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ऋविक सरस्वती है। इसीलिए पुराणों में लिखा है कि गया और सरस्वती दोनों सौत है। श्री हरि ने झगडती हुई गगा और सरस्वती का हाथ पकड कर दोनो को प्रेमपूर्वक अपने समीप बैठा लिया (देवी भागवत, सप्तम स्कन्ध, अ०६ ) । केशवप्रयाग मलकनंदा ( भगा ) और सरस्वती के सगमस्थल पर, ऊपर से परस्पर भगडती हुई दोनो सरिताएँ शान्त हो जाती है, यह स्पष्ट है (केदार ५८/६६ ) । 'महाभारत' ( शल्य पर्व ) मे सात सरस्वत्तियों का उल्लेख है, जन दो विशाला और विमलोदका हिमालय की उपत्यकाथो में बहती हैं। विशाला के निकट बहनेवाली यही सरस्वती है । 'महाभारत' मे अर्जुन ने बदरीकाश्रम मे सरस्वती के तट पर स्पष्टत भगवान् कृष्ण द्वारा, बारह वर्ष कठिन तपस्या मे करने का उल्लेख किया है । 'महाभारत' (वन पर्व १११११०, ११ तथा १६१०४३, ४१ ) के अनुसार कैलास मे, गन्धमादन पर्वत पर सरस्वती का अभिषेक किया गया था। शल्य पर्व ( २७/२८, ३१) में स्पष्टत इसी सरस्वती नदी के तट पर कुबेर द्वारा कुबेरतीर्थ मे देवत्व प्राप्त करने का उल्लेख है। भीष्म पर्व ( ६२६८,५०), में लिखा है कि ब्रह्मलोक से उतर कर त्रिपथगामिनी गगा सात धाराओो सप्तसिन्धुओं में विभक्त हुई । इन सातो में सिन्धु और भलकनदा व सरस्वती सम्मिलित हैं। 'महाभारत' ( आदि पर्व १६ । १६, २१) और (भीष्म पर्व ६।४८) में लिखा है कि सरस्वती गगा की सात धाराओ मे एक है। उसके जल पीने से पाप तत्काल नष्ट हो जाते हैं । भीष्म पर्व (१९९१४) के अनुसार सरस्वती उन पवित्र देवनदियों में एक है, जिनका जल भारतवासी पोते हैं । यह स्पष्ट है कि भारतवासी गंगा-जल पीते हैं, जो स्वयं सरस्वती नदी भी है। प्रयागराज मे, कुरुक्षेत्र में तथा राजपूताने की मरुभूमि मे सरस्वती नदी का जल जो इतिहासकारों को अब तक दिखायी तक नही दिया, भारतवासी नही पीते । सरस्वती ब्रह्मसर मे प्रकट होती है, (शल्य पर्व ४२२९) । सरस्वती और अलकनदा के सगम पर ( केशवप्रयाग ) में देवता भगवान् केशव की उपासना करते है (वन पर्व ८२ ११२५, १२७) । ऋग्वैदिक सरस्वती की इस भौगोलिक स्थिति को पूर्णत स्पष्ट करने के लिए भगवान् कृष्णद्वपायन वेदव्यास का प्रमाण भी पर्याप्त है। वे प्रसिद्ध 'व्यास गुफा मे बैठकर 'महाभारत' ( जयकाव्य ) का श्रारम्भ करते हुए, इस क्षेत्र के मुख्य मुख्य मधिष्ठाताओ, ऋषि नर और नारायण, एव पास बहती हुई, इस पुण्यतोया सरस्वती नदी को सवप्रथम नमस्कार करते हुए लिखते है नारायण नमस्कृत्य नरचेंच नरोत्तमभ । देवी सरस्वत चंब ततो जयमुदीरयेत् ।।
ऋविक सरस्वती है। इसीलिए पुराणों में लिखा है कि गया और सरस्वती दोनों सौत है। श्री हरि ने झगडती हुई गगा और सरस्वती का हाथ पकड कर दोनो को प्रेमपूर्वक अपने समीप बैठा लिया । केशवप्रयाग मलकनंदा और सरस्वती के सगमस्थल पर, ऊपर से परस्पर भगडती हुई दोनो सरिताएँ शान्त हो जाती है, यह स्पष्ट है । 'महाभारत' मे सात सरस्वत्तियों का उल्लेख है, जन दो विशाला और विमलोदका हिमालय की उपत्यकाथो में बहती हैं। विशाला के निकट बहनेवाली यही सरस्वती है । 'महाभारत' मे अर्जुन ने बदरीकाश्रम मे सरस्वती के तट पर स्पष्टत भगवान् कृष्ण द्वारा, बारह वर्ष कठिन तपस्या मे करने का उल्लेख किया है । 'महाभारत' के अनुसार कैलास मे, गन्धमादन पर्वत पर सरस्वती का अभिषेक किया गया था। शल्य पर्व में स्पष्टत इसी सरस्वती नदी के तट पर कुबेर द्वारा कुबेरतीर्थ मे देवत्व प्राप्त करने का उल्लेख है। भीष्म पर्व , में लिखा है कि ब्रह्मलोक से उतर कर त्रिपथगामिनी गगा सात धाराओो सप्तसिन्धुओं में विभक्त हुई । इन सातो में सिन्धु और भलकनदा व सरस्वती सम्मिलित हैं। 'महाभारत' और में लिखा है कि सरस्वती गगा की सात धाराओ मे एक है। उसके जल पीने से पाप तत्काल नष्ट हो जाते हैं । भीष्म पर्व के अनुसार सरस्वती उन पवित्र देवनदियों में एक है, जिनका जल भारतवासी पोते हैं । यह स्पष्ट है कि भारतवासी गंगा-जल पीते हैं, जो स्वयं सरस्वती नदी भी है। प्रयागराज मे, कुरुक्षेत्र में तथा राजपूताने की मरुभूमि मे सरस्वती नदी का जल जो इतिहासकारों को अब तक दिखायी तक नही दिया, भारतवासी नही पीते । सरस्वती ब्रह्मसर मे प्रकट होती है, । सरस्वती और अलकनदा के सगम पर में देवता भगवान् केशव की उपासना करते है । ऋग्वैदिक सरस्वती की इस भौगोलिक स्थिति को पूर्णत स्पष्ट करने के लिए भगवान् कृष्णद्वपायन वेदव्यास का प्रमाण भी पर्याप्त है। वे प्रसिद्ध 'व्यास गुफा मे बैठकर 'महाभारत' का श्रारम्भ करते हुए, इस क्षेत्र के मुख्य मुख्य मधिष्ठाताओ, ऋषि नर और नारायण, एव पास बहती हुई, इस पुण्यतोया सरस्वती नदी को सवप्रथम नमस्कार करते हुए लिखते है नारायण नमस्कृत्य नरचेंच नरोत्तमभ । देवी सरस्वत चंब ततो जयमुदीरयेत् ।।
सरकार को एयर इंडिया और उसकी सहायक इकाइयों एयर इंडिया एक्सप्रेस तथा एआईएसएटीएस की बिक्री से करीब 15,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। बिक्री प्रक्रिया से जुड़े सरकारी अधिकारियों और बैंकरों ने इसकी जानकारी दी। इसका मतलब यह हुआ कि संभावित बोलीदाता कर्ज से दबी और पिछले कुछ वर्षों से घाटा उठा रही इस कंपनी के इक्विटी का मूल्य शून्य रखेंगे। टाटा समूह को एयर इंडिया के अधिग्रहण की दौड़ में आगे माना जा रहा है। सरकार ने एयर इंडिया के मूल्यांकन परामर्शक के तौर पर आरबीएसए एडवाइजर्स को नियुक्त किया है। वित्तीय बोली मिलने के बाद मंत्रिसमूह द्वारा कंपनी के लिए आरक्षित मूल्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। मूल्यांकन कम होने का एक कारण यह भी है कि कंपनी के पास चौड़ी बॉडी वाले विमान जैसे बोइंग 787 और 777 हैं। इसके साथ ही पुरानी पीढ़ी के एयरबस 320 और बोइंग 737 विमान हैं। लेकिन महामारी के कारण हवाई यात्रा में आई कमी से इस पर असर पड़ा है। एयर इंडिया के बेड़े में 121 विमान शामिल हैं, जिनमें से 65 एयर इंडिया के हैं और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास 25 बोइंग 737 में से 10 उसके अपने और बाकी पट्टे पर लिए गए हैं। अगर मूल्यांकन 15,000 करोड़ रुपये रहता है तो बिक्री से प्राप्त रकम कर्ज भुगतान के लिए काफी नहीं होगा। इसके लिए सरकार को बॉन्ड जारी करने के साथ अन्य साधनों के जरिये रकम जुटाने की जरूरत होगी और कंपनी की गैर-जरूरी परिसंपत्तियों बिक्री भी करनी होगी। बोलीदाताओं को लुभाने के लिए सरकार ने कंपनी का 35,000 करोड़ रुपये का कर्ज अलग कर दिया है और नए बोलीदाता को 23,286 करोड़ रुपये कर्ज का ही वहन करना होगा। हालांकि बिक्री प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले सरकारी अधिकारियों ने कहा कि एयर इंडिया बेचने का मुख्य मकसद भविष्य में नकद नुकसान उठाने से बचना है। वित्त वर्ष 2022 के बजट के अनुसार सरकार ने एयर इंडिया सहित सार्वजनिक क्षेत्र की दूसरी कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री से 1. 75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। एक अधिकारी ने कहा कि एयर इंडिया विनिवेश को राजस्व के स्रोत के बजाय सुधार के कदम के तौर पर देखा जाना चाहिए। सरकार को एयर इंडिया और उसकी सहायक इकाइयों एयर इंडिया एक्सप्रेस तथा एआईएसएटीएस की बिक्री से करीब 15,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। बिक्री प्रक्रिया से जुड़े सरकारी अधिकारियों और बैंकरों ने इसकी जानकारी दी। इसका मतलब यह हुआ कि संभावित बोलीदाता कर्ज से दबी और पिछले कुछ वर्षों से घाटा उठा रही इस कंपनी के इक्विटी का मूल्य शून्य रखेंगे।
सरकार को एयर इंडिया और उसकी सहायक इकाइयों एयर इंडिया एक्सप्रेस तथा एआईएसएटीएस की बिक्री से करीब पंद्रह,शून्य करोड़ रुपये मिल सकते हैं। बिक्री प्रक्रिया से जुड़े सरकारी अधिकारियों और बैंकरों ने इसकी जानकारी दी। इसका मतलब यह हुआ कि संभावित बोलीदाता कर्ज से दबी और पिछले कुछ वर्षों से घाटा उठा रही इस कंपनी के इक्विटी का मूल्य शून्य रखेंगे। टाटा समूह को एयर इंडिया के अधिग्रहण की दौड़ में आगे माना जा रहा है। सरकार ने एयर इंडिया के मूल्यांकन परामर्शक के तौर पर आरबीएसए एडवाइजर्स को नियुक्त किया है। वित्तीय बोली मिलने के बाद मंत्रिसमूह द्वारा कंपनी के लिए आरक्षित मूल्य को अंतिम रूप दिया जाएगा। मूल्यांकन कम होने का एक कारण यह भी है कि कंपनी के पास चौड़ी बॉडी वाले विमान जैसे बोइंग सात सौ सत्तासी और सात सौ सतहत्तर हैं। इसके साथ ही पुरानी पीढ़ी के एयरबस तीन सौ बीस और बोइंग सात सौ सैंतीस विमान हैं। लेकिन महामारी के कारण हवाई यात्रा में आई कमी से इस पर असर पड़ा है। एयर इंडिया के बेड़े में एक सौ इक्कीस विमान शामिल हैं, जिनमें से पैंसठ एयर इंडिया के हैं और एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास पच्चीस बोइंग सात सौ सैंतीस में से दस उसके अपने और बाकी पट्टे पर लिए गए हैं। अगर मूल्यांकन पंद्रह,शून्य करोड़ रुपये रहता है तो बिक्री से प्राप्त रकम कर्ज भुगतान के लिए काफी नहीं होगा। इसके लिए सरकार को बॉन्ड जारी करने के साथ अन्य साधनों के जरिये रकम जुटाने की जरूरत होगी और कंपनी की गैर-जरूरी परिसंपत्तियों बिक्री भी करनी होगी। बोलीदाताओं को लुभाने के लिए सरकार ने कंपनी का पैंतीस,शून्य करोड़ रुपये का कर्ज अलग कर दिया है और नए बोलीदाता को तेईस,दो सौ छियासी करोड़ रुपये कर्ज का ही वहन करना होगा। हालांकि बिक्री प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले सरकारी अधिकारियों ने कहा कि एयर इंडिया बेचने का मुख्य मकसद भविष्य में नकद नुकसान उठाने से बचना है। वित्त वर्ष दो हज़ार बाईस के बजट के अनुसार सरकार ने एयर इंडिया सहित सार्वजनिक क्षेत्र की दूसरी कंपनियों में हिस्सेदारी बिक्री से एक. पचहत्तर लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। एक अधिकारी ने कहा कि एयर इंडिया विनिवेश को राजस्व के स्रोत के बजाय सुधार के कदम के तौर पर देखा जाना चाहिए। सरकार को एयर इंडिया और उसकी सहायक इकाइयों एयर इंडिया एक्सप्रेस तथा एआईएसएटीएस की बिक्री से करीब पंद्रह,शून्य करोड़ रुपये मिल सकते हैं। बिक्री प्रक्रिया से जुड़े सरकारी अधिकारियों और बैंकरों ने इसकी जानकारी दी। इसका मतलब यह हुआ कि संभावित बोलीदाता कर्ज से दबी और पिछले कुछ वर्षों से घाटा उठा रही इस कंपनी के इक्विटी का मूल्य शून्य रखेंगे।
पुलिस थाना चुवाड़ी की टीम ने निजी बस में सवार एक व्यक्ति को 1 किलो 806 ग्राम चरस सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अर्जुन शर्मा (60) पुत्र काशी निवासी हैंठा डाकघर शाहू चंबा के रूप में हुई है। पुलिस ने चरस को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ आधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार पुलिस चैक पोस्ट लाहड़ू बैरियर पर पुलिस दल चैकिंग पर था। इस दौरान सभी आने जाने वाले वाहनों की चैकिंग की जा रही था। इसी बीच पुलिस ने चंबा से कांगड़ा जा रही निजी बस नैशनल कोच को चैकिंग के लिए रोका। बस की चैकिंग के दौरान पुलिस ने एक बैग से एक किलो 806 ग्राम चरस बरामद की। पूछताछ करने पर पता चला की उक्त बैग अर्जुन शर्मा का है। पुलिस ने मौके पर व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस थाना चुवाड़ी की टीम ने निजी बस में सवार एक व्यक्ति को एक किलो आठ सौ छः ग्राम चरस सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अर्जुन शर्मा पुत्र काशी निवासी हैंठा डाकघर शाहू चंबा के रूप में हुई है। पुलिस ने चरस को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ आधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार पुलिस चैक पोस्ट लाहड़ू बैरियर पर पुलिस दल चैकिंग पर था। इस दौरान सभी आने जाने वाले वाहनों की चैकिंग की जा रही था। इसी बीच पुलिस ने चंबा से कांगड़ा जा रही निजी बस नैशनल कोच को चैकिंग के लिए रोका। बस की चैकिंग के दौरान पुलिस ने एक बैग से एक किलो आठ सौ छः ग्राम चरस बरामद की। पूछताछ करने पर पता चला की उक्त बैग अर्जुन शर्मा का है। पुलिस ने मौके पर व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मनाली - समर सीजन को ध्यान में रख अब भुंतर हवाई अड्डे पर सप्ताह के सातों दिन एयर इंडिया का 72 सीटर विमान उतरेगा। कुल्लू-मनाली घूमने आने वाले सैलानियों को यह सुविधा समर सीजन में हवाई सेवा प्रदान करवाने वाली कंपनी ने दी है। भुंतर एयरपोर्ट में तैनात एयर इंडिया के स्टेशन मैनेजर जेएस रावत ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि अब कुल्लू-मनाली आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट सप्ताह के सातों दिन आएगी। उन्होंने बताया कि समर सीजन को ध्यान में रखते हुए एयर इंडिया ने यह बदलाव किया है। भुंतर हवाई अड्डे पर सबसे एयर इंडिया की दो फ्लाइ पहले छह दिन तक आती थी अब इसे बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि एयर इंडिया की पहली उड़ान दिल्ली से भुंतर, दूसरी भुंतर से चंडीगढ़ के लिए भरी जाती है। इसी के बाद यही फ्लाइट चंडीगढ़ से भुंतर के लिए आती है। लिहाजा सैलानियों को समर सीजन के अगाज पर अब यह से सप्ताह के सातों दिन मिलेगी। जीवनसंगी की तलाश है? तो आज ही भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
मनाली - समर सीजन को ध्यान में रख अब भुंतर हवाई अड्डे पर सप्ताह के सातों दिन एयर इंडिया का बहत्तर सीटर विमान उतरेगा। कुल्लू-मनाली घूमने आने वाले सैलानियों को यह सुविधा समर सीजन में हवाई सेवा प्रदान करवाने वाली कंपनी ने दी है। भुंतर एयरपोर्ट में तैनात एयर इंडिया के स्टेशन मैनेजर जेएस रावत ने खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि अब कुल्लू-मनाली आने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट सप्ताह के सातों दिन आएगी। उन्होंने बताया कि समर सीजन को ध्यान में रखते हुए एयर इंडिया ने यह बदलाव किया है। भुंतर हवाई अड्डे पर सबसे एयर इंडिया की दो फ्लाइ पहले छह दिन तक आती थी अब इसे बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि एयर इंडिया की पहली उड़ान दिल्ली से भुंतर, दूसरी भुंतर से चंडीगढ़ के लिए भरी जाती है। इसी के बाद यही फ्लाइट चंडीगढ़ से भुंतर के लिए आती है। लिहाजा सैलानियों को समर सीजन के अगाज पर अब यह से सप्ताह के सातों दिन मिलेगी। जीवनसंगी की तलाश है? तो आज ही भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करे!
घुमंतु पत्रकार दिनेश कंडवाल अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका रविवार को ओएनजीसी अस्पताल में निधन हो गया। देहरादून, जेएनएन। देहरादून डिस्कवर मासिक पत्रिका के संपादक दिनेश कंडवाल अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका रविवार को ओएनजीसी अस्पताल में निधन हो गया। दो दिन पहले ही आंतों में इंफेक्शन के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यायावर घुमंतू पत्रकार दिनेश कंडवाल ने अपनी जिंदगी की शुरुआती दौर की पत्रकारिता ऋषिकेश में एक अखबार से की थी। इसके बाद उन्होंने पार्टनरशिप में प्रिटिंग प्रेस चलाई और एक अखबार का संपादन भी किया। ओएनजीसी में नौकरी लगने के बाद भी उन्होंने अपना लेखन कार्य जारी रखा। स्वागत पत्रिका, धर्मयुग, कादम्बनी, हिन्दुस्तान, नवीन पराग, सन्डे मेल समेत दर्जनों पत्र-पत्रिकाओं में उनके लेख छपते रहते थे। नॉर्थ ईस्ट में त्रिपुरा सरकार ने उनकी किताब 'त्रिपुरा की आदिवासी लोककथाएं' प्रकाशित की, जो आज भी वहां की स्टाल पर सजी मिलती है। इसके अलावा उन्होंने ओएनजीसी की त्रिपुरा मैगजीन 'त्रिपुरेश्वरी' पत्रिका का सालों संपादन किया। कंडवाल ट्रेकिंग के भी बेहद शौकीन थे। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट से लेकर उत्तराखंड के उच्च हिमालय क्षेत्र के विभिन्न स्थलों की यात्राएं शामिल रहीं, जिन पर उन्होंने बड़े-बड़े लेख भी लिखे। उनकी यात्राओं में 1985 संदक-फ़ो(दार्जलिंग)-संगरीला(12000 फिट सिक्किम ), 'थोरांग-ला पास'(18500 फिट) दर्रे, डिजोकु-वैली ट्रैक, मेघालय में 'लिविंग रूट ब्रिज' ट्रैक गढवाल-कुमाऊं में कई यात्राओं में वैली ऑफ फ्लावर, मद्महेश्वर, दूणी-भितरी, मोंडा-बलावट-चाईशिल बेस कैंप, देवजानी-केदारकांठा बेस, तालुका-हर-की-दून बेस इत्यादि दर्जनों यात्राओं के अलावा लद्दाख की 'सिन्दू-जसकार नदी संगम का चादर ट्रैक' प्रमुख हैं। लगभग 66 साल की उम्र में उनकी अंतिम यात्रा 'हिमालयन दिग्दर्शन ढाकर शोध यात्रा 2020' शामिल रही, जिसमें उन्होंने चार दिन की ऐतिहासिक शोध यात्रा में लगभग 42 किलोमीटर पैदल समेत 174 किमी. की यात्रा की। उनके निधन पर जिलाधिकारी पौड़ी ने उनकी पौड़ी गढ़वाल की अंतिम यात्रा का स्मरण करते उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने इसे पत्रकारिता जगत के लिए बड़ा आघात बताया।
घुमंतु पत्रकार दिनेश कंडवाल अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका रविवार को ओएनजीसी अस्पताल में निधन हो गया। देहरादून, जेएनएन। देहरादून डिस्कवर मासिक पत्रिका के संपादक दिनेश कंडवाल अब हमारे बीच नहीं रहे। उनका रविवार को ओएनजीसी अस्पताल में निधन हो गया। दो दिन पहले ही आंतों में इंफेक्शन के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यायावर घुमंतू पत्रकार दिनेश कंडवाल ने अपनी जिंदगी की शुरुआती दौर की पत्रकारिता ऋषिकेश में एक अखबार से की थी। इसके बाद उन्होंने पार्टनरशिप में प्रिटिंग प्रेस चलाई और एक अखबार का संपादन भी किया। ओएनजीसी में नौकरी लगने के बाद भी उन्होंने अपना लेखन कार्य जारी रखा। स्वागत पत्रिका, धर्मयुग, कादम्बनी, हिन्दुस्तान, नवीन पराग, सन्डे मेल समेत दर्जनों पत्र-पत्रिकाओं में उनके लेख छपते रहते थे। नॉर्थ ईस्ट में त्रिपुरा सरकार ने उनकी किताब 'त्रिपुरा की आदिवासी लोककथाएं' प्रकाशित की, जो आज भी वहां की स्टाल पर सजी मिलती है। इसके अलावा उन्होंने ओएनजीसी की त्रिपुरा मैगजीन 'त्रिपुरेश्वरी' पत्रिका का सालों संपादन किया। कंडवाल ट्रेकिंग के भी बेहद शौकीन थे। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट से लेकर उत्तराखंड के उच्च हिमालय क्षेत्र के विभिन्न स्थलों की यात्राएं शामिल रहीं, जिन पर उन्होंने बड़े-बड़े लेख भी लिखे। उनकी यात्राओं में एक हज़ार नौ सौ पचासी संदक-फ़ो-संगरीला, 'थोरांग-ला पास' दर्रे, डिजोकु-वैली ट्रैक, मेघालय में 'लिविंग रूट ब्रिज' ट्रैक गढवाल-कुमाऊं में कई यात्राओं में वैली ऑफ फ्लावर, मद्महेश्वर, दूणी-भितरी, मोंडा-बलावट-चाईशिल बेस कैंप, देवजानी-केदारकांठा बेस, तालुका-हर-की-दून बेस इत्यादि दर्जनों यात्राओं के अलावा लद्दाख की 'सिन्दू-जसकार नदी संगम का चादर ट्रैक' प्रमुख हैं। लगभग छयासठ साल की उम्र में उनकी अंतिम यात्रा 'हिमालयन दिग्दर्शन ढाकर शोध यात्रा दो हज़ार बीस' शामिल रही, जिसमें उन्होंने चार दिन की ऐतिहासिक शोध यात्रा में लगभग बयालीस किलोग्राममीटर पैदल समेत एक सौ चौहत्तर किमी. की यात्रा की। उनके निधन पर जिलाधिकारी पौड़ी ने उनकी पौड़ी गढ़वाल की अंतिम यात्रा का स्मरण करते उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पद्मश्री प्रीतम भरतवाण ने इसे पत्रकारिता जगत के लिए बड़ा आघात बताया।
USA vs Jersey: वर्ल्ड कप 2023 (World Cup 2023) का आयोजन इस भारत में होना है। जिसके लिए अभी नामीबिया में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप क्वालीफायर प्ले-ऑफ 2023 (ICC Cricket World Cup Qualifier Play-off 2023) खेला जा रहा है। जिसमें अमेरिका की टीम ने खेले गए 5 मैचों में से 4 मैच जीत कर वर्ल्ड कप क्वालीफायर में अपनी जगह बना ली है। वहीं, 4 अप्रैल को खेले गए मैच में यूनाइटेड स्टेट ने जर्सी को 25 रनों से हराकर क्वालीफायर में जगह बनाई है। वहीं, इस मैच में भारतीय मूल के खिलाड़ी निशाग्र पटेल (Nisarg Patel) ने शानदार प्रदर्शन किया और अपनी टीम को जीत दिलाने में मदद की। आईसीसी क्रिकेट विश्व कप क्वालीफायर प्ले-ऑफ 2023 में 13वां मैच यूनाइटेड स्टेट और जर्सी के बीच खेला गया। इस मुकाबले में जर्सी टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूनाइटेड टीम ने 50 ओवर में 10 विकेट के नुकसान पर 231 रन बनाए। यूनाइटेड की तरफ से सलामी बल्लेबाज स्टीवन टेलर ने 79 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि, वह दुर्भाग्य पूर्ण तरीके से रन आउट हो गए और अपने शतक से चूक गए। वहीं, गजानंद सिंह ने भी 41 रनों की पारी खेली। यूनाइटेड टीम (USA vs Jersey) ने जर्सी टीम को 50 ओवर में 232 रनों का लक्ष्य दिया। जिसके जवाब में जर्सी की टीम मात्र 47. 4 ओवर में 206 रनों पर ही सिमट गई और 25 रनों से मैच हार गई। जर्सी की तरफ से असा ट्राइब ने शानदार 75 रनों की पारी खेली। उनके अलावा बेंजामिन वार्ड ने 46 रनों की पारी खेली। वहीं, यूनाइटेड स्टेट की तरफ से अली खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 9. 4 ओवर में 32 रन देकर 7 विकेट चटकाए। बात करें 8 हजार किलोमीटर दूर भारतीय मूल के खिलाड़ी निशाग्र पटेल की तो इस शानदार खिलाड़ी ने मैच में अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। निशाग्र पटेल का जन्म अहमदाबाद गुजरात में हुआ था। 34 साल के निशाग्र पटेल ने जर्सी के खिलाफ मैच में पहले बल्ले से बहुमूल्य 29 गेंदों में 23 रनों की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 3 चौके देखने को मिले। इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए अपने 10 ओवर में मात्र 42 रन देकर 2 विकेट झटके। वहीं, निशाग्र पटेल ने जर्सी टीम के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज जो की 75 रन बनाकर खेल रहे थे उनका विकेट झटक यूनाइटेड टीम की जीत को आसान बना दिया।
USA vs Jersey: वर्ल्ड कप दो हज़ार तेईस का आयोजन इस भारत में होना है। जिसके लिए अभी नामीबिया में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप क्वालीफायर प्ले-ऑफ दो हज़ार तेईस खेला जा रहा है। जिसमें अमेरिका की टीम ने खेले गए पाँच मैचों में से चार मैच जीत कर वर्ल्ड कप क्वालीफायर में अपनी जगह बना ली है। वहीं, चार अप्रैल को खेले गए मैच में यूनाइटेड स्टेट ने जर्सी को पच्चीस रनों से हराकर क्वालीफायर में जगह बनाई है। वहीं, इस मैच में भारतीय मूल के खिलाड़ी निशाग्र पटेल ने शानदार प्रदर्शन किया और अपनी टीम को जीत दिलाने में मदद की। आईसीसी क्रिकेट विश्व कप क्वालीफायर प्ले-ऑफ दो हज़ार तेईस में तेरहवां मैच यूनाइटेड स्टेट और जर्सी के बीच खेला गया। इस मुकाबले में जर्सी टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूनाइटेड टीम ने पचास ओवर में दस विकेट के नुकसान पर दो सौ इकतीस रन बनाए। यूनाइटेड की तरफ से सलामी बल्लेबाज स्टीवन टेलर ने उन्यासी रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि, वह दुर्भाग्य पूर्ण तरीके से रन आउट हो गए और अपने शतक से चूक गए। वहीं, गजानंद सिंह ने भी इकतालीस रनों की पारी खेली। यूनाइटेड टीम ने जर्सी टीम को पचास ओवर में दो सौ बत्तीस रनों का लक्ष्य दिया। जिसके जवाब में जर्सी की टीम मात्र सैंतालीस. चार ओवर में दो सौ छः रनों पर ही सिमट गई और पच्चीस रनों से मैच हार गई। जर्सी की तरफ से असा ट्राइब ने शानदार पचहत्तर रनों की पारी खेली। उनके अलावा बेंजामिन वार्ड ने छियालीस रनों की पारी खेली। वहीं, यूनाइटेड स्टेट की तरफ से अली खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए नौ. चार ओवर में बत्तीस रन देकर सात विकेट चटकाए। बात करें आठ हजार किलोमीटर दूर भारतीय मूल के खिलाड़ी निशाग्र पटेल की तो इस शानदार खिलाड़ी ने मैच में अपने ऑलराउंडर प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। निशाग्र पटेल का जन्म अहमदाबाद गुजरात में हुआ था। चौंतीस साल के निशाग्र पटेल ने जर्सी के खिलाफ मैच में पहले बल्ले से बहुमूल्य उनतीस गेंदों में तेईस रनों की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से तीन चौके देखने को मिले। इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी में भी कमाल करते हुए अपने दस ओवर में मात्र बयालीस रन देकर दो विकेट झटके। वहीं, निशाग्र पटेल ने जर्सी टीम के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज जो की पचहत्तर रन बनाकर खेल रहे थे उनका विकेट झटक यूनाइटेड टीम की जीत को आसान बना दिया।
साउथ इंडस्ट्री की अदाकारा रश्मिका मंदाना को "नेशनल क्रश" के नाम से जाना जाता है. उनका क्यूट अंदाज फैंस को उनका दीवाना बना देता है. रश्मिका मंदाना ने फिल्म "अलविदा" से बॉलीवुड इंडस्ट्री में भी कदम रखा है. इसके बाद वह जल्द ही फिल्म 'जंवर' में नजर आएंगी. इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर भी नजर आएंगे. हालांकि इस समय रश्मिका अपनी प्रोफेशनल लाइफ से अधिक अपनी व्यक्तिगत जीवन को लेकर चर्चा में रहती हैं. काफी समय से बताया जा रहा था कि रश्मिका और विजय देवरकोंडा रिलेशनशिप में हैं और उन्हें कई बार साथ में स्पॉट भी किया जा चुका है। दोनों की डेटिंग की खबरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं, लेकिन अभी तक न तो रश्मिका और न ही विजय ने इस अफवाह पर कोई बयान दिया है. अब इसी बीच एक नयी समाचार सामने आ रही है कि रश्मिका को विजय देवरकोंडा से नहीं बल्कि किसी और से प्यार हो गया है. रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि रश्मिका केवल विजय देवरकोंडा से ही नहीं बल्कि बेलमकोंडा साईं श्रीनिवास से भी प्यार करती हैं. बेलमकोंडा तेलुगु फिल्मों के अदाकार हैं. बताया जा रहा है कि दोनों काफी समय से एक दूसरे को डेट कर रहे हैं. रश्मिका और बेलमकोंडा को पब्लिकली भी साथ देखा जा चुका है और ये सच है कि रश्मिका और श्रीनिवास एक दूसरे से दिल हार बैठे हैं. इस वजह से ये एक दूसरे को डेट भी कर सकते हैं. आपको बता दें कि हाल ही में रश्मिका और श्रीनिवास को एक साथ अवॉर्ड फंक्शन के रेड कार्पेट पर देखा गया था, जिसके बाद से दोनों की डेटिंग की खबरें सोशल मीडिया पर हवा की तरह फैल रही हैं. हालांकि अब तक रश्मिका मंदाना और बेलमकोंडा में से किसी ने भी अपने संबंध को लेकर खुलासा नहीं किया है. ऐसे में सोशल मीडिया पर इनकी डेटिंग की खबरें हवा की तरह फैली हुई हैं. हालांकि कुछ समय पहले विजय और रश्मिका की डेटिंग की खबरें भी सुर्खियों में रही थीं. जब विजय "कॉफ़ी विद करण" शो में आए, तो उन्होंने खुलासा किया कि रश्मिका उनकी केवल एक अच्छी दोस्त हैं. इसके बाद अब रश्मिका और श्रीनिवास की डेटिंग की खबरें सुर्खियों में बनी हुई हैं.
साउथ इंडस्ट्री की अदाकारा रश्मिका मंदाना को "नेशनल क्रश" के नाम से जाना जाता है. उनका क्यूट अंदाज फैंस को उनका दीवाना बना देता है. रश्मिका मंदाना ने फिल्म "अलविदा" से बॉलीवुड इंडस्ट्री में भी कदम रखा है. इसके बाद वह जल्द ही फिल्म 'जंवर' में नजर आएंगी. इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर भी नजर आएंगे. हालांकि इस समय रश्मिका अपनी प्रोफेशनल लाइफ से अधिक अपनी व्यक्तिगत जीवन को लेकर चर्चा में रहती हैं. काफी समय से बताया जा रहा था कि रश्मिका और विजय देवरकोंडा रिलेशनशिप में हैं और उन्हें कई बार साथ में स्पॉट भी किया जा चुका है। दोनों की डेटिंग की खबरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं, लेकिन अभी तक न तो रश्मिका और न ही विजय ने इस अफवाह पर कोई बयान दिया है. अब इसी बीच एक नयी समाचार सामने आ रही है कि रश्मिका को विजय देवरकोंडा से नहीं बल्कि किसी और से प्यार हो गया है. रिपोर्ट के अनुसार बताया जा रहा है कि रश्मिका केवल विजय देवरकोंडा से ही नहीं बल्कि बेलमकोंडा साईं श्रीनिवास से भी प्यार करती हैं. बेलमकोंडा तेलुगु फिल्मों के अदाकार हैं. बताया जा रहा है कि दोनों काफी समय से एक दूसरे को डेट कर रहे हैं. रश्मिका और बेलमकोंडा को पब्लिकली भी साथ देखा जा चुका है और ये सच है कि रश्मिका और श्रीनिवास एक दूसरे से दिल हार बैठे हैं. इस वजह से ये एक दूसरे को डेट भी कर सकते हैं. आपको बता दें कि हाल ही में रश्मिका और श्रीनिवास को एक साथ अवॉर्ड फंक्शन के रेड कार्पेट पर देखा गया था, जिसके बाद से दोनों की डेटिंग की खबरें सोशल मीडिया पर हवा की तरह फैल रही हैं. हालांकि अब तक रश्मिका मंदाना और बेलमकोंडा में से किसी ने भी अपने संबंध को लेकर खुलासा नहीं किया है. ऐसे में सोशल मीडिया पर इनकी डेटिंग की खबरें हवा की तरह फैली हुई हैं. हालांकि कुछ समय पहले विजय और रश्मिका की डेटिंग की खबरें भी सुर्खियों में रही थीं. जब विजय "कॉफ़ी विद करण" शो में आए, तो उन्होंने खुलासा किया कि रश्मिका उनकी केवल एक अच्छी दोस्त हैं. इसके बाद अब रश्मिका और श्रीनिवास की डेटिंग की खबरें सुर्खियों में बनी हुई हैं.
मां को भगवान का दर्जा दिया गया है। हर व्यक्ति को मां का आदर सत्कार करना चाहिए। उनका भूलकर भी अपमान नहीं करना चाहिए। सभी धर्म ग्रंथों में भी मां को सम्मान करने व उनका अपमान नहीं करने को कहा है। मां की सेवा करने से व्यक्ति को जीवन में सफलता मिलती है। यदि व्यक्ति मां का अपमान करता है तो उनसे भगवान नाराज हो जाते हैं और उनके जीवन में दुखों का साया मंडराने लगता है। इसके अतिरिक्त उन्हें पुण्य कर्मों का भी फल नहीं मिलता। इसलिए कभी भी मां का अपमान नहीं करना चाहिए। व्यक्ति को अपने पिता का सम्मान करना चाहिए। जो लोग अपने माता-पिता का अपमान करते हैं, उनका कहना नहीं मानते उन्हें पशु के समान माना जाता है। माता-पिता का अपमान करने वाले लोग जीवन में कभी तरक्की नहीं कर पाते और न ही उन्हें समाज में मान-सम्मान मिलता है। किसी को भी अपने माता-पिता का अपमान नहीं करना चाहिए। गुरु से हमें शिक्षा और ज्ञान की प्राप्ति होती है। माता-पिता के बाद गुरु ही एक ऐसा व्यक्ति है जो व्यक्ति को ज्ञान प्रदान करता है। गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए। जो लोग गुरु का सम्मान नहीं करते, उनके द्वारा दी शिक्षा का अनादर करते हैं उन्हें जीवन में कभी भी सफलता नहीं मिलती। गुरु का अपमान करने से पाप लगता है। जिसका प्रायश्चित किसी भी तरह नहीं किया जा सकता है। व्यक्ति को सदैव गुरु का सम्मान करना चाहिए। पंडित व ज्ञानी को देवतुल्य माना जाता है। ज्ञानी लोगों की संगति करने से व्यक्ति को कई लाभ प्राप्त होते हैं। ज्ञानी व्यक्ति अपनी सूझ-बूझ से हमारी हर परेशानी का हल निकाल सकता है। ऐसे लोगों का अपमान महापाप माना जाता है। इनका अपमान करने पर व्यक्ति को कई दुष्परिणामों का सामना करना पड़ता है। इसलिए ऐसे लोगों का सदैव सम्मान करना चाहिए।
मां को भगवान का दर्जा दिया गया है। हर व्यक्ति को मां का आदर सत्कार करना चाहिए। उनका भूलकर भी अपमान नहीं करना चाहिए। सभी धर्म ग्रंथों में भी मां को सम्मान करने व उनका अपमान नहीं करने को कहा है। मां की सेवा करने से व्यक्ति को जीवन में सफलता मिलती है। यदि व्यक्ति मां का अपमान करता है तो उनसे भगवान नाराज हो जाते हैं और उनके जीवन में दुखों का साया मंडराने लगता है। इसके अतिरिक्त उन्हें पुण्य कर्मों का भी फल नहीं मिलता। इसलिए कभी भी मां का अपमान नहीं करना चाहिए। व्यक्ति को अपने पिता का सम्मान करना चाहिए। जो लोग अपने माता-पिता का अपमान करते हैं, उनका कहना नहीं मानते उन्हें पशु के समान माना जाता है। माता-पिता का अपमान करने वाले लोग जीवन में कभी तरक्की नहीं कर पाते और न ही उन्हें समाज में मान-सम्मान मिलता है। किसी को भी अपने माता-पिता का अपमान नहीं करना चाहिए। गुरु से हमें शिक्षा और ज्ञान की प्राप्ति होती है। माता-पिता के बाद गुरु ही एक ऐसा व्यक्ति है जो व्यक्ति को ज्ञान प्रदान करता है। गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए। जो लोग गुरु का सम्मान नहीं करते, उनके द्वारा दी शिक्षा का अनादर करते हैं उन्हें जीवन में कभी भी सफलता नहीं मिलती। गुरु का अपमान करने से पाप लगता है। जिसका प्रायश्चित किसी भी तरह नहीं किया जा सकता है। व्यक्ति को सदैव गुरु का सम्मान करना चाहिए। पंडित व ज्ञानी को देवतुल्य माना जाता है। ज्ञानी लोगों की संगति करने से व्यक्ति को कई लाभ प्राप्त होते हैं। ज्ञानी व्यक्ति अपनी सूझ-बूझ से हमारी हर परेशानी का हल निकाल सकता है। ऐसे लोगों का अपमान महापाप माना जाता है। इनका अपमान करने पर व्यक्ति को कई दुष्परिणामों का सामना करना पड़ता है। इसलिए ऐसे लोगों का सदैव सम्मान करना चाहिए।
ज्यादातर बच्चे खाने पीने की चीजों में नखरे करते है, ऐसे में जो बच्चे कमजोर होते है उनके लिए पेरेंट्स परेशान हो जाते है ,क्योकि बच्चों को हर रोज विटामिन्स, मिनरल्स, फैट और प्रोटीन का संतुलित मात्रा में सेवन करना जरुरी होता है ये उनके शरीर के विकास के लिए जरूरी है. तो आज हम जानेंगे कि बच्चों के आहार में किन चीजों को शामिल करना है जो उनके लिए जरूरी है. अगर आपका बच्चा कमजोर है तो उसका वजन बढ़ाने के लिए उसे नियमित रूप से दाल का पानी पीने को दें इससे बच्चे का वजन बढ़ेगा क्योकि दाल में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है. बच्चो का वजन बढ़ाने के लिए बच्चो को मलाई वाला दूध पिलाये इसमें पर्याप्त मात्रा में वसा पाया जाता है. साथ ही बच्चो के सेवन के लिए काफी फायदेमंद भी होता है. अगर बच्चा दूध पीने में नाटक कर रहा है तो आप शेक या फिर चॉकलेट पाउडर मिक्स करके उसे पिलाने की कोशिश करें. जो बच्चे कमजोर होते है उनको केले का शेक या दूध और केला खिलाये इससे बच्चे के वजन में वृद्धि होगी. आप बच्चो को अंडा और आलू खिलाये, आलू में कार्बोहाईड्रेट और अंडे में प्रोटीन काफी मात्रा में पाया जाता है, जिससे बच्चो का वजन बढ़ता है. आप चाहे तो बच्चो को शकरकंद खिलाये, शकरकंद में फाइबर, पोटेशियम, विटामिन ए, बी और सी से भरपूर होता है. जो बच्चो का वजन बढ़ाने में मदद करता है.
ज्यादातर बच्चे खाने पीने की चीजों में नखरे करते है, ऐसे में जो बच्चे कमजोर होते है उनके लिए पेरेंट्स परेशान हो जाते है ,क्योकि बच्चों को हर रोज विटामिन्स, मिनरल्स, फैट और प्रोटीन का संतुलित मात्रा में सेवन करना जरुरी होता है ये उनके शरीर के विकास के लिए जरूरी है. तो आज हम जानेंगे कि बच्चों के आहार में किन चीजों को शामिल करना है जो उनके लिए जरूरी है. अगर आपका बच्चा कमजोर है तो उसका वजन बढ़ाने के लिए उसे नियमित रूप से दाल का पानी पीने को दें इससे बच्चे का वजन बढ़ेगा क्योकि दाल में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है. बच्चो का वजन बढ़ाने के लिए बच्चो को मलाई वाला दूध पिलाये इसमें पर्याप्त मात्रा में वसा पाया जाता है. साथ ही बच्चो के सेवन के लिए काफी फायदेमंद भी होता है. अगर बच्चा दूध पीने में नाटक कर रहा है तो आप शेक या फिर चॉकलेट पाउडर मिक्स करके उसे पिलाने की कोशिश करें. जो बच्चे कमजोर होते है उनको केले का शेक या दूध और केला खिलाये इससे बच्चे के वजन में वृद्धि होगी. आप बच्चो को अंडा और आलू खिलाये, आलू में कार्बोहाईड्रेट और अंडे में प्रोटीन काफी मात्रा में पाया जाता है, जिससे बच्चो का वजन बढ़ता है. आप चाहे तो बच्चो को शकरकंद खिलाये, शकरकंद में फाइबर, पोटेशियम, विटामिन ए, बी और सी से भरपूर होता है. जो बच्चो का वजन बढ़ाने में मदद करता है.
नई दिल्लीः सरकार ने तेल (Oil) एवं गैस (Gas) खोज के क्षेत्र में निजी और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिये इससे जुड़ी नीति में अहम बदलाव किये हैं. सरकार कम खोज वाले ब्लॉक में निवेशक द्वारा तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने की स्थिति में उस पर लाभ में कोई हिस्सा नहीं मांगेगी. घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिये निजी और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के इरादे से यह कदम उठाया गया है. सभी अवसादी बेसिनों के लिये एक समान अनुबंध व्यवस्था की ढाई दशक पुरानी नीति में बदलाव करते हुए नई नीति में अलग-अलग क्षेत्रों के लिये भिन्न नियम बनाये गये हैं. इसके तहत वैसे क्षेत्रों के लिये अलग-अलग नियम होंगे जहां पहले से उत्पादन हो रहा है और ऐसे क्षेत्र जहां तेल एवं गैस का वाणिज्यिक उत्पादन अभी शुरू होना है. आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार बेसिन की स्थिति पर विचार किये बिना उत्पादकों को भविष्य में बोली दौर में तेल एवं गैस के लिये विपणन और कीमत के मामले में आजादी होगी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 फरवरी को नियम में बदलाव को मंजूरी दी. इसमें कहा गया है कि भविष्य में सभी तेल एवं गैस क्षेत्र या ब्लाक का आबंटन प्राथमिक रूप से खोज कार्यों को लेकर जतायी गयी प्रतिबद्धता के आधार पर किये जाएंगे. भारत ने 1999 में नई खोज लाइसेंसिंग नीति (Licensing Policy) के तहत तेल एवं गैस खोज ब्लाक के लिये बोली आमंत्रित की. इसमें ब्लाक उन कंपनियों को आबंटित किये जाते हैं जो अधिकतम कार्य की प्रतिबद्धता जताते है. लेकिन कंपनियों को उन क्षेत्रों में खोज तथा अन्य कार्यों पर आने वाली अपनी लागत पूरी होने के बाद लाभ को सरकार के साथ साझा करना होता है. दो साल पहले भाजपा सरकार ने इस नीति के स्थान पर हाइड्रोकार्बन खोज एवं लाइसेंसिंग नीति (एचईएलपी) को पेश किया. इसमें विभिन्न स्तर की कीमत एवं उत्पादन के आधार पर अधिकतम राजस्व की पेशकश करने वाली कंपनियों को ब्लाक आबंटित किये जाते हैं. एचईएलपी की नीति उत्पादन बढ़ाने या नये निवेशकों को लाने में विफल रही. अब नई जारी अधिसूचना में कहा गया है कि अवसादी बेसिन वाले क्षेत्रों में बिना खोज / आबंटित क्षेत्रों में खोज गतिविधियों में तेजी लाने और घरेलू तथा विदेशी निवेश आकर्षित करने एवं तेल एवं गैस का उत्पादन बढ़ाने को लेकर नई नीति तैयार की गयी है. ताजा नीति के तहत पहली श्रेणी के बेसिन स्थित ब्लॉकों को 70:30 के अनुपात में खोज कार्य और राजस्व भागीदारी की पेशकश करने वालों को आवंटित किये जायेंगे. वहीं दूसरी और तीसरी श्रेणी में आने वाले बेसिनों को विशेष तौर पर खोज कार्य कार्यक्रम को लेकर लगने वाली अंतरराष्ट्रीय बोली के आधार पर दिया जायेगा.
नई दिल्लीः सरकार ने तेल एवं गैस खोज के क्षेत्र में निजी और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिये इससे जुड़ी नीति में अहम बदलाव किये हैं. सरकार कम खोज वाले ब्लॉक में निवेशक द्वारा तेल एवं गैस उत्पादन बढ़ाने की स्थिति में उस पर लाभ में कोई हिस्सा नहीं मांगेगी. घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिये निजी और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के इरादे से यह कदम उठाया गया है. सभी अवसादी बेसिनों के लिये एक समान अनुबंध व्यवस्था की ढाई दशक पुरानी नीति में बदलाव करते हुए नई नीति में अलग-अलग क्षेत्रों के लिये भिन्न नियम बनाये गये हैं. इसके तहत वैसे क्षेत्रों के लिये अलग-अलग नियम होंगे जहां पहले से उत्पादन हो रहा है और ऐसे क्षेत्र जहां तेल एवं गैस का वाणिज्यिक उत्पादन अभी शुरू होना है. आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार बेसिन की स्थिति पर विचार किये बिना उत्पादकों को भविष्य में बोली दौर में तेल एवं गैस के लिये विपणन और कीमत के मामले में आजादी होगी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अट्ठाईस फरवरी को नियम में बदलाव को मंजूरी दी. इसमें कहा गया है कि भविष्य में सभी तेल एवं गैस क्षेत्र या ब्लाक का आबंटन प्राथमिक रूप से खोज कार्यों को लेकर जतायी गयी प्रतिबद्धता के आधार पर किये जाएंगे. भारत ने एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में नई खोज लाइसेंसिंग नीति के तहत तेल एवं गैस खोज ब्लाक के लिये बोली आमंत्रित की. इसमें ब्लाक उन कंपनियों को आबंटित किये जाते हैं जो अधिकतम कार्य की प्रतिबद्धता जताते है. लेकिन कंपनियों को उन क्षेत्रों में खोज तथा अन्य कार्यों पर आने वाली अपनी लागत पूरी होने के बाद लाभ को सरकार के साथ साझा करना होता है. दो साल पहले भाजपा सरकार ने इस नीति के स्थान पर हाइड्रोकार्बन खोज एवं लाइसेंसिंग नीति को पेश किया. इसमें विभिन्न स्तर की कीमत एवं उत्पादन के आधार पर अधिकतम राजस्व की पेशकश करने वाली कंपनियों को ब्लाक आबंटित किये जाते हैं. एचईएलपी की नीति उत्पादन बढ़ाने या नये निवेशकों को लाने में विफल रही. अब नई जारी अधिसूचना में कहा गया है कि अवसादी बेसिन वाले क्षेत्रों में बिना खोज / आबंटित क्षेत्रों में खोज गतिविधियों में तेजी लाने और घरेलू तथा विदेशी निवेश आकर्षित करने एवं तेल एवं गैस का उत्पादन बढ़ाने को लेकर नई नीति तैयार की गयी है. ताजा नीति के तहत पहली श्रेणी के बेसिन स्थित ब्लॉकों को सत्तर:तीस के अनुपात में खोज कार्य और राजस्व भागीदारी की पेशकश करने वालों को आवंटित किये जायेंगे. वहीं दूसरी और तीसरी श्रेणी में आने वाले बेसिनों को विशेष तौर पर खोज कार्य कार्यक्रम को लेकर लगने वाली अंतरराष्ट्रीय बोली के आधार पर दिया जायेगा.
हैदराबाद। तिरुपति के वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय परिसर में 3 से 7 जनवरी तक 104वें 'प्राइड ऑफ इंडिया साइंस एक्सपो-2017' में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने हिस्सा लिया। पांच दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम का 104वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस-2017 के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। इस बड़ी विज्ञान प्रदर्शनी में डीआरडीओ मंडप का उद्घाटन 3 जनवरी को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने किया था। उन्होंने इस दौरान डीआरडीओ के लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का दौरा कर संगठन के विभिन्न उत्पादों एवं प्रौद्योगिकी में अपनी रुचि भी दिखाई। विज्ञान प्रदर्शनी में 'फ्रंटरियर ऑफ डिफेंस रिसर्च' नाम से एक समापन सत्र का भी आयोजन किया गया। रक्षामंत्री के रक्षा सलाहकार और डीआरडीओ के महानिदेशक डॉ सतीश रेड्डी सत्र के संयोजक थे। सत्र में डीआरडीओ के प्रमुख वैज्ञानिकों, मुख्य नियंत्रक मानव संसाधन एवं प्रौद्योगिकी प्रबंधन के एमडी हफिजुर्रहमान, महानिदेशक माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस एंड कंप्यूटेशनल सिस्टम डॉ जी अतिथन, महानिदेशक जीव विज्ञान डॉ शशिबाला सिंह और डीआरडीएल हैदराबाद के डॉ बीएस सुभाषचंद्रन ने विचार प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में डीआरडीओ की 40 प्रयोगशालाओं ने भाग लिया, जिसमें 'मेक इन इंडिया' की भावना को प्रदर्शित करती हुईं आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव की कहानियों का वर्णन किया गया। आउटडोर उत्पादों की प्रदर्शनी में लंबी दूर तक जमीन से जमीन पर मार करने वाली अग्नि-5, आकाश शस्त्र प्रणाली, शौर्य मिसाइल ब्रह्मोस मिसाइल का मॉडल, दूर संवेदी प्रणाली से संचालित होनेवाला दक्ष रेाबोट मुख्य आकर्षण रहे। इनडोर उत्पादों की प्रदर्शनी में एईडब्ल्यू एंड सी, एलसीए तेजस, रुस्तम, यूएवी, उन्नत हल्के वजन का तापिडो, मल्टी मोड हैंडग्रेनेड, एनबीसी सूइट, एंटी माइन्स बूट, माइक्रो वेव पावर मोड्यूल, एस-बैंड एमएसएस टर्मिनल, इंटेग्रेटेड मल्टी फंक्शन साइट प्रीएंपटर सिस्टम, ऊष्मन तंत्र-बुखारी, अलोकल क्रीम, तैयार डिब्बाबंद भोजन, रस सहित अनेक जीव विज्ञान संबंधी उत्पाद भी शामिल थे। दर्शकों और छात्रों के बीच डीआरडीओ का मंडप आकर्षण का केंद्र था।
हैदराबाद। तिरुपति के वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय परिसर में तीन से सात जनवरी तक एक सौ चारवें 'प्राइड ऑफ इंडिया साइंस एक्सपो-दो हज़ार सत्रह' में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने हिस्सा लिया। पांच दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम का एक सौ चारवें भारतीय विज्ञान कांग्रेस-दो हज़ार सत्रह के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। इस बड़ी विज्ञान प्रदर्शनी में डीआरडीओ मंडप का उद्घाटन तीन जनवरी को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने किया था। उन्होंने इस दौरान डीआरडीओ के लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का दौरा कर संगठन के विभिन्न उत्पादों एवं प्रौद्योगिकी में अपनी रुचि भी दिखाई। विज्ञान प्रदर्शनी में 'फ्रंटरियर ऑफ डिफेंस रिसर्च' नाम से एक समापन सत्र का भी आयोजन किया गया। रक्षामंत्री के रक्षा सलाहकार और डीआरडीओ के महानिदेशक डॉ सतीश रेड्डी सत्र के संयोजक थे। सत्र में डीआरडीओ के प्रमुख वैज्ञानिकों, मुख्य नियंत्रक मानव संसाधन एवं प्रौद्योगिकी प्रबंधन के एमडी हफिजुर्रहमान, महानिदेशक माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस एंड कंप्यूटेशनल सिस्टम डॉ जी अतिथन, महानिदेशक जीव विज्ञान डॉ शशिबाला सिंह और डीआरडीएल हैदराबाद के डॉ बीएस सुभाषचंद्रन ने विचार प्रस्तुत किए। प्रदर्शनी में डीआरडीओ की चालीस प्रयोगशालाओं ने भाग लिया, जिसमें 'मेक इन इंडिया' की भावना को प्रदर्शित करती हुईं आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव की कहानियों का वर्णन किया गया। आउटडोर उत्पादों की प्रदर्शनी में लंबी दूर तक जमीन से जमीन पर मार करने वाली अग्नि-पाँच, आकाश शस्त्र प्रणाली, शौर्य मिसाइल ब्रह्मोस मिसाइल का मॉडल, दूर संवेदी प्रणाली से संचालित होनेवाला दक्ष रेाबोट मुख्य आकर्षण रहे। इनडोर उत्पादों की प्रदर्शनी में एईडब्ल्यू एंड सी, एलसीए तेजस, रुस्तम, यूएवी, उन्नत हल्के वजन का तापिडो, मल्टी मोड हैंडग्रेनेड, एनबीसी सूइट, एंटी माइन्स बूट, माइक्रो वेव पावर मोड्यूल, एस-बैंड एमएसएस टर्मिनल, इंटेग्रेटेड मल्टी फंक्शन साइट प्रीएंपटर सिस्टम, ऊष्मन तंत्र-बुखारी, अलोकल क्रीम, तैयार डिब्बाबंद भोजन, रस सहित अनेक जीव विज्ञान संबंधी उत्पाद भी शामिल थे। दर्शकों और छात्रों के बीच डीआरडीओ का मंडप आकर्षण का केंद्र था।
फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमारे देश में निवेश का सबसे सुरक्षित और आकर्षक विकल्प रहा है. जहां कस्टमर अपना पैसा लगा उससे लाभ कमाता है. बैंकों द्वारा दी जाने वाली सावधि जमाओं के प्रकार होते हैं. आइए बताते हैं उनमें से कौन विकल्प है आपके लिए अच्छा. रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिटः रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिट कस्टमर को एक पूर्व निर्धारित ब्याज दर पर एक निश्चित अवधि के लिए अपना पैसा निवेश करना होता है. रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिट की समय अवधि 7 दिन से 10 वर्ष तक की होती है. यह निवेशकों द्वारा चुना गया सबसे लोकप्रिय एफडी विकल्प है. लगभग हर बैंक अपने ग्राहकों को रेगुलर FD की सुविधा देता है. इसमें ग्राहक एफडी का समय पूरा होने से पहले भी निकाल सकता है. टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिटः अगर आप भी टैक्स बचाने के लिए निवेश के एक बेहतर साधन की तलाश में हैं तो फिक्स्ड डिपॉजिट एक बढ़िया विकल्प हो सकता है. टैक्स बचत के उद्देश्य से कई लोग निवेश के इस साधन का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि इसमें शेयर की तुलना में जोखिम कम होता है. कोई व्यक्ति इन फिक्स्ड डिपॉजिट में किसी भी पब्लिक या प्राइवेट बैंक के जरिए निवेश कर सकता है, लेकिन को-ऑपरेटिव और ग्रामीण बैंकों में एफडी निवेश नहीं होता. इन डिपॉजिट का लॉक-इन पीरियड 5 साल है. एफडी पर प्रीमैच्योर विदड्रॉल और लोन की अनुमति नहीं है. विशेष सावधि जमा / गैर निकासी एफडीः यह एफडी आमतौर पर एक विशेष समय अवधि के लिए पेश की जाती है जो कुछ भी सकती है. जैसे 290 दिन या 390 दिन, आदि. इसमें एफडी के पूरा होने से पहले उसे नहीं निकाला जा सकता. इस पर ब्याज दर भी बाकी से अधिक होती है. सीनियर सिटिजन फिक्स्ड डिपॉजिटः सीनियर सिटिजन फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को यह एफडी खाता खोलने की अनुमति देती है. ये जमा पर नियमित ब्याज दरों से लगभग 0. 50% ज्यादा ब्याज दिया जाता है. नियमित आय फिक्स्ड डिपॉजिटः ये डिपॉजिट उन लोगों के लिए उपयुक्त हैं जो आय के स्रोत के रूप में एफडी पर निर्भर हैं. ये एफडी आपको मासिक या त्रैमासिक आधार पर नियमित भुगतान का विकल्प चुनने की अनुमति देते हैं. रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिटः रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिट कस्टमर को एक पूर्व निर्धारित ब्याज दर पर एक निश्चित अवधि के लिए अपना पैसा निवेश करना होता है. रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिट की समय अवधि 7 दिन से 10 वर्ष तक की होती है. यह निवेशकों द्वारा चुना गया सबसे लोकप्रिय एफडी विकल्प है. लगभग हर बैंक अपने ग्राहकों को रेगुलर FD की सुविधा देता है. इसमें ग्राहक एफडी का समय पूरा होने से पहले भी निकाल सकता है.
फिक्स्ड डिपॉजिट हमारे देश में निवेश का सबसे सुरक्षित और आकर्षक विकल्प रहा है. जहां कस्टमर अपना पैसा लगा उससे लाभ कमाता है. बैंकों द्वारा दी जाने वाली सावधि जमाओं के प्रकार होते हैं. आइए बताते हैं उनमें से कौन विकल्प है आपके लिए अच्छा. रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिटः रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिट कस्टमर को एक पूर्व निर्धारित ब्याज दर पर एक निश्चित अवधि के लिए अपना पैसा निवेश करना होता है. रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिट की समय अवधि सात दिन से दस वर्ष तक की होती है. यह निवेशकों द्वारा चुना गया सबसे लोकप्रिय एफडी विकल्प है. लगभग हर बैंक अपने ग्राहकों को रेगुलर FD की सुविधा देता है. इसमें ग्राहक एफडी का समय पूरा होने से पहले भी निकाल सकता है. टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिटः अगर आप भी टैक्स बचाने के लिए निवेश के एक बेहतर साधन की तलाश में हैं तो फिक्स्ड डिपॉजिट एक बढ़िया विकल्प हो सकता है. टैक्स बचत के उद्देश्य से कई लोग निवेश के इस साधन का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि इसमें शेयर की तुलना में जोखिम कम होता है. कोई व्यक्ति इन फिक्स्ड डिपॉजिट में किसी भी पब्लिक या प्राइवेट बैंक के जरिए निवेश कर सकता है, लेकिन को-ऑपरेटिव और ग्रामीण बैंकों में एफडी निवेश नहीं होता. इन डिपॉजिट का लॉक-इन पीरियड पाँच साल है. एफडी पर प्रीमैच्योर विदड्रॉल और लोन की अनुमति नहीं है. विशेष सावधि जमा / गैर निकासी एफडीः यह एफडी आमतौर पर एक विशेष समय अवधि के लिए पेश की जाती है जो कुछ भी सकती है. जैसे दो सौ नब्बे दिन या तीन सौ नब्बे दिन, आदि. इसमें एफडी के पूरा होने से पहले उसे नहीं निकाला जा सकता. इस पर ब्याज दर भी बाकी से अधिक होती है. सीनियर सिटिजन फिक्स्ड डिपॉजिटः सीनियर सिटिजन फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम साठ वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों को यह एफडी खाता खोलने की अनुमति देती है. ये जमा पर नियमित ब्याज दरों से लगभग शून्य. पचास% ज्यादा ब्याज दिया जाता है. नियमित आय फिक्स्ड डिपॉजिटः ये डिपॉजिट उन लोगों के लिए उपयुक्त हैं जो आय के स्रोत के रूप में एफडी पर निर्भर हैं. ये एफडी आपको मासिक या त्रैमासिक आधार पर नियमित भुगतान का विकल्प चुनने की अनुमति देते हैं. रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिटः रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिट कस्टमर को एक पूर्व निर्धारित ब्याज दर पर एक निश्चित अवधि के लिए अपना पैसा निवेश करना होता है. रेगुलर फिक्स्ड डिपॉजिट की समय अवधि सात दिन से दस वर्ष तक की होती है. यह निवेशकों द्वारा चुना गया सबसे लोकप्रिय एफडी विकल्प है. लगभग हर बैंक अपने ग्राहकों को रेगुलर FD की सुविधा देता है. इसमें ग्राहक एफडी का समय पूरा होने से पहले भी निकाल सकता है.
