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बिहार में 20 साल बाद भारी तूफान की संभावना जताई जा रही है. आपदा प्रबंधन विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है. 16 और 17 अप्रैल के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. जो एडवाइजरी जारी की गई है, उसके अनुसार लोगों को आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है.
वज्रपात, ओलापात, 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा बहने की आशंका जताई जा रही है. राज्य के सीमावर्ती जिले पूर्वी चंपारण, पश्चमी चंपारण समेत पूरे राज्य के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि पटना समेत अन्य जिलों में अलर्ट नहीं जारी किया गया है, लेकिन यहां आंधी-पानी की आशंका जताई गई है.
एडवाइजरी में लोगों से कहा गया है कि तेज आंधी पानी के दौरान अपने घर के सबसे मजबूत हिस्से में रहें. टूटे बिजली के तारों से सावधान रहें. किसी भी जानकारी के लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नंबर 06122522032 पर संपर्क करें.
जिन जिलों में बचाव की तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया गया है, उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, छपरा, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा शामिल हैं.
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| बिहार में बीस साल बाद भारी तूफान की संभावना जताई जा रही है. आपदा प्रबंधन विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है. सोलह और सत्रह अप्रैल के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. जो एडवाइजरी जारी की गई है, उसके अनुसार लोगों को आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है. वज्रपात, ओलापात, साठ से सत्तर किलोग्राममीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा बहने की आशंका जताई जा रही है. राज्य के सीमावर्ती जिले पूर्वी चंपारण, पश्चमी चंपारण समेत पूरे राज्य के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि पटना समेत अन्य जिलों में अलर्ट नहीं जारी किया गया है, लेकिन यहां आंधी-पानी की आशंका जताई गई है. एडवाइजरी में लोगों से कहा गया है कि तेज आंधी पानी के दौरान अपने घर के सबसे मजबूत हिस्से में रहें. टूटे बिजली के तारों से सावधान रहें. किसी भी जानकारी के लिए बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के नंबर छः एक दो दो पाँच दो दो शून्य तीन दो पर संपर्क करें. जिन जिलों में बचाव की तैयारी पूरी रखने का निर्देश दिया गया है, उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, छपरा, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा शामिल हैं. . |
क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार का एक्सीडेंट हो गया है. ऋषभ पंत की कार के साथ दिल्ली से घर लौटते समय बड़ा हादसा हुआ है. जिसमें ऋषभ पंत घायल हो गए हैं और उन्हें असपताल में भर्ती करवाया गया है. रुड़की के नारसन बॉर्डर पर मोहम्मदपुर झाल के समीप मोड़ पर उनकी बीएमडब्ल्यू कार का एक्सीडेंट हुआ. फिलहाल पंत की हालत अब स्थिर बताई जा रही है. कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें उनकी कमर पर खरोंच के निशान देखे जा सकते हैं. लेकिन राहत की खबर ये है कि ऋषभ पंत फिलहाल ठीक हैं.
बता दें कि उनकी कार घर लौटते वक्त रेलिंग से टकरा गई. जिसके बाद कार में आग लग गई. ऋषभ पंत को दिल्ली रोड़ स्थित सक्षम अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत रूड़की की ओर से घर वापिस लौट रहे थे तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा गई, जिसके बाद गाड़ी में आग लग गई.
इसी बीच उतराखंड के डीजीपी ने एनडीटीवी को बताया कि क्रिकेटर ऋषभ पंत सड़क दुर्घटना में घायल हुए और उनकी गाड़ी रुड़की में डिवाइडर से टकराई थी. उसके बाद उनकी गाड़ी में आग लग गई और पंत विंड स्क्रीन तोड़कर बाहर निकले थे हादसे के वक्त वे कार में अकेले थे. डीजीपी ने आगे बताया कि शरीर में ज्यादा चोट नहीं है लेकिन एक पैर में फ्रेक्चर की संभावना है. उन्हें देहरादून के मैक्स अस्पताल लाया जा रहा है.
उन्होंने ये भी बताया कि भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार का प्रातः लगभग 5:30 बजे कोतवाली मंगलोर क्षेत्रांतर्गत मोहम्मदपुर जट के पास एक्सीडेंट हुआ था. घायल ऋषभ पंत के कथननुसार उनको झपकी आने से गाड़ी डिसबैलेंस होकर डिवाइडर से टकरा गई और गाड़ी में अपने आप ही आग लग गई. दिल्ली से रुड़की जा रहे थे. मौके पर मौजूद 108 व हरिद्वार पुलिस द्वारा घायल पंत को सबसे पहले रुड़की अस्पताल में शिफ्ट किया, जिके बाद उन्हें तत्पश्चात देहरादून भेज दिया गया है.
बता दें कि हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम की घोषणा की गई है. टी 20 टीम में विराट कोहली, रोहित शर्मा, के एल राहुल और ऋषभ पंत को नहीं चुना गया है. लेकिन वनडे सीरीज के लिए चुनी गई टीम में भी पंत टीम का हिस्सा नहीं हैं. उनके घुटने में इंजरी के चलते उन्हें NCA में रिहैब के लिए भेजा गया था. श्रीलंका के खिलाफ टी 20 सीरीज का आगाज़ 3 जनवरी से होने जा रहा है. वहीं वनडे सीरीज की शुरुआत 10 जनवरी से होगी. वहीं बाग्लादेश के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज़ के दूसरे टेस्ट में पंत ने 93 रन की शानदार पारी खेली थी. भारत ने टेस्ट सीरीज़ 2-0 से अपने नाम की थी.
| क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार का एक्सीडेंट हो गया है. ऋषभ पंत की कार के साथ दिल्ली से घर लौटते समय बड़ा हादसा हुआ है. जिसमें ऋषभ पंत घायल हो गए हैं और उन्हें असपताल में भर्ती करवाया गया है. रुड़की के नारसन बॉर्डर पर मोहम्मदपुर झाल के समीप मोड़ पर उनकी बीएमडब्ल्यू कार का एक्सीडेंट हुआ. फिलहाल पंत की हालत अब स्थिर बताई जा रही है. कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें उनकी कमर पर खरोंच के निशान देखे जा सकते हैं. लेकिन राहत की खबर ये है कि ऋषभ पंत फिलहाल ठीक हैं. बता दें कि उनकी कार घर लौटते वक्त रेलिंग से टकरा गई. जिसके बाद कार में आग लग गई. ऋषभ पंत को दिल्ली रोड़ स्थित सक्षम अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत रूड़की की ओर से घर वापिस लौट रहे थे तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा गई, जिसके बाद गाड़ी में आग लग गई. इसी बीच उतराखंड के डीजीपी ने एनडीटीवी को बताया कि क्रिकेटर ऋषभ पंत सड़क दुर्घटना में घायल हुए और उनकी गाड़ी रुड़की में डिवाइडर से टकराई थी. उसके बाद उनकी गाड़ी में आग लग गई और पंत विंड स्क्रीन तोड़कर बाहर निकले थे हादसे के वक्त वे कार में अकेले थे. डीजीपी ने आगे बताया कि शरीर में ज्यादा चोट नहीं है लेकिन एक पैर में फ्रेक्चर की संभावना है. उन्हें देहरादून के मैक्स अस्पताल लाया जा रहा है. उन्होंने ये भी बताया कि भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की कार का प्रातः लगभग पाँच:तीस बजे कोतवाली मंगलोर क्षेत्रांतर्गत मोहम्मदपुर जट के पास एक्सीडेंट हुआ था. घायल ऋषभ पंत के कथननुसार उनको झपकी आने से गाड़ी डिसबैलेंस होकर डिवाइडर से टकरा गई और गाड़ी में अपने आप ही आग लग गई. दिल्ली से रुड़की जा रहे थे. मौके पर मौजूद एक सौ आठ व हरिद्वार पुलिस द्वारा घायल पंत को सबसे पहले रुड़की अस्पताल में शिफ्ट किया, जिके बाद उन्हें तत्पश्चात देहरादून भेज दिया गया है. बता दें कि हाल ही में श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम की घोषणा की गई है. टी बीस टीम में विराट कोहली, रोहित शर्मा, के एल राहुल और ऋषभ पंत को नहीं चुना गया है. लेकिन वनडे सीरीज के लिए चुनी गई टीम में भी पंत टीम का हिस्सा नहीं हैं. उनके घुटने में इंजरी के चलते उन्हें NCA में रिहैब के लिए भेजा गया था. श्रीलंका के खिलाफ टी बीस सीरीज का आगाज़ तीन जनवरी से होने जा रहा है. वहीं वनडे सीरीज की शुरुआत दस जनवरी से होगी. वहीं बाग्लादेश के खिलाफ हाल ही में समाप्त हुई टेस्ट सीरीज़ के दूसरे टेस्ट में पंत ने तिरानवे रन की शानदार पारी खेली थी. भारत ने टेस्ट सीरीज़ दो-शून्य से अपने नाम की थी. |
करके तो देखें ! नकल कलाकार की मौत है। उसके जीवन का स्वप्न होता है अपने को न केवल दूसरों से, बल्कि वह खुद कल तक जैसा था, उससे भी भिन्न ढंग से अभिव्यक्त करना ।
'त्स्वेतुखिन आपको यही सिखाता है ? मैं उससे सहमत नहीं । कलाकार को अपने माध्यम से लोगों को अभिव्यक्त करना चाहिए और वह भी ऐसे, जैसे कि वे वास्तव में हैं। नहीं तो उसे कोई नहीं समझ पायेगा ।
आनोचका एकाग्र होकर सोच रही थी । वह अपना सारा ध्यान यों केंद्रित किये हुए थी कि जैसे कोई सवाल हल कर रही हो । उसने होंठों पर अंगुली भी रख ली थी । एकाएक उसने हर्षभरी मुस्कान के साथ और शांत स्वर में, जैसे कि वह अपनी कोई बहुत ही अंतरंग भावना प्रकट करने जा रही हो, कहा,
'मैं आपसे सहमत हूं और मेरा खयाल है कि येगोर पावलोविच भी अवश्य सहमत होंगे। लेकिन, समझा जाना - यह लक्ष्य है, जबकि मैं बात लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए होनेवाली गलतियों की कर रही थी । यानी वे गलतियां, जो खोज के दौरान काम के दौरान होती हैं। कोई भी लक्ष्य उसकी ओर बढ़े बिना तो पाया नहीं जा सकता । ठीक है न ? गलतियां इस बढ़ने की प्रक्रिया में ही होती हैं ।
गलतियां करना पाप नहीं है। लेकिन दूसरों की गलतियां क्यों दोहरायी जायें ? "
आनोचका एकाएक एड़ियों के बल घूमकर उसकी ओर मुखातिब
हुई ।
नहीं ! इसका मतलब है कि आप त्स्वेतुखिन को बिल्कुल नहीं जानते ! "
मेज़ पर खाना लग चुका था । वेरा निकान्द्रोना अब तक एक कान से उनकी बातें सुनती जा रही थी, जिसकी वजह से किरील का ध्यान अपने विचारों से बार-बार हट जाता था। जब सब मेज़ के गिर्द बैठ गये, वेरा निकान्द्रोव्ना संतोष और निश्छलता से, मानो इस बात पर खुश होते हुए कि उसने जैसा चाहा था, वैसा ही हुआ है, वोली,
"वड़ी वहसी हो तुम ! अरे, तुम्हें अपने थियेटर से प्यार है, तो करो प्यार । कौन रोकता है तुम्हें ! "
"हां, हां, " आनोचका खुशी से चिल्लायी। कोई भी नहीं रोक सकता, क्योंकि यह सबसे प्रबल भावना है ! सबसे उत्कृष्ट ! सबसे पूर्ण ! सबसे . ( यहां उसकी निगाहें एकाएक किरील की शरारतभरी निगाहों से टकरा गयीं और वह तुरंत अचकचा गयी । ) सबसे ... मुझे थोड़ा सा सूप डाल दीजिये, वेरा निकान्द्रोव्ना ... किस चीज का है यह - पत्तागोभी का ?"
शुरुआत ऐसी मनोरंजक रही, तो फिर सारे ही भोजन के दौरान खुलकर हंसी-मज़ाक चलता रहा । किरील को लगा कि वह घर पर ही नहीं, विल्कुल अपने ही लोगों के बीच भी है। उसने आनोचका मे कहा कि वह उसे कार में शहर तक पहुंचा देगा और वह तुरंत उछलकर मर्सीडीज़ में बैठ गयी, जो जगह-जगह खरोंचें लगी होने के बावजूद अभी भी काफ़ी शानदार लग रही थी ।
सामने से आती हवा गरम, मगर ताज़गी लानेवाली थी । पहले कभी अनुभव न किये हुए वेग से अभिभूत बैठी आनोचका कुछ नहीं से बोल रही थी। सड़क पर पुराने गढ़ों के कारण कार का ज़ोर-ज़ोर से हिचकोले खाना उड़ान की इस अनुभूति को घटाने के बजाय तीव्रतर ही बना रहा था।
किरील कनखियों से उसका चेहरा देख रहा था । उसके हल्के से दबे हुए नासारंध्र कभी फैल रहे थे, तो कभी तन रहे थे। सिर साहसपूर्वक हवा का सामना कर रहा था । छरहरी गरदन अपनी कमनीय आकृति से उसके सुकुमार सौंदर्य को उभारती हुई और भी लंबी लगने लगी थी। वह उसे देखे जा रहा था और कानों में ये संगीतमय, निष्कपट शब्द गूंजे जा रहे थे : "सबसे प्रबल भावना ! सवसे उत्कृष्ट ! सबसे पूर्ण ! "
एकाएक कोई गहरा गढ़ा आ जाने पर कार इतनी ज़ोर से उछली कि कार के कहीं अंदर के कल-पुर्जे तक झनझना उठे और आनोचका को ऐसा झटका लगा कि वह सीधे किरील के घुटनों पर जा गिरी। वह तुरंत संभलकर बैठ गयी, मगर किरील ने तब तक अपने घुटनों पर उसका हाथ दवा दिया था और नहीं छोड़ना | करके तो देखें ! नकल कलाकार की मौत है। उसके जीवन का स्वप्न होता है अपने को न केवल दूसरों से, बल्कि वह खुद कल तक जैसा था, उससे भी भिन्न ढंग से अभिव्यक्त करना । 'त्स्वेतुखिन आपको यही सिखाता है ? मैं उससे सहमत नहीं । कलाकार को अपने माध्यम से लोगों को अभिव्यक्त करना चाहिए और वह भी ऐसे, जैसे कि वे वास्तव में हैं। नहीं तो उसे कोई नहीं समझ पायेगा । आनोचका एकाग्र होकर सोच रही थी । वह अपना सारा ध्यान यों केंद्रित किये हुए थी कि जैसे कोई सवाल हल कर रही हो । उसने होंठों पर अंगुली भी रख ली थी । एकाएक उसने हर्षभरी मुस्कान के साथ और शांत स्वर में, जैसे कि वह अपनी कोई बहुत ही अंतरंग भावना प्रकट करने जा रही हो, कहा, 'मैं आपसे सहमत हूं और मेरा खयाल है कि येगोर पावलोविच भी अवश्य सहमत होंगे। लेकिन, समझा जाना - यह लक्ष्य है, जबकि मैं बात लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए होनेवाली गलतियों की कर रही थी । यानी वे गलतियां, जो खोज के दौरान काम के दौरान होती हैं। कोई भी लक्ष्य उसकी ओर बढ़े बिना तो पाया नहीं जा सकता । ठीक है न ? गलतियां इस बढ़ने की प्रक्रिया में ही होती हैं । गलतियां करना पाप नहीं है। लेकिन दूसरों की गलतियां क्यों दोहरायी जायें ? " आनोचका एकाएक एड़ियों के बल घूमकर उसकी ओर मुखातिब हुई । नहीं ! इसका मतलब है कि आप त्स्वेतुखिन को बिल्कुल नहीं जानते ! " मेज़ पर खाना लग चुका था । वेरा निकान्द्रोना अब तक एक कान से उनकी बातें सुनती जा रही थी, जिसकी वजह से किरील का ध्यान अपने विचारों से बार-बार हट जाता था। जब सब मेज़ के गिर्द बैठ गये, वेरा निकान्द्रोव्ना संतोष और निश्छलता से, मानो इस बात पर खुश होते हुए कि उसने जैसा चाहा था, वैसा ही हुआ है, वोली, "वड़ी वहसी हो तुम ! अरे, तुम्हें अपने थियेटर से प्यार है, तो करो प्यार । कौन रोकता है तुम्हें ! " "हां, हां, " आनोचका खुशी से चिल्लायी। कोई भी नहीं रोक सकता, क्योंकि यह सबसे प्रबल भावना है ! सबसे उत्कृष्ट ! सबसे पूर्ण ! सबसे . सबसे ... मुझे थोड़ा सा सूप डाल दीजिये, वेरा निकान्द्रोव्ना ... किस चीज का है यह - पत्तागोभी का ?" शुरुआत ऐसी मनोरंजक रही, तो फिर सारे ही भोजन के दौरान खुलकर हंसी-मज़ाक चलता रहा । किरील को लगा कि वह घर पर ही नहीं, विल्कुल अपने ही लोगों के बीच भी है। उसने आनोचका मे कहा कि वह उसे कार में शहर तक पहुंचा देगा और वह तुरंत उछलकर मर्सीडीज़ में बैठ गयी, जो जगह-जगह खरोंचें लगी होने के बावजूद अभी भी काफ़ी शानदार लग रही थी । सामने से आती हवा गरम, मगर ताज़गी लानेवाली थी । पहले कभी अनुभव न किये हुए वेग से अभिभूत बैठी आनोचका कुछ नहीं से बोल रही थी। सड़क पर पुराने गढ़ों के कारण कार का ज़ोर-ज़ोर से हिचकोले खाना उड़ान की इस अनुभूति को घटाने के बजाय तीव्रतर ही बना रहा था। किरील कनखियों से उसका चेहरा देख रहा था । उसके हल्के से दबे हुए नासारंध्र कभी फैल रहे थे, तो कभी तन रहे थे। सिर साहसपूर्वक हवा का सामना कर रहा था । छरहरी गरदन अपनी कमनीय आकृति से उसके सुकुमार सौंदर्य को उभारती हुई और भी लंबी लगने लगी थी। वह उसे देखे जा रहा था और कानों में ये संगीतमय, निष्कपट शब्द गूंजे जा रहे थे : "सबसे प्रबल भावना ! सवसे उत्कृष्ट ! सबसे पूर्ण ! " एकाएक कोई गहरा गढ़ा आ जाने पर कार इतनी ज़ोर से उछली कि कार के कहीं अंदर के कल-पुर्जे तक झनझना उठे और आनोचका को ऐसा झटका लगा कि वह सीधे किरील के घुटनों पर जा गिरी। वह तुरंत संभलकर बैठ गयी, मगर किरील ने तब तक अपने घुटनों पर उसका हाथ दवा दिया था और नहीं छोड़ना |
TV Debate:खालिद के परिजनों के दबाव के चलते सपा सरकार ने यूपी के पूर्व डीजीपी, एडीजी और एटीएस के चार अधिकारियों समेत करीब 50 लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के साजिश के आरोप में केस दर्ज किए थे। बड़े-बड़े अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज के बाद तब यह माना गया था कि अखिलेश इस मामले में तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा ले रहे हैं।
न्यूज 18 इंडिया चैनल पर एक डिबेट के दौरान एंकर अमन चोपड़ा ने पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह( वे भी डिबेट का हिस्सा थे) से 2013 में हुए इस कांड को तफ्सील से जनता के सामने रखने की अपील की, जिसके बाद विक्रम सिंह ने कहना शुरू किया, हालांकि इस दौरान वे थोड़े गुस्से में लग रहे थे। उन्होंने कहा,-' हां जी, ये बात 2013 की है। मैं अवकाश प्राप्त कर चुका था। बिजलाल मेरे बाद सर्विंग डीजी थे, वे सिविल डिफेंस में थे, और उन 40 कमांडोज को जिन्होंने खालिद मुजाहिद को गिरफ्तार किया था। क्योंकि ये जेल से कोर्ट लाया जा रहा था बाराबंकी लुक हाकर के इमरिया लुक से, वहां हममें से कोई भी मौजूद नहीं था, और हम 40 कमांडोज एसटीएफ के, ब्रिजलाल सर्विंग डीजी, और मैं रिटायर डीजीपी, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसलिए के, एक संदेश देने के लिए की हमारे आतंकवादियों के तरफ देखने की कोशिश मत करना। ' इस दौरान विक्रम सिंह सीधे-सीधे सपा को घेर रहे थे।
| TV Debate:खालिद के परिजनों के दबाव के चलते सपा सरकार ने यूपी के पूर्व डीजीपी, एडीजी और एटीएस के चार अधिकारियों समेत करीब पचास लोगों के खिलाफ हत्या और हत्या के साजिश के आरोप में केस दर्ज किए थे। बड़े-बड़े अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज के बाद तब यह माना गया था कि अखिलेश इस मामले में तुष्टीकरण की राजनीति का सहारा ले रहे हैं। न्यूज अट्ठारह इंडिया चैनल पर एक डिबेट के दौरान एंकर अमन चोपड़ा ने पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह से दो हज़ार तेरह में हुए इस कांड को तफ्सील से जनता के सामने रखने की अपील की, जिसके बाद विक्रम सिंह ने कहना शुरू किया, हालांकि इस दौरान वे थोड़े गुस्से में लग रहे थे। उन्होंने कहा,-' हां जी, ये बात दो हज़ार तेरह की है। मैं अवकाश प्राप्त कर चुका था। बिजलाल मेरे बाद सर्विंग डीजी थे, वे सिविल डिफेंस में थे, और उन चालीस कमांडोज को जिन्होंने खालिद मुजाहिद को गिरफ्तार किया था। क्योंकि ये जेल से कोर्ट लाया जा रहा था बाराबंकी लुक हाकर के इमरिया लुक से, वहां हममें से कोई भी मौजूद नहीं था, और हम चालीस कमांडोज एसटीएफ के, ब्रिजलाल सर्विंग डीजी, और मैं रिटायर डीजीपी, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसलिए के, एक संदेश देने के लिए की हमारे आतंकवादियों के तरफ देखने की कोशिश मत करना। ' इस दौरान विक्रम सिंह सीधे-सीधे सपा को घेर रहे थे। |
कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस ने आखिरकार डांस रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर' के सेट से विवादित मॉर्फ किये गए वीडियो पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. बता दें कि टेरेंस पर नोरा फतेही को गलत तरीके से छूने का आरोप लगा था, जिसपर एक्ट्रेस ने एक पोस्ट शेयर कर लिखा था कि "शुक्रिया टेरेंस! आज के दौर में जब सोशल मीडिया पर वीडियो मॉर्फ किया जा रहा है और फोटोशॉप से इफेक्ट्स डालकर मीम बनाए जा रहे हैं. मुझे खुशी है कि आपने खुद को परेशान नहीं होने दिया. आप शांत और शालीन बने रहे. यह वक्त भी बीत जाएगा. "
एक एंटरटेनमेंट वेब पोर्टल को दिए अपने इंटरव्यू में टेरेंस ने कहा, "मैं ऐसा क्यों करूंगा? शुक्र है, मेरे पूरे जीवन में मेरे साथ काम करने वालीं फीमेल कलीग से मुझे पर्याप्त प्यार और ध्यान मिला है. मैं नोरा फतेही का बहुत सम्मान करता हूं. ऐसी चीजें 17 साल के व्यक्ति को गुदगुदाएगी, मेरी उम्र 45 है. "
(यह भी पढ़ेंः टेरेंस लुईस द्वारा नोरा फतेही को गलत तरीके से छूने के आरोपों पर एक्ट्रेस ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 'यह वक्त भी बीत जाएगा')
टेरेंस ने उस वीडियो पर बात करते हुए आगे कहा, "सभी जज शत्रुघ्न सिन्हा को स्टैंडिंग ओवेशन दे रहे थे क्योंकि वह इंडियाज बेस्ट डांसर में स्पेशल गेस्ट बनकर आए थे. उस वक्त आस-पास 4 कैमरे थे. मैं ऐसा क्यों करूंगा जब मुझे पता है कि यहां इतने कैमरे हैं और आपको लगता है कि नोरा और मैं इस तरह की बात के बाद एक्सप्रेशनलेस हो जाएंगे. कोई भी महिला इस पर तुरंत रिएक्ट करेंगी. वह बहुत ही अच्छी हैं और सोशल मीडिया पर इसे तुरंत हटा दिया. "
(Source: Bollywood Life)
| कोरियोग्राफर टेरेंस लुईस ने आखिरकार डांस रियलिटी शो 'इंडियाज बेस्ट डांसर' के सेट से विवादित मॉर्फ किये गए वीडियो पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. बता दें कि टेरेंस पर नोरा फतेही को गलत तरीके से छूने का आरोप लगा था, जिसपर एक्ट्रेस ने एक पोस्ट शेयर कर लिखा था कि "शुक्रिया टेरेंस! आज के दौर में जब सोशल मीडिया पर वीडियो मॉर्फ किया जा रहा है और फोटोशॉप से इफेक्ट्स डालकर मीम बनाए जा रहे हैं. मुझे खुशी है कि आपने खुद को परेशान नहीं होने दिया. आप शांत और शालीन बने रहे. यह वक्त भी बीत जाएगा. " एक एंटरटेनमेंट वेब पोर्टल को दिए अपने इंटरव्यू में टेरेंस ने कहा, "मैं ऐसा क्यों करूंगा? शुक्र है, मेरे पूरे जीवन में मेरे साथ काम करने वालीं फीमेल कलीग से मुझे पर्याप्त प्यार और ध्यान मिला है. मैं नोरा फतेही का बहुत सम्मान करता हूं. ऐसी चीजें सत्रह साल के व्यक्ति को गुदगुदाएगी, मेरी उम्र पैंतालीस है. " टेरेंस ने उस वीडियो पर बात करते हुए आगे कहा, "सभी जज शत्रुघ्न सिन्हा को स्टैंडिंग ओवेशन दे रहे थे क्योंकि वह इंडियाज बेस्ट डांसर में स्पेशल गेस्ट बनकर आए थे. उस वक्त आस-पास चार कैमरे थे. मैं ऐसा क्यों करूंगा जब मुझे पता है कि यहां इतने कैमरे हैं और आपको लगता है कि नोरा और मैं इस तरह की बात के बाद एक्सप्रेशनलेस हो जाएंगे. कोई भी महिला इस पर तुरंत रिएक्ट करेंगी. वह बहुत ही अच्छी हैं और सोशल मीडिया पर इसे तुरंत हटा दिया. " |
इसी प्रभाग का बाला कंपाउड क्षेत्र शहर में चर्चा का विषय बना हुआ हैं,जहां असलम बिल्डर खुले आम रोड़ की जमीन अतिक्रमण कर बिना परमीशन के सात महले की अवैध इमारत का निर्माण कार्य जारी रखा हैं ।असलम बिल्डर को कुछ सफेद पोश लोगों का संरक्षण प्राप्त होने के कारण इनके द्वारा निर्मित अवैध इमारतों पर मनपा प्रशासन कारवाई करने का साहस नहीं जुटा पा रही है ।
"अंधेर नगरी चौपड़ राजा , टका शेर खाजा टका शेर भाजा " के तर्ज पर भिवंडी मनपा के अधिकारी काम कर रहे हैं,मनपा आयुक्त के सख्त आदेश के बावजूद संपत्ति कर का भुगतान नहीं करने वाले संपत्ति धारकों की जहां संपत्तियां जब्त की जा रही हैं वही प्रभाग समिति एक के भू- भाग लिपिक व संबंधित अधिकारियों ने मनपा प्रशासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाने का ठेका ले रखा हैं । जिसके कारण कर चोरी तथा अनाधिकृत बांधकाम की जानकारी मिलने के बाद भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाती है ।
अवैध इमारतों पर बाज की तरह गाज गिराने वाले नव नियुक्त शहर विकास विभाग प्रमुख राजू वरलीकर इस अवैध इमारत पर कार्रवाई करेंगे या उक्त अधिकारियों की तरह ही कुर्सी पर बैठकर केवल मूकदर्शक बने रहेगें , इस पर शहर वासियों की निगाह टिकी हुई है।
| इसी प्रभाग का बाला कंपाउड क्षेत्र शहर में चर्चा का विषय बना हुआ हैं,जहां असलम बिल्डर खुले आम रोड़ की जमीन अतिक्रमण कर बिना परमीशन के सात महले की अवैध इमारत का निर्माण कार्य जारी रखा हैं ।असलम बिल्डर को कुछ सफेद पोश लोगों का संरक्षण प्राप्त होने के कारण इनके द्वारा निर्मित अवैध इमारतों पर मनपा प्रशासन कारवाई करने का साहस नहीं जुटा पा रही है । "अंधेर नगरी चौपड़ राजा , टका शेर खाजा टका शेर भाजा " के तर्ज पर भिवंडी मनपा के अधिकारी काम कर रहे हैं,मनपा आयुक्त के सख्त आदेश के बावजूद संपत्ति कर का भुगतान नहीं करने वाले संपत्ति धारकों की जहां संपत्तियां जब्त की जा रही हैं वही प्रभाग समिति एक के भू- भाग लिपिक व संबंधित अधिकारियों ने मनपा प्रशासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाने का ठेका ले रखा हैं । जिसके कारण कर चोरी तथा अनाधिकृत बांधकाम की जानकारी मिलने के बाद भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जाती है । अवैध इमारतों पर बाज की तरह गाज गिराने वाले नव नियुक्त शहर विकास विभाग प्रमुख राजू वरलीकर इस अवैध इमारत पर कार्रवाई करेंगे या उक्त अधिकारियों की तरह ही कुर्सी पर बैठकर केवल मूकदर्शक बने रहेगें , इस पर शहर वासियों की निगाह टिकी हुई है। |
नई दिल्ली. Family Guru Karwa Chauth 2018: इंडिया न्यूज के खास शो फैमिली गुरु में करवाचौथ पर गोरा बनाने तरीके बताए नहीं है. नींबू और शहद को बराबर मात्रा में मिला लें. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने से पहले चेहरे को साफ पानी से धो लें. इस पेस्ट को चेहरे पर 15 मिनट तक लगाकर सूखने दें. उसके बाद चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धो लें. चेहरे की रंगत खिल उठेगी. इस पैक को हफ्ते में दो से तीन बार लगाएं आपको बेबी जैसी सॉफ्ट स्किन तो मिलेगी ही इससे आपके चेहरे का रंग भी साफ हो जाएगा. मसूर दाल को पानी में भिंगोकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. उसके बाद इसे महीन पीस लें. आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा कच्चा दूध भी मिला सकती हैं. इसके बाद इस पैक को चेहरे पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. जब ये सूख जाए तो चेहरा धो लें. आपको खुद ही फर्क नजर आने लगेगा.
संतरे का रस और अंडे की सफेदी- अंडे के सफेद हिस्से को एक कटोरी में निकाल लें. इसमें दो चम्मच संतरे का रस मिला लें. इस घोल को अपने नाखूनों पर 5 मिनट तक लगा कर छोड़ दें. इसमें विटामिन सी होता है जो कोलजिन का प्रोडक्शन करता है जिससे नाखून मजबूत बनते हैं.
| नई दिल्ली. Family Guru Karwa Chauth दो हज़ार अट्ठारह: इंडिया न्यूज के खास शो फैमिली गुरु में करवाचौथ पर गोरा बनाने तरीके बताए नहीं है. नींबू और शहद को बराबर मात्रा में मिला लें. इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने से पहले चेहरे को साफ पानी से धो लें. इस पेस्ट को चेहरे पर पंद्रह मिनट तक लगाकर सूखने दें. उसके बाद चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से धो लें. चेहरे की रंगत खिल उठेगी. इस पैक को हफ्ते में दो से तीन बार लगाएं आपको बेबी जैसी सॉफ्ट स्किन तो मिलेगी ही इससे आपके चेहरे का रंग भी साफ हो जाएगा. मसूर दाल को पानी में भिंगोकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. उसके बाद इसे महीन पीस लें. आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा कच्चा दूध भी मिला सकती हैं. इसके बाद इस पैक को चेहरे पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. जब ये सूख जाए तो चेहरा धो लें. आपको खुद ही फर्क नजर आने लगेगा. संतरे का रस और अंडे की सफेदी- अंडे के सफेद हिस्से को एक कटोरी में निकाल लें. इसमें दो चम्मच संतरे का रस मिला लें. इस घोल को अपने नाखूनों पर पाँच मिनट तक लगा कर छोड़ दें. इसमें विटामिन सी होता है जो कोलजिन का प्रोडक्शन करता है जिससे नाखून मजबूत बनते हैं. |
पिछले साल कोरोना के दौरान जब बिहार विधानसभा चुनाव हो रहा था तो बीजेपी के सभी दिग्गज नेता अपनी सारी ताकत चुनावी रैलियों में झोंक रहे थे। लेकिन इस दौरान बीजेपी का एक प्रमुख चेहरा बिहार छोड़ बंगाल में नई आस तलाश रहि था। गृहमंत्री अमित शाह बिहार छोड़कर कोलकाता के एक बंगाली परिवार के यहां में खाना रहे थे। अपने आप को बंगाली संस्कृति में ढालने की कोशिश कर रहे थे। गृहमंत्री अपने ट्विटर पर बंगला में ट्वीट भी कर रहे थे। इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने ऐलान कर दिया था कि पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी 200 सीट के बहुमत के साथ बंगाल में अपनी सरकार बनाने जा रही है। लेकिन जैसे-जैसे बंगाल चुनाव नजदीक आता गया यहां का दृश्य कुछ और ही हो गया।
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची एक से दो बार में जारी कर दी। लेकिन बीजेपी ने तीन बार में भी अपने उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी नहीं की है। इसमें सबसे मजेदार बात यह है कि बीजेपी ने अपने सीटिंग सांसद और केंद्रीय मंत्री को विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा है। जिसमें प्रमुख रुप से आसनसोल के सांसद बाबुल सुप्रियो और फायर बिग्रेड महिला सांसद लॉकेट चटर्जी शामिल है। देखने वाली बात यह है कि जिस पार्टी ने 200 सीट जितने का दावा किया, वह उम्मीदवारों से भी मरहूम है। पार्टी की स्थिति ऐसी है कि वह अपने सीटिंग सांसद को मैदान में उतार रही है। वहीं दूसरी ओर कल पांचवें, छठे, सातवें और आठवें चरण के प्रत्याशियों को नाम की घोषणा होते ही पार्टी में एक और समस्या उभरकर सामने आई। दरअसल बीजेपी प्रत्याशियों की आखिरी लिस्ट में 19 महिलाओं को टिकट दिया गया। लेकिन लेकिन 19 महिलाओं में एक नाम ऐसा है, जो बीजेपी की सदस्य तो नहीं है लेकिन उन्हें टिकट दी गई है। वह है पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और स्वर्गीय सौमेन मित्रा की पत्नी शिखा मित्रा चौधरी। शिखा को बंगाल की चौरंगी विधानसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार बनाया गया है। अपनी उम्मीदवारी को लेकर उन्होंने घोर निंदा की है और साथ ही कहा कि उन्हें बिना बताएं सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। खबरों की मानें तो बंगाल की हॉट सीट नंदीग्राम से बीजेपी से प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी कुछ दिन पहले ही शिखा मित्रा के घर गए थे। वह शिखा और उनके बेटे रोहन मित्रा को बीजेपी में शामिल करवाना चाहते थे।
बीजेपी ने भले ही 200 सीटों का नारा दिया है। लेकिन उनकी पार्टी की अंर्तकलह अब जगजाहिर हो गई है। कल जब बीजेपी ने 148 उम्मीदवारों की सूची जारी की तो पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। लिस्ट जारी होते हैं दुर्गापुर पूर्व से कर्नल दीप्तांशु चौधरी के नाम की घोषणा होते के साथ ही दुर्गापुर के बीजेपी कार्यकर्ताओं गुस्सा फूट पड़ा। दुर्गापुर में बीजेपी के कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं उम्मीदवार के खिलाफ नारे भी लगाए गए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अमिताभ बनर्जी को इस सीट से उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था। जबकि पार्टी ने तृणमूल से बीजेपी शामिल हुए लोगों को टिकट दिया है। इस क्षेत्र में काम करने वाले कार्यकर्ताओं को वंचित रखकर किसी बाहरी को टिकट दिया है। रानीगंज से प्रत्याशी महिला रोग विशेषज्ञ डॉ बिजन मुखर्जी को टिकट दिया। रानीगंज में भी दुर्गापुर की ही तरह बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यलय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्यालय में ताला लगा दिया। वहीं दूसरी ओर आसनसोल के पहले गैर बंगला भाषी मेयर और तृणमूल से बीजेपी में शामिल हुए जितेंद्र तिवारी का नाम पांडेश्वर से घोषित होने के बाद ही वहां भी विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया। पांडेश्वर के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पहले भी जितेंद्र तिवारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। बीजेपी में शामिल होने के बाद जब वह आसनसोल आएं तो उस वक़्त पांडेश्वर के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दीवार पेंटिंग कर उनका विरोध किया। साथ ही यह भी कहा कि अगर बीजेपी उन्हें उम्मीदवार घोषित करती है तो बीजेपी के कार्यकर्ता निर्दलय उम्मीदवार के तौर पर पांडेश्वर से चुनाव लड़ेंगे. यही हाल मालदा के हरिशचंद्रपुर में हुआ। यहां भी बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कार्यलय में तोड़फोड़ की।
ये कुछ घटनाएं पश्चिम बंगाल बीजेपी के अन्दर मचे घमासान को प्रदर्शित कर रही हैं। यहां पार्टी कार्यकर्ता शीर्ष नेतृत्व के साथ खड़ा है पर जब स्थानीय प्रतिनिधित्व की बात आती है तो कार्यकर्त्ताओं में असंतोष साफ प्रदर्शित होता हैं।
(आसनसोल से स्वत्रंत पत्रकार पूनम मसीह की रिपोर्ट।)
| पिछले साल कोरोना के दौरान जब बिहार विधानसभा चुनाव हो रहा था तो बीजेपी के सभी दिग्गज नेता अपनी सारी ताकत चुनावी रैलियों में झोंक रहे थे। लेकिन इस दौरान बीजेपी का एक प्रमुख चेहरा बिहार छोड़ बंगाल में नई आस तलाश रहि था। गृहमंत्री अमित शाह बिहार छोड़कर कोलकाता के एक बंगाली परिवार के यहां में खाना रहे थे। अपने आप को बंगाली संस्कृति में ढालने की कोशिश कर रहे थे। गृहमंत्री अपने ट्विटर पर बंगला में ट्वीट भी कर रहे थे। इसके कुछ समय बाद ही उन्होंने ऐलान कर दिया था कि पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी दो सौ सीट के बहुमत के साथ बंगाल में अपनी सरकार बनाने जा रही है। लेकिन जैसे-जैसे बंगाल चुनाव नजदीक आता गया यहां का दृश्य कुछ और ही हो गया। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची एक से दो बार में जारी कर दी। लेकिन बीजेपी ने तीन बार में भी अपने उम्मीदवारों की पूरी सूची जारी नहीं की है। इसमें सबसे मजेदार बात यह है कि बीजेपी ने अपने सीटिंग सांसद और केंद्रीय मंत्री को विधानसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारा है। जिसमें प्रमुख रुप से आसनसोल के सांसद बाबुल सुप्रियो और फायर बिग्रेड महिला सांसद लॉकेट चटर्जी शामिल है। देखने वाली बात यह है कि जिस पार्टी ने दो सौ सीट जितने का दावा किया, वह उम्मीदवारों से भी मरहूम है। पार्टी की स्थिति ऐसी है कि वह अपने सीटिंग सांसद को मैदान में उतार रही है। वहीं दूसरी ओर कल पांचवें, छठे, सातवें और आठवें चरण के प्रत्याशियों को नाम की घोषणा होते ही पार्टी में एक और समस्या उभरकर सामने आई। दरअसल बीजेपी प्रत्याशियों की आखिरी लिस्ट में उन्नीस महिलाओं को टिकट दिया गया। लेकिन लेकिन उन्नीस महिलाओं में एक नाम ऐसा है, जो बीजेपी की सदस्य तो नहीं है लेकिन उन्हें टिकट दी गई है। वह है पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और स्वर्गीय सौमेन मित्रा की पत्नी शिखा मित्रा चौधरी। शिखा को बंगाल की चौरंगी विधानसभा सीट से बीजेपी की उम्मीदवार बनाया गया है। अपनी उम्मीदवारी को लेकर उन्होंने घोर निंदा की है और साथ ही कहा कि उन्हें बिना बताएं सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। खबरों की मानें तो बंगाल की हॉट सीट नंदीग्राम से बीजेपी से प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी कुछ दिन पहले ही शिखा मित्रा के घर गए थे। वह शिखा और उनके बेटे रोहन मित्रा को बीजेपी में शामिल करवाना चाहते थे। बीजेपी ने भले ही दो सौ सीटों का नारा दिया है। लेकिन उनकी पार्टी की अंर्तकलह अब जगजाहिर हो गई है। कल जब बीजेपी ने एक सौ अड़तालीस उम्मीदवारों की सूची जारी की तो पार्टी कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। लिस्ट जारी होते हैं दुर्गापुर पूर्व से कर्नल दीप्तांशु चौधरी के नाम की घोषणा होते के साथ ही दुर्गापुर के बीजेपी कार्यकर्ताओं गुस्सा फूट पड़ा। दुर्गापुर में बीजेपी के कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं उम्मीदवार के खिलाफ नारे भी लगाए गए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अमिताभ बनर्जी को इस सीट से उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए था। जबकि पार्टी ने तृणमूल से बीजेपी शामिल हुए लोगों को टिकट दिया है। इस क्षेत्र में काम करने वाले कार्यकर्ताओं को वंचित रखकर किसी बाहरी को टिकट दिया है। रानीगंज से प्रत्याशी महिला रोग विशेषज्ञ डॉ बिजन मुखर्जी को टिकट दिया। रानीगंज में भी दुर्गापुर की ही तरह बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यलय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्यालय में ताला लगा दिया। वहीं दूसरी ओर आसनसोल के पहले गैर बंगला भाषी मेयर और तृणमूल से बीजेपी में शामिल हुए जितेंद्र तिवारी का नाम पांडेश्वर से घोषित होने के बाद ही वहां भी विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया। पांडेश्वर के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पहले भी जितेंद्र तिवारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। बीजेपी में शामिल होने के बाद जब वह आसनसोल आएं तो उस वक़्त पांडेश्वर के बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दीवार पेंटिंग कर उनका विरोध किया। साथ ही यह भी कहा कि अगर बीजेपी उन्हें उम्मीदवार घोषित करती है तो बीजेपी के कार्यकर्ता निर्दलय उम्मीदवार के तौर पर पांडेश्वर से चुनाव लड़ेंगे. यही हाल मालदा के हरिशचंद्रपुर में हुआ। यहां भी बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कार्यलय में तोड़फोड़ की। ये कुछ घटनाएं पश्चिम बंगाल बीजेपी के अन्दर मचे घमासान को प्रदर्शित कर रही हैं। यहां पार्टी कार्यकर्ता शीर्ष नेतृत्व के साथ खड़ा है पर जब स्थानीय प्रतिनिधित्व की बात आती है तो कार्यकर्त्ताओं में असंतोष साफ प्रदर्शित होता हैं। |
एक आपत्ति यह भी उठाई गई कि पवित्र क़ुरआन को इकट्ठा क्यों नहीं उतारा गया? वास्तविकता यह है कि पवित्र क़ुरआन इकट्ठा न उतारे जाने में बहुत से रहस्य छुपे हैं । एक तो यह है कि उस युग के परिवेश की आवश्यकता यह थी कि जैसे जैसे उनके रोग प्रकट होते चले जाएँ उनके अनुसार पवित्र क़ुरआन की ऐसी आयतों का अवतरण हो जो उस विषय से सम्बन्ध रखती हों । दूसरे, हर क्षण नए चिह्नों के द्वारा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के दिल को दृढ़ता प्राप्त हो । और सारे क़ुरआन के अवतरण काल में आप एक नहीं, अनंत चिह्न देखते चले जाएँ । फिर यह भी कि तेईस वर्ष की अवधि में अवतरित हुए पवित्र क़ुरआन को यदि हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने स्वयं बनाया होता तो इसमें आयतें ऐसे सरल-सुगम और क्रमबद्ध न होतीं । जो लिखना पढ़ना भी न जानता हो तेईस वर्षों की अवधि पर उसकी कैसी दृष्टि पड़ सकती है ।
फिर हज़रत मसीह मौऊद अलैहिस्सलाम ने इस रहस्य की ओर भी ध्यानाकर्षित करवाया है कि इस पूरी तेईस वर्षीय अवधि में हज़रत मुहम्मद सल्ल. को अत्यंत ख़तरनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा । बड़ी-बड़ी भयानक परिस्थितियों में सहाबा से आगे बढ़ कर बिल्कुल ख़तरों के बीच शत्रु से संघर्ष करते रहे । विष के द्वारा भी आपको मारने की चेष्टा की गयी । परन्तु जब तक शरीअत सम्पूर्ण न हुई अल्लाह तआला ने आपको वापस नहीं बुलाया । अतः पवित्र क़ुरआन का धीरे-धीरे उतरना एक महानतम चमत्कार है । इसी प्रकार इबादुर्रहमान (रहमान अल्लाह के भक्तों) के लक्षण वर्णन करते हुए सूरः के अंत पर यह उल्लेख किया है कि जिस प्रकार आकाश पर बारह नक्षत्र हैं उसी प्रकार तेरे बाद बारह सुधारक तेरे धर्म की सुरक्षा के लिए पैदा होंगे और फिर तेरे प्रकाश से पूर्णतया प्रकाश ग्रहण करने वाला पूर्ण चन्द्रमा भी आएगा ।
इसी रुकू में इबादुर्रहमान के लक्षणों में से उनका मध्यमार्गी होना, उनकी नम्रता, खड़े होकर तथा सजदः करते हुए उपासना में उनका जीवन व्यतीत करना उल्लेख है, जिसके परिणाम स्वरूप ही उनको समस्त प्रकार की श्रेष्ठता प्राप्त होती है । इस सूरः की अन्तिम आयत यह बताती है कि वे लोग क्यों सजदः करते हुए तथा खड़े होकर दुआएँ करते हुए जीवन व्यतीत करते हैं । इस लिए कि दुआ के बिना अल्लाह तआला से जीवन प्राप्त करने का कोई साधन नहीं है । और जो उसको झुठला दें और अल्लाह से सम्बन्ध तोड़ दें उनको अनगिनत प्रकार के भयंकर रोग लग जाएँगे जो उनका पीछा नहीं छोड़ेंगे । | एक आपत्ति यह भी उठाई गई कि पवित्र क़ुरआन को इकट्ठा क्यों नहीं उतारा गया? वास्तविकता यह है कि पवित्र क़ुरआन इकट्ठा न उतारे जाने में बहुत से रहस्य छुपे हैं । एक तो यह है कि उस युग के परिवेश की आवश्यकता यह थी कि जैसे जैसे उनके रोग प्रकट होते चले जाएँ उनके अनुसार पवित्र क़ुरआन की ऐसी आयतों का अवतरण हो जो उस विषय से सम्बन्ध रखती हों । दूसरे, हर क्षण नए चिह्नों के द्वारा हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के दिल को दृढ़ता प्राप्त हो । और सारे क़ुरआन के अवतरण काल में आप एक नहीं, अनंत चिह्न देखते चले जाएँ । फिर यह भी कि तेईस वर्ष की अवधि में अवतरित हुए पवित्र क़ुरआन को यदि हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने स्वयं बनाया होता तो इसमें आयतें ऐसे सरल-सुगम और क्रमबद्ध न होतीं । जो लिखना पढ़ना भी न जानता हो तेईस वर्षों की अवधि पर उसकी कैसी दृष्टि पड़ सकती है । फिर हज़रत मसीह मौऊद अलैहिस्सलाम ने इस रहस्य की ओर भी ध्यानाकर्षित करवाया है कि इस पूरी तेईस वर्षीय अवधि में हज़रत मुहम्मद सल्ल. को अत्यंत ख़तरनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा । बड़ी-बड़ी भयानक परिस्थितियों में सहाबा से आगे बढ़ कर बिल्कुल ख़तरों के बीच शत्रु से संघर्ष करते रहे । विष के द्वारा भी आपको मारने की चेष्टा की गयी । परन्तु जब तक शरीअत सम्पूर्ण न हुई अल्लाह तआला ने आपको वापस नहीं बुलाया । अतः पवित्र क़ुरआन का धीरे-धीरे उतरना एक महानतम चमत्कार है । इसी प्रकार इबादुर्रहमान के लक्षण वर्णन करते हुए सूरः के अंत पर यह उल्लेख किया है कि जिस प्रकार आकाश पर बारह नक्षत्र हैं उसी प्रकार तेरे बाद बारह सुधारक तेरे धर्म की सुरक्षा के लिए पैदा होंगे और फिर तेरे प्रकाश से पूर्णतया प्रकाश ग्रहण करने वाला पूर्ण चन्द्रमा भी आएगा । इसी रुकू में इबादुर्रहमान के लक्षणों में से उनका मध्यमार्गी होना, उनकी नम्रता, खड़े होकर तथा सजदः करते हुए उपासना में उनका जीवन व्यतीत करना उल्लेख है, जिसके परिणाम स्वरूप ही उनको समस्त प्रकार की श्रेष्ठता प्राप्त होती है । इस सूरः की अन्तिम आयत यह बताती है कि वे लोग क्यों सजदः करते हुए तथा खड़े होकर दुआएँ करते हुए जीवन व्यतीत करते हैं । इस लिए कि दुआ के बिना अल्लाह तआला से जीवन प्राप्त करने का कोई साधन नहीं है । और जो उसको झुठला दें और अल्लाह से सम्बन्ध तोड़ दें उनको अनगिनत प्रकार के भयंकर रोग लग जाएँगे जो उनका पीछा नहीं छोड़ेंगे । |
१ - क्या बुराई है ?
२ - बुराई है क्या ?
इन दोनों वाक्यों में कुछ अन्तर मालूम देता है ? यदि हाँ, तो बतलाइए कि 'क्या' का प्रयोग अन्त में किये बिना कैसे काम चलेगा ?
अच्छा, हिन्दी ने यह सब बँगला और मराठी से सीख लिया और यहाँ चल रहा है। तब आप को क्या ? हिन्दी की प्रकृति के विरुद्ध यह है ? कैसे जान पड़ा कि उसकी प्रकृतिके विरुद्ध है ? आपको खटकता है ? खटकने दीजिए कोई बात नहीं । 'बहुमत' का आदर कीजिए ।
यह तो हुआ वर्माजी की सेवा में निवेदन - नहीं 'यह तो -वर्माजी की सेवा में निवेदन हुआ' कहूं !
शुद्ध और हिन्दी की प्रकृतिके अनुकूल, दुम-विहीन वाक्य । ) अब पाठकोंसे कुछ कह दू। कहना यही है कि आप वर्माजी जैसे 'सिद्धसरस्वतीक' लोगों के झमेले में न पड़ । सिद्ध लोगोंकी बातें सबकी समझ में आती नहीं हैं ! ( ओह ! 'नहीं' का प्रयोग अन्तमें हो गया ! 'नहीं आती हैं कहना चाहिये?) और कभी कोई बात समझ में आ जाय, तो उसका पालन करना कितना कठिन ! इस 'आदि अन्त' की ही बात ले लीजिए। कुछ ठिकाना है सावधानीका ! राम राम ! सावधानी का कुछ ठिकाना है ! मैं अभ्यास कर रहा हूं, ठीक प्रयोग का ! परन्तु आप इन झगड़ों में न पड़ कर जैसा स्वाभाविक रूप आपके मन में आये, वैसा लिखतेबोलते रहें ।
अच्छी हिन्दी का
११२." कुछ अवसरों पर जब हम अरबी-फारसी आदि शब्दोंका प्रयोग करते हैं, तब हमें उनके साथ विभक्ति भी उन्हों भाषाओंकी प्रकृतिके अनुसार लगानी पड़ती है। उदाहरणार्थ हम अपने यहां के कुछ लोग 'पीछे' के साथ 'से' विभक्ति लगाते हैं। जैसे --पीछे' से भाकर हुल्लड़ मचाने लगे। पर यदि हम 'पीछे' की जगह अरबीका 'बाद' शब्द रखें, तो हमें उसके साथ 'को' या 'मैं' रखना पड़ेगा ।" यानी किसी भाषाका कोई शब्द हिन्दी ले, तो उसे अपनी प्रकृतिके अनुसार नहीं, उन भाषाओंकी प्रकृतिके अनुसार, अपनी विभक्तियां लगा कर प्रयुक्त करें ! धन्य !
मतलब यह है कि 'पीछ' के साथ कोई और विभक्ति लगती हैं और 'बाद' के साथ कोई दूसरी । हिन्दी यह सब अपनी प्रकृति के अनुसार करती है ! परन्तु उपर्युक्त स्थलमें वर्माजी ने कहा क्या है ? 'पीछे' के साथ 'स' और 'बाद' के साथ 'में' के वैसे प्रयोगका मेल क्या ? उस अर्थ में 'बादमें' बैठेगा कैसे ? 'पीछे से का अर्थ 'पीठ की ओरसे' नहीं है क्या ? अच्छा, तो मुझे अपने अज्ञानसे भ्रम हुआ। वर्माजी तो भ्रामक प्रयोग करते नहीं हैं ! 'पीछेसे' का मतलब यहां है - 'इसके पीछे' - 'इसके पश्चात्' । तब तो " इसके बाद' की तरह यह भी किसी दूसरी भाषाकी प्रकृतिके अनुसार विभक्ति-प्रयोग हुआ ! और 'पीछे' तथा 'वाद' दोनोके साथ 'के' आ जमा ! क्या अन्तर रहा ? क्या 'पीछे' भी अरबी- प्रवाहमें वह गया ?
यही 'हिन्दीको प्रकृति ' है ! सूक्ष्म विवेचन है !
११३ - "अरबीमें 'जल्द' क्रिया-विशेषण है और उससे संज्ञा 'जल्दी ' | एक - क्या बुराई है ? दो - बुराई है क्या ? इन दोनों वाक्यों में कुछ अन्तर मालूम देता है ? यदि हाँ, तो बतलाइए कि 'क्या' का प्रयोग अन्त में किये बिना कैसे काम चलेगा ? अच्छा, हिन्दी ने यह सब बँगला और मराठी से सीख लिया और यहाँ चल रहा है। तब आप को क्या ? हिन्दी की प्रकृति के विरुद्ध यह है ? कैसे जान पड़ा कि उसकी प्रकृतिके विरुद्ध है ? आपको खटकता है ? खटकने दीजिए कोई बात नहीं । 'बहुमत' का आदर कीजिए । यह तो हुआ वर्माजी की सेवा में निवेदन - नहीं 'यह तो -वर्माजी की सेवा में निवेदन हुआ' कहूं ! शुद्ध और हिन्दी की प्रकृतिके अनुकूल, दुम-विहीन वाक्य । ) अब पाठकोंसे कुछ कह दू। कहना यही है कि आप वर्माजी जैसे 'सिद्धसरस्वतीक' लोगों के झमेले में न पड़ । सिद्ध लोगोंकी बातें सबकी समझ में आती नहीं हैं ! और कभी कोई बात समझ में आ जाय, तो उसका पालन करना कितना कठिन ! इस 'आदि अन्त' की ही बात ले लीजिए। कुछ ठिकाना है सावधानीका ! राम राम ! सावधानी का कुछ ठिकाना है ! मैं अभ्यास कर रहा हूं, ठीक प्रयोग का ! परन्तु आप इन झगड़ों में न पड़ कर जैसा स्वाभाविक रूप आपके मन में आये, वैसा लिखतेबोलते रहें । अच्छी हिन्दी का एक सौ बारह." कुछ अवसरों पर जब हम अरबी-फारसी आदि शब्दोंका प्रयोग करते हैं, तब हमें उनके साथ विभक्ति भी उन्हों भाषाओंकी प्रकृतिके अनुसार लगानी पड़ती है। उदाहरणार्थ हम अपने यहां के कुछ लोग 'पीछे' के साथ 'से' विभक्ति लगाते हैं। जैसे --पीछे' से भाकर हुल्लड़ मचाने लगे। पर यदि हम 'पीछे' की जगह अरबीका 'बाद' शब्द रखें, तो हमें उसके साथ 'को' या 'मैं' रखना पड़ेगा ।" यानी किसी भाषाका कोई शब्द हिन्दी ले, तो उसे अपनी प्रकृतिके अनुसार नहीं, उन भाषाओंकी प्रकृतिके अनुसार, अपनी विभक्तियां लगा कर प्रयुक्त करें ! धन्य ! मतलब यह है कि 'पीछ' के साथ कोई और विभक्ति लगती हैं और 'बाद' के साथ कोई दूसरी । हिन्दी यह सब अपनी प्रकृति के अनुसार करती है ! परन्तु उपर्युक्त स्थलमें वर्माजी ने कहा क्या है ? 'पीछे' के साथ 'स' और 'बाद' के साथ 'में' के वैसे प्रयोगका मेल क्या ? उस अर्थ में 'बादमें' बैठेगा कैसे ? 'पीछे से का अर्थ 'पीठ की ओरसे' नहीं है क्या ? अच्छा, तो मुझे अपने अज्ञानसे भ्रम हुआ। वर्माजी तो भ्रामक प्रयोग करते नहीं हैं ! 'पीछेसे' का मतलब यहां है - 'इसके पीछे' - 'इसके पश्चात्' । तब तो " इसके बाद' की तरह यह भी किसी दूसरी भाषाकी प्रकृतिके अनुसार विभक्ति-प्रयोग हुआ ! और 'पीछे' तथा 'वाद' दोनोके साथ 'के' आ जमा ! क्या अन्तर रहा ? क्या 'पीछे' भी अरबी- प्रवाहमें वह गया ? यही 'हिन्दीको प्रकृति ' है ! सूक्ष्म विवेचन है ! एक सौ तेरह - "अरबीमें 'जल्द' क्रिया-विशेषण है और उससे संज्ञा 'जल्दी ' |
इस बार ओलंपिक में भारत के 9 मुक्केबाजों ने क्वालिफाई किया है, जिसमें पूजा रानी (75 किलोग्राम भारवर्ग), मैरी कॉम (51 किलोग्राम भारवर्ग), लवलिना बोरगेहन (69 किलोग्राम भारवर्ग), सिमरनजीत कौर (60 किलोग्राम भारवर्ग) महिला वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
विनेश फोगाट (कुश्ती)
महिला कुश्ती (53 किलो) करने उतरेंगी विनेश फोगाट जो भारत को कई मेडल दिला चुकी हैं। 2016 रियो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में घुटने में ली चोट के बाद वह लंबे वक्त तक अखाड़े से दूर रहीं लेकिन 2017 में एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर जीत उन्होंने शानदार वापिसी की। 2019 तक आते-आते उन्होंने 53kg कैटेगरी में खेलने का फैसला किया। इससे पहले वो 48kg वर्ग में खेलती थी। इसके अलावा कुश्ती में अंशु मलिक (फ्रीस्टाइल पहलवान), सोनम मलिक, सीमा बिसला भी अपना जौहर दिखाएंगी।
मीराबाई चानू ने भारत की उम्मीदें बढ़ा दी हैं क्योंकि वह 2000 के बाद टोक्यो ओलंपिक-2020 में पदक जीतने वाली पहली वेटलिफ्टर बनने की संभावना रखती है। चानू ने भारत की तरफ से वुमन 49kg वर्ग में टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया है। बता दें कि वह क्लीन एंड जर्क केटेगरी में वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं। यही वजह है कि भारत को मीराबाई से काफी उम्मीदें है कि वो देश के नाम गोल्ड मेडल कर सकती हैं।
झारखंड, रांची की तीरंदाज दीपिका के पिता ऑटो रिक्शा चालक और मां नर्स हैं। घर की हालात ठीक ना होने हुए भी उन्होंने धनुष में महारत हासिल की और देश के लिए कई मेडल लेकर आईं। महज 18 साल की उम्र में दुनिया की नंबर वन तीरंजदाज बन गईं। वह अब तक वर्ल्ड कप, एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स में कई मेडल जीत चुकी हैं। हालांकि वह ओलंपिक्स में कभी मेडल नहीं जीत पाईं। इसके अलावा शूटिंग में अंजुम मोदगिल (10 मीटर), अपूर्व चेंदला (10 मीटर), तेजस्वीनी सावंत (50 मीटर), ऐश्वर्या प्रताप (50 मीटर), मनु भाकर (10 मीटर), यशस्वीनी सिंह (10 मीटर), राही सरनोबत (25 मीटर), चिंकी यादव (25 मीटर) भी शामिल होंगी।
बैडमिंटन प्लेयर पीवी सिंधू भी भारत की बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। अपने अबतक के करियर में उन्होंने कई बार देश का नाम रोशन किया। वह लगभग भारत के लिए लगभग हर इवेंट में मेडल ला रही हैं। वर्ल्ड चैंपियनशिप में 5 मेडल जीतने वाली पीवी सिंधू भारत की पहली और विश्व की दूसरी महिला है। टोक्यो ओलंपिक्स में भी उनसे गोल्ड की पूरी उम्मीद है।
भारत ने कुछ दिनों पहले 16 सदस्यीय भारतीय महिला हॉकी टीम घोषिणा की, जिसमें 8 खिलाड़ी ओलंपिक पदार्पण करेंगी। इसके अलावा शूटिंग में यशस्वनी, मनु भाकर गोल्ड के लिए मुकाबला करेंगी। भारतीय महिला हाकी टीम की कप्तानी स्टार स्ट्राइकर रानी रामपाल के हाथो होगी। इसमें रानी रामपाल, सविता पूनिया, गुरजीत कौर, मोनिका मलिक, लालरेम्सियामी, नवजौत कौर, सलीमा टेटे, नेहा गोयल, निशा, शर्मिला देवी, उदिता का नाम शामिल है।
सानिया और उनकी डबल्स जोड़ीदार अंकिता रैना टेनिस के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। बता दें कि सानिया मिर्जा चौथी जबकि अंकिता पहली बार ओलंपिक में डेब्यू करेंगी। सानिया ओलंपिक में 4 बार हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी होंगी।
इसके अलावा ओलंपिक में प्रियंका गोस्वामी (20 किलोमीटर रेस वॉक), अनु रानी (जवलिन थ्रो), दुत्ती चंद (100 मीटर और 200 मीटर रेस इवेंट), भवानी देवी (फेंसिंग इवेंट), प्रणति नायक (जिमनास्टिक), अदित्ति अशोक (गोल्फ), कमलप्रीत कौर (डिस्कस थ्रो), सीमा पुनिया (डिस्कस थ्रो), सुशीला देवी (जुडो), नेत्रा कुमानन (नौकाचालक) ने भी ओलंपिक के लिए क्वालीफाइड किया।
| इस बार ओलंपिक में भारत के नौ मुक्केबाजों ने क्वालिफाई किया है, जिसमें पूजा रानी , मैरी कॉम , लवलिना बोरगेहन , सिमरनजीत कौर महिला वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। विनेश फोगाट महिला कुश्ती करने उतरेंगी विनेश फोगाट जो भारत को कई मेडल दिला चुकी हैं। दो हज़ार सोलह रियो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में घुटने में ली चोट के बाद वह लंबे वक्त तक अखाड़े से दूर रहीं लेकिन दो हज़ार सत्रह में एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर जीत उन्होंने शानदार वापिसी की। दो हज़ार उन्नीस तक आते-आते उन्होंने तिरेपन किलोग्राम कैटेगरी में खेलने का फैसला किया। इससे पहले वो अड़तालीस किलोग्राम वर्ग में खेलती थी। इसके अलावा कुश्ती में अंशु मलिक , सोनम मलिक, सीमा बिसला भी अपना जौहर दिखाएंगी। मीराबाई चानू ने भारत की उम्मीदें बढ़ा दी हैं क्योंकि वह दो हज़ार के बाद टोक्यो ओलंपिक-दो हज़ार बीस में पदक जीतने वाली पहली वेटलिफ्टर बनने की संभावना रखती है। चानू ने भारत की तरफ से वुमन उनचास किलोग्राम वर्ग में टोक्यो ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई किया है। बता दें कि वह क्लीन एंड जर्क केटेगरी में वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं। यही वजह है कि भारत को मीराबाई से काफी उम्मीदें है कि वो देश के नाम गोल्ड मेडल कर सकती हैं। झारखंड, रांची की तीरंदाज दीपिका के पिता ऑटो रिक्शा चालक और मां नर्स हैं। घर की हालात ठीक ना होने हुए भी उन्होंने धनुष में महारत हासिल की और देश के लिए कई मेडल लेकर आईं। महज अट्ठारह साल की उम्र में दुनिया की नंबर वन तीरंजदाज बन गईं। वह अब तक वर्ल्ड कप, एशियन चैंपियनशिप, वर्ल्ड चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स में कई मेडल जीत चुकी हैं। हालांकि वह ओलंपिक्स में कभी मेडल नहीं जीत पाईं। इसके अलावा शूटिंग में अंजुम मोदगिल , अपूर्व चेंदला , तेजस्वीनी सावंत , ऐश्वर्या प्रताप , मनु भाकर , यशस्वीनी सिंह , राही सरनोबत , चिंकी यादव भी शामिल होंगी। बैडमिंटन प्लेयर पीवी सिंधू भी भारत की बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। अपने अबतक के करियर में उन्होंने कई बार देश का नाम रोशन किया। वह लगभग भारत के लिए लगभग हर इवेंट में मेडल ला रही हैं। वर्ल्ड चैंपियनशिप में पाँच मेडल जीतने वाली पीवी सिंधू भारत की पहली और विश्व की दूसरी महिला है। टोक्यो ओलंपिक्स में भी उनसे गोल्ड की पूरी उम्मीद है। भारत ने कुछ दिनों पहले सोलह सदस्यीय भारतीय महिला हॉकी टीम घोषिणा की, जिसमें आठ खिलाड़ी ओलंपिक पदार्पण करेंगी। इसके अलावा शूटिंग में यशस्वनी, मनु भाकर गोल्ड के लिए मुकाबला करेंगी। भारतीय महिला हाकी टीम की कप्तानी स्टार स्ट्राइकर रानी रामपाल के हाथो होगी। इसमें रानी रामपाल, सविता पूनिया, गुरजीत कौर, मोनिका मलिक, लालरेम्सियामी, नवजौत कौर, सलीमा टेटे, नेहा गोयल, निशा, शर्मिला देवी, उदिता का नाम शामिल है। सानिया और उनकी डबल्स जोड़ीदार अंकिता रैना टेनिस के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। बता दें कि सानिया मिर्जा चौथी जबकि अंकिता पहली बार ओलंपिक में डेब्यू करेंगी। सानिया ओलंपिक में चार बार हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी होंगी। इसके अलावा ओलंपिक में प्रियंका गोस्वामी , अनु रानी , दुत्ती चंद , भवानी देवी , प्रणति नायक , अदित्ति अशोक , कमलप्रीत कौर , सीमा पुनिया , सुशीला देवी , नेत्रा कुमानन ने भी ओलंपिक के लिए क्वालीफाइड किया। |
Jawan Prevue: बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की फिल्म 'जवान' का दमदार वीडियो सामने आया है, मेकर्स ने इसे प्रीव्यू कहकर लॉन्च किया है। एटली कुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वो सारे एलीमेंट्स हैं जिसका हमें इंतजार था और लगता है कि हमारी उम्मीदों से भी ज्यादा हमें इस फिल्म में मिलने वाला है। आइए आपको बताते हैं कि इस फिल्म में ऐसी 5 क्या चीजें हैं जो इसे एक सफल फिल्म बना सकती हैं।
फिल्म का टीजर और अब प्रीव्यू इस बात का सबूत है कि फिल्म में दमदार एक्शन होने वाला है। फिल्म के प्रीव्यू में कई धमाकेदार सीक्वेंस हैं, और ऐसे एक्शन सीक्वेंस हैं जो आपको हैरान करेंगे। एटली और टीम ने दर्शकों को प्रीव्यू दिखाकर ये तय कर दिया है कि फिल्म शानदार रहने वाली है।
इस फिल्म में नयनतारा और विजय सेतुपति से लेकर प्रियामणि और योगी बाबू जैसे कई सितारे हैं जो साउथ से हैं और वहां का बड़ा नाम हैं। डायरेक्टर एटली भी साउथ से हैं और अनिरुद्ध रविचंदर भी जो फिल्म के लिए गाने तैयार कर रहे हैं। फिल्म में, नयनतारा लीड रोल में हैं वहीं विजय सेतुपति ने एक्शन सीक्वेंस में अपनी बेहतरीन अदाकारी की झलक दिखाई है। प्रीव्यू में बुलेटप्रूफ गियर पहने, मशीन गन पकड़े हुए प्रियामणि की एक झलक भी मिलती है, जो दर्शाता है कि उनका किरदार रोमांचक एक्शन सीक्वेंस में भी शामिल है।
'जवान' में दीपिका पादुकोण का शानदार कैमियो भी है। पठान में दीपिका का लुक और अभिनय खूब पसंद किया गया था वैसे भी दीपिका और शाहरुख ने कई धमाकेदार फिल्में साथ में दी हैं। अब जवान के वीडियो में, दीपिका पादुकोण को लाल साड़ी पहने और मूसलाधार बारिश के बीच एक हमलावर से कुशलता से लड़ते हुए दिखाया गया है। दीपिका पादुकोण ने शानदार कैमियो किया है। दीपिका ने एसआरके के साथ ओम शांति ओम (2007) से अपनी शुरुआत की, जिसके बाद उन्होंने तीन और ब्लॉकबस्टर फिल्में, चेन्नई एक्सप्रेस (2013), हैप्पी न्यू ईयर (2014) और पठान (2023) में सहयोग किया। अब, जवान के प्रीव्यू से पता चला है कि गहराइयां स्टार ने एक्शन में एक कैमियो भूमिका निभाई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रोमो वीडियो से पता चलता है कि उनकी भूमिका केवल आकर्षक दिखने से कहीं आगे है, वो पठान के बाद एक बार फिर शानदार एक्शन करती दिखेंगी।
शाहरुख हीरो हैं या विलेन?
