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भारत मे रंगो का त्यैहार हेली हर्षेल्लास के साथ मनाया जाता है। यहॉं तरह-तरह के पकवान बनाकर घर आए मेहमानों को खिलाए जाते हैं। होली सौहार्द और भाईचारे का पर्व है।
होली की बात हो और बरसाने का नाम ना आए, ऐसा तो नही हो सकता। होली शुरू होते ही सबसे पहले बरसाने और ब्रज के रंगों में मन डूब जाता है। यहाँ भी सबसे ज्यादा मशहूर है बरसाना की लट्ठमार होली। राधा का जन्मस्थान 'बरसाना' है। मथुरा (उत्तरप्रदेश) के पास बरसाना में होली बसंत पंचमी से ही शुरू हो जाती है।
लट्ठ लेकर महिलाएं (गोपियां) अपना बचाव करती हैं। लट्ठ गोपियें के हाथ में रहता है और नन्दगाँव के पुरुषों (गोप) जो राधा के मन्दिर 'लाडलीजी' पर झंडा फहराने की कोशिश करते हैं, उन्हें महिलाओं के लट्ठ से बचना होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सभी महिलाओं में राधा की आत्मा बसती है और पुरुष भी हँस-हँस कर लाठियाँ खाते हैं। वे इसे अपना सौभाग्य मानते हैं। आपसी वार्तालाप के लिए 'होरी' गाई जाती है, जो श्रीकृष्ण और राधा के बीच वार्तालाप पर आधारित होती है।
महिलाएँ पुरुषों को लट्ठ मारती हैं, लेकिन गोपों को किसी भी तरह का प्रतिरोध करने की इजाजत नहीं होती है। उन्हें सिर्फ गुलाल छिड़क कर इन महिलाओं को चकमा देना होता है। माना जाता है कि पौराणिक काल में श्रीकृष्ण को बरसाना की गोपियों ने नचाया था। जो पुरुष पकड़े जाते हैं तो उनकी जमकर पिटाई होती है या महिलाओं के कपड़े पहनाकर, श्रंगार इत्यादि करके उन्हें नचाया जाता है।
रंग पंचमी तक चलने वाली इस होली का माहौल बहुत रंगीला होता है। एक बात और यहाँ पर जिस रंग-गुलाल का प्रयोग किया जाता है वो प्राकृतिक होता है, जिससे माहौल बहुत ही सुगन्धित रहता है। अगले दिन यही प्रक्रिया दोहराई जाती है, लेकिन इस बार नन्दगाँव में, वहाँ की गोपियाँ, बरसाना के गोपों की जमकर धुलाई करती है।
भारतीय संस्कृति में रिश्तों और प्रकृति के बीच सामंजस्य का अनोखा मिश्रण हरियाणा की होली में देखने को मिलता है। यहाँ होली धुरेड़ी के रूप में मनाते हैं और सूखी होली - गुलाल और अबीर से खेलते हैं। भाभियों को इस दिन पूरी छूट रहती है कि वे अपने देवरों को साल भर सताने का दण्ड दें।
भाभियाँ देवरों को तरह-तरह से सताती हैं और देवर बेचारे चुपचाप झेलते हैं, क्योंकि इस दिन तो भाभियों का दिन होता है। शाम को देवर अपनी प्यारी भाभी के लिए उपहार लाता है और भाभी उसे आशीर्वाद देती है। लेकिन उपहार और आशीर्वाद के बाद फिर शुरू हो जाता है देवर और भाभी के पवित्र रिश्ते की नोकझोंक और एक-दूसरे को सताए जाने का सिलसिला। इस दिन मटका फोड़ने का भी कार्यक्रम आयोजित होता है।
गुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर ने होली के ही दिन शान्ति निकेतन मे वसन्तोत्सव का आयोजन किया था, तब से आज तक इसे यहाँ बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
बंगाल में होली डोल पूर्णिमा(झूला-उत्सव) के रूप में भी मनाया जाता है। इस दौरान रंगों के साथ पूरे बंगाल की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। इस दिन लोग बसंती रंग के कपड़े पहनते हैं और फूलों से श्रंगार करते हैं। सुबह से ही नृत्य और संगीत का कार्यक्रम चलता है। घरों में मीठे पकवान और बनते हैं। इस पर्व को डोल जात्रा के नाम से भी जाना।
इस मौके पर राधा-कृष्ण की प्रतिमा झूले में स्थापित की जाती है और महिलाएँ बारी-बारी से इसे झुलाती हैं। शेष महिलाएँ इसके चारों ओर नृत्य करती हैं। पूरे उत्सव के दौरान पुरुष महिलाओं पर रंग फेंकते रहते हैं और बदले में महिलाएँ भी उन्हें रंग-गुलाल लगाती हैं।
महाराष्ट्र और कोंकण के लगभग सभी हिस्सों में इस त्योहार को रंगों के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। मछुआरों की बस्ती में इस त्योहार का मतलब नाच-गाना और मस्ती होता है। यह मौसम शादी तय करने के लिए ठीक माना जाता है क्योंकि सारे मछुआरे इस त्योहार पर एक-दूसरे के घरों को मिलने जाते हैं और काफी समय मस्ती में बीतता है।
महाराष्ट्र में पूरनपोली नाम का मीठा स्वादिष्ट पकवान बनाया जाता है, वहीं गोआ में इस मौके पर मांसाहार और मिठाइयाँ बनाई जाती हैं। महाराष्ट्र में इस मौके पर जगह-जगह पर दही हांडी फोड़ने का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। दही-हांडी की टोलियों के लिए पुरस्कार भी दिए जाते हैं। इस दौरान हांडी फोड़ने वालों पर महिलाएँ अपने घरों की छत से रंग फेंकती हैं।
पंजाब में भी इस त्योहार की बहुत धूम रहती है। सिखों के पवित्र धर्मस्थान आनन्दपुर साहिब में होली के अगले दिन से लगने वाले मेले को होला मोहल्ला कहते है। सिखों के लिए यह धर्म-स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण है। कहते हैं गुरु गोबिन्द सिंह (सिखों के दसवें गुरु) ने स्वयं इस मेले की शुरुआत की थी। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में सिख शौर्यता के हथियारों का प्रदर्शन किया जाता है और वीरता के करतब दिखाए जाते हैं। इस दिन यहाँ पर आनन्दपुर साहिब की सजावट की जाती है और विशाल लंगर का आयोजन किया जाता है।
तमिलनाडु में होली का दिन कामदेव को समर्पित होता है। इसके पीछे भी एक किंवदन्ती है। प्राचीनकाल मे पार्वती की मृत्यु के बाद शिव काफी व्यथित हो गए थे। इसके साथ ही वे ध्यान में चले गए। उधर पर्वत सम्राट की पुत्री भी शंकर भगवान से विवाह करने के लिए तपस्या कर रही थी। देवताओं ने भगवान शंकर की निद्रा को तोड़ने के लिए कामदेव का सहारा लिया। कामदेव ने अपने कामबाण से शंकर पर वार किया।
भगवान ने गुस्से में अपनी तपस्या को बीच में छोड़कर कामदेव को देखा। शंकर भगवान को बहुत गुस्सा आया कि कामदेव ने उनकी तपस्या में विघ्न डाला है, इसलिए उन्होंने अपने तीसरे नेत्र से कामदेव को भस्म कर दिया। अब कामदेव का तीर तो अपना काम कर ही चुका था, सो पार्वती को शंकर भगवान पति के रूप में प्राप्त हुए।
उधर कामदेव की पत्नी रति ने विलाप किया और शंकर भगवान से कामदेव को जीवित करने की गुहार की। ईश्वर प्रसन्न हुए और उन्होंने कामदेव को पुनर्जीवित कर दिया। यह दिन होली का दिन होता है। आज भी रति के विलाप को लोक संगीत के रूप में गाया जाता है और चंदन की लकड़ी को अग्निदान किया जाता है ताकि कामदेव को भस्म होने में पीड़ा ना हो। साथ ही बाद में कामदेव के जीवित होने की खुशी में रंगों का त्योहार मनाया जाता है। यहॉं कामदेव व रति के पुनर्मिलन के रूप में होली का त्यौहार मनाया जाता है।
फागु मतलब लाल रंग और पूर्णिमा यानी पूरा चाँद। बिहार में इसे फगुवा नाम से भी जानते हैं। बिहार और इससे लगे उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों में इसे हिंदी नववर्ष के उत्सव के रूप में मनाते हैं। लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं। होली का त्योहार तीन दिनों तक मनाया जाता है। पहले दिन रात में होलिका दहन होता है, जिसे यहाँ संवत्सर दहन के नाम से भी जाना जाता है और लोग इस आग के चारों ओर घूमकर नृत्य करते हैं।
अगले दिन इससे निकले राख से होली खेली जाती है, जो धुलेठी कहलाती है और तीसरा दिन रंगों का होता है। स्त्री और पुरुषों की टोलियाँ घर-घर जाकर डोल की थाप पर नृत्य करते हैं, एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं और पकवान खाते हैं।
राजस्थान और मध्यप्रदेश में रहने वाले भील आदिवासियों के लिए होली विशेष होती है। वयस्क होते लड़कों को इस दिन अपना मनपसंद जीवनसाथी चुनने की छूट होती है। भीलों का होली मनाने का तरीका विशिष्ट है। इस दिन वो आम की मंजरियों, टेसू के फूल और गेहूँ की बालियों की पूजा करते हैं और नए जीवन की शुरुआत के लिए प्रार्थना करते हैं।
होली के मौके पर गुजरात में मस्त युवकों की टोलियाँ सड़कों पर नाचते-गाते चलती हैं। गलियों में ऊँचाई पर दही की मटकियाँ लगाई जाती हैं और युवकों को यहाँ तक पहुँचने के लिए प्रेरित किया जाता है। इन मटकियों में दही के साथ ही पुरस्कार भी लटकते हैं। यह भगवान कृष्ण के गोपियों की मटकी फोड़ने से प्रेरित है। ऐसे में कौन युवक कन्हैया नहीं बनना चाहेगा और कौन होगी जो राधा नहीं बनना चाहेगी।
राधारानी मटकी नहीं फूटे इसलिए इन टोलियों पर रंगों की बौझार करती रहती हैं। जो कोई इस मटकी को फोड़ देता है, वह होली राजा बन जाता है। होली के पहले दिन जलने वाली होलिका की राख गौरी देवी को समर्पित करते हैं।
मणिपुर में होली पूरे 6 दिनों तक चलती है, जिसे योसांग कहते हैं। यहाँ होली की शुरुआत में होलिका न बनाकर एक घासफूस की एक झोपड़ी बनाई जाती है और इसमें आग लगाते हैं। अगले दिन लड़कों की टोलियाँ लड़कियों के साथ होली खेलती है, इसके बदले में उन्हें लड़की को उपहार देना होता है।
होली के दौरान लोग कृष्ण मंदिर में पीले और सफेद रंग के पारंपरिक परिधान पहनकर जाते हैं और संगीत और नृत्य करते हैं। इस दौरान थाबल चोंगा वाद्य बजाया जाता है और लड़के-लड़कियाँ नाचते हैं। वे एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं। इस त्योहार का उद्देश्य लड़के-लड़कियों को एक-दूसरे से मिलने के लिए मौका देना भी होता है।
फागुन का त्योहार प्यार, त्याग, द्वेषरहित, आपसी मेल मिलाप, मस्ती और तरंग लेकर आता है, और सभी को उत्साह से भर देता है। बच्चों की तैयारी तो कई दिन पहले से ही होने लगती है। वे तरह-तरह पिचकारियाँ, रंग और गुलाल खरीदने लगते हैं। बच्चों के साथ बड़े भी पूरे उत्साह से जुट जाते हैं। पर यह कोई नहीं सोचता कि होली में इस्तेमाल किए जाने वाले रासायनिक तेजाबी रंग हमारी त्वचा व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं।
| भारत मे रंगो का त्यैहार हेली हर्षेल्लास के साथ मनाया जाता है। यहॉं तरह-तरह के पकवान बनाकर घर आए मेहमानों को खिलाए जाते हैं। होली सौहार्द और भाईचारे का पर्व है। होली की बात हो और बरसाने का नाम ना आए, ऐसा तो नही हो सकता। होली शुरू होते ही सबसे पहले बरसाने और ब्रज के रंगों में मन डूब जाता है। यहाँ भी सबसे ज्यादा मशहूर है बरसाना की लट्ठमार होली। राधा का जन्मस्थान 'बरसाना' है। मथुरा के पास बरसाना में होली बसंत पंचमी से ही शुरू हो जाती है। लट्ठ लेकर महिलाएं अपना बचाव करती हैं। लट्ठ गोपियें के हाथ में रहता है और नन्दगाँव के पुरुषों जो राधा के मन्दिर 'लाडलीजी' पर झंडा फहराने की कोशिश करते हैं, उन्हें महिलाओं के लट्ठ से बचना होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन सभी महिलाओं में राधा की आत्मा बसती है और पुरुष भी हँस-हँस कर लाठियाँ खाते हैं। वे इसे अपना सौभाग्य मानते हैं। आपसी वार्तालाप के लिए 'होरी' गाई जाती है, जो श्रीकृष्ण और राधा के बीच वार्तालाप पर आधारित होती है। महिलाएँ पुरुषों को लट्ठ मारती हैं, लेकिन गोपों को किसी भी तरह का प्रतिरोध करने की इजाजत नहीं होती है। उन्हें सिर्फ गुलाल छिड़क कर इन महिलाओं को चकमा देना होता है। माना जाता है कि पौराणिक काल में श्रीकृष्ण को बरसाना की गोपियों ने नचाया था। जो पुरुष पकड़े जाते हैं तो उनकी जमकर पिटाई होती है या महिलाओं के कपड़े पहनाकर, श्रंगार इत्यादि करके उन्हें नचाया जाता है। रंग पंचमी तक चलने वाली इस होली का माहौल बहुत रंगीला होता है। एक बात और यहाँ पर जिस रंग-गुलाल का प्रयोग किया जाता है वो प्राकृतिक होता है, जिससे माहौल बहुत ही सुगन्धित रहता है। अगले दिन यही प्रक्रिया दोहराई जाती है, लेकिन इस बार नन्दगाँव में, वहाँ की गोपियाँ, बरसाना के गोपों की जमकर धुलाई करती है। भारतीय संस्कृति में रिश्तों और प्रकृति के बीच सामंजस्य का अनोखा मिश्रण हरियाणा की होली में देखने को मिलता है। यहाँ होली धुरेड़ी के रूप में मनाते हैं और सूखी होली - गुलाल और अबीर से खेलते हैं। भाभियों को इस दिन पूरी छूट रहती है कि वे अपने देवरों को साल भर सताने का दण्ड दें। भाभियाँ देवरों को तरह-तरह से सताती हैं और देवर बेचारे चुपचाप झेलते हैं, क्योंकि इस दिन तो भाभियों का दिन होता है। शाम को देवर अपनी प्यारी भाभी के लिए उपहार लाता है और भाभी उसे आशीर्वाद देती है। लेकिन उपहार और आशीर्वाद के बाद फिर शुरू हो जाता है देवर और भाभी के पवित्र रिश्ते की नोकझोंक और एक-दूसरे को सताए जाने का सिलसिला। इस दिन मटका फोड़ने का भी कार्यक्रम आयोजित होता है। गुरु रवीन्द्रनाथ टैगोर ने होली के ही दिन शान्ति निकेतन मे वसन्तोत्सव का आयोजन किया था, तब से आज तक इसे यहाँ बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। बंगाल में होली डोल पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है। इस दौरान रंगों के साथ पूरे बंगाल की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। इस दिन लोग बसंती रंग के कपड़े पहनते हैं और फूलों से श्रंगार करते हैं। सुबह से ही नृत्य और संगीत का कार्यक्रम चलता है। घरों में मीठे पकवान और बनते हैं। इस पर्व को डोल जात्रा के नाम से भी जाना। इस मौके पर राधा-कृष्ण की प्रतिमा झूले में स्थापित की जाती है और महिलाएँ बारी-बारी से इसे झुलाती हैं। शेष महिलाएँ इसके चारों ओर नृत्य करती हैं। पूरे उत्सव के दौरान पुरुष महिलाओं पर रंग फेंकते रहते हैं और बदले में महिलाएँ भी उन्हें रंग-गुलाल लगाती हैं। महाराष्ट्र और कोंकण के लगभग सभी हिस्सों में इस त्योहार को रंगों के त्योहार के रूप में मनाया जाता है। मछुआरों की बस्ती में इस त्योहार का मतलब नाच-गाना और मस्ती होता है। यह मौसम शादी तय करने के लिए ठीक माना जाता है क्योंकि सारे मछुआरे इस त्योहार पर एक-दूसरे के घरों को मिलने जाते हैं और काफी समय मस्ती में बीतता है। महाराष्ट्र में पूरनपोली नाम का मीठा स्वादिष्ट पकवान बनाया जाता है, वहीं गोआ में इस मौके पर मांसाहार और मिठाइयाँ बनाई जाती हैं। महाराष्ट्र में इस मौके पर जगह-जगह पर दही हांडी फोड़ने का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। दही-हांडी की टोलियों के लिए पुरस्कार भी दिए जाते हैं। इस दौरान हांडी फोड़ने वालों पर महिलाएँ अपने घरों की छत से रंग फेंकती हैं। पंजाब में भी इस त्योहार की बहुत धूम रहती है। सिखों के पवित्र धर्मस्थान आनन्दपुर साहिब में होली के अगले दिन से लगने वाले मेले को होला मोहल्ला कहते है। सिखों के लिए यह धर्म-स्थान बहुत ही महत्वपूर्ण है। कहते हैं गुरु गोबिन्द सिंह ने स्वयं इस मेले की शुरुआत की थी। तीन दिन तक चलने वाले इस मेले में सिख शौर्यता के हथियारों का प्रदर्शन किया जाता है और वीरता के करतब दिखाए जाते हैं। इस दिन यहाँ पर आनन्दपुर साहिब की सजावट की जाती है और विशाल लंगर का आयोजन किया जाता है। तमिलनाडु में होली का दिन कामदेव को समर्पित होता है। इसके पीछे भी एक किंवदन्ती है। प्राचीनकाल मे पार्वती की मृत्यु के बाद शिव काफी व्यथित हो गए थे। इसके साथ ही वे ध्यान में चले गए। उधर पर्वत सम्राट की पुत्री भी शंकर भगवान से विवाह करने के लिए तपस्या कर रही थी। देवताओं ने भगवान शंकर की निद्रा को तोड़ने के लिए कामदेव का सहारा लिया। कामदेव ने अपने कामबाण से शंकर पर वार किया। भगवान ने गुस्से में अपनी तपस्या को बीच में छोड़कर कामदेव को देखा। शंकर भगवान को बहुत गुस्सा आया कि कामदेव ने उनकी तपस्या में विघ्न डाला है, इसलिए उन्होंने अपने तीसरे नेत्र से कामदेव को भस्म कर दिया। अब कामदेव का तीर तो अपना काम कर ही चुका था, सो पार्वती को शंकर भगवान पति के रूप में प्राप्त हुए। उधर कामदेव की पत्नी रति ने विलाप किया और शंकर भगवान से कामदेव को जीवित करने की गुहार की। ईश्वर प्रसन्न हुए और उन्होंने कामदेव को पुनर्जीवित कर दिया। यह दिन होली का दिन होता है। आज भी रति के विलाप को लोक संगीत के रूप में गाया जाता है और चंदन की लकड़ी को अग्निदान किया जाता है ताकि कामदेव को भस्म होने में पीड़ा ना हो। साथ ही बाद में कामदेव के जीवित होने की खुशी में रंगों का त्योहार मनाया जाता है। यहॉं कामदेव व रति के पुनर्मिलन के रूप में होली का त्यौहार मनाया जाता है। फागु मतलब लाल रंग और पूर्णिमा यानी पूरा चाँद। बिहार में इसे फगुवा नाम से भी जानते हैं। बिहार और इससे लगे उत्तरप्रदेश के कुछ हिस्सों में इसे हिंदी नववर्ष के उत्सव के रूप में मनाते हैं। लोग एक-दूसरे को बधाई देते हैं। होली का त्योहार तीन दिनों तक मनाया जाता है। पहले दिन रात में होलिका दहन होता है, जिसे यहाँ संवत्सर दहन के नाम से भी जाना जाता है और लोग इस आग के चारों ओर घूमकर नृत्य करते हैं। अगले दिन इससे निकले राख से होली खेली जाती है, जो धुलेठी कहलाती है और तीसरा दिन रंगों का होता है। स्त्री और पुरुषों की टोलियाँ घर-घर जाकर डोल की थाप पर नृत्य करते हैं, एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाते हैं और पकवान खाते हैं। राजस्थान और मध्यप्रदेश में रहने वाले भील आदिवासियों के लिए होली विशेष होती है। वयस्क होते लड़कों को इस दिन अपना मनपसंद जीवनसाथी चुनने की छूट होती है। भीलों का होली मनाने का तरीका विशिष्ट है। इस दिन वो आम की मंजरियों, टेसू के फूल और गेहूँ की बालियों की पूजा करते हैं और नए जीवन की शुरुआत के लिए प्रार्थना करते हैं। होली के मौके पर गुजरात में मस्त युवकों की टोलियाँ सड़कों पर नाचते-गाते चलती हैं। गलियों में ऊँचाई पर दही की मटकियाँ लगाई जाती हैं और युवकों को यहाँ तक पहुँचने के लिए प्रेरित किया जाता है। इन मटकियों में दही के साथ ही पुरस्कार भी लटकते हैं। यह भगवान कृष्ण के गोपियों की मटकी फोड़ने से प्रेरित है। ऐसे में कौन युवक कन्हैया नहीं बनना चाहेगा और कौन होगी जो राधा नहीं बनना चाहेगी। राधारानी मटकी नहीं फूटे इसलिए इन टोलियों पर रंगों की बौझार करती रहती हैं। जो कोई इस मटकी को फोड़ देता है, वह होली राजा बन जाता है। होली के पहले दिन जलने वाली होलिका की राख गौरी देवी को समर्पित करते हैं। मणिपुर में होली पूरे छः दिनों तक चलती है, जिसे योसांग कहते हैं। यहाँ होली की शुरुआत में होलिका न बनाकर एक घासफूस की एक झोपड़ी बनाई जाती है और इसमें आग लगाते हैं। अगले दिन लड़कों की टोलियाँ लड़कियों के साथ होली खेलती है, इसके बदले में उन्हें लड़की को उपहार देना होता है। होली के दौरान लोग कृष्ण मंदिर में पीले और सफेद रंग के पारंपरिक परिधान पहनकर जाते हैं और संगीत और नृत्य करते हैं। इस दौरान थाबल चोंगा वाद्य बजाया जाता है और लड़के-लड़कियाँ नाचते हैं। वे एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं। इस त्योहार का उद्देश्य लड़के-लड़कियों को एक-दूसरे से मिलने के लिए मौका देना भी होता है। फागुन का त्योहार प्यार, त्याग, द्वेषरहित, आपसी मेल मिलाप, मस्ती और तरंग लेकर आता है, और सभी को उत्साह से भर देता है। बच्चों की तैयारी तो कई दिन पहले से ही होने लगती है। वे तरह-तरह पिचकारियाँ, रंग और गुलाल खरीदने लगते हैं। बच्चों के साथ बड़े भी पूरे उत्साह से जुट जाते हैं। पर यह कोई नहीं सोचता कि होली में इस्तेमाल किए जाने वाले रासायनिक तेजाबी रंग हमारी त्वचा व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकते हैं। |
रांची, गुरुस्वरूप मिश्रा. आम के पेड़ों में मंजर लगे हैं. वैज्ञानिक तरीके से इनकी देखभाल करें, तो आम का अच्छा उत्पादन हो सकता है. मंजर से फल लगने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. रांची के बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के उद्यान वैज्ञानिक डॉ अरुण कुमार तिवारी कहते हैं कि थोड़ी सी लापरवाही से आम का उत्पादन प्रभावित हो जाता है. इसलिए गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लिए किसानों को कुछ अहम जानकारी होनी चाहिए.
अधिक से अधिक आम का मंजर लगा रहे. इसके लिए तेज हवारोधी तिरपाल या अन्य पेड़ों से हवा रोकने का प्रयास करना चाहिए, नहीं तो मंजर झड़ सकते हैं. ज्यादा फलन के लिए मधुमक्खी पालन करें. बगीचा में पेड़ के नीचे मधुमक्खी बॉक्स रखें, ताकि स्व परागन व पर परागन की क्रिया त्वरित हो सके.
जब परागन की क्रिया हो रही हो और कुछ फल लगना शुरू हो गए हों, तो कीटनाशक दवाओं का प्रयोग या छिड़काव बिल्कुल नहीं करें.
फल लगने पर मटर की साइज के फलों का झड़ना कम से कम हो, इसके लिए तेज हवा, चिड़िया, बारिश व बंदर से बचाव करें और रासायनिक विधि से एनएए (नेप्थेलिक एसीटिक एसिड) हार्मोन का छिड़काव करें. दो मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में 7 बूंद टी पोल या एक चुटकी वाशिंग पाउडर का घोल बनाकर उसका 15 दिनों के अंतराल पर छिड़काव करें.
फल में कीड़े नहीं लगें, इसके लिए नीम व गोमूत्र से बने कीटनाशक का पांच मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर 15 दिनों में छिड़काव करें.
किसान जब भी आम का फल तोड़ने की तैयारी करें, तो किसी भी हालत में डंडे से नहीं झाड़ें. आम की तुड़ाई हाथ से ही करें.
आम के उन्नत किस्मों में मालदा (लंगड़ा), दशहरी, गुलाब खस, बंबईया, मल्लिका एवं आम्रपाली समेत अन्य शामिल हैं. आम के लिए बलुई-दोमट मिट्टी उपयुक्त है. पौधरोपण के लिए जून से सितंबर तक का समय उपयुक्त है. आप पौधरोपण करना चाहते हैं, तो रांची जिले के कांके स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं. यहां से आप पौधे खरीद सकते हैं.
बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के उद्यान वैज्ञानिक डॉ अरुण कुमार तिवारी कहते हैं मंजर नहीं झड़े, फल में कीड़े नहीं लगें और गुणवत्तायुक्त आम के फल के लिए किसानों को कुछ बातों का समय से ध्यान रखना है. इससे न सिर्फ आम का बंपर उत्पादन होगा, बल्कि उनकी आय भी बढ़ेगी.
| रांची, गुरुस्वरूप मिश्रा. आम के पेड़ों में मंजर लगे हैं. वैज्ञानिक तरीके से इनकी देखभाल करें, तो आम का अच्छा उत्पादन हो सकता है. मंजर से फल लगने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. रांची के बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के उद्यान वैज्ञानिक डॉ अरुण कुमार तिवारी कहते हैं कि थोड़ी सी लापरवाही से आम का उत्पादन प्रभावित हो जाता है. इसलिए गुणवत्तायुक्त उत्पादन के लिए किसानों को कुछ अहम जानकारी होनी चाहिए. अधिक से अधिक आम का मंजर लगा रहे. इसके लिए तेज हवारोधी तिरपाल या अन्य पेड़ों से हवा रोकने का प्रयास करना चाहिए, नहीं तो मंजर झड़ सकते हैं. ज्यादा फलन के लिए मधुमक्खी पालन करें. बगीचा में पेड़ के नीचे मधुमक्खी बॉक्स रखें, ताकि स्व परागन व पर परागन की क्रिया त्वरित हो सके. जब परागन की क्रिया हो रही हो और कुछ फल लगना शुरू हो गए हों, तो कीटनाशक दवाओं का प्रयोग या छिड़काव बिल्कुल नहीं करें. फल लगने पर मटर की साइज के फलों का झड़ना कम से कम हो, इसके लिए तेज हवा, चिड़िया, बारिश व बंदर से बचाव करें और रासायनिक विधि से एनएए हार्मोन का छिड़काव करें. दो मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में सात बूंद टी पोल या एक चुटकी वाशिंग पाउडर का घोल बनाकर उसका पंद्रह दिनों के अंतराल पर छिड़काव करें. फल में कीड़े नहीं लगें, इसके लिए नीम व गोमूत्र से बने कीटनाशक का पांच मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर पंद्रह दिनों में छिड़काव करें. किसान जब भी आम का फल तोड़ने की तैयारी करें, तो किसी भी हालत में डंडे से नहीं झाड़ें. आम की तुड़ाई हाथ से ही करें. आम के उन्नत किस्मों में मालदा , दशहरी, गुलाब खस, बंबईया, मल्लिका एवं आम्रपाली समेत अन्य शामिल हैं. आम के लिए बलुई-दोमट मिट्टी उपयुक्त है. पौधरोपण के लिए जून से सितंबर तक का समय उपयुक्त है. आप पौधरोपण करना चाहते हैं, तो रांची जिले के कांके स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं. यहां से आप पौधे खरीद सकते हैं. बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के उद्यान वैज्ञानिक डॉ अरुण कुमार तिवारी कहते हैं मंजर नहीं झड़े, फल में कीड़े नहीं लगें और गुणवत्तायुक्त आम के फल के लिए किसानों को कुछ बातों का समय से ध्यान रखना है. इससे न सिर्फ आम का बंपर उत्पादन होगा, बल्कि उनकी आय भी बढ़ेगी. |
पुल का निर्माण मार्च 2021 में पूरा कर लिया जाएगा. इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 1 दिसंबर 2018 से शुरू हुआ. इसे 21 माह बाद यानी 31 अगस्त 2020 को पूर्ण होना था.
नागपुरः नागपुर-वर्धा हाईवे नंबर 44 पर बूटीबोरी चौक पर बीते 21 माह से निर्माणाधीन फ्लाईओवर को अब 26 महीने गुजर गए हैं लेकिन ये अपूर्ण है.
हालांकि अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) दावा कर रही है कि इस पुल का निर्माण मार्च 2021 में पूरा कर लिया जाएगा. इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य 1 दिसंबर 2018 से शुरू हुआ. इसे 21 माह बाद यानी 31 अगस्त 2020 को पूर्ण होना था.
इस 4 लेन पुल की कुल लंबाई 1. 8 किमी है. 51. 193 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे इस फ्लाईओवर में अभी दोनों ओर के रैम्प का डामरीकरण व बीच के अंडरपास वाले हिस्से पर कांक्रीटीकरण शेष है. बूटीबोरी चौक पर निर्माणाधीन पुल के दोनों ओर से आवाजाही के लिए सिंगल लेन सड़क छोड़ी गई है लेकिन भारी यातायात के चलते ये भी कम ही पड़ रही है.
यहां ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए दोनों ओर दो कर्मचारी नियमित रूप से तैनात रहते हुए थोड़ी-थोड़ी देर वाहनों को रोककर गुजार रहे हैं. संकरेपन और भारी यातायात के चलते यहां अक्सर जाम लग जाता है. चौक से ही जुड़े हुए बस्ती के रास्ते भी हैं. ठीक चौक पर ही मॉल व अन्य प्रतिष्ठान होने के चलते आसपास से यहां बड़े पैमाने पर ग्राहक भी जुटते हैं.
बूटीबोरी इंडस्ट्रियल एरिया के लिए भी आवाजाही करने वाले कर्मचारियों की काफी संख्या है. ऐसे में जाम के दौरान उन्हें भी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है. पैदल चलने के लिए जगह नहीं पुल के दोनों ओर कांक्रीट वाली नालियां बनी हैं लेकिन यहां कई जगह जलाऊ लकड़ियां रखी गई हैं तो कई दुकानदारों ने अपने बोर्ड लगा रखे हैं. अतिक्रमण के चलते पैदल चलने वालों को भारी असुविधाएं झेलनी पड़ रही हैं.
| पुल का निर्माण मार्च दो हज़ार इक्कीस में पूरा कर लिया जाएगा. इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य एक दिसंबर दो हज़ार अट्ठारह से शुरू हुआ. इसे इक्कीस माह बाद यानी इकतीस अगस्त दो हज़ार बीस को पूर्ण होना था. नागपुरः नागपुर-वर्धा हाईवे नंबर चौंतालीस पर बूटीबोरी चौक पर बीते इक्कीस माह से निर्माणाधीन फ्लाईओवर को अब छब्बीस महीने गुजर गए हैं लेकिन ये अपूर्ण है. हालांकि अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया दावा कर रही है कि इस पुल का निर्माण मार्च दो हज़ार इक्कीस में पूरा कर लिया जाएगा. इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य एक दिसंबर दो हज़ार अट्ठारह से शुरू हुआ. इसे इक्कीस माह बाद यानी इकतीस अगस्त दो हज़ार बीस को पूर्ण होना था. इस चार लेन पुल की कुल लंबाई एक. आठ किमी है. इक्यावन. एक सौ तिरानवे करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे इस फ्लाईओवर में अभी दोनों ओर के रैम्प का डामरीकरण व बीच के अंडरपास वाले हिस्से पर कांक्रीटीकरण शेष है. बूटीबोरी चौक पर निर्माणाधीन पुल के दोनों ओर से आवाजाही के लिए सिंगल लेन सड़क छोड़ी गई है लेकिन भारी यातायात के चलते ये भी कम ही पड़ रही है. यहां ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए दोनों ओर दो कर्मचारी नियमित रूप से तैनात रहते हुए थोड़ी-थोड़ी देर वाहनों को रोककर गुजार रहे हैं. संकरेपन और भारी यातायात के चलते यहां अक्सर जाम लग जाता है. चौक से ही जुड़े हुए बस्ती के रास्ते भी हैं. ठीक चौक पर ही मॉल व अन्य प्रतिष्ठान होने के चलते आसपास से यहां बड़े पैमाने पर ग्राहक भी जुटते हैं. बूटीबोरी इंडस्ट्रियल एरिया के लिए भी आवाजाही करने वाले कर्मचारियों की काफी संख्या है. ऐसे में जाम के दौरान उन्हें भी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है. पैदल चलने के लिए जगह नहीं पुल के दोनों ओर कांक्रीट वाली नालियां बनी हैं लेकिन यहां कई जगह जलाऊ लकड़ियां रखी गई हैं तो कई दुकानदारों ने अपने बोर्ड लगा रखे हैं. अतिक्रमण के चलते पैदल चलने वालों को भारी असुविधाएं झेलनी पड़ रही हैं. |
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में लीन रहते हैं और कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं । भगवान विष्णु के जागृत होने के बाद उनके शीलाग्राम अवतार के साथ तुलसी जी का विवाह कराए जाने की परंपरा है।
कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को तुलसी विवाह के रूप में मनाया जाता है।
Tulsi Vivah 2022 Date Puja Vidhi Muhurat: प्रत्येक वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को तुलसी विवाह के रूप में मनाया जाता है। सनातन हिंदू धर्म में तुलसी को एक पवित्र पौधे के रूप में जानते हैं। तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। हर साल इस दिन तुलसी जी का विवाह भगवान विष्णु के स्वरूप शालीग्राम के साथ कराया जाता है। इस वर्ष तुलसी विवाह 05 नवंबर 2022 को है। आइए जानते हैं तुलसी विवाह के मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि के बारे में।
इस साल तुलसी विवाह का पर्व शनिवार 05 नवंबर 2022 को मनाया जाएगा।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में लीन रहते हैं और कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं । भगवान विष्णु के जागृत होने के बाद उनके शीलाग्राम अवतार के साथ तुलसी जी का विवाह कराए जाने की परंपरा है। ऐसा भी माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से एक हजार अश्वमेध यज्ञ करने जितना फल मिलता है। तुलसी विवाह के दिन तुलसी जी और शालीग्राम का विवाह कराने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और भक्त की सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है। तुलसी विवाह के बाद से ही शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त भी शुरू हो जाते हैं।
तुलसी विवाह के दिन प्रातः काल स्नानआदि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
तुलसी विवाह पूजन संध्या कल में की जाती है।
तुलसी विवाह के लिए एक चौकी में वस्त्र बिछाएं और उसमें तुलसी का पौधा और शालिग्राम को स्थापित करें।
इसके बाद तुलसी जी और शालीग्राम में गंगाजल छिड़कें।
चौकी के पास एक कलश में जल भरकर रखें और घी का दीप जलाएं।
इसके बाद तुलसी और शालीग्राम को रोली व चंदन का तिलक लगाएं।
तुलसी पौधे के गमले में गन्ने का मंडप बनाएं।
तुलसी पौधे की पत्तियों में सिंदूर लगाएं, लाल चुनरी चढ़ाएं और श्रृंगार का सामान सिंदूर, चूड़ी, बिंदी आदि चढ़ाएं।
हाथ में शालीग्राम रखकर तुलसी जी की परिक्रमा करें और इसके बाद आरती भी करें।
पूजा समाप्त होने के बाद हाथ जोड़कर तुलसी माता और भगवान शालीग्राम से सुखी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें।
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| पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में लीन रहते हैं और कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं । भगवान विष्णु के जागृत होने के बाद उनके शीलाग्राम अवतार के साथ तुलसी जी का विवाह कराए जाने की परंपरा है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को तुलसी विवाह के रूप में मनाया जाता है। Tulsi Vivah दो हज़ार बाईस Date Puja Vidhi Muhurat: प्रत्येक वर्ष कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को तुलसी विवाह के रूप में मनाया जाता है। सनातन हिंदू धर्म में तुलसी को एक पवित्र पौधे के रूप में जानते हैं। तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। हर साल इस दिन तुलसी जी का विवाह भगवान विष्णु के स्वरूप शालीग्राम के साथ कराया जाता है। इस वर्ष तुलसी विवाह पाँच नवंबर दो हज़ार बाईस को है। आइए जानते हैं तुलसी विवाह के मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि के बारे में। इस साल तुलसी विवाह का पर्व शनिवार पाँच नवंबर दो हज़ार बाईस को मनाया जाएगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु चार महीनों के लिए योगनिद्रा में लीन रहते हैं और कार्तिक मास की देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं । भगवान विष्णु के जागृत होने के बाद उनके शीलाग्राम अवतार के साथ तुलसी जी का विवाह कराए जाने की परंपरा है। ऐसा भी माना जाता है कि इस दिन व्रत करने से एक हजार अश्वमेध यज्ञ करने जितना फल मिलता है। तुलसी विवाह के दिन तुलसी जी और शालीग्राम का विवाह कराने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और भक्त की सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती है। तुलसी विवाह के बाद से ही शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त भी शुरू हो जाते हैं। तुलसी विवाह के दिन प्रातः काल स्नानआदि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। तुलसी विवाह पूजन संध्या कल में की जाती है। तुलसी विवाह के लिए एक चौकी में वस्त्र बिछाएं और उसमें तुलसी का पौधा और शालिग्राम को स्थापित करें। इसके बाद तुलसी जी और शालीग्राम में गंगाजल छिड़कें। चौकी के पास एक कलश में जल भरकर रखें और घी का दीप जलाएं। इसके बाद तुलसी और शालीग्राम को रोली व चंदन का तिलक लगाएं। तुलसी पौधे के गमले में गन्ने का मंडप बनाएं। तुलसी पौधे की पत्तियों में सिंदूर लगाएं, लाल चुनरी चढ़ाएं और श्रृंगार का सामान सिंदूर, चूड़ी, बिंदी आदि चढ़ाएं। हाथ में शालीग्राम रखकर तुलसी जी की परिक्रमा करें और इसके बाद आरती भी करें। पूजा समाप्त होने के बाद हाथ जोड़कर तुलसी माता और भगवान शालीग्राम से सुखी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करें। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को महोबा, हमीरपुर और जालौन के दौरे पर रहेंगे। उत्तर प्रदेश के महोबा में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले गरीब परिवारों के लिए उज्ज्वला 2.0 का दस अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीरभूमि महोबा से वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से संवाद स्थापित करेंगे। कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के साथ 11.55 बजे पुलिस लाइन ग्राउंड में हेलीकाप्टर से उतरेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्यों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। इस एक्सप्रेस-वे काम 69 फीसदी पूरा हो गया है। दिसंबर तक मुख्य कैरेज-वे का काम पूरा हो जाएगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे चित्रकूट के भरतकूप के पास से शुरू होकर बांदा, हमीरपुर, महोबा और औरैया होते हुए इटावा के कुदरैल गांव के पास आगरा एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा। इससे बुंदेलखंड से देश की राजधानी दिल्ली तक आने-जाने में समय और संसाधनों की बचत होगी। डीजल और पेट्रोल की खपत घटने से प्रदूषण भी घटेगा।
मुख्यमंत्री हमीरपुर कुछेछा बाढ़ राहत केंद्र का दौरा करेंगे। हमीरपुर कलक्ट्रेट परिसर में बैठक करेंगे। जालौन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे। बाढ़ राहत शिविर जगमनपुर व माधवगढ़ का भी दौरा करेंगे। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करेंगे और शाम छह बजे वापस लखनऊ लौटेंगे।
| मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को महोबा, हमीरपुर और जालौन के दौरे पर रहेंगे। उत्तर प्रदेश के महोबा में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले गरीब परिवारों के लिए उज्ज्वला दो.शून्य का दस अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीरभूमि महोबा से वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। पीएम उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों से संवाद स्थापित करेंगे। कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के साथ ग्यारह.पचपन बजे पुलिस लाइन ग्राउंड में हेलीकाप्टर से उतरेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बुन्देलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्यों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। इस एक्सप्रेस-वे काम उनहत्तर फीसदी पूरा हो गया है। दिसंबर तक मुख्य कैरेज-वे का काम पूरा हो जाएगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे चित्रकूट के भरतकूप के पास से शुरू होकर बांदा, हमीरपुर, महोबा और औरैया होते हुए इटावा के कुदरैल गांव के पास आगरा एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा। इससे बुंदेलखंड से देश की राजधानी दिल्ली तक आने-जाने में समय और संसाधनों की बचत होगी। डीजल और पेट्रोल की खपत घटने से प्रदूषण भी घटेगा। मुख्यमंत्री हमीरपुर कुछेछा बाढ़ राहत केंद्र का दौरा करेंगे। हमीरपुर कलक्ट्रेट परिसर में बैठक करेंगे। जालौन में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे। बाढ़ राहत शिविर जगमनपुर व माधवगढ़ का भी दौरा करेंगे। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक भी करेंगे और शाम छह बजे वापस लखनऊ लौटेंगे। |
सोहत मानले 'ज्योति', उमर पल में कम होती । जो करता ग्राज ही करले, झरोसा कुछ न कर कलका ।।मु०।।५।।
।। मेरी क्या करेगा पालना ।।
( तर्ज : जरा सामने तो
छलिये )
श्री मगध देश के राजा, क्या मौत भी तेरे हाथ है । मेरी क्या करेगा पालना, तू खुद ही हे राजनाथ है ।। ।।
माना कि तेरे हाथी है घोड़े, रंभा सी पटरानियां । लक्ष्मी का लाल है, राज्य विशाल है, वैभव में बीते जवानियां । पर एक सुनाऊं तुझे बात है,
जरा सुनना तू ध्यान के साथ है ।। मेरी ॥ १ ॥ धन का भण्डार था मेरे परिवार था, सेठ का लाल कहाता था, भाइ बहन थे. सब सुख चैन थे, पत्नि का प्यार भी पाता था । बोते आनन्द में, दिन रात हैं,
रहते मित्र भी हरदम साथ हैं । मेरी ॥ २ ॥
एक दिवस हुई वेदना भारी, रोग ने आकर घेर लिया । भाग दौड़ मच गई, कतारें लग गई, वैद्यों ने प्रा उपचार किया । कोई दबाते दिन रात हैं,
कोई देवों को जोड़ते हाथ हैं । मेरी ॥ ३ ॥
घन भी घरा रहा, घर भी भरा रहा, मिटा सका नहीं रोग कोई । हाजर हजार थे, पर सब वेकार थे, दूर खड़ा रहा आया जोई । | सोहत मानले 'ज्योति', उमर पल में कम होती । जो करता ग्राज ही करले, झरोसा कुछ न कर कलका ।।मुशून्य।।पाँच।। ।। मेरी क्या करेगा पालना ।। श्री मगध देश के राजा, क्या मौत भी तेरे हाथ है । मेरी क्या करेगा पालना, तू खुद ही हे राजनाथ है ।। ।। माना कि तेरे हाथी है घोड़े, रंभा सी पटरानियां । लक्ष्मी का लाल है, राज्य विशाल है, वैभव में बीते जवानियां । पर एक सुनाऊं तुझे बात है, जरा सुनना तू ध्यान के साथ है ।। मेरी ॥ एक ॥ धन का भण्डार था मेरे परिवार था, सेठ का लाल कहाता था, भाइ बहन थे. सब सुख चैन थे, पत्नि का प्यार भी पाता था । बोते आनन्द में, दिन रात हैं, रहते मित्र भी हरदम साथ हैं । मेरी ॥ दो ॥ एक दिवस हुई वेदना भारी, रोग ने आकर घेर लिया । भाग दौड़ मच गई, कतारें लग गई, वैद्यों ने प्रा उपचार किया । कोई दबाते दिन रात हैं, कोई देवों को जोड़ते हाथ हैं । मेरी ॥ तीन ॥ घन भी घरा रहा, घर भी भरा रहा, मिटा सका नहीं रोग कोई । हाजर हजार थे, पर सब वेकार थे, दूर खड़ा रहा आया जोई । |
बाड़मेर शहर की समस्याओं के समाधान के लिए अपने वार्ड पार्षद, नगर परिषद सभापति और अन्य अधिकारियों से सीधे सवाल करने के लिए दैनिक भास्कर का रूबरू प्रोग्राम कल रविवार से शुरू होने जा रहा है। पहले दिन वार्ड संख्या 6 से 14 (ढाणी बाजार, मोक्ष मार्ग) के लोग अपनी समस्याओं को लेकर सीधे सवाल पूछ सकेंगे।
शहर के वार्डों में पानी, बिजली, सफाई, टूटे रोड जैसी कई समस्याओं से लोग परेशान होते हैं। समाधान के लिए परिषद के चक्कर काटते रहते हैं। कभी सुनवाई में समय लगता है तो कभी समाधान होता ही नहीं है। रूबरू कार्यक्रम में जो वार्ड सम्मिलित किए जाएंगे, उनके पार्षद भी मंच पर मौजूद रहेंगे। इससे समाधान को लेकर जनता सवाल कर सकेगी। रूबरू प्रोग्राम का समय सुबह 11 बजे से जैन मंदिर धर्मशाला, ढाणी बाजार में होगा। आगामी रविवार को इसी तरह वार्डवाइज अन्य वार्डों के कार्यक्रम भी होंगे। इन कार्यक्रमों में नप सभापति दीपक माली सहित सभी पार्षद, नप और अन्य विभागीय अधिकारी आदि सीधे रूबरू होंगे।
भास्कर की टीम ने वार्ड के क्षेत्रवासियों से बात की तो सबकी एक कॉमन मांग थी कि वार्डो में पीने के पानी की समस्या है। समय पर पानी नहीं आता है। इससे महंगे भाव में पानी टैंकर डलवाते पड़ते है। कई मौहल्लों में सड़कों की स्थिति ठीक-ठाक थी तो कई पर वार्डो में बड़े-बड़े गड्डे भी नजर आए। सीवरेज को लेकर सवाल पर लोगों का कहना है कि यह क्या होता है हमारे यहां सीवरेज नहीं बिछाई गई है। नालियां व सड़को बने हुए करीब 8-10 साल हो गए है लेकिन सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है। बारिश से पहले ठीक हो जाए तो हादसों को रोका जा सकता है। दरअसल, वार्ड संख्या 7, 8, 9, 10 इन सभी वार्डवासियों का कहना है कि आवारा पशुओं व कुत्तों से परेशान है। आए दिन कुत्ते बच्चो को खा जाते है। वहीं, पशु बुजुर्गों को चोटिल कर देते है।
वार्ड संख्या 7 के निवासी गणपतलाल का कहना है कि वार्ड में पानी की समस्या है सात दिन में एक बार पानी आता है वह भी थोड़ा आता है। महंगे भाव टैंकर डलवाते पड़ते है। गलियों में समय पर साफ-सफाई भी नहीं होती है। सड़क भी टूटी हुई पड़ी है।
वार्ड संख्या 7 निवासी गीता का कहना है कि घरों में समय पर पानी नहीं आता है। साफ-सफाई भी समय पर नहीं होती है। कई बार नगर परिषद को बोला लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। महंगे भाव में पानी के टैंकर डलवाने पड़ते है।
वार्ड संख्या 8 कैलाश आचार्य का कहना है कि आवारा पशु, कुत्ते बहुत ज्यादा है। आए दिन बच्चों को कुत्ते खा जाते है। वहीं, आवरा पशु आने-जाने वाले राहगीरों व बुजुर्गों को चोटिल कर चुके है। सड़क टूटी व पानी की समस्या बनी हुई है।
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| बाड़मेर शहर की समस्याओं के समाधान के लिए अपने वार्ड पार्षद, नगर परिषद सभापति और अन्य अधिकारियों से सीधे सवाल करने के लिए दैनिक भास्कर का रूबरू प्रोग्राम कल रविवार से शुरू होने जा रहा है। पहले दिन वार्ड संख्या छः से चौदह के लोग अपनी समस्याओं को लेकर सीधे सवाल पूछ सकेंगे। शहर के वार्डों में पानी, बिजली, सफाई, टूटे रोड जैसी कई समस्याओं से लोग परेशान होते हैं। समाधान के लिए परिषद के चक्कर काटते रहते हैं। कभी सुनवाई में समय लगता है तो कभी समाधान होता ही नहीं है। रूबरू कार्यक्रम में जो वार्ड सम्मिलित किए जाएंगे, उनके पार्षद भी मंच पर मौजूद रहेंगे। इससे समाधान को लेकर जनता सवाल कर सकेगी। रूबरू प्रोग्राम का समय सुबह ग्यारह बजे से जैन मंदिर धर्मशाला, ढाणी बाजार में होगा। आगामी रविवार को इसी तरह वार्डवाइज अन्य वार्डों के कार्यक्रम भी होंगे। इन कार्यक्रमों में नप सभापति दीपक माली सहित सभी पार्षद, नप और अन्य विभागीय अधिकारी आदि सीधे रूबरू होंगे। भास्कर की टीम ने वार्ड के क्षेत्रवासियों से बात की तो सबकी एक कॉमन मांग थी कि वार्डो में पीने के पानी की समस्या है। समय पर पानी नहीं आता है। इससे महंगे भाव में पानी टैंकर डलवाते पड़ते है। कई मौहल्लों में सड़कों की स्थिति ठीक-ठाक थी तो कई पर वार्डो में बड़े-बड़े गड्डे भी नजर आए। सीवरेज को लेकर सवाल पर लोगों का कहना है कि यह क्या होता है हमारे यहां सीवरेज नहीं बिछाई गई है। नालियां व सड़को बने हुए करीब आठ-दस साल हो गए है लेकिन सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है। बारिश से पहले ठीक हो जाए तो हादसों को रोका जा सकता है। दरअसल, वार्ड संख्या सात, आठ, नौ, दस इन सभी वार्डवासियों का कहना है कि आवारा पशुओं व कुत्तों से परेशान है। आए दिन कुत्ते बच्चो को खा जाते है। वहीं, पशु बुजुर्गों को चोटिल कर देते है। वार्ड संख्या सात के निवासी गणपतलाल का कहना है कि वार्ड में पानी की समस्या है सात दिन में एक बार पानी आता है वह भी थोड़ा आता है। महंगे भाव टैंकर डलवाते पड़ते है। गलियों में समय पर साफ-सफाई भी नहीं होती है। सड़क भी टूटी हुई पड़ी है। वार्ड संख्या सात निवासी गीता का कहना है कि घरों में समय पर पानी नहीं आता है। साफ-सफाई भी समय पर नहीं होती है। कई बार नगर परिषद को बोला लेकिन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। महंगे भाव में पानी के टैंकर डलवाने पड़ते है। वार्ड संख्या आठ कैलाश आचार्य का कहना है कि आवारा पशु, कुत्ते बहुत ज्यादा है। आए दिन बच्चों को कुत्ते खा जाते है। वहीं, आवरा पशु आने-जाने वाले राहगीरों व बुजुर्गों को चोटिल कर चुके है। सड़क टूटी व पानी की समस्या बनी हुई है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सब्जियों एवं कुछ अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि देश के लोग भारतीय जनता पार्टी का सत्ता से सफाया कर देंगे।
मोदी सरकार की लूट से महँगाई और बेरोज़गारी दोनों लगातार बढ़ रही है। पर भाजपा सत्ता के लालच में लीन है।
▫️सब्ज़ियों के दाम आसमान छू रहे हैं।
▫️देश में बेरोज़गारी दर 8.45% हो गया है।गाँवों में बेरोज़गारी दर 8.73% है।
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| नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सब्जियों एवं कुछ अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि को लेकर बुधवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि देश के लोग भारतीय जनता पार्टी का सत्ता से सफाया कर देंगे। मोदी सरकार की लूट से महँगाई और बेरोज़गारी दोनों लगातार बढ़ रही है। पर भाजपा सत्ता के लालच में लीन है। ▫️सब्ज़ियों के दाम आसमान छू रहे हैं। ▫️देश में बेरोज़गारी दर आठ.पैंतालीस% हो गया है।गाँवों में बेरोज़गारी दर आठ.तिहत्तर% है। ये भी पढ़ें : |
जैसा कि पार्टी वीक और फेस्टिव स्पिरिट में होता है, कुछ वैसा ही दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा सर्दियों के इस मौसम में अपने पहनावे को लेकर कुछ ज्यादा ही स्टाइलिश नजर आ रही हैं.
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। जैसा कि पार्टी वीक और फेस्टिव स्पिरिट में होता है, कुछ वैसा ही दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा सर्दियों के इस मौसम में अपने पहनावे को लेकर कुछ ज्यादा ही स्टाइलिश नजर आ रही हैं. अपने फैशन को वो एक लेवल और ऊपर लेकर चली गई हैं. अपने गॉर्जियस लुक के साथ उन्होंने एक और एक्सपेरिमेंट कपड़ों को लेकर किया है. सोमवार को सोनाक्षी ने ब्लू को काले और लाल रंग में बदल दिया है. हम इस सर्द दिसंबर के स्तर को तो कम नहीं कर सकते लेकिन फैशन के लेवल को और ऊपर लेकर जा सकते हैं, जैसा कि सोनाक्षी ने किया है.
मोहित राय के स्टाइल किए हुए ड्रेस को सोनाक्षी सिन्हा ने पहना हुआ है. ब्लैक ड्रेस में वो बेहद खूबसूरत लग रही हैं. सोनाक्षी की ये ड्रेस एक पार्टी ड्रेस से कम नहीं है. आप चाहें तो इसे किसी भी तरह की पार्टी में पहनकर जा सकते हैं. ये काले रंग का लेदर ड्रेस आपके लुक को और भी निखार देगा.
सिल्हूट को हाईलाइट करने के लिए उसे ऐसा डिजाइन किया गया है. एक साधारण सा दिखने वाला लेदर ड्रेस भी अच्छा हो सकता था लेकिन सोनाक्षी ने जो ड्रेस पहन रखी है उससे उनका फिगर साफ तौर से पता चल रहा है. ये ड्रेस काफी टाईट लग रही है.
सोनाक्षी ने इस तस्वीर में अपने सिग्नेचर साइड-पार्टेड लहराते बालों को खुला छोड़ दिया और न्यूड शेड के मेकअप के साथ न्यूड शेड की लिपस्टिक लगाई, जिससे ड्रेस अच्छी लग सके. नो एक्सेसरी लुक देने का ऑप्शन चुनते हुए, सोनाक्षी ने फुटवियर ब्रांड, पब्लिक डिजायर से एक जोड़ी ब्लैक हील्स के साथ अपनी रीगल ड्रेस पूरी की.
इसमें कोई रहस्य नहीं है कि पिछले कुछ सीजन में कैटवॉक में चमड़े की ड्रेसेज हावी रही हैं और निश्चित रूप से बॉलीवुड सितारे भी लंबे समय तक इससे दूर नहीं रह सकते हैं. एक दूसरी तस्वीर में सोनाक्षी एक सफेद शीर मैक्सी में नजर आ रही हैं. वो ऑफ-शोल्डर ड्रेस में ट्यूल ट्रेन के साथ आई और उसके कर्व्स को अच्छी तरह से फ्लॉन्ट किया.
सोनाक्षी सिन्हा ने अपने इंस्टाग्राम पर ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं जो इन दिनों पार्टी सीजन के लिए एकदम सही हैं और वो इन दिनों ट्रेंड भी कर रही हैं. इस सर्दी के मौसम में आप भी कुछ ऐसा ट्राई कर सकते हैं और खुद को दूसरों से अलग दिखने में अपनी ही मदद कर सकते हैं.
| जैसा कि पार्टी वीक और फेस्टिव स्पिरिट में होता है, कुछ वैसा ही दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा सर्दियों के इस मौसम में अपने पहनावे को लेकर कुछ ज्यादा ही स्टाइलिश नजर आ रही हैं. जनता से रिश्ता वेबडेस्क। जैसा कि पार्टी वीक और फेस्टिव स्पिरिट में होता है, कुछ वैसा ही दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा सर्दियों के इस मौसम में अपने पहनावे को लेकर कुछ ज्यादा ही स्टाइलिश नजर आ रही हैं. अपने फैशन को वो एक लेवल और ऊपर लेकर चली गई हैं. अपने गॉर्जियस लुक के साथ उन्होंने एक और एक्सपेरिमेंट कपड़ों को लेकर किया है. सोमवार को सोनाक्षी ने ब्लू को काले और लाल रंग में बदल दिया है. हम इस सर्द दिसंबर के स्तर को तो कम नहीं कर सकते लेकिन फैशन के लेवल को और ऊपर लेकर जा सकते हैं, जैसा कि सोनाक्षी ने किया है. मोहित राय के स्टाइल किए हुए ड्रेस को सोनाक्षी सिन्हा ने पहना हुआ है. ब्लैक ड्रेस में वो बेहद खूबसूरत लग रही हैं. सोनाक्षी की ये ड्रेस एक पार्टी ड्रेस से कम नहीं है. आप चाहें तो इसे किसी भी तरह की पार्टी में पहनकर जा सकते हैं. ये काले रंग का लेदर ड्रेस आपके लुक को और भी निखार देगा. सिल्हूट को हाईलाइट करने के लिए उसे ऐसा डिजाइन किया गया है. एक साधारण सा दिखने वाला लेदर ड्रेस भी अच्छा हो सकता था लेकिन सोनाक्षी ने जो ड्रेस पहन रखी है उससे उनका फिगर साफ तौर से पता चल रहा है. ये ड्रेस काफी टाईट लग रही है. सोनाक्षी ने इस तस्वीर में अपने सिग्नेचर साइड-पार्टेड लहराते बालों को खुला छोड़ दिया और न्यूड शेड के मेकअप के साथ न्यूड शेड की लिपस्टिक लगाई, जिससे ड्रेस अच्छी लग सके. नो एक्सेसरी लुक देने का ऑप्शन चुनते हुए, सोनाक्षी ने फुटवियर ब्रांड, पब्लिक डिजायर से एक जोड़ी ब्लैक हील्स के साथ अपनी रीगल ड्रेस पूरी की. इसमें कोई रहस्य नहीं है कि पिछले कुछ सीजन में कैटवॉक में चमड़े की ड्रेसेज हावी रही हैं और निश्चित रूप से बॉलीवुड सितारे भी लंबे समय तक इससे दूर नहीं रह सकते हैं. एक दूसरी तस्वीर में सोनाक्षी एक सफेद शीर मैक्सी में नजर आ रही हैं. वो ऑफ-शोल्डर ड्रेस में ट्यूल ट्रेन के साथ आई और उसके कर्व्स को अच्छी तरह से फ्लॉन्ट किया. सोनाक्षी सिन्हा ने अपने इंस्टाग्राम पर ऐसी तस्वीरें शेयर की हैं जो इन दिनों पार्टी सीजन के लिए एकदम सही हैं और वो इन दिनों ट्रेंड भी कर रही हैं. इस सर्दी के मौसम में आप भी कुछ ऐसा ट्राई कर सकते हैं और खुद को दूसरों से अलग दिखने में अपनी ही मदद कर सकते हैं. |
लखनऊः उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा चयनित 110 नायब तहसीलदारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरित रहे हैं। इसको लेकर लोकभवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। बाकी नायब तहसीलदारों को राजस्व परिषद में नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। बता दें कि मिशन रोजगार के तहत इससे पहले भी कई विभागों में भर्तियां की गई हैं, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को सीएम योगी नियुक्ति पत्र बांट चुके हैं।
योगी सरकार का दावा है कि पिछले साढ़े 4 सालों में साढ़े चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। वर्ष 2017 तक यहां की बेरोजगारी दर 17 फीसद तक थी, जबकि आज चार फीसद है। भर्ती प्रक्रिया में किसी का चेहरा नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं। सभी नियुक्तियां वर्षों से लंबित थीं, क्योंकि पिछली सरकारों में ईमानदारी का अभाव था।
| लखनऊः उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित एक सौ दस नायब तहसीलदारों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरित रहे हैं। इसको लेकर लोकभवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। बाकी नायब तहसीलदारों को राजस्व परिषद में नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। बता दें कि मिशन रोजगार के तहत इससे पहले भी कई विभागों में भर्तियां की गई हैं, जिसमें चयनित अभ्यर्थियों को सीएम योगी नियुक्ति पत्र बांट चुके हैं। योगी सरकार का दावा है कि पिछले साढ़े चार सालों में साढ़े चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। वर्ष दो हज़ार सत्रह तक यहां की बेरोजगारी दर सत्रह फीसद तक थी, जबकि आज चार फीसद है। भर्ती प्रक्रिया में किसी का चेहरा नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं। सभी नियुक्तियां वर्षों से लंबित थीं, क्योंकि पिछली सरकारों में ईमानदारी का अभाव था। |
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Gadar 2 New Record: अनिल शर्मा की 'गदर' फ्रेंचाइजी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में से एक है। 22 साल बाद 'गदर एक प्रेम कथा' का सीक्वल रिलीज हुआ है जो बाकी फिल्मों की कमर तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। सनी देओल स्टारर 'गदर 2' ने केवल 24 दिनों में 500 करोड़ रुपए कमा लिए हैं। इसके साथ, उसने 'पठान' का भी रिकॉर्ड तोड़ डाला है।
किसने सोचा था कि 22 साल पहले रिलीज हुई 'गदर एक प्रेम कथा' की तरह इसका सीक्वल 'गदर 2' भी हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक नया पन्ना जोड़ देगा। पाकिस्तान की बैंड बजाते तारा सिंह हो या 'उड़ जा काले कावां' और 'मैं निकला गड्डी लेके' जैसे आइकोनिक सॉन्ग, 'गदर 2' में वो सारा मसाला है जो किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म को बनाने के लिए जरूरी होता है। फिल्म के 24वें दिन का शुरुआती कलेक्शन सामने आ गया है जो 8.50 करोड़ रुपए है।
('गदर 2' ने 500 करोड़ कमाकर 'पठान' को पछाड़ा, image- instagram)
Sacnilk ने ये अर्ली ट्रेंड साझा किए हैं जिनकी माने तो 'गदर 2' का 24 दिनों के बाद टोटल कलेक्शन 501.87 करोड़ रुपए हो गया है। इसका मतलब है कि 'गदर 2' ने केवल 24 दिनों में 500 करोड़ रुपए के क्लब में धमाकेदार एंट्री कर ली है। इसके साथ ही एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है।
अब 'गदर 2' सबसे जल्दी 500 करोड़ रुपए कमाने वाली हिंदी फिल्म बन गई है। इससे पहले ये ताज 'पठान' के सिर पर था जिसने 28 दिनों में ये मुकाम हासिल किया था। सनी देओल ने 'पठान' को पछाड़ दिया है और केवल 24 दिनों में 500 करोड़ कमाकर इतिहास रच दिया। वहीं, गदर 2 ने 'बाहुबली 2' को भी रौंद डाला जिसके हिंदी वर्जन ने 34 दिनों में 500 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया था।
| Quick links: Gadar दो New Record: अनिल शर्मा की 'गदर' फ्रेंचाइजी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में से एक है। बाईस साल बाद 'गदर एक प्रेम कथा' का सीक्वल रिलीज हुआ है जो बाकी फिल्मों की कमर तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। सनी देओल स्टारर 'गदर दो' ने केवल चौबीस दिनों में पाँच सौ करोड़ रुपए कमा लिए हैं। इसके साथ, उसने 'पठान' का भी रिकॉर्ड तोड़ डाला है। किसने सोचा था कि बाईस साल पहले रिलीज हुई 'गदर एक प्रेम कथा' की तरह इसका सीक्वल 'गदर दो' भी हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक नया पन्ना जोड़ देगा। पाकिस्तान की बैंड बजाते तारा सिंह हो या 'उड़ जा काले कावां' और 'मैं निकला गड्डी लेके' जैसे आइकोनिक सॉन्ग, 'गदर दो' में वो सारा मसाला है जो किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म को बनाने के लिए जरूरी होता है। फिल्म के चौबीसवें दिन का शुरुआती कलेक्शन सामने आ गया है जो आठ.पचास करोड़ रुपए है। Sacnilk ने ये अर्ली ट्रेंड साझा किए हैं जिनकी माने तो 'गदर दो' का चौबीस दिनों के बाद टोटल कलेक्शन पाँच सौ एक.सत्तासी करोड़ रुपए हो गया है। इसका मतलब है कि 'गदर दो' ने केवल चौबीस दिनों में पाँच सौ करोड़ रुपए के क्लब में धमाकेदार एंट्री कर ली है। इसके साथ ही एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। अब 'गदर दो' सबसे जल्दी पाँच सौ करोड़ रुपए कमाने वाली हिंदी फिल्म बन गई है। इससे पहले ये ताज 'पठान' के सिर पर था जिसने अट्ठाईस दिनों में ये मुकाम हासिल किया था। सनी देओल ने 'पठान' को पछाड़ दिया है और केवल चौबीस दिनों में पाँच सौ करोड़ कमाकर इतिहास रच दिया। वहीं, गदर दो ने 'बाहुबली दो' को भी रौंद डाला जिसके हिंदी वर्जन ने चौंतीस दिनों में पाँच सौ करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया था। |
लगता है अब महंगाई से छुटकारा नहीं मिलने वाला. सब्जियों के भाव तो पहले से ही कमर तोड़ ही रहे हैं, अब दाल और मसालों के भाव भी बड़ा झटका देने वाले हैं. थोक बाजार में दाल और मसाले के भाव बढ़ चुके हैं और अब जल्द ही इसका असर खुदरा बाजार पर भी दिखेगा. उधर, चीनी भी आपके स्वाद को और कड़वा करने की तैयारी में है.
