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राजद नेताओं ने कहा कि आज हमारे मुखिया के तरफ से मुलाकात के लिए लोगों को बुलाया गया था। उन्होंने हम लोगों को बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की क्या रणनीति होगी। लालू यादव ने विधायकों से कहा कि वह सिर्फ पटना में न रहे बल्कि अपने अपने क्षेत्रों में रहें। पटनाः राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादवपटना पहुंचते ही सियासत में सक्रिय हो गए। बुधवार को उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर सभी विधायकों-मंत्रियों को भोजन कराया और सभी से मुलाकात की। लालू यादव ने भोज के बहाने 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी विधायकों से बात की और अपनी ओर से कुछ खास टिप्स भी दिए। इस दौरान लालू यादव ने सभी विधायकों-मंत्रियों को अपनी पसंदीदा मछली रोहू और चावल खिलाया। लालू यादव का सबसे पसंदीदा मछली रोहू है, जिसे बड़े चाव से खाते हैं, साथ ही इसे शुभ भी मानते हैं। कहीं निकलने से पहले मछली चावल खाना नहीं भूलते। राजद नेता शिवानंद तिवारी ने बताया कि मछली चावल के साथ चिकन की भी व्यवस्था थी। भोज से पहले विधायकों ने सत्तू के साथ अचार का लुत्फ उठाया। लालू यादव ने विधायको को सत्तू के फायदे भी बताए। वहीं, अर्से बाद लालू को एक बार फिर सियासी तौर पर सक्रिय देख राजद नेताओं में जोश आ गया। राजद विधायक राहुल तिवारी ने बताया कि लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर सभी विधायक बुलंद हैं। लालू यादव ने विधायकों से कहा कि वह सिर्फ पटना में न रहे बल्कि अपने अपने क्षेत्रों में रहें। भाजपा को हराने के लिए विधायकों को अपने क्षेत्र में लोगों से जुड़कर रहना होगा। 2024 की लड़ाई महत्वपूर्ण है। इस भोज में शामिल होने आए राजद विधायक और नेताओं के तरफ से भाजपा का जोरदार विरोध किया गया। राजद के तरफ से कहा गया है कि भाजपा अंग्रेजों की दलाल है और उसका काम है दलाली करना है। वर्तमान में दलालों के हाथों में देश की सत्ता है। लेकिन आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को देश से बाहर कर दिया जाएगा यह देश की जनता ने तय कर लिया है। इस बार के लोकसभा चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त मिलने वाली हओ। राजद नेताओं ने कहा कि आज हमारे मुखिया के तरफ से मुलाकात के लिए लोगों को बुलाया गया था। उन्होंने हम लोगों को बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की क्या रणनीति होगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि लालू प्रसाद यादव कि हम मुलाकात महज औपचारिक थी। इसमें अधिक कुछ बात विचार नहीं की गई है।
राजद नेताओं ने कहा कि आज हमारे मुखिया के तरफ से मुलाकात के लिए लोगों को बुलाया गया था। उन्होंने हम लोगों को बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की क्या रणनीति होगी। लालू यादव ने विधायकों से कहा कि वह सिर्फ पटना में न रहे बल्कि अपने अपने क्षेत्रों में रहें। पटनाः राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादवपटना पहुंचते ही सियासत में सक्रिय हो गए। बुधवार को उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर सभी विधायकों-मंत्रियों को भोजन कराया और सभी से मुलाकात की। लालू यादव ने भोज के बहाने दो हज़ार चौबीस में होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी विधायकों से बात की और अपनी ओर से कुछ खास टिप्स भी दिए। इस दौरान लालू यादव ने सभी विधायकों-मंत्रियों को अपनी पसंदीदा मछली रोहू और चावल खिलाया। लालू यादव का सबसे पसंदीदा मछली रोहू है, जिसे बड़े चाव से खाते हैं, साथ ही इसे शुभ भी मानते हैं। कहीं निकलने से पहले मछली चावल खाना नहीं भूलते। राजद नेता शिवानंद तिवारी ने बताया कि मछली चावल के साथ चिकन की भी व्यवस्था थी। भोज से पहले विधायकों ने सत्तू के साथ अचार का लुत्फ उठाया। लालू यादव ने विधायको को सत्तू के फायदे भी बताए। वहीं, अर्से बाद लालू को एक बार फिर सियासी तौर पर सक्रिय देख राजद नेताओं में जोश आ गया। राजद विधायक राहुल तिवारी ने बताया कि लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर सभी विधायक बुलंद हैं। लालू यादव ने विधायकों से कहा कि वह सिर्फ पटना में न रहे बल्कि अपने अपने क्षेत्रों में रहें। भाजपा को हराने के लिए विधायकों को अपने क्षेत्र में लोगों से जुड़कर रहना होगा। दो हज़ार चौबीस की लड़ाई महत्वपूर्ण है। इस भोज में शामिल होने आए राजद विधायक और नेताओं के तरफ से भाजपा का जोरदार विरोध किया गया। राजद के तरफ से कहा गया है कि भाजपा अंग्रेजों की दलाल है और उसका काम है दलाली करना है। वर्तमान में दलालों के हाथों में देश की सत्ता है। लेकिन आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को देश से बाहर कर दिया जाएगा यह देश की जनता ने तय कर लिया है। इस बार के लोकसभा चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त मिलने वाली हओ। राजद नेताओं ने कहा कि आज हमारे मुखिया के तरफ से मुलाकात के लिए लोगों को बुलाया गया था। उन्होंने हम लोगों को बताया कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर पार्टी की क्या रणनीति होगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि लालू प्रसाद यादव कि हम मुलाकात महज औपचारिक थी। इसमें अधिक कुछ बात विचार नहीं की गई है।
जोगिंद्रनगर - राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला जोगिंद्रनगर में ब्लॉक स्तरीय युवा संसद का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला ने प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (बाल) जोगिंद्रनगर ने द्वितीय व राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नौहली ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस ब्लॉक स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बस्सी, ब्यूंह, नौहली, कुटगढ़, डोहग, हराबाग, द्राहल, गुम्मा, टिकरू, खुद्दर, रोपड़ी कलैहड़ू, जोगिंद्रनगर (बाल) व जोगिंद्रनगर (कन्या) सहित राजकीय उच्च पाठशाला गलू व मंझारनू ने भाग लिया। प्रधानाचार्य रविंद्र शर्मा ने प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए अपने संबोधन में लोकतांत्रिक शासन की संसदीय व्यवस्था पर प्रकाश डाला। निर्णायक मंडल में प्रवक्ता विनोद गुलेरिया, सुभाष ठाकुर व मिलाप चंद शामिल रहे। अपना सही जीवनसंगी चुनिए। केवल भारत मैट्रिमोनी पर- निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!
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लामा त्सुलटिम छोंजोर (अंग्रेज़ीः Lama Tsultrim Chonjor) भारतीय नागरिक हैं जिन्हें वर्ष 2021 में 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया। उन्हें 'लद्दाख़ का दशरथ मांझी' कहा जाता है। जिस प्रकार बिहार के दशरथ मांझी ने अपने परिश्रम से पहाड़ काटकर सड़क मार्ग तैयार किया था, उसी प्रकार लद्दाख़ के त्सुलटिम छोंजोर ने भी अपनी संपत्ति बेचकर 38 किलोमीटर सड़क बना डाली। किसी ने सच ही कहा है कि इंसान अगर कुछ करना चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकता। इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं- लामा त्सुलटिम छोंजोर; जिन्हें 'लद्दाख़ का दशरथ मांझी' भी कहा जाता है। त्सुलटिम छोंजोर ने अपनी पूरी संपत्ति को बेचकर 57 लाख की मशीनरी खरीदी, जिसकी मदद से उन्होंने 38 किलोमीटर की सड़क का निर्माण लद्दाख़ में किया है। लद्दाख़ भारत का वो इलाका है जहां पहाड़ों को काटकर ही सड़क बनाई जा सकती है। हर इंसान के लिए अपनी संपत्ति बहुत प्रिय होती है लेकिन लामा त्सुलटिम छोंजोर आम लोगों से एकदम विपरीत हैं। उन्होंने अपनी संपत्ति केवल लोगों की राह आसान करने के उद्देश्य से बेच दी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के रामजक से जंस्कार के करग्याक तक 38 किलोमीटर लंबी सड़क बनवाई थी। लद्दाख़ के स्टोंगडे गांव के रहने वाले छोंजोर ने लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए सड़क निर्माण की परियोजना अपने हाथ में ली, क्योंकि हिमाचल और अन्य इलाकों की तरफ जाने के लिए स्थानीय लोगों को कई दिन पैदल चलने के बाद वाहनों में भारी भरकम राशि देनी पड़ती थी। जिसे देखते हुए उन्होंने लोगों की मदद करने की ठानी। बिहार के 'माउंटन मैन' कहे जाने वाले दशरथ मांझी के बारे में सभी जानते हैं। जिन्होंने एक छेनी-हथौड़े से 22 वर्षों में गहलौर पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया था। इसी तरह का कारनामा लद्दाख़ में करके लामा त्सुलटिम छोंजोर लद्दाख़ के माउंटन मैन और दशरथ मांझी बन गए हैं। उन्होंने लोगों की मदद करने के लिए अपना सब कुछ बेचकर हिमालयी क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ों को काटकर 38 किमी लंबी सड़क बना दी। सामान्य सड़क के मुकाबले पहाड़ पर सड़क बनाना बेहद मुश्किल होता है। जंस्कार घाटी के लिए वह 'मेमे छोंजोर' हैं। इसका अर्थ है- दादा छोंजोर। 38 किलोमीटर लंबी इस सड़क में केवल श्रमदान नहीं हुआ, बल्कि यह मार्ग लामा की चल-अचल संपत्ति से भी बना है। जब वह इस सड़क पर पहली बार जीप लेकर करग्या गांव पहुंचे थे, तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा था। आजादी के कई साल बाद तक जब लद्दाख़ में सड़क नहीं बन पाई तो लामा त्सुलटिम छोंजोर ने वर्ष 2014 में खुद ही इसकी पहल की। इसके लिए उन्हें अपनी जमीन और संपत्ति तक बेचनी पड़ी। शुरुआती दिनों में लोग उनके के कार्य को मजाक में लेने लगे, लेकिन जब लामा त्सुलटिम छोंजोर ने अपने सीमित संसाधनों से दारचा से शिंकुला की ओर ट्रैक तैयार कर लिया तो सभी हैरान रह गए। लामा लामा त्सुलटिम छोंजोर बिना किसी की मदद के अपने सपनों को साकार करने में जुटे रहे और आखिरकार अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया। लामा त्सुलटिम छोंजोर के इस सराहनीय कार्य की जितनी प्रंशसा की जाए वो कम है। समाज सेवा के क्षेत्र में उनके कार्यों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री, 2021 से सम्मानित किया है। यही नहीं लाहुल स्पीति प्रशासन ने 15 अगस्त 2016 को केलंग में लामा त्सुलटिम छोंजोर को सम्मानित किया था। वर्ष 2016 में बीआरओ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्रा ने भी उन्हें शिंकुला में सम्मानित किया। - ↑ 1.0 1.1 माउंटन मैन और मांझी पद्मश्री लामा त्सुलटिम छोंजोर (हिंदी) linkedin.com। अभिगमन तिथिः 15 अक्टूबर, 2022।
लामा त्सुलटिम छोंजोर भारतीय नागरिक हैं जिन्हें वर्ष दो हज़ार इक्कीस में 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया। उन्हें 'लद्दाख़ का दशरथ मांझी' कहा जाता है। जिस प्रकार बिहार के दशरथ मांझी ने अपने परिश्रम से पहाड़ काटकर सड़क मार्ग तैयार किया था, उसी प्रकार लद्दाख़ के त्सुलटिम छोंजोर ने भी अपनी संपत्ति बेचकर अड़तीस किलोग्राममीटर सड़क बना डाली। किसी ने सच ही कहा है कि इंसान अगर कुछ करना चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकता। इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं- लामा त्सुलटिम छोंजोर; जिन्हें 'लद्दाख़ का दशरथ मांझी' भी कहा जाता है। त्सुलटिम छोंजोर ने अपनी पूरी संपत्ति को बेचकर सत्तावन लाख की मशीनरी खरीदी, जिसकी मदद से उन्होंने अड़तीस किलोग्राममीटर की सड़क का निर्माण लद्दाख़ में किया है। लद्दाख़ भारत का वो इलाका है जहां पहाड़ों को काटकर ही सड़क बनाई जा सकती है। हर इंसान के लिए अपनी संपत्ति बहुत प्रिय होती है लेकिन लामा त्सुलटिम छोंजोर आम लोगों से एकदम विपरीत हैं। उन्होंने अपनी संपत्ति केवल लोगों की राह आसान करने के उद्देश्य से बेच दी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के रामजक से जंस्कार के करग्याक तक अड़तीस किलोग्राममीटर लंबी सड़क बनवाई थी। लद्दाख़ के स्टोंगडे गांव के रहने वाले छोंजोर ने लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए सड़क निर्माण की परियोजना अपने हाथ में ली, क्योंकि हिमाचल और अन्य इलाकों की तरफ जाने के लिए स्थानीय लोगों को कई दिन पैदल चलने के बाद वाहनों में भारी भरकम राशि देनी पड़ती थी। जिसे देखते हुए उन्होंने लोगों की मदद करने की ठानी। बिहार के 'माउंटन मैन' कहे जाने वाले दशरथ मांझी के बारे में सभी जानते हैं। जिन्होंने एक छेनी-हथौड़े से बाईस वर्षों में गहलौर पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया था। इसी तरह का कारनामा लद्दाख़ में करके लामा त्सुलटिम छोंजोर लद्दाख़ के माउंटन मैन और दशरथ मांझी बन गए हैं। उन्होंने लोगों की मदद करने के लिए अपना सब कुछ बेचकर हिमालयी क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ों को काटकर अड़तीस किमी लंबी सड़क बना दी। सामान्य सड़क के मुकाबले पहाड़ पर सड़क बनाना बेहद मुश्किल होता है। जंस्कार घाटी के लिए वह 'मेमे छोंजोर' हैं। इसका अर्थ है- दादा छोंजोर। अड़तीस किलोग्राममीटर लंबी इस सड़क में केवल श्रमदान नहीं हुआ, बल्कि यह मार्ग लामा की चल-अचल संपत्ति से भी बना है। जब वह इस सड़क पर पहली बार जीप लेकर करग्या गांव पहुंचे थे, तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा था। आजादी के कई साल बाद तक जब लद्दाख़ में सड़क नहीं बन पाई तो लामा त्सुलटिम छोंजोर ने वर्ष दो हज़ार चौदह में खुद ही इसकी पहल की। इसके लिए उन्हें अपनी जमीन और संपत्ति तक बेचनी पड़ी। शुरुआती दिनों में लोग उनके के कार्य को मजाक में लेने लगे, लेकिन जब लामा त्सुलटिम छोंजोर ने अपने सीमित संसाधनों से दारचा से शिंकुला की ओर ट्रैक तैयार कर लिया तो सभी हैरान रह गए। लामा लामा त्सुलटिम छोंजोर बिना किसी की मदद के अपने सपनों को साकार करने में जुटे रहे और आखिरकार अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया। लामा त्सुलटिम छोंजोर के इस सराहनीय कार्य की जितनी प्रंशसा की जाए वो कम है। समाज सेवा के क्षेत्र में उनके कार्यों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री, दो हज़ार इक्कीस से सम्मानित किया है। यही नहीं लाहुल स्पीति प्रशासन ने पंद्रह अगस्त दो हज़ार सोलह को केलंग में लामा त्सुलटिम छोंजोर को सम्मानित किया था। वर्ष दो हज़ार सोलह में बीआरओ के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्रा ने भी उन्हें शिंकुला में सम्मानित किया। - ↑ एक.शून्य एक.एक माउंटन मैन और मांझी पद्मश्री लामा त्सुलटिम छोंजोर linkedin.com। अभिगमन तिथिः पंद्रह अक्टूबर, दो हज़ार बाईस।
सोनी वायो एसवीएस15115एफएनबी एक ऐसा लैपटॉप है जो अपनी कीमत को सही ठहराता है. सबसे पहली बात इसमें पॉवर की कोई कमी नहीं है. इसकी बैटरी-लाइफ अब तक टेस्ट किये गए सभी लैपटॉप्स से बेहतर है, और ये अल्ट्राबुक के काफी करीब है. लेकिन जो सबसे खास वज़ह इस लैपटॉप को खरीदने की है वो है इसका 15. 5-इंच फुल एचडी आईपीएस डिस्प्ले, जो इसे सबसे अलग कर देता है. कुल मिलाकर ये लैपटॉप एक शक्तिशाली, शानदार डिस्प्ले के साथ आश्चर्यजनक रूप से स्लिम है. अपनी खूबियों से यह लैपटॉप हमें हर मामले में बहुत प्रभावित करता है. जैसे ही आप इस लैपटॉप को पैक से निकालेंगे, आपको इसका काला मैट फिनिश बहुत पसंद आएगा. इस पर खरोंच अथवा उंगलियों के निशान का पता नहीं चलता, जैसा कि चमकदार फिनिश वाले सेट में होता है. कवर पर उभरा हुआ काला मैट फिनिश है जिसे आप अपनी हथेलियों से महसूस कर सकते हैं. कीबोर्ड डेक सादे काले रंग में है और इस पर कोई खुरदुरापन नहीं है, जो अच्छा महसूस होता है. इसके स्पेसिफिकेशन को देखते हुए इसका स्लिम बनावट हमें चौंकाता है, जबकि इसके मुकाबले के अन्य लैपटॉप मोटी बनावट वाले हैं. इस लैपटॉप में सभी कनेक्टिविटी विकल्प दाहिनी तरफ हैं और ऑप्टिकल ड्राइव बायीं तरफ है. अगर कमी की बात करें तो इस लैपटॉप का कवर काफी पतला है, जिसके किसी चीज़ से टकरा जाने पर टूटने का खतरा है. इसमें इस्तेमाल प्लास्टिक बहुत अच्छे किस्म का है और कार्बन फाइबर के इस्तेमाल से यह बेहतर दिखाई देता है. लेकिन कहीं ना कहीं इसमें वो बात नज़र नहीं आती जो इसे एक प्रीमियम लुक देती. हलांकि इसके लुक को ख़राब बिलकुल नहीं कहा जा सकता, लेकिन ये बहुत खास भी नहीं दिखाई देता है. सोनी वायो एसवीएस15115एफएनबी में 2. 5गीगाहर्ट्ज़ इंटेल कोर आई5-3210एम प्रोसेसर है. टर्बो बूस्ट मोड में यह 3. 1गीगाहर्ट्ज़ तक हो जाता है. इसमें 4जीबी रैम दिया गया है, लेकिन हम इससे ज्यादा मेमोरी की उम्मीद करते थे. लगभग इसी कीमत के लेनोवो आइडियापैड जेड580 में कोर आई7 प्रोसेसर और 8जीबी रैम है. सोनी वायो एसवीएस15115एफएनबी में 640जीबी हार्ड ड्राइव दिया गया है जबकि लेनोवो आइडियापैड जेड580 में 1टीबी हार्ड ड्राइव है. इसमें विंडोज 7 होम प्रीमियम (64-बिट) ऑपरेटिंग सिस्टम है. इस मशीन में शक्तिशाली ग्राफ़िक्स क्षमता है. सोनी वायो में एनवीडिया जीफ़ोर्स जीटी640एम (2जीबी) ग्राफ़िक्स कार्ड है. इसकी सबसे खास बात इसका फुल एचडी आईपीएस डिस्प्ले है, जो इसके डिस्प्ले को बेहतरीन बनाता है. इसमें रंग बहुत निखर कर आता है और तस्वीर बिलकुल स्पष्टता के साथ दिखाई देते हैं. किसी भी अन्य बिना आईपीएस डिस्प्ले के इसी रेजोल्यूशन से इसकी तुलना करें तो डिस्प्ले की क्वालिटी में फर्क साफ़ दिखाई देता है. टेक्स्ट बहुत अच्छी तरह से नज़र आता है. इस डिस्प्ले में जो सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात है, वो है इसका रेफ्लेक्टिव ना होना. इससे इस पर लम्बे समय तक काम करने में कोई दिक्कत नहीं होती. डिस्प्ले संभवतः सबसे बड़ा कारण है जिससे इस लैपटॉप को खरीदने के लिए विचार करना चाहिए, हालाँकि इसमें इसके अलावा भी कई अन्य खूबियाँ मौजूद हैं. इसके कीबोर्ड में अलग से नंबर-पैड दिया गया है, जो उपयोगी हो सकता है. हलांकि इससे अभ्यस्त होने में थोडा समय लग सकता है. टचपैड बड़ा होने से इसे इस्तेमाल करने में सुविधा होती है. खासकर जब आप इसे विंडोज 8 से अपग्रेड करेंगे, तब बड़ा टचपैड काफी फायदेमंद साबित होगा. इसके स्पेसिफिकेशन को देखते हुए हमें इसके परफॉरमेंस को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं था. इसका कोर आई5 प्रोसेसर अपने समान प्रोसेसर वाले लैपटॉप्स के जैसा ही परफॉर्म करता है. इसका पीसी मार्क 7 बेंचमार्क स्कोर 2589 रहा जो अपने समान प्रोसेसर वाले एचपी एन्वी एम6 के स्कोर 2689 के करीब है. इसमें शक्तिशाली एनवीडिया जीफ़ोर्स जीटी640एम ग्राफ़िक्स है, जिससे आप इसके ग्राफ़िक्स बेंचमार्क टेस्ट में अच्छे स्कोर की उम्मीद करेंगे. लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि ऐसा होता नहीं है. इसका 3डी मार्क 06 स्कोर 8577 रहा, जो लेनोवो आइडियापैड जेड580 के 9335 के स्कोर से काफी कम रहा. इसी ग्राफ़िक्स चिप के साथ डेल इन्सपिरान 14आर एसई का बेंचमार्क स्कोर 12635 रहा जब कि एएमडी रेडियोन एचडी7670एम ग्राफ़िक्स चिप के साथ तोशीबा सॅटॅलाइट एल850 का स्कोर 10498 रहा. फिर भी ऐसा नहीं है कि सोनी वायो एस का गेमिंग परफॉरमेंस संतोषजनक नहीं रहेगा. लेकिन अगर गेमिंग आपकी प्राथमिकता है तो लेनोवो, डेल या तोशीबा मशीनें आपके लिए ज्यादा बेहतर रहेंगी. बैटरी लाइफ की अगर बात करें तो सोनी वायो एस सबको पीछे छोड़ देता है और एक नया प्रतिमान स्थापित करता है. इसकी बैटरी-क्षमता 300 मिनट की है, जब कि इस साल हमें अब तक का सर्वश्रेष्ठ बैटरी परफॉरमेंस जो मिला था वो एचपी पविलियन जी6 का 280 मिनट का था. ये बैटरी परफॉरमेंस इसे अल्ट्राबुक के समकक्ष लाकर खड़ा करती है, साथ ही स्लिम बनावट के साथ ये भावी खरीदारों के लिए एक बेहतरीन विकल्प प्रस्तुत करती है. सोनी वायो एस सीरीज एसवीएस15115एफएनबी एक बहुत अच्छा लैपटॉप है. आप इसके लिए जो कीमत चुकाते हैं, उसके बदले में आप पाते हैं एक अच्छा परफॉरमेंस, बहुत स्लिम बनावट, संतोषजनक गेमिंग क्षमता, सर्वोत्तम बैटरी-लाइफ और एक आईपीएस डिस्प्ले पैनेल जो इसे सभी प्रतिद्वंदियों से एक अलग मुकाम पर ला खड़ा करता है. अगर आप खरीदारी का निर्णय सिर्फ स्पेसिफिकेशन के आधार पर लेना चाहते हैं, तो लेनोवो आइडियापैड जेड580 आपके लिए बेहतर रहेगा. लेकिन अगर आप फुल एचडी रेजोल्यूशन के साथ एक बेहतरीन डिस्प्ले चाहते हैं, तो सोनी वायो एस को ध्यान में रखना होगा.
