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बरेली में नौ साल के बच्चे के साथ दुष्कर्म करने वाले मौलाना को पुलिस ने जेल भेज दिया है। बता दें कि दुष्कर्म के आरोपी मौलाना के पास बच्चा पढ़ने आता था। बरेली में नौ साल के बच्चे के साथ दुष्कर्म करने वाले मौलाना को पुलिस ने जेल भेज दिया है। अप्राकृतिक यौन शोषण के शिकार इस बच्चे को गंभीर अवस्था अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बारादरी थाने के इंचार्ज नीरज मलिक ने बताया कि जगतपुरा कोट मोहल्ले के रहने वाले मौलाना मोहम्मद गुल दरुन को एक नौ साल के बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन शोषण/दुष्कर्म करने के आरोप में जेल भेजा गया है। बता दें कि दुष्कर्म के आरोपी मौलाना के पास बच्चा पढ़ने आता था। दो दिन पहले जब बच्चा पहुंचा तो खून से लथपथ था। घर वालों को उसने मौलाना की करतूत बताई। इसके बाद बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दी गयी तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस थाना इंचार्ज ने बताया कि दुष्कर्म करने वाले मौलाना मोहम्मद गुल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बरेली में नौ साल के बच्चे के साथ दुष्कर्म करने वाले मौलाना को पुलिस ने जेल भेज दिया है। बता दें कि दुष्कर्म के आरोपी मौलाना के पास बच्चा पढ़ने आता था। बरेली में नौ साल के बच्चे के साथ दुष्कर्म करने वाले मौलाना को पुलिस ने जेल भेज दिया है। अप्राकृतिक यौन शोषण के शिकार इस बच्चे को गंभीर अवस्था अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बारादरी थाने के इंचार्ज नीरज मलिक ने बताया कि जगतपुरा कोट मोहल्ले के रहने वाले मौलाना मोहम्मद गुल दरुन को एक नौ साल के बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन शोषण/दुष्कर्म करने के आरोप में जेल भेजा गया है। बता दें कि दुष्कर्म के आरोपी मौलाना के पास बच्चा पढ़ने आता था। दो दिन पहले जब बच्चा पहुंचा तो खून से लथपथ था। घर वालों को उसने मौलाना की करतूत बताई। इसके बाद बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर दी गयी तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस थाना इंचार्ज ने बताया कि दुष्कर्म करने वाले मौलाना मोहम्मद गुल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नई दिल्ली. कोरोना वायरस संकट (Coronavirus Crisis) के चलते शेयर बाजार (Stock Market) में उतार-चढ़ाव के बीच मई में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) में 815 करोड़ रुपए का निवेश आया. इसकी वजह यह है कि निवेशक अब निवेश के सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं. पिछले साल इस श्रेणी का प्रदर्शन अन्य संपत्तियों की तुलना में बेहतर रहा है. अगस्त 2019 से गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में कुल 3,299 करोड़ रुपये का निवेश आया है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (Amfi)के ताजा आंकड़ों के अनुसार मई गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश 815 करोड़ रुपए रहा. अप्रैल में इसमें 731 करोड़ रुपए का निवेश आया था. हालांकि, मार्च में इससे 195 करोड़ रुपए की निकासी हुई थी. इससे पहले फरवरी में इसमें 1,483 करोड़ रुपए और जनवरी में 202 करोड़ रुपए का निवेश आया था. पिछले साल दिसंबर में इसमें 27 करोड़ रुपए और नवंबर में 7. 68 करोड़ रुपए का निवेश आया था. अक्टूबर में निवेशकों ने इस श्रेणी से 31. 45 करोड़ रुपए की निकासी की थी. क्यों बढ़ा सोने में निवेश? ग्रो के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी हर्ष जैन ने कहा, महामारी से पहले के महीनों की तुलना में गोल्ड ईटीएफ में निवेश ऊंचा बना हुआ है. कई निवेशक बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सोने में निवेश को तरजीह दे रहे हैं. मोर्निंग स्टार इनवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के वरिष्ठ शोध विश्लेषक हिमांशु श्रीवास्तव ने भी कहा, कोरोना वायरस महामारी से दुनिया भर के बाजारों के प्रभावित होने और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी के बीच सोना बेहतर प्रदर्शन वाले संपत्ति वर्ग और तरजीही निवेश साधन के के रूप में उभरा है. साल 2013 के बाद लोगों में फिजिकल गोल्ड के अलावा भी दूसरे विक्लपों में रूचि देखने को मिली है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि लोगों को फिजिकल गोल्ड से इतर पेपर गोल्ड (Paper Gold) में निवेश के कई विकल्प मिल रहे हैं. यही नहीं, सोने में निवेश से कमाई के अलावा भी लोगों को गोल्ड डिलीवरी का विकल्प भी मिल रहा है. निवेशकों के अलावा आम लोग भी पेटीएम गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ETF जैसे निवेश के विकल्प का भरपूर फायदा उठा रहे हैं. एमसीएक्स गोल्ड निवेशकों को कम से कम 1 ग्राम सोना खरीदने का विकल्प दे रहा है. एमसीएक्स गोल्ड में इस निवेश की खास बात है कि न्यूनतम 1 ग्राम सोने को भी अपने डीमैट अकाउंट में रखा जा सकता है. जरूरत पड़ने पर इसकी डिलीवरी भी ली जा सकती है. .
नई दिल्ली. कोरोना वायरस संकट के चलते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच मई में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में आठ सौ पंद्रह करोड़ रुपए का निवेश आया. इसकी वजह यह है कि निवेशक अब निवेश के सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं. पिछले साल इस श्रेणी का प्रदर्शन अन्य संपत्तियों की तुलना में बेहतर रहा है. अगस्त दो हज़ार उन्नीस से गोल्ड ईटीएफ में कुल तीन,दो सौ निन्यानवे करोड़ रुपये का निवेश आया है. एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार मई गोल्ड ईटीएफ में शुद्ध निवेश आठ सौ पंद्रह करोड़ रुपए रहा. अप्रैल में इसमें सात सौ इकतीस करोड़ रुपए का निवेश आया था. हालांकि, मार्च में इससे एक सौ पचानवे करोड़ रुपए की निकासी हुई थी. इससे पहले फरवरी में इसमें एक,चार सौ तिरासी करोड़ रुपए और जनवरी में दो सौ दो करोड़ रुपए का निवेश आया था. पिछले साल दिसंबर में इसमें सत्ताईस करोड़ रुपए और नवंबर में सात. अड़सठ करोड़ रुपए का निवेश आया था. अक्टूबर में निवेशकों ने इस श्रेणी से इकतीस. पैंतालीस करोड़ रुपए की निकासी की थी. क्यों बढ़ा सोने में निवेश? ग्रो के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी हर्ष जैन ने कहा, महामारी से पहले के महीनों की तुलना में गोल्ड ईटीएफ में निवेश ऊंचा बना हुआ है. कई निवेशक बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए सोने में निवेश को तरजीह दे रहे हैं. मोर्निंग स्टार इनवेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के वरिष्ठ शोध विश्लेषक हिमांशु श्रीवास्तव ने भी कहा, कोरोना वायरस महामारी से दुनिया भर के बाजारों के प्रभावित होने और बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मंदी के बीच सोना बेहतर प्रदर्शन वाले संपत्ति वर्ग और तरजीही निवेश साधन के के रूप में उभरा है. साल दो हज़ार तेरह के बाद लोगों में फिजिकल गोल्ड के अलावा भी दूसरे विक्लपों में रूचि देखने को मिली है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि लोगों को फिजिकल गोल्ड से इतर पेपर गोल्ड में निवेश के कई विकल्प मिल रहे हैं. यही नहीं, सोने में निवेश से कमाई के अलावा भी लोगों को गोल्ड डिलीवरी का विकल्प भी मिल रहा है. निवेशकों के अलावा आम लोग भी पेटीएम गोल्ड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ETF जैसे निवेश के विकल्प का भरपूर फायदा उठा रहे हैं. एमसीएक्स गोल्ड निवेशकों को कम से कम एक ग्राम सोना खरीदने का विकल्प दे रहा है. एमसीएक्स गोल्ड में इस निवेश की खास बात है कि न्यूनतम एक ग्राम सोने को भी अपने डीमैट अकाउंट में रखा जा सकता है. जरूरत पड़ने पर इसकी डिलीवरी भी ली जा सकती है. .
अब तक आपने पढ़ा :-मुकुल की उपेक्षा से कामिनी समझ नहीं पा रही थी कि वह ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है ? उसने अपनी दोस्त नीलम से इसका जिक्र किया उसके मन ने किसी तीसरे के होने का संशय जताया लेकिन उसे अभी भी किसी बात का समाधान नहीं मिला है। बैचेन कामिनी सोसाइटी में घूमते टहलते अपना मन बहलाती है वहीं अरोरा अंकल आंटी हैं जो इस उम्र में भी एक दूसरे के पूरक बने हुए हैं। कामिनी की परेशानी नीलम को सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर उसके साथ क्या हो रहा है? रविवार के दिन राकेश सुबह से मूड में था और नीलम उससे बचने की कोशिश में। एक सितार के दो तार अलग अलग सुर में कब तक बंध सकते हैं। मुकुल अपनी अक्षमता पर खुद चिंतित है वह समझ नहीं पा रहा है कि उसके साथ ऐसा क्या हो रहा है ? कामिनी की सोसाइटी में रहने वाला सुयोग अपनी पत्नी प्रिया से दूर रहता है। ऑफिस से घर आने के बाद अकेलापन उसे भर देता है। शनिवार की वह सुबह कामिनी के लिए वही ऊब लेकर आई तो नीलम के लिए राकेश को टालना कठिन हो रहा था। कामिनी की सोसाइटी में रहने वाली शालिनी के लिए सुबह अलग ही रंग लिए थी जिसमे उदासी अकेलापन और यादें थीं। सुबह की हल्की ठंडक कमरे में प्रवेश कर चुकी थी जिसने शालिनी के शरीर को सिकुड़ने पर मजबूर किया उसने पैरों तले दोहर को टटोल कर अपने ऊपर खींचा तभी किसी दूध वाले की बाइक के तीखे हॉर्न ने कुनमुनाई सी नींद को पूरी तरह उचटा दिया। शालिनी ने बुदबुदाते हुए तकिए को खींच सिर के ऊपर कर लिया। आज शनिवार है उसे ऑफिस तो जाना नहीं है इसलिए वह देर तक सोना चाहती है। इससे दुनिया को क्या उसका काम तो सुबह से शोर मचाना है। सोसाइटी में आती स्कूल वैन दूधवाले कार धोने वाले और सुबह से घरों का काम निपटाने की हड़बड़ी में कामवाली बाई और महिलाएं शालिनी और उस जैसे छुट्टी के दिन सुबह की छुट्टी करने वाले लोगों का ध्यान रखे बिना शोर कर करके सुबह के होने का ऐलान कर रहे हैं। एक दिन भी लोग चैन से सुबह नहीं होने देते। इनके शंख नगाड़े बजे बिना मानों सूरज ही नहीं जागेगा। अब नींद खुल ही गई तो शालिनी ने सिर के ऊपर से तकिया हटाकर बाहों में दबोच लिया। कुछ शोर से उपजे आक्रोश और कुछ सूरज की तपन से उपजी गर्मी ने दोहर को पैरों के नीचे रौंद दिया। शालिनी ने आंखें खोल दीं सूरज की रोशनी कमरे में भर आई थी। सब कुछ उजला उजला लग रहा था लेकिन शालिनी की सुबह से यह उजास वर्षों पहले गायब हो गई थी। अब उसके सुबह दोपहर शाम सभी एक धुंधलके में लिपटे रहते हैं और अपने होने का अर्थ खो चुके हैं। यही नहीं शालिनी की एकाकी जिंदगी में अब दिन महीने साल भी अर्थहीन हैं। अब उसकी जिंदगी में दो तरह के दिन ही होते हैं एक वह जिस दिन उसे ऑफिस जाना हो दूसरे वह जिस दिन उसे ऑफिस नहीं जाना। ऑफिस जाने वाले दिन घड़ी की टिक टिक के साथ शुरू होते हैं और न जाने वाले दिन सोसाइटी के तमाम शोर के बावजूद एक गहरे सन्नाटे के साथ आते हैं। यह सन्नाटा शालिनी के अंदर तक धँसा होता है और उसे देर तक सुन्न पड़े रहने पर मजबूर कर देता है। उस ने बेड के बगल की ड्रावर खोलकर वह फोटो फ्रेम निकाली उस पर उंगलियां फिराते उसे निहारते शालिनी की आंखें कब धुंधली हो गई पता ही नहीं चला। आंखों का भी अजीब है कभी तो वे अथाह दुख सुख को भीतर समेट लेती हैं और कभी चार बूँद आंसू भी नहीं समेट पाती। हाँ छलक कर वे दृष्टि साफ कर देती हैं। शालिनी ने फोटो फ्रेम सीने से लगा लिया गहरी उदासी अकेलापन और कुछ अपने भविष्य की आशंका ने उसे फिर दोहर का सहारा लेने को मजबूर किया। आठ वर्ष हो गए हैं अभय को गए हुए लेकिन वह पल वह लम्हा आज भी शालिनी की जिंदगी में ठहरा हुआ है। कॉलेज कैंपस में शालिनी की उन्मुक्त मीठी हंसी बड़ी प्रसिद्ध थी वह उम्र ही ऐसी थी जिसमें छोटी-छोटी बातों पर भी हंसी आ जाती थी। दिल और दिमाग समाज के व्यवहार की कालिख से मैला हुआ था। दोस्तों और सखियों से दुनिया में उजास ही उजास था और यही उन्मुक्त हंसी का राज भी। आंखों में हसीन सपने थे उन्हें पूरा करने का हौसला था। उन्हीं सपनों में एक छोटा सा सपना था खूब प्यार करने वाले एक साथी का कि वह जो भी होगा खूब प्यार करने वाला, हर छोटी छोटी बात का ध्यान रखने वाला, होगा। होगा क्या वह तो कहीं है बस उसे सामने आने की उसे पहचानने की देर है। देर सवेर सही समय आने पर वह सामने भी आ जाएगा उसे देख कर दिल में जलतरंग भी बज उठेगा और वह तुरंत पहचान लिया जाएगा। उस दिन सुबह का पहला ही लेक्चर कैंसिल हो गया था शालिनी सहेलियों के साथ कैंटीन चली आई। दिसंबर की सर्दी तीखी हो चुकी थी ऐसे में पेड़ों से घिरे कैंपस में ठंडी हवा और धूप की आंख मिचौली में बैठने के बजाय कैंटीन की चाय की भाप खुशबू और स्वाद के साथ वक्त गुजारना ज्यादा भाता है। यहाँ चाय की गर्मी के साथ हंसी ठहाकों की गर्मजोशी भी रहती है। वैसे तो कॉलेज की लाइब्रेरी भी समय काटने का ठिकाना हो सकती है। पूरी लंबाई में बाहर को खुलने वाली खिड़कियों की श्रंखला से आती धूप के बावजूद लाइब्रेरी का शांत गंभीर माहौल मन में एक ठंडा पल भर देता है। जो शालिनी और उसके दोस्तों के मिजाज के अनुकूल तो बिलकुल नहीं है। वे सभी चाय की चुस्कियों के साथ चर्चा में मशगूल थे तभी एक समवेत ठहाके ने उन सभी का ध्यान खींचा। लेकिन शालिनी का ध्यान खींचा उनमें से एक भारी गंभीर आवाज़ ने। उसने पलट कर देखा लेकिन वह आवाज़ जिसने शालिनी को आकर्षित किया था किसकी है जानना मुश्किल था। वही बेचैनी वह अब फिर महसूस करने लगी उसने दोहर फेंक पैर सीधे किए और तस्वीर को होठों से लगा लिया। जानू कितनी दिलकश थी तुम्हारी वह हँसी तुम्हारी आवाज तुम्हारी आंखें शालिनी बेतहाशा तस्वीर को चूमने लगी। अगले पीरियड का समय हो चला था दोनों ही ग्रुप उठ खड़े हुए। शालिनी मायूस थी उसका मन वहाँ से जाने का नहीं था कम से कम तब तक तो नहीं जब तक पता न चले कि वह आवाज़ किसकी है ? तभी किसी ने आवाज लगाई और क्षण भर की देर किए बिना शालिनी ने पलट कर देखा और आवाज के साथ उस सूरत को भी आंखों में कैद कर लिया। लाल चेक की शर्ट काला पेंट जूते करीने से संवरे बाल बाएं हाथ में बड़े डायल की रिस्ट वॉच गहरा गेहूंआ रंग गहरी काली आंखें घनी मूछें और दिलकश आवाज। लग तो यही रहा है यह आवाज शालिनी के दिल से आई थी लेकिन दिमाग एक बार फिर सुनिश्चित करना चाहता था। तभी फिर से आवाज लगाई गई और शालिनी का दिल बल्लियों उछलने लगा। उसकी सहेली ने उसे चिकोटी काटी। वह कौन है क्या नाम है किस डिपार्टमेंट में है यह पता लगाने का जिम्मा उसकी प्रिय सखी ने उठा लिया। जल्दी ही पता चल गया कि वह अभय है एम कॉम फाइनल ईयर में है पढ़ाई के प्रति बहुत गंभीर है और अधिकतर समय लाइब्रेरी में बिताता है। वह तो उस दिन पता नहीं कैसे दोस्तों के साथ कैंटीन में आ गया था। शालिनी को विश्वास हो गया कि उस दिन लेक्चर कैंसिल होना उसका और अभय का कैंटीन आना कायनात का इशारा है कि उनको मिलना चाहिए। लेकिन कायनात को इस मुलाकात के लिए इंतजाम करना मुश्किल ही था वह पढ़ाकू और शालिनी हंसती खेलती मदमस्त। शालिनी के दोस्त ने एमकॉम का टाइम टेबल पता करके बता दिया कुछ दिन तो वह चुपके से एमकॉम की क्लास में भी जा कर बैठी ताकि वह अभय को देख सके। फिर उसने कॉलेज की लाइब्रेरी में जाना शुरु किया यह जगह ज्यादा मुफीद थी। अभय मोटी मोटी किताबों में झुका रहता और वह उसे निहारते सपनों में खो जाती। कुछ दिनों में उसका धैर्य जवाब देने लगा। वह अभय से मिलने बात करने को लालायित थी वह जानना चाहती थी कि क्या वह भी उसके प्रति कोई भावना रखता है या वही हवाई महल बना रही है ? शालीन ने फिर फोटो को चूमा उसे वापस ड्रावर में रख दिया हाथ पैरों को तानकर अंगड़ाई ली और उठ खड़ी हुई। 9:00 बज चुके थे थोड़ी देर में मेड आ जाएगी। फ्रेश होकर उसने एक कप चाय बनाई और बाहर बालकनी में आ गई। नीले चमकीले आसमान में फैली धूप ने उसकी आंखें चौंधिया दीं। उसने आसपास के फ्लैट पर एक नजर दौड़ाई सामने की बिल्डिंग में कामिनी खड़ी थी वह भी उसी की ओर देख रही थी। शालिनी ने हाथ हिलाया प्रत्युत्तर में कामिनी ने भी हाथ हिलाया। उसका और कामिनी का परिचय सोसाइटी के एक कार्यक्रम में हुआ था वहाँ शालिनी ने गाना गाया था और कामिनी ने बेहद खूबसूरत शब्दों में उसकी तारीफ की थी। तारीफ के शब्दों से ज्यादा प्रभावित वह उसके व्यक्तित्व और ड्रेसिंग से हुई थी। सोसाइटी की महिलाएं उसके अकेले रहने के कारण उससे जरा दूरी बनाए रहती हैं लेकिन कामिनी का स्पष्ट कहना है कि किसी की पर्सनल लाइफ से नहीं वह व्यक्ति से संबंध रखती है। वह बालकनी में बैठ गई यादों का सिलसिला फिर शुरू हो गया। उसे नोटिस तो क्लास में ही कर लिया गया था लाइब्रेरी में उसकी उपस्थिति और उसे देखते रहने को भी अभय जानता था बस अनजान होने का नाटक करता था। पता तो उसने भी करवा लिया था सिर्फ यही नहीं कि वह किस विभाग में है बल्कि कहाँ रहती है पापा क्या करते हैं और परिवार में कौन-कौन है ? शालिनी अभय की अनभिज्ञता से निराश हो चली थी वह अपनी कितनी ही क्लासे बंक कर लाइब्रेरी में बिता चुकी थी लेकिन बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी। वह अपने इस पागलपन पर विचार करने ही लगी थी कि उस दिन अभय ने उसके सामने वाली कुर्सी पर बैठते हुए एक लाल गुलाब उसकी तरफ बढ़ा कर कहा था हैप्पी बर्थडे। चौक गई थी वह उसे कैसे पता चला कि आज उसका बर्थडे है। वह अचकचाकर थैंक्यू ही नहीं कह पाई थी कि अभय ने कहा 'आई लव यू' इन 3 शब्दों ने उसे आसमान पर पहुँचा दिया। बर्थडे पर इससे खूबसूरत गिफ्ट क्या हो सकता था। अभय ने उसका हाथ अपने हाथों में लिया और कहा चलें तुम्हारे दोस्त पार्टी के लिए कैंटीन में इंतजार कर रहे हैं। उस दिन पार्टी अभय ने दी उस पार्टी में दुगना उत्साह था शालिनी तो शर्म से सुर्ख गुलाब हुई जा रही थी। दरवाजे की घंटी बजी कामवाली बाई थी उसे देखकर शालिनी को याद आया उसके यहां आज वीक एन्ड पॉट लक डिनर पार्टी है। उसके दोस्त एक एक डिश बना कर लाने वाले हैं अब कौन क्या लाएगा नहीं पता। कप सिंक में रखकर वह डस्टिंग में लग गई। उसने शाम के लिए छोले गला दिए और खुद के खाने की तैयारी करने लगी। नहाकर आईने के सामने बैठी आंखों में काजल की रेखा के सहारे फिर अतीत में पहुंच गई। अभय को उसकी काजल लगी आंखें बहुत पसंद थी। पसंद तो उसकी लंबी पतली उंगलियां भी थी जिन्हें अपनी मजबूत गद्देदार हथेली में थामें बात करते-करते वह धीरे से दांतों से दबा देता और शालिनी चिंहुक जाती। उसके चेहरे पर उदास मुस्कान तैर गई कितना प्यार करता था वह उससे। पढ़ाई पूरी करते ही शादी करके उसे अपनी बाहों में छुपा कर रखने का वादा करता। वह कहती मुझे तो जॉब करना है। हाँ तो करना न लेकिन तुम मेरी हो बस मेरी। मेरी शालिनी को कोई तकलीफ नहीं होने दूंगा। अपने इर्द-गिर्द अपनी दोनों बाहें लपेटे शालिनी ने गहरी सांस ली। तुमने मेरी तकलीफ बांटने की बात तो की अभय लेकिन खुद की तकलीफ मुझसे नहीं बाँटी। हमेशा साथ रहने का बाहों में छुपा कर रखने का वादा करके साथ छोड़ गए। अभय की नौकरी लग गई थी दोनों के घर वाले भी राजी थे शहनाई बजने की तैयारियां होने लगी थी। अभय को छुट्टी नहीं मिल रही थी इसलिए शालिनी ने अपनी शॉपिंग भी रोक दी थी। बड़ी मनहूस सुबह थी वह जब फोन पर किसी अजनबी ने बताया था कि अभय हॉस्पिटल में है। अच्छा खासा लंबा तगड़ा आदमी एक चक्कर खाकर गिरा तो फिर उठ ही नहीं सका। ब्लड कैंसर लास्ट स्टेज सुनकर शालिनी भी खुद को कहाँ खड़ा रख पाई। आखरी समय में उसकी हथेली थामें वादा लिया था अभय ने कि वह जीना नहीं छोड़ेगी। उसे याद भले करे लेकिन आंसू नहीं बहायेगी। जल्दी ही नौकरी ढूँढ कर शादी कर लेगी। उसकी ढीली हथेली में अपनी हथेली को वह सुन्न होकर देखती रही। वह जिद करके गई थी शमशान तक लेकिन उसके बाद जब भी आंखें बंद करती जलती लपटें ही दिखती, उसके सपनों अरमानों को भस्म करती लपटें। वह घंटों छत को निहारती रहती । कभी कभी माँ जबरदस्ती उसकी पलकें बंद कर देतीं ताकि वह सो जाए बिलकुल वैसे जैसे किसी मुर्दे की की जाती हैं। अभय के जाने के बाद वह लाश से ज्यादा कुछ रह भी नहीं गई थी। माँ खिला देतीं तो मुँह में कौर रखे बैठी रह जाती चाय पानी पिला देतीं पी लेती यहाँ तक कि बहुत देर से बाथरूम नहीं गई है यह ध्यान भी वही रखतीं। अभय के मां पापा उस के हाल सुनकर देखने आए और अभय के लिए उसका प्यार देख फूट-फूटकर रोते रहे। कितना बदनसीब है अभय जो ऐसे प्यार को छोड़कर दूर अनंत यात्रा पर निकल गया। दो-तीन महीने सभी सोचते रहे कि वक्त हर घाव को भर देगा लेकिन उसकी हालत में सुधार न हुआ। अभय के पापा ने ही मनोचिकित्सक से समय लिया। दुख कहीं गहरे जम चुका था शालिनी के अंदर जिस पर बातचीत पूछताछ स्नेह सांत्वना का भी कोई असर नहीं हुआ। अंततः एंटीडिप्रेसेंट दवाओं की हाइ डोज देकर उसके दिमाग को घंटों नींद की बेहोशी में रखा गया। अभय के मम्मी पापा को भी उससे न मिलने की ताकीद दी गई। वह जब भी जागे घर में खुशनुमा माहौल बनाए रखने की सलाह भी। कई महीने तो जागते हुए भी वह सोई ही रहती जैसे किसी सपने में हो फिर अचानक फूट-फूटकर रो पड़ती जैसे इस दुनिया में नहीं किसी और दुनिया में हो। धीरे-धीरे दवाओं ने असर दिखाना शुरू किया और वह वर्तमान से तालमेल बैठाने लगी। डेढ़ साल लगा उसे खुद को जैसे-तैसे संभालने में लेकिन अभय को दिया वादा पूरा नहीं कर पाई। अभय ने भी कहाँ अपना वादा निभाया था चला गया उसे छोड़कर। फिर वही क्यों निभाए अपना वादा। तब से इस शहर में अकेली है। मम्मी पापा शादी के लिए कह कह कर हार गए फिर बमुश्किल एक फ्लैट लेने के लिए उसे तैयार किया। 29 साल की हो गई है अब वह नौकरी में व्यस्त खूब खुश दिखाई देती है लेकिन कोई नहीं जानता रात के अंधेरे में दो अदृश्य बाहें उसे जकड़ लेती हैं। उसका शरीर उसमें कसमसाता है और होंठ खुद के दाँतों से ऐसे भींचती है कि खून छलछला जाता है। अपने हाथों से दोनों वक्षों को मसलते देर तक करवटें बदलते पैरों को पटकते छटपटाती है। दिल ने अभय के बिना रहना सीख लिया है लेकिन शरीर अभय की कमी को तरसता है। उसके न होते हुए उसे महसूस करता है सिसकारी भरता है और उसे निढाल कर देता है। उपन्यास छूटी गलियाँ (प्रिंट और मातृभारती पर उपलब्ध) ओंकार लाल शास्त्री पुरस्कार बाल साहित्य के लिए।
अब तक आपने पढ़ा :-मुकुल की उपेक्षा से कामिनी समझ नहीं पा रही थी कि वह ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है ? उसने अपनी दोस्त नीलम से इसका जिक्र किया उसके मन ने किसी तीसरे के होने का संशय जताया लेकिन उसे अभी भी किसी बात का समाधान नहीं मिला है। बैचेन कामिनी सोसाइटी में घूमते टहलते अपना मन बहलाती है वहीं अरोरा अंकल आंटी हैं जो इस उम्र में भी एक दूसरे के पूरक बने हुए हैं। कामिनी की परेशानी नीलम को सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर उसके साथ क्या हो रहा है? रविवार के दिन राकेश सुबह से मूड में था और नीलम उससे बचने की कोशिश में। एक सितार के दो तार अलग अलग सुर में कब तक बंध सकते हैं। मुकुल अपनी अक्षमता पर खुद चिंतित है वह समझ नहीं पा रहा है कि उसके साथ ऐसा क्या हो रहा है ? कामिनी की सोसाइटी में रहने वाला सुयोग अपनी पत्नी प्रिया से दूर रहता है। ऑफिस से घर आने के बाद अकेलापन उसे भर देता है। शनिवार की वह सुबह कामिनी के लिए वही ऊब लेकर आई तो नीलम के लिए राकेश को टालना कठिन हो रहा था। कामिनी की सोसाइटी में रहने वाली शालिनी के लिए सुबह अलग ही रंग लिए थी जिसमे उदासी अकेलापन और यादें थीं। सुबह की हल्की ठंडक कमरे में प्रवेश कर चुकी थी जिसने शालिनी के शरीर को सिकुड़ने पर मजबूर किया उसने पैरों तले दोहर को टटोल कर अपने ऊपर खींचा तभी किसी दूध वाले की बाइक के तीखे हॉर्न ने कुनमुनाई सी नींद को पूरी तरह उचटा दिया। शालिनी ने बुदबुदाते हुए तकिए को खींच सिर के ऊपर कर लिया। आज शनिवार है उसे ऑफिस तो जाना नहीं है इसलिए वह देर तक सोना चाहती है। इससे दुनिया को क्या उसका काम तो सुबह से शोर मचाना है। सोसाइटी में आती स्कूल वैन दूधवाले कार धोने वाले और सुबह से घरों का काम निपटाने की हड़बड़ी में कामवाली बाई और महिलाएं शालिनी और उस जैसे छुट्टी के दिन सुबह की छुट्टी करने वाले लोगों का ध्यान रखे बिना शोर कर करके सुबह के होने का ऐलान कर रहे हैं। एक दिन भी लोग चैन से सुबह नहीं होने देते। इनके शंख नगाड़े बजे बिना मानों सूरज ही नहीं जागेगा। अब नींद खुल ही गई तो शालिनी ने सिर के ऊपर से तकिया हटाकर बाहों में दबोच लिया। कुछ शोर से उपजे आक्रोश और कुछ सूरज की तपन से उपजी गर्मी ने दोहर को पैरों के नीचे रौंद दिया। शालिनी ने आंखें खोल दीं सूरज की रोशनी कमरे में भर आई थी। सब कुछ उजला उजला लग रहा था लेकिन शालिनी की सुबह से यह उजास वर्षों पहले गायब हो गई थी। अब उसके सुबह दोपहर शाम सभी एक धुंधलके में लिपटे रहते हैं और अपने होने का अर्थ खो चुके हैं। यही नहीं शालिनी की एकाकी जिंदगी में अब दिन महीने साल भी अर्थहीन हैं। अब उसकी जिंदगी में दो तरह के दिन ही होते हैं एक वह जिस दिन उसे ऑफिस जाना हो दूसरे वह जिस दिन उसे ऑफिस नहीं जाना। ऑफिस जाने वाले दिन घड़ी की टिक टिक के साथ शुरू होते हैं और न जाने वाले दिन सोसाइटी के तमाम शोर के बावजूद एक गहरे सन्नाटे के साथ आते हैं। यह सन्नाटा शालिनी के अंदर तक धँसा होता है और उसे देर तक सुन्न पड़े रहने पर मजबूर कर देता है। उस ने बेड के बगल की ड्रावर खोलकर वह फोटो फ्रेम निकाली उस पर उंगलियां फिराते उसे निहारते शालिनी की आंखें कब धुंधली हो गई पता ही नहीं चला। आंखों का भी अजीब है कभी तो वे अथाह दुख सुख को भीतर समेट लेती हैं और कभी चार बूँद आंसू भी नहीं समेट पाती। हाँ छलक कर वे दृष्टि साफ कर देती हैं। शालिनी ने फोटो फ्रेम सीने से लगा लिया गहरी उदासी अकेलापन और कुछ अपने भविष्य की आशंका ने उसे फिर दोहर का सहारा लेने को मजबूर किया। आठ वर्ष हो गए हैं अभय को गए हुए लेकिन वह पल वह लम्हा आज भी शालिनी की जिंदगी में ठहरा हुआ है। कॉलेज कैंपस में शालिनी की उन्मुक्त मीठी हंसी बड़ी प्रसिद्ध थी वह उम्र ही ऐसी थी जिसमें छोटी-छोटी बातों पर भी हंसी आ जाती थी। दिल और दिमाग समाज के व्यवहार की कालिख से मैला हुआ था। दोस्तों और सखियों से दुनिया में उजास ही उजास था और यही उन्मुक्त हंसी का राज भी। आंखों में हसीन सपने थे उन्हें पूरा करने का हौसला था। उन्हीं सपनों में एक छोटा सा सपना था खूब प्यार करने वाले एक साथी का कि वह जो भी होगा खूब प्यार करने वाला, हर छोटी छोटी बात का ध्यान रखने वाला, होगा। होगा क्या वह तो कहीं है बस उसे सामने आने की उसे पहचानने की देर है। देर सवेर सही समय आने पर वह सामने भी आ जाएगा उसे देख कर दिल में जलतरंग भी बज उठेगा और वह तुरंत पहचान लिया जाएगा। उस दिन सुबह का पहला ही लेक्चर कैंसिल हो गया था शालिनी सहेलियों के साथ कैंटीन चली आई। दिसंबर की सर्दी तीखी हो चुकी थी ऐसे में पेड़ों से घिरे कैंपस में ठंडी हवा और धूप की आंख मिचौली में बैठने के बजाय कैंटीन की चाय की भाप खुशबू और स्वाद के साथ वक्त गुजारना ज्यादा भाता है। यहाँ चाय की गर्मी के साथ हंसी ठहाकों की गर्मजोशी भी रहती है। वैसे तो कॉलेज की लाइब्रेरी भी समय काटने का ठिकाना हो सकती है। पूरी लंबाई में बाहर को खुलने वाली खिड़कियों की श्रंखला से आती धूप के बावजूद लाइब्रेरी का शांत गंभीर माहौल मन में एक ठंडा पल भर देता है। जो शालिनी और उसके दोस्तों के मिजाज के अनुकूल तो बिलकुल नहीं है। वे सभी चाय की चुस्कियों के साथ चर्चा में मशगूल थे तभी एक समवेत ठहाके ने उन सभी का ध्यान खींचा। लेकिन शालिनी का ध्यान खींचा उनमें से एक भारी गंभीर आवाज़ ने। उसने पलट कर देखा लेकिन वह आवाज़ जिसने शालिनी को आकर्षित किया था किसकी है जानना मुश्किल था। वही बेचैनी वह अब फिर महसूस करने लगी उसने दोहर फेंक पैर सीधे किए और तस्वीर को होठों से लगा लिया। जानू कितनी दिलकश थी तुम्हारी वह हँसी तुम्हारी आवाज तुम्हारी आंखें शालिनी बेतहाशा तस्वीर को चूमने लगी। अगले पीरियड का समय हो चला था दोनों ही ग्रुप उठ खड़े हुए। शालिनी मायूस थी उसका मन वहाँ से जाने का नहीं था कम से कम तब तक तो नहीं जब तक पता न चले कि वह आवाज़ किसकी है ? तभी किसी ने आवाज लगाई और क्षण भर की देर किए बिना शालिनी ने पलट कर देखा और आवाज के साथ उस सूरत को भी आंखों में कैद कर लिया। लाल चेक की शर्ट काला पेंट जूते करीने से संवरे बाल बाएं हाथ में बड़े डायल की रिस्ट वॉच गहरा गेहूंआ रंग गहरी काली आंखें घनी मूछें और दिलकश आवाज। लग तो यही रहा है यह आवाज शालिनी के दिल से आई थी लेकिन दिमाग एक बार फिर सुनिश्चित करना चाहता था। तभी फिर से आवाज लगाई गई और शालिनी का दिल बल्लियों उछलने लगा। उसकी सहेली ने उसे चिकोटी काटी। वह कौन है क्या नाम है किस डिपार्टमेंट में है यह पता लगाने का जिम्मा उसकी प्रिय सखी ने उठा लिया। जल्दी ही पता चल गया कि वह अभय है एम कॉम फाइनल ईयर में है पढ़ाई के प्रति बहुत गंभीर है और अधिकतर समय लाइब्रेरी में बिताता है। वह तो उस दिन पता नहीं कैसे दोस्तों के साथ कैंटीन में आ गया था। शालिनी को विश्वास हो गया कि उस दिन लेक्चर कैंसिल होना उसका और अभय का कैंटीन आना कायनात का इशारा है कि उनको मिलना चाहिए। लेकिन कायनात को इस मुलाकात के लिए इंतजाम करना मुश्किल ही था वह पढ़ाकू और शालिनी हंसती खेलती मदमस्त। शालिनी के दोस्त ने एमकॉम का टाइम टेबल पता करके बता दिया कुछ दिन तो वह चुपके से एमकॉम की क्लास में भी जा कर बैठी ताकि वह अभय को देख सके। फिर उसने कॉलेज की लाइब्रेरी में जाना शुरु किया यह जगह ज्यादा मुफीद थी। अभय मोटी मोटी किताबों में झुका रहता और वह उसे निहारते सपनों में खो जाती। कुछ दिनों में उसका धैर्य जवाब देने लगा। वह अभय से मिलने बात करने को लालायित थी वह जानना चाहती थी कि क्या वह भी उसके प्रति कोई भावना रखता है या वही हवाई महल बना रही है ? शालीन ने फिर फोटो को चूमा उसे वापस ड्रावर में रख दिया हाथ पैरों को तानकर अंगड़ाई ली और उठ खड़ी हुई। नौ:शून्य बज चुके थे थोड़ी देर में मेड आ जाएगी। फ्रेश होकर उसने एक कप चाय बनाई और बाहर बालकनी में आ गई। नीले चमकीले आसमान में फैली धूप ने उसकी आंखें चौंधिया दीं। उसने आसपास के फ्लैट पर एक नजर दौड़ाई सामने की बिल्डिंग में कामिनी खड़ी थी वह भी उसी की ओर देख रही थी। शालिनी ने हाथ हिलाया प्रत्युत्तर में कामिनी ने भी हाथ हिलाया। उसका और कामिनी का परिचय सोसाइटी के एक कार्यक्रम में हुआ था वहाँ शालिनी ने गाना गाया था और कामिनी ने बेहद खूबसूरत शब्दों में उसकी तारीफ की थी। तारीफ के शब्दों से ज्यादा प्रभावित वह उसके व्यक्तित्व और ड्रेसिंग से हुई थी। सोसाइटी की महिलाएं उसके अकेले रहने के कारण उससे जरा दूरी बनाए रहती हैं लेकिन कामिनी का स्पष्ट कहना है कि किसी की पर्सनल लाइफ से नहीं वह व्यक्ति से संबंध रखती है। वह बालकनी में बैठ गई यादों का सिलसिला फिर शुरू हो गया। उसे नोटिस तो क्लास में ही कर लिया गया था लाइब्रेरी में उसकी उपस्थिति और उसे देखते रहने को भी अभय जानता था बस अनजान होने का नाटक करता था। पता तो उसने भी करवा लिया था सिर्फ यही नहीं कि वह किस विभाग में है बल्कि कहाँ रहती है पापा क्या करते हैं और परिवार में कौन-कौन है ? शालिनी अभय की अनभिज्ञता से निराश हो चली थी वह अपनी कितनी ही क्लासे बंक कर लाइब्रेरी में बिता चुकी थी लेकिन बात करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी। वह अपने इस पागलपन पर विचार करने ही लगी थी कि उस दिन अभय ने उसके सामने वाली कुर्सी पर बैठते हुए एक लाल गुलाब उसकी तरफ बढ़ा कर कहा था हैप्पी बर्थडे। चौक गई थी वह उसे कैसे पता चला कि आज उसका बर्थडे है। वह अचकचाकर थैंक्यू ही नहीं कह पाई थी कि अभय ने कहा 'आई लव यू' इन तीन शब्दों ने उसे आसमान पर पहुँचा दिया। बर्थडे पर इससे खूबसूरत गिफ्ट क्या हो सकता था। अभय ने उसका हाथ अपने हाथों में लिया और कहा चलें तुम्हारे दोस्त पार्टी के लिए कैंटीन में इंतजार कर रहे हैं। उस दिन पार्टी अभय ने दी उस पार्टी में दुगना उत्साह था शालिनी तो शर्म से सुर्ख गुलाब हुई जा रही थी। दरवाजे की घंटी बजी कामवाली बाई थी उसे देखकर शालिनी को याद आया उसके यहां आज वीक एन्ड पॉट लक डिनर पार्टी है। उसके दोस्त एक एक डिश बना कर लाने वाले हैं अब कौन क्या लाएगा नहीं पता। कप सिंक में रखकर वह डस्टिंग में लग गई। उसने शाम के लिए छोले गला दिए और खुद के खाने की तैयारी करने लगी। नहाकर आईने के सामने बैठी आंखों में काजल की रेखा के सहारे फिर अतीत में पहुंच गई। अभय को उसकी काजल लगी आंखें बहुत पसंद थी। पसंद तो उसकी लंबी पतली उंगलियां भी थी जिन्हें अपनी मजबूत गद्देदार हथेली में थामें बात करते-करते वह धीरे से दांतों से दबा देता और शालिनी चिंहुक जाती। उसके चेहरे पर उदास मुस्कान तैर गई कितना प्यार करता था वह उससे। पढ़ाई पूरी करते ही शादी करके उसे अपनी बाहों में छुपा कर रखने का वादा करता। वह कहती मुझे तो जॉब करना है। हाँ तो करना न लेकिन तुम मेरी हो बस मेरी। मेरी शालिनी को कोई तकलीफ नहीं होने दूंगा। अपने इर्द-गिर्द अपनी दोनों बाहें लपेटे शालिनी ने गहरी सांस ली। तुमने मेरी तकलीफ बांटने की बात तो की अभय लेकिन खुद की तकलीफ मुझसे नहीं बाँटी। हमेशा साथ रहने का बाहों में छुपा कर रखने का वादा करके साथ छोड़ गए। अभय की नौकरी लग गई थी दोनों के घर वाले भी राजी थे शहनाई बजने की तैयारियां होने लगी थी। अभय को छुट्टी नहीं मिल रही थी इसलिए शालिनी ने अपनी शॉपिंग भी रोक दी थी। बड़ी मनहूस सुबह थी वह जब फोन पर किसी अजनबी ने बताया था कि अभय हॉस्पिटल में है। अच्छा खासा लंबा तगड़ा आदमी एक चक्कर खाकर गिरा तो फिर उठ ही नहीं सका। ब्लड कैंसर लास्ट स्टेज सुनकर शालिनी भी खुद को कहाँ खड़ा रख पाई। आखरी समय में उसकी हथेली थामें वादा लिया था अभय ने कि वह जीना नहीं छोड़ेगी। उसे याद भले करे लेकिन आंसू नहीं बहायेगी। जल्दी ही नौकरी ढूँढ कर शादी कर लेगी। उसकी ढीली हथेली में अपनी हथेली को वह सुन्न होकर देखती रही। वह जिद करके गई थी शमशान तक लेकिन उसके बाद जब भी आंखें बंद करती जलती लपटें ही दिखती, उसके सपनों अरमानों को भस्म करती लपटें। वह घंटों छत को निहारती रहती । कभी कभी माँ जबरदस्ती उसकी पलकें बंद कर देतीं ताकि वह सो जाए बिलकुल वैसे जैसे किसी मुर्दे की की जाती हैं। अभय के जाने के बाद वह लाश से ज्यादा कुछ रह भी नहीं गई थी। माँ खिला देतीं तो मुँह में कौर रखे बैठी रह जाती चाय पानी पिला देतीं पी लेती यहाँ तक कि बहुत देर से बाथरूम नहीं गई है यह ध्यान भी वही रखतीं। अभय के मां पापा उस के हाल सुनकर देखने आए और अभय के लिए उसका प्यार देख फूट-फूटकर रोते रहे। कितना बदनसीब है अभय जो ऐसे प्यार को छोड़कर दूर अनंत यात्रा पर निकल गया। दो-तीन महीने सभी सोचते रहे कि वक्त हर घाव को भर देगा लेकिन उसकी हालत में सुधार न हुआ। अभय के पापा ने ही मनोचिकित्सक से समय लिया। दुख कहीं गहरे जम चुका था शालिनी के अंदर जिस पर बातचीत पूछताछ स्नेह सांत्वना का भी कोई असर नहीं हुआ। अंततः एंटीडिप्रेसेंट दवाओं की हाइ डोज देकर उसके दिमाग को घंटों नींद की बेहोशी में रखा गया। अभय के मम्मी पापा को भी उससे न मिलने की ताकीद दी गई। वह जब भी जागे घर में खुशनुमा माहौल बनाए रखने की सलाह भी। कई महीने तो जागते हुए भी वह सोई ही रहती जैसे किसी सपने में हो फिर अचानक फूट-फूटकर रो पड़ती जैसे इस दुनिया में नहीं किसी और दुनिया में हो। धीरे-धीरे दवाओं ने असर दिखाना शुरू किया और वह वर्तमान से तालमेल बैठाने लगी। डेढ़ साल लगा उसे खुद को जैसे-तैसे संभालने में लेकिन अभय को दिया वादा पूरा नहीं कर पाई। अभय ने भी कहाँ अपना वादा निभाया था चला गया उसे छोड़कर। फिर वही क्यों निभाए अपना वादा। तब से इस शहर में अकेली है। मम्मी पापा शादी के लिए कह कह कर हार गए फिर बमुश्किल एक फ्लैट लेने के लिए उसे तैयार किया। उनतीस साल की हो गई है अब वह नौकरी में व्यस्त खूब खुश दिखाई देती है लेकिन कोई नहीं जानता रात के अंधेरे में दो अदृश्य बाहें उसे जकड़ लेती हैं। उसका शरीर उसमें कसमसाता है और होंठ खुद के दाँतों से ऐसे भींचती है कि खून छलछला जाता है। अपने हाथों से दोनों वक्षों को मसलते देर तक करवटें बदलते पैरों को पटकते छटपटाती है। दिल ने अभय के बिना रहना सीख लिया है लेकिन शरीर अभय की कमी को तरसता है। उसके न होते हुए उसे महसूस करता है सिसकारी भरता है और उसे निढाल कर देता है। उपन्यास छूटी गलियाँ ओंकार लाल शास्त्री पुरस्कार बाल साहित्य के लिए।
ऑस्ट्रेलिया में खेले गये महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का सफ़र बहुत शानदार रहा था. हालाँकि फ़ाइनल में उनका मेजबान ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के खिलाफ 85 रनों से हारकर खिताब जीतने का सपना टूट गया लेकिन उसके बाद भी सभी उनकी तारीफ कर रहे हैं. इस शानदार प्रदर्शन में जिन 3 खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा उनका यहाँ तक पहुँचने का सफर भी बहुत शानदार रहा है. बतौर सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने भारतीय टीम के लिए महिला टी20 विश्व कप में खेले गये 5 मैच में 38. 66 के औसत से 163 रन बनाये हैं. जबकि उनका स्ट्राइक रेट इस बीच 158. 25 का रहा है. जबकि दो बार वो प्लेयर ऑफ़ द मैच भी रही है. मात्र 16 वर्ष की शेफाली वर्मा ने अपने आक्रामक अंदाज से ब्रेट ली जैसे दिग्गज को भी अपना फैन बना दिया. एक वक्त ऐसा ही था, जब कोई क्रिकेट एकेडमी उन्हें अपना हिस्सा नहीं बना रही थी. रोहतक के क्रिकेट एकेडमी ने लड़की होने के कारण उन्हें खेलने का मौका नहीं दिया था. उसके बाद उन्होंने लड़का बनकर खेलना शुरू कर दिया था. जिसके कारण उन्होंने अभी तक अपने बाल भी नहीं बढ़ाये. मौजूदा समय में उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट का अगला सुपरस्टार बताया जा रहा है. सबसे कम उम्र में भारतीय टीम के लिए खेलने वाली शेफाली वर्मा का भविष्य बहुत ज्यादा उज्जवल नजर आ रहा है. उन्हें महिला क्रिकेट का वीरेन्द्र सहवाग भी कहा जाता है.
ऑस्ट्रेलिया में खेले गये महिला टीबीस विश्व कप में भारतीय टीम का सफ़र बहुत शानदार रहा था. हालाँकि फ़ाइनल में उनका मेजबान ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के खिलाफ पचासी रनों से हारकर खिताब जीतने का सपना टूट गया लेकिन उसके बाद भी सभी उनकी तारीफ कर रहे हैं. इस शानदार प्रदर्शन में जिन तीन खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा उनका यहाँ तक पहुँचने का सफर भी बहुत शानदार रहा है. बतौर सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने भारतीय टीम के लिए महिला टीबीस विश्व कप में खेले गये पाँच मैच में अड़तीस. छयासठ के औसत से एक सौ तिरेसठ रन बनाये हैं. जबकि उनका स्ट्राइक रेट इस बीच एक सौ अट्ठावन. पच्चीस का रहा है. जबकि दो बार वो प्लेयर ऑफ़ द मैच भी रही है. मात्र सोलह वर्ष की शेफाली वर्मा ने अपने आक्रामक अंदाज से ब्रेट ली जैसे दिग्गज को भी अपना फैन बना दिया. एक वक्त ऐसा ही था, जब कोई क्रिकेट एकेडमी उन्हें अपना हिस्सा नहीं बना रही थी. रोहतक के क्रिकेट एकेडमी ने लड़की होने के कारण उन्हें खेलने का मौका नहीं दिया था. उसके बाद उन्होंने लड़का बनकर खेलना शुरू कर दिया था. जिसके कारण उन्होंने अभी तक अपने बाल भी नहीं बढ़ाये. मौजूदा समय में उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट का अगला सुपरस्टार बताया जा रहा है. सबसे कम उम्र में भारतीय टीम के लिए खेलने वाली शेफाली वर्मा का भविष्य बहुत ज्यादा उज्जवल नजर आ रहा है. उन्हें महिला क्रिकेट का वीरेन्द्र सहवाग भी कहा जाता है.