कभी कहा जाता था, 'दाल रोटी खाएंगे, प्रभु के गुण गाएंगे' लेकिन अब तो दाल और मसाले भी आम आदमी की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं. पिछले 15 दिनों में थोक बाजार में दाल और मसालों के भाव 5 से 10 फीसदी तक बढ़ गए हैं. पिछले 15 दिनों में चना थोक बाज़ार में 5 रुपए महंगा हो गया है. मूंग साबूत में करीब 10 रुपए का इज़ाफा देखने को मिला वहीं मसूर और राजमा 5-5 रुपए महंगे हो गए हैं.
यही हाल मसालों का भी है. पिछले 15 दिनों में जीरा 110 रुपए किलो से बढ़कर 120 रुपए किलो हो गया है. धनिया और हल्दी के भाव में 9 रुपए और 12 रुपए का इज़ाफा देखने को मिला है.
महाराष्ट्र और कर्नाटक में कम बारिश की वजह से दाल और मसाले की कीमतों में तेजी आई है. सरकार ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई जिलों में सूखा घोषित कर दिया है. आमतौर पर दलहन की बुआई महाराष्ट्र, कर्नाटक के अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान में होती है. इस बार खराब मॉनसून की वजह से किसानों ने दालों की बुआई काफी कम की है, जिसका असर अब बाज़ार पर नज़र आना शुरू हो गया है.
बारिश ज्यादा हो जाए तो महंगाई, बारिश कम हो तो महंगाई. सरकार के पास इस परेशानी से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं है. यही वजह है कि थोक बाज़ार में दालों के दामों में अचानक तेज़ी आ गई है. ये तेजी अभी थोक बाज़ार में देखने को मिली है और आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में भी इस बढ़ोतरी का असर देखने को मिलेगा.
हर साल देश में 180 लाख टन दालों की ज़रूरत है. इसमें से 140 लाख टन दाल का उत्पादन देश में ही होता है. करीब 25 से 30 लाख टन म्यांमार, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से आयात की जाती है. देश में फिलहाल करीब 10 लाख टन दालों की कमी चल रही है. लेकिन इस साल खराब मॉनसून और दूसरी फसलों में तेजी को देखते हुए किसान का रुझान दालों की ओर कम रहा है.
महंगाई का असर अब त्योहारों पर भी पड़ने जा रहा है. कुछ ही दिनों में राखी आने वाली है, लेकिन उससे पहले चीनी के थोक भाव में 3 से 4 रुपए किलो का इज़ाफा देखने को मिल रहा है. एक बड़ा सच ये है कि जैसे ही थोक बाज़ार में दाम बढ़ते है खुदरा बाज़ार में इसका असर कई गुना ज्यादा नज़र आता है. और फिर एक बार दाम बढ़ने के बाद इतनी आसानी से कम भी नहीं होते है. यानी पहले से महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को आने वाले दिनों में और परेशानी का सामना करना होगा.
| लगता है अब महंगाई से छुटकारा नहीं मिलने वाला. सब्जियों के भाव तो पहले से ही कमर तोड़ ही रहे हैं, अब दाल और मसालों के भाव भी बड़ा झटका देने वाले हैं. थोक बाजार में दाल और मसाले के भाव बढ़ चुके हैं और अब जल्द ही इसका असर खुदरा बाजार पर भी दिखेगा. उधर, चीनी भी आपके स्वाद को और कड़वा करने की तैयारी में है. कभी कहा जाता था, 'दाल रोटी खाएंगे, प्रभु के गुण गाएंगे' लेकिन अब तो दाल और मसाले भी आम आदमी की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं. पिछले पंद्रह दिनों में थोक बाजार में दाल और मसालों के भाव पाँच से दस फीसदी तक बढ़ गए हैं. पिछले पंद्रह दिनों में चना थोक बाज़ार में पाँच रुपयापए महंगा हो गया है. मूंग साबूत में करीब दस रुपयापए का इज़ाफा देखने को मिला वहीं मसूर और राजमा पाँच-पाँच रुपयापए महंगे हो गए हैं. यही हाल मसालों का भी है. पिछले पंद्रह दिनों में जीरा एक सौ दस रुपयापए किलो से बढ़कर एक सौ बीस रुपयापए किलो हो गया है. धनिया और हल्दी के भाव में नौ रुपयापए और बारह रुपयापए का इज़ाफा देखने को मिला है. महाराष्ट्र और कर्नाटक में कम बारिश की वजह से दाल और मसाले की कीमतों में तेजी आई है. सरकार ने महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई जिलों में सूखा घोषित कर दिया है. आमतौर पर दलहन की बुआई महाराष्ट्र, कर्नाटक के अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान में होती है. इस बार खराब मॉनसून की वजह से किसानों ने दालों की बुआई काफी कम की है, जिसका असर अब बाज़ार पर नज़र आना शुरू हो गया है. बारिश ज्यादा हो जाए तो महंगाई, बारिश कम हो तो महंगाई. सरकार के पास इस परेशानी से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति नहीं है. यही वजह है कि थोक बाज़ार में दालों के दामों में अचानक तेज़ी आ गई है. ये तेजी अभी थोक बाज़ार में देखने को मिली है और आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में भी इस बढ़ोतरी का असर देखने को मिलेगा. हर साल देश में एक सौ अस्सी लाख टन दालों की ज़रूरत है. इसमें से एक सौ चालीस लाख टन दाल का उत्पादन देश में ही होता है. करीब पच्चीस से तीस लाख टन म्यांमार, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से आयात की जाती है. देश में फिलहाल करीब दस लाख टन दालों की कमी चल रही है. लेकिन इस साल खराब मॉनसून और दूसरी फसलों में तेजी को देखते हुए किसान का रुझान दालों की ओर कम रहा है. महंगाई का असर अब त्योहारों पर भी पड़ने जा रहा है. कुछ ही दिनों में राखी आने वाली है, लेकिन उससे पहले चीनी के थोक भाव में तीन से चार रुपयापए किलो का इज़ाफा देखने को मिल रहा है. एक बड़ा सच ये है कि जैसे ही थोक बाज़ार में दाम बढ़ते है खुदरा बाज़ार में इसका असर कई गुना ज्यादा नज़र आता है. और फिर एक बार दाम बढ़ने के बाद इतनी आसानी से कम भी नहीं होते है. यानी पहले से महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को आने वाले दिनों में और परेशानी का सामना करना होगा. |
।ग्राम क्रमांक :
।ग्राम का नाम :
।तहसील :
।जनपद :
।फसली वर्ष :
।भाग :
।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल (हे.)
।1 - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसे1950 ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा 117 - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ( नदारद )
।1क(क) - रिक्त ( नदारद )
।1-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ( नदारद )
।2 - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो।
।3 - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ( नदारद )
।4 - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ 4 में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ( नदारद )
।4-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -(क)जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ( नदारद )
।4-क(ख) - अन्य भूमि । ( नदारद )
।5-1 - कृषि योग्य भूमि - नई परती (परतीजदीद)
।5-2 - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती (परतीकदीम) ( नदारद )
।5-3-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ( नदारद )
।5-3-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ( नदारद )
।5-3-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ( नदारद )
।5-3-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ( नदारद )
।5-3-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि।
।5-क (क) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ( नदारद )
।5-क (ख) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ( नदारद )
।5-क (ग) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ( नदारद )
।6-1 - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि ।
।6-2 - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो।
।6-3 - कब्रिस्तान और श्मशान (मरघट) , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो।
।6-4 - जो अन्य कारणों से अकृषित हो ।
।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
| ।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल ।एक - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसेएक हज़ार नौ सौ पचास ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा एक सौ सत्रह - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ।एकक - रिक्त ।एक-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ।दो - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ।तीन - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ।चार - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ चार में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ।चार-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ।चार-क - अन्य भूमि । ।पाँच-एक - कृषि योग्य भूमि - नई परती ।पाँच-दो - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती ।पाँच-तीन-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ।पाँच-तीन-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ।पाँच-तीन-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ।पाँच-तीन-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ।पाँच-तीन-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ।छः-एक - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।छः-दो - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। ।छः-तीन - कब्रिस्तान और श्मशान , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ।छः-चार - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है। |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
राजस्थान में कांग्रेस ने रविवार को नौ पूर्व विधायको समेत 28 बागियों को पार्टी से निकाल दिया। ये सभी पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। बाहर किए गए नेताओं में पूर्व मंत्री महादेव सिंह खंडेला और बाबू लाल नागर हैं। राजस्थान कांग्रेस के महासचिव महेश शर्मा ने यह जानकारी दी।
सोहन नायक भी बाहर किए गए नेताओं में शामिल हैं। वह रायसिंह नगर से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं सीएस बेद (तारानगर), रमेश चंद खंडेलवाल (नीम का थाना), रमेश खींची (कथुमार), रामकेश मीणा (गंगापुर सिटी), नवल किशोर शर्मा (बामनवास), नाथूराम सिनोडिया (किशनगढ़), खुशवीर सिंह (मारवाड़ जंक्शन) और सन्यम लोधो (सिरोही) भी निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
| राजस्थान में कांग्रेस ने रविवार को नौ पूर्व विधायको समेत अट्ठाईस बागियों को पार्टी से निकाल दिया। ये सभी पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। बाहर किए गए नेताओं में पूर्व मंत्री महादेव सिंह खंडेला और बाबू लाल नागर हैं। राजस्थान कांग्रेस के महासचिव महेश शर्मा ने यह जानकारी दी। सोहन नायक भी बाहर किए गए नेताओं में शामिल हैं। वह रायसिंह नगर से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं सीएस बेद , रमेश चंद खंडेलवाल , रमेश खींची , रामकेश मीणा , नवल किशोर शर्मा , नाथूराम सिनोडिया , खुशवीर सिंह और सन्यम लोधो भी निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। |
कटारा को शिविर प्रभारी व उपखण्ड अधिकारी रामकिशन ने शिविर में तहसीलदार स्तर पर नामान्तरकरण 65, खाता दुरस्ती 22, खाता विभाजन 07, सीमाज्ञान 08, नये प्राप्त सीमा ज्ञान के आवेदन दो, गैर खातेदारी से खातेदारी 13, राजस्व नकलें 116, अन्य 60 सहित कुल 293 प्रकरणों के निस्तारण की जानकारी प्रदान की । साथ ही बताया कि उपखण्ड स्तर पर आए कुल बीस प्रकरणों का निस्तारण किया गया।
शिविर प्रभारी ने शिविर में चिकित्सा विभाग द्वारा 86, दिव्यांग 51, आयुर्वेद विभाग द्वारा 27 मरीजो, कृषि विभाग द्वारा पाईप लाईन योजना में दो, फव्वारा योजना में एक, मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित कर लाभान्वित किया। आयोजना में ट्रांजक्शन 118, मुद्रा लॉन में तीन, विद्युत विभाग द्वारा एलईडी बल्ब तीन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा सहयोग योजना में दो व पालनहार में चार पात्र को लाभान्वित किए जाने की जानकारी दी। इसी प्रकार आईसीडीएस विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में 15 तथा श्रम विभाग द्वारा 10 श्रमिक कार्ड वितरित कर लाभान्वित करने से अवगत कराया।
पीएचईडी राज्य मंत्री ने शिविर में विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल पर जाकर वहां उपस्थित कार्मिकों से शिविर में विभागों द्वारा लाभान्वितों की जानकारी ली । उन्होंने समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शिविर में पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का नियमानुसार व त्वरित निस्तारण करने के निर्देश प्रदान किए। इसके साथ ही जनकल्याणकारी योजनाअेां का भी व्यापक प्रचार करने हेतु कहा जिससे अधिकाधिक पात्र लाभान्वित हो सकें।
इस अवसर पर उन्होंने शिविर में पहुंचे अनुदानित बीज रथ से 20 कृषकों को 120 किलोगा्रम उन्नत किस्म के मक्का बीज की थैलियां भी वितरित की। साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आठ महिला लाभार्थियोंमरियम गमेती, पार्वती ननोमा, मणी गमेती, मंजूला घाटिया, सोमली ननोमा, लाली, मंजूला, लक्ष्मी ताबियाड आठ निःशुल्क गैस कनेक्शन, गैस चुल्हा, पाईप, सिलेण्डर वितरित कर लाभान्वित किया। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहें।
| कटारा को शिविर प्रभारी व उपखण्ड अधिकारी रामकिशन ने शिविर में तहसीलदार स्तर पर नामान्तरकरण पैंसठ, खाता दुरस्ती बाईस, खाता विभाजन सात, सीमाज्ञान आठ, नये प्राप्त सीमा ज्ञान के आवेदन दो, गैर खातेदारी से खातेदारी तेरह, राजस्व नकलें एक सौ सोलह, अन्य साठ सहित कुल दो सौ तिरानवे प्रकरणों के निस्तारण की जानकारी प्रदान की । साथ ही बताया कि उपखण्ड स्तर पर आए कुल बीस प्रकरणों का निस्तारण किया गया। शिविर प्रभारी ने शिविर में चिकित्सा विभाग द्वारा छियासी, दिव्यांग इक्यावन, आयुर्वेद विभाग द्वारा सत्ताईस मरीजो, कृषि विभाग द्वारा पाईप लाईन योजना में दो, फव्वारा योजना में एक, मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित कर लाभान्वित किया। आयोजना में ट्रांजक्शन एक सौ अट्ठारह, मुद्रा लॉन में तीन, विद्युत विभाग द्वारा एलईडी बल्ब तीन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा सहयोग योजना में दो व पालनहार में चार पात्र को लाभान्वित किए जाने की जानकारी दी। इसी प्रकार आईसीडीएस विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में पंद्रह तथा श्रम विभाग द्वारा दस श्रमिक कार्ड वितरित कर लाभान्वित करने से अवगत कराया। पीएचईडी राज्य मंत्री ने शिविर में विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल पर जाकर वहां उपस्थित कार्मिकों से शिविर में विभागों द्वारा लाभान्वितों की जानकारी ली । उन्होंने समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शिविर में पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का नियमानुसार व त्वरित निस्तारण करने के निर्देश प्रदान किए। इसके साथ ही जनकल्याणकारी योजनाअेां का भी व्यापक प्रचार करने हेतु कहा जिससे अधिकाधिक पात्र लाभान्वित हो सकें। इस अवसर पर उन्होंने शिविर में पहुंचे अनुदानित बीज रथ से बीस कृषकों को एक सौ बीस किलोग्रामगा्रम उन्नत किस्म के मक्का बीज की थैलियां भी वितरित की। साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत आठ महिला लाभार्थियोंमरियम गमेती, पार्वती ननोमा, मणी गमेती, मंजूला घाटिया, सोमली ननोमा, लाली, मंजूला, लक्ष्मी ताबियाड आठ निःशुल्क गैस कनेक्शन, गैस चुल्हा, पाईप, सिलेण्डर वितरित कर लाभान्वित किया। इस मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहें। |
कई लोग हम से ये सवाल करते है कि हमे सप्ताह में कितनी बार सेक्स करना चाहिए कि हमारा दांपत्य जीवन सुखी रहे. आम धारणा है कि ज्यादा सेक्स से संबंध ज्यादा बेहतर होते हैं, लेकिन इसके विपरीत एक शोध में यह बताया गया है कि सप्ताह में एक बार सेक्स करने वाले जोड़े सबसे ज्यादा खुश रहते हैं.
शोधकर्ताओं की माने तो अपने साथी के साथ अंतरंग संबंध बनाए रखना जरूरी है. इसके लिए रोज सेक्स करने की कोई जरूरत नहीं है. हालांकि पिछले कई शोधों और स्वयं-सहायता पुस्तकों में यह बताया जाता रहा है कि ज्यादा सेक्स से ज्यादा खुशी मिलती है.
लेकिन 30,000 अमेरिकी नागरिकों पर चार दशकों तक किए गए इस शोध में पहली बार यह पता चला है कि जिन जोड़ो ने सप्ताह में औसतन एक से ज्यादा बार सेक्स किया उनके आपसी रिश्तों से इसका कोई संबंध नहीं देखा गया.
| कई लोग हम से ये सवाल करते है कि हमे सप्ताह में कितनी बार सेक्स करना चाहिए कि हमारा दांपत्य जीवन सुखी रहे. आम धारणा है कि ज्यादा सेक्स से संबंध ज्यादा बेहतर होते हैं, लेकिन इसके विपरीत एक शोध में यह बताया गया है कि सप्ताह में एक बार सेक्स करने वाले जोड़े सबसे ज्यादा खुश रहते हैं. शोधकर्ताओं की माने तो अपने साथी के साथ अंतरंग संबंध बनाए रखना जरूरी है. इसके लिए रोज सेक्स करने की कोई जरूरत नहीं है. हालांकि पिछले कई शोधों और स्वयं-सहायता पुस्तकों में यह बताया जाता रहा है कि ज्यादा सेक्स से ज्यादा खुशी मिलती है. लेकिन तीस,शून्य अमेरिकी नागरिकों पर चार दशकों तक किए गए इस शोध में पहली बार यह पता चला है कि जिन जोड़ो ने सप्ताह में औसतन एक से ज्यादा बार सेक्स किया उनके आपसी रिश्तों से इसका कोई संबंध नहीं देखा गया. |
नुसरत जहां ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम, अभिषेक बनर्जी को बुलाया है. वहीं बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से बंगाली सुपरस्टार प्रसनजीत चटर्जी, देव अधिकारी, अभिनेत्री मुन मुन सेन, स्वस्तिक मुखर्जी, श्रीजीत मुखर्जी, डॉयरेक्टर बिरसा दास गुप्ता व एक्टर जीत समेत कई महान रिसेप्शन पार्टी में आएंगे. गेस्ट की लिस्ट में एक्टर से एमपी बनीं व नुसरत की करीबी दोस्त मिमी चक्रवर्ती तो होंगी ही.
खाने के मेन्यू में बहुत ज्यादा कुछ होगा. मेन्यू में क्या होगा व डिजर्ट में क्या होगा. यह सब भी खुद नुसरत देख रही हैं. चूंकि निखिल जैन हैं, इसलिए उनके परिवार का ध्यान रखते हुए शाकाहारी खाने पर जोर होगा. इसके अतिरिक्त बंगाली खाने में भी बहुत ज्यादा कुछ होगा. बिरयानी होगी. बताया जा रहा है कि नुसरत के रिसेप्शन में इटेलियन, बंगाली, वेजेटेरियन व नॉन वेजेटेरियन डिशेज रखी गई हैं.
नुसरत मीठे की शौकीन हैं। इसलिए आम से बने कई डेजर्ट के साथ बशीरहाट की स्पेशल मखा संदेश मिठाई भी खाने में शामिल है.
नुसरत जहां सांसद चुने जाने के बाद से खबरों में बनी हुई हैं. पहले संसद में वेस्टर्न ड्रेस पहन के आने पर टकराव हुआ. फिर निखिल जैन से विवाह व धर्म बदलाव पर सवाल उठे. संसद में सिंदूर व मंगलसूत्र पहनकर आने पर हंगामा हुआ. फिर बोला गया कि उनके विरूद्ध फतवा जारी हुआ है. पर बाद में यह बात भी गलत साबित हुई.
| नुसरत जहां ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, टीएमसी नेता पार्थ चटर्जी, कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम, अभिषेक बनर्जी को बुलाया है. वहीं बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से बंगाली सुपरस्टार प्रसनजीत चटर्जी, देव अधिकारी, अभिनेत्री मुन मुन सेन, स्वस्तिक मुखर्जी, श्रीजीत मुखर्जी, डॉयरेक्टर बिरसा दास गुप्ता व एक्टर जीत समेत कई महान रिसेप्शन पार्टी में आएंगे. गेस्ट की लिस्ट में एक्टर से एमपी बनीं व नुसरत की करीबी दोस्त मिमी चक्रवर्ती तो होंगी ही. खाने के मेन्यू में बहुत ज्यादा कुछ होगा. मेन्यू में क्या होगा व डिजर्ट में क्या होगा. यह सब भी खुद नुसरत देख रही हैं. चूंकि निखिल जैन हैं, इसलिए उनके परिवार का ध्यान रखते हुए शाकाहारी खाने पर जोर होगा. इसके अतिरिक्त बंगाली खाने में भी बहुत ज्यादा कुछ होगा. बिरयानी होगी. बताया जा रहा है कि नुसरत के रिसेप्शन में इटेलियन, बंगाली, वेजेटेरियन व नॉन वेजेटेरियन डिशेज रखी गई हैं. नुसरत मीठे की शौकीन हैं। इसलिए आम से बने कई डेजर्ट के साथ बशीरहाट की स्पेशल मखा संदेश मिठाई भी खाने में शामिल है. नुसरत जहां सांसद चुने जाने के बाद से खबरों में बनी हुई हैं. पहले संसद में वेस्टर्न ड्रेस पहन के आने पर टकराव हुआ. फिर निखिल जैन से विवाह व धर्म बदलाव पर सवाल उठे. संसद में सिंदूर व मंगलसूत्र पहनकर आने पर हंगामा हुआ. फिर बोला गया कि उनके विरूद्ध फतवा जारी हुआ है. पर बाद में यह बात भी गलत साबित हुई. |
रायपुर। बसपा-जोगी कांग्रेस को प्रदेश में बड़ा झटका लगा है. राजधानी से बसपा के प्रत्याशी खिलेश्वर साहू के कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे के समर्थन में बैठने की बड़ी खबर आ रही है. जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर बाद कभी भी इसे लेकर ऐलान हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक राजीव भवन में कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे समेत बड़े नेताओं की उपस्थिति में इसका ऐलान हो सकता है. हालांकि वे अभी कांग्रेस प्रवेश करेंगे या नहीं इस पर संशय है.
कुछ दिन पहले जोगी कांग्रेस के प्रवक्ता नितिन भंसाली ने कांग्रेस प्रवेश किया था. जोगी कांग्रेस का विधानसभा चुनाव के वक्त बसपा से गठबंधन हुआ था. माना जा रहा था कि इस चुनाव में भी गठबंधन अपना प्रत्याशी उतारेगा लेकिन जोगी ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे. उधर नितिन भंसाली कांग्रेस प्रवेश करने के बाद बसपा प्रत्याशी खिलेश्वर साहू के लगातार संपर्क में थे और उन्होंने ही खिलेश्वर को कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में बैठने के लिए राजी किया.
बसपा प्रत्याशी के कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में बैठने से कांग्रेस को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. बसपा का वोट बैंक कांग्रेस की तरफ मूव कर सकता है वहीं खिलेश्वर साहू खुद पिछड़े वर्ग और साहू समाज से आते हैं लिहाजा साहू समाज और पिछड़ा वर्ग के जो वोट बसपा में जाते अब वो कांग्रेस के खाते में जा सकते हैं.
| रायपुर। बसपा-जोगी कांग्रेस को प्रदेश में बड़ा झटका लगा है. राजधानी से बसपा के प्रत्याशी खिलेश्वर साहू के कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे के समर्थन में बैठने की बड़ी खबर आ रही है. जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर बाद कभी भी इसे लेकर ऐलान हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक राजीव भवन में कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे समेत बड़े नेताओं की उपस्थिति में इसका ऐलान हो सकता है. हालांकि वे अभी कांग्रेस प्रवेश करेंगे या नहीं इस पर संशय है. कुछ दिन पहले जोगी कांग्रेस के प्रवक्ता नितिन भंसाली ने कांग्रेस प्रवेश किया था. जोगी कांग्रेस का विधानसभा चुनाव के वक्त बसपा से गठबंधन हुआ था. माना जा रहा था कि इस चुनाव में भी गठबंधन अपना प्रत्याशी उतारेगा लेकिन जोगी ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे. उधर नितिन भंसाली कांग्रेस प्रवेश करने के बाद बसपा प्रत्याशी खिलेश्वर साहू के लगातार संपर्क में थे और उन्होंने ही खिलेश्वर को कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में बैठने के लिए राजी किया. बसपा प्रत्याशी के कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में बैठने से कांग्रेस को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. बसपा का वोट बैंक कांग्रेस की तरफ मूव कर सकता है वहीं खिलेश्वर साहू खुद पिछड़े वर्ग और साहू समाज से आते हैं लिहाजा साहू समाज और पिछड़ा वर्ग के जो वोट बसपा में जाते अब वो कांग्रेस के खाते में जा सकते हैं. |
महराजगंजः पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र में एक नव विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक महिला के ससुराल वाले इसे आत्महत्या का मामला बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक सिसवनिया विशुनपुर गांव मे बीती रात एक नव विवाहिता रिंकी पत्नी कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के ससुराल वालों का कहना है कि रिंकी ने अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली।
एसओ पुरंदरपुर ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर आगे की विधिक कारवाई की जाएगी।
| महराजगंजः पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र में एक नव विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक महिला के ससुराल वाले इसे आत्महत्या का मामला बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक सिसवनिया विशुनपुर गांव मे बीती रात एक नव विवाहिता रिंकी पत्नी कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के ससुराल वालों का कहना है कि रिंकी ने अपने कमरे में फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। एसओ पुरंदरपुर ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर आगे की विधिक कारवाई की जाएगी। |
कोलकाताः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ टिप्पणी कर एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। एक महिला प्रदर्शनकारी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर इस बार उनके खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि भाजपा नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है और कहा कि मामले की जांच की जा रही है। दरअसल घोष ने बृहस्पतिवार को बयान दिया था कि महिला प्रदर्शनकारी खुशकिस्मत थी कि वह महज फटे हुए पोस्टर के साथ उनकी पार्टी की रैली से निकल गई। संस्कृत विश्वविद्यालय की छात्रा सुदेशना दत्ता गुप्ता को घोष और उनकी पार्टी के लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा जह वह सीएए और एनआरसी के विरोध में पोस्टर लिए हुए भाजपा की रैली के बगल में खड़ी हो गई थी। गुप्ता ने दावा किया कि भाजपा के लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और अपशब्द कहने के साथ ही उसका पोस्टर छीन कर फाड़ दिया।
पाटुली से बाघाजतिन इलाके तक रैली का नेतृत्व कर रहे घोष ने बाद में मीडिया से कहा कि उनकी पार्टी के समर्थकों ने सही किया। उन्होंने कहा, "उस महिला को अपनी किस्मत का शुक्रगुजार होना चाहिए कि केवल धक्का मुक्की हुई और कुछ नहीं। क्यों प्रदर्शनकारी (सीएए) हमेशा हमारी रैली में प्रदर्शन करने चले आते हैं? क्या वे अन्य कार्यक्रमों में नहीं जा सकते? हमने बहुत सहन किया लेकिन अब ऐसी हरकतों को सहन नहीं करेंगे। " छात्रा ने पाटुली थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद आरोप लगाया कि घोष ने मीडिया से बात करते हुए "आपत्तिजनक टिप्पणियां की और हत्या की मंशा दिखाई। " उसने कहा, "हमारे देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। भारत में हर 22 मिनट में एक महिला का बलात्कार होता है। मैं घोष की टिप्पणी से हैरान नहीं हूं। " इस माह की शुरुआत में भी घोष ने यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया था कि, "सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को भाजपा शासित राज्यों में कुत्तों की तरह गोली मारी गई। " मिदनापुर सीट से भाजपा सांसद ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि एक व्यक्ति तब तक अच्छा राजनीतिक नहीं बन सकता जब तक कि उसे जेल न हो जाए।
| कोलकाताः भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ टिप्पणी कर एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। एक महिला प्रदर्शनकारी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर इस बार उनके खिलाफ शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि भाजपा नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है और कहा कि मामले की जांच की जा रही है। दरअसल घोष ने बृहस्पतिवार को बयान दिया था कि महिला प्रदर्शनकारी खुशकिस्मत थी कि वह महज फटे हुए पोस्टर के साथ उनकी पार्टी की रैली से निकल गई। संस्कृत विश्वविद्यालय की छात्रा सुदेशना दत्ता गुप्ता को घोष और उनकी पार्टी के लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा जह वह सीएए और एनआरसी के विरोध में पोस्टर लिए हुए भाजपा की रैली के बगल में खड़ी हो गई थी। गुप्ता ने दावा किया कि भाजपा के लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और अपशब्द कहने के साथ ही उसका पोस्टर छीन कर फाड़ दिया। पाटुली से बाघाजतिन इलाके तक रैली का नेतृत्व कर रहे घोष ने बाद में मीडिया से कहा कि उनकी पार्टी के समर्थकों ने सही किया। उन्होंने कहा, "उस महिला को अपनी किस्मत का शुक्रगुजार होना चाहिए कि केवल धक्का मुक्की हुई और कुछ नहीं। क्यों प्रदर्शनकारी हमेशा हमारी रैली में प्रदर्शन करने चले आते हैं? क्या वे अन्य कार्यक्रमों में नहीं जा सकते? हमने बहुत सहन किया लेकिन अब ऐसी हरकतों को सहन नहीं करेंगे। " छात्रा ने पाटुली थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद आरोप लगाया कि घोष ने मीडिया से बात करते हुए "आपत्तिजनक टिप्पणियां की और हत्या की मंशा दिखाई। " उसने कहा, "हमारे देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। भारत में हर बाईस मिनट में एक महिला का बलात्कार होता है। मैं घोष की टिप्पणी से हैरान नहीं हूं। " इस माह की शुरुआत में भी घोष ने यह कह कर विवाद खड़ा कर दिया था कि, "सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों को भाजपा शासित राज्यों में कुत्तों की तरह गोली मारी गई। " मिदनापुर सीट से भाजपा सांसद ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि एक व्यक्ति तब तक अच्छा राजनीतिक नहीं बन सकता जब तक कि उसे जेल न हो जाए। |
अयोध्या रामलला में मुख्य गर्भ गृह स्थल का पूजन करते मंत्री आदित्य ठाकरे व अन्य।
अयोध्या। यह पवित्र भूमि हम सभी की आस्था का केंद्र है। अयोध्या से पूरे भारत की आस्था जुड़ी हुई है। ईडी और सीबीआई सिर्फ भाजपा की प्रचार एजेंसियां बनकर रह गई हैं। यह बातें बुधवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।
महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। यहां एक होटल में बातचीत के दौरान राजनीतिक सवालों से वह यह कहकर बचते रहे कि वह नितांत धार्मिक यात्रा पर अयोध्या आए हैं।
कहा कि अयोध्या हम राजनीति के लिए नहीं आए हैं, बल्कि हम अयोध्या भक्त बनकर आए हैं। उन्होंने कहा कि 2018 में जब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या आए थे तो हमने पहले मंदिर फिर सरकार का नारा दिया था।
इसी नारे के साथ ही माहौल बनता गया। 2019 में सुप्रीम कोर्ट से निर्णय भी आ गया और मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। मथुरा के सवाल पर कहा कि कोर्ट के निर्णय से राममंदिर का निर्माण हो रहा है, हमें खुशी है।
हम इसी को आगे ले जाएंगे। आज रामलला का दर्शन करेंगे और आशीर्वाद लेंगे कि हमारे हाथ से जो भी देश सेवा, महाराष्ट्र सेवा व लोगों की सेवा हो वह अच्छी हो। अयोध्या में महाराष्ट्र सदन के निर्माण की हमारी इच्छा है।
इसके लिए सीएम योगी से महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे वार्ता भी करेंगे। महाराष्ट्र सदन के निर्माण के लिए उनसे जगह मांगेंगे। आने वाले बीएमसी के चुनाव को लेकर रामलला का दर्शन कहीं उनका लकी फैक्टर तो नहीं है।
इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चुनाव कोई भी हो चुनौती तो होती है। हर अच्छे काम से पहले रामलला का आशीर्वाद जरूरी है। कुछ संतों की ओर से विरोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि अयोध्या की जनता हमारा स्वागत कर रही है, साधु-संत भी स्वागत कर रहे हैं।
इस मौके पर सांसद संजय राउत, मंत्री एकनाथ सिंदे, उपसभापति महाराष्ट्र नीलम गौर, सांसद राजन विचारे, सांसद चंद्रकांत खीरे, सांसद विनायक राउत, पार्टी प्रवक्ता आनंद दुबे सहित अन्य मौजूद रहे।
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| अयोध्या रामलला में मुख्य गर्भ गृह स्थल का पूजन करते मंत्री आदित्य ठाकरे व अन्य। अयोध्या। यह पवित्र भूमि हम सभी की आस्था का केंद्र है। अयोध्या से पूरे भारत की आस्था जुड़ी हुई है। ईडी और सीबीआई सिर्फ भाजपा की प्रचार एजेंसियां बनकर रह गई हैं। यह बातें बुधवार को महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे बुधवार को एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे। यहां एक होटल में बातचीत के दौरान राजनीतिक सवालों से वह यह कहकर बचते रहे कि वह नितांत धार्मिक यात्रा पर अयोध्या आए हैं। कहा कि अयोध्या हम राजनीति के लिए नहीं आए हैं, बल्कि हम अयोध्या भक्त बनकर आए हैं। उन्होंने कहा कि दो हज़ार अट्ठारह में जब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अयोध्या आए थे तो हमने पहले मंदिर फिर सरकार का नारा दिया था। इसी नारे के साथ ही माहौल बनता गया। दो हज़ार उन्नीस में सुप्रीम कोर्ट से निर्णय भी आ गया और मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। मथुरा के सवाल पर कहा कि कोर्ट के निर्णय से राममंदिर का निर्माण हो रहा है, हमें खुशी है। हम इसी को आगे ले जाएंगे। आज रामलला का दर्शन करेंगे और आशीर्वाद लेंगे कि हमारे हाथ से जो भी देश सेवा, महाराष्ट्र सेवा व लोगों की सेवा हो वह अच्छी हो। अयोध्या में महाराष्ट्र सदन के निर्माण की हमारी इच्छा है। इसके लिए सीएम योगी से महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे वार्ता भी करेंगे। महाराष्ट्र सदन के निर्माण के लिए उनसे जगह मांगेंगे। आने वाले बीएमसी के चुनाव को लेकर रामलला का दर्शन कहीं उनका लकी फैक्टर तो नहीं है। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चुनाव कोई भी हो चुनौती तो होती है। हर अच्छे काम से पहले रामलला का आशीर्वाद जरूरी है। कुछ संतों की ओर से विरोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि अयोध्या की जनता हमारा स्वागत कर रही है, साधु-संत भी स्वागत कर रहे हैं। इस मौके पर सांसद संजय राउत, मंत्री एकनाथ सिंदे, उपसभापति महाराष्ट्र नीलम गौर, सांसद राजन विचारे, सांसद चंद्रकांत खीरे, सांसद विनायक राउत, पार्टी प्रवक्ता आनंद दुबे सहित अन्य मौजूद रहे। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
चतुर्थ श्रध्याय तृतीय पाद / ३५९
उभयव्यामोहात् तत्सिद्धेः । प्रेतास्तावद्देहवियोगात् संपिण्डितकररणग्रामा दीर्घयात्रायामस्वतन्त्रा स्युः । चरादयोऽप्यचेतनत्वादस्वतन्त्राः स्युः ।
तथा चोभयेषामयोग्यत्वादभिमानिदेवानां चेतनानां नेतृत्वं सिद्ध्यति । श्रग्निस्वा मिकं लोकं प्राप्तोऽग्निनातिवाह्यते वायुस्वामिकं तु लोकं प्राप्तो वायुनेति संभाव्यते । एष च न्यायो विद्युत्पर्यन्त एव द्रष्टव्यो नोपरिष्टाद्वरुणेन्द्रप्रजापतिलोकेषु वरुणेन्द्रादिभिनयते ।
विद्युतं प्राप्तस्य तत ऊर्ध्वेषु वरुणादि लोकेषु वैद्युतेनैवामानवेन पुरुषेरगाि प्रतिपत्तव्यं तच्छतेः '
-- स एतान् ब्रह्म गमयतोति ब्रह्मपर्य्यन्तं तस्यैव गमयितृत्वं श्रूयते । न वरुणादीनाम् ।
। इत्यचरादीनामातिवाहिकत्वाधिकरणम् ।
इस अचि से प्रारम्भ करके अन्त में विद्युत् तक के देवयान मार्ग में ग्रह या दिन से प्रारम्भ करके अन्त में सवत्सर तक के काल वाचक शब्द सुनने में आते है ।
इससे ग्रह या दिन रूपी विशेष काल में मरने वालों के लिए ही यह देवयान मार्ग सिद्ध होता है, परन्तु रात्रि आदि में मरने वाले ज्ञानियों के लिए भी यह मार्ग अभीष्ट है ।
इसलिए कहा जाता है कि ये काल विशेष के रूप में नही पहिचाने जाते किन्तु ये काल के अभिमानी अग्निमय देव प्रतिवाहिक है जो प्रयाण करने वालों की प्रतियात्रा में प्रवृत्त हैं । यह उनके चिन्हों से अवगत होता है।
वह पुरुष प्रमानव है, वह इनको ब्रह्म तक पहुचाता है।.
इस उपसहार से अचि आदि सभी प्राप्त कराने वाले है ।
इसीलिए यह शका निरस्त हो जाती है कि ये मार्ग के चिन्ह है या भोग भूमियां है ।
प्रश्न होता है कि प्रेत तो स्वय ही चले जायेंगे अथवा दिन आदि काल के द्वारा जायेंगे, इसलिए यहा देव विशेषत्व की कल्पना ठीक नही प्रतीत होती तो यह प्रश्न ठोक नही है ।
"दोनों के व्यामोह के कारण उसकी सिद्धि होती है"
३६० / शारीरकविज्ञानम्
जो प्रेत अवस्था मे है उनको इन्द्रियों का समूह पिण्ड रूप में पहुंच गया है, वे दोघं यात्रा में स्वतन्त्र नही रहे । अचि आदि भी अचेतन होने के कारण प्रस्वतन्त्र हैं ।
इस प्रकार इन दोनो के अयोग्य हो जाने से अभिमानी चेतन देवताओं का नेतृत्व सिद्ध होता है ।
जो अग्नि के स्वामित्व वाले लोक मे पहुंच गया है। उसका प्रागे वहन अग्नि करता है, जो वायु के स्वामित्व वाले लोक में पहुंच गया है उसका प्रागे वहन वायु करता है । यह न्याय विद्यत् तक ही है उसके आगे यह नियम नही है ।
वहां वरुण इन्द्र और प्रजापति के लोको मे वरुण इन्द्र आदि के द्वारा ले जाया जाता है। विद्यत् लोक में प्राप्त होने वाले को उसके आगे वरुण आदि लोको मे अमानव वैद्य त पुरुष के द्वारा ही ले जाया जाना सम्भव होता है । यही श्रुति कहती है ।
"वह इनको ब्रह्म तक ले जाता है"
इससे उसी का ब्रह्म तक ले जाना सुना जाता है, वरुण श्रादि का नहीं । । यह आचि आदि का प्रतिवाहिकत्व का प्रधिकररण पूर्ण हुआ ।
स एतान् ब्रह्म गमयतोत्यत्र कि कार्य्यमपरं ब्रह्म गमयति अथवा परमं वा विकृतं मुख्यं ब्रह्मति संशये निर्णयमाह वादरिराचार्य्यः स एतानमानवः पुरुषो हिरण्यगर्भाव्यं फायं ब्रह्म गमयतीति ।
स्य गत्युपपत्तेः । स्यैव हि कार्य्यब्रह्मरणो गन्तव्यत्वमुपपद्यते तदपराजिता पूर्वह्मरणः प्रभुविमितं हिरण्मयमित्यादि श्रुत्युक्तप्रदेशवत्वात् । न तु परस्मिन् ब्रह्मरिण गन्तृत्वं गन्तव्यत्वं गतिर्वोपपद्यते । सर्वगतत्वात् गन्तृरणां प्रत्यगात्मत्वाच्च । विशेषितत्वाच्च ।
-"ब्रह्मलोकान् गमयति ते तेषु ब्रह्मलोकेषु पराः परावतो वसन्ति"इति श्रुत्यन्तरे बहुवचनेन विशेषितत्वात् कार्य्यंब्रह्मविषयैव गतिरित्यवगम्यते । कायॅडवस्याविशेषोपपत्या बहुत्वसंभवेऽपि परब्रह्मरिण निविशेषे तदनवत्कृप्तः ।
ननु कार्य्यं विषये ब्रह्मशब्दो नोपपद्यते समस्तजगज्जन्मादिकारणे ब्रह्म शब्दप्रतिप्ठानादिति चेन्न । | चतुर्थ श्रध्याय तृतीय पाद / तीन सौ उनसठ उभयव्यामोहात् तत्सिद्धेः । प्रेतास्तावद्देहवियोगात् संपिण्डितकररणग्रामा दीर्घयात्रायामस्वतन्त्रा स्युः । चरादयोऽप्यचेतनत्वादस्वतन्त्राः स्युः । तथा चोभयेषामयोग्यत्वादभिमानिदेवानां चेतनानां नेतृत्वं सिद्ध्यति । श्रग्निस्वा मिकं लोकं प्राप्तोऽग्निनातिवाह्यते वायुस्वामिकं तु लोकं प्राप्तो वायुनेति संभाव्यते । एष च न्यायो विद्युत्पर्यन्त एव द्रष्टव्यो नोपरिष्टाद्वरुणेन्द्रप्रजापतिलोकेषु वरुणेन्द्रादिभिनयते । विद्युतं प्राप्तस्य तत ऊर्ध्वेषु वरुणादि लोकेषु वैद्युतेनैवामानवेन पुरुषेरगाि प्रतिपत्तव्यं तच्छतेः ' -- स एतान् ब्रह्म गमयतोति ब्रह्मपर्य्यन्तं तस्यैव गमयितृत्वं श्रूयते । न वरुणादीनाम् । । इत्यचरादीनामातिवाहिकत्वाधिकरणम् । इस अचि से प्रारम्भ करके अन्त में विद्युत् तक के देवयान मार्ग में ग्रह या दिन से प्रारम्भ करके अन्त में सवत्सर तक के काल वाचक शब्द सुनने में आते है । इससे ग्रह या दिन रूपी विशेष काल में मरने वालों के लिए ही यह देवयान मार्ग सिद्ध होता है, परन्तु रात्रि आदि में मरने वाले ज्ञानियों के लिए भी यह मार्ग अभीष्ट है । इसलिए कहा जाता है कि ये काल विशेष के रूप में नही पहिचाने जाते किन्तु ये काल के अभिमानी अग्निमय देव प्रतिवाहिक है जो प्रयाण करने वालों की प्रतियात्रा में प्रवृत्त हैं । यह उनके चिन्हों से अवगत होता है। वह पुरुष प्रमानव है, वह इनको ब्रह्म तक पहुचाता है।. इस उपसहार से अचि आदि सभी प्राप्त कराने वाले है । इसीलिए यह शका निरस्त हो जाती है कि ये मार्ग के चिन्ह है या भोग भूमियां है । प्रश्न होता है कि प्रेत तो स्वय ही चले जायेंगे अथवा दिन आदि काल के द्वारा जायेंगे, इसलिए यहा देव विशेषत्व की कल्पना ठीक नही प्रतीत होती तो यह प्रश्न ठोक नही है । "दोनों के व्यामोह के कारण उसकी सिद्धि होती है" तीन सौ साठ / शारीरकविज्ञानम् जो प्रेत अवस्था मे है उनको इन्द्रियों का समूह पिण्ड रूप में पहुंच गया है, वे दोघं यात्रा में स्वतन्त्र नही रहे । अचि आदि भी अचेतन होने के कारण प्रस्वतन्त्र हैं । इस प्रकार इन दोनो के अयोग्य हो जाने से अभिमानी चेतन देवताओं का नेतृत्व सिद्ध होता है । जो अग्नि के स्वामित्व वाले लोक मे पहुंच गया है। उसका प्रागे वहन अग्नि करता है, जो वायु के स्वामित्व वाले लोक में पहुंच गया है उसका प्रागे वहन वायु करता है । यह न्याय विद्यत् तक ही है उसके आगे यह नियम नही है । वहां वरुण इन्द्र और प्रजापति के लोको मे वरुण इन्द्र आदि के द्वारा ले जाया जाता है। विद्यत् लोक में प्राप्त होने वाले को उसके आगे वरुण आदि लोको मे अमानव वैद्य त पुरुष के द्वारा ही ले जाया जाना सम्भव होता है । यही श्रुति कहती है । "वह इनको ब्रह्म तक ले जाता है" इससे उसी का ब्रह्म तक ले जाना सुना जाता है, वरुण श्रादि का नहीं । । यह आचि आदि का प्रतिवाहिकत्व का प्रधिकररण पूर्ण हुआ । स एतान् ब्रह्म गमयतोत्यत्र कि कार्य्यमपरं ब्रह्म गमयति अथवा परमं वा विकृतं मुख्यं ब्रह्मति संशये निर्णयमाह वादरिराचार्य्यः स एतानमानवः पुरुषो हिरण्यगर्भाव्यं फायं ब्रह्म गमयतीति । स्य गत्युपपत्तेः । स्यैव हि कार्य्यब्रह्मरणो गन्तव्यत्वमुपपद्यते तदपराजिता पूर्वह्मरणः प्रभुविमितं हिरण्मयमित्यादि श्रुत्युक्तप्रदेशवत्वात् । न तु परस्मिन् ब्रह्मरिण गन्तृत्वं गन्तव्यत्वं गतिर्वोपपद्यते । सर्वगतत्वात् गन्तृरणां प्रत्यगात्मत्वाच्च । विशेषितत्वाच्च । -"ब्रह्मलोकान् गमयति ते तेषु ब्रह्मलोकेषु पराः परावतो वसन्ति"इति श्रुत्यन्तरे बहुवचनेन विशेषितत्वात् कार्य्यंब्रह्मविषयैव गतिरित्यवगम्यते । कायॅडवस्याविशेषोपपत्या बहुत्वसंभवेऽपि परब्रह्मरिण निविशेषे तदनवत्कृप्तः । ननु कार्य्यं विषये ब्रह्मशब्दो नोपपद्यते समस्तजगज्जन्मादिकारणे ब्रह्म शब्दप्रतिप्ठानादिति चेन्न । |
GAYA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुशासन के दावे करते हैं. लेकिन इसी सुशासन राज में पुलिस-प्रशासन का नहीं बल्कि माफियाओ का बुल्डोजर चल रहा है. माफियाओं को सत्ताधारी दल यूं कहें कि सत्ताधारी दल के नेता का संरक्षण मिला है. तभी तो रात के अंधेरे में भू-माफिया बुल्डोजर लेकर पहुंचता है और सरकारी स्कूल की जमीन की बाउंड्री को जमींदोज कर देता है. गुंडागर्दी की यह घटना गया शहर की है. दिन के उजाले में गाड़ियों के काफिले के साथ जेडीयू नेता पहुंचते हैं और रात में खद्दरधारी भू-माफिया बुल्डोजर के साथ पहुंच जाता है . इसके बाद कथित सुशासन राज का तांडव शुरू हो जाता है.
गया के हरांचंद उच्च विद्यालय की दशकों से अपनी जमीन नहीं है। सरकार की ओर से उसे एक एकड़ से अधिक जमीन आवंटित तो कर दिया है, लेकिन अब इस जमीन पर अब भू-माफियाओं की नजर पड़ गई है. भू-माफियाओं को गया के एक सत्ताधारी नेता का संरक्षण मिला हुआ है. वो नेताजी पूरे लाव-लश्कर के साथ कुछ दिन पहले उक्त जमीन पर गए भी थे. इसके बाद बुधवार की देर रात खद्दरधारी भू-माफियाओं ने हरांचंद स्कूल की जमीन पर जेसीबी चलवा दिया। गेट तोड़ दिए। दीवार भी गिरा दी गई। नगर विधायक का शिलापट्ट भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया.
रात के घुप्प अंधेरे में खद्दरधारी भू-माफियाओं के बुल्डोजर ऑपरेशन की जानकारी जंगल में आग की तरह फैल गई। जिसके बाद स्कूल की जमीन के लिए संघर्ष कर रहे नूतन नगर के लोगों ने रात में ही गया डीएम से शिकायत की। डीएम को जैसे ही यह जानकारी लगी वे हरकत में आये. इसके बाद तुरंत एसडीओ-डीएसपी को घटनास्थल पर भेजा. प्रशासन जब मौके पर पहुंचा तब भूमाफियाओं द्वारा बाउंड्री को तोड़कर अंदर में ट्रैक्टर खड़ा किया गया था. इसके बाद पुलिस ने 5 ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। सभी ट्रैक्टर को जब्त कर सिविल लाइंस थाने में रखा गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को दो वीडियो भी सौंपे हैं। वीडियो में अगुवाई कर रहा शख्स कुर्ता-पायजामा में है और मुंह में गमछा लगा रखा है. उसी के नेतृत्व में कई भू-माफिया वहां मौजूद हैं . साथ ही जेसीबी से सरकारी जमीन की बाउंड्री को तोड़ा जा रहा है। वहीं दूसरा वीडिया दिन का है. उस वीडियो में जेडीयू के एक नेता कई गाड़ियों के काफिले के साथ वहां पहुंचते हैं और उस जमीन का मुआयना किया।
बुधवार रात जब गया डीएम को इस मामले की जानकारी हुई है तो उन्होंने सख्त एक्शन लिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जे की खबर लगी थी. इसके बाद वहां पर प्रशासन व पुलिस टीम को भेजा गया. उस जगह से पांच ट्रैक्टर जब्त किये गये हैं. साथ ही सरकारी जमीन की बाउंड्री तोड़ते समय जो लोग भी वीडियो में दिख रहे, उन सभी पर केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है. डीएम ने कहा कि सभी पर उचित कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
| GAYA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुशासन के दावे करते हैं. लेकिन इसी सुशासन राज में पुलिस-प्रशासन का नहीं बल्कि माफियाओ का बुल्डोजर चल रहा है. माफियाओं को सत्ताधारी दल यूं कहें कि सत्ताधारी दल के नेता का संरक्षण मिला है. तभी तो रात के अंधेरे में भू-माफिया बुल्डोजर लेकर पहुंचता है और सरकारी स्कूल की जमीन की बाउंड्री को जमींदोज कर देता है. गुंडागर्दी की यह घटना गया शहर की है. दिन के उजाले में गाड़ियों के काफिले के साथ जेडीयू नेता पहुंचते हैं और रात में खद्दरधारी भू-माफिया बुल्डोजर के साथ पहुंच जाता है . इसके बाद कथित सुशासन राज का तांडव शुरू हो जाता है. गया के हरांचंद उच्च विद्यालय की दशकों से अपनी जमीन नहीं है। सरकार की ओर से उसे एक एकड़ से अधिक जमीन आवंटित तो कर दिया है, लेकिन अब इस जमीन पर अब भू-माफियाओं की नजर पड़ गई है. भू-माफियाओं को गया के एक सत्ताधारी नेता का संरक्षण मिला हुआ है. वो नेताजी पूरे लाव-लश्कर के साथ कुछ दिन पहले उक्त जमीन पर गए भी थे. इसके बाद बुधवार की देर रात खद्दरधारी भू-माफियाओं ने हरांचंद स्कूल की जमीन पर जेसीबी चलवा दिया। गेट तोड़ दिए। दीवार भी गिरा दी गई। नगर विधायक का शिलापट्ट भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया. रात के घुप्प अंधेरे में खद्दरधारी भू-माफियाओं के बुल्डोजर ऑपरेशन की जानकारी जंगल में आग की तरह फैल गई। जिसके बाद स्कूल की जमीन के लिए संघर्ष कर रहे नूतन नगर के लोगों ने रात में ही गया डीएम से शिकायत की। डीएम को जैसे ही यह जानकारी लगी वे हरकत में आये. इसके बाद तुरंत एसडीओ-डीएसपी को घटनास्थल पर भेजा. प्रशासन जब मौके पर पहुंचा तब भूमाफियाओं द्वारा बाउंड्री को तोड़कर अंदर में ट्रैक्टर खड़ा किया गया था. इसके बाद पुलिस ने पाँच ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। सभी ट्रैक्टर को जब्त कर सिविल लाइंस थाने में रखा गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को दो वीडियो भी सौंपे हैं। वीडियो में अगुवाई कर रहा शख्स कुर्ता-पायजामा में है और मुंह में गमछा लगा रखा है. उसी के नेतृत्व में कई भू-माफिया वहां मौजूद हैं . साथ ही जेसीबी से सरकारी जमीन की बाउंड्री को तोड़ा जा रहा है। वहीं दूसरा वीडिया दिन का है. उस वीडियो में जेडीयू के एक नेता कई गाड़ियों के काफिले के साथ वहां पहुंचते हैं और उस जमीन का मुआयना किया। बुधवार रात जब गया डीएम को इस मामले की जानकारी हुई है तो उन्होंने सख्त एक्शन लिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जे की खबर लगी थी. इसके बाद वहां पर प्रशासन व पुलिस टीम को भेजा गया. उस जगह से पांच ट्रैक्टर जब्त किये गये हैं. साथ ही सरकारी जमीन की बाउंड्री तोड़ते समय जो लोग भी वीडियो में दिख रहे, उन सभी पर केस दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है. डीएम ने कहा कि सभी पर उचित कानूनी कार्रवाई की जायेगी. |
नई दिल्ली : कश्मीर की एक छह साल की बच्ची ने स्कूल के बच्चों पर बढ़ते होमवर्क एवं पढ़ाई के बोझ की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। छोटी लड़की की शिकायत का यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। वायरल हुए इस वीडियो को अब तक 3. 69 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। वीडियो में इस मासूम ने खुद की उम्र छह साल बताई है। लड़की ने बताया है कि उसके होमवर्क का बोझ बड़े छात्रों के जैसा है। लड़की ने पीएम मोदी से पूछा है कि ऐसा क्यों है? लड़की कहती है कि उसकी कक्षाएं सुबह 10 बजे से 2 बजे तक लगातार चलती हैं और इससे उसके पास होमवर्क का अंबार लग जाता है।
अभी यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि यह लड़की कौन है और कश्मीर घाटी के किस हिस्से में वह रहती है।
| नई दिल्ली : कश्मीर की एक छह साल की बच्ची ने स्कूल के बच्चों पर बढ़ते होमवर्क एवं पढ़ाई के बोझ की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। छोटी लड़की की शिकायत का यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। वायरल हुए इस वीडियो को अब तक तीन. उनहत्तर लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। वीडियो में इस मासूम ने खुद की उम्र छह साल बताई है। लड़की ने बताया है कि उसके होमवर्क का बोझ बड़े छात्रों के जैसा है। लड़की ने पीएम मोदी से पूछा है कि ऐसा क्यों है? लड़की कहती है कि उसकी कक्षाएं सुबह दस बजे से दो बजे तक लगातार चलती हैं और इससे उसके पास होमवर्क का अंबार लग जाता है। अभी यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि यह लड़की कौन है और कश्मीर घाटी के किस हिस्से में वह रहती है। |
Salaar Teaser: एक लंबे इंतजार के बाद प्रशांत नील के डायरेक्शन में बनने वाली प्रभास स्टारर फिल्म 'सालार पार्ट 1' के टीजर को रिलीज कर दिया गया है। इंडियन सिनेमा के इतिहास में यह शायद पहली बार हुआ है कि निर्माताओं ने सुबह 5:12 बजे टीजर रिलीज किया है। पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास की आने वाली फिल्म 'सालार' का इंतजार हाल में रिलीज हुए पावर-पैक टीजर के साथ और बढ़ गया है। ये फिल्म प्रशांत नील द्वारा निर्देशित है, जो अपनी ब्लॉकबस्टर हिट फिल्म केजीएफ के लिए जाने जाते हैं। सालार यकीनन एक सिनेमाई अनुभव होने का वादा करती है जो दर्शकों को दीवाना कर देगी।मेकर्स ने नहीं छोड़ी कोई कसर'सालार' का टीजर अपने पहले फ्रेम से ही आपका ध्यान खींचती है और हिलने नहीं देती। इसके विजुअल्स भी शानदार हैं और इसका हर शॉट ऐसे शूट किया गया है जो दर्शकों को क्रेजी करने के लिए काफी है। जिस कैनवास पर कहानी सामने आती है वह विशाल और भव्य है, जो फिल्म की ओवरऑल अपील को बढ़ाता है। इसके साथ ही प्रशांत नील ने यह सुनिश्चित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है कि 'सालार' का हर पहलू टॉप पर हो।टीजर ने मचाई धूमइस फिल्म का टीजर भी जबरदस्त है और केवल 24 घंटों में टीजर ने इंटरनेट पर धूम मचा दी और हर रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। फिल्म के डायलॉग, 'शेर, चीता, बाघ और हाथी सबसे खतरनाक जानवर हैं। लेकिन जुरासिक पार्क में नहीं..' की हर तरफ चर्चा है और यह डार्लिंग स्टार प्रभास का दूसरा नाम बन गया और इस पर मिल रही प्रतिक्रिया के रूप में रिलीज के पहले ही 24 घंटों में 83 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल कर लिए हैं, जिससे यह सबसे ज्यादा देखा गया टीजर बन गया है। इसने केजीएफ का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। टीजर ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है और दर्शक अब फिल्म के रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।कमाल की होने वाली है फिल्म'सालार पार्ट 1: सीजफायर' पहली बार फेमस निर्देशक प्रशांत नील और सुपरस्टार प्रभास की ड्रीम टीम को एक साथ लाती है। इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण सफल केजीएफ फ्रेंचाइजी के निर्माता होम्बले फिल्म्स के विजय किरागांदुर द्वारा किया गया है और इसमें केजीएफ सीरीज की तकनीकी टीम भी शामिल है। रामोजी फिल्म सिटी और उसके आसपास 14 विशाल सेटों के निर्माण के साथ यह फिल्म ऐसी भव्यता पेश करने का वादा करती है जो बड़े पर्दे पर पहले कभी नहीं देखी गई है।कई एक्टर्स आएंगे नजर होम्बले फिल्म्स 'सालार पार्ट 1: सीजफायर' में प्रभास, पृथ्वीराज सुकुमारन, श्रुति हासन और जगपति बाबू सहित कई शानदार कलाकारों की टुकड़ी शामिल हैं। प्रशांत नील द्वारा निर्देशित ये फिल्म 28 सितंबर, 2023 को तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, तमिल और हिंदी सहित 5 भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
| Salaar Teaser: एक लंबे इंतजार के बाद प्रशांत नील के डायरेक्शन में बनने वाली प्रभास स्टारर फिल्म 'सालार पार्ट एक' के टीजर को रिलीज कर दिया गया है। इंडियन सिनेमा के इतिहास में यह शायद पहली बार हुआ है कि निर्माताओं ने सुबह पाँच:बारह बजे टीजर रिलीज किया है। पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास की आने वाली फिल्म 'सालार' का इंतजार हाल में रिलीज हुए पावर-पैक टीजर के साथ और बढ़ गया है। ये फिल्म प्रशांत नील द्वारा निर्देशित है, जो अपनी ब्लॉकबस्टर हिट फिल्म केजीएफ के लिए जाने जाते हैं। सालार यकीनन एक सिनेमाई अनुभव होने का वादा करती है जो दर्शकों को दीवाना कर देगी।मेकर्स ने नहीं छोड़ी कोई कसर'सालार' का टीजर अपने पहले फ्रेम से ही आपका ध्यान खींचती है और हिलने नहीं देती। इसके विजुअल्स भी शानदार हैं और इसका हर शॉट ऐसे शूट किया गया है जो दर्शकों को क्रेजी करने के लिए काफी है। जिस कैनवास पर कहानी सामने आती है वह विशाल और भव्य है, जो फिल्म की ओवरऑल अपील को बढ़ाता है। इसके साथ ही प्रशांत नील ने यह सुनिश्चित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है कि 'सालार' का हर पहलू टॉप पर हो।टीजर ने मचाई धूमइस फिल्म का टीजर भी जबरदस्त है और केवल चौबीस घंटाटों में टीजर ने इंटरनेट पर धूम मचा दी और हर रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। फिल्म के डायलॉग, 'शेर, चीता, बाघ और हाथी सबसे खतरनाक जानवर हैं। लेकिन जुरासिक पार्क में नहीं..' की हर तरफ चर्चा है और यह डार्लिंग स्टार प्रभास का दूसरा नाम बन गया और इस पर मिल रही प्रतिक्रिया के रूप में रिलीज के पहले ही चौबीस घंटाटों में तिरासी मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल कर लिए हैं, जिससे यह सबसे ज्यादा देखा गया टीजर बन गया है। इसने केजीएफ का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। टीजर ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है और दर्शक अब फिल्म के रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।कमाल की होने वाली है फिल्म'सालार पार्ट एक: सीजफायर' पहली बार फेमस निर्देशक प्रशांत नील और सुपरस्टार प्रभास की ड्रीम टीम को एक साथ लाती है। इस मेगा प्रोजेक्ट का निर्माण सफल केजीएफ फ्रेंचाइजी के निर्माता होम्बले फिल्म्स के विजय किरागांदुर द्वारा किया गया है और इसमें केजीएफ सीरीज की तकनीकी टीम भी शामिल है। रामोजी फिल्म सिटी और उसके आसपास चौदह विशाल सेटों के निर्माण के साथ यह फिल्म ऐसी भव्यता पेश करने का वादा करती है जो बड़े पर्दे पर पहले कभी नहीं देखी गई है।कई एक्टर्स आएंगे नजर होम्बले फिल्म्स 'सालार पार्ट एक: सीजफायर' में प्रभास, पृथ्वीराज सुकुमारन, श्रुति हासन और जगपति बाबू सहित कई शानदार कलाकारों की टुकड़ी शामिल हैं। प्रशांत नील द्वारा निर्देशित ये फिल्म अट्ठाईस सितंबर, दो हज़ार तेईस को तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, तमिल और हिंदी सहित पाँच भाषाओं में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। |
सूर्पनखा कुद्रप त्रिसिर खरदूषन नासक । जय माया मृग कदन सेत कृत सम्भु उपासक । जयति दलन दसमौलि भट कुम्भकरन घननाद दल 1 कह बनादास रिपु बन्धु कृत भूप लंक सोमा सबल ।।३२।।
सिव हिय पंकज भृंग भुतुंडो मानसहंसा । घ्यावत मुनि जोगीन्द्र अगम अरु निगम प्रसंसा ।। वाम भाग सिय सोह कनक घर लता समाना । जनु तमाल तरु लसी बसी छवि अद्भुत नाना ॥ जयति भालु मर्केट सखा सेवक भाग्य विधान है। कह चनादास लहि देवतन तव पद बिमुख लयान है ।। ३३।।
देहु नाथ निज भक्ति हरनि भवनिषि गंभोरा । जाविन जन्म निवार्य काह विधि घरे सरीरा ॥ तजि मन करम विकार नितै तब पद अनुरागें । सिया सहित उर बसहु सदा याही वर मांगें ॥
करि बिनतो ब्रह्मा गयो बहुरि इन्द्र लावत भये । कह बनादास लुठि प्रोति जुत कृत बस्तुति चरनन नये ॥ ३४॥
जयति सकल अवतार राम सिर मौर अनूपा । जयति नृपति मनि मुकुट सुवन दसरय वर भूपा ॥ दुसित देव द्विज साधु धेनु महि सिर लखि नारा । तब तब करत उवार घरत अगनित नवतारा ।।
मत्स्य कूर्म वाराह वपु पुनि नर हरि बावन भये । परसुराम रघुवंसमनि करत चरित नाना नये ॥ ३५ ॥
बौष दलन पाखंड किये क्रमजालहि नासा केवल ब्रह्म विचार एक दृढ ज्ञान प्रकासा ॥ जदुकुलनायक कृप्त किये नाना विधि लोला । कल को परम कृपालु धर्म परवतंक सोला । असुर मारि धापत सुरन प्रभु पालत स्रुति सेतु हैं । कह बनादास माया प्रवल तव करि देव अचेतु हैं ॥ ३६॥
जय दससिर करि मत्त महामृगराज विदारन । कुम्भकर्न सल लवा बाज रघुवर संहारन ।
पन्नग सेन समूह राम खग केतु समाना । निधन किये सर्वाग अगम बलधाम सुजाना ।।
मेघनाद मूषक मलिन जयति लघन मजार तन । कह बनादास प्रभु घूमध्वज नासे राच्छस सघन वन ।।३७।।
जयति राज रिपि बेष जटा सिर मुकुट सुहाये । जयति लसत द्युति अतुल तून कटि सुठि छबि छाये ! जनक्सुता दिसि बाम कोटि रति ब्याज समाना । मदन कोटि लावन्य राम धारे धनु बाना ॥ दोघं अच्छ अरविन्द से तिलक भाल साभा सदन । कह बनादास उर भुज बृहद जानुपीन पद मन हरन ।। ३८।।
कम्बुग्रीव छवि सीव सरद ससि आनन निन्दै । नोल जलज घनस्याम भई भक्त ध्रुति भन्दै ।। अघर अरुन घन दमन बाज दाडिमहि लजावत । नासाचाह वपील कहाँ पटतर रवि पावत ।। चिनुक चोखि चोरत चिसहि वृषभ सिंह वर धन्ध है । वह वनादास नहि ध्यान रत हृदय विलोचन अन्य है ।।३।।
पोत जज्ञ छबि सीव रेख स्रीवत्स सोहाये । लसत मुमग भृगुचनं वजकर सुठि छवि छाये ॥ त्रिवली उदर गंभीर नाभि जमुना अलि लाजै । सिंह जुवा टि लजित अवसि सोभा सिरताजै ॥ स्यामपृष्ठ पद अरुनतल रेखा प्रद अभिराम है। वह वनादास दर चक्रध्वज जलज सक्ल सुखधाम है ॥४०॥
विषय निरत मति छोन ताहि ते चित सकुचावै ! यह भूरति उर बसे सिया सह सुठि मन भावै ॥ कृपा करो निज और नाय सव साधन होना । जुग जुग विरद बिराज कहाँ वरुना नहि बोना ।। सेवक सेवकाई लहे क्छु नाथ फरमाइये । कह बनादास कवि भालु जे मरे सो बेगि जियाइये ॥४१॥
सुधा बरपि सुरराज सद्य वपि भालु जियाये । रघुपति कृपा प्रसाद बडाई सो बढि पाये । | सूर्पनखा कुद्रप त्रिसिर खरदूषन नासक । जय माया मृग कदन सेत कृत सम्भु उपासक । जयति दलन दसमौलि भट कुम्भकरन घननाद दल एक कह बनादास रिपु बन्धु कृत भूप लंक सोमा सबल ।।बत्तीस।। सिव हिय पंकज भृंग भुतुंडो मानसहंसा । घ्यावत मुनि जोगीन्द्र अगम अरु निगम प्रसंसा ।। वाम भाग सिय सोह कनक घर लता समाना । जनु तमाल तरु लसी बसी छवि अद्भुत नाना ॥ जयति भालु मर्केट सखा सेवक भाग्य विधान है। कह चनादास लहि देवतन तव पद बिमुख लयान है ।। तैंतीस।। देहु नाथ निज भक्ति हरनि भवनिषि गंभोरा । जाविन जन्म निवार्य काह विधि घरे सरीरा ॥ तजि मन करम विकार नितै तब पद अनुरागें । सिया सहित उर बसहु सदा याही वर मांगें ॥ करि बिनतो ब्रह्मा गयो बहुरि इन्द्र लावत भये । कह बनादास लुठि प्रोति जुत कृत बस्तुति चरनन नये ॥ चौंतीस॥ जयति सकल अवतार राम सिर मौर अनूपा । जयति नृपति मनि मुकुट सुवन दसरय वर भूपा ॥ दुसित देव द्विज साधु धेनु महि सिर लखि नारा । तब तब करत उवार घरत अगनित नवतारा ।। मत्स्य कूर्म वाराह वपु पुनि नर हरि बावन भये । परसुराम रघुवंसमनि करत चरित नाना नये ॥ पैंतीस ॥ बौष दलन पाखंड किये क्रमजालहि नासा केवल ब्रह्म विचार एक दृढ ज्ञान प्रकासा ॥ जदुकुलनायक कृप्त किये नाना विधि लोला । कल को परम कृपालु धर्म परवतंक सोला । असुर मारि धापत सुरन प्रभु पालत स्रुति सेतु हैं । कह बनादास माया प्रवल तव करि देव अचेतु हैं ॥ छत्तीस॥ जय दससिर करि मत्त महामृगराज विदारन । कुम्भकर्न सल लवा बाज रघुवर संहारन । पन्नग सेन समूह राम खग केतु समाना । निधन किये सर्वाग अगम बलधाम सुजाना ।। मेघनाद मूषक मलिन जयति लघन मजार तन । कह बनादास प्रभु घूमध्वज नासे राच्छस सघन वन ।।सैंतीस।। जयति राज रिपि बेष जटा सिर मुकुट सुहाये । जयति लसत द्युति अतुल तून कटि सुठि छबि छाये ! जनक्सुता दिसि बाम कोटि रति ब्याज समाना । मदन कोटि लावन्य राम धारे धनु बाना ॥ दोघं अच्छ अरविन्द से तिलक भाल साभा सदन । कह बनादास उर भुज बृहद जानुपीन पद मन हरन ।। अड़तीस।। कम्बुग्रीव छवि सीव सरद ससि आनन निन्दै । नोल जलज घनस्याम भई भक्त ध्रुति भन्दै ।। अघर अरुन घन दमन बाज दाडिमहि लजावत । नासाचाह वपील कहाँ पटतर रवि पावत ।। चिनुक चोखि चोरत चिसहि वृषभ सिंह वर धन्ध है । वह वनादास नहि ध्यान रत हृदय विलोचन अन्य है ।।तीन।। पोत जज्ञ छबि सीव रेख स्रीवत्स सोहाये । लसत मुमग भृगुचनं वजकर सुठि छवि छाये ॥ त्रिवली उदर गंभीर नाभि जमुना अलि लाजै । सिंह जुवा टि लजित अवसि सोभा सिरताजै ॥ स्यामपृष्ठ पद अरुनतल रेखा प्रद अभिराम है। वह वनादास दर चक्रध्वज जलज सक्ल सुखधाम है ॥चालीस॥ विषय निरत मति छोन ताहि ते चित सकुचावै ! यह भूरति उर बसे सिया सह सुठि मन भावै ॥ कृपा करो निज और नाय सव साधन होना । जुग जुग विरद बिराज कहाँ वरुना नहि बोना ।। सेवक सेवकाई लहे क्छु नाथ फरमाइये । कह बनादास कवि भालु जे मरे सो बेगि जियाइये ॥इकतालीस॥ सुधा बरपि सुरराज सद्य वपि भालु जियाये । रघुपति कृपा प्रसाद बडाई सो बढि पाये । |
ज़रा सोचिए, जो देश संविधान से चलता हो, जहां कानून का राज हो और तो और दिन-रात विकास और सुशासन का ढोल पीटा जाता हो, वहीं एक नाबालिग लड़की की आबरू महज़ चंद पैसों में लपेट दी जाए तो, क्या आप इसे एक आज़ाद देश और प्रदेश शान से कह पाएंगे? ये किसी फिल्म का डायलॉग नहीं है, बल्कि हमारे देश भारत और उसके राज्य बिहार की कड़वी सच्चाई है। पितृसत्तात्मक समाज और तुगलकी पंचायती फरमान आज भी यहां महिलाओं को न न्याय दे रहा है और न ही आज़ादी से जीने दे रहा है। और इसका एक बड़ा कारण सरकारों की नाकामी और रूढ़िवादी ताकतों को मिली शह है।
महज़ महीनेभर पहले ही बिहार के सहसा में रेप की घटना को पंचायत ने रफा-दफा करने के लिए अजीबोगरीब फैसला सुनाते हुए आरोपी युवक से 70 हजार रुपए में समझौते के जरिए मामले को दबाने का आदेश दिया था। अब एक बार फिर बिहार के ही बगहा जिले में एक 14 वर्षीय नाबालिग से 3 बार दुष्कर्म करने वाले उसके बुजुर्ग पड़ोसी को पंचायत ने 2 लाख में मामला निपटाने का फरमान सुनाया। हैरानी की बात ये है कि पीड़िता की मां ने जब थाने में आवेदन दिया तो शुरुआत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
बता दें कि महिला थानाध्यक्ष ने पंचायत के सुलहनामे पर पीड़िता का आवेदन वापस कर दिया। जब सोशल मीडिया पर मामले से जुड़ा वीडियो वायरल हुआ तब पुलिस प्रशासन जागा। फिलहाल बगहा के एसपी किरण कुमार जाधव ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है, वहीं आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामला बगहा के भैरोगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा हुआ है और लगभग छह महीने पुराना है। यहां एक 14 वर्षीय नाबालिग से उसके 60 वर्षीय पड़ोसी ने पहले दुष्कर्म किया, फिर पीड़िता के गर्भवती होने पर गर्भपात कराया और उसके बाद भी डरा-धमका कर बलात्कार करता रहा। मामला पंचायत में पहुंचा तो रातों-रात पंचायती बैठाकर नाबालिग की आबरू का सौदा दो लाख रुपये में तय कर दिया गया। बकायदा इसके लिए पंचों के सामने एक पंचनामा भी तैयार किया गया, जिसमें आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने लड़की के साथ दुष्कर्म किया है और इसके एवज में वो 31 मार्च तक पीड़िता को शादी के लिए ₹ 2 लाख जुर्माना के रूप में पीड़िता के परिवार को देगा।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक तय तिथि पर राशि नहीं दिए जाने पर परिवार वाले मामले में एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचे, पर वहां भी केस दर्ज नहीं किया गया। उसके बाद फिर पंचातय बैठी अब पंचायत की ओर से आरोपित को जुर्माना की राशि का भुगतान करने के लिए 7 अप्रैल तक का समय दिया गया। इसके बाद आरोपी के पंचनामे का वीडियो वायरल होने लगा।
पुलिस की किरकिरी और मामले के तूल पकड़ने के बाद एसपी किरण कुमार जाधव ने खुद मामले का संज्ञान लिया और दुष्कर्म के आरोपित को गिरफ्तार करवा कर जेल भिजवा दिया।
पुलिस का क्या कहना है?