प्रीव्यू के अंत में शाहरुख का किरदार कहता है, "जब मैं विलेन बन जाता हूं, तो कोई भी हीरो मेरे सामने टिक नहीं पाता। " "मैं कौन हूँ, मैं क्या हूँ? मुझें नहीं पता। एक माँ से किया वादा या अधूरा मकसद? क्या मैं अच्छा हूँ या बुरा? पुण्य हूं या पाप हूं? खुद से पूछें। क्योंकि मैं आप हूं, चाहे अच्छा हो या बुरा। " हालांकि फिल्म में शाहरुख मुख्य भूमिका में हैं, लेकिन निर्माता अब तक उनके द्वारा निभाए गए किरदार के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी बै। क्या वह डॉन और डॉन 2 जैसी फिल्मों की तरह एंटीहीरो के अवतार में दिखेंगे ये अभी तक साफ नहीं है। कई लोगों का कहना है कि किंग खान डबल रोल में नजर आएंगे। प्रीव्यू में शाहरुख खान के कई लुक नजर आ रहे हैं।
| Jawan Prevue: बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की फिल्म 'जवान' का दमदार वीडियो सामने आया है, मेकर्स ने इसे प्रीव्यू कहकर लॉन्च किया है। एटली कुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में वो सारे एलीमेंट्स हैं जिसका हमें इंतजार था और लगता है कि हमारी उम्मीदों से भी ज्यादा हमें इस फिल्म में मिलने वाला है। आइए आपको बताते हैं कि इस फिल्म में ऐसी पाँच क्या चीजें हैं जो इसे एक सफल फिल्म बना सकती हैं। फिल्म का टीजर और अब प्रीव्यू इस बात का सबूत है कि फिल्म में दमदार एक्शन होने वाला है। फिल्म के प्रीव्यू में कई धमाकेदार सीक्वेंस हैं, और ऐसे एक्शन सीक्वेंस हैं जो आपको हैरान करेंगे। एटली और टीम ने दर्शकों को प्रीव्यू दिखाकर ये तय कर दिया है कि फिल्म शानदार रहने वाली है। इस फिल्म में नयनतारा और विजय सेतुपति से लेकर प्रियामणि और योगी बाबू जैसे कई सितारे हैं जो साउथ से हैं और वहां का बड़ा नाम हैं। डायरेक्टर एटली भी साउथ से हैं और अनिरुद्ध रविचंदर भी जो फिल्म के लिए गाने तैयार कर रहे हैं। फिल्म में, नयनतारा लीड रोल में हैं वहीं विजय सेतुपति ने एक्शन सीक्वेंस में अपनी बेहतरीन अदाकारी की झलक दिखाई है। प्रीव्यू में बुलेटप्रूफ गियर पहने, मशीन गन पकड़े हुए प्रियामणि की एक झलक भी मिलती है, जो दर्शाता है कि उनका किरदार रोमांचक एक्शन सीक्वेंस में भी शामिल है। 'जवान' में दीपिका पादुकोण का शानदार कैमियो भी है। पठान में दीपिका का लुक और अभिनय खूब पसंद किया गया था वैसे भी दीपिका और शाहरुख ने कई धमाकेदार फिल्में साथ में दी हैं। अब जवान के वीडियो में, दीपिका पादुकोण को लाल साड़ी पहने और मूसलाधार बारिश के बीच एक हमलावर से कुशलता से लड़ते हुए दिखाया गया है। दीपिका पादुकोण ने शानदार कैमियो किया है। दीपिका ने एसआरके के साथ ओम शांति ओम से अपनी शुरुआत की, जिसके बाद उन्होंने तीन और ब्लॉकबस्टर फिल्में, चेन्नई एक्सप्रेस , हैप्पी न्यू ईयर और पठान में सहयोग किया। अब, जवान के प्रीव्यू से पता चला है कि गहराइयां स्टार ने एक्शन में एक कैमियो भूमिका निभाई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रोमो वीडियो से पता चलता है कि उनकी भूमिका केवल आकर्षक दिखने से कहीं आगे है, वो पठान के बाद एक बार फिर शानदार एक्शन करती दिखेंगी। शाहरुख हीरो हैं या विलेन? प्रीव्यू के अंत में शाहरुख का किरदार कहता है, "जब मैं विलेन बन जाता हूं, तो कोई भी हीरो मेरे सामने टिक नहीं पाता। " "मैं कौन हूँ, मैं क्या हूँ? मुझें नहीं पता। एक माँ से किया वादा या अधूरा मकसद? क्या मैं अच्छा हूँ या बुरा? पुण्य हूं या पाप हूं? खुद से पूछें। क्योंकि मैं आप हूं, चाहे अच्छा हो या बुरा। " हालांकि फिल्म में शाहरुख मुख्य भूमिका में हैं, लेकिन निर्माता अब तक उनके द्वारा निभाए गए किरदार के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी बै। क्या वह डॉन और डॉन दो जैसी फिल्मों की तरह एंटीहीरो के अवतार में दिखेंगे ये अभी तक साफ नहीं है। कई लोगों का कहना है कि किंग खान डबल रोल में नजर आएंगे। प्रीव्यू में शाहरुख खान के कई लुक नजर आ रहे हैं। |
- News Kaimoor News: मुखिया चुनाव से पहले उम्मीदवार ने की थी एक गलती, 2 साल बाद चली गई कुर्सी, जानिए क्यों ?
- Movies Anupamaa Written Update: बेटी का हाल देखकर बदहवास होगा अनुज, अनुपमा भी ऐन मौके पर रोकेगी अपनी उड़ान!
- Travel भक्ति की अनुठी कहानी सुनाता है कर्नाटक का कोटिलिंगेश्वर मंदिर, कहां से आते हैं मंदिर में इतने शिवलिंग?
म्युजिक के शौकीनों की कमी नहीं हैं, बस में हो या ट्रेन में या फिर कहीं पैदल जा रहें हो मोबाइल में हेडफोन लगा कर गुनगुनाते हुए आपको कई लोग मिल जाएंगे जो अपनी ही धुन में खोए रहते हैं।
बॉलिवुड एक ऐसी इंड्रस्टी हैं जिसके पूरे विश्व में दीवाने मिल जाएंगे। वैसे तो ऑनलाइन आपको कई ऐसी साइटें मिल जाएंगी जिनसे आप मूवी और गाने डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन म्यूजिक शौकीनों के लिए हम 5 ऐसी मोबाइल एंड्रायड एप्लीकेशन लाए हैं जिनकी मदद से वे अपने फोन में बॉलिवुड सांग और मूवी कभी कभी डाउनलोड कर सकते हैं।
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मृण्मूर्तियां : 83
इनका व्यवहार संभवतः सीटी के रूप में किया जाता था। यदि मुंह को छेद पर रख कर फूंक मारी जाय तो सोटी की सी आवाज पैदा होती है । ये घग्घू ( फाख्ता ) की आकृतिया लगती हैं । हडप्पा के उत्खननों में प्राप्त मृण्मूर्तियों में वत्स ने फाख्ता के अतिरिक्त बतख, मोर, मुर्गी, चील, कबूतर, गौरंया, तोता, उल्लू आदि पक्षियो को पहिचान की है। हडप्पा की कुछ मृणमूर्तियों में पक्षियों के शरीर मे जहा से टाग शुरू होती है वहा छेद बने है । स्पष्ट है कि इन छेदों मे अलग से टांग बना कर जोडी गई होगी । हडप्पा के कुछ उदाहरणों में इस बात के साक्ष्य मिलते है कि पख भी अलग से बना कर जोडे गए होगे । काचली मिट्टी के सर्प की आकृति मे सिर और विषदन्त भी अलग से जोडे गए है । काचली मिट्टी और सीप के बने बैल के सिर मे आख और कान के लिए छेद बने है । कुछ चिडियो के पंख को उभरा दिखाया गया है। इन चिडियो को अधिकाशत आधार पर स्थित दिखाया गया है । इस बात के साक्ष्य है कि चिडियो को स्वाभाविक दिखाने के लिए उन्हे अनुरूप रंगों में रंगा गया था । बच्चों के खिलौनों मे सीटियों के अतिरिक्त पहियेदार मिट्टी की गाड़िया भी सम्मिलित है । इनके आकार प्रकार में दर्शनीय विभिन्नता है । कुछ गाडिया इक्के जैसे भी है । इन गाडियो को खीचने वाले बैलो की आकृतिया विशेष आकर्षक नही । पशु आकृतियों के शरीर की सूक्ष्मताएं कीलों से दिखायी गयी है । अगो के उभार बडी कुशलता से प्रदर्शित है । पहिया-गाडियों के लिए जो बैल की आकृतिया बनायी गयी हैं, उनमे सीग, कूबड तथा पैर बहुत भोडे बने है ।
मैके ने मोहेजोदडो की पशु- मृणमूर्तियों की निर्माण शैली के बारे मे अध्ययन किया है । उनके अनुसार मानव मृण्मूर्तियों के विपरीत पशुमृण्मूर्तिया खोखली है जिससे स्पष्ट है कि पहले वे किसी ऐसो वस्तु के आधार पर बनाई गई है जो पकाने पर नष्ट हो गया और इसलिए अदर खोखली है। जो आकृतिया पूरी मिली है उनमे एक छेद मिलता है जो अन्दर की आधार वस्तु के जलने से उत्पन्न गैस को निकालने के लिए अभिप्रेत था । सांचे से बनी पशु-मृणमूर्तियों के एक-दो ही उदाहरण मोहेजोदडो में प्राप्त हुए हैं ।
मोहेजोदडो की कुछ पशु मृण्मूर्तियों में आंख को यथार्थ की भाति दिखाया गया है। मिट्टी मे पहले कुछ गहराई तक गड्ढा-सा बना देते थे और फिर उसके भीतर गीली मिट्टी की टिक्की भर कर पुतली दिखाई गई है। झुरियों को रेखाओं द्वारा और खाल की परत को मिट्टी की पट्टिया चिपका कर दिखाया गया है। इन मिट्टी की पशु-आकृतियों पर लेप लगाया गया था और कुछ को चित्रित भी किया गया था । | मृण्मूर्तियां : तिरासी इनका व्यवहार संभवतः सीटी के रूप में किया जाता था। यदि मुंह को छेद पर रख कर फूंक मारी जाय तो सोटी की सी आवाज पैदा होती है । ये घग्घू की आकृतिया लगती हैं । हडप्पा के उत्खननों में प्राप्त मृण्मूर्तियों में वत्स ने फाख्ता के अतिरिक्त बतख, मोर, मुर्गी, चील, कबूतर, गौरंया, तोता, उल्लू आदि पक्षियो को पहिचान की है। हडप्पा की कुछ मृणमूर्तियों में पक्षियों के शरीर मे जहा से टाग शुरू होती है वहा छेद बने है । स्पष्ट है कि इन छेदों मे अलग से टांग बना कर जोडी गई होगी । हडप्पा के कुछ उदाहरणों में इस बात के साक्ष्य मिलते है कि पख भी अलग से बना कर जोडे गए होगे । काचली मिट्टी के सर्प की आकृति मे सिर और विषदन्त भी अलग से जोडे गए है । काचली मिट्टी और सीप के बने बैल के सिर मे आख और कान के लिए छेद बने है । कुछ चिडियो के पंख को उभरा दिखाया गया है। इन चिडियो को अधिकाशत आधार पर स्थित दिखाया गया है । इस बात के साक्ष्य है कि चिडियो को स्वाभाविक दिखाने के लिए उन्हे अनुरूप रंगों में रंगा गया था । बच्चों के खिलौनों मे सीटियों के अतिरिक्त पहियेदार मिट्टी की गाड़िया भी सम्मिलित है । इनके आकार प्रकार में दर्शनीय विभिन्नता है । कुछ गाडिया इक्के जैसे भी है । इन गाडियो को खीचने वाले बैलो की आकृतिया विशेष आकर्षक नही । पशु आकृतियों के शरीर की सूक्ष्मताएं कीलों से दिखायी गयी है । अगो के उभार बडी कुशलता से प्रदर्शित है । पहिया-गाडियों के लिए जो बैल की आकृतिया बनायी गयी हैं, उनमे सीग, कूबड तथा पैर बहुत भोडे बने है । मैके ने मोहेजोदडो की पशु- मृणमूर्तियों की निर्माण शैली के बारे मे अध्ययन किया है । उनके अनुसार मानव मृण्मूर्तियों के विपरीत पशुमृण्मूर्तिया खोखली है जिससे स्पष्ट है कि पहले वे किसी ऐसो वस्तु के आधार पर बनाई गई है जो पकाने पर नष्ट हो गया और इसलिए अदर खोखली है। जो आकृतिया पूरी मिली है उनमे एक छेद मिलता है जो अन्दर की आधार वस्तु के जलने से उत्पन्न गैस को निकालने के लिए अभिप्रेत था । सांचे से बनी पशु-मृणमूर्तियों के एक-दो ही उदाहरण मोहेजोदडो में प्राप्त हुए हैं । मोहेजोदडो की कुछ पशु मृण्मूर्तियों में आंख को यथार्थ की भाति दिखाया गया है। मिट्टी मे पहले कुछ गहराई तक गड्ढा-सा बना देते थे और फिर उसके भीतर गीली मिट्टी की टिक्की भर कर पुतली दिखाई गई है। झुरियों को रेखाओं द्वारा और खाल की परत को मिट्टी की पट्टिया चिपका कर दिखाया गया है। इन मिट्टी की पशु-आकृतियों पर लेप लगाया गया था और कुछ को चित्रित भी किया गया था । |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
दरअसल मैक्सिको सिटी में नाले की सफाई का काम चल रहा था। कर्मचारी नाले से पानी व गंदगी निकालने में जुटे थे। तभी उन्हें नाले में एक आदमकद चीज दिखाई दी। तो पहले कर्मचारी घबरा उठे। उसे बाहर निकाला गया तो वह चूहा निकला। वह भी इतना विशाल कि उसे देखकर आस पास खड़े लोगों के होश फाख्ता हो गएं।
बहरहाल यह चूहा नकली निकला। पता चला कि हैलोविन त्यौहार के समय इसे बनाया गया था और यह नाले में जा गिरा था। एक महिला ने दावा किया कि जब यह चूहा नाले में गिर गया था तो उन्होंने नाले की सफाई के लिए मदद मांगी थी। पर उस समय उन्हें मदद नहीं मिली। उसी महिला ने बताया कि यह चूहा उसका है और हैलोविन त्यौहार के समय उसने ही उसे बनाया था।
| दरअसल मैक्सिको सिटी में नाले की सफाई का काम चल रहा था। कर्मचारी नाले से पानी व गंदगी निकालने में जुटे थे। तभी उन्हें नाले में एक आदमकद चीज दिखाई दी। तो पहले कर्मचारी घबरा उठे। उसे बाहर निकाला गया तो वह चूहा निकला। वह भी इतना विशाल कि उसे देखकर आस पास खड़े लोगों के होश फाख्ता हो गएं। बहरहाल यह चूहा नकली निकला। पता चला कि हैलोविन त्यौहार के समय इसे बनाया गया था और यह नाले में जा गिरा था। एक महिला ने दावा किया कि जब यह चूहा नाले में गिर गया था तो उन्होंने नाले की सफाई के लिए मदद मांगी थी। पर उस समय उन्हें मदद नहीं मिली। उसी महिला ने बताया कि यह चूहा उसका है और हैलोविन त्यौहार के समय उसने ही उसे बनाया था। |
कल यानि 11 जून को दिल्ली में केंद्र सरकार के अध्यादेश के ख़िलाफ आप द्वारा महारैली निकाली जाएगी। दरअसल, मोदी सरकार का बनाया गया अध्यादेश कई नेताओं को रास नही आ रहा। उनका मानना है कि केंद्र सरकार ने दिल्ली की जनता के सिर पर चोर दरवाजे से काला अध्यादेश थोप दिया है।
कल आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन किया है। इस रैली में दिल्ली के कोने-कोने से लोग शामिल होंगे। दरअसल, शुक्रवार की सुबह आम आदमी पार्टी के दिल्ली संयोजक समेत पार्टी के कई विधायक और नेता रामलीला मैदान में तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहुंचे। महारैली में मौजूद सभी लोंगो का ख़ास इंत्जाम किया गया है। मैदान में पंखे र कुलर की व्यवस्था कराई गई है। साथ ही मेडिकल के साथ-साथ पानी, टॉयलेट और फायर ब्रिगेड़ की भी व्यवस्था है।
| कल यानि ग्यारह जून को दिल्ली में केंद्र सरकार के अध्यादेश के ख़िलाफ आप द्वारा महारैली निकाली जाएगी। दरअसल, मोदी सरकार का बनाया गया अध्यादेश कई नेताओं को रास नही आ रहा। उनका मानना है कि केंद्र सरकार ने दिल्ली की जनता के सिर पर चोर दरवाजे से काला अध्यादेश थोप दिया है। कल आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का आयोजन किया है। इस रैली में दिल्ली के कोने-कोने से लोग शामिल होंगे। दरअसल, शुक्रवार की सुबह आम आदमी पार्टी के दिल्ली संयोजक समेत पार्टी के कई विधायक और नेता रामलीला मैदान में तैयारियों का जायजा लेने के लिए पहुंचे। महारैली में मौजूद सभी लोंगो का ख़ास इंत्जाम किया गया है। मैदान में पंखे र कुलर की व्यवस्था कराई गई है। साथ ही मेडिकल के साथ-साथ पानी, टॉयलेट और फायर ब्रिगेड़ की भी व्यवस्था है। |
LPG Gas Cylinder: आज हर घर में रसोई बनाने के लिए गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है बता देंगे भारत सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना भी चलाई जा रही है जिसके अंतर्गत करोड़ों लोगों को सरकार की तरफ से ही गैस सिलेंडर मुहैया करवाए गए हैं। इतना ही नहीं आज घर-घर में आपको रसोई के लिए उपयोग होते हुए गैस सिलेंडर की दिखाई दिए जाते हैं। समय के साथ हर घर में आज गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है।
बता दें कि पहले जहां लोग चूल्हे पर खाना बनाया करते थे लेकिन सरकार ने भी अपनी एक अनोखी पहल करते हुए घर घर में गैस सिलेंडर मुहैया करवाए हैं। जिसके बाद से ही आज हर छोटे से छोटे परिवार में भी आपको रसोई घर में गैस सिलेंडर मिल जाएंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं गैस सिलेंडर में नीचे की साइड कुछ छिद्र दिए जाते हैं जिनका उपयोग क्या होता हैं।
आपने भी गैस सिलेंडर को देखा ही होगा और उन्हें भरवाने के लिए उठाया भी होगा। लेकिन गैस सिलेंडर के नीचे चारों साइड आने वाले किछिद्र को भी देखा होगा। लेकिन ज्यादातर लोग इसके उपयोग को नहीं जानते तो चलो आज हमको बताते हैं कि गैस सिलेंडर के नीचे इस तरह के चित्र के दिए जाते हैं। दरअसल गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है उस समय का टेंपरेचर कुछ बढ़ जाता है।
वहीं सिलेंडर को ठंडा बनाए रखने के लिए कंपनी द्वारा गैस सिलेंडर के नीचे गड्ढे दिए जाते हैं। ताकि हवा पास हो सके और टंकी को गर्म होने से बचाया जा सके। आपने फंक्शन में भी ध्यान दिया होगा कि हलवाई खुद टंकी को पानी के बर्तन में रखता है ताकि उसका ट्रेम्प्रेचर सामान्य रखा जा सके। गैस टंकियों में एलपीजी गैस का उपयोग होता है। जो कि काफी ज्यादा घातक भी होती है।
| LPG Gas Cylinder: आज हर घर में रसोई बनाने के लिए गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है बता देंगे भारत सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना भी चलाई जा रही है जिसके अंतर्गत करोड़ों लोगों को सरकार की तरफ से ही गैस सिलेंडर मुहैया करवाए गए हैं। इतना ही नहीं आज घर-घर में आपको रसोई के लिए उपयोग होते हुए गैस सिलेंडर की दिखाई दिए जाते हैं। समय के साथ हर घर में आज गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है। बता दें कि पहले जहां लोग चूल्हे पर खाना बनाया करते थे लेकिन सरकार ने भी अपनी एक अनोखी पहल करते हुए घर घर में गैस सिलेंडर मुहैया करवाए हैं। जिसके बाद से ही आज हर छोटे से छोटे परिवार में भी आपको रसोई घर में गैस सिलेंडर मिल जाएंगे। लेकिन क्या आप जानते हैं गैस सिलेंडर में नीचे की साइड कुछ छिद्र दिए जाते हैं जिनका उपयोग क्या होता हैं। आपने भी गैस सिलेंडर को देखा ही होगा और उन्हें भरवाने के लिए उठाया भी होगा। लेकिन गैस सिलेंडर के नीचे चारों साइड आने वाले किछिद्र को भी देखा होगा। लेकिन ज्यादातर लोग इसके उपयोग को नहीं जानते तो चलो आज हमको बताते हैं कि गैस सिलेंडर के नीचे इस तरह के चित्र के दिए जाते हैं। दरअसल गैस सिलेंडर का उपयोग किया जाता है उस समय का टेंपरेचर कुछ बढ़ जाता है। वहीं सिलेंडर को ठंडा बनाए रखने के लिए कंपनी द्वारा गैस सिलेंडर के नीचे गड्ढे दिए जाते हैं। ताकि हवा पास हो सके और टंकी को गर्म होने से बचाया जा सके। आपने फंक्शन में भी ध्यान दिया होगा कि हलवाई खुद टंकी को पानी के बर्तन में रखता है ताकि उसका ट्रेम्प्रेचर सामान्य रखा जा सके। गैस टंकियों में एलपीजी गैस का उपयोग होता है। जो कि काफी ज्यादा घातक भी होती है। |
विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रवीश कुमार ने कई मुद्दों को लेकर बयान जारी किए हैं। उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर, जम्मू-कश्मीर व कुलभूषण जाधव समेत कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया है।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (Ministry Of External Affair) के प्रवक्ता रवीश कुमार (Ravish Kumar) ने प्रसे वार्ता के दौरान कई मुद्दों पर बयान जारी किए हैं। उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे की सूची में नवजोत सिंह सिद्धू का नाम होने के सवाल पर कहा है कि मुझे लगता है कि राजनीतिक हस्तियों या आमंत्रित जिन्हें लगता है कि उन्हें राजनीतिक मंजूरी लेने की आवश्यकता है, लेकिन वह सूची में शामिल है तो उन्हें इसके बारे में पता चल जाएगा। इस मामले में किसी को आश्चर्य नहीं होगा। उन्होंने कहा है कि मेरी समझ के अनुसार ऐसी यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी से संबंधित समान्य नियम ही लागू होंगे।
यूरोपीय सांसदों के भारत दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार के ध्यान में लाया गया कि यह प्रतिनिधिमंडल भारत का दौरा करने जा रहा है। भारत का दौरा करने वाले सांसदों ने भारत के बारे में जानने की गहरी इच्छा व्यक्त की थी, यह एक परिचय के लिए की गई यात्रा थी। चीन द्वारा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर दिए गए बयान को लेकर उन्होंने कहा कि चीन इस मुद्दे पर भारत की स्पष्ट स्थिति से अच्छी तरह परिचित है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संघ शासित प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन की बात पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा है कि हम चीन समेत अन्य देशों से उम्मीद करते हैं कि वह भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी ना करें। जिस तरह भारत अन्य देशों के आंतरिक मामलों के दूर रहता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख यूटी भारत का अभिन्न अंग हैं। रवीश कुमार ने कहा कि अन्य देश भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें। चीन ने संघ शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक बड़े इलाके पर कब्जे किया हुआ है। उन्होंने कहा कि चीन ने 1963 के चीन-पाकिस्तान के सीमा समझौते के तहत अवैध रूप से भारतीय क्षेत्रों को अधिग्रहण किया।
कुलभूषण जाधव मामले पर आईसीजे के जज द्वारा दिए गए बयान पर रवीश कुमार ने कहा कि अभी बयान सामने आया है। हम इतनी जल्दी इस पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं। भारत-पाक आईसीजे के फैसले के बाद से संपर्क में हैं, राजनयिक चैनलों के माध्यम से संचार हो रहा है। अगर कोई अपडेट है जिसे हम साझा कर सकते हैं, तो मैं करूँगा।
| विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रवीश कुमार ने कई मुद्दों को लेकर बयान जारी किए हैं। उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर, जम्मू-कश्मीर व कुलभूषण जाधव समेत कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण दिया है। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने प्रसे वार्ता के दौरान कई मुद्दों पर बयान जारी किए हैं। उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे की सूची में नवजोत सिंह सिद्धू का नाम होने के सवाल पर कहा है कि मुझे लगता है कि राजनीतिक हस्तियों या आमंत्रित जिन्हें लगता है कि उन्हें राजनीतिक मंजूरी लेने की आवश्यकता है, लेकिन वह सूची में शामिल है तो उन्हें इसके बारे में पता चल जाएगा। इस मामले में किसी को आश्चर्य नहीं होगा। उन्होंने कहा है कि मेरी समझ के अनुसार ऐसी यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी से संबंधित समान्य नियम ही लागू होंगे। यूरोपीय सांसदों के भारत दौरे को लेकर उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार के ध्यान में लाया गया कि यह प्रतिनिधिमंडल भारत का दौरा करने जा रहा है। भारत का दौरा करने वाले सांसदों ने भारत के बारे में जानने की गहरी इच्छा व्यक्त की थी, यह एक परिचय के लिए की गई यात्रा थी। चीन द्वारा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर दिए गए बयान को लेकर उन्होंने कहा कि चीन इस मुद्दे पर भारत की स्पष्ट स्थिति से अच्छी तरह परिचित है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संघ शासित प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन की बात पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा है कि हम चीन समेत अन्य देशों से उम्मीद करते हैं कि वह भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी ना करें। जिस तरह भारत अन्य देशों के आंतरिक मामलों के दूर रहता है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख यूटी भारत का अभिन्न अंग हैं। रवीश कुमार ने कहा कि अन्य देश भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें। चीन ने संघ शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एक बड़े इलाके पर कब्जे किया हुआ है। उन्होंने कहा कि चीन ने एक हज़ार नौ सौ तिरेसठ के चीन-पाकिस्तान के सीमा समझौते के तहत अवैध रूप से भारतीय क्षेत्रों को अधिग्रहण किया। कुलभूषण जाधव मामले पर आईसीजे के जज द्वारा दिए गए बयान पर रवीश कुमार ने कहा कि अभी बयान सामने आया है। हम इतनी जल्दी इस पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं। भारत-पाक आईसीजे के फैसले के बाद से संपर्क में हैं, राजनयिक चैनलों के माध्यम से संचार हो रहा है। अगर कोई अपडेट है जिसे हम साझा कर सकते हैं, तो मैं करूँगा। |
Dark Mode!
एलोवेरा का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक!
तपती धूप में सनस्क्रीन जरूर लगाएं, लेकिन कितने SPF वाला?
Pakistan Elections: इमरान खान की गिरफ्तारी से बदले राजनीतिक हालात, पाकिस्तान में टलेंगे आम चुनाव?
| Dark Mode! एलोवेरा का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक! तपती धूप में सनस्क्रीन जरूर लगाएं, लेकिन कितने SPF वाला? Pakistan Elections: इमरान खान की गिरफ्तारी से बदले राजनीतिक हालात, पाकिस्तान में टलेंगे आम चुनाव? |
आमतौर पर हमारे समाज में यह अक्सर सुनने के लिए मिलता है कि अगर पति सही हो, तो पत्नी को किसी तरह का कष्ट नहीं होता है। लेकिन सही पति होने का क्या मतलब है? क्या कुछ गुण हैं, जो आदमी को गलत या सही पति बनाते हैं? बिल्कुल है। आज हम आपको उन 6 गुणों को बताने वाले हैं, जो आदमी को हसबैंड मटेरियल बनाते हैं। जिसे हर लड़की को शादी से पहले लड़कों में जरूर देखना चाहिए।
कम्यूनिकेशन शादी जैसे रिश्ते के लिए बहुत जरूरी है। आदमी अक्सर अपनी भावनाओं, इच्छाओं और जरूरतों को आसानी से व्यक्त नहीं कर पाते है। ऐसे में या तो वह खुद उदास होते हैं, या अपने पार्टनर को गुस्सा कर बैठते हैं। इसलिए जो लड़के मैच्योर कम्यूनिकेटर होते हैं, और ऐसी गलतियां नहीं करते हैं हसबैंड मटेरियल कहलाते हैं।
आत्म सम्मान व्यक्ति के अस्तित्व का अहम हिस्सा होता है। इसे आपको खुद ही प्रोटेक्ट करके रखना होता है। लेकिन जो लड़का आपके सेल्फ रिस्पेक्ट को किसी भी कंडीशन में हर्ट न होने दे, वह लाइफ पार्टनर के लिए बिल्कुल परफेक्ट पर्सन होता है।
हमारे समाज में पति को देवता माना जाता है, और पत्नी से यह उम्मीद की जाती है, कि वह अपनी देवता की हर स्थिति में सेवा करें। लेकिन हसबैंड मटेरियल लड़के इन चीजों से परे अपनी पार्टनर को अपने बराबर रखते हैं। घर के छोटे काम से लेकर बड़ी जिम्मेदारियों को मिलकर पूरा करने में यकीन करते हैं।
रिश्ते में ईमानदारी बहुत जरूरी होती है। यह ऐसी चीज होती है, जो लोग एक-दूसरे से उम्मीद करते हैं, लेकिन इसे किसी से जबरदस्ती ली नहीं जा सकती है। ऐसे में अगर कोई लड़का आपके साथ ईमानदार है, तो वह जीवन साथी बनने के लिए बिल्कुल सही पसंद हैं।
हसबैंड मटेरियल लड़के अपने से ज्यादा अपने पार्टनर के कंफर्ट के बारे में सोचते हैं। ऐसे में वह कभी आपके इमोशन को नजरअंदाज नहीं करते हैं। कितना भी मुश्किल हो आपको समझने की कोशिश करते हैं।
कभी-कभी लाइफ में ऐसा टाइम आ जाता हैं, कि हमारा खुद पर से ही भरोसा उठने लगता है। ऐसे में हम सभी को बस एक आवाज की जरूरत होती है, जो कहे 'तुम कर सकते हो', और हम बेहतर कर जाते हैं। इसलिए यह क्वालिटी लाइफ पार्टनर में होना बहुत जरूरी होता है।
| आमतौर पर हमारे समाज में यह अक्सर सुनने के लिए मिलता है कि अगर पति सही हो, तो पत्नी को किसी तरह का कष्ट नहीं होता है। लेकिन सही पति होने का क्या मतलब है? क्या कुछ गुण हैं, जो आदमी को गलत या सही पति बनाते हैं? बिल्कुल है। आज हम आपको उन छः गुणों को बताने वाले हैं, जो आदमी को हसबैंड मटेरियल बनाते हैं। जिसे हर लड़की को शादी से पहले लड़कों में जरूर देखना चाहिए। कम्यूनिकेशन शादी जैसे रिश्ते के लिए बहुत जरूरी है। आदमी अक्सर अपनी भावनाओं, इच्छाओं और जरूरतों को आसानी से व्यक्त नहीं कर पाते है। ऐसे में या तो वह खुद उदास होते हैं, या अपने पार्टनर को गुस्सा कर बैठते हैं। इसलिए जो लड़के मैच्योर कम्यूनिकेटर होते हैं, और ऐसी गलतियां नहीं करते हैं हसबैंड मटेरियल कहलाते हैं। आत्म सम्मान व्यक्ति के अस्तित्व का अहम हिस्सा होता है। इसे आपको खुद ही प्रोटेक्ट करके रखना होता है। लेकिन जो लड़का आपके सेल्फ रिस्पेक्ट को किसी भी कंडीशन में हर्ट न होने दे, वह लाइफ पार्टनर के लिए बिल्कुल परफेक्ट पर्सन होता है। हमारे समाज में पति को देवता माना जाता है, और पत्नी से यह उम्मीद की जाती है, कि वह अपनी देवता की हर स्थिति में सेवा करें। लेकिन हसबैंड मटेरियल लड़के इन चीजों से परे अपनी पार्टनर को अपने बराबर रखते हैं। घर के छोटे काम से लेकर बड़ी जिम्मेदारियों को मिलकर पूरा करने में यकीन करते हैं। रिश्ते में ईमानदारी बहुत जरूरी होती है। यह ऐसी चीज होती है, जो लोग एक-दूसरे से उम्मीद करते हैं, लेकिन इसे किसी से जबरदस्ती ली नहीं जा सकती है। ऐसे में अगर कोई लड़का आपके साथ ईमानदार है, तो वह जीवन साथी बनने के लिए बिल्कुल सही पसंद हैं। हसबैंड मटेरियल लड़के अपने से ज्यादा अपने पार्टनर के कंफर्ट के बारे में सोचते हैं। ऐसे में वह कभी आपके इमोशन को नजरअंदाज नहीं करते हैं। कितना भी मुश्किल हो आपको समझने की कोशिश करते हैं। कभी-कभी लाइफ में ऐसा टाइम आ जाता हैं, कि हमारा खुद पर से ही भरोसा उठने लगता है। ऐसे में हम सभी को बस एक आवाज की जरूरत होती है, जो कहे 'तुम कर सकते हो', और हम बेहतर कर जाते हैं। इसलिए यह क्वालिटी लाइफ पार्टनर में होना बहुत जरूरी होता है। |
पत्नी - बाजार से दूध का एक पैकेट ले आओ!
हां, अगर बाजार में नींबू दिखे तो छह ले आना।
पति छह पैकट दूध ले आया।
पत्नी - छह पैकेट दूध?
पति - हां छह पैकेट ही लाया हूं,
क्योंकि बाजार में नींबू दिख गए थे...! ! !
99 marks मिलें हैं. .
पतिः अच्छा, तो 1 mark कहाँ गया?
पत्नीः- तुम मुझसे कितना प्यार करते हो ?
पत्नीः- 100% क्यों नही? ?
पतिः- 28% तो GST है ना पगली,
लक्ज़री आइटम पर।
| पत्नी - बाजार से दूध का एक पैकेट ले आओ! हां, अगर बाजार में नींबू दिखे तो छह ले आना। पति छह पैकट दूध ले आया। पत्नी - छह पैकेट दूध? पति - हां छह पैकेट ही लाया हूं, क्योंकि बाजार में नींबू दिख गए थे...! ! ! निन्यानवे marks मिलें हैं. . पतिः अच्छा, तो एक mark कहाँ गया? पत्नीः- तुम मुझसे कितना प्यार करते हो ? पत्नीः- एक सौ% क्यों नही? ? पतिः- अट्ठाईस% तो GST है ना पगली, लक्ज़री आइटम पर। |
पटना। जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सोमवार कहा कि नरेंद्र मोदी एनडीए के निर्विवाद नेता हैं और केंद्र में एक बार फिर मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे। पार्टी दफ्तर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा जाएगा। एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी ही होंगे। उन्होंने दावा कि 2019 में एक बार फिर से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए की ही सरकार बनेगी।
नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री मैटेरियल करार दिये जाने से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार देश के एक बहुत बड़े नेता है। देश की राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उन्हें अभी प्रधानमंत्री के तौर पर पेश किया जाना उचित नहीं है। एनडीए के नेता नरेंद्र मोदी हैं और प्रधानमंत्री पद के भी वही दावेदार हैं।
हाल ही में मुंबई में शिवासेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात के संबंध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि एनडीए के घटक दल होने के नाते उद्धव ठाकरे के साथ उनकी औपचारिक मुलाकात हुई थी। इस दौरान मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभन्न इलाकों में उत्तर भारतीयों पर होने वाले हमलों पर भी बातचीत हुई। प्रशांत किशोर ने बताया कि उद्धव ठाकरे ने इस तरह के हमलों पर रोक लगाने का आश्वासन दिया है।
प्रियंका गांधी के कांग्रेस में सक्रिय होने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी को कितनी सफलता मिलती है यह तो वक्त ही बताएगा। मात्र दो-तीन महीने में ही वह कोई जादू कर देंगी कहना मुश्किल है लेकिन वह लंबी राजनीति के लिए मुफीद हैं। राजनीति में उन्हें लंबे समय तक काम करना होगा।
एनडीए में सीट बंटवारे के फार्मूले से संबंधित एक सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू का पुराना साथ रहा है। रामविलास पासवान के तौर एक नया प्लेयर इसमें शामिल हुआ है। पहले जदयू 25 सीटों पर और भाजपा 15 सीटों पर लड़ी थी। अब 17-17 सीटों पर सहमति हुई है। शेष सीट लोजपा के खाते में जाएगी। आमतौर पर इस पर सहमति हो गई है। अब कौन सी सीट किस दल के खाते में जाएगी इसका फैसला सभी नेता एक साथ बैठकर कर कर लेंगे। इस अवसर पर निर्दलीय विधायक अशोक चौधरी ने जदयू के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। चौधरी कुछ तकनीकी कारणों से वे विधिवित जदयू में शामिल नहीं हुए हैं।
| पटना। जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सोमवार कहा कि नरेंद्र मोदी एनडीए के निर्विवाद नेता हैं और केंद्र में एक बार फिर मोदी ही प्रधानमंत्री बनेंगे। पार्टी दफ्तर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही दो हज़ार उन्नीस का लोकसभा चुनाव लड़ा जाएगा। एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी ही होंगे। उन्होंने दावा कि दो हज़ार उन्नीस में एक बार फिर से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए की ही सरकार बनेगी। नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री मैटेरियल करार दिये जाने से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार देश के एक बहुत बड़े नेता है। देश की राजनीति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन उन्हें अभी प्रधानमंत्री के तौर पर पेश किया जाना उचित नहीं है। एनडीए के नेता नरेंद्र मोदी हैं और प्रधानमंत्री पद के भी वही दावेदार हैं। हाल ही में मुंबई में शिवासेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात के संबंध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा कि एनडीए के घटक दल होने के नाते उद्धव ठाकरे के साथ उनकी औपचारिक मुलाकात हुई थी। इस दौरान मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभन्न इलाकों में उत्तर भारतीयों पर होने वाले हमलों पर भी बातचीत हुई। प्रशांत किशोर ने बताया कि उद्धव ठाकरे ने इस तरह के हमलों पर रोक लगाने का आश्वासन दिया है। प्रियंका गांधी के कांग्रेस में सक्रिय होने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दो हज़ार उन्नीस के लोकसभा चुनाव में प्रियंका गांधी को कितनी सफलता मिलती है यह तो वक्त ही बताएगा। मात्र दो-तीन महीने में ही वह कोई जादू कर देंगी कहना मुश्किल है लेकिन वह लंबी राजनीति के लिए मुफीद हैं। राजनीति में उन्हें लंबे समय तक काम करना होगा। एनडीए में सीट बंटवारे के फार्मूले से संबंधित एक सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू का पुराना साथ रहा है। रामविलास पासवान के तौर एक नया प्लेयर इसमें शामिल हुआ है। पहले जदयू पच्चीस सीटों पर और भाजपा पंद्रह सीटों पर लड़ी थी। अब सत्रह-सत्रह सीटों पर सहमति हुई है। शेष सीट लोजपा के खाते में जाएगी। आमतौर पर इस पर सहमति हो गई है। अब कौन सी सीट किस दल के खाते में जाएगी इसका फैसला सभी नेता एक साथ बैठकर कर कर लेंगे। इस अवसर पर निर्दलीय विधायक अशोक चौधरी ने जदयू के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। चौधरी कुछ तकनीकी कारणों से वे विधिवित जदयू में शामिल नहीं हुए हैं। |
आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं कियारा के लुक्स.
कियारा हर अवतार में बेहद खूबसूरत लगती हैं।
कियारा का हर अंदाज फैंस को दीवाना बना देता है.
पाकिस्तान की खूबसूरत एक्ट्रेस इकरा का लुक आपको दीवाना बना देगा.
इकरा देसी अंदाज में अप्सरा की तरह नजर आ रही हैं।
इकरा के फैंस की नजर उनकी तस्वीरों से नहीं हट रही है.
| आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं कियारा के लुक्स. कियारा हर अवतार में बेहद खूबसूरत लगती हैं। कियारा का हर अंदाज फैंस को दीवाना बना देता है. पाकिस्तान की खूबसूरत एक्ट्रेस इकरा का लुक आपको दीवाना बना देगा. इकरा देसी अंदाज में अप्सरा की तरह नजर आ रही हैं। इकरा के फैंस की नजर उनकी तस्वीरों से नहीं हट रही है. |
बीजिंग. पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस खूनी झड़प में भारतीय सेना ने दिलेरी का सबूत दिया था और हथियारबंद चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया था। हालांकि, चीन ने इस झड़प में मारे गए सैनिकों की संख्या को अब तक छिपाए रखा है। लेकिन अब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरस हो रही हैं। ये तस्वीरें शिनजियांग प्रांत की बताई जा रही है। इसमें चीन के सैनिकों की 80 कब्रें दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि ये कब्रें उन्हीं सैनिकों की हैं, जो गलवान हिंसा में मारे गए थे।
इससे पहले भी चीन के एक सैनिक की कब्र वायरल हुई थी। इसमें दिख रहा था, यह एक 19 साल के सैनिक की कब्र है, जिसकी मौत भारत-चीन सीमा रक्षा संघर्ष जून 2020 में हो गई थी। बताया जा रहा है कि सैनिक फुजियान प्रांत का है। कब्र पर सैनिक की यूनिट का नाम 69316 भी लिखा है। यह यूनिट गलवान में तैनात चीनी टुकड़ी है।
लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस खूनी झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे, जबकि चीन के 40 सैनिक मारे गए थे। हालांकि, चीन ने अपने सैनिकों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। लेकिन लगातार वायरल हो रहीं तस्वीरों और सामने आ रहीं रिपोर्टों से लगातार चीन का झूठ बेनकाब हो रहा है।
भारतीय रक्षा सूत्रों के मुताबिक, भारत के पास इस बात के सबूत हैं कि झड़प में बड़ी संख्या में चीनी सैनिक मारे गए थे। हालांकि, भारत कभी भी दूसरे देश के सैनिकों की मौत के बारे में बयान नहीं देता। चीनी सेना में बढ़े अंसतोष की वजह से ही यह फोटो वायरल हुई है।
चीन की माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Weibo पर चीनी सैनिक के कब्र की फोटो वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि यह फोटो गलवान झड़प में मारे गए चीनी सैनिक की कब्र है। वहीं, अब सोशल मीडिया पर और भी तस्वीरें वायरल हो रही हैं, इनमें 80 से ज्यादा सैनिकों की कब्रें दिखाई दे रही हैं।
लद्दाख में गलवान घाटी में 15 जून भारत और चीन की सेनाएं आमने सामने आ गई थीं। चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर कांटेदार लाठियों से हमला कर दिया था। इस घटना में 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, चीन के भी 40 सैनिक मारे गए थे। हालांकि, चीन ने इसे कभी स्वीकार नहीं किया।
घटनास्थल पर चीनी हेलिकॉप्टर देखे गए थे, जो घायल और मृत सैनिकों को लेकर गए थे। चीन ने यह तो कहा था कि उसके सैनिक मारे गए हैं, हालांकि, ये नहीं बताया था कितने सैनिक मारे गए।
| बीजिंग. पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में पंद्रह जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस खूनी झड़प में भारतीय सेना ने दिलेरी का सबूत दिया था और हथियारबंद चीनी सैनिकों को मुंहतोड़ जवाब दिया था। हालांकि, चीन ने इस झड़प में मारे गए सैनिकों की संख्या को अब तक छिपाए रखा है। लेकिन अब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरस हो रही हैं। ये तस्वीरें शिनजियांग प्रांत की बताई जा रही है। इसमें चीन के सैनिकों की अस्सी कब्रें दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि ये कब्रें उन्हीं सैनिकों की हैं, जो गलवान हिंसा में मारे गए थे। इससे पहले भी चीन के एक सैनिक की कब्र वायरल हुई थी। इसमें दिख रहा था, यह एक उन्नीस साल के सैनिक की कब्र है, जिसकी मौत भारत-चीन सीमा रक्षा संघर्ष जून दो हज़ार बीस में हो गई थी। बताया जा रहा है कि सैनिक फुजियान प्रांत का है। कब्र पर सैनिक की यूनिट का नाम उनहत्तर हज़ार तीन सौ सोलह भी लिखा है। यह यूनिट गलवान में तैनात चीनी टुकड़ी है। लद्दाख के गलवान घाटी में पंद्रह जून को भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस खूनी झड़प में भारत के बीस जवान शहीद हो गए थे, जबकि चीन के चालीस सैनिक मारे गए थे। हालांकि, चीन ने अपने सैनिकों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। लेकिन लगातार वायरल हो रहीं तस्वीरों और सामने आ रहीं रिपोर्टों से लगातार चीन का झूठ बेनकाब हो रहा है। भारतीय रक्षा सूत्रों के मुताबिक, भारत के पास इस बात के सबूत हैं कि झड़प में बड़ी संख्या में चीनी सैनिक मारे गए थे। हालांकि, भारत कभी भी दूसरे देश के सैनिकों की मौत के बारे में बयान नहीं देता। चीनी सेना में बढ़े अंसतोष की वजह से ही यह फोटो वायरल हुई है। चीन की माइक्रो ब्लॉगिंग साइट Weibo पर चीनी सैनिक के कब्र की फोटो वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि यह फोटो गलवान झड़प में मारे गए चीनी सैनिक की कब्र है। वहीं, अब सोशल मीडिया पर और भी तस्वीरें वायरल हो रही हैं, इनमें अस्सी से ज्यादा सैनिकों की कब्रें दिखाई दे रही हैं। लद्दाख में गलवान घाटी में पंद्रह जून भारत और चीन की सेनाएं आमने सामने आ गई थीं। चीनी सैनिकों ने भारतीय सैनिकों पर कांटेदार लाठियों से हमला कर दिया था। इस घटना में बीस जवान शहीद हो गए थे। वहीं, चीन के भी चालीस सैनिक मारे गए थे। हालांकि, चीन ने इसे कभी स्वीकार नहीं किया। घटनास्थल पर चीनी हेलिकॉप्टर देखे गए थे, जो घायल और मृत सैनिकों को लेकर गए थे। चीन ने यह तो कहा था कि उसके सैनिक मारे गए हैं, हालांकि, ये नहीं बताया था कितने सैनिक मारे गए। |
केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश सरकार ने 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को कोविड टीके लगाने के लिए ऑफलाइन की सुविधा दी है।
उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या के चलते कोविड टीका लगवाने के लिए पंजीकरण जरूरी नहीं है। बिना पंजीकरण के भी सीधे टीकाकरण केंद्र में जाकर वैक्सीन की डोज लगवा सकते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने टीके लगाने के लिए 145 मोबाइल टीमें भी तैनात की हैं।
प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या होने के साथ ही स्मार्ट फोन पर पंजीकरण करने की जानकारी न होने के कारण लोगों को दिक्कतें आ रही थीं। लेकिन अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बिना पंजीकरण के भी सीधे नजदीकी केंद्र में जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं।
उनका पंजीकरण केंद्र में ही आधार और मोबाइल नंबर से किया जाएगा। वहीं, सरकार ने प्रदेश में टीकाकरण के लिए 145 मोबाइल वैक्सीनेशन टीमें तैनात की गई हैं। सरकार ने 290 मोबाइल वैक्सीनेशन टीमें बनाने का लक्ष्य रखा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पर लोगों के पास स्मार्ट फोन नहीं है या कनेक्टिविटी की समस्या है। उन क्षेत्रों के लोग सीधे केंद्र में जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं। इसके लिए पंजीकरण की जरूरत नहीं है। पूरे प्रदेश में 145 मोबाइल वैक्सीनेशन टीमें तैनात हैं।
उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है। सरकार व स्वास्थ्य विभाग को मोबाइल वैक्सीनेशन की तरफ आगे बढ़ना चाहिए। जिससे लोगों के घर के पास ही वैक्सीन लगाने की सुविधा उपलब्ध हो सके।
देहरादून जिले में 18-44 आयु वर्ग के वयस्कों के लिए को वैक्सीन लगभग खत्म हो गई है। ऐसे युवा अब परेशान हैं कि उनको वैक्सीन कब लगेगी। पोर्टल पर भी वह स्लॉट न मिलने के कारण परेशान हैं। कई युवाओं को 11 जून को दूसरी खुराक का मैसेज प्राप्त हुआ है, पर कोवैक्सीन कहीं उपलब्ध नहीं है।
दरअसल, उतराखंड में 18-44 आयु वर्ग का टीकाकरण दस मई को शुरू हुआ था। अब तक राज्य में इस आयु वर्ग के चार लाख 34 हजार 434 व्यक्तियों को टीका लग चुका है। कुछ दिन पहले वैक्सीन की कमी के कारण इस आयु वर्ग का टीकाकरण ठप हो गया था। अब टीकाकरण तो दोबारा शुरू हो गया है, मगर शुरुआती चरण में कोवैक्सीन लगवा चुके युवाओं को सामने दूसरी खुराक का संकट खड़ा हो गया है।
कोवैक्सीन की दूसरी खुराक 28 से 42 दिन के बीच लगती है। फिलहाल 18-44 आयु वर्ग के व्यक्तियों को सिर्फ कोविशील्ड लग रही है। ऐसे में कोवैक्सीन की पहली खुराक ले चुके युवा परेशान हैं। कि उन्हें अगली खुराक वक्त पर लग भी पाएगी या नहीं। इधर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित का कहना है कि जिन्हें पहली खुराक लगी है, उन्हें दूसरी खुराक लगाना हमारी प्राथमिकता है। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। दूसरी खुराक 28 से 42 दिन के बीच लगती है। इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है।
जनपद देहरादून में 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग एवं बुजुर्ग दिव्यांग लाभार्थी जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं तथा उनकी मदद के लिए घर पर कोई नहीं है, ऐसे लाभार्थियों की मदद के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा देने की पहल की है। इस हेतु लाभार्थियों को स्मार्ट सिटी के पोर्टल परा जाकर लिंक https://dsclservices. org. in/vaccine-registration पर स्वयं को पंजीकरण कराना होगा तथा पंजीकरण के समय पहचान पत्र एवं दिव्यांगता पत्र अपलोड करना होगा। पंजीकरण करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम उन्हें संपर्क करेगी एवं टीकाकरण करवाने में उनकी मदद करेगी।
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| केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रदेश सरकार ने अट्ठारह से चौंतालीस आयु वर्ग के लोगों को कोविड टीके लगाने के लिए ऑफलाइन की सुविधा दी है। उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या के चलते कोविड टीका लगवाने के लिए पंजीकरण जरूरी नहीं है। बिना पंजीकरण के भी सीधे टीकाकरण केंद्र में जाकर वैक्सीन की डोज लगवा सकते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने टीके लगाने के लिए एक सौ पैंतालीस मोबाइल टीमें भी तैनात की हैं। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी की समस्या होने के साथ ही स्मार्ट फोन पर पंजीकरण करने की जानकारी न होने के कारण लोगों को दिक्कतें आ रही थीं। लेकिन अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बिना पंजीकरण के भी सीधे नजदीकी केंद्र में जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं। उनका पंजीकरण केंद्र में ही आधार और मोबाइल नंबर से किया जाएगा। वहीं, सरकार ने प्रदेश में टीकाकरण के लिए एक सौ पैंतालीस मोबाइल वैक्सीनेशन टीमें तैनात की गई हैं। सरकार ने दो सौ नब्बे मोबाइल वैक्सीनेशन टीमें बनाने का लक्ष्य रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पर लोगों के पास स्मार्ट फोन नहीं है या कनेक्टिविटी की समस्या है। उन क्षेत्रों के लोग सीधे केंद्र में जाकर वैक्सीन लगवा सकते हैं। इसके लिए पंजीकरण की जरूरत नहीं है। पूरे प्रदेश में एक सौ पैंतालीस मोबाइल वैक्सीनेशन टीमें तैनात हैं। उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है। सरकार व स्वास्थ्य विभाग को मोबाइल वैक्सीनेशन की तरफ आगे बढ़ना चाहिए। जिससे लोगों के घर के पास ही वैक्सीन लगाने की सुविधा उपलब्ध हो सके। देहरादून जिले में अट्ठारह-चौंतालीस आयु वर्ग के वयस्कों के लिए को वैक्सीन लगभग खत्म हो गई है। ऐसे युवा अब परेशान हैं कि उनको वैक्सीन कब लगेगी। पोर्टल पर भी वह स्लॉट न मिलने के कारण परेशान हैं। कई युवाओं को ग्यारह जून को दूसरी खुराक का मैसेज प्राप्त हुआ है, पर कोवैक्सीन कहीं उपलब्ध नहीं है। दरअसल, उतराखंड में अट्ठारह-चौंतालीस आयु वर्ग का टीकाकरण दस मई को शुरू हुआ था। अब तक राज्य में इस आयु वर्ग के चार लाख चौंतीस हजार चार सौ चौंतीस व्यक्तियों को टीका लग चुका है। कुछ दिन पहले वैक्सीन की कमी के कारण इस आयु वर्ग का टीकाकरण ठप हो गया था। अब टीकाकरण तो दोबारा शुरू हो गया है, मगर शुरुआती चरण में कोवैक्सीन लगवा चुके युवाओं को सामने दूसरी खुराक का संकट खड़ा हो गया है। कोवैक्सीन की दूसरी खुराक अट्ठाईस से बयालीस दिन के बीच लगती है। फिलहाल अट्ठारह-चौंतालीस आयु वर्ग के व्यक्तियों को सिर्फ कोविशील्ड लग रही है। ऐसे में कोवैक्सीन की पहली खुराक ले चुके युवा परेशान हैं। कि उन्हें अगली खुराक वक्त पर लग भी पाएगी या नहीं। इधर, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित का कहना है कि जिन्हें पहली खुराक लगी है, उन्हें दूसरी खुराक लगाना हमारी प्राथमिकता है। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। दूसरी खुराक अट्ठाईस से बयालीस दिन के बीच लगती है। इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। जनपद देहरादून में अट्ठारह वर्ष से अधिक आयु वर्ग एवं बुजुर्ग दिव्यांग लाभार्थी जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं तथा उनकी मदद के लिए घर पर कोई नहीं है, ऐसे लाभार्थियों की मदद के लिए जिला प्रशासन द्वारा स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा देने की पहल की है। इस हेतु लाभार्थियों को स्मार्ट सिटी के पोर्टल परा जाकर लिंक https://dsclservices. org. in/vaccine-registration पर स्वयं को पंजीकरण कराना होगा तथा पंजीकरण के समय पहचान पत्र एवं दिव्यांगता पत्र अपलोड करना होगा। पंजीकरण करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम उन्हें संपर्क करेगी एवं टीकाकरण करवाने में उनकी मदद करेगी। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
विन्ध्यनगर,एनटीपीसी विंध्याचल के अंबेडकर स्टेडियम में आज से स्पोर्ट्स काउंसिल द्वारा सात दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता "बल्ला उठा, छक्का उठा" का उदघाटन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विंध्याचल प्रतियोगिता के मुख्य महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण) ई सत्य फनी कुमार, रिहंद प्रतियोगिता के मुख्य महाप्रबंधक ए के चट्टोपाध्याय, सिंगरौली विद्युत गृह के मुख्य महाप्रबंधक राजीव अकोटकर, एनसीएल निगाही परियोजना के महाप्रबंधक हरीश दुहान सहित विंध्याचल, सिंगरौली, रिहंद परियोजनाओं के महाप्रबंधकगण, अपर महाप्रबंधकगण, विंध्याचल सीआईएसएफ के कमांडेंट पंकज बलियान सहित उत्तर क्षेत्रीय परियोजनाओ मेजबान विंध्याचल सहित सिंगरौली, रिहंद, टांडा, ऊंचाहार, मौज़ा, झझर एवं दादरी की टीमों के खिलाड़ी सहित सुहासिनी संघ की उपधाक्षा सरोजा फनी कुमार सहित सुहासिनी संघ की पदाधिकारी मौजूद रहें। इस अवसर पर डीपीएस के छात्रों द्वारा बैंड के आकर्षक धुन पर प्रतियोगिता की उपस्थित सभी टीमों के खिलाड़ियों नें मार्च पास्ट किया।
प्रतियोगिता के उदघाटन अवसर पर उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से ध्वजारोहण कर हवा में गुब्बारे छोड़े। इस अवसर पर अपने स्वागत भाषण में महाप्रबंधक (एफ टी) के के होता नें आए हुये सभी अतिथियों एवं विभिन्न परियोजनाओं के खिलाड़ियों का स्वागत करते हुये कहा कि बड़े हर्ष का विषय है कि विंध्याचल को इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने का अवसर मिला है। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में विंध्याचल परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक(प्रचालन एवं अनुरक्षण) ई सत्य फनी कुमार नें खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि खेलों से शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। खिलाड़ियों को खेल में हार जीत से ज्यादा खेलभावना को महत्व देना है। श्री फनी कुमार नें विंध्याचल की मेजबानी में आयोजित हो रहे इस प्रतोयोगिता की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएँ दी। कार्यक्रम में रिहंद परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक ए के चट्टोपाधाय्य, सिंगरौली विद्युत गृह के मुख्य महाप्रबंधक राजीव अकोटकर नें भी अपना सम्बोधन दिया।
प्रतियोगिता का उदघाटन मैच अंबेडकर स्टेडियम में मेजबान विंध्याचल तथा टांडा के बीच खेला गया। टांडा के टीम के कप्तान नें टास जीत कर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया। विंध्याचल की टीम नें 19. 4 ओवरों में 159 रन बनाए। विंध्याचल की ओर से तुलेश्वर ठाकुर नें अपनी टीम के लिए 48 रनों का योगदान किया। वही टांडा की ओर से गेदबाजी में साहिल धिमान नें अपना प्रदर्शन किया। विजय के लक्ष्य 160 को लेकर टांडा की टीम मैदान में उतरी। टांडा की टीम नें 71 रन बनाए। विन्ध्याचल की ओर से गेदबाजी में मोहित जोहर नें अपना प्रदर्शन किया। इस तरह प्रतियोगिता के प्रथम मैच में विंध्याचल की टीम विजयी रही। वही प्रतियोगिता का दूसरा मैच आज एनसीएल निगाही परियोजना के ग्राउंड में रिहंद एवं ऊंचाहार के बीच खेला गया। टास्क जीत कर रिहंद नें पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया। वही बल्लेबाजी के लिए उत्तरी ऊंचाहार की टीम नें 163 रनों का स्कोर खड़ा किया, जवाब में उत्तरी रिहंद की टीम नें 136 रन बनाया। दुसरे मैच में रिहंद के राम निवास ने 70 रन बनाया। ऊंचाहार की ओर से गेदबाजी में जीतेन्द्र यादव नें अपना प्रदर्शन किया। इस तरह प्रतियोगिता के दूसरे मैच में आज ऊंचाहार की टीम विजयी रही।
सात दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता में आज अंबेडकर स्टेडियम में विंध्याचल का मुक़ाबला झझर से तथा निगाही स्टेडियम में दादरी का मुक़ाबला टांडा से और रिहंद का मुक़ाबला मेजा परियोजना से होगा। उदघाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रबंधन (मानव संसाधन) कामना शर्मा नें की। कार्यक्रम में आए हुये अतिथियों का आभार स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष एवं महाप्रबंधक (हरित रसायन) सुजय कर्माकर नें ज्ञापित किया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) प्रबीर कुमार बिस्वास, मुख्य चिकित्साधिकारी बी सी चतुर्वेदी, सभी महाप्रबंधकगण, अपर महाप्रबंधगण के साथ साथ स्पोर्ट्स काउंसिल के सदस्यगण उपस्थित रहें।
| विन्ध्यनगर,एनटीपीसी विंध्याचल के अंबेडकर स्टेडियम में आज से स्पोर्ट्स काउंसिल द्वारा सात दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता "बल्ला उठा, छक्का उठा" का उदघाटन हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विंध्याचल प्रतियोगिता के मुख्य महाप्रबंधक ई सत्य फनी कुमार, रिहंद प्रतियोगिता के मुख्य महाप्रबंधक ए के चट्टोपाध्याय, सिंगरौली विद्युत गृह के मुख्य महाप्रबंधक राजीव अकोटकर, एनसीएल निगाही परियोजना के महाप्रबंधक हरीश दुहान सहित विंध्याचल, सिंगरौली, रिहंद परियोजनाओं के महाप्रबंधकगण, अपर महाप्रबंधकगण, विंध्याचल सीआईएसएफ के कमांडेंट पंकज बलियान सहित उत्तर क्षेत्रीय परियोजनाओ मेजबान विंध्याचल सहित सिंगरौली, रिहंद, टांडा, ऊंचाहार, मौज़ा, झझर एवं दादरी की टीमों के खिलाड़ी सहित सुहासिनी संघ की उपधाक्षा सरोजा फनी कुमार सहित सुहासिनी संघ की पदाधिकारी मौजूद रहें। इस अवसर पर डीपीएस के छात्रों द्वारा बैंड के आकर्षक धुन पर प्रतियोगिता की उपस्थित सभी टीमों के खिलाड़ियों नें मार्च पास्ट किया। प्रतियोगिता के उदघाटन अवसर पर उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। तत्पश्चात अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से ध्वजारोहण कर हवा में गुब्बारे छोड़े। इस अवसर पर अपने स्वागत भाषण में महाप्रबंधक के के होता नें आए हुये सभी अतिथियों एवं विभिन्न परियोजनाओं के खिलाड़ियों का स्वागत करते हुये कहा कि बड़े हर्ष का विषय है कि विंध्याचल को इस प्रतियोगिता की मेजबानी करने का अवसर मिला है। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में विंध्याचल परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक ई सत्य फनी कुमार नें खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएँ देते हुये कहा कि खेलों से शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है। खिलाड़ियों को खेल में हार जीत से ज्यादा खेलभावना को महत्व देना है। श्री फनी कुमार नें विंध्याचल की मेजबानी में आयोजित हो रहे इस प्रतोयोगिता की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएँ दी। कार्यक्रम में रिहंद परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक ए के चट्टोपाधाय्य, सिंगरौली विद्युत गृह के मुख्य महाप्रबंधक राजीव अकोटकर नें भी अपना सम्बोधन दिया। प्रतियोगिता का उदघाटन मैच अंबेडकर स्टेडियम में मेजबान विंध्याचल तथा टांडा के बीच खेला गया। टांडा के टीम के कप्तान नें टास जीत कर पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया। विंध्याचल की टीम नें उन्नीस. चार ओवरों में एक सौ उनसठ रन बनाए। विंध्याचल की ओर से तुलेश्वर ठाकुर नें अपनी टीम के लिए अड़तालीस रनों का योगदान किया। वही टांडा की ओर से गेदबाजी में साहिल धिमान नें अपना प्रदर्शन किया। विजय के लक्ष्य एक सौ साठ को लेकर टांडा की टीम मैदान में उतरी। टांडा की टीम नें इकहत्तर रन बनाए। विन्ध्याचल की ओर से गेदबाजी में मोहित जोहर नें अपना प्रदर्शन किया। इस तरह प्रतियोगिता के प्रथम मैच में विंध्याचल की टीम विजयी रही। वही प्रतियोगिता का दूसरा मैच आज एनसीएल निगाही परियोजना के ग्राउंड में रिहंद एवं ऊंचाहार के बीच खेला गया। टास्क जीत कर रिहंद नें पहले क्षेत्ररक्षण का फैसला किया। वही बल्लेबाजी के लिए उत्तरी ऊंचाहार की टीम नें एक सौ तिरेसठ रनों का स्कोर खड़ा किया, जवाब में उत्तरी रिहंद की टीम नें एक सौ छत्तीस रन बनाया। दुसरे मैच में रिहंद के राम निवास ने सत्तर रन बनाया। ऊंचाहार की ओर से गेदबाजी में जीतेन्द्र यादव नें अपना प्रदर्शन किया। इस तरह प्रतियोगिता के दूसरे मैच में आज ऊंचाहार की टीम विजयी रही। सात दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता में आज अंबेडकर स्टेडियम में विंध्याचल का मुक़ाबला झझर से तथा निगाही स्टेडियम में दादरी का मुक़ाबला टांडा से और रिहंद का मुक़ाबला मेजा परियोजना से होगा। उदघाटन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रबंधन कामना शर्मा नें की। कार्यक्रम में आए हुये अतिथियों का आभार स्पोर्ट्स काउंसिल के अध्यक्ष एवं महाप्रबंधक सुजय कर्माकर नें ज्ञापित किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक प्रबीर कुमार बिस्वास, मुख्य चिकित्साधिकारी बी सी चतुर्वेदी, सभी महाप्रबंधकगण, अपर महाप्रबंधगण के साथ साथ स्पोर्ट्स काउंसिल के सदस्यगण उपस्थित रहें। |
मानलो भोर वह नित्य सस्कार एक स्वभावी सरकार सर्व पदार्थों में काम करा रहा है तो यह बात नहीं बनने की, जिस पदाथ में किया हो रही है उस ही पदार्थ में सकार की छांट करे कि इसमें किस तरहका सस्कार है तो विदिन हो जायगा कि उस पदार्थ मे जो एक विशेष प्रकारको किया होती रह रही है बस उसका नाम सस्कार है जिम क्रिया के बाद क्रिया चलनी रहती है। तो वेग नामका कोई मस्कार गुण नहीं, सो वह पदार्थों की क्रियाका कारण बने यह बात सिद्ध नहीं हो सकती ।
भावनामक संस्कार के द्वितीय भेदका शकाकार द्वारा प्रतिपादन - भव शकाकार कहता है कि सरकारका दूसरा भेद है भावना नामका सरकार देती है जीवमे कितना काम कराता रहता है। कहते है ना कि इस पुरुषमे ऐसा सस्कार पडा है कि वह अपने प्रच्छे कामको करता जायगा और उसमे ऊगा नहीं। मस्कार पड़ा है। इस बच्चेम वनपनसे धर्मका मस्कार पड़ा है तभी तो देखो । अब तक ध्यान पूजा, सामायिक प्रदि धार्मिक कार्योम इसका चित्त नगा रहता है । सस्कारजीवोम भी होता है । और उपका न म है भावना । तो सस्कार गुण कैसे नहीं है ? सस्कार गुणके ही कारण बच्चे लोग जवानीमे भी सम्हने रहते हैं । तो भावना नामक सरकार है और वह गुण नित्य है, सर्वव्यापक है। उसका ज्व मम व'य सम्बन्ध होता है तव जीवोच्छी है । किसीका बुरी भावना, संस्कार हो गया तो बुरो परिगति, किया बनती हेगो । तो इस तरह २१ वाँ जो सस्कार नामक गुण है उसको अनुभूतिसे भी मिद्धि होती है ।
भावनात्मक संस्कार की यथार्थ म्परेखामान कहते हैं कि भावनात्मक जो सरकार बनाया है वह हमे प्रतिष्ट नहीं है दृष्ट है, उसे हम भी मानते हैं, पर वह भावना नामक सरकार है या ? घारा नामक मतिज्ञान है । पहिले पहिने अनुमवसे सामर्थ्य प्राप्त हुई है। जिस ऐसे श्रा माका एक प्रभिन्न धारणा नाम ज्ञान है, जो स्मृतिका कारण बनता है उस होका नाम सरकार है । यह सस्कार कोई नय गुण नहीं है, सवपापक एक नहीं है न्तु जिम जीन किमी पदाथको जार उसकी वारवार भावना को, उसकी वारगर जनमा बनयो उसमें उपयोगका कुछ जरा निरन्तर बनाये रहातो एक धारणानक संस्कार बन जाता है । सस्वर कहो, भावना कहो, घारणा कड़ो इन सबका एक ही सर्य है । प जीव जा समारने रुल रहे हैं सबमें मेनिश न पाया जाता है। मतिर श्रृज्ञान ये दोनोके दोनों समस्त छद्मस्थ जीवोपे पाये जाते हैं । मतिज्ञान अर्थ है इन्द्रिय और मनके निमित्त से जो ज्ञान हो वह पतिज्ञा है अथ है - मतिज्ञान से जाने गए पदाव में जितना मतिज्ञान मे जाने उससे और अधिक कुछ अन्य बातें जान लेना सोश्रुतशनि है। जैसे आँखें खोलते ही पदार्थ देवा नीर उपमे रूपका ज्ञान हुआ । जैसे जाना कि यह हरा है, तो यह जानना श्रुत ज्ञान है। जाना ता हरेको हो । पर हरा है ६
इस प्रकारका विकल्प जब तक नहीं उठा और प्रतिभास रहा उस स्थिति को कहते हैं मतिज्ञान । मतिज्ञान निर्विकल ज्ञान है, श्रुतज्ञान सविकल्प ज्ञान है । तो मतिज्ञानसे जाना रूप । स्थूल रूपसे समझ लिया, जान लिया कि यह रूप है, या कुछ भी घटना मतिज्ञान से जान ली । उस ज्ञान के सद्भाव भावान्तर सत्का सद्भावरूप ज्ञान किया । फिर उसमे निर्णय किया कि यह ही है। फिर उसकी धारणा बन गयी। एक स्थूल दृष्टान्त देखिये । जैने काई पुरुष सामने आ रहा है । पहिले तो समझा कि यह पुरुष फिर समझा कि यहीका है और निर्णय कर लिया कि यह तो यहींका प्रमुक पुरुष है । फिर उसे कुछ देर तक जानता रहे या अभ्यामकी वजह से एक बारमे हो जाना, अब उसके उपयोग मे धारणा बन गयी । धारणाका अर्थ है कालान्तरमें भी न भूलना । किसी पुरुषको सुबह देखा या जब मौका आया तो वह धारणा जग जाती है और स्मृति हो जाती है कि यह पुरुष सुबह मिला था । तो स्मृतिज्ञानका कारणभूत है सस्कार । सस्कारके जगाये जाने से होतां स्मरण । उसी सस्कारका नाम है । धारणा । धारणा से भिन्न अन्य कोई सस्कार नामका गुण नहीं है ।
धारणापर नाम सस्कारका व्यवहारमे विशिष्ट सहयोग - हम प्रापका घारणा ज्ञान कितना उपयोगी बन रहा है। शास्त्रोका प्रथं लगाते हैं, यह बात कल यहा तक सुनी थी, श्रव इसके आगे यहाँ सुनी जा रही है। ये सब धारणायें हैं। अन्य बात भी छोडो - कोई शब्द सुनकर हम उसका अर्थ समझ लेते हैं तो क्या उसमे घारणा काम नहीं कर रही है ? वेन्च कहा तो यह अर्थ कहा गया, क्या यह धारणा के बिना समझ रखा है ? वेन्च शब्द का यह अर्थ है, यही पदार्थ है ऐसी धारणा प्राय सभी जीवोको लगी हुई है और उसी धारणाके बलपर बड़े बड़े व्यवहार किए जाते हैं। लेन देन धारणा के बिना नहीं बन सकते। कुछ लेन देन नहीं भी लिखे जाते हैं उनका ख्याल रहता है। जैसे कोई पुस्तक मांगकर ले गया तो उसे कोई डायरामे तुरन्त लिख तो नहीं लेता, हीं रुपयोका लेन देन लिख लिया जाता है। तो छोटी मोटी चीजोके लेनदेनका काम धारणासे ही चलता है। पहिले जमाने में रुपयो का लेन देन भी न लिखा जाता था । तो उसका भी धारणासे काम चलता था । अव जब लोगोके चित्तमे वेईमानी माने लगी तब उसके लिखनेकी पद्धति बन गई । रुपया दिया तो लिखा दिया । जब उसमे भी वेईमानी चली तो दस्तखत कराये जाने लगे, ज़ब उसमे भी वेईमानी चलने लगी तव उसके स्टैम्प खरीदे जाने लगे। उसमे भी बेईमानी चली तब उसकी रजिस्ट्री होने लगे। जैसे जब चार्ज सम्हाला जाता है तो चार्जमे भी तो लेन देन है लेकिन उसको लिखित करके देते हैं। शक है कि कही यह न कह दे कि यह चीज चार्जमे नही दो। तो लिखनेपर भी यह जो व्यवहार चलता है वह सब धारणा पूर्वक चलता है, और वह धारणा है क्या ? श्रास्म के ज्ञान गुणकी पर्याय है । कोई ऐसा सस्कार नहीं है जो दुनिया मे एक नित्य छाया हुआ है और जिसके सम्बन्धको जोडकर जीवोका व्यवहार बनाया जाता हो, किन्तु जीव स्वय ज्ञानमय
और उस ज्ञानका ही एक परिणमन है धारणा सस्कार । सस्कार भी पर्याय है, गुरण नहीं है। पर्याय और गुणका मोटा भेद यह है कि पर्याय अनित्य होती है और गुरण नित्य होता है। सस्कार क्या नष्ट नहीं होता ? नष्ट हो जाता है ।
धारणापर नाम सस्कारका कार्य संस्कार मतिज्ञान के प्रवग्रह ईहा अवाय और घारणा नामक चारभेदोंमे से था भेद जब हैं तक जिसको संस्कार बना हुआ है तो सारे काम किए जाते हैं। स्वप्न मे भी सरकार काम करता है । कभी कोई खोटा स्व प्न पाप वाला भी भा रहा हो तो वहाँपर भी सस्कार जो पहिले अच्छा बनाया हुआ है वह काम देता है और स्वप्न में भी विवेककी बात जागृत होती है और विवेकके कारण वह खोटे पापोसे बच जाता है । सस्कार वेडोशीमें भी काम देता है । कुछ लागो ऐसी धारणा है कि जो पुरुष बेहोश हो जाता है और जिसका वेहोशी में मरण होता है उसकी गति बिगड जाती है, पर यह नियम नहीं है । वेहोश पुग्ष भी यदि झानी है उसका सरकार अच्छा है तो उस बेहोशीमें भी प्रन्दर ही ग्र दर वह बराबर सावधान है। अपने आत्मदशन मे उस सावधानी के कारण उसकी गति नहीं बिगडती । क्या जो बेहोश न रहें, जागते ही बोल बोलकर मरें कोई विशेषता प्राप्त करली ? यदि उनका सस्कार भला है तो बोल करके मरे तो क्या, वेहोशीमें मरे तो क्यो ? उससे कोई बिगाड नही है । वेहोशी में होता क्या है ? ज्ञान वेहोश नही होता, किन्तु इन्द्रियाँ वेहोश होती है । वही इन्द्रियज ज्ञात हो पाता है, मगर इन्द्रियज ज्ञानसे वहाँ मतलब क्या है ? इन्द्रियज्ञान न हुभा न सही, पोर किसी तरह यह भी कह सकते हैं कि अगर बेहोशीके कारण से इन्द्रियज ज्ञान नहीं हो रहा तो उसको भपनी अन्त सावधानी मिलने में बडा सहयोग ही उससे मिल रहा है। वहीं बाहरी बातोंका ज्ञान और उल्काव न हो सका तो सस्कार घारणा ऐसे दृढ़तम मतिज्ञानको परिणति है कि जिसके कारण इस जीवको बहुत कुछ प्रात्महितके लिए सहयोग मिल सकता है ।
संस्कार एव सर्व विशेषोका श्रनिषेध, किन्तु यथावत् प्रत्ययकी आवश् यकता - भावना नामक संस्कार है और वह उत्पन्न किया जाता है वार बान्का उपयोग लगानेसे अब किसी जीवके तो ऐसी विशिष्ट योग्यता है कि कुछ ही वार उपयोग लगानेसे घारण बन गयी। कुछ बहुत बहुत उपयोग लगाना होता है तब धारणा बनती । है । बच्चोमे ही देखो ! किसने अन्तर पाये जाते हैं। कोई बालक एक ही बात ध्यान से सुनले तो उसे धारणा बन जाती है, कोई दो तीन वारा उसमें उपयोग लगायें तो धारणा वन जाती है और कुछ बालक ऐसे होते हैं जो पचासो बार भी उपयोग लगाते हैं, पर धारणा नहीं बन पाती है। तो ज्ञानावरका जैसा जिसका क्षयोपशम है उसके मनुसार उसमें उस प्रकारको धारणा वन जाया करती है । तो सस्कार नामक गुण की बास जो विशेषवादमे कहा है तो सस्कारको मना नहीं किया जा रहा, बल्कि जो जो भी कहा है गुणोंके सम्बन्धमें उनको किमीको भी मना नही किया जा सकता। मगर
वे किस रूपसे है ? गुण रूपसे कि पर्याय रूपसे ? उनका क्या स्वरूप है उसका विश्लेपरण किया जा रहा है । तो इसी प्रकार यह संस्कार भावना नामक कोई एक नित्य एक स्वभावो गुण नहीं है, किन्तु ज्ञानावरण के क्षयोपशमके अनुसार जिस जीवको जितनी योग्यता मिली है वह अपने मतिज्ञानमे उतनी ही धारणा बनाता है और अपने सस्कार बनाता है। तो भावना नामक संस्कार तो अनिष्ट नहीं, किन्तु कोई पृथकभूत. गुरण माना जाय, जीवसे अलग कोई गुरण है भावना नामक सो बात नहीं है । वह जीव ही की चीज है । जिस पदार्थ में संस्कार है वह सस्कार उस पदार्थकी ही चीज है । अब उसमे यह छटनी करें कि वह गुरग है कि पर्याय है, किस ढगका है सो तो उत्तर सही आ जायगा, लेकिन पदार्थ से भिन्न कही अलग सस्कार नामका गुण कहा जाय और उसका सम्बन्ध कर करके काम निकाला जाय यह बान प्रयुक्त है ।
स्थितस्थापक मस्कारकी मीमासा --शकाकार कहता है कि एक स्थापक नामका सस्कार भी गुणरूसे सिद्ध है। स्थिनस्थापकका अर्थ यह है कि जो पदार्थ स्थित है, ठहरा हुवा है उस पदार्थको उस ही प्रकार से स्थापित किये रहना । इसका कारण स्थितस्थापक सस्कार नामका गुण है । और जिस पदार्थ में इस सस्कारका जब शैथिल्य होता है तो वह पदार्थ चलित होने लगता है । स्थित हुआा पदार्थ स्थिरतापे स्थिर रहे ऐसा उसमे एक स्थितस्थापक नामका संस्कार है और यह सस्कार गुणका तीसरा प्रकोर है। समाधानमे कहते हैं कि स्थितस्थापकरूप सस्कार तो असम्भव ही है । अच्छा बताघ्रो कि वह स्थितस्थापक संस्कार किस पदार्थको स्थापित करना है ? इस सस्कारका कार्य तो यही है ना कि पदार्थको हो वैसीको हो वैसी स्थिति बनाये रखना । तो क्या स्थितस्थापक सस्कार प्रस्थिर स्वभाव वाले पदार्थको स्थित बनाये रखना है या स्थित स्वभाव वाले पदार्थको यह सस्कार स्थित बनाये रखता है ? स्थित पद र्थको ज्योका त्यो स्थिर बनाये रखना वहीका वही, वैसा ही ठहरा हुआ बनाये रखना यह जो गुण है सो स्थिर स्वभाव वाले पदार्थको ठहराये रहता है या अस्थिर स्वभाव वाले पदाथको ठहराये रहना है ?
स्थित स्थापक संस्कार गुणको अस्थिर स्वभाव पदार्थकी स्थितिका कारण मानने पर अनिष्पत्ति - यदि कहो कि अस्थिर स्वभाव वाले पदार्थको यह सस्कार ठहराये रहता है तो यह तो बिल्कुल विरुद्ध बात है। पदार्थ तो मस्थिर स्व. भाव वाला है मागने ठहर नहीं रहा है, चलित होता रहे ऐसे स्वभाव वाला है और उस पदार्थको स्थितस्थापक नम्कार ठहराये रखना है तो इसका अर्थ यह हुआ कि सरकारने पदार्थ के स्वभावपो बदल दिया। लेकिन पदार्थका जो स्वभाव है। कोटि उपाय किये जानेपर भी बदला नहीं जा सकता । अन्यथा कोई पदार्थं व्यवस्था हो न रहेगी। प्रात्माका चैतन्यस्वभाव है यह भी कभी बदल जायगा । जिस जिस पदार्थका गुणका, कमका जो जो भो स्वभाव है यह बदलवा हो जोयगा तो फिर पदार्थ हो क्या
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रहेंगे? तो अस्थिर स्वभाव वाले पदार्थको स्थित स्थापक नामक सरकार ठहराये रहता है यह बात नहीं बनती। और, यदि अस्थिर स्वभाव वाले पदार्थको सस्कार ठहरा दे तो बिजलीको क्यो नही ठहरा देता ? बिजली अस्थिर स्वभाव वाली है तो उसे भी ठहरा दे लेकिन वह दूसरे क्षरण भी नहीं ठहरती। फिर तीसरा दोष यह है कि एक क्षण के बाद वह पदार्थ तो मिलेगा ही नही क्योकि वह अस्थिर स्वभाव वाला है । अपना स्वभाव दूसरे क्षरण रख ही नही सकता । अर्थात् उसका विनाश हो जाता है। तो एक क्षण के बाद पदार्श जब रहा ही नहीं, उसका स्वभाव हो गया तो यह स्थित स्थापक सस्कार फिर किसको ठहराये ? और अग्र ठहरा दे ता अस्थिर स्वभाव न रहा फिर पदार्थका । देखो - अव ठहर, गया, स्थिर हो गया । इसमे अस्थिर स्वभाव वाले पदार्थको स्थित स्थिापक नामका सस्कार ठहराये रहता है यह पक्ष सिद्ध नहीं होता।
स्थित स्थापक सस्कार गुणको स्थिरस्वभाव पदार्थकी स्थितिका कारण माननेपर सस्कारकी प्रकिञ्चितकता और असिद्धि - श्रव यदि दूसरा पक्ष कहोगे याने स्थिरस्वभाव वाले पदार्थका स्थित स्थापक नामक संस्कार ठहराये रहना है यह सरकार उस पदार्थको वहीता वही ठहराये रहता है, उस ही ढगका बनाये रहता है जो पदार्थ स्वय स्थिर स्वभाव रखता है। तो यहाँ यह वात विचारनेकी है कि जब पदार्थ ही स्वयं स्थिर स्वभाव वाला है तो उसको ठहराने के लिये अलग से स्थित स्थापक सस्कारको कल्पनाकी क्या आवश्यकता हुई ? पदार्थ स्वय स्थिर रवभाव वाले हैं और वे वहाँ स्थिरता से रहेंगे ही, फिर स्थित स्थापक सम्कारकी कल्पना की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह पदार्थ प्रकिञ्चितकर हो गण । पदार्थ जव स्वभावसे उस ही प्रकार ठहरा हुआ है फिर और कोई क्या करे ? स्थित स्थापकका फिर काम क्या रहा ? वह प्रकिञ्चितकर हो गया। इस कारण यह बात मानना श्रेष्ठ है कि यह पदार्थ अपने कारण की वजह से जिस जिस प्रकारके रूपसे इसमे जो परिणति होती है, दशा बनती है उस होका नाम स्थिर स्थापक सस्कार है अन्य मौर कुछ नहीं है । उसको किसी नामसे कह लो । पदार्थमे अपने ही कारण से जिस प्रकार परिरगमनकी बात पडी हुई है उस प्रकार वह पदार्थ होता ही है । तो उसमें भव भिन्न कोई नवीन सस्कार लगाना यह बिल्कुल व्यर्थ है । तो सस्कार नामक गुरण भी सिद्ध न हो सका ।
शकाकार द्वारा धर्म व अधर्मनामक गुणके सद्भावका प्रस्ताव - भव शकाकार कहता है कि धर्म और प्रधम नामके भी तो गुरण है। देखो - सारा जहान धर्म अधर्मके ही प्राधीन होकर सुख और दुख भोग रहा है । धर्मका फल है सुख देना, स्वर्गौमें उत्पन्न करना और अधर्मका फल है दुख देना, नरकादिक गतियों में उत्पन्न करना । तो जिस धर्म अधर्मका सारा हो ठाठ यहाँ नजय श्रा रहा है उस धर्म
संघर्म नामक गुणको कैसे मना किया जा सकता है ? लोग तो इष्ट वस्तुदोक प्राप्त करने के लिए अधिकाधिक प्रयत्न करके हैरान होने हैं फिर भी उनकी प्राप्ति नहीं होती तो क्यो प्राप्ति नही होनी कि उनके पास प्रमो धर्म गुणका सम्बन्ध नहीं बना है और जो दरिद्र हैं, पानी है, प्रकुलीन है, दु.ख भोगते हैं उनके प्रथम गुणका सम्बन्ध बना हुआ है इसलिए दुखो हैं । तो धर्म प्रधर्म नामक गुग्गुके वश मे यह सारा ससार पड़ा हुआ है। इस घम अधर्म गुणका निषेध नही किया जा सकता । वहुत-बहुत दूरकी चीजे खिचती दुई चली आायें यह घमगुणका होता प्रताप है। बहुत दूरते अनिष्ट वस्तुवें शत्रु खिचकर चले आयें और उन्को बरबाद करदें यह अधम गुणकर ही तो प्रभाव है। अन्यथा बतलावो कि बहुत दूर रहने वाले इष्ट अनिष्ट पदाथ, मुचकारी और दुखकारी पदार्थ किसकी प्रेरणा खिचकर इस धर्मी और अवर्मीको सुख दुख देने के लिए आते हैं ?त मानना पडेगा कि कोई धर्म और प्रघमं गुण है।
विशेषवादोक्त धर्म अधर्म नामक अष्टके गुणत्वका निराकरण-अव उक्त शफाके समाधान में कहते हैं कि धर्म और अधर्म य अदृष्टके भेद है। इन्हे भाग्य कहो तो ये धर्म प्रघर्म नामक सदृष्ट प्रात्माका गुण नहीं है। यह बात पहिले भी बहुत विस्तारसे बता दी गई थी कि धर्म और धर्म जो है वे श्रात्मगुरण नहीं है किन्तु एक पौगलिक पिण्ड हैं। इस लोकमे प्रत्येक ससारी जीवके साथ स्वभाव से ही ऐसा कार्मारणवर्गनाओोका ढेर लगा हुआ है कि जो इस भवके बाद श्रागे मागे भवमे भी जीवके साथ जोयगा । वे कर्म तो साथ जायेंगे ही जो बँधे हुए है लेकिन है विस्रसोपचय कामरणवर्गरणायें भी इस जीवके साथ जाती हैं। जैसे कभी जगल में घूमते हुएमे मक्खियोका झुण्ड घूनने वाले पुरुष के सिरपर मंडराने लगता है। और भी नई मषित्वया उस झुण्डपें भाकर मिल जाती हैं। जहां जहां वह पुरुष जाता है वहाँ वहाँ वे मक्खियां भी जाती हैं और वह मक्खियोका झुण्ड उस पुरुषके लिए वेचैनीका कारण बन जाता है ऐसे ही ये विमोचय परमार भी, कार्मारणवर्गगाके स्कप जो इसमें बद्ध हैं वे भी जीवके साथ इस तरह लगे हुए हैं कि जहाँ जाये यह जीव वहा ये कार्माणवर्गरणायें भी आती है और जो कम बघे है वे मी जाते है वह है श्रदृष्ट तो श्रदृष्ट भाग्यका नाम है । वह जीवका गुण नहीं है, पात्मा से पृथक् पदार्थ है, पौद्गलिक है । अदृष्टका और भात्माके विकारका निमित्त नैमित्तिक सम्बन्ध तो है पर द्रव्य पृथक-पृथक है । भाग्य गुरण नहीं है किन्तु भाग्य स्वय द्रव्य है । इसको रूढ़ि मे धर्म और मधमके नामसे कहा जा रहा है । उमका सही नाम पुण्य और पार है।
धम अधर्मकी विशुद्ध व्याख्या- धर्म और अधर्मको व्याख्या यह है कि प्रात्माका स्वभाव हो सो धर्म है प्रोर जो ग्रात्माका स्वभाव नहीं किन्तु विभाव है सो भधर्म है । पुण्य सघं है श्रात्माके जो शुभ विकार हैं उनका नाम है पुण्य और आत्मा के जो अद्युम विकार है उनका नाम है पाप और उन शुभविकारों के कारण से
वरीसामु वसूत्रप्रवणत
जो कार्मारणवर्गरणायें बनी, उनमे जा शुभ प्रकृतिपना जिसमे श्राया है वह कहलाता है पुण्य कम और जिसमें पाप प्रकृतिपना श्राया है, खोटा अनुमान प्राया है उन्ह कहते है पाप । तो पुण्यकम पापषम तो ससारा जीवोफे साथ लगकर उन्हें इस ससारमे भ्रमाते रहते हैं और धर्म इस जीवको सस्कारके दुखोस छुटाकर उत्तम सुवमें पहुँचा देता है। इस दृष्टिमे पुण्य है सो भी अधर्म है, पाप है मो भी प्रथम है। शुभोपयोग है वह भी श्रात्माका स्वभाव नहीं है और पशुभोपयोग है वह भी अत्मीका स्वभाव नहीं है। घम तो घम है प्रचलित है, घारगलन नहीं है। मूत्र स्वरूपको देखिये । प्रात्काका जो स्वभाव है वह घम है । वह घम धारण, पालनरूर नहीं। वह तो स्वभावमात्र है। अब उस स्वभावमा जान करना है वह जीव दृष्टि करने रूप परिगतिमे घमगलन कर रहा है। घमालन कहत किस है ?
लेना स्वभाव में उपयोग रमाना वह है धमपालन । घमपालन धर्म नहीं, धर्म भावका न म है, किन्तु स्वकष्ट करना उसका नाम धर्मपालन है । परिणमन स्वय धर्म नहीं है पर्याय है, स्वभाव नहीं है, ता धर्म और धर्म ालन ये द बातें है भ धर्मगलनमें भी प्रोर विस्तार निरखिये मारमाका जो विशुद्ध सहज चैनन्यस्वभाव है उसकी दृष्टि ह ना, उसमे उपयोग रमना उसका अनुभव होना यही है घमगलन ।
निश्चयत और व्यवहारत धर्मपालन- निश्चय धर्मपालनक अतिरिक्त जो कुछ भी प्रवृत्तिमालन नहीं है। लेकिन इस घमगलन रूप निश्चय परिणति के सहायक जितने प्रवर्तन हैं उ हें भी धम पालन कहते हैं और वह व्यवहारत धर्मगलन कहलाता है। निश्चय से आत्मविशुद्ध सहज चैतन्यम्त्रगावकी दृष्टि अनुभव और रमण होना इसका नाम है घमशलन और इस निश्चय घमके पालनको पात्रता बनाये रखने वाली जो व्यवहारकी हें कहते हैं व्यवहारधर्म । जैसे मंदिर आना, पूजा करना स्वाध्याय करना । ब्रन नियम पालन करने वाले के लिए साक्ष तू घमपालन करने वाले के लिए साक्षात् धर्मपालनकी पात्रता बनाये रखना हम व्यवहार धमका काम है । इन धर्मोके करते हुए ब च बॅच जब जब भी पात्म स्वभायपर दृष्टि जगे तब वह धम लिन कर रहा है । तो इन दिश मे ऐसा कह सकते हैं कि जैसे युद्ध में सूट ढल और तलवार दोका याग किया करते हैं। पहले समय से युद्ध में सैनिक लोग मदकर, कवच पहि कर ढ न औौर तलवार लेकर युद्ध क्षेत्र मे उतरते थे । एलरका काम था शत्रुका घ त करना विजय प्राप्त करना । और ढाल फ्राकाश का बार रोकना । ढाल शत्रुका घात नहीं करती बल्कि बारको रोकनी है और तलवार शत्रुका धान करती है। इसी तरह व्यवहार धर्म सो ढालकी भान है घोर निश्चय धम ननवारको भात है । जीवके शत्रु है विषय कपाय । पञ्चे न्द्रिय के विषमेश्योग रमना, लोकपणा आदिके लिए स्वच्छन्द प्रयतन हाना ये सव जीवका साक्षात् घान करने वाले है । तो हन शत्रु वोका घात निश्चय घमसे होता है । सामजनोको मारो जि दगी भर मौर काम करनेको है ही क्या ? यही एक | मानलो भोर वह नित्य सस्कार एक स्वभावी सरकार सर्व पदार्थों में काम करा रहा है तो यह बात नहीं बनने की, जिस पदाथ में किया हो रही है उस ही पदार्थ में सकार की छांट करे कि इसमें किस तरहका सस्कार है तो विदिन हो जायगा कि उस पदार्थ मे जो एक विशेष प्रकारको किया होती रह रही है बस उसका नाम सस्कार है जिम क्रिया के बाद क्रिया चलनी रहती है। तो वेग नामका कोई मस्कार गुण नहीं, सो वह पदार्थों की क्रियाका कारण बने यह बात सिद्ध नहीं हो सकती । भावनामक संस्कार के द्वितीय भेदका शकाकार द्वारा प्रतिपादन - भव शकाकार कहता है कि सरकारका दूसरा भेद है भावना नामका सरकार देती है जीवमे कितना काम कराता रहता है। कहते है ना कि इस पुरुषमे ऐसा सस्कार पडा है कि वह अपने प्रच्छे कामको करता जायगा और उसमे ऊगा नहीं। मस्कार पड़ा है। इस बच्चेम वनपनसे धर्मका मस्कार पड़ा है तभी तो देखो । अब तक ध्यान पूजा, सामायिक प्रदि धार्मिक कार्योम इसका चित्त नगा रहता है । सस्कारजीवोम भी होता है । और उपका न म है भावना । तो सस्कार गुण कैसे नहीं है ? सस्कार गुणके ही कारण बच्चे लोग जवानीमे भी सम्हने रहते हैं । तो भावना नामक सरकार है और वह गुण नित्य है, सर्वव्यापक है। उसका ज्व मम व'य सम्बन्ध होता है तव जीवोच्छी है । किसीका बुरी भावना, संस्कार हो गया तो बुरो परिगति, किया बनती हेगो । तो इस तरह इक्कीस वाँ जो सस्कार नामक गुण है उसको अनुभूतिसे भी मिद्धि होती है । भावनात्मक संस्कार की यथार्थ म्परेखामान कहते हैं कि भावनात्मक जो सरकार बनाया है वह हमे प्रतिष्ट नहीं है दृष्ट है, उसे हम भी मानते हैं, पर वह भावना नामक सरकार है या ? घारा नामक मतिज्ञान है । पहिले पहिने अनुमवसे सामर्थ्य प्राप्त हुई है। जिस ऐसे श्रा माका एक प्रभिन्न धारणा नाम ज्ञान है, जो स्मृतिका कारण बनता है उस होका नाम सरकार है । यह सस्कार कोई नय गुण नहीं है, सवपापक एक नहीं है न्तु जिम जीन किमी पदाथको जार उसकी वारवार भावना को, उसकी वारगर जनमा बनयो उसमें उपयोगका कुछ जरा निरन्तर बनाये रहातो एक धारणानक संस्कार बन जाता है । सस्वर कहो, भावना कहो, घारणा कड़ो इन सबका एक ही सर्य है । प जीव जा समारने रुल रहे हैं सबमें मेनिश न पाया जाता है। मतिर श्रृज्ञान ये दोनोके दोनों समस्त छद्मस्थ जीवोपे पाये जाते हैं । मतिज्ञान अर्थ है इन्द्रिय और मनके निमित्त से जो ज्ञान हो वह पतिज्ञा है अथ है - मतिज्ञान से जाने गए पदाव में जितना मतिज्ञान मे जाने उससे और अधिक कुछ अन्य बातें जान लेना सोश्रुतशनि है। जैसे आँखें खोलते ही पदार्थ देवा नीर उपमे रूपका ज्ञान हुआ । जैसे जाना कि यह हरा है, तो यह जानना श्रुत ज्ञान है। जाना ता हरेको हो । पर हरा है छः इस प्रकारका विकल्प जब तक नहीं उठा और प्रतिभास रहा उस स्थिति को कहते हैं मतिज्ञान । मतिज्ञान निर्विकल ज्ञान है, श्रुतज्ञान सविकल्प ज्ञान है । तो मतिज्ञानसे जाना रूप । स्थूल रूपसे समझ लिया, जान लिया कि यह रूप है, या कुछ भी घटना मतिज्ञान से जान ली । उस ज्ञान के सद्भाव भावान्तर सत्का सद्भावरूप ज्ञान किया । फिर उसमे निर्णय किया कि यह ही है। फिर उसकी धारणा बन गयी। एक स्थूल दृष्टान्त देखिये । जैने काई पुरुष सामने आ रहा है । पहिले तो समझा कि यह पुरुष फिर समझा कि यहीका है और निर्णय कर लिया कि यह तो यहींका प्रमुक पुरुष है । फिर उसे कुछ देर तक जानता रहे या अभ्यामकी वजह से एक बारमे हो जाना, अब उसके उपयोग मे धारणा बन गयी । धारणाका अर्थ है कालान्तरमें भी न भूलना । किसी पुरुषको सुबह देखा या जब मौका आया तो वह धारणा जग जाती है और स्मृति हो जाती है कि यह पुरुष सुबह मिला था । तो स्मृतिज्ञानका कारणभूत है सस्कार । सस्कारके जगाये जाने से होतां स्मरण । उसी सस्कारका नाम है । धारणा । धारणा से भिन्न अन्य कोई सस्कार नामका गुण नहीं है । धारणापर नाम सस्कारका व्यवहारमे विशिष्ट सहयोग - हम प्रापका घारणा ज्ञान कितना उपयोगी बन रहा है। शास्त्रोका प्रथं लगाते हैं, यह बात कल यहा तक सुनी थी, श्रव इसके आगे यहाँ सुनी जा रही है। ये सब धारणायें हैं। अन्य बात भी छोडो - कोई शब्द सुनकर हम उसका अर्थ समझ लेते हैं तो क्या उसमे घारणा काम नहीं कर रही है ? वेन्च कहा तो यह अर्थ कहा गया, क्या यह धारणा के बिना समझ रखा है ? वेन्च शब्द का यह अर्थ है, यही पदार्थ है ऐसी धारणा प्राय सभी जीवोको लगी हुई है और उसी धारणाके बलपर बड़े बड़े व्यवहार किए जाते हैं। लेन देन धारणा के बिना नहीं बन सकते। कुछ लेन देन नहीं भी लिखे जाते हैं उनका ख्याल रहता है। जैसे कोई पुस्तक मांगकर ले गया तो उसे कोई डायरामे तुरन्त लिख तो नहीं लेता, हीं रुपयोका लेन देन लिख लिया जाता है। तो छोटी मोटी चीजोके लेनदेनका काम धारणासे ही चलता है। पहिले जमाने में रुपयो का लेन देन भी न लिखा जाता था । तो उसका भी धारणासे काम चलता था । अव जब लोगोके चित्तमे वेईमानी माने लगी तब उसके लिखनेकी पद्धति बन गई । रुपया दिया तो लिखा दिया । जब उसमे भी वेईमानी चली तो दस्तखत कराये जाने लगे, ज़ब उसमे भी वेईमानी चलने लगी तव उसके स्टैम्प खरीदे जाने लगे। उसमे भी बेईमानी चली तब उसकी रजिस्ट्री होने लगे। जैसे जब चार्ज सम्हाला जाता है तो चार्जमे भी तो लेन देन है लेकिन उसको लिखित करके देते हैं। शक है कि कही यह न कह दे कि यह चीज चार्जमे नही दो। तो लिखनेपर भी यह जो व्यवहार चलता है वह सब धारणा पूर्वक चलता है, और वह धारणा है क्या ? श्रास्म के ज्ञान गुणकी पर्याय है । कोई ऐसा सस्कार नहीं है जो दुनिया मे एक नित्य छाया हुआ है और जिसके सम्बन्धको जोडकर जीवोका व्यवहार बनाया जाता हो, किन्तु जीव स्वय ज्ञानमय और उस ज्ञानका ही एक परिणमन है धारणा सस्कार । सस्कार भी पर्याय है, गुरण नहीं है। पर्याय और गुणका मोटा भेद यह है कि पर्याय अनित्य होती है और गुरण नित्य होता है। सस्कार क्या नष्ट नहीं होता ? नष्ट हो जाता है । धारणापर नाम सस्कारका कार्य संस्कार मतिज्ञान के प्रवग्रह ईहा अवाय और घारणा नामक चारभेदोंमे से था भेद जब हैं तक जिसको संस्कार बना हुआ है तो सारे काम किए जाते हैं। स्वप्न मे भी सरकार काम करता है । कभी कोई खोटा स्व प्न पाप वाला भी भा रहा हो तो वहाँपर भी सस्कार जो पहिले अच्छा बनाया हुआ है वह काम देता है और स्वप्न में भी विवेककी बात जागृत होती है और विवेकके कारण वह खोटे पापोसे बच जाता है । सस्कार वेडोशीमें भी काम देता है । कुछ लागो ऐसी धारणा है कि जो पुरुष बेहोश हो जाता है और जिसका वेहोशी में मरण होता है उसकी गति बिगड जाती है, पर यह नियम नहीं है । वेहोश पुग्ष भी यदि झानी है उसका सरकार अच्छा है तो उस बेहोशीमें भी प्रन्दर ही ग्र दर वह बराबर सावधान है। अपने आत्मदशन मे उस सावधानी के कारण उसकी गति नहीं बिगडती । क्या जो बेहोश न रहें, जागते ही बोल बोलकर मरें कोई विशेषता प्राप्त करली ? यदि उनका सस्कार भला है तो बोल करके मरे तो क्या, वेहोशीमें मरे तो क्यो ? उससे कोई बिगाड नही है । वेहोशी में होता क्या है ? ज्ञान वेहोश नही होता, किन्तु इन्द्रियाँ वेहोश होती है । वही इन्द्रियज ज्ञात हो पाता है, मगर इन्द्रियज ज्ञानसे वहाँ मतलब क्या है ? इन्द्रियज्ञान न हुभा न सही, पोर किसी तरह यह भी कह सकते हैं कि अगर बेहोशीके कारण से इन्द्रियज ज्ञान नहीं हो रहा तो उसको भपनी अन्त सावधानी मिलने में बडा सहयोग ही उससे मिल रहा है। वहीं बाहरी बातोंका ज्ञान और उल्काव न हो सका तो सस्कार घारणा ऐसे दृढ़तम मतिज्ञानको परिणति है कि जिसके कारण इस जीवको बहुत कुछ प्रात्महितके लिए सहयोग मिल सकता है । संस्कार एव सर्व विशेषोका श्रनिषेध, किन्तु यथावत् प्रत्ययकी आवश् यकता - भावना नामक संस्कार है और वह उत्पन्न किया जाता है वार बान्का उपयोग लगानेसे अब किसी जीवके तो ऐसी विशिष्ट योग्यता है कि कुछ ही वार उपयोग लगानेसे घारण बन गयी। कुछ बहुत बहुत उपयोग लगाना होता है तब धारणा बनती । है । बच्चोमे ही देखो ! किसने अन्तर पाये जाते हैं। कोई बालक एक ही बात ध्यान से सुनले तो उसे धारणा बन जाती है, कोई दो तीन वारा उसमें उपयोग लगायें तो धारणा वन जाती है और कुछ बालक ऐसे होते हैं जो पचासो बार भी उपयोग लगाते हैं, पर धारणा नहीं बन पाती है। तो ज्ञानावरका जैसा जिसका क्षयोपशम है उसके मनुसार उसमें उस प्रकारको धारणा वन जाया करती है । तो सस्कार नामक गुण की बास जो विशेषवादमे कहा है तो सस्कारको मना नहीं किया जा रहा, बल्कि जो जो भी कहा है गुणोंके सम्बन्धमें उनको किमीको भी मना नही किया जा सकता। मगर वे किस रूपसे है ? गुण रूपसे कि पर्याय रूपसे ? उनका क्या स्वरूप है उसका विश्लेपरण किया जा रहा है । तो इसी प्रकार यह संस्कार भावना नामक कोई एक नित्य एक स्वभावो गुण नहीं है, किन्तु ज्ञानावरण के क्षयोपशमके अनुसार जिस जीवको जितनी योग्यता मिली है वह अपने मतिज्ञानमे उतनी ही धारणा बनाता है और अपने सस्कार बनाता है। तो भावना नामक संस्कार तो अनिष्ट नहीं, किन्तु कोई पृथकभूत. गुरण माना जाय, जीवसे अलग कोई गुरण है भावना नामक सो बात नहीं है । वह जीव ही की चीज है । जिस पदार्थ में संस्कार है वह सस्कार उस पदार्थकी ही चीज है । अब उसमे यह छटनी करें कि वह गुरग है कि पर्याय है, किस ढगका है सो तो उत्तर सही आ जायगा, लेकिन पदार्थ से भिन्न कही अलग सस्कार नामका गुण कहा जाय और उसका सम्बन्ध कर करके काम निकाला जाय यह बान प्रयुक्त है । स्थितस्थापक मस्कारकी मीमासा --शकाकार कहता है कि एक स्थापक नामका सस्कार भी गुणरूसे सिद्ध है। स्थिनस्थापकका अर्थ यह है कि जो पदार्थ स्थित है, ठहरा हुवा है उस पदार्थको उस ही प्रकार से स्थापित किये रहना । इसका कारण स्थितस्थापक सस्कार नामका गुण है । और जिस पदार्थ में इस सस्कारका जब शैथिल्य होता है तो वह पदार्थ चलित होने लगता है । स्थित हुआा पदार्थ स्थिरतापे स्थिर रहे ऐसा उसमे एक स्थितस्थापक नामका संस्कार है और यह सस्कार गुणका तीसरा प्रकोर है। समाधानमे कहते हैं कि स्थितस्थापकरूप सस्कार तो असम्भव ही है । अच्छा बताघ्रो कि वह स्थितस्थापक संस्कार किस पदार्थको स्थापित करना है ? इस सस्कारका कार्य तो यही है ना कि पदार्थको हो वैसीको हो वैसी स्थिति बनाये रखना । तो क्या स्थितस्थापक सस्कार प्रस्थिर स्वभाव वाले पदार्थको स्थित बनाये रखना है या स्थित स्वभाव वाले पदार्थको यह सस्कार स्थित बनाये रखता है ? स्थित पद र्थको ज्योका त्यो स्थिर बनाये रखना वहीका वही, वैसा ही ठहरा हुआ बनाये रखना यह जो गुण है सो स्थिर स्वभाव वाले पदार्थको ठहराये रहता है या अस्थिर स्वभाव वाले पदाथको ठहराये रहना है ? स्थित स्थापक संस्कार गुणको अस्थिर स्वभाव पदार्थकी स्थितिका कारण मानने पर अनिष्पत्ति - यदि कहो कि अस्थिर स्वभाव वाले पदार्थको यह सस्कार ठहराये रहता है तो यह तो बिल्कुल विरुद्ध बात है। पदार्थ तो मस्थिर स्व. भाव वाला है मागने ठहर नहीं रहा है, चलित होता रहे ऐसे स्वभाव वाला है और उस पदार्थको स्थितस्थापक नम्कार ठहराये रखना है तो इसका अर्थ यह हुआ कि सरकारने पदार्थ के स्वभावपो बदल दिया। लेकिन पदार्थका जो स्वभाव है। कोटि उपाय किये जानेपर भी बदला नहीं जा सकता । अन्यथा कोई पदार्थं व्यवस्था हो न रहेगी। प्रात्माका चैतन्यस्वभाव है यह भी कभी बदल जायगा । जिस जिस पदार्थका गुणका, कमका जो जो भो स्वभाव है यह बदलवा हो जोयगा तो फिर पदार्थ हो क्या anems thatantr रहेंगे? तो अस्थिर स्वभाव वाले पदार्थको स्थित स्थापक नामक सरकार ठहराये रहता है यह बात नहीं बनती। और, यदि अस्थिर स्वभाव वाले पदार्थको सस्कार ठहरा दे तो बिजलीको क्यो नही ठहरा देता ? बिजली अस्थिर स्वभाव वाली है तो उसे भी ठहरा दे लेकिन वह दूसरे क्षरण भी नहीं ठहरती। फिर तीसरा दोष यह है कि एक क्षण के बाद वह पदार्थ तो मिलेगा ही नही क्योकि वह अस्थिर स्वभाव वाला है । अपना स्वभाव दूसरे क्षरण रख ही नही सकता । अर्थात् उसका विनाश हो जाता है। तो एक क्षण के बाद पदार्श जब रहा ही नहीं, उसका स्वभाव हो गया तो यह स्थित स्थापक सस्कार फिर किसको ठहराये ? और अग्र ठहरा दे ता अस्थिर स्वभाव न रहा फिर पदार्थका । देखो - अव ठहर, गया, स्थिर हो गया । इसमे अस्थिर स्वभाव वाले पदार्थको स्थित स्थिापक नामका सस्कार ठहराये रहता है यह पक्ष सिद्ध नहीं होता। स्थित स्थापक सस्कार गुणको स्थिरस्वभाव पदार्थकी स्थितिका कारण माननेपर सस्कारकी प्रकिञ्चितकता और असिद्धि - श्रव यदि दूसरा पक्ष कहोगे याने स्थिरस्वभाव वाले पदार्थका स्थित स्थापक नामक संस्कार ठहराये रहना है यह सरकार उस पदार्थको वहीता वही ठहराये रहता है, उस ही ढगका बनाये रहता है जो पदार्थ स्वय स्थिर स्वभाव रखता है। तो यहाँ यह वात विचारनेकी है कि जब पदार्थ ही स्वयं स्थिर स्वभाव वाला है तो उसको ठहराने के लिये अलग से स्थित स्थापक सस्कारको कल्पनाकी क्या आवश्यकता हुई ? पदार्थ स्वय स्थिर रवभाव वाले हैं और वे वहाँ स्थिरता से रहेंगे ही, फिर स्थित स्थापक सम्कारकी कल्पना की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह पदार्थ प्रकिञ्चितकर हो गण । पदार्थ जव स्वभावसे उस ही प्रकार ठहरा हुआ है फिर और कोई क्या करे ? स्थित स्थापकका फिर काम क्या रहा ? वह प्रकिञ्चितकर हो गया। इस कारण यह बात मानना श्रेष्ठ है कि यह पदार्थ अपने कारण की वजह से जिस जिस प्रकारके रूपसे इसमे जो परिणति होती है, दशा बनती है उस होका नाम स्थिर स्थापक सस्कार है अन्य मौर कुछ नहीं है । उसको किसी नामसे कह लो । पदार्थमे अपने ही कारण से जिस प्रकार परिरगमनकी बात पडी हुई है उस प्रकार वह पदार्थ होता ही है । तो उसमें भव भिन्न कोई नवीन सस्कार लगाना यह बिल्कुल व्यर्थ है । तो सस्कार नामक गुरण भी सिद्ध न हो सका । शकाकार द्वारा धर्म व अधर्मनामक गुणके सद्भावका प्रस्ताव - भव शकाकार कहता है कि धर्म और प्रधम नामके भी तो गुरण है। देखो - सारा जहान धर्म अधर्मके ही प्राधीन होकर सुख और दुख भोग रहा है । धर्मका फल है सुख देना, स्वर्गौमें उत्पन्न करना और अधर्मका फल है दुख देना, नरकादिक गतियों में उत्पन्न करना । तो जिस धर्म अधर्मका सारा हो ठाठ यहाँ नजय श्रा रहा है उस धर्म संघर्म नामक गुणको कैसे मना किया जा सकता है ? लोग तो इष्ट वस्तुदोक प्राप्त करने के लिए अधिकाधिक प्रयत्न करके हैरान होने हैं फिर भी उनकी प्राप्ति नहीं होती तो क्यो प्राप्ति नही होनी कि उनके पास प्रमो धर्म गुणका सम्बन्ध नहीं बना है और जो दरिद्र हैं, पानी है, प्रकुलीन है, दु.ख भोगते हैं उनके प्रथम गुणका सम्बन्ध बना हुआ है इसलिए दुखो हैं । तो धर्म प्रधर्म नामक गुग्गुके वश मे यह सारा ससार पड़ा हुआ है। इस घम अधर्म गुणका निषेध नही किया जा सकता । वहुत-बहुत दूरकी चीजे खिचती दुई चली आायें यह घमगुणका होता प्रताप है। बहुत दूरते अनिष्ट वस्तुवें शत्रु खिचकर चले आयें और उन्को बरबाद करदें यह अधम गुणकर ही तो प्रभाव है। अन्यथा बतलावो कि बहुत दूर रहने वाले इष्ट अनिष्ट पदाथ, मुचकारी और दुखकारी पदार्थ किसकी प्रेरणा खिचकर इस धर्मी और अवर्मीको सुख दुख देने के लिए आते हैं ?त मानना पडेगा कि कोई धर्म और प्रघमं गुण है। विशेषवादोक्त धर्म अधर्म नामक अष्टके गुणत्वका निराकरण-अव उक्त शफाके समाधान में कहते हैं कि धर्म और अधर्म य अदृष्टके भेद है। इन्हे भाग्य कहो तो ये धर्म प्रघर्म नामक सदृष्ट प्रात्माका गुण नहीं है। यह बात पहिले भी बहुत विस्तारसे बता दी गई थी कि धर्म और धर्म जो है वे श्रात्मगुरण नहीं है किन्तु एक पौगलिक पिण्ड हैं। इस लोकमे प्रत्येक ससारी जीवके साथ स्वभाव से ही ऐसा कार्मारणवर्गनाओोका ढेर लगा हुआ है कि जो इस भवके बाद श्रागे मागे भवमे भी जीवके साथ जोयगा । वे कर्म तो साथ जायेंगे ही जो बँधे हुए है लेकिन है विस्रसोपचय कामरणवर्गरणायें भी इस जीवके साथ जाती हैं। जैसे कभी जगल में घूमते हुएमे मक्खियोका झुण्ड घूनने वाले पुरुष के सिरपर मंडराने लगता है। और भी नई मषित्वया उस झुण्डपें भाकर मिल जाती हैं। जहां जहां वह पुरुष जाता है वहाँ वहाँ वे मक्खियां भी जाती हैं और वह मक्खियोका झुण्ड उस पुरुषके लिए वेचैनीका कारण बन जाता है ऐसे ही ये विमोचय परमार भी, कार्मारणवर्गगाके स्कप जो इसमें बद्ध हैं वे भी जीवके साथ इस तरह लगे हुए हैं कि जहाँ जाये यह जीव वहा ये कार्माणवर्गरणायें भी आती है और जो कम बघे है वे मी जाते है वह है श्रदृष्ट तो श्रदृष्ट भाग्यका नाम है । वह जीवका गुण नहीं है, पात्मा से पृथक् पदार्थ है, पौद्गलिक है । अदृष्टका और भात्माके विकारका निमित्त नैमित्तिक सम्बन्ध तो है पर द्रव्य पृथक-पृथक है । भाग्य गुरण नहीं है किन्तु भाग्य स्वय द्रव्य है । इसको रूढ़ि मे धर्म और मधमके नामसे कहा जा रहा है । उमका सही नाम पुण्य और पार है। धम अधर्मकी विशुद्ध व्याख्या- धर्म और अधर्मको व्याख्या यह है कि प्रात्माका स्वभाव हो सो धर्म है प्रोर जो ग्रात्माका स्वभाव नहीं किन्तु विभाव है सो भधर्म है । पुण्य सघं है श्रात्माके जो शुभ विकार हैं उनका नाम है पुण्य और आत्मा के जो अद्युम विकार है उनका नाम है पाप और उन शुभविकारों के कारण से वरीसामु वसूत्रप्रवणत जो कार्मारणवर्गरणायें बनी, उनमे जा शुभ प्रकृतिपना जिसमे श्राया है वह कहलाता है पुण्य कम और जिसमें पाप प्रकृतिपना श्राया है, खोटा अनुमान प्राया है उन्ह कहते है पाप । तो पुण्यकम पापषम तो ससारा जीवोफे साथ लगकर उन्हें इस ससारमे भ्रमाते रहते हैं और धर्म इस जीवको सस्कारके दुखोस छुटाकर उत्तम सुवमें पहुँचा देता है। इस दृष्टिमे पुण्य है सो भी अधर्म है, पाप है मो भी प्रथम है। शुभोपयोग है वह भी श्रात्माका स्वभाव नहीं है और पशुभोपयोग है वह भी अत्मीका स्वभाव नहीं है। घम तो घम है प्रचलित है, घारगलन नहीं है। मूत्र स्वरूपको देखिये । प्रात्काका जो स्वभाव है वह घम है । वह घम धारण, पालनरूर नहीं। वह तो स्वभावमात्र है। अब उस स्वभावमा जान करना है वह जीव दृष्टि करने रूप परिगतिमे घमगलन कर रहा है। घमालन कहत किस है ? लेना स्वभाव में उपयोग रमाना वह है धमपालन । घमपालन धर्म नहीं, धर्म भावका न म है, किन्तु स्वकष्ट करना उसका नाम धर्मपालन है । परिणमन स्वय धर्म नहीं है पर्याय है, स्वभाव नहीं है, ता धर्म और धर्म ालन ये द बातें है भ धर्मगलनमें भी प्रोर विस्तार निरखिये मारमाका जो विशुद्ध सहज चैनन्यस्वभाव है उसकी दृष्टि ह ना, उसमे उपयोग रमना उसका अनुभव होना यही है घमगलन । निश्चयत और व्यवहारत धर्मपालन- निश्चय धर्मपालनक अतिरिक्त जो कुछ भी प्रवृत्तिमालन नहीं है। लेकिन इस घमगलन रूप निश्चय परिणति के सहायक जितने प्रवर्तन हैं उ हें भी धम पालन कहते हैं और वह व्यवहारत धर्मगलन कहलाता है। निश्चय से आत्मविशुद्ध सहज चैतन्यम्त्रगावकी दृष्टि अनुभव और रमण होना इसका नाम है घमशलन और इस निश्चय घमके पालनको पात्रता बनाये रखने वाली जो व्यवहारकी हें कहते हैं व्यवहारधर्म । जैसे मंदिर आना, पूजा करना स्वाध्याय करना । ब्रन नियम पालन करने वाले के लिए साक्ष तू घमपालन करने वाले के लिए साक्षात् धर्मपालनकी पात्रता बनाये रखना हम व्यवहार धमका काम है । इन धर्मोके करते हुए ब च बॅच जब जब भी पात्म स्वभायपर दृष्टि जगे तब वह धम लिन कर रहा है । तो इन दिश मे ऐसा कह सकते हैं कि जैसे युद्ध में सूट ढल और तलवार दोका याग किया करते हैं। पहले समय से युद्ध में सैनिक लोग मदकर, कवच पहि कर ढ न औौर तलवार लेकर युद्ध क्षेत्र मे उतरते थे । एलरका काम था शत्रुका घ त करना विजय प्राप्त करना । और ढाल फ्राकाश का बार रोकना । ढाल शत्रुका घात नहीं करती बल्कि बारको रोकनी है और तलवार शत्रुका धान करती है। इसी तरह व्यवहार धर्म सो ढालकी भान है घोर निश्चय धम ननवारको भात है । जीवके शत्रु है विषय कपाय । पञ्चे न्द्रिय के विषमेश्योग रमना, लोकपणा आदिके लिए स्वच्छन्द प्रयतन हाना ये सव जीवका साक्षात् घान करने वाले है । तो हन शत्रु वोका घात निश्चय घमसे होता है । सामजनोको मारो जि दगी भर मौर काम करनेको है ही क्या ? यही एक |
स्तन की लिम्फोमा का पता लगाना हैतथाकथित अल्ट्रासाउंड वास्तव में, यह गठन एक छोटा कॉम्पैक्ट क्षेत्र है, जिसके आस-पास का क्षेत्र दिखाई देता है। स्तन का लिम्फोमा एक स्पष्ट रूपरेखा है कभी-कभी विशेषज्ञों के लिए ट्यूमर को अलग करना मुश्किल होता है, क्योंकि ग्रंथि के ऊतकों में ही शामिल हैं सटीक निदान के लिए, सूजन के क्षेत्र का एक्स-रे आवश्यक है।
नतीजतन, तथाकथित सोनोग्राफ़ी जैसा कि आप देख सकते हैं कि यह बहुत ज्यादा एक चर्बी की रसीली या एक hypoechoic अत्यधिक संपीड़न शिक्षा की तरह है।
इस प्रकार के सौम्य ट्यूमरदो प्रकारों में विभाजित है यह एक फैलाना और नोडलेस लाइपोमा है पहले मामले में, यह ग्रंथि के वसा ऊतक के प्रसार से घिरा हुआ है। कैप्सूल ऐसे विकल्प का निर्माण नहीं करता है दूसरे प्रकार के लिए, यह एक बहुत ही सामान्य प्रकार की लाइपोमा है इस तरह के एक ट्यूमर के परिणामस्वरूप, नोड केवल बड़ी संख्या में कैप्सूल से घिरा होता है।
स्तन का फाइब्रोलीपोमा एक शिक्षा है,जिस पर संयोजी ऊतक धीरे-धीरे घने हो जाते हैं लिपोंपा में किस प्रकार के ऊतकों पर निर्भर है, एक प्रकार का ट्यूमर, स्तन ग्रंथि के लिपोग्रानुलोमा भी अलग है।
Lipomas उनके स्थान, स्थिरता और तरल पदार्थ के सबसे महत्वपूर्ण रोग फोकस में भीड़ के अनुसार वर्गीकृत कर रहे हैं इसके अलावा, ट्यूमर मोबाइल हो सकता है और नहीं।
एक सौम्य ट्यूमर का उपचार होता हैजटिल। हालांकि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस स्थिति में, सर्जन की सहायता के बिना बस ऐसा नहीं किया जा सकता है। तथ्य यह है कि तथाकथित स्तन लाइपोमा कभी खुद को हल नहीं करता है यह काफी वृद्धि कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप एक स्तन अन्य की तुलना में अधिक बड़ा हो जाता है। बहुत कम, ऐसे लिपॉमा स्तन कैंसर नामक एक ट्यूमर में विकसित होते हैं। किसी भी मामले में, इस शिक्षा के विकास और व्यवहार की सावधानीपूर्वक निगरानी करना आवश्यक है। यदि छाती में दर्द शुरू होता है, तो लाइपोमा तेजी से बढ़ता है, और दबाव के साथ निपल्स के कुछ तरल निकल जाते हैं, आपको तत्काल एक विशेषज्ञ से परामर्श करने की आवश्यकता होती है। इस स्थिति में, अनिवार्य आपातकालीन सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी।
| स्तन की लिम्फोमा का पता लगाना हैतथाकथित अल्ट्रासाउंड वास्तव में, यह गठन एक छोटा कॉम्पैक्ट क्षेत्र है, जिसके आस-पास का क्षेत्र दिखाई देता है। स्तन का लिम्फोमा एक स्पष्ट रूपरेखा है कभी-कभी विशेषज्ञों के लिए ट्यूमर को अलग करना मुश्किल होता है, क्योंकि ग्रंथि के ऊतकों में ही शामिल हैं सटीक निदान के लिए, सूजन के क्षेत्र का एक्स-रे आवश्यक है। नतीजतन, तथाकथित सोनोग्राफ़ी जैसा कि आप देख सकते हैं कि यह बहुत ज्यादा एक चर्बी की रसीली या एक hypoechoic अत्यधिक संपीड़न शिक्षा की तरह है। इस प्रकार के सौम्य ट्यूमरदो प्रकारों में विभाजित है यह एक फैलाना और नोडलेस लाइपोमा है पहले मामले में, यह ग्रंथि के वसा ऊतक के प्रसार से घिरा हुआ है। कैप्सूल ऐसे विकल्प का निर्माण नहीं करता है दूसरे प्रकार के लिए, यह एक बहुत ही सामान्य प्रकार की लाइपोमा है इस तरह के एक ट्यूमर के परिणामस्वरूप, नोड केवल बड़ी संख्या में कैप्सूल से घिरा होता है। स्तन का फाइब्रोलीपोमा एक शिक्षा है,जिस पर संयोजी ऊतक धीरे-धीरे घने हो जाते हैं लिपोंपा में किस प्रकार के ऊतकों पर निर्भर है, एक प्रकार का ट्यूमर, स्तन ग्रंथि के लिपोग्रानुलोमा भी अलग है। Lipomas उनके स्थान, स्थिरता और तरल पदार्थ के सबसे महत्वपूर्ण रोग फोकस में भीड़ के अनुसार वर्गीकृत कर रहे हैं इसके अलावा, ट्यूमर मोबाइल हो सकता है और नहीं। एक सौम्य ट्यूमर का उपचार होता हैजटिल। हालांकि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस स्थिति में, सर्जन की सहायता के बिना बस ऐसा नहीं किया जा सकता है। तथ्य यह है कि तथाकथित स्तन लाइपोमा कभी खुद को हल नहीं करता है यह काफी वृद्धि कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप एक स्तन अन्य की तुलना में अधिक बड़ा हो जाता है। बहुत कम, ऐसे लिपॉमा स्तन कैंसर नामक एक ट्यूमर में विकसित होते हैं। किसी भी मामले में, इस शिक्षा के विकास और व्यवहार की सावधानीपूर्वक निगरानी करना आवश्यक है। यदि छाती में दर्द शुरू होता है, तो लाइपोमा तेजी से बढ़ता है, और दबाव के साथ निपल्स के कुछ तरल निकल जाते हैं, आपको तत्काल एक विशेषज्ञ से परामर्श करने की आवश्यकता होती है। इस स्थिति में, अनिवार्य आपातकालीन सर्जिकल हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी। |
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर सोमवार देर रात हुई एक बैठक के दौरान दिल्ली के मुख्य सचिव को विधायक अमानतुल्लाह खान ने हाथापाई का मामला आग की तरह फैलता जा रहा है। मालूम हो कि यह पहली बार नहीं है जब अमानतुल्लाह खान अपने विवाद के चलते सुर्खियों में छाए हैं, अगली स्लाइड में पढ़ें उनके चार अन्य विवाद. .