WhatsAppवर्तमान में बीटा में अपने प्लेटफॉर्म पर कई नई सुविधाओं का परीक्षण कर रहा है। WhatsAppवर्तमान में बीटा में अपने प्लेटफॉर्म पर कई नई सुविधाओं का परीक्षण कर रहा है। कंपनी ने हाल ही में लॉक चैट, एंड्रॉइड पर एक नया निचला रिबन, अज्ञात कॉलर्स को स्वचालित रूप से चुप करने का विकल्प और बहुत कुछ का परीक्षण शुरू किया है। WABetaInfo ने अब बताया है कि कंपनी ने macOS के लिए देशी WhatsApp ऐप में कुछ नए बदलाव किए हैं। हाल के बदलावों के तहत कंपनी ने ऐप पर टिंट कलर ग्रीन कर दिया है। MacOS के लिए व्हाट्सएप बीटा में है और नया ग्रीन टिंट अब उन सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है जो macOS पर WhatsApp ऐप का नवीनतम संस्करण चला रहे हैं। WABetaInfo ने नए रंग को दिखाने वाले कुछ स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किए हैं। स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि हरा अब ऐप का प्राथमिक रंग है और यह समझ में आता है क्योंकि हरा व्हाट्सएप का हस्ताक्षर रंग है। वास्तव में, macOS के लिए WhatsApp के नवीनतम संस्करण पर बटन और इंटरफ़ेस तत्व भी हरे रंग में हैं। MacOS के लिए नया देशी WhatsApp ऐप Catalyst का उपयोग करके बनाया गया है और iOS कोड पर निर्भर करता है। WABetaInfo ने उल्लेख किया है कि macOS पर इसकी कार्यक्षमता में सुधार करने और बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करने के लिए iOS कोड में कई बदलाव किए गए हैं। MacOS के लिए नवीनतम WhatsApp ऐप सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। MacOS के लिए अपडेट किए गए WhatsApp ऐप को TestFlight ऐप के साथ-साथ WhatsApp की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है क्योंकि यह फीचर स्टेबल रिलीज़ में भी उपलब्ध है। इस बीच, व्हाट्सएप ने एंड्रॉइड पर अधिक बीटा टेस्टर के लिए लॉक चैट फीचर का विस्तार करना भी शुरू कर दिया है। यह सुविधा अब दुनिया भर में अधिक व्हाट्सएप बीटा उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। साथ ही, फीचर के एक भाग के रूप में, व्हाट्सएप ने एक समर्पित लॉक्ड चैट सेक्शन भी जोड़ा है जो वर्तमान में लॉक की गई सभी चैट का ट्रैक रखता है और एक्सेस करने के लिए प्रमाणीकरण की आवश्यकता होती है।
WhatsAppवर्तमान में बीटा में अपने प्लेटफॉर्म पर कई नई सुविधाओं का परीक्षण कर रहा है। WhatsAppवर्तमान में बीटा में अपने प्लेटफॉर्म पर कई नई सुविधाओं का परीक्षण कर रहा है। कंपनी ने हाल ही में लॉक चैट, एंड्रॉइड पर एक नया निचला रिबन, अज्ञात कॉलर्स को स्वचालित रूप से चुप करने का विकल्प और बहुत कुछ का परीक्षण शुरू किया है। WABetaInfo ने अब बताया है कि कंपनी ने macOS के लिए देशी WhatsApp ऐप में कुछ नए बदलाव किए हैं। हाल के बदलावों के तहत कंपनी ने ऐप पर टिंट कलर ग्रीन कर दिया है। MacOS के लिए व्हाट्सएप बीटा में है और नया ग्रीन टिंट अब उन सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है जो macOS पर WhatsApp ऐप का नवीनतम संस्करण चला रहे हैं। WABetaInfo ने नए रंग को दिखाने वाले कुछ स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किए हैं। स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि हरा अब ऐप का प्राथमिक रंग है और यह समझ में आता है क्योंकि हरा व्हाट्सएप का हस्ताक्षर रंग है। वास्तव में, macOS के लिए WhatsApp के नवीनतम संस्करण पर बटन और इंटरफ़ेस तत्व भी हरे रंग में हैं। MacOS के लिए नया देशी WhatsApp ऐप Catalyst का उपयोग करके बनाया गया है और iOS कोड पर निर्भर करता है। WABetaInfo ने उल्लेख किया है कि macOS पर इसकी कार्यक्षमता में सुधार करने और बेहतर उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करने के लिए iOS कोड में कई बदलाव किए गए हैं। MacOS के लिए नवीनतम WhatsApp ऐप सभी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। MacOS के लिए अपडेट किए गए WhatsApp ऐप को TestFlight ऐप के साथ-साथ WhatsApp की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड किया जा सकता है क्योंकि यह फीचर स्टेबल रिलीज़ में भी उपलब्ध है। इस बीच, व्हाट्सएप ने एंड्रॉइड पर अधिक बीटा टेस्टर के लिए लॉक चैट फीचर का विस्तार करना भी शुरू कर दिया है। यह सुविधा अब दुनिया भर में अधिक व्हाट्सएप बीटा उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। साथ ही, फीचर के एक भाग के रूप में, व्हाट्सएप ने एक समर्पित लॉक्ड चैट सेक्शन भी जोड़ा है जो वर्तमान में लॉक की गई सभी चैट का ट्रैक रखता है और एक्सेस करने के लिए प्रमाणीकरण की आवश्यकता होती है।
केरल में साल 2018 में खाद्य सामग्री चुराने के आरोप में आदिवासी व्यक्ति को पीट-पीटकर जान से मारने के मामले में बुधवार को एक अदालत (Court) ने तीन दोषियों को सात साल के कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में दो दोषियों के करुणा के भाव को देखते हुए उन्हें कम सजा सुनाई गई है। इन दोषियों ने पीड़ित मधु को केला और जूस दिया था। ऐसे में अदालत ने इसे "मानवता के भाव" और दोषियों में सुधार की गुंजाइश के रूप में देखा। अदालत ने यह भी कहा कि पर्याप्त सजा देकर ऐसी घटनाओं को रोका जाना चाहिए तथा यह सोचकर "छोटी-मोटी" सजा नहीं दी जा सकती कि पीड़ित मामूली व्यक्ति था। फिर भी, अदालत ने CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावरों के मन में कहीं न कहीं "मानवता का भाव" था और उनके सुधरने की गुंजाइश है। अदालत ने जिस CCTV फुटेज का हवाला दिया उसमे एक आरोपी पीड़ित मधु को केला जबकि दूसरा आरोपी एक कप जूस देता हुआ दिख रहा है। न्यायाधीश ने कहा कि अदालत के समक्ष पेश CCTV फुटेज में पता चला है कि आरोपी नंबर तीन ने मधु को मुक्कली ले जाते वक्त एक केला जबकि आरोपी नंबर 14 ने एक कप जूस दिया था।
केरल में साल दो हज़ार अट्ठारह में खाद्य सामग्री चुराने के आरोप में आदिवासी व्यक्ति को पीट-पीटकर जान से मारने के मामले में बुधवार को एक अदालत ने तीन दोषियों को सात साल के कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में दो दोषियों के करुणा के भाव को देखते हुए उन्हें कम सजा सुनाई गई है। इन दोषियों ने पीड़ित मधु को केला और जूस दिया था। ऐसे में अदालत ने इसे "मानवता के भाव" और दोषियों में सुधार की गुंजाइश के रूप में देखा। अदालत ने यह भी कहा कि पर्याप्त सजा देकर ऐसी घटनाओं को रोका जाना चाहिए तथा यह सोचकर "छोटी-मोटी" सजा नहीं दी जा सकती कि पीड़ित मामूली व्यक्ति था। फिर भी, अदालत ने CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावरों के मन में कहीं न कहीं "मानवता का भाव" था और उनके सुधरने की गुंजाइश है। अदालत ने जिस CCTV फुटेज का हवाला दिया उसमे एक आरोपी पीड़ित मधु को केला जबकि दूसरा आरोपी एक कप जूस देता हुआ दिख रहा है। न्यायाधीश ने कहा कि अदालत के समक्ष पेश CCTV फुटेज में पता चला है कि आरोपी नंबर तीन ने मधु को मुक्कली ले जाते वक्त एक केला जबकि आरोपी नंबर चौदह ने एक कप जूस दिया था।
यह आर्टिकल लिखा गया सहयोगी लेखक द्वारा Chloe Carmichael, PhD. क्लोइ कारमाइकल, पीएचडी एक लाइसेंस्ड क्लीनिकल सायकोलॉजिस्ट हैं, जो न्यूयॉर्क शहर में एक सक्सेसफुल प्राइवेट प्रैक्टिस करते है, और जो मुख्यतः रिश्ते के मुद्दों, तनाव प्रबंधन और कैरियर कोचिंग पर फोकस करते है। उन्होंने लांग आइलैंड यूनिवर्सिटी से क्लीनिकल साइकोलॉजी में पीएचडी प्राप्त की और अमेजन बेस्टसेलर Dr. Chloe's 10 Commandments of Dating के लेखक हैं। यह आर्टिकल ३,४६,९३५ बार देखा गया है। अगर आप किसी को पसंद करते हैं और आपको पूरा यकीन है कि वो भी आपको पसंद करता है, तो फिर शायद अब ये सोचने लग गए होंगे कि ये समय किस करने के लिए सही होगा या नहीं। पहला किस करना बहुत एक्साइटिंग होता है, लेकिन इसे करने के बारे में नर्वस और अनश्योर फील करना भी नॉर्मल होता है। असल में, ऐसा ही उस इंसान के साथ भी होता है, जिसे आप किस करना चाहते हैं, वो भी ठीक इसी तरह से महसूस कर रहा होता है। जब आप आपके पहले किस को करने के लिए रेडी हो जाएँ, तब इसे करने के लिए एक अच्छे टाइम को चुनें, जैसे कि एक डेट पर। फिर, उस इंसान को टच करें और किस के लिए झुकें। जब किस पूरा हो जाए, उसके हाथों को पकड़ें और कुछ देर के लिए एक-दूसरे को प्यार करें। माहौल बनाना (Setting the Scene) - जैसे, किसी इंसान को ऐसे समय पर किस करना एक अच्छा विचार नहीं होगा, जब वो किसी काम के बीच में हो या फिर जब वो उदास हो। - डेट के दौरान या फिर डांस करते समय, आपके फर्स्ट किस के लिए एक अच्छी सेटिंग रहेगी। - वो भी फ़्लर्ट कर रहे हैं, ये जानने के लिए, देखें कि वो किस तरह से व्यवहार कर रहे हैं। अगर वो आँखों में देख रहे हैं, स्माइल कर रहे हैं, उनकी बॉडी को ओपन रख रहे हैं और बहुत ज्यादा बोल रहे हैं, तो इसका मतलब कि वो भी आपके साथ में फ़्लर्ट कर रहे हैं। - हालांकि, अगर आप उन्हें पीछे जाते हुए, उनकी आर्म्स को फ़ोल्ड करते हुए या फिर बहुत ज्यादा नीचे देखते हुए नजर आ रहा है, तो धीमे हो जाएँ और उन्हें कुछ स्पेस दें। - स्टिकी लिप ग्लॉस से अक्सर उसके अजीब टेक्सचर की वजह से उल्टे असर देखने को मिलते हैं। बस अपनी रेगुलर लिप बाम का इस्तेमाल करें। - अगर आप नॉर्मली लिपस्टिक लगाती हैं, तो फिर किसी को किस करते समय भी उसे लगाए रखने में कोई खराबी नहीं। हालांकि, एक ऐसी लिपस्टिक चुनें, जो लंबे समय तक लगी रहने वाली हो और जिसके निकलने की संभावना भी कम हो। इसके अलावा, उसे किस करने के ठीक पहले भी मत लगाएँ। - शुगर-फ्री मिंट्स या गम चुनें, क्योंकि शुगर भी साँसों की बदबू को और बदतर बनाती है। - अपने साथ में मिंट्स या गम का एक पैक लेकर चलें, ताकि आप जरूरत पड़ने पर अपनी साँसों को फ्रेश कर सकें। सलाहः अगर आप दिन में बाद में किस करने वाले हैं, तो फिर लहसुन, प्याज और डेयरी जैसी बदबू वाली चीजों को खाने दे बचें। किस के लिए झुकना (Leaning in for a Kiss) - आप चाहें तो आपकी आर्म्स को उनके कंधे पर रखकर भी देख सकते हैं। - धीरे-धीरे टच करें। पहले उनके हाथ को टच करके एक छोटी स्टार्ट करें, फिर केवल तभी आगे बढ़ें, जब वो भी आपको देखकर स्माइल करें और आपकी तरफ झुकने लगें। सलाहः किस करने की अपनी इच्छा के लिए अपने मन को बदलने में कोई खराबी नहीं है और अगर आप इसे नहीं करने का फैसला करते हैं, तो आपको इसे करने की कोई जरूरत नहीं। किस करते समय नर्वस फील करना और अपना मन बदल लेना एकदम नॉर्मल है। अगर ऐसा होता है, तो फिर उनसे और कुछ करने का कहकर, सब्जेक्ट बदलने की कोशिश करें। ऐसा कुछ बोलें, "क्या तुम मुझे वो गेम दिखाओगे, जिसके बारे में तुम बात कर रहे थे?" "मैं सोच रहा था कि पता नहीं बाकी के लोग क्या कर रहे हैं। चलो चलकर देखते हैं!" या "मुझे भूख लग रही है! चलो कुछ खा लेते हैं।" - अगर उनकी नजरें आपकी नजरों से टकरा जाती हैं, तो वो भी आप में इंट्रेस्टेड हो सकते हैं और शायद किस करने के लिए ओपन भी हो सकते हैं। - अगर आप उनके साथ आइ कांटैक्ट नहीं कर रहे हैं, तो शायद वो किस न करना चाहें। सलाहः अगर आप पूछने को लेकर बहुत घबरा रहे हैं, तो इसमें कोई खराबी नहीं! काफी सारे लोग किस करने का पूछने में घबरा जाते हैं। बजाय इसके, उन्हें एक शॉर्ट नोट लिखकर देने के बारे में सोचें। इसमें आप "Kiss me?" या "Can we kiss?" लिख सकते हैं। - अगर वो दूर हो जाते हैं, तो शायद वो आपको किस करने में इंट्रेस्टेड नहीं हैं। ऐसे में पीछे हट जाना और उन्हें थोड़ी स्पेस देना ही ठीक रहेगा। किस करने की शुरुआत करना, आपके सेल्फ-कॉन्फ़िडेंस को दिखा सकता है, जिससे ऐसा दिखे कि आप किस की इच्छा रखते हैं। रिलेशनशिप एक्सपर्ट, Dr. Chloe Carmichael कहती हैंः "अगर आप सामने वाले इंसान की ओर झुकने और उसे किस करने के लिए कॉन्फिडेंट हैं, तो वो आपको एक ऐसे कॉन्फिडेंट इंसान की तरह देखेंगे, जो शुरुआत करने से नहीं घबराता है। इस तरह की शुरुआत नयेपन के बारे में और पहले की मान्यताओं के बारे में हैं और जब कोई अपनी इच्छा को सामने रखता है, तब ये एक्साइटिंग लगता है, बशर्ते ये आप दोनों के लिए ही अच्छा फील होना चाहिए।" - आपको आपके सिर को बहुत ज्यादा भी नहीं झुकाना है। बस इतना झुका हुआ रखें कि आपकी नाक एक-दूसरे के ठीक सामने नहीं आ रही हैं। - अगर आप किस करते समय उन्हें देखते रहेंगे, तो शायद वो अनकम्फ़र्टेबल फील करेंगे। साथ में, अपनी आँखों को खुला रखना आपके मूड को किसी और तरफ ले जाएगा। - किस के दौरान आपके होंठों को एक-साथ दबाए रखना भी ठीक रहता है। - फर्स्ट किस के टाइम पर अपने मुंह को मत खोलें या न ही अपनी जीभ का यूज करें। - केवल यही वो जगहें नहीं हैं, जहां आप आपके हाथों को रख सकते हैं, लेकिन ये उस समय के लिए अच्छी जगह होती हैं, जब आप किसिंग में नए हों। किस को पूरा करना (Finishing the Kiss) - एक और किस के लिए पीछे जाना ठीक होता है, लेकिन सबसे पहले एक ब्रेक लेना भी ठीक होता है। - आप उनके हाथों को भी पकड़ सकते हैं या आपकी आर्म को उनकी आर्म पर रख सकते हैं। - केवल तभी दूसरे किस के लिए जाएँ, जब आप ऐसा करना चाहते हैं। अगर आपको इसका मन न हो, तो फिर किस करने के लिए प्रैशर महसूस न करें। - रिलैक्स करें और इस टाइम को एक-साथ एंजॉय करें। आप एक मूवी देख सकते हैं, बात कर सकते हैं या फिर वॉक पर जाएँ। - ऐसा मत सोचें कि आपको तुरंत ही कुछ कहना है। इंतज़ार करने में कोई खराबी नहीं है। - एक बात का ध्यान रखें कि फर्स्ट किस करने का मतलब ये नहीं होता कि अब आपको हमेशा ही किस करना है। इसे फिर से करने के लिए कुछ समय का इंतज़ार करने का फैसला करना भी ठीक होता है। वहीं दूसरी ओर, एक और किस करने का मौका पाने के लिए हमेशा एक्साइटेड रहना भी नॉर्मल होता है। - कुछ ऐसा कहें, "लास्ट नाइट मुझे बहुत अच्छा लगा। किस बहुत अच्छा था। क्या तुम कल ऑफिस के बाद मेरे साथ वॉक पर चलोगे?" - रिलैक्स रहें। ये आपके किस को और भी बेहतर बना देगा। - पहले किस का अजीब होना एकदम नॉर्मल और ओके भी है। बस आपके पल को एंजॉय करने की कोशिश करें। - किसी को पहली बार किस करने को लेकर नर्वस फील करना नॉर्मल है। - अगर आप नर्वस हैं, तो फिर उस इंसान से पूछें कि वो कैसा फील कर रहा है। शायद वो भी नर्वस ही होगा। - अगर कोई इंसान बीमार दिख रहा है, जैसे उसे खांसी या छींकें आ रही हैं, तो उसे किस न करें। ठीक इसी तरह से, ऐसे किसी इंसान को किस न करें, जिसके मुंह के चारों ओर घाव हैं। भले ही, कभी-कभी ये केवल पिंपल्स ही होते हैं, लेकिन ये शायद कोल्ड सोर (cold sore) भी हो सकते हैं, जो कि संक्रामक होते हैं।
यह आर्टिकल लिखा गया सहयोगी लेखक द्वारा Chloe Carmichael, PhD. क्लोइ कारमाइकल, पीएचडी एक लाइसेंस्ड क्लीनिकल सायकोलॉजिस्ट हैं, जो न्यूयॉर्क शहर में एक सक्सेसफुल प्राइवेट प्रैक्टिस करते है, और जो मुख्यतः रिश्ते के मुद्दों, तनाव प्रबंधन और कैरियर कोचिंग पर फोकस करते है। उन्होंने लांग आइलैंड यूनिवर्सिटी से क्लीनिकल साइकोलॉजी में पीएचडी प्राप्त की और अमेजन बेस्टसेलर Dr. Chloe's दस Commandments of Dating के लेखक हैं। यह आर्टिकल तीन,छियालीस,नौ सौ पैंतीस बार देखा गया है। अगर आप किसी को पसंद करते हैं और आपको पूरा यकीन है कि वो भी आपको पसंद करता है, तो फिर शायद अब ये सोचने लग गए होंगे कि ये समय किस करने के लिए सही होगा या नहीं। पहला किस करना बहुत एक्साइटिंग होता है, लेकिन इसे करने के बारे में नर्वस और अनश्योर फील करना भी नॉर्मल होता है। असल में, ऐसा ही उस इंसान के साथ भी होता है, जिसे आप किस करना चाहते हैं, वो भी ठीक इसी तरह से महसूस कर रहा होता है। जब आप आपके पहले किस को करने के लिए रेडी हो जाएँ, तब इसे करने के लिए एक अच्छे टाइम को चुनें, जैसे कि एक डेट पर। फिर, उस इंसान को टच करें और किस के लिए झुकें। जब किस पूरा हो जाए, उसके हाथों को पकड़ें और कुछ देर के लिए एक-दूसरे को प्यार करें। माहौल बनाना - जैसे, किसी इंसान को ऐसे समय पर किस करना एक अच्छा विचार नहीं होगा, जब वो किसी काम के बीच में हो या फिर जब वो उदास हो। - डेट के दौरान या फिर डांस करते समय, आपके फर्स्ट किस के लिए एक अच्छी सेटिंग रहेगी। - वो भी फ़्लर्ट कर रहे हैं, ये जानने के लिए, देखें कि वो किस तरह से व्यवहार कर रहे हैं। अगर वो आँखों में देख रहे हैं, स्माइल कर रहे हैं, उनकी बॉडी को ओपन रख रहे हैं और बहुत ज्यादा बोल रहे हैं, तो इसका मतलब कि वो भी आपके साथ में फ़्लर्ट कर रहे हैं। - हालांकि, अगर आप उन्हें पीछे जाते हुए, उनकी आर्म्स को फ़ोल्ड करते हुए या फिर बहुत ज्यादा नीचे देखते हुए नजर आ रहा है, तो धीमे हो जाएँ और उन्हें कुछ स्पेस दें। - स्टिकी लिप ग्लॉस से अक्सर उसके अजीब टेक्सचर की वजह से उल्टे असर देखने को मिलते हैं। बस अपनी रेगुलर लिप बाम का इस्तेमाल करें। - अगर आप नॉर्मली लिपस्टिक लगाती हैं, तो फिर किसी को किस करते समय भी उसे लगाए रखने में कोई खराबी नहीं। हालांकि, एक ऐसी लिपस्टिक चुनें, जो लंबे समय तक लगी रहने वाली हो और जिसके निकलने की संभावना भी कम हो। इसके अलावा, उसे किस करने के ठीक पहले भी मत लगाएँ। - शुगर-फ्री मिंट्स या गम चुनें, क्योंकि शुगर भी साँसों की बदबू को और बदतर बनाती है। - अपने साथ में मिंट्स या गम का एक पैक लेकर चलें, ताकि आप जरूरत पड़ने पर अपनी साँसों को फ्रेश कर सकें। सलाहः अगर आप दिन में बाद में किस करने वाले हैं, तो फिर लहसुन, प्याज और डेयरी जैसी बदबू वाली चीजों को खाने दे बचें। किस के लिए झुकना - आप चाहें तो आपकी आर्म्स को उनके कंधे पर रखकर भी देख सकते हैं। - धीरे-धीरे टच करें। पहले उनके हाथ को टच करके एक छोटी स्टार्ट करें, फिर केवल तभी आगे बढ़ें, जब वो भी आपको देखकर स्माइल करें और आपकी तरफ झुकने लगें। सलाहः किस करने की अपनी इच्छा के लिए अपने मन को बदलने में कोई खराबी नहीं है और अगर आप इसे नहीं करने का फैसला करते हैं, तो आपको इसे करने की कोई जरूरत नहीं। किस करते समय नर्वस फील करना और अपना मन बदल लेना एकदम नॉर्मल है। अगर ऐसा होता है, तो फिर उनसे और कुछ करने का कहकर, सब्जेक्ट बदलने की कोशिश करें। ऐसा कुछ बोलें, "क्या तुम मुझे वो गेम दिखाओगे, जिसके बारे में तुम बात कर रहे थे?" "मैं सोच रहा था कि पता नहीं बाकी के लोग क्या कर रहे हैं। चलो चलकर देखते हैं!" या "मुझे भूख लग रही है! चलो कुछ खा लेते हैं।" - अगर उनकी नजरें आपकी नजरों से टकरा जाती हैं, तो वो भी आप में इंट्रेस्टेड हो सकते हैं और शायद किस करने के लिए ओपन भी हो सकते हैं। - अगर आप उनके साथ आइ कांटैक्ट नहीं कर रहे हैं, तो शायद वो किस न करना चाहें। सलाहः अगर आप पूछने को लेकर बहुत घबरा रहे हैं, तो इसमें कोई खराबी नहीं! काफी सारे लोग किस करने का पूछने में घबरा जाते हैं। बजाय इसके, उन्हें एक शॉर्ट नोट लिखकर देने के बारे में सोचें। इसमें आप "Kiss me?" या "Can we kiss?" लिख सकते हैं। - अगर वो दूर हो जाते हैं, तो शायद वो आपको किस करने में इंट्रेस्टेड नहीं हैं। ऐसे में पीछे हट जाना और उन्हें थोड़ी स्पेस देना ही ठीक रहेगा। किस करने की शुरुआत करना, आपके सेल्फ-कॉन्फ़िडेंस को दिखा सकता है, जिससे ऐसा दिखे कि आप किस की इच्छा रखते हैं। रिलेशनशिप एक्सपर्ट, Dr. Chloe Carmichael कहती हैंः "अगर आप सामने वाले इंसान की ओर झुकने और उसे किस करने के लिए कॉन्फिडेंट हैं, तो वो आपको एक ऐसे कॉन्फिडेंट इंसान की तरह देखेंगे, जो शुरुआत करने से नहीं घबराता है। इस तरह की शुरुआत नयेपन के बारे में और पहले की मान्यताओं के बारे में हैं और जब कोई अपनी इच्छा को सामने रखता है, तब ये एक्साइटिंग लगता है, बशर्ते ये आप दोनों के लिए ही अच्छा फील होना चाहिए।" - आपको आपके सिर को बहुत ज्यादा भी नहीं झुकाना है। बस इतना झुका हुआ रखें कि आपकी नाक एक-दूसरे के ठीक सामने नहीं आ रही हैं। - अगर आप किस करते समय उन्हें देखते रहेंगे, तो शायद वो अनकम्फ़र्टेबल फील करेंगे। साथ में, अपनी आँखों को खुला रखना आपके मूड को किसी और तरफ ले जाएगा। - किस के दौरान आपके होंठों को एक-साथ दबाए रखना भी ठीक रहता है। - फर्स्ट किस के टाइम पर अपने मुंह को मत खोलें या न ही अपनी जीभ का यूज करें। - केवल यही वो जगहें नहीं हैं, जहां आप आपके हाथों को रख सकते हैं, लेकिन ये उस समय के लिए अच्छी जगह होती हैं, जब आप किसिंग में नए हों। किस को पूरा करना - एक और किस के लिए पीछे जाना ठीक होता है, लेकिन सबसे पहले एक ब्रेक लेना भी ठीक होता है। - आप उनके हाथों को भी पकड़ सकते हैं या आपकी आर्म को उनकी आर्म पर रख सकते हैं। - केवल तभी दूसरे किस के लिए जाएँ, जब आप ऐसा करना चाहते हैं। अगर आपको इसका मन न हो, तो फिर किस करने के लिए प्रैशर महसूस न करें। - रिलैक्स करें और इस टाइम को एक-साथ एंजॉय करें। आप एक मूवी देख सकते हैं, बात कर सकते हैं या फिर वॉक पर जाएँ। - ऐसा मत सोचें कि आपको तुरंत ही कुछ कहना है। इंतज़ार करने में कोई खराबी नहीं है। - एक बात का ध्यान रखें कि फर्स्ट किस करने का मतलब ये नहीं होता कि अब आपको हमेशा ही किस करना है। इसे फिर से करने के लिए कुछ समय का इंतज़ार करने का फैसला करना भी ठीक होता है। वहीं दूसरी ओर, एक और किस करने का मौका पाने के लिए हमेशा एक्साइटेड रहना भी नॉर्मल होता है। - कुछ ऐसा कहें, "लास्ट नाइट मुझे बहुत अच्छा लगा। किस बहुत अच्छा था। क्या तुम कल ऑफिस के बाद मेरे साथ वॉक पर चलोगे?" - रिलैक्स रहें। ये आपके किस को और भी बेहतर बना देगा। - पहले किस का अजीब होना एकदम नॉर्मल और ओके भी है। बस आपके पल को एंजॉय करने की कोशिश करें। - किसी को पहली बार किस करने को लेकर नर्वस फील करना नॉर्मल है। - अगर आप नर्वस हैं, तो फिर उस इंसान से पूछें कि वो कैसा फील कर रहा है। शायद वो भी नर्वस ही होगा। - अगर कोई इंसान बीमार दिख रहा है, जैसे उसे खांसी या छींकें आ रही हैं, तो उसे किस न करें। ठीक इसी तरह से, ऐसे किसी इंसान को किस न करें, जिसके मुंह के चारों ओर घाव हैं। भले ही, कभी-कभी ये केवल पिंपल्स ही होते हैं, लेकिन ये शायद कोल्ड सोर भी हो सकते हैं, जो कि संक्रामक होते हैं।
देश में बुधवार को पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। इससे पहले डीजल के दाम में लगातार 4 दिन तक कटौती हुई। कल डीजल 8 पैसे सस्ता हुआ था, जबकि पेट्रोल के दाम 8 दिन से स्थिर हैं। पेट्रोल के दाम में आखिरी बार 22 सितंबर को सात से 8 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई थी। आपको बताते चलें कि रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह 6 बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है। विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है।
देश में बुधवार को पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई परिवर्तन नहीं किया गया। इससे पहले डीजल के दाम में लगातार चार दिन तक कटौती हुई। कल डीजल आठ पैसे सस्ता हुआ था, जबकि पेट्रोल के दाम आठ दिन से स्थिर हैं। पेट्रोल के दाम में आखिरी बार बाईस सितंबर को सात से आठ पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई थी। आपको बताते चलें कि रोजाना सुबह छः बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छः बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बाद इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है। विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है।
जौनपुर। अफ्रीकी देश सूडान में छिड़े गृहयुद्ध के कारण हालत खराब होने लगे हैं। वहां कई भारतीय फंसे हुए हैं। इनमें से एक जिले के दरियावगंज गांव निवासी राजेश कुमार सिंह भी शामिल हैं। वहां की स्थिति को लेकर राजेश के परिवार के लोग चिंतित हैं। परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। रोजी रोटी के सिलसिले में 8 मार्च को सूडान गए राजेश की पत्नी व बच्चे किसी अनहोनी की आशंका से जहां चिंतित हैं वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सकुशल वापसी की मांग की है। दो भाइयों में सबसे बड़े दिनेश सिंह दिल्ली रहतें है। जबकि राजेश सिंह अभी बीते माह सूडान पहुंचे। इधर, राजेश के वृद्ध पिता राममूरत सिंह की अभी बीते 6 अप्रैल को मृत्यु हो गई। राजेश की पत्नी सुनीता सिंह ने बताया कि दोपहर में पति द्वारा मोबाइल पर मैसेज किया गया था। यहां की स्थिति बेहद खराब है। बमबाजी और मारपीट हो रही है। शनिवार रात सवा आठ बजे कई बार फोन किया गया लेकिन मोबाइल ऑनलाइन होने के बाद भी फोन रिसीव न होने से परिजन चिंतित हैं। पत्नी के साथ पुत्री ज्योति पुत्र वीरू सिंह व गोलू सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। सुनीता ने भारत सरकार से सकुशल देश वापसी की मांग की है।
जौनपुर। अफ्रीकी देश सूडान में छिड़े गृहयुद्ध के कारण हालत खराब होने लगे हैं। वहां कई भारतीय फंसे हुए हैं। इनमें से एक जिले के दरियावगंज गांव निवासी राजेश कुमार सिंह भी शामिल हैं। वहां की स्थिति को लेकर राजेश के परिवार के लोग चिंतित हैं। परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सकुशल वापसी की गुहार लगाई है। रोजी रोटी के सिलसिले में आठ मार्च को सूडान गए राजेश की पत्नी व बच्चे किसी अनहोनी की आशंका से जहां चिंतित हैं वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सकुशल वापसी की मांग की है। दो भाइयों में सबसे बड़े दिनेश सिंह दिल्ली रहतें है। जबकि राजेश सिंह अभी बीते माह सूडान पहुंचे। इधर, राजेश के वृद्ध पिता राममूरत सिंह की अभी बीते छः अप्रैल को मृत्यु हो गई। राजेश की पत्नी सुनीता सिंह ने बताया कि दोपहर में पति द्वारा मोबाइल पर मैसेज किया गया था। यहां की स्थिति बेहद खराब है। बमबाजी और मारपीट हो रही है। शनिवार रात सवा आठ बजे कई बार फोन किया गया लेकिन मोबाइल ऑनलाइन होने के बाद भी फोन रिसीव न होने से परिजन चिंतित हैं। पत्नी के साथ पुत्री ज्योति पुत्र वीरू सिंह व गोलू सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। सुनीता ने भारत सरकार से सकुशल देश वापसी की मांग की है।
रिसर्च में खुलासाः भारत में बच्चे पैदा कर के आबादी बढ़ाने में मुस्लिम सब से आगे, जबकि हिंदू केवल. . एक तरफ हमारे देश में लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या को लेकर चिंता जताई जाती है और आए दिन जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर भी बातें होती है। सरकार भी कईं बार इस पर गंभीरता से विचार कर चुकी है। यहां तक कि हमारे देश में कई योजनाएं भी हैं जो जनसंख्या को काबू करने के लिए बनाई गई है। लेकिन धरातल पर कुछ नहीं दिखता और जनसंख्या वैसे ही बढ़ती रहती है। यही कारण है कि हम दुनिया में दूसरे पायदान पर हैं और जल्द ही पहले पायदान पर भी पहुंच सकते हैं। लेकिन इसी बीच अमेरिका की एक थिंक टैंक रिसर्च एजेंसी पीउ रिसर्च ने बच्चे पैदा होने की दर को धर्म के अनुसार समूह में बांटकर कर अपना सर्वे जारी किया है जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई। रिपोर्ट में लिखा है कि देश में सबसे ज्यादा बच्चे मुस्लिम पैदा करते हैं। इसी सूची में दूसरे नंबर पर हिंदूओं का नाम आता है। बच्चे कम पैदा करने वालों की सूची में जैन धर्म आखिरी पायदान पर है। हैरान करने वाली बात यह है कि लगभग सभी धर्मों में बच्चों की जन्म दर में गिरावट देखने को मिली है। देश में सबसे ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले मुस्लिमों में भी यह दर लगातार गिर रही है। यह दर वर्ष 1992 में प्रति महिला 4. 4 थी, जो घटकर 2015 में 2. 6 बच्चे हो गई है। देश में मुस्लिमों की आबादी वर्ष 2001 से 2011 के बीच में 13. 4 प्रतिशत बढ़ी है। पीउ कि इस डाटा रिपोर्ट में पहली बार हुई जनगणना से लेकर अभी तक के आंकड़ों को कंपेयर किया गया है। वर्ष 1951 में पहली बार जनगणना के बाद से अभी तक जन्मदर में गिरावट के कारण सभी धार्मिक समुदायों में कुल मिलाकर बहुत थोड़ा ही बदलाव हुआ जबकि मुस्लिम समुदाय की आबादी दूसरे धर्मों के बजाय तेजी से बढ़ी है। देश की कुल जनसंख्या में हिंदुओं की आबादी 79. 8 प्रतिशत है 2001 की जनगणना के मुताबिक किए 0. 7 प्रतिशत कम है। अगर रिपोर्ट की माने तो इसके अनुसार मुस्लिमों में बच्चे पैदा करने की दर 4. 4 थी जबकि हिंदू 3. 3% की दर से बच्चे पैदा कर रहे थे। यह पैटर्न 1992 से चला आ रहा है जो अब भी जारी है। हालांकि दोनों के बीच का जो अंतर है वह थोड़ा कम हुआ है। इसके उलट जैन धर्म में सबसे कम दर से बच्चे पैदा होते हैं और उनकी दर केवल 1. 2 प्रतिशत है। खास बात यह है कि मुस्लिमों की आबादी सआल 2001 से 2011 के बीच में 13. 4 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। जबकि देश में अल्पसंख्यक धर्म जैन, बौद्ध सिख और इस आई जो देश की आबादी का केवल 6 प्रतिशत हैं उनकी जनसंख्या 1951 से अब तक स्थिर है। पीउ रिसर्च सेंटर एक ऐसी संस्था है जो तथ्यों के आधार पर जांच कर दुनिया के बदलते ट्रेंड पर नजर रखती है और आने वाले बदलावों के बारे में दुनिया को आगाह कर आती है। यह एक थिंक टैंक संस्था है जो गहन रिसर्च करने के बाद ही अपनी रिपोर्ट पब्लिश करती है जिसमें तथ्यात्मक आंकड़े होते और विशेषज्ञों की टिप्पणी होती है।
रिसर्च में खुलासाः भारत में बच्चे पैदा कर के आबादी बढ़ाने में मुस्लिम सब से आगे, जबकि हिंदू केवल. . एक तरफ हमारे देश में लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या को लेकर चिंता जताई जाती है और आए दिन जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर भी बातें होती है। सरकार भी कईं बार इस पर गंभीरता से विचार कर चुकी है। यहां तक कि हमारे देश में कई योजनाएं भी हैं जो जनसंख्या को काबू करने के लिए बनाई गई है। लेकिन धरातल पर कुछ नहीं दिखता और जनसंख्या वैसे ही बढ़ती रहती है। यही कारण है कि हम दुनिया में दूसरे पायदान पर हैं और जल्द ही पहले पायदान पर भी पहुंच सकते हैं। लेकिन इसी बीच अमेरिका की एक थिंक टैंक रिसर्च एजेंसी पीउ रिसर्च ने बच्चे पैदा होने की दर को धर्म के अनुसार समूह में बांटकर कर अपना सर्वे जारी किया है जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई। रिपोर्ट में लिखा है कि देश में सबसे ज्यादा बच्चे मुस्लिम पैदा करते हैं। इसी सूची में दूसरे नंबर पर हिंदूओं का नाम आता है। बच्चे कम पैदा करने वालों की सूची में जैन धर्म आखिरी पायदान पर है। हैरान करने वाली बात यह है कि लगभग सभी धर्मों में बच्चों की जन्म दर में गिरावट देखने को मिली है। देश में सबसे ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले मुस्लिमों में भी यह दर लगातार गिर रही है। यह दर वर्ष एक हज़ार नौ सौ बानवे में प्रति महिला चार. चार थी, जो घटकर दो हज़ार पंद्रह में दो. छः बच्चे हो गई है। देश में मुस्लिमों की आबादी वर्ष दो हज़ार एक से दो हज़ार ग्यारह के बीच में तेरह. चार प्रतिशत बढ़ी है। पीउ कि इस डाटा रिपोर्ट में पहली बार हुई जनगणना से लेकर अभी तक के आंकड़ों को कंपेयर किया गया है। वर्ष एक हज़ार नौ सौ इक्यावन में पहली बार जनगणना के बाद से अभी तक जन्मदर में गिरावट के कारण सभी धार्मिक समुदायों में कुल मिलाकर बहुत थोड़ा ही बदलाव हुआ जबकि मुस्लिम समुदाय की आबादी दूसरे धर्मों के बजाय तेजी से बढ़ी है। देश की कुल जनसंख्या में हिंदुओं की आबादी उन्यासी. आठ प्रतिशत है दो हज़ार एक की जनगणना के मुताबिक किए शून्य. सात प्रतिशत कम है। अगर रिपोर्ट की माने तो इसके अनुसार मुस्लिमों में बच्चे पैदा करने की दर चार. चार थी जबकि हिंदू तीन. तीन% की दर से बच्चे पैदा कर रहे थे। यह पैटर्न एक हज़ार नौ सौ बानवे से चला आ रहा है जो अब भी जारी है। हालांकि दोनों के बीच का जो अंतर है वह थोड़ा कम हुआ है। इसके उलट जैन धर्म में सबसे कम दर से बच्चे पैदा होते हैं और उनकी दर केवल एक. दो प्रतिशत है। खास बात यह है कि मुस्लिमों की आबादी सआल दो हज़ार एक से दो हज़ार ग्यारह के बीच में तेरह. चार प्रतिशत की दर से बढ़ी है। जबकि देश में अल्पसंख्यक धर्म जैन, बौद्ध सिख और इस आई जो देश की आबादी का केवल छः प्रतिशत हैं उनकी जनसंख्या एक हज़ार नौ सौ इक्यावन से अब तक स्थिर है। पीउ रिसर्च सेंटर एक ऐसी संस्था है जो तथ्यों के आधार पर जांच कर दुनिया के बदलते ट्रेंड पर नजर रखती है और आने वाले बदलावों के बारे में दुनिया को आगाह कर आती है। यह एक थिंक टैंक संस्था है जो गहन रिसर्च करने के बाद ही अपनी रिपोर्ट पब्लिश करती है जिसमें तथ्यात्मक आंकड़े होते और विशेषज्ञों की टिप्पणी होती है।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
Noida Twin Tower Demolition Video: नोएडा के सेक्टर 93A में सुपरटेक के ट्विन टावर (Supertech Twin Tower) को रविवार दोपहर धराशायी कर दिया गया। अवैध रूप से निर्मित इन ट्विन टावर को ध्वस्त करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के साल भर बाद यह कार्रवाई की गई। लगभग 100 मीटर ऊंचे ढांचों को विस्फोट कर चंद सेकेंड में गिरा दिया गया। दिल्ली के ऐतिहासिक कुतुब मीनार (73 मीटर) से भी ऊंचे गगनचुंबी ट्विन टावर को 'वाटरफॉल इम्प्लोजन' तकनीक की मदद से गिराया गया। ट्विन टावर को ध्वस्त किये जाने के कुछ मिनट बाद आसपास की इमारतें सुरक्षित नजर आईं। सुपरटेक के ये ट्विन टावर भारत में अब तक ध्वस्त किए गए सबसे ऊंचे ढांचे थे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगे नोएडा के सेक्टर 93ए में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी के भीतर 2009 से 'एपेक्स' (32 मंजिल) और 'सियान' (29 मंजिल) टावर निर्माणाधीन थे। इमारतों को ध्वस्त करने के लिए 3,700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया। ट्विन टावर को गिराने का काम करने वाली कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग के एक अधिकारी ने बताया कि एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी के आसपास मौजूद आवासीय इमारतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि बाद में नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि मलबे की चपेट में आने से पास की एटीएस सोसायटी की 10 मीटर की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। अन्य कहीं से नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। नोएडा प्राधिकरण की सीओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि ट्विन टॉवर के विध्वंस से पहले और बाद में AQI डेटा लगभग समान है। शाम 7 बजे के लगभग, आसपास के खाली सोसाइटियों के निवासियों को अपने घरों में वापस जाने की अनुमति दी जाएगी। यहां लगभग 100 पानी के टैंकर और 300 सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। एडिफिस, दक्षिण अफ्रीका की जेट डिमॉलिशन्स, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) और नोएडा के अधिकारी ट्विन टावर के पास स्थित दो सोसाइटी एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज की इमारतों का स्ट्रक्चरल विश्लेषण कर रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि धूल पर पानी का छिड़काव करने के लिए 'एंटी स्मॉग गन' (पानी का छिड़काव करने वाले उपकरण) का उपयोग किया जा रहा है। ट्विन टावर में 40 मंजिलें और 21 दुकानों समेत 915 आवासीय अपार्टमेंट प्रस्तावित थे। इन ढांचों को ध्वस्त किये जाने से पहले इनके पास स्थित दो सोसाइटी एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के करीब 5,000 लोगों को वहां से हटा दिया गया। इसके अलावा, करीब 3,000 वाहनों और बिल्ली-कुत्तों समेत 150-200 पालतू जानवरों को भी हटाया गया। अनुमान के मुताबिक, ट्विन टावर को गिराने के बाद इससे उत्पन्न हुए 55 से 80 हजार टन मलबा हटाने में करीब तीन महीने का समय लगेगा। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त 2021 में ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था। न्यायालय ने कहा था कि जिले के अधिकारियों की सांठगांठ के साथ भवन नियमों का उल्लंघन किया गया।
Noida Twin Tower Demolition Video: नोएडा के सेक्टर तिरानवे एम्पीयर में सुपरटेक के ट्विन टावर को रविवार दोपहर धराशायी कर दिया गया। अवैध रूप से निर्मित इन ट्विन टावर को ध्वस्त करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के साल भर बाद यह कार्रवाई की गई। लगभग एक सौ मीटर ऊंचे ढांचों को विस्फोट कर चंद सेकेंड में गिरा दिया गया। दिल्ली के ऐतिहासिक कुतुब मीनार से भी ऊंचे गगनचुंबी ट्विन टावर को 'वाटरफॉल इम्प्लोजन' तकनीक की मदद से गिराया गया। ट्विन टावर को ध्वस्त किये जाने के कुछ मिनट बाद आसपास की इमारतें सुरक्षित नजर आईं। सुपरटेक के ये ट्विन टावर भारत में अब तक ध्वस्त किए गए सबसे ऊंचे ढांचे थे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगे नोएडा के सेक्टर तिरानवेए में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी के भीतर दो हज़ार नौ से 'एपेक्स' और 'सियान' टावर निर्माणाधीन थे। इमारतों को ध्वस्त करने के लिए तीन,सात सौ किलोग्रामग्राम से अधिक विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया। ट्विन टावर को गिराने का काम करने वाली कंपनी एडिफिस इंजीनियरिंग के एक अधिकारी ने बताया कि एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी के आसपास मौजूद आवासीय इमारतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि बाद में नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि मलबे की चपेट में आने से पास की एटीएस सोसायटी की दस मीटर की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। अन्य कहीं से नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। नोएडा प्राधिकरण की सीओ रितु माहेश्वरी ने बताया कि ट्विन टॉवर के विध्वंस से पहले और बाद में AQI डेटा लगभग समान है। शाम सात बजे के लगभग, आसपास के खाली सोसाइटियों के निवासियों को अपने घरों में वापस जाने की अनुमति दी जाएगी। यहां लगभग एक सौ पानी के टैंकर और तीन सौ सफाई कर्मचारी तैनात किए गए हैं। एडिफिस, दक्षिण अफ्रीका की जेट डिमॉलिशन्स, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान और नोएडा के अधिकारी ट्विन टावर के पास स्थित दो सोसाइटी एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज की इमारतों का स्ट्रक्चरल विश्लेषण कर रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि धूल पर पानी का छिड़काव करने के लिए 'एंटी स्मॉग गन' का उपयोग किया जा रहा है। ट्विन टावर में चालीस मंजिलें और इक्कीस दुकानों समेत नौ सौ पंद्रह आवासीय अपार्टमेंट प्रस्तावित थे। इन ढांचों को ध्वस्त किये जाने से पहले इनके पास स्थित दो सोसाइटी एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के करीब पाँच,शून्य लोगों को वहां से हटा दिया गया। इसके अलावा, करीब तीन,शून्य वाहनों और बिल्ली-कुत्तों समेत एक सौ पचास-दो सौ पालतू जानवरों को भी हटाया गया। अनुमान के मुताबिक, ट्विन टावर को गिराने के बाद इससे उत्पन्न हुए पचपन से अस्सी हजार टन मलबा हटाने में करीब तीन महीने का समय लगेगा। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने इकतीस अगस्त दो हज़ार इक्कीस में ट्विन टावर को गिराने का आदेश दिया था। न्यायालय ने कहा था कि जिले के अधिकारियों की सांठगांठ के साथ भवन नियमों का उल्लंघन किया गया।
Kabir Singh ने टिकट खिड़की पर 100 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। शाहिद कपूर की फिल्म ने केवल पांच दिन में इतनी बड़ी रकम हासिल की है। हर लिहाज से यह कमाई तारीख के काबिल है। वर्ल्डकप के मैचेस और 'ए' सर्टिफिकेट जैसी अड़चनें भी इसे रोक नहीं पाईं। शाहिद को इस हिट की सख्त जरूरत थी, जो उन्हें वाकई छ्प्पर फाड़ कर मिली है। किसी ने नहीं सोचा था कि यह फिल्म फिल्म केवल पांच दिन में 100 करोड़ी होगी, तमाम कयासों को इसने हराया है। अब बड़ा सवाल यह है कि ये कितनी दूर जाती है। मंगलवार को इस फिल्म को 16. 53 करोड़ रुपए मिले। सोमवार की कमाई 17. 54 करोड़ थी, केवल एक करोड़ रुपए की गिरावट है। अब तो लग रहा है कि इस वीकेंड पर यह 150 करोड़ के पार होगी। बता दें कि इसका पहला वीकेंड उम्मीदों से कहीं बेहतर रहा था। जानकार मान रहे थे कि फिल्म पहले वीकेंड पर 60 करोड़ कमाएगी, लेकिन यह 70 करोड़ ले आई। पहले दिन इसने तमाम उम्मीदों से आगे जाकर 20. 21 करोड़ रुपए कमाए थे। शनिवार को यह कमाई बढ़ी और आंकड़ा 22. 71 करोड़ रुपए हो गई। संडे को इसने लंबी छलांग लगाई और 27. 91 करोड़ जेब में डाले। शाहिद की फिल्म की कुल कमाई 104. 90 करोड़ रुपए हो गई है। यह शाहिद की पहली सोलो हिट है जिसने इतनी कमाई की है। शाहिद की 'पद्मावत' जरूर 100 करोड़ कमा चुकी है लेकिन उसका श्रेय रणवीर सिंह और दीपिका के खाते में भी जाता है। 'कबीर सिंह' शाहिद की सोलो फिल्म है, तो 100 करोड़ श्रेय केवल शाहिद को मिलेगा। देखने वाले भी इसकी खूब तारीफ कर रहे हैं। इसमें सारे वो गुण देखे जा रहा हैं जो एक हिट फिल्म में होना चाहिए। 'कबीर सिंह' दो साल पहले रिलीज हुई तेलुगु फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' का आधिकारिक रीमेक है। इसका निर्देशन संदीप रेड्डी वांगा ने किया है। निर्माता है टी-सीरीज के भूषण कुमार। साउथ की 'अर्जुन रेड्डी' में विजय देवराकोंडा मुख्य भूमिका में दिखे थे। Kabir Singh को भारत में 3123 स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया है।
Kabir Singh ने टिकट खिड़की पर एक सौ करोड़ रुपए कमा लिए हैं। शाहिद कपूर की फिल्म ने केवल पांच दिन में इतनी बड़ी रकम हासिल की है। हर लिहाज से यह कमाई तारीख के काबिल है। वर्ल्डकप के मैचेस और 'ए' सर्टिफिकेट जैसी अड़चनें भी इसे रोक नहीं पाईं। शाहिद को इस हिट की सख्त जरूरत थी, जो उन्हें वाकई छ्प्पर फाड़ कर मिली है। किसी ने नहीं सोचा था कि यह फिल्म फिल्म केवल पांच दिन में एक सौ करोड़ी होगी, तमाम कयासों को इसने हराया है। अब बड़ा सवाल यह है कि ये कितनी दूर जाती है। मंगलवार को इस फिल्म को सोलह. तिरेपन करोड़ रुपए मिले। सोमवार की कमाई सत्रह. चौवन करोड़ थी, केवल एक करोड़ रुपए की गिरावट है। अब तो लग रहा है कि इस वीकेंड पर यह एक सौ पचास करोड़ के पार होगी। बता दें कि इसका पहला वीकेंड उम्मीदों से कहीं बेहतर रहा था। जानकार मान रहे थे कि फिल्म पहले वीकेंड पर साठ करोड़ कमाएगी, लेकिन यह सत्तर करोड़ ले आई। पहले दिन इसने तमाम उम्मीदों से आगे जाकर बीस. इक्कीस करोड़ रुपए कमाए थे। शनिवार को यह कमाई बढ़ी और आंकड़ा बाईस. इकहत्तर करोड़ रुपए हो गई। संडे को इसने लंबी छलांग लगाई और सत्ताईस. इक्यानवे करोड़ जेब में डाले। शाहिद की फिल्म की कुल कमाई एक सौ चार. नब्बे करोड़ रुपए हो गई है। यह शाहिद की पहली सोलो हिट है जिसने इतनी कमाई की है। शाहिद की 'पद्मावत' जरूर एक सौ करोड़ कमा चुकी है लेकिन उसका श्रेय रणवीर सिंह और दीपिका के खाते में भी जाता है। 'कबीर सिंह' शाहिद की सोलो फिल्म है, तो एक सौ करोड़ श्रेय केवल शाहिद को मिलेगा। देखने वाले भी इसकी खूब तारीफ कर रहे हैं। इसमें सारे वो गुण देखे जा रहा हैं जो एक हिट फिल्म में होना चाहिए। 'कबीर सिंह' दो साल पहले रिलीज हुई तेलुगु फिल्म 'अर्जुन रेड्डी' का आधिकारिक रीमेक है। इसका निर्देशन संदीप रेड्डी वांगा ने किया है। निर्माता है टी-सीरीज के भूषण कुमार। साउथ की 'अर्जुन रेड्डी' में विजय देवराकोंडा मुख्य भूमिका में दिखे थे। Kabir Singh को भारत में तीन हज़ार एक सौ तेईस स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया है।
गौतम ने किसी का नाम लिये बिना आरोप लगाया कि जो लोग पार्टी के मामले देख रहे हैं उन्होंने हाल में एक प्रमुख नेता से हाथ मिला लिया है जिसके खिलाफ जजपा ने चुनाव लड़ा था। जजपा ने गत अक्टूबर में हुए विधानसभा चुनाव में गौतम को भाजपा के कैप्टन अभिमन्यु के खिलाफ उतारा था। जजपा के भाजपा के साथ गठबंधन के बाद मंत्री पद की दौड़ में शामिल गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाले कैबिनेट में उन्हें मंत्री नहीं बनाये जाने का कोई असंतोष नहीं है। गौतम ने कहा, "मैं जजपा के टिकट का आकांक्षी भी नहीं था। यद्यपि दुष्यंत और उनके पिता अजय चौटाला की इच्छा थी कि मुझे उनके साथ आना चाहिए। उन्हें पता था कि मैं ही भाजपा के विधायक कैप्टन अभिमन्यु को हरा सकता हूं। " यद्यपि दुष्यंत पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने 11 विभाग अपने पास रखे हैं जबकि पार्टी के मात्र एक विधायक को एक कनिष्ठ मंत्री बनाया गया है जिसे एक "छोटा" प्रभार दिया गया है।
गौतम ने किसी का नाम लिये बिना आरोप लगाया कि जो लोग पार्टी के मामले देख रहे हैं उन्होंने हाल में एक प्रमुख नेता से हाथ मिला लिया है जिसके खिलाफ जजपा ने चुनाव लड़ा था। जजपा ने गत अक्टूबर में हुए विधानसभा चुनाव में गौतम को भाजपा के कैप्टन अभिमन्यु के खिलाफ उतारा था। जजपा के भाजपा के साथ गठबंधन के बाद मंत्री पद की दौड़ में शामिल गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाले कैबिनेट में उन्हें मंत्री नहीं बनाये जाने का कोई असंतोष नहीं है। गौतम ने कहा, "मैं जजपा के टिकट का आकांक्षी भी नहीं था। यद्यपि दुष्यंत और उनके पिता अजय चौटाला की इच्छा थी कि मुझे उनके साथ आना चाहिए। उन्हें पता था कि मैं ही भाजपा के विधायक कैप्टन अभिमन्यु को हरा सकता हूं। " यद्यपि दुष्यंत पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री ने ग्यारह विभाग अपने पास रखे हैं जबकि पार्टी के मात्र एक विधायक को एक कनिष्ठ मंत्री बनाया गया है जिसे एक "छोटा" प्रभार दिया गया है।
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व्यायाम प्ररणाली है । जिसका अभ्यास वर्ष से कम अवस्था के बाल बालिकाश्रो को छोड़कर अन्य सभी स्त्रो पुरुष लाभ के साथ कर सकते हैं । इस व्यायाम को सूर्योदय के समय ही सूर्य भगवान की ओर मुह करके करने का नियम है । इस व्यायाम के लाभ अनेक है । इसके करने से पेट और अन्तडियो के विकार, दिमाग की खराबी तथा दिल, फेफडे और स्नायु मण्डल के विकार जड से नष्ट हो जाते है । सूर्य नमस्कार से शरीर की मासपेशिया पुष्ट होती है तथा पेट और अडियो के विकार से उत्पन्न होने वाले रोग जैसे अपच, कब्जियत, आमवात, बवासीर तथा बहुमूत्र आदि रोग आसानी से दूर हो जाते है । दिल और फेफड़ो को बल मिलने से खासी, दमा तथा क्षय रोग जैसी सहारक बीमारिया सदा के लिए दूर हो जाती है । इस व्यायाम के प्रताप से मेरुदन्ड या रीढ के विकार दूर हो जाने से लकवा, सूजन, फीलपाव आदि रोगो से छुटकारा मिल जाता है । प्रारम्भ मे इस व्यायाम को थोडा ही करना चाहिए और धीरे-धीरे बढाना चाहिए । यह व्यायाय खाली पेट हो करना चाहिए और व्यायाम करते समय सास को रोकना चाहिए । उस वक्त भूल से भी मुह से सांस नही लेनी चाहिए । इस व्यायाम मे नागा करना भी ठीक नही, अपितु रोज-रोज करना चाहिए तभी इच्छित फल की सम्भावना हो सकती है । व्यायाम करते समय शरीर पर सिवा एक लंगोटी के और कोई कपड़ा रखना उचित नही । सर्दी के दिनो मे शरीर की हाथो से मालिश करके उसे गरम कर लिया जा सकता है और तब सूर्य नमस्कार व्यायाम प्रारम्भ किया जा सकता है । इस व्यायाम के कर चुकने के बाद कुछ देर तक विश्राम कर लेना प्रावयक है । स्त्रियों को चाहिए कि वे मासिक धर्म होने के समय ६ दिनो तक इस व्यायाम को न करे । इसी प्रकार चार महीने का गर्भ होने पर यह व्यायाम बन्द करदें । पर प्रसव हो जाने के चार महीने बाद फिर शुरू कर सकती हैं । बीमारी की हालत में यह व्यायाम छोडा जासकता है । इस व्यायाम करने वाले को चग्य, कहवा, कोको, तम्बाकू, शराव श्र दि मादक द्रव्यों एवं गोश्त आदि तामसिक साद्यो से बचना चाहिए । व्यायाम विधि - खुली और हवादार जगह चटाई पर २२ वर्ग इञ्च का कोई ऊनी या मूर्त डालकर घोर उग पर पूरब की ओर मुख १० होकर दोनो पैरो का मिल इए और पैरों के को कपडे के किनारे से प्राइए। दोनो श्रव सीने के सामने ले जाकर उमगे सटा हुआ जो एक दूसरे को दवाये । सीने को फैला लीजिये को अन्दर ले जाइये । खूब गहरी सास लीजिये । दण्डो के ऊपरी भाग को कडा कीजिए । सामने सर, गर्दन और रीढ को एक सोध मे रखिये घ्यायाम की पहली अवस्था है । देखिये चित्र । सूर्य नमस्कार पहली सूरत सूर्य नमस्कार दूसरी सूरत अब सामने झुकिये और हाथो की हथोत जमीन पर रख दीजिये । हाथो की उगलिया एक से सटी रहे और सिर को घुटने से घुमाइये वा पावे । हाथो को इस प्रकार रखिये कि वे या की कोशिश कीजिये, परन्तु ऐसा करने मे घुटने के इधर उधर के दोनो किनारों के समानान्तर अन्दर की ओर २२० का कोरण बनावें जिससे ग्र नीचे की गढ़िया पैरो के अगुठो के साथ एक हो। जिसके माथे को
व्यायाम प्ररणाली है । जिसका अभ्यास वर्ष से कम अवस्था के बाल बालिकाश्रो को छोड़कर अन्य सभी स्त्रो पुरुष लाभ के साथ कर सकते हैं । इस व्यायाम को सूर्योदय के समय ही सूर्य भगवान की ओर मुह करके करने का नियम है । इस व्यायाम के लाभ अनेक है । इसके करने से पेट और अन्तडियो के विकार, दिमाग की खराबी तथा दिल, फेफडे और स्नायु मण्डल के विकार जड से नष्ट हो जाते है । सूर्य नमस्कार से शरीर की मासपेशिया पुष्ट होती है तथा पेट और अडियो के विकार से उत्पन्न होने वाले रोग जैसे अपच, कब्जियत, आमवात, बवासीर तथा बहुमूत्र आदि रोग आसानी से दूर हो जाते है । दिल और फेफड़ो को बल मिलने से खासी, दमा तथा क्षय रोग जैसी सहारक बीमारिया सदा के लिए दूर हो जाती है । इस व्यायाम के प्रताप से मेरुदन्ड या रीढ के विकार दूर हो जाने से लकवा, सूजन, फीलपाव आदि रोगो से छुटकारा मिल जाता है । प्रारम्भ मे इस व्यायाम को थोडा ही करना चाहिए और धीरे-धीरे बढाना चाहिए । यह व्यायाय खाली पेट हो करना चाहिए और व्यायाम करते समय सास को रोकना चाहिए । उस वक्त भूल से भी मुह से सांस नही लेनी चाहिए । इस व्यायाम मे नागा करना भी ठीक नही, अपितु रोज-रोज करना चाहिए तभी इच्छित फल की सम्भावना हो सकती है । व्यायाम करते समय शरीर पर सिवा एक लंगोटी के और कोई कपड़ा रखना उचित नही । सर्दी के दिनो मे शरीर की हाथो से मालिश करके उसे गरम कर लिया जा सकता है और तब सूर्य नमस्कार व्यायाम प्रारम्भ किया जा सकता है । इस व्यायाम के कर चुकने के बाद कुछ देर तक विश्राम कर लेना प्रावयक है । स्त्रियों को चाहिए कि वे मासिक धर्म होने के समय छः दिनो तक इस व्यायाम को न करे । इसी प्रकार चार महीने का गर्भ होने पर यह व्यायाम बन्द करदें । पर प्रसव हो जाने के चार महीने बाद फिर शुरू कर सकती हैं । बीमारी की हालत में यह व्यायाम छोडा जासकता है । इस व्यायाम करने वाले को चग्य, कहवा, कोको, तम्बाकू, शराव श्र दि मादक द्रव्यों एवं गोश्त आदि तामसिक साद्यो से बचना चाहिए । व्यायाम विधि - खुली और हवादार जगह चटाई पर बाईस वर्ग इञ्च का कोई ऊनी या मूर्त डालकर घोर उग पर पूरब की ओर मुख दस होकर दोनो पैरो का मिल इए और पैरों के को कपडे के किनारे से प्राइए। दोनो श्रव सीने के सामने ले जाकर उमगे सटा हुआ जो एक दूसरे को दवाये । सीने को फैला लीजिये को अन्दर ले जाइये । खूब गहरी सास लीजिये । दण्डो के ऊपरी भाग को कडा कीजिए । सामने सर, गर्दन और रीढ को एक सोध मे रखिये घ्यायाम की पहली अवस्था है । देखिये चित्र । सूर्य नमस्कार पहली सूरत सूर्य नमस्कार दूसरी सूरत अब सामने झुकिये और हाथो की हथोत जमीन पर रख दीजिये । हाथो की उगलिया एक से सटी रहे और सिर को घुटने से घुमाइये वा पावे । हाथो को इस प्रकार रखिये कि वे या की कोशिश कीजिये, परन्तु ऐसा करने मे घुटने के इधर उधर के दोनो किनारों के समानान्तर अन्दर की ओर दो सौ बीस का कोरण बनावें जिससे ग्र नीचे की गढ़िया पैरो के अगुठो के साथ एक हो। जिसके माथे को
मुंबईः कपिल शर्मा ने हाल ही में द कपिल शर्मा शो का एक अनसेंसर्ड वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में गहराइयां की टीम नजर आ रही है जिसमें दीपिका पादुकोण , सिद्धांत चतुर्वेदी, अनन्या पांडे, धैर्य कारवा और डायरेक्टर शकुन बत्रा शामिल हैं। फिल्म के ट्रेलर और गानों में दीपिका और सिद्धांत चतुर्वेदी के बीच कई किसिंग सीन्स दिखाए गए हैं। इन सीन्स पर सिद्धांत ने अपने परिवार के मजेदार रिएक्शन सुनाए। कपिल मजाक में बोले, सिद्धांत आप पर आरोप है कि फिल्म के किसिंग सीन देख आपके पिता ने फ़ोन पर कहा कि अगली बार से मेरे लिए भी एक रोल रख लेना। इसके बाद शो में दीपिका एयर कंडीशन का टेम्प्रेचर बढ़ाने के लिए कहती हैं क्योंकि उन्हें ठंड लगती है जिसपर सिद्धांत कहते हैं- 'हम आपके बगल बैठे है, हमको ठंड नहीं लग रही है। ' आपको बता दें कि गहराइयां में दीपिका एक योगा इंस्ट्रक्टर की भूमिका में हैं जिसका नाम अलीशा है। दीपिका ने एक ऐसी लड़की की भूमिका निभाई है जो शादी से खुश नहीं है और अपने कजिन के ब्वॉयफ्रेंड के प्यार में पड़ जाती है। फिल्म 11 फरवरी को OTT प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है, फिल्म के डायरेक्टर शकुन बत्रा हैं।
मुंबईः कपिल शर्मा ने हाल ही में द कपिल शर्मा शो का एक अनसेंसर्ड वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में गहराइयां की टीम नजर आ रही है जिसमें दीपिका पादुकोण , सिद्धांत चतुर्वेदी, अनन्या पांडे, धैर्य कारवा और डायरेक्टर शकुन बत्रा शामिल हैं। फिल्म के ट्रेलर और गानों में दीपिका और सिद्धांत चतुर्वेदी के बीच कई किसिंग सीन्स दिखाए गए हैं। इन सीन्स पर सिद्धांत ने अपने परिवार के मजेदार रिएक्शन सुनाए। कपिल मजाक में बोले, सिद्धांत आप पर आरोप है कि फिल्म के किसिंग सीन देख आपके पिता ने फ़ोन पर कहा कि अगली बार से मेरे लिए भी एक रोल रख लेना। इसके बाद शो में दीपिका एयर कंडीशन का टेम्प्रेचर बढ़ाने के लिए कहती हैं क्योंकि उन्हें ठंड लगती है जिसपर सिद्धांत कहते हैं- 'हम आपके बगल बैठे है, हमको ठंड नहीं लग रही है। ' आपको बता दें कि गहराइयां में दीपिका एक योगा इंस्ट्रक्टर की भूमिका में हैं जिसका नाम अलीशा है। दीपिका ने एक ऐसी लड़की की भूमिका निभाई है जो शादी से खुश नहीं है और अपने कजिन के ब्वॉयफ्रेंड के प्यार में पड़ जाती है। फिल्म ग्यारह फरवरी को OTT प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हुई है, फिल्म के डायरेक्टर शकुन बत्रा हैं।
अलीगंज खीरी। एक तरफ पूरा देश कोरीना महामारी से जूझ रहा है। वही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। लोगो को अस्पताल और डाक्टर न होने के कारण इलाज नही मिल पा रहा है। गोला तहसील क्षेत्र में एक ऐसा अस्पताल है, जिसमें 10 महीने से कोई चिकित्सक ही तैनात नहीं है। गोला तहसील क्षेत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मुस्तफाबाद एक फार्मासिस्ट और दो संविदा एएनएम के सहारे सेवाएं दे रहा है। इस अस्पताल मे बिना महिला डाक्टर के ही केंद्र संचालित किया जा रहा है और कोई भी सफाई कर्मी तैनात नहीं है। बार्ड व्हाय भी तैनात नहीं है। ऐसी हालत मे ग्रामीण अंचल के लोगो की स्वस्थ सेवाओं का हाल बेहाल है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की सफाई व्यवस्था कैसी चल रही होगी सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। 10 महीने पूर्व इस प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मे तैनात डाक्टर अभिषेक शुक्ल का तबादला हो गया था तब से महकमा इस केन्द्र मे किसी भी डाक्टर की तैनाती ही नही कर सका। परिणाम यह है कि इस केंद्र बिगत 10 महीनों से बिना डाक्टर के ही संचालित किया जा रहा है। अस्पताल मे तैनात फार्मासिस्ट अरविन्द कुमार सिंह ने बताया कि डाक्टर न होने के कारण अस्पताल में दो एएनएम बंदना और सारिका है। इनमे एक एएनएम खाली पड़े डाक्टर आवास में निवास कर रही है और दूसरी एएनएम भी वहीं परिसर मे एक अन्य आवास मे रह रही है। इस केन्द्र मे एक प्रसव केन्द्र स्वीकृति है, पर कोई महिला चिकित्सक तैनात न होने के कारण इस प्रसव केंद्र को दोनो एएनएम संविदा कर्मी ही संचालित कर रही है। कोरीना महामारी का दौर है खांसी ,सिरदर्द, सर्दी, जुखाम,बुखार के मरीज घर घर मे देखे जा रहे है।
अलीगंज खीरी। एक तरफ पूरा देश कोरीना महामारी से जूझ रहा है। वही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। लोगो को अस्पताल और डाक्टर न होने के कारण इलाज नही मिल पा रहा है। गोला तहसील क्षेत्र में एक ऐसा अस्पताल है, जिसमें दस महीने से कोई चिकित्सक ही तैनात नहीं है। गोला तहसील क्षेत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मुस्तफाबाद एक फार्मासिस्ट और दो संविदा एएनएम के सहारे सेवाएं दे रहा है। इस अस्पताल मे बिना महिला डाक्टर के ही केंद्र संचालित किया जा रहा है और कोई भी सफाई कर्मी तैनात नहीं है। बार्ड व्हाय भी तैनात नहीं है। ऐसी हालत मे ग्रामीण अंचल के लोगो की स्वस्थ सेवाओं का हाल बेहाल है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की सफाई व्यवस्था कैसी चल रही होगी सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। दस महीने पूर्व इस प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मे तैनात डाक्टर अभिषेक शुक्ल का तबादला हो गया था तब से महकमा इस केन्द्र मे किसी भी डाक्टर की तैनाती ही नही कर सका। परिणाम यह है कि इस केंद्र बिगत दस महीनों से बिना डाक्टर के ही संचालित किया जा रहा है। अस्पताल मे तैनात फार्मासिस्ट अरविन्द कुमार सिंह ने बताया कि डाक्टर न होने के कारण अस्पताल में दो एएनएम बंदना और सारिका है। इनमे एक एएनएम खाली पड़े डाक्टर आवास में निवास कर रही है और दूसरी एएनएम भी वहीं परिसर मे एक अन्य आवास मे रह रही है। इस केन्द्र मे एक प्रसव केन्द्र स्वीकृति है, पर कोई महिला चिकित्सक तैनात न होने के कारण इस प्रसव केंद्र को दोनो एएनएम संविदा कर्मी ही संचालित कर रही है। कोरीना महामारी का दौर है खांसी ,सिरदर्द, सर्दी, जुखाम,बुखार के मरीज घर घर मे देखे जा रहे है।
दशकों पहले कनाडा (Canada) में, सामान्य सूअर और जंगली सूअर (Wild boar) को क्रॉस कराकर एक हाइब्रिड नस्ल बनाई गई. इन नए सूअरों को 'सुपर पिग्स' (Super pigs) कहा गया, जो पूरे देश में फैल गए. देशी प्रजातियों और फसलों पर कहर बरपाने के बाद, अब ये सूअर अपनी ज़मीन छोड़कर अमेरिका की तरफ रास्ता बना रहे हैं. एक दशक से भी ज़्यादा समय तक सूअरों का अध्ययन करने वाले वाइल्ड लाइफ रिसर्चर और सस्केचेवान यूनिर्विसिटी (University of Saskatchewan) में प्रोफेसर रयान ब्रुक का कहना है कि ये सूअर पृथ्वी पर बड़े आकार के सबसे खतरनाक आक्रामक स्तनपायी (Mammal) जीव हैं. कनाडा में विदेशी सूअर के मांस से बने नये उत्पाद बेचने के लिए, 1980 के दशक में पहली बार यूरोप के जंगली सूअरों को लाया गया था. लेकिन जब ये सूअर कनाडा के खेतों में दिखाई देने लगे, तब सूअरों के आकार को बढ़ाने और ज़्यादा लज़ीज़ बनाने के लिए उन्हें सामान्य सूअरों के साथ क्रॉसब्रीड किया गया. अब जो नए सूअर बने, उनके शरीर पर फर (Furr) ज़्यादा थी, जैसे वे फर का मोटा कोट पहने हों. यह फर उन्हें कनाडा की कड़कड़ाती ठंड में भी जीवित रहने में मदद करती है. मांस बाजार में इन सुपर पिग्स को काफी पसंद किया जाता था, लेकिन सबकुछ इतना आसान कहां होता है. ब्रुक का कहना है कि इस ब्रीडिंग से जंगली सूअर उन सभी चीजों के साथ टर्बोचार्ज हुआ, जो इसे वास्तव में एक आक्रामक प्रजाति बनाते हैं. अकेला जंगली सूअर तो आक्रामक था ही, ये सुपर पिग और भी ज़्यादा खतरनाक हैं. सूअर का बाजार अपने चरम पर था, लेकिन 2001 में बाजार ढह गया. इसके बाद बहुत से सूअरों को छोड़ दिया गया. एक समय में 300 से ज़्यादा सूअर छोड़े जाने की भी खबर थी. कुछ सूअर जो मज़बूत थे वो भाग गए. इसका नतीजा ये हुआ कि कनाडा में पिछले कुछ दशकों में जंगली सूअरों की संख्या में विस्फोट हुआ. जिन सूअरों का वजन 272 किलो से ज्यादा तक हो सकता है, वे अब जगलों से लेकर घास के खुले मैदानों में बढ़ रहे थे. वे कुछ भी खा रहे थे. वे जानवरों और पक्षियों को भी खाते और फसलों को भी. लेकिन इन आक्रामक सूअरों की आक्रामकता उनके खाने के तरीके में भी दिखती है. वे खेतों में उत्पात मचाते हैं, फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं. वे पौधों की जड़ें खोदते हैं और कीड़े, लार्वा, जो कुछ भी जमीन में दिखता है उसे खा जाते हैं. और अपने पीछे विनाश का निशान छोड़ जाते हैं. उपजाऊ मिट्टी को नुकसान पहुंचता है. इतना ही नहीं, सूअर पानी को भी प्रदूषित करते हैं. अमेरिका में जंगली सूअर पहले से ही एक बड़ी समस्या बने हुए हैं. यूएसडीए का अनुमान है कि जंगली सूअर हर साल अमेरिका में कृषि को 250 करोड़ डॉलर का नुकसान पहुंचाते हैं. हालांकि, वे सूअर खासकर टेक्सास और फ्लोरिडा तक ही सीमित हैं क्योंकि ये इलाके गर्म हैं. लेकिन कनाडा के सुपर पिग्स इडाहो, मोंटाना, नॉर्थ डकोटा और मिनेसोटा जैसे राज्यों में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड को भी झेल सकते हैं. कनाडा के ये सुपर पिग्स अब अमेरिका का रुख करने लगे हैं. तो यकीनन अमेरिका के लिए एक किसी चुनौती से कम नहीं हैं क्योंकि अमेरिकी की समस्या अब और बढ़ने वाली है. ब्रुक के मुताबिक सूअरों का ये रुख एक वास्तविक खतरा है, जो हर दिन के साथ बढ़ रहा है. उन्होंने अमेरिका-कनाडा बॉर्डर पर कुछ मील के दायरे पर इन सूअरों को देखा है. उत्तर और दक्षिण डकोटा में वन्यजीव अधिकारियों ने भी जंगली सूअरों देखे जाने की कुछ घटनाओं के बारे में बताया है. जंगली सूअरों को नियंत्रित करने के लिए उनका शिकार करने के सुझाव दिए जाते हैं. अमेरिका में सामान्य वन्यजीव-प्रबंधन करने टूल के तौर पर शिकार किया जाता है. लेकिन, इस मामले में शिकार से समस्या और भी बदतर हो सकती है क्योंकि सूअर बहुत तेज़ी से प्रजनन करते हैं यानी उनकी संख्या तेजी से बढ़ती है. ब्रुक का कहना है कि कनाडा को जंगली सूअरों को हटाने की दिशा में और ज़्यादा ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है साथ ही, अमेरिका में भी इन सुअरों पर नज़र रखनी होगी और उन्हें हटाना होगा. नहीं तो ये सुपर पिग्स अगर अपनी पर आ गए, तो सब कुछ तबाह कर देंगे.
दशकों पहले कनाडा में, सामान्य सूअर और जंगली सूअर को क्रॉस कराकर एक हाइब्रिड नस्ल बनाई गई. इन नए सूअरों को 'सुपर पिग्स' कहा गया, जो पूरे देश में फैल गए. देशी प्रजातियों और फसलों पर कहर बरपाने के बाद, अब ये सूअर अपनी ज़मीन छोड़कर अमेरिका की तरफ रास्ता बना रहे हैं. एक दशक से भी ज़्यादा समय तक सूअरों का अध्ययन करने वाले वाइल्ड लाइफ रिसर्चर और सस्केचेवान यूनिर्विसिटी में प्रोफेसर रयान ब्रुक का कहना है कि ये सूअर पृथ्वी पर बड़े आकार के सबसे खतरनाक आक्रामक स्तनपायी जीव हैं. कनाडा में विदेशी सूअर के मांस से बने नये उत्पाद बेचने के लिए, एक हज़ार नौ सौ अस्सी के दशक में पहली बार यूरोप के जंगली सूअरों को लाया गया था. लेकिन जब ये सूअर कनाडा के खेतों में दिखाई देने लगे, तब सूअरों के आकार को बढ़ाने और ज़्यादा लज़ीज़ बनाने के लिए उन्हें सामान्य सूअरों के साथ क्रॉसब्रीड किया गया. अब जो नए सूअर बने, उनके शरीर पर फर ज़्यादा थी, जैसे वे फर का मोटा कोट पहने हों. यह फर उन्हें कनाडा की कड़कड़ाती ठंड में भी जीवित रहने में मदद करती है. मांस बाजार में इन सुपर पिग्स को काफी पसंद किया जाता था, लेकिन सबकुछ इतना आसान कहां होता है. ब्रुक का कहना है कि इस ब्रीडिंग से जंगली सूअर उन सभी चीजों के साथ टर्बोचार्ज हुआ, जो इसे वास्तव में एक आक्रामक प्रजाति बनाते हैं. अकेला जंगली सूअर तो आक्रामक था ही, ये सुपर पिग और भी ज़्यादा खतरनाक हैं. सूअर का बाजार अपने चरम पर था, लेकिन दो हज़ार एक में बाजार ढह गया. इसके बाद बहुत से सूअरों को छोड़ दिया गया. एक समय में तीन सौ से ज़्यादा सूअर छोड़े जाने की भी खबर थी. कुछ सूअर जो मज़बूत थे वो भाग गए. इसका नतीजा ये हुआ कि कनाडा में पिछले कुछ दशकों में जंगली सूअरों की संख्या में विस्फोट हुआ. जिन सूअरों का वजन दो सौ बहत्तर किलो से ज्यादा तक हो सकता है, वे अब जगलों से लेकर घास के खुले मैदानों में बढ़ रहे थे. वे कुछ भी खा रहे थे. वे जानवरों और पक्षियों को भी खाते और फसलों को भी. लेकिन इन आक्रामक सूअरों की आक्रामकता उनके खाने के तरीके में भी दिखती है. वे खेतों में उत्पात मचाते हैं, फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं. वे पौधों की जड़ें खोदते हैं और कीड़े, लार्वा, जो कुछ भी जमीन में दिखता है उसे खा जाते हैं. और अपने पीछे विनाश का निशान छोड़ जाते हैं. उपजाऊ मिट्टी को नुकसान पहुंचता है. इतना ही नहीं, सूअर पानी को भी प्रदूषित करते हैं. अमेरिका में जंगली सूअर पहले से ही एक बड़ी समस्या बने हुए हैं. यूएसडीए का अनुमान है कि जंगली सूअर हर साल अमेरिका में कृषि को दो सौ पचास करोड़ डॉलर का नुकसान पहुंचाते हैं. हालांकि, वे सूअर खासकर टेक्सास और फ्लोरिडा तक ही सीमित हैं क्योंकि ये इलाके गर्म हैं. लेकिन कनाडा के सुपर पिग्स इडाहो, मोंटाना, नॉर्थ डकोटा और मिनेसोटा जैसे राज्यों में पड़ने वाली कड़ाके की ठंड को भी झेल सकते हैं. कनाडा के ये सुपर पिग्स अब अमेरिका का रुख करने लगे हैं. तो यकीनन अमेरिका के लिए एक किसी चुनौती से कम नहीं हैं क्योंकि अमेरिकी की समस्या अब और बढ़ने वाली है. ब्रुक के मुताबिक सूअरों का ये रुख एक वास्तविक खतरा है, जो हर दिन के साथ बढ़ रहा है. उन्होंने अमेरिका-कनाडा बॉर्डर पर कुछ मील के दायरे पर इन सूअरों को देखा है. उत्तर और दक्षिण डकोटा में वन्यजीव अधिकारियों ने भी जंगली सूअरों देखे जाने की कुछ घटनाओं के बारे में बताया है. जंगली सूअरों को नियंत्रित करने के लिए उनका शिकार करने के सुझाव दिए जाते हैं. अमेरिका में सामान्य वन्यजीव-प्रबंधन करने टूल के तौर पर शिकार किया जाता है. लेकिन, इस मामले में शिकार से समस्या और भी बदतर हो सकती है क्योंकि सूअर बहुत तेज़ी से प्रजनन करते हैं यानी उनकी संख्या तेजी से बढ़ती है. ब्रुक का कहना है कि कनाडा को जंगली सूअरों को हटाने की दिशा में और ज़्यादा ठोस कदम उठाने की ज़रूरत है साथ ही, अमेरिका में भी इन सुअरों पर नज़र रखनी होगी और उन्हें हटाना होगा. नहीं तो ये सुपर पिग्स अगर अपनी पर आ गए, तो सब कुछ तबाह कर देंगे.
Dhanbad : झरिया के पाथरडीह स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान जमकर बवाल हुआ. आरोप है कि झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के अंगरक्षक ने एक व्यक्ति की जमकर पिटाई कर दी. जिसके बाद स्थानीय लोग भड़क गये और माहौल बिगड़ गया. इसके बाद गुस्साए लोगों ने विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के विरोध में नारेबाजी की. इसके बाद स्थानीय लोग विरोध में धरना पर बैठ गये हैं. इसे लेकर कार्यक्रम में कुछ देर के लिए तनाव उत्पन्न हो गया. शुक्रवार, 10 दिसंबर को झरिया अंचल के पाथरडीह सुतुकडीह स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में प्रोग्राम आयोजित किया गया था. इसमें मुख्य रूप से झरिया सीओ प्रमेश कुशवाहा और विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह उपस्थिति थे. कार्यक्रम के दौरान फरियादियों की काफी भीड़ लग गई, सभी फरियादी अपनी-अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे. इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष साधन महतो अपने ग्रामीणों के साथ समस्या को लेकर पत्र देने आये. तभी झरिया विधायक के सरकारी बॉडीगार्ड ने उसकी पिटाई कर दी. पिटाई के बाद साधन महतो और स्थानीय महिलाएं आक्रोशित हो गईं और धरना पर बैठ गये. उन्होंने कहा कि पूर्व पार्षद सुमित सुपकार के कहने पर हमें सीओ के पास जाने से रोका गया और झरिया विधायक के सरकारी बॉडीगार्ड के द्वारा उन्हें और महिलाओं को पीटा गया.
Dhanbad : झरिया के पाथरडीह स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान जमकर बवाल हुआ. आरोप है कि झरिया विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के अंगरक्षक ने एक व्यक्ति की जमकर पिटाई कर दी. जिसके बाद स्थानीय लोग भड़क गये और माहौल बिगड़ गया. इसके बाद गुस्साए लोगों ने विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के विरोध में नारेबाजी की. इसके बाद स्थानीय लोग विरोध में धरना पर बैठ गये हैं. इसे लेकर कार्यक्रम में कुछ देर के लिए तनाव उत्पन्न हो गया. शुक्रवार, दस दिसंबर को झरिया अंचल के पाथरडीह सुतुकडीह स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में प्रोग्राम आयोजित किया गया था. इसमें मुख्य रूप से झरिया सीओ प्रमेश कुशवाहा और विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह उपस्थिति थे. कार्यक्रम के दौरान फरियादियों की काफी भीड़ लग गई, सभी फरियादी अपनी-अपनी समस्या लेकर पहुंचे थे. इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष साधन महतो अपने ग्रामीणों के साथ समस्या को लेकर पत्र देने आये. तभी झरिया विधायक के सरकारी बॉडीगार्ड ने उसकी पिटाई कर दी. पिटाई के बाद साधन महतो और स्थानीय महिलाएं आक्रोशित हो गईं और धरना पर बैठ गये. उन्होंने कहा कि पूर्व पार्षद सुमित सुपकार के कहने पर हमें सीओ के पास जाने से रोका गया और झरिया विधायक के सरकारी बॉडीगार्ड के द्वारा उन्हें और महिलाओं को पीटा गया.
दमिश्क। सीरिया के विद्रोहियों ने तुर्की के सहयोग से बुधवार को उत्तरी सीरिया में स्थित जाराब्लस शहर पर कब्जा करके सीरियाई-तुर्की सीमा पर इस्लामिक स्टेट (आईएस) को उसके अंतिम गढ़ से खदेड़ दिया। बुधवार तड़के जाराब्लस पर हमला कर दिया। ऑब्जर्वेटरी ने कहा कि सीरियाई विद्रोहियों ने आसानी से शहर पर कब्जा कर लिया। बेब शहर और अल-रक्का प्रांत में भेज दिया था। विद्रोही शहर की तलाशी नहीं ले रहे हैं क्योंकि तुर्की की सीमा से सटे आईएस के अंतिम गढ़ में स्लीपर सेल्स अभी भी छिपे हैं।
दमिश्क। सीरिया के विद्रोहियों ने तुर्की के सहयोग से बुधवार को उत्तरी सीरिया में स्थित जाराब्लस शहर पर कब्जा करके सीरियाई-तुर्की सीमा पर इस्लामिक स्टेट को उसके अंतिम गढ़ से खदेड़ दिया। बुधवार तड़के जाराब्लस पर हमला कर दिया। ऑब्जर्वेटरी ने कहा कि सीरियाई विद्रोहियों ने आसानी से शहर पर कब्जा कर लिया। बेब शहर और अल-रक्का प्रांत में भेज दिया था। विद्रोही शहर की तलाशी नहीं ले रहे हैं क्योंकि तुर्की की सीमा से सटे आईएस के अंतिम गढ़ में स्लीपर सेल्स अभी भी छिपे हैं।
मुंबई(हिटलिस्ट)। 'न्यूयॉर्क फैशन वीक' के लिए एक लग्जरी ब्रांड की तरफ से इनविटेशन पाने वाली कृति सैनन ने प्रियंका चोपड़ा जोनस और दीपिका पादुकोण की बराबरी कर ली है। वह अमेरिका जाकर फैशन और रीटेल की दुनिया से जुड़े बड़े-बड़े नामों के साथ इस इवेंट का हिस्सा बनेंगी। कृति ने बताया, 'मैं हॉलीवुड के फैशन आइकन्स से मिलने का इंतजार कर रही हूं। वे हम सबकी इंस्पिरेशन रहे हैं. उनका स्टाइल सेंस कमाल का है। ' 'मैं एक्सपेरिमेंट एंज्वॉय करती हूं' इस एक्ट्रेस का मानना है कि इंडिया का फैशन भी आज ग्लोबल लेवल का हो गया है। उनके मुताबिक, 'इंडिया में फैशन का इवोल्यूशन बहुत तेजी से हुआ है जिसकी वजह उभरते हुए और यहां पहले से मौजूद फैशन डिजाइनर्स हैं। स्टाइल आपकी पर्सनैलिटी को रिप्रेजेंट करता है। मैं लेटेस्ट ट्रेंड्स से अपडेटेड रहती हूं और एक्सपेरिमेंट करना एंज्वॉय करती हूं। स्टाइल कम्फर्ट की चीज है। '
मुंबई। 'न्यूयॉर्क फैशन वीक' के लिए एक लग्जरी ब्रांड की तरफ से इनविटेशन पाने वाली कृति सैनन ने प्रियंका चोपड़ा जोनस और दीपिका पादुकोण की बराबरी कर ली है। वह अमेरिका जाकर फैशन और रीटेल की दुनिया से जुड़े बड़े-बड़े नामों के साथ इस इवेंट का हिस्सा बनेंगी। कृति ने बताया, 'मैं हॉलीवुड के फैशन आइकन्स से मिलने का इंतजार कर रही हूं। वे हम सबकी इंस्पिरेशन रहे हैं. उनका स्टाइल सेंस कमाल का है। ' 'मैं एक्सपेरिमेंट एंज्वॉय करती हूं' इस एक्ट्रेस का मानना है कि इंडिया का फैशन भी आज ग्लोबल लेवल का हो गया है। उनके मुताबिक, 'इंडिया में फैशन का इवोल्यूशन बहुत तेजी से हुआ है जिसकी वजह उभरते हुए और यहां पहले से मौजूद फैशन डिजाइनर्स हैं। स्टाइल आपकी पर्सनैलिटी को रिप्रेजेंट करता है। मैं लेटेस्ट ट्रेंड्स से अपडेटेड रहती हूं और एक्सपेरिमेंट करना एंज्वॉय करती हूं। स्टाइल कम्फर्ट की चीज है। '
दिलेर समाचार,नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष के मार्च महीने के आखिरी 3 दिन और नए वित्त वर्ष के अप्रैल महीने के पहले दिन बैंक बंद रहने वाले हैं। यानी कुल मिलाकर लगातार पांच दिन बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है तो कोशिश करें कि उसे गुरुवार से पहले निपटा लें वर्ना आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप अपने खर्चों के लिए पहले से नकदी निकाल कर रख लेंगे तो बेहतर होगा क्योंकि 5 दिन की लगातार छुट्टी रहने से एटीएम में भी जल्द पैसा खत्म होने की प्रबल संभावना रहेगी। राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश में शनिवार यानी 31 मार्च 2018 को बैंक खुलेंगे और सामान्य दिन की तरह काम होगा। यह महीने का पांचवा शनिवार होगा। बैंक सिर्फ दूसरे और चौथे शनिवार को ही बंद रहते हैं। बैंक बंद रहने से लोग नकद निकासी से लिए एटीएम का रुख करेंगे, लेकिन यह भी आशंका जताई जा रही है कि इतनी लंबी अवधि में बैंकों में छुट्टियां होने के कारण एटीएम भी जल्द ही सूख सकते हैं। ऐसे में अगर आप इन चार दिनों के खर्चों के लिए पहले से ही पैसे निकाल के रख लेंगे तो आपके लिए बेहतर रहेगा। 29 मार्च, गुरुवारः भगवान महावीर की जयंती। बैंकों के साथ ही सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। 30 मार्च, शुक्रवारः गुड फ्राइडे होने से सरकारी छुट्टी रहेगी। 29 मार्च, गुरुवारः भगवान महावीर की जयंती। बैंकों के साथ ही सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। 30 मार्च, शुक्रवारः गुड फ्राइडे होने से सरकारी छुट्टी रहेगी। 1 अप्रैल, रविवारः अवकाश। अकाउंट क्लोजिंग डे। 29 मार्च, गुरुवारः भगवान महावीर की जयंती। बैंकों के साथ ही सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे।
दिलेर समाचार,नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष के मार्च महीने के आखिरी तीन दिन और नए वित्त वर्ष के अप्रैल महीने के पहले दिन बैंक बंद रहने वाले हैं। यानी कुल मिलाकर लगातार पांच दिन बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है तो कोशिश करें कि उसे गुरुवार से पहले निपटा लें वर्ना आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आप अपने खर्चों के लिए पहले से नकदी निकाल कर रख लेंगे तो बेहतर होगा क्योंकि पाँच दिन की लगातार छुट्टी रहने से एटीएम में भी जल्द पैसा खत्म होने की प्रबल संभावना रहेगी। राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश में शनिवार यानी इकतीस मार्च दो हज़ार अट्ठारह को बैंक खुलेंगे और सामान्य दिन की तरह काम होगा। यह महीने का पांचवा शनिवार होगा। बैंक सिर्फ दूसरे और चौथे शनिवार को ही बंद रहते हैं। बैंक बंद रहने से लोग नकद निकासी से लिए एटीएम का रुख करेंगे, लेकिन यह भी आशंका जताई जा रही है कि इतनी लंबी अवधि में बैंकों में छुट्टियां होने के कारण एटीएम भी जल्द ही सूख सकते हैं। ऐसे में अगर आप इन चार दिनों के खर्चों के लिए पहले से ही पैसे निकाल के रख लेंगे तो आपके लिए बेहतर रहेगा। उनतीस मार्च, गुरुवारः भगवान महावीर की जयंती। बैंकों के साथ ही सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। तीस मार्च, शुक्रवारः गुड फ्राइडे होने से सरकारी छुट्टी रहेगी। उनतीस मार्च, गुरुवारः भगवान महावीर की जयंती। बैंकों के साथ ही सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। तीस मार्च, शुक्रवारः गुड फ्राइडे होने से सरकारी छुट्टी रहेगी। एक अप्रैल, रविवारः अवकाश। अकाउंट क्लोजिंग डे। उनतीस मार्च, गुरुवारः भगवान महावीर की जयंती। बैंकों के साथ ही सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे।
दूसरी हत्या की वारदात गर्दनीबाग इलाके में हुई. यहां पर भी एक मोटरसाइकिल सवार युवक को आरोपियों ने गोली मार दी. बताया जा रहा है कि पुलिस को मौके से दो खोखे बरामद किए हैं. (प्रतीकात्मक फोटो) पटना. राजधानी में मंगलवार को चंद ही घंटों के अंदर हुई दो बड़ी वारदातों ने इलाके में दहशत फैला दी. एक के बाद एक हुई दो हत्याओं के बाद पुलिस भी सकते में नजर आई और आनन फानन में दोनों मामलों की जांच के लिए पुलिस की विशेष टीम का गठन किया गया. एक वारदात में तो आरोपियों ने मृतक के परिवार के सामने ही उसे गोलियों से भून दिया. वहीं दूसरी वारदात में भी आरोपियों ने बाइक सवार को गोली मार दी. पहली हत्या की वारदात एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में हुई. चंदन कुमार नामक युवक अपनी पत्नी और बेटी के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहा था. इसी दौरान शिव मंदिर के पास आरोपियों ने उसे रोक कर चार गोलियां मार दीं. बताया जा रहा है कि चंदन एक कंपनी में मार्केटिंग का काम करता था. वही ंएसएसपी ने दावा किया है कि हत्या की इस वारदात के संबंध में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा. वहीं दूसरी हत्या की वारदात गर्दनीबाग इलाके में हुई. यहां पर भी एक मोटरसाइकिल सवार युवक को आरोपियों ने गोली मार दी. बताया जा रहा है कि पुलिस को मौके से दो खोखे बरामद किए हैं. वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पहुंचे और जांच शुरू की. मृतक के पास से मिले आधार कार्ड के अनुसार वह पटना के सुल्तानगंज का रहने वाला है और उसकी पहचान सरफराज े तौर पर हुई है. एसएसपी उपेन्द्र शर्मा ने कहा कि पहली वारदात में कोई प्रोफेशनल क्राइम की बात सामने नहीं आई है, वहीं दूसरी वारदात के कारणों की छानबीन जारी है. .