इस घटना जानकारी देते हुए एसपी जाधव ने मीडिया से कहा कि नाबालिग के साथ रेप की घटना सामने आई थी। बगहा पंचायत द्वारा मामले को सुलझाने की कोशिश की गई। इस संबंध में महिला थाने में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस आरोप की जांच की गई। जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद महिला थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
एसपी जाधव के अनुसार दुष्कर्म के आरोप में आरोपित पर एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। आरक्षी अधीक्षक ने महिला थाने प्रभारी को भी मामले में उनकी ओर से बरती गयी लापरवाही के कारण उन्हें निलंबित भी कर दिया गया है। मामले में पुलिस जांच जारी है अभी और भी अगर किसी के लिप्त होने की बात सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि पंचायतों के इस तरह के विवादित फैसले अक्सर सामने आते हैं और ज्यादातर ये हरियाणा और बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में देखे जाते हैं। प्रेमी जोड़ों की हत्या कर देना या फिर उन्हें समाज से बहिष्कृत कर देना, अजीबोगरीब सजाएं सुनाना और ऐसे फैसलों को मानने के लिए बाध्य कर देना बहुत आम है। बावजूद इसके कि पंचायतों के इस तरह के फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट न सिर्फ रोक लगा चुका है बल्कि एक गाइडलाइन भी बनाकर दे रखी है। लेकिन पंचायतों पर इसका असर कम ही दिखाई पड़ता है।
ध्यान रहे कि सजा सुनाने वाली ये पंचायतें उस पंचायती राज व्यवस्था का अंग नहीं हैं जिसका प्रावधान संविधान में है और जो निर्वाचित संस्था होती हैं। हालांकि इन पंचायतों को भी सिर्फ मध्यस्थता का अधिकार है, दंड देने या फिर किसी को दोषी ठहराने का नहीं। हालांकि खाप पंचायत का ज़िक्र अक्सर गाँव, जाति, गोत्र, परिवार की 'इज़्ज़त' के नाम पर होने वाली हत्याओं के संदर्भ में बार-बार होता है। शादी के मामले में यदि खाप पंचायत को कोई आपत्ति हो तो वे युवक और युवती को अलग करने, शादी को रद्द करने, किसी परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने या गाँव से निकाल देने और कुछ मामलों में तो युवक या युवती की हत्या तक का फ़ैसला करती है।
वैसे तो खाप पंचायत एक ग़ैर क़ानूनी पंचायती व्यवस्था है, जिसे सुप्रीम कोर्ट अवैध ठहरा चुकी है। यह प्राचीन समाज का वो रूढ़िवादी हिस्सा है, जो आधुनिक समाज से सामंजस्य नहीं बैठा पाता है। यह पंचायत व्यवस्था हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज भी सक्रिय है और समय-समय पर तुग़लकी फ़रमान जारी करती रहती है। चप्पलों से पीटने, थूक चटवाने, सिर मुंड़ाकर घुमाने, कोड़े लगवाने जैसे पंचायतों के फरमान न सिर्फ समाज के सामने एक बड़ी चुनौती हैं बल्कि विकास और सभ्य होने के तमाम दावों पर सवालिया निशान भी लगाते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर इन पंचायतों के खौफनाक गैरकानूनी फैसले लोग क्यों मानते ही क्यों हैं?
कानूनी जानकारों के मुताबिक गैरकानूनी पंचायतों को कोई हक ही नहीं है कि वे आपराधिक घटनाओं का ट्रायल करें और अभियुक्तों को तालिबानी तर्ज पर सजा सुनाए। लेकिन इन पंचायतों को निश्चित तौर पर समाज के रूढ़िवादी ताकतों की शह प्राप्त है। दकियानूसी और पितृसत्तात्मक सोच रखने वाले समाज और राजनीति के तमाम लोग इन पंचायतों के समर्थन में रहते हैं।
हरियाणा के भिवानी में रहने वाले एक खाप पंचायत के पूर्व प्रमुख चौधरी शमशेर सिंह खाप पंचायतों के विस्तार को समझाते हुए न्यूज़क्लिक से बातचीत में बताया था कि ये पंचायतें गाँवों में बहुत पुरानी हैं। जैसे-जैसे गांव बसते गए वैसे-वैसे ऐसी रिवायतें भी बढ़ती गईं। वैसे पारंपरिक तौर पर तो एक गोत्र या फिर बिरादरी के सभी गोत्र मिलकर खाप पंचायत बनाते हैं। ये फिर पाँच गाँवों की हो सकती है या 20-25 गाँवों की भी हो सकती है। जो गोत्र जिस इलाक़े में ज़्यादा प्रभावशाली होता है, उसी का उस खाप पंचायत में ज़्यादा दबदबा होता है। कम जनसंख्या वाले गोत्र भी पंचायत में शामिल होते हैं लेकिन प्रभावशाली गोत्र की ही खाप पंचायत में चलती है।
चौधरी शमशेर के मुताबिक जब भी खाप की बैठकें होती हैं, सभी गाँव निवासियों को बैठक में बुलाया जाता है, चाहे वे आएँ या न आएँ और जो भी फ़ैसला लिया जाता है उसे सर्वसम्मति से लिया गया फ़ैसला बताया जाता है। पंचायतें कई ऐसे सामाजिक कार्य करती हैं जो आमतौर पर सरकारें नहीं करती हैं और चूंकि पंचायतों में शामिल लोग और उनके काम स्थानीय स्तर पर और उन्हीं के हित में होते हैं इसीलिए लोग उन्हें मानते भी हैं और ये सभी पर बाध्य होता है। बाध्य से ज्यादा लोग इसे खुद ही पत्थर की लकीर मान लेते हैं।
गौरतलब है कि शासन और सरकार भी अप्रत्यक्ष रूप कहीं न कहीं खाप को समर्थन देते ही नज़र आती हैं। इसकी एक प्रमुख वजह वोट की राजनीति भी है। सत्ता में ज्यादातर वही लोग बैठे हैं जो इसी समाज में पैदा और पले-बढ़े हैं और इसी को आगे बढ़ाने में अपना फायदा समझते हैं। औरतों, वंचितों के अधिकारों से ज्यादा उन्हें अपने सामाजिक और तथाकथित सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाकर सत्ता हासिल करना है।
इसे भी पढ़ेः बिहारः सहरसा में पंचायत का फरमान बेतुका, पैसे देकर रेप मामले को रफा-दफा करने की कोशिश!
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| ज़रा सोचिए, जो देश संविधान से चलता हो, जहां कानून का राज हो और तो और दिन-रात विकास और सुशासन का ढोल पीटा जाता हो, वहीं एक नाबालिग लड़की की आबरू महज़ चंद पैसों में लपेट दी जाए तो, क्या आप इसे एक आज़ाद देश और प्रदेश शान से कह पाएंगे? ये किसी फिल्म का डायलॉग नहीं है, बल्कि हमारे देश भारत और उसके राज्य बिहार की कड़वी सच्चाई है। पितृसत्तात्मक समाज और तुगलकी पंचायती फरमान आज भी यहां महिलाओं को न न्याय दे रहा है और न ही आज़ादी से जीने दे रहा है। और इसका एक बड़ा कारण सरकारों की नाकामी और रूढ़िवादी ताकतों को मिली शह है। महज़ महीनेभर पहले ही बिहार के सहसा में रेप की घटना को पंचायत ने रफा-दफा करने के लिए अजीबोगरीब फैसला सुनाते हुए आरोपी युवक से सत्तर हजार रुपए में समझौते के जरिए मामले को दबाने का आदेश दिया था। अब एक बार फिर बिहार के ही बगहा जिले में एक चौदह वर्षीय नाबालिग से तीन बार दुष्कर्म करने वाले उसके बुजुर्ग पड़ोसी को पंचायत ने दो लाख में मामला निपटाने का फरमान सुनाया। हैरानी की बात ये है कि पीड़िता की मां ने जब थाने में आवेदन दिया तो शुरुआत में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। बता दें कि महिला थानाध्यक्ष ने पंचायत के सुलहनामे पर पीड़िता का आवेदन वापस कर दिया। जब सोशल मीडिया पर मामले से जुड़ा वीडियो वायरल हुआ तब पुलिस प्रशासन जागा। फिलहाल बगहा के एसपी किरण कुमार जाधव ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए तत्काल प्रभाव से थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है, वहीं आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामला बगहा के भैरोगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा हुआ है और लगभग छह महीने पुराना है। यहां एक चौदह वर्षीय नाबालिग से उसके साठ वर्षीय पड़ोसी ने पहले दुष्कर्म किया, फिर पीड़िता के गर्भवती होने पर गर्भपात कराया और उसके बाद भी डरा-धमका कर बलात्कार करता रहा। मामला पंचायत में पहुंचा तो रातों-रात पंचायती बैठाकर नाबालिग की आबरू का सौदा दो लाख रुपये में तय कर दिया गया। बकायदा इसके लिए पंचों के सामने एक पंचनामा भी तैयार किया गया, जिसमें आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने लड़की के साथ दुष्कर्म किया है और इसके एवज में वो इकतीस मार्च तक पीड़िता को शादी के लिए दो रुपया लाख जुर्माना के रूप में पीड़िता के परिवार को देगा। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक तय तिथि पर राशि नहीं दिए जाने पर परिवार वाले मामले में एफआईआर दर्ज कराने थाने पहुंचे, पर वहां भी केस दर्ज नहीं किया गया। उसके बाद फिर पंचातय बैठी अब पंचायत की ओर से आरोपित को जुर्माना की राशि का भुगतान करने के लिए सात अप्रैल तक का समय दिया गया। इसके बाद आरोपी के पंचनामे का वीडियो वायरल होने लगा। पुलिस की किरकिरी और मामले के तूल पकड़ने के बाद एसपी किरण कुमार जाधव ने खुद मामले का संज्ञान लिया और दुष्कर्म के आरोपित को गिरफ्तार करवा कर जेल भिजवा दिया। पुलिस का क्या कहना है? इस घटना जानकारी देते हुए एसपी जाधव ने मीडिया से कहा कि नाबालिग के साथ रेप की घटना सामने आई थी। बगहा पंचायत द्वारा मामले को सुलझाने की कोशिश की गई। इस संबंध में महिला थाने में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस आरोप की जांच की गई। जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद महिला थानाध्यक्ष के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एसपी जाधव के अनुसार दुष्कर्म के आरोप में आरोपित पर एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। आरक्षी अधीक्षक ने महिला थाने प्रभारी को भी मामले में उनकी ओर से बरती गयी लापरवाही के कारण उन्हें निलंबित भी कर दिया गया है। मामले में पुलिस जांच जारी है अभी और भी अगर किसी के लिप्त होने की बात सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि पंचायतों के इस तरह के विवादित फैसले अक्सर सामने आते हैं और ज्यादातर ये हरियाणा और बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में देखे जाते हैं। प्रेमी जोड़ों की हत्या कर देना या फिर उन्हें समाज से बहिष्कृत कर देना, अजीबोगरीब सजाएं सुनाना और ऐसे फैसलों को मानने के लिए बाध्य कर देना बहुत आम है। बावजूद इसके कि पंचायतों के इस तरह के फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट न सिर्फ रोक लगा चुका है बल्कि एक गाइडलाइन भी बनाकर दे रखी है। लेकिन पंचायतों पर इसका असर कम ही दिखाई पड़ता है। ध्यान रहे कि सजा सुनाने वाली ये पंचायतें उस पंचायती राज व्यवस्था का अंग नहीं हैं जिसका प्रावधान संविधान में है और जो निर्वाचित संस्था होती हैं। हालांकि इन पंचायतों को भी सिर्फ मध्यस्थता का अधिकार है, दंड देने या फिर किसी को दोषी ठहराने का नहीं। हालांकि खाप पंचायत का ज़िक्र अक्सर गाँव, जाति, गोत्र, परिवार की 'इज़्ज़त' के नाम पर होने वाली हत्याओं के संदर्भ में बार-बार होता है। शादी के मामले में यदि खाप पंचायत को कोई आपत्ति हो तो वे युवक और युवती को अलग करने, शादी को रद्द करने, किसी परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने या गाँव से निकाल देने और कुछ मामलों में तो युवक या युवती की हत्या तक का फ़ैसला करती है। वैसे तो खाप पंचायत एक ग़ैर क़ानूनी पंचायती व्यवस्था है, जिसे सुप्रीम कोर्ट अवैध ठहरा चुकी है। यह प्राचीन समाज का वो रूढ़िवादी हिस्सा है, जो आधुनिक समाज से सामंजस्य नहीं बैठा पाता है। यह पंचायत व्यवस्था हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज भी सक्रिय है और समय-समय पर तुग़लकी फ़रमान जारी करती रहती है। चप्पलों से पीटने, थूक चटवाने, सिर मुंड़ाकर घुमाने, कोड़े लगवाने जैसे पंचायतों के फरमान न सिर्फ समाज के सामने एक बड़ी चुनौती हैं बल्कि विकास और सभ्य होने के तमाम दावों पर सवालिया निशान भी लगाते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर इन पंचायतों के खौफनाक गैरकानूनी फैसले लोग क्यों मानते ही क्यों हैं? कानूनी जानकारों के मुताबिक गैरकानूनी पंचायतों को कोई हक ही नहीं है कि वे आपराधिक घटनाओं का ट्रायल करें और अभियुक्तों को तालिबानी तर्ज पर सजा सुनाए। लेकिन इन पंचायतों को निश्चित तौर पर समाज के रूढ़िवादी ताकतों की शह प्राप्त है। दकियानूसी और पितृसत्तात्मक सोच रखने वाले समाज और राजनीति के तमाम लोग इन पंचायतों के समर्थन में रहते हैं। हरियाणा के भिवानी में रहने वाले एक खाप पंचायत के पूर्व प्रमुख चौधरी शमशेर सिंह खाप पंचायतों के विस्तार को समझाते हुए न्यूज़क्लिक से बातचीत में बताया था कि ये पंचायतें गाँवों में बहुत पुरानी हैं। जैसे-जैसे गांव बसते गए वैसे-वैसे ऐसी रिवायतें भी बढ़ती गईं। वैसे पारंपरिक तौर पर तो एक गोत्र या फिर बिरादरी के सभी गोत्र मिलकर खाप पंचायत बनाते हैं। ये फिर पाँच गाँवों की हो सकती है या बीस-पच्चीस गाँवों की भी हो सकती है। जो गोत्र जिस इलाक़े में ज़्यादा प्रभावशाली होता है, उसी का उस खाप पंचायत में ज़्यादा दबदबा होता है। कम जनसंख्या वाले गोत्र भी पंचायत में शामिल होते हैं लेकिन प्रभावशाली गोत्र की ही खाप पंचायत में चलती है। चौधरी शमशेर के मुताबिक जब भी खाप की बैठकें होती हैं, सभी गाँव निवासियों को बैठक में बुलाया जाता है, चाहे वे आएँ या न आएँ और जो भी फ़ैसला लिया जाता है उसे सर्वसम्मति से लिया गया फ़ैसला बताया जाता है। पंचायतें कई ऐसे सामाजिक कार्य करती हैं जो आमतौर पर सरकारें नहीं करती हैं और चूंकि पंचायतों में शामिल लोग और उनके काम स्थानीय स्तर पर और उन्हीं के हित में होते हैं इसीलिए लोग उन्हें मानते भी हैं और ये सभी पर बाध्य होता है। बाध्य से ज्यादा लोग इसे खुद ही पत्थर की लकीर मान लेते हैं। गौरतलब है कि शासन और सरकार भी अप्रत्यक्ष रूप कहीं न कहीं खाप को समर्थन देते ही नज़र आती हैं। इसकी एक प्रमुख वजह वोट की राजनीति भी है। सत्ता में ज्यादातर वही लोग बैठे हैं जो इसी समाज में पैदा और पले-बढ़े हैं और इसी को आगे बढ़ाने में अपना फायदा समझते हैं। औरतों, वंचितों के अधिकारों से ज्यादा उन्हें अपने सामाजिक और तथाकथित सांस्कृतिक मूल्यों को आगे बढ़ाकर सत्ता हासिल करना है। इसे भी पढ़ेः बिहारः सहरसा में पंचायत का फरमान बेतुका, पैसे देकर रेप मामले को रफा-दफा करने की कोशिश! अपने टेलीग्राम ऐप पर जनवादी नज़रिये से ताज़ा ख़बरें, समसामयिक मामलों की चर्चा और विश्लेषण, प्रतिरोध, आंदोलन और अन्य विश्लेषणात्मक वीडियो प्राप्त करें। न्यूज़क्लिक के टेलीग्राम चैनल की सदस्यता लें और हमारी वेबसाइट पर प्रकाशित हर न्यूज़ स्टोरी का रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त करें। |
गुजरात में उत्तरायण उत्सव के दौरान पतंग के मांझे में चपेट में आने से दो की मौत हो गई। मरने वालों में तीन साल की बच्ची भी शामिल है। वह अपनी मां के साथ घर जा रही थी तभी उसकी गर्दन में मांझा फंस गया और उसकी मौत हो गई।
मेहसाणाः गुजरात के विभिन्न शहरों में उत्तरायण उत्सव के दौरान पतंग के मांझे की चपेट में आने से तीन साल की एक बच्ची और 35 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, दोपहर में मेहसाणा जिले के विसनगर कस्बे में अपनी मां के साथ घर जा रही कृष्णा ठाकोर (तीन) की गर्दन में पतंग का मांझा फंस गया और उसकी मौत हो गई।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, 'नजदीकी सरकारी अस्पताल में पहुंचने पर बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। ' वडोदरा शहर के छानी इलाके में हुई एक अन्य घटना में पतंग के मांझे से स्वामीजी यादव नामक एक मोटरसाइकिल सवार की गर्दन कट जाने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।
गर्दन में मांझा फंसने से मौत छानी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, 'स्वामीजी यादव अपने दोपहिया वाहन पर एक पुल से नीचे आ रहे थे, तभी एक पतंग का मांझा उनके गले में फंस गया, जिससे उनकी तुरंत मौत हो गई। '
इस बीच, आपातकालीन चिकित्सा सेवा (ईएमएस) तंत्र के अधिकारियों ने कहा कि पूरे गुजरात में दिन भर में पतंग के मांझे से लोगों के घायल होने के कई मामले सामने आए हैं।
| गुजरात में उत्तरायण उत्सव के दौरान पतंग के मांझे में चपेट में आने से दो की मौत हो गई। मरने वालों में तीन साल की बच्ची भी शामिल है। वह अपनी मां के साथ घर जा रही थी तभी उसकी गर्दन में मांझा फंस गया और उसकी मौत हो गई। मेहसाणाः गुजरात के विभिन्न शहरों में उत्तरायण उत्सव के दौरान पतंग के मांझे की चपेट में आने से तीन साल की एक बच्ची और पैंतीस वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, दोपहर में मेहसाणा जिले के विसनगर कस्बे में अपनी मां के साथ घर जा रही कृष्णा ठाकोर की गर्दन में पतंग का मांझा फंस गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, 'नजदीकी सरकारी अस्पताल में पहुंचने पर बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया। ' वडोदरा शहर के छानी इलाके में हुई एक अन्य घटना में पतंग के मांझे से स्वामीजी यादव नामक एक मोटरसाइकिल सवार की गर्दन कट जाने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। गर्दन में मांझा फंसने से मौत छानी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा, 'स्वामीजी यादव अपने दोपहिया वाहन पर एक पुल से नीचे आ रहे थे, तभी एक पतंग का मांझा उनके गले में फंस गया, जिससे उनकी तुरंत मौत हो गई। ' इस बीच, आपातकालीन चिकित्सा सेवा तंत्र के अधिकारियों ने कहा कि पूरे गुजरात में दिन भर में पतंग के मांझे से लोगों के घायल होने के कई मामले सामने आए हैं। |
कोरोना काल में बिहार में सियासत तेज हो गई है. इस साल बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है. ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों के द्वारा बायनबाजी का दौर शुरू हो गया है. पिछले कई दिनों से तेजस्वी यादव सीएम नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर है. ऐसे कम बोलने वाले नीतीश कुमार भी इस चुनावी बयानबाजी में शामिल हो गए हैं.
सीएम नीतीश कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि 'हमको कहता है बाहर नहीं निकले हैं. लॉकलाडन लागू है, पूरे देश में कहा जा रहा है कि नहीं निकलना है. प्रतिदिन एक-एक चीज की समीक्षा, सारा काम कर रहे हैं. खुद कहां रहता है भाग करके इसका कोई ठिकाना नहीं है. पार्टी के लोगों को भी पता नहीं है. ' दरअसल नीतीश कुमार की ये प्रतिक्रया ऐसे वक्त आई है, जब पूरा विपक्ष उनके सीएम हाउस से बाहर न निकलने को लेकर सवाल खड़े कर रहा है.
आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान तेजस्वी यादव दिल्ली में थे. दिल्ली से पटना लौटने के बाद वे लगातार सरकार पर हमलावर रहे हैं. सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलते रहे हैं. तेजस्वी यादव और लालू यादव द्वारा लगातार नीतीश सरकार के खिलाफहो रहे बयानबाजी के खिलाफ सीएम नीतीश कुमार ने आड़े हाथ लिया है. इसके बाद से बिहार में सियासत गरमा गई है. अब सत्ता पक्ष और विपक्ष मुखर होकर एक दूसरे ऊपर बयान कर रहे हैं.
| कोरोना काल में बिहार में सियासत तेज हो गई है. इस साल बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है. ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियों के द्वारा बायनबाजी का दौर शुरू हो गया है. पिछले कई दिनों से तेजस्वी यादव सीएम नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर है. ऐसे कम बोलने वाले नीतीश कुमार भी इस चुनावी बयानबाजी में शामिल हो गए हैं. सीएम नीतीश कुमार ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि 'हमको कहता है बाहर नहीं निकले हैं. लॉकलाडन लागू है, पूरे देश में कहा जा रहा है कि नहीं निकलना है. प्रतिदिन एक-एक चीज की समीक्षा, सारा काम कर रहे हैं. खुद कहां रहता है भाग करके इसका कोई ठिकाना नहीं है. पार्टी के लोगों को भी पता नहीं है. ' दरअसल नीतीश कुमार की ये प्रतिक्रया ऐसे वक्त आई है, जब पूरा विपक्ष उनके सीएम हाउस से बाहर न निकलने को लेकर सवाल खड़े कर रहा है. आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान तेजस्वी यादव दिल्ली में थे. दिल्ली से पटना लौटने के बाद वे लगातार सरकार पर हमलावर रहे हैं. सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलते रहे हैं. तेजस्वी यादव और लालू यादव द्वारा लगातार नीतीश सरकार के खिलाफहो रहे बयानबाजी के खिलाफ सीएम नीतीश कुमार ने आड़े हाथ लिया है. इसके बाद से बिहार में सियासत गरमा गई है. अब सत्ता पक्ष और विपक्ष मुखर होकर एक दूसरे ऊपर बयान कर रहे हैं. |
रांची : कोरोना संकट के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासियों की विशेष ट्रेनों, बसों के जरिये घर वापसी हो रही है। संकट की इस घड़ी में प्रवासी लोगों में घर पहुंचने की बेचैनी व छटपटाहट देखी जा रही है। इस बीच घर वापसी कर रहे कई प्रवासी कोरोना पॉजिटिव निकले हैं, जिसके बाद उन्हें लेकर चिंता बढ़ने लगी है। देश के कई हिस्सों में ऐसे मामले सामने आए हैं। झारखंड में भी ऐसा ही केस सामने आया है।
देश में कोरोना संकट के बीच ऐसे मामलों को लेकर विभिन्न राज्यों में संक्रमण बढ़ने को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। झारखंड में विशेष ट्रेन से पहुंचे शख्स को मंगलवार रात कोरोना पॉजिटिव पाया गया। राज्य के स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी के मुताबिक, यह शख्स श्रमिक स्पेशल ट्रेन से तेलंगाना से झारखंड पहुंचा था, जिसे अब कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह शख्स झारखंड के लातेहार का रहने वाला है।
झारखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 173 मामले सामने आ चुके हैं और अब तेलंगाना से एक प्रवासी के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद यहां लोगों में चिंता बढ़ने लगी है। झारखंड ही नहीं, बिहार, यूपी से सहित कई अन्य राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। कोरोना वायरस/लॉकडाउन के कारण विभिन्न राज्यों में लौटे 11 लाख से अधिक प्रवासियों में से 300 से अधिक लोगों के संक्रमित होने की रिपोर्ट सामने आई है।
यहां उल्लेखनीय है कि देश में 25 मार्च से ही लॉकडाउन जारी है, जिसकी अवधि पहले 14 अप्रैल तक के लिए, फिर 3 मई और उसके बाद 17 मई तक के लिए बढ़ाई गई। हालांकि लॉकडाउन के तीसरे चरण में कई छूटों का ऐलान किया गया और देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासियों को उनके गृह राज्य पहुंचाने की अनुमति भी दी गई। सरकार के इसी आदेश पर 'श्रमिक स्पेशल' ट्रेनें चलाई गईं और बसों से भी प्रवासियों की घर वापसी के इंतजाम किए गए।
| रांची : कोरोना संकट के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासियों की विशेष ट्रेनों, बसों के जरिये घर वापसी हो रही है। संकट की इस घड़ी में प्रवासी लोगों में घर पहुंचने की बेचैनी व छटपटाहट देखी जा रही है। इस बीच घर वापसी कर रहे कई प्रवासी कोरोना पॉजिटिव निकले हैं, जिसके बाद उन्हें लेकर चिंता बढ़ने लगी है। देश के कई हिस्सों में ऐसे मामले सामने आए हैं। झारखंड में भी ऐसा ही केस सामने आया है। देश में कोरोना संकट के बीच ऐसे मामलों को लेकर विभिन्न राज्यों में संक्रमण बढ़ने को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। झारखंड में विशेष ट्रेन से पहुंचे शख्स को मंगलवार रात कोरोना पॉजिटिव पाया गया। राज्य के स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी के मुताबिक, यह शख्स श्रमिक स्पेशल ट्रेन से तेलंगाना से झारखंड पहुंचा था, जिसे अब कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। यह शख्स झारखंड के लातेहार का रहने वाला है। झारखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक एक सौ तिहत्तर मामले सामने आ चुके हैं और अब तेलंगाना से एक प्रवासी के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद यहां लोगों में चिंता बढ़ने लगी है। झारखंड ही नहीं, बिहार, यूपी से सहित कई अन्य राज्यों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं। कोरोना वायरस/लॉकडाउन के कारण विभिन्न राज्यों में लौटे ग्यारह लाख से अधिक प्रवासियों में से तीन सौ से अधिक लोगों के संक्रमित होने की रिपोर्ट सामने आई है। यहां उल्लेखनीय है कि देश में पच्चीस मार्च से ही लॉकडाउन जारी है, जिसकी अवधि पहले चौदह अप्रैल तक के लिए, फिर तीन मई और उसके बाद सत्रह मई तक के लिए बढ़ाई गई। हालांकि लॉकडाउन के तीसरे चरण में कई छूटों का ऐलान किया गया और देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासियों को उनके गृह राज्य पहुंचाने की अनुमति भी दी गई। सरकार के इसी आदेश पर 'श्रमिक स्पेशल' ट्रेनें चलाई गईं और बसों से भी प्रवासियों की घर वापसी के इंतजाम किए गए। |
मनोरंजन डेस्क. रैपर बादशाह का लेटेस्ट सॉन्ग 'आवारा' यूट्यूब पर रिलीज हो चुका है. बादशाह ने अपने सॉन्ग 'आवारा के जरिये दर्शकों को अपनी जिंदगी से जुड़े स्ट्रगल के बारे में बताया है. इस सॉन्ग को उनके फैन्स बेहद पसंद भी कर रहे है. बादशाह के साथ ही इस गाने में मॉडल और इन्फ्लुएंसर रीत तलवार भी हैं. जो सॉन्ग 'आवारा' के जरिये म्यूजिक इंडस्ट्री में अपना डेब्यू कर रही हैं.
| मनोरंजन डेस्क. रैपर बादशाह का लेटेस्ट सॉन्ग 'आवारा' यूट्यूब पर रिलीज हो चुका है. बादशाह ने अपने सॉन्ग 'आवारा के जरिये दर्शकों को अपनी जिंदगी से जुड़े स्ट्रगल के बारे में बताया है. इस सॉन्ग को उनके फैन्स बेहद पसंद भी कर रहे है. बादशाह के साथ ही इस गाने में मॉडल और इन्फ्लुएंसर रीत तलवार भी हैं. जो सॉन्ग 'आवारा' के जरिये म्यूजिक इंडस्ट्री में अपना डेब्यू कर रही हैं. |
धर्म डेस्क। भारत में शायद ही ऐसा कोई इंसान होगा, जो रामायण और भगवान श्रीराम के बारे में न जानता हो। हिंदू धर्म में रामायण को सबसे पवित्र ग्रंथ माना जाता है, जिसमें भगवान श्रीराम की गाथा लिखी गई है। हालांकि, रामायण से जुड़ी कई बातों से आज भी लोग अनजान हैं। कुछ इसी तरह का एक सवाल कौन बनेगा करोड़पति के 12वें सीजन में पूछा गया। सवाल ये था कि रावण द्वारा अपहरण के दौरान माता सीता ने कौन से रंग के कपड़े पहने हुए थे?
रामायण से जुड़े इस सवाल के जवाब नहीं दे पाने पर हॉट सीट पर बैठी प्रतिभागी ने प्रतियोगिता से बाहर निकलने का फैसला कर लिया। वैसे इस सवाल का सही जवाब पीला रंग है। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने पूरे वनवास के दौरान केवल पीले रंग के वस्त्र धारण किए थे। इस रंग के कपड़े पहनने के पीछे भी एक बड़ी वजह है।
भगवान राम को 14 साल के वनवास में रहने का आदेश मिलने के बाद माता सीता ने भी साथ जाने का फैसला किया। वनवास का मतलब ही होता है कि सारे मोह-माया और सबसे अहम तौर पर वैभव का त्याग करना। ऐसे में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने आभूषणों से लेकर राजसी कपड़ों का त्याग कर दिया और इनकी बजाए पीले रंग के कपड़े पहन लिए।
वैसे साधु-संतों में गेरुए रंग के कपड़े पहनने की परंपरा है। मान्यता है कि गेरुए रंग के कपड़े संसार त्याग को दर्शाते हैं। गेरुए रंग के कपड़े पहनने का मतलब केवल गृहत्याग ही नहीं, बल्कि गृहस्थ जीवन को भी छोड़ देना होता है। बता दें कि राम-सीता संन्यास लेकर नहीं बल्कि वचनबद्ध होकर वनवास जा रहे थे, लिहाजा उन्होंने गेरुए की जगह पीले रंग के वस्त्रों को चुना।
बता दें कि भारतीय संस्कृति खासकर हिंदू धर्म में भगवा और पीले रंग का बहुत खास महत्व है। धार्मिक और महत्वपूर्ण कामों में इन दोनों रंगों की महत्ता को सबसे ऊपर रखा गया है। मान्यता ये भी है कि ये दोनों रंग देवताओं को बहुत प्रिय हैं।
| धर्म डेस्क। भारत में शायद ही ऐसा कोई इंसान होगा, जो रामायण और भगवान श्रीराम के बारे में न जानता हो। हिंदू धर्म में रामायण को सबसे पवित्र ग्रंथ माना जाता है, जिसमें भगवान श्रीराम की गाथा लिखी गई है। हालांकि, रामायण से जुड़ी कई बातों से आज भी लोग अनजान हैं। कुछ इसी तरह का एक सवाल कौन बनेगा करोड़पति के बारहवें सीजन में पूछा गया। सवाल ये था कि रावण द्वारा अपहरण के दौरान माता सीता ने कौन से रंग के कपड़े पहने हुए थे? रामायण से जुड़े इस सवाल के जवाब नहीं दे पाने पर हॉट सीट पर बैठी प्रतिभागी ने प्रतियोगिता से बाहर निकलने का फैसला कर लिया। वैसे इस सवाल का सही जवाब पीला रंग है। भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने पूरे वनवास के दौरान केवल पीले रंग के वस्त्र धारण किए थे। इस रंग के कपड़े पहनने के पीछे भी एक बड़ी वजह है। भगवान राम को चौदह साल के वनवास में रहने का आदेश मिलने के बाद माता सीता ने भी साथ जाने का फैसला किया। वनवास का मतलब ही होता है कि सारे मोह-माया और सबसे अहम तौर पर वैभव का त्याग करना। ऐसे में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने आभूषणों से लेकर राजसी कपड़ों का त्याग कर दिया और इनकी बजाए पीले रंग के कपड़े पहन लिए। वैसे साधु-संतों में गेरुए रंग के कपड़े पहनने की परंपरा है। मान्यता है कि गेरुए रंग के कपड़े संसार त्याग को दर्शाते हैं। गेरुए रंग के कपड़े पहनने का मतलब केवल गृहत्याग ही नहीं, बल्कि गृहस्थ जीवन को भी छोड़ देना होता है। बता दें कि राम-सीता संन्यास लेकर नहीं बल्कि वचनबद्ध होकर वनवास जा रहे थे, लिहाजा उन्होंने गेरुए की जगह पीले रंग के वस्त्रों को चुना। बता दें कि भारतीय संस्कृति खासकर हिंदू धर्म में भगवा और पीले रंग का बहुत खास महत्व है। धार्मिक और महत्वपूर्ण कामों में इन दोनों रंगों की महत्ता को सबसे ऊपर रखा गया है। मान्यता ये भी है कि ये दोनों रंग देवताओं को बहुत प्रिय हैं। |
चंडीगढ़। हरियाणा के गुरुग्राम में जी-20 देशों की एंटी करप्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने किया शुभारंभ सत्र को सम्बोधित किया। गुरुग्राम में यह बैठक 1-3 मार्च तक चलेगी इसके बाद 4 मार्च को डेलिगेट्स को हरियाणा की कला संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा।
इस तीन दिवसीय मीटिंग के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मुहिम के कई विषयों पर चर्चा होगी। आज इस तीन दिवसीय मीटिंग की पहले दिन योग से विदेशी मेहमानों के दिन की शुरुआत हुई।
| चंडीगढ़। हरियाणा के गुरुग्राम में जी-बीस देशों की एंटी करप्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने किया शुभारंभ सत्र को सम्बोधित किया। गुरुग्राम में यह बैठक एक-तीन मार्च तक चलेगी इसके बाद चार मार्च को डेलिगेट्स को हरियाणा की कला संस्कृति से रूबरू कराया जाएगा। इस तीन दिवसीय मीटिंग के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मुहिम के कई विषयों पर चर्चा होगी। आज इस तीन दिवसीय मीटिंग की पहले दिन योग से विदेशी मेहमानों के दिन की शुरुआत हुई। |
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने कर अधिकारियों को अंतिम मेगा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के उद्देश्य से 10 प्रोविजनल मेगा प्रमाणित परियोजनाओं की पहचान के लिए समय सीमा को बढ़ाने (36 महीने) की आज मंजूरी दे दी।
अंतिम मेगा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए समय अवधि का विस्तार करने से डेवलपर्स भविष्य में पीपीए के लिए प्रतिस्पर्धात्मक बोली लगाने और नीति शर्तों के अनुसार कर छूट प्राप्त करने में सक्षम होंगे। बढ़ी हुई नकदी देश के समग्र विकास को बढ़ावा देगी और विभिन्न महत्वपूर्ण बिजली परियोजनाओं को फिर से चालू करना सुनिश्चित करेगी।
ऐसी 10 प्रोविजनल मेगा परियोजनाओं की समय अवधि आयात की तारीख से 120 महीने के बजाय 156 महीने तक बढ़ा दी गई है जिन्हें कर अधिकारियों को अंतिम मेगा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए मंजूरी/आंशिक रूप से मंजूरी मिली हुई है। इस विस्तारित अवधि के दौरान, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसईसीआई) के सहयोग से स्थिर ऊर्जा (अनियमित नवीकरणीय ऊर्जा, संचयन और परम्परागत ऊर्जा का मिश्रण) को आकर्षित किया जाएगा और पीपीए को सुरक्षित करने के लिए इन मेगा परियोजनाओं के ऐसी बोलियों में भाग लेने की उम्मीद है। विद्युत मंत्रालय इस अवधि में मौजूदा बिजली बाजारों के आधार पर एक विकल्प भी विकसित करेगा। साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी तरीके से लाभ दिया जाए।
| Posted On: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने कर अधिकारियों को अंतिम मेगा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के उद्देश्य से दस प्रोविजनल मेगा प्रमाणित परियोजनाओं की पहचान के लिए समय सीमा को बढ़ाने की आज मंजूरी दे दी। अंतिम मेगा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के लिए समय अवधि का विस्तार करने से डेवलपर्स भविष्य में पीपीए के लिए प्रतिस्पर्धात्मक बोली लगाने और नीति शर्तों के अनुसार कर छूट प्राप्त करने में सक्षम होंगे। बढ़ी हुई नकदी देश के समग्र विकास को बढ़ावा देगी और विभिन्न महत्वपूर्ण बिजली परियोजनाओं को फिर से चालू करना सुनिश्चित करेगी। ऐसी दस प्रोविजनल मेगा परियोजनाओं की समय अवधि आयात की तारीख से एक सौ बीस महीने के बजाय एक सौ छप्पन महीने तक बढ़ा दी गई है जिन्हें कर अधिकारियों को अंतिम मेगा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के लिए मंजूरी/आंशिक रूप से मंजूरी मिली हुई है। इस विस्तारित अवधि के दौरान, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के सहयोग से स्थिर ऊर्जा को आकर्षित किया जाएगा और पीपीए को सुरक्षित करने के लिए इन मेगा परियोजनाओं के ऐसी बोलियों में भाग लेने की उम्मीद है। विद्युत मंत्रालय इस अवधि में मौजूदा बिजली बाजारों के आधार पर एक विकल्प भी विकसित करेगा। साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ताओं को प्रतिस्पर्धी तरीके से लाभ दिया जाए। |
अपराधी की पहचान काफी विशिष्ट हैक्रिमिनोलॉजी में इस्तेमाल किया गया शब्द, जो हमें विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक उल्लंघनों के लिए इच्छुक व्यक्ति की व्यक्तिगत और सामाजिक विशेषताओं के लक्षणों का वर्णन करने की अनुमति देता है।
अपराधी के व्यक्तित्व की संरचना में कई विशेषताएं शामिल हैं जो गैरकानूनी कार्यों के आयोग को प्रभावित करते हैं। उपखंडों में शामिल हैंः
1। बायोफिज़ियोलॉजिकल लक्षण जो कि अपराधी के व्यक्तित्व को बनाते हैं, उनके शारीरिक संविधान, तंत्रिका तंत्र, स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति आदि की विशेषताएं हैं। इस कारक की जांच तथ्य के संबंध में की जाती है कि व्यक्तिगत विशेषताओं को अक्सर आनुवंशिक रूप से निर्धारित किया जाता है। वंशानुगत गुण व्यक्ति की शिक्षा की विशिष्टता, पर्यावरण के साथ अपनी बातचीत और अन्य अन्य संकेतकों को भी प्रभावित करते हैं।
2. सामाजिक-जनसांख्यिकीय विशेषताएं इसमें आयु, लिंग, सामाजिक और वैवाहिक स्थिति, शैक्षिक स्तर, व्यवसाय, राष्ट्रीय विशेषताओं और अन्य विशेषताओं जैसे संकेतक शामिल हैं। क्रिमिनोलॉजी के पास मौजूद आंकड़े बताते हैं कि, उदाहरण के लिए, अपराधियों के अधिकांश, जिनके कंधे गंभीर शारीरिक चोटें पैदा कर रहे हैं - पुरुष हैं, जबकि महिलाएं अक्सर एक भाड़े के आधार पर अपराध करने का सहारा लेती हैं। शिक्षा का स्तर अपराध के प्रकार को प्रभावित करता हैः आर्थिक और वित्तीय उल्लंघन अक्सर उच्च शिक्षा वाले लोगों द्वारा किया जाता है, जबकि चोरी, गुंडेबाजी, बर्बरता, डकैती और ऐसे व्यक्ति हैं जिनके स्तर की शिक्षा बहुत कम है।
3. नैतिक और मनोवैज्ञानिक विशेषताएं जो अपराधी में अपराध की पहचान निर्धारित करते हैं, में व्यक्तिगत, मूल्यों, विश्वासों और जीवन अभिविन्यास की दुनिया की विशेषताएं शामिल हैं।
परिभाषित के रूप में एक विश्वदृष्टि स्थितिउद्देश्य प्राप्त करने में व्यक्ति की उद्देश्यपूर्णता और दृढ़ता, और आम तौर पर आदतों के सेट और मनुष्य के विचारों की प्रणाली को प्रभावित करता है। यह माना जाता है कि एक व्यक्ति केवल एक व्यक्ति बन जाता है जब मूल्यों की एक प्रणाली और सार्वजनिक व्यवस्था के प्रति अपना रवैया बनता है, साथ ही अपने फैसले और खुद पर कार्रवाई करने की ज़िम्मेदारी भी बनती है।
इस अनुच्छेद के संदर्भ में,किसी ऐसे समाज में अपनाई गई नैतिक और सामाजिक दोनों तरह के मूल्यों के प्रति प्रचलित (या, इसके विपरीत, अपरिवर्तनीय) दृष्टिकोण के रूप में इस तरह की विशेषताओं। यह सबसे पहले, परिवार, कार्य, विकास, सामाजिक संचार आदि के प्रति रवैया है। इसके अलावा, सामाजिक दावों और आवश्यकताओं (सामाजिक रूप से उपयोगी / हानिकारक, उचित / अनुचित) के महत्व का मूल्यांकन और वर्गीकृत करना आवश्यक है, इसके बाद प्रकृति और बैठक के लक्ष्य की विधि (कानूनी, कानूनी, अवैध, सामाजिक रूप से खतरनाक) (सामाजिक, बिना) खतरे में शामिल है।
4. अंत में, अंतिम गुण जो कि एक आपराधिक व्यक्तित्व की अवधारणा को प्रकट करते हैं, उनकी बौद्धिक, भावनात्मक और इच्छात्मक गुण हैं।
सबसे पहले जीवन का अनुभव, संकीर्णता और ज्ञान, रुचियों, आकांक्षाओं, ज्ञान की मात्रा, बौद्धिक विकास के स्तर और इस तरह के विस्तार शामिल हैं।
व्यक्तित्व की भावनात्मक विशेषताओं के तहतसंतुलन, गतिशीलता और तंत्रिका प्रक्रियाओं और भावनात्मक उत्तेजना के पाठ्यक्रम की शक्ति को समझते हैं, बाहरी या आंतरिक परिवर्तनों के जवाब से जुड़े सिद्धांत।
अंत में, दृढ़ इच्छाशक्ति गुण - यह लेने की क्षमता हैऔर लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से फैसले, निर्णय के ढांचे, हठ और कार्रवाई की स्पष्ट दिशा में एक निश्चित लचीलेपन के साथ गतिविधियों का विनियमन करना।
आपराधिक व्यक्ति, के संदर्भ में माना जाता हैवर्णित वस्तुओं, स्वार्थी प्रेरणा, जीवन के प्रति घृणात्मक रुख, किसी अन्य व्यक्ति के स्वास्थ्य, भौतिक लाभ, स्वीकार किए गए मानदंडों और व्यवहार के नियमों, कर्तव्यों के प्रति गैर जिम्मेदार रवैये के लिए असामाजिक रवैये की विशेषता है।
| अपराधी की पहचान काफी विशिष्ट हैक्रिमिनोलॉजी में इस्तेमाल किया गया शब्द, जो हमें विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक उल्लंघनों के लिए इच्छुक व्यक्ति की व्यक्तिगत और सामाजिक विशेषताओं के लक्षणों का वर्णन करने की अनुमति देता है। अपराधी के व्यक्तित्व की संरचना में कई विशेषताएं शामिल हैं जो गैरकानूनी कार्यों के आयोग को प्रभावित करते हैं। उपखंडों में शामिल हैंः एक। बायोफिज़ियोलॉजिकल लक्षण जो कि अपराधी के व्यक्तित्व को बनाते हैं, उनके शारीरिक संविधान, तंत्रिका तंत्र, स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति आदि की विशेषताएं हैं। इस कारक की जांच तथ्य के संबंध में की जाती है कि व्यक्तिगत विशेषताओं को अक्सर आनुवंशिक रूप से निर्धारित किया जाता है। वंशानुगत गुण व्यक्ति की शिक्षा की विशिष्टता, पर्यावरण के साथ अपनी बातचीत और अन्य अन्य संकेतकों को भी प्रभावित करते हैं। दो. सामाजिक-जनसांख्यिकीय विशेषताएं इसमें आयु, लिंग, सामाजिक और वैवाहिक स्थिति, शैक्षिक स्तर, व्यवसाय, राष्ट्रीय विशेषताओं और अन्य विशेषताओं जैसे संकेतक शामिल हैं। क्रिमिनोलॉजी के पास मौजूद आंकड़े बताते हैं कि, उदाहरण के लिए, अपराधियों के अधिकांश, जिनके कंधे गंभीर शारीरिक चोटें पैदा कर रहे हैं - पुरुष हैं, जबकि महिलाएं अक्सर एक भाड़े के आधार पर अपराध करने का सहारा लेती हैं। शिक्षा का स्तर अपराध के प्रकार को प्रभावित करता हैः आर्थिक और वित्तीय उल्लंघन अक्सर उच्च शिक्षा वाले लोगों द्वारा किया जाता है, जबकि चोरी, गुंडेबाजी, बर्बरता, डकैती और ऐसे व्यक्ति हैं जिनके स्तर की शिक्षा बहुत कम है। तीन. नैतिक और मनोवैज्ञानिक विशेषताएं जो अपराधी में अपराध की पहचान निर्धारित करते हैं, में व्यक्तिगत, मूल्यों, विश्वासों और जीवन अभिविन्यास की दुनिया की विशेषताएं शामिल हैं। परिभाषित के रूप में एक विश्वदृष्टि स्थितिउद्देश्य प्राप्त करने में व्यक्ति की उद्देश्यपूर्णता और दृढ़ता, और आम तौर पर आदतों के सेट और मनुष्य के विचारों की प्रणाली को प्रभावित करता है। यह माना जाता है कि एक व्यक्ति केवल एक व्यक्ति बन जाता है जब मूल्यों की एक प्रणाली और सार्वजनिक व्यवस्था के प्रति अपना रवैया बनता है, साथ ही अपने फैसले और खुद पर कार्रवाई करने की ज़िम्मेदारी भी बनती है। इस अनुच्छेद के संदर्भ में,किसी ऐसे समाज में अपनाई गई नैतिक और सामाजिक दोनों तरह के मूल्यों के प्रति प्रचलित दृष्टिकोण के रूप में इस तरह की विशेषताओं। यह सबसे पहले, परिवार, कार्य, विकास, सामाजिक संचार आदि के प्रति रवैया है। इसके अलावा, सामाजिक दावों और आवश्यकताओं के महत्व का मूल्यांकन और वर्गीकृत करना आवश्यक है, इसके बाद प्रकृति और बैठक के लक्ष्य की विधि खतरे में शामिल है। चार. अंत में, अंतिम गुण जो कि एक आपराधिक व्यक्तित्व की अवधारणा को प्रकट करते हैं, उनकी बौद्धिक, भावनात्मक और इच्छात्मक गुण हैं। सबसे पहले जीवन का अनुभव, संकीर्णता और ज्ञान, रुचियों, आकांक्षाओं, ज्ञान की मात्रा, बौद्धिक विकास के स्तर और इस तरह के विस्तार शामिल हैं। व्यक्तित्व की भावनात्मक विशेषताओं के तहतसंतुलन, गतिशीलता और तंत्रिका प्रक्रियाओं और भावनात्मक उत्तेजना के पाठ्यक्रम की शक्ति को समझते हैं, बाहरी या आंतरिक परिवर्तनों के जवाब से जुड़े सिद्धांत। अंत में, दृढ़ इच्छाशक्ति गुण - यह लेने की क्षमता हैऔर लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से फैसले, निर्णय के ढांचे, हठ और कार्रवाई की स्पष्ट दिशा में एक निश्चित लचीलेपन के साथ गतिविधियों का विनियमन करना। आपराधिक व्यक्ति, के संदर्भ में माना जाता हैवर्णित वस्तुओं, स्वार्थी प्रेरणा, जीवन के प्रति घृणात्मक रुख, किसी अन्य व्यक्ति के स्वास्थ्य, भौतिक लाभ, स्वीकार किए गए मानदंडों और व्यवहार के नियमों, कर्तव्यों के प्रति गैर जिम्मेदार रवैये के लिए असामाजिक रवैये की विशेषता है। |
गृह मंत्री अमित शाह ने रेवोल्यूशनरीज़, द अदर स्टोरी ऑफ़ हाउ इंडिया विन्ड इट्स फ़्रीडम" के विमोचन के अवसर पर इतिहास लेखन के बारे में कहा कि अलग अलग वजहों से अंग्रजों के नजरिए से इतिहास लेखन का काम हुआ है इसे बदलने की आवश्यकता है।
पारखी नजर वाले का ही है खेल, दोनों तस्वीरों में से ढूंढकर दिखाना है तीन अंतर, खोज लिया तो कहलाएंगे 'धुरंधर'
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| गृह मंत्री अमित शाह ने रेवोल्यूशनरीज़, द अदर स्टोरी ऑफ़ हाउ इंडिया विन्ड इट्स फ़्रीडम" के विमोचन के अवसर पर इतिहास लेखन के बारे में कहा कि अलग अलग वजहों से अंग्रजों के नजरिए से इतिहास लेखन का काम हुआ है इसे बदलने की आवश्यकता है। पारखी नजर वाले का ही है खेल, दोनों तस्वीरों में से ढूंढकर दिखाना है तीन अंतर, खोज लिया तो कहलाएंगे 'धुरंधर' Dhartiputra: बीच शो शख्स ने क्यों कहा पूरा देश 'हनुमान' बन गया है ? Dhartiputra । मुस्लिम कार्ड नहीं चलेगा...Yogi Adityanath का हिट फॉर्मूला ! Rashtravad: जब Avanijesh Awasthi ने खोली Asgar Khan के 'मुस्लिम विक्टिम' कार्ड की पोल ! Rashtravad । कलावा, रुद्राक्ष वाली थ्योरी. . . दिल्ली में कितनी केरला स्टोरी'? |
ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन से एक साथ उड़ान भरने वाले दोनों लड़ाकू विमान 48 किलोमीटर दूर मुरैना के पहाड़गढ़ में ही दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। हादसे के दौरान सुखोई-30 बिना पायलट के ही 90 किलोमीटर दूर आग का गोला बन कर उड़ता चला गया।
ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन से एक साथ उड़ान भरने वाले दोनों लड़ाकू विमान 48 किलोमीटर दूर मुरैना के पहाड़गढ़ में ही दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। मिराज-2000 तो पहाड़गढ़ में ही गिर गया, लेकिन सुखोई-30 उस स्थान से 90 किलोमीटर दूर भरतपुर जिले में दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
हादसे के दौरान पहाड़गढ़ में ही सुखोई-30 के दोनों पायलट इजेक्ट कर गए, इसके बाद सुखोई-30 यहां से 90 किलोमीटर दूर तक बिना पायलट के ही आग का गोला बन कर हवा में उड़ता रहा।
इस बीच मुरैना, धौलपुर जैसे बड़ी आबादी वाले जिले थे, जहां लाखों की आबादी है, अगर सुखोई-30 इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में गिरता तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
गनीमत रही कि भरतपुर में रेलवे स्टेशन के पास पिंगोरा में स्थित एक खेत में यह विमान गिरा। सुखोई-30 को आसमान में आग का गोला बनकर उड़ता देख आस पास के लोग घबरा गए। बता दें कि जहां यह विमान गिरा वहां से कुछ ही दूर पर रेलवे स्टेशन स्थित है। मिराज-2000 और सुखोई-30 ने एक साथ ही उड़ान भरी थी। अभ्यास के दौरान दोनों विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे।
हादसे के दौरान सुखोई को उड़ा रहे स्क्वाड्रन लीडर विजय पाटिल और मिधुल पीएम पहाड़गढ़ में ही इजेक्ट कर उतर गए थे। वहीं, सुखोई-30 विमान बिना पायलट के कैसे 90 किलोमीटर तक उड़ता रहा, इसे लेकर वायुसेना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
सुखोई-30 एक रूसी लड़ाकू विमान है। इसे अपग्रेड किया जा चुका है। यह भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों में से एक प्रमुख लड़ाकू विमान है। इसे हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड के सहयोग से बनाया गया है। इसकी उड़ान भरने की रफ्तार 2,336 किमी प्रति घंटे की है।
मध्य प्रदेश के मुरैना में हुए हादसे में लड़ाकू विमान मिराज-2000 (वज्र) उड़ा रहे पायलट विंग कमांडर हनुमंत राव का जला शव कई टुकड़ों में बरामद हुआ। वहीं, सुखोई के घायल पायलटों को बचाव दल ने एयरलिफ्ट किया।
पहाड़गढ़ के उप सरपंच प्रत्यक्षदर्शी लालू सिकरवार ने बताया कि आसमान में दो विमान जलते हुए दिखाई दिए थे। एक विमान धमाके के साथ जंगल में गिरा और वहीं, दूसरा विमान जलता हुआ कैलारस की ओर चला गया। हम जंगल में पहुंचे तो दो जगहों से धुआं उठ रहा था। कुछ दूरी पर दो लोग पैराशूट के साथ पेड़ों में फंसे थे। ग्रामीणों की मदद से दोनों को उतारा तो उन्होंने सबसे पहले पूछा कि हमारा तीसरा साथी कैसा है। हमने कहा कि वह भी ठीक हैं, लेकिन बाद में पता चला कि हादसे में उनकी मृत्यु हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर दोनों विमान आपस में टकराए होते तो एक विमान का हिस्सा लगभग 90 किलोमीटर दूर भरतपुर में नहीं गिरता। दोनों तेज धमाके के साथ एक ही जगह गिरते। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि पहले किसी एक विमान में कोई खराबी हुई या फिर सुखोई के पायलट जब पैराशूट से कूदे, तब एक विमान का कुछ हिस्सा दूसरे विमान से टकरा गया होगा।
पांच वर्षों में तीनों सेनाओं के विमानों और हेलीकाप्टरों से जुड़े हादसों में 42 रक्षाकर्मियों की मृत्यु हुई है।
इससे पहले भी वायुसेना का जुड़वां सीटों वाला मिग-21 ट्रेनर विमान बाड़मेर के पास एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान बीते जुलाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दो पायलट बलिदान हुए थे।
- एएलएच-डब्ल्यूएसआइ विमान 3 अगस्त, 2021 को पठानकोट के पास विशाल रंजीत सागर डैम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें सेना के दो पायलट की मृत्यु हुई थी।
- अक्टूबर 2019 में उत्तरी कमान के तत्कालीन प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह, अन्य अधिकारियों को ले जा रहा सेना का ध्रुव हेलीकाप्टर पुंछ में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
- 2014 में श्योपुर जिले में चंबल नदी के किनारे अत्याधुनिक हर्कुलस विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच जवान बलिदान हुए थे।
- 8 दिसंबर, 2021 को कुन्नूर के पास विमान दुर्घटना में तत्कालीन सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और सशस्त्र बल के 12 जवान अपनी जान गवां बैठे थे।
| ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन से एक साथ उड़ान भरने वाले दोनों लड़ाकू विमान अड़तालीस किलोग्राममीटर दूर मुरैना के पहाड़गढ़ में ही दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। हादसे के दौरान सुखोई-तीस बिना पायलट के ही नब्बे किलोग्राममीटर दूर आग का गोला बन कर उड़ता चला गया। ग्वालियर । ग्वालियर के महाराजपुरा स्थित एयरफोर्स स्टेशन से एक साथ उड़ान भरने वाले दोनों लड़ाकू विमान अड़तालीस किलोग्राममीटर दूर मुरैना के पहाड़गढ़ में ही दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। मिराज-दो हज़ार तो पहाड़गढ़ में ही गिर गया, लेकिन सुखोई-तीस उस स्थान से नब्बे किलोग्राममीटर दूर भरतपुर जिले में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे के दौरान पहाड़गढ़ में ही सुखोई-तीस के दोनों पायलट इजेक्ट कर गए, इसके बाद सुखोई-तीस यहां से नब्बे किलोग्राममीटर दूर तक बिना पायलट के ही आग का गोला बन कर हवा में उड़ता रहा। इस बीच मुरैना, धौलपुर जैसे बड़ी आबादी वाले जिले थे, जहां लाखों की आबादी है, अगर सुखोई-तीस इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में गिरता तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। गनीमत रही कि भरतपुर में रेलवे स्टेशन के पास पिंगोरा में स्थित एक खेत में यह विमान गिरा। सुखोई-तीस को आसमान में आग का गोला बनकर उड़ता देख आस पास के लोग घबरा गए। बता दें कि जहां यह विमान गिरा वहां से कुछ ही दूर पर रेलवे स्टेशन स्थित है। मिराज-दो हज़ार और सुखोई-तीस ने एक साथ ही उड़ान भरी थी। अभ्यास के दौरान दोनों विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे। हादसे के दौरान सुखोई को उड़ा रहे स्क्वाड्रन लीडर विजय पाटिल और मिधुल पीएम पहाड़गढ़ में ही इजेक्ट कर उतर गए थे। वहीं, सुखोई-तीस विमान बिना पायलट के कैसे नब्बे किलोग्राममीटर तक उड़ता रहा, इसे लेकर वायुसेना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सुखोई-तीस एक रूसी लड़ाकू विमान है। इसे अपग्रेड किया जा चुका है। यह भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों में से एक प्रमुख लड़ाकू विमान है। इसे हिंदुस्तान एरोनाटिक्स लिमिटेड के सहयोग से बनाया गया है। इसकी उड़ान भरने की रफ्तार दो,तीन सौ छत्तीस किमी प्रति घंटे की है। मध्य प्रदेश के मुरैना में हुए हादसे में लड़ाकू विमान मिराज-दो हज़ार उड़ा रहे पायलट विंग कमांडर हनुमंत राव का जला शव कई टुकड़ों में बरामद हुआ। वहीं, सुखोई के घायल पायलटों को बचाव दल ने एयरलिफ्ट किया। पहाड़गढ़ के उप सरपंच प्रत्यक्षदर्शी लालू सिकरवार ने बताया कि आसमान में दो विमान जलते हुए दिखाई दिए थे। एक विमान धमाके के साथ जंगल में गिरा और वहीं, दूसरा विमान जलता हुआ कैलारस की ओर चला गया। हम जंगल में पहुंचे तो दो जगहों से धुआं उठ रहा था। कुछ दूरी पर दो लोग पैराशूट के साथ पेड़ों में फंसे थे। ग्रामीणों की मदद से दोनों को उतारा तो उन्होंने सबसे पहले पूछा कि हमारा तीसरा साथी कैसा है। हमने कहा कि वह भी ठीक हैं, लेकिन बाद में पता चला कि हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर दोनों विमान आपस में टकराए होते तो एक विमान का हिस्सा लगभग नब्बे किलोग्राममीटर दूर भरतपुर में नहीं गिरता। दोनों तेज धमाके के साथ एक ही जगह गिरते। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि पहले किसी एक विमान में कोई खराबी हुई या फिर सुखोई के पायलट जब पैराशूट से कूदे, तब एक विमान का कुछ हिस्सा दूसरे विमान से टकरा गया होगा। पांच वर्षों में तीनों सेनाओं के विमानों और हेलीकाप्टरों से जुड़े हादसों में बयालीस रक्षाकर्मियों की मृत्यु हुई है। इससे पहले भी वायुसेना का जुड़वां सीटों वाला मिग-इक्कीस ट्रेनर विमान बाड़मेर के पास एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान बीते जुलाई में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दो पायलट बलिदान हुए थे। - एएलएच-डब्ल्यूएसआइ विमान तीन अगस्त, दो हज़ार इक्कीस को पठानकोट के पास विशाल रंजीत सागर डैम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें सेना के दो पायलट की मृत्यु हुई थी। - अक्टूबर दो हज़ार उन्नीस में उत्तरी कमान के तत्कालीन प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह, अन्य अधिकारियों को ले जा रहा सेना का ध्रुव हेलीकाप्टर पुंछ में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। - दो हज़ार चौदह में श्योपुर जिले में चंबल नदी के किनारे अत्याधुनिक हर्कुलस विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच जवान बलिदान हुए थे। - आठ दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस को कुन्नूर के पास विमान दुर्घटना में तत्कालीन सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और सशस्त्र बल के बारह जवान अपनी जान गवां बैठे थे। |
इंट्रा डे ट्रेड में कंपनी के शेयर 322. 25 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं। शेयरों में यह तेजी दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा (shankar sharma) द्वारा कंपनी में हिस्सेदारी लेने के बाद देखने को मिल रही है।
Multibagger Stock: सोमवार को शुरुआती कारोबारी घंटों के दौरान बीएलएस इंटरनेशनल के शेयरों (BLS International share) में 11 फीसदी तक की तेजी आई। इंट्रा डे ट्रेड में कंपनी के शेयर 322. 25 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं। शेयरों में यह तेजी दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा (shankar sharma) द्वारा कंपनी में हिस्सेदारी लेने के बाद देखने को मिल रही है।
शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने NSE के थोक डेटा डील के तहत शुक्रवार को बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज में हिस्सेदारी खरीदी। निवेशक ने थोक लेनदेन में कंपनी के 11. 5 लाख शेयर ₹275 प्रति शेयर के औसत प्राइस पर खरीदे हैं।
पिछले पांच कारोबारी दिन में यह शेयर 15. 75% तक उछल चुका है। इस साल YTD में कंपनी के शेयर 240. 18% तक का रिटर्न दिया है। इस दौरान यह शेयर 94. 73 रुपये से बढ़कर 323 रुपये तक पहुंच गया। पिछले एक साल में यह 173. 37% चढ़ गया।
बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज मिड-कैप कंपनी है। इसका मार्केट कैप ₹5,957. 92 करोड़ है। बीएलएस इंटरनेशनल भारत में एक ऑनलाइन वीजा आवेदन केंद्र है और इसके पास वीजा, पासपोर्ट, कांसुलर, ई-गवर्नेंस, सत्यापन, बायोमेट्रिक और खुदरा सेवाओं के क्षेत्रों में 17 सालों से अधिक की विशेषज्ञता है। बीएलएस को फॉर्च्यून इंडिया की अगली 500 फर्मों में भी शामिल किया गया है और फोर्ब्स एशिया द्वारा "बेस्ट अंडर ए बिलियन कंपनी" का नाम दिया गया है।
| इंट्रा डे ट्रेड में कंपनी के शेयर तीन सौ बाईस. पच्चीस रुपयापये पर ट्रेड कर रहे हैं। शेयरों में यह तेजी दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा द्वारा कंपनी में हिस्सेदारी लेने के बाद देखने को मिल रही है। Multibagger Stock: सोमवार को शुरुआती कारोबारी घंटों के दौरान बीएलएस इंटरनेशनल के शेयरों में ग्यारह फीसदी तक की तेजी आई। इंट्रा डे ट्रेड में कंपनी के शेयर तीन सौ बाईस. पच्चीस रुपयापये पर ट्रेड कर रहे हैं। शेयरों में यह तेजी दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा द्वारा कंपनी में हिस्सेदारी लेने के बाद देखने को मिल रही है। शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने NSE के थोक डेटा डील के तहत शुक्रवार को बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज में हिस्सेदारी खरीदी। निवेशक ने थोक लेनदेन में कंपनी के ग्यारह. पाँच लाख शेयर दो सौ पचहत्तर रुपया प्रति शेयर के औसत प्राइस पर खरीदे हैं। पिछले पांच कारोबारी दिन में यह शेयर पंद्रह. पचहत्तर% तक उछल चुका है। इस साल YTD में कंपनी के शेयर दो सौ चालीस. अट्ठारह% तक का रिटर्न दिया है। इस दौरान यह शेयर चौरानवे. तिहत्तर रुपयापये से बढ़कर तीन सौ तेईस रुपयापये तक पहुंच गया। पिछले एक साल में यह एक सौ तिहत्तर. सैंतीस% चढ़ गया। बीएलएस इंटरनेशनल सर्विसेज मिड-कैप कंपनी है। इसका मार्केट कैप पाँच रुपया,नौ सौ सत्तावन. बानवे करोड़ है। बीएलएस इंटरनेशनल भारत में एक ऑनलाइन वीजा आवेदन केंद्र है और इसके पास वीजा, पासपोर्ट, कांसुलर, ई-गवर्नेंस, सत्यापन, बायोमेट्रिक और खुदरा सेवाओं के क्षेत्रों में सत्रह सालों से अधिक की विशेषज्ञता है। बीएलएस को फॉर्च्यून इंडिया की अगली पाँच सौ फर्मों में भी शामिल किया गया है और फोर्ब्स एशिया द्वारा "बेस्ट अंडर ए बिलियन कंपनी" का नाम दिया गया है। |
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन लोकप्रिय गेम शो'कौन बनेगा करोड़पति' को फिर से होस्ट कर सकते हैं। बिग बी की जल्द ही टीवी पर वापसी होने वाली हैं। कौन बनेगा करोड़पति सीजन 9 को होस्ट करेंगे अमिताभ कुछ समय पहले चर्र्चा थी कि शो को ऐश्वश्र्या या माधुरी होस्ट कर सकती थीं। लेकिन अब पता लग चुका है कि अमिताभ बच्चन ही होस्ट करेंगे।
मुंबई के फिल्म सिटी में कौन बनेगा करोड़पति शो का भव्य सेट तैयार किया जा रहा है अमिताभ का यह टीवी शो अगस्त और सितंबर तक चलेगा। वर्ष 2000 में'कौन बनेगा करोड़पति' की शुरुआत हुई थी। शो ने सबके दिलों पर राज किया और इस शो ने कई लागों की जिंदगी संवार दी। टीआरपी की दौड़ में भी इस शो ने झंडे गाड़ दिए थे। 'केबीसी' का अंतिम सीजन 2014 में आया था और अब शो के निर्माता फिर से नया सीजन लाना चाहते हैं, जो प्राइम टाइम पर प्रसारित होगा।
| बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन लोकप्रिय गेम शो'कौन बनेगा करोड़पति' को फिर से होस्ट कर सकते हैं। बिग बी की जल्द ही टीवी पर वापसी होने वाली हैं। कौन बनेगा करोड़पति सीजन नौ को होस्ट करेंगे अमिताभ कुछ समय पहले चर्र्चा थी कि शो को ऐश्वश्र्या या माधुरी होस्ट कर सकती थीं। लेकिन अब पता लग चुका है कि अमिताभ बच्चन ही होस्ट करेंगे। मुंबई के फिल्म सिटी में कौन बनेगा करोड़पति शो का भव्य सेट तैयार किया जा रहा है अमिताभ का यह टीवी शो अगस्त और सितंबर तक चलेगा। वर्ष दो हज़ार में'कौन बनेगा करोड़पति' की शुरुआत हुई थी। शो ने सबके दिलों पर राज किया और इस शो ने कई लागों की जिंदगी संवार दी। टीआरपी की दौड़ में भी इस शो ने झंडे गाड़ दिए थे। 'केबीसी' का अंतिम सीजन दो हज़ार चौदह में आया था और अब शो के निर्माता फिर से नया सीजन लाना चाहते हैं, जो प्राइम टाइम पर प्रसारित होगा। |
बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर अक्सर अपने फैमिली और फ्रेंड्स के साथ अपनी फोटोज़ सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं. उनकी फोटोज फैंस काफी पसंद करते हैं.