सोनी वायो एसवीएसपंद्रह हज़ार एक सौ पंद्रहएफएनबी एक ऐसा लैपटॉप है जो अपनी कीमत को सही ठहराता है. सबसे पहली बात इसमें पॉवर की कोई कमी नहीं है. इसकी बैटरी-लाइफ अब तक टेस्ट किये गए सभी लैपटॉप्स से बेहतर है, और ये अल्ट्राबुक के काफी करीब है. लेकिन जो सबसे खास वज़ह इस लैपटॉप को खरीदने की है वो है इसका पंद्रह. पाँच-इंच फुल एचडी आईपीएस डिस्प्ले, जो इसे सबसे अलग कर देता है. कुल मिलाकर ये लैपटॉप एक शक्तिशाली, शानदार डिस्प्ले के साथ आश्चर्यजनक रूप से स्लिम है. अपनी खूबियों से यह लैपटॉप हमें हर मामले में बहुत प्रभावित करता है. जैसे ही आप इस लैपटॉप को पैक से निकालेंगे, आपको इसका काला मैट फिनिश बहुत पसंद आएगा. इस पर खरोंच अथवा उंगलियों के निशान का पता नहीं चलता, जैसा कि चमकदार फिनिश वाले सेट में होता है. कवर पर उभरा हुआ काला मैट फिनिश है जिसे आप अपनी हथेलियों से महसूस कर सकते हैं. कीबोर्ड डेक सादे काले रंग में है और इस पर कोई खुरदुरापन नहीं है, जो अच्छा महसूस होता है. इसके स्पेसिफिकेशन को देखते हुए इसका स्लिम बनावट हमें चौंकाता है, जबकि इसके मुकाबले के अन्य लैपटॉप मोटी बनावट वाले हैं. इस लैपटॉप में सभी कनेक्टिविटी विकल्प दाहिनी तरफ हैं और ऑप्टिकल ड्राइव बायीं तरफ है. अगर कमी की बात करें तो इस लैपटॉप का कवर काफी पतला है, जिसके किसी चीज़ से टकरा जाने पर टूटने का खतरा है. इसमें इस्तेमाल प्लास्टिक बहुत अच्छे किस्म का है और कार्बन फाइबर के इस्तेमाल से यह बेहतर दिखाई देता है. लेकिन कहीं ना कहीं इसमें वो बात नज़र नहीं आती जो इसे एक प्रीमियम लुक देती. हलांकि इसके लुक को ख़राब बिलकुल नहीं कहा जा सकता, लेकिन ये बहुत खास भी नहीं दिखाई देता है. सोनी वायो एसवीएसपंद्रह हज़ार एक सौ पंद्रहएफएनबी में दो. पाँचगीगाहर्ट्ज़ इंटेल कोर आईपाँच-तीन हज़ार दो सौ दसएम प्रोसेसर है. टर्बो बूस्ट मोड में यह तीन. एकगीगाहर्ट्ज़ तक हो जाता है. इसमें चारजीबी रैम दिया गया है, लेकिन हम इससे ज्यादा मेमोरी की उम्मीद करते थे. लगभग इसी कीमत के लेनोवो आइडियापैड जेडपाँच सौ अस्सी में कोर आईसात प्रोसेसर और आठजीबी रैम है. सोनी वायो एसवीएसपंद्रह हज़ार एक सौ पंद्रहएफएनबी में छः सौ चालीसजीबी हार्ड ड्राइव दिया गया है जबकि लेनोवो आइडियापैड जेडपाँच सौ अस्सी में एकटीबी हार्ड ड्राइव है. इसमें विंडोज सात होम प्रीमियम ऑपरेटिंग सिस्टम है. इस मशीन में शक्तिशाली ग्राफ़िक्स क्षमता है. सोनी वायो में एनवीडिया जीफ़ोर्स जीटीछः सौ चालीसएम ग्राफ़िक्स कार्ड है. इसकी सबसे खास बात इसका फुल एचडी आईपीएस डिस्प्ले है, जो इसके डिस्प्ले को बेहतरीन बनाता है. इसमें रंग बहुत निखर कर आता है और तस्वीर बिलकुल स्पष्टता के साथ दिखाई देते हैं. किसी भी अन्य बिना आईपीएस डिस्प्ले के इसी रेजोल्यूशन से इसकी तुलना करें तो डिस्प्ले की क्वालिटी में फर्क साफ़ दिखाई देता है. टेक्स्ट बहुत अच्छी तरह से नज़र आता है. इस डिस्प्ले में जो सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाली बात है, वो है इसका रेफ्लेक्टिव ना होना. इससे इस पर लम्बे समय तक काम करने में कोई दिक्कत नहीं होती. डिस्प्ले संभवतः सबसे बड़ा कारण है जिससे इस लैपटॉप को खरीदने के लिए विचार करना चाहिए, हालाँकि इसमें इसके अलावा भी कई अन्य खूबियाँ मौजूद हैं. इसके कीबोर्ड में अलग से नंबर-पैड दिया गया है, जो उपयोगी हो सकता है. हलांकि इससे अभ्यस्त होने में थोडा समय लग सकता है. टचपैड बड़ा होने से इसे इस्तेमाल करने में सुविधा होती है. खासकर जब आप इसे विंडोज आठ से अपग्रेड करेंगे, तब बड़ा टचपैड काफी फायदेमंद साबित होगा. इसके स्पेसिफिकेशन को देखते हुए हमें इसके परफॉरमेंस को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं था. इसका कोर आईपाँच प्रोसेसर अपने समान प्रोसेसर वाले लैपटॉप्स के जैसा ही परफॉर्म करता है. इसका पीसी मार्क सात बेंचमार्क स्कोर दो हज़ार पाँच सौ नवासी रहा जो अपने समान प्रोसेसर वाले एचपी एन्वी एमछः के स्कोर दो हज़ार छः सौ नवासी के करीब है. इसमें शक्तिशाली एनवीडिया जीफ़ोर्स जीटीछः सौ चालीसएम ग्राफ़िक्स है, जिससे आप इसके ग्राफ़िक्स बेंचमार्क टेस्ट में अच्छे स्कोर की उम्मीद करेंगे. लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि ऐसा होता नहीं है. इसका तीनडी मार्क छः स्कोर आठ हज़ार पाँच सौ सतहत्तर रहा, जो लेनोवो आइडियापैड जेडपाँच सौ अस्सी के नौ हज़ार तीन सौ पैंतीस के स्कोर से काफी कम रहा. इसी ग्राफ़िक्स चिप के साथ डेल इन्सपिरान चौदहआर एसई का बेंचमार्क स्कोर बारह हज़ार छः सौ पैंतीस रहा जब कि एएमडी रेडियोन एचडीसात हज़ार छः सौ सत्तरएम ग्राफ़िक्स चिप के साथ तोशीबा सॅटॅलाइट एलआठ सौ पचास का स्कोर दस हज़ार चार सौ अट्ठानवे रहा. फिर भी ऐसा नहीं है कि सोनी वायो एस का गेमिंग परफॉरमेंस संतोषजनक नहीं रहेगा. लेकिन अगर गेमिंग आपकी प्राथमिकता है तो लेनोवो, डेल या तोशीबा मशीनें आपके लिए ज्यादा बेहतर रहेंगी. बैटरी लाइफ की अगर बात करें तो सोनी वायो एस सबको पीछे छोड़ देता है और एक नया प्रतिमान स्थापित करता है. इसकी बैटरी-क्षमता तीन सौ मिनट की है, जब कि इस साल हमें अब तक का सर्वश्रेष्ठ बैटरी परफॉरमेंस जो मिला था वो एचपी पविलियन जीछः का दो सौ अस्सी मिनट का था. ये बैटरी परफॉरमेंस इसे अल्ट्राबुक के समकक्ष लाकर खड़ा करती है, साथ ही स्लिम बनावट के साथ ये भावी खरीदारों के लिए एक बेहतरीन विकल्प प्रस्तुत करती है. सोनी वायो एस सीरीज एसवीएसपंद्रह हज़ार एक सौ पंद्रहएफएनबी एक बहुत अच्छा लैपटॉप है. आप इसके लिए जो कीमत चुकाते हैं, उसके बदले में आप पाते हैं एक अच्छा परफॉरमेंस, बहुत स्लिम बनावट, संतोषजनक गेमिंग क्षमता, सर्वोत्तम बैटरी-लाइफ और एक आईपीएस डिस्प्ले पैनेल जो इसे सभी प्रतिद्वंदियों से एक अलग मुकाम पर ला खड़ा करता है. अगर आप खरीदारी का निर्णय सिर्फ स्पेसिफिकेशन के आधार पर लेना चाहते हैं, तो लेनोवो आइडियापैड जेडपाँच सौ अस्सी आपके लिए बेहतर रहेगा. लेकिन अगर आप फुल एचडी रेजोल्यूशन के साथ एक बेहतरीन डिस्प्ले चाहते हैं, तो सोनी वायो एस को ध्यान में रखना होगा.
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
सत्तारुढ़ महागठबंधन के बड़े घटक राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि गोपालगंज की घटना के पीछे राज्य में लागू शराबबंदी ही प्रमुख कारण है और इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए। श्री सिंह ने पटना में कहा कि राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद से लोग चोरी छिपे शराब बना रहे है और बेच रहे हैं । शराबबंदी के बाद जहरीली शराब से गोपालगंज में हुयी मौत की यह तीसरी घटना है । श्री सिंह ने कहा कि शराबबंदी ही जहरीली शराब की वजह बन गयी है । कड़ा कानून बनाने से बेहतर होता कि इस मामले पर लोकमत तैयार किया जाये। राजद नेता ने कहा कि अनाप-सनाप कानून को जनता समर्थन नहीं देगी । शराबबंदी के बाद बिहार मे अभी भी चोरी छिपे हर जगह शराब बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद शराब अब लोगों को सरलता से तो नहीं, लेकिन महंगी जरुर मिल रही है । श्री सिंह ने कहा कि शराबबंदी के बाद कुछ लोगों ने इसे बेचने का धंधा अपना लिया है। न्याय संगत कानून नहीं बनने से शराबबंदी अभियान में गिरावट आयी है । उन्होंने कहा कि छवि बचाने के लिए सिर्फ छोटे अधिकारियों पर ही कार्रवाई हो रही है । राजद नेता ने गोपालगंज की घटना में मरने वालों की बढ़ रही संख्या को दुखद बताया और कहा कि इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए । इससे पहले भी पश्चिम चंपारण जिले में शराब पीकर थारु जाति के कुछ लोगों की मौत हुयी थी । उन्होंने कहा कि इस तरह के अन्य मामले प्रतिवेदित हुये हैं ।
सत्तारुढ़ महागठबंधन के बड़े घटक राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि गोपालगंज की घटना के पीछे राज्य में लागू शराबबंदी ही प्रमुख कारण है और इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जानी चाहिए। श्री सिंह ने पटना में कहा कि राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद से लोग चोरी छिपे शराब बना रहे है और बेच रहे हैं । शराबबंदी के बाद जहरीली शराब से गोपालगंज में हुयी मौत की यह तीसरी घटना है । श्री सिंह ने कहा कि शराबबंदी ही जहरीली शराब की वजह बन गयी है । कड़ा कानून बनाने से बेहतर होता कि इस मामले पर लोकमत तैयार किया जाये। राजद नेता ने कहा कि अनाप-सनाप कानून को जनता समर्थन नहीं देगी । शराबबंदी के बाद बिहार मे अभी भी चोरी छिपे हर जगह शराब बेची जा रही है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद शराब अब लोगों को सरलता से तो नहीं, लेकिन महंगी जरुर मिल रही है । श्री सिंह ने कहा कि शराबबंदी के बाद कुछ लोगों ने इसे बेचने का धंधा अपना लिया है। न्याय संगत कानून नहीं बनने से शराबबंदी अभियान में गिरावट आयी है । उन्होंने कहा कि छवि बचाने के लिए सिर्फ छोटे अधिकारियों पर ही कार्रवाई हो रही है । राजद नेता ने गोपालगंज की घटना में मरने वालों की बढ़ रही संख्या को दुखद बताया और कहा कि इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए । इससे पहले भी पश्चिम चंपारण जिले में शराब पीकर थारु जाति के कुछ लोगों की मौत हुयी थी । उन्होंने कहा कि इस तरह के अन्य मामले प्रतिवेदित हुये हैं ।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की गिनती मौजूदा दौर में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में होती है. ऑस्ट्रेलिया दौरे और इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में अश्विन का प्रदर्शन अव्वल दर्जे का रहा है. उन्होंने ना सिर्फ गेंद, बल्कि बल्ले से भी दमदार प्रदर्शन किया है. टीम को चाहे विकेट की तलाश हो या मुश्किल हालात में रन जुटाने की, अश्विन ने इसे पूरा किया है. गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने वाले अश्विन टीम इंडिया के मिस्टर भरोसेमंद बन गए हैं. बल्लेबाज के तौर पर अपना क्रिकेट करियर शुरू करने वाल अश्विन इन दिनों गेंद से टेस्ट क्रिकेट में एक-एक कर कई रिकॉर्ड अपने नाम कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में वो 400 विकेट लेने से 9 कदम दूर हैं. चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट मैच में उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया. वो 200 बार बाएं हाथ के बल्लेबाज को आउट कर चुके हैं. ऐसा करने वाले अश्विन दुनिया के पहले गेंदबाज हैं. इसके अलावा वो भारत में 268 टेस्ट विकेट भी ले चुके हैं. उन्होंने हरभजन सिंह को पीछे छोड़ा. हरभजन के नाम भारत में 265 टेस्ट विकेट हैं. अश्विन से आगे सिर्फ अनिल कुंबले हैं. यही नहीं अश्विन 29 बार पारी में 5 या उससे ज्यादा विकेट ले चुके हैं. चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी में 5 विकेट लेने वाले अश्विन ने ग्लेन मैक्ग्रा की बराबरी कर ली. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार पारी में 5 विकेट लेने वाले गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन हैं. उन्होंने 67 बार ये कमाल किया था. ये सभी रिकॉर्ड साबित करते हैं कि क्यों अश्विन की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में होती है. अश्विन ने सिर्फ फिरकी से नहीं बल्ले से भी कमाल किया है. सिडनी टेस्ट ड्रॉ कराने में अश्विन का अहम योगदान रहा था. उन्होंने हनुमा विहारी के साथ ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया था. दोनों की साझेदारी की बदौलत ही भारत मैच बचाने में कामयाब रहा था. अश्विन ने 128 गेंदों का सामना कर नाबाद 39 रन बनाए थे. अश्विन ने इस मैच में 2 विकेट भी निकाले थे. इससे पहले मेलबर्न में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत में भी अश्विन चमके थे. यहां पर उन्होंने गेंद से कमाल किया था. तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मेलबर्न की पिच पर उन्होंने पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 2 विकेट चटकाए थे. वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में भी अश्विन ऑलराउंड प्रदर्शन कर रहे हैं. चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में भारत को 227 रनों से हार मिली थी, लेकिन अश्विन का प्रदर्शन कमाल का रहा था. उन्होंने पहली पारी में इंग्लैंड के 3 विकेट झटके थे और मुश्किल हालात में 31 रन भी बनाए थे. दूसरी पारी में अश्विन के 6 विकेट की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को 178 रनों पर समेट दिया था. अश्विन के हाल के प्रदर्शन के देखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा कि विकेट के साथ रनों के लिए भी उनकी भूख बढ़ती जा रही है. चेन्नई में ही जारी इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में उन्होंने 5 विकेट चटकाए. इसके बाद दूसरी पारी में भारत को जब ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी जो विराट कोहली का साथ दे सके तो ऐसे में अश्विन कहां चूकने वाले थे. उन्होंने कठिन पिच पर विराट कोहली के साथ अच्छी साझेदारी की और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. बता दें कि अश्विन जब क्रीज पर आए थे तब भारत का स्कोर 106 रन था और उसके 6 विकेट गिर चुके थे. अश्विन ने अपने करियर का 12वां अर्धशतक ठोका. अश्विन के नाम टेस्ट क्रिकेट में 4 शतक भी हैं.
