है कि हिन्दी ग्राज सरकारी रूप में राजभाषा बनने जा रही है ।
विश्वविभूति गाँधी के चरणो मे शत-सहस्र भारतीय कवि-गायको ने श्रद्धा-कुसुम चढाये हैं। राम, कृष्ण, ईसा, बुद्ध, महावीर, जरथुस्त, मुहम्मद की कोटि में आनेवाले गाँधी में तो कवियों ने देवन की प्रतिष्ठा की है । सामान्य जनता की इस भक्ति का अनुमान इस तथ्य से ही लगाया जा सकता है कि देश की जनता के कण्ठो के अनेक लोक-गीतो में उन्हें देव रूप में स्मरण किया जाता है। एक कविता ( या गीत ) से मुझे स्मरण हे गाँधी की मोहन ( कृष्ण ) से समता दिखाई गई है। मोहनदास की गाय बकरी है और उनकी बाँसुरी है तकली । दोनो कारागृह के वासी हैं और दोनो 'मोहन' । हैं । एक को माखन प्रिय है तो दूसरे को 'नमक' । वह कविता अच्छी प्रसिद्ध हुई थी। गाँधी के चरणो मे हिन्दी के मैथिलीशरण, माखनलाल, 'नवीन, ' सुमित्रानन्दन पन्त, सियारामशरण गुप्त, सोहनलाल द्विवेदी जैसे सिद्ध- प्रसिद्ध कवियों ने ही नही असख्य जात-जात कवियों ने अपनी श्रद्धा की अञ्जलियाँ चढाई हैं ।
दक्षिण अफ्रीका के यशस्वी गाँधी के प्रति हिन्दी के कवि ने ही उन्हे सेना के 'निःशस्त्र सेनानी' के रूप में अभिनदित किया था - | माता कस्तूरबा की चिता पर राष्ट्रपिता बापू ने जो दो श्रुविन्दु टपकाये थे उसपर जगन्नाथ प्रसाद 'मिलिन्द' ने लिखा थाएक क्षण, ढोण लघु, मूक, निर्मल । दूसरे ही जग्गा उठा चुपचाप वस्त्र का कोना, विकपित हाथ से, ले गया वह पोछ अपने साथ मानो विन्दुओ मे वेदना के सिंधु दो । वी के गोलमेज से आने के समय भारत की कक्षा का चित्रे'बच्चन के स्वागत में है तो उनके जन्मदिवस पर कविगण अनेक प्रतिवर्ष अपनी श्रद्धाञ्जलि चढ़ाते हैं । हिदी का कौन सा ऐमा कवि है जिसने इस महान् विश्व विभूति के प्रति दो या विदु देकर अपने काव्य कृतित्व को कृतार्थ न किया हो ? गाँधी-विचार ग्रौर् गाँधीवाद का इतना अधिक प्रभाव भारतीय साहित्यकारों के मनोजगत् के भाव-लोक पर पडा है कि शत-शत लेखक तो गाँधीबाढी ही है। हिंदी के मैथिलीशरण गुप्त और सियारामशरण गुप्त, 'जिशकर 'प्रसाद', महादेवी और मुभद्राकुमारी चौहान, माखनलाल चतुर बालकृष्ण शर्मा 'नवीन', सोहनलाल द्विवेदी, रामनरेशनपद कवि और कवयित्रिन, जैनेन्द्र कुमार और प्रेमचन्द, वियोगी हरि और गमनाथ 'सुमन, हरिभाऊ उपाध्याय, घनश्याम दास चिडला आदि लेखक और विचारक गॉबीबाढी ग से रगे हुए हैं। सर्वश्री किशोरलाल घशून्य मवाला, श्राचार्य काना कालेलकर, नाना भाई भट्ट, विनोवा भावे आदि आदि अनेक विचारक साहित्यकारों ने विभाषाभाषी होकर भी हिंदी वाड्मय को गाँधी-विचार-वारा प्रदान की है। गाँधी- विचार - बारा से अविच्छिन्न अनेक प्रकाशन संस्थान हिंदी-जगत् मे कर्मशील हैं, जिनमें अजमेर का 'सस्ता साहित्य मण्डल' मूर्द्धन्य है। गुजराती, मराठी, ग्रेजी भाषा के विविध गाँधीवादी लेसको की कृतियाँ मण्डल के द्वारा प्रकाश में आई है। वर्धा से प्रकाशित 'सर्वोदय' मासिक ग्रहमदाबाद से प्रकाशित 'हरिजनऔर दिल्ली सेवक' साप्ताहिको ने हिन्दी-जगत् मे गाँधी- विचारों का प्रसार करने मे मित्व किया है । हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने गाँधी जी की छत्रछाया में हिन्दी का देश के कोने कोने में प्रचार और प्रसार देखा और भाषा को भी खिल राष्ट्रीयन देने में गाँधी का हिन्दी पर असीम ऋण हे । गाँधी जी का ही प्रताप है कि हिन्दी ग्राज सरकारी रूप में राजभाषा बनने जा रही है । विश्वविभूति गाँधी के चरणो मे शत-सहस्र भारतीय कवि-गायको ने श्रद्धा-कुसुम चढाये हैं। राम, कृष्ण, ईसा, बुद्ध, महावीर, जरथुस्त, मुहम्मद की कोटि में आनेवाले गाँधी में तो कवियों ने देवन की प्रतिष्ठा की है । सामान्य जनता की इस भक्ति का अनुमान इस तथ्य से ही लगाया जा सकता है कि देश की जनता के कण्ठो के अनेक लोक-गीतो में उन्हें देव रूप में स्मरण किया जाता है। एक कविता से मुझे स्मरण हे गाँधी की मोहन से समता दिखाई गई है। मोहनदास की गाय बकरी है और उनकी बाँसुरी है तकली । दोनो कारागृह के वासी हैं और दोनो 'मोहन' । हैं । एक को माखन प्रिय है तो दूसरे को 'नमक' । वह कविता अच्छी प्रसिद्ध हुई थी। गाँधी के चरणो मे हिन्दी के मैथिलीशरण, माखनलाल, 'नवीन, ' सुमित्रानन्दन पन्त, सियारामशरण गुप्त, सोहनलाल द्विवेदी जैसे सिद्ध- प्रसिद्ध कवियों ने ही नही असख्य जात-जात कवियों ने अपनी श्रद्धा की अञ्जलियाँ चढाई हैं । दक्षिण अफ्रीका के यशस्वी गाँधी के प्रति हिन्दी के कवि ने ही उन्हे सेना के 'निःशस्त्र सेनानी' के रूप में अभिनदित किया था - |
बारह आने की पुस्तके तो अवश्य मिलेंगी संभव है पांच रुपये की पुस्तकें भी मिल जायें। 'दर्शन' के केवल ४०० ग्राहक हो जाने पर
उपहारी टिकिट ।
३०० पीले और १० लाल रंग के उपहारी टिकिट ५ रखे जायेंगे
लाल टिकिट पाने वाले सज्जनों को ५) मूल्य की पुस्तकें
और +
पीले टिकिट वाली को बारह आने की पुस्तकं * बिना मूल्य भेंट की जायँगी *
और अ
यह २००१ की पुष्पों का उपहार बिजनौर निवासिनी श्री० सम्मपदई जी धर्म स्वर्गीय ला० विहारीलाल जी अपने चतुर्दशी व्रतक उद्यान" "दर्शन" के सर्व प्रथम बनने वाले उन ४०० ग्राहकों को करेंगी जो 'दर्शन' का पूरा मूल्य २॥ )
भज कर ग्राहक वन है
प्रकाशक "दर्शन'
प्रिन्टिंग प्रेस, हर में पाकर प्रसर किया । | बारह आने की पुस्तके तो अवश्य मिलेंगी संभव है पांच रुपये की पुस्तकें भी मिल जायें। 'दर्शन' के केवल चार सौ ग्राहक हो जाने पर उपहारी टिकिट । तीन सौ पीले और दस लाल रंग के उपहारी टिकिट पाँच रखे जायेंगे लाल टिकिट पाने वाले सज्जनों को पाँच) मूल्य की पुस्तकें और + पीले टिकिट वाली को बारह आने की पुस्तकं * बिना मूल्य भेंट की जायँगी * और अ यह दो हज़ार एक की पुष्पों का उपहार बिजनौर निवासिनी श्रीशून्य सम्मपदई जी धर्म स्वर्गीय लाशून्य विहारीलाल जी अपने चतुर्दशी व्रतक उद्यान" "दर्शन" के सर्व प्रथम बनने वाले उन चार सौ ग्राहकों को करेंगी जो 'दर्शन' का पूरा मूल्य दो॥ ) भज कर ग्राहक वन है प्रकाशक "दर्शन' प्रिन्टिंग प्रेस, हर में पाकर प्रसर किया । |
24 अक्टूबर से महापर्व छठ की शुरुआत धूमधाम से हो चुकी है और आज पहला अर्घ्य है। पहले अर्घ्य को लेकर राजधानी दिल्ली स्थित सभी छठ घाटों को सजाया है। और आज बड़ी तादाद में आस्था में डूबे भक्त सूर्य देवता को अर्घ्य देने और यमुना नदी में डुबकियां लगाने घाट किनारे पहुंचेंगे।
गौरतलब है कि दिल्ली समेत कई ऐसे राज्य हैं जहां बिहारियों की काफी संख्या है। और ऐसे में बिहार के साथ-साथ यूपी और झारखंड के रहने वाले लोग भी आस्था का महापर्व छठ की पूजा करते हैं। लेकिन जिस यमुना में व्रती दूर-दूर से डूबकी लगाने आते हैं वो अब इस कदर जहरीली हो चुकी है कि उसमें डूबकी लगाने मात्र से इंसान अपनी जान को जोखिम में डाल सकता है।
वहीं, जानकार बताते हैं कि यमुना नदी की जिस पवित्रता के लिए भक्त दूर-दूर से घाट पर सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचते हैं वो यमुना अब नदी कहलाने लायक भी नहीं रही। क्योंकि यमुना में नजर आने वाला पानी इतना टॉक्सिक हो चुका है कि वो अब गंदे नाले में तब्दील हो चुकी है। बताया जाता है कि राजधानी में सिर्फ 50 प्रतिशत सीवेज सिस्टम ड्रेनेज के जरिए यमुना में ही पहुंचता है। अब ऐसे में यमुना में प्रदूषण का स्तर बढ़ना लाजमी है।
एक अन्य जानकार बताते हैं कि यमुना में अलग-अलग शहरों के कारखानों से निकलने वाला रसायन, औद्यौगिक कचरा, यमुना के किनारे बसे लोगों के मल-मूत्र और सीवर का पानी मिलता है। इतना ही नहीं दिल्ली में बह रही यमुना के 22 किलोमीटर की स्ट्रेच में करीब 18 नाले मिलते हैं, जो यमुना के पानी में सारे शहर की गंदगी समाहित कर देते हैं, जिससे यमुना इतनी जहरीली हो चुकी है कि यमुना का पानी हाथ में लेने के भी लायक भी नहीं है। ऐसे में छठ व्रती लोगों को आस्था से ज्यादा अपनी सेहत को लेकर सतर्क होना चाहिए।
डॉ. विवेक बताते हैं कि प्रदुषित यमुना के पानी से त्वचा संबंधी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। खासकर सेंसेटिव स्किन वाले लोगों को प्रदूषित पानी की वजह से स्किन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से भी जूझना पड़ता है। इतना ही नहीं यमुना में डुबकियां लगाने से यमुना का पानी कान-मुंह से शरीर के अंदर भी पहुंच जाता है, जिससे पेट से संबंधित बीमारी जैसे डायरिया, उल्टी-दस्त कोलेरा,टाइफाइड, हेपेटाइटिस बी होने का खतरा भी बना रहता है। इसलिए इस तरह से नदियों में डूबकी लगाने से बचना चाहिए।
| चौबीस अक्टूबर से महापर्व छठ की शुरुआत धूमधाम से हो चुकी है और आज पहला अर्घ्य है। पहले अर्घ्य को लेकर राजधानी दिल्ली स्थित सभी छठ घाटों को सजाया है। और आज बड़ी तादाद में आस्था में डूबे भक्त सूर्य देवता को अर्घ्य देने और यमुना नदी में डुबकियां लगाने घाट किनारे पहुंचेंगे। गौरतलब है कि दिल्ली समेत कई ऐसे राज्य हैं जहां बिहारियों की काफी संख्या है। और ऐसे में बिहार के साथ-साथ यूपी और झारखंड के रहने वाले लोग भी आस्था का महापर्व छठ की पूजा करते हैं। लेकिन जिस यमुना में व्रती दूर-दूर से डूबकी लगाने आते हैं वो अब इस कदर जहरीली हो चुकी है कि उसमें डूबकी लगाने मात्र से इंसान अपनी जान को जोखिम में डाल सकता है। वहीं, जानकार बताते हैं कि यमुना नदी की जिस पवित्रता के लिए भक्त दूर-दूर से घाट पर सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचते हैं वो यमुना अब नदी कहलाने लायक भी नहीं रही। क्योंकि यमुना में नजर आने वाला पानी इतना टॉक्सिक हो चुका है कि वो अब गंदे नाले में तब्दील हो चुकी है। बताया जाता है कि राजधानी में सिर्फ पचास प्रतिशत सीवेज सिस्टम ड्रेनेज के जरिए यमुना में ही पहुंचता है। अब ऐसे में यमुना में प्रदूषण का स्तर बढ़ना लाजमी है। एक अन्य जानकार बताते हैं कि यमुना में अलग-अलग शहरों के कारखानों से निकलने वाला रसायन, औद्यौगिक कचरा, यमुना के किनारे बसे लोगों के मल-मूत्र और सीवर का पानी मिलता है। इतना ही नहीं दिल्ली में बह रही यमुना के बाईस किलोग्राममीटर की स्ट्रेच में करीब अट्ठारह नाले मिलते हैं, जो यमुना के पानी में सारे शहर की गंदगी समाहित कर देते हैं, जिससे यमुना इतनी जहरीली हो चुकी है कि यमुना का पानी हाथ में लेने के भी लायक भी नहीं है। ऐसे में छठ व्रती लोगों को आस्था से ज्यादा अपनी सेहत को लेकर सतर्क होना चाहिए। डॉ. विवेक बताते हैं कि प्रदुषित यमुना के पानी से त्वचा संबंधी कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। खासकर सेंसेटिव स्किन वाले लोगों को प्रदूषित पानी की वजह से स्किन कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से भी जूझना पड़ता है। इतना ही नहीं यमुना में डुबकियां लगाने से यमुना का पानी कान-मुंह से शरीर के अंदर भी पहुंच जाता है, जिससे पेट से संबंधित बीमारी जैसे डायरिया, उल्टी-दस्त कोलेरा,टाइफाइड, हेपेटाइटिस बी होने का खतरा भी बना रहता है। इसलिए इस तरह से नदियों में डूबकी लगाने से बचना चाहिए। |
वीर अर्जुन संवाददाता जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने सेना की दक्षिण-पश्चिमी कमान के सांतवे स्थापना दिवस पर शुकवार को यहां अमर जवान ज्योति पर पुष्प चक अ0101र्पित किया एवं दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीदों को विनम्र श्रद्घांजलि दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 20 निःशक्त सैनिकों को तिपहिया स्कूटर की पतिकृति एवं चाबी भेंट की। उल्लेखनीय है कि सेना द्वारा वर्ष 2011 को शारीरिक रूप से अक्षम सैनिकों को सम0101र्पित किया गया है। इसी के तहत सेना की दक्षिण-पश्चिमी कमान की ओर से शारीरिक रूप से अक्षम 13 पूर्व सैनिकों एवं 7 सेवारत सैनिकों को यह तिपहिया स्कूटर वितरित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने इन सैनिकों से बडक्वी आत्मीयता से बात की एवं उनकी हौसला अफजाई की। कार्यकम के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के पयास सराहनीय हैं एवं इससे निःशक्त सैनिकों में एक नये आत्मविश्वास का संचार होगा। उन्होंने कहा कि अपनी जान की बाजी लगाकर देश की सीमाओं की रक्षा करना अपने आप में बहुत बडक्वा त्याग है। गहलोत ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिये सेना में भर्ती होने की राजस्थान में परम्परा है। आजादी के आंदोलन एवं आजादी के बाद भी यहां त्याग और बलिदान की लम्बी गाथाएं रही हैं। कारगिल युद्घ में भी राजस्थान के कई सपूतों ने देश की रक्षा के लिये अपनी जान न्यौछावर की थी।
| वीर अर्जुन संवाददाता जयपुर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने सेना की दक्षिण-पश्चिमी कमान के सांतवे स्थापना दिवस पर शुकवार को यहां अमर जवान ज्योति पर पुष्प चक अएक सौ एकर्पित किया एवं दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीदों को विनम्र श्रद्घांजलि दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बीस निःशक्त सैनिकों को तिपहिया स्कूटर की पतिकृति एवं चाबी भेंट की। उल्लेखनीय है कि सेना द्वारा वर्ष दो हज़ार ग्यारह को शारीरिक रूप से अक्षम सैनिकों को समएक सौ एकर्पित किया गया है। इसी के तहत सेना की दक्षिण-पश्चिमी कमान की ओर से शारीरिक रूप से अक्षम तेरह पूर्व सैनिकों एवं सात सेवारत सैनिकों को यह तिपहिया स्कूटर वितरित किये गये हैं। मुख्यमंत्री ने इन सैनिकों से बडक्वी आत्मीयता से बात की एवं उनकी हौसला अफजाई की। कार्यकम के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के पयास सराहनीय हैं एवं इससे निःशक्त सैनिकों में एक नये आत्मविश्वास का संचार होगा। उन्होंने कहा कि अपनी जान की बाजी लगाकर देश की सीमाओं की रक्षा करना अपने आप में बहुत बडक्वा त्याग है। गहलोत ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिये सेना में भर्ती होने की राजस्थान में परम्परा है। आजादी के आंदोलन एवं आजादी के बाद भी यहां त्याग और बलिदान की लम्बी गाथाएं रही हैं। कारगिल युद्घ में भी राजस्थान के कई सपूतों ने देश की रक्षा के लिये अपनी जान न्यौछावर की थी। |
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नेटफ्लिक्स राष्ट्रीय उद्यान श्रृंखला में अपनी आवाज देने के लिए एमी पुरस्कार जीता।
ओबामा को मिला एमी पुरस्कार (फाइल फोटो)
सीबीएस न्यूज डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, ओबामा ने नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री श्रृंखला, 'आवर ग्रेट नेशनल पार्क्स' में अपने काम के लिए सर्वश्रेष्ठ कथाकार एमी का पुरस्कार जीता।
पांच-भाग वाला शो का निर्माण बराक और मिशेल ओबामा की प्रोडक्शन कंपनी 'हायर ग्राउंड' द्वारा किया गया है। इसमें दुनिया भर के राष्ट्रीय उद्यान शामिल हैं।
ओबामा एमी पुरस्कार पाने वाले दूसरे राष्ट्रपति हैं। ड्वाइट डी. आइजनहावर को 1956 में एक विशेष एमी पुरस्कार दिया गया था।
ओबामा ने पहले अपने दो संस्मरणों 'द ऑडेसिटी ऑफ होप' और 'ए प्रॉमिस्ड लैंड' के ऑडियोबुक पढ़ने के लिए ग्रैमी अवार्ड जीता था।
मिशेल ओबामा को 2020 में अपनी ऑडियो किताब पढ़ने के लिए ग्रैमी से सम्मानित किया गया था।
| पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नेटफ्लिक्स राष्ट्रीय उद्यान श्रृंखला में अपनी आवाज देने के लिए एमी पुरस्कार जीता। ओबामा को मिला एमी पुरस्कार सीबीएस न्यूज डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, ओबामा ने नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री श्रृंखला, 'आवर ग्रेट नेशनल पार्क्स' में अपने काम के लिए सर्वश्रेष्ठ कथाकार एमी का पुरस्कार जीता। पांच-भाग वाला शो का निर्माण बराक और मिशेल ओबामा की प्रोडक्शन कंपनी 'हायर ग्राउंड' द्वारा किया गया है। इसमें दुनिया भर के राष्ट्रीय उद्यान शामिल हैं। ओबामा एमी पुरस्कार पाने वाले दूसरे राष्ट्रपति हैं। ड्वाइट डी. आइजनहावर को एक हज़ार नौ सौ छप्पन में एक विशेष एमी पुरस्कार दिया गया था। ओबामा ने पहले अपने दो संस्मरणों 'द ऑडेसिटी ऑफ होप' और 'ए प्रॉमिस्ड लैंड' के ऑडियोबुक पढ़ने के लिए ग्रैमी अवार्ड जीता था। मिशेल ओबामा को दो हज़ार बीस में अपनी ऑडियो किताब पढ़ने के लिए ग्रैमी से सम्मानित किया गया था। |
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राज्यपाल को इस्तीफा सौंपे जाते ही नई सरकार के गठन की वैधानिक प्रक्रिया शुरू हो गई तो इधर, भाजपा संगठन ने भी योगी सरकार 2.0 के गठन की तैयारी शुरू कर दी है। संभावना यही जताई जा रही है कि होली के बाद ही नया मंत्रिमंडल शपथ लेगा। इस संबंध में राष्ट्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के लिए सीएम योगी सहित प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल का रविवार को दिल्ली जाना संभावित है।
उत्तर प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद योगी मंत्रिमंडल ने 19 मार्च, 2017 को शपथ ली थी। अब फिर चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, शनिवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर प्रदेश संगठन के शीर्ष नेताओं की बैठक प्रस्तावित है। यहां कुछ नाम और 2024 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिहाज से जातीय-क्षेत्रीय समीकरणों पर होमवर्क पूरा कर योगी, स्वतंत्रदेव और सुनील बंसल रविवार को दिल्ली जा सकते हैं। ये नेता दो दिन वहीं प्रवास करेंगे।
वहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक में तय होगा कि पुराने मंत्रियों में किसे नई सरकार में मंत्री बनाया जाए, किसका कद बढ़ाया जाए और नए जीते विधायकों में किसे मंत्री बनाकर समीकरण साधे जाएं। चूंकि, यहां विमर्श, फिर दो-तीन दिन दिल्ली में बैठक और फिर यहां विधायक दल की बैठक होगी, इसलिए माना जा रहा है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होली के बाद ही होगा।
वहीं, चर्चा यह भी है कि होलाष्टक के चलते भाजपा नई सरकार के गठन का शुभ कार्य होली के बाद ही करना चाहती है। मान्यता है कि होली के आठ दिन पहले फागुन शुक्ल अष्टमी को लगने वाले होलाष्टक का मान बिपाशा, एरावती, रावी तटवर्ती क्षेत्रों में होता है। इसमें कोई भी नया कार्य, गृह प्रवेश, गृह निर्माण, विवाह आदि वर्जित होता है। वहीं, कुछ विद्वानों का मत इससे अलग भी है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय पांडेय और काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी इस पर एकराय हैं कि होलाष्टक की मान्यता उत्तर भारत में नहीं है। साथ ही राजकाज में होलाष्टक की बाधा नहीं होती।
लालजी वर्मा हो सकते हैं नेता प्रतिपक्ष : नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी के हारने के बाद अब समाजवादी पार्टी में नेता प्रतिपक्ष के नए नामों पर मंथन शुरू हो गया है। प्रबल संभावना अंबेडकरनगर की कटेहरी सीट से छठी बार विधायक बने लालजी वर्मा के नेता प्रतिपक्ष बनने की है। पिछड़े वोट बैंक को साधने के लिए समाजवादी पार्टी लालजी वर्मा को इस पद पर बैठा सकती है। बसपा सरकार में संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उनका अनुभव भी है। 1991 में वे पहली बार विधायक चुने गए थे।
| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राज्यपाल को इस्तीफा सौंपे जाते ही नई सरकार के गठन की वैधानिक प्रक्रिया शुरू हो गई तो इधर, भाजपा संगठन ने भी योगी सरकार दो.शून्य के गठन की तैयारी शुरू कर दी है। संभावना यही जताई जा रही है कि होली के बाद ही नया मंत्रिमंडल शपथ लेगा। इस संबंध में राष्ट्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के लिए सीएम योगी सहित प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल का रविवार को दिल्ली जाना संभावित है। उत्तर प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद योगी मंत्रिमंडल ने उन्नीस मार्च, दो हज़ार सत्रह को शपथ ली थी। अब फिर चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद शुक्रवार को योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही नए मंत्रिमंडल के गठन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, शनिवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर प्रदेश संगठन के शीर्ष नेताओं की बैठक प्रस्तावित है। यहां कुछ नाम और दो हज़ार चौबीस में होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिहाज से जातीय-क्षेत्रीय समीकरणों पर होमवर्क पूरा कर योगी, स्वतंत्रदेव और सुनील बंसल रविवार को दिल्ली जा सकते हैं। ये नेता दो दिन वहीं प्रवास करेंगे। वहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह के साथ बैठक में तय होगा कि पुराने मंत्रियों में किसे नई सरकार में मंत्री बनाया जाए, किसका कद बढ़ाया जाए और नए जीते विधायकों में किसे मंत्री बनाकर समीकरण साधे जाएं। चूंकि, यहां विमर्श, फिर दो-तीन दिन दिल्ली में बैठक और फिर यहां विधायक दल की बैठक होगी, इसलिए माना जा रहा है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह होली के बाद ही होगा। वहीं, चर्चा यह भी है कि होलाष्टक के चलते भाजपा नई सरकार के गठन का शुभ कार्य होली के बाद ही करना चाहती है। मान्यता है कि होली के आठ दिन पहले फागुन शुक्ल अष्टमी को लगने वाले होलाष्टक का मान बिपाशा, एरावती, रावी तटवर्ती क्षेत्रों में होता है। इसमें कोई भी नया कार्य, गृह प्रवेश, गृह निर्माण, विवाह आदि वर्जित होता है। वहीं, कुछ विद्वानों का मत इससे अलग भी है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय पांडेय और काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. रामनारायण द्विवेदी इस पर एकराय हैं कि होलाष्टक की मान्यता उत्तर भारत में नहीं है। साथ ही राजकाज में होलाष्टक की बाधा नहीं होती। लालजी वर्मा हो सकते हैं नेता प्रतिपक्ष : नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी के हारने के बाद अब समाजवादी पार्टी में नेता प्रतिपक्ष के नए नामों पर मंथन शुरू हो गया है। प्रबल संभावना अंबेडकरनगर की कटेहरी सीट से छठी बार विधायक बने लालजी वर्मा के नेता प्रतिपक्ष बनने की है। पिछड़े वोट बैंक को साधने के लिए समाजवादी पार्टी लालजी वर्मा को इस पद पर बैठा सकती है। बसपा सरकार में संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उनका अनुभव भी है। एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में वे पहली बार विधायक चुने गए थे। |
सावन का तीसरा प्रदोष व्रत 13 अगस्त यानी कि रविवार को पड़ रहा है, इस दौरान महादेव से कैसे पाएं आरोग्य और लंबी उम्र का वरदान और किस विधि से करें पूजा पढ़ें इस लेख में.
सावन के महीने में पूजा-पाठ करने से महादेव की विशेष कृपा बरसती है. प्रदोष व्रत भी भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए ही रखे जाते हैं. इस व्रत में खासकर देवाधिदेव की ही पूजा की जाती है. सावन में इस साल चार प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं. सावन का तीसरा प्रदोष व्रत अगस्त महीने में रखा जाएगा साथ ही यह अधिकमास में पड़ने की वजह से काफी अहम है.खास बात ये है कि तीसरे प्रदोष व्रत के दौरान रविवार है तो इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा. प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा और इसको करने से पूरी होती हैं कौन सी मनोकामनाएं जानें यहां.
भगवान शिव को समर्पित तीसरा प्रदोष व्रत मलमास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा. यह व्रत 13 अगस्त को यानी कि परमा एकादशी के अगले दिन रखा जाएगा. त्रयोदशी तिथि सुबह 8 बजकर 19 मिनट पर शुरू होगी जो कि 14 अगस्त को सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी. देवाधिदेव की पूजा के लिए प्रदोष काल को बहुत ही शुभ माना जाता है. प्रदोष काल में की गई पूजा ही शुभफलदायी मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक रवि प्रदोष का व्रत रखने से सिर्फ सुख-समृद्धि का वरदान ही महादेव नहीं देते हैं बल्कि मनुष्य को वह निरोगी भी बनाते हैं. इस दिन प्रदोष व्रत रखने से अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र का वरदान मिलता है.
कब होता है प्रदोष काल?
प्रदोष व्रत रखने पर भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में ही करना शुभ माना जाता है. सूर्य अस्त होने से करीब 45 मिनट पहले का समय प्रदोष काल होता है. इस समय अगर साधक भगवान शिव और माता गौरी की पूजा पूरे विधि विधान और सच्चे मन से करता है तो इस व्रत का लाभ कई गुना ज्यादा होता है. इस व्रत के करने से भगवान शिव आरोग्य का वरदान साधक को देते हैं और जीवन में आने वाले संकटों को हर लेते हैं. संतान सुख से वंचित लोगों को संतान प्राप्ति का वरदान महादेव देते हैं.
प्रदोष व्रत वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करें और फिर शिवालय में जाए. इस दौरान शिवलिंग पर गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें और पूरे शिव परिवार को फूलों की माला पहनाएं.पूजा के दौरान शिव के प्रिय बेलपत्र, भांग उनको अर्पित करें और पान,फल,फूल और मिठाई आदि चढ़ाएं. देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें और ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.
सावन के महीने में प्रदोष व्रत रखना बहुत ही शुभफलदायी माना जाता है. इस व्रत के रखने से शादीशुदा जीवन खुशहाल बनता है और कष्ट दूर होते हैं. जिन लोगों को संतान सुख नहीं मिल पा रहा वह भी इस व्रत के रखने से मिल जाता है. प्रदोष व्रत में हरी मूंग की दाल खाना शुभ माना जाता है. इस व्रत को रखने से शिव-पार्वती की कृपा बरसती है.
| सावन का तीसरा प्रदोष व्रत तेरह अगस्त यानी कि रविवार को पड़ रहा है, इस दौरान महादेव से कैसे पाएं आरोग्य और लंबी उम्र का वरदान और किस विधि से करें पूजा पढ़ें इस लेख में. सावन के महीने में पूजा-पाठ करने से महादेव की विशेष कृपा बरसती है. प्रदोष व्रत भी भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए ही रखे जाते हैं. इस व्रत में खासकर देवाधिदेव की ही पूजा की जाती है. सावन में इस साल चार प्रदोष व्रत पड़ रहे हैं. सावन का तीसरा प्रदोष व्रत अगस्त महीने में रखा जाएगा साथ ही यह अधिकमास में पड़ने की वजह से काफी अहम है.खास बात ये है कि तीसरे प्रदोष व्रत के दौरान रविवार है तो इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा. प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा और इसको करने से पूरी होती हैं कौन सी मनोकामनाएं जानें यहां. भगवान शिव को समर्पित तीसरा प्रदोष व्रत मलमास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा. यह व्रत तेरह अगस्त को यानी कि परमा एकादशी के अगले दिन रखा जाएगा. त्रयोदशी तिथि सुबह आठ बजकर उन्नीस मिनट पर शुरू होगी जो कि चौदह अगस्त को सुबह दस बजकर पच्चीस मिनट पर समाप्त होगी. देवाधिदेव की पूजा के लिए प्रदोष काल को बहुत ही शुभ माना जाता है. प्रदोष काल में की गई पूजा ही शुभफलदायी मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के मुताबिक रवि प्रदोष का व्रत रखने से सिर्फ सुख-समृद्धि का वरदान ही महादेव नहीं देते हैं बल्कि मनुष्य को वह निरोगी भी बनाते हैं. इस दिन प्रदोष व्रत रखने से अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र का वरदान मिलता है. कब होता है प्रदोष काल? प्रदोष व्रत रखने पर भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में ही करना शुभ माना जाता है. सूर्य अस्त होने से करीब पैंतालीस मिनट पहले का समय प्रदोष काल होता है. इस समय अगर साधक भगवान शिव और माता गौरी की पूजा पूरे विधि विधान और सच्चे मन से करता है तो इस व्रत का लाभ कई गुना ज्यादा होता है. इस व्रत के करने से भगवान शिव आरोग्य का वरदान साधक को देते हैं और जीवन में आने वाले संकटों को हर लेते हैं. संतान सुख से वंचित लोगों को संतान प्राप्ति का वरदान महादेव देते हैं. प्रदोष व्रत वाले दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करें और फिर शिवालय में जाए. इस दौरान शिवलिंग पर गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें और पूरे शिव परिवार को फूलों की माला पहनाएं.पूजा के दौरान शिव के प्रिय बेलपत्र, भांग उनको अर्पित करें और पान,फल,फूल और मिठाई आदि चढ़ाएं. देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें और ऊं नमः शिवाय मंत्र का जाप करें. सावन के महीने में प्रदोष व्रत रखना बहुत ही शुभफलदायी माना जाता है. इस व्रत के रखने से शादीशुदा जीवन खुशहाल बनता है और कष्ट दूर होते हैं. जिन लोगों को संतान सुख नहीं मिल पा रहा वह भी इस व्रत के रखने से मिल जाता है. प्रदोष व्रत में हरी मूंग की दाल खाना शुभ माना जाता है. इस व्रत को रखने से शिव-पार्वती की कृपा बरसती है. |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 37वें मैच में गुरुवार को राजस्थान रॉयल्स (RR) के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ शानदार अर्धशतक जमाया। यह उनके IPL करियर का छठा और इस सीजन का तीसरा अर्धशतक रहा, जिसे उन्होंने 26 गेंद में पूरा किया। जायसवाल ने पहली गेंद से ही आक्रमक बल्लेबाजी की। उन्होंने संभलकर खेलते हुए अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी का दमदार नमूना पेश किया। आइए यशस्वी की पारी और आंकड़ों पर नजर डालते हैं।
कैसी रही जायसवाल की पारी?