करीना कपूर जब रंधीर कपूर के घर पहुंची तो उनके साथ तैमूर भी मौजूद थी. करीना के यहां पहुंचते हैं पैपराजी ने उन्हें घेर लिया. करीना ने भी तैमूर के साथ यहां काफी पोज दिए.
करीना यहां व्हाइट कलर की एक टी-शर्ट पहनकर पहुंची थीं. इस टी-शर्ट पर हार्ट शेप प्रिंटेड थी, जिस पर लिखा 'हार्ट ब्रेकर'. ये टी-शर्ट देखने में भले हीं बेहद सिंपल दिख रही हो लेकिन इसकी कीमत बहुत ज्यादा है.
करीना और करिश्मा दोनों ने यहां कैजुअल आउटफिट कैरी किए थे. करीना की व्हाइट टी-शर्ट क्रिचियन डियोर ब्रांड की ग्राफिक डिजाइन टी-शर्ट हैं. वेबसाइट पर जब हमने इसकी कीमत जानने की कोशिश की तो हम हैरान रह गए.
| बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर अक्सर अपने फैमिली और फ्रेंड्स के साथ अपनी फोटोज़ सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं. उनकी फोटोज फैंस काफी पसंद करते हैं. करीना कपूर जब रंधीर कपूर के घर पहुंची तो उनके साथ तैमूर भी मौजूद थी. करीना के यहां पहुंचते हैं पैपराजी ने उन्हें घेर लिया. करीना ने भी तैमूर के साथ यहां काफी पोज दिए. करीना यहां व्हाइट कलर की एक टी-शर्ट पहनकर पहुंची थीं. इस टी-शर्ट पर हार्ट शेप प्रिंटेड थी, जिस पर लिखा 'हार्ट ब्रेकर'. ये टी-शर्ट देखने में भले हीं बेहद सिंपल दिख रही हो लेकिन इसकी कीमत बहुत ज्यादा है. करीना और करिश्मा दोनों ने यहां कैजुअल आउटफिट कैरी किए थे. करीना की व्हाइट टी-शर्ट क्रिचियन डियोर ब्रांड की ग्राफिक डिजाइन टी-शर्ट हैं. वेबसाइट पर जब हमने इसकी कीमत जानने की कोशिश की तो हम हैरान रह गए. |
पंजरय ]
a lamp with a cover. भग० ११, ११; पंजरग. पुं० (पंजरक) ५०४३. पींजरा. A
पंजलि. पुं० ( प्रांजलि ) २५; संখि मोवो. करपुट; अंजलि, प्रांजलि; हस्तपुर A folded hand. श्रोव० २२; नाया• ६; सम०प० २३२; उत्त० २५, १३; उवा० २,
११३; - उड. पुं० ( पुर) के हाथ भेडा भरतडे लगाउवा ते दोनों हाथों को मिलाकर सिर से लगाना placing of folded hands on the head; a form of salntation उत० १, २२; २७, १७; नाया० १, ८, ९, १६; भग० १, १६, ३६ जीवा० ३, ४, वित्रा १० ३; जं - गड त्रि० ( कृत ) भेड़े मेदाय भेशा छे ते. वह जिपने दोनों हाथ जोड रक्ख : कृतांजली. (one) who has folded his
उत १, २२ः - पंजली. होउं. ० ( प्रांजलीभूय ) मेदाथ भेडी ) भरतडे झगाडीने. कृतांजली होकर; दोनो हाथों से अंजली बना सिर को लगाकर. having placed the folded hands on the hend. उत्त० २१, १३; पंड पुं० ( पण्डक पंडतेमिफलत्वं प्राप्नोति) नपुंस; पनिषे। नपुंसकः हिजडा. An impotent; eunnch ० ३, ४ः वेय ४, ४, प्रव० : ८००;
पंडग पुं० ( पण्डक / नाम : नपुंस६. . नामर्द; नपुंसक; हिजडा. Impotent: enmuch. नाया० २; भग० १८, ९० प्रय १६; सम० ६; दस० ७. १२; तंदु ० ( २ ) ૬૦ મેરૂ પર્વતની ચૂલિકા-શિખર ઉપરનું पन मेरुपर्वत की चूलिका शिखर पर का बन the forest on the top ot the mount Moru. ०२, ३; सूर्य १०; जीवा
[ पंडिय
४; पक्ष० २१ ; ( ३ ) पापड पाय. पाखण्ड; पॉप. bin; hypocrnsy. गय• - वण. २० -चन ) भेइना शिपर उपतु वन. मेरु के शिखर पर का वन & forest on the summit of the mount Meru. जं० प० ५, ११७ : १२० ; भग० ६, ३१; १०, जं० प० प्रव० ६०७;
पंडव. पुं० ( पाण्डव ) पांडु रामना पुत्रा; पांच पांडवो. पांडु राजा के पुत्र पंचपाण्डव. The sons of the king Pandu; 5 Pāndavas. अंत० ५, १; नाथा० १६; पंडिच. न० ( पाथित्य ) पंडिता पंडिनाई; पाण्डिस्य Scholarliness; learning. सु० च० १, ३४५;
पंडिय. पुं० (पण्डित-पण्डा तत्वानुगा बुद्धिवि चते यस्थासो) पंडितः डा वियदायु पंडितः बुद्धिमान विचक्षण. A scholar; s learned or intellectual person. भग० १ ६६ २, १; ७, ८; १८८ दम०
२, ११, ५, २, २६ः ६, ४. १ मय० १.१. १. ११ः आव ४०; उत० १, ५, ५. आया १, २. १, ७०ः ०२, २; नाया• १; प्रव० ६४७ : पंचा० १६, ३८ (२) सर्वविर्शत श्रमासुः साधु सर्वथा विरक्ल श्रमगा; माधु. In ascetic who has ronounced every thing. भगव १७, २; -मरण. न० / -मरण ) पंडित ભાવ સહિત સમાધિપરિમેમરણ્ श्राय ते. पंडित भाव सहित समाधि परिणाम. मे ( प्राप्त ) मृत्यु. peaceful dexth. सम० १७; ठा० ३. ४, भग० १३,
- वारिय. २० ( वीर्य ) पंडित वीर्ष; ज्ञान सदित शक्ति पंडितवीर्य, ज्ञान युक्त बल. the prowess of an intel. lectual person. अणुजो० १२७; भग• | पंजरय ] a lamp with a cover. भगशून्य ग्यारह, ग्यारह; पंजरग. पुंशून्य पाँच हज़ार तैंतालीस. पींजरा. A पंजलि. पुंशून्य पच्चीस; संখि मोवो. करपुट; अंजलि, प्रांजलि; हस्तपुर A folded hand. श्रोवशून्य बाईस; नाया• छः; समशून्यपशून्य दो सौ बत्तीस; उत्तशून्य पच्चीस, तेरह; उवाशून्य दो, एक सौ तेरह; - उड. पुंशून्य के हाथ भेडा भरतडे लगाउवा ते दोनों हाथों को मिलाकर सिर से लगाना placing of folded hands on the head; a form of salntation उतशून्य एक, बाईस; सत्ताईस, सत्रह; नायाशून्य एक, आठ, नौ, सोलह; भगशून्य एक, सोलह, छत्तीस जीवाशून्य तीन, चार, वित्रा दस तीन; जं - गड त्रिशून्य भेड़े मेदाय भेशा छे ते. वह जिपने दोनों हाथ जोड रक्ख : कृतांजली. who has folded his उत एक, बाईसः - पंजली. होउं. शून्य मेदाथ भेडी ) भरतडे झगाडीने. कृतांजली होकर; दोनो हाथों से अंजली बना सिर को लगाकर. having placed the folded hands on the hend. उत्तशून्य इक्कीस, तेरह; पंड पुंशून्य नपुंस; पनिषे। नपुंसकः हिजडा. An impotent; eunnch शून्य तीन, चारः वेय चार, चार, प्रवशून्य : आठ सौ; पंडग पुंशून्य साठ મેરૂ પર્વતની ચૂલિકા-શિખર ઉપરનું पन मेरुपर्वत की चूलिका शिखर पर का बन the forest on the top ot the mount Moru. दो, तीन; सूर्य दस; जीवा [ पंडिय चार; पक्षशून्य इक्कीस ; पापड पाय. पाखण्ड; पॉप. bin; hypocrnsy. गय• - वण. बीस -चन ) भेइना शिपर उपतु वन. मेरु के शिखर पर का वन & forest on the summit of the mount Meru. जंशून्य पशून्य पाँच, एक सौ सत्रह : एक सौ बीस ; भगशून्य छः, इकतीस; दस, जंशून्य पशून्य प्रवशून्य छः सौ सात; पंडव. पुंशून्य पांडु रामना पुत्रा; पांच पांडवो. पांडु राजा के पुत्र पंचपाण्डव. The sons of the king Pandu; पाँच Pāndavas. अंतशून्य पाँच, एक; नाथाशून्य सोलह; पंडिच. नशून्य पंडिता पंडिनाई; पाण्डिस्य Scholarliness; learning. सुशून्य चशून्य एक, तीन सौ पैंतालीस; पंडिय. पुंशून्य पंडितः डा वियदायु पंडितः बुद्धिमान विचक्षण. A scholar; s learned or intellectual person. भगशून्य एक छयासठ दो, एक; सात, आठ; एक सौ अठासी दमशून्य दो, ग्यारह, पाँच, दो, छब्बीसः छः, चार. एक मयशून्य एक.एक. एक. ग्यारहः आव चालीस; उतशून्य एक, पाँच, पाँच. आया एक, दो. एक, सत्तरः दो, दो; नाया• एक; प्रवशून्य छः सौ सैंतालीस : पंचाशून्य सोलह, अड़तीस सर्वविर्शत श्रमासुः साधु सर्वथा विरक्ल श्रमगा; माधु. In ascetic who has ronounced every thing. भगव सत्रह, दो; -मरण. नशून्य / -मरण ) पंडित ભાવ સહિત સમાધિપરિમેમરણ્ श्राय ते. पंडित भाव सहित समाधि परिणाम. मे मृत्यु. peaceful dexth. समशून्य सत्रह; ठाशून्य तीन. चार, भगशून्य तेरह, - वारिय. बीस पंडित वीर्ष; ज्ञान सदित शक्ति पंडितवीर्य, ज्ञान युक्त बल. the prowess of an intel. lectual person. अणुजोशून्य एक सौ सत्ताईस; भग• |
वंदे भारत एक्सप्रेस को पहली बार किसी महिला लोको पायलट ने चलाया है। यह गौरव प्राप्त हुआ है सुरेखा यादव को जो 1988 से सेंट्रल रेलवे में कार्यरत हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के सोलापुर से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक की 400 किलोमीटर की यात्रा तय समय से 5 मिनट पहले पूरी की है। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 10 फरवरी को ही मुंबई में हरी झंडी दिखाई थी। यह देश की नौवीं स्वदेशी सेमी हाई स्पीड ट्रेन है। भारतीय रेलवे में सुरेखा यादव का अपना एक खुद का गौरवमयी इतिहास है और वो कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं।
सुरेखा यादव भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की पहली महिला लोको पायलट बनी हैं। सुरेखा यादव ने 13 मार्च 2023 यानि सोमवार को वंदे भारत एक्स्प्रेस ट्रेन का संचालन महाराष्ट्र के सोलापुर और मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच किया है। सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस डॉट कॉम को बताया है कि 'सुरेखा यादव अब अपनी ड्यूटी शेड्यूल के हिसाब से नियमित रूप से वंदे भारत चलाया करेंगी। ' सुरेखा को सीएसएमटी पहुंचने पर प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर भी सम्मानित किया गया।
इस मौके पर सुरेखा यादव ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का इस नीले और सफेद रंग की ट्रेन चलाने का मौका देने के लिए आभार जताया है। सोमवार को वह सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर यह ट्रेन सोलापुर स्टेशन से लेकर चलीं और दिन में 12:30 बजे समय से 5 मिनट पहले गंतव्य स्टेशन तक पहुंच गईं। सीएसएमटी पर इसके आगमन का समय 12:35 बजे है। सोलापुर से चलने के बाद यह ट्रेन रास्ते में कुर्डुवाडी, पुणे, कल्याण और दादर में रुकती हुई मुंबई के सीएसएमटी स्टेशन पर पहुंची।
सुरेखा यादव की इस कामयाबी की रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी सराहना की है। उन्होंने ट्विटर पर उनकी तस्वीरें साझा करते हुए कैप्शन में लिखा है, 'वंदे भारत - नारी शक्ति द्वारा संचालित। श्रीमती सुरेखा यादव, वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली महिला लोको पायलट। ' गौरतलब है कि भारतीय रेलवे ने महिला कर्मचारियों के सशक्तिकरण के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। इसमें ऑल वुमेन क्रू से लेकर पूरी तरह से महिला कर्माचरियों द्वारा संचालित रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं।
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महाराष्ट्र की सतारा जिले से आने वालीं सुरेखा यादव एशिया की पहली महिला लोको पायलट हैं। वह 1988 में देश की पहली महिला लोको पायलट बनी थीं। उनकी उपलब्धियों के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। सुरेखा यादव जिस वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को चला रही हैं, वह साढ़े 6 घंटे में 400 किलोमीटर की दूरी तय करती है।
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस- सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 फरवरी, 2023 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह देश की नौवीं सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है। यह ट्रेन अपनी यात्रा में कई महत्वपूर्ण तीर्थ केंद्रों को जोड़ती हुई गुजरती है। इनमें सोलापुर में सिद्धेश्वर, अक्कलकोट,तुलजापुर, सोलापुर के पास ही पंढरपुर और पुणे के नजदीक आलंदी शामिल हैं।
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| वंदे भारत एक्सप्रेस को पहली बार किसी महिला लोको पायलट ने चलाया है। यह गौरव प्राप्त हुआ है सुरेखा यादव को जो एक हज़ार नौ सौ अठासी से सेंट्रल रेलवे में कार्यरत हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के सोलापुर से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक की चार सौ किलोग्राममीटर की यात्रा तय समय से पाँच मिनट पहले पूरी की है। इस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले दस फरवरी को ही मुंबई में हरी झंडी दिखाई थी। यह देश की नौवीं स्वदेशी सेमी हाई स्पीड ट्रेन है। भारतीय रेलवे में सुरेखा यादव का अपना एक खुद का गौरवमयी इतिहास है और वो कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं। सुरेखा यादव भारत की पहली स्वदेशी सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की पहली महिला लोको पायलट बनी हैं। सुरेखा यादव ने तेरह मार्च दो हज़ार तेईस यानि सोमवार को वंदे भारत एक्स्प्रेस ट्रेन का संचालन महाराष्ट्र के सोलापुर और मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच किया है। सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ शिवाजी सुतार ने फाइनेंशियल एक्सप्रेस डॉट कॉम को बताया है कि 'सुरेखा यादव अब अपनी ड्यूटी शेड्यूल के हिसाब से नियमित रूप से वंदे भारत चलाया करेंगी। ' सुरेखा को सीएसएमटी पहुंचने पर प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर भी सम्मानित किया गया। इस मौके पर सुरेखा यादव ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का इस नीले और सफेद रंग की ट्रेन चलाने का मौका देने के लिए आभार जताया है। सोमवार को वह सुबह छः बजकर पाँच मिनट पर यह ट्रेन सोलापुर स्टेशन से लेकर चलीं और दिन में बारह:तीस बजे समय से पाँच मिनट पहले गंतव्य स्टेशन तक पहुंच गईं। सीएसएमटी पर इसके आगमन का समय बारह:पैंतीस बजे है। सोलापुर से चलने के बाद यह ट्रेन रास्ते में कुर्डुवाडी, पुणे, कल्याण और दादर में रुकती हुई मुंबई के सीएसएमटी स्टेशन पर पहुंची। सुरेखा यादव की इस कामयाबी की रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी सराहना की है। उन्होंने ट्विटर पर उनकी तस्वीरें साझा करते हुए कैप्शन में लिखा है, 'वंदे भारत - नारी शक्ति द्वारा संचालित। श्रीमती सुरेखा यादव, वंदे भारत एक्सप्रेस की पहली महिला लोको पायलट। ' गौरतलब है कि भारतीय रेलवे ने महिला कर्मचारियों के सशक्तिकरण के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं। इसमें ऑल वुमेन क्रू से लेकर पूरी तरह से महिला कर्माचरियों द्वारा संचालित रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। ? महाराष्ट्र की सतारा जिले से आने वालीं सुरेखा यादव एशिया की पहली महिला लोको पायलट हैं। वह एक हज़ार नौ सौ अठासी में देश की पहली महिला लोको पायलट बनी थीं। उनकी उपलब्धियों के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। सुरेखा यादव जिस वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को चला रही हैं, वह साढ़े छः घंटाटे में चार सौ किलोग्राममीटर की दूरी तय करती है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस- सोलापुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दस फरवरी, दो हज़ार तेईस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह देश की नौवीं सेमी-हाई स्पीड ट्रेन है। यह ट्रेन अपनी यात्रा में कई महत्वपूर्ण तीर्थ केंद्रों को जोड़ती हुई गुजरती है। इनमें सोलापुर में सिद्धेश्वर, अक्कलकोट,तुलजापुर, सोलापुर के पास ही पंढरपुर और पुणे के नजदीक आलंदी शामिल हैं। Vande Bharat - powered by Nari Shakti. |
सोशल मीडिया पर कई तरह की तस्वीरें वायरल होती रहती हैं. इनमें से कुछ इतनी अजीब होती हैं कि यकीन कर पाना मुश्किल होता है. Dailybee. com ने इंटरनेट पर मौजूद ऐसी ही तस्वीरों को एक जगह पब्लिश किया है. इसमें से कुछ तस्वीरें तो इतनी कन्फ्यूजिंग हैं कि एक बार में लोग इसे समझ नहीं पाएंगे. आज हम आपको इसी लिस्ट में पब्लिश कुछ तस्वीरों से रुबरु करवाने जा रहे हैं.
इस तस्वीर को देखने पर आपको क्या समझ आया? एक नज़र में ऐसा लग रहा है मानों हांड़ी में बैठकर रेस्त्रां में बिलिंग की जा रही है. लेकिन जब गौर से देखेंगे तो सारा सेट अप समझ में आ जाएगा.
होन्ग कोंग में कैद इस तस्वीर में एक साथ इतने सारे लोगों ने बड़े से छाते के जरिये खुद को बारिश से बचाने की कोशिश की. तभी किसी ने इस मोमेंट को तस्वीर में कैद कर लिया.
अब इस तस्वीर को देखकर किसी को हार्ट अटैक आ जाए तो इसमें क्या गलत है?
बर्लिन में नहाते शख्स की चड्डी जब सूअर लेकर भाग निकला तो कुछ ऐसा नजारा कैमरे में कैद हुआ.
इस महिला को अपनी बीमारी के इलाज के दौरान भी सगरेट पीने की तलब लगी तो उसने झट से एक सुलगा ली.
न्यूयॉर्क के सबवे में एक शख्स को पत्तागोभी खाते हुए एडल्ट किताब पढ़ता देख हर कोई हैरान रह गया.
यहां तो इंसान को ही पिंजरे में कैद कर जानवरों के सामने परोस दिया गया. अब समझ आया होगा कि चिड़ियाघर में जानवरों को कैसा लगता है?
देखो तो बच्चों के झूले पर झूलने कौन आया?
विपक्षी एकताः 2019 में एक दूसरे के खिलाफ लड़े, अब कैसे करेंगे सीटों पर समझौता?
| सोशल मीडिया पर कई तरह की तस्वीरें वायरल होती रहती हैं. इनमें से कुछ इतनी अजीब होती हैं कि यकीन कर पाना मुश्किल होता है. Dailybee. com ने इंटरनेट पर मौजूद ऐसी ही तस्वीरों को एक जगह पब्लिश किया है. इसमें से कुछ तस्वीरें तो इतनी कन्फ्यूजिंग हैं कि एक बार में लोग इसे समझ नहीं पाएंगे. आज हम आपको इसी लिस्ट में पब्लिश कुछ तस्वीरों से रुबरु करवाने जा रहे हैं. इस तस्वीर को देखने पर आपको क्या समझ आया? एक नज़र में ऐसा लग रहा है मानों हांड़ी में बैठकर रेस्त्रां में बिलिंग की जा रही है. लेकिन जब गौर से देखेंगे तो सारा सेट अप समझ में आ जाएगा. होन्ग कोंग में कैद इस तस्वीर में एक साथ इतने सारे लोगों ने बड़े से छाते के जरिये खुद को बारिश से बचाने की कोशिश की. तभी किसी ने इस मोमेंट को तस्वीर में कैद कर लिया. अब इस तस्वीर को देखकर किसी को हार्ट अटैक आ जाए तो इसमें क्या गलत है? बर्लिन में नहाते शख्स की चड्डी जब सूअर लेकर भाग निकला तो कुछ ऐसा नजारा कैमरे में कैद हुआ. इस महिला को अपनी बीमारी के इलाज के दौरान भी सगरेट पीने की तलब लगी तो उसने झट से एक सुलगा ली. न्यूयॉर्क के सबवे में एक शख्स को पत्तागोभी खाते हुए एडल्ट किताब पढ़ता देख हर कोई हैरान रह गया. यहां तो इंसान को ही पिंजरे में कैद कर जानवरों के सामने परोस दिया गया. अब समझ आया होगा कि चिड़ियाघर में जानवरों को कैसा लगता है? देखो तो बच्चों के झूले पर झूलने कौन आया? विपक्षी एकताः दो हज़ार उन्नीस में एक दूसरे के खिलाफ लड़े, अब कैसे करेंगे सीटों पर समझौता? |
रांचीः झारखंड में कोरोना के सबसे अधिक 24 मरीज पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) में एक्टिव (Active Case) है। जबकि राज्य में कोरोना से पूर्वी सिंहभूम (Jamsedpur) के एक मरीज की मौत हुई है।
राज्य में कुल 67 मरीज एक्टिव (Active Case) है। रविवार को सुबह को बताया गया कि इन 24 घंटों में कोरोना से आठ मरीज स्वस्थ हुए हैं। इसके विपरीत राज्य में कोरोना के पांच नए मरीज (New Patients) मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) से एक और रांची में चार मरीज मिले हैं।
राज्य में कुल कोरोना मरीजों की (New Corona Patients) संख्या अब चार लाख, 42 हजार,471 हो चुकी है।
इस बीच कोरोना का पता लगाने के लिए जांच जारी है। राज्य में कुल दो करोड़, 28 लाख, 13 हजार, 662 सैंपल की जांच की गयी है।
इनमें से 67 सक्रिय केस (Active Case) है। कोरोना से चार लाख, 37 हजार, 73 मरीज ठीक हुए हैं। हालांकि राज्य में पांच हजार, 331 मरीजों की मौत (Dead) कोरोना से हुई है।
| रांचीः झारखंड में कोरोना के सबसे अधिक चौबीस मरीज पूर्वी सिंहभूम में एक्टिव है। जबकि राज्य में कोरोना से पूर्वी सिंहभूम के एक मरीज की मौत हुई है। राज्य में कुल सरसठ मरीज एक्टिव है। रविवार को सुबह को बताया गया कि इन चौबीस घंटाटों में कोरोना से आठ मरीज स्वस्थ हुए हैं। इसके विपरीत राज्य में कोरोना के पांच नए मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पूर्वी सिंहभूम से एक और रांची में चार मरीज मिले हैं। राज्य में कुल कोरोना मरीजों की संख्या अब चार लाख, बयालीस हजार,चार सौ इकहत्तर हो चुकी है। इस बीच कोरोना का पता लगाने के लिए जांच जारी है। राज्य में कुल दो करोड़, अट्ठाईस लाख, तेरह हजार, छः सौ बासठ सैंपल की जांच की गयी है। इनमें से सरसठ सक्रिय केस है। कोरोना से चार लाख, सैंतीस हजार, तिहत्तर मरीज ठीक हुए हैं। हालांकि राज्य में पांच हजार, तीन सौ इकतीस मरीजों की मौत कोरोना से हुई है। |
नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच और कप्तान रह चुके अनिल कुंबले ने किंग्स इलेवन पंजाब का इंडियन प्रीमीयर लीग यानी कि आईपीएल सीजन 12 के लिए तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को खरीदने का फैसला बेहद महत्वपूर्ण बताया।
जी हां, शमी को पंजाब ने मंगलवार को नीलामी में 4. 8 करोड़ रुपए में अपने साथ जोड़ लिया है। वैसे शमी के लिए मौजूदा विजेता टीम चेन्नई सुपर किंग और पंजाब ने बोली लगाई थी और आखिरकार शमी को अपने साथ जोड़ने में पंजाब की जीत हुई।
आपको बता दें कि पंजाब के इस फैसले पर कुंबले ने स्टार स्पोर्ट से बातचीत में कहा कि शमी शानदार तेज गेंदबाजों में से हैं और पंजाब की टीम को इस तरह के गेंदबाजों की बेहद जरूरत है।
वहीं शमी के न मिलने पर चेन्नई ने मोहित शर्मा को लेकर अपनी टीम में शामिल किया। आपको बता दें कि मोहित शर्मा की कीमत 5 करोड़ रही।
चेन्नई के इस फैसले पर कुंबले ने कहा कि चेन्नई ने अच्छी खरीददारी की है। मोहित शर्मा एक ऐसे गेंदबाज हैं जो सभी परिस्थितियों में गेंदबाजी करने में सक्षम है। और वह पेस में भी अच्छा बदलाव करते हैं। उन्होंने मोहित शर्मा की तारीफ करते उन्हें एक अच्छा फील्डर भी बताया।
आपको बता दें कि इस बार मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर से अपने साथ मलिंगा को जोड़ा है। 3 बार की विजेता ने मलिंगा को उनका प्राइस 2 करोड़ में खरीदा है।
मलिंगा के बारे में कुंबले का कहना है कि एक समय मुंबई इंडियंस जसप्रीत बुमराह को आराम देने की सोचेगी। और तभी उन्हें मलिंगा के अनुभव की जरूरत पड़ेगी। उनका कहना है कि वह शुरुआती टीम में भी हो सकते।
| नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच और कप्तान रह चुके अनिल कुंबले ने किंग्स इलेवन पंजाब का इंडियन प्रीमीयर लीग यानी कि आईपीएल सीजन बारह के लिए तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को खरीदने का फैसला बेहद महत्वपूर्ण बताया। जी हां, शमी को पंजाब ने मंगलवार को नीलामी में चार. आठ करोड़ रुपए में अपने साथ जोड़ लिया है। वैसे शमी के लिए मौजूदा विजेता टीम चेन्नई सुपर किंग और पंजाब ने बोली लगाई थी और आखिरकार शमी को अपने साथ जोड़ने में पंजाब की जीत हुई। आपको बता दें कि पंजाब के इस फैसले पर कुंबले ने स्टार स्पोर्ट से बातचीत में कहा कि शमी शानदार तेज गेंदबाजों में से हैं और पंजाब की टीम को इस तरह के गेंदबाजों की बेहद जरूरत है। वहीं शमी के न मिलने पर चेन्नई ने मोहित शर्मा को लेकर अपनी टीम में शामिल किया। आपको बता दें कि मोहित शर्मा की कीमत पाँच करोड़ रही। चेन्नई के इस फैसले पर कुंबले ने कहा कि चेन्नई ने अच्छी खरीददारी की है। मोहित शर्मा एक ऐसे गेंदबाज हैं जो सभी परिस्थितियों में गेंदबाजी करने में सक्षम है। और वह पेस में भी अच्छा बदलाव करते हैं। उन्होंने मोहित शर्मा की तारीफ करते उन्हें एक अच्छा फील्डर भी बताया। आपको बता दें कि इस बार मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर से अपने साथ मलिंगा को जोड़ा है। तीन बार की विजेता ने मलिंगा को उनका प्राइस दो करोड़ में खरीदा है। मलिंगा के बारे में कुंबले का कहना है कि एक समय मुंबई इंडियंस जसप्रीत बुमराह को आराम देने की सोचेगी। और तभी उन्हें मलिंगा के अनुभव की जरूरत पड़ेगी। उनका कहना है कि वह शुरुआती टीम में भी हो सकते। |
अगर आप बेल्जियम संस्करण को मानते हैं, तो अब्देसलाम की गिरफ्तारी से आतंकवादियों की योजना विफल हो गई, जिसे देश के सुरक्षा बलों ने कुछ दिन पहले ही खर्च किया था। कथित तौर पर, आतंकवादी कोशिकाओं में से एक के नेता की गिरफ्तारी ने इस तथ्य को जन्म दिया कि आतंकवादियों ने "प्लान बी" के अनुसार कार्य करना शुरू कर दिया, जिसमें बेल्जियम के साम्राज्य के परिवहन बुनियादी ढांचे की बड़ी वस्तुओं पर हमले शामिल थे।
इसी समय, समाचार पत्र यह बताता है कि ब्रसेल्स कानून प्रवर्तन अधिकारियों को आत्मघाती हमलावरों की पहचान के बारे में पता है, जिन्होंने हवाई अड्डे पर और बेल्जियम की राजधानी के मेट्रो स्टेशन मैलबेक में खुद को उड़ा लिया। सामग्री से अंतिम घंटाः
बमवर्षक भाई बकरोई हैं। उन्होंने हवाई अड्डे पर और ब्रसेल्स मेट्रो में बम विस्फोट किए। वे दो व्यक्ति थे जिन्होंने दिसंबर में 2015 ने बेल्जियम परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख के घर के सामने एक हिडन कैमरा स्थापित किया था। वे कई दर्जन घंटों के लिए एक कर्मचारी के घर के दृष्टिकोण के स्वयं के वीडियोटेप हैं। पेरिस में मुहममेल बाकली में हुए आतंकवादी हमलों में एक अन्य संदिग्ध के अपार्टमेंट की तलाशी के दौरान ये वीडियो पुलिस द्वारा खोजे गए थे।
बेल्जियम के पत्रकारों के वार्ताकार के अनुसार, "यह सब देश में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की तैयारी को इंगित करता है। "
| अगर आप बेल्जियम संस्करण को मानते हैं, तो अब्देसलाम की गिरफ्तारी से आतंकवादियों की योजना विफल हो गई, जिसे देश के सुरक्षा बलों ने कुछ दिन पहले ही खर्च किया था। कथित तौर पर, आतंकवादी कोशिकाओं में से एक के नेता की गिरफ्तारी ने इस तथ्य को जन्म दिया कि आतंकवादियों ने "प्लान बी" के अनुसार कार्य करना शुरू कर दिया, जिसमें बेल्जियम के साम्राज्य के परिवहन बुनियादी ढांचे की बड़ी वस्तुओं पर हमले शामिल थे। इसी समय, समाचार पत्र यह बताता है कि ब्रसेल्स कानून प्रवर्तन अधिकारियों को आत्मघाती हमलावरों की पहचान के बारे में पता है, जिन्होंने हवाई अड्डे पर और बेल्जियम की राजधानी के मेट्रो स्टेशन मैलबेक में खुद को उड़ा लिया। सामग्री से अंतिम घंटाः बमवर्षक भाई बकरोई हैं। उन्होंने हवाई अड्डे पर और ब्रसेल्स मेट्रो में बम विस्फोट किए। वे दो व्यक्ति थे जिन्होंने दिसंबर में दो हज़ार पंद्रह ने बेल्जियम परमाणु कार्यक्रम के प्रमुख के घर के सामने एक हिडन कैमरा स्थापित किया था। वे कई दर्जन घंटों के लिए एक कर्मचारी के घर के दृष्टिकोण के स्वयं के वीडियोटेप हैं। पेरिस में मुहममेल बाकली में हुए आतंकवादी हमलों में एक अन्य संदिग्ध के अपार्टमेंट की तलाशी के दौरान ये वीडियो पुलिस द्वारा खोजे गए थे। बेल्जियम के पत्रकारों के वार्ताकार के अनुसार, "यह सब देश में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की तैयारी को इंगित करता है। " |
IBPS RRB Result 2022: साल के पहले दिन आईबीपीएस आरआरबी 2022 की परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। जिन भी उम्मीदवारों ने आईबीपीएस आरआरबी की परीक्षा दी है उनके लिए आज प्रोविजनल अलॉटमेंट लिस्ट जारी कर दी गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर लिस्ट चेक कर सकते हैं। आधिकारिक साइट ibps. in पर आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी। बता दें कि I, II और III पदों के लिए ये लिस्ट जारी की गई है। वहीं यह लिस्ट केवल 1 जनवरी 2023 से 30 जनवरी तक ही वेबसाइट पर रहेगी।
बता दें कि जिन उम्मीदवारों के नाम इस लिस्ट में नहीं है। साथ ही किसी भी आरक्षित लिस्ट में उनका नाम नहीं है वह सीआरपी आरआरबी-इलेवन के तहत किसी भी आगे होना वाली प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे।
IBPS RRB Result 2022: प्रोविजनल अलॉटमेंट लिस्ट कैसे करें चेक?
- सबसे पहले आपको गूगल पर आईबीपीएस की आधिकारिक साइट ibps. in सर्च करना।
- इसके बाद ibps. in पर क्लिक करें।
- यहां आपको होम पेज पर आरआरबी रिजल्ट 2022 प्रोविजनल अलॉटमेंट लिस्ट लिखा नजर आएगा। उसपर क्लिक करें।
- यहां आपसे लॉगिन करने के लिए कहा जाएगा। मांगी गई डिटेल भरने के बाद सबमिट करें।
- अब आपको स्क्रिन पर रिजल्ट नजर आएगा।
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| IBPS RRB Result दो हज़ार बाईस: साल के पहले दिन आईबीपीएस आरआरबी दो हज़ार बाईस की परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। जिन भी उम्मीदवारों ने आईबीपीएस आरआरबी की परीक्षा दी है उनके लिए आज प्रोविजनल अलॉटमेंट लिस्ट जारी कर दी गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर लिस्ट चेक कर सकते हैं। आधिकारिक साइट ibps. in पर आपको पूरी जानकारी मिल जाएगी। बता दें कि I, II और III पदों के लिए ये लिस्ट जारी की गई है। वहीं यह लिस्ट केवल एक जनवरी दो हज़ार तेईस से तीस जनवरी तक ही वेबसाइट पर रहेगी। बता दें कि जिन उम्मीदवारों के नाम इस लिस्ट में नहीं है। साथ ही किसी भी आरक्षित लिस्ट में उनका नाम नहीं है वह सीआरपी आरआरबी-इलेवन के तहत किसी भी आगे होना वाली प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे। IBPS RRB Result दो हज़ार बाईस: प्रोविजनल अलॉटमेंट लिस्ट कैसे करें चेक? - सबसे पहले आपको गूगल पर आईबीपीएस की आधिकारिक साइट ibps. in सर्च करना। - इसके बाद ibps. in पर क्लिक करें। - यहां आपको होम पेज पर आरआरबी रिजल्ट दो हज़ार बाईस प्रोविजनल अलॉटमेंट लिस्ट लिखा नजर आएगा। उसपर क्लिक करें। - यहां आपसे लॉगिन करने के लिए कहा जाएगा। मांगी गई डिटेल भरने के बाद सबमिट करें। - अब आपको स्क्रिन पर रिजल्ट नजर आएगा। - रिजल्ट चेक करें और पेज डाउनलोड कर लें। संबंधित खबरेंः |
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गुजरात में रहने वाले सिख किसान मोदी और भाजपा से ख़फ़ा क्यों?
कार्टून क्लिकः किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है!
ये घातक कृषि सुधार पूंजी के लिए बस एक मौक़ा है!
नया मंडी कानून मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है!
क्या रुक पाएगी यूरिया की कालाबाज़ारी?
| गुजरात में रहने वाले सिख किसान मोदी और भाजपा से ख़फ़ा क्यों? कार्टून क्लिकः किसानों की दुर्दशा बताने को क्या अब भी फ़िल्म की ज़रूरत है! ये घातक कृषि सुधार पूंजी के लिए बस एक मौक़ा है! नया मंडी कानून मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है! क्या रुक पाएगी यूरिया की कालाबाज़ारी? |
चंडीगढ़ः देश के राज्य पंजाब के एजुकेशन मिनिस्टर विजय इंदर सिंगला ने साफ़ किया है कि पंजाब सरकार की ओर से विद्यालय खोलने संबंधी अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय खोलने संबंधित होम डिपार्टमेंट से प्राप्त लेटर के उत्तर में एजुकेशन डिपार्टमेंट ने अपने सुझाव दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विद्यालय को खोलने पर अंतिम निर्णय सीएम की ओर से छात्रों की सिक्योरिटी पर सभी एहतियात की समीक्षा के पश्चात् लिया जाएगा।
साथ ही सिंगला ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से पंजाब के गृह मामले तथा न्याय डिपार्टमेंट द्वारा 15 अक्टूबर से स्कूलों में कुछ गतिविधियों को फिर आरम्भ करने संबंधी टिप्पणियों मांगी गई थी। इसके उत्तर में स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी ने बताया कि स्कूल केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक ही खोले जा सकते हैं। केंद्र सरकार की ओर से विद्यालयों को फिर खोलने संबंधी निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा प्रदेशों से रिपोर्टें ली जा रही हैं।
बुधवार को COVID-19 की वजह से पंजाब में 33 और मौतें हुई हैं। वहीं 1230 मरीज स्वस्थ भी हुए। प्रदेश में 852 नए केस प्रकाश में आए हैं। 33 मौतों में से 5 जिले जालंधर, 6 लुधियाना, 2 गुरदासपुर, 2 रोपड़, 2 पठानकोट, 2 फतेहगढ़ साहिब, 5 बठिंडा, 2 मुक्तसर, 1 संगरूर, 1 एसबीएस नगर, 1 कपूरथला, 1 फाजिल्का तथा 3 अमृतसर के हैं। 852 मामलों में से 114 लुधियाना जिले के, अमृतसर के 92, होशियारपुर के 46, एसएएस नगर के 62, जालंधर के 120, मोगा के 24, कपूरथला के 57, फिरोजपुर के 21, संगरूर तथा फाजिल्का के 11 हैं। बठिंडा से 42, फतेहगढ़ साहिब से 10, रोपड़ से 6, मुक्तसर से 18, तरनतारन से 31, पटियाला से 27, फरीदकोट से 26, पठानकोट से 43, मानसा से 6, बरनाला से 12 तथा गुरदासपुर से 57 रोगी हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक, अब तक कुल 105,585 रोगी स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं।
| चंडीगढ़ः देश के राज्य पंजाब के एजुकेशन मिनिस्टर विजय इंदर सिंगला ने साफ़ किया है कि पंजाब सरकार की ओर से विद्यालय खोलने संबंधी अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय खोलने संबंधित होम डिपार्टमेंट से प्राप्त लेटर के उत्तर में एजुकेशन डिपार्टमेंट ने अपने सुझाव दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विद्यालय को खोलने पर अंतिम निर्णय सीएम की ओर से छात्रों की सिक्योरिटी पर सभी एहतियात की समीक्षा के पश्चात् लिया जाएगा। साथ ही सिंगला ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से पंजाब के गृह मामले तथा न्याय डिपार्टमेंट द्वारा पंद्रह अक्टूबर से स्कूलों में कुछ गतिविधियों को फिर आरम्भ करने संबंधी टिप्पणियों मांगी गई थी। इसके उत्तर में स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी ने बताया कि स्कूल केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक ही खोले जा सकते हैं। केंद्र सरकार की ओर से विद्यालयों को फिर खोलने संबंधी निर्देश जारी कर दिए गए हैं तथा प्रदेशों से रिपोर्टें ली जा रही हैं। बुधवार को COVID-उन्नीस की वजह से पंजाब में तैंतीस और मौतें हुई हैं। वहीं एक हज़ार दो सौ तीस मरीज स्वस्थ भी हुए। प्रदेश में आठ सौ बावन नए केस प्रकाश में आए हैं। तैंतीस मौतों में से पाँच जिले जालंधर, छः लुधियाना, दो गुरदासपुर, दो रोपड़, दो पठानकोट, दो फतेहगढ़ साहिब, पाँच बठिंडा, दो मुक्तसर, एक संगरूर, एक एसबीएस नगर, एक कपूरथला, एक फाजिल्का तथा तीन अमृतसर के हैं। आठ सौ बावन मामलों में से एक सौ चौदह लुधियाना जिले के, अमृतसर के बानवे, होशियारपुर के छियालीस, एसएएस नगर के बासठ, जालंधर के एक सौ बीस, मोगा के चौबीस, कपूरथला के सत्तावन, फिरोजपुर के इक्कीस, संगरूर तथा फाजिल्का के ग्यारह हैं। बठिंडा से बयालीस, फतेहगढ़ साहिब से दस, रोपड़ से छः, मुक्तसर से अट्ठारह, तरनतारन से इकतीस, पटियाला से सत्ताईस, फरीदकोट से छब्बीस, पठानकोट से तैंतालीस, मानसा से छः, बरनाला से बारह तथा गुरदासपुर से सत्तावन रोगी हैं। हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक, अब तक कुल एक सौ पाँच,पाँच सौ पचासी रोगी स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। |
रोग तो अनेक प्रकार के हैं मानव में,
उनमे से एड्स की समस्या विकराल है।
सुलझी न गुत्थी इस रोग के इलाज़ की,
डॉक्टर और वैद्य सब इससे बेहाल हैं। ।
एक्वायर्ड इम्मुनो डिफीसियंसी सिंड्रोम नाम,
आरएनए विषाणुजनित रोग की मिशाल है।
एचआईवी विषाणु पैदा करता है एड्स को,
रोक सके कौन इसे किसकी मजाल है। ।
दूध, लार, मेरुद्रव्य में निवास करता है,
रक्त, वीर्य, योनिरस में तो मालामाल है।
करे मित्रता ये सीडी-4 रक्त कणिका से,
पंगु प्रतिरक्षा करे ऐसी इसकी चाल है। ।
जब घट जाए प्रतिरोधक शक्ति तन की तो,
कोई भी रोग कर सके बुरा हाल है।
कहने को हमने तो चांद को भी जीत लिया,
खोजे कैसे एड्स का इलाज़ ये सवाल है?
स्त्री, पुरुष, वर्ग, जाति-धर्म कोई हो,
करता न भेद भाव यही तो कमाल है।
सभी सूई, वैक्सीन, टबलेट बेकार हुए,
कोई भी दावा न तोड़ सकी इसका जाल है। ।
जांच करवा के ही खून चढ़वाइएगा,
लगे नई सुई सिरिंज रखना ख्याल है।
किसी अंजाने से संबंध जो बनाइये तो,
उम्दा निरोध का ही करना इस्तेमाल है। ।
रोग लाईलाज न तो टीका न दवाई है,
करिए बचाव एकमात्र यही ढाल है।
रोग लाईलाज न तो टीका न दवाई है,
करिए बचाव एकमात्र यही ढाल है। ।
| रोग तो अनेक प्रकार के हैं मानव में, उनमे से एड्स की समस्या विकराल है। सुलझी न गुत्थी इस रोग के इलाज़ की, डॉक्टर और वैद्य सब इससे बेहाल हैं। । एक्वायर्ड इम्मुनो डिफीसियंसी सिंड्रोम नाम, आरएनए विषाणुजनित रोग की मिशाल है। एचआईवी विषाणु पैदा करता है एड्स को, रोक सके कौन इसे किसकी मजाल है। । दूध, लार, मेरुद्रव्य में निवास करता है, रक्त, वीर्य, योनिरस में तो मालामाल है। करे मित्रता ये सीडी-चार रक्त कणिका से, पंगु प्रतिरक्षा करे ऐसी इसकी चाल है। । जब घट जाए प्रतिरोधक शक्ति तन की तो, कोई भी रोग कर सके बुरा हाल है। कहने को हमने तो चांद को भी जीत लिया, खोजे कैसे एड्स का इलाज़ ये सवाल है? स्त्री, पुरुष, वर्ग, जाति-धर्म कोई हो, करता न भेद भाव यही तो कमाल है। सभी सूई, वैक्सीन, टबलेट बेकार हुए, कोई भी दावा न तोड़ सकी इसका जाल है। । जांच करवा के ही खून चढ़वाइएगा, लगे नई सुई सिरिंज रखना ख्याल है। किसी अंजाने से संबंध जो बनाइये तो, उम्दा निरोध का ही करना इस्तेमाल है। । रोग लाईलाज न तो टीका न दवाई है, करिए बचाव एकमात्र यही ढाल है। रोग लाईलाज न तो टीका न दवाई है, करिए बचाव एकमात्र यही ढाल है। । |
Patwari Bharti paperleak SCAM : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में धांधली के बाद पटवारी भर्ती परीक्षा आयोजित कराने वाला राज्य लोक सेवा आयोग भी युवाओं के सपनों को धराशाई होने से नहीं रोक पाया। महज चार दिन पूर्व गुजरे रविवार 8 जनवरी को लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित कराई गई पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की न केवल पुष्टि हो चुकी है, बल्कि पेपर लीक करने के मामले में आयोग के ही एक वरिष्ठ अधिकारी सहित चार लोगों को गिरफ्तार करते हुए साढ़े बाइस लाख रुपए की नगदी भी बरामद हो चुकी है। पेपर लीक होने की अफवाह फैलने के बाद प्रदेशभर के युवाओं में हड़कंप मचने के बाद शनिवार को दोपहर बाद चार बजे एसटीएफ ने आधिकारिक तौर पर पत्रकार वार्ता आयोजित कर पेपर लीक होने की पुष्टि करते हुए घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा साझा किया है।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि लोक सेवा आयोग उत्तराखंड द्वारा बीती 8 जनवरी 2023 को आयोजित लेखपाल और पटवारी के एग्जाम पेपर तैयार करने में आयोग के अति गोपन कार्यालय में अनुभाग- 3 द्वारा कार्य किया गया था। इसमें अनुभाग में नियुक्त अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने अपनी कस्टडी से प्रश्नपत्र को अपनी पत्नी रितु के साथ मिलकर संजीव कुमार को उपलब्ध कराया। इस पेपरलीक की एवज में संजीव कुमार ने रितु को मोटी नकद धनराशि दी। इस प्रश्न पत्र को संजीव कुमार और राजपाल ने राजकुमार व अन्य के माध्यम से 35 अभ्यर्थियों को बांटा। इसके बाद उत्तर प्रदेश के बिहारीगढ़ स्थित माया अरुण रिजार्ट व ग्राम सेठपुर लक्सर हरिद्वार के साथ अन्य स्थानों में पढ़ाया। फार्म हाउस में 35 अभ्यर्थियों को पेपर सॉल्व कराया गया।
हरिद्वार व अन्य स्थानों पर भी अभ्यर्थियों को पेपर साल कराने की बात सामने आई है। एसटीएफ को पेपर लीक से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद उनके द्वारा मामले की विस्तृत जांच की गई, जिसमें पेपर लीक होने की पुष्टि होने पर आज बृहस्पतिवार की दोपहर बाद हरिद्वार के थाना कनखल में भारतीय दण्ड संहिता की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120 बी व 3/4 उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) निवारण अधिनियम 1998 के तहत केज दर्ज कराया गया है। इस मामले में एसटीएफ ने लोक सेवा आयोग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य अभियुक्त संजीव चतुर्वेदी अनुभाग अधिकारी अतिगोपन अनुभाग-3 राज्य लोक सेवा आयोग उत्तराखंड, जनपद हरिद्वार के अलावा राजपाल पुत्र स्व. फूल सिंह निवाली ग्राम कुलचंदपुर उर्फ नथौडी थाना गागलहेडी जनपद सहारनपुर उ.प्र. हाल निवासी ग्राम सुकरासा अम्बूवाला थाना पथरी जनपद हरिद्वार, संजीव कुमार पुत्र स्व. मांगेराम निवासी ग्राम कुलचन्दपुर उर्फ नथौडी थाना गागलहेडी सहारनपुर उ.प्र. हाल निवासी फ्लैट नं. जी-407 जर्स कंट्री ज्वालापुर थाना ज्वालापुर जनपद हरिद्वार तथा रामकुमार पुत्र सुग्गन सिंह निवासी ग्राम सेठपुर, लक्सर, जनपद हरिद्वार शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए संजीव चतुर्वेदी के पास से आउट प्रश्न पत्र की कॉपियां व प्रश्न पत्र लीक कर अवैध रूप से कमाये गये साढ़े बाइस लाख रुपए की नगदी भी बरामद की गई है। एसटीएफ इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद अभी इस गिरोह के अन्य सदस्यों के नामों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।
प्रथमदृष्टया पटवारी भर्ती परीक्षा पेपर लीक घोटाले का प्रमुख अभियुक्त समझे जा रहे संजीव चतुर्वेदी राज्य लोक सेवा आयोग के अतिगोपन अनुभाग-3 में अनुभाग अधिकारी के पद पर तैनात हैं। संजीव चतुर्वेदी की बेटी हरिद्वार के जिस कॉलेज में पढ़ती हैं, उसी कॉलेज में दूसरा आरोपी राजपाल पढ़ाता था। कॉलेज आने-जाने के दौरान संजीव चतुर्वेदी की पहचान राजपाल से हुई।
उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने की एक शानदार परंपरा रही है, जिसने बेरोजगारी का दंश झेलते युवाओं के सुखद भविष्य के सपनों पर गहरी चोट की है। गुजरा पूरा साल तो पेपर लीक मामले में इतना चर्चाओं में रहा कि हर सप्ताह में एक बड़ी खबर इसी के नाम रही। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने ग्रेजुएट लेवल के 916 पदों के विज्ञापन निकालकर 4 और 5 दिसंबर 2021 को परीक्षा करायी थी।
परीक्षा में 1,90,000 अभ्यर्थी शामिल और 916 अभ्यर्थी चयनित हुये थे। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की इससे पहले की भर्ती की जा सके उससे पहले ही इस परीक्षा में नकल व पेपर लीक होने की शिकायतें वायरल होने लगीं तो मामला मीडिया व राजनीतिक गलियारों की सुर्खियां बनता चला गया। बेरोजगार संगठनों एवं कई छात्रों ने इस परीक्षा में हुई अनियमितताओं के सबूत के तौर पर कुछ व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट और कुछ तथ्य मुख्यमंत्री के सामने रखे तो मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से इस मामले पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद 22 जुलाई 2022 को रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। बाद में पुलिस ने इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी। अभी इस मामले में करीब चार दर्जन लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। आयोग के कई बड़े अधिकारी भी इस मामले में जेल की हवा खा रहे हैं।
| Patwari Bharti paperleak SCAM : उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं में धांधली के बाद पटवारी भर्ती परीक्षा आयोजित कराने वाला राज्य लोक सेवा आयोग भी युवाओं के सपनों को धराशाई होने से नहीं रोक पाया। महज चार दिन पूर्व गुजरे रविवार आठ जनवरी को लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित कराई गई पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की न केवल पुष्टि हो चुकी है, बल्कि पेपर लीक करने के मामले में आयोग के ही एक वरिष्ठ अधिकारी सहित चार लोगों को गिरफ्तार करते हुए साढ़े बाइस लाख रुपए की नगदी भी बरामद हो चुकी है। पेपर लीक होने की अफवाह फैलने के बाद प्रदेशभर के युवाओं में हड़कंप मचने के बाद शनिवार को दोपहर बाद चार बजे एसटीएफ ने आधिकारिक तौर पर पत्रकार वार्ता आयोजित कर पेपर लीक होने की पुष्टि करते हुए घटना का सिलसिलेवार ब्यौरा साझा किया है। एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि लोक सेवा आयोग उत्तराखंड द्वारा बीती आठ जनवरी दो हज़ार तेईस को आयोजित लेखपाल और पटवारी के एग्जाम पेपर तैयार करने में आयोग के अति गोपन कार्यालय में अनुभाग- तीन द्वारा कार्य किया गया था। इसमें अनुभाग में नियुक्त अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने अपनी कस्टडी से प्रश्नपत्र को अपनी पत्नी रितु के साथ मिलकर संजीव कुमार को उपलब्ध कराया। इस पेपरलीक की एवज में संजीव कुमार ने रितु को मोटी नकद धनराशि दी। इस प्रश्न पत्र को संजीव कुमार और राजपाल ने राजकुमार व अन्य के माध्यम से पैंतीस अभ्यर्थियों को बांटा। इसके बाद उत्तर प्रदेश के बिहारीगढ़ स्थित माया अरुण रिजार्ट व ग्राम सेठपुर लक्सर हरिद्वार के साथ अन्य स्थानों में पढ़ाया। फार्म हाउस में पैंतीस अभ्यर्थियों को पेपर सॉल्व कराया गया। हरिद्वार व अन्य स्थानों पर भी अभ्यर्थियों को पेपर साल कराने की बात सामने आई है। एसटीएफ को पेपर लीक से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद उनके द्वारा मामले की विस्तृत जांच की गई, जिसमें पेपर लीक होने की पुष्टि होने पर आज बृहस्पतिवार की दोपहर बाद हरिद्वार के थाना कनखल में भारतीय दण्ड संहिता की धारा चार सौ नौ, चार सौ बीस, चार सौ सरसठ, चार सौ अड़सठ, चार सौ इकहत्तर, एक सौ बीस बी व तीन/चार उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड सार्वजनिक परीक्षा निवारण अधिनियम एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे के तहत केज दर्ज कराया गया है। इस मामले में एसटीएफ ने लोक सेवा आयोग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य अभियुक्त संजीव चतुर्वेदी अनुभाग अधिकारी अतिगोपन अनुभाग-तीन राज्य लोक सेवा आयोग उत्तराखंड, जनपद हरिद्वार के अलावा राजपाल पुत्र स्व. फूल सिंह निवाली ग्राम कुलचंदपुर उर्फ नथौडी थाना गागलहेडी जनपद सहारनपुर उ.प्र. हाल निवासी ग्राम सुकरासा अम्बूवाला थाना पथरी जनपद हरिद्वार, संजीव कुमार पुत्र स्व. मांगेराम निवासी ग्राम कुलचन्दपुर उर्फ नथौडी थाना गागलहेडी सहारनपुर उ.प्र. हाल निवासी फ्लैट नं. जी-चार सौ सात जर्स कंट्री ज्वालापुर थाना ज्वालापुर जनपद हरिद्वार तथा रामकुमार पुत्र सुग्गन सिंह निवासी ग्राम सेठपुर, लक्सर, जनपद हरिद्वार शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए संजीव चतुर्वेदी के पास से आउट प्रश्न पत्र की कॉपियां व प्रश्न पत्र लीक कर अवैध रूप से कमाये गये साढ़े बाइस लाख रुपए की नगदी भी बरामद की गई है। एसटीएफ इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद अभी इस गिरोह के अन्य सदस्यों के नामों का भी खुलासा होने की उम्मीद है। प्रथमदृष्टया पटवारी भर्ती परीक्षा पेपर लीक घोटाले का प्रमुख अभियुक्त समझे जा रहे संजीव चतुर्वेदी राज्य लोक सेवा आयोग के अतिगोपन अनुभाग-तीन में अनुभाग अधिकारी के पद पर तैनात हैं। संजीव चतुर्वेदी की बेटी हरिद्वार के जिस कॉलेज में पढ़ती हैं, उसी कॉलेज में दूसरा आरोपी राजपाल पढ़ाता था। कॉलेज आने-जाने के दौरान संजीव चतुर्वेदी की पहचान राजपाल से हुई। उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्न पत्र लीक होने की एक शानदार परंपरा रही है, जिसने बेरोजगारी का दंश झेलते युवाओं के सुखद भविष्य के सपनों पर गहरी चोट की है। गुजरा पूरा साल तो पेपर लीक मामले में इतना चर्चाओं में रहा कि हर सप्ताह में एक बड़ी खबर इसी के नाम रही। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने ग्रेजुएट लेवल के नौ सौ सोलह पदों के विज्ञापन निकालकर चार और पाँच दिसंबर दो हज़ार इक्कीस को परीक्षा करायी थी। परीक्षा में एक,नब्बे,शून्य अभ्यर्थी शामिल और नौ सौ सोलह अभ्यर्थी चयनित हुये थे। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की इससे पहले की भर्ती की जा सके उससे पहले ही इस परीक्षा में नकल व पेपर लीक होने की शिकायतें वायरल होने लगीं तो मामला मीडिया व राजनीतिक गलियारों की सुर्खियां बनता चला गया। बेरोजगार संगठनों एवं कई छात्रों ने इस परीक्षा में हुई अनियमितताओं के सबूत के तौर पर कुछ व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट और कुछ तथ्य मुख्यमंत्री के सामने रखे तो मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से इस मामले पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद बाईस जुलाई दो हज़ार बाईस को रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। बाद में पुलिस ने इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी। अभी इस मामले में करीब चार दर्जन लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। आयोग के कई बड़े अधिकारी भी इस मामले में जेल की हवा खा रहे हैं। |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
राजधानी सहित प्रदेश के कई मैदानी क्षेत्रों में शुक्रवार को दिन में तन झुलसाने वाली गर्मी के बाद शाम को बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बड़ी राहत मिली।
कई दिन से लगातार बढ़ती गर्मी शुक्रवार को उफान पर नजर आई। सुबह से तेज धूप ने पसीना छुड़ा दिया। राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान 37. 1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शाम करीब पांच बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला। ओले, बारिश और तेज हवाओं से मौसम सुहावना हो गया।
दून में शाम को बारिश के चलते तापमान में करीब पांच डिग्री की गिरावट आई। लेकिन कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण फ्लेक्स आदि तक उड़ गए। वहीं एक स्कूटी सवार महिला की गिरने के कारण चोट भी लग गई।
मैदानी अंचल में शुक्रवार को दोपहर बाद आसमान में बादलों की काली घटा छा गई हालांकि, कुछ ही देर में यह बादल हवा के साथ साफ हो गए। लेकिन ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहाना हो गया।
करीब 10 मिनट तक चकराता, ठाणा, मुंशीगांव, लोहारी, नागथात, लुहारना, लक्सियार, सरियाना, दुईना, बिसोई, रामपुर, सिंगोर, लुहन, थलीन और आसपास के क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई जबकि, दो घंटे तक बारिश का दौर जारी रहा।
| राजधानी सहित प्रदेश के कई मैदानी क्षेत्रों में शुक्रवार को दिन में तन झुलसाने वाली गर्मी के बाद शाम को बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बड़ी राहत मिली। कई दिन से लगातार बढ़ती गर्मी शुक्रवार को उफान पर नजर आई। सुबह से तेज धूप ने पसीना छुड़ा दिया। राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान सैंतीस. एक डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शाम करीब पांच बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला। ओले, बारिश और तेज हवाओं से मौसम सुहावना हो गया। दून में शाम को बारिश के चलते तापमान में करीब पांच डिग्री की गिरावट आई। लेकिन कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण फ्लेक्स आदि तक उड़ गए। वहीं एक स्कूटी सवार महिला की गिरने के कारण चोट भी लग गई। मैदानी अंचल में शुक्रवार को दोपहर बाद आसमान में बादलों की काली घटा छा गई हालांकि, कुछ ही देर में यह बादल हवा के साथ साफ हो गए। लेकिन ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहाना हो गया। करीब दस मिनट तक चकराता, ठाणा, मुंशीगांव, लोहारी, नागथात, लुहारना, लक्सियार, सरियाना, दुईना, बिसोई, रामपुर, सिंगोर, लुहन, थलीन और आसपास के क्षेत्र में ओलावृष्टि हुई जबकि, दो घंटे तक बारिश का दौर जारी रहा। |
Exit Poll 2022: उत्तर प्रदेश करीब तीन दशक पुरानी राजनीतिक परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार भाजपा को सत्ता सौंपने को तैयार है। वहीं दूसरी ओर सबकी उम्मीदों पर झाड़ू फेरते हुए पंजाब में आम आदमी पार्टी सत्ता में आ सकती है। सोमवार को उत्तर प्रदेश में सातवें और आखिरी चरण के लिए मतदान संपन्न होते ही पांच राज्यों को लेकर आए एक्जिट पोल कुछ ऐसी ही तस्वीर दिखा रहे हैं। उत्तराखंड में भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर होती दिख रही है। हालांकि अनुमान है कि भाजपा सरकार बचा लेगी। गोवा में ज्यादातर एक्जिट पोल त्रिशंकु नतीजों का अनुमान लगा रहे हैं और मणिपुर में भाजपा कांग्रेस से आगे खड़ी दिख रही है।
सही मायने में इस चुनाव में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश और किसान आंदोलन से लेकर अंदरूनी लड़ाई तक का केंद्र बने पंजाब पर सबकी निगाह है। राजनीतिक रूप से अहम उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार विपक्षी खेमे में नया प्रयोग हुआ। कोविड से लेकर किसान आंदोलन तक उत्तर प्रदेश को राजनीतिक अखाड़ा भी बनाया गया। हालांकि सात चरणों के बाद जारी हुए एक्जिट पोल की मानें तो विपक्षी दांव नहीं चल पाया। सभी सर्वे एजेंसियां भाजपा को बहुमत दे रही हैं। औसतन भाजपा को 403 में से 250 के आसपास सीटें दी गईं। इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया ने भाजपा के 300 पार के दावे को सही होता दिखाया है। फिलहाल हर तरह से यह जीत बहुत बड़ी होगी, क्योंकि उत्तर प्रदेश में अरसे से कोई सरकार दोबारा नहीं जीती है। उत्तर प्रदेश के नतीजों को लोकसभा के लिए अहम माना जाता है। सीटें कम हुईं तो भाजपा को विचार करना पड़ सकता है कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव में मिले समर्थन के बाद अब समर्थन कम क्यों हुआ या समर्थकों का उत्साह क्यों कम हुआ। 2017 में भाजपा को साथी दलों समेत सवा तीन सौ सीटें मिली थीं।
| Exit Poll दो हज़ार बाईस: उत्तर प्रदेश करीब तीन दशक पुरानी राजनीतिक परंपरा को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार भाजपा को सत्ता सौंपने को तैयार है। वहीं दूसरी ओर सबकी उम्मीदों पर झाड़ू फेरते हुए पंजाब में आम आदमी पार्टी सत्ता में आ सकती है। सोमवार को उत्तर प्रदेश में सातवें और आखिरी चरण के लिए मतदान संपन्न होते ही पांच राज्यों को लेकर आए एक्जिट पोल कुछ ऐसी ही तस्वीर दिखा रहे हैं। उत्तराखंड में भाजपा-कांग्रेस में कांटे की टक्कर होती दिख रही है। हालांकि अनुमान है कि भाजपा सरकार बचा लेगी। गोवा में ज्यादातर एक्जिट पोल त्रिशंकु नतीजों का अनुमान लगा रहे हैं और मणिपुर में भाजपा कांग्रेस से आगे खड़ी दिख रही है। सही मायने में इस चुनाव में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश और किसान आंदोलन से लेकर अंदरूनी लड़ाई तक का केंद्र बने पंजाब पर सबकी निगाह है। राजनीतिक रूप से अहम उत्तर प्रदेश में लगातार तीसरी बार विपक्षी खेमे में नया प्रयोग हुआ। कोविड से लेकर किसान आंदोलन तक उत्तर प्रदेश को राजनीतिक अखाड़ा भी बनाया गया। हालांकि सात चरणों के बाद जारी हुए एक्जिट पोल की मानें तो विपक्षी दांव नहीं चल पाया। सभी सर्वे एजेंसियां भाजपा को बहुमत दे रही हैं। औसतन भाजपा को चार सौ तीन में से दो सौ पचास के आसपास सीटें दी गईं। इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया ने भाजपा के तीन सौ पार के दावे को सही होता दिखाया है। फिलहाल हर तरह से यह जीत बहुत बड़ी होगी, क्योंकि उत्तर प्रदेश में अरसे से कोई सरकार दोबारा नहीं जीती है। उत्तर प्रदेश के नतीजों को लोकसभा के लिए अहम माना जाता है। सीटें कम हुईं तो भाजपा को विचार करना पड़ सकता है कि दो हज़ार चौदह और दो हज़ार उन्नीस के लोकसभा चुनाव और दो हज़ार सत्रह के विधानसभा चुनाव में मिले समर्थन के बाद अब समर्थन कम क्यों हुआ या समर्थकों का उत्साह क्यों कम हुआ। दो हज़ार सत्रह में भाजपा को साथी दलों समेत सवा तीन सौ सीटें मिली थीं। |
कुछ सवालों को अपने जवाब का इंतजार है। दूसरे टेस्ट से पहले कुछ बातों पर रुख साफ करने की जरूरत है। स्टुअर्ट बिन्नी ने भारत के लिए पहला टेस्ट बचाया, लेकिन बिन्नी वो गेंदबाजी ऑलराउंडर नहीं हैं, जिसकी तलाश भारत को है। तो क्या अश्विन जैसे विशेषज्ञ गेंदबाज की कीमत पर टीम में अभी भी उनकी जगह बनती है।
(रवि शास्त्री का कॉलम)
कुछ सवालों को अपने जवाब का इंतजार है। दूसरे टेस्ट से पहले कुछ बातों पर रुख साफ करने की जरूरत है। स्टुअर्ट बिन्नी ने भारत के लिए पहला टेस्ट बचाया, लेकिन बिन्नी वो गेंदबाजी ऑलराउंडर नहीं हैं, जिसकी तलाश भारत को है। तो क्या अश्विन जैसे विशेषज्ञ गेंदबाज की कीमत पर टीम में अभी भी उनकी जगह बनती है। जवाब है, हां। वह इसलिए क्योंकि टीम में जगह बनाने के लिए अश्विन का सीधा मुकाबला रवींद्र जडेजा से है।
चलिए अभी आप इस तर्क को भी नजरअंदाज कर दीजिए कि इंग्लैंड की टीम में छह बायें हाथ के बल्लेबाज हैं, जिनके खिलाफ अश्विन कारगर साबित हो सकते हैं। मगर इस बात पर तो गौर करना ही होगा कि मुरलीधरन और ग्रीम स्वान के अलावा अन्य स्पिनर लॉडर््स पर संघर्ष करते रहे हैं। यहां तक कि अनिल कुंबले और शेन वार्न भी इस पिच पर पारी में पांच विकेट नहीं ले सके हैं। ऐसे में एक विशेषज्ञ स्पिनर के तौर पर जडेजा की जगह अश्विन पहली पसंद हो सकते हैं।
भुवश्नेवर कुमार ने पांच विकेट हासिल करने के लिए तीस से अधिक ओवर फेंके। पहले टेस्ट की दोनों पारियों में उन्होंने अर्धशतक लगाया। तो क्या अब हमें उन्हें एक गेंदबाजी ऑलराउंडर के तौर पर देखना चाहिए। एक सच्चाई यह भी है कि भारतीय टीम पांच गेंदबाजों की अपनी रणनीति से पीछे नहीं हट सकती। विशेषकर यह देखते हुए कि पहले टेस्ट की दोनों पारियों में 400 से अधिक रन बने। साथ ही लॉडर््स पर दो स्पिनर खिलाने का भी कोई मतलब नहीं है।
इस लिहाज से हम कह सकते हैं कि अगर भारतीय टीम में किसी बदलाव की गुंजाइश है तो वो जडेजा के स्थान पर अश्विन को टीम में जगह देने की है। मैं अश्विन को इस मैच में गेंदबाजी करते देखना चाहता हूं। भारत को एक ऐसे स्पिनर की जरूरत है जो विकेट ले सके और अपनी विविधता भरी गेंदबाजी से निचले क्रम को जल्द निपटा सके। रूट और एंडरसन की साझेदारी के दौरान हमें ऐसे गेंदबाज की कमी खली थी।
ऐसे में जबकि भारत पांच विशेषज्ञ बल्लेबाजों के साथ मैदान पर उतर रहा है तो टीम धवन और कोहली की असफलता का बोझ नहीं उठा सकती। रहाणे को भी अच्छी शुरुआत का अधिक से अधिक लाभ उठाना होगा। टीम को वैसी ही बल्लेबाजी की जरूरत है जैसी विजय ने की। उन्होंने दिखाया कि सत्र दर सत्र ध्यान में रखकर की गई बल्लेबाजी कितनी लाभदायक होती है।
मुझे लॉडर््स पर परिणाम निकलने की उम्मीद है। वैसे भी आप इंग्लैंड में लगातार दो ड्रॉ टेस्ट की उम्मीद नहीं कर सकते। पहली पारी में बड़ा स्कोर किसी भी टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।
(टीसीएम)
| कुछ सवालों को अपने जवाब का इंतजार है। दूसरे टेस्ट से पहले कुछ बातों पर रुख साफ करने की जरूरत है। स्टुअर्ट बिन्नी ने भारत के लिए पहला टेस्ट बचाया, लेकिन बिन्नी वो गेंदबाजी ऑलराउंडर नहीं हैं, जिसकी तलाश भारत को है। तो क्या अश्विन जैसे विशेषज्ञ गेंदबाज की कीमत पर टीम में अभी भी उनकी जगह बनती है। कुछ सवालों को अपने जवाब का इंतजार है। दूसरे टेस्ट से पहले कुछ बातों पर रुख साफ करने की जरूरत है। स्टुअर्ट बिन्नी ने भारत के लिए पहला टेस्ट बचाया, लेकिन बिन्नी वो गेंदबाजी ऑलराउंडर नहीं हैं, जिसकी तलाश भारत को है। तो क्या अश्विन जैसे विशेषज्ञ गेंदबाज की कीमत पर टीम में अभी भी उनकी जगह बनती है। जवाब है, हां। वह इसलिए क्योंकि टीम में जगह बनाने के लिए अश्विन का सीधा मुकाबला रवींद्र जडेजा से है। चलिए अभी आप इस तर्क को भी नजरअंदाज कर दीजिए कि इंग्लैंड की टीम में छह बायें हाथ के बल्लेबाज हैं, जिनके खिलाफ अश्विन कारगर साबित हो सकते हैं। मगर इस बात पर तो गौर करना ही होगा कि मुरलीधरन और ग्रीम स्वान के अलावा अन्य स्पिनर लॉडर््स पर संघर्ष करते रहे हैं। यहां तक कि अनिल कुंबले और शेन वार्न भी इस पिच पर पारी में पांच विकेट नहीं ले सके हैं। ऐसे में एक विशेषज्ञ स्पिनर के तौर पर जडेजा की जगह अश्विन पहली पसंद हो सकते हैं। भुवश्नेवर कुमार ने पांच विकेट हासिल करने के लिए तीस से अधिक ओवर फेंके। पहले टेस्ट की दोनों पारियों में उन्होंने अर्धशतक लगाया। तो क्या अब हमें उन्हें एक गेंदबाजी ऑलराउंडर के तौर पर देखना चाहिए। एक सच्चाई यह भी है कि भारतीय टीम पांच गेंदबाजों की अपनी रणनीति से पीछे नहीं हट सकती। विशेषकर यह देखते हुए कि पहले टेस्ट की दोनों पारियों में चार सौ से अधिक रन बने। साथ ही लॉडर््स पर दो स्पिनर खिलाने का भी कोई मतलब नहीं है। इस लिहाज से हम कह सकते हैं कि अगर भारतीय टीम में किसी बदलाव की गुंजाइश है तो वो जडेजा के स्थान पर अश्विन को टीम में जगह देने की है। मैं अश्विन को इस मैच में गेंदबाजी करते देखना चाहता हूं। भारत को एक ऐसे स्पिनर की जरूरत है जो विकेट ले सके और अपनी विविधता भरी गेंदबाजी से निचले क्रम को जल्द निपटा सके। रूट और एंडरसन की साझेदारी के दौरान हमें ऐसे गेंदबाज की कमी खली थी। ऐसे में जबकि भारत पांच विशेषज्ञ बल्लेबाजों के साथ मैदान पर उतर रहा है तो टीम धवन और कोहली की असफलता का बोझ नहीं उठा सकती। रहाणे को भी अच्छी शुरुआत का अधिक से अधिक लाभ उठाना होगा। टीम को वैसी ही बल्लेबाजी की जरूरत है जैसी विजय ने की। उन्होंने दिखाया कि सत्र दर सत्र ध्यान में रखकर की गई बल्लेबाजी कितनी लाभदायक होती है। मुझे लॉडर््स पर परिणाम निकलने की उम्मीद है। वैसे भी आप इंग्लैंड में लगातार दो ड्रॉ टेस्ट की उम्मीद नहीं कर सकते। पहली पारी में बड़ा स्कोर किसी भी टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचाने में मदद कर सकता है। |
प्रश्न-1. एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया, चीन की बेल्ड एंड रोल पहल का विरोध किया। चीन के राष्ट्रपति ने शीत युद्ध के खिलाफ आगाह किया, पुतिन ने सशस्त्र विद्रोह का मुद्दा उठाया, पाकिस्तान ने आतंकवाद को 'कई सिर वाला राक्षस' बताया। इस सबको कैसे देखते हैं आप? साथ ही ईरान को इस संगठन का सदस्य बनाने से क्या लाभ होगा?