20 जुलाई 2016 को अमानतुल्लाह खान के खिलाफ एक महिला ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने का मामला दर्ज करवाया था। महिला ने आईपीसी की धारा 506 के तहत जामिया नगर पुलिस थाना, दक्षिण दिल्ली में मामला दर्ज करवाया था जिसके आधार पर वह 24 जुलाई 2016 को गिरफ्तार भी हुए। लेकिन ठीक चार दिन बाद 28 जुलाई 2016 को उनको बेल मिल गई।
अमानतुल्लाह खान ने 10 सितंबर 2016 को इस्तीफा देना पड़ा था क्योंकि उनके खिलाफ उन्हीं के साले की पत्नी ने यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करवा दिया था।
18 अप्रिल 2017 को अमानतुल्लाह खान ने कांग्रेस के समर्थकों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अमानतुल्लाह खान पर गोली चलाई।
3 मई 2017 को अमानतुल्लाह खान को निलंबित कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने कुमार विश्वास पर तंज कसा था।
| मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर सोमवार देर रात हुई एक बैठक के दौरान दिल्ली के मुख्य सचिव को विधायक अमानतुल्लाह खान ने हाथापाई का मामला आग की तरह फैलता जा रहा है। मालूम हो कि यह पहली बार नहीं है जब अमानतुल्लाह खान अपने विवाद के चलते सुर्खियों में छाए हैं, अगली स्लाइड में पढ़ें उनके चार अन्य विवाद. . बीस जुलाई दो हज़ार सोलह को अमानतुल्लाह खान के खिलाफ एक महिला ने उनके खिलाफ डराने-धमकाने का मामला दर्ज करवाया था। महिला ने आईपीसी की धारा पाँच सौ छः के तहत जामिया नगर पुलिस थाना, दक्षिण दिल्ली में मामला दर्ज करवाया था जिसके आधार पर वह चौबीस जुलाई दो हज़ार सोलह को गिरफ्तार भी हुए। लेकिन ठीक चार दिन बाद अट्ठाईस जुलाई दो हज़ार सोलह को उनको बेल मिल गई। अमानतुल्लाह खान ने दस सितंबर दो हज़ार सोलह को इस्तीफा देना पड़ा था क्योंकि उनके खिलाफ उन्हीं के साले की पत्नी ने यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करवा दिया था। अट्ठारह अप्रिल दो हज़ार सत्रह को अमानतुल्लाह खान ने कांग्रेस के समर्थकों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अमानतुल्लाह खान पर गोली चलाई। तीन मई दो हज़ार सत्रह को अमानतुल्लाह खान को निलंबित कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने कुमार विश्वास पर तंज कसा था। |
सेंट पीटर्सबर्ग की राजसी सुंदरता के बारे में कहाबहुत कुछ इस शहर में ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों की एक असाधारण संख्या है। दो से ज्यादा सदियों पहले वासिलिव्स्की द्वीप का तीर शहर में सबसे महत्वपूर्ण जगहों में से एक था। अब तक, रोस्टल कॉलम हैं, जो देश के विजय और समुद्र की महिमा का प्रतीक हैं।
वे परियोजना के लिए XIX सदी की शुरुआत में बनाया गया थाटॉम डी थॉमन, एक फ्रेंच वास्तुकार दुश्मन जहाजों के रोस्तरा (नाक) से सजाया जाने वाले विजयी स्तंभों के निर्माण की प्रथा, प्राचीन रोम से आती है एक बार जब वह बंदरगाह पर आने वाले जहाजों के लिए लाइटहाउसों के रूप में सेवा करता है सेंट पीटर्सबर्ग के रोस्टरल कॉलम 32 मीटर तक बढ़ रहे हैं और शहर के प्रतीकों में से एक है। परंपरागत रूप से, वे शक्ति और शक्ति के साथ जुड़े हुए हैं मूर्तिकला के आंकड़े, पैर पर रखे गए हैं, इन गुणों को शामिल करते हैं।
ऊपरी क्षेत्रों में जहां परसिग्नल लाइट्स के लिए तिपाई, सीसा सर्पिल सीढ़ियां मकबरे के लिए पहली बार हेम्प ऑयल का इस्तेमाल किया गया था। XIX सदी के अंत में, उन्हें बिजली के साथ आपूर्ति की गई थी, लेकिन प्रकाश की इस पद्धति का उपयोग लंबे समय तक नहीं किया गया था। केवल पिछली शताब्दी के मध्य में गैस को यहां लाया गया था, धन्यवाद जिसके कारण स्तंभों पर सात मीटर जलाएं गंभीर घटनाओं पर प्रकाशित होती हैं। मूर्तियों को सजाया गया है जो आर्किटेक्चर से जुड़ा हुआ है, जिसमें एक एकल सामंजस्यपूर्ण प्रणाली का गठन होता है।
रोस्टल कॉलम (सेंट पीटर्सबर्ग) को देखने के लिएउन सभी लोगों को सिफारिश की जाती है जो रूसी इतिहास में रुचि रखते हैं और स्थानीय स्थलों से परिचित होने के लिए उत्तरी राजधानी में आए हैं। यहां पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन पर काफी सरल है, लगभग किसी भी गाइडबुक में यात्रा का मानचित्र पाया जा सकता है।
रोस्टल कॉलम हाल ही में उजागर किए गए थेबहाली। इसके अंत में, कई शोधकर्ताओं, कला के संरक्षक, संग्रहालय स्मारकों की सुरक्षा में शामिल कर्मचारियों के संयुक्त थे। प्रक्रिया के लिए, एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। नतीजतन, आजकल सेंट पीटर्सबर्ग के मेहमान अद्वितीय वास्तुशिल्प पहनावा की प्रशंसा कर सकते हैं।
| सेंट पीटर्सबर्ग की राजसी सुंदरता के बारे में कहाबहुत कुछ इस शहर में ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों की एक असाधारण संख्या है। दो से ज्यादा सदियों पहले वासिलिव्स्की द्वीप का तीर शहर में सबसे महत्वपूर्ण जगहों में से एक था। अब तक, रोस्टल कॉलम हैं, जो देश के विजय और समुद्र की महिमा का प्रतीक हैं। वे परियोजना के लिए XIX सदी की शुरुआत में बनाया गया थाटॉम डी थॉमन, एक फ्रेंच वास्तुकार दुश्मन जहाजों के रोस्तरा से सजाया जाने वाले विजयी स्तंभों के निर्माण की प्रथा, प्राचीन रोम से आती है एक बार जब वह बंदरगाह पर आने वाले जहाजों के लिए लाइटहाउसों के रूप में सेवा करता है सेंट पीटर्सबर्ग के रोस्टरल कॉलम बत्तीस मीटर तक बढ़ रहे हैं और शहर के प्रतीकों में से एक है। परंपरागत रूप से, वे शक्ति और शक्ति के साथ जुड़े हुए हैं मूर्तिकला के आंकड़े, पैर पर रखे गए हैं, इन गुणों को शामिल करते हैं। ऊपरी क्षेत्रों में जहां परसिग्नल लाइट्स के लिए तिपाई, सीसा सर्पिल सीढ़ियां मकबरे के लिए पहली बार हेम्प ऑयल का इस्तेमाल किया गया था। XIX सदी के अंत में, उन्हें बिजली के साथ आपूर्ति की गई थी, लेकिन प्रकाश की इस पद्धति का उपयोग लंबे समय तक नहीं किया गया था। केवल पिछली शताब्दी के मध्य में गैस को यहां लाया गया था, धन्यवाद जिसके कारण स्तंभों पर सात मीटर जलाएं गंभीर घटनाओं पर प्रकाशित होती हैं। मूर्तियों को सजाया गया है जो आर्किटेक्चर से जुड़ा हुआ है, जिसमें एक एकल सामंजस्यपूर्ण प्रणाली का गठन होता है। रोस्टल कॉलम को देखने के लिएउन सभी लोगों को सिफारिश की जाती है जो रूसी इतिहास में रुचि रखते हैं और स्थानीय स्थलों से परिचित होने के लिए उत्तरी राजधानी में आए हैं। यहां पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन पर काफी सरल है, लगभग किसी भी गाइडबुक में यात्रा का मानचित्र पाया जा सकता है। रोस्टल कॉलम हाल ही में उजागर किए गए थेबहाली। इसके अंत में, कई शोधकर्ताओं, कला के संरक्षक, संग्रहालय स्मारकों की सुरक्षा में शामिल कर्मचारियों के संयुक्त थे। प्रक्रिया के लिए, एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। नतीजतन, आजकल सेंट पीटर्सबर्ग के मेहमान अद्वितीय वास्तुशिल्प पहनावा की प्रशंसा कर सकते हैं। |
हाथी एक ऐसा जीव है जाे विशालकाय होने के साथ- साथ बेहद समझदार भी है। यह इंसानों की तरह अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं, तभी तो इन्हें चंचल और नटखट भी कहा जाता है। इन दिनों एक हाथी का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर आपको हैरानी भी होगी और हंसी भी आएगी।
वायरल हो रहे इस वीडियो में देख सकते हैं अपनी भूख मिटाने के लिए एक विशालकाय हाथी मिठाई की दुकान में घुस जाता है। वह सीधा वहीं पहुंच जाता है जहां बहुत सारी मिठाइयां पड़ी है। हाथी को अपनी दुकान पर देख दुकानदार परेशान हो जाता है और उसे भगाने की हरसंभव कोशिश करता है।
पर ये हाथी कहां मानने वाला था वह मिठाई वाले स्टॉल पर चला जाता है और एक के बाद एक कई मिठाई उठाकर खाने लगता है। जब तक दुकानदार उसे हटाता वह तब तक कई मिठाइयां चट कर गया। हालांकि अपना पेट भरने के बाद वह चुपचाप वहां से चला जाता है।
यह नजारा गुवाहाटी के सतगांव क्षेत्र का बताया जा रहा है, यहां से अकसर हाथियों की वीडियो आती रहती है। लोगों का कहना है कि इस तरह का नजारा पहले कभी नहीं देखने को मिला। लोग इस वीडियो को लेकर अपनी- अपनी राय दे रहे हैं।
| हाथी एक ऐसा जीव है जाे विशालकाय होने के साथ- साथ बेहद समझदार भी है। यह इंसानों की तरह अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं, तभी तो इन्हें चंचल और नटखट भी कहा जाता है। इन दिनों एक हाथी का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर आपको हैरानी भी होगी और हंसी भी आएगी। वायरल हो रहे इस वीडियो में देख सकते हैं अपनी भूख मिटाने के लिए एक विशालकाय हाथी मिठाई की दुकान में घुस जाता है। वह सीधा वहीं पहुंच जाता है जहां बहुत सारी मिठाइयां पड़ी है। हाथी को अपनी दुकान पर देख दुकानदार परेशान हो जाता है और उसे भगाने की हरसंभव कोशिश करता है। पर ये हाथी कहां मानने वाला था वह मिठाई वाले स्टॉल पर चला जाता है और एक के बाद एक कई मिठाई उठाकर खाने लगता है। जब तक दुकानदार उसे हटाता वह तब तक कई मिठाइयां चट कर गया। हालांकि अपना पेट भरने के बाद वह चुपचाप वहां से चला जाता है। यह नजारा गुवाहाटी के सतगांव क्षेत्र का बताया जा रहा है, यहां से अकसर हाथियों की वीडियो आती रहती है। लोगों का कहना है कि इस तरह का नजारा पहले कभी नहीं देखने को मिला। लोग इस वीडियो को लेकर अपनी- अपनी राय दे रहे हैं। |
दो ट्रांसजेंडर जो आपस में पक्के दोस्त भी हैं। यह हमारे रिज फैलोज़ हैं, जो दो अलग-अलग क्षेत्रों से बाँदा प्रेम सिंह की बगिया में ठहरे हुए थे। दो बहुत कॉमेडियन भी हैं और एक दूसरे के दोस्त भी। चलिए सुनते हैं उनकी कहानी।
| दो ट्रांसजेंडर जो आपस में पक्के दोस्त भी हैं। यह हमारे रिज फैलोज़ हैं, जो दो अलग-अलग क्षेत्रों से बाँदा प्रेम सिंह की बगिया में ठहरे हुए थे। दो बहुत कॉमेडियन भी हैं और एक दूसरे के दोस्त भी। चलिए सुनते हैं उनकी कहानी। |
यह ऐलान रूसी विदेश मंत्री के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने संकेत दिए थे कि उनका देश उन सुरक्षा संबंधी समस्याओं पर बातचीत जारी रखने के लिए राजी है, जिसने यूक्रेन संकट को जन्म दिया। तनाव पनपने के हफ्तों बाद रूस के रुख में यह परिवर्तन दिखा।
हालांकि अब भी पश्चिमी देशों के अधिकारी यह चेतावनी देना जारी रखे हुए हैं कि रूस किसी भी क्षण यूक्रेन पर हमला कर सकता है और वह सैन्य साजो सामान सीमा की ओर ले जा रहा है। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि रूसी रक्षा मंत्रालय ने जिन सैन्य टुकड़ियों को वापस लेने की बात की है, वह कहां तैनात हैं और उसमें कितने सैनिक हैं। इस ऐलान के बाद विश्व बाजार समेत रूसी मुद्रा रूबल के भाव में उछाल देखने को मिला है। हालांकि यूक्रेन के नेता रूस की इस घोषणा पर संदेह जता रहे हैं।
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा, "रूस लगातार कई तरह के बयान दे रहा है। यही वजह है कि हमने नियम बनाया है कि हम सुनी हुई बातों पर विश्वास नहीं करेंगे। हम देखने के बाद विश्वास करेंगे। " यूक्रेन की सीमा पर रूस ने 1,30,000 से अधिक सैनिक तैनात कर दिए हैं, जिसने हमले की आशंका को जन्म दिया। हालांकि रूस यूक्रेन पर हमले की मंशा से इनकार करता रहा है, लेकिन यूक्रेन के पूर्व, उत्तर और दक्षिण में बड़ी संख्या में सैनिक तैनात करके वह पास में ही बड़ा युद्धाभ्यास भी करता रहा है।
आशा की नई किरण के साथ कूटनीतिक घटनाक्रम की झड़ी लग गई है। जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स ने कीव में यूक्रेन के नेताओं से बातचीत करने के एक दिन बाद मास्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की योजना बनाई। उधर, रूस के सबसे कड़े यूरोपीय आलोचकों में से एक पोलैंड के विदेश मंत्री भी रूसी विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव से मिलने के लिए मंगलवार को मास्को में थे। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने अपने इतालवी समकक्ष की मेजबानी करके बातचीत की।
दरअसल मास्को गारंटी चाहता है कि नाटो यूक्रेन और पूर्व सोवियत संघ के अन्य देशों को अपना सदस्य नहीं बनाएगा। वह यह भी चाहता है कि नाटो के सदस्य देश यूक्रेन में हथियारों की तैनाती पर रोक लगाएं और पश्चिमी यूरोप से अपने सैनिक वापस लें।
| यह ऐलान रूसी विदेश मंत्री के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने संकेत दिए थे कि उनका देश उन सुरक्षा संबंधी समस्याओं पर बातचीत जारी रखने के लिए राजी है, जिसने यूक्रेन संकट को जन्म दिया। तनाव पनपने के हफ्तों बाद रूस के रुख में यह परिवर्तन दिखा। हालांकि अब भी पश्चिमी देशों के अधिकारी यह चेतावनी देना जारी रखे हुए हैं कि रूस किसी भी क्षण यूक्रेन पर हमला कर सकता है और वह सैन्य साजो सामान सीमा की ओर ले जा रहा है। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि रूसी रक्षा मंत्रालय ने जिन सैन्य टुकड़ियों को वापस लेने की बात की है, वह कहां तैनात हैं और उसमें कितने सैनिक हैं। इस ऐलान के बाद विश्व बाजार समेत रूसी मुद्रा रूबल के भाव में उछाल देखने को मिला है। हालांकि यूक्रेन के नेता रूस की इस घोषणा पर संदेह जता रहे हैं। यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कहा, "रूस लगातार कई तरह के बयान दे रहा है। यही वजह है कि हमने नियम बनाया है कि हम सुनी हुई बातों पर विश्वास नहीं करेंगे। हम देखने के बाद विश्वास करेंगे। " यूक्रेन की सीमा पर रूस ने एक,तीस,शून्य से अधिक सैनिक तैनात कर दिए हैं, जिसने हमले की आशंका को जन्म दिया। हालांकि रूस यूक्रेन पर हमले की मंशा से इनकार करता रहा है, लेकिन यूक्रेन के पूर्व, उत्तर और दक्षिण में बड़ी संख्या में सैनिक तैनात करके वह पास में ही बड़ा युद्धाभ्यास भी करता रहा है। आशा की नई किरण के साथ कूटनीतिक घटनाक्रम की झड़ी लग गई है। जर्मन चांसलर ओलाफ शॉल्त्स ने कीव में यूक्रेन के नेताओं से बातचीत करने के एक दिन बाद मास्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की योजना बनाई। उधर, रूस के सबसे कड़े यूरोपीय आलोचकों में से एक पोलैंड के विदेश मंत्री भी रूसी विदेश मंत्री सर्जेई लावरोव से मिलने के लिए मंगलवार को मास्को में थे। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने अपने इतालवी समकक्ष की मेजबानी करके बातचीत की। दरअसल मास्को गारंटी चाहता है कि नाटो यूक्रेन और पूर्व सोवियत संघ के अन्य देशों को अपना सदस्य नहीं बनाएगा। वह यह भी चाहता है कि नाटो के सदस्य देश यूक्रेन में हथियारों की तैनाती पर रोक लगाएं और पश्चिमी यूरोप से अपने सैनिक वापस लें। |
: भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय क्रिकेट शृंखला के पहले मैच में यहां गुरुवार को टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण का फैसला किया।
अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम पर वर्षा के कारण ओवरों की संख्या घटा कर 40-40 कर दी गयी है, और एक गेंदबाज अधिकतक आठ ओवर फेंक सकेगा। पहला और तीसरा पावरप्ले आठ ओवर का होगा जबकि दूसरा पावरप्ले 24 ओवर का होगा।
भारत के कप्तान शिखर धवन ने अंतिम एकादश में रुतुराज गायकवाड़ और रवि बिश्नोई को अपना पदार्पण मैच खेलने का मौका दिया है, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने अपने चोटग्रस्त खिलाड़ी ड्वेन प्रिटोरियस के स्थान पर मार्को जैनसेन को अंतिम एकादश में शामिल किया है।
एक दिवसीय क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 87 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें दक्षिण अफ्रीका को 49 में जीत मिली है जबकि भारत के पक्ष में 35 मैच आये हैं, वहीं तीन मैच बेनतीजा रहे हैं। गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका ने साल की शुरुआत में अपने घर में भारतीय टीम का 3-0 से क्लीन स्वीप किया था, वहीं भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी बार पांच जून 2019 को जीत मिली थी।
इकाना का मैदान फिलहाल बादलों से ढका है और बारिश की संभावना बनी हुई है। मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर और आवेश खान पिच की नमी और मौसम का फायदा उठाने का प्रयास करेंगे।
इससे पहले भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृखंला के गुरुवार को यहां शुरू अटल बिहारी इकाना स्टेडियम पर होने वाले पहले मैच में कम रोशनी और रिमझिम बरसात बाधा बन कर खड़ी हुयी।
दरअसल, नवाबी नगरी लखनऊ में बुधवार सुबह से शुरू हुयी बारिश का सिलसिला गुरुवार तड़के तक जारी रहा जिससे मैदान बहुत अधिक गीला हो गया था, मगर ग्राउंड स्टाफ ने सुबह से ही मैदान सुखाने के लिये कड़ी मशक्कत जारी रखी। इस बीच फील्ड अंपायर जयरमन मदनगोपाल और वीरेन्दर शर्मा ने मैदान का मुआयना करने के बाद दो बजे मैच शुरू होने की संभावना व्यक्त की थी, मगर हल्की बौछारों ने कम से कम चार बार विकेट को कवर करने को मजबूर किया।
दो बजकर 27 मिनट पर मैदान पर हल्की धूप और बारिश थमने से कवर को पूरी तरह हटा लिया गया और अंपायरों ने मैदान का मुआयना करने के बाद पौने तीन बजे टास और तीन बजे मैच शुरू किये जाने की संभावना जतायी मगर इसके बाद फिर से बौछारों ने अंपायरो के ऐलान को झूठा साबित किया और पिच को फिर से कवर कर दिया गया। मौसम विभाग ने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। (वार्ता)
: शिखर धवन (कप्तान), शुभमन गिल, रुतुराज गायकवाड़, ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, कुलदीप यादव, रवि बिश्नोई, शार्दुल ठाकुर, आवेश खान, मोहम्मद सिराज।
दक्षिण अफ्रीका टीम :
जानेमन मलान, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), टेम्बा बावुमा (कप्तान), एडेन मार्कराम, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, वेन पार्नेल, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, तबरेज़ शम्सी, लुंगी एनगिडी।
| : भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय क्रिकेट शृंखला के पहले मैच में यहां गुरुवार को टॉस जीतकर क्षेत्ररक्षण का फैसला किया। अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम पर वर्षा के कारण ओवरों की संख्या घटा कर चालीस-चालीस कर दी गयी है, और एक गेंदबाज अधिकतक आठ ओवर फेंक सकेगा। पहला और तीसरा पावरप्ले आठ ओवर का होगा जबकि दूसरा पावरप्ले चौबीस ओवर का होगा। भारत के कप्तान शिखर धवन ने अंतिम एकादश में रुतुराज गायकवाड़ और रवि बिश्नोई को अपना पदार्पण मैच खेलने का मौका दिया है, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने अपने चोटग्रस्त खिलाड़ी ड्वेन प्रिटोरियस के स्थान पर मार्को जैनसेन को अंतिम एकादश में शामिल किया है। एक दिवसीय क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच अब तक कुल सत्तासी मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें दक्षिण अफ्रीका को उनचास में जीत मिली है जबकि भारत के पक्ष में पैंतीस मैच आये हैं, वहीं तीन मैच बेनतीजा रहे हैं। गौरतलब है कि दक्षिण अफ्रीका ने साल की शुरुआत में अपने घर में भारतीय टीम का तीन-शून्य से क्लीन स्वीप किया था, वहीं भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी बार पांच जून दो हज़ार उन्नीस को जीत मिली थी। इकाना का मैदान फिलहाल बादलों से ढका है और बारिश की संभावना बनी हुई है। मोहम्मद सिराज, शार्दुल ठाकुर और आवेश खान पिच की नमी और मौसम का फायदा उठाने का प्रयास करेंगे। इससे पहले भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृखंला के गुरुवार को यहां शुरू अटल बिहारी इकाना स्टेडियम पर होने वाले पहले मैच में कम रोशनी और रिमझिम बरसात बाधा बन कर खड़ी हुयी। दरअसल, नवाबी नगरी लखनऊ में बुधवार सुबह से शुरू हुयी बारिश का सिलसिला गुरुवार तड़के तक जारी रहा जिससे मैदान बहुत अधिक गीला हो गया था, मगर ग्राउंड स्टाफ ने सुबह से ही मैदान सुखाने के लिये कड़ी मशक्कत जारी रखी। इस बीच फील्ड अंपायर जयरमन मदनगोपाल और वीरेन्दर शर्मा ने मैदान का मुआयना करने के बाद दो बजे मैच शुरू होने की संभावना व्यक्त की थी, मगर हल्की बौछारों ने कम से कम चार बार विकेट को कवर करने को मजबूर किया। दो बजकर सत्ताईस मिनट पर मैदान पर हल्की धूप और बारिश थमने से कवर को पूरी तरह हटा लिया गया और अंपायरों ने मैदान का मुआयना करने के बाद पौने तीन बजे टास और तीन बजे मैच शुरू किये जाने की संभावना जतायी मगर इसके बाद फिर से बौछारों ने अंपायरो के ऐलान को झूठा साबित किया और पिच को फिर से कवर कर दिया गया। मौसम विभाग ने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। : शिखर धवन , शुभमन गिल, रुतुराज गायकवाड़, ईशान किशन, संजू सैमसन , श्रेयस अय्यर, कुलदीप यादव, रवि बिश्नोई, शार्दुल ठाकुर, आवेश खान, मोहम्मद सिराज। दक्षिण अफ्रीका टीम : जानेमन मलान, क्विंटन डी कॉक , टेम्बा बावुमा , एडेन मार्कराम, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, वेन पार्नेल, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, तबरेज़ शम्सी, लुंगी एनगिडी। |
- #Kanpurकर्ज लेकर अर्जुन ने पत्नी सविता को पढ़ाया, नर्स बनने के बाद बोली- 'तुम काले हो, स्टेटस भी नहीं करता मैच'
- #KanpurUP: गौ माता के साथ सेक्स की सनक, कई गायों को बनाया निशाना, CCTV Footage हुआ वायरल, जानें कौन है दरिंदा?
कानपुर। कानपुर में एक मजदूर की सैलरी में सिक्के मिलने से मौत हो गई। मजदूर अपनी सैलरी से प्रेगनेंट पत्नी का इलाज करवाना चाहता था लेकिन मेहनताने में सिक्के देखकर उसे सदमा लग गया और दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिवार वालों ने फैक्ट्री के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा काटा जिसके बाद पुलिस को आकर बीच-बचाव करना चाहिए।
कानपुर के चौबेपुर में 40 वर्षीय राम सिंह एक फैक्ट्री में काम करते थे। अपनी प्रेगनेंट पत्नी का इलाज करवाने के लिए उन्होंने फैक्ट्री के मैनेजमेंट से अपनी सैलरी मांगी। मैनेजमेंट ने उन्हें पूरी सैलरी नोटों की बजाय सिक्कों में दी। सैलरी में सिक्के देखने के बाद उन्होंने मैनेजमेंट से इसकी शिकायत की और फिर दोनों में बहस शुरू हो गई।
मैनेजमेंट ने राम सिंह को कहा कि उन्हें अभी सैलरी में सिक्के ही लेने होंगे और नोट मंगलवार को मिलेंगे। फैक्ट्री से निकलने के बाद वो बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों का आरोप है कि सैलरी में सिक्के मिलने से वो तनाव में थे और उन्हें हार्ट अटैक आया।
राम सिंह के परिवार और कर्मचारियों ने उनका शव फैक्ट्री के बाहर रखकर जमकर हंगामा काटा। इसके बाद बीच-बचाव के लिए पुलिस को आना पड़ा। पुलिस ने राम सिंह के परिवार को मैनेजमेंट की तरफ से 1 लाख 30 हजार का मुआवजा दिलवाया। पुलिस का कहना है कि राम सिंह की मौत बीमारी के चलते हुई है।
| - #Kanpurकर्ज लेकर अर्जुन ने पत्नी सविता को पढ़ाया, नर्स बनने के बाद बोली- 'तुम काले हो, स्टेटस भी नहीं करता मैच' - #KanpurUP: गौ माता के साथ सेक्स की सनक, कई गायों को बनाया निशाना, CCTV Footage हुआ वायरल, जानें कौन है दरिंदा? कानपुर। कानपुर में एक मजदूर की सैलरी में सिक्के मिलने से मौत हो गई। मजदूर अपनी सैलरी से प्रेगनेंट पत्नी का इलाज करवाना चाहता था लेकिन मेहनताने में सिक्के देखकर उसे सदमा लग गया और दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। मौत के बाद परिवार वालों ने फैक्ट्री के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा काटा जिसके बाद पुलिस को आकर बीच-बचाव करना चाहिए। कानपुर के चौबेपुर में चालीस वर्षीय राम सिंह एक फैक्ट्री में काम करते थे। अपनी प्रेगनेंट पत्नी का इलाज करवाने के लिए उन्होंने फैक्ट्री के मैनेजमेंट से अपनी सैलरी मांगी। मैनेजमेंट ने उन्हें पूरी सैलरी नोटों की बजाय सिक्कों में दी। सैलरी में सिक्के देखने के बाद उन्होंने मैनेजमेंट से इसकी शिकायत की और फिर दोनों में बहस शुरू हो गई। मैनेजमेंट ने राम सिंह को कहा कि उन्हें अभी सैलरी में सिक्के ही लेने होंगे और नोट मंगलवार को मिलेंगे। फैक्ट्री से निकलने के बाद वो बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों का आरोप है कि सैलरी में सिक्के मिलने से वो तनाव में थे और उन्हें हार्ट अटैक आया। राम सिंह के परिवार और कर्मचारियों ने उनका शव फैक्ट्री के बाहर रखकर जमकर हंगामा काटा। इसके बाद बीच-बचाव के लिए पुलिस को आना पड़ा। पुलिस ने राम सिंह के परिवार को मैनेजमेंट की तरफ से एक लाख तीस हजार का मुआवजा दिलवाया। पुलिस का कहना है कि राम सिंह की मौत बीमारी के चलते हुई है। |
सम्वत् १६७२ मे राजा मानसिंहका देवलोक हुआ तदुपरान्त महाराज कुँवर भाऊसिंह गहीपर बैठे यह कुछ प्रतापशाली न हुए, इस कारण उनके कुछ ही दिन उपरान्त महासिंह राजा हुए, - सम्वत् १६७५ में महासिहने गद्दी पाई यहभी पूर्वजके समान अत्यन्त पानासक्त होकर अकालमें कालकवलित हुए, राजा मानसिहके इन दो उत्तराधिकारियोंकी अयोग्यतासे अम्बरका गारव "मलीन होगया था, इसी अवसर में जोधपुरके राजा सम्राट् सभा में प्रधानता के पदको पागये थे. जहांगीरने अपनी बेगम महारानी जोधवाईकी सम्मति से जगत्सिहके पुत्र ( मानसिंहके भतीजे ) को अम्बरका सिंहासन देदिया, इस कारण सम्राटकी प्यारी बीवी नूरजहंको अत्यन्त डाह हुआ भट्टग्रन्थ में लिखा है कि, रनवासके एक वरामदे में बैठकर वादशाहने अपनी स्त्री जोधवाईसे जयसिंहको राज दैलेके लिये सम्मति की थी, जयसिहमी एक कोने में लगे हुए बादशाहके हुक्मकी वाट देखरहे थे, दोनोंका तर्क वितर्क जब पूर्ण हुआ तब जहाँगी ( ने हर्षसे कहा जयसिंह ! जोधबाईकी महरवानी ( कृपा ) से तुम अम्बरके राजा हुए, इसवक्त अपनी परवरिश करनेवालीको सलाम करके अपने राज्यको जाओ । जयसिह आनंदित हुए पर उन्होंने जोधचाईको सलाम करना स्वीकार न करके वहा सम्राट ! आपके महान् राजवंशकी जिस स्त्रोको आप सलाम करनेके लिये कहें मैं उसहोको सलाम करसकता है परन्तु जोधवाईको नही करसकता कारण कि, यह राजपू ताके आचार विचारका विरोध करती है ।
सम्रा से विदा होकर जयसिंह राजधानीमें आये और कुछही - दिनोंके उपरान्त अपनी नवोढा रानीके प्रेममें फँसकर राजकाज में न्डोल डालदी, उस समय कहांके कार्यवाले सभासदाने विहारीला | सम्वत् एक हज़ार छः सौ बहत्तर मे राजा मानसिंहका देवलोक हुआ तदुपरान्त महाराज कुँवर भाऊसिंह गहीपर बैठे यह कुछ प्रतापशाली न हुए, इस कारण उनके कुछ ही दिन उपरान्त महासिंह राजा हुए, - सम्वत् एक हज़ार छः सौ पचहत्तर में महासिहने गद्दी पाई यहभी पूर्वजके समान अत्यन्त पानासक्त होकर अकालमें कालकवलित हुए, राजा मानसिहके इन दो उत्तराधिकारियोंकी अयोग्यतासे अम्बरका गारव "मलीन होगया था, इसी अवसर में जोधपुरके राजा सम्राट् सभा में प्रधानता के पदको पागये थे. जहांगीरने अपनी बेगम महारानी जोधवाईकी सम्मति से जगत्सिहके पुत्र को अम्बरका सिंहासन देदिया, इस कारण सम्राटकी प्यारी बीवी नूरजहंको अत्यन्त डाह हुआ भट्टग्रन्थ में लिखा है कि, रनवासके एक वरामदे में बैठकर वादशाहने अपनी स्त्री जोधवाईसे जयसिंहको राज दैलेके लिये सम्मति की थी, जयसिहमी एक कोने में लगे हुए बादशाहके हुक्मकी वाट देखरहे थे, दोनोंका तर्क वितर्क जब पूर्ण हुआ तब जहाँगी से तुम अम्बरके राजा हुए, इसवक्त अपनी परवरिश करनेवालीको सलाम करके अपने राज्यको जाओ । जयसिह आनंदित हुए पर उन्होंने जोधचाईको सलाम करना स्वीकार न करके वहा सम्राट ! आपके महान् राजवंशकी जिस स्त्रोको आप सलाम करनेके लिये कहें मैं उसहोको सलाम करसकता है परन्तु जोधवाईको नही करसकता कारण कि, यह राजपू ताके आचार विचारका विरोध करती है । सम्रा से विदा होकर जयसिंह राजधानीमें आये और कुछही - दिनोंके उपरान्त अपनी नवोढा रानीके प्रेममें फँसकर राजकाज में न्डोल डालदी, उस समय कहांके कार्यवाले सभासदाने विहारीला |
हिसार, 18 अक्तूबर (हप्र)
सालों से ढंढूर डंपिंग साइट पर शहर का कचरा डालने से कचरे का पहाड़ बन गया है। इस कचरे के पहाड़ को खत्म करने के लिए निगम प्रशासन ने एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी हैं। सोमवार को महापौर गौतम सरदाना व निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने प्लांट पर कचरा निस्तारण का कार्य शुरू करवाया। महापौर गौतम सरदाना ने कहा कि ढंढूर डंपिंग स्टेशन से कूड़े के निस्तारण का कार्य आज शुरू करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम की एजेंसी द्वारा 1 वर्ष के अंदर-अंदर इस कूड़े का निस्तारण कर दिया जाएगा। नगर निगम आयुक्त अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि गुरुग्राम की आईएनडी सेनिटेशन को कचरा निस्तारण का टेंडर दिया गया है। ढंढूर डंपिंग स्टेशन पर अनुमानित 1 लाख 30 हजार मीट्रिक टन कचरा है। एजेंसी ने अपना प्लांट लगा लिया है जिससे प्रतिदिन 1 हजार टन कचरे का निस्तारण होगा। इस दौरान एक्सईएन एचके शर्मा, एमई अमित बेरवाल, जेई प्रवीण शर्मा, एजेंसी के डायरेक्टर चिराग, सीएसआई देवेंद्र बिश्नोई आदि मौजूद रहे।
| हिसार, अट्ठारह अक्तूबर सालों से ढंढूर डंपिंग साइट पर शहर का कचरा डालने से कचरे का पहाड़ बन गया है। इस कचरे के पहाड़ को खत्म करने के लिए निगम प्रशासन ने एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी हैं। सोमवार को महापौर गौतम सरदाना व निगमायुक्त अशोक कुमार गर्ग ने प्लांट पर कचरा निस्तारण का कार्य शुरू करवाया। महापौर गौतम सरदाना ने कहा कि ढंढूर डंपिंग स्टेशन से कूड़े के निस्तारण का कार्य आज शुरू करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम की एजेंसी द्वारा एक वर्ष के अंदर-अंदर इस कूड़े का निस्तारण कर दिया जाएगा। नगर निगम आयुक्त अशोक कुमार गर्ग ने कहा कि गुरुग्राम की आईएनडी सेनिटेशन को कचरा निस्तारण का टेंडर दिया गया है। ढंढूर डंपिंग स्टेशन पर अनुमानित एक लाख तीस हजार मीट्रिक टन कचरा है। एजेंसी ने अपना प्लांट लगा लिया है जिससे प्रतिदिन एक हजार टन कचरे का निस्तारण होगा। इस दौरान एक्सईएन एचके शर्मा, एमई अमित बेरवाल, जेई प्रवीण शर्मा, एजेंसी के डायरेक्टर चिराग, सीएसआई देवेंद्र बिश्नोई आदि मौजूद रहे। |
उसने पास में खड़े सोहन से पूछा - अरे भाई ये कौन सा स्टेशन है?
और बड़ी मुश्किल से अपने आप को सम्भालते हुऐ बोला - "पगले ये रेलवे स्टेशन है"।
कंडक्टर ने उसे ऊपर भेज दिया,
बोला- भाई मरवाएगा क्या ऊपर तो ड्राइवर ही नहीं है।
सूरज - डॉक्टर साहब क्या आप मेरी बीमारी का पता लगा सकते हैं?
डॉक्टर- हां, तुम्हारी आंखें बहुत कमजोर हैं।
सूरज - इतनी जल्दी आपको कैसे पता चला?
डॉक्टर- तुमने बाहर बोर्ड पर नहीं पढ़ा कि मैं जानवरों का डॉक्टर हूं।
बिट्टू - आज मैंने अपनी बीवी को वॉचमैन के साथ फिल्म देखने जाने का प्लान बनाते हुए सुना।
सोनू - फिर तुम उनके पीछे नहीं गए?
बिट्टू - नहीं यार, दरअसल वह पिक्चर मेरी देखी हुई थी! !
सनोज - तुझे पता है, मेरे दादा जी शेर से लड़ गए थे।
बब्लू- क्या सच में?
सनोज - हां सच में।
बब्लू- फिर क्या हुआ?
सनोज - फिर क्या शेर उन्हें खा गया।
| उसने पास में खड़े सोहन से पूछा - अरे भाई ये कौन सा स्टेशन है? और बड़ी मुश्किल से अपने आप को सम्भालते हुऐ बोला - "पगले ये रेलवे स्टेशन है"। कंडक्टर ने उसे ऊपर भेज दिया, बोला- भाई मरवाएगा क्या ऊपर तो ड्राइवर ही नहीं है। सूरज - डॉक्टर साहब क्या आप मेरी बीमारी का पता लगा सकते हैं? डॉक्टर- हां, तुम्हारी आंखें बहुत कमजोर हैं। सूरज - इतनी जल्दी आपको कैसे पता चला? डॉक्टर- तुमने बाहर बोर्ड पर नहीं पढ़ा कि मैं जानवरों का डॉक्टर हूं। बिट्टू - आज मैंने अपनी बीवी को वॉचमैन के साथ फिल्म देखने जाने का प्लान बनाते हुए सुना। सोनू - फिर तुम उनके पीछे नहीं गए? बिट्टू - नहीं यार, दरअसल वह पिक्चर मेरी देखी हुई थी! ! सनोज - तुझे पता है, मेरे दादा जी शेर से लड़ गए थे। बब्लू- क्या सच में? सनोज - हां सच में। बब्लू- फिर क्या हुआ? सनोज - फिर क्या शेर उन्हें खा गया। |
रामपुर और आज़मगढ़ लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनावों के नतीज़ों पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि डबल इंजन की सरकार ने यूपी में डबल जीत हासिल की है.
उन्होंने कहा, "आजमगढ़ सदर लोक सभा सीट पर उप चुनाव में मिली ऐतिहासिक विजय आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 'डबल इंजन की भाजपा सरकार' की लोक-कल्याणकारी नीतियों का सुफल है. दोनों चुनौतीपूर्ण लड़ाई में बीजेपी ने जीत हासिल की है. "
आजमगढ़ से बीजेपी के उम्मीदवार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने वोटरों को धन्यवाद करते हुए लिखा, "आजमगढ़वासियों आपने कमाल कर दिया है. यह आपकी जीत है. उपचुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही जिस तरीके से आप सबने भाजपा को प्यार, समर्थन और आशीर्वाद दिया, यह उसकी जीत है. यह जीत आपके भरोसे और देवतुल्य कार्यकर्ताओं की मेहनत को समर्पित है. "
वहीं, विधानसभा सीटों की बात करें तो त्रिपुरा की चार सीटों में से तीन बीजेपी तो एक सीट कांग्रेस के खाते में आई है. आंध्र प्रदेश की आत्मकुर सीट पर वाईएसआर कांग्रेस ने जीत हासिल की है. त्रिपुरा की टाउन बारदोवली सीट पर बीजेपी उम्मीदवार और मुख्यमंत्री मानिक साहा ने यहां 6,104 वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. साहा ने 17,181 वोट मिले हैं. साहा की जीत के साथ ही उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी भी बच गई है. दरअसल, साहा अभी तक विधानसभा के सदस्य नहीं थे. ऐसे में सीएम पद पर बने रहने के लिए उनके लिए चुनाव जीतना जरूरी था.
झारखंड की राजधानी रांची के मांडर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना जारी है. 18वें राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस उम्मीदवार शिल्पी नेहा तिर्की 17,651 वोट से आगे चल रही है. इस राउंड में इन्हें 81,483 वोट मिले हैं, वहीं बीजेपी उम्मीदवार गंगोत्री कुजूर को 63,832 वोट मिले हैं.
दिल्ली की राजिंदर नगर विधानसभा सीट पर दुर्गेश पाठक को 10867 वोटों से जीत मिली है, जबकि 27304 वोटों के साथ भाजपा के राजेश भाटिया दूसरे स्थान पर रहे. कांग्रेस एड़ी चोटी का जोर लगाने के बाद भी केवल 1696 वोट ही हासिल कर पाई.
रामपुर से भारतीय जनता पार्टी के घनश्याम लोधी चुनाव जीत गए हैं. समाजवादी पार्टी ने असीम राजा को उतारा था लेकिन वह लोधी से 42 हजार वोटों से चुनाव हार गए.
बीएसपी ने यहां से उम्मीदवार नहीं उतारा था. आखिरी वक्त तक चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक लोधी 367397 वोटों के साथ सबसे आगे चल रहे थे. वहीं समाजवादी पार्टी के असीम राजा 325205 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर चल रहे थे.
रामपुर समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का गढ़ माना जाता है. लेकिन यहां पार्टी का उम्मीदवार नहीं जीत पाया. वहीं आजमगढ़ भी समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है. लेकिन यहां भी समाजवादी पार्टी को हार मिली है.
यहां बीएसपी के उम्मीदवार शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने ढाई लाख से अधिक वोट हासिल किए हैं. माना जा रहा है कि यहां समाजवादी पार्टी और बीएसपी के बीच मुस्लिम वोटों के बंटवारे ने बीजेपी को बढ़त दिला दी.
आजमगढ़ में अंतिम एक-दो राउंड से पहले बीजेपी के उम्मीदवार दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव से आगे चल रहे थे.
आजमगढ़ से 2019 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव जीते थे, तब भी बीजेपी ने निरहुआ को टिकट दिया था.
आखिरी राउंड के दौरान मुताबिक बीजेपी उम्मीदवार दिनेश लाल यादव निरहुआ 291763 वोट हासिल कर आगे चल रहे हैं. वहीं, धर्मेंद्र सिंह यादव 281,114 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर थे.
बहुजन समाजवादी पार्टी के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली यहां ढाई लाख से अधिक वोट लेकर तीसरे नंबर पर चल रहे थे.
पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के सिमरनजीत सिंह मान ने जीत ली है.
उन्होंने करीब 8100 वोटों से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सरपंच गुरमेल सिंह को हराया है.
दिल्ली की राजिंदर नगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दुर्गेश पाठक को 10867 वोटों से जीत मिली है, जबकि 27304 वोटों के साथ भाजपा के राजेश भाटिया दूसरे स्थान पर रहे.
कांग्रेस एड़ी-चोटी का जोर लगाने के बाद भी तीसरे नंबर पर रही.
आप नेता राघव चड्ढा को राज्यसभा पर भेजे जाने के बाद ये सीट खाली हुई थी.
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| रामपुर और आज़मगढ़ लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनावों के नतीज़ों पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि डबल इंजन की सरकार ने यूपी में डबल जीत हासिल की है. उन्होंने कहा, "आजमगढ़ सदर लोक सभा सीट पर उप चुनाव में मिली ऐतिहासिक विजय आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 'डबल इंजन की भाजपा सरकार' की लोक-कल्याणकारी नीतियों का सुफल है. दोनों चुनौतीपूर्ण लड़ाई में बीजेपी ने जीत हासिल की है. " आजमगढ़ से बीजेपी के उम्मीदवार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने वोटरों को धन्यवाद करते हुए लिखा, "आजमगढ़वासियों आपने कमाल कर दिया है. यह आपकी जीत है. उपचुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही जिस तरीके से आप सबने भाजपा को प्यार, समर्थन और आशीर्वाद दिया, यह उसकी जीत है. यह जीत आपके भरोसे और देवतुल्य कार्यकर्ताओं की मेहनत को समर्पित है. " वहीं, विधानसभा सीटों की बात करें तो त्रिपुरा की चार सीटों में से तीन बीजेपी तो एक सीट कांग्रेस के खाते में आई है. आंध्र प्रदेश की आत्मकुर सीट पर वाईएसआर कांग्रेस ने जीत हासिल की है. त्रिपुरा की टाउन बारदोवली सीट पर बीजेपी उम्मीदवार और मुख्यमंत्री मानिक साहा ने यहां छः,एक सौ चार वोटों के अंतर से जीत हासिल की है. साहा ने सत्रह,एक सौ इक्यासी वोट मिले हैं. साहा की जीत के साथ ही उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी भी बच गई है. दरअसल, साहा अभी तक विधानसभा के सदस्य नहीं थे. ऐसे में सीएम पद पर बने रहने के लिए उनके लिए चुनाव जीतना जरूरी था. झारखंड की राजधानी रांची के मांडर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना जारी है. अट्ठारहवें राउंड की गिनती के बाद कांग्रेस उम्मीदवार शिल्पी नेहा तिर्की सत्रह,छः सौ इक्यावन वोट से आगे चल रही है. इस राउंड में इन्हें इक्यासी,चार सौ तिरासी वोट मिले हैं, वहीं बीजेपी उम्मीदवार गंगोत्री कुजूर को तिरेसठ,आठ सौ बत्तीस वोट मिले हैं. दिल्ली की राजिंदर नगर विधानसभा सीट पर दुर्गेश पाठक को दस हज़ार आठ सौ सरसठ वोटों से जीत मिली है, जबकि सत्ताईस हज़ार तीन सौ चार वोटों के साथ भाजपा के राजेश भाटिया दूसरे स्थान पर रहे. कांग्रेस एड़ी चोटी का जोर लगाने के बाद भी केवल एक हज़ार छः सौ छियानवे वोट ही हासिल कर पाई. रामपुर से भारतीय जनता पार्टी के घनश्याम लोधी चुनाव जीत गए हैं. समाजवादी पार्टी ने असीम राजा को उतारा था लेकिन वह लोधी से बयालीस हजार वोटों से चुनाव हार गए. बीएसपी ने यहां से उम्मीदवार नहीं उतारा था. आखिरी वक्त तक चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक लोधी तीन लाख सरसठ हज़ार तीन सौ सत्तानवे वोटों के साथ सबसे आगे चल रहे थे. वहीं समाजवादी पार्टी के असीम राजा तीन लाख पच्चीस हज़ार दो सौ पाँच वोटों के साथ दूसरे नंबर पर चल रहे थे. रामपुर समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान का गढ़ माना जाता है. लेकिन यहां पार्टी का उम्मीदवार नहीं जीत पाया. वहीं आजमगढ़ भी समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता रहा है. लेकिन यहां भी समाजवादी पार्टी को हार मिली है. यहां बीएसपी के उम्मीदवार शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने ढाई लाख से अधिक वोट हासिल किए हैं. माना जा रहा है कि यहां समाजवादी पार्टी और बीएसपी के बीच मुस्लिम वोटों के बंटवारे ने बीजेपी को बढ़त दिला दी. आजमगढ़ में अंतिम एक-दो राउंड से पहले बीजेपी के उम्मीदवार दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव से आगे चल रहे थे. आजमगढ़ से दो हज़ार उन्नीस के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव जीते थे, तब भी बीजेपी ने निरहुआ को टिकट दिया था. आखिरी राउंड के दौरान मुताबिक बीजेपी उम्मीदवार दिनेश लाल यादव निरहुआ दो लाख इक्यानवे हज़ार सात सौ तिरेसठ वोट हासिल कर आगे चल रहे हैं. वहीं, धर्मेंद्र सिंह यादव दो सौ इक्यासी,एक सौ चौदह वोटों के साथ दूसरे नंबर पर थे. बहुजन समाजवादी पार्टी के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली यहां ढाई लाख से अधिक वोट लेकर तीसरे नंबर पर चल रहे थे. पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल के सिमरनजीत सिंह मान ने जीत ली है. उन्होंने करीब आठ हज़ार एक सौ वोटों से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सरपंच गुरमेल सिंह को हराया है. दिल्ली की राजिंदर नगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दुर्गेश पाठक को दस हज़ार आठ सौ सरसठ वोटों से जीत मिली है, जबकि सत्ताईस हज़ार तीन सौ चार वोटों के साथ भाजपा के राजेश भाटिया दूसरे स्थान पर रहे. कांग्रेस एड़ी-चोटी का जोर लगाने के बाद भी तीसरे नंबर पर रही. आप नेता राघव चड्ढा को राज्यसभा पर भेजे जाने के बाद ये सीट खाली हुई थी. |
शिमला.
हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और डलहौजी जैसे टूरिस्ट स्थानों पर सैलानी नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंच गए है. यहां सैलानियों के खासे इंतजाम किए गए हैं.
हिमाचल प्रदेश में नए साल किसान-बागवानों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आएगा. मौसम विभाग ने एक से पांच जनवरी तक बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी है. मौसम विभाग का अनुमान है कि इस दौरान तेज हवाएं चलेंगी.
हिमाचल में स्मार्ट सिटी के लिए आया पैसा गाड़ियों पर खर्च नहीं हो सकेगा। नए भवन भी इससे नहीं बनेंगे। न ही इस पैसे से पुराने भवनों की मरम्मत होगी। पदों के सृजन और भर्तियों पर इसे खर्च नहीं कर सकेंगे। यह पैसा शहरों में आधारभूत ढांचा विकसित करने और लोगों को सुविधाएं देने पर ही खर्च होगा। केंद्र ने प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश देते हुए सशर्त शिमला स्मार्ट सिटी के लिए 4 करोड़ रुपये जारी किए हैं। हिमाचल में धर्मशाला और शिमला शहर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल हैं। केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी शिमला के लिए चार करोड़ रुपये का फंड जारी करने की सूचना राज्य सरकार के वित्त विभाग और शहरी विकास विभाग के सचिवों को दी है। यह बजट चालू वित्त वर्ष में ही खर्च किया जाएगा। केंद्र ने निर्देशों में कहा है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पैसे को खर्च करने में कोई कोताही न बरती जाए।
उपमंडल मुख्यालय चौपाल में रहने वाला एक परिवार रविवार को एक भयंकर कार हादसे का शिकार हो गया। कार हादसे में मां-बेटे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार का मुखिया अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जिला मंडी का जोगिंद्र सिंह अपनी पत्नी व बेटे के साथ मारुति कार (एचपी 08-2288) से नेरवा से थरोच की तरफ जा रहा था। इस दौरान भराणू से कुछ आगे कार सैंज नामक स्थान में अनियंत्रित होकर करीब 500 फुट नीचे जा गिरी। हादसे में मंडी के चौंतड़ा निवासी जोगिंद्र की पत्नी सीमा व बेटे राहुल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि जोगिंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नेरवा अस्पताल में भर्ती किया गया है।
हादसे के शिकार जोगिंद्र के एक परिचित अनंत राम ने बताया कि जोगिंद्र सिंह बीते तीन दशक से चौपाल के सतका गांव में रहता था व अपने परिवार के भरण पोषण के लिए एक ठेकेदार के साथ सड़कों की टायरिंग के लिए अपने परिवार के साथ रौड़ी-पत्थर तोड़ने का कार्य करता था। प्रशासन की तरफ से तहसीलदार नेरवा ऋषभ शर्मा में मृतकों के परिजनों को बीस-बीस हजार व घायल को पांच हजार रुपए फौरी राहत के रूप में प्रदान किए। डीएसपी चौपाल संतोष शर्मा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी तक हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। नेरवा थाने में मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
पंजाब केसरी ने लिखा है कि किसान-बागवानों से धोखाधड़ी करने वाले 35 आढ़तियों के लाइसेंस कृषि और विपण्णव निदेशालय ने रद्द कर दिए हैं. निदेशक ने राज्य स्तर 15 लाइसेंस और जिला स्तर पर शिमला में 20 लाइसेंस रद्द किए गए हैं.
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| शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और डलहौजी जैसे टूरिस्ट स्थानों पर सैलानी नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंच गए है. यहां सैलानियों के खासे इंतजाम किए गए हैं. हिमाचल प्रदेश में नए साल किसान-बागवानों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आएगा. मौसम विभाग ने एक से पांच जनवरी तक बारिश और बर्फबारी की चेतावनी दी है. मौसम विभाग का अनुमान है कि इस दौरान तेज हवाएं चलेंगी. हिमाचल में स्मार्ट सिटी के लिए आया पैसा गाड़ियों पर खर्च नहीं हो सकेगा। नए भवन भी इससे नहीं बनेंगे। न ही इस पैसे से पुराने भवनों की मरम्मत होगी। पदों के सृजन और भर्तियों पर इसे खर्च नहीं कर सकेंगे। यह पैसा शहरों में आधारभूत ढांचा विकसित करने और लोगों को सुविधाएं देने पर ही खर्च होगा। केंद्र ने प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश देते हुए सशर्त शिमला स्मार्ट सिटी के लिए चार करोड़ रुपये जारी किए हैं। हिमाचल में धर्मशाला और शिमला शहर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल हैं। केंद्र सरकार ने स्मार्ट सिटी शिमला के लिए चार करोड़ रुपये का फंड जारी करने की सूचना राज्य सरकार के वित्त विभाग और शहरी विकास विभाग के सचिवों को दी है। यह बजट चालू वित्त वर्ष में ही खर्च किया जाएगा। केंद्र ने निर्देशों में कहा है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के पैसे को खर्च करने में कोई कोताही न बरती जाए। उपमंडल मुख्यालय चौपाल में रहने वाला एक परिवार रविवार को एक भयंकर कार हादसे का शिकार हो गया। कार हादसे में मां-बेटे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार का मुखिया अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जिला मंडी का जोगिंद्र सिंह अपनी पत्नी व बेटे के साथ मारुति कार से नेरवा से थरोच की तरफ जा रहा था। इस दौरान भराणू से कुछ आगे कार सैंज नामक स्थान में अनियंत्रित होकर करीब पाँच सौ फुट नीचे जा गिरी। हादसे में मंडी के चौंतड़ा निवासी जोगिंद्र की पत्नी सीमा व बेटे राहुल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि जोगिंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नेरवा अस्पताल में भर्ती किया गया है। हादसे के शिकार जोगिंद्र के एक परिचित अनंत राम ने बताया कि जोगिंद्र सिंह बीते तीन दशक से चौपाल के सतका गांव में रहता था व अपने परिवार के भरण पोषण के लिए एक ठेकेदार के साथ सड़कों की टायरिंग के लिए अपने परिवार के साथ रौड़ी-पत्थर तोड़ने का कार्य करता था। प्रशासन की तरफ से तहसीलदार नेरवा ऋषभ शर्मा में मृतकों के परिजनों को बीस-बीस हजार व घायल को पांच हजार रुपए फौरी राहत के रूप में प्रदान किए। डीएसपी चौपाल संतोष शर्मा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि अभी तक हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। नेरवा थाने में मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। पंजाब केसरी ने लिखा है कि किसान-बागवानों से धोखाधड़ी करने वाले पैंतीस आढ़तियों के लाइसेंस कृषि और विपण्णव निदेशालय ने रद्द कर दिए हैं. निदेशक ने राज्य स्तर पंद्रह लाइसेंस और जिला स्तर पर शिमला में बीस लाइसेंस रद्द किए गए हैं. . |
बीबीएन-औद्योगिक कस्बे बद्दी व नालागढ़ के तहत तीन सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने वाहन चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक पुलिस थाना नालागढ़ के तहत आकाश अस्पताल के पास एक कार की तेज रफ्तार में ट्रक से टक्कर हो गई, इस हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया। घायल कसीश शर्मा का स्थानीय अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस के अनुसार कार चालक नालागढ़ से बद्दी की तरफ जा रहा था। इसी बीच कार चालक ने कार को तेज रफ्तार में खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। नालागढ़ थाना के तहत दर्ज एक अन्य मामले में प्रताप सिंह निवासी मानपुरा ने बयान दर्ज करवाया कि बीते शुक्रवार को यह व संजय निवासी गांव ढाणा कार मंे जा रहे थे तो रास्ते में बद्दी की ओर से एक टिप्पर ने इनकी खड़ी कार को पीछे से टक्कर मार दी । जिससे इसकी गाड़ी इसके आगे खड़ी दो गाडि़यों उधर थाना बद्दी के तहत ट्रक से मोटरसाइकिल की टक्कर होने का मामला प्रकाश में आया है जिसमें मोटरसाइकिल सवार दोनांे लोगों को गंभीर रूप से चोटें आई है। एएसपी बद्दी एन. के. शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जीवनसंगी की तलाश है? तो आज ही भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!
| बीबीएन-औद्योगिक कस्बे बद्दी व नालागढ़ के तहत तीन सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोग घायल हो गए। पुलिस ने वाहन चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक पुलिस थाना नालागढ़ के तहत आकाश अस्पताल के पास एक कार की तेज रफ्तार में ट्रक से टक्कर हो गई, इस हादसे में एक व्यक्ति घायल हो गया। घायल कसीश शर्मा का स्थानीय अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस के अनुसार कार चालक नालागढ़ से बद्दी की तरफ जा रहा था। इसी बीच कार चालक ने कार को तेज रफ्तार में खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। नालागढ़ थाना के तहत दर्ज एक अन्य मामले में प्रताप सिंह निवासी मानपुरा ने बयान दर्ज करवाया कि बीते शुक्रवार को यह व संजय निवासी गांव ढाणा कार मंे जा रहे थे तो रास्ते में बद्दी की ओर से एक टिप्पर ने इनकी खड़ी कार को पीछे से टक्कर मार दी । जिससे इसकी गाड़ी इसके आगे खड़ी दो गाडि़यों उधर थाना बद्दी के तहत ट्रक से मोटरसाइकिल की टक्कर होने का मामला प्रकाश में आया है जिसमें मोटरसाइकिल सवार दोनांे लोगों को गंभीर रूप से चोटें आई है। एएसपी बद्दी एन. के. शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जीवनसंगी की तलाश है? तो आज ही भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन! |
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
यह सूची न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बीच न्यूज़ीलैंड में खेली गई श्रृंखलाओं की है। न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मैच १९३० में खेला गया था जबकि पहला वनडे मैच १९७३ और पहला टी२० २००७ में खेला गया था। . आईसीसी (ICC) क्रिकेट विश्व कप २०१५, 11 वाँ आईसीसी क्रिकेट विश्व कप था, और इसकी मेजबानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड द्वारा मिलकर की गई। यह 2015 फ़रवरी 14 - मार्च 29 तक चला जिसके दौरान 49 मैच 14 स्थानों में खेले गए। 26 मैच ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड, ब्रिस्बेन, कैनबरा, होबार्ट, मेलबोर्न, पर्थ और सिडनी में आयोजित किए गए तथा 23 मैच न्यूजीलैंड के ऑकलैंड, क्राइस्टचर्च, डुनेडिन, हैमिल्टन, नेपियर, नेल्सन और वेलिंग्टन में हुए। टूर्नामेंट का फाइनल मेलबोर्न क्रिकेट ग्रांउड पर खेला गया और इसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। .
इंग्लैंड क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा और २०१५ क्रिकेट विश्व कप आम में 14 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय, ब्रेंडन मैकुलम, आईसीसी क्रिकेट विश्व कप, केन विलियमसन, १९७५ क्रिकेट विश्व कप, १९७९ क्रिकेट विश्व कप, १९८३ क्रिकेट विश्व कप, १९९२ क्रिकेट विश्व कप, १९९६ क्रिकेट विश्व कप, २००३ क्रिकेट विश्व कप, २००७ क्रिकेट विश्व कप, २०११ क्रिकेट विश्व कप, 1987 क्रिकेट विश्व कप, 1999 क्रिकेट विश्व कप।
ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड ने ओडीआई (ODI) मैच होस्ट किया। पीले कपड़ों में बल्लेबाज हैं जो ऑस्ट्रेलियाई है जबकि नीले कपड़ों में भारतीय क्षेत्ररक्षण टीम हैं। एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ओडीआई (ODI)) क्रिकेट की एक शैली है, जिसमें दो राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के बीच प्रति टीम 50 ओवर खेले जाते हैं। क्रिकेट विश्व कप इसी प्रारूप के अनुसार खेला जाता है। एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों को "लिमिटेड ओवर इंटरनेशनल (एलओआई (LOI))" भी कहा जाता है, क्योंकि राष्ट्रीय टीमों के बीच सीमित ओवर के क्रिकेट मैच खेले जाते हैं और यदि मौसम की वजह से व्यवधान उत्पन्न होता है तो वे हमेशा एक दिन में समाप्त नहीं होते.