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की गिनती मौजूदा दौर में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में होती है. ऑस्ट्रेलिया दौरे और इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में अश्विन का प्रदर्शन अव्वल दर्जे का रहा है. उन्होंने ना सिर्फ गेंद, बल्कि बल्ले से भी दमदार प्रदर्शन किया है. टीम को चाहे विकेट की तलाश हो या मुश्किल हालात में रन जुटाने की, अश्विन ने इसे पूरा किया है. गेंद और बल्ले से शानदार प्रदर्शन करने वाले अश्विन टीम इंडिया के मिस्टर भरोसेमंद बन गए हैं. बल्लेबाज के तौर पर अपना क्रिकेट करियर शुरू करने वाल अश्विन इन दिनों गेंद से टेस्ट क्रिकेट में एक-एक कर कई रिकॉर्ड अपने नाम कर रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में वो चार सौ विकेट लेने से नौ कदम दूर हैं. चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट मैच में उन्होंने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया. वो दो सौ बार बाएं हाथ के बल्लेबाज को आउट कर चुके हैं. ऐसा करने वाले अश्विन दुनिया के पहले गेंदबाज हैं. इसके अलावा वो भारत में दो सौ अड़सठ टेस्ट विकेट भी ले चुके हैं. उन्होंने हरभजन सिंह को पीछे छोड़ा. हरभजन के नाम भारत में दो सौ पैंसठ टेस्ट विकेट हैं. अश्विन से आगे सिर्फ अनिल कुंबले हैं. यही नहीं अश्विन उनतीस बार पारी में पाँच या उससे ज्यादा विकेट ले चुके हैं. चेन्नई टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी में पाँच विकेट लेने वाले अश्विन ने ग्लेन मैक्ग्रा की बराबरी कर ली. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार पारी में पाँच विकेट लेने वाले गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन हैं. उन्होंने सरसठ बार ये कमाल किया था. ये सभी रिकॉर्ड साबित करते हैं कि क्यों अश्विन की गिनती दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में होती है. अश्विन ने सिर्फ फिरकी से नहीं बल्ले से भी कमाल किया है. सिडनी टेस्ट ड्रॉ कराने में अश्विन का अहम योगदान रहा था. उन्होंने हनुमा विहारी के साथ ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया था. दोनों की साझेदारी की बदौलत ही भारत मैच बचाने में कामयाब रहा था. अश्विन ने एक सौ अट्ठाईस गेंदों का सामना कर नाबाद उनतालीस रन बनाए थे. अश्विन ने इस मैच में दो विकेट भी निकाले थे. इससे पहले मेलबर्न में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत में भी अश्विन चमके थे. यहां पर उन्होंने गेंद से कमाल किया था. तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मेलबर्न की पिच पर उन्होंने पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में दो विकेट चटकाए थे. वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में भी अश्विन ऑलराउंड प्रदर्शन कर रहे हैं. चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में भारत को दो सौ सत्ताईस रनों से हार मिली थी, लेकिन अश्विन का प्रदर्शन कमाल का रहा था. उन्होंने पहली पारी में इंग्लैंड के तीन विकेट झटके थे और मुश्किल हालात में इकतीस रन भी बनाए थे. दूसरी पारी में अश्विन के छः विकेट की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को एक सौ अठहत्तर रनों पर समेट दिया था. अश्विन के हाल के प्रदर्शन के देखते हुए ये कहना गलत नहीं होगा कि विकेट के साथ रनों के लिए भी उनकी भूख बढ़ती जा रही है. चेन्नई में ही जारी इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में उन्होंने पाँच विकेट चटकाए. इसके बाद दूसरी पारी में भारत को जब ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी जो विराट कोहली का साथ दे सके तो ऐसे में अश्विन कहां चूकने वाले थे. उन्होंने कठिन पिच पर विराट कोहली के साथ अच्छी साझेदारी की और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. बता दें कि अश्विन जब क्रीज पर आए थे तब भारत का स्कोर एक सौ छः रन था और उसके छः विकेट गिर चुके थे. अश्विन ने अपने करियर का बारहवां अर्धशतक ठोका. अश्विन के नाम टेस्ट क्रिकेट में चार शतक भी हैं.
दरअसल, इसके पीछे राजनीतिक कारण से ज्यादा भावनात्मक कारण प्रमुख है। बॉलीवुड के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि 'पद्मावत' फिल्म का करणी सेना द्वारा विरोध किए जाने के बाद सुशांत ने अपनी सरनेम हटाने तक की बात कह दी थी। लेकिन आज बिहार की राजनीतिक रंगभूमि में सुशांत ही राजपूतों का सबसे बड़ा कोई चेहरा हैं, जो कथित रूप से बॉलीवुड सिस्टम का शिकार हुए। राजद के तेजस्वी यादव से लेकर सत्तारूढ़ जेडी-यू के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक सभी ने सुशांत के घर पर उपस्थिति दर्ज कराई। लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख चिराग पासवान ने तो जांच को सीबीआई को सौंपने की भी मांग की थी ऐसे में सवाल यह है कि आखिर क्यों सुशांत की जाति उस राज्य में इतनी महत्वपूर्ण है, जहां इसकी आबादी बमुश्किल 4 फीसदी है? इसकी झलक यहां के नेताओं की प्रतिक्रियाओं में साफ नजर आती है। अभिनेता की रहस्यमय मौत के बाद से भाजपा सांसद रूपा गांगुली ने हैशटैग 'सीबीआई फॉर सुशांत' के साथ कम से कम सौ ट्वीट किए होंगे। खासखबर पर छपी खबर के अनुसार, सुशांत की जाति वाले लोगों की राज्य में आबादी केवल 4 फीसदी है लेकिन यहां राजपूतों का एक ऐसा प्रभावशाली समुदाय है जो चुनावों पर प्रभाव डालने की ताकत रखता है। सुशांत की मौत के मामले में जो 'जस्टिस फॉर सुशांत' की गुहार लग रही है, इसके बिहार के वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में अहम मायने हैं।
दरअसल, इसके पीछे राजनीतिक कारण से ज्यादा भावनात्मक कारण प्रमुख है। बॉलीवुड के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि 'पद्मावत' फिल्म का करणी सेना द्वारा विरोध किए जाने के बाद सुशांत ने अपनी सरनेम हटाने तक की बात कह दी थी। लेकिन आज बिहार की राजनीतिक रंगभूमि में सुशांत ही राजपूतों का सबसे बड़ा कोई चेहरा हैं, जो कथित रूप से बॉलीवुड सिस्टम का शिकार हुए। राजद के तेजस्वी यादव से लेकर सत्तारूढ़ जेडी-यू के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक सभी ने सुशांत के घर पर उपस्थिति दर्ज कराई। लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख चिराग पासवान ने तो जांच को सीबीआई को सौंपने की भी मांग की थी ऐसे में सवाल यह है कि आखिर क्यों सुशांत की जाति उस राज्य में इतनी महत्वपूर्ण है, जहां इसकी आबादी बमुश्किल चार फीसदी है? इसकी झलक यहां के नेताओं की प्रतिक्रियाओं में साफ नजर आती है। अभिनेता की रहस्यमय मौत के बाद से भाजपा सांसद रूपा गांगुली ने हैशटैग 'सीबीआई फॉर सुशांत' के साथ कम से कम सौ ट्वीट किए होंगे। खासखबर पर छपी खबर के अनुसार, सुशांत की जाति वाले लोगों की राज्य में आबादी केवल चार फीसदी है लेकिन यहां राजपूतों का एक ऐसा प्रभावशाली समुदाय है जो चुनावों पर प्रभाव डालने की ताकत रखता है। सुशांत की मौत के मामले में जो 'जस्टिस फॉर सुशांत' की गुहार लग रही है, इसके बिहार के वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में अहम मायने हैं।
असम सरकार ने नए साल के तोहफे के रूप में सरकारी कर्मचारियों को जनवरी के पहले सप्ताह में अपने माता-पिता या ससुराल वालों से मिलने के लिए चार दिन की छुट्टी दी है। राज्य सरकार के कर्मचारी जनवरी के पहले सप्ताह में दो दिन के आकस्मिक अवकाश के साथ दो दिन की छुट्टी का लाभ उठा सकेंगे। असम सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि असम सरकार कर्मचारियों को 6 और 7 जनवरी, 2022 को दो छुट्टियों, 8 और 9 जनवरी, 2022 के आकस्मिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति देकर खुश है ताकि वे अपने माता-पिता और सास-ससुर के साथ समय बिता सकें। इस दौरान राज्य सरकार ने मंत्रियों को भी अपने माता-पिता, सास-ससुर के साथ समय बिताने का मौका दिया है। इससे पहले असम कैबिनेट ने 24 नवंबर को बोंगाईगांव में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला किया था कि असम के सभी सरकारी कर्मचारियों को अगले साल जनवरी में अपने माता-पिता से मिलने के लिए चार दिन की छुट्टी मिलेगी, ताकि वे उनके साथ समय बिता सकें। इस फैसले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री डॉ हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, राज्य सरकार ने अगले साल 6 और 7 जनवरी को सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टियों के रूप में घोषित किया है, साथ ही 8 और 9 जनवरी को सामान्य अवकाश क्रमशः दूसरे शनिवार और रविवार को होगा और यह केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगा जिनके माता-पिता या ससुराल वाले जीवित हैं। असम सरकार ने नए साल के तोहफे के रूप में सरकारी कर्मचारियों को जनवरी के पहले सप्ताह में अपने माता-पिता या ससुराल वालों से मिलने के लिए चार दिन की छुट्टी दी है। राज्य सरकार के कर्मचारी जनवरी के पहले सप्ताह में दो दिन के आकस्मिक अवकाश के साथ दो दिन की छुट्टी का लाभ उठा सकेंगे।
असम सरकार ने नए साल के तोहफे के रूप में सरकारी कर्मचारियों को जनवरी के पहले सप्ताह में अपने माता-पिता या ससुराल वालों से मिलने के लिए चार दिन की छुट्टी दी है। राज्य सरकार के कर्मचारी जनवरी के पहले सप्ताह में दो दिन के आकस्मिक अवकाश के साथ दो दिन की छुट्टी का लाभ उठा सकेंगे। असम सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि असम सरकार कर्मचारियों को छः और सात जनवरी, दो हज़ार बाईस को दो छुट्टियों, आठ और नौ जनवरी, दो हज़ार बाईस के आकस्मिक अवकाश का लाभ उठाने की अनुमति देकर खुश है ताकि वे अपने माता-पिता और सास-ससुर के साथ समय बिता सकें। इस दौरान राज्य सरकार ने मंत्रियों को भी अपने माता-पिता, सास-ससुर के साथ समय बिताने का मौका दिया है। इससे पहले असम कैबिनेट ने चौबीस नवंबर को बोंगाईगांव में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला किया था कि असम के सभी सरकारी कर्मचारियों को अगले साल जनवरी में अपने माता-पिता से मिलने के लिए चार दिन की छुट्टी मिलेगी, ताकि वे उनके साथ समय बिता सकें। इस फैसले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री डॉ हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, राज्य सरकार ने अगले साल छः और सात जनवरी को सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टियों के रूप में घोषित किया है, साथ ही आठ और नौ जनवरी को सामान्य अवकाश क्रमशः दूसरे शनिवार और रविवार को होगा और यह केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगा जिनके माता-पिता या ससुराल वाले जीवित हैं। असम सरकार ने नए साल के तोहफे के रूप में सरकारी कर्मचारियों को जनवरी के पहले सप्ताह में अपने माता-पिता या ससुराल वालों से मिलने के लिए चार दिन की छुट्टी दी है। राज्य सरकार के कर्मचारी जनवरी के पहले सप्ताह में दो दिन के आकस्मिक अवकाश के साथ दो दिन की छुट्टी का लाभ उठा सकेंगे।
कानपुर देहात। अपर पुलिस महानिदेशक जे. एन. सिह ने आज पुलिस लाइन माती सभागार कक्ष में पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी की मौजूदगी में समस्त राजपत्रित अधिकारियों के साथ गोष्टी आयोजित की गई। जिसमें कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने और वैक्सीनेशन से समबन्धित पुलिस अधिकारियों को अपराध कानून व्यवस्था सहित लंबित विवेचनाओ तथा शिकायतो का समय से निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक समेत जनपद के सभी क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारी मौजूद थे।
कानपुर देहात। अपर पुलिस महानिदेशक जे. एन. सिह ने आज पुलिस लाइन माती सभागार कक्ष में पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी की मौजूदगी में समस्त राजपत्रित अधिकारियों के साथ गोष्टी आयोजित की गई। जिसमें कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने और वैक्सीनेशन से समबन्धित पुलिस अधिकारियों को अपराध कानून व्यवस्था सहित लंबित विवेचनाओ तथा शिकायतो का समय से निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक समेत जनपद के सभी क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारी मौजूद थे।
जोवन स्मृति : प्रियनाथ सेन युद्ध करती रहती है। और, अन्तरके इस गभीरतम अलक्ष्य प्रदेशके युद्धका इतिहास ही अस्पष्ट भाषामें 'संध्या-संगीत' में प्रकाशित हुआ है। सभी सृष्टियोंमें जैसे दो शक्तियोंकी लीला है, काव्य-सृष्टिमें भी ठीक वैसी ही है । जहाँ असामंजस्य हृदसे ज्यादा है, अथवा सामंजस्य जहाँ सम्पूर्ण है, वहाँ कविता लिखना शायद हो ही नहीं सकता । जहाँ असामंजस्यकी वेदना ही प्रवल रूपसे सामंजस्यको पाना और प्रकाश करना चाहती है, वहीं कविता बाँसुरीके अवरोधके भीतरसे, निश्वास की तरह, राग-रागिनीमें उच्छ्वसित हो उठती है। 'संध्या संगीत का जन्म होने पर सूतिकागृहमें ऊंचे स्वरसे शंख भले ही नवजा हो, किन्तु इसके मानी यह नही कि किसीने उसे आदरके साथ ग्रहण न किया हो। मैने अपने किसी निबन्धमें कहा है कि रमेशचन्द्र दत्त महाशयकी ज्येष्ठा कन्याके विवाह-मण्डपके द्वारके पास' वंकिम बाबू खड़े थे ; रमेश बाबू बंकिम बावूके गलेमें माला पहना ही रहे थे कि इतनेमें में वहाँ पहुंच गया। बंकिम वावूने बड़ी तेजीसे उस मालाको मेरे गलेमें डालते हुए कहा, "यह माला इन्होके गलेमें पड़नी चाहिए । रमेश, तुमने 'संध्या-संगीत' पढा है ?" उन्होंने कहा, "नहो तो ।" तब व किम बाबूने 'सध्या संगीत की किसी कविताके विषयमें अपना जो मत व्यक्त किया उससे में पुरस्कृत हुआ था। प्रियनाथ सेन इस 'संध्या-संगीत' की रचनाके द्वारा ही मैंने एक ऐसे मित्रको पाया था जिनके उत्माहने अनुकूल आलोककी तरह मेरी कविता - रचनाकी विकाश चेप्टामें प्राण संचार कर दिया था। वे थे प्रियनाथ सेन । इसके पहले 'भग्नहृदय' पढ़कर उन्होंने मेरी आगा ही छोड़ दी थी, किन्तु 'संध्या-संगीत' से मैंने उनके मनको जीत लिया। उनके साथ जिनका परिचय था वे जानते है कि साहित्यके सात समुद्रके नाविक थे वे । देशी और विदेशी प्रायः सभी भाषाके सभी साहित्यको वड़ी सड़क और गलियोममे उनका सर्वदा आना-जाना बना रहता था। उनके पास बैठते ही भाव१ कलकत्ता, वीडन स्ट्रीटका २० नम्बर मकान। २ बंकिम चटर्जी। राज्य के बहु-सूर-दिगन्तका दृश्य सष्ट दिपाई देने लगता था। और यह वान मेरे बड़े काम आई। गाहित्यके विषय में पूरे सामने माय वे आलोचना कर स । उनको अच्छा लगना या बुरा समना सिर्फ उनकी व्यक्तिगत रुचिका दात नहीं थी । एक और विश्व साहित्य के रम-भण्डारमें प्रवेश और दूसरी ओर अपनी शक्तिपर निर्भरता और विश्वास इन दोनों विषयोंमें उनके बन्धुत्यने मेरे योवनके आरम्भ काल में ही कितना उपकार किया था उसे बहकर पूरा नहीं किया जा सकता। उस समयमें मैंने जितनी भी कविताएँ लिखी है, सब उन्हें सुनाई है और उनके आनन्दमे ही उन कविताओका अभिषेक हुआ है। यह मुयोग यदि न मिलता तो उस प्रथम अवस्थाको संत आबादी में वर्षा ही न उतरती, और उसके बाद काव्यकी फसल कैसी होती, महना कठिन हूं। गगाके किनारे बैठकर, 'सध्या-सगीत' के सिवा, में कुछ कुछ गद्य भी लिखा करता था। कोई बैंमा हुआ विषय नही होता, यों ही जो जीमें आता लिखता रहता। बच्चे जैसे सेल-सेल पतगे पकड़ा करते हूं, यह भी वैसा ही था। मनके राज्यमें वमन्त आता है तो वहीं छोटी-छोटी अल्पायु रंगीन भावनाएँ उड़ती फिरती है, उनपर कोई ध्यान भी नहीं देता। अवकाश के दिनों में उन्होको पकड़ रखने की धुन चढ आई थी। असल बात यह है कि तब उस धुनमें मस्त था, और मन छाती फुलाकर कह रहा था कि मेरी तबीयतमें आयेगा सो लिखूगा । क्या लिखूगा, इसका कोई निश्चय नहीं था, किन्तु में ही लिखूगा, यही उसकी एकमात्र उत्तेजना थी। चे छोटे-छोटे गद्य-लेस 'विविध-प्रसग' के नाम से पुस्तकाकारमें प्रकाशित हुए थे; और प्रथम संस्करणके अन्त में उन्हें समाधिस्थ कर दिया गया था, द्वितीय सस्करण में फिर उन्हें नये जीवनका पट्टा नहीं दिया गया । सम्भवतः 'बहू-रानीकी हाट' उपन्यास इसी समय ( स० १९३८-३९) लिखना शुरू किया था। इस तरह गगा-किनारे कुछ समय बीत जानेके बाद ज्योति दादा कुछ दिनके लिए चौरगीके जादूधरके पास दस नम्बर सदर स्ट्रीटमें रहने लगे। में भी उनके