उत्तर- यह अच्छी बात रही कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के नेताओं ने आतंकवाद के किसी भी कृत्य को "आपराधिक, अनुचित" करार देते हुए राजनीतिक एवं भू-राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आतंकवादियों एवं चरमपंथी समूहों के इस्तेमाल को "अस्वीकार्य" बताया। एससीओ देशों ने अपने-अपने राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप ऐसे आतंकवादियों, अलगाववादियों और चरमपंथी समूहों की समान सूची तैयार करने के लिए साझा सिद्धांत विकसित करने पर सहमति व्यक्त की, जिनकी गतिविधियां सदस्य देशों के क्षेत्रों में प्रतिबंधित है। भारत की अध्यक्षता में डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक के समापन पर एक साझा बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि सदस्य देश आतंकवाद के वित्त पोषण के माध्यमों को रोकने, आतंकी भर्ती से जुड़ी गतिविधियों को बंद करने और सीमापार आतंकवादियों की आवाजाही पर लगाम लगाने के साथ आतंक के छिपे स्वरूपों और आतंकवादियों की पनाहगाहों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाएंगे। इसमें कहा गया है कि सदस्य देश आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़े शब्दों में निंदा करने को प्रतिबद्ध हैं, चाहे यह किसी के द्वारा और किसी उद्देश्य के लिए होता हो। साझा बयान में कहा गया है कि आतंकवाद को किसी धर्म, सभ्यता, राष्ट्रीयता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आदि मौजूद थे। शिखर बैठक में अलग से 'दिल्ली घोषणापत्र' जारी किया गया जिसमें कहा गया है कि एससीओ के सदस्य देश आतंकवाद के प्रसार से निपटने के लिए उपयुक्त माहौल तैयार करने को प्रतिबद्ध हैं। इसमें डिजिटल परिवर्तन पर भी एक घोषणापत्र जारी किया गया।
इस बैठक के दौरान भारत ने चीन की महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड' परियोजना (बीआरआई) का एक बार फिर समर्थन करने से इंकार कर दिया। इसी के साथ वह इस परियोजना का समर्थन नहीं करने वाला शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का एकमात्र देश बन गया। भारत की मेजबानी में वर्चुअल माध्यम से आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के अंत में जारी घोषणा में कहा गया कि रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने बीआरआई के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। घोषणा के मुताबिक, "चीन की 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' (बीआरआई) पहल के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करते हुए कजाकिस्तान गणराज्य, किर्गिज गणराज्य, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान गणराज्य और उज्बेकिस्तान गणराज्य ने संयुक्त रूप से इस परियोजना को लागू करने के लिए जारी काम पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन और बीआरआई के निर्माण को जोड़ने का प्रयास भी शामिल है। " इसमें कहा गया है, "इन देशों ने इच्छुक सदस्य देशों द्वारा आपसी समझौतों के तहत राष्ट्रीय मुद्राओं की हिस्सेदारी में क्रमिक वृद्धि के रोडमैप को लागू करने के पक्ष में बात की। " घोषणा के अनुसार, सदस्य राज्यों ने 'इच्छुक सदस्य देशों' द्वारा अपनाई गई एससीओ आर्थिक विकास रणनीति 2030 के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना और डिजिटल अर्थव्यवस्था, उच्च प्रौद्योगिकी एवं सड़क तथा रेल परिवहन के लिए मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मार्गों के आधुनिकीकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परियोजनाओं को गति देना महत्वपूर्ण माना। शिखर सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्पर्क को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि ऐसे प्रयास करते समय एससीओ चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों, विशेष रूप से सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना आवश्यक है।
अमेरिका के साथ चीन के तनाव भरे संबंधों के बीच शी ने कहा, "हमें अपने आंतरिक मामलों में किसी भी हस्तक्षेप और किसी भी बहाने से किसी भी देश द्वारा प्रदर्शन को उकसावे को दृढ़ता से अस्वीकार करना चाहिए। हमारे विकास का भविष्य मजबूती से हमारे ही हाथों में होना चाहिए। " उन्होंने बहुपक्षीयता को बरकरार रखने और वैश्विक प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करने के महत्व को रेखांकित किया। शी ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा एससीओ देशों के बीच आदान प्रदान एवं लोगों के बीच सम्पर्क बढ़ाने के लिए प्रयास करने पर भी जोर दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि चीन बातचीत और परामर्श के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय विवादों के निपटारे को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा प्रस्तावित वैश्विक सुरक्षा पहल (जीएसआई) को लागू करने के लिए सभी पक्षों के साथ काम करने को तैयार है। शी ने यह भी कहा, "हमें अपने कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग के लिए तंत्र को मजबूत करने तथा डिजिटल, जैविक और बाहरी अंतरिक्ष सुरक्षा सहित गैर-पारंपरिक सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के लिए तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। " तालिबान शासित अफगानिस्तान पर शी ने कहा कि एससीओ देशों को अफगानिस्तान के पड़ोसियों के बीच समन्वय और सहयोग के तंत्र जैसे मंच का उपयोग जारी रखना चाहिए। शी ने कहा, "हमें रणनीतिक संचार और समन्वय को बढ़ाना चाहिए, बातचीत के माध्यम से मतभेदों को दूर करना चाहिए और प्रतिस्पर्धा को सहयोग से बदलना चाहिए। हमें वास्तव में एक-दूसरे के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं का सम्मान करना चाहिए तथा विकास और कायाकल्प के लिए एक-दूसरे के प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करना चाहिए। " शी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारतीय और चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के कुछ बिंदुओं पर तीन साल से अधिक समय से आमने-सामने हैं। भारत ने चीन को यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति नहीं होगी, दोनों देशों के बीच संबंध आगे नहीं बढ़ सकते।
सरकारी 'शिन्हुआ' समाचार एजेंसी के अनुसार, शी ने एससीओ सदस्य देशों से देशों को जोड़ने एवं सम्पर्क बढ़ाने के लिए अरबों डालर की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) परियोजना के तहत विभिन्न देशों की विकास रणनीति एवं क्षेत्रीय सहयोग पहल के जरिये उच्च गुणवत्तापूर्ण सहयोग की वकालत की। राष्ट्रपति शी ने 2013 में सत्ता में आने के बाद बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) की शुरूआत की थी। इसका मकसद भूमि और समुद्र मार्ग के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ना है। बीआरआई के तहत ही 60 अरब डालर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे की शुरूआत की गई है। भारत ने इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है।
इसके अलावा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद के "कई सिर वाले राक्षस" से पूरी ताकत और दृढ़ता के साथ लड़ा जाना चाहिए। उन्होंने इसे कूटनीतिक फायदे के लिए हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल करने के खिलाफ भी आगाह किया। भारत द्वारा आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्राध्यक्षों की 23वीं बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने धार्मिक अल्पसंख्यकों के बारे में भी बात की। प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा, "आतंकवाद और उग्रवाद के कई सिर वाले राक्षस से-चाहे वह व्यक्तियों, समाज या राज्यों द्वारा प्रायोजित हो- पूरी ताकत और दृढ़ विश्वास के साथ लड़ना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में कूटनीतिक मुद्दे के लिए इसे एक औजार के रूप में इस्तेमाल करने के किसी भी प्रलोभन से बचना चाहिए। " शरीफ ने कहा, "राज्य प्रायोजित आतंकवाद समेत सभी तरह के आतंकवाद की स्पष्ट और कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। चाहे कारण या बहाना कुछ भी हो, निर्दोष लोगों की हत्या का कोई औचित्य नहीं हो सकता है। " उन्होंने कहा कि आतंकवाद के संकट से लड़ने में पाकिस्तान द्वारा किए गए बलिदानों की कोई तुलना नहीं है, लेकिन यह अभी भी इस क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है और शांति तथा स्थिरता के लिए "गंभीर बाधा" है।
प्रधानमंत्री शरीफ ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर भी किसी भी देश का नाम लिए बिना कहा कि "घरेलू राजनीतिक एजेंडे के लिए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नकारात्मक रूप से दिखाने के चलन को रोका जाना चाहिए। " शरीफ ने कश्मीर मुद्दे को भी उठाने की कोशिश की और लंबित विवादों के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद की तीन बुराइयों के बारे में भी बात की और एससीओ देशों से इन बुराइयों का मुकाबला करने के लिए अपनी राष्ट्रीय और सामूहिक क्षमता, दोनों के साथ ठोस और तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने संपर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आधुनिक वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक परिभाषित विशेषता बन गई है। उन्होंने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) के बारे में कहा कि यह क्षेत्र में संपर्क और समृद्धि के लिए "गेम चेंजर" हो सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा, "पाकिस्तान जिस जगह स्थित है, वह एक प्राकृतिक सेतु के रूप में कार्य करता है, जो यूरोप और मध्य एशिया को चीन, दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया से जोड़ता है। " उन्होंने कहा कि सीपीईसी के तहत विशेष आर्थिक क्षेत्र, क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सुविधाजनक माध्यम के रूप में भी काम कर सकते हैं। सीपीईसी के तहत पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ा जाना है। यह चीन की कई अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) की प्रमुख परियोजना है। भारत ने सीपीईसी पर चीन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजर रहा है। शरीफ ने यह भी कहा कि "जलवायु-प्रेरित आपदा हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रही है" और इससे निपटने के लिए वैश्विक एकजुटता और प्रतिक्रिया की जरूरत है। उन्होंने पिछले साल पाकिस्तान में आई बाढ़ का भी जिक्र किया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को 30 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। उन्होंने विकसित देशों से जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए गरीबों की मदद करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबी उन्मूलन एससीओ देशों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जहां दुनिया के सबसे ज्यादा गरीब हैं। उन्होंने कहा कि युद्धों और अन्य संबंधित मुद्दों के कारण वस्तुओं की कीमत में वृद्धि पर एससीओ देशों को कदम उठाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में स्थिरता साझा उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को भी किसी भी आतंकवादी संगठन द्वारा अपने क्षेत्र के इस्तेमाल को रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए। एससीओ की स्थापना 2001 में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों द्वारा की गई थी। वर्ष 2017 में भारत के साथ पाकिस्तान इसका स्थायी सदस्य बन गया।
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हाल ही में वैग्नर ग्रुप' के प्रमुख येवगेनी प्रीगोझिन और उनके लड़ाकों ने रूस के खिलाफ विद्रोह करते हुए मॉस्को की तरफ कूच किया था। हालांकि, उन्होंने अचानक क्रेमलिन के साथ समझौते के बाद निर्वासन में जाने और पीछे हटने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद दो दशकों से अधिक समय से सत्तारूढ़ पुतिन के नेतृत्व पर भी सवाल उठे थे। एससीओ की बैठक में पुतिन ने कहा, "इस अवसर पर मैं एससीओ के अपने सहयोगी देशों के सदस्यों को संवैधानिक व्यवस्था, जानमाल और नागरिकों की सुरक्षा करने में रूसी नेतृत्व का समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं। " उन्होंने कहा कि सभी एससीओ सदस्य देशों के साथ निर्यात लेनदेन में रूस की राष्ट्रीय मुद्रा की हिस्सेदारी वर्ष 2022 में 40 प्रतिशत से अधिक रही। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि एससीओ 'सही अर्थो में न्यायपूर्ण' और 'बहुध्रुवीय' विश्व व्यवस्था' सृजित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
रईसी ने कहा कि पिछले दशकों के अनुभव पर भरोसा करते हुए अब यह काफी स्पष्ट हो गया है कि सैन्यीकरण के साथ जो चीज पश्चिमी प्रभुत्व प्रणाली का आधार रही है, वह है डॉलर का प्रभुत्व। उन्होंने कहा कि इसलिए एक निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय प्रणाली को आकार देने के किसी भी प्रयास के लिए अंतर-क्षेत्रीय संबंधों में प्रभुत्व के इस साधन को हटाने की आवश्यकता है। उन्होंने शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि ईरान के समूह में शामिल होने से ऐतिहासिक लाभ होंगे।
प्रश्न-2. रूस-यूक्रेन युद्ध के ताजा हालात क्या हैं? हाल ही में रूसी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को जो फोन किया था उसके क्या मायने हैं?
उत्तर- युद्ध के ताजा हालात को देखें तो रूस बढ़त बनाता दिख रहा है क्योंकि यूक्रेन को पश्चिमी देशों के आश्वासन के बावजूद हथियारों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इसलिए यूक्रेन की तरफ से पलटवार लगभग स्थिर हो गया है। जहां तक इस तरह की खबर है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को परमाणु हथियारों का उपयोग करने से रोका तो इस बात की संभावना काफी हद तक है क्योंकि पुतिन आजकल जिनपिंग की बात काफी मान रहे हैं। इस युद्ध में चीन जिस तरह खुलकर रूस का साथ दे रहा है उसको देखते हुए पुतिन इस स्थिति में नहीं हैं कि चीन के किसी अनुरोध को पूरी तरह खारिज कर सकें। इसके अलावा शी जिनपिंग खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति का मसीहा साबित करना चाहते हैं इसलिए आजकल वह वैश्विक मामलों में विवाद की स्थिति को सुलझाने में सहयोग की पेशकश कर रहे हैं। अभी की संभावना देखें तो परमाणु युद्ध का खतरा तो नजर नहीं आ रहा है लेकिन यह जरूर दिख रहा है कि न्यूक्लियर रेडियेशन के जरिये यूक्रेन को तबाह किया जा सकता है। हालांकि रूस इस तरह का कोई कदम उठायेगा इसकी संभावना ज्यादा नहीं लगती है। रूस का तो आरोप है कि यूक्रेन खुद पर न्यूक्लियर रेडियेशन हमला करवा सकता है ताकि रूस पर आरोप लगाया जा सके। रूस का कहना है कि यूक्रेन युद्ध अपने हाथ से निकलते देख कोई आत्मघाती कदम उठा सकता है। रूस यूक्रेन का 25 प्रतिशत से ज्यादा भाग अपने कब्जे में ले चुका है और यूक्रेन उसमें से बहुत कम इलाका अब तक वापस ले पाया है। दूसरा वैगनर ग्रुप की बगावत पर काबू पाने के बाद अब पुतिन सारे कदम फूंक फूंक कर रख रहे हैं।
जहां तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच हुई फोन वार्ता की बात है तो आपको बता दें कि रूसी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फोन पर "सार्थक" बातचीत की तथा द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं के बीच टेलीफोन पर बातचीत शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के डिजिटल शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले हुई। इससे एक दिन पहले, रूस के सुरक्षा परिषद सचिव निकोलाई पेत्रुशेव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच द्विपक्षीय संबंधों और रूस में नवीनतम सुरक्षा घटनाक्रम पर चर्चा हुई थी। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मोदी और पुतिन ने द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की और आपसी हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता संपर्क में बने रहने तथा दोनों देशों के बीच विशेष एवं विशिष्ट रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रयास जारी रखने पर सहमत हुए। यह उल्लेख करते हुए कि फोन कॉल भारतीय पक्ष की ओर से की गई, क्रेमलिन प्रेस सेवा ने कहा, "बातचीत का स्वरूप सार्थक एवं रचनात्मक रहा। नेताओं ने रूस और भारत के बीच विशिष्ट रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए आपसी प्रतिबद्धता दोहराई और संपर्क जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। " नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की और विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं को जारी रखने के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार 2022 में काफी बढ़ गया, और यह सिलसिला 2023 की पहली तिमाही में भी जारी रहा। क्रेमलिन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने मोदी को कूटनीति के माध्यम से संघर्ष को सुलझाने से यूक्रेन के स्पष्ट इनकार के बारे में सूचित किया। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के बयान के हवाले से कहा, "दोनों नेताओं ने यूक्रेन से संबंधित स्थिति पर चर्चा की। रूसी राष्ट्रपति ने विशेष सैन्य अभियान क्षेत्र में वर्तमान स्थिति का जिक्र किया, जो संघर्ष को हल करने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक कदम उठाने से कीव के स्पष्ट इनकार की ओर इशारा करता है। " विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मुद्दे के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का अपना आह्वान दोहराया। हम आपको याद दिला दें कि भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की निंदा नहीं की है और वह कहता रहा है कि संकट को कूटनीति एवं बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। क्रेमलिन के बयान में यह भी कहा गया कि मोदी ने पुतिन को अपनी हालिया अमेरिका यात्रा और राष्ट्रपति जो. बाइडन के साथ बातचीत के बारे में बताया। क्रेमलिन ने कहा, 'नरेन्द्र मोदी ने उन्हें (पुतिन को) अपने अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में बताया, जिसमें उनकी हालिया वाशिंगटन यात्रा भी शामिल है। ' दोनों नेताओं ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और जी20 के भीतर अपने देशों के सहयोग पर भी चर्चा की।
क्रेमलिन के बयान में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले हफ्ते वैगनर समूह द्वारा कुछ समय के लिए किए गए सशस्त्र विद्रोह के संबंध में रूसी नेतृत्व द्वारा उठाए गए कदमों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। इसमें कहा गया, "24 जून के घटनाक्रम के संबंध में, नरेन्द्र मोदी ने कानून और व्यवस्था की रक्षा करने तथा देश में स्थिरता और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रूसी अधिकारियों की ठोस कार्रवाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया। " येवगेनी प्रिगोझिन और उनके वैगनर समूह द्वारा किया गया विद्रोह राष्ट्रपति पुतिन के लिए उनके दो दशकों से अधिक के शासन में सबसे गंभीर चुनौती बन सकता था। इस घटनाक्रम से पुतिन के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े हो गए। वैगनर समूह ने रोस्तोव-ऑन-डॉन शहर पर कब्ज़ा कर लिया था। विद्रोह तब समाप्त हुआ जब प्रिगोझिन ने मॉस्को की तरफ बढ़ रहे अपने सैनिकों को वापस लौटने का आदेश दिया।
प्रश्न-3. इजराइल और फिलस्तीन एक बार फिर मरने मारने पर आमादा हैं। इस बार के संघर्ष को कैसे देखते हैं आप?
उत्तर- इजराइल और फिलस्तीन के बीच विवाद आरम्भकाल से ही रहा है। इजराइल की शुरू से ही रणनीति रही है कि हर हमले का तगड़ा जवाब देकर ही दुश्मन को सबक सिखाया जा सकता है। अभी की जो स्थिति है वह कोई अलग नहीं है। इन दोनों देशों के बीच इस तरह का विवाद चलता ही रहेगा। ना फिलस्तीन अपनी हरकतों से बाज आयेगा और ना ही इजराइल सबक सिखाने का अवसर छोड़ेगा। इस संघर्ष के बने रहने का एक कारण यह भी है कि कुछ ताकतें हैं जोकि इजराइल की तरक्की और उसकी अमेरिका से घनिष्ठता से जलती हैं इसलिए वह इजराइल को नुकसान पहुँचाने का कोई मौका नहीं छोड़तीं।
प्रश्न-4. फ्रांस में जो बवाल हुआ, वह विश्व के अन्य देशों के लिए क्या संदेश है?
उत्तर- फ्रांस में जो कुछ हुआ उसकी विश्व में किसी ने कल्पना नहीं की होगी। एक खूबसूरत और समृद्ध देश को जिस तरह आग के हवाले किया गया वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। फ्रांस में हिंसा और आगजनी की जो खबरें आ रही हैं उससे पूरी दुनिया हैरान है। हाल ही में यहां पेंशन सुधारों के विरोध में लंबे समय तक हिंसक प्रदर्शन हुए थे और कुछ दिनों पहले ही शांति हुई थी। लेकिन अब एक नाबालिग लड़के के खिलाफ पुलिस की निर्मम कार्रवाई ने लोगों को उद्वेलित कर दिया है जिससे वह सड़कों पर उतर कर हंगामा कर रहे हैं। लेकिन इस हंगामे ने दुनिया को इस बात के लिए सतर्क कर दिया है कि क्या इतनी बड़ी संख्या में रिफ्यूजियों को अपने यहां बसने देना चाहिए? क्या शरणार्थियों को ज्यादा अधिकार और सुविधाएं दी जानी चाहिए? फ्रांस में बाहर से आकर बसे लोगों ने जिस तरह देश में हंगामा किया वह पूरी दुनिया के लिए बड़ा संदेश है।
फ्रांस में कुछ लोगों ने मारे गये युवक के परिजनों के लिए चंदा इकट्ठा किया मगर उससे ज्यादा राशि उन लोगों ने एकत्रित कर ली जिन्होंने कानून तोड़ने वाले युवक को गोली मारने वाले पुलिसकर्मी के परिजनों की सहायता के लिए अभियान चलाया था। यह संकेत है कि फ्रांस की जनता कानून का शासन चाहती है। इसके अलावा जिस तरह फ्रांस की आम जनता ने हंगामा करने वालों का विरोध सड़कों पर उतर कर किया उससे यह भी प्रदर्शित हुआ कि देश के मूल निवासी एकजुट हैं।
प्रश्न-5. कनाडा और अमेरिका में जिस तरह खालिस्तानी गतिविधियां बढ़ रही हैं, खालिस्तान फ्रीडम रैली निकाली जा रही है। भारतीय दूतावासों, मिशनों को निशाना बनाया जा रहा है। उसे कैसे देखते हैं आप?
उत्तर- कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन में जो लोग खालिस्तान समर्थकों को पाल पोस रहे हैं उन्हें समझना होगा कि यह लोग भारत का तो कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे अपितु ये लोग एक दिन उस देश को ही नुकसान पहुँचाने में जरूरत सफल हो जायेंगे। जहां तक इस मुद्दे पर भारत का रुख है तो सरकार ने कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका जैसे देशों में खालिस्तानी तत्वों की गतिविधियों एवं हिंसा भड़काने की घटनाओं को 'अस्वीकार्य' करार देते हुए कहा है कि दूसरे देशों में राजनयिकों, अपने मिशन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मेजबान देश से वियना संधि के अनुरूप दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद की जाती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, "भारतीय राजनयिकों, मिशन के खिलाफ हिंसा भड़काने वाले पोस्टर अस्वीकार्य हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है और हमने संबंधित देशों के समक्ष इस विषय को उठाया है। " उन्होंने कहा, "हमारी अपेक्षा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर आतंकवादी, चरमपंथी तत्वों को कोई स्थान नहीं दिया जाए। " बागची ने कहा कि राजनयिकों, वाणिज्य दूतावासों, उच्चायोगों को लेकर पोस्टर लगाने का मुद्दा काफी गंभीर है, जिनमें हिंसा के लिए उकसाने, धमकी देने की बात की गई है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, आस्ट्रेलिया से बात की गई है, कुछ जगहों से तत्काल कार्रवाई की सूचना मिली है और कुछ स्थानों को लेकर अपेक्षा है कि कार्रवाई की जायेगी। बागची ने कहा कि अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले की घटना को भी वहां के प्रशासन के समक्ष उठाया गया और वहां से उच्च स्तर पर प्रतिक्रिया आई है तथा ऐसे कृत्य को उन्होंने आपराधिक बताया है। कुछ दिन पहले ही भारत ने नयी दिल्ली में कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किया था और कनाडा में खालिस्तान समर्थकों की बढ़ती गतिविधियों पर एक 'डिमार्शे' (आपत्ति जताने वाला पत्र) जारी किया था। समझा जाता है कि भारत ने कनाडा के अधिकारियों से आठ जून को कनाडा में भारतीय मिशन के बाहर खालिस्तान समर्थक समूहों के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर उचित कदम उठाने को भी कहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह मुद्दा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं है बल्कि इनके नाम पर ही आतंकवादी तत्वों, अलगाववादी तत्वों को मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा, "हम जानना चाहते हैं कि देशों ने क्या कार्रवाई की या क्या कार्रवाई की जा रही है क्योंकि पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। " बागची ने कहा, "हम ऐसे हमलों या धमकियों को काफी गंभीरता से लेते हैं और जो भी कार्रवाई जरूरी है, हम करते रहेंगे। " उन्होंने कहा कि हमारा दूतावास ऐसी घटनाओं पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन के सम्पर्क में है। प्रवक्ता ने कहा कि मेजबान देश से वियना संधि के अनुरूप दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद की जाती है। भारत ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर खालिस्तान समर्थकों के हमले का मामला भी अमेरिका के साथ उठाया है। यह कुछ महीनों के भीतर सैन फ्रांसिस्को में राजनयिक मिशन पर हमले की ऐसी दूसरी घटना है। खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने 19 मार्च को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला कर तोड़फोड़ की थी। खालिस्तान समर्थकों ने दो जुलाई को एक वीडियो ट्विटर पर साझा किया, जिसमें सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में कुछ लोगों को आगजनी की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। पिछले महीने, ब्रैम्पटन में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या से जुड़ी एक झांकी निकाले जाने की घटना के दृश्य सोशल मीडिया पर आने के बाद भारत ने कनाडा को चेतावनी देते हुए कहा था कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए यह ठीक नहीं है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था, "स्पष्ट रूप से हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वोट बैंक की राजनीति के अलावा कोई ऐसा क्यों करेगा। " इसी सप्ताह सोमवार को विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि 'चरमपंथी, अतिवादी' खालिस्तानी सोच भारत या अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया जैसे सहयोगी देशों के लिए ठीक नहीं है।
इसके अलावा, कनाडा ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे पोस्टरों में भारतीय अधिकारियों का नाम होने पर भारत को उसके राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया है और खालिस्तान की एक रैली से पहले प्रसारित हो रही "प्रचारात्मक सामग्री" को "अस्वीकार्य" बताया है। कनाडा की विदेश मंत्री मिलानी जॉली का यह बयान तब आया है जब एक दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत ने कनाडा, ब्रिटेन तथा अमेरिका जैसे अपने साझेदार देशों को "चरमपंथी खालिस्तानी विचारधारा" को तवज्जो न देने के लिए कहा है क्योंकि यह उनके रिश्तों के लिए "सही नहीं" है। राजनयिकों की सुरक्षा के लिए कनाडा की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए जॉली ने वियना संधि के प्रति देश के अनुपालन का उल्लेख किया।
| प्रश्न-एक. एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया, चीन की बेल्ड एंड रोल पहल का विरोध किया। चीन के राष्ट्रपति ने शीत युद्ध के खिलाफ आगाह किया, पुतिन ने सशस्त्र विद्रोह का मुद्दा उठाया, पाकिस्तान ने आतंकवाद को 'कई सिर वाला राक्षस' बताया। इस सबको कैसे देखते हैं आप? साथ ही ईरान को इस संगठन का सदस्य बनाने से क्या लाभ होगा? उत्तर- यह अच्छी बात रही कि शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के नेताओं ने आतंकवाद के किसी भी कृत्य को "आपराधिक, अनुचित" करार देते हुए राजनीतिक एवं भू-राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आतंकवादियों एवं चरमपंथी समूहों के इस्तेमाल को "अस्वीकार्य" बताया। एससीओ देशों ने अपने-अपने राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप ऐसे आतंकवादियों, अलगाववादियों और चरमपंथी समूहों की समान सूची तैयार करने के लिए साझा सिद्धांत विकसित करने पर सहमति व्यक्त की, जिनकी गतिविधियां सदस्य देशों के क्षेत्रों में प्रतिबंधित है। भारत की अध्यक्षता में डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक के समापन पर एक साझा बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि सदस्य देश आतंकवाद के वित्त पोषण के माध्यमों को रोकने, आतंकी भर्ती से जुड़ी गतिविधियों को बंद करने और सीमापार आतंकवादियों की आवाजाही पर लगाम लगाने के साथ आतंक के छिपे स्वरूपों और आतंकवादियों की पनाहगाहों को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाएंगे। इसमें कहा गया है कि सदस्य देश आतंकवाद के सभी स्वरूपों की कड़े शब्दों में निंदा करने को प्रतिबद्ध हैं, चाहे यह किसी के द्वारा और किसी उद्देश्य के लिए होता हो। साझा बयान में कहा गया है कि आतंकवाद को किसी धर्म, सभ्यता, राष्ट्रीयता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आदि मौजूद थे। शिखर बैठक में अलग से 'दिल्ली घोषणापत्र' जारी किया गया जिसमें कहा गया है कि एससीओ के सदस्य देश आतंकवाद के प्रसार से निपटने के लिए उपयुक्त माहौल तैयार करने को प्रतिबद्ध हैं। इसमें डिजिटल परिवर्तन पर भी एक घोषणापत्र जारी किया गया। इस बैठक के दौरान भारत ने चीन की महत्वाकांक्षी 'बेल्ट एंड रोड' परियोजना का एक बार फिर समर्थन करने से इंकार कर दिया। इसी के साथ वह इस परियोजना का समर्थन नहीं करने वाला शंघाई सहयोग संगठन का एकमात्र देश बन गया। भारत की मेजबानी में वर्चुअल माध्यम से आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के अंत में जारी घोषणा में कहा गया कि रूस, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने बीआरआई के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। घोषणा के मुताबिक, "चीन की 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' पहल के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करते हुए कजाकिस्तान गणराज्य, किर्गिज गणराज्य, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान गणराज्य और उज्बेकिस्तान गणराज्य ने संयुक्त रूप से इस परियोजना को लागू करने के लिए जारी काम पर ध्यान केंद्रित किया, जिसमें यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन और बीआरआई के निर्माण को जोड़ने का प्रयास भी शामिल है। " इसमें कहा गया है, "इन देशों ने इच्छुक सदस्य देशों द्वारा आपसी समझौतों के तहत राष्ट्रीय मुद्राओं की हिस्सेदारी में क्रमिक वृद्धि के रोडमैप को लागू करने के पक्ष में बात की। " घोषणा के अनुसार, सदस्य राज्यों ने 'इच्छुक सदस्य देशों' द्वारा अपनाई गई एससीओ आर्थिक विकास रणनीति दो हज़ार तीस के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना और डिजिटल अर्थव्यवस्था, उच्च प्रौद्योगिकी एवं सड़क तथा रेल परिवहन के लिए मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मार्गों के आधुनिकीकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परियोजनाओं को गति देना महत्वपूर्ण माना। शिखर सम्मेलन में अपने उद्घाटन भाषण में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्पर्क को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि ऐसे प्रयास करते समय एससीओ चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों, विशेष रूप से सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना आवश्यक है। अमेरिका के साथ चीन के तनाव भरे संबंधों के बीच शी ने कहा, "हमें अपने आंतरिक मामलों में किसी भी हस्तक्षेप और किसी भी बहाने से किसी भी देश द्वारा प्रदर्शन को उकसावे को दृढ़ता से अस्वीकार करना चाहिए। हमारे विकास का भविष्य मजबूती से हमारे ही हाथों में होना चाहिए। " उन्होंने बहुपक्षीयता को बरकरार रखने और वैश्विक प्रशासन को बेहतर बनाने के लिए प्रयास करने के महत्व को रेखांकित किया। शी ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा एससीओ देशों के बीच आदान प्रदान एवं लोगों के बीच सम्पर्क बढ़ाने के लिए प्रयास करने पर भी जोर दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि चीन बातचीत और परामर्श के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय विवादों के निपटारे को बढ़ावा देने के लिए उनके द्वारा प्रस्तावित वैश्विक सुरक्षा पहल को लागू करने के लिए सभी पक्षों के साथ काम करने को तैयार है। शी ने यह भी कहा, "हमें अपने कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सहयोग के लिए तंत्र को मजबूत करने तथा डिजिटल, जैविक और बाहरी अंतरिक्ष सुरक्षा सहित गैर-पारंपरिक सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने के लिए तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। " तालिबान शासित अफगानिस्तान पर शी ने कहा कि एससीओ देशों को अफगानिस्तान के पड़ोसियों के बीच समन्वय और सहयोग के तंत्र जैसे मंच का उपयोग जारी रखना चाहिए। शी ने कहा, "हमें रणनीतिक संचार और समन्वय को बढ़ाना चाहिए, बातचीत के माध्यम से मतभेदों को दूर करना चाहिए और प्रतिस्पर्धा को सहयोग से बदलना चाहिए। हमें वास्तव में एक-दूसरे के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं का सम्मान करना चाहिए तथा विकास और कायाकल्प के लिए एक-दूसरे के प्रयासों का दृढ़ता से समर्थन करना चाहिए। " शी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारतीय और चीनी सैनिक पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के कुछ बिंदुओं पर तीन साल से अधिक समय से आमने-सामने हैं। भारत ने चीन को यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सीमावर्ती इलाकों में शांति नहीं होगी, दोनों देशों के बीच संबंध आगे नहीं बढ़ सकते। सरकारी 'शिन्हुआ' समाचार एजेंसी के अनुसार, शी ने एससीओ सदस्य देशों से देशों को जोड़ने एवं सम्पर्क बढ़ाने के लिए अरबों डालर की बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव परियोजना के तहत विभिन्न देशों की विकास रणनीति एवं क्षेत्रीय सहयोग पहल के जरिये उच्च गुणवत्तापूर्ण सहयोग की वकालत की। राष्ट्रपति शी ने दो हज़ार तेरह में सत्ता में आने के बाद बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव की शुरूआत की थी। इसका मकसद भूमि और समुद्र मार्ग के माध्यम से दक्षिण पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को जोड़ना है। बीआरआई के तहत ही साठ अरब डालर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे की शुरूआत की गई है। भारत ने इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है। इसके अलावा, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि आतंकवाद और उग्रवाद के "कई सिर वाले राक्षस" से पूरी ताकत और दृढ़ता के साथ लड़ा जाना चाहिए। उन्होंने इसे कूटनीतिक फायदे के लिए हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल करने के खिलाफ भी आगाह किया। भारत द्वारा आयोजित शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्राध्यक्षों की तेईसवीं बैठक को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने धार्मिक अल्पसंख्यकों के बारे में भी बात की। प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा, "आतंकवाद और उग्रवाद के कई सिर वाले राक्षस से-चाहे वह व्यक्तियों, समाज या राज्यों द्वारा प्रायोजित हो- पूरी ताकत और दृढ़ विश्वास के साथ लड़ना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में कूटनीतिक मुद्दे के लिए इसे एक औजार के रूप में इस्तेमाल करने के किसी भी प्रलोभन से बचना चाहिए। " शरीफ ने कहा, "राज्य प्रायोजित आतंकवाद समेत सभी तरह के आतंकवाद की स्पष्ट और कड़े शब्दों में निंदा की जानी चाहिए। चाहे कारण या बहाना कुछ भी हो, निर्दोष लोगों की हत्या का कोई औचित्य नहीं हो सकता है। " उन्होंने कहा कि आतंकवाद के संकट से लड़ने में पाकिस्तान द्वारा किए गए बलिदानों की कोई तुलना नहीं है, लेकिन यह अभी भी इस क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है और शांति तथा स्थिरता के लिए "गंभीर बाधा" है। प्रधानमंत्री शरीफ ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर भी किसी भी देश का नाम लिए बिना कहा कि "घरेलू राजनीतिक एजेंडे के लिए धार्मिक अल्पसंख्यकों को नकारात्मक रूप से दिखाने के चलन को रोका जाना चाहिए। " शरीफ ने कश्मीर मुद्दे को भी उठाने की कोशिश की और लंबित विवादों के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद की तीन बुराइयों के बारे में भी बात की और एससीओ देशों से इन बुराइयों का मुकाबला करने के लिए अपनी राष्ट्रीय और सामूहिक क्षमता, दोनों के साथ ठोस और तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने संपर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आधुनिक वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक परिभाषित विशेषता बन गई है। उन्होंने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के बारे में कहा कि यह क्षेत्र में संपर्क और समृद्धि के लिए "गेम चेंजर" हो सकता है। प्रधानमंत्री ने कहा, "पाकिस्तान जिस जगह स्थित है, वह एक प्राकृतिक सेतु के रूप में कार्य करता है, जो यूरोप और मध्य एशिया को चीन, दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया से जोड़ता है। " उन्होंने कहा कि सीपीईसी के तहत विशेष आर्थिक क्षेत्र, क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सुविधाजनक माध्यम के रूप में भी काम कर सकते हैं। सीपीईसी के तहत पाकिस्तान के बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ा जाना है। यह चीन की कई अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव की प्रमुख परियोजना है। भारत ने सीपीईसी पर चीन के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजर रहा है। शरीफ ने यह भी कहा कि "जलवायु-प्रेरित आपदा हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रही है" और इससे निपटने के लिए वैश्विक एकजुटता और प्रतिक्रिया की जरूरत है। उन्होंने पिछले साल पाकिस्तान में आई बाढ़ का भी जिक्र किया, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को तीस अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। उन्होंने विकसित देशों से जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए गरीबों की मदद करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीबी उन्मूलन एससीओ देशों के लिए एक बड़ी चुनौती है, जहां दुनिया के सबसे ज्यादा गरीब हैं। उन्होंने कहा कि युद्धों और अन्य संबंधित मुद्दों के कारण वस्तुओं की कीमत में वृद्धि पर एससीओ देशों को कदम उठाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान में स्थिरता साझा उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को भी किसी भी आतंकवादी संगठन द्वारा अपने क्षेत्र के इस्तेमाल को रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए। एससीओ की स्थापना दो हज़ार एक में शंघाई में एक शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, किर्गिज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों द्वारा की गई थी। वर्ष दो हज़ार सत्रह में भारत के साथ पाकिस्तान इसका स्थायी सदस्य बन गया। इसे भी पढ़ेंः Prabhasakshi Exclusive: Xi Jinping ने Putin को Ukraine पर परमाणु हमला करने से क्यों रोक दिया? हाल ही में वैग्नर ग्रुप' के प्रमुख येवगेनी प्रीगोझिन और उनके लड़ाकों ने रूस के खिलाफ विद्रोह करते हुए मॉस्को की तरफ कूच किया था। हालांकि, उन्होंने अचानक क्रेमलिन के साथ समझौते के बाद निर्वासन में जाने और पीछे हटने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद दो दशकों से अधिक समय से सत्तारूढ़ पुतिन के नेतृत्व पर भी सवाल उठे थे। एससीओ की बैठक में पुतिन ने कहा, "इस अवसर पर मैं एससीओ के अपने सहयोगी देशों के सदस्यों को संवैधानिक व्यवस्था, जानमाल और नागरिकों की सुरक्षा करने में रूसी नेतृत्व का समर्थन करने के लिए धन्यवाद देता हूं। " उन्होंने कहा कि सभी एससीओ सदस्य देशों के साथ निर्यात लेनदेन में रूस की राष्ट्रीय मुद्रा की हिस्सेदारी वर्ष दो हज़ार बाईस में चालीस प्रतिशत से अधिक रही। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि एससीओ 'सही अर्थो में न्यायपूर्ण' और 'बहुध्रुवीय' विश्व व्यवस्था' सृजित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। रईसी ने कहा कि पिछले दशकों के अनुभव पर भरोसा करते हुए अब यह काफी स्पष्ट हो गया है कि सैन्यीकरण के साथ जो चीज पश्चिमी प्रभुत्व प्रणाली का आधार रही है, वह है डॉलर का प्रभुत्व। उन्होंने कहा कि इसलिए एक निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय प्रणाली को आकार देने के किसी भी प्रयास के लिए अंतर-क्षेत्रीय संबंधों में प्रभुत्व के इस साधन को हटाने की आवश्यकता है। उन्होंने शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि ईरान के समूह में शामिल होने से ऐतिहासिक लाभ होंगे। प्रश्न-दो. रूस-यूक्रेन युद्ध के ताजा हालात क्या हैं? हाल ही में रूसी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को जो फोन किया था उसके क्या मायने हैं? उत्तर- युद्ध के ताजा हालात को देखें तो रूस बढ़त बनाता दिख रहा है क्योंकि यूक्रेन को पश्चिमी देशों के आश्वासन के बावजूद हथियारों की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इसलिए यूक्रेन की तरफ से पलटवार लगभग स्थिर हो गया है। जहां तक इस तरह की खबर है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को परमाणु हथियारों का उपयोग करने से रोका तो इस बात की संभावना काफी हद तक है क्योंकि पुतिन आजकल जिनपिंग की बात काफी मान रहे हैं। इस युद्ध में चीन जिस तरह खुलकर रूस का साथ दे रहा है उसको देखते हुए पुतिन इस स्थिति में नहीं हैं कि चीन के किसी अनुरोध को पूरी तरह खारिज कर सकें। इसके अलावा शी जिनपिंग खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति का मसीहा साबित करना चाहते हैं इसलिए आजकल वह वैश्विक मामलों में विवाद की स्थिति को सुलझाने में सहयोग की पेशकश कर रहे हैं। अभी की संभावना देखें तो परमाणु युद्ध का खतरा तो नजर नहीं आ रहा है लेकिन यह जरूर दिख रहा है कि न्यूक्लियर रेडियेशन के जरिये यूक्रेन को तबाह किया जा सकता है। हालांकि रूस इस तरह का कोई कदम उठायेगा इसकी संभावना ज्यादा नहीं लगती है। रूस का तो आरोप है कि यूक्रेन खुद पर न्यूक्लियर रेडियेशन हमला करवा सकता है ताकि रूस पर आरोप लगाया जा सके। रूस का कहना है कि यूक्रेन युद्ध अपने हाथ से निकलते देख कोई आत्मघाती कदम उठा सकता है। रूस यूक्रेन का पच्चीस प्रतिशत से ज्यादा भाग अपने कब्जे में ले चुका है और यूक्रेन उसमें से बहुत कम इलाका अब तक वापस ले पाया है। दूसरा वैगनर ग्रुप की बगावत पर काबू पाने के बाद अब पुतिन सारे कदम फूंक फूंक कर रख रहे हैं। जहां तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच हुई फोन वार्ता की बात है तो आपको बता दें कि रूसी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फोन पर "सार्थक" बातचीत की तथा द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं के बीच टेलीफोन पर बातचीत शंघाई सहयोग संगठन के डिजिटल शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले हुई। इससे एक दिन पहले, रूस के सुरक्षा परिषद सचिव निकोलाई पेत्रुशेव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच द्विपक्षीय संबंधों और रूस में नवीनतम सुरक्षा घटनाक्रम पर चर्चा हुई थी। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मोदी और पुतिन ने द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति की समीक्षा की और आपसी हित के क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता संपर्क में बने रहने तथा दोनों देशों के बीच विशेष एवं विशिष्ट रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रयास जारी रखने पर सहमत हुए। यह उल्लेख करते हुए कि फोन कॉल भारतीय पक्ष की ओर से की गई, क्रेमलिन प्रेस सेवा ने कहा, "बातचीत का स्वरूप सार्थक एवं रचनात्मक रहा। नेताओं ने रूस और भारत के बीच विशिष्ट रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए आपसी प्रतिबद्धता दोहराई और संपर्क जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। " नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की और विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं को जारी रखने के महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार दो हज़ार बाईस में काफी बढ़ गया, और यह सिलसिला दो हज़ार तेईस की पहली तिमाही में भी जारी रहा। क्रेमलिन ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने मोदी को कूटनीति के माध्यम से संघर्ष को सुलझाने से यूक्रेन के स्पष्ट इनकार के बारे में सूचित किया। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के बयान के हवाले से कहा, "दोनों नेताओं ने यूक्रेन से संबंधित स्थिति पर चर्चा की। रूसी राष्ट्रपति ने विशेष सैन्य अभियान क्षेत्र में वर्तमान स्थिति का जिक्र किया, जो संघर्ष को हल करने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक कदम उठाने से कीव के स्पष्ट इनकार की ओर इशारा करता है। " विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मुद्दे के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का अपना आह्वान दोहराया। हम आपको याद दिला दें कि भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की निंदा नहीं की है और वह कहता रहा है कि संकट को कूटनीति एवं बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। क्रेमलिन के बयान में यह भी कहा गया कि मोदी ने पुतिन को अपनी हालिया अमेरिका यात्रा और राष्ट्रपति जो. बाइडन के साथ बातचीत के बारे में बताया। क्रेमलिन ने कहा, 'नरेन्द्र मोदी ने उन्हें अपने अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में बताया, जिसमें उनकी हालिया वाशिंगटन यात्रा भी शामिल है। ' दोनों नेताओं ने शंघाई सहयोग संगठन और जीबीस के भीतर अपने देशों के सहयोग पर भी चर्चा की। क्रेमलिन के बयान में यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले हफ्ते वैगनर समूह द्वारा कुछ समय के लिए किए गए सशस्त्र विद्रोह के संबंध में रूसी नेतृत्व द्वारा उठाए गए कदमों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। इसमें कहा गया, "चौबीस जून के घटनाक्रम के संबंध में, नरेन्द्र मोदी ने कानून और व्यवस्था की रक्षा करने तथा देश में स्थिरता और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रूसी अधिकारियों की ठोस कार्रवाई के प्रति समर्थन व्यक्त किया। " येवगेनी प्रिगोझिन और उनके वैगनर समूह द्वारा किया गया विद्रोह राष्ट्रपति पुतिन के लिए उनके दो दशकों से अधिक के शासन में सबसे गंभीर चुनौती बन सकता था। इस घटनाक्रम से पुतिन के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े हो गए। वैगनर समूह ने रोस्तोव-ऑन-डॉन शहर पर कब्ज़ा कर लिया था। विद्रोह तब समाप्त हुआ जब प्रिगोझिन ने मॉस्को की तरफ बढ़ रहे अपने सैनिकों को वापस लौटने का आदेश दिया। प्रश्न-तीन. इजराइल और फिलस्तीन एक बार फिर मरने मारने पर आमादा हैं। इस बार के संघर्ष को कैसे देखते हैं आप? उत्तर- इजराइल और फिलस्तीन के बीच विवाद आरम्भकाल से ही रहा है। इजराइल की शुरू से ही रणनीति रही है कि हर हमले का तगड़ा जवाब देकर ही दुश्मन को सबक सिखाया जा सकता है। अभी की जो स्थिति है वह कोई अलग नहीं है। इन दोनों देशों के बीच इस तरह का विवाद चलता ही रहेगा। ना फिलस्तीन अपनी हरकतों से बाज आयेगा और ना ही इजराइल सबक सिखाने का अवसर छोड़ेगा। इस संघर्ष के बने रहने का एक कारण यह भी है कि कुछ ताकतें हैं जोकि इजराइल की तरक्की और उसकी अमेरिका से घनिष्ठता से जलती हैं इसलिए वह इजराइल को नुकसान पहुँचाने का कोई मौका नहीं छोड़तीं। प्रश्न-चार. फ्रांस में जो बवाल हुआ, वह विश्व के अन्य देशों के लिए क्या संदेश है? उत्तर- फ्रांस में जो कुछ हुआ उसकी विश्व में किसी ने कल्पना नहीं की होगी। एक खूबसूरत और समृद्ध देश को जिस तरह आग के हवाले किया गया वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण था। फ्रांस में हिंसा और आगजनी की जो खबरें आ रही हैं उससे पूरी दुनिया हैरान है। हाल ही में यहां पेंशन सुधारों के विरोध में लंबे समय तक हिंसक प्रदर्शन हुए थे और कुछ दिनों पहले ही शांति हुई थी। लेकिन अब एक नाबालिग लड़के के खिलाफ पुलिस की निर्मम कार्रवाई ने लोगों को उद्वेलित कर दिया है जिससे वह सड़कों पर उतर कर हंगामा कर रहे हैं। लेकिन इस हंगामे ने दुनिया को इस बात के लिए सतर्क कर दिया है कि क्या इतनी बड़ी संख्या में रिफ्यूजियों को अपने यहां बसने देना चाहिए? क्या शरणार्थियों को ज्यादा अधिकार और सुविधाएं दी जानी चाहिए? फ्रांस में बाहर से आकर बसे लोगों ने जिस तरह देश में हंगामा किया वह पूरी दुनिया के लिए बड़ा संदेश है। फ्रांस में कुछ लोगों ने मारे गये युवक के परिजनों के लिए चंदा इकट्ठा किया मगर उससे ज्यादा राशि उन लोगों ने एकत्रित कर ली जिन्होंने कानून तोड़ने वाले युवक को गोली मारने वाले पुलिसकर्मी के परिजनों की सहायता के लिए अभियान चलाया था। यह संकेत है कि फ्रांस की जनता कानून का शासन चाहती है। इसके अलावा जिस तरह फ्रांस की आम जनता ने हंगामा करने वालों का विरोध सड़कों पर उतर कर किया उससे यह भी प्रदर्शित हुआ कि देश के मूल निवासी एकजुट हैं। प्रश्न-पाँच. कनाडा और अमेरिका में जिस तरह खालिस्तानी गतिविधियां बढ़ रही हैं, खालिस्तान फ्रीडम रैली निकाली जा रही है। भारतीय दूतावासों, मिशनों को निशाना बनाया जा रहा है। उसे कैसे देखते हैं आप? उत्तर- कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन में जो लोग खालिस्तान समर्थकों को पाल पोस रहे हैं उन्हें समझना होगा कि यह लोग भारत का तो कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे अपितु ये लोग एक दिन उस देश को ही नुकसान पहुँचाने में जरूरत सफल हो जायेंगे। जहां तक इस मुद्दे पर भारत का रुख है तो सरकार ने कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका जैसे देशों में खालिस्तानी तत्वों की गतिविधियों एवं हिंसा भड़काने की घटनाओं को 'अस्वीकार्य' करार देते हुए कहा है कि दूसरे देशों में राजनयिकों, अपने मिशन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मेजबान देश से वियना संधि के अनुरूप दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद की जाती है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, "भारतीय राजनयिकों, मिशन के खिलाफ हिंसा भड़काने वाले पोस्टर अस्वीकार्य हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है और हमने संबंधित देशों के समक्ष इस विषय को उठाया है। " उन्होंने कहा, "हमारी अपेक्षा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर आतंकवादी, चरमपंथी तत्वों को कोई स्थान नहीं दिया जाए। " बागची ने कहा कि राजनयिकों, वाणिज्य दूतावासों, उच्चायोगों को लेकर पोस्टर लगाने का मुद्दा काफी गंभीर है, जिनमें हिंसा के लिए उकसाने, धमकी देने की बात की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों पर कनाडा, ब्रिटेन, अमेरिका, आस्ट्रेलिया से बात की गई है, कुछ जगहों से तत्काल कार्रवाई की सूचना मिली है और कुछ स्थानों को लेकर अपेक्षा है कि कार्रवाई की जायेगी। बागची ने कहा कि अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले की घटना को भी वहां के प्रशासन के समक्ष उठाया गया और वहां से उच्च स्तर पर प्रतिक्रिया आई है तथा ऐसे कृत्य को उन्होंने आपराधिक बताया है। कुछ दिन पहले ही भारत ने नयी दिल्ली में कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किया था और कनाडा में खालिस्तान समर्थकों की बढ़ती गतिविधियों पर एक 'डिमार्शे' जारी किया था। समझा जाता है कि भारत ने कनाडा के अधिकारियों से आठ जून को कनाडा में भारतीय मिशन के बाहर खालिस्तान समर्थक समूहों के विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर उचित कदम उठाने को भी कहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह मुद्दा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नहीं है बल्कि इनके नाम पर ही आतंकवादी तत्वों, अलगाववादी तत्वों को मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा, "हम जानना चाहते हैं कि देशों ने क्या कार्रवाई की या क्या कार्रवाई की जा रही है क्योंकि पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। " बागची ने कहा, "हम ऐसे हमलों या धमकियों को काफी गंभीरता से लेते हैं और जो भी कार्रवाई जरूरी है, हम करते रहेंगे। " उन्होंने कहा कि हमारा दूतावास ऐसी घटनाओं पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन के सम्पर्क में है। प्रवक्ता ने कहा कि मेजबान देश से वियना संधि के अनुरूप दूतावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद की जाती है। भारत ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर खालिस्तान समर्थकों के हमले का मामला भी अमेरिका के साथ उठाया है। यह कुछ महीनों के भीतर सैन फ्रांसिस्को में राजनयिक मिशन पर हमले की ऐसी दूसरी घटना है। खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने उन्नीस मार्च को सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला कर तोड़फोड़ की थी। खालिस्तान समर्थकों ने दो जुलाई को एक वीडियो ट्विटर पर साझा किया, जिसमें सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में कुछ लोगों को आगजनी की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। पिछले महीने, ब्रैम्पटन में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या से जुड़ी एक झांकी निकाले जाने की घटना के दृश्य सोशल मीडिया पर आने के बाद भारत ने कनाडा को चेतावनी देते हुए कहा था कि द्विपक्षीय संबंधों के लिए यह ठीक नहीं है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था, "स्पष्ट रूप से हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वोट बैंक की राजनीति के अलावा कोई ऐसा क्यों करेगा। " इसी सप्ताह सोमवार को विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि 'चरमपंथी, अतिवादी' खालिस्तानी सोच भारत या अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया जैसे सहयोगी देशों के लिए ठीक नहीं है। इसके अलावा, कनाडा ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे पोस्टरों में भारतीय अधिकारियों का नाम होने पर भारत को उसके राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया है और खालिस्तान की एक रैली से पहले प्रसारित हो रही "प्रचारात्मक सामग्री" को "अस्वीकार्य" बताया है। कनाडा की विदेश मंत्री मिलानी जॉली का यह बयान तब आया है जब एक दिन पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत ने कनाडा, ब्रिटेन तथा अमेरिका जैसे अपने साझेदार देशों को "चरमपंथी खालिस्तानी विचारधारा" को तवज्जो न देने के लिए कहा है क्योंकि यह उनके रिश्तों के लिए "सही नहीं" है। राजनयिकों की सुरक्षा के लिए कनाडा की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए जॉली ने वियना संधि के प्रति देश के अनुपालन का उल्लेख किया। |
लखनऊः गैंगस्टर एवं कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले का मुख्य आरोपी विकास दुबे शुक्रवार सुबह कानपुर के भौती इलाके में कथित पुलिस मुठभेड़ मे मारा गया। पुलिस और एसटीएफ अनुसार उज्जैन से कानपुर लाते समय हुए सड़क हादसे में एक पुलिस वाहन के पलटने के बाद दुबे ने भागने का प्रयास किया। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने इस एनकाउंटर को लेकर एक विस्तृत बयान जारी किया है।
बयान के मुताबिक, 'अभियुक्त को दिनांक 09-07-2020 को एस0टी0एफ0 यूपी की टीम द्वारा उज्जैन से कानपुर सम्बन्धित न्यायालय में प्रस्तुत करने हेतु ले जाने के दौरान जनपद कानपुर में थाना सचेण्डी अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन के दुर्घ टनाग्रस्त हो जाने के उपरान्त दुर्दान्त अपराधी द्वारा निरीक्षक श्री रमाकान्त पचैरी से पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास करते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग की गयी, जिस पर पुलिस पार्टी द्वारा आत्मरक्षार्थ संयमित फायरिंग में अपराधी विकास दुबे घायल हो गया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। '
| लखनऊः गैंगस्टर एवं कानपुर के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले का मुख्य आरोपी विकास दुबे शुक्रवार सुबह कानपुर के भौती इलाके में कथित पुलिस मुठभेड़ मे मारा गया। पुलिस और एसटीएफ अनुसार उज्जैन से कानपुर लाते समय हुए सड़क हादसे में एक पुलिस वाहन के पलटने के बाद दुबे ने भागने का प्रयास किया। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने इस एनकाउंटर को लेकर एक विस्तृत बयान जारी किया है। बयान के मुताबिक, 'अभियुक्त को दिनांक नौ जुलाई दो हज़ार बीस को एसशून्यटीशून्यएफशून्य यूपी की टीम द्वारा उज्जैन से कानपुर सम्बन्धित न्यायालय में प्रस्तुत करने हेतु ले जाने के दौरान जनपद कानपुर में थाना सचेण्डी अन्तर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन के दुर्घ टनाग्रस्त हो जाने के उपरान्त दुर्दान्त अपराधी द्वारा निरीक्षक श्री रमाकान्त पचैरी से पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास करते हुए पुलिस पार्टी पर फायरिंग की गयी, जिस पर पुलिस पार्टी द्वारा आत्मरक्षार्थ संयमित फायरिंग में अपराधी विकास दुबे घायल हो गया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। ' |
Friday July 16, 2021,
एक और स्कॉलरशिप के रिजेक्ट होने के बाद, मैंने बिना लोन लिए विदेश में एक प्रतिष्ठित कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए फंड देने वाले अवसरों की तलाश की।
24 साल की उम्र में, कर्ज में डूबे रहने के विचार ने मुझे बेचैन कर दिया। COVID-19 महामारी की चपेट में आने वाली अर्थव्यवस्था में, हायर स्टडीज़ के लिए फंड देना एक बहुत बड़ा काम है जो छात्रों पर बोझ डालता है।
Mokusei टीम द्वारा डेवलप की गई vallued.ai का सार यह है कि यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपकी शिक्षा या यात्रा को फंड देने का अवसर प्रदान करता है।
आप अपनी आगामी शिक्षा और अपनी चल रही या पिछली शिक्षा को फंड दे सकते हैं, और यहां तक कि दुनिया भर में अपने पलायन को भी फंड दे सकते हैं। नहीं, वे आपको लोन नहीं देते हैं, और आपको उन्हें पैसे वापस करने की आवश्यकता नहीं है। आपको बस उनके ऐप के लिए बीटा टेस्टर बनना होगा।
Vallued.ai सच होने के लिए बहुत अच्छा है, और यही उनका लक्ष्य है। हालाँकि, आपकी फंडिंग आपके स्कोर और टेस्ट में प्राप्त रैंक पर निर्भर करती है।
COVID-19 महामारी के बीच, हमने देखा कि स्कूल ऑनलाइन हो गए है। ऐसे में भारत के लिए सबसे बड़ा झटका बोर्ड परीक्षाओं का रद्द होना रहा।
एक देश जो प्रतियोगी परीक्षाओं के आधार पर अपनी अकादमिक लोकप्रियता प्राप्त करता है, हमने एक अस्थिर स्कूली शिक्षा प्रणाली देखी जो व्यक्तिगत मूल्यांकन के लिए एक स्थायी पद्धति बनाने में विफल रही।
अधिकांश छात्रों ने बिना किसी मूल्यांकन के अपनी कक्षाओं से स्नातक किया। यहां तक कि सिविल सेवा या विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षण जैसी परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं क्योंकि एक वर्ष में भी, सिस्टम टेक-होम असाइनमेंट के अलावा एक विकल्प के साथ आने में विफल रहा।
विकल्प एक ऑनलाइन परीक्षा हो सकती थी, लेकिन सवाल यह है कि आप यह कैसे पता लगाते हैं कि छात्रों द्वारा दिए गए उत्तर वास्तविक हैं या धोखाधड़ी का परिणाम हैं?