जिन महिलाओं का रंग सांवला है, वे इस खबर को पढ़ कर खुश हो सकती हैं। दरअसल, एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि जिन महिलाओं का रंग सांवला होता है, उनमें भूलने की समस्या बहुत कम होती है। खासकर अध्ययन में यह कहा गया है कि उन पुरुषों और महिलाओं के मुकाबले जिनका रंग गोरा और सांवला होता है, एशिया में रहने वाली सांवली महिलाओं में डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) होने का खतरा बहुत कम होता है। इस अध्ययन में 25 लाख लोगों को शामिल किया गया। उसके बाद ही शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं। यह अध्ययन यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के शोधकर्ताओं ने किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि अश्वेत लोगों में डिमेंशिया होने का खतरा दुनिया की अन्य संस्कृति से जुड़े लोगों के मुकाबले कम होता है। यह अध्ययन क्लीनिकल एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित हो चुका है। यह अध्ययन लगभग 8 वर्षों तक किया गया, उसके बाद ही इस नतीजे पर पहुंचा गया है। अध्ययन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए जीन्स और पर्यावरण दोनों कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। डिमेंशिया होने की आशंका एशियाई महिलाओं में 18 और पुरुषों में 12 फीसदी कम थी। शोधकर्ताओं का कहना है कि अश्वेत महिलाओं और पुरुषों में श्वेत महिलाओं और पुरुषों के मुकाबले डिमेंशिया की मानसिक बीमारी होने की आशंका कम होती है। जातीय पृष्ठभूमि के आधार पर किया गया यह पहला अध्ययन है। शोधकर्ता डॉक्टर क्लॉडिया कूपर का कहना है कि जिन 25,11,681 लोगों को अध्ययन में शामिल किया गया उनमें से 66000 को डिमेंशिया था। विभिन्न जातीय समूहों के नतीजों की तुलना विशेषज्ञों ने अपने पूर्व में जताए गए अनुमानों से भी की। हालांकि, उन्होंने कहा कि डिमेंशिया में लक्षणों की पहचान श्वेत के मुकाबले अश्वेत लोगों में होने की संभवना न के बराबर होती है। शोध के लेखक ट्रा मी फैम का कहना है कि अश्वेत लोगों में डिमेंशिया होने की आशंका अधिक होती है, मगर उनमें इसकी पहचान करना मुश्किल होने से स्थिति चिंताजनक है। विशेषज्ञ इस बात को लेकर अधिक चिंतित हैं कि किसी खास जातीय समूह में यह बीमारी होने की आशंका ज्यादा क्यों है? डिमेंशिया कई तरह के मासिक विकारों का समूह है। यह धूम्रपान, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य जैसे कारणों से भी होता है। चित्रस्रोतः Shutterstock. Total Wellness is now just a click away.
जिन महिलाओं का रंग सांवला है, वे इस खबर को पढ़ कर खुश हो सकती हैं। दरअसल, एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि जिन महिलाओं का रंग सांवला होता है, उनमें भूलने की समस्या बहुत कम होती है। खासकर अध्ययन में यह कहा गया है कि उन पुरुषों और महिलाओं के मुकाबले जिनका रंग गोरा और सांवला होता है, एशिया में रहने वाली सांवली महिलाओं में डिमेंशिया होने का खतरा बहुत कम होता है। इस अध्ययन में पच्चीस लाख लोगों को शामिल किया गया। उसके बाद ही शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं। यह अध्ययन यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के शोधकर्ताओं ने किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि अश्वेत लोगों में डिमेंशिया होने का खतरा दुनिया की अन्य संस्कृति से जुड़े लोगों के मुकाबले कम होता है। यह अध्ययन क्लीनिकल एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित हो चुका है। यह अध्ययन लगभग आठ वर्षों तक किया गया, उसके बाद ही इस नतीजे पर पहुंचा गया है। अध्ययन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इसके लिए जीन्स और पर्यावरण दोनों कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। डिमेंशिया होने की आशंका एशियाई महिलाओं में अट्ठारह और पुरुषों में बारह फीसदी कम थी। शोधकर्ताओं का कहना है कि अश्वेत महिलाओं और पुरुषों में श्वेत महिलाओं और पुरुषों के मुकाबले डिमेंशिया की मानसिक बीमारी होने की आशंका कम होती है। जातीय पृष्ठभूमि के आधार पर किया गया यह पहला अध्ययन है। शोधकर्ता डॉक्टर क्लॉडिया कूपर का कहना है कि जिन पच्चीस,ग्यारह,छः सौ इक्यासी लोगों को अध्ययन में शामिल किया गया उनमें से छयासठ हज़ार को डिमेंशिया था। विभिन्न जातीय समूहों के नतीजों की तुलना विशेषज्ञों ने अपने पूर्व में जताए गए अनुमानों से भी की। हालांकि, उन्होंने कहा कि डिमेंशिया में लक्षणों की पहचान श्वेत के मुकाबले अश्वेत लोगों में होने की संभवना न के बराबर होती है। शोध के लेखक ट्रा मी फैम का कहना है कि अश्वेत लोगों में डिमेंशिया होने की आशंका अधिक होती है, मगर उनमें इसकी पहचान करना मुश्किल होने से स्थिति चिंताजनक है। विशेषज्ञ इस बात को लेकर अधिक चिंतित हैं कि किसी खास जातीय समूह में यह बीमारी होने की आशंका ज्यादा क्यों है? डिमेंशिया कई तरह के मासिक विकारों का समूह है। यह धूम्रपान, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य जैसे कारणों से भी होता है। चित्रस्रोतः Shutterstock. Total Wellness is now just a click away.
अध्याय -- २० उत्पत्ति; राम के यज्ञ में लव-कुश द्वारा रामायण-गान और सौता का पाताल प्रवेश ७३२-७३८ । मध्याय--१४ चन्द्रवंश का वर्णन; चन्द्रमा की उत्पत्ति और चरित्र वर्णन; चन्द्र से बुध और बुध से की उत्पत्ति; पुरुरवा का चरित्र चित्रण ७४३-७५३ । पुरूरवा पुरुरवा के वंश का वर्णन; फुशांबु द्वारा गाधि का जन्म और चरित्रवर्णन; गाधिपुत्री सत्यवती से जमदग्नि और उनसे परशुराम को उत्पत्ति; वैभवशाली और शक्तिवान सहस्रार्जुन का वर्णन; सहस्रार्जुन का जमदग्नि की धेनु को बलात् ले जाना; परशुराम द्वारा सहस्रार्जुन का वध कर गाय लाना और तीर्थ सेवार्थ गमन ७५३-७६२ । पिता को आज्ञा से परशुराम द्वारा मां का शिरच्छेदन; सहस्रार्जुन के पुत्रों द्वारा जमदग्नि का वध और परशुराम का २१ बार क्षत्रियों का विनाश करना; गाधि से विश्वामित्र को उत्पत्ति और चरित्र वर्णन ७६२-७६६ । अध्याय--१७ पुरुरवा का वंश वर्णन; रजि की उत्पत्ति और घरित्र-वर्णन; नहुप का बृत्तान्त कथन; ययाति की उत्पत्ति ७६६-७७२। अध्याय -- २१ अध्याय--१८ शर्मिष्ठा-देमयानी-कलह-वर्णन; ययाति का चरित्रोपाख्यान-कयन७७२-७८२। अध्याय--१६ यजाति का देवयानी को बस्तोपाख्यान के द्वारा आत्मवृत्तान्त समझाना; यथाति का विषय-वासना को निन्दा करते हुए पुत्रों को राज्य देकर ब्रह्म पद को प्राप्त करना ७८२-७८८ । अध्याय - २२ राम के पुत्र लव-कुश के वश का वर्णन; उनके बाद बाले राजाओं का इतिहास- वर्णन ७३६-७४० । इक्ष्वाकु के पुत्र निमि का यज्ञ करना; वसिष्ठ द्वारा निमि को और निमि द्वारा वशिष्ठ को शाप-प्रदान; निमि के शरीर-मथन से जनक की उत्पत्ति; जनक का वंश-वर्णन ७४०-७४३ । पूरु का वंश वर्णन; दुष्यन्त की उत्पत्ति और चरित-वर्णन; दुष्यन्त पुन भरत का चरित्र चित्रण; मरद्वाज की उत्पत्ति और भारत द्वारा उसे अपनाना ७८८-७६७ । रन्तिदेव की उत्पत्ति ; उनकी दानशीलता से सन्तुष्ट ब्रह्मावि देवों का दर्शन देना; रन्तिदेव का विष्णु भक्ति करते हुए परमपद को प्राप्त करना; रन्तिदेव का वंश-वर्णन ७८८-८०२ । दिवोदास, सुदास, व्रुपद, जरासंध आदि का जन्म; देवापि और शन्तनु की उत्पत्ति; शन्तनु का राज्य शासन; भीष्म की उत्पत्ति; कौरवों और पाण्डबों की उत्पत्ति का दर्शन और वंश कथन ८०२-८०६ । अध्याय -- २३ रोमपाद का जन्म; राज्य में वर्षा के अभाव में रोमपाद का ऋष्यश्रृंग को बुलाना और अपनी पुत्री शांता का व्याह ऋष्यशृंग के साथ करना; कर्ण की उत्पत्ति; ययाति के पुत्र यहु की कथा ८०६-८१६ । अध्याय--२४ क्रमशः कुश, कुंति, देवरात, वृष्णि, सात्यकि, युयुधान, मक्रूर, उग्रसेन आदि का उत्पन्न होना; वसुदेव की उत्पत्ति; पृथा का उत्पन्न होना और घरित्र चित्रण; शिशुपाल, दंतवक्त्र आदि की उत्पत्ति; वसुदेव का वंशानुवर्णन; श्रीकृष्णावतार-कथा-सूचना; उपसंहार ८१७-८२८ ।
अध्याय -- बीस उत्पत्ति; राम के यज्ञ में लव-कुश द्वारा रामायण-गान और सौता का पाताल प्रवेश सात सौ बत्तीस-सात सौ अड़तीस । मध्याय--चौदह चन्द्रवंश का वर्णन; चन्द्रमा की उत्पत्ति और चरित्र वर्णन; चन्द्र से बुध और बुध से की उत्पत्ति; पुरुरवा का चरित्र चित्रण सात सौ तैंतालीस-सात सौ तिरेपन । पुरूरवा पुरुरवा के वंश का वर्णन; फुशांबु द्वारा गाधि का जन्म और चरित्रवर्णन; गाधिपुत्री सत्यवती से जमदग्नि और उनसे परशुराम को उत्पत्ति; वैभवशाली और शक्तिवान सहस्रार्जुन का वर्णन; सहस्रार्जुन का जमदग्नि की धेनु को बलात् ले जाना; परशुराम द्वारा सहस्रार्जुन का वध कर गाय लाना और तीर्थ सेवार्थ गमन सात सौ तिरेपन-सात सौ बासठ । पिता को आज्ञा से परशुराम द्वारा मां का शिरच्छेदन; सहस्रार्जुन के पुत्रों द्वारा जमदग्नि का वध और परशुराम का इक्कीस बार क्षत्रियों का विनाश करना; गाधि से विश्वामित्र को उत्पत्ति और चरित्र वर्णन सात सौ बासठ-सात सौ छयासठ । अध्याय--सत्रह पुरुरवा का वंश वर्णन; रजि की उत्पत्ति और घरित्र-वर्णन; नहुप का बृत्तान्त कथन; ययाति की उत्पत्ति सात सौ छयासठ-सात सौ बहत्तर। अध्याय -- इक्कीस अध्याय--अट्ठारह शर्मिष्ठा-देमयानी-कलह-वर्णन; ययाति का चरित्रोपाख्यान-कयनसात सौ बहत्तर-सात सौ बयासी। अध्याय--सोलह यजाति का देवयानी को बस्तोपाख्यान के द्वारा आत्मवृत्तान्त समझाना; यथाति का विषय-वासना को निन्दा करते हुए पुत्रों को राज्य देकर ब्रह्म पद को प्राप्त करना सात सौ बयासी-सात सौ अठासी । अध्याय - बाईस राम के पुत्र लव-कुश के वश का वर्णन; उनके बाद बाले राजाओं का इतिहास- वर्णन सात सौ छत्तीस-सात सौ चालीस । इक्ष्वाकु के पुत्र निमि का यज्ञ करना; वसिष्ठ द्वारा निमि को और निमि द्वारा वशिष्ठ को शाप-प्रदान; निमि के शरीर-मथन से जनक की उत्पत्ति; जनक का वंश-वर्णन सात सौ चालीस-सात सौ तैंतालीस । पूरु का वंश वर्णन; दुष्यन्त की उत्पत्ति और चरित-वर्णन; दुष्यन्त पुन भरत का चरित्र चित्रण; मरद्वाज की उत्पत्ति और भारत द्वारा उसे अपनाना सात सौ अठासी-सात सौ सरसठ । रन्तिदेव की उत्पत्ति ; उनकी दानशीलता से सन्तुष्ट ब्रह्मावि देवों का दर्शन देना; रन्तिदेव का विष्णु भक्ति करते हुए परमपद को प्राप्त करना; रन्तिदेव का वंश-वर्णन सात सौ अठासी-आठ सौ दो । दिवोदास, सुदास, व्रुपद, जरासंध आदि का जन्म; देवापि और शन्तनु की उत्पत्ति; शन्तनु का राज्य शासन; भीष्म की उत्पत्ति; कौरवों और पाण्डबों की उत्पत्ति का दर्शन और वंश कथन आठ सौ दो-आठ सौ छः । अध्याय -- तेईस रोमपाद का जन्म; राज्य में वर्षा के अभाव में रोमपाद का ऋष्यश्रृंग को बुलाना और अपनी पुत्री शांता का व्याह ऋष्यशृंग के साथ करना; कर्ण की उत्पत्ति; ययाति के पुत्र यहु की कथा आठ सौ छः-आठ सौ सोलह । अध्याय--चौबीस क्रमशः कुश, कुंति, देवरात, वृष्णि, सात्यकि, युयुधान, मक्रूर, उग्रसेन आदि का उत्पन्न होना; वसुदेव की उत्पत्ति; पृथा का उत्पन्न होना और घरित्र चित्रण; शिशुपाल, दंतवक्त्र आदि की उत्पत्ति; वसुदेव का वंशानुवर्णन; श्रीकृष्णावतार-कथा-सूचना; उपसंहार आठ सौ सत्रह-आठ सौ अट्ठाईस ।
देश और दुनिया में डॉक्टर तो बहुत हैं लेकिन इनमें कुछ ही ऐसे हैं, जो समाज के लिए जीते हैं। उनके दिलों में गरीबों के लिए बेशुमार जगह होती है। कुछ इसी तरह की हैं शहर की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु गुलाटी। डॉ. मधु अपनी क्लीनिक में गरीब महिलाओं का निशुल्क इलाज करने के साथ ही उनको स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित करती हैं। बैंक रोड पर क्लीनिक चलाने वालीं डॉ. मधु ने कोरोना काल में ही 200 से अधिक गरीब महिलाओं का निःशुल्क इलाज करने के साथ ही दो दर्जन से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित किया है। उन्होंने क्लीनिक पर आने वाले लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से घरों में जरूरत की सब्जियां उगाने के लिए बीज और गमले भी वितरित किए। वर्मी कंपोस्ट खाद को स्वरोजगार का जरिया बनाने के लिए कई लोगों को प्रेरित किया। डॉ. गुलाटी बताती हैं कि उनके माता-पिता भी जरूरतमंदों की मदद करते थे। उन्हीं की प्रेरणा से आज वह जरूरतमंदों की मदद कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें शुरू से गार्डनिंग का शौक था। खुद तो करती ही हैं, दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करती हैं। उनका मानना है कि खुद यदि सशक्त हैं तो अपनी काबिलियत का भरपूर उपयोग लोगों की मदद में करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्लीनिक में आने वाली महिलाओं को वह पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करती हैं। उन्होंने बताया कि वह घर की सब्जी और फलों के बेकार अंश व क्लीनिक के बाहर जूस की दुकान लगाने वाले लोगों से फलों के अवशेष इत्यादि एकत्रित कर घर पर ही कंपोस्ट खाद तैयार करवाती हैं।
देश और दुनिया में डॉक्टर तो बहुत हैं लेकिन इनमें कुछ ही ऐसे हैं, जो समाज के लिए जीते हैं। उनके दिलों में गरीबों के लिए बेशुमार जगह होती है। कुछ इसी तरह की हैं शहर की वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु गुलाटी। डॉ. मधु अपनी क्लीनिक में गरीब महिलाओं का निशुल्क इलाज करने के साथ ही उनको स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित करती हैं। बैंक रोड पर क्लीनिक चलाने वालीं डॉ. मधु ने कोरोना काल में ही दो सौ से अधिक गरीब महिलाओं का निःशुल्क इलाज करने के साथ ही दो दर्जन से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को स्वरोजगार के लिए भी प्रेरित किया है। उन्होंने क्लीनिक पर आने वाले लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से घरों में जरूरत की सब्जियां उगाने के लिए बीज और गमले भी वितरित किए। वर्मी कंपोस्ट खाद को स्वरोजगार का जरिया बनाने के लिए कई लोगों को प्रेरित किया। डॉ. गुलाटी बताती हैं कि उनके माता-पिता भी जरूरतमंदों की मदद करते थे। उन्हीं की प्रेरणा से आज वह जरूरतमंदों की मदद कर रही हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें शुरू से गार्डनिंग का शौक था। खुद तो करती ही हैं, दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करती हैं। उनका मानना है कि खुद यदि सशक्त हैं तो अपनी काबिलियत का भरपूर उपयोग लोगों की मदद में करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्लीनिक में आने वाली महिलाओं को वह पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करती हैं। उन्होंने बताया कि वह घर की सब्जी और फलों के बेकार अंश व क्लीनिक के बाहर जूस की दुकान लगाने वाले लोगों से फलों के अवशेष इत्यादि एकत्रित कर घर पर ही कंपोस्ट खाद तैयार करवाती हैं।
पटना (ब्यूरो)। विषमता और अत्याचार के खिलाफ असंवैधानिक रुप से बने नक्सली संगठन में भी महिला नक्सलियों का यौन शोषण होता है। शादी का झांसा देकर संगठन के अंदर नक्सली शोषण करते हैं और प्रताडऩा देते हैं। यह खुलासा पुलिस के हाथ लगे रेणुका कोड़ा के पत्र से हुआ है। रेणुका ने अपने कमांडरों से संगठन में महिलाओं पर अत्याचार की शिकायत की थी। दादा और करम उपनामधारी कमांडरों ने प्रत्युत्तर में पत्र लिख रेणुका की सराहना की थी। वह पत्र भी पुलिस के हाथ लगा है। रेणुका से पहले रीना कोड़ा भी कुछ ऐसी ही शिकायतें पत्र के माध्यम से अपने कमांडरों से कर चुकी थी। तब उसे भी उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला था। मुंगेर जिला में लटैयाटांड थाना क्षेत्र अंतर्गत सरांदी की रहने वाली रेणुका पर 50 हजार का पुरस्कार घोषित किया था। चार दिन पहले वह झारखंड में देवघर जिला अंतर्गत जसीडीह थाना क्षेत्र के चपरिया गांव से गिरफ्तार हुई। वह नक्सली कमांडर प्रवेश की सहयोगी रही है। उसके विरुद्ध मुंगेर, लखीसराय और जमुई जिले में 19 मामले दर्ज हैं। पुलिस को आपबीती सुनाते हुए वह फफक पड़ी। उसने संगठन की महिलाओं पर अत्याचार और उनके यौन शोषण की कई कहानियां पुलिस को सुनाई। आगे की कार्रवाई के लिहाज से पुलिस अधिकारी अभी उन कहानियों का पूर्णतया उल्लेख करने से कतरा जा रहे हैं। पत्र के हवाले से अलबत्ता इतना बता रहे कि रेणुका द्वारा शिकायत किए जाने के बाद नक्सिलयों के कमांडर दादा और करम ने भी माना कि रात में ड्यूटी देने वाली महिलाओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार होता है। नक्सली संगठन में महिलाओं के शोषण की कहानी नई नहीं है, लेकिन यदा-कदा ही ऐसी शिकायतें सार्वजनिक हो पाती हैं। वर्ष 2007 में पुलिस मुठभेड़ में मंजीत हेंब्रम के मारे जाने के बाद नक्सली कमांडर प्रवेश ने उसकी पत्नी करुणा को कई बार अपने दस्ते से जुडऩे के लिए संदेश भिजवाया। उस समय जोनल कमांडर ङ्क्षपटू राणा ने करुणा को वहां जाने से मना कर दिया था। इस बात को लेकर प्रवेश और ङ्क्षपटू राणा के बीच तनातनी भी हो गई थी। करुणा बाद में ङ्क्षपटू राणा के साथ ही दस्ते में रहने लगी। इससे पहले सिदो कोड़ा दस्ते की रीना कोड़ा ने भी पत्र लिखकर शीर्ष कमांडरों से महिला साथियों पर अत्याचार की शिकायत की थी। रेणुका का एक पत्र मिला है। महिलाओं के साथ नक्सली संगठन में ठीक बर्ताव नहीं होता है। नक्सलियों का साथ देने वाली महिलाओं को इस पर विचार करना चाहिए। अभी रेणुका से पूछताछ चल रही है।
पटना । विषमता और अत्याचार के खिलाफ असंवैधानिक रुप से बने नक्सली संगठन में भी महिला नक्सलियों का यौन शोषण होता है। शादी का झांसा देकर संगठन के अंदर नक्सली शोषण करते हैं और प्रताडऩा देते हैं। यह खुलासा पुलिस के हाथ लगे रेणुका कोड़ा के पत्र से हुआ है। रेणुका ने अपने कमांडरों से संगठन में महिलाओं पर अत्याचार की शिकायत की थी। दादा और करम उपनामधारी कमांडरों ने प्रत्युत्तर में पत्र लिख रेणुका की सराहना की थी। वह पत्र भी पुलिस के हाथ लगा है। रेणुका से पहले रीना कोड़ा भी कुछ ऐसी ही शिकायतें पत्र के माध्यम से अपने कमांडरों से कर चुकी थी। तब उसे भी उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला था। मुंगेर जिला में लटैयाटांड थाना क्षेत्र अंतर्गत सरांदी की रहने वाली रेणुका पर पचास हजार का पुरस्कार घोषित किया था। चार दिन पहले वह झारखंड में देवघर जिला अंतर्गत जसीडीह थाना क्षेत्र के चपरिया गांव से गिरफ्तार हुई। वह नक्सली कमांडर प्रवेश की सहयोगी रही है। उसके विरुद्ध मुंगेर, लखीसराय और जमुई जिले में उन्नीस मामले दर्ज हैं। पुलिस को आपबीती सुनाते हुए वह फफक पड़ी। उसने संगठन की महिलाओं पर अत्याचार और उनके यौन शोषण की कई कहानियां पुलिस को सुनाई। आगे की कार्रवाई के लिहाज से पुलिस अधिकारी अभी उन कहानियों का पूर्णतया उल्लेख करने से कतरा जा रहे हैं। पत्र के हवाले से अलबत्ता इतना बता रहे कि रेणुका द्वारा शिकायत किए जाने के बाद नक्सिलयों के कमांडर दादा और करम ने भी माना कि रात में ड्यूटी देने वाली महिलाओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार होता है। नक्सली संगठन में महिलाओं के शोषण की कहानी नई नहीं है, लेकिन यदा-कदा ही ऐसी शिकायतें सार्वजनिक हो पाती हैं। वर्ष दो हज़ार सात में पुलिस मुठभेड़ में मंजीत हेंब्रम के मारे जाने के बाद नक्सली कमांडर प्रवेश ने उसकी पत्नी करुणा को कई बार अपने दस्ते से जुडऩे के लिए संदेश भिजवाया। उस समय जोनल कमांडर ङ्क्षपटू राणा ने करुणा को वहां जाने से मना कर दिया था। इस बात को लेकर प्रवेश और ङ्क्षपटू राणा के बीच तनातनी भी हो गई थी। करुणा बाद में ङ्क्षपटू राणा के साथ ही दस्ते में रहने लगी। इससे पहले सिदो कोड़ा दस्ते की रीना कोड़ा ने भी पत्र लिखकर शीर्ष कमांडरों से महिला साथियों पर अत्याचार की शिकायत की थी। रेणुका का एक पत्र मिला है। महिलाओं के साथ नक्सली संगठन में ठीक बर्ताव नहीं होता है। नक्सलियों का साथ देने वाली महिलाओं को इस पर विचार करना चाहिए। अभी रेणुका से पूछताछ चल रही है।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। आरोग्यम ऋण योजना के तहत दो करोड़ तक के ऋण पर कोई गारंटी अनिवार्य नहीं, 2 से 100 करोड़ तक के ऋण के लिए न्यूनतम 25 प्रतिशत तक की ही गारंटी। कोरोना के इस दौर में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक 100 करोड़ रुपये तक का ऋण देगा। दो करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए कोई भी गारंटी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। दो से 100 करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए न्यूनतम 25 प्रतिशत तक ही गारंटी का प्रावधान किया गया है। इस योजना के लिए लिए बैंक द्वारा विशेष शिविर लगाया जाएगा। विशेष ऋण योजना की जानकारी देते हुए एसबीआई के डीजीएम संजीव कुमार ने बताया कि 'एसबीआई आरोग्यम' नामक इस योजना का उद्देश्य इस कोरोना संक्रमण काल में अस्पतालों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संस्थानों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराना है। इस योजना में हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, मेडिकल कॉलेजों के अलावा मेडिकल ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कॉसेंट्रेटर्स, पल्स ऑक्सीमीटर के निर्माता एवं आपूर्तिकर्ता के अलावा कोविड दवाएं, वैक्सीन, वेंटिलेटर पीपीई किट, मास्क और आईसीयू बेड आदि के निर्माण एवं स्वस्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य संस्थाएं भी पात्र होंगे। क्लीनिक, नर्सिंग होम, अस्पताल, पैथोलॉजी लैब, डायग्नॉसिस केंद्र स्थापित करने व उनका विस्तार करने, मेडिकल एवं सहायक उपकरण खरीदने के अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य कार्यों के लिए इस ऋण राशि का उपयोग किया जा सकता है। विस्तृत जानकारी के लिए नजदीकी एसबीआई शाखा या बैंक रोड स्थित मुख्य शाखा के एसएमई लोन प्रोसेसिंग केंद्र से संपर्क किया जा सकता है। योजना के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं को 10 वर्षां की अवधि तक मीयादी ऋण, कैश क्रेडिट, बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट के रूप में ऋण प्रदान की जाएगी तथा इस योजना के तहत दिए जाने वाले ऋणों पर न्यूनतम वार्षिक ब्याज दर 9. 15 प्रतिशत से शुरू होगी। वहीं एसबीआई कवच नामक एक ऋण योजना के तहत बैंक कोरोना उपचार में होने वाले खर्च के कारण वित्तीय दवाब का सामना कर रहे ग्राहकों को बिना कुछ बंधक या गिरवी रखे 9. 15 प्रतिशत ब्याज दर रुपये 5 लाख तक का पर्सनल लोन भी प्रदान कर रहा है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। आरोग्यम ऋण योजना के तहत दो करोड़ तक के ऋण पर कोई गारंटी अनिवार्य नहीं, दो से एक सौ करोड़ तक के ऋण के लिए न्यूनतम पच्चीस प्रतिशत तक की ही गारंटी। कोरोना के इस दौर में स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक एक सौ करोड़ रुपये तक का ऋण देगा। दो करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए कोई भी गारंटी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। दो से एक सौ करोड़ रुपये तक के ऋण के लिए न्यूनतम पच्चीस प्रतिशत तक ही गारंटी का प्रावधान किया गया है। इस योजना के लिए लिए बैंक द्वारा विशेष शिविर लगाया जाएगा। विशेष ऋण योजना की जानकारी देते हुए एसबीआई के डीजीएम संजीव कुमार ने बताया कि 'एसबीआई आरोग्यम' नामक इस योजना का उद्देश्य इस कोरोना संक्रमण काल में अस्पतालों एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े संस्थानों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराना है। इस योजना में हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, क्लीनिक, मेडिकल कॉलेजों के अलावा मेडिकल ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कॉसेंट्रेटर्स, पल्स ऑक्सीमीटर के निर्माता एवं आपूर्तिकर्ता के अलावा कोविड दवाएं, वैक्सीन, वेंटिलेटर पीपीई किट, मास्क और आईसीयू बेड आदि के निर्माण एवं स्वस्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य संस्थाएं भी पात्र होंगे। क्लीनिक, नर्सिंग होम, अस्पताल, पैथोलॉजी लैब, डायग्नॉसिस केंद्र स्थापित करने व उनका विस्तार करने, मेडिकल एवं सहायक उपकरण खरीदने के अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अन्य कार्यों के लिए इस ऋण राशि का उपयोग किया जा सकता है। विस्तृत जानकारी के लिए नजदीकी एसबीआई शाखा या बैंक रोड स्थित मुख्य शाखा के एसएमई लोन प्रोसेसिंग केंद्र से संपर्क किया जा सकता है। योजना के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं को दस वर्षां की अवधि तक मीयादी ऋण, कैश क्रेडिट, बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट के रूप में ऋण प्रदान की जाएगी तथा इस योजना के तहत दिए जाने वाले ऋणों पर न्यूनतम वार्षिक ब्याज दर नौ. पंद्रह प्रतिशत से शुरू होगी। वहीं एसबीआई कवच नामक एक ऋण योजना के तहत बैंक कोरोना उपचार में होने वाले खर्च के कारण वित्तीय दवाब का सामना कर रहे ग्राहकों को बिना कुछ बंधक या गिरवी रखे नौ. पंद्रह प्रतिशत ब्याज दर पाँच रुपया लाख तक का पर्सनल लोन भी प्रदान कर रहा है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
बॉलीवुड में अपनी अदाओं से लाखों दिलों को जीतने वाली रकुलप्रीत सिंह (Rakul Preet Singh) ने हाल ही में अपनी डेटिंग को लेकर खुलासा किया है। जी दरअसल कुछ समय से उनका नाम जैकी भगनानी (Jackky Bhagnani) के साथ जुड़ा था और दोनों को लेकर प्यार की खबरें काफी समय से मीडिया में आ रही हैं। केवल यही नहीं बल्कि दोनों को एक साथ कई बार स्पॉट किया गया है। अब इन सभी के बीच अदाकारा ने खुद इन सभी बातों पर मुहर लगा दी है। जी दरअसल अदाकारा ने बताया है कि वो हकीकत में 'थोड़ी देर के लिए' साथ रहे हैं। वैसे लवबर्ड्स रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी तब से चर्चा में हैं, जब से रकुल प्रीत ने उनके साथ एक तस्वीर पोस्ट करके अपने प्यार का इजहार किया था। अब इस बीच रकुल प्रीत ने जैकी के साथ अपने संबंधों के बारे में और खुलासा किया और बताया कि, 'वो हकीकत में 'थोड़ी देर के लिए' साथ रहे हैं। ' इसी के साथ रकुल प्रीत ने इस रिश्ते को अपनी जिंदगी का 'ग्रेट फेज' बताया। जी दरअसल आरजे सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक इंटरव्यू में, रकुल प्रीत ने फिल्म निर्माता के जरिए रकुल प्रीत को जन्मदिन की शुभकामना देने के लिए एक पोस्ट में अपने रिश्ते की घोषणा करने के बारे में बात की। ऐसे में उस घटना को याद करते हुए अदाकारा ने बताया कि सभी ने उन्हें बधाई देना शुरू कर दिया था और वो हैरान थीं कि लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कबूल किया, "हम कुछ समय से डेटिंग कर रहे हैं, बस अब आप सभी इसे जानते हैं। मेरे दोस्त और मेरा परिवार इसे जानता था। लेकिन ये एक बेहतरीन फेज है। उन सभी इंटरव्यू में मैं हर बार 'मैं सिंगल हूं' कहती थी। अब ये एक अच्छा दौर है। " वहीं इस दौरान यह पूछे जाने पर कि उन्हें जैकी के बारे में क्या पसंद है, तो रकुल प्रीत सिंह ने बताया कि वो दोनों बहुत समान पर्सनालिटीज हैं और वो दोनों एक समान तरीके से अपने काम को प्राथमिकता देते हैं। आगे उन्होंने ये भी कहा कि वो दोनों फैमिली ओरिएंटेड लोग हैं। रकुल प्रीत ने कहा, "हम दोनों को कसरत करना और हेल्दी खाना पसंद है। मुझे लगता है कि हम इसी से जुड़े हैं। "
बॉलीवुड में अपनी अदाओं से लाखों दिलों को जीतने वाली रकुलप्रीत सिंह ने हाल ही में अपनी डेटिंग को लेकर खुलासा किया है। जी दरअसल कुछ समय से उनका नाम जैकी भगनानी के साथ जुड़ा था और दोनों को लेकर प्यार की खबरें काफी समय से मीडिया में आ रही हैं। केवल यही नहीं बल्कि दोनों को एक साथ कई बार स्पॉट किया गया है। अब इन सभी के बीच अदाकारा ने खुद इन सभी बातों पर मुहर लगा दी है। जी दरअसल अदाकारा ने बताया है कि वो हकीकत में 'थोड़ी देर के लिए' साथ रहे हैं। वैसे लवबर्ड्स रकुल प्रीत सिंह और जैकी भगनानी तब से चर्चा में हैं, जब से रकुल प्रीत ने उनके साथ एक तस्वीर पोस्ट करके अपने प्यार का इजहार किया था। अब इस बीच रकुल प्रीत ने जैकी के साथ अपने संबंधों के बारे में और खुलासा किया और बताया कि, 'वो हकीकत में 'थोड़ी देर के लिए' साथ रहे हैं। ' इसी के साथ रकुल प्रीत ने इस रिश्ते को अपनी जिंदगी का 'ग्रेट फेज' बताया। जी दरअसल आरजे सिद्धार्थ कन्नन के साथ एक इंटरव्यू में, रकुल प्रीत ने फिल्म निर्माता के जरिए रकुल प्रीत को जन्मदिन की शुभकामना देने के लिए एक पोस्ट में अपने रिश्ते की घोषणा करने के बारे में बात की। ऐसे में उस घटना को याद करते हुए अदाकारा ने बताया कि सभी ने उन्हें बधाई देना शुरू कर दिया था और वो हैरान थीं कि लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कबूल किया, "हम कुछ समय से डेटिंग कर रहे हैं, बस अब आप सभी इसे जानते हैं। मेरे दोस्त और मेरा परिवार इसे जानता था। लेकिन ये एक बेहतरीन फेज है। उन सभी इंटरव्यू में मैं हर बार 'मैं सिंगल हूं' कहती थी। अब ये एक अच्छा दौर है। " वहीं इस दौरान यह पूछे जाने पर कि उन्हें जैकी के बारे में क्या पसंद है, तो रकुल प्रीत सिंह ने बताया कि वो दोनों बहुत समान पर्सनालिटीज हैं और वो दोनों एक समान तरीके से अपने काम को प्राथमिकता देते हैं। आगे उन्होंने ये भी कहा कि वो दोनों फैमिली ओरिएंटेड लोग हैं। रकुल प्रीत ने कहा, "हम दोनों को कसरत करना और हेल्दी खाना पसंद है। मुझे लगता है कि हम इसी से जुड़े हैं। "
आगरा। थाना एत्माउद्दौला क्षेत्र में ऑपरेशन के बाद हॉस्पिटल स्टाफ के इंजेक्शन ने विवाहिता की जान ले ली। परिजनों ने हॉस्पिटल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। मौके पर पुलिस पहुंच गई। बसई जगनेर गांव दामसहायपुरा निवासी 30 वर्षीय सुमन पत्नी रामानंद को तीन दिन पूर्व एत्माउद्दौला के शाहदरा स्थित शारदा हॉस्पिटल में एडमिट कराया। दो दिन पूर्व उसका रसौली का आपरेशन हुआ। शुक्रवार रात दस बजे उसकी तबियत बिगड़ गई। उसको सर्दी लगने लगी। परिजनों ने स्टाफ को तलाशा तो वह उस दौरान गला तर कर रहे थे। उस दौरान स्टॉफ ने उसके एक इंजेक्शन लगाया उसके आधे घंटे बाद उसकी हालत और बिगड़ गई थी। थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई। इसी के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। मौत के बाद स्टाफ मौके से फरार हो गया था। सुबह भी परिजनों ने हंगामा किया था। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। मृतका दो भाईयों में इकलौती थी। उसके एक बेटा व दो बेटी हैं। पति गुड़गांव में काम करता है। यमुनापार क्षेत्र में हॉस्पिटल में दलाली का खेल भी जोरों पर है, दरअसल इस मामले में भी कुछ ऐसी ही बात प्रकाश में आई है। हॉस्पिटल में भर्ती कराने से लेकर इलाज तक किसी बिचौलिए की भूमिका रही थी। परिजनों का कहना था कि मौके से शराब की बोतलें मिली हैं।
आगरा। थाना एत्माउद्दौला क्षेत्र में ऑपरेशन के बाद हॉस्पिटल स्टाफ के इंजेक्शन ने विवाहिता की जान ले ली। परिजनों ने हॉस्पिटल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। मौके पर पुलिस पहुंच गई। बसई जगनेर गांव दामसहायपुरा निवासी तीस वर्षीय सुमन पत्नी रामानंद को तीन दिन पूर्व एत्माउद्दौला के शाहदरा स्थित शारदा हॉस्पिटल में एडमिट कराया। दो दिन पूर्व उसका रसौली का आपरेशन हुआ। शुक्रवार रात दस बजे उसकी तबियत बिगड़ गई। उसको सर्दी लगने लगी। परिजनों ने स्टाफ को तलाशा तो वह उस दौरान गला तर कर रहे थे। उस दौरान स्टॉफ ने उसके एक इंजेक्शन लगाया उसके आधे घंटे बाद उसकी हालत और बिगड़ गई थी। थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई। इसी के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। मौत के बाद स्टाफ मौके से फरार हो गया था। सुबह भी परिजनों ने हंगामा किया था। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। मृतका दो भाईयों में इकलौती थी। उसके एक बेटा व दो बेटी हैं। पति गुड़गांव में काम करता है। यमुनापार क्षेत्र में हॉस्पिटल में दलाली का खेल भी जोरों पर है, दरअसल इस मामले में भी कुछ ऐसी ही बात प्रकाश में आई है। हॉस्पिटल में भर्ती कराने से लेकर इलाज तक किसी बिचौलिए की भूमिका रही थी। परिजनों का कहना था कि मौके से शराब की बोतलें मिली हैं।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के बाद अब इस्लामाबाद हाई कोर्ट से भी बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने कई मामलों में इमरान की गिरफ्तारी पर 17 मई तक रोक लगा दी है। इमरान को अल-कादिर मामले में अंतरिम जमानत भी मिल गई है। तोशाखाना केस में इमरान के खिलाफ चल रहे आपराधिक सुनवाई को रोकने का आदेश जारी किया गया है। खबर थी कि इमरान को दोबारा गिरफ्तार करने की तैयारी चल रही है। इमरान ने अल कादिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में जमानत के लिए याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई के दौरान उन्हें जमानत मिल गई है। सुनवाई को देखते हुए कोर्ट के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे इस्लामाबाद में धारा 144 लागू की गई है और पुलिस ने उनके लगभग 1,000 समर्थकों को गिरफ्तार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस्लामाबाद पुलिस को पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने का आदेश दिया था। बता दें कि कल पाकिस्तानी सेना को सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की रिहाई के आदेश दिए थे। उन्हें मंगलवार को नाटकीय तरीके से इस्लामाबाद कोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद इमरान को 8 दिन के लिए नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) की हिरासत में भेज दिया गया था। इमरान ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा था कि अगर शुक्रवार को उच्च न्यायालय से जमानत मिलती है तो सरकार इमरान को फिर से गिरफ्तार करेगी। उन्होंने कहा, "इमरान खान भले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिहा हो गए हैं, लेकिन हम उन्हें दोबारा गिरफ्तार करेंगे। दुनिया के सामने इमरान खान का सच आना चाहिए। " बता दें कि शहबाज सरकार के कई नेता सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठा चुके हैं। इमरान ने खुद के दोबारा गिरफ्तार होने की आशंका जताई है। उनकी पार्टी के वकील बाबर अवान ने दावा किया कि इमरान को नए मामलों में गिरफ्तार करने के लिए लाहौर से एक पुलिस टीम गिरफ्तारी वारंट लेकर इस्लामाबाद के लिए रवाना हुई है। पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक, इस टीम का नेतृत्व उप महानिरीक्षक (जांच) कर रहे हैं। इस टीम ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट को बताया है कि वे इमरान को गिरफ्तार करना चाहते हैं। इसी बीच पाकिस्तान सेना ने लाहौर के कोर कमांडर को हटा दिया है। बता दें कि उनके घर में इमरान के समर्थक घुस गए थे। वहीं पाकिस्तान तेहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। आज सुबह पार्टी उपाध्यक्ष डॉक्टर शिरीन मजारी को इस्लामाबाद पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। मजारी की बेटी ने इस घटना का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है, जिसमें पुलिसकर्मी सादी वर्दी में दिखाई दे रहे हैं। क्या है अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़ा मामला?
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट के बाद अब इस्लामाबाद हाई कोर्ट से भी बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने कई मामलों में इमरान की गिरफ्तारी पर सत्रह मई तक रोक लगा दी है। इमरान को अल-कादिर मामले में अंतरिम जमानत भी मिल गई है। तोशाखाना केस में इमरान के खिलाफ चल रहे आपराधिक सुनवाई को रोकने का आदेश जारी किया गया है। खबर थी कि इमरान को दोबारा गिरफ्तार करने की तैयारी चल रही है। इमरान ने अल कादिर ट्रस्ट से जुड़े मामले में जमानत के लिए याचिका दायर की है, जिस पर सुनवाई के दौरान उन्हें जमानत मिल गई है। सुनवाई को देखते हुए कोर्ट के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे इस्लामाबाद में धारा एक सौ चौंतालीस लागू की गई है और पुलिस ने उनके लगभग एक,शून्य समर्थकों को गिरफ्तार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस्लामाबाद पुलिस को पूर्व प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने का आदेश दिया था। बता दें कि कल पाकिस्तानी सेना को सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की रिहाई के आदेश दिए थे। उन्हें मंगलवार को नाटकीय तरीके से इस्लामाबाद कोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद इमरान को आठ दिन के लिए नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो की हिरासत में भेज दिया गया था। इमरान ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा था कि अगर शुक्रवार को उच्च न्यायालय से जमानत मिलती है तो सरकार इमरान को फिर से गिरफ्तार करेगी। उन्होंने कहा, "इमरान खान भले ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिहा हो गए हैं, लेकिन हम उन्हें दोबारा गिरफ्तार करेंगे। दुनिया के सामने इमरान खान का सच आना चाहिए। " बता दें कि शहबाज सरकार के कई नेता सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठा चुके हैं। इमरान ने खुद के दोबारा गिरफ्तार होने की आशंका जताई है। उनकी पार्टी के वकील बाबर अवान ने दावा किया कि इमरान को नए मामलों में गिरफ्तार करने के लिए लाहौर से एक पुलिस टीम गिरफ्तारी वारंट लेकर इस्लामाबाद के लिए रवाना हुई है। पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक, इस टीम का नेतृत्व उप महानिरीक्षक कर रहे हैं। इस टीम ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट को बताया है कि वे इमरान को गिरफ्तार करना चाहते हैं। इसी बीच पाकिस्तान सेना ने लाहौर के कोर कमांडर को हटा दिया है। बता दें कि उनके घर में इमरान के समर्थक घुस गए थे। वहीं पाकिस्तान तेहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। आज सुबह पार्टी उपाध्यक्ष डॉक्टर शिरीन मजारी को इस्लामाबाद पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया है। मजारी की बेटी ने इस घटना का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया है, जिसमें पुलिसकर्मी सादी वर्दी में दिखाई दे रहे हैं। क्या है अल-कादिर ट्रस्ट से जुड़ा मामला?
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के मुख्य आतिथ्य में नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्ष 2019 और 2020 के विजेताओं को एक साथ सम्मानित किया गया। पत्रकारिता की दुनिया में जाने-माने नाम रामनाथ गोयनका ने ही रखी थी 'इंडियन एक्सप्रेस' समूह की नींव। इस अखबार का कार्यालय भी नोएडा में इसी मार्ग पर स्थित है। इस पद पर उनकी नियुक्ति दो साल (2022 से 2024) के लिए की गई है। वह 'ZEE5 Global' (जी5 ग्लोबल) के हेड अमित गोयनका की जगह यह पदभार संभालेंगे। केके गोयनका इससे पहले तीन दशक से ज्यादा समय से 'प्रभात खबर' से जुड़े हुए थे। उन्होंने इसी साल सितंबर में यहां अपनी पारी को विराम दे दिया था। बनर्जी ने इस कंपनी को जुलाई 2018 में जॉइन किया था। ZEEL से पहले स्वरूप बनर्जी 'इवेंट कैपिटल' (Event Capital) में चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ZEEL ने शुक्रवार को कंपनी के शेयरधारकों की मौजूदगी में अपनी 40वीं वार्षिक आम बैठक की, जिसमें प्रस्तुत सभी आठ प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' यानी 'ZEEL' ने भारत में अपने 30 साल पूरे कर लिए हैं। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज ने ही देश में सबसे पहला सैटेलाइट टीवी शुरू किया था। 'प्रभात खबर' (Prabhat Khabar) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। यह इस आयोजन का नौवां एडिशन है। जूरी की अध्यक्षता आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरपर्सन हर्ष गोयनका करेंगे। इस वर्ष छह छात्रवृत्तियां प्रदान की जाएंगी और इसके प्राप्तकर्ताओं को यूपीईएस द्वारा पूरे देश में प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चुना जाएगा। बार्क चेयरमैन के रूप में 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' के एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका का कार्यकाल पूरा होने पर शशि सिन्हा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' (ZEEL) के लिए यह काफी राहत भरी खबर है। इसके साथ ही एशिया पैसिफिक में जिम्मेदारी निभा रहीं दिशा गोयनका का भी प्रमोशन किया गया है।
देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के मुख्य आतिथ्य में नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में वर्ष दो हज़ार उन्नीस और दो हज़ार बीस के विजेताओं को एक साथ सम्मानित किया गया। पत्रकारिता की दुनिया में जाने-माने नाम रामनाथ गोयनका ने ही रखी थी 'इंडियन एक्सप्रेस' समूह की नींव। इस अखबार का कार्यालय भी नोएडा में इसी मार्ग पर स्थित है। इस पद पर उनकी नियुक्ति दो साल के लिए की गई है। वह 'ZEEपाँच Global' के हेड अमित गोयनका की जगह यह पदभार संभालेंगे। केके गोयनका इससे पहले तीन दशक से ज्यादा समय से 'प्रभात खबर' से जुड़े हुए थे। उन्होंने इसी साल सितंबर में यहां अपनी पारी को विराम दे दिया था। बनर्जी ने इस कंपनी को जुलाई दो हज़ार अट्ठारह में जॉइन किया था। ZEEL से पहले स्वरूप बनर्जी 'इवेंट कैपिटल' में चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ZEEL ने शुक्रवार को कंपनी के शेयरधारकों की मौजूदगी में अपनी चालीसवीं वार्षिक आम बैठक की, जिसमें प्रस्तुत सभी आठ प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी। 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' यानी 'ZEEL' ने भारत में अपने तीस साल पूरे कर लिए हैं। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज ने ही देश में सबसे पहला सैटेलाइट टीवी शुरू किया था। 'प्रभात खबर' से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। यह इस आयोजन का नौवां एडिशन है। जूरी की अध्यक्षता आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरपर्सन हर्ष गोयनका करेंगे। इस वर्ष छह छात्रवृत्तियां प्रदान की जाएंगी और इसके प्राप्तकर्ताओं को यूपीईएस द्वारा पूरे देश में प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चुना जाएगा। बार्क चेयरमैन के रूप में 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' के एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका का कार्यकाल पूरा होने पर शशि सिन्हा को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड' के लिए यह काफी राहत भरी खबर है। इसके साथ ही एशिया पैसिफिक में जिम्मेदारी निभा रहीं दिशा गोयनका का भी प्रमोशन किया गया है।
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! Read this in English. इस सवाल का जवाब न्यूट्रिशनिस्ट एकता टंडन ने दिया है। पहली बात ये कि आप अभी केवल 15 साल के हैं और आपका शरीर विकसित हो रहा है। इसका मतलब ये हुआ कि अभी आपकी हाइट कुछ इंच बढ़ सकती है। लेकिन आपको ये समझना होगा कि हाइट का बढ़ना जीन पर निर्भर करता है। अगर आपके परिवार के सदस्यों की हाइट कम है तो, आपके लंबे होने की संभावना कम हो सकती है। बावजूद इसके आप कुछ तरीके अपनाकर कुछ हद तक अपनी हाइट बढ़ा सकते हैं। एकता टंडन के अनुसार, विकसित हो रहे युवा शरीर को पर्याप्त ऊर्जा की ज़रूरत होती है, जो उचित डायट से मिलती है। सही खानपान आपके शरीर को विकसित करने और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद ज़रूरी है। हम नीचे डायट प्लान दे रहे हैं, जिसके जरिए आपको लंबाई बढ़ाने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। दूध के साथ ओट (कुछ फल और नट मिला सकते हैं)- 1 कटोरी। वेजिटेबल सेवई- 1 कटोरी, एग सैंडविच-1, पनीर स्टफ्ड रोटी या मिस्सी रोटी-1। फ्रूट सलाद, फ्रेश फ्रूट जूस, नींबू का पानी या छाछ-1 गिलास। चपाती (चना आटा और ओट्स मिश्रित आटे की)-2 , हरी सब्जी, दाल/ चिकन-1 कटोरी, सलाद/ वेजिटेबल पुलाव और दही। चिकन, वेजिटेबल टिक्की सैंडविच/ अंकुरित और आलू की चाट/ शकरकंदी चाट/ ढोकला/ वेजिटेबल व्हीट नूडल्स- 1 कटोरी। सूप-1 कटोरी, चपाती, हरी सब्जी, दाल/चिकन-1 कटोरी, सलाद/चिकन पास्ता। एक्सरसाइज से आपके शरीर को विकसित होने में मदद मिलती है। स्ट्रेचिंग और पुल-अप्स करने से हाइट बढ़ने में मदद मिल सकती है। हालांकि इस संबंध में कोई रिसर्च जारी नहीं हुई है। खेलकूद गतिविधियां करते रहने से भी स्वास्थ्य पर बेहतर प्रभाव पड़ता है। शरीर के विकास में नींद अहम भूमिका निभाती है। आप 8 से 9 घंटे सोने का प्रयास करें। सोने पर व्यक्ति का शरीर मानव विकास हार्मोन जारी करता है। शराब और धूम्रपान आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। यहां तक की अपनी डायट में जंक फूड और उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करने से बचना चाहिए। इनसे भी आपका शरीर प्रभावित होता है। अच्छे खानपान से आपका इम्यून सिस्टम भी मजबूत होगा और आप कम बीमार होंगे। किसी भी बीमारी में शरीर बुरी तरह प्रभावित होता है। अगर ऊपर दिए गए सुझाव का पालन करने के बावजूद आपके शरीर में कोई विकास नहीं होता और आपकी लंबाई नहीं बढ़ती है तो, आपको इस संबंध में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। मूल स्रोत -How can I increase my height? हिन्दी के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारा हिन्दी सेक्शन देखिए। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! Read this in English. इस सवाल का जवाब न्यूट्रिशनिस्ट एकता टंडन ने दिया है। पहली बात ये कि आप अभी केवल पंद्रह साल के हैं और आपका शरीर विकसित हो रहा है। इसका मतलब ये हुआ कि अभी आपकी हाइट कुछ इंच बढ़ सकती है। लेकिन आपको ये समझना होगा कि हाइट का बढ़ना जीन पर निर्भर करता है। अगर आपके परिवार के सदस्यों की हाइट कम है तो, आपके लंबे होने की संभावना कम हो सकती है। बावजूद इसके आप कुछ तरीके अपनाकर कुछ हद तक अपनी हाइट बढ़ा सकते हैं। एकता टंडन के अनुसार, विकसित हो रहे युवा शरीर को पर्याप्त ऊर्जा की ज़रूरत होती है, जो उचित डायट से मिलती है। सही खानपान आपके शरीर को विकसित करने और बेहतर स्वास्थ्य के लिए बेहद ज़रूरी है। हम नीचे डायट प्लान दे रहे हैं, जिसके जरिए आपको लंबाई बढ़ाने में काफी हद तक मदद मिल सकती है। दूध के साथ ओट - एक कटोरी। वेजिटेबल सेवई- एक कटोरी, एग सैंडविच-एक, पनीर स्टफ्ड रोटी या मिस्सी रोटी-एक। फ्रूट सलाद, फ्रेश फ्रूट जूस, नींबू का पानी या छाछ-एक गिलास। चपाती -दो , हरी सब्जी, दाल/ चिकन-एक कटोरी, सलाद/ वेजिटेबल पुलाव और दही। चिकन, वेजिटेबल टिक्की सैंडविच/ अंकुरित और आलू की चाट/ शकरकंदी चाट/ ढोकला/ वेजिटेबल व्हीट नूडल्स- एक कटोरी। सूप-एक कटोरी, चपाती, हरी सब्जी, दाल/चिकन-एक कटोरी, सलाद/चिकन पास्ता। एक्सरसाइज से आपके शरीर को विकसित होने में मदद मिलती है। स्ट्रेचिंग और पुल-अप्स करने से हाइट बढ़ने में मदद मिल सकती है। हालांकि इस संबंध में कोई रिसर्च जारी नहीं हुई है। खेलकूद गतिविधियां करते रहने से भी स्वास्थ्य पर बेहतर प्रभाव पड़ता है। शरीर के विकास में नींद अहम भूमिका निभाती है। आप आठ से नौ घंटाटे सोने का प्रयास करें। सोने पर व्यक्ति का शरीर मानव विकास हार्मोन जारी करता है। शराब और धूम्रपान आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। यहां तक की अपनी डायट में जंक फूड और उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करने से बचना चाहिए। इनसे भी आपका शरीर प्रभावित होता है। अच्छे खानपान से आपका इम्यून सिस्टम भी मजबूत होगा और आप कम बीमार होंगे। किसी भी बीमारी में शरीर बुरी तरह प्रभावित होता है। अगर ऊपर दिए गए सुझाव का पालन करने के बावजूद आपके शरीर में कोई विकास नहीं होता और आपकी लंबाई नहीं बढ़ती है तो, आपको इस संबंध में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। मूल स्रोत -How can I increase my height? हिन्दी के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारा हिन्दी सेक्शन देखिए। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए न्यूजलेटर पर साइन-अप कीजिए।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने सोमवार (23 जनवरी) को सैनिकों से कहा कि वे 'सभी तरह के' खतरों को विफल करने के लिए खुद को पूरी तरह प्रशिक्षित और सैन्य तरकीबों के अनुरूप रखें। वह मुल्तान गैरिसन में विशिष्ठ सैन्य बल 'स्ट्राइक कोर' के जवानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'आतंकवाद विरोधी लड़ाई के हमारे अनुभव ने हमें युद्ध के लिहाज से परिपक्व बना दिया है और अभियान संबंधी तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है। ' 'इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस' के अनुसार बाजवा ने अधिकारियों और सैनिकों को निर्देश दिया कि वे सभी तरह के खतरों को विफल करने के लिए खुद को पूरी तरह प्रशिक्षित और सैन्य तरकीबों के अनुरूप रखें। उन्होंने पारंपरिक युद्ध की चुनौती को नाकाम करने के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित और तैयार रहने के लिए सैनिकों की तारीफ की। पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने कहा कि उनके देश की सेना विश्व में सर्वश्रेष्ठ है।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने सोमवार को सैनिकों से कहा कि वे 'सभी तरह के' खतरों को विफल करने के लिए खुद को पूरी तरह प्रशिक्षित और सैन्य तरकीबों के अनुरूप रखें। वह मुल्तान गैरिसन में विशिष्ठ सैन्य बल 'स्ट्राइक कोर' के जवानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'आतंकवाद विरोधी लड़ाई के हमारे अनुभव ने हमें युद्ध के लिहाज से परिपक्व बना दिया है और अभियान संबंधी तैयारी के लिए महत्वपूर्ण है। ' 'इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस' के अनुसार बाजवा ने अधिकारियों और सैनिकों को निर्देश दिया कि वे सभी तरह के खतरों को विफल करने के लिए खुद को पूरी तरह प्रशिक्षित और सैन्य तरकीबों के अनुरूप रखें। उन्होंने पारंपरिक युद्ध की चुनौती को नाकाम करने के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित और तैयार रहने के लिए सैनिकों की तारीफ की। पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने कहा कि उनके देश की सेना विश्व में सर्वश्रेष्ठ है।
स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूज : उत्तर प्रदेश सरकार दो हजार छब्बिस से सतस तक सोला हजार मेगा वाट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन किया और अगले पांच वर्षों में दस लाख घरों वाले बिस शहरों को 'सौर शहरों' के रूप में विकसित करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने की योजना बना रही है। राज्य ने सौर ऊर्जा नीति दो हजार का मसौदा तैयार किया है। इससे कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। वर्तमान सौर नीति ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। उत्तर प्रदेश के परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह ने बताया , "लक्ष्य महत्वाकांक्षी हैं, लेकिन इसे प्राप्त करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे क्योंकि प्रस्तावित नीति राज्य में सौर संयंत्रों और पार्कों की स्थापना में बाधा डालने वाली सभी बाधाओं को दूर करना चाहती है। "
स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूज : उत्तर प्रदेश सरकार दो हजार छब्बिस से सतस तक सोला हजार मेगा वाट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन किया और अगले पांच वर्षों में दस लाख घरों वाले बिस शहरों को 'सौर शहरों' के रूप में विकसित करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने की योजना बना रही है। राज्य ने सौर ऊर्जा नीति दो हजार का मसौदा तैयार किया है। इससे कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है। वर्तमान सौर नीति ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। उत्तर प्रदेश के परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह ने बताया , "लक्ष्य महत्वाकांक्षी हैं, लेकिन इसे प्राप्त करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे क्योंकि प्रस्तावित नीति राज्य में सौर संयंत्रों और पार्कों की स्थापना में बाधा डालने वाली सभी बाधाओं को दूर करना चाहती है। "
दमदार एक्शन से भरपूर फिल्म है "नाम शबाना" एक्शन में खासकर महिला किरदार के होने की वजह से फिल्म अलग है। आज सिनेमा घरों में तापसी पन्नू, मनोज वाजोयी, ओमपुरी सरीखे सितारों से सजी फिल्म 'नाम शबाना' दर्शकों के बीच है। नाम शबाना का रियल एक्शन दर्शकों को देखने को मिलेगा। एक्शन में खास कर महिला किरदार के होने की वजह से फिल्म अलग हो गई है। फिल्म में एक ही कमी है कहानी। अगर नीरज पांडेय ने थोड़ा और ध्यान दिया होता तो एक बेहतरीन फिल्म मिलती। निर्देशक शिवम नायर ने मिली हुई स्क्रिप्ट के साथ न्याय किया है। उन्होंने एक्शन, माहौल और प्रस्तुति में कोई कोताही नहीं की है। पुरानी मूवी पिंक से लोगों के दिलों पर अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ चुकी तापसी पन्नू इस भूमिका में प्रभावित करेंगी। मुख्य कलाकारः तापसी पन्नू, मनोज वाजपेयी, ओमपुरी, पृथ्वीराज सुकुमारन, अनुपम खेर । यह जानना रोचक होगा कि क्या नीरज पांडेय ने तापसी पन्नू को शबाना की पृष्ठभूमि के बारे में यही सब बताया था जो 'नाम शबाना' में है। 'नाम शबाना' के केंद्र में शबाना है। तापसी पन्नू को टाइटल रोल मिला है। युवा अभिनेत्री तापसी पन्नू के लिए यह बेहतरीन मौका है। उन्होंने लेखक नीरज पांडेय और निर्देशक शिवम नायर की सोच के मुताबिक शबाना को विदाउट मुस्कान सख्त जान किरदार के रूप में पेश किया है। वह 'नो नॉनसेंस' मिजाज की लड़की है। जिंदगी के कटु अनुभवों ने उसकी मुस्कान छीन ली है। सहज इमोशन में भी वह असहज हो जाती हैं। यहां तक कि अपने प्रेमी तक को नहीं बता पाती कि वह उससे उतना ही प्यार करती हैं। मूवी में यह सभी घटनाक्रम बड़ी तेजी से घटता है। वह अपने एटीट्यूड की वजह से सुरक्षा एजेंसी की नजर में आ जाती हैं। वे उसकी मदद करते हैं और बदले में उसका गुस्सा और जोश ले लेते हैं। सुरक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली बहस का विषय हो सकती है। सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी स्पष्ट शब्दों में बता देते हैं कि मुस्लिम परिवेश की होने की वजह से शबाना उनके लिए अधिक काम की है। जाहिर है कि मजहब, नाराजगी और प्रतिरोध का फायदा दोनों पक्ष उठाते हैं आतंकवादी और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां। नीरज पांडेय के लेखन में राष्ट्रवादी सोच की झलक रहती है। उनके किरदार देशहित में लगे रहते हैं। वे पुरानी फिल्मों के किरदारों की तरह देशभक्ति होड़ में नहीं चलते। इसी फिल्म में शबाना किडो में इंटरनेशनल अवार्ड लाना चाहती है। तापसी पन्नू फिल्म दर फिल्म निखरती जा रही हैं। उन्हें दमदार भूमिकाएं मिल रही हैं और वह किरदारों के अनुरूप खुद को ढाल रही है। किरदारों की बारीकियों को वह पर्दे पर ले आती हैं। उनके एक्सप्रेशन संतुलित और किरदार के मिजाज में होते हैं। 'नाम शबाना' में उन्होंने किरदार की स्फूर्ति और हिम्मत बनाए रखी है। मनोज वाजपेयी कर्मठ व निर्मम अधिकारी के रूप में जंचे हैं। वे सचमुच बहुरुपिया है जैसा किरदार समेत वैसी भाव-भंगिमाएं। उनके पोर-पोर से संजीदगी टपकती है। अक्षय कुमार ने फिल्म की जरूरत के मुताबिक छोटी भूमिका निभाई है जिसे कैमियो कहा जाता है। लंबे समय के बाद वीरेन्द्र सक्सेना दिखे और सही लगे।
दमदार एक्शन से भरपूर फिल्म है "नाम शबाना" एक्शन में खासकर महिला किरदार के होने की वजह से फिल्म अलग है। आज सिनेमा घरों में तापसी पन्नू, मनोज वाजोयी, ओमपुरी सरीखे सितारों से सजी फिल्म 'नाम शबाना' दर्शकों के बीच है। नाम शबाना का रियल एक्शन दर्शकों को देखने को मिलेगा। एक्शन में खास कर महिला किरदार के होने की वजह से फिल्म अलग हो गई है। फिल्म में एक ही कमी है कहानी। अगर नीरज पांडेय ने थोड़ा और ध्यान दिया होता तो एक बेहतरीन फिल्म मिलती। निर्देशक शिवम नायर ने मिली हुई स्क्रिप्ट के साथ न्याय किया है। उन्होंने एक्शन, माहौल और प्रस्तुति में कोई कोताही नहीं की है। पुरानी मूवी पिंक से लोगों के दिलों पर अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ चुकी तापसी पन्नू इस भूमिका में प्रभावित करेंगी। मुख्य कलाकारः तापसी पन्नू, मनोज वाजपेयी, ओमपुरी, पृथ्वीराज सुकुमारन, अनुपम खेर । यह जानना रोचक होगा कि क्या नीरज पांडेय ने तापसी पन्नू को शबाना की पृष्ठभूमि के बारे में यही सब बताया था जो 'नाम शबाना' में है। 'नाम शबाना' के केंद्र में शबाना है। तापसी पन्नू को टाइटल रोल मिला है। युवा अभिनेत्री तापसी पन्नू के लिए यह बेहतरीन मौका है। उन्होंने लेखक नीरज पांडेय और निर्देशक शिवम नायर की सोच के मुताबिक शबाना को विदाउट मुस्कान सख्त जान किरदार के रूप में पेश किया है। वह 'नो नॉनसेंस' मिजाज की लड़की है। जिंदगी के कटु अनुभवों ने उसकी मुस्कान छीन ली है। सहज इमोशन में भी वह असहज हो जाती हैं। यहां तक कि अपने प्रेमी तक को नहीं बता पाती कि वह उससे उतना ही प्यार करती हैं। मूवी में यह सभी घटनाक्रम बड़ी तेजी से घटता है। वह अपने एटीट्यूड की वजह से सुरक्षा एजेंसी की नजर में आ जाती हैं। वे उसकी मदद करते हैं और बदले में उसका गुस्सा और जोश ले लेते हैं। सुरक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली बहस का विषय हो सकती है। सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी स्पष्ट शब्दों में बता देते हैं कि मुस्लिम परिवेश की होने की वजह से शबाना उनके लिए अधिक काम की है। जाहिर है कि मजहब, नाराजगी और प्रतिरोध का फायदा दोनों पक्ष उठाते हैं आतंकवादी और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां। नीरज पांडेय के लेखन में राष्ट्रवादी सोच की झलक रहती है। उनके किरदार देशहित में लगे रहते हैं। वे पुरानी फिल्मों के किरदारों की तरह देशभक्ति होड़ में नहीं चलते। इसी फिल्म में शबाना किडो में इंटरनेशनल अवार्ड लाना चाहती है। तापसी पन्नू फिल्म दर फिल्म निखरती जा रही हैं। उन्हें दमदार भूमिकाएं मिल रही हैं और वह किरदारों के अनुरूप खुद को ढाल रही है। किरदारों की बारीकियों को वह पर्दे पर ले आती हैं। उनके एक्सप्रेशन संतुलित और किरदार के मिजाज में होते हैं। 'नाम शबाना' में उन्होंने किरदार की स्फूर्ति और हिम्मत बनाए रखी है। मनोज वाजपेयी कर्मठ व निर्मम अधिकारी के रूप में जंचे हैं। वे सचमुच बहुरुपिया है जैसा किरदार समेत वैसी भाव-भंगिमाएं। उनके पोर-पोर से संजीदगी टपकती है। अक्षय कुमार ने फिल्म की जरूरत के मुताबिक छोटी भूमिका निभाई है जिसे कैमियो कहा जाता है। लंबे समय के बाद वीरेन्द्र सक्सेना दिखे और सही लगे।
बिहार सरकार ने नगर विकास एवं आवास विभाग में भर्ती हेतु कनीय अभियंता (असैनिक/यांत्रिक/विधुत) के खाली पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उम्मीदवार जो इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट या आगे दिए गए लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस नौकरी से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आगे दी गई नोटिफिकेशन देखें। पदों का विवरण : आयु सीमा : पदों का नाम : पदों की संख्या : पुरुषों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 37 वर्ष। महिलाओं की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी आवश्यक हैं। शैक्षिक योग्यता : अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त संस्थानाें के असैनिक / यांत्रिक / विधुत अभियंत्रण में डिप्लोमाधारी जिनकों तकनीकी शिक्षा पर्षद या विश्वविद्यालय द्वारा डिप्लोमा प्राप्त होना आवश्यक है। अधिक जानकारी के लिए आगे दी गई नोटिफिकेशन देखें। महत्वपूर्ण तिथियां :
बिहार सरकार ने नगर विकास एवं आवास विभाग में भर्ती हेतु कनीय अभियंता के खाली पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उम्मीदवार जो इन पदों पर आवेदन करना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट या आगे दिए गए लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस नौकरी से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आगे दी गई नोटिफिकेशन देखें। पदों का विवरण : आयु सीमा : पदों का नाम : पदों की संख्या : पुरुषों की न्यूनतम आयु अट्ठारह वर्ष और अधिकतम आयु सैंतीस वर्ष। महिलाओं की न्यूनतम आयु अट्ठारह वर्ष और अधिकतम आयु चालीस वर्ष होनी आवश्यक हैं। शैक्षिक योग्यता : अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त संस्थानाें के असैनिक / यांत्रिक / विधुत अभियंत्रण में डिप्लोमाधारी जिनकों तकनीकी शिक्षा पर्षद या विश्वविद्यालय द्वारा डिप्लोमा प्राप्त होना आवश्यक है। अधिक जानकारी के लिए आगे दी गई नोटिफिकेशन देखें। महत्वपूर्ण तिथियां :
- पूरे उत्तर भारत में कोहरे और धुंध के साथ ठंड बढ़ गई है. - वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है. नई दिल्लीः दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में कोहरे और धुंध के साथ ठंड बढ़ गई है. दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह तड़के से ही कोहरा छाया हुआ है जिसकी वजह से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग की माने तो वेस्टर्न डिर्स्टबेन्स के चलते दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड बढ़ गई है. रेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक इस कोहरे की वजह से 81 ट्रेनें लेट हो गई हैं. जबकि 3 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. इसके अलावा 16 ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया गया है. इतना ही नहीं, कोहरे के कारण दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे 8 अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटों में देरी हुई है और तीन को डाइवर्ट कर अन्य हवाई अड्डों पर भेजा गया है. कोहरे की वजह से 5 घरेलू उड़ानों में भी देरी हुई है. मौसम विभाग की माने तो वेस्टर्न डिर्स्टबेन्स के चलते दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड बढ़ गई है. मंगलवार का दिन तीसरा सबसे ठंडा दिन रहा. मंगलवार को न्यूनतम तपामान 9. 4 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 26. 2 ड्गिरी सेल्सियस था. कोहरे से रेल, हवाई और सड़क यातायात पर तो असर पड़ा ही है साध ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 4 फीसदी ज़्यादा पाया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अगले तीन दिनों में हवा में प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी होगी. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले 3 दिन तक कोहरे की मार झेलनी पड़ सकती है.