जोवन स्मृति : प्रियनाथ सेन युद्ध करती रहती है। और, अन्तरके इस गभीरतम अलक्ष्य प्रदेशके युद्धका इतिहास ही अस्पष्ट भाषामें 'संध्या-संगीत' में प्रकाशित हुआ है। सभी सृष्टियोंमें जैसे दो शक्तियोंकी लीला है, काव्य-सृष्टिमें भी ठीक वैसी ही है । जहाँ असामंजस्य हृदसे ज्यादा है, अथवा सामंजस्य जहाँ सम्पूर्ण है, वहाँ कविता लिखना शायद हो ही नहीं सकता । जहाँ असामंजस्यकी वेदना ही प्रवल रूपसे सामंजस्यको पाना और प्रकाश करना चाहती है, वहीं कविता बाँसुरीके अवरोधके भीतरसे, निश्वास की तरह, राग-रागिनीमें उच्छ्वसित हो उठती है। 'संध्या संगीत का जन्म होने पर सूतिकागृहमें ऊंचे स्वरसे शंख भले ही नवजा हो, किन्तु इसके मानी यह नही कि किसीने उसे आदरके साथ ग्रहण न किया हो। मैने अपने किसी निबन्धमें कहा है कि रमेशचन्द्र दत्त महाशयकी ज्येष्ठा कन्याके विवाह-मण्डपके द्वारके पास' वंकिम बाबू खड़े थे ; रमेश बाबू बंकिम बावूके गलेमें माला पहना ही रहे थे कि इतनेमें में वहाँ पहुंच गया। बंकिम वावूने बड़ी तेजीसे उस मालाको मेरे गलेमें डालते हुए कहा, "यह माला इन्होके गलेमें पड़नी चाहिए । रमेश, तुमने 'संध्या-संगीत' पढा है ?" उन्होंने कहा, "नहो तो ।" तब व किम बाबूने 'सध्या संगीत की किसी कविताके विषयमें अपना जो मत व्यक्त किया उससे में पुरस्कृत हुआ था। प्रियनाथ सेन इस 'संध्या-संगीत' की रचनाके द्वारा ही मैंने एक ऐसे मित्रको पाया था जिनके उत्माहने अनुकूल आलोककी तरह मेरी कविता - रचनाकी विकाश चेप्टामें प्राण संचार कर दिया था। वे थे प्रियनाथ सेन । इसके पहले 'भग्नहृदय' पढ़कर उन्होंने मेरी आगा ही छोड़ दी थी, किन्तु 'संध्या-संगीत' से मैंने उनके मनको जीत लिया। उनके साथ जिनका परिचय था वे जानते है कि साहित्यके सात समुद्रके नाविक थे वे । देशी और विदेशी प्रायः सभी भाषाके सभी साहित्यको वड़ी सड़क और गलियोममे उनका सर्वदा आना-जाना बना रहता था। उनके पास बैठते ही भावएक कलकत्ता, वीडन स्ट्रीटका बीस नम्बर मकान। दो बंकिम चटर्जी। राज्य के बहु-सूर-दिगन्तका दृश्य सष्ट दिपाई देने लगता था। और यह वान मेरे बड़े काम आई। गाहित्यके विषय में पूरे सामने माय वे आलोचना कर स । उनको अच्छा लगना या बुरा समना सिर्फ उनकी व्यक्तिगत रुचिका दात नहीं थी । एक और विश्व साहित्य के रम-भण्डारमें प्रवेश और दूसरी ओर अपनी शक्तिपर निर्भरता और विश्वास इन दोनों विषयोंमें उनके बन्धुत्यने मेरे योवनके आरम्भ काल में ही कितना उपकार किया था उसे बहकर पूरा नहीं किया जा सकता। उस समयमें मैंने जितनी भी कविताएँ लिखी है, सब उन्हें सुनाई है और उनके आनन्दमे ही उन कविताओका अभिषेक हुआ है। यह मुयोग यदि न मिलता तो उस प्रथम अवस्थाको संत आबादी में वर्षा ही न उतरती, और उसके बाद काव्यकी फसल कैसी होती, महना कठिन हूं। गगाके किनारे बैठकर, 'सध्या-सगीत' के सिवा, में कुछ कुछ गद्य भी लिखा करता था। कोई बैंमा हुआ विषय नही होता, यों ही जो जीमें आता लिखता रहता। बच्चे जैसे सेल-सेल पतगे पकड़ा करते हूं, यह भी वैसा ही था। मनके राज्यमें वमन्त आता है तो वहीं छोटी-छोटी अल्पायु रंगीन भावनाएँ उड़ती फिरती है, उनपर कोई ध्यान भी नहीं देता। अवकाश के दिनों में उन्होको पकड़ रखने की धुन चढ आई थी। असल बात यह है कि तब उस धुनमें मस्त था, और मन छाती फुलाकर कह रहा था कि मेरी तबीयतमें आयेगा सो लिखूगा । क्या लिखूगा, इसका कोई निश्चय नहीं था, किन्तु में ही लिखूगा, यही उसकी एकमात्र उत्तेजना थी। चे छोटे-छोटे गद्य-लेस 'विविध-प्रसग' के नाम से पुस्तकाकारमें प्रकाशित हुए थे; और प्रथम संस्करणके अन्त में उन्हें समाधिस्थ कर दिया गया था, द्वितीय सस्करण में फिर उन्हें नये जीवनका पट्टा नहीं दिया गया । सम्भवतः 'बहू-रानीकी हाट' उपन्यास इसी समय लिखना शुरू किया था। इस तरह गगा-किनारे कुछ समय बीत जानेके बाद ज्योति दादा कुछ दिनके लिए चौरगीके जादूधरके पास दस नम्बर सदर स्ट्रीटमें रहने लगे। में भी उनके
जोधपुर में कायलाना की पहाड़ियां स्थित परमहंस किशनगिरी महाराज के वार्षिक बरसी महोत्सव में हिस्सा लेने के देश भर के विभिन्न अखाड़ों के साधु संत पहुंच रहे हैं। बुधवार को किन्नर अखाडे़ की महामंडलेश्वर पवित्रानंद नीलगिरी भी आश्रम पहुंचीं। इस दौरान उनका मंडल श्रीमहंत सोमेश्वर गिरी महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने अभिनंदन किया। दैनिक भास्कर के साथ उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की। धर्म पर कहा हमारे धर्म पर कई वर्षों से टिप्पणियां हो रही है, यह होती रहेंगी। उसके गुनहगार सिर्फ हमारा समाज नहीं है पाॅलिटिकल लोग हैं। वो ही हमारे संस्कृति का मजाक उड़ाते हैं। बाद में इसी मजाक को ठीक करने के लिए यह सारी गाथाएं होती हैं। हमारा धर्म हिंदू सनातनी है। हमारे लीडर लोग एक दूसरे को नीचा दिखाने का काम करते हैं। करना किसी को कुछ नहीं है। एक दूसरे को आपस में झगड़ाना है। कट्टर हिंदू की बात करते रहते हैं, लेकिन हमारे समाज में कट्टर हिंदू का मतलब तक पता नहीं होता है। हम तो सनातनी है। क्योंकि सनातनी होने के बाद हम कट्टर हिंदू कैसे हो सकते हैं। पहले यह तो जानों कि हिंदू और सनातनी में क्या फर्क हैं। इसलिए जागरूक रहकर और मिलजुल कर कार्य करने से इस देश को प्रगति मिलेगी। कई वर्षों से हम किन्नर बेघर रहे हैं। हमारे ही समाज ने हमारी संस्कृति को दबाकर रखा। कहीं न कहीं हमें खुद को लगा कि हमें खुद बाहर आना चाहिए। इसलिए हमने किन्नर अखाड़े की स्थापना की। आज हम जिस समाज से जुड़े हैं उसमें सनातन धर्म ऊंचा है। यह हमारे देश को चलाने और संस्कृति की बड़ी कमान है। केरला स्टोरी को लेकर कहा यह बहुत अच्छी फिल्म है। धर्म सबका एक ही होता है, लेकिन भाषाएं अलग -अलग होती है। इसमें हमारा सनातन धर्म सबसे ऊंचा है। इस मूवी से समाज में जागरूकता आएगी। कई जगहों पर इसे टैक्स फ्री भी कर दिया गया है। यह हर उम्र के बच्चों को दिखानी चाहिए। इस तरह की फिल्में नई शिक्षा के साथ काउंसिलिंग दे रही है। कोई भी आकर बहका देगा तो हमें हमारे धर्म में ही रहना चाहिए। मैने यह फिल्म तो नहीं देखी, लेकिन इसकी स्टोरी पढ़ी। इसमें एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए किस तरह से ब्रेन वाॅश किया जाता है कि हमारा धर्म बड़ा है। यह कहीं न कहीं सही ही है। कैसे हम ब्रेन वाॅश करते हैं कि हमारा धर्म बड़ा है। जब तक सनातन मजबूत है देश मजबूत रहेगा। यह नहीं रहेगा तो हमारे देश की संस्कृति और देश भी नहीं रहेगा। मैं बहुत लक्की हुं, कभी नहीं सोचा था कि एक किन्नर इस उपाधि पर बैठेंगे और सनातन का झंडा लेकर चलेंगे। 2015 में इसी सोच के साथ स्थापना की। जिससे हमारा जो किन्नर समाज है इसको सम्मान मिले। हम लोग समाज को हमेशा दोष देते हैं, लेकिन हमें हमेशा लगता है समाज दो कदम बढ़ेगा तो किन्नर चार कदम बढ़ेंगे। किन्नर समाज को आशीर्वाद देता है, आपके घरों में खुशियां चाहिएं तो हम याद आते हैं, लेकिन काम नहीं होता है तो किन्नर के लिए घृणा करते हैं। हमारा एक ही उद्देश्य यही है कि आने वाले समय में हमारी पीढ़ी के लोग किसी के आगे हाथ नहीं फैलाएं, आगे बढ़ें। अपना धर्म नहीं चेंज करें। क्योंकि ऐसे बहुत सारे किन्नर थे जो मुस्लिम थे जो सात बार हज करके आए। वो भी वापस हमारे जूना अखाड़े में आकर सनातनी बने। कोई महंत बन गए कोई पीठाधीश्वर बने। पेट के लिए काम सबको करना है, लेकिन अपने धर्म को साथ रहकर सनातन धर्म का झंडा उठाएं। मां बाप भी अपने बच्चों को किन्नर होने पर घर से बाहर नहीं निकालें, उन्हें अच्छी शिक्षा दें। किन्नरों की नई जनरेशन के लिए कहा उनके लिए इंस्टिट्यूट बनाकर उन्हें प्रमोट किया जा रहा है। कई बार काॅलेज या स्कूल में किन्नर होने की वजह से उन्हें एडमिशन नहीं मिलता। ऐसे में उन्हें अवेयर कर एडमिशन दिला रहे हैं। क्योंकि किन्नर भी समाज का हिस्सा है। हम किन्नर समाज के युवाओं को पढ़ाई कराने के साथ ही वो जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं उसके लिए प्रमोट करते हैं। उनके लिए कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। जिससे किन्नर जनरेशन भी सरकारी नौकरियां कर सकें। आज के युवाओं पर कहा युवा बहुत स्मार्ट है। आज कॉम्पिटिशन बहुत है, लेकिन जो युवा सनातनी है वो सनातनी रहें। किसी भी पाॅलिटिकल पार्टी के बजाय अपने सनातन धर्म का झंडा गाड़ें। देश की कमान अपने हाथ में लेकर देश को आगे बढ़ाएं। इसमें अनुभवी लोगों का भी साथ लें। This website follows the DNPA Code of Ethics.
जोधपुर में कायलाना की पहाड़ियां स्थित परमहंस किशनगिरी महाराज के वार्षिक बरसी महोत्सव में हिस्सा लेने के देश भर के विभिन्न अखाड़ों के साधु संत पहुंच रहे हैं। बुधवार को किन्नर अखाडे़ की महामंडलेश्वर पवित्रानंद नीलगिरी भी आश्रम पहुंचीं। इस दौरान उनका मंडल श्रीमहंत सोमेश्वर गिरी महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने अभिनंदन किया। दैनिक भास्कर के साथ उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की। धर्म पर कहा हमारे धर्म पर कई वर्षों से टिप्पणियां हो रही है, यह होती रहेंगी। उसके गुनहगार सिर्फ हमारा समाज नहीं है पाॅलिटिकल लोग हैं। वो ही हमारे संस्कृति का मजाक उड़ाते हैं। बाद में इसी मजाक को ठीक करने के लिए यह सारी गाथाएं होती हैं। हमारा धर्म हिंदू सनातनी है। हमारे लीडर लोग एक दूसरे को नीचा दिखाने का काम करते हैं। करना किसी को कुछ नहीं है। एक दूसरे को आपस में झगड़ाना है। कट्टर हिंदू की बात करते रहते हैं, लेकिन हमारे समाज में कट्टर हिंदू का मतलब तक पता नहीं होता है। हम तो सनातनी है। क्योंकि सनातनी होने के बाद हम कट्टर हिंदू कैसे हो सकते हैं। पहले यह तो जानों कि हिंदू और सनातनी में क्या फर्क हैं। इसलिए जागरूक रहकर और मिलजुल कर कार्य करने से इस देश को प्रगति मिलेगी। कई वर्षों से हम किन्नर बेघर रहे हैं। हमारे ही समाज ने हमारी संस्कृति को दबाकर रखा। कहीं न कहीं हमें खुद को लगा कि हमें खुद बाहर आना चाहिए। इसलिए हमने किन्नर अखाड़े की स्थापना की। आज हम जिस समाज से जुड़े हैं उसमें सनातन धर्म ऊंचा है। यह हमारे देश को चलाने और संस्कृति की बड़ी कमान है। केरला स्टोरी को लेकर कहा यह बहुत अच्छी फिल्म है। धर्म सबका एक ही होता है, लेकिन भाषाएं अलग -अलग होती है। इसमें हमारा सनातन धर्म सबसे ऊंचा है। इस मूवी से समाज में जागरूकता आएगी। कई जगहों पर इसे टैक्स फ्री भी कर दिया गया है। यह हर उम्र के बच्चों को दिखानी चाहिए। इस तरह की फिल्में नई शिक्षा के साथ काउंसिलिंग दे रही है। कोई भी आकर बहका देगा तो हमें हमारे धर्म में ही रहना चाहिए। मैने यह फिल्म तो नहीं देखी, लेकिन इसकी स्टोरी पढ़ी। इसमें एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए किस तरह से ब्रेन वाॅश किया जाता है कि हमारा धर्म बड़ा है। यह कहीं न कहीं सही ही है। कैसे हम ब्रेन वाॅश करते हैं कि हमारा धर्म बड़ा है। जब तक सनातन मजबूत है देश मजबूत रहेगा। यह नहीं रहेगा तो हमारे देश की संस्कृति और देश भी नहीं रहेगा। मैं बहुत लक्की हुं, कभी नहीं सोचा था कि एक किन्नर इस उपाधि पर बैठेंगे और सनातन का झंडा लेकर चलेंगे। दो हज़ार पंद्रह में इसी सोच के साथ स्थापना की। जिससे हमारा जो किन्नर समाज है इसको सम्मान मिले। हम लोग समाज को हमेशा दोष देते हैं, लेकिन हमें हमेशा लगता है समाज दो कदम बढ़ेगा तो किन्नर चार कदम बढ़ेंगे। किन्नर समाज को आशीर्वाद देता है, आपके घरों में खुशियां चाहिएं तो हम याद आते हैं, लेकिन काम नहीं होता है तो किन्नर के लिए घृणा करते हैं। हमारा एक ही उद्देश्य यही है कि आने वाले समय में हमारी पीढ़ी के लोग किसी के आगे हाथ नहीं फैलाएं, आगे बढ़ें। अपना धर्म नहीं चेंज करें। क्योंकि ऐसे बहुत सारे किन्नर थे जो मुस्लिम थे जो सात बार हज करके आए। वो भी वापस हमारे जूना अखाड़े में आकर सनातनी बने। कोई महंत बन गए कोई पीठाधीश्वर बने। पेट के लिए काम सबको करना है, लेकिन अपने धर्म को साथ रहकर सनातन धर्म का झंडा उठाएं। मां बाप भी अपने बच्चों को किन्नर होने पर घर से बाहर नहीं निकालें, उन्हें अच्छी शिक्षा दें। किन्नरों की नई जनरेशन के लिए कहा उनके लिए इंस्टिट्यूट बनाकर उन्हें प्रमोट किया जा रहा है। कई बार काॅलेज या स्कूल में किन्नर होने की वजह से उन्हें एडमिशन नहीं मिलता। ऐसे में उन्हें अवेयर कर एडमिशन दिला रहे हैं। क्योंकि किन्नर भी समाज का हिस्सा है। हम किन्नर समाज के युवाओं को पढ़ाई कराने के साथ ही वो जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं उसके लिए प्रमोट करते हैं। उनके लिए कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। जिससे किन्नर जनरेशन भी सरकारी नौकरियां कर सकें। आज के युवाओं पर कहा युवा बहुत स्मार्ट है। आज कॉम्पिटिशन बहुत है, लेकिन जो युवा सनातनी है वो सनातनी रहें। किसी भी पाॅलिटिकल पार्टी के बजाय अपने सनातन धर्म का झंडा गाड़ें। देश की कमान अपने हाथ में लेकर देश को आगे बढ़ाएं। इसमें अनुभवी लोगों का भी साथ लें। This website follows the DNPA Code of Ethics.
सरल नेटवर्क (गूगल द्वारा पेजरैंक्स की सूचना लघुगणकीय रिस्केल्ड हैं) के लिए गणितीय पेजरैंक्स (100 में से).पृष्ठ E से पेज C के पेजरैंक ज्यादा है, भले ही उसके लिंक कम हैं; परन्तु जो लिंक है वे बहुत अधिक मान के हैं। एक वेब सर्फर जो प्रत्येक पृष्ठ (उन पर 15% संभावना के साथ पूरे वेब पर एक यादृच्छिक पृष्ठ पर छलांग) पर यादृच्छिक लिंक का चयन करता है, वह समय का 8.1% पृष्ठ E पर रहने जा रहा है। एक पृष्ठ पर यादृच्छिक रूप से छलांग लगाने की 15%संभावना अवमन्दन कारक के 85% से संबंधित है। बिना अवमन्दन के, सारे वेब सर्फर्स पृष्ठ A, B या C पर ख़त्म करेंगे और बाकी के सारे पृष्ठों के पेजरैंक जीरो होंगे.पृष्ठ A को वेब के सभी पृष्ठों से जुड़ा माना जाता है, क्योंकि इसका कोई निर्गामी लिंक नहीं है। पेजरैंक, जिसका नाम लैरी पेज के नाम पर रखा गया है, गूगल सर्च इंजन द्वारा प्रयोग किया जाने वाला एक लिंक विश्लेषण अल्गोरिथम है, जो दस्तावेजों के एक हाइपरलिंक-बद्ध समुच्चय, जैसे वर्ल्ड वाइड वेब, के प्रत्येक तत्व को एक अंकीय भार आवंटित करता है, ताकि समुच्चय के भीतर उसके सापेक्ष महत्व का "मापन" किया जा सके। यह अल्गोरिथम पारस्परिक उद्धरणों और संदर्भों के साथ तत्वों के किसी भी संग्रह पर लागू किया जा सकता है। दिये गये किसी तत्व E को आवंटित किये जाने वाले संख्यात्मक भार को E का पेजरैंक कहते हैं और इसे PR(E). 16 संबंधोंः ऍचटीऍमऍल, पेटेंट, ब्लॉगर, लैरी पेज, सम स्रोत निर्धारक (स्रोनि), समुच्चय (गणित), हाइपरलिंक, विकिपीडिया, खोज इंजन, गणना, गूगल, गूगल टूलबार, अनुमान, अर्थशास्त्री, २००३, २००५। (HTML), HyperText Markup Language का संक्षिप्त रूप है। यह वेब पृष्ठों के लिये एक प्रमुख मार्कअप भाषा है। यह किसी द्स्तावेज में टैक्स्ट आधारित जानकारी की संरचना को निर्धारित करने का साधन है। इसके लिये यह टैक्स्ट विशेष को लिंक, हैडिंग, पैराग्राफ, सूची आदि के रूप में नोट करती है तथा इसमें इंटरैक्टिव फॉर्म, संलग्न चित्र, तथा अन्य ऑबजॅक्ट जोडती है। ऍचटीऍमऍल टैग्स के रूप में लिखी जाती है जो कि एंगल ब्रैकेट ("") के द्वारा घिरी होती है। ऍचटीऍमऍल कुछ हद तक किसी दस्तावेज के दृश्य रूप आदि को भी निर्धारित कर सकती है तथा इसमें स्क्रिप्टिंग भाषा कोड जैसे जावास्क्रिप्ट, पीऍचपी आदि भी संलग्न किया जा सकता है। HTML का प्रयोग किसी वेबसाइट के ढांचे को तैयार करने के लिए किया जाता है और यही एक मैं भाषा है जिसकी मदद से सभी वेबसाइट भी चलती है . 'पेटेंट' का शब्द, लैटिन के शब्द Lilterae Patents से आया है। पेटेंट का अर्थ है 'खुला' और Lilterae Patents का शाब्दिक अर्थ है (Letters patents) या खुले पत्र। पुराने जमाने में शासको या सरकारों के द्वारा पदवी' हक' विशेष अधिकार पत्र के द्वारा दिया जाता है। यह शासकीय दस्तावेज होता था और इन्हे चूंकि सार्वजनिक रूप से दिया जाता था, इसलिए यह हमेशा 'खुले' रहते थे। यूरोप में 6वीं शताब्दी में से इस तरह के पत्र दिये जाते थे। यह शासक की ओर से विदेशी भूमि की खोज तथा उस पर विजय के लिये जारी किये जाते थे। आजकल पेटेंट शब्द का प्रयोग आविष्कारों के संबंध में होता है। इस तरह का प्रयोग पहली बार 15वीं शताब्दी के आस-पास आया। सर्वप्रथम, पेटेंट कानून जैसा इसे आज समझा जाता हैं, 14 मार्च 1474 को वियाना सिनेट (Venetian Senate) के द्वारा को पारित किया गया। पेटेंट' आविष्कारकों को अनन्य (Exclusive) अधिकार देता है। यह बहुत जल्दी इटली से यूरोप के अन्य देशों तक फैल गया। जिन देशों के पास प्रौद्योगिकी नहीं थी, उन्होंने प्रौद्योगिकी को स्थापित करने के लिए विदेशी आविष्कारकों को पेटेंट देना शुरू कर दिया। इंगलैंड में पहले इसकी अवधि नहीं थी पर ब्रिटिश संसद ने 1623 में नया कानून बनाकर इसे 14 वर्षो तक सीमित कर दिया। अमेरिका के संविधान के अनुच्छेद 1 अनुभाग 8 के अन्तर्गत अमेरिकी कॉग्रेस को विज्ञान और कलाओं की प्रगति के लिये कानून बनाने का अधिकार है। इस परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस ने 1790 में पहला पेटेंट कानून पारित किया। फ्रान्स ने इसके अगले वर्ष पेटेंट कानून बनाया। 19वीं शताब्दी के अंत तक अनेक देशों ने अपना (जिसमें भारतवर्ष भी सम्मिलित है) पेटेंट कानून बनाया। भारतवर्ष में पेटेंट कानून का इतिहास भारतवर्ष में पहला पेटेंट सम्बन्धित कानून, १८५६ में पारित अधिनियम था। इसे २५ फरवरी' १८५६ को गवर्नर जनरल की अनुमति प्राप्त हो गयी थी पर यह कानून १८५७ में अधिनियम सं. कोई विवरण नहीं। लॉरेंस "लैरी" पेज (जन्म 26 मार्च 1973) एक अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक और उद्योगपति हैं, जिन्होंने सर्गी ब्रिन के साथ मिलकर गूगल इंक. की सह-स्थापना की। वे दोनों अक्सर ही "Google Guys" के नाम से जाने जाते हैं। फ़ोर्ब्स के मुताबिक संप्रति वे दुनिया के 24वें सबसे धनी व्यक्ति हैं, जिनकी 2010 में कुल निजी संपत्ति US$17.5 बिलियन है। . सम स्रोत निर्धारक (स्रोनि) यू.