आशीष कहते हैं, "Mokusei Intelligence एक ऐसा ऐप बना रहा है जिसका उद्देश्य ऑनलाइन परीक्षा में छात्रों द्वारा धोखा देने के तरीके की पहचान करना है। यह उस डेटा का उपयोग करके किया जाएगा जब छात्र या यात्री vallued.ai ऐप पर अपने बीटा टेस्ट में भाग लेंगे।
उन्होंने आगे कहा, "जब भी कोई vallued.ai प्लेटफॉर्म पर टेस्ट करेगा, तो Mokusei मोबाइल आधारित डिजिटल पर्यवेक्षण और परीक्षा निगरानी मंच के विकास में Mokusei इंजन की सहायता के लिए बैकग्राउंड में प्रासंगिक डेटा एकत्र, और विश्लेषण करेगा।"
यह तकनीक वास्तविक समय में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने के मुद्दे का समाधान रखती है क्योंकि यह बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के नकल का आकलन कर सकती है।
ट्रायल रन के दौरान, ऐप की गोपनीयता नीति को दो बार प्रदर्शित किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपयोगकर्ता इस बात से अवगत है कि उनके डेटा का उपयोग कैसे किया जाएगा और उनका मूल्यांकन कैसे किया जाएगा। ऐप उपयोगकर्ता के अनुकूल है और इसके मूल में पारदर्शिता है। यह एंड्रॉइड और ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध होगा।
आशीष का मानना है कि शिक्षा सभी के लिए उपलब्ध होनी चाहिए, खासकर वंचितों के लिए, जहां वित्तीय बाधा उन्हें पीछे रखती है।
वह लंबे समय से एडटेक के क्षेत्र में काम करना चाहते थे, और इस साल, उन्होंने अपने विचार और शिक्षा के प्रति जुनून के साथ बदलाव करने का अवसर देखा।
यात्रा - भारतीय संदर्भ में - शिक्षा से बहुत अलग है। जिज्ञासा ने मुझे शिक्षा के साथ-साथ यात्रा को जोड़ने के बारे में पूछने के लिए प्रेरित किया।
आशीष ने कहा कि उनका मानना है कि यात्रा करना भी सीख रहा है, जहां दुनिया आपका स्कूल है। शिक्षा संस्थान आपके साथ एक किताब और एक शिक्षक के दिमाग में मिली शिक्षाओं को साझा करते हैं, लेकिन जब आप यात्रा कर रहे होते हैं, तो सीखने की क्षमता असीमित होती है और किसी चीज से बंधी नहीं होती है।
इस प्रकार, स्टार्टअप इस विचार को तोड़ना चाहता है कि यात्रा केवल तभी की जा सकती है जब आपके पास विशेषाधिकार हो।
Mokusei पैसों के बजाए लोगों, नैतिकता और गुणवत्ता को प्राथमिकता देता है।
Mokusei के पास एक जोखिम भरा व्यवसाय मॉडल है जिसका एकमात्र कारण यह है कि यह पैसे पर सिद्धांतों और नैतिकता को महत्व देता है।
स्टार्टअप इस बारे में ईमानदार रहा है कि कैसे उसके व्यवसाय संचालन ने कई निवेशकों को निराश किया है क्योंकि इसका प्राथमिक लक्ष्य लाभ-उन्मुख नहीं है। आशीष उन निवेशकों, समर्थकों और प्रचारकों को लाने पर केंद्रित है, जिनकी दृष्टि Mokusei के सिद्धांत के साथ संरेखित होती है, जिसके मूल में सामाजिक न्याय और मानवता है।
यह उन निवेशकों की तलाश कर रहा है जो किसी संगठन को नियंत्रित करने से परे हैं और जो Mokusei द्वारा लाए जा रहे चुनौती के साथ काम करने के लिए उत्साहित होंगे।
स्टार्टअप अगस्त 2021 में अपनी पायलट परियोजना शुरू होने से पहले परिचालन लागत को कवर करने और राजस्व उत्पन्न करने के लिए क्राउडफंडिंग और दान पर निर्भर है।
बीटा टेस्ट के दौरान, Mokusei बीटा टेस्टर से पंजीकरण शुल्क ले रहा है - उपयोगकर्ताओं द्वारा अनुरोधित राशि के सीधे आनुपातिक और इसमें कर शामिल है। साइन अप और पंजीकरण के बीच का अंतर बढ़ने के साथ यह बढ़ता है।
वर्तमान प्रतिशत अनुरोधित निधि का 0.2 प्रतिशत है, उसके बाद 0.5 प्रतिशत और अंत में, 1 प्रतिशत है। यह सलाह दी जाएगी कि जैसे ही आप सेव अप करने के लिए साइन अप करते हैं, वैसे ही पंजीकरण कर लें।
आशीष कहते हैं, "Mokusei जो फंडिंग दे रहा है, वह उपयोगकर्ताओं के लिए Mokusei के सॉफ्टवेयर को आज़माने और बीटा टेस्ट लेने के लिए एक प्रोत्साहन है।"
उन्होंने आगे कहा, "लंबी अवधि में, Mokusei को अपने समर्पित एंटी-चीटिंग टेस्ट और मूल्यांकन ऐप को लाइसेंस देकर राजस्व उत्पन्न करने की उम्मीद है।"
वेबसाइट उपयोगकर्ता को चुनौती देती है। हालांकि उपयोगकर्ता के अनुकूल, ऐप आपको अपनी दुनिया में ले जाने के लिए डिज़ाइन द्वारा जटिल है।
वेबसाइट पर विभिन्न रंग बृहस्पति ग्रह के लिए एक संकेत है क्योंकि इसे बृहस्पति की रचना की तरह डिजाइन किया गया है। यह भी फाउंडर के लिए एक प्रयोग है। उनका मानना है कि यदि आप एक जिज्ञासु व्यक्ति हैं और एक Mokusei जनजाति के गुण हैं, तो आप वेबसाइट पर आते रहेंगे और इसे पूरी तरह से तलाशेंगे।
लेकिन अगर आप ऐसे व्यक्ति हैं जो इससे विचलित हैं, तो शायद यह आपकी कक्षा नहीं है। ईमानदारी इस कंपनी के मूल में है।
एक यूजर के रूप में, आप एक टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन करेंगे कि यह अगस्त में रिलीज़ होने वाले अपने ऐप पर आयोजित होगा और जनजाति का हिस्सा बन जाएगा।
आप विदेश में पढ़ाई करने या दुनिया घूमने के अपने सपने के भी करीब पहुंच रहे होंगे।
(अंग्रेजी से अनुवादः रविकांत पारीक)
| Friday July सोलह, दो हज़ार इक्कीस, एक और स्कॉलरशिप के रिजेक्ट होने के बाद, मैंने बिना लोन लिए विदेश में एक प्रतिष्ठित कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए फंड देने वाले अवसरों की तलाश की। चौबीस साल की उम्र में, कर्ज में डूबे रहने के विचार ने मुझे बेचैन कर दिया। COVID-उन्नीस महामारी की चपेट में आने वाली अर्थव्यवस्था में, हायर स्टडीज़ के लिए फंड देना एक बहुत बड़ा काम है जो छात्रों पर बोझ डालता है। Mokusei टीम द्वारा डेवलप की गई vallued.ai का सार यह है कि यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आपकी शिक्षा या यात्रा को फंड देने का अवसर प्रदान करता है। आप अपनी आगामी शिक्षा और अपनी चल रही या पिछली शिक्षा को फंड दे सकते हैं, और यहां तक कि दुनिया भर में अपने पलायन को भी फंड दे सकते हैं। नहीं, वे आपको लोन नहीं देते हैं, और आपको उन्हें पैसे वापस करने की आवश्यकता नहीं है। आपको बस उनके ऐप के लिए बीटा टेस्टर बनना होगा। Vallued.ai सच होने के लिए बहुत अच्छा है, और यही उनका लक्ष्य है। हालाँकि, आपकी फंडिंग आपके स्कोर और टेस्ट में प्राप्त रैंक पर निर्भर करती है। COVID-उन्नीस महामारी के बीच, हमने देखा कि स्कूल ऑनलाइन हो गए है। ऐसे में भारत के लिए सबसे बड़ा झटका बोर्ड परीक्षाओं का रद्द होना रहा। एक देश जो प्रतियोगी परीक्षाओं के आधार पर अपनी अकादमिक लोकप्रियता प्राप्त करता है, हमने एक अस्थिर स्कूली शिक्षा प्रणाली देखी जो व्यक्तिगत मूल्यांकन के लिए एक स्थायी पद्धति बनाने में विफल रही। अधिकांश छात्रों ने बिना किसी मूल्यांकन के अपनी कक्षाओं से स्नातक किया। यहां तक कि सिविल सेवा या विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षण जैसी परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गईं क्योंकि एक वर्ष में भी, सिस्टम टेक-होम असाइनमेंट के अलावा एक विकल्प के साथ आने में विफल रहा। विकल्प एक ऑनलाइन परीक्षा हो सकती थी, लेकिन सवाल यह है कि आप यह कैसे पता लगाते हैं कि छात्रों द्वारा दिए गए उत्तर वास्तविक हैं या धोखाधड़ी का परिणाम हैं? आशीष कहते हैं, "Mokusei Intelligence एक ऐसा ऐप बना रहा है जिसका उद्देश्य ऑनलाइन परीक्षा में छात्रों द्वारा धोखा देने के तरीके की पहचान करना है। यह उस डेटा का उपयोग करके किया जाएगा जब छात्र या यात्री vallued.ai ऐप पर अपने बीटा टेस्ट में भाग लेंगे। उन्होंने आगे कहा, "जब भी कोई vallued.ai प्लेटफॉर्म पर टेस्ट करेगा, तो Mokusei मोबाइल आधारित डिजिटल पर्यवेक्षण और परीक्षा निगरानी मंच के विकास में Mokusei इंजन की सहायता के लिए बैकग्राउंड में प्रासंगिक डेटा एकत्र, और विश्लेषण करेगा।" यह तकनीक वास्तविक समय में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने के मुद्दे का समाधान रखती है क्योंकि यह बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के नकल का आकलन कर सकती है। ट्रायल रन के दौरान, ऐप की गोपनीयता नीति को दो बार प्रदर्शित किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपयोगकर्ता इस बात से अवगत है कि उनके डेटा का उपयोग कैसे किया जाएगा और उनका मूल्यांकन कैसे किया जाएगा। ऐप उपयोगकर्ता के अनुकूल है और इसके मूल में पारदर्शिता है। यह एंड्रॉइड और ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध होगा। आशीष का मानना है कि शिक्षा सभी के लिए उपलब्ध होनी चाहिए, खासकर वंचितों के लिए, जहां वित्तीय बाधा उन्हें पीछे रखती है। वह लंबे समय से एडटेक के क्षेत्र में काम करना चाहते थे, और इस साल, उन्होंने अपने विचार और शिक्षा के प्रति जुनून के साथ बदलाव करने का अवसर देखा। यात्रा - भारतीय संदर्भ में - शिक्षा से बहुत अलग है। जिज्ञासा ने मुझे शिक्षा के साथ-साथ यात्रा को जोड़ने के बारे में पूछने के लिए प्रेरित किया। आशीष ने कहा कि उनका मानना है कि यात्रा करना भी सीख रहा है, जहां दुनिया आपका स्कूल है। शिक्षा संस्थान आपके साथ एक किताब और एक शिक्षक के दिमाग में मिली शिक्षाओं को साझा करते हैं, लेकिन जब आप यात्रा कर रहे होते हैं, तो सीखने की क्षमता असीमित होती है और किसी चीज से बंधी नहीं होती है। इस प्रकार, स्टार्टअप इस विचार को तोड़ना चाहता है कि यात्रा केवल तभी की जा सकती है जब आपके पास विशेषाधिकार हो। Mokusei पैसों के बजाए लोगों, नैतिकता और गुणवत्ता को प्राथमिकता देता है। Mokusei के पास एक जोखिम भरा व्यवसाय मॉडल है जिसका एकमात्र कारण यह है कि यह पैसे पर सिद्धांतों और नैतिकता को महत्व देता है। स्टार्टअप इस बारे में ईमानदार रहा है कि कैसे उसके व्यवसाय संचालन ने कई निवेशकों को निराश किया है क्योंकि इसका प्राथमिक लक्ष्य लाभ-उन्मुख नहीं है। आशीष उन निवेशकों, समर्थकों और प्रचारकों को लाने पर केंद्रित है, जिनकी दृष्टि Mokusei के सिद्धांत के साथ संरेखित होती है, जिसके मूल में सामाजिक न्याय और मानवता है। यह उन निवेशकों की तलाश कर रहा है जो किसी संगठन को नियंत्रित करने से परे हैं और जो Mokusei द्वारा लाए जा रहे चुनौती के साथ काम करने के लिए उत्साहित होंगे। स्टार्टअप अगस्त दो हज़ार इक्कीस में अपनी पायलट परियोजना शुरू होने से पहले परिचालन लागत को कवर करने और राजस्व उत्पन्न करने के लिए क्राउडफंडिंग और दान पर निर्भर है। बीटा टेस्ट के दौरान, Mokusei बीटा टेस्टर से पंजीकरण शुल्क ले रहा है - उपयोगकर्ताओं द्वारा अनुरोधित राशि के सीधे आनुपातिक और इसमें कर शामिल है। साइन अप और पंजीकरण के बीच का अंतर बढ़ने के साथ यह बढ़ता है। वर्तमान प्रतिशत अनुरोधित निधि का शून्य.दो प्रतिशत है, उसके बाद शून्य.पाँच प्रतिशत और अंत में, एक प्रतिशत है। यह सलाह दी जाएगी कि जैसे ही आप सेव अप करने के लिए साइन अप करते हैं, वैसे ही पंजीकरण कर लें। आशीष कहते हैं, "Mokusei जो फंडिंग दे रहा है, वह उपयोगकर्ताओं के लिए Mokusei के सॉफ्टवेयर को आज़माने और बीटा टेस्ट लेने के लिए एक प्रोत्साहन है।" उन्होंने आगे कहा, "लंबी अवधि में, Mokusei को अपने समर्पित एंटी-चीटिंग टेस्ट और मूल्यांकन ऐप को लाइसेंस देकर राजस्व उत्पन्न करने की उम्मीद है।" वेबसाइट उपयोगकर्ता को चुनौती देती है। हालांकि उपयोगकर्ता के अनुकूल, ऐप आपको अपनी दुनिया में ले जाने के लिए डिज़ाइन द्वारा जटिल है। वेबसाइट पर विभिन्न रंग बृहस्पति ग्रह के लिए एक संकेत है क्योंकि इसे बृहस्पति की रचना की तरह डिजाइन किया गया है। यह भी फाउंडर के लिए एक प्रयोग है। उनका मानना है कि यदि आप एक जिज्ञासु व्यक्ति हैं और एक Mokusei जनजाति के गुण हैं, तो आप वेबसाइट पर आते रहेंगे और इसे पूरी तरह से तलाशेंगे। लेकिन अगर आप ऐसे व्यक्ति हैं जो इससे विचलित हैं, तो शायद यह आपकी कक्षा नहीं है। ईमानदारी इस कंपनी के मूल में है। एक यूजर के रूप में, आप एक टेस्ट के लिए रजिस्ट्रेशन करेंगे कि यह अगस्त में रिलीज़ होने वाले अपने ऐप पर आयोजित होगा और जनजाति का हिस्सा बन जाएगा। आप विदेश में पढ़ाई करने या दुनिया घूमने के अपने सपने के भी करीब पहुंच रहे होंगे। |
Tata Group: टाटा ग्रुप ने अपने मेटल्स कारोबार को मजबूत करने के प्रयास में शुक्रवार को अपनी 7 मेटल्स कंपनियों का टाटा स्टील में मर्ज करने की घोषणा की है।
Tata Steel के शेयर की कीमत शुक्रवार को दूसरे दिन बढ़ कर एनएसई पर 109. 30 रुपये पर कारोबार कर रही है। टाटा स्टील भी निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में शामिल है।
| Tata Group: टाटा ग्रुप ने अपने मेटल्स कारोबार को मजबूत करने के प्रयास में शुक्रवार को अपनी सात मेटल्स कंपनियों का टाटा स्टील में मर्ज करने की घोषणा की है। Tata Steel के शेयर की कीमत शुक्रवार को दूसरे दिन बढ़ कर एनएसई पर एक सौ नौ. तीस रुपयापये पर कारोबार कर रही है। टाटा स्टील भी निफ्टी पचास के टॉप गेनर्स में शामिल है। |
Covid cases in UP: उत्तर प्रदेश में पिछले 10 दिनों में कोविड के सक्रिय मामले तीन गुना हो गए हैं। हालांकि अधिकारियों की माने तो लगभग सभी मरीज होम आइसोलेशन में बिना किसी बड़े लक्षण के स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। लखनऊ में सोमवार को कोई नया कोविड मामला सामने नहीं आया। यूपी में एक्टिव मामलों की संख्या 262 हो गई, लेकिन उनमें से कोई भी गंभीर नहीं था। हालांकि राज्य में लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि राज्य में प्रत्येक 10 लाख की आबादी पर एक कोविड पॉजिटिव मरीज है। 30 दिसंबर 2022 को 47 एक्टिव केस थे और इस साल 15 मार्च को प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 71 थी जबकि सोमवार को यह 262 हो गई।
एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल डॉक्टर्स के महासचिव डॉ. अभिषेक शुक्ला ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने सहित कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने से कोविड मामलों में कमी आ सकती है।
यूपी में कुल 78 नए मामले सामने आए, जहां एक सरकारी आवासीय विद्यालय के छात्र और कर्मचारी संक्रमित पाए गए। यह आंकड़ा इस साल एक दिन में सबसे ज्यादा था। महामारी शुरू होने के बाद से अब तक, यूपी में 21,28,582 कोविड मामले दर्ज किए गए हैं।
कांटेक्ट ट्रेसिंग और परीक्षण बढ़ाने के लिए कई जिलों के स्वास्थ्य देखभाल अधिकारियों को अलर्ट जारी किया गया है। मुख्य रूप से नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, मेरठ, बुलंदशहर और लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक सक्रिय मामले सामने आए हैं जहां ज्यादा मामले पाए गए हैं।
हाल ही में मुजफ्फरनगर में भी कोविड से एक मौत की सूचना मिली थी। इसको लेकर राज्य निगरानी अधिकारी डॉ विकासेंदु अग्रवाल ने कहा ने बताया कि मरीज को किसी और बीमारी के लिए भर्ती कराया गया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सकारात्मक रिपोर्ट अब आई है और इसलिए इसे कोविड की मौतों की सूची में जोड़ा गया है।
वहीं, वाराणसी में मार्च महीने में अब तक कोरोनावायरस संक्रमित 12 मरीज पाए गए जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। सोमवार को जारी हुई रिपोर्ट में एक ही दिन तीन लोग कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संजीव चौधरी ने बताया कि मार्च में अब तक 12 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए।
संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनकी डेली अपडेट ली जा रही है। यह भी कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में समस्या हो रही है और बुखार तथा बुखार आने के साथ ही लगातार खांसी आ रही है तो वह तत्काल अपनी जांच करा लें।
यह भी पढ़ें-Samajwadi Party: Atiq Ahmad के बहाने मुस्लिमों को रिझाने में जुटे Akhilesh Yadav?
| Covid cases in UP: उत्तर प्रदेश में पिछले दस दिनों में कोविड के सक्रिय मामले तीन गुना हो गए हैं। हालांकि अधिकारियों की माने तो लगभग सभी मरीज होम आइसोलेशन में बिना किसी बड़े लक्षण के स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। लखनऊ में सोमवार को कोई नया कोविड मामला सामने नहीं आया। यूपी में एक्टिव मामलों की संख्या दो सौ बासठ हो गई, लेकिन उनमें से कोई भी गंभीर नहीं था। हालांकि राज्य में लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि राज्य में प्रत्येक दस लाख की आबादी पर एक कोविड पॉजिटिव मरीज है। तीस दिसंबर दो हज़ार बाईस को सैंतालीस एक्टिव केस थे और इस साल पंद्रह मार्च को प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या इकहत्तर थी जबकि सोमवार को यह दो सौ बासठ हो गई। एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल डॉक्टर्स के महासचिव डॉ. अभिषेक शुक्ला ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने सहित कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने से कोविड मामलों में कमी आ सकती है। यूपी में कुल अठहत्तर नए मामले सामने आए, जहां एक सरकारी आवासीय विद्यालय के छात्र और कर्मचारी संक्रमित पाए गए। यह आंकड़ा इस साल एक दिन में सबसे ज्यादा था। महामारी शुरू होने के बाद से अब तक, यूपी में इक्कीस,अट्ठाईस,पाँच सौ बयासी कोविड मामले दर्ज किए गए हैं। कांटेक्ट ट्रेसिंग और परीक्षण बढ़ाने के लिए कई जिलों के स्वास्थ्य देखभाल अधिकारियों को अलर्ट जारी किया गया है। मुख्य रूप से नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, मेरठ, बुलंदशहर और लखीमपुर खीरी में सबसे अधिक सक्रिय मामले सामने आए हैं जहां ज्यादा मामले पाए गए हैं। हाल ही में मुजफ्फरनगर में भी कोविड से एक मौत की सूचना मिली थी। इसको लेकर राज्य निगरानी अधिकारी डॉ विकासेंदु अग्रवाल ने कहा ने बताया कि मरीज को किसी और बीमारी के लिए भर्ती कराया गया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सकारात्मक रिपोर्ट अब आई है और इसलिए इसे कोविड की मौतों की सूची में जोड़ा गया है। वहीं, वाराणसी में मार्च महीने में अब तक कोरोनावायरस संक्रमित बारह मरीज पाए गए जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। सोमवार को जारी हुई रिपोर्ट में एक ही दिन तीन लोग कोविड-उन्नीस पॉजिटिव पाए गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संजीव चौधरी ने बताया कि मार्च में अब तक बारह व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए। संक्रमित मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है और उनकी डेली अपडेट ली जा रही है। यह भी कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में समस्या हो रही है और बुखार तथा बुखार आने के साथ ही लगातार खांसी आ रही है तो वह तत्काल अपनी जांच करा लें। यह भी पढ़ें-Samajwadi Party: Atiq Ahmad के बहाने मुस्लिमों को रिझाने में जुटे Akhilesh Yadav? |
सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट अपने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) के एक नए वर्जन पर काम कर रही है। नए वर्जन का नाम 'द न्यू विंडोज' सामने आया है और कंपनी की ओर से जल्द इसे रिलीज किया जा सकता है। लीक्स में पता चला है कि इस ऑपरेटिंग सिस्टम को कंपनी मार्च महीने में लॉन्च कर सकती है। हालांकि, इसका दूसरा नाम 'विंडोज 10X' भी सामने आ रहा है और इसके फीचर्स से जुड़ी ज्यादा जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
माइक्रोसॉफ्ट लीक्सटर वॉकिंगकैट (WalkingCat) की ओर से शेयर की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी नया ऑपरेटिंग सिस्टम जल्द अनाउंस कर सकती है। पहले ट्वीट में इसके मार्च में लॉन्च होने की बात कही गई है, वहीं दूसरे ट्वीट में कहा गया है कि इसका लॉन्च मार्च में होना जरूरी नहीं है। टिप्सर ने कहा कि 'द न्यू विंडोज' नाम नए 'विंडोज 10X' की मार्केटिंग का तरीका हो सकता है।
पहले कहा जा गया था कि विंडोज 10X केवल ड्यूल-स्क्रीन डिवाइसेज के लिए आ सकता है, लेकिन इसके प्लान में कुछ बदलाव किए गए हैं। नया ऑपरेटिंग सिस्टम पहले सिंगल स्क्रीन डिवाइसेज के लिए आ सकता है, जिनमें लैपटॉप और टैबलेट्स शामिल हैं। नए OS के फीचर्स से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इसमें कई नए UI एलिमेंट्स शामिल किए जा सकते हैं। कंपनी टच-स्क्रीन डिवाइसेज के लिए बेहतर जेस्चर कंट्रोल्स और नए फीचर्स लेकर आ सकती है।
पिछले लीक्स में कहा गया है कि नया ऑपरेटिंग सिस्टम इसके लिए खास तौर से डिजाइन किए गए PC में प्री-इंस्टॉल्ड मिलेगा। विंडोज 10X के साथ आने वाले लो-कॉस्ट मॉडल्स को एजुकेशनल और कॉर्पोरेट यूजर्स के लिए तैयार किया जाएगा। विंडोज 10X में नया ऐक्शन सेंटर और स्टार्ट मेन्यू देखने को मिल सकता है। यह स्टार्ट मेन्यू ऐप्स की लिस्ट और टाइल्स के बजाय हाल ही में ऐक्सेस किए गए डॉक्यूमेंट्स दिखाएगा।
माइक्रोसॉफ्ट की ओर से विंडोज 10X का लॉन्च टलने की वजह लेटेस्ट विंडोज 10 को मिलने वाला अपडेट हो सकता है। दरअसल, साल 2021 में विंडोज 10 यूजर्स को विंडोज 21H1 के तौर पर पहला बड़ा अपडेट मिलने वाला है। यह अपडेट नए सिक्योरिटी फीचर्स, बेहतर रिमोट ऐक्सेस इंप्रूवमेंट्स वगैरह ला सकता है। मौजूदा यूजर्स को यह अपडेट देने के बाद ही कंपनी नए विंडोज 10X से पर्दा हटा सकती है।
| सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट अपने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के एक नए वर्जन पर काम कर रही है। नए वर्जन का नाम 'द न्यू विंडोज' सामने आया है और कंपनी की ओर से जल्द इसे रिलीज किया जा सकता है। लीक्स में पता चला है कि इस ऑपरेटिंग सिस्टम को कंपनी मार्च महीने में लॉन्च कर सकती है। हालांकि, इसका दूसरा नाम 'विंडोज दसX' भी सामने आ रहा है और इसके फीचर्स से जुड़ी ज्यादा जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। माइक्रोसॉफ्ट लीक्सटर वॉकिंगकैट की ओर से शेयर की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी नया ऑपरेटिंग सिस्टम जल्द अनाउंस कर सकती है। पहले ट्वीट में इसके मार्च में लॉन्च होने की बात कही गई है, वहीं दूसरे ट्वीट में कहा गया है कि इसका लॉन्च मार्च में होना जरूरी नहीं है। टिप्सर ने कहा कि 'द न्यू विंडोज' नाम नए 'विंडोज दसX' की मार्केटिंग का तरीका हो सकता है। पहले कहा जा गया था कि विंडोज दसX केवल ड्यूल-स्क्रीन डिवाइसेज के लिए आ सकता है, लेकिन इसके प्लान में कुछ बदलाव किए गए हैं। नया ऑपरेटिंग सिस्टम पहले सिंगल स्क्रीन डिवाइसेज के लिए आ सकता है, जिनमें लैपटॉप और टैबलेट्स शामिल हैं। नए OS के फीचर्स से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इसमें कई नए UI एलिमेंट्स शामिल किए जा सकते हैं। कंपनी टच-स्क्रीन डिवाइसेज के लिए बेहतर जेस्चर कंट्रोल्स और नए फीचर्स लेकर आ सकती है। पिछले लीक्स में कहा गया है कि नया ऑपरेटिंग सिस्टम इसके लिए खास तौर से डिजाइन किए गए PC में प्री-इंस्टॉल्ड मिलेगा। विंडोज दसX के साथ आने वाले लो-कॉस्ट मॉडल्स को एजुकेशनल और कॉर्पोरेट यूजर्स के लिए तैयार किया जाएगा। विंडोज दसX में नया ऐक्शन सेंटर और स्टार्ट मेन्यू देखने को मिल सकता है। यह स्टार्ट मेन्यू ऐप्स की लिस्ट और टाइल्स के बजाय हाल ही में ऐक्सेस किए गए डॉक्यूमेंट्स दिखाएगा। माइक्रोसॉफ्ट की ओर से विंडोज दसX का लॉन्च टलने की वजह लेटेस्ट विंडोज दस को मिलने वाला अपडेट हो सकता है। दरअसल, साल दो हज़ार इक्कीस में विंडोज दस यूजर्स को विंडोज इक्कीसHएक के तौर पर पहला बड़ा अपडेट मिलने वाला है। यह अपडेट नए सिक्योरिटी फीचर्स, बेहतर रिमोट ऐक्सेस इंप्रूवमेंट्स वगैरह ला सकता है। मौजूदा यूजर्स को यह अपडेट देने के बाद ही कंपनी नए विंडोज दसX से पर्दा हटा सकती है। |
Samosa Recipe: मॉनसून के मौसम में गरमागरम समोसा खाने का मन तो सबका करता है, लेकिन इस मौसम में होने वाली बीमारियों को ध्यान में रखा जाए तो मार्केट का समोसा खाना आपकी सेहत के लिए रिस्की हो सकता है. तो आइए जानते हैं कि कैसे घर में झटपट बनाएं टेस्टी एंड क्रिस्पी समोसे- इसके लिए सबसे पहले आलू को उबाल कर मैश कर लें. अब एक बाउल में हरी मिर्च, लहसुन, अदरक और हरा धनिया काटकर अलग रख लें. इसके बाद कड़ाही गर्म करें. सौंफ और जीरा चटकाएं. इसके बाद हरी मिर्च, लहसुन, अदरक डाल दें. अब इसमें उबले हुए आलू डालें. 1 मिनट बाद आलू में नमक, हल्दी, जीरा पाउडर, चाट मसाला और गरम मसाला मिलाएं. पांच मिनट तक अच्छे से पकाने के बाद इसमें धनिया पत्ती डालकर अच्छे से मिला दें. अब एक बाउल में मैदा लें. इसमें नमक, अजावाइन और मोयन के लिए थोड़ा से तेल डालें. सबको अच्छे से मिलाने के बाद धीरे-धीरे पानी डालते हुए टाइट आटा गूंथे और 10 मिनट के लिए छोड़ दें. अब आटे की लोई बनाएं उसे ओवल शेप में बेलें और बीच से काट कर triangle बनाएं. इसमें समोसे के मसाले की फिलिंग करें और अच्छे से चिपका कर रखते जाएं. अब तेल गर्म कर मीडियम फ्लेम पर सभी समोसे तल लें. गरमागरम समोसे चटनी और चाय के साथ सर्व करें.
| Samosa Recipe: मॉनसून के मौसम में गरमागरम समोसा खाने का मन तो सबका करता है, लेकिन इस मौसम में होने वाली बीमारियों को ध्यान में रखा जाए तो मार्केट का समोसा खाना आपकी सेहत के लिए रिस्की हो सकता है. तो आइए जानते हैं कि कैसे घर में झटपट बनाएं टेस्टी एंड क्रिस्पी समोसे- इसके लिए सबसे पहले आलू को उबाल कर मैश कर लें. अब एक बाउल में हरी मिर्च, लहसुन, अदरक और हरा धनिया काटकर अलग रख लें. इसके बाद कड़ाही गर्म करें. सौंफ और जीरा चटकाएं. इसके बाद हरी मिर्च, लहसुन, अदरक डाल दें. अब इसमें उबले हुए आलू डालें. एक मिनट बाद आलू में नमक, हल्दी, जीरा पाउडर, चाट मसाला और गरम मसाला मिलाएं. पांच मिनट तक अच्छे से पकाने के बाद इसमें धनिया पत्ती डालकर अच्छे से मिला दें. अब एक बाउल में मैदा लें. इसमें नमक, अजावाइन और मोयन के लिए थोड़ा से तेल डालें. सबको अच्छे से मिलाने के बाद धीरे-धीरे पानी डालते हुए टाइट आटा गूंथे और दस मिनट के लिए छोड़ दें. अब आटे की लोई बनाएं उसे ओवल शेप में बेलें और बीच से काट कर triangle बनाएं. इसमें समोसे के मसाले की फिलिंग करें और अच्छे से चिपका कर रखते जाएं. अब तेल गर्म कर मीडियम फ्लेम पर सभी समोसे तल लें. गरमागरम समोसे चटनी और चाय के साथ सर्व करें. |
जी हाँ, गोपी बहु का साथ निभाने एक बार फिर 'साथ निभाना साथिया' के एहम यानि मुहम्मद नज़ीम कहानी में धमेदार एंट्री कर रहे हैं और उनकी वापसी जन्माष्टमी के दिन मटकी फोड़ते हुए होगी।
दरअसल एहम ने कुछ दिनों पहले तब ये सीरियल छोड़ दिया था जब कहानी में लीप डाली गयी थी। एहम को न लीप वाली बात पसंद आयी न ही लीप के बाद अपने करैक्टर का उम्रदराज दिखाया जाना ही पसंद आया था। लेकिन अब वो फिर से कहानी में लौट रहे हैं और इस बार वो पुराने संस्कारी एहम से अलग, एक टपोरी बने नज़र आएंगे।
एहम की एंट्री के बाद सीरियल की कहानी में गोपी की सास कोकिला को न सिर्फ एहम की वापसी से खुश होते दिखाया जायेगा बल्कि वो फिर से वही एहम को वही संस्कार सिखाते नज़र आएँगी जो उनके बेटे में थी और जिसे देखकर गोपी उसे फिर से अपने पति के रूप में अपना लें।
आप हमें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकती हैं।
| जी हाँ, गोपी बहु का साथ निभाने एक बार फिर 'साथ निभाना साथिया' के एहम यानि मुहम्मद नज़ीम कहानी में धमेदार एंट्री कर रहे हैं और उनकी वापसी जन्माष्टमी के दिन मटकी फोड़ते हुए होगी। दरअसल एहम ने कुछ दिनों पहले तब ये सीरियल छोड़ दिया था जब कहानी में लीप डाली गयी थी। एहम को न लीप वाली बात पसंद आयी न ही लीप के बाद अपने करैक्टर का उम्रदराज दिखाया जाना ही पसंद आया था। लेकिन अब वो फिर से कहानी में लौट रहे हैं और इस बार वो पुराने संस्कारी एहम से अलग, एक टपोरी बने नज़र आएंगे। एहम की एंट्री के बाद सीरियल की कहानी में गोपी की सास कोकिला को न सिर्फ एहम की वापसी से खुश होते दिखाया जायेगा बल्कि वो फिर से वही एहम को वही संस्कार सिखाते नज़र आएँगी जो उनके बेटे में थी और जिसे देखकर गोपी उसे फिर से अपने पति के रूप में अपना लें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकती हैं। |
दयाराम कश्यप, सोलन। हिमाचल के सोलन (Solan) जिला में एक चलती कार में अचानक आग लग गई। आग (Fire) लगने के समय कार में चालक सहित दो लोग सवार थे। हादसा जिला सोलन के अर्की उपमंडल में शालाघाट के पास हुआ। यह कार दाड़लाघाट से अर्की की तरफ आ रही थी। इसी दौरान कार में अचानक आग लग गई। आग लगने से पूरी गाड़ी जल गई।
जानकारी के अनुसार दाड़लाघाट से अर्की की तरफ आ ही एक कार में शालाघाट पेट्रोल पंप (Shalaghat Petrol Pump) के पास अचानक आग लग गई। गाड़ी चालक बलवीर सिंह पुत्र अंनत राम गांव धार जट्टा, पंचायत शहरोल चला रहा था। जब उसने गाड़ी में धुंआ निकलते देखा तो उसने गाड़ी रोक दी। गाड़ी में देखते ही देखते आग लग गई व पूरी तरह से यह क्षतिग्रस्त हो गई।
इसमें सवार चालक व एक अन्य व्यक्ति आग की चपेट में आने से बाल बाल बच गए। उन्हें किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। फ़ायर चौकी अर्की के इंचार्ज मनसा राम ने कहा कि उन्हें शालाघाट स्थित गाड़ी में आग लगने की सूचना मिली थी। उनकी टीम ने मौके पर पहुंच कर गाड़ी में लगी आग पर काबू पाया। उन्होंने कहा कि गाड़ी का करीब 70 हज़ार रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने गाड़ी में आग लगने की घटना की पुष्टि की है।
| दयाराम कश्यप, सोलन। हिमाचल के सोलन जिला में एक चलती कार में अचानक आग लग गई। आग लगने के समय कार में चालक सहित दो लोग सवार थे। हादसा जिला सोलन के अर्की उपमंडल में शालाघाट के पास हुआ। यह कार दाड़लाघाट से अर्की की तरफ आ रही थी। इसी दौरान कार में अचानक आग लग गई। आग लगने से पूरी गाड़ी जल गई। जानकारी के अनुसार दाड़लाघाट से अर्की की तरफ आ ही एक कार में शालाघाट पेट्रोल पंप के पास अचानक आग लग गई। गाड़ी चालक बलवीर सिंह पुत्र अंनत राम गांव धार जट्टा, पंचायत शहरोल चला रहा था। जब उसने गाड़ी में धुंआ निकलते देखा तो उसने गाड़ी रोक दी। गाड़ी में देखते ही देखते आग लग गई व पूरी तरह से यह क्षतिग्रस्त हो गई। इसमें सवार चालक व एक अन्य व्यक्ति आग की चपेट में आने से बाल बाल बच गए। उन्हें किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ है। फ़ायर चौकी अर्की के इंचार्ज मनसा राम ने कहा कि उन्हें शालाघाट स्थित गाड़ी में आग लगने की सूचना मिली थी। उनकी टीम ने मौके पर पहुंच कर गाड़ी में लगी आग पर काबू पाया। उन्होंने कहा कि गाड़ी का करीब सत्तर हज़ार रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने गाड़ी में आग लगने की घटना की पुष्टि की है। |
दुनिया में ऐसी कई जगह हैं जहां दीवार भी खेती होती है। इसे वर्टिकल फार्मिंग कहते हैं। यह धीरे धीरे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय होता जा रहा है। इसी बीच आज हम आपको इससे जुड़ी तमाम जानकारी बताने जा रहे हैं। तो आइए इसे विस्तार से जानते हैं।
यह तो सभी को पता है कि खेती जमीन पर की जाती है। लेकिन अगर आपको पता चले कि दुनिया नें कुछ ऐसी जगहें भी हैं। जहां दीवारों पर खेती की जाती है, तो शायद आप हैरान रह जाएं। वहीं आपको बता दें कि दुनिया में ऐसी कई जगह हैं जहां दीवार भी खेती होती है। इसे वर्टिकल फार्मिंग कहते हैं। यह धीरे धीरे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय होता जा रहा है। इसी बीच आज हम आपको इससे जुड़ी तमाम जानकारी बताने जा रहे हैं। तो आइए इसे विस्तार से जानते हैं।
आपको बता दें कि इजरायल के साथ साथ और भी कई देश हैं जहां वर्टिकल फार्मिंग होती है। दरअसल यहां खेती के लिए जमीन कम है। जिस वजह से यहां के लोग दीवार पर खेती करना बेहतर समझते हैं। इस टेकनीक को इजरायल, अमेरिका, चीन और भी कई देश इसे अपना रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दीवार पर खेती करने के लिए कंप्यूटर को यूज किया जाता है। इसके लिए छोटे छोटे गमलों नें पौधे लगाकर दीवारों पर इस तरीके से लगाया जाता है कि वो गिरे नहीं। इसकी सिंचाई करने के लिए कंप्यूटर का यूज किया जाता है। गेंहू अनाज को उगाने के लिए यूनिट्स को दीवारों से थोड़ी देर के निकाल कर फिर से दिवार पर लगा दिया जाता है। इन फसलों को उगाने के लिए बूंद बूंद की सिंचाई की टेकनीक को अपनाया जाता है।
इस टेकनीक को देशों में अपनाया जा रहा है। इससे जमीन की बचत तो होती हैं। साथ घर का तापमान भी सही रहता है। इससे इसके आसपास के वातावरण में खुश्बू भरा होता है। वहीं वर्टिकल फार्मिंग से ध्वनि प्रदूषण का प्रभाव भी कम होता है।
| दुनिया में ऐसी कई जगह हैं जहां दीवार भी खेती होती है। इसे वर्टिकल फार्मिंग कहते हैं। यह धीरे धीरे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय होता जा रहा है। इसी बीच आज हम आपको इससे जुड़ी तमाम जानकारी बताने जा रहे हैं। तो आइए इसे विस्तार से जानते हैं। यह तो सभी को पता है कि खेती जमीन पर की जाती है। लेकिन अगर आपको पता चले कि दुनिया नें कुछ ऐसी जगहें भी हैं। जहां दीवारों पर खेती की जाती है, तो शायद आप हैरान रह जाएं। वहीं आपको बता दें कि दुनिया में ऐसी कई जगह हैं जहां दीवार भी खेती होती है। इसे वर्टिकल फार्मिंग कहते हैं। यह धीरे धीरे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय होता जा रहा है। इसी बीच आज हम आपको इससे जुड़ी तमाम जानकारी बताने जा रहे हैं। तो आइए इसे विस्तार से जानते हैं। आपको बता दें कि इजरायल के साथ साथ और भी कई देश हैं जहां वर्टिकल फार्मिंग होती है। दरअसल यहां खेती के लिए जमीन कम है। जिस वजह से यहां के लोग दीवार पर खेती करना बेहतर समझते हैं। इस टेकनीक को इजरायल, अमेरिका, चीन और भी कई देश इसे अपना रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दीवार पर खेती करने के लिए कंप्यूटर को यूज किया जाता है। इसके लिए छोटे छोटे गमलों नें पौधे लगाकर दीवारों पर इस तरीके से लगाया जाता है कि वो गिरे नहीं। इसकी सिंचाई करने के लिए कंप्यूटर का यूज किया जाता है। गेंहू अनाज को उगाने के लिए यूनिट्स को दीवारों से थोड़ी देर के निकाल कर फिर से दिवार पर लगा दिया जाता है। इन फसलों को उगाने के लिए बूंद बूंद की सिंचाई की टेकनीक को अपनाया जाता है। इस टेकनीक को देशों में अपनाया जा रहा है। इससे जमीन की बचत तो होती हैं। साथ घर का तापमान भी सही रहता है। इससे इसके आसपास के वातावरण में खुश्बू भरा होता है। वहीं वर्टिकल फार्मिंग से ध्वनि प्रदूषण का प्रभाव भी कम होता है। |
रूस का कोला सुपरडीप बोरहोल दुनिया का सबसे गहरा गड्ढा कहा जाता है। 1970 में रूस के वैज्ञानिकों ने इसकी खुदाई शुरू की थी और लगभग 19 साल तक इसे खोदा गया।
रूसी वैज्ञानिक अमेरिकी वैज्ञानिकों को चुनौती देने के लिए ऐसा कर रहे थे और धरती की सतह की ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाना चाहते थे। सालों खुदाई के बाद वैज्ञानिक 12. 24 किमी गहराई (40,230 फीट) तक पहुंचे। इसके बाद खुदाई रोक दी गई थी।
इतनी गहरी और मुश्किल खुदाई के लिए Uralmash नामक विशालकाय ड्रिलिंग मशीन बनाई गई थी, जो किसी भी परिस्थिती में ड्रिल करने की ताकत रखती थी।
इसका हैड हजारों डिग्री सेल्सियस की गर्मी सहन करने के लिए बना था। हालांकि, 40,230 फीट की गहराई पर पहुंचने ही तापमान इतना ज्यादा बढ़ गया कि सारी मशीनें ठप्प पड़ गईं।
इस भीषण तापमान को देखते हुए साइंटिस्ट्स ने इस होल का नाम Door to Hell (नर्क का दरवाजा) भी रख दिया था। वैज्ञानिक कहते हैं कि जमीन में इतनी गहरी खुदाई करना बेहद मुश्किल काम है और ऐसा इसके बाद कोई भी नहीं कर सका पर आपको जानकर हैरानी होगी कि पृथ्वी के कोर की गहराई 6371 किलोमीटर नीचे तक है।
| रूस का कोला सुपरडीप बोरहोल दुनिया का सबसे गहरा गड्ढा कहा जाता है। एक हज़ार नौ सौ सत्तर में रूस के वैज्ञानिकों ने इसकी खुदाई शुरू की थी और लगभग उन्नीस साल तक इसे खोदा गया। रूसी वैज्ञानिक अमेरिकी वैज्ञानिकों को चुनौती देने के लिए ऐसा कर रहे थे और धरती की सतह की ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाना चाहते थे। सालों खुदाई के बाद वैज्ञानिक बारह. चौबीस किमी गहराई तक पहुंचे। इसके बाद खुदाई रोक दी गई थी। इतनी गहरी और मुश्किल खुदाई के लिए Uralmash नामक विशालकाय ड्रिलिंग मशीन बनाई गई थी, जो किसी भी परिस्थिती में ड्रिल करने की ताकत रखती थी। इसका हैड हजारों डिग्री सेल्सियस की गर्मी सहन करने के लिए बना था। हालांकि, चालीस,दो सौ तीस फीट की गहराई पर पहुंचने ही तापमान इतना ज्यादा बढ़ गया कि सारी मशीनें ठप्प पड़ गईं। इस भीषण तापमान को देखते हुए साइंटिस्ट्स ने इस होल का नाम Door to Hell भी रख दिया था। वैज्ञानिक कहते हैं कि जमीन में इतनी गहरी खुदाई करना बेहद मुश्किल काम है और ऐसा इसके बाद कोई भी नहीं कर सका पर आपको जानकर हैरानी होगी कि पृथ्वी के कोर की गहराई छः हज़ार तीन सौ इकहत्तर किलोग्राममीटर नीचे तक है। |
नोएडा न्यूज़ः सेक्टर-75 स्थित गोल्फ एवेन्यू-2 सोसाइटी का अधिभोग प्रमाणपत्र (ओसी) नोएडा प्राधिकरण ने निरस्त कर दिया.
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि ग्रुप हाउसिंग भूखंड-3, सेक्टर-75 एम्स आरसी एंजल प्रमोटर लिमिटेड को आवंटित है. यह गोल्फ एवेन्यू-2 सोसाइटी है. इसमें 696 फ्लैट हैं. इसमें सात अनियमतिताएं थीं. इनको लेकर सोसाइटी की एओए और अन्य लोगों ने नोएडा प्राधिकरण में शिकायत की. इसको लेकर प्राधिकरण ने बीते समय में कई नोटिस जारी किए. कई नोटिस जारी होने के बाद भी बिल्डर ने समस्याओं का समाधान नहीं किया. ऐसे में गोल्फ एवेन्यू-2 सोशल वेलफेयर सोसाइटी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. न्यायालय के निर्देश पर अब नोएडा प्राधिकरण ने सोसाइटी का अधिभोग प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है.
सेक्टर-75 के स्पैक्ट्रम मॉल स्थित फ्लोट बाई ड्यूटी फ्री रेस्टोरेंट में रविवार को ग्राहकों और प्रबंधन के बीच हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के पांच लोगों को गिरफ्तार किया.
सेक्टर-51 की सुनीता द्विवेदी रविवार रात नौ बजे के करीब परिवार के लोगों के साथ पुत्रवधू का जन्मदिन मनाने के लिए रेस्टोरेंट गई थीं. यहां सर्विस चार्ज को लेकर पहले ग्राहक और रेस्टोरेंट कर्मियों के बीच में कहासुनी हुई जो बाद में मारपीट में बदल गई. इस दौरान दोनों पक्ष के कई लोग को चोट आई थी. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. पुलिस के अनुसार रेस्टोरेंट पक्ष से मैनेजर निर्मल कुमार, विपिन कुमार और क्षितिज, जबकि ग्राहक पक्ष से सत्यम-आर्यन को गिरफ्तार किया है.
| नोएडा न्यूज़ः सेक्टर-पचहत्तर स्थित गोल्फ एवेन्यू-दो सोसाइटी का अधिभोग प्रमाणपत्र नोएडा प्राधिकरण ने निरस्त कर दिया. नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि ग्रुप हाउसिंग भूखंड-तीन, सेक्टर-पचहत्तर एम्स आरसी एंजल प्रमोटर लिमिटेड को आवंटित है. यह गोल्फ एवेन्यू-दो सोसाइटी है. इसमें छः सौ छियानवे फ्लैट हैं. इसमें सात अनियमतिताएं थीं. इनको लेकर सोसाइटी की एओए और अन्य लोगों ने नोएडा प्राधिकरण में शिकायत की. इसको लेकर प्राधिकरण ने बीते समय में कई नोटिस जारी किए. कई नोटिस जारी होने के बाद भी बिल्डर ने समस्याओं का समाधान नहीं किया. ऐसे में गोल्फ एवेन्यू-दो सोशल वेलफेयर सोसाइटी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. न्यायालय के निर्देश पर अब नोएडा प्राधिकरण ने सोसाइटी का अधिभोग प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया है. सेक्टर-पचहत्तर के स्पैक्ट्रम मॉल स्थित फ्लोट बाई ड्यूटी फ्री रेस्टोरेंट में रविवार को ग्राहकों और प्रबंधन के बीच हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के पांच लोगों को गिरफ्तार किया. सेक्टर-इक्यावन की सुनीता द्विवेदी रविवार रात नौ बजे के करीब परिवार के लोगों के साथ पुत्रवधू का जन्मदिन मनाने के लिए रेस्टोरेंट गई थीं. यहां सर्विस चार्ज को लेकर पहले ग्राहक और रेस्टोरेंट कर्मियों के बीच में कहासुनी हुई जो बाद में मारपीट में बदल गई. इस दौरान दोनों पक्ष के कई लोग को चोट आई थी. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. पुलिस के अनुसार रेस्टोरेंट पक्ष से मैनेजर निर्मल कुमार, विपिन कुमार और क्षितिज, जबकि ग्राहक पक्ष से सत्यम-आर्यन को गिरफ्तार किया है. |
देश के कई राज्यों में इन दिनों बाढ़ के हालात है। जिनमें प्रमुख है असम, गुजरात, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल। इसके अतिरिक्त राजस्थान के कुछ जिलों में भी कमोबेश यहीं हालात है। जानकारी के अनुसार राजस्थान में बीते दिनों हुई बारिश अभी तक 45 से अधिक लोगों की मौत का कारण बन चुकी हैं। वहीं हजारों लोग अभी भी बाढ़ प्रभावित जिलों में फंसे हुए है। वहीं मौसम विभाग की ओर से जारी पुनः भारी बारिश की चेतावनी ने प्रभावित लोगों के साथ सरकार के लिए भी मुसीबत बढा दी है।
बीते दस दिनों से राजस्थान के पाली, जालोर, सिरोही सहित बाड़मेर में भारी बारिश के कारण जनजीवन पूर्ण रुप से अस्तव्यस्त हो चुका है।
सेना के साथ एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रभावित जिलों में रेस्क्यू आॅपरेशन चला रही है। इन जिलों के सैंकड़ों गांव टापू बन चुके है। रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण गांवों में जमा पानी निकल नही रहा है। वहीं प्रभावित जिलों में कई बांध छलक रहें है यह भी परेशानी बना हुआ है।
| देश के कई राज्यों में इन दिनों बाढ़ के हालात है। जिनमें प्रमुख है असम, गुजरात, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल। इसके अतिरिक्त राजस्थान के कुछ जिलों में भी कमोबेश यहीं हालात है। जानकारी के अनुसार राजस्थान में बीते दिनों हुई बारिश अभी तक पैंतालीस से अधिक लोगों की मौत का कारण बन चुकी हैं। वहीं हजारों लोग अभी भी बाढ़ प्रभावित जिलों में फंसे हुए है। वहीं मौसम विभाग की ओर से जारी पुनः भारी बारिश की चेतावनी ने प्रभावित लोगों के साथ सरकार के लिए भी मुसीबत बढा दी है। बीते दस दिनों से राजस्थान के पाली, जालोर, सिरोही सहित बाड़मेर में भारी बारिश के कारण जनजीवन पूर्ण रुप से अस्तव्यस्त हो चुका है। सेना के साथ एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें लगातार प्रभावित जिलों में रेस्क्यू आॅपरेशन चला रही है। इन जिलों के सैंकड़ों गांव टापू बन चुके है। रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण गांवों में जमा पानी निकल नही रहा है। वहीं प्रभावित जिलों में कई बांध छलक रहें है यह भी परेशानी बना हुआ है। |
IPL 2022 Points Table in Hindi: दिल्ली कैपिटल्स की 7 मैचों में ये चौथी हार थी और सिर्फ 6 पॉइंट्स के साथ वह अभी भी छठे स्थान पर बनी हुई है.
आईपीएल 2022 (IPL 2022) के मैच जैसे-जैसे निकलते जा रहे हैं, वैसे-वैसे इसमें रोमांच और ड्रामा जमकर देखने को मिल रहा है. चेन्नई सुपर किंग्स की मुंबई इंडियंस पर नाटकीय जीत के एक दिन बाद राजस्थान रॉयल्स ने दिल्ली कैपिटल्स (DC vs RR Match Result) को एक और रोमांचक मुकाबले में हरा दिया. ये एक ऐसा मुकाबला साबित हुआ, जिसमें 222 जैसा स्कोर भी सुरक्षित नहीं लग रहा था. राजस्थान ने हालांकि इस सीजन में पांचवीं बार पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोर खड़ा किया और उसे सफलतापूर्वक डिफेंड भी किया. इसका असर अब पॉइंट्स टेबल (IPL Points Table) पर भी दिख रहा है, जहां संजू सैमसन की कप्तानी वाली टीम ने पहला स्थान हासिल कर लिया है.
सीजन के पहले मैच से ही दमदार खेल दिखा रही राजस्थान रॉयल्स ने अपने सातवें मैच में भी इस सिलसिले को जारी रखा. साथ ही सिलसिला जारी रखा जॉस बटलर ने भी. राजस्थान के इस इंग्लिश ओपनर ने फिर गेंदबाजों की धुनाई करते हुए इस सीजन में अपना तीसरा शतक ठोक दिया, जिसके दम पर राजस्थान ने इतना बड़ा स्कोर खड़ा किया. दिल्ली ने भी भरसक कोशिश की और आखिरी ओवर तक मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा, लेकिन 223 का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं था और आखिरकार 15 रन से ऋषभ पंत की टीम को हार का सामना करना पड़ा.
इस मुकाबले में मिली जीत ने राजस्थान को पॉइंट्स टेबल के शीर्ष पर पहुंचा दिया, जहां उसने अपने पड़ोसी गुजरात टाइटंस से उसकी नंबर एक की कुर्सी छीन ली. राजस्थान के अब 7 मैचों में 10 पॉइंट्स हैं और इस मामले में वह गुजरात और रॉयल चैलेंजर्स के बराबर है, लेकिन नेट रनरेट के फर्क के कारण वह पहले स्थान पर पहुंच गई है. गुजरात अब दूसरे और बैंगलोर तीसरे स्थान पर आ गई है. इसके अलावा पॉइंट्स टेबल की बाकी किसी टीम पर कोई फर्क नहीं पड़ा. यहां तक कि 7 मैचों में चौथी हार के बाद भी दिल्ली 6 पॉइंट्स के साथ छठे स्थान पर है. बेहतर नेट रनरेट के कारण ही वह पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स से आगे है.