- पूरे उत्तर भारत में कोहरे और धुंध के साथ ठंड बढ़ गई है. - वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है. नई दिल्लीः दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में कोहरे और धुंध के साथ ठंड बढ़ गई है. दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह तड़के से ही कोहरा छाया हुआ है जिसकी वजह से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग की माने तो वेस्टर्न डिर्स्टबेन्स के चलते दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड बढ़ गई है. रेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अब तक इस कोहरे की वजह से इक्यासी ट्रेनें लेट हो गई हैं. जबकि तीन ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है. इसके अलावा सोलह ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया गया है. इतना ही नहीं, कोहरे के कारण दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे आठ अंतरराष्ट्रीय फ्लाइटों में देरी हुई है और तीन को डाइवर्ट कर अन्य हवाई अड्डों पर भेजा गया है. कोहरे की वजह से पाँच घरेलू उड़ानों में भी देरी हुई है. मौसम विभाग की माने तो वेस्टर्न डिर्स्टबेन्स के चलते दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड बढ़ गई है. मंगलवार का दिन तीसरा सबसे ठंडा दिन रहा. मंगलवार को न्यूनतम तपामान नौ. चार डिग्री सेल्सियस और अधिकतम छब्बीस. दो ड्गिरी सेल्सियस था. कोहरे से रेल, हवाई और सड़क यातायात पर तो असर पड़ा ही है साध ही दिल्ली में प्रदूषण का स्तर चार फीसदी ज़्यादा पाया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अगले तीन दिनों में हवा में प्रदूषण के स्तर में और बढ़ोतरी होगी. मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले तीन दिन तक कोहरे की मार झेलनी पड़ सकती है.
रांची : कोरोना (coronavirus) पर काबू पाने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक और संस्थान रिसर्च (research on coronavirus) कर रहे हैं. इस कड़ी में रांची विश्वविद्यालय (Ranchi University) भी रिसर्च करने की तैयारी कर रहा है. यह रिसर्च विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग में किया जायेगा. इसके लिए बीएयू (BAU) और रिम्स (RIMS) का सहयोग लिया जाएगा. इसकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा जायेगा. स्वीकृति मिलने के बाद इसे मूर्त रूप दिया जायेगा. रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय ने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर सरकार और डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी को भेजा जायेगा. इसके लिए दो और संस्थानों का सहयोग लिया जायेगा. इनमें बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (कांके) का वेटनरी विभाग और रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रांची) शामिल हैं. रिसर्च के लिए रांची विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग के पास लैब है, लेकिन कुछ और संसाधनों की जरूरत होगी तो इसके लिए प्रपोजल में उल्लेख कर सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा. स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू किया जायेगा. विश्वभर के विश्वविद्यालयों में कोरोना को लेकर रिसर्च किये जा रहे हैं. ऐसे में झारखंड में पर्याप्त संख्या में लैब व एक्सपर्ट की टीम होने के बावजूद अब तक इस दिशा में किसी विवि द्वारा पहल नहीं की गयी है. रांची विश्वविद्यालय के इस कदम से रिसर्च वर्क में लगे विद्यार्थियों, शिक्षकों और एक्सपर्ट को खुद के काम को निखारने का अवसर मिलेगा.
रांची : कोरोना पर काबू पाने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक और संस्थान रिसर्च कर रहे हैं. इस कड़ी में रांची विश्वविद्यालय भी रिसर्च करने की तैयारी कर रहा है. यह रिसर्च विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग में किया जायेगा. इसके लिए बीएयू और रिम्स का सहयोग लिया जाएगा. इसकी स्वीकृति के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा जायेगा. स्वीकृति मिलने के बाद इसे मूर्त रूप दिया जायेगा. रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडेय ने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर सरकार और डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी को भेजा जायेगा. इसके लिए दो और संस्थानों का सहयोग लिया जायेगा. इनमें बिरसा कृषि विश्वविद्यालय का वेटनरी विभाग और रिम्स शामिल हैं. रिसर्च के लिए रांची विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग के पास लैब है, लेकिन कुछ और संसाधनों की जरूरत होगी तो इसके लिए प्रपोजल में उल्लेख कर सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा. स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू किया जायेगा. विश्वभर के विश्वविद्यालयों में कोरोना को लेकर रिसर्च किये जा रहे हैं. ऐसे में झारखंड में पर्याप्त संख्या में लैब व एक्सपर्ट की टीम होने के बावजूद अब तक इस दिशा में किसी विवि द्वारा पहल नहीं की गयी है. रांची विश्वविद्यालय के इस कदम से रिसर्च वर्क में लगे विद्यार्थियों, शिक्षकों और एक्सपर्ट को खुद के काम को निखारने का अवसर मिलेगा.
कुल्लू -मध्यप्रदेश के इटारसी स्थित गांधी स्टेडियम में सूत्रधार कलामंच के कलाकार कुल्लवी परिधान एवं वाद्य यंत्रों के साथ मंच पर प्रस्तुति देने आए तो देशज कार्यक्रम का माहौल देखते ही बन गया और कुल्लवी परिधान के सभी फिदा हो गए। यह कहना है सूत्रधार कलामंच के उन कलाकारों का जो यहां मंगलवार की शाम को इटारसी में कुल्लवी नाटी प्रस्तुत कर कुल्लवी संस्कृति की छाप छोड़ आए। इन कलाकारों ने इस कार्यक्रम में हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया। संगीत, नृत्य एवं नाटक की राष्ट्रीय अकादमी नई दिल्ली एवं नगर पालिका परिषद इटारसी मध्यप्रदेश ने भारत की पारंपरिक , लोक एवं जनजातीय अभिव्यक्तियों का देशज उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में विभिन्न प्रदेशों के संगीत, नृत्य मंचों ने भाग लिया और अपनी संस्कृति से रू-ब-रू करवाया। वहीं हिमाचल के कुल्लू जिला के सूत्रधार कलामंच के कालाकारों ने भी बेहतरीन कुल्लवी नाटी प्रस्तुत कर हिमाचल का नाम रोशन किया है। इससे पहलेक भी सूत्रधार कलासंगम के कलाकारों ने हिमाचल से बाहर जाकर अन्य कई प्रदेशों में कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं, जिसमंे भी संस्था के कलाकारों ने कुल्लवी संस्कृति को प्रामोट करने का पूरी तरह से प्रयास किए हैं। अब इटारसी में में आयोजित राष्ट्र स्तरीय देशक कार्यक्रम में संस्था के कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति अदा की। इस दौरान संस्था के महासचिव एवं कलाकार सुंदर श्याम महंत, सन्नी, राहुल, निशांत, सुरेंद्र, कृष्णा, सुनीता, पल्लवी राणा, डिंपल, निखिल, अमित, डीणे राम, पूर्ण चंद, सोहन लाल, सेस राम, जोगिंद्र सिंह आदि कलाकारों व वादकों ने बेहतरीन प्रस्तुति देकर जिला कुल्लू ही नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है।
कुल्लू -मध्यप्रदेश के इटारसी स्थित गांधी स्टेडियम में सूत्रधार कलामंच के कलाकार कुल्लवी परिधान एवं वाद्य यंत्रों के साथ मंच पर प्रस्तुति देने आए तो देशज कार्यक्रम का माहौल देखते ही बन गया और कुल्लवी परिधान के सभी फिदा हो गए। यह कहना है सूत्रधार कलामंच के उन कलाकारों का जो यहां मंगलवार की शाम को इटारसी में कुल्लवी नाटी प्रस्तुत कर कुल्लवी संस्कृति की छाप छोड़ आए। इन कलाकारों ने इस कार्यक्रम में हिमाचल का प्रतिनिधित्व किया। संगीत, नृत्य एवं नाटक की राष्ट्रीय अकादमी नई दिल्ली एवं नगर पालिका परिषद इटारसी मध्यप्रदेश ने भारत की पारंपरिक , लोक एवं जनजातीय अभिव्यक्तियों का देशज उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में विभिन्न प्रदेशों के संगीत, नृत्य मंचों ने भाग लिया और अपनी संस्कृति से रू-ब-रू करवाया। वहीं हिमाचल के कुल्लू जिला के सूत्रधार कलामंच के कालाकारों ने भी बेहतरीन कुल्लवी नाटी प्रस्तुत कर हिमाचल का नाम रोशन किया है। इससे पहलेक भी सूत्रधार कलासंगम के कलाकारों ने हिमाचल से बाहर जाकर अन्य कई प्रदेशों में कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं, जिसमंे भी संस्था के कलाकारों ने कुल्लवी संस्कृति को प्रामोट करने का पूरी तरह से प्रयास किए हैं। अब इटारसी में में आयोजित राष्ट्र स्तरीय देशक कार्यक्रम में संस्था के कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुति अदा की। इस दौरान संस्था के महासचिव एवं कलाकार सुंदर श्याम महंत, सन्नी, राहुल, निशांत, सुरेंद्र, कृष्णा, सुनीता, पल्लवी राणा, डिंपल, निखिल, अमित, डीणे राम, पूर्ण चंद, सोहन लाल, सेस राम, जोगिंद्र सिंह आदि कलाकारों व वादकों ने बेहतरीन प्रस्तुति देकर जिला कुल्लू ही नहीं बल्कि हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन किया है।
कोलकाता : भाजपा की ओर से शिकायत की गई है कि अचानक तृणमूल के इशारे पर कोलकाता नगर निगम के कई वार्डों में बूथ के लोकेशन बदल दिए गए। इन शिकायतों को लेकर भाजपा सांसद अर्जुन सिंह व भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया राज्य चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचे। भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने कहा कि चुनाव के ठीक कुछ दिन पहले ही इस प्रकार का निर्णय वास्तव में सोचनीय है। इस बारे में हमने चुनाव आयोग से अपील की है कि शिकायतों पर गौर किया जाए, साथ ही ठोस कार्रवाई की जाए। दूसरी तरफ एक बार फिर से भाजपा की ओर से बूथ पर पोलिंग एजेंट को दिए जाने संबंधी नियम में बदलाव की अपील की गई। इसके अलावा कहा गया है कि बिना अर्द्धसैनिक बलों के चुनाव प्रक्रिया किस प्रकार से संपन्न होगी यह समझ से परे है। हमें राज्य पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। ऐसा लगता नहीं कि कोलकाता नगर निगम का चुनाव केवल राज्य पुलिस के बल पर कराया जाना संभव है। ऐसे में हम अदालत के डिवीजन बेंच में जा रहे हैं।
कोलकाता : भाजपा की ओर से शिकायत की गई है कि अचानक तृणमूल के इशारे पर कोलकाता नगर निगम के कई वार्डों में बूथ के लोकेशन बदल दिए गए। इन शिकायतों को लेकर भाजपा सांसद अर्जुन सिंह व भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया राज्य चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचे। भाजपा नेता शिशिर बाजोरिया ने कहा कि चुनाव के ठीक कुछ दिन पहले ही इस प्रकार का निर्णय वास्तव में सोचनीय है। इस बारे में हमने चुनाव आयोग से अपील की है कि शिकायतों पर गौर किया जाए, साथ ही ठोस कार्रवाई की जाए। दूसरी तरफ एक बार फिर से भाजपा की ओर से बूथ पर पोलिंग एजेंट को दिए जाने संबंधी नियम में बदलाव की अपील की गई। इसके अलावा कहा गया है कि बिना अर्द्धसैनिक बलों के चुनाव प्रक्रिया किस प्रकार से संपन्न होगी यह समझ से परे है। हमें राज्य पुलिस पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। ऐसा लगता नहीं कि कोलकाता नगर निगम का चुनाव केवल राज्य पुलिस के बल पर कराया जाना संभव है। ऐसे में हम अदालत के डिवीजन बेंच में जा रहे हैं।
डेल्ही एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) में कथित भ्रष्टाचार को लेकर अरुण जेटली के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) के अभियान को शिवसेना ने तमाशा बताया है। पार्टी ने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा है कि जेटली बनाम अरविंद केजरीवाल का राजनीतिक मुकबला लोगों के लिए मुफ्त का तमाशा बन गया है। इसमें केजरीवाल को बेलगाम आरोप लगाने में माहिर बताया गया है। साथ ही, कहा गया है कि उनकी राजनीति पानी का बुलबुला है, जिसे फूटने में वक्त नहीं लगेगा। शिवसेना ने जेटली के खिलाफ चलाए जा रहे ताजा अभियान को मोदी सरकार को खोखला करने की साजिश माना है और कहा है कि इस साजिश में कीर्ति आजाद जैसे भाजपा नेता भी आग में घी डालने का काम कर रहे हैं।
डेल्ही एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन में कथित भ्रष्टाचार को लेकर अरुण जेटली के खिलाफ आम आदमी पार्टी के अभियान को शिवसेना ने तमाशा बताया है। पार्टी ने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा है कि जेटली बनाम अरविंद केजरीवाल का राजनीतिक मुकबला लोगों के लिए मुफ्त का तमाशा बन गया है। इसमें केजरीवाल को बेलगाम आरोप लगाने में माहिर बताया गया है। साथ ही, कहा गया है कि उनकी राजनीति पानी का बुलबुला है, जिसे फूटने में वक्त नहीं लगेगा। शिवसेना ने जेटली के खिलाफ चलाए जा रहे ताजा अभियान को मोदी सरकार को खोखला करने की साजिश माना है और कहा है कि इस साजिश में कीर्ति आजाद जैसे भाजपा नेता भी आग में घी डालने का काम कर रहे हैं।
अगर आप अंडमान-निकोबार द्वीप समूह टूर पर जाना चाह रहे हैं तो आईआरसीटीसी का छह दिन और पांच रात के लिए एक पैकेज है। पैकेज में लखनऊ से यात्रा शुरू होगी। आईआरसीटीसी अंडमान-निकोबार द्वीप समूह टूर पैकेज छह दिन और पांच रात के लिए कराने जा रहा है। यह टूर पैकेज 23 सितंबर से 28 सितंबर तक होगा। इस पैकेज में कोलकाता में कालीघाट मन्दिर एवं विक्टोरिया मेमोरियल, पोर्टब्लेयर में ऐतिहासिक सेलुलर जेल में लाइट एडं साउंड शो, समुद्रिका (नेवल मैरीन) म्यूजियम एवं सागरिका इम्पोरियम, हैवलॉक में राधानगर बीच व कालापत्थर बीच एवं बाराटांग आइलैंड का भ्रमण कराया जायेगा। इस टूर पैकेज में यात्रियों के लिये लखनऊ से कोलकाता एवं कोलकाता से पोर्टब्लेयर के साथ ही साथ वापसी यात्रा की व्यवस्था फ्लाइट द्वारा की गई है। इस हवाई यात्रा पैकेज में जाने/आने की हवाई यात्रा, डीलक्स होटलों/रिजॅार्ट में ठहरने की व्यवस्था एवं खाने हेतु भारतीय खाने की व्यवस्था (ब्रेकफास्ट एवं डिनर) आईआरसीटीसी द्वारा की जायेगी। एक व्यक्ति के ठहरने पर पैकेज 65,900, दो व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर 53,785, प्रति व्यक्ति एवं तीन व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर पैकेज प्रति व्यक्ति 53,295 रुपये होगा। यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन गोमतीनगर या आईआरसीटीसी की बेवसाइट www. irctctourism. com से ऑनलाइन बुकिंग भी कराई जा सकती है।
अगर आप अंडमान-निकोबार द्वीप समूह टूर पर जाना चाह रहे हैं तो आईआरसीटीसी का छह दिन और पांच रात के लिए एक पैकेज है। पैकेज में लखनऊ से यात्रा शुरू होगी। आईआरसीटीसी अंडमान-निकोबार द्वीप समूह टूर पैकेज छह दिन और पांच रात के लिए कराने जा रहा है। यह टूर पैकेज तेईस सितंबर से अट्ठाईस सितंबर तक होगा। इस पैकेज में कोलकाता में कालीघाट मन्दिर एवं विक्टोरिया मेमोरियल, पोर्टब्लेयर में ऐतिहासिक सेलुलर जेल में लाइट एडं साउंड शो, समुद्रिका म्यूजियम एवं सागरिका इम्पोरियम, हैवलॉक में राधानगर बीच व कालापत्थर बीच एवं बाराटांग आइलैंड का भ्रमण कराया जायेगा। इस टूर पैकेज में यात्रियों के लिये लखनऊ से कोलकाता एवं कोलकाता से पोर्टब्लेयर के साथ ही साथ वापसी यात्रा की व्यवस्था फ्लाइट द्वारा की गई है। इस हवाई यात्रा पैकेज में जाने/आने की हवाई यात्रा, डीलक्स होटलों/रिजॅार्ट में ठहरने की व्यवस्था एवं खाने हेतु भारतीय खाने की व्यवस्था आईआरसीटीसी द्वारा की जायेगी। एक व्यक्ति के ठहरने पर पैकेज पैंसठ,नौ सौ, दो व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर तिरेपन,सात सौ पचासी, प्रति व्यक्ति एवं तीन व्यक्तियों के एक साथ ठहरने पर पैकेज प्रति व्यक्ति तिरेपन,दो सौ पचानवे रुपयापये होगा। यात्रा की बुकिंग पर्यटन भवन गोमतीनगर या आईआरसीटीसी की बेवसाइट www. irctctourism. com से ऑनलाइन बुकिंग भी कराई जा सकती है।
बोस्टन विश्वविद्यालय केवल 2 9 प्रतिशत की स्वीकृति दर के साथ अत्यधिक चुनिंदा है। सफल आवेदकों के पास हमेशा ग्रेड और मानकीकृत परीक्षण स्कोर होते हैं जो औसत से ऊपर होते हैं। विश्वविद्यालय आम आवेदन स्वीकार करता है, और छात्रों को एसएटी या अधिनियम, हाई स्कूल ट्रांसक्रिप्ट, व्यक्तिगत निबंध , और शिक्षक / सलाहकार सलाहकार पत्रों से स्कोर जमा करना होगा। बोस्टन के केनमोर-फेनवे क्षेत्र में शहरी परिसर में स्थित, बैक बे के पश्चिम में, बोस्टन विश्वविद्यालय देश का चौथा सबसे बड़ा निजी विश्वविद्यालय है। बीयू का स्थान इसे अन्य बोस्टन क्षेत्र के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों जैसे एमआईटी , हार्वर्ड और पूर्वोत्तर के आसान पहुंच के भीतर रखता है। कई राष्ट्रीय रैंकिंग पर, बोस्टन विश्वविद्यालय अमेरिका के शीर्ष 50 विश्वविद्यालयों में से एक है, और स्कूल के बड़े आकार के बावजूद, शिक्षाविदों को स्वस्थ 10 से 1 छात्र / संकाय अनुपात द्वारा समर्थित किया जाता है। बीयू में छात्र आवास एक उदार मिश्रण है जो समकालीन उच्च उगने से लेकर विक्टोरियन टाउनहाउस तक है। एथलेटिक्स में, डिवीजन I बोस्टन विश्वविद्यालय टेरियर अमेरिका के पूर्व सम्मेलन, औपनिवेशिक एथलेटिक एसोसिएशन , और हॉकी ईस्ट सम्मेलनों में प्रतिस्पर्धा करते हैं। बोस्टन विश्वविद्यालय अत्यधिक चुनिंदा है और सभी आवेदकों के एक तिहाई के तहत स्वीकार करता है। ऊपर दिए गए ग्राफ में, नीले और हरे रंग के बिंदु स्वीकार्य छात्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, और आप देख सकते हैं कि बीयू में आने वाले अधिकांश छात्रों में बी + या उच्चतर, एसएटी स्कोर (आरडब्लू + एम) 1200 से ऊपर था, और अधिनियम 25 से ऊपर समग्र स्कोर। नोट कि बीयू को अब एसएटी या अधिनियम पर लेखन घटक की आवश्यकता नहीं है। "ए" औसत और 1300 से ऊपर के एसएटी स्कोर वाले छात्रों को भर्ती होने की संभावना है, और ग्राफ के ऊपरी दाएं कोने में बहुत कम लाल बिंदु (अस्वीकार छात्रों) हैं। हालांकि, ग्राफ के मध्य भाग में नीले रंग के पीछे बहुत सारे लाल छिपे हुए हैं। कुछ छात्र जिनके पास बोस्टन विश्वविद्यालय के लिए लक्षित ग्रेड और मानकीकृत परीक्षण स्कोर हैं, उन्हें अभी भी अस्वीकृति पत्र मिलेंगे। नतीजतन, यहां तक कि यदि बोस्टन विश्वविद्यालय आपके प्रमाण-पत्रों के संबंध में एक मैच स्कूल है, तो भी आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रवेश निर्णय आपके रास्ते पर नहीं जाने के बावजूद आपने कुछ सुरक्षा स्कूलों पर आवेदन किया है। बीयू में प्रवेश उपरोक्त इस ग्राफ में प्रस्तुत संख्यात्मक डेटा से कहीं अधिक है। विश्वविद्यालय आम आवेदन का उपयोग करता है। सबसे मजबूत अनुप्रयोगों में एक विजेता निबंध , सिफारिश के मजबूत पत्र और दिलचस्प बहिर्वाहिक गतिविधियां भी होंगी। बोस्टन विश्वविद्यालय, देश के अधिकांश चुनिंदा विश्वविद्यालयों की तरह, समग्र प्रवेश है । प्रवेश लोग ऐसे छात्रों की तलाश में हैं जो कैंपस समुदाय को समृद्ध करेंगे और मजबूत ग्रेड और टेस्ट स्कोर से अधिक परिसर में लाएंगे। जिन छात्रों के पास कुछ प्रकार की उल्लेखनीय प्रतिभा है या कहने के लिए एक आकर्षक कहानी है, वे एक करीबी नज़र डालेंगे, भले ही ग्रेड और टेस्ट स्कोर आदर्श तक न हों। बीयू में प्रवेश मानकों स्कूल और कॉलेज द्वारा भिन्न होते हैं, और कुछ आवेदकों को पता चल सकता है कि वे सामान्य अध्ययन कॉलेज में स्वीकार किए जाते हैं, न कि उनके पसंदीदा विशेष स्कूल या कॉलेज। कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स और विश्वविद्यालय के त्वरित चिकित्सकीय और चिकित्सा कार्यक्रमों के लिए आवेदन अन्य कॉलेजों में प्रवेश के लिए नहीं माना जाएगा। यह भी ध्यान रखें कि साक्षात्कार बीयू में प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं, त्वरित चिकित्सकीय और चिकित्सा कार्यक्रमों को छोड़कर, और ललित कला कॉलेज में आवेदन करने वाले छात्रों को ऑडिशन या पोर्टफोलियो जमा करना होगा। अंत में, ध्यान रखें कि बोस्टन विश्वविद्यालय का प्रारंभिक निर्णय कार्यक्रम है । यदि बीयू निश्चित रूप से आपका शीर्ष पसंद विद्यालय है, तो जल्दी से आवेदन करना आपकी रुचि का प्रदर्शन करने और भर्ती होने की संभावनाओं को बेहतर बनाने का एक शानदार तरीका है। प्रवेश डेटा (2016) चुनिंदा प्रवेश के साथ, बोस्टन विश्वविद्यालय में चार साल की स्नातक दर और अकादमिक कार्यक्रमों की एक प्रभावशाली श्रृंखला है। लागतों के लिए देखेंः विश्वविद्यालय का कुल मूल्य टैग अब 70,000 डॉलर से अधिक है, और केवल आधा मैट्रिक्यूटेड छात्रों को अनुदान सहायता प्राप्त होती है। नामांकन (2016) - कुल नामांकनः 32,695 (17, 9 44 स्नातक) लागत (2017 - 18) - किताबेंः $ 1,000 ( इतना क्यों? ) बोस्टन विश्वविद्यालय वित्तीय सहायता (2015 - 16) - आपके लिए कौन सा प्रमुख सही है? Cappex में मुफ्त "माई करियर और मेजर क्विज़" लेने के लिए साइन अप करें। बोस्टन विश्वविद्यालय के आवेदकों को शहरी वातावरण में चुनिंदा निजी विश्वविद्यालयों के लिए आकर्षित किया जाता है। अन्य लोकप्रिय विकल्पों में न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय , शिकागो विश्वविद्यालय , ब्राउन विश्वविद्यालय और पूर्वोत्तर विश्वविद्यालय शामिल हैं । बस ध्यान रखें कि एनवाईयू, ब्राउन और शिकागो विश्वविद्यालय बीयू से भी अधिक चुनिंदा हैं। यदि आप कम कीमत वाले टैग के साथ कुछ ढूंढ रहे हैं, तो यूसीएलए और यूमास एम्हेर्स्ट जैसे सार्वजनिक संस्थानों को देखना सुनिश्चित करें। डेटा स्रोतः कैपेक्स की ग्राफ सौजन्य। नेशनल सेंटर फॉर एजुकेशनल स्टैटिस्टिक्स के अन्य सभी डेटा।
बोस्टन विश्वविद्यालय केवल दो नौ प्रतिशत की स्वीकृति दर के साथ अत्यधिक चुनिंदा है। सफल आवेदकों के पास हमेशा ग्रेड और मानकीकृत परीक्षण स्कोर होते हैं जो औसत से ऊपर होते हैं। विश्वविद्यालय आम आवेदन स्वीकार करता है, और छात्रों को एसएटी या अधिनियम, हाई स्कूल ट्रांसक्रिप्ट, व्यक्तिगत निबंध , और शिक्षक / सलाहकार सलाहकार पत्रों से स्कोर जमा करना होगा। बोस्टन के केनमोर-फेनवे क्षेत्र में शहरी परिसर में स्थित, बैक बे के पश्चिम में, बोस्टन विश्वविद्यालय देश का चौथा सबसे बड़ा निजी विश्वविद्यालय है। बीयू का स्थान इसे अन्य बोस्टन क्षेत्र के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों जैसे एमआईटी , हार्वर्ड और पूर्वोत्तर के आसान पहुंच के भीतर रखता है। कई राष्ट्रीय रैंकिंग पर, बोस्टन विश्वविद्यालय अमेरिका के शीर्ष पचास विश्वविद्यालयों में से एक है, और स्कूल के बड़े आकार के बावजूद, शिक्षाविदों को स्वस्थ दस से एक छात्र / संकाय अनुपात द्वारा समर्थित किया जाता है। बीयू में छात्र आवास एक उदार मिश्रण है जो समकालीन उच्च उगने से लेकर विक्टोरियन टाउनहाउस तक है। एथलेटिक्स में, डिवीजन I बोस्टन विश्वविद्यालय टेरियर अमेरिका के पूर्व सम्मेलन, औपनिवेशिक एथलेटिक एसोसिएशन , और हॉकी ईस्ट सम्मेलनों में प्रतिस्पर्धा करते हैं। बोस्टन विश्वविद्यालय अत्यधिक चुनिंदा है और सभी आवेदकों के एक तिहाई के तहत स्वीकार करता है। ऊपर दिए गए ग्राफ में, नीले और हरे रंग के बिंदु स्वीकार्य छात्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, और आप देख सकते हैं कि बीयू में आने वाले अधिकांश छात्रों में बी + या उच्चतर, एसएटी स्कोर एक हज़ार दो सौ से ऊपर था, और अधिनियम पच्चीस से ऊपर समग्र स्कोर। नोट कि बीयू को अब एसएटी या अधिनियम पर लेखन घटक की आवश्यकता नहीं है। "ए" औसत और एक हज़ार तीन सौ से ऊपर के एसएटी स्कोर वाले छात्रों को भर्ती होने की संभावना है, और ग्राफ के ऊपरी दाएं कोने में बहुत कम लाल बिंदु हैं। हालांकि, ग्राफ के मध्य भाग में नीले रंग के पीछे बहुत सारे लाल छिपे हुए हैं। कुछ छात्र जिनके पास बोस्टन विश्वविद्यालय के लिए लक्षित ग्रेड और मानकीकृत परीक्षण स्कोर हैं, उन्हें अभी भी अस्वीकृति पत्र मिलेंगे। नतीजतन, यहां तक कि यदि बोस्टन विश्वविद्यालय आपके प्रमाण-पत्रों के संबंध में एक मैच स्कूल है, तो भी आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रवेश निर्णय आपके रास्ते पर नहीं जाने के बावजूद आपने कुछ सुरक्षा स्कूलों पर आवेदन किया है। बीयू में प्रवेश उपरोक्त इस ग्राफ में प्रस्तुत संख्यात्मक डेटा से कहीं अधिक है। विश्वविद्यालय आम आवेदन का उपयोग करता है। सबसे मजबूत अनुप्रयोगों में एक विजेता निबंध , सिफारिश के मजबूत पत्र और दिलचस्प बहिर्वाहिक गतिविधियां भी होंगी। बोस्टन विश्वविद्यालय, देश के अधिकांश चुनिंदा विश्वविद्यालयों की तरह, समग्र प्रवेश है । प्रवेश लोग ऐसे छात्रों की तलाश में हैं जो कैंपस समुदाय को समृद्ध करेंगे और मजबूत ग्रेड और टेस्ट स्कोर से अधिक परिसर में लाएंगे। जिन छात्रों के पास कुछ प्रकार की उल्लेखनीय प्रतिभा है या कहने के लिए एक आकर्षक कहानी है, वे एक करीबी नज़र डालेंगे, भले ही ग्रेड और टेस्ट स्कोर आदर्श तक न हों। बीयू में प्रवेश मानकों स्कूल और कॉलेज द्वारा भिन्न होते हैं, और कुछ आवेदकों को पता चल सकता है कि वे सामान्य अध्ययन कॉलेज में स्वीकार किए जाते हैं, न कि उनके पसंदीदा विशेष स्कूल या कॉलेज। कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स और विश्वविद्यालय के त्वरित चिकित्सकीय और चिकित्सा कार्यक्रमों के लिए आवेदन अन्य कॉलेजों में प्रवेश के लिए नहीं माना जाएगा। यह भी ध्यान रखें कि साक्षात्कार बीयू में प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं, त्वरित चिकित्सकीय और चिकित्सा कार्यक्रमों को छोड़कर, और ललित कला कॉलेज में आवेदन करने वाले छात्रों को ऑडिशन या पोर्टफोलियो जमा करना होगा। अंत में, ध्यान रखें कि बोस्टन विश्वविद्यालय का प्रारंभिक निर्णय कार्यक्रम है । यदि बीयू निश्चित रूप से आपका शीर्ष पसंद विद्यालय है, तो जल्दी से आवेदन करना आपकी रुचि का प्रदर्शन करने और भर्ती होने की संभावनाओं को बेहतर बनाने का एक शानदार तरीका है। प्रवेश डेटा चुनिंदा प्रवेश के साथ, बोस्टन विश्वविद्यालय में चार साल की स्नातक दर और अकादमिक कार्यक्रमों की एक प्रभावशाली श्रृंखला है। लागतों के लिए देखेंः विश्वविद्यालय का कुल मूल्य टैग अब सत्तर,शून्य डॉलर से अधिक है, और केवल आधा मैट्रिक्यूटेड छात्रों को अनुदान सहायता प्राप्त होती है। नामांकन - कुल नामांकनः बत्तीस,छः सौ पचानवे लागत - किताबेंः एक डॉलर,शून्य बोस्टन विश्वविद्यालय वित्तीय सहायता - आपके लिए कौन सा प्रमुख सही है? Cappex में मुफ्त "माई करियर और मेजर क्विज़" लेने के लिए साइन अप करें। बोस्टन विश्वविद्यालय के आवेदकों को शहरी वातावरण में चुनिंदा निजी विश्वविद्यालयों के लिए आकर्षित किया जाता है। अन्य लोकप्रिय विकल्पों में न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय , शिकागो विश्वविद्यालय , ब्राउन विश्वविद्यालय और पूर्वोत्तर विश्वविद्यालय शामिल हैं । बस ध्यान रखें कि एनवाईयू, ब्राउन और शिकागो विश्वविद्यालय बीयू से भी अधिक चुनिंदा हैं। यदि आप कम कीमत वाले टैग के साथ कुछ ढूंढ रहे हैं, तो यूसीएलए और यूमास एम्हेर्स्ट जैसे सार्वजनिक संस्थानों को देखना सुनिश्चित करें। डेटा स्रोतः कैपेक्स की ग्राफ सौजन्य। नेशनल सेंटर फॉर एजुकेशनल स्टैटिस्टिक्स के अन्य सभी डेटा।
दिवाली छठ पूजा के बाद बिहार में मौसम बदलने लगा है. आसान भाषा में कहा जाए तो ठंड ने दस्तक दे दी है. अब रात को जार लगने लगा है. मौसम विभाग की माने तो पटना सहित पूरे बिहार के तापमान में गिरावट दर्ज किया जा रहा है. 4 दिन का तापमान 29 से 32 डिग्री और रात का तापमान 14 से 19 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है. गया सबसे ठंड जिला रहा. गया सबसे ठंड जिला रहा. ताजा अपडेट के अनुसार बंगाल की खाड़ी में चक्रवर्ती हवाओं का प्रभाव सक्रिय है. निम्न हवा के दबाव के कारण केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तमिलनाडु, महाराष्ट्र के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में हल्की बारिश के आसार है इसलिए हल्की बारिश के आसार हैं. दूसरी ओर ठंड के मद्देनजर डॉक्टरों ने लोगों को सावधान रहने को कहा है. लोगों को गुनगुना पानी पीना चाहिए साथ ही ठंड वाली कपड़े भी रात को पहननी चाहिए.
दिवाली छठ पूजा के बाद बिहार में मौसम बदलने लगा है. आसान भाषा में कहा जाए तो ठंड ने दस्तक दे दी है. अब रात को जार लगने लगा है. मौसम विभाग की माने तो पटना सहित पूरे बिहार के तापमान में गिरावट दर्ज किया जा रहा है. चार दिन का तापमान उनतीस से बत्तीस डिग्री और रात का तापमान चौदह से उन्नीस डिग्री के बीच दर्ज किया गया है. गया सबसे ठंड जिला रहा. गया सबसे ठंड जिला रहा. ताजा अपडेट के अनुसार बंगाल की खाड़ी में चक्रवर्ती हवाओं का प्रभाव सक्रिय है. निम्न हवा के दबाव के कारण केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तमिलनाडु, महाराष्ट्र के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में हल्की बारिश के आसार है इसलिए हल्की बारिश के आसार हैं. दूसरी ओर ठंड के मद्देनजर डॉक्टरों ने लोगों को सावधान रहने को कहा है. लोगों को गुनगुना पानी पीना चाहिए साथ ही ठंड वाली कपड़े भी रात को पहननी चाहिए.
प्रकृति के एक ऐसे पौधे आपकी सेहत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। प्रकृति ने हमें हमारे आस पर ही अनेक औषधियां उपलब्ध करायीं हैं। लेकिन इनके बारे में पूर्ण जानकारी न होने के कारण यह सभी औषधीय गुण वाले पौधा हमारे लिए व्यर्थ ही है। फायदे जानने के बाद आप भी हैरान रह जायेंगे। पत्तियों को पीसकर बालों पर लगाने से बालों की सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी, इससे बाल घने और लंबे हो जाते हैं। जाएगा। और इससे आपकी खूबसूरती और भी कई गुना बढ़ जाएगी। है और इसके साथ ही घाव का दर्द भी कम हो जाता है।
प्रकृति के एक ऐसे पौधे आपकी सेहत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। प्रकृति ने हमें हमारे आस पर ही अनेक औषधियां उपलब्ध करायीं हैं। लेकिन इनके बारे में पूर्ण जानकारी न होने के कारण यह सभी औषधीय गुण वाले पौधा हमारे लिए व्यर्थ ही है। फायदे जानने के बाद आप भी हैरान रह जायेंगे। पत्तियों को पीसकर बालों पर लगाने से बालों की सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी, इससे बाल घने और लंबे हो जाते हैं। जाएगा। और इससे आपकी खूबसूरती और भी कई गुना बढ़ जाएगी। है और इसके साथ ही घाव का दर्द भी कम हो जाता है।
का मन्थन करता है, वह अपने अतलस्पर्श हृदयरत्नाकर के अन्तस्तल से नित्य नूतन रत्नों को पाकर चमत्कृत हो जाता है; किन्तु जितने ही नए-नए अचिन्त्यपूर्व ऐश्वर्य और आनन्द हृदय के अभ्यन्तर से निकल कर उसके उपलब्धिगोचर होते हैं, उतनी ही उसकी आशा और भी वलवती हो जाती है, उतना ही आत्मशक्ति पर विश्वास बढ़ जाता है, अपने हृदय के माहात्म्य के विषय में उतना ही अधिक विस्मयात्मक ज्ञान प्राप्त होता है। तब वह पूर्वलव्ध ऐश्वर्यों को तुच्छ समझ कर नवीनतर और पूर्णतर ऐश्वर्यो और आनन्दों की प्राप्ति के उद्देश्य से मन्थन कार्यक्रमशः और ग्रह के साथ चलाने लगता है। हृदय से ब्रह्मज्ञान और ब्रह्मानन्दरूप अमृत निकल आने पर भी इस मन्थन कार्य की समाप्ति नहीं होती; सम्पूर्ण हृदय अमृतमय हो जाना चाहिए, सारे देह इन्द्रिय और अन्तःकरण सभी अवस्थाओं में ब्रह्मभाव से भावित और ब्रह्मरस से रसित रहना चाहिए, जाग्रत स्वप्न औरत में सर्वत्र एक ब्रह्मतत्व का दर्शन करना चाहिए । समाधि अवस्था में ब्रह्मसाक्षात्कार होने पर भी, ब्रह्म और आत्मा का पारमार्थिक अभेद अनुभव करने पर भी, परिपूर्ण ब्रह्मभाव का प्राप्ति तो हुई नहीं, समाधि अवस्था में तसिद्धि और व्युत्थान अवस्था में द्व तदर्शन होने पर, ज्ञान का सम्पूर्ण परिपाक नहीं हुआ, ध्यानावस्था और जायदवस्था में दृष्टि का पार्थक्य रहने पर जीवन का सम्पूर्ण ऐक्य सम्पादित नहीं हुआ, एवं ज्ञान अव्याहत नहीं हुआ। जबतक ब्रह्मभाव सम्पूर्णरूप से स्वभाव न बन जाय, जबतक समाधिलब्ध 'ऋतम्भरा प्रज्ञा' सभी अवस्थाओं में समानरूप से प्रकाशित न रहे, तबतक तीव्र अभ्यासयोग की आवश्यकता बनी रहती है । ब्रह्मोपलब्धि से पूर्व के साधन में और बाद के साधन में विशेष पार्थक्य यह है कि पूर्व के साधन में प्रत्याहार और धारणा के अभ्यास द्वारा अन्तःकरण की विषयाकारता दूर करने की चेष्टा की जाती है, किन्तु एक बार ब्रह्म का अपरोक्ष साक्षात्कार हो जाने पर
का मन्थन करता है, वह अपने अतलस्पर्श हृदयरत्नाकर के अन्तस्तल से नित्य नूतन रत्नों को पाकर चमत्कृत हो जाता है; किन्तु जितने ही नए-नए अचिन्त्यपूर्व ऐश्वर्य और आनन्द हृदय के अभ्यन्तर से निकल कर उसके उपलब्धिगोचर होते हैं, उतनी ही उसकी आशा और भी वलवती हो जाती है, उतना ही आत्मशक्ति पर विश्वास बढ़ जाता है, अपने हृदय के माहात्म्य के विषय में उतना ही अधिक विस्मयात्मक ज्ञान प्राप्त होता है। तब वह पूर्वलव्ध ऐश्वर्यों को तुच्छ समझ कर नवीनतर और पूर्णतर ऐश्वर्यो और आनन्दों की प्राप्ति के उद्देश्य से मन्थन कार्यक्रमशः और ग्रह के साथ चलाने लगता है। हृदय से ब्रह्मज्ञान और ब्रह्मानन्दरूप अमृत निकल आने पर भी इस मन्थन कार्य की समाप्ति नहीं होती; सम्पूर्ण हृदय अमृतमय हो जाना चाहिए, सारे देह इन्द्रिय और अन्तःकरण सभी अवस्थाओं में ब्रह्मभाव से भावित और ब्रह्मरस से रसित रहना चाहिए, जाग्रत स्वप्न औरत में सर्वत्र एक ब्रह्मतत्व का दर्शन करना चाहिए । समाधि अवस्था में ब्रह्मसाक्षात्कार होने पर भी, ब्रह्म और आत्मा का पारमार्थिक अभेद अनुभव करने पर भी, परिपूर्ण ब्रह्मभाव का प्राप्ति तो हुई नहीं, समाधि अवस्था में तसिद्धि और व्युत्थान अवस्था में द्व तदर्शन होने पर, ज्ञान का सम्पूर्ण परिपाक नहीं हुआ, ध्यानावस्था और जायदवस्था में दृष्टि का पार्थक्य रहने पर जीवन का सम्पूर्ण ऐक्य सम्पादित नहीं हुआ, एवं ज्ञान अव्याहत नहीं हुआ। जबतक ब्रह्मभाव सम्पूर्णरूप से स्वभाव न बन जाय, जबतक समाधिलब्ध 'ऋतम्भरा प्रज्ञा' सभी अवस्थाओं में समानरूप से प्रकाशित न रहे, तबतक तीव्र अभ्यासयोग की आवश्यकता बनी रहती है । ब्रह्मोपलब्धि से पूर्व के साधन में और बाद के साधन में विशेष पार्थक्य यह है कि पूर्व के साधन में प्रत्याहार और धारणा के अभ्यास द्वारा अन्तःकरण की विषयाकारता दूर करने की चेष्टा की जाती है, किन्तु एक बार ब्रह्म का अपरोक्ष साक्षात्कार हो जाने पर
नई दिल्लीः अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा, जिन्होंने हाल ही में भाजपा से कांग्रेस ज्वाइन किया है उन्होंने शनिवार को पूछा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने के बाद कौन "पप्पू" है और कौन असली "फेकू" है? सिन्हा ने दावा किया कि पीएम मोदी झूठे वादे करने के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने कहा कि वह 2022, 2024, 2029 के लिए ऐसा करते रहे, भले ही वह उस समय पीएम बनने नहीं जा रहे हों। सिन्हा ने कांग्रेस प्रमुख की प्रशंसा की और उन्हें "तेजतर्रार, गतिशील और निश्चित रूप से आकर्षक" बताया। उन्होंने कहा कि वह टीएमसी, सपा, बसपा जैसी अन्य पार्टियों से निमंत्रण के बावजूद कांग्रेस में शामिल हुए, क्योंकि पार्टी महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और अन्य लोगों द्वारा स्थापित की गई पुरानी पार्टी है। सिन्हा ने दावा किया कि नोटबंदी और जीएसटी ने लाखों युवाओं को बेरोजगार कर दिया, छोटे और मझोले व्यापारियों को तबाह कर दिया और कारखाने के उत्पादन में 50 फीसदी की कमी लाई। "मैं राफेल सौदे, विमुद्रीकरण और जीएसटी जैसे मुद्दों पर नरेंद्र मोदी का लगातार आलोचक हूं क्योंकि एक अभिमानी पीएम ने इन मुद्दों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कैबिनेट मंत्रियों से परामर्श नहीं किया। यही कारण है कि मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल हो गया। उन्होंने भविष्यवाणी की कि 2019 लोकसभा जीतना मोदी के लिए "असंभव" होगा।
नई दिल्लीः अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा, जिन्होंने हाल ही में भाजपा से कांग्रेस ज्वाइन किया है उन्होंने शनिवार को पूछा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने के बाद कौन "पप्पू" है और कौन असली "फेकू" है? सिन्हा ने दावा किया कि पीएम मोदी झूठे वादे करने के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने कहा कि वह दो हज़ार बाईस, दो हज़ार चौबीस, दो हज़ार उनतीस के लिए ऐसा करते रहे, भले ही वह उस समय पीएम बनने नहीं जा रहे हों। सिन्हा ने कांग्रेस प्रमुख की प्रशंसा की और उन्हें "तेजतर्रार, गतिशील और निश्चित रूप से आकर्षक" बताया। उन्होंने कहा कि वह टीएमसी, सपा, बसपा जैसी अन्य पार्टियों से निमंत्रण के बावजूद कांग्रेस में शामिल हुए, क्योंकि पार्टी महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और अन्य लोगों द्वारा स्थापित की गई पुरानी पार्टी है। सिन्हा ने दावा किया कि नोटबंदी और जीएसटी ने लाखों युवाओं को बेरोजगार कर दिया, छोटे और मझोले व्यापारियों को तबाह कर दिया और कारखाने के उत्पादन में पचास फीसदी की कमी लाई। "मैं राफेल सौदे, विमुद्रीकरण और जीएसटी जैसे मुद्दों पर नरेंद्र मोदी का लगातार आलोचक हूं क्योंकि एक अभिमानी पीएम ने इन मुद्दों पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कैबिनेट मंत्रियों से परामर्श नहीं किया। यही कारण है कि मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल हो गया। उन्होंने भविष्यवाणी की कि दो हज़ार उन्नीस लोकसभा जीतना मोदी के लिए "असंभव" होगा।
चंडीगढ़, 16 मार्चः पंजाब ने बाल अधिकारों की सुरक्षा संबंधी राष्ट्रीय आयोग (एन.सी.पी.सी.आर.) के रेगुलेटरी दिशा-निर्देशों को अपनाते हुये राज्य में चल रहे प्राईवेट प्ले स्कूलों और क्रैच्चों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दी है। इस सम्बन्धी फैसला सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने स्टेट अर्ली चाईल्डहुड्ड केयर एंड ऐजुकेशन (ई.सी.सी.ई.) कौंसिल की एक उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये लिया। श्रीमती चौधरी ने कहा राज्य भर में चल रहे प्राईवेट प्ले स्कूलों के निरीक्षण के लिए समय-समय पर निगरानी वाली प्रणाली की महत्वपूर्ण जरूरत है जिससे छोटे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को यकीनी बनाया जा सके। उन्होंने कहा, 'इसलिए प्राईवेट प्ले स्कूलों और क्रैच्चों को नियमित करने के लिए बाल अधिकारों की सुरक्षा संबंधी राष्ट्रीय आयोग(एन.सी.पी.सी.आर.) के रेगुलेटरी दिशा-निर्देशों को सही अर्थों में अपनाने का फैसला ई.सी.सी.ई. कौंसिल की मीटिंग के दौरान सर्वसम्मति से लिया गया है।' उन्होंने आगे कहा कि अब रजिस्ट्रेशन के बिना किसी भी प्ले स्कूल या क्रैच्च को काम करने की अनुमति नहीं होगी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन दिशा-निर्देशों की पालना करते हुये राज्य स्तर पर इन संस्थाओं में एक समर्पित पोर्टल पर डाटा बैंक बनाया जायेगा और कोर्स में एकरूपता यकीनी बनाई जाऐगी, जिसका फैसला कौंसिल करेगी और इसको राज्य भर में लागू किया जायेगा। कोविड महामारी के इन मुश्किल समय के दौरान बच्चों और महिलाओं को मनोवैज्ञानिक सलाह देने की जरूरत पर जोर देते हुये उन्होंने कहा कि आंगणवाड़ी वर्करों और हैल्परों के द्वारा ओरिएंटेशन प्रोग्राम आगे भी जारी रहेगा। कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय संस्थाओं के मतदान में 50 प्रतिशत आरक्षण और सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण को यकीनी बना कर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए की गई पहलकदमियों पर रौशनी डाली। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य सरकार की तरफ से हर आयु की महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा की सुविधा भी दी गई है। मीटिंग में अन्यों के अलावा चेयरमैन पंजाब राज बाल अधिकार सुरक्षा आयोग रजिन्दर सिंह, प्रमुख सचिव सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास राजी पी. श्रीवास्तव, सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुमार, अतिरिक्त सचिव (वित्त) सुरिन्दर कौर वड़ैच, डायरैक्टर-कम-विशेष सचिव सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विपुल उज्जवल, संयुक्त सचिव विम्मी भुल्लर, डायरैक्टर परिवार कल्याण डा. अंदेश कंग, डायरैक्टर योजना राजवंत कौर, सहायक डायरैक्टर स्वास्थ्य सेवाएं डा. सुखदीप कौर, पीएयू से डा. दीपिका विज, डिप्टी डायरैक्टर सामाजिक सुरक्षा रुपिन्दर कौर, डी.पी.ओज़ ए.एस. भुल्लर और सुखदीप सिंह और सहायक प्रोफैसर मेजर नीलम के. भी मौजूद थे।