आर.एल एवं यू आर एन के बीच का संबंध। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सम स्रोत निर्धारक (स्रोनि) (युनिफॉर्म रिसोर्स लोकेशन) युनिफॉर्म रिसोर्स आइडेंटिफायर (यू आर आई) का एक सबसेट होता है, जिससे ये ज्ञात होता है, कि एक आइडेन्टिफाइड रिसोर्स एवं उसे पुनर्प्राप्त करने का तरीका कहाँ उपलब्ध है। प्रचलित अनुप्रयोगों एवं कई तकनीकी दस्तावेजों एवं मौखिक चर्चाओं में इसे प्रायः गलत रूप में स्रोनि (यू.आर.आई) के समानार्थी रूप में प्रयोग किया जाता है। इसका सर्वज्ञात उदाहरण विश्वव्यापी वेब पर किसी जालपृष्ठ का पता होता है। . समुच्चय (गणित) समुच्चय या कुलक (set) सुपरिभाषित समूह अथवा संग्रह को कहते हैं। परिभाषा के रूप में वस्तुओं के उस समूह अथवा समाहार को समुच्चय कहते हैं जिसमें सम्मिलित प्रत्येक वस्तु किसी गुण विशेष को संतुष्ट करती हो जिसके आधार पर स्पष्ट रूप से यह बताया जा सके कि अमुक वस्तु उस संग्रह में सम्मिलित है अथवा नहीं है। . संगणन (कम्प्युटिंग) के सन्दर्भ में, हाइपरलिंक (Hyperlink) या लिंक एचटीएमएल टेक्स्ट का वह भाग है जिसमें किसी अन्य पन्ने या वेबपेज का पता दिया होता है। हाइपरलिंक पर क्लिक करने पर कम्प्यूटर हमें उस पेज या वेबपेज पर ले जाता है। हाइपरलिंकित टेक्स्ट प्रायः अलग रंग में होता है जिस पर माउस ले जाने पर उसके नीचे एक रेखा भी आ जाती है। . यह लेख इंटरनेट विश्वकोश के बारे में है। विकिपीडिया के मुख पृष्ठ के लिए, विकिपीडिया का मुख्य पृष्ठ देखें। विकिपीडिया के आगंतुक परिचय के लिए, विकिपीडिया के बारे में पृष्ठ देखें। Name-Ramesh wada Father name.mohanji Rajpurohit Villege. ऐसे कम्प्यूटर प्रोग्राम खोजी इंजन (search engine) कहलाते हैं जो किसी कम्प्यूटर सिस्टम पर भण्डारित सूचना में से वांछित सूचना को ढूढ निकालते हैं। ये इंजन प्राप्त परिणामों को प्रायः एक सूची के रूप में प्रस्तुत करते हैं जिससे वांछित सूचना की प्रकृति और उसकी स्थिति का पता चलता है। खोजी इंजन किसी सूचना तक अपेक्षाकृत बहुत कम समय में पहुँचने में हमारी सहायता करते हैं। वे 'सूचना ओवरलोड' से भी हमे बचाते हैं। खोजी इंजन का सबसे प्रचलित रूप 'वेब खोजी इंजन' है जो वर्ल्ड वाइड वेब पर सूचना खोजने के लिये प्रयुक्त होता है। . गणना या गिनना वस्तुओं के परिमित समुच्चय के तत्त्वों को ढूंढने की क्रिया है। गिनने का पारंपरिक तरीका यह रहा है कि किसी (मानसिक या मौखिक) "गणित्र" (काउंटर) को समुच्चय के हर तत्त्व के लिए एक से लगातार बढ़ाते रहना, किसी न किसी क्रम में, जबकि तब तक उन तत्त्वों को चिन्हित करते रहना (या विस्थापित करते रहना) ताकि उसी तत्त्व से एक से अधिक बार भेंट न हो, जब तक कोई अचिन्हित तत्त्व न बचें; यदि पहले वस्तु के बाद गणित्र एक पर स्थापित था, तो अंतिम वस्तु से भेंट के बाद जो मूल्य आता है, वह तत्त्वों की वांछित संख्या देता हैं। संबंधित शब्द परिगणना का संदर्भ समुच्चय के प्रत्येक तत्त्व को एक संख्या निर्दिष्ट करके किसी परिमित (मिश्रित) समुच्चय या अपरिमित समुच्चय के तत्त्वों को विशिष्ट रूप से पहचानने से है। पुरातात्विक साक्ष्य हैं जो सुझाव देते हैं कि इंसान कम से कम 50,000 वर्षों से गिनती कर रहा हैं। गिनती का मुख्य रूप से प्राचीन संस्कृतियों द्वारा सामाजिक और आर्थिक आंकड़ों का ट्रैक रखने के लिए उपयोग किया जाता था जैसे कि समूह के सदस्यों की, शिकारी पशुओं की, संपत्ति की या कर्ज की संख्या (अर्थात् लेखाकर्म)। गिनती के विकास ने गणितीय संकेतन, संख्यांक पद्धतियों और लेखन के विकास को जन्म दिया। . यह लेख गूगल नामक संस्था के संबंद्ध में है। सर्च इंजन के लिए, गूगल सर्च देखें। अन्य के लिए, देखें। गूगल एक अमेरीकी बहुराष्ट्रीय सार्वजनिक कम्पनी है, जिसने इंटरनेट सर्च, क्लाउड कम्प्यूटिंग और विज्ञापन तंत्र में पूँजी लगायी है। यह इंटरनेट पर आधारित कई सेवाएँ और उत्पाद बनाता तथा विकसित करता है और यह मुनाफा मुख्यतया अपने विज्ञापन कार्यक्रम ऐडवर्ड्स (AdWords) से कमाती है। यह कम्पनी स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से पी॰एच॰डी॰ के दो छात्र लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन द्वारा स्थापित की गयी थी। इन्हें प्रायः "गूगल गाइस" के नाम से सम्बोधित किया जाता है। सितम्बर 4, 1998 को इसे एक निजि-आयोजित कम्पनी में निगमित किया गया। इसका पहला सार्वजनिक कार्य/सेवा 19 अगस्त 2004 को प्रारम्भ हुआ। इसी दिन लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन और एरिक स्ख्मिड्ट ने गूगल में अगले बीस वर्षों (2024) तक एक साथ कार्य करने की रजामंदी की। कम्पनी का शुरूआत से ही "विश्व में ज्ञान को व्यवस्थित तथा सर्वत्र उपलब्ध और लाभप्रद करना" कथित मिशन रहा है। कम्पनी का गैर-कार्यालयीन नारा, जोकि गूगल इन्जीनियर पौल बुखीट ने निकाला था - "डोन्ट बी इवल (बुरा न बनें)"। सन् 2006 से कम्पनी का मुख्यालय माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया में है। गूगल विश्वभर में फैले अपने डाटा-केन्द्रों से दस लाख से ज़्यादा सर्वर चलाता है और दस अरब से ज़्यादा खोज-अनुरोध तथा चौबीस उपभोक्ता-सम्बन्धी जानकारी (डाटा) संसाधित करता है। गूगल की सन्युक्ति के पश्चात् इसका विकास काफ़ी तेज़ी से हुआ है, जिसके कारण कम्पनी की मूलभूत सेवा वेब-सर्च-इंजन के अलावा, गूगल ने कई नये उत्पादों का उत्पादन, अधिग्रहण और भागीदारी की है। कम्पनी ऑनलाइन उत्पादक सौफ़्ट्वेयर, जैसे कि जीमेल ईमेल सेवा और सामाजिक नेटवर्क साधन, ऑर्कुट और हाल ही का, गूगल बज़ प्रदान करती है। गूगल डेस्कटॉप कम्प्युटर के उत्पादक सोफ़्ट्वेयर का भी उत्पादन करती है, जैसे - वेब ब्राउज़र गूगल क्रोम, फोटो व्यवस्थापन और सम्पादन सोफ़्ट्वेयर पिकासा और शीघ्र संदेशन ऍप्लिकेशन गूगल टॉक। विशेषतः गूगल, नेक्सस वन तथा मोटोरोला ऍन्ड्रोइड जैसे फोनों में डाले जाने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम ऍन्ड्रोइड, साथ-ही-साथ गूगल क्रोम ओएस, जो फिलहाल भारी विकास के अन्तर्गत है, पर सीआर-48 के मुख्य ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में प्रसिद्ध है, के विकास में अग्रणी है। एलेक्सा google.com को इंटरनेट की सबसे ज़्यादा दर्शित वेबसाइट बताती है। इसके अलावा गूगल की अन्य वेबसाइटें (google.co.in, google.co.uk, आदि) शीर्ष की सौ वेबासाइटों में आती हैं। यही स्थिती गूगल की साइट यूट्यूब और ब्लॉगर की है। ब्रैंडज़ी के अनुसार गूगल विश्व का सबसे ताकतवर (नामी) ब्राण्ड है। बाज़ार में गूगल की सेवाओं का प्रमुख होने के कारण, गूगल की आलोचना कई समस्याओं, जिनमें व्यक्तिगतता, कॉपीराइट और सेंसरशिप शामिल हैं, से हुई है। . गूगल टूलबार एक इन्टरनेट ब्राउज़र टूलबार है जो इन्टरनेट एक्सप्लोरर तथा मोज़िला फायरफॉक्स के लिए उपलब्ध है। . अनुमान, दर्शन और तर्कशास्त्र का पारिभाषिक शब्द है। भारतीय दर्शन में ज्ञानप्राप्ति के साधनों का नाम प्रमाण हैं। अनुमान भी एक प्रमाण हैं। चार्वाक दर्शन को छोड़कर प्रायः सभी दर्शन अनुमान को ज्ञानप्राप्ति का एक साधन मानते हैं। अनुमान के द्वारा जो ज्ञान प्राप्त होता हैं उसका नाम अनुमिति हैं। प्रत्यक्ष (इंद्रिय सन्निकर्ष) द्वारा जिस वस्तु के अस्तित्व का ज्ञान नहीं हो रहा हैं उसका ज्ञान किसी ऐसी वस्तु के प्रत्यक्ष ज्ञान के आधार पर, जो उस अप्रत्यक्ष वस्तु के अस्तित्व का संकेत इस ज्ञान पर पहुँचने की प्रक्रिया का नाम अनुमान है। इस प्रक्रिया का सरलतम उदाहरण इस प्रकार है-किसी पर्वत के उस पार धुआँ उठता हुआ देखकर वहाँ पर आग के अस्तित्व का ज्ञान अनुमिति है और यह ज्ञान जिस प्रक्रिया से उत्पन्न होता है उसका नाम अनुमान है। यहाँ प्रत्यक्ष का विषय नहीं है, केवल धुएँ का प्रत्यक्ष ज्ञान होता है। पर पूर्वकाल में अनेक बार कई स्थानों पर आग और धुएँ के साथ-साथ प्रत्यक्ष ज्ञान होने से मन में यह धारणा बन गई है कि जहाँ-जहाँ धुआँ होता है वहीं-वहीं आग भी होती है। अब जब हम केवल धुएँ का प्रत्यक्ष अनुभव करते हैं और हमको यह स्मरण होता है कि जहाँ-जहाँ धुआँ है वहाँ-वहाँ आग होती है, तो हम सोचते हैं कि अब हमको जहाँ धुआँ दिखाई दे रहा हैं वहाँ आग अवश्य होगीः अतएव पर्वत के उस पार जहाँ हमें इस समय धुएँ का प्रत्यक्ष ज्ञान हो रहा है अवश्य ही आग वर्तमान होगी। इस प्रकार की प्रक्रिया के मुख्य अंगों के पारिभाषिक शब्द ये हैं. अर्थशास्त्र के विद्वान को अर्थशास्त्री कहते हैं। श्रेणीःअर्थशास्त्र श्रेणीःचित्र जोड़ें. २००३ ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। . 2005 ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .
सरल नेटवर्क के लिए गणितीय पेजरैंक्स .पृष्ठ E से पेज C के पेजरैंक ज्यादा है, भले ही उसके लिंक कम हैं; परन्तु जो लिंक है वे बहुत अधिक मान के हैं। एक वेब सर्फर जो प्रत्येक पृष्ठ पर यादृच्छिक लिंक का चयन करता है, वह समय का आठ.एक% पृष्ठ E पर रहने जा रहा है। एक पृष्ठ पर यादृच्छिक रूप से छलांग लगाने की पंद्रह%संभावना अवमन्दन कारक के पचासी% से संबंधित है। बिना अवमन्दन के, सारे वेब सर्फर्स पृष्ठ A, B या C पर ख़त्म करेंगे और बाकी के सारे पृष्ठों के पेजरैंक जीरो होंगे.पृष्ठ A को वेब के सभी पृष्ठों से जुड़ा माना जाता है, क्योंकि इसका कोई निर्गामी लिंक नहीं है। पेजरैंक, जिसका नाम लैरी पेज के नाम पर रखा गया है, गूगल सर्च इंजन द्वारा प्रयोग किया जाने वाला एक लिंक विश्लेषण अल्गोरिथम है, जो दस्तावेजों के एक हाइपरलिंक-बद्ध समुच्चय, जैसे वर्ल्ड वाइड वेब, के प्रत्येक तत्व को एक अंकीय भार आवंटित करता है, ताकि समुच्चय के भीतर उसके सापेक्ष महत्व का "मापन" किया जा सके। यह अल्गोरिथम पारस्परिक उद्धरणों और संदर्भों के साथ तत्वों के किसी भी संग्रह पर लागू किया जा सकता है। दिये गये किसी तत्व E को आवंटित किये जाने वाले संख्यात्मक भार को E का पेजरैंक कहते हैं और इसे PR. सोलह संबंधोंः ऍचटीऍमऍल, पेटेंट, ब्लॉगर, लैरी पेज, सम स्रोत निर्धारक , समुच्चय , हाइपरलिंक, विकिपीडिया, खोज इंजन, गणना, गूगल, गूगल टूलबार, अनुमान, अर्थशास्त्री, दो हज़ार तीन, दो हज़ार पाँच। , HyperText Markup Language का संक्षिप्त रूप है। यह वेब पृष्ठों के लिये एक प्रमुख मार्कअप भाषा है। यह किसी द्स्तावेज में टैक्स्ट आधारित जानकारी की संरचना को निर्धारित करने का साधन है। इसके लिये यह टैक्स्ट विशेष को लिंक, हैडिंग, पैराग्राफ, सूची आदि के रूप में नोट करती है तथा इसमें इंटरैक्टिव फॉर्म, संलग्न चित्र, तथा अन्य ऑबजॅक्ट जोडती है। ऍचटीऍमऍल टैग्स के रूप में लिखी जाती है जो कि एंगल ब्रैकेट के द्वारा घिरी होती है। ऍचटीऍमऍल कुछ हद तक किसी दस्तावेज के दृश्य रूप आदि को भी निर्धारित कर सकती है तथा इसमें स्क्रिप्टिंग भाषा कोड जैसे जावास्क्रिप्ट, पीऍचपी आदि भी संलग्न किया जा सकता है। HTML का प्रयोग किसी वेबसाइट के ढांचे को तैयार करने के लिए किया जाता है और यही एक मैं भाषा है जिसकी मदद से सभी वेबसाइट भी चलती है . 'पेटेंट' का शब्द, लैटिन के शब्द Lilterae Patents से आया है। पेटेंट का अर्थ है 'खुला' और Lilterae Patents का शाब्दिक अर्थ है या खुले पत्र। पुराने जमाने में शासको या सरकारों के द्वारा पदवी' हक' विशेष अधिकार पत्र के द्वारा दिया जाता है। यह शासकीय दस्तावेज होता था और इन्हे चूंकि सार्वजनिक रूप से दिया जाता था, इसलिए यह हमेशा 'खुले' रहते थे। यूरोप में छःवीं शताब्दी में से इस तरह के पत्र दिये जाते थे। यह शासक की ओर से विदेशी भूमि की खोज तथा उस पर विजय के लिये जारी किये जाते थे। आजकल पेटेंट शब्द का प्रयोग आविष्कारों के संबंध में होता है। इस तरह का प्रयोग पहली बार पंद्रहवीं शताब्दी के आस-पास आया। सर्वप्रथम, पेटेंट कानून जैसा इसे आज समझा जाता हैं, चौदह मार्च एक हज़ार चार सौ चौहत्तर को वियाना सिनेट के द्वारा को पारित किया गया। पेटेंट' आविष्कारकों को अनन्य अधिकार देता है। यह बहुत जल्दी इटली से यूरोप के अन्य देशों तक फैल गया। जिन देशों के पास प्रौद्योगिकी नहीं थी, उन्होंने प्रौद्योगिकी को स्थापित करने के लिए विदेशी आविष्कारकों को पेटेंट देना शुरू कर दिया। इंगलैंड में पहले इसकी अवधि नहीं थी पर ब्रिटिश संसद ने एक हज़ार छः सौ तेईस में नया कानून बनाकर इसे चौदह वर्षो तक सीमित कर दिया। अमेरिका के संविधान के अनुच्छेद एक अनुभाग आठ के अन्तर्गत अमेरिकी कॉग्रेस को विज्ञान और कलाओं की प्रगति के लिये कानून बनाने का अधिकार है। इस परिप्रेक्ष्य में कांग्रेस ने एक हज़ार सात सौ नब्बे में पहला पेटेंट कानून पारित किया। फ्रान्स ने इसके अगले वर्ष पेटेंट कानून बनाया। उन्नीसवीं शताब्दी के अंत तक अनेक देशों ने अपना पेटेंट कानून बनाया। भारतवर्ष में पेटेंट कानून का इतिहास भारतवर्ष में पहला पेटेंट सम्बन्धित कानून, एक हज़ार आठ सौ छप्पन में पारित अधिनियम था। इसे पच्चीस फरवरी' एक हज़ार आठ सौ छप्पन को गवर्नर जनरल की अनुमति प्राप्त हो गयी थी पर यह कानून एक हज़ार आठ सौ सत्तावन में अधिनियम सं. कोई विवरण नहीं। लॉरेंस "लैरी" पेज एक अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक और उद्योगपति हैं, जिन्होंने सर्गी ब्रिन के साथ मिलकर गूगल इंक. की सह-स्थापना की। वे दोनों अक्सर ही "Google Guys" के नाम से जाने जाते हैं। फ़ोर्ब्स के मुताबिक संप्रति वे दुनिया के चौबीसवें सबसे धनी व्यक्ति हैं, जिनकी दो हज़ार दस में कुल निजी संपत्ति सत्रह दशमलव पाँच डॉलर बिलियन है। . सम स्रोत निर्धारक यू.आर.एल एवं यू आर एन के बीच का संबंध। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सम स्रोत निर्धारक युनिफॉर्म रिसोर्स आइडेंटिफायर का एक सबसेट होता है, जिससे ये ज्ञात होता है, कि एक आइडेन्टिफाइड रिसोर्स एवं उसे पुनर्प्राप्त करने का तरीका कहाँ उपलब्ध है। प्रचलित अनुप्रयोगों एवं कई तकनीकी दस्तावेजों एवं मौखिक चर्चाओं में इसे प्रायः गलत रूप में स्रोनि के समानार्थी रूप में प्रयोग किया जाता है। इसका सर्वज्ञात उदाहरण विश्वव्यापी वेब पर किसी जालपृष्ठ का पता होता है। . समुच्चय समुच्चय या कुलक सुपरिभाषित समूह अथवा संग्रह को कहते हैं। परिभाषा के रूप में वस्तुओं के उस समूह अथवा समाहार को समुच्चय कहते हैं जिसमें सम्मिलित प्रत्येक वस्तु किसी गुण विशेष को संतुष्ट करती हो जिसके आधार पर स्पष्ट रूप से यह बताया जा सके कि अमुक वस्तु उस संग्रह में सम्मिलित है अथवा नहीं है। . संगणन के सन्दर्भ में, हाइपरलिंक या लिंक एचटीएमएल टेक्स्ट का वह भाग है जिसमें किसी अन्य पन्ने या वेबपेज का पता दिया होता है। हाइपरलिंक पर क्लिक करने पर कम्प्यूटर हमें उस पेज या वेबपेज पर ले जाता है। हाइपरलिंकित टेक्स्ट प्रायः अलग रंग में होता है जिस पर माउस ले जाने पर उसके नीचे एक रेखा भी आ जाती है। . यह लेख इंटरनेट विश्वकोश के बारे में है। विकिपीडिया के मुख पृष्ठ के लिए, विकिपीडिया का मुख्य पृष्ठ देखें। विकिपीडिया के आगंतुक परिचय के लिए, विकिपीडिया के बारे में पृष्ठ देखें। Name-Ramesh wada Father name.mohanji Rajpurohit Villege. ऐसे कम्प्यूटर प्रोग्राम खोजी इंजन कहलाते हैं जो किसी कम्प्यूटर सिस्टम पर भण्डारित सूचना में से वांछित सूचना को ढूढ निकालते हैं। ये इंजन प्राप्त परिणामों को प्रायः एक सूची के रूप में प्रस्तुत करते हैं जिससे वांछित सूचना की प्रकृति और उसकी स्थिति का पता चलता है। खोजी इंजन किसी सूचना तक अपेक्षाकृत बहुत कम समय में पहुँचने में हमारी सहायता करते हैं। वे 'सूचना ओवरलोड' से भी हमे बचाते हैं। खोजी इंजन का सबसे प्रचलित रूप 'वेब खोजी इंजन' है जो वर्ल्ड वाइड वेब पर सूचना खोजने के लिये प्रयुक्त होता है। . गणना या गिनना वस्तुओं के परिमित समुच्चय के तत्त्वों को ढूंढने की क्रिया है। गिनने का पारंपरिक तरीका यह रहा है कि किसी "गणित्र" को समुच्चय के हर तत्त्व के लिए एक से लगातार बढ़ाते रहना, किसी न किसी क्रम में, जबकि तब तक उन तत्त्वों को चिन्हित करते रहना ताकि उसी तत्त्व से एक से अधिक बार भेंट न हो, जब तक कोई अचिन्हित तत्त्व न बचें; यदि पहले वस्तु के बाद गणित्र एक पर स्थापित था, तो अंतिम वस्तु से भेंट के बाद जो मूल्य आता है, वह तत्त्वों की वांछित संख्या देता हैं। संबंधित शब्द परिगणना का संदर्भ समुच्चय के प्रत्येक तत्त्व को एक संख्या निर्दिष्ट करके किसी परिमित समुच्चय या अपरिमित समुच्चय के तत्त्वों को विशिष्ट रूप से पहचानने से है। पुरातात्विक साक्ष्य हैं जो सुझाव देते हैं कि इंसान कम से कम पचास,शून्य वर्षों से गिनती कर रहा हैं। गिनती का मुख्य रूप से प्राचीन संस्कृतियों द्वारा सामाजिक और आर्थिक आंकड़ों का ट्रैक रखने के लिए उपयोग किया जाता था जैसे कि समूह के सदस्यों की, शिकारी