अब शनिवार को होने वाले डबल हेडर से पॉइंट्स टेबल में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. 23 अप्रैल को पहले मुकाबले में गुजरात टाइटंस का सामना कोलकाता से है. वहीं दूसरे मैच में बैंगलोर की टक्कर सनराइजर्स हैदराबाद से होगी. इन दोनों मुकाबलों में गुजरात और बैंगलोर के पास पहला स्थान हासिल करने का मौका होगा. वहीं कोलकाता और हैदराबाद अपनी रैंकिंग को सुधार सकते हैं.
| IPL दो हज़ार बाईस Points Table in Hindi: दिल्ली कैपिटल्स की सात मैचों में ये चौथी हार थी और सिर्फ छः पॉइंट्स के साथ वह अभी भी छठे स्थान पर बनी हुई है. आईपीएल दो हज़ार बाईस के मैच जैसे-जैसे निकलते जा रहे हैं, वैसे-वैसे इसमें रोमांच और ड्रामा जमकर देखने को मिल रहा है. चेन्नई सुपर किंग्स की मुंबई इंडियंस पर नाटकीय जीत के एक दिन बाद राजस्थान रॉयल्स ने दिल्ली कैपिटल्स को एक और रोमांचक मुकाबले में हरा दिया. ये एक ऐसा मुकाबला साबित हुआ, जिसमें दो सौ बाईस जैसा स्कोर भी सुरक्षित नहीं लग रहा था. राजस्थान ने हालांकि इस सीजन में पांचवीं बार पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोर खड़ा किया और उसे सफलतापूर्वक डिफेंड भी किया. इसका असर अब पॉइंट्स टेबल पर भी दिख रहा है, जहां संजू सैमसन की कप्तानी वाली टीम ने पहला स्थान हासिल कर लिया है. सीजन के पहले मैच से ही दमदार खेल दिखा रही राजस्थान रॉयल्स ने अपने सातवें मैच में भी इस सिलसिले को जारी रखा. साथ ही सिलसिला जारी रखा जॉस बटलर ने भी. राजस्थान के इस इंग्लिश ओपनर ने फिर गेंदबाजों की धुनाई करते हुए इस सीजन में अपना तीसरा शतक ठोक दिया, जिसके दम पर राजस्थान ने इतना बड़ा स्कोर खड़ा किया. दिल्ली ने भी भरसक कोशिश की और आखिरी ओवर तक मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा, लेकिन दो सौ तेईस का लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं था और आखिरकार पंद्रह रन से ऋषभ पंत की टीम को हार का सामना करना पड़ा. इस मुकाबले में मिली जीत ने राजस्थान को पॉइंट्स टेबल के शीर्ष पर पहुंचा दिया, जहां उसने अपने पड़ोसी गुजरात टाइटंस से उसकी नंबर एक की कुर्सी छीन ली. राजस्थान के अब सात मैचों में दस पॉइंट्स हैं और इस मामले में वह गुजरात और रॉयल चैलेंजर्स के बराबर है, लेकिन नेट रनरेट के फर्क के कारण वह पहले स्थान पर पहुंच गई है. गुजरात अब दूसरे और बैंगलोर तीसरे स्थान पर आ गई है. इसके अलावा पॉइंट्स टेबल की बाकी किसी टीम पर कोई फर्क नहीं पड़ा. यहां तक कि सात मैचों में चौथी हार के बाद भी दिल्ली छः पॉइंट्स के साथ छठे स्थान पर है. बेहतर नेट रनरेट के कारण ही वह पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स से आगे है. अब शनिवार को होने वाले डबल हेडर से पॉइंट्स टेबल में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे. तेईस अप्रैल को पहले मुकाबले में गुजरात टाइटंस का सामना कोलकाता से है. वहीं दूसरे मैच में बैंगलोर की टक्कर सनराइजर्स हैदराबाद से होगी. इन दोनों मुकाबलों में गुजरात और बैंगलोर के पास पहला स्थान हासिल करने का मौका होगा. वहीं कोलकाता और हैदराबाद अपनी रैंकिंग को सुधार सकते हैं. |
दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में फिट इंडिया कार्यक्रम के दो साल पूरे होने के बाद फिट इंडिया मोबाइल ऐप को लॉन्च किया गया।
खेल। दिल्ली (Delhi) के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम (Major Dhyan Chand National Stadium) में 'फिट इंडिया' (Fit India) कार्यक्रम के दो साल पूरे होने के बाद फिट इंडिया मोबाइल ऐप को लॉन्च किया गया। इस दौरान केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) और केंद्रीय खेल राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणित (Nisith Pramanik) भी मौजूद रहे। अनुराग ठाकुर ने इस कार्यक्म का लॉन्च किया।
इस मौके पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि युवाओं को अगर राष्ट्र निर्माण में लगाना है तो फिट युवा ही एक सशक्त भारत का निर्माण कर सकता है। 70 प्रतिशत भारतीय रोज कसरत नहीं करते हैं, इस कारण इस ऐप के जरिए आपको हर रोज पता चलेगा कि आप कितने कदम चले हैं। साथ ही आप ने कितना व्यायाम किया है।
वहीं पैरालंपिक में देश के लिए पहला पदक जीतने वाली भाविना की कामयाबी पर अनुराग ठाकुर ने खुशी जताई है। साथ ही उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन भारत की बेटी भाविना पटेल ने पैरालंपिक में रजत पदक जीता है। मुझे पूरा विश्वास है कि पैरालंपिक में और भी पदक आएंगे। मैं उन्हें सभी भारतीयों की तरह से बधाई देता हूं।
| दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में फिट इंडिया कार्यक्रम के दो साल पूरे होने के बाद फिट इंडिया मोबाइल ऐप को लॉन्च किया गया। खेल। दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 'फिट इंडिया' कार्यक्रम के दो साल पूरे होने के बाद फिट इंडिया मोबाइल ऐप को लॉन्च किया गया। इस दौरान केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और केंद्रीय खेल राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणित भी मौजूद रहे। अनुराग ठाकुर ने इस कार्यक्म का लॉन्च किया। इस मौके पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि युवाओं को अगर राष्ट्र निर्माण में लगाना है तो फिट युवा ही एक सशक्त भारत का निर्माण कर सकता है। सत्तर प्रतिशत भारतीय रोज कसरत नहीं करते हैं, इस कारण इस ऐप के जरिए आपको हर रोज पता चलेगा कि आप कितने कदम चले हैं। साथ ही आप ने कितना व्यायाम किया है। वहीं पैरालंपिक में देश के लिए पहला पदक जीतने वाली भाविना की कामयाबी पर अनुराग ठाकुर ने खुशी जताई है। साथ ही उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय खेल दिवस के दिन भारत की बेटी भाविना पटेल ने पैरालंपिक में रजत पदक जीता है। मुझे पूरा विश्वास है कि पैरालंपिक में और भी पदक आएंगे। मैं उन्हें सभी भारतीयों की तरह से बधाई देता हूं। |
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शिंगणापुर गांव स्थित प्रसिद्ध शनि मंदिर में एक दिया। इसे लेकर मंदिर समिति ने सात सुरक्षा कर्मियों को निलंबित कर दिया है। हालांकि ग्रामीणों ने रविवार को शुद्धिकरण अनुष्ठान किया। महिला कल सुरक्षा बेरिकेड तोड़ कर चौठारा (मंच) पर चढ़ गई जहां मूर्ति स्थापित है। वहां उसने पूजा की और बाद में वह भीड़ में गुम हो गई।
महिलाओं को शनि प्रतिमा की पूजा करने से रोकने वाली सदियों पुरानी प्रथा टूटने से मंदिर समिति हैरत में है। समिति आज हरकत में आई और उसने सात सुरक्षा कर्मियों को निलंबित कर दिया। ग्रामीणों ने मूर्ति का दूध से अभिषेक किया और घटना के विरोध में सुबह बंद का आह्वान किया। इस महिला के कदम की कई महिला एवं सामाजिक संगठनों सहित विभिन्न क्षेत्र के लोगों ने प्रशंसा की है। सोलापुर से कांग्रेस विधायक प्रणीति शिंदे ने कहा, 'महिला ने जो यह किया है उसके लिए उसका सम्मान किया जाएगा। ' पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की पुत्री प्रणीति ने कहा, 'मैं इस मुद्दे को विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में उठाऊंगी। ' महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निरमूलन समिति की अहमदनगर जिला इकाई अध्यक्ष रंजनन गवांदे ने कहा, 'हम पूजा करने में महिला की ओर से दिखाए गए साहस का स्वागत करते हैं। यह घटना क्रांतिकारी है। चौठारे को महिलाओं के लिए खोला जाना चाहिए। ' सामाजिक कार्यकर्ता मंगल खिनवासरा ने कहा, 'हाल में संविधान दिवस मनाया गया और पूजा अर्पित करने के लिए सुरक्षा दीवार तोड़ने वाली महिला ने केवल संविधान की भावना पेश की है जो लैंगिक समानता सुनिश्चित करता है। ' है।
महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शिंगणापुर गांव स्थित प्रसिद्ध शनि मंदिर में एक दिया। इसे लेकर मंदिर समिति ने सात सुरक्षा कर्मियों को निलंबित कर दिया है। हालांकि ग्रामीणों ने रविवार को शुद्धिकरण अनुष्ठान किया। महिला कल सुरक्षा बेरिकेड तोड़ कर चौठारा (मंच) पर चढ़ गई जहां मूर्ति स्थापित है। वहां उसने पूजा की और बाद में वह भीड़ में गुम हो गई।
| महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शिंगणापुर गांव स्थित प्रसिद्ध शनि मंदिर में एक दिया। इसे लेकर मंदिर समिति ने सात सुरक्षा कर्मियों को निलंबित कर दिया है। हालांकि ग्रामीणों ने रविवार को शुद्धिकरण अनुष्ठान किया। महिला कल सुरक्षा बेरिकेड तोड़ कर चौठारा पर चढ़ गई जहां मूर्ति स्थापित है। वहां उसने पूजा की और बाद में वह भीड़ में गुम हो गई। महिलाओं को शनि प्रतिमा की पूजा करने से रोकने वाली सदियों पुरानी प्रथा टूटने से मंदिर समिति हैरत में है। समिति आज हरकत में आई और उसने सात सुरक्षा कर्मियों को निलंबित कर दिया। ग्रामीणों ने मूर्ति का दूध से अभिषेक किया और घटना के विरोध में सुबह बंद का आह्वान किया। इस महिला के कदम की कई महिला एवं सामाजिक संगठनों सहित विभिन्न क्षेत्र के लोगों ने प्रशंसा की है। सोलापुर से कांग्रेस विधायक प्रणीति शिंदे ने कहा, 'महिला ने जो यह किया है उसके लिए उसका सम्मान किया जाएगा। ' पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की पुत्री प्रणीति ने कहा, 'मैं इस मुद्दे को विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में उठाऊंगी। ' महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निरमूलन समिति की अहमदनगर जिला इकाई अध्यक्ष रंजनन गवांदे ने कहा, 'हम पूजा करने में महिला की ओर से दिखाए गए साहस का स्वागत करते हैं। यह घटना क्रांतिकारी है। चौठारे को महिलाओं के लिए खोला जाना चाहिए। ' सामाजिक कार्यकर्ता मंगल खिनवासरा ने कहा, 'हाल में संविधान दिवस मनाया गया और पूजा अर्पित करने के लिए सुरक्षा दीवार तोड़ने वाली महिला ने केवल संविधान की भावना पेश की है जो लैंगिक समानता सुनिश्चित करता है। ' है। महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शिंगणापुर गांव स्थित प्रसिद्ध शनि मंदिर में एक दिया। इसे लेकर मंदिर समिति ने सात सुरक्षा कर्मियों को निलंबित कर दिया है। हालांकि ग्रामीणों ने रविवार को शुद्धिकरण अनुष्ठान किया। महिला कल सुरक्षा बेरिकेड तोड़ कर चौठारा पर चढ़ गई जहां मूर्ति स्थापित है। वहां उसने पूजा की और बाद में वह भीड़ में गुम हो गई। |
दिन भर काम करने के बाद जब लोग सही समय पर अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते है तो उनका अगला दिन पूरी तरह से खराब हो जाता है। ऐसे में अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है। अगर लोग अच्छी नींद नहीं ले पाते है तो उन्हें रोज स्ट्रेस, चिड़चिड़ापन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है।
दिन भर काम करने के बाद जब लोग सही समय पर अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते है तो उनका अगला दिन पूरी तरह से खराब हो जाता है। ऐसे में अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है। अगर लोग अच्छी नींद नहीं ले पाते है तो उन्हें रोज स्ट्रेस, चिड़चिड़ापन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, जो कि बाद में जाके बड़ी बीमारी का रूप ले लेती है।
इस ऐप को न्यूरोसाइंस के एक्सपर्ट्स ने बनाया है। इस ऐप को इस तरह के बनाया गया है, जिसकी मदद से लोग आसानी से आरामदायक नींद ले सकते है। यह ऐप लोगों को साउंड इफेक्ट्स की मदद से आरामदायक सोने में मदद करता है। इस ऐप को लोग एंड्रोइड और आइओएस पर से डाउनलोड कर सकते है।
इस ऐप को 4 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है और साथ ही ज्यादातर लोगों को इस ऐप ने लाभ भी पहुंचाया है। अलग तरह की साउंड इफेक्ट की मदद से यह ऐप यूजर्स को आरामदायक नींद लेने में मदद करता है। साथ ही बुरे सपने ना आने में भी मदद करता है।
यह ऐप यूजर्स की स्लीपिंग एक्टिविटी की जांच करता है। साथ ही यह ऐप यूजर्स को रिलैक्स, रिफ्रेस और आरामदायक नींद लेने में मदद करता है और साथ ही यूजर्स इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर के साथ आईओएस से भी डाउनलोड कर सकते है।
यह ऐप उन लोगों के लिए बनाया गया है, जिनको नींद ना आने की बीमारी है। यह ऐप लोगों को सॉफ्ट साउंड इफेक्ट की मदद से आरामदायक नींद देने में मदद करता है। इस ऐप को लोग गूगल प्ले स्टोर और आईओएस से डाउनलोड कर सकते है।
| दिन भर काम करने के बाद जब लोग सही समय पर अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते है तो उनका अगला दिन पूरी तरह से खराब हो जाता है। ऐसे में अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है। अगर लोग अच्छी नींद नहीं ले पाते है तो उन्हें रोज स्ट्रेस, चिड़चिड़ापन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। दिन भर काम करने के बाद जब लोग सही समय पर अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते है तो उनका अगला दिन पूरी तरह से खराब हो जाता है। ऐसे में अच्छी नींद लेना बेहद जरूरी है। अगर लोग अच्छी नींद नहीं ले पाते है तो उन्हें रोज स्ट्रेस, चिड़चिड़ापन जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है, जो कि बाद में जाके बड़ी बीमारी का रूप ले लेती है। इस ऐप को न्यूरोसाइंस के एक्सपर्ट्स ने बनाया है। इस ऐप को इस तरह के बनाया गया है, जिसकी मदद से लोग आसानी से आरामदायक नींद ले सकते है। यह ऐप लोगों को साउंड इफेक्ट्स की मदद से आरामदायक सोने में मदद करता है। इस ऐप को लोग एंड्रोइड और आइओएस पर से डाउनलोड कर सकते है। इस ऐप को चार लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है और साथ ही ज्यादातर लोगों को इस ऐप ने लाभ भी पहुंचाया है। अलग तरह की साउंड इफेक्ट की मदद से यह ऐप यूजर्स को आरामदायक नींद लेने में मदद करता है। साथ ही बुरे सपने ना आने में भी मदद करता है। यह ऐप यूजर्स की स्लीपिंग एक्टिविटी की जांच करता है। साथ ही यह ऐप यूजर्स को रिलैक्स, रिफ्रेस और आरामदायक नींद लेने में मदद करता है और साथ ही यूजर्स इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर के साथ आईओएस से भी डाउनलोड कर सकते है। यह ऐप उन लोगों के लिए बनाया गया है, जिनको नींद ना आने की बीमारी है। यह ऐप लोगों को सॉफ्ट साउंड इफेक्ट की मदद से आरामदायक नींद देने में मदद करता है। इस ऐप को लोग गूगल प्ले स्टोर और आईओएस से डाउनलोड कर सकते है। |
मुंबई। (भाषा) महाराष्ट्र में रत्नागिरि जिले के खेड़ तालुक में आज (Fire in Maharashtra) सुबह एक रसायन फैक्ट्री में दो विस्फोटों में चार कर्मचारियों की मौत हो गई और उनका एक सहकर्मी घायल हो गया।पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट के बाद आग लग गई। उन्होंने बताया कि दमकल और पुलिस कर्मियों ने करीब 40 अन्य कर्मचारियों को बाहर निकाला।रत्नागिरी के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "आज सुबह करीब (Fire in Maharashtra) नौ बजे रसायन फैक्ट्री की एक ईकाई में दो बड़े विस्फोट हुए। हादसे में घायल कर्मचारियों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां उनमें से चार को मृत घोषित कर दिया गया। एक अन्य कर्मचारी को गंभीर चोटें आयी हैं और उसका इलाज चल रहा है।"उन्होंने बताया कि विस्फोटों के बाद आग लग गई। आग पर काबू पा लिया गया है।अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार फैक्ट्री में एक बॉयलर अत्यधिक गर्म होने के कारण फट गया। बहरहाल घटना की सटीक वजह का पता लगाया जा रहा है।
Maharashtra: 4 people died and 1 critically injured in an explosion at a chemical factory in an industrial area in Ratnagiri district. More details awaited.
| मुंबई। महाराष्ट्र में रत्नागिरि जिले के खेड़ तालुक में आज सुबह एक रसायन फैक्ट्री में दो विस्फोटों में चार कर्मचारियों की मौत हो गई और उनका एक सहकर्मी घायल हो गया।पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट के बाद आग लग गई। उन्होंने बताया कि दमकल और पुलिस कर्मियों ने करीब चालीस अन्य कर्मचारियों को बाहर निकाला।रत्नागिरी के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "आज सुबह करीब नौ बजे रसायन फैक्ट्री की एक ईकाई में दो बड़े विस्फोट हुए। हादसे में घायल कर्मचारियों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां उनमें से चार को मृत घोषित कर दिया गया। एक अन्य कर्मचारी को गंभीर चोटें आयी हैं और उसका इलाज चल रहा है।"उन्होंने बताया कि विस्फोटों के बाद आग लग गई। आग पर काबू पा लिया गया है।अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार फैक्ट्री में एक बॉयलर अत्यधिक गर्म होने के कारण फट गया। बहरहाल घटना की सटीक वजह का पता लगाया जा रहा है। Maharashtra: चार people died and एक critically injured in an explosion at a chemical factory in an industrial area in Ratnagiri district. More details awaited. |
The Kerala Story: 'द केरल स्टोरी' को लेकर विवाद अभी तक जारी है। हालांकि, इन सब से हटकर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसके बाद फिल्म के सीक्वल की चर्चा तेज हो गई है। आइए आपको विस्तार से बताते हैं।
The Kerala Story: एक्ट्रेस अदा शर्मा की सुपरहिट फिल्म 'द केरल स्टोरी' अब तक बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है। फिल्म 5 मई 2023 को थिएटर्स में रिलीज हुई थी। फिल्म अपने रिलीज से पहले ही विवादों में थी। इतना ही नहीं फिल्म को लेकर विवाद अभी तक जारी है। जहां कई राज्यों में फिल्म को बैन कर दिया गया था, तो कई राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री भी किया गया था और अब बहुत जल्द फिल्म का सीक्वल भी रिलीज होने वाला है। जी हां, इस बात का खुलासा खुद विपुल अमृतलाल शाह ने किया है।
कब रिलीज होगी 'द केरल स्टोरी 2'
दरअसल, 'द केरल स्टोरी' के प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह ने DNA को दिए एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया कि वह बहुत जल्द 'द केरल स्टोरी' के सीक्वल पर काम करने वाले हैं। जी हां, विपुल शाह ने कहा, "मैं अब लाइन फिल्म का हिस्सा नहीं हूं, लेकिन वो टॉपिक अभी खत्म नहीं हुआ है। हम इसे एड्रेस करेंगे, आप फिक्र मत कीजिए। "
ओटीटी पर रिलीज होगी 'द केरल स्टोरी'
'द केरल स्टोरी' के चल रहे विवाद के कारण दर्शकों में इस फिल्म को देखने की काफी उत्सुकता है और लोग फिल्म के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आने का इंतजार कर रहे हैं। अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फिल्म के डिजिटल राइट्स 'ZEE5' ने खरीद लिए हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि कम बजट में बनी ब्लॉकबस्टर 'द केरल स्टोरी' अगले महीने यानी कि जून में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो सकती है। हालांकि, फिल्म की ओटीटी रिलीज को लेकर मेकर्स या स्टार कास्ट की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी शेयर नहीं की गई है, क्योंकि थिएटर में 'जोगीरा सारा रा रा' और 'Fast X' के मुकाबले हिंदी बेल्ट में ये फिल्म ज्यादा कमाई कर रही है।
बता दें कि 'द केरल स्टोरी' की ओपनिंग बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छी हुई थी। इस फिल्म ने पहले दिन पर 8 करोड़ का बिजनेस किया था। जैसे-जैसे फिल्म पर विवाद बढ़ा, वैसे-वैसे थिएटर में भीड़ और बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के कलेक्शन में भी बढ़ोतरी होती गई।
हालांकि, विन डीजल की हॉलीवुड फिल्म 'फास्ट एंड फ्यूरियस-10' के बाद इस फिल्म की कमाई पर असर पड़ा। घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 'द केरल स्टोरी' ने अब तक 228 करोड़ नेट और 269 करोड़ का ग्रॉस बिजनेस किया है, जबकि दुनियाभर में ये फिल्म 282. 8 करोड़ का बिजनेस कर चुकी है और जल्द ही ये फिल्म 300 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है।
| The Kerala Story: 'द केरल स्टोरी' को लेकर विवाद अभी तक जारी है। हालांकि, इन सब से हटकर फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, जिसके बाद फिल्म के सीक्वल की चर्चा तेज हो गई है। आइए आपको विस्तार से बताते हैं। The Kerala Story: एक्ट्रेस अदा शर्मा की सुपरहिट फिल्म 'द केरल स्टोरी' अब तक बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर रही है। फिल्म पाँच मई दो हज़ार तेईस को थिएटर्स में रिलीज हुई थी। फिल्म अपने रिलीज से पहले ही विवादों में थी। इतना ही नहीं फिल्म को लेकर विवाद अभी तक जारी है। जहां कई राज्यों में फिल्म को बैन कर दिया गया था, तो कई राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री भी किया गया था और अब बहुत जल्द फिल्म का सीक्वल भी रिलीज होने वाला है। जी हां, इस बात का खुलासा खुद विपुल अमृतलाल शाह ने किया है। कब रिलीज होगी 'द केरल स्टोरी दो' दरअसल, 'द केरल स्टोरी' के प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह ने DNA को दिए एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया कि वह बहुत जल्द 'द केरल स्टोरी' के सीक्वल पर काम करने वाले हैं। जी हां, विपुल शाह ने कहा, "मैं अब लाइन फिल्म का हिस्सा नहीं हूं, लेकिन वो टॉपिक अभी खत्म नहीं हुआ है। हम इसे एड्रेस करेंगे, आप फिक्र मत कीजिए। " ओटीटी पर रिलीज होगी 'द केरल स्टोरी' 'द केरल स्टोरी' के चल रहे विवाद के कारण दर्शकों में इस फिल्म को देखने की काफी उत्सुकता है और लोग फिल्म के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आने का इंतजार कर रहे हैं। अब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फिल्म के डिजिटल राइट्स 'ZEEपाँच' ने खरीद लिए हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि कम बजट में बनी ब्लॉकबस्टर 'द केरल स्टोरी' अगले महीने यानी कि जून में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो सकती है। हालांकि, फिल्म की ओटीटी रिलीज को लेकर मेकर्स या स्टार कास्ट की तरफ से कोई आधिकारिक जानकारी शेयर नहीं की गई है, क्योंकि थिएटर में 'जोगीरा सारा रा रा' और 'Fast X' के मुकाबले हिंदी बेल्ट में ये फिल्म ज्यादा कमाई कर रही है। बता दें कि 'द केरल स्टोरी' की ओपनिंग बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छी हुई थी। इस फिल्म ने पहले दिन पर आठ करोड़ का बिजनेस किया था। जैसे-जैसे फिल्म पर विवाद बढ़ा, वैसे-वैसे थिएटर में भीड़ और बॉक्स ऑफिस पर फिल्म के कलेक्शन में भी बढ़ोतरी होती गई। हालांकि, विन डीजल की हॉलीवुड फिल्म 'फास्ट एंड फ्यूरियस-दस' के बाद इस फिल्म की कमाई पर असर पड़ा। घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 'द केरल स्टोरी' ने अब तक दो सौ अट्ठाईस करोड़ नेट और दो सौ उनहत्तर करोड़ का ग्रॉस बिजनेस किया है, जबकि दुनियाभर में ये फिल्म दो सौ बयासी. आठ करोड़ का बिजनेस कर चुकी है और जल्द ही ये फिल्म तीन सौ करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है। |
(www. arya-tv. com) 100वें संकट मोचन संगीत समारोह की दूसरी रात तलत अजीज की गजलों ने मंदिर मे रूमानियत माहौल बना दिया। 'मोहब्बत करने वाले कम न होंगे, तेरी महफ़िल में हम नहीं होंगे', 'महकी जो रातरानी तेरी याद आई' से शुरू हुआ गजलों का सफर 'जो तेरा गम न हो जिंदगी क्या है', 'छेड़ दी है आज बात फूलों की, 'रात है या बारात फूलों' तक पहुंचा। हनुमान भक्त पूरी रात इन गजलों को सुन भाव-विभोर होते दिखे।
इससे पहले संगीत समारोह की दूसरी रात की पहली प्रस्तुति में पंडित शिवमणि के ड्रमनाद का जादू रहा। यूपी, बंगाल, गुजरात, केरल और पंजाब के खास रिदम पर श्रोताओं ने जमकर लुत्फ उठाया। पंडित शिवमणि के इ्रस्ट्रूमेंट्स में ड्रम्स, घंटी, जैंबे, किचन की थाली और चिमटा ने म्यूजिक का स्वाद ही बदल दिया। पंडित शिवमणि ने 7 से 12 मात्राओं का लय भी सुनाई। मैंडोलिन पर उनके साथ पंडित यू राजेश ने भी ताल से ताल मिलाया।
भरतनाट्यम में शिव, हनुमान, कृष्ण और मां दुर्गा आधारित भाव-भंगिमाओं की प्रस्तुति हुई। रामपुर घराने के अरमान खान और अकरम ने बागेश्री राग छेड़ी। चेन्नई से आए पंडित शशांक सुब्रमण्यम ने कर्नाटक शैली में बांसुरी वादन किया तो, मंदिर का कोना-कोना भगवान कृष्ण और राधा की भक्ति में डूब गया। उन्होंने राग बाणेश्वरी में आलाप और झाला का प्रयोग किया। राग जोग और खमाज की तर्ज पर बजे इस राग का लोगों ने खूब आनंद उठाया। तबले पर मुंबई के अनुव्रत चटर्जी और हरिहरन सुंदररामन ने दमदार संगत की।
बेंगलुरु के वयोवृद्ध गायक तिरुमलै श्रीनिवास ने श्रीराम स्तुति, 'श्रीरामचंद्र भावयामी', 'भज रे हनुमंतम्' बंदिश राग गाकर राम और हनुमान के संबंधों को बयां किया। इन गीतों को लोगों को जगाकर भक्ति भाव में पिरोए रखा। वहीं, 'संकट मोचन श्रीहनुमान भक्त तुलसीदास पूजित' के गायन ने मंदिर को अध्यात्म की ऊर्जा से भर दिया। उन्होंने कर्नाटकी गायन पद्धति के अनुसार राग कामवर्द्धनी भी प्रस्तुत की। अंत में श्रीनिवास ने राग किरवानी में तुलसीकृत रचना 'निराकार ओंकार सुनाया। मृदंगम पर अन्नूर दत्तात्रेय शर्मा, वायलिन पर विदुषी ज्योत्सना मंजुनाथ तथा मोरसिंग(मुरचंग) पर तिरुमलै गोपी श्रवण ने उनकी संगत की।
| एक सौवें संकट मोचन संगीत समारोह की दूसरी रात तलत अजीज की गजलों ने मंदिर मे रूमानियत माहौल बना दिया। 'मोहब्बत करने वाले कम न होंगे, तेरी महफ़िल में हम नहीं होंगे', 'महकी जो रातरानी तेरी याद आई' से शुरू हुआ गजलों का सफर 'जो तेरा गम न हो जिंदगी क्या है', 'छेड़ दी है आज बात फूलों की, 'रात है या बारात फूलों' तक पहुंचा। हनुमान भक्त पूरी रात इन गजलों को सुन भाव-विभोर होते दिखे। इससे पहले संगीत समारोह की दूसरी रात की पहली प्रस्तुति में पंडित शिवमणि के ड्रमनाद का जादू रहा। यूपी, बंगाल, गुजरात, केरल और पंजाब के खास रिदम पर श्रोताओं ने जमकर लुत्फ उठाया। पंडित शिवमणि के इ्रस्ट्रूमेंट्स में ड्रम्स, घंटी, जैंबे, किचन की थाली और चिमटा ने म्यूजिक का स्वाद ही बदल दिया। पंडित शिवमणि ने सात से बारह मात्राओं का लय भी सुनाई। मैंडोलिन पर उनके साथ पंडित यू राजेश ने भी ताल से ताल मिलाया। भरतनाट्यम में शिव, हनुमान, कृष्ण और मां दुर्गा आधारित भाव-भंगिमाओं की प्रस्तुति हुई। रामपुर घराने के अरमान खान और अकरम ने बागेश्री राग छेड़ी। चेन्नई से आए पंडित शशांक सुब्रमण्यम ने कर्नाटक शैली में बांसुरी वादन किया तो, मंदिर का कोना-कोना भगवान कृष्ण और राधा की भक्ति में डूब गया। उन्होंने राग बाणेश्वरी में आलाप और झाला का प्रयोग किया। राग जोग और खमाज की तर्ज पर बजे इस राग का लोगों ने खूब आनंद उठाया। तबले पर मुंबई के अनुव्रत चटर्जी और हरिहरन सुंदररामन ने दमदार संगत की। बेंगलुरु के वयोवृद्ध गायक तिरुमलै श्रीनिवास ने श्रीराम स्तुति, 'श्रीरामचंद्र भावयामी', 'भज रे हनुमंतम्' बंदिश राग गाकर राम और हनुमान के संबंधों को बयां किया। इन गीतों को लोगों को जगाकर भक्ति भाव में पिरोए रखा। वहीं, 'संकट मोचन श्रीहनुमान भक्त तुलसीदास पूजित' के गायन ने मंदिर को अध्यात्म की ऊर्जा से भर दिया। उन्होंने कर्नाटकी गायन पद्धति के अनुसार राग कामवर्द्धनी भी प्रस्तुत की। अंत में श्रीनिवास ने राग किरवानी में तुलसीकृत रचना 'निराकार ओंकार सुनाया। मृदंगम पर अन्नूर दत्तात्रेय शर्मा, वायलिन पर विदुषी ज्योत्सना मंजुनाथ तथा मोरसिंग पर तिरुमलै गोपी श्रवण ने उनकी संगत की। |
भारतः गुरुग्राम में नमाज़ की अनुमति वाली जगहों पर गोवर्धन पूजा, चुनावों से कितना है इस मुद्दे का नाता?
भारत में जहां बाबरी मस्जिद को गिराकर लंबे मुक़द्दमे के बाद सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के आधार पर राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, वहीं गुरुग्राम में उस स्थान पर शुक्रवार को चरमपंथियों ने गोवर्धन पूजा की जहां नमाज़ अदा करने की दी गई अनुमति इन्हीं तत्वों के हंगामे के बाद वापस ले ली गई थी।
भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में चुनाव नज़दीक आ रहे हैं और भारत के कुछ टीकाकार मानते हैं कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी संगठन चुनावों में सांप्रदायिक मुद्दों को सुलगाकर ध्रुवीकरण करते हैं और चुनावी फ़ायदा हासिल कर लेते हैं, इसलिए हालिया दिनों खुली जगहों पर नमाज़ अदा करने के मामले में भी चरमपंथियों ने ज़ोरदार हंगामा किया और प्रशासन पर दबाव डाला कि वह नमाज़ अदा करने की अनुमति वापस ले इसके बाद इसी जगह पर गोबरधन पूजा आयोजित की गई।
मीडिया में आने वाली ख़बरों के अनुसार गुरुग्राम के सेक्टर 12 में चरमपंथी संगठनों ने नमाज़ के लिए पहले मंज़ूर की गई जगह पर शुक्रवार को गोवर्धन पूजा की। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार इस पूजा का आयोजन संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति ने किया था, भाजपा नेताओं ने भी इस पूजा में हिस्सा लिया।
संगठन के सदस्यों ने कहा कि ये पूजा खुले में होने वाली नमाज़ के ख़िलाफ़ उनका विरोध दिखाने का तरीक़ा है। गुरुग्राम में खुले में नमाज़ को लेकर कई बार विवाद हो चुका है। इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने विवाद वाली जगहों पर नमाज़ ना पढ़ने का फ़ैसला किया था, उन्होंने मस्जिदों और वक़्फ बोर्ड की ज़मीनों पर अतिक्रमण हटाने का भी अनुरोध किया था।
शुक्रवार को सेक्टर 29 में लेज़र वैली ग्राउंड और अन्य तय जगहों पर नमाज़ पढ़ी गई, वहीं, सेक्टर 47, सेक्टर 12 और डीएलएफ फेज-3 में गोवर्धन पूजा की गई, दोनों ही जगहों पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी।
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| भारतः गुरुग्राम में नमाज़ की अनुमति वाली जगहों पर गोवर्धन पूजा, चुनावों से कितना है इस मुद्दे का नाता? भारत में जहां बाबरी मस्जिद को गिराकर लंबे मुक़द्दमे के बाद सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के आधार पर राम मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, वहीं गुरुग्राम में उस स्थान पर शुक्रवार को चरमपंथियों ने गोवर्धन पूजा की जहां नमाज़ अदा करने की दी गई अनुमति इन्हीं तत्वों के हंगामे के बाद वापस ले ली गई थी। भारत के उत्तर प्रदेश राज्य में चुनाव नज़दीक आ रहे हैं और भारत के कुछ टीकाकार मानते हैं कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी संगठन चुनावों में सांप्रदायिक मुद्दों को सुलगाकर ध्रुवीकरण करते हैं और चुनावी फ़ायदा हासिल कर लेते हैं, इसलिए हालिया दिनों खुली जगहों पर नमाज़ अदा करने के मामले में भी चरमपंथियों ने ज़ोरदार हंगामा किया और प्रशासन पर दबाव डाला कि वह नमाज़ अदा करने की अनुमति वापस ले इसके बाद इसी जगह पर गोबरधन पूजा आयोजित की गई। मीडिया में आने वाली ख़बरों के अनुसार गुरुग्राम के सेक्टर बारह में चरमपंथी संगठनों ने नमाज़ के लिए पहले मंज़ूर की गई जगह पर शुक्रवार को गोवर्धन पूजा की। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार इस पूजा का आयोजन संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति ने किया था, भाजपा नेताओं ने भी इस पूजा में हिस्सा लिया। संगठन के सदस्यों ने कहा कि ये पूजा खुले में होने वाली नमाज़ के ख़िलाफ़ उनका विरोध दिखाने का तरीक़ा है। गुरुग्राम में खुले में नमाज़ को लेकर कई बार विवाद हो चुका है। इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने विवाद वाली जगहों पर नमाज़ ना पढ़ने का फ़ैसला किया था, उन्होंने मस्जिदों और वक़्फ बोर्ड की ज़मीनों पर अतिक्रमण हटाने का भी अनुरोध किया था। शुक्रवार को सेक्टर उनतीस में लेज़र वैली ग्राउंड और अन्य तय जगहों पर नमाज़ पढ़ी गई, वहीं, सेक्टर सैंतालीस, सेक्टर बारह और डीएलएफ फेज-तीन में गोवर्धन पूजा की गई, दोनों ही जगहों पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी। हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए! |
नई दिल्ली - विश्व कराटे महासंघ ने पिछले साल चुनावों के दौरान विश्व संस्था के नियमों का पालन नहीं करने के कारण भारतीय कराटे संघ की तुरंत प्रभाव से अस्थायी तौर पर मान्यता रद्द कर दी है। डब्ल्यूकेएफ ने कहा कि जांच के बाद यह फैसला किया गया। डब्ल्यूकेएफ के प्रमुख एंटोनियो एस्पिनोस ने केएआई के अध्यक्ष हरिप्रसाद पटनायक को पत्र भेजकर यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा है कि भारतीय कराटे संघ ;केएआईद्ध की स्थिति की समीक्षा के लिए गठित आयोग की जांच के बाद डब्ल्यूकेएफ कार्यकारी समिति ने डब्ल्यूकेएफ के नियमों के अनुसार 22 जून से तुरंत प्रभाव से केएआई की मान्यता अस्थायी तौर पर रद्द करने का फैसला किया है, जिसके कि आप अध्यक्ष हैं। विश्व संस्था ने साफ किया है कि वह भारतीय संघ के अंदरूनी कलह से खुश नहीं हैं, जिसके कारण पिछले साल जनवरी में नियमों का उल्लंघन करके चुनाव कराए गए। डब्ल्यूकेएफ ने हालांकि केएआई को मान्यता रद्द करने के खिलाफ 21 दिनों के अंदर अपील करने का विकल्प दिया है। केएआई की मान्यता रद्द करने के फैसले को मंजूरी के लिए डब्ल्यूकेएफ अपनी अगली बैठक में कांग्रेस के समक्ष रखेगा। भारतीय ओलंपिक संघ ने इस साल जनवरी में ही उसके संविधान और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए केएआई की मान्यता रद्द कर दी थी। यह मसला केएआई के जनवरी 2019 में हुए चुनावों से संबंधित है, जिसमें आईओए का पर्यवेक्षक नहीं था और आरोप लगाए गए हैं कि यह पूरी प्रक्रिया वैध नहीं थी।
| नई दिल्ली - विश्व कराटे महासंघ ने पिछले साल चुनावों के दौरान विश्व संस्था के नियमों का पालन नहीं करने के कारण भारतीय कराटे संघ की तुरंत प्रभाव से अस्थायी तौर पर मान्यता रद्द कर दी है। डब्ल्यूकेएफ ने कहा कि जांच के बाद यह फैसला किया गया। डब्ल्यूकेएफ के प्रमुख एंटोनियो एस्पिनोस ने केएआई के अध्यक्ष हरिप्रसाद पटनायक को पत्र भेजकर यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा है कि भारतीय कराटे संघ ;केएआईद्ध की स्थिति की समीक्षा के लिए गठित आयोग की जांच के बाद डब्ल्यूकेएफ कार्यकारी समिति ने डब्ल्यूकेएफ के नियमों के अनुसार बाईस जून से तुरंत प्रभाव से केएआई की मान्यता अस्थायी तौर पर रद्द करने का फैसला किया है, जिसके कि आप अध्यक्ष हैं। विश्व संस्था ने साफ किया है कि वह भारतीय संघ के अंदरूनी कलह से खुश नहीं हैं, जिसके कारण पिछले साल जनवरी में नियमों का उल्लंघन करके चुनाव कराए गए। डब्ल्यूकेएफ ने हालांकि केएआई को मान्यता रद्द करने के खिलाफ इक्कीस दिनों के अंदर अपील करने का विकल्प दिया है। केएआई की मान्यता रद्द करने के फैसले को मंजूरी के लिए डब्ल्यूकेएफ अपनी अगली बैठक में कांग्रेस के समक्ष रखेगा। भारतीय ओलंपिक संघ ने इस साल जनवरी में ही उसके संविधान और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए केएआई की मान्यता रद्द कर दी थी। यह मसला केएआई के जनवरी दो हज़ार उन्नीस में हुए चुनावों से संबंधित है, जिसमें आईओए का पर्यवेक्षक नहीं था और आरोप लगाए गए हैं कि यह पूरी प्रक्रिया वैध नहीं थी। |
पिछले कुछ दिनों से विकेटकीपर-बल्लेबाज इशान किशन (Ishan Kishan) के आगामी दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए नहीं खेलने के फैसले के पीछे कई कारणों को लेकर चर्चा हो रही थी। दलीप ट्रॉफी 28 जून से बेंगलुरु में शुरू होगी। लेकिन अब यह पता चला है कि किशन दलीप ट्रॉफी से बाहर हो गए हैं क्योंकि वह 12 जुलाई से शुरू होने वाले सभी प्रारूपों के वेस्टइंडीज दौरे से पहले प्रशिक्षण के लिए बेंगलुरू में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) जा रहे हैं।
सूत्र ने आईएएनएस से कहा, "ईशान दलीप ट्रॉफी (अन्य कारणों से) नहीं खेल रहे हैं। इसके बजाय वह सोमवार या मंगलवार से ट्रेनिंग के लिए एनसीए जा रहे हैं, क्योंकि उनके वेस्टइंडीज दौरे पर जाने की सबसे ज्यादा संभावना है।"
| पिछले कुछ दिनों से विकेटकीपर-बल्लेबाज इशान किशन के आगामी दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए नहीं खेलने के फैसले के पीछे कई कारणों को लेकर चर्चा हो रही थी। दलीप ट्रॉफी अट्ठाईस जून से बेंगलुरु में शुरू होगी। लेकिन अब यह पता चला है कि किशन दलीप ट्रॉफी से बाहर हो गए हैं क्योंकि वह बारह जुलाई से शुरू होने वाले सभी प्रारूपों के वेस्टइंडीज दौरे से पहले प्रशिक्षण के लिए बेंगलुरू में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी जा रहे हैं। सूत्र ने आईएएनएस से कहा, "ईशान दलीप ट्रॉफी नहीं खेल रहे हैं। इसके बजाय वह सोमवार या मंगलवार से ट्रेनिंग के लिए एनसीए जा रहे हैं, क्योंकि उनके वेस्टइंडीज दौरे पर जाने की सबसे ज्यादा संभावना है।" |
Bokaro : उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बताया कि मंगलवार को जिले के 50 केन्द्रों में कोरोना के टीके लगाये जाएंगे. उन्होंने सोमवार को बताया कि टीके के लिए cowin. gov. in पोर्टल पर जाकर स्लॉट बुक कर सकते हैं. शाम छह बजे के बाद अगले दिन के टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक किये जा सकते हैं. बताया गया कि टीकाकरण लिये केन्द्रों पर पहुंचने वाले लोगों का ऑन स्पॉट भी पंजीकरण किया जाएगा।
| Bokaro : उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बताया कि मंगलवार को जिले के पचास केन्द्रों में कोरोना के टीके लगाये जाएंगे. उन्होंने सोमवार को बताया कि टीके के लिए cowin. gov. in पोर्टल पर जाकर स्लॉट बुक कर सकते हैं. शाम छह बजे के बाद अगले दिन के टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक किये जा सकते हैं. बताया गया कि टीकाकरण लिये केन्द्रों पर पहुंचने वाले लोगों का ऑन स्पॉट भी पंजीकरण किया जाएगा। |
( 5 ) यदि कोई प्रोन्नत अधिकारी जो भारतीय वन सेवा में परि बीक्षाधीन व्यक्ति के रूप में नियुक्त किया जाता है, भारतीय वन सेवा में उसकी प्रोन्नति की तारीख से पूर्वतर किसी तारीख से परिवीक्षा की अवधि के दौरान उस राज्य वन सेवा के, जिसमें उसका धारणाधिकार है, उच्चतर वेतनमान में पुष्ट कर दिया जाता है और इस प्रकार राज्य वन सेवा के उसके वास्तविक वेतन में वृद्धि हो जाती है । तो भारतीय वन सेवा के ज्येष्ठ वेतनमान में उसके येतन को इस अनुभाग में उपवर्णित सिद्धान्तों के अनुसार, राज्य वन सेवा में उसके वृधित वेतन के आधार पर इस प्रकार पुनः गणना को आएगी मानो भारतीय वन सेवा में उसकी प्रोन्नति ऐसी वृद्धि की तारीख से हुई थी ।
( 6 ) जहां कोई प्रोन्नत अधिकारी जो भारतीय वन सेवा में अपनी नियुक्ति की तारीख को राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार के अधीन या अन्यन्न सेवा में काडर पद से मिस्र कोई पद धारण कर रहा था या निरन्तर धारण कर रहा है और यह पद :
( क ) काडर पद के वेतनमान के समतुल्य वेतनमान वाला है, अथवा (ख) काडर पद के समतुल्य हैसियत और उत्तरदायित्व वाला है और सम्बद्ध राज्य सरकार केन्द्रीय सरकार को, उक्त अधिकारी को काडर पद से भिन्न पद पर उसकी नियुक्ति के तीन मास के भीतर अथवा उस तारीख के तोन माम के भीतर जिसकी उसके अगला कनिष्ठ चयन सूची अधिकारी काडर पद पर नियुक्त किया जाना है, इन दोनों तारीखों में से जो भी तारीख बाद की हो, यह प्रमाणपत्र देती है कि काडर पद से भिन पर्व पर :--
( 1 ) खण्ड (क) के अधीन पद की बाबत एक वर्ग से अनधिक अवधि के लिए और केन्द्रीय सरकार के अनुमोदन से दो वर्ष से अनधिक की अतिरिक्त अवधि के लिए, प्रथवा
(2) खण्ड (ख) के अधीन पद की बागत, तीन वर्ष से अनधिक अवधि के लिए,
यदि उसकी नियुक्ति न हुई होती तो वह भारतीय वन सेवा ( काडर ) नियम, 1966 के नियम 9 के अधीन काडर पद पर स्थानापत्र रूप से कार्य करता तो भारतीय वन सेवा के अपेष्ठ वेतनमान में खण्ड ( 1 ) के अनुसार नियत किया गया उसका प्रारंभिक वेतन उस वेतन से निम्न प्रक्रम पर नियत नहीं किया जाएगा जो उसने उक्त गैर काडर पद पर लिया था या ले रहा हैः
परन्तु एक बार में जितने अधिकारियों की बाबत ऐसे प्रमाणपत्र प्रवृत्तमान होंगे, उनकी संख्या भारतीय वन सेवा ( प्रोन्नति द्वारा नियुक्ति) विनियम, 1966 के विनियम 5 के उप विनियम ( 1 ) धीन अनुज्ञेय चयन सूची की न्यूनतम संख्या के आधे से अधिक नहीं होगी तथा उसी क्रम के अनुसार होगी जिम क्रम में ऐसे अधिकारियों के नाम चयन सूची में है :
परन्तु यह और कि ऐसा प्रमाणपत्र केवल तभी किया जाएगा जब गैर काडर पद पर नियुक्त किए गए चयन सूची में के प्रत्येक ऐसे ज्येष्ठ अधिकारी के स्थान पर, जिसकी बाबत प्रमाणपत्र दिया जाता है, भारतीय वन सेवा ( काडर ) नियम, 1966 के नियम 9 के अधीन ज्येष्ठ पत्र में स्थामापत्र रूप में कार्य करने वाला एक कनिष्ठ चयन सूची अधिकारी हो :
परन्तु यह और भी, कि उन अधिकारियों की संख्या जिनकी बाबत प्रमाणपत्र दिया जाता है, भारतीय वन सेवा ( काडर संख्या का नियन) विनियम, 1966 को अनुसूची के अधीन मंजूर की गई प्रतिनियुक्ति के लिए आरक्षित संख्या से राज्य सरकार के नियंत्रण के प्रधोन गैर कार पत्रको धारणा करने वाले काडर अधिकारियों की संख्या है उतनी संख्या में पदों से अधिक नहीं होगी ।
प्रोन्नत अधिकारी का श्राधारी वेतन किसी भी दशा में ज्येष्ठ वेतनमान के न्यूनतम से कम पर नियत नहीं किया जाएगा ।
8. इस अनुभाग में किसी खण्ड भारतीय वन सेवा वेतनमान में प्रोन्नत
किसी बात के होते हुए भी, अधिकारी का आधारी वेतन-( 1 ) किसी भी समय उस आधारी वेतन से अधिक नहीं होगा जो उसने सीधे भर्ती किए गए व्यक्ति के रूप में उस तारीख की भारतीय वन सेवा वेतनगात में लिया होता, यदि वह उस तारीख को जिस तारीख को यह राज्य वन सेवा में नियुक्त किया गया था, भारतीय वन सेवा में नियुक्त किया गया होता ।
( 2 ) आरंभिक गठन के प्रक्रम पर उसी काडर की सेवा के ज्येष्ठ वेतनमान में नियुक्त कनिष्ठतम अधिकारी के वेतन से ऊपर के प्रक्रम पर नियत नहीं किया जाएगा परन्तु यदि उसका वेतनमान सेवा के ऐसे वेतन के प्रक्रम पर नियत किया गया है जो राज्य वन सेवा में उसके वेतनमान के बराबर है तो यह उपबन्ध लागू नहीं होगा ।
9. जहां किसी ऐसे अधिकारी का वास्तविक वेतन, जो सेवा के गठन की तारीख को पहले से हो यतपाल के रूप में या उपरोक्त राज्य मन सेवा में पुष्ट कर दिया जाता है। और जो भारतीय वन सेवा में किसी समतुल्य या उच्चतर पद पर भारतीय वन सेवा ( भर्ती) नियम, 1966 के नियम 8 के अधीन नियुक्त किया जाता है, अनुसूची 3 में उपदर्शित वेतनमान में सामान्य नियमों के अधीन अनुज्ञात किया जाएगा । यह वैयक्तिक वेतन ऐसे वेतन को भावी वृद्धियों में जिसके अन्तर्गत विशेष येतन, अतिरिक्त वेतन और अन्य प्रकार के वेतन भी हैं, सम्मिलित कर लिया जाएगा ।
10. इस अनुभाग के किसी खण्ड में किसी बात के होते हुए भी, प्रोन्नत अधिकारी का वेतन, जिसका वेतन भारतीय वन सेवा (वेतन) तृतीय संशोधन नियम, 1978 के राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से पूर्व भारतीय वन सेवा के ज्येष्ठ वेतनमान में, भारतीय वन सेवा (वेतन) नियम, 1968 के विद्यमान उपबन्धों के अनुसार, नियत किया गया है, भारतीय वन सेवा के पुनरीक्षित ज्येष्ठ वेतनमान में इस अनुभाग के अधीन उस क्रम से निम्नतर प्रक्रम पर, जितना कि पहले नियत किया गया है, नियत नहीं किया जाएगा ।
अनुभाग 2 : -- नियम 4 ( 5 ) के अन्तर्गत आने वाले प्रोन्नत अधिकारियों के प्रारंभिक वेतन का नियतन-( 1 ) ऐसे प्रोप्लस अधिकारी की दशा में जिसने सेवा में अपनी नियुक्ति के पूर्व किसी काडर पद में पहने ही स्थानापस रूप में कार्य किया है, और ऐसी स्थानापस सेवा को केन्द्रीय सरकार ने और जहां आवश्यक है वहां संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करके भारतीय वन सेवा ( काडर ) नियम, 1966 के नियम 9 के अनुसार की गई सेवा मान लिया है, उसका वेतन उस प्रकस पर नियत किया जाएगा जो उस वेतन से कम नहीं होगा जो उसने ऐसे किसी पद में अन्तिम बार स्थानापन्न रूप में कार्य करते समय भारतीय वन सेवा के ज्येष्ठ घेतनमान में लिया था ।
( 2 ) ऐसे प्रोन्नत अधिकारी की दशा में जो भारतीय वन सेवा में परिवीक्षाधीन व्यक्ति के रूप में नियुक्त किया जाता है, राज्य वन सेवा में, जिसमें कि उसका धारणाधिकार है, उसके वास्तविक वेतन में कोई वृद्धि होने पर उस सेवा के निम्नतर येतनमान या उच्चतर वेतनमान में वेतनवृद्धि के परिणामस्वरूप या उच्चतर वेतनमान में पुष्टि की वशा में, वह अधिकारी परिवीक्षा की अवधि के दौरान, भारतीय वन सेवा में ज्येष्ठ वेतनमान में अपने वेतनमान को अनुभाग 1 में उपवर्णित सिद्धान्तों के अनुसार राज्य वन सेवा में अपने वधिस वेतन के आधार पर इस प्रकार | यदि कोई प्रोन्नत अधिकारी जो भारतीय वन सेवा में परि बीक्षाधीन व्यक्ति के रूप में नियुक्त किया जाता है, भारतीय वन सेवा में उसकी प्रोन्नति की तारीख से पूर्वतर किसी तारीख से परिवीक्षा की अवधि के दौरान उस राज्य वन सेवा के, जिसमें उसका धारणाधिकार है, उच्चतर वेतनमान में पुष्ट कर दिया जाता है और इस प्रकार राज्य वन सेवा के उसके वास्तविक वेतन में वृद्धि हो जाती है । तो भारतीय वन सेवा के ज्येष्ठ वेतनमान में उसके येतन को इस अनुभाग में उपवर्णित सिद्धान्तों के अनुसार, राज्य वन सेवा में उसके वृधित वेतन के आधार पर इस प्रकार पुनः गणना को आएगी मानो भारतीय वन सेवा में उसकी प्रोन्नति ऐसी वृद्धि की तारीख से हुई थी । जहां कोई प्रोन्नत अधिकारी जो भारतीय वन सेवा में अपनी नियुक्ति की तारीख को राज्य सरकार या केन्द्रीय सरकार के अधीन या अन्यन्न सेवा में काडर पद से मिस्र कोई पद धारण कर रहा था या निरन्तर धारण कर रहा है और यह पद : काडर पद के वेतनमान के समतुल्य वेतनमान वाला है, अथवा काडर पद के समतुल्य हैसियत और उत्तरदायित्व वाला है और सम्बद्ध राज्य सरकार केन्द्रीय सरकार को, उक्त अधिकारी को काडर पद से भिन्न पद पर उसकी नियुक्ति के तीन मास के भीतर अथवा उस तारीख के तोन माम के भीतर जिसकी उसके अगला कनिष्ठ चयन सूची अधिकारी काडर पद पर नियुक्त किया जाना है, इन दोनों तारीखों में से जो भी तारीख बाद की हो, यह प्रमाणपत्र देती है कि काडर पद से भिन पर्व पर :-- खण्ड के अधीन पद की बाबत एक वर्ग से अनधिक अवधि के लिए और केन्द्रीय सरकार के अनुमोदन से दो वर्ष से अनधिक की अतिरिक्त अवधि के लिए, प्रथवा खण्ड के अधीन पद की बागत, तीन वर्ष से अनधिक अवधि के लिए, यदि उसकी नियुक्ति न हुई होती तो वह भारतीय वन सेवा नियम, एक हज़ार नौ सौ छयासठ के नियम नौ के अधीन काडर पद पर स्थानापत्र रूप से कार्य करता तो भारतीय वन सेवा के अपेष्ठ वेतनमान में खण्ड के अनुसार नियत किया गया उसका प्रारंभिक वेतन उस वेतन से निम्न प्रक्रम पर नियत नहीं किया जाएगा जो उसने उक्त गैर काडर पद पर लिया था या ले रहा हैः परन्तु एक बार में जितने अधिकारियों की बाबत ऐसे प्रमाणपत्र प्रवृत्तमान होंगे, उनकी संख्या भारतीय वन सेवा विनियम, एक हज़ार नौ सौ छयासठ के विनियम पाँच के उप विनियम धीन अनुज्ञेय चयन सूची की न्यूनतम संख्या के आधे से अधिक नहीं होगी तथा उसी क्रम के अनुसार होगी जिम क्रम में ऐसे अधिकारियों के नाम चयन सूची में है : परन्तु यह और कि ऐसा प्रमाणपत्र केवल तभी किया जाएगा जब गैर काडर पद पर नियुक्त किए गए चयन सूची में के प्रत्येक ऐसे ज्येष्ठ अधिकारी के स्थान पर, जिसकी बाबत प्रमाणपत्र दिया जाता है, भारतीय वन सेवा नियम, एक हज़ार नौ सौ छयासठ के नियम नौ के अधीन ज्येष्ठ पत्र में स्थामापत्र रूप में कार्य करने वाला एक कनिष्ठ चयन सूची अधिकारी हो : परन्तु यह और भी, कि उन अधिकारियों की संख्या जिनकी बाबत प्रमाणपत्र दिया जाता है, भारतीय वन सेवा विनियम, एक हज़ार नौ सौ छयासठ को अनुसूची के अधीन मंजूर की गई प्रतिनियुक्ति के लिए आरक्षित संख्या से राज्य सरकार के नियंत्रण के प्रधोन गैर कार पत्रको धारणा करने वाले काडर अधिकारियों की संख्या है उतनी संख्या में पदों से अधिक नहीं होगी । प्रोन्नत अधिकारी का श्राधारी वेतन किसी भी दशा में ज्येष्ठ वेतनमान के न्यूनतम से कम पर नियत नहीं किया जाएगा । आठ. इस अनुभाग में किसी खण्ड भारतीय वन सेवा वेतनमान में प्रोन्नत किसी बात के होते हुए भी, अधिकारी का आधारी वेतन- किसी भी समय उस आधारी वेतन से अधिक नहीं होगा जो उसने सीधे भर्ती किए गए व्यक्ति के रूप में उस तारीख की भारतीय वन सेवा वेतनगात में लिया होता, यदि वह उस तारीख को जिस तारीख को यह राज्य वन सेवा में नियुक्त किया गया था, भारतीय वन सेवा में नियुक्त किया गया होता । आरंभिक गठन के प्रक्रम पर उसी काडर की सेवा के ज्येष्ठ वेतनमान में नियुक्त कनिष्ठतम अधिकारी के वेतन से ऊपर के प्रक्रम पर नियत नहीं किया जाएगा परन्तु यदि उसका वेतनमान सेवा के ऐसे वेतन के प्रक्रम पर नियत किया गया है जो राज्य वन सेवा में उसके वेतनमान के बराबर है तो यह उपबन्ध लागू नहीं होगा । नौ. जहां किसी ऐसे अधिकारी का वास्तविक वेतन, जो सेवा के गठन की तारीख को पहले से हो यतपाल के रूप में या उपरोक्त राज्य मन सेवा में पुष्ट कर दिया जाता है। और जो भारतीय वन सेवा में किसी समतुल्य या उच्चतर पद पर भारतीय वन सेवा नियम, एक हज़ार नौ सौ छयासठ के नियम आठ के अधीन नियुक्त किया जाता है, अनुसूची तीन में उपदर्शित वेतनमान में सामान्य नियमों के अधीन अनुज्ञात किया जाएगा । यह वैयक्तिक वेतन ऐसे वेतन को भावी वृद्धियों में जिसके अन्तर्गत विशेष येतन, अतिरिक्त वेतन और अन्य प्रकार के वेतन भी हैं, सम्मिलित कर लिया जाएगा । दस. इस अनुभाग के किसी खण्ड में किसी बात के होते हुए भी, प्रोन्नत अधिकारी का वेतन, जिसका वेतन भारतीय वन सेवा तृतीय संशोधन नियम, एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर के राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से पूर्व भारतीय वन सेवा के ज्येष्ठ वेतनमान में, भारतीय वन सेवा नियम, एक हज़ार नौ सौ अड़सठ के विद्यमान उपबन्धों के अनुसार, नियत किया गया है, भारतीय वन सेवा के पुनरीक्षित ज्येष्ठ वेतनमान में इस अनुभाग के अधीन उस क्रम से निम्नतर प्रक्रम पर, जितना कि पहले नियत किया गया है, नियत नहीं किया जाएगा । अनुभाग दो : -- नियम चार के अन्तर्गत आने वाले प्रोन्नत अधिकारियों के प्रारंभिक वेतन का नियतन- ऐसे प्रोप्लस अधिकारी की दशा में जिसने सेवा में अपनी नियुक्ति के पूर्व किसी काडर पद में पहने ही स्थानापस रूप में कार्य किया है, और ऐसी स्थानापस सेवा को केन्द्रीय सरकार ने और जहां आवश्यक है वहां संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करके भारतीय वन सेवा नियम, एक हज़ार नौ सौ छयासठ के नियम नौ के अनुसार की गई सेवा मान लिया है, उसका वेतन उस प्रकस पर नियत किया जाएगा जो उस वेतन से कम नहीं होगा जो उसने ऐसे किसी पद में अन्तिम बार स्थानापन्न रूप में कार्य करते समय भारतीय वन सेवा के ज्येष्ठ घेतनमान में लिया था । ऐसे प्रोन्नत अधिकारी की दशा में जो भारतीय वन सेवा में परिवीक्षाधीन व्यक्ति के रूप में नियुक्त किया जाता है, राज्य वन सेवा में, जिसमें कि उसका धारणाधिकार है, उसके वास्तविक वेतन में कोई वृद्धि होने पर उस सेवा के निम्नतर येतनमान या उच्चतर वेतनमान में वेतनवृद्धि के परिणामस्वरूप या उच्चतर वेतनमान में पुष्टि की वशा में, वह अधिकारी परिवीक्षा की अवधि के दौरान, भारतीय वन सेवा में ज्येष्ठ वेतनमान में अपने वेतनमान को अनुभाग एक में उपवर्णित सिद्धान्तों के अनुसार राज्य वन सेवा में अपने वधिस वेतन के आधार पर इस प्रकार |
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर हमलों का दौरा और तेज हो गया है। कांग्रेस ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा किरण बेदी पर हमला किया और किरण को मौका परस्त कहा।
आगामी 7 फरवरी से होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस का चेहरा माना जाने वाले अजय माकन ने कहा कि दोनों नेताओं ने भ्रष्टाचार रोधी अन्ना हजारे का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए किया। माकन ने यह भी कहा कि दोनों ने चुनावी राजनीति में कभी शामिल न होने का संकल्प लिया था।
माकन ने कहा कि उन्होंने घोषणा की थी कि वे कभी भी चुनावी राजनीति में शामिल नहीं होंगे, लेकिन उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का इस्तेमाल अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए किया।
कांग्रेस महासचिव माकन ने कहा कि केजरीवाल अपने उन वादों से मुकर गए, जिसमें उन्होंने चुनाव जीतने पर आम आदमी की तरह जीवन व्यतीत करने, नीली बत्ती वाली सरकारी कार का इस्तेमाल नहीं करने, सुरक्षाकर्मी नहीं लेने या बड़ा सरकारी बंगला नहीं लेने की बात कही थी।
केजरीवाल के हलफनामे का जिक्र करते हुए माकन ने संवाददाताओं से कहा कि वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल ने न सिर्फ बत्ती लगी कार ली, बल्कि आठ कमरों वाले बड़े सरकारी आवासों की भी मांग की।
माकन ने कहा कि केजरीवाल ने कहा था कि वह स्वराज में विश्वास करते हैं और कुछ भी करने से पहले जनता की सहमति लेंगे, लेकिन उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने की अपनी महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए जब दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, तब क्या वह इस पर सहमति के लिए जनता के पास गए थे?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अगले सप्ताह केजरीवाल की वादा खिलाफी को लेकर एक पुस्तिका जारी करेगी। माकन ने कहा कि पुस्तिका केजरीवाल और उनकी पार्टी को बेनकाब करेगी, उन्हें यू-टर्न लेने वाले नेता के रूप में सामने लाएगी और उनके 49 दिनों के शासन को दिल्ली के लोगों के लिए दुख की कहानी से परिचित कराएगी।
माकन ने कहा कि अपने वादों से मुकरने में पलक झपकाने भर का समय न लगाने वाले व्यक्ति पर कोई कैसे भरोसा कर सकता है। वह आदमी भ्रष्टाचार से मुकाबला कैसे कर सकता है, जिसकी राजनीति की बुनियाद ही फरेब व झूठे वादों पर आधारित हो।
| नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर हमलों का दौरा और तेज हो गया है। कांग्रेस ने शनिवार को आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा किरण बेदी पर हमला किया और किरण को मौका परस्त कहा। आगामी सात फरवरी से होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस का चेहरा माना जाने वाले अजय माकन ने कहा कि दोनों नेताओं ने भ्रष्टाचार रोधी अन्ना हजारे का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए किया। माकन ने यह भी कहा कि दोनों ने चुनावी राजनीति में कभी शामिल न होने का संकल्प लिया था। माकन ने कहा कि उन्होंने घोषणा की थी कि वे कभी भी चुनावी राजनीति में शामिल नहीं होंगे, लेकिन उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का इस्तेमाल अपनी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए किया। कांग्रेस महासचिव माकन ने कहा कि केजरीवाल अपने उन वादों से मुकर गए, जिसमें उन्होंने चुनाव जीतने पर आम आदमी की तरह जीवन व्यतीत करने, नीली बत्ती वाली सरकारी कार का इस्तेमाल नहीं करने, सुरक्षाकर्मी नहीं लेने या बड़ा सरकारी बंगला नहीं लेने की बात कही थी। केजरीवाल के हलफनामे का जिक्र करते हुए माकन ने संवाददाताओं से कहा कि वर्ष दो हज़ार तेरह में मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल ने न सिर्फ बत्ती लगी कार ली, बल्कि आठ कमरों वाले बड़े सरकारी आवासों की भी मांग की। माकन ने कहा कि केजरीवाल ने कहा था कि वह स्वराज में विश्वास करते हैं और कुछ भी करने से पहले जनता की सहमति लेंगे, लेकिन उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने की अपनी महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए जब दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था, तब क्या वह इस पर सहमति के लिए जनता के पास गए थे? उन्होंने कहा कि कांग्रेस अगले सप्ताह केजरीवाल की वादा खिलाफी को लेकर एक पुस्तिका जारी करेगी। माकन ने कहा कि पुस्तिका केजरीवाल और उनकी पार्टी को बेनकाब करेगी, उन्हें यू-टर्न लेने वाले नेता के रूप में सामने लाएगी और उनके उनचास दिनों के शासन को दिल्ली के लोगों के लिए दुख की कहानी से परिचित कराएगी। माकन ने कहा कि अपने वादों से मुकरने में पलक झपकाने भर का समय न लगाने वाले व्यक्ति पर कोई कैसे भरोसा कर सकता है। वह आदमी भ्रष्टाचार से मुकाबला कैसे कर सकता है, जिसकी राजनीति की बुनियाद ही फरेब व झूठे वादों पर आधारित हो। |
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शराब को लेकर इस मुस्लिम देश ने लिया यू-टर्न, जानें शौकीनों को क्या होगा फायदा?