चंडीगढ़, सोलह मार्चः पंजाब ने बाल अधिकारों की सुरक्षा संबंधी राष्ट्रीय आयोग के रेगुलेटरी दिशा-निर्देशों को अपनाते हुये राज्य में चल रहे प्राईवेट प्ले स्कूलों और क्रैच्चों के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी कर दी है। इस सम्बन्धी फैसला सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अरुणा चौधरी ने स्टेट अर्ली चाईल्डहुड्ड केयर एंड ऐजुकेशन कौंसिल की एक उच्च स्तरीय मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये लिया। श्रीमती चौधरी ने कहा राज्य भर में चल रहे प्राईवेट प्ले स्कूलों के निरीक्षण के लिए समय-समय पर निगरानी वाली प्रणाली की महत्वपूर्ण जरूरत है जिससे छोटे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को यकीनी बनाया जा सके। उन्होंने कहा, 'इसलिए प्राईवेट प्ले स्कूलों और क्रैच्चों को नियमित करने के लिए बाल अधिकारों की सुरक्षा संबंधी राष्ट्रीय आयोग के रेगुलेटरी दिशा-निर्देशों को सही अर्थों में अपनाने का फैसला ई.सी.सी.ई. कौंसिल की मीटिंग के दौरान सर्वसम्मति से लिया गया है।' उन्होंने आगे कहा कि अब रजिस्ट्रेशन के बिना किसी भी प्ले स्कूल या क्रैच्च को काम करने की अनुमति नहीं होगी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन दिशा-निर्देशों की पालना करते हुये राज्य स्तर पर इन संस्थाओं में एक समर्पित पोर्टल पर डाटा बैंक बनाया जायेगा और कोर्स में एकरूपता यकीनी बनाई जाऐगी, जिसका फैसला कौंसिल करेगी और इसको राज्य भर में लागू किया जायेगा। कोविड महामारी के इन मुश्किल समय के दौरान बच्चों और महिलाओं को मनोवैज्ञानिक सलाह देने की जरूरत पर जोर देते हुये उन्होंने कहा कि आंगणवाड़ी वर्करों और हैल्परों के द्वारा ओरिएंटेशन प्रोग्राम आगे भी जारी रहेगा। कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की तरफ से महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय संस्थाओं के मतदान में पचास प्रतिशत आरक्षण और सरकारी नौकरियों में तैंतीस प्रतिशत आरक्षण को यकीनी बना कर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए की गई पहलकदमियों पर रौशनी डाली। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य सरकार की तरफ से हर आयु की महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा की सुविधा भी दी गई है। मीटिंग में अन्यों के अलावा चेयरमैन पंजाब राज बाल अधिकार सुरक्षा आयोग रजिन्दर सिंह, प्रमुख सचिव सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास राजी पी. श्रीवास्तव, सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुमार, अतिरिक्त सचिव सुरिन्दर कौर वड़ैच, डायरैक्टर-कम-विशेष सचिव सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विपुल उज्जवल, संयुक्त सचिव विम्मी भुल्लर, डायरैक्टर परिवार कल्याण डा. अंदेश कंग, डायरैक्टर योजना राजवंत कौर, सहायक डायरैक्टर स्वास्थ्य सेवाएं डा. सुखदीप कौर, पीएयू से डा. दीपिका विज, डिप्टी डायरैक्टर सामाजिक सुरक्षा रुपिन्दर कौर, डी.पी.ओज़ ए.एस. भुल्लर और सुखदीप सिंह और सहायक प्रोफैसर मेजर नीलम के. भी मौजूद थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से अजय माकन के त्यागपत्र देने के बाद पार्टी में इस्तीफे से होने वाले नफा-नुकसान और नए अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। भले ही अजय माकन अपने त्यागपत्र का कारण स्वास्थ्य को बता रहे हैं लेकिन स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस-आप के बीच संभावित गठबंधन की बाधा दूर करने के लिए ही उनका इस्तीफा मंजूर किया गया है। माकन शुरू से ही गठबंधन के खिलाफ थे। वह आप से गठबंधन को कांग्रेस के लिए आत्मघाती कदम मानते थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार माकन ने आलाकमान को यह समझाने का काफी प्रयास किया कि दिल्ली में कांग्रेस का ग्राफ बढ़ रहा है और आने वाले चुनावों में वह बेहतर प्रदर्शन करेगी। गठबंधन से कांग्रेस से ज्यादा आप को फायदा होगा। इतना ही नहीं माकन ने तो यहां तक मानते थे कि यदि दिल्ली में यही हालत रहे तो कांग्रेस जल्द ही पुनः सत्ता में वापसी कर सकती है। सूत्रों की माने तो माकन आलाकमान को पूरी तरह से समझाने में कामयाब नहीं हुए। दरअसल आप से गठबंधन की तरफदारी करने वाले गुट का मानना था कि जिस प्रकार कांग्रेस मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में लंबे अरसे तक बाहर रही उसी तरह का इंतजार अब दिल्ली में नहीं किया जा सकता। इसके अलावा इस गुट का मानना है कि लोकसभा में कांग्रेस की सीटे बढ़नी चाहिए और दिल्ली में भले ही कांग्रेस सत्ता में न आए लेकिन राज्य स्तर पर गठबंधन के जरिये कांग्रेस को हर हाल में लोकसभा में अपना संख्या बल बढ़ाना चाहिए। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने माना कि कांग्रेस हाईकमान के लिए वर्तमान में लोकसभा चुनाव अहम है और जिस प्रकार यूपी में उसे अहमियत नहीं मिली उससे कांग्रेस पर गठबंधन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना होगा। लोकसभा में यदि कांग्रेस की हालत न सुधरी तो उसके लिए भविष्य में काफी परेशानी आ सकती है। आखिर नफा नुकसान में माकन का सुझाव कहीं नहीं ठहरा और आलाकमान ने गठबंधन का रास्ता साफ करने के लिए उनका त्यागपत्र मंजूर कर लिया। शनिवार को अजय माकन ने कहा कि उन्होंने सितंबर में ही त्यागपत्र दे दिया था और परसों राहुल गांधी से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप कर बताया कि वह पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हैं। माकन ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को 100 प्रतिशत फिट रहना चाहिए बल्कि इससे भी ज्यादा फिट होना चाहिए। यदि प्रदेश अध्यक्ष फिट नहीं होगा तो वह कार्यकर्ताओं को कैसे आगे लेकर जा सकता है। अब मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूं और रहूंगा। वहीं आप से गठबंधन के सवाल पर कहा कि सार्वजनिक रूप से वह राय नहीं दे सकते। यह काम आलाकमान का है और जो तय होगा सबके सामने होगा। प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर शीला दीक्षित का नाम सबसे ऊपर है लेकिन उनकी उम्र व स्वास्थ्य आड़े आ रहा है। तीन बार सफलतापूर्वक मुख्यमंत्री का दायित्व निभा चुकी शीला दीक्षित पार्टी आलाकमान के काफी नजदीक मानी जाती हैं। यदि शीला को कमान दी जाती है तो सबसे ज्यादा चिंता इस बात की बताई जा रही है कि आगामी लोकसभा चुनावों में क्या वह पूरी तरह से भागदौड़ कर पाएंगी। बताया जा रहा है कि यदि शीला प्रदेश अध्यक्ष बनती हैं तो आलाकमान कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी किसी की नियुक्ति कर सकता है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद से अजय माकन के त्यागपत्र देने के बाद पार्टी में इस्तीफे से होने वाले नफा-नुकसान और नए अध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। भले ही अजय माकन अपने त्यागपत्र का कारण स्वास्थ्य को बता रहे हैं लेकिन स्पष्ट हो गया कि कांग्रेस-आप के बीच संभावित गठबंधन की बाधा दूर करने के लिए ही उनका इस्तीफा मंजूर किया गया है। माकन शुरू से ही गठबंधन के खिलाफ थे। वह आप से गठबंधन को कांग्रेस के लिए आत्मघाती कदम मानते थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार माकन ने आलाकमान को यह समझाने का काफी प्रयास किया कि दिल्ली में कांग्रेस का ग्राफ बढ़ रहा है और आने वाले चुनावों में वह बेहतर प्रदर्शन करेगी। गठबंधन से कांग्रेस से ज्यादा आप को फायदा होगा। इतना ही नहीं माकन ने तो यहां तक मानते थे कि यदि दिल्ली में यही हालत रहे तो कांग्रेस जल्द ही पुनः सत्ता में वापसी कर सकती है। सूत्रों की माने तो माकन आलाकमान को पूरी तरह से समझाने में कामयाब नहीं हुए। दरअसल आप से गठबंधन की तरफदारी करने वाले गुट का मानना था कि जिस प्रकार कांग्रेस मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में लंबे अरसे तक बाहर रही उसी तरह का इंतजार अब दिल्ली में नहीं किया जा सकता। इसके अलावा इस गुट का मानना है कि लोकसभा में कांग्रेस की सीटे बढ़नी चाहिए और दिल्ली में भले ही कांग्रेस सत्ता में न आए लेकिन राज्य स्तर पर गठबंधन के जरिये कांग्रेस को हर हाल में लोकसभा में अपना संख्या बल बढ़ाना चाहिए। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने माना कि कांग्रेस हाईकमान के लिए वर्तमान में लोकसभा चुनाव अहम है और जिस प्रकार यूपी में उसे अहमियत नहीं मिली उससे कांग्रेस पर गठबंधन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना होगा। लोकसभा में यदि कांग्रेस की हालत न सुधरी तो उसके लिए भविष्य में काफी परेशानी आ सकती है। आखिर नफा नुकसान में माकन का सुझाव कहीं नहीं ठहरा और आलाकमान ने गठबंधन का रास्ता साफ करने के लिए उनका त्यागपत्र मंजूर कर लिया। शनिवार को अजय माकन ने कहा कि उन्होंने सितंबर में ही त्यागपत्र दे दिया था और परसों राहुल गांधी से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप कर बताया कि वह पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हैं। माकन ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को एक सौ प्रतिशत फिट रहना चाहिए बल्कि इससे भी ज्यादा फिट होना चाहिए। यदि प्रदेश अध्यक्ष फिट नहीं होगा तो वह कार्यकर्ताओं को कैसे आगे लेकर जा सकता है। अब मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूं और रहूंगा। वहीं आप से गठबंधन के सवाल पर कहा कि सार्वजनिक रूप से वह राय नहीं दे सकते। यह काम आलाकमान का है और जो तय होगा सबके सामने होगा। प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर शीला दीक्षित का नाम सबसे ऊपर है लेकिन उनकी उम्र व स्वास्थ्य आड़े आ रहा है। तीन बार सफलतापूर्वक मुख्यमंत्री का दायित्व निभा चुकी शीला दीक्षित पार्टी आलाकमान के काफी नजदीक मानी जाती हैं। यदि शीला को कमान दी जाती है तो सबसे ज्यादा चिंता इस बात की बताई जा रही है कि आगामी लोकसभा चुनावों में क्या वह पूरी तरह से भागदौड़ कर पाएंगी। बताया जा रहा है कि यदि शीला प्रदेश अध्यक्ष बनती हैं तो आलाकमान कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में भी किसी की नियुक्ति कर सकता है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
इससे पहले कि आपको एस्पुमिज़न का पता चल गया हैबेबी 'समीक्षाएँ, आप उसके बारे में शिक्षा से महत्वपूर्ण जानकारी पता करने की जरूरत। दवा के मुख्य सक्रिय संघटक Simethicone है। तरल एजेंट में से एक मिली लीटर कि घटक के वर्तमान 100 मिलीग्राम है। चिकित्सा वातहर दवाओं को संदर्भित करता है और एक मीठा स्वाद है। यह अतिरिक्त घटक macrogol स्टीयरेट, glyceryl monostearate, केला स्वादिष्ट बनाने का मसाला, carbomer, पोटेशियमः Acesulfame, सोडियम क्लोराइड, तरल सोर्बिटोल, सोडियम साइट्रेट, sorbic एसिड की वजह से है। इसके अलावा, निर्माता इस दवा के अन्य प्रकारों को खरीदने की पेशकश करता हैः दवा "Espumizan बच्चे" एक नया माना जाता है,एक आत्मिक प्रभाव के साथ एक बेहतर दवा यह पेट का दर्द और असुविधा के खिलाफ लड़ाई में एक अधिक प्रभावी उपकरण के रूप में तैनात है। हाल ही में, उनके बजाय, दवा "एस्पुमिज़न एल" को निर्धारित किया गया था। उनका क्या अंतर है? कुछ के बारे में "Espumizan बच्चे" उत्पाद के बारे मेंउपभोक्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक विपणन कदम है। वास्तव में, दोनों दवाएं समान हैं। एक ओर, यह कथन सत्य है। दवाओं की संरचना वही है। यहां तक कि अतिरिक्त पदार्थ और स्वाद मेल खाता है। लेकिन, दूसरी ओर, यदि आप अधिक विस्तार से निर्देशों का अध्ययन करते हैं, तो आप एक अंतर पा सकते हैं। तैयारी "एस्पुमिज़न बेबी" में एक मिलिलिटर प्रति सिमेथिकोन के 100 मिलीग्राम होते हैं। जबकि "एस्पुमिज़न एल" में केवल 40 मिलीग्राम का मतलब है। यह इंगित करता है कि "एस्पोमिज़न बेबी" अधिक प्रभावी और मजबूत है। दवाइयों के बीच यह मुख्य अंतर है। दवा "एस्पुमिज़न बेबी" एक सौहार्दपूर्ण हैदवा। यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में छोटे और बड़े बुलबुले के गठन को रोकता है। पहले से मौजूद गैस क्लस्टर सिमेथिकोन विभाजित और स्वाभाविक रूप से बाहर प्रदर्शित करता है। अगर आंत के माध्यम से उन्हें निष्पादित करना असंभव है, तो दवा रक्त प्रवाह में vesicles के अवशोषण को बढ़ावा देती है। Espomizan बच्चे कितनी देर तक चलाता है? आंत में प्रवेश करने के बाद दवा तुरंत काम करना शुरू कर देती है। दवा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में अवशोषित नहीं होती है, इसलिए पहले यकृत से गुजरने की आवश्यकता नहीं होती है। उत्पाद "एस्पुमिज़न बेबी" समीक्षा के बारे में कहते हैं कि इसके उपयोग का प्रभाव आधे घंटे के भीतर ध्यान देने योग्य है। जैसा कि नाम का तात्पर्य है, दवा"एस्पुमिज़न बेबी" (बूंद) किड्डी के लिए है। एक बच्चे को दवा देने से पहले, आपको हमेशा डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और एनोटेशन का अध्ययन करना चाहिए। उपयोग के लिए संकेत ऐसी स्थितियां होंगीः "एस्पुमिज़न बेबी" का उपयोग विभिन्न डायग्नोस्टिक प्रक्रियाओं की तैयारी के लिए इंगित किया जाता है। इलाज के दौरान अपने बच्चे की रक्षा के लिए,आपको contraindications के बारे में पता होना चाहिए। दवा उन बच्चों को सौंपा नहीं गया है जिन्होंने अपने घटकों को संवेदनशीलता में वृद्धि की है। यह न भूलें कि तैयारी में अतिरिक्त घटक हैं। फ्रैक्टोस और लैक्टोज, साथ ही आंतों में बाधा के लिए वंशानुगत असहिष्णुता के लिए दवाएं देना प्रतिबंधित है। यदि आप खाते में contraindications नहीं लेते हैं, तो उपचार बच्चे पक्ष प्रतिक्रियाओं का कारण बन सकता है। उनमें सेः अगर किसी बच्चे के लक्षणों का वर्णन किया गया है, तो बच्चे को दवा देना बंद करें और बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। दवा को मौखिक रूप से ध्यान में रखा जाता हैखा रहा है। "एस्पोमिज़न बेबी" दवा का प्रयोग करें, पहले या बाद में भोजन के साथ हो सकता है। उपयोग से पहले बोतल हिलाओ। दवा को खुराक देने के लिए, ड्रॉप ड्रॉप या मापने वाले कप का उपयोग करें। एक मिलीलीटर में 25 बूंदें होती हैं। जब जहरीला, निदान के लिए तैयार करने के लिएप्रक्रियाओं और दवा की खुराक को रोकने के लिए एक डॉक्टर द्वारा चुना जाता है। उपयोग की अवधि अलग-अलग सेट की जाती है। बिना किसी रुकावट के लंबे समय तक दवा लेना स्वीकार्य है। Emulsion "Espumizan बच्चे" निर्देश परगर्भावस्था और स्तनपान के दौरान परमिट का उपयोग करें। यह साबित होता है कि केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और प्रतिक्रियाओं की दर पर दवा का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। अगर एक ही समय में डॉक्टर ने दूसरों को नियुक्त कियादवाएं, आप "एस्पुमिज़न बेबी" दवा के साथ उनके संयोजन के बारे में चिंता नहीं कर सकते हैं। इमल्शन अन्य साधनों के साथ अच्छी तरह से संयुक्त है। कार्बोनेटिव एजेंट को सॉर्बेंट्स के साथ लेने की सिफारिश नहीं की जाती है। ये पदार्थ "एस्पुमिज़न बेबी" उत्पन्न कर सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप एक चिकित्सकीय प्रभाव प्राप्त नहीं किया जाएगा। कई उपभोक्ता कहते हैं कि दवानवजात बच्चों के लिए "एस्पुमिज़न बेबी" बस अपरिवर्तनीय है। लगभग सभी बच्चों को पेटी होती है। वे इस तथ्य से संबंधित हैं कि जन्म के बाद कॉलोन उपनिवेशीकरण एक उपयोगी माइक्रोफ्लोरा के साथ शुरू होता है। यदि प्रत्येक भोजन में बच्चों को एक कारक एजेंट देना है, तो पेट के हिस्से पर चिंता के बारे में पूरी तरह से भूलना संभव है। माता-पिता कहते हैं कि बड़े बच्चों के साथखुशी पेय दवा। कई मां इसे सिर्फ पानी से उठाती हैं। यह एक प्यारा केला पेय बदल जाता है। कृत्रिम भोजन पर होने वाले शिशुओं की मां, बोतल को कारमेटिव जोड़ें। यह बहुत सुविधाजनक है, क्योंकि आपको दवा को अलग से अलग करने की आवश्यकता नहीं है। यदि आप पानी के साथ बूंदों को पतला करते हैं, तो इसे पहले उबला हुआ और ठंडा होना चाहिए। माता-पिता कहते हैं कि "एस्पुमिज़न बेबी" देते हैंदवा Espumizan एल से कहीं अधिक सुविधाजनक है। उपयोग के लिए नवीनतम दवा निर्देश 1 मिलीलीटर पर शिशुओं को देने की सलाह देते हैं। यह Espumizan बच्चे से लगभग तीन गुना अधिक है। इसके अलावा, माता-पिता उपभोग वाले सक्रिय पदार्थ की मात्रा की तुलना करते हैं। जैसा कि आप पहले ही जानते हैं, सिमेटिकॉन एस्पुमिज़न बच्चे में दो गुना अधिक है। यह ध्यान देने योग्य है कि सभी माता-पिता जल्दबाजी में नहीं हैंपेट में दर्द का इलाज करने के लिए अपने बच्चे को एक दवा दें। कई पिता और मां सुधारित साधनों का उपयोग कर रहे हैं। दवाओं के बिना टुकड़ों की आंतों में असुविधा को खत्म करने के कई तरीके हैंः बच्चे को खाने के बाद सीधे रखें, स्तनपान के दौरान आहार देखें, बच्चे के पेट, मालिश और इतने पर एक गर्म डायपर लागू करें। बाल रोग विशेषज्ञ इन तरीकों के बारे में आपको और बता सकते हैं। अक्सर माता-पिता डॉक्टरों से कितनी बार पूछते हैं"Espumizan बच्चे" देने के लिए दिन। विशेषज्ञ हर भोजन पर दवा का उपयोग करने की सलाह देते हैं। लेकिन स्तनपान कराने पर कई बच्चे अक्सर लागू होते हैं। क्या मुझे हर घंटे या आधे घंटे में दवा देनी चाहिए? बाल रोग विशेषज्ञ निम्नलिखित कहते हैं। जब बच्चे को दवा की पेशकश की जानी चाहिएप्रत्येक भोजन। लेकिन अगर आप आराम के लिए अपनी छाती पर crumbs लागू करते हैं या आपको बिस्तर पर डालते हैं, तो आपको उपाय देने की आवश्यकता नहीं है। दवा का इस्तेमाल हर दो या तीन घंटे में एक से अधिक बार नहीं किया जा सकता है। अन्यथा, बच्चे में एलर्जी प्रतिक्रिया की संभावना बढ़ जाती है। चिकित्सक इस उपाय के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दवा बहुत अधिक कोमल को कम करती है और अत्यधिक गैस उत्पादन को समाप्त करती है। नियमित उपयोग के साथ, बच्चे अपनी नींद में सुधार करते हैं, मनोदशा में सुधार होता है। बाल रोग विशेषज्ञ कारमेटिव दवाओं के उपयोग की वकालत करते हैं, लेकिन अनुमति की खुराक में। वर्तमान में, बहुत सारे औषधीयमतलब, जिसे तैयारी "एस्पुमिज़न बेबी" के अनुरूप कहा जा सकता है। उनकी खुराक इस तथ्य के कारण अलग है कि संरचना में सक्रिय पदार्थ की एक अलग मात्रा शामिल है। यदि आप सिमेथिकोन के बारे में बात करते हैं, तो इसके आधार पर आप निम्न टूल्स खरीद सकते हैंः "सिम्प्लेक्स सिम्प्लेक्स", "बॉबोटिक", "सिमिकोल", "मेटियोपाज़मिल" और कई अन्य। मानव शरीर पर भी इसी तरह का प्रभावSmecta, Polysorb, सक्रिय कार्बन, Primadofilus, और Acipol की तैयारी के साथ प्रदान किया जाएगा। केवल डॉक्टर के साथ दवाओं का चयन करना। पहले बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श किए बिना बच्चों की दवा देने के लिए अस्वीकार्य है। यह ज्ञात नहीं है कि कैसे एक crumbs जीव अपनी आंत में एक या एक और सक्रिय पदार्थ के इंजेक्शन पर प्रतिक्रिया करेगा।
इससे पहले कि आपको एस्पुमिज़न का पता चल गया हैबेबी 'समीक्षाएँ, आप उसके बारे में शिक्षा से महत्वपूर्ण जानकारी पता करने की जरूरत। दवा के मुख्य सक्रिय संघटक Simethicone है। तरल एजेंट में से एक मिली लीटर कि घटक के वर्तमान एक सौ मिलीग्राम है। चिकित्सा वातहर दवाओं को संदर्भित करता है और एक मीठा स्वाद है। यह अतिरिक्त घटक macrogol स्टीयरेट, glyceryl monostearate, केला स्वादिष्ट बनाने का मसाला, carbomer, पोटेशियमः Acesulfame, सोडियम क्लोराइड, तरल सोर्बिटोल, सोडियम साइट्रेट, sorbic एसिड की वजह से है। इसके अलावा, निर्माता इस दवा के अन्य प्रकारों को खरीदने की पेशकश करता हैः दवा "Espumizan बच्चे" एक नया माना जाता है,एक आत्मिक प्रभाव के साथ एक बेहतर दवा यह पेट का दर्द और असुविधा के खिलाफ लड़ाई में एक अधिक प्रभावी उपकरण के रूप में तैनात है। हाल ही में, उनके बजाय, दवा "एस्पुमिज़न एल" को निर्धारित किया गया था। उनका क्या अंतर है? कुछ के बारे में "Espumizan बच्चे" उत्पाद के बारे मेंउपभोक्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक विपणन कदम है। वास्तव में, दोनों दवाएं समान हैं। एक ओर, यह कथन सत्य है। दवाओं की संरचना वही है। यहां तक कि अतिरिक्त पदार्थ और स्वाद मेल खाता है। लेकिन, दूसरी ओर, यदि आप अधिक विस्तार से निर्देशों का अध्ययन करते हैं, तो आप एक अंतर पा सकते हैं। तैयारी "एस्पुमिज़न बेबी" में एक मिलिलिटर प्रति सिमेथिकोन के एक सौ मिलीग्राम होते हैं। जबकि "एस्पुमिज़न एल" में केवल चालीस मिलीग्राम का मतलब है। यह इंगित करता है कि "एस्पोमिज़न बेबी" अधिक प्रभावी और मजबूत है। दवाइयों के बीच यह मुख्य अंतर है। दवा "एस्पुमिज़न बेबी" एक सौहार्दपूर्ण हैदवा। यह गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में छोटे और बड़े बुलबुले के गठन को रोकता है। पहले से मौजूद गैस क्लस्टर सिमेथिकोन विभाजित और स्वाभाविक रूप से बाहर प्रदर्शित करता है। अगर आंत के माध्यम से उन्हें निष्पादित करना असंभव है, तो दवा रक्त प्रवाह में vesicles के अवशोषण को बढ़ावा देती है। Espomizan बच्चे कितनी देर तक चलाता है? आंत में प्रवेश करने के बाद दवा तुरंत काम करना शुरू कर देती है। दवा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में अवशोषित नहीं होती है, इसलिए पहले यकृत से गुजरने की आवश्यकता नहीं होती है। उत्पाद "एस्पुमिज़न बेबी" समीक्षा के बारे में कहते हैं कि इसके उपयोग का प्रभाव आधे घंटे के भीतर ध्यान देने योग्य है। जैसा कि नाम का तात्पर्य है, दवा"एस्पुमिज़न बेबी" किड्डी के लिए है। एक बच्चे को दवा देने से पहले, आपको हमेशा डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और एनोटेशन का अध्ययन करना चाहिए। उपयोग के लिए संकेत ऐसी स्थितियां होंगीः "एस्पुमिज़न बेबी" का उपयोग विभिन्न डायग्नोस्टिक प्रक्रियाओं की तैयारी के लिए इंगित किया जाता है। इलाज के दौरान अपने बच्चे की रक्षा के लिए,आपको contraindications के बारे में पता होना चाहिए। दवा उन बच्चों को सौंपा नहीं गया है जिन्होंने अपने घटकों को संवेदनशीलता में वृद्धि की है। यह न भूलें कि तैयारी में अतिरिक्त घटक हैं। फ्रैक्टोस और लैक्टोज, साथ ही आंतों में बाधा के लिए वंशानुगत असहिष्णुता के लिए दवाएं देना प्रतिबंधित है। यदि आप खाते में contraindications नहीं लेते हैं, तो उपचार बच्चे पक्ष प्रतिक्रियाओं का कारण बन सकता है। उनमें सेः अगर किसी बच्चे के लक्षणों का वर्णन किया गया है, तो बच्चे को दवा देना बंद करें और बाल रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें। दवा को मौखिक रूप से ध्यान में रखा जाता हैखा रहा है। "एस्पोमिज़न बेबी" दवा का प्रयोग करें, पहले या बाद में भोजन के साथ हो सकता है। उपयोग से पहले बोतल हिलाओ। दवा को खुराक देने के लिए, ड्रॉप ड्रॉप या मापने वाले कप का उपयोग करें। एक मिलीलीटर में पच्चीस बूंदें होती हैं। जब जहरीला, निदान के लिए तैयार करने के लिएप्रक्रियाओं और दवा की खुराक को रोकने के लिए एक डॉक्टर द्वारा चुना जाता है। उपयोग की अवधि अलग-अलग सेट की जाती है। बिना किसी रुकावट के लंबे समय तक दवा लेना स्वीकार्य है। Emulsion "Espumizan बच्चे" निर्देश परगर्भावस्था और स्तनपान के दौरान परमिट का उपयोग करें। यह साबित होता है कि केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और प्रतिक्रियाओं की दर पर दवा का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। अगर एक ही समय में डॉक्टर ने दूसरों को नियुक्त कियादवाएं, आप "एस्पुमिज़न बेबी" दवा के साथ उनके संयोजन के बारे में चिंता नहीं कर सकते हैं। इमल्शन अन्य साधनों के साथ अच्छी तरह से संयुक्त है। कार्बोनेटिव एजेंट को सॉर्बेंट्स के साथ लेने की सिफारिश नहीं की जाती है। ये पदार्थ "एस्पुमिज़न बेबी" उत्पन्न कर सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप एक चिकित्सकीय प्रभाव प्राप्त नहीं किया जाएगा। कई उपभोक्ता कहते हैं कि दवानवजात बच्चों के लिए "एस्पुमिज़न बेबी" बस अपरिवर्तनीय है। लगभग सभी बच्चों को पेटी होती है। वे इस तथ्य से संबंधित हैं कि जन्म के बाद कॉलोन उपनिवेशीकरण एक उपयोगी माइक्रोफ्लोरा के साथ शुरू होता है। यदि प्रत्येक भोजन में बच्चों को एक कारक एजेंट देना है, तो पेट के हिस्से पर चिंता के बारे में पूरी तरह से भूलना संभव है। माता-पिता कहते हैं कि बड़े बच्चों के साथखुशी पेय दवा। कई मां इसे सिर्फ पानी से उठाती हैं। यह एक प्यारा केला पेय बदल जाता है। कृत्रिम भोजन पर होने वाले शिशुओं की मां, बोतल को कारमेटिव जोड़ें। यह बहुत सुविधाजनक है, क्योंकि आपको दवा को अलग से अलग करने की आवश्यकता नहीं है। यदि आप पानी के साथ बूंदों को पतला करते हैं, तो इसे पहले उबला हुआ और ठंडा होना चाहिए। माता-पिता कहते हैं कि "एस्पुमिज़न बेबी" देते हैंदवा Espumizan एल से कहीं अधिक सुविधाजनक है। उपयोग के लिए नवीनतम दवा निर्देश एक मिलीलीटर पर शिशुओं को देने की सलाह देते हैं। यह Espumizan बच्चे से लगभग तीन गुना अधिक है। इसके अलावा, माता-पिता उपभोग वाले सक्रिय पदार्थ की मात्रा की तुलना करते हैं। जैसा कि आप पहले ही जानते हैं, सिमेटिकॉन एस्पुमिज़न बच्चे में दो गुना अधिक है। यह ध्यान देने योग्य है कि सभी माता-पिता जल्दबाजी में नहीं हैंपेट में दर्द का इलाज करने के लिए अपने बच्चे को एक दवा दें। कई पिता और मां सुधारित साधनों का उपयोग कर रहे हैं। दवाओं के बिना टुकड़ों की आंतों में असुविधा को खत्म करने के कई तरीके हैंः बच्चे को खाने के बाद सीधे रखें, स्तनपान के दौरान आहार देखें, बच्चे के पेट, मालिश और इतने पर एक गर्म डायपर लागू करें। बाल रोग विशेषज्ञ इन तरीकों के बारे में आपको और बता सकते हैं। अक्सर माता-पिता डॉक्टरों से कितनी बार पूछते हैं"Espumizan बच्चे" देने के लिए दिन। विशेषज्ञ हर भोजन पर दवा का उपयोग करने की सलाह देते हैं। लेकिन स्तनपान कराने पर कई बच्चे अक्सर लागू होते हैं। क्या मुझे हर घंटे या आधे घंटे में दवा देनी चाहिए? बाल रोग विशेषज्ञ निम्नलिखित कहते हैं। जब बच्चे को दवा की पेशकश की जानी चाहिएप्रत्येक भोजन। लेकिन अगर आप आराम के लिए अपनी छाती पर crumbs लागू करते हैं या आपको बिस्तर पर डालते हैं, तो आपको उपाय देने की आवश्यकता नहीं है। दवा का इस्तेमाल हर दो या तीन घंटे में एक से अधिक बार नहीं किया जा सकता है। अन्यथा, बच्चे में एलर्जी प्रतिक्रिया की संभावना बढ़ जाती है। चिकित्सक इस उपाय के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दवा बहुत अधिक कोमल को कम करती है और अत्यधिक गैस उत्पादन को समाप्त करती है। नियमित उपयोग के साथ, बच्चे अपनी नींद में सुधार करते हैं, मनोदशा में सुधार होता है। बाल रोग विशेषज्ञ कारमेटिव दवाओं के उपयोग की वकालत करते हैं, लेकिन अनुमति की खुराक में। वर्तमान में, बहुत सारे औषधीयमतलब, जिसे तैयारी "एस्पुमिज़न बेबी" के अनुरूप कहा जा सकता है। उनकी खुराक इस तथ्य के कारण अलग है कि संरचना में सक्रिय पदार्थ की एक अलग मात्रा शामिल है। यदि आप सिमेथिकोन के बारे में बात करते हैं, तो इसके आधार पर आप निम्न टूल्स खरीद सकते हैंः "सिम्प्लेक्स सिम्प्लेक्स", "बॉबोटिक", "सिमिकोल", "मेटियोपाज़मिल" और कई अन्य। मानव शरीर पर भी इसी तरह का प्रभावSmecta, Polysorb, सक्रिय कार्बन, Primadofilus, और Acipol की तैयारी के साथ प्रदान किया जाएगा। केवल डॉक्टर के साथ दवाओं का चयन करना। पहले बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श किए बिना बच्चों की दवा देने के लिए अस्वीकार्य है। यह ज्ञात नहीं है कि कैसे एक crumbs जीव अपनी आंत में एक या एक और सक्रिय पदार्थ के इंजेक्शन पर प्रतिक्रिया करेगा।
आजकल की मॉडर्न रिलेशशिप की कुछ बातें जिन पर ध्यान देना जरूरी है. जिंदगी भर का रिश्ता, सात जन्मों का साथ, जीना सिर्फ तेरे लिए, ये सब पुरानी बातें है, इन्हे पुराने रिश्तों की खासियत मानी जाती है. आज के रिश्ते बहुत अलग होते है, प्रैक्टिकल होते है. फीलिंग्स पर कंट्रोल होता है. आज रिश्ते ऐसे है कि कपल एक दूसरे के साथ है भी और नहीं भी. इसमें कई हद तक सोशल नेटवर्क का भी बड़ा हाथ है. आज के रिश्ते लुक बेस्ड है, ऐसे रिश्ते जितनी जल्दी जुड़ते है, उससे जल्दी टूट भी जाते है. सोशल नेटकवर्क के ज़माने में आज हर कोई एक दूसरे से जुड़ा है, सोशल साइट्स के माध्यम से एक दूसरे से जुड़ने पर बहुत जल्दी पार्टनर की जानकारी मालूम पड़ जाती है और तीसरी रात से किसी और से बातें शुरू हो जाती है. आज के रिश्तों में लव से अधिक लस्ट की एक्साइटमेंट होती है. आज के रिश्तों में सबसे बुरी बात है, वन नाइट स्टैंड, लोग साथ में रात गुजारते है, बात बनी तो ठीक नहीं तो लोग आगे बढ़ जाते है. अर्थ का अनर्थ निकालने में उस्ताद है. आज ख़ामोशी को घमंड समझ लिया जाता है, दुस्साहस को कूलनेस कहा जाता है. ऐसे में कोई रिश्ता अगले लेवल कैसे पहुंचेगा. शादीशुदा जिंदगी में तनाव क्यों आ जाता है ?
आजकल की मॉडर्न रिलेशशिप की कुछ बातें जिन पर ध्यान देना जरूरी है. जिंदगी भर का रिश्ता, सात जन्मों का साथ, जीना सिर्फ तेरे लिए, ये सब पुरानी बातें है, इन्हे पुराने रिश्तों की खासियत मानी जाती है. आज के रिश्ते बहुत अलग होते है, प्रैक्टिकल होते है. फीलिंग्स पर कंट्रोल होता है. आज रिश्ते ऐसे है कि कपल एक दूसरे के साथ है भी और नहीं भी. इसमें कई हद तक सोशल नेटवर्क का भी बड़ा हाथ है. आज के रिश्ते लुक बेस्ड है, ऐसे रिश्ते जितनी जल्दी जुड़ते है, उससे जल्दी टूट भी जाते है. सोशल नेटकवर्क के ज़माने में आज हर कोई एक दूसरे से जुड़ा है, सोशल साइट्स के माध्यम से एक दूसरे से जुड़ने पर बहुत जल्दी पार्टनर की जानकारी मालूम पड़ जाती है और तीसरी रात से किसी और से बातें शुरू हो जाती है. आज के रिश्तों में लव से अधिक लस्ट की एक्साइटमेंट होती है. आज के रिश्तों में सबसे बुरी बात है, वन नाइट स्टैंड, लोग साथ में रात गुजारते है, बात बनी तो ठीक नहीं तो लोग आगे बढ़ जाते है. अर्थ का अनर्थ निकालने में उस्ताद है. आज ख़ामोशी को घमंड समझ लिया जाता है, दुस्साहस को कूलनेस कहा जाता है. ऐसे में कोई रिश्ता अगले लेवल कैसे पहुंचेगा. शादीशुदा जिंदगी में तनाव क्यों आ जाता है ?
जहानाबाद। एक युवक को मुहब्बत करने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। लड़की के परिजनों ने लड़के को टुकड़े-टुकड़े में काट के विभत्स तरीके से हत्या कर दी। प्रेमिका से मिलने गया था उसके गांव दरअसल में जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना के जारू गांव के रहने वाले 22 वर्षीय रघुवीर पासवान गया जिला निवासी इनाइचक की लड़की से प्यार करता था। लड़की के बुलावे पर वह इनाइचक में उससे मिलने के लिए चला गया। जहां उसके परिवार के सदस्यों ने पकड़ कर उसकी विभत्स तरीके से बॉडी को पीस-पीस में काट कर हत्या कर दी। इस संबंध में हुलासगंज थाने में 8 अप्रैल को एक एफ़ आई आर दर्ज किया गया था जिसमें लापता होने की बात कही गई थी। एफ़ आई आर के आधार पर हुलासगंज पुलिस ने अनुसंधान कर आज लाश को बरामद किया। रघुवीर पासवान की लाश आज महकार नहर से बरामद किया गया। लाश को पुलिस अभिरक्षा में जहानाबाद सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के संबंध में हुलासगंज थाना अध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि दर्ज एफ़ आई आर के आलोक में पुलिस ने अनुसंधान करना प्रारंभ किया तो यह घटना प्रेम प्रसंग का प्रतीत हुआ। इसी को आधार मानते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और उसके बाद लाश की बरामदगी हुई। इस संबंध में सुरेंद्र यादव एवं धार्मेंद्र यादव दोनों इनाइ चेक वह महकार थाना गया जिला के निवासी हैं को गिरफ्तार किया गया है एवं आगे अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु छापामारी की जा रही है।
जहानाबाद। एक युवक को मुहब्बत करने की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी। लड़की के परिजनों ने लड़के को टुकड़े-टुकड़े में काट के विभत्स तरीके से हत्या कर दी। प्रेमिका से मिलने गया था उसके गांव दरअसल में जहानाबाद जिले के हुलासगंज थाना के जारू गांव के रहने वाले बाईस वर्षीय रघुवीर पासवान गया जिला निवासी इनाइचक की लड़की से प्यार करता था। लड़की के बुलावे पर वह इनाइचक में उससे मिलने के लिए चला गया। जहां उसके परिवार के सदस्यों ने पकड़ कर उसकी विभत्स तरीके से बॉडी को पीस-पीस में काट कर हत्या कर दी। इस संबंध में हुलासगंज थाने में आठ अप्रैल को एक एफ़ आई आर दर्ज किया गया था जिसमें लापता होने की बात कही गई थी। एफ़ आई आर के आधार पर हुलासगंज पुलिस ने अनुसंधान कर आज लाश को बरामद किया। रघुवीर पासवान की लाश आज महकार नहर से बरामद किया गया। लाश को पुलिस अभिरक्षा में जहानाबाद सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना के संबंध में हुलासगंज थाना अध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि दर्ज एफ़ आई आर के आलोक में पुलिस ने अनुसंधान करना प्रारंभ किया तो यह घटना प्रेम प्रसंग का प्रतीत हुआ। इसी को आधार मानते हुए दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और उसके बाद लाश की बरामदगी हुई। इस संबंध में सुरेंद्र यादव एवं धार्मेंद्र यादव दोनों इनाइ चेक वह महकार थाना गया जिला के निवासी हैं को गिरफ्तार किया गया है एवं आगे अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु छापामारी की जा रही है।
ठाकुरद्वारा -मीलवां से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पंजाब के कस्बा भंगाला में स्थित रंगा मोड़ के पास शुक्रवार को एक मोटरसाइकिल और ट्रक की टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। शिव कुमार पुत्र श्याम लाल निवासी न्यू भंगाला अपने मोटरसाइकिल पर सवार होकर पठानकोट की तरफ जा रहा था। सिंगल रोड ट्रैफिक होने के चलते सामने से आ रहे एक ट्रक से मोटरसाइकिल की सीधी टक्कर हो गई , जिसके चलते शिव कुमार की मौत हो गई। भंगाला पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
ठाकुरद्वारा -मीलवां से सटे राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पंजाब के कस्बा भंगाला में स्थित रंगा मोड़ के पास शुक्रवार को एक मोटरसाइकिल और ट्रक की टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। शिव कुमार पुत्र श्याम लाल निवासी न्यू भंगाला अपने मोटरसाइकिल पर सवार होकर पठानकोट की तरफ जा रहा था। सिंगल रोड ट्रैफिक होने के चलते सामने से आ रहे एक ट्रक से मोटरसाइकिल की सीधी टक्कर हो गई , जिसके चलते शिव कुमार की मौत हो गई। भंगाला पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
चर्चा में क्यों? 12 अक्टूबर, 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से आंगनबाड़ी कर्मियों को प्रदान की जा रही प्रोत्साहन राशि का डीबीटी (डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर)के माध्यम से शुभारंभ किया। - डीबीटी के माध्यम से 33,297 आंगनबाड़ी कर्मियों के खाते में 40 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भेजी गई। - मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुसार 33,297 आंगनबाड़ी कर्मियों द्वारा समर्पित भाव में किये गए कर्त्तव्य पालन के लिये यह प्रोत्साहन राशि 1 हज़ार रुपए प्रति कर्मी डीबीटी के द्वारा प्रदान की गई। - इसके अतिरिक्त सितंबर माह में की गई घोषणा के अनुसार 5 माह तक 2 हज़ार रुपए प्रति आंगनबाड़ी कर्मी को प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की गई। चर्चा में क्यों? 12 अक्टूबर, 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत राज्य में अन्नोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ किया। - इस अन्नोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्ण राज्य में 1 माह में 14 लाख राशन के बैग (निःशुल्क) वितरित किये जाएंगे। - इसके साथ इस कार्यक्रम में ही संपूर्ण माह राज्य की समस्त 9230 राशन की दुकानों के माध्यम से निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा। - उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत वर्ष 2020 में अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों के लाभार्थियों को अप्रैल माह से नवंबर माह तक प्रति यूनिट 5 किग्रा. खाद्यान्न (गेहूँ/चावल) तथा 1 किग्रा. दाल का प्रति कार्ड निःशुल्क वितरण किया गया। - इसी प्रकार वर्ष 2021 में अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों के लाभार्थियों को माह मई से नवंबर तक कुल 7 माह तक प्रति यूनिट 5 किग्रा. खाद्यान्न निःशुल्क वितरण किया जाएगा। - ज्ञातव्य है कि राज्य में 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना के अंतर्गत अगस्त 2020 से राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी लागू की गई है, जिसके माध्यम से राज्य में अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। चर्चा में क्यों? हाल ही में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित राज्य के विभिन्न ज़िलों में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। 12 अक्टूबर, 2021 को रुड़की एवं देहरादून में डेंगू के नए केस सामने आए हैं। - गौरतलब है कि डेंगू एक मच्छरजनित उष्णकटिबंधीय बीमारी है, जो डेंगू वायरस (जीनस फ्लेवी वायरस) के कारण होती है। - इसका प्रसार मुख्यरूप से मादा एडीज इजिप्टी मच्छर द्वारा होता है। - डेंगू संक्रमण के इलाज हेतु कोई विशिष्ट दवा उपलब्ध नहीं है। हालाँकि, वर्ष 2019 में यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा डेंगू के टीके 'डेंग वैक्सिया' को अनुमोदित किया गया था।
चर्चा में क्यों? बारह अक्टूबर, दो हज़ार इक्कीस को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय से आंगनबाड़ी कर्मियों को प्रदान की जा रही प्रोत्साहन राशि का डीबीटी के माध्यम से शुभारंभ किया। - डीबीटी के माध्यम से तैंतीस,दो सौ सत्तानवे आंगनबाड़ी कर्मियों के खाते में चालीस करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भेजी गई। - मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुसार तैंतीस,दो सौ सत्तानवे आंगनबाड़ी कर्मियों द्वारा समर्पित भाव में किये गए कर्त्तव्य पालन के लिये यह प्रोत्साहन राशि एक हज़ार रुपए प्रति कर्मी डीबीटी के द्वारा प्रदान की गई। - इसके अतिरिक्त सितंबर माह में की गई घोषणा के अनुसार पाँच माह तक दो हज़ार रुपए प्रति आंगनबाड़ी कर्मी को प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की गई। चर्चा में क्यों? बारह अक्टूबर, दो हज़ार इक्कीस को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत राज्य में अन्नोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ किया। - इस अन्नोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्ण राज्य में एक माह में चौदह लाख राशन के बैग वितरित किये जाएंगे। - इसके साथ इस कार्यक्रम में ही संपूर्ण माह राज्य की समस्त नौ हज़ार दो सौ तीस राशन की दुकानों के माध्यम से निःशुल्क खाद्यान्न का वितरण किया जाएगा। - उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत वर्ष दो हज़ार बीस में अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों के लाभार्थियों को अप्रैल माह से नवंबर माह तक प्रति यूनिट पाँच किग्रा. खाद्यान्न तथा एक किग्रा. दाल का प्रति कार्ड निःशुल्क वितरण किया गया। - इसी प्रकार वर्ष दो हज़ार इक्कीस में अंत्योदय एवं प्राथमिक परिवारों के लाभार्थियों को माह मई से नवंबर तक कुल सात माह तक प्रति यूनिट पाँच किग्रा. खाद्यान्न निःशुल्क वितरण किया जाएगा। - ज्ञातव्य है कि राज्य में 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना के अंतर्गत अगस्त दो हज़ार बीस से राशनकार्ड पोर्टेबिलिटी लागू की गई है, जिसके माध्यम से राज्य में अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी परिवारों को खाद्यान्न सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। चर्चा में क्यों? हाल ही में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित राज्य के विभिन्न ज़िलों में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बारह अक्टूबर, दो हज़ार इक्कीस को रुड़की एवं देहरादून में डेंगू के नए केस सामने आए हैं। - गौरतलब है कि डेंगू एक मच्छरजनित उष्णकटिबंधीय बीमारी है, जो डेंगू वायरस के कारण होती है। - इसका प्रसार मुख्यरूप से मादा एडीज इजिप्टी मच्छर द्वारा होता है। - डेंगू संक्रमण के इलाज हेतु कोई विशिष्ट दवा उपलब्ध नहीं है। हालाँकि, वर्ष दो हज़ार उन्नीस में यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा डेंगू के टीके 'डेंग वैक्सिया' को अनुमोदित किया गया था।
टका बैंच वही जगह है, जहां ब्रिटिश शासनकाल में कभी भारतीय को जाने की इजाजत नहीं थी. यहां जाने के लिए उन्हें पैसे चुकाने पड़ते थे. टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शिमला टूर का गुरुवार को चौथा दिन है. वह 31 अगस्त को शिमला से लौटेंगे. धोनी एक विज्ञापन के शूट के सिलसिले में शिमला पहुंचे हैं. गुरुवार को धाेनी ने शिमला के ऐतिहासिक टका बैंच के पास बने सिद्धोवाल लॉज में शूट किया. बता दें कि टका बैंच वही जगह है, जहां ब्रिटिश शासनकाल में कभी भारतीय को जाने की इजाजत नहीं थी. यहां जाने के लिए पैसे चुकाने पड़ते थे. जानकारी के अनुसार, सिद्धोवाल शिमला की सबसे पुरानी बिल्डिंग में से एक है और आज यहां पर धोनी का शूट हुआ. सिद्धोवाल लॉज का निर्माण सन 1820 में किया गया था. लॉज के बाहर माही को देखने के लिए फैन्स की काफी भीड़ उमड़़ी और प्रशंसकों ने माही-माही के नारे भी लगाए. सुबह करीब 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक यहां धोनी का शूट चला. पांच दिन के शिमला टूर के लिए धोनी की पत्नी साक्षी भी साथ हैं. उन्हें हिमाचल सरकार की ओर से स्टेट गेस्ट का दर्जा दिया गया है. टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शिमला टूर का गुरुवार को चौथा दिन है. वह 31 अगस्त को शिमला से लौटेंगे. धोनी एक विज्ञापन के शूट के सिलसिले में शिमला पहुंचे हैं.
टका बैंच वही जगह है, जहां ब्रिटिश शासनकाल में कभी भारतीय को जाने की इजाजत नहीं थी. यहां जाने के लिए उन्हें पैसे चुकाने पड़ते थे. टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शिमला टूर का गुरुवार को चौथा दिन है. वह इकतीस अगस्त को शिमला से लौटेंगे. धोनी एक विज्ञापन के शूट के सिलसिले में शिमला पहुंचे हैं. गुरुवार को धाेनी ने शिमला के ऐतिहासिक टका बैंच के पास बने सिद्धोवाल लॉज में शूट किया. बता दें कि टका बैंच वही जगह है, जहां ब्रिटिश शासनकाल में कभी भारतीय को जाने की इजाजत नहीं थी. यहां जाने के लिए पैसे चुकाने पड़ते थे. जानकारी के अनुसार, सिद्धोवाल शिमला की सबसे पुरानी बिल्डिंग में से एक है और आज यहां पर धोनी का शूट हुआ. सिद्धोवाल लॉज का निर्माण सन एक हज़ार आठ सौ बीस में किया गया था. लॉज के बाहर माही को देखने के लिए फैन्स की काफी भीड़ उमड़़ी और प्रशंसकों ने माही-माही के नारे भी लगाए. सुबह करीब ग्यारह बजे से दोपहर दो बजे तक यहां धोनी का शूट चला. पांच दिन के शिमला टूर के लिए धोनी की पत्नी साक्षी भी साथ हैं. उन्हें हिमाचल सरकार की ओर से स्टेट गेस्ट का दर्जा दिया गया है. टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के शिमला टूर का गुरुवार को चौथा दिन है. वह इकतीस अगस्त को शिमला से लौटेंगे. धोनी एक विज्ञापन के शूट के सिलसिले में शिमला पहुंचे हैं.
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र (MP assembly Monsoon session) आज से शुरू होगा। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। वहीं वित्त वर्ष 2022-23 के लिए पहला अनुपूरक बजट (supplementary budget) सरकार द्वारा पेश किया जाएगा। ढाई हजार करोड रुपए से अधिक के प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत करने से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सत्र की तैयारियों के लिए सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी। इसी बीच विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा नगर पालिका अधिनियम संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेंगी। विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास और आवास विभाग महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने और वाणिज्य कर विभाग द्वारा भारतीय स्टांप ड्यूटी वेट संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेगा। वहीं दूसरी तरफ नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा नगरपालिका अधिनियम में संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है। इसमें 46 नगर निकाय के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला शुरू होगा। जिसमें 1930 मनोनीत पार्षद की नियुक्ति की जाएगी। वर्तमान में 6-6 एल्डरमैन की संख्या को बढ़ाकर राजधानी भोपाल सहित इंदौर जबलपुर और ग्वालियर में 12 बार एल्डरमैन की नियुक्ति की जाएगी। दरअसल नगरीय निकाय में प्रशासनिक और नगर पालिका और नगर पालिका अधिनियम की जानकारी को एल्डरमैन के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान है। सक्रिय पार्टी कार्यकर्ता को एल्डरमैन में नियुक्त करने के लिए संगठन की ओर से कई नाम प्रस्तावित किए जाते हैं। वही परिषद के कार्यकाल तक इनका भी कार्यकाल तय किया जाता है। नगर निगम में छह सहित नगर पालिका में चारों नगर परिषद में दो वरिष्ठ पार्षद मनोनीत किए जा सकते हैं। वही भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में 12 जबकि शेष नगर निगम उज्जैन छिंदवाड़ा कटनी बुरहानपुर खंडवा मुरैना रतलाम देवास सागर रीवा सिंगरौली सतना में 10-10 एल्डरमैन मनोनीत किए जा सकेंगे। इसके लिए नगरपालिका अधिनियम में संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की तैयारी पूरी की जा चुकी है।
भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू होगा। इसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। वहीं वित्त वर्ष दो हज़ार बाईस-तेईस के लिए पहला अनुपूरक बजट सरकार द्वारा पेश किया जाएगा। ढाई हजार करोड रुपए से अधिक के प्रथम अनुपूरक बजट प्रस्तुत करने से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सत्र की तैयारियों के लिए सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी। इसी बीच विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा नगर पालिका अधिनियम संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेंगी। विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास और आवास विभाग महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने और वाणिज्य कर विभाग द्वारा भारतीय स्टांप ड्यूटी वेट संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेगा। वहीं दूसरी तरफ नगरीय विकास और आवास विभाग द्वारा नगरपालिका अधिनियम में संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है। इसमें छियालीस नगर निकाय के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला शुरू होगा। जिसमें एक हज़ार नौ सौ तीस मनोनीत पार्षद की नियुक्ति की जाएगी। वर्तमान में छः-छः एल्डरमैन की संख्या को बढ़ाकर राजधानी भोपाल सहित इंदौर जबलपुर और ग्वालियर में बारह बार एल्डरमैन की नियुक्ति की जाएगी। दरअसल नगरीय निकाय में प्रशासनिक और नगर पालिका और नगर पालिका अधिनियम की जानकारी को एल्डरमैन के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान है। सक्रिय पार्टी कार्यकर्ता को एल्डरमैन में नियुक्त करने के लिए संगठन की ओर से कई नाम प्रस्तावित किए जाते हैं। वही परिषद के कार्यकाल तक इनका भी कार्यकाल तय किया जाता है। नगर निगम में छह सहित नगर पालिका में चारों नगर परिषद में दो वरिष्ठ पार्षद मनोनीत किए जा सकते हैं। वही भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में बारह जबकि शेष नगर निगम उज्जैन छिंदवाड़ा कटनी बुरहानपुर खंडवा मुरैना रतलाम देवास सागर रीवा सिंगरौली सतना में दस-दस एल्डरमैन मनोनीत किए जा सकेंगे। इसके लिए नगरपालिका अधिनियम में संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की तैयारी पूरी की जा चुकी है।
दुनिया के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी (Lionel Messi) ने FIFA का बेस्ट प्लेयर का खिताब जीत (best men's player of 2022) लिया है. खिताब जीतने के लिए मेसी ने एम्बाप्पे को मात दी. इस खिताब को जीतने के लिए एम्बाप्पे भी रेस में थे. यह दूसरी बार है जब मेसी ने FIFA बेस्ट प्लेयर का खिताब अपने नाम करने में सफलता पाई है. बता दें कि इस खिताब को देने के लिए राष्ट्रीय टीम के कोच और कप्तान, पत्रकार और प्रशंसक भी मतदान करते हैं. लियोनल मेसी की कप्तानी में इस साल अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप का खिताब अपने नाम करने में सफलता पाई थी. Lionel Messi at 22yrs old,won his 1st FIFA POTY Award. Aged 35yrs,Lionel Messi wins the FIFA POTY for a record 7th time. वहीं, मेसी के साथ अर्जेंटीना को विश्व कप का खिताब जीताने वाले कोच लियोनेल स्कालोनी को सर्वश्रेष्ठ पुरुष कोच के खिताब से नवाजा गया है. एमिलियानो मार्टिनेज ने सर्वश्रेष्ठ पुरुष गोलकीपर का पुरस्कार जीता और अर्जेंटीना के प्रशंसकों ने पहली बार सर्वश्रेष्ठ प्रशंसक का खिताब भी जीतने में सफलता पाई है. बता दें कि फीफा विश्व कप के फाइनल में अर्जेंटीना ने फ्रांस को पेनल्टीज में हराकर 36 साल बाद विश्व कप का खिताब जीतने में सफलता पाई थी. फाइनल मैच में मेसी ने दो अहम गोल दागे थे.