पशुओं की, संपत्ति की या कर्ज की संख्या । गिनती के विकास ने गणितीय संकेतन, संख्यांक पद्धतियों और लेखन के विकास को जन्म दिया। . यह लेख गूगल नामक संस्था के संबंद्ध में है। सर्च इंजन के लिए, गूगल सर्च देखें। अन्य के लिए, देखें। गूगल एक अमेरीकी बहुराष्ट्रीय सार्वजनिक कम्पनी है, जिसने इंटरनेट सर्च, क्लाउड कम्प्यूटिंग और विज्ञापन तंत्र में पूँजी लगायी है। यह इंटरनेट पर आधारित कई सेवाएँ और उत्पाद बनाता तथा विकसित करता है और यह मुनाफा मुख्यतया अपने विज्ञापन कार्यक्रम ऐडवर्ड्स से कमाती है। यह कम्पनी स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से पी॰एच॰डी॰ के दो छात्र लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन द्वारा स्थापित की गयी थी। इन्हें प्रायः "गूगल गाइस" के नाम से सम्बोधित किया जाता है। सितम्बर चार, एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे को इसे एक निजि-आयोजित कम्पनी में निगमित किया गया। इसका पहला सार्वजनिक कार्य/सेवा उन्नीस अगस्त दो हज़ार चार को प्रारम्भ हुआ। इसी दिन लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन और एरिक स्ख्मिड्ट ने गूगल में अगले बीस वर्षों तक एक साथ कार्य करने की रजामंदी की। कम्पनी का शुरूआत से ही "विश्व में ज्ञान को व्यवस्थित तथा सर्वत्र उपलब्ध और लाभप्रद करना" कथित मिशन रहा है। कम्पनी का गैर-कार्यालयीन नारा, जोकि गूगल इन्जीनियर पौल बुखीट ने निकाला था - "डोन्ट बी इवल "। सन् दो हज़ार छः से कम्पनी का मुख्यालय माउंटेन व्यू, कैलिफोर्निया में है। गूगल विश्वभर में फैले अपने डाटा-केन्द्रों से दस लाख से ज़्यादा सर्वर चलाता है और दस अरब से ज़्यादा खोज-अनुरोध तथा चौबीस उपभोक्ता-सम्बन्धी जानकारी संसाधित करता है। गूगल की सन्युक्ति के पश्चात् इसका विकास काफ़ी तेज़ी से हुआ है, जिसके कारण कम्पनी की मूलभूत सेवा वेब-सर्च-इंजन के अलावा, गूगल ने कई नये उत्पादों का उत्पादन, अधिग्रहण और भागीदारी की है। कम्पनी ऑनलाइन उत्पादक सौफ़्ट्वेयर, जैसे कि जीमेल ईमेल सेवा और सामाजिक नेटवर्क साधन, ऑर्कुट और हाल ही का, गूगल बज़ प्रदान करती है। गूगल डेस्कटॉप कम्प्युटर के उत्पादक सोफ़्ट्वेयर का भी उत्पादन करती है, जैसे - वेब ब्राउज़र गूगल क्रोम, फोटो व्यवस्थापन और सम्पादन सोफ़्ट्वेयर पिकासा और शीघ्र संदेशन ऍप्लिकेशन गूगल टॉक। विशेषतः गूगल, नेक्सस वन तथा मोटोरोला ऍन्ड्रोइड जैसे फोनों में डाले जाने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम ऍन्ड्रोइड, साथ-ही-साथ गूगल क्रोम ओएस, जो फिलहाल भारी विकास के अन्तर्गत है, पर सीआर-अड़तालीस के मुख्य ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में प्रसिद्ध है, के विकास में अग्रणी है। एलेक्सा google.com को इंटरनेट की सबसे ज़्यादा दर्शित वेबसाइट बताती है। इसके अलावा गूगल की अन्य वेबसाइटें शीर्ष की सौ वेबासाइटों में आती हैं। यही स्थिती गूगल की साइट यूट्यूब और ब्लॉगर की है। ब्रैंडज़ी के अनुसार गूगल विश्व का सबसे ताकतवर ब्राण्ड है। बाज़ार में गूगल की सेवाओं का प्रमुख होने के कारण, गूगल की आलोचना कई समस्याओं, जिनमें व्यक्तिगतता, कॉपीराइट और सेंसरशिप शामिल हैं, से हुई है। . गूगल टूलबार एक इन्टरनेट ब्राउज़र टूलबार है जो इन्टरनेट एक्सप्लोरर तथा मोज़िला फायरफॉक्स के लिए उपलब्ध है। . अनुमान, दर्शन और तर्कशास्त्र का पारिभाषिक शब्द है। भारतीय दर्शन में ज्ञानप्राप्ति के साधनों का नाम प्रमाण हैं। अनुमान भी एक प्रमाण हैं। चार्वाक दर्शन को छोड़कर प्रायः सभी दर्शन अनुमान को ज्ञानप्राप्ति का एक साधन मानते हैं। अनुमान के द्वारा जो ज्ञान प्राप्त होता हैं उसका नाम अनुमिति हैं। प्रत्यक्ष द्वारा जिस वस्तु के अस्तित्व का ज्ञान नहीं हो रहा हैं उसका ज्ञान किसी ऐसी वस्तु के प्रत्यक्ष ज्ञान के आधार पर, जो उस अप्रत्यक्ष वस्तु के अस्तित्व का संकेत इस ज्ञान पर पहुँचने की प्रक्रिया का नाम अनुमान है। इस प्रक्रिया का सरलतम उदाहरण इस प्रकार है-किसी पर्वत के उस पार धुआँ उठता हुआ देखकर वहाँ पर आग के अस्तित्व का ज्ञान अनुमिति है और यह ज्ञान जिस प्रक्रिया से उत्पन्न होता है उसका नाम अनुमान है। यहाँ प्रत्यक्ष का विषय नहीं है, केवल धुएँ का प्रत्यक्ष ज्ञान होता है। पर पूर्वकाल में अनेक बार कई स्थानों पर आग और धुएँ के साथ-साथ प्रत्यक्ष ज्ञान होने से मन में यह धारणा बन गई है कि जहाँ-जहाँ धुआँ होता है वहीं-वहीं आग भी होती है। अब जब हम केवल धुएँ का प्रत्यक्ष अनुभव करते हैं और हमको यह स्मरण होता है कि जहाँ-जहाँ धुआँ है वहाँ-वहाँ आग होती है, तो हम सोचते हैं कि अब हमको जहाँ धुआँ दिखाई दे रहा हैं वहाँ आग अवश्य होगीः अतएव पर्वत के उस पार जहाँ हमें इस समय धुएँ का प्रत्यक्ष ज्ञान हो रहा है अवश्य ही आग वर्तमान होगी। इस प्रकार की प्रक्रिया के मुख्य अंगों के पारिभाषिक शब्द ये हैं. अर्थशास्त्र के विद्वान को अर्थशास्त्री कहते हैं। श्रेणीःअर्थशास्त्र श्रेणीःचित्र जोड़ें. दो हज़ार तीन ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। . दो हज़ार पाँच ग्रेगोरी कैलंडर का एक साधारण वर्ष है। .
बोस्टन (अमेरिका), 27 दिसंबर (एपी) प्रख्यात जीवविज्ञानी और दुनिया भर में 'ऐंट मैन' के नाम से चर्चित एडवर्ड ओ विल्सन का निधन हो गया है। वह 92 साल के थे। ईओ विल्सन बायोडायवर्सिटी फाउंडेशन ने सोमवार को अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी कि विल्सन का 26 दिसंबर को मैसाच्युसेट्स के बर्लिंगटन में निधन हो गया। उन्होंने अपनी किताब "'सोशियोबायोलॉजी" में मानव प्रकृति की नयी दृष्टि पेश की थी और पारिस्थितिकी में आ रही गिरावट को लेकर चेताया था। दो बार पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर विल्सन वर्ष 1975 में अपनी किताब "सोशियोबायोलॉजी : द न्यू सिंथेसिस"से चर्चा में आए जिसमें उन्होंने सबूत दिए जो मानव व्यवहार और उसकी आनुवंशिकी में संबंध का संकेत करते हैं। उनकी इस किताब से सामाजिक कार्यकर्ताओं और सहकर्मियों में नाराजगी पैदा हुयी जिन्होंने सोशियोबायोलॉजी की तुलना लैंगिक भेद, नस्लवाद और नाजीवाद से की। उन्होंने वर्ष 1993 में कहा था, " धरती पर प्रजातियों में विविधता कहीं अधिक हैं, यहां तक कि अधिकतर जीविज्ञानियों द्वारा पहचान की गई प्रजातियों से भी अधिक। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
बोस्टन , सत्ताईस दिसंबर प्रख्यात जीवविज्ञानी और दुनिया भर में 'ऐंट मैन' के नाम से चर्चित एडवर्ड ओ विल्सन का निधन हो गया है। वह बानवे साल के थे। ईओ विल्सन बायोडायवर्सिटी फाउंडेशन ने सोमवार को अपनी वेबसाइट पर जानकारी दी कि विल्सन का छब्बीस दिसंबर को मैसाच्युसेट्स के बर्लिंगटन में निधन हो गया। उन्होंने अपनी किताब "'सोशियोबायोलॉजी" में मानव प्रकृति की नयी दृष्टि पेश की थी और पारिस्थितिकी में आ रही गिरावट को लेकर चेताया था। दो बार पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर विल्सन वर्ष एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर में अपनी किताब "सोशियोबायोलॉजी : द न्यू सिंथेसिस"से चर्चा में आए जिसमें उन्होंने सबूत दिए जो मानव व्यवहार और उसकी आनुवंशिकी में संबंध का संकेत करते हैं। उनकी इस किताब से सामाजिक कार्यकर्ताओं और सहकर्मियों में नाराजगी पैदा हुयी जिन्होंने सोशियोबायोलॉजी की तुलना लैंगिक भेद, नस्लवाद और नाजीवाद से की। उन्होंने वर्ष एक हज़ार नौ सौ तिरानवे में कहा था, " धरती पर प्रजातियों में विविधता कहीं अधिक हैं, यहां तक कि अधिकतर जीविज्ञानियों द्वारा पहचान की गई प्रजातियों से भी अधिक। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि देश उन वीर सेनानियों का सदैव ऋणी रहेगा, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व त्याग कर दिया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की शहादत ने जन-जन के मन में क्रांति और साहस की ऐसी अलख जगाई कि देश की आजादी के बाद भी ये विभूतियां युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ये उद्गार शहीदी दिवस के अवसर पर नालागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नालागढ़ हेरिटेज पार्क में नालागढ़ हेरिटेज सोसायटी द्वारा जनसहयोग से निर्मित शहीद स्मारक व हेरिटेज पार्क का लोकार्पण भी किया। सीएम ने कार्यक्रम के दौरान नालागढ़ उपमंडल के आठ शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। इसके बाद हेरिटेज पार्क का निरीक्षण किया और इसके रखरखाव के संबंध में उचित दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने हेरिटेज पार्क के निर्माण में योगदान के लिए एलीन एप्लाइंसेस के संयंत्र प्रमुख जेएस कंग तथा टोरेंट फार्मा बद्दी के संयंत्र प्रमुख सोमेन मेहती को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सैजल, विधायक परमजीत सिंह पम्मी, लखविंद्र राणा, केएल ठाकुर, योगेश भारतीय, दर्शन सिंह, अशोक शर्मा, हरबंस पटियाल, आशुतोष वैद्य, बलदेव ठाकुर, डा. ऋचा वर्मा, कृतिका कुल्हारी, मोहित चावला, प्रवीण गुप्ता आदि उपस्थित रहे। (एचडीएम) मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अवसर पर वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद रामसरण, 1999 के कारगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद प्रदीप सिंह, 2002 के ऑपरेशन पराक्रम में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद जसविंद्र सिंह, 2003 में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद सुरेंद्र सिंह तथा शहीद रामरत्न, 2019 के ऑपरेशन पराक्रम में शहादत पाने वाले शहीद शिव सिंह तथा शहीद गुरमेल सिंह एवं 976 के ऑपरेशन पराक्रम में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद रघुबीर सिंह के परिजनों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि देश उन वीर सेनानियों का सदैव ऋणी रहेगा, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व त्याग कर दिया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह, राजगुरू और सुखदेव की शहादत ने जन-जन के मन में क्रांति और साहस की ऐसी अलख जगाई कि देश की आजादी के बाद भी ये विभूतियां युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ये उद्गार शहीदी दिवस के अवसर पर नालागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नालागढ़ हेरिटेज पार्क में नालागढ़ हेरिटेज सोसायटी द्वारा जनसहयोग से निर्मित शहीद स्मारक व हेरिटेज पार्क का लोकार्पण भी किया। सीएम ने कार्यक्रम के दौरान नालागढ़ उपमंडल के आठ शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। इसके बाद हेरिटेज पार्क का निरीक्षण किया और इसके रखरखाव के संबंध में उचित दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने हेरिटेज पार्क के निर्माण में योगदान के लिए एलीन एप्लाइंसेस के संयंत्र प्रमुख जेएस कंग तथा टोरेंट फार्मा बद्दी के संयंत्र प्रमुख सोमेन मेहती को भी सम्मानित किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सैजल, विधायक परमजीत सिंह पम्मी, लखविंद्र राणा, केएल ठाकुर, योगेश भारतीय, दर्शन सिंह, अशोक शर्मा, हरबंस पटियाल, आशुतोष वैद्य, बलदेव ठाकुर, डा. ऋचा वर्मा, कृतिका कुल्हारी, मोहित चावला, प्रवीण गुप्ता आदि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अवसर पर वर्ष एक हज़ार नौ सौ बासठ के भारत-चीन युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद रामसरण, एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे के कारगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद प्रदीप सिंह, दो हज़ार दो के ऑपरेशन पराक्रम में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद जसविंद्र सिंह, दो हज़ार तीन में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद सुरेंद्र सिंह तथा शहीद रामरत्न, दो हज़ार उन्नीस के ऑपरेशन पराक्रम में शहादत पाने वाले शहीद शिव सिंह तथा शहीद गुरमेल सिंह एवं नौ सौ छिहत्तर के ऑपरेशन पराक्रम में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद रघुबीर सिंह के परिजनों को सम्मानित किया।
लखनऊ। । अमूमन मैं Facebook पर लंबी बात नहीं लिखता लेकिन कई बार कुछ वाकये ऐसे होते हैं जिन को लिखना सच को समझने समझाने के लिए जरूरी होता है। कानून की नजर भले ही अमीर और गरीब, रसूखदार और आम आदमी को बराबर समझती हो लेकिन पुलिस की नजर अमीर और गरीब,रसूखदार और आम आदमी में बड़ा भेद करती है। सोमवार को शहर के बड़े व्यापारी के बेटे का स्कूल जाते वक्त रास्ते से अपहरण हो गया। मामला बड़ा था,बच्चे की ज़िंदगी के साथ साथ बड़ो की कुर्सी हिलने का खतरा भी था तो ना सिर्फ लखनऊ पुलिस बल्कि आसपास के जिलों की पुलिस तक अलर्ट हो गई,4 घंटे में बच्चा भी मिल गया और किडनैप करने वाला भी। वाह बधाई। वास्तव में बधाई और शाबाशी वाला काम हुआ। लेकिन ऐसी ही एक घटना 4 दिन पहले हुई थी। 15 मार्च को मड़ियांव इलाके से 6 साल की एक बिटिया गायब हो गई। राजगीर मिस्त्री की ये बिटिया भी उस दिन स्कूल एग्जाम देने गई थी। लेकिन फिर वो लौट कर नही आई। स्कूल ड्रेस में गई बेटी लौटी तो फिर लाश बनकर। उस बच्ची के लाश 4 दिन बाद जंगल मे पेड़ से लटकी मिली। स्कूल ड्रेस में ही उस मासूम को बेल्ट से लटका दिया गया था। इस घटना में पुलिस ने यही तेजी क्यों नही दिखाई? इस लड़की के लापता होने के 4 दिन तक किसी अफसर को फुरसत नही मिली कि अखबार में पढ़कर ही सही एक बार नीचे वालो से पूछ लें,ये क्या हुआ,क्या कर रहे हो। अब सीधा सवाल उन जिम्मेदारों से। साहब गरीब की बेटी लापता हुई तो आपको भनक ही नही लगी,वाह। वैसे तो सुनते है कि थाने में परिंदा भी पर मारता है तो साहब को खबर हो जाती फिर ये खबर थाने से निकलकर साहबो तक क्यों नही पहुंची। थाने में आपके अय्यार क्या कर रहे थे। साहब। सच तो ये है कि आपने उस राजगीर मिस्त्री की बेटी के लापता होने की खबर अखबारों में देख कर अनदेखा कर दिया। आप स्वीकार भले न करे लेकिन ये पाप आप से अनजाने में ही सही, हुआ जरूर है। जैसे साहब लोग अर्नव की किडनैपिंग पर भागे रहे थे वैसे उस गरीब की बेटी की किडनैपिंग पर भागने और भगाने लगते तो आज उस गरीब की बेटी भी अपने पापा के टूटे घर मे खेल रही होती। आखिर ऐसा भेद क्यों? क्यों अफसर 4 दिन तक उस बच्ची की सुध नही ले पाए। सूचना नही मिली तो साहब अखबार tv नही देखते पढ़ते क्या? या सच ये है उस गरीब की बेटी का लापता होना आपको piti issue महसूस हुआ। और नतीजा। वो बच्ची लाश हो गई। अरनव बेटा ईश्वर तुमको लंबी आयु दे,तुमको मेरी भी उम्र लग जाए। लेकिन सच तो ये है कि बेटा अगर तुम किसी नामचीन स्कूल के स्टूडेंट और अपने रसूखदार पिता के बेटे ना होते तो ये पुलिस वही करती जो उस मजदूर के साथ किया। सच ये है साहब! जिस वक्त आपको अर्नव के किडनैप होने की सूचना मिली होगी तो आपको सबसे पहले अर्नव से ज्यादा अपनी कुर्सी की चिंता सताई होगी। की बेटा आज तो गए,बच्चे को कुछ हुआ तो कल सब सस्पेंड। यही दिमाग का कौंधा आपको तूफ़ान बना गया और आप सब 4 घंटे के रिकॉर्ड वक्त में बच्चे को बचा लाए। साहब ये जो कुर्सी जाने का खौफ था ना वो खौफ डर आपको उस मजदूर की बेटी के लापता होने में नही था। ये कुर्सी न जाने का भय का ना होना ही था कि आपने उस मजदूर की बेटी को पता लगाने की जरूरत नही समझी। वरना जान तो उसकी भी थी,उसके मा बाप ने भी आपको बेटी लापता होने की सूचना दी थी। उसके घरवालों ने तो ये भी बताया कि कौन ले जा सकता है उनकी मुन्नी को। लेकिन वही कुर्सी जाने का डर ना तो नीचे वालो को था और ना आपको। इसलिए नीचे वाले ने जानकर भी कुछ नही किया और आप को फर्क ही क्या पड़ना था। खैर बात यहाँ पुलिस के रवैये की थी। एक जैसी घटना में कैसे पुलिस अलग अलग तरह का काम करती है। जिससे कुर्सी का खतरा था उसमें लग गए और जो कुछ नही उखाड़ सकता उसको आपने अब ज़िन्दगी भर की खुशियों से उखाड़ दिया। यूपी में भक्तों की सरकार आई, महात्मा कुर्सी पर बैठा तो आम आदमी में न्याय का भरोसा जगा। सरकार भले गरीब और अमीर में भेद न करती हो लेकिन खाकी तो करती है। पीड़ित अगर रसूखदार हुआ, धन्नासेठ हुआ तो खाकी... सदैव आपकी सेवा में तत्पर... की मुद्रा में आ जाती है। अगर पीड़ित, आम आदमी हुआ तो मामला उलट जाता है कि पीड़ित से ही यूपी पुलिस सेवा लेने की तत्परता में भी लग जाती है।