ब्रेंडन बैरी मैकुलम (जन्म; २७ सितंबर १९८१), जिन्हें "बैज" के नाम से भी जाना जाता है एक पूर्व न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी है, जिन्होंने अपने कैरियर में सभी स्वरूपों में एक साथ क्रिकेट खेला है साथ ही ये सभी प्रारूपों में पूर्व कप्तान भी रह चुके है। मैकुलम के नाम टेस्ट मैचों में सबसे तेजी से रन बनाने वालों में भी एक है विशेषकर सभी समय का सबसे तेज टेस्ट शतक भी इनके नाम है इस कारण इन्हें न्यूजीलैंड क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों और कप्तानों में से एक माना जाता है। मैकुलम वर्तमान में ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी हैं और ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो ट्वेन्टी-20 अंतरराष्ट्रीय शतक और २००० रन बनाने वाले पहले और अब तक के एकमात्र खिलाड़ी हैं। इन्होंने १८ फरवरी २०१४ को भारतीय टीम के खिलाफ ३०२ रन बनाकर एक नया कीर्तिमान बना गए और वह टेस्ट मैचों में तिहरे शतक बनाने वाले न्यूजीलैंड के पहले क्रिकेट खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा २०१४ में, वह कैलेंडर ईयर (११६४ रनों के साथ) में १००० टेस्ट रनों का स्कोर करने वाले न्यूजीलैंड के पहले खिलाड़ी भी बन गये। इसके बाद इनका यह रिकॉर्ड केन विलियमसन ने २०१५ में ११८२ रन बनाकर तोड़ दिया। २० फरवरी २०१६ को इन्होंने अपने आखिरी टेस्ट मैच में ५४ गेंदों में सबसे तेज़ टेस्ट शतक बनाकर एक नया कीर्तिमान बना दिया। इसी के साथ इन्होंने विवियन रिचर्ड्स और मिस्बाह-उल-हक़ का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। मैकुलम ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में (२०१२ में बांग्लादेश के खिलाफ १२३) और ट्वेन्टी - २० क्रिकेट में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर (२००८ में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए १५८ रन) में सबसे अधिक व्यक्तिगत स्कोर के रूप में पिछले रिकॉर्ड धारी रहे है लेकिन बाद में आईपीएल के २०१३ के संस्करण में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए क्रिस गेल ने १७५ रनों की पारी पुणे वॉयियर्स इंडिया के खिलाफ खेलकर इनको पीछे छोड़ दिया।इन्होंने २००८-२०१० तक इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले और फिर से २०१२-२०१३ तक खेले। जबकि बीच में उन्होंने कोच्चि टस्कर्स केरल के लिए भी खेले। इसके बाद मैकुलम २०१४-२०१५ में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेले थे जबकि २०१६-२०१७ के आईपीएल में गुजरात लॉयन्स के लिए खेलने का मौका मिला। .
आईसीसी क्रिकेट विश्व कप एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप है। टूर्नामेंट खेल के शासी निकाय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा हर चार साल आयोजित किया जाता है। टूर्नामेंट दुनिया में सबसे ज्यादा देखी गयी खेल स्पर्धाओं में से एक है, यह केवल फीफा विश्व कप और ओलंपिक पीछे है। पहली बार विश्व कप 1975 में इंग्लैंड में आयोजित किया गया था, पहले तीन विश्व कप इंग्लैंड में मेजबानी किए गए थे। लेकिन 1987 टूर्नामेंट के बाद से विश्व कप हर चार साल दूसरे देश में आयोजित किया जाता है। सबसे हाल ही टूर्नामेंट २०१५ में आयोजित की गई थी, यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने मेजबानी की थी और इसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। .
केन विलियमसन न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम के एक विस्फोटक बल्लेबाज है। ये वर्तमान में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के कप्तान भी है तथा २०१८ इंडियन प्रीमियर लीग में डेविड वॉर्नर की जगह सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान भी है। .
१९७५ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर प्रूडेंशियल कप) क्रिकेट विश्व कप का पहले संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह इंग्लैंड में 7-21 जून 1975 को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60793.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच 60 ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच था, और वेस्ट इंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे 17 रन से पराजित कर पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65049.html .
१९७९ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर प्रूडेंशियल कप) क्रिकेट विश्व कप का दूसरा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह इंग्लैंड में 9-23 जून 1979 को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60806.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच 60 ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड के बीच था, और वेस्ट इंडीज ने इंग्लैंड को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे 92 रन से पराजित कर अपना निरंतर दूसरा क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65063.html .
१९८३ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर प्रूडेंशियल कप) क्रिकेट विश्व कप का तीसरा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह इंग्लैंड में ९-२५ जून १९८३ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60832.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच ६० ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल भारत और वेस्ट इंडीज के बीच था, और भारत ने वेस्ट इंडीज को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे ४३ रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65090.html .
१९९२ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर बेंसन एंड हेजेज विश्व कप) क्रिकेट विश्व कप का पांचवां संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में २२ फरवरी से २५ मार्च १९९२ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60924.html टूर्नामेंट बेंसन एंड हेजेज द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे नौ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच ५० ओवर प्रति टीम का था और रंगीन कपड़ों में और सफेद गेंदों के साथ खेली गया था और अधिकतम मैच दूधिया रोशनी (फ्लडलाइट्स) के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच था, और पाकिस्तान ने इंग्लैंड को मेलबोर्न क्रिकेट ग्रांउड मे खेले गए फाइनल मे २२ रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65156.html .
१९९६ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर विल्स विश्व कप) क्रिकेट विश्व कप का छठा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह पाकिस्तान, भारत और श्रीलंका में १४ फरवरी से १७ मार्च १९९६ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60981.html टूर्नामेंट विल्स द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे बारह टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच ५० ओवर प्रति टीम का था और रंगीन कपड़ों में और सफेद गेंदों के साथ खेली गया था और अधिकतम मैच दूधिया रोशनी (फ्लडलाइट्स) के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच था, और श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को गद्दाफी स्टेडियम मे खेले गए फाइनल मे ७ विकेट से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65192.html .
२००३ क्रिकेट विश्व कप क्रिकेट विश्व कप का आठवां संस्करण था जिसका संगठन आईसीसी ने किया था। इस विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ्रीका,ज़िम्बाब्वे तथा केन्या ने मिलकर किया था। २००३ विश्व कप की शुरुआत ०९ फ़रवरी को हुई थी तथा २३ मार्च २००३ को फाइनल मैच भारत तथा ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। यह पहला संस्करण था जो अफ्रीका में खेला गया था। २०१३ विश्व कप में कुल १४ क्रिकेट टीमों ने हिस्सा लिया था, जो कि सबसे ज्यादा टीमें थी जिन्होंने विश्व कप में हिस्सा लिया तथा कुल ५४ मैच खेले गए थे। १९९९ क्रिकेट विश्व कप के आधार पर दो ग्रुप बनाए गए थे। ग्रुप की उच्च तीन टीमों ने क्वालिफाई किया था। टूर्नामेंट का फाइनल ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच था, और ऑस्ट्रेलिया ने भारत को वेंडरर्स मे खेले गए फाइनल मे १२५ रनों से पराजित कर अपना तृतीय क्रिकेट विश्व कप जीता। .
२००७ ICC क्रिकेट विश्व कप, टूर्नामेंट का नौवां संस्करण था और इसे 13 मार्च से 28 अप्रैल 2007 तक वेस्ट इंडीज़ में, खेल के एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में खेला गया.
आईसीसी (ICC) क्रिकेट विश्व कप २०११, दसवां क्रिकेट विश्व कप था और इसकी मेजबानी टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले तीन दक्षिण एशियाई देशों द्वारा की गई थीः भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश.
१९८७ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर रिलायंस विश्व कप) क्रिकेट विश्व कप का चौथा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह भारत और पाकिस्तान में ८ अक्टूबर-८ नवंबर १९८७ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60876.html टूर्नामेंट रिलायन्स इण्डस्ट्रीज द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच ५० ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेली गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच था, और ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को इडेन गार्डेंस में खेले गए फाइनल में ७ रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65117.html .
१९९९ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर आईसीसी क्रिकेट विश्व कप) क्रिकेट विश्व कप का सातवाँ संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह इंगलैंड, स्कॉटलैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड और वेल्स में १४ मई से २० जून १९९९ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/content/series/61046.html?template.
इंग्लैंड क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा 56 संबंध है और २०१५ क्रिकेट विश्व कप 111 है। वे आम 14 में है, समानता सूचकांक 8.38% है = 14 / (56 + 111)।
यह लेख इंग्लैंड क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा और २०१५ क्रिकेट विश्व कप के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
| शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। यह सूची न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम और इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बीच न्यूज़ीलैंड में खेली गई श्रृंखलाओं की है। न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड के बीच पहला टेस्ट मैच एक हज़ार नौ सौ तीस में खेला गया था जबकि पहला वनडे मैच एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर और पहला टीबीस दो हज़ार सात में खेला गया था। . आईसीसी क्रिकेट विश्व कप दो हज़ार पंद्रह, ग्यारह वाँ आईसीसी क्रिकेट विश्व कप था, और इसकी मेजबानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड द्वारा मिलकर की गई। यह दो हज़ार पंद्रह फ़रवरी चौदह - मार्च उनतीस तक चला जिसके दौरान उनचास मैच चौदह स्थानों में खेले गए। छब्बीस मैच ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड, ब्रिस्बेन, कैनबरा, होबार्ट, मेलबोर्न, पर्थ और सिडनी में आयोजित किए गए तथा तेईस मैच न्यूजीलैंड के ऑकलैंड, क्राइस्टचर्च, डुनेडिन, हैमिल्टन, नेपियर, नेल्सन और वेलिंग्टन में हुए। टूर्नामेंट का फाइनल मेलबोर्न क्रिकेट ग्रांउड पर खेला गया और इसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। . इंग्लैंड क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा और दो हज़ार पंद्रह क्रिकेट विश्व कप आम में चौदह बातें हैं : एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय, ब्रेंडन मैकुलम, आईसीसी क्रिकेट विश्व कप, केन विलियमसन, एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर क्रिकेट विश्व कप, एक हज़ार नौ सौ उन्यासी क्रिकेट विश्व कप, एक हज़ार नौ सौ तिरासी क्रिकेट विश्व कप, एक हज़ार नौ सौ बानवे क्रिकेट विश्व कप, एक हज़ार नौ सौ छियानवे क्रिकेट विश्व कप, दो हज़ार तीन क्रिकेट विश्व कप, दो हज़ार सात क्रिकेट विश्व कप, दो हज़ार ग्यारह क्रिकेट विश्व कप, एक हज़ार नौ सौ सत्तासी क्रिकेट विश्व कप, एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे क्रिकेट विश्व कप। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड ने ओडीआई मैच होस्ट किया। पीले कपड़ों में बल्लेबाज हैं जो ऑस्ट्रेलियाई है जबकि नीले कपड़ों में भारतीय क्षेत्ररक्षण टीम हैं। एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय ) क्रिकेट की एक शैली है, जिसमें दो राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के बीच प्रति टीम पचास ओवर खेले जाते हैं। क्रिकेट विश्व कप इसी प्रारूप के अनुसार खेला जाता है। एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों को "लिमिटेड ओवर इंटरनेशनल )" भी कहा जाता है, क्योंकि राष्ट्रीय टीमों के बीच सीमित ओवर के क्रिकेट मैच खेले जाते हैं और यदि मौसम की वजह से व्यवधान उत्पन्न होता है तो वे हमेशा एक दिन में समाप्त नहीं होते. ब्रेंडन बैरी मैकुलम , जिन्हें "बैज" के नाम से भी जाना जाता है एक पूर्व न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी है, जिन्होंने अपने कैरियर में सभी स्वरूपों में एक साथ क्रिकेट खेला है साथ ही ये सभी प्रारूपों में पूर्व कप्तान भी रह चुके है। मैकुलम के नाम टेस्ट मैचों में सबसे तेजी से रन बनाने वालों में भी एक है विशेषकर सभी समय का सबसे तेज टेस्ट शतक भी इनके नाम है इस कारण इन्हें न्यूजीलैंड क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाजों और कप्तानों में से एक माना जाता है। मैकुलम वर्तमान में ट्वेन्टी-बीस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी हैं और ट्वेन्टी-बीस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो ट्वेन्टी-बीस अंतरराष्ट्रीय शतक और दो हज़ार रन बनाने वाले पहले और अब तक के एकमात्र खिलाड़ी हैं। इन्होंने अट्ठारह फरवरी दो हज़ार चौदह को भारतीय टीम के खिलाफ तीन सौ दो रन बनाकर एक नया कीर्तिमान बना गए और वह टेस्ट मैचों में तिहरे शतक बनाने वाले न्यूजीलैंड के पहले क्रिकेट खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा दो हज़ार चौदह में, वह कैलेंडर ईयर में एक हज़ार टेस्ट रनों का स्कोर करने वाले न्यूजीलैंड के पहले खिलाड़ी भी बन गये। इसके बाद इनका यह रिकॉर्ड केन विलियमसन ने दो हज़ार पंद्रह में एक हज़ार एक सौ बयासी रन बनाकर तोड़ दिया। बीस फरवरी दो हज़ार सोलह को इन्होंने अपने आखिरी टेस्ट मैच में चौवन गेंदों में सबसे तेज़ टेस्ट शतक बनाकर एक नया कीर्तिमान बना दिया। इसी के साथ इन्होंने विवियन रिचर्ड्स और मिस्बाह-उल-हक़ का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। मैकुलम ट्वेन्टी-बीस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में और ट्वेन्टी - बीस क्रिकेट में सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर में सबसे अधिक व्यक्तिगत स्कोर के रूप में पिछले रिकॉर्ड धारी रहे है लेकिन बाद में आईपीएल के दो हज़ार तेरह के संस्करण में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए क्रिस गेल ने एक सौ पचहत्तर रनों की पारी पुणे वॉयियर्स इंडिया के खिलाफ खेलकर इनको पीछे छोड़ दिया।इन्होंने दो हज़ार आठ-दो हज़ार दस तक इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले और फिर से दो हज़ार बारह-दो हज़ार तेरह तक खेले। जबकि बीच में उन्होंने कोच्चि टस्कर्स केरल के लिए भी खेले। इसके बाद मैकुलम दो हज़ार चौदह-दो हज़ार पंद्रह में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेले थे जबकि दो हज़ार सोलह-दो हज़ार सत्रह के आईपीएल में गुजरात लॉयन्स के लिए खेलने का मौका मिला। . आईसीसी क्रिकेट विश्व कप एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप है। टूर्नामेंट खेल के शासी निकाय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा हर चार साल आयोजित किया जाता है। टूर्नामेंट दुनिया में सबसे ज्यादा देखी गयी खेल स्पर्धाओं में से एक है, यह केवल फीफा विश्व कप और ओलंपिक पीछे है। पहली बार विश्व कप एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर में इंग्लैंड में आयोजित किया गया था, पहले तीन विश्व कप इंग्लैंड में मेजबानी किए गए थे। लेकिन एक हज़ार नौ सौ सत्तासी टूर्नामेंट के बाद से विश्व कप हर चार साल दूसरे देश में आयोजित किया जाता है। सबसे हाल ही टूर्नामेंट दो हज़ार पंद्रह में आयोजित की गई थी, यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने मेजबानी की थी और इसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। . केन विलियमसन न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम के एक विस्फोटक बल्लेबाज है। ये वर्तमान में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के कप्तान भी है तथा दो हज़ार अट्ठारह इंडियन प्रीमियर लीग में डेविड वॉर्नर की जगह सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान भी है। . एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का पहले संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह इंग्लैंड में सात-इक्कीस जून एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार सात सौ तिरानवे.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच साठ ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच था, और वेस्ट इंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे सत्रह रन से पराजित कर पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार उनचास.html . एक हज़ार नौ सौ उन्यासी क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का दूसरा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह इंग्लैंड में नौ-तेईस जून एक हज़ार नौ सौ उन्यासी को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार आठ सौ छः.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच साठ ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड के बीच था, और वेस्ट इंडीज ने इंग्लैंड को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे बानवे रन से पराजित कर अपना निरंतर दूसरा क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार तिरेसठ.html . एक हज़ार नौ सौ तिरासी क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का तीसरा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह इंग्लैंड में नौ-पच्चीस जून एक हज़ार नौ सौ तिरासी को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार आठ सौ बत्तीस.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच साठ ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल भारत और वेस्ट इंडीज के बीच था, और भारत ने वेस्ट इंडीज को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे तैंतालीस रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार नब्बे.html . एक हज़ार नौ सौ बानवे क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का पांचवां संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बाईस फरवरी से पच्चीस मार्च एक हज़ार नौ सौ बानवे को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार नौ सौ चौबीस.html टूर्नामेंट बेंसन एंड हेजेज द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे नौ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच पचास ओवर प्रति टीम का था और रंगीन कपड़ों में और सफेद गेंदों के साथ खेली गया था और अधिकतम मैच दूधिया रोशनी के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच था, और पाकिस्तान ने इंग्लैंड को मेलबोर्न क्रिकेट ग्रांउड मे खेले गए फाइनल मे बाईस रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार एक सौ छप्पन.html . एक हज़ार नौ सौ छियानवे क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का छठा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह पाकिस्तान, भारत और श्रीलंका में चौदह फरवरी से सत्रह मार्च एक हज़ार नौ सौ छियानवे को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार नौ सौ इक्यासी.html टूर्नामेंट विल्स द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे बारह टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच पचास ओवर प्रति टीम का था और रंगीन कपड़ों में और सफेद गेंदों के साथ खेली गया था और अधिकतम मैच दूधिया रोशनी के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच था, और श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को गद्दाफी स्टेडियम मे खेले गए फाइनल मे सात विकेट से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार एक सौ बानवे.html . दो हज़ार तीन क्रिकेट विश्व कप क्रिकेट विश्व कप का आठवां संस्करण था जिसका संगठन आईसीसी ने किया था। इस विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ्रीका,ज़िम्बाब्वे तथा केन्या ने मिलकर किया था। दो हज़ार तीन विश्व कप की शुरुआत नौ फ़रवरी को हुई थी तथा तेईस मार्च दो हज़ार तीन को फाइनल मैच भारत तथा ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। यह पहला संस्करण था जो अफ्रीका में खेला गया था। दो हज़ार तेरह विश्व कप में कुल चौदह क्रिकेट टीमों ने हिस्सा लिया था, जो कि सबसे ज्यादा टीमें थी जिन्होंने विश्व कप में हिस्सा लिया तथा कुल चौवन मैच खेले गए थे। एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे क्रिकेट विश्व कप के आधार पर दो ग्रुप बनाए गए थे। ग्रुप की उच्च तीन टीमों ने क्वालिफाई किया था। टूर्नामेंट का फाइनल ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच था, और ऑस्ट्रेलिया ने भारत को वेंडरर्स मे खेले गए फाइनल मे एक सौ पच्चीस रनों से पराजित कर अपना तृतीय क्रिकेट विश्व कप जीता। . दो हज़ार सात ICC क्रिकेट विश्व कप, टूर्नामेंट का नौवां संस्करण था और इसे तेरह मार्च से अट्ठाईस अप्रैल दो हज़ार सात तक वेस्ट इंडीज़ में, खेल के एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में खेला गया. आईसीसी क्रिकेट विश्व कप दो हज़ार ग्यारह, दसवां क्रिकेट विश्व कप था और इसकी मेजबानी टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले तीन दक्षिण एशियाई देशों द्वारा की गई थीः भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश. एक हज़ार नौ सौ सत्तासी क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का चौथा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह भारत और पाकिस्तान में आठ अक्टूबर-आठ नवंबर एक हज़ार नौ सौ सत्तासी को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार आठ सौ छिहत्तर.html टूर्नामेंट रिलायन्स इण्डस्ट्रीज द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच पचास ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेली गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच था, और ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को इडेन गार्डेंस में खेले गए फाइनल में सात रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार एक सौ सत्रह.html . एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का सातवाँ संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह इंगलैंड, स्कॉटलैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड और वेल्स में चौदह मई से बीस जून एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/content/series/इकसठ हज़ार छियालीस.html?template. इंग्लैंड क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा छप्पन संबंध है और दो हज़ार पंद्रह क्रिकेट विश्व कप एक सौ ग्यारह है। वे आम चौदह में है, समानता सूचकांक आठ.अड़तीस% है = चौदह / । यह लेख इंग्लैंड क्रिकेट टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा और दो हज़ार पंद्रह क्रिकेट विश्व कप के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः |
देश-दुनिया में चल रहे कोरोना संकट के बीच अब एक बड़ी खबर सामने आई हैं जिसे सुनकर शायद आपके भी होश उड़ जाएंगे जी हाँ, हमारे सौर मंडल में क्षुद्रग्रह का पृथ्वी के पास से गुजरना और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल से खिंच कर पृथ्वी पर आना कोई बड़ी बात नहीं है. ऐसी घटना हर साल देखने को मिल जाती है. नासा का कहना है कि आज सौरमंडल में एक और क्षुद्रग्रह हमारी पृथ्वी के पास से होकर गुजरने वाला है.
नासा का कहना है कि यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी के 13,000 मील के पास से गुजर सकता है. यह दूरी पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले कई संचार उपग्रहों के पास बताई जा रही है. वैज्ञानिकों का कहना है कि आज दोपहर दक्षिण-पूर्वी प्रशांत महासागर के ऊपर से यह क्षुद्रग्रह गुजर सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि Asteroid का आकार 15 फीट और 30 फीटके बीच है.
नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में सेंटर फॉर नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज़ के निदेशक पॉल चोडास का कहना है कि इस आकार के क्षुद्रग्रह साल में दो या उससे ज्यादा बार पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते रहते हैं. पृथ्वी के पास सूर्य का चक्कर लगाने वाले इन छोटे क्षुद्रग्रह की संख्या लगभग 100 मिलियन हो सकती है.
| देश-दुनिया में चल रहे कोरोना संकट के बीच अब एक बड़ी खबर सामने आई हैं जिसे सुनकर शायद आपके भी होश उड़ जाएंगे जी हाँ, हमारे सौर मंडल में क्षुद्रग्रह का पृथ्वी के पास से गुजरना और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल से खिंच कर पृथ्वी पर आना कोई बड़ी बात नहीं है. ऐसी घटना हर साल देखने को मिल जाती है. नासा का कहना है कि आज सौरमंडल में एक और क्षुद्रग्रह हमारी पृथ्वी के पास से होकर गुजरने वाला है. नासा का कहना है कि यह क्षुद्रग्रह पृथ्वी के तेरह,शून्य मील के पास से गुजर सकता है. यह दूरी पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले कई संचार उपग्रहों के पास बताई जा रही है. वैज्ञानिकों का कहना है कि आज दोपहर दक्षिण-पूर्वी प्रशांत महासागर के ऊपर से यह क्षुद्रग्रह गुजर सकता है. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि Asteroid का आकार पंद्रह फीट और तीस फीटके बीच है. नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में सेंटर फॉर नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज़ के निदेशक पॉल चोडास का कहना है कि इस आकार के क्षुद्रग्रह साल में दो या उससे ज्यादा बार पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते रहते हैं. पृथ्वी के पास सूर्य का चक्कर लगाने वाले इन छोटे क्षुद्रग्रह की संख्या लगभग एक सौ मिलियन हो सकती है. |
नई दिल्ली/टीम डिजिटल।
पश्चिमी दिल्ली जिला एएटीएस की टीम ने इलाके मेें सडक़ों पर ताबड़तोड़ स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाश पश्चिम विहार निवासी हरिनारायण उर्फ हैरी और आशा राम के कब्जे से पुलिस ने 22 चोरी के मोबाइल और वारदातों में उपयोग तीन दोपहिया वाहन बरामद की है। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने तत्काल दिल्ली के अलग-अलग थानों में दर्ज चोरी, लूट और स्नैचिंग के 25 वारदातों को सुलझा लिया है।
एडिश्नल डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि जिला एएटीएस की टीम लगातार इलाके में वाहन चोरी और स्नैचिंग वारदातों पर रोक लगाने व अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही है। इसी दौरान एएटीएस में तैनात हेड कांस्टेबल विनोद को सूचना मिली कि एक शख्स गंदानाला मेन रोड के पास चोरी की मोटर साइकिल व मोबाइल बेचने के लिए आने वाला है। सूचना के आधार पर एसआई ईश्वर के नेतृत्व में एक टीम तैयार की गई। टीम ने बताए गए स्थान पर ट्रैप लगा दिया। शाम करीब साढे चार बजे पाया कि दो शख्स विकासपुरी की ओर से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंचे और किसी का इंतजार करने लगे। इसके बाद टीम ने दोनों को घेर दबोच लिया। जांच करने पर उनके पास से 22 मोबाइल फोन बरामद हुए। साथ ही उनकी निशानदेही पर टीम ने दो और चोरी की मोटरलाइकिल बरामद की।
दोनों ने बताया कि ये लोग अपने तीन और साथी रिजवान, गगन और जीतू के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देते हैं और चोरी के मोबाइल फोन करोल बाग के बाजार में बेच देते हैं। जांच में पता चला कि ये तीनों भी एक दर्जन से अधिक वारदातों में वांछित हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
| नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पश्चिमी दिल्ली जिला एएटीएस की टीम ने इलाके मेें सडक़ों पर ताबड़तोड़ स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाश पश्चिम विहार निवासी हरिनारायण उर्फ हैरी और आशा राम के कब्जे से पुलिस ने बाईस चोरी के मोबाइल और वारदातों में उपयोग तीन दोपहिया वाहन बरामद की है। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने तत्काल दिल्ली के अलग-अलग थानों में दर्ज चोरी, लूट और स्नैचिंग के पच्चीस वारदातों को सुलझा लिया है। एडिश्नल डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि जिला एएटीएस की टीम लगातार इलाके में वाहन चोरी और स्नैचिंग वारदातों पर रोक लगाने व अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रही है। इसी दौरान एएटीएस में तैनात हेड कांस्टेबल विनोद को सूचना मिली कि एक शख्स गंदानाला मेन रोड के पास चोरी की मोटर साइकिल व मोबाइल बेचने के लिए आने वाला है। सूचना के आधार पर एसआई ईश्वर के नेतृत्व में एक टीम तैयार की गई। टीम ने बताए गए स्थान पर ट्रैप लगा दिया। शाम करीब साढे चार बजे पाया कि दो शख्स विकासपुरी की ओर से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार होकर वहां पहुंचे और किसी का इंतजार करने लगे। इसके बाद टीम ने दोनों को घेर दबोच लिया। जांच करने पर उनके पास से बाईस मोबाइल फोन बरामद हुए। साथ ही उनकी निशानदेही पर टीम ने दो और चोरी की मोटरलाइकिल बरामद की। दोनों ने बताया कि ये लोग अपने तीन और साथी रिजवान, गगन और जीतू के साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देते हैं और चोरी के मोबाइल फोन करोल बाग के बाजार में बेच देते हैं। जांच में पता चला कि ये तीनों भी एक दर्जन से अधिक वारदातों में वांछित हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। |
शापूरजी पलोनजी समूह के प्रमुख पलोनजी मिस्त्री का मंगलवार को 93 साल की उम्र में निधन हो गया है।
समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार उनकी कंपनी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पलोनजी का निधन देर रात मुंबई में उनके आवास पर हुआ।
मिस्त्री टाटा ग्रुप में सबसे बड़े शेयरहोल्डर थे। उनके पास कंपनी के 18. 4 फ़ीसदी शेयर थे।
| शापूरजी पलोनजी समूह के प्रमुख पलोनजी मिस्त्री का मंगलवार को तिरानवे साल की उम्र में निधन हो गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई की ख़बर के अनुसार उनकी कंपनी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि पलोनजी का निधन देर रात मुंबई में उनके आवास पर हुआ। मिस्त्री टाटा ग्रुप में सबसे बड़े शेयरहोल्डर थे। उनके पास कंपनी के अट्ठारह. चार फ़ीसदी शेयर थे। |
आज यानी 24 जून को जी-20 के तत्वावधान में लेबर इंगेजमेंट ग्रुप नालंदा पहुंची। इस ग्रुप में 14 देश के 49 जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इनके स्वागत में जिले में जगह-जगह होर्डिंग बैनर भी लगाए गए थे। अतिथियों के सुरक्षा को लेकर नालंदा में चाक-चौबंद व्यवस्था देखी गई। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और पुलिस अधीक्षक अशोक मिश्रा खुद इसकी मॉनिटरिंग करते रहें।
शिष्टमंडल के सदस्यों ने घूम घूम कर भग्नावशेष के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की । इस दौरान चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गयी थी। 261 स्थानों पर मजिस्ट्रेट व 632 सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी । दल में शामिल कई देशों के लोग नालंदा महाविहार के भग्नावशेष के दर्शन करने के बाद अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के विभिन्न खंडों का दीदार किए।
*जी-20 के देशः* अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम व संयुक्त राज्य अमेरिका।
वहीं गर्मी के कारण एक मेहमान जेएनयू के प्रोफेसर डॉ. संतोष मूर्छित होकर नालंदा खंडहर के भग्नावशेष में ही अचानक गिर पड़े। इसके बाद आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाया गया और उन्हें इलाज के लिए वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी ले जाया गया।
तय कार्यक्रम के अनुसार जी-20 के लेबर इंगेजमेंट ग्रुप के सदस्य सुबह 6:00 से 7:00 के बीच पटना से प्रस्थान कर गए और प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष के पास सुबह 9:00 बजे तक पहुंच गए। जीविका दीदी द्वारा उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। 9:15 से 10:15 तक ग्रुप के सदस्य सॉफ्ट ड्रिंक और स्नेक्स दिया गया। इसके बाद डेलीगेटो को तीन सब ग्रुप में डिवाइड कर प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष को दिखाया गया। 11:30 बजे तक वे लोग प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में ही रहे इसके बाद उन्हें नालंदा का मोमेंटो दिया गया। वहां से वे लोग 11:30 बजे नालंदा विश्वविद्यालय राजगीर कैम्पस देखने के लिए प्रस्थान कर गए। उनका सुषमा स्वराज ऑडिटोरियम में स्वागत किया गया। 12:05 मिनट से 12:35 तक फिल्म प्रेजेंटेशन जो नालंदा विश्वविद्यालय से संबंधित था, उसे दिखाया गया वहां डेलीगेटो को सोवेनियर और हैंडीक्राफ्ट का सामग्री भेंट की गई। डेलीगेटों का लंच भी नालंदा यूनिवर्सिटी कैम्प्स में ही रखा गया। अंतरराष्ट्रीय छात्रों के साथ 12:35 से 1:00 तक उनके साथ लंच किए और 1:00 बजे पटना के लिए प्रस्थान कर गए।
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| आज यानी चौबीस जून को जी-बीस के तत्वावधान में लेबर इंगेजमेंट ग्रुप नालंदा पहुंची। इस ग्रुप में चौदह देश के उनचास जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इनके स्वागत में जिले में जगह-जगह होर्डिंग बैनर भी लगाए गए थे। अतिथियों के सुरक्षा को लेकर नालंदा में चाक-चौबंद व्यवस्था देखी गई। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर और पुलिस अधीक्षक अशोक मिश्रा खुद इसकी मॉनिटरिंग करते रहें। शिष्टमंडल के सदस्यों ने घूम घूम कर भग्नावशेष के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की । इस दौरान चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गयी थी। दो सौ इकसठ स्थानों पर मजिस्ट्रेट व छः सौ बत्तीस सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी । दल में शामिल कई देशों के लोग नालंदा महाविहार के भग्नावशेष के दर्शन करने के बाद अंतरराष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय के विभिन्न खंडों का दीदार किए। *जी-बीस के देशः* अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, तुर्की, यूनाइटेड किंगडम व संयुक्त राज्य अमेरिका। वहीं गर्मी के कारण एक मेहमान जेएनयू के प्रोफेसर डॉ. संतोष मूर्छित होकर नालंदा खंडहर के भग्नावशेष में ही अचानक गिर पड़े। इसके बाद आनन-फानन में एंबुलेंस बुलाया गया और उन्हें इलाज के लिए वर्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान पावापुरी ले जाया गया। तय कार्यक्रम के अनुसार जी-बीस के लेबर इंगेजमेंट ग्रुप के सदस्य सुबह छः:शून्य से सात:शून्य के बीच पटना से प्रस्थान कर गए और प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष के पास सुबह नौ:शून्य बजे तक पहुंच गए। जीविका दीदी द्वारा उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। नौ:पंद्रह से दस:पंद्रह तक ग्रुप के सदस्य सॉफ्ट ड्रिंक और स्नेक्स दिया गया। इसके बाद डेलीगेटो को तीन सब ग्रुप में डिवाइड कर प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के भग्नावशेष को दिखाया गया। ग्यारह:तीस बजे तक वे लोग प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में ही रहे इसके बाद उन्हें नालंदा का मोमेंटो दिया गया। वहां से वे लोग ग्यारह:तीस बजे नालंदा विश्वविद्यालय राजगीर कैम्पस देखने के लिए प्रस्थान कर गए। उनका सुषमा स्वराज ऑडिटोरियम में स्वागत किया गया। बारह:पाँच मिनट से बारह:पैंतीस तक फिल्म प्रेजेंटेशन जो नालंदा विश्वविद्यालय से संबंधित था, उसे दिखाया गया वहां डेलीगेटो को सोवेनियर और हैंडीक्राफ्ट का सामग्री भेंट की गई। डेलीगेटों का लंच भी नालंदा यूनिवर्सिटी कैम्प्स में ही रखा गया। अंतरराष्ट्रीय छात्रों के साथ बारह:पैंतीस से एक:शून्य तक उनके साथ लंच किए और एक:शून्य बजे पटना के लिए प्रस्थान कर गए। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
फरवरी के महीने में प्रदेश में बेहद कम बारिश दर्ज की गई है। पूरे महीने में प्रदेश भर में मात्र 29. 8 मिमी बारिश हुई है और एक भी जिला में बारिश का ग्राफ सामान्य को नहीं छू पाया है। फरवरी के महीने में प्रदेश में बारिश का औसत आंकड़ा 101. 8 मिमी रहता है जबकि इस बार यह ग्राफ सिर्फ 29. 8 मिमी रहा है जोकि सामान्य से 71 प्रतिशत कम है। उधर पारा भी उछाल पर है और कुछ जिला में तो फरवरी में ही तापमान 30 डिग्री को उपर जा पहुंचा है। कृषि वैज्ञानिक समय से पूर्व हो रही गर्मी को फसलों के लिए भी हानिकारक बता रहे हैं। प्रदेश के पांच जिलों में तो फरवरी में बारिश का आंकड़ा दस मिमी तक भी नहीं पहुंचा है। सबसे अधिक 67. 1 मिमी बारिश जिला कुल्लू में दर्ज की गई है लेकिन यह आंकड़ा भी औसत 103. 6 मिमी से 35 प्रतिशत कम रहा है।
जिला उना में फरवरी में हालात बेहद चिंताजनक रहे और बारिश का ग्राफ एक मिमी से भी कम रहा। जिला उना में फरवरी में औसत बारिश का आंकड़ा 57. 8 मिमी रहता है जबकि इस साल केवल 0. 3 मिमी बारिश दर्ज की गई है जोकि सामान्य से 99 फीसदी कम है। जिला सिरमौर में सिर्फ 1. 2 मिमी बारिश हुई और यह आंकड़ा सामान्य 63. 7 मिमी की तुलना में 98 प्रतिशत कम रहा। जिला सोलन में मात्र 2. 9 मिमी बारिश हुई और यह आंकड़ा औसत 66. 3 मिमी से 96 प्रतिशत कम रहा।
| फरवरी के महीने में प्रदेश में बेहद कम बारिश दर्ज की गई है। पूरे महीने में प्रदेश भर में मात्र उनतीस. आठ मिमी बारिश हुई है और एक भी जिला में बारिश का ग्राफ सामान्य को नहीं छू पाया है। फरवरी के महीने में प्रदेश में बारिश का औसत आंकड़ा एक सौ एक. आठ मिमी रहता है जबकि इस बार यह ग्राफ सिर्फ उनतीस. आठ मिमी रहा है जोकि सामान्य से इकहत्तर प्रतिशत कम है। उधर पारा भी उछाल पर है और कुछ जिला में तो फरवरी में ही तापमान तीस डिग्री को उपर जा पहुंचा है। कृषि वैज्ञानिक समय से पूर्व हो रही गर्मी को फसलों के लिए भी हानिकारक बता रहे हैं। प्रदेश के पांच जिलों में तो फरवरी में बारिश का आंकड़ा दस मिमी तक भी नहीं पहुंचा है। सबसे अधिक सरसठ. एक मिमी बारिश जिला कुल्लू में दर्ज की गई है लेकिन यह आंकड़ा भी औसत एक सौ तीन. छः मिमी से पैंतीस प्रतिशत कम रहा है। जिला उना में फरवरी में हालात बेहद चिंताजनक रहे और बारिश का ग्राफ एक मिमी से भी कम रहा। जिला उना में फरवरी में औसत बारिश का आंकड़ा सत्तावन. आठ मिमी रहता है जबकि इस साल केवल शून्य. तीन मिमी बारिश दर्ज की गई है जोकि सामान्य से निन्यानवे फीसदी कम है। जिला सिरमौर में सिर्फ एक. दो मिमी बारिश हुई और यह आंकड़ा सामान्य तिरेसठ. सात मिमी की तुलना में अट्ठानवे प्रतिशत कम रहा। जिला सोलन में मात्र दो. नौ मिमी बारिश हुई और यह आंकड़ा औसत छयासठ. तीन मिमी से छियानवे प्रतिशत कम रहा। |
Priyanka Gandhi in Jabalpur : Jabalpur में Congress ने अपना Mission शुरू कर दिया है. Jabalpur में Priyanka Gandhi Vadra की Poster के साथ Bajrangbali की गदा यानी Karnataka के बाद MP के चुनाव में बजरंगबली की एंट्री. वहीं Narmada पूजा से पहले बकायदा हनुमान जी की वेशभूषा में आए शख्स से News18 ने बातचीत की.
Anju Nasrullah Love Story: नसरुल्लाह से अंजू के निकाह सच या झूठ? क्या है इस्लाम कबूल करने की वजह?
| Priyanka Gandhi in Jabalpur : Jabalpur में Congress ने अपना Mission शुरू कर दिया है. Jabalpur में Priyanka Gandhi Vadra की Poster के साथ Bajrangbali की गदा यानी Karnataka के बाद MP के चुनाव में बजरंगबली की एंट्री. वहीं Narmada पूजा से पहले बकायदा हनुमान जी की वेशभूषा में आए शख्स से Newsअट्ठारह ने बातचीत की. Anju Nasrullah Love Story: नसरुल्लाह से अंजू के निकाह सच या झूठ? क्या है इस्लाम कबूल करने की वजह? |
अजित सिंह की अगुवाई में बीसीसीआई की आठ सदस्यीय टीम मंगलवार को दुबई पहुंची और अभी वह पृथकवास पर है।
IOC अध्यक्ष थॉमस बॉक का बड़ा बयान, कहा 'ओलंपिक के आयोजन के लिये टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं'
अजित सिंह की अगुवाई में बीसीसीआई की आठ सदस्यीय टीम मंगलवार को दुबई पहुंची और अभी वह पृथकवास पर है।
पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप को आज अंबाला एयरबेस पर औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल हो चुकी है। जिस पर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल पद पर तैनात महेंद्र सिंह धोनी ने भी ख़ुशी जताई है।
पृथ्वी और प्राची अच्छे दोस्त बताए जा रहे हैं। दरअसल, पृथ्वी के हर इंस्टाग्राम पोस्ट पर प्राची का कमेंट रहता है। भारतीय ओपनर उनको रिप्लाई भी करता है।
शेन वाटसन का मानना है कि कोविड-19 के 13 मामले सामने आने के कारण तैयारियों में रुकावट के बावजूद सीएसके आगामी आईपीएल में जीत दर्ज करने में सफल रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रह चुके स्टीव स्मिथ ने कोहली की तारीफ कर उन्हें वनडे क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बताया है।
जोश हेजलवुड को उम्मीद है कि उन्हें इस साल के अंत में भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले काफी रेड बॉल क्रिकेट खेलने को मिलेगा।
युजवेंद्र चहल का मानना है कि पूरे लॉकडाउन में सिर्फ मेरी सगाई एक ऐसी चीज है जो सकरात्मक रही बाकी कुछ सही नहीं था।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने कौन सी टीम आईपीएल के 2020 खिताब को जीतेगी। इसको लेकर अपनी भविष्यवाणी कर दी है।
दिनेश कार्तिक का मानना है कि वो इस आईपीएल 2020 सीजन में खासतौर पर ईडन गार्डन्स मैदान से फैंस द्वारा मिलने वाली उर्जा को काफी मिस करेंगे।
कैफ ने एक विडियो शेयर किया है जिसमें उनका मानना है कि धोनी अगर विकेटकीपर ना होते तो वो एक बेहतरीन फील्डर होते।
| अजित सिंह की अगुवाई में बीसीसीआई की आठ सदस्यीय टीम मंगलवार को दुबई पहुंची और अभी वह पृथकवास पर है। IOC अध्यक्ष थॉमस बॉक का बड़ा बयान, कहा 'ओलंपिक के आयोजन के लिये टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं' अजित सिंह की अगुवाई में बीसीसीआई की आठ सदस्यीय टीम मंगलवार को दुबई पहुंची और अभी वह पृथकवास पर है। पांच राफेल लड़ाकू विमानों की पहली खेप को आज अंबाला एयरबेस पर औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल हो चुकी है। जिस पर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल पद पर तैनात महेंद्र सिंह धोनी ने भी ख़ुशी जताई है। पृथ्वी और प्राची अच्छे दोस्त बताए जा रहे हैं। दरअसल, पृथ्वी के हर इंस्टाग्राम पोस्ट पर प्राची का कमेंट रहता है। भारतीय ओपनर उनको रिप्लाई भी करता है। शेन वाटसन का मानना है कि कोविड-उन्नीस के तेरह मामले सामने आने के कारण तैयारियों में रुकावट के बावजूद सीएसके आगामी आईपीएल में जीत दर्ज करने में सफल रहेगा। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रह चुके स्टीव स्मिथ ने कोहली की तारीफ कर उन्हें वनडे क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बताया है। जोश हेजलवुड को उम्मीद है कि उन्हें इस साल के अंत में भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले काफी रेड बॉल क्रिकेट खेलने को मिलेगा। युजवेंद्र चहल का मानना है कि पूरे लॉकडाउन में सिर्फ मेरी सगाई एक ऐसी चीज है जो सकरात्मक रही बाकी कुछ सही नहीं था। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने कौन सी टीम आईपीएल के दो हज़ार बीस खिताब को जीतेगी। इसको लेकर अपनी भविष्यवाणी कर दी है। दिनेश कार्तिक का मानना है कि वो इस आईपीएल दो हज़ार बीस सीजन में खासतौर पर ईडन गार्डन्स मैदान से फैंस द्वारा मिलने वाली उर्जा को काफी मिस करेंगे। कैफ ने एक विडियो शेयर किया है जिसमें उनका मानना है कि धोनी अगर विकेटकीपर ना होते तो वो एक बेहतरीन फील्डर होते। |
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का आम आदमी पार्टी बनही छत्तीसगढ़ म विकल्प ? ? । का कहिथे छत्तीसगढ़?
CG: सर्व आदिवासी समाज ने सरकार को फिर चेताया, कहा पूरी करो मांगे वरना 90 विधानसभा में लड़ेंगे चुनाव. .
| php // $pcontext=get_page_context; का आम आदमी पार्टी बनही छत्तीसगढ़ म विकल्प ? ? । का कहिथे छत्तीसगढ़? CG: सर्व आदिवासी समाज ने सरकार को फिर चेताया, कहा पूरी करो मांगे वरना नब्बे विधानसभा में लड़ेंगे चुनाव. . |
जन्नत जुबैर टीवी एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इंफ्ल्यूएंसर के तौर पर भी जानी जाती हैं. एक्ट्रेस चाइल्ड एक्टर के तौर पर टीवी इंडस्ट्री में आई थीं.
बतौर चाइल्ड एक्टर जन्नत शो फुलवा में नजर आई थीं. इस शो में जन्नत बेहद मासूम लगी थीं. एक्ट्रेस अब अपने फैंस के लिए आए दिन इंस्टाग्राम पर एंटरटेनिंग पोस्ट शेयर करती हैं.
हाल ही में एक्ट्रेस ने रिवील किया कि वह जब एक्टिंग में आई थीं तब टीन एज के दौरान उनके पापा ने उन्हें एक पॉलेसी के बारे में बताया था. ये पॉलेसी थी नो किसिंग सीन पॉलिसी.
6 साल की उम्र में बतौर एक्टर अपना करियर शुरु करने वालीं जन्नत ने एक घटना का जिक्र किया.
उन्होंने बताया कि जब वे 'ये आशिकी' कर रही थीं उसमें इंटिमेट सीन था. लेकिन मेरे साथ मसला ये था कि शुरू से ही मैं एक पॉलिसी के साथ जुड़ी थी.
जन्नत ने बताया कि पापा ने कहा था कि किसी भी शो में किसिंग सीन नहीं करना. उस वक्त एक्ट्रेस सिर्फ 16-17 साल की थीं.
उन्होंने बताया कि ऐसी उम्र में वो प्रिंसिपल्स तोड़ना उनके लिए मुमकिन नहीं था.
जन्नत ने बताया कि वहीं उनके लिए भी ऐसे सीन और सिचुएशन बड़े अनकंफर्टेबल थे.
| जन्नत जुबैर टीवी एक्ट्रेस और सोशल मीडिया इंफ्ल्यूएंसर के तौर पर भी जानी जाती हैं. एक्ट्रेस चाइल्ड एक्टर के तौर पर टीवी इंडस्ट्री में आई थीं. बतौर चाइल्ड एक्टर जन्नत शो फुलवा में नजर आई थीं. इस शो में जन्नत बेहद मासूम लगी थीं. एक्ट्रेस अब अपने फैंस के लिए आए दिन इंस्टाग्राम पर एंटरटेनिंग पोस्ट शेयर करती हैं. हाल ही में एक्ट्रेस ने रिवील किया कि वह जब एक्टिंग में आई थीं तब टीन एज के दौरान उनके पापा ने उन्हें एक पॉलेसी के बारे में बताया था. ये पॉलेसी थी नो किसिंग सीन पॉलिसी. छः साल की उम्र में बतौर एक्टर अपना करियर शुरु करने वालीं जन्नत ने एक घटना का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जब वे 'ये आशिकी' कर रही थीं उसमें इंटिमेट सीन था. लेकिन मेरे साथ मसला ये था कि शुरू से ही मैं एक पॉलिसी के साथ जुड़ी थी. जन्नत ने बताया कि पापा ने कहा था कि किसी भी शो में किसिंग सीन नहीं करना. उस वक्त एक्ट्रेस सिर्फ सोलह-सत्रह साल की थीं. उन्होंने बताया कि ऐसी उम्र में वो प्रिंसिपल्स तोड़ना उनके लिए मुमकिन नहीं था. जन्नत ने बताया कि वहीं उनके लिए भी ऐसे सीन और सिचुएशन बड़े अनकंफर्टेबल थे. |
कोलंबो, 04 अगस्त (वार्ता)। श्रीलंका की सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे पर लगाये गये यात्रा प्रतिबंध को 11 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है। श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में अपने अंतरिम आदेश में श्री महिंदा राजपक्षे और बासिल राजपक्षे के 28 जुलाई तक अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़ने पर रोक लगा दी । इस बीच श्रीलंका के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने गत नौ जुलाई को राजधानी कोलंबो में राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे (President Ranil Wickremesinghe) के निजी आवास को कथित रूप से आग लगाने के आरोप में मंगलवार को तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
| कोलंबो, चार अगस्त । श्रीलंका की सुप्रीम कोर्ट ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे पर लगाये गये यात्रा प्रतिबंध को ग्यारह अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है। श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में अपने अंतरिम आदेश में श्री महिंदा राजपक्षे और बासिल राजपक्षे के अट्ठाईस जुलाई तक अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़ने पर रोक लगा दी । इस बीच श्रीलंका के अपराध जांच विभाग ने गत नौ जुलाई को राजधानी कोलंबो में राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के निजी आवास को कथित रूप से आग लगाने के आरोप में मंगलवार को तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। |
नई दिल्लीः उत्तर भारत सहित देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून अपने चरम पर है. भारी बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर सहित आस-पास के क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया है. वहीं कुछ राज्यों में बाढ़ के प्रकोप ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा रखी हैं. बता दें कि असम और बिहार में बाढ़ से मचे कोहराम के बीच तक़रीबन 40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. लाखों लोग बेघर हो चुके हैं.
वहीं, मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में मंगलवार और बुधवार को भारी बारिश की संभावना जाहिर की है. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में सोमवार यानी आज हल्की बारिश होने की संभावना है. इसके बाद, मंगलवार और बुधवार को दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में भारी बारिश हो सकती है.
स्काईमेट वेदर की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले 24 घंटों के अंदर पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, गुजरात, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल के कई इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है. भारतोय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि बारिश की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से जरूर निजात मिलेगी और तापमान में भी गिरावट आ सकती है।
| नई दिल्लीः उत्तर भारत सहित देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून अपने चरम पर है. भारी बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर सहित आस-पास के क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया है. वहीं कुछ राज्यों में बाढ़ के प्रकोप ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा रखी हैं. बता दें कि असम और बिहार में बाढ़ से मचे कोहराम के बीच तक़रीबन चालीस लाख लोग प्रभावित हुए हैं. लाखों लोग बेघर हो चुके हैं. वहीं, मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में मंगलवार और बुधवार को भारी बारिश की संभावना जाहिर की है. मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में सोमवार यानी आज हल्की बारिश होने की संभावना है. इसके बाद, मंगलवार और बुधवार को दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में भारी बारिश हो सकती है. स्काईमेट वेदर की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले चौबीस घंटाटों के अंदर पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, गुजरात, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल के कई इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है. भारतोय मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से जरूर निजात मिलेगी और तापमान में भी गिरावट आ सकती है। |
इन दिनों अमेरिका का रवैया पाकिस्तान को लेकर उतना उत्साहित नहीं है जितना कि नवाज शरीफ के समय में था। अभी हाल ही में नए साल पर अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को दी जाने वाली सहयोग राशि में भी कटौती हुई है। 2 बिलियन यूएस डालर की एक सहायता राशि को ट्रंप ने हाल में ही बंद किया है। आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका पाकिस्तान से जो सहयोग मांग रहा है वो भी पाकिस्तान को भारी पड़ रहा है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ लड़ने से इमरान की चिंताएं अभी से बढ़ गईं हैं।
इमरान खान ने कहा है कि अफगानिस्तान के लिए अमेरिका पाकिस्तान की आड़ लेने की कोशिश करता है जबकि अफगानिस्तान में बढ़ते आतंकवाद से पाकिस्तान का कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में इमरान को लगता है कि अफगानिस्तान मुद्दे पर पूरे पाकिस्तान को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 9/11 घटना का हवाला देते हुए इमरान ने कहा कि हम भी आतंकवाद के खिलाफ हैं लेकिन इसके लिए अपने लोगों को ही परेशान करना ठीक नहीं है।
इमरान को अब ये डर ज्यादा सता रहा है कि अगर पाकिस्तानी जनता ने उन्हें चुना तो वो उनके लिए कैसे काम कर पाएंगे? अपनी बात को सीधे तौर पर इमरान ने अमेरिकी राजदूत रिचर्ड ऑलसन को संबोधित किया। बता दें कि अगले साल पाकिस्तान में आम चुनाव होने हैं।
| इन दिनों अमेरिका का रवैया पाकिस्तान को लेकर उतना उत्साहित नहीं है जितना कि नवाज शरीफ के समय में था। अभी हाल ही में नए साल पर अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को दी जाने वाली सहयोग राशि में भी कटौती हुई है। दो बिलियन यूएस डालर की एक सहायता राशि को ट्रंप ने हाल में ही बंद किया है। आतंकवाद के मुद्दे पर अमेरिका पाकिस्तान से जो सहयोग मांग रहा है वो भी पाकिस्तान को भारी पड़ रहा है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ लड़ने से इमरान की चिंताएं अभी से बढ़ गईं हैं। इमरान खान ने कहा है कि अफगानिस्तान के लिए अमेरिका पाकिस्तान की आड़ लेने की कोशिश करता है जबकि अफगानिस्तान में बढ़ते आतंकवाद से पाकिस्तान का कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे में इमरान को लगता है कि अफगानिस्तान मुद्दे पर पूरे पाकिस्तान को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नौ/ग्यारह घटना का हवाला देते हुए इमरान ने कहा कि हम भी आतंकवाद के खिलाफ हैं लेकिन इसके लिए अपने लोगों को ही परेशान करना ठीक नहीं है। इमरान को अब ये डर ज्यादा सता रहा है कि अगर पाकिस्तानी जनता ने उन्हें चुना तो वो उनके लिए कैसे काम कर पाएंगे? अपनी बात को सीधे तौर पर इमरान ने अमेरिकी राजदूत रिचर्ड ऑलसन को संबोधित किया। बता दें कि अगले साल पाकिस्तान में आम चुनाव होने हैं। |
Accident: हवाई अड्डे पर टकराये दो विमान, मची अफरा-तफरी!
Big News: सांसद व Bandit Queen के हत्यारोपी की शादी तय, जानिए कौन है दुल्हन!
New Plans: जियो के बाद एयरटेल ने बदले अपने प्लान, जानिए सारे प्लान्स!
भाजपा नेता हत्याकांडः पुलिस ने फरार आरोपी को किया गिरफ्तार....
| Accident: हवाई अड्डे पर टकराये दो विमान, मची अफरा-तफरी! Big News: सांसद व Bandit Queen के हत्यारोपी की शादी तय, जानिए कौन है दुल्हन! New Plans: जियो के बाद एयरटेल ने बदले अपने प्लान, जानिए सारे प्लान्स! भाजपा नेता हत्याकांडः पुलिस ने फरार आरोपी को किया गिरफ्तार.... |
रायगढ़. जिले के जूटमिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनुमुड़ा के घर में एक युवक की अधजली लाश मिली है. मृतक का नाम जितेश चौहान है. पड़ोसियों के अनुसार 3 भाई साथ में रहते थे. कल रात भी तीनों भाई साथ थे. आज सुबह से ही दोनों भाई फरार तल रहे हैं. पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुट गई है.