liquor sale in Dubai: दुबई ने शराब की बिक्री पर लगा 30 प्रतिशत कर हटा दिया है, अल्कोहल खरीदने के लिए लाइसेंस रखना भी अब जरूरी नहीं रह गया है, ऐसा मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया गया है।
दुबई में Tourism को लेकर लिया गया ये फैसला (प्रतीकात्मक फोटो)
दुबई के शाही परिवार ने पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिहाज से शराब की बिक्री पर लगने वाले 30 फीसदी कर और शराब का लाइसेंस लेने के लिए लगने वाली फीस दोनों को खत्म करने की घोषणा की। नये साल पर यह घोषणा दुबई की दो सरकारी शराब कंपनियों (शराब विक्रेता कंपनियों) ने की है और यह सत्तारूढ़ अल मख्तूम परिवार के आदेश पर हुआ है।
हालांकि सरकारी अधिकारियों ने तत्काल इस घोषणा की पुष्टि नहीं की है , गौरतलब है कि दुबई ने कोविड लॉकडाउन के दौरान शराब की होम-डिलिवरी भी शुरू कर दी थी। दुबई को शराब की बिक्री से अभी तक राजस्व का बड़ा हिस्सा मिला करता था जो इस नए फैसले से मिलना बंद हो जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 'यूएई में शराब पीने के लिए उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए, शराब केवल अपने घर और लाइसेंस दिए गए सार्वजनिक जगहों पर ही पी जा सकती है। '
बताते हैं कि दुबई में शराब की बिक्री पर 30 फीसदी टैक्स और लाइसेंस को मुफ्त में देने का फैसला पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है, गौर हो पूरी दुनिया से यहां टूरिस्टों का तांता लगा रहता है, शराब की बिक्री से सरकार को भारी मात्रा में राजस्व प्राप्त होता था लेकिन नए फैसले के बाद सरकार को राजस्व के मामले में नुकसान होगा ऐसा कहा जा रहा है।
दुबई में शराब पीने के लिए प्लास्टिक कार्ड का इस्तेमाल होता है, दुबई पुलिस की ओर से शराब पीने वालों को ये कार्ड जारी किया जाता है, अगर बिना कार्ड के किसी के पास से शराब बरामद की जाती है उसे भारी जुर्माना देना पड़ सकता है साथ ही उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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| शराब को लेकर इस मुस्लिम देश ने लिया यू-टर्न, जानें शौकीनों को क्या होगा फायदा? liquor sale in Dubai: दुबई ने शराब की बिक्री पर लगा तीस प्रतिशत कर हटा दिया है, अल्कोहल खरीदने के लिए लाइसेंस रखना भी अब जरूरी नहीं रह गया है, ऐसा मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया गया है। दुबई में Tourism को लेकर लिया गया ये फैसला दुबई के शाही परिवार ने पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिहाज से शराब की बिक्री पर लगने वाले तीस फीसदी कर और शराब का लाइसेंस लेने के लिए लगने वाली फीस दोनों को खत्म करने की घोषणा की। नये साल पर यह घोषणा दुबई की दो सरकारी शराब कंपनियों ने की है और यह सत्तारूढ़ अल मख्तूम परिवार के आदेश पर हुआ है। हालांकि सरकारी अधिकारियों ने तत्काल इस घोषणा की पुष्टि नहीं की है , गौरतलब है कि दुबई ने कोविड लॉकडाउन के दौरान शराब की होम-डिलिवरी भी शुरू कर दी थी। दुबई को शराब की बिक्री से अभी तक राजस्व का बड़ा हिस्सा मिला करता था जो इस नए फैसले से मिलना बंद हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 'यूएई में शराब पीने के लिए उम्र कम से कम इक्कीस साल होनी चाहिए, शराब केवल अपने घर और लाइसेंस दिए गए सार्वजनिक जगहों पर ही पी जा सकती है। ' बताते हैं कि दुबई में शराब की बिक्री पर तीस फीसदी टैक्स और लाइसेंस को मुफ्त में देने का फैसला पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है, गौर हो पूरी दुनिया से यहां टूरिस्टों का तांता लगा रहता है, शराब की बिक्री से सरकार को भारी मात्रा में राजस्व प्राप्त होता था लेकिन नए फैसले के बाद सरकार को राजस्व के मामले में नुकसान होगा ऐसा कहा जा रहा है। दुबई में शराब पीने के लिए प्लास्टिक कार्ड का इस्तेमाल होता है, दुबई पुलिस की ओर से शराब पीने वालों को ये कार्ड जारी किया जाता है, अगर बिना कार्ड के किसी के पास से शराब बरामद की जाती है उसे भारी जुर्माना देना पड़ सकता है साथ ही उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। ट्रेंडिंगः |
हाथरस । जनपद मे चिल्लाती धूप से हुए लोग परेशान दिखाई दिए तो वहीं दोपहर के बाद मौसम मे बदलाव देखने को मिला। आगरा रोड बिसाने के बीच तेज बारिश से राहगीर हुए परेशान सुबह की गर्मी से लोगो का हाल बेहाल तो हुआ उसके बाद तेज बारिश होने के कारण गर्मी से राहत भी मिली लेकिन आने जाने वाले लोगो को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए लोग अपनी अपनी गाड़ी रोड के किनारे लगाकर बारिश से बचने का प्रयास कर रहे थे लेकिन दो घन्टे की झम झमाती बारिश से लोग काफी खुश भी हुये और गर्मी मे चेन की सास भी ली।
| हाथरस । जनपद मे चिल्लाती धूप से हुए लोग परेशान दिखाई दिए तो वहीं दोपहर के बाद मौसम मे बदलाव देखने को मिला। आगरा रोड बिसाने के बीच तेज बारिश से राहगीर हुए परेशान सुबह की गर्मी से लोगो का हाल बेहाल तो हुआ उसके बाद तेज बारिश होने के कारण गर्मी से राहत भी मिली लेकिन आने जाने वाले लोगो को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए लोग अपनी अपनी गाड़ी रोड के किनारे लगाकर बारिश से बचने का प्रयास कर रहे थे लेकिन दो घन्टे की झम झमाती बारिश से लोग काफी खुश भी हुये और गर्मी मे चेन की सास भी ली। |
समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश राज्य परियोजना कार्यालय शिमला में राज्य स्तरीय पूर्व प्राथमिक शिक्षा के तहत सभी जिला के मास्टर ट्रेनर का पांच दिवसीय प्रशिक्षण 13 सितंबर से शुरू हुआ है, जिसमें सभी जिला से करीब 120 शिक्षक शिमला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। मंडी जिला के 15 अध्यापक वीरेंद्र पाल जिला समन्वयक पूर्व प्राथमिक शिक्षा, मोहन सिंह सकलानी, कपिल राव, हरीश सैणी, मंजीत ठाकुर, मुंशी राणा, खूब राम, जितेंद्र ठाकुर, रणजीत सिंह, टेक चंद, ऋचा, रश्मि गोयल, कुसुम लता, प्रियंका और ललिता शर्मा शामिल है। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में राज्य समन्वयक सीमा रानी और प्रथम संस्था से कुलदीप, जोगिंद्र व अन्य टीम अध्यापकों को प्री-प्राइमरी शिक्षा हेतु शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के टिप्स दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पूर्व प्राथमिक शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार प्रदेश के सभी स्कूलों में तीन साल से ऊपर के सभी बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लगभग 5528 चयनित स्कूलों में पूर्व प्राथमिक शिक्षा का संचालन कर दिया है।
प्राथमिक स्कूलों में उपस्थित अध्यापकों को ही इस कार्य को करने के लिए प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की ओर से प्रशिक्षित किया जा रहा है। सभी जिला से आए हुए जिला स्रोत समूह के सदस्य अपने-अपने जिला में जाकर खंड के सभी शिक्षकों जो पूर्व प्राथमिक शिक्षा के तहत बच्चों को पढ़ा रहे हैं उनको प्रशिक्षित करेंगे, जिसमें बच्चों के सर्वांगीण विकास और कक्षा एक के लिए तैयार करने और गतिविधि आधारित खेल-खेल में व बाल केंद्रित शिक्षा प्रदान करने की बात की गई है। जतिन लाल होंगे मंडी बंदोबस्त मंडल के पहले बंदोबस्त अधिकारी मंडी। मध्य जोन मंडी में पांच जिलों पर आधारित बंदोबस्त के मंडलीय कार्यालय में अतिरिक्त उपायुक्त मंडी जतिन लाल पहले बंदोबस्त अधिकारी होंगे। इस में बारे में प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आर डी धीमान द्वारा जारी की गई अधिसूचना में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जतिन अतिरिक्त उपायुक्त एवं प्रोजेक्ट निदेशक डीआरडीए को बंदोबस्त अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। ऐसे में अब इस कार्यालय के जल्द से जल्द मूर्त रूप ले लेगा। ऐसा माना जा रहा है कि इसी महीने में किसी दिन मुख्यमंत्री इसका विधिवत उद्घाटन कर देंगे।
| समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश राज्य परियोजना कार्यालय शिमला में राज्य स्तरीय पूर्व प्राथमिक शिक्षा के तहत सभी जिला के मास्टर ट्रेनर का पांच दिवसीय प्रशिक्षण तेरह सितंबर से शुरू हुआ है, जिसमें सभी जिला से करीब एक सौ बीस शिक्षक शिमला में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। मंडी जिला के पंद्रह अध्यापक वीरेंद्र पाल जिला समन्वयक पूर्व प्राथमिक शिक्षा, मोहन सिंह सकलानी, कपिल राव, हरीश सैणी, मंजीत ठाकुर, मुंशी राणा, खूब राम, जितेंद्र ठाकुर, रणजीत सिंह, टेक चंद, ऋचा, रश्मि गोयल, कुसुम लता, प्रियंका और ललिता शर्मा शामिल है। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में राज्य समन्वयक सीमा रानी और प्रथम संस्था से कुलदीप, जोगिंद्र व अन्य टीम अध्यापकों को प्री-प्राइमरी शिक्षा हेतु शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के टिप्स दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति दो हज़ार बीस में पूर्व प्राथमिक शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार प्रदेश के सभी स्कूलों में तीन साल से ऊपर के सभी बच्चों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लगभग पाँच हज़ार पाँच सौ अट्ठाईस चयनित स्कूलों में पूर्व प्राथमिक शिक्षा का संचालन कर दिया है। प्राथमिक स्कूलों में उपस्थित अध्यापकों को ही इस कार्य को करने के लिए प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की ओर से प्रशिक्षित किया जा रहा है। सभी जिला से आए हुए जिला स्रोत समूह के सदस्य अपने-अपने जिला में जाकर खंड के सभी शिक्षकों जो पूर्व प्राथमिक शिक्षा के तहत बच्चों को पढ़ा रहे हैं उनको प्रशिक्षित करेंगे, जिसमें बच्चों के सर्वांगीण विकास और कक्षा एक के लिए तैयार करने और गतिविधि आधारित खेल-खेल में व बाल केंद्रित शिक्षा प्रदान करने की बात की गई है। जतिन लाल होंगे मंडी बंदोबस्त मंडल के पहले बंदोबस्त अधिकारी मंडी। मध्य जोन मंडी में पांच जिलों पर आधारित बंदोबस्त के मंडलीय कार्यालय में अतिरिक्त उपायुक्त मंडी जतिन लाल पहले बंदोबस्त अधिकारी होंगे। इस में बारे में प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आर डी धीमान द्वारा जारी की गई अधिसूचना में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी जतिन अतिरिक्त उपायुक्त एवं प्रोजेक्ट निदेशक डीआरडीए को बंदोबस्त अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। ऐसे में अब इस कार्यालय के जल्द से जल्द मूर्त रूप ले लेगा। ऐसा माना जा रहा है कि इसी महीने में किसी दिन मुख्यमंत्री इसका विधिवत उद्घाटन कर देंगे। |
जिम्मेदारों की लापरवाही से प्रदेश के किसी भी सरकारी कैंसर हॉस्पिटल में आधुनिक लिनियर एक्सीलरेटर यानी लिनाक मशीन नहीं लग पाई। इसकी वजह से इनमें आने वाले हजारों कैंसर के मरीजों को दशकों पुरानी कोबाल्ट थैरेपी से रेडियोथैरेपी दी जा रही है। कई बार इसके दर्दनाक साइड इफेक्ट हो जाते हैं जो मरीज को जीवनभर का दर्द दे रहे हैं।
भास्कर जब ऐसे कुछ मरीजों तक पहुंचा तो पता चला कि किसी की त्वचा बुरी तरह से जल चुकी है और शरीर अंदर से छालों से भर चुका है। वहीं किसी को अपनी आंख की रोशनी तक गंवाना पड़ी। यह पीड़ा मरीज के साथ-साथ इलाज करने वाले डॉक्टर भी भुगत रहे हैं। बेशक साठ के दशक में ईजाद हुई कोबाल्ट थैरेपी ने दशकों से लाखों कैंसर मरीजों की जान बचाई है और आज भी बचा रही। लेकिन दर्दनाक साइड इफेक्ट के चलते ज्यादातर कैंसर के इलाज में यह बेमानी होती जा रही है।
छतरपुर जिले के छोटे से गांव कोटा की 31 वर्षीय तुलसा बाई को 10 महीने पहले गले के पास गठान हुई। गांव में नीम-हकीम से इलाज कराया, फिर ग्वालियर गए तो डॉक्टर दूसरा इलाज करते रहे। आखिरकार इंदौर कैंसर अस्पताल पहुंची। तब पता चला कि उन्हें लास्ट स्टेज का दुर्लभ मैक्सिला कैंसर है। कोबाल्ट मशीन रेडिएशन से चेहरे, गर्दन, कंधे की त्वचा तो जल ही चुकी है मुंह गलों के छालों ने दर्द को असहनीय बना दिया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मैक्सिला कैंसर में लिनाक ही सबसे बेहतर विकल्प है।
बुरहानपुर की मकसूदा बी (38 वर्ष) की जिंदगी 13 साल पहले तब अचानक बदल गई जब उसकी नाक में गठान उठी। जांच में यह कैंसर की निकली। ऑपरेशन हुआ। सिकाई (रेडिएशन) में एक आंख चली गई। 13 साल बाद फिर उसी दर्द से गुजर रही है। रेडिएशन परंपरागत कोबाल्ट मशीन से ही हो रहा है। उसकी अपनी सीमाएं हैं। सिकाई का असर कैंसर के आसपास की जगह पर भी पड़ता ही है। मकसूदा की जान तो कोबाल्ट मशीन ने बचा ली लेकिन उसकी आधी जिंदगी में अंधेरा दे दिया।
धार के एक छोटे से गांव की 5 साल की खुशी की जिंदगी अब बदल चुकी है। मां सविता बताती हैं कि जाने कैसे खुशी की आंख को कैंसर का ग्रहण लग गया। एक आंख गवां चुकी खुशी के चेहरे पर चिर- परिचित मुस्कुराहट तो अब भी है लेकिन उसकी रेडियोथैरेपी कर रहे डॉक्टर जरूर बहुत दर्द और चिंता में हैं। वे जानते हैं कि 30-40 साल पुरानी तकनीक वाली कोबाल्ट मशीन से रेडिएशन देना किसी चुनौती से कम नहीं है। वे कहते हैं हमारी असली चिंता अब कैंसर नहीं, बल्कि खुशी की दूसरी आंख बचाने की है।
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| जिम्मेदारों की लापरवाही से प्रदेश के किसी भी सरकारी कैंसर हॉस्पिटल में आधुनिक लिनियर एक्सीलरेटर यानी लिनाक मशीन नहीं लग पाई। इसकी वजह से इनमें आने वाले हजारों कैंसर के मरीजों को दशकों पुरानी कोबाल्ट थैरेपी से रेडियोथैरेपी दी जा रही है। कई बार इसके दर्दनाक साइड इफेक्ट हो जाते हैं जो मरीज को जीवनभर का दर्द दे रहे हैं। भास्कर जब ऐसे कुछ मरीजों तक पहुंचा तो पता चला कि किसी की त्वचा बुरी तरह से जल चुकी है और शरीर अंदर से छालों से भर चुका है। वहीं किसी को अपनी आंख की रोशनी तक गंवाना पड़ी। यह पीड़ा मरीज के साथ-साथ इलाज करने वाले डॉक्टर भी भुगत रहे हैं। बेशक साठ के दशक में ईजाद हुई कोबाल्ट थैरेपी ने दशकों से लाखों कैंसर मरीजों की जान बचाई है और आज भी बचा रही। लेकिन दर्दनाक साइड इफेक्ट के चलते ज्यादातर कैंसर के इलाज में यह बेमानी होती जा रही है। छतरपुर जिले के छोटे से गांव कोटा की इकतीस वर्षीय तुलसा बाई को दस महीने पहले गले के पास गठान हुई। गांव में नीम-हकीम से इलाज कराया, फिर ग्वालियर गए तो डॉक्टर दूसरा इलाज करते रहे। आखिरकार इंदौर कैंसर अस्पताल पहुंची। तब पता चला कि उन्हें लास्ट स्टेज का दुर्लभ मैक्सिला कैंसर है। कोबाल्ट मशीन रेडिएशन से चेहरे, गर्दन, कंधे की त्वचा तो जल ही चुकी है मुंह गलों के छालों ने दर्द को असहनीय बना दिया है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मैक्सिला कैंसर में लिनाक ही सबसे बेहतर विकल्प है। बुरहानपुर की मकसूदा बी की जिंदगी तेरह साल पहले तब अचानक बदल गई जब उसकी नाक में गठान उठी। जांच में यह कैंसर की निकली। ऑपरेशन हुआ। सिकाई में एक आंख चली गई। तेरह साल बाद फिर उसी दर्द से गुजर रही है। रेडिएशन परंपरागत कोबाल्ट मशीन से ही हो रहा है। उसकी अपनी सीमाएं हैं। सिकाई का असर कैंसर के आसपास की जगह पर भी पड़ता ही है। मकसूदा की जान तो कोबाल्ट मशीन ने बचा ली लेकिन उसकी आधी जिंदगी में अंधेरा दे दिया। धार के एक छोटे से गांव की पाँच साल की खुशी की जिंदगी अब बदल चुकी है। मां सविता बताती हैं कि जाने कैसे खुशी की आंख को कैंसर का ग्रहण लग गया। एक आंख गवां चुकी खुशी के चेहरे पर चिर- परिचित मुस्कुराहट तो अब भी है लेकिन उसकी रेडियोथैरेपी कर रहे डॉक्टर जरूर बहुत दर्द और चिंता में हैं। वे जानते हैं कि तीस-चालीस साल पुरानी तकनीक वाली कोबाल्ट मशीन से रेडिएशन देना किसी चुनौती से कम नहीं है। वे कहते हैं हमारी असली चिंता अब कैंसर नहीं, बल्कि खुशी की दूसरी आंख बचाने की है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
जसवां-परागपुर ऐसा विधानसभा क्षेत्र था जहां एक भी एसडीएम आफिस नहीं था, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने इस हलके में रक्कड़ व कोटला बेहड़ में दो एसडीएम ऑफिस खोल दिए हैं। हलके के लोगों को पहले अपने काम करवाने के लिए देहरा के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों से अवगत करवाया और वे दो एसडीएम ऑफिस लेने में कामयाब रहे। कोटला बेहड़ एसडीएम ऑफिस में 21 जबकि रक्कड़ में 22 पटवार वृत्त शामिल होंगे।
कोटला बेहड़ एसडीएम ऑफिस में डाडासीबा, नंगल चौक, निचला भलवाल, जम्बल, वस्सी, दोदरा, रोड़ी कोड़ी, गुरनवाड, अप्पर भलवाल, बठरा, लग, लंडियाडा, कस्बा जागीर, भनेड, रैल, वाड़ी, घमरुर, घाटी, नारी, रिड़ी कुठेड़ा, जंडौर, अमरोह, कोटला बेहड़, कस्बा कोटला, गोरालधार, हलेड, स्यूल, न्याड, उझे खास, टिप्परी, त्यामल, स्वाणा, चनौर, कनोल, चपलाह, वैह और ढौंटा आदि पंचायतें शामिल होंगी। वहीं, रक्कड़ एसडीएम आफिस में अप्पर परागपुर, परागपुर, मूहीं, बलियाणा, वणी, सेहरी, कलोहा, मनियाला, गरली, नाहन नगरोटा, कूहना, चौली, रक्कड़, गुडारा चपलाह, भरोली जदीद, कटोह टिक्कर, शांतला, पूननी, अलोह, सरड डोगरी, पीर सलूही, कौलापुर, दोदू राजपूतां और कुडऩा आदि पंचायतें शामिल होंगी। दो एसडीएम ऑफिस खुलने से करीब डेढ़ लाख की आबादी लाभान्वित होगी।
हलेड ग्राम पंचायत से 60 से 65 किलोमीटर की दूरी कम होगी। वहीं रक्कड़ में खुलने वाले नए एसडीएम ऑफिस की दूरी अलोह ग्राम पंचायत से 32 से 35 किलोमीटर तक कम होगी, जिससे समय भी बचेगा।
| जसवां-परागपुर ऐसा विधानसभा क्षेत्र था जहां एक भी एसडीएम आफिस नहीं था, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने इस हलके में रक्कड़ व कोटला बेहड़ में दो एसडीएम ऑफिस खोल दिए हैं। हलके के लोगों को पहले अपने काम करवाने के लिए देहरा के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उद्योग मंत्री विक्रम सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों से अवगत करवाया और वे दो एसडीएम ऑफिस लेने में कामयाब रहे। कोटला बेहड़ एसडीएम ऑफिस में इक्कीस जबकि रक्कड़ में बाईस पटवार वृत्त शामिल होंगे। कोटला बेहड़ एसडीएम ऑफिस में डाडासीबा, नंगल चौक, निचला भलवाल, जम्बल, वस्सी, दोदरा, रोड़ी कोड़ी, गुरनवाड, अप्पर भलवाल, बठरा, लग, लंडियाडा, कस्बा जागीर, भनेड, रैल, वाड़ी, घमरुर, घाटी, नारी, रिड़ी कुठेड़ा, जंडौर, अमरोह, कोटला बेहड़, कस्बा कोटला, गोरालधार, हलेड, स्यूल, न्याड, उझे खास, टिप्परी, त्यामल, स्वाणा, चनौर, कनोल, चपलाह, वैह और ढौंटा आदि पंचायतें शामिल होंगी। वहीं, रक्कड़ एसडीएम आफिस में अप्पर परागपुर, परागपुर, मूहीं, बलियाणा, वणी, सेहरी, कलोहा, मनियाला, गरली, नाहन नगरोटा, कूहना, चौली, रक्कड़, गुडारा चपलाह, भरोली जदीद, कटोह टिक्कर, शांतला, पूननी, अलोह, सरड डोगरी, पीर सलूही, कौलापुर, दोदू राजपूतां और कुडऩा आदि पंचायतें शामिल होंगी। दो एसडीएम ऑफिस खुलने से करीब डेढ़ लाख की आबादी लाभान्वित होगी। हलेड ग्राम पंचायत से साठ से पैंसठ किलोग्राममीटर की दूरी कम होगी। वहीं रक्कड़ में खुलने वाले नए एसडीएम ऑफिस की दूरी अलोह ग्राम पंचायत से बत्तीस से पैंतीस किलोग्राममीटर तक कम होगी, जिससे समय भी बचेगा। |
बॉलीवुड एक्ट्रेस फैशनेबल दिखने के लिए हमेशा ही स्टाइलिश कपड़ों का सहारा लेती हैं। ऐसे में कई बार ये ऊप्स मोमेंट का शिकार भी हो जाती हैं। हालांकि कई मौकों पर ये हसीनाएं भी खुद को बिल्कुल ही साधारण कपड़ों में रखती हैं। जिससे की फैशन के अलावा कंफर्ट को तरजीह दी जा सके। बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा भी बोल्ड और स्टाइलिश कपड़ों में अक्सर ही नजर आती हैं। फिर वो चाहे उनका कोई फोटोशूट हो या फिर किसी अवॉर्ड शो में शिरकत करनी हो। हर बार वो ग्लैमरस इमेज को ध्यान में रखकर ही कपड़ों का चुनाव करती हैं। हालांकि बड़े पर्दे पर कई बार उनका सीधी-सादी लड़की वाला अंदाज ही देखने को मिलता है। लेकिन जब भी मौका मिलता है नुसरत शार्ट्स से लेकर बॉडी फिटिंग गाउन तक में नजर आ जाती हैं। हालांकि इस बार जब नुसरत भरूचा कैमरे के लेंस में कैद हुईं तो वो काफी सिंपल लुक में तैयार थीं।
काम के सिलसिले में नजर आईं नुसरत ने इस आउटिंग के लिए सफेद रंग के कुर्ते के साथ पायजामे को मैच किया था। जिसके साथ वो कंधे पर स्लिंग बैग टांगे नजर आ रही थीं। सिंपल लेकिन एलिगेंट दिख रहे इस लुक में नुसरत ने जो कुर्ता चुना था वो कॉलर वाली डिजाइन का था। जबकि साथ में सिल्वर कलर की हील्स काफी खूबसूरत दिख रही थी।
वहीं नुसरत का फंकी लुक वाला मास्क काफी शानदार था। जबकि बात करें मेकअप की तो नुसरत आंखों पर बिना मेकअप के ही नजर आईं। वहीं कर्ली बाल उनके लुक को खूबसूरत बना रहे थे। हालांकि नुसरत के इतने शानदार लुक में कुछ ऐसा दिखा जो लुक को बिगाड़ रहा था।
दरअसल, नुसरत ने सफेद रंग के कुर्ते का चुनाव किया था। जिसके नीचे वो लांग इनरवियर की जगह केवल ब्रा पहने दिखीं। ऐसे में कैमरे की चमक पड़ते ही वो नजर आ गया।
आमतौर पर एक्ट्रेस इस तरह की गलतियां नहीं करतीं। लेकिन आम लड़कियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। कि जब भी हल्के रंग के या फिर सफेद और कॉटन के कपड़ों का चुनाव करें तो इनरवियर के लिए लांग वियर जरूर चुनें। जिससे कि किसी भी मौके पर ऊप्स मोमेंट का सामना ना करना पड़े।
| बॉलीवुड एक्ट्रेस फैशनेबल दिखने के लिए हमेशा ही स्टाइलिश कपड़ों का सहारा लेती हैं। ऐसे में कई बार ये ऊप्स मोमेंट का शिकार भी हो जाती हैं। हालांकि कई मौकों पर ये हसीनाएं भी खुद को बिल्कुल ही साधारण कपड़ों में रखती हैं। जिससे की फैशन के अलावा कंफर्ट को तरजीह दी जा सके। बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा भी बोल्ड और स्टाइलिश कपड़ों में अक्सर ही नजर आती हैं। फिर वो चाहे उनका कोई फोटोशूट हो या फिर किसी अवॉर्ड शो में शिरकत करनी हो। हर बार वो ग्लैमरस इमेज को ध्यान में रखकर ही कपड़ों का चुनाव करती हैं। हालांकि बड़े पर्दे पर कई बार उनका सीधी-सादी लड़की वाला अंदाज ही देखने को मिलता है। लेकिन जब भी मौका मिलता है नुसरत शार्ट्स से लेकर बॉडी फिटिंग गाउन तक में नजर आ जाती हैं। हालांकि इस बार जब नुसरत भरूचा कैमरे के लेंस में कैद हुईं तो वो काफी सिंपल लुक में तैयार थीं। काम के सिलसिले में नजर आईं नुसरत ने इस आउटिंग के लिए सफेद रंग के कुर्ते के साथ पायजामे को मैच किया था। जिसके साथ वो कंधे पर स्लिंग बैग टांगे नजर आ रही थीं। सिंपल लेकिन एलिगेंट दिख रहे इस लुक में नुसरत ने जो कुर्ता चुना था वो कॉलर वाली डिजाइन का था। जबकि साथ में सिल्वर कलर की हील्स काफी खूबसूरत दिख रही थी। वहीं नुसरत का फंकी लुक वाला मास्क काफी शानदार था। जबकि बात करें मेकअप की तो नुसरत आंखों पर बिना मेकअप के ही नजर आईं। वहीं कर्ली बाल उनके लुक को खूबसूरत बना रहे थे। हालांकि नुसरत के इतने शानदार लुक में कुछ ऐसा दिखा जो लुक को बिगाड़ रहा था। दरअसल, नुसरत ने सफेद रंग के कुर्ते का चुनाव किया था। जिसके नीचे वो लांग इनरवियर की जगह केवल ब्रा पहने दिखीं। ऐसे में कैमरे की चमक पड़ते ही वो नजर आ गया। आमतौर पर एक्ट्रेस इस तरह की गलतियां नहीं करतीं। लेकिन आम लड़कियों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। कि जब भी हल्के रंग के या फिर सफेद और कॉटन के कपड़ों का चुनाव करें तो इनरवियर के लिए लांग वियर जरूर चुनें। जिससे कि किसी भी मौके पर ऊप्स मोमेंट का सामना ना करना पड़े। |
फिल्म वास्तव, सिंघम, सिंबा और अन्य फिल्मों में बेहतरीन किरदार निभाने वाले एक्टर किशोर नंदलास्कर का आज 20 अप्रैल 2021 को कोरोना की वजह से निधन हो चुका है. 81 साल के अभिनेता मराठी मनोरंजन इंडस्ट्री में काफी पॉपुलर स्टार में से थे. वे फिल्म वास्तव की को-स्टार उषा नाडकर्णी के खास दोस्त थे. ईटाइम्स से बातचीत के दौरान, उषा ने फिल्म के दौरान कई यादों को याद किया, कि कैसे वे प्रोफेशनली एक अच्छे अभिनेता थे और उन्होंने अपने जीवन के अंत की ओर अकेला क्यों महसूस किया.
उनके निधन के बारे में बात करते हुए उषा नाडकर्णी ने कहा, "उनके निधन के बारे में सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा. वह एक ऐसे व्यक्ति थे कि कभी-कभी वह अकेले एक तरफ चलते थे, और बाकी 'वास्तव' की टीम दूसरी तरफ. फिर हमारी सारी टीम मिलकर उनसे बात करती थी ओर उन्हें अपनी तरफ खींचती थी".
उषा नाडकर्णी ओर किशोर नंदलास्कर ने कई फिल्मों में एक साथ किरदार निभाया है. ये यादें तजा करते हुए उषा ने बताया, "मैंने और किशोर ने कई सारे प्रोजेक्ट्स में एक साथ काम किया है, जिसमें ड्रामा से लेकर फ़िल्में भी शामिल हैं. कभी-कभी तो ऐसा होता था कि वे इतने परेशान रहते थे कि वे अपने काम पर ध्यान नहीं दे पाते थे. मुझे याद है जब हम एक प्ले में एक साथ काम कर रहे थे, तब ड्रामे के बीच में उन्हें स्टेज के पीछे जाकर अपने एक सीन के लिए धोती बदलनी थी लेकिन वे इतना डिप्रेस्ड थे कि उन्होंने धोती की जगह पजामा पहन लिया था".
उन्होंने आगे कहा, "उन्हें कई पर्सनल और पारिवारिक समस्याएं थीं. उन्हें अपने निजी जीवन के बारे में तनाव और चिंता रहती थी, और इसीलिए वह अकेले रहा करते थे. वह अपने परिवार के संग कभी नहीं रहे हैं क्योंकि उनको उनके विचार असहज महसूस कराते थे".
उषा ने आगे खुलासा किया कि किशोर के दिल में हमेशा से ही इंडस्ट्री को लेकर एक दर्द था. उन्होंने कहा, "किशोर ने कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया था, और वह इतने लंबे समय से इंडस्ट्री का हिस्सा थे, लेकिन किसी ने कभी उन्हें एक फोन तक नहीं किया. वह मुझसे कहते थे कि उषा केवल आप मुझे फोन करती हैं, कोई मुझे फोन नहीं करता है और न ही यह पूछता है कि मैं क्या कर रहा हूं या मैं जिंदा हूं या नहीं. आपके अच्छे समय में लोग आपके साथ होंगे, लेकिन आपके लाइमलाइट के चले जाने के बाद आपकी कोई परवाह नहीं करेगा. मैं उनकी इस बात से पूरी तरह सहमत थी".
बता दें, किशोर नंदलास्कर ने 1989 में आई मराठी फिल्म 'इना मीना डीका' से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया था. उन्होंने 'वास्तव', 'खाकी' और 'सिंघम' जैसी हिंदी फिल्मों में भी काम किया था. उन्होंने मराठी और हिंदी के अलावा गुजराती फिल्मों में भी किरदार निभाया है. मालूम हो साल 2000 में आई गोविंदा स्टारर फिल्म 'जिस देश में गंगा रहता है' में सन्नाटा का रोल निभाया था. जिसके बाद वे बॉलीवुड में भी काफी पॉपुलर हुए थे.
| फिल्म वास्तव, सिंघम, सिंबा और अन्य फिल्मों में बेहतरीन किरदार निभाने वाले एक्टर किशोर नंदलास्कर का आज बीस अप्रैल दो हज़ार इक्कीस को कोरोना की वजह से निधन हो चुका है. इक्यासी साल के अभिनेता मराठी मनोरंजन इंडस्ट्री में काफी पॉपुलर स्टार में से थे. वे फिल्म वास्तव की को-स्टार उषा नाडकर्णी के खास दोस्त थे. ईटाइम्स से बातचीत के दौरान, उषा ने फिल्म के दौरान कई यादों को याद किया, कि कैसे वे प्रोफेशनली एक अच्छे अभिनेता थे और उन्होंने अपने जीवन के अंत की ओर अकेला क्यों महसूस किया. उनके निधन के बारे में बात करते हुए उषा नाडकर्णी ने कहा, "उनके निधन के बारे में सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा. वह एक ऐसे व्यक्ति थे कि कभी-कभी वह अकेले एक तरफ चलते थे, और बाकी 'वास्तव' की टीम दूसरी तरफ. फिर हमारी सारी टीम मिलकर उनसे बात करती थी ओर उन्हें अपनी तरफ खींचती थी". उषा नाडकर्णी ओर किशोर नंदलास्कर ने कई फिल्मों में एक साथ किरदार निभाया है. ये यादें तजा करते हुए उषा ने बताया, "मैंने और किशोर ने कई सारे प्रोजेक्ट्स में एक साथ काम किया है, जिसमें ड्रामा से लेकर फ़िल्में भी शामिल हैं. कभी-कभी तो ऐसा होता था कि वे इतने परेशान रहते थे कि वे अपने काम पर ध्यान नहीं दे पाते थे. मुझे याद है जब हम एक प्ले में एक साथ काम कर रहे थे, तब ड्रामे के बीच में उन्हें स्टेज के पीछे जाकर अपने एक सीन के लिए धोती बदलनी थी लेकिन वे इतना डिप्रेस्ड थे कि उन्होंने धोती की जगह पजामा पहन लिया था". उन्होंने आगे कहा, "उन्हें कई पर्सनल और पारिवारिक समस्याएं थीं. उन्हें अपने निजी जीवन के बारे में तनाव और चिंता रहती थी, और इसीलिए वह अकेले रहा करते थे. वह अपने परिवार के संग कभी नहीं रहे हैं क्योंकि उनको उनके विचार असहज महसूस कराते थे". उषा ने आगे खुलासा किया कि किशोर के दिल में हमेशा से ही इंडस्ट्री को लेकर एक दर्द था. उन्होंने कहा, "किशोर ने कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया था, और वह इतने लंबे समय से इंडस्ट्री का हिस्सा थे, लेकिन किसी ने कभी उन्हें एक फोन तक नहीं किया. वह मुझसे कहते थे कि उषा केवल आप मुझे फोन करती हैं, कोई मुझे फोन नहीं करता है और न ही यह पूछता है कि मैं क्या कर रहा हूं या मैं जिंदा हूं या नहीं. आपके अच्छे समय में लोग आपके साथ होंगे, लेकिन आपके लाइमलाइट के चले जाने के बाद आपकी कोई परवाह नहीं करेगा. मैं उनकी इस बात से पूरी तरह सहमत थी". बता दें, किशोर नंदलास्कर ने एक हज़ार नौ सौ नवासी में आई मराठी फिल्म 'इना मीना डीका' से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया था. उन्होंने 'वास्तव', 'खाकी' और 'सिंघम' जैसी हिंदी फिल्मों में भी काम किया था. उन्होंने मराठी और हिंदी के अलावा गुजराती फिल्मों में भी किरदार निभाया है. मालूम हो साल दो हज़ार में आई गोविंदा स्टारर फिल्म 'जिस देश में गंगा रहता है' में सन्नाटा का रोल निभाया था. जिसके बाद वे बॉलीवुड में भी काफी पॉपुलर हुए थे. |
सुपर डांसर ( Super Dancer Chapter 4 ) एक ऐसा रियलिटी शो है कि पिछले चार साल में इस शो की टीम में कोई बदलाव नहीं आया है. हालांकि ये शो अनुराग बसु ( Anurag Basu ) ने लिए हुए ब्रेक की वजह से 2 साल बाद अपनी वापसी कर रहा है.
सोनी टीवी ( Sony Tv ) के रियलिटी शो ( Reality Show ) सुपर डांसर चैप्टर 4 ( Super Dancer ) में फिर एक बार बतौर जज फिल्म निर्देशक अनुराग बसु नज़र आ रहे हैं. अनुराग बसु ( Anurag Basu ) के साथ साथ शिल्पा शेट्टी और गीता कपूर भी इस शो का हिस्सा बने हैं. सुपर डांसर एक ऐसा रियलिटी शो है जो पिछले चार साल में जिस शो की टीम में कोई बदलाव नहीं आया है. हालांकि ये शो अनुराग बसु ने लिए हुए ब्रेक की वजह से 2 साल बाद अपनी वापसी कर रहा है.
सुपर डांसर चैप्टर 3 में अनुराग दादा ने कहा था कि फिल्में बनाने के लिए इस शो से ब्रेक लेना चाहते हैं लेकिन अब इस लम्बे इंतज़ार के बाद शो उनके फेवरेट दादा के साथ लौटा है, इस बात की खुद अनुराग बसु को काफी ज्यादा ख़ुशी हैं. अनुराग बसु कहते हैं, सुपर डांसर एक ऐसा प्लेटफार्म है, जो हमेशा नया टैलेंट और नए डांस फॉर्म्स को दिखाता है. शिल्पा शेट्टी कुंद्रा ( Shilpa Shetty Kundra ) और गीता कपूर ( Geeta Kapoor ) के साथ इस शो को जज करना बहुत बढ़िया अनुभव है. ये दोनों ही अपने-अपने काम में बेहतरीन हैं. नए सीजन को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं. ये शो मेरे लिए यह खुशियों का जश्न है.
डांस दीवाने के मंच पर आने वाले टैलेंट को लेकर अनुराग बसु का कहना है कि देशभर के नन्हें कंटेस्टेंट्स, अपनी जबर्दस्त ऊर्जा के साथ मंच पर आ रहे है और डांस के साथ साथ वो खुशियां भी बाट रहे है. सुपर डांसर के नचपन का त्यौहार का भी यही उद्देश्य है कि वो दर्शकों में खुशियां बातें और उन्हें यकीन है बचपन और नचपन का ये संगम इस शो में अनोखे रंग बिखरने में कामयाब होगा.
अनुराग बसु का मानना है कि सही देखरेख और मार्गदर्शन हमेशा करियर और जिंदगी में नई ऊंचाइयों पर पहुंचने में मदद करता है. हमारे पास कुछ शानदार कोरियोग्राफर्स हैं, जिन्होंने हर सीजन में बच्चों का मार्गदर्शन किया है. उनके मार्गदर्शन से ही सारे कंटेस्टेंट स्टेज पर कमाल कर पाते है और इसलिए हमने इस रियलिटी शो में गुरु शिष्य की जोड़ियों को मौका देने का सोचा है और गुरु शिष्य वाली संकल्पना ही इस रियलिटी शो को सबसे अलग बनाती है.
| सुपर डांसर एक ऐसा रियलिटी शो है कि पिछले चार साल में इस शो की टीम में कोई बदलाव नहीं आया है. हालांकि ये शो अनुराग बसु ने लिए हुए ब्रेक की वजह से दो साल बाद अपनी वापसी कर रहा है. सोनी टीवी के रियलिटी शो सुपर डांसर चैप्टर चार में फिर एक बार बतौर जज फिल्म निर्देशक अनुराग बसु नज़र आ रहे हैं. अनुराग बसु के साथ साथ शिल्पा शेट्टी और गीता कपूर भी इस शो का हिस्सा बने हैं. सुपर डांसर एक ऐसा रियलिटी शो है जो पिछले चार साल में जिस शो की टीम में कोई बदलाव नहीं आया है. हालांकि ये शो अनुराग बसु ने लिए हुए ब्रेक की वजह से दो साल बाद अपनी वापसी कर रहा है. सुपर डांसर चैप्टर तीन में अनुराग दादा ने कहा था कि फिल्में बनाने के लिए इस शो से ब्रेक लेना चाहते हैं लेकिन अब इस लम्बे इंतज़ार के बाद शो उनके फेवरेट दादा के साथ लौटा है, इस बात की खुद अनुराग बसु को काफी ज्यादा ख़ुशी हैं. अनुराग बसु कहते हैं, सुपर डांसर एक ऐसा प्लेटफार्म है, जो हमेशा नया टैलेंट और नए डांस फॉर्म्स को दिखाता है. शिल्पा शेट्टी कुंद्रा और गीता कपूर के साथ इस शो को जज करना बहुत बढ़िया अनुभव है. ये दोनों ही अपने-अपने काम में बेहतरीन हैं. नए सीजन को लेकर मैं काफी उत्साहित हूं. ये शो मेरे लिए यह खुशियों का जश्न है. डांस दीवाने के मंच पर आने वाले टैलेंट को लेकर अनुराग बसु का कहना है कि देशभर के नन्हें कंटेस्टेंट्स, अपनी जबर्दस्त ऊर्जा के साथ मंच पर आ रहे है और डांस के साथ साथ वो खुशियां भी बाट रहे है. सुपर डांसर के नचपन का त्यौहार का भी यही उद्देश्य है कि वो दर्शकों में खुशियां बातें और उन्हें यकीन है बचपन और नचपन का ये संगम इस शो में अनोखे रंग बिखरने में कामयाब होगा. अनुराग बसु का मानना है कि सही देखरेख और मार्गदर्शन हमेशा करियर और जिंदगी में नई ऊंचाइयों पर पहुंचने में मदद करता है. हमारे पास कुछ शानदार कोरियोग्राफर्स हैं, जिन्होंने हर सीजन में बच्चों का मार्गदर्शन किया है. उनके मार्गदर्शन से ही सारे कंटेस्टेंट स्टेज पर कमाल कर पाते है और इसलिए हमने इस रियलिटी शो में गुरु शिष्य की जोड़ियों को मौका देने का सोचा है और गुरु शिष्य वाली संकल्पना ही इस रियलिटी शो को सबसे अलग बनाती है. |
ज़ैनुलआबदीन को उसकी सहिष्णुता और संस्कृत के अध्ययन और प्राचीन संस्कृति को प्रोत्साहित करने के कारण बहुत यश मिला।
पूरे भारत में यह नयी उत्तेजना सक्रिय थी और नए विचार लोगों को परेशान कर रहे थे। भारत विदेशी तत्वों को आत्मसात करने का प्रयास कर रहा था और इस प्रक्रिया में थोड़ा बहुत खुद भी बदल रहा था। इसी बीच कुछ नए ढंग के सुधारक खड़े हुए जिन्होंने इस समन्वय का जानबूझ कर समर्थन किया और अक्सर वर्ण-व्यवस्था की निंदा या उपेक्षा की। पंद्रहवीं शताब्दी में दक्षिण में रामानंद और उनके उनसे भी अधिक प्रसिद्ध शिष्य कबीर हुए। कबीर की साखियाँ और पद आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। उत्तर में गुरु नानक हुए जो सिख धर्म के संस्थापक माने जाते हैं। पूरे हिंदू धर्म पर इन सुधारकों के नए विचारों का प्रभाव पड़ा और भारत में इस्लाम का स्वरूप भी दूसरे स्थानों पर उसके स्वरूप से किसी हद तक भिन्न हो गया। इस्लाम के एकेश्वरवाद ने हिंदू धर्म को प्रभावित किया और हिंदुओं के अस्पष्ट बहुदेववाद का प्रभाव भारतीय मुसलमानों पर पड़ा । इनमें से अधिकतर भारतीय मुसलमान ऐसे थे जिन्होंने धर्म परिवर्तन किया था और उनका पालन-पोषण प्राचीन परंपराओं में हुआ था और वे अब भी उन्हीं से घिरे थे। उनमें बाहर से आने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी।
विदेशी तत्वों के भारत में अधिकाधिक आत्मसात होने का सबसे महत्त्वपूर्ण संकेत, उनके द्वारा देश की आम भाषा का प्रयोग था, गरचे दरबार की भाषा फ़ारसी बनी रही। आरंभ के लेखकों में सबसे प्रसिद्ध अमीर खुसरो थे। वे तुर्क थे और उनका परिवार दो या तीन पीढ़ियों से संयुक्त राज्य में बसा हुआ था। वे चौदहवीं शताब्दी के दौरान कई अफ़गान सुल्तानों के शासन काल में रहे। वे फ़ारसी के चोटी के कवि थे और उन्हें संस्कृत का भी ज्ञान था। वे महान संगीतकार थे और उन्होंने भारतीय संगीत में कई मौलिक उद्भावनाएँ की थीं। कहा जाता है कि भारत के लोकप्रिय तंत्री वाद्य सितार का आविष्कार उन्होंने ही किया था। उन्होंने ऐसे कई विषयों पर रचना की, जिनमें भारत ने विशेष प्रगति की थी। इनमें धर्म, दर्शन, तर्कशास्त्र,
भारत की खोज
Rationalised 2023-24
| ज़ैनुलआबदीन को उसकी सहिष्णुता और संस्कृत के अध्ययन और प्राचीन संस्कृति को प्रोत्साहित करने के कारण बहुत यश मिला। पूरे भारत में यह नयी उत्तेजना सक्रिय थी और नए विचार लोगों को परेशान कर रहे थे। भारत विदेशी तत्वों को आत्मसात करने का प्रयास कर रहा था और इस प्रक्रिया में थोड़ा बहुत खुद भी बदल रहा था। इसी बीच कुछ नए ढंग के सुधारक खड़े हुए जिन्होंने इस समन्वय का जानबूझ कर समर्थन किया और अक्सर वर्ण-व्यवस्था की निंदा या उपेक्षा की। पंद्रहवीं शताब्दी में दक्षिण में रामानंद और उनके उनसे भी अधिक प्रसिद्ध शिष्य कबीर हुए। कबीर की साखियाँ और पद आज भी बहुत लोकप्रिय हैं। उत्तर में गुरु नानक हुए जो सिख धर्म के संस्थापक माने जाते हैं। पूरे हिंदू धर्म पर इन सुधारकों के नए विचारों का प्रभाव पड़ा और भारत में इस्लाम का स्वरूप भी दूसरे स्थानों पर उसके स्वरूप से किसी हद तक भिन्न हो गया। इस्लाम के एकेश्वरवाद ने हिंदू धर्म को प्रभावित किया और हिंदुओं के अस्पष्ट बहुदेववाद का प्रभाव भारतीय मुसलमानों पर पड़ा । इनमें से अधिकतर भारतीय मुसलमान ऐसे थे जिन्होंने धर्म परिवर्तन किया था और उनका पालन-पोषण प्राचीन परंपराओं में हुआ था और वे अब भी उन्हीं से घिरे थे। उनमें बाहर से आने वालों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी। विदेशी तत्वों के भारत में अधिकाधिक आत्मसात होने का सबसे महत्त्वपूर्ण संकेत, उनके द्वारा देश की आम भाषा का प्रयोग था, गरचे दरबार की भाषा फ़ारसी बनी रही। आरंभ के लेखकों में सबसे प्रसिद्ध अमीर खुसरो थे। वे तुर्क थे और उनका परिवार दो या तीन पीढ़ियों से संयुक्त राज्य में बसा हुआ था। वे चौदहवीं शताब्दी के दौरान कई अफ़गान सुल्तानों के शासन काल में रहे। वे फ़ारसी के चोटी के कवि थे और उन्हें संस्कृत का भी ज्ञान था। वे महान संगीतकार थे और उन्होंने भारतीय संगीत में कई मौलिक उद्भावनाएँ की थीं। कहा जाता है कि भारत के लोकप्रिय तंत्री वाद्य सितार का आविष्कार उन्होंने ही किया था। उन्होंने ऐसे कई विषयों पर रचना की, जिनमें भारत ने विशेष प्रगति की थी। इनमें धर्म, दर्शन, तर्कशास्त्र, भारत की खोज Rationalised दो हज़ार तेईस-चौबीस |
जनता दल यूनाइटेड के नेता गुलाम रसूल बलियावी ने योग गुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव का जैश और लश्कर के साथ संबंध है।
Ghulam Rasool Statement: जनता दल यूनाइटेड के नेता गुलाम रसूल बलियावी ने एक विवादित बयान दिया है। गुलाम रसूल ने कहा कि योग गुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव का जैश और लश्कर के साथ संबंध है। इसके साथ ही बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री बहरूपिया हैं। गुलाम रसूल इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि सेना में 30 फीसदी पद मुस्लिमों से भरे जाने चाहिए।
नवादा में मरकजी इदारा-ए-शरिया कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें गुलाम रसूल बलियावी अपने विवादित बयानों को लेकर अधिकतर सुर्खियों में रहते हैं। इससे पहले गुलाम रसूल हर शहर को कर्बला बनाने जैसे बयान दे चुके हैं। इदारा-ए-शरिया कार्यक्रम में उन्होंने मुस्लिमों को 30 फीसदी आरक्षण देने की पैरवी करते हुए दिखाई दिए।
इस दौरान गुलाम रसूल ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी को पाकिस्तान से डर लगता है तो उन्हें सेना में 30 फीसदी मुस्लिम को जगह देनी चाहिए। रसूल ने कहा कि अगर ऐसा हुआ कि पाकिस्तान की हिम्मत नहीं होगी कि वो भारत को आंख दिखा पाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान मिसाइल बनाकर भारत को आंख दिखा रहा था तब कोई नागपुर का बाबा जवाब देने नहीं आया। बल्कि एक मुसलमान का ही बेटा सामने आया जिसने मिसाइल बनाया और जिसका नाम एपीजे अब्दुल कलाम था।
गुलाम रसूल ने योग गुरु बाबा रामदेव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कहा कि बाबा रामदेव भारतीय नहीं हैं। उनका पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ संबंध हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की संपत्ति, जमीन और पतंजलि के प्रोडक्ट कहां से बनकर आते हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।
| जनता दल यूनाइटेड के नेता गुलाम रसूल बलियावी ने योग गुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव का जैश और लश्कर के साथ संबंध है। Ghulam Rasool Statement: जनता दल यूनाइटेड के नेता गुलाम रसूल बलियावी ने एक विवादित बयान दिया है। गुलाम रसूल ने कहा कि योग गुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव का जैश और लश्कर के साथ संबंध है। इसके साथ ही बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री बहरूपिया हैं। गुलाम रसूल इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि सेना में तीस फीसदी पद मुस्लिमों से भरे जाने चाहिए। नवादा में मरकजी इदारा-ए-शरिया कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें गुलाम रसूल बलियावी अपने विवादित बयानों को लेकर अधिकतर सुर्खियों में रहते हैं। इससे पहले गुलाम रसूल हर शहर को कर्बला बनाने जैसे बयान दे चुके हैं। इदारा-ए-शरिया कार्यक्रम में उन्होंने मुस्लिमों को तीस फीसदी आरक्षण देने की पैरवी करते हुए दिखाई दिए। इस दौरान गुलाम रसूल ने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी को पाकिस्तान से डर लगता है तो उन्हें सेना में तीस फीसदी मुस्लिम को जगह देनी चाहिए। रसूल ने कहा कि अगर ऐसा हुआ कि पाकिस्तान की हिम्मत नहीं होगी कि वो भारत को आंख दिखा पाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान मिसाइल बनाकर भारत को आंख दिखा रहा था तब कोई नागपुर का बाबा जवाब देने नहीं आया। बल्कि एक मुसलमान का ही बेटा सामने आया जिसने मिसाइल बनाया और जिसका नाम एपीजे अब्दुल कलाम था। गुलाम रसूल ने योग गुरु बाबा रामदेव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कहा कि बाबा रामदेव भारतीय नहीं हैं। उनका पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ संबंध हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की संपत्ति, जमीन और पतंजलि के प्रोडक्ट कहां से बनकर आते हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। |
नई दिल्लीः मोदी सरकार में कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 'कैम्ब्रिज एनालिटिका' के पूर्व कर्मचारी क्रिस्टफर विली के खुलासे के बाद कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि व्हिसलब्लोअर क्रिस्टफर विली के खुलासे से साफ पता चल रहा है कि कांग्रेस उनकी क्लाइंट रही है और उनके साथ मिलकर काम किया है. अब कांग्रेस और राहुल गांधी की पोल खुल गई है. केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ऐसी कंपनी की सहायता ली जो मतदाताओं को प्रभावित कर रही थी जिस वजह से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस से माफी मांगनी चाहिए.
गौरतलब है कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही में हुए गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रचारों में इस कंपनी का असर दिख रहा था. आगे उन्होंने आगे कहा कि 'हम उम्मीद करते हैं कि राहुल गांधी और कांग्रेस देश के लोगों से माफी मांगेंगे'. इससे जब राहुल पर यह आरोप मैंने लगाया था तो उन्होंने इंकार कर दिया था. वहीं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के आरोपों पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने जवाब देते हुए कहा कि इस तरह की षड्यंत्रकारी कंपनी को कांग्रेस ने कभी हायर नहीं किया.
इसके साथ ही सुरजेवाला ने कहा कि हम कानून मंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहते हैं कि सबूत लाइए और एफआईआर करवाइए. पिछले तीन दिनों से एफआईआर की मांग की जा रही है लेकिन आप एफआईआर क्यों नहीं कर रहे. जिससे आपकी पोल देश के सामने न खुल जाए. वहीं कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले में कहा कि विली के खुलासे से यह साबित नहीं हो जाता कि 'कैम्ब्रिज एनालिटिका' और कांग्रेस ने साथ काम किया है. बीजेपी को देश से माफी मांगते हुए इस मामले की जल्द जांच करानी चाहिए.
कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक डाटा लीक करने का आरोप, जानिए डिजिटल मार्केटिंग से कैसे प्रभावित होतें है चुनाव?
| नई दिल्लीः मोदी सरकार में कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 'कैम्ब्रिज एनालिटिका' के पूर्व कर्मचारी क्रिस्टफर विली के खुलासे के बाद कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि व्हिसलब्लोअर क्रिस्टफर विली के खुलासे से साफ पता चल रहा है कि कांग्रेस उनकी क्लाइंट रही है और उनके साथ मिलकर काम किया है. अब कांग्रेस और राहुल गांधी की पोल खुल गई है. केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ऐसी कंपनी की सहायता ली जो मतदाताओं को प्रभावित कर रही थी जिस वजह से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस से माफी मांगनी चाहिए. गौरतलब है कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही में हुए गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रचारों में इस कंपनी का असर दिख रहा था. आगे उन्होंने आगे कहा कि 'हम उम्मीद करते हैं कि राहुल गांधी और कांग्रेस देश के लोगों से माफी मांगेंगे'. इससे जब राहुल पर यह आरोप मैंने लगाया था तो उन्होंने इंकार कर दिया था. वहीं कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के आरोपों पर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने जवाब देते हुए कहा कि इस तरह की षड्यंत्रकारी कंपनी को कांग्रेस ने कभी हायर नहीं किया. इसके साथ ही सुरजेवाला ने कहा कि हम कानून मंत्री को खुली चुनौती देते हुए कहते हैं कि सबूत लाइए और एफआईआर करवाइए. पिछले तीन दिनों से एफआईआर की मांग की जा रही है लेकिन आप एफआईआर क्यों नहीं कर रहे. जिससे आपकी पोल देश के सामने न खुल जाए. वहीं कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले में कहा कि विली के खुलासे से यह साबित नहीं हो जाता कि 'कैम्ब्रिज एनालिटिका' और कांग्रेस ने साथ काम किया है. बीजेपी को देश से माफी मांगते हुए इस मामले की जल्द जांच करानी चाहिए. कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक डाटा लीक करने का आरोप, जानिए डिजिटल मार्केटिंग से कैसे प्रभावित होतें है चुनाव? |
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुदीप सेठ ने एलएमसी को लखनऊ में उपद्रव करने वाले पक्षियों, जानवरों को मारने का आदेश जारी करने की मांग की थी।
पीठ ने ऐसा कोई आदेश जारी करने से इनकार कर दिया।
फैसले का स्वागत करते हुए पशु अधिकार कार्यकर्ता कामना पांडे ने कहा, यह एक ऐतिहासिक फैसला है। यह कुत्तों के खिलाफ जारी अभियान पर रोक लगाएगा।
(आईएएनएस)
| याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुदीप सेठ ने एलएमसी को लखनऊ में उपद्रव करने वाले पक्षियों, जानवरों को मारने का आदेश जारी करने की मांग की थी। पीठ ने ऐसा कोई आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। फैसले का स्वागत करते हुए पशु अधिकार कार्यकर्ता कामना पांडे ने कहा, यह एक ऐतिहासिक फैसला है। यह कुत्तों के खिलाफ जारी अभियान पर रोक लगाएगा। |
पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र के गोविंद मित्रा रोड में स्थित अजंता फार्मा दुकान में सोमवार की रात करीब नौ बजे अचानक आग लग गयी. आग लगने के व्यक्त दुकान बंद थी और दुकानदार मोहम्मद जावेद अहमद व उनके स्टाफ दुकान से चले गये थे. इसी बीच संभवतः शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गयी और तुरंत ही आग ने भीषण रूप ले लिया. हालांकि स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को इस घटना की जानकारी दी और तुरंत ही दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंच गयी.
गोविंद मित्रा रोड की पतली गली में दुकान होने के कारण दमकल की छोटी गाड़ी भी वहां तक नहीं पहुंच पायी. इसके बाद फिर एक पाइप को दूसरे पाइप से जोड़ कर दुकान तक पहुंचाया गया और फिर पानी की बौछार की गयी. आग लगने की इस घटना के कारण अगल-बगल के दुकानदार दहशत में थे. दुकानदारों क डर था कि आग कहीं उनके दुकान तक नहीं फैल जाए.
दुकान में लगी आग को दमकल की गाड़ी ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू में कर लिया और उसे आगे नहीं बढ़ने दिया. हालांकि इस अगलगी में अजंता फार्मा की अधिकांश दवाएं जल कर राख हो गयी, जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है. घटना की जानकारी मिलने पर पीरबहोर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी थी.
| पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र के गोविंद मित्रा रोड में स्थित अजंता फार्मा दुकान में सोमवार की रात करीब नौ बजे अचानक आग लग गयी. आग लगने के व्यक्त दुकान बंद थी और दुकानदार मोहम्मद जावेद अहमद व उनके स्टाफ दुकान से चले गये थे. इसी बीच संभवतः शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गयी और तुरंत ही आग ने भीषण रूप ले लिया. हालांकि स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को इस घटना की जानकारी दी और तुरंत ही दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंच गयी. गोविंद मित्रा रोड की पतली गली में दुकान होने के कारण दमकल की छोटी गाड़ी भी वहां तक नहीं पहुंच पायी. इसके बाद फिर एक पाइप को दूसरे पाइप से जोड़ कर दुकान तक पहुंचाया गया और फिर पानी की बौछार की गयी. आग लगने की इस घटना के कारण अगल-बगल के दुकानदार दहशत में थे. दुकानदारों क डर था कि आग कहीं उनके दुकान तक नहीं फैल जाए. दुकान में लगी आग को दमकल की गाड़ी ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू में कर लिया और उसे आगे नहीं बढ़ने दिया. हालांकि इस अगलगी में अजंता फार्मा की अधिकांश दवाएं जल कर राख हो गयी, जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है. घटना की जानकारी मिलने पर पीरबहोर थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी थी. |
फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई ने नए मंत्रिमंडल के लिए फ़तह संगठन का समर्थन हासिल कर लिया है.
पिछले कुछ दिनों से इस पर गतिरोध बना हुआ था.
फ़तह संगठन ने प्रधानमंत्री क़ुरई की पिछली सूची पर आपत्ति जताई थी जिसमें यासिर अराफ़ात के पुराने सहयोगियों को जगह दी गई थी.
फ़तह ने प्रधानमंत्री क़ुरई से अनुरोध किया था कि वे यासिर अराफ़ात के नज़दीकी लोगों को मंत्रिमंडल में स्थान न दें. इनकी छवि भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों के रूप में है.
फ़तह ने मांग की थी कि मंत्रिमंडल में पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञों को स्थान दिया जाए जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप न हों.
मंत्रिमंडल की यह सूची काफ़ी लंबी बहस के बाद तैयार की गई जिसमें काफ़ी फेरबदल भी किए गए हैं.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि अधिकतर पुराने मंत्रियों को हटा दिया जाएगा.
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के एक नज़दीकी सहयोगी ने बीबीसी को बताया कि पुराने लोगों में केवल नबील शाद को उपप्रधानमंत्री के रूप में स्थान दिया जा रहा है.
इस मंत्रिमंडल में जो नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं उनमें सबसे प्रमुख हैं नासिर यूसुफ़.
उन्हें आंतरिक सुरक्षा का मंत्री बनाया जा सकता है और वह सुरक्षा बलों के भी प्रभारी रहेंगे.
संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीनी प्रतिनिधि नासिर अल क़िदवा को विदेश मंत्री बनाया जा सकता है.
आलोचकों का कहना है कि यासिर अराफ़ात ने मंत्रिमंडल में नेताओं को उनके संपर्कों के आधार पर स्थान दिया था न कि उनकी योग्यता के आधार पर.
हालांकि नए फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास इस विवाद से दूर रहे हैं.
लेकिन बुधवार को उन्होंने फ़तह संगठन के लोगों से मुलाक़ात की और प्रधानमंत्री क़ुरई की सूची को समर्थन देने का अनुरोध किया.
मंत्रिमंडल को संसद से मंज़ूरी की आवश्यकता होती है जिसमें दो तिहाई सदस्य फ़तह संगठन के हैं.
दूसरा प्रमुख ग्रुप हमास है पर उसने संसद का बहिष्कार कर रखा है.
| फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई ने नए मंत्रिमंडल के लिए फ़तह संगठन का समर्थन हासिल कर लिया है. पिछले कुछ दिनों से इस पर गतिरोध बना हुआ था. फ़तह संगठन ने प्रधानमंत्री क़ुरई की पिछली सूची पर आपत्ति जताई थी जिसमें यासिर अराफ़ात के पुराने सहयोगियों को जगह दी गई थी. फ़तह ने प्रधानमंत्री क़ुरई से अनुरोध किया था कि वे यासिर अराफ़ात के नज़दीकी लोगों को मंत्रिमंडल में स्थान न दें. इनकी छवि भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों के रूप में है. फ़तह ने मांग की थी कि मंत्रिमंडल में पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञों को स्थान दिया जाए जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप न हों. मंत्रिमंडल की यह सूची काफ़ी लंबी बहस के बाद तैयार की गई जिसमें काफ़ी फेरबदल भी किए गए हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि अधिकतर पुराने मंत्रियों को हटा दिया जाएगा. फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के एक नज़दीकी सहयोगी ने बीबीसी को बताया कि पुराने लोगों में केवल नबील शाद को उपप्रधानमंत्री के रूप में स्थान दिया जा रहा है. इस मंत्रिमंडल में जो नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं उनमें सबसे प्रमुख हैं नासिर यूसुफ़. उन्हें आंतरिक सुरक्षा का मंत्री बनाया जा सकता है और वह सुरक्षा बलों के भी प्रभारी रहेंगे. संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीनी प्रतिनिधि नासिर अल क़िदवा को विदेश मंत्री बनाया जा सकता है. आलोचकों का कहना है कि यासिर अराफ़ात ने मंत्रिमंडल में नेताओं को उनके संपर्कों के आधार पर स्थान दिया था न कि उनकी योग्यता के आधार पर. हालांकि नए फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास इस विवाद से दूर रहे हैं. लेकिन बुधवार को उन्होंने फ़तह संगठन के लोगों से मुलाक़ात की और प्रधानमंत्री क़ुरई की सूची को समर्थन देने का अनुरोध किया. मंत्रिमंडल को संसद से मंज़ूरी की आवश्यकता होती है जिसमें दो तिहाई सदस्य फ़तह संगठन के हैं. दूसरा प्रमुख ग्रुप हमास है पर उसने संसद का बहिष्कार कर रखा है. |
स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूजः अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों को दीवाना बनाने वाले मशहूर गायक अदनान सामी देशभर में अपने गानों के लिए जाने जाते हैं। लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहे सिंगर ने भारत के प्रति अपना प्यार के चलते ना सिर्फ भारत में रहने का फैसला किया बल्कि इसके लिए देश की नागरिकता तक हासिल की है। बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि अदनान अब तक चार बार निकाह कर चुके हैं। उनके इन चार निकाह में से तीन रिश्ते तो पांच साल से ज्यादा चल भी नहीं पाए। इतना ही नहीं हैरानी वाली बात यह है कि सिंगर ने एक ही लड़की से दो बार निकाह किया था। वही साल 2010 उन्होंने रोया सामी खान से शादी की और दोनों की एक बेटी भी है।
| स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूजः अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों को दीवाना बनाने वाले मशहूर गायक अदनान सामी देशभर में अपने गानों के लिए जाने जाते हैं। लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहे सिंगर ने भारत के प्रति अपना प्यार के चलते ना सिर्फ भारत में रहने का फैसला किया बल्कि इसके लिए देश की नागरिकता तक हासिल की है। बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि अदनान अब तक चार बार निकाह कर चुके हैं। उनके इन चार निकाह में से तीन रिश्ते तो पांच साल से ज्यादा चल भी नहीं पाए। इतना ही नहीं हैरानी वाली बात यह है कि सिंगर ने एक ही लड़की से दो बार निकाह किया था। वही साल दो हज़ार दस उन्होंने रोया सामी खान से शादी की और दोनों की एक बेटी भी है। |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
राजस्थान में कांग्रेस सरकार द्वारा राइट टू हेल्थ बिल पास करने से पहले ही इसका विरोध निजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है, जो कि बिल पास होने के बाद भी जारी है। अब इसमें सरकारी डॉक्टरों के भी शामिल होने की खबरें सामने आ रही है। जानिए वजह।
जयपुर (jaipur news). राजस्थान में 21 मार्च को विधानसभा में पास हुए राइट टू हेल्थ बिल का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। बिल के विरोध में राजस्थान में पिछले करीब 7 दिनों से डॉक्टर हर जिले में पड़ाव पर बैठे हुए हैं। वही पिछले करीब 6 दिनों से राजस्थान के समस्त प्राइवेट हॉस्पिटल भी बंद पड़े हैं। जिसके चलते अब सरकारी हॉस्पिटल में मरीजों की भारी भीड़ लगना शुरू हो चुकी है। लेकिन इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। जिससे कि राजस्थान की पूरी चिकित्सा व्यवस्था गड़बड़ा सकती है।
दरअसल अब राजस्थान के प्राइवेट डॉक्टर्स को अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के बैनर तले प्रदेश के करीब 14 हजार सरकारी डॉक्टर भी समर्थन दे सकते है। संघ के डॉक्टर अजय चौधरी का कहना है कि 29 मार्च को सुबह 9 बजे से सरकारी डॉक्टर से छुट्टी पर चले जाएंगे। बताया जा रहा है कि राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के इस बयान के बाद ही सीएम अशोक गहलोत ने देर रात चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई।
वहीं अब यदि सरकार 29 मार्च से पहले इस बिल को लेकर कोई रास्ता नहीं निकाल पाती है तो राजस्थान में 29 मार्च को पूरी तरह से चिकित्सा व्यवस्था गड़बड़ आने वाली है क्योंकि आंदोलन में उतरे प्राइवेट हॉस्पिटल के संचालकों के बाद अब करीब 14 हजार सरकारी डॉक्टर भी हड़ताल करेंगे। आपको बता दें कि हड़ताल शुरू होने के बाद सरकारी हॉस्पिटलों में लगातार ओपीडी में इजाफा होता जा रहा है लेकिन यदि 29 मार्च को सरकारी डॉक्टर भी हड़ताल पर चले जाते हैं तो राजस्थान में कई मौतें बेमौत ही होगी।
ऐसे में अब देखना होगा कि सरकार क्या कदम लेती है। वही सरकार की बात करें तो सरकार अब आंदोलन कर रहे प्राइवेट हॉस्पिटलों के खिलाफ एक्शन लेने के मूड में है। जिन्हें जिले के प्राइवेट हॉस्पिटल की लिस्ट मंगवा ली है।
| राजस्थान में कांग्रेस सरकार द्वारा राइट टू हेल्थ बिल पास करने से पहले ही इसका विरोध निजी हॉस्पिटल के डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है, जो कि बिल पास होने के बाद भी जारी है। अब इसमें सरकारी डॉक्टरों के भी शामिल होने की खबरें सामने आ रही है। जानिए वजह। जयपुर . राजस्थान में इक्कीस मार्च को विधानसभा में पास हुए राइट टू हेल्थ बिल का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। बिल के विरोध में राजस्थान में पिछले करीब सात दिनों से डॉक्टर हर जिले में पड़ाव पर बैठे हुए हैं। वही पिछले करीब छः दिनों से राजस्थान के समस्त प्राइवेट हॉस्पिटल भी बंद पड़े हैं। जिसके चलते अब सरकारी हॉस्पिटल में मरीजों की भारी भीड़ लगना शुरू हो चुकी है। लेकिन इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। जिससे कि राजस्थान की पूरी चिकित्सा व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। दरअसल अब राजस्थान के प्राइवेट डॉक्टर्स को अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के बैनर तले प्रदेश के करीब चौदह हजार सरकारी डॉक्टर भी समर्थन दे सकते है। संघ के डॉक्टर अजय चौधरी का कहना है कि उनतीस मार्च को सुबह नौ बजे से सरकारी डॉक्टर से छुट्टी पर चले जाएंगे। बताया जा रहा है कि राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के इस बयान के बाद ही सीएम अशोक गहलोत ने देर रात चिकित्सा विभाग से जुड़े अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई। वहीं अब यदि सरकार उनतीस मार्च से पहले इस बिल को लेकर कोई रास्ता नहीं निकाल पाती है तो राजस्थान में उनतीस मार्च को पूरी तरह से चिकित्सा व्यवस्था गड़बड़ आने वाली है क्योंकि आंदोलन में उतरे प्राइवेट हॉस्पिटल के संचालकों के बाद अब करीब चौदह हजार सरकारी डॉक्टर भी हड़ताल करेंगे। आपको बता दें कि हड़ताल शुरू होने के बाद सरकारी हॉस्पिटलों में लगातार ओपीडी में इजाफा होता जा रहा है लेकिन यदि उनतीस मार्च को सरकारी डॉक्टर भी हड़ताल पर चले जाते हैं तो राजस्थान में कई मौतें बेमौत ही होगी। ऐसे में अब देखना होगा कि सरकार क्या कदम लेती है। वही सरकार की बात करें तो सरकार अब आंदोलन कर रहे प्राइवेट हॉस्पिटलों के खिलाफ एक्शन लेने के मूड में है। जिन्हें जिले के प्राइवेट हॉस्पिटल की लिस्ट मंगवा ली है। |
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