दुनिया के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी ने FIFA का बेस्ट प्लेयर का खिताब जीत लिया है. खिताब जीतने के लिए मेसी ने एम्बाप्पे को मात दी. इस खिताब को जीतने के लिए एम्बाप्पे भी रेस में थे. यह दूसरी बार है जब मेसी ने FIFA बेस्ट प्लेयर का खिताब अपने नाम करने में सफलता पाई है. बता दें कि इस खिताब को देने के लिए राष्ट्रीय टीम के कोच और कप्तान, पत्रकार और प्रशंसक भी मतदान करते हैं. लियोनल मेसी की कप्तानी में इस साल अर्जेंटीना ने फीफा विश्व कप का खिताब अपने नाम करने में सफलता पाई थी. Lionel Messi at बाईसyrs old,won his एकst FIFA POTY Award. Aged पैंतीसyrs,Lionel Messi wins the FIFA POTY for a record सातth time. वहीं, मेसी के साथ अर्जेंटीना को विश्व कप का खिताब जीताने वाले कोच लियोनेल स्कालोनी को सर्वश्रेष्ठ पुरुष कोच के खिताब से नवाजा गया है. एमिलियानो मार्टिनेज ने सर्वश्रेष्ठ पुरुष गोलकीपर का पुरस्कार जीता और अर्जेंटीना के प्रशंसकों ने पहली बार सर्वश्रेष्ठ प्रशंसक का खिताब भी जीतने में सफलता पाई है. बता दें कि फीफा विश्व कप के फाइनल में अर्जेंटीना ने फ्रांस को पेनल्टीज में हराकर छत्तीस साल बाद विश्व कप का खिताब जीतने में सफलता पाई थी. फाइनल मैच में मेसी ने दो अहम गोल दागे थे.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) के बेटे उदयनिधि ने सनातन धर्म (Sanatana Dharma) पर अपने बयानों से बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। 'I-N-D-I-A' गठबंधन का हिस्सा DMK के नेता और तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन (Udhayanidhi Stalin) ने शनिवार को सनातन धर्म पर आपत्तिजनक बयान दिया और यहां तक कहा कि इस धर्म को खत्म कर देना चाहिए। - 'I-N-D-I-A'नेताओं की जुबान जहर उगल रही! उदयनिधि स्टालिन एक कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उनके संबोधन का एक वीडियो सामने आया है। इस तथाकथित वीडियो में उदयनिधि को कहते सुना गया कि, 'कुछ चीजों को खत्म करना ही होगा, जैसे- मच्छर, डेंगू, मरेलिया, कोरोना, इन्हें खत्म करना ही होगा, इसका विरोध नहीं किया जा सकता है। सनातन धर्म भी ऐसी ही है, सम्मेलन का नाम उचित रखा गया है, मैं इसकी सराहना करता हूं।' वैसे सनातन धर्म इन दिनों राजनीति का एक जरिया बन चुका है। कोई भी नेता उठ खड़ा होता है और अपने राजनीतिक हित साधने के लिए सनातन धर्म की तरफ उंगली उठाने लगता है। हालिया दिनों में सनातन धर्म पर हमलों की मानों बहार सी आ चुकी है। कुछ दलों के नेताओं ने सियासी लड़ाई में सत्तारूढ़ बीजेपी को घेरते-घेरते सनातन धर्म को सवालों के कटघरे में खड़ा करने का आसान रास्ता बना लिया है। शायद वही काम अब उदयनिधि ने किया है। हालांकि इसके पहले 'I-N-D-I-A' गठबंधन में शामिल अन्य दलों के नेता भी हिंदू धर्म और हिंदू धर्मग्रंथों पर भी सवाल उठा चुके हैं। इन नेताओं में समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य भी हैं, जो पिछले कुछ समय से हिंदू धर्म से लेकर हिंदू धर्मग्रंथों तक उंगली उठा रहे हैं। इसी हफ्ते ही मौर्य ने अपने बयान से बड़ा विवाद खड़ कर दिया था, जिसमें सपा नेता ने हिंदू धर्म को एक धोखा बताया था। मौर्य ने 27 अगस्त को एक कार्यक्रम में कहा था, "ब्राह्मणवाद की जड़ें बहुत गहरी है और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं, हिंदू धर्म केवल धोखा है।" स्वामी प्रसाद मौर्य ने कुछ दिन पहले रामचरितमानस पर भी सवाल उठाते थे। मौर्य ने रामचरितमानस के कुछ छंदों पर जाति के आधार पर समाज के एक बड़े वर्ग का 'अपमान' करने का आरोप लगाते हुए विवाद खड़ा कर दिया और इन पर 'प्रतिबंध' लगाने की मांग तक कर डाली थी। यह भी पढ़ेंः 'वन नेशन वन इलेक्शन' पर कमेटी में शामिल होने से अधीर रंजन का इनकार, जानें कौन-कौन बनाए गए सदस्य' यही नहीं, इसके बाद सपा एक और नेता आरके वर्मा ने रामचरितमानस पर सवाल खड़े करते हुए ग्रंथ की चौपाइयों को हटाने की मांग की थी। सपा विधायक आरके वर्मा ने अपने बयान में कहा, 'तुलसीदास भेदभाव, ऊंचनीच, छुआछूत, गैरबराबरी की मानसिकता से ग्रसित कवि थे, जिनकी रामचरित मानस की अनेको चौपाइयां जो संविधान विरोधी हैं, उससे आज का पिछड़ा, अनुसूचित, महिला और संत समाज अपमानित होता है। ऐसी चौपाइयों को हटाने के साथ तुलसीदास को छात्रों के पाठ्यक्रम से हटाया जाना चाहिए।' इसके पहले बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर भी रामचरितमानस पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर गए थे और हिंदू धर्मग्रंथ को नफरत फैलाने वाली पुस्तक बताया था। 'I-N-D-I-A' गठबंधन में शामिल राजद के नेता चंद्रशेखर ने कहा था, 'ग्रंथ में नफरत का अंश है। जिन लोगों ने इसे नहीं पढ़ा है वहीं बोल रहे हैं कि ये गलत है।' इतना ही नहीं, राजस्थान कांग्रेस के एक नेता ने अपने कथित बयान में भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कांग्रेस नेता चतराराम देशबंधु ने राम से घटिया दुनिया में कोई पैदा ही नहीं हुआ। कैसे मर्यादा पुरुषोत्तम कहेंगे' वैसे कांग्रेस के नेता तो कई बार राम के ही अस्विस्त को मिटा चुके हैं। कांग्रेस की सरकार ने तो 2009 में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामे में भगवान श्रीराम के होने पर ही सवाल खड़े किए थे। बहरहाल, डीएमके के नेता उदयनिधि ने जो बयान दिया है, उसे लेकर पूरा 'I-N-D-I-A' कटघरे में खड़ा होने लगा है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने सनातन धर्म पर अपने बयानों से बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। 'I-N-D-I-A' गठबंधन का हिस्सा DMK के नेता और तमिलनाडु सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शनिवार को सनातन धर्म पर आपत्तिजनक बयान दिया और यहां तक कहा कि इस धर्म को खत्म कर देना चाहिए। - 'I-N-D-I-A'नेताओं की जुबान जहर उगल रही! उदयनिधि स्टालिन एक कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां उनके संबोधन का एक वीडियो सामने आया है। इस तथाकथित वीडियो में उदयनिधि को कहते सुना गया कि, 'कुछ चीजों को खत्म करना ही होगा, जैसे- मच्छर, डेंगू, मरेलिया, कोरोना, इन्हें खत्म करना ही होगा, इसका विरोध नहीं किया जा सकता है। सनातन धर्म भी ऐसी ही है, सम्मेलन का नाम उचित रखा गया है, मैं इसकी सराहना करता हूं।' वैसे सनातन धर्म इन दिनों राजनीति का एक जरिया बन चुका है। कोई भी नेता उठ खड़ा होता है और अपने राजनीतिक हित साधने के लिए सनातन धर्म की तरफ उंगली उठाने लगता है। हालिया दिनों में सनातन धर्म पर हमलों की मानों बहार सी आ चुकी है। कुछ दलों के नेताओं ने सियासी लड़ाई में सत्तारूढ़ बीजेपी को घेरते-घेरते सनातन धर्म को सवालों के कटघरे में खड़ा करने का आसान रास्ता बना लिया है। शायद वही काम अब उदयनिधि ने किया है। हालांकि इसके पहले 'I-N-D-I-A' गठबंधन में शामिल अन्य दलों के नेता भी हिंदू धर्म और हिंदू धर्मग्रंथों पर भी सवाल उठा चुके हैं। इन नेताओं में समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य भी हैं, जो पिछले कुछ समय से हिंदू धर्म से लेकर हिंदू धर्मग्रंथों तक उंगली उठा रहे हैं। इसी हफ्ते ही मौर्य ने अपने बयान से बड़ा विवाद खड़ कर दिया था, जिसमें सपा नेता ने हिंदू धर्म को एक धोखा बताया था। मौर्य ने सत्ताईस अगस्त को एक कार्यक्रम में कहा था, "ब्राह्मणवाद की जड़ें बहुत गहरी है और सारी विषमता का कारण भी ब्राह्मणवाद ही है। हिंदू नाम का कोई धर्म है ही नहीं, हिंदू धर्म केवल धोखा है।" स्वामी प्रसाद मौर्य ने कुछ दिन पहले रामचरितमानस पर भी सवाल उठाते थे। मौर्य ने रामचरितमानस के कुछ छंदों पर जाति के आधार पर समाज के एक बड़े वर्ग का 'अपमान' करने का आरोप लगाते हुए विवाद खड़ा कर दिया और इन पर 'प्रतिबंध' लगाने की मांग तक कर डाली थी। यह भी पढ़ेंः 'वन नेशन वन इलेक्शन' पर कमेटी में शामिल होने से अधीर रंजन का इनकार, जानें कौन-कौन बनाए गए सदस्य' यही नहीं, इसके बाद सपा एक और नेता आरके वर्मा ने रामचरितमानस पर सवाल खड़े करते हुए ग्रंथ की चौपाइयों को हटाने की मांग की थी। सपा विधायक आरके वर्मा ने अपने बयान में कहा, 'तुलसीदास भेदभाव, ऊंचनीच, छुआछूत, गैरबराबरी की मानसिकता से ग्रसित कवि थे, जिनकी रामचरित मानस की अनेको चौपाइयां जो संविधान विरोधी हैं, उससे आज का पिछड़ा, अनुसूचित, महिला और संत समाज अपमानित होता है। ऐसी चौपाइयों को हटाने के साथ तुलसीदास को छात्रों के पाठ्यक्रम से हटाया जाना चाहिए।' इसके पहले बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर भी रामचरितमानस पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर गए थे और हिंदू धर्मग्रंथ को नफरत फैलाने वाली पुस्तक बताया था। 'I-N-D-I-A' गठबंधन में शामिल राजद के नेता चंद्रशेखर ने कहा था, 'ग्रंथ में नफरत का अंश है। जिन लोगों ने इसे नहीं पढ़ा है वहीं बोल रहे हैं कि ये गलत है।' इतना ही नहीं, राजस्थान कांग्रेस के एक नेता ने अपने कथित बयान में भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कांग्रेस नेता चतराराम देशबंधु ने राम से घटिया दुनिया में कोई पैदा ही नहीं हुआ। कैसे मर्यादा पुरुषोत्तम कहेंगे' वैसे कांग्रेस के नेता तो कई बार राम के ही अस्विस्त को मिटा चुके हैं। कांग्रेस की सरकार ने तो दो हज़ार नौ में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामे में भगवान श्रीराम के होने पर ही सवाल खड़े किए थे। बहरहाल, डीएमके के नेता उदयनिधि ने जो बयान दिया है, उसे लेकर पूरा 'I-N-D-I-A' कटघरे में खड़ा होने लगा है।
जो लोग इस पूज्य धर्मात्माके इस उद्देश्यको समझ लेंगे और उसपर दृष्टि रखके फिर आदिपुराणका अध्ययन करेंगे, हमको विश्वास है कि, वे इसको एक अतिशय पूज्य और पवित्र काव्य स्वीकार करनेमें कभी संकुचीत नहीं होंगे। उन्हें इस काव्यके सम्मुख दूसरे वासनाविलसित काव्य फीके मालूम होने लगेंगे। क्योंकि त एव कवयो लोके त एव च विचक्षणाः । येषां धर्मकथागत्वं भारती प्रतिपद्यते ॥ ६२ ॥ ( प्रथमपर्व ) अर्थात् - पृथ्वीमें वे ही कवि हैं और वे ही पंडित हैं, जिनकी वाणी धर्मकथाका प्रतिपादन करती है । आदिपुराणकी कविताके विषय में गुणभद्रस्वामीने कहा हैःकविपरमेश्वरनिगदितगद्यकथामातृकं पुरोथरितम् । सकलछन्दोलङ्कृतिलक्ष्यं सूक्ष्मार्थगूढपदरचनम् । व्यावर्णनोरुसारं साक्षात्कृतसर्वशास्त्रसद्भावम् । अपहस्तितान्यकाव्यं श्रव्यं व्युत्पन्नमतिभिरादेयम् ।। जिनसेनभगवतोक्तं मिथ्याकविदर्पदलनमतिललितम् । सिद्धान्तोपानवन्धनकर्त्रा भर्त्रा चिराद्विनेयानाम् ।। अतिविस्तरभीरुत्वादवशिष्टं संगृहीतममलधिया । गुणभद्रारणेदं महीणकालानुरोधेन ॥ १९ ॥ अर्थात् यह " आदिपुराण कविपरमेश्वरकी कही हुई गद्यकथाके आधारसे बनाया गया है। इसमें सारे छन्द और अलंकारोंके उहाहरण हैं, इसकी रचना सूक्ष्म अर्थ और गूंढपदोंवाली है,
जो लोग इस पूज्य धर्मात्माके इस उद्देश्यको समझ लेंगे और उसपर दृष्टि रखके फिर आदिपुराणका अध्ययन करेंगे, हमको विश्वास है कि, वे इसको एक अतिशय पूज्य और पवित्र काव्य स्वीकार करनेमें कभी संकुचीत नहीं होंगे। उन्हें इस काव्यके सम्मुख दूसरे वासनाविलसित काव्य फीके मालूम होने लगेंगे। क्योंकि त एव कवयो लोके त एव च विचक्षणाः । येषां धर्मकथागत्वं भारती प्रतिपद्यते ॥ बासठ ॥ अर्थात् - पृथ्वीमें वे ही कवि हैं और वे ही पंडित हैं, जिनकी वाणी धर्मकथाका प्रतिपादन करती है । आदिपुराणकी कविताके विषय में गुणभद्रस्वामीने कहा हैःकविपरमेश्वरनिगदितगद्यकथामातृकं पुरोथरितम् । सकलछन्दोलङ्कृतिलक्ष्यं सूक्ष्मार्थगूढपदरचनम् । व्यावर्णनोरुसारं साक्षात्कृतसर्वशास्त्रसद्भावम् । अपहस्तितान्यकाव्यं श्रव्यं व्युत्पन्नमतिभिरादेयम् ।। जिनसेनभगवतोक्तं मिथ्याकविदर्पदलनमतिललितम् । सिद्धान्तोपानवन्धनकर्त्रा भर्त्रा चिराद्विनेयानाम् ।। अतिविस्तरभीरुत्वादवशिष्टं संगृहीतममलधिया । गुणभद्रारणेदं महीणकालानुरोधेन ॥ उन्नीस ॥ अर्थात् यह " आदिपुराण कविपरमेश्वरकी कही हुई गद्यकथाके आधारसे बनाया गया है। इसमें सारे छन्द और अलंकारोंके उहाहरण हैं, इसकी रचना सूक्ष्म अर्थ और गूंढपदोंवाली है,
और दया इन महान् सिद्धान्तोच ढंढोरा पीटते है। ब्राह्मणोको जैनियोने अहिंसक बनाया और गुजरात को जहाँ कि जैन धर्म विशेष प्रमाणमे मिलता है अहिंसा और दया धर्मका केन्द्र चनाया । महान धर्मोमें जैन धर्मकी विशेषता हीमें है। और यह भी सामयिक विशेषता है कि जैन साधु आचार और रहन सहन ससार भरमे अत्यन्त प्रशसनीय माने जाते हैं, इस वीसवें गतकमे जबकि अन्य मतके साधुने प्राचीन साधु आचारको छोड़कर प्राप्त सुविधाओका सेवन आरम्भ कर दिया है। इस ऐशो आरामके समय में जगत्को निवृत्ति प्रधान जैन सिद्धान्त किस प्रकार प्रिय लगेंगे? उसका मुख्य शह जो त्याग है वह उनसे कैसे बनेगा ? परन्तु यह बात परम निश्चित है कि अन्तमें सभीको उसी कामको करना होगा। सज्जनो। जिस धीरता शान्ति के साथ आप लोगोने मेरा यह व्या सुन लिया है उसके लिये में आप लोग अतकरण पूर्वक धन्यवाद देता है । माथे यह भी अनुरोध करता हूँ कि धर्मके सामान्ये तत्वोमे कही भी मतभेट नहीं पाया जावेगा। : Eternal truth is one but it is reflected in many ways in the minds of the sugers अगर हरएक धर्मका तुलना त्मक अभ्यास किया जाए और पक्षपात रहित उदार अत करणसे उनका विचार किया जाए तो मतभेदके लिये बहुत ही कम अवकाश रहेगा। भारतके धार्मिक उत्थानके लिये यह आवश्यक है कि वह अपने धार्मिक क्लेशोको दूर करे । तभी भिन्न २ मतवालो २ में ऐक्यका उद्भव होगा जिसके वलसे हम जगतको अपना सत्य ऐश्वर्य बता सकेंगे । जैन धर्म जिसका पालनके वल गुजरातमे विशेषतासे होता है भारत और समस्त ससार भी उसे प्रेमको दृष्टि से देख रहा है। वह समस्त भारतका और समस्त ससारका धर्म बने यही मेरी इष्टदेवसे प्रार्थना है । उपसर्गा जय यान्ति ते विध्नव ल्लय मन. प्रसन्नता मेति पूज्य माने जिनेश्वरे ॥१॥ शत शान्ति शत विजयेन्द्र सृरि ।
और दया इन महान् सिद्धान्तोच ढंढोरा पीटते है। ब्राह्मणोको जैनियोने अहिंसक बनाया और गुजरात को जहाँ कि जैन धर्म विशेष प्रमाणमे मिलता है अहिंसा और दया धर्मका केन्द्र चनाया । महान धर्मोमें जैन धर्मकी विशेषता हीमें है। और यह भी सामयिक विशेषता है कि जैन साधु आचार और रहन सहन ससार भरमे अत्यन्त प्रशसनीय माने जाते हैं, इस वीसवें गतकमे जबकि अन्य मतके साधुने प्राचीन साधु आचारको छोड़कर प्राप्त सुविधाओका सेवन आरम्भ कर दिया है। इस ऐशो आरामके समय में जगत्को निवृत्ति प्रधान जैन सिद्धान्त किस प्रकार प्रिय लगेंगे? उसका मुख्य शह जो त्याग है वह उनसे कैसे बनेगा ? परन्तु यह बात परम निश्चित है कि अन्तमें सभीको उसी कामको करना होगा। सज्जनो। जिस धीरता शान्ति के साथ आप लोगोने मेरा यह व्या सुन लिया है उसके लिये में आप लोग अतकरण पूर्वक धन्यवाद देता है । माथे यह भी अनुरोध करता हूँ कि धर्मके सामान्ये तत्वोमे कही भी मतभेट नहीं पाया जावेगा। : Eternal truth is one but it is reflected in many ways in the minds of the sugers अगर हरएक धर्मका तुलना त्मक अभ्यास किया जाए और पक्षपात रहित उदार अत करणसे उनका विचार किया जाए तो मतभेदके लिये बहुत ही कम अवकाश रहेगा। भारतके धार्मिक उत्थानके लिये यह आवश्यक है कि वह अपने धार्मिक क्लेशोको दूर करे । तभी भिन्न दो मतवालो दो में ऐक्यका उद्भव होगा जिसके वलसे हम जगतको अपना सत्य ऐश्वर्य बता सकेंगे । जैन धर्म जिसका पालनके वल गुजरातमे विशेषतासे होता है भारत और समस्त ससार भी उसे प्रेमको दृष्टि से देख रहा है। वह समस्त भारतका और समस्त ससारका धर्म बने यही मेरी इष्टदेवसे प्रार्थना है । उपसर्गा जय यान्ति ते विध्नव ल्लय मन. प्रसन्नता मेति पूज्य माने जिनेश्वरे ॥एक॥ शत शान्ति शत विजयेन्द्र सृरि ।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। आवर्धक लेन्स और उससे बड़ा दिखता पेन आवर्धक लेन्स का सिद्धान्तः किसी उत्तल लेंस के सामने यदि वस्तु फोकस बिन्दु तथा लेंस के बीच में स्थित हो तो उसका प्रतिबिम्ब सीधा, "'बड़ा"' तथा आभासी बनता है। आवर्धक लेन्स (magnifying glass या hand lens) एक उत्तल लेंस होता है जिसका उपयोग पास की वस्तुओं का आवर्धित प्रतिबिम्ब प्राप्त करने के लिये किया जाता है। प्रायः आवर्धक लेंस को एक गोल फ्रेम में मढ़ा गया होता है जिसमें एक हत्था (हैंडिल) भी लगा होता है। (चित्र देखें)। . उत्तल लैंस किनारों से पतला व बीच मे से मोटे होते हैं यह तीन प्रकार के होते हैं 1 उभयोतल - जिसके दोनों प्रष्ट उत्तल होते है 2 अवतलोतल - जिसका एक प्रष्ट अवतल व एक उत्तल हो 3 समतलोतल - जिसका एक प्रष्ट उत्तल व दूसरा समतल हो . आवर्धक लेन्स और उत्तल लेंस आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)। आवर्धक लेन्स 4 संबंध है और उत्तल लेंस 1 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (4 + 1)। यह लेख आवर्धक लेन्स और उत्तल लेंस के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। आवर्धक लेन्स और उससे बड़ा दिखता पेन आवर्धक लेन्स का सिद्धान्तः किसी उत्तल लेंस के सामने यदि वस्तु फोकस बिन्दु तथा लेंस के बीच में स्थित हो तो उसका प्रतिबिम्ब सीधा, "'बड़ा"' तथा आभासी बनता है। आवर्धक लेन्स एक उत्तल लेंस होता है जिसका उपयोग पास की वस्तुओं का आवर्धित प्रतिबिम्ब प्राप्त करने के लिये किया जाता है। प्रायः आवर्धक लेंस को एक गोल फ्रेम में मढ़ा गया होता है जिसमें एक हत्था भी लगा होता है। । . उत्तल लैंस किनारों से पतला व बीच मे से मोटे होते हैं यह तीन प्रकार के होते हैं एक उभयोतल - जिसके दोनों प्रष्ट उत्तल होते है दो अवतलोतल - जिसका एक प्रष्ट अवतल व एक उत्तल हो तीन समतलोतल - जिसका एक प्रष्ट उत्तल व दूसरा समतल हो . आवर्धक लेन्स और उत्तल लेंस आम में शून्य बातें हैं । आवर्धक लेन्स चार संबंध है और उत्तल लेंस एक है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख आवर्धक लेन्स और उत्तल लेंस के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
फिरोजाबाद के समस्त ट्रांसपोर्ट मालिकों की अपर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन में एसपी सिटी कार्यालय पर बैठक हुई। फिरोजाबाद में कावड़ यात्रा को लेकर रूट को डायवर्ट किया है। इससे जहां आमजन को भी परेशानी नहीं आएगी, तो वहीं कांवड यात्रियों को भी आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। शिकोहाबाद और टूंडला क्षेत्र से होकर कांवड़ यात्रियों का आवागमन होगा। कुछ यात्री फिरोजाबाद शहर के बीच से होकर भी गुजरते हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि श्रावण मास को लेकर कावड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। फिरोजाबाद के समस्त ट्रांसपोर्ट मालिकों की अपर पुलिस अधीक्षक नगर सर्वेश मिश्र के निर्देशन में एसपी सिटी कार्यालय पर बैठक हुई। इसमें प्रभारी निरीक्षक यातायात व यातायात के कर्मचारी व जनपद के ट्रांसपोर्ट मालिक सम्मिलित रहे। ट्रांसपोर्ट मालिकों को कावड़ यात्रा के समय रुट डावयवर्जन के बारे में अवगत कराया गया। कावड़ यात्रा के समय जिले में निम्न स्थानों पर रूट डायवर्जन रहेगा। - डायवर्जन शनिवार 12. 00 बजे से सोमवार 12. 00 बजे तक निम्न मार्गो (रूटों) पर वाहनों का डायवर्जन रहेगा। - आगरा से टूण्डला होकर एटा जाने वाले बडे/मध्यम/छोटे वाहन मौहम्मदाबाद कट टूण्डला से एनएच-19 टोल टूण्डला से फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, अराँव, घिरोर, कुरावली से कानपुर- अलीगढ हाईवे होते हुए एटा जायेंगे। - एटा से आगरा जाने वाले बड़े/मध्यम/छोटे वाहन कानपुर- अलीगढ हाईवे से कुरावली, घिरोर, अराव, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, एनएच-19 टोल टूण्डला होकर आगरा जायेगे। - आगरा से आनेवाले सभी प्रकार के वाहन टूण्डला, पचोखरा, रजवाली, सकरौली, एटा की तरफ पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगें। - एटा से आगरा की ओर जानेवाले सभी प्रकार के वाहन एटा, सकरौली, रजावली, पचोखरा, टूण्डला मार्ग की तरफ पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगें। - फिरोजाबाद की तरफ से आने वाले वाहन सर्विस रोड पर बड़े चौराहा टूण्डला की तरफ पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे सभी वाहन ओवर ब्रिज के ऊपर होकर आगरा की तरफ जायेंगे।
फिरोजाबाद के समस्त ट्रांसपोर्ट मालिकों की अपर पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन में एसपी सिटी कार्यालय पर बैठक हुई। फिरोजाबाद में कावड़ यात्रा को लेकर रूट को डायवर्ट किया है। इससे जहां आमजन को भी परेशानी नहीं आएगी, तो वहीं कांवड यात्रियों को भी आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंचाया जा सकेगा। शिकोहाबाद और टूंडला क्षेत्र से होकर कांवड़ यात्रियों का आवागमन होगा। कुछ यात्री फिरोजाबाद शहर के बीच से होकर भी गुजरते हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि श्रावण मास को लेकर कावड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। फिरोजाबाद के समस्त ट्रांसपोर्ट मालिकों की अपर पुलिस अधीक्षक नगर सर्वेश मिश्र के निर्देशन में एसपी सिटी कार्यालय पर बैठक हुई। इसमें प्रभारी निरीक्षक यातायात व यातायात के कर्मचारी व जनपद के ट्रांसपोर्ट मालिक सम्मिलित रहे। ट्रांसपोर्ट मालिकों को कावड़ यात्रा के समय रुट डावयवर्जन के बारे में अवगत कराया गया। कावड़ यात्रा के समय जिले में निम्न स्थानों पर रूट डायवर्जन रहेगा। - डायवर्जन शनिवार बारह. शून्य बजे से सोमवार बारह. शून्य बजे तक निम्न मार्गो पर वाहनों का डायवर्जन रहेगा। - आगरा से टूण्डला होकर एटा जाने वाले बडे/मध्यम/छोटे वाहन मौहम्मदाबाद कट टूण्डला से एनएच-उन्नीस टोल टूण्डला से फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, अराँव, घिरोर, कुरावली से कानपुर- अलीगढ हाईवे होते हुए एटा जायेंगे। - एटा से आगरा जाने वाले बड़े/मध्यम/छोटे वाहन कानपुर- अलीगढ हाईवे से कुरावली, घिरोर, अराव, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, एनएच-उन्नीस टोल टूण्डला होकर आगरा जायेगे। - आगरा से आनेवाले सभी प्रकार के वाहन टूण्डला, पचोखरा, रजवाली, सकरौली, एटा की तरफ पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगें। - एटा से आगरा की ओर जानेवाले सभी प्रकार के वाहन एटा, सकरौली, रजावली, पचोखरा, टूण्डला मार्ग की तरफ पूर्णरूप से प्रतिबन्धित रहेगें। - फिरोजाबाद की तरफ से आने वाले वाहन सर्विस रोड पर बड़े चौराहा टूण्डला की तरफ पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे सभी वाहन ओवर ब्रिज के ऊपर होकर आगरा की तरफ जायेंगे।
शाहजहांपुर। योगी कैबिनेट में इकलौते मुस्लिम मंत्री (वक्फ और हज मंत्री) मोहसिन रजा ने बहुत बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा. ' हां मैं हिन्दू हूं, क्योंकि मैं हिंदुस्तान में रहता हूं. ' यह बोलने के बाद मोहसिन रजा ने 'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए. सपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को लेकर मोहसिन रजा ने कहाकि उनका भी हृदय परिवर्तन हो रहा है. रजा की माने तो बीजेपी को लेकर आजम खान की राय बदल रही है और उनका हृदय परिवर्तन हो रहा है. आजम खान के हृदय परिवर्तन की वजह को लेकर मोहसिन रजा ने कहा कि आने वाले वक्त में उनके साथ बहुत कुछ होने वाला है, इसलिए उनका नजरिया बदल रहा है. हज मंत्री के इस बयान को CBI जांच की लपट से जोड़कर देखा जा रहा है. वे यहां आंबेडकर जयंती कार्यक्रम में शामिल होने आए थे. जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बाद पिछले दिनों आजम खान के विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ रामपुर CJM कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया था. अब्दुल्ला आजम पर 2017 विधानसभा चुनाव में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन दाखिल करने का आरोप है. वे स्वार-टांड विधानसभा सीट से सपा के प्रत्याशी थे और चुनाव भी जीते. बसपा प्रत्याशी नवाब काजमी ने अब्दुल्ला की शिकायत स्थानीय CJM कोर्ट में की थी. इसके अलावा जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी आजम खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. उनपर आरोप है कि सपा शासनकाल के दौरान उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीक से अतिक्रमण किया है. शिकायत के बाद राजस्व परिषद ने जौहर यूनिवर्सिटी के लिए चकरोड और ग्राम समाज की जमीन लेने के मामले में आजम खान के खिलाफ चार मुकदमे चलाने को मंजूरी दी है. इस मामले की सुनवाई 17 अप्रैल को होगी. मोहसिन रजा पिछले दिनों हनुमान जयंती के अवसर पर लखनऊ के अलीगंज स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे थे. उनके साथ उनके बच्चे भी थे. मंदिर में मोहसिन और उनके बच्चों के राम नाम लिखी हुई सिंदुरी चुनरी भी अपने शरीर पर धारण की और माथे पर सिंदुर का टीका लगाया. मंदिर में मोहसिन ने रामभक्त हनुमान की पूजा-अर्चना की और उन्हें भोग भी लगाया. बाद में इस भोग का मंत्री ने मंदिर में मौजूद बच्चों में वितरण भी किया और सभी लोगों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दीं. बताया जाता है कि अलीगंज के इस मंदिर को अवध के नवाब वाजिद अली शाह की माता आलिया बेगम ने बनवाया था. मोहसिन रजा योगी सरकार में एकलौते मुस्लिम मंत्री हैं और वे अल्पसंख्क मामलों के मंत्री हैं. उन्होंने कहा कि यह मंदिर उनके पुरखों ने बनवाया था और इस बात का इन्हें गर्व है कि उन्होंने हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के लिए एक बड़ी पहल की थी. इस मौके पर जब मीडियाकर्मियों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वह भारत के नागरिक हैं और हर धर्म तथा मजहब में वे आस्था रखते हैं. उन्होंने कहा कि उनका मजहब भाईचारे का मजहब है. मोहसिन ने कहा कि जहां भाईचारा और आपसी सौहार्द होता है, वे वहां जरूर जाते हैं. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने कहा कि यह केवल मोदी और योगी राज में ही संभव हुआ है कि जहां सभी धर्मों के लोग आजाद होकर अपने ख्यालों का आदान-प्रदान कर रहे हैं और खुद को महफूज मान रहे हैं. अलीगंज मंदिर के बाद मोहसिन परिवार के साथ हनुमान सेतु स्थित हनुमान मंदिर भी गए और वहां भी पूजा-अर्चना की थी.
शाहजहांपुर। योगी कैबिनेट में इकलौते मुस्लिम मंत्री मोहसिन रजा ने बहुत बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा. ' हां मैं हिन्दू हूं, क्योंकि मैं हिंदुस्तान में रहता हूं. ' यह बोलने के बाद मोहसिन रजा ने 'भारत माता की जय' के नारे भी लगाए. सपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को लेकर मोहसिन रजा ने कहाकि उनका भी हृदय परिवर्तन हो रहा है. रजा की माने तो बीजेपी को लेकर आजम खान की राय बदल रही है और उनका हृदय परिवर्तन हो रहा है. आजम खान के हृदय परिवर्तन की वजह को लेकर मोहसिन रजा ने कहा कि आने वाले वक्त में उनके साथ बहुत कुछ होने वाला है, इसलिए उनका नजरिया बदल रहा है. हज मंत्री के इस बयान को CBI जांच की लपट से जोड़कर देखा जा रहा है. वे यहां आंबेडकर जयंती कार्यक्रम में शामिल होने आए थे. जौहर यूनिवर्सिटी विवाद के बाद पिछले दिनों आजम खान के विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ रामपुर CJM कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया था. अब्दुल्ला आजम पर दो हज़ार सत्रह विधानसभा चुनाव में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन दाखिल करने का आरोप है. वे स्वार-टांड विधानसभा सीट से सपा के प्रत्याशी थे और चुनाव भी जीते. बसपा प्रत्याशी नवाब काजमी ने अब्दुल्ला की शिकायत स्थानीय CJM कोर्ट में की थी. इसके अलावा जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी आजम खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. उनपर आरोप है कि सपा शासनकाल के दौरान उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीक से अतिक्रमण किया है. शिकायत के बाद राजस्व परिषद ने जौहर यूनिवर्सिटी के लिए चकरोड और ग्राम समाज की जमीन लेने के मामले में आजम खान के खिलाफ चार मुकदमे चलाने को मंजूरी दी है. इस मामले की सुनवाई सत्रह अप्रैल को होगी. मोहसिन रजा पिछले दिनों हनुमान जयंती के अवसर पर लखनऊ के अलीगंज स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे थे. उनके साथ उनके बच्चे भी थे. मंदिर में मोहसिन और उनके बच्चों के राम नाम लिखी हुई सिंदुरी चुनरी भी अपने शरीर पर धारण की और माथे पर सिंदुर का टीका लगाया. मंदिर में मोहसिन ने रामभक्त हनुमान की पूजा-अर्चना की और उन्हें भोग भी लगाया. बाद में इस भोग का मंत्री ने मंदिर में मौजूद बच्चों में वितरण भी किया और सभी लोगों को हनुमान जयंती की शुभकामनाएं दीं. बताया जाता है कि अलीगंज के इस मंदिर को अवध के नवाब वाजिद अली शाह की माता आलिया बेगम ने बनवाया था. मोहसिन रजा योगी सरकार में एकलौते मुस्लिम मंत्री हैं और वे अल्पसंख्क मामलों के मंत्री हैं. उन्होंने कहा कि यह मंदिर उनके पुरखों ने बनवाया था और इस बात का इन्हें गर्व है कि उन्होंने हिंदू-मुस्लिम सौहार्द के लिए एक बड़ी पहल की थी. इस मौके पर जब मीडियाकर्मियों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि वह भारत के नागरिक हैं और हर धर्म तथा मजहब में वे आस्था रखते हैं. उन्होंने कहा कि उनका मजहब भाईचारे का मजहब है. मोहसिन ने कहा कि जहां भाईचारा और आपसी सौहार्द होता है, वे वहां जरूर जाते हैं. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने कहा कि यह केवल मोदी और योगी राज में ही संभव हुआ है कि जहां सभी धर्मों के लोग आजाद होकर अपने ख्यालों का आदान-प्रदान कर रहे हैं और खुद को महफूज मान रहे हैं. अलीगंज मंदिर के बाद मोहसिन परिवार के साथ हनुमान सेतु स्थित हनुमान मंदिर भी गए और वहां भी पूजा-अर्चना की थी.
टीएमसी सांसद और बंगाली फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस नुसरत जहां (Nusrat Jahan) पिछले कुछ दिनों से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में रही हैं। नुसरत जहां हाल ही में एक बेटे की मां बनी हैं। मां बनने के बाद नुसरत, यश दासगुप्ता के साथ अपनी रिलेशनशिप को लेकर धीरे-धीरे ओपन हो रही हैं। बेटे को जन्म देने के बाद यश के साथ अब तक नुसरत की कई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। इसी बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें नुसरत और यश एक दूसरे के हाथ में हाथ डाले नजर आ रहे हैं। नुसरत जहां ने शेयर किया वीडियोः बता दें कि, नुसरत जहां, यश दासगुप्ता के साथ कश्मीर की वादियों में पहुंची हैं, जहां स्नोफॉल का लुत्फ उठा रही हैं। नुसरत ने पहली बार अपने पार्टनर यश दासगुप्ता के साथ बेहद रोमांटिक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए नुसरत ने कैप्शन में सिर्फ एक शब्द लिखा है, "एकजुटता (Togetherness). " इसके साथ ही उन्होंने इस वीडियो में यश को भी टैग किया है। वायरल हो रहा है वीडियोः सामने आए इस वीडियो में सिर्फ दो हाथ नजर आ रहें हैं। एक नुसरत का और दूसरा यश का। वीडियो में देखा जा सकता है कि, नुसरत धीरे-धीरे यश के हाथ को अपने हाथ में लेती हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में हिंदी फिल्म का रोमांटिक गाना लगाया गया है। नुसरत जहां द्वारा शेयर किया गया ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो पर फैंस के साथ-साथ कई सेलेब्रिटीज की तारीफें भी मिल रही हैं। हर कोई इस जोड़ी की तारीफें करता दिखाई दे रहा है। नुसरत ने शेयर की ये तस्वीरः इससे पहले नुसरत जहां ने अपनी एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वो नीले रंग की जैकेट पहने हुए हैं। हाथों में छाता थामा हुआ है और आस-पास बर्फ गिर रही है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए नुसरत ने कैप्शन में लिखा है, "अगर किसेज बर्फ के टुकड़े होते तो मैं तुम्हें बर्फ का तूफान भेजती। " इसके साथ ही नुसरत ने कश्मीर वैली, स्नोफॉल, हॉट चॉकलेट वेदर और विंटर रोमांस हैशटैग का इस्तेमाल किया है। नुसरत ने भले ही अपनी दूसरी शादी का खुलासा नहीं किया हो, लेकिन उनके पोस्ट ने यह कंफर्म कर दिया है कि, नुसरत के बेटे के पिता यश हैं। यश के जन्मदिन के दिन ही नुसरत ने केक पर उनके नाम के बजाए हसबैंड लिखवाया था। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
टीएमसी सांसद और बंगाली फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस नुसरत जहां पिछले कुछ दिनों से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी चर्चा में रही हैं। नुसरत जहां हाल ही में एक बेटे की मां बनी हैं। मां बनने के बाद नुसरत, यश दासगुप्ता के साथ अपनी रिलेशनशिप को लेकर धीरे-धीरे ओपन हो रही हैं। बेटे को जन्म देने के बाद यश के साथ अब तक नुसरत की कई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं। इसी बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें नुसरत और यश एक दूसरे के हाथ में हाथ डाले नजर आ रहे हैं। नुसरत जहां ने शेयर किया वीडियोः बता दें कि, नुसरत जहां, यश दासगुप्ता के साथ कश्मीर की वादियों में पहुंची हैं, जहां स्नोफॉल का लुत्फ उठा रही हैं। नुसरत ने पहली बार अपने पार्टनर यश दासगुप्ता के साथ बेहद रोमांटिक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो को शेयर करते हुए नुसरत ने कैप्शन में सिर्फ एक शब्द लिखा है, "एकजुटता . " इसके साथ ही उन्होंने इस वीडियो में यश को भी टैग किया है। वायरल हो रहा है वीडियोः सामने आए इस वीडियो में सिर्फ दो हाथ नजर आ रहें हैं। एक नुसरत का और दूसरा यश का। वीडियो में देखा जा सकता है कि, नुसरत धीरे-धीरे यश के हाथ को अपने हाथ में लेती हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में हिंदी फिल्म का रोमांटिक गाना लगाया गया है। नुसरत जहां द्वारा शेयर किया गया ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो पर फैंस के साथ-साथ कई सेलेब्रिटीज की तारीफें भी मिल रही हैं। हर कोई इस जोड़ी की तारीफें करता दिखाई दे रहा है। नुसरत ने शेयर की ये तस्वीरः इससे पहले नुसरत जहां ने अपनी एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वो नीले रंग की जैकेट पहने हुए हैं। हाथों में छाता थामा हुआ है और आस-पास बर्फ गिर रही है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए नुसरत ने कैप्शन में लिखा है, "अगर किसेज बर्फ के टुकड़े होते तो मैं तुम्हें बर्फ का तूफान भेजती। " इसके साथ ही नुसरत ने कश्मीर वैली, स्नोफॉल, हॉट चॉकलेट वेदर और विंटर रोमांस हैशटैग का इस्तेमाल किया है। नुसरत ने भले ही अपनी दूसरी शादी का खुलासा नहीं किया हो, लेकिन उनके पोस्ट ने यह कंफर्म कर दिया है कि, नुसरत के बेटे के पिता यश हैं। यश के जन्मदिन के दिन ही नुसरत ने केक पर उनके नाम के बजाए हसबैंड लिखवाया था। ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे राज एक्सप्रेस यूट्यूब चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। यूट्यूब पर @RajExpressHindi के नाम से सर्च कर, सब्स्क्राइब करें।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
पेट्रोल की कीमत लगातार 22वें दिन अपरिवर्तित रही, जबकि डीजल की कीमत में सोमवार को फिर से 24 से 26 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। राज्य के स्वामित्व वाली तेल कंपनियों द्वारा 2018 के बाद से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में उच्चतम वृद्धि के बाद दरों में 3 सप्ताह के अंतराल को समाप्त करने के बाद यह तीसरी बढ़ोतरी है। हालांकि, पेट्रोल की कीमतें लगातार 22 वें दिन अपरिवर्तित रहीं। राष्ट्रीय राजधानी में 25 पैसे की बढ़ोतरी के बाद डीजल की कीमत 89. 07 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल 101. 19 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई में 27 पैसे की बढ़ोतरी के बाद एक लीटर पेट्रोल के लिए 107. 26 रुपये और डीजल के लिए 96. 68 रुपये चुकाने होंगे। चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 98. 96 रुपये है। रविवार को एक लीटर डीजल की कीमत 93. 69 रुपये प्रति लीटर थी। कोलकाता में पेट्रोल 101. 62 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92. 17 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। रविवार को वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गया। सप्ताह के लिए तेल की दरें 2 फीसदी बढ़ी हैं और यह पांचवां साप्ताहिक लाभ है। 5 सितंबर से, जब पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में संशोधन किया गया था, अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमत अगस्त के दौरान औसत कीमतों की तुलना में लगभग USD6-7 प्रति बैरल अधिक है। वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव ने ओएमसी को इस फॉर्मूले का समग्रता से पालन करने से रोक दिया है और अब लंबे अंतराल के साथ संशोधन किए जा रहे हैं। इसने कंपनियों को ईंधन की कीमतों में वृद्धि करने से भी रोका है, जब भी विश्व स्तर पर पहुंचे और ईंधन की पंप कीमत के बीच एक बेमेल होता है। MS धोनी को गौतम गंभीर की सलाह, कहा- "CSK के प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के बाद धोनी को. . . "
पेट्रोल की कीमत लगातार बाईसवें दिन अपरिवर्तित रही, जबकि डीजल की कीमत में सोमवार को फिर से चौबीस से छब्बीस पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। राज्य के स्वामित्व वाली तेल कंपनियों द्वारा दो हज़ार अट्ठारह के बाद से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में उच्चतम वृद्धि के बाद दरों में तीन सप्ताह के अंतराल को समाप्त करने के बाद यह तीसरी बढ़ोतरी है। हालांकि, पेट्रोल की कीमतें लगातार बाईस वें दिन अपरिवर्तित रहीं। राष्ट्रीय राजधानी में पच्चीस पैसे की बढ़ोतरी के बाद डीजल की कीमत नवासी. सात रुपयापये प्रति लीटर है। पेट्रोल एक सौ एक. उन्नीस रुपयापये प्रति लीटर पर बिक रहा है। मुंबई में सत्ताईस पैसे की बढ़ोतरी के बाद एक लीटर पेट्रोल के लिए एक सौ सात. छब्बीस रुपयापये और डीजल के लिए छियानवे. अड़सठ रुपयापये चुकाने होंगे। चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत अट्ठानवे. छियानवे रुपयापये है। रविवार को एक लीटर डीजल की कीमत तिरानवे. उनहत्तर रुपयापये प्रति लीटर थी। कोलकाता में पेट्रोल एक सौ एक. बासठ रुपयापये प्रति लीटर और डीजल बानवे. सत्रह रुपयापये प्रति लीटर पर बिक रहा है। रविवार को वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड अठहत्तर डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गया। सप्ताह के लिए तेल की दरें दो फीसदी बढ़ी हैं और यह पांचवां साप्ताहिक लाभ है। पाँच सितंबर से, जब पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में संशोधन किया गया था, अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमत अगस्त के दौरान औसत कीमतों की तुलना में लगभग छः डॉलर-सात प्रति बैरल अधिक है। वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव ने ओएमसी को इस फॉर्मूले का समग्रता से पालन करने से रोक दिया है और अब लंबे अंतराल के साथ संशोधन किए जा रहे हैं। इसने कंपनियों को ईंधन की कीमतों में वृद्धि करने से भी रोका है, जब भी विश्व स्तर पर पहुंचे और ईंधन की पंप कीमत के बीच एक बेमेल होता है। MS धोनी को गौतम गंभीर की सलाह, कहा- "CSK के प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने के बाद धोनी को. . . "
ब्यास कुंड ट्रैक भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रैक में से एक के रूप में प्रसिद्ध है, ब्यास कुंड ट्रैक बर्फ से ढके पहाड़ों का एक शांत नजारा पेश करता है। ट्रैकिंग करते हुए आपको ब्यास नदी के किनारे चलने का मौका मिलेगा, साथ ही बकरथच और ढुंडी वाले घास के मैदान और पीर पंजाल पर्वतमाला के मजेदार नजारे देखने को मिलेंगे। ये ट्रैक न ज्यादा आसान है और न कठिन, महिलाएं इसे आसानी से कर सकती हैं। ट्रैक का मजा लेने का सबसे अच्छा समय मई से अक्टूबर के बीच है। आपका डेस्टिनेशन ब्यास कुंड नदी के पॉइंट पर खत्म होगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत के रचयिता ऋषि व्यास सरोवर में स्नान किया करते थे। समुद्र तल से 5,200 की ऊंचाई पर स्थित, मार्खा घाटी ट्रैक एडवेंचर प्रेमियों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। ये इस क्षेत्र की सबसे बड़ी घाटियों में से एक है। लेह के शुरूआती पॉइंट से आपको ये ट्रैक थोड़ा कठिन लग सकता है, लेकिन चलते समय दिखने वाले स्कीउ, हैंकर, चिलिंग, निमालिंग जैसी जगहों को देखने का सुनेहरा मौका भी मिलेगा। आपको बता दें, ट्रैक को कवर करने में 10 दिन लगते हैं, जहां आपको खूबसूरत मंदिर और सरंक्षित मठ भी दिख जाएंगे। आपको स्टोक कांगड़ी, K2 पर्वत और कांग यात्से चोटियों का भी एक शानदार नजारा दिख जाएगा। अगर आप इस ट्रैक पर जाना चाहते हैं, तो जुलाई से सितंबर तक के महीने एकदम बेस्ट हैं। फूलों की घाटी सबसे लोकप्रिय ट्रेक्स में शुमार है, जिसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में भी गिना जाता है। इस ट्रैक के जरिए आप सिख तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब तक भी पहुंच सकते हैं। 3658 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, पगडंडी 55 किमी लंबी है और मानसून के मौसम में तो हजारों रंग-बिरंगे फूलों से आच्छादित हो जाती है। ट्रेक का शुरुआती बिंदु गोविंदघाट है, इस ट्रेक को करने के लिए हर उम्र की महिला जा सकती हैं। ट्रैक को कवर करना काफी आसान है, अगर आप यहां जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो जुलाई और मध्य सितंबर के बीच का समय सबसे अच्छा है। आपको बता दे, प्रकृति प्रेमियों के लिए ये जगह स्वर्ग है। चटरू में खत्म होने पर ये ट्रैक लाहौल और स्पीति घाटी का एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला नजारा पेश करता है। इस ट्रैक की ऊंचाई समुद्र तल से 4400 मीटर है, यहां तक आने में आपको कम से कम चार या पांच दिन लगेंगे। यह पगडंडी देवदार के घने जंगलों, बर्फ से ढकी घाटियों, क्रिस्टल-क्लियर धाराओं और फूलों के घास के मैदानों का एक अच्छा दृश्य पेश करेगी। चंद्र ताल पर आप नाइट कैंपिंग का भी मजा ले सकते हैं। ट्रैक को पूरा करना काफी आसान है और इसकी योजना बनाने का सबसे अच्छा समय जून और नवंबर के बीच है। ये ट्रैक कठिनाई के मामले में आसान और मध्यम (Moderate) है। ये 5 दिन का ट्रैक है, जो युकसोम पर खत्म होता है। अगर आप ये ट्रैक करना चाहते हैं, तो पहले 15,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने के लिए आपको 21 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। इस ट्रैकिंग ट्रिप पर आपको बक्खिम, कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान, साचेन और शोखा जैसी खूबसूरत जगहें देखने को मिलेंगी। ट्रैकिंग करते हुए आपको झरनों और शानदार पुल देखने को मिलेंगे। आप यहां से हिमालय की भी तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं, जिसमें दज़ोंगरी ला चोटी भी शामिल है।
ब्यास कुंड ट्रैक भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रैक में से एक के रूप में प्रसिद्ध है, ब्यास कुंड ट्रैक बर्फ से ढके पहाड़ों का एक शांत नजारा पेश करता है। ट्रैकिंग करते हुए आपको ब्यास नदी के किनारे चलने का मौका मिलेगा, साथ ही बकरथच और ढुंडी वाले घास के मैदान और पीर पंजाल पर्वतमाला के मजेदार नजारे देखने को मिलेंगे। ये ट्रैक न ज्यादा आसान है और न कठिन, महिलाएं इसे आसानी से कर सकती हैं। ट्रैक का मजा लेने का सबसे अच्छा समय मई से अक्टूबर के बीच है। आपका डेस्टिनेशन ब्यास कुंड नदी के पॉइंट पर खत्म होगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत के रचयिता ऋषि व्यास सरोवर में स्नान किया करते थे। समुद्र तल से पाँच,दो सौ की ऊंचाई पर स्थित, मार्खा घाटी ट्रैक एडवेंचर प्रेमियों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। ये इस क्षेत्र की सबसे बड़ी घाटियों में से एक है। लेह के शुरूआती पॉइंट से आपको ये ट्रैक थोड़ा कठिन लग सकता है, लेकिन चलते समय दिखने वाले स्कीउ, हैंकर, चिलिंग, निमालिंग जैसी जगहों को देखने का सुनेहरा मौका भी मिलेगा। आपको बता दें, ट्रैक को कवर करने में दस दिन लगते हैं, जहां आपको खूबसूरत मंदिर और सरंक्षित मठ भी दिख जाएंगे। आपको स्टोक कांगड़ी, Kदो पर्वत और कांग यात्से चोटियों का भी एक शानदार नजारा दिख जाएगा। अगर आप इस ट्रैक पर जाना चाहते हैं, तो जुलाई से सितंबर तक के महीने एकदम बेस्ट हैं। फूलों की घाटी सबसे लोकप्रिय ट्रेक्स में शुमार है, जिसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में भी गिना जाता है। इस ट्रैक के जरिए आप सिख तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब तक भी पहुंच सकते हैं। तीन हज़ार छः सौ अट्ठावन मीटर की ऊंचाई पर स्थित, पगडंडी पचपन किमी लंबी है और मानसून के मौसम में तो हजारों रंग-बिरंगे फूलों से आच्छादित हो जाती है। ट्रेक का शुरुआती बिंदु गोविंदघाट है, इस ट्रेक को करने के लिए हर उम्र की महिला जा सकती हैं। ट्रैक को कवर करना काफी आसान है, अगर आप यहां जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो जुलाई और मध्य सितंबर के बीच का समय सबसे अच्छा है। आपको बता दे, प्रकृति प्रेमियों के लिए ये जगह स्वर्ग है। चटरू में खत्म होने पर ये ट्रैक लाहौल और स्पीति घाटी का एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला नजारा पेश करता है। इस ट्रैक की ऊंचाई समुद्र तल से चार हज़ार चार सौ मीटर है, यहां तक आने में आपको कम से कम चार या पांच दिन लगेंगे। यह पगडंडी देवदार के घने जंगलों, बर्फ से ढकी घाटियों, क्रिस्टल-क्लियर धाराओं और फूलों के घास के मैदानों का एक अच्छा दृश्य पेश करेगी। चंद्र ताल पर आप नाइट कैंपिंग का भी मजा ले सकते हैं। ट्रैक को पूरा करना काफी आसान है और इसकी योजना बनाने का सबसे अच्छा समय जून और नवंबर के बीच है। ये ट्रैक कठिनाई के मामले में आसान और मध्यम है। ये पाँच दिन का ट्रैक है, जो युकसोम पर खत्म होता है। अगर आप ये ट्रैक करना चाहते हैं, तो पहले पंद्रह,शून्य फीट की ऊंचाई तक पहुंचने के लिए आपको इक्कीस किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। इस ट्रैकिंग ट्रिप पर आपको बक्खिम, कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान, साचेन और शोखा जैसी खूबसूरत जगहें देखने को मिलेंगी। ट्रैकिंग करते हुए आपको झरनों और शानदार पुल देखने को मिलेंगे। आप यहां से हिमालय की भी तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं, जिसमें दज़ोंगरी ला चोटी भी शामिल है।
राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर और मध्य भारत में ठंड का जोर बढ़ रहा है. पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी (Snowfall) से कड़ाके की ठंड पड़ रही है. इसी के साथ मैदानी इलाकों में ठंड का कहर बढ़ गया है. जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान तक के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. रात के साथ ही अब दिन का तापमान भी गिरने लगा है. आसमान में धुंध दिखाई दे रही है, दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है. Delhi Weather Update: दिल्ली में मौसम की अब तक की सबसे सर्द सुबह. मौसम एजेंसी के अनुसार, अगले 5 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिमी और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम की संभावना है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस हो गया है. आईएमडी ने कहा कि रविवार से पूरे सप्ताह न्यूनतम तापमान में 7 से 8 डिग्री के बीच उतार-चढ़ाव रहेगा, जबकि अधिकतम 23 या 24 डिग्री रहेगा. मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के 13 दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है, जिसकी वजह से 13 से 15 दिसंबर के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और 14 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश में कहीं-कहीं छिटपुट वर्षा/बर्फबारी होने की संभावना है. मौसम अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि श्रीनगर शहर सहित कश्मीर के अधिकांश स्थानों पर शुक्रवार को मौसम की अब तक की सबसे ठंडी रात रही. यहां न्यूनतम तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से कई डिग्री नीचे चला गया. श्रीनगर में शुक्रवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 3. 6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. दिसंबर के पहले सप्ताह में तो ठंड कम थी लेकिन अब दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में ठंड बढ़ रही है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में वातावरण में कोहरे का असर दिखने लगेगा.
राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर और मध्य भारत में ठंड का जोर बढ़ रहा है. पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़ रही है. इसी के साथ मैदानी इलाकों में ठंड का कहर बढ़ गया है. जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान तक के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. रात के साथ ही अब दिन का तापमान भी गिरने लगा है. आसमान में धुंध दिखाई दे रही है, दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो गई है. Delhi Weather Update: दिल्ली में मौसम की अब तक की सबसे सर्द सुबह. मौसम एजेंसी के अनुसार, अगले पाँच दिनों के दौरान उत्तर पश्चिमी और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में शुष्क मौसम की संभावना है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर का न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस हो गया है. आईएमडी ने कहा कि रविवार से पूरे सप्ताह न्यूनतम तापमान में सात से आठ डिग्री के बीच उतार-चढ़ाव रहेगा, जबकि अधिकतम तेईस या चौबीस डिग्री रहेगा. मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के तेरह दिसंबर की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है, जिसकी वजह से तेरह से पंद्रह दिसंबर के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और चौदह दिसंबर को हिमाचल प्रदेश में कहीं-कहीं छिटपुट वर्षा/बर्फबारी होने की संभावना है. मौसम अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि श्रीनगर शहर सहित कश्मीर के अधिकांश स्थानों पर शुक्रवार को मौसम की अब तक की सबसे ठंडी रात रही. यहां न्यूनतम तापमान फ्रीजिंग पॉइंट से कई डिग्री नीचे चला गया. श्रीनगर में शुक्रवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से तीन. छः डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया. दिसंबर के पहले सप्ताह में तो ठंड कम थी लेकिन अब दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में ठंड बढ़ रही है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में वातावरण में कोहरे का असर दिखने लगेगा.
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी के एक और करीबी नेता को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने की है। ईडी ने ममता के करीबी कुतंल घोष को दबोचा है। कुंतल घोष टीएमसी के यूथ विंग के सदस्य हैं।
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी के एक और करीबी नेता को गिरफ्तार किया गया है। ये गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय ने की है। ईडी ने ममता के करीबी कुतंल घोष को दबोचा है। कुंतल घोष टीएमसी के यूथ विंग के सदस्य हैं।
एनएससीएन (किटोवी-नियोपाक) गिरोह के एक बड़े उग्रवादी को नगालैंड में 23 जनवरी, 2018 को गिरफ्तार किया गया, जिससे नगा विद्रोहियों को करारा झटका लगा है। एनएससीएन के इस बड़े उग्रवादी की गतिविधियों के बारे में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सटीक सूचना मिली थी कि वह दिमापुर से जुनहेबोतो की तरफ अग्रसर है। इसके बाद असम राइफल्स और एनआईए की संयुक्त टीम ने 23 जनवरी, 2018 की सुबह नगालैंड के कोहिमा जिले में कई वाहन चैक पोस्ट कायम कीं। कोहिमा के निकट जुबजा में एक वाहन चैक पोस्ट पर गाड़ियों की तलाशी के दौरान असम राइफल्स के एक दल ने एनएससीएन (केएन) के एक स्वयंभू ब्रिगेडियर को दो अन्य उग्रवादियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। ये सभी टाटा फॉरच्यूनर गाड़ी नम्बर एनएल-07 सी 2266 पर सवार थे। पकड़े गए उग्रवादी की पहचान स्वयंभू ब्रिगेडियर अहेतो एच चोफी, पुत्र होजूसू, निवासी गांव - येहेमी, जुनहेबोतो, नगालैंड के रूप में की गई। उसके साथ स्वयंभू सार्जेंट विट्टी मारक और मुगाहोतो सुमी को भी गिरफ्तार किया गया है। अहेतो एच चोफी एनआईए के मुकदमा नम्बर आरसी 03/13/एनआईए/गुवाहाटी में मुलजिम नम्बर तीन है। यह मुकदमा जुनहेबोतो डिस्ट्रिक्ट एकजेक्यूटिव फोर्स कोटे के सरकारी असलहों और गोला-बारूद लूटने की आपराधिक साजिश रचने के जुर्म में दायर किया गया है। एनआईए के विशेष न्यायाधीश ने 14 मई, 2014 और उसके बाद 8 जुलाई, 2014 को उसके खिलाफ गैर- जमानती वारंट जारी किया था। अभियान के दौरान एक टाइप-56 राइफल, 2 पिस्तौल, 176 राउंड गोलियां, 1,32,320 रुपये की भारतीय मुद्रा, मोबाइल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
एनएससीएन गिरोह के एक बड़े उग्रवादी को नगालैंड में तेईस जनवरी, दो हज़ार अट्ठारह को गिरफ्तार किया गया, जिससे नगा विद्रोहियों को करारा झटका लगा है। एनएससीएन के इस बड़े उग्रवादी की गतिविधियों के बारे में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को सटीक सूचना मिली थी कि वह दिमापुर से जुनहेबोतो की तरफ अग्रसर है। इसके बाद असम राइफल्स और एनआईए की संयुक्त टीम ने तेईस जनवरी, दो हज़ार अट्ठारह की सुबह नगालैंड के कोहिमा जिले में कई वाहन चैक पोस्ट कायम कीं। कोहिमा के निकट जुबजा में एक वाहन चैक पोस्ट पर गाड़ियों की तलाशी के दौरान असम राइफल्स के एक दल ने एनएससीएन के एक स्वयंभू ब्रिगेडियर को दो अन्य उग्रवादियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। ये सभी टाटा फॉरच्यूनर गाड़ी नम्बर एनएल-सात सी दो हज़ार दो सौ छयासठ पर सवार थे। पकड़े गए उग्रवादी की पहचान स्वयंभू ब्रिगेडियर अहेतो एच चोफी, पुत्र होजूसू, निवासी गांव - येहेमी, जुनहेबोतो, नगालैंड के रूप में की गई। उसके साथ स्वयंभू सार्जेंट विट्टी मारक और मुगाहोतो सुमी को भी गिरफ्तार किया गया है। अहेतो एच चोफी एनआईए के मुकदमा नम्बर आरसी तीन/तेरह/एनआईए/गुवाहाटी में मुलजिम नम्बर तीन है। यह मुकदमा जुनहेबोतो डिस्ट्रिक्ट एकजेक्यूटिव फोर्स कोटे के सरकारी असलहों और गोला-बारूद लूटने की आपराधिक साजिश रचने के जुर्म में दायर किया गया है। एनआईए के विशेष न्यायाधीश ने चौदह मई, दो हज़ार चौदह और उसके बाद आठ जुलाई, दो हज़ार चौदह को उसके खिलाफ गैर- जमानती वारंट जारी किया था। अभियान के दौरान एक टाइप-छप्पन राइफल, दो पिस्तौल, एक सौ छिहत्तर राउंड गोलियां, एक,बत्तीस,तीन सौ बीस रुपयापये की भारतीय मुद्रा, मोबाइल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए।
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कैंपस में की जगह जातिसूचक नारे लिखे हुए हैं। वहीं, प्रोफेसरों को भी धमकी दी गई है। काटजू ने आरफा के ट्वीट करने के बाद मजाकिया लहजे में कहा, "ओ आरफा, क्या कोई आपके साथ मजाक भी नहीं कर सकता? मैं आपका बहुत सम्मान करता हूँ। " शी जिनपिंग ने कहा कि वह चीनी सेना को वर्ल्ड क्लास मिलिट्री बनाएँगे और ताइवान को चीन में मिलाएँगे। जरूरत पड़ी तो ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा। वीडियो में इंदु मल्होत्रा कहती नजर आईं कि वामपंथी सरकारें केवल राजस्व के कारण कब्जा करना चाहती हैं। उन्होंने हिंदू मंदिरों पर कब्जा किया हुआ है। केजरीवाल, AAP और वामपंथी पार्टियाँ तिरंगे से दूर... भाजपा का विरोध करते-करते राष्ट्र-ध्वज का विरोध क्यों? हाई कोर्ट की जज प्रतिभा सिंह ने कहा कि भारत महिलाओं के लिए सबसे सम्मानजनक जगह है। इसके लिए उन्हें वामपंथी नेताओं के आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है। रूस के साथ युद्ध में स्कूलों और आवासीय परिसरों को प्रयोग करने पर एमनेस्टी इंटरनेशनल ने यूक्रेन की आलोचना की। इसके बाद वामपंथी उस पर टूट पड़े। चैनल ने भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य प्रवीण नेट्टारू की हत्या का हवाला देते हुए कहा कि प्रतिशोध लेने के लिए मोहम्मद फाजिल की हत्या की गई। वामपंथी इतिहासकारों ने मुगलों के नाम पर ऐसी कहानी रची कि लगा भारत में सब कुछ मुगलों की ही देन है। अगर मुगल नहीं होते तो भारत ही नहीं होता। राणा अयूब ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक को 'भारत की फेक खबरों का फैक्ट चेक' करने के लिए गिरफ्तार किया।
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कैंपस में की जगह जातिसूचक नारे लिखे हुए हैं। वहीं, प्रोफेसरों को भी धमकी दी गई है। काटजू ने आरफा के ट्वीट करने के बाद मजाकिया लहजे में कहा, "ओ आरफा, क्या कोई आपके साथ मजाक भी नहीं कर सकता? मैं आपका बहुत सम्मान करता हूँ। " शी जिनपिंग ने कहा कि वह चीनी सेना को वर्ल्ड क्लास मिलिट्री बनाएँगे और ताइवान को चीन में मिलाएँगे। जरूरत पड़ी तो ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा। वीडियो में इंदु मल्होत्रा कहती नजर आईं कि वामपंथी सरकारें केवल राजस्व के कारण कब्जा करना चाहती हैं। उन्होंने हिंदू मंदिरों पर कब्जा किया हुआ है। केजरीवाल, AAP और वामपंथी पार्टियाँ तिरंगे से दूर... भाजपा का विरोध करते-करते राष्ट्र-ध्वज का विरोध क्यों? हाई कोर्ट की जज प्रतिभा सिंह ने कहा कि भारत महिलाओं के लिए सबसे सम्मानजनक जगह है। इसके लिए उन्हें वामपंथी नेताओं के आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है। रूस के साथ युद्ध में स्कूलों और आवासीय परिसरों को प्रयोग करने पर एमनेस्टी इंटरनेशनल ने यूक्रेन की आलोचना की। इसके बाद वामपंथी उस पर टूट पड़े। चैनल ने भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य प्रवीण नेट्टारू की हत्या का हवाला देते हुए कहा कि प्रतिशोध लेने के लिए मोहम्मद फाजिल की हत्या की गई। वामपंथी इतिहासकारों ने मुगलों के नाम पर ऐसी कहानी रची कि लगा भारत में सब कुछ मुगलों की ही देन है। अगर मुगल नहीं होते तो भारत ही नहीं होता। राणा अयूब ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक को 'भारत की फेक खबरों का फैक्ट चेक' करने के लिए गिरफ्तार किया।
बेंगलुरू में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 75 रनों से मात दे दी है। नई दिल्ली, जेएनएन। बेंगलुरू में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन ही मैच अपने नाम कर लिया। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 75 रनोंं से हराकर चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है। ऑस्ट्रेलिया की टीम को चौथी पारी में 188 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसके सामने उनकी पूरी टीम 112 रनों पर आउट हो गई। भारत ने पहली पारी में 189 और दूसरी पारी में 274 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहली पारी में 276 और दूसरी पारी में 112 रन बनाए। इशांत शर्मा ने मैट रेनशॉ को 05 के स्कोर पर विकेटों के पीछे साहा के हाथों कैच करवाकर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद अश्विन ने डेविड वॉर्नर को 17 के स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई। शॉन मार्श को 09 रनों के स्कोर पर उमेश यादव ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। कप्तान स्मिथ को 28 के स्कोर पर उमेश यादव ने पगबाधा आउट कर चौथा झटका दिया। पांचवें विकेट के रूप में अश्विन ने मिचेल मार्श (13) को नायर के हाथों आउट कराया। अश्विन ने इसके बाद मैथ्यू वेड को रिद्धिमान साहा के हाथों बेहतरीन कैच लपकाकर 00 के स्कोर पर आउट कर दिया। मिचेल स्टार्क को अश्विन ने अपना चौथा शिकार बनाया और उन्हें एक रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने स्टीव ओकीफ को बोल्ड कर भारत को आठवीं सफलता दिलाई। अश्विन ने हैंडस्कॉम्ब को 24 के स्कोर पर विकेट के पीछे कैच आउट करवाकर अपना पांचवां और टीम का नौवां विकेट झटका। अश्विन ने नाथन लियॉन (02) को कॉट एंड बोल्ड करके पारी में छठा विकेट लिया और ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत कर दिया। इससे पहले, भारत के सेट बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे (52) को स्टार्क ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। इसकी अगली ही गेंद पर उन्होंने करुण नायर को बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। हालांकि, वह तीसरी गेेंद पर तीसरा विकेट लेने में नाकाम रहे, पर उन्होंने भारत को दो झटके देकर अपनी टीम का मनोबल बढ़ाया। इसके अगले ही ओवर में जोश हेजलवुड ने पुजारा (92) को मिचेल मार्श के हाथों कैच करवाकर शतक से ठीक पहले आउट कर दिया। इसी ओवर में उन्होंने आर अश्विन (04) को भी आउट कर एक ही ओवर में दो विकेट लिए। हेजलवुड ने उमेश यादव को (01) वॉर्नर के हाथों कैच आउट करवाकर भारत को नौवां झटका दिया। इसी के साथ हेजलवुड ने पारी में छह विकेट भी पूरे किए। भारत का आखिरी ओवर स्टीव ओ कीफ ने लिया। उन्होंने इशांत को 6 रनों पर शॉन मार्श के हाथों कैच आउट करवाया। रिद्धिमान साहा 20 रन बनाकर नाबाद रहे। अभिनव मुकुंद (16) को जोश हेजलवुड ने बोल्ड कर भारत को पहला झटका दिया। इसके बाद लोकेश राहुल (51) को स्टीव ओकीफ ने स्टीव स्मिथ के हाथों कैच आउट करवाया। विराट कोहली (15) को हेजलवुड ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। जडेजा बल्लेबाजी करने ऊपर आए थे, लेकिन उन्हें हेजलवुड ने 02 रनों के स्कोर पर बोल्ड कर दिया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 276 रन बनाए। इसी के साथ मेहमान ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 87 रनों की बढ़त बना ली है। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में सबसे ज़्यादा रन 66 रन शॉन मार्श ने बनाए तो भारत की तरफ से जडेजा ने 63 रन देकर 6 विकेट चटकाए। इस टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम की पहली पारी 189 रन पर सिमट गई थी। भारत की ओर से सबसे ज़्यादा लोकेश राहुल ने 90 रन की पारी खेली। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिन गेंदबाज़ नाथन लयॉन ने 8 विकेट झटककर भारतीय टीम की कमर तोड़ दी थी।
बेंगलुरू में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पचहत्तर रनों से मात दे दी है। नई दिल्ली, जेएनएन। बेंगलुरू में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन ही मैच अपने नाम कर लिया। भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पचहत्तर रनोंं से हराकर चार मैचों की टेस्ट सीरीज में एक-एक से बराबरी कर ली है। ऑस्ट्रेलिया की टीम को चौथी पारी में एक सौ अठासी रनों का लक्ष्य मिला था, जिसके सामने उनकी पूरी टीम एक सौ बारह रनों पर आउट हो गई। भारत ने पहली पारी में एक सौ नवासी और दूसरी पारी में दो सौ चौहत्तर रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहली पारी में दो सौ छिहत्तर और दूसरी पारी में एक सौ बारह रन बनाए। इशांत शर्मा ने मैट रेनशॉ को पाँच के स्कोर पर विकेटों के पीछे साहा के हाथों कैच करवाकर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद अश्विन ने डेविड वॉर्नर को सत्रह के स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई। शॉन मार्श को नौ रनों के स्कोर पर उमेश यादव ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। कप्तान स्मिथ को अट्ठाईस के स्कोर पर उमेश यादव ने पगबाधा आउट कर चौथा झटका दिया। पांचवें विकेट के रूप में अश्विन ने मिचेल मार्श को नायर के हाथों आउट कराया। अश्विन ने इसके बाद मैथ्यू वेड को रिद्धिमान साहा के हाथों बेहतरीन कैच लपकाकर शून्य के स्कोर पर आउट कर दिया। मिचेल स्टार्क को अश्विन ने अपना चौथा शिकार बनाया और उन्हें एक रन पर क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने स्टीव ओकीफ को बोल्ड कर भारत को आठवीं सफलता दिलाई। अश्विन ने हैंडस्कॉम्ब को चौबीस के स्कोर पर विकेट के पीछे कैच आउट करवाकर अपना पांचवां और टीम का नौवां विकेट झटका। अश्विन ने नाथन लियॉन को कॉट एंड बोल्ड करके पारी में छठा विकेट लिया और ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत कर दिया। इससे पहले, भारत के सेट बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे को स्टार्क ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। इसकी अगली ही गेंद पर उन्होंने करुण नायर को बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। हालांकि, वह तीसरी गेेंद पर तीसरा विकेट लेने में नाकाम रहे, पर उन्होंने भारत को दो झटके देकर अपनी टीम का मनोबल बढ़ाया। इसके अगले ही ओवर में जोश हेजलवुड ने पुजारा को मिचेल मार्श के हाथों कैच करवाकर शतक से ठीक पहले आउट कर दिया। इसी ओवर में उन्होंने आर अश्विन को भी आउट कर एक ही ओवर में दो विकेट लिए। हेजलवुड ने उमेश यादव को वॉर्नर के हाथों कैच आउट करवाकर भारत को नौवां झटका दिया। इसी के साथ हेजलवुड ने पारी में छह विकेट भी पूरे किए। भारत का आखिरी ओवर स्टीव ओ कीफ ने लिया। उन्होंने इशांत को छः रनों पर शॉन मार्श के हाथों कैच आउट करवाया। रिद्धिमान साहा बीस रन बनाकर नाबाद रहे। अभिनव मुकुंद को जोश हेजलवुड ने बोल्ड कर भारत को पहला झटका दिया। इसके बाद लोकेश राहुल को स्टीव ओकीफ ने स्टीव स्मिथ के हाथों कैच आउट करवाया। विराट कोहली को हेजलवुड ने एलबीडब्ल्यू आउट किया। जडेजा बल्लेबाजी करने ऊपर आए थे, लेकिन उन्हें हेजलवुड ने दो रनों के स्कोर पर बोल्ड कर दिया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में दो सौ छिहत्तर रन बनाए। इसी के साथ मेहमान ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सत्तासी रनों की बढ़त बना ली है। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से पहली पारी में सबसे ज़्यादा रन छयासठ रन शॉन मार्श ने बनाए तो भारत की तरफ से जडेजा ने तिरेसठ रन देकर छः विकेट चटकाए। इस टेस्ट मैच के पहले दिन भारतीय टीम की पहली पारी एक सौ नवासी रन पर सिमट गई थी। भारत की ओर से सबसे ज़्यादा लोकेश राहुल ने नब्बे रन की पारी खेली। पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिन गेंदबाज़ नाथन लयॉन ने आठ विकेट झटककर भारतीय टीम की कमर तोड़ दी थी।
र्मणि वृत्ते वा वस्तथा त्वमपि / प्रकार वर्ताच करें उसी प्रकार तुझे भी वर्ताव करना चाहिये । इसी वर्तेथाः । अथाभ्याख्यातेपु प्रकार अभ्याख्यातोंके प्रति --- अभ्याख्यात - अभ्युक्त अर्थात् जिनपर कोई संशययुक्त दोष आरोपित किया गया हो उनके प्रति जैसा पहले 'ये तत्र' इत्यादिसे कहा गया उसी सब करना चाहिये । अभ्याख्याता अभ्युक्ता दोषेण संदिह्यमानेन संयोजिताः केन चित्तेषु च यथोक्तं सर्वमुपनयेद्ये उत्रेत्यादि । यह मादेश अर्थात् विधि है, यह पुत्रादिको पिता आदिका उपदेश उपदेशः पुत्रादिभ्यः पित्रादी है यह वेदोपनिषद् --- वेदका रहस्य यानी वेदार्थ है। यही अनुशासन एप आदेशो विधिः । एप नाम् । एषा वेदोपनिषद्वेदरहस्यं । यानो ईश्वरका वाक् है । अपवा वेदार्थ इत्येतत् । एतदेवानुशा- आदेशवाक्य विधि है - ऐसा पहले कहा जा चुका है, इसलिये यह सभी प्रमाणभूत [ उपदेशकों ] का अनुशासन है । क्योंकि ऐसा है इसलिये पहले जो कुछ प्रमाणभूतानामशासनमेवत् । कहा गया है वह सब इसी यस्मादेवं तस्मादेवं यथोक्तं सर्व प्रकार उपासनीय करने योग्य है । इस प्रकार ही इसकी उपासना मुपासितव्यं कर्तव्यम् । एवम् करनी चाहिये यह उपासनीय ही चैतदुपास्यमुपास्यमेव चैतन्नानुपा है, अनुपास्य नही है इस प्रकार यह पुनरुक्ति उपासना के आदरके स्वमित्यादरार्थं पुनर्वचनम् ।।४।। । लिये है ।। ४ ।।
र्मणि वृत्ते वा वस्तथा त्वमपि / प्रकार वर्ताच करें उसी प्रकार तुझे भी वर्ताव करना चाहिये । इसी वर्तेथाः । अथाभ्याख्यातेपु प्रकार अभ्याख्यातोंके प्रति --- अभ्याख्यात - अभ्युक्त अर्थात् जिनपर कोई संशययुक्त दोष आरोपित किया गया हो उनके प्रति जैसा पहले 'ये तत्र' इत्यादिसे कहा गया उसी सब करना चाहिये । अभ्याख्याता अभ्युक्ता दोषेण संदिह्यमानेन संयोजिताः केन चित्तेषु च यथोक्तं सर्वमुपनयेद्ये उत्रेत्यादि । यह मादेश अर्थात् विधि है, यह पुत्रादिको पिता आदिका उपदेश उपदेशः पुत्रादिभ्यः पित्रादी है यह वेदोपनिषद् --- वेदका रहस्य यानी वेदार्थ है। यही अनुशासन एप आदेशो विधिः । एप नाम् । एषा वेदोपनिषद्वेदरहस्यं । यानो ईश्वरका वाक् है । अपवा वेदार्थ इत्येतत् । एतदेवानुशा- आदेशवाक्य विधि है - ऐसा पहले कहा जा चुका है, इसलिये यह सभी प्रमाणभूत [ उपदेशकों ] का अनुशासन है । क्योंकि ऐसा है इसलिये पहले जो कुछ प्रमाणभूतानामशासनमेवत् । कहा गया है वह सब इसी यस्मादेवं तस्मादेवं यथोक्तं सर्व प्रकार उपासनीय करने योग्य है । इस प्रकार ही इसकी उपासना मुपासितव्यं कर्तव्यम् । एवम् करनी चाहिये यह उपासनीय ही चैतदुपास्यमुपास्यमेव चैतन्नानुपा है, अनुपास्य नही है इस प्रकार यह पुनरुक्ति उपासना के आदरके स्वमित्यादरार्थं पुनर्वचनम् ।।चार।। । लिये है ।। चार ।।
पंचकूला, 3 अक्तूबर (ट्रिन्यू) समस्त अग्रवाल समाज पंचकूला की ओर से 7 से 10 अक्तूबर तक महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष में कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। जयंती में विभिन्न संस्थाएं मिलकर मनाएंगी। आज विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मेयर कुलभूषण गोयल के निवास पर पहुंचकर उन्हें कार्यक्रम की अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किया। कुलभूषण गोयल ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा, क्योंकि 8 संस्थाएं मिलकर पहली बार कार्यक्रम कर रही हैं। अग्रवाल सभा के संयोजक अमित जिंदल, सदस्य कुसुम कुमार गुप्ता ने बताया कि महाराजा अग्रसेन का 5145वां जयंती उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता मुख्यातिथि होंगे, मेयर कुलभूषण गोयल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। हरियाणा गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग विशेष अतिथि होंगे। महाराजा अग्रसेन चौक पर 7 अक्तूबर को सुबह 9 बजे हवन व दस बजे ध्वजारोहण होगा और उसके बाद भंडारा होगा। 9 अक्तूबर को शोभा यात्रा सेक्टर 7 मार्केट से शुरू होकर विभिन्न सेक्टरों से होकर सेक्टर 16 भवन में संपन्न होगी। 10 अक्तूबर को सेक्टर 16 के अग्रवाल भवन में महाराजा अग्रेसन जयंती धूमधाम से मनाई जायेगी। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। तेजपाल गुप्ता और कुसुम कुमार गुप्ता ने बताया कि 75 वर्ष से ऊपर 5 वरिष्ठ नागरिक जोकि समाज में अपना योगदान देते हुए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, को सम्मानित किया जाएगा। मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया जाएगा। सामाजिक कार्यों में जुटे स्टाफ को सम्मानित करेंगे। अग्रवाल महिला विंग की ओर से डांडिया खेला जाएगा। यह समारोह अग्रवाल सभा, महाराजा अग्रसेन चैरीटेबल, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, महाराजा अग्रसेन वैलफेयर ट्रस्ट, अग्रवाल हेल्पलाइन, अग्रवाल जन आयोग्य ट्रस्ट, अग्रवाल विकास ट्रस्ट, अग्र क्रांति मंच, अग्रवाल वैश्य समाज सभा पंचकूला मिलकर मना रही है।
पंचकूला, तीन अक्तूबर समस्त अग्रवाल समाज पंचकूला की ओर से सात से दस अक्तूबर तक महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष में कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। जयंती में विभिन्न संस्थाएं मिलकर मनाएंगी। आज विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने मेयर कुलभूषण गोयल के निवास पर पहुंचकर उन्हें कार्यक्रम की अध्यक्षता के लिए आमंत्रित किया। कुलभूषण गोयल ने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा, क्योंकि आठ संस्थाएं मिलकर पहली बार कार्यक्रम कर रही हैं। अग्रवाल सभा के संयोजक अमित जिंदल, सदस्य कुसुम कुमार गुप्ता ने बताया कि महाराजा अग्रसेन का पाँच हज़ार एक सौ पैंतालीसवां जयंती उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता मुख्यातिथि होंगे, मेयर कुलभूषण गोयल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। हरियाणा गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग विशेष अतिथि होंगे। महाराजा अग्रसेन चौक पर सात अक्तूबर को सुबह नौ बजे हवन व दस बजे ध्वजारोहण होगा और उसके बाद भंडारा होगा। नौ अक्तूबर को शोभा यात्रा सेक्टर सात मार्केट से शुरू होकर विभिन्न सेक्टरों से होकर सेक्टर सोलह भवन में संपन्न होगी। दस अक्तूबर को सेक्टर सोलह के अग्रवाल भवन में महाराजा अग्रेसन जयंती धूमधाम से मनाई जायेगी। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। तेजपाल गुप्ता और कुसुम कुमार गुप्ता ने बताया कि पचहत्तर वर्ष से ऊपर पाँच वरिष्ठ नागरिक जोकि समाज में अपना योगदान देते हुए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, को सम्मानित किया जाएगा। मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया जाएगा। सामाजिक कार्यों में जुटे स्टाफ को सम्मानित करेंगे। अग्रवाल महिला विंग की ओर से डांडिया खेला जाएगा। यह समारोह अग्रवाल सभा, महाराजा अग्रसेन चैरीटेबल, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, महाराजा अग्रसेन वैलफेयर ट्रस्ट, अग्रवाल हेल्पलाइन, अग्रवाल जन आयोग्य ट्रस्ट, अग्रवाल विकास ट्रस्ट, अग्र क्रांति मंच, अग्रवाल वैश्य समाज सभा पंचकूला मिलकर मना रही है।
Don't Miss! इस फ़िल्म ने ब्रिटने में पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. फ़िल्म ने पहले ही दिन 49 लाख पाउंड का कारोबार किया है. 'क्वांटम ऑफ़ सोलेस' नामक इस फ़िल्म में डेनियल क्रेग ने काम किया है. इस फ़िल्म ने 'हैरी पौटर एंड द गॉबलेट ऑफ़ फ़ायर' की ऑपनिंग रिकार्ड को तोड़ दिया है. इस फ़िल्म ने पहले ही दिन 40 लाख पाउंड का व्यपार किया था. फ़िल्म के रिलीज़ से पहले बुधवार को राजकुमार विलियम और हैरी लंदन में आयोजित विश्व प्रीमियर में शामिल हुए. ये फ़िल्म 2006 में ब्रिटेन की सबसे लोकप्रिय फ़िल्म के तौर पर सामने आई थी और इसने ब्रिटेन के बॉक्स ऑफ़िस पर पाँच करोड़ पाउंड का कारोबार किया था. जबकि जेम्स बाँड सिरीज़ की नई फ़िल्म पर आलोचकों की मिलीजुली प्रतिक्रिया आई है. फ़िल्म में बाँड अपनी प्रेमी के हत्यारों से बदला लेता है. डेली टेलिग्राफ़ में मार्क मोहन ने लिखा है, "फ़िल्म देखने वालों को डेनियल क्रेग ज़रूर प्रभावित करेंगे. उनका किरदार जुनून से भरा हुआ है लेकिन कुछ डायलोग बोर करने वाले हैं." टाइम्स में जेम्स क्रिस्टोफर ने लिखा है कि ये एक दिलचस्प फ़िल्म है और इसमें नए बॉंड के मुक़ाबले में कोई काम नहीं कर सका है.