RR को मैच में शानदार शुरुआत मिली और पहले विकेट के लिए जायसवाल और जोस बटलर ने 50 गेंद में 86 रन की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में बटलर ने 21 गेंद में 27 रन बनाए और जायसवाल के बल्ले से 29 गेंद में 53 रन निकले। उन्होंने 43 गेंदों का सामना किया और 77 रनों की पारी खेली। ये उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। इस दौरान उन्होंने 8 चौके और 4 छक्के लगाए। उनकी स्ट्राइक रेट 179. 07 की रही।
जायसवाल का IPL 2023 में यह तीसरा अर्धशतक रहा है। इससे पहले उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ 31 गेंदों में 60 रन और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 37 गेंद में 54 रन की पारी खेली थी। अपने पिछले मैच में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के खिलाफ 47 रन और उससे पिछले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ 44 रन की पारी खेली थी, दोनों मुकाबले में वह अर्धशतक पूरा करने से चूक गए थे।
इस सीजन पॉवरप्ले में फाफ डु प्लेसिस ने सबसे ज्यादा 173. 28 की स्ट्राइक रेट से 201 रन बनाए हैं। दूसरे स्थान जायसवाल हैं, जिन्होंने 163. 16 की स्ट्राइक रेट से 186 रन बनाए हैं। तीसरे स्थान पर विराट कोहली हैं, जिन्होंने 147. 06 की स्ट्राइक रेट से 175 रन बनाए हैं। चौथे स्थान पर दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान डेविड वार्नर हैं। उन्होंने शुरुआती 6 ओवरों में 130. 23 की स्ट्राइक रेट से 168 रन बनाए हैं।
कैसा रहा है जायसवाल का IPL करियर?
| इंडियन प्रीमियर लीग के सैंतीसवें मैच में गुरुवार को राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ शानदार अर्धशतक जमाया। यह उनके IPL करियर का छठा और इस सीजन का तीसरा अर्धशतक रहा, जिसे उन्होंने छब्बीस गेंद में पूरा किया। जायसवाल ने पहली गेंद से ही आक्रमक बल्लेबाजी की। उन्होंने संभलकर खेलते हुए अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी का दमदार नमूना पेश किया। आइए यशस्वी की पारी और आंकड़ों पर नजर डालते हैं। कैसी रही जायसवाल की पारी? RR को मैच में शानदार शुरुआत मिली और पहले विकेट के लिए जायसवाल और जोस बटलर ने पचास गेंद में छियासी रन की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में बटलर ने इक्कीस गेंद में सत्ताईस रन बनाए और जायसवाल के बल्ले से उनतीस गेंद में तिरेपन रन निकले। उन्होंने तैंतालीस गेंदों का सामना किया और सतहत्तर रनों की पारी खेली। ये उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। इस दौरान उन्होंने आठ चौके और चार छक्के लगाए। उनकी स्ट्राइक रेट एक सौ उन्यासी. सात की रही। जायसवाल का IPL दो हज़ार तेईस में यह तीसरा अर्धशतक रहा है। इससे पहले उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ इकतीस गेंदों में साठ रन और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सैंतीस गेंद में चौवन रन की पारी खेली थी। अपने पिछले मैच में उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ सैंतालीस रन और उससे पिछले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ चौंतालीस रन की पारी खेली थी, दोनों मुकाबले में वह अर्धशतक पूरा करने से चूक गए थे। इस सीजन पॉवरप्ले में फाफ डु प्लेसिस ने सबसे ज्यादा एक सौ तिहत्तर. अट्ठाईस की स्ट्राइक रेट से दो सौ एक रन बनाए हैं। दूसरे स्थान जायसवाल हैं, जिन्होंने एक सौ तिरेसठ. सोलह की स्ट्राइक रेट से एक सौ छियासी रन बनाए हैं। तीसरे स्थान पर विराट कोहली हैं, जिन्होंने एक सौ सैंतालीस. छः की स्ट्राइक रेट से एक सौ पचहत्तर रन बनाए हैं। चौथे स्थान पर दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान डेविड वार्नर हैं। उन्होंने शुरुआती छः ओवरों में एक सौ तीस. तेईस की स्ट्राइक रेट से एक सौ अड़सठ रन बनाए हैं। कैसा रहा है जायसवाल का IPL करियर? |
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
चंदगी राम भारत के प्रसिद्ध पहलवान हैं। १९६० एवं १९७० के दशकों में उनकी पहलवानी की चर्चा जोरों पर थी। उन्हें "हिन्द केसरी", "भारत केसरी" और इसी तरह की तमाम उपाधियों से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित् किया और उसके बाद पद्मश्री से भी सम्मानित किये गये। . बैंकाक दक्षिण पूर्वी एशियाई देश थाईलैंड की राजधानी है। बैंकॉक थाइलैंड की राजधानी है। यहां ऐसी अनेक चीजें जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध हैं मरीन पार्क और सफारी। मरीन पार्क में प्रशिक्षित डॉल्फिन्स अपने करतब दिखाती हैं। यह कार्यक्रम बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी खूब लुभाता है। सफारी वर्ल्ड विश्व का सबसे बड़ा खुला चिड़ियाघर है। यहां एशिया और अफ्रीका के लगभग सभी वन्य जीवों को देखा जा सकता है। यहां की यात्रा थकावट भरी लेकिन रोमांचक होती है। रास्ते में खानपान का इंतजाम भी है। .
चंदगी राम और बैंकॉक आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)।
चंदगी राम 14 संबंध है और बैंकॉक 10 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (14 + 10)।
यह लेख चंदगी राम और बैंकॉक के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
| शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। चंदगी राम भारत के प्रसिद्ध पहलवान हैं। एक हज़ार नौ सौ साठ एवं एक हज़ार नौ सौ सत्तर के दशकों में उनकी पहलवानी की चर्चा जोरों पर थी। उन्हें "हिन्द केसरी", "भारत केसरी" और इसी तरह की तमाम उपाधियों से सम्मानित किया गया। भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित् किया और उसके बाद पद्मश्री से भी सम्मानित किये गये। . बैंकाक दक्षिण पूर्वी एशियाई देश थाईलैंड की राजधानी है। बैंकॉक थाइलैंड की राजधानी है। यहां ऐसी अनेक चीजें जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध हैं मरीन पार्क और सफारी। मरीन पार्क में प्रशिक्षित डॉल्फिन्स अपने करतब दिखाती हैं। यह कार्यक्रम बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी खूब लुभाता है। सफारी वर्ल्ड विश्व का सबसे बड़ा खुला चिड़ियाघर है। यहां एशिया और अफ्रीका के लगभग सभी वन्य जीवों को देखा जा सकता है। यहां की यात्रा थकावट भरी लेकिन रोमांचक होती है। रास्ते में खानपान का इंतजाम भी है। . चंदगी राम और बैंकॉक आम में शून्य बातें हैं । चंदगी राम चौदह संबंध है और बैंकॉक दस है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख चंदगी राम और बैंकॉक के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः |
बिग बॉस ओटीटी (Bigg Boss OTT) पर शो को होस्ट करने वाले करण जौहर और उनसे मिलने आईं खास मेहमान राखी सावंत, दोनों ही 'ओवर द टॉप' एक्सप्रेशंस के लिए जाने जाते हैं.
कल यानी 22 अगस्त को हुए 'रविवार के वार' में बिग बॉस ओटीटी (Bigg Boss OTT) के होस्ट करण जौहर (Karan Johar) का सामना ओटीटी क्वीन राखी सावंत (Rakhi Sawant) से हुआ. राखी सावंत ने घरवालों के साथ-साथ शो के होस्ट करण जौहर से कुछ सवाल पूछे. हमेशा अपने सामने बैठकर कॉफी पीते हुए दूसरों से सवाल पूछने वाले करण ने राखी के सभी सवालों के जवाब दिए. सबसे पहले रैपिड फायर में राखी सावंत ने करण से पूछा कि करण जौहर के बेडरूम में उनके साथ कौन-सी तीन चीजें मिलेंगी?
राखी सावंत का सवाल सुनकर करण जौहर पहले तो चौंक गए, लेकिन उन्होंने मुस्कुराते हुए इस सवाल का जवाब दिया. करण ने कहा कि उनके साथ-साथ उनके बेडरूम में उनका मोबाइल मिलेगा. मोबाइल के साथ-साथ वहां उनकी काम की फाइल मिलेंगी और इन दो चीजों के साथ-साथ आखिरी चीज करण जौहर के बेडरूम में जो मिलेगी वह है उनका स्टाइल. राखी सावंत को करण से कोई और चटपटे जवाब की उम्मीद थी, लेकिन मोबाइल, स्टाइल और काम की फाइल का नाम सुनकर वह बिल्कुल चुप हो गईं.
राखी ने करण जौहर से यह भी पूछा कि वरुण धवन (Varun Dhavan), सिद्धार्थ मल्होत्रा (Sidharth Malhotra) और रणवीर सिंह (Ranveer Singh) में से किसकी जोड़ी उसके साथ हिट रहेगी. करण जौहर ने राखी से कहा कि जिस तरह से वह ओटीटी की क्वीन हैं, उसी तरह से रणवीर सिंह भी ओटीटी के किंग है. उनकी और राखी सावंत की जोड़ी सुपरहिट रहेगी. करण जौहर का जवाब सुनकर राखी काफी खुश हो गईं, लेकिन करण ने तुरंत यह भी कहा कि राखी और रणवीर की जोड़ी से रणवीर सिंह की पत्नी दीपिका पादुकोण जरूर आपत्ति होगी.
बिग बॉस ओटीटी (Bigg Boss OTT) के स्ट्रीम पर राखी और करण ने खुद के नए नाम भी दर्शकों के साथ शेयर किए. राखी सावंत ने कहा कि उनका नाम राखी अमेजिंग सावंत है, तब राखी को जवाब देते हुए शो के होस्ट करण जौहर ने उनसे कहा कि उनका नाम भी करण माइंड ब्लोइंग जौहर है. फिलहाल, बिग बॉस ओटीटी के घर में प्रतिक सहजपाल और शमिता शेट्टी राखी के फेवरेट हैं. सिंगर नेहा भसीन (Neha Bhasin) को राखी इस ओटीटी के घर का करेला मानती हैं, तो शमिता उनके लिए मिर्ची हैं. राखी ने जीशान को बैंगन कहा है, तो राकेश बापट को बिग बॉस की इस ओटीटी क्वीन ने कद्दू कहा है.
Kya Karan ke teekhe taunt badlenge Divya ka game plan? ?
| बिग बॉस ओटीटी पर शो को होस्ट करने वाले करण जौहर और उनसे मिलने आईं खास मेहमान राखी सावंत, दोनों ही 'ओवर द टॉप' एक्सप्रेशंस के लिए जाने जाते हैं. कल यानी बाईस अगस्त को हुए 'रविवार के वार' में बिग बॉस ओटीटी के होस्ट करण जौहर का सामना ओटीटी क्वीन राखी सावंत से हुआ. राखी सावंत ने घरवालों के साथ-साथ शो के होस्ट करण जौहर से कुछ सवाल पूछे. हमेशा अपने सामने बैठकर कॉफी पीते हुए दूसरों से सवाल पूछने वाले करण ने राखी के सभी सवालों के जवाब दिए. सबसे पहले रैपिड फायर में राखी सावंत ने करण से पूछा कि करण जौहर के बेडरूम में उनके साथ कौन-सी तीन चीजें मिलेंगी? राखी सावंत का सवाल सुनकर करण जौहर पहले तो चौंक गए, लेकिन उन्होंने मुस्कुराते हुए इस सवाल का जवाब दिया. करण ने कहा कि उनके साथ-साथ उनके बेडरूम में उनका मोबाइल मिलेगा. मोबाइल के साथ-साथ वहां उनकी काम की फाइल मिलेंगी और इन दो चीजों के साथ-साथ आखिरी चीज करण जौहर के बेडरूम में जो मिलेगी वह है उनका स्टाइल. राखी सावंत को करण से कोई और चटपटे जवाब की उम्मीद थी, लेकिन मोबाइल, स्टाइल और काम की फाइल का नाम सुनकर वह बिल्कुल चुप हो गईं. राखी ने करण जौहर से यह भी पूछा कि वरुण धवन , सिद्धार्थ मल्होत्रा और रणवीर सिंह में से किसकी जोड़ी उसके साथ हिट रहेगी. करण जौहर ने राखी से कहा कि जिस तरह से वह ओटीटी की क्वीन हैं, उसी तरह से रणवीर सिंह भी ओटीटी के किंग है. उनकी और राखी सावंत की जोड़ी सुपरहिट रहेगी. करण जौहर का जवाब सुनकर राखी काफी खुश हो गईं, लेकिन करण ने तुरंत यह भी कहा कि राखी और रणवीर की जोड़ी से रणवीर सिंह की पत्नी दीपिका पादुकोण जरूर आपत्ति होगी. बिग बॉस ओटीटी के स्ट्रीम पर राखी और करण ने खुद के नए नाम भी दर्शकों के साथ शेयर किए. राखी सावंत ने कहा कि उनका नाम राखी अमेजिंग सावंत है, तब राखी को जवाब देते हुए शो के होस्ट करण जौहर ने उनसे कहा कि उनका नाम भी करण माइंड ब्लोइंग जौहर है. फिलहाल, बिग बॉस ओटीटी के घर में प्रतिक सहजपाल और शमिता शेट्टी राखी के फेवरेट हैं. सिंगर नेहा भसीन को राखी इस ओटीटी के घर का करेला मानती हैं, तो शमिता उनके लिए मिर्ची हैं. राखी ने जीशान को बैंगन कहा है, तो राकेश बापट को बिग बॉस की इस ओटीटी क्वीन ने कद्दू कहा है. Kya Karan ke teekhe taunt badlenge Divya ka game plan? ? |
इंदौर। बाल विवाह की शिकायत पर उडऩदस्ता पहुंचा और वर-वधु मंच पर बैठे दिखे तो विवाह हो जाने की शंका हुई। बातचीत में वधु की आयु क कोई प्रमाण पत्र न होने के कारण फेरे नहीं हो पाए। दस्ते ने जब तक दस्तावेज नहीं मिलते शादी न करने की बात कही।
पिता ने अपने गांव से कागजात मंगाकर देने का वादा किया। अमला देर रात तक मौके पर डटा रहा। कान्हा को अपनी वधु के साथ साथ फैरों के बंधन में बंधने के लिए 17 घंटे इतजार करना पड़ा। सुबह दस्तावेज मिलने और बालिका के बालिग होने का प्रमाण मिलने पर अमले ने वहा से रवानगी ली।
शादी का माहौल चल रहा था कि अचानक शिकायत के आधार पर बल विवाह विरोधी उडऩदस्ता लाडो अभियान कोर ग्रुप फेरों से ऐन पहले पहुंच गया। ऋषि पैलेस कॉलोनी में हो रही राधेश्याम की बेटी अंजू की शादी में पहुंचे दल ने लडक़ी की उम्र के दस्तावेज मांगे।
परिजन घबरा गए और उन्होंने कहा कि उनके पास बेटी की उम्र प्रमाणित करने वाले कोई दस्तावेज नहीं हैं। वर ने अपना ड्रायविंग लायसेंस दिखाया जिसके अनुसार उसकी उम्र 23 वर्ष से अधिक पाई गई।
दस्ते के प्रभारी महेंद्र पाठक ने शादी रोक दी और पुलिस बल बुलकर वहां मौजूद सभी बाराती-घराती के साथ ही टेंट, बत्ती, रसोई बनाने वाल और अन्य मेहमानों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की तैयारी की। जिला सशक्तिकरण अधिकारी से सलाह के बाद उन्होंने सुबह बालिक का मेडिकल कराने की बात कही और पंचनाम तैयार कर विवाह रुकवा दिया।
विवाह रुक जाने से कान्हा को रात बैठे-बैठे ही काटना पड़ा। घराती-बाराती भी रातभर जागते रहे और अपनी किस्मत को कोसते रहे। रात में कही फेरे न हो जाएं इसके लिए दस्ते के सदस्य देवेंद्र पाठक उनके साथ ही रुके रहे।
सुबह जब परिजनों ने अपने मूल गांव सनावद के भानभरण में अंजू के जन्म के समय बनवाई गई जन्म पत्रिका मोबाईल पर वाट्स एप पर मंगवाकर दिखाई और उसकी प्रतिउपलब्ध कराई तब जाकर चैन मिला।
जन्म पत्रिका के आधार पर बालिका की आयु 19 वर्ष के लगभग सामने आई है। सात फेरों के लिए कान्हा को रातभर की तपस्या और 17 घंटे के इंतजार के बाद राहत मिली। रात में बारात के अधिकांशः लोग तो यहां-वहां हो गए किंतु पिता और उसके रिश्तेदार वही डटे रहे। रोते हुए परिजनों ने विरोध का प्रयास भी किया।
पिता राधेश्याम का कहना है कि उसकी पास अपने बच्चों की उम्र का कोई प्रमाण नहीं है। मजदूर पेशा होने व चंद मह पहले ही इंदौर आकर बसने के कारण वह बच्चों को पढ़ाना नहीं पाया। शादी में शामिल सभी लोगों ने दस्ते के सामने शपथ ली कि वे अब बच्चों की उम्र के प्रमाण तैयार करवा कर रखेंगे।
कम उम्र में शादी नही करेंगे और दूसरों को भी समझाइश देंगे। इसी तरह टेंट,फोटोग्राफर,रसोई बनाने वाले और पंडित ने भी शादी में शामिल होने से पहले वर वधु की आयु का प्रमाण देखने का वादा किया।
अबूझ मुहूर्त में किसी नाबालिग की शादी न हो इसके लिए जिले में दस्ते जगह-जगह जाकर परीक्षण करते रहे। लाडो अभियान कोर ग्रुप एव शौर्या दल के जिला समिति के दल नें निरीक्षण के दौरान आदर्श वस्त्रकार कोरी समाज में हो रहे प्रेम विवाह को रोका।
कोर ग्रुप के महेंद्र पाठक व देवेंद्र पाठक ने आयोजन समिति से जोड़ों की आयु का प्रमाण मांगा तो एक जोड़े के दस्तावेज नहीं मिले। पूछताछ में पहले तो गुमराह करने का प्रयास किया गया।
अधिनियम की जानकारी देने और मामला दर्ज होने की बात सामने आने पर आयोजकों ने परिजनों से दस्तावेज देने को कहा तो उन्होंने बताया कि बालिका नंदनी की आयु 17 वर्ष ही है। वर कार्तिक पिता दीपक 20 वर्ष का मिला।
वर-वधु की आयु कम होने से विवाह निरस्त कर दिया गया। बताया जाता है कि दोनों प्रेम विवाह करने का प्रयास कर रहे थे इसलिए परिजनों ने उनका विवाह सम्मेलन में कराने का प्रयास किया जिससे बदनामी न हो। अचानक विवाह रुकने से माता-पिता खुश नजर आए और दोनों को समझाकर एक साल बाद शादी करने को कहा।
| इंदौर। बाल विवाह की शिकायत पर उडऩदस्ता पहुंचा और वर-वधु मंच पर बैठे दिखे तो विवाह हो जाने की शंका हुई। बातचीत में वधु की आयु क कोई प्रमाण पत्र न होने के कारण फेरे नहीं हो पाए। दस्ते ने जब तक दस्तावेज नहीं मिलते शादी न करने की बात कही। पिता ने अपने गांव से कागजात मंगाकर देने का वादा किया। अमला देर रात तक मौके पर डटा रहा। कान्हा को अपनी वधु के साथ साथ फैरों के बंधन में बंधने के लिए सत्रह घंटाटे इतजार करना पड़ा। सुबह दस्तावेज मिलने और बालिका के बालिग होने का प्रमाण मिलने पर अमले ने वहा से रवानगी ली। शादी का माहौल चल रहा था कि अचानक शिकायत के आधार पर बल विवाह विरोधी उडऩदस्ता लाडो अभियान कोर ग्रुप फेरों से ऐन पहले पहुंच गया। ऋषि पैलेस कॉलोनी में हो रही राधेश्याम की बेटी अंजू की शादी में पहुंचे दल ने लडक़ी की उम्र के दस्तावेज मांगे। परिजन घबरा गए और उन्होंने कहा कि उनके पास बेटी की उम्र प्रमाणित करने वाले कोई दस्तावेज नहीं हैं। वर ने अपना ड्रायविंग लायसेंस दिखाया जिसके अनुसार उसकी उम्र तेईस वर्ष से अधिक पाई गई। दस्ते के प्रभारी महेंद्र पाठक ने शादी रोक दी और पुलिस बल बुलकर वहां मौजूद सभी बाराती-घराती के साथ ही टेंट, बत्ती, रसोई बनाने वाल और अन्य मेहमानों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की तैयारी की। जिला सशक्तिकरण अधिकारी से सलाह के बाद उन्होंने सुबह बालिक का मेडिकल कराने की बात कही और पंचनाम तैयार कर विवाह रुकवा दिया। विवाह रुक जाने से कान्हा को रात बैठे-बैठे ही काटना पड़ा। घराती-बाराती भी रातभर जागते रहे और अपनी किस्मत को कोसते रहे। रात में कही फेरे न हो जाएं इसके लिए दस्ते के सदस्य देवेंद्र पाठक उनके साथ ही रुके रहे। सुबह जब परिजनों ने अपने मूल गांव सनावद के भानभरण में अंजू के जन्म के समय बनवाई गई जन्म पत्रिका मोबाईल पर वाट्स एप पर मंगवाकर दिखाई और उसकी प्रतिउपलब्ध कराई तब जाकर चैन मिला। जन्म पत्रिका के आधार पर बालिका की आयु उन्नीस वर्ष के लगभग सामने आई है। सात फेरों के लिए कान्हा को रातभर की तपस्या और सत्रह घंटाटे के इंतजार के बाद राहत मिली। रात में बारात के अधिकांशः लोग तो यहां-वहां हो गए किंतु पिता और उसके रिश्तेदार वही डटे रहे। रोते हुए परिजनों ने विरोध का प्रयास भी किया। पिता राधेश्याम का कहना है कि उसकी पास अपने बच्चों की उम्र का कोई प्रमाण नहीं है। मजदूर पेशा होने व चंद मह पहले ही इंदौर आकर बसने के कारण वह बच्चों को पढ़ाना नहीं पाया। शादी में शामिल सभी लोगों ने दस्ते के सामने शपथ ली कि वे अब बच्चों की उम्र के प्रमाण तैयार करवा कर रखेंगे। कम उम्र में शादी नही करेंगे और दूसरों को भी समझाइश देंगे। इसी तरह टेंट,फोटोग्राफर,रसोई बनाने वाले और पंडित ने भी शादी में शामिल होने से पहले वर वधु की आयु का प्रमाण देखने का वादा किया। अबूझ मुहूर्त में किसी नाबालिग की शादी न हो इसके लिए जिले में दस्ते जगह-जगह जाकर परीक्षण करते रहे। लाडो अभियान कोर ग्रुप एव शौर्या दल के जिला समिति के दल नें निरीक्षण के दौरान आदर्श वस्त्रकार कोरी समाज में हो रहे प्रेम विवाह को रोका। कोर ग्रुप के महेंद्र पाठक व देवेंद्र पाठक ने आयोजन समिति से जोड़ों की आयु का प्रमाण मांगा तो एक जोड़े के दस्तावेज नहीं मिले। पूछताछ में पहले तो गुमराह करने का प्रयास किया गया। अधिनियम की जानकारी देने और मामला दर्ज होने की बात सामने आने पर आयोजकों ने परिजनों से दस्तावेज देने को कहा तो उन्होंने बताया कि बालिका नंदनी की आयु सत्रह वर्ष ही है। वर कार्तिक पिता दीपक बीस वर्ष का मिला। वर-वधु की आयु कम होने से विवाह निरस्त कर दिया गया। बताया जाता है कि दोनों प्रेम विवाह करने का प्रयास कर रहे थे इसलिए परिजनों ने उनका विवाह सम्मेलन में कराने का प्रयास किया जिससे बदनामी न हो। अचानक विवाह रुकने से माता-पिता खुश नजर आए और दोनों को समझाकर एक साल बाद शादी करने को कहा। |
शुक्लपक्ष रविवार शाम 6:03 बजे सूर्यदेव बृहस्पति की राशि मीन राशि में प्रवेश करेंगे और 14 अप्रैल की रात 2:33 बजे तक मीन राशि में रहेंगे। आसान शब्दों में समझा जाए तो सूर्य एक राशि में 30 दिन तक भ्रमण करता है। इस प्रकार 12 माह अर्थात् एक वर्ष में सूर्य 12 राशियों का एक चक्र पूरा कर लेता है।
भ्रमण करते हुए सूर्य जब-जब बृहस्पति की राशि धनु और मीन में आता है, तो उसे मलमास कहा जाता है। इसे मीन संक्रांति भी कहते हैं। मीन बृहस्पति की जलीय राशि है और इसमें सूर्य का प्रवेश विशेष परिणाम पैदा करता है। बीमारियां और रोग बढ़ते हैं। लोगों के मन में चंचलता आ जाती है। इस समय ज्योतिषीय कारणों से शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं।
इस समय विवाह वर्जित होता है। इस समय अगर विवाह किया जाए तो भावनात्मक और शारीरिक सुख दोनों नहीं मिलते हैं। इस समय नए मकान का निर्माण और संपत्ति का क्रय करना वर्जित होता है।
इस अवधि में बनाए गए मकान आमतौर पर कमजोर होते हैं और उनसे निवास का सुख नहीं मिल पाता है। नया व्यवसाय या नया कार्य आरम्भ न करें। मीन मलमास में नया व्यवसाय आरम्भ करना आर्थिक मुश्किलों को जन्म देता है।
अन्य मंगल कार्य जैसे द्विरागमन, कर्णवेध और मुंडन भी वर्जित होते हैं, क्योंकि इस अवधि के किए गए कार्यों से रिश्तों के खराब होने की सम्भावना होती है।
अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर में अब प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव रहे नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा हो जाएगी। गर्भगृह में दो मूर्तियां होंगी। एक मूर्ति में श्रीराम पांच साल के बालक के तौर पर दर्शन देंगे। बाल्यवस्था वाली मूर्ति की ऊंचाई 51 इंच होगी।
दूसरी मूर्ति में रामलला वर्तमान स्वरूप में नजर आएंगे। अभी जो मूर्ति राम मंदिर में है, वही रामलला विराजमान के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार थे। हर साल जब रामनवमी के दिन दोपहर 12 बजे श्रीराम की मूर्ति पर सूरज की किरणें चमक बिखेरेंगी। इसके लिए भवन निर्माण शैली में खास व्यवस्था की गई है।
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों के बारे में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि समारोह में लगभग दस हजार अति विशिष्ट आमंत्रित सदस्य होंगे। राम मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े साधु-संतों को विशेषकर आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद सवा लाख से अधिक श्रद्धालु रोज रामलला के दर्शन के लिए आएंगे। इसी अनुमान के हिसाब से ही मंदिर में सुविधाओं को डिवेलप किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कब समारोह में शामिल होंगे, इसकी जानकारी PMO से नहीं आई है। संभव है कि पीएम मोदी 20 से 24 जनवरी के बीच किसी दिन प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हो सकते हैं। क्योंकि उसके बाद पीएम 26 जनवरी के कार्यक्रमों में व्यस्त हो जाएंगे।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला के ललाट पर सूर्य की किरणें खुद ब खुद नहीं पहुंचेंगी। इसके लिए मंदिर के शिखर पर एक छोटी डिवाइस लगाई जाएगी। इस डिवाइस के लिए सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, रुड़की और पुणे के एक एस्ट्रोनॉमिकल संस्थान ने मिलकर कम्प्यूटराइज्ड प्रोग्रामिंग की है। यह डिवाइस बेंगलुरु में बन रही है।
सूरज की किरणें इस डिवाइस पर पड़ेंगी और वहां से रिफलेक्ट होकर श्रीराम के ललाट पर पहुंचेगी। ऐसा हर साल रामनवमी के दिन 12 बजे होगा। हर बार इस घटना का सीधा प्रसारण करने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि मंदिर में भीड़ नहीं हो।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद सवा लाख श्रद्धालु रोजाना दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं के सैलाब को संभालने के लिए ट्रस्ट कई व्यवस्था कर रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से 25,000 से 50,000 लोगों को मुफ्त में प्रसाद खिलाने की व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि भक्तों की भीड़ के कारण एक व्यक्ति को गर्भगृह में रामलला के दर्शन के लिए 15 से 20 सेकेंड ही मिलेंगे। मंदिर में आने वाले वाले भक्तों को गर्भगृह तक पहुंचने के लिए कई मंडपों से गुजरना होगा, जिसे देखकर उन्हें आनंद मिलेगा।
| शुक्लपक्ष रविवार शाम छः:तीन बजे सूर्यदेव बृहस्पति की राशि मीन राशि में प्रवेश करेंगे और चौदह अप्रैल की रात दो:तैंतीस बजे तक मीन राशि में रहेंगे। आसान शब्दों में समझा जाए तो सूर्य एक राशि में तीस दिन तक भ्रमण करता है। इस प्रकार बारह माह अर्थात् एक वर्ष में सूर्य बारह राशियों का एक चक्र पूरा कर लेता है। भ्रमण करते हुए सूर्य जब-जब बृहस्पति की राशि धनु और मीन में आता है, तो उसे मलमास कहा जाता है। इसे मीन संक्रांति भी कहते हैं। मीन बृहस्पति की जलीय राशि है और इसमें सूर्य का प्रवेश विशेष परिणाम पैदा करता है। बीमारियां और रोग बढ़ते हैं। लोगों के मन में चंचलता आ जाती है। इस समय ज्योतिषीय कारणों से शुभ कार्य वर्जित हो जाते हैं। इस समय विवाह वर्जित होता है। इस समय अगर विवाह किया जाए तो भावनात्मक और शारीरिक सुख दोनों नहीं मिलते हैं। इस समय नए मकान का निर्माण और संपत्ति का क्रय करना वर्जित होता है। इस अवधि में बनाए गए मकान आमतौर पर कमजोर होते हैं और उनसे निवास का सुख नहीं मिल पाता है। नया व्यवसाय या नया कार्य आरम्भ न करें। मीन मलमास में नया व्यवसाय आरम्भ करना आर्थिक मुश्किलों को जन्म देता है। अन्य मंगल कार्य जैसे द्विरागमन, कर्णवेध और मुंडन भी वर्जित होते हैं, क्योंकि इस अवधि के किए गए कार्यों से रिश्तों के खराब होने की सम्भावना होती है। अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर में अब प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के प्रधान सचिव रहे नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में बाईस जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा हो जाएगी। गर्भगृह में दो मूर्तियां होंगी। एक मूर्ति में श्रीराम पांच साल के बालक के तौर पर दर्शन देंगे। बाल्यवस्था वाली मूर्ति की ऊंचाई इक्यावन इंच होगी। दूसरी मूर्ति में रामलला वर्तमान स्वरूप में नजर आएंगे। अभी जो मूर्ति राम मंदिर में है, वही रामलला विराजमान के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में पक्षकार थे। हर साल जब रामनवमी के दिन दोपहर बारह बजे श्रीराम की मूर्ति पर सूरज की किरणें चमक बिखेरेंगी। इसके लिए भवन निर्माण शैली में खास व्यवस्था की गई है। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों के बारे में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि समारोह में लगभग दस हजार अति विशिष्ट आमंत्रित सदस्य होंगे। राम मंदिर निर्माण आंदोलन से जुड़े साधु-संतों को विशेषकर आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद सवा लाख से अधिक श्रद्धालु रोज रामलला के दर्शन के लिए आएंगे। इसी अनुमान के हिसाब से ही मंदिर में सुविधाओं को डिवेलप किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कब समारोह में शामिल होंगे, इसकी जानकारी PMO से नहीं आई है। संभव है कि पीएम मोदी बीस से चौबीस जनवरी के बीच किसी दिन प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हो सकते हैं। क्योंकि उसके बाद पीएम छब्बीस जनवरी के कार्यक्रमों में व्यस्त हो जाएंगे। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला के ललाट पर सूर्य की किरणें खुद ब खुद नहीं पहुंचेंगी। इसके लिए मंदिर के शिखर पर एक छोटी डिवाइस लगाई जाएगी। इस डिवाइस के लिए सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, रुड़की और पुणे के एक एस्ट्रोनॉमिकल संस्थान ने मिलकर कम्प्यूटराइज्ड प्रोग्रामिंग की है। यह डिवाइस बेंगलुरु में बन रही है। सूरज की किरणें इस डिवाइस पर पड़ेंगी और वहां से रिफलेक्ट होकर श्रीराम के ललाट पर पहुंचेगी। ऐसा हर साल रामनवमी के दिन बारह बजे होगा। हर बार इस घटना का सीधा प्रसारण करने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि मंदिर में भीड़ नहीं हो। नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद सवा लाख श्रद्धालु रोजाना दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं के सैलाब को संभालने के लिए ट्रस्ट कई व्यवस्था कर रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से पच्चीस,शून्य से पचास,शून्य लोगों को मुफ्त में प्रसाद खिलाने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि भक्तों की भीड़ के कारण एक व्यक्ति को गर्भगृह में रामलला के दर्शन के लिए पंद्रह से बीस सेकेंड ही मिलेंगे। मंदिर में आने वाले वाले भक्तों को गर्भगृह तक पहुंचने के लिए कई मंडपों से गुजरना होगा, जिसे देखकर उन्हें आनंद मिलेगा। |
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने के लिए पहुंचे हुए हैं। बता दें, कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनावों को लेकर एकजुटता की मुहिम एक बार फिर शुरु कर दी है। इसी के चलते आज वह केजरीवाल से मिलने पहुंचे। इस बीच उन्होंने मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है।
नीतीश कुमार ने क्या कहा ?
मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में अफसरों की पोस्टिंग और तबादलों को लेकर दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसके बाद भी केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश लाकर जो करने की कोशिश हो रही है वह विचित्र है। इन लोगों से लड़ने के लिए सभी लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। ज्यादा से ज्यादा विपक्षी पार्टियों को एकजुट होकर केंद्र के खिलाफ अभियान चलाना होगा। हम इस मुद्दे पर केजरीवाल के साथ हैं।
जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार केजरीवाल के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात कर सकते हैं। विपक्षी दलों के साथ दिल्ली में ये नीतीश कुमार की 40 दिनों के भीतर दूसरी बैठक है। इससे पहले भी नेताओं को एक मंच पर जुटने की सलाह दे चुके हैं।
| नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज दिल्ली में अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने के लिए पहुंचे हुए हैं। बता दें, कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनावों को लेकर एकजुटता की मुहिम एक बार फिर शुरु कर दी है। इसी के चलते आज वह केजरीवाल से मिलने पहुंचे। इस बीच उन्होंने मीडिया से बात करते हुए केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है। नीतीश कुमार ने क्या कहा ? मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में अफसरों की पोस्टिंग और तबादलों को लेकर दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसके बाद भी केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश लाकर जो करने की कोशिश हो रही है वह विचित्र है। इन लोगों से लड़ने के लिए सभी लोगों को एकजुट होने की जरूरत है। ज्यादा से ज्यादा विपक्षी पार्टियों को एकजुट होकर केंद्र के खिलाफ अभियान चलाना होगा। हम इस मुद्दे पर केजरीवाल के साथ हैं। जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार केजरीवाल के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात कर सकते हैं। विपक्षी दलों के साथ दिल्ली में ये नीतीश कुमार की चालीस दिनों के भीतर दूसरी बैठक है। इससे पहले भी नेताओं को एक मंच पर जुटने की सलाह दे चुके हैं। |
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उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ एवं डॉ (श्रीमती) सुदेश धनखड़ 12 सितंबर, 2023 को राजस्थान की यात्रा पर जायेंगे। अपने एक दिवसीय दौरे में वे करौली, भरतपुर और धौलपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
करौली आगमन के बाद श्री धनखड़ श्री महावीर मंदिर में दर्शन करने जायेंगे, उसके बाद वे गुडला पहाड़ी पहुंचकर कर्नल बैंसला जयंती महोत्सव में भाग लेंगे।
तत्पश्चात उपराष्ट्रपति भरतपुर के लिए रवाना होंगे और वहां पहुंचने पर लक्ष्मण मंदिर जाएंगे तथा दर्शन व पूजा अर्चना करेंगे। फिर वे भरतपुर बार एसोसिएशन के सदस्यों के साथ मुलाकात करेंगे।
अपनी इस यात्रा के दौरान श्री धनखड़ भरतपुर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - सरसों अनुसंधान निदेशालय का भी दौरा करेंगे और संस्थान के कृषि वैज्ञानिकों के साथ संवाद करेंगे। श्री धनखड़ सैनिक स्कूल के पूर्व छात्रों और सामुदायिक नेताओं से भी मुलाकात कर विमर्श करेंगे।
इसके बाद उपराष्ट्रपति भरतपुर के यू.आई.टी. सभागार में एम.एस.जे. कॉलेज, आर.डी. गर्ल्स कॉलेज एवं श्री अग्रसेन महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे।
तत्पश्चात उपराष्ट्रपति धौलपुर के लिए रवाना होंगे जहां मचकुंड मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना करेंगे व धौलपुर के राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, कैसरबाग में छात्रों- शिक्षकों को संबोधित करेंगे। इसके बाद श्री धनखड़ धौलपुर बार एसोसिएशन के सदस्यों और सैनिक स्कूल के पूर्व सदस्यों के साथ संवाद करेंगे।
| Posted On: उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ एवं डॉ सुदेश धनखड़ बारह सितंबर, दो हज़ार तेईस को राजस्थान की यात्रा पर जायेंगे। अपने एक दिवसीय दौरे में वे करौली, भरतपुर और धौलपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। करौली आगमन के बाद श्री धनखड़ श्री महावीर मंदिर में दर्शन करने जायेंगे, उसके बाद वे गुडला पहाड़ी पहुंचकर कर्नल बैंसला जयंती महोत्सव में भाग लेंगे। तत्पश्चात उपराष्ट्रपति भरतपुर के लिए रवाना होंगे और वहां पहुंचने पर लक्ष्मण मंदिर जाएंगे तथा दर्शन व पूजा अर्चना करेंगे। फिर वे भरतपुर बार एसोसिएशन के सदस्यों के साथ मुलाकात करेंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान श्री धनखड़ भरतपुर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - सरसों अनुसंधान निदेशालय का भी दौरा करेंगे और संस्थान के कृषि वैज्ञानिकों के साथ संवाद करेंगे। श्री धनखड़ सैनिक स्कूल के पूर्व छात्रों और सामुदायिक नेताओं से भी मुलाकात कर विमर्श करेंगे। इसके बाद उपराष्ट्रपति भरतपुर के यू.आई.टी. सभागार में एम.एस.जे. कॉलेज, आर.डी. गर्ल्स कॉलेज एवं श्री अग्रसेन महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विद्यार्थियों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगे। तत्पश्चात उपराष्ट्रपति धौलपुर के लिए रवाना होंगे जहां मचकुंड मंदिर में दर्शन व पूजा अर्चना करेंगे व धौलपुर के राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल, कैसरबाग में छात्रों- शिक्षकों को संबोधित करेंगे। इसके बाद श्री धनखड़ धौलपुर बार एसोसिएशन के सदस्यों और सैनिक स्कूल के पूर्व सदस्यों के साथ संवाद करेंगे। |
ये Best Helmet काफी ज्यादा मजबूत और सुरक्षा देने वाली हैं। इनमें आपको फुल फेस और फ्लिप अप मॉडल भी मिल रहा है। इन्हें लगाकर आपको स्टाइलिश लुक के साथ पूरी सुरक्षा मिलेगी। यह हेलमेट कंफर्टेबल है और लंबे समय तक लगाई जा सकती हैं।
एक्स्ट्रा लार्ज साइज में आने वाली यह एक शानदार Full Face Helmetहै। इसमें आपको फ्लिप अप डिजाइन मिलती है। ज्यादा गर्मी होने पर आप इस हेलमेट को सामने से खोल भी सकते हैं।
यह ब्लैक कलर की शानदार हेलमेट ऑफ रोड बाइकिंग के लिए सूटेबल है। इसे लगाकर आपको स्टाइलिश लुक के साथ जबरदस्त प्रोटेक्शन मिलता है। यह बेहतरीन इंपैक्ट रजिस्टेंस बॉडी के साथ आ रही है।
Studds Chrome Eco Full Face Helmet- Black (Xl)
यह ब्लैक कलर की फुल फेस हेलमेट है, जिसे बाइक राइड करते वक्त इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें आपको एक्सपेंडेड पॉलिस्टरीन मटेरियल मिलता है। इस हेलमेट को आईएसआई द्वारा सर्टिफाई भी किया गया है।
यह ब्लैक और गोल्डन कलर में आने वाली शानदार हेलमेट है, जो देखने में काफी ज्यादा अट्रैक्टिव हैं। इसमें आपको 600 मिलीमीटर की साइज मिल रही है। ये प्लेन वाइजर के साथ आती है। इसे पहनकर आपको स्टाइलिश लुक मिलेगा।
यह 4. 5 स्टार की यूजर रेटिंग वाली शानदार हेलमेट है। इसे आप पहनकर लॉन्ग राइड पर भी जा सकते हैं। इसमें रिमूवेबल और वॉशेबल लाइनिंग मिलती है, जिसे गंदा होने पर साफ किया जा सकता है। यह हेलमेट बाइक और स्कूटर चलाते वक्त पहनने के लिए बेस्ट ऑप्शन है।
Disclaimer : NBT के पत्रकारों ने इस आर्टिकल को नहीं लिखा है। आर्टिकल लिखे जाने तक ये प्रोडक्ट्स Amazon पर उपलब्ध हैं।
| ये Best Helmet काफी ज्यादा मजबूत और सुरक्षा देने वाली हैं। इनमें आपको फुल फेस और फ्लिप अप मॉडल भी मिल रहा है। इन्हें लगाकर आपको स्टाइलिश लुक के साथ पूरी सुरक्षा मिलेगी। यह हेलमेट कंफर्टेबल है और लंबे समय तक लगाई जा सकती हैं। एक्स्ट्रा लार्ज साइज में आने वाली यह एक शानदार Full Face Helmetहै। इसमें आपको फ्लिप अप डिजाइन मिलती है। ज्यादा गर्मी होने पर आप इस हेलमेट को सामने से खोल भी सकते हैं। यह ब्लैक कलर की शानदार हेलमेट ऑफ रोड बाइकिंग के लिए सूटेबल है। इसे लगाकर आपको स्टाइलिश लुक के साथ जबरदस्त प्रोटेक्शन मिलता है। यह बेहतरीन इंपैक्ट रजिस्टेंस बॉडी के साथ आ रही है। Studds Chrome Eco Full Face Helmet- Black यह ब्लैक कलर की फुल फेस हेलमेट है, जिसे बाइक राइड करते वक्त इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें आपको एक्सपेंडेड पॉलिस्टरीन मटेरियल मिलता है। इस हेलमेट को आईएसआई द्वारा सर्टिफाई भी किया गया है। यह ब्लैक और गोल्डन कलर में आने वाली शानदार हेलमेट है, जो देखने में काफी ज्यादा अट्रैक्टिव हैं। इसमें आपको छः सौ मिलीमीटर की साइज मिल रही है। ये प्लेन वाइजर के साथ आती है। इसे पहनकर आपको स्टाइलिश लुक मिलेगा। यह चार. पाँच स्टार की यूजर रेटिंग वाली शानदार हेलमेट है। इसे आप पहनकर लॉन्ग राइड पर भी जा सकते हैं। इसमें रिमूवेबल और वॉशेबल लाइनिंग मिलती है, जिसे गंदा होने पर साफ किया जा सकता है। यह हेलमेट बाइक और स्कूटर चलाते वक्त पहनने के लिए बेस्ट ऑप्शन है। Disclaimer : NBT के पत्रकारों ने इस आर्टिकल को नहीं लिखा है। आर्टिकल लिखे जाने तक ये प्रोडक्ट्स Amazon पर उपलब्ध हैं। |
बिग बॉस 13 को होस्ट करने के लिए इतनी फीस ले रहे है सलमान जानकर हो जायेंगे हैरान!
बॉलीवुड के दबंग खान यानि सलमान खान के बिना बिग बॉस शो अधुरा है. आपको बता दें की आधी दुनिया बिग बॉस सिर्फ सलमान खान की वजह से देखती है. इसलिए शो के मेकर्स भी सलमान खान को कहीं जाने नही देना चाहते है. शायद इसलिए सलमान ने बिग बॉस को होस्ट करने की कीमत बढ़ा दी है जी हाँ सलमान को हर वीकेंड पर अपियरेंस के लिए 31 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। बता दें, इस साल वह 10वीं बार शो को होस्ट करने जा रहे हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीजन के लिए सलमान की फीस हर वीकेंड (शनिवार-रविवार) 31 करोड़ रुपये होगी। इस तरह वह 26 एपिसोड करके 403 करोड़ की कमाई करेंगे। कहा यह भी जा रहा है कि वह रिऐलिटी शो को प्रड्यूस कर सकते हैं। खबरों की मानें तो पिछले साल सलमान ने हर एपिसोड के लिए 12-14 करोड़ रुपये चार्ज किए थे। बिग बॉस 10 के दौरान हर एपिसोड के लिए वह 8 करोड़ रुपये का पे चेक अपने साथ ले गए।
इस बार इस बात की चर्चा तेज है कि बिग बॉस 13 में कई ट्विस्ट होंगे। अब तक शो में कई आम लोग कंटेस्टेंट्स के तौर पर जाते थे लेकिन इस बार घर के अंदर सिर्फ सिलेब्स जाएंगे। बता दें, चंकी पांडे, राजपाल यादव, वरीना हुसैन, देवोलीना भट्टाचार्जी, अंकिता लोखंडे, राकेश वशिष्ठ, महिका शर्मा, डैनी डी, जीत चिराग पासवान, विजेंदर सिंह, राहुल खंडेलवाल, हिमांश कोहली, महिमा चौधरी, मेघना मलिक, महाअक्षय चक्रवर्ती, दयानंद शेट्टी, फैजी बू, रितु बेरी, सोनल चौहान, फाजिलपुरिया और सिद्धार्थ शुक्ला जैसे स्टार्स को शो के लिए अप्रोच किया गया है। लेकिन कंटेस्टेंट की लिस्ट की अभी कोई अधिकारिक घोषणा नही हुई है.
| बिग बॉस तेरह को होस्ट करने के लिए इतनी फीस ले रहे है सलमान जानकर हो जायेंगे हैरान! बॉलीवुड के दबंग खान यानि सलमान खान के बिना बिग बॉस शो अधुरा है. आपको बता दें की आधी दुनिया बिग बॉस सिर्फ सलमान खान की वजह से देखती है. इसलिए शो के मेकर्स भी सलमान खान को कहीं जाने नही देना चाहते है. शायद इसलिए सलमान ने बिग बॉस को होस्ट करने की कीमत बढ़ा दी है जी हाँ सलमान को हर वीकेंड पर अपियरेंस के लिए इकतीस करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। बता दें, इस साल वह दसवीं बार शो को होस्ट करने जा रहे हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीजन के लिए सलमान की फीस हर वीकेंड इकतीस करोड़ रुपये होगी। इस तरह वह छब्बीस एपिसोड करके चार सौ तीन करोड़ की कमाई करेंगे। कहा यह भी जा रहा है कि वह रिऐलिटी शो को प्रड्यूस कर सकते हैं। खबरों की मानें तो पिछले साल सलमान ने हर एपिसोड के लिए बारह-चौदह करोड़ रुपये चार्ज किए थे। बिग बॉस दस के दौरान हर एपिसोड के लिए वह आठ करोड़ रुपये का पे चेक अपने साथ ले गए। इस बार इस बात की चर्चा तेज है कि बिग बॉस तेरह में कई ट्विस्ट होंगे। अब तक शो में कई आम लोग कंटेस्टेंट्स के तौर पर जाते थे लेकिन इस बार घर के अंदर सिर्फ सिलेब्स जाएंगे। बता दें, चंकी पांडे, राजपाल यादव, वरीना हुसैन, देवोलीना भट्टाचार्जी, अंकिता लोखंडे, राकेश वशिष्ठ, महिका शर्मा, डैनी डी, जीत चिराग पासवान, विजेंदर सिंह, राहुल खंडेलवाल, हिमांश कोहली, महिमा चौधरी, मेघना मलिक, महाअक्षय चक्रवर्ती, दयानंद शेट्टी, फैजी बू, रितु बेरी, सोनल चौहान, फाजिलपुरिया और सिद्धार्थ शुक्ला जैसे स्टार्स को शो के लिए अप्रोच किया गया है। लेकिन कंटेस्टेंट की लिस्ट की अभी कोई अधिकारिक घोषणा नही हुई है. |
रणवीर सिंह ने इस सुपरस्टार का चुराया 23 साल पहले वाला लुक, क्या आप पहचान पाए?
रणवीर सिंह की फिल्म 'पद्मावती' के रिलीज न होने पर उनके फैंस को बहुत दुख है। मगर उनकी अपकिंमग फिल्म 'सिम्बा' ने फैंस की निराशा को थोड़ा कम कर दिया है। बीते दिनों 'सिम्बा' के डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने रणवीर की इस फिल्म का टीजर पोस्टर रिलीज करके सभी को चौंका दिया। इसके बाद से रणवीर के फैंस को उनकी इस फिल्म का बेसब्री के इंतजार शुरू हो गया है।
| रणवीर सिंह ने इस सुपरस्टार का चुराया तेईस साल पहले वाला लुक, क्या आप पहचान पाए? रणवीर सिंह की फिल्म 'पद्मावती' के रिलीज न होने पर उनके फैंस को बहुत दुख है। मगर उनकी अपकिंमग फिल्म 'सिम्बा' ने फैंस की निराशा को थोड़ा कम कर दिया है। बीते दिनों 'सिम्बा' के डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने रणवीर की इस फिल्म का टीजर पोस्टर रिलीज करके सभी को चौंका दिया। इसके बाद से रणवीर के फैंस को उनकी इस फिल्म का बेसब्री के इंतजार शुरू हो गया है। |
पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समाधान यात्रा के क्रम में पूर्वी चंपारण जिले में विभिन्न विभागों द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति के संबंध में समाहरणालय स्थित डॉ० राधाकृष्णन सभा भवन में समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में विधान पार्षदगण एवं विधायकगण तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव शामिल हुए।
बैठक में पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने हर घर नल का जल, हर घर तक पक्की गली-नालियां, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना/ कुशल युवा कार्यक्रम, सात निश्चय -1 के तहत जिले में निर्माण किए जाने वाले भवनों की स्थिति, पॉलिटेक्निक संस्थानों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना एवं मत्स्य संसाधन के विकास के संबंध में जानकारी दी। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना, महादलित सामुदायिक भवन सह वर्क शेड योजना, जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास योजना (अति पिछड़ा वर्ग हेतु) हर खेत तक सिंचाई का पानी एवं बाल हृदय योजना सहित अन्य योजनाओं के संबंध में भी मुख्यमंत्री को जानकारी दी गयी।
समीक्षा बैठक में शामिल जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखीं। जनप्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चतर शिक्षा हेतु महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना का लाभ तेजी से दिलाएं, कोई भी छूटे नहीं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लिए बचे हुए आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करें। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत आधार पंजीकरण का काम तेजी से कराएं, कोई भी छूटे नहीं, इसका ध्यान रखें। बाल हृदय योजना के तहत बचे हुए प्रभावित रुग्ण बच्चों के इलाज का प्रबंध कराएं। उन्होंने कहा कि सभी सड़कों को मेंटेन रखें। ग्रामीण सड़कों के मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान दें। जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं के संबंध में जो सुझाव दिए हैं, उस पर गौर करें।
समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान यात्रा का मकसद सरकार द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी लेना, विकास का काम कितना हुआ है और कितना बाकी है, इसे देखना है। इसके अलावा लोगों की और कोई जरूरत है, उसे जानने और समझने के लिए हमलोग यात्रा पर निकले हैं। इसी सिलसिले में यहां पर आकर हमने विकास कार्यों का जायजा लिया है। यहां पर काफी अच्छा काम हो रहा है। समीक्षा बैठक में लोग जानकारी देते हैं कि कहां पर क्या कमी है। समीक्षा बैठक में भी विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं और कुछ अधिकारी पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े होते हैं। समस्या के समाधान को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया जाता है। एक-एक काम को पूरा कराना है। पहले की घोषणाएं अगर पूरी नहीं हुई हैं तो उसे पूरा करना है। अगर कहीं पर और काम करने की आवश्यकता है, उसे भी हमलोग करेंगे। हमारी यात्रा का मकसद ही यही है। अब तक की सभी जगहों की यात्रा अच्छी रही है।
| पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समाधान यात्रा के क्रम में पूर्वी चंपारण जिले में विभिन्न विभागों द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों की प्रगति के संबंध में समाहरणालय स्थित डॉशून्य राधाकृष्णन सभा भवन में समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में विधान पार्षदगण एवं विधायकगण तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव / प्रधान सचिव / सचिव शामिल हुए। बैठक में पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में विभिन्न विभागों द्वारा चलाई जा रही विकास योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने हर घर नल का जल, हर घर तक पक्की गली-नालियां, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना/ कुशल युवा कार्यक्रम, सात निश्चय -एक के तहत जिले में निर्माण किए जाने वाले भवनों की स्थिति, पॉलिटेक्निक संस्थानों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना एवं मत्स्य संसाधन के विकास के संबंध में जानकारी दी। साथ ही मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना, महादलित सामुदायिक भवन सह वर्क शेड योजना, जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास योजना हर खेत तक सिंचाई का पानी एवं बाल हृदय योजना सहित अन्य योजनाओं के संबंध में भी मुख्यमंत्री को जानकारी दी गयी। समीक्षा बैठक में शामिल जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं रखीं। जनप्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चतर शिक्षा हेतु महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना का लाभ तेजी से दिलाएं, कोई भी छूटे नहीं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लिए बचे हुए आवासीय विद्यालयों का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करें। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत आधार पंजीकरण का काम तेजी से कराएं, कोई भी छूटे नहीं, इसका ध्यान रखें। बाल हृदय योजना के तहत बचे हुए प्रभावित रुग्ण बच्चों के इलाज का प्रबंध कराएं। उन्होंने कहा कि सभी सड़कों को मेंटेन रखें। ग्रामीण सड़कों के मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान दें। जनप्रतिनिधियों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं के संबंध में जो सुझाव दिए हैं, उस पर गौर करें। समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान यात्रा का मकसद सरकार द्वारा चलाये जा रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी लेना, विकास का काम कितना हुआ है और कितना बाकी है, इसे देखना है। इसके अलावा लोगों की और कोई जरूरत है, उसे जानने और समझने के लिए हमलोग यात्रा पर निकले हैं। इसी सिलसिले में यहां पर आकर हमने विकास कार्यों का जायजा लिया है। यहां पर काफी अच्छा काम हो रहा है। समीक्षा बैठक में लोग जानकारी देते हैं कि कहां पर क्या कमी है। समीक्षा बैठक में भी विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं और कुछ अधिकारी पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जुड़े होते हैं। समस्या के समाधान को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया जाता है। एक-एक काम को पूरा कराना है। पहले की घोषणाएं अगर पूरी नहीं हुई हैं तो उसे पूरा करना है। अगर कहीं पर और काम करने की आवश्यकता है, उसे भी हमलोग करेंगे। हमारी यात्रा का मकसद ही यही है। अब तक की सभी जगहों की यात्रा अच्छी रही है। |
चंडीगढ़, 22 मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि पशुशल्य चिकित्सक की भर्ती से संबंधित हुई लिखित परीक्षा में जो गलत प्रश्न आए, उसके लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग को जिम्मेवार नहीं ठहराया जा सकता है। क्योंकि प्रश्न सेट करने वाले व्यक्ति या एजेंसी बाहर की होती है। इससे संबंधित मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अभी विचाराधीन है। न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, वो मान्य होगा।
मुख्यमंत्री आज विधानसभा में बजट सत्र में प्रश्न काल के दौरान बोल रहे थे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुशल्य चिकित्सक की भर्ती विज्ञापन संख्या-41/2022 से संबंधित मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में है। इसलिए इस विषय पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है।
श्री मनोहर लाल ने कहा कि इस भर्ती से संबंधित मामला 9 फरवरी, 2023 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लगा था। इसमें एचपीएससी को एफिडेविट न्यायालय में प्रस्तुत करना है। एचपीएससी एक स्वायत्त संस्था है, इसलिए आयोग को गलत प्रश्नों के लिए जिम्मेदार ठहराया नहीं जा सकता है।
| चंडीगढ़, बाईस मार्च - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि पशुशल्य चिकित्सक की भर्ती से संबंधित हुई लिखित परीक्षा में जो गलत प्रश्न आए, उसके लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग को जिम्मेवार नहीं ठहराया जा सकता है। क्योंकि प्रश्न सेट करने वाले व्यक्ति या एजेंसी बाहर की होती है। इससे संबंधित मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में अभी विचाराधीन है। न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, वो मान्य होगा। मुख्यमंत्री आज विधानसभा में बजट सत्र में प्रश्न काल के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुशल्य चिकित्सक की भर्ती विज्ञापन संख्या-इकतालीस/दो हज़ार बाईस से संबंधित मामला पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में है। इसलिए इस विषय पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है। श्री मनोहर लाल ने कहा कि इस भर्ती से संबंधित मामला नौ फरवरी, दो हज़ार तेईस को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लगा था। इसमें एचपीएससी को एफिडेविट न्यायालय में प्रस्तुत करना है। एचपीएससी एक स्वायत्त संस्था है, इसलिए आयोग को गलत प्रश्नों के लिए जिम्मेदार ठहराया नहीं जा सकता है। |
कविता एक ओर जग-जीवन का मार लिए घूमने की बात करती है और दूसरी ओर 'मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ'-विपरीत से लगते इन कथनों का क्या आशय हैं?
रिश्तों में हमारी भावना-शक्ति बँट जाना विश्वासों के जंगल में सत्य की राह खोजती हमारी बुधि की शक्ति को कमज़ोर करती है। पाठ में जीजी के प्रति लेखक की भावना के संदर्भ में इस कथन के औचित्य की समीक्षा कीजिए।
भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गई?
भक्तिन की बेटी पर पंचायत द्वारा जबरन पति थोपा जाना एक दुर्घटना भर नहीं, बल्कि विवाह के संदर्भ में स्त्री के मानवाधिकार (विवाह करें या न करें अथवा किससे करें) इसकी स्वतंत्रता को कुचलते रहने की सदियों से चली आ रही सामाजिक परंपरा का प्रतीक है। कैसे?
बाज़ार किसी का लिंग, जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं देखता, वह देखता है सिर्फ उसकी क्रय शक्ति को। इसे रूप में वह एक प्रकार से सामाजिक समता की भी रचना कर रहा है। आप इससे कहाँ तक सहमत हैं?
कवि ( साहित्यकार) के लिए अनासक्त योगी की स्थित प्रज्ञता और विदग्ध प्रेम का हृदय एक साथ आवश्यक है। ऐसा विचार प्रस्तुत कर लेखक ने साहित्य कर्म के लिए बहुत ऊँचा मानदंड निर्धारित किया है। विस्तारपूर्वक समझाइए।
तुलसी ने यह कहने की ज़रूरत क्यों समझी? धूत कहौ, अवधूत कहौ, रजपूतु कहौ, जोलहा कहौ कोऊ/काहू की बेटीसों बेटा न ब्याहब, काहूकी जाति बिगार न सोऊ। इस सवैया में काहू के बेटासों बेटी न ब्याहब कहते तो सामाजिक अर्थ में क्या परिवर्तन आती?
विवेदी जी ने शिरीष के माध्यम से कोलाहल व संघर्ष से भरी स्थितियों में अविचल रहकर जिजीविषु बने रहने की सीख दी है। स्पष्ट करें।
शीतल वाणी में आग' के होने का क्या अभिप्राय हैं?
जहाँ पर दाना रहते हैं, वहीं नादान भी होते हैं-कवि ने ऐसा क्यों कहा होगा?
हाय, वह अवधूत आज कहाँ है! ऐसा कहकर लेखक ने आत्मबल पर देहबल के वर्चस्व की वर्तमान सभ्यता के संकट की ओर संकेत किया है। कैसे?
इस कविता के बहाने बताएँ कि 'सब घर एक कर देने के माने' क्या है?
कालिदास के रघुवंश महाकाव्य में पत्नी (इंदुमती) के मृत्यु-शोक पर 'अज' तथा निराला की 'सरोज-स्मृति' में पुत्री (सरोज) के मृत्यु-शोक पर पिता के करुण उद्गार निकले हैं। उनसे भ्रातृशोक में डूबे राम के इस विलाप की तुलना करें।
कविता के संदर्भ में 'बिना मुरझाए महकने के माने' क्या होते हैं?
कवितावली में उद्धृत छंदों के आधार पर स्पष्ट करें कि तुलसीदास को अपने युग की आर्थिक विषमता की अच्छी समझ है।
ढोलक की थाप मृत गाँव में संजीवनी भरती रहती थी-कला और जीवन के संबंध को ध्यान में रखते हुए चर्चा कीजिए।
कवि ( साहित्यकार) के लिए अनासक्त योगी की स्थित प्रज्ञता और विदग्ध प्रेम का हृदय एक साथ आवश्यक है। ऐसा विचार प्रस्तुत कर लेखक ने साहित्य कर्म के लिए बहुत ऊँचा मानदंड निर्धारित किया है। विस्तारपूर्वक समझाइए।
लाहौर अभी तक उनका वतन है और देहली मेरा या मेरा वतन ढाका है जैसे उद्गार. किस सामाजिक यथार्थ का संकेत करते हैं?
'बाज़ार दर्शन' पाठ में बाज़ार जाने या न जाने के संदर्भ में मन की कई स्थितियों का जिक्र आया है। आप इन स्थितियों से जुड़े अपने अनुभवों का वर्णन कीजिए।
'अस्थिर सुख पर दुख की छाया' पंक्ति में 'दुख की छाया' किसे कहा गया हैं और क्यों?
कविता और बच्चे को समानांतर रखने के क्या कारण हो सकते हैं?
| कविता एक ओर जग-जीवन का मार लिए घूमने की बात करती है और दूसरी ओर 'मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ'-विपरीत से लगते इन कथनों का क्या आशय हैं? रिश्तों में हमारी भावना-शक्ति बँट जाना विश्वासों के जंगल में सत्य की राह खोजती हमारी बुधि की शक्ति को कमज़ोर करती है। पाठ में जीजी के प्रति लेखक की भावना के संदर्भ में इस कथन के औचित्य की समीक्षा कीजिए। भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गई? भक्तिन की बेटी पर पंचायत द्वारा जबरन पति थोपा जाना एक दुर्घटना भर नहीं, बल्कि विवाह के संदर्भ में स्त्री के मानवाधिकार इसकी स्वतंत्रता को कुचलते रहने की सदियों से चली आ रही सामाजिक परंपरा का प्रतीक है। कैसे? बाज़ार किसी का लिंग, जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं देखता, वह देखता है सिर्फ उसकी क्रय शक्ति को। इसे रूप में वह एक प्रकार से सामाजिक समता की भी रचना कर रहा है। आप इससे कहाँ तक सहमत हैं? कवि के लिए अनासक्त योगी की स्थित प्रज्ञता और विदग्ध प्रेम का हृदय एक साथ आवश्यक है। ऐसा विचार प्रस्तुत कर लेखक ने साहित्य कर्म के लिए बहुत ऊँचा मानदंड निर्धारित किया है। विस्तारपूर्वक समझाइए। तुलसी ने यह कहने की ज़रूरत क्यों समझी? धूत कहौ, अवधूत कहौ, रजपूतु कहौ, जोलहा कहौ कोऊ/काहू की बेटीसों बेटा न ब्याहब, काहूकी जाति बिगार न सोऊ। इस सवैया में काहू के बेटासों बेटी न ब्याहब कहते तो सामाजिक अर्थ में क्या परिवर्तन आती? विवेदी जी ने शिरीष के माध्यम से कोलाहल व संघर्ष से भरी स्थितियों में अविचल रहकर जिजीविषु बने रहने की सीख दी है। स्पष्ट करें। शीतल वाणी में आग' के होने का क्या अभिप्राय हैं? जहाँ पर दाना रहते हैं, वहीं नादान भी होते हैं-कवि ने ऐसा क्यों कहा होगा? हाय, वह अवधूत आज कहाँ है! ऐसा कहकर लेखक ने आत्मबल पर देहबल के वर्चस्व की वर्तमान सभ्यता के संकट की ओर संकेत किया है। कैसे? इस कविता के बहाने बताएँ कि 'सब घर एक कर देने के माने' क्या है? कालिदास के रघुवंश महाकाव्य में पत्नी के मृत्यु-शोक पर 'अज' तथा निराला की 'सरोज-स्मृति' में पुत्री के मृत्यु-शोक पर पिता के करुण उद्गार निकले हैं। उनसे भ्रातृशोक में डूबे राम के इस विलाप की तुलना करें। कविता के संदर्भ में 'बिना मुरझाए महकने के माने' क्या होते हैं? कवितावली में उद्धृत छंदों के आधार पर स्पष्ट करें कि तुलसीदास को अपने युग की आर्थिक विषमता की अच्छी समझ है। ढोलक की थाप मृत गाँव में संजीवनी भरती रहती थी-कला और जीवन के संबंध को ध्यान में रखते हुए चर्चा कीजिए। कवि के लिए अनासक्त योगी की स्थित प्रज्ञता और विदग्ध प्रेम का हृदय एक साथ आवश्यक है। ऐसा विचार प्रस्तुत कर लेखक ने साहित्य कर्म के लिए बहुत ऊँचा मानदंड निर्धारित किया है। विस्तारपूर्वक समझाइए। लाहौर अभी तक उनका वतन है और देहली मेरा या मेरा वतन ढाका है जैसे उद्गार. किस सामाजिक यथार्थ का संकेत करते हैं? 'बाज़ार दर्शन' पाठ में बाज़ार जाने या न जाने के संदर्भ में मन की कई स्थितियों का जिक्र आया है। आप इन स्थितियों से जुड़े अपने अनुभवों का वर्णन कीजिए। 'अस्थिर सुख पर दुख की छाया' पंक्ति में 'दुख की छाया' किसे कहा गया हैं और क्यों? कविता और बच्चे को समानांतर रखने के क्या कारण हो सकते हैं? |
अदालत बाबा रामदेव के खिलाफ एलोपैथी को लेकर कथित रूप से दिए आपत्तिजनक बयान के मामले में सुनवाई कर रही है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 5 अक्तूबर तय की है।
हाईकोर्ट ने कहा कि बाबा रामदेव ने सरकार के कोरोना टीकाकरण अभियान को प्रोत्साहित किया था। उन्होंने किसी को भी टीके के लिए अस्पताल जाने से नहीं रोका। अदालत ने उक्त टिप्पणी करते हुए कहा भले ही उन्होंने कोराना के इलाज के लिए अपने कोरोनिल का प्रचार किया हो।
अदालत बाबा रामदेव के खिलाफ एलोपैथी को लेकर कथित रूप से दिए आपत्तिजनक बयान के मामले में सुनवाई कर रही है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 5 अक्तूबर तय की है।
न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत वर्तमान में इस मुद्दे पर नहीं जा रही कि प्रचार संबंधी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने कहा कि बाबा रामदेव ने ऐलोपैथी पर आपत्तिजनक बयान दिया है। अदालत ने कहा उनका दिया गया बयान आपत्तिजनक है या नहीं, इस पर विचार किया जाना है, लेकिन उन्होंने लोगों से कोरोनील दवा लेने को कहा है। साथ ही कहा था कि इससे आक्सीजन लेवल सही हो जाएगा। बाबा रामदेव ने किसी के अधिकार का हनन नहीं किया है। आप उनके विचार से सहमत हैं तो अनुसरण करें अथवा छोड़ दें।
इससे पहले कोर्ट ने बाबा रामदेव को ऐलोपैथी के खिलाफ व कोरोनील के पक्ष में किसी तरह का बयान देने से मना कर दिया था।
याचिकाकर्ता रेसिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने याचिका दाखिल कर कहा है कि बाबा रामदेव ऐलापैथी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। साथ ही अपने कोरोनिल का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उन्हें ऐसा करने से रोका जाए। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा था कि दवा का लाइसेंस नहीं है, फिर भी वे अपने कोरोनिल दवा का प्रचार कर रहे हैं।
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| अदालत बाबा रामदेव के खिलाफ एलोपैथी को लेकर कथित रूप से दिए आपत्तिजनक बयान के मामले में सुनवाई कर रही है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई पाँच अक्तूबर तय की है। हाईकोर्ट ने कहा कि बाबा रामदेव ने सरकार के कोरोना टीकाकरण अभियान को प्रोत्साहित किया था। उन्होंने किसी को भी टीके के लिए अस्पताल जाने से नहीं रोका। अदालत ने उक्त टिप्पणी करते हुए कहा भले ही उन्होंने कोराना के इलाज के लिए अपने कोरोनिल का प्रचार किया हो। अदालत बाबा रामदेव के खिलाफ एलोपैथी को लेकर कथित रूप से दिए आपत्तिजनक बयान के मामले में सुनवाई कर रही है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई पाँच अक्तूबर तय की है। न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत वर्तमान में इस मुद्दे पर नहीं जा रही कि प्रचार संबंधी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने कहा कि बाबा रामदेव ने ऐलोपैथी पर आपत्तिजनक बयान दिया है। अदालत ने कहा उनका दिया गया बयान आपत्तिजनक है या नहीं, इस पर विचार किया जाना है, लेकिन उन्होंने लोगों से कोरोनील दवा लेने को कहा है। साथ ही कहा था कि इससे आक्सीजन लेवल सही हो जाएगा। बाबा रामदेव ने किसी के अधिकार का हनन नहीं किया है। आप उनके विचार से सहमत हैं तो अनुसरण करें अथवा छोड़ दें। इससे पहले कोर्ट ने बाबा रामदेव को ऐलोपैथी के खिलाफ व कोरोनील के पक्ष में किसी तरह का बयान देने से मना कर दिया था। याचिकाकर्ता रेसिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन ने याचिका दाखिल कर कहा है कि बाबा रामदेव ऐलापैथी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। साथ ही अपने कोरोनिल का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। उन्हें ऐसा करने से रोका जाए। याचिकाकर्ता ने यह भी कहा था कि दवा का लाइसेंस नहीं है, फिर भी वे अपने कोरोनिल दवा का प्रचार कर रहे हैं। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
UPSC ने सोमवार को सिविल सेवा परीक्षा के फाइनल के नतीजे घोषित कर दिए हैं. जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, वे अपने नतीजे यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc. gov. in पर चेक कर सकते हैं. परीक्षा में श्रुति शर्मा ने टॉप किया है. यूपीएससी के रिजल्ट में लड़कियों का दबदबा रहा है.
पहले स्थान पर श्रुति शर्मा के बाद दूसरे नंबर पर अंकिता अग्रवाल आई हैं. इसके बाद, गामिनी सिंगला को तीसरी रैंक मिली है. चौथे नंबर पर ऐश्वर्या वर्मा रहीं. पांचवीं रैंक उत्कर्ष द्विवेदी को मिली है. यक्श चौधरी छठे नंबर पर रहे. आठवीं रैंक इशिता राठी, नौवीं रैंक प्रीतम कुमार और दसवीं रैंक हरकीरत सिंह रंधावा को हासिल हुई है.
-सबसे पहले UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc. gov. in पर जाएं.
-अब आपको होमपेज पर यूपीएससी सिविल सर्विसेज रिजल्ट 2021- फाइनल रिजल्ट का लिंक दिखाई देगा.
- यहां आपको सेलेक्ट किए गए कैंडिडेट्स के नाम के साथ पीडीएफ फाइल दिखाई देगी.
- अब आप अपने नतीजे चेक कर सकते हैं और भविष्य के लिए प्रिंट आउट रख सकते हैं.
| UPSC ने सोमवार को सिविल सेवा परीक्षा के फाइनल के नतीजे घोषित कर दिए हैं. जिन उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, वे अपने नतीजे यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsc. gov. in पर चेक कर सकते हैं. परीक्षा में श्रुति शर्मा ने टॉप किया है. यूपीएससी के रिजल्ट में लड़कियों का दबदबा रहा है. पहले स्थान पर श्रुति शर्मा के बाद दूसरे नंबर पर अंकिता अग्रवाल आई हैं. इसके बाद, गामिनी सिंगला को तीसरी रैंक मिली है. चौथे नंबर पर ऐश्वर्या वर्मा रहीं. पांचवीं रैंक उत्कर्ष द्विवेदी को मिली है. यक्श चौधरी छठे नंबर पर रहे. आठवीं रैंक इशिता राठी, नौवीं रैंक प्रीतम कुमार और दसवीं रैंक हरकीरत सिंह रंधावा को हासिल हुई है. -सबसे पहले UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc. gov. in पर जाएं. -अब आपको होमपेज पर यूपीएससी सिविल सर्विसेज रिजल्ट दो हज़ार इक्कीस- फाइनल रिजल्ट का लिंक दिखाई देगा. - यहां आपको सेलेक्ट किए गए कैंडिडेट्स के नाम के साथ पीडीएफ फाइल दिखाई देगी. - अब आप अपने नतीजे चेक कर सकते हैं और भविष्य के लिए प्रिंट आउट रख सकते हैं. |
।कोहिमा, असम (अब नागालैंड)
।नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी)
नेफियू रियो (अंग्रेज़ीः Neiphiu Rio, जन्म- 11 नवंबर, 1950) भारत के राजनीतिक दल 'नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी' (एनडीपीपी) के अध्यक्ष और नागालैंड के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री के रूप में अपना पहला कार्यकाल पूरा करने के पहले ही नेफियू रियो को मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा था, क्योंकि 3 जनवरी, 2008 को नागालैंड में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था।
मुख्यमंत्री के रूप में अपना पहला कार्यकाल पूरा करने के पहले ही नेफियू रियो को मुख्यमंत्री पद से हटना पडा क्योंकि 3 जनवरी 2008 को यहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। लेकिन अगले चुनाव में उनकी पार्टी फिर से सबसे बडी पार्टी के रूप में उभरी और 12 मार्च 2008 को दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। पांच साल बाद 2013 में हुए विधानसभा चुनावों में एनपीएफ को भारी बहुमत से जीत मिली और वे तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में 60 सदस्यीय विधानसभा में नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) को 26 सीटें मिली थीं। एनडीपीपी-भाजपा गठजोड़ को 30 सीटें मिली हैं और उनको दो अन्य विधायकों का समर्थन हासिल है। राज्यपाल पीबी आचार्य ने 8 मार्च, 2018 को उन्हें चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। शपथग्रहण समारोह में भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सहित मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के मुख्यमंत्री समारोह में मौजूद रहे।
- ↑ 1.0 1.1 नेफियू रियो की जीवनी (हिंदी) www.Knowledgeum.Com। अभिगमन तिथिः 11 मार्च, 2018।
| ।कोहिमा, असम ।नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी नेफियू रियो भारत के राजनीतिक दल 'नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी' के अध्यक्ष और नागालैंड के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री के रूप में अपना पहला कार्यकाल पूरा करने के पहले ही नेफियू रियो को मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा था, क्योंकि तीन जनवरी, दो हज़ार आठ को नागालैंड में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। मुख्यमंत्री के रूप में अपना पहला कार्यकाल पूरा करने के पहले ही नेफियू रियो को मुख्यमंत्री पद से हटना पडा क्योंकि तीन जनवरी दो हज़ार आठ को यहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। लेकिन अगले चुनाव में उनकी पार्टी फिर से सबसे बडी पार्टी के रूप में उभरी और बारह मार्च दो हज़ार आठ को दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। पांच साल बाद दो हज़ार तेरह में हुए विधानसभा चुनावों में एनपीएफ को भारी बहुमत से जीत मिली और वे तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। दो हज़ार अट्ठारह में हुए विधानसभा चुनावों में साठ सदस्यीय विधानसभा में नगा पीपुल्स फ्रंट को छब्बीस सीटें मिली थीं। एनडीपीपी-भाजपा गठजोड़ को तीस सीटें मिली हैं और उनको दो अन्य विधायकों का समर्थन हासिल है। राज्यपाल पीबी आचार्य ने आठ मार्च, दो हज़ार अट्ठारह को उन्हें चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। शपथग्रहण समारोह में भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सहित मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के मुख्यमंत्री समारोह में मौजूद रहे। - ↑ एक.शून्य एक.एक नेफियू रियो की जीवनी www.Knowledgeum.Com। अभिगमन तिथिः ग्यारह मार्च, दो हज़ार अट्ठारह। |
पर तीसरा स्थान - कीव का नगर प्रशासन, जो, जैसा कि यह निकला, मैदान यूक्रेन के "मुख्य ऐतिहासिक नायक" स्टीफन बांडेरा का नाम लिखने के नियमों को भूल गया। Kyivavtodor के प्रतिनिधियों ने बेंडरी एवेन्यू (ई के माध्यम से) पर सड़क मार्ग की मरम्मत के लिए एक निविदा रखी, इसके अलावा यह दर्शाता है कि मरम्मत Moskovsky ब्रिज से Telegi स्ट्रीट तक की जाएगी। इसके अलावा, "बंदेरा एवेन्यू" वाक्यांश के 12-गुना उपयोग से, पत्र "ए" के माध्यम से विकल्प केवल एक बार होता है।
यह तथ्य, पुल के नाम के साथ - मास्को - पहले से ही यूक्रेनी कट्टरपंथियों से हिंसक आक्रोश पैदा कर चुका है, जिन्होंने "अधिनियम" के बारे में सीखा है। कीव मीडिया.
पर दूसरा स्थान - रूसी संघ के उच्च शिक्षा और विज्ञान मंत्री मिखाइल कोट्युकोव। उनके अनुसार, वित्तीय विश्वविद्यालय में व्यक्त किया गया है, रूसी विज्ञान और व्यावसायिक शिक्षा की क्षमता को औद्योगिक भागीदारों की जरूरतों के लिए "करीब लाने की जरूरत है", एक व्यवसाय की जरूरतों के लिए जो "बुनियादी अनुसंधान में इतनी दिलचस्पी नहीं है" अभी तक।
एक एकीकृत राज्य कार्यक्रम और इसके वित्तपोषण के विकास पर कोत्युकोवः
बहुत पैसा नहीं है, लेकिन बहुत सारे हैं। अब हमें समन्वय और सहयोग प्रणाली को बहुत सही ढंग से स्थापित करने की आवश्यकता है।
उसी समय, मंत्री ने यह नहीं बताया कि मौलिक विज्ञान व्यावसायिक आवश्यकताओं की ओर कैसे उन्मुख हो सकता है। या यह सरल हैः फिर से निजी सौना के लिए विश्वविद्यालय परिसर किराए पर लेने के लिए?
पर पहला स्थान - रूस के राष्ट्रपति के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव का बयान। उन्होंने काले सागर में "घटना के निपटारे में मध्यस्थता" प्रदान करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उसी समय, पोम्पेओ ने खुद को संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता कहा - "तुष्टिकरण की संभावना। "
Peskov:
किसी को शांत करने की जरूरत नहीं है। शांति कल हुई, जब हमारे सीमा रक्षकों ने रूसी संघ की राज्य सीमा के सभी उल्लंघनकर्ताओं को शांत किया।
| पर तीसरा स्थान - कीव का नगर प्रशासन, जो, जैसा कि यह निकला, मैदान यूक्रेन के "मुख्य ऐतिहासिक नायक" स्टीफन बांडेरा का नाम लिखने के नियमों को भूल गया। Kyivavtodor के प्रतिनिधियों ने बेंडरी एवेन्यू पर सड़क मार्ग की मरम्मत के लिए एक निविदा रखी, इसके अलावा यह दर्शाता है कि मरम्मत Moskovsky ब्रिज से Telegi स्ट्रीट तक की जाएगी। इसके अलावा, "बंदेरा एवेन्यू" वाक्यांश के बारह-गुना उपयोग से, पत्र "ए" के माध्यम से विकल्प केवल एक बार होता है। यह तथ्य, पुल के नाम के साथ - मास्को - पहले से ही यूक्रेनी कट्टरपंथियों से हिंसक आक्रोश पैदा कर चुका है, जिन्होंने "अधिनियम" के बारे में सीखा है। कीव मीडिया. पर दूसरा स्थान - रूसी संघ के उच्च शिक्षा और विज्ञान मंत्री मिखाइल कोट्युकोव। उनके अनुसार, वित्तीय विश्वविद्यालय में व्यक्त किया गया है, रूसी विज्ञान और व्यावसायिक शिक्षा की क्षमता को औद्योगिक भागीदारों की जरूरतों के लिए "करीब लाने की जरूरत है", एक व्यवसाय की जरूरतों के लिए जो "बुनियादी अनुसंधान में इतनी दिलचस्पी नहीं है" अभी तक। एक एकीकृत राज्य कार्यक्रम और इसके वित्तपोषण के विकास पर कोत्युकोवः बहुत पैसा नहीं है, लेकिन बहुत सारे हैं। अब हमें समन्वय और सहयोग प्रणाली को बहुत सही ढंग से स्थापित करने की आवश्यकता है। उसी समय, मंत्री ने यह नहीं बताया कि मौलिक विज्ञान व्यावसायिक आवश्यकताओं की ओर कैसे उन्मुख हो सकता है। या यह सरल हैः फिर से निजी सौना के लिए विश्वविद्यालय परिसर किराए पर लेने के लिए? पर पहला स्थान - रूस के राष्ट्रपति के प्रेस सचिव दिमित्री पेसकोव का बयान। उन्होंने काले सागर में "घटना के निपटारे में मध्यस्थता" प्रदान करने के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उसी समय, पोम्पेओ ने खुद को संयुक्त राज्य अमेरिका की मध्यस्थता कहा - "तुष्टिकरण की संभावना। " Peskov: किसी को शांत करने की जरूरत नहीं है। शांति कल हुई, जब हमारे सीमा रक्षकों ने रूसी संघ की राज्य सीमा के सभी उल्लंघनकर्ताओं को शांत किया। |
नई दिल्लीः भारत में COVID-19 टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण 1 मार्च से शुरू हुआ था। अब, देश के वे लोग जो सक्रिय रूप से इस अभियान में भाग ले रहे हैं और नागरिकों को सूट का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए टीकाकरण के लिए वीडियो साझा कर रहे हैं। बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल ने मंगलवार को एक टीकाकरण केंद्र पर क्लिक की गई अपनी एक तस्वीर साझा की।
परेश रावल ने ट्विटर पर खुद की एक तस्वीर साझा करने के लिए जीत का संकेत देते हुए तस्वीर साझा की, जब उन्होंने COVID-19 टीकाकरण की अपनी पहली खुराक ली। तस्वीर को साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "वी फॉर वैक्सीन। थैंक्स टू ऑल डॉक्टर्स एंड नर्सेज एंड फ्रंट लाइन हेल्थ केयर वर्कर्स एंड द साइंटिस्ट्स। " उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद दिया।
वैक्सीन 60 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी भारतीय नागरिक और 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए योग्य है और इनमें कॉम्बिडिटीज हैं।
| नई दिल्लीः भारत में COVID-उन्नीस टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण एक मार्च से शुरू हुआ था। अब, देश के वे लोग जो सक्रिय रूप से इस अभियान में भाग ले रहे हैं और नागरिकों को सूट का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए टीकाकरण के लिए वीडियो साझा कर रहे हैं। बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल ने मंगलवार को एक टीकाकरण केंद्र पर क्लिक की गई अपनी एक तस्वीर साझा की। परेश रावल ने ट्विटर पर खुद की एक तस्वीर साझा करने के लिए जीत का संकेत देते हुए तस्वीर साझा की, जब उन्होंने COVID-उन्नीस टीकाकरण की अपनी पहली खुराक ली। तस्वीर को साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "वी फॉर वैक्सीन। थैंक्स टू ऑल डॉक्टर्स एंड नर्सेज एंड फ्रंट लाइन हेल्थ केयर वर्कर्स एंड द साइंटिस्ट्स। " उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद दिया। वैक्सीन साठ वर्ष से अधिक आयु के किसी भी भारतीय नागरिक और पैंतालीस वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए योग्य है और इनमें कॉम्बिडिटीज हैं। |
ये सच है कि पाकिस्तान के कट्टर मौलवियों ने 'वैलेंटाइन डे' पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। वहीं प्रशासन के अनुसार इसके लिए किसी पर भी किसी तरक का कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। ये लोगों की इच्छा पर है कि वो अपने देश के राष्ट्रपति के आग्रह को स्वीकार करेंगे या नहीं।
पाक राष्ट्रपति ने प्यार के इस वैलेंटाइन डे की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि विदेश आयातित ऐसी संस्कृति से पाकिस्तान के इस्लामिक मूल्य खतरे में पड़ सकते हैं। उनका ऐसा मानना है कि वैलेंटाइन डे का पाकिस्तान की संस्कृति से कोई सरोकार नहीं है। उनके अनुसार इसको नजरअंदाज करना ही बेहतर होगा।
स्थानीय मीडिया की ओर से मिली जानकारी पर गौर करें तो सामने आता है कि अफगानिस्तान की सीमा से लगे पूर्वोत्तर शहर पेशावर में आधिकारिक रूप से वैलेंटाइन डे पर रोक लगा दी गई है। वहीं पाक में भी इस बात की गुजारिश की गई है कि इस दिन को कोशिश भर नजरअंदाज ही करें। इसी में देश के पारंपरिक मूल्यों का हित निहित है।
| ये सच है कि पाकिस्तान के कट्टर मौलवियों ने 'वैलेंटाइन डे' पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। वहीं प्रशासन के अनुसार इसके लिए किसी पर भी किसी तरक का कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। ये लोगों की इच्छा पर है कि वो अपने देश के राष्ट्रपति के आग्रह को स्वीकार करेंगे या नहीं। पाक राष्ट्रपति ने प्यार के इस वैलेंटाइन डे की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि विदेश आयातित ऐसी संस्कृति से पाकिस्तान के इस्लामिक मूल्य खतरे में पड़ सकते हैं। उनका ऐसा मानना है कि वैलेंटाइन डे का पाकिस्तान की संस्कृति से कोई सरोकार नहीं है। उनके अनुसार इसको नजरअंदाज करना ही बेहतर होगा। स्थानीय मीडिया की ओर से मिली जानकारी पर गौर करें तो सामने आता है कि अफगानिस्तान की सीमा से लगे पूर्वोत्तर शहर पेशावर में आधिकारिक रूप से वैलेंटाइन डे पर रोक लगा दी गई है। वहीं पाक में भी इस बात की गुजारिश की गई है कि इस दिन को कोशिश भर नजरअंदाज ही करें। इसी में देश के पारंपरिक मूल्यों का हित निहित है। |
इंडिया न्यूज, श्रीनगर :
Terror Link जम्मू-कश्मीर सरकार ने आतंकियों से संबंध रखने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों सहित छह कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इन कर्मचारियों पर आतंकी संगठनों के लिए ओवरग्राउंड वर्कर्स के तौर पर भी काम करने के आरोप हैं। रिपोर्टों के मुताबिक केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसकी सिफारिश पर यह कार्रवाई की गई है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(सी) के तहत ऐसे मामलों की स्क्रूटनी के लिए कमेटी बनाई गई थी।
जम्मू-कश्मीर की सरकार ने इसी साल जुलाई में अपने 11 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया था। इनमें हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सैयद सलाहुद्दीन के बेटे भी शामिल थे। इसके अलावा पुलिस विभाग से भी दो लोगों को नौकरी से हटाया गया था। इन लोगों पर आतंकी संगठनों के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर काम के का आरोप था।
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पिछले हफ्ते कहा था कि किसी भी कर्मचारी को तभी पासपोर्ट जारी किया जाएगा, जब उनके विभाग की ओर से विजिलेंस क्लियरेंस दी जाए।
| इंडिया न्यूज, श्रीनगर : Terror Link जम्मू-कश्मीर सरकार ने आतंकियों से संबंध रखने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों सहित छह कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इन कर्मचारियों पर आतंकी संगठनों के लिए ओवरग्राउंड वर्कर्स के तौर पर भी काम करने के आरोप हैं। रिपोर्टों के मुताबिक केंद्र शासित प्रदेश की सरकार की ओर से एक कमेटी का गठन किया गया था, जिसकी सिफारिश पर यह कार्रवाई की गई है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद तीन सौ ग्यारह के तहत ऐसे मामलों की स्क्रूटनी के लिए कमेटी बनाई गई थी। जम्मू-कश्मीर की सरकार ने इसी साल जुलाई में अपने ग्यारह कर्मचारियों को नौकरी से हटाया था। इनमें हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सैयद सलाहुद्दीन के बेटे भी शामिल थे। इसके अलावा पुलिस विभाग से भी दो लोगों को नौकरी से हटाया गया था। इन लोगों पर आतंकी संगठनों के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के तौर पर काम के का आरोप था। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पिछले हफ्ते कहा था कि किसी भी कर्मचारी को तभी पासपोर्ट जारी किया जाएगा, जब उनके विभाग की ओर से विजिलेंस क्लियरेंस दी जाए। |
Delhi Metro (Photo Credit: social media)
नई दिल्लीः
दिल्ली मेट्रो के एक कोच के अंदर अनाउंसमेंट माइक पर अचानक हरियाणवी गाना बजने लगा. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अनाउंसमेंट माइक पर लोगों को यात्रा से संबंधित सूचना दी जाती है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि वीडियो के बारे में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को पता है. उन्होंने बताया कि ऐसे वीडियो की प्रामाणिकता के बारे में पता लगाना कठिन है. हम इस मामले की जांच करेंगे. इस वीडियो में स्टेशन के करीब आने के दौरान यात्रियों का एक समूह दिल्ली मेट्रो के कोच के नजदीक खड़ा दिखाई दे रहा है. इस दौरान हरियाणवी गाना '2 नंबरी' बजने लग जाता है. गाना आरंभ होते ही कुछ यात्रियों को हंसते हुए देखा गया. इसके कुछ देर बाद गाना बंद हो गया.
वीडियो पर लोग कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, इसका मतलब है कि ड्राइवर हरियाणा का है. दूसरे यूजर ने लिखा कि हरियाणा रोडवेज़ ड्राइवर आफ़्टर जॉएनिंग दिल्ली मेट्रो. वहीं एक यूजर ने लिखा कि इस वीडियो का सोर्स लोकेशन बिल्कुल मत डालना. इस कारण ड्राइवर की नौकरी जा सकती है. वहीं एक ने मेट्रो के नियमों को याद दिलाया कि मेट्रो में संगीत बजाना दंडनीय अपराध है. वहीं कुछ यूजर्स ने DMRC से दिल्ली मेट्रो में सफर के वक्त संगीत बजाने की गुजारिश भी कर डाली.
| Delhi Metro नई दिल्लीः दिल्ली मेट्रो के एक कोच के अंदर अनाउंसमेंट माइक पर अचानक हरियाणवी गाना बजने लगा. इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अनाउंसमेंट माइक पर लोगों को यात्रा से संबंधित सूचना दी जाती है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि वीडियो के बारे में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को पता है. उन्होंने बताया कि ऐसे वीडियो की प्रामाणिकता के बारे में पता लगाना कठिन है. हम इस मामले की जांच करेंगे. इस वीडियो में स्टेशन के करीब आने के दौरान यात्रियों का एक समूह दिल्ली मेट्रो के कोच के नजदीक खड़ा दिखाई दे रहा है. इस दौरान हरियाणवी गाना 'दो नंबरी' बजने लग जाता है. गाना आरंभ होते ही कुछ यात्रियों को हंसते हुए देखा गया. इसके कुछ देर बाद गाना बंद हो गया. वीडियो पर लोग कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, इसका मतलब है कि ड्राइवर हरियाणा का है. दूसरे यूजर ने लिखा कि हरियाणा रोडवेज़ ड्राइवर आफ़्टर जॉएनिंग दिल्ली मेट्रो. वहीं एक यूजर ने लिखा कि इस वीडियो का सोर्स लोकेशन बिल्कुल मत डालना. इस कारण ड्राइवर की नौकरी जा सकती है. वहीं एक ने मेट्रो के नियमों को याद दिलाया कि मेट्रो में संगीत बजाना दंडनीय अपराध है. वहीं कुछ यूजर्स ने DMRC से दिल्ली मेट्रो में सफर के वक्त संगीत बजाने की गुजारिश भी कर डाली. |
Ukraine Crisis: रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रूस और यूक्रेन के बीच तनाव चल रहा है। कभी भी युद्ध छिड़ सकती है। यूक्रेन पर रुसी हमले की आशंका के बीच वहां रह रहे हजारों भारतीयों की जान सांसत में फंस गई है। सभी वहां से जल्द से जल्द लौटना चाहते हैं। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के लगभग 50 से अधिक लोग यूक्रेन में है। इनमें ज्यादातर युवा छत्तीसगढ़ से डाक्टर बनने के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे है। वे युद्ध को देखते हुए अपने घर लौटना चाहता है, लेकिन तनाव के बीच वापसी की राह बहुत कठिन हो गई है। यूक्रेन से संबंधित मुद्दों पर छत्तीसगढ़ के लोगों की मदद के लिए नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में संपर्क अधिकारी गणेश मिश्र को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कुछ छात्र और अभिभावक से नईदुनिया ने फोन से चर्चा की। पता चला है कि वे किसी भी तरह से घर लौटाना चाहते हें जबकि फ्लाइट कम चलने के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है। दूसरी ओर, जो युवा यूक्रेन में फंसे है उनके परिवार वाले चिंतित है। अभिभावक अपने बच्चे को दिन भर फोन कर रहे हैं।
वे शासन ने विनती कर रहे हैं कि बच्चे को किसी भी तरह से यूक्रेन से बाहर निकाल लिया जाए। पालकों का कहना है कि अभी छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस पर पहल नहीं की है। इसे लेकर अभिभावकों में रोष है। बता दें कि एमबीबीएस करने के लिए युवाओं की पहली पसंद यूक्रेन है। छात्रों ने बताया कि छह साल की पढ़ाई का खर्च लगभग 30 से 40 लाख पड़ता है।
रायपुर के एमबीबीएस छात्र मयंक पाल ने बताया कि अभी पूरे यूक्रेन में अफरा-तफरा का माहौल है। यहां से लोग किसी भी तरह से बाहर निकलना चाहते हैं। मयंक ने बताया कि एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ से 50 से अधिक लोग फंसे हुए है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की आशंका के चलते सभी हवाई सेवाएं बाधित है। कुछेक चल रही है तो उसके दाम बहुत ही महंगे हैं।
सीट कन्फर्म नहीं मिल रही है। हर कोई अपने देश वापस लौटना चाहता है। मयंक ने बताया कि वह तीन साल से यूक्रेन में है। उसने कहा कि जिस तरह माहौल खराब हुए, उसी दिन से उसने यूक्रेन छोड़ने का निर्णय ले लिया था, लेकिन अभी उसे कंफर्म टिकट नहीं मिली है। मयंक, रायपुर के स्टेशन रोड के रहने वाला है। यहां उसके पिता मनोज कुमार पाल और माता मंजू पाल उसकी वापसी की राह देख रहे हैं।
न्यायधानी बिलासपुर के रहने वाले अभिषेक भगत एमबीबीएस करने के लिए छह साल से यूक्रेन में हैं। पिता शिक्षक रिजूराम भगत और माता ज्योति भगत अपने पुत्र की वापसी के लिए बहुत चिंतित है। वे हर घंटे में अभिषेक को फोन लगा रहे हैं। अभिषेक से दो दिन पहले बात हुई। रिजूराम भगत ने बताया कि घर वापसी के लिए उनके पुत्र को फ्लाइट नहीं मिल रही है। जो फ्लाइट मिल रही, उसका किराया भी 70 से एक लाख रुपये तक है।
सामान्य दिनों में भारत तक का किराया 30 से 35 हजार रुपये तक होता है। उन्होंने बताया कि पुत्र के सपने के पूरा करने के लिए यूक्रेन भेजा है। न जाने अब इस तरह की स्थिति कैसी उत्पन्ना हुई। रिजूराम ने बताया कि जिस दिन अभिषेक से बात हुई तो कहा है कि मंगलवार या बुधवार को भारत पहुंच जाऊंगा। बता दें कि अभिषेक यूक्रेन के स्डेनिपर के डेनिप्रोपोत्रोस्क स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे है।
रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा यूक्रेन से संबंधित मुद्दों पर छत्तीसगढ़ के लोगों की मदद के लिए नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में संपर्क अधिकारी गणेश मिश्र को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मिश्र से दूरभाष नंबर 01146156000, मोबाइल नंबर 9997060999 और फैक्स क्रमांक 01146156030 पर सम्पर्क किया जा सकता है।
| Ukraine Crisis: रायपुर । रूस और यूक्रेन के बीच तनाव चल रहा है। कभी भी युद्ध छिड़ सकती है। यूक्रेन पर रुसी हमले की आशंका के बीच वहां रह रहे हजारों भारतीयों की जान सांसत में फंस गई है। सभी वहां से जल्द से जल्द लौटना चाहते हैं। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ के लगभग पचास से अधिक लोग यूक्रेन में है। इनमें ज्यादातर युवा छत्तीसगढ़ से डाक्टर बनने के लिए एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे है। वे युद्ध को देखते हुए अपने घर लौटना चाहता है, लेकिन तनाव के बीच वापसी की राह बहुत कठिन हो गई है। यूक्रेन से संबंधित मुद्दों पर छत्तीसगढ़ के लोगों की मदद के लिए नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में संपर्क अधिकारी गणेश मिश्र को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कुछ छात्र और अभिभावक से नईदुनिया ने फोन से चर्चा की। पता चला है कि वे किसी भी तरह से घर लौटाना चाहते हें जबकि फ्लाइट कम चलने के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है। दूसरी ओर, जो युवा यूक्रेन में फंसे है उनके परिवार वाले चिंतित है। अभिभावक अपने बच्चे को दिन भर फोन कर रहे हैं। वे शासन ने विनती कर रहे हैं कि बच्चे को किसी भी तरह से यूक्रेन से बाहर निकाल लिया जाए। पालकों का कहना है कि अभी छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस पर पहल नहीं की है। इसे लेकर अभिभावकों में रोष है। बता दें कि एमबीबीएस करने के लिए युवाओं की पहली पसंद यूक्रेन है। छात्रों ने बताया कि छह साल की पढ़ाई का खर्च लगभग तीस से चालीस लाख पड़ता है। रायपुर के एमबीबीएस छात्र मयंक पाल ने बताया कि अभी पूरे यूक्रेन में अफरा-तफरा का माहौल है। यहां से लोग किसी भी तरह से बाहर निकलना चाहते हैं। मयंक ने बताया कि एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ से पचास से अधिक लोग फंसे हुए है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की आशंका के चलते सभी हवाई सेवाएं बाधित है। कुछेक चल रही है तो उसके दाम बहुत ही महंगे हैं। सीट कन्फर्म नहीं मिल रही है। हर कोई अपने देश वापस लौटना चाहता है। मयंक ने बताया कि वह तीन साल से यूक्रेन में है। उसने कहा कि जिस तरह माहौल खराब हुए, उसी दिन से उसने यूक्रेन छोड़ने का निर्णय ले लिया था, लेकिन अभी उसे कंफर्म टिकट नहीं मिली है। मयंक, रायपुर के स्टेशन रोड के रहने वाला है। यहां उसके पिता मनोज कुमार पाल और माता मंजू पाल उसकी वापसी की राह देख रहे हैं। न्यायधानी बिलासपुर के रहने वाले अभिषेक भगत एमबीबीएस करने के लिए छह साल से यूक्रेन में हैं। पिता शिक्षक रिजूराम भगत और माता ज्योति भगत अपने पुत्र की वापसी के लिए बहुत चिंतित है। वे हर घंटे में अभिषेक को फोन लगा रहे हैं। अभिषेक से दो दिन पहले बात हुई। रिजूराम भगत ने बताया कि घर वापसी के लिए उनके पुत्र को फ्लाइट नहीं मिल रही है। जो फ्लाइट मिल रही, उसका किराया भी सत्तर से एक लाख रुपये तक है। सामान्य दिनों में भारत तक का किराया तीस से पैंतीस हजार रुपये तक होता है। उन्होंने बताया कि पुत्र के सपने के पूरा करने के लिए यूक्रेन भेजा है। न जाने अब इस तरह की स्थिति कैसी उत्पन्ना हुई। रिजूराम ने बताया कि जिस दिन अभिषेक से बात हुई तो कहा है कि मंगलवार या बुधवार को भारत पहुंच जाऊंगा। बता दें कि अभिषेक यूक्रेन के स्डेनिपर के डेनिप्रोपोत्रोस्क स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहे है। रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा यूक्रेन से संबंधित मुद्दों पर छत्तीसगढ़ के लोगों की मदद के लिए नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में संपर्क अधिकारी गणेश मिश्र को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। मिश्र से दूरभाष नंबर एक एक चार छः एक पाँच छः शून्य शून्य शून्य, मोबाइल नंबर नौ नौ नौ सात शून्य छः शून्य नौ नौ नौ और फैक्स क्रमांक एक एक चार छः एक पाँच छः शून्य तीन शून्य पर सम्पर्क किया जा सकता है। |
आईपीएल (IPL) मीडिया राइट्स के वैल्यू को लेकर इसके पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि आईपीएल की मीडिया वैल्यू कम नहीं होगी और अगले साइकल के दौरान ये दोगुनी हो जाएगी।
आईपीएल के मीडिया राइट्स के लिए ई-ऑक्शन के दौरान काफी महंगी बोली लगी। बीसीसीआई ने काफी बड़ी रकम में आईपीएल के अगले पांच सालों के मीडिया राइट्स बेचे हैं। स्टार नेटवर्क टीवी राइट्स को रिटेन करने में सफल रहा है। वहीं रिलायंस की वायकॉम ने डिजिटल राइट्स खरीदे हैं। रियालंस ने नॉन एक्सक्लूजिव मैचों के अधिकार भी खरीदे हैं। बोर्ड ने कुल 48390 करोड़ रूपये में सभी मीडिया राइट्स को बेचा है।
आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने आईपीएल के मीडिया अधिकारों की वैल्यू को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा,
फैन बेस की वजह से आईपीएल की वैल्यू काफी बढ़ गई है। मैंने हमेशा कहा है कि तीन या चार सालों में ये डबल हो जाएगी। आईपीएल की कीमत हमेशा दोगुनी होती रहेगी। अगर आप 2008 से मेरे इंटरव्यू को उठाकर देखें तो मैंने हर बार यही कहा है कि मीडिया राइट्स के मामले में आईपीएल की वैल्यू दोगुनी होती रहेगी। पिछले साल से इस बार 98 प्रतिशत इजाफा हुआ है। अगले साइकल में भी ये दोगुना हो जाएगा। आज नहीं तो कल आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी लीग बन जाएगी। डिपेंड करता है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इसे कैसे दिखाया जाता है और डिजिटल राइट्स की भूमिका काफी अहम रहेगी।
आईपीएल की अगर बात करें तो ये दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है। इस लीग में दुनिया भर के खिलाड़ी खेलते हैं और जब आईपीएल का आयोजन हो रहा होता है तो फिर पूरी दुनिया की क्रिकेट बंद हो जाती है। आईपीएल ऑक्शन के दौरान खिलाड़ियों के लिए काफी महंगी बोली लगती है। वहीं मीडिया राइट्स, ब्रॉडकास्ट राइट्स, डिजिटल राइट्स और अन्य चीजों को मिलाकर आईपीएल से काफी ज्यादा पैसे आते हैं।
| आईपीएल मीडिया राइट्स के वैल्यू को लेकर इसके पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि आईपीएल की मीडिया वैल्यू कम नहीं होगी और अगले साइकल के दौरान ये दोगुनी हो जाएगी। आईपीएल के मीडिया राइट्स के लिए ई-ऑक्शन के दौरान काफी महंगी बोली लगी। बीसीसीआई ने काफी बड़ी रकम में आईपीएल के अगले पांच सालों के मीडिया राइट्स बेचे हैं। स्टार नेटवर्क टीवी राइट्स को रिटेन करने में सफल रहा है। वहीं रिलायंस की वायकॉम ने डिजिटल राइट्स खरीदे हैं। रियालंस ने नॉन एक्सक्लूजिव मैचों के अधिकार भी खरीदे हैं। बोर्ड ने कुल अड़तालीस हज़ार तीन सौ नब्बे करोड़ रूपये में सभी मीडिया राइट्स को बेचा है। आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने आईपीएल के मीडिया अधिकारों की वैल्यू को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एनडीटीवी से खास बातचीत में कहा, फैन बेस की वजह से आईपीएल की वैल्यू काफी बढ़ गई है। मैंने हमेशा कहा है कि तीन या चार सालों में ये डबल हो जाएगी। आईपीएल की कीमत हमेशा दोगुनी होती रहेगी। अगर आप दो हज़ार आठ से मेरे इंटरव्यू को उठाकर देखें तो मैंने हर बार यही कहा है कि मीडिया राइट्स के मामले में आईपीएल की वैल्यू दोगुनी होती रहेगी। पिछले साल से इस बार अट्ठानवे प्रतिशत इजाफा हुआ है। अगले साइकल में भी ये दोगुना हो जाएगा। आज नहीं तो कल आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी लीग बन जाएगी। डिपेंड करता है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर इसे कैसे दिखाया जाता है और डिजिटल राइट्स की भूमिका काफी अहम रहेगी। आईपीएल की अगर बात करें तो ये दुनिया की सबसे बड़ी टीबीस लीटरग है। इस लीग में दुनिया भर के खिलाड़ी खेलते हैं और जब आईपीएल का आयोजन हो रहा होता है तो फिर पूरी दुनिया की क्रिकेट बंद हो जाती है। आईपीएल ऑक्शन के दौरान खिलाड़ियों के लिए काफी महंगी बोली लगती है। वहीं मीडिया राइट्स, ब्रॉडकास्ट राइट्स, डिजिटल राइट्स और अन्य चीजों को मिलाकर आईपीएल से काफी ज्यादा पैसे आते हैं। |
चर्चा में क्यों?
16 सितंबर, 2021 को बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह द्वारा भूमि सुधार उप-समाहर्ता (Deputy Collector Land Reforms- DCLR) को फिर से ज़मीन से जुड़े विवादों की सुनवाई करने के अधिकार दिए जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया।
- करीब आठ साल से चल रहे अदालती विवाद में सुप्रीम कोर्ट दखल के बाद DCLR को यह अधिकार मिला है।
- अब DCLR किसी विवादित ज़मीन के बारे में यह तय करेंगे कि इसका वास्तविक मालिक कौन है? इसे टाइटिल सूट या स्वत्ववाद कहते हैं। वे रैयती मामलों से संबंधित वादों की सुनवाई शुरू करेंगे तथा पूर्व के मामलों में पारित आदेशों का कार्यान्वयन भी करेंगे।
- गौरतलब है कि बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, 2009 के ज़रिये DCLR को भूमि विवाद की सुनवाई करने का अधिकार दिया गया था। इस अधिनियम को महेश्वर मंडल नामक रैयत ने 2013 में पटना हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
- पाँच साल बाद 2018 में हाईकोर्ट के दिये आदेश पर अमल करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नवंबर 2018 में आदेश जारी कर DCLR को अदालती सुनवाई करने से रोक दिया था।
| चर्चा में क्यों? सोलह सितंबर, दो हज़ार इक्कीस को बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह द्वारा भूमि सुधार उप-समाहर्ता को फिर से ज़मीन से जुड़े विवादों की सुनवाई करने के अधिकार दिए जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया। - करीब आठ साल से चल रहे अदालती विवाद में सुप्रीम कोर्ट दखल के बाद DCLR को यह अधिकार मिला है। - अब DCLR किसी विवादित ज़मीन के बारे में यह तय करेंगे कि इसका वास्तविक मालिक कौन है? इसे टाइटिल सूट या स्वत्ववाद कहते हैं। वे रैयती मामलों से संबंधित वादों की सुनवाई शुरू करेंगे तथा पूर्व के मामलों में पारित आदेशों का कार्यान्वयन भी करेंगे। - गौरतलब है कि बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम, दो हज़ार नौ के ज़रिये DCLR को भूमि विवाद की सुनवाई करने का अधिकार दिया गया था। इस अधिनियम को महेश्वर मंडल नामक रैयत ने दो हज़ार तेरह में पटना हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। - पाँच साल बाद दो हज़ार अट्ठारह में हाईकोर्ट के दिये आदेश पर अमल करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नवंबर दो हज़ार अट्ठारह में आदेश जारी कर DCLR को अदालती सुनवाई करने से रोक दिया था। |
बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा अमेरिका अपने पति के पास पहुंच गई है। वहां पहुंचते ही निक जोनस की तरफ से उन्हें एक बड़ी सरप्राइज मिली है। दरअसल उन्होंने अपनी पत्नी प्रियंका को ब्लैक कलर की एक मर्सिडीज़ कार गिफ्ट की है जिसका नाम उन्होंने 'एक्स्ट्रा चोपड़ा जोनस' रखा है।
ये 'Mercedes-Maybach' है। अगर इसकी कीमत की बात करें तो हमारे भारत में 10. 50 करोड़ रुपए है। प्रियंका ने खुद इसकी फोटोज अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है। इस तस्वीर को काफी लोग पसंद कर रहे हैं।
इन तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा- 'जब हबी नंबर 1 पर आए तो वाइफी को कार मिलती है। इंट्रोड्यूसिंग एक्सट्रा चोपड़ा जोनस। आई लव यू बेबी। बेस्ट हसबैंड एवर। ' साथ ही साथ उन्होंने कार की ब्रांड को भी इसमें टैग किया है। इधर एक्टिंग की बात करें तो प्रियंका इन दिनों अपकमिंग बॉलीवुड मूवी 'द स्काई इज पिंक' को लेकर व्यस्त है।
| बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा अमेरिका अपने पति के पास पहुंच गई है। वहां पहुंचते ही निक जोनस की तरफ से उन्हें एक बड़ी सरप्राइज मिली है। दरअसल उन्होंने अपनी पत्नी प्रियंका को ब्लैक कलर की एक मर्सिडीज़ कार गिफ्ट की है जिसका नाम उन्होंने 'एक्स्ट्रा चोपड़ा जोनस' रखा है। ये 'Mercedes-Maybach' है। अगर इसकी कीमत की बात करें तो हमारे भारत में दस. पचास करोड़ रुपए है। प्रियंका ने खुद इसकी फोटोज अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है। इस तस्वीर को काफी लोग पसंद कर रहे हैं। इन तस्वीरों को शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा- 'जब हबी नंबर एक पर आए तो वाइफी को कार मिलती है। इंट्रोड्यूसिंग एक्सट्रा चोपड़ा जोनस। आई लव यू बेबी। बेस्ट हसबैंड एवर। ' साथ ही साथ उन्होंने कार की ब्रांड को भी इसमें टैग किया है। इधर एक्टिंग की बात करें तो प्रियंका इन दिनों अपकमिंग बॉलीवुड मूवी 'द स्काई इज पिंक' को लेकर व्यस्त है। |
योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट के एक मंत्री ने बंगले में तोड़फोड़ मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बचाव किया है। साथ ही उन्हें क्लीन चिट दे दी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बंगला खाली होने के बाद अधिकारी को हैंडओवर किया गया था। यह बात उसी दिन पता चल जाती लेकिन तीन दिन बाद इसे उछाला गया।
शुक्रवार को सर्किट हाउस में हुई बातचीत में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के अखिलेश पर दिए गए बयान से असहमति जताई। हालांकि उन्होंने कहा कि वह अभी एनडीए में ही हैं। भाजपा से उनका गठबंधन 2024 तक चलेगा।
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह गठबंधन का धर्म निभा रहे हैं। शाह ने कहा था चुनाव के छह माह पहले ओबीसी के तीन कैटेगरी के आरक्षण को लागू किया जाएगा। 20 जून को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की प्रस्तावित बैठक में ओबीसी को मिलने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण में तीन वर्ग बनाने की बात आगे बढ़ने की उम्मीद है।
प्रदेश सरकार पर सिंहवाद का आरोप लगाते हुए मंत्री ने कहा कि देहात में जब पात में लोग बैठते हैं तो उसमें अपनी जाति और पहचान वाले को पूड़ी परोसना वाला अधिक पूड़ी परोसता है। अखिलेश और मायावती की सरकार में यही काम हुआ था।
अजगरा से अपनी पार्टी के विधायक कैलाश नाथ सोनकर पर पहले क्रॉस वोटिंग बाद में पैसा हड़पने के विरोध में जिला मुख्यालय पर सिर मुंडवाने के सवाल पर कहा कि अवैध जमीन कब्जा करने वालों की शिकायत विधायक ने की थी। कब्जा करने वाले कागज तो दिखा नहीं पाए तो सिर मुंडवा कर घूम रहे हैं।
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| योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट के एक मंत्री ने बंगले में तोड़फोड़ मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बचाव किया है। साथ ही उन्हें क्लीन चिट दे दी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बंगला खाली होने के बाद अधिकारी को हैंडओवर किया गया था। यह बात उसी दिन पता चल जाती लेकिन तीन दिन बाद इसे उछाला गया। शुक्रवार को सर्किट हाउस में हुई बातचीत में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के अखिलेश पर दिए गए बयान से असहमति जताई। हालांकि उन्होंने कहा कि वह अभी एनडीए में ही हैं। भाजपा से उनका गठबंधन दो हज़ार चौबीस तक चलेगा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह गठबंधन का धर्म निभा रहे हैं। शाह ने कहा था चुनाव के छह माह पहले ओबीसी के तीन कैटेगरी के आरक्षण को लागू किया जाएगा। बीस जून को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की प्रस्तावित बैठक में ओबीसी को मिलने वाले सत्ताईस प्रतिशत आरक्षण में तीन वर्ग बनाने की बात आगे बढ़ने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार पर सिंहवाद का आरोप लगाते हुए मंत्री ने कहा कि देहात में जब पात में लोग बैठते हैं तो उसमें अपनी जाति और पहचान वाले को पूड़ी परोसना वाला अधिक पूड़ी परोसता है। अखिलेश और मायावती की सरकार में यही काम हुआ था। अजगरा से अपनी पार्टी के विधायक कैलाश नाथ सोनकर पर पहले क्रॉस वोटिंग बाद में पैसा हड़पने के विरोध में जिला मुख्यालय पर सिर मुंडवाने के सवाल पर कहा कि अवैध जमीन कब्जा करने वालों की शिकायत विधायक ने की थी। कब्जा करने वाले कागज तो दिखा नहीं पाए तो सिर मुंडवा कर घूम रहे हैं। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
सुप्रीम कोर्ट कोलीजियम के भेजे नाम पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं. सरकार को दो नाम भेजे गए थे इंदू मल्होत्रा और चीफ जस्टिस के एम जोसफ. जिसमें इंदू मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट की जज बनाने की बात साफ हो गई. लेकिन उतराखंड के चीफ जस्टिस के एम जोसफ की सिफारिश को केंद्र ने कोलीजियम के पास वापस विचार के लिए भेज दिया है.
| सुप्रीम कोर्ट कोलीजियम के भेजे नाम पर सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं. सरकार को दो नाम भेजे गए थे इंदू मल्होत्रा और चीफ जस्टिस के एम जोसफ. जिसमें इंदू मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट की जज बनाने की बात साफ हो गई. लेकिन उतराखंड के चीफ जस्टिस के एम जोसफ की सिफारिश को केंद्र ने कोलीजियम के पास वापस विचार के लिए भेज दिया है. |
राज्य सरकार अपनी लिमिट से केंद्र सरकार से 14,237 करोड़ रुपये ज्यादा कर्ज ले सकेगी.
भोपाल. कोरोना आपदा के बीच आर्थिक मोर्चे पर एक राहत भरी खबर है राज्य सरकार अपनी लिमिट से 14,237 करोड़ रुपये ज्यादा कर्ज ले सकेगी. केंद्र सरकार ने अलग-अलग राज्यों के लिए कर्ज की इस सीमा को तय किया है. खास बात यह है कि इस राशि का इस्तेमाल राज्य सरकार कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में खर्च होने वाली राशि में कर सकेगी. यह राहत केवल वित्तीय वर्ष 2020 और 2021 के लिए दी गई है. हालांकि एक और बात यहां उल्लेख करने वाली है कि सरकार अगले वित्तीय वर्ष यानी 2021-22 में सकल घरेलू उत्पाद का केवल 3. 50% ही कर्ज ले सकेगी. अतिरिक्त कर्ज मिलने से सरकार को आर्थिक मोर्चे पर थोड़ी राहत मिलेगी क्योंकि यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना आपदा के बीच राज्य सरकारों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है.
कोरोना आपदा के बीच हालांकि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर राहत देने की कोशिश कर रही है लेकिन लघु और मध्यम उद्योग से जुड़े हुए कारोबारी और व्यापारियों को यह चिंता सता रही है कोरोना आपदा के बाद आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार उनके हित में और क्या कदम उठाएगी और उनकी गाड़ी पटरी पर कैसे लौटेगी?
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| राज्य सरकार अपनी लिमिट से केंद्र सरकार से चौदह,दो सौ सैंतीस करोड़ रुपये ज्यादा कर्ज ले सकेगी. भोपाल. कोरोना आपदा के बीच आर्थिक मोर्चे पर एक राहत भरी खबर है राज्य सरकार अपनी लिमिट से चौदह,दो सौ सैंतीस करोड़ रुपये ज्यादा कर्ज ले सकेगी. केंद्र सरकार ने अलग-अलग राज्यों के लिए कर्ज की इस सीमा को तय किया है. खास बात यह है कि इस राशि का इस्तेमाल राज्य सरकार कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में खर्च होने वाली राशि में कर सकेगी. यह राहत केवल वित्तीय वर्ष दो हज़ार बीस और दो हज़ार इक्कीस के लिए दी गई है. हालांकि एक और बात यहां उल्लेख करने वाली है कि सरकार अगले वित्तीय वर्ष यानी दो हज़ार इक्कीस-बाईस में सकल घरेलू उत्पाद का केवल तीन. पचास% ही कर्ज ले सकेगी. अतिरिक्त कर्ज मिलने से सरकार को आर्थिक मोर्चे पर थोड़ी राहत मिलेगी क्योंकि यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना आपदा के बीच राज्य सरकारों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है. कोरोना आपदा के बीच हालांकि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर राहत देने की कोशिश कर रही है लेकिन लघु और मध्यम उद्योग से जुड़े हुए कारोबारी और व्यापारियों को यह चिंता सता रही है कोरोना आपदा के बाद आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार उनके हित में और क्या कदम उठाएगी और उनकी गाड़ी पटरी पर कैसे लौटेगी? . |
गुरमीत रहीम के बारे में हर दिन एक से एक खुलासे हो रहे हैं। अब उनके दामाद ने भी मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि रहीम अपनी बेटी के साथ भी सोते थे।
2002 में साध्वी के रेप के मामले में शुक्रवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत रहीम को दोषी करार दिया गया।
इस पूरे मामले की सुनवाई से लेकर रोहतक जेल तक पहुंचने तक गुरमीत की बेटी ने उसका साथ नहीं छोड़ा। आपको बता दे कि ये रहीम ही मुंहबोली बेटी है। अब इस बेटी को लेकर भी रहीम पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।
ऐसा कहा जा रहा है कि डेरा सच्चा सौदा का अपना इस बेटी के साथ अवैध संबंध हैं। गुरमीत पर ये आरोप उन्हीं के दामाद ने लगाया है। हनीप्रीत के पति विश्वास गुप्ता का कहना है कि उसने खुद एक बार दोनों को रंग रलिया मनाते हुए देखा था।
इंडिया टीवी से बात करते हुए विश्वास गुप्ता ने बताया कि मई 2011 में रहीम के कमरे का दरवाजा खुला रहने के कारण मैंने दोनों को आपत्तिजनक हालात में देखा था। जैसे ही दोनों की नजर विश्वास पर पड़ी, तो दोनों हक्के बक्के रह गये। तभी रहीम ने विश्वास गुप्ता को ये बात किसी को भी ना बताने की सलाह देते हुए जान से मारने की धमकी दी थी।
| गुरमीत रहीम के बारे में हर दिन एक से एक खुलासे हो रहे हैं। अब उनके दामाद ने भी मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि रहीम अपनी बेटी के साथ भी सोते थे। दो हज़ार दो में साध्वी के रेप के मामले में शुक्रवार को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत रहीम को दोषी करार दिया गया। इस पूरे मामले की सुनवाई से लेकर रोहतक जेल तक पहुंचने तक गुरमीत की बेटी ने उसका साथ नहीं छोड़ा। आपको बता दे कि ये रहीम ही मुंहबोली बेटी है। अब इस बेटी को लेकर भी रहीम पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि डेरा सच्चा सौदा का अपना इस बेटी के साथ अवैध संबंध हैं। गुरमीत पर ये आरोप उन्हीं के दामाद ने लगाया है। हनीप्रीत के पति विश्वास गुप्ता का कहना है कि उसने खुद एक बार दोनों को रंग रलिया मनाते हुए देखा था। इंडिया टीवी से बात करते हुए विश्वास गुप्ता ने बताया कि मई दो हज़ार ग्यारह में रहीम के कमरे का दरवाजा खुला रहने के कारण मैंने दोनों को आपत्तिजनक हालात में देखा था। जैसे ही दोनों की नजर विश्वास पर पड़ी, तो दोनों हक्के बक्के रह गये। तभी रहीम ने विश्वास गुप्ता को ये बात किसी को भी ना बताने की सलाह देते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। |
संयुक्त राष्ट्रसंघ में अमेरिका की राजदूत SAMANTHA POWER ने बल देकर कहा है कि नाइजीरिया में अपहरित छात्राओं का पता लगाने के संबंध में कार्यवाही की जानी चाहिये।
SAMANTHA POWER ने नाइजीरिया में अपहरित छात्राओं का पता लगाने वाले कार्यकर्ताओं से भेंट में कहा कि अमेरिका और नाइजीरिया आतंकवादी गुट बोकोहराम से मुकाबले के अलावा व्यापार और आर्थिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहकारिता कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका अपहरित छात्राओं के संबंध में जानकारी देकर नाइजीरिया की सरकार के साथ इन छात्राओं को ढ़ूढ़ निकाने के संबंध में सहकारिता कर रहा है। संयुक्त राष्ट्रसंघ में अमेरिकी राजदूत का बयान ऐसी स्थिति में सामने आ रहा है जब नाइजीरिया में अपहरित छात्राओं के विषय को दो वर्ष का समय हो रहा है और व्यवहारिक रूप से इन छात्राओं का पता लगाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।
14 अप्रैल वर्ष 2014 को आतंकवादियों ने नाइजीरिया में एक स्कूल पर हमला करके 276 छात्राओं का अपहरण कर लिया था। अलबत्ता इनमें से 57 छात्राएं भागने में सफल हो गयीं थीं परंतु दो साल से अधिक का समय बीत रहा है और आज तक 219 छात्राओं के बारे में कोई सूचना नहीं है। आतंकवादी गुट बोकोहराम ने घोषणा की थी कि इन छात्राओं के अपहरण से उसका लक्ष्य शिक्षा प्राप्त करने से उन्हें रोकना था। इस गुट का मानना है कि पश्चिमी शिक्षा को प्राप्त करना हराम है।
राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि विश्व जनमत में बहुत से लोगों ने इस घटना के प्रति प्रतिक्रिया जताई परंतु प्रतीत यह हो रहा है कि विभिन्न पश्चिमी देशों यहां तक कि स्वयं नाइजीरिया के अधिकारी और राजनेता भी अपहरित छात्राओं का पता लगाने से अधिक इस विषय से राजनीतिक व प्रचारिक लाभ उठाने की चेष्टा में हैं।
नाइजीरिया के राष्ट्रपति मोहम्मदु बूहारी ने सत्ता की बाग़डोर संभालने से पहले अपने चुनावी नारों में अपहरित छात्राओं को उनके परिजनों को लौटाने और आतंकवादी गुट बोकोहराम के विनाश का वादा किया था परंतु इस देश की सेना आज तक इन छात्राओं को मुक्ति दिलाने में सफल नहीं हो सकी है।
| संयुक्त राष्ट्रसंघ में अमेरिका की राजदूत SAMANTHA POWER ने बल देकर कहा है कि नाइजीरिया में अपहरित छात्राओं का पता लगाने के संबंध में कार्यवाही की जानी चाहिये। SAMANTHA POWER ने नाइजीरिया में अपहरित छात्राओं का पता लगाने वाले कार्यकर्ताओं से भेंट में कहा कि अमेरिका और नाइजीरिया आतंकवादी गुट बोकोहराम से मुकाबले के अलावा व्यापार और आर्थिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहकारिता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपहरित छात्राओं के संबंध में जानकारी देकर नाइजीरिया की सरकार के साथ इन छात्राओं को ढ़ूढ़ निकाने के संबंध में सहकारिता कर रहा है। संयुक्त राष्ट्रसंघ में अमेरिकी राजदूत का बयान ऐसी स्थिति में सामने आ रहा है जब नाइजीरिया में अपहरित छात्राओं के विषय को दो वर्ष का समय हो रहा है और व्यवहारिक रूप से इन छात्राओं का पता लगाने के लिए कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। चौदह अप्रैल वर्ष दो हज़ार चौदह को आतंकवादियों ने नाइजीरिया में एक स्कूल पर हमला करके दो सौ छिहत्तर छात्राओं का अपहरण कर लिया था। अलबत्ता इनमें से सत्तावन छात्राएं भागने में सफल हो गयीं थीं परंतु दो साल से अधिक का समय बीत रहा है और आज तक दो सौ उन्नीस छात्राओं के बारे में कोई सूचना नहीं है। आतंकवादी गुट बोकोहराम ने घोषणा की थी कि इन छात्राओं के अपहरण से उसका लक्ष्य शिक्षा प्राप्त करने से उन्हें रोकना था। इस गुट का मानना है कि पश्चिमी शिक्षा को प्राप्त करना हराम है। राजनीतिक टीकाकारों का मानना है कि विश्व जनमत में बहुत से लोगों ने इस घटना के प्रति प्रतिक्रिया जताई परंतु प्रतीत यह हो रहा है कि विभिन्न पश्चिमी देशों यहां तक कि स्वयं नाइजीरिया के अधिकारी और राजनेता भी अपहरित छात्राओं का पता लगाने से अधिक इस विषय से राजनीतिक व प्रचारिक लाभ उठाने की चेष्टा में हैं। नाइजीरिया के राष्ट्रपति मोहम्मदु बूहारी ने सत्ता की बाग़डोर संभालने से पहले अपने चुनावी नारों में अपहरित छात्राओं को उनके परिजनों को लौटाने और आतंकवादी गुट बोकोहराम के विनाश का वादा किया था परंतु इस देश की सेना आज तक इन छात्राओं को मुक्ति दिलाने में सफल नहीं हो सकी है। |
Pune. कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट के पुणे से एक ऐसी खबर आई है जो राहत देने वाली और परेशान करने वाली है. दरअसल, महाराष्ट्र के पुणे में लोगों में संक्रमण चेक करने के लिए सीरो सर्वे कराया गया। इस सर्वे में पुणे के 51. 5 प्रतिशत निवासियों के शरीर में एंटीबॉडी पाया गया। ऐसे में सवाल है कि क्या जिन लोगों के शरीर में एंटीबॉडी होने का मतलब है क्या ये लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं.
महामारी और सीरम सर्विलांस के अध्ययन के लिए पुणे नगर निगम के पांच सबसे पांच प्रभावित इलाकों से 1644 सैंपल लिए गए थे. इन इलाकों में पॉजिटिविटी की दर 36. 1 प्रतिशत से 65. 4 प्रतिशत के बीच रही.
सर्वे टीम का हिस्सा सीनियर रिसर्चर अर्णब घोष के अनुसार जांच में कोरोना संक्रमण सबसे ज्यादा पाया गया. यह स्टडी पुणे नगर निगम और भारतीय विज्ञान शिक्षा एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट (IISER) ने मिलकर की.
नतीजे में पाया गया कि पुणे के 51 प्रतिशत लोगों में कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित हो गई है. इस सर्वे की पुष्टि पुणे के विभागीय आयुक्त सौरव राव की है. सर्वे उन इलाकों में किया गया जहां कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक है. पुणे के याने कस्बा पेठ, सोमवार पेठ, सस्ता पेठ, रविवार पेठ, लोहिया नगर, कासेवाडी और नवी पेठ में सर्वे किया गया.
पहले हो चुका है कोरोना ?