| रायगढ़. जिले के जूटमिल थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनुमुड़ा के घर में एक युवक की अधजली लाश मिली है. मृतक का नाम जितेश चौहान है. पड़ोसियों के अनुसार तीन भाई साथ में रहते थे. कल रात भी तीनों भाई साथ थे. आज सुबह से ही दोनों भाई फरार तल रहे हैं. पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुट गई है. |
मलारना डूंगर थाना पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला दर्ज होने के बाद SP हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन पर तुरंत कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटे में किडनैप नाबालिग खोज लिया। इसके साथ ही आरोपी को झालावाड़ से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ नाबालिग किशोरी के पिता की रिपोर्ट पर किडनैप, रेप सहित सहित पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज करवाया था।
थानाधिकारी राजकुमार मीणा ने बताया कि नाबालिग के पिता ने मामले को लेकर मलारना थाने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें नाबालिग के पिता ने बताया कि 6 मई को वह नाबालिग बेटी के साथ अपने ससुराल गया हुआ था। रात को उसकी नाबालिग बेटी अपनी नानी के पास सो रही थी। इस दौरान आरोपी लालाराम बैरवा उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर व अपहरण कर ले गया। नाबालिग के पिता ने उसकी बेटी को अपनी रिश्तेदारी सहित आसपास के गांवों में तलाश किया।
जब नाबालिग किशोरी का कोई सुराग नहीं लगा, तब उसने 10 मई को मलारना डूंगर थाने पहुंचा। यहां पहुंचकर उसने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसपर SP हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन पर थानाधिकारी राजकुमार मीणा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।
गठित टीम ने अपनी मोबाइल लोकेशन के आधार पर महज 48 घंटे में नाबालिग किशोरी को खोज लिया। इसी के साथ ही आरोपी लालाराम बैरवा पुत्र मनोहरलाल बैरवा निवासी दोनायचा को झालावाड़ से गिरफ्तार किया है।
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| मलारना डूंगर थाना पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला दर्ज होने के बाद SP हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन पर तुरंत कार्रवाई करते हुए महज अड़तालीस घंटाटे में किडनैप नाबालिग खोज लिया। इसके साथ ही आरोपी को झालावाड़ से गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ नाबालिग किशोरी के पिता की रिपोर्ट पर किडनैप, रेप सहित सहित पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज करवाया था। थानाधिकारी राजकुमार मीणा ने बताया कि नाबालिग के पिता ने मामले को लेकर मलारना थाने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें नाबालिग के पिता ने बताया कि छः मई को वह नाबालिग बेटी के साथ अपने ससुराल गया हुआ था। रात को उसकी नाबालिग बेटी अपनी नानी के पास सो रही थी। इस दौरान आरोपी लालाराम बैरवा उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर व अपहरण कर ले गया। नाबालिग के पिता ने उसकी बेटी को अपनी रिश्तेदारी सहित आसपास के गांवों में तलाश किया। जब नाबालिग किशोरी का कोई सुराग नहीं लगा, तब उसने दस मई को मलारना डूंगर थाने पहुंचा। यहां पहुंचकर उसने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसपर SP हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन पर थानाधिकारी राजकुमार मीणा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। गठित टीम ने अपनी मोबाइल लोकेशन के आधार पर महज अड़तालीस घंटाटे में नाबालिग किशोरी को खोज लिया। इसी के साथ ही आरोपी लालाराम बैरवा पुत्र मनोहरलाल बैरवा निवासी दोनायचा को झालावाड़ से गिरफ्तार किया है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
ममता बनर्जी सरकार ने पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए बंगाल में 400 नए उप-स्वास्थ्य केंद्रों को तुरंत विकसित करने के लिए 151 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग - जिसके प्रभारी मुख्यमंत्री हैं - ने 10 मई को एक आदेश में सभी 27 स्वास्थ्य जिलों में 400 उप-स्वास्थ्य केंद्रों की सूची को मंजूरी दी थी। जिला प्रशासन को जल्द से जल्द काम शुरू करने को कहा गया है।
"मुख्यमंत्री ने पांच वर्षों में ग्रामीण बंगाल में लगभग 10,000 उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिए इसे एक मिशन के रूप में लिया है। इन 400 नई सुविधाओं से ग्रामीण लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिए सरकार ने 15वें वित्त आयोग से 151. 12 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
आदेश के अनुसार दो तरह के नये उपस्वास्थ्य केंद्र होंगे. टाइप ए के लिए, सरकार ने प्रति केंद्र 32 लाख रुपये और टाइप बी के लिए प्रत्येक केंद्र को 43. 50 लाख रुपये आवंटित किए।
स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सूची कुछ क्षेत्रों की आवश्यकताओं के आकलन के बाद और ब्लॉक या अनुमंडलीय अस्पतालों से दूरी के आधार पर तैयार की गई थी। जिला प्रशासन को दो महीने के भीतर भवनों का निर्माण पूरा करने का प्रयास करने को कहा गया है।
स्वीकृत उप-स्वास्थ्य केंद्रों में से, पश्चिम मिदनापुर को 60 मिलेंगे, जो कि एक जिले के लिए सबसे बड़ी संख्या है। पूर्वी बर्दवान, अलीपुरद्वार, नदिया और पुरुलिया जैसे जिलों को क्रमशः 46, 25, 30 और 33 सीटें मिलेंगी।
एक बार बुनियादी ढांचा तैयार हो जाने के बाद, सरकार उन केंद्रों पर नर्सों और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को तैनात करेगी। सभी उप-स्वास्थ्य केंद्रों में बाह्य रोगी विभाग होंगे और मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य सामान्य बीमारियों के लिए प्राथमिक जांच करेंगे।
| ममता बनर्जी सरकार ने पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए बंगाल में चार सौ नए उप-स्वास्थ्य केंद्रों को तुरंत विकसित करने के लिए एक सौ इक्यावन करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग - जिसके प्रभारी मुख्यमंत्री हैं - ने दस मई को एक आदेश में सभी सत्ताईस स्वास्थ्य जिलों में चार सौ उप-स्वास्थ्य केंद्रों की सूची को मंजूरी दी थी। जिला प्रशासन को जल्द से जल्द काम शुरू करने को कहा गया है। "मुख्यमंत्री ने पांच वर्षों में ग्रामीण बंगाल में लगभग दस,शून्य उप-स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिए इसे एक मिशन के रूप में लिया है। इन चार सौ नई सुविधाओं से ग्रामीण लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिए सरकार ने पंद्रहवें वित्त आयोग से एक सौ इक्यावन. बारह करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। आदेश के अनुसार दो तरह के नये उपस्वास्थ्य केंद्र होंगे. टाइप ए के लिए, सरकार ने प्रति केंद्र बत्तीस लाख रुपये और टाइप बी के लिए प्रत्येक केंद्र को तैंतालीस. पचास लाख रुपये आवंटित किए। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सूची कुछ क्षेत्रों की आवश्यकताओं के आकलन के बाद और ब्लॉक या अनुमंडलीय अस्पतालों से दूरी के आधार पर तैयार की गई थी। जिला प्रशासन को दो महीने के भीतर भवनों का निर्माण पूरा करने का प्रयास करने को कहा गया है। स्वीकृत उप-स्वास्थ्य केंद्रों में से, पश्चिम मिदनापुर को साठ मिलेंगे, जो कि एक जिले के लिए सबसे बड़ी संख्या है। पूर्वी बर्दवान, अलीपुरद्वार, नदिया और पुरुलिया जैसे जिलों को क्रमशः छियालीस, पच्चीस, तीस और तैंतीस सीटें मिलेंगी। एक बार बुनियादी ढांचा तैयार हो जाने के बाद, सरकार उन केंद्रों पर नर्सों और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को तैनात करेगी। सभी उप-स्वास्थ्य केंद्रों में बाह्य रोगी विभाग होंगे और मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य सामान्य बीमारियों के लिए प्राथमिक जांच करेंगे। |
मुंबईः आलिया भट्ट (Alia Bhatt) के नाना और वास्तुकार नरेंद्र नाथ राजदान (Narendra Nath Razdan) की सेहत इस समय भट्ट परिवार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बीमार पड़ने के बाद नरेंद्र नाथ राजदान कोअस्पताल ले जाया गयान है। उन्हें अस्पताल में भर्ती किए हुए पांच दिन हो चुके हैं। फिलहाल उनकी बेटी सोनी राजदान और पोती शाहीन अस्पताल में उनके साथ हैं। सूत्रों का कहना है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है। इस कारण उन्हें गिरगांव के एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भट्ट ने पिछले साल जून में अपना 93वां जन्मदिन मनाया था। अपने इस खास दिन पर पिछले साल भट्ट परिवार ने एक शानदार पार्टी का आयोजन किया था। इस दौरान भट्ट परिवार शामिल हुआ था।
बता दें, आलिया भट्ट इस समय वाराणसी घाट पर ब्रह्मास्त्र की शूटिंग कर रहे हैं। वहां पर उनके साथ शूटिंग में रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) भी व्यक्त है। लेकिन मिली जानकारी के अनुसार, अभिनेत्री लगातार नाना के स्वास्थ्य संबंधी अपडेट के लिए लगातार परिवार के संपर्क में हैं।
| मुंबईः आलिया भट्ट के नाना और वास्तुकार नरेंद्र नाथ राजदान की सेहत इस समय भट्ट परिवार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। बीमार पड़ने के बाद नरेंद्र नाथ राजदान कोअस्पताल ले जाया गयान है। उन्हें अस्पताल में भर्ती किए हुए पांच दिन हो चुके हैं। फिलहाल उनकी बेटी सोनी राजदान और पोती शाहीन अस्पताल में उनके साथ हैं। सूत्रों का कहना है कि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो गई है। इस कारण उन्हें गिरगांव के एच. एन. रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भट्ट ने पिछले साल जून में अपना तिरानवेवां जन्मदिन मनाया था। अपने इस खास दिन पर पिछले साल भट्ट परिवार ने एक शानदार पार्टी का आयोजन किया था। इस दौरान भट्ट परिवार शामिल हुआ था। बता दें, आलिया भट्ट इस समय वाराणसी घाट पर ब्रह्मास्त्र की शूटिंग कर रहे हैं। वहां पर उनके साथ शूटिंग में रणबीर कपूर भी व्यक्त है। लेकिन मिली जानकारी के अनुसार, अभिनेत्री लगातार नाना के स्वास्थ्य संबंधी अपडेट के लिए लगातार परिवार के संपर्क में हैं। |
सुबह हम 7:00 मदुरै जंक्शन रेलवे स्टेशन उतरे मदुरै जंक्शन दक्षिण रेलवे का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है।यह मदुरै शहर में स्थित है। मेरे प्रोग्राम के अनुसार हमें आज मदुरै का मीनाक्षी अम्मन मंदिर के दर्शन और आसपास की जगह देखनी है। और अगले दिन रामेश्वर में रामेश्वर मंदिर के दर्शन और आसपास की जगह देखनी थी स्टेशन से बाहर निकलते ही। हमें ट्रैवल्स वालो ने देर लिया है सब से पीछा छुड़ाते हुऐ हम बहार निकले बहार रस्ते में एक बन्दा बोला क्या आपको रात्रि विश्राम के लिए कमरा चाहिए मैंने पूछा आप कौन उस दिन व्यक्ति ने बताया मैं रेलवे स्टेशन से बाहर से आने वाले लोगों को कमरे दिलाने का काम करता हूँ। जिसे मुझे प्रति कमरा कमीशन मिल जाता है। वैसे मैं जीप भी बुकिंग का काम करता हूँ। आपको क्या चाहिए हमें तो कमरा चाहिए वो भी आज के लिए। रात को रामेश्वर के लिये निकलना है उसने बताया जब आपके पास दो दिन का समय है तो आप आज कोडैकानल देखा लो रात को मीनाक्षी मंदिर देखा लेना। सुबह यहां से बस जाती है जो लोगों को रामेश्वर के दर्शन करा के वापस मदुरै ले आती है। मैंने पूछा ये कोडैकानल क्या है उसने बताया कोडैकानल दक्षिण भारत एक खुबसूरत हिल स्टेशन है जहां काफी सैलानियों का तांता लगा रहता है उसका दिया सुझाव मुझे अच्छा लगा सबको वहीं रुकने के लिए बोल कर हम चल दिए उसके ट्रेवल्स वाले के पास आज के लिए जीप बुकिंग कर ली अगले दिन के लिए बस में दस सीट बुक कर ली रामेश्वर जाने के लिए ट्रेवल्स वाले ने बोला 9:30 पर जीप आ जायेगी हमने तीन कमरे बुक कर लिये एक दिन के लिये। कमरे में समान रखा कर सब नहाने धोने में लग गये। जल्द ही सब तैयार होकर वहां चल दिये जहां जीप आनी थी जीप वाले को फोन किया तो उसने बोला बस बीस मिनट में आ रहा हूं जब तक चाय नाश्ता ही कर लिया जाये जल्द ही जीप आ गई। बस फिर क्या था चल दिये दक्षिण भारत के एक और सुहाने सफर के लिए।
खूबसूरत पहाड़ियों में नगीने सा सजा कोडैकनाल देश का एक मनमोहक हिल स्टेशन है। जैसे कि मैंने बताया खूबसूरत प्राकृतिक छटा के कारण इसे दक्षिण भारत का स्विट्जरलैंड तक कहा जाता है। यहां की सर्द जलवायु देख विश्वास ही नहीं होता कि दक्षिण भारत में भी इतना ठंडा मौसम हो सकता है।चिलचिलाती गर्मी से बचने और सुहावने मौसम का मजा लेने के लिए पूरे साल यहां आने वाले लोगों का तांता लगा रहता है।
मदुरै से कोडैकनाल तक बस या टैक्सी में तीन से चार घंटे लगते हैं। मदुरै से कोडैकानल कि दुरी 120 किलोमीटर है जीप चली जा रही थी रास्ते में होटल पर मसाला डोसा खाया क्योंकि वहां कुछ और मिल ही नहीं था वहां अधिकतर होटलों पर सिर्फ डोसा या वड़ा ही मिलता है जिसे संभार के साथ परोसा जाता है जो दक्षिण भारत का एक प्रसिद्ध व्यंजन है।
कोडैकनाल के प्रमुख स्थलों को देख।
सिल्वर कास्केड फॉल्स झरने पर पहुंच वहां कुछ समय बीतने के बाद हम शाम को 6:15 पर वापस मदुरै आ गये जीप कि वजह से थोड़ी तकलीफ़ हुई क्योंकि बैठाने कि जगह कम थी। सबसे ज्यादा हमें वहां का सर्द मौसम अच्छा लगा।
| सुबह हम सात:शून्य मदुरै जंक्शन रेलवे स्टेशन उतरे मदुरै जंक्शन दक्षिण रेलवे का एक प्रमुख रेलवे स्टेशन है।यह मदुरै शहर में स्थित है। मेरे प्रोग्राम के अनुसार हमें आज मदुरै का मीनाक्षी अम्मन मंदिर के दर्शन और आसपास की जगह देखनी है। और अगले दिन रामेश्वर में रामेश्वर मंदिर के दर्शन और आसपास की जगह देखनी थी स्टेशन से बाहर निकलते ही। हमें ट्रैवल्स वालो ने देर लिया है सब से पीछा छुड़ाते हुऐ हम बहार निकले बहार रस्ते में एक बन्दा बोला क्या आपको रात्रि विश्राम के लिए कमरा चाहिए मैंने पूछा आप कौन उस दिन व्यक्ति ने बताया मैं रेलवे स्टेशन से बाहर से आने वाले लोगों को कमरे दिलाने का काम करता हूँ। जिसे मुझे प्रति कमरा कमीशन मिल जाता है। वैसे मैं जीप भी बुकिंग का काम करता हूँ। आपको क्या चाहिए हमें तो कमरा चाहिए वो भी आज के लिए। रात को रामेश्वर के लिये निकलना है उसने बताया जब आपके पास दो दिन का समय है तो आप आज कोडैकानल देखा लो रात को मीनाक्षी मंदिर देखा लेना। सुबह यहां से बस जाती है जो लोगों को रामेश्वर के दर्शन करा के वापस मदुरै ले आती है। मैंने पूछा ये कोडैकानल क्या है उसने बताया कोडैकानल दक्षिण भारत एक खुबसूरत हिल स्टेशन है जहां काफी सैलानियों का तांता लगा रहता है उसका दिया सुझाव मुझे अच्छा लगा सबको वहीं रुकने के लिए बोल कर हम चल दिए उसके ट्रेवल्स वाले के पास आज के लिए जीप बुकिंग कर ली अगले दिन के लिए बस में दस सीट बुक कर ली रामेश्वर जाने के लिए ट्रेवल्स वाले ने बोला नौ:तीस पर जीप आ जायेगी हमने तीन कमरे बुक कर लिये एक दिन के लिये। कमरे में समान रखा कर सब नहाने धोने में लग गये। जल्द ही सब तैयार होकर वहां चल दिये जहां जीप आनी थी जीप वाले को फोन किया तो उसने बोला बस बीस मिनट में आ रहा हूं जब तक चाय नाश्ता ही कर लिया जाये जल्द ही जीप आ गई। बस फिर क्या था चल दिये दक्षिण भारत के एक और सुहाने सफर के लिए। खूबसूरत पहाड़ियों में नगीने सा सजा कोडैकनाल देश का एक मनमोहक हिल स्टेशन है। जैसे कि मैंने बताया खूबसूरत प्राकृतिक छटा के कारण इसे दक्षिण भारत का स्विट्जरलैंड तक कहा जाता है। यहां की सर्द जलवायु देख विश्वास ही नहीं होता कि दक्षिण भारत में भी इतना ठंडा मौसम हो सकता है।चिलचिलाती गर्मी से बचने और सुहावने मौसम का मजा लेने के लिए पूरे साल यहां आने वाले लोगों का तांता लगा रहता है। मदुरै से कोडैकनाल तक बस या टैक्सी में तीन से चार घंटे लगते हैं। मदुरै से कोडैकानल कि दुरी एक सौ बीस किलोग्राममीटर है जीप चली जा रही थी रास्ते में होटल पर मसाला डोसा खाया क्योंकि वहां कुछ और मिल ही नहीं था वहां अधिकतर होटलों पर सिर्फ डोसा या वड़ा ही मिलता है जिसे संभार के साथ परोसा जाता है जो दक्षिण भारत का एक प्रसिद्ध व्यंजन है। कोडैकनाल के प्रमुख स्थलों को देख। सिल्वर कास्केड फॉल्स झरने पर पहुंच वहां कुछ समय बीतने के बाद हम शाम को छः:पंद्रह पर वापस मदुरै आ गये जीप कि वजह से थोड़ी तकलीफ़ हुई क्योंकि बैठाने कि जगह कम थी। सबसे ज्यादा हमें वहां का सर्द मौसम अच्छा लगा। |
बॉलीवुडः 'बिग बॉस 14' कंटेस्टेंट कश्मीरा शाह लगातार सोशल मीडिया पर खुद की हॉट फोटोज पोस्ट कर रही हैं। जबसे उन्होंने वजन घटाया है, वह बिकिनी फोटोशूट करा रही हैं। फैन्स संग इन फोटोज को शेयर कर रही हैं। 49 साल की एक्ट्रेस पर फैन्स फिदा हो रहे हैं। ननद आरती सिंह भी उनके लुक की दीवानी हो रही हैं। कश्मीरा शाह ने खुद की पिंक बिकिनी में एक फोटो पोस्ट की है, जिसके साथ वह हेल्दी लाइफस्टाइल और नए साल 2021 में प्रवेश करने की बात कर रही हैं। कश्मीरा शाह ने ब्लू सैटिन शर्ट के साथ अंदर पिंक बिकिनी पहनी हुई है। वह शर्ट के सभी बटन खोलकर बेड पर बैठी पोज देती नजर आ रही हैं। कश्मीरा लिखती हैं, "साल के आखिरी हफ्ते में नया लुक रिवील कर रही हूं। उम्मीद करती हूं कि नया साल 2021 सभी के लिए अच्छा रहे। सभी को हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए प्रेरित करती हूं। प्यार हमेशा।" इसके साथ ही कश्मीरा शाह ने पति कृष्णा अभिषेक को भी टैग किया है।
ननद आरती सिंह ने भी कश्मीरा शाह की फोटो पर कॉमेंट करते हुए "हॉटनेस" लिखा है। इसके अलावा उन्होंने हार्ट इमोजी भी बनाई है। कश्मीरा शाह कुछ समय से लोगों को फिट रहने की प्रेरणा देती आ रही हैं। हाल ही में कश्मीरा 'बिग बॉस 14' में एक चैलेंजर के रूप में नजर आई थीं, जिन्होंने पुराने कंटेस्टेंट्स को टक्कर दी थी। कश्मीरा शाह का कहना था कि उनका एविक्शन गलत रहा, क्योंकि अभिनव शुक्ला उनकी जगह एविक्ट होना डिजर्व करते थे।
| बॉलीवुडः 'बिग बॉस चौदह' कंटेस्टेंट कश्मीरा शाह लगातार सोशल मीडिया पर खुद की हॉट फोटोज पोस्ट कर रही हैं। जबसे उन्होंने वजन घटाया है, वह बिकिनी फोटोशूट करा रही हैं। फैन्स संग इन फोटोज को शेयर कर रही हैं। उनचास साल की एक्ट्रेस पर फैन्स फिदा हो रहे हैं। ननद आरती सिंह भी उनके लुक की दीवानी हो रही हैं। कश्मीरा शाह ने खुद की पिंक बिकिनी में एक फोटो पोस्ट की है, जिसके साथ वह हेल्दी लाइफस्टाइल और नए साल दो हज़ार इक्कीस में प्रवेश करने की बात कर रही हैं। कश्मीरा शाह ने ब्लू सैटिन शर्ट के साथ अंदर पिंक बिकिनी पहनी हुई है। वह शर्ट के सभी बटन खोलकर बेड पर बैठी पोज देती नजर आ रही हैं। कश्मीरा लिखती हैं, "साल के आखिरी हफ्ते में नया लुक रिवील कर रही हूं। उम्मीद करती हूं कि नया साल दो हज़ार इक्कीस सभी के लिए अच्छा रहे। सभी को हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए प्रेरित करती हूं। प्यार हमेशा।" इसके साथ ही कश्मीरा शाह ने पति कृष्णा अभिषेक को भी टैग किया है। ननद आरती सिंह ने भी कश्मीरा शाह की फोटो पर कॉमेंट करते हुए "हॉटनेस" लिखा है। इसके अलावा उन्होंने हार्ट इमोजी भी बनाई है। कश्मीरा शाह कुछ समय से लोगों को फिट रहने की प्रेरणा देती आ रही हैं। हाल ही में कश्मीरा 'बिग बॉस चौदह' में एक चैलेंजर के रूप में नजर आई थीं, जिन्होंने पुराने कंटेस्टेंट्स को टक्कर दी थी। कश्मीरा शाह का कहना था कि उनका एविक्शन गलत रहा, क्योंकि अभिनव शुक्ला उनकी जगह एविक्ट होना डिजर्व करते थे। |
राज्य अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि राज्य के अध्यापकों की मांग है कि 'एक विभाग एक कैडर' दिया जाए। अध्यापकों का आरोप है कि अध्यापक संवर्ग को स्कूल शिक्षा विभाग के समान सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता पदनाम वेतन सहित समस्त सुविधाएं दिए जाने की मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी, इसके विपरीत प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षक बनाए जाने के कैबिनेट निर्णय में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सुविधाओं का जिक्र ही नहीं है।
लिहाजा अध्यापकों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन का रास्ता चुना है। रविवार को अध्यापकों ने विधानसभा के घेराव का प्रयास किया, मगर उन्हें रास्ते में रोक दिया गया।
| राज्य अध्यापक संघ के प्रांताध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि राज्य के अध्यापकों की मांग है कि 'एक विभाग एक कैडर' दिया जाए। अध्यापकों का आरोप है कि अध्यापक संवर्ग को स्कूल शिक्षा विभाग के समान सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता पदनाम वेतन सहित समस्त सुविधाएं दिए जाने की मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी, इसके विपरीत प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक और उच्च माध्यमिक शिक्षक बनाए जाने के कैबिनेट निर्णय में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित सुविधाओं का जिक्र ही नहीं है। लिहाजा अध्यापकों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए आंदोलन का रास्ता चुना है। रविवार को अध्यापकों ने विधानसभा के घेराव का प्रयास किया, मगर उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। |
बीजिंग। चीन में एक बोइंग 737 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उड़ान के दौरान विमान में आग लगने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। विमान में 133 लोग सवार थे। चीनी मीडिया ने घटना की पुष्टि की है।
चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस का एक विमान दक्षिण चीन में कुनमिंग से ग्वांगझू जा रहा था, जिसमें 133 यात्री सवार थे। गुआंग्शी क्षेत्र के पास यह विमान दुर्घटना का शिकार हो गया। पहाड़ों के बीच उड़ान के दौरान विमान में अचानक आग लग गयी। घटना के बाद विमान में सवार सभी 133 यात्रियों के परिजनों में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल दुर्घटना के दौरान मरने वालों के बारे में अबतक कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिल सकी है।
चीन के सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी के मुताबिक देश के दक्षिणी पश्चिमी हिस्से में हुये हादसे में विमान में सवार 133 लोगों में से हताहतों की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। यह बोइंग 737 विमान गुआंग्शी क्षेत्र के वूझोउ शहर के पास ग्रामीण इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होते ही पहाड़ों के बीच आग का बड़ा गुबार देखा गया।
चीनी मीडिया चैनल के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक बचाव दल को मौके पर भेजा गया है। इस घटना के बाद पहाड़ों के बीच जंगलों में आग लगने की जानकारी भी आई है। बताया गया है कि हवाई जहाज में सवार 133 यात्रियों व चालक दल के सदस्यों के परिजनों में भी हड़कंप मचा है। चीन सरकार की ओर से सही जानकारी जुटाने और बचाव कार्य तेज करने के प्रयास हो रहे हैं।
| बीजिंग। चीन में एक बोइंग सात सौ सैंतीस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उड़ान के दौरान विमान में आग लगने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। विमान में एक सौ तैंतीस लोग सवार थे। चीनी मीडिया ने घटना की पुष्टि की है। चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस का एक विमान दक्षिण चीन में कुनमिंग से ग्वांगझू जा रहा था, जिसमें एक सौ तैंतीस यात्री सवार थे। गुआंग्शी क्षेत्र के पास यह विमान दुर्घटना का शिकार हो गया। पहाड़ों के बीच उड़ान के दौरान विमान में अचानक आग लग गयी। घटना के बाद विमान में सवार सभी एक सौ तैंतीस यात्रियों के परिजनों में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल दुर्घटना के दौरान मरने वालों के बारे में अबतक कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिल सकी है। चीन के सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी के मुताबिक देश के दक्षिणी पश्चिमी हिस्से में हुये हादसे में विमान में सवार एक सौ तैंतीस लोगों में से हताहतों की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। यह बोइंग सात सौ सैंतीस विमान गुआंग्शी क्षेत्र के वूझोउ शहर के पास ग्रामीण इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होते ही पहाड़ों के बीच आग का बड़ा गुबार देखा गया। चीनी मीडिया चैनल के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक बचाव दल को मौके पर भेजा गया है। इस घटना के बाद पहाड़ों के बीच जंगलों में आग लगने की जानकारी भी आई है। बताया गया है कि हवाई जहाज में सवार एक सौ तैंतीस यात्रियों व चालक दल के सदस्यों के परिजनों में भी हड़कंप मचा है। चीन सरकार की ओर से सही जानकारी जुटाने और बचाव कार्य तेज करने के प्रयास हो रहे हैं। |
अनंग दिवाकर वाटिका
यह वह औरधि है जिससे स्वॅन दोष की होना, वीर्य को पानी के समान पतला होना, पेशाव व दस्त के समय वीर्य का निकलना, सम्भोग को इच्छा न होना, या होते ही तत्काल वीर्य का निकल जाना, इन्द्रियों का शिथिल पजोना किसी काम में चित न लगना, आंखों के सामने अंधेरा जान पड़ना कमर का दर्द, सिर वा दर्द, साध्य प्रमेह धातु क्षीण, सुस्ती श्रादि रोग नष्ट हो कर शरीर हृष्ठ दुष्ठ वलवान हो जाता है। इस "अनंग दिवाकर वटा को लेन करने वाला सदैव काम सुन्दरियों को अपने वश में रखता हुआ निर्भय निर्द्वन्द आनन्द करता है। ये "अनंग दिवाकर " कामी पुरुषों का परम मित्र, देही का और पुरुष का स्त्रों के सामने मान रखने वाला नामर्द को मर्द बनाने वाला बुढ़ापे में भी जवानी का मजा चखाने वाला, इन्द्रियों की टूटी व ढोती नसों को लत करने वाला, विलासी पुरुषों से परम प्रिय और युवा पुरुषों को इच्छा पूर्ण करने वाला है। यदि बार सुन्दरियों से स्नेह का संग्राम करते हार जाते हो तो मंग दिवाकर टिका को मंगाकर सेवन कीजिये और फिर अपनी प्यारियों स्नेह का संग्राम की मारे संग्रामी स्नेह के सभड़ों से सुन्दरिये परास्त हो घर आपको सब दिन याद करती रहेंगी अगर ऐसा न होतो दॉम वापिस देंगे लीजिये मंगाइये परीक्षा कीजिये। तीन महोने की खुराक दाम सिर्फ ६) एक महीने की खुराक का दाम केवल २॥) डाक व्ययपृथक
स्त्री प्रसंग करते समय सिर्फ १ गोली "रति-संग्राम घटिका की ज
तक सेवन विधि अनुसार मुख में धारण करे रहेगे तब तक धीर्यं पात नहीं. शेगा। अधिक कहने की बात नहीं है भंगाकर परीक्षा कर देखिये दाम केवल ७) ० ३कि व्यय प्रधकपताः -भारत सेवक कार्यालय, पो० बनखेडी G.I.P. | अनंग दिवाकर वाटिका यह वह औरधि है जिससे स्वॅन दोष की होना, वीर्य को पानी के समान पतला होना, पेशाव व दस्त के समय वीर्य का निकलना, सम्भोग को इच्छा न होना, या होते ही तत्काल वीर्य का निकल जाना, इन्द्रियों का शिथिल पजोना किसी काम में चित न लगना, आंखों के सामने अंधेरा जान पड़ना कमर का दर्द, सिर वा दर्द, साध्य प्रमेह धातु क्षीण, सुस्ती श्रादि रोग नष्ट हो कर शरीर हृष्ठ दुष्ठ वलवान हो जाता है। इस "अनंग दिवाकर वटा को लेन करने वाला सदैव काम सुन्दरियों को अपने वश में रखता हुआ निर्भय निर्द्वन्द आनन्द करता है। ये "अनंग दिवाकर " कामी पुरुषों का परम मित्र, देही का और पुरुष का स्त्रों के सामने मान रखने वाला नामर्द को मर्द बनाने वाला बुढ़ापे में भी जवानी का मजा चखाने वाला, इन्द्रियों की टूटी व ढोती नसों को लत करने वाला, विलासी पुरुषों से परम प्रिय और युवा पुरुषों को इच्छा पूर्ण करने वाला है। यदि बार सुन्दरियों से स्नेह का संग्राम करते हार जाते हो तो मंग दिवाकर टिका को मंगाकर सेवन कीजिये और फिर अपनी प्यारियों स्नेह का संग्राम की मारे संग्रामी स्नेह के सभड़ों से सुन्दरिये परास्त हो घर आपको सब दिन याद करती रहेंगी अगर ऐसा न होतो दॉम वापिस देंगे लीजिये मंगाइये परीक्षा कीजिये। तीन महोने की खुराक दाम सिर्फ छः) एक महीने की खुराक का दाम केवल दो॥) डाक व्ययपृथक स्त्री प्रसंग करते समय सिर्फ एक गोली "रति-संग्राम घटिका की ज तक सेवन विधि अनुसार मुख में धारण करे रहेगे तब तक धीर्यं पात नहीं. शेगा। अधिक कहने की बात नहीं है भंगाकर परीक्षा कर देखिये दाम केवल सात) शून्य तीनकि व्यय प्रधकपताः -भारत सेवक कार्यालय, पोशून्य बनखेडी G.I.P. |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
50 लाख की कीमत के समुद्री सीप की तस्करी करने वाले इंटरनेशनल तस्कर हुआ गिरफ्तार !
पुलिस को खुली चुनौतीः चुनाव के तुरंत बाद भाजपा पूर्व प्रधान की अमेठी में गोली मार कर हत्या !
"सारेगामापा लिटिल चैंप्स" का प्रमोशन करने राजधानी में शिरक़त की सिंगर शान और ऋचा शर्मा ने !
बेख़ौफ़ बदमाश : युवक की सर कटी लाश मिलने से इलाके में फैली सनसनी !
माता बनी कुमाता : अपने नवजात बच्चे को शौचालय में छोड़ भागी महिला, शिशु की हुई मौत !
| पचास लाख की कीमत के समुद्री सीप की तस्करी करने वाले इंटरनेशनल तस्कर हुआ गिरफ्तार ! पुलिस को खुली चुनौतीः चुनाव के तुरंत बाद भाजपा पूर्व प्रधान की अमेठी में गोली मार कर हत्या ! "सारेगामापा लिटिल चैंप्स" का प्रमोशन करने राजधानी में शिरक़त की सिंगर शान और ऋचा शर्मा ने ! बेख़ौफ़ बदमाश : युवक की सर कटी लाश मिलने से इलाके में फैली सनसनी ! माता बनी कुमाता : अपने नवजात बच्चे को शौचालय में छोड़ भागी महिला, शिशु की हुई मौत ! |
इंडिया न्यूज़ (दिल्ली) : पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच एक अलग तरह का टकराव देखने को मिल रहा है। कर्नाटक में स्थानीय लोग महाराष्ट्र के नंबर प्लेट वाले ट्रकों पर देखते ही हमला कर दे रहे हैं। लोग सड़क पर महाराष्ट्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पूरे टकराव का मुख्य कारण दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद है। जिसके चलते अब महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी घटनाओं की आलोचना की है। वहीँ हिंसक प्रदर्शन करने वाले लोगों पर कर्नाटक पुलिस ने कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के नंबर प्लेट देखकर उन पर हमला करने वाले लोग कन्नड़ ग्रुप कर्नाटक रक्षण वेदिके के हैं। इस समूह के लोग महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम से नाराज हैं। जिसके चलते अब उनका प्रदर्शन काफी उग्र हो गया है और विवादित क्षेत्र बेलगावी के ही बागेवाड़ी में हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने एक्शन लिया है लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं से वैमनस्य पैदा हो रहा है।
सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि बेलगावी विवाद को लेकर महाराष्ट्र के ही दो मंत्री बेलगावी के 850 गावों से बातचीत के लिए जाने वाले थे। अब इन दोनों ही मंत्रियों ने अपने दौरे को कैंसिल कर दिया है। महाराष्ट्र के एक मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया है कि उनके मंत्रियों के दौरों की जानकारी कर्नाटक सरकार को दी गई थी। कर्नाटक सरकार ने कहा था कि उनके मंत्रियों के आने से आपकी राज्य की कानून व्यवस्था खराब हो सकती है लेकिन दौरे को रद्द नहीं किया जा सकता है।
जानकारी के मुताबिक,मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सरकार के दो मंत्री चंद्रकांत पाटिल और शंभूराज देसाई बेलगावी जाने वाले थे। देसाई ने इस दौरे को लेकर बताया है कि अब इसकी नई तारीख जल्द बताई जाएगी। ज्ञात हो, बेलगावी में ये दोनों मंत्री जाकर वहां के 850 गावों के मराठी भाषी गांवों के लोगों से बातचीत करेंगे, इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने बेलगावी के लिए एक खास पैकेज का ऐलान किया था।
जानकारी दें, महाराष्ट्र सरकार ने सीमा विवाद के निपटारे के लिए एक समन्वय समिति बनाई थी, इसमें दोनों दौरे पर जाने वाले मंत्री शामिल हैं। महाराष्ट्र का दावा है कि मराठी भाषी क्षेत्र होने के नाते बेलगावी उसके अंतर्गत आना चाहिए जबकि कर्नाटक इसे अपना बताता है। दोनों राज्यों की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक जा चुकी है और मामला वहां लंबित है।
| इंडिया न्यूज़ : पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच एक अलग तरह का टकराव देखने को मिल रहा है। कर्नाटक में स्थानीय लोग महाराष्ट्र के नंबर प्लेट वाले ट्रकों पर देखते ही हमला कर दे रहे हैं। लोग सड़क पर महाराष्ट्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस पूरे टकराव का मुख्य कारण दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद है। जिसके चलते अब महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी घटनाओं की आलोचना की है। वहीँ हिंसक प्रदर्शन करने वाले लोगों पर कर्नाटक पुलिस ने कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के नंबर प्लेट देखकर उन पर हमला करने वाले लोग कन्नड़ ग्रुप कर्नाटक रक्षण वेदिके के हैं। इस समूह के लोग महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम से नाराज हैं। जिसके चलते अब उनका प्रदर्शन काफी उग्र हो गया है और विवादित क्षेत्र बेलगावी के ही बागेवाड़ी में हुई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने एक्शन लिया है लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं से वैमनस्य पैदा हो रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि बेलगावी विवाद को लेकर महाराष्ट्र के ही दो मंत्री बेलगावी के आठ सौ पचास गावों से बातचीत के लिए जाने वाले थे। अब इन दोनों ही मंत्रियों ने अपने दौरे को कैंसिल कर दिया है। महाराष्ट्र के एक मंत्री शंभूराज देसाई ने बताया है कि उनके मंत्रियों के दौरों की जानकारी कर्नाटक सरकार को दी गई थी। कर्नाटक सरकार ने कहा था कि उनके मंत्रियों के आने से आपकी राज्य की कानून व्यवस्था खराब हो सकती है लेकिन दौरे को रद्द नहीं किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक,मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सरकार के दो मंत्री चंद्रकांत पाटिल और शंभूराज देसाई बेलगावी जाने वाले थे। देसाई ने इस दौरे को लेकर बताया है कि अब इसकी नई तारीख जल्द बताई जाएगी। ज्ञात हो, बेलगावी में ये दोनों मंत्री जाकर वहां के आठ सौ पचास गावों के मराठी भाषी गांवों के लोगों से बातचीत करेंगे, इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने बेलगावी के लिए एक खास पैकेज का ऐलान किया था। जानकारी दें, महाराष्ट्र सरकार ने सीमा विवाद के निपटारे के लिए एक समन्वय समिति बनाई थी, इसमें दोनों दौरे पर जाने वाले मंत्री शामिल हैं। महाराष्ट्र का दावा है कि मराठी भाषी क्षेत्र होने के नाते बेलगावी उसके अंतर्गत आना चाहिए जबकि कर्नाटक इसे अपना बताता है। दोनों राज्यों की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक जा चुकी है और मामला वहां लंबित है। |
कोरोना वायरस महामारी की कठिन परिस्थिति में कई मशहूर हस्तियों मदद के लिए हाथ आगे बढ़ा रही हैं। सभी अपने-अपने स्तर पर आमजन की मदद कर रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में कोई पैसों का योगदान दे रहा तो कोई खाना बांटने के लिए आगे आ रहा है। कुछ ही दिनों पहले वरुण धवन ने प्रधानमंत्री मोदी रिलीफ फंड में 30 और महाराष्ट्र सीएम रिलीफ फंड में 25 लाख रुपये की मदद दी है। वहीं, अब उन्होंने घोषणा की है कि टाटा ट्रस्ट के साथ मिलकर वो गरीबों के साथ साथ कोरोना वायरस से लड़ रहे डॉक्टरों और मेडिकल स्टॉफ को भी खाना उपलब्ध कराएंगे।
वरुण ने एक ऑफिशियल लेटर के जरिए घोषणा करते हुए कहा कि- लॉकडाउन के दौरान घर में रहते हुए हर एक दिन गुजरने के साथ मेरे मन में उनके लिए सहानुभूति होती है जो इस संकट के समय अपने घर से दूर हैं और जिनके पास कोई जॉब नहीं है. . ऐसे लोगों के लिए मैं फ्री भोजन उपलब्ध कराने का निश्चय करता हूं।
साथ ही कईयों ने अपने होटल, ऑफिस को डॉक्टरों, नर्सों और बाकी लोगों के लिए क्वारंटीन सेंटर्स में तब्दील कर दिया है। अब लिस्ट में बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन का भी नाम शामिल हो गया है। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में 55 लाख रुपये का योगदान देने के बाद वरुण धवन ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा है कि वह जॉबलेस और घर से दूर रहे लोगों के साथ कोरोना वायरस से लड़ रहे उन सभी डाक्टर्स, नर्स और सभी मेडिकल स्टॉफ को भोजन मुहैया कराएंगे।
| कोरोना वायरस महामारी की कठिन परिस्थिति में कई मशहूर हस्तियों मदद के लिए हाथ आगे बढ़ा रही हैं। सभी अपने-अपने स्तर पर आमजन की मदद कर रहे हैं। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई में कोई पैसों का योगदान दे रहा तो कोई खाना बांटने के लिए आगे आ रहा है। कुछ ही दिनों पहले वरुण धवन ने प्रधानमंत्री मोदी रिलीफ फंड में तीस और महाराष्ट्र सीएम रिलीफ फंड में पच्चीस लाख रुपये की मदद दी है। वहीं, अब उन्होंने घोषणा की है कि टाटा ट्रस्ट के साथ मिलकर वो गरीबों के साथ साथ कोरोना वायरस से लड़ रहे डॉक्टरों और मेडिकल स्टॉफ को भी खाना उपलब्ध कराएंगे। वरुण ने एक ऑफिशियल लेटर के जरिए घोषणा करते हुए कहा कि- लॉकडाउन के दौरान घर में रहते हुए हर एक दिन गुजरने के साथ मेरे मन में उनके लिए सहानुभूति होती है जो इस संकट के समय अपने घर से दूर हैं और जिनके पास कोई जॉब नहीं है. . ऐसे लोगों के लिए मैं फ्री भोजन उपलब्ध कराने का निश्चय करता हूं। साथ ही कईयों ने अपने होटल, ऑफिस को डॉक्टरों, नर्सों और बाकी लोगों के लिए क्वारंटीन सेंटर्स में तब्दील कर दिया है। अब लिस्ट में बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन का भी नाम शामिल हो गया है। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में पचपन लाख रुपये का योगदान देने के बाद वरुण धवन ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा है कि वह जॉबलेस और घर से दूर रहे लोगों के साथ कोरोना वायरस से लड़ रहे उन सभी डाक्टर्स, नर्स और सभी मेडिकल स्टॉफ को भोजन मुहैया कराएंगे। |
नई दिल्लीः सोशल मीडिया (Social Media) कंपनी फेसबुक के बाद अब अमेरिका की अग्रणी निवेश कंपनी जनरल अटलांटिक (General Atlantic) ने भी अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स में अल्पांश हिस्सेदारी के लिए करीब छह हजार छह सौ करोड़ रुपये का निवेश किया है. रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने रविवार को एक बयान में बताया कि जनरल अटलांटिक ने उसकी डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स में 1. 34 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 6,598. 38 करोड़ रुपये का निवेश किया है.
जनरल अटलांटिक का जियो प्लेटफॉर्म्स में 6,598 करोड़ रुपये का निवेशः
रिपोर्ट के अनुसार यह निवेश जियो प्लेटफॉर्म्स की इक्विटी वैल्यू 4. 91 लाख करोड़ रुपये और एंटरप्राइज वैल्यू 5. 16 लाख करोड़ के बराबर है. इससे पहले जनरल अटलांटिक उबर टेक्नोलॉजी में भी निवेश किया है.
| नई दिल्लीः सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक के बाद अब अमेरिका की अग्रणी निवेश कंपनी जनरल अटलांटिक ने भी अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स में अल्पांश हिस्सेदारी के लिए करीब छह हजार छह सौ करोड़ रुपये का निवेश किया है. रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रविवार को एक बयान में बताया कि जनरल अटलांटिक ने उसकी डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स में एक. चौंतीस प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले छः,पाँच सौ अट्ठानवे. अड़तीस करोड़ रुपये का निवेश किया है. जनरल अटलांटिक का जियो प्लेटफॉर्म्स में छः,पाँच सौ अट्ठानवे करोड़ रुपये का निवेशः रिपोर्ट के अनुसार यह निवेश जियो प्लेटफॉर्म्स की इक्विटी वैल्यू चार. इक्यानवे लाख करोड़ रुपये और एंटरप्राइज वैल्यू पाँच. सोलह लाख करोड़ के बराबर है. इससे पहले जनरल अटलांटिक उबर टेक्नोलॉजी में भी निवेश किया है. |
कहीं तूफानी बारिश का असर, कहीं जानलेवा गर्मी तो कहीं सैलाब का संकट. उत्तर से दक्षिण तक और पश्चिम से पूरब, मौसम की मार से लोग बेहाल है. राजस्थान और गुजरात में लोग तूफान के बाद की बर्बादी झेल रहे हैं तो बिहार और यूपी में गर्मी जानलेवा बन गई है. वहीं उत्तर पूर्व इलाके में बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से हजारों की आबादी प्रभावित है.
| कहीं तूफानी बारिश का असर, कहीं जानलेवा गर्मी तो कहीं सैलाब का संकट. उत्तर से दक्षिण तक और पश्चिम से पूरब, मौसम की मार से लोग बेहाल है. राजस्थान और गुजरात में लोग तूफान के बाद की बर्बादी झेल रहे हैं तो बिहार और यूपी में गर्मी जानलेवा बन गई है. वहीं उत्तर पूर्व इलाके में बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से हजारों की आबादी प्रभावित है. |
आईसीसी ने बांग्लादेश के मुख्य चयनकर्ता मिन्हाजुल अबेदीन के हवाले से लिखा है, "मुस्ताफिजुर को खराब फार्म के कारण टेस्ट टीम से हटा दिया गया है। "
इस मैच के लिए ओपनर इमरुल कायेस, शादमान इस्लाम और स्पिनर मेहेदी हसन को भी टीम में शामिल नहीं किया गया है। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान जाने से इंकार कर दिया था।
तमीम इकबाल की हालांकि टीम में वापसी हुई है। वह बच्चे के जन्म के कारण भारत के साथ हुई टेस्ट सीरीाज में नहीं खेल सके थे। बीसीबी ने इस मैच के लिए नजमुल हुसैन और सौम्य सरकार को भी वापस बुलाया है।
बांग्लादेश टीम चार फरवरी को रावलपिंडी के लिए रवाना होगी।
| आईसीसी ने बांग्लादेश के मुख्य चयनकर्ता मिन्हाजुल अबेदीन के हवाले से लिखा है, "मुस्ताफिजुर को खराब फार्म के कारण टेस्ट टीम से हटा दिया गया है। " इस मैच के लिए ओपनर इमरुल कायेस, शादमान इस्लाम और स्पिनर मेहेदी हसन को भी टीम में शामिल नहीं किया गया है। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान जाने से इंकार कर दिया था। तमीम इकबाल की हालांकि टीम में वापसी हुई है। वह बच्चे के जन्म के कारण भारत के साथ हुई टेस्ट सीरीाज में नहीं खेल सके थे। बीसीबी ने इस मैच के लिए नजमुल हुसैन और सौम्य सरकार को भी वापस बुलाया है। बांग्लादेश टीम चार फरवरी को रावलपिंडी के लिए रवाना होगी। |
Conversion On Gaming App: अमेरिका का एक फेमस गेमिंग एप है, 'फोर्ट नाइट' जिसपर तमाम हिंदू बच्चे गेमिंग करते हैं। इसी गेमिंग एप पर धर्मांतरण कराने वाला ये गिरोह उन्हें जाल में फंसाकर तीन प्रक्रिया में इस्लाम के लिए आकर्षित करता है। पहले चरण में एप पर गेम जीतने के लिए कुरान की आयत पढ़ने के उकसाते हैं, जो किशोर आयत पढ़ने के बाद गेम में जीत जाता है, उसे इस्लाम के प्रति विश्वास करने के लिए प्रेरित करते हैं।
गौरतलब है कि मस्जिद की दीवारों पर एक प्लेट चस्पा दी गई थी। जिसमें लिखा हुआ था कि, "जामा मस्जिद में लड़की या लड़कियों का अकेले दाखिला मना है। " मस्जिद प्रशासन के इस फैसले की चौतरफा आलोचना भी हुई। हिंदू सगंठनों ने भी जामा मस्जिद के इस फैसले की घोर निंदा की थी।
Former Vice President Hamid Ansari: अग्रवाल ने आगे कहा, 'जब सम्मेलन आयोजित हो रहा था तो अंसारी को उसमें भाग लेने के लिए हामिद अंसारी को भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में निमंत्रण भेजा गया। उस समय अशोक दीवान, जो उपराष्ट्रपति के सचिवालय के निदेशक के रूप में कार्यरत थे, ने इसकी जानकारी मुझे दी थी कि उपराष्ट्रपति ये चाहते हैं कि पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्जा को सम्मेलन में बुलाया जाए।
Delhi: इसी बीच राजधानी दिल्ली (Delhi) के जामा मस्जिद (Jama Masjid) में जुमे की नमाज के बाद मस्जिद के अंदर कुछ लोगों ने हंगामा करने का प्रयास किया और नारेबाजी करने की भी कोशिश की।
उन्होंने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि ऐसा लग रहा है जैसे इस्लामी गुलामी इस देश में भी आ गई है। सब इसे स्वीकार भले कर लें, लेकिन मैं ये स्वीकार नहीं कर सकता। मैं जामा मस्जिद जाकर लोगों को उनकी ही किताब में लिखी बातों के बारे में जानकारी देना चाहता हूं। बता दें कि इससे पहले हरिद्वार में हेट स्पीच देने के आरोप में यति नरसिंहानंद को काफी वक्त जेल में भी रहना पड़ा था।
Jahangirpuri: बता दें कि जहांगीरपुरी में 16 अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर निकली शोभायात्रा पर पथराव किया गया था। जिसके बाद हिंसा भड़की थी और आगजनी के अलावा तोड़फोड़ भी हुई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी और आम आदमी पार्टी AAP से जुड़े कबाड़ी अंसार के अलावा 25 और लोगों को गिरफ्तार किया।
जामा मस्जिद के इमाम ने बताया कि दिल्ली में जिस तेजी से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उन्हें देखते हुए जामा मस्जिद को 30 जून तक बंद रखने का फैसला किया गया है।
जमीयत ए उलेमा हिंद के मुखिया मौलाना अरशद मदनी ने भी अपील की है कि कोरोना की महामारी को देखते हुए मुसलमानों को मस्जिद की बजाय अपने घरों में नमाज अदा करनी चाहिए।
| Conversion On Gaming App: अमेरिका का एक फेमस गेमिंग एप है, 'फोर्ट नाइट' जिसपर तमाम हिंदू बच्चे गेमिंग करते हैं। इसी गेमिंग एप पर धर्मांतरण कराने वाला ये गिरोह उन्हें जाल में फंसाकर तीन प्रक्रिया में इस्लाम के लिए आकर्षित करता है। पहले चरण में एप पर गेम जीतने के लिए कुरान की आयत पढ़ने के उकसाते हैं, जो किशोर आयत पढ़ने के बाद गेम में जीत जाता है, उसे इस्लाम के प्रति विश्वास करने के लिए प्रेरित करते हैं। गौरतलब है कि मस्जिद की दीवारों पर एक प्लेट चस्पा दी गई थी। जिसमें लिखा हुआ था कि, "जामा मस्जिद में लड़की या लड़कियों का अकेले दाखिला मना है। " मस्जिद प्रशासन के इस फैसले की चौतरफा आलोचना भी हुई। हिंदू सगंठनों ने भी जामा मस्जिद के इस फैसले की घोर निंदा की थी। Former Vice President Hamid Ansari: अग्रवाल ने आगे कहा, 'जब सम्मेलन आयोजित हो रहा था तो अंसारी को उसमें भाग लेने के लिए हामिद अंसारी को भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में निमंत्रण भेजा गया। उस समय अशोक दीवान, जो उपराष्ट्रपति के सचिवालय के निदेशक के रूप में कार्यरत थे, ने इसकी जानकारी मुझे दी थी कि उपराष्ट्रपति ये चाहते हैं कि पाकिस्तानी पत्रकार नुसरत मिर्जा को सम्मेलन में बुलाया जाए। Delhi: इसी बीच राजधानी दिल्ली के जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद मस्जिद के अंदर कुछ लोगों ने हंगामा करने का प्रयास किया और नारेबाजी करने की भी कोशिश की। उन्होंने कहा कि बड़े शर्म की बात है कि ऐसा लग रहा है जैसे इस्लामी गुलामी इस देश में भी आ गई है। सब इसे स्वीकार भले कर लें, लेकिन मैं ये स्वीकार नहीं कर सकता। मैं जामा मस्जिद जाकर लोगों को उनकी ही किताब में लिखी बातों के बारे में जानकारी देना चाहता हूं। बता दें कि इससे पहले हरिद्वार में हेट स्पीच देने के आरोप में यति नरसिंहानंद को काफी वक्त जेल में भी रहना पड़ा था। Jahangirpuri: बता दें कि जहांगीरपुरी में सोलह अप्रैल को हनुमान जयंती के मौके पर निकली शोभायात्रा पर पथराव किया गया था। जिसके बाद हिंसा भड़की थी और आगजनी के अलावा तोड़फोड़ भी हुई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी और आम आदमी पार्टी AAP से जुड़े कबाड़ी अंसार के अलावा पच्चीस और लोगों को गिरफ्तार किया। जामा मस्जिद के इमाम ने बताया कि दिल्ली में जिस तेजी से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, उन्हें देखते हुए जामा मस्जिद को तीस जून तक बंद रखने का फैसला किया गया है। जमीयत ए उलेमा हिंद के मुखिया मौलाना अरशद मदनी ने भी अपील की है कि कोरोना की महामारी को देखते हुए मुसलमानों को मस्जिद की बजाय अपने घरों में नमाज अदा करनी चाहिए। |
शास्त्रों की बात करें तो 01 अप्रैल सोमवार से ग्रहों का महासंयोग बनने वाला हैं। इस महासंयोग से कुछ राशि के लोगों की किस्मत चमक सकती हैं तथा उन्हें जीवन में कोई बड़ी सफलता मिल सकती हैं। आज इसी संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन राशियों के बारे में जिन राशियों के लोगों को ग्रहों के महासंयोग से उनकी किस्मत चमक सकती हैं तथा उनके जीवन में सुख और समृद्धि आ सकती हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से।
मेष और मिथुन राशि, शास्त्रों के अनुसार 01 अप्रैल सोमवार से बनने वाला ग्रहों का महासंयोग मेष और मिथुन राशि के लोगों के लिए शुभ रहेगा। इस महासंयोग से इनकी किस्मत चमक सकती हैं और इनके जीवन पर ख़ुशियों की वर्षा हो सकती हैं। कैरियर के छेत्र में इन्हे कोई खुशखबरी मिल सकती हैं। जिससे इनका मन प्रशन रहेगा। बिजनेस और व्यापार करने वाले लोगों की आर्थिक परेशानी दूर हो सकती हैं और इनके घरों में सुख और समृद्धि आ सकती हैं। आपके जीवन पर महादेव की कृपा बनी रहेगी।
सिंह और तुला राशि, ग्रहों के महासंयोग से सिंह और तुला राशि वाले लोगों की किस्मत चमक सकती हैं। इन्हे मनचाहा सफलता मिल सकता हैं तथा इनके जीवन में अच्छे दिन आ सकते हैं। इनकी कुंडली में ग्रहों के महासंयोग से सूर्य और मंगल का प्रभाव सबसे उत्तम नजर आ रहा हैं। जिससे इन्हे धन लाभ हो सकता हैं और इनकी गरीबी दूर हो सकती हैं। इस राशि के जातक वाहन या ज़मीन ख़रीद सकते हैं। इनके घरों में ख़ुशियों का वातावरण कायम रह सकता हैं। आपके जीवन पर भगवान सूर्य देव की कृपा बनी रहेगी।
धनु और कुंभ राशि, 01 अप्रैल सोमवार से बनने वाला ग्रहों का महासंयोग आपकी किस्मत चमका सकता हैं। इससे आपको हर कार्य में किस्मत का साथ प्राप्त होगा और आप अपने जीवन में एक सफल और कामयाब इंसान बन सकते हैं। ग्रहों के महासंयोग से सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को कोई शुभ समाचार मिल सकता हैं और इस राशि के जातक नौकरी पाने में सफल हो सकते हैं। इतना हीं नहीं आपको मेहनत का फल प्राप्त होगा तथा प्रतियोगिता परीछा में आपके रिजल्ट बेहतर आएंगे। आपके जीवन पर शनिदेव की कृपा बनी रहेगी।
| शास्त्रों की बात करें तो एक अप्रैल सोमवार से ग्रहों का महासंयोग बनने वाला हैं। इस महासंयोग से कुछ राशि के लोगों की किस्मत चमक सकती हैं तथा उन्हें जीवन में कोई बड़ी सफलता मिल सकती हैं। आज इसी संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन राशियों के बारे में जिन राशियों के लोगों को ग्रहों के महासंयोग से उनकी किस्मत चमक सकती हैं तथा उनके जीवन में सुख और समृद्धि आ सकती हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से। मेष और मिथुन राशि, शास्त्रों के अनुसार एक अप्रैल सोमवार से बनने वाला ग्रहों का महासंयोग मेष और मिथुन राशि के लोगों के लिए शुभ रहेगा। इस महासंयोग से इनकी किस्मत चमक सकती हैं और इनके जीवन पर ख़ुशियों की वर्षा हो सकती हैं। कैरियर के छेत्र में इन्हे कोई खुशखबरी मिल सकती हैं। जिससे इनका मन प्रशन रहेगा। बिजनेस और व्यापार करने वाले लोगों की आर्थिक परेशानी दूर हो सकती हैं और इनके घरों में सुख और समृद्धि आ सकती हैं। आपके जीवन पर महादेव की कृपा बनी रहेगी। सिंह और तुला राशि, ग्रहों के महासंयोग से सिंह और तुला राशि वाले लोगों की किस्मत चमक सकती हैं। इन्हे मनचाहा सफलता मिल सकता हैं तथा इनके जीवन में अच्छे दिन आ सकते हैं। इनकी कुंडली में ग्रहों के महासंयोग से सूर्य और मंगल का प्रभाव सबसे उत्तम नजर आ रहा हैं। जिससे इन्हे धन लाभ हो सकता हैं और इनकी गरीबी दूर हो सकती हैं। इस राशि के जातक वाहन या ज़मीन ख़रीद सकते हैं। इनके घरों में ख़ुशियों का वातावरण कायम रह सकता हैं। आपके जीवन पर भगवान सूर्य देव की कृपा बनी रहेगी। धनु और कुंभ राशि, एक अप्रैल सोमवार से बनने वाला ग्रहों का महासंयोग आपकी किस्मत चमका सकता हैं। इससे आपको हर कार्य में किस्मत का साथ प्राप्त होगा और आप अपने जीवन में एक सफल और कामयाब इंसान बन सकते हैं। ग्रहों के महासंयोग से सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को कोई शुभ समाचार मिल सकता हैं और इस राशि के जातक नौकरी पाने में सफल हो सकते हैं। इतना हीं नहीं आपको मेहनत का फल प्राप्त होगा तथा प्रतियोगिता परीछा में आपके रिजल्ट बेहतर आएंगे। आपके जीवन पर शनिदेव की कृपा बनी रहेगी। |
APSSB CHSL Exam 2021: अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ने एपीएसएसबी सीएचएसएल परीक्षा 2021 को स्थगित कर दिया है।
APSSB CHSL Exam 2021: अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ने एपीएसएसबी सीएचएसएल परीक्षा 2021 को स्थगित कर दिया है। संयुक्त उच्च माध्यमिक स्तर (10 + 2) परीक्षा जो 1 अगस्त 2021 को आयोजित होने वाली थी, जो अब स्थगित कर दी गई है। उम्मीदवार आधिकारिक नोटिस एपीएसएसबी की आधिकारिक साइट apssb. nic. in पर देख सकते हैं।
एपीएसएसबी सीएचएसएल परीक्षा 29 अगस्त 2021 के लिए अस्थायी रूप से तय की गई है। चयन प्रक्रिया में वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न और कौशल परीक्षण शामिल होंगे। वस्तुनिष्ठ प्रकार की परीक्षा में सामान्य अंग्रेजी, प्रारंभिक गणित और सामान्य ज्ञान के 300 अंकों के प्रश्न होंगे।
रिजल्ट प्रक्रिया 18 मई 2021 को शुरू की गई थी। जो उम्मीदवार परीक्षा के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे 17 जून, 2021 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने का लिंक अंतिम तिथि के बाद अक्षम कर दिया जाएगा और किसी अन्य मोड के माध्यम से प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और सरसरी तौर पर खारिज कर दिया जाएगा।
एपीएसटी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क 150 रुपए और सामान्य उम्मीदवारों के लिए 200 रुपए है। भुगतान ऑनलाइन किया जाना चाहिए। विकलांग व्यक्तियों को शुल्क के भुगतान से छूट दी गई है। उम्मीदवारों को भारत का नागरिक होना चाहिए और परीक्षा के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु सीमा 18 से 32 वर्ष होनी चाहिए। अधिक संबंधित विवरण के लिए उम्मीदवार एपीएसएसबी की आधिकारिक साइट देख सकते हैं।
| APSSB CHSL Exam दो हज़ार इक्कीस: अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ने एपीएसएसबी सीएचएसएल परीक्षा दो हज़ार इक्कीस को स्थगित कर दिया है। APSSB CHSL Exam दो हज़ार इक्कीस: अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड ने एपीएसएसबी सीएचएसएल परीक्षा दो हज़ार इक्कीस को स्थगित कर दिया है। संयुक्त उच्च माध्यमिक स्तर परीक्षा जो एक अगस्त दो हज़ार इक्कीस को आयोजित होने वाली थी, जो अब स्थगित कर दी गई है। उम्मीदवार आधिकारिक नोटिस एपीएसएसबी की आधिकारिक साइट apssb. nic. in पर देख सकते हैं। एपीएसएसबी सीएचएसएल परीक्षा उनतीस अगस्त दो हज़ार इक्कीस के लिए अस्थायी रूप से तय की गई है। चयन प्रक्रिया में वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न और कौशल परीक्षण शामिल होंगे। वस्तुनिष्ठ प्रकार की परीक्षा में सामान्य अंग्रेजी, प्रारंभिक गणित और सामान्य ज्ञान के तीन सौ अंकों के प्रश्न होंगे। रिजल्ट प्रक्रिया अट्ठारह मई दो हज़ार इक्कीस को शुरू की गई थी। जो उम्मीदवार परीक्षा के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे सत्रह जून, दो हज़ार इक्कीस तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने का लिंक अंतिम तिथि के बाद अक्षम कर दिया जाएगा और किसी अन्य मोड के माध्यम से प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और सरसरी तौर पर खारिज कर दिया जाएगा। एपीएसटी उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क एक सौ पचास रुपयापए और सामान्य उम्मीदवारों के लिए दो सौ रुपयापए है। भुगतान ऑनलाइन किया जाना चाहिए। विकलांग व्यक्तियों को शुल्क के भुगतान से छूट दी गई है। उम्मीदवारों को भारत का नागरिक होना चाहिए और परीक्षा के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु सीमा अट्ठारह से बत्तीस वर्ष होनी चाहिए। अधिक संबंधित विवरण के लिए उम्मीदवार एपीएसएसबी की आधिकारिक साइट देख सकते हैं। |
मुंबईः भारत में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स के डिजिटल प्लेटफार्म सोनी एलआईवी ने गुरुवार को 'योलो' के लांच की घोषणा की। इसके बारे में कहा गया कि यह ओटीटी (ओवर द टॉप) मंच पर पहली क्षेत्रीय भाषी वेब सीरीज है। 'इंडियन मैजिक आई प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा निर्मित 'योलो' चार व्यस्कों चोको (शिवराज वाइचाल), सारिका (शिवानी रंगोले), रोचक (रुतुराज शिंदे) और परी (शाश्वती पिम्पिलीकर) के ऊपर केंद्रित है।
समीर विदवंस निदेर्शित इस वेब सीरीज का सीधा प्रसारण बुधवार से शुरू हो चुका है। चारों के जीवन में कई नाटकीय घटनाएं होती हैं जिससे प्यार, रिश्तों, सेक्स और जीवन के प्रति उनके नजरिए में बदलाव आता है।
सोढ़ी के मुताबिक, यह कदम भाषा, शैली या भोगौलिक क्षेत्रों की पारंपरिक सीमाओं को पार कर मूल कहानी को दिखाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
अभिनेत्री साई ताम्हनकर, नागेश भोसले और आनंद इंगले भी इस वेब सीरीज में काम कर रहे हैं।
| मुंबईः भारत में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स के डिजिटल प्लेटफार्म सोनी एलआईवी ने गुरुवार को 'योलो' के लांच की घोषणा की। इसके बारे में कहा गया कि यह ओटीटी मंच पर पहली क्षेत्रीय भाषी वेब सीरीज है। 'इंडियन मैजिक आई प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा निर्मित 'योलो' चार व्यस्कों चोको , सारिका , रोचक और परी के ऊपर केंद्रित है। समीर विदवंस निदेर्शित इस वेब सीरीज का सीधा प्रसारण बुधवार से शुरू हो चुका है। चारों के जीवन में कई नाटकीय घटनाएं होती हैं जिससे प्यार, रिश्तों, सेक्स और जीवन के प्रति उनके नजरिए में बदलाव आता है। सोढ़ी के मुताबिक, यह कदम भाषा, शैली या भोगौलिक क्षेत्रों की पारंपरिक सीमाओं को पार कर मूल कहानी को दिखाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अभिनेत्री साई ताम्हनकर, नागेश भोसले और आनंद इंगले भी इस वेब सीरीज में काम कर रहे हैं। |
कुछ दिन पहले एक मामले की सुनवाई करते हुई इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा था कि यूपी की स्वास्थ्य प्रणाली रामभरोसे है। अब अदालत का कहना है कि योगी सरकार के स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में उठाए गए कुछ कदम प्रशंसा के योग्य हैं।
प्रयागराज ज्यादा दिन नहीं हुए जब कोरोना महामारी के बीच बदहाल स्वास्थ्य प्रणाली को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार पर कड़े कमेंट किए थे। कोर्ट ने यहां तक कह दिया था कि यूपी की स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे हैं। पर अब हाई कोर्ट की एक बेंच ने स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ही योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रशंसा की है। अदालत ने कोरोना संक्रमण के बीच राज्य सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों पर संतुष्टि जताई है।
जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की बेंच ने प्रदेश में कोरोना के इलाज के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोविड प्रबंधन के लिए प्रदेश सरकार की तारीफ की। अदालत ने प्रदेश सरकार के ओर से दी गई रिपोर्ट को रेकॉर्ड पर लेते हुए हालांकि कोई आदेश पारित नहीं किया और सुनवाई के लिए जून के दूसरे सप्ताह में कोई तारीख तय करने का निर्देश दिया।
'सरकार के कुछ कदम प्रशंसा योग्य' अदालत ने राज्य सरकार की ओर से बहराइच, श्रावस्ती, बिजनौर, बाराबंकी और जौनपुर जिले में उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं के संबंध में दाखिल रिपोर्ट का संज्ञान लिया और कहा कि योगी सरकार के स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में उठाए गए कुछ कदम प्रशंसा के योग्य हैं। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख पर पांच और जिलों भदोही, गाजीपुर, बलिया, देवरिया और शामली की मेडिकल सुविधाओं के बारे में प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
योगी सरकार ने तय कीं टेस्ट की दरें, कोर्ट ने जताई संतुष्टि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आरटीपीसीआर, एंटीजन, ट्रूनेट टेस्ट और सीटी स्कैन की दरें निर्धारित किए जाने की सरकार की पहल पर विशेष तौर पर संतुष्टि जताई। गौरतलब है कि कुछ निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की तरफ से डायग्नोस्टिक टेस्ट के लिए अनाप शनाप पैसे वसूलने के संबंध में कुछ शिकायतों का मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं संज्ञान लिया था। इसके बाद सरकार की और से सभी टेस्ट की दरें निर्धारित कर दी थीं, जिसका जनता ने बेहद स्वागत किया था। अदालत ने इसका सकारात्मक संज्ञान लिया कि सरकार की ओर से आरटीपीसीआर की दर 500 से 900 रुपये के बीच, एंटीजन टेस्ट 200 रुपये, ट्रूनेट टेस्ट 1200 रुपये और सीटी स्कैन 2000 से 2500 रुपये के बीच निर्धारित की गई हैं।
| कुछ दिन पहले एक मामले की सुनवाई करते हुई इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा था कि यूपी की स्वास्थ्य प्रणाली रामभरोसे है। अब अदालत का कहना है कि योगी सरकार के स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में उठाए गए कुछ कदम प्रशंसा के योग्य हैं। प्रयागराज ज्यादा दिन नहीं हुए जब कोरोना महामारी के बीच बदहाल स्वास्थ्य प्रणाली को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार पर कड़े कमेंट किए थे। कोर्ट ने यहां तक कह दिया था कि यूपी की स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे हैं। पर अब हाई कोर्ट की एक बेंच ने स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ही योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रशंसा की है। अदालत ने कोरोना संक्रमण के बीच राज्य सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों पर संतुष्टि जताई है। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की बेंच ने प्रदेश में कोरोना के इलाज के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोविड प्रबंधन के लिए प्रदेश सरकार की तारीफ की। अदालत ने प्रदेश सरकार के ओर से दी गई रिपोर्ट को रेकॉर्ड पर लेते हुए हालांकि कोई आदेश पारित नहीं किया और सुनवाई के लिए जून के दूसरे सप्ताह में कोई तारीख तय करने का निर्देश दिया। 'सरकार के कुछ कदम प्रशंसा योग्य' अदालत ने राज्य सरकार की ओर से बहराइच, श्रावस्ती, बिजनौर, बाराबंकी और जौनपुर जिले में उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं के संबंध में दाखिल रिपोर्ट का संज्ञान लिया और कहा कि योगी सरकार के स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में उठाए गए कुछ कदम प्रशंसा के योग्य हैं। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख पर पांच और जिलों भदोही, गाजीपुर, बलिया, देवरिया और शामली की मेडिकल सुविधाओं के बारे में प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। योगी सरकार ने तय कीं टेस्ट की दरें, कोर्ट ने जताई संतुष्टि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आरटीपीसीआर, एंटीजन, ट्रूनेट टेस्ट और सीटी स्कैन की दरें निर्धारित किए जाने की सरकार की पहल पर विशेष तौर पर संतुष्टि जताई। गौरतलब है कि कुछ निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की तरफ से डायग्नोस्टिक टेस्ट के लिए अनाप शनाप पैसे वसूलने के संबंध में कुछ शिकायतों का मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं संज्ञान लिया था। इसके बाद सरकार की और से सभी टेस्ट की दरें निर्धारित कर दी थीं, जिसका जनता ने बेहद स्वागत किया था। अदालत ने इसका सकारात्मक संज्ञान लिया कि सरकार की ओर से आरटीपीसीआर की दर पाँच सौ से नौ सौ रुपयापये के बीच, एंटीजन टेस्ट दो सौ रुपयापये, ट्रूनेट टेस्ट एक हज़ार दो सौ रुपयापये और सीटी स्कैन दो हज़ार से दो हज़ार पाँच सौ रुपयापये के बीच निर्धारित की गई हैं। |
बन पाते हैं कि गणित द्वारा उनकी चाल आदि का जो भी अनुमान लगाया जाता है वह लगभग सही उतरता है। पुराने इंजीनियरों की कहावत है कि "सिद्धान्त और प्रयोग में भिन्नता है" (Theory and practice differ) धीरे धीरे लुप्त होती जा रही है ।
कुरण्ड, जिसे अंगरेजी में एमरी ( Emery ) कहते हैं, वास्तव में कोरण्डम (कुरुविन्द ), ऐल्यूमिना और मैगनेटाइट का मिश्रण है। कोरण्डम अपने शुद्ध प्राकृतिक रूप में नीले कांच के समान पारदर्शक होता है जिसे "नीलम" अथवा "शनिप्रिय " मणि कहते हैं। इसी का अपभ्रंश नाम अंगरेजी में शेफायर है जो कि श्राभूषणों में जड़ा जाता है और बड़ा मूल्यवान है । उद्योगों में तथा दवाइयों में काम आने वाला कोरण्डम कुछ कालापन लिये होता है तथा बहुत स्वच्छ पारदर्शक नहीं होता । जो अधिक मैगनेटाइट के मेल के कारण बहुत काला तथा बिलकुल अपारदर्शक होता है, वही एमरी अर्थात् कुरण्ड कहलाता है।
एमरी का पत्थर भी इतना अधिक कठोर होता है कि उससे लोहा आसानी से खरोंचा जा सकता है, अतः इस कठोरता के गुण के कारण ही अपघर्षण और पॉलिश आदि की प्रक्रियायें करते समय इसका चूर्ण रूप में, एमरी कागज ( रेग माल ), एमरी कपड़े, ठोस सानों, अथवा छड़ों या सिल्लियों के रूप में प्रयोग किया जाता है । सान-चक्र, सिल्लियाँ अथवा छड़ें बनाने के लिये एमरी पत्थर को बहुत बारीक चूर्ण कर एक विशेष प्रकार का गोंद मिला दिया जाता है जिससे कि बारीक पिसे हुए वे एमरी के करण आयल में मजबूती से चिपक जावें । एक मानक प्रकार की एमरी के सान-चक्र को बनाने वाले कारखाने में ७५ भाग उपयुक्त प्रकार के गोंद को हलके गरम पानी में डुबा कर धीरे-धारे हल्की ऊष्मा से पिघला लिया जाता है ।
गोंद का घोल तैयार हो जाने पर उसमें मीथिल ऐलकोहल में घुले हुए टेनिन के २५ भाग मिला दिये जाते हैं । इन दोनों घोलों का मिश्रण भली-भाँति तैयार हो जाने पर उसी में एमरी के बहुत बारीक चूर्ण के ६०० भाग मिलाकर उसकी बहुत गाढ़ी लुगदी बनाकर, इस्पात के बने साँचों में जो कि पहिले से ही १०४ सें० तक गरम किये हुए होते हैं, दबा दिया जाता है और फिर उसे साँचे में ही १२४ से० के ताप पर कुछ समय तक गरम रखा जाता है । इस प्रकार से बने हुए सान-चक्र लगभग पिछली एक शताब्दि से प्रयोग में आ रहे हैं, लेकिन व्यवहार में यह देखा गया है कि एमरी और कोरण्डम दोनों ही प्राकृतिक पदार्थ सब जगह और सदैव एक ही समान कठोरता तथा गुण-धर्मयुक्त नहीं पाये जाते अतः उनसे बने सान चक्रों द्वारा किया गया काम एक समान संतोषजनक तथा मानक प्रकार का नहीं होने पाता फलतः इनको प्रतिस्थापित करने के लिये कृत्रिम प्रकार के पदार्थों की खोज करने और बनाने की चेष्टाएँ की गयीं ।
कृत्रिम कुरण्डों का प्रचार आजकल बहुत बढ़ गया है क्योंकि इनके बनाते समय ही उनके गुणधर्मों पर पूर्ण नियंत्रण रखा जा सकता है। इसमें से कार्बोरण्डम (Carborundum) और एलेण्डम (Alundum) मुख्य हैं । कार्बोरण्डम में सिलिकन कार्बाइड ( SiC ) प्रधान पदार्थ है जिसमें सिलिकन ६८% और कार्बन ३०% रहता है और शेष चूना, ऐल्यूमिना, और लोह-आक्साइड रहता है । इस पदार्थ को बनाने के लिये बिजली की एक भट्टी में बजरी, कोक, लकड़ी का बुरादा और नमक के मिश्रण को लगभग २२०० सें० ताप तक गरम कर कर गला लिया जाता है । डालते समय उक्त मिश्रण में रासायनिक परिवर्तन निम्न सूत्र के अनुसार SiO2+3C=SiC +2CO, भट्टी के दोनों एलेक्ट्रोडों के बीच में रहकर होता है। इस प्रकार | बन पाते हैं कि गणित द्वारा उनकी चाल आदि का जो भी अनुमान लगाया जाता है वह लगभग सही उतरता है। पुराने इंजीनियरों की कहावत है कि "सिद्धान्त और प्रयोग में भिन्नता है" धीरे धीरे लुप्त होती जा रही है । कुरण्ड, जिसे अंगरेजी में एमरी कहते हैं, वास्तव में कोरण्डम , ऐल्यूमिना और मैगनेटाइट का मिश्रण है। कोरण्डम अपने शुद्ध प्राकृतिक रूप में नीले कांच के समान पारदर्शक होता है जिसे "नीलम" अथवा "शनिप्रिय " मणि कहते हैं। इसी का अपभ्रंश नाम अंगरेजी में शेफायर है जो कि श्राभूषणों में जड़ा जाता है और बड़ा मूल्यवान है । उद्योगों में तथा दवाइयों में काम आने वाला कोरण्डम कुछ कालापन लिये होता है तथा बहुत स्वच्छ पारदर्शक नहीं होता । जो अधिक मैगनेटाइट के मेल के कारण बहुत काला तथा बिलकुल अपारदर्शक होता है, वही एमरी अर्थात् कुरण्ड कहलाता है। एमरी का पत्थर भी इतना अधिक कठोर होता है कि उससे लोहा आसानी से खरोंचा जा सकता है, अतः इस कठोरता के गुण के कारण ही अपघर्षण और पॉलिश आदि की प्रक्रियायें करते समय इसका चूर्ण रूप में, एमरी कागज , एमरी कपड़े, ठोस सानों, अथवा छड़ों या सिल्लियों के रूप में प्रयोग किया जाता है । सान-चक्र, सिल्लियाँ अथवा छड़ें बनाने के लिये एमरी पत्थर को बहुत बारीक चूर्ण कर एक विशेष प्रकार का गोंद मिला दिया जाता है जिससे कि बारीक पिसे हुए वे एमरी के करण आयल में मजबूती से चिपक जावें । एक मानक प्रकार की एमरी के सान-चक्र को बनाने वाले कारखाने में पचहत्तर भाग उपयुक्त प्रकार के गोंद को हलके गरम पानी में डुबा कर धीरे-धारे हल्की ऊष्मा से पिघला लिया जाता है । गोंद का घोल तैयार हो जाने पर उसमें मीथिल ऐलकोहल में घुले हुए टेनिन के पच्चीस भाग मिला दिये जाते हैं । इन दोनों घोलों का मिश्रण भली-भाँति तैयार हो जाने पर उसी में एमरी के बहुत बारीक चूर्ण के छः सौ भाग मिलाकर उसकी बहुत गाढ़ी लुगदी बनाकर, इस्पात के बने साँचों में जो कि पहिले से ही एक सौ चार सेंशून्य तक गरम किये हुए होते हैं, दबा दिया जाता है और फिर उसे साँचे में ही एक सौ चौबीस सेशून्य के ताप पर कुछ समय तक गरम रखा जाता है । इस प्रकार से बने हुए सान-चक्र लगभग पिछली एक शताब्दि से प्रयोग में आ रहे हैं, लेकिन व्यवहार में यह देखा गया है कि एमरी और कोरण्डम दोनों ही प्राकृतिक पदार्थ सब जगह और सदैव एक ही समान कठोरता तथा गुण-धर्मयुक्त नहीं पाये जाते अतः उनसे बने सान चक्रों द्वारा किया गया काम एक समान संतोषजनक तथा मानक प्रकार का नहीं होने पाता फलतः इनको प्रतिस्थापित करने के लिये कृत्रिम प्रकार के पदार्थों की खोज करने और बनाने की चेष्टाएँ की गयीं । कृत्रिम कुरण्डों का प्रचार आजकल बहुत बढ़ गया है क्योंकि इनके बनाते समय ही उनके गुणधर्मों पर पूर्ण नियंत्रण रखा जा सकता है। इसमें से कार्बोरण्डम और एलेण्डम मुख्य हैं । कार्बोरण्डम में सिलिकन कार्बाइड प्रधान पदार्थ है जिसमें सिलिकन अड़सठ% और कार्बन तीस% रहता है और शेष चूना, ऐल्यूमिना, और लोह-आक्साइड रहता है । इस पदार्थ को बनाने के लिये बिजली की एक भट्टी में बजरी, कोक, लकड़ी का बुरादा और नमक के मिश्रण को लगभग दो हज़ार दो सौ सेंशून्य ताप तक गरम कर कर गला लिया जाता है । डालते समय उक्त मिश्रण में रासायनिक परिवर्तन निम्न सूत्र के अनुसार SiOदो+तीन डिग्री सेल्सियस=SiC +दोCO, भट्टी के दोनों एलेक्ट्रोडों के बीच में रहकर होता है। इस प्रकार |
आशीष पटेल ने मिर्जापुर में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि भाजपा को तीन राज्यों के चुनाव परिणामों से सबक लेना चाहिए. आशीष ने कहा कि सपा और बसपा का गठबंधन एनडीए के लिए एक बड़ी चुनौती है.
भारतीय जनता पार्टी के लिए गठबंधन के हिसाब से अभी चीजें ठीक नहीं चल रही है. शिवसेना की आलोचनाओं के बाद एक और सहयोगी ने अब पार्टी को आंख दिखाया है. इस बार अपना दल ने बीजेपी को गठबंधन के साथियों से बर्ताव को लेकर निशाना साधा है.
अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने अपने समुदाय के एक कार्यक्रम में कहा, "बीजेपी शेर के पूछ से खेल रही है, अभी हम आपके पीछे-पीछे चल रहे हैं लेकिन इसी तरह चलता रहा तो हम कहां जायेंगे इसका अंदाजा आप भी नहीं लगा सकते. " उनके इस बयान को चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.
हाल के दिनों में अपना दल की नाराजगी खुल कर सतह पर आ गई है. ऐसा कहा जा रहा है कि अनुप्रिया पटेल केंद्र में अपनी भूमिका को लेकर खुश नहीं हैं. वहीं राज्य में योगी आदित्यनाथ की सरकार से भी अपना दल की नाराजगी कई मौकों पर सामने आ चुकी है. हाल ही में पीएम मोदी की गाजीपुर में रैली के दौरान अनुप्रिया पटेल का गायब रहना चर्चा का विषय रहा. ऐसे कयास भी लगाये जा रहे हैं कि अगर अपना दल को लोकसभा में बीजेपी की तरफ से सम्मानजनक सीटें नहीं मिली तो एनडीए छोड़कर महागठबंधन में भी शामिल हो सकती है.
अपना दल (सोनेवाल) ने 2014 का चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था. उत्तर प्रदेश में भाजपा को 71 सीटें मिली थी और वहीं अपना दल को 2 सीटें मिली थी. अपना दल का प्रदेश में कुर्मी वोटों पर एकाधिकार माना जाता है.
आशीष पटेल ने मिर्जापुर में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि भाजपा को तीन राज्यों के चुनाव परिणामों से सबक लेना चाहिए. आशीष ने कहा कि सपा और बसपा का गठबंधन एनडीए के लिए एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को इस बारे में सोचना चाहिए वरना यूपी में एनडीए को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्होंने आगे कहा कि छोटी पार्टियां बीजेपी के नेतृत्व द्वारा ठगा हुआ महसूस कर रही हैं.
अपना दल का यूपी में भले ही कोई ज्यादा जनाधार नहीं हो लेकिन महागठबंधन में शामिल होना बीजेपी के लिए एक बुरा राजनीतिक संकेत माना जायेगा, क्योंकि ऐसे में सभी जातियों का वोट महागठबंधन के साथ जुड़ जायेगा जो कि बीजेपी के शुभ संकेत नहीं होंगे.
हाल ही में रामविलास पासवान ने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से नाराजगी जाहिर करते हुए अपना हिस्सा प्राप्त किया है, ऐसे में कहा जा रहा है कि अपना दल की नाराजगी लोकसभा में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का एक हथकंडा भर है.
| आशीष पटेल ने मिर्जापुर में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि भाजपा को तीन राज्यों के चुनाव परिणामों से सबक लेना चाहिए. आशीष ने कहा कि सपा और बसपा का गठबंधन एनडीए के लिए एक बड़ी चुनौती है. भारतीय जनता पार्टी के लिए गठबंधन के हिसाब से अभी चीजें ठीक नहीं चल रही है. शिवसेना की आलोचनाओं के बाद एक और सहयोगी ने अब पार्टी को आंख दिखाया है. इस बार अपना दल ने बीजेपी को गठबंधन के साथियों से बर्ताव को लेकर निशाना साधा है. अपना दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष पटेल ने अपने समुदाय के एक कार्यक्रम में कहा, "बीजेपी शेर के पूछ से खेल रही है, अभी हम आपके पीछे-पीछे चल रहे हैं लेकिन इसी तरह चलता रहा तो हम कहां जायेंगे इसका अंदाजा आप भी नहीं लगा सकते. " उनके इस बयान को चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है. हाल के दिनों में अपना दल की नाराजगी खुल कर सतह पर आ गई है. ऐसा कहा जा रहा है कि अनुप्रिया पटेल केंद्र में अपनी भूमिका को लेकर खुश नहीं हैं. वहीं राज्य में योगी आदित्यनाथ की सरकार से भी अपना दल की नाराजगी कई मौकों पर सामने आ चुकी है. हाल ही में पीएम मोदी की गाजीपुर में रैली के दौरान अनुप्रिया पटेल का गायब रहना चर्चा का विषय रहा. ऐसे कयास भी लगाये जा रहे हैं कि अगर अपना दल को लोकसभा में बीजेपी की तरफ से सम्मानजनक सीटें नहीं मिली तो एनडीए छोड़कर महागठबंधन में भी शामिल हो सकती है. अपना दल ने दो हज़ार चौदह का चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था. उत्तर प्रदेश में भाजपा को इकहत्तर सीटें मिली थी और वहीं अपना दल को दो सीटें मिली थी. अपना दल का प्रदेश में कुर्मी वोटों पर एकाधिकार माना जाता है. आशीष पटेल ने मिर्जापुर में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि भाजपा को तीन राज्यों के चुनाव परिणामों से सबक लेना चाहिए. आशीष ने कहा कि सपा और बसपा का गठबंधन एनडीए के लिए एक बड़ी चुनौती है, ऐसे में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को इस बारे में सोचना चाहिए वरना यूपी में एनडीए को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. उन्होंने आगे कहा कि छोटी पार्टियां बीजेपी के नेतृत्व द्वारा ठगा हुआ महसूस कर रही हैं. अपना दल का यूपी में भले ही कोई ज्यादा जनाधार नहीं हो लेकिन महागठबंधन में शामिल होना बीजेपी के लिए एक बुरा राजनीतिक संकेत माना जायेगा, क्योंकि ऐसे में सभी जातियों का वोट महागठबंधन के साथ जुड़ जायेगा जो कि बीजेपी के शुभ संकेत नहीं होंगे. हाल ही में रामविलास पासवान ने बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से नाराजगी जाहिर करते हुए अपना हिस्सा प्राप्त किया है, ऐसे में कहा जा रहा है कि अपना दल की नाराजगी लोकसभा में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का एक हथकंडा भर है. |
बोकारोः सेक्टर 6 (Sector 6) थाना क्षेत्र में गुरुवार 8 दिसंबर की देर रात हुई भीषण आग (Raging Fire) लगी में आठ दुकानें (Shops) जलकर पूरी तरह से खाक हो गईं।
आग को बुझाने के लिए मौके पर पहुंची दमकल (Fire Engine) की चार गाड़ियों ने आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। आग लगने की वजह वहां से गुजर रहे बारातियों द्वारा पटाखे जलाने को बताया जा रहा है।
आग सड़क किनारे झोपड़ी और गुमटी नुमा दुकानों में लगी। घटना में आजाद नामक रजाई की दुकान, राजकुमार बैग दुकान, निवारण सैलून, अकलू सिलाई दुकान, आंसू महतो साइकिल दुकान, अर्जुन साह की झाड़ू दुकान, मिलन शू दुकान, लक्ष्मी मनिहारी और कपड़ा दुकान पूरी तरह से जलकर खाक हो गए।
पटाखे है वजह या किसी की शरारत?
दुकानदारों ने बताया कि उनको इस घटना की जानकारी लगभग 1:30 बजे रात को मिली। आकर देखा तो पूरी तरह से आग की लपटें ऊपर उठ रही थी। दमकल की गाड़ी आग बुझाने में लगी हुई थी।
दुकानदारों ने बताया कि घटना से कुछ ही समय पहले एक बारात पटाखे फोड़ते हुए गुजरी थी। अंदेशा जताया जा रहा है कि पटाखे की चिंगारी झोपड़ी नुमा दुकानों में गिरने से यह घटना घटी है।
वहीं कुछ लोग दबी जुबान में इसे शरारती तत्वों की करतूत बता रहे हैं। थाना प्रभारी उज्जवल कुमार साह ने बताया कि घटना का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है।
लेकिन घटनास्थल से भारी संख्या में जले पाखाखों के अवशेष और उपयोग में लाए गए पटाखों के डिब्बे मिले हैं।
दुकानदार अकलु महतो ने बताया कि इस घटना में सभी दुकानों (Shops) को मिलाकर लगभग 10 लाख से अधिक का सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
श्रृंगार दुकान चलाने वाली महिला लक्ष्मी देवी ने बताया कि उसने रात में गले में 9000 रुपये रखा था और साथ ही दुकान में लाखों का सामान था।
सबकुछ स्वाहा हो गया। लक्ष्मी देवी का रो रोकर बुरा हाल है। और केवल लक्ष्मी देवी (Laxmi Devi) का ही नहीं बल्कि अन्य दुकानदारों का भी एक जैसा ही हाल है।
| बोकारोः सेक्टर छः थाना क्षेत्र में गुरुवार आठ दिसंबर की देर रात हुई भीषण आग लगी में आठ दुकानें जलकर पूरी तरह से खाक हो गईं। आग को बुझाने के लिए मौके पर पहुंची दमकल की चार गाड़ियों ने आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। आग लगने की वजह वहां से गुजर रहे बारातियों द्वारा पटाखे जलाने को बताया जा रहा है। आग सड़क किनारे झोपड़ी और गुमटी नुमा दुकानों में लगी। घटना में आजाद नामक रजाई की दुकान, राजकुमार बैग दुकान, निवारण सैलून, अकलू सिलाई दुकान, आंसू महतो साइकिल दुकान, अर्जुन साह की झाड़ू दुकान, मिलन शू दुकान, लक्ष्मी मनिहारी और कपड़ा दुकान पूरी तरह से जलकर खाक हो गए। पटाखे है वजह या किसी की शरारत? दुकानदारों ने बताया कि उनको इस घटना की जानकारी लगभग एक:तीस बजे रात को मिली। आकर देखा तो पूरी तरह से आग की लपटें ऊपर उठ रही थी। दमकल की गाड़ी आग बुझाने में लगी हुई थी। दुकानदारों ने बताया कि घटना से कुछ ही समय पहले एक बारात पटाखे फोड़ते हुए गुजरी थी। अंदेशा जताया जा रहा है कि पटाखे की चिंगारी झोपड़ी नुमा दुकानों में गिरने से यह घटना घटी है। वहीं कुछ लोग दबी जुबान में इसे शरारती तत्वों की करतूत बता रहे हैं। थाना प्रभारी उज्जवल कुमार साह ने बताया कि घटना का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। लेकिन घटनास्थल से भारी संख्या में जले पाखाखों के अवशेष और उपयोग में लाए गए पटाखों के डिब्बे मिले हैं। दुकानदार अकलु महतो ने बताया कि इस घटना में सभी दुकानों को मिलाकर लगभग दस लाख से अधिक का सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। श्रृंगार दुकान चलाने वाली महिला लक्ष्मी देवी ने बताया कि उसने रात में गले में नौ हज़ार रुपयापये रखा था और साथ ही दुकान में लाखों का सामान था। सबकुछ स्वाहा हो गया। लक्ष्मी देवी का रो रोकर बुरा हाल है। और केवल लक्ष्मी देवी का ही नहीं बल्कि अन्य दुकानदारों का भी एक जैसा ही हाल है। |
हमारे शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में कोरोना काल ने बड़ी बाधाएं पैदा की हैं। पिछले कई महीनों ने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट ठप पड़े थे। लेकिन अब इन्हे अमली जामा पहनाए जाने का समय आ गया है। अगले दो माह के भीतर स्मार्ट सिटी से जुड़े दो सौ करोड़ के काम शुरू होने जा रहे हैं। इस समय सीमा में इनका टेंडर प्रक्रिया फाइनल की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि रुके पड़े कामों को जल्द पूरा कराकर सिटी को स्मार्ट सिटी की दिशा में आगे बढ़ाने का समय आ गया है।
स्मार्ट सिटी की मंशा को आगे बढ़ाने की दिशा में छोटे-बड़े कई प्रोजेक्ट इस समय कतार में हैं।
जिनमें कुछ की लागत कम है तो कुछ लागत कई करोड़ में हैं।
इनको अब तक कम्प्लीट हो जाना चाहिए था लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते सभी ठंडे बस्ते में चले गए।
इनका फंड भी फंसा हुआ था। लेकिन अब मामला लगभग क्लीयर हो चुका है।
सरकार ने तय किया है कि अगले दो माह के भीतर दो सौ करोड़ की लागत के प्रोजेक्ट्स की टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जानी है।
चार सरकारी इंटर कॉलेज और चार अपर प्राइमरी स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज शुरू की जानी हैं। यह प्रोजेक्ट टॉप प्रायरिटी पर रखा गया है।
शहर के तमाम सरकारी कार्यालय और स्पाट्स पर सोलर पैनल लगाए जाने का प्रोजेक्ट भी टॉप लाइन में हैं। यह सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है।
कंपनीबाग स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी का डिजिटाइजेशन किया जाना है। इस प्रोजेक्ट के लागत दस करोड़ के करीब हैं।
शहर के कई स्पॉट्स पर ई रिक्शा रिचार्जिग सेंटर बनाए जाने हैं। मोस्ट अवेटेड प्रोजेक्ट में यह शामिल है।
दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल अवेलेबल कराए जाने के लिए भी सरकार इस प्रोजेक्ट को लाने की कोशिशों में लगी है।
वन सिटी एंड वन आफिस प्रोजेक्ट एक बड़ा प्रोजेक्ट है। इसकी प्लानिंग भी की जा रही है।
म्युनिसिपल कारपोरेशन की तमाम प्रापर्टीज का डेवलपमेंट भी इस फंड से किया जाना है।
साइकिलिंग को प्रमोट करने के लिए शहर में तमाम जगह पर स्टैंड बनाए जाएंगे।
जहां से लोग किराए पर साइकिल हायर कर सकेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि हमारे पास दो दर्जन के करीब प्रोजेक्ट पाइप लाइन में हैं। इनको इनोवेटिव कैसे बनाना है इस पर भी विचार चल रहा है। इनमें संशोधन करने और मंजूरी मिलने के बाद इन्हे भी टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है।
स्मार्ट सिटी में चुनाव होने के बाद से अब तक बहुत अधिक बदलाव शहर में नही आ सके हैं। न तो नाइट मार्केट को बढ़ावा मिल सका और न ही फूड जोन पनप सका है। इसके अलावा जो अन्य काम शुरू होने थे वह भी रुक गए हैं। लेकिन अब इन्हे एक्सीलिरेट करने का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक बार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद तेजी से प्रोजेक्ट्स को पूरा करा लिया जाएगा।
दो माह के भीतर दो सौ करोड़ के प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसमें कई बड़े प्रोजेक्ट फाइनल कर दिए जाएंगे। दो सप्ताह में हम लोग डिसाइड कर लेंगे कि किन प्रोजेक्ट को टॉप पर लाना है। शहर को जल्द ही स्मार्ट सिटी का टच दिया जाएगा।
विपिन कुमार,
| हमारे शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में कोरोना काल ने बड़ी बाधाएं पैदा की हैं। पिछले कई महीनों ने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट ठप पड़े थे। लेकिन अब इन्हे अमली जामा पहनाए जाने का समय आ गया है। अगले दो माह के भीतर स्मार्ट सिटी से जुड़े दो सौ करोड़ के काम शुरू होने जा रहे हैं। इस समय सीमा में इनका टेंडर प्रक्रिया फाइनल की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि रुके पड़े कामों को जल्द पूरा कराकर सिटी को स्मार्ट सिटी की दिशा में आगे बढ़ाने का समय आ गया है। स्मार्ट सिटी की मंशा को आगे बढ़ाने की दिशा में छोटे-बड़े कई प्रोजेक्ट इस समय कतार में हैं। जिनमें कुछ की लागत कम है तो कुछ लागत कई करोड़ में हैं। इनको अब तक कम्प्लीट हो जाना चाहिए था लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते सभी ठंडे बस्ते में चले गए। इनका फंड भी फंसा हुआ था। लेकिन अब मामला लगभग क्लीयर हो चुका है। सरकार ने तय किया है कि अगले दो माह के भीतर दो सौ करोड़ की लागत के प्रोजेक्ट्स की टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जानी है। चार सरकारी इंटर कॉलेज और चार अपर प्राइमरी स्कूलों में स्मार्ट क्लासेज शुरू की जानी हैं। यह प्रोजेक्ट टॉप प्रायरिटी पर रखा गया है। शहर के तमाम सरकारी कार्यालय और स्पाट्स पर सोलर पैनल लगाए जाने का प्रोजेक्ट भी टॉप लाइन में हैं। यह सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। कंपनीबाग स्थित सेंट्रल लाइब्रेरी का डिजिटाइजेशन किया जाना है। इस प्रोजेक्ट के लागत दस करोड़ के करीब हैं। शहर के कई स्पॉट्स पर ई रिक्शा रिचार्जिग सेंटर बनाए जाने हैं। मोस्ट अवेटेड प्रोजेक्ट में यह शामिल है। दिव्यांगों को ट्राइसाइकिल अवेलेबल कराए जाने के लिए भी सरकार इस प्रोजेक्ट को लाने की कोशिशों में लगी है। वन सिटी एंड वन आफिस प्रोजेक्ट एक बड़ा प्रोजेक्ट है। इसकी प्लानिंग भी की जा रही है। म्युनिसिपल कारपोरेशन की तमाम प्रापर्टीज का डेवलपमेंट भी इस फंड से किया जाना है। साइकिलिंग को प्रमोट करने के लिए शहर में तमाम जगह पर स्टैंड बनाए जाएंगे। जहां से लोग किराए पर साइकिल हायर कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि हमारे पास दो दर्जन के करीब प्रोजेक्ट पाइप लाइन में हैं। इनको इनोवेटिव कैसे बनाना है इस पर भी विचार चल रहा है। इनमें संशोधन करने और मंजूरी मिलने के बाद इन्हे भी टेंडर प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता है। स्मार्ट सिटी में चुनाव होने के बाद से अब तक बहुत अधिक बदलाव शहर में नही आ सके हैं। न तो नाइट मार्केट को बढ़ावा मिल सका और न ही फूड जोन पनप सका है। इसके अलावा जो अन्य काम शुरू होने थे वह भी रुक गए हैं। लेकिन अब इन्हे एक्सीलिरेट करने का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक बार टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद तेजी से प्रोजेक्ट्स को पूरा करा लिया जाएगा। दो माह के भीतर दो सौ करोड़ के प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसमें कई बड़े प्रोजेक्ट फाइनल कर दिए जाएंगे। दो सप्ताह में हम लोग डिसाइड कर लेंगे कि किन प्रोजेक्ट को टॉप पर लाना है। शहर को जल्द ही स्मार्ट सिटी का टच दिया जाएगा। विपिन कुमार, |
इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन को 2006 में फांसी देने के बाद उसके शव को दफनाने के लिए बगदाद भेज दिया गया था, लेकिन इराक से ही खबर है कि सद्दाम की कब्र से उसका शव रहस्यमयी तरीके से गायब हो चुका है। उसकी कॉन्क्रीट की टूटी कब्र खाली पड़ी हुई है।
ऐसा दावा किया जा रहा है कि सद्दाम के शव को उनकी बेटी लेकर चली गई है। सद्दाम के वंशज शेख मनफ अली अल- निदा का दावा है कि किसी ने सद्दाम की कब्र को खोदा और उसके शव को जला दिया गया है। कब्र की सिक्योरिटी में लगे शिया पैरामिलिट्री फोर्स का दावा है कि आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अपने फाइटर तैनात किए थे।
यहां हवाई हमले में कब्र बर्बाद हो गई। वहीं, सद्दाम के लिए काम कर चुके एक एक सैनिक ने दावा किया कि तानाशाह की निर्वासित बेटी हाला अपने प्राइवेट जेट इराक आई थी और चुपचाप पिता की डेडबॉडी लेकर जॉर्डन चली गई। एक इराकी प्रोफेसर के मुताबिक, सद्दाम की बेटी हाला कभी इराक लौटी ही नहीं है।
| इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन को दो हज़ार छः में फांसी देने के बाद उसके शव को दफनाने के लिए बगदाद भेज दिया गया था, लेकिन इराक से ही खबर है कि सद्दाम की कब्र से उसका शव रहस्यमयी तरीके से गायब हो चुका है। उसकी कॉन्क्रीट की टूटी कब्र खाली पड़ी हुई है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि सद्दाम के शव को उनकी बेटी लेकर चली गई है। सद्दाम के वंशज शेख मनफ अली अल- निदा का दावा है कि किसी ने सद्दाम की कब्र को खोदा और उसके शव को जला दिया गया है। कब्र की सिक्योरिटी में लगे शिया पैरामिलिट्री फोर्स का दावा है कि आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अपने फाइटर तैनात किए थे। यहां हवाई हमले में कब्र बर्बाद हो गई। वहीं, सद्दाम के लिए काम कर चुके एक एक सैनिक ने दावा किया कि तानाशाह की निर्वासित बेटी हाला अपने प्राइवेट जेट इराक आई थी और चुपचाप पिता की डेडबॉडी लेकर जॉर्डन चली गई। एक इराकी प्रोफेसर के मुताबिक, सद्दाम की बेटी हाला कभी इराक लौटी ही नहीं है। |
ओडिशा में सरकारी बाबू को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना महंगा पड़ गया है। नवरंगपुर के अतिरिक्त उप-कलेक्टर और करोड़पति ओएएस ( Odisha Administrative Service) अधिकारी प्रशांत कुमार राउत को नौकरी से छुट्टी दे दी गई है। राज्य सरकार ने प्रशांत को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। गौरतलब है कि प्रशांत को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
- ओडिशा में सरकारी बाबू को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना महंगा पड़ गया है। नवरंगपुर के अतिरिक्त उप-कलेक्टर प्रशांत प्रशांत कुमार राउत को नौकरी से छुट्टी दे दी गई है।
- विजिलेंस विभाग ने प्रशांत को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया हुआ है।
- आरोप है कि प्रशांत ने अपनी आय से 506 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। उनकी आय से अधिक संपत्ति 5 करोड़ 21 लाख 9 हजार 659 रुपये है।
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में सरकारी बाबू को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना महंगा पड़ गया है। नवरंगपुर के अतिरिक्त उप-कलेक्टर और करोड़पति ओएएस ( Odisha Administrative Service) अधिकारी प्रशांत कुमार राउत को नौकरी से छुट्टी दे दी गई है। राज्य सरकार ने प्रशांत को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है।
गौरतलब है कि विजिलेंस विभाग ने प्रशांत को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया हुआ है।
सतर्कता विभाग के अनुसार, प्रशांत ने अपनी आय से 506 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। उनकी आय से अधिक संपत्ति 5 करोड़ 21 लाख 9 हजार 659 रुपये है।
23 मई को प्रशांत के घर पर छापेमारी के दौरान विजिलेंस ने उसके घर से 3 करोड़ 2 लाख 30 हजार 800 रुपये नकद जब्त किए थे। यह राज्य सतर्कता के इतिहास में जब्त की गई नकदी की दूसरी सबसे बड़ी राशि है।
प्रशांत राउत का भुवनेश्वर के कानन विहार इलाके में दो मंजिला इमारत, कटक और भुवनेश्वर के प्रमुख स्थानों में चार बेशकीमती भूखंड और उमरकोट में एक बेनामी भूखंड है।
प्रशांत ने अपने दो बच्चों की शिक्षा पर कुल 87 लाख रुपये खर्च किए हैं और उनके पास दो चार पहिया वाहन और एक दोपहिया वाहन है।
तीनों वाहनों की कीमत 37 लाख रुपये है। उनके कब्जे से 27. 27 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू उपकरण जब्त किए गए हैं।
इसी तरह उनके पास बैंक और बीमा जमा के रूप में 92. 34 लाख रुपये हैं। इसमें से 38. 64 लाख रुपये दो बेनामी खातों में हैं।
सतर्कता सूत्रों के अनुसार, प्रशांत को 2018 में बिश्रा ब्लॉक के बीडीओ रहते हुए एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
प्रशांत को 6 नवंबर, 2018 को सेवा से निलंबित करना पड़ा था। हालांकि, 18 जनवरी, 2020 को निलंबन हटा लिया गया और उन्हें नवरंगपुर के अतिरिक्त उप-कलेक्टर के रूप में बहाल कर दिया गया।
| ओडिशा में सरकारी बाबू को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना महंगा पड़ गया है। नवरंगपुर के अतिरिक्त उप-कलेक्टर और करोड़पति ओएएस अधिकारी प्रशांत कुमार राउत को नौकरी से छुट्टी दे दी गई है। राज्य सरकार ने प्रशांत को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। गौरतलब है कि प्रशांत को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। - ओडिशा में सरकारी बाबू को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना महंगा पड़ गया है। नवरंगपुर के अतिरिक्त उप-कलेक्टर प्रशांत प्रशांत कुमार राउत को नौकरी से छुट्टी दे दी गई है। - विजिलेंस विभाग ने प्रशांत को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया हुआ है। - आरोप है कि प्रशांत ने अपनी आय से पाँच सौ छः प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। उनकी आय से अधिक संपत्ति पाँच करोड़ इक्कीस लाख नौ हजार छः सौ उनसठ रुपयापये है। जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में सरकारी बाबू को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करना महंगा पड़ गया है। नवरंगपुर के अतिरिक्त उप-कलेक्टर और करोड़पति ओएएस अधिकारी प्रशांत कुमार राउत को नौकरी से छुट्टी दे दी गई है। राज्य सरकार ने प्रशांत को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। गौरतलब है कि विजिलेंस विभाग ने प्रशांत को आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गिरफ्तार किया हुआ है। सतर्कता विभाग के अनुसार, प्रशांत ने अपनी आय से पाँच सौ छः प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की। उनकी आय से अधिक संपत्ति पाँच करोड़ इक्कीस लाख नौ हजार छः सौ उनसठ रुपयापये है। तेईस मई को प्रशांत के घर पर छापेमारी के दौरान विजिलेंस ने उसके घर से तीन करोड़ दो लाख तीस हजार आठ सौ रुपयापये नकद जब्त किए थे। यह राज्य सतर्कता के इतिहास में जब्त की गई नकदी की दूसरी सबसे बड़ी राशि है। प्रशांत राउत का भुवनेश्वर के कानन विहार इलाके में दो मंजिला इमारत, कटक और भुवनेश्वर के प्रमुख स्थानों में चार बेशकीमती भूखंड और उमरकोट में एक बेनामी भूखंड है। प्रशांत ने अपने दो बच्चों की शिक्षा पर कुल सत्तासी लाख रुपये खर्च किए हैं और उनके पास दो चार पहिया वाहन और एक दोपहिया वाहन है। तीनों वाहनों की कीमत सैंतीस लाख रुपये है। उनके कब्जे से सत्ताईस. सत्ताईस लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू उपकरण जब्त किए गए हैं। इसी तरह उनके पास बैंक और बीमा जमा के रूप में बानवे. चौंतीस लाख रुपये हैं। इसमें से अड़तीस. चौंसठ लाख रुपये दो बेनामी खातों में हैं। सतर्कता सूत्रों के अनुसार, प्रशांत को दो हज़ार अट्ठारह में बिश्रा ब्लॉक के बीडीओ रहते हुए एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। प्रशांत को छः नवंबर, दो हज़ार अट्ठारह को सेवा से निलंबित करना पड़ा था। हालांकि, अट्ठारह जनवरी, दो हज़ार बीस को निलंबन हटा लिया गया और उन्हें नवरंगपुर के अतिरिक्त उप-कलेक्टर के रूप में बहाल कर दिया गया। |
महाराष्ट्र रेलवे पुलिस ने एनसीबी के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। इस अधिकारी पर एक महिला ने चलती ट्रेन में छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
प्रियंका गाँधी के झाड़ू लगाने के विरोध को दलितों का अपमान बता रही कॉन्ग्रेस ने प्रधानमंत्री का अपमान क्यों किया था, जब उन्होंने झाड़ू पकड़ी थी?
क्रूज ड्रग्स मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की जमानत अर्ज़ी को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि यह सुनवाई योग्य नहीं है।
एयर इंडिया की घर वापसी की खबरों पर आधिकारिक मुहर लग गई है। स्पाइसजेट को पीछे छोड़ते हुए टाटा संस ने इसकी बोली जीत ली है।
कश्मीर में अचानक हो रहे इन आतंकवादी हमलों का क्या कारण हो सकता है? प्रश्न यह भी है कि ये हमले क्या 2019 से पहले होने वाले हमलों से अलग हैं?
1000 कश्मीरी पंडितों को वापस मिली उनकी संपत्ति, हटाया जा रहा स्थानीय मुस्लिमों का कब्ज़ाः आतंकियों के बौखलाहट का कारण यही?
अब कश्मीरी पंडितों की उन संपत्तियों को वापस छुड़ाया जा रहा है, जिन पर स्थानीय मुस्लिमों ने कब्जा कर रखा है। इसीलिए बौखलाए हुए हैं आतंकी?
पीसीबी चीफ रमीज राजा ने आईसीसी से मिलने वाली फंडिंग की जानकारी देते हुए कहा है कि एक तरह से भारतीय कारोबारी पाकिस्तानी क्रिकेट को चला रहे हैं।
हरिओम मिश्रा और श्याम सुंदर निषाद। दोनों की लखीमपुर खीरी में हत्या की गई। 'किसानों' के दिए इस जख्म से उनके परिवार कैसे उबरेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो राज्य की पुलिस द्वारा उठाए गए क़दमों से संतुष्ट नहीं है। हरीश साल्वे के आश्वासन पर सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि सबूतों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
सुपिंदर कौर के बारे में पड़ोसियों ने बताया कि वो काफी नेकदिल महिला थीं और अपने वेतन का अधिकतर हिस्सा जरूरतमंद मुस्लिमों पर खर्च करती थीं।
| महाराष्ट्र रेलवे पुलिस ने एनसीबी के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। इस अधिकारी पर एक महिला ने चलती ट्रेन में छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। प्रियंका गाँधी के झाड़ू लगाने के विरोध को दलितों का अपमान बता रही कॉन्ग्रेस ने प्रधानमंत्री का अपमान क्यों किया था, जब उन्होंने झाड़ू पकड़ी थी? क्रूज ड्रग्स मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की जमानत अर्ज़ी को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि यह सुनवाई योग्य नहीं है। एयर इंडिया की घर वापसी की खबरों पर आधिकारिक मुहर लग गई है। स्पाइसजेट को पीछे छोड़ते हुए टाटा संस ने इसकी बोली जीत ली है। कश्मीर में अचानक हो रहे इन आतंकवादी हमलों का क्या कारण हो सकता है? प्रश्न यह भी है कि ये हमले क्या दो हज़ार उन्नीस से पहले होने वाले हमलों से अलग हैं? एक हज़ार कश्मीरी पंडितों को वापस मिली उनकी संपत्ति, हटाया जा रहा स्थानीय मुस्लिमों का कब्ज़ाः आतंकियों के बौखलाहट का कारण यही? अब कश्मीरी पंडितों की उन संपत्तियों को वापस छुड़ाया जा रहा है, जिन पर स्थानीय मुस्लिमों ने कब्जा कर रखा है। इसीलिए बौखलाए हुए हैं आतंकी? पीसीबी चीफ रमीज राजा ने आईसीसी से मिलने वाली फंडिंग की जानकारी देते हुए कहा है कि एक तरह से भारतीय कारोबारी पाकिस्तानी क्रिकेट को चला रहे हैं। हरिओम मिश्रा और श्याम सुंदर निषाद। दोनों की लखीमपुर खीरी में हत्या की गई। 'किसानों' के दिए इस जख्म से उनके परिवार कैसे उबरेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो राज्य की पुलिस द्वारा उठाए गए क़दमों से संतुष्ट नहीं है। हरीश साल्वे के आश्वासन पर सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि सबूतों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। सुपिंदर कौर के बारे में पड़ोसियों ने बताया कि वो काफी नेकदिल महिला थीं और अपने वेतन का अधिकतर हिस्सा जरूरतमंद मुस्लिमों पर खर्च करती थीं। |
देश की सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां खालिस्तान व हिजबुल मुजाहिदीन के गठजोड़ को देश के लिए बड़ा खतरा मान रही हैं। ये भी कहा जा रहा है कि कश्मीर के अलगावी संगठनों के अलावा अन्य आतंकी संगठन एकसाथ सामने आ रहे हैं। जम्मू कश्मीर के हिजबुल मुजाहिदीन के कथित आतंकी दिल्ली में पंजाब के शूटरों को हथियार व पैसे देने आए थे। कश्मीर के कथित आतंकियों के कब्जे से ही एक लाख रुपये व हेरोइन बरामद की हुई है। पंजाब के शूटरों के पास हथियार पहले से ही रखे थे। हेरोइन से जो पैसे आते वह शूटरों को दिए जाते।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल सुख भिखारीवाल ने इनको दिल्ली पहुंचाने को कहा था। भिखारीवाल ने इनसे कहा था कि इनको दिल्ली में कई टॉगरेट किलिंग करनी हैं। स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इनको दिल्ली पहुंचने को कहा गया था। या तो आतंकियों को टॉरगेट किलिंग बता दी गई थी और ये कथित आतंकी जानबूझ कर कुछ नहीं बता रहे हैं।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में किसी भी कीमत पर कोई बड़ी वारदात करवाना चहाती है। आईएसआई के कहने पर ही खालिस्तान व आतंकी संगठनों ने हाथ मिलाया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल आईएसआई की कई बड़ी साजिशों को नाकाम कर चुकी है।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पैसा व हथियार भिजवाना अब भारत में मुश्किल हो रहा है। ऐसे में आईएसआई ने पैसे एकत्रित करने के लिए हेरोइन को सप्लाई कर पैसे एकत्रित करने वाला तरीका चुना है। दिल्ली पुलिस खालिस्तान व हिजबुल मुजाहिदीन के नेटवर्क को खंगालने पर लगी हुई है। पंजाब के अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस को भी इनके इनपुट्स के बारे में बताया गया है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार सुबह मुठभेड़ के बाद पंजाब के दो शूटर गुरदासपुर, पंजाब के गुरजीत सिंह उर्फ भा, सुखदीप सिंह उर्फ भूरा और जम्मू कश्मीर के शब्बीर अहमद, रियाज अहमद राथर और मो. अयूब पठान को गिरफ्तार किया है। इनको सोमवार शाम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने इनको चार-चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब पुलिस स्पेशल सेल के लोधी कॉलोनी स्थित कार्यालय में सोमवार सुबह पहुंच गई थी। पंजाब पुलिस ने कथित आतंकियों से पूछताछ करना शुरू कर दिया है। पंजाब पुलिस जल्द ही दोनों की शूटरों को ट्राजिट रिमांड पर लेकर पंजाब जाएगी। पंजाब के शूटरों ने ही शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की गोली मारकर हत्या की थी।
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| देश की सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां खालिस्तान व हिजबुल मुजाहिदीन के गठजोड़ को देश के लिए बड़ा खतरा मान रही हैं। ये भी कहा जा रहा है कि कश्मीर के अलगावी संगठनों के अलावा अन्य आतंकी संगठन एकसाथ सामने आ रहे हैं। जम्मू कश्मीर के हिजबुल मुजाहिदीन के कथित आतंकी दिल्ली में पंजाब के शूटरों को हथियार व पैसे देने आए थे। कश्मीर के कथित आतंकियों के कब्जे से ही एक लाख रुपये व हेरोइन बरामद की हुई है। पंजाब के शूटरों के पास हथियार पहले से ही रखे थे। हेरोइन से जो पैसे आते वह शूटरों को दिए जाते। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फिलहाल सुख भिखारीवाल ने इनको दिल्ली पहुंचाने को कहा था। भिखारीवाल ने इनसे कहा था कि इनको दिल्ली में कई टॉगरेट किलिंग करनी हैं। स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इनको दिल्ली पहुंचने को कहा गया था। या तो आतंकियों को टॉरगेट किलिंग बता दी गई थी और ये कथित आतंकी जानबूझ कर कुछ नहीं बता रहे हैं। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में किसी भी कीमत पर कोई बड़ी वारदात करवाना चहाती है। आईएसआई के कहने पर ही खालिस्तान व आतंकी संगठनों ने हाथ मिलाया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल आईएसआई की कई बड़ी साजिशों को नाकाम कर चुकी है। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पैसा व हथियार भिजवाना अब भारत में मुश्किल हो रहा है। ऐसे में आईएसआई ने पैसे एकत्रित करने के लिए हेरोइन को सप्लाई कर पैसे एकत्रित करने वाला तरीका चुना है। दिल्ली पुलिस खालिस्तान व हिजबुल मुजाहिदीन के नेटवर्क को खंगालने पर लगी हुई है। पंजाब के अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस को भी इनके इनपुट्स के बारे में बताया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार सुबह मुठभेड़ के बाद पंजाब के दो शूटर गुरदासपुर, पंजाब के गुरजीत सिंह उर्फ भा, सुखदीप सिंह उर्फ भूरा और जम्मू कश्मीर के शब्बीर अहमद, रियाज अहमद राथर और मो. अयूब पठान को गिरफ्तार किया है। इनको सोमवार शाम को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने इनको चार-चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब पुलिस स्पेशल सेल के लोधी कॉलोनी स्थित कार्यालय में सोमवार सुबह पहुंच गई थी। पंजाब पुलिस ने कथित आतंकियों से पूछताछ करना शुरू कर दिया है। पंजाब पुलिस जल्द ही दोनों की शूटरों को ट्राजिट रिमांड पर लेकर पंजाब जाएगी। पंजाब के शूटरों ने ही शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की गोली मारकर हत्या की थी। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
अगले साल कवर किए जाने वाले जोखिमों और उत्पादों और प्रीमियम समर्थन दरों को कृषि और वानिकी मंत्रालय (TARSİM) के कृषि बीमा पूल द्वारा निर्धारित किया गया था।
2023 में कृषि बीमा पूल द्वारा कवर किए जाने वाले जोखिमों, उत्पादों और क्षेत्रों पर राष्ट्रपति का निर्णय और प्रीमियम समर्थन दरें आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की गईं।
निर्णय के साथ, 2022 में लागू प्रथाओं के अतिरिक्त कार्यक्षेत्र विस्तार अध्ययन किए गए।
इसके अनुसार ओला जोखिम टैरिफ मूल्य में कुल 134 छूट दी गई और हर्बल उत्पाद बीमा में उत्पाद पर 5 से 15 प्रतिशत की छूट दी गई। गेहूं उत्पाद टैरिफ मूल्य में 6 प्रतिशत की कमी की गई। फसल और ग्राम आधारित सूखा उपज बीमा में लागू दोहरी नीति छूट को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया।
वृक्ष बीमा में, एक ही पार्सल में पेड़ और उत्पाद नीतियों दोनों के साथ पार्सल के लिए 5 प्रतिशत "ट्री डबल पॉलिसी छूट" आवेदन पेश किया गया था।
चेरी और चेरी में, संपार्श्विक दीक्षा को "पहले ब्लूम" चरण से "व्हाइट बड" चरण में बदल दिया गया था।
आटिचोक (सब्जियों) में फ्रॉस्ट जोखिम को वैकल्पिक अतिरिक्त कवरेज के रूप में बीमा के दायरे में शामिल किया गया था।
खरबूजे और तरबूज में, ठंढ जोखिम क्षति जो अंकुरण अवधि के दौरान पुनर्रोपण का कारण बनेगी, कवरेज में शामिल है।
ग्रीनहाउस उत्पादन में कम सुरंगों में उगाए जाने वाले टमाटर, काली मिर्च, बैंगन, खरबूजे और तरबूज उत्पादों में पौध अवधि में पुनः रोपण करने वाले ठंढ जोखिम क्षति को कवरेज द्वारा कवर किया जाता है।
कीवी, आलूबुखारा और खुबानी पर सह-बीमा दरों में 5 से 10 प्रतिशत की कमी की गई।
ग्रीनहाउस उत्पादन में कम सुरंगों में "जंगली सूअर क्षति" का जोखिम कवरेज द्वारा कवर किया गया है।
ग्रीनहाउस बीमा में, कवर मरम्मत की लागत 250 लीरा से बढ़ाकर 1000 लीरा कर दी गई।
अक्षय ऊर्जा संसाधनों के दायरे में भू-तापीय संसाधनों का उपयोग करने के लिए निर्धारित ग्रीनहाउस में कुल पॉलिसी प्रीमियम पर 5 प्रतिशत की छूट शुरू की गई थी।
पशु जीवन बीमा में डेयरी मवेशियों के लिए टैरिफ मूल्य में 6 प्रतिशत और गोमांस मवेशियों के लिए 5 प्रतिशत की छूट दी गई थी।
पशु जीवन बीमा में गर्भपात की लागत जो 15 प्रतिशत थी, उसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। "आतंकवाद, हड़ताल, तालाबंदी, उथल-पुथल, लोकप्रिय आंदोलनों" के लिए 5 प्रतिशत की छूट दर को हटा दिया गया है।
मवेशी प्रजनन व्यवसायों पर 5 प्रतिशत की छूट लागू की गई है जो अक्षय ऊर्जा स्रोत से सक्रिय बायोगैस ऊर्जा का उत्पादन करते हैं और जोखिम विश्लेषण परिणाम के अनुसार इसका उपयोग करने के लिए दृढ़ हैं।
छोटे मवेशियों के जीवन बीमा के दायरे में, अतिरिक्त बीमारियों, चट्टान से गिरने और भेड़िये के काटने जैसी क्षति के लिए सह-बीमा दर को 30 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया।
पोल्ट्री जीवन बीमा में व्यापक टैरिफ कीमतों में 10% की छूट दी गई थी। सह बीमा, जो इस बीमा में 20 प्रतिशत था, घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया।
एक्वाकल्चर लाइफ इंश्योरेंस के टैरिफ की कीमतों में 10% की छूट दी गई थी।
"आतंक, हड़ताल, तालाबंदी, उथल-पुथल, लोकप्रिय आंदोलन" कवरेज को बोवाइन, ओवाइन, पोल्ट्री और एक्वाकल्चर जीवन बीमा में वैकल्पिक अतिरिक्त कवरेज के रूप में शामिल किया गया था।
सभी शाखाओं में महिला कृषकों के लिए छूट 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत की गई। युवा किसान छूट में युवा किसान की उम्र सीमा 30 से बढ़ाकर 40 की गई।
पहली बार, सभी बीमा शाखाओं में "शहीदों के रिश्तेदारों और पूर्व सैनिकों" पर 5% की छूट शुरू की गई थी।
नियमों को कृषि बीमा शाखाओं के लिए सामान्य शर्तों, शुल्कों और निर्देशों के दायरे में लागू किया जाएगा।
यह फैसला 1 जनवरी 2023 से लागू होगा।
| अगले साल कवर किए जाने वाले जोखिमों और उत्पादों और प्रीमियम समर्थन दरों को कृषि और वानिकी मंत्रालय के कृषि बीमा पूल द्वारा निर्धारित किया गया था। दो हज़ार तेईस में कृषि बीमा पूल द्वारा कवर किए जाने वाले जोखिमों, उत्पादों और क्षेत्रों पर राष्ट्रपति का निर्णय और प्रीमियम समर्थन दरें आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित की गईं। निर्णय के साथ, दो हज़ार बाईस में लागू प्रथाओं के अतिरिक्त कार्यक्षेत्र विस्तार अध्ययन किए गए। इसके अनुसार ओला जोखिम टैरिफ मूल्य में कुल एक सौ चौंतीस छूट दी गई और हर्बल उत्पाद बीमा में उत्पाद पर पाँच से पंद्रह प्रतिशत की छूट दी गई। गेहूं उत्पाद टैरिफ मूल्य में छः प्रतिशत की कमी की गई। फसल और ग्राम आधारित सूखा उपज बीमा में लागू दोहरी नीति छूट को पाँच प्रतिशत से बढ़ाकर दस प्रतिशत कर दिया गया। वृक्ष बीमा में, एक ही पार्सल में पेड़ और उत्पाद नीतियों दोनों के साथ पार्सल के लिए पाँच प्रतिशत "ट्री डबल पॉलिसी छूट" आवेदन पेश किया गया था। चेरी और चेरी में, संपार्श्विक दीक्षा को "पहले ब्लूम" चरण से "व्हाइट बड" चरण में बदल दिया गया था। आटिचोक में फ्रॉस्ट जोखिम को वैकल्पिक अतिरिक्त कवरेज के रूप में बीमा के दायरे में शामिल किया गया था। खरबूजे और तरबूज में, ठंढ जोखिम क्षति जो अंकुरण अवधि के दौरान पुनर्रोपण का कारण बनेगी, कवरेज में शामिल है। ग्रीनहाउस उत्पादन में कम सुरंगों में उगाए जाने वाले टमाटर, काली मिर्च, बैंगन, खरबूजे और तरबूज उत्पादों में पौध अवधि में पुनः रोपण करने वाले ठंढ जोखिम क्षति को कवरेज द्वारा कवर किया जाता है। कीवी, आलूबुखारा और खुबानी पर सह-बीमा दरों में पाँच से दस प्रतिशत की कमी की गई। ग्रीनहाउस उत्पादन में कम सुरंगों में "जंगली सूअर क्षति" का जोखिम कवरेज द्वारा कवर किया गया है। ग्रीनहाउस बीमा में, कवर मरम्मत की लागत दो सौ पचास लीटररा से बढ़ाकर एक हज़ार लीटररा कर दी गई। अक्षय ऊर्जा संसाधनों के दायरे में भू-तापीय संसाधनों का उपयोग करने के लिए निर्धारित ग्रीनहाउस में कुल पॉलिसी प्रीमियम पर पाँच प्रतिशत की छूट शुरू की गई थी। पशु जीवन बीमा में डेयरी मवेशियों के लिए टैरिफ मूल्य में छः प्रतिशत और गोमांस मवेशियों के लिए पाँच प्रतिशत की छूट दी गई थी। पशु जीवन बीमा में गर्भपात की लागत जो पंद्रह प्रतिशत थी, उसे बढ़ाकर बीस प्रतिशत कर दिया गया। "आतंकवाद, हड़ताल, तालाबंदी, उथल-पुथल, लोकप्रिय आंदोलनों" के लिए पाँच प्रतिशत की छूट दर को हटा दिया गया है। मवेशी प्रजनन व्यवसायों पर पाँच प्रतिशत की छूट लागू की गई है जो अक्षय ऊर्जा स्रोत से सक्रिय बायोगैस ऊर्जा का उत्पादन करते हैं और जोखिम विश्लेषण परिणाम के अनुसार इसका उपयोग करने के लिए दृढ़ हैं। छोटे मवेशियों के जीवन बीमा के दायरे में, अतिरिक्त बीमारियों, चट्टान से गिरने और भेड़िये के काटने जैसी क्षति के लिए सह-बीमा दर को तीस प्रतिशत से घटाकर बीस प्रतिशत कर दिया गया। पोल्ट्री जीवन बीमा में व्यापक टैरिफ कीमतों में दस% की छूट दी गई थी। सह बीमा, जो इस बीमा में बीस प्रतिशत था, घटाकर दस प्रतिशत कर दिया गया। एक्वाकल्चर लाइफ इंश्योरेंस के टैरिफ की कीमतों में दस% की छूट दी गई थी। "आतंक, हड़ताल, तालाबंदी, उथल-पुथल, लोकप्रिय आंदोलन" कवरेज को बोवाइन, ओवाइन, पोल्ट्री और एक्वाकल्चर जीवन बीमा में वैकल्पिक अतिरिक्त कवरेज के रूप में शामिल किया गया था। सभी शाखाओं में महिला कृषकों के लिए छूट पाँच प्रतिशत से बढ़ाकर दस प्रतिशत की गई। युवा किसान छूट में युवा किसान की उम्र सीमा तीस से बढ़ाकर चालीस की गई। पहली बार, सभी बीमा शाखाओं में "शहीदों के रिश्तेदारों और पूर्व सैनिकों" पर पाँच% की छूट शुरू की गई थी। नियमों को कृषि बीमा शाखाओं के लिए सामान्य शर्तों, शुल्कों और निर्देशों के दायरे में लागू किया जाएगा। यह फैसला एक जनवरी दो हज़ार तेईस से लागू होगा। |
साउथ स्टार सूर्या शिवकुमार की फिल्म सूर्या 42 को लेकर एक खुश करने वाली खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी इस फिल्म के हिंदी वर्जन के राइट्स करोड़ों रुपए में बिक गए हैं। बता दें कि फिल्म 200 करोड़ के बजट में बनाया जा रहा है।
हनी सिंह ने हालिया बातचीत में खुलासा किया कि अब वे कार नहीं चलाते। क्योंकि अपनी बीमारी के चलते उन्होंने सभी कारें बेच दी हैं। हनी सिंह ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि उन्हें बीमारी का अहसास कैसे हुआ?
शाहरुख खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म पठान की रिलीज का फैन्स काफी समय से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच फैन्स को खुश करने के लिए मेकर्स पठान का ट्रेलर रिलीज कर रहे हैं और इसकी डेट भी रिवील कर दी गई है।
| साउथ स्टार सूर्या शिवकुमार की फिल्म सूर्या बयालीस को लेकर एक खुश करने वाली खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी इस फिल्म के हिंदी वर्जन के राइट्स करोड़ों रुपए में बिक गए हैं। बता दें कि फिल्म दो सौ करोड़ के बजट में बनाया जा रहा है। हनी सिंह ने हालिया बातचीत में खुलासा किया कि अब वे कार नहीं चलाते। क्योंकि अपनी बीमारी के चलते उन्होंने सभी कारें बेच दी हैं। हनी सिंह ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि उन्हें बीमारी का अहसास कैसे हुआ? शाहरुख खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म पठान की रिलीज का फैन्स काफी समय से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच फैन्स को खुश करने के लिए मेकर्स पठान का ट्रेलर रिलीज कर रहे हैं और इसकी डेट भी रिवील कर दी गई है। |
लॉकडाउन के वजह से हर काम ठप पड़ा था. लेकिन सोमवार से कुछ-कुछ क्षेत्रों में छूट मिलने लगेगी. वहीं, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी करीब दो महीने बाद फिर बिजली बिलों का वितरण शुरू करने जा रही है. लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही कंपनी ने बिलों का वितरण रोक दिया था. कंपनी ने बिल कलेक्शन को लेकर भी नई व्यवस्था शुरू करने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी है. कंपनी ने बिल भुगतान के लिए खास गाड़ियां चलाने की योजना बनाई है. ये गाड़ियां मोहल्ले-कॉलोनियों में पहुंचेगी.
दरअसल, जहां उपभोक्ता नकद या ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे. कंपनी ने वाहनों का विवरण देते हुए प्रशासन की अनुमति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है. राजस्व वसूली में पिछड़ने के बाद कंपनी के लिए बिल का भुगतान अर्जित करना अब जरूरी हो गया है. 25 मार्च के बाद से अब तक बिजली कंपनी ने बिलों का वितरण नहीं किया है.
बता दें की इस दौरान घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के उपभोक्ताओं को मोबाइल पर एसएमएस या ऑनलाइन तरीके से ही बिल उपलब्ध कराए जा रहे थे. इन दो महीनों के दौरान उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग भी नहीं हो सकी है. बिजली कंपनी ने अब बिलों का वितरण फिर शुरू करने का मन बना लिया है. शहर के ऐसे क्षेत्र जो कोरोना कंटेंनमेंट एरिया घोषित नहीं है, उन्हीं क्षेत्रों में बिलों का वितरण शुरू होगा. इसके बाद मीटरों की रीडिंग का दौर शुरू होने की उम्मीद भी जताई जा रही है.
योगी के मंत्री के बिगड़े बोल- घर जा रहे मजदूरों को बताया चोर-डकैत !
| लॉकडाउन के वजह से हर काम ठप पड़ा था. लेकिन सोमवार से कुछ-कुछ क्षेत्रों में छूट मिलने लगेगी. वहीं, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी करीब दो महीने बाद फिर बिजली बिलों का वितरण शुरू करने जा रही है. लॉकडाउन शुरू होने के साथ ही कंपनी ने बिलों का वितरण रोक दिया था. कंपनी ने बिल कलेक्शन को लेकर भी नई व्यवस्था शुरू करने के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी है. कंपनी ने बिल भुगतान के लिए खास गाड़ियां चलाने की योजना बनाई है. ये गाड़ियां मोहल्ले-कॉलोनियों में पहुंचेगी. दरअसल, जहां उपभोक्ता नकद या ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे. कंपनी ने वाहनों का विवरण देते हुए प्रशासन की अनुमति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है. राजस्व वसूली में पिछड़ने के बाद कंपनी के लिए बिल का भुगतान अर्जित करना अब जरूरी हो गया है. पच्चीस मार्च के बाद से अब तक बिजली कंपनी ने बिलों का वितरण नहीं किया है. बता दें की इस दौरान घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के उपभोक्ताओं को मोबाइल पर एसएमएस या ऑनलाइन तरीके से ही बिल उपलब्ध कराए जा रहे थे. इन दो महीनों के दौरान उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग भी नहीं हो सकी है. बिजली कंपनी ने अब बिलों का वितरण फिर शुरू करने का मन बना लिया है. शहर के ऐसे क्षेत्र जो कोरोना कंटेंनमेंट एरिया घोषित नहीं है, उन्हीं क्षेत्रों में बिलों का वितरण शुरू होगा. इसके बाद मीटरों की रीडिंग का दौर शुरू होने की उम्मीद भी जताई जा रही है. योगी के मंत्री के बिगड़े बोल- घर जा रहे मजदूरों को बताया चोर-डकैत ! |
Jaipur News: राजस्थान में नवगठित जिलों को लेकर रार थमने का नाम नहीं ले रही है. एक तरफ कई कस्बों को जिला बनाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है. वहीं दूसरी तरफ गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास (Pratap Singh Khachariawas) ने ऐलान किया है कि जयपुर को किसी भी सूरत में दो जिलों में नहीं बांटा जाएगा.
अंजू ने नसरुल्लाह से शादी की या नहीं? शख्स ने बताई 'प्री वेडिंग शूट की सच्चाई'
Anju Nasrullah Love Story : News18 India पर Anju के पति अरविंद ने कर दिया चौंकाने वाला ख़ुलासा?
| Jaipur News: राजस्थान में नवगठित जिलों को लेकर रार थमने का नाम नहीं ले रही है. एक तरफ कई कस्बों को जिला बनाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी है. वहीं दूसरी तरफ गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने ऐलान किया है कि जयपुर को किसी भी सूरत में दो जिलों में नहीं बांटा जाएगा. अंजू ने नसरुल्लाह से शादी की या नहीं? शख्स ने बताई 'प्री वेडिंग शूट की सच्चाई' Anju Nasrullah Love Story : Newsअट्ठारह India पर Anju के पति अरविंद ने कर दिया चौंकाने वाला ख़ुलासा? |
लखनऊ। वर्षों तक घरेलू हिंसा का शिकार रही महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी जिंदगी की गाड़ी की स्टेयरिंग अपने हाथों में ले ली है। अब ये महिलाएं ई-रिक्शा चलाएंगी और उसकी कमाई से अपने और अपने बच्चों के सपने पूरे करेंगी।
महिलाओं की घरेलू हिंसा पर काम करने वाली गैर सरकारी संस्था 'हमसफर' ने सात महिलाओं को ई रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिया है, जिससे वे अपने रोजगार के साथ ही शहर की महिलाओं को सुरक्षित व प्रदूष्रण रहित सवारी देने जा रही है। इन सभी महिलाओं ने अपने जीवन में हिंसा का सामना किया है। घरेलू हिंसा का शिकार हुई लखनऊ के मवैया में रहने वाली ललिता गौतम (36 वर्ष) बताती हैं, "बड़े अरमानों के साथ मैं भी अपने ससुराल पहुंची लेकिन पहली रात को ही मेरे पति ने मुझे शराब पीकर इतना मारा कि रात को ही डॉक्टर को बुलाना पड़ा। उसके बाद से तो ये गाली गलौच और मारपीट रोज का हो गया।" वो आगे बताती हैं, "दो बेटियों के जन्म देने के बाद ससुराल वालों ने मुझे जिंदा जलाने की कोशिश की और तब मैं अपने बेटियों को लेकर वहां से भाग आई। हमसफर की मदद से मैनें अपनी लड़ाई लड़ी और फिर ई-रिक्शा चलाना सीखा जिससे अपनी पहचान बना सकूं।"
ललिता की तरह बाकी छह महिलाएं भी घरेलू हिंसा का शिकार बनीं, किसी का पति शराब पीकर उसे मारता था तो किसी के ससुराल वालों ने खाने-पानी के लिए तरसा डाला। इन महिलाओं ने अपने हौसले और हिम्मत से अपनी लड़ाई लड़ी और आज अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बन रही हैं।
अपनी ये मंजिल तय करने पर इन महिलाओं को कई तरह के संघर्ष करने पड़े। बिना कागजों के इनकी कोई पहचान नहीं थी और इन्हें जुटानें में 5 से 6 महीने लग गए क्योंकि सरकारी दफ्तरों के दरवाजे बंद थे। इनके पास पहचान पत्र तक नहीं थे ऐसे में लाइसेंस कैसे बनता। इसके बाद जब गाड़ी लेकर ये सड़कों पर उतरीं तो लोगों की छींटाकशी का भी सामना करना पड़ा। 'अब लेडीज ऑटो चलाएगी और मर्द बरतन मांजेगें।' इन सबके बावजूद भी इन महिलाओं ने हार नहीं मानी और अपनी लड़ाई लड़ी।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 15 फरवरी को लखनऊ में ऐसी सात महिलाओं की हौंसला आफजाई की। मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं इन महिलाओं के हौसलें और साहस के लिए उन्हें बधाई देता हूं। इसके साथ ही उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि कुछ ही दिनों में उनको समाजवादी सरकार उनका खुद का रिक्शा दिलाएगी।" फिलहाल इन महिलाओं को हमसफर की ओर से किराए पर दिए गए हैं।
नेशनल क्राइम ब्यूरो की वर्ष 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में साढ़े 28 लाख से अधिक महिलाएं उत्पीडऩ का शिकार हुई हैं। उत्तर प्रदेश महिला उत्पीडऩ के मामलों में सबसे आगे रहा है। यूपी में वर्ष 2014 में 38467 मामले ऐसे सामने आए जिनमें महिलाओं का उत्पीडऩ हुआ।
हमसफर ने पांच रिक्शे लोन लेकर खरीदे और इन महिलाओं की ट्रेंनिग शुरू की हमसफर की ट्रस्टी अरुंधति बताती हैं, "हमारी कोशिश थी कि महिलाओं को प्रदूषण रहित और सुरक्षित यातायात मिल सके। हमें उम्मीद है कि अभी ये सात महिलाएं निकली हैं और आने वाले समय में 7,000 महिलाएं आगे आएंगी। इसमें हमारी प्रेरणा बनी दिल्ली की सखा संस्था जो वहां कि महिलाओं को कैब चलाना सिखाती है।"
आने वाले दिनों में ये महिलाएं अपने ई-रिक्शा के साथ आपको सड़कों पर दिखेगीं। आत्मविश्वास से भरी इन महिलाओं ने इसके लिए सेल्फ डिफेंस, गैराज, ट्रैफिक के नियम और कम्यूनिकेशन की ट्रेनिंग ली है। चेहरे पर मुस्कुराहट और आंखों में नमी लिए हुए पुष्पा (34वर्ष) बताती हैं, "मेरी बेटी को वो नहीं सहना पड़ेगा जो मैनें सहा। उसे अच्छी शिक्षा और परवरिश दूंगी। अब मैं खुद कमाऊंगी और खर्च करूंगी।" कार्यक्रम में महिलाओं ने नाटक और डांस के जरिए से अपनी पूरे संघर्ष की कहानी लोगों को सुनाई।
| लखनऊ। वर्षों तक घरेलू हिंसा का शिकार रही महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी जिंदगी की गाड़ी की स्टेयरिंग अपने हाथों में ले ली है। अब ये महिलाएं ई-रिक्शा चलाएंगी और उसकी कमाई से अपने और अपने बच्चों के सपने पूरे करेंगी। महिलाओं की घरेलू हिंसा पर काम करने वाली गैर सरकारी संस्था 'हमसफर' ने सात महिलाओं को ई रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिया है, जिससे वे अपने रोजगार के साथ ही शहर की महिलाओं को सुरक्षित व प्रदूष्रण रहित सवारी देने जा रही है। इन सभी महिलाओं ने अपने जीवन में हिंसा का सामना किया है। घरेलू हिंसा का शिकार हुई लखनऊ के मवैया में रहने वाली ललिता गौतम बताती हैं, "बड़े अरमानों के साथ मैं भी अपने ससुराल पहुंची लेकिन पहली रात को ही मेरे पति ने मुझे शराब पीकर इतना मारा कि रात को ही डॉक्टर को बुलाना पड़ा। उसके बाद से तो ये गाली गलौच और मारपीट रोज का हो गया।" वो आगे बताती हैं, "दो बेटियों के जन्म देने के बाद ससुराल वालों ने मुझे जिंदा जलाने की कोशिश की और तब मैं अपने बेटियों को लेकर वहां से भाग आई। हमसफर की मदद से मैनें अपनी लड़ाई लड़ी और फिर ई-रिक्शा चलाना सीखा जिससे अपनी पहचान बना सकूं।" ललिता की तरह बाकी छह महिलाएं भी घरेलू हिंसा का शिकार बनीं, किसी का पति शराब पीकर उसे मारता था तो किसी के ससुराल वालों ने खाने-पानी के लिए तरसा डाला। इन महिलाओं ने अपने हौसले और हिम्मत से अपनी लड़ाई लड़ी और आज अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बन रही हैं। अपनी ये मंजिल तय करने पर इन महिलाओं को कई तरह के संघर्ष करने पड़े। बिना कागजों के इनकी कोई पहचान नहीं थी और इन्हें जुटानें में पाँच से छः महीने लग गए क्योंकि सरकारी दफ्तरों के दरवाजे बंद थे। इनके पास पहचान पत्र तक नहीं थे ऐसे में लाइसेंस कैसे बनता। इसके बाद जब गाड़ी लेकर ये सड़कों पर उतरीं तो लोगों की छींटाकशी का भी सामना करना पड़ा। 'अब लेडीज ऑटो चलाएगी और मर्द बरतन मांजेगें।' इन सबके बावजूद भी इन महिलाओं ने हार नहीं मानी और अपनी लड़ाई लड़ी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पंद्रह फरवरी को लखनऊ में ऐसी सात महिलाओं की हौंसला आफजाई की। मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं इन महिलाओं के हौसलें और साहस के लिए उन्हें बधाई देता हूं। इसके साथ ही उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि कुछ ही दिनों में उनको समाजवादी सरकार उनका खुद का रिक्शा दिलाएगी।" फिलहाल इन महिलाओं को हमसफर की ओर से किराए पर दिए गए हैं। नेशनल क्राइम ब्यूरो की वर्ष दो हज़ार चौदह की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में साढ़े अट्ठाईस लाख से अधिक महिलाएं उत्पीडऩ का शिकार हुई हैं। उत्तर प्रदेश महिला उत्पीडऩ के मामलों में सबसे आगे रहा है। यूपी में वर्ष दो हज़ार चौदह में अड़तीस हज़ार चार सौ सरसठ मामले ऐसे सामने आए जिनमें महिलाओं का उत्पीडऩ हुआ। हमसफर ने पांच रिक्शे लोन लेकर खरीदे और इन महिलाओं की ट्रेंनिग शुरू की हमसफर की ट्रस्टी अरुंधति बताती हैं, "हमारी कोशिश थी कि महिलाओं को प्रदूषण रहित और सुरक्षित यातायात मिल सके। हमें उम्मीद है कि अभी ये सात महिलाएं निकली हैं और आने वाले समय में सात,शून्य महिलाएं आगे आएंगी। इसमें हमारी प्रेरणा बनी दिल्ली की सखा संस्था जो वहां कि महिलाओं को कैब चलाना सिखाती है।" आने वाले दिनों में ये महिलाएं अपने ई-रिक्शा के साथ आपको सड़कों पर दिखेगीं। आत्मविश्वास से भरी इन महिलाओं ने इसके लिए सेल्फ डिफेंस, गैराज, ट्रैफिक के नियम और कम्यूनिकेशन की ट्रेनिंग ली है। चेहरे पर मुस्कुराहट और आंखों में नमी लिए हुए पुष्पा बताती हैं, "मेरी बेटी को वो नहीं सहना पड़ेगा जो मैनें सहा। उसे अच्छी शिक्षा और परवरिश दूंगी। अब मैं खुद कमाऊंगी और खर्च करूंगी।" कार्यक्रम में महिलाओं ने नाटक और डांस के जरिए से अपनी पूरे संघर्ष की कहानी लोगों को सुनाई। |
इतनेमें अचानक रमेश अपना सफेद-फक मुँह लिये हुए उठकर चल दिया अक्षय कहने लगा - "यह क्या रमेश बाबू, आप नराज होकर चले जा र है ? देखिये भला, आप क्या यह खयाल कर रहे हैं कि आपपर मैं शक करत हूँ ?" यह कहता हुआ वह रमेशके पोछे-पीछे चल दिया । अन्नदा वावू बोले- "बात क्या है ?"
हेमनलिनी रो दी । अन्नदा बाबू घवराहटके साथ बोले- "यह क्या वे रोती क्यों हो ?"
वह सिसक सिसककर रोने लगी और रोते-रोते रुवे-हुए गले बोली - "बापूजी, अक्षय बाबूको यह बड़ी-भारी ज्यादती है। क्यों वे इम घर आकर किसी शरीफ आदमोका इस तरह अपमान करते हैं ?"
अन्नदा वावूने कहा - "अक्षयने मजाकमें एक बात कह दी है जो उसे ना कहनी चाहिए थी, लेकिन इसमे इतने घबराने और नाराज होनेको क्या बात है। "ऐसा मजाक बरदाश्तके बाहर है।" - कहकर तेजी के साथ हेम ऊ चली गई ।
अबकी बार कलकत्ता आनेके बाद रमेश बराबर कमलाके पतिका पता लगाने की कोशिश कर रहा था। बड़ी मुश्किलोंसे उसने पता लगाया कि धोबीपोखर कहाँ है, उसका डाकखाना और जिला क्या है; और फिर कमलाके मामा तारिणोचरणको उसने चिट्ठी लिखी है ।
ऊपर कही हुई वारदात के दूसरे दिन रमेशको उस चिट्टोका जवाब मिला। तारिणोचरणने लिखा है कि उस नाव- दुर्घटनाके बाद उनके दामाद नलिनाक्षकी कोई भी खबर नहीं मिली। रगपुरमे वे ढाक्टरी करते थे; वहाँ उन्होंने चिट्टो लिखी थो, उसके जवानमें यही लिखा आया है कि वहाँ भी आज तक किसीको उनका पता नहीं चला। उनका खास देश कहाँ है सो उन्हें नहीं मालूम
कमलाके पति नलिनाक्ष जिन्दा होंगे, यह उम्मीद आजको चिट्टीसे रमेश के मनसे घुल-पुछकर साफ हो गई ।
इसके बाद और भी कई चिट्टियौ उसे मिलीं । व्याहकी खबर सुनकर उसके मिलनेवालों में से बहुतने उसे शुभकानाएँ भेजो हैं। किसीने मीठा मुँह
कराने की मांग पेश की है तो कोई डटके दावत चाहता है, और इतने दिनोंसे चव रमेशने उनसे जो बात छिपा रखी थी उसके लिए उलाहने भी काफी आये हैं । रमेश चिट्टियाँ देख रहा था; इतनेमें अन्नदा बाचूके घरसे नौकर आया और उसके हाथमें एक बन्द लिफाफा दे गया। लिफाफेके ऊपरके दस्तखत देखते ही रमेशकी छाती धड़क उठी ।
हेमनलिनीकी चिट्ठी है । रमेशने समझा कि अक्षयकी बातें सुनकर हेमनलिनीके मनमें शक पैदा हो गया है, और उसे रफा करने के लिए उसने चिट्ठी लिखी है ।
चिट्ठी खोलकर देखी तो उसमें सिर्फ इतना हो लिखा था"अक्षय बाचूने फल आपके साथ बहुत ही बुरा सलूक किया है। मैं समझती थी कि आज सवेरे ही आप आयेंगे, सो क्यों नहीं आये ? अक्षय बात है बाबूकी बातको आपने इतना मान क्यों दे दिया, उनकी बातका इतना खयाल मः कोई नहीं करता । आप तो जानते हैं कि उनकी बातको में जरा भी परवाह नहीं करती । आज आप जरा जल्दो आइयेगा। सव काम छोड़कर मैं आपका इन्तजार करती रहेगी ।"
इन थोड़ेसे शब्दों में हेमनलिनीके सान्त्वना-सुधापूर्ण कोमल हृदयकी वेदना बाद महसूम करके रमेशकी आँखों आँसू भर आये। रमेश समझ गया कि कलसे ही हेमनलिनी उसकी वेदनाको शान्त करने के लिए बड़ी वेचैनीसे उसकी बाट देख रही है। इसी तरह उसको रात बीती है और इसी तरह सुबह । अन्त में जब उससे रहा नहीं गया तब यह चिट्ठी लिखकर भेजी है।
रमेश कलसे सोच रहा था कि अब देर न करके हेमनलिनोसे सब बात साफ-साफ कह देना ठीक है। मगर घलकी वारदात के बाद उसके लिए ये सब बातें कहना जरा मुश्किल-सा हो गया । अब ऐसा मालूम होगा जैसे करा कसूर पकड़ा जाने के बाद सफाई की कोशिश की जा रही हो । सिर्फ इतना हो नहीं, अक्षयको भी बहुत कुछ जोत हो जायगी, यह भी उसे बरदाश्त नहीं ।
रमेश सोचने लगा, अक्षयके मनमें जरूर ही ऐसी धारणा होगो कि कमलाका पति रमेश कोई दूसरा हो है। नहीं तो वह सिर्फ इशारा करते हो
खामोश न रह जाता, मुहल्ले-भर में शोर मचा देता। लिहाजा, अभीसे जो भो कुछ बने, उपाय निकाल लेना ठोक होगा ।
रमेश ये सब बातें सोच हो रहा था कि ढाकसे एक और चिट्ठी आ पहुंची। रमेशने सोलकर देखी, कन्या-पाठशालाकी हेड-मिस्ट्रेसकी चिट्ठी है। उन्होंने लिखा है, 'कमला बहुत ही घबरा रही है, इस हालत में छुट्टियों में उसे वोर्डिग में रखना उन्हें ठीक नहीं जचता । अगले शनिवारको आधे दिन खुलनेके बाद स्कूलकी छुट्टो हो जायगी, उस समय स्कूलसे उसे घर ले जानेका इन्तजाम करना बहुत जरूरी है।"
अगले शनिवारको स्कूलसे कमलाको ले आना पड़ेगा; और उसके दूसरे ही दिन रविवारको रमेशका व्याह है ।
इतने में "रमेश बावू, मुझे माफ कीजियेगा ।" - कहता हुआ अक्षय कमरेके भीतर दाखिल हुआ; और बोला - "जरासे मजाकपर आप इतने नाराज हो जायेंगे, ऐसा मालूम होता तो मैं हरगिज उम चातको न छेड़ता। मजाकर्मे थोो बहुत सचाई होनेपर ही लोग नाराज हुआ करते हैं, पर जो बात बिल्कुल ही बेबुनियाद है उसपर आप सबके सामने इतने नाराज क्यों हुए ? अन्नदा चावू तो कलसे मुझे डाट-फटकार रहे हैं; हेमनलिनीने मुझसे बोलना ही बन्द कर दिया है । आज सवेरे उनके यहाँ जाकर बैठा तो वे कमरा छोड़कर हो चल दो। मैंने ऐसा क्या कसूर किया है, बताइये भला ?"
रमेशने कहा - " इन सब बातोंका फैसला पीछे होता रहेगा। इस वक मुझे माफ कोजिये, मुझे बहुत जरूरी काम करना है ।"
अक्षय चोला- "रोशनचौकीवालोंको वयाना देने जा रहे हैं क्या 2 ठीक है, वक बहुत थोड़ा रह गया है। मैं आपके शुभ काममें दिन नहीं डालना चाहता, जा रहा हूं।"
अक्षयके चले जाने के बाद रमेश अनदा बावूके घर पहुंचा। घर में घुसते ही हेमनलिनोसे तमको मुलाकात हो गई। यह जानकर कि आज रमेश जरूर आयेगा और जल्दी आयेगा, हेमनलिनी तैयार हुई बैठी थी। अपनी सिलाईका सामान उसने तह करके टेविलपर रख दिया था। उसके पास ही हारमोनियम | इतनेमें अचानक रमेश अपना सफेद-फक मुँह लिये हुए उठकर चल दिया अक्षय कहने लगा - "यह क्या रमेश बाबू, आप नराज होकर चले जा र है ? देखिये भला, आप क्या यह खयाल कर रहे हैं कि आपपर मैं शक करत हूँ ?" यह कहता हुआ वह रमेशके पोछे-पीछे चल दिया । अन्नदा वावू बोले- "बात क्या है ?" हेमनलिनी रो दी । अन्नदा बाबू घवराहटके साथ बोले- "यह क्या वे रोती क्यों हो ?" वह सिसक सिसककर रोने लगी और रोते-रोते रुवे-हुए गले बोली - "बापूजी, अक्षय बाबूको यह बड़ी-भारी ज्यादती है। क्यों वे इम घर आकर किसी शरीफ आदमोका इस तरह अपमान करते हैं ?" अन्नदा वावूने कहा - "अक्षयने मजाकमें एक बात कह दी है जो उसे ना कहनी चाहिए थी, लेकिन इसमे इतने घबराने और नाराज होनेको क्या बात है। "ऐसा मजाक बरदाश्तके बाहर है।" - कहकर तेजी के साथ हेम ऊ चली गई । अबकी बार कलकत्ता आनेके बाद रमेश बराबर कमलाके पतिका पता लगाने की कोशिश कर रहा था। बड़ी मुश्किलोंसे उसने पता लगाया कि धोबीपोखर कहाँ है, उसका डाकखाना और जिला क्या है; और फिर कमलाके मामा तारिणोचरणको उसने चिट्ठी लिखी है । ऊपर कही हुई वारदात के दूसरे दिन रमेशको उस चिट्टोका जवाब मिला। तारिणोचरणने लिखा है कि उस नाव- दुर्घटनाके बाद उनके दामाद नलिनाक्षकी कोई भी खबर नहीं मिली। रगपुरमे वे ढाक्टरी करते थे; वहाँ उन्होंने चिट्टो लिखी थो, उसके जवानमें यही लिखा आया है कि वहाँ भी आज तक किसीको उनका पता नहीं चला। उनका खास देश कहाँ है सो उन्हें नहीं मालूम कमलाके पति नलिनाक्ष जिन्दा होंगे, यह उम्मीद आजको चिट्टीसे रमेश के मनसे घुल-पुछकर साफ हो गई । इसके बाद और भी कई चिट्टियौ उसे मिलीं । व्याहकी खबर सुनकर उसके मिलनेवालों में से बहुतने उसे शुभकानाएँ भेजो हैं। किसीने मीठा मुँह कराने की मांग पेश की है तो कोई डटके दावत चाहता है, और इतने दिनोंसे चव रमेशने उनसे जो बात छिपा रखी थी उसके लिए उलाहने भी काफी आये हैं । रमेश चिट्टियाँ देख रहा था; इतनेमें अन्नदा बाचूके घरसे नौकर आया और उसके हाथमें एक बन्द लिफाफा दे गया। लिफाफेके ऊपरके दस्तखत देखते ही रमेशकी छाती धड़क उठी । हेमनलिनीकी चिट्ठी है । रमेशने समझा कि अक्षयकी बातें सुनकर हेमनलिनीके मनमें शक पैदा हो गया है, और उसे रफा करने के लिए उसने चिट्ठी लिखी है । चिट्ठी खोलकर देखी तो उसमें सिर्फ इतना हो लिखा था"अक्षय बाचूने फल आपके साथ बहुत ही बुरा सलूक किया है। मैं समझती थी कि आज सवेरे ही आप आयेंगे, सो क्यों नहीं आये ? अक्षय बात है बाबूकी बातको आपने इतना मान क्यों दे दिया, उनकी बातका इतना खयाल मः कोई नहीं करता । आप तो जानते हैं कि उनकी बातको में जरा भी परवाह नहीं करती । आज आप जरा जल्दो आइयेगा। सव काम छोड़कर मैं आपका इन्तजार करती रहेगी ।" इन थोड़ेसे शब्दों में हेमनलिनीके सान्त्वना-सुधापूर्ण कोमल हृदयकी वेदना बाद महसूम करके रमेशकी आँखों आँसू भर आये। रमेश समझ गया कि कलसे ही हेमनलिनी उसकी वेदनाको शान्त करने के लिए बड़ी वेचैनीसे उसकी बाट देख रही है। इसी तरह उसको रात बीती है और इसी तरह सुबह । अन्त में जब उससे रहा नहीं गया तब यह चिट्ठी लिखकर भेजी है। रमेश कलसे सोच रहा था कि अब देर न करके हेमनलिनोसे सब बात साफ-साफ कह देना ठीक है। मगर घलकी वारदात के बाद उसके लिए ये सब बातें कहना जरा मुश्किल-सा हो गया । अब ऐसा मालूम होगा जैसे करा कसूर पकड़ा जाने के बाद सफाई की कोशिश की जा रही हो । सिर्फ इतना हो नहीं, अक्षयको भी बहुत कुछ जोत हो जायगी, यह भी उसे बरदाश्त नहीं । रमेश सोचने लगा, अक्षयके मनमें जरूर ही ऐसी धारणा होगो कि कमलाका पति रमेश कोई दूसरा हो है। नहीं तो वह सिर्फ इशारा करते हो खामोश न रह जाता, मुहल्ले-भर में शोर मचा देता। लिहाजा, अभीसे जो भो कुछ बने, उपाय निकाल लेना ठोक होगा । रमेश ये सब बातें सोच हो रहा था कि ढाकसे एक और चिट्ठी आ पहुंची। रमेशने सोलकर देखी, कन्या-पाठशालाकी हेड-मिस्ट्रेसकी चिट्ठी है। उन्होंने लिखा है, 'कमला बहुत ही घबरा रही है, इस हालत में छुट्टियों में उसे वोर्डिग में रखना उन्हें ठीक नहीं जचता । अगले शनिवारको आधे दिन खुलनेके बाद स्कूलकी छुट्टो हो जायगी, उस समय स्कूलसे उसे घर ले जानेका इन्तजाम करना बहुत जरूरी है।" अगले शनिवारको स्कूलसे कमलाको ले आना पड़ेगा; और उसके दूसरे ही दिन रविवारको रमेशका व्याह है । इतने में "रमेश बावू, मुझे माफ कीजियेगा ।" - कहता हुआ अक्षय कमरेके भीतर दाखिल हुआ; और बोला - "जरासे मजाकपर आप इतने नाराज हो जायेंगे, ऐसा मालूम होता तो मैं हरगिज उम चातको न छेड़ता। मजाकर्मे थोो बहुत सचाई होनेपर ही लोग नाराज हुआ करते हैं, पर जो बात बिल्कुल ही बेबुनियाद है उसपर आप सबके सामने इतने नाराज क्यों हुए ? अन्नदा चावू तो कलसे मुझे डाट-फटकार रहे हैं; हेमनलिनीने मुझसे बोलना ही बन्द कर दिया है । आज सवेरे उनके यहाँ जाकर बैठा तो वे कमरा छोड़कर हो चल दो। मैंने ऐसा क्या कसूर किया है, बताइये भला ?" रमेशने कहा - " इन सब बातोंका फैसला पीछे होता रहेगा। इस वक मुझे माफ कोजिये, मुझे बहुत जरूरी काम करना है ।" अक्षय चोला- "रोशनचौकीवालोंको वयाना देने जा रहे हैं क्या दो ठीक है, वक बहुत थोड़ा रह गया है। मैं आपके शुभ काममें दिन नहीं डालना चाहता, जा रहा हूं।" अक्षयके चले जाने के बाद रमेश अनदा बावूके घर पहुंचा। घर में घुसते ही हेमनलिनोसे तमको मुलाकात हो गई। यह जानकर कि आज रमेश जरूर आयेगा और जल्दी आयेगा, हेमनलिनी तैयार हुई बैठी थी। अपनी सिलाईका सामान उसने तह करके टेविलपर रख दिया था। उसके पास ही हारमोनियम |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
कामिनी का, दे रहा झाड़ें, प्रमत्त दुकूल, पर न इनकी मान तू, हैं शाप, ये वरदान, हिमकिरीटिन ने मँगाये हैं सखी तव प्राण, बिना बोले मातृ चरणों डोल,
और उस दिन तक हृदय मत खोल । १
कबीर, जायसी, मैथिलीशरण गुप्त, आदि कवि छायावादी नहीं माने जा सकते जबकि माखनलाल चतुर्वेदी, आदि अपनी अभिव्यक्तियों की भंगिमा के बल पर छायावादी कविता के एक प्रमुख धारा के श्रेष्ठ कवियों में से हैं। छायावाद के कलापक्ष को प्रधानता देने से उसके क्षेत्र का विस्तार भी हो जाता है और अस्पष्टता उसका एक सामान्य दोषमात्र होकर रह जायगी ।
छायावाद की कला में गीतात्मकता का महत्त्वपूर्ण स्थान है। गीत की परिभाषा देते हुए 'यामा' की भूमिका में महादेवी वर्मा ने लिखा है, ( "सुख-दुःख के भावावेशमय अवस्था विशेष का गिने-चुने शब्दों में स्वर साधना के उपयुक्त चित्रण कर देना ही गोत है ।" विश्लेषण करने से इस परिभाषा में गीत के लिये जो आवश्यक तत्त्व निकलते हैं वे हैं (अ) सुख-दुख की वैयक्तिक अनुभूतियाँ, (आ) अनुभूतियों की भावात्मक अभिव्यक्ति, (इ) गीत के उपयुक्त भाषा जिसमें शब्द यथासंभव कम हों, किन्तु उनका प्रयोग सतर्कतापूर्वक किया गया हो, (ई) गेयता । छायावाद के कवियों के गीतों में सुखदुख की वैयक्तिक अनुभूतियों की कमी नहीं । निराला की 'सरोज स्मृति' कविता में यह तत्त्व स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है । महादेवी वर्मा को, उनके कथनानुसार, दुख की अनुभूति यद्यपि अधिक नहीं - किन्तु सुख की तो है ही । बुद्ध की करुणा, अध्यात्म के अध्ययन, सुख की वैसी प्रतिक्रिया, जिसने सिद्धार्थ को लोक से विमुख कर दिया था, दुख के रूप में आई और उनकी स्मृति की रेखाएं' तथा 'अतीत के चल-चित्र' साक्षी हैं कि सामाजिक विषमता ने उनके अन्तर को बुरी तरह झकझोर दिया । इससे महादेवी भी दुख से अपरिचित नहीं । पंत ने यद्यपि अपने व्यक्तिगत सुखदुख की अभिव्यक्ति नहीं की है किन्तु 'ग्रंथि', आदि कविता पुस्तकें उनके दुखाभिभूत - मनोविज्ञान पर प्रकाश डालती । प्रसाद के 'आंसू' के छन्द दुख-सुख का प्रत्यक्ष अनुभव किए बिना नहीं लिखे जा सकते थे । युग की प्रवृत्ति और समाज की अवस्था संवेदनशील कवि के अन्तर को आलोड़ित किये बिना रह नहीं सकती थी ।
। सुख-दुख की यही अनुभूति छायावादी कविताओं में अभिव्यक्त हुई है । उसका स्वरूप बदला हुआ है। उसमें कथात्मकता अधिक नहीं है। उसमें भावात्मकता अधिक है । कभी वह आध्यात्मिक स्वरूप धारण करके आई है और कभी १. माखनलाल चतुर्वेदी : 'हिमकिरीटिनी' (१९४१ ई० ) | कामिनी का, दे रहा झाड़ें, प्रमत्त दुकूल, पर न इनकी मान तू, हैं शाप, ये वरदान, हिमकिरीटिन ने मँगाये हैं सखी तव प्राण, बिना बोले मातृ चरणों डोल, और उस दिन तक हृदय मत खोल । एक कबीर, जायसी, मैथिलीशरण गुप्त, आदि कवि छायावादी नहीं माने जा सकते जबकि माखनलाल चतुर्वेदी, आदि अपनी अभिव्यक्तियों की भंगिमा के बल पर छायावादी कविता के एक प्रमुख धारा के श्रेष्ठ कवियों में से हैं। छायावाद के कलापक्ष को प्रधानता देने से उसके क्षेत्र का विस्तार भी हो जाता है और अस्पष्टता उसका एक सामान्य दोषमात्र होकर रह जायगी । छायावाद की कला में गीतात्मकता का महत्त्वपूर्ण स्थान है। गीत की परिभाषा देते हुए 'यामा' की भूमिका में महादेवी वर्मा ने लिखा है, सुख-दुख की वैयक्तिक अनुभूतियाँ, अनुभूतियों की भावात्मक अभिव्यक्ति, गीत के उपयुक्त भाषा जिसमें शब्द यथासंभव कम हों, किन्तु उनका प्रयोग सतर्कतापूर्वक किया गया हो, गेयता । छायावाद के कवियों के गीतों में सुखदुख की वैयक्तिक अनुभूतियों की कमी नहीं । निराला की 'सरोज स्मृति' कविता में यह तत्त्व स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है । महादेवी वर्मा को, उनके कथनानुसार, दुख की अनुभूति यद्यपि अधिक नहीं - किन्तु सुख की तो है ही । बुद्ध की करुणा, अध्यात्म के अध्ययन, सुख की वैसी प्रतिक्रिया, जिसने सिद्धार्थ को लोक से विमुख कर दिया था, दुख के रूप में आई और उनकी स्मृति की रेखाएं' तथा 'अतीत के चल-चित्र' साक्षी हैं कि सामाजिक विषमता ने उनके अन्तर को बुरी तरह झकझोर दिया । इससे महादेवी भी दुख से अपरिचित नहीं । पंत ने यद्यपि अपने व्यक्तिगत सुखदुख की अभिव्यक्ति नहीं की है किन्तु 'ग्रंथि', आदि कविता पुस्तकें उनके दुखाभिभूत - मनोविज्ञान पर प्रकाश डालती । प्रसाद के 'आंसू' के छन्द दुख-सुख का प्रत्यक्ष अनुभव किए बिना नहीं लिखे जा सकते थे । युग की प्रवृत्ति और समाज की अवस्था संवेदनशील कवि के अन्तर को आलोड़ित किये बिना रह नहीं सकती थी । । सुख-दुख की यही अनुभूति छायावादी कविताओं में अभिव्यक्त हुई है । उसका स्वरूप बदला हुआ है। उसमें कथात्मकता अधिक नहीं है। उसमें भावात्मकता अधिक है । कभी वह आध्यात्मिक स्वरूप धारण करके आई है और कभी एक. माखनलाल चतुर्वेदी : 'हिमकिरीटिनी' |
दिल्ली को लगातार तीसरी बार दुनिया की सबसे ज्यादा प्रदूषित राजधानी का 'तमगा' मिला है. स्विट्जलैंड की संस्था IQAir की रेटिंग में दिल्ली दुनिया की 50 राजधानियों में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला शहर है. यहां पर PM 2. 5 का स्तर काफी ज्यादा है, जो फेफड़ों से संबंधित बीमारियों को जन्म देता है. IQAir के मुताबिक इतने प्रयासों और लॉकडाउन के बाद भी पिछले साल दिल्ली का प्रदूषण स्तर कम नहीं हुआ. (फोटोःगेटी)
IQAir की 2020 वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट (2020 World Air Quality Report) में 106 देशों के प्रदूषण स्तर का डेटा जांचा गया. इसमें दुनिया के 50 सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में से 35 भारत में मौजूद है. जिसमें दिल्ली सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर और दुनिया की सबसे ज्यादा प्रदूषित राजधानी है. (फोटोः रॉयटर्स)
IQAir ने प्रदूषण का यह स्तर देश में PM 2. 5 पार्टिकल्स के सालान औसत के आधार पर निकाला है. ये ऐसे कण होते हैं जो 2. 5 माइक्रोन व्यास के होते हैं. इनके संपर्क में ज्यादा देर तक रहने की वजह से कई घातक बीमारियां हो सकती हैं. साथ ही ये कैंसर और दिल संबंधी रोगों को भी जन्म दे सकते हैं. (फोटोः रॉयटर्स)
2020 में नई दिल्ली में PM 2. 5 का सालाना औसत 84. 1 प्रति क्यूबिक मीटर था. यह चीन की राजधानी बीजिंग की तुलना में दोगुने स्तर पर था. बीजिंग में PM2. 5 का सालाना औसत 37. 5 प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया. बीजिंग दुनिया का 14वां सबसे प्रदूषित शहर है. (फोटोः रॉयटर्स)
ग्रीनपीस साउथईस्ट एशिया एनालिसिस (Greenpeach Southeast Asia Analysis) और IQAir की स्टडी के मुताबिक वायु प्रदूषण की वजह से नई दिल्ली में साल 2020 में 54 हजार लोगों को असामयिक मृत्यु यानी समय से पहले मौत हुई है. (फोटोःगेटी)
दिल्ली में इतनी मौते तब हुई हैं, जब पूरे देश में PM 2. 5 के सालाना औसत में 11 फीसदी की गिरावट आई है. ये गिरावट कोरोनावायरस महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन की वजह से दर्ज की गई थी. इस सूची के मुताबिक दुनिया का सबसे प्रदूषित देश बांग्लादेश है. उसके बाद पाकिस्तान और तीसरे स्थान पर भारत है. (फोटोःगेटी)
रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वायु प्रदूषण घातक स्तर पर है. लॉकडाउन के बाद भी सामान्य वर्षों की तुलना में साल 2020 में दक्षिण एशिया में दुनिया का सबसे खराब वायु गुणवत्ता स्तर रिकॉर्ड किया गया. ऐसा साल में कई बार हुआ. क्योंकि बीच-बीच में जिन देशों में लॉकडाउन से थोड़ी राहत दी गई वहां प्रदूषण का स्तर बढ़ा.
पिछली साल दिल्ली के 2 करोड़ लोगों ने गर्मियों के महीने में सबसे साफ हवा का आनंद लिया था. इसके पीछे वजह थी लॉकडाउन. लेकिन सर्दियों में दिल्ली के आसपास के राज्यों (पंजाब और हरियाणा) में जलाए गए पराली (Stubble Burning) की वजह से हवा विषैली हो गई थी. (फोटोः गेटी)
पिछले साल नवंबर में जब पराली (Stubble) जलाए गए उस पूरे समय में दिल्ली में PM 2. 5 का औसत स्तर 144 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया था. जबकि, दिसंबर में यह 157 माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) के अनुसार यह अंतरराष्ट्रीय मानक की तुलना में 14 गुना ज्यादा था. (फोटोःगेटी)
एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल 12 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण की वजह से होती है. इसकी वजह से देश की जीडीपी में 3 फीसदी का नुकसान होता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसके पीछे पराली, गाड़ी से निकलने वाले धुआं, फॉसिल फ्यूल और इंडस्ट्री से निकलने वाले प्रदूषण को जिम्मेदार माना था. (फोटोः गेटी)
| दिल्ली को लगातार तीसरी बार दुनिया की सबसे ज्यादा प्रदूषित राजधानी का 'तमगा' मिला है. स्विट्जलैंड की संस्था IQAir की रेटिंग में दिल्ली दुनिया की पचास राजधानियों में सबसे ज्यादा प्रदूषण वाला शहर है. यहां पर PM दो. पाँच का स्तर काफी ज्यादा है, जो फेफड़ों से संबंधित बीमारियों को जन्म देता है. IQAir के मुताबिक इतने प्रयासों और लॉकडाउन के बाद भी पिछले साल दिल्ली का प्रदूषण स्तर कम नहीं हुआ. IQAir की दो हज़ार बीस वर्ल्ड एयर क्वालिटी रिपोर्ट में एक सौ छः देशों के प्रदूषण स्तर का डेटा जांचा गया. इसमें दुनिया के पचास सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों में से पैंतीस भारत में मौजूद है. जिसमें दिल्ली सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर और दुनिया की सबसे ज्यादा प्रदूषित राजधानी है. IQAir ने प्रदूषण का यह स्तर देश में PM दो. पाँच पार्टिकल्स के सालान औसत के आधार पर निकाला है. ये ऐसे कण होते हैं जो दो. पाँच माइक्रोन व्यास के होते हैं. इनके संपर्क में ज्यादा देर तक रहने की वजह से कई घातक बीमारियां हो सकती हैं. साथ ही ये कैंसर और दिल संबंधी रोगों को भी जन्म दे सकते हैं. दो हज़ार बीस में नई दिल्ली में PM दो. पाँच का सालाना औसत चौरासी. एक प्रति क्यूबिक मीटर था. यह चीन की राजधानी बीजिंग की तुलना में दोगुने स्तर पर था. बीजिंग में PMदो. पाँच का सालाना औसत सैंतीस. पाँच प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया. बीजिंग दुनिया का चौदहवां सबसे प्रदूषित शहर है. ग्रीनपीस साउथईस्ट एशिया एनालिसिस और IQAir की स्टडी के मुताबिक वायु प्रदूषण की वजह से नई दिल्ली में साल दो हज़ार बीस में चौवन हजार लोगों को असामयिक मृत्यु यानी समय से पहले मौत हुई है. दिल्ली में इतनी मौते तब हुई हैं, जब पूरे देश में PM दो. पाँच के सालाना औसत में ग्यारह फीसदी की गिरावट आई है. ये गिरावट कोरोनावायरस महामारी की वजह से लगाए गए लॉकडाउन की वजह से दर्ज की गई थी. इस सूची के मुताबिक दुनिया का सबसे प्रदूषित देश बांग्लादेश है. उसके बाद पाकिस्तान और तीसरे स्थान पर भारत है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत में वायु प्रदूषण घातक स्तर पर है. लॉकडाउन के बाद भी सामान्य वर्षों की तुलना में साल दो हज़ार बीस में दक्षिण एशिया में दुनिया का सबसे खराब वायु गुणवत्ता स्तर रिकॉर्ड किया गया. ऐसा साल में कई बार हुआ. क्योंकि बीच-बीच में जिन देशों में लॉकडाउन से थोड़ी राहत दी गई वहां प्रदूषण का स्तर बढ़ा. पिछली साल दिल्ली के दो करोड़ लोगों ने गर्मियों के महीने में सबसे साफ हवा का आनंद लिया था. इसके पीछे वजह थी लॉकडाउन. लेकिन सर्दियों में दिल्ली के आसपास के राज्यों में जलाए गए पराली की वजह से हवा विषैली हो गई थी. पिछले साल नवंबर में जब पराली जलाए गए उस पूरे समय में दिल्ली में PM दो. पाँच का औसत स्तर एक सौ चौंतालीस माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया था. जबकि, दिसंबर में यह एक सौ सत्तावन माइक्रोग्राम्स प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार यह अंतरराष्ट्रीय मानक की तुलना में चौदह गुना ज्यादा था. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर साल बारह लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण की वजह से होती है. इसकी वजह से देश की जीडीपी में तीन फीसदी का नुकसान होता है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इसके पीछे पराली, गाड़ी से निकलने वाले धुआं, फॉसिल फ्यूल और इंडस्ट्री से निकलने वाले प्रदूषण को जिम्मेदार माना था. |
पिछले साल जनवरी में फिरोजपुर दौरे के दौरान खराब मौसम और किसान आंदोलन के चलते प्रधानमंत्री का काफिला करीब 20 मिनट तक हाईवे पर फंसा रहा था. इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़ी खामी मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी पहलुओं की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था.
अब इस मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ी है। पंजाब सरकार ने इस मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) को एक अंतरिम रिपोर्ट भेजी है। पंजाब के मुख्य सचिव द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उठाए गए सभी कदमों की जानकारी दी गई है.
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पहलुओं की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। कमेटी ने इस मामले में पंजाब के तत्कालीन मुख्य सचिव और डीजीपी समेत 9 अधिकारियों को दोषी ठहराया था.
राज्य सरकार की ओर से गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मंत्रालय की रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है. इसके आधार पर राज्य सरकार ने आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों की एक कमेटी बनाने का फैसला किया है जो पंजाब के 9 दोषी अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगेगी.
मिली जानकारी के मुताबिक दोषी पाए गए अधिकारियों को समन करने का अधिकार समिति के पास होगा. दोषी अधिकारियों के जवाब के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया जाएगा। मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ के मुताबिक, गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी गई थी. अंतरिम रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी गई है। इस अंतरिम रिपोर्ट में राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले सभी कदमों की जानकारी दी गई है।
| पिछले साल जनवरी में फिरोजपुर दौरे के दौरान खराब मौसम और किसान आंदोलन के चलते प्रधानमंत्री का काफिला करीब बीस मिनट तक हाईवे पर फंसा रहा था. इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़ी खामी मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी पहलुओं की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था. अब इस मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ी है। पंजाब सरकार ने इस मामले पर केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक अंतरिम रिपोर्ट भेजी है। पंजाब के मुख्य सचिव द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में गृह मंत्रालय को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उठाए गए सभी कदमों की जानकारी दी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने सभी पहलुओं की जांच के लिए एक कमेटी गठित की थी। कमेटी ने इस मामले में पंजाब के तत्कालीन मुख्य सचिव और डीजीपी समेत नौ अधिकारियों को दोषी ठहराया था. राज्य सरकार की ओर से गृह मंत्रालय को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मंत्रालय की रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है. इसके आधार पर राज्य सरकार ने आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों की एक कमेटी बनाने का फैसला किया है जो पंजाब के नौ दोषी अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगेगी. मिली जानकारी के मुताबिक दोषी पाए गए अधिकारियों को समन करने का अधिकार समिति के पास होगा. दोषी अधिकारियों के जवाब के बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया जाएगा। मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ के मुताबिक, गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी गई थी. अंतरिम रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी गई है। इस अंतरिम रिपोर्ट में राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले सभी कदमों की जानकारी दी गई है। |
न्यूयॉर्क। ट्यूनीशिया के तट पर भूमध्य सागर में एक नौका डूबने से 65 प्रवासियों (आव्रजकाें) की मौत हो गई, जबकि 16 लोगों को बचा लिया गया है।
संयुक्त राष्ट्र हाई कमिश्नर रिफ़्यूजी (यूएनएचसीआर) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि आव्रजकों से भरी नौका गुरुवार को ज़ुवरा (लीबिया) से चली थी, लेकिन महासागर की लहरों के कारण नौका पलट गई और शुक्रवार की सुबह यह घटना हो गई। ट्यूनीशियाई नौसेना ने 16 लोगों को बचा लिया वरना वे भी काल के गाल में समा जाते।
खबरों के अनुसार सभी मृतक सहारा अफ़्रीका के रहने वाले थे, जो रोज़ी रोटी के चक्कर में यूरोप की ओर जा रहे थे। बचे हुए लोगों को फिलहाल ट्यूनीशियाई नौसेना द्वारा तट पर लाया गया और वे उतरने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं।
| न्यूयॉर्क। ट्यूनीशिया के तट पर भूमध्य सागर में एक नौका डूबने से पैंसठ प्रवासियों की मौत हो गई, जबकि सोलह लोगों को बचा लिया गया है। संयुक्त राष्ट्र हाई कमिश्नर रिफ़्यूजी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि आव्रजकों से भरी नौका गुरुवार को ज़ुवरा से चली थी, लेकिन महासागर की लहरों के कारण नौका पलट गई और शुक्रवार की सुबह यह घटना हो गई। ट्यूनीशियाई नौसेना ने सोलह लोगों को बचा लिया वरना वे भी काल के गाल में समा जाते। खबरों के अनुसार सभी मृतक सहारा अफ़्रीका के रहने वाले थे, जो रोज़ी रोटी के चक्कर में यूरोप की ओर जा रहे थे। बचे हुए लोगों को फिलहाल ट्यूनीशियाई नौसेना द्वारा तट पर लाया गया और वे उतरने की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। |
सहारनपुर डीएम ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके रिश्तेदारों की 203 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का आदेश दे दिया है। सहारनपुर एसएसपी ने संपत्ति जब्त करने के लिए टीमों का गठन भी कर दिया गया है।
सहारनपुर डीएम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उनके परिजनों और सहयोगियों से जुड़ी 148 चल-अचल संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है जिसकी कीमत करीब 203 करोड़ रुपये है। ये संपत्ति हाजी इकबाल, उनके भाई महमूद अली, तीन बेटों और सहयोगियों की है। सहारनपुर एसएसपी विपिन टाडा के मुताबिक पुलिस ने हाजी इकबाल उर्फ बल्ला उसके भाई महमूद अली, उनके बेटों और सहयोगियों की 148 संपत्तियों की पहचान कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी अखिलेश सिंह को सौंप दी है। इन चिन्हित संपत्तियों में मिर्जापुर, बेहट, फतेहपुरी, जनकपुरी, सदर और जिले की अलग-अलग जगहों पर मकान, खेत, बाग और परती जमीन आदि शामिल हैं।
एसएसपी विपिन टाडा के मुताबिक हाजी इकबाल और उनके भाई के अलावा उनके बेटों और अन्य लोगों के खिलाफ अवैध खनन, बलात्कार, लूट और जमीन हथियाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया है। इकबाल के तीन बेटे और महमूद अली जेल में बंद हैं और इकबाल को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने इकबाल को उसके बेटे वाजिद के साथ फरार घोषित कर दिया है।
एसएसपी टाडा ने बताया कि बुधवार से संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। सहारनपुर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने इससे पहले 14 मई को मिर्जापुर इलाके में 1350 बीघा और 107 करोड़ रुपये की 123 संपत्तियों को जब्त किया था।
पुलिस ने हाजी इकबाल और उसके गिरोह के सदस्यों के नाम पर धोखाधड़ी, अवैध खनन, खैर लकड़ी की तस्करी के जरिए खरीदी गई 123 संपत्तियों की पहचान की है। पुलिस ने हाजी इकबाल और उसके गिरोह के खिलाफ 100 से अधिक लोगों को उसके गिरोह के सदस्यों के तौर पर पहचान की है और उनके खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम की धारा 14 (1) के तहत कार्रवाई शुरू की।
| सहारनपुर डीएम ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उसके रिश्तेदारों की दो सौ तीन करोड़ की संपत्ति जब्त करने का आदेश दे दिया है। सहारनपुर एसएसपी ने संपत्ति जब्त करने के लिए टीमों का गठन भी कर दिया गया है। सहारनपुर डीएम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उनके परिजनों और सहयोगियों से जुड़ी एक सौ अड़तालीस चल-अचल संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है जिसकी कीमत करीब दो सौ तीन करोड़ रुपये है। ये संपत्ति हाजी इकबाल, उनके भाई महमूद अली, तीन बेटों और सहयोगियों की है। सहारनपुर एसएसपी विपिन टाडा के मुताबिक पुलिस ने हाजी इकबाल उर्फ बल्ला उसके भाई महमूद अली, उनके बेटों और सहयोगियों की एक सौ अड़तालीस संपत्तियों की पहचान कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी अखिलेश सिंह को सौंप दी है। इन चिन्हित संपत्तियों में मिर्जापुर, बेहट, फतेहपुरी, जनकपुरी, सदर और जिले की अलग-अलग जगहों पर मकान, खेत, बाग और परती जमीन आदि शामिल हैं। एसएसपी विपिन टाडा के मुताबिक हाजी इकबाल और उनके भाई के अलावा उनके बेटों और अन्य लोगों के खिलाफ अवैध खनन, बलात्कार, लूट और जमीन हथियाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया है। इकबाल के तीन बेटे और महमूद अली जेल में बंद हैं और इकबाल को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने इकबाल को उसके बेटे वाजिद के साथ फरार घोषित कर दिया है। एसएसपी टाडा ने बताया कि बुधवार से संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। सहारनपुर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने इससे पहले चौदह मई को मिर्जापुर इलाके में एक हज़ार तीन सौ पचास बीघा और एक सौ सात करोड़ रुपये की एक सौ तेईस संपत्तियों को जब्त किया था। पुलिस ने हाजी इकबाल और उसके गिरोह के सदस्यों के नाम पर धोखाधड़ी, अवैध खनन, खैर लकड़ी की तस्करी के जरिए खरीदी गई एक सौ तेईस संपत्तियों की पहचान की है। पुलिस ने हाजी इकबाल और उसके गिरोह के खिलाफ एक सौ से अधिक लोगों को उसके गिरोह के सदस्यों के तौर पर पहचान की है और उनके खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम की धारा चौदह के तहत कार्रवाई शुरू की। |
Don't Miss!
कोरोना के चलते पिछले कई महीने से टीवी और फिल्मों की शूटिंग रुकी हुई है। इस बीच बॉलीवुड के बड़े स्टार्स ने शूटिंग के लिए विदेश का रुख भी किया। हाल में ही आमिर खान से लेकर अक्षय कुमार अपनी फिल्मों की शूटिंग की तैयारी शुरू कर चुके हैं। इस बीच में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ऐलान किया है कि फिल्मों एवं टीवी शो के लिए शूटिंग की इजाजत दी है। उन्होंने कहा कि तमाम नियमों व गाइडलाइन का पालन करते हुए शूटिंग की जा सकती है।
कोरोना के चलते फिल्मों और टीवी शो की शूटिंग पर केंद्र सरकार द्वारा रोक लगा दी गई थी। हालांकि अनलॉक के बाद कई राज्य सरकारों के साथ साथ महाराष्ट्र ने भी सेफ्टी के साथ फिल्ममेकर्स को शूटिंग की इजाजत दी थी।
अब केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि फिल्मों और टीवी शो की शूटिंग के लिए स्टैर्ड ऑफ प्रोसिजर (एसओडी) जारी कर रहे है। इसके साथ ही अब शूटिंग शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि सेट पर सोशल डिस्टेसिंग के साथ साथ सभी सेफ्टी के साथ स्टार्स शूटिंग कर सकते हैं।
अब सेट पर सोशल डिस्टेसिंग के साथ साथ साफ सफाई, मास्क पहनना, सेनिटाइजर जैसे तमाम सावधानियों का बरता जाना जरूरी हो चुका है। हालांकि टीवी शो की शूटिंग शुरू पहले ही हो चुकी है।
हालांकि अभी फिल्म थिएटर के चालू होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। लॉकडाउन 1 के बाद से ही देशभर के सभी सिनेमाघर बंद है। थिएटर में आखिरी बार बड़ी फिल्म अंग्रेजी मीडियम रिलीज हुई थी।
| Don't Miss! कोरोना के चलते पिछले कई महीने से टीवी और फिल्मों की शूटिंग रुकी हुई है। इस बीच बॉलीवुड के बड़े स्टार्स ने शूटिंग के लिए विदेश का रुख भी किया। हाल में ही आमिर खान से लेकर अक्षय कुमार अपनी फिल्मों की शूटिंग की तैयारी शुरू कर चुके हैं। इस बीच में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ऐलान किया है कि फिल्मों एवं टीवी शो के लिए शूटिंग की इजाजत दी है। उन्होंने कहा कि तमाम नियमों व गाइडलाइन का पालन करते हुए शूटिंग की जा सकती है। कोरोना के चलते फिल्मों और टीवी शो की शूटिंग पर केंद्र सरकार द्वारा रोक लगा दी गई थी। हालांकि अनलॉक के बाद कई राज्य सरकारों के साथ साथ महाराष्ट्र ने भी सेफ्टी के साथ फिल्ममेकर्स को शूटिंग की इजाजत दी थी। अब केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि फिल्मों और टीवी शो की शूटिंग के लिए स्टैर्ड ऑफ प्रोसिजर जारी कर रहे है। इसके साथ ही अब शूटिंग शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि सेट पर सोशल डिस्टेसिंग के साथ साथ सभी सेफ्टी के साथ स्टार्स शूटिंग कर सकते हैं। अब सेट पर सोशल डिस्टेसिंग के साथ साथ साफ सफाई, मास्क पहनना, सेनिटाइजर जैसे तमाम सावधानियों का बरता जाना जरूरी हो चुका है। हालांकि टीवी शो की शूटिंग शुरू पहले ही हो चुकी है। हालांकि अभी फिल्म थिएटर के चालू होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। लॉकडाउन एक के बाद से ही देशभर के सभी सिनेमाघर बंद है। थिएटर में आखिरी बार बड़ी फिल्म अंग्रेजी मीडियम रिलीज हुई थी। |
नेशनल डेस्कः कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने इकलौते विधायक बायरन बिस्वास के सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने के एक दिन बाद मंगलवार को कहा कि इस तरह की खरीद-फरोख्त से विपक्षी एकजुटता को मजबूती नहीं मिलेगी और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के उद्देश्य पूरे होंगे। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, "ऐतिहासिक जीत के तीन महीने बाद कांग्रेस विधायक बायरन बिश्वास को टीएमसी ने प्रलोभन देकर अपने साथ कर लिया।
यह सागरदिघी विधानसभा क्षेत्र की जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात है। " उन्होंने कहा, "इस तरह की खरीद-फरोख्त पहले भी गोवा, मेघालय, त्रिपुरा और कुछ राज्य में हो चुकी है। इससे विपक्षी एकता मजबूत नहीं होगी और सिर्फ भाजपा के उद्देश्यों की पूर्ति होगी। " पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस के इकलौते विधायक बायरन बिस्वास सोमवार को सत्तारूढ़ टीएमसी में शामिल हो गए।
बिस्वास सत्तारूढ़ पार्टी के जनसंपर्क अभियान 'नवज्वार' के दौरान टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। बिस्वास ने इस साल की शुरुआत में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सागरदिघी सीट जीती थी। इस तरह राज्य विधानसभा में कांग्रेस का खाता खुला था, क्योंकि 2021 के विधानसभा चुनावों में पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया था।
| नेशनल डेस्कः कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में अपने इकलौते विधायक बायरन बिस्वास के सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के एक दिन बाद मंगलवार को कहा कि इस तरह की खरीद-फरोख्त से विपक्षी एकजुटता को मजबूती नहीं मिलेगी और सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के उद्देश्य पूरे होंगे। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, "ऐतिहासिक जीत के तीन महीने बाद कांग्रेस विधायक बायरन बिश्वास को टीएमसी ने प्रलोभन देकर अपने साथ कर लिया। यह सागरदिघी विधानसभा क्षेत्र की जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात है। " उन्होंने कहा, "इस तरह की खरीद-फरोख्त पहले भी गोवा, मेघालय, त्रिपुरा और कुछ राज्य में हो चुकी है। इससे विपक्षी एकता मजबूत नहीं होगी और सिर्फ भाजपा के उद्देश्यों की पूर्ति होगी। " पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस के इकलौते विधायक बायरन बिस्वास सोमवार को सत्तारूढ़ टीएमसी में शामिल हो गए। बिस्वास सत्तारूढ़ पार्टी के जनसंपर्क अभियान 'नवज्वार' के दौरान टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए। बिस्वास ने इस साल की शुरुआत में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर सागरदिघी सीट जीती थी। इस तरह राज्य विधानसभा में कांग्रेस का खाता खुला था, क्योंकि दो हज़ार इक्कीस के विधानसभा चुनावों में पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया था। |
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सफलता को किसी एक देश की सफलता से आंकना उचित नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोविड काल में बहुत कुछ बदलाव हुआ है जिसे सकारात्मक रूप में लेना चाहिए।
अभियोजन के अनुसार कुंजूर 12 फरवरी 2018 को बच्ची के घर उस वक्त गया था जब उसकी मां घर पर नहीं थी। जब मां घर लौटी तो उसने देखा की आरोपी उनकी बच्ची का हाथ पकड़े हैं और उसकी पैंट की जिप खुली है।
कृषि कानून के मुखालफत में अब कांग्रेस खुलकर सामने आ गई है प्रियंका गांधी के बाद राहुल गांधी ने कहा कि वो किसान आंदोलन के साथ हैं।
किसानों का आंदोलन एक अजीब मोड़ पर पहुंच गया है। यहां से ये सवाल उठ रहा है कि आखिर अब किसान आंदोलन कहां खड़ा और इसका भविष्य क्या है?
गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई हिंसा का असर अब दिखने लगा है। दिल्ली पुलिस ने बुराड़ी मैदान से 15 किसानों को हिरासत में लिया है, जबकि 30 किसान सिंघू बॉर्डर चले गए हैं। बुराड़ी मैदान को खाली करा लिया गया है।
कृषि कानूनों के मुद्दे पर अब सियासी संग्राम भी जारी है। कांग्रेस ने ट्वीट के जरिए बताया कि किस तरह से किसानों के आंदोलन को बदनाम किया गया है।
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानून वापस नहीं होगा तो खुदकुशी कर लुंगा।
Rakesh Tikait: अनशन पर राकेश टिकैत, 'अब तो गांव का ही पानी पीऊंगा'
26 जनवरी को दिल्ली में हुए उत्पात से निपटने के क्रम में करीब 394 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन पुलिसकर्मियों की हौसलाआफजाई के लिए पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव ने खत लिखा जो बेहद खास है।
गाजीपुर बॉर्डर पर से किसानों का आंदोलन जल्द खत्म हो सकता है। दरअसल, गाजियाबाद के डीएम ने प्रदर्शनकारियों से गाजीपुर बॉर्डर खाली करने को कहा है।
गाजीपुर बार्डर पर पुलिस की तैनाती को और बढ़ा दिया गया है। बता दें कि इस बार्डर पर राकेश टिकैत की अगुवाई वाला भारतीय किसान यूनियन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहा है।
गाजीपुर बार्डर पर पुलिस की भारी तैनाती, दिल्ली में हुए तांडव का आफ्टर इफेक्ट ?
राष्ट्रीय राजधानी राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह के बाद अब तैयारी 'बीटिंग द रिट्रीट' की है, जो 29 जनवरी (शुक्रवार) को आयोजित होना है।
कल है 'बीटिंग द रिट्रीट', गणतंत्र दिवस से जुड़े इस समारोह के बारे में कितना जानते हैं आप?
गणतंत्र दिवस के दिन किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा एवं उत्पात के खिलाफ लोगों की नाराजगी देखने को मिल रही है। गुरुवार को सिंघु बॉर्डर पर इस हिंसा एवं उत्पात के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया।
गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा एवं उत्पात की घटनाओं के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस हरकत में आ गई है। किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे किसानों से धरना स्थल खाली कराया गया है।
गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले की प्राचीर पर कथित तौर पर धार्मिक झंडा निशान साहिब फहराने वाले युवक की पहचान जुगराज सिंह के रूप में हुई है।
दिल्ली में सत्तारूढ आम आदमी पार्टी अब अपने विस्तार की रणनीतियों में लगी और इसी के तहत पार्टी ने अगले दो वर्षों में छह राज्यों में चुनाव लड़ने का मन बनाया है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के लेकर निशाने पर आए पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू ने फेसबुक के जरिए वीडियो जारी कर सफाई दी है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदउद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर अयोध्या में बन रही है नई मस्जिद को लेकर भड़काऊ बयान दिया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। राष्ट्रीय भूर्गभ विज्ञान केंद्र की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी दिल्ली के इलाके में सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए।
ब्रॉडशीट केस पाकिस्तान के लिए मुश्किलों का सबब बन गया है। इस मामले में इतने उतार-चढ़ाव और पेचीदिगियां हैं कि इसे समझना आसान नहीं है।
अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन की अगुवाई में नई सरकार का गठन हो चुका है, जिसके बाद इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या बाइडन प्रशासन में भी भारत के संबंध उसी तरह के रहेंगे, जैसा कि डोनाल्ड ट्रंप और उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा के कार्यकाल में रहा था।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 26 जनवरी को किसानों के ट्रैक्टर मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दिल्ली में लाल किला सहित कई जगह भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
आंध्र प्रदेश के चित्तूर स्थित मदनपल्ली में एक गुप्त अनुष्ठान के तहत अपनी दो जवान बेटियों की हत्या करने वाले दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को जब पुलिस इस दंपति के घर पर पहुंची थी तो वह भी हैरान रह गई।
फ्रांस से तीन और राफेल लड़ाकू विमान बुधवार को भारत पहुंच गए। इनके साथ ही भारतीय वायु सेना (IAF) में इन अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़कर अब 11 हो गई है।
नए कृषि कानूनों के खिलाफ करीब पिछले दो महीनें से किसान दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं और प्रशासन ने इन्हें बिजली भी मुहैया कराई है।
गाजीपुर बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों की बिजली काटी गई, तो होगी राकेश टिकैत की गिरफ्तारी?
28 जनवरी का दिन दो बड़ी घटनाओं के गवाह के तौर पर इतिहास में दर्ज है। 28 जनवरी 1986 को अमेरिका का अंतरिक्ष यान चैलेंजर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। फ्लोरिडा से उड़ान भरने के 73 सेकंड के भीतर इसमें विस्फोट हो गया।
| प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सफलता को किसी एक देश की सफलता से आंकना उचित नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कोविड काल में बहुत कुछ बदलाव हुआ है जिसे सकारात्मक रूप में लेना चाहिए। अभियोजन के अनुसार कुंजूर बारह फरवरी दो हज़ार अट्ठारह को बच्ची के घर उस वक्त गया था जब उसकी मां घर पर नहीं थी। जब मां घर लौटी तो उसने देखा की आरोपी उनकी बच्ची का हाथ पकड़े हैं और उसकी पैंट की जिप खुली है। कृषि कानून के मुखालफत में अब कांग्रेस खुलकर सामने आ गई है प्रियंका गांधी के बाद राहुल गांधी ने कहा कि वो किसान आंदोलन के साथ हैं। किसानों का आंदोलन एक अजीब मोड़ पर पहुंच गया है। यहां से ये सवाल उठ रहा है कि आखिर अब किसान आंदोलन कहां खड़ा और इसका भविष्य क्या है? गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई हिंसा का असर अब दिखने लगा है। दिल्ली पुलिस ने बुराड़ी मैदान से पंद्रह किसानों को हिरासत में लिया है, जबकि तीस किसान सिंघू बॉर्डर चले गए हैं। बुराड़ी मैदान को खाली करा लिया गया है। कृषि कानूनों के मुद्दे पर अब सियासी संग्राम भी जारी है। कांग्रेस ने ट्वीट के जरिए बताया कि किस तरह से किसानों के आंदोलन को बदनाम किया गया है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानून वापस नहीं होगा तो खुदकुशी कर लुंगा। Rakesh Tikait: अनशन पर राकेश टिकैत, 'अब तो गांव का ही पानी पीऊंगा' छब्बीस जनवरी को दिल्ली में हुए उत्पात से निपटने के क्रम में करीब तीन सौ चौरानवे पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन पुलिसकर्मियों की हौसलाआफजाई के लिए पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव ने खत लिखा जो बेहद खास है। गाजीपुर बॉर्डर पर से किसानों का आंदोलन जल्द खत्म हो सकता है। दरअसल, गाजियाबाद के डीएम ने प्रदर्शनकारियों से गाजीपुर बॉर्डर खाली करने को कहा है। गाजीपुर बार्डर पर पुलिस की तैनाती को और बढ़ा दिया गया है। बता दें कि इस बार्डर पर राकेश टिकैत की अगुवाई वाला भारतीय किसान यूनियन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहा है। गाजीपुर बार्डर पर पुलिस की भारी तैनाती, दिल्ली में हुए तांडव का आफ्टर इफेक्ट ? राष्ट्रीय राजधानी राजपथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह के बाद अब तैयारी 'बीटिंग द रिट्रीट' की है, जो उनतीस जनवरी को आयोजित होना है। कल है 'बीटिंग द रिट्रीट', गणतंत्र दिवस से जुड़े इस समारोह के बारे में कितना जानते हैं आप? गणतंत्र दिवस के दिन किसान ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा एवं उत्पात के खिलाफ लोगों की नाराजगी देखने को मिल रही है। गुरुवार को सिंघु बॉर्डर पर इस हिंसा एवं उत्पात के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा एवं उत्पात की घटनाओं के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस हरकत में आ गई है। किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे किसानों से धरना स्थल खाली कराया गया है। गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले की प्राचीर पर कथित तौर पर धार्मिक झंडा निशान साहिब फहराने वाले युवक की पहचान जुगराज सिंह के रूप में हुई है। दिल्ली में सत्तारूढ आम आदमी पार्टी अब अपने विस्तार की रणनीतियों में लगी और इसी के तहत पार्टी ने अगले दो वर्षों में छह राज्यों में चुनाव लड़ने का मन बनाया है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के लेकर निशाने पर आए पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू ने फेसबुक के जरिए वीडियो जारी कर सफाई दी है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मुखिया असदउद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर अयोध्या में बन रही है नई मस्जिद को लेकर भड़काऊ बयान दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। राष्ट्रीय भूर्गभ विज्ञान केंद्र की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पश्चिमी दिल्ली के इलाके में सुबह नौ बजकर सत्रह मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। ब्रॉडशीट केस पाकिस्तान के लिए मुश्किलों का सबब बन गया है। इस मामले में इतने उतार-चढ़ाव और पेचीदिगियां हैं कि इसे समझना आसान नहीं है। अमेरिका में राष्ट्रपति जो बाइडन की अगुवाई में नई सरकार का गठन हो चुका है, जिसके बाद इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या बाइडन प्रशासन में भी भारत के संबंध उसी तरह के रहेंगे, जैसा कि डोनाल्ड ट्रंप और उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा के कार्यकाल में रहा था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में छब्बीस जनवरी को किसानों के ट्रैक्टर मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद विशेष सतर्कता बरती जा रही है। दिल्ली में लाल किला सहित कई जगह भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर स्थित मदनपल्ली में एक गुप्त अनुष्ठान के तहत अपनी दो जवान बेटियों की हत्या करने वाले दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को जब पुलिस इस दंपति के घर पर पहुंची थी तो वह भी हैरान रह गई। फ्रांस से तीन और राफेल लड़ाकू विमान बुधवार को भारत पहुंच गए। इनके साथ ही भारतीय वायु सेना में इन अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़कर अब ग्यारह हो गई है। नए कृषि कानूनों के खिलाफ करीब पिछले दो महीनें से किसान दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर धरना दे रहे हैं और प्रशासन ने इन्हें बिजली भी मुहैया कराई है। गाजीपुर बॉर्डर पर धरना दे रहे किसानों की बिजली काटी गई, तो होगी राकेश टिकैत की गिरफ्तारी? अट्ठाईस जनवरी का दिन दो बड़ी घटनाओं के गवाह के तौर पर इतिहास में दर्ज है। अट्ठाईस जनवरी एक हज़ार नौ सौ छियासी को अमेरिका का अंतरिक्ष यान चैलेंजर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। फ्लोरिडा से उड़ान भरने के तिहत्तर सेकंड के भीतर इसमें विस्फोट हो गया। |
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