Don't Miss! इस फ़िल्म ने ब्रिटने में पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. फ़िल्म ने पहले ही दिन उनचास लाख पाउंड का कारोबार किया है. 'क्वांटम ऑफ़ सोलेस' नामक इस फ़िल्म में डेनियल क्रेग ने काम किया है. इस फ़िल्म ने 'हैरी पौटर एंड द गॉबलेट ऑफ़ फ़ायर' की ऑपनिंग रिकार्ड को तोड़ दिया है. इस फ़िल्म ने पहले ही दिन चालीस लाख पाउंड का व्यपार किया था. फ़िल्म के रिलीज़ से पहले बुधवार को राजकुमार विलियम और हैरी लंदन में आयोजित विश्व प्रीमियर में शामिल हुए. ये फ़िल्म दो हज़ार छः में ब्रिटेन की सबसे लोकप्रिय फ़िल्म के तौर पर सामने आई थी और इसने ब्रिटेन के बॉक्स ऑफ़िस पर पाँच करोड़ पाउंड का कारोबार किया था. जबकि जेम्स बाँड सिरीज़ की नई फ़िल्म पर आलोचकों की मिलीजुली प्रतिक्रिया आई है. फ़िल्म में बाँड अपनी प्रेमी के हत्यारों से बदला लेता है. डेली टेलिग्राफ़ में मार्क मोहन ने लिखा है, "फ़िल्म देखने वालों को डेनियल क्रेग ज़रूर प्रभावित करेंगे. उनका किरदार जुनून से भरा हुआ है लेकिन कुछ डायलोग बोर करने वाले हैं." टाइम्स में जेम्स क्रिस्टोफर ने लिखा है कि ये एक दिलचस्प फ़िल्म है और इसमें नए बॉंड के मुक़ाबले में कोई काम नहीं कर सका है.
एंटरटेनमेंट डेस्क. इस हफ्ते यानि 11 अगस्त को आमिर खान और अक्षय कुमार की फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही हैं। जहां एक तरफ आमिर अपनी फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' लेकर आ रहे हैं, वहीं अक्षय अपनी फिल्म 'रक्षा बंधन' के साथ उनकी फिल्म से क्लैश करेंगे। इन दोनों ही फिल्मों के रिलीज होने के बाद अगले हफ्ते यानि 19 अगस्त को तापसी पन्नू अपनी फिल्म 'दोबारा' को बड़े परदे पर लेकर आएंगी। इन दिनों इस फिल्म के प्रमोशन में बिजी तापसी ने दोनों ही कलाकारों और उनकी फिल्मों पर तंज कसते हुए एक बड़ा बयान दिया है। हाल ही में फिल्म 'दोबारा' के प्रामोशन के दौरान तापसी पन्नू और फिल्म 'दोबारा' के निर्देशक अनुराग कश्यप से कई तरह के सवाल पूछे गए। इसी दौरान जब दोनों से पूछा गया कि वे आमिर खान और अक्षय कुमार की बायकॉट होती फिल्मों को किस तरह से देखते हैं? क्या उन्हें इसे लेकर डर नहीं लगता? इस पर जवाब देते हुए तापसी ने लोगों से अपील करते हुए कहा, 'प्लीज सभी लोग हमारी फिल्म 'दोबारा' का भी बायकॉट कीजिए। अगर आमिर खान और अक्षय कुमार बायकॉट हो सकते हैं तो मैं भी इस लीग में शामिल होना चाहती हूं। ' वहीं इस मामले पर अनुराग बोले, 'मैं चाहता हूं कि ट्विटर पर '#BoycottKashyap' भी ट्रेंड हो। ' बता दें कि इन दिनों सोशल मीडिया पर बॉलीवुड की हर दूसरी फिल्म का बायकॉट किया जा रहा है। इससे पहले रिलीज हुई अक्षय कुमार की 'सम्राट पृथ्वीराज' और रणबीर कपूर की 'शमशेरा' को भी इस बायकॉट से काफी नुकसान हुआ था। वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर #Boycottlaalsinghchaddha और #boycottrakshabandhan भी ट्रेंड कर रहा है। ऐसे में तापसी भी चाहती हैं कि उनकी फिल्में बायकॉट हों और इसके बारे में चर्चा की जाए। बात करें इस फिल्म की तो 'दोबारा' एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है, जिसका निर्देशन अनुराग कश्यप ने किया है। यह 19 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का निर्माण शोभा कपूर और एकता कपूर की कल्ट मूवीज द्वारा किया जा रहा है। यह स्पैनिश फिल्म 'मिरेज' की रीमेक है।
एंटरटेनमेंट डेस्क. इस हफ्ते यानि ग्यारह अगस्त को आमिर खान और अक्षय कुमार की फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही हैं। जहां एक तरफ आमिर अपनी फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' लेकर आ रहे हैं, वहीं अक्षय अपनी फिल्म 'रक्षा बंधन' के साथ उनकी फिल्म से क्लैश करेंगे। इन दोनों ही फिल्मों के रिलीज होने के बाद अगले हफ्ते यानि उन्नीस अगस्त को तापसी पन्नू अपनी फिल्म 'दोबारा' को बड़े परदे पर लेकर आएंगी। इन दिनों इस फिल्म के प्रमोशन में बिजी तापसी ने दोनों ही कलाकारों और उनकी फिल्मों पर तंज कसते हुए एक बड़ा बयान दिया है। हाल ही में फिल्म 'दोबारा' के प्रामोशन के दौरान तापसी पन्नू और फिल्म 'दोबारा' के निर्देशक अनुराग कश्यप से कई तरह के सवाल पूछे गए। इसी दौरान जब दोनों से पूछा गया कि वे आमिर खान और अक्षय कुमार की बायकॉट होती फिल्मों को किस तरह से देखते हैं? क्या उन्हें इसे लेकर डर नहीं लगता? इस पर जवाब देते हुए तापसी ने लोगों से अपील करते हुए कहा, 'प्लीज सभी लोग हमारी फिल्म 'दोबारा' का भी बायकॉट कीजिए। अगर आमिर खान और अक्षय कुमार बायकॉट हो सकते हैं तो मैं भी इस लीग में शामिल होना चाहती हूं। ' वहीं इस मामले पर अनुराग बोले, 'मैं चाहता हूं कि ट्विटर पर '#BoycottKashyap' भी ट्रेंड हो। ' बता दें कि इन दिनों सोशल मीडिया पर बॉलीवुड की हर दूसरी फिल्म का बायकॉट किया जा रहा है। इससे पहले रिलीज हुई अक्षय कुमार की 'सम्राट पृथ्वीराज' और रणबीर कपूर की 'शमशेरा' को भी इस बायकॉट से काफी नुकसान हुआ था। वहीं इन दिनों सोशल मीडिया पर #Boycottlaalsinghchaddha और #boycottrakshabandhan भी ट्रेंड कर रहा है। ऐसे में तापसी भी चाहती हैं कि उनकी फिल्में बायकॉट हों और इसके बारे में चर्चा की जाए। बात करें इस फिल्म की तो 'दोबारा' एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है, जिसका निर्देशन अनुराग कश्यप ने किया है। यह उन्नीस अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म का निर्माण शोभा कपूर और एकता कपूर की कल्ट मूवीज द्वारा किया जा रहा है। यह स्पैनिश फिल्म 'मिरेज' की रीमेक है।
वह हर तोसरे दिन कैथा और बेर खाता था । इस तरह एक महीना उसने गुजार दिया । दूसरे माह वह सूखे पत्ते और घास-फूस खाकर रहा । तीसरे माह में, नवे दिन सिर्फ पानी पीकर वह समाधि योग करता रहा। इसके बाद पंद्रहवें दिन सिर्फ वायु-भक्षण कर, श्वास रोककर ध्यान-योग द्वारा भगवान की साधना में लीन रहा । इस प्रकार चार माह बीत चुके थे । पाँचवें माह श्वास को भी जीतकर एक पैर पर खड़ा होकर वह स्थाणु की तरह रहने लगा । इस तरह ध्रुव की कठोर तपस्या से तीनों लोक डगमगाने लगे । ध्रुव जब एक पैर पर खड़ा होता था तो पृथ्वी उसके अंगूठे का दाब न सह सकती थी । देवता डर गये और भगवान की स्तुति करने लगे। भगवान विष्णु ने देवताओं को अभय दिया । ध्रुव की तपस्या सिद्ध हुई । उसके अपने अन्तर में भगवान विष्णु के दर्शन हुये । आँखें खोलीं तो सामने भी वही स्वरूप दिख पड़ा । तब हाथ जोड़कर भक्तिभाव से वह भगवान की स्तुति करने लगा। उसकी स्तुति से प्रसन्न हो भगवान ने कहा, 'वत्स ध्रुव, तुम धन्य हो । हे तपस्वि क्षत्रिय बालक, तुम्हारा कल्याण हो । मैंने तुम्हें अमर- स्थान दिया । वहाँ से ग्रह-नक्षत्र आदि के चक्र संबद्ध हैं। पर वह स्थान तुम राज्य के भोग के बाद प्राप्त करोगे । तुम्हारे पिता तुम्हें राज्य देकर वन गमन करेगे । तुम तिरसठ हजार वर्ष तक राज्य करोगे, पर तुम्हारी इंद्रियां सदैव तुम्हारे वश में रहेंगी । तुम्हारा भाई उत्तम शिकार के लिये जायेगा और लापता हो जायेगा । तुम्हारी विभाता सुरुचि उसकी खोज के लिये निकलकर उसके ध्यान में पागल हो अंततः दावाग्नि में प्रवेश करेगी ।' यह कहकर भगवान वासुदेव गरुड़ पर चढ़कर आकाश में अंतर्ध्यान हो गये । अपने इष्टदेव की आज्ञा को शिरोधार्य कर ध्रुव ने अपने पिता की राजधानी को लौटने का विचार किया । राजा उत्तानपाद को दूत के जरिये समाचार मिला कि ध्रुव आ रहा है । वह बडी धूमधान से उसके स्वागत की तैयारियां करने लगे। हाथी, घोड़े, रथ, पालकियाँ सजवाई, सेना साथ ली । एक पालकी पर रानी सुनीति और सुरुचि को बिठाया । शंख, दुदभि, वंशी - ध्वनि, वेद-पाठ आदि के मधुर स्वर गूंजने लगे । महाराज के रथ पर उत्तम भी था ।
वह हर तोसरे दिन कैथा और बेर खाता था । इस तरह एक महीना उसने गुजार दिया । दूसरे माह वह सूखे पत्ते और घास-फूस खाकर रहा । तीसरे माह में, नवे दिन सिर्फ पानी पीकर वह समाधि योग करता रहा। इसके बाद पंद्रहवें दिन सिर्फ वायु-भक्षण कर, श्वास रोककर ध्यान-योग द्वारा भगवान की साधना में लीन रहा । इस प्रकार चार माह बीत चुके थे । पाँचवें माह श्वास को भी जीतकर एक पैर पर खड़ा होकर वह स्थाणु की तरह रहने लगा । इस तरह ध्रुव की कठोर तपस्या से तीनों लोक डगमगाने लगे । ध्रुव जब एक पैर पर खड़ा होता था तो पृथ्वी उसके अंगूठे का दाब न सह सकती थी । देवता डर गये और भगवान की स्तुति करने लगे। भगवान विष्णु ने देवताओं को अभय दिया । ध्रुव की तपस्या सिद्ध हुई । उसके अपने अन्तर में भगवान विष्णु के दर्शन हुये । आँखें खोलीं तो सामने भी वही स्वरूप दिख पड़ा । तब हाथ जोड़कर भक्तिभाव से वह भगवान की स्तुति करने लगा। उसकी स्तुति से प्रसन्न हो भगवान ने कहा, 'वत्स ध्रुव, तुम धन्य हो । हे तपस्वि क्षत्रिय बालक, तुम्हारा कल्याण हो । मैंने तुम्हें अमर- स्थान दिया । वहाँ से ग्रह-नक्षत्र आदि के चक्र संबद्ध हैं। पर वह स्थान तुम राज्य के भोग के बाद प्राप्त करोगे । तुम्हारे पिता तुम्हें राज्य देकर वन गमन करेगे । तुम तिरसठ हजार वर्ष तक राज्य करोगे, पर तुम्हारी इंद्रियां सदैव तुम्हारे वश में रहेंगी । तुम्हारा भाई उत्तम शिकार के लिये जायेगा और लापता हो जायेगा । तुम्हारी विभाता सुरुचि उसकी खोज के लिये निकलकर उसके ध्यान में पागल हो अंततः दावाग्नि में प्रवेश करेगी ।' यह कहकर भगवान वासुदेव गरुड़ पर चढ़कर आकाश में अंतर्ध्यान हो गये । अपने इष्टदेव की आज्ञा को शिरोधार्य कर ध्रुव ने अपने पिता की राजधानी को लौटने का विचार किया । राजा उत्तानपाद को दूत के जरिये समाचार मिला कि ध्रुव आ रहा है । वह बडी धूमधान से उसके स्वागत की तैयारियां करने लगे। हाथी, घोड़े, रथ, पालकियाँ सजवाई, सेना साथ ली । एक पालकी पर रानी सुनीति और सुरुचि को बिठाया । शंख, दुदभि, वंशी - ध्वनि, वेद-पाठ आदि के मधुर स्वर गूंजने लगे । महाराज के रथ पर उत्तम भी था ।
गीता की राजविद्या जो मेरे सिवाय गुणोंकी अलग सत्ता मान लेता है, वह मोहित हो जाता है । परन्तु जो गुणोंसे मोहित न होकर अर्थात् ये गुण. भगवान् से ही होते हैं और भगवान् में ही लीन होते हैं - ऐसा. मानकर मेरे शरण होता है, वह गुणमयी मायाको तर जाता है । ऐसे मेरे शरण होनेवाले चार प्रकारके भक्त होते हैं - अर्थार्थी, आर्त, जिज्ञासु और ज्ञानी ( प्रेमी ) । ये सभी उदार हैं, पर ज्ञानी अर्थात् प्रेमी मेरेको अत्यन्त प्रिय है और मेरी आत्मा ही है (७ । १३-१८) - ऐसा कहकर 'ज्ञान' बताया । जिसको 'सब कुछ वासुदेव ही है; ऐसा अनुभव हो जाता है, वह महात्मा अत्यंत दुर्लभ है (७/१९) -ऐसा कहकर 'विज्ञान' बताया । मेरेको न मानकर जो कामनाओंके कारण देवताओंके शरण हो जाते हैं, उनको अन्तवाला फल ( जन्म-मरण ) मिलता है और जो मेरे शरण हो जाते हैं, उनको मैं मिल जाता हूँ । जो मेरेको अजअविनाशी नहीं जानते, उनके सामने मैं प्रकट नहीं होता। मैं भूत, भविष्य और वर्तमान - तीनों कालोंको और उनमें रहनेवाले सम्पूर्ण प्राणियोंको जानता हूँ, पर मेरेको कोई नहीं जानता। जो द्वन्द्वमोहसे मोहित हो जाते हैं, वे बार-बार जन्म-मरणको प्राप्त होते हैं । जो एक निश्चय करके मेरे भजनमें लग जाते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते तथा वे निर्द्वन्द्व हो जाते हैं ( ७ । २० - २८ ) - ऐसा कहकर 'ज्ञान' बताया । जो मेरा आश्रय लेते हैं, वे ब्रह्म, अध्यात्म, कर्म, अधिभूत, अधिदैव और अधियज्ञको जान जाते हैं अर्थात् चर-अचर सब कुछ मैं ही हूँ, ऐसा उनको अनुभव हो जाता है (७ । २९-३०)ऐसा कहकर 'विज्ञान' बताया । लोक २] 'यज्शात्वा नेह भूयोऽन्यज्ज्ञातव्यमवशिष्यते' ज्ञानको जानने के बाद जानना बाकी नहीं रहता । तात्पर्य है कि मेरे सिवाय संसारका मूल दूजा कोई नहीं है, केवल मैं ही हूँ - 'मत्तः परतरं मान्यत्किञ्चिदस्ति धनंजय' ( ७ १ ७ ) और तत्त्वसे सब कुछ वासुदेव ही है - 'वासुदेवः सर्वम्' ( ७ । १९ ), और कोई है ही नहीं - - ऐसा जान लेगा तो जानना बाकी कैसे रहेगा ? क्योंकि इसके सिवाय दूसरा कुछ जाननेयोग्य है ही नहीं । यदि एक परमात्माको न जानकर संसारकी बहुत सी विद्याओंको जान भी लिया तो वास्तव में कुछ नहीं जाना है, कोरा परिश्रम ही किया है । 'जानना कुछ बाकी नहीं रहता' - इसका तात्पर्य है कि इन्द्रियोंसे, मनसे, बुद्धिसे जो परमात्माको जानता है, वह वास्तव में पूर्ण-जानना नहीं है। कारण कि ये इन्द्रियाँ, मन और बुद्धि प्राकृत हैं, इस वास्ते ये प्रकृतिसे अतीत तत्त्वको नहीं जान सकते । स्वयं जब परमात्माके शरण हो जाता है, तब स्वयं ही परमात्माको जानता है । इस वास्ते परमात्माको स्वयंसे ही जाना जा सकता है, मनबुद्धि आदिसे नहीं । सम्बन्धभगवान्ने दूसरे श्लोक में यह बताया कि मैं विज्ञानसहित ज्ञानको सम्पूर्णता से कहूँगा, जिससे कुछ भी जानना बाकी नहीं रहता । जब जानना बाकी रहना ही नहीं तो फिर सब मनुष्य उस तत्त्वको क्यों नहीं जान लेते ? इसके उत्तर में अगला श्लोक कहते हैं ।
गीता की राजविद्या जो मेरे सिवाय गुणोंकी अलग सत्ता मान लेता है, वह मोहित हो जाता है । परन्तु जो गुणोंसे मोहित न होकर अर्थात् ये गुण. भगवान् से ही होते हैं और भगवान् में ही लीन होते हैं - ऐसा. मानकर मेरे शरण होता है, वह गुणमयी मायाको तर जाता है । ऐसे मेरे शरण होनेवाले चार प्रकारके भक्त होते हैं - अर्थार्थी, आर्त, जिज्ञासु और ज्ञानी । ये सभी उदार हैं, पर ज्ञानी अर्थात् प्रेमी मेरेको अत्यन्त प्रिय है और मेरी आत्मा ही है - ऐसा कहकर 'ज्ञान' बताया । जिसको 'सब कुछ वासुदेव ही है; ऐसा अनुभव हो जाता है, वह महात्मा अत्यंत दुर्लभ है -ऐसा कहकर 'विज्ञान' बताया । मेरेको न मानकर जो कामनाओंके कारण देवताओंके शरण हो जाते हैं, उनको अन्तवाला फल मिलता है और जो मेरे शरण हो जाते हैं, उनको मैं मिल जाता हूँ । जो मेरेको अजअविनाशी नहीं जानते, उनके सामने मैं प्रकट नहीं होता। मैं भूत, भविष्य और वर्तमान - तीनों कालोंको और उनमें रहनेवाले सम्पूर्ण प्राणियोंको जानता हूँ, पर मेरेको कोई नहीं जानता। जो द्वन्द्वमोहसे मोहित हो जाते हैं, वे बार-बार जन्म-मरणको प्राप्त होते हैं । जो एक निश्चय करके मेरे भजनमें लग जाते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते तथा वे निर्द्वन्द्व हो जाते हैं - ऐसा कहकर 'ज्ञान' बताया । जो मेरा आश्रय लेते हैं, वे ब्रह्म, अध्यात्म, कर्म, अधिभूत, अधिदैव और अधियज्ञको जान जाते हैं अर्थात् चर-अचर सब कुछ मैं ही हूँ, ऐसा उनको अनुभव हो जाता है ऐसा कहकर 'विज्ञान' बताया । लोक दो] 'यज्शात्वा नेह भूयोऽन्यज्ज्ञातव्यमवशिष्यते' ज्ञानको जानने के बाद जानना बाकी नहीं रहता । तात्पर्य है कि मेरे सिवाय संसारका मूल दूजा कोई नहीं है, केवल मैं ही हूँ - 'मत्तः परतरं मान्यत्किञ्चिदस्ति धनंजय' और तत्त्वसे सब कुछ वासुदेव ही है - 'वासुदेवः सर्वम्' , और कोई है ही नहीं - - ऐसा जान लेगा तो जानना बाकी कैसे रहेगा ? क्योंकि इसके सिवाय दूसरा कुछ जाननेयोग्य है ही नहीं । यदि एक परमात्माको न जानकर संसारकी बहुत सी विद्याओंको जान भी लिया तो वास्तव में कुछ नहीं जाना है, कोरा परिश्रम ही किया है । 'जानना कुछ बाकी नहीं रहता' - इसका तात्पर्य है कि इन्द्रियोंसे, मनसे, बुद्धिसे जो परमात्माको जानता है, वह वास्तव में पूर्ण-जानना नहीं है। कारण कि ये इन्द्रियाँ, मन और बुद्धि प्राकृत हैं, इस वास्ते ये प्रकृतिसे अतीत तत्त्वको नहीं जान सकते । स्वयं जब परमात्माके शरण हो जाता है, तब स्वयं ही परमात्माको जानता है । इस वास्ते परमात्माको स्वयंसे ही जाना जा सकता है, मनबुद्धि आदिसे नहीं । सम्बन्धभगवान्ने दूसरे श्लोक में यह बताया कि मैं विज्ञानसहित ज्ञानको सम्पूर्णता से कहूँगा, जिससे कुछ भी जानना बाकी नहीं रहता । जब जानना बाकी रहना ही नहीं तो फिर सब मनुष्य उस तत्त्वको क्यों नहीं जान लेते ? इसके उत्तर में अगला श्लोक कहते हैं ।
हाईकोर्ट ने काशीपुर के महुआखेड़ा गंज में मिनी बैंक में हुए तीन करोड़ के घोटाला मामले में दायर जनहित याचिका की सुनाई की। नैनीताल, जेएनएन : हाईकोर्ट ने काशीपुर के महुआखेड़ा गंज में मिनी बैंक में हुए तीन करोड़ के घोटाला मामले में दायर जनहित याचिका की सुनाई की। कोर्ट ने सोसायटी के एमडी को निर्देश दिए हैं कि वे सभी खाताधारकों को नोटिस जारी कर उनके खातों और काउंटर फाइलों की जांच करें कि कितना घोटाला हुआ है। उसकी रिपोर्ट 27 अप्रैल तक कोर्ट में पेश करें। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ में हुई। मामले के अनुसार अकरम अली निवासी महुआखेड़ा गंज काशीपुर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि महुआखेड़ा गंज दक्षिणी काशीपुर सेवा समिति ने एक मिनी बैंक खोला था जिसके इंचार्ज रईस अहमद ने खाताधारकों का करीब तीन करोड़ रुपए का घोटाला किया । वह खाताधारकों से पैसा लेकर उनके पासबुकों में तो इंट्री कर देता था परन्तु लेजर में नहीं चढ़ता था। जिसकी जांच रजिस्ट्रार सोसायटी द्वारा कराई गई और तीन करोड़ रुपए का घपला सामने आया। रईस अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई लेकिन पुलिस की मिलीभगत के कारण उसके खिलाफ एंटी करप्शन में मुकदमा दर्ज नहीं कर केस समाप्त कर दिया। जिसके खिलाफ अकरम अली ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस मामले की जांच रिजर्व बैंक व सीबीआई से कराने की मांग की है ।
हाईकोर्ट ने काशीपुर के महुआखेड़ा गंज में मिनी बैंक में हुए तीन करोड़ के घोटाला मामले में दायर जनहित याचिका की सुनाई की। नैनीताल, जेएनएन : हाईकोर्ट ने काशीपुर के महुआखेड़ा गंज में मिनी बैंक में हुए तीन करोड़ के घोटाला मामले में दायर जनहित याचिका की सुनाई की। कोर्ट ने सोसायटी के एमडी को निर्देश दिए हैं कि वे सभी खाताधारकों को नोटिस जारी कर उनके खातों और काउंटर फाइलों की जांच करें कि कितना घोटाला हुआ है। उसकी रिपोर्ट सत्ताईस अप्रैल तक कोर्ट में पेश करें। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ में हुई। मामले के अनुसार अकरम अली निवासी महुआखेड़ा गंज काशीपुर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि महुआखेड़ा गंज दक्षिणी काशीपुर सेवा समिति ने एक मिनी बैंक खोला था जिसके इंचार्ज रईस अहमद ने खाताधारकों का करीब तीन करोड़ रुपए का घोटाला किया । वह खाताधारकों से पैसा लेकर उनके पासबुकों में तो इंट्री कर देता था परन्तु लेजर में नहीं चढ़ता था। जिसकी जांच रजिस्ट्रार सोसायटी द्वारा कराई गई और तीन करोड़ रुपए का घपला सामने आया। रईस अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई लेकिन पुलिस की मिलीभगत के कारण उसके खिलाफ एंटी करप्शन में मुकदमा दर्ज नहीं कर केस समाप्त कर दिया। जिसके खिलाफ अकरम अली ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर इस मामले की जांच रिजर्व बैंक व सीबीआई से कराने की मांग की है ।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से शाम 4 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 349 दर्ज किया गया। एनसीआर के दूसरे शहरों के हालात भी बेहतर नहीं रहे। ग्रेटर नोएडा का सूचकांक 330, नोएडा का 312 व गुरुग्राम का 308 रिकार्ड किया। चारों शहरों की हवा बेहद खराब स्तर पर रही। पराली के धुएं की मात्रा बढ़ते ही शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की चादर घनी हो गई। गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा व गुरुग्राम की हवा इस सीजन में पहली बार बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई। चारों शहरों का सूचकांक 300 से ऊपर रिकार्ड किया गया। वहीं, दिल्ली व फरीदाबाद की हवा भी बेहद खराब की सीमा के नजदीक रही। दूसरी तरफ 360 के सूचकांक के साथ दिल्ली का शादीपुर में प्रदूषण सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। उधर, सफर का पूर्वानुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से रविवार से हवा की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से शाम 4 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 349 दर्ज किया गया। एनसीआर के दूसरे शहरों के हालात भी बेहतर नहीं रहे। ग्रेटर नोएडा का सूचकांक 330, नोएडा का 312 व गुरुग्राम का 308 रिकार्ड किया। चारों शहरों की हवा बेहद खराब स्तर पर रही। इस मामले में थोड़ी राहत दिल्ली व फरीदाबाद को मिली। इनका सूचकांक 300 के नीचे दर्ज किया गया। दूसरी तरफ दिल्ली का सबसे प्रदूषित इलाका शादीपुर रहा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 360 पहुंचने से यहां दिल्ली समेत एनसीआर के दूसरे शहरों से भी प्रदूषण ज्यादा था। इसके अलावा राजधानी के करीब दस इलाकों की हवा भी बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। हालांकि, दिल्ली का 24 घंटों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 284 दर्ज किया गया है। सफर इंडिया के मुताबिक, पराली के धुएं का स्तर शनिवार को अचानक से बढ़ गया। इसका सीधा असर वायु गुणवत्ता पर पड़ा। बीते 24 घंटे में पड़ोसी राज्यों में 1572 जगहों पर पराली जलने की घटनाएं दर्ज की गई। प्रदूषण में इनकी हिस्सेदारी 14 फीसदी दर्ज की गई है। गत दिनों पीएम 10 का स्तर दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण बना हुआ था, लेकिन इन दिनों पीएम 2. 5 का स्तर प्रदूषण में अधिक हिस्सेदारी दर्ज करा रहा है। मानक 100 व 60 की तुलना में शनिवार को पीएम 10 का स्तर 253 (खराब) व पीएम 2. 5 का स्तर 125 (बहुत खराब) माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया है। सफर के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं पराली के धुएं को दिल्ली-एनसीआर तक लाने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। इस वजह से हवा का स्तर खराब से बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है। अगले 24 घंटे में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश होने की स्थिति में हवा की गुणवत्ता में हल्का सुधार होने की संभावना है। उसके बाद अगले तीन दिनों तक हालात बेहतर रहने का अनुमान है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से शाम चार बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन सौ उनचास दर्ज किया गया। एनसीआर के दूसरे शहरों के हालात भी बेहतर नहीं रहे। ग्रेटर नोएडा का सूचकांक तीन सौ तीस, नोएडा का तीन सौ बारह व गुरुग्राम का तीन सौ आठ रिकार्ड किया। चारों शहरों की हवा बेहद खराब स्तर पर रही। पराली के धुएं की मात्रा बढ़ते ही शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की चादर घनी हो गई। गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, नोएडा व गुरुग्राम की हवा इस सीजन में पहली बार बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई। चारों शहरों का सूचकांक तीन सौ से ऊपर रिकार्ड किया गया। वहीं, दिल्ली व फरीदाबाद की हवा भी बेहद खराब की सीमा के नजदीक रही। दूसरी तरफ तीन सौ साठ के सूचकांक के साथ दिल्ली का शादीपुर में प्रदूषण सबसे ज्यादा दर्ज किया गया। उधर, सफर का पूर्वानुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से रविवार से हवा की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से शाम चार बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन सौ उनचास दर्ज किया गया। एनसीआर के दूसरे शहरों के हालात भी बेहतर नहीं रहे। ग्रेटर नोएडा का सूचकांक तीन सौ तीस, नोएडा का तीन सौ बारह व गुरुग्राम का तीन सौ आठ रिकार्ड किया। चारों शहरों की हवा बेहद खराब स्तर पर रही। इस मामले में थोड़ी राहत दिल्ली व फरीदाबाद को मिली। इनका सूचकांक तीन सौ के नीचे दर्ज किया गया। दूसरी तरफ दिल्ली का सबसे प्रदूषित इलाका शादीपुर रहा है। वायु गुणवत्ता सूचकांक तीन सौ साठ पहुंचने से यहां दिल्ली समेत एनसीआर के दूसरे शहरों से भी प्रदूषण ज्यादा था। इसके अलावा राजधानी के करीब दस इलाकों की हवा भी बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई। हालांकि, दिल्ली का चौबीस घंटाटों का वायु गुणवत्ता सूचकांक दो सौ चौरासी दर्ज किया गया है। सफर इंडिया के मुताबिक, पराली के धुएं का स्तर शनिवार को अचानक से बढ़ गया। इसका सीधा असर वायु गुणवत्ता पर पड़ा। बीते चौबीस घंटाटे में पड़ोसी राज्यों में एक हज़ार पाँच सौ बहत्तर जगहों पर पराली जलने की घटनाएं दर्ज की गई। प्रदूषण में इनकी हिस्सेदारी चौदह फीसदी दर्ज की गई है। गत दिनों पीएम दस का स्तर दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण बना हुआ था, लेकिन इन दिनों पीएम दो. पाँच का स्तर प्रदूषण में अधिक हिस्सेदारी दर्ज करा रहा है। मानक एक सौ व साठ की तुलना में शनिवार को पीएम दस का स्तर दो सौ तिरेपन व पीएम दो. पाँच का स्तर एक सौ पच्चीस माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया है। सफर के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं पराली के धुएं को दिल्ली-एनसीआर तक लाने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। इस वजह से हवा का स्तर खराब से बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है। अगले चौबीस घंटाटे में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश होने की स्थिति में हवा की गुणवत्ता में हल्का सुधार होने की संभावना है। उसके बाद अगले तीन दिनों तक हालात बेहतर रहने का अनुमान है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
ব উ আ ওহtr196 5 hordLirtactres चित्र 14.20 धूल - स्नान करती मुर्गियाँ पर पर्दे लगा कर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। कुक्कुट फार्म में पक्षी रोगों के संक्रमण के प्रति संवेदी होते हैं। यह रोग विषाणु तथा जीवाणु द्वारा हो सकते हैं। उन्हें हैजा तथा चिकन पॉक्स हो सकता है। रोग से पीड़ित होने पर पक्षी आलसी हो जाता है तथा खाना-पीना छोड़ देता है। लीख तथा किलनी जैसे बाह्य परजीवियों से बचने के लिए मुर्गियाँ धूल में नहाती हैं । इस धूल-स्नान के में लिए दड़बों में एक गड्ढा बना कर उसमें मिट्टी अथवा सूखी राख भर दी जाती है (चित्र 14.20)। अधिक अंडोत्पादन अथवा मांस के लिए अभिजनन अथवा संकरण तकनीक द्वारा कुक्कुटों की उन्नत नस्लों का विकास किया जाता है। हमारे देश में व्हाइट लेग हॉर्न, रोडे आइलेण्ड रेड, ILS - 82, B-77 का विकास किया जाता है। अधिक मांस (ब्रोलर्स) प्राप्त करने के लिए भी कुक्कुट पालन किया जाता है। मत्स्य पालन हमारे देश में मछली एक अन्य प्रमुख खाद्य स्रोत है। तटीय क्षेत्रों तथा नदियों के समीप रहने वाला विशाल जन समुदाय नियमित रूप से मछली का सेवन करता है। यह जंतु प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है। शार्क तथा कॉड जैसी मछलियों का तेल विटामिन D का समृद्ध स्रोत है। मछली का शुष्क रूप में तथा डिब्बा बंद खाद्य के रूप में भी उपयोग किया जाता है। मत्स्य आहार को कुक्कुट तथा मवेशियों के समृद्ध आहार के रूप में भी उपयोग किया जाता है। पूँछ, पंख एवम् हड्डियों जैसे मत्स्य अपशिष्ट का उपयोग उर्वरक तथा आसंजक पदार्थों के उत्पादन में किया जाता है। जल स्रोत के आधार पर मछलियों को अलवण तथा लवण जल के दो वर्गों में बाँटा गया है। तालाब, झील, नहर एवम् नदी में पाई जाने वाली मछली को अलवण जल मछली (कटला, लोबियो, रोहू) कहते हैं। जबकि सागर/ महासागर/ मुहानों में पाई जाने वाली मछलियां लवण जल मछली (टूना तथा कॉड) कहलाती हैं। समुद्री मछली को ट्रॉलर नामक यांत्रिक नाव की सहायता से पकड़ते हैं। बड़े स्तर पर मछली पालना, मत्स्य पालन कहलाता है। मछली फार्म अथवा मत्स्य स्फुटन तालाब को नर्सरी कहते हैं । परंतु कुछ तालाबों को मत्स्य उत्पादन तालाब के रूप में विकसित किया जाता है। बहते हुए जल के उत्पादन - तालाब में अंडों का 100% स्फुटन होता है। स्फुटन के फलस्वरूप छोटी मछलियाँ विकसित हो जाती हैं। इन्हें संवर्धन तालाब में स्थानांतरित कर देते हैं जहाँ उन्हें उचित मत्स्य आहार दिया जाता है। इनमें प्रकाश एवम् ऑक्सीजन की भी पर्याप्त व्यवस्था होती है। समय-समय पर मछली पकड़ी जाती हैं। प्रजनन तथा संकरण विधि द्वारा कम अवधि में तीव्रता से वृद्धि करने वाली नस्लों का विकास किया गया है। hti tam मौन पालन (मधुमक्खी पालन) कीट जैसे छोटे जंतुओं से भी हमें आहार प्राप्त होता है। हमें मधुमक्खी से शहद प्राप्त होता है। शहद का खाद्य के रूप में नियमित उपयोग नहीं होता। अधिकतर इसका उपयोग सर्दियों के मौसम में करते हैं। इसका उपयोग दवा के रूप में भी किया जाता है। शहद में जल, शर्करा, खनिज एवम् एन्जाइम पाए जाते हैं। यह सुपाच्य होता है। इसका उपयोग खाँसी जैसे कुछ सामान्य रोगों में भी किया जाता है। चित्र 14.21 वृक्ष तथा ऊँचे भवन पर मधु मक्खी के छत्ते आमतौर पर मधुमक्खियाँ वनों में पाई जाती हैं। इनके रहने के स्थान को छत्ता कहते हैं। यह अपना छत्ता ऊँची इमारतों तथा ऊँचे-ऊँचे वृक्षों पर बनाती हैं (चित्र 14.21)। for eyebaten Ky मधुमक्खियों को विशेष बक्सों में भी पाला जाता है। इसे मौन पालन कहते हैं। मधुमक्खियाँ बॉक्स के फ्रेम में मधुकोश का निर्माण करती हैं। इनकी सारी गतिविधियाँ बक्से तक ही सीमित रहती हैं। रानी मक्खी अंडे देती है जिनका लारवा के रूप में विकास होता है। लारवा प्यूपा बनाते हैं। लारवा तथा प्यूपा दोनों ही की देखभाल श्रमिक मक्खी करती है। मधुमक्खी फूलों का पराग चूस कर उसे मधु ( शहद) में परिवर्तित कर देती हैं। शहद निकालने का कार्य मशीनों द्वारा किया जाता है (चित्र 14.22)। चित्र 14.22 शहद निकालने की मशीन मशीन द्वारा शहद निकालने के बाद उसे वायु रोधी साफ बोतल में संग्रहित करते हैं । इसके उपोत्पाद के रूप में मधुमक्खी का मोम भी प्राप्त होता है। मौन पालन के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। खादी ग्रामोद्योग कमीशन तथा कृषि विश्वविद्यालय किसानों को मौन पालन का कार्य अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। मधु (शहद) में कभी-कभी चीनी तथा गुड़ की मिलावट की जाती है। एक सरल परीक्षण द्वारा इसकी पहचान की जा सकती है। क्रियाकलाप 8 पानी से भरा एक गिलास लीजिए। इसमें शहद की दो बूँदें डालिए। यदि गिलास के पानी में शहद का एक पतला तार सा बनता शुद्ध शहद अपमिश्रित ह चित्र 14.23 शहद की शुद्धता का परीक्षण जाता है, तो यह शुद्ध है। मिलावटी शहद द्वारा तार नहीं बनता क्योंकि चीनी अथवा गुड़ जल में घुल जाते हैं (चित्र 14.23 ) । आजकल किसानों ने भी मौन पालन को अपनाया है। किसानों द्वारा मौन पालन अपनाने से शहद के उत्पादन में वृद्धि हुई है। आपने जाना कि फसलों एवम् जंतुओं का खाद्यान्न प्राप्त करने हेतु बड़े स्तर पर किस प्रकार उत्पादन करते हैं। फसल, फसल उत्पाद, खरीफ फसलें, रबी फसलें, कृषि पद्धतियां, जुताई मढ़ाई, ढेले, पटला, बीज-वेधक, बुआई, पौधशाला, प्रतिरोपण, सिंचाई, खरपतवार, खरपतवार नाशी, पीड़क, पीड़कनाशी, जैव पीड़कनाशी, परती, पटेला, कंबाइन - मशीन, बिन, फसल उपज, फसल समुन्नति, अभिजनन, किस्म, विपुंषीकरण, पशु-पालन, डेयरी, दुधारू पशु, रूक्षांश, सान्द्रचारा, पशुआहार, छंटाई, प्राकृतिक स्फुटन, ऊष्मायन काल, बूडी मुर्गी, मधुछत्ता, मधुकोश, मौन पालन, शहद निकालने की मशीन। अपनी विशाल जनसंख्या को पर्याप्त आहार प्रदान के लिए हमें कुछ कृषि पद्धतियों को अपनाना पड़ता है। उगाए जाने वाले एक ही प्रकार ( किस्म) के पौधे फसल कहलाते हैं । ऋतु के अनुसार फसलें खरीफ तथा रबी फसलें कहलाती हैं। सिंचाई, जुताई तथा गुड़ाई द्वारा मिट्टी तैयार करना आवश्यक है। इसके लिए हल तथा पाटल (पटरे) का उपयोग करते हैं। [I] बीज को निर्धारित दूरी एवम् गहराई में बोने से उपज अच्छी होती है। स्वस्थ बीजों का चयन करने के उपरांत उन्हें बोते हैं। बुआई हाथों अथवा बीज - वेधक की सहायता से की जाती है। [ सिंचाई विभिन्न स्रोतों से की जाती है। सिंचाई का समय तथा आवृत्ति, मिट्टी के स्वभाव एवम् फसल की किस्म पर निर्भर करता है । [] मिट्टी को पोषकों के पुनः पूरण की आवश्यकता होती है जिसके लिए खाद के रूप में कार्बनिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। उर्वरक द्वारा इसका संवर्धन करते हैं। नई किस्मों के उपयोग के साथ-साथ उर्वरकों के उपयोग में भी अत्यधिक वृद्धि हुई है। कार्बनिक खाद के उपयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए । [] प्रकाश, पोषकों एवम् जल के लिए खरपतवार फसल से प्रतियोगिता करते हैं। फसल की उचित वृद्धि के लिए खरपतवार को हटाना आवश्यक है। कुछ रसायनों के उपयोग से भी खरपतवार नियंत्रण किया जाता है। जिन्हें खरपतवारनाशी कहते हैं। [] फसल की कटाई एवम् मढ़ाई हाथों द्वारा अथवा मशीनों द्वारा जिन्हें कंबाइन कहते हैं, की जाती है। फसल उपज का कुछ भाग किसान अपने उपयोग के लिए रख लेता है। शेष भाग बाजार में बेच दिया जाता है। बड़े स्तर पर खाद्यान्न का भण्डारण बड़े गोदामों एवम् साइलों में किया जाता है। [D] वांछित लक्षणों वाली समुन्नत किस्में संकरण द्वारा प्राप्त की जाती हैं। [ दूध, अंडे एवम् मांस जैसे प्रमुख खाद्य पदार्थ प्राप्त करने के लिए गाय, भैंस, कुक्कुट तथा मत्स्य जैसे जंतुओं को पालते हैं। पालतू पशुओं को समुचित आहार, आवास, देखभाल तथा रोगों से सुरक्षा की आवश्यकता होती है। पशुओं से प्राप्त खाद्य पदार्थों का उत्पादन पशुपालन की उचित पद्धतियों तथा संकरण द्वारा नस्ल सुधार करके बढ़ाया जा सकता है। [ मधुमक्खी जैसे छोटे जंतुओं को भी शहद जैसे उपयोगी पदार्थ प्राप्त करने के लिए पालते हैं।
ব উ আ ওহtrएक सौ छियानवे पाँच hordLirtactres चित्र चौदह.बीस धूल - स्नान करती मुर्गियाँ पर पर्दे लगा कर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। कुक्कुट फार्म में पक्षी रोगों के संक्रमण के प्रति संवेदी होते हैं। यह रोग विषाणु तथा जीवाणु द्वारा हो सकते हैं। उन्हें हैजा तथा चिकन पॉक्स हो सकता है। रोग से पीड़ित होने पर पक्षी आलसी हो जाता है तथा खाना-पीना छोड़ देता है। लीख तथा किलनी जैसे बाह्य परजीवियों से बचने के लिए मुर्गियाँ धूल में नहाती हैं । इस धूल-स्नान के में लिए दड़बों में एक गड्ढा बना कर उसमें मिट्टी अथवा सूखी राख भर दी जाती है । अधिक अंडोत्पादन अथवा मांस के लिए अभिजनन अथवा संकरण तकनीक द्वारा कुक्कुटों की उन्नत नस्लों का विकास किया जाता है। हमारे देश में व्हाइट लेग हॉर्न, रोडे आइलेण्ड रेड, ILS - बयासी, B-सतहत्तर का विकास किया जाता है। अधिक मांस प्राप्त करने के लिए भी कुक्कुट पालन किया जाता है। मत्स्य पालन हमारे देश में मछली एक अन्य प्रमुख खाद्य स्रोत है। तटीय क्षेत्रों तथा नदियों के समीप रहने वाला विशाल जन समुदाय नियमित रूप से मछली का सेवन करता है। यह जंतु प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत है। शार्क तथा कॉड जैसी मछलियों का तेल विटामिन D का समृद्ध स्रोत है। मछली का शुष्क रूप में तथा डिब्बा बंद खाद्य के रूप में भी उपयोग किया जाता है। मत्स्य आहार को कुक्कुट तथा मवेशियों के समृद्ध आहार के रूप में भी उपयोग किया जाता है। पूँछ, पंख एवम् हड्डियों जैसे मत्स्य अपशिष्ट का उपयोग उर्वरक तथा आसंजक पदार्थों के उत्पादन में किया जाता है। जल स्रोत के आधार पर मछलियों को अलवण तथा लवण जल के दो वर्गों में बाँटा गया है। तालाब, झील, नहर एवम् नदी में पाई जाने वाली मछली को अलवण जल मछली कहते हैं। जबकि सागर/ महासागर/ मुहानों में पाई जाने वाली मछलियां लवण जल मछली कहलाती हैं। समुद्री मछली को ट्रॉलर नामक यांत्रिक नाव की सहायता से पकड़ते हैं। बड़े स्तर पर मछली पालना, मत्स्य पालन कहलाता है। मछली फार्म अथवा मत्स्य स्फुटन तालाब को नर्सरी कहते हैं । परंतु कुछ तालाबों को मत्स्य उत्पादन तालाब के रूप में विकसित किया जाता है। बहते हुए जल के उत्पादन - तालाब में अंडों का एक सौ% स्फुटन होता है। स्फुटन के फलस्वरूप छोटी मछलियाँ विकसित हो जाती हैं। इन्हें संवर्धन तालाब में स्थानांतरित कर देते हैं जहाँ उन्हें उचित मत्स्य आहार दिया जाता है। इनमें प्रकाश एवम् ऑक्सीजन की भी पर्याप्त व्यवस्था होती है। समय-समय पर मछली पकड़ी जाती हैं। प्रजनन तथा संकरण विधि द्वारा कम अवधि में तीव्रता से वृद्धि करने वाली नस्लों का विकास किया गया है। hti tam मौन पालन कीट जैसे छोटे जंतुओं से भी हमें आहार प्राप्त होता है। हमें मधुमक्खी से शहद प्राप्त होता है। शहद का खाद्य के रूप में नियमित उपयोग नहीं होता। अधिकतर इसका उपयोग सर्दियों के मौसम में करते हैं। इसका उपयोग दवा के रूप में भी किया जाता है। शहद में जल, शर्करा, खनिज एवम् एन्जाइम पाए जाते हैं। यह सुपाच्य होता है। इसका उपयोग खाँसी जैसे कुछ सामान्य रोगों में भी किया जाता है। चित्र चौदह.इक्कीस वृक्ष तथा ऊँचे भवन पर मधु मक्खी के छत्ते आमतौर पर मधुमक्खियाँ वनों में पाई जाती हैं। इनके रहने के स्थान को छत्ता कहते हैं। यह अपना छत्ता ऊँची इमारतों तथा ऊँचे-ऊँचे वृक्षों पर बनाती हैं । for eyebaten Ky मधुमक्खियों को विशेष बक्सों में भी पाला जाता है। इसे मौन पालन कहते हैं। मधुमक्खियाँ बॉक्स के फ्रेम में मधुकोश का निर्माण करती हैं। इनकी सारी गतिविधियाँ बक्से तक ही सीमित रहती हैं। रानी मक्खी अंडे देती है जिनका लारवा के रूप में विकास होता है। लारवा प्यूपा बनाते हैं। लारवा तथा प्यूपा दोनों ही की देखभाल श्रमिक मक्खी करती है। मधुमक्खी फूलों का पराग चूस कर उसे मधु में परिवर्तित कर देती हैं। शहद निकालने का कार्य मशीनों द्वारा किया जाता है । चित्र चौदह.बाईस शहद निकालने की मशीन मशीन द्वारा शहद निकालने के बाद उसे वायु रोधी साफ बोतल में संग्रहित करते हैं । इसके उपोत्पाद के रूप में मधुमक्खी का मोम भी प्राप्त होता है। मौन पालन के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। खादी ग्रामोद्योग कमीशन तथा कृषि विश्वविद्यालय किसानों को मौन पालन का कार्य अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। मधु में कभी-कभी चीनी तथा गुड़ की मिलावट की जाती है। एक सरल परीक्षण द्वारा इसकी पहचान की जा सकती है। क्रियाकलाप आठ पानी से भरा एक गिलास लीजिए। इसमें शहद की दो बूँदें डालिए। यदि गिलास के पानी में शहद का एक पतला तार सा बनता शुद्ध शहद अपमिश्रित ह चित्र चौदह.तेईस शहद की शुद्धता का परीक्षण जाता है, तो यह शुद्ध है। मिलावटी शहद द्वारा तार नहीं बनता क्योंकि चीनी अथवा गुड़ जल में घुल जाते हैं । आजकल किसानों ने भी मौन पालन को अपनाया है। किसानों द्वारा मौन पालन अपनाने से शहद के उत्पादन में वृद्धि हुई है। आपने जाना कि फसलों एवम् जंतुओं का खाद्यान्न प्राप्त करने हेतु बड़े स्तर पर किस प्रकार उत्पादन करते हैं। फसल, फसल उत्पाद, खरीफ फसलें, रबी फसलें, कृषि पद्धतियां, जुताई मढ़ाई, ढेले, पटला, बीज-वेधक, बुआई, पौधशाला, प्रतिरोपण, सिंचाई, खरपतवार, खरपतवार नाशी, पीड़क, पीड़कनाशी, जैव पीड़कनाशी, परती, पटेला, कंबाइन - मशीन, बिन, फसल उपज, फसल समुन्नति, अभिजनन, किस्म, विपुंषीकरण, पशु-पालन, डेयरी, दुधारू पशु, रूक्षांश, सान्द्रचारा, पशुआहार, छंटाई, प्राकृतिक स्फुटन, ऊष्मायन काल, बूडी मुर्गी, मधुछत्ता, मधुकोश, मौन पालन, शहद निकालने की मशीन। अपनी विशाल जनसंख्या को पर्याप्त आहार प्रदान के लिए हमें कुछ कृषि पद्धतियों को अपनाना पड़ता है। उगाए जाने वाले एक ही प्रकार के पौधे फसल कहलाते हैं । ऋतु के अनुसार फसलें खरीफ तथा रबी फसलें कहलाती हैं। सिंचाई, जुताई तथा गुड़ाई द्वारा मिट्टी तैयार करना आवश्यक है। इसके लिए हल तथा पाटल का उपयोग करते हैं। [I] बीज को निर्धारित दूरी एवम् गहराई में बोने से उपज अच्छी होती है। स्वस्थ बीजों का चयन करने के उपरांत उन्हें बोते हैं। बुआई हाथों अथवा बीज - वेधक की सहायता से की जाती है। [ सिंचाई विभिन्न स्रोतों से की जाती है। सिंचाई का समय तथा आवृत्ति, मिट्टी के स्वभाव एवम् फसल की किस्म पर निर्भर करता है । [] मिट्टी को पोषकों के पुनः पूरण की आवश्यकता होती है जिसके लिए खाद के रूप में कार्बनिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। उर्वरक द्वारा इसका संवर्धन करते हैं। नई किस्मों के उपयोग के साथ-साथ उर्वरकों के उपयोग में भी अत्यधिक वृद्धि हुई है। कार्बनिक खाद के उपयोग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए । [] प्रकाश, पोषकों एवम् जल के लिए खरपतवार फसल से प्रतियोगिता करते हैं। फसल की उचित वृद्धि के लिए खरपतवार को हटाना आवश्यक है। कुछ रसायनों के उपयोग से भी खरपतवार नियंत्रण किया जाता है। जिन्हें खरपतवारनाशी कहते हैं। [] फसल की कटाई एवम् मढ़ाई हाथों द्वारा अथवा मशीनों द्वारा जिन्हें कंबाइन कहते हैं, की जाती है। फसल उपज का कुछ भाग किसान अपने उपयोग के लिए रख लेता है। शेष भाग बाजार में बेच दिया जाता है। बड़े स्तर पर खाद्यान्न का भण्डारण बड़े गोदामों एवम् साइलों में किया जाता है। [D] वांछित लक्षणों वाली समुन्नत किस्में संकरण द्वारा प्राप्त की जाती हैं। [ दूध, अंडे एवम् मांस जैसे प्रमुख खाद्य पदार्थ प्राप्त करने के लिए गाय, भैंस, कुक्कुट तथा मत्स्य जैसे जंतुओं को पालते हैं। पालतू पशुओं को समुचित आहार, आवास, देखभाल तथा रोगों से सुरक्षा की आवश्यकता होती है। पशुओं से प्राप्त खाद्य पदार्थों का उत्पादन पशुपालन की उचित पद्धतियों तथा संकरण द्वारा नस्ल सुधार करके बढ़ाया जा सकता है। [ मधुमक्खी जैसे छोटे जंतुओं को भी शहद जैसे उपयोगी पदार्थ प्राप्त करने के लिए पालते हैं।
एनएच 57 पर भपटियाही बाजार के पास साइकिल से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बनैनिया पंचायत के वार्ड 15 निवासी बालकिशुन साह 65 साल साइकिल पर सवार होकर भपटियाही बाजार आ रहा था। अचानक साइकिल से गिरकर बालकिशुन शाह की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बालकिशुन साह को सीएचसी भपटियाही में भर्ती कराया। डॉक्टर मो. अमजद ने बालकिशुन शाह को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने कहा कि हार्ट अटैक से बालकिशुन की मौत हो गई। मृतक बनैनिया पंचायत से विस्थापित होकर मुरली पंचायत के वार्ड 1 में अपना घर बनाकर रह रहा था। घटना की सूचना पर भपटियाही थाना पुलिस ने मृतक बालकिशुन साह के लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रहा था। लेकिन मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। प्रभारी थाना अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि परिजनों ने मृतक के लाश को पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया जिसके बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। घटना को लेकर मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
एनएच सत्तावन पर भपटियाही बाजार के पास साइकिल से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बनैनिया पंचायत के वार्ड पंद्रह निवासी बालकिशुन साह पैंसठ साल साइकिल पर सवार होकर भपटियाही बाजार आ रहा था। अचानक साइकिल से गिरकर बालकिशुन शाह की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने बालकिशुन साह को सीएचसी भपटियाही में भर्ती कराया। डॉक्टर मो. अमजद ने बालकिशुन शाह को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने कहा कि हार्ट अटैक से बालकिशुन की मौत हो गई। मृतक बनैनिया पंचायत से विस्थापित होकर मुरली पंचायत के वार्ड एक में अपना घर बनाकर रह रहा था। घटना की सूचना पर भपटियाही थाना पुलिस ने मृतक बालकिशुन साह के लाश को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रहा था। लेकिन मृतक के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। प्रभारी थाना अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि परिजनों ने मृतक के लाश को पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया जिसके बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। घटना को लेकर मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
सुंदरनगर - जिला भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा सुंदरनगर के प्रधान आफताब मोहम्मद ने अपनी जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। मंगलवार को सुंदरनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी देते आफताब मोहम्मद ने बताया अपनी कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष के पद पर धर्मपुर के संजीव खान, सरकाघाट के बशीर मोहम्मद को करसोग के सुल्तान मोहम्मद और सुंदरनगर के लियाकत अली को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सुंदरनगर के मोहम्मद अकरम और नाचन के नजीर हुसैन राणा को महामंत्री नियुक्त किया गया है। सचिव के पद पर नाचन के फारुख मांडा, करसोग के इजराइल मोहम्मद, नाचन के सुखविंद्र सिंह व सुंदरनगर के इमरान खान को नियुक्त किया गया है। नाचन के शौकत अली को कोषाध्यक्ष और रसीद मोहम्मद को मिडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने बताया कार्यकारिणी सदस्यों में सुंदरनगर से शाहबाज खान, तनवीर मोहम्मद, महबूब अख्तर व सलीम मोहम्मद को, करसोग से इबरुदीन, कासिमदीन, गुलजार मोहम्मद व सुलमान खान को, धर्मपुर के परवेज खान, जाकिर खान, शब्बीर खान व जमीर खान को, सरकाघाट से रोजदीन व लतीफ मोहम्मद को, नाचन से हमीद मोहम्मद, रफीक मोहम्मद, अमजद खान और मोहम्मद अली को नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया सुंदरनगर जिला के पांचों मंडलों के अध्यक्ष भी नियुक्त कर दिए गए है, जिसमें सुंदरनगर में शकील मोहम्मद को अल्पसंख्यक मोर्चा के मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
सुंदरनगर - जिला भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा सुंदरनगर के प्रधान आफताब मोहम्मद ने अपनी जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। मंगलवार को सुंदरनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी देते आफताब मोहम्मद ने बताया अपनी कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष के पद पर धर्मपुर के संजीव खान, सरकाघाट के बशीर मोहम्मद को करसोग के सुल्तान मोहम्मद और सुंदरनगर के लियाकत अली को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सुंदरनगर के मोहम्मद अकरम और नाचन के नजीर हुसैन राणा को महामंत्री नियुक्त किया गया है। सचिव के पद पर नाचन के फारुख मांडा, करसोग के इजराइल मोहम्मद, नाचन के सुखविंद्र सिंह व सुंदरनगर के इमरान खान को नियुक्त किया गया है। नाचन के शौकत अली को कोषाध्यक्ष और रसीद मोहम्मद को मिडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। उन्होंने बताया कार्यकारिणी सदस्यों में सुंदरनगर से शाहबाज खान, तनवीर मोहम्मद, महबूब अख्तर व सलीम मोहम्मद को, करसोग से इबरुदीन, कासिमदीन, गुलजार मोहम्मद व सुलमान खान को, धर्मपुर के परवेज खान, जाकिर खान, शब्बीर खान व जमीर खान को, सरकाघाट से रोजदीन व लतीफ मोहम्मद को, नाचन से हमीद मोहम्मद, रफीक मोहम्मद, अमजद खान और मोहम्मद अली को नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया सुंदरनगर जिला के पांचों मंडलों के अध्यक्ष भी नियुक्त कर दिए गए है, जिसमें सुंदरनगर में शकील मोहम्मद को अल्पसंख्यक मोर्चा के मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को नया संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। ये संसद भवन पुरानी इमारत से काफी अलग है। पुराने लोकसभा भवन में 590 लोगों की सीटिंग कैपेसिटी है। वहीं नए भवन के लोकसभा में 888 सांसद बैठ सकते हैं। पुराने संसद भवन के राज्यसभा में 280 की सीटिंग कैपेसिटी है। वहीं नए भवन में 384 राज्यसभा सांसद बैठ पाएंगे। पुराने संसद भवन की आकृति गोलाकार है, जबकि नए संसद भवन को तिकोना आकार में बनाया गया है। पुराने संसद भवन में अभी भी कार्यवाही पुराने तरीके से ही होती है, जबकि नए संसद भवन में ऑडियो विजुअल सिस्टम, डाटा नेटवर्क फैसिलिटी का ध्यान रखा गया है। अभी संसद की संयुक्त बैठक सेंट्रल हॉल में होती है, जबकि नए संसद भवन के लोकसभा में ही 1272 सदस्य बैठ सकेंगे। पुराना संसद भवन 1927 में बनकर तैयार हुआ था और इसमें तब 83 लाख का खर्च आया था, जबकि नए में 971 करोड़ की लागत आई है। Thanks For Reading!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अट्ठाईस मई को नया संसद भवन का उद्घाटन करेंगे। ये संसद भवन पुरानी इमारत से काफी अलग है। पुराने लोकसभा भवन में पाँच सौ नब्बे लोगों की सीटिंग कैपेसिटी है। वहीं नए भवन के लोकसभा में आठ सौ अठासी सांसद बैठ सकते हैं। पुराने संसद भवन के राज्यसभा में दो सौ अस्सी की सीटिंग कैपेसिटी है। वहीं नए भवन में तीन सौ चौरासी राज्यसभा सांसद बैठ पाएंगे। पुराने संसद भवन की आकृति गोलाकार है, जबकि नए संसद भवन को तिकोना आकार में बनाया गया है। पुराने संसद भवन में अभी भी कार्यवाही पुराने तरीके से ही होती है, जबकि नए संसद भवन में ऑडियो विजुअल सिस्टम, डाटा नेटवर्क फैसिलिटी का ध्यान रखा गया है। अभी संसद की संयुक्त बैठक सेंट्रल हॉल में होती है, जबकि नए संसद भवन के लोकसभा में ही एक हज़ार दो सौ बहत्तर सदस्य बैठ सकेंगे। पुराना संसद भवन एक हज़ार नौ सौ सत्ताईस में बनकर तैयार हुआ था और इसमें तब तिरासी लाख का खर्च आया था, जबकि नए में नौ सौ इकहत्तर करोड़ की लागत आई है। Thanks For Reading!
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चोरों ने नाले के रास्ते 10 फीट लंबी सुरंग खोदी और एक दुकान में प्रवेश कर लाखों के आभूषण चोरी कर लिए। ज्वैलरी शोरूम के मालिक मंगलवार को दुकान खोलने पहुंचे तो देखा कि एक सुरंग नाले से होते हुए उनके दुकान में आई है। दुकान से लाखों का माल गायब था। पुलिस के मुताबिक, चोरों ने नाले की कमजोर चारदीवारी से रास्ता बनाया था। आभूषणों की कीमत की गणना अभी नहीं हो सकी।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चोरों ने नाले के रास्ते दस फीट लंबी सुरंग खोदी और एक दुकान में प्रवेश कर लाखों के आभूषण चोरी कर लिए। ज्वैलरी शोरूम के मालिक मंगलवार को दुकान खोलने पहुंचे तो देखा कि एक सुरंग नाले से होते हुए उनके दुकान में आई है। दुकान से लाखों का माल गायब था। पुलिस के मुताबिक, चोरों ने नाले की कमजोर चारदीवारी से रास्ता बनाया था। आभूषणों की कीमत की गणना अभी नहीं हो सकी।
काला हिरण शिकार मामले में आरोपी फिल्म एक्टर सलमान खान ने जिला एवं सेशन कोर्ट में चल रहे तीन मामलों को हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की अपील की। सलमान की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश विजय विश्नोई ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अब इस अपील पर सुनवाई हाईकोर्ट के दूसरे न्यायाधीश करेंगे। यदि सलमान से जुड़े मामले हाईकोर्ट में पहुंच जाते हैं, तो इन मामलों का निस्तारण तेजी से हो सकेगा। सलमान खान की ओर से उनके वकील हस्तीमल सारस्वत ने आज यानी 3 मार्च को हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। उनकी तरफ से कहा गया कि काला हिरण शिकार मामले में सैफअली खान, नीलम, तब्बू और सोनाली को ट्रायल कोर्ट से बरी किए जाने पर राज्य सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है। सलमान से जुड़े तीनों मामले इससे जुड़े हैं। ऐसे में एक ही प्रकृति के मामलों की एक साथ सुनवाई बेहतर रहेगी। न्यायाधीश विजय विश्नोई ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। अब इसे दूसरे न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा। वकील सारस्वत ने बताया कि सेशन कोर्ट में सलमान ने काला हिरण शिकार प्रकरण में सुनाई गई पांच साल की सजा को चुनौती दे रखी है। वहीं आर्म्स एक्ट में सलमान को बरी किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार ने चुनौती दे रखी है। एक अन्य याचिका पूनमचंद विश्नोई ने नीलम, तब्बू, सोनाली व सैफ अली के खिलाफ दायर कर रखी है। जबकि इसी मामले में सैफ अली, नीलम, तब्बू व सोनाली को बरी किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार की याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है। चारों मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं। ऐसे में चारों मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में होने से समय की बचत हो सकेगी। ट्रायल कोर्ट ने भवाद में हिरण शिकार मामले में सलमान को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई थी। इस मामले को भी इसी तरह हाईकोर्ट में स्थानान्तरित किया जा चुका है। जोधपुर पुलिस ने सलमान खान व अन्य के खिलाफ 2 अक्टूबर 1998 को हिरण शिकार का मामला दर्ज किया। सलमान के खिलाफ हिरण शिकार का मामला विश्नोई समुदाय की तरफ से दर्ज कराया गया था। सलमान खान के खिलाफ तीन अलग-अलग स्थान पर हिरण शिकार व अवधि पार लाइसेंस के हथियार रखने के मामले दर्ज किए गए। इस मामले में सलमान खान को 12 अक्टूबर 1998 को गिरफ्तार किया गया। 5 दिन बाद वे जमानत पर रिहा हुए। भवाद में हिरण शिकार के एक मामले में 17 फरवरी 2006 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सलमान को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई। घोड़ा फार्म हाउस क्षेत्र में शिकार मामले में 10 अप्रैल 2006 को कोर्ट ने सलमान को दोषी मानते हुए पांच साल की सजा व 25 हजार का जुर्माना लगाया। दोनों मामले सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। जबकि काला हिरण शिकार प्रकरण में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई गई। वहीं आर्म्स एक्ट के मामले में उन्हें बरी कर दिया गया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
काला हिरण शिकार मामले में आरोपी फिल्म एक्टर सलमान खान ने जिला एवं सेशन कोर्ट में चल रहे तीन मामलों को हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की अपील की। सलमान की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश विजय विश्नोई ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अब इस अपील पर सुनवाई हाईकोर्ट के दूसरे न्यायाधीश करेंगे। यदि सलमान से जुड़े मामले हाईकोर्ट में पहुंच जाते हैं, तो इन मामलों का निस्तारण तेजी से हो सकेगा। सलमान खान की ओर से उनके वकील हस्तीमल सारस्वत ने आज यानी तीन मार्च को हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। उनकी तरफ से कहा गया कि काला हिरण शिकार मामले में सैफअली खान, नीलम, तब्बू और सोनाली को ट्रायल कोर्ट से बरी किए जाने पर राज्य सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है। सलमान से जुड़े तीनों मामले इससे जुड़े हैं। ऐसे में एक ही प्रकृति के मामलों की एक साथ सुनवाई बेहतर रहेगी। न्यायाधीश विजय विश्नोई ने मामले की सुनवाई से इनकार कर दिया। अब इसे दूसरे न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा। वकील सारस्वत ने बताया कि सेशन कोर्ट में सलमान ने काला हिरण शिकार प्रकरण में सुनाई गई पांच साल की सजा को चुनौती दे रखी है। वहीं आर्म्स एक्ट में सलमान को बरी किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार ने चुनौती दे रखी है। एक अन्य याचिका पूनमचंद विश्नोई ने नीलम, तब्बू, सोनाली व सैफ अली के खिलाफ दायर कर रखी है। जबकि इसी मामले में सैफ अली, नीलम, तब्बू व सोनाली को बरी किए जाने के खिलाफ राज्य सरकार की याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है। चारों मामले एक-दूसरे से जुड़े हैं। ऐसे में चारों मामलों की सुनवाई हाईकोर्ट में होने से समय की बचत हो सकेगी। ट्रायल कोर्ट ने भवाद में हिरण शिकार मामले में सलमान को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई थी। इस मामले को भी इसी तरह हाईकोर्ट में स्थानान्तरित किया जा चुका है। जोधपुर पुलिस ने सलमान खान व अन्य के खिलाफ दो अक्टूबर एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे को हिरण शिकार का मामला दर्ज किया। सलमान के खिलाफ हिरण शिकार का मामला विश्नोई समुदाय की तरफ से दर्ज कराया गया था। सलमान खान के खिलाफ तीन अलग-अलग स्थान पर हिरण शिकार व अवधि पार लाइसेंस के हथियार रखने के मामले दर्ज किए गए। इस मामले में सलमान खान को बारह अक्टूबर एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे को गिरफ्तार किया गया। पाँच दिन बाद वे जमानत पर रिहा हुए। भवाद में हिरण शिकार के एक मामले में सत्रह फरवरी दो हज़ार छः को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सलमान को दोषी करार देते हुए एक साल की सजा सुनाई। घोड़ा फार्म हाउस क्षेत्र में शिकार मामले में दस अप्रैल दो हज़ार छः को कोर्ट ने सलमान को दोषी मानते हुए पांच साल की सजा व पच्चीस हजार का जुर्माना लगाया। दोनों मामले सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। जबकि काला हिरण शिकार प्रकरण में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई गई। वहीं आर्म्स एक्ट के मामले में उन्हें बरी कर दिया गया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
देश की सीमाओं और देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करते हुए जिन वीरों ने अपना सर्वस्व नौछावर कर दिया, हम उनके प्रति कृतज्ञ हैं। उनकी कुर्बानियों को हम कभी भूल नहीं सकते। यह बात आज असम के राजभवन में आयोजित सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने कही। उन्होंने कहा, जिन वीरों नें शहादत दी, उनके परिजनों और आश्रितों की देखभाल की जिम्मेदारी हमारी है। झंडा दिवस के आयोजन की जानकारी देते हुए रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि इस मौके पर राज्यपाल ने वीर नारियों और दिव्यांगों को संबोधित करते हुए कहा, हमारा कर्तव्य अब और बढ़ गया है। इस दौरान उन्होंने अपने सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों, सशस्त्र सेना में सेवारत कर्मियों की जमकर प्रशंसा की। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि उन वीर सैनिकों वीरता के कारण ही आज हम सब इस स्थिति में हैं। हम उनकी वीरता और बलिदान को कभी नहीं भूल पाएंगे। जिन्होंने अपना सब कुछ देश के लिए बलिदान कर दिया, उनके परिजनों और आश्रितों की देखभाल करना हमारा फर्ज है। सरकार सभी जवानों और उनके आश्रितों के कल्याण और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्धता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने कैलेंडर का भी विमोचन किया।
देश की सीमाओं और देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करते हुए जिन वीरों ने अपना सर्वस्व नौछावर कर दिया, हम उनके प्रति कृतज्ञ हैं। उनकी कुर्बानियों को हम कभी भूल नहीं सकते। यह बात आज असम के राजभवन में आयोजित सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर राज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी ने कही। उन्होंने कहा, जिन वीरों नें शहादत दी, उनके परिजनों और आश्रितों की देखभाल की जिम्मेदारी हमारी है। झंडा दिवस के आयोजन की जानकारी देते हुए रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि इस मौके पर राज्यपाल ने वीर नारियों और दिव्यांगों को संबोधित करते हुए कहा, हमारा कर्तव्य अब और बढ़ गया है। इस दौरान उन्होंने अपने सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों, सशस्त्र सेना में सेवारत कर्मियों की जमकर प्रशंसा की। रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि उन वीर सैनिकों वीरता के कारण ही आज हम सब इस स्थिति में हैं। हम उनकी वीरता और बलिदान को कभी नहीं भूल पाएंगे। जिन्होंने अपना सब कुछ देश के लिए बलिदान कर दिया, उनके परिजनों और आश्रितों की देखभाल करना हमारा फर्ज है। सरकार सभी जवानों और उनके आश्रितों के कल्याण और पुनर्वास के लिए प्रतिबद्धता है। इस अवसर पर राज्यपाल ने कैलेंडर का भी विमोचन किया।
ट्रांसपोर्टर की हत्या के मामले में कोई पुख्ता सबूत तो हाथ नहीं लगे। पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मामला हत्या की ओर जा रहा है। हालांकि पुलिस के अधिकारी अभी कुछ कहने से बच रहे हैं। थाना मिरहची क्षेत्र के गांव दतेई निवासी थाना मिरहची क्षेत्र के गांव दतेई निवासी अभय प्रताप सिंह उर्फ छोटू पुत्र शिशुपाल सिंह शव पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अधिकारियों ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एक दम से पुलिस इस मामले की हत्या नहीं मान पा रही है। परिवार के लोगों का शक है कि छोटू प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। कहीं इसी रंजिश में भी इस घटना को अंजाम नहीं दिया गया।
ट्रांसपोर्टर की हत्या के मामले में कोई पुख्ता सबूत तो हाथ नहीं लगे। पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मामला हत्या की ओर जा रहा है। हालांकि पुलिस के अधिकारी अभी कुछ कहने से बच रहे हैं। थाना मिरहची क्षेत्र के गांव दतेई निवासी थाना मिरहची क्षेत्र के गांव दतेई निवासी अभय प्रताप सिंह उर्फ छोटू पुत्र शिशुपाल सिंह शव पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद सुपुर्द कर दिया। पुलिस के अधिकारियों ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एक दम से पुलिस इस मामले की हत्या नहीं मान पा रही है। परिवार के लोगों का शक है कि छोटू प्रधान का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। कहीं इसी रंजिश में भी इस घटना को अंजाम नहीं दिया गया।
कर्नल अमित बिष्ट के अनुसार, मंगलवार को 10 शव देखे गए थे, जिनमें से चार को निकाल लिया गया है। अंधेरे और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान रोकना पड़ा था जो बुधवार को फिर शुरू किया गया। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बर्फीले तूफान में अभी भी 28 प्रशिक्षु पर्वतारोही लापता है। वायुसेना ने रेस्क्यू अभियान फिर से चलाया है। जानकारी के मुताबिक अब तक 26 लोगों को बचा लिया, जबकि 4 लोगों के शव लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। खबरों की मानें तो कुल 10 लोगों की मौत हो चुकी है। एसडीआरएफ की डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि दो मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। लापता लोगों में हिमाचल प्रदेश के एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल हैं। अब बुधवार सुबह फिर से बचाव अभियान चलाया जाएगा। बता दें कि उत्तराखंड पुलिस ने बुधवार को उन 28 प्रशिक्षु पर्वतारोहियों की सूची जारी की जो राज्य के उत्तरकाशी जिले में द्रौपदी का डांडा-2 शिखर पर 17,000 फुट की ऊंचाई पर भीषण हिमस्खलन होने के बाद से लापता हैं। हिमस्खलन मंगलवार को उस समय हुआ जब उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के 34 प्रशिक्षु पर्वतारोहियों और सात प्रशिक्षकों का एक दल शिखर से वापस लौट रहा था। पुलिस की ओर से जारी सूची के अनुसार, ये प्रशिक्षु पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के हैं। संस्थान के प्राचार्य कर्नल अमित बिष्ट के अनुसार, मंगलवार को 10 शव देखे गए थे, जिनमें से चार को निकाल लिया गया है। अंधेरे और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान रोकना पड़ा था जो बुधवार को फिर शुरू किया गया।
कर्नल अमित बिष्ट के अनुसार, मंगलवार को दस शव देखे गए थे, जिनमें से चार को निकाल लिया गया है। अंधेरे और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान रोकना पड़ा था जो बुधवार को फिर शुरू किया गया। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बर्फीले तूफान में अभी भी अट्ठाईस प्रशिक्षु पर्वतारोही लापता है। वायुसेना ने रेस्क्यू अभियान फिर से चलाया है। जानकारी के मुताबिक अब तक छब्बीस लोगों को बचा लिया, जबकि चार लोगों के शव लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। खबरों की मानें तो कुल दस लोगों की मौत हो चुकी है। एसडीआरएफ की डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि दो मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। लापता लोगों में हिमाचल प्रदेश के एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी शामिल हैं। अब बुधवार सुबह फिर से बचाव अभियान चलाया जाएगा। बता दें कि उत्तराखंड पुलिस ने बुधवार को उन अट्ठाईस प्रशिक्षु पर्वतारोहियों की सूची जारी की जो राज्य के उत्तरकाशी जिले में द्रौपदी का डांडा-दो शिखर पर सत्रह,शून्य फुट की ऊंचाई पर भीषण हिमस्खलन होने के बाद से लापता हैं। हिमस्खलन मंगलवार को उस समय हुआ जब उत्तरकाशी स्थित नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के चौंतीस प्रशिक्षु पर्वतारोहियों और सात प्रशिक्षकों का एक दल शिखर से वापस लौट रहा था। पुलिस की ओर से जारी सूची के अनुसार, ये प्रशिक्षु पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, हरियाणा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के हैं। संस्थान के प्राचार्य कर्नल अमित बिष्ट के अनुसार, मंगलवार को दस शव देखे गए थे, जिनमें से चार को निकाल लिया गया है। अंधेरे और खराब मौसम के कारण बचाव अभियान रोकना पड़ा था जो बुधवार को फिर शुरू किया गया।
बच्चों को पौष्टिक आहार देने और कूपोषण से बचाने के लिए सरकार की महत्वपूर्ण और दुनिया में अपनी तरह की अकेली मध्याह्न भोजन योजना में खाने की अधिकतम लागत महज चार रूपए 65 पैसे प्रति बच्चा है, जिस पर संसदीय समिति ने नाराजगी जाहिर करते हुए दुघर्टनाएं होने की आशंका व्यक्त की है। लोकसभा की महिलाओं को शकि्तयां प्रदान करने संबंधी समिति की एक रिपोर्ट के अनुसार मध्याह्न भोजन योजना देशभर में 12 लाख 12 हजार स्कूलों क्रियान्वित हो रही है और 10 करोड 44 लाख बच्चे इसका लाभ उठा रहे हैं। इस योजना खर्च केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर उठाते हैं। इसके लिए दोनों का अनुपात तीन-एक का होता है। प्राथमिक स्कूलों में प्रति बच्चे के आहार के लिए व्यय तीन रूपए 11 पैसे और माध्यमिक स्कूलों के लिये चार रूपए 65 पैसें निर्धारित की गयी है। समिति ने इस गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इसे बढाया जाना चाहिए। समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि पूरे देश में पानी की एक बोतल की कीमत 10 रूपए प्रति कम कहीं भी नहीं है। जबकि दूसरी और बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए तीन से चार रूपए निर्धारित किए जाते हैं। समिति ने कहा कि स्कूलों में परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन खाने की प्रति इकाई लागत वास्तविक आधार पर निर्धारित की जानी चाहिए, अन्यथा मध्याह्न भोजन के बाद स्कूलों छात्रों के साथ दुर्घटनाएं हो सकती हैं। रिपोर्ट में बिहार में मध्याह्न भोजन के बाद स्कूली छात्रों की मौत का जिक्र किया गया है। मध्याह्न भोजन प्रणाली की समीक्षा करने की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रति इकाई लागत कैलोरी तथा भोजन तैयार करने की पद्धति की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
बच्चों को पौष्टिक आहार देने और कूपोषण से बचाने के लिए सरकार की महत्वपूर्ण और दुनिया में अपनी तरह की अकेली मध्याह्न भोजन योजना में खाने की अधिकतम लागत महज चार रूपए पैंसठ पैसे प्रति बच्चा है, जिस पर संसदीय समिति ने नाराजगी जाहिर करते हुए दुघर्टनाएं होने की आशंका व्यक्त की है। लोकसभा की महिलाओं को शकि्तयां प्रदान करने संबंधी समिति की एक रिपोर्ट के अनुसार मध्याह्न भोजन योजना देशभर में बारह लाख बारह हजार स्कूलों क्रियान्वित हो रही है और दस करोड चौंतालीस लाख बच्चे इसका लाभ उठा रहे हैं। इस योजना खर्च केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर उठाते हैं। इसके लिए दोनों का अनुपात तीन-एक का होता है। प्राथमिक स्कूलों में प्रति बच्चे के आहार के लिए व्यय तीन रूपए ग्यारह पैसे और माध्यमिक स्कूलों के लिये चार रूपए पैंसठ पैसें निर्धारित की गयी है। समिति ने इस गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इसे बढाया जाना चाहिए। समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि पूरे देश में पानी की एक बोतल की कीमत दस रूपए प्रति कम कहीं भी नहीं है। जबकि दूसरी और बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए तीन से चार रूपए निर्धारित किए जाते हैं। समिति ने कहा कि स्कूलों में परोसे जाने वाले मध्याह्न भोजन खाने की प्रति इकाई लागत वास्तविक आधार पर निर्धारित की जानी चाहिए, अन्यथा मध्याह्न भोजन के बाद स्कूलों छात्रों के साथ दुर्घटनाएं हो सकती हैं। रिपोर्ट में बिहार में मध्याह्न भोजन के बाद स्कूली छात्रों की मौत का जिक्र किया गया है। मध्याह्न भोजन प्रणाली की समीक्षा करने की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रति इकाई लागत कैलोरी तथा भोजन तैयार करने की पद्धति की नियमित निगरानी की जानी चाहिए।
चक्रवात निसर्ग बुधवार को मुंबई के करीब तक पहुंचा, लेकिन कोविड-19 महामारी से जूझ रहे महानगर को इसने प्रभावित नहीं किया और शाम में यह कमजोर भी पड़ गया। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएएसी) के भीतर घुसपैठ के चलते पूर्वी लद्दाख में फिलहाल तनाव की स्थिति जारी है। हैदराबाद स्थित सेलुलर और आणविक जीव विज्ञान के लिये केंद्र (सीसीएमबी) के वैज्ञानिकों ने देश में कोविड-19 से संक्रमित लोगों में एक अलग तरह के कोरोना वायरस का पता लगाया है। यह दक्षिणी राज्यों तमिलनाडु और तेलंगाना में ज्यादातर पाया गया है। नोएडा आज एकबार फिर भूकंप के झटकों से हिल उठा। रात 10 बजकर 42 मिनट पर आए भूकंप के झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3. 2 मापी गई है। उत्तर प्रदेश में बुधवार को कोरोना वायरस के 141 नए केस सामने आने के साथ ही राज्य में कुल संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या 8870 हो गई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को कहा कि भारत ने कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिये सघन प्रयास किया और इसके फैलाव को रोकने में काफी हद तक सफल रहा। कोरोना वायरस की चुनौती के बीच जनता की मदद के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल पर स्थापित कंट्रोल रूम 11 हजार लोगों को मदद पहुंचाने में सफल रहा है। महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार को चक्रवात संबंधी दो घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। गुजरात के भरूच जिले में दाहेज स्थित एक रसायन फैक्टरी की भट्ठी में बुधवार को विस्फोट के बाद भीषण आग लग जाने से पांच कर्मियों की मौत हो गई और 40 अन्य झुलस गए। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बौद्ध धर्म के पुरातात्विक स्थलों पर तोड़फोड़ करने और उन्हें निकसान पहुंचाने की खबरों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। महाराष्ट्र में पिछली भाजपा नीत सरकार में मंत्री रहीं पंकजा मुंडे ने बुधवार को कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह उनके नेता हैं और वह जल्द ही उनसे मुलाकात करेंगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्टेटमेंट जारी कर पाकिस्तान को अपनी हरकतों से बाज आने की नसीहत दी है। स्टेटमेंट में पाकिस्तान से अवैध कब्जे वाले इलाकों (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) को खाली करने को कहा गया है।
चक्रवात निसर्ग बुधवार को मुंबई के करीब तक पहुंचा, लेकिन कोविड-उन्नीस महामारी से जूझ रहे महानगर को इसने प्रभावित नहीं किया और शाम में यह कमजोर भी पड़ गया। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की वास्तविक नियंत्रण रेखा के भीतर घुसपैठ के चलते पूर्वी लद्दाख में फिलहाल तनाव की स्थिति जारी है। हैदराबाद स्थित सेलुलर और आणविक जीव विज्ञान के लिये केंद्र के वैज्ञानिकों ने देश में कोविड-उन्नीस से संक्रमित लोगों में एक अलग तरह के कोरोना वायरस का पता लगाया है। यह दक्षिणी राज्यों तमिलनाडु और तेलंगाना में ज्यादातर पाया गया है। नोएडा आज एकबार फिर भूकंप के झटकों से हिल उठा। रात दस बजकर बयालीस मिनट पर आए भूकंप के झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर तीन. दो मापी गई है। उत्तर प्रदेश में बुधवार को कोरोना वायरस के एक सौ इकतालीस नए केस सामने आने के साथ ही राज्य में कुल संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या आठ हज़ार आठ सौ सत्तर हो गई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को कहा कि भारत ने कोविड-उन्नीस के प्रसार को रोकने के लिये सघन प्रयास किया और इसके फैलाव को रोकने में काफी हद तक सफल रहा। कोरोना वायरस की चुनौती के बीच जनता की मदद के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की पहल पर स्थापित कंट्रोल रूम ग्यारह हजार लोगों को मदद पहुंचाने में सफल रहा है। महाराष्ट्र के पुणे जिले में बुधवार को चक्रवात संबंधी दो घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। गुजरात के भरूच जिले में दाहेज स्थित एक रसायन फैक्टरी की भट्ठी में बुधवार को विस्फोट के बाद भीषण आग लग जाने से पांच कर्मियों की मौत हो गई और चालीस अन्य झुलस गए। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बौद्ध धर्म के पुरातात्विक स्थलों पर तोड़फोड़ करने और उन्हें निकसान पहुंचाने की खबरों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। महाराष्ट्र में पिछली भाजपा नीत सरकार में मंत्री रहीं पंकजा मुंडे ने बुधवार को कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह उनके नेता हैं और वह जल्द ही उनसे मुलाकात करेंगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्टेटमेंट जारी कर पाकिस्तान को अपनी हरकतों से बाज आने की नसीहत दी है। स्टेटमेंट में पाकिस्तान से अवैध कब्जे वाले इलाकों को खाली करने को कहा गया है।
MP NEWS. भोपाल और उज्जैन में पर्यटन विभाग एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू कर रहा है. शिव शेखर शुक्ला ने उसी का जायजा लिया. भोपाल. जोखिम और रोमांच का ऐसा पल आपने पहले शायद ही कभी देखा हो. रोमांच इसलिए बढ़ जाता है जब पता चले कि स्काई डाइविंग (Sky Diving) कर रहा ये शख्स कोई आम व्यक्ति नहीं बल्कि प्रदेश के पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला हैं. मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने स्काई डाइविंग का मजा लिया. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वो किसी सैर सपाटे पर नहीं निकले थे. बल्कि ये उनकी टेस्ट डाइविंग थी. मध्य प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स के तहत स्काई डाइविंग शुरू होने जा रहा है. शुरुआत भोपाल और उज्जैन से होगी. प्रदेश में पहली बार जोखिम और रोमांच से भरा ये खेल शुरू हो रहा है. स्काई डायविंग लोगों के लिए कितना सुरक्षित है. यह जानने के लिए पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला खुद ही निकल पड़े. उन्होंने खुद इसका टेस्ट किया. रोमांच और साहस से भरे खेल स्काई डाइविंग में IAS शिव शेखर शुक्ला. . शिव शेखर शुक्ला ने पहल की और हवाई जहाज पर सवार हो गए. प्लेन जब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचा तो अपने पार्टनर के साथ हवा में छलांग लगा दी. ये भारी जोखिम भरी छलांग थी. लेकिन शिव शेखर शुक्ला ने खतरे और रोमांच का पूरा लुत्फ लिया. वो हवा में तैरते रहे. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं. शुक्ला ने 10 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर से हवाई जहाज से छलांग लगाकर सेफ्टी नॉर्मस का जायजा लिया. मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स को पसंद करने वालों के लिए पहली बार स्काई डाविंग शुरू करने जा रहा है. पहले चरण में यह खेल भोपाल और उज्जैन में होगा. सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन सारे सवालों का जवाब देने के लिए शुक्ला ने खुद ही आयोजक कंपनी के मापदंडों को परखा. शिव शेखर शुक्ला ने अपने अनुभव के बारे में बताया कि जब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचते हैं तो एक पल के लिए लगता है कि पायलट कह दे मौसम खराब है आज जंप नहीं किया जा सकता. लेकिन टीम इतना मोटिवेट करती है कि आप अपना सारा डर भूलकर जंप कर ही देते हैं. .
MP NEWS. भोपाल और उज्जैन में पर्यटन विभाग एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू कर रहा है. शिव शेखर शुक्ला ने उसी का जायजा लिया. भोपाल. जोखिम और रोमांच का ऐसा पल आपने पहले शायद ही कभी देखा हो. रोमांच इसलिए बढ़ जाता है जब पता चले कि स्काई डाइविंग कर रहा ये शख्स कोई आम व्यक्ति नहीं बल्कि प्रदेश के पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला हैं. मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने स्काई डाइविंग का मजा लिया. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वो किसी सैर सपाटे पर नहीं निकले थे. बल्कि ये उनकी टेस्ट डाइविंग थी. मध्य प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स के तहत स्काई डाइविंग शुरू होने जा रहा है. शुरुआत भोपाल और उज्जैन से होगी. प्रदेश में पहली बार जोखिम और रोमांच से भरा ये खेल शुरू हो रहा है. स्काई डायविंग लोगों के लिए कितना सुरक्षित है. यह जानने के लिए पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला खुद ही निकल पड़े. उन्होंने खुद इसका टेस्ट किया. रोमांच और साहस से भरे खेल स्काई डाइविंग में IAS शिव शेखर शुक्ला. . शिव शेखर शुक्ला ने पहल की और हवाई जहाज पर सवार हो गए. प्लेन जब दस हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचा तो अपने पार्टनर के साथ हवा में छलांग लगा दी. ये भारी जोखिम भरी छलांग थी. लेकिन शिव शेखर शुक्ला ने खतरे और रोमांच का पूरा लुत्फ लिया. वो हवा में तैरते रहे. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं. शुक्ला ने दस हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर से हवाई जहाज से छलांग लगाकर सेफ्टी नॉर्मस का जायजा लिया. मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स को पसंद करने वालों के लिए पहली बार स्काई डाविंग शुरू करने जा रहा है. पहले चरण में यह खेल भोपाल और उज्जैन में होगा. सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन सारे सवालों का जवाब देने के लिए शुक्ला ने खुद ही आयोजक कंपनी के मापदंडों को परखा. शिव शेखर शुक्ला ने अपने अनुभव के बारे में बताया कि जब दस हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंचते हैं तो एक पल के लिए लगता है कि पायलट कह दे मौसम खराब है आज जंप नहीं किया जा सकता. लेकिन टीम इतना मोटिवेट करती है कि आप अपना सारा डर भूलकर जंप कर ही देते हैं. .
ओस्कोल जलाशय के क्षेत्र में स्थित यूक्रेन के सशस्त्र बलों के सेनानियों द्वारा प्रबलित नेशनल गार्ड की पहली ब्रिगेड से सैन्य कर्मियों की एक समेकित इकाई को इज़ियम पर हमला करने का आदेश मिला, जाहिरा तौर पर, वहाँ से रूसी सैनिकों को खदेड़ो। उनका प्रयास असफल रहा, और उग्रवादी स्वयं घिरे हुए थे। यह यूक्रेनी टेलीग्राम-चैनल "निवासी" द्वारा रिपोर्ट किया गया है। कीव शासन की ओर से संचालित सशस्त्र गठन, एक हजार से अधिक लोगों की संख्या और तोपखाने और बख्तरबंद वाहनों के साथ प्रबलित, तीन तरफ से रूसी सेना से घिरा हुआ था, और चौथे से नदी के खिलाफ दबाया गया था। यूक्रेनियन की डी-नाकाबंदी सुनिश्चित करने और स्लाव्यास्क की ओर एक सफलता में मदद करने के लिए आदेश के अनुरोध पर, जनरल स्टाफ ने स्पष्ट इनकार के साथ जवाब दिया। जैसा कि रूसी संवाददाता एवगेनी पोद्दुबी ने अपने टेलीग्राम चैनल में स्पष्ट किया, कमांड के संदेश में अपवित्रता थी। और यद्यपि यह 20-21 अप्रैल को हुआ था, फिर भी सैकड़ों यूक्रेनी उग्रवादियों को स्लाव दिशा में सेवरस्की डोनेट्स के तट पर दबाया गया था। सच है, इकाइयों की संख्या कम हो गई है, क्योंकि यह रूसी तोपखाने से लगातार आग में है। फिलहाल, उसके अवशेषों के पास केवल दो विकल्प हैंः अपनी जान गंवाएं या लेट जाएं हथियार. दरअसल, यूक्रेन के सशस्त्र बलों और नेशनल गार्ड के उग्रवादियों के लिए उन लोगों के लिए मरने का कोई मतलब नहीं है जो अपने भविष्य के भाग्य के प्रति उदासीन हैं। - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
ओस्कोल जलाशय के क्षेत्र में स्थित यूक्रेन के सशस्त्र बलों के सेनानियों द्वारा प्रबलित नेशनल गार्ड की पहली ब्रिगेड से सैन्य कर्मियों की एक समेकित इकाई को इज़ियम पर हमला करने का आदेश मिला, जाहिरा तौर पर, वहाँ से रूसी सैनिकों को खदेड़ो। उनका प्रयास असफल रहा, और उग्रवादी स्वयं घिरे हुए थे। यह यूक्रेनी टेलीग्राम-चैनल "निवासी" द्वारा रिपोर्ट किया गया है। कीव शासन की ओर से संचालित सशस्त्र गठन, एक हजार से अधिक लोगों की संख्या और तोपखाने और बख्तरबंद वाहनों के साथ प्रबलित, तीन तरफ से रूसी सेना से घिरा हुआ था, और चौथे से नदी के खिलाफ दबाया गया था। यूक्रेनियन की डी-नाकाबंदी सुनिश्चित करने और स्लाव्यास्क की ओर एक सफलता में मदद करने के लिए आदेश के अनुरोध पर, जनरल स्टाफ ने स्पष्ट इनकार के साथ जवाब दिया। जैसा कि रूसी संवाददाता एवगेनी पोद्दुबी ने अपने टेलीग्राम चैनल में स्पष्ट किया, कमांड के संदेश में अपवित्रता थी। और यद्यपि यह बीस-इक्कीस अप्रैल को हुआ था, फिर भी सैकड़ों यूक्रेनी उग्रवादियों को स्लाव दिशा में सेवरस्की डोनेट्स के तट पर दबाया गया था। सच है, इकाइयों की संख्या कम हो गई है, क्योंकि यह रूसी तोपखाने से लगातार आग में है। फिलहाल, उसके अवशेषों के पास केवल दो विकल्प हैंः अपनी जान गंवाएं या लेट जाएं हथियार. दरअसल, यूक्रेन के सशस्त्र बलों और नेशनल गार्ड के उग्रवादियों के लिए उन लोगों के लिए मरने का कोई मतलब नहीं है जो अपने भविष्य के भाग्य के प्रति उदासीन हैं। - इस्तेमाल की गई तस्वीरेंः
धर्मशाला -कंड-करडि़याणा में पुलिस टीम ने पेट्रोलिंग के दौरान एक व्यक्ति से चरस बरामद की है। आरोपी से पुलिस ने मौके पर 125 ग्राम चरस पकड़ी है। आरोपी के खिलाफ सदर थाना धर्मशाला में मामला दर्ज कर लिया है। सदर थाना धर्मशाला के अंतर्गत पुलिस चौकी योल की टीम सोमवार को पेट्रोलिंग कर रही थी।
धर्मशाला -कंड-करडि़याणा में पुलिस टीम ने पेट्रोलिंग के दौरान एक व्यक्ति से चरस बरामद की है। आरोपी से पुलिस ने मौके पर एक सौ पच्चीस ग्राम चरस पकड़ी है। आरोपी के खिलाफ सदर थाना धर्मशाला में मामला दर्ज कर लिया है। सदर थाना धर्मशाला के अंतर्गत पुलिस चौकी योल की टीम सोमवार को पेट्रोलिंग कर रही थी।
स्मार्टफोन का फ्रंट कैमरा इस फोन का सबसे ख़ास हिस्सा है और इसमें 16 मेगापिक्सल से भी ज्यादा का कैमरा है व अब हम इसी की बात करेंगे। वीवो वी5 प्लस में अपर्चर एफ/2. 0 के साथ 20 मेगापिक्सल का सेंसर और डेप्थ के लिए एक अतिरिक्त 8 मेगापिक्सल का सेंसर दिया है। बाद वाला सेंसर बैकग्राउंड से आपको अलग कर कैमरा ऐप में बोकेह इफेक्ट को जेनरेट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। डेप्थ-ऑफ-फील्ड इफेक्ट के हिसाब से आप अपर्चर को एडजस्ट कर सकते हैं। इफेक्ट काफी अच्छा है और 20 मेगापिक्सल के कैमरे से कम रोशनी में भी सेल्फी अच्छी डिटेलिंग के साथ आती हैं। इसके अलावा आपको ऑटो एचडीआर और फेस ब्यूटी जैसे दूसरे मोड भी मिलते हैं और अंधेरा होने पर फिल लाइट मदद करता है। और इसमें पुराने फोन की तरह सब कुछ शानदार है। और यह वनप्लस 3टी से ज्यादा बेहतर साबित होता है। कम रोशनी में कैमरा परफॉर्मेंस बेहतर रहती है और हमें फोन में एक्सपेंडेबल स्टोरेज के ना होने से कोई शिकायत नहीं है। अगर कमी की बात करें तो एफएम रेडियो के ना होने से कुछ लोगों को निराशा हो सकती है। वहीं टाइपिंग के दौरान टच में समस्या लोगों को परेशान कर सकती है। जो हाई-परफॉर्मेंस वाले एक ऐसे फोन की तलाश में है जिससे अच्छी सेल्फी भी ली जा सके। फोन की कीमत से कुछ लोग मायूस हो सकते हैं, लेकिन ओप्पो समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट देना शुरू कर दे तो एफ3 प्लस एक बुरा विकल्प नहीं है। एफ3 प्लस में आपको कीमत के लिहाज़ से बहुत कुछ मिलेगा। यह एक अच्छी बनावट और स्टायलिश लुक के साथ आने वाला डिवाइस है। फोन में शार्प डिस्प्ले, शानदार बैटरी लाइफ, क्षमतावान प्रोसेसर और अच्छे कैमरे हैं। फोन में एनएफसी और एफएम रेडियो का ना होना निराश करता है। इसके अलावा डिस्प्ले के ओवरसैचुरेटेड कलर भी थोड़ा निराश करते हैं। लेकिन, हमें फोन के एंड्रॉयड नूगा के साथ ना आना सबसे बड़ी कमी लगी। क्योंकि अब एंड्रॉयड ओ की घोषणा भी कर दी गई है। और ख़ासतौर पर जब आपको यही सब चीजें इससे काफ़ी कम दाम में मिल जाए। प्रीमियम होने के बावज़ूद, वी5 प्लस में यूएसबी टाइप-सी, एनएफसी, वाई-फाई एसी, एक्सपेंडेबल स्टोरेज और एफएम रेडियो जैसे फ़ीचर नहीं हैं। एफएम रेडियो को भारत में अभी भी बहुत सारे लोग पसंद करते हैं। इसके अलावा, अगर इस फोन में वनप्लस 3टी की तरह ज्यादा बेहतर चिप दिया होता तो हो सकता था कि फोन ज्यादा बेहतर होता। अगर आपके लिए सॉफ्टवेयर अपडेट अहमियत रखता हरै तो वनप्लस 3टी थोड़ा से ज्यादा पैसा खर्च करके ज्यादा बेहतर विकल्प रहेगा। इसमें वीवो वी5 प्लस की तरह फैंसी डुअल-कैमरा सेटअप भले ही ना हो लेकिन इससे अच्छी सेल्फी ली जा सकती हैं और यह कई मामलों में वी5 प्लस से ज्यादा बेहतर परफॉर्म करता है। वनप्लस 3टी की के स्पेसिफिकेशन की बात करें तोइसमें बहुत बड़ा बदलाव नहीं किया गया है और यह अपने पिछले स्मार्टफोन वनप्लस 3 का एक अपग्रेडेड वेरिएंट ही है। फोन में मुख्य तौर पर बेहतर बैटरी, ज्यादा रिज़ॉल्यूशन वाला फ्रंट कैमरा व एक तेज सीपीयू है। पिछले स्मार्टफोन की तुलना में नए फोन की ऑल-राउंडर परफॉर्मेंस में नए फर्मवेयर का भी अहम योगदान है। 29,999 रुपये की कीमत के साथ वनप्लस 3टी एक शानदार फोन है। वहीं ओप्पो एफ3 प्लस ज्यादा किफ़ायती हो सकता था। हालांकि, 30,990 रुपये कीमत के साथ हमारा मानना है कि कम से कम यूज़र को दो साल तक सॉफ्टवेयर के लिए उचित सपोर्ट मिलते रहना चाहिए। वीवो वी5 प्लस स्मार्टफोन वी-सीरीज़ में एक मजबूत फोन हो सकता था, अगर इसकी कीमत 20,000 रुपये के आसपास होती। बहरहाल, 27,980 रुपये में लॉन्च हुया यह महंगा फोन अभी 24,990 रुपये में खरीदा जा सकता है। 14,990 रुपये की कीमत में ओप्पो ए57 एक अच्छा पैकेज है और इसमें बहुत कुछ ओप्पो एफ1एस जैसा है। बाज़ार में अभी ओप्पो एफ57 13,000 रुपये में मिल जाएगा।
स्मार्टफोन का फ्रंट कैमरा इस फोन का सबसे ख़ास हिस्सा है और इसमें सोलह मेगापिक्सल से भी ज्यादा का कैमरा है व अब हम इसी की बात करेंगे। वीवो वीपाँच प्लस में अपर्चर एफ/दो. शून्य के साथ बीस मेगापिक्सल का सेंसर और डेप्थ के लिए एक अतिरिक्त आठ मेगापिक्सल का सेंसर दिया है। बाद वाला सेंसर बैकग्राउंड से आपको अलग कर कैमरा ऐप में बोकेह इफेक्ट को जेनरेट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। डेप्थ-ऑफ-फील्ड इफेक्ट के हिसाब से आप अपर्चर को एडजस्ट कर सकते हैं। इफेक्ट काफी अच्छा है और बीस मेगापिक्सल के कैमरे से कम रोशनी में भी सेल्फी अच्छी डिटेलिंग के साथ आती हैं। इसके अलावा आपको ऑटो एचडीआर और फेस ब्यूटी जैसे दूसरे मोड भी मिलते हैं और अंधेरा होने पर फिल लाइट मदद करता है। और इसमें पुराने फोन की तरह सब कुछ शानदार है। और यह वनप्लस तीनटी से ज्यादा बेहतर साबित होता है। कम रोशनी में कैमरा परफॉर्मेंस बेहतर रहती है और हमें फोन में एक्सपेंडेबल स्टोरेज के ना होने से कोई शिकायत नहीं है। अगर कमी की बात करें तो एफएम रेडियो के ना होने से कुछ लोगों को निराशा हो सकती है। वहीं टाइपिंग के दौरान टच में समस्या लोगों को परेशान कर सकती है। जो हाई-परफॉर्मेंस वाले एक ऐसे फोन की तलाश में है जिससे अच्छी सेल्फी भी ली जा सके। फोन की कीमत से कुछ लोग मायूस हो सकते हैं, लेकिन ओप्पो समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट देना शुरू कर दे तो एफतीन प्लस एक बुरा विकल्प नहीं है। एफतीन प्लस में आपको कीमत के लिहाज़ से बहुत कुछ मिलेगा। यह एक अच्छी बनावट और स्टायलिश लुक के साथ आने वाला डिवाइस है। फोन में शार्प डिस्प्ले, शानदार बैटरी लाइफ, क्षमतावान प्रोसेसर और अच्छे कैमरे हैं। फोन में एनएफसी और एफएम रेडियो का ना होना निराश करता है। इसके अलावा डिस्प्ले के ओवरसैचुरेटेड कलर भी थोड़ा निराश करते हैं। लेकिन, हमें फोन के एंड्रॉयड नूगा के साथ ना आना सबसे बड़ी कमी लगी। क्योंकि अब एंड्रॉयड ओ की घोषणा भी कर दी गई है। और ख़ासतौर पर जब आपको यही सब चीजें इससे काफ़ी कम दाम में मिल जाए। प्रीमियम होने के बावज़ूद, वीपाँच प्लस में यूएसबी टाइप-सी, एनएफसी, वाई-फाई एसी, एक्सपेंडेबल स्टोरेज और एफएम रेडियो जैसे फ़ीचर नहीं हैं। एफएम रेडियो को भारत में अभी भी बहुत सारे लोग पसंद करते हैं। इसके अलावा, अगर इस फोन में वनप्लस तीनटी की तरह ज्यादा बेहतर चिप दिया होता तो हो सकता था कि फोन ज्यादा बेहतर होता। अगर आपके लिए सॉफ्टवेयर अपडेट अहमियत रखता हरै तो वनप्लस तीनटी थोड़ा से ज्यादा पैसा खर्च करके ज्यादा बेहतर विकल्प रहेगा। इसमें वीवो वीपाँच प्लस की तरह फैंसी डुअल-कैमरा सेटअप भले ही ना हो लेकिन इससे अच्छी सेल्फी ली जा सकती हैं और यह कई मामलों में वीपाँच प्लस से ज्यादा बेहतर परफॉर्म करता है। वनप्लस तीनटी की के स्पेसिफिकेशन की बात करें तोइसमें बहुत बड़ा बदलाव नहीं किया गया है और यह अपने पिछले स्मार्टफोन वनप्लस तीन का एक अपग्रेडेड वेरिएंट ही है। फोन में मुख्य तौर पर बेहतर बैटरी, ज्यादा रिज़ॉल्यूशन वाला फ्रंट कैमरा व एक तेज सीपीयू है। पिछले स्मार्टफोन की तुलना में नए फोन की ऑल-राउंडर परफॉर्मेंस में नए फर्मवेयर का भी अहम योगदान है। उनतीस,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये की कीमत के साथ वनप्लस तीनटी एक शानदार फोन है। वहीं ओप्पो एफतीन प्लस ज्यादा किफ़ायती हो सकता था। हालांकि, तीस,नौ सौ नब्बे रुपयापये कीमत के साथ हमारा मानना है कि कम से कम यूज़र को दो साल तक सॉफ्टवेयर के लिए उचित सपोर्ट मिलते रहना चाहिए। वीवो वीपाँच प्लस स्मार्टफोन वी-सीरीज़ में एक मजबूत फोन हो सकता था, अगर इसकी कीमत बीस,शून्य रुपयापये के आसपास होती। बहरहाल, सत्ताईस,नौ सौ अस्सी रुपयापये में लॉन्च हुया यह महंगा फोन अभी चौबीस,नौ सौ नब्बे रुपयापये में खरीदा जा सकता है। चौदह,नौ सौ नब्बे रुपयापये की कीमत में ओप्पो एसत्तावन एक अच्छा पैकेज है और इसमें बहुत कुछ ओप्पो एफएकएस जैसा है। बाज़ार में अभी ओप्पो एफसत्तावन तेरह,शून्य रुपयापये में मिल जाएगा।
इनफिनिक्स अपने नए स्मार्टफोन में Dimensity 810 चिपसेट का प्रयोग करेगी। इन फोन्स में 4GB रैम और 128GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगी। फोन की स्टोरेज को माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए 1 टीबी तक बढ़ाया जा सकेगा। फोन लेटेस्ट एंड्रॉयड 12 ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित XOS 16 पर काम करेगा। Infinix Hot 20 5G में 6. 58 इंच का फुल एचडी प्लस रेजोल्यूशन वाला IPL LCD पैनल दिया जाएगा। यह 120 हर्ट्ज की रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। फोन के कैमरा सेटअप को देखें तो फोन के रियर पैनल में 50MP + 8MP का डुअल कैमरा सेटअप दिया जाएगा। सेल्फी के लिए 8MP का शानदार कैमरा दिया गया है। फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर भी है जो पावर बटन के साथ एम्बेड किया गया है। फोन में 5000mAh की बैटरी दी गई है जो 18 वॉट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नए स्मार्टफोन की कीमत 12,000 रुपए से कम रखी जाएगी। हालांकि अभी इसकी फाइनल कीमत का खुलासा नहीं हुआ है। आपको बता दें कि इस समय भारतीय मार्केट में सबसे सस्ता 5G फोन Lava Blaze 5G है। इसकी कीमत मात्र 10,999 रुपए रखी गई है। फोन को भारत में 3 दिसंबर को लॉन्च कर दिया जाएगा।
इनफिनिक्स अपने नए स्मार्टफोन में Dimensity आठ सौ दस चिपसेट का प्रयोग करेगी। इन फोन्स में चारGB रैम और एक सौ अट्ठाईसGB इंटरनल स्टोरेज मिलेगी। फोन की स्टोरेज को माइक्रो एसडी कार्ड के जरिए एक टीबी तक बढ़ाया जा सकेगा। फोन लेटेस्ट एंड्रॉयड बारह ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित XOS सोलह पर काम करेगा। Infinix Hot बीस पाँचG में छः. अट्ठावन इंच का फुल एचडी प्लस रेजोल्यूशन वाला IPL LCD पैनल दिया जाएगा। यह एक सौ बीस हर्ट्ज की रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। फोन के कैमरा सेटअप को देखें तो फोन के रियर पैनल में पचासMP + आठMP का डुअल कैमरा सेटअप दिया जाएगा। सेल्फी के लिए आठMP का शानदार कैमरा दिया गया है। फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर भी है जो पावर बटन के साथ एम्बेड किया गया है। फोन में पाँच हज़ारmAh की बैटरी दी गई है जो अट्ठारह वॉट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नए स्मार्टफोन की कीमत बारह,शून्य रुपयापए से कम रखी जाएगी। हालांकि अभी इसकी फाइनल कीमत का खुलासा नहीं हुआ है। आपको बता दें कि इस समय भारतीय मार्केट में सबसे सस्ता पाँचG फोन Lava Blaze पाँचG है। इसकी कीमत मात्र दस,नौ सौ निन्यानवे रुपयापए रखी गई है। फोन को भारत में तीन दिसंबर को लॉन्च कर दिया जाएगा।
शान्तिप्रकृति प्रिय श्रोलाला सुमेरचन्द्रजो, दर्शनविशुद्धि आपके द्वारा भेजी हुई वस्तु जो आतप निवारण के लिए जलयोग चाहती है। अस्तु, अन आपसे और हमको वही कार्य कारना हितकर होगा जो इस आतपादिसे आत्मा सुरक्षित रहे। अब तो ऐसी परिणति बनाया कि यह हमार। और तुम्हारा विकल्प मिटे । यह भला वह बुरा यह वासना मिट जाने, क्योंकि यही वासना व थकी जननी है। आजतक इन्हीं पदार्थांम ऐसी कल्पना करते-करते ससार ही के पान रहे। धहुत प्रयास किया तो इन बाह्य वस्तुओंको छोड़ दिया किंतु इनसे कोई न निकला । निक्ले कहाँ से ? वस्तु तो वस्तुम है, परमें कहाँसे आने ? परके त्यागसे क्या क्योंकि यह तो स्वयं पृथक है। उसका चतुष्टय भी स्त्रय पृथक् है। किन्तु भाव दशामें जिसके साथ अपना चतुष्टय तद्रूप हो रहा है उस पर्यायका त्याग ६ शुद्ध चतुष्टयका उत्पादन है, अत उसकी ओर दृष्टिपात करो। लौकिक पर्चाको तिलाञ्जलि दो। आजमसे वहा थालाप तो रहा। श्रव एक घार निच झालापकी तान लगाकर तानसेन हो जाभो । अनायास सब दुसकी सत्ताका अभाव हो जायेगा । विशेष क्या लि १ जिसके हाथ इलायची भेजी वह जीव अत्यन्त भद्र है। ऐसे मनुष्यका समाज सुखकर है । इनक साथ स्वाध्याय बहुत ही ताभप्रद होगा तथा यह जीन आपका तो अतिप्रेमी है। आप अपने सायीको समझा देना। यदि अन द्वन्द्वमें न पडे तो बहुत ही अच्छा होगा। द्वन्दुकेपारी रक्षा के लिए फिर द्वन्द्वम पडना फहॉन्क अच्छा होगा सा समममें नहीं आता। इससे शान्ति न मिलेगी, प्रत्युत बहुत अशान्ति मिलगी। परन्तु अभी ज्ञानमें नहीं आती।
शान्तिप्रकृति प्रिय श्रोलाला सुमेरचन्द्रजो, दर्शनविशुद्धि आपके द्वारा भेजी हुई वस्तु जो आतप निवारण के लिए जलयोग चाहती है। अस्तु, अन आपसे और हमको वही कार्य कारना हितकर होगा जो इस आतपादिसे आत्मा सुरक्षित रहे। अब तो ऐसी परिणति बनाया कि यह हमार। और तुम्हारा विकल्प मिटे । यह भला वह बुरा यह वासना मिट जाने, क्योंकि यही वासना व थकी जननी है। आजतक इन्हीं पदार्थांम ऐसी कल्पना करते-करते ससार ही के पान रहे। धहुत प्रयास किया तो इन बाह्य वस्तुओंको छोड़ दिया किंतु इनसे कोई न निकला । निक्ले कहाँ से ? वस्तु तो वस्तुम है, परमें कहाँसे आने ? परके त्यागसे क्या क्योंकि यह तो स्वयं पृथक है। उसका चतुष्टय भी स्त्रय पृथक् है। किन्तु भाव दशामें जिसके साथ अपना चतुष्टय तद्रूप हो रहा है उस पर्यायका त्याग छः शुद्ध चतुष्टयका उत्पादन है, अत उसकी ओर दृष्टिपात करो। लौकिक पर्चाको तिलाञ्जलि दो। आजमसे वहा थालाप तो रहा। श्रव एक घार निच झालापकी तान लगाकर तानसेन हो जाभो । अनायास सब दुसकी सत्ताका अभाव हो जायेगा । विशेष क्या लि एक जिसके हाथ इलायची भेजी वह जीव अत्यन्त भद्र है। ऐसे मनुष्यका समाज सुखकर है । इनक साथ स्वाध्याय बहुत ही ताभप्रद होगा तथा यह जीन आपका तो अतिप्रेमी है। आप अपने सायीको समझा देना। यदि अन द्वन्द्वमें न पडे तो बहुत ही अच्छा होगा। द्वन्दुकेपारी रक्षा के लिए फिर द्वन्द्वम पडना फहॉन्क अच्छा होगा सा समममें नहीं आता। इससे शान्ति न मिलेगी, प्रत्युत बहुत अशान्ति मिलगी। परन्तु अभी ज्ञानमें नहीं आती।
डूंगरपुर के सागवाड़ा में सस्पेंड गिरदावर और पटवारी को बहाल कर दिया है। दोनों को डूंगरपुर मुख्यालय पर एपीओ किया गया है। वहीं सागवाड़ा तहसीलदार का निलंबन राजस्व विभाग से ही वापस किया जाएगा। इन दोनों को कड़ाणा विभाग की बेशकीमती जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कर बेचने के मामले में सस्पेंड किया गया था। सागवाडा में कडाणा विभाग की बेशक़ीमती जमीन की शासन उपसचिव राजस्व विभाग के फर्जी आदेशों पर 10 अगस्त को रजिस्ट्री कर दी गई थी। इसके बाद जमीन को बेच दिया गया था। मामला सामने आने के बाद फर्जी रजिस्ट्री करने पर सागवाड़ा तहसीलदार मयूर शर्मा, गिरदावर मुकेश भोई और गोवाड़ी पटवारी राकेश मकवाणा को 22 अगस्त को निलंबित कर दिया गया था। कलेक्टर डॉ इंद्रजीत यादव ने बताया कि मामले में सागवाड़ा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। मामले में पुलिस की जांच किसी तरह से प्रभावित नहीं हो। इसके लिए सभी को सस्पेंड किया था, लेकिन पुलिस ने केस से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट जुटा लिए हैं। इसे देखते हुए सागवाड़ा गिरदावर मुकेश भोई और गोवाडी पटवारी राकेश मकवाणा का सस्पेंशन रद्द करते हुए बहाल कर दिया गया है। कलेक्टर डॉ इंद्रजीत यादव ने बताया कि दोनों को अभी डूंगरपुर मुख्यालय पर एपीओ किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि तहसीलदार मयूर शर्मा को राजस्व विभाग की ओर से सस्पेंड किया गया है। ऐसे में तहसीलदार को राजस्व विभाग से ही बहाल भी किया जाएगा। वहीं मामले में पुलिस की ओर से अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की ओर से मामले में जमीन बेचने वाली दोनों बहनों नजमा और फातिमा को जेल भेज दिया गया है। इस मामले में एक गवाह और बिचौलिया को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं जमीन खरीदने वाले हरिसिंह और एक और गवाह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
डूंगरपुर के सागवाड़ा में सस्पेंड गिरदावर और पटवारी को बहाल कर दिया है। दोनों को डूंगरपुर मुख्यालय पर एपीओ किया गया है। वहीं सागवाड़ा तहसीलदार का निलंबन राजस्व विभाग से ही वापस किया जाएगा। इन दोनों को कड़ाणा विभाग की बेशकीमती जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कर बेचने के मामले में सस्पेंड किया गया था। सागवाडा में कडाणा विभाग की बेशक़ीमती जमीन की शासन उपसचिव राजस्व विभाग के फर्जी आदेशों पर दस अगस्त को रजिस्ट्री कर दी गई थी। इसके बाद जमीन को बेच दिया गया था। मामला सामने आने के बाद फर्जी रजिस्ट्री करने पर सागवाड़ा तहसीलदार मयूर शर्मा, गिरदावर मुकेश भोई और गोवाड़ी पटवारी राकेश मकवाणा को बाईस अगस्त को निलंबित कर दिया गया था। कलेक्टर डॉ इंद्रजीत यादव ने बताया कि मामले में सागवाड़ा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। मामले में पुलिस की जांच किसी तरह से प्रभावित नहीं हो। इसके लिए सभी को सस्पेंड किया था, लेकिन पुलिस ने केस से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट जुटा लिए हैं। इसे देखते हुए सागवाड़ा गिरदावर मुकेश भोई और गोवाडी पटवारी राकेश मकवाणा का सस्पेंशन रद्द करते हुए बहाल कर दिया गया है। कलेक्टर डॉ इंद्रजीत यादव ने बताया कि दोनों को अभी डूंगरपुर मुख्यालय पर एपीओ किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि तहसीलदार मयूर शर्मा को राजस्व विभाग की ओर से सस्पेंड किया गया है। ऐसे में तहसीलदार को राजस्व विभाग से ही बहाल भी किया जाएगा। वहीं मामले में पुलिस की ओर से अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की ओर से मामले में जमीन बेचने वाली दोनों बहनों नजमा और फातिमा को जेल भेज दिया गया है। इस मामले में एक गवाह और बिचौलिया को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं जमीन खरीदने वाले हरिसिंह और एक और गवाह अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
परमाणु पनडुब्बी रणनीतिक मिसाइल क्रूजर प्रोजेक्ट 955 ए (कोड "बोरे-ए"), प्रिंस व्लादिमीर, जिन्होंने राज्य परीक्षण पूरा किया, को लगभग डेढ़ महीने में रूसी नौसेना को सौंप दिया जाएगा। इसकी घोषणा सोमवार को यूनाइटेड शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन (यूएससी) के प्रमुख अलेक्सी राखमनोव ने की। - TASS ने अपने शब्दों को पारित किया। पहले बताया गया था कि पनडुब्बी को सौंप दिया जाएगा बेड़ा दिसंबर 2019 के अंत में, "पेड़ के नीचे", लेकिन बाद में हस्तांतरण की तारीखों को 2020 के पहले छमाही में स्थानांतरित करने का फैसला किया। स्थगन का कारण पनडुब्बी क्रूजर के नवीनतम परीक्षणों के दौरान पहचानी गई कमियां थी, जो इस साल दिसंबर में हुई थी। सेवामश में सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है, जहां अब पनडुब्बी स्थित है। संशोधित 955A Borey-A परियोजना की रणनीतिक परमाणु परियोजना "प्रिंस व्लादिमीर" को 30 पर जुलाई के साल में 2012 पर सेवेरोडविंस्क के सेवमाश में रखा गया था, और कार्यशाला से निष्कर्ष 17 के 2017 वर्ष पर हुआ। बोरे-ए परियोजना को कम शोर, पैंतरेबाज़ी की अधिक उन्नत प्रणालियों और गहराई पर प्रतिधारण के साथ-साथ नियंत्रण द्वारा प्रतिष्ठित किया जाता है। हथियार. वर्तमान में, इस 955 परियोजना के चार और धारावाहिक ARPXNs सेवमाश में बनाए जा रहे हैंः प्रिंस ओलेग (आधिकारिक तौर पर जुलाई 27 2014 पर), जनरलसिमस सुवरोव (दिसंबर 26 2014 पर आधारित), सम्राट अलेक्जेंडर III (दिसंबर 18 2015 पर आधारित) वर्ष) और "प्रिंस पॉज़र्स्की" (दिसंबर 23 2016 वर्ष की स्थापना)। वर्तमान में, नौसेना 955 पीढ़ी के 4 (बोरे) परियोजना की तीन परमाणु मिसाइल पनडुब्बियों की सेवा कर रही है - रणनीतिक मिसाइल क्रूजर यूरी डोलगोरुकि, अलेक्जेंडर नेवस्की और व्लादिमीर मोनोमख।