लखनऊ। । अमूमन मैं Facebook पर लंबी बात नहीं लिखता लेकिन कई बार कुछ वाकये ऐसे होते हैं जिन को लिखना सच को समझने समझाने के लिए जरूरी होता है। कानून की नजर भले ही अमीर और गरीब, रसूखदार और आम आदमी को बराबर समझती हो लेकिन पुलिस की नजर अमीर और गरीब,रसूखदार और आम आदमी में बड़ा भेद करती है। सोमवार को शहर के बड़े व्यापारी के बेटे का स्कूल जाते वक्त रास्ते से अपहरण हो गया। मामला बड़ा था,बच्चे की ज़िंदगी के साथ साथ बड़ो की कुर्सी हिलने का खतरा भी था तो ना सिर्फ लखनऊ पुलिस बल्कि आसपास के जिलों की पुलिस तक अलर्ट हो गई,चार घंटाटे में बच्चा भी मिल गया और किडनैप करने वाला भी। वाह बधाई। वास्तव में बधाई और शाबाशी वाला काम हुआ। लेकिन ऐसी ही एक घटना चार दिन पहले हुई थी। पंद्रह मार्च को मड़ियांव इलाके से छः साल की एक बिटिया गायब हो गई। राजगीर मिस्त्री की ये बिटिया भी उस दिन स्कूल एग्जाम देने गई थी। लेकिन फिर वो लौट कर नही आई। स्कूल ड्रेस में गई बेटी लौटी तो फिर लाश बनकर। उस बच्ची के लाश चार दिन बाद जंगल मे पेड़ से लटकी मिली। स्कूल ड्रेस में ही उस मासूम को बेल्ट से लटका दिया गया था। इस घटना में पुलिस ने यही तेजी क्यों नही दिखाई? इस लड़की के लापता होने के चार दिन तक किसी अफसर को फुरसत नही मिली कि अखबार में पढ़कर ही सही एक बार नीचे वालो से पूछ लें,ये क्या हुआ,क्या कर रहे हो। अब सीधा सवाल उन जिम्मेदारों से। साहब गरीब की बेटी लापता हुई तो आपको भनक ही नही लगी,वाह। वैसे तो सुनते है कि थाने में परिंदा भी पर मारता है तो साहब को खबर हो जाती फिर ये खबर थाने से निकलकर साहबो तक क्यों नही पहुंची। थाने में आपके अय्यार क्या कर रहे थे। साहब। सच तो ये है कि आपने उस राजगीर मिस्त्री की बेटी के लापता होने की खबर अखबारों में देख कर अनदेखा कर दिया। आप स्वीकार भले न करे लेकिन ये पाप आप से अनजाने में ही सही, हुआ जरूर है। जैसे साहब लोग अर्नव की किडनैपिंग पर भागे रहे थे वैसे उस गरीब की बेटी की किडनैपिंग पर भागने और भगाने लगते तो आज उस गरीब की बेटी भी अपने पापा के टूटे घर मे खेल रही होती। आखिर ऐसा भेद क्यों? क्यों अफसर चार दिन तक उस बच्ची की सुध नही ले पाए। सूचना नही मिली तो साहब अखबार tv नही देखते पढ़ते क्या? या सच ये है उस गरीब की बेटी का लापता होना आपको piti issue महसूस हुआ। और नतीजा। वो बच्ची लाश हो गई। अरनव बेटा ईश्वर तुमको लंबी आयु दे,तुमको मेरी भी उम्र लग जाए। लेकिन सच तो ये है कि बेटा अगर तुम किसी नामचीन स्कूल के स्टूडेंट और अपने रसूखदार पिता के बेटे ना होते तो ये पुलिस वही करती जो उस मजदूर के साथ किया। सच ये है साहब! जिस वक्त आपको अर्नव के किडनैप होने की सूचना मिली होगी तो आपको सबसे पहले अर्नव से ज्यादा अपनी कुर्सी की चिंता सताई होगी। की बेटा आज तो गए,बच्चे को कुछ हुआ तो कल सब सस्पेंड। यही दिमाग का कौंधा आपको तूफ़ान बना गया और आप सब चार घंटाटे के रिकॉर्ड वक्त में बच्चे को बचा लाए। साहब ये जो कुर्सी जाने का खौफ था ना वो खौफ डर आपको उस मजदूर की बेटी के लापता होने में नही था। ये कुर्सी न जाने का भय का ना होना ही था कि आपने उस मजदूर की बेटी को पता लगाने की जरूरत नही समझी। वरना जान तो उसकी भी थी,उसके मा बाप ने भी आपको बेटी लापता होने की सूचना दी थी। उसके घरवालों ने तो ये भी बताया कि कौन ले जा सकता है उनकी मुन्नी को। लेकिन वही कुर्सी जाने का डर ना तो नीचे वालो को था और ना आपको। इसलिए नीचे वाले ने जानकर भी कुछ नही किया और आप को फर्क ही क्या पड़ना था। खैर बात यहाँ पुलिस के रवैये की थी। एक जैसी घटना में कैसे पुलिस अलग अलग तरह का काम करती है। जिससे कुर्सी का खतरा था उसमें लग गए और जो कुछ नही उखाड़ सकता उसको आपने अब ज़िन्दगी भर की खुशियों से उखाड़ दिया। यूपी में भक्तों की सरकार आई, महात्मा कुर्सी पर बैठा तो आम आदमी में न्याय का भरोसा जगा। सरकार भले गरीब और अमीर में भेद न करती हो लेकिन खाकी तो करती है। पीड़ित अगर रसूखदार हुआ, धन्नासेठ हुआ तो खाकी... सदैव आपकी सेवा में तत्पर... की मुद्रा में आ जाती है। अगर पीड़ित, आम आदमी हुआ तो मामला उलट जाता है कि पीड़ित से ही यूपी पुलिस सेवा लेने की तत्परता में भी लग जाती है।
रामगढ़ः रामगढ़ शहर में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शहजादा अनवर और अंचल अधिकारी भोला शंकर महतो के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है। दोनों के बीच बात इतनी बिगड़ गई कि कांग्रेसियों ने अपनी सत्ता की ताकत दिखाने का मन बना लिया। शनिवार की शाम कांग्रेसी नेताओं ने अंचल अधिकारी भोला शंकर महतो पर भ्रष्ट और लापरवाह होने का आरोप लगाया। साथ ही उन्हें उनके कार्यालय में ही बंधक बना दिया। पार्टी नेताओं ने अंचल कार्यालय के चारों तरफ बने गेट में ताला जड़ दिया और बाहर धरने पर बैठ गए। अंचल कार्यालय में पूरे दिन कांग्रेसी नेता का हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। मुद्दा अंचल कार्यालय में ऑनलाइन त्रुटि सुधार का था। लेकिन इस मुद्दे पर अंचल अधिकारी के द्वारा दी गई सफाई को प्रदेश प्रवक्ता शहजादा अनवर ने नहीं सुनी। उन्होंने सीधे अंचल कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना का आगाज कर दिया। इस मुद्दे पर उन्होंने आनन-फानन में अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र लिखा। इस मुद्दे पर भूमि सुधार उप समाहर्ता ने भी हस्तक्षेप किया। प्रदेश प्रवक्ता और भूमि सुधार उप समाहर्ता की वार्ता विफल रही। इस संबंध में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान ने एक प्रेस बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शहजादा अनवर शनिवार को कुछ अन्य पदाधिकारियों के साथ वसीम अहमद नामक व्यक्ति के जमीन के दस्तावेज लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने अंचल अधिकारी से ऑनलाइन त्रुटि सुधार के लिए बात की। कांग्रेस ने अंचलाधिकारी पर यह आरोप लगाया कि विगत 1 वर्ष से वसीम अहमद को परेशान किया जा रहा था। यही नहीं सेवापदो महतो, देवीदयाल महतो, उर्मिला गोपालका, रामजतन मुंडा आदि के मामले में भी अंचल अधिकारी के द्वारा रैयतों को परेशान किया जा रहा था। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शहजादा अनवर ने इस पूरे मामले की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को भी दी थी। परंतु कार्यवाही नहीं होने के कारण विवश होकर उन्होंने धरना देने का फैसला लिया। उनका समर्थन रामगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी ने किया है। एसडीओ को लिखे पत्र में कहा है कि ऐसे भ्रष्ट एवं लापरवाह अधिकारी पर अभिलंब कार्रवाई होनी चाहिए। अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो उनका धरना अनिश्चितकालीन चलता रहेगा। इस प्रकरण में रामगढ़ अंचल अधिकारी भोला शंकर महतो ने कहा कि जितना आरोप उन पर लगाया जा रहा है वह सारा बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से एक दो लोगों के कार्य निष्पादन में विलंब हुआ है। लेकिन इसका मतलब परेशान करना नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यालय पहुंचे नेताओं को पूरी बात समझाने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
रामगढ़ः रामगढ़ शहर में कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शहजादा अनवर और अंचल अधिकारी भोला शंकर महतो के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है। दोनों के बीच बात इतनी बिगड़ गई कि कांग्रेसियों ने अपनी सत्ता की ताकत दिखाने का मन बना लिया। शनिवार की शाम कांग्रेसी नेताओं ने अंचल अधिकारी भोला शंकर महतो पर भ्रष्ट और लापरवाह होने का आरोप लगाया। साथ ही उन्हें उनके कार्यालय में ही बंधक बना दिया। पार्टी नेताओं ने अंचल कार्यालय के चारों तरफ बने गेट में ताला जड़ दिया और बाहर धरने पर बैठ गए। अंचल कार्यालय में पूरे दिन कांग्रेसी नेता का हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। मुद्दा अंचल कार्यालय में ऑनलाइन त्रुटि सुधार का था। लेकिन इस मुद्दे पर अंचल अधिकारी के द्वारा दी गई सफाई को प्रदेश प्रवक्ता शहजादा अनवर ने नहीं सुनी। उन्होंने सीधे अंचल कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना का आगाज कर दिया। इस मुद्दे पर उन्होंने आनन-फानन में अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र लिखा। इस मुद्दे पर भूमि सुधार उप समाहर्ता ने भी हस्तक्षेप किया। प्रदेश प्रवक्ता और भूमि सुधार उप समाहर्ता की वार्ता विफल रही। इस संबंध में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान ने एक प्रेस बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शहजादा अनवर शनिवार को कुछ अन्य पदाधिकारियों के साथ वसीम अहमद नामक व्यक्ति के जमीन के दस्तावेज लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने अंचल अधिकारी से ऑनलाइन त्रुटि सुधार के लिए बात की। कांग्रेस ने अंचलाधिकारी पर यह आरोप लगाया कि विगत एक वर्ष से वसीम अहमद को परेशान किया जा रहा था। यही नहीं सेवापदो महतो, देवीदयाल महतो, उर्मिला गोपालका, रामजतन मुंडा आदि के मामले में भी अंचल अधिकारी के द्वारा रैयतों को परेशान किया जा रहा था। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शहजादा अनवर ने इस पूरे मामले की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को भी दी थी। परंतु कार्यवाही नहीं होने के कारण विवश होकर उन्होंने धरना देने का फैसला लिया। उनका समर्थन रामगढ़ जिला कांग्रेस कमेटी ने किया है। एसडीओ को लिखे पत्र में कहा है कि ऐसे भ्रष्ट एवं लापरवाह अधिकारी पर अभिलंब कार्रवाई होनी चाहिए। अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो उनका धरना अनिश्चितकालीन चलता रहेगा। इस प्रकरण में रामगढ़ अंचल अधिकारी भोला शंकर महतो ने कहा कि जितना आरोप उन पर लगाया जा रहा है वह सारा बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से एक दो लोगों के कार्य निष्पादन में विलंब हुआ है। लेकिन इसका मतलब परेशान करना नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यालय पहुंचे नेताओं को पूरी बात समझाने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी।
जौनपुर। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा द्वारा हीट वेव के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त किया तथा आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने व साफ-सफाई की व्यवस्था दुरु स्त रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अस्पताल में हीटवेव को लेकर जरूरी सभी बुनियादी व्यवस्थाओं का हाल देखा और उपस्थित डॉक्टरों को निर्देश दिया कि जब तक डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीज का नंबर नहीं आ जाता तब तक मरीज को लाइन में खड़ा करने के बजाए पंखे के नीचे बैठने की व्यवस्था करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने पर्ची काउंटर, हेल्थ डेस्क, सर्जन कक्ष, नेत्र परीक्षण कक्ष, दवा वितरण कक्ष, पैथोलोजी कक्ष, ओपीडी कक्ष, जनरल वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीएमएस डॉ. कृष्ण कुमार राय को निर्देशित किया कि अस्पताल के दोनों गेट पर ओआरएस का घोल रखा जाए और मरीजों के आने पर उन्हें दिया जाए। उन्होंने दवा वितरण कक्ष के निरीक्षण के दौरान श्रीमती आरती पाल निवासी शहाबुद्दीनपुर से पूछा कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई सभी दवाएं उपलब्ध हुई है की नहीं जिस पर आरती पाल द्वारा बताया गया कि सभी दवाएं दवा वितरण कक्ष से प्राप्त हुई है। इस दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के हाल में लगे वाटर कूलर की जांच की कि पानी आ रहा है कि नही, कूलर चालू अवस्था में मिला। डीएम ने ओपीडी हाल में एक मरीज के परिजन मोनू से उपचार पर लग रहे दवा के संबंध में जानकारी प्राप्त की जिस पर परिजन द्वारा बताया गया कि सभी प्रकार की दवा दी जा रही है बाहर से दवा नहीं लेनी पड़ी है और डाक्टर द्वारा समय समय पर मरीजों का हाल लिया जा रहा है। श्री झा ने कहा कि इस समय अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है सभी का अच्छे से उपचार किये जाने की व्यवस्था हेतु सीएमएस को निर्देशित किया गया है।
जौनपुर। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा द्वारा हीट वेव के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त किया तथा आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने व साफ-सफाई की व्यवस्था दुरु स्त रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अस्पताल में हीटवेव को लेकर जरूरी सभी बुनियादी व्यवस्थाओं का हाल देखा और उपस्थित डॉक्टरों को निर्देश दिया कि जब तक डॉक्टर को दिखाने के लिए मरीज का नंबर नहीं आ जाता तब तक मरीज को लाइन में खड़ा करने के बजाए पंखे के नीचे बैठने की व्यवस्था करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने पर्ची काउंटर, हेल्थ डेस्क, सर्जन कक्ष, नेत्र परीक्षण कक्ष, दवा वितरण कक्ष, पैथोलोजी कक्ष, ओपीडी कक्ष, जनरल वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीएमएस डॉ. कृष्ण कुमार राय को निर्देशित किया कि अस्पताल के दोनों गेट पर ओआरएस का घोल रखा जाए और मरीजों के आने पर उन्हें दिया जाए। उन्होंने दवा वितरण कक्ष के निरीक्षण के दौरान श्रीमती आरती पाल निवासी शहाबुद्दीनपुर से पूछा कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई सभी दवाएं उपलब्ध हुई है की नहीं जिस पर आरती पाल द्वारा बताया गया कि सभी दवाएं दवा वितरण कक्ष से प्राप्त हुई है। इस दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के हाल में लगे वाटर कूलर की जांच की कि पानी आ रहा है कि नही, कूलर चालू अवस्था में मिला। डीएम ने ओपीडी हाल में एक मरीज के परिजन मोनू से उपचार पर लग रहे दवा के संबंध में जानकारी प्राप्त की जिस पर परिजन द्वारा बताया गया कि सभी प्रकार की दवा दी जा रही है बाहर से दवा नहीं लेनी पड़ी है और डाक्टर द्वारा समय समय पर मरीजों का हाल लिया जा रहा है। श्री झा ने कहा कि इस समय अस्पताल आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है सभी का अच्छे से उपचार किये जाने की व्यवस्था हेतु सीएमएस को निर्देशित किया गया है।
नाचते नाचते अचानक मौत होने की घटनाएं लोगों को डरा रही है. जम्मू में स्टेज पर डांस करते-करते हार्ट अटैक आने और फिर मौत की एक और घटना सामने आई है. बुधवार को जम्मू के बिशनाह इलाके में एक शख्स पार्वती के रोल में डांस कर रहा था. नाचते-नाचते वो गिरा और उसके बाद उठा ही नहीं. डांस करने के दौरान स्टेज पर जान जाने की ये तीसरी घटना है. इससे पहले उत्तर प्रदेश के बरेली में एक शख्स की बर्थडे पार्टी में डांस के दौरान मौत हो गई थी. उसके चंद दिन बाद मैनपुरी में हनुमान के रोल में नाच रहे एक शख्स की मौत ने सबको हैरान कर दिया था. नाचते नाचते अचानक मौत होने की घटनाएं लोगों को डरा रही है. जम्मू में स्टेज पर डांस करते-करते हार्ट अटैक आने और फिर मौत की एक और घटना सामने आई है. बुधवार को जम्मू के बिशनाह इलाके में एक शख्स पार्वती के रोल में डांस कर रहा था. नाचते-नाचते वो गिरा और उसके बाद उठा ही नहीं. डांस करने के दौरान स्टेज पर जान जाने की ये तीसरी घटना है. इससे पहले उत्तर प्रदेश के बरेली में एक शख्स की बर्थडे पार्टी में डांस के दौरान मौत हो गई थी. उसके चंद दिन बाद मैनपुरी में हनुमान के रोल में नाच रहे एक शख्स की मौत ने सबको हैरान कर दिया था. हादसा जम्मू के कोथे गांव के गणेश उत्सव कार्यक्रम में हुआ, जब 20 साल का आर्टिस्ट योगेश गुप्ता मां पार्वती के रोल में ऊँ नमः शिवाय भजन पर प्रस्तुति दे रहा था. युवक काफी देर तक स्टेज पर प्रस्तुति देता रहा लेकिन अचानक डांस करते हुए युवक गिरा तो उसके बाद उठा ही नहीं. वहां बैठे दर्शक भी कुछ समझ नहीं पाए. लेकिन जब बहुत देर हो गई तो उसे उसके साथी कलाकार ने जो की शिव के भेष में था उठाने की कोशिश की लेकिन युवक नहीं उठा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. . इस वीडियो में देख सकते हैं कि भजन पर परफॉर्म करने के दौरान कलाकार के पैर लड़खड़ाने लगते हैं. इस दौरान वो अपने आप को संभालने की कोशिश करता है, लेकिन वह गिर पड़ा. लेकिन फिर तुरंत ही वह उठकर बैठ गया और उसने अपनी परफॉर्मेंस जारी रखा. लेकिन वो अपने आप इस बार नहीं सम्हाल पाता और दौबारा गिर जाता है. इसके बाद भी वो लगातार उठने की कोशिश भी करता है लेकिन फिर उसके शरीर में हलचल बंद हो जाती है. वहां बैठे लोगों को लगा कि उसका गिरना डांस का ही हिस्सा था. जब वह बहुत देर तक नहीं उठा तो भगवान शिव की कॉस्ट्यूम में खड़े दूसरे आर्टिस्ट ने उसे उठाने की कोशिश की. इसके बाद साथी कलाकार उसे डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. बीते लगभग सात दिनों में यह तीसरी ऐसी घटना है जब स्टेज पर डांस के दौरान कलाकार को हार्ट अटैक आया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इससे पहले 1 सितंबर को बरेली में बर्थडे पार्टी में डांस कर रहे एक शख्स की मौत भी हार्टअटैक से हो गई थी. मौके पर मौजूद लोगों को कुछ देर के लिए लगा कि शख्स एक्टिंग कर रहा है. जब लोग उसे डॉक्टर के पास ले के पहुंचे. वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं 3 सितंबर को मैनपुरी में गणेशोत्सव में हनुमान का रोल निभा रहे युवक की मंच पर ही मौत हो गई थी. वह रामभजन पर डांस कर रहा था. डांस करते-करते वह अचानक गिर पड़ा. डॉक्टर के मुताबिक इस शख्स की मौत भी हार्ट अटैक की वजह से हुई थी.