दूसरी हत्या की वारदात गर्दनीबाग इलाके में हुई. यहां पर भी एक मोटरसाइकिल सवार युवक को आरोपियों ने गोली मार दी. बताया जा रहा है कि पुलिस को मौके से दो खोखे बरामद किए हैं. पटना. राजधानी में मंगलवार को चंद ही घंटों के अंदर हुई दो बड़ी वारदातों ने इलाके में दहशत फैला दी. एक के बाद एक हुई दो हत्याओं के बाद पुलिस भी सकते में नजर आई और आनन फानन में दोनों मामलों की जांच के लिए पुलिस की विशेष टीम का गठन किया गया. एक वारदात में तो आरोपियों ने मृतक के परिवार के सामने ही उसे गोलियों से भून दिया. वहीं दूसरी वारदात में भी आरोपियों ने बाइक सवार को गोली मार दी. पहली हत्या की वारदात एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में हुई. चंदन कुमार नामक युवक अपनी पत्नी और बेटी के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहा था. इसी दौरान शिव मंदिर के पास आरोपियों ने उसे रोक कर चार गोलियां मार दीं. बताया जा रहा है कि चंदन एक कंपनी में मार्केटिंग का काम करता था. वही ंएसएसपी ने दावा किया है कि हत्या की इस वारदात के संबंध में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा है और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा. वहीं दूसरी हत्या की वारदात गर्दनीबाग इलाके में हुई. यहां पर भी एक मोटरसाइकिल सवार युवक को आरोपियों ने गोली मार दी. बताया जा रहा है कि पुलिस को मौके से दो खोखे बरामद किए हैं. वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पहुंचे और जांच शुरू की. मृतक के पास से मिले आधार कार्ड के अनुसार वह पटना के सुल्तानगंज का रहने वाला है और उसकी पहचान सरफराज े तौर पर हुई है. एसएसपी उपेन्द्र शर्मा ने कहा कि पहली वारदात में कोई प्रोफेशनल क्राइम की बात सामने नहीं आई है, वहीं दूसरी वारदात के कारणों की छानबीन जारी है. .
Quick links: Beta Na Hone Par Kaun Kar Sakta Hai Shraddh: हिंदू धर्म में श्राद्ध को सबसे महत्वपूर्ण कर्म माना जाता है। दरअसल, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो परिवारजन उसकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध करते हैं। वैसे तो इसके लिए सबसे पहला नाम बड़े या सबसे छोटे बेटे का नाम आता है, लेकिन अगर किसी के पुत्र ही न हो तो ऐसे में सवाल ये उठता है कि उस व्यक्ति श्राद्ध कौन कर सकता है। तो चलिए आज इसके बारे में जानते हैं। हर साल भादो माह की पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। हिंदी पंचांग के मुताबिक इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत 29 सितंबर दिन शुक्रवार से होने जा रहा है और इसका समापन 14 अक्टूबर को होगा। पूर्वजों को समर्पित यह विशेष समय आश्विन मास के कृष्ण पक्ष से प्रारंभ होकर अमावस्या तक के 15 दिनों की अवधि पितृ पक्ष अर्थात श्राद्ध पक्ष कहलाती है। Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Quick links: Beta Na Hone Par Kaun Kar Sakta Hai Shraddh: हिंदू धर्म में श्राद्ध को सबसे महत्वपूर्ण कर्म माना जाता है। दरअसल, जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो परिवारजन उसकी आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध करते हैं। वैसे तो इसके लिए सबसे पहला नाम बड़े या सबसे छोटे बेटे का नाम आता है, लेकिन अगर किसी के पुत्र ही न हो तो ऐसे में सवाल ये उठता है कि उस व्यक्ति श्राद्ध कौन कर सकता है। तो चलिए आज इसके बारे में जानते हैं। हर साल भादो माह की पूर्णिमा तिथि से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। हिंदी पंचांग के मुताबिक इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत उनतीस सितंबर दिन शुक्रवार से होने जा रहा है और इसका समापन चौदह अक्टूबर को होगा। पूर्वजों को समर्पित यह विशेष समय आश्विन मास के कृष्ण पक्ष से प्रारंभ होकर अमावस्या तक के पंद्रह दिनों की अवधि पितृ पक्ष अर्थात श्राद्ध पक्ष कहलाती है। Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक खुले वाहन में सवार होकर जनता से रुबरू हुए और विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित किया। इस दौरान मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'अगर हम कहते हैं कि तमिलनाडु भारत है, तो हमें कहना होगा कि भारत तमिलनाडु है। ऐसा नहीं हो सकता है कि हम कहते हैं कि तमिलनाडु भारत है, लेकिन भारत तमिलनाडु नहीं है'। तमिलनाडु में अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं। राहुल तीन दिन के तमिलनाडु दौरे पर हैं। राहुल वायनाड से सांसद हैं। वे 10 दिन में दूसरी बार तमिलनाडु पहुंचे हैं। इससे पहले 14 जनवरी को पोंगल पर हुई बैलों की पारंपरिक दौड़ जल्लीकट्टू देखने मदुरई पहुंचे थे। .......
कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक खुले वाहन में सवार होकर जनता से रुबरू हुए और विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित किया। इस दौरान मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'अगर हम कहते हैं कि तमिलनाडु भारत है, तो हमें कहना होगा कि भारत तमिलनाडु है। ऐसा नहीं हो सकता है कि हम कहते हैं कि तमिलनाडु भारत है, लेकिन भारत तमिलनाडु नहीं है'। तमिलनाडु में अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं। राहुल तीन दिन के तमिलनाडु दौरे पर हैं। राहुल वायनाड से सांसद हैं। वे दस दिन में दूसरी बार तमिलनाडु पहुंचे हैं। इससे पहले चौदह जनवरी को पोंगल पर हुई बैलों की पारंपरिक दौड़ जल्लीकट्टू देखने मदुरई पहुंचे थे। .......
कपिल शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसकी एक झलक भी दिखा दी। कपिल शर्मा ने अपने फिटनेस ट्रेनर का एक वीडियो रीशेयर किया जिसमें वह रस्सियों वाला वर्कआउट (battle rope workout) करते नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि कपिल शर्मा ने अपने फिटनेस को अब सीरियसली ले लिया है और उम्मीद है कि वह बहुत जल्द काफी फिट और स्ट्रॉन्ग नजर आएंगे। कपिल शर्मा ने पिछले कुछ दिनों में करीब 11 से 12 किलो वजन कम किया है। हाल ही में एक वीडियो नजर आया, जिसमें वह अर्चना पूरण सिंह से अपने वेट लॉस को लेकर बातें करते नजर आए हैं। कपिल शर्मा ने बताया था कि उन्होंने 92 किलो से घटाकर अपना वजन 81 किलो कर लिया है। कपिल शर्मा ने एक एपिसोड में अपने हेल्थ इशू को लेकर बातें की। उन्होंने बताया था कि उन्हें स्लिप डिस्क की समस्या हुई जिसके बाद उन्होंने वर्कआउट करना शुरू कर दिया।
कपिल शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इसकी एक झलक भी दिखा दी। कपिल शर्मा ने अपने फिटनेस ट्रेनर का एक वीडियो रीशेयर किया जिसमें वह रस्सियों वाला वर्कआउट करते नजर आ रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि कपिल शर्मा ने अपने फिटनेस को अब सीरियसली ले लिया है और उम्मीद है कि वह बहुत जल्द काफी फिट और स्ट्रॉन्ग नजर आएंगे। कपिल शर्मा ने पिछले कुछ दिनों में करीब ग्यारह से बारह किलो वजन कम किया है। हाल ही में एक वीडियो नजर आया, जिसमें वह अर्चना पूरण सिंह से अपने वेट लॉस को लेकर बातें करते नजर आए हैं। कपिल शर्मा ने बताया था कि उन्होंने बानवे किलो से घटाकर अपना वजन इक्यासी किलो कर लिया है। कपिल शर्मा ने एक एपिसोड में अपने हेल्थ इशू को लेकर बातें की। उन्होंने बताया था कि उन्हें स्लिप डिस्क की समस्या हुई जिसके बाद उन्होंने वर्कआउट करना शुरू कर दिया।
अगर आपको हिचकी आ रही और हर उपाय करने से वो सही न हो रही हो तो इसके लिए गाय का घी आधा चम्मच घी खा लें। इससे हिचकी तुरंत रुक जाएगी। आमतौर में बच्चों को कफ की शिकायत बहुत ही जल्दी हो जाती है। अगर आपके घर में किसी को हो गया है तो इसके लिए गाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर मालिश करें। इससे लाभ मिलेगा। अगर आपको कमजोरी महसूस हो रही है तो इसके लिए एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें। इससे आपको फायदा मिलेगी।
अगर आपको हिचकी आ रही और हर उपाय करने से वो सही न हो रही हो तो इसके लिए गाय का घी आधा चम्मच घी खा लें। इससे हिचकी तुरंत रुक जाएगी। आमतौर में बच्चों को कफ की शिकायत बहुत ही जल्दी हो जाती है। अगर आपके घर में किसी को हो गया है तो इसके लिए गाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर मालिश करें। इससे लाभ मिलेगा। अगर आपको कमजोरी महसूस हो रही है तो इसके लिए एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें। इससे आपको फायदा मिलेगी।
कभी कभी एक व्यक्ति के सिर में एक मजबूत दबाव, दर्द और दृष्टि समस्याओं के साथ लगता है। यह उच्च रक्तचाप intracranial के रूप में इस तरह के रोगों की उपस्थिति का संकेत हो सकता है। ध्यान देना नहीं है क्योंकि रोग भी दृष्टि की पूरी हानि हो सकती है दर्द के इस प्रकार के लिए, खतरनाक है। रोग के दो प्रकार के स्वीकृत आवंटनः - प्राथमिक। - माध्यमिक। Intracranial उच्च रक्तचाप प्राथमिक प्रकार स्पष्ट कारण के बिना प्रकट होता है। आमतौर पर, इस मुद्दे महिलाओं को जो मोटापे से ग्रस्त या काफी अधिक वजन से पहले पैदा होती है। लेकिन माध्यमिक रूप में इस तरह के एक प्रकार का वृक्ष, ल्यूकेमिया के वाहिकाओं में रक्त के थक्के के रूप में एक रोग की प्रगति, का एक परिणाम है। सिद्धांत रूप में, रोग के कारण किसी भी बीमारी है, जिसके कारण विशेषज्ञों शायद ही कभी सच पृष्ठभूमि पता हो सकता है। के बाद से उच्च रक्तचाप का सार मस्तिष्क दबाव में अचानक और बड़ी वृद्धि है, तो यह अलग उल्लंघन करने या प्रभावित कर सकते हैं विसंगतियों। अक्सर एक ट्यूमर है कि रक्त वाहिकाओं को संपीड़ित करता है और रक्त के सामान्य परिसंचरण रोकता के गठन की वजह से सिर दर्द कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त यह हो सकता है क्योंकि चोट, जैसे कि, enthlasis और मस्तिष्क के ऊतकों में गैरमानक वृद्धि हुई है। खतरे में, एक उच्च शरीर द्रव्यमान के साथ महिलाओं के बीच, वहाँ बच्चे कि प्राप्त जन्म श्वासावरोध की प्रक्रिया में हैं कर रहे हैं। बेशक, धूम्रपान करने वालों के intracranial उच्च रक्तचाप से क्योंकि वे रक्त के थक्के के गठन, जो वाहिकाओं में अतिरिक्त दबाव के निर्माण की ओर जाता है करने के लिए एक प्रवृत्ति है संकोच नहीं करता है। अंतः स्रावी के रोगों प्रणाली के विकास के लिए प्रोत्साहन दे सकते हैं intracranial दबाव के। यह कोई रहस्य नहीं है कि तनाव या अवसाद की स्थिति में एक ही करने के लिए एक व्यक्ति की सामान्य स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव अप्रिय परिणामों को जन्म दे सकता है है। Intracranial उच्च रक्तचापः लक्षण। सबसे आम लक्षण है, जो खुद के लिए पहली जगह में प्रकट होता है में से एक है, यह मौसम परिवर्तन के प्रति संवेदनशील माना जाता है। यही कारण है कि जलवायु या मौसम की स्थिति में थोड़ी सी भी परिवर्तन बदल रोगी शरीर, दौरे, गंभीर सिर में दर्द भर कमजोरी महसूस करता है, दृष्टि को प्रभावित करने वाले (आप एक चमकदार रोशनी नहीं देख सकते हैं), व्यक्ति चिड़चिड़ा और तंत्रिका हो जाता है। दुर्भाग्य से, रोजमर्रा की जिंदगी में, लोगों को ध्यान इन संकेतों को भुगतान नहीं करते हैं, एक मानक थकान और थकावट का जिक्र है। आमतौर पर, तेज आंदोलनों पर तथाकथित दिखाई देते हैं उसकी आंखों के सामने मक्खी। इस स्थिति में निष्क्रिय रहने - अत्यधिक गैर जिम्मेदार, क्योंकि कोई योग्य उपचार इस तरह के मस्तिष्क विकार के रूप में अपरिवर्तनीय परिणाम,, हृदय प्रणाली को जन्म दे सकता। इस प्रकार संचालनीयता पूरी तरह से या आंशिक रूप से खो दिया है। Intracranial उच्च रक्तचापः उपचार। सही और तर्कसंगत उपचार दोनों दवा तरीके मस्तिष्क के वाहिकाओं में दबाव है, साथ ही अतिरिक्त चिकित्सा से निपटने के लिए शामिल होना चाहिए। सबसे पहले, विशेषज्ञ किसी भी तरल का सेवन, और नमकीन खाद्य पदार्थ कम करने के लिए सिफारिश की। प्रतिदिन तरल पदार्थ की डेढ़ लीटर, पानी, चाय, कॉफी और इतने पर सहित अधिक नहीं पीने की अनुमति। निर्धारित मूत्रल, ताकि जल्द से जल्द अतिरिक्त तरल पदार्थ के शरीर से मुक्त करने और उसके संचय को रोकने, और इसलिए शोफ के गठन। इसके अलावा यह आधार पर पूरी तरह से निदान डॉक्टर उच्च रक्तचाप के कारण जानने के लिए कोशिश करता है, जिनमें से बनाया है। सब के बाद, केवल मुख्य रोग ठीक है, यह परिणाम से छुटकारा पाने के लिए संभव है। Intracranial उच्च रक्तचाप - एक समस्या यह है कि जल्दी से संभाल कर सकते हैं, एक डॉक्टर से मदद लेने की मुख्य समय।
कभी कभी एक व्यक्ति के सिर में एक मजबूत दबाव, दर्द और दृष्टि समस्याओं के साथ लगता है। यह उच्च रक्तचाप intracranial के रूप में इस तरह के रोगों की उपस्थिति का संकेत हो सकता है। ध्यान देना नहीं है क्योंकि रोग भी दृष्टि की पूरी हानि हो सकती है दर्द के इस प्रकार के लिए, खतरनाक है। रोग के दो प्रकार के स्वीकृत आवंटनः - प्राथमिक। - माध्यमिक। Intracranial उच्च रक्तचाप प्राथमिक प्रकार स्पष्ट कारण के बिना प्रकट होता है। आमतौर पर, इस मुद्दे महिलाओं को जो मोटापे से ग्रस्त या काफी अधिक वजन से पहले पैदा होती है। लेकिन माध्यमिक रूप में इस तरह के एक प्रकार का वृक्ष, ल्यूकेमिया के वाहिकाओं में रक्त के थक्के के रूप में एक रोग की प्रगति, का एक परिणाम है। सिद्धांत रूप में, रोग के कारण किसी भी बीमारी है, जिसके कारण विशेषज्ञों शायद ही कभी सच पृष्ठभूमि पता हो सकता है। के बाद से उच्च रक्तचाप का सार मस्तिष्क दबाव में अचानक और बड़ी वृद्धि है, तो यह अलग उल्लंघन करने या प्रभावित कर सकते हैं विसंगतियों। अक्सर एक ट्यूमर है कि रक्त वाहिकाओं को संपीड़ित करता है और रक्त के सामान्य परिसंचरण रोकता के गठन की वजह से सिर दर्द कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त यह हो सकता है क्योंकि चोट, जैसे कि, enthlasis और मस्तिष्क के ऊतकों में गैरमानक वृद्धि हुई है। खतरे में, एक उच्च शरीर द्रव्यमान के साथ महिलाओं के बीच, वहाँ बच्चे कि प्राप्त जन्म श्वासावरोध की प्रक्रिया में हैं कर रहे हैं। बेशक, धूम्रपान करने वालों के intracranial उच्च रक्तचाप से क्योंकि वे रक्त के थक्के के गठन, जो वाहिकाओं में अतिरिक्त दबाव के निर्माण की ओर जाता है करने के लिए एक प्रवृत्ति है संकोच नहीं करता है। अंतः स्रावी के रोगों प्रणाली के विकास के लिए प्रोत्साहन दे सकते हैं intracranial दबाव के। यह कोई रहस्य नहीं है कि तनाव या अवसाद की स्थिति में एक ही करने के लिए एक व्यक्ति की सामान्य स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव अप्रिय परिणामों को जन्म दे सकता है है। Intracranial उच्च रक्तचापः लक्षण। सबसे आम लक्षण है, जो खुद के लिए पहली जगह में प्रकट होता है में से एक है, यह मौसम परिवर्तन के प्रति संवेदनशील माना जाता है। यही कारण है कि जलवायु या मौसम की स्थिति में थोड़ी सी भी परिवर्तन बदल रोगी शरीर, दौरे, गंभीर सिर में दर्द भर कमजोरी महसूस करता है, दृष्टि को प्रभावित करने वाले , व्यक्ति चिड़चिड़ा और तंत्रिका हो जाता है। दुर्भाग्य से, रोजमर्रा की जिंदगी में, लोगों को ध्यान इन संकेतों को भुगतान नहीं करते हैं, एक मानक थकान और थकावट का जिक्र है। आमतौर पर, तेज आंदोलनों पर तथाकथित दिखाई देते हैं उसकी आंखों के सामने मक्खी। इस स्थिति में निष्क्रिय रहने - अत्यधिक गैर जिम्मेदार, क्योंकि कोई योग्य उपचार इस तरह के मस्तिष्क विकार के रूप में अपरिवर्तनीय परिणाम,, हृदय प्रणाली को जन्म दे सकता। इस प्रकार संचालनीयता पूरी तरह से या आंशिक रूप से खो दिया है। Intracranial उच्च रक्तचापः उपचार। सही और तर्कसंगत उपचार दोनों दवा तरीके मस्तिष्क के वाहिकाओं में दबाव है, साथ ही अतिरिक्त चिकित्सा से निपटने के लिए शामिल होना चाहिए। सबसे पहले, विशेषज्ञ किसी भी तरल का सेवन, और नमकीन खाद्य पदार्थ कम करने के लिए सिफारिश की। प्रतिदिन तरल पदार्थ की डेढ़ लीटर, पानी, चाय, कॉफी और इतने पर सहित अधिक नहीं पीने की अनुमति। निर्धारित मूत्रल, ताकि जल्द से जल्द अतिरिक्त तरल पदार्थ के शरीर से मुक्त करने और उसके संचय को रोकने, और इसलिए शोफ के गठन। इसके अलावा यह आधार पर पूरी तरह से निदान डॉक्टर उच्च रक्तचाप के कारण जानने के लिए कोशिश करता है, जिनमें से बनाया है। सब के बाद, केवल मुख्य रोग ठीक है, यह परिणाम से छुटकारा पाने के लिए संभव है। Intracranial उच्च रक्तचाप - एक समस्या यह है कि जल्दी से संभाल कर सकते हैं, एक डॉक्टर से मदद लेने की मुख्य समय।
वहीं, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमें कुछ नजर नहीं आया। पुलिस आयुक्त ने खुद मोके पर रहकर स्वास्थ्य परीक्षण का जायजा लिया। वहीं, एक अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब हो गया है। फिलहाल, तीनों शावक पूरी तरह से सुरक्षित बताए जा रहे हैं। महिला द्वारा कोई सुसाइट नोट लिखा गया या नही इस बात की छानबीन भी अभी पुलिस करने में लगी है।
वहीं, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमें कुछ नजर नहीं आया। पुलिस आयुक्त ने खुद मोके पर रहकर स्वास्थ्य परीक्षण का जायजा लिया। वहीं, एक अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब हो गया है। फिलहाल, तीनों शावक पूरी तरह से सुरक्षित बताए जा रहे हैं। महिला द्वारा कोई सुसाइट नोट लिखा गया या नही इस बात की छानबीन भी अभी पुलिस करने में लगी है।
द्विआधारी संख्यांक पद्धति में हमारे पास केवल दो संख्या-चिह्न हैं '०' और '१' । इन दोनों में '०' का स्वयं में कोई मूल्य नहीं है। केवल '१' ही स्थान-लाभ के साथ मानलाभ कर सकता है। जब हमारे पास दस संख्या - चिह्न हैं तब मान-लाभ दस गुना होता है। इसलिए जब हमारे पास केवल दो संख्या चिह्न हैं तब मान-लाभ दो गुना ही होगा। जिस स्थान पर '१' नहीं है, वहाँ अभाव-पूर्ति के लिए '०' का उपयोग करना होगा। जब द्विआधारी पद्धति में '१' पहले स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचता है, तब यदि प्रथम स्थान पर कोई अंक नहीं है तो उसकी पूर्ति के लिए शून्य लगाना होगा। इस प्रकार '१' का दूसरे स्थान पर पहुँचना '१०' रूप में लिखा जाएगा । प्रथम स्थान में '१' दूसरे स्थान में '१' परंतु ध्यान रहे कि '१०' हमारा जाना-पहचाना दस नहीं है। अब हम द्वि-आधारी दुनिया में विचरण कर रहे हैं। यहाँ १ से बड़ी संख्या को निरूपित करने वाले कोई विशेष अंक-चिह्न नहीं हैं । द्वि-आधारी '१०' में '१' पहले स्थान से दूसरे स्थान पर आया है। हमारी भाषा में उसका मान दो गुना हो गया है। इसलिए वस्तुतः '१०' हमारे दशमलव पद्धति के संख्या - चिह्न '२' का द्विआधारी रूप है । इसी प्रकार यदि यह '१' एक स्थान और बाईं ओर हट जाता है तो उसका मान और भी बढ़ जाएगा और वह दूसरे स्थान की अपेक्षा दो गुना हो जाएगा।
द्विआधारी संख्यांक पद्धति में हमारे पास केवल दो संख्या-चिह्न हैं 'शून्य' और 'एक' । इन दोनों में 'शून्य' का स्वयं में कोई मूल्य नहीं है। केवल 'एक' ही स्थान-लाभ के साथ मानलाभ कर सकता है। जब हमारे पास दस संख्या - चिह्न हैं तब मान-लाभ दस गुना होता है। इसलिए जब हमारे पास केवल दो संख्या चिह्न हैं तब मान-लाभ दो गुना ही होगा। जिस स्थान पर 'एक' नहीं है, वहाँ अभाव-पूर्ति के लिए 'शून्य' का उपयोग करना होगा। जब द्विआधारी पद्धति में 'एक' पहले स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचता है, तब यदि प्रथम स्थान पर कोई अंक नहीं है तो उसकी पूर्ति के लिए शून्य लगाना होगा। इस प्रकार 'एक' का दूसरे स्थान पर पहुँचना 'दस' रूप में लिखा जाएगा । प्रथम स्थान में 'एक' दूसरे स्थान में 'एक' परंतु ध्यान रहे कि 'दस' हमारा जाना-पहचाना दस नहीं है। अब हम द्वि-आधारी दुनिया में विचरण कर रहे हैं। यहाँ एक से बड़ी संख्या को निरूपित करने वाले कोई विशेष अंक-चिह्न नहीं हैं । द्वि-आधारी 'दस' में 'एक' पहले स्थान से दूसरे स्थान पर आया है। हमारी भाषा में उसका मान दो गुना हो गया है। इसलिए वस्तुतः 'दस' हमारे दशमलव पद्धति के संख्या - चिह्न 'दो' का द्विआधारी रूप है । इसी प्रकार यदि यह 'एक' एक स्थान और बाईं ओर हट जाता है तो उसका मान और भी बढ़ जाएगा और वह दूसरे स्थान की अपेक्षा दो गुना हो जाएगा।
तथ्य यह है कि पूर्व अधिकारी यूक्रेन लौट आए, यूक्रेनी पत्रकार मिखाइल टाकच ने टेलीग्राम चैनल में रिपोर्ट की। उनके अनुसार, विमान 2: 30 स्थानीय समय के आसपास तेल अवीव से Dnepropetrovsk (Dnipro) में आया था। हम समूह "प्रिविट" के विमान के बारे में बात कर रहे हैं, जो कोलोमिस्की से संबंधित है। इससे पहले एक साक्षात्कार में कोलेमोइस्की ने कहा कि वह व्लादिमीर ज़ेलेन्स्की के राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद - यूक्रेन लौटने के लिए तैयार थे। अब तक, ज़ेलेंस्की को राष्ट्रपति पद के लिए प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। हर तरह से पोरोशेंको और वेरखोव्ना राडा उद्घाटन की तारीख में देरी कर रहे हैं, इस डर से कि ज़ेलेन्स्की वेरकोहना राडा को भंग कर सकता है। ज़ेलेन्स्की के पास ऐसा अवसर है अगर वह मई 27 तक खुद को यूक्रेन के राष्ट्रपति पद पर पाता है। अन्यथा, मौजूदा रचना में VRU एक और छह महीने के लिए "काम" करेगा। ज़ेलेंस्की ने ऑलिगार्स कोलोमिस्की के साथ संपर्क से इनकार किया, कोलोमोकी ने बदले में, ज़ेलेन्स्की के साथ संपर्क से इनकार किया, लेकिन साथ ही वह यह स्पष्ट करता है कि वह यूक्रेन के निर्वाचित राष्ट्रपति पर एक निश्चित शर्त लगा रहा है। दांव में से एक प्रिवेटबैंक की संपत्ति को वापस करने की कोशिश है, जिसे पोरोशेंको ने कोलोमोकी को हारने में मदद की। इससे पहले, कोलोमिस्की ने अचानक डोनबास में संघर्ष के संबंध में बयानबाजी को बदल दिया, इसे एक गृह युद्ध कहा। बहुत पहले नहीं, कोलोमिस्की ने रूसी टेलीविजन चैनल एनटीवी को एक साक्षात्कार दिया था। एक साक्षात्कार में, कोलोमिस्की ने पहले ही कहा है कि वह चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा के बाद (वे शहर का नाम बदलकर यूक्रेन में नाम बदलने में कामयाब रहे), जो कि डेनेप्रोपेट्रोव्स्क (वह कैसे कॉल करता है) में वापस आ जाएगा।
तथ्य यह है कि पूर्व अधिकारी यूक्रेन लौट आए, यूक्रेनी पत्रकार मिखाइल टाकच ने टेलीग्राम चैनल में रिपोर्ट की। उनके अनुसार, विमान दो: तीस स्थानीय समय के आसपास तेल अवीव से Dnepropetrovsk में आया था। हम समूह "प्रिविट" के विमान के बारे में बात कर रहे हैं, जो कोलोमिस्की से संबंधित है। इससे पहले एक साक्षात्कार में कोलेमोइस्की ने कहा कि वह व्लादिमीर ज़ेलेन्स्की के राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के बाद - यूक्रेन लौटने के लिए तैयार थे। अब तक, ज़ेलेंस्की को राष्ट्रपति पद के लिए प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। हर तरह से पोरोशेंको और वेरखोव्ना राडा उद्घाटन की तारीख में देरी कर रहे हैं, इस डर से कि ज़ेलेन्स्की वेरकोहना राडा को भंग कर सकता है। ज़ेलेन्स्की के पास ऐसा अवसर है अगर वह मई सत्ताईस तक खुद को यूक्रेन के राष्ट्रपति पद पर पाता है। अन्यथा, मौजूदा रचना में VRU एक और छह महीने के लिए "काम" करेगा। ज़ेलेंस्की ने ऑलिगार्स कोलोमिस्की के साथ संपर्क से इनकार किया, कोलोमोकी ने बदले में, ज़ेलेन्स्की के साथ संपर्क से इनकार किया, लेकिन साथ ही वह यह स्पष्ट करता है कि वह यूक्रेन के निर्वाचित राष्ट्रपति पर एक निश्चित शर्त लगा रहा है। दांव में से एक प्रिवेटबैंक की संपत्ति को वापस करने की कोशिश है, जिसे पोरोशेंको ने कोलोमोकी को हारने में मदद की। इससे पहले, कोलोमिस्की ने अचानक डोनबास में संघर्ष के संबंध में बयानबाजी को बदल दिया, इसे एक गृह युद्ध कहा। बहुत पहले नहीं, कोलोमिस्की ने रूसी टेलीविजन चैनल एनटीवी को एक साक्षात्कार दिया था। एक साक्षात्कार में, कोलोमिस्की ने पहले ही कहा है कि वह चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा के बाद , जो कि डेनेप्रोपेट्रोव्स्क में वापस आ जाएगा।
रायपुर, (ब्यूरो छत्तीसगढ़)। मुख्य सचिव पी. जॉय उम्मेन ने कहा है कि शासकीय कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर राज्य सरकार का दृष्टिकोण हमेशा सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण रहा है। भविष्य में भी अपने कर्मचारियों के हितों पर सरकार संवेदनशीलता के साथ ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि नक्सल पभावित इलाकों में कार्यरत कर्मचारियों को पोत्साहन भत्ता देने के लिए राज्य शासन द्वारा केन्द सरकार को आवश्यक जानकारी भेज दी गयी है। उम्मेन ने बताया कि केन्द ने अपनी ओर से सभी राज्यों से इस बारे में जानकारी मांगी है और उम्मीद है कि वहां से कोई न कोई निर्णय जल्द हो जाएगा, फिर भी अगर केन्द के स्तर से निर्णय में विलंब होगा, तो राज्य शासन द्वारा महाराष्ट्र सहित देश के कुछ दूसरे राज्यों में पचलित पोत्साहन भत्तों के स्वरूप का अध्ययन कर अपने स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। मुख्य सचिव ने आज यहां मंत्रालय में राज्य स्तरीय संयुक्प परामर्शदात्री परिषद की बैठक में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पतिनिधियों से यह बात कही। उम्मेन ने कहा कि संयुक्प परामर्शदात्री परिषद में राज्य शासन द्वारा कर्मचारी हित में निर्णय लेने के हरसंभव पयास किए जाते हैं। उम्मेन ने कहा कि शासन के सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय पमुखों को कर्मचारियों की समस्याओं का अपने-अपने विभाग और कार्यालय स्तर पर निराकरण के अधिकार भी दिए गए हैं। ऐसे पकरण जिनका निराकरण उनके स्तर पर संभव न हो, उन पर राज्य शासन के स्तर पर विचार करने की व्यवस्था है। जिन पकरणों में कानूनी अथवा तकनीकी दिक्कत हो, उनके परीक्षण और निराकरण के लिए सामान्य पशासन विभाग और वित्त विभाग के स्तर पर कार्रवाई की जाती है। बैठक में मुख्य सचिव ने कर्मचारी संघों की ओर से रखे गए विभिन्न पस्तावों पर बिन्दुवार चर्चा करते हुए पत्येक पस्ताव के बारे में संबंधित विभागों को नियमानुसार उचित कार्रवाई समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डी. एन. तिवारी समिति की रिपोर्ट की अनुशंसाओं को लागू किए जाने, विभिन्न विभागों में समयमान-वेतनमान के लंबित पकरणों के निराकरण, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के बकाया मामलों के निराकरण सहित पिछली बैठक के विभिन्न बिन्दुओं के पालन-पतिवेदन और आज की बैठक के विभिन्न पस्तावो पर बैठक में विस्तृत चर्चा की गयी। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस बैठक में विभिन्न विभागों के पमुख सचिव और सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, वहीं शासन से मान्यता पाप्त विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने संघों की ओर से कर्मचारी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
रायपुर, । मुख्य सचिव पी. जॉय उम्मेन ने कहा है कि शासकीय कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर राज्य सरकार का दृष्टिकोण हमेशा सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण रहा है। भविष्य में भी अपने कर्मचारियों के हितों पर सरकार संवेदनशीलता के साथ ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि नक्सल पभावित इलाकों में कार्यरत कर्मचारियों को पोत्साहन भत्ता देने के लिए राज्य शासन द्वारा केन्द सरकार को आवश्यक जानकारी भेज दी गयी है। उम्मेन ने बताया कि केन्द ने अपनी ओर से सभी राज्यों से इस बारे में जानकारी मांगी है और उम्मीद है कि वहां से कोई न कोई निर्णय जल्द हो जाएगा, फिर भी अगर केन्द के स्तर से निर्णय में विलंब होगा, तो राज्य शासन द्वारा महाराष्ट्र सहित देश के कुछ दूसरे राज्यों में पचलित पोत्साहन भत्तों के स्वरूप का अध्ययन कर अपने स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। मुख्य सचिव ने आज यहां मंत्रालय में राज्य स्तरीय संयुक्प परामर्शदात्री परिषद की बैठक में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पतिनिधियों से यह बात कही। उम्मेन ने कहा कि संयुक्प परामर्शदात्री परिषद में राज्य शासन द्वारा कर्मचारी हित में निर्णय लेने के हरसंभव पयास किए जाते हैं। उम्मेन ने कहा कि शासन के सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालय पमुखों को कर्मचारियों की समस्याओं का अपने-अपने विभाग और कार्यालय स्तर पर निराकरण के अधिकार भी दिए गए हैं। ऐसे पकरण जिनका निराकरण उनके स्तर पर संभव न हो, उन पर राज्य शासन के स्तर पर विचार करने की व्यवस्था है। जिन पकरणों में कानूनी अथवा तकनीकी दिक्कत हो, उनके परीक्षण और निराकरण के लिए सामान्य पशासन विभाग और वित्त विभाग के स्तर पर कार्रवाई की जाती है। बैठक में मुख्य सचिव ने कर्मचारी संघों की ओर से रखे गए विभिन्न पस्तावों पर बिन्दुवार चर्चा करते हुए पत्येक पस्ताव के बारे में संबंधित विभागों को नियमानुसार उचित कार्रवाई समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डी. एन. तिवारी समिति की रिपोर्ट की अनुशंसाओं को लागू किए जाने, विभिन्न विभागों में समयमान-वेतनमान के लंबित पकरणों के निराकरण, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के बकाया मामलों के निराकरण सहित पिछली बैठक के विभिन्न बिन्दुओं के पालन-पतिवेदन और आज की बैठक के विभिन्न पस्तावो पर बैठक में विस्तृत चर्चा की गयी। लगभग साढ़े तीन घंटे तक चली इस बैठक में विभिन्न विभागों के पमुख सचिव और सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, वहीं शासन से मान्यता पाप्त विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भी अपने-अपने संघों की ओर से कर्मचारी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट में मंत्री जितेंद्र सिंह ने पाकिस्तान में तिरंगा फहराने की बात की है। जितेंद्र ने कहा कि वह पीओके में तिरंगा जरूर फहराएंगे। जम्मू के कठुआ से तिरंगा यात्रा शुरू करने के मौके पर पीएम मोदी के नेता ने कहा कि इस तिरंगा यात्रा का सही समापन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में ही होगा। केंद्रीय राज्यमंत्री का ये बयान आज तब आया है जब शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पीओके भी हमारा है। जितेंद्र सिंह का कहना है कि पीएम मोदी ने जो आह्वान किया है उसके बाद देशवासियों को भी गुलाम कश्मीर को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराने के लिए संकल्प लेना चाहिए। जितेंद्र सिंह ने कहा कि तिरंगा यात्रा की वास्तविक सफलता तब होगी जब हम कोटली और मुजफ्फराबाद में तिरंगा फहराएंगें। उन्होंने कहा कि यह हमारी नैतिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है कि हम अपने पाक अधिकृत कश्मीर के भाईयों के साथ खड़े हों। आज हम इसी निश्चय के साथ इस तिरंगा यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। राज्य के तीन संसदीय क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा 22 अगस्त तक जारी रहेगी। आज दिल्ली से सांबा पहुंचे जितेंद्र सिंह ने आजादी 70 अभियान की शुरुआत की। 10 अगस्त को राजनाथ सिंह के संसद में पाकिस्तान के भाषण के बाद कश्मीर मसले पर भारत सरकार एक अलग ही रुख अपना रही है। शुक्रवार कश्मीर के मुद्दे पर दिल्ली में सभी दलों की बैठक में पीएम ने पीओके को लेकर अपना प्लान भी पेश किया है। पीएम ने कहा था कि पाक के कब्जे में जो कश्मीर है वो भी हमारा है। उधर आज अलगाववादियों ने श्रीनगर में लाल चौक पर जनमत संग्रह मार्च का ऐलान कर रखा है।
नई दिल्ली। मोदी कैबिनेट में मंत्री जितेंद्र सिंह ने पाकिस्तान में तिरंगा फहराने की बात की है। जितेंद्र ने कहा कि वह पीओके में तिरंगा जरूर फहराएंगे। जम्मू के कठुआ से तिरंगा यात्रा शुरू करने के मौके पर पीएम मोदी के नेता ने कहा कि इस तिरंगा यात्रा का सही समापन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में ही होगा। केंद्रीय राज्यमंत्री का ये बयान आज तब आया है जब शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पीओके भी हमारा है। जितेंद्र सिंह का कहना है कि पीएम मोदी ने जो आह्वान किया है उसके बाद देशवासियों को भी गुलाम कश्मीर को पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराने के लिए संकल्प लेना चाहिए। जितेंद्र सिंह ने कहा कि तिरंगा यात्रा की वास्तविक सफलता तब होगी जब हम कोटली और मुजफ्फराबाद में तिरंगा फहराएंगें। उन्होंने कहा कि यह हमारी नैतिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है कि हम अपने पाक अधिकृत कश्मीर के भाईयों के साथ खड़े हों। आज हम इसी निश्चय के साथ इस तिरंगा यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं। राज्य के तीन संसदीय क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा बाईस अगस्त तक जारी रहेगी। आज दिल्ली से सांबा पहुंचे जितेंद्र सिंह ने आजादी सत्तर अभियान की शुरुआत की। दस अगस्त को राजनाथ सिंह के संसद में पाकिस्तान के भाषण के बाद कश्मीर मसले पर भारत सरकार एक अलग ही रुख अपना रही है। शुक्रवार कश्मीर के मुद्दे पर दिल्ली में सभी दलों की बैठक में पीएम ने पीओके को लेकर अपना प्लान भी पेश किया है। पीएम ने कहा था कि पाक के कब्जे में जो कश्मीर है वो भी हमारा है। उधर आज अलगाववादियों ने श्रीनगर में लाल चौक पर जनमत संग्रह मार्च का ऐलान कर रखा है।
IPL 2022 Trophy (Photo Credit: File Photo) नई दिल्लीः आईपीएल 2022 की तैयारी चल रही है. सभी फ्रेंचाइजियों की निगाहें उन खिलाड़ियों पर टिकी है. जिनको वो मेगा ऑक्शन में टारगेट कर सकती हैं. उम्मीद है कि टीमें डेविड वार्नर को लेकर अपनी रणनीति बना रही होंगी. क्योंकि आईपीएल 2021 के बाद से ही वार्नर का बल्ला लगातार चल रहा है. इस वक्त ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज खेली जा रही है. इस सीरीज के पहले ही मैच में डेविड वार्नर ने अच्छी बल्लेबाजी की है. वार्नर ने 94 रनों की शानदार पारी खेली है. उम्मीद की जा रही है कि आईपीएल ऑक्शन में डेविड वार्नर पर पैसों की बारिश होने वाली है. उनकी शानदार बल्लेबाजी देख यकीन होने लगा है कि वार्नर ऑक्शन 2022 में तहलका मचा सकते हैं. वार्नर पर पैसों की बारिश इसलिए भी हो सकती है कि कई टीमों को कप्तान की भी जरुरत है. वार्नर आईपीएल 2022 में कप्तान के तौर पर भी देखे जा रहे हैं. वार्नर के आईपीएल करियर की बात करें तो वार्नर आईपीएल में 150 मैचों में 5449 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 139. 96 का रहा है. डेविड वार्नर आईपीएल 2021 में सिर्फ 8 मैच खेले थे. इस दौरान उनके बल्ले से 195 रन निकला था. यही कारण है कि सनराइजर्स हैदराबाद ने उनको अपनी टीम से रिलीज कर दिया है.
IPL दो हज़ार बाईस Trophy नई दिल्लीः आईपीएल दो हज़ार बाईस की तैयारी चल रही है. सभी फ्रेंचाइजियों की निगाहें उन खिलाड़ियों पर टिकी है. जिनको वो मेगा ऑक्शन में टारगेट कर सकती हैं. उम्मीद है कि टीमें डेविड वार्नर को लेकर अपनी रणनीति बना रही होंगी. क्योंकि आईपीएल दो हज़ार इक्कीस के बाद से ही वार्नर का बल्ला लगातार चल रहा है. इस वक्त ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज खेली जा रही है. इस सीरीज के पहले ही मैच में डेविड वार्नर ने अच्छी बल्लेबाजी की है. वार्नर ने चौरानवे रनों की शानदार पारी खेली है. उम्मीद की जा रही है कि आईपीएल ऑक्शन में डेविड वार्नर पर पैसों की बारिश होने वाली है. उनकी शानदार बल्लेबाजी देख यकीन होने लगा है कि वार्नर ऑक्शन दो हज़ार बाईस में तहलका मचा सकते हैं. वार्नर पर पैसों की बारिश इसलिए भी हो सकती है कि कई टीमों को कप्तान की भी जरुरत है. वार्नर आईपीएल दो हज़ार बाईस में कप्तान के तौर पर भी देखे जा रहे हैं. वार्नर के आईपीएल करियर की बात करें तो वार्नर आईपीएल में एक सौ पचास मैचों में पाँच हज़ार चार सौ उनचास रन बनाए हैं. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट एक सौ उनतालीस. छियानवे का रहा है. डेविड वार्नर आईपीएल दो हज़ार इक्कीस में सिर्फ आठ मैच खेले थे. इस दौरान उनके बल्ले से एक सौ पचानवे रन निकला था. यही कारण है कि सनराइजर्स हैदराबाद ने उनको अपनी टीम से रिलीज कर दिया है.
Aaj Ka mithun Rashifal 15 january 2023 , Gemini Horoscope Today in Hindi: आपके लिए हर दिन एक नई चुनौती लेकर आती है। इस समय आपको पैसे की लेनदेन से थोड़ा बचने की जरूरत है। कहीं ऐसा न हो कि आपका पैसा फस जाए। इसलिए ऐसे में इन दिनों आपको अपने कदम सोच समझ कर रखने की जरूरत है। Aaj Ka mithun Rashifal 15 January 2023 , Gemini Horoscope Today in Hindi: मिथुन (Gemini) - नुकसान भरा समय है और आप गलत फैसले कर सकते हैं। यही कारण है की आपको पैसे के लेनदेन में भी बहुत सारे सूझबूझ के फैसले करने होंगे। क्या करें - रिश्तों को संभाले रखने के लिए बहुत सारी अच्छाई बनाए रखनी होगी। आप इस बात को समझ लें की यह मुश्किलों भरा समय है इसलिए मुश्किलों को बढ़ावा देते चले जाने से बात बिगड़ सकती है। नुकसान से भी बचना होगा ताकि जिंदगी की स्थिरता बनी रहे। क्या न करें - किसी प्यार मोहब्बत के रिश्ते में अति भावुकता दर्शाना अच्छी बात नहीं है क्योंकि ऐसा करने से आप लोगों को अपने से दूर करते चले जाएँगे और इस समय वही ठीक नहीं है। रुकावटें और चुनौतियाँ - जिंदगी की बहुत सारी रुकावटें ऐसी हैं जिन्होंने आपको घेर रखा है। लोगों की नाराजगियाँ भी बढ़ी हैं और आपकी मेहनत भी दिशाहीन होती चली जा रही है, इसलिए किसी भी तरह की गलती करते चले जाना ठीक नहीं है। ट्रेंडिंगः
Aaj Ka mithun Rashifal पंद्रह january दो हज़ार तेईस , Gemini Horoscope Today in Hindi: आपके लिए हर दिन एक नई चुनौती लेकर आती है। इस समय आपको पैसे की लेनदेन से थोड़ा बचने की जरूरत है। कहीं ऐसा न हो कि आपका पैसा फस जाए। इसलिए ऐसे में इन दिनों आपको अपने कदम सोच समझ कर रखने की जरूरत है। Aaj Ka mithun Rashifal पंद्रह जनवरीuary दो हज़ार तेईस , Gemini Horoscope Today in Hindi: मिथुन - नुकसान भरा समय है और आप गलत फैसले कर सकते हैं। यही कारण है की आपको पैसे के लेनदेन में भी बहुत सारे सूझबूझ के फैसले करने होंगे। क्या करें - रिश्तों को संभाले रखने के लिए बहुत सारी अच्छाई बनाए रखनी होगी। आप इस बात को समझ लें की यह मुश्किलों भरा समय है इसलिए मुश्किलों को बढ़ावा देते चले जाने से बात बिगड़ सकती है। नुकसान से भी बचना होगा ताकि जिंदगी की स्थिरता बनी रहे। क्या न करें - किसी प्यार मोहब्बत के रिश्ते में अति भावुकता दर्शाना अच्छी बात नहीं है क्योंकि ऐसा करने से आप लोगों को अपने से दूर करते चले जाएँगे और इस समय वही ठीक नहीं है। रुकावटें और चुनौतियाँ - जिंदगी की बहुत सारी रुकावटें ऐसी हैं जिन्होंने आपको घेर रखा है। लोगों की नाराजगियाँ भी बढ़ी हैं और आपकी मेहनत भी दिशाहीन होती चली जा रही है, इसलिए किसी भी तरह की गलती करते चले जाना ठीक नहीं है। ट्रेंडिंगः
जांच की सामग्रियों से, जो, इसे हल्के ढंग से रखने के लिए, प्रश्न उठाएंः रूसी रेनैट बाकियेव ने अडाना प्रांत में एक साइकिल किराए पर ली, जिसकी मदद से वह इनरलैंड हवाई अड्डे के क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने अमेरिकी वायु सेना के विमान को नीचे उतारने के लिए मानव रहित हवाई वाहन का उपयोग करने का इरादा बनाया। सीसीटीवी कैमरे से फ्रेमः नतीजतन, रूसी को एक स्थानीय अदालत में 6 साल और तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, तुर्की में उस पर इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह (रूसी संघ में प्रतिबंधित) की गतिविधियों में शामिल होने का भी आरोप है। तुर्की मीडिया के बयानों के अनुसार, रूसी ने कथित तौर पर धार्मिक संगठनों में से एक में आतंकवादी कार्य करने की योजना बनाई थी। ऐसा करने के लिए, उन्होंने एक बाइक किराए पर ली? तुर्की जांच के निष्कर्ष बेहद विवादास्पद दिखते हैं। स्थिति तुर्की में रूसी राजनयिक मिशन को स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है।
जांच की सामग्रियों से, जो, इसे हल्के ढंग से रखने के लिए, प्रश्न उठाएंः रूसी रेनैट बाकियेव ने अडाना प्रांत में एक साइकिल किराए पर ली, जिसकी मदद से वह इनरलैंड हवाई अड्डे के क्षेत्र में पहुंचे। उन्होंने अमेरिकी वायु सेना के विमान को नीचे उतारने के लिए मानव रहित हवाई वाहन का उपयोग करने का इरादा बनाया। सीसीटीवी कैमरे से फ्रेमः नतीजतन, रूसी को एक स्थानीय अदालत में छः साल और तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, तुर्की में उस पर इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह की गतिविधियों में शामिल होने का भी आरोप है। तुर्की मीडिया के बयानों के अनुसार, रूसी ने कथित तौर पर धार्मिक संगठनों में से एक में आतंकवादी कार्य करने की योजना बनाई थी। ऐसा करने के लिए, उन्होंने एक बाइक किराए पर ली? तुर्की जांच के निष्कर्ष बेहद विवादास्पद दिखते हैं। स्थिति तुर्की में रूसी राजनयिक मिशन को स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है।
आईसीसी क्रिकेट विश्व कप एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप है। टूर्नामेंट खेल के शासी निकाय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा हर चार साल आयोजित किया जाता है। टूर्नामेंट दुनिया में सबसे ज्यादा देखी गयी खेल स्पर्धाओं में से एक है, यह केवल फीफा विश्व कप और ओलंपिक पीछे है। पहली बार विश्व कप 1975 में इंग्लैंड में आयोजित किया गया था, पहले तीन विश्व कप इंग्लैंड में मेजबानी किए गए थे। लेकिन 1987 टूर्नामेंट के बाद से विश्व कप हर चार साल दूसरे देश में आयोजित किया जाता है। सबसे हाल ही टूर्नामेंट २०१५ में आयोजित की गई थी, यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने मेजबानी की थी और इसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। . चैंपियंस लीग ट्वेंटी20, (संछिप्त में CLT20) एक प्रमुख क्रिकेट टीमों की शीर्ष घरेलू टीमों के बीच खेला जाने वाला वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय ट्वेंटी 20 क्रिकेट प्रतियोगिता थी। प्रतियोगिता 2008 में अक्टूबर 2009 में आयोजित पहले संस्करण के साथ शुरू हुई थी। यह संयुक्त रूप से बीसीसीआई, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के स्वामित्व में था, और एन॰ श्रीनिवासन की अध्यक्षता की गई, जो आईसीसी के अध्यक्ष भी थे। सुंदर रामन सीएलटी 20 और आईपीएल के मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) थे। टूर्नामेंट सितंबर और अक्टूबर के बीच भारत या दक्षिण अफ्रीका में दो से तीन सप्ताह तक आयोजित किया गया था। इसमें यूएस $ 6 मिलियन का कुल इनाम पूल था, जिसने विजेता टीम को $ 2.5 मिलियन प्राप्त करने के साथ, इतिहास में एक क्लब क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए सबसे अधिक। प्रारूप में आठ टेस्ट खेलने वाले देशों के प्रीमियर ट्वेंटी 20 प्रतियोगिताओं की सबसे अच्छी टीम शामिल थी, जो भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की टीमों का समर्थन करती थी। दर्शकों की दिलचस्पी, अस्थिर प्रायोजकों और अन्य आवश्यक कारकों की कमी की वजह से 15 जुलाई 2015 को तीन फाउंडिंग बोर्डों ने घोषणा की थी कि टूर्नामेंट खत्म हो जाएगा, इस प्रकार 2014 चैंपियंस लीग ट्वेंटी 20 टूर्नामेंट की अंतिम श्रृंखला थी। . एडम क्रेग गिलक्रिस्ट (जन्म 14 नवंबर 1971 बेलिंगन,न्यू साउथ वेल्स में) एक पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ी है। जिनको गिली या चर्च के उपनामों से भी जाना जाता है। इन्होंने अपना पहला प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच 1992 में, पहला एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच 1996 में और टेस्ट क्रिकेट मैच 1999 में खेला। इनके अलावा इन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में डेक्कन चार्जर्स और किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से भी खेलते थे। . ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड ने ओडीआई (ODI) मैच होस्ट किया। पीले कपड़ों में बल्लेबाज हैं जो ऑस्ट्रेलियाई है जबकि नीले कपड़ों में भारतीय क्षेत्ररक्षण टीम हैं। एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ओडीआई (ODI)) क्रिकेट की एक शैली है, जिसमें दो राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के बीच प्रति टीम 50 ओवर खेले जाते हैं। क्रिकेट विश्व कप इसी प्रारूप के अनुसार खेला जाता है। एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों को "लिमिटेड ओवर इंटरनेशनल (एलओआई (LOI))" भी कहा जाता है, क्योंकि राष्ट्रीय टीमों के बीच सीमित ओवर के क्रिकेट मैच खेले जाते हैं और यदि मौसम की वजह से व्यवधान उत्पन्न होता है तो वे हमेशा एक दिन में समाप्त नहीं होते. डकवर्थ लुईस नियम क्रिकेट के सीमित मैच के दौरान किसी प्रकार की प्रतिकूल भौगोलिक परिस्थितियों एवं अन्य स्थितियों में अपनाया जाने वाला नियम है, ताकि मैच अपने निर्णय तक पहुँच सके। यह नियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। इस नियम के तहत घटाए गए ओवरों में नए लक्ष्य निर्धारित किये जाते हैं। इस लक्ष्य निर्धारण विधि को एक ख़ास सांख्यिकीय सारणी की मदद से निकाला जाता है जिसका संशोधन समय-समय पर होता रहता है। इस नियम का विकास इंग्लैंड के दो सांख्यिकी के विद्वान फ्रैंक डकवर्थ और टौनी लुईस ने किया था। . क्रिकेट में एक बल्लेबाज नाबाद (not out) कहलाता है यदि वह पारी की समाप्ति तक बल्लेबाज़ी करता है। श्रेणीःक्रिकेट शब्दावली. न्यूज़ीलैंड प्रशान्त महासागर में ऑस्ट्रेलिया के पास स्थित देश है। ये दो बड़े द्वीपों से बना है। न्यूजीलैंड (माओरी भाषा मेंः Aotearoa आओटेआरोआ) दक्षिण पश्चिमि पेसिफ़िक ओशन में दो बड़े द्वीप और अन्य कई छोटे द्वीपों से बना एक देश है। न्यूजीलैंड के ४० लाख लोगों में से लगभग तीस लाख लोग उत्तरी द्वीप में रहते हैं और दस लाख लोग दक्षिणि द्वीप में। यह द्वीप दुनिया के सबसे बडे द्वीपों में गिने जाते हैं। अन्य द्वीपों में बहुत कम लोग रहतें हैं और वे बहुत छोटे हैं। इनमें मुख्य है. अफ्रीका महाद्वीप के पूर्वी भाग को पूर्वी अफ्रीका कहते हैं। इसमें बुरूंडीकोमोरोज़जिबूतीईरीट्रियाइथियोपियाकीनियामैडागास्करमलावीमारीशसमोजाम्बिकरवांडासेशल्ससोमालियातंजानियायुगांडाजाम्बियाज़िम्बाबवे देश आते हैं। इनके विस्तृत आंकड़े इस प्रकार से हैंः- . फ़ीफा विश्व कप (प्रायः मात्र विश्व कप), फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन (फीफा), खेल की वैश्विक शासी निकाय के सदस्यों के वरिष्ठ पुरुषों की राष्ट्रीय टीमों द्वारा खेली जाने वाली एक अंतरराष्ट्रीय संघ फुटबॉल प्रतियोगिता है। 1930 में उद्घाटन टूर्नामेंट के बाद हर चार साल से आयोजित किया जाता है, सिवाय 1942 और 1946 में, जब द्वितीय विश्व युद्ध के कारण से आयोजन नहीं किया जा सका था। मौजूदा चैंपियन ब्राज़ील में 2014 टूर्नामेंट जीतने वाले जर्मनी है। टूर्नामेंट के मौजूदा स्वरूप के बारे में एक महीने की अवधि में मेजबान देश के भीतर स्थानों पर खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा में 32 टीमों को शामिल है, इस चरण में अक्सर विश्व कप के फाइनल में कहा जाता है। वर्तमान में पिछले तीन साल से अधिक जगह लेता है, जो एक योग्यता चरण, टीमें मेजबान देश के साथ टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई जो निर्धारित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। 19 विश्व कप टूर्नामेंट के आठ विभिन्न राष्ट्रीय टीमों द्वारा जीता गया है। ब्राजील पांच बार जीता है और वे हर टूर्नामेंट में खेला है के लिए एक ही टीम हैं। चार खिताब प्रत्येक के साथ, इटली तथा जर्मनी, दो खिताब प्रत्येक के साथ अर्जेंटीना और उरुगुए और इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन, एक खिताब के साथ प्रत्येक। विश्व कप में दुनिया के सबसे व्यापक रूप से देखी जाने वाली खेल की घटनाओं में से एक है, एक अनुमान के अनुसार 71,51,00,000 लोगों को जर्मनी में आयोजित २००६ फीफा विश्व कप का फाइनल मैच देखा। . प्रशांत महासागर के पश्चिमी हिस्से में कैरेबियन द्वीप पर स्थित इस देश को अंग्रेजों ने अफ्रीका और भारत से गन्ना उत्पादन के लिए लाए गए गुलामों की मदद से आबाद किया था। महज 430 वर्ग किमी में फैले इस द्वीप के आस-पास के देश में पश्चिम में सेंट विंसेंट व द ग्रेनाजिनस और सेंट लुसिया और दक्षिण में त्रिनिदाद और टोबैगो हैं। उष्णकटिबंधीय जलवायु वाले इस देश में प्रशांत महासागर में चलने वाली हवाएं वातावरण को शीतल बनाए रखती हैं। सामाजिक और राजनीतिक सुधारों की धीमी शुरुआत के बावजूद आज मानव विकास सूची में इस देश का स्थान ऊपर के 75 देशों में आता है। श्रेणीःदेश श्रेणीःउत्तर अमेरिका. ब्रिजटाउन बारबाडोस की राजधानी और वहाँ का सबसे बड़ा नगर है। . महेंद्र सिंह धोनी अथवा मानद लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी (एम एस धोनी भी) झारखंड, रांची के एक राजपूत परिवार में जन्मे पद्म भूषण, पद्म श्री और राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित भारतीय क्रिकेटर हैं। धोनी भारतीय क्रिकेटर तथा भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैं और भारत के सबसे सफल एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कप्तान हैं। शुरुआत में एक असाधारण उज्जवल व आक्रामक बल्लेबाज़ के नाम पर जाने गए। धोनी धीरे-धीरे भारतीय एक दिवसीय के सबसे शांतचित्त कप्तानों में से जाने जाते हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने २००७ आईसीसी विश्व ट्वेन्टी २०, २००७-०८ कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज २००७-२००८ के सीबी सीरीज़ और बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी जीती जिसमें भारत ने ऑस्ट्रेलिया को २-० से हराया उन्होंने भारतीय टीम को श्रीलंका और न्यूजीलैंड में पहली अतिरिक्त वनडे सीरीज़ जीत दिलाई ०२ सितम्बर २०१४ को उन्होंने भारत को २४ साल बाद इंग्लैंड में वनडे सीरीज में जीत दिलाई। धोनी ने कई सम्मान भी प्राप्त किए हैं जैसे २००८ में आईसीसी वनडे प्लेयर ऑफ़ द इयर अवार्ड (प्रथम भारतीय खिलाड़ी जिन्हें ये सम्मान मिला), राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार और २००९ में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म श्री पुरस्कार साथ ही २००९ में विस्डन के सर्वप्रथम ड्रीम टेस्ट ग्यारह टीम में धोनी को कप्तान का दर्जा दिया गया। उनकी कप्तानी में भारत ने २८ साल बाद एक दिवसीय क्रिकेट विश्व कप में दुबारा जीत हासिल की। सन् २०१३ में इनकी कप्तानी में भारत पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी का विजेता बना। धोनी दुनिया के पहले ऐसे कप्तान बन गये जिनके पास आईसीसी के सभी कप है। इन्होंने २०१४ में टेस्ट क्रिकेट को कप्तानी के साथ अलविदा कह दिया था। इनके इस फैसले से क्रिकेट जगत स्तब्ध रह गया। धोनी लगातार दूसरी बार क्रिकेट विश्व कप में २०१५ क्रिकेट विश्व कप में भारत का नेतृत्व किया और पहली बार भारत ने सभी ग्रुप मैच जीते साथ ही इन्होंने लगातार ११ विश्व कप में मैच जीतकर नया रिकार्ड भी बनाया ये भारत के पहले ऐसे कप्तान बने जिन्होंने १०० वनडे मैच जिताए हो। और उन्होनें कहा है कि जल्द ही वो एक ऐसा कदम उठाएंगे जो किसी कप्तान ने अपने कैरियर में नहीं उठाया वो टीम को २ हिस्सों में बाटेंगे जो खिलाड़ी अच्छा नहीं खेलेगा उसे वो दूसरी टीम में डाल देंगे और जो खिलाड़ी अच्छा खेलेगा वो उसे अपनी टीम में रख लेंगे इसमें कुछ नये खिलाड़ी भी आ सकते हैं। धोनी ने ४ जनवरी २०१७ को भारतीय एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और ट्वेन्टी-ट्वेन्टी टीम की कप्तानी छोड़ी। . मिशेल स्टार्क ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हैं। . भारत के पश्चिमी तट पर स्थित मुंंबई (पूर्व नाम बम्बई), भारतीय राज्य महाराष्ट्र की राजधानी है। इसकी अनुमानित जनसंख्या ३ करोड़ २९ लाख है जो देश की पहली सर्वाधिक आबादी वाली नगरी है। इसका गठन लावा निर्मित सात छोटे-छोटे द्वीपों द्वारा हुआ है एवं यह पुल द्वारा प्रमुख भू-खंड के साथ जुड़ा हुआ है। मुम्बई बन्दरगाह भारतवर्ष का सर्वश्रेष्ठ सामुद्रिक बन्दरगाह है। मुम्बई का तट कटा-फटा है जिसके कारण इसका पोताश्रय प्राकृतिक एवं सुरक्षित है। यूरोप, अमेरिका, अफ़्रीका आदि पश्चिमी देशों से जलमार्ग या वायुमार्ग से आनेवाले जहाज यात्री एवं पर्यटक सर्वप्रथम मुम्बई ही आते हैं इसलिए मुम्बई को भारत का प्रवेशद्वार कहा जाता है। मुम्बई भारत का सर्ववृहत्तम वाणिज्यिक केन्द्र है। जिसकी भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 5% की भागीदारी है। यह सम्पूर्ण भारत के औद्योगिक उत्पाद का 25%, नौवहन व्यापार का 40%, एवं भारतीय अर्थ व्यवस्था के पूंजी लेनदेन का 70% भागीदार है। मुंबई विश्व के सर्वोच्च दस वाणिज्यिक केन्द्रों में से एक है। भारत के अधिकांश बैंक एवं सौदागरी कार्यालयों के प्रमुख कार्यालय एवं कई महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान जैसे भारतीय रिज़र्व बैंक, बम्बई स्टॉक एक्स्चेंज, नेशनल स्टऑक एक्स्चेंज एवं अनेक भारतीय कम्पनियों के निगमित मुख्यालय तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियां मुम्बई में अवस्थित हैं। इसलिए इसे भारत की आर्थिक राजधानी भी कहते हैं। नगर में भारत का हिन्दी चलचित्र एवं दूरदर्शन उद्योग भी है, जो बॉलीवुड नाम से प्रसिद्ध है। मुंबई की व्यवसायिक अपॊर्ट्युनिटी, व उच्च जीवन स्तर पूरे भारतवर्ष भर के लोगों को आकर्षित करती है, जिसके कारण यह नगर विभिन्न समाजों व संस्कृतियों का मिश्रण बन गया है। मुंबई पत्तन भारत के लगभग आधे समुद्री माल की आवाजाही करता है। . (From top left to bottom right) Melbourne city centre, Flinders Street Station, Shrine of Remembrance, Federation Square, Melbourne Cricket Ground, Royal Exhibition Building रात में मेलबॉर्न शहर मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया का दूसरा बड़ा और दूसरा पुराना शहर है। यह ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य की राजधानी है। इस शहर को २५ जून १८५० में बसाया गया था। मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। कला और संस्कृति का केंद्र मेलबर्न पोर्ट फिलिप खाड़ी के पास स्थित है। प्रायः इस शहर को ऑस्ट्रेलिया की खेल और सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है। मेलबर्न की स्थापना 1835 में हुई थी। बाद में कई सालों तक यह ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख शहर बना रहा। 1901 से 1927 तक मेलबर्न यहां की राजधानी भी रहा। अपनी वैश्िवक अपील के कारण यह पर्यटकों को भी पसंद आता है। यहां के प्रमुख पर्यटक स्थलों की बात की जाए तो इन जगहों का सबसे पहले आता है। . यह क्रिकेट मैदान ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न शहर में स्थित है। मेलबोर्न क्रिकेट मैदान आस्ट्रेलिया के यारा पार्क में स्थित एक प्रमुख खेल का मैदान है। मेलबोर्न क्रिकेट क्लब का घरेलु मैदान भी है। यह आस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा स्टेडियम, विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेंट स्टेडियम, दुनिया का दंसवा बड़ा स्टेडियम है। मेलबोर्न क्रिकेट मैदान 1956 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक का मुख्य केन्द्र तथा 2006 के राष्ट्र्मंडल खेल का भी मुख्य मैदान रहा है। श्रेणीःऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट मैदान श्रेणीःविश्व के प्रमुख खेल मैदान श्रेणीःआस्ट्रेलिया के प्रमुख खेल मैदान. मोहिंदर अमरनाथ भारद्वाज (का जन्म सितम्बर 24, 1950,पटियाला,भारत में हुआ) एक पूर्व क्रिकेटर (1969-1989) और वर्तमान में क्रिकेट विश्लेषक हैं। उन्हें सामान्यतः "जिम्मी" के नाम से जाना जाता है। वे स्वतंत्र भारत के पहले कप्तान, लाला अमरनाथ के पुत्र हैं। उनके भाई सुरिंदर अमरनाथ एक टेस्ट मैच खिलाड़ी थे। उनके भाई राजिंदर अमरनाथ पूर्व प्रथम श्रेणी के खिलाड़ी हैं और वर्तमान में क्रिकेट कोच हैं। मोहिन्दर ने दिसम्बर 1969 में चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली बार प्रदर्शन किया। अपने कैरियर के उत्तरार्ध में, मोहिंदर को, तेज गति के खिलाफ खेलने वाले सबसे बेहतरीन भारतीय क्रिकेटर के रूप में देखा गया। इमरान खान और मैलकम मार्शल दोनों ने, उनकी बल्लेबाजी, साहस और दर्द को सहने और उस पर विजय पाने की क्षमता की प्रशंसा की है। 1982-83 में मोहिंदर ने पाकिस्तान (5) और वेस्ट इंडीज (6) के खिलाफ 11 टैस्ट खेले और दोनों सीरीज में कुल मिला कर 1000 से अधिक रन बनाये। अपने "आदर्श" के रूप में, सुनील गावस्कर ने दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज के रूप में मोहिंदर अमरनाथ का वर्णन किया है। उन्होंने पर्थ में वाका में (दुनिया में सबसे तेज और उछलने वाले विकेट) जेफ थॉमसन के खिलाफ अपनी सबसे तेज बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए अपना पहला टेस्ट शतक बनाया। उन्होंने इस मैच के बाद भी शीर्ष वर्ग की तेज गेंदबाजी के खिलाफ टेस्ट शतक जमाया. युवराज सिंह (युवी) भारत के महान क्रिकेट खिलाडी हैं। इन्होंने 20-20 विश्व कप 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ 6 गेंदों में 6 छक्के मारे थे, और 20-20 में 12 गेंदों में अर्धशतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी उनके नाम है। युवराज सिंह को विश्व कप 2011 में अहम भूमिका निभाने में मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट चुना गया। इनका जन्म 12 दिसंबर 1981 को चंडीगढ़ में भूतपूर्व क्रिकेट खिलाड़ी योगराज सिंह के यहाँ जाट परिवार में हुआ था। उनको सिक्सर किंग नाम से जाना जाता है। इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब, पुने वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, दिल्ली डेयरडेविल्स की और से खेल चुके हैं, हाल में आईपीएल विजेता सनराइजर हैदराबाद से खेल रहे हैं। इन्होंने १ ओवर में ६ छक्के लगाने का विश्व रिकार्ड बनाया है . रिकी थॉमस पॉन्टिंग, एओ (जन्म 19 दिसम्बर 1974) को पंटर का उपनाम दिया गया था। एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में २००२ से २०११ तक वे ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रहे। टेस्ट क्रिकेट में २००४ और २०११ के बीच ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की उन्होंने कमान सम्भाली. "स्नान क्षेत्र जहाँ केवल श्वेत लोगों को स्नान की अनुमति थी": १९८९ में डर्बन के समुद्र के किनारे तीन भाषाओं में लिखा एक बोर्ड दक्षिण अफ्रीका में नेशनल पार्टी की सरकार द्वारा सन् १९४८ में विधान बनाकर काले और गोरों लोगों को अलग निवास करने की प्रणाली लागू की गयी थी। इसे ही रंगभेद नीति या आपार्थैट (Apartheid) कहते हैं। अफ्रीका की भाषा में "अपार्थीड" का शाब्दिक अर्थ है - अलगाव या पृथकता। यह नीति सन् १९९४ में समाप्त कर दी गयी। इसके विरुद्ध नेल्सन मान्डेला ने बहुत संघर्ष किया जिसके लिये उन्हें लम्बे समय तक जेल में रखा गया। . लाहौर (لہور / ਲਹੌਰ, لاہور) पाकिस्तान के प्रांत पंजाब की राजधानी है एवं कराची के बाद पाकिस्तान में दूसरा सबसे बडा आबादी वाला शहर है। इसे पाकिस्तान का दिल नाम से भी संबोधित किया जाता है क्योंकि इस शहर का पाकिस्तानी इतिहास, संस्कृति एवं शिक्षा में अत्यंत विशिष्ट योगदान रहा है। इसे अक्सर पाकिस्तान बागों के शहर के रूप में भी जाना जाता है। लाहौर शहर रावी एवं वाघा नदी के तट पर भारत पाकिस्तान सीमा पर स्थित है। लाहौर का ज्यादातर स्थापत्य मुगल कालीन एवं औपनिवेशिक ब्रिटिश काल का है जिसका अधिकांश आज भी सुरक्षित है। आज भी बादशाही मस्जिद, अली हुजविरी शालीमार बाग एवं नूरजहां तथा जहांगीर के मकबरे मुगलकालीन स्थापत्य की उपस्थिती एवं उसकी अहमियत का आभास करवाता है। महत्वपूर्ण ब्रिटिश कालीन भवनों में लाहौर उच्च न्यायलय जनरल पोस्ट ऑफिस, इत्यादि मुगल एवं ब्रिटिश स्थापत्य का मिलाजुला नमूना बनकर लाहौर में शान से उपस्थित है एवं ये सभी महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल के रूप में लोकप्रिय हैं। मुख्य तौर पर लाहौर में पंजाबी को मातृ भाषा के तौर पर इस्तेमाल की जाती है हलाकि उर्दू एवं अंग्रेजी भाषा भी यहां काफी प्रचलन में है एवं नौजवानों में काफी लोकप्रिय है। लाहौर की पंजाबी शैली को लाहौरी पंजाबी के नाम से भी जाना जाता है जिसमे पंजाबी एवं उर्दू का काफी सुंदर मिश्रण होता है। १९९८ की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी लगभग ७ लाख आंकी गयी थी जिसके जून २००६ में १० लाख होने की उम्मीद जतायी गयी थी। इस अनुमान के मुताबिक लाहौर दक्षिण एशिया में पांचवी सबसे बडी आबादी वाला एवं दुनिया में २३वीं सबसे बडी आबादी वाला शहर है।. लंदन (London) संयुक्त राजशाही और इंग्लैंड की राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। ग्रेट ब्रिटेन द्वीप के दक्षिण पूर्व में थेम्स नदी के किनारे स्थित, लंदन पिछली दो सदियों से एक बड़ा व्यवस्थापन रहा है। लंदन राजनीति, शिक्षा, मनोरंजन, मीडिया, फ़ैशन और शिल्पी के क्षेत्र में वैश्विक शहर की स्थिति रखता है। इसे रोमनों ने लोंड़िनियम के नाम से बसाया था। लंदन का प्राचीन अंदरुनी केंद्र, लंदन शहर, का परिक्षेत्र 1.12 वर्ग मीटर (2.9 किमी2) है। 19वीं शताब्दी के बाद से "लंदन", इस अंदरुनी केंद्र के आसपास के क्षेत्रों को मिला कर एक महानगर के रूप में संदर्भित किया जाने लगा, जिनमें मिडलसेक्स, एसेक्स, सरे, केंट, और हर्टफोर्डशायर आदि शमिल है। जिसे आज ग्रेटर लंदन नाम से जानते है, एवं लंदन महापौर और लंदन विधानसभा द्वारा शासित किया जाता हैं। कला, वाणिज्य, शिक्षा, मनोरंजन, फैशन, वित्त, स्वास्थ्य देखभाल, मीडिया, पेशेवर सेवाओं, अनुसंधान और विकास, पर्यटन और परिवहन में लंदन एक प्रमुख वैश्विक शहर है। यह दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय केंद्र के रूप में ताज पहनाया गया है और दुनिया में पांचवां या छठा सबसे बड़ा महानगरीय क्षेत्र जीडीपी है। लंदन एक है विश्व सांस्कृतिक राजधानी। यह दुनिया का सबसे अधिक का दौरा किया जाने वाला शहर है, जो अंतरराष्ट्रीय आगमन द्वारा मापा जाता है और यात्री ट्रैफिक द्वारा मापा जाने वाला विश्व का सबसे बड़ा शहर हवाई अड्डा है। लंदन विश्व के अग्रणी निवेश गंतव्य है, किसी भी अन्य शहर की तुलना में अधिक अंतरराष्ट्रीय खुदरा विक्रेताओं और अल्ट्रा हाई-नेट-वर्थ वाले लोगों की मेजबानी यूरोप में लंदन के विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा संस्थानों का सबसे बड़ा केंद्र बनते हैं। 2012 में, लंदन तीन बार आधुनिक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने वाला पहला शहर बन गया। लंदन में लोगों और संस्कृतियों की विविधता है, और इस क्षेत्र में 300 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। इसकी 2015 कि अनुमानित नगरपालिका जनसंख्या (ग्रेटर लंदन के समरूपी) 8,673,713 थी, जो कि यूरोपीय संघ के किसी भी शहर से सबसे बड़ा, और संयुक्त राजशाही की आबादी का 12.5% हिस्सा है। 2011 की जनगणना के अनुसार 9,787,426 की आबादी के साथ, लंदन का शहरी क्षेत्र, पेरिस के बाद यूरोपीय संघ में दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला है। शहर का महानगरीय क्षेत्र यूरोपीय संघ में 13,879,757 जनसंख्या के साथ सबसे अधिक आबादी वाला है, जबकि ग्रेटर लंदन प्राधिकरण के अनुसार शहरी-क्षेत्र की आबादी के रूप में 22.7 मिलियन है। 1831 से 1925 तक लंदन विश्व के सबसे अधिक आबादी वाला शहर था। लंदन में चार विश्व धरोहर स्थल हैंः टॉवर ऑफ़ लंदन; किऊ गार्डन; वेस्टमिंस्टर पैलेस, वेस्ट्मिन्स्टर ऍबी और सेंट मार्गरेट्स चर्च क्षेत्र; और ग्रीनविच ग्रीनविच वेधशाला (जिसमें रॉयल वेधशाला, ग्रीनविच प्राइम मेरिडियन, 0 डिग्री रेखांकित, और जीएमटी को चिह्नित करता है)। अन्य प्रसिद्ध स्थलों में बकिंघम पैलेस, लंदन आई, पिकैडिली सर्कस, सेंट पॉल कैथेड्रल, टावर ब्रिज, ट्राफलगर स्क्वायर, और द शर्ड आदि शामिल हैं। लंदन में ब्रिटिश संग्रहालय, नेशनल गैलरी, प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय, टेट मॉडर्न, ब्रिटिश पुस्तकालय और वेस्ट एंड थिएटर सहित कई संग्रहालयों, दीर्घाओं, पुस्तकालयों, खेल आयोजनों और अन्य सांस्कृतिक संस्थानों का घर है। लंदन अंडरग्राउंड, दुनिया का सबसे पुराना भूमिगत रेलवे नेटवर्क है। . लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड (आमतौर पर लॉर्ड्स के नाम से जाना जाता है) लंदन के सेंट जॉन्स वुड में स्थित एक क्रिकेट खेलने वाला मैदान है। इसका नामकरण इसके संस्थापक थॉमस लॉर्ड के नाम पर किया गया है; यह मैदान मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के स्वामित्व में है और मिडिलसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब, द इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट क्लब (ईसीबी), द यूरोपियन क्रिकेट काउंसिल (ईसीसी) और अगस्त, 2005 तक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) का गृह स्थान रहा है। लॉर्ड्स को "क्रिकेट के घर" के रूप में संदर्भित किया जाता है और यहां दुनिया का सबसे पुराना खेल संग्रहालय भी स्थित है। आज लॉर्ड्स अपने मूल स्थान पर नहीं है, 1787 और 1814 के बीच लॉर्ड द्वारा यहां स्थापित तीन मैदानों में से यह तीसरा है। उनका पहला मैदान जिसे अब लॉर्ड्स के पुराने मैदान के रूप में जाना जाता है, आज के डोरसेट स्क्वायर के पास स्थित था। दूसरा मैदान लॉर्ड्स मिडिल ग्राउंड है जिसका 1811 से 1813 के बीच इस्तेमाल किया गया था, उसके बाद उसकी आउटफील्ड से गुजरने वाली रीजेंट्स कैनल के निर्माण कार्य के कारण इसे बंद कर दिया गया। वर्तमान में लॉर्ड्स का जो मैदान है वह मिडिल ग्राउंड के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। लॉर्ड्स में एक प्रमुख पुनर्निर्माण योजना प्रस्तावित है जिससे मैदान में दस हजार अतिरिक्त लोगों के बैठने की जगह बनेगी साथ ही इसमें अपार्टमेंट्स और एक आइस रिंक भी जुड़ जाएंगे. शेन वॉर्न 2015 क्रिकेट विश्व कप के दौरान शेन कीथ वॉर्न (जन्मः 13 सितंबर 1969, Shane Keith Warne) ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी है जिन्हें व्यापक रूप से खेल के इतिहास में सबसे महान गेंदबाजों में से एक माना जाता है। 1992 में वॉर्न ने अपना पहला टेस्ट मैच खेला था और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बाद वह दूसरे गेंदबाज बने थे जिन्होंने 1000 अंतरराष्ट्रीय विकेट (टेस्ट और वनडे मैचों में) लिये। वॉर्न के 708 विकेट टेस्ट क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज द्वारा लिये गए सर्वाधिक विकेट थे, जब तक कि मुरलीधरन ने इससे ज्यादा विकेट नहीं ले लिये थे। वॉर्न उपयोगी निचले क्रम के बल्लेबाज भी थे। वह एकमात्र खिलाड़ी है जिन्होंने 3000+ टेस्ट रन बनाए लेकिन कभी शतक नहीं जड़ा। उनका करियर मैदान के बाहर विवादों से ग्रस्त रहा। इन में प्रतिबंधित पदार्थ के लिए सकारात्मक परीक्षण पाए जाने पर क्रिकेट से प्रतिबंध शामिल था। साथ ही सट्टेबाजों से पैसा स्वीकार करके खेल को बदनामी में लाने का आरोप और भी कई विवाद। वह जनवरी 2007 में ऑस्ट्रेलिया की इंग्लैंड पर 5-0 की द एशेज की जीत के अंत में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सेवानिवृत्त हुए। उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के अभिन्न अंग में से तीन अन्य खिलाड़ी भी रिटायर हुए- ग्लेन मैकग्रा, डेमियन मार्टिन और जस्टिन लैंगर। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपनी सेवानिवृत्ति के बाद वॉर्न ने हैम्पशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के लिये प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला। 2008 में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के कोच और कप्तान की भूमिका निभाई और टीम को जीत दिलाई। कुल मिलाकर उन्होंने 1992 से 2007 तक 145 टेस्ट मैच खेलें थे जिसमें उन्होंने 25.41 की गेंदबाज़ी औसत से 708 विकेट लिये। 1993 से 2005 तक उन्होंने 194 एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय में 293 विकेट लिये। 1999 क्रिकेट विश्व कप की विजेता टीम में उनका अहम योगदान था। . सचिन रमेश तेंदुलकर (अंग्रेजी उच्चारणः, जन्मः २४ अप्रैल १९७३) क्रिकेट के इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ौं में गिने जाते हैं। भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होने वाले वह सर्वप्रथम खिलाड़ी और सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित एकमात्र क्रिकेट खिलाड़ी हैं। सन् २००८ में वे पद्म विभूषण से भी पुरस्कृत किये जा चुके है। सन् १९८९ में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के पश्चात् वह बल्लेबाजी में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने टेस्ट व एक दिवसीय क्रिकेट, दोनों में सर्वाधिक शतक अर्जित किये हैं। वे टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में १४००० से अधिक रन बनाने वाले वह विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं। एकदिवसीय मैचों में भी उन्हें कुल सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान प्राप्त है। उन्होंने अपना पहला प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच मुम्बई के लिये १४ वर्ष की उम्र में खेला था। उनके अन्तर्राष्ट्रीय खेल जीवन की शुरुआत १९८९ में पाकिस्तान के खिलाफ कराची से हुई। सचिन क्रिकेट जगत के सर्वाधिक प्रायोजित खिलाड़ी हैं और विश्व भर में उनके अनेक प्रशंसक हैं। उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से भिन्न-भिन्न नामों से पुकारते हैं जिनमें सबसे प्रचलित लिटिल मास्टर व मास्टर ब्लास्टर है। क्रिकेट के अलावा वह अपने ही नाम के एक सफल रेस्टोरेंट के मालिक भी हैं। तत्काल में वह राज्य सभा के सदस्य हैं, सन् २०१२ में उन्हें राज्य सभा के सदस्य के रूप में नामित किया गया था। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर पर फिल्म 'सचिनः ए बिलियन ड्रीम्स' बनी। इस फ़िल्म का टीज़र भी बहुत रोमांचक हैं। टीजर में एक ऐसे इंसान को उसी की कहानी सुनाते हुए देखेंगे जो एक शरारती बच्चे से एक हीरो बनकर उभरता है। ख़ुद सचिन तेंदुलकर का भी ये मानना है कि क्रिकेट खेलने से अधिक चुनौतीपूर्ण अभिनय करना है।सचिन - ए बिलियन ड्रीम्स' का निर्माण रवि भगचंदका ने किया है और इसका निर्देशन जेम्स अर्सकिन ने। . हीरे और सोने की खानों के लिए प्रसिद्ध जोहांसबर्ग दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा शहर है। क्षेत्रफल में बड़ा होने के साथ-साथ यह दक्षिण अफ्रीका का सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर भी है। अफ्रीका के इस सबसे विकसित शहर को नजदीक से जानने के लिए बहुत बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। पर्यटक यहां अपारथिद म्यूजियम, हेक्टर पीटरसन म्यूजियम, गोल्ड रीफ सिटी, जोहांसबर्ग जू, जोहांसबर्ग आर्ट गैलरी आदि स्थान देख सकते हैं। . वानखेड़े स्टेडियम मुंबई का एक प्रमुख खेल का मैदान हैं। यहाँ क्रिकेट खेला जाता हैं। . यह एक प्रमुख खेल का मैदान हैं । . विव रिचर्ड्स' कैरियर ग्राफ प्रदर्शन. सर इसाक विवियन एलेक्जेंडर रिचर्ड्स, केजीएन, ओबीई (जन्म - 7 मार्च 1952 सेंट जॉन, एंटीगुआ) वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर हैं। क्रिकेट जगत में इनके दूसरे नाम विवियन या, विव और किंग विव के रूप अधिक लोकप्रिय नाम से जाना जाता है, रिचर्ड्स को 100 सदस्यों के विशेषज्ञ पैनल ने बीसवीं शताब्दी के पांच महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया है, इस सूची में विवियन रिचर्ड्स के अलावा सर डोनाल्ड ब्रेडमैन, सर गैरीफील्ड सोबर्स, सर जैक हॉब्स और महान लेग स्पिनर शेन वार्न का नाम भी शामिल है। फरवरी 2002 में क्रिकेट की बाइबल कही जाने वाली क्रिकेट पत्रिका विजडन द्वारा विवियन रिचर्ड्स की एक पारी को वन डे अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट (ओडीआई) की सर्वश्रेष्ठ इनिंग घोषित किया गया। इसी वर्ष दिसंबर में विज़डन ने उन्हे वन डे क्रिकेट का सर्वकालीन और टेस्ट क्रिकेट के तीन महान बल्लेबाज़ों में से एक घोषित किया, सवा सौ साल के क्रिकेट इतिहास में सिर्फ दो बल्लेबाज़ सर डान ब्रेडमैन और भारत के सचिन तेंदुलकर का स्थान ही उनसे ऊपर आंका गया है। . गद्दाफी स्टेडियम या क़ज़ाफ़ी स्टेडियम (قذافی اسٹیڈیم) लाहौर, पाकिस्तान में स्थित एक प्रमुख क्रिकेट का मैदान है। इसकी दर्शक क्षमता 27,000 है। . ग्लेन मैकग्रा (अंग्रेज़ीः Glen Donald McGrath ग्लेन डॉनल्ड मक्ग्रा या मग्रा) एक ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के सदस्य थे। . ऑस्ट्रेलिया, सरकारी तौर पर ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल दक्षिणी गोलार्द्ध के महाद्वीप के अर्न्तगत एक देश है जो दुनिया का सबसे छोटा महाद्वीप भी है और दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप भी, जिसमे तस्मानिया और कई अन्य द्वीप हिंद और प्रशांत महासागर में है। ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसी जगह है जिसे एक ही साथ महाद्वीप, एक राष्ट्र और एक द्वीप माना जाता है। पड़ोसी देश उत्तर में इंडोनेशिया, पूर्वी तिमोर और पापुआ न्यू गिनी, उत्तर पूर्व में सोलोमन द्वीप, वानुअतु और न्यू कैलेडोनिया और दक्षिणपूर्व में न्यूजीलैंड है। 18वी सदी के आदिकाल में जब यूरोपियन अवस्थापन प्रारंभ हुआ था उसके भी लगभग 40 हज़ार वर्ष पहले, ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप और तस्मानिया की खोज अलग-अलग देशो के करीब 250 स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाईयो ने की थी। तत्कालिक उत्तर से मछुआरो के छिटपुट भ्रमण और होलैंडवासियो (Dutch) द्वारा 1606, में यूरोप की खोज के बाद,1770 में ऑस्ट्रेलिया के अर्द्वपूर्वी भाग पर अंग्रेजों (British) का कब्ज़ा हो गया और 26 जनवरी 1788 में इसका निपटारा "देश निकला" दण्डस्वरुप बने न्यू साउथ वेल्स नगर के रूप में हुआ। इन वर्षों में जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि हुई और महाद्वीप का पता चला,19वी सदी के दौरान दूसरे पांच बड़े स्वयं-शासित शीर्ष नगर की स्थापना की गई। 1 जनवरी 1901 को, छः नगर महासंघ हो गए और ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल का गठन हुआ। महासंघ के समय से लेकर ऑस्ट्रेलिया ने एक स्थायी उदार प्रजातांत्रिक राजनैतिक व्यवस्था का निर्वहन किया और प्रभुता संपन्न राष्ट्र बना रहा। जनसंख्या 21.7मिलियन (दस लाख) से थोडा ही ऊपर है, साथ ही लगभग 60% जनसंख्या मुख्य राज्यों सिडनी,मेलबर्न,ब्रिस्बेन,पर्थ और एडिलेड में केन्द्रित है। राष्ट्र की राजधानी केनबर्रा है जो ऑस्ट्रेलियाई प्रधान प्रदेश (ACT) में अवस्थित है। प्रौद्योगिक रूप से उन्नत और औद्योगिक ऑस्ट्रेलिया एक समृद्ध बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है और इसका कई राष्ट्रों की तुलना में इन क्षत्रों में प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है जैसे स्वास्थ्य, आयु संभाव्यता, जीवन-स्तर, मानव विकास, जन शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और मूलभूत अधिकारों की रक्षा और राजनैतिक अधिकार. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है। ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के देश का प्रतिनिधित्व करता है। यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे पुराना संयुक्त टीम, 1877 में पहले कभी टेस्ट मैच में खेला होने है। टीम भी निभाता एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और ट्वेंटी -20 अंतर्राष्ट्रीय, 2004-05 सत्र में 1970-71 के मौसम और पहले ट्वेंटी -20 अंतरराष्ट्रीय में दोनों पहले वनडे में भाग लेने वाले इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड के खिलाफ, दोनों के खेल जीत। टीम ऑस्ट्रेलियाई घरेलू प्रतियोगिताओं में खेल टीमों से अपने खिलाड़ियों को खींचता है - शेफील्ड शील्ड, ऑस्ट्रेलियाई घरेलू सीमित ओवर क्रिकेट टूर्नामेंट और बिग बैश लीग। राष्ट्रीय टीम 788 टेस्ट मैच खेले हैं, 372 जीत, 208 खोने, 206 ड्रा और 2 टाई। ऑस्ट्रेलिया नंबर एक टीम कुल मिलाकर टेस्ट क्रिकेट में कुल मिलाकर जीत के संदर्भ में, जीत-हार का अनुपात स्थान पर रहीं और प्रतिशत जीतता है। 28 फरवरी 2016 और अधिक पढ़ें के रूप में, ऑस्ट्रेलिया आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप पर 112 रेटिंग अंक में पहले स्थान पर है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के 871 वनडे मैच खेले हैं, 539 जीत, 292 खोने, 9 टाई और कोई परिणाम में समाप्त 31 के साथ। वे वर्तमान में नेतृत्व आईसीसी वनडे चैम्पियनशिप, किया होने 2002 में अपनी शुरुआत के बाद से 161 से 130 महीनों के लिए ऐसा। ऑस्ट्रेलिया एक रिकार्ड सात विश्व कप के फाइनल में छपने (1975, 1987, 1996, 1999, 2003, 2007 और 2015) बना दिया है और विश्व कप के कुल में एक रिकार्ड पांच बार जीत लिया है; 1987, 1999, 2003, 2007 और 2015। ऑस्ट्रेलिया की पहली टीम, लगातार चार विश्व कप फाइनल (1996, 1999, 2003 और 2007) में प्रदर्शित करने के 3 जीतने के लिए वेस्टइंडीज (1975, 1979 और 1983) और पहली टीम ने लगातार तीन विश्व कप दिखावे के पुराने रिकॉर्ड श्रेष्ठ है लगातार विश्व कप (1999, 2003 और 2007)। यह भी घर की धरती पर विश्व कप (2015) जीतने के लिए दूसरी टीम है, के बाद भारत (2011)। टीम 2011 क्रिकेट विश्व कप में जहां पाकिस्तान उन्हें 4 विकेट से हरा पर 34 लगातार विश्व कप में अपराजित था मैचेस 19 मार्च तक। ऑस्ट्रेलिया भी आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी दो बार जीत लिया है - 2006 में और 2009 में - उन्हें पहली और एकमात्र टीम चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में विजेताओं को वापस करने के लिए वापस बनने के लिए कर रही है। टीम भी निभाई है 88 ट्वेंटी -20 अंतरराष्ट्रीय, जीत 44, लॉस 41, टाई 2 और 1 कोई परिणाम नहीं 2010 आईसीसी विश्व ट्वेंटी -20, जो वे अंत में इंग्लैंड को खो के फाइनल बनाने में समाप्त होने के साथ। 24 फरवरी 2016 के रूप में, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम टेस्ट मैचों में, वनडे में और टी20ई में आईसीसी द्वारा स्थान पर, पहले और आठवें है। . ओलम्पिक खेल वर्तमान की प्रतियोगिताओं में अग्रणी खेल प्रतियोगिता है जिसमे हज़ारों एथेलीट कई प्रकार के खेलों में भाग लेते हैं। ओलम्पिक की शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिताओं में २०० से ज्यादा देश प्रतिभागी के रूप में शामिल होते हैं। ओलम्पिक खेल प्रत्येक चार वर्ष के अंतराल से आयोजित किये जाते हैं। ओलम्पिक खेलों का आयोजन अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति करती है। . आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफ़ी (अंग्रेज़ीः ICC Champions Trophy), विश्व क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा आयोजित की जाने वाली एक द्विवार्षिक प्रतियोगिता है। इसे क्रिकेट के विश्व कप के बाद सबसे बड़ी प्रतियोगिता के रूप में देखा जाता है और कुछ लोग इसे मिनी विश्व कप भी कहते हैं। १९९८ से शुरु होकर अभी तक कुल ८ बार इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसे, समयवार क्रम में, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, भारत तथा श्रीलंका (अनिर्णीत), वेस्ट इंडीज़, ऑस्ट्रेलिया, भारत व पाकिस्तान ने जीता है। टूर्नामेंट के आठ संस्करणों में कुल मिलाकर तेरह टीमों ने भाग लिया, जिसमें आठ ने 2017 में आखिरी संस्करण में भाग लिया। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीन प्रारूपों में से प्रत्येक के लिए केवल एक शिखर टूर्नामेंट रखने के आईसीसी के लक्ष्य के अनुरूप रखा गया था। . आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप में 10 टीमों कि टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए क्रिकेट के खेल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा चलाए जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है। प्रतियोगिता है कि यह बस एक रैंकिंग योजना सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों है कि अन्यथा घर या दूर स्थिति का कोई विचार के साथ नियमित रूप से टेस्ट क्रिकेट का समय निर्धारण के हिस्से के रूप में खेला जाता है पर मढ़ा है अर्थों में काल्पनिक है। संक्षेप में, हर टेस्ट श्रृंखला के बाद दोनों टीमें एक गणितीय सूत्र के आधार पर अंक प्राप्त शामिल किया गया। प्रत्येक टीम के अंक कुल एक 'रेटिंग' देने के लिए खेले गए मैचों के अपने कुल संख्या से विभाजित है, और टेस्ट खेलने वाले टीमों (यह एक तालिका में दिखाया जा सकता है) रेटिंग के आदेश से क्रमबद्ध हैं। उच्च और निम्न दर्जा टीमों के बीच एक मैच तैयार की उच्च दर्जा टीम की कीमत पर कम रेटेड टीम को फायदा होगा। एक 'औसत' है कि टीम के रूप में अक्सर के रूप में यह खो देता मजबूत और कमजोर टीमों में से एक मिश्रण खेलते समय जीतता 100 की रेटिंग करना चाहिए था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद पुरस्कार में एक ट्राफी, आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप गदा, टीम के सर्वोच्च रेटिंग धारण करने के लिए। गदा का तबादला जब भी एक नई टीम रेटिंग सूची के शीर्ष पर चलता है। टीम है कि 1 अप्रैल प्रत्येक वर्ष पर रेटिंग्स तालिका के शीर्ष पर है यह भी एक नकद पुरस्कार, वर्तमान में $1 मिलियन जीतता है। भारत वर्तमान में, आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप में सबसे अधिक रैंकिंग दल कर रहे हैं जब वे न्यूजीलैंड के साथ टेस्ट श्रृंखला 3-0 से जीत दर्ज की अक्टूबर 2016 में शीर्ष पर कार्यभार संभाल लिया हो रही है। . इडेन गार्डेंस (बांग्लाः ইডেন গার্ডেন্স), भारत का एक प्रमुख खेल का मैदान हैं। यह कोलकाता में स्थित हैं। यहाँ क्रिकेट खेला जाता हैं। . बंगाल की खाड़ी के शीर्ष तट से १८० किलोमीटर दूर हुगली नदी के बायें किनारे पर स्थित कोलकाता (बंगालीः কলকাতা, पूर्व नामः कलकत्ता) पश्चिम बंगाल की राजधानी है। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर तथा पाँचवा सबसे बड़ा बन्दरगाह है। यहाँ की जनसंख्या २ करोड २९ लाख है। इस शहर का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। इसके आधुनिक स्वरूप का विकास अंग्रेजो एवं फ्रांस के उपनिवेशवाद के इतिहास से जुड़ा है। आज का कोलकाता आधुनिक भारत के इतिहास की कई गाथाएँ अपने आप में समेटे हुए है। शहर को जहाँ भारत के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तनों के प्रारम्भिक केन्द्र बिन्दु के रूप में पहचान मिली है वहीं दूसरी ओर इसे भारत में साम्यवाद आंदोलन के गढ़ के रूप में भी मान्यता प्राप्त है। महलों के इस शहर को 'सिटी ऑफ़ जॉय' के नाम से भी जाना जाता है। अपनी उत्तम अवस्थिति के कारण कोलकाता को 'पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार' भी कहा जाता है। यह रेलमार्गों, वायुमार्गों तथा सड़क मार्गों द्वारा देश के विभिन्न भागों से जुड़ा हुआ है। यह प्रमुख यातायात का केन्द्र, विस्तृत बाजार वितरण केन्द्र, शिक्षा केन्द्र, औद्योगिक केन्द्र तथा व्यापार का केन्द्र है। अजायबघर, चिड़ियाखाना, बिरला तारमंडल, हावड़ा पुल, कालीघाट, फोर्ट विलियम, विक्टोरिया मेमोरियल, विज्ञान नगरी आदि मुख्य दर्शनीय स्थान हैं। कोलकाता के निकट हुगली नदी के दोनों किनारों पर भारतवर्ष के प्रायः अधिकांश जूट के कारखाने अवस्थित हैं। इसके अलावा मोटरगाड़ी तैयार करने का कारखाना, सूती-वस्त्र उद्योग, कागज-उद्योग, विभिन्न प्रकार के इंजीनियरिंग उद्योग, जूता तैयार करने का कारखाना, होजरी उद्योग एवं चाय विक्रय केन्द्र आदि अवस्थित हैं। पूर्वांचल एवं सम्पूर्ण भारतवर्ष का प्रमुख वाणिज्यिक केन्द्र के रूप में कोलकाता का महत्त्व अधिक है। . अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (अंग्रेज़ीः International Cricket Council,इंटरनॆशनल क्रिकेट काउंसिल, संक्षेप में - ICC, आईसीसी) विश्व भर में क्रिकेट की प्रतियोगिताओं की नियंत्रक तथा नियामक संस्था है। प्रतियोगिताओं तथा स्पर्धाओं के आयोजन के अलावा यह प्रतिवर्ष क्रिकेट में अपने क्षेत्र के सफलतम खिलाड़ियों तथा टीमों को पुरस्कार देती है, खिलाड़ियों तथा टीमों का प्रदर्शन क्रम (Ranking) निकालती है। यह हर जगह अंतर्राष्ट्रीय मैच में अम्पायर नियुक्त करती हैं। आईसीसी 106 सदस्य हैंः 10 पूर्ण सदस्य है कि टेस्ट मैच खेलने, 38 एसोसिएट सदस्य, और 57 संबद्ध सदस्य। आईसीसी संगठन और क्रिकेट के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट, खासकर आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के शासन के लिए जिम्मेदार है। यह भी अंपायरों और रेफरियों कि सब मंजूर टेस्ट मैच, एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और ट्वेंटी -20 अंतरराष्ट्रीय में अंपायरिंग की नियुक्ति करती है। यह आईसीसी आचार संहिता, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए अनुशासन के पेशेवर मानकों का सेट घोषणा, और भी भ्रष्टाचार के खिलाफ और समन्वित कार्रवाई मैच फिक्सिंग अपनी भ्रष्टाचार निरोधक और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) के माध्यम से। आईसीसी के सदस्य देशों (जिसमें शामिल सभी टेस्ट मैच) के बीच द्विपक्षीय टूर्नामेंट पर नियंत्रण नहीं है, यह सदस्य देशों में घरेलू क्रिकेट का शासन नहीं है और यह खेल का कानून है, जो मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब के नियंत्रण में रहने के लिए नहीं है। अध्यक्ष निर्देशकों की और 26 जून 2014 के बोर्ड के प्रमुख एन श्रीनिवासन, बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष, परिषद के अध्यक्ष के रूप में पहले की घोषणा की थी। आईसीसी अध्यक्ष की भूमिका काफी हद तक एक मानद स्थिति बन गया है के बाद से अध्यक्ष की भूमिका और अन्य परिवर्तन की स्थापना 2014 में आईसीसी के संविधान में किए गए थे। यह दावा किया गया है कि 2014 में परिवर्तन तथाकथित 'बिग थ्री' इंग्लैंड, भारत और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रों को नियंत्रण सौंप दिया है। मौजूदा आईसीसी अध्यक्ष जहीर अब्बास, जो जून 2015 में नियुक्त किया गया था अप्रैल 2015 में मुस्तफा कमाल के इस्तीफे के बाद है। कमल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष, 2015 विश्व कप के बाद शीघ्र ही इस्तीफा दे दिया है, संगठन का दावा है दोनों असंवैधानिक और अवैध चल रही है। वर्तमान सीईओ डेविड रिचर्डसन है। अप्रैल 2018 में, आईसीसी ने घोषणा की कि वह 1 जनवरी 2019 से अपने सभी 104 सदस्यों को ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय की मान्यता प्रदान करेगी। . १९७५ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर प्रूडेंशियल कप) क्रिकेट विश्व कप का पहले संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह इंग्लैंड में 7-21 जून 1975 को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60793.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच 60 ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच था, और वेस्ट इंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे 17 रन से पराजित कर पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65049.html . १९७९ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर प्रूडेंशियल कप) क्रिकेट विश्व कप का दूसरा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह इंग्लैंड में 9-23 जून 1979 को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60806.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच 60 ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड के बीच था, और वेस्ट इंडीज ने इंग्लैंड को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे 92 रन से पराजित कर अपना निरंतर दूसरा क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65063.html . १९८३ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर प्रूडेंशियल कप) क्रिकेट विश्व कप का तीसरा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह इंग्लैंड में ९-२५ जून १९८३ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60832.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच ६० ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल भारत और वेस्ट इंडीज के बीच था, और भारत ने वेस्ट इंडीज को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे ४३ रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65090.html . १९९२ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर बेंसन एंड हेजेज विश्व कप) क्रिकेट विश्व कप का पांचवां संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में २२ फरवरी से २५ मार्च १९९२ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60924.html टूर्नामेंट बेंसन एंड हेजेज द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे नौ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच ५० ओवर प्रति टीम का था और रंगीन कपड़ों में और सफेद गेंदों के साथ खेली गया था और अधिकतम मैच दूधिया रोशनी (फ्लडलाइट्स) के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच था, और पाकिस्तान ने इंग्लैंड को मेलबोर्न क्रिकेट ग्रांउड मे खेले गए फाइनल मे २२ रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65156.html . १९९६ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर विल्स विश्व कप) क्रिकेट विश्व कप का छठा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह पाकिस्तान, भारत और श्रीलंका में १४ फरवरी से १७ मार्च १९९६ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60981.html टूर्नामेंट विल्स द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे बारह टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच ५० ओवर प्रति टीम का था और रंगीन कपड़ों में और सफेद गेंदों के साथ खेली गया था और अधिकतम मैच दूधिया रोशनी (फ्लडलाइट्स) के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच था, और श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को गद्दाफी स्टेडियम मे खेले गए फाइनल मे ७ विकेट से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65192.html . २००३ क्रिकेट विश्व कप क्रिकेट विश्व कप का आठवां संस्करण था जिसका संगठन आईसीसी ने किया था। इस विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ्रीका,ज़िम्बाब्वे तथा केन्या ने मिलकर किया था। २००३ विश्व कप की शुरुआत ०९ फ़रवरी को हुई थी तथा २३ मार्च २००३ को फाइनल मैच भारत तथा ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। यह पहला संस्करण था जो अफ्रीका में खेला गया था। २०१३ विश्व कप में कुल १४ क्रिकेट टीमों ने हिस्सा लिया था, जो कि सबसे ज्यादा टीमें थी जिन्होंने विश्व कप में हिस्सा लिया तथा कुल ५४ मैच खेले गए थे। १९९९ क्रिकेट विश्व कप के आधार पर दो ग्रुप बनाए गए थे। ग्रुप की उच्च तीन टीमों ने क्वालिफाई किया था। टूर्नामेंट का फाइनल ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच था, और ऑस्ट्रेलिया ने भारत को वेंडरर्स मे खेले गए फाइनल मे १२५ रनों से पराजित कर अपना तृतीय क्रिकेट विश्व कप जीता। . २००७ ICC क्रिकेट विश्व कप, टूर्नामेंट का नौवां संस्करण था और इसे 13 मार्च से 28 अप्रैल 2007 तक वेस्ट इंडीज़ में, खेल के एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में खेला गया. आईसीसी (ICC) क्रिकेट विश्व कप २०११, दसवां क्रिकेट विश्व कप था और इसकी मेजबानी टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले तीन दक्षिण एशियाई देशों द्वारा की गई थीः भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश. आईसीसी (ICC) क्रिकेट विश्व कप २०१५, 11 वाँ आईसीसी क्रिकेट विश्व कप था, और इसकी मेजबानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड द्वारा मिलकर की गई। यह 2015 फ़रवरी 14 - मार्च 29 तक चला जिसके दौरान 49 मैच 14 स्थानों में खेले गए। 26 मैच ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड, ब्रिस्बेन, कैनबरा, होबार्ट, मेलबोर्न, पर्थ और सिडनी में आयोजित किए गए तथा 23 मैच न्यूजीलैंड के ऑकलैंड, क्राइस्टचर्च, डुनेडिन, हैमिल्टन, नेपियर, नेल्सन और वेलिंग्टन में हुए। टूर्नामेंट का फाइनल मेलबोर्न क्रिकेट ग्रांउड पर खेला गया और इसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। . २०१९ क्रिकेट विश्व कप इंग्लैंड और वेल्स द्वारा आयोजित किया जाएगा। यह बारहवें क्रिकेट विश्व कप प्रतियोगिता होगी और पांचवीं बार यह इंग्लैंड और वेल्स में आयोजित किया जाएगा। . 2023 क्रिकेट विश्व कप इसकी मेजबानी अकेला भारत करेगा। यह घोषणा जून 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की लंदन में वार्ता के दौरान की गई। 2023 क्रिकेट विश्व कप 13वाँ विश्व कप है तथा भारत चौथी बार मेजबानी कर रहा है। . १९८७ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर रिलायंस विश्व कप) क्रिकेट विश्व कप का चौथा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह भारत और पाकिस्तान में ८ अक्टूबर-८ नवंबर १९८७ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60876.html टूर्नामेंट रिलायन्स इण्डस्ट्रीज द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच ५० ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेली गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच था, और ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को इडेन गार्डेंस में खेले गए फाइनल में ७ रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65117.html . १९९९ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर आईसीसी क्रिकेट विश्व कप) क्रिकेट विश्व कप का सातवाँ संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह इंगलैंड, स्कॉटलैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड और वेल्स में १४ मई से २० जून १९९९ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/content/series/61046.html?template. यहां पुनर्निर्देश करता हैः विश्व कप क्रिकेट, विश्वकप क्रिकेट, क्रिकेट वर्ल्ड कप, क्रिकेट विश्व कप।
आईसीसी क्रिकेट विश्व कप एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप है। टूर्नामेंट खेल के शासी निकाय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा हर चार साल आयोजित किया जाता है। टूर्नामेंट दुनिया में सबसे ज्यादा देखी गयी खेल स्पर्धाओं में से एक है, यह केवल फीफा विश्व कप और ओलंपिक पीछे है। पहली बार विश्व कप एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर में इंग्लैंड में आयोजित किया गया था, पहले तीन विश्व कप इंग्लैंड में मेजबानी किए गए थे। लेकिन एक हज़ार नौ सौ सत्तासी टूर्नामेंट के बाद से विश्व कप हर चार साल दूसरे देश में आयोजित किया जाता है। सबसे हाल ही टूर्नामेंट दो हज़ार पंद्रह में आयोजित की गई थी, यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने मेजबानी की थी और इसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। . चैंपियंस लीग ट्वेंटीबीस, एक प्रमुख क्रिकेट टीमों की शीर्ष घरेलू टीमों के बीच खेला जाने वाला वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय ट्वेंटी बीस क्रिकेट प्रतियोगिता थी। प्रतियोगिता दो हज़ार आठ में अक्टूबर दो हज़ार नौ में आयोजित पहले संस्करण के साथ शुरू हुई थी। यह संयुक्त रूप से बीसीसीआई, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के स्वामित्व में था, और एन॰ श्रीनिवासन की अध्यक्षता की गई, जो आईसीसी के अध्यक्ष भी थे। सुंदर रामन सीएलटी बीस और आईपीएल के मुख्य संचालन अधिकारी थे। टूर्नामेंट सितंबर और अक्टूबर के बीच भारत या दक्षिण अफ्रीका में दो से तीन सप्ताह तक आयोजित किया गया था। इसमें यूएस छः डॉलर मिलियन का कुल इनाम पूल था, जिसने विजेता टीम को दो दशमलव पाँच डॉलर मिलियन प्राप्त करने के साथ, इतिहास में एक क्लब क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए सबसे अधिक। प्रारूप में आठ टेस्ट खेलने वाले देशों के प्रीमियर ट्वेंटी बीस प्रतियोगिताओं की सबसे अच्छी टीम शामिल थी, जो भारत, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की टीमों का समर्थन करती थी। दर्शकों की दिलचस्पी, अस्थिर प्रायोजकों और अन्य आवश्यक कारकों की कमी की वजह से पंद्रह जुलाई दो हज़ार पंद्रह को तीन फाउंडिंग बोर्डों ने घोषणा की थी कि टूर्नामेंट खत्म हो जाएगा, इस प्रकार दो हज़ार चौदह चैंपियंस लीग ट्वेंटी बीस टूर्नामेंट की अंतिम श्रृंखला थी। . एडम क्रेग गिलक्रिस्ट एक पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खिलाड़ी है। जिनको गिली या चर्च के उपनामों से भी जाना जाता है। इन्होंने अपना पहला प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच एक हज़ार नौ सौ बानवे में, पहला एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैच एक हज़ार नौ सौ छियानवे में और टेस्ट क्रिकेट मैच एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में खेला। इनके अलावा इन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग में डेक्कन चार्जर्स और किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से भी खेलते थे। . ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच मेलबोर्न क्रिकेट ग्राउंड ने ओडीआई मैच होस्ट किया। पीले कपड़ों में बल्लेबाज हैं जो ऑस्ट्रेलियाई है जबकि नीले कपड़ों में भारतीय क्षेत्ररक्षण टीम हैं। एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय ) क्रिकेट की एक शैली है, जिसमें दो राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के बीच प्रति टीम पचास ओवर खेले जाते हैं। क्रिकेट विश्व कप इसी प्रारूप के अनुसार खेला जाता है। एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों को "लिमिटेड ओवर इंटरनेशनल )" भी कहा जाता है, क्योंकि राष्ट्रीय टीमों के बीच सीमित ओवर के क्रिकेट मैच खेले जाते हैं और यदि मौसम की वजह से व्यवधान उत्पन्न होता है तो वे हमेशा एक दिन में समाप्त नहीं होते. डकवर्थ लुईस नियम क्रिकेट के सीमित मैच के दौरान किसी प्रकार की प्रतिकूल भौगोलिक परिस्थितियों एवं अन्य स्थितियों में अपनाया जाने वाला नियम है, ताकि मैच अपने निर्णय तक पहुँच सके। यह नियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। इस नियम के तहत घटाए गए ओवरों में नए लक्ष्य निर्धारित किये जाते हैं। इस लक्ष्य निर्धारण विधि को एक ख़ास सांख्यिकीय सारणी की मदद से निकाला जाता है जिसका संशोधन समय-समय पर होता रहता है। इस नियम का विकास इंग्लैंड के दो सांख्यिकी के विद्वान फ्रैंक डकवर्थ और टौनी लुईस ने किया था। . क्रिकेट में एक बल्लेबाज नाबाद कहलाता है यदि वह पारी की समाप्ति तक बल्लेबाज़ी करता है। श्रेणीःक्रिकेट शब्दावली. न्यूज़ीलैंड प्रशान्त महासागर में ऑस्ट्रेलिया के पास स्थित देश है। ये दो बड़े द्वीपों से बना है। न्यूजीलैंड दक्षिण पश्चिमि पेसिफ़िक ओशन में दो बड़े द्वीप और अन्य कई छोटे द्वीपों से बना एक देश है। न्यूजीलैंड के चालीस लाख लोगों में से लगभग तीस लाख लोग उत्तरी द्वीप में रहते हैं और दस लाख लोग दक्षिणि द्वीप में। यह द्वीप दुनिया के सबसे बडे द्वीपों में गिने जाते हैं। अन्य द्वीपों में बहुत कम लोग रहतें हैं और वे बहुत छोटे हैं। इनमें मुख्य है. अफ्रीका महाद्वीप के पूर्वी भाग को पूर्वी अफ्रीका कहते हैं। इसमें बुरूंडीकोमोरोज़जिबूतीईरीट्रियाइथियोपियाकीनियामैडागास्करमलावीमारीशसमोजाम्बिकरवांडासेशल्ससोमालियातंजानियायुगांडाजाम्बियाज़िम्बाबवे देश आते हैं। इनके विस्तृत आंकड़े इस प्रकार से हैंः- . फ़ीफा विश्व कप , फेडरेशन इंटरनेशनेल डी फुटबॉल एसोसिएशन , खेल की वैश्विक शासी निकाय के सदस्यों के वरिष्ठ पुरुषों की राष्ट्रीय टीमों द्वारा खेली जाने वाली एक अंतरराष्ट्रीय संघ फुटबॉल प्रतियोगिता है। एक हज़ार नौ सौ तीस में उद्घाटन टूर्नामेंट के बाद हर चार साल से आयोजित किया जाता है, सिवाय एक हज़ार नौ सौ बयालीस और एक हज़ार नौ सौ छियालीस में, जब द्वितीय विश्व युद्ध के कारण से आयोजन नहीं किया जा सका था। मौजूदा चैंपियन ब्राज़ील में दो हज़ार चौदह टूर्नामेंट जीतने वाले जर्मनी है। टूर्नामेंट के मौजूदा स्वरूप के बारे में एक महीने की अवधि में मेजबान देश के भीतर स्थानों पर खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा में बत्तीस टीमों को शामिल है, इस चरण में अक्सर विश्व कप के फाइनल में कहा जाता है। वर्तमान में पिछले तीन साल से अधिक जगह लेता है, जो एक योग्यता चरण, टीमें मेजबान देश के साथ टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई जो निर्धारित करने के लिए प्रयोग किया जाता है। उन्नीस विश्व कप टूर्नामेंट के आठ विभिन्न राष्ट्रीय टीमों द्वारा जीता गया है। ब्राजील पांच बार जीता है और वे हर टूर्नामेंट में खेला है के लिए एक ही टीम हैं। चार खिताब प्रत्येक के साथ, इटली तथा जर्मनी, दो खिताब प्रत्येक के साथ अर्जेंटीना और उरुगुए और इंग्लैंड, फ्रांस और स्पेन, एक खिताब के साथ प्रत्येक। विश्व कप में दुनिया के सबसे व्यापक रूप से देखी जाने वाली खेल की घटनाओं में से एक है, एक अनुमान के अनुसार इकहत्तर,इक्यावन,शून्य,शून्य लोगों को जर्मनी में आयोजित दो हज़ार छः फीफा विश्व कप का फाइनल मैच देखा। . प्रशांत महासागर के पश्चिमी हिस्से में कैरेबियन द्वीप पर स्थित इस देश को अंग्रेजों ने अफ्रीका और भारत से गन्ना उत्पादन के लिए लाए गए गुलामों की मदद से आबाद किया था। महज चार सौ तीस वर्ग किमी में फैले इस द्वीप के आस-पास के देश में पश्चिम में सेंट विंसेंट व द ग्रेनाजिनस और सेंट लुसिया और दक्षिण में त्रिनिदाद और टोबैगो हैं। उष्णकटिबंधीय जलवायु वाले इस देश में प्रशांत महासागर में चलने वाली हवाएं वातावरण को शीतल बनाए रखती हैं। सामाजिक और राजनीतिक सुधारों की धीमी शुरुआत के बावजूद आज मानव विकास सूची में इस देश का स्थान ऊपर के पचहत्तर देशों में आता है। श्रेणीःदेश श्रेणीःउत्तर अमेरिका. ब्रिजटाउन बारबाडोस की राजधानी और वहाँ का सबसे बड़ा नगर है। . महेंद्र सिंह धोनी अथवा मानद लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र सिंह धोनी झारखंड, रांची के एक राजपूत परिवार में जन्मे पद्म भूषण, पद्म श्री और राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित भारतीय क्रिकेटर हैं। धोनी भारतीय क्रिकेटर तथा भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैं और भारत के सबसे सफल एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कप्तान हैं। शुरुआत में एक असाधारण उज्जवल व आक्रामक बल्लेबाज़ के नाम पर जाने गए। धोनी धीरे-धीरे भारतीय एक दिवसीय के सबसे शांतचित्त कप्तानों में से जाने जाते हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने दो हज़ार सात आईसीसी विश्व ट्वेन्टी बीस, दो हज़ार सात-आठ कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज दो हज़ार सात-दो हज़ार आठ के सीबी सीरीज़ और बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी जीती जिसमें भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दो-शून्य से हराया उन्होंने भारतीय टीम को श्रीलंका और न्यूजीलैंड में पहली अतिरिक्त वनडे सीरीज़ जीत दिलाई दो सितम्बर दो हज़ार चौदह को उन्होंने भारत को चौबीस साल बाद इंग्लैंड में वनडे सीरीज में जीत दिलाई। धोनी ने कई सम्मान भी प्राप्त किए हैं जैसे दो हज़ार आठ में आईसीसी वनडे प्लेयर ऑफ़ द इयर अवार्ड , राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार और दो हज़ार नौ में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान, पद्म श्री पुरस्कार साथ ही दो हज़ार नौ में विस्डन के सर्वप्रथम ड्रीम टेस्ट ग्यारह टीम में धोनी को कप्तान का दर्जा दिया गया। उनकी कप्तानी में भारत ने अट्ठाईस साल बाद एक दिवसीय क्रिकेट विश्व कप में दुबारा जीत हासिल की। सन् दो हज़ार तेरह में इनकी कप्तानी में भारत पहली बार चैम्पियंस ट्रॉफी का विजेता बना। धोनी दुनिया के पहले ऐसे कप्तान बन गये जिनके पास आईसीसी के सभी कप है। इन्होंने दो हज़ार चौदह में टेस्ट क्रिकेट को कप्तानी के साथ अलविदा कह दिया था। इनके इस फैसले से क्रिकेट जगत स्तब्ध रह गया। धोनी लगातार दूसरी बार क्रिकेट विश्व कप में दो हज़ार पंद्रह क्रिकेट विश्व कप में भारत का नेतृत्व किया और पहली बार भारत ने सभी ग्रुप मैच जीते साथ ही इन्होंने लगातार ग्यारह विश्व कप में मैच जीतकर नया रिकार्ड भी बनाया ये भारत के पहले ऐसे कप्तान बने जिन्होंने एक सौ वनडे मैच जिताए हो। और उन्होनें कहा है कि जल्द ही वो एक ऐसा कदम उठाएंगे जो किसी कप्तान ने अपने कैरियर में नहीं उठाया वो टीम को दो हिस्सों में बाटेंगे जो खिलाड़ी अच्छा नहीं खेलेगा उसे वो दूसरी टीम में डाल देंगे और जो खिलाड़ी अच्छा खेलेगा वो उसे अपनी टीम में रख लेंगे इसमें कुछ नये खिलाड़ी भी आ सकते हैं। धोनी ने चार जनवरी दो हज़ार सत्रह को भारतीय एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और ट्वेन्टी-ट्वेन्टी टीम की कप्तानी छोड़ी। . मिशेल स्टार्क ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाड़ी हैं। . भारत के पश्चिमी तट पर स्थित मुंंबई , भारतीय राज्य महाराष्ट्र की राजधानी है। इसकी अनुमानित जनसंख्या तीन करोड़ उनतीस लाख है जो देश की पहली सर्वाधिक आबादी वाली नगरी है। इसका गठन लावा निर्मित सात छोटे-छोटे द्वीपों द्वारा हुआ है एवं यह पुल द्वारा प्रमुख भू-खंड के साथ जुड़ा हुआ है। मुम्बई बन्दरगाह भारतवर्ष का सर्वश्रेष्ठ सामुद्रिक बन्दरगाह है। मुम्बई का तट कटा-फटा है जिसके कारण इसका पोताश्रय प्राकृतिक एवं सुरक्षित है। यूरोप, अमेरिका, अफ़्रीका आदि पश्चिमी देशों से जलमार्ग या वायुमार्ग से आनेवाले जहाज यात्री एवं पर्यटक सर्वप्रथम मुम्बई ही आते हैं इसलिए मुम्बई को भारत का प्रवेशद्वार कहा जाता है। मुम्बई भारत का सर्ववृहत्तम वाणिज्यिक केन्द्र है। जिसकी भारत के सकल घरेलू उत्पाद में पाँच% की भागीदारी है। यह सम्पूर्ण भारत के औद्योगिक उत्पाद का पच्चीस%, नौवहन व्यापार का चालीस%, एवं भारतीय अर्थ व्यवस्था के पूंजी लेनदेन का सत्तर% भागीदार है। मुंबई विश्व के सर्वोच्च दस वाणिज्यिक केन्द्रों में से एक है। भारत के अधिकांश बैंक एवं सौदागरी कार्यालयों के प्रमुख कार्यालय एवं कई महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान जैसे भारतीय रिज़र्व बैंक, बम्बई स्टॉक एक्स्चेंज, नेशनल स्टऑक एक्स्चेंज एवं अनेक भारतीय कम्पनियों के निगमित मुख्यालय तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियां मुम्बई में अवस्थित हैं। इसलिए इसे भारत की आर्थिक राजधानी भी कहते हैं। नगर में भारत का हिन्दी चलचित्र एवं दूरदर्शन उद्योग भी है, जो बॉलीवुड नाम से प्रसिद्ध है। मुंबई की व्यवसायिक अपॊर्ट्युनिटी, व उच्च जीवन स्तर पूरे भारतवर्ष भर के लोगों को आकर्षित करती है, जिसके कारण यह नगर विभिन्न समाजों व संस्कृतियों का मिश्रण बन गया है। मुंबई पत्तन भारत के लगभग आधे समुद्री माल की आवाजाही करता है। . Melbourne city centre, Flinders Street Station, Shrine of Remembrance, Federation Square, Melbourne Cricket Ground, Royal Exhibition Building रात में मेलबॉर्न शहर मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया का दूसरा बड़ा और दूसरा पुराना शहर है। यह ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य की राजधानी है। इस शहर को पच्चीस जून एक हज़ार आठ सौ पचास में बसाया गया था। मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सबसे बड़ा शहर है। कला और संस्कृति का केंद्र मेलबर्न पोर्ट फिलिप खाड़ी के पास स्थित है। प्रायः इस शहर को ऑस्ट्रेलिया की खेल और सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जाता है। मेलबर्न की स्थापना एक हज़ार आठ सौ पैंतीस में हुई थी। बाद में कई सालों तक यह ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख शहर बना रहा। एक हज़ार नौ सौ एक से एक हज़ार नौ सौ सत्ताईस तक मेलबर्न यहां की राजधानी भी रहा। अपनी वैश्िवक अपील के कारण यह पर्यटकों को भी पसंद आता है। यहां के प्रमुख पर्यटक स्थलों की बात की जाए तो इन जगहों का सबसे पहले आता है। . यह क्रिकेट मैदान ऑस्ट्रेलिया के मेलबोर्न शहर में स्थित है। मेलबोर्न क्रिकेट मैदान आस्ट्रेलिया के यारा पार्क में स्थित एक प्रमुख खेल का मैदान है। मेलबोर्न क्रिकेट क्लब का घरेलु मैदान भी है। यह आस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा स्टेडियम, विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेंट स्टेडियम, दुनिया का दंसवा बड़ा स्टेडियम है। मेलबोर्न क्रिकेट मैदान एक हज़ार नौ सौ छप्पन के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक का मुख्य केन्द्र तथा दो हज़ार छः के राष्ट्र्मंडल खेल का भी मुख्य मैदान रहा है। श्रेणीःऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट मैदान श्रेणीःविश्व के प्रमुख खेल मैदान श्रेणीःआस्ट्रेलिया के प्रमुख खेल मैदान. मोहिंदर अमरनाथ भारद्वाज एक पूर्व क्रिकेटर और वर्तमान में क्रिकेट विश्लेषक हैं। उन्हें सामान्यतः "जिम्मी" के नाम से जाना जाता है। वे स्वतंत्र भारत के पहले कप्तान, लाला अमरनाथ के पुत्र हैं। उनके भाई सुरिंदर अमरनाथ एक टेस्ट मैच खिलाड़ी थे। उनके भाई राजिंदर अमरनाथ पूर्व प्रथम श्रेणी के खिलाड़ी हैं और वर्तमान में क्रिकेट कोच हैं। मोहिन्दर ने दिसम्बर एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर में चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली बार प्रदर्शन किया। अपने कैरियर के उत्तरार्ध में, मोहिंदर को, तेज गति के खिलाफ खेलने वाले सबसे बेहतरीन भारतीय क्रिकेटर के रूप में देखा गया। इमरान खान और मैलकम मार्शल दोनों ने, उनकी बल्लेबाजी, साहस और दर्द को सहने और उस पर विजय पाने की क्षमता की प्रशंसा की है। एक हज़ार नौ सौ बयासी-तिरासी में मोहिंदर ने पाकिस्तान और वेस्ट इंडीज के खिलाफ ग्यारह टैस्ट खेले और दोनों सीरीज में कुल मिला कर एक हज़ार से अधिक रन बनाये। अपने "आदर्श" के रूप में, सुनील गावस्कर ने दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज के रूप में मोहिंदर अमरनाथ का वर्णन किया है। उन्होंने पर्थ में वाका में जेफ थॉमसन के खिलाफ अपनी सबसे तेज बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए अपना पहला टेस्ट शतक बनाया। उन्होंने इस मैच के बाद भी शीर्ष वर्ग की तेज गेंदबाजी के खिलाफ टेस्ट शतक जमाया. युवराज सिंह भारत के महान क्रिकेट खिलाडी हैं। इन्होंने बीस-बीस विश्व कप दो हज़ार सात में इंग्लैंड के खिलाफ छः गेंदों में छः छक्के मारे थे, और बीस-बीस में बारह गेंदों में अर्धशतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी उनके नाम है। युवराज सिंह को विश्व कप दो हज़ार ग्यारह में अहम भूमिका निभाने में मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट चुना गया। इनका जन्म बारह दिसंबर एक हज़ार नौ सौ इक्यासी को चंडीगढ़ में भूतपूर्व क्रिकेट खिलाड़ी योगराज सिंह के यहाँ जाट परिवार में हुआ था। उनको सिक्सर किंग नाम से जाना जाता है। इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब, पुने वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, दिल्ली डेयरडेविल्स की और से खेल चुके हैं, हाल में आईपीएल विजेता सनराइजर हैदराबाद से खेल रहे हैं। इन्होंने एक ओवर में छः छक्के लगाने का विश्व रिकार्ड बनाया है . रिकी थॉमस पॉन्टिंग, एओ को पंटर का उपनाम दिया गया था। एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो हज़ार दो से दो हज़ार ग्यारह तक वे ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रहे। टेस्ट क्रिकेट में दो हज़ार चार और दो हज़ार ग्यारह के बीच ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की उन्होंने कमान सम्भाली. "स्नान क्षेत्र जहाँ केवल श्वेत लोगों को स्नान की अनुमति थी": एक हज़ार नौ सौ नवासी में डर्बन के समुद्र के किनारे तीन भाषाओं में लिखा एक बोर्ड दक्षिण अफ्रीका में नेशनल पार्टी की सरकार द्वारा सन् एक हज़ार नौ सौ अड़तालीस में विधान बनाकर काले और गोरों लोगों को अलग निवास करने की प्रणाली लागू की गयी थी। इसे ही रंगभेद नीति या आपार्थैट कहते हैं। अफ्रीका की भाषा में "अपार्थीड" का शाब्दिक अर्थ है - अलगाव या पृथकता। यह नीति सन् एक हज़ार नौ सौ चौरानवे में समाप्त कर दी गयी। इसके विरुद्ध नेल्सन मान्डेला ने बहुत संघर्ष किया जिसके लिये उन्हें लम्बे समय तक जेल में रखा गया। . लाहौर पाकिस्तान के प्रांत पंजाब की राजधानी है एवं कराची के बाद पाकिस्तान में दूसरा सबसे बडा आबादी वाला शहर है। इसे पाकिस्तान का दिल नाम से भी संबोधित किया जाता है क्योंकि इस शहर का पाकिस्तानी इतिहास, संस्कृति एवं शिक्षा में अत्यंत विशिष्ट योगदान रहा है। इसे अक्सर पाकिस्तान बागों के शहर के रूप में भी जाना जाता है। लाहौर शहर रावी एवं वाघा नदी के तट पर भारत पाकिस्तान सीमा पर स्थित है। लाहौर का ज्यादातर स्थापत्य मुगल कालीन एवं औपनिवेशिक ब्रिटिश काल का है जिसका अधिकांश आज भी सुरक्षित है। आज भी बादशाही मस्जिद, अली हुजविरी शालीमार बाग एवं नूरजहां तथा जहांगीर के मकबरे मुगलकालीन स्थापत्य की उपस्थिती एवं उसकी अहमियत का आभास करवाता है। महत्वपूर्ण ब्रिटिश कालीन भवनों में लाहौर उच्च न्यायलय जनरल पोस्ट ऑफिस, इत्यादि मुगल एवं ब्रिटिश स्थापत्य का मिलाजुला नमूना बनकर लाहौर में शान से उपस्थित है एवं ये सभी महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल के रूप में लोकप्रिय हैं। मुख्य तौर पर लाहौर में पंजाबी को मातृ भाषा के तौर पर इस्तेमाल की जाती है हलाकि उर्दू एवं अंग्रेजी भाषा भी यहां काफी प्रचलन में है एवं नौजवानों में काफी लोकप्रिय है। लाहौर की पंजाबी शैली को लाहौरी पंजाबी के नाम से भी जाना जाता है जिसमे पंजाबी एवं उर्दू का काफी सुंदर मिश्रण होता है। एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे की जनगणना के अनुसार शहर की आबादी लगभग सात लाख आंकी गयी थी जिसके जून दो हज़ार छः में दस लाख होने की उम्मीद जतायी गयी थी। इस अनुमान के मुताबिक लाहौर दक्षिण एशिया में पांचवी सबसे बडी आबादी वाला एवं दुनिया में तेईसवीं सबसे बडी आबादी वाला शहर है।. लंदन संयुक्त राजशाही और इंग्लैंड की राजधानी और सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। ग्रेट ब्रिटेन द्वीप के दक्षिण पूर्व में थेम्स नदी के किनारे स्थित, लंदन पिछली दो सदियों से एक बड़ा व्यवस्थापन रहा है। लंदन राजनीति, शिक्षा, मनोरंजन, मीडिया, फ़ैशन और शिल्पी के क्षेत्र में वैश्विक शहर की स्थिति रखता है। इसे रोमनों ने लोंड़िनियम के नाम से बसाया था। लंदन का प्राचीन अंदरुनी केंद्र, लंदन शहर, का परिक्षेत्र एक.बारह वर्ग मीटर है। उन्नीसवीं शताब्दी के बाद से "लंदन", इस अंदरुनी केंद्र के आसपास के क्षेत्रों को मिला कर एक महानगर के रूप में संदर्भित किया जाने लगा, जिनमें मिडलसेक्स, एसेक्स, सरे, केंट, और हर्टफोर्डशायर आदि शमिल है। जिसे आज ग्रेटर लंदन नाम से जानते है, एवं लंदन महापौर और लंदन विधानसभा द्वारा शासित किया जाता हैं। कला, वाणिज्य, शिक्षा, मनोरंजन, फैशन, वित्त, स्वास्थ्य देखभाल, मीडिया, पेशेवर सेवाओं, अनुसंधान और विकास, पर्यटन और परिवहन में लंदन एक प्रमुख वैश्विक शहर है। यह दुनिया का सबसे बड़ा वित्तीय केंद्र के रूप में ताज पहनाया गया है और दुनिया में पांचवां या छठा सबसे बड़ा महानगरीय क्षेत्र जीडीपी है। लंदन एक है विश्व सांस्कृतिक राजधानी। यह दुनिया का सबसे अधिक का दौरा किया जाने वाला शहर है, जो अंतरराष्ट्रीय आगमन द्वारा मापा जाता है और यात्री ट्रैफिक द्वारा मापा जाने वाला विश्व का सबसे बड़ा शहर हवाई अड्डा है। लंदन विश्व के अग्रणी निवेश गंतव्य है, किसी भी अन्य शहर की तुलना में अधिक अंतरराष्ट्रीय खुदरा विक्रेताओं और अल्ट्रा हाई-नेट-वर्थ वाले लोगों की मेजबानी यूरोप में लंदन के विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा संस्थानों का सबसे बड़ा केंद्र बनते हैं। दो हज़ार बारह में, लंदन तीन बार आधुनिक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने वाला पहला शहर बन गया। लंदन में लोगों और संस्कृतियों की विविधता है, और इस क्षेत्र में तीन सौ से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। इसकी दो हज़ार पंद्रह कि अनुमानित नगरपालिका जनसंख्या आठ,छः सौ तिहत्तर,सात सौ तेरह थी, जो कि यूरोपीय संघ के किसी भी शहर से सबसे बड़ा, और संयुक्त राजशाही की आबादी का बारह.पाँच% हिस्सा है। दो हज़ार ग्यारह की जनगणना के अनुसार नौ,सात सौ सत्तासी,चार सौ छब्बीस की आबादी के साथ, लंदन का शहरी क्षेत्र, पेरिस के बाद यूरोपीय संघ में दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला है। शहर का महानगरीय क्षेत्र यूरोपीय संघ में तेरह,आठ सौ उन्यासी,सात सौ सत्तावन जनसंख्या के साथ सबसे अधिक आबादी वाला है, जबकि ग्रेटर लंदन प्राधिकरण के अनुसार शहरी-क्षेत्र की आबादी के रूप में बाईस.सात मिलियन है। एक हज़ार आठ सौ इकतीस से एक हज़ार नौ सौ पच्चीस तक लंदन विश्व के सबसे अधिक आबादी वाला शहर था। लंदन में चार विश्व धरोहर स्थल हैंः टॉवर ऑफ़ लंदन; किऊ गार्डन; वेस्टमिंस्टर पैलेस, वेस्ट्मिन्स्टर ऍबी और सेंट मार्गरेट्स चर्च क्षेत्र; और ग्रीनविच ग्रीनविच वेधशाला । अन्य प्रसिद्ध स्थलों में बकिंघम पैलेस, लंदन आई, पिकैडिली सर्कस, सेंट पॉल कैथेड्रल, टावर ब्रिज, ट्राफलगर स्क्वायर, और द शर्ड आदि शामिल हैं। लंदन में ब्रिटिश संग्रहालय, नेशनल गैलरी, प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय, टेट मॉडर्न, ब्रिटिश पुस्तकालय और वेस्ट एंड थिएटर सहित कई संग्रहालयों, दीर्घाओं, पुस्तकालयों, खेल आयोजनों और अन्य सांस्कृतिक संस्थानों का घर है। लंदन अंडरग्राउंड, दुनिया का सबसे पुराना भूमिगत रेलवे नेटवर्क है। . लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड लंदन के सेंट जॉन्स वुड में स्थित एक क्रिकेट खेलने वाला मैदान है। इसका नामकरण इसके संस्थापक थॉमस लॉर्ड के नाम पर किया गया है; यह मैदान मेरिलबोन क्रिकेट क्लब के स्वामित्व में है और मिडिलसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब, द इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट क्लब , द यूरोपियन क्रिकेट काउंसिल और अगस्त, दो हज़ार पाँच तक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल का गृह स्थान रहा है। लॉर्ड्स को "क्रिकेट के घर" के रूप में संदर्भित किया जाता है और यहां दुनिया का सबसे पुराना खेल संग्रहालय भी स्थित है। आज लॉर्ड्स अपने मूल स्थान पर नहीं है, एक हज़ार सात सौ सत्तासी और एक हज़ार आठ सौ चौदह के बीच लॉर्ड द्वारा यहां स्थापित तीन मैदानों में से यह तीसरा है। उनका पहला मैदान जिसे अब लॉर्ड्स के पुराने मैदान के रूप में जाना जाता है, आज के डोरसेट स्क्वायर के पास स्थित था। दूसरा मैदान लॉर्ड्स मिडिल ग्राउंड है जिसका एक हज़ार आठ सौ ग्यारह से एक हज़ार आठ सौ तेरह के बीच इस्तेमाल किया गया था, उसके बाद उसकी आउटफील्ड से गुजरने वाली रीजेंट्स कैनल के निर्माण कार्य के कारण इसे बंद कर दिया गया। वर्तमान में लॉर्ड्स का जो मैदान है वह मिडिल ग्राउंड के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। लॉर्ड्स में एक प्रमुख पुनर्निर्माण योजना प्रस्तावित है जिससे मैदान में दस हजार अतिरिक्त लोगों के बैठने की जगह बनेगी साथ ही इसमें अपार्टमेंट्स और एक आइस रिंक भी जुड़ जाएंगे. शेन वॉर्न दो हज़ार पंद्रह क्रिकेट विश्व कप के दौरान शेन कीथ वॉर्न ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी है जिन्हें व्यापक रूप से खेल के इतिहास में सबसे महान गेंदबाजों में से एक माना जाता है। एक हज़ार नौ सौ बानवे में वॉर्न ने अपना पहला टेस्ट मैच खेला था और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बाद वह दूसरे गेंदबाज बने थे जिन्होंने एक हज़ार अंतरराष्ट्रीय विकेट लिये। वॉर्न के सात सौ आठ विकेट टेस्ट क्रिकेट में किसी भी गेंदबाज द्वारा लिये गए सर्वाधिक विकेट थे, जब तक कि मुरलीधरन ने इससे ज्यादा विकेट नहीं ले लिये थे। वॉर्न उपयोगी निचले क्रम के बल्लेबाज भी थे। वह एकमात्र खिलाड़ी है जिन्होंने तीन हज़ार+ टेस्ट रन बनाए लेकिन कभी शतक नहीं जड़ा। उनका करियर मैदान के बाहर विवादों से ग्रस्त रहा। इन में प्रतिबंधित पदार्थ के लिए सकारात्मक परीक्षण पाए जाने पर क्रिकेट से प्रतिबंध शामिल था। साथ ही सट्टेबाजों से पैसा स्वीकार करके खेल को बदनामी में लाने का आरोप और भी कई विवाद। वह जनवरी दो हज़ार सात में ऑस्ट्रेलिया की इंग्लैंड पर पाँच-शून्य की द एशेज की जीत के अंत में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सेवानिवृत्त हुए। उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के अभिन्न अंग में से तीन अन्य खिलाड़ी भी रिटायर हुए- ग्लेन मैकग्रा, डेमियन मार्टिन और जस्टिन लैंगर। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपनी सेवानिवृत्ति के बाद वॉर्न ने हैम्पशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के लिये प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला। दो हज़ार आठ में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के कोच और कप्तान की भूमिका निभाई और टीम को जीत दिलाई। कुल मिलाकर उन्होंने एक हज़ार नौ सौ बानवे से दो हज़ार सात तक एक सौ पैंतालीस टेस्ट मैच खेलें थे जिसमें उन्होंने पच्चीस.इकतालीस की गेंदबाज़ी औसत से सात सौ आठ विकेट लिये। एक हज़ार नौ सौ तिरानवे से दो हज़ार पाँच तक उन्होंने एक सौ चौरानवे एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय में दो सौ तिरानवे विकेट लिये। एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे क्रिकेट विश्व कप की विजेता टीम में उनका अहम योगदान था। . सचिन रमेश तेंदुलकर क्रिकेट के इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ौं में गिने जाते हैं। भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होने वाले वह सर्वप्रथम खिलाड़ी और सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित एकमात्र क्रिकेट खिलाड़ी हैं। सन् दो हज़ार आठ में वे पद्म विभूषण से भी पुरस्कृत किये जा चुके है। सन् एक हज़ार नौ सौ नवासी में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के पश्चात् वह बल्लेबाजी में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने टेस्ट व एक दिवसीय क्रिकेट, दोनों में सर्वाधिक शतक अर्जित किये हैं। वे टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में चौदह हज़ार से अधिक रन बनाने वाले वह विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं। एकदिवसीय मैचों में भी उन्हें कुल सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान प्राप्त है। उन्होंने अपना पहला प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच मुम्बई के लिये चौदह वर्ष की उम्र में खेला था। उनके अन्तर्राष्ट्रीय खेल जीवन की शुरुआत एक हज़ार नौ सौ नवासी में पाकिस्तान के खिलाफ कराची से हुई। सचिन क्रिकेट जगत के सर्वाधिक प्रायोजित खिलाड़ी हैं और विश्व भर में उनके अनेक प्रशंसक हैं। उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से भिन्न-भिन्न नामों से पुकारते हैं जिनमें सबसे प्रचलित लिटिल मास्टर व मास्टर ब्लास्टर है। क्रिकेट के अलावा वह अपने ही नाम के एक सफल रेस्टोरेंट के मालिक भी हैं। तत्काल में वह राज्य सभा के सदस्य हैं, सन् दो हज़ार बारह में उन्हें राज्य सभा के सदस्य के रूप में नामित किया गया था। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर पर फिल्म 'सचिनः ए बिलियन ड्रीम्स' बनी। इस फ़िल्म का टीज़र भी बहुत रोमांचक हैं। टीजर में एक ऐसे इंसान को उसी की कहानी सुनाते हुए देखेंगे जो एक शरारती बच्चे से एक हीरो बनकर उभरता है। ख़ुद सचिन तेंदुलकर का भी ये मानना है कि क्रिकेट खेलने से अधिक चुनौतीपूर्ण अभिनय करना है।सचिन - ए बिलियन ड्रीम्स' का निर्माण रवि भगचंदका ने किया है और इसका निर्देशन जेम्स अर्सकिन ने। . हीरे और सोने की खानों के लिए प्रसिद्ध जोहांसबर्ग दक्षिण अफ्रीका का सबसे बड़ा शहर है। क्षेत्रफल में बड़ा होने के साथ-साथ यह दक्षिण अफ्रीका का सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर भी है। अफ्रीका के इस सबसे विकसित शहर को नजदीक से जानने के लिए बहुत बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। पर्यटक यहां अपारथिद म्यूजियम, हेक्टर पीटरसन म्यूजियम, गोल्ड रीफ सिटी, जोहांसबर्ग जू, जोहांसबर्ग आर्ट गैलरी आदि स्थान देख सकते हैं। . वानखेड़े स्टेडियम मुंबई का एक प्रमुख खेल का मैदान हैं। यहाँ क्रिकेट खेला जाता हैं। . यह एक प्रमुख खेल का मैदान हैं । . विव रिचर्ड्स' कैरियर ग्राफ प्रदर्शन. सर इसाक विवियन एलेक्जेंडर रिचर्ड्स, केजीएन, ओबीई वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर हैं। क्रिकेट जगत में इनके दूसरे नाम विवियन या, विव और किंग विव के रूप अधिक लोकप्रिय नाम से जाना जाता है, रिचर्ड्स को एक सौ सदस्यों के विशेषज्ञ पैनल ने बीसवीं शताब्दी के पांच महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया है, इस सूची में विवियन रिचर्ड्स के अलावा सर डोनाल्ड ब्रेडमैन, सर गैरीफील्ड सोबर्स, सर जैक हॉब्स और महान लेग स्पिनर शेन वार्न का नाम भी शामिल है। फरवरी दो हज़ार दो में क्रिकेट की बाइबल कही जाने वाली क्रिकेट पत्रिका विजडन द्वारा विवियन रिचर्ड्स की एक पारी को वन डे अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ इनिंग घोषित किया गया। इसी वर्ष दिसंबर में विज़डन ने उन्हे वन डे क्रिकेट का सर्वकालीन और टेस्ट क्रिकेट के तीन महान बल्लेबाज़ों में से एक घोषित किया, सवा सौ साल के क्रिकेट इतिहास में सिर्फ दो बल्लेबाज़ सर डान ब्रेडमैन और भारत के सचिन तेंदुलकर का स्थान ही उनसे ऊपर आंका गया है। . गद्दाफी स्टेडियम या क़ज़ाफ़ी स्टेडियम लाहौर, पाकिस्तान में स्थित एक प्रमुख क्रिकेट का मैदान है। इसकी दर्शक क्षमता सत्ताईस,शून्य है। . ग्लेन मैकग्रा एक ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज और ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के सदस्य थे। . ऑस्ट्रेलिया, सरकारी तौर पर ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल दक्षिणी गोलार्द्ध के महाद्वीप के अर्न्तगत एक देश है जो दुनिया का सबसे छोटा महाद्वीप भी है और दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप भी, जिसमे तस्मानिया और कई अन्य द्वीप हिंद और प्रशांत महासागर में है। ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसी जगह है जिसे एक ही साथ महाद्वीप, एक राष्ट्र और एक द्वीप माना जाता है। पड़ोसी देश उत्तर में इंडोनेशिया, पूर्वी तिमोर और पापुआ न्यू गिनी, उत्तर पूर्व में सोलोमन द्वीप, वानुअतु और न्यू कैलेडोनिया और दक्षिणपूर्व में न्यूजीलैंड है। अट्ठारहवी सदी के आदिकाल में जब यूरोपियन अवस्थापन प्रारंभ हुआ था उसके भी लगभग चालीस हज़ार वर्ष पहले, ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप और तस्मानिया की खोज अलग-अलग देशो के करीब दो सौ पचास स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाईयो ने की थी। तत्कालिक उत्तर से मछुआरो के छिटपुट भ्रमण और होलैंडवासियो द्वारा एक हज़ार छः सौ छः, में यूरोप की खोज के बाद,एक हज़ार सात सौ सत्तर में ऑस्ट्रेलिया के अर्द्वपूर्वी भाग पर अंग्रेजों का कब्ज़ा हो गया और छब्बीस जनवरी एक हज़ार सात सौ अठासी में इसका निपटारा "देश निकला" दण्डस्वरुप बने न्यू साउथ वेल्स नगर के रूप में हुआ। इन वर्षों में जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि हुई और महाद्वीप का पता चला,उन्नीसवी सदी के दौरान दूसरे पांच बड़े स्वयं-शासित शीर्ष नगर की स्थापना की गई। एक जनवरी एक हज़ार नौ सौ एक को, छः नगर महासंघ हो गए और ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल का गठन हुआ। महासंघ के समय से लेकर ऑस्ट्रेलिया ने एक स्थायी उदार प्रजातांत्रिक राजनैतिक व्यवस्था का निर्वहन किया और प्रभुता संपन्न राष्ट्र बना रहा। जनसंख्या इक्कीस.सातमिलियन से थोडा ही ऊपर है, साथ ही लगभग साठ% जनसंख्या मुख्य राज्यों सिडनी,मेलबर्न,ब्रिस्बेन,पर्थ और एडिलेड में केन्द्रित है। राष्ट्र की राजधानी केनबर्रा है जो ऑस्ट्रेलियाई प्रधान प्रदेश में अवस्थित है। प्रौद्योगिक रूप से उन्नत और औद्योगिक ऑस्ट्रेलिया एक समृद्ध बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है और इसका कई राष्ट्रों की तुलना में इन क्षत्रों में प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है जैसे स्वास्थ्य, आयु संभाव्यता, जीवन-स्तर, मानव विकास, जन शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और मूलभूत अधिकारों की रक्षा और राजनैतिक अधिकार. ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है। ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के देश का प्रतिनिधित्व करता है। यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे पुराना संयुक्त टीम, एक हज़ार आठ सौ सतहत्तर में पहले कभी टेस्ट मैच में खेला होने है। टीम भी निभाता एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और ट्वेंटी -बीस अंतर्राष्ट्रीय, दो हज़ार चार-पाँच सत्र में एक हज़ार नौ सौ सत्तर-इकहत्तर के मौसम और पहले ट्वेंटी -बीस अंतरराष्ट्रीय में दोनों पहले वनडे में भाग लेने वाले इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड के खिलाफ, दोनों के खेल जीत। टीम ऑस्ट्रेलियाई घरेलू प्रतियोगिताओं में खेल टीमों से अपने खिलाड़ियों को खींचता है - शेफील्ड शील्ड, ऑस्ट्रेलियाई घरेलू सीमित ओवर क्रिकेट टूर्नामेंट और बिग बैश लीग। राष्ट्रीय टीम सात सौ अठासी टेस्ट मैच खेले हैं, तीन सौ बहत्तर जीत, दो सौ आठ खोने, दो सौ छः ड्रा और दो टाई। ऑस्ट्रेलिया नंबर एक टीम कुल मिलाकर टेस्ट क्रिकेट में कुल मिलाकर जीत के संदर्भ में, जीत-हार का अनुपात स्थान पर रहीं और प्रतिशत जीतता है। अट्ठाईस फरवरी दो हज़ार सोलह और अधिक पढ़ें के रूप में, ऑस्ट्रेलिया आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप पर एक सौ बारह रेटिंग अंक में पहले स्थान पर है। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के आठ सौ इकहत्तर वनडे मैच खेले हैं, पाँच सौ उनतालीस जीत, दो सौ बानवे खोने, नौ टाई और कोई परिणाम में समाप्त इकतीस के साथ। वे वर्तमान में नेतृत्व आईसीसी वनडे चैम्पियनशिप, किया होने दो हज़ार दो में अपनी शुरुआत के बाद से एक सौ इकसठ से एक सौ तीस महीनों के लिए ऐसा। ऑस्ट्रेलिया एक रिकार्ड सात विश्व कप के फाइनल में छपने बना दिया है और विश्व कप के कुल में एक रिकार्ड पांच बार जीत लिया है; एक हज़ार नौ सौ सत्तासी, एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे, दो हज़ार तीन, दो हज़ार सात और दो हज़ार पंद्रह। ऑस्ट्रेलिया की पहली टीम, लगातार चार विश्व कप फाइनल में प्रदर्शित करने के तीन जीतने के लिए वेस्टइंडीज और पहली टीम ने लगातार तीन विश्व कप दिखावे के पुराने रिकॉर्ड श्रेष्ठ है लगातार विश्व कप । यह भी घर की धरती पर विश्व कप जीतने के लिए दूसरी टीम है, के बाद भारत । टीम दो हज़ार ग्यारह क्रिकेट विश्व कप में जहां पाकिस्तान उन्हें चार विकेट से हरा पर चौंतीस लगातार विश्व कप में अपराजित था मैचेस उन्नीस मार्च तक। ऑस्ट्रेलिया भी आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी दो बार जीत लिया है - दो हज़ार छः में और दो हज़ार नौ में - उन्हें पहली और एकमात्र टीम चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में विजेताओं को वापस करने के लिए वापस बनने के लिए कर रही है। टीम भी निभाई है अठासी ट्वेंटी -बीस अंतरराष्ट्रीय, जीत चौंतालीस, लॉस इकतालीस, टाई दो और एक कोई परिणाम नहीं दो हज़ार दस आईसीसी विश्व ट्वेंटी -बीस, जो वे अंत में इंग्लैंड को खो के फाइनल बनाने में समाप्त होने के साथ। चौबीस फरवरी दो हज़ार सोलह के रूप में, ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम टेस्ट मैचों में, वनडे में और टीबीसई में आईसीसी द्वारा स्थान पर, पहले और आठवें है। . ओलम्पिक खेल वर्तमान की प्रतियोगिताओं में अग्रणी खेल प्रतियोगिता है जिसमे हज़ारों एथेलीट कई प्रकार के खेलों में भाग लेते हैं। ओलम्पिक की शीतकालीन एवं ग्रीष्मकालीन प्रतियोगिताओं में दो सौ से ज्यादा देश प्रतिभागी के रूप में शामिल होते हैं। ओलम्पिक खेल प्रत्येक चार वर्ष के अंतराल से आयोजित किये जाते हैं। ओलम्पिक खेलों का आयोजन अन्तर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति करती है। . आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफ़ी , विश्व क्रिकेट परिषद द्वारा आयोजित की जाने वाली एक द्विवार्षिक प्रतियोगिता है। इसे क्रिकेट के विश्व कप के बाद सबसे बड़ी प्रतियोगिता के रूप में देखा जाता है और कुछ लोग इसे मिनी विश्व कप भी कहते हैं। एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे से शुरु होकर अभी तक कुल आठ बार इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है जिसे, समयवार क्रम में, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, भारत तथा श्रीलंका , वेस्ट इंडीज़, ऑस्ट्रेलिया, भारत व पाकिस्तान ने जीता है। टूर्नामेंट के आठ संस्करणों में कुल मिलाकर तेरह टीमों ने भाग लिया, जिसमें आठ ने दो हज़ार सत्रह में आखिरी संस्करण में भाग लिया। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीन प्रारूपों में से प्रत्येक के लिए केवल एक शिखर टूर्नामेंट रखने के आईसीसी के लक्ष्य के अनुरूप रखा गया था। . आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप में दस टीमों कि टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए क्रिकेट के खेल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा चलाए जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है। प्रतियोगिता है कि यह बस एक रैंकिंग योजना सभी अंतरराष्ट्रीय मैचों है कि अन्यथा घर या दूर स्थिति का कोई विचार के साथ नियमित रूप से टेस्ट क्रिकेट का समय निर्धारण के हिस्से के रूप में खेला जाता है पर मढ़ा है अर्थों में काल्पनिक है। संक्षेप में, हर टेस्ट श्रृंखला के बाद दोनों टीमें एक गणितीय सूत्र के आधार पर अंक प्राप्त शामिल किया गया। प्रत्येक टीम के अंक कुल एक 'रेटिंग' देने के लिए खेले गए मैचों के अपने कुल संख्या से विभाजित है, और टेस्ट खेलने वाले टीमों रेटिंग के आदेश से क्रमबद्ध हैं। उच्च और निम्न दर्जा टीमों के बीच एक मैच तैयार की उच्च दर्जा टीम की कीमत पर कम रेटेड टीम को फायदा होगा। एक 'औसत' है कि टीम के रूप में अक्सर के रूप में यह खो देता मजबूत और कमजोर टीमों में से एक मिश्रण खेलते समय जीतता एक सौ की रेटिंग करना चाहिए था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद पुरस्कार में एक ट्राफी, आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप गदा, टीम के सर्वोच्च रेटिंग धारण करने के लिए। गदा का तबादला जब भी एक नई टीम रेटिंग सूची के शीर्ष पर चलता है। टीम है कि एक अप्रैल प्रत्येक वर्ष पर रेटिंग्स तालिका के शीर्ष पर है यह भी एक नकद पुरस्कार, वर्तमान में एक डॉलर मिलियन जीतता है। भारत वर्तमान में, आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप में सबसे अधिक रैंकिंग दल कर रहे हैं जब वे न्यूजीलैंड के साथ टेस्ट श्रृंखला तीन-शून्य से जीत दर्ज की अक्टूबर दो हज़ार सोलह में शीर्ष पर कार्यभार संभाल लिया हो रही है। . इडेन गार्डेंस , भारत का एक प्रमुख खेल का मैदान हैं। यह कोलकाता में स्थित हैं। यहाँ क्रिकेट खेला जाता हैं। . बंगाल की खाड़ी के शीर्ष तट से एक सौ अस्सी किलोग्राममीटर दूर हुगली नदी के बायें किनारे पर स्थित कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी है। यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा महानगर तथा पाँचवा सबसे बड़ा बन्दरगाह है। यहाँ की जनसंख्या दो करोड उनतीस लाख है। इस शहर का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। इसके आधुनिक स्वरूप का विकास अंग्रेजो एवं फ्रांस के उपनिवेशवाद के इतिहास से जुड़ा है। आज का कोलकाता आधुनिक भारत के इतिहास की कई गाथाएँ अपने आप में समेटे हुए है। शहर को जहाँ भारत के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक परिवर्तनों के प्रारम्भिक केन्द्र बिन्दु के रूप में पहचान मिली है वहीं दूसरी ओर इसे भारत में साम्यवाद आंदोलन के गढ़ के रूप में भी मान्यता प्राप्त है। महलों के इस शहर को 'सिटी ऑफ़ जॉय' के नाम से भी जाना जाता है। अपनी उत्तम अवस्थिति के कारण कोलकाता को 'पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार' भी कहा जाता है। यह रेलमार्गों, वायुमार्गों तथा सड़क मार्गों द्वारा देश के विभिन्न भागों से जुड़ा हुआ है। यह प्रमुख यातायात का केन्द्र, विस्तृत बाजार वितरण केन्द्र, शिक्षा केन्द्र, औद्योगिक केन्द्र तथा व्यापार का केन्द्र है। अजायबघर, चिड़ियाखाना, बिरला तारमंडल, हावड़ा पुल, कालीघाट, फोर्ट विलियम, विक्टोरिया मेमोरियल, विज्ञान नगरी आदि मुख्य दर्शनीय स्थान हैं। कोलकाता के निकट हुगली नदी के दोनों किनारों पर भारतवर्ष के प्रायः अधिकांश जूट के कारखाने अवस्थित हैं। इसके अलावा मोटरगाड़ी तैयार करने का कारखाना, सूती-वस्त्र उद्योग, कागज-उद्योग, विभिन्न प्रकार के इंजीनियरिंग उद्योग, जूता तैयार करने का कारखाना, होजरी उद्योग एवं चाय विक्रय केन्द्र आदि अवस्थित हैं। पूर्वांचल एवं सम्पूर्ण भारतवर्ष का प्रमुख वाणिज्यिक केन्द्र के रूप में कोलकाता का महत्त्व अधिक है। . अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद विश्व भर में क्रिकेट की प्रतियोगिताओं की नियंत्रक तथा नियामक संस्था है। प्रतियोगिताओं तथा स्पर्धाओं के आयोजन के अलावा यह प्रतिवर्ष क्रिकेट में अपने क्षेत्र के सफलतम खिलाड़ियों तथा टीमों को पुरस्कार देती है, खिलाड़ियों तथा टीमों का प्रदर्शन क्रम निकालती है। यह हर जगह अंतर्राष्ट्रीय मैच में अम्पायर नियुक्त करती हैं। आईसीसी एक सौ छः सदस्य हैंः दस पूर्ण सदस्य है कि टेस्ट मैच खेलने, अड़तीस एसोसिएट सदस्य, और सत्तावन संबद्ध सदस्य। आईसीसी संगठन और क्रिकेट के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट, खासकर आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के शासन के लिए जिम्मेदार है। यह भी अंपायरों और रेफरियों कि सब मंजूर टेस्ट मैच, एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय और ट्वेंटी -बीस अंतरराष्ट्रीय में अंपायरिंग की नियुक्ति करती है। यह आईसीसी आचार संहिता, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए अनुशासन के पेशेवर मानकों का सेट घोषणा, और भी भ्रष्टाचार के खिलाफ और समन्वित कार्रवाई मैच फिक्सिंग अपनी भ्रष्टाचार निरोधक और सुरक्षा इकाई के माध्यम से। आईसीसी के सदस्य देशों के बीच द्विपक्षीय टूर्नामेंट पर नियंत्रण नहीं है, यह सदस्य देशों में घरेलू क्रिकेट का शासन नहीं है और यह खेल का कानून है, जो मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब के नियंत्रण में रहने के लिए नहीं है। अध्यक्ष निर्देशकों की और छब्बीस जून दो हज़ार चौदह के बोर्ड के प्रमुख एन श्रीनिवासन, बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष, परिषद के अध्यक्ष के रूप में पहले की घोषणा की थी। आईसीसी अध्यक्ष की भूमिका काफी हद तक एक मानद स्थिति बन गया है के बाद से अध्यक्ष की भूमिका और अन्य परिवर्तन की स्थापना दो हज़ार चौदह में आईसीसी के संविधान में किए गए थे। यह दावा किया गया है कि दो हज़ार चौदह में परिवर्तन तथाकथित 'बिग थ्री' इंग्लैंड, भारत और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रों को नियंत्रण सौंप दिया है। मौजूदा आईसीसी अध्यक्ष जहीर अब्बास, जो जून दो हज़ार पंद्रह में नियुक्त किया गया था अप्रैल दो हज़ार पंद्रह में मुस्तफा कमाल के इस्तीफे के बाद है। कमल, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष, दो हज़ार पंद्रह विश्व कप के बाद शीघ्र ही इस्तीफा दे दिया है, संगठन का दावा है दोनों असंवैधानिक और अवैध चल रही है। वर्तमान सीईओ डेविड रिचर्डसन है। अप्रैल दो हज़ार अट्ठारह में, आईसीसी ने घोषणा की कि वह एक जनवरी दो हज़ार उन्नीस से अपने सभी एक सौ चार सदस्यों को ट्वेन्टी-बीस अंतरराष्ट्रीय की मान्यता प्रदान करेगी। . एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का पहले संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह इंग्लैंड में सात-इक्कीस जून एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार सात सौ तिरानवे.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच साठ ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल वेस्ट इंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच था, और वेस्ट इंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे सत्रह रन से पराजित कर पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार उनचास.html . एक हज़ार नौ सौ उन्यासी क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का दूसरा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह इंग्लैंड में नौ-तेईस जून एक हज़ार नौ सौ उन्यासी को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार आठ सौ छः.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच साठ ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड के बीच था, और वेस्ट इंडीज ने इंग्लैंड को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे बानवे रन से पराजित कर अपना निरंतर दूसरा क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार तिरेसठ.html . एक हज़ार नौ सौ तिरासी क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का तीसरा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह इंग्लैंड में नौ-पच्चीस जून एक हज़ार नौ सौ तिरासी को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार आठ सौ बत्तीस.html टूर्नामेंट प्रूडेंशियल इंश्योरेंस कंपनी द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच साठ ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेला गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल भारत और वेस्ट इंडीज के बीच था, और भारत ने वेस्ट इंडीज को लॉर्ड्स मे खेले गए फाइनल मे तैंतालीस रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार नब्बे.html . एक हज़ार नौ सौ बानवे क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का पांचवां संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बाईस फरवरी से पच्चीस मार्च एक हज़ार नौ सौ बानवे को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार नौ सौ चौबीस.html टूर्नामेंट बेंसन एंड हेजेज द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे नौ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच पचास ओवर प्रति टीम का था और रंगीन कपड़ों में और सफेद गेंदों के साथ खेली गया था और अधिकतम मैच दूधिया रोशनी के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच था, और पाकिस्तान ने इंग्लैंड को मेलबोर्न क्रिकेट ग्रांउड मे खेले गए फाइनल मे बाईस रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार एक सौ छप्पन.html . एक हज़ार नौ सौ छियानवे क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का छठा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह पाकिस्तान, भारत और श्रीलंका में चौदह फरवरी से सत्रह मार्च एक हज़ार नौ सौ छियानवे को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार नौ सौ इक्यासी.html टूर्नामेंट विल्स द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे बारह टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच पचास ओवर प्रति टीम का था और रंगीन कपड़ों में और सफेद गेंदों के साथ खेली गया था और अधिकतम मैच दूधिया रोशनी के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के बीच था, और श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को गद्दाफी स्टेडियम मे खेले गए फाइनल मे सात विकेट से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार एक सौ बानवे.html . दो हज़ार तीन क्रिकेट विश्व कप क्रिकेट विश्व कप का आठवां संस्करण था जिसका संगठन आईसीसी ने किया था। इस विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ्रीका,ज़िम्बाब्वे तथा केन्या ने मिलकर किया था। दो हज़ार तीन विश्व कप की शुरुआत नौ फ़रवरी को हुई थी तथा तेईस मार्च दो हज़ार तीन को फाइनल मैच भारत तथा ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था। यह पहला संस्करण था जो अफ्रीका में खेला गया था। दो हज़ार तेरह विश्व कप में कुल चौदह क्रिकेट टीमों ने हिस्सा लिया था, जो कि सबसे ज्यादा टीमें थी जिन्होंने विश्व कप में हिस्सा लिया तथा कुल चौवन मैच खेले गए थे। एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे क्रिकेट विश्व कप के आधार पर दो ग्रुप बनाए गए थे। ग्रुप की उच्च तीन टीमों ने क्वालिफाई किया था। टूर्नामेंट का फाइनल ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच था, और ऑस्ट्रेलिया ने भारत को वेंडरर्स मे खेले गए फाइनल मे एक सौ पच्चीस रनों से पराजित कर अपना तृतीय क्रिकेट विश्व कप जीता। . दो हज़ार सात ICC क्रिकेट विश्व कप, टूर्नामेंट का नौवां संस्करण था और इसे तेरह मार्च से अट्ठाईस अप्रैल दो हज़ार सात तक वेस्ट इंडीज़ में, खेल के एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में खेला गया. आईसीसी क्रिकेट विश्व कप दो हज़ार ग्यारह, दसवां क्रिकेट विश्व कप था और इसकी मेजबानी टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले तीन दक्षिण एशियाई देशों द्वारा की गई थीः भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश. आईसीसी क्रिकेट विश्व कप दो हज़ार पंद्रह, ग्यारह वाँ आईसीसी क्रिकेट विश्व कप था, और इसकी मेजबानी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड द्वारा मिलकर की गई। यह दो हज़ार पंद्रह फ़रवरी चौदह - मार्च उनतीस तक चला जिसके दौरान उनचास मैच चौदह स्थानों में खेले गए। छब्बीस मैच ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड, ब्रिस्बेन, कैनबरा, होबार्ट, मेलबोर्न, पर्थ और सिडनी में आयोजित किए गए तथा तेईस मैच न्यूजीलैंड के ऑकलैंड, क्राइस्टचर्च, डुनेडिन, हैमिल्टन, नेपियर, नेल्सन और वेलिंग्टन में हुए। टूर्नामेंट का फाइनल मेलबोर्न क्रिकेट ग्रांउड पर खेला गया और इसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। . दो हज़ार उन्नीस क्रिकेट विश्व कप इंग्लैंड और वेल्स द्वारा आयोजित किया जाएगा। यह बारहवें क्रिकेट विश्व कप प्रतियोगिता होगी और पांचवीं बार यह इंग्लैंड और वेल्स में आयोजित किया जाएगा। . दो हज़ार तेईस क्रिकेट विश्व कप इसकी मेजबानी अकेला भारत करेगा। यह घोषणा जून दो हज़ार तेरह में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की लंदन में वार्ता के दौरान की गई। दो हज़ार तेईस क्रिकेट विश्व कप तेरहवाँ विश्व कप है तथा भारत चौथी बार मेजबानी कर रहा है। . एक हज़ार नौ सौ सत्तासी क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का चौथा संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह भारत और पाकिस्तान में आठ अक्टूबर-आठ नवंबर एक हज़ार नौ सौ सत्तासी को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार आठ सौ छिहत्तर.html टूर्नामेंट रिलायन्स इण्डस्ट्रीज द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच पचास ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेली गया था और सरे मैच दिन के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच था, और ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को इडेन गार्डेंस में खेले गए फाइनल में सात रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार एक सौ सत्रह.html . एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का सातवाँ संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह इंगलैंड, स्कॉटलैंड, आयरलैंड, नीदरलैंड और वेल्स में चौदह मई से बीस जून एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/content/series/इकसठ हज़ार छियालीस.html?template. यहां पुनर्निर्देश करता हैः विश्व कप क्रिकेट, विश्वकप क्रिकेट, क्रिकेट वर्ल्ड कप, क्रिकेट विश्व कप।
महात्मा कहते हैं सदा सत्य की ही जय होती है, झूठ की नहीं । यदि तुम उन पर प्रेम करते हो जो तुम पर प्रेम करते है, तो इसमे बड़ाई ही क्या है । यदि तुम उसे नमस्कार करते हो जो तुम को अभिवादन करता है, तो इसमे बड़ाई ही क्या है ? अपने शत्रु से भी प्रेम करो । जो रोगी नहीं उसे वैद्य की आवश्यकता नहीं । जो रोगी है उसे ही वैद्य की जब तक दाना गलता नहीं वह अकेला ही रहता है । गलने पर ही उसे बहुत से दाने लगते है । तुम व्यभिचार न करो । जो किसी स्त्री को व्यभिचार की दृष्टि से देखता है, वह हृदय में पहले ही उसके साथ व्यभिचार कर चुका है। जो न्याय के लिए दु.ख उठाते है वे धन्य है, क्योंकि उनके लिए स्वर्ग का राज्य है । जब लोग तुम्हारी झूठे ही निन्दा करे तो इसे ईश्वर का शीर्वाद समझो । प्रसन्न हो, क्योंकि स्वर्ग में तुम्हारा पुरस्कार बहुत बड़ा है । शरीर को कष्ट देने वाले से मत डरो, वरन् शरीर तथा आत्मा को नरक मे नष्ट करने वाले से डरो ।
महात्मा कहते हैं सदा सत्य की ही जय होती है, झूठ की नहीं । यदि तुम उन पर प्रेम करते हो जो तुम पर प्रेम करते है, तो इसमे बड़ाई ही क्या है । यदि तुम उसे नमस्कार करते हो जो तुम को अभिवादन करता है, तो इसमे बड़ाई ही क्या है ? अपने शत्रु से भी प्रेम करो । जो रोगी नहीं उसे वैद्य की आवश्यकता नहीं । जो रोगी है उसे ही वैद्य की जब तक दाना गलता नहीं वह अकेला ही रहता है । गलने पर ही उसे बहुत से दाने लगते है । तुम व्यभिचार न करो । जो किसी स्त्री को व्यभिचार की दृष्टि से देखता है, वह हृदय में पहले ही उसके साथ व्यभिचार कर चुका है। जो न्याय के लिए दु.ख उठाते है वे धन्य है, क्योंकि उनके लिए स्वर्ग का राज्य है । जब लोग तुम्हारी झूठे ही निन्दा करे तो इसे ईश्वर का शीर्वाद समझो । प्रसन्न हो, क्योंकि स्वर्ग में तुम्हारा पुरस्कार बहुत बड़ा है । शरीर को कष्ट देने वाले से मत डरो, वरन् शरीर तथा आत्मा को नरक मे नष्ट करने वाले से डरो ।
शास्त्र कहते हैं कि अगर आपके शरीर में कोई कष्ट है, कोई बीमारी है, या आप शारीरिक रूप से कमजोर हैं, तो आपको सुबह स्नान करने के बाद भगवान सूर्य की आराधना करनी चाहिए, और उन्हें जल अर्पित करना चाहिए। इससे आपके शरीर की दुर्बलता, रुग्णता समाप्त होती है, और आपके चेहरे पर तेज आता है। वहीं अगर आप वैज्ञानिक रूप से भी इसको देखें, तो आप पाएंगे कि स्नान के बाद सुबह की गुनगुनी धूप में अगर आप थोड़ी देर तक खड़े हों, तो सूर्य की रोशनी से प्राप्त होने वाली विटामिन डी आपके के शरीर की हड्डियों के लिए बेहद लाभकारी होता है। अगर आप सूर्य देवता को जल अर्पित करने जा रहे हैं, एवं जल अर्पित करने वाला पात्र अगर तांबे का बना हो, तो इसका बहुत फायदा होता है। तांबा एक ऐसी धातु है, जिससे जल अर्पित करने पर सूर्य की रोशनी जब जल पर पड़ती है, तो वह रोशनी 7 किरणों में विभाजित हो जाती है। इन 7 किरणों के प्रभाव से मनुष्य के शरीर की नकारात्मक शक्ति बाहर निकल जाती है, और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होने लगता है। अगर आप नियमित तौर पर भगवान सूर्य को जल अर्पित करते हैं, तो इससे आपके अंदर धीरे-धीरे अहंकार, क्रोध और तनाव जैसी विकृतियों में कमी आने लगती है, तथा आपका जीवन अनुशासित होने लग जाता है।
शास्त्र कहते हैं कि अगर आपके शरीर में कोई कष्ट है, कोई बीमारी है, या आप शारीरिक रूप से कमजोर हैं, तो आपको सुबह स्नान करने के बाद भगवान सूर्य की आराधना करनी चाहिए, और उन्हें जल अर्पित करना चाहिए। इससे आपके शरीर की दुर्बलता, रुग्णता समाप्त होती है, और आपके चेहरे पर तेज आता है। वहीं अगर आप वैज्ञानिक रूप से भी इसको देखें, तो आप पाएंगे कि स्नान के बाद सुबह की गुनगुनी धूप में अगर आप थोड़ी देर तक खड़े हों, तो सूर्य की रोशनी से प्राप्त होने वाली विटामिन डी आपके के शरीर की हड्डियों के लिए बेहद लाभकारी होता है। अगर आप सूर्य देवता को जल अर्पित करने जा रहे हैं, एवं जल अर्पित करने वाला पात्र अगर तांबे का बना हो, तो इसका बहुत फायदा होता है। तांबा एक ऐसी धातु है, जिससे जल अर्पित करने पर सूर्य की रोशनी जब जल पर पड़ती है, तो वह रोशनी सात किरणों में विभाजित हो जाती है। इन सात किरणों के प्रभाव से मनुष्य के शरीर की नकारात्मक शक्ति बाहर निकल जाती है, और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होने लगता है। अगर आप नियमित तौर पर भगवान सूर्य को जल अर्पित करते हैं, तो इससे आपके अंदर धीरे-धीरे अहंकार, क्रोध और तनाव जैसी विकृतियों में कमी आने लगती है, तथा आपका जीवन अनुशासित होने लग जाता है।
- सोनभद्र में जमीन के विवाद में मारे गए आदिवासियों की घटना पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस घटना से यह साबित हो चुका है कि कानून व्यवस्था के मोर्चे पर यूपी सरकार पूरी तरह फेल साबित हो चुकी है। उन्होंने नरसंहार के लिए सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार जनता की सुरक्षा में अपनी विफलता को छिपाने के लिए धारा 144 का सहारा लेकर किसी को सोनभद्र नहीं जाने दे रही है फिर भी उचित समय पर वहां जाकर पीड़ितों की यथासंभव मदद कराने का बीएसपी विधानमण्डल दल को निर्देश दिया गया है। वहीं, प्रियंका गांधी के सोनभद्र जाने पर मायावती ने कहा कि देश में आये दिन आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचार के लिए केन्द्र में रही कांग्रेस व अब भाजपा सरकार बराबर की जिम्मेदार हैं। जो भी पार्टी सत्ता से बाहर रहती है वह इनका शोषण होने पर घड़ियाली आंसू बहाती है। यूपी के सोनभद्र में आदिवासी समाज का उत्पीड़न व शोषण, उनकी जमीन से बेदखली व अब नरसंहार स्टेट बीजेपी सरकार की कानून-व्यवस्था के मामले में फेल होने का पक्का प्रमाण। यूपी ही नहीं देश की जनता भी इन सबसे अति-चिन्तित जबकि बीएसपी की सरकार में एसटी तबके के हितों का भी खास ख्याल रखा गया।
- सोनभद्र में जमीन के विवाद में मारे गए आदिवासियों की घटना पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी की भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस घटना से यह साबित हो चुका है कि कानून व्यवस्था के मोर्चे पर यूपी सरकार पूरी तरह फेल साबित हो चुकी है। उन्होंने नरसंहार के लिए सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार जनता की सुरक्षा में अपनी विफलता को छिपाने के लिए धारा एक सौ चौंतालीस का सहारा लेकर किसी को सोनभद्र नहीं जाने दे रही है फिर भी उचित समय पर वहां जाकर पीड़ितों की यथासंभव मदद कराने का बीएसपी विधानमण्डल दल को निर्देश दिया गया है। वहीं, प्रियंका गांधी के सोनभद्र जाने पर मायावती ने कहा कि देश में आये दिन आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचार के लिए केन्द्र में रही कांग्रेस व अब भाजपा सरकार बराबर की जिम्मेदार हैं। जो भी पार्टी सत्ता से बाहर रहती है वह इनका शोषण होने पर घड़ियाली आंसू बहाती है। यूपी के सोनभद्र में आदिवासी समाज का उत्पीड़न व शोषण, उनकी जमीन से बेदखली व अब नरसंहार स्टेट बीजेपी सरकार की कानून-व्यवस्था के मामले में फेल होने का पक्का प्रमाण। यूपी ही नहीं देश की जनता भी इन सबसे अति-चिन्तित जबकि बीएसपी की सरकार में एसटी तबके के हितों का भी खास ख्याल रखा गया।
सैफ अली खान और अमृता सिंह की लाड़ली सारा अली खान ने फिल्म केदारनाथ से डेब्यू किया था। अपनी पहली फिल्म से ही वो दर्शकों के दिल को जीतने में कामयाब हो गई। जिसके बाद सारा अली खान लगातार खबरों में बनी रहती है। सैफ अली खान की स्टाइलिश बेटी की हर बात पर गौर किया जाता है। चाहें उसमे सारा का स्पॉट होना हो या किसी के लिए कोई बात करना। 'कॉफी विद करण' में भी हम सारा और सैफ अली खान के मस्त बाप बेटी वाले डुओ को देख ही चुके हैं की वो एक दूसरे को कितना सपोर्ट करते हैं। फिल्म फेयर मैगजीन को सीधे इंटरव्यू में सारा अली खान ने कहा.... मैं हमेशा से ही करीना कपूर की एक बड़ी फैन रही हूं। ये जानकर मुझे खुशी होती है की, 'कभी खुशी कभी गम' की पू मेरी सौतेली माँ है। हमेशा लोग मुझसे मेरे और करीना के रिश्ते पर सवाल पूछते है तो मैं आपको बता दूं की, मैं और करीना एक बहुत अच्छे दोस्त है। करीना इतनी हॉट एंड सेक्सी है की अभी उनको मॉम कहना अच्छा नहीं लगता है। दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी के बाद, मैं करीना कपूर की प्रशंसक रही हूं। करीना की हर चीज़ परफेक्ट होती है चाहे वो उनका ड्रेसिंग सेंस हो या मेरे पिता सैफ अली खान से शादी करना। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं मेरे पिता की खुशी में ही मेरी खुशी है। वो हमसे (सैफ अली खान) प्यार करते है और मैं उनसे। मेरे लिए करीना को प्यार करना और स्वीकार करना काफी आसान रहा है क्योंकि मेरे पास एक माँ है, जो मुझे सब कुछ ठीक महसूस कराती है। वह मुझे करीना के साथ अपने पिता की शादी के लिए तैयार करती है। इसलिए जब आपकी माँ कहे, ये इयररिंग्स मत पहनो ये पहनो.... . तो घर का माहौल ही कुछ और है। आपको बता दें सारा अली खान जल्द ही अपने पिता सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की लव आज कल के सीक्वल में कार्तिक आर्यन के साथ नजर आने वाली हैं। हालांकि अभी इम्तियाज अली की तरफ से फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सैफ अली खान और अमृता सिंह की लाड़ली सारा अली खान ने फिल्म केदारनाथ से डेब्यू किया था। अपनी पहली फिल्म से ही वो दर्शकों के दिल को जीतने में कामयाब हो गई। जिसके बाद सारा अली खान लगातार खबरों में बनी रहती है। सैफ अली खान की स्टाइलिश बेटी की हर बात पर गौर किया जाता है। चाहें उसमे सारा का स्पॉट होना हो या किसी के लिए कोई बात करना। 'कॉफी विद करण' में भी हम सारा और सैफ अली खान के मस्त बाप बेटी वाले डुओ को देख ही चुके हैं की वो एक दूसरे को कितना सपोर्ट करते हैं। फिल्म फेयर मैगजीन को सीधे इंटरव्यू में सारा अली खान ने कहा.... मैं हमेशा से ही करीना कपूर की एक बड़ी फैन रही हूं। ये जानकर मुझे खुशी होती है की, 'कभी खुशी कभी गम' की पू मेरी सौतेली माँ है। हमेशा लोग मुझसे मेरे और करीना के रिश्ते पर सवाल पूछते है तो मैं आपको बता दूं की, मैं और करीना एक बहुत अच्छे दोस्त है। करीना इतनी हॉट एंड सेक्सी है की अभी उनको मॉम कहना अच्छा नहीं लगता है। दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी के बाद, मैं करीना कपूर की प्रशंसक रही हूं। करीना की हर चीज़ परफेक्ट होती है चाहे वो उनका ड्रेसिंग सेंस हो या मेरे पिता सैफ अली खान से शादी करना। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं मेरे पिता की खुशी में ही मेरी खुशी है। वो हमसे प्यार करते है और मैं उनसे। मेरे लिए करीना को प्यार करना और स्वीकार करना काफी आसान रहा है क्योंकि मेरे पास एक माँ है, जो मुझे सब कुछ ठीक महसूस कराती है। वह मुझे करीना के साथ अपने पिता की शादी के लिए तैयार करती है। इसलिए जब आपकी माँ कहे, ये इयररिंग्स मत पहनो ये पहनो.... . तो घर का माहौल ही कुछ और है। आपको बता दें सारा अली खान जल्द ही अपने पिता सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की लव आज कल के सीक्वल में कार्तिक आर्यन के साथ नजर आने वाली हैं। हालांकि अभी इम्तियाज अली की तरफ से फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
नीदर परिधान हास पर सुन्दर है, सूयं-धन्द्र युग मुकुद, भरता है। मनरावृल सारे मटन ६, शप-पन' ।महामन है । साहित्य - प्रदीप (१) मातृभूमि 47 श्रमिपा पादः बालापा हम तृसत्य / समुद्र सवश की ।। ईनी है। जिसकी रज मे लोट लौट कर बड़े हुए घुटनों के बल सरक सरक कर हुए है परमहंस-सम बाल्यकाल में सब-सुम्य जिसके कारण "धूलभरे हीरें" कहलाए । इम सेने-कूदे दर्पयुत जिसकी प्यारी गोद में, ६] मातृभूमि तुझको निरस मग्न क्यों न हैं। मोद में ॥ हमें जीवनाधार अन्न तू ही देती है, बदले में कुछ नहीं किसी से तू लेती है। श्रेष्ठ एक से एक विविध द्रष्यों के द्वारा पोषण करती प्रेम-भाव से सदा हमारा । हे मातृभूमि उपजेन जो तुझमे कृषि-अंकुर कमी, तो तड़प तडर कर जनरेशन में हम सभी ।। ( ४ ) पाकर तुझमे सभी सुखों को हमने भोगा, तेरा प्रत्युपकार कमी पया हमसे होगा ? तेरी हां यह देही से बनी हुई है, यस सेरे हो सुरस-सार से सनो हुई है। फिर अंत-समय तू ही इसे अयज्ञ देख अपनायगो, हे मातृभूमि ! यह मंस में तुझमें हो मिल जायगो ॥
नीदर परिधान हास पर सुन्दर है, सूयं-धन्द्र युग मुकुद, भरता है। मनरावृल सारे मटन छः, शप-पन' ।महामन है । साहित्य - प्रदीप मातृभूमि सैंतालीस श्रमिपा पादः बालापा हम तृसत्य / समुद्र सवश की ।। ईनी है। जिसकी रज मे लोट लौट कर बड़े हुए घुटनों के बल सरक सरक कर हुए है परमहंस-सम बाल्यकाल में सब-सुम्य जिसके कारण "धूलभरे हीरें" कहलाए । इम सेने-कूदे दर्पयुत जिसकी प्यारी गोद में, छः] मातृभूमि तुझको निरस मग्न क्यों न हैं। मोद में ॥ हमें जीवनाधार अन्न तू ही देती है, बदले में कुछ नहीं किसी से तू लेती है। श्रेष्ठ एक से एक विविध द्रष्यों के द्वारा पोषण करती प्रेम-भाव से सदा हमारा । हे मातृभूमि उपजेन जो तुझमे कृषि-अंकुर कमी, तो तड़प तडर कर जनरेशन में हम सभी ।। पाकर तुझमे सभी सुखों को हमने भोगा, तेरा प्रत्युपकार कमी पया हमसे होगा ? तेरी हां यह देही से बनी हुई है, यस सेरे हो सुरस-सार से सनो हुई है। फिर अंत-समय तू ही इसे अयज्ञ देख अपनायगो, हे मातृभूमि ! यह मंस में तुझमें हो मिल जायगो ॥
चहनिया। रानेपुर पंचायत भवन पर सरिता जन सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में अध्यक्ष डॉ0 सरिता मौर्य के द्वारा अंतराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी सतीश चन्द्र त्रिपाठी व विशिष्ट अतिथि बलुआ थाने के एस आई राजकुमार शुक्ला व उपस्थित बुजुर्ग, विधवा महिलाओं को डॉ0 सरिता मौर्य द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि खण्ड बिकास अधिकारी ने कहा कि महिलाओं का सम्मान करना हम सबका फर्ज है। महिला भी समाज मे अहम भूमिका निभाती है। महिलाओं पर उत्पीडऩ बन्द करना होग। क्योंकि ये हमारी मां, बहन, बेटी है। इनको देवी का रूप कहा गया है । नारी का सम्मान ही समाज मे जीने का अधिकार देती है महिलाओं का सम्मान तभी है जब उनको हर जगह समाज अधिकार मिले और समाज में उनका सम्मान हो। आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही। लेकिन गृहणी महिलाएं आज भी हिंसा पर उत्पीडऩ का शिकार हो रही है। जिनको जागरुक होना होगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अन्जू, रामलाल, शिवदत्त पाण्डेय, आंचल सिंह, अविनाश, प्रशान्त, देवमती, सुशीला, सुधा, अनिल अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन राजेन्द्र पाण्डेय ने किया।
चहनिया। रानेपुर पंचायत भवन पर सरिता जन सेवा ट्रस्ट के तत्वाधान में अध्यक्ष डॉशून्य सरिता मौर्य के द्वारा अंतराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी सतीश चन्द्र त्रिपाठी व विशिष्ट अतिथि बलुआ थाने के एस आई राजकुमार शुक्ला व उपस्थित बुजुर्ग, विधवा महिलाओं को डॉशून्य सरिता मौर्य द्वारा अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि खण्ड बिकास अधिकारी ने कहा कि महिलाओं का सम्मान करना हम सबका फर्ज है। महिला भी समाज मे अहम भूमिका निभाती है। महिलाओं पर उत्पीडऩ बन्द करना होग। क्योंकि ये हमारी मां, बहन, बेटी है। इनको देवी का रूप कहा गया है । नारी का सम्मान ही समाज मे जीने का अधिकार देती है महिलाओं का सम्मान तभी है जब उनको हर जगह समाज अधिकार मिले और समाज में उनका सम्मान हो। आज महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही। लेकिन गृहणी महिलाएं आज भी हिंसा पर उत्पीडऩ का शिकार हो रही है। जिनको जागरुक होना होगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अन्जू, रामलाल, शिवदत्त पाण्डेय, आंचल सिंह, अविनाश, प्रशान्त, देवमती, सुशीला, सुधा, अनिल अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन राजेन्द्र पाण्डेय ने किया।
महानायक अमिताभ बच्चन के एक खास पहलू आपसे शेयर करते हैं। 12वीं करने के बाद उन्होंने साइंस पढने की इच्छा जताई, लेकिन उस कोर्स में उन्हें एडमिशन नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने दूसरे कोर्स में नामांकन कराया। उस समय पिता हरिवंश राय बच्चन ने कहा था कि जो मन का हो अच्छा और जो मन का न हो वह और भी अच्छा। क्योंकि मन का होने से संतोष मिलता है और जो मन का नहीं होता, उसका मतलब ईश्वर की इससे ज्यादा करने की इच्छा है।
महानायक अमिताभ बच्चन के एक खास पहलू आपसे शेयर करते हैं। बारहवीं करने के बाद उन्होंने साइंस पढने की इच्छा जताई, लेकिन उस कोर्स में उन्हें एडमिशन नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने दूसरे कोर्स में नामांकन कराया। उस समय पिता हरिवंश राय बच्चन ने कहा था कि जो मन का हो अच्छा और जो मन का न हो वह और भी अच्छा। क्योंकि मन का होने से संतोष मिलता है और जो मन का नहीं होता, उसका मतलब ईश्वर की इससे ज्यादा करने की इच्छा है।
जमता जायगा उतना ही स्पष्ट साक्षात्कार उसे अपने भीतर होगा और वह 'ज्ञान' के पथ पर अग्रसर होता जायगा । मोह का बघन कर्म के साधनों से टूटता नही, वरन् और भी दृहतर होता जाता है । जीव को जाग्रतावस्था मे तभी समझना चाहिए जबकि उसे सासारिक वासनाओं से विरक्ति और इन्द्रिय व्यापारो से घृणा हो जाए । जानहिं तबह जीव जग जागा । जब सब विषय विलास विरागा ॥ वैषयिक उपेक्षा परमार्थ साधन का मार्ग दुर्गम है । मन के अन्तर में प्रज्वलित ज्ञान-दीप विषय की बयार से प्राय बुझ जाया करता है और इस प्रकार उसके मन का अन्धकार कभी विच्छिन्न नही होने पाता । ज्ञानाभिमानी साधक विषयों में फंसकर अपना सर्वनाग कर लेते है । इन्द्रिन्ह सुरन्ह न ज्ञान सोहाई । विषय भोग पर प्रीति सदाई ॥ मनुष्य का सब से प्रवल शत्रु है 'काम', जो उसे सदैव पतनोन्मुख करता है । 'पैराडाइज़ लास्ट' के नवम् परिच्छेद मे मिल्टन नं आदम और ईव मे 'ज्ञान का फल' चलते ही कुत्सित काम-वासनाओं का जाग्रत होना वर्णित किया है, जो उनके सर्वनाश और स्वर्गीय सुखों से वंचित होने का प्रमुख कारण है । "मानो एक नई मादकता से मत्त होकर वे दोनों आनन्द-सागर में तैरने से लगे । उनमें ऐसी स्फूर्ति जाग्रत हुई जैसे पंखों पर उड़कर उन्होंने सारो पृथ्वी को नाप कर फेंक दिया हो । उस सर्वनाशी फल के चखते ही अन्य बाह्य-विकारों को अपेक्ष। उनमें इन्द्रिय-लिप्सा तीव्र हो उठी । आदम ने ललचाई दृष्टि से ईव को देखा । ईव ने चपल कटाक्षों से उसका स्वागत किया। काम-वासना से उनका शरीर जलने लगा । अन्त में आदम ने ईव को इस प्रकार उत्प्रेरित किया-'आओ, इतना स्वादिष्ट फल खाकर समयोचित आमोद-प्रमोद में प्रवृत्त हो जायं । शरीर और मन कितना स्वस्थ है। जब से मैने तुझे देखा और विवाह किया है तब से आज तक तेरे सौन्दर्य को इतना कामोत्तेजक नहीं पाया । मेरी समस्त इन्द्रियां तुझसे मिलने को आकुल है । इस वृक्ष का गुणकारी फल खाकर तू पहले से बहुत सुन्दर हो गई है ।" ऐसा कहकर अपनी उद्दीप्त कामवासन, ओ की पूर्ति के लिए, जिसे कि ईव भलीभांति समझ रही थी और जिसकी आंखें कामाग्नि-वर्षा सी कर रही थींवह उसका हाथ पकड़ कर एक जलाशय के किनारे की शीतल, सघन छाया में
जमता जायगा उतना ही स्पष्ट साक्षात्कार उसे अपने भीतर होगा और वह 'ज्ञान' के पथ पर अग्रसर होता जायगा । मोह का बघन कर्म के साधनों से टूटता नही, वरन् और भी दृहतर होता जाता है । जीव को जाग्रतावस्था मे तभी समझना चाहिए जबकि उसे सासारिक वासनाओं से विरक्ति और इन्द्रिय व्यापारो से घृणा हो जाए । जानहिं तबह जीव जग जागा । जब सब विषय विलास विरागा ॥ वैषयिक उपेक्षा परमार्थ साधन का मार्ग दुर्गम है । मन के अन्तर में प्रज्वलित ज्ञान-दीप विषय की बयार से प्राय बुझ जाया करता है और इस प्रकार उसके मन का अन्धकार कभी विच्छिन्न नही होने पाता । ज्ञानाभिमानी साधक विषयों में फंसकर अपना सर्वनाग कर लेते है । इन्द्रिन्ह सुरन्ह न ज्ञान सोहाई । विषय भोग पर प्रीति सदाई ॥ मनुष्य का सब से प्रवल शत्रु है 'काम', जो उसे सदैव पतनोन्मुख करता है । 'पैराडाइज़ लास्ट' के नवम् परिच्छेद मे मिल्टन नं आदम और ईव मे 'ज्ञान का फल' चलते ही कुत्सित काम-वासनाओं का जाग्रत होना वर्णित किया है, जो उनके सर्वनाश और स्वर्गीय सुखों से वंचित होने का प्रमुख कारण है । "मानो एक नई मादकता से मत्त होकर वे दोनों आनन्द-सागर में तैरने से लगे । उनमें ऐसी स्फूर्ति जाग्रत हुई जैसे पंखों पर उड़कर उन्होंने सारो पृथ्वी को नाप कर फेंक दिया हो । उस सर्वनाशी फल के चखते ही अन्य बाह्य-विकारों को अपेक्ष। उनमें इन्द्रिय-लिप्सा तीव्र हो उठी । आदम ने ललचाई दृष्टि से ईव को देखा । ईव ने चपल कटाक्षों से उसका स्वागत किया। काम-वासना से उनका शरीर जलने लगा । अन्त में आदम ने ईव को इस प्रकार उत्प्रेरित किया-'आओ, इतना स्वादिष्ट फल खाकर समयोचित आमोद-प्रमोद में प्रवृत्त हो जायं । शरीर और मन कितना स्वस्थ है। जब से मैने तुझे देखा और विवाह किया है तब से आज तक तेरे सौन्दर्य को इतना कामोत्तेजक नहीं पाया । मेरी समस्त इन्द्रियां तुझसे मिलने को आकुल है । इस वृक्ष का गुणकारी फल खाकर तू पहले से बहुत सुन्दर हो गई है ।" ऐसा कहकर अपनी उद्दीप्त कामवासन, ओ की पूर्ति के लिए, जिसे कि ईव भलीभांति समझ रही थी और जिसकी आंखें कामाग्नि-वर्षा सी कर रही थींवह उसका हाथ पकड़ कर एक जलाशय के किनारे की शीतल, सघन छाया में
भारत और इंग्लैंड के बीच रविवार को सीरीज के तीसरे और अंतिम वनडे मैच पर सभी की निगाहें हैं। इस महत्पूर्ण मैच से ठीक पहले विराट कोहली को कूल अंदाज में बड़े ही लाइट मूड में देखा गया। India vs England 3rd ODI: भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली पिछले कुछ वक्त से बल्ले से खराब दौर से गुजर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत से इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी के बाद से भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली सभी फॉर्मेट टेस्ट, वनडे और टी-20 में 20 रन का आंकड़ा पार करने में विफल रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में भी विराट कोहली मजबूत शुरुआत के बावजूद 16 रन पर आउट हो गए थे। रविवार को सीरीज के निर्णायक मुकाबले में जब टीम इंडिया इंग्लैंड से भिड़ेगी तो सभी की नजरें एकबार फिर विराट कोहली पर ही होंगी। मैनचेस्टर के मैदान पर अंतिम वनडे मैच से पहले, कोहली अभ्यास सत्र के दौरान मस्ती भरे मूड में नजर आए। विराट कोहली ने पानी पीते-पीते कैमरे के सामने जबरदस्त डांस किया और कैमरे की और खुशी भरे थोड़े अजीब इशारे भी किए। कोहली को बल्ले के साथ उनके खराब प्रदर्शन के लिए हर तरफ से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, बावजूद इसके विराट कोहली मैदान पर जोश के मूड में रहते हैं। पिछले हफ्ते इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे T20I के दौरान, कोहली ने लॉन्ग-ऑन बाउंड्री पर फील्डिंग करते हुए फैंस के साथ बातचीत की और भीड़ के साथ डांस भी किया। बता दें कि पूर्व भारतीय कप्तान नवंबर 2019 से शतक बनाने में नाकाम रहे हैं। जहां एक ओर उनकी जमकर आलोचना हो रही है वहीं दूसरी तरफ बाबर आजम, केविन पीटरसन, शोएब अख्तर सहित तमाम दिग्गज खिलाड़ी कोहली के सपोर्ट में सामने आए हैं।
भारत और इंग्लैंड के बीच रविवार को सीरीज के तीसरे और अंतिम वनडे मैच पर सभी की निगाहें हैं। इस महत्पूर्ण मैच से ठीक पहले विराट कोहली को कूल अंदाज में बड़े ही लाइट मूड में देखा गया। India vs England तीनrd ODI: भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली पिछले कुछ वक्त से बल्ले से खराब दौर से गुजर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत से इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी के बाद से भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली सभी फॉर्मेट टेस्ट, वनडे और टी-बीस में बीस रन का आंकड़ा पार करने में विफल रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में भी विराट कोहली मजबूत शुरुआत के बावजूद सोलह रन पर आउट हो गए थे। रविवार को सीरीज के निर्णायक मुकाबले में जब टीम इंडिया इंग्लैंड से भिड़ेगी तो सभी की नजरें एकबार फिर विराट कोहली पर ही होंगी। मैनचेस्टर के मैदान पर अंतिम वनडे मैच से पहले, कोहली अभ्यास सत्र के दौरान मस्ती भरे मूड में नजर आए। विराट कोहली ने पानी पीते-पीते कैमरे के सामने जबरदस्त डांस किया और कैमरे की और खुशी भरे थोड़े अजीब इशारे भी किए। कोहली को बल्ले के साथ उनके खराब प्रदर्शन के लिए हर तरफ से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, बावजूद इसके विराट कोहली मैदान पर जोश के मूड में रहते हैं। पिछले हफ्ते इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे TबीसI के दौरान, कोहली ने लॉन्ग-ऑन बाउंड्री पर फील्डिंग करते हुए फैंस के साथ बातचीत की और भीड़ के साथ डांस भी किया। बता दें कि पूर्व भारतीय कप्तान नवंबर दो हज़ार उन्नीस से शतक बनाने में नाकाम रहे हैं। जहां एक ओर उनकी जमकर आलोचना हो रही है वहीं दूसरी तरफ बाबर आजम, केविन पीटरसन, शोएब अख्तर सहित तमाम दिग्गज खिलाड़ी कोहली के सपोर्ट में सामने आए हैं।
दुनिया में दो दिग्गज कंपनियां Apple और Samsung का नाम आता हैं और इनके स्मार्टफोन्स के बीच शुरू से तगड़ा कॉम्पिटिशन देखने को मिला है. ये दोनों कंपनियां एक दूसरे से आगे निकलने के लिए अपने स्मार्टफोन्स में एक से बढ़कर एक फीचर देती हैं. सालों से चल रही इस रेस में अब सैमसंग आगे निकलता नजर आ रहा है. एक रिपोर्ट में आई बैंक माय सेल नें कहा है कि अब पहले के मुकाबले उन यूजर्स की संख्या काफी कम हो गई है जो रिप्लेसमेंट में नया आईफोन ही खरीदे हैं. दुनियाभर के ज्यादातर यूजर्स ने अब ऐपल आईफोन की बजाय ऐंड्रॉयड डिवाइसेज को चुनना शुरू कर दिया है. जिसमें सैमसंग के स्मार्टफोन्स पहले नंबर पर हैं. गुरुवार को आई सीनेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक जून में 18. 1 प्रतिशत आईफोन यूजर्स सैमसंग डिवाइस खरीदने के लिए अपने पुराने आईफोन को बेचने की कोशिश कर रहे थे. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सीनेट ने इसके लिए पिछले साल अक्टूबर से अब तक 38,000 यूजर्स के डेटा को कलेक्ट किया. इसके जरिए कंपनी अपग्रेड साइकल में ऐपल के ब्रैंड लॉयल्टी को ट्रैक करना चाह रही थी. वहीं दूसरी तरफ दोबारा सैमसंग को चुनने वाले यूजर्स की ऐपल के मुकाबले काफी ज्यादा है. सैमसंग S9 से आईफोन पर स्विच करने वाले यूजर्स की संख्या केवल 7. 7 प्रतिशत है. वहीं ऐंड्रॉयड के साथ जुड़े रहने वाले यूजर्स की संख्या 92. 3 प्रतिशत है. इसकी तुलना में आईफोन बेचने वाले 26 प्रतिशत यूजर अब दूसरे ब्रैंड्स के साथ जाना पसंद कर रहे हैं.
दुनिया में दो दिग्गज कंपनियां Apple और Samsung का नाम आता हैं और इनके स्मार्टफोन्स के बीच शुरू से तगड़ा कॉम्पिटिशन देखने को मिला है. ये दोनों कंपनियां एक दूसरे से आगे निकलने के लिए अपने स्मार्टफोन्स में एक से बढ़कर एक फीचर देती हैं. सालों से चल रही इस रेस में अब सैमसंग आगे निकलता नजर आ रहा है. एक रिपोर्ट में आई बैंक माय सेल नें कहा है कि अब पहले के मुकाबले उन यूजर्स की संख्या काफी कम हो गई है जो रिप्लेसमेंट में नया आईफोन ही खरीदे हैं. दुनियाभर के ज्यादातर यूजर्स ने अब ऐपल आईफोन की बजाय ऐंड्रॉयड डिवाइसेज को चुनना शुरू कर दिया है. जिसमें सैमसंग के स्मार्टफोन्स पहले नंबर पर हैं. गुरुवार को आई सीनेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक जून में अट्ठारह. एक प्रतिशत आईफोन यूजर्स सैमसंग डिवाइस खरीदने के लिए अपने पुराने आईफोन को बेचने की कोशिश कर रहे थे. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सीनेट ने इसके लिए पिछले साल अक्टूबर से अब तक अड़तीस,शून्य यूजर्स के डेटा को कलेक्ट किया. इसके जरिए कंपनी अपग्रेड साइकल में ऐपल के ब्रैंड लॉयल्टी को ट्रैक करना चाह रही थी. वहीं दूसरी तरफ दोबारा सैमसंग को चुनने वाले यूजर्स की ऐपल के मुकाबले काफी ज्यादा है. सैमसंग Sनौ से आईफोन पर स्विच करने वाले यूजर्स की संख्या केवल सात. सात प्रतिशत है. वहीं ऐंड्रॉयड के साथ जुड़े रहने वाले यूजर्स की संख्या बानवे. तीन प्रतिशत है. इसकी तुलना में आईफोन बेचने वाले छब्बीस प्रतिशत यूजर अब दूसरे ब्रैंड्स के साथ जाना पसंद कर रहे हैं.
नई दिल्ली । । पूरी फिल्म इंडस्ट्री में सनी लियोनी को सबसे ज्यादा बोल्ड माना जाता है और ऐसा भी कहा जाता है कि उनके इस अवतार को टक्कर दे पाना न मुमकिन-सा लगता है। लेकिन आज हम आपको जिस साउथ एक्ट्रेस की तस्वीरें दिखा रहे हैं, वह बोल्डनेस में सनी लियोन को भी मात देती हैं। आपको बता दें कि इस साउथ अभिनेत्री का नाम अरुनधती है। तो आईये अब बिना समय बर्बाद किए आपको अरुनधती द्वारा दी गई बोल्ड सीन दिखाते हैं। बताते चलें कि यह बोल्ड तस्वीरें एक साउथ की फिल्म की है जिसका नाम "मुंबई की किरण बेदी है" है। यह फिल्म एक रीमेक है जो 2018 में बनी है। तस्वीरों में आप देख सकते हैं इस एक्ट्रेस ने कितने अच्छे से बोल्ड सीन दिया है। इस सीन को देखने के बाद आपको सनी लियोन की बोल्डनेस भी कम लगने लगी होगी।
नई दिल्ली । । पूरी फिल्म इंडस्ट्री में सनी लियोनी को सबसे ज्यादा बोल्ड माना जाता है और ऐसा भी कहा जाता है कि उनके इस अवतार को टक्कर दे पाना न मुमकिन-सा लगता है। लेकिन आज हम आपको जिस साउथ एक्ट्रेस की तस्वीरें दिखा रहे हैं, वह बोल्डनेस में सनी लियोन को भी मात देती हैं। आपको बता दें कि इस साउथ अभिनेत्री का नाम अरुनधती है। तो आईये अब बिना समय बर्बाद किए आपको अरुनधती द्वारा दी गई बोल्ड सीन दिखाते हैं। बताते चलें कि यह बोल्ड तस्वीरें एक साउथ की फिल्म की है जिसका नाम "मुंबई की किरण बेदी है" है। यह फिल्म एक रीमेक है जो दो हज़ार अट्ठारह में बनी है। तस्वीरों में आप देख सकते हैं इस एक्ट्रेस ने कितने अच्छे से बोल्ड सीन दिया है। इस सीन को देखने के बाद आपको सनी लियोन की बोल्डनेस भी कम लगने लगी होगी।
शहर के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र पार्ट बी स्थित एक गत्ता फैक्ट्री में करंट की चपेट में आने से मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। बहादुरगढ़ के गांव छारा में हरियाणा पुलिस के स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) की पत्नी की बेरहमी से हत्या करने का मामला सामने आया है। बेमौसम बरसात बहादुरगढ़ के लोगों के लिए आफत बन कर आई है। बहादुरगढ़ की ओमेक्स सिटी समेत कई निचले इलाकों में करीब 2 फुट तक पानी भर गया। जलभराव की समस्या से लोग काफी परेशान है। बरसात के कारण हर जगह पानी ही पानी खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। रोहतक जिले के डेयरी मोहल्ला में देर रात शादी समारोह में डीजे पर नाचने को लेकर चाकू चले। जिससे एक युवक की मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया है। आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इनेलो पार्टी ने कमर कस ली है। प्रदेश भर में संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करने की रणनीति बनाई जा रही है। इनेलो प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी ने बहादुरगढ़ में कार्यकर्ताओं की बैठक ली और मिशन 2024 को सफल बनाने के लोए उन्हें उचित दिशा निर्देश दिए। बहादुरगढ़ में ट्रक की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार देवर की मौत हो गई जबकि उसकी भाभी गंभीर रूप से घायल हो गई। बहादुरगढ़ में ट्रेन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत होने का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल भिजवा दिया। हिन्द केसरी सोनू पहलवान अखाड़े के चार पहलवान इंटरनेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लेंगें। बहालगढ़ में हुई ट्रायल में चारों पहलवानों ने इंटरनेशनल कोटा हासिल किया है। पंडित बीडी शर्मा हेल्थ मेडिकल कालेज के आवासीय कॉलोनी में एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम दलबीर फोगाट बताया जा रहा है। दलबीर बीडी शर्मा हेल्थ मेडिकल कॉलेज के वाइस चांसलर का कार चालक था। मृतक कई वर्षों से वीसी की कार चला रहा था। आप पार्टी के संगठन की घोषणा के बाद नवनियुक्त सीनियर प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा आज रोहतक में जोनल कार्यालय में पहुंचे। नई संसद के सामने 28 मई को प्रस्तावित महिला महापंचायत को लेकर पालम 360 खाप के प्रधान ने राष्ट्रपति व महिला सांसदों से महापंचायत में शामिल होने का अह्वान किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि महापंचायत में आने वालों को रोका गया तो महौल बिगड़ने पर जिम्मेदारी पुलिस की होगी। हरियाणा के झज्जर की बहू पर्वतारोही अस्मिता ने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने में सफलता हासिल की है। मेष राशि वालों आज आपको कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। धर्म-कर्म के कामों में आपका मन लगेगा। मिथुन राशि वाले जो पारिवारिक बिजनेस से जुड़े हैं उन्हें सफलता मिलने की पूरी संभावना है। सिंह राशि वालों व्यापारी वर्ग के लोगों के लिए दिन मुनाफा कमाने वाला रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी। कन्या राशि वालों ऑफिस में आपके प्रोजेक्ट के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में व्यस्तता अधिक रहेगी। तुला राशि वालों आपके दिन की शुरुआत बेहद सुखद रहेगी। काफी समय से रुका हुआ काम आज संपन्न हो सकता है। वृश्चिक राशि वालों आज घर की सुख सुविधा संबंधी चीजों पर खर्च हो सकता है। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। मकर राशि वालों आय के स्त्रोत बढ़ने से रुके हुए कार्यों में गति आएगी। युवा वर्ग भविष्य को लेकर ज्यादा फोकस रहेंगे। कुंभ राशि वालों आज का दिन शानदार रहेगा। बिजनेस संबंधित निवेश करना आपके लिए उत्तम रहेगा। Be on the top of everything happening around the world. Try Punjab Kesari E-Paper Premium Service.
शहर के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र पार्ट बी स्थित एक गत्ता फैक्ट्री में करंट की चपेट में आने से मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। बहादुरगढ़ के गांव छारा में हरियाणा पुलिस के स्पेशल पुलिस ऑफिसर की पत्नी की बेरहमी से हत्या करने का मामला सामने आया है। बेमौसम बरसात बहादुरगढ़ के लोगों के लिए आफत बन कर आई है। बहादुरगढ़ की ओमेक्स सिटी समेत कई निचले इलाकों में करीब दो फुट तक पानी भर गया। जलभराव की समस्या से लोग काफी परेशान है। बरसात के कारण हर जगह पानी ही पानी खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। रोहतक जिले के डेयरी मोहल्ला में देर रात शादी समारोह में डीजे पर नाचने को लेकर चाकू चले। जिससे एक युवक की मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर हालत में ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया है। आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव के मद्देनजर इनेलो पार्टी ने कमर कस ली है। प्रदेश भर में संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करने की रणनीति बनाई जा रही है। इनेलो प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी ने बहादुरगढ़ में कार्यकर्ताओं की बैठक ली और मिशन दो हज़ार चौबीस को सफल बनाने के लोए उन्हें उचित दिशा निर्देश दिए। बहादुरगढ़ में ट्रक की टक्कर से मोटरसाइकिल सवार देवर की मौत हो गई जबकि उसकी भाभी गंभीर रूप से घायल हो गई। बहादुरगढ़ में ट्रेन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत होने का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल भिजवा दिया। हिन्द केसरी सोनू पहलवान अखाड़े के चार पहलवान इंटरनेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लेंगें। बहालगढ़ में हुई ट्रायल में चारों पहलवानों ने इंटरनेशनल कोटा हासिल किया है। पंडित बीडी शर्मा हेल्थ मेडिकल कालेज के आवासीय कॉलोनी में एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम दलबीर फोगाट बताया जा रहा है। दलबीर बीडी शर्मा हेल्थ मेडिकल कॉलेज के वाइस चांसलर का कार चालक था। मृतक कई वर्षों से वीसी की कार चला रहा था। आप पार्टी के संगठन की घोषणा के बाद नवनियुक्त सीनियर प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा आज रोहतक में जोनल कार्यालय में पहुंचे। नई संसद के सामने अट्ठाईस मई को प्रस्तावित महिला महापंचायत को लेकर पालम तीन सौ साठ खाप के प्रधान ने राष्ट्रपति व महिला सांसदों से महापंचायत में शामिल होने का अह्वान किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि महापंचायत में आने वालों को रोका गया तो महौल बिगड़ने पर जिम्मेदारी पुलिस की होगी। हरियाणा के झज्जर की बहू पर्वतारोही अस्मिता ने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने में सफलता हासिल की है। मेष राशि वालों आज आपको कार्यक्षेत्र में उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। धर्म-कर्म के कामों में आपका मन लगेगा। मिथुन राशि वाले जो पारिवारिक बिजनेस से जुड़े हैं उन्हें सफलता मिलने की पूरी संभावना है। सिंह राशि वालों व्यापारी वर्ग के लोगों के लिए दिन मुनाफा कमाने वाला रहेगा। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी। कन्या राशि वालों ऑफिस में आपके प्रोजेक्ट के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में व्यस्तता अधिक रहेगी। तुला राशि वालों आपके दिन की शुरुआत बेहद सुखद रहेगी। काफी समय से रुका हुआ काम आज संपन्न हो सकता है। वृश्चिक राशि वालों आज घर की सुख सुविधा संबंधी चीजों पर खर्च हो सकता है। आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। मकर राशि वालों आय के स्त्रोत बढ़ने से रुके हुए कार्यों में गति आएगी। युवा वर्ग भविष्य को लेकर ज्यादा फोकस रहेंगे। कुंभ राशि वालों आज का दिन शानदार रहेगा। बिजनेस संबंधित निवेश करना आपके लिए उत्तम रहेगा। Be on the top of everything happening around the world. Try Punjab Kesari E-Paper Premium Service.
युवा कांग्रेस ने बढ़ते पेट्रोल और डीजल की कीमत के विरोध में मोटरसाइकिल एवं वाहनों की शव यात्रा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद भी देश की मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर दी है। इस कारण आम जनता को परेशानी हो रही है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तेल में हुई वृद्धि से अर्जित धन को लोकतांत्रिक सरकार गिराने विधायक तोड़ने आदि में इस्तेमाल करने की मंशा रखती। इसीलिए इस कोरोना वैश्विक महामारी के समय और सरकार द्वारा गरीब जनता के ऊपर तेल एवं गैस के दाम बढ़ाकर उनकी कमर तोड़ दी है। इसका युवा कांग्रेस पुरजोर विरोध करती है। चेतावनी दी कि अगर सरकार द्वारा जल्द तेल की कीमतों को नियंत्रित नहीं किया गया एवं दाम कम नहीं किए गए तो युवा कांग्रेस पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र की भाजपा सरकार की होगी। इस दौरान युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुमित्र भुल्लर, जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस भूपेंद्र नेगी, प्रदेश संयोजक राहुल प्रताप, प्रदेश प्रवक्ता संदीप कुमार चमोली, महानगर महासचिव रॉबिन पवार, जिला संयोजक अमनदीप सिंह बत्रा, जिला महासचिव आशीष सक्सेना, जिला महासचिव हेमंत उपरेती, सूरत गुसाईं, कृषि विभाग के महासचिव युवा नेता हिमांशु रानावत आदि मौजूद रहे। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के आह्वाहन पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों में लगातार की जा रही बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ डोईवाला विधान सभा के थानों चौक पर विरोध करते हुए सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान सागर मनवाल (उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश सचिव) मोहित नेगी (ब्लॉक अध्यक्ष कांग्रेस डोईवाला), बलवीर सिंह पूर्व प्रधान, राजेंद्र सिंह कृषाली, सूरत सिंह नेगी (प्रदेश अध्यक्ष पंचायत प्रकोष्ठ), विषम सिंह राणा, महेश कुकरेती, आनंद खत्री, समसुदीन, नवीन मिश्रा , गुरतेज सिंह, मोहम्मद उस्मान, नितिन पंवार आदि भी उपस्थित थे।
युवा कांग्रेस ने बढ़ते पेट्रोल और डीजल की कीमत के विरोध में मोटरसाइकिल एवं वाहनों की शव यात्रा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद भी देश की मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि कर दी है। इस कारण आम जनता को परेशानी हो रही है। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तेल में हुई वृद्धि से अर्जित धन को लोकतांत्रिक सरकार गिराने विधायक तोड़ने आदि में इस्तेमाल करने की मंशा रखती। इसीलिए इस कोरोना वैश्विक महामारी के समय और सरकार द्वारा गरीब जनता के ऊपर तेल एवं गैस के दाम बढ़ाकर उनकी कमर तोड़ दी है। इसका युवा कांग्रेस पुरजोर विरोध करती है। चेतावनी दी कि अगर सरकार द्वारा जल्द तेल की कीमतों को नियंत्रित नहीं किया गया एवं दाम कम नहीं किए गए तो युवा कांग्रेस पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र की भाजपा सरकार की होगी। इस दौरान युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुमित्र भुल्लर, जिला अध्यक्ष युवा कांग्रेस भूपेंद्र नेगी, प्रदेश संयोजक राहुल प्रताप, प्रदेश प्रवक्ता संदीप कुमार चमोली, महानगर महासचिव रॉबिन पवार, जिला संयोजक अमनदीप सिंह बत्रा, जिला महासचिव आशीष सक्सेना, जिला महासचिव हेमंत उपरेती, सूरत गुसाईं, कृषि विभाग के महासचिव युवा नेता हिमांशु रानावत आदि मौजूद रहे। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के आह्वाहन पर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की कीमतों में लगातार की जा रही बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ डोईवाला विधान सभा के थानों चौक पर विरोध करते हुए सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान सागर मनवाल मोहित नेगी , बलवीर सिंह पूर्व प्रधान, राजेंद्र सिंह कृषाली, सूरत सिंह नेगी , विषम सिंह राणा, महेश कुकरेती, आनंद खत्री, समसुदीन, नवीन मिश्रा , गुरतेज सिंह, मोहम्मद उस्मान, नितिन पंवार आदि भी उपस्थित थे।
वाशिंगटनः अमेरिका (USA) में एक श्वेत पुलिसकर्मी द्वारा अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कई शहरों में दंगे जैसे हालात बन गए हैं और प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ रहे हैं। जॉर्ज फ्लॉयड की मौत को लेकर अब कुछ जानेमाने नाम भी खुलकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे हैं और उन्होंने फ्लॉयड की मौत पर दुख जताया है। एनबीए (नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन) के पूर्व महान अमेरिकी खिलाड़ी माइकल जॉर्डन और दिग्गज बेसबॉल खिलाड़ी पेट अलोंसो ने भी ट्वीट किया है। माइकल जॉर्डन ने जॉर्ज फ्लॉयड की मौत और पुलिस के द्वारा अश्वेत लोगों की हत्या और उससे पैदा हुए हालात पर कहा कि वह 'गम और गुस्से' में हैं। जॉर्डन ने ट्विटर पर जारी बयान में कहा, 'मैं बहुत निराश और गुस्से में हूं। मैं हर किसी के दर्द, आक्रोश और निराशा को समझ और महसूस करता हूं। मैं उन लोगों के साथ खड़ा हूं जो हमारे देश में नस्ल के आधार पर लोगों के प्रति जातिवाद और हिंसा फैला रहे है। इस समय हम सब को एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है ताकि सरकार कड़ा कानून बनाये। ' गौरतलब है कि अमेरिका में अश्वेत और श्वेत लोगों के बीच मतभेद और नस्लभेद से जुड़ी घटनाएं कोई नई बात नहीं है। ये दशकों पुरानी लड़ाई है जो अब रह-रहकर उफान मारती रहती है। अमेरिका को बराक ओबामा के रूप में उसका पहला अश्वेत राष्ट्रपति भी मिला लेकिन फिर भी ये जंग खत्म नहीं हुई। अमेरिका को महान बनाने में जितना योगदान श्वेत लोगों का है, उतना ही वहां के अश्वेत लोगों का। पुलिस का रवैया पिछले काफी समय से वहां संदेह के घेरे में रहा है और इस ताजा घटना ने आग में घी डालने का काम किया है।
वाशिंगटनः अमेरिका में एक श्वेत पुलिसकर्मी द्वारा अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कई शहरों में दंगे जैसे हालात बन गए हैं और प्रदर्शनकारी पुलिस से भिड़ रहे हैं। जॉर्ज फ्लॉयड की मौत को लेकर अब कुछ जानेमाने नाम भी खुलकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे हैं और उन्होंने फ्लॉयड की मौत पर दुख जताया है। एनबीए के पूर्व महान अमेरिकी खिलाड़ी माइकल जॉर्डन और दिग्गज बेसबॉल खिलाड़ी पेट अलोंसो ने भी ट्वीट किया है। माइकल जॉर्डन ने जॉर्ज फ्लॉयड की मौत और पुलिस के द्वारा अश्वेत लोगों की हत्या और उससे पैदा हुए हालात पर कहा कि वह 'गम और गुस्से' में हैं। जॉर्डन ने ट्विटर पर जारी बयान में कहा, 'मैं बहुत निराश और गुस्से में हूं। मैं हर किसी के दर्द, आक्रोश और निराशा को समझ और महसूस करता हूं। मैं उन लोगों के साथ खड़ा हूं जो हमारे देश में नस्ल के आधार पर लोगों के प्रति जातिवाद और हिंसा फैला रहे है। इस समय हम सब को एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है ताकि सरकार कड़ा कानून बनाये। ' गौरतलब है कि अमेरिका में अश्वेत और श्वेत लोगों के बीच मतभेद और नस्लभेद से जुड़ी घटनाएं कोई नई बात नहीं है। ये दशकों पुरानी लड़ाई है जो अब रह-रहकर उफान मारती रहती है। अमेरिका को बराक ओबामा के रूप में उसका पहला अश्वेत राष्ट्रपति भी मिला लेकिन फिर भी ये जंग खत्म नहीं हुई। अमेरिका को महान बनाने में जितना योगदान श्वेत लोगों का है, उतना ही वहां के अश्वेत लोगों का। पुलिस का रवैया पिछले काफी समय से वहां संदेह के घेरे में रहा है और इस ताजा घटना ने आग में घी डालने का काम किया है।
बुधवार को डीजल (diesel) की कीमत में कमी आने के बाद गुरुवार, 19 अगस्त को भी डीजल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीजल की कीमतों में महानगरों में 20 पैसे की कटौती की गई है। हालांकि पेट्रोल (petrol) की कीमतों में 33 वें दिन भी कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके साथ ही मुंबई (Mumbai) में एक लीटर डीजल की कीमत अब 97. 04 रुपये हो गयी है। यह कल के 97. 24 रुपये प्रति लीटर की तुलना में 20 पैसे सस्ता है। हालांकि, मुंबई मेंं पेट्रोल की कीमत मेट्रो शहरों में सबसे ज्यादा है, जो कि 107. 83 रुपये प्रति लीटर है। इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (delhi) में, पेट्रोल की कीमतें 101. 84 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर हैं, जबकि डीजल की दरों में 20 पैसे की कटौती 89. 67 रुपये प्रति लीटर से 89. 47 रुपये प्रति लीटर की गई है। बुधवार, 18 अगस्त को 31 दिनों तक स्थिर रहने के बाद डीजल की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद 13 अगस्त को पेट्रोल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। हालांकि पेट्रोल की कीमत केवल चेन्नई (Chennai) में ही हुई। तेल विपणन कंपनियां हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन करती हैं। मूल्य वर्धित करों, स्थानीय और माल ढुलाई शुल्क के कारण राज्यों और शहरों में ईंधन की अलग-अलग कीमतें होती हैं जो जगह के आधार पर भिन्न होती हैं।
बुधवार को डीजल की कीमत में कमी आने के बाद गुरुवार, उन्नीस अगस्त को भी डीजल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डीजल की कीमतों में महानगरों में बीस पैसे की कटौती की गई है। हालांकि पेट्रोल की कीमतों में तैंतीस वें दिन भी कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके साथ ही मुंबई में एक लीटर डीजल की कीमत अब सत्तानवे. चार रुपयापये हो गयी है। यह कल के सत्तानवे. चौबीस रुपयापये प्रति लीटर की तुलना में बीस पैसे सस्ता है। हालांकि, मुंबई मेंं पेट्रोल की कीमत मेट्रो शहरों में सबसे ज्यादा है, जो कि एक सौ सात. तिरासी रुपयापये प्रति लीटर है। इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में, पेट्रोल की कीमतें एक सौ एक. चौरासी रुपयापये प्रति लीटर पर स्थिर हैं, जबकि डीजल की दरों में बीस पैसे की कटौती नवासी. सरसठ रुपयापये प्रति लीटर से नवासी. सैंतालीस रुपयापये प्रति लीटर की गई है। बुधवार, अट्ठारह अगस्त को इकतीस दिनों तक स्थिर रहने के बाद डीजल की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद तेरह अगस्त को पेट्रोल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। हालांकि पेट्रोल की कीमत केवल चेन्नई में ही हुई। तेल विपणन कंपनियां हर दिन सुबह छः बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन करती हैं। मूल्य वर्धित करों, स्थानीय और माल ढुलाई शुल्क के कारण राज्यों और शहरों में ईंधन की अलग-अलग कीमतें होती हैं जो जगह के आधार पर भिन्न होती हैं।
Indore News: इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। किशनगंज के रहने वाले 36 वर्षीय महेन्द्र पुत्र बलराम कौशल ने पाटनीपुरा में पत्नी के जन्मदिन पर उसके सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लिया। रविवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एमआइजी थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। सब इंस्पेक्टर राजकुमार कोरी ने बताया कि एक हफ्ते पहले पत्नी पूजा महेन्द्र से नाजार होकर पाटनीपुरा स्थित अपने मायके आ गई थी। 1 जून को पत्नी का जन्मदिन था। महेन्द्र उसे लेने उसके मायके आया था। पत्नी ने कहा कि अभी मां नहीं है, मां से पूछकर चलेगी। जिद करने के बाद भी पत्नी साथ चलने के लिए राजी नहीं हुई तो उसने पत्नी के सामने ही अपने ऊपर पेट्रोल छिड़का और आग लगा ली। मौके पर मौजूद महेन्द्र का साला रंजीत जड़िया ने देखा तो आग बुझाने की कोशिश की। आग की लपटों की चपेट में रंजीत भी आ गया और उसके हाथ जल गए। घायल अवस्था में महेन्द्र को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी मौत हो गई। रिश्तेदार मनीष जड़िया ने बताया कि महेन्द्र की शादी को 12 साल हो चुके हैं। दो बच्चे भी हैं। महेन्द्र का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध है। इस बात को लेकर दो साल से पत्नी पूजा और महेन्द्र के बीच विवाद चल रहा है। कई बार पूजा ने पति से महिला के साथ संबंध रखने से मना किया लेकिन वह नहीं मना। इस बात पर पूजा अपने बच्चों के साथ मायके आ गई थी। महेन्द्र जब पत्नी को लेने आया तो पत्नी ने पूछा कि महिला के साथ संबंध नहीं रखोगे तभी वह उसके साथ चलने के लिए तैयार है। महेन्द्र राजी नहीं था तो पत्नी ने भी चलने से मना कर दिया, जिसके बाद उसने आत्मदाह कर लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों को सौंप दिया है।
Indore News: इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। किशनगंज के रहने वाले छत्तीस वर्षीय महेन्द्र पुत्र बलराम कौशल ने पाटनीपुरा में पत्नी के जन्मदिन पर उसके सामने पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लिया। रविवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एमआइजी थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। सब इंस्पेक्टर राजकुमार कोरी ने बताया कि एक हफ्ते पहले पत्नी पूजा महेन्द्र से नाजार होकर पाटनीपुरा स्थित अपने मायके आ गई थी। एक जून को पत्नी का जन्मदिन था। महेन्द्र उसे लेने उसके मायके आया था। पत्नी ने कहा कि अभी मां नहीं है, मां से पूछकर चलेगी। जिद करने के बाद भी पत्नी साथ चलने के लिए राजी नहीं हुई तो उसने पत्नी के सामने ही अपने ऊपर पेट्रोल छिड़का और आग लगा ली। मौके पर मौजूद महेन्द्र का साला रंजीत जड़िया ने देखा तो आग बुझाने की कोशिश की। आग की लपटों की चपेट में रंजीत भी आ गया और उसके हाथ जल गए। घायल अवस्था में महेन्द्र को अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी मौत हो गई। रिश्तेदार मनीष जड़िया ने बताया कि महेन्द्र की शादी को बारह साल हो चुके हैं। दो बच्चे भी हैं। महेन्द्र का किसी दूसरी महिला के साथ संबंध है। इस बात को लेकर दो साल से पत्नी पूजा और महेन्द्र के बीच विवाद चल रहा है। कई बार पूजा ने पति से महिला के साथ संबंध रखने से मना किया लेकिन वह नहीं मना। इस बात पर पूजा अपने बच्चों के साथ मायके आ गई थी। महेन्द्र जब पत्नी को लेने आया तो पत्नी ने पूछा कि महिला के साथ संबंध नहीं रखोगे तभी वह उसके साथ चलने के लिए तैयार है। महेन्द्र राजी नहीं था तो पत्नी ने भी चलने से मना कर दिया, जिसके बाद उसने आत्मदाह कर लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों को सौंप दिया है।
पलवल में शनिवार को सीवर टैंक में उतरे 4 सफाई कर्मचारी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। एक सफाई कर्मी की मौत हो गई, वहीं 3 अन्य को बेसुध हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भेजा है जबकि घायलों का एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मामले की सूचना मिलते ही वहां भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए। इस दौरान लोगों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी भी की। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। नगर परिषद पलवल ने सीवरेज की सफाई का ठेका आंध्रप्रदेश की पावर मैक कंपनी को दिया हुआ है जबकि पावर मैक कंपनी ने पलवल का ठेका किसी अन्य छोटी कंपनी को दिया हुआ है। शनिवार को जिला गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) निवासी ठेकेदार फिरोजखान के नेतृत्व में पलवल में सीवरेज की सफाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान शमशाबाद कॉलोनी में सफाई कर्मचारी गाजियाबाद निवासी राहुल, रिजवान, महबूब व अकरम सीवरेज की सफाई करने के लिए टैंक में उतरे। टैंक में जहरीली गैस बनी हुई थी, जिसके कारण चारों बेहोश हो गए। चारों जब टैंक में बेहोश हुए तो उनके साथियों व अन्य लोगों ने उन्हें टैंक से बाहर निकाला। लेकिन तब तक गाजियाबाद निवासी 22 वर्षीय राहुल की मौत हो चुकी थी जबकि रिजवान, महबूब व अकरम की हालत नाजुक थी। लोगों ने बताया कि सीवरेज की सफाई करने के लिए सीवर टैंक में उतरे कर्मचारियों के पास सुरक्षा उपकरण नहीं थे। सफाई कर्मचारी केवल एक रस्सी के सहारे सीवरेज के टैंक में उतर गए। जैसे-जैसे उतरते गए वैसे-वैसे बेहोश होते चले गए। इसके बाद लोगों ने जैसे-तैसे सफाई कर्मचारियों को टैंक से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। पलवल की किठवाड़ी पुलिस चौकी प्रभारी प्रीतम तेवतिया ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायलों को उपचार के लिए व शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया। घायलों में एक की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतक व घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, उनके यहां पहुंचने व शिकायत देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पलवल में शनिवार को सीवर टैंक में उतरे चार सफाई कर्मचारी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। एक सफाई कर्मी की मौत हो गई, वहीं तीन अन्य को बेसुध हालत में अस्पताल में दाखिल कराया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भेजा है जबकि घायलों का एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मामले की सूचना मिलते ही वहां भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए। इस दौरान लोगों ने कंपनी के खिलाफ नारेबाजी भी की। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। नगर परिषद पलवल ने सीवरेज की सफाई का ठेका आंध्रप्रदेश की पावर मैक कंपनी को दिया हुआ है जबकि पावर मैक कंपनी ने पलवल का ठेका किसी अन्य छोटी कंपनी को दिया हुआ है। शनिवार को जिला गाजियाबाद निवासी ठेकेदार फिरोजखान के नेतृत्व में पलवल में सीवरेज की सफाई का कार्य चल रहा था। इसी दौरान शमशाबाद कॉलोनी में सफाई कर्मचारी गाजियाबाद निवासी राहुल, रिजवान, महबूब व अकरम सीवरेज की सफाई करने के लिए टैंक में उतरे। टैंक में जहरीली गैस बनी हुई थी, जिसके कारण चारों बेहोश हो गए। चारों जब टैंक में बेहोश हुए तो उनके साथियों व अन्य लोगों ने उन्हें टैंक से बाहर निकाला। लेकिन तब तक गाजियाबाद निवासी बाईस वर्षीय राहुल की मौत हो चुकी थी जबकि रिजवान, महबूब व अकरम की हालत नाजुक थी। लोगों ने बताया कि सीवरेज की सफाई करने के लिए सीवर टैंक में उतरे कर्मचारियों के पास सुरक्षा उपकरण नहीं थे। सफाई कर्मचारी केवल एक रस्सी के सहारे सीवरेज के टैंक में उतर गए। जैसे-जैसे उतरते गए वैसे-वैसे बेहोश होते चले गए। इसके बाद लोगों ने जैसे-तैसे सफाई कर्मचारियों को टैंक से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। पलवल की किठवाड़ी पुलिस चौकी प्रभारी प्रीतम तेवतिया ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायलों को उपचार के लिए व शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया। घायलों में एक की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतक व घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, उनके यहां पहुंचने व शिकायत देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में कोलकाता के वीआईपी रोड पर सोमवार तड़के दो बाइक सवारों को कुचलने के बाद कॉम्पैक्ट स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) के एक ट्रक से टकरा जाने से चार लोगों की मौत हो गई टक्कर इतनी जोरदार थी कि एसयूवी की अगली सीट पर बैठी महिला की निर्जीव लाश शीशा तोड़कर बोनट पर जा गिरी। कार सवारों में से किसी ने सीटबेल्ट नहीं पहना था और एयरबैग समय पर सक्रिय नहीं हुए, जिससे चालक - हीरालाल जैसवारा (46) - और आगे की सीट पर बैठे यात्री - पूजा सिंह (30) की मौत हो गई। कार की पिछली सीट पर दो अन्य रहने वाले - चचेरे भाई कुंदन और राजेश मुलिक (दोनों अपने शुरुआती 20 के दशक में) - आरजी कर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में अपने जीवन के लिए लड़ रहे हैं। बाइक सवार रोहित कुमार (23) और पीछे बैठे उसके दोस्त बाबू कुंडू (25) को भी अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। "प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है कि कार बहुत तेज गति से वीआईपी रोड पर कोलकाता हवाई अड्डे की ओर जा रही थी, घूम रही थी और खतरनाक तरीके से घूम रही थी। दम दम पार्क क्रॉसिंग पर, एक ट्रक लाल सिग्नल पर खड़ा था और उसके पीछे मोटरसाइकिल भी थी। कार पहले ट्रक से टकराने से पहले बाइक को टक्कर मारी," बिधाननगर सिटी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में कोलकाता के वीआईपी रोड पर सोमवार तड़के दो बाइक सवारों को कुचलने के बाद कॉम्पैक्ट स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल के एक ट्रक से टकरा जाने से चार लोगों की मौत हो गई टक्कर इतनी जोरदार थी कि एसयूवी की अगली सीट पर बैठी महिला की निर्जीव लाश शीशा तोड़कर बोनट पर जा गिरी। कार सवारों में से किसी ने सीटबेल्ट नहीं पहना था और एयरबैग समय पर सक्रिय नहीं हुए, जिससे चालक - हीरालाल जैसवारा - और आगे की सीट पर बैठे यात्री - पूजा सिंह की मौत हो गई। कार की पिछली सीट पर दो अन्य रहने वाले - चचेरे भाई कुंदन और राजेश मुलिक - आरजी कर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में अपने जीवन के लिए लड़ रहे हैं। बाइक सवार रोहित कुमार और पीछे बैठे उसके दोस्त बाबू कुंडू को भी अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया। "प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा है कि कार बहुत तेज गति से वीआईपी रोड पर कोलकाता हवाई अड्डे की ओर जा रही थी, घूम रही थी और खतरनाक तरीके से घूम रही थी। दम दम पार्क क्रॉसिंग पर, एक ट्रक लाल सिग्नल पर खड़ा था और उसके पीछे मोटरसाइकिल भी थी। कार पहले ट्रक से टकराने से पहले बाइक को टक्कर मारी," बिधाननगर सिटी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक लाख कोविड फ्रंटलाइन वर्कर्स (Crash course for frontline healthcare workers) को ट्रेनिंग देने के लिए क्रैश कोर्स लॉन्च किया. प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'कस्टमाइज्ड क्रैश कोर्स प्रोग्राम फॉर कोविड-19 फ्रंटलाइन वर्कर्स' के लिए प्रोग्राम लॉन्च किया है. स्किल इंडिया के तहत 6 नए क्रैश कोर्स विकसित किए गए हैं जिससे फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा. 26 राज्यों में 111 ट्रेनिंग सेंट्रस में चरणबद्ध तरीके से प्रोग्राम शुरू किया जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ हेल्थवर्कर्स का पूल भी बढ़ना चाहिए. वर्तमान फोर्स को सपोर्ट करने के लिए करीब एक लाख युवाओं को ट्रेन करने का लक्ष्य रखा गया है. ये कोर्स 2-3 महीने में ही पूरा हो जाएगा इसलिए ये लोग तुरंत काम के लिए उपलब्ध भी हो जाएंगे और ट्रेन सहायक के रूप में मौजूदा व्यवस्था को मदद करेंगे. ट्रेनिंग के जरिए कोविड वॉरियर्स को 6 खास तरह के काम करने की स्किल दी जाएगी. इसमें होम केयर सपोर्ट, बेसिक केयर सपोर्ट, एडवांस्ड केयर सपोर्ट, इमरजेंसी केयर सपोर्ट, सैंपल कलेक्शन सपोर्ट, और मेडिकल इक्विप्मेंट सपोर्ट शामिल हैं. यानी, कोविड-19 के अनुरूप फ्रंटलाइन वर्कर्स को घर पर इलाज कराने और सैंपल लेने से लेकर खास मेडिकल डिवाइस के इस्तेमाल का प्रशिक्षण मिलेगा. कोर्स में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पल्स ऑक्सीमीटर, इमरजेंसी के लिए ऐंबुलेंस तैयार करना और पीड़ित के घर में सहायता प्रधान करने जैसी ट्रेनिंग शामिल हैं. ट्रेनिंग में शामिल छात्रों को कई सुविधाएं दी जाएंगी जैसे सेंटर पर रहने की सुविधा, 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, और स्टाइपेंड. साथ ही राज्य ये सुनिश्चित करेंगे कि इनके टीकाकरण को प्राथमिकता दी जाए. इस प्रोग्राम के लॉन्च पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए. प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना काल में गांवों में संक्रमण रोकने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान में सबे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. पहाड़ी, जनजाति इलाकों में भी टीकाकरण अभियान आगे ले जाने में इनकी भूमिका अहम है. इस प्रोग्राम को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 3. 0 (PM Kaushal Vikas Yojana) के तहत चलाया जाएगा और इसपर कुल 276 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. मंत्रालय के मुताबिक, इस स्कीम से नॉन-मेडिकल हेल्थकेयर वर्कर्स को स्किल मिलेगी जिससे भविष्य की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा. गौरतलब है कि देश में कोविड-19 की अगली लहर को लेकर चिंताएं और आशंकाएं बनी हुई हैं. अस्पतालों में बेड के साथ ही ज्यादा मेडिकल स्टाफ की जरूरत होगी. डॉक्टरों और नर्सों की ट्रेनिंग और शिक्षा में लंबा समय लगता है ऐसे में सैंपल कलेक्शन और होम केयर जैसे काम ये फ्रंटलाइन वर्कर्स कर पाएंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एक लाख कोविड फ्रंटलाइन वर्कर्स को ट्रेनिंग देने के लिए क्रैश कोर्स लॉन्च किया. प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 'कस्टमाइज्ड क्रैश कोर्स प्रोग्राम फॉर कोविड-उन्नीस फ्रंटलाइन वर्कर्स' के लिए प्रोग्राम लॉन्च किया है. स्किल इंडिया के तहत छः नए क्रैश कोर्स विकसित किए गए हैं जिससे फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा. छब्बीस राज्यों में एक सौ ग्यारह ट्रेनिंग सेंट्रस में चरणबद्ध तरीके से प्रोग्राम शुरू किया जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ हेल्थवर्कर्स का पूल भी बढ़ना चाहिए. वर्तमान फोर्स को सपोर्ट करने के लिए करीब एक लाख युवाओं को ट्रेन करने का लक्ष्य रखा गया है. ये कोर्स दो-तीन महीने में ही पूरा हो जाएगा इसलिए ये लोग तुरंत काम के लिए उपलब्ध भी हो जाएंगे और ट्रेन सहायक के रूप में मौजूदा व्यवस्था को मदद करेंगे. ट्रेनिंग के जरिए कोविड वॉरियर्स को छः खास तरह के काम करने की स्किल दी जाएगी. इसमें होम केयर सपोर्ट, बेसिक केयर सपोर्ट, एडवांस्ड केयर सपोर्ट, इमरजेंसी केयर सपोर्ट, सैंपल कलेक्शन सपोर्ट, और मेडिकल इक्विप्मेंट सपोर्ट शामिल हैं. यानी, कोविड-उन्नीस के अनुरूप फ्रंटलाइन वर्कर्स को घर पर इलाज कराने और सैंपल लेने से लेकर खास मेडिकल डिवाइस के इस्तेमाल का प्रशिक्षण मिलेगा. कोर्स में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, पल्स ऑक्सीमीटर, इमरजेंसी के लिए ऐंबुलेंस तैयार करना और पीड़ित के घर में सहायता प्रधान करने जैसी ट्रेनिंग शामिल हैं. ट्रेनिंग में शामिल छात्रों को कई सुविधाएं दी जाएंगी जैसे सेंटर पर रहने की सुविधा, दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, और स्टाइपेंड. साथ ही राज्य ये सुनिश्चित करेंगे कि इनके टीकाकरण को प्राथमिकता दी जाए. इस प्रोग्राम के लॉन्च पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल हुए. प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना काल में गांवों में संक्रमण रोकने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान में सबे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. पहाड़ी, जनजाति इलाकों में भी टीकाकरण अभियान आगे ले जाने में इनकी भूमिका अहम है. इस प्रोग्राम को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना तीन. शून्य के तहत चलाया जाएगा और इसपर कुल दो सौ छिहत्तर करोड़ रुपये का खर्च आएगा. मंत्रालय के मुताबिक, इस स्कीम से नॉन-मेडिकल हेल्थकेयर वर्कर्स को स्किल मिलेगी जिससे भविष्य की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा. गौरतलब है कि देश में कोविड-उन्नीस की अगली लहर को लेकर चिंताएं और आशंकाएं बनी हुई हैं. अस्पतालों में बेड के साथ ही ज्यादा मेडिकल स्टाफ की जरूरत होगी. डॉक्टरों और नर्सों की ट्रेनिंग और शिक्षा में लंबा समय लगता है ऐसे में सैंपल कलेक्शन और होम केयर जैसे काम ये फ्रंटलाइन वर्कर्स कर पाएंगे.
गुजरात में 'राहुल गाँधी' ने नशे की हालत में जम कर हंगामा मचाया है। नशे में धुत 'राहुल गाँधी' को सूरत पुलिस ने गिरफ्तार किया, फिर मिली बेल। CoWIN डैशबोर्ड पर उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य में सबसे अधिक कुल 6,42,44,819 वैक्सीन की खुराक लोगों को दी जा चुकी है। तलाकशुदा महिला को से रेप के मामले में आम आदमी पार्टी के पार्षद का भाई गिरफ्तार। महिला को लाइसेंस दिलाने का वादा कर नवसारी ले गया। गुजरात में 'लव जिहाद' के खिलाफ बने कानून की कुछ धाराओं पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इस कानून में इसी साल संशोधन किया गया था। आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता सपना राजपूत ने 13 अगस्त को पार्टी के एक नेता द्वारा कथित तौर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद आत्महत्या करने की कोशिश की। गुजरात में भरूच के नेत्रंग में स्थित एक पेट्रोल पंप ने घोषणा की है कि जिस भी व्यक्ति का नाम नीरज है, उसे मुफ्त में ₹501 की पेट्रोल दी जाएगी। SGST ने ₹900 करोड़ के फर्जी बिलिंग घोटाले के मास्टरमाइंड मोहम्मद अब्बास रफीकाली मेघानी उर्फ एमएम को भावनगर में एक ठिकाने से गिरफ्तार किया। गुजरात के वापी में ईसाई धर्म स्वीकार कर चुके 21 परिवारों ने VHP के आयोजित कार्यक्रम में फिर से सनातन धर्म में वापसी की है। आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इसकी कमान अमित शाह के हाथ में ही क्यों? आखिर विपक्षी की बेचैनी का कारण क्या है कि वो केंद्र सरकार के इस नए पहल का स्वागत करने की बजाए इसका विरोध कर रहा है। "लोग सत्यनारायण कथा और भागवत कथा जैसी बहुत सारी गैर-जरूरी चीजों पर रुपए खर्च कर रहे हैं। इन चीजों का कोई उपयोग ही नहीं है और ये अवैज्ञानिक हैं। अब भी लोगों को ये नहीं पता है कि ये सब कर के उन्हें क्या लाभ मिलेगा। "
गुजरात में 'राहुल गाँधी' ने नशे की हालत में जम कर हंगामा मचाया है। नशे में धुत 'राहुल गाँधी' को सूरत पुलिस ने गिरफ्तार किया, फिर मिली बेल। CoWIN डैशबोर्ड पर उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश राज्य में सबसे अधिक कुल छः,बयालीस,चौंतालीस,आठ सौ उन्नीस वैक्सीन की खुराक लोगों को दी जा चुकी है। तलाकशुदा महिला को से रेप के मामले में आम आदमी पार्टी के पार्षद का भाई गिरफ्तार। महिला को लाइसेंस दिलाने का वादा कर नवसारी ले गया। गुजरात में 'लव जिहाद' के खिलाफ बने कानून की कुछ धाराओं पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इस कानून में इसी साल संशोधन किया गया था। आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता सपना राजपूत ने तेरह अगस्त को पार्टी के एक नेता द्वारा कथित तौर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के बाद आत्महत्या करने की कोशिश की। गुजरात में भरूच के नेत्रंग में स्थित एक पेट्रोल पंप ने घोषणा की है कि जिस भी व्यक्ति का नाम नीरज है, उसे मुफ्त में पाँच सौ एक रुपया की पेट्रोल दी जाएगी। SGST ने नौ सौ रुपया करोड़ के फर्जी बिलिंग घोटाले के मास्टरमाइंड मोहम्मद अब्बास रफीकाली मेघानी उर्फ एमएम को भावनगर में एक ठिकाने से गिरफ्तार किया। गुजरात के वापी में ईसाई धर्म स्वीकार कर चुके इक्कीस परिवारों ने VHP के आयोजित कार्यक्रम में फिर से सनातन धर्म में वापसी की है। आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इसकी कमान अमित शाह के हाथ में ही क्यों? आखिर विपक्षी की बेचैनी का कारण क्या है कि वो केंद्र सरकार के इस नए पहल का स्वागत करने की बजाए इसका विरोध कर रहा है। "लोग सत्यनारायण कथा और भागवत कथा जैसी बहुत सारी गैर-जरूरी चीजों पर रुपए खर्च कर रहे हैं। इन चीजों का कोई उपयोग ही नहीं है और ये अवैज्ञानिक हैं। अब भी लोगों को ये नहीं पता है कि ये सब कर के उन्हें क्या लाभ मिलेगा। "
बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र (Dharmendra) के बेटे सनी देओल (Sunny Deol) जितनी जल्दी गुस्सा जाते हैं, उतनी ही जल्दी शरमा भी जाते हैं। यही कारण है कि वह लोगों से बहुत कम मिलना-जुलना पसंद करते हैं। संकोच और शर्म के कारण सनी देओल अपनी सुपरहिट फिल्म घायल के प्रीमियर पर भी नहीं जाना चाहते थे। सनी ने एक इंटरव्यू में खुद बताया था कि जब कैमरे के सामने उन्हें रोमांस करना होता था तो वह हिरोइन से ज्यादा शर्मा जाते हैं। सनी देओल ने अपने बेटे करण देओल (Karan Deol) के सामने ही अपनी शर्म से जुड़ा एक किस्सा भी शेयर किया था। आइए जानें क्या था वह शर्म से भरा किस्सा।
बॉलीवुड के ही-मैन धर्मेंद्र के बेटे सनी देओल जितनी जल्दी गुस्सा जाते हैं, उतनी ही जल्दी शरमा भी जाते हैं। यही कारण है कि वह लोगों से बहुत कम मिलना-जुलना पसंद करते हैं। संकोच और शर्म के कारण सनी देओल अपनी सुपरहिट फिल्म घायल के प्रीमियर पर भी नहीं जाना चाहते थे। सनी ने एक इंटरव्यू में खुद बताया था कि जब कैमरे के सामने उन्हें रोमांस करना होता था तो वह हिरोइन से ज्यादा शर्मा जाते हैं। सनी देओल ने अपने बेटे करण देओल के सामने ही अपनी शर्म से जुड़ा एक किस्सा भी शेयर किया था। आइए जानें क्या था वह शर्म से भरा किस्सा।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी की साल 2012 में आई आइकॉनिक फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' एक बार फिर रिलीज होने वाली है। लेकिन यह फिल्म अब भारत नहीं बल्कि चीन में रिलीज होगी। फिल्म 24 फरवरी को श्रीदेवी की 5वीं पुण्यतिथि पर चीन के 6 हजार सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी। दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी की इस फिल्म ने रिलीज के बाद खूब सराहना बटौरी थी। इसी सक्सेस को देखते हुए अब फिल्म 10 साल बाद चीन में रिलीज किया जा रहा है। इस बात की जानकारी फिल्म क्रिटिक्स और ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्विट कर दी है। उन्होंने ट्विटर अपने पोस्ट कर लिखा- फिल्म 24 फरवरी को चीन के सिनेमाघरों में रिलीज होगी जो श्रीदेवी की पांचवी डेथ एनिवर्सरी है। बता दें कि, इंग्लिश विंग्लिश में श्रीदेवी के अलावा आदिल हुसैन, सुमीत व्यास, प्रिया आनंद, सुलभा देशपांडे और फ्रांसीसी अभिनेता मेहदी नेब्बू ने अहम किरदार निभाए हैं। श्रीदेवी ने इस फिल्म के साथ 15 साल के लंबे ब्रेक के बाद बड़े पर्दे पर वापसी की थी। इतने सालों बाद वापसी कर श्रीदेवी ने सभी को दिल जीत लिया था।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी की साल दो हज़ार बारह में आई आइकॉनिक फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' एक बार फिर रिलीज होने वाली है। लेकिन यह फिल्म अब भारत नहीं बल्कि चीन में रिलीज होगी। फिल्म चौबीस फरवरी को श्रीदेवी की पाँचवीं पुण्यतिथि पर चीन के छः हजार सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी। दिवंगत एक्ट्रेस श्रीदेवी की इस फिल्म ने रिलीज के बाद खूब सराहना बटौरी थी। इसी सक्सेस को देखते हुए अब फिल्म दस साल बाद चीन में रिलीज किया जा रहा है। इस बात की जानकारी फिल्म क्रिटिक्स और ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ट्विट कर दी है। उन्होंने ट्विटर अपने पोस्ट कर लिखा- फिल्म चौबीस फरवरी को चीन के सिनेमाघरों में रिलीज होगी जो श्रीदेवी की पांचवी डेथ एनिवर्सरी है। बता दें कि, इंग्लिश विंग्लिश में श्रीदेवी के अलावा आदिल हुसैन, सुमीत व्यास, प्रिया आनंद, सुलभा देशपांडे और फ्रांसीसी अभिनेता मेहदी नेब्बू ने अहम किरदार निभाए हैं। श्रीदेवी ने इस फिल्म के साथ पंद्रह साल के लंबे ब्रेक के बाद बड़े पर्दे पर वापसी की थी। इतने सालों बाद वापसी कर श्रीदेवी ने सभी को दिल जीत लिया था।
नोएडा। एक निजी अस्पताल (Private Hospital) के डॉक्टरों (Doctors) ने मंगलवार को रोडोटुरुला संक्रमण (rhodoturula infection) और सीएमवी मेनिंजाइटिस से पीड़ित दुनिया का पहला मरीज मिलने का दावा किया है। यीस्ट के संक्रमण से जुड़ी यह बीमारी एक नवजात में पाई गई। इलाज के बाद यह बच्चा अब स्वस्थ है। फोर्टिस अस्पताल के शिशु रोग विभाग के प्रमुख डॉ. आशुतोष सिन्हा (Dr. Ashutosh Sinha, head of the pediatrics department of the hospital) ने बताया कि 19 जनवरी को परिजन दो माह के एक बच्चे का इलाज कराने के लिए अस्पताल आए थे। वो मथुरा के रहने वाले हैं। नवजात में बुखार, चिड़चिड़ापन, शरीर में असामान्य हरकत जैसी परेशानियां दिखीं। उसे रोज तीन से चार बार बुखार आ रहा था। एमआरआई, सीएसएफ (सेरीब्रोस्पाइनल फ्लूड), बायोफायर समेत कई प्रकार की मेडिकल जांच की गई, जिसमें दुर्लभ संक्रमण के बारे में पता चला। डॉ. आशुतोष सिन्हा ने बताया कि स्वास्थ्य से जुड़े दुनियाभर के प्रकाशित जनरल और विभिन्न वेबसाइट में इस बीमारी से पीड़ित एक भी मरीज नहीं मिला। अस्पताल प्रबंधन शिशु के इलाज, जांच आदि की रिपोर्ट स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न जनरल में प्रकाशित करने के लिए भेजेगा। नवजात अब पूरी तरह स्वस्थ नवजात का अस्पताल में लंबा इलाज चला। स्वस्थ होने के बाद उसे 21 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद मरीज को फॉलोअप पर रखा गया। वह अब पूरी तरह स्वस्थ है। डॉक्टरों की टीम में शामिल डॉ. शुभम गर्ग ने बताया कि बच्चे की उम्र काफी कम होने के कारण इलाज काफी जटिल रहा। रोडोटुरुला ईस्ट की प्रजाति है। वहीं, सीएमवी यानी साइटोमेगलो एक वायरस है। इस वायरस के कारण मस्तिष्क की सतह में संक्रमण और सूजन हो जाती है। सीएमवी मेनिंजाइटिस में पहली बार रोडोटुरुला प्रजाति का यीस्ट मिला। यह संक्रमण आम तौर पर कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले और एचआईवी रोगियों या कीमोथेरेपी कराने वालों में होता है और इसमें जान भी जा सकती है। कुछ नवजात में स्तनपान से यह संक्रमण हो सकता है।
नोएडा। एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मंगलवार को रोडोटुरुला संक्रमण और सीएमवी मेनिंजाइटिस से पीड़ित दुनिया का पहला मरीज मिलने का दावा किया है। यीस्ट के संक्रमण से जुड़ी यह बीमारी एक नवजात में पाई गई। इलाज के बाद यह बच्चा अब स्वस्थ है। फोर्टिस अस्पताल के शिशु रोग विभाग के प्रमुख डॉ. आशुतोष सिन्हा ने बताया कि उन्नीस जनवरी को परिजन दो माह के एक बच्चे का इलाज कराने के लिए अस्पताल आए थे। वो मथुरा के रहने वाले हैं। नवजात में बुखार, चिड़चिड़ापन, शरीर में असामान्य हरकत जैसी परेशानियां दिखीं। उसे रोज तीन से चार बार बुखार आ रहा था। एमआरआई, सीएसएफ , बायोफायर समेत कई प्रकार की मेडिकल जांच की गई, जिसमें दुर्लभ संक्रमण के बारे में पता चला। डॉ. आशुतोष सिन्हा ने बताया कि स्वास्थ्य से जुड़े दुनियाभर के प्रकाशित जनरल और विभिन्न वेबसाइट में इस बीमारी से पीड़ित एक भी मरीज नहीं मिला। अस्पताल प्रबंधन शिशु के इलाज, जांच आदि की रिपोर्ट स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न जनरल में प्रकाशित करने के लिए भेजेगा। नवजात अब पूरी तरह स्वस्थ नवजात का अस्पताल में लंबा इलाज चला। स्वस्थ होने के बाद उसे इक्कीस मार्च को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद मरीज को फॉलोअप पर रखा गया। वह अब पूरी तरह स्वस्थ है। डॉक्टरों की टीम में शामिल डॉ. शुभम गर्ग ने बताया कि बच्चे की उम्र काफी कम होने के कारण इलाज काफी जटिल रहा। रोडोटुरुला ईस्ट की प्रजाति है। वहीं, सीएमवी यानी साइटोमेगलो एक वायरस है। इस वायरस के कारण मस्तिष्क की सतह में संक्रमण और सूजन हो जाती है। सीएमवी मेनिंजाइटिस में पहली बार रोडोटुरुला प्रजाति का यीस्ट मिला। यह संक्रमण आम तौर पर कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले और एचआईवी रोगियों या कीमोथेरेपी कराने वालों में होता है और इसमें जान भी जा सकती है। कुछ नवजात में स्तनपान से यह संक्रमण हो सकता है।
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि वह भारत के साथ किसी भी प्रकार का युद्ध नहीं चाहती। लेकिन साथ ही चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि शांति की हमारी इस इच्छा को भारत कमजोरी नहीं समझे। Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि वह भारत के साथ किसी भी प्रकार का युद्ध नहीं चाहती। लेकिन साथ ही चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि शांति की हमारी इस इच्छा को भारत कमजोरी नहीं समझे। Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
आज गणेश चतुर्थी है। दस दिन बाद यानि अनंत चतुर्दशी 9 सिंतबर को गणपति विसर्जन होगा। कोरोना के कारण पिछले दो साल से महाराष्ट्र में गणेशोत्सव सार्वजनिक रूप से नहीं मनाया जा सका था, लेकिन इस बार पूरे धूमधाम से उत्सव मनाने की अनुमति राज्य सरकार ने दी है। दस दिन पूरा महाराष्ट्र गणेशोत्सव के रंग में डूबा रहेगा। महाराष्ट्र में गणेश पूजा का विशेष महत्व है क्योंकि इसकी शुरूआत महाराष्ट्र से ही हुई थी। महाराष्ट्र में 500 साल पहले लोग अपने घरों में गणेश की छोटी-छोटी मूर्तियाँ बनाते थे और उसकी पूजा करते थे। ऐसी मान्यता है कि पुणे में स्थित कस्बा पेठ गणपति मंदिर सबसे पुराना है जिसकी स्थापना शिवाजी की माता जीजामाता ने की थी और इसी मंदिर में जीजामाता और शिवाजी ने आदिल शाह से महाराष्ट्र वापस लेने का प्रण किया था। शिवाजी के बाद पेशवाओं ने भी गणेश पूजा की परंपरा को जारी रखा। जब पेशवा बाजीराव ने शनिवार वाड़ा का निर्माण करवाया तो उन्होंने किले में गणेश भगवान की स्थापना की। पेशवाओं का शासन समाप्त होने और औपनिवेशिक युग शुरू होने के बाद शनिवार वाड़ा में होने वाला गणेशोत्सव भी बंद हो गया। हालांकि, बड़ौदा के गायकवाड़, इंदौर के होल्कर और ग्वालियर के सिंधिया के महलों में गणेशोत्सव उत्साह के साथ जारी रहा लेकिन महल के भीतर ही। वह लोकमान्य तिलक ही थे जिन्होंने महल और घरों के बंद दरवाजों तक सीमित गणेश पूजा को सार्वजनिक उत्सव में परिवर्तित करने में सफलता प्राप्त की और इसे महाराष्ट्र के घर घर का उत्सव बना दिया। 1857 में अंग्रेजों ने स्वतंत्रता संग्राम को कुचल कर क्रांतिकारियों को मार डाला था। अंग्रेजों के इस कदम से लोगों के दिलों में भय व्याप्त हो गया था। लोग एक जगह एकत्रित नहीं होते थे। लोकमान्य तिलक ने लोगों में व्याप्त भय को महसूस किया और माना कि जब तक लोग एक जगह एकत्रित होने की हिम्मत नहीं करेंगे तो अंग्रेजों से कैसे लड़ेगे और देश को स्वतंत्रता कैसे मिलेंगी? इस कारण लोगों को साथ में आने, सार्वजनिक स्थान में एकत्रित करने और उनमें आनंद, उर्जा और उमंग का संचार करने के साथ डर को मिटाने के लिए हर घर में होने वाली गणेश पूजा को सार्वजनिक पूजा में तब्दील कर दिया। बाल गंगाधर तिलक ने महाराष्ट्र के पुणे में 1893 में पहले सार्वजनिक गणेश उत्सव का आयोजन किया था। गणेश उत्सव को सार्वजनिक रूप देते समय तिलक ने उसे केवल धार्मिक कर्मकांड तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे आजादी की लड़ाई, छूआछूत दूर करने और समाज को संगठित करने और आम आदमी का ज्ञानवर्धन करने का माध्यम बनाया। गणेश उत्सव को उन्होंने एक आंदोलन का स्वरूप दे दिया। तिलक के शुरू किए गणेशोत्सव ने सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति एकता जागृत करने का काम किया। तिलक के शुरू किए गए गणेशोत्सव की एक विशेषता यह भी रही कि इस उत्सव में हिन्दुओं के साथ सभी धर्मो, क्षेत्रों और जाति संप्रदायों के लोग शामिल हुए और इस कारण महाराष्ट्र में गणेशोत्सव एक सर्वव्यापी त्योहार बन गया। तिलक द्वारा शुरू किए गए गणेशोत्सव ने लोगों को एकजुट करने और ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज महाराष्ट्र में गणेशोत्सव सबसे बड़ा त्योहार है। महाराष्ट्र गणपति को मंगलकारी देवता के रूप में व मंगलपूर्ति के नाम से पूजता है। लेकिन अंग्रेज तिलक के सार्वजनिक गणेशोत्सव को अंग्रेज शासन के लिए खतरा मानते थे। भारतीय समाज को एक दूसरे के खिलाफ तलवार लिए खड़े सम्प्रदायों में तो अंग्रेजों ने बांटा ही। हमारे मंगल के प्रतीकों का भी उन्होंने सांप्रदायीकरण किया। वो जानते थे कि भारतीय समाज के मंगल में उनका अमंगल था। इसलिए उन्होंने तिलक के शुरू किए गए सार्वजनिक गणेशोत्सव को रोकने और उसमें व्यवधान डालने की कोशिश की,लेकिन वह सफल नहीं हो सके। तिलक के कारण गणपति घर घर के देवता बन गए और सिर्फ हिन्दुओं के ही नहीं, हर धर्म के लोग गणपति में अपना मंगल देखने लगे। हर वर्ग में सब काम बिना किसी विध्न के सम्पन्न हों और चारों तरफ मांगल्य रहे इसलिए गणपति को सबसे पहले पूजा जाता है। बच्चों को भी सबसे पहले ॐ श्री गणेशायनमः से लिखना पढ़ना सिखाया जाता है और विवाह की पत्रिका सबसे पहले गणपति को ही दी जाती है। गणपति का ऐसा स्थान और महत्व हमारे धार्मिक ही नहीं सांस्कृतिक जीवन में भी है। घर घर मनते एक धार्मिक उत्सव को सार्वजनिक जीवन का मंगल उत्सव बनाने का श्रेय लोकमान्य तिलक को जाता है। लेकिन दस दिन तक मनने वाले इस सार्वजनिक उत्सव के आखिरी दिन जब गणपति का विसर्जन कर गणेश भक्त घर लौटते है तो घर में एक अजीब सा खालीपन महसूस करते हैं। जैसे बेटी की विदाई के बाद घर में खालीपन और मन उदास महसूस होता है वैसे ही गणपित बप्पा के विसर्जन के बाद अनुभव होता हैं। गणपति विसर्जन के बाद जैसे घर के सामान्य जीवन का क्रम भी उदासी में डूबकर थम जाता है। ऐसा महसूस होता है जैसे जीवन का सारा उत्सव अपने ही हाथों नदी में विसर्जित करके बहा आए हों। हालांकि गणेश जी का महत्व और महात्म्य पूरे देश में है लेकिन महाराष्ट्र के लिए गणेश उत्सव क्या है यह दिल्ली या शेष भारत के लोग तब तक नहीं समझ पायेंगे जब तक खुद महाराष्ट्र जाकर नहीं देखेंगे। दिल्ली या देश के दूसरे हिस्सों में गणेशोत्सव की वो जातीय स्मृतियां नहीं हैं जो इस उत्सव को लगभग हर घर और हर वर्ग का उत्सव बना दें। ऐसा सिर्फ महाराष्ट्र में ही होता है। गणपति की जितनी जरूरत हमारे धार्मिक और सामाजिक जीवन को है उतनी ही देश की राजनीति को भी है। जैसे महाराष्ट्र में गणपति ने स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी वैसे ही आज हमारे नेताओं को कोई सद्बुद्धि दे सकता है तो वह बुद्धि और मंगल के देवता गणपति ही दे सकते हैं। हमारे गणराज्य को बचाने के लिए अग्रदूत के रूप में गणपति ही चाहिए क्योंकि गणपति नहीं होते तो यह गणराज्य भी नहीं होता। "गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ती मोरया" यह भी पढ़ेंः जन्मदिन पर विशेषः अमृता प्रीतम ने क्यों कहा कि भारत में पैदा हर व्यक्ति हिन्दू है? (इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं. लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है। )
आज गणेश चतुर्थी है। दस दिन बाद यानि अनंत चतुर्दशी नौ सिंतबर को गणपति विसर्जन होगा। कोरोना के कारण पिछले दो साल से महाराष्ट्र में गणेशोत्सव सार्वजनिक रूप से नहीं मनाया जा सका था, लेकिन इस बार पूरे धूमधाम से उत्सव मनाने की अनुमति राज्य सरकार ने दी है। दस दिन पूरा महाराष्ट्र गणेशोत्सव के रंग में डूबा रहेगा। महाराष्ट्र में गणेश पूजा का विशेष महत्व है क्योंकि इसकी शुरूआत महाराष्ट्र से ही हुई थी। महाराष्ट्र में पाँच सौ साल पहले लोग अपने घरों में गणेश की छोटी-छोटी मूर्तियाँ बनाते थे और उसकी पूजा करते थे। ऐसी मान्यता है कि पुणे में स्थित कस्बा पेठ गणपति मंदिर सबसे पुराना है जिसकी स्थापना शिवाजी की माता जीजामाता ने की थी और इसी मंदिर में जीजामाता और शिवाजी ने आदिल शाह से महाराष्ट्र वापस लेने का प्रण किया था। शिवाजी के बाद पेशवाओं ने भी गणेश पूजा की परंपरा को जारी रखा। जब पेशवा बाजीराव ने शनिवार वाड़ा का निर्माण करवाया तो उन्होंने किले में गणेश भगवान की स्थापना की। पेशवाओं का शासन समाप्त होने और औपनिवेशिक युग शुरू होने के बाद शनिवार वाड़ा में होने वाला गणेशोत्सव भी बंद हो गया। हालांकि, बड़ौदा के गायकवाड़, इंदौर के होल्कर और ग्वालियर के सिंधिया के महलों में गणेशोत्सव उत्साह के साथ जारी रहा लेकिन महल के भीतर ही। वह लोकमान्य तिलक ही थे जिन्होंने महल और घरों के बंद दरवाजों तक सीमित गणेश पूजा को सार्वजनिक उत्सव में परिवर्तित करने में सफलता प्राप्त की और इसे महाराष्ट्र के घर घर का उत्सव बना दिया। एक हज़ार आठ सौ सत्तावन में अंग्रेजों ने स्वतंत्रता संग्राम को कुचल कर क्रांतिकारियों को मार डाला था। अंग्रेजों के इस कदम से लोगों के दिलों में भय व्याप्त हो गया था। लोग एक जगह एकत्रित नहीं होते थे। लोकमान्य तिलक ने लोगों में व्याप्त भय को महसूस किया और माना कि जब तक लोग एक जगह एकत्रित होने की हिम्मत नहीं करेंगे तो अंग्रेजों से कैसे लड़ेगे और देश को स्वतंत्रता कैसे मिलेंगी? इस कारण लोगों को साथ में आने, सार्वजनिक स्थान में एकत्रित करने और उनमें आनंद, उर्जा और उमंग का संचार करने के साथ डर को मिटाने के लिए हर घर में होने वाली गणेश पूजा को सार्वजनिक पूजा में तब्दील कर दिया। बाल गंगाधर तिलक ने महाराष्ट्र के पुणे में एक हज़ार आठ सौ तिरानवे में पहले सार्वजनिक गणेश उत्सव का आयोजन किया था। गणेश उत्सव को सार्वजनिक रूप देते समय तिलक ने उसे केवल धार्मिक कर्मकांड तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे आजादी की लड़ाई, छूआछूत दूर करने और समाज को संगठित करने और आम आदमी का ज्ञानवर्धन करने का माध्यम बनाया। गणेश उत्सव को उन्होंने एक आंदोलन का स्वरूप दे दिया। तिलक के शुरू किए गणेशोत्सव ने सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति एकता जागृत करने का काम किया। तिलक के शुरू किए गए गणेशोत्सव की एक विशेषता यह भी रही कि इस उत्सव में हिन्दुओं के साथ सभी धर्मो, क्षेत्रों और जाति संप्रदायों के लोग शामिल हुए और इस कारण महाराष्ट्र में गणेशोत्सव एक सर्वव्यापी त्योहार बन गया। तिलक द्वारा शुरू किए गए गणेशोत्सव ने लोगों को एकजुट करने और ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज महाराष्ट्र में गणेशोत्सव सबसे बड़ा त्योहार है। महाराष्ट्र गणपति को मंगलकारी देवता के रूप में व मंगलपूर्ति के नाम से पूजता है। लेकिन अंग्रेज तिलक के सार्वजनिक गणेशोत्सव को अंग्रेज शासन के लिए खतरा मानते थे। भारतीय समाज को एक दूसरे के खिलाफ तलवार लिए खड़े सम्प्रदायों में तो अंग्रेजों ने बांटा ही। हमारे मंगल के प्रतीकों का भी उन्होंने सांप्रदायीकरण किया। वो जानते थे कि भारतीय समाज के मंगल में उनका अमंगल था। इसलिए उन्होंने तिलक के शुरू किए गए सार्वजनिक गणेशोत्सव को रोकने और उसमें व्यवधान डालने की कोशिश की,लेकिन वह सफल नहीं हो सके। तिलक के कारण गणपति घर घर के देवता बन गए और सिर्फ हिन्दुओं के ही नहीं, हर धर्म के लोग गणपति में अपना मंगल देखने लगे। हर वर्ग में सब काम बिना किसी विध्न के सम्पन्न हों और चारों तरफ मांगल्य रहे इसलिए गणपति को सबसे पहले पूजा जाता है। बच्चों को भी सबसे पहले ॐ श्री गणेशायनमः से लिखना पढ़ना सिखाया जाता है और विवाह की पत्रिका सबसे पहले गणपति को ही दी जाती है। गणपति का ऐसा स्थान और महत्व हमारे धार्मिक ही नहीं सांस्कृतिक जीवन में भी है। घर घर मनते एक धार्मिक उत्सव को सार्वजनिक जीवन का मंगल उत्सव बनाने का श्रेय लोकमान्य तिलक को जाता है। लेकिन दस दिन तक मनने वाले इस सार्वजनिक उत्सव के आखिरी दिन जब गणपति का विसर्जन कर गणेश भक्त घर लौटते है तो घर में एक अजीब सा खालीपन महसूस करते हैं। जैसे बेटी की विदाई के बाद घर में खालीपन और मन उदास महसूस होता है वैसे ही गणपित बप्पा के विसर्जन के बाद अनुभव होता हैं। गणपति विसर्जन के बाद जैसे घर के सामान्य जीवन का क्रम भी उदासी में डूबकर थम जाता है। ऐसा महसूस होता है जैसे जीवन का सारा उत्सव अपने ही हाथों नदी में विसर्जित करके बहा आए हों। हालांकि गणेश जी का महत्व और महात्म्य पूरे देश में है लेकिन महाराष्ट्र के लिए गणेश उत्सव क्या है यह दिल्ली या शेष भारत के लोग तब तक नहीं समझ पायेंगे जब तक खुद महाराष्ट्र जाकर नहीं देखेंगे। दिल्ली या देश के दूसरे हिस्सों में गणेशोत्सव की वो जातीय स्मृतियां नहीं हैं जो इस उत्सव को लगभग हर घर और हर वर्ग का उत्सव बना दें। ऐसा सिर्फ महाराष्ट्र में ही होता है। गणपति की जितनी जरूरत हमारे धार्मिक और सामाजिक जीवन को है उतनी ही देश की राजनीति को भी है। जैसे महाराष्ट्र में गणपति ने स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी वैसे ही आज हमारे नेताओं को कोई सद्बुद्धि दे सकता है तो वह बुद्धि और मंगल के देवता गणपति ही दे सकते हैं। हमारे गणराज्य को बचाने के लिए अग्रदूत के रूप में गणपति ही चाहिए क्योंकि गणपति नहीं होते तो यह गणराज्य भी नहीं होता। "गणपति बप्पा मोरया, मंगलमूर्ती मोरया" यह भी पढ़ेंः जन्मदिन पर विशेषः अमृता प्रीतम ने क्यों कहा कि भारत में पैदा हर व्यक्ति हिन्दू है?
भदोही जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र से पुलिस ने 3 वर्ष से फरार चल रहे एक गैंगस्टर अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जनपद प्रयागराज से गैंगस्टर व धोखाधड़ी के अभियोग में यह अभियुक्त 2020 से फरार चल रहा था जिसको भदोही पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है और इससे संबंधित सूचना प्रयागराज पुलिस को दी गई है। पुलिस ने बताया कि कोइरौना थाना क्षेत्र का रहने वाला मायावती दुबे करीब 3 वर्षों से गैंगस्टर व धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहा था। पुलिस का कहना है कि इस अभियुक्त पर भदोही, प्रयागराज में गैंगस्टर, गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी व धमकी देने जैसे गंभीर अपराधों मे मुकदमा पंजीकृत हैं, जिसको लगातार पुलिस तलाश कर रही थी। गैंगस्टर व धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे अभियुक्त के विषय में मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली थी कि वह कोइरौना थाना क्षेत्र में है जिसके बाद कोइरौना थानाध्यक्ष ब्रजेश मौर्या पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने मायापति दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। भदोही के पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 2020 में प्रयागराज जनपद के सोरांव थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत हुए दर्ज मुकदमे में अभियुक्त फरार था। अभियुक्त की गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी प्रयागराज पुलिस को भी दे दी गई है। अभियुक्त के अन्य आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
भदोही जनपद के कोइरौना थाना क्षेत्र से पुलिस ने तीन वर्ष से फरार चल रहे एक गैंगस्टर अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जनपद प्रयागराज से गैंगस्टर व धोखाधड़ी के अभियोग में यह अभियुक्त दो हज़ार बीस से फरार चल रहा था जिसको भदोही पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है और इससे संबंधित सूचना प्रयागराज पुलिस को दी गई है। पुलिस ने बताया कि कोइरौना थाना क्षेत्र का रहने वाला मायावती दुबे करीब तीन वर्षों से गैंगस्टर व धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहा था। पुलिस का कहना है कि इस अभियुक्त पर भदोही, प्रयागराज में गैंगस्टर, गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी व धमकी देने जैसे गंभीर अपराधों मे मुकदमा पंजीकृत हैं, जिसको लगातार पुलिस तलाश कर रही थी। गैंगस्टर व धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे अभियुक्त के विषय में मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली थी कि वह कोइरौना थाना क्षेत्र में है जिसके बाद कोइरौना थानाध्यक्ष ब्रजेश मौर्या पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने मायापति दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। भदोही के पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि दो हज़ार बीस में प्रयागराज जनपद के सोरांव थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत हुए दर्ज मुकदमे में अभियुक्त फरार था। अभियुक्त की गिरफ्तारी से संबंधित जानकारी प्रयागराज पुलिस को भी दे दी गई है। अभियुक्त के अन्य आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
लक्सर चीनी मिल के अधिकारियों ने रविवार को लक्सर सीएचसी पहुंचकर कोरोना का टीकाकरण कराया। बाद में उन्होंने सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा से मुलाकात की। मिल अधिकारियों ने कहा कि मिल में करीब पांच सौ लोग काम कर रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए उनको भी कोविड का टीका लगाना जरूरी है। अधिकारियों ने मिल में टीम भेजकर कर्मचारियों का टीकाकरण कराने की मांग की। डॉ. वर्मा ने जल्दी ही मिल परिसर में सेशन साइट बनाकर टीकाकरण कराने का आश्वासन दिया। मुलाकात करने वालों में प्रधान प्रबंधक अजय कुमार खंडेलवाल, पंकज सक्सेना, एसके सिन्हा, राकेश अग्रवाल, बृजेंद्र राठी आदि अधिकारी थे।
लक्सर चीनी मिल के अधिकारियों ने रविवार को लक्सर सीएचसी पहुंचकर कोरोना का टीकाकरण कराया। बाद में उन्होंने सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा से मुलाकात की। मिल अधिकारियों ने कहा कि मिल में करीब पांच सौ लोग काम कर रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए उनको भी कोविड का टीका लगाना जरूरी है। अधिकारियों ने मिल में टीम भेजकर कर्मचारियों का टीकाकरण कराने की मांग की। डॉ. वर्मा ने जल्दी ही मिल परिसर में सेशन साइट बनाकर टीकाकरण कराने का आश्वासन दिया। मुलाकात करने वालों में प्रधान प्रबंधक अजय कुमार खंडेलवाल, पंकज सक्सेना, एसके सिन्हा, राकेश अग्रवाल, बृजेंद्र राठी आदि अधिकारी थे।
बिजली बोर्ड उपमंडल नंबर- दो ने 836 डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर लंबित बिल जमा राशि जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा डिफाल्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाते हुए बिजली कनेक्शन अस्थायी तौर पर काट दिए हैं। अस्थायी तौर पर कनेक्शन कटने के बाद डिफाल्टर उपभोक्ताओं को दोबारा से कनेक्शन बहाली हेतु लंबित बिल राशि के अलावा अढ़ाई सौ रुपए का अतिरिक्त चार्ज देना होगा। बिजली बोर्ड की इस कड़ी कार्रवाई की भनक लगते ही डिफाल्टर उपभोक्ताओं में हडक़ंप मच गया है। बिजली बोर्ड चंबा उपमंडल-दो के सहायक अभियंता अजय कुमार ने खबर की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार बिजली बोर्ड उपमंडल नं-दो की ओर से खज्जियार अनुभाग के 151, चनेड़ के 169, सरोल के 220, मरेड़ी के 129 व साहो के 167 चिन्हित डिफाल्टर उपभोक्ताओं से करीब सोलह लाख रुपए की बकाया बिल राशि वसूलनी है। मगर डिफाल्टरों ने बिजली बोर्ड प्रबंधन की ओर से नोटिस जारी होने के बाद भी बकाया बिल राशि जमा करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके चलते चिन्हित 836 डिफाल्टरों को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर लंबित बिल राशि जमा करवाने को कहा है। बिजली बोर्ड उपमंडल नं-दो के सहायक अभियता अजय कुमार ने बताया कि 836 डिफाल्टर उपभोक्ताओं को सात दिनों के भीतर लंबित बिल राशि जमा करवाने को लेकर अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित अवधि में बिल राशि जमा न करवाने की सूरत में डिफाल्टरों के बिजली कनेक्शन अस्थायी तौर पर काटने के आदेश जारी करने के साथ ही टीमें फील्ड में भेज दी जाएंगी।
बिजली बोर्ड उपमंडल नंबर- दो ने आठ सौ छत्तीस डिफाल्टर उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर लंबित बिल जमा राशि जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। अन्यथा डिफाल्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाते हुए बिजली कनेक्शन अस्थायी तौर पर काट दिए हैं। अस्थायी तौर पर कनेक्शन कटने के बाद डिफाल्टर उपभोक्ताओं को दोबारा से कनेक्शन बहाली हेतु लंबित बिल राशि के अलावा अढ़ाई सौ रुपए का अतिरिक्त चार्ज देना होगा। बिजली बोर्ड की इस कड़ी कार्रवाई की भनक लगते ही डिफाल्टर उपभोक्ताओं में हडक़ंप मच गया है। बिजली बोर्ड चंबा उपमंडल-दो के सहायक अभियंता अजय कुमार ने खबर की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार बिजली बोर्ड उपमंडल नं-दो की ओर से खज्जियार अनुभाग के एक सौ इक्यावन, चनेड़ के एक सौ उनहत्तर, सरोल के दो सौ बीस, मरेड़ी के एक सौ उनतीस व साहो के एक सौ सरसठ चिन्हित डिफाल्टर उपभोक्ताओं से करीब सोलह लाख रुपए की बकाया बिल राशि वसूलनी है। मगर डिफाल्टरों ने बिजली बोर्ड प्रबंधन की ओर से नोटिस जारी होने के बाद भी बकाया बिल राशि जमा करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसके चलते चिन्हित आठ सौ छत्तीस डिफाल्टरों को अंतिम चेतावनी नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर लंबित बिल राशि जमा करवाने को कहा है। बिजली बोर्ड उपमंडल नं-दो के सहायक अभियता अजय कुमार ने बताया कि आठ सौ छत्तीस डिफाल्टर उपभोक्ताओं को सात दिनों के भीतर लंबित बिल राशि जमा करवाने को लेकर अंतिम चेतावनी नोटिस जारी किए गए हैं। निर्धारित अवधि में बिल राशि जमा न करवाने की सूरत में डिफाल्टरों के बिजली कनेक्शन अस्थायी तौर पर काटने के आदेश जारी करने के साथ ही टीमें फील्ड में भेज दी जाएंगी।
India vs Australia 2nd ODI: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही पांच मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मैच आज नागपुर का विदर्भ क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेला जाएगा। आत्मविश्वास से भरी टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में मंगलवार को होने वाले दूसरे वनडे में जीत का चौका लगाने और सीरीज में 2-0 की बढ़त बनाने के मजबूत इरादे से उतरेगी। बता दें कि विराट कोहली की अगुआई में भारत ने शनिवार को पहले वनडे में 6 विकेट से जीत हासिल की थी। विश्व कप से पहले भारत को अब सिर्फ चार वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच और खेलने हैं। ऐसे में मेजबान टीम 'दो उपलब्ध स्थानों' के लिए सही विकल्प चुनने की कोशिश करेगी। बाकी खिलाड़ियों का टीम में स्थान लगभग तय है। हैदराबाद में विफल रहे शिखर धवन को एक और मौका मिलने की उम्मीद है। ऐसे में लोकेश राहुल के खेलने की संभावना कम है, लेकिन अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।
India vs Australia दोnd ODI: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही पांच मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मैच आज नागपुर का विदर्भ क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेला जाएगा। आत्मविश्वास से भरी टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नागपुर में मंगलवार को होने वाले दूसरे वनडे में जीत का चौका लगाने और सीरीज में दो-शून्य की बढ़त बनाने के मजबूत इरादे से उतरेगी। बता दें कि विराट कोहली की अगुआई में भारत ने शनिवार को पहले वनडे में छः विकेट से जीत हासिल की थी। विश्व कप से पहले भारत को अब सिर्फ चार वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच और खेलने हैं। ऐसे में मेजबान टीम 'दो उपलब्ध स्थानों' के लिए सही विकल्प चुनने की कोशिश करेगी। बाकी खिलाड़ियों का टीम में स्थान लगभग तय है। हैदराबाद में विफल रहे शिखर धवन को एक और मौका मिलने की उम्मीद है। ऐसे में लोकेश राहुल के खेलने की संभावना कम है, लेकिन अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह इसका पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।
राज्य में भैंसों की पारंपरिक वार्षिक दौड़ कंबाला पर लगे प्रतिबंध के विरोध में प्रदर्शन तेज हो गया है। इसके वाद कर्नाटक कैबिनेट पशु क्रूरता कानून के प्रावधानों में संशोधन का फैसला किया है, ताकि कंबाला के आयोजन का रास्ता साफ हो सके। इसके लिए जल्द ही विधानसभा में बिल लाया जाएगा। इससे पहले शनिवार को दक्षिण कन्नड़ जिले में शनिवार को हजारों लोगों ने कंबाला के समर्थन में रैली का आयोजन किया। कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदर्शनकारियों ने 200 बैलगाड़ियों के साथ करीब चार किलोमीटर की रैली की। यह विरोध प्रदर्शन स्वराज मैदान से शुरू होकर कडलकेर निसर्गधम कंबाला ट्रैक पर खत्म हुआ। प्रदर्शनकारी जलीकट्टू की तरह कंबाला के लिए भी अध्यादेश लाने की मांग कर रहे थे। समर्थकों का कहना था कि यह 800 साल पुराना खेल है तथा उनकी परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा, हम भैसों को अपने बच्चे की तरह पालते हैं और इस खेल में जलीकट्टू की तरह कोई हिंसा भी नहीं होती है। यह मामला अभी कर्नाटक हाई कोर्ट में है तथा 31 जनवरी को इसकी अगली सुनवाई है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
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आज हम आपको वेदों के दो बार रचे जाने की रोचक कथा के बारे में बताने जा रहे हैं। Vedas: वेदों को सनातन धर्म का आधार और भारतीय सभ्यता का पावन साहित्य माना जाता है। हिन्दु धर्म की सबसे प्राचीन आधारशिला वेद ही हैं। माना जाता है कि हिन्दू धर्म में जितने भी ग्रंथ हैं, पुराण हैं, शास्त्र हैं, ज्योतिष, वास्तु और आयुर्वेद का ज्ञान है सब कुछ वेदों से ही उत्पन्न हुआ है। हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स का कहना है कि जब भगवान विष्णु ने सृष्टि की रचना के बारे में सोचा तब उन्होंने सबसे पहले ब्रह्म देव को अपनी नाभि से प्रकट किया और उन्हें ब्रह्मांड की उत्पति और सृजन का कार्य सौंप दिया। - ब्रह्म देव में अहम के कारण ज्ञान की कमी थी। इसी कारण से उन्होंने भगवान विष्णु की घोर तपस्या की और वरदान स्वरूप उनसे ज्ञान प्राप्त किया। जब एक बार देवर्षि नारद (नारद जी ने क्यों दिया था नारायण को श्राप) जो ब्रह्मा जी के पुत्र भी हैं उनसे इसी ज्ञान का सार जानने ब्रह्मा जी के पास पहुंचे तब ब्रह्मा जी ने सर्वप्रथम देवर्षि नारद को ज्ञान श्रवण कराया। - ब्रह्मा जी के मुख से निकल रहे शब्द अपने आप हवा में एक किताब पर लिखे लेख की तरह अंकित होते चले गए और स्वतः ही वेदों का निर्माण हो गया। माना जाता है कि वेदों को सबसे पहले ब्रह्म देव ने रचा था जिसके बाद ब्रह्म देव से वेदों का ज्ञान सप्त ऋषियों (कौन हैं सप्तऋषि) को प्राप्त हुआ और उनसे अन्य ऋषिगणों को। - समय-समय पर वेदों को कई ऋषियों द्वारा लिखे जाने का प्रयास होने लगा लेकिन ब्रह्म देव ने जिस ज्ञान को वेदों में अंकित किया था वह क्लिष्ट संस्कृत में था इसी कारण से कोई भी वेदों को लिखने में असमर्थ था। - बाद में द्वापर युग के अंत के दौरान महऋषि वेदव्यास ने सभी वेदों और पुराणों को लिखने की ठानी और वेदों के विस्तारित स्वरूप को संक्षिप्त रूप में बदल दिया और वेदों को चार भाग में बांट दिया जिनका नाम पड़ा- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। यानी कि वेदों की भाषा को आम मनुष्यों द्वारा समझा जा सके इतना सरल बना दिया। - जब महर्षि वेदव्यास ने वेदों को सरल रूप देकर मनुष्य तक पहुंचाया तब लगभग 6000 B। C का समय था। मगर शोध कर्ताओं ने इस समय को वेदों की आयु घोषित कर दिया जबकि असल वेदों का निर्माण तो सृष्टि की रचना से भी पहले ही हो गया था। तो इस तरह वेदों को दो बार रचा गया, एक ब्रह्म देव द्वारा और दूसरी बार महर्षि वेदव्यास द्वारा। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia. com पर हमसे संपर्क करें।
आज हम आपको वेदों के दो बार रचे जाने की रोचक कथा के बारे में बताने जा रहे हैं। Vedas: वेदों को सनातन धर्म का आधार और भारतीय सभ्यता का पावन साहित्य माना जाता है। हिन्दु धर्म की सबसे प्राचीन आधारशिला वेद ही हैं। माना जाता है कि हिन्दू धर्म में जितने भी ग्रंथ हैं, पुराण हैं, शास्त्र हैं, ज्योतिष, वास्तु और आयुर्वेद का ज्ञान है सब कुछ वेदों से ही उत्पन्न हुआ है। हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट डॉ राधाकांत वत्स का कहना है कि जब भगवान विष्णु ने सृष्टि की रचना के बारे में सोचा तब उन्होंने सबसे पहले ब्रह्म देव को अपनी नाभि से प्रकट किया और उन्हें ब्रह्मांड की उत्पति और सृजन का कार्य सौंप दिया। - ब्रह्म देव में अहम के कारण ज्ञान की कमी थी। इसी कारण से उन्होंने भगवान विष्णु की घोर तपस्या की और वरदान स्वरूप उनसे ज्ञान प्राप्त किया। जब एक बार देवर्षि नारद जो ब्रह्मा जी के पुत्र भी हैं उनसे इसी ज्ञान का सार जानने ब्रह्मा जी के पास पहुंचे तब ब्रह्मा जी ने सर्वप्रथम देवर्षि नारद को ज्ञान श्रवण कराया। - ब्रह्मा जी के मुख से निकल रहे शब्द अपने आप हवा में एक किताब पर लिखे लेख की तरह अंकित होते चले गए और स्वतः ही वेदों का निर्माण हो गया। माना जाता है कि वेदों को सबसे पहले ब्रह्म देव ने रचा था जिसके बाद ब्रह्म देव से वेदों का ज्ञान सप्त ऋषियों को प्राप्त हुआ और उनसे अन्य ऋषिगणों को। - समय-समय पर वेदों को कई ऋषियों द्वारा लिखे जाने का प्रयास होने लगा लेकिन ब्रह्म देव ने जिस ज्ञान को वेदों में अंकित किया था वह क्लिष्ट संस्कृत में था इसी कारण से कोई भी वेदों को लिखने में असमर्थ था। - बाद में द्वापर युग के अंत के दौरान महऋषि वेदव्यास ने सभी वेदों और पुराणों को लिखने की ठानी और वेदों के विस्तारित स्वरूप को संक्षिप्त रूप में बदल दिया और वेदों को चार भाग में बांट दिया जिनका नाम पड़ा- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। यानी कि वेदों की भाषा को आम मनुष्यों द्वारा समझा जा सके इतना सरल बना दिया। - जब महर्षि वेदव्यास ने वेदों को सरल रूप देकर मनुष्य तक पहुंचाया तब लगभग छः हज़ार B। C का समय था। मगर शोध कर्ताओं ने इस समय को वेदों की आयु घोषित कर दिया जबकि असल वेदों का निर्माण तो सृष्टि की रचना से भी पहले ही हो गया था। तो इस तरह वेदों को दो बार रचा गया, एक ब्रह्म देव द्वारा और दूसरी बार महर्षि वेदव्यास द्वारा। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे फेसबुक पर जरूर शेयर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। आपका इस बारे में क्या ख्याल है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia. com पर हमसे संपर्क करें।
एलन मस्क की नेटवर्थ 26,340 करोड़ डॉलर है. एलन मस्क ने ग्रेजुएशन के बाद सिलिकॉन वैली में एक इंटरनेट सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन दिया था. लेकिन मस्क का आवेदन अस्वीकार हो गया था. आज मस्क दुनिया के सबसे रईस शख्स हैं. मस्क की नेटवर्थ 26,340 करोड़ डॉलर है. मस्क इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला, स्पेसएक्स, न्यूरालिंक और द बोरिंग कंपनी के मालिक हैं. .
एलन मस्क की नेटवर्थ छब्बीस,तीन सौ चालीस करोड़ डॉलर है. एलन मस्क ने ग्रेजुएशन के बाद सिलिकॉन वैली में एक इंटरनेट सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी के लिए आवेदन दिया था. लेकिन मस्क का आवेदन अस्वीकार हो गया था. आज मस्क दुनिया के सबसे रईस शख्स हैं. मस्क की नेटवर्थ छब्बीस,तीन सौ चालीस करोड़ डॉलर है. मस्क इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला, स्पेसएक्स, न्यूरालिंक और द बोरिंग कंपनी के मालिक हैं. .
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उम्मीद जताई कि कारोबारी जल्द ही रुपए में विदेशी व्यापार का निपटान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के कई बैंक भारतीय बैंकों के साथ विशेष वोस्ट्रो खाते खोल रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ब्रिटेन, सिंगापुर और न्यूजीलैंड सहित 18 देशों के संबंधित बैंकों के साथ विशेष रुपया वोस्ट्रो खाता (एसआरवीए) खोलने के 60 अनुरोधों को मंजूरी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार दुनिया के कई देशों में रुपए में व्यापार करने के लिए भारत से संपर्क किया है। ये देश व्यापार के लिए डॉलर की जगह रुपए का इस्तेमाल चाहते हैं। इनमें ताजिकिस्तान, क्यूबा, लग्जमबर्ग और सूडान समेत कई अन्य देश भी शामिल हैं। समाचार एजेंसी के अनुसार जब यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ था तब भारत और रूस ने इसी प्रक्रिया के जरिए आपस में व्यापार किया था। भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से पिछले साल के जुलाई महीने से इस दिशा में काम किया जा रहा है। दुनिया के ऐसे में जिनके पास डॉलर की कमी है। वे भारतीय रुपए का इस्तेमाल कर सकते हैं। मलेशिया की तरफ से पहले ही भारतीय रुपए में व्यापार का ऐलान किया जा चुका है। गुजरात में चल रह सौराष्ट्र तमिल संगम में शिरकत करने के लिए राजकोट पहुंचे केंद्रीय पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्रीय बैंक इस मुद्दे पर विभिन्न देशों में अपने समकक्षों के साथ चर्चा कर रहा है। गोयल ने बेहद खुशी की बात है कि हम जल्द ही कई देशों के साथ रुपये में अंतरराष्ट्रीय व्यापार होते हुए देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और कनाडा जैसे विकसित क्षेत्रों के साथ मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत उन्नत चरणों में है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया भारत के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता करना चाहती है। उन्होंने कपड़ा क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन योजना के दूसरे चरण के बारे में कहा कि बहुत जल्द योजना की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उम्मीद जताई कि कारोबारी जल्द ही रुपए में विदेशी व्यापार का निपटान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के कई बैंक भारतीय बैंकों के साथ विशेष वोस्ट्रो खाते खोल रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्रिटेन, सिंगापुर और न्यूजीलैंड सहित अट्ठारह देशों के संबंधित बैंकों के साथ विशेष रुपया वोस्ट्रो खाता खोलने के साठ अनुरोधों को मंजूरी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार दुनिया के कई देशों में रुपए में व्यापार करने के लिए भारत से संपर्क किया है। ये देश व्यापार के लिए डॉलर की जगह रुपए का इस्तेमाल चाहते हैं। इनमें ताजिकिस्तान, क्यूबा, लग्जमबर्ग और सूडान समेत कई अन्य देश भी शामिल हैं। समाचार एजेंसी के अनुसार जब यूक्रेन युद्ध शुरू हुआ था तब भारत और रूस ने इसी प्रक्रिया के जरिए आपस में व्यापार किया था। भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से पिछले साल के जुलाई महीने से इस दिशा में काम किया जा रहा है। दुनिया के ऐसे में जिनके पास डॉलर की कमी है। वे भारतीय रुपए का इस्तेमाल कर सकते हैं। मलेशिया की तरफ से पहले ही भारतीय रुपए में व्यापार का ऐलान किया जा चुका है। गुजरात में चल रह सौराष्ट्र तमिल संगम में शिरकत करने के लिए राजकोट पहुंचे केंद्रीय पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्रीय बैंक इस मुद्दे पर विभिन्न देशों में अपने समकक्षों के साथ चर्चा कर रहा है। गोयल ने बेहद खुशी की बात है कि हम जल्द ही कई देशों के साथ रुपये में अंतरराष्ट्रीय व्यापार होते हुए देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और कनाडा जैसे विकसित क्षेत्रों के साथ मुक्त व्यापार समझौते के लिए बातचीत उन्नत चरणों में है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूरी दुनिया भारत के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता करना चाहती है। उन्होंने कपड़ा क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन योजना के दूसरे चरण के बारे में कहा कि बहुत जल्द योजना की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
अशेषप्राणिबुद्धीनां वासनास्तत्र संस्थिताः । ताभिः क्रोडीकृतं सर्वं तेन सर्वज्ञ ईरितः ।।१६१॥ सुषुप्ति काल के उस अज्ञान में [ जो कि सब का कारण है ] सम्पूर्ण प्राणियों की बुद्धियों की वासनायें निवास किये रहती हैं। उन सूक्ष्म वासनाओं ने इस सब जगत् को ही अपना विषय बना रक्खा है, इस कारण से उसको सर्वज्ञ कह दिया जाता है। [तात्पर्य यह है, कि सम्पूर्ण बुद्धियों की वासना वाला अज्ञान उस आनन्दमय की उपाधि है इसी से उसको सर्वज्ञ कहते हैं। ऐसा सर्वज्ञ यदि उसको समझें तो फिर उसकी सर्वज्ञता पर आक्षेप करने की कोई बात ही नहीं रह जाती। ] वासनानां परोक्षत्वात् सर्वज्ञत्वं न हीक्ष्यते । • सर्वबुद्धिषु तद् दृष्ट्वा वासनास्वनुमीयताम् ।।१६२॥ उसकी उपाधि रूपी जो वासनायें हैं, वे तो सदा परोक्ष ही रहती हैं। इसी कारण उसकी सर्वज्ञता का अनुभव किसी को भी नहीं होता। परन्तु सम्पूर्ण बुद्धियों [ को मिला कर फिर उन]में सर्वज्ञता को देखकर, वासनाओं में भी सर्वज्ञता को अनुमान से ही जान लेना चाहिये । विज्ञानमयमुख्येषु कोशेष्वन्यत्र चैव हि । अन्तस्तिष्ठन् यमयति तेनान्तर्यामितां व्रजेत् ॥१६३ ॥ विज्ञानमय आदि कोशों के तथा पृथिव्यादि भूतों के अन्दर बैठकर, इन सब को नियम में रखता रहता है, इसी से उसको 'अन्तर्यामी'[अन्दर रहकर नियमन करने वाला] कहा जाता है। यही अन्तर्यामी प्राणियों के पूर्व कर्मों के अनुसार चोर से
अशेषप्राणिबुद्धीनां वासनास्तत्र संस्थिताः । ताभिः क्रोडीकृतं सर्वं तेन सर्वज्ञ ईरितः ।।एक सौ इकसठ॥ सुषुप्ति काल के उस अज्ञान में [ जो कि सब का कारण है ] सम्पूर्ण प्राणियों की बुद्धियों की वासनायें निवास किये रहती हैं। उन सूक्ष्म वासनाओं ने इस सब जगत् को ही अपना विषय बना रक्खा है, इस कारण से उसको सर्वज्ञ कह दिया जाता है। [तात्पर्य यह है, कि सम्पूर्ण बुद्धियों की वासना वाला अज्ञान उस आनन्दमय की उपाधि है इसी से उसको सर्वज्ञ कहते हैं। ऐसा सर्वज्ञ यदि उसको समझें तो फिर उसकी सर्वज्ञता पर आक्षेप करने की कोई बात ही नहीं रह जाती। ] वासनानां परोक्षत्वात् सर्वज्ञत्वं न हीक्ष्यते । • सर्वबुद्धिषु तद् दृष्ट्वा वासनास्वनुमीयताम् ।।एक सौ बासठ॥ उसकी उपाधि रूपी जो वासनायें हैं, वे तो सदा परोक्ष ही रहती हैं। इसी कारण उसकी सर्वज्ञता का अनुभव किसी को भी नहीं होता। परन्तु सम्पूर्ण बुद्धियों [ को मिला कर फिर उन]में सर्वज्ञता को देखकर, वासनाओं में भी सर्वज्ञता को अनुमान से ही जान लेना चाहिये । विज्ञानमयमुख्येषु कोशेष्वन्यत्र चैव हि । अन्तस्तिष्ठन् यमयति तेनान्तर्यामितां व्रजेत् ॥एक सौ तिरेसठ ॥ विज्ञानमय आदि कोशों के तथा पृथिव्यादि भूतों के अन्दर बैठकर, इन सब को नियम में रखता रहता है, इसी से उसको 'अन्तर्यामी'[अन्दर रहकर नियमन करने वाला] कहा जाता है। यही अन्तर्यामी प्राणियों के पूर्व कर्मों के अनुसार चोर से
प्रयागराजः प्रयागराज में घूरपुर थाने की करमा चौकी क्षेत्र के अमान का पूरा गांव में मंगलवार को एक कोरोना पॉजिटिव निकलने से हड़कंप मच गया. गांव का एक युवक दमन दीव में रहकर नौकरी करता था. चार दिन पहले वह दमन दीव से गांव आया तो उसे घर से बाहर एक पेड़ के नीचे छप्पर डालकर कोरेन्टीन कर दिया गया था. इस बीच मंगलवार को उसकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई. खबर मिलते ही राजस्व टीम मौके पर पहुंची और गांव में आने वाले रास्तों को बांस बल्ली लगाकर बंद कर दिया गया. उपनिरीक्षक बालकृष्ण के नेतृत्व में करमा चौकी की टीम गांव में पहुची और लोगों से घर से बाहर न निकलने की अपील किया. हल्का लेखपाल राजेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि आशा बहू व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ जाकर गांव के रास्तों को सील कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि 21 जुलाई को चकघनश्याम दास गांव में बंगलौर से घर आया एक और युवक पॉजिटिव निकला है. एसडीएम द्वारा सूचना मिलने के बाद तुरंत मौके पर जाकर चकघनश्याम दास गांव में जाने वाले रास्तों को भी सील कराया जा रहा है. करमा चौकी क्षेत्र में आने वाले लगभग पचास छोटे बड़े गांवों व मजरों में पहली बार कोरोना पॉजिटिव मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है.
प्रयागराजः प्रयागराज में घूरपुर थाने की करमा चौकी क्षेत्र के अमान का पूरा गांव में मंगलवार को एक कोरोना पॉजिटिव निकलने से हड़कंप मच गया. गांव का एक युवक दमन दीव में रहकर नौकरी करता था. चार दिन पहले वह दमन दीव से गांव आया तो उसे घर से बाहर एक पेड़ के नीचे छप्पर डालकर कोरेन्टीन कर दिया गया था. इस बीच मंगलवार को उसकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई. खबर मिलते ही राजस्व टीम मौके पर पहुंची और गांव में आने वाले रास्तों को बांस बल्ली लगाकर बंद कर दिया गया. उपनिरीक्षक बालकृष्ण के नेतृत्व में करमा चौकी की टीम गांव में पहुची और लोगों से घर से बाहर न निकलने की अपील किया. हल्का लेखपाल राजेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि आशा बहू व स्वास्थ्य कर्मियों के साथ जाकर गांव के रास्तों को सील कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि इक्कीस जुलाई को चकघनश्याम दास गांव में बंगलौर से घर आया एक और युवक पॉजिटिव निकला है. एसडीएम द्वारा सूचना मिलने के बाद तुरंत मौके पर जाकर चकघनश्याम दास गांव में जाने वाले रास्तों को भी सील कराया जा रहा है. करमा चौकी क्षेत्र में आने वाले लगभग पचास छोटे बड़े गांवों व मजरों में पहली बार कोरोना पॉजिटिव मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है.
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई। (प्रतीकात्मक तस्वीर) दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने शुक्रवार को यहां बताया कि जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गणेश बहार नाले के पास एक कार पेड़ से टकरा गई। इस घटना में कार सवार पांच लोगों की मौत हो गई। पल्लव ने बताया कि कार जगदलपुर से बारसूर की ओर रवाना हुई थी। जब वह गणेश बहार नाले के पास पहुंची तब घने जंगल की वजह से कार चालक शायद मोड़ का अंदाजा नहीं लगा सका और कार पेड़ से जा टकराई। इस घटना में कार सवार सभी लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतकों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के उप अभियंता सुरेंद्र ठाकुर (45), रामधार पांडे (42), अनिल परसूल (30), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का जवान सुखलाल पांडे (25) और राजशेखर लंबाडी (23) शामिल हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया सभी बीजापुर जिले के निवासी थे। पुलिस को जानकारी मिली है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जगदलपुर से कार्य पूर्ण होने के बाद बीजापुर लौट रहे थे, तब रास्ते में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में सड़क दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई। दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने शुक्रवार को यहां बताया कि जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गणेश बहार नाले के पास एक कार पेड़ से टकरा गई। इस घटना में कार सवार पांच लोगों की मौत हो गई। पल्लव ने बताया कि कार जगदलपुर से बारसूर की ओर रवाना हुई थी। जब वह गणेश बहार नाले के पास पहुंची तब घने जंगल की वजह से कार चालक शायद मोड़ का अंदाजा नहीं लगा सका और कार पेड़ से जा टकराई। इस घटना में कार सवार सभी लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतकों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के उप अभियंता सुरेंद्र ठाकुर , रामधार पांडे , अनिल परसूल , छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का जवान सुखलाल पांडे और राजशेखर लंबाडी शामिल हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया सभी बीजापुर जिले के निवासी थे। पुलिस को जानकारी मिली है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी जगदलपुर से कार्य पूर्ण होने के बाद बीजापुर लौट रहे थे, तब रास्ते में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
दुनियाभर में लगातार फैलते जा रहे कोरोना वायरस का कहर के आग हर कोई हिम्मत हार चुका है. हर दिन इस वायरस के कारण दुनियाभर में मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा. तो वहीं विश्व के एक से बढ़कर एक वैज्ञानिक इस वायरस का तोड़ ढूंढ़ने में दिन रात एक कर रहे है. इतना ही नहीं इस वायरस के प्रकोप को काम करने के लिए अलग अलग तरह के शोध किए जा रहे है. लेकिन अब भी यह नहीं कहा जा सकता है की इससे कब तक निजात मिल सकता है. मिली जानकारी के अनुसार आधे से ज्यादा प्रांतों में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से अफोर्डेबल केयर एक्ट को पलटने का आग्रह किया है. इसे ओबामा केयर के नाम से जाना जाता है. जंहा सरकार ने बताया कि कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए आर्थिक बंदी के बीच अपना स्वास्थ्य बीमा खोने वाले करीब 5 लाख लोगों ने हेल्थकेयर डॉट जीओवी के माध्यम से कवरेज प्राप्त किया है. प्रशासन की वैधानिक टिप्पणी में वायरस के बारें में कोई भी बात नहीं की गई है. यदि कोर्ट प्रशासन से सहमत हो जाता है तो उस स्थिति में दो करोड़ से ज्यादा अमेरिकी अपना स्वास्थ्य कवरेज खो देंगे. पहले से ही स्वास्थ्य की गंभीर स्थितियों का सामना कर रहे लोगों का संरक्षण भी समाप्त हो जाएगा और वे खतरे में घिर जाएंगे.
दुनियाभर में लगातार फैलते जा रहे कोरोना वायरस का कहर के आग हर कोई हिम्मत हार चुका है. हर दिन इस वायरस के कारण दुनियाभर में मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा. तो वहीं विश्व के एक से बढ़कर एक वैज्ञानिक इस वायरस का तोड़ ढूंढ़ने में दिन रात एक कर रहे है. इतना ही नहीं इस वायरस के प्रकोप को काम करने के लिए अलग अलग तरह के शोध किए जा रहे है. लेकिन अब भी यह नहीं कहा जा सकता है की इससे कब तक निजात मिल सकता है. मिली जानकारी के अनुसार आधे से ज्यादा प्रांतों में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से अफोर्डेबल केयर एक्ट को पलटने का आग्रह किया है. इसे ओबामा केयर के नाम से जाना जाता है. जंहा सरकार ने बताया कि कोविड-उन्नीस को फैलने से रोकने के लिए आर्थिक बंदी के बीच अपना स्वास्थ्य बीमा खोने वाले करीब पाँच लाख लोगों ने हेल्थकेयर डॉट जीओवी के माध्यम से कवरेज प्राप्त किया है. प्रशासन की वैधानिक टिप्पणी में वायरस के बारें में कोई भी बात नहीं की गई है. यदि कोर्ट प्रशासन से सहमत हो जाता है तो उस स्थिति में दो करोड़ से ज्यादा अमेरिकी अपना स्वास्थ्य कवरेज खो देंगे. पहले से ही स्वास्थ्य की गंभीर स्थितियों का सामना कर रहे लोगों का संरक्षण भी समाप्त हो जाएगा और वे खतरे में घिर जाएंगे.
आजमा फलाह (Azma Fallah) 'लॉक अप' (Lock Upp) की वही कंटेस्टेंट हैं, जिनपर हाथ उठाने वजह से एक्टर जीशान (Zeeshan Khan) को शो से बाहर का रास्ता दिखाया गया था. ऑल्ट बालाजी के रियलिटी शो 'लॉक अप' (Lock Upp)के आज के 'जजमेंट डे' एपिसोड में कंगना रनौत ने सभी कंटेस्टेंट्स की जमकर क्लास ली. हालांकि सबसे पहले एपिसोड की शुरुआत में कंगना (Kangana Ranaut) ने आजमा फलाह से माफी मांगी. कंगना ने कहा कि उन्होंने इस हफ्ते के सारे एपिसोड्स देखे लेकिन वह सोमवार के एपिसोड को वह अपने दिमाग से हटा नहीं पा रही हैं और इसलिए वह सबसे पहले आजमा (Azma Fallah) से 'लॉक अप' की पूरी टीम की तरफ से माफी मांगना चाहती हैं. इतना ही नहीं कंगना रनौत ने प्रिंस नरूला, मुनव्वर और सायशा को भी उनका आजमा का साथ न देने के लिए खूब डांट लगाईं. कंगना ने प्रिंस और मुनव्वर से भी यही सवाल पूछा कि उन्होंने यह जरुरी नहीं समझा कि आजमा के साथ उन्हें खड़े रहना चाहिए ?" कंगना की यह बात सुनकर प्रिंस ने कंगना से कहा कि इस पूरी बात को लेकर मैं आजमा से माफी मांगना चाहता हूं और मैंने उस दिन भी उससे माफी मांगी. मुनव्वर ने भी अपनी सफाई देते हुए यह कहा कि जब आजमा के साथ हाथापाई हुईं, तब वह उस जगह पर मौजूद नहीं थे लेकिन जब उन्होंने वीडियो में वह फुटेज देखा, तब उन्हें यह एहसास हुआ कि आजमा के साथ गलत हुआ है. पायल रोहतगी और शिवम इस पूरे मामलें में आजमा के साथ थे. कंगना ने इस बारें में भी 'जजमेंट डे' पर बातें की. जहां बाकि सब को क्वीन एक्ट्रेस ने काफी डांट लगाईं, वहां शिवम शर्मा और पायल रोहतगी की कंगना रनौत ने जमकर तारीफ की गई. उन्होंने कहा कि जिस तरह से तुमने आजमा का साथ दिया है और उसके बचाव में आप दोनों आगे आए, वह बिलकुल सही कदम था. आपकी जगह अगर मैं 'लॉक अप' में होती, तो मैं भी यही फैसला लेती. उस पूरे मामले में सिर्फ आप तीनो यानी आजमा फलाह, पायल रोहतगी और शिवम ही सही थे.
आजमा फलाह 'लॉक अप' की वही कंटेस्टेंट हैं, जिनपर हाथ उठाने वजह से एक्टर जीशान को शो से बाहर का रास्ता दिखाया गया था. ऑल्ट बालाजी के रियलिटी शो 'लॉक अप' के आज के 'जजमेंट डे' एपिसोड में कंगना रनौत ने सभी कंटेस्टेंट्स की जमकर क्लास ली. हालांकि सबसे पहले एपिसोड की शुरुआत में कंगना ने आजमा फलाह से माफी मांगी. कंगना ने कहा कि उन्होंने इस हफ्ते के सारे एपिसोड्स देखे लेकिन वह सोमवार के एपिसोड को वह अपने दिमाग से हटा नहीं पा रही हैं और इसलिए वह सबसे पहले आजमा से 'लॉक अप' की पूरी टीम की तरफ से माफी मांगना चाहती हैं. इतना ही नहीं कंगना रनौत ने प्रिंस नरूला, मुनव्वर और सायशा को भी उनका आजमा का साथ न देने के लिए खूब डांट लगाईं. कंगना ने प्रिंस और मुनव्वर से भी यही सवाल पूछा कि उन्होंने यह जरुरी नहीं समझा कि आजमा के साथ उन्हें खड़े रहना चाहिए ?" कंगना की यह बात सुनकर प्रिंस ने कंगना से कहा कि इस पूरी बात को लेकर मैं आजमा से माफी मांगना चाहता हूं और मैंने उस दिन भी उससे माफी मांगी. मुनव्वर ने भी अपनी सफाई देते हुए यह कहा कि जब आजमा के साथ हाथापाई हुईं, तब वह उस जगह पर मौजूद नहीं थे लेकिन जब उन्होंने वीडियो में वह फुटेज देखा, तब उन्हें यह एहसास हुआ कि आजमा के साथ गलत हुआ है. पायल रोहतगी और शिवम इस पूरे मामलें में आजमा के साथ थे. कंगना ने इस बारें में भी 'जजमेंट डे' पर बातें की. जहां बाकि सब को क्वीन एक्ट्रेस ने काफी डांट लगाईं, वहां शिवम शर्मा और पायल रोहतगी की कंगना रनौत ने जमकर तारीफ की गई. उन्होंने कहा कि जिस तरह से तुमने आजमा का साथ दिया है और उसके बचाव में आप दोनों आगे आए, वह बिलकुल सही कदम था. आपकी जगह अगर मैं 'लॉक अप' में होती, तो मैं भी यही फैसला लेती. उस पूरे मामले में सिर्फ आप तीनो यानी आजमा फलाह, पायल रोहतगी और शिवम ही सही थे.
झांसी : झांसी पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल उस वीडियो की जांच शुरू कर दी है जिसमें एक शख्स को तिरंगे से तरबूजों को झाड़ते-पोंछते दिखाया गया है। यह घटना झांसी के समथर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने इस घटना को संज्ञान में लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। 32 सकेंड के वीडियो में एक शख्स दुकान में रखे तरबूजों के ढेर से तरबूज निकाल कर उस पर लगे धूल को तिरंगे से झाड़ रहा है। बताया जाता है कि जब शख्स ऐसी करतूत को अंजाम दे रहा था उसी वक्त किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में रोष व्याप्त हो गया। पुलिस ने इस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ऐसा नहीं है तिरंगे के अपमान से जुड़ी यह कोई पहली घटना हुई है। इससे पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है और वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने कार्रवाई भी की है। दिल्ली पुलिस ने 52 साल के एक शख्स को तिरंगे के अपमान के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह शख्स तिरंगे से अपनी टू-व्हीलर को साफ कर रहा था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने शख्स पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था।
झांसी : झांसी पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल उस वीडियो की जांच शुरू कर दी है जिसमें एक शख्स को तिरंगे से तरबूजों को झाड़ते-पोंछते दिखाया गया है। यह घटना झांसी के समथर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने इस घटना को संज्ञान में लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। बत्तीस सकेंड के वीडियो में एक शख्स दुकान में रखे तरबूजों के ढेर से तरबूज निकाल कर उस पर लगे धूल को तिरंगे से झाड़ रहा है। बताया जाता है कि जब शख्स ऐसी करतूत को अंजाम दे रहा था उसी वक्त किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में रोष व्याप्त हो गया। पुलिस ने इस वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ऐसा नहीं है तिरंगे के अपमान से जुड़ी यह कोई पहली घटना हुई है। इससे पहले भी इस तरह की घटना हो चुकी है और वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने कार्रवाई भी की है। दिल्ली पुलिस ने बावन साल के एक शख्स को तिरंगे के अपमान के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह शख्स तिरंगे से अपनी टू-व्हीलर को साफ कर रहा था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने शख्स पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था।
Jamshsepur (Ashok Kumar) : परसुडीह थाना क्षेत्र के सालगाझड़ी रेलवे फाटक के किनारे गालुडीह से आकर ताड़ी बेचनेवाले मामा और भगिना पर दो बाइक सवार युवकों ने सोमवार की सुबह इस कारण से बोतल फोड़कर चेहरे पर हमला कर दिया कि उसने ताड़ी का पैसा मांगा था. घटना में मामा टुनटुन चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया है. घटना के समय वहां के दुकानदारों ने ही दोनों बाइक सवार को दबोच लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया. घटना के बारे में बताया गया है कि गालुडीह हरचाली के रहनेवाले टुनटुन चौधरी और भगिना प्रदीप चौधरी सोमवार की सुबह सालगाझड़ी रेलवे फाटक के किनारे ताड़ी बेचने के लिये आये थे. इस बीच वे ताड़ी बेच रहे थे. सुबह 9. 53 बजे बाइक सवार दो युवक आया और ताड़ी पीया. ताड़ी का पैसा मांगने पर एक ने बीयर की बोतल तोड़कर प्रदीप के चेहरे पर हमला कर दिया. मामा टुनटुन ने जब घटना का विरोध किया तो उसपर बोतल फोड़कर हमला कर दिया गया. घटना में टुनटुन चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया है. घटना के बाद वहां के दुकानदारों ने ही दोनों को इलाज के लिये एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया है. वहां पर पड़ोस के दुकानदारों ने दोनों बाइक सवार युवकों को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है. इधर परसुडीह पुलिस का कहना है कि घटना के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
Jamshsepur : परसुडीह थाना क्षेत्र के सालगाझड़ी रेलवे फाटक के किनारे गालुडीह से आकर ताड़ी बेचनेवाले मामा और भगिना पर दो बाइक सवार युवकों ने सोमवार की सुबह इस कारण से बोतल फोड़कर चेहरे पर हमला कर दिया कि उसने ताड़ी का पैसा मांगा था. घटना में मामा टुनटुन चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया है. घटना के समय वहां के दुकानदारों ने ही दोनों बाइक सवार को दबोच लिया और पुलिस के सुपुर्द कर दिया. घटना के बारे में बताया गया है कि गालुडीह हरचाली के रहनेवाले टुनटुन चौधरी और भगिना प्रदीप चौधरी सोमवार की सुबह सालगाझड़ी रेलवे फाटक के किनारे ताड़ी बेचने के लिये आये थे. इस बीच वे ताड़ी बेच रहे थे. सुबह नौ. तिरेपन बजे बाइक सवार दो युवक आया और ताड़ी पीया. ताड़ी का पैसा मांगने पर एक ने बीयर की बोतल तोड़कर प्रदीप के चेहरे पर हमला कर दिया. मामा टुनटुन ने जब घटना का विरोध किया तो उसपर बोतल फोड़कर हमला कर दिया गया. घटना में टुनटुन चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गया है. घटना के बाद वहां के दुकानदारों ने ही दोनों को इलाज के लिये एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया है. वहां पर पड़ोस के दुकानदारों ने दोनों बाइक सवार युवकों को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया है. इधर परसुडीह पुलिस का कहना है कि घटना के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल (हे.) ।1 - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसे1950 ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा 117 - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ( नदारद ) ।1क(क) - रिक्त ( नदारद ) ।1-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ( नदारद ) ।2 - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ।3 - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ( नदारद ) ।4 - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ 4 में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ( नदारद ) ।4-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -(क)जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ( नदारद ) ।4-क(ख) - अन्य भूमि । ( नदारद ) ।5-1 - कृषि योग्य भूमि - नई परती (परतीजदीद) ।5-2 - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती (परतीकदीम) ( नदारद ) ।5-3-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ( नदारद ) ।5-3-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ( नदारद ) ।5-3-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ( नदारद ) ।5-3-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ( नदारद ) ।5-3-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ।5-क (क) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ( नदारद ) ।5-क (ख) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ( नदारद ) ।5-क (ग) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ( नदारद ) ।6-1 - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।6-2 - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। ।6-3 - कब्रिस्तान और श्मशान (मरघट) , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ( नदारद ) ।6-4 - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ( नदारद ) ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल ।एक - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसेएक हज़ार नौ सौ पचास ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा एक सौ सत्रह - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ।एकक - रिक्त ।एक-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ।दो - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ।तीन - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ।चार - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ चार में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ।चार-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ।चार-क - अन्य भूमि । ।पाँच-एक - कृषि योग्य भूमि - नई परती ।पाँच-दो - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती ।पाँच-तीन-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ।पाँच-तीन-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ।पाँच-तीन-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ।पाँच-तीन-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ।पाँच-तीन-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ।छः-एक - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।छः-दो - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। ।छः-तीन - कब्रिस्तान और श्मशान , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ।छः-चार - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
*अस्वीकरणः इस पृष्ठ में प्रदर्शित तस्वीरें उपयोगकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत की जाती हैं और माना जाता है कि वे सार्वजनिक डोमेन से ली गयी हैं। इन तस्वीरों का कॉपीराइट उनके मूल प्रकाशक / फोटोग्राफर का है। यदि आपको लगता है कि ये फोटोज़ आपकी हैं या आपको लगता है कि आपके कॉपीराइट का उल्लंघन किया गया है, तो कृपया ([email protected]) पर हमें बतायें। हम तुरंत उन तस्वीरों को हटा देंगे।
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New Delhi/Alive News: केंद्रीय विद्यालय संगठन ने शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में एडमिशन के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके अनुसार, कक्षा 1 में एडमिशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 28 फरवरी को सुबह 10 बजे शुरू होगा और 21 मार्च, 2022 तक चलेगा। वहीं NEP 2020 के अनुसार, कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु भी बढ़ा दी है। इसके तहत, अब बच्चे की आयु 6 साल होगी। हालांकि पहले बच्चे की उम्र पांच साल थी। ऑफिशियल नोटिस के अनुसार, कक्षा 2 और उससे आगे की कक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन 8 अप्रैल, 2022 से 16 अप्रैल, 2022 शाम 4:00 बजे तक होगा। वहीं कक्षा 11 के लिए एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म एडमिशन के लिए स्कूल की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। सभी कैटेगरी की उम्र की गिनती 31 मार्च 2022 तक की जाएगी। केवीएस पहली क्लास के लिए एडमिशन लिस्ट तीन बार जारी की जाएगी। जारी शेड्यूल के अनुसार, पहली लिस्ट 25 मार्च, दूसरी लिस्ट 1 अप्रैल और तीसरी लिस्ट 8 अप्रैल को ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की जाएगी। लिस्ट जारी होने के बाद पेरेंट्स आगे की एडमिशन प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट kvsonlineadmission. kvs. gov. in पर क्लिक करें। उपयुक्त प्रवेश लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद जरूरी डिटेल्स भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। आगे बढ़ने के लिए सबमिट बटन पर क्लिक करें। एक बार सबमिट हो जाने के बाद आगे की जरूरत के लिए एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट लेकर रख लें।
New Delhi/Alive News: केंद्रीय विद्यालय संगठन ने शैक्षणिक वर्ष दो हज़ार बाईस-तेईस में एडमिशन के लिए शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके अनुसार, कक्षा एक में एडमिशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रोसेस अट्ठाईस फरवरी को सुबह दस बजे शुरू होगा और इक्कीस मार्च, दो हज़ार बाईस तक चलेगा। वहीं NEP दो हज़ार बीस के अनुसार, कक्षा एक में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु भी बढ़ा दी है। इसके तहत, अब बच्चे की आयु छः साल होगी। हालांकि पहले बच्चे की उम्र पांच साल थी। ऑफिशियल नोटिस के अनुसार, कक्षा दो और उससे आगे की कक्षाओं के लिए रजिस्ट्रेशन आठ अप्रैल, दो हज़ार बाईस से सोलह अप्रैल, दो हज़ार बाईस शाम चार:शून्य बजे तक होगा। वहीं कक्षा ग्यारह के लिए एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म एडमिशन के लिए स्कूल की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। सभी कैटेगरी की उम्र की गिनती इकतीस मार्च दो हज़ार बाईस तक की जाएगी। केवीएस पहली क्लास के लिए एडमिशन लिस्ट तीन बार जारी की जाएगी। जारी शेड्यूल के अनुसार, पहली लिस्ट पच्चीस मार्च, दूसरी लिस्ट एक अप्रैल और तीसरी लिस्ट आठ अप्रैल को ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की जाएगी। लिस्ट जारी होने के बाद पेरेंट्स आगे की एडमिशन प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट kvsonlineadmission. kvs. gov. in पर क्लिक करें। उपयुक्त प्रवेश लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद जरूरी डिटेल्स भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। आगे बढ़ने के लिए सबमिट बटन पर क्लिक करें। एक बार सबमिट हो जाने के बाद आगे की जरूरत के लिए एडमिट कार्ड का प्रिंटआउट लेकर रख लें।
खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा में पुलिस ने ताजिया जुलूस के दौरान आपत्तिजनक नारे लगाने के आरोप में लगभग 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक 20 अगस्त को कोतवाली थाना क्षेत्र के तहत मुहर्रम के ताजिया जुलूस के लिए भीड़ जमा हुई थी। जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने एक धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। शिकायत के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। नारा हिन्दू धर्म के खिलाफ लगाए गए हैं। वहीं पुलिस ने आपत्तिजनक नारे लगा रहे लोगों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादंवि की सम्बद्ध धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक इस कृत में 10 से 15 लोग शामिल थे इनमें से 5 लोगों की पहचान की गई है। वहीं अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। हालांकि इस मामले में आरोपियों द्वारा किसी प्रकार के देशद्रोही नारे नहीं लगाए गए हैं। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में जांच कर रही है। अगर इस तरह का कोई मामला सामने आता है तो उसपर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इससे पहले उज्जैन में मुहर्रम के एक कार्यक्रम के दौरान 19 अगस्त को कथित तौर पर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के आरोप में अब तक दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें से चार लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया गया है।
खंडवा। मध्यप्रदेश के खंडवा में पुलिस ने ताजिया जुलूस के दौरान आपत्तिजनक नारे लगाने के आरोप में लगभग बीस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक बीस अगस्त को कोतवाली थाना क्षेत्र के तहत मुहर्रम के ताजिया जुलूस के लिए भीड़ जमा हुई थी। जुलूस के दौरान कुछ लोगों ने एक धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। शिकायत के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। नारा हिन्दू धर्म के खिलाफ लगाए गए हैं। वहीं पुलिस ने आपत्तिजनक नारे लगा रहे लोगों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादंवि की सम्बद्ध धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक इस कृत में दस से पंद्रह लोग शामिल थे इनमें से पाँच लोगों की पहचान की गई है। वहीं अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। हालांकि इस मामले में आरोपियों द्वारा किसी प्रकार के देशद्रोही नारे नहीं लगाए गए हैं। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में जांच कर रही है। अगर इस तरह का कोई मामला सामने आता है तो उसपर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इससे पहले उज्जैन में मुहर्रम के एक कार्यक्रम के दौरान उन्नीस अगस्त को कथित तौर पर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के आरोप में अब तक दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें से चार लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया गया है।
नालंदा जिले के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर में डेंगू का कहर देखने को मिल रहा है। इसको लेकर राजगीर नगर परिषद शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का प्रभाव पर काबू पाने के लिये अनुमंडल प्रशासन साफ-सफाई पर नजर बनाए हुए है। शुक्रवार को अनुमंडल अधिकारी अनीता सिन्हा शहर के विभिन्न वार्डों में घूम घूम कर साफ-सफाई और किये जा रहे छिड़काव का जायजा लिया। वहीं, लोगों से अपील किया कि अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें। कचरे को बेवजह सड़कों पर इधर-उधर नहीं फेंके। किसी भी प्रकार के अफवाह से बचें। उन्होंने हम सब मिलकर राजगीर को क्लीन राजगीर बनाये और इस डेंगू रूपी आपदा से निजात पायें, इसमे सबकी भागीदारी जरूरी है। एसडीओ ने कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद एवं प्रभारी डॉक्टर उमेश चंद्रा के साथ बैठक कर स्थिति का जयजा लिया। एसडीओ ने बताया कि 2 दिनों तक पूरे नगर क्षेत्र में एक मुहिम चलाया जा रहा है, जिसके तहत शहर के सभी वार्डों में ब्लीचिंग का छिड़काव ,एंटी लारवा ,फॉगिंग किया जा रहा है। इसके अलावे डेंगू से निपटने के लिये दो त्वरित रिस्पॉन्स टीम का गठन भी किया गया है , जबकि अनुमंडलीय कार्यालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित की गई है। अनुमंडल कार्यालय में स्थित नियंत्रण कक्ष में कोई भी सूचना 06212 295 152 पर दे सकेंगे। इसके अलावे कभी भी अनुमंडल पदाधिकारी एवं कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद का मोबाइल नंबर पर भी लोग डेंगू से संबंधित जानकारी दें। अभी तक कुल 65 डेंगू मरीज की पहचान हुई हैं। नगर पंचायत के द्वारा नगर परिषद के सभी वार्ड में छिड़काव की व्यवस्था कराई जा रही है। जबकि, पंचायत क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावे साफ-सफाई के लिये 90 सफाई कर्मी को हायर किया गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
नालंदा जिले के अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर में डेंगू का कहर देखने को मिल रहा है। इसको लेकर राजगीर नगर परिषद शहरी क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का प्रभाव पर काबू पाने के लिये अनुमंडल प्रशासन साफ-सफाई पर नजर बनाए हुए है। शुक्रवार को अनुमंडल अधिकारी अनीता सिन्हा शहर के विभिन्न वार्डों में घूम घूम कर साफ-सफाई और किये जा रहे छिड़काव का जायजा लिया। वहीं, लोगों से अपील किया कि अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें। कचरे को बेवजह सड़कों पर इधर-उधर नहीं फेंके। किसी भी प्रकार के अफवाह से बचें। उन्होंने हम सब मिलकर राजगीर को क्लीन राजगीर बनाये और इस डेंगू रूपी आपदा से निजात पायें, इसमे सबकी भागीदारी जरूरी है। एसडीओ ने कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद एवं प्रभारी डॉक्टर उमेश चंद्रा के साथ बैठक कर स्थिति का जयजा लिया। एसडीओ ने बताया कि दो दिनों तक पूरे नगर क्षेत्र में एक मुहिम चलाया जा रहा है, जिसके तहत शहर के सभी वार्डों में ब्लीचिंग का छिड़काव ,एंटी लारवा ,फॉगिंग किया जा रहा है। इसके अलावे डेंगू से निपटने के लिये दो त्वरित रिस्पॉन्स टीम का गठन भी किया गया है , जबकि अनुमंडलीय कार्यालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित की गई है। अनुमंडल कार्यालय में स्थित नियंत्रण कक्ष में कोई भी सूचना छः हज़ार दो सौ बारह दो सौ पचानवे एक सौ बावन पर दे सकेंगे। इसके अलावे कभी भी अनुमंडल पदाधिकारी एवं कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद का मोबाइल नंबर पर भी लोग डेंगू से संबंधित जानकारी दें। अभी तक कुल पैंसठ डेंगू मरीज की पहचान हुई हैं। नगर पंचायत के द्वारा नगर परिषद के सभी वार्ड में छिड़काव की व्यवस्था कराई जा रही है। जबकि, पंचायत क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावे साफ-सफाई के लिये नब्बे सफाई कर्मी को हायर किया गया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
फिल्म 'भारत' के प्रमोशन में बिजी सलमान खान ने हाल ही में मीडिया से बातचीत की और फिल्म 'भारत' के साथ साथ हमारे देश भारत के बारे में भी बहुत कुछ कहा. सलमान ने कहा कि "प्रधानमंत्री वो अच्छा, जो देश के लिए अच्छा हो. मुझे बाप जी (अटल बिहारी वाजपेयी) बहुत पसंद है, मैं उन्हें पर्सनली जानता भी था, वो बहुत ही अच्छे इंसान भी थे. लास्ट फिल्म जो वो बार बार देखते थे वो 'दबंग' थी. " बता दें कि अटल जी का देहांत 16 अगस्त 2018 को हुआ था. बॉलीवुड स्टार्स का पॉलिटिक्स में कदम रखना काफी आम है और जब इस बारे में सलमान से पूछा गया तो पॉलिटिक्स ज्वाइन करने पर अपनी राय देते हुए उन्होंने कहा, "नहीं मुझे कभी कोई पॉलिटिक्स ज्वाइन करने जैसा ऑफर नहीं आया और आएगा भी तो मुझे कोई इंट्रेस्ट नहीं है. " सलमान ने यह भी कहा कि देशभक्ति हर इंसान में जन्म से ही होती है. सभीं एक हैं, देशभक्त वो है जो ईमानदारी से चले, कोई चोरी, चकारी, मक्कारी, स्कैम करने वाले देशभक्त नहीं हैं. आप देशभक्त हो ही नहीं सकते अगर आप कोई स्कैम कर रहे हैं, बेईमानी कर रहे हैं. फिल्म 'भारत' में सलमान के साथ कैटरीना कैफ, दिशा पाटनी और जैकी श्रॉफ भी हैं और यह फिल्म इस साल 5 जून को रिलीज़ होगी.
फिल्म 'भारत' के प्रमोशन में बिजी सलमान खान ने हाल ही में मीडिया से बातचीत की और फिल्म 'भारत' के साथ साथ हमारे देश भारत के बारे में भी बहुत कुछ कहा. सलमान ने कहा कि "प्रधानमंत्री वो अच्छा, जो देश के लिए अच्छा हो. मुझे बाप जी बहुत पसंद है, मैं उन्हें पर्सनली जानता भी था, वो बहुत ही अच्छे इंसान भी थे. लास्ट फिल्म जो वो बार बार देखते थे वो 'दबंग' थी. " बता दें कि अटल जी का देहांत सोलह अगस्त दो हज़ार अट्ठारह को हुआ था. बॉलीवुड स्टार्स का पॉलिटिक्स में कदम रखना काफी आम है और जब इस बारे में सलमान से पूछा गया तो पॉलिटिक्स ज्वाइन करने पर अपनी राय देते हुए उन्होंने कहा, "नहीं मुझे कभी कोई पॉलिटिक्स ज्वाइन करने जैसा ऑफर नहीं आया और आएगा भी तो मुझे कोई इंट्रेस्ट नहीं है. " सलमान ने यह भी कहा कि देशभक्ति हर इंसान में जन्म से ही होती है. सभीं एक हैं, देशभक्त वो है जो ईमानदारी से चले, कोई चोरी, चकारी, मक्कारी, स्कैम करने वाले देशभक्त नहीं हैं. आप देशभक्त हो ही नहीं सकते अगर आप कोई स्कैम कर रहे हैं, बेईमानी कर रहे हैं. फिल्म 'भारत' में सलमान के साथ कैटरीना कैफ, दिशा पाटनी और जैकी श्रॉफ भी हैं और यह फिल्म इस साल पाँच जून को रिलीज़ होगी.
भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) ने गोवा में अपने 52वें संस्करण के दौरान भारतीय पैनोरमा खंड में प्रदर्शित होने वाली फिल्मों के चयन की घोषणा की है। इस महोत्सव का आयोजन भारत के फिल्म समारोह निदेशालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गोवा राज्य सरकार के सहयोग से 20 से 28 नवंबर, 2021 तक किया जा रहा है। महोत्सव के लिए पंजीकरण कराने वाले सभी लोग चयनित फिल्मों का आनंद उठा सकते हैं। गोवा में नौ दिनों तक चलने वाले फिल्म महोत्सव के दौरान सभी पंजीकृत डेलीगेटों और चयनित फिल्मों के प्रतिनिधि फिल्मों की स्क्रीनिंग में उपस्थिति होंगे। भारतीय पैनोरमा का प्राथमिक उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों के तहत इन फिल्मों की गैर-लाभकारी स्क्रीनिंग के माध्यम से फिल्म कला को बढ़ावा देने के लिए सिनेमाई, विषयगत और सौंदर्य उत्कृष्टता की फीचर और गैर-फीचर फिल्मों का चयन करना है। अपनी स्थापना के बाद से, भारतीय पैनोरमा वर्ष की सर्वश्रेष्ठ भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन के लिए पूरी तरह से समर्पित रहा है। फिल्मों का चयन करने वाली जूरी में भारतीय सिनेमा जगत के प्रख्यात फिल्मकार और फिल्मी हस्तियां शामिल थीं। फीचर और गैर-फीचर दोनों ही खंड की प्रतिष्ठित ज्यूरी अपनी विशेषज्ञता का प्रयोग करती है और आम सहमति के साथ समान योगदान देती हैं जिसके साथ भारतीय पैनोरमा के लिए फिल्मों का चयन होता है। आईएफएफआई के दौरान प्रदर्शन के लिए कुल 25 फीचर फिल्मों का चयन किया गया है। 221 समकालीन भारतीय फिल्मों के विस्तृत पूल से चयनित फीचर फिल्मों का पैकेज भारतीय फिल्म उद्योग की जीवंतता और विविधता को दर्शाता है। 12 सदस्यों वाली फीचर फिल्म जूरी की अध्यक्षता प्रशंसित फिल्म निर्माता और अभिनेता, श्री एस वी राजेंद्र सिंह बाबू ने की थी। फीचर जूरी में निम्नलिखित सदस्य थे जो व्यक्तिगत रूप से विभिन्न प्रशंसित फिल्मों, फिल्म निकायों और पेशे का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि सामूहिक रूप से विविध भारतीय फिल्म निर्माण समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैंः मंजुनाथ एस. (मंसूर) जूरी ने भारतीय पैनोरमा 2021 के फीचर फिल्म खंड के उद्घाटन के लिए सुश्री एमी बरुआ द्वारा निर्देशित फिल्म 'सेमखोर' (दिमासा) का चयन किया है। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के भारतीय पैनोरमा में भारतीय फिल्म उद्योग के गैर-फीचर वर्ग से जुड़े प्रख्यात जूरी सदस्यों द्वारा चयनित सामाजिक और सौंदर्यपूर्ण रूप से जीवंत गैर-फीचर फिल्मों का एक समकालीन पैकेज शामिल है। सात सदस्यों की गैर-फीचर जूरी का नेतृत्व प्रशंसित वृत्तचित्र फिल्म निर्माता श्री एस नल्लामुथु ने किया था। जूरी में निम्नलिखित सदस्य थेः 203 समकालीन भारतीय गैर-फीचर फिल्मों के विविध पूल से चयनित, फिल्मों का पैकेज हमारे उभरते और स्थापित फिल्मकारों की समकालीन भारतीय मूल्यों को दर्शाने, उनकी समीक्षा करने, मनोरंजन करने और साथ ही उन्हें प्रतिबिंबित करने की क्षमता को दिखाता है। आईएफएफआई के दौरान प्रदर्शन के लिए कुल 20 गैर-फीचर फिल्मों का चयन किया गया है। भारतीय पैनोरमा 2021 में चयनित 20 गैर-फीचर फिल्मों की सूची इस प्रकार हैः जूरी ने भारतीय पैनोरमा, 2021 की गैर-फीचर फिल्म खंड के उद्घाटन के लिए श्री राजीव प्रकाश द्वारा निर्देशित 'वेद... द विजनरी' (अंग्रेजी) का चयन किया है।
भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने गोवा में अपने बावनवें संस्करण के दौरान भारतीय पैनोरमा खंड में प्रदर्शित होने वाली फिल्मों के चयन की घोषणा की है। इस महोत्सव का आयोजन भारत के फिल्म समारोह निदेशालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गोवा राज्य सरकार के सहयोग से बीस से अट्ठाईस नवंबर, दो हज़ार इक्कीस तक किया जा रहा है। महोत्सव के लिए पंजीकरण कराने वाले सभी लोग चयनित फिल्मों का आनंद उठा सकते हैं। गोवा में नौ दिनों तक चलने वाले फिल्म महोत्सव के दौरान सभी पंजीकृत डेलीगेटों और चयनित फिल्मों के प्रतिनिधि फिल्मों की स्क्रीनिंग में उपस्थिति होंगे। भारतीय पैनोरमा का प्राथमिक उद्देश्य विभिन्न श्रेणियों के तहत इन फिल्मों की गैर-लाभकारी स्क्रीनिंग के माध्यम से फिल्म कला को बढ़ावा देने के लिए सिनेमाई, विषयगत और सौंदर्य उत्कृष्टता की फीचर और गैर-फीचर फिल्मों का चयन करना है। अपनी स्थापना के बाद से, भारतीय पैनोरमा वर्ष की सर्वश्रेष्ठ भारतीय फिल्मों के प्रदर्शन के लिए पूरी तरह से समर्पित रहा है। फिल्मों का चयन करने वाली जूरी में भारतीय सिनेमा जगत के प्रख्यात फिल्मकार और फिल्मी हस्तियां शामिल थीं। फीचर और गैर-फीचर दोनों ही खंड की प्रतिष्ठित ज्यूरी अपनी विशेषज्ञता का प्रयोग करती है और आम सहमति के साथ समान योगदान देती हैं जिसके साथ भारतीय पैनोरमा के लिए फिल्मों का चयन होता है। आईएफएफआई के दौरान प्रदर्शन के लिए कुल पच्चीस फीचर फिल्मों का चयन किया गया है। दो सौ इक्कीस समकालीन भारतीय फिल्मों के विस्तृत पूल से चयनित फीचर फिल्मों का पैकेज भारतीय फिल्म उद्योग की जीवंतता और विविधता को दर्शाता है। बारह सदस्यों वाली फीचर फिल्म जूरी की अध्यक्षता प्रशंसित फिल्म निर्माता और अभिनेता, श्री एस वी राजेंद्र सिंह बाबू ने की थी। फीचर जूरी में निम्नलिखित सदस्य थे जो व्यक्तिगत रूप से विभिन्न प्रशंसित फिल्मों, फिल्म निकायों और पेशे का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि सामूहिक रूप से विविध भारतीय फिल्म निर्माण समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैंः मंजुनाथ एस. जूरी ने भारतीय पैनोरमा दो हज़ार इक्कीस के फीचर फिल्म खंड के उद्घाटन के लिए सुश्री एमी बरुआ द्वारा निर्देशित फिल्म 'सेमखोर' का चयन किया है। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के भारतीय पैनोरमा में भारतीय फिल्म उद्योग के गैर-फीचर वर्ग से जुड़े प्रख्यात जूरी सदस्यों द्वारा चयनित सामाजिक और सौंदर्यपूर्ण रूप से जीवंत गैर-फीचर फिल्मों का एक समकालीन पैकेज शामिल है। सात सदस्यों की गैर-फीचर जूरी का नेतृत्व प्रशंसित वृत्तचित्र फिल्म निर्माता श्री एस नल्लामुथु ने किया था। जूरी में निम्नलिखित सदस्य थेः दो सौ तीन समकालीन भारतीय गैर-फीचर फिल्मों के विविध पूल से चयनित, फिल्मों का पैकेज हमारे उभरते और स्थापित फिल्मकारों की समकालीन भारतीय मूल्यों को दर्शाने, उनकी समीक्षा करने, मनोरंजन करने और साथ ही उन्हें प्रतिबिंबित करने की क्षमता को दिखाता है। आईएफएफआई के दौरान प्रदर्शन के लिए कुल बीस गैर-फीचर फिल्मों का चयन किया गया है। भारतीय पैनोरमा दो हज़ार इक्कीस में चयनित बीस गैर-फीचर फिल्मों की सूची इस प्रकार हैः जूरी ने भारतीय पैनोरमा, दो हज़ार इक्कीस की गैर-फीचर फिल्म खंड के उद्घाटन के लिए श्री राजीव प्रकाश द्वारा निर्देशित 'वेद... द विजनरी' का चयन किया है।
नई दिल्लीः भारतीय निशानेबाज हीना सिद्धू और श्वेता सिंह ने एशियन एयर गन चैम्पियनशिप के आखिरी दिन बुधवार को 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक हासिल किया। डॉक्टर कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में हुए स्पर्धा के फाइनल राउंड में दोनों भारतीय निशानेबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हीना ने जहां 197. 8 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, वहीं श्वेता मामूली अंतर से 197 अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रहीं। दक्षिण कोरिया की सीयोन किम ने 175. 8 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय निशानेबाज यशश्विनी देसवाल 155. 3 अंक हासिल कर चौथे स्थान पर रहीं। भारत को तीसरी सफलता भी मिल सकती थी अगल यशस्विनी देस्वाल तीसरे स्थान पर आ जाती। भारत ने टूर्नामेंट में कुल छह पदक हासिल किए, जिसमें दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पद हैं।
नई दिल्लीः भारतीय निशानेबाज हीना सिद्धू और श्वेता सिंह ने एशियन एयर गन चैम्पियनशिप के आखिरी दिन बुधवार को दस मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक हासिल किया। डॉक्टर कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में हुए स्पर्धा के फाइनल राउंड में दोनों भारतीय निशानेबाजों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हीना ने जहां एक सौ सत्तानवे. आठ अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, वहीं श्वेता मामूली अंतर से एक सौ सत्तानवे अंक हासिल कर दूसरे स्थान पर रहीं। दक्षिण कोरिया की सीयोन किम ने एक सौ पचहत्तर. आठ अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय निशानेबाज यशश्विनी देसवाल एक सौ पचपन. तीन अंक हासिल कर चौथे स्थान पर रहीं। भारत को तीसरी सफलता भी मिल सकती थी अगल यशस्विनी देस्वाल तीसरे स्थान पर आ जाती। भारत ने टूर्नामेंट में कुल छह पदक हासिल किए, जिसमें दो स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पद हैं।
राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले दैनिक भास्कर के महा-सर्वे में प्रदेश की सभी 200 विधानसभा सीटों से लोगों ने अपनी राय दी। सर्वे की रिपोर्ट को क्षेत्रवार देखें तो सियासी तस्वीर दिखाई देती है। शेखावाटी-बीकाणा में 6 जिले हैं। सीकर और झुंझुनूं में 8-8, चूरू में 6, बीकानेर में 7, श्रीगंगानगर में 6 और हनुमानगढ़ में 5 विधानसभा सीटें हैं। यानी इलाके से 41 विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचते हैं। शेखावाटी और बीकाणा के लोगों ने अपनी सबसे बड़ी जरूरत सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज (17. 3%) बताई है। जबकि 17% लोगों के लिए बेहतर प्रशासन और कानून-व्यवस्था बड़ी जरूरत है। 15. 5% लोग शिक्षा में सुधार और 15% साफ पानी और सफाई को तवज्जो देते हैं। 12% लोग फसलों का उचित मूल्य चाहते हैं। जिलेवार देखें तो सीकर में रोजगार, स्वास्थ्य शिक्षा और महंगाई, चूरू और बीकानेर में स्वास्थ्य, गंगानगर में शिक्षा और स्वास्थ्य जबकि हनुमानगढ़ में बेहतर प्रशासन व कानून-व्यवस्था की दरकार है। इस इलाके में 65% लोगों को फ्रीबीज के वायदे पसंद नहीं हैं। झुंझुनूं में सर्वाधिक 18. 5% लोग बेहतर प्रशासन और कानून-व्यवस्था चाहते हैं। 17% लोग सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज जबकि 16. 7% लोगों की जरूरत रोजगार है। 15. 6% लोग पेयजल और सफाई को बड़ा मुद्दा मानते हैं। इस बार वोट देने में 22% लोगों की प्राथमिकता शिक्षा-स्वास्थ्य और 18% की महंगाई है। प्रत्याशी पर 13% लोग वोट देंगे। वहीं, सीएम फेस को 6. 3% लोगों ने अपनी प्राथमिकता कहा है। 65% फ्रीबीज के खिलाफ हैं। चूरू के 20% लोगों के लिए सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज पहली प्राथमिकता है। 16. 8% लोग बेहतर प्रशासन और कानून-व्यवस्था चाहते हैं। 22% की जरूरत रोजगार है। इस बार वोट देने में 18% की प्राथमिकता महंगाई होगी। प्रत्याशी के लिए 11% वोट देंगे। 65% ने फ्रीबीज के वादे को गलत बताया है। स्कूल-कॉलेज-शिक्षा में सुधार 17. 55% लोगों की प्राथमिकता जबकि 18. 40% लोग बेहतर प्रशासन और कानून-व्यवस्था चाहते हैं। सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज 19. 05% लोग चाहते हैं। बीकानेर के 20 % लोगों की पहली प्राथमिकता रोजगार है। 23 % शिक्षा स्वास्थ्य और 16% महंगाई कम चाहते हैं। जिले में सर्वाधिक 18% लोगों की जरूरत बेहतर प्रशासन व कानून-व्यवस्था है। 17. 2% लोग सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज चाहते हैं। इस बार वोट देते समय 21% लोगों की प्राथमिकता रोजगार और 24% की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार होगी। सबसे अधिक 18. 49% लोगों की प्राथमिकता बेहतर प्रशासन और कानून व्यवस्था है। 16% स्कूल-कॉलेज में सुधार जरूरी मानते हैं। 15% लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज और बेहतर चाहते हैं। इस वोट देने में 23% की प्राथमिकता शिक्षा, 20% की रोजगार होगी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले दैनिक भास्कर के महा-सर्वे में प्रदेश की सभी दो सौ विधानसभा सीटों से लोगों ने अपनी राय दी। सर्वे की रिपोर्ट को क्षेत्रवार देखें तो सियासी तस्वीर दिखाई देती है। शेखावाटी-बीकाणा में छः जिले हैं। सीकर और झुंझुनूं में आठ-आठ, चूरू में छः, बीकानेर में सात, श्रीगंगानगर में छः और हनुमानगढ़ में पाँच विधानसभा सीटें हैं। यानी इलाके से इकतालीस विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचते हैं। शेखावाटी और बीकाणा के लोगों ने अपनी सबसे बड़ी जरूरत सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज बताई है। जबकि सत्रह% लोगों के लिए बेहतर प्रशासन और कानून-व्यवस्था बड़ी जरूरत है। पंद्रह. पाँच% लोग शिक्षा में सुधार और पंद्रह% साफ पानी और सफाई को तवज्जो देते हैं। बारह% लोग फसलों का उचित मूल्य चाहते हैं। जिलेवार देखें तो सीकर में रोजगार, स्वास्थ्य शिक्षा और महंगाई, चूरू और बीकानेर में स्वास्थ्य, गंगानगर में शिक्षा और स्वास्थ्य जबकि हनुमानगढ़ में बेहतर प्रशासन व कानून-व्यवस्था की दरकार है। इस इलाके में पैंसठ% लोगों को फ्रीबीज के वायदे पसंद नहीं हैं। झुंझुनूं में सर्वाधिक अट्ठारह. पाँच% लोग बेहतर प्रशासन और कानून-व्यवस्था चाहते हैं। सत्रह% लोग सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज जबकि सोलह. सात% लोगों की जरूरत रोजगार है। पंद्रह. छः% लोग पेयजल और सफाई को बड़ा मुद्दा मानते हैं। इस बार वोट देने में बाईस% लोगों की प्राथमिकता शिक्षा-स्वास्थ्य और अट्ठारह% की महंगाई है। प्रत्याशी पर तेरह% लोग वोट देंगे। वहीं, सीएम फेस को छः. तीन% लोगों ने अपनी प्राथमिकता कहा है। पैंसठ% फ्रीबीज के खिलाफ हैं। चूरू के बीस% लोगों के लिए सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज पहली प्राथमिकता है। सोलह. आठ% लोग बेहतर प्रशासन और कानून-व्यवस्था चाहते हैं। बाईस% की जरूरत रोजगार है। इस बार वोट देने में अट्ठारह% की प्राथमिकता महंगाई होगी। प्रत्याशी के लिए ग्यारह% वोट देंगे। पैंसठ% ने फ्रीबीज के वादे को गलत बताया है। स्कूल-कॉलेज-शिक्षा में सुधार सत्रह. पचपन% लोगों की प्राथमिकता जबकि अट्ठारह. चालीस% लोग बेहतर प्रशासन और कानून-व्यवस्था चाहते हैं। सरकारी अस्पताल में बेहतर इलाज उन्नीस. पाँच% लोग चाहते हैं। बीकानेर के बीस % लोगों की पहली प्राथमिकता रोजगार है। तेईस % शिक्षा स्वास्थ्य और सोलह% महंगाई कम चाहते हैं। जिले में सर्वाधिक अट्ठारह% लोगों की जरूरत बेहतर प्रशासन व कानून-व्यवस्था है। सत्रह. दो% लोग सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज चाहते हैं। इस बार वोट देते समय इक्कीस% लोगों की प्राथमिकता रोजगार और चौबीस% की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार होगी। सबसे अधिक अट्ठारह. उनचास% लोगों की प्राथमिकता बेहतर प्रशासन और कानून व्यवस्था है। सोलह% स्कूल-कॉलेज में सुधार जरूरी मानते हैं। पंद्रह% लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज और बेहतर चाहते हैं। इस वोट देने में तेईस% की प्राथमिकता शिक्षा, बीस% की रोजगार होगी। This website follows the DNPA Code of Ethics.
उरी हमले के बाद पाकिस्तान के समर्थन में चीन के आने से सोशल मीडिया में चीनी सामान के खिलाफ जोर-शोर से चलाए गए अभियान का असर बरेली के बाजार में देखने को मिला था. - दीपावली पर देसी मिट्टी के दीयों और दूसरे सामानों की खरीद करीब 45 फीसदी का इजाफा नजर आया. - नवरात्र से दिवाली तक चाइनीज बल्ब, झालर, झूमर और पटाखे का कारोबार घटकर 50 परसेंट तक आ गया था. बरेली. जैश-ए-मोहम्मद के सरगना को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन के अड़ंगा डालना कहीं उसको भारी न पड़ जाए. बरेली के व्यापारियों चीन के इस कदम को लेकर भारी गुस्सा है. व्यापारियों का कहना है कि चीन आतंकियों का साथ देगा तो बरेली के व्यापारी उसके साथ कारोबार नहीं करेंगे. इसे लेकर बरेली इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रेक्टर्स एंड मर्चेट वेलफेयर एसोसिएशन (बैकमा) के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चांदना बैठक कर सभी व्यापारियों को इस फैसले से अवगत कराएंगे. संजीव चांदना कहना है कि चीन ने जो हरकत की है वो माफ करने लायक नहीं है. अभी शहर के व्यापारी चाइना का माल लाकर बेचा करते थे, लेकिन अब वह चाइना का माल नहीं बेचेंगे. इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स और मोबाइल मार्केट में चाइना के माल को बैन करेंगे. व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि बरेली में इलेक्ट्रॉनिक्स का काफी बड़ा मार्केट है. हर महीने बरेली में करोड़ो रुपए के चायनीज सीएफएल, झालरें, बल्ब, फैन, प्रेस आदि सामान बिकते हैं. सभी व्यापारी चाइना के माल का बहिष्कार करेंगे तो चाइना को बड़ा घाटा होगा और उसे एक सबक मिलेगा. बाकमा के मुताबिक बरेली में चीनी मोबाइल का भी बहुत बड़ा मार्केट चाइना के मोबाइल का मार्केट है. एसोसिएशन का कहना है कि चाइनीज मोबाइल की एसेसिरीज की भी मांग है. यदि मोबाइल का कोई पार्ट खराब हो जाता है तो चाइना के ही पार्ट्स डाले जाते हैं. वहीं इलेक्ट्रिकल्स मार्केट में भी करीब 20 करोड़ का चाइनीज माल हर महीने बेचा जाता है. जो भी हमारी एसोसिएशन का फैसला होगा, वो हमारे लिए ठीक होगा. हम वो काम बिल्कुल नहीं करेंगे जिससे हमारे देश के खिलाफ हो या नुकसान पहुंचाने वाला हो.
उरी हमले के बाद पाकिस्तान के समर्थन में चीन के आने से सोशल मीडिया में चीनी सामान के खिलाफ जोर-शोर से चलाए गए अभियान का असर बरेली के बाजार में देखने को मिला था. - दीपावली पर देसी मिट्टी के दीयों और दूसरे सामानों की खरीद करीब पैंतालीस फीसदी का इजाफा नजर आया. - नवरात्र से दिवाली तक चाइनीज बल्ब, झालर, झूमर और पटाखे का कारोबार घटकर पचास परसेंट तक आ गया था. बरेली. जैश-ए-मोहम्मद के सरगना को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर चीन के अड़ंगा डालना कहीं उसको भारी न पड़ जाए. बरेली के व्यापारियों चीन के इस कदम को लेकर भारी गुस्सा है. व्यापारियों का कहना है कि चीन आतंकियों का साथ देगा तो बरेली के व्यापारी उसके साथ कारोबार नहीं करेंगे. इसे लेकर बरेली इलेक्ट्रिकल कॉन्ट्रेक्टर्स एंड मर्चेट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चांदना बैठक कर सभी व्यापारियों को इस फैसले से अवगत कराएंगे. संजीव चांदना कहना है कि चीन ने जो हरकत की है वो माफ करने लायक नहीं है. अभी शहर के व्यापारी चाइना का माल लाकर बेचा करते थे, लेकिन अब वह चाइना का माल नहीं बेचेंगे. इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स और मोबाइल मार्केट में चाइना के माल को बैन करेंगे. व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि बरेली में इलेक्ट्रॉनिक्स का काफी बड़ा मार्केट है. हर महीने बरेली में करोड़ो रुपए के चायनीज सीएफएल, झालरें, बल्ब, फैन, प्रेस आदि सामान बिकते हैं. सभी व्यापारी चाइना के माल का बहिष्कार करेंगे तो चाइना को बड़ा घाटा होगा और उसे एक सबक मिलेगा. बाकमा के मुताबिक बरेली में चीनी मोबाइल का भी बहुत बड़ा मार्केट चाइना के मोबाइल का मार्केट है. एसोसिएशन का कहना है कि चाइनीज मोबाइल की एसेसिरीज की भी मांग है. यदि मोबाइल का कोई पार्ट खराब हो जाता है तो चाइना के ही पार्ट्स डाले जाते हैं. वहीं इलेक्ट्रिकल्स मार्केट में भी करीब बीस करोड़ का चाइनीज माल हर महीने बेचा जाता है. जो भी हमारी एसोसिएशन का फैसला होगा, वो हमारे लिए ठीक होगा. हम वो काम बिल्कुल नहीं करेंगे जिससे हमारे देश के खिलाफ हो या नुकसान पहुंचाने वाला हो.
उत्तर कोरिया को उकसाना चाह रहा है दक्षिण कोरिया, जानें.... उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया द्वारा हाल ही में सीमा पर की गयी गोलीबारी को प्योंगयांग विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देने और प्रायद्वीप में टकराव को बनाए रखने के उद्देश्य से एक अविवेकी सैन्य उकसावा बताया. उत्तर कोरिया से उड़ कर सीमा पार आ रही किसी वस्तु को देखने के बाद दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को चेतावनी के रूप में गोलियां दागी थीं. सोल ने बाद में कहा था कि यह वस्तु संभवतः एक गुब्बारा रहा होगा जो प्योंगयांग के प्रचार पत्रों को लेकर जा रहा था. उत्तर कोरिया के जनरल स्टाफ ने सोल पर झूठी कहानी गढ़ने का आरोप लगाया और कहा कि दक्षिण कोरिया के जवानों ने पक्षियों के एक झुंड पर 450 राउंड गोलियां चलायीं. सरकारी कोरियाई सेन्ट्रल न्यूज एजेंसी से जारी एक बयान में चेतावनी देते हुए लिखा है कि उत्तर कोरिया इस बात पर करीब से नजर रख रहा है कि दक्षिण कोरिया में टकराव उन्माद किस तरह विकासित हो रहा है.
उत्तर कोरिया को उकसाना चाह रहा है दक्षिण कोरिया, जानें.... उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया द्वारा हाल ही में सीमा पर की गयी गोलीबारी को प्योंगयांग विरोधी भावनाओं को बढ़ावा देने और प्रायद्वीप में टकराव को बनाए रखने के उद्देश्य से एक अविवेकी सैन्य उकसावा बताया. उत्तर कोरिया से उड़ कर सीमा पार आ रही किसी वस्तु को देखने के बाद दक्षिण कोरिया ने मंगलवार को चेतावनी के रूप में गोलियां दागी थीं. सोल ने बाद में कहा था कि यह वस्तु संभवतः एक गुब्बारा रहा होगा जो प्योंगयांग के प्रचार पत्रों को लेकर जा रहा था. उत्तर कोरिया के जनरल स्टाफ ने सोल पर झूठी कहानी गढ़ने का आरोप लगाया और कहा कि दक्षिण कोरिया के जवानों ने पक्षियों के एक झुंड पर चार सौ पचास राउंड गोलियां चलायीं. सरकारी कोरियाई सेन्ट्रल न्यूज एजेंसी से जारी एक बयान में चेतावनी देते हुए लिखा है कि उत्तर कोरिया इस बात पर करीब से नजर रख रहा है कि दक्षिण कोरिया में टकराव उन्माद किस तरह विकासित हो रहा है.
दिल्ली में रोशन अली ने एक हिंदू लड़की को फँसाया और हिंदू बनने का नाटक कर मंदिर में शादी की। उसके बाद लड़की का धर्मांतरण कर निकाह कर लिया। यूपी में कानपुर टर्मिनल से उड़ान शुरू हो गई हैं। इसका उद्घाटन सीएम योगी ने किया था। वहीं, आजमगढ़ से दिल्ली के लिए बस सेवा शुरू की गई है। रामपुर में उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस रुकवा कर यात्रियों के विरोध के बावजूद नमाज़ पढ़ाने वाले कंडक्टर का कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल । ड्राइवर सस्पेंड। मेरठ के हंगरहेड रेस्टोरेंट में फीडबैक बोर्ड पर हिंदू लड़कियों और मुस्लिम लड़कों के नाम लिखे मिले। साथ ही आपत्तिजनक बातें भी लिखी मिलीं। देवबंद के नगरपालिका अध्यक्ष पद जीतकर भाजपा ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस सीट पर पिछले 140 सालों में कोई गैर-मुस्लिम अध्यक्ष नहीं बना था। UP में रामपुर की स्वार और मिर्जापुर की छानबे विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा के सहयोगी अपना दल ने जीत हासिल की है। यूपी की योगी आदित्यनाथ की सरकार अयोध्या के आसपास टेंट सिटी स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। यह अगले साल से शुरू हो जाएगा। बांदा जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की हालात अतीक अहमद की हत्या के बाद खराब है। उसे अपनी जान का डर सता रहा है। राजा भैया और भानवी सिंह की शादी 1995 में हुई थी। दोनों की दो बेटियाँ और दो जुड़वाँ बेटे हैं। करीब दो साल पहले तलाक की अर्जी दाखिल की गई थी। मथुरा की अदालत में चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष लड्डू गोपाल को लेकर गया।
दिल्ली में रोशन अली ने एक हिंदू लड़की को फँसाया और हिंदू बनने का नाटक कर मंदिर में शादी की। उसके बाद लड़की का धर्मांतरण कर निकाह कर लिया। यूपी में कानपुर टर्मिनल से उड़ान शुरू हो गई हैं। इसका उद्घाटन सीएम योगी ने किया था। वहीं, आजमगढ़ से दिल्ली के लिए बस सेवा शुरू की गई है। रामपुर में उत्तर प्रदेश रोडवेज की बस रुकवा कर यात्रियों के विरोध के बावजूद नमाज़ पढ़ाने वाले कंडक्टर का कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल । ड्राइवर सस्पेंड। मेरठ के हंगरहेड रेस्टोरेंट में फीडबैक बोर्ड पर हिंदू लड़कियों और मुस्लिम लड़कों के नाम लिखे मिले। साथ ही आपत्तिजनक बातें भी लिखी मिलीं। देवबंद के नगरपालिका अध्यक्ष पद जीतकर भाजपा ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस सीट पर पिछले एक सौ चालीस सालों में कोई गैर-मुस्लिम अध्यक्ष नहीं बना था। UP में रामपुर की स्वार और मिर्जापुर की छानबे विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा के सहयोगी अपना दल ने जीत हासिल की है। यूपी की योगी आदित्यनाथ की सरकार अयोध्या के आसपास टेंट सिटी स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। यह अगले साल से शुरू हो जाएगा। बांदा जेल में बंद गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की हालात अतीक अहमद की हत्या के बाद खराब है। उसे अपनी जान का डर सता रहा है। राजा भैया और भानवी सिंह की शादी एक हज़ार नौ सौ पचानवे में हुई थी। दोनों की दो बेटियाँ और दो जुड़वाँ बेटे हैं। करीब दो साल पहले तलाक की अर्जी दाखिल की गई थी। मथुरा की अदालत में चल रहे श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष लड्डू गोपाल को लेकर गया।
BAREILLY : आरडी यानि रिजल्ट डिटेंड के फेर में आरयू एडमिनिस्ट्रेशन ने सैकड़ों स्टूडेंट को संकट में डाल दिया है। खासतौर, मुश्किल में प्रोफेशनल कोर्स के स्टूडेंट्स हैं। क्योंकि वह नेक्स्ट सेमेस्टर का एग्जाम फॉर्म फिल नहीं कर पा रहे हैं। आरयू है कि आरडी क्लीयर नहीं कर रहा है। जबकि, आरडी हटाने के लिए स्टूडेंट्स समय पर अपने दस्तावेज समिट कर दिए थे। ऐसे में, स्टूडेंट्स को साल बर्बाद होने का डर सता रहा है और उनमें यूनिवर्सिटी की कार्य प्रणाली को लेकर गुस्सा भी है। आरडी की दंश झेल रहे स्टूडेंट्स की समस्या के लिए आरयू ही जिम्मेदार है। क्योंकि इस डेस्क पर काम करने के लिए महज 3 कर्मचारी ही तैनात हैं। जबकि, इन पर 9 जिलों के 512 कॉलेज के लाखों स्टूडेंट्स का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन, आरडी और ट्रांसक्रिप्ट जैसे महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी है। ऐसे में, आरडी का काम समय से पूरा हो पाना संभव नहीं होता हैं। ऐसा हुआ भी। रिजल्ट जारी करने के साथ ही आरयू आरडी की इनफॉर्मेशन पत्राचार के जरिए स्टूडेंट को देता है। जिसके बाद स्टूडेंट्स ने सूचना भी दे दी थी। आरडी के फेर में साल बर्बादी के कगार पर स्टूडेंट खड़े हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन न तो खामी दूर करा रहा है और न ही इस बात के संकेत दे रहा है कि एग्जाम का फॉर्म भरने की लास्ट डेट बढ़ायी जाएगी। वैसे यदि डेट बढ़ भी जाती है, तो स्टूडेंट्स की जेब ढीली होना तय है। क्योंकि यूनिवर्सिटी लेट फीस के साथ ही एग्जाम फॉर्म एक्सेप्ट करेगा। आरयू जिम्मेदारों का कहना है किसी स्टूडेंट्स की मार्क्सशीट में आरडी तभी लगती है जब उसने एग्जाम फार्म फिल करते समय पूरी डिटेल फिल न की हो। जिसमें चाहे तो मार्क्सशीट की स्कैन कॉपी, इनरोलमेंट नम्बर या फिर आधार कार्ड नम्बर आदि फिल नहीं करने से आरडी लग जाती है। जिसे बाद में कटवाने के लिए परेशानी होती है। सेमेस्टर एग्जाम फार्म फिल किया, लेकिन फार्म ओपन नहीं हुआ। कारण आरडी हटवाने के बाद ही एग्जाम फार्म फिल किया जा सकता है। अब आरयू में 15 दिन पहले इसके लिए प्रक्रिया पूरी कर दी लेकिन अभी तक आरडी हटी नहीं। जिसके चलते एग्जाम फार्म भी फिल नहीं हो पाया। आरयू से एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर का एग्जाम फार्म फिल करने गई तो वहां पर फार्म ही ओपन नहीं हुआ. पता चला कि बीए थर्ड ईयर की मार्क्सशीट में आरडी लगी है। इसके लिए आरडी हटवाने गई तो प्रक्रिया पूरी कर दी लेकिन अब आरयू की छुट्टी है। जबकि एग्जाम फार्म की डेट भी निकल गई। एग्जाम फार्म की डेट निकल गई है लेकिन इस आरडी वाले स्टूडेंट्स की कोई शिकायत नहीं आई। मामला संज्ञान में आता है, तो स्टूडेंट्स के हित में कोई न कोई निर्णय लिया जाएगा।
BAREILLY : आरडी यानि रिजल्ट डिटेंड के फेर में आरयू एडमिनिस्ट्रेशन ने सैकड़ों स्टूडेंट को संकट में डाल दिया है। खासतौर, मुश्किल में प्रोफेशनल कोर्स के स्टूडेंट्स हैं। क्योंकि वह नेक्स्ट सेमेस्टर का एग्जाम फॉर्म फिल नहीं कर पा रहे हैं। आरयू है कि आरडी क्लीयर नहीं कर रहा है। जबकि, आरडी हटाने के लिए स्टूडेंट्स समय पर अपने दस्तावेज समिट कर दिए थे। ऐसे में, स्टूडेंट्स को साल बर्बाद होने का डर सता रहा है और उनमें यूनिवर्सिटी की कार्य प्रणाली को लेकर गुस्सा भी है। आरडी की दंश झेल रहे स्टूडेंट्स की समस्या के लिए आरयू ही जिम्मेदार है। क्योंकि इस डेस्क पर काम करने के लिए महज तीन कर्मचारी ही तैनात हैं। जबकि, इन पर नौ जिलों के पाँच सौ बारह कॉलेज के लाखों स्टूडेंट्स का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन, आरडी और ट्रांसक्रिप्ट जैसे महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी है। ऐसे में, आरडी का काम समय से पूरा हो पाना संभव नहीं होता हैं। ऐसा हुआ भी। रिजल्ट जारी करने के साथ ही आरयू आरडी की इनफॉर्मेशन पत्राचार के जरिए स्टूडेंट को देता है। जिसके बाद स्टूडेंट्स ने सूचना भी दे दी थी। आरडी के फेर में साल बर्बादी के कगार पर स्टूडेंट खड़े हैं, लेकिन यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन न तो खामी दूर करा रहा है और न ही इस बात के संकेत दे रहा है कि एग्जाम का फॉर्म भरने की लास्ट डेट बढ़ायी जाएगी। वैसे यदि डेट बढ़ भी जाती है, तो स्टूडेंट्स की जेब ढीली होना तय है। क्योंकि यूनिवर्सिटी लेट फीस के साथ ही एग्जाम फॉर्म एक्सेप्ट करेगा। आरयू जिम्मेदारों का कहना है किसी स्टूडेंट्स की मार्क्सशीट में आरडी तभी लगती है जब उसने एग्जाम फार्म फिल करते समय पूरी डिटेल फिल न की हो। जिसमें चाहे तो मार्क्सशीट की स्कैन कॉपी, इनरोलमेंट नम्बर या फिर आधार कार्ड नम्बर आदि फिल नहीं करने से आरडी लग जाती है। जिसे बाद में कटवाने के लिए परेशानी होती है। सेमेस्टर एग्जाम फार्म फिल किया, लेकिन फार्म ओपन नहीं हुआ। कारण आरडी हटवाने के बाद ही एग्जाम फार्म फिल किया जा सकता है। अब आरयू में पंद्रह दिन पहले इसके लिए प्रक्रिया पूरी कर दी लेकिन अभी तक आरडी हटी नहीं। जिसके चलते एग्जाम फार्म भी फिल नहीं हो पाया। आरयू से एलएलबी फर्स्ट सेमेस्टर का एग्जाम फार्म फिल करने गई तो वहां पर फार्म ही ओपन नहीं हुआ. पता चला कि बीए थर्ड ईयर की मार्क्सशीट में आरडी लगी है। इसके लिए आरडी हटवाने गई तो प्रक्रिया पूरी कर दी लेकिन अब आरयू की छुट्टी है। जबकि एग्जाम फार्म की डेट भी निकल गई। एग्जाम फार्म की डेट निकल गई है लेकिन इस आरडी वाले स्टूडेंट्स की कोई शिकायत नहीं आई। मामला संज्ञान में आता है, तो स्टूडेंट्स के हित में कोई न कोई निर्णय लिया जाएगा।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने सहायक प्रोफेसरों की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। 15 अप्रैल तक आपत्तियां एवं सुझाव दिए जा सकेंगे। Chandigarh/Alive News : सरकारी स्कूलों के बाद अब कॉलेजों में भी ऑनलाइन तबादले होंगे। उच्चतर शिक्षा विभाग ने सहायक प्रोफेसरों की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। 15 अप्रैल तक आपत्तियां एवं सुझाव दिए जा सकेंगे। एक ही कॉलेज में पांच साल से जमे सभी एसोसिएट प्रोफेसर को स्थानांतरित किया जाएगा। प्राध्यापकों को प्रथम विकल्प जोन-1 के महाविद्यालयों (ग्रामीण एवं दुर्गम) तथा दूसरा विकल्प जोन-2 के महाविद्यालयों के लिए देना होगा। एसोसिएट प्रोफेसरों को हर साल 15 मई तक ऑनलाइन विकल्प देना पड़ेगा। इसके बाद 30 जून तक स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए जाएंगे। तबादलों के लिए कुल 83 अंक रखे गए हैं जिसमें अधिकतम अंक लेने वाले सहायक प्रोफेसर स्थानांतरण के हकदार होंगे। आयु के लिए 58 अंक रखे गए हैं।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने सहायक प्रोफेसरों की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। पंद्रह अप्रैल तक आपत्तियां एवं सुझाव दिए जा सकेंगे। Chandigarh/Alive News : सरकारी स्कूलों के बाद अब कॉलेजों में भी ऑनलाइन तबादले होंगे। उच्चतर शिक्षा विभाग ने सहायक प्रोफेसरों की ऑनलाइन स्थानांतरण नीति का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। पंद्रह अप्रैल तक आपत्तियां एवं सुझाव दिए जा सकेंगे। एक ही कॉलेज में पांच साल से जमे सभी एसोसिएट प्रोफेसर को स्थानांतरित किया जाएगा। प्राध्यापकों को प्रथम विकल्प जोन-एक के महाविद्यालयों तथा दूसरा विकल्प जोन-दो के महाविद्यालयों के लिए देना होगा। एसोसिएट प्रोफेसरों को हर साल पंद्रह मई तक ऑनलाइन विकल्प देना पड़ेगा। इसके बाद तीस जून तक स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए जाएंगे। तबादलों के लिए कुल तिरासी अंक रखे गए हैं जिसमें अधिकतम अंक लेने वाले सहायक प्रोफेसर स्थानांतरण के हकदार होंगे। आयु के लिए अट्ठावन अंक रखे गए हैं।
है. इन पदों पर शीघ्र ही भर्ती की जाएगी. पीआरटी के बाद भरने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भेजा गया है. और 6 टीजीटी पद भी शामिल है. की जा रही है.
है. इन पदों पर शीघ्र ही भर्ती की जाएगी. पीआरटी के बाद भरने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भेजा गया है. और छः टीजीटी पद भी शामिल है. की जा रही है.
अगर आप सरकारी नौकरी करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास साबित हो सकती है. दरअसल, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (National Fertilizers Limited) जिसे NFL के नाम से भी जाना जाता है, ने कई पदों पर भर्तियाँ निकाली हैं, जो भी उम्मीदवार इसके लिए आवेदन करना चाहते हैं. वह इसकी अधिकारिक वेबसाइट पर जा कर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं. इसमें आवेदन शुरू हो गए हैं. कंपनी द्वारा आवेदन करने की अंतिम तारिख 6 अगस्त, 2022 शाम 5:30pm निर्धारित की गई है. नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड में किन पदों पर होगी भर्ती (Which Posts Will Be Recruited In National Fertilizers Limited) वरिष्ठ प्रबंधक (एचआर) Senior Manager (HR) प्रबंधक (उत्पादन) Manager (Production) चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा) Medical Officer (Medicine) आयु सीमा (Age Limit) इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 33 वर्ष और अधिकतम आयु 50 वर्ष तय की गई है. सालाना वेतन (Annual Salary) इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की सालाना सैलरी लगभग 7 लाख से 15 लाख तक तय की गई है. एनएफएल भर्ती 2022 के लिए आवेदन कैसे करें? (How to apply for NFL Recruitment 2022? ) उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने आवेदन जमा करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को अच्छी तरह से पढ़ लें. यदि उन्हें चयन के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है, तो उनकी पात्रता केवल अस्थायी रूप से मान्य होगी. उम्मीदवार को इन पदों पर आवेदन करने के लिए एनएफएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. आपको बता दें कि एनएफएल में भर्ती 2022 के लिए एनएफएल में एससी/एसटी/ओबीसी (एनसीएल) के लिए निर्धारित पदों को भरने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जायेगा. इसके लिए कोई अन्य आवेदन पद्धति, जैसे मैनुअल या पेपर, स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऑनलाइन आवेदन पत्र के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, उम्मीदवारों को फॉर्म का प्रिंट आउट लेना होगा और इसे अपने दस्तावेजों और / या डिप्लोमा की प्रतियों के साथ मेल करना होगा.
अगर आप सरकारी नौकरी करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद खास साबित हो सकती है. दरअसल, नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड जिसे NFL के नाम से भी जाना जाता है, ने कई पदों पर भर्तियाँ निकाली हैं, जो भी उम्मीदवार इसके लिए आवेदन करना चाहते हैं. वह इसकी अधिकारिक वेबसाइट पर जा कर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं. इसमें आवेदन शुरू हो गए हैं. कंपनी द्वारा आवेदन करने की अंतिम तारिख छः अगस्त, दो हज़ार बाईस शाम पाँच:तीसpm निर्धारित की गई है. नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड में किन पदों पर होगी भर्ती वरिष्ठ प्रबंधक Senior Manager प्रबंधक Manager चिकित्सा अधिकारी Medical Officer आयु सीमा इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु तैंतीस वर्ष और अधिकतम आयु पचास वर्ष तय की गई है. सालाना वेतन इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की सालाना सैलरी लगभग सात लाख से पंद्रह लाख तक तय की गई है. एनएफएल भर्ती दो हज़ार बाईस के लिए आवेदन कैसे करें? उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपने आवेदन जमा करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना को अच्छी तरह से पढ़ लें. यदि उन्हें चयन के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाता है, तो उनकी पात्रता केवल अस्थायी रूप से मान्य होगी. उम्मीदवार को इन पदों पर आवेदन करने के लिए एनएफएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. आपको बता दें कि एनएफएल में भर्ती दो हज़ार बाईस के लिए एनएफएल में एससी/एसटी/ओबीसी के लिए निर्धारित पदों को भरने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जायेगा. इसके लिए कोई अन्य आवेदन पद्धति, जैसे मैनुअल या पेपर, स्वीकार नहीं किया जाएगा. ऑनलाइन आवेदन पत्र के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद, उम्मीदवारों को फॉर्म का प्रिंट आउट लेना होगा और इसे अपने दस्तावेजों और / या डिप्लोमा की प्रतियों के साथ मेल करना होगा.
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता आमिर खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' की शूटिंग में व्यस्त हैं. खबर ये भी है कि जल्द ही वे इस फिल्म के बाद 'महाभारत' फिल्म में नजर आएँगे, जिसमे वे भगवान कृष्ण का रोल निभाएंगे. जब से ये खबर सोशल साइट्स पर पता चली हैं तभी से सनसनी मची हुई हैं. सभी को इस बात की हैरानी है कि आमिर कृष्ण का रोल निभाएंगे. महाभारत में भगवान कृष्ण का रोल निभाने को लेकर आमिर के बारे में भारत में बसे फ्रेंच मूल के पॉलिटिकल राइटर फ्रेंकॉइस गॉतियर ने ट्विटर पर ट्वीट कर टिप्पणी दी हैं. जैसे ही उन्होंने ट्वीट किया वैसे ही इस मुद्दे पर ट्वीटर पर बहस छिड़ गई और अब वो बहस थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं. फ्रेंकॉइस गॉतियर ने ट्वीट कर लिखा "Why should @AamirKhan, a Muslim, play in most ancient & sacred of Hindu epics, the Mahabharata? Is @BJP4India Govt of @narendramodi going to be like the @INCIndia & just stand by in name of secularism? ? ? Would Muslims allow a Hindu to play life of Mohamed? http://zeenews. india. com/bollywood/mahabharat-movie-series-aamir-khan-gears-up-for-rs-1000-crore-film-2092115. html ..." फ्रेंकॉइस गॉतियर का कहना है कि आमिर खान एक मुसलमान हैं और हिंदुओं के सबसे प्राचीन और चर्चित महाकाव्य के किरदार को निभाने का मौका उन्हें ही क्यों मिलना चाहिए. किसी मुसलमान को एक हिन्दू का रोल निभाने का मौका कैसे दिया जा सकता हैं. क्या बीजेपी भी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कांग्रेस के रास्ते पर ही चलेगी? क्या मुसलमान एक हिंदू को मोहम्मद का रोल निभाने देंगे? " इसी के बाद कई लोग उनके ट्वीट के जवाब देते नजर आए. आमिर के कई फैंस ने फ्रेंकॉइस के ट्वीट का जवाब भी दिया, उनके अलावा बॉलीवुड गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने भी आमिर खान का साथ दिया.
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता आमिर खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदुस्तान' की शूटिंग में व्यस्त हैं. खबर ये भी है कि जल्द ही वे इस फिल्म के बाद 'महाभारत' फिल्म में नजर आएँगे, जिसमे वे भगवान कृष्ण का रोल निभाएंगे. जब से ये खबर सोशल साइट्स पर पता चली हैं तभी से सनसनी मची हुई हैं. सभी को इस बात की हैरानी है कि आमिर कृष्ण का रोल निभाएंगे. महाभारत में भगवान कृष्ण का रोल निभाने को लेकर आमिर के बारे में भारत में बसे फ्रेंच मूल के पॉलिटिकल राइटर फ्रेंकॉइस गॉतियर ने ट्विटर पर ट्वीट कर टिप्पणी दी हैं. जैसे ही उन्होंने ट्वीट किया वैसे ही इस मुद्दे पर ट्वीटर पर बहस छिड़ गई और अब वो बहस थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं. फ्रेंकॉइस गॉतियर ने ट्वीट कर लिखा "Why should @AamirKhan, a Muslim, play in most ancient & sacred of Hindu epics, the Mahabharata? Is @BJPचारIndia Govt of @narendramodi going to be like the @INCIndia & just stand by in name of secularism? ? ? Would Muslims allow a Hindu to play life of Mohamed? http://zeenews. india. com/bollywood/mahabharat-movie-series-aamir-khan-gears-up-for-rs-एक हज़ार-crore-film-बीस लाख बानवे हज़ार एक सौ पंद्रह. html ..." फ्रेंकॉइस गॉतियर का कहना है कि आमिर खान एक मुसलमान हैं और हिंदुओं के सबसे प्राचीन और चर्चित महाकाव्य के किरदार को निभाने का मौका उन्हें ही क्यों मिलना चाहिए. किसी मुसलमान को एक हिन्दू का रोल निभाने का मौका कैसे दिया जा सकता हैं. क्या बीजेपी भी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कांग्रेस के रास्ते पर ही चलेगी? क्या मुसलमान एक हिंदू को मोहम्मद का रोल निभाने देंगे? " इसी के बाद कई लोग उनके ट्वीट के जवाब देते नजर आए. आमिर के कई फैंस ने फ्रेंकॉइस के ट्वीट का जवाब भी दिया, उनके अलावा बॉलीवुड गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने भी आमिर खान का साथ दिया.
अरशमरम् arasha-maram-ता० श्रश्वत्थ, पीपल वृक्ष । ( Ficus religiosa ) ३० मे० मे० । अरशा arashá- एक हिन्दी बूटी है जिसकी उँचाई मनुष्य के बराबर होती है। शाखाएँ घास की तरह ग्रंथियुक्त होती है। पतियाँ भी तृण समान तथा पुष्प बनऊशा के सदृश किंतु, उससे भिन्न वर्ण का होता है । फल इलायची के समान त्रिपाश्र्वाकार होता है । लु० ऋ० । भरस arasa -हपु (बु) पा, अर्दज, श्रभल, हाऊबेर । (Juniperus chinensis. ). इं० हे०गा० । श्ररस aras ता० पीपल, अश्वत्थ । (Ficus roligiosa ) । हि वि० [सं० रस । नीरस, फीका । ( Insipid ). भरस aras- काली सम्भाली, वाकंस । ( Justicia gendarusssa. ) इं० हैं० गा० । अरस āaras - अ० यबू , घूँस, घूइस । A bandicote rat ( Mus giganteus ). अरसः arasah-सं० पु० अरसम् arasam--सं० ली० ( २ ) विप रहित । श्रथव० । सू० ६ । का० ४ । अथर्व० । सु० २२ । २ । का० ५ । श्ररसमरम् arasa-maran - ता० अश्वत्थ, पीपलवृक्ष । ( Ficus religiosa ). अरसा arasá-ता० पीपलवृत्त, अश्वत्थ । (Ficus religiosa.) घरसाः arasáh - प्राण रहित । अथवं० । सू० अरसास arasás सं० निर्बल । अथवं ० । सू० ४ । अरसिवणदह विषy arasivanadah-vinanu- का० सहिजन, शोभांजन ( Moringa pterygosperma ) अरसी arasi हिं० संज्ञा पुं० [सं० अतसी] अलसी, तीसी । देखो - श्रुतसी । अरसीन arasina--कना० जहरीसोनतक --मह० । ( Allamanda cathartica, Liun. ) फा० इं० २ भा० । असीना arasinà- कना० हरिद्रा, (Curcuma longa). श्ररंस्तुं हलदी । अरसीना उन्मत्त arasináummatta - कनाo पीला धतूरा, पीत धुस्तुर । ( Yellow variety of Datura. ) अरसुसा arasúsá- यू० कनौचा भेद, कोई कोई जंगली गाजर को कहते हैं । अरस्तन armstan - फ़ा० यूनानी संज्ञा इस ( Iris ) इसीसे व्युत्पन्न है। देखो - पुष्करमूल । फा० इं० ३ भा० । अरस्ता तालीस arastá-tálís-अॅ० अरस्तू arastu-अ० अॅरिस्टॉटल (Aristotle) अरस्तूका जन्म सन् ईस्वी से ३८४ वर्ष पूर्व थ्रेस के इलाके रस्तागीर नामक स्थान में हुआ था । सतरह वर्षकी अवस्था में यह हकीम अफ़लातून के शिक्षालय में सम्मि लित हुए और पूरे २० वर्ष तक दर्शनशास्त्र का अध्ययन किए और उनका पारंगत शिष्य बने । ४३ वर्ष की अवस्था में अरस्तू सिकन्दर आज़म गुरु हुए । इनमें भौतिक वस्तुओं के अन्वेपणकी प्रबल इच्छा थी । इन्होंने श्रलेक्ज़ेण्डरिया में एक महाविद्यालय की स्थापनाकी जहाँ से सुप्रसिद्ध एवं प्रकांड विद्वान् उत्पन्न हुए। यह दर्शनशास्त्र के तो प्रमुख पंडित थे, परन्तु वैद्यकशास्त्र में इनका पद बुकरात ( Hippocrate ) से अत्यन्त निम्न कोटि का है । व्यवच्छेद व इन्द्रियव्यापारशास्त्र सम्बन्धी इनके कतिपय असत्य सिद्धान्तों का जालीनूस ने खंडन किया इनके मुख्य मुख्य सिद्धांत निम्न थे - ( १ ) यह हृदय को प्राकृतिक ऊष्मा का उद्गम और रूह हैवानी का स्रोत मानते हैं । (२) इनके मतानुसार फुप्फुस हृदय को वायु प्रदान करता हैं । ( ३ ) धमनियाँ हृदय से रूह हैवानी को सम्पूर्ण शरीर में पहुँचाती हैं और ( ४ ) शिराएँ याकृदीय शोणित से सम्पूर्ण शरीर को श्राहार प्रदान करती हैं इत्यादि । परम्तु. श्राश्चर्य तो यह है कि श्राज दो सहस्त्र वर्ष पश्चात् भी उनके ये असत्य सिद्धांत यूमानी में सत्य माने जाते हैं। शेख भी अरस्तु के अनुयायी थे । भित्र मिश्र विषयों में अरस्तू के बहुसंख्यक ग्रंथ हैं। पर उनमें से लगभग १०० से कुछ ही अधिक प्रसिद्ध हैं, जिनका वयान हकीम बतलीइस ( Ptolemy ) ने किया है। सन् ईस्वी से ३२२ वर्ष पूर्व ६२ वर्ष की अवस्था में निज जन्मभूमि में ही आपका स्वर्गवास हुआ। अरस्तु arasti-फ्रा० भागलपाती, कलियालता -बं० । Swallow-wort ( Asclepias tunicata, Roxb. ) ई० ३० गा० । अरस्तून arastún - यू० एक प्रकार का तोचण मद्य । अरस्तूनास arastu-nása-८० स्वटिका, खरि (ड़िया मिट्टी, सेतखरी । ( Chalk. ) अरस्तूर arastüra-यु० भंगबूटी, भाँग । (Cannabis indica. ) अरस्तूलोलिया arastúlokhiyá - यू० अरावंद, -इसरमूल । ( Aristolochia Indica. ) अरस्मीन arasmina-फ़ा० एक बूटी का फल है जिसे बास के स्थान में घोड़ों को वृहित करने के लिए खिलाते हैं। चारह aaiah-० शशक, खरगोश, खरहा । ( Hare ) कारहज्ञान arahazána-अ० हिम्दुक्रकी । बरहट arahat - हिं०] संज्ञा पुं० [सं० अर यह ] चरबट्ट, रेंटा, रहँट । पानी का रखा, यंत्र जिसमें तीन चक्कर या पहिए होते हैं। इन पहियों पर घड़ों की माला लगी होती है, जिनसे कुएँ से पानी निकाला जाता है । ( An engine for raising water.) शहड arahada-जय० चादकी, सुधर, अरहर । A kind of pulse (Cytisus gajan..).. ### israḥadárjúna-vi Phoenix dactylifera, Linn.( Dr. ied fruits of-Dates.) armbana-हिं० [संज्ञा पुं० [सं०] रम्धन] वह आटा वा बेसन जो तर्कारी साग आदि पकाते समय उसमें मिला दिया जाता है। रेहन । अरहर arahara - हिं० संज्ञा स्त्री० [सं० आढकी, प्रा० अड्ढकी ] ( १ ) आढ़की, रहर । ( Cytisus cajan. ) । (२) इसका श्रोज तुवरी तूअर पर्या० तुवरी । वीर्य्या करवीरभुजा । वृत्तवीजा । पीतपुष्पा । काक्षी गृत्स्ना, मृतालका सुराष्ट्र-जंभा arahavi-हिं० मी० भारी, उरि, उरु । मरहा arahá--सं० श्रामला । ( Phyllan. thus emblica.) अरहिरे arahire - का० नेनुआ, घोषालता । अरहून āarahún - अ० बर्ग नील, वस्मह, । ( The leaf of Indigo plant. ) अहम āarahūm- अरजून । अरहेड़ arahera - [हिं० संज्ञा स्त्री० [सं० हेड़ ] चौपायों का झुण्ड, बेहड़ी । --डि । अरा ará--हिं० संज्ञा पुं० दे० धारा । अराāaá [अ० ( १ ) शीत की तीव्रता, जाड़े का कड़ाका, शीताधिक्य । -- सिरि० । (२) तर्फ़हू, गज्ञ, भाऊ । ( Ta - marix gallica, Linn. ) श्रराक arák-य० पीलू ( जालवृक्ष ), मिस्वाक । झाल - राजपु० 1 ( Salvadora oleoides, Dene.) - [हिं० [संज्ञा पुं० [] [अ० ] (1) एक देश जो अरब में है । ( २ ) वहाँ का घोड़ा । अराकू aráqu-यू० कटीला । ( A tree. ) अराज āaráza - ० देखो - इराज़ । ( Cautery.) äarázamभरा ज़म् झराज़म् āarázam } -अ०सिंह, शेर, ग्याघ्र ( A lion.) अराजिः arájih- सं० स्त्री० धारीविहीन मांस. बेशी Unstriped muscle ) भराजिकंसरः aráji-kesarah-सं० पुं०
अरशमरम् arasha-maram-ताशून्य श्रश्वत्थ, पीपल वृक्ष । तीस मेशून्य मेशून्य । अरशा arashá- एक हिन्दी बूटी है जिसकी उँचाई मनुष्य के बराबर होती है। शाखाएँ घास की तरह ग्रंथियुक्त होती है। पतियाँ भी तृण समान तथा पुष्प बनऊशा के सदृश किंतु, उससे भिन्न वर्ण का होता है । फल इलायची के समान त्रिपाश्र्वाकार होता है । लुशून्य ऋशून्य । भरस arasa -हपु पा, अर्दज, श्रभल, हाऊबेर । . इंशून्य हेशून्यगाशून्य । श्ररस aras ताशून्य पीपल, अश्वत्थ । । हि विशून्य [संशून्य रस । नीरस, फीका । . भरस aras- काली सम्भाली, वाकंस । इंशून्य हैंशून्य गाशून्य । अरस āaras - अशून्य यबू , घूँस, घूइस । A bandicote rat . अरसः arasah-संशून्य पुशून्य अरसम् arasam--संशून्य लीटरशून्य विप रहित । श्रथवशून्य । सूशून्य छः । काशून्य चार । अथर्वशून्य । सुशून्य बाईस । दो । काशून्य पाँच । श्ररसमरम् arasa-maran - ताशून्य अश्वत्थ, पीपलवृक्ष । . अरसा arasá-ताशून्य पीपलवृत्त, अश्वत्थ । घरसाः arasáh - प्राण रहित । अथवंशून्य । सूशून्य अरसास arasás संशून्य निर्बल । अथवं शून्य । सूशून्य चार । अरसिवणदह विषy arasivanadah-vinanu- काशून्य सहिजन, शोभांजन अरसी arasi हिंशून्य संज्ञा पुंशून्य [संशून्य अतसी] अलसी, तीसी । देखो - श्रुतसी । अरसीन arasina--कनाशून्य जहरीसोनतक --महशून्य । फाशून्य इंशून्य दो भाशून्य । असीना arasinà- कनाशून्य हरिद्रा, . श्ररंस्तुं हलदी । अरसीना उन्मत्त arasináummatta - कनाo पीला धतूरा, पीत धुस्तुर । अरसुसा arasúsá- यूशून्य कनौचा भेद, कोई कोई जंगली गाजर को कहते हैं । अरस्तन armstan - फ़ाशून्य यूनानी संज्ञा इस इसीसे व्युत्पन्न है। देखो - पुष्करमूल । फाशून्य इंशून्य तीन भाशून्य । अरस्ता तालीस arastá-tálís-अॅशून्य अरस्तू arastu-अशून्य अॅरिस्टॉटल अरस्तूका जन्म सन् ईस्वी से तीन सौ चौरासी वर्ष पूर्व थ्रेस के इलाके रस्तागीर नामक स्थान में हुआ था । सतरह वर्षकी अवस्था में यह हकीम अफ़लातून के शिक्षालय में सम्मि लित हुए और पूरे बीस वर्ष तक दर्शनशास्त्र का अध्ययन किए और उनका पारंगत शिष्य बने । तैंतालीस वर्ष की अवस्था में अरस्तू सिकन्दर आज़म गुरु हुए । इनमें भौतिक वस्तुओं के अन्वेपणकी प्रबल इच्छा थी । इन्होंने श्रलेक्ज़ेण्डरिया में एक महाविद्यालय की स्थापनाकी जहाँ से सुप्रसिद्ध एवं प्रकांड विद्वान् उत्पन्न हुए। यह दर्शनशास्त्र के तो प्रमुख पंडित थे, परन्तु वैद्यकशास्त्र में इनका पद बुकरात से अत्यन्त निम्न कोटि का है । व्यवच्छेद व इन्द्रियव्यापारशास्त्र सम्बन्धी इनके कतिपय असत्य सिद्धान्तों का जालीनूस ने खंडन किया इनके मुख्य मुख्य सिद्धांत निम्न थे - यह हृदय को प्राकृतिक ऊष्मा का उद्गम और रूह हैवानी का स्रोत मानते हैं । इनके मतानुसार फुप्फुस हृदय को वायु प्रदान करता हैं । धमनियाँ हृदय से रूह हैवानी को सम्पूर्ण शरीर में पहुँचाती हैं और शिराएँ याकृदीय शोणित से सम्पूर्ण शरीर को श्राहार प्रदान करती हैं इत्यादि । परम्तु. श्राश्चर्य तो यह है कि श्राज दो सहस्त्र वर्ष पश्चात् भी उनके ये असत्य सिद्धांत यूमानी में सत्य माने जाते हैं। शेख भी अरस्तु के अनुयायी थे । भित्र मिश्र विषयों में अरस्तू के बहुसंख्यक ग्रंथ हैं। पर उनमें से लगभग एक सौ से कुछ ही अधिक प्रसिद्ध हैं, जिनका वयान हकीम बतलीइस ने किया है। सन् ईस्वी से तीन सौ बाईस वर्ष पूर्व बासठ वर्ष की अवस्था में निज जन्मभूमि में ही आपका स्वर्गवास हुआ। अरस्तु arasti-फ्राशून्य भागलपाती, कलियालता -बंशून्य । Swallow-wort ईशून्य तीस गाशून्य । अरस्तून arastún - यूशून्य एक प्रकार का तोचण मद्य । अरस्तूनास arastu-nása-अस्सी स्वटिका, खरि अरस्तूर arastüra-युशून्य भंगबूटी, भाँग । अरस्तूलोलिया arastúlokhiyá - यूशून्य अरावंद, -इसरमूल । अरस्मीन arasmina-फ़ाशून्य एक बूटी का फल है जिसे बास के स्थान में घोड़ों को वृहित करने के लिए खिलाते हैं। चारह aaiah-शून्य शशक, खरगोश, खरहा । कारहज्ञान arahazána-अशून्य हिम्दुक्रकी । बरहट arahat - हिंशून्य] संज्ञा पुंशून्य [संशून्य अर यह ] चरबट्ट, रेंटा, रहँट । पानी का रखा, यंत्र जिसमें तीन चक्कर या पहिए होते हैं। इन पहियों पर घड़ों की माला लगी होती है, जिनसे कुएँ से पानी निकाला जाता है । शहड arahada-जयशून्य चादकी, सुधर, अरहर । A kind of pulse .. ### israḥadárjúna-vi Phoenix dactylifera, Linn. armbana-हिंशून्य [संज्ञा पुंशून्य [संशून्य] रम्धन] वह आटा वा बेसन जो तर्कारी साग आदि पकाते समय उसमें मिला दिया जाता है। रेहन । अरहर arahara - हिंशून्य संज्ञा स्त्रीशून्य [संशून्य आढकी, प्राशून्य अड्ढकी ] आढ़की, रहर । । इसका श्रोज तुवरी तूअर पर्याशून्य तुवरी । वीर्य्या करवीरभुजा । वृत्तवीजा । पीतपुष्पा । काक्षी गृत्स्ना, मृतालका सुराष्ट्र-जंभा arahavi-हिंशून्य मीशून्य भारी, उरि, उरु । मरहा arahá--संशून्य श्रामला । अरहिरे arahire - काशून्य नेनुआ, घोषालता । अरहून āarahún - अशून्य बर्ग नील, वस्मह, । अहम āarahūm- अरजून । अरहेड़ arahera - [हिंशून्य संज्ञा स्त्रीशून्य [संशून्य हेड़ ] चौपायों का झुण्ड, बेहड़ी । --डि । अरा ará--हिंशून्य संज्ञा पुंशून्य देशून्य धारा । अराāaá [अशून्य शीत की तीव्रता, जाड़े का कड़ाका, शीताधिक्य । -- सिरिशून्य । तर्फ़हू, गज्ञ, भाऊ । श्रराक arák-यशून्य पीलू , मिस्वाक । झाल - राजपुशून्य एक - [हिंशून्य [संज्ञा पुंशून्य [] [अशून्य ] एक देश जो अरब में है । वहाँ का घोड़ा । अराकू aráqu-यूशून्य कटीला । अराज āaráza - शून्य देखो - इराज़ । äarázamभरा ज़म् झराज़म् āarázam } -अशून्यसिंह, शेर, ग्याघ्र अराजिः arájih- संशून्य स्त्रीशून्य धारीविहीन मांस. बेशी Unstriped muscle ) भराजिकंसरः aráji-kesarah-संशून्य पुंशून्य
देवघर : देवघर के नगर थाना क्षेत्र के आजाद चौक के समीप सोमवार को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में दिनदहाड़े 55 लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस को अहम सफलता हासिल हुई है। वारदात के 36 घंटे के अंदर पुलिस ने लूट के 51 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। वहीं घटना में शामिल चार अपराधी भी दबोचे गए हैं। उनके पास से चार पिस्तौल व 16 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगलवार रात करीब 3 बजे बिलासी स्थित एक लॉज में छापेमारी की और वहां से लूटे गये रुपये बरामद कर लिए गए। ये रुपये एक स्थानीय युवक ने कमरे में छुपा कर रखा था। इस दौरान पुलिस ने पालोजोरी थाना क्षेत्र के खागा व मधुपुर थाना क्षेत्र से अपराधियों को पकड़ा है। हालांकि गिरोह का सरगना सुनील दास अब भी पकड़ से बाहर है। सुनील व अन्य अपराधियों की तलाश में छापेमारी जारी है। एसपी ए विजयालक्ष्मी के नेतृत्व में उनकी टीम ने वारदात के बाद से ही अनुसंधान शुरू कर दिया था। इसका परिणाम है कि मंगलवार रात ही पुलिस को सफलता भी हासिल हो गई।
देवघर : देवघर के नगर थाना क्षेत्र के आजाद चौक के समीप सोमवार को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में दिनदहाड़े पचपन लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस को अहम सफलता हासिल हुई है। वारदात के छत्तीस घंटाटे के अंदर पुलिस ने लूट के इक्यावन लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। वहीं घटना में शामिल चार अपराधी भी दबोचे गए हैं। उनके पास से चार पिस्तौल व सोलह जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगलवार रात करीब तीन बजे बिलासी स्थित एक लॉज में छापेमारी की और वहां से लूटे गये रुपये बरामद कर लिए गए। ये रुपये एक स्थानीय युवक ने कमरे में छुपा कर रखा था। इस दौरान पुलिस ने पालोजोरी थाना क्षेत्र के खागा व मधुपुर थाना क्षेत्र से अपराधियों को पकड़ा है। हालांकि गिरोह का सरगना सुनील दास अब भी पकड़ से बाहर है। सुनील व अन्य अपराधियों की तलाश में छापेमारी जारी है। एसपी ए विजयालक्ष्मी के नेतृत्व में उनकी टीम ने वारदात के बाद से ही अनुसंधान शुरू कर दिया था। इसका परिणाम है कि मंगलवार रात ही पुलिस को सफलता भी हासिल हो गई।
एक क्रिकेटर अपने देश के लिए राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखता है। जब उस क्रिकेटर का अपने देश के लिए खेलने का सपना पूरा हो जाता है तो वो ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने की कोशिश करता है तो साथ ही इसमें अपनी भूमिका निभाना भी चाहता है। तो लगातार खेलने के बाद उस खिलाड़ी का एक सपना होता है कि वो देश की टीम की कप्तानी भी करें। अब तक क्रिकेट इतिहास में कई बड़े खिलाड़ी रहे हैं और उन्होंने अपने देश की टीम के लिए कप्तानी भी की। इंटरनेशनल क्रिकेट में एक से एक दिग्गज खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपनी टीम के लिए मैचों का सैकड़ा पूरा करने तक का सफर पूरा किया है। जिन्होंने अपने देश की टीम की कप्तानी करने में भी सफलता हासिल की। श्रीलंका क्रिकेट टीम के दिग्गज स्पिन गेंदबाज रहे मुथैया मुरलीधरन टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे कामयाब गेंदबाज हैं। टेस्ट क्रिकेट में मुरलीधरन के नाम सबसे ज्यादा विकेट हैं। उन्होंने अपने पूरे करियर में बहुत ही प्रभावशाली प्रदर्शन किया और टीम की जीत की सबसे बड़ी गारंटी रहे। मुथैया मुरलीधरन ने श्रीलंका के लिे सालों तक अपनी सेवाएं दी। उन्होंने इंटरनेशनल टेस्ट करियर में 133 मैच खेले जिसमें अपने नाम 800 विकेट हासिल किए। वो टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। लेकिन इतने लंबे करियर के बाद भी वो कभी कप्तानी नहीं कर सके।
एक क्रिकेटर अपने देश के लिए राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखता है। जब उस क्रिकेटर का अपने देश के लिए खेलने का सपना पूरा हो जाता है तो वो ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने की कोशिश करता है तो साथ ही इसमें अपनी भूमिका निभाना भी चाहता है। तो लगातार खेलने के बाद उस खिलाड़ी का एक सपना होता है कि वो देश की टीम की कप्तानी भी करें। अब तक क्रिकेट इतिहास में कई बड़े खिलाड़ी रहे हैं और उन्होंने अपने देश की टीम के लिए कप्तानी भी की। इंटरनेशनल क्रिकेट में एक से एक दिग्गज खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपनी टीम के लिए मैचों का सैकड़ा पूरा करने तक का सफर पूरा किया है। जिन्होंने अपने देश की टीम की कप्तानी करने में भी सफलता हासिल की। श्रीलंका क्रिकेट टीम के दिग्गज स्पिन गेंदबाज रहे मुथैया मुरलीधरन टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे कामयाब गेंदबाज हैं। टेस्ट क्रिकेट में मुरलीधरन के नाम सबसे ज्यादा विकेट हैं। उन्होंने अपने पूरे करियर में बहुत ही प्रभावशाली प्रदर्शन किया और टीम की जीत की सबसे बड़ी गारंटी रहे। मुथैया मुरलीधरन ने श्रीलंका के लिे सालों तक अपनी सेवाएं दी। उन्होंने इंटरनेशनल टेस्ट करियर में एक सौ तैंतीस मैच खेले जिसमें अपने नाम आठ सौ विकेट हासिल किए। वो टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। लेकिन इतने लंबे करियर के बाद भी वो कभी कप्तानी नहीं कर सके।
भारत में तांबा का उपयोग मुख्य रूप से विद्युत मशीनरी के उत्पादन के लिए किया जाता है। एक औद्योगिक धातु के रूप में तांबा स्टील के बाद दूसरे स्थान पर है। इसे बिजली के सर्वश्रेष्ठ चालक के रूप में माना जाता है। तांबे का उपयोग पीतल और कांस्य, कास्टिंग और पाइप के उत्पादन में भी किया जाता है। इसके अलावा तांबे के शोधन के लिए, सस्ती और प्रचुर मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। भारत केवल तांबे की थोड़ी मात्रा का उत्पादन करता है और यह घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सालाना इस खनिज संसाधन की एक बड़ी मात्रा का आयात करता है। वर्तमान में अधिकांश तांबे के अयस्क का खनन सिंहभूम (झारखंड), बैराघाट (मध्य प्रदेश) और झुंझुनू जिले और राजस्थान के अलवर में किया जाता है। तांबे के छोटे उत्पादकों में आंध्र प्रदेश का खम्मम जिला, कर्नाटक का धीरदुर्ग और हासन जिला और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी शामिल हैं। सिंहभूम जिले के घाटशिला में स्मेल्टर बहुत पुराना है। इसे मोसाबनी से कॉपर अयस्क प्राप्त होता है। दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 1971 तक घाटशिला में स्मेल्टर देश में तांबे का एकमात्र उत्पादक था। इसने प्रतिवर्ष विशाल टन तांबे का उत्पादन भी किया। दूसरी ओर आंध्र प्रदेश के झुंझुनू जिले के खेतड़ी में स्थित स्मेल्टर में भी बड़ी क्षमता है। वर्ष 1970 में इस स्मेल्टर ने प्रायोगिक आधार पर तांबे का उत्पादन शुरू किया। स्मेल्टर को वर्ष 1974 में वास्तविक बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रोलाइटिक कॉपर के उत्पादन के लिए कमीशन किया गया था। इस स्मेल्टर को तांबा अयस्क खदानों से खेतड़ी, चंदमारी, दरीबा और कोलिहान में तांबा अयस्क प्राप्त होता है। ये सभी स्थान खेतड़ी से निकटता के भीतर स्थित हैं। भारत की तांबा गलाने की क्षमता में वृद्धि के साथ, इस खनिज संसाधन का उत्पादन 1971 के बाद लंबे समय से ऊपर की ओर शुरू हुआ। इसके बाद से उत्पादन में और तेजी आई। भारत तांबे की वार्षिक घरेलू आवश्यकताओं के लगभग आधे से अधिक को पूरा करने में सक्षम है। भारत में, तांबे के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई तांबा परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है।
भारत में तांबा का उपयोग मुख्य रूप से विद्युत मशीनरी के उत्पादन के लिए किया जाता है। एक औद्योगिक धातु के रूप में तांबा स्टील के बाद दूसरे स्थान पर है। इसे बिजली के सर्वश्रेष्ठ चालक के रूप में माना जाता है। तांबे का उपयोग पीतल और कांस्य, कास्टिंग और पाइप के उत्पादन में भी किया जाता है। इसके अलावा तांबे के शोधन के लिए, सस्ती और प्रचुर मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। भारत केवल तांबे की थोड़ी मात्रा का उत्पादन करता है और यह घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सालाना इस खनिज संसाधन की एक बड़ी मात्रा का आयात करता है। वर्तमान में अधिकांश तांबे के अयस्क का खनन सिंहभूम , बैराघाट और झुंझुनू जिले और राजस्थान के अलवर में किया जाता है। तांबे के छोटे उत्पादकों में आंध्र प्रदेश का खम्मम जिला, कर्नाटक का धीरदुर्ग और हासन जिला और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी शामिल हैं। सिंहभूम जिले के घाटशिला में स्मेल्टर बहुत पुराना है। इसे मोसाबनी से कॉपर अयस्क प्राप्त होता है। दिलचस्प बात यह है कि वर्ष एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर तक घाटशिला में स्मेल्टर देश में तांबे का एकमात्र उत्पादक था। इसने प्रतिवर्ष विशाल टन तांबे का उत्पादन भी किया। दूसरी ओर आंध्र प्रदेश के झुंझुनू जिले के खेतड़ी में स्थित स्मेल्टर में भी बड़ी क्षमता है। वर्ष एक हज़ार नौ सौ सत्तर में इस स्मेल्टर ने प्रायोगिक आधार पर तांबे का उत्पादन शुरू किया। स्मेल्टर को वर्ष एक हज़ार नौ सौ चौहत्तर में वास्तविक बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रोलाइटिक कॉपर के उत्पादन के लिए कमीशन किया गया था। इस स्मेल्टर को तांबा अयस्क खदानों से खेतड़ी, चंदमारी, दरीबा और कोलिहान में तांबा अयस्क प्राप्त होता है। ये सभी स्थान खेतड़ी से निकटता के भीतर स्थित हैं। भारत की तांबा गलाने की क्षमता में वृद्धि के साथ, इस खनिज संसाधन का उत्पादन एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर के बाद लंबे समय से ऊपर की ओर शुरू हुआ। इसके बाद से उत्पादन में और तेजी आई। भारत तांबे की वार्षिक घरेलू आवश्यकताओं के लगभग आधे से अधिक को पूरा करने में सक्षम है। भारत में, तांबे के उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई तांबा परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है।
लखनऊ। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय गुलाब एवं ग्लैडिओलस प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक समापन समारोह कल संस्थान के सेंट्रल लॉन में हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल बीएल जोशी तथा राज्यपाल के प्रमुख सचिव राजीव कपूर ने विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। इस वर्ष कुल 25 रनिंग चैलेंज ट्रॉफी शील्ड कप एवं विभिन्न विजेताओं को 289 पुरस्कार (प्रथम 104 द्वितीय 90 एवं सांत्वना 95) वितरित किये गए। इस वर्ष प्रदर्शनी में लखनऊ तथा अन्य शहरों से 65 प्रदर्शकों की 711 प्रविष्टियां प्रदर्शित की गईं। इस वर्ष एच. ए. एल. एक्सेसरीज डिवीजन लखनऊ सर्वाधिक 7 रनिंग चैलेंज ट्रॉफी शील्ड कप जीतकर प्रथम स्थान पर रही, जबकि अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम ने कुल 3 कप शील्ड ट्रॉफी जीतकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कुल 289 पुरस्कारों में से एचएएल उपसाधन मंडल लखनऊ ने सर्वाधिक 41 पुरस्कार (21 प्रथम, 13 द्वितीय तथा 7 सांत्वना) जीते और प्रथम स्थान पर रहे। टाटा मोटर्स लिमिटेड चिनहट लखनऊ ने कुल 30 पुरस्कार (4 प्रथम, 8 द्वितीय तथा 18 सांत्वना) के साथ द्वितीय तथा निदेशक, सीएसआईआर-सीमैप लखनऊ एवं अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम, लखनऊ प्रत्येक 21 पुरस्कारों के साथ जीतकर तृतीय स्थान पर रहे। एचएएल उपसाधन मंडल, लखनऊ तथा टाटा मोटर्स लिमिटेड लखनऊ को विशिष्टि प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान भी दिये गए। राज्यपाल बीएल जोशी ने संस्थान के वनस्पति उद्यान में जुरासिक गैलरी का उद्घाटन भी किया। इस गैलरी में जुरासिक काल में पादप विविधता की दृष्टि से मुख्य रूप से अनावृतबीजी पौधे, जिसमें पाइंस तथा साइकेड भी शामिल हैं, के साथ-साथ फर्न (टेरिडोफाइट्स), मॉस, लाइकेंस तथा शैवाल पाये जाते थे। इस समूह में पाये जाने वाले कुछ पौधों (पेंटोजाइलोन) एवं प्राणियों जैसे डायनासोर के मॉडलों को गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जैवीय प्रजातियों के उद्भव एवं विलुप्त होने की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी देना है। उन्होंने संस्थान में विकसित ग्लैडिओलस की प्रजाति 'एनबीआरआई-हीरक' का भी विमोचन किया। संस्थान के निदेशक डॉ चंद्रशेखर नौटियाल ने मुख्य अतिथि तथा अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान की यह गतिविधि कृषकों को बढ़ावा देने के लिए एक बहुत ही उपयोगी भूमिका निभाती है, हमें गर्व है कि संस्थान इन गतिविधियों से लाखों लोगों के चेहरों पर खुशी बिखेरने में सक्षम है, जोकि अपनी आजीविका हेतु इसे उगाते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ सीएस नौटियाल के मार्गदर्शन में पुष्प कृषि के क्षेत्र में किये जा रहे अनुसंधान एवं प्रयासों की सराहना की। उन्होंने संस्थान में शारीरिक रूप से विकलांग बच्चों को फूलों एवं पौधों के प्रयोग से ग्रीटिंग कार्ड बनाने हेतु दिये जा रहे प्रशिक्षण की प्रशंसा करते हुए जनता का आह्वान किया कि वे इन ग्रीटिंग कार्ड को प्रयोग में लाकर बच्चों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहायता कर सकते हैं।
लखनऊ। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय गुलाब एवं ग्लैडिओलस प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक समापन समारोह कल संस्थान के सेंट्रल लॉन में हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल बीएल जोशी तथा राज्यपाल के प्रमुख सचिव राजीव कपूर ने विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। इस वर्ष कुल पच्चीस रनिंग चैलेंज ट्रॉफी शील्ड कप एवं विभिन्न विजेताओं को दो सौ नवासी पुरस्कार वितरित किये गए। इस वर्ष प्रदर्शनी में लखनऊ तथा अन्य शहरों से पैंसठ प्रदर्शकों की सात सौ ग्यारह प्रविष्टियां प्रदर्शित की गईं। इस वर्ष एच. ए. एल. एक्सेसरीज डिवीजन लखनऊ सर्वाधिक सात रनिंग चैलेंज ट्रॉफी शील्ड कप जीतकर प्रथम स्थान पर रही, जबकि अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम ने कुल तीन कप शील्ड ट्रॉफी जीतकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कुल दो सौ नवासी पुरस्कारों में से एचएएल उपसाधन मंडल लखनऊ ने सर्वाधिक इकतालीस पुरस्कार जीते और प्रथम स्थान पर रहे। टाटा मोटर्स लिमिटेड चिनहट लखनऊ ने कुल तीस पुरस्कार के साथ द्वितीय तथा निदेशक, सीएसआईआर-सीमैप लखनऊ एवं अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम, लखनऊ प्रत्येक इक्कीस पुरस्कारों के साथ जीतकर तृतीय स्थान पर रहे। एचएएल उपसाधन मंडल, लखनऊ तथा टाटा मोटर्स लिमिटेड लखनऊ को विशिष्टि प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान भी दिये गए। राज्यपाल बीएल जोशी ने संस्थान के वनस्पति उद्यान में जुरासिक गैलरी का उद्घाटन भी किया। इस गैलरी में जुरासिक काल में पादप विविधता की दृष्टि से मुख्य रूप से अनावृतबीजी पौधे, जिसमें पाइंस तथा साइकेड भी शामिल हैं, के साथ-साथ फर्न , मॉस, लाइकेंस तथा शैवाल पाये जाते थे। इस समूह में पाये जाने वाले कुछ पौधों एवं प्राणियों जैसे डायनासोर के मॉडलों को गैलरी में प्रदर्शित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जैवीय प्रजातियों के उद्भव एवं विलुप्त होने की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी देना है। उन्होंने संस्थान में विकसित ग्लैडिओलस की प्रजाति 'एनबीआरआई-हीरक' का भी विमोचन किया। संस्थान के निदेशक डॉ चंद्रशेखर नौटियाल ने मुख्य अतिथि तथा अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान की यह गतिविधि कृषकों को बढ़ावा देने के लिए एक बहुत ही उपयोगी भूमिका निभाती है, हमें गर्व है कि संस्थान इन गतिविधियों से लाखों लोगों के चेहरों पर खुशी बिखेरने में सक्षम है, जोकि अपनी आजीविका हेतु इसे उगाते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ सीएस नौटियाल के मार्गदर्शन में पुष्प कृषि के क्षेत्र में किये जा रहे अनुसंधान एवं प्रयासों की सराहना की। उन्होंने संस्थान में शारीरिक रूप से विकलांग बच्चों को फूलों एवं पौधों के प्रयोग से ग्रीटिंग कार्ड बनाने हेतु दिये जा रहे प्रशिक्षण की प्रशंसा करते हुए जनता का आह्वान किया कि वे इन ग्रीटिंग कार्ड को प्रयोग में लाकर बच्चों के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान में सहायता कर सकते हैं।