परमाणु पनडुब्बी रणनीतिक मिसाइल क्रूजर प्रोजेक्ट नौ सौ पचपन ए , प्रिंस व्लादिमीर, जिन्होंने राज्य परीक्षण पूरा किया, को लगभग डेढ़ महीने में रूसी नौसेना को सौंप दिया जाएगा। इसकी घोषणा सोमवार को यूनाइटेड शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन के प्रमुख अलेक्सी राखमनोव ने की। - TASS ने अपने शब्दों को पारित किया। पहले बताया गया था कि पनडुब्बी को सौंप दिया जाएगा बेड़ा दिसंबर दो हज़ार उन्नीस के अंत में, "पेड़ के नीचे", लेकिन बाद में हस्तांतरण की तारीखों को दो हज़ार बीस के पहले छमाही में स्थानांतरित करने का फैसला किया। स्थगन का कारण पनडुब्बी क्रूजर के नवीनतम परीक्षणों के दौरान पहचानी गई कमियां थी, जो इस साल दिसंबर में हुई थी। सेवामश में सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है, जहां अब पनडुब्बी स्थित है। संशोधित नौ सौ पचपन एम्पीयर Borey-A परियोजना की रणनीतिक परमाणु परियोजना "प्रिंस व्लादिमीर" को तीस पर जुलाई के साल में दो हज़ार बारह पर सेवेरोडविंस्क के सेवमाश में रखा गया था, और कार्यशाला से निष्कर्ष सत्रह के दो हज़ार सत्रह वर्ष पर हुआ। बोरे-ए परियोजना को कम शोर, पैंतरेबाज़ी की अधिक उन्नत प्रणालियों और गहराई पर प्रतिधारण के साथ-साथ नियंत्रण द्वारा प्रतिष्ठित किया जाता है। हथियार. वर्तमान में, इस नौ सौ पचपन परियोजना के चार और धारावाहिक ARPXNs सेवमाश में बनाए जा रहे हैंः प्रिंस ओलेग , जनरलसिमस सुवरोव , सम्राट अलेक्जेंडर III वर्ष) और "प्रिंस पॉज़र्स्की" । वर्तमान में, नौसेना नौ सौ पचपन पीढ़ी के चार परियोजना की तीन परमाणु मिसाइल पनडुब्बियों की सेवा कर रही है - रणनीतिक मिसाइल क्रूजर यूरी डोलगोरुकि, अलेक्जेंडर नेवस्की और व्लादिमीर मोनोमख।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सामने आए ड्रग्स कनेक्शन पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बुधवार को बड़ा एक्शन लिया है। एजेंसी ने बॉलीवुड की कई टॉप एक्ट्रेस को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है। जिनको समन जारी किया गया है, उनमें दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और श्रद्धा कपूर के नाम शामिल हैं। दीपिका पादुकोण को 25 सितंबर, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर को 26 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सारा और श्रद्धा कपूर के घर एनसीबी की टीम नोटिस सर्व करने पहुंची है। इस मामले में पहले ही रिया चक्रवर्ती, शौविक समेत कई लोगों को जेल भेजा जा चुका है। इससे पहले, कई रिपोर्ट्स ने दावा किया था कि टीवी एक्टर्स अबीगेल पांडे और सनम जौहर को भी एनसीबी ने समन भेजा है। दरअसल, इन दोनों का नाम भी सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स ऐंगल में सामने आया था, जिसके बाद एनसीबी ने यह कदम उठाया। वहीं, सुशांत सिंह राजपूत की टैलेंट मैनेजर रहीं जया साहा ने कबूल किया है कि श्रद्धा कपूर, रिया चक्रवर्ती और एसएसआर के लिए उन्होंने सीबीडी ऑयल ड्रग अरेंज किया था। टाइम्स नाउ के मुताबिक जया साहा ने कहा कि सीबीडी ऑयल उन्होंने अनुराग कश्यप की पूर्व बिजनेस पार्टनर मधु मानतेना के लिए भी अरेंज किया था। क्या एक्ट्रेस श्वेता तिवारी निकलीं कोरोना पॉजिटिव? हाल ही में ड्रग्स मामले से जुड़ीं कुछ वॉट्सऐप चैट्स सामने आई थीं, जिसमें दीपिका पादुकोण का नाम सामने आया। इस चैट में D, K से 'माल' यानी ड्रग्स की मांग कर रही थीं। टाइम्स नाउ ने दावा किया था कि D दीपिका हैं और K करिश्मा हैं, जो क्वॉन टैलेंट मैनजमेंट एजेंसी की कर्मचारी है। क्वॉन कंपनी का कई बड़े बॉलीवुड एक्टर्स और एक्ट्रेसेस से कॉन्ट्रैक्ट रहा है, जिसमें दीपिका का नाम भी शामिल है। दीपिका चैट्स में 'माल' यानी ड्रग्स की मांग करते हुए मिली थीं। D to K: क्या तुम्हारे पास माल है? इसपर K जवाब देती हैं, 'है, लेकिन घर पर है। मैं बांद्रा में हूं। ' K लिखती हैं कि अगर आपको चाहिए तो अमित से कह देती हूं। फिर D कहती हैं कि हां, प्लीज। K का जवाब आता है कि अमित के पास है, वो रखता है। D लिखती हैं कि Hash ना? गांजा नहीं। K कहती हैं कि कोको के पास तुम कब आ रही हो। इसके बाद D का जवाब होता है कि साढ़े 11 से 12 के बीच। इन चैट्स के सामने आने के बाद एनसीबी के अधिकारियों ने भी कहा था कि जरूरत पड़ने पर दीपिका पादुकोण को तलब किया जा सकता है। गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून को हुई थी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इस केस में ड्रग्स ऐंगल से पूछताछ कर रहा है। मंगलवार को सुशांत सिंह राजपूत की टैलेंट मैनेजर रहीं जया साहा को एनसीबी ने पूछताछ के लिए दोबारा दफ्तर बुलाया था। इससे पहले, एनसीबी ने उनसे सोमवार को करीब पांच घंटे तक पूछताछ की थी। जया साहा ने एनसीबी को सुशांत संग हुई लास्ट फोन कॉल के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने यह भी बताया है कि जब उनकी मुलाकात मार्च में हुई थी तो दिवंगत एक्टर की तबीयत ठीक नहीं थी।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सामने आए ड्रग्स कनेक्शन पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने बुधवार को बड़ा एक्शन लिया है। एजेंसी ने बॉलीवुड की कई टॉप एक्ट्रेस को समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है। जिनको समन जारी किया गया है, उनमें दीपिका पादुकोण, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और श्रद्धा कपूर के नाम शामिल हैं। दीपिका पादुकोण को पच्चीस सितंबर, सारा अली खान और श्रद्धा कपूर को छब्बीस सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सारा और श्रद्धा कपूर के घर एनसीबी की टीम नोटिस सर्व करने पहुंची है। इस मामले में पहले ही रिया चक्रवर्ती, शौविक समेत कई लोगों को जेल भेजा जा चुका है। इससे पहले, कई रिपोर्ट्स ने दावा किया था कि टीवी एक्टर्स अबीगेल पांडे और सनम जौहर को भी एनसीबी ने समन भेजा है। दरअसल, इन दोनों का नाम भी सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स ऐंगल में सामने आया था, जिसके बाद एनसीबी ने यह कदम उठाया। वहीं, सुशांत सिंह राजपूत की टैलेंट मैनेजर रहीं जया साहा ने कबूल किया है कि श्रद्धा कपूर, रिया चक्रवर्ती और एसएसआर के लिए उन्होंने सीबीडी ऑयल ड्रग अरेंज किया था। टाइम्स नाउ के मुताबिक जया साहा ने कहा कि सीबीडी ऑयल उन्होंने अनुराग कश्यप की पूर्व बिजनेस पार्टनर मधु मानतेना के लिए भी अरेंज किया था। क्या एक्ट्रेस श्वेता तिवारी निकलीं कोरोना पॉजिटिव? हाल ही में ड्रग्स मामले से जुड़ीं कुछ वॉट्सऐप चैट्स सामने आई थीं, जिसमें दीपिका पादुकोण का नाम सामने आया। इस चैट में D, K से 'माल' यानी ड्रग्स की मांग कर रही थीं। टाइम्स नाउ ने दावा किया था कि D दीपिका हैं और K करिश्मा हैं, जो क्वॉन टैलेंट मैनजमेंट एजेंसी की कर्मचारी है। क्वॉन कंपनी का कई बड़े बॉलीवुड एक्टर्स और एक्ट्रेसेस से कॉन्ट्रैक्ट रहा है, जिसमें दीपिका का नाम भी शामिल है। दीपिका चैट्स में 'माल' यानी ड्रग्स की मांग करते हुए मिली थीं। D to K: क्या तुम्हारे पास माल है? इसपर K जवाब देती हैं, 'है, लेकिन घर पर है। मैं बांद्रा में हूं। ' K लिखती हैं कि अगर आपको चाहिए तो अमित से कह देती हूं। फिर D कहती हैं कि हां, प्लीज। K का जवाब आता है कि अमित के पास है, वो रखता है। D लिखती हैं कि Hash ना? गांजा नहीं। K कहती हैं कि कोको के पास तुम कब आ रही हो। इसके बाद D का जवाब होता है कि साढ़े ग्यारह से बारह के बीच। इन चैट्स के सामने आने के बाद एनसीबी के अधिकारियों ने भी कहा था कि जरूरत पड़ने पर दीपिका पादुकोण को तलब किया जा सकता है। गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत चौदह जून को हुई थी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो इस केस में ड्रग्स ऐंगल से पूछताछ कर रहा है। मंगलवार को सुशांत सिंह राजपूत की टैलेंट मैनेजर रहीं जया साहा को एनसीबी ने पूछताछ के लिए दोबारा दफ्तर बुलाया था। इससे पहले, एनसीबी ने उनसे सोमवार को करीब पांच घंटे तक पूछताछ की थी। जया साहा ने एनसीबी को सुशांत संग हुई लास्ट फोन कॉल के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने यह भी बताया है कि जब उनकी मुलाकात मार्च में हुई थी तो दिवंगत एक्टर की तबीयत ठीक नहीं थी।
लखनऊ। गोरखपुर और फूलपुर में विपक्षी एकजुटता के बाद 28 मई को होने जा रहे कैराना लोकसभा उपचुनाव पर सबकी निगाहें टिक गई हैं. यहां पर भी विपक्षी पार्टियों सपा, बसपा, रालोद(आरएलडी) की एकता एक बार फिर कसौटी पर होगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दबदबा रखने वाले राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने इस सीट से विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर अपने प्रत्याशी को खड़ा करने की परोक्ष रूप से इच्छा जताई है. पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह की अगुआई वाले रालोद का मानना है कि कैराना का जातीय और अन्य सियासी समीकरण उनके पक्ष में है. रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने बताया, "कैराना लोकसभा उपचुनाव में प्रत्याशी के बारे में निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा...लेकिन हम चाहते हैं कि भाजपा को हराने के लिये विपक्ष यहां भी उसी तरह एकजुट हो, जैसे कि वह गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनावों के समय हुआ था. "रालोद के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले कई वर्षों से कैराना में समाज के सभी वर्गों के बीच रहकर काम कर रही है और उसने सभी जाति और धर्म के लोगों का विश्वास जीता है. पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत चौधरी इस अभियान की अगुआई कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कैराना लोकसभा उपचुनाव में जयंत की उम्मीदवारी पर पहले ही सहमति जता चुकी है. नेता ने बताया कि रालोद ने कैराना और आसपास के इलाकों में दबदबा रखने वाले नेताओं आमिर आलम और नवाजिश आलम को पार्टी में शामिल करके अपना जनाधार बढ़ाया है. वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में 'मोदी लहर' और राजनीतिक रूप से खासा दबदबा रखने वाले मुनव्वर हसन के परिवार में वोटों के बंटवारे के बीच बीजेपी के हुकुम सिंह ने कैराना लोकसभा सीट जीती थी. उनके निधन के कारण यह सीट रिक्त हुई है. कैराना लोकसभा क्षेत्र में लगभग 17 लाख मतदाता हैं. इनमें तीन लाख मुसलमान, लगभग चार लाख पिछड़े और करीब डेढ़ लाख वोट जाटव दलितों के हैं. वर्ष 1999 और 2004 में इस सीट पर रालोद अपना परचम लहरा चुका है. रालोद ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में विपक्ष का साथ दिया था. अगर सपा, बसपा और रालोद का वोट एकजुट हो जाता है तो भाजपा के लिये मुश्किल और बढ़ सकती हैं. भाजपा ने करीब दो साल पहले कैराना से बहुसंख्यक वर्ग के परिवारों के 'पलायन' का मुद्दा उठाया था. पार्टी ने पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव के लिये अपने घोषणापत्र में इसे एक अहम मुद्दे के तौर पर शामिल किया था, लेकिन वह भाजपा के लिये फलीभूत नहीं हुआ था. कैराना विधानसभा सीट से हुकुम सिंह की बेटी भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को पराजय का सामना करना पड़ा था. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि उपचुनाव में भाजपा हुकुम सिंह की बेटी मृगांका को मैदान में उतार सकती है, क्योंकि इससे उन्हें सहानुभूति वोट भी मिल सकते हैं. किसके खाते में कितनी बार? कैराना लोकसभा सीट पिछले कई साल से अलग-अलग राजनीतिक दलों के खाते में जाती रही है. वर्ष 1996 में सपा, 1998 में बीजेपी, 1999 और 2004 में रालोद, 2009 में बसपा और 2014 में बीजेपी का इस पर कब्जा रहा. अब यह सीट किसकी झोली में जाएगी इस पर सभी की नजरें होंगी?
लखनऊ। गोरखपुर और फूलपुर में विपक्षी एकजुटता के बाद अट्ठाईस मई को होने जा रहे कैराना लोकसभा उपचुनाव पर सबकी निगाहें टिक गई हैं. यहां पर भी विपक्षी पार्टियों सपा, बसपा, रालोद की एकता एक बार फिर कसौटी पर होगी. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दबदबा रखने वाले राष्ट्रीय लोकदल ने इस सीट से विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर अपने प्रत्याशी को खड़ा करने की परोक्ष रूप से इच्छा जताई है. पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह की अगुआई वाले रालोद का मानना है कि कैराना का जातीय और अन्य सियासी समीकरण उनके पक्ष में है. रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने बताया, "कैराना लोकसभा उपचुनाव में प्रत्याशी के बारे में निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही करेगा...लेकिन हम चाहते हैं कि भाजपा को हराने के लिये विपक्ष यहां भी उसी तरह एकजुट हो, जैसे कि वह गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनावों के समय हुआ था. "रालोद के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले कई वर्षों से कैराना में समाज के सभी वर्गों के बीच रहकर काम कर रही है और उसने सभी जाति और धर्म के लोगों का विश्वास जीता है. पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत चौधरी इस अभियान की अगुआई कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कैराना लोकसभा उपचुनाव में जयंत की उम्मीदवारी पर पहले ही सहमति जता चुकी है. नेता ने बताया कि रालोद ने कैराना और आसपास के इलाकों में दबदबा रखने वाले नेताओं आमिर आलम और नवाजिश आलम को पार्टी में शामिल करके अपना जनाधार बढ़ाया है. वर्ष दो हज़ार चौदह में हुए लोकसभा चुनाव में 'मोदी लहर' और राजनीतिक रूप से खासा दबदबा रखने वाले मुनव्वर हसन के परिवार में वोटों के बंटवारे के बीच बीजेपी के हुकुम सिंह ने कैराना लोकसभा सीट जीती थी. उनके निधन के कारण यह सीट रिक्त हुई है. कैराना लोकसभा क्षेत्र में लगभग सत्रह लाख मतदाता हैं. इनमें तीन लाख मुसलमान, लगभग चार लाख पिछड़े और करीब डेढ़ लाख वोट जाटव दलितों के हैं. वर्ष एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे और दो हज़ार चार में इस सीट पर रालोद अपना परचम लहरा चुका है. रालोद ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में विपक्ष का साथ दिया था. अगर सपा, बसपा और रालोद का वोट एकजुट हो जाता है तो भाजपा के लिये मुश्किल और बढ़ सकती हैं. भाजपा ने करीब दो साल पहले कैराना से बहुसंख्यक वर्ग के परिवारों के 'पलायन' का मुद्दा उठाया था. पार्टी ने पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव के लिये अपने घोषणापत्र में इसे एक अहम मुद्दे के तौर पर शामिल किया था, लेकिन वह भाजपा के लिये फलीभूत नहीं हुआ था. कैराना विधानसभा सीट से हुकुम सिंह की बेटी भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को पराजय का सामना करना पड़ा था. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि उपचुनाव में भाजपा हुकुम सिंह की बेटी मृगांका को मैदान में उतार सकती है, क्योंकि इससे उन्हें सहानुभूति वोट भी मिल सकते हैं. किसके खाते में कितनी बार? कैराना लोकसभा सीट पिछले कई साल से अलग-अलग राजनीतिक दलों के खाते में जाती रही है. वर्ष एक हज़ार नौ सौ छियानवे में सपा, एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे में बीजेपी, एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे और दो हज़ार चार में रालोद, दो हज़ार नौ में बसपा और दो हज़ार चौदह में बीजेपी का इस पर कब्जा रहा. अब यह सीट किसकी झोली में जाएगी इस पर सभी की नजरें होंगी?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वाराणसी के श्रृंगार गौरी मामले में अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका पर शुक्रवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कर्नाटक हाई कोर्ट की ओर से शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर बैन के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 10 दिनों तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे करने का आदेश देने वाले सिविल जज रवि दिवाकर को धमकी मिली है। इसकी जानकारी मिले ही वाराणसी पुलिस ने सिविल जज के साथ जिला जज एके विश्वेशा की सुरक्षा भी बढ़ा दी है। वाराणसी के ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में बृहस्पिवार को निर्णय सुनाने वाले दीवानी अदालत के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि फैसला सुनाए जाने के दौरान उनका परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित था। इस फैसले को जज एसके यादव ने पढ़ा। यह केस उनके कार्यकाल का आखिरी केस था। फैसले की कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे जूडिशरी से मोदीशरी में बदलने की प्रक्रिया बताया है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वाराणसी के श्रृंगार गौरी मामले में अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका पर शुक्रवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अदालत अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कर्नाटक हाई कोर्ट की ओर से शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर बैन के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दस दिनों तक चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे करने का आदेश देने वाले सिविल जज रवि दिवाकर को धमकी मिली है। इसकी जानकारी मिले ही वाराणसी पुलिस ने सिविल जज के साथ जिला जज एके विश्वेशा की सुरक्षा भी बढ़ा दी है। वाराणसी के ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में बृहस्पिवार को निर्णय सुनाने वाले दीवानी अदालत के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि फैसला सुनाए जाने के दौरान उनका परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित था। इस फैसले को जज एसके यादव ने पढ़ा। यह केस उनके कार्यकाल का आखिरी केस था। फैसले की कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे जूडिशरी से मोदीशरी में बदलने की प्रक्रिया बताया है।
ईटीः दिसंबर में गोल्ड का इंपोर्ट पिछले महीने की तुलना में 30 पर्सेंट घट सकता है। कीमतों में बढ़ोतरी के चलते देश में सोने की मांग में गिरावट आई है। अक्टूबर में करीब 40 टन गोल्ड इंपोर्ट हुआ था। नवंबर में सोने की कीमतें 38,900 रुपये से घटकर 37,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई थीं। इससे पिछले महीने में सोने का इंपोर्ट बढ़कर 71 टन चला गया था। ऐसा नवंबर में अमेरिका और चीन की ओर से महीनों के विवाद के बाद अंतरिम ट्रेड डील के पूरा होने के संकेत देने के बाद हुआ था। हालांकि कीमतें अब फिर से पिछले महीने के स्तर पर पहुंच गई हैं। ग्लोबल इनवेस्टर, अमेरिका और चीन से 'पहले चरण' की ट्रेड डील पर तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। बुलियन डीलर साल के अंत में स्टॉक खत्म करने के लिए जूलर्स को 3 डॉलर प्रति औंस का डिस्काउंट ऑफर कर रहे हैं। एनालिस्टों का कहना है कि ग्लोबल इकनॉमी की ग्रोथ से जुड़ी चिंताओं और केंद्रीय बैंक के 'एकोमोडेटिव' रुख के चलते सोने की मांग अधिक रही है। ग्लोबल लेवल पर गोल्ड करीब 1,480 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट तपन पटेल ने बताया, 'सोने की कीमतों के मजबूत बने रहने की उम्मीद है। मजबूत इकनॉमिक रिकवरी के लिए ग्लोबल लेवल पर मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में गिरावट अभी भी एक प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई है। ब्रेग्जिट और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के महाभियोग से शॉर्ट टर्म में कीमतों में तेजी आ सकती है। ' बॉक्सः क्रिसमम और न्यू ईयर हॉलिडे से पहले सोमवार को गोल्ड की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। अमेरिका-चीन ट्रेड डील के मोर्चे पर निवेशक स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं। 'दिसंबर में गोल्ड का इंपोर्ट 50 टन के करीब रह सकता है। ' ' अगर कीमतें 38,000 से 39,000 के बीच रहती हैं तो हमें दिसंबर से फरवरी में सोने की मंथली डिमांड 40-50 टन के बीच बने रहने की उम्मीद है। '
ईटीः दिसंबर में गोल्ड का इंपोर्ट पिछले महीने की तुलना में तीस पर्सेंट घट सकता है। कीमतों में बढ़ोतरी के चलते देश में सोने की मांग में गिरावट आई है। अक्टूबर में करीब चालीस टन गोल्ड इंपोर्ट हुआ था। नवंबर में सोने की कीमतें अड़तीस,नौ सौ रुपयापये से घटकर सैंतीस,नौ सौ रुपयापये प्रति दस ग्राम पर आ गई थीं। इससे पिछले महीने में सोने का इंपोर्ट बढ़कर इकहत्तर टन चला गया था। ऐसा नवंबर में अमेरिका और चीन की ओर से महीनों के विवाद के बाद अंतरिम ट्रेड डील के पूरा होने के संकेत देने के बाद हुआ था। हालांकि कीमतें अब फिर से पिछले महीने के स्तर पर पहुंच गई हैं। ग्लोबल इनवेस्टर, अमेरिका और चीन से 'पहले चरण' की ट्रेड डील पर तस्वीर साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। बुलियन डीलर साल के अंत में स्टॉक खत्म करने के लिए जूलर्स को तीन डॉलर प्रति औंस का डिस्काउंट ऑफर कर रहे हैं। एनालिस्टों का कहना है कि ग्लोबल इकनॉमी की ग्रोथ से जुड़ी चिंताओं और केंद्रीय बैंक के 'एकोमोडेटिव' रुख के चलते सोने की मांग अधिक रही है। ग्लोबल लेवल पर गोल्ड करीब एक,चार सौ अस्सी डॉलर प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट तपन पटेल ने बताया, 'सोने की कीमतों के मजबूत बने रहने की उम्मीद है। मजबूत इकनॉमिक रिकवरी के लिए ग्लोबल लेवल पर मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में गिरावट अभी भी एक प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई है। ब्रेग्जिट और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के महाभियोग से शॉर्ट टर्म में कीमतों में तेजी आ सकती है। ' बॉक्सः क्रिसमम और न्यू ईयर हॉलिडे से पहले सोमवार को गोल्ड की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। अमेरिका-चीन ट्रेड डील के मोर्चे पर निवेशक स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं। 'दिसंबर में गोल्ड का इंपोर्ट पचास टन के करीब रह सकता है। ' ' अगर कीमतें अड़तीस,शून्य से उनतालीस,शून्य के बीच रहती हैं तो हमें दिसंबर से फरवरी में सोने की मंथली डिमांड चालीस-पचास टन के बीच बने रहने की उम्मीद है। '
मुंबई, 4 जून । फिल्मकार अशोक पंडित ने रविवार को इंग्लैंड में चल रहे चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत और पाकिस्तान के बहुप्रतीक्षित मैच के बहिष्कार का आह्वान किया है। फिल्मकार ने बहिष्कार के पीछे दोनों देशों के बीच सीमा चल रहे तनाव का हवाला दिया है। वहीं दूसरी ओर अशोक पंडित को अपनी टिप्पणी पर बॉलीवुड के सितारों की कड़ी आलोचना का शिकार होना पड़ा। अपने ट्वीट में पंडित ने कहा, "प्यारे क्रिकेट खिलाड़ियों, जब आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने में व्यस्त रहेंगे, तब शनिवार को सीमा पर शहीद हुए जवानों के परिजन रो रहे होंगे। पाकिस्तान के मैच का बहिष्कार करें। यह उन सभी शहीदों का अपमान है, जिन्होंने पाकिस्तान के कारण अपनी जान गंवाई है।" पंडित के इस ट्वीट के खिलाफ फिल्म जगत के कई सितारों ने अपने विचार ट्वीट के जरिए सामने रखे। 'रईस' फिल्म के निर्देशक राहुल ढोलकिया ने कहा, "भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच मैच बर्मिघम में है न कि वाघा सीमा पर।" फिल्मकार शेखर कपूर ने अपने पोस्ट में कहा, "खेल लोगों को एक साथ लाता है। नफरत करना क्रिकेट का अनादर करना है। खेल की भावना को खत्म कर देना। क्रिकेट मैच का आनंद लें।" इसी प्रकार की प्रतिक्रिया देते हुए फिल्मकार अनुभव सिन्हा ने कहा, "रोमांचक बात है कि तुम क्रिकेट खिलाड़ियों को बाहर निकलने के लिए कह रहे हो न कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) या सरकार को।" सिन्हा के इस संदेश के जवाब में पंडित ने कहा, "क्या खिलाड़ी मैदान पर उतरने से इनकार नहीं कर सकते? क्या उनकी देश के जवानों के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है? बीसीसीआई और सरकार एक-समान ही जिम्मेदार हैं।" सिन्हा ने कहा, "अपनी विनम्र राय में मैं यह कहना चाहता हूं कि यह मामला नीतिगत होना चाहिए न कि मनमानी वाला। फिल्मों, क्रिकेट और व्यवसाय के लिए अलग-अलग नीतियां नहीं हो सकतीं?"
मुंबई, चार जून । फिल्मकार अशोक पंडित ने रविवार को इंग्लैंड में चल रहे चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत और पाकिस्तान के बहुप्रतीक्षित मैच के बहिष्कार का आह्वान किया है। फिल्मकार ने बहिष्कार के पीछे दोनों देशों के बीच सीमा चल रहे तनाव का हवाला दिया है। वहीं दूसरी ओर अशोक पंडित को अपनी टिप्पणी पर बॉलीवुड के सितारों की कड़ी आलोचना का शिकार होना पड़ा। अपने ट्वीट में पंडित ने कहा, "प्यारे क्रिकेट खिलाड़ियों, जब आप पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने में व्यस्त रहेंगे, तब शनिवार को सीमा पर शहीद हुए जवानों के परिजन रो रहे होंगे। पाकिस्तान के मैच का बहिष्कार करें। यह उन सभी शहीदों का अपमान है, जिन्होंने पाकिस्तान के कारण अपनी जान गंवाई है।" पंडित के इस ट्वीट के खिलाफ फिल्म जगत के कई सितारों ने अपने विचार ट्वीट के जरिए सामने रखे। 'रईस' फिल्म के निर्देशक राहुल ढोलकिया ने कहा, "भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच मैच बर्मिघम में है न कि वाघा सीमा पर।" फिल्मकार शेखर कपूर ने अपने पोस्ट में कहा, "खेल लोगों को एक साथ लाता है। नफरत करना क्रिकेट का अनादर करना है। खेल की भावना को खत्म कर देना। क्रिकेट मैच का आनंद लें।" इसी प्रकार की प्रतिक्रिया देते हुए फिल्मकार अनुभव सिन्हा ने कहा, "रोमांचक बात है कि तुम क्रिकेट खिलाड़ियों को बाहर निकलने के लिए कह रहे हो न कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड या सरकार को।" सिन्हा के इस संदेश के जवाब में पंडित ने कहा, "क्या खिलाड़ी मैदान पर उतरने से इनकार नहीं कर सकते? क्या उनकी देश के जवानों के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं है? बीसीसीआई और सरकार एक-समान ही जिम्मेदार हैं।" सिन्हा ने कहा, "अपनी विनम्र राय में मैं यह कहना चाहता हूं कि यह मामला नीतिगत होना चाहिए न कि मनमानी वाला। फिल्मों, क्रिकेट और व्यवसाय के लिए अलग-अलग नीतियां नहीं हो सकतीं?"
आज व्यापारियों के लिए कई अलग- अलग ट्रेडिंग रणनीतियाँ हैं । इनमें से, कुछ दूसरों की तुलना में अधिक जोखिम वाली हैं और कुछ रणनीतियां ऐसी हैं जो व्यापार में शामिल जोखिम को कम कर देती हैं । आयरन कोंडोर एक ऐसी ही कम जोखिम वाली रणनीति है । यह एक व्यापार तकनीक है जो आपको कम अस्थिरता वाले बाजार की स्थितियों का लाभ उठाने में मदद करती है। आइए आयरन कोंडोर रणनीति को बेहतर तरीके से जानें । आयरन कोंडोर क्या है? आयरन कोंडोर रणनीति में कॉल और पुट विकल्पों का उपयोग शामिल है । कुल मिलाकर, यह रणनीति चार विकल्पों के आसपास घूमती है, प्रत्येक विकल्प की समाप्ति की एक ही तारीख होती है । इन चारों उपर लिखी पंक्तियों में आप देख सकते हैं कि आयरन कोंडोर रणनीति में व्यापार के चारो पैरों का उपयोग किया जाता है । इस चार भाग वाली रणनीति में एक बियर पुट स्प्रेड और एक बुल कॉल स्प्रेड भी शामिल है । इसमें लंबी पुट की स्ट्राइक कीमत लंबी कॉल की स्ट्राइक कीमत से कम होती है । आयरन कोंडोर रणनीति का एक उदाहरणः मान लीजिए कि एक कंपनी फरवरी में 50 रुपये पर व्यापार कर रही है । आयरन कोंडोर रणनीति को लागू करने के लिए आप जो बेचते हैं या खरीदते हैं, सभी विकल्पों में 100 शेयरों का लॉट रखा जाता है। - आप रु.40 की स्ट्राइक मूल्य के साथ एक मार्च पुट ऑप्शन खरीदते हैं (50 रुपये की लागत से) - आप रु.60 की स्ट्राइक मूल्य के साथ एक मार्च कॉल ऑप्शन खरीदते हैं (50 रुपये की लागत से) - आप एक मार्च पुट ऑप्शन को 45 रुपये की स्ट्राइक कीमत के साथ बेचते हैं। (100 रुपये की कीमत पर ) - आप एक मार्च कॉल ऑप्शन को 55 रुपये की स्ट्राइक कीमत के साथ बेचते हैं। (100 रुपये की कीमत पर) तो आपका पूरा फायदा 100 रुपये है (क्योंकि आपको बेचे गए ऑप्शनो के लिए 200 रुपये प्राप्त हुए हैं और आपने खरीदे गए ऑप्शनो के लिए 100 रुपये का भुगतान किया है)। विकल्प 1 बेकार में ही समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह आपको शेयर 40 रुपये में बेचने का अधिकार देता है। (52 रुपये के बजाय) विकल्प 2 बेकार में ही समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह आपको शेयर 60 रुपये में खरीदने का अधिकार देता है (52 रुपये के बजाय) विकल्प 3 समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह खरीदार को 45 रुपये में शेयर बेचने का अधिकार देता है। (52 रुपये के बजाय) विकल्प 4 समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह खरीदार को 55 रुपये में शेयर खरीदने का अधिकार देता है। (52 रुपये के बजाय) यदि आप इस समय में आयरन कोंडोर रणनीति का पालन करते हैं तो आपको 100 रुपये का शुरुआती लाभ होगा। विकल्प 1 समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह आपको 40 रुपये में बेचने का अधिकार देता है। (जो बाजार मूल्य के समान है) विकल्प 2 समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह आपको 60 रुपये में खरीदने का अधिकार देता है (40 रुपये के बजाय) विकल्प 3 बेकार नहीं होगा, क्योंकि यह खरीदार को 45 रुपये में बेचने का अधिकार देता है। 45 (40 रुपये के बजाय) विकल्प 4 बेकार हो जाएगा, क्योंकि यह खरीदार को 55 रुपये में खरीदने का अधिकार देता है। (40 रुपये के बजाय) तो विकल्प 3 के संबंध में आपको 5 रुपये प्रति शेयर (यानी 45 रुपये शून्य से 40 रुपये) का नुकसान होगा । इससे आपको कुल 500 रुपये का नुकसान हो जाता है। 100 रुपये के शुरुआती लाभ के साथ इसे समाप्त करते हुए, आप 400 रुपये का नुकसान झेलते हैं । आयरन कोंडोर रणनीति अनुभवी व्यापारियों के लिए सबसे उपयुक्त है । इसके अलावा, लौह कोंडोर रणनीति सबसे अच्छी काम करती है यदि आप कम अस्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं, अगर आप अपने सभी चार ऑप्शनो को बेकार समाप्त करना चाहते हैं तो आप व्यापार पर लाभ कमा सकते हैं । इस रणनीति का उचित स्थान दो आंतरिक स्ट्राइक कीमतों के बीच है । यदि आप एक नौसिखिया हैं जो आयरन कोंडोर रणनीति का प्रयोग करना चाहते हैं, तो मूल बातों को समझना चाहिए , क्योंकि इसमें व्यापार के चारो आयाम शामिल हैं । आपको उचित व्यापारिक फैसला लेने की भी जरूरत है, क्योंकि बाजार की स्थिति सिर्फ सही होने पर ही इस रणनीति का प्रयोग करना फायदेमंद है।
आज व्यापारियों के लिए कई अलग- अलग ट्रेडिंग रणनीतियाँ हैं । इनमें से, कुछ दूसरों की तुलना में अधिक जोखिम वाली हैं और कुछ रणनीतियां ऐसी हैं जो व्यापार में शामिल जोखिम को कम कर देती हैं । आयरन कोंडोर एक ऐसी ही कम जोखिम वाली रणनीति है । यह एक व्यापार तकनीक है जो आपको कम अस्थिरता वाले बाजार की स्थितियों का लाभ उठाने में मदद करती है। आइए आयरन कोंडोर रणनीति को बेहतर तरीके से जानें । आयरन कोंडोर क्या है? आयरन कोंडोर रणनीति में कॉल और पुट विकल्पों का उपयोग शामिल है । कुल मिलाकर, यह रणनीति चार विकल्पों के आसपास घूमती है, प्रत्येक विकल्प की समाप्ति की एक ही तारीख होती है । इन चारों उपर लिखी पंक्तियों में आप देख सकते हैं कि आयरन कोंडोर रणनीति में व्यापार के चारो पैरों का उपयोग किया जाता है । इस चार भाग वाली रणनीति में एक बियर पुट स्प्रेड और एक बुल कॉल स्प्रेड भी शामिल है । इसमें लंबी पुट की स्ट्राइक कीमत लंबी कॉल की स्ट्राइक कीमत से कम होती है । आयरन कोंडोर रणनीति का एक उदाहरणः मान लीजिए कि एक कंपनी फरवरी में पचास रुपयापये पर व्यापार कर रही है । आयरन कोंडोर रणनीति को लागू करने के लिए आप जो बेचते हैं या खरीदते हैं, सभी विकल्पों में एक सौ शेयरों का लॉट रखा जाता है। - आप रु.चालीस की स्ट्राइक मूल्य के साथ एक मार्च पुट ऑप्शन खरीदते हैं - आप रु.साठ की स्ट्राइक मूल्य के साथ एक मार्च कॉल ऑप्शन खरीदते हैं - आप एक मार्च पुट ऑप्शन को पैंतालीस रुपयापये की स्ट्राइक कीमत के साथ बेचते हैं। - आप एक मार्च कॉल ऑप्शन को पचपन रुपयापये की स्ट्राइक कीमत के साथ बेचते हैं। तो आपका पूरा फायदा एक सौ रुपयापये है । विकल्प एक बेकार में ही समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह आपको शेयर चालीस रुपयापये में बेचने का अधिकार देता है। विकल्प दो बेकार में ही समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह आपको शेयर साठ रुपयापये में खरीदने का अधिकार देता है विकल्प तीन समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह खरीदार को पैंतालीस रुपयापये में शेयर बेचने का अधिकार देता है। विकल्प चार समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह खरीदार को पचपन रुपयापये में शेयर खरीदने का अधिकार देता है। यदि आप इस समय में आयरन कोंडोर रणनीति का पालन करते हैं तो आपको एक सौ रुपयापये का शुरुआती लाभ होगा। विकल्प एक समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह आपको चालीस रुपयापये में बेचने का अधिकार देता है। विकल्प दो समाप्त हो जाएगा, क्योंकि यह आपको साठ रुपयापये में खरीदने का अधिकार देता है विकल्प तीन बेकार नहीं होगा, क्योंकि यह खरीदार को पैंतालीस रुपयापये में बेचने का अधिकार देता है। पैंतालीस विकल्प चार बेकार हो जाएगा, क्योंकि यह खरीदार को पचपन रुपयापये में खरीदने का अधिकार देता है। तो विकल्प तीन के संबंध में आपको पाँच रुपयापये प्रति शेयर का नुकसान होगा । इससे आपको कुल पाँच सौ रुपयापये का नुकसान हो जाता है। एक सौ रुपयापये के शुरुआती लाभ के साथ इसे समाप्त करते हुए, आप चार सौ रुपयापये का नुकसान झेलते हैं । आयरन कोंडोर रणनीति अनुभवी व्यापारियों के लिए सबसे उपयुक्त है । इसके अलावा, लौह कोंडोर रणनीति सबसे अच्छी काम करती है यदि आप कम अस्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं, अगर आप अपने सभी चार ऑप्शनो को बेकार समाप्त करना चाहते हैं तो आप व्यापार पर लाभ कमा सकते हैं । इस रणनीति का उचित स्थान दो आंतरिक स्ट्राइक कीमतों के बीच है । यदि आप एक नौसिखिया हैं जो आयरन कोंडोर रणनीति का प्रयोग करना चाहते हैं, तो मूल बातों को समझना चाहिए , क्योंकि इसमें व्यापार के चारो आयाम शामिल हैं । आपको उचित व्यापारिक फैसला लेने की भी जरूरत है, क्योंकि बाजार की स्थिति सिर्फ सही होने पर ही इस रणनीति का प्रयोग करना फायदेमंद है।
अभिवादन करना चाहिये, पादस्पर्शादिसे नहीं ( ३२ । ५ ) उशनःसहिताका भी यही मत है ( ३ । २७ ) । पहले ही बताया गया है कि ब्राह्मणादि वर्णोंके शव देह पुराने जमानेमें शुद्ध दास स्मशानमें ले जाया करते थे। बाद में शूद्रोंका शवको स्पर्श करना निषिद्ध हो गया । आगे चलकर देखते हैं कि यद्यपि पिता और माताके शवको वहन करना और दाह करना पुत्रका ही कर्तव्य है (विष्णुसंहिता १९ (३) तथापि द्विजातिका शव शूद्र पत्नीके गर्भसे उत्पन्न पुत्र वहन नहीं कर सकता (१९ । ४ ) । सवर्णा और असवर्णा पत्नियोंकी सन्तानकी मृत्युसे अन्यान्य पुत्रोंका अशौच कैसे होता था, इसकी नाना प्रकारकी व्यवस्थायें विष्णुसंहिता ( २२ अध्याय ), उशनःसंहिता ( ६ ष्ठं अध्याय ) और शंखसंहिता ( १५ । १६१८ ) आदि धर्मशास्त्रों में वर्णित है। प्रसङ्गवश यहां उशनाः की एक बातका उल्लेख किया जा रहा है। ब्राह्मणके सेवक क्षत्रिय हों, वैश्य हों या शुद्ध हों, सबके लिये ब्राह्मणके समान दस दिनका ही अशौच विहित है ( ६ । ३५ ) । अधिक दिनका अशौच होनेसे काम काजमें बाधा पड़ सकती थी, शायद इसीलिये, यह व्यवस्था की गई थी । अवतक हम अनुलोम विवाह ( ऊंचे वर्णके पुरुषका नीचे वर्णकी कन्या के साथ विवाह ) की ही चर्चा करते आये हैं । शास्त्र के मतसे यह विहित है; पर इसका उलटा प्रतिलोम विवाह अर्थात् ऊंचे वर्णकी कन्याका नीचे वर्णके वरके साथ विवाहका समर्थन शास्त्र नहीं करता । किन्तु प्राचीन कालके अनेक दृष्टान्तों से ऐसा नहीं मालूम होता कि यह प्रथा एकदम अचल है । दैत्याचार्य शुक्र ब्राह्मण थे। उनकी पुत्री देवयानीने ययाति राजासे विवाह करना चाहा । ययातिने संकुचित होकर कहा - में क्षत्रिय हूँ तुम्हारे योग्य नहीं हूं ( आदि ८१ । १८ ) । इसपर देवयानीने कहा कि ब्राह्मण क्षत्रिके साथ और क्षत्रिय ब्राह्मणके
अभिवादन करना चाहिये, पादस्पर्शादिसे नहीं उशनःसहिताका भी यही मत है । पहले ही बताया गया है कि ब्राह्मणादि वर्णोंके शव देह पुराने जमानेमें शुद्ध दास स्मशानमें ले जाया करते थे। बाद में शूद्रोंका शवको स्पर्श करना निषिद्ध हो गया । आगे चलकर देखते हैं कि यद्यपि पिता और माताके शवको वहन करना और दाह करना पुत्रका ही कर्तव्य है तथापि द्विजातिका शव शूद्र पत्नीके गर्भसे उत्पन्न पुत्र वहन नहीं कर सकता । सवर्णा और असवर्णा पत्नियोंकी सन्तानकी मृत्युसे अन्यान्य पुत्रोंका अशौच कैसे होता था, इसकी नाना प्रकारकी व्यवस्थायें विष्णुसंहिता , उशनःसंहिता और शंखसंहिता आदि धर्मशास्त्रों में वर्णित है। प्रसङ्गवश यहां उशनाः की एक बातका उल्लेख किया जा रहा है। ब्राह्मणके सेवक क्षत्रिय हों, वैश्य हों या शुद्ध हों, सबके लिये ब्राह्मणके समान दस दिनका ही अशौच विहित है । अधिक दिनका अशौच होनेसे काम काजमें बाधा पड़ सकती थी, शायद इसीलिये, यह व्यवस्था की गई थी । अवतक हम अनुलोम विवाह की ही चर्चा करते आये हैं । शास्त्र के मतसे यह विहित है; पर इसका उलटा प्रतिलोम विवाह अर्थात् ऊंचे वर्णकी कन्याका नीचे वर्णके वरके साथ विवाहका समर्थन शास्त्र नहीं करता । किन्तु प्राचीन कालके अनेक दृष्टान्तों से ऐसा नहीं मालूम होता कि यह प्रथा एकदम अचल है । दैत्याचार्य शुक्र ब्राह्मण थे। उनकी पुत्री देवयानीने ययाति राजासे विवाह करना चाहा । ययातिने संकुचित होकर कहा - में क्षत्रिय हूँ तुम्हारे योग्य नहीं हूं । इसपर देवयानीने कहा कि ब्राह्मण क्षत्रिके साथ और क्षत्रिय ब्राह्मणके
पांवटा साहिब के देवीनगर में बीते दिनों एक फार्मा उद्योग पर पंजाब पुलिस की दबिश ने यू-टर्न लिया है। इस मामले में उद्योग के पार्टनर की पत्नी की ओर से चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज भारद्वाज ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में कटघरे में खड़ा किया है। यूनिक फॉर्मूलेशन उद्योग के पार्टनर मनीष मोहन की पत्नी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज भारद्वाज ने पंजाब पुलिस की पूरी कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा है कि पंजाब पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर की अगवाई में यह छापेमारी की गई थी। इस तरह की छापेमारी पुलिस के एक राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में की जानी चाहिए थी। वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज भारद्वाज ने इस बात पर भी सवालिया निशान लगाए हैं कि जब यूनिक फॉर्मूलेशन उद्योग के पास 25 दवाओं के निर्माण को लेकर तमाम दस्तावेज प्रोडक्शन से संबंधित मौजूद थे ,तो पंजाब पुलिस किस तरह 30 लाख के आसपास दवाइयां अपने साथ ले गई। साथ ही दवाइयों की कीमत 25 लाख से बढ़ाकर 15 करोड़ बताई गई है जो पूरी तरह से उद्योग को बदनाम करने के साथ-साथ लोगों को गुमराह करने की साजिश है। मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए यूनिक फॉर्मूलेशन उद्योग के अधिवक्ता पंकज भारद्वाज व उद्योग के पार्टनर मनीष मोहन की पत्नी ने स्पष्ट तौर पर पंजाब पुलिस की एकतरफा कार्रवाई को न्यायालय में घसीट दिया है। उन्होंने कहा कि अपनी पीठ थपथपाने के लिए पंजाब पुलिस ने इस एकतरफा कार्रवाई को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास दवाई बनाने का लाइंसेंस था और जिस अधिकारी ने लाइसेंस इशू किया था वह भी मौके पर मौजूद था। उसके बावजूद पंजाब पुलिस बिना किसी कारण कंपनी के मालिक व वहां मौजूद सारा सामान पंजाब पुलिस नाजायाज तरीके से ले गई और परिजनों को भी सूचित नहीं किया। इस दौरान उनके वकील पंकज भारद्वाज ने बताया कि कंपनी के पास हर चीज के ओरिजनल कागजात थे। पंकज भारद्वाज ने बताया कि पांवटा में एक पंजाब के सब-इंस्पेक्टर आते हैं और बिना किसी बड़े अधिकारी के वह इतनी मात्रा में कंपनी में बना सामान ले जाना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि जब इन प्रतिबंधित दवा को लाइसेंस कंपनी मालिक ने दिखा दिया था तो वह किस वजह से कंपनी के मालिक व सामग्री कैसे ले जा सकते हैं। भारद्वाज ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने हिमाचल हाईकोर्ट शिमला में पिटीशन की है । इसमें उन्होंने पंजाब की तरफ से डीजीपी, एसएसपी व जो टीम पांवटा आई थी उनको पार्टी बनाया है। प्रदेश के डीजीपी, हेल्थ सेक्रेटरी, चीफ सेक्रेटरी को पार्टी बनाया है जिनको नोटिस हुआ है। इसकी सुनवाई 14 जून को होगी। अब सुनवाई पर निगाहें टिकी हैं। (एचडीएम)
पांवटा साहिब के देवीनगर में बीते दिनों एक फार्मा उद्योग पर पंजाब पुलिस की दबिश ने यू-टर्न लिया है। इस मामले में उद्योग के पार्टनर की पत्नी की ओर से चंडीगढ़ के वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज भारद्वाज ने पंजाब पुलिस की कार्रवाई को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में कटघरे में खड़ा किया है। यूनिक फॉर्मूलेशन उद्योग के पार्टनर मनीष मोहन की पत्नी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज भारद्वाज ने पंजाब पुलिस की पूरी कार्रवाई पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा है कि पंजाब पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर की अगवाई में यह छापेमारी की गई थी। इस तरह की छापेमारी पुलिस के एक राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में की जानी चाहिए थी। वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज भारद्वाज ने इस बात पर भी सवालिया निशान लगाए हैं कि जब यूनिक फॉर्मूलेशन उद्योग के पास पच्चीस दवाओं के निर्माण को लेकर तमाम दस्तावेज प्रोडक्शन से संबंधित मौजूद थे ,तो पंजाब पुलिस किस तरह तीस लाख के आसपास दवाइयां अपने साथ ले गई। साथ ही दवाइयों की कीमत पच्चीस लाख से बढ़ाकर पंद्रह करोड़ बताई गई है जो पूरी तरह से उद्योग को बदनाम करने के साथ-साथ लोगों को गुमराह करने की साजिश है। मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए यूनिक फॉर्मूलेशन उद्योग के अधिवक्ता पंकज भारद्वाज व उद्योग के पार्टनर मनीष मोहन की पत्नी ने स्पष्ट तौर पर पंजाब पुलिस की एकतरफा कार्रवाई को न्यायालय में घसीट दिया है। उन्होंने कहा कि अपनी पीठ थपथपाने के लिए पंजाब पुलिस ने इस एकतरफा कार्रवाई को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास दवाई बनाने का लाइंसेंस था और जिस अधिकारी ने लाइसेंस इशू किया था वह भी मौके पर मौजूद था। उसके बावजूद पंजाब पुलिस बिना किसी कारण कंपनी के मालिक व वहां मौजूद सारा सामान पंजाब पुलिस नाजायाज तरीके से ले गई और परिजनों को भी सूचित नहीं किया। इस दौरान उनके वकील पंकज भारद्वाज ने बताया कि कंपनी के पास हर चीज के ओरिजनल कागजात थे। पंकज भारद्वाज ने बताया कि पांवटा में एक पंजाब के सब-इंस्पेक्टर आते हैं और बिना किसी बड़े अधिकारी के वह इतनी मात्रा में कंपनी में बना सामान ले जाना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि जब इन प्रतिबंधित दवा को लाइसेंस कंपनी मालिक ने दिखा दिया था तो वह किस वजह से कंपनी के मालिक व सामग्री कैसे ले जा सकते हैं। भारद्वाज ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने हिमाचल हाईकोर्ट शिमला में पिटीशन की है । इसमें उन्होंने पंजाब की तरफ से डीजीपी, एसएसपी व जो टीम पांवटा आई थी उनको पार्टी बनाया है। प्रदेश के डीजीपी, हेल्थ सेक्रेटरी, चीफ सेक्रेटरी को पार्टी बनाया है जिनको नोटिस हुआ है। इसकी सुनवाई चौदह जून को होगी। अब सुनवाई पर निगाहें टिकी हैं।
कांग्रेस में बदलाव की मांग कर रहे नेताओं और अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुलाकातों का दौर जारी है। मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, मनीष तिवारी और विवेक तन्खा भी सोनिया के आवास पर मिलने पहुंचे। खबर है कि पार्टी अध्यक्ष जल्द ही अन्य नेताओं के साथ भी बैठक कर सकती हैं। खास बात है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद से ही नेतृत्व के खिलाफ पार्टी नेताओं ने फिर सुर बुलंद किए हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को कांग्रेस दिग्गज गुलाम नबी आजाद से मिलने के बाद मंगलवार को सोनिया गांधी ने G-23 के तीन और नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी में जारी संकट और इसके समाधान को लेकर चर्चाएं की गई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सोनिया और नेताओं के साथ भी बैठक कर सकती हैं। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि नेताओं ने सोनिया गांधी से का कि नेतृत्व को पार्टी के मामलों को लेकर कुछ नेताओं पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। इसके अलावा तीनों नेताओं ने सामूहिक निर्णय के मॉडल को स्थापित करने की बात कही। सोनिया की तरफ से किए जा रहे इन प्रयासों को नेताओं के गुस्से को शांत करने और हालात को काबू से बाहर नहीं जाने देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। असंतोष को शांत करने के लिए G-23 के कुछ नेताओं को पद दिए जा सकते हैं और उन्हें संगठन स्तर पर जिम्मेदारियां मिल सकती है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, यह माना जा रहा है कि सोनिया ने नेताओं को बताया कि अगस्त-सितंबर में नया अध्यक्ष चुना जाना है और इसे देखते हुए फिलहाल बड़ी सर्जरी या बदलाव मुमकिन नहीं हैं।
कांग्रेस में बदलाव की मांग कर रहे नेताओं और अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुलाकातों का दौर जारी है। मंगलवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा, मनीष तिवारी और विवेक तन्खा भी सोनिया के आवास पर मिलने पहुंचे। खबर है कि पार्टी अध्यक्ष जल्द ही अन्य नेताओं के साथ भी बैठक कर सकती हैं। खास बात है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद से ही नेतृत्व के खिलाफ पार्टी नेताओं ने फिर सुर बुलंद किए हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को कांग्रेस दिग्गज गुलाम नबी आजाद से मिलने के बाद मंगलवार को सोनिया गांधी ने G-तेईस के तीन और नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी में जारी संकट और इसके समाधान को लेकर चर्चाएं की गई। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सोनिया और नेताओं के साथ भी बैठक कर सकती हैं। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि नेताओं ने सोनिया गांधी से का कि नेतृत्व को पार्टी के मामलों को लेकर कुछ नेताओं पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। इसके अलावा तीनों नेताओं ने सामूहिक निर्णय के मॉडल को स्थापित करने की बात कही। सोनिया की तरफ से किए जा रहे इन प्रयासों को नेताओं के गुस्से को शांत करने और हालात को काबू से बाहर नहीं जाने देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। असंतोष को शांत करने के लिए G-तेईस के कुछ नेताओं को पद दिए जा सकते हैं और उन्हें संगठन स्तर पर जिम्मेदारियां मिल सकती है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, यह माना जा रहा है कि सोनिया ने नेताओं को बताया कि अगस्त-सितंबर में नया अध्यक्ष चुना जाना है और इसे देखते हुए फिलहाल बड़ी सर्जरी या बदलाव मुमकिन नहीं हैं।
हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उनसे नागरिकता संशोधन अधिनियम के साथ ही तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए भी कहा. तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि वो राज्य विधानसभा के बजट सत्र में केंद्र के कृषि कानूनों और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ प्रस्ताव पारित करेंगे. साथ ही कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहले से ही राज्यों में निहित शक्तियों को कम करने के किसी भी कदम को रोकने के लिए संयुक्त कार्रवाई करनी चाहिए. वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने भारतीय बंदरगाह विधेयक 2021 के नए ड्राफ्ट पर तटीय राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों को पत्र भी लिखा. हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उनसे नागरिकता संशोधन अधिनियम के साथ ही तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए भी कहा. 25 मिनट की बैठक के दौरान स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से कोविड -19 टीकों का पर्याप्त आवंटन, जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति और ओबीसी के लिए अखिल भारतीय कोटे में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए कहा था. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि पार्टी के सत्ता में आने पर राज्य में संशोधित नागरिकता अधिनियम (CAA) लागू नहीं करने दिया जाएगा. ये स्टालिन द्वारा दिया गया आश्वासन है. उन्होंने ये भी कहा कि उनकी पार्टी ने संसद में विधेयक का विरोध किया था. साथ ही स्टालिन ने सीएए के मुद्दे पर संसद में बीजेपी (BJP) का 'समर्थन' करने को लेकर राज्य में तब की सत्तारूढ़ एआईएडीएमके सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि अगर एआईएडीएमके और राज्य सभा में पीएमके के एकमात्र सदस्य ने विधेयक के खिलाफ मतदान किया होता, तो सीएए अस्तित्व में नहीं आया होता. उन्होंने कहा कि पूरे देश में अल्पसंख्यकों की 'दुर्दशा' के लिए दोनों दलों (बीजेपी और एआईएडीएमके) को दोषी ठहराया जाना चाहिए.
हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उनसे नागरिकता संशोधन अधिनियम के साथ ही तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए भी कहा. तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि वो राज्य विधानसभा के बजट सत्र में केंद्र के कृषि कानूनों और नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव पारित करेंगे. साथ ही कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहले से ही राज्यों में निहित शक्तियों को कम करने के किसी भी कदम को रोकने के लिए संयुक्त कार्रवाई करनी चाहिए. वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने भारतीय बंदरगाह विधेयक दो हज़ार इक्कीस के नए ड्राफ्ट पर तटीय राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों को पत्र भी लिखा. हाल ही में दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने उनसे नागरिकता संशोधन अधिनियम के साथ ही तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए भी कहा. पच्चीस मिनट की बैठक के दौरान स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से कोविड -उन्नीस टीकों का पर्याप्त आवंटन, जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति और ओबीसी के लिए अखिल भारतीय कोटे में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल पर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए कहा था. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान वादा किया था कि पार्टी के सत्ता में आने पर राज्य में संशोधित नागरिकता अधिनियम लागू नहीं करने दिया जाएगा. ये स्टालिन द्वारा दिया गया आश्वासन है. उन्होंने ये भी कहा कि उनकी पार्टी ने संसद में विधेयक का विरोध किया था. साथ ही स्टालिन ने सीएए के मुद्दे पर संसद में बीजेपी का 'समर्थन' करने को लेकर राज्य में तब की सत्तारूढ़ एआईएडीएमके सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि अगर एआईएडीएमके और राज्य सभा में पीएमके के एकमात्र सदस्य ने विधेयक के खिलाफ मतदान किया होता, तो सीएए अस्तित्व में नहीं आया होता. उन्होंने कहा कि पूरे देश में अल्पसंख्यकों की 'दुर्दशा' के लिए दोनों दलों को दोषी ठहराया जाना चाहिए.