इन इलाकों के 51 प्रतिशत लोगों में कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित हो चुकी है. इसका मतलब है कि उन्हें पूर्व में ही कोरोना हुआ था जिन्हें उन्होंने हरा दिया. चिंता की बात ये है कि अब ऐसे लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं जिनमें कोई लक्षण ही नहीं है.
| Pune. कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच महाराष्ट के पुणे से एक ऐसी खबर आई है जो राहत देने वाली और परेशान करने वाली है. दरअसल, महाराष्ट्र के पुणे में लोगों में संक्रमण चेक करने के लिए सीरो सर्वे कराया गया। इस सर्वे में पुणे के इक्यावन. पाँच प्रतिशत निवासियों के शरीर में एंटीबॉडी पाया गया। ऐसे में सवाल है कि क्या जिन लोगों के शरीर में एंटीबॉडी होने का मतलब है क्या ये लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. महामारी और सीरम सर्विलांस के अध्ययन के लिए पुणे नगर निगम के पांच सबसे पांच प्रभावित इलाकों से एक हज़ार छः सौ चौंतालीस सैंपल लिए गए थे. इन इलाकों में पॉजिटिविटी की दर छत्तीस. एक प्रतिशत से पैंसठ. चार प्रतिशत के बीच रही. सर्वे टीम का हिस्सा सीनियर रिसर्चर अर्णब घोष के अनुसार जांच में कोरोना संक्रमण सबसे ज्यादा पाया गया. यह स्टडी पुणे नगर निगम और भारतीय विज्ञान शिक्षा एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट ने मिलकर की. नतीजे में पाया गया कि पुणे के इक्यावन प्रतिशत लोगों में कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित हो गई है. इस सर्वे की पुष्टि पुणे के विभागीय आयुक्त सौरव राव की है. सर्वे उन इलाकों में किया गया जहां कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या अधिक है. पुणे के याने कस्बा पेठ, सोमवार पेठ, सस्ता पेठ, रविवार पेठ, लोहिया नगर, कासेवाडी और नवी पेठ में सर्वे किया गया. पहले हो चुका है कोरोना ? इन इलाकों के इक्यावन प्रतिशत लोगों में कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित हो चुकी है. इसका मतलब है कि उन्हें पूर्व में ही कोरोना हुआ था जिन्हें उन्होंने हरा दिया. चिंता की बात ये है कि अब ऐसे लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं जिनमें कोई लक्षण ही नहीं है. |
महिंद्रा एंड महिंद्रा अपनी एसयूवी गाडियों का साइज कम करने की तैयारी में है। इसका मकसद स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल पर लगने वाले 3 फीसदी अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी से बचना है। अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी से हाल में कंपनी की सेल्स घटी है।
देश की टॉप यूटिलिटी व्हीकल कंपनी अपने कुछ मॉडल को अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी से बचाने वाले मानकों के हिसाब से तैयार करेगी। ये मानक हैं- चार मीटर से कम लंबाई, 1. 5 लीटर इंजन की क्षमता या 170 मिलीमीटर से कम ग्राउंड क्लीयरेंस। इस साल एसयूवी पर एक्साइज ड्यूटी 27 फीसदी से बढाकर 30 फीसदी कर दी गई है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रेसिडेंट ने बताया, पॉलिसी में ऎसे बदलाव हमारी प्रोडक्ट प्लानिंग को भी प्रभावित करते हैं। 27 फीसदी एक्साइज ब्रैकेट में आने के लिए हम सभी उपाय करेंगे। क्वांटो और जायलो के कुछ वेरिएंट्स को छोड दें, तो महिंद्रा एंड महिंद्रा की सभी गाडियों नई एक्साइज ड्यूटी के दायरे में हैं। इनमें बोलेरो, स्कॉर्पियो और एक्सूवी500 शामिल हैं। फाइनेंशियल ईयर 2012-13 में कंपनी की सेल्स में जहां 27 फीसदी की बढोतरी हुई, वहीं इस साल अप्रैल में इसकी सेल्स महज 2 फीसदी बढी। गाडियों की साइज छोटी कर इसे 4 मीटर से कम करने में एक से दो साल का वक्त लगता है। लिहाजा महिंद्रा एंड महिंद्रा मौजूदा इंजनों और ग्राउंड क्लीयरेंस में बदलाव की तैयारी में है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा में ऑटोमोटिव सेक्टर के चीफ एगि्जक्यूटिव ने बताया, गाडियों में बदलाव करते समय हमें यह देखना होगा कि इसके परफॉमेंüस पर असर नहीं पडे। ये आशंका है कि 1500 सीसी का इंजन कुछ गाडियों के लिए पर्याप्त नहीं होगा। लिहाजा, हम ऎसा प्रोडक्ट नहीं बनाना चाहेंगे, जो एक्साइज जरूरतों को तो पूरा करे, लेकिन ग्राहकों को संतुष्ट न कर पाए। अप्रैल में जहां स्कॉर्पियो की सेल्स तकरीबन 400 यूनिट्स रही। वहीं, इस दौरान कंपनी ने प्लैगशिप व्हीकल एक्सयूवी की महज 4,500 यूनिट बेचीं। सितंबर 2012 में एक्सयूवी की सेल्स रिकॉर्ड 4,500 यूनिट रही थी।
एक्साइज ड्यूटी में बढोतरी के कारण अप्रैल में पूरी एसयूवी इंडस्ट्री की बिक्री में साल दर साल आधार पर 14 फीसदी की गिरावट आई। अप्रैल 2012 में एसयूवी की सेल्स में 24 फीसदी की बढोतरी हुई थी। इससे साफ है कि एक्सट्रा ड्यूटी से एसयूवी सेल्स में गिरावट आई है। हाल तक यह सबसे तेजी से बढने वाले सेगमेंट में शामिल था।
| महिंद्रा एंड महिंद्रा अपनी एसयूवी गाडियों का साइज कम करने की तैयारी में है। इसका मकसद स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल पर लगने वाले तीन फीसदी अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी से बचना है। अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी से हाल में कंपनी की सेल्स घटी है। देश की टॉप यूटिलिटी व्हीकल कंपनी अपने कुछ मॉडल को अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी से बचाने वाले मानकों के हिसाब से तैयार करेगी। ये मानक हैं- चार मीटर से कम लंबाई, एक. पाँच लीटरटर इंजन की क्षमता या एक सौ सत्तर मिलीमीटर से कम ग्राउंड क्लीयरेंस। इस साल एसयूवी पर एक्साइज ड्यूटी सत्ताईस फीसदी से बढाकर तीस फीसदी कर दी गई है। महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रेसिडेंट ने बताया, पॉलिसी में ऎसे बदलाव हमारी प्रोडक्ट प्लानिंग को भी प्रभावित करते हैं। सत्ताईस फीसदी एक्साइज ब्रैकेट में आने के लिए हम सभी उपाय करेंगे। क्वांटो और जायलो के कुछ वेरिएंट्स को छोड दें, तो महिंद्रा एंड महिंद्रा की सभी गाडियों नई एक्साइज ड्यूटी के दायरे में हैं। इनमें बोलेरो, स्कॉर्पियो और एक्सूवीपाँच सौ शामिल हैं। फाइनेंशियल ईयर दो हज़ार बारह-तेरह में कंपनी की सेल्स में जहां सत्ताईस फीसदी की बढोतरी हुई, वहीं इस साल अप्रैल में इसकी सेल्स महज दो फीसदी बढी। गाडियों की साइज छोटी कर इसे चार मीटर से कम करने में एक से दो साल का वक्त लगता है। लिहाजा महिंद्रा एंड महिंद्रा मौजूदा इंजनों और ग्राउंड क्लीयरेंस में बदलाव की तैयारी में है। महिंद्रा एंड महिंद्रा में ऑटोमोटिव सेक्टर के चीफ एगि्जक्यूटिव ने बताया, गाडियों में बदलाव करते समय हमें यह देखना होगा कि इसके परफॉमेंüस पर असर नहीं पडे। ये आशंका है कि एक हज़ार पाँच सौ सीसी का इंजन कुछ गाडियों के लिए पर्याप्त नहीं होगा। लिहाजा, हम ऎसा प्रोडक्ट नहीं बनाना चाहेंगे, जो एक्साइज जरूरतों को तो पूरा करे, लेकिन ग्राहकों को संतुष्ट न कर पाए। अप्रैल में जहां स्कॉर्पियो की सेल्स तकरीबन चार सौ यूनिट्स रही। वहीं, इस दौरान कंपनी ने प्लैगशिप व्हीकल एक्सयूवी की महज चार,पाँच सौ यूनिट बेचीं। सितंबर दो हज़ार बारह में एक्सयूवी की सेल्स रिकॉर्ड चार,पाँच सौ यूनिट रही थी। एक्साइज ड्यूटी में बढोतरी के कारण अप्रैल में पूरी एसयूवी इंडस्ट्री की बिक्री में साल दर साल आधार पर चौदह फीसदी की गिरावट आई। अप्रैल दो हज़ार बारह में एसयूवी की सेल्स में चौबीस फीसदी की बढोतरी हुई थी। इससे साफ है कि एक्सट्रा ड्यूटी से एसयूवी सेल्स में गिरावट आई है। हाल तक यह सबसे तेजी से बढने वाले सेगमेंट में शामिल था। |
मुख्तार अंसारी के एंबुलेंस को लेकर चौंकाने वाले खुलासे करते हुए यूपी के पूर्व डीजीपी ने बताया है कि यह चलते-फिरते किले जैसा है।
रोटी बनाने के दौरान थूक लगाने का एक और वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो उत्तर प्रदेश के शामली का बताया जा रहा है।
राकेश टिकैत के खिलाफ लोगों का गुस्सा बाहर आने लगा है। राजस्थान में एक सभा के लिए जाते वक्त उनके काफिले पर हमला हुआ।
असम में बीजेपी नेता की कार में EVM के साथ चढ़ने पर चुनाव आयोग ने चार कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है।
कॉन्ग्रेस एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ फेक न्यूज फैलाती पकड़ी गई है। इस बार यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने यह कारस्तानी की है।
देखा जा सकता है कि TMC सुप्रीमो एक टेबल के सामने कुर्सी पर बैठी हुई हैं और बड़े आराम से अपने प्लास्टर वाले पाँव को ऊपर-नीचे उछाल और हिला रही हैं।
पद्म भूषण से सम्मानित ISRO वैज्ञानिक नम्बि नारायणन के करियर में एक ऐसा समय भी आया था, जब झूठे आरोप लगे और उन्हें गिरफ्तार किया गया।
महाराष्ट्र के नासिक में एक कोरोना संक्रमित अस्पतालों में बेड नहीं मिलने पर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ नगर निगम के दफ्तर पहुँच गया।
दैनिक 'सऊदी गजट' ने जम्मू-कश्मीर में मोदी सरकार के द्वारा किए जा रहे विकास और जन कल्याण के कार्यों की प्रशंसा की है।
जम्मू-कश्मीर में भाजपा नेता अनवर खान के घर पर आतंकी हमला करने वाले 3 आतंकवादी मार गिराए गए हैं।
| मुख्तार अंसारी के एंबुलेंस को लेकर चौंकाने वाले खुलासे करते हुए यूपी के पूर्व डीजीपी ने बताया है कि यह चलते-फिरते किले जैसा है। रोटी बनाने के दौरान थूक लगाने का एक और वीडियो वायरल हुआ है। यह वीडियो उत्तर प्रदेश के शामली का बताया जा रहा है। राकेश टिकैत के खिलाफ लोगों का गुस्सा बाहर आने लगा है। राजस्थान में एक सभा के लिए जाते वक्त उनके काफिले पर हमला हुआ। असम में बीजेपी नेता की कार में EVM के साथ चढ़ने पर चुनाव आयोग ने चार कर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। कॉन्ग्रेस एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ फेक न्यूज फैलाती पकड़ी गई है। इस बार यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने यह कारस्तानी की है। देखा जा सकता है कि TMC सुप्रीमो एक टेबल के सामने कुर्सी पर बैठी हुई हैं और बड़े आराम से अपने प्लास्टर वाले पाँव को ऊपर-नीचे उछाल और हिला रही हैं। पद्म भूषण से सम्मानित ISRO वैज्ञानिक नम्बि नारायणन के करियर में एक ऐसा समय भी आया था, जब झूठे आरोप लगे और उन्हें गिरफ्तार किया गया। महाराष्ट्र के नासिक में एक कोरोना संक्रमित अस्पतालों में बेड नहीं मिलने पर ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ नगर निगम के दफ्तर पहुँच गया। दैनिक 'सऊदी गजट' ने जम्मू-कश्मीर में मोदी सरकार के द्वारा किए जा रहे विकास और जन कल्याण के कार्यों की प्रशंसा की है। जम्मू-कश्मीर में भाजपा नेता अनवर खान के घर पर आतंकी हमला करने वाले तीन आतंकवादी मार गिराए गए हैं। |
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। भुज के एक ट्रांसपोर्टर के नाम पर 32 लाख रुपये का ऋण लेने वाले और नियमित किस्तें नहीं चुकाने वाले नलिया के एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की गई है. नलिया पुलिस ने उसका दोस्त नलिया के खोना पलिया में रहने वाला अतुलगिरी ईश्वरगिरी गोस्वामी जाखौ स्थित आर्चियन कंपनी में कार्यरत था उसे बताकर कमलेशभाई के नाम से कर्ज लेकर ट्रक खरीदने और सारा भुगतान करने का विश्वास दिलाया था. किश्तों में क्योंकि कंपनी ठेके पर ट्रक दे रही थी। इसलिए कमलेशभाई ने अतुलगिरी चोला मंडलम फाइनेंस से अपने नाम पर 6 लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रक IVA No. GJ 07 YZ 5752 खरीदा। बाद में भुज के सलीमभाई (भाभा सेठ) से ट्रक इवा डम्पर नंबर जीजे 16जेड 3194 को 13 लाख रुपये में खरीदा। लोन आईआईएफएल फाइनेंस कंपनी से लिया था। इसके अलावा ट्रक इवा डंपर नं. GJ ने 12 AZ 9324 खरीदी और चोल मंडलम फाइनेंस कंपनी से 13. 20 लाख रुपए का कर्ज लिया। अतुलगिरी ने सभी डाउनपेमेंट का भुगतान किया और शुरू में नियमित रूप से किश्तों का भुगतान किया। बाद में किश्तें देना बंद करने पर फायनेंस कंपनी से फोन आने लगे। तो जब कमलेशभाई ने अतुलगिरी से बात की तो उन्होंने कहा कि कंपनी में अभी कोरोना के चलते काम बंद है, कुछ समय बाद ट्रकों की किश्त भर दूंगा. हालांकि, जब अतुलगिरी ने किस्तें नहीं भरीं तो कमलेशभाई को फाइनेंस कंपनी की तरफ से नोटिस मिलने लगे. इसलिए उन्होंने ट्रकों की जांच के लिए अतुलगिरी से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि शिकारपुर नमक वर्क्स में ट्रक चल रहे हैं. इसलिए कमलेशभाई शिकारपुर गए, लेकिन ट्रक वहां भी नहीं दिखे। हालांकि, बाद में कमलेश ने अतुलगिरि से कहा कि आप ट्रक बेचकर कर्ज की रकम चुका दें और बाकी के पैसे रख लें, लेकिन अतुलगिरि कर्ज नहीं चुका रहे थे। लिहाजा इस मामले में नलिया थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की है.
| जनता से रिश्ता वेबडेस्क। भुज के एक ट्रांसपोर्टर के नाम पर बत्तीस लाख रुपये का ऋण लेने वाले और नियमित किस्तें नहीं चुकाने वाले नलिया के एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज की गई है. नलिया पुलिस ने उसका दोस्त नलिया के खोना पलिया में रहने वाला अतुलगिरी ईश्वरगिरी गोस्वामी जाखौ स्थित आर्चियन कंपनी में कार्यरत था उसे बताकर कमलेशभाई के नाम से कर्ज लेकर ट्रक खरीदने और सारा भुगतान करने का विश्वास दिलाया था. किश्तों में क्योंकि कंपनी ठेके पर ट्रक दे रही थी। इसलिए कमलेशभाई ने अतुलगिरी चोला मंडलम फाइनेंस से अपने नाम पर छः लाख रुपये का ऋण लेकर ट्रक IVA No. GJ सात YZ पाँच हज़ार सात सौ बावन खरीदा। बाद में भुज के सलीमभाई से ट्रक इवा डम्पर नंबर जीजे सोलहजेड तीन हज़ार एक सौ चौरानवे को तेरह लाख रुपये में खरीदा। लोन आईआईएफएल फाइनेंस कंपनी से लिया था। इसके अलावा ट्रक इवा डंपर नं. GJ ने बारह AZ नौ हज़ार तीन सौ चौबीस खरीदी और चोल मंडलम फाइनेंस कंपनी से तेरह. बीस लाख रुपए का कर्ज लिया। अतुलगिरी ने सभी डाउनपेमेंट का भुगतान किया और शुरू में नियमित रूप से किश्तों का भुगतान किया। बाद में किश्तें देना बंद करने पर फायनेंस कंपनी से फोन आने लगे। तो जब कमलेशभाई ने अतुलगिरी से बात की तो उन्होंने कहा कि कंपनी में अभी कोरोना के चलते काम बंद है, कुछ समय बाद ट्रकों की किश्त भर दूंगा. हालांकि, जब अतुलगिरी ने किस्तें नहीं भरीं तो कमलेशभाई को फाइनेंस कंपनी की तरफ से नोटिस मिलने लगे. इसलिए उन्होंने ट्रकों की जांच के लिए अतुलगिरी से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि शिकारपुर नमक वर्क्स में ट्रक चल रहे हैं. इसलिए कमलेशभाई शिकारपुर गए, लेकिन ट्रक वहां भी नहीं दिखे। हालांकि, बाद में कमलेश ने अतुलगिरि से कहा कि आप ट्रक बेचकर कर्ज की रकम चुका दें और बाकी के पैसे रख लें, लेकिन अतुलगिरि कर्ज नहीं चुका रहे थे। लिहाजा इस मामले में नलिया थाने में मामला दर्ज कर पुलिस ने आईपीसी की धारा चार सौ बीस के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई की है. |
हिमाचल के शिमला ग्रामीण की नगर पंचायत सुन्नी में कोल बांध कॉलोनी का जल्द ही कायाकल्प होगा। 15 साल बाद इस पर काम हो रहा है। कोल बांध कॉलोनी में सीवरेज व्यवस्था, बाउंडरी वॉल, ओपन जिम, पार्क इत्यादि आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। जिसके लिए नगर पंचायत सुन्नी और कोल बांध परियोजना के साथ MOU हुआ है।
कोल डैम परियोजना ऑफिस हरनोड़ा बिलासपुर में परियोजना के GM नंदन सिंह ठाकुर और नगर पंचायत सुन्नी के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा के बीच MOU हुआ। इसके तहत नगर पंचायत को कोल बांध कॉलोनी के सौंदर्यीकरण एवं रखरखाव के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपए मिलेंगे।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने बताया कि सुन्नी के वार्ड नंबर 4 में लगभग 15 वर्ष पहले कोल डैम विस्थापितों के लिए कॉलोनी बनाई गई थी। तब से लेकर अब तक इसके रखरखाव का कार्य नहीं हुआ था। कॉलोनी में सड़कों, नालियों और सीवरेज के काफी खस्ताहाल थे, जिस विषय पर नगर पंचायत ने परियोजना के अधिकारियों को अवगत करवाकर जल्द से जल्द कॉलोनी में मेंटेनेंस का कार्य करवाने का आग्रह किया था। ऐसे में नगर पंचायत सुन्नी एवं कोल बांध परियोजना के साथ एमओयू हुआ। जिसके तहत नगर पंचायत को कोल बांध कॉलोनी के सौंदर्यीकरण एवं रखरखाव के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपए हासिल होंगे।
रखरखाव का काम एक साल के अंदर पूरा किया जाएगा। कॉलोनी में ओपन जिम, पार्क, सीवरेज व्यवस्था, बाउंडरी वॉल, स्ट्रीट लाइट, सड़कों पर लॉकिंग टाइल, नालियों की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। एमओयू के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रदीप शर्मा के साथ सचिव सलीम मोहम्मद, पार्षद रूपलाल, अमित वर्मा, नरेश कुमार, महेंद्र गुप्ता और प्रदीप कलसी उपस्थित रहे।
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| हिमाचल के शिमला ग्रामीण की नगर पंचायत सुन्नी में कोल बांध कॉलोनी का जल्द ही कायाकल्प होगा। पंद्रह साल बाद इस पर काम हो रहा है। कोल बांध कॉलोनी में सीवरेज व्यवस्था, बाउंडरी वॉल, ओपन जिम, पार्क इत्यादि आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होगी। जिसके लिए नगर पंचायत सुन्नी और कोल बांध परियोजना के साथ MOU हुआ है। कोल डैम परियोजना ऑफिस हरनोड़ा बिलासपुर में परियोजना के GM नंदन सिंह ठाकुर और नगर पंचायत सुन्नी के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा के बीच MOU हुआ। इसके तहत नगर पंचायत को कोल बांध कॉलोनी के सौंदर्यीकरण एवं रखरखाव के लिए दो करोड़ बीस लाख रुपए मिलेंगे। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने बताया कि सुन्नी के वार्ड नंबर चार में लगभग पंद्रह वर्ष पहले कोल डैम विस्थापितों के लिए कॉलोनी बनाई गई थी। तब से लेकर अब तक इसके रखरखाव का कार्य नहीं हुआ था। कॉलोनी में सड़कों, नालियों और सीवरेज के काफी खस्ताहाल थे, जिस विषय पर नगर पंचायत ने परियोजना के अधिकारियों को अवगत करवाकर जल्द से जल्द कॉलोनी में मेंटेनेंस का कार्य करवाने का आग्रह किया था। ऐसे में नगर पंचायत सुन्नी एवं कोल बांध परियोजना के साथ एमओयू हुआ। जिसके तहत नगर पंचायत को कोल बांध कॉलोनी के सौंदर्यीकरण एवं रखरखाव के लिए दो करोड़ बीस लाख रुपए हासिल होंगे। रखरखाव का काम एक साल के अंदर पूरा किया जाएगा। कॉलोनी में ओपन जिम, पार्क, सीवरेज व्यवस्था, बाउंडरी वॉल, स्ट्रीट लाइट, सड़कों पर लॉकिंग टाइल, नालियों की मरम्मत का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। एमओयू के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रदीप शर्मा के साथ सचिव सलीम मोहम्मद, पार्षद रूपलाल, अमित वर्मा, नरेश कुमार, महेंद्र गुप्ता और प्रदीप कलसी उपस्थित रहे। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
मुंबईः रेडियो सिटी ने जेन जेड को आकर्षित करने के लिए एक नया वाइब्रेंट जिंगल 'सिटी की नई वाइब' पेश किया है जो लोकप्रिय ट्रैक 'रग रग में दौड़े सिटी' का आधुनिक नया स्वरूप है। जिंगल को दुबई में रेडियो सिटी के बिजनेस टाइटन्स इवेंट में लॉन्च किया गया, जिसमें बॉलीवुड हस्तियां सुनील शेट्टी, करिश्मा तन्ना, कायनात अरोड़ा और निमरत कौर शामिल हुईं।
लगातार बदल रहे श्रोताओं की नब्ज को समझते हुए रेडियो सिटी ने अपने अनुभवों में कूलनेस की चाह रखने वाले जिंदादिल जेन जेड दर्शकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नया स्टेशन म्यूजिक तैयार किया है। नया लॉन्च किया गया जिंगल रेडियो स्टेशन को एक युवा, जीवंत और मस्ती से भरा वाइब देने के लिए डिजाइन किया गया है, जो 39 बाजारों में दर्शकों के साथ सटीक तारतम्य स्थापित करेगा।
अद्भुत ऊर्जा, एक कंटेम्प्ररी ध्वनि और एक निर्विवाद फन फैक्टर के साथ, जिंगल में एक आकर्षक और उत्साही वातावरण बनाने की पूरी क्षमता है। रेडियो सिटी के सीईओ अशित कुकियन ने कहा, हमारा नया जिंगल सर्वश्रेष्ठ संगीत और कंटेंट का अनुभव प्रदान करने की हमारी ब्रांड आइडेंटिटी को और आगे ले जाने के लिए तैयार है, जिससे हम सार्थक मायनों में कर्व से आगे रह सकें।
प्रसिद्ध गायिका निखिता गांधी और दिव्या कुमार ने नए जिंगल को अपनी मोहक आवाज दी है। अपने सुपरहिट गानों के लिए जानी जाने वाली निखिता ने रेडियो सिटी के नए स्टेशन साउंड की आवाज बनने पर अपना उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने जिंगल की वाइब और युवाओं की आकांक्षाओं और ऊर्जा के साथ इसके सही तालमेल की प्रशंसा की।
दिव्या का कहना है कि 'रग-रग में दौड़े सिटी' का संक्रामक नया संस्करण आधुनिकता और युवा जीवंतता के सार को पूरी तरह से बनाए रखता है। दिव्या ने कहा, मैं रेडियो सिटी के साथ सहयोग करने और इस परियोजना को अपनी आवाज देने के लिए बेहद भाग्यशाली महसूस कर रही हूं, क्योंकि वे लगातार उत्कृष्टता के लिए प्रयास करते हैं।
अपने दक्षिण भारतीय श्रोताओं के लिए रेडियो सिटी ने तमिल के लिए कृतिका नेल्सन, निकिता गांधी और जितिन राज; कन्नड़ के लिए शशांक शेषगिरि और संगीता राजीव; तथा तेलुगु के लिए लालासा राचपुडी और एल. वी. रेवंत जैसे कई गायकों को जोड़ा है। रेडियो सिटी अपनी पहुंच और प्रभावशीलता को अधिकतम करने के लिए विभिन्न मार्केटिंग चैनलों में नए स्टेशन साउंड को शामिल करेगा। इसके अतिरिक्त, जिंगल को सोशल मीडिया चैनल्स, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और इसकी वेबसाइट सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस्तेमाल किया जाएगा।
आशित ने कहा, हम इन चैनलों का लाभ अपने दर्शकों के साथ जुड़ने, चर्चा पैदा करने और प्रतियोगिता, प्रचार और हुक स्टेप चुनौतियों के माध्यम से जिंगल के आसपास उपयोगकर्ता-जनित कंटेंट को प्रोत्साहित करने के लिए करेंगे। आशित का मानना है कि नया जिंगल रेडियो मनोरंजन के क्षेत्र में एक ट्रेंडसेटर के रूप में रेडियो सिटी की स्थिति को मजबूत करेगा और इनोवेटिव और इंगेजिंग कंटेंट देने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा।
रेडियो सिटी को उम्मीद है कि जिंगल उत्साह पैदा करेगा, जुड़ाव बढ़ाएगा और श्रोताओं को आकर्षित करेगा। इसका उद्देश्य इस लॉन्च के माध्यम से देश के प्रमुख रेडियो नेटवर्क के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करना है।
| मुंबईः रेडियो सिटी ने जेन जेड को आकर्षित करने के लिए एक नया वाइब्रेंट जिंगल 'सिटी की नई वाइब' पेश किया है जो लोकप्रिय ट्रैक 'रग रग में दौड़े सिटी' का आधुनिक नया स्वरूप है। जिंगल को दुबई में रेडियो सिटी के बिजनेस टाइटन्स इवेंट में लॉन्च किया गया, जिसमें बॉलीवुड हस्तियां सुनील शेट्टी, करिश्मा तन्ना, कायनात अरोड़ा और निमरत कौर शामिल हुईं। लगातार बदल रहे श्रोताओं की नब्ज को समझते हुए रेडियो सिटी ने अपने अनुभवों में कूलनेस की चाह रखने वाले जिंदादिल जेन जेड दर्शकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए नया स्टेशन म्यूजिक तैयार किया है। नया लॉन्च किया गया जिंगल रेडियो स्टेशन को एक युवा, जीवंत और मस्ती से भरा वाइब देने के लिए डिजाइन किया गया है, जो उनतालीस बाजारों में दर्शकों के साथ सटीक तारतम्य स्थापित करेगा। अद्भुत ऊर्जा, एक कंटेम्प्ररी ध्वनि और एक निर्विवाद फन फैक्टर के साथ, जिंगल में एक आकर्षक और उत्साही वातावरण बनाने की पूरी क्षमता है। रेडियो सिटी के सीईओ अशित कुकियन ने कहा, हमारा नया जिंगल सर्वश्रेष्ठ संगीत और कंटेंट का अनुभव प्रदान करने की हमारी ब्रांड आइडेंटिटी को और आगे ले जाने के लिए तैयार है, जिससे हम सार्थक मायनों में कर्व से आगे रह सकें। प्रसिद्ध गायिका निखिता गांधी और दिव्या कुमार ने नए जिंगल को अपनी मोहक आवाज दी है। अपने सुपरहिट गानों के लिए जानी जाने वाली निखिता ने रेडियो सिटी के नए स्टेशन साउंड की आवाज बनने पर अपना उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने जिंगल की वाइब और युवाओं की आकांक्षाओं और ऊर्जा के साथ इसके सही तालमेल की प्रशंसा की। दिव्या का कहना है कि 'रग-रग में दौड़े सिटी' का संक्रामक नया संस्करण आधुनिकता और युवा जीवंतता के सार को पूरी तरह से बनाए रखता है। दिव्या ने कहा, मैं रेडियो सिटी के साथ सहयोग करने और इस परियोजना को अपनी आवाज देने के लिए बेहद भाग्यशाली महसूस कर रही हूं, क्योंकि वे लगातार उत्कृष्टता के लिए प्रयास करते हैं। अपने दक्षिण भारतीय श्रोताओं के लिए रेडियो सिटी ने तमिल के लिए कृतिका नेल्सन, निकिता गांधी और जितिन राज; कन्नड़ के लिए शशांक शेषगिरि और संगीता राजीव; तथा तेलुगु के लिए लालासा राचपुडी और एल. वी. रेवंत जैसे कई गायकों को जोड़ा है। रेडियो सिटी अपनी पहुंच और प्रभावशीलता को अधिकतम करने के लिए विभिन्न मार्केटिंग चैनलों में नए स्टेशन साउंड को शामिल करेगा। इसके अतिरिक्त, जिंगल को सोशल मीडिया चैनल्स, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और इसकी वेबसाइट सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इस्तेमाल किया जाएगा। आशित ने कहा, हम इन चैनलों का लाभ अपने दर्शकों के साथ जुड़ने, चर्चा पैदा करने और प्रतियोगिता, प्रचार और हुक स्टेप चुनौतियों के माध्यम से जिंगल के आसपास उपयोगकर्ता-जनित कंटेंट को प्रोत्साहित करने के लिए करेंगे। आशित का मानना है कि नया जिंगल रेडियो मनोरंजन के क्षेत्र में एक ट्रेंडसेटर के रूप में रेडियो सिटी की स्थिति को मजबूत करेगा और इनोवेटिव और इंगेजिंग कंटेंट देने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा। रेडियो सिटी को उम्मीद है कि जिंगल उत्साह पैदा करेगा, जुड़ाव बढ़ाएगा और श्रोताओं को आकर्षित करेगा। इसका उद्देश्य इस लॉन्च के माध्यम से देश के प्रमुख रेडियो नेटवर्क के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करना है। |
KHAGARIA: खगड़िया के मुफ्फसिल थाना इलाके के संसारपुर के पास यात्रियों से भरी एक ऑटो को पिकअप ने धक्का मार दिया। जिससे ऑटो पलट गई। जिसमें ऑटो सवार करीब आधा दर्जन यात्री घायल हुए हैं।
घायल यात्रियों को मुफ्फसिल थाना पुलिस ने इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है। जिसमें एक यात्री की हालत नाजुक है। घायलों में एक महिला यात्री भी शामिल है। घायलों की मानें तो सभी ऑटो पर सवार होकर खगड़िया से NH-31 के रास्ते महेशखूंट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही अनियंत्रित पिकअप ने ऑटो को धक्का मारते हुए आगे बढ़ गई। जिसमे ऑटो पलट कर गड्ढे में जा गिरी।
फिलहाल पुलिस ने घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इसके अलावा घायलों को परिजनों को हादसे के संबंध में सूचित कर दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पिकअप वाहन को खोजने का प्रयास भी जारी है।
| KHAGARIA: खगड़िया के मुफ्फसिल थाना इलाके के संसारपुर के पास यात्रियों से भरी एक ऑटो को पिकअप ने धक्का मार दिया। जिससे ऑटो पलट गई। जिसमें ऑटो सवार करीब आधा दर्जन यात्री घायल हुए हैं। घायल यात्रियों को मुफ्फसिल थाना पुलिस ने इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया है। जिसमें एक यात्री की हालत नाजुक है। घायलों में एक महिला यात्री भी शामिल है। घायलों की मानें तो सभी ऑटो पर सवार होकर खगड़िया से NH-इकतीस के रास्ते महेशखूंट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही अनियंत्रित पिकअप ने ऑटो को धक्का मारते हुए आगे बढ़ गई। जिसमे ऑटो पलट कर गड्ढे में जा गिरी। फिलहाल पुलिस ने घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इसके अलावा घायलों को परिजनों को हादसे के संबंध में सूचित कर दिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पिकअप वाहन को खोजने का प्रयास भी जारी है। |
Maruti Swift Dzire: देश की सबसे ज्यादा बेची जाने कॉम्पैक्ट एसयूवी मारुति डिजायर Truevalue वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार यह कार पेट्रोल वर्जन का सेकेंड वैरिएंट VXI है। यह कार 2014 का मॉडल है और अब तक यह कार 85,240 किलोमीटर तक चली है। सबसे खास बात ये है कि यह कार कंपनी द्वारा सर्टिफाइड है, इसके साथ कंपनी 6 महीने की वारंटी और 3 फ्री सर्विसिंग भी दे रही है। इस कार की कीमत महज 4. 15 लाख रुपये तय की गई है। इस कार को इसके पहले मालिक द्वारा बेचा जा रहा है।
Maruti Wagon R: कंपनी की टॉल ब्वॉय के नाम से मशहूर यह कार भी कंपनी की वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। दी गई जानकारी के अनुसार यह कार पेट्रोल वर्जन का फर्स्ट वैरिएंट LXI है। यह कार 2011 का मॉडल है और अब तक यह कार 1,20,733 किलोमीटर तक चल चुकी है। इस कार को इसके दूसरे मालिक द्वारा बेचा जा रहा है। इस कार में कंपनी फिटेड CNG किट भी दिया गया है। इसकी कीमत महज 2. 40 लाख रुपये तय की गई है।
Maruti Swift: मारुति की मशहूर हैचबैक कार स्विफ्ट भी इस वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार यह कार पेट्रोल वर्जन का सेकेंड वैरिएंट है। यह हमारी इस सूची की सबसे सस्ती कार है। यह कार 2008 का मॉडल है और अब तक यह कार 1,31,261 किलोमीटर तक चल चुकी है। इस कार को इसके चौथे मालिक द्वारा बेचा जा रहा है। इस कार की कीमत एक बाइक के बराबर है, इसकी कीमत महज 75,000 रुपये तय की गई है।
नोटः यहां पर कारों के बारे में जो भी बातें बताई गई हैं वो Truevalue की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार है। ट्रूवैल्यू से कार खरीदने का एक फायदा यह भी होता है कि यहां पर कारों की पूरी जांच करने के बाद ही उन्हें बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावां देश भर के तकरीबन हर बड़े शहर में इसके आउटलेट्स भी मौजूद हैं। यहां पर बताई गईं सभी कारें दिल्ली में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।
| Maruti Swift Dzire: देश की सबसे ज्यादा बेची जाने कॉम्पैक्ट एसयूवी मारुति डिजायर Truevalue वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार यह कार पेट्रोल वर्जन का सेकेंड वैरिएंट VXI है। यह कार दो हज़ार चौदह का मॉडल है और अब तक यह कार पचासी,दो सौ चालीस किलोग्राममीटर तक चली है। सबसे खास बात ये है कि यह कार कंपनी द्वारा सर्टिफाइड है, इसके साथ कंपनी छः महीने की वारंटी और तीन फ्री सर्विसिंग भी दे रही है। इस कार की कीमत महज चार. पंद्रह लाख रुपये तय की गई है। इस कार को इसके पहले मालिक द्वारा बेचा जा रहा है। Maruti Wagon R: कंपनी की टॉल ब्वॉय के नाम से मशहूर यह कार भी कंपनी की वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। दी गई जानकारी के अनुसार यह कार पेट्रोल वर्जन का फर्स्ट वैरिएंट LXI है। यह कार दो हज़ार ग्यारह का मॉडल है और अब तक यह कार एक,बीस,सात सौ तैंतीस किलोग्राममीटर तक चल चुकी है। इस कार को इसके दूसरे मालिक द्वारा बेचा जा रहा है। इस कार में कंपनी फिटेड CNG किट भी दिया गया है। इसकी कीमत महज दो. चालीस लाख रुपये तय की गई है। Maruti Swift: मारुति की मशहूर हैचबैक कार स्विफ्ट भी इस वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार यह कार पेट्रोल वर्जन का सेकेंड वैरिएंट है। यह हमारी इस सूची की सबसे सस्ती कार है। यह कार दो हज़ार आठ का मॉडल है और अब तक यह कार एक,इकतीस,दो सौ इकसठ किलोग्राममीटर तक चल चुकी है। इस कार को इसके चौथे मालिक द्वारा बेचा जा रहा है। इस कार की कीमत एक बाइक के बराबर है, इसकी कीमत महज पचहत्तर,शून्य रुपयापये तय की गई है। नोटः यहां पर कारों के बारे में जो भी बातें बताई गई हैं वो Truevalue की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार है। ट्रूवैल्यू से कार खरीदने का एक फायदा यह भी होता है कि यहां पर कारों की पूरी जांच करने के बाद ही उन्हें बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावां देश भर के तकरीबन हर बड़े शहर में इसके आउटलेट्स भी मौजूद हैं। यहां पर बताई गईं सभी कारें दिल्ली में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। |
ज प्रताप ने ट्वीट कर कहा था कि उन्होंने अपने सपने में मुलायम सिंह यादव को देखा. उन्होंने मुझे गले लगा कर स्नेहिल आशीर्वाद दिया. मेरी कोशिश रहेगी कि मैं उनके दिखाए रास्ते पर आजीवन चलूं.
आरजेडी नेता और लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव का बुधवार को एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह साइकिल चलाते दिख रहे हैं. वह साइकिल से पटना सचिवालय पहुंचे. इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह से प्रेरणा ली तेज प्रताप ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह उनके सपने में आए थे. साइकिल पर सवार बिहार के मंत्री तेज प्रताप सफेद कुर्ते में नजर आ रहे हैं. अपने बॉडी गार्ड्स के साथ सचिवालय पहुंचे तेज प्रताप साइकिल चलाते हुए नजर आए.
अपने दफ्तर पहुंचने के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में लालू यादव के बड़े बेटे ने कहा कि उन्होंने अपने सपने में स्वर्गीय सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को देखा. उनसे पर्यावरण को बचाने के लिए साइकिल चलाने की प्रेरणा ली.तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने वृंदावन जाने का सपना देखा और साथ में नेताजी को देखा. इसके बाद वह सैफई गए. उन्होंने नेताजी से कहा कि वह उनके गांव को देखना चाहते हैं. उन्होंने साइकिल चलाकर सचिवालय जाने का फैसला किया. लालू यादव के बड़े बेटे ने कहा कि पर्यावरण बचाने और नेताजी के संदेश को फैलाने के लिए उन्होंने साइकिल चलाई.
आज दिनांक 22/02/2023 मैं अपने आवास 10 सर्कुलर रोड से साइकिल चला कर अरण्य भवन(मंत्रालय) गया ....
इससे पहले तेज प्रताप ने ट्वीट कर कहा था कि उन्होंने अपने सपने में मुलायम सिंह यादव को देखा. उन्होंने मुझे गले लगा कर स्नेहिल आशीर्वाद दिया. मेरी कोशिश रहेगी कि मैं उनके दिखाए रास्ते पर आजीवन चलूं...आज मैं अपने मंत्रालय अरण्य भवन साइकिल से जा रहा हूं.तेज प्रताप ने कहा कि सपने में नेताजी उनको देखकर चौंक गए.उन्होंने तेज से पूछा कि आप यहां कैसे? तेज प्रताप ने नेताजी से कहा कि साइकिल से सैफई घूमा जाए.
जिसके बाद नेताजी ने साइकिल मंगवाई और सभी लोगों से कहा कि आज वह तेज प्रताप के साथ साइकिल से गांव घूमेंगे.जिसके बाद दोनों साइकिल से गांव की सैर पर निकले. तेज प्रताप यादव का कहना है कि पर्यावरण को बचाने के लिए नेताजी ने उनको साइकिल से दफ्तर जाने की हिदायत दी. जिसके बाद वह सखुद साइकिल चलाकर सचिवालय पहुंचे. उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
| ज प्रताप ने ट्वीट कर कहा था कि उन्होंने अपने सपने में मुलायम सिंह यादव को देखा. उन्होंने मुझे गले लगा कर स्नेहिल आशीर्वाद दिया. मेरी कोशिश रहेगी कि मैं उनके दिखाए रास्ते पर आजीवन चलूं. आरजेडी नेता और लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव का बुधवार को एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह साइकिल चलाते दिख रहे हैं. वह साइकिल से पटना सचिवालय पहुंचे. इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह से प्रेरणा ली तेज प्रताप ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह उनके सपने में आए थे. साइकिल पर सवार बिहार के मंत्री तेज प्रताप सफेद कुर्ते में नजर आ रहे हैं. अपने बॉडी गार्ड्स के साथ सचिवालय पहुंचे तेज प्रताप साइकिल चलाते हुए नजर आए. अपने दफ्तर पहुंचने के बाद न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में लालू यादव के बड़े बेटे ने कहा कि उन्होंने अपने सपने में स्वर्गीय सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को देखा. उनसे पर्यावरण को बचाने के लिए साइकिल चलाने की प्रेरणा ली.तेज प्रताप ने कहा कि उन्होंने वृंदावन जाने का सपना देखा और साथ में नेताजी को देखा. इसके बाद वह सैफई गए. उन्होंने नेताजी से कहा कि वह उनके गांव को देखना चाहते हैं. उन्होंने साइकिल चलाकर सचिवालय जाने का फैसला किया. लालू यादव के बड़े बेटे ने कहा कि पर्यावरण बचाने और नेताजी के संदेश को फैलाने के लिए उन्होंने साइकिल चलाई. आज दिनांक बाईस फ़रवरी दो हज़ार तेईस मैं अपने आवास दस सर्कुलर रोड से साइकिल चला कर अरण्य भवन गया .... इससे पहले तेज प्रताप ने ट्वीट कर कहा था कि उन्होंने अपने सपने में मुलायम सिंह यादव को देखा. उन्होंने मुझे गले लगा कर स्नेहिल आशीर्वाद दिया. मेरी कोशिश रहेगी कि मैं उनके दिखाए रास्ते पर आजीवन चलूं...आज मैं अपने मंत्रालय अरण्य भवन साइकिल से जा रहा हूं.तेज प्रताप ने कहा कि सपने में नेताजी उनको देखकर चौंक गए.उन्होंने तेज से पूछा कि आप यहां कैसे? तेज प्रताप ने नेताजी से कहा कि साइकिल से सैफई घूमा जाए. जिसके बाद नेताजी ने साइकिल मंगवाई और सभी लोगों से कहा कि आज वह तेज प्रताप के साथ साइकिल से गांव घूमेंगे.जिसके बाद दोनों साइकिल से गांव की सैर पर निकले. तेज प्रताप यादव का कहना है कि पर्यावरण को बचाने के लिए नेताजी ने उनको साइकिल से दफ्तर जाने की हिदायत दी. जिसके बाद वह सखुद साइकिल चलाकर सचिवालय पहुंचे. उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. |
आदरणीय, प्रधानमंत्री जी!
मैं आपकी रैली में फिर से अपना नाम सुनकर चौंक गया हूं । गरीबी, बेरोजगारी, महिला सशक्तिकरण आदि जैसे ज्वलंत मुद्दे हैं जो आपको उठाने चाहिए। लेकिन आप मेरे बारे में ही बोलना पसंद करते हैं। मैं पिछले 5 वर्षों से पूर्ण उत्पीड़ित हूं। मानसिक रूप से मुझ पर दबाव डालने के लिए एजेंसियों से अथक नोटिस दीए जाते हैं। मैंने सभी आदेशों का पालन किया, लेकिन एक भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है । मुझे आश्चर्य है कि मेरे नाम का बार बार चुनाव में इस्तेमाल किया जाता है, अपनी सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए। कृपया मुझ पर व्यक्तिगत हमलों को बंद कीजिए। ऐसी टिप्पणियों को पारित करके आप हमारी सम्मानीय न्यायिक प्रणाली का अपमान करते हैं । मुझे भारतीय न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और सच्चाई प्रबल होगी ।
भगवान हमारे देश को बचाएं।
| आदरणीय, प्रधानमंत्री जी! मैं आपकी रैली में फिर से अपना नाम सुनकर चौंक गया हूं । गरीबी, बेरोजगारी, महिला सशक्तिकरण आदि जैसे ज्वलंत मुद्दे हैं जो आपको उठाने चाहिए। लेकिन आप मेरे बारे में ही बोलना पसंद करते हैं। मैं पिछले पाँच वर्षों से पूर्ण उत्पीड़ित हूं। मानसिक रूप से मुझ पर दबाव डालने के लिए एजेंसियों से अथक नोटिस दीए जाते हैं। मैंने सभी आदेशों का पालन किया, लेकिन एक भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है । मुझे आश्चर्य है कि मेरे नाम का बार बार चुनाव में इस्तेमाल किया जाता है, अपनी सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए। कृपया मुझ पर व्यक्तिगत हमलों को बंद कीजिए। ऐसी टिप्पणियों को पारित करके आप हमारी सम्मानीय न्यायिक प्रणाली का अपमान करते हैं । मुझे भारतीय न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और सच्चाई प्रबल होगी । भगवान हमारे देश को बचाएं। |
अपने शादियों में लोग कई तरीके के डांस करते हैं.कोई भोजपुरी गाने पर जमकर ठुमके लगाकर महफिल जमा लेता है...तो कोई बेसुध होकर नागिन डांस करता है. ऐसा सीन आपको बारात में देखने को मिल जाएगा लेकिन सबसे इतर होते हैं वो लोग जो किसी भी समय कोई सा डांस करना शुरू कर देते हैं.
Dance Video: शादियों का सीजन खत्म होने के बावजूद सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म पर एक से बढ़कर एक वीडियो देखने को मिल रहे हैं. जिसे यूजर्स भी खूब पसंद कर रहे हैं और खूब शेयर करते दिख रहे हैं. खासकर बारातियों के डांस वाले वीडियोज के तो क्या ही कहने...एक से बढ़कर एक वीडियोज आते हैं और छा जाते हैं क्योंकि यहां बाराती अपना अजीबोगरीब डांस दिखाकर महफिल ही लूट लेते हैं. इसी कड़ी में एक ऐसा वीडियो आया है. जिसे देखकर आप यही कहेंगे- ये कौन सा डांस है भाई!
अपने शादियों में लोग कई तरीके के डांस करते हैं.कोई भोजपुरी गाने पर जमकर ठुमके लगाकर महफिल जमा लेता है...तो कोई बेसुध होकर नागिन डांस करता है. ऐसा सीन आपको बारात में देखने को मिल जाएगा लेकिन सबसे इतर होते हैं वो लोग जो किसी भी समय कोई सा डांस करना शुरू कर देते हैं. अब इस क्लिप को ही देख लीजिए जहां एक शख्स गुटखा डांस करता हुआ नजर आ रहा है. जिसे देखकर आप भी अपनी हंसी कंट्रोल नहीं कर पाएंगे.
वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक लड़का कैमरे के आगे कुछ करता नजर आ रहा है. कैमरे को जब उसकी तरफ जूम किया गया तो पाता चला कि यह लड़का गुटखा बना रहा है और बनते ही उसे अपने मुंह में रखकर लोगों के बीच जाकर डांस करना शुरू कर देता है. हालांकि ऐसा डांस बारातियों के बीच शायद ही आपने कभी देखा हो, लेकिन बंदे के डांस स्टेप इतने ज्यादा मजेदार थे. जिसे देखकर लोग हंसते-हंसते लोटपोट हो जा रहे हैं.
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर butterfly__mahi नाम के अकाउंट द्वारा शेयर की गई है. जिसे खबर लिखे जाने तक हजारों लोग देख लाइक कर चुके हैं. एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट कर लिखा, ' डांस का पता नहीं लेकिन बंदे ने अपना काम बड़ी फुर्ती से कर लिया.' वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, ' कौन ये और कहां से आते हैं ऐसे लोग.' एक अन्य यूजर ने लिखा, ' ये गुटखा डांस है भाई..! इसके अलावा और भी कई लोगों ने इस पर कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
| अपने शादियों में लोग कई तरीके के डांस करते हैं.कोई भोजपुरी गाने पर जमकर ठुमके लगाकर महफिल जमा लेता है...तो कोई बेसुध होकर नागिन डांस करता है. ऐसा सीन आपको बारात में देखने को मिल जाएगा लेकिन सबसे इतर होते हैं वो लोग जो किसी भी समय कोई सा डांस करना शुरू कर देते हैं. Dance Video: शादियों का सीजन खत्म होने के बावजूद सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म पर एक से बढ़कर एक वीडियो देखने को मिल रहे हैं. जिसे यूजर्स भी खूब पसंद कर रहे हैं और खूब शेयर करते दिख रहे हैं. खासकर बारातियों के डांस वाले वीडियोज के तो क्या ही कहने...एक से बढ़कर एक वीडियोज आते हैं और छा जाते हैं क्योंकि यहां बाराती अपना अजीबोगरीब डांस दिखाकर महफिल ही लूट लेते हैं. इसी कड़ी में एक ऐसा वीडियो आया है. जिसे देखकर आप यही कहेंगे- ये कौन सा डांस है भाई! अपने शादियों में लोग कई तरीके के डांस करते हैं.कोई भोजपुरी गाने पर जमकर ठुमके लगाकर महफिल जमा लेता है...तो कोई बेसुध होकर नागिन डांस करता है. ऐसा सीन आपको बारात में देखने को मिल जाएगा लेकिन सबसे इतर होते हैं वो लोग जो किसी भी समय कोई सा डांस करना शुरू कर देते हैं. अब इस क्लिप को ही देख लीजिए जहां एक शख्स गुटखा डांस करता हुआ नजर आ रहा है. जिसे देखकर आप भी अपनी हंसी कंट्रोल नहीं कर पाएंगे. वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक लड़का कैमरे के आगे कुछ करता नजर आ रहा है. कैमरे को जब उसकी तरफ जूम किया गया तो पाता चला कि यह लड़का गुटखा बना रहा है और बनते ही उसे अपने मुंह में रखकर लोगों के बीच जाकर डांस करना शुरू कर देता है. हालांकि ऐसा डांस बारातियों के बीच शायद ही आपने कभी देखा हो, लेकिन बंदे के डांस स्टेप इतने ज्यादा मजेदार थे. जिसे देखकर लोग हंसते-हंसते लोटपोट हो जा रहे हैं. इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर butterfly__mahi नाम के अकाउंट द्वारा शेयर की गई है. जिसे खबर लिखे जाने तक हजारों लोग देख लाइक कर चुके हैं. एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट कर लिखा, ' डांस का पता नहीं लेकिन बंदे ने अपना काम बड़ी फुर्ती से कर लिया.' वहीं दूसरे यूजर ने लिखा, ' कौन ये और कहां से आते हैं ऐसे लोग.' एक अन्य यूजर ने लिखा, ' ये गुटखा डांस है भाई..! इसके अलावा और भी कई लोगों ने इस पर कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है. |
राज एक्सप्रेस। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, आईसीसी ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप डब्ल्यूटीसी फाइनल से पहले गुरुवार को आईसीसी हॉल ऑफ फेम के एक विशेष संस्करण की घोषणा की है, जिसमें पांच युगों के 10 दिग्गज क्रिकेटरों को शामिल किया जाएगा, जिससे इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने वाले क्रिकेटरों की कुल संख्या 103 हो जाएगी। आईसीसी ने पांच युगों को प्रारंभिक क्रिकेट युग 1918 से पहले, इंटर-वार क्रिकेट युग 1918 से 1945, पोस्ट-वार क्रिकेट युग 1946 से 1970, वनडे क्रिकेट युग 1971 से 1995 और आधुनिक क्रिकेट युग 1996 से 2016 में वर्गीकृत किया है।
टेस्ट क्रिकेट में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इन 10 दिग्गज खिलाड़ियों में प्रत्येक युग के दो-दो खिलाड़ी शामिल किये जायेंगे। इन खिलाड़ियों के नामों की घोषणा आईसीसी के डिजिटल मीडिया चैनल पर 13 जून को की जाएगी। आईसीसी के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी ज्योफ अलारडाइस ने कहा है कि, साउथैम्पटन में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल से पहले 10 दिग्गज क्रिकेटरों को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल करने की घोषणा करना हमारे लिए सम्मान की बात है। हम खेल के इतिहास का जश्न मना रहे हैं और विभिन्न युगों में खेल की स्थापना करने वाले और इसे खेलने वाले कुछ महान खिलाड़ियों को सम्मानित करने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है। इन सभी खिलाड़ियों के पास क्रिकेट की विरासत है। यह खिलाड़ी भावी पीढ़ियों को आगामी वर्षों के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इसमें राज एक्सप्रेस द्वारा कोई संशोधन नहीं किया गया है।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
| राज एक्सप्रेस। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद, आईसीसी ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप डब्ल्यूटीसी फाइनल से पहले गुरुवार को आईसीसी हॉल ऑफ फेम के एक विशेष संस्करण की घोषणा की है, जिसमें पांच युगों के दस दिग्गज क्रिकेटरों को शामिल किया जाएगा, जिससे इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने वाले क्रिकेटरों की कुल संख्या एक सौ तीन हो जाएगी। आईसीसी ने पांच युगों को प्रारंभिक क्रिकेट युग एक हज़ार नौ सौ अट्ठारह से पहले, इंटर-वार क्रिकेट युग एक हज़ार नौ सौ अट्ठारह से एक हज़ार नौ सौ पैंतालीस, पोस्ट-वार क्रिकेट युग एक हज़ार नौ सौ छियालीस से एक हज़ार नौ सौ सत्तर, वनडे क्रिकेट युग एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर से एक हज़ार नौ सौ पचानवे और आधुनिक क्रिकेट युग एक हज़ार नौ सौ छियानवे से दो हज़ार सोलह में वर्गीकृत किया है। टेस्ट क्रिकेट में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले इन दस दिग्गज खिलाड़ियों में प्रत्येक युग के दो-दो खिलाड़ी शामिल किये जायेंगे। इन खिलाड़ियों के नामों की घोषणा आईसीसी के डिजिटल मीडिया चैनल पर तेरह जून को की जाएगी। आईसीसी के कार्यवाहक मुख्य कार्यकारी ज्योफ अलारडाइस ने कहा है कि, साउथैम्पटन में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले दस दिग्गज क्रिकेटरों को आईसीसी हॉल ऑफ फेम में शामिल करने की घोषणा करना हमारे लिए सम्मान की बात है। हम खेल के इतिहास का जश्न मना रहे हैं और विभिन्न युगों में खेल की स्थापना करने वाले और इसे खेलने वाले कुछ महान खिलाड़ियों को सम्मानित करने से बेहतर तरीका क्या हो सकता है। इन सभी खिलाड़ियों के पास क्रिकेट की विरासत है। यह खिलाड़ी भावी पीढ़ियों को आगामी वर्षों के लिए प्रेरित करते रहेंगे। डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इसमें राज एक्सप्रेस द्वारा कोई संशोधन नहीं किया गया है। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें। |
मिक्स्ड मैच चैलेंज फाइनल मैच से हुई है TLC लाइव इवेंट की शुरुआत। सवाल हैं कि ब्रॉन स्ट्रोमैन रिंग में उतरेंगे या नहीं? वहीँ फिन बैलर की तबियत पर भी सवालिया निशान बने हुए थे।
कौन जीतेगा WWE चैंपियनशिप और कौन करेगा WWE इंटरकांटिनेंटल चैंपियनशिप अपने नाम? देखिये TLC इवेंट के सभी रिजल्ट्स एक साथ।
मैच शुरू हुआ लेकिन जल्द ही आर ट्रुथ और कार्मेला का डांस ब्रेक भी देखने को मिला। सिंह ब्रदर्स ने उनका इसमें मुक़ाबला किया। लेकिन मैच वहाँ ख़त्म हुआ जब कार्मेला ने एलिशिया फॉक्स पर कोड़ ऑफ़ साइलेंस का प्रयोग कर उन्हें टैप-आउट करने पर मजबूर किया।
कोफ़ी किंग्स्टन और शेमस ने एक-दूसरे के खिलाफ़ रिंग में उतर मैच की शुरुआत की है। मैच के दौरान कोफ़ी किंग्स्टन को सेज़ारो स्विंग का स्वाद भी चखना पड़ा है। उसोस को इस मैच में और ज्यादा अहमियत दी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शेमस की ब्रोग किक के साथ मैच समाप्त हुआ।
विजेताः द बार(शेमस और सेज़ारो- WWE स्मैकडाउन टैग-टीम चैंपियंस)
हीथ स्लेटर इस मैच में रेफ़री बन उतरे हैं। उन्होंने काउंट-आउट शुरू किया, लेकिन ब्रॉन स्ट्रोमैन आ गए हैं वापस। स्ट्रोमैन ने इस मैच को नो-डिसक्वालिफिकेशन मैच करार दिया है।
ख़ास बात यह रही कि अपोलो क्रूज़, बॉबी रूड, चैड गेबल और फिन बैलर ने मिलकर बैरन कॉर्बिन की जमकर धुनाई की। इसका फ़ायदा स्ट्रोमैन ने उठाया और कॉर्बिन को पिन कर मैच जीता।
मैच 4: रूबी रायट बनाम नताल्या(टेबल्स मैच)
नताल्या के पास सुनहरा मौका है कि वो अपने पिता के चश्मे/सन-ग्लास तोड़ने का गुस्सा रूबी रायट पर निकालें। आलम यह रहा कि नताल्या ने मैच के बीच में ही रूबी रायट को गाली दी। पॉवर-बॉम्ब के साथ नताल्या ने मैच जीता।
ड्रियू मैकइनटायर इस क्रूज़रवेट रैसलर पर शब्दों का प्रहार कर रहे हैं। मैच के दौरान ही डॉल्फ़ ज़िग्लर ने दखल देने की कोशिश की। लेकिन मैकइनटायर ने ज़िग्लर को धर पकड़ा है। इसी का फ़ायदा फिन बैलर ने उठाया और मैकइनटायर को पिन कर मैच जीता।
मैच 6: रे मिस्टेरियो बनाम रैंडी ऑर्टन(चेयर्स मैच)
ऑर्टन ने 'द अल्टीमेट अंडरडॉग' को अपने लिया आसान प्रतिद्वंद्वी समझ लिया है। लेकिन ऑर्टन के लिए मैच इतना आसान रहा नहीं। चेयर्स का दोनों ही तरफ़ से जमकर प्रयोग हुआ। अप्रत्याशित तरीके से रे मिस्टेरियो ने रैंडी ऑर्टन को रोल इन कर मैच जीता।
मैच 7: रोंडा राउज़ी बनाम नाया जैक्स(WWE रॉ वीमेंस चैंपियनशिप)
नाया जैक्स, चैंपियन के पास ना जाने की रणनीति पर काम कर रही हैं। इसी कारण रोंडा राउज़ी ने पंच का नाया जैक्स पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ रहा।
रोंडा राउज़ी ने आर्मबार और नायाजैक्स का टेप आउट। रोंडा राउज़ी चैंपियनशिप डिफेंड करने में सफ़ल हुई हैं।
मैच 8: डेनियल ब्रायन बनाम ऐजे स्टाइल्स(WWE चैंपियनशिप)
ऐजे स्टाइल्स बिलकुल भी अच्छे मूड में नज़र नहीं आ रहे हैं। जैसे ही मैच शुरू हुआ, डेनियल ब्रायन रिंग से बाहर जा वार्म अप करने लगे हैं। लेकिन ऐजे स्टाइल्स को उन्हें पकड़ने में देर नहीं लगी।
एक के बाद एक कई बार स्टाइल्स ने ब्रायन का सर टर्न बकल पर दे मारा है। एक गज़ब का मैच वहाँ समाप्त हुआ जब डेनियल ब्रायन ने स्टाइल्स को अप्रत्याशित तरीके से पिन किया और चैंपियनशिप डिफेंड करने में सफ़ल रहे।
मैच 9: सैथ रोलिंस बनाम डीन एम्ब्रोज़(WWE इंटरकांटिनेंटल चैंपियनशिप)
डीन एम्ब्रोज़ ने मैच शुरू होते ही मैच पर पकड़ बनाने में देर नहीं लगायी। हेड-लॉक में जकड़ लिया है चैंपियन को। रोलिंस का कर्ब स्टॉम्प का प्रयास लेकिन विफ़ल रहे। फ़ायदा डीन एम्ब्रोज़ ने उठाया और डर्टी डीड्स दे सैथ रोलिंस को हरा दिया है। इसी के साथ एम्ब्रोज़ नए WWE इंटरकांटिनेंटल चैंपियन बन गए हैं।
मैच 10: शार्लेट बनाम आस्का बनाम बैकी लिंच(WWE स्मैकडाउन वीमेंस चैंपियनशिप)
WWE स्मैकडाउन वीमेंस चैंपियनशिप मैच, वो भी मेन इवेंट मैच। आस्का और बैकी लिंच ने एक टीम बना शार्लेट पर धावा बोल दिया है। टेबल्स, लैडर्स और चेयर्स का जमकर प्रयोग किया जा रहा है।
शार्लेट और बैकी लिंच लैडर पर चढ़ चैंपियनशिप एक-दूसरे से छीनने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन रोंडा राउज़ी का दखल और उन्होंने लैडर को धक्का दे दिया है। आस्का ने इसका फ़ायदा उठाया और वो बन गयी हैं नई WWE स्मैकडाउन वीमेंस चैंपियन।
विजेताः आस्का(WWE स्मैकडाउन वीमेंस चैंपियन)
| मिक्स्ड मैच चैलेंज फाइनल मैच से हुई है TLC लाइव इवेंट की शुरुआत। सवाल हैं कि ब्रॉन स्ट्रोमैन रिंग में उतरेंगे या नहीं? वहीँ फिन बैलर की तबियत पर भी सवालिया निशान बने हुए थे। कौन जीतेगा WWE चैंपियनशिप और कौन करेगा WWE इंटरकांटिनेंटल चैंपियनशिप अपने नाम? देखिये TLC इवेंट के सभी रिजल्ट्स एक साथ। मैच शुरू हुआ लेकिन जल्द ही आर ट्रुथ और कार्मेला का डांस ब्रेक भी देखने को मिला। सिंह ब्रदर्स ने उनका इसमें मुक़ाबला किया। लेकिन मैच वहाँ ख़त्म हुआ जब कार्मेला ने एलिशिया फॉक्स पर कोड़ ऑफ़ साइलेंस का प्रयोग कर उन्हें टैप-आउट करने पर मजबूर किया। कोफ़ी किंग्स्टन और शेमस ने एक-दूसरे के खिलाफ़ रिंग में उतर मैच की शुरुआत की है। मैच के दौरान कोफ़ी किंग्स्टन को सेज़ारो स्विंग का स्वाद भी चखना पड़ा है। उसोस को इस मैच में और ज्यादा अहमियत दी जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शेमस की ब्रोग किक के साथ मैच समाप्त हुआ। विजेताः द बार हीथ स्लेटर इस मैच में रेफ़री बन उतरे हैं। उन्होंने काउंट-आउट शुरू किया, लेकिन ब्रॉन स्ट्रोमैन आ गए हैं वापस। स्ट्रोमैन ने इस मैच को नो-डिसक्वालिफिकेशन मैच करार दिया है। ख़ास बात यह रही कि अपोलो क्रूज़, बॉबी रूड, चैड गेबल और फिन बैलर ने मिलकर बैरन कॉर्बिन की जमकर धुनाई की। इसका फ़ायदा स्ट्रोमैन ने उठाया और कॉर्बिन को पिन कर मैच जीता। मैच चार: रूबी रायट बनाम नताल्या नताल्या के पास सुनहरा मौका है कि वो अपने पिता के चश्मे/सन-ग्लास तोड़ने का गुस्सा रूबी रायट पर निकालें। आलम यह रहा कि नताल्या ने मैच के बीच में ही रूबी रायट को गाली दी। पॉवर-बॉम्ब के साथ नताल्या ने मैच जीता। ड्रियू मैकइनटायर इस क्रूज़रवेट रैसलर पर शब्दों का प्रहार कर रहे हैं। मैच के दौरान ही डॉल्फ़ ज़िग्लर ने दखल देने की कोशिश की। लेकिन मैकइनटायर ने ज़िग्लर को धर पकड़ा है। इसी का फ़ायदा फिन बैलर ने उठाया और मैकइनटायर को पिन कर मैच जीता। मैच छः: रे मिस्टेरियो बनाम रैंडी ऑर्टन ऑर्टन ने 'द अल्टीमेट अंडरडॉग' को अपने लिया आसान प्रतिद्वंद्वी समझ लिया है। लेकिन ऑर्टन के लिए मैच इतना आसान रहा नहीं। चेयर्स का दोनों ही तरफ़ से जमकर प्रयोग हुआ। अप्रत्याशित तरीके से रे मिस्टेरियो ने रैंडी ऑर्टन को रोल इन कर मैच जीता। मैच सात: रोंडा राउज़ी बनाम नाया जैक्स नाया जैक्स, चैंपियन के पास ना जाने की रणनीति पर काम कर रही हैं। इसी कारण रोंडा राउज़ी ने पंच का नाया जैक्स पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ रहा। रोंडा राउज़ी ने आर्मबार और नायाजैक्स का टेप आउट। रोंडा राउज़ी चैंपियनशिप डिफेंड करने में सफ़ल हुई हैं। मैच आठ: डेनियल ब्रायन बनाम ऐजे स्टाइल्स ऐजे स्टाइल्स बिलकुल भी अच्छे मूड में नज़र नहीं आ रहे हैं। जैसे ही मैच शुरू हुआ, डेनियल ब्रायन रिंग से बाहर जा वार्म अप करने लगे हैं। लेकिन ऐजे स्टाइल्स को उन्हें पकड़ने में देर नहीं लगी। एक के बाद एक कई बार स्टाइल्स ने ब्रायन का सर टर्न बकल पर दे मारा है। एक गज़ब का मैच वहाँ समाप्त हुआ जब डेनियल ब्रायन ने स्टाइल्स को अप्रत्याशित तरीके से पिन किया और चैंपियनशिप डिफेंड करने में सफ़ल रहे। मैच नौ: सैथ रोलिंस बनाम डीन एम्ब्रोज़ डीन एम्ब्रोज़ ने मैच शुरू होते ही मैच पर पकड़ बनाने में देर नहीं लगायी। हेड-लॉक में जकड़ लिया है चैंपियन को। रोलिंस का कर्ब स्टॉम्प का प्रयास लेकिन विफ़ल रहे। फ़ायदा डीन एम्ब्रोज़ ने उठाया और डर्टी डीड्स दे सैथ रोलिंस को हरा दिया है। इसी के साथ एम्ब्रोज़ नए WWE इंटरकांटिनेंटल चैंपियन बन गए हैं। मैच दस: शार्लेट बनाम आस्का बनाम बैकी लिंच WWE स्मैकडाउन वीमेंस चैंपियनशिप मैच, वो भी मेन इवेंट मैच। आस्का और बैकी लिंच ने एक टीम बना शार्लेट पर धावा बोल दिया है। टेबल्स, लैडर्स और चेयर्स का जमकर प्रयोग किया जा रहा है। शार्लेट और बैकी लिंच लैडर पर चढ़ चैंपियनशिप एक-दूसरे से छीनने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन रोंडा राउज़ी का दखल और उन्होंने लैडर को धक्का दे दिया है। आस्का ने इसका फ़ायदा उठाया और वो बन गयी हैं नई WWE स्मैकडाउन वीमेंस चैंपियन। विजेताः आस्का |
तिहाड़ जेल के अंदर एक विचाराधीन कैदी की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। इस वारदात को प्रशासन ने छिपाने और दबाने की कोशिश की, जिसकी पोल वहीं की जेल में बंद कैदियों ने खोलकर रख दी। जेल के अंदर मोबाइल पर प्रतिबंध है, इस सबके बावजूद कैदियों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर अधिकारियों पर तमाम सवाल उठाए। अब इस मामले को लेकर जेल प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं, आखिर कैदियों तक मोबाइल कैसे पहुंच गया। जानकारी के मुताबिक 24 सितंबर को तिहाड़ जेल नंबर एक में बंद विचाराधीन कैदी सन्नी डोगरा की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई।
इस वारदात का पता पीड़ित परिवार को एक जानकार के माध्यम से चला। अगले दिन इस युवक का पोस्टमार्टम डीडीयू अस्पताल में कराया गया। मामले में सन्नी डोगरा की बहन वंदना डोगरा का कहना है उसके भाई की बेरहमी से हत्या कर दी गई और जेल प्रशासन आंख मूंदे पड़ा रहा। बड़ा सवाल है कि आखिर जेल के अंदर हथियार कैसे पहुंच रहे हैं।
वहीं, तिहाड़ जेल में बंद कैदियों ने मोबाइल पर एक वीडियो बनाकर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है यहां बंद कैदी सुरक्षित नहीं है। कब किसका मर्डर हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। कुछ मिनट का मोबाइल से वीडियो बना कैदियों ने तिहाड़ जेल प्रशासन की पोल खोलकर रख दी। सबसे बड़ा सवाल तो यही है आखिर जेल के अंदर धारदार हथियार या फिर मोबाइल कैसे पहुंच रहे हैं।
| तिहाड़ जेल के अंदर एक विचाराधीन कैदी की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। इस वारदात को प्रशासन ने छिपाने और दबाने की कोशिश की, जिसकी पोल वहीं की जेल में बंद कैदियों ने खोलकर रख दी। जेल के अंदर मोबाइल पर प्रतिबंध है, इस सबके बावजूद कैदियों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया। जेल की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर अधिकारियों पर तमाम सवाल उठाए। अब इस मामले को लेकर जेल प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं, आखिर कैदियों तक मोबाइल कैसे पहुंच गया। जानकारी के मुताबिक चौबीस सितंबर को तिहाड़ जेल नंबर एक में बंद विचाराधीन कैदी सन्नी डोगरा की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। इस वारदात का पता पीड़ित परिवार को एक जानकार के माध्यम से चला। अगले दिन इस युवक का पोस्टमार्टम डीडीयू अस्पताल में कराया गया। मामले में सन्नी डोगरा की बहन वंदना डोगरा का कहना है उसके भाई की बेरहमी से हत्या कर दी गई और जेल प्रशासन आंख मूंदे पड़ा रहा। बड़ा सवाल है कि आखिर जेल के अंदर हथियार कैसे पहुंच रहे हैं। वहीं, तिहाड़ जेल में बंद कैदियों ने मोबाइल पर एक वीडियो बनाकर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है यहां बंद कैदी सुरक्षित नहीं है। कब किसका मर्डर हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। कुछ मिनट का मोबाइल से वीडियो बना कैदियों ने तिहाड़ जेल प्रशासन की पोल खोलकर रख दी। सबसे बड़ा सवाल तो यही है आखिर जेल के अंदर धारदार हथियार या फिर मोबाइल कैसे पहुंच रहे हैं। |
जयपुर। मेयर और कमिश्नर के बीच विवाद और मेयर सौम्या गुर्जर के निलंबन के बाद सोमवार को जयपुर ग्रेटर नगर निगम को नया कार्यवाहक महापौर यानी एक्टिंग मेयर मिल गया। स्वायत्त शासन विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। इसके बाद अब वार्ड 60 से बीजेपी पार्षद शील धाभाई को ग्रेटर नगर निगम की कार्यवाहक महापौर होंगी।
इससे पहले जयपुर नगर निगम आयुक्त से कथित हाथापाई के मामले में देर रात जयपुर ग्रेटर मेयर सौम्या गुर्जर और तीन अन्य पार्षदों को तत्काल निलंबित कर दिया गया था। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच क्षेत्रीय उपनिदेशक रेणु खंडेलवाल को सौंपी थी जिसमें डीएलबी को सौंपी रिपोर्ट में सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था।
| जयपुर। मेयर और कमिश्नर के बीच विवाद और मेयर सौम्या गुर्जर के निलंबन के बाद सोमवार को जयपुर ग्रेटर नगर निगम को नया कार्यवाहक महापौर यानी एक्टिंग मेयर मिल गया। स्वायत्त शासन विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। इसके बाद अब वार्ड साठ से बीजेपी पार्षद शील धाभाई को ग्रेटर नगर निगम की कार्यवाहक महापौर होंगी। इससे पहले जयपुर नगर निगम आयुक्त से कथित हाथापाई के मामले में देर रात जयपुर ग्रेटर मेयर सौम्या गुर्जर और तीन अन्य पार्षदों को तत्काल निलंबित कर दिया गया था। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच क्षेत्रीय उपनिदेशक रेणु खंडेलवाल को सौंपी थी जिसमें डीएलबी को सौंपी रिपोर्ट में सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था। |
Bholaa: अजय देवगन की फिल्म भोला 30 मार्च को सिनेमाघर में रिलीज़ होने वाली है और आज भगवान शिव के पावन पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर अजय देवगन ने भोला फिल्म से जुड़ी कुछ फोटो और अपने अनुभव साझा किए हैं। यहां हम इसी बारे में बात करने वाले हैं।
Bholaa Teaser 2: अजय देवगन ने माथे पर भस्म और हाथ में त्रिशूल लेकर दर्शकों के दिल में जगह बना ली थी और अब दूसरा टीज़र रिलीज़ कर दिया गया है। पहले टीज़र की अपेक्षा दूसरे टीज़र में और भी एक्शन और अजय देवगन का खतरनाक अवतार देखने को मिल रहा है। यहां हम भोला फिल्म के दूसरे टीज़र के बारे में बात करेंगे।
| Bholaa: अजय देवगन की फिल्म भोला तीस मार्च को सिनेमाघर में रिलीज़ होने वाली है और आज भगवान शिव के पावन पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर अजय देवगन ने भोला फिल्म से जुड़ी कुछ फोटो और अपने अनुभव साझा किए हैं। यहां हम इसी बारे में बात करने वाले हैं। Bholaa Teaser दो: अजय देवगन ने माथे पर भस्म और हाथ में त्रिशूल लेकर दर्शकों के दिल में जगह बना ली थी और अब दूसरा टीज़र रिलीज़ कर दिया गया है। पहले टीज़र की अपेक्षा दूसरे टीज़र में और भी एक्शन और अजय देवगन का खतरनाक अवतार देखने को मिल रहा है। यहां हम भोला फिल्म के दूसरे टीज़र के बारे में बात करेंगे। |
(फाइल फोटो)
Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव के पहले चरण में तेलंगाना की सभी 17 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है. तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव राज्य की सत्ता संभाल रहे हैं. वो गैर-कांग्रेस और गैर-बीजेपी नेतृत्व की बात करते रहे हैं. बीते दिनों में फेडरल फ्रंट बनाने की कवायद करते भी दिखे थे. इसके तहत उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसे नेताओं से भी मुलाकात की थी. देश के सामने कांग्रेस और बीजेपी का विकल्प देने के लिए वे क्षेत्रीय पार्टियों को एकजुट होने के लिए कहते रहे हैं. राज्य की सियासत पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है. 'तेलंगाना प्राइड' की राजनीति करने वाले केसीआर के बारे में कहा जा रहा है कि 2019 में बड़ा रोल अदा कर सकते हैं. पिछले साल विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद उन्होंने कहा था कि हम राष्ट्रीय राजनीति में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं.
तेलंगाना के अलग राज्य बनने के बाद केसीआर 2 जून 2014 पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हुए. साल 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में केसीआर की पार्टी को 63 सीटे मिली थीं. शासन संभालने के बाद बड़ा सियासी दांव खेलते हुए केसीआर ने सवा चार साल बाद ही विधानसभा भंग कर दिया और राज्य में विधानसभा चुनाव हुए. इस विधानसभा चुनाव में केसीआर ने कुल 119 विधानसभा सीटों में से 88 सीटों पर जीत दर्ज की. चुनाव में उन्हें कुल 46. 90 फीसदी वोट हासिल हुए और वे दूसरी बार राज्य के सीएम बने.
केसीआर ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत साल 1970 में यूथ कांग्रेस के सदस्य के रूप में शुरू की. 1970 से 1983 यानी 13 सालों तक वे कांग्रेस के सदस्य रहे. बाद में 1983 में वे तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) में शामिल हो गए. टीडीपी के टिकट पर उन्होंने चार बार विधानसभा चुनाव जीता. आंध्र प्रदेश में एनटी रामाराव की सरकार के दौरान वे मंत्री पद पर भी रहे. इसके बाद साल 2000 में केसीआर को आंध्र प्रदेश विधानसभा का उप सभापति बनाया गया.
अपने राजनीतिक सफर में लगातार आगे बढ़ रहे केसीआर ने साल 2001 में बड़ा सियासी दांव चला और टीडीपी से अलग होने का फैसला किया. इसके बाद ही उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) का गठन किया. टीडीपी से अलग होने के बाद उन्होंने तेलंगाना के अलग राज्य की मांग के साथ अपनी मुहिम शुरू कर दी. साल 2009 में तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने घोषणा की कि तेलंगाना के अलग राज्य के गठन के लिए कदम उठाए जाएंगे. इस घोषणा के बाद केसीआर ने 11 दिन तक चले अपने अनशन को समाप्त किया. साल 2014 में तेलंगाना अलग राज्य बना. इसी साल राज्य की कुल 119 सीटों पर पहला विधानसभा चुनाव हुआ और 63 सीटें जीतकर केसीआर तेलंगाना के पहले सीएम बने.
आत्मविश्वास से भरे हुए केसीआर ने इस बार राज्य की कुल 17 लोकसभा सीटों में से 16 पर अपने उम्मीदवार उतारे. एक सीट उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के लिए छोड़ी. अब 23 मई को आने वाले नतीजों का इंतजार है. ये देखना भी दिलचस्प होगा कि विपक्षी बीजेपी और कांग्रेस राज्य में कैसा प्रदर्शन करती है.
| Lok Sabha Election दो हज़ार उन्नीस: लोकसभा चुनाव के पहले चरण में तेलंगाना की सभी सत्रह सीटों पर वोटिंग हो चुकी है. तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव राज्य की सत्ता संभाल रहे हैं. वो गैर-कांग्रेस और गैर-बीजेपी नेतृत्व की बात करते रहे हैं. बीते दिनों में फेडरल फ्रंट बनाने की कवायद करते भी दिखे थे. इसके तहत उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसे नेताओं से भी मुलाकात की थी. देश के सामने कांग्रेस और बीजेपी का विकल्प देने के लिए वे क्षेत्रीय पार्टियों को एकजुट होने के लिए कहते रहे हैं. राज्य की सियासत पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत मानी जाती है. 'तेलंगाना प्राइड' की राजनीति करने वाले केसीआर के बारे में कहा जा रहा है कि दो हज़ार उन्नीस में बड़ा रोल अदा कर सकते हैं. पिछले साल विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद उन्होंने कहा था कि हम राष्ट्रीय राजनीति में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं. तेलंगाना के अलग राज्य बनने के बाद केसीआर दो जून दो हज़ार चौदह पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हुए. साल दो हज़ार चौदह में हुए विधानसभा चुनाव में केसीआर की पार्टी को तिरेसठ सीटे मिली थीं. शासन संभालने के बाद बड़ा सियासी दांव खेलते हुए केसीआर ने सवा चार साल बाद ही विधानसभा भंग कर दिया और राज्य में विधानसभा चुनाव हुए. इस विधानसभा चुनाव में केसीआर ने कुल एक सौ उन्नीस विधानसभा सीटों में से अठासी सीटों पर जीत दर्ज की. चुनाव में उन्हें कुल छियालीस. नब्बे फीसदी वोट हासिल हुए और वे दूसरी बार राज्य के सीएम बने. केसीआर ने अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत साल एक हज़ार नौ सौ सत्तर में यूथ कांग्रेस के सदस्य के रूप में शुरू की. एक हज़ार नौ सौ सत्तर से एक हज़ार नौ सौ तिरासी यानी तेरह सालों तक वे कांग्रेस के सदस्य रहे. बाद में एक हज़ार नौ सौ तिरासी में वे तेलगू देशम पार्टी में शामिल हो गए. टीडीपी के टिकट पर उन्होंने चार बार विधानसभा चुनाव जीता. आंध्र प्रदेश में एनटी रामाराव की सरकार के दौरान वे मंत्री पद पर भी रहे. इसके बाद साल दो हज़ार में केसीआर को आंध्र प्रदेश विधानसभा का उप सभापति बनाया गया. अपने राजनीतिक सफर में लगातार आगे बढ़ रहे केसीआर ने साल दो हज़ार एक में बड़ा सियासी दांव चला और टीडीपी से अलग होने का फैसला किया. इसके बाद ही उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति का गठन किया. टीडीपी से अलग होने के बाद उन्होंने तेलंगाना के अलग राज्य की मांग के साथ अपनी मुहिम शुरू कर दी. साल दो हज़ार नौ में तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने घोषणा की कि तेलंगाना के अलग राज्य के गठन के लिए कदम उठाए जाएंगे. इस घोषणा के बाद केसीआर ने ग्यारह दिन तक चले अपने अनशन को समाप्त किया. साल दो हज़ार चौदह में तेलंगाना अलग राज्य बना. इसी साल राज्य की कुल एक सौ उन्नीस सीटों पर पहला विधानसभा चुनाव हुआ और तिरेसठ सीटें जीतकर केसीआर तेलंगाना के पहले सीएम बने. आत्मविश्वास से भरे हुए केसीआर ने इस बार राज्य की कुल सत्रह लोकसभा सीटों में से सोलह पर अपने उम्मीदवार उतारे. एक सीट उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के लिए छोड़ी. अब तेईस मई को आने वाले नतीजों का इंतजार है. ये देखना भी दिलचस्प होगा कि विपक्षी बीजेपी और कांग्रेस राज्य में कैसा प्रदर्शन करती है. |
यह नोट किया गया था कि संयुक्त राज्य अमेरिका में नशीले पदार्थों की औसत उम्र दुनिया के अन्य देशों की तुलना में अधिक तीव्रता से घट रही है। यह बताता है कि अपेक्षाकृत कम उम्र में नशीली दवाओं से संबंधित मौतें बढ़ रही हैं।
प्रकाशित आंकड़ों सेः संयुक्त राज्य में हर साल लगभग 200 हजार लोग ड्रग ओवरडोज से मर जाते हैं। सबसे बड़ी संख्या 23 वर्ष से कम आयु की है।
यूएन यह भी नोट करता है कि इस मामले में होने वाली मौतों की सबसे बड़ी संख्या तथाकथित ओपिओइड के उपयोग से जुड़ी है। अफगानिस्तान में संयुक्त राज्य अमेरिका का दीर्घकालिक सैन्य प्रवास फल फूल रहा है।
रूस में, दवाओं का उपयोग करने वाले नागरिकों की संख्या 4 मिलियन लोगों के बारे में है। यह नोट किया गया था कि पांच साल में पहली बार रूसी संघ में किशोरों में नशा करने वालों की संख्या में कमी दर्ज की गई थी। इसके अलावा, कमी बहुत प्रभावशाली है - 24,6% के बारे में। इसने 2017 वर्ष के अंत में "नार्कोटिक" किशोर अपराधीकरण में कमी का नेतृत्व किया - लगभग 16% द्वारा।
| यह नोट किया गया था कि संयुक्त राज्य अमेरिका में नशीले पदार्थों की औसत उम्र दुनिया के अन्य देशों की तुलना में अधिक तीव्रता से घट रही है। यह बताता है कि अपेक्षाकृत कम उम्र में नशीली दवाओं से संबंधित मौतें बढ़ रही हैं। प्रकाशित आंकड़ों सेः संयुक्त राज्य में हर साल लगभग दो सौ हजार लोग ड्रग ओवरडोज से मर जाते हैं। सबसे बड़ी संख्या तेईस वर्ष से कम आयु की है। यूएन यह भी नोट करता है कि इस मामले में होने वाली मौतों की सबसे बड़ी संख्या तथाकथित ओपिओइड के उपयोग से जुड़ी है। अफगानिस्तान में संयुक्त राज्य अमेरिका का दीर्घकालिक सैन्य प्रवास फल फूल रहा है। रूस में, दवाओं का उपयोग करने वाले नागरिकों की संख्या चार मिलियन लोगों के बारे में है। यह नोट किया गया था कि पांच साल में पहली बार रूसी संघ में किशोरों में नशा करने वालों की संख्या में कमी दर्ज की गई थी। इसके अलावा, कमी बहुत प्रभावशाली है - चौबीस,छः% के बारे में। इसने दो हज़ार सत्रह वर्ष के अंत में "नार्कोटिक" किशोर अपराधीकरण में कमी का नेतृत्व किया - लगभग सोलह% द्वारा। |
शिल्पा शेट्टी 47 साल की उम्र में भी काफी फिट हैं। योग के जरिए वो खुद को फिट रखती हैं। उनकी कर्वी फिगर देखकर आज भी लाखों लोग दिल हार बैठते हैं।
कैटरीना कैफ एक्टिंग के साथ-साथ अपनी फिटनेस को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। वो अपने फिगर को मेंटन करने के लिए अच्छी डाइट लेती हैं। इसके अलावा रेगुलर एक्सरसाइज पर जोर देती हैं।
मौनी रॉय फिल्म ब्रह्मास्त्र के जरिए बॉलीवुड में कदम रख चुकी हैं। एक्सरसाइज और योगा के जरिए उन्होंने खुद को मेंटन कर रखा है। फोटो से अंदाजा हो गया होगा कि उनकी कमर कितनी पतली है।
बॉलीवुड अदाकारा ईशा गुप्ता भी अपने फिगर को मेंटन करने के लिए काफी मेहनत करती हैं। अच्छी डाइट और भरपूर एक्सरसाइज से अपने फिगर को उन्होंने कर्वी बनाया है।
उर्वशी रौतेला भले ही फिल्मों में वो जादू नहीं दिखा पाई हो। लेकिन अपनी खूबसूरती और फिटनेस से लोगों का दिल जीत लेती हैं। उनकी पतली कमर देखकर लाखों लोग दीवाने हो जाते हैं।
शाहरुख खान की लाडवी सुहाना खान बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली हैं। लेकिन उनके लाखों चाहनेवाले हैं। सुहाना परफेक्ट कर्वी फिगर की मालकिन हैं।
कियारा आडवाणी भी फिटनेस को ठीक रखने के लिए काफी मेहनत करती हैं। अच्छी डाइट के साथ-साथ वो जिम में खूब पसीना बहाती नजर आती हैं।
दिशा पटानी ज्यादातर जिम में दिखाई देती हैं। वो काफी फ्लेक्सिबल हैं। इंस्टाग्राम पर अपनी फिटनेस जर्नी की तस्वीरें शेयर करती रहती हैं।
अनन्या पांड भले ही अभी तक एक्टिंग में कोई झंडा नहीं गाड़ पाई हैं। लेकिन उनके फिगर को देखकर लोग मदहोश हो जाते हैं। पतली कमर जब लचकाती हैं तो अच्छे-अच्छों का दिल मचल उठता है।
सनी लियोनी वैसे तो फिल्मों में ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई हैं। लेकिन उनकी फिटनेस काफी अच्छी है। पतली कमर जब वो लचकाती हैं तो लोगों का दिल डोल जाता है।
| शिल्पा शेट्टी सैंतालीस साल की उम्र में भी काफी फिट हैं। योग के जरिए वो खुद को फिट रखती हैं। उनकी कर्वी फिगर देखकर आज भी लाखों लोग दिल हार बैठते हैं। कैटरीना कैफ एक्टिंग के साथ-साथ अपनी फिटनेस को लेकर भी चर्चा में रहती हैं। वो अपने फिगर को मेंटन करने के लिए अच्छी डाइट लेती हैं। इसके अलावा रेगुलर एक्सरसाइज पर जोर देती हैं। मौनी रॉय फिल्म ब्रह्मास्त्र के जरिए बॉलीवुड में कदम रख चुकी हैं। एक्सरसाइज और योगा के जरिए उन्होंने खुद को मेंटन कर रखा है। फोटो से अंदाजा हो गया होगा कि उनकी कमर कितनी पतली है। बॉलीवुड अदाकारा ईशा गुप्ता भी अपने फिगर को मेंटन करने के लिए काफी मेहनत करती हैं। अच्छी डाइट और भरपूर एक्सरसाइज से अपने फिगर को उन्होंने कर्वी बनाया है। उर्वशी रौतेला भले ही फिल्मों में वो जादू नहीं दिखा पाई हो। लेकिन अपनी खूबसूरती और फिटनेस से लोगों का दिल जीत लेती हैं। उनकी पतली कमर देखकर लाखों लोग दीवाने हो जाते हैं। शाहरुख खान की लाडवी सुहाना खान बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली हैं। लेकिन उनके लाखों चाहनेवाले हैं। सुहाना परफेक्ट कर्वी फिगर की मालकिन हैं। कियारा आडवाणी भी फिटनेस को ठीक रखने के लिए काफी मेहनत करती हैं। अच्छी डाइट के साथ-साथ वो जिम में खूब पसीना बहाती नजर आती हैं। दिशा पटानी ज्यादातर जिम में दिखाई देती हैं। वो काफी फ्लेक्सिबल हैं। इंस्टाग्राम पर अपनी फिटनेस जर्नी की तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। अनन्या पांड भले ही अभी तक एक्टिंग में कोई झंडा नहीं गाड़ पाई हैं। लेकिन उनके फिगर को देखकर लोग मदहोश हो जाते हैं। पतली कमर जब लचकाती हैं तो अच्छे-अच्छों का दिल मचल उठता है। सनी लियोनी वैसे तो फिल्मों में ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई हैं। लेकिन उनकी फिटनेस काफी अच्छी है। पतली कमर जब वो लचकाती हैं तो लोगों का दिल डोल जाता है। |
हमारे संवाददाता नई दिल्ली। दलित ईसाई संगठन पुअर क्रिश्चियन लिबरेशन मूवमेंट ने चर्च संगठनों द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी एवं विपक्ष के उम्मीदवार श्री पीए संगमा के विरुद्ध चलाए जा रहे दुप्रचार को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उल्लेखनीय है कि श्री संगमा द्वारा कंधमाल पर रखे गए। विचारों के बाद चर्च के कुछ पादरियों और उनसे जुड़े कुछ व्यक्तियों एवं संगठनों द्वारा उन्हें सांप्रदायिक साबित करने की एक मुहिम चलाई जा रही है। मूवमेंट के अध्यक्ष आरएल फ्रांसिस ने कहाकि चर्च के कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों के तहत हिन्दुओं और ईसाइयों के बीच तनाव का वातावरण बनाए रखना चाहते हैं। इसके लिए वह संघ परिवार और भारतीय जनता पार्टी को हमेशा अपने निशाने पर रखते हैं। पूर्व कांग्रेसी एरं ईसाई-आदिवासी नेता श्री संगमा ने कंधमाल हिंसा और ग्राहम स्टेंस की हत्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका के बारे में पूछे गए एक सवाल के उत्तर में कहा था कि इन घटनाओं में संघ-भाजपा की संलिप्तता के कोई सबूत नहीं हैं। पुअर क्रिश्चियन लिबरेशन मूवमेंट के अध्यक्ष आरएल फ्रांसिस ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी ग्राहम स्टेंस मामले का निर्णय सुनाते हुए संघ-भाजपा के बारे में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की थी। जहां तक कंधमाल हिंसा की बात है वहां भी सरकार द्वारा नियुक्त जांच आयोग ने इसे अनुसूचित जाति की पृष्ठभूमि वाले धर्मांतरित ईसाइयों और आदिवासी कंध समुदाय के बीच विभिन्न मुद्दों पर पनपे तनाव का परिणाम बताया है। कंधमाल को लेकर अधिकतर मामले अभी स्थानीय न्यायालयों के विचाराधीन हैं जिनमें लोगों को कानून सम्मत न्याय मिलेगा। मूवमेंट के अध्यक्ष आरएल फ्रांसिस ने कहा कि हाल ही में गोवा में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय ने भाजपा को अपना समर्थन दिया था उस समय भी चर्च के एक हिस्से द्वारा गोवियन ईसाइयों की आलोचना की गई थी। फ्रांसिस ने कहा कि श्री संगमा को विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने से देशभर का आदिवासी समाज अपने को गौरवित महसूस कर रहा है। ऐसे में चर्च नेताओं को संगमा के विरुद्ध चलाए जा रहे दुप्रचार को रोकना चाहिए।
| हमारे संवाददाता नई दिल्ली। दलित ईसाई संगठन पुअर क्रिश्चियन लिबरेशन मूवमेंट ने चर्च संगठनों द्वारा राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी एवं विपक्ष के उम्मीदवार श्री पीए संगमा के विरुद्ध चलाए जा रहे दुप्रचार को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उल्लेखनीय है कि श्री संगमा द्वारा कंधमाल पर रखे गए। विचारों के बाद चर्च के कुछ पादरियों और उनसे जुड़े कुछ व्यक्तियों एवं संगठनों द्वारा उन्हें सांप्रदायिक साबित करने की एक मुहिम चलाई जा रही है। मूवमेंट के अध्यक्ष आरएल फ्रांसिस ने कहाकि चर्च के कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों के तहत हिन्दुओं और ईसाइयों के बीच तनाव का वातावरण बनाए रखना चाहते हैं। इसके लिए वह संघ परिवार और भारतीय जनता पार्टी को हमेशा अपने निशाने पर रखते हैं। पूर्व कांग्रेसी एरं ईसाई-आदिवासी नेता श्री संगमा ने कंधमाल हिंसा और ग्राहम स्टेंस की हत्या में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका के बारे में पूछे गए एक सवाल के उत्तर में कहा था कि इन घटनाओं में संघ-भाजपा की संलिप्तता के कोई सबूत नहीं हैं। पुअर क्रिश्चियन लिबरेशन मूवमेंट के अध्यक्ष आरएल फ्रांसिस ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी ग्राहम स्टेंस मामले का निर्णय सुनाते हुए संघ-भाजपा के बारे में कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की थी। जहां तक कंधमाल हिंसा की बात है वहां भी सरकार द्वारा नियुक्त जांच आयोग ने इसे अनुसूचित जाति की पृष्ठभूमि वाले धर्मांतरित ईसाइयों और आदिवासी कंध समुदाय के बीच विभिन्न मुद्दों पर पनपे तनाव का परिणाम बताया है। कंधमाल को लेकर अधिकतर मामले अभी स्थानीय न्यायालयों के विचाराधीन हैं जिनमें लोगों को कानून सम्मत न्याय मिलेगा। मूवमेंट के अध्यक्ष आरएल फ्रांसिस ने कहा कि हाल ही में गोवा में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय ने भाजपा को अपना समर्थन दिया था उस समय भी चर्च के एक हिस्से द्वारा गोवियन ईसाइयों की आलोचना की गई थी। फ्रांसिस ने कहा कि श्री संगमा को विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाए जाने से देशभर का आदिवासी समाज अपने को गौरवित महसूस कर रहा है। ऐसे में चर्च नेताओं को संगमा के विरुद्ध चलाए जा रहे दुप्रचार को रोकना चाहिए। |
पृथ्वी पर सोई पड़ी थी । परन्तु यहाॅ प्रकृति गौण हो गई थी, और मानवसमूह प्रमुख हो उठा था ।
दामोदर और भीमदेव दोनों ही सीढ़ियों चढ़कर एक विशाल चौकोर मैदान से प्रविष्ट हुए । इस मैदान के चारों ओर हरियाली से ढकी हुई छोटी-छोटी कृत्रिम टेकरियों थीं । प्रत्येक टेकरी के ऊपर स्फटिक की एक छोटी सुन्दर छतरी बनी हुई थी। छतरी के शिखर पर लाल पत्थर से उत्कीर्ण नृत्य करता हुआ एक मयूर खड़ा था । मयूर की कलंगी के स्थान पर शंख की आकृतिवाला, सुगन्धित तेल से भरा हुआ, एक दीया रखा था । सभा के स्थान को अभी तक खाली देख दामोदर एक ओर चलकर वहाँ खडा हो गया जहाँ हमेशा वह जलवाहक खड़ा रहता था । उसके पास ही महाराज भीमदेव भी ताम्बूलवाहक के रूप में सिर पर पान की टोकरी रखकर खडे हो गये ।
अभी वे दोनों अपने स्थान पर खडे हुए ही थे कि चारों ओर से सभासदगण आने लगे । दामोदर ने महाराज भीमदेव को आँखों के इशारे से इस बात की सूचना दी। मंडप के चारों ओर से धीमे-धीमे सोने के नूपुरों की झनकार सुनाई पड़ने लगी। एक के बाद एक अनुपम लावण्यवती सुन्दरियॉ आने लगीं, और महाराज भीमदेव जहाँ खडे थे उस कोने से थोड़ी दूर सभा मंडप में अनुक्रम से अपना स्थान ग्रहण करती चली गई । प्रत्येक ने रेशमी वस्त्र धारण किये थे और प्रत्येक के गले मे मोतियों की माला शोभा पा रही थी। उनके केश-कलाप में खोंसे हुए राजचम्पा के परिमल से सारा सभा-मंडप गमगमा उठा था । वे स्वर्गलोककी की भाँति वहाँ खड़ी थीं। इतने में एक टेकरी की छतरी में से शंख ध्वनि हुई । उस शंख ध्वनि को सुनकर सभामंडप में चारों ओर खड़ी हुई सुन्दरियों ने अपने-अपने दाहिने हाथ फैला दिये । महाराज भीमदेव ने अत्यधिक आश्चर्यचकित होकर देखा कि प्रत्येक सुन्दरी की फैली हुई हथेली पर लंका की मोटी सोना-रूपा सीपियों में से काटकर | पृथ्वी पर सोई पड़ी थी । परन्तु यहाॅ प्रकृति गौण हो गई थी, और मानवसमूह प्रमुख हो उठा था । दामोदर और भीमदेव दोनों ही सीढ़ियों चढ़कर एक विशाल चौकोर मैदान से प्रविष्ट हुए । इस मैदान के चारों ओर हरियाली से ढकी हुई छोटी-छोटी कृत्रिम टेकरियों थीं । प्रत्येक टेकरी के ऊपर स्फटिक की एक छोटी सुन्दर छतरी बनी हुई थी। छतरी के शिखर पर लाल पत्थर से उत्कीर्ण नृत्य करता हुआ एक मयूर खड़ा था । मयूर की कलंगी के स्थान पर शंख की आकृतिवाला, सुगन्धित तेल से भरा हुआ, एक दीया रखा था । सभा के स्थान को अभी तक खाली देख दामोदर एक ओर चलकर वहाँ खडा हो गया जहाँ हमेशा वह जलवाहक खड़ा रहता था । उसके पास ही महाराज भीमदेव भी ताम्बूलवाहक के रूप में सिर पर पान की टोकरी रखकर खडे हो गये । अभी वे दोनों अपने स्थान पर खडे हुए ही थे कि चारों ओर से सभासदगण आने लगे । दामोदर ने महाराज भीमदेव को आँखों के इशारे से इस बात की सूचना दी। मंडप के चारों ओर से धीमे-धीमे सोने के नूपुरों की झनकार सुनाई पड़ने लगी। एक के बाद एक अनुपम लावण्यवती सुन्दरियॉ आने लगीं, और महाराज भीमदेव जहाँ खडे थे उस कोने से थोड़ी दूर सभा मंडप में अनुक्रम से अपना स्थान ग्रहण करती चली गई । प्रत्येक ने रेशमी वस्त्र धारण किये थे और प्रत्येक के गले मे मोतियों की माला शोभा पा रही थी। उनके केश-कलाप में खोंसे हुए राजचम्पा के परिमल से सारा सभा-मंडप गमगमा उठा था । वे स्वर्गलोककी की भाँति वहाँ खड़ी थीं। इतने में एक टेकरी की छतरी में से शंख ध्वनि हुई । उस शंख ध्वनि को सुनकर सभामंडप में चारों ओर खड़ी हुई सुन्दरियों ने अपने-अपने दाहिने हाथ फैला दिये । महाराज भीमदेव ने अत्यधिक आश्चर्यचकित होकर देखा कि प्रत्येक सुन्दरी की फैली हुई हथेली पर लंका की मोटी सोना-रूपा सीपियों में से काटकर |
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