नाचते नाचते अचानक मौत होने की घटनाएं लोगों को डरा रही है. जम्मू में स्टेज पर डांस करते-करते हार्ट अटैक आने और फिर मौत की एक और घटना सामने आई है. बुधवार को जम्मू के बिशनाह इलाके में एक शख्स पार्वती के रोल में डांस कर रहा था. नाचते-नाचते वो गिरा और उसके बाद उठा ही नहीं. डांस करने के दौरान स्टेज पर जान जाने की ये तीसरी घटना है. इससे पहले उत्तर प्रदेश के बरेली में एक शख्स की बर्थडे पार्टी में डांस के दौरान मौत हो गई थी. उसके चंद दिन बाद मैनपुरी में हनुमान के रोल में नाच रहे एक शख्स की मौत ने सबको हैरान कर दिया था. नाचते नाचते अचानक मौत होने की घटनाएं लोगों को डरा रही है. जम्मू में स्टेज पर डांस करते-करते हार्ट अटैक आने और फिर मौत की एक और घटना सामने आई है. बुधवार को जम्मू के बिशनाह इलाके में एक शख्स पार्वती के रोल में डांस कर रहा था. नाचते-नाचते वो गिरा और उसके बाद उठा ही नहीं. डांस करने के दौरान स्टेज पर जान जाने की ये तीसरी घटना है. इससे पहले उत्तर प्रदेश के बरेली में एक शख्स की बर्थडे पार्टी में डांस के दौरान मौत हो गई थी. उसके चंद दिन बाद मैनपुरी में हनुमान के रोल में नाच रहे एक शख्स की मौत ने सबको हैरान कर दिया था. हादसा जम्मू के कोथे गांव के गणेश उत्सव कार्यक्रम में हुआ, जब बीस साल का आर्टिस्ट योगेश गुप्ता मां पार्वती के रोल में ऊँ नमः शिवाय भजन पर प्रस्तुति दे रहा था. युवक काफी देर तक स्टेज पर प्रस्तुति देता रहा लेकिन अचानक डांस करते हुए युवक गिरा तो उसके बाद उठा ही नहीं. वहां बैठे दर्शक भी कुछ समझ नहीं पाए. लेकिन जब बहुत देर हो गई तो उसे उसके साथी कलाकार ने जो की शिव के भेष में था उठाने की कोशिश की लेकिन युवक नहीं उठा. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. . इस वीडियो में देख सकते हैं कि भजन पर परफॉर्म करने के दौरान कलाकार के पैर लड़खड़ाने लगते हैं. इस दौरान वो अपने आप को संभालने की कोशिश करता है, लेकिन वह गिर पड़ा. लेकिन फिर तुरंत ही वह उठकर बैठ गया और उसने अपनी परफॉर्मेंस जारी रखा. लेकिन वो अपने आप इस बार नहीं सम्हाल पाता और दौबारा गिर जाता है. इसके बाद भी वो लगातार उठने की कोशिश भी करता है लेकिन फिर उसके शरीर में हलचल बंद हो जाती है. वहां बैठे लोगों को लगा कि उसका गिरना डांस का ही हिस्सा था. जब वह बहुत देर तक नहीं उठा तो भगवान शिव की कॉस्ट्यूम में खड़े दूसरे आर्टिस्ट ने उसे उठाने की कोशिश की. इसके बाद साथी कलाकार उसे डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. बीते लगभग सात दिनों में यह तीसरी ऐसी घटना है जब स्टेज पर डांस के दौरान कलाकार को हार्ट अटैक आया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. इससे पहले एक सितंबर को बरेली में बर्थडे पार्टी में डांस कर रहे एक शख्स की मौत भी हार्टअटैक से हो गई थी. मौके पर मौजूद लोगों को कुछ देर के लिए लगा कि शख्स एक्टिंग कर रहा है. जब लोग उसे डॉक्टर के पास ले के पहुंचे. वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. वहीं तीन सितंबर को मैनपुरी में गणेशोत्सव में हनुमान का रोल निभा रहे युवक की मंच पर ही मौत हो गई थी. वह रामभजन पर डांस कर रहा था. डांस करते-करते वह अचानक गिर पड़ा. डॉक्टर के मुताबिक इस शख्स की मौत भी हार्ट अटैक की वजह से हुई थी.
Jammu and Kashmir: केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद सात साल से यहां रह रहे या गैर कश्मीरी से शादी करने वाली महिलाओं को निवासी मानने का नियम भी लागू हो गया। इसके अलावा अब भारतीय संविधान पूरी तरह जम्मू-कश्मीर में लागू है। नई दिल्ली। करीब 2 साल पहले मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया था। इसके साथ ही राज्य के सभी खास अधिकार खत्म हो गए थे। इन अधिकारों में एक था कि दूसरे राज्य का कोई व्यक्ति जम्मू-कश्मीर में जमीन जायदाद नहीं खरीद सकता। मोदी सरकार ने अब संसद में बताया है कि अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद कितने बाहरी लोगों ने केंद्र शासित प्रदेश में जमीन खरीदी है। इस बारे में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के जवाब में लिखित जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि अनुच्छेद 370 को रद्द करने के बाद जम्मू-कश्मीर में सिर्फ दो बाहरी लोगों ने जमीन खरीदी है। जम्मू-कश्मीर में बाहरी लोगों को जमीन खरीदने में किसी तरह की कठिन प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ रहा है। अनुच्छेद 370 लागू होने के बाद से यहां किसी भी बाहरी व्यक्ति के जमीन-जायदाद खरीदने पर रोक लग गई थी। साथ ही जम्मू-कश्मीर की कोई महिला अगर राज्य से बाहर गैर कश्मीरी से शादी करती थी, तो उसके अधिकार भी खत्म कर दिए जाते थे। 370 रद्द होने के बाद महिलाओं को भी इस काले कानून से आजादी मिल गई। केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद सात साल से यहां रह रहे या गैर कश्मीरी से शादी करने वाली महिलाओं को निवासी मानने का नियम भी लागू हो गया। इसके अलावा अब भारतीय संविधान पूरी तरह जम्मू-कश्मीर में लागू है। साथ ही सभी केंद्रीय कानून और खासकर आरक्षण संबंधी कानून यहां लागू कर दिए गए हैं। इससे पहले केंद्र सरकार को सिर्फ रक्षा, संचार और विदेश मामलों में ही हस्तक्षेप करने का अधिकार अनुच्छेद 370 और 35-ए के तहत मिला हुआ था। गृह राज्य मंत्री ने ये भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में साल 1989 से 5 अगस्त 2019 तक आतंकी वारदात में 5886 जवानों को शहादत देनी पड़ी। बता दें कि विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने के बाद से यहां आतंकी घटनाओं और पत्थरबाजी की वारदात में करीब 80 फीसदी तक कमी दर्ज की गई है। सुरक्षा बलों के ऑपरेशन ऑल आउट के तहत ज्यादातर बड़े आतंकी मार गिराए गए हैं।
Jammu and Kashmir: केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद सात साल से यहां रह रहे या गैर कश्मीरी से शादी करने वाली महिलाओं को निवासी मानने का नियम भी लागू हो गया। इसके अलावा अब भारतीय संविधान पूरी तरह जम्मू-कश्मीर में लागू है। नई दिल्ली। करीब दो साल पहले मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद तीन सौ सत्तर को खत्म कर दिया था। इसके साथ ही राज्य के सभी खास अधिकार खत्म हो गए थे। इन अधिकारों में एक था कि दूसरे राज्य का कोई व्यक्ति जम्मू-कश्मीर में जमीन जायदाद नहीं खरीद सकता। मोदी सरकार ने अब संसद में बताया है कि अनुच्छेद तीन सौ सत्तर खत्म होने के बाद कितने बाहरी लोगों ने केंद्र शासित प्रदेश में जमीन खरीदी है। इस बारे में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक सवाल के जवाब में लिखित जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि अनुच्छेद तीन सौ सत्तर को रद्द करने के बाद जम्मू-कश्मीर में सिर्फ दो बाहरी लोगों ने जमीन खरीदी है। जम्मू-कश्मीर में बाहरी लोगों को जमीन खरीदने में किसी तरह की कठिन प्रक्रिया का सामना नहीं करना पड़ रहा है। अनुच्छेद तीन सौ सत्तर लागू होने के बाद से यहां किसी भी बाहरी व्यक्ति के जमीन-जायदाद खरीदने पर रोक लग गई थी। साथ ही जम्मू-कश्मीर की कोई महिला अगर राज्य से बाहर गैर कश्मीरी से शादी करती थी, तो उसके अधिकार भी खत्म कर दिए जाते थे। तीन सौ सत्तर रद्द होने के बाद महिलाओं को भी इस काले कानून से आजादी मिल गई। केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद सात साल से यहां रह रहे या गैर कश्मीरी से शादी करने वाली महिलाओं को निवासी मानने का नियम भी लागू हो गया। इसके अलावा अब भारतीय संविधान पूरी तरह जम्मू-कश्मीर में लागू है। साथ ही सभी केंद्रीय कानून और खासकर आरक्षण संबंधी कानून यहां लागू कर दिए गए हैं। इससे पहले केंद्र सरकार को सिर्फ रक्षा, संचार और विदेश मामलों में ही हस्तक्षेप करने का अधिकार अनुच्छेद तीन सौ सत्तर और पैंतीस-ए के तहत मिला हुआ था। गृह राज्य मंत्री ने ये भी बताया कि जम्मू-कश्मीर में साल एक हज़ार नौ सौ नवासी से पाँच अगस्त दो हज़ार उन्नीस तक आतंकी वारदात में पाँच हज़ार आठ सौ छियासी जवानों को शहादत देनी पड़ी। बता दें कि विशेष राज्य का दर्जा खत्म किए जाने के बाद से यहां आतंकी घटनाओं और पत्थरबाजी की वारदात में करीब अस्सी फीसदी तक कमी दर्ज की गई है। सुरक्षा बलों के ऑपरेशन ऑल आउट के तहत ज्यादातर बड़े आतंकी मार गिराए गए हैं।
सबसे पहले आप अपने बारे में बताये, आप कहाँ की रहने वाली है और ऐक्टिंग के प्रोफ़ेशन में कैसे आ गई ? वैसे तो मैं हिमाचल की रहने वाली हूं। आजकल मेरे फादर पुणे में हैं। मैं चार भाई बहनों में तीसरे नम्बर पर हूं । ऐक्टिंग करने का ड्रीम मैं टीनएज में देखती थी। उस वक्त मैं बहुत सीरियल देखा करती थी और तब मैंने सिर्फ़ दो महीने के लिए "सात फेरे" सीरियल में छोटा सा रोल किया था। उसके बाद मैं ये इंडस्ट्री छोड़कर अपनी पढ़ाई पूरी करने चली गई । फिर मैंने जॉब भी किया, उस वक़्त मैं बिज़ीनेस वीमेन बनना चाहती थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था किंतु कहीं कुछ ख़ालीपन था और फिर मुझे एहसास हुआ कि ऐक्टिंग ही मेरा पैशन है । बस फिर तो ऑडिशन्स का सिलसिला शुरू हो गया, मैंने कई छोटे लेकिन अच्छे काम भी किए और पुणे से मुंबई आ गई । सीरियल की शुरुआत के समय सोचा था कि दर्शक इसे पसंद करेंगे ? हाँ मुझे कहानी का प्लॉट सुन कर लगा था कि ये सीरियल लोगों को ज़रूर पसंद आएगा । आजकल जो शो आ रहे है वो काफ़ी मोनोटोंनस हो गए है, ऐसे में निमकी जैसा सीरियल दर्शकों को एक नयापान देता है । निमकी का किरदार भी आजकल की लड़की की तरह है ,आज के समय की मस्त लेकिन समझदार लड़की है, जो अपने ईमोशनस को कंट्रोल करके प्रैक्टिकल होने में बिलिव करती है। इस शो का हर किरदार एकदम रियल है । स्क्रिप्ट में भी बहुत जान है। राइटिंग इतनी स्ट्रॉन्ग है कि जहां दर्शक को देखने में मज़ा आ रहा है वही हम लोग को शूट करने में मज़ा आता है । और सबसे बड़ा अचीवमेंट है कि इस शो को औरतों और बच्चों के साथ ही घर के मेल मेम्बर्स भी देख रहे हैं। अपना यह सिलेब्रिटी स्टेटस कैसा लग रहा है ? नहीं, अभी कोई सिलेब्रिटी नहीं बनी हूं मैं। सेलिब्रिटी बनने के लिए तो साल लग जाएँगे । अभी तो सिर्फ़ लोग मुझे पहचानने लगे है ,मैं तो बस ऐक्टर हूं। हां, थोड़ा डिफ़्रेन्स आया है ,लोग सेट पर मिलने के लिए आते है ,साथ में फ़ोटो खिंचना चाहते है तो ये सब बहुत अच्छा लगता है ,मेरी पूरी कोशिश रहती है कि किसी को निराश ना करूं । जो लोग मुझे पसंद कर रहे हैं, जिनकी वजह से मैं यहां हूं उनसे मिलकर हमेशा खुशी होती। आपकी फ़ैमिली का कितना सपोर्ट मिला ? फैमिली से मुझे हमेशा सपोर्ट मिला है। मेरे डैड बहुत ओपन विचारों के हैं। मैंने सोलह साल की उम्र से अपने पॉकेट मनी के लिए काम करना शुरू कर दिया था। जब मैं मुम्बई आई उस वक़्त मेरे पास काम नहीं था, तब फ़ैमिली क्या होती है मुझे समझ आया। मॉम-डैड ने मुझे हमेशा मोटिवेट किया, कभी निराश नहीं होने दिया और अभी भी मॉम डैड ही मेरे बेस्ट क्रिटिक और फ़ैन हैं। उन्होंने मुझे हमेशा ग्राउंडेड रहना सीखाया है । मुझे घर में सबसे ज़्यादा प्यार मिला है। बचपन में मेरी दादी मुझे जीनत अमान कहती थी। अब वे नहीं है तो डैड को यही अफ़सोस है कि दादी मुझे टी वी पर नहीं देख सकीं। आज वो होती तो बहुत ख़ुश होती । भूमिका ख़ुद किस तरह की लड़की है ? (हंस कर )सब कहते है कि मैं निमकी जैसी ही हूँ लेकिन मैं सेल्फ़िश नहीं हूं, बहुत पॉज़िटिव सोच रखती हूं, हमेशा ख़ुश रहती हूं, मेरी सेट पर सबसे दोस्ती है, जल्दी रोती नहीं हूं, लोगों से मिलना, उनसे बात करना मुझे पसंद है। मेरे लिए बहुत देर तक एक ही जगह बैठना मुश्किल है, कुछ ना कुछ करते रहना चाहती हूं। अगर कभी कुछ नेगेटिव हो या निराश हो, तो उसे अपने ऊपर हावी नहीं होने देती। बीमार भी हूं, तो अपना मूड बदल कर फ़्रेश हो जाती हूं। मुझे खाने का भी बहुत शौक़ है। वैसे आजकल मैं भी थोड़ा खाने पर कंट्रोल कर रही हूं। मुझे शॉपिंग का भी शौक़ है, ड्रेस, शूज़ आदि खरीदना मुझे अच्छा लगता है। आप खुद किसकी फ़ैन है ? और किस तरह के शो या मूवी देखती है ? बॉलीवुड में मैं रणवीर सिंह ,आलिया भट्ट और कंगना रणावत की बड़ी फ़ैन हूं। रणवीर की एनर्जी, आलिया की नैचरल ऐक्टिंग ,और कंगना की बोल्डनेस मुझे पसंद है। मैंने बचपन में डिजनी चैनल ख़ूब देखा है फिर "रीमिक्स", "दिल मिल गए" टाइप के डेली सोप देखा करती थी। "क़सम से" सीरियल देखने के बाद तो मैं एकता कपूर की ज़बरदस्त फ़ैन हो गई थी । महिला दिवस के अवसर पर क्या कहना चाहेंगी ? मैं सभी महिलाओं की बहुत इज़्ज़त करती हूं। सबसे बड़ी बात तो वे क्रीएटर है । फिज़िकली, मेंटली सब तरह का पेन लेती है, फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है। एक ही समय में विभिन्न काम कर सकती हैं। लेकिन औरतों को अपने बारे में भी सोचना चाहिए। साथ ही मैं ये भी कहना चाहती हूं कि हमें अपनी फ़्रीडम का ग़लत फ़ायदा नहीं उठाना चाहिए। आजकल न्यूज़ में सुन ने में आता है कि लड़कियाँ लड़कों पर फ़ोल्स केस कर देती है ये ग़लत है । हम लकी है कि हम सब को समान अधिकार मिले है । आपको होली फ़ेस्टिवल कैसा लगता है ? मुझे तो होली खेलना बहुत पसंद है। लेकिन अब गीली पानी वाली नहीं बस रंगो से खेलना अच्छा लगता है । बचपन में तो हम लोग छोटी होली और बड़ी होली दोनो खेलते थे। एक दिन पहले से रंग वाले पानी के गुब्बारे भर कर रखते थे । सुबह उठ कर बस दोस्तों के साथ होली खेलना शुरू हो जाता था, ख़ूब चोट भी लगती थी । होली का बेस्ट पार्ट होता है उस अवसर पर बन ने वाली गुझिया । मैं तो अनगिनत गुझिया खाती थी । इस साल अगर शूट से ऑफ़ मिला तो मैं फ़ैमिली के साथ पुणे में होली मनाऊँगी वरना यही फ़्रेंड्ज़ के साथ मस्ती करेंगे ।
सबसे पहले आप अपने बारे में बताये, आप कहाँ की रहने वाली है और ऐक्टिंग के प्रोफ़ेशन में कैसे आ गई ? वैसे तो मैं हिमाचल की रहने वाली हूं। आजकल मेरे फादर पुणे में हैं। मैं चार भाई बहनों में तीसरे नम्बर पर हूं । ऐक्टिंग करने का ड्रीम मैं टीनएज में देखती थी। उस वक्त मैं बहुत सीरियल देखा करती थी और तब मैंने सिर्फ़ दो महीने के लिए "सात फेरे" सीरियल में छोटा सा रोल किया था। उसके बाद मैं ये इंडस्ट्री छोड़कर अपनी पढ़ाई पूरी करने चली गई । फिर मैंने जॉब भी किया, उस वक़्त मैं बिज़ीनेस वीमेन बनना चाहती थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था किंतु कहीं कुछ ख़ालीपन था और फिर मुझे एहसास हुआ कि ऐक्टिंग ही मेरा पैशन है । बस फिर तो ऑडिशन्स का सिलसिला शुरू हो गया, मैंने कई छोटे लेकिन अच्छे काम भी किए और पुणे से मुंबई आ गई । सीरियल की शुरुआत के समय सोचा था कि दर्शक इसे पसंद करेंगे ? हाँ मुझे कहानी का प्लॉट सुन कर लगा था कि ये सीरियल लोगों को ज़रूर पसंद आएगा । आजकल जो शो आ रहे है वो काफ़ी मोनोटोंनस हो गए है, ऐसे में निमकी जैसा सीरियल दर्शकों को एक नयापान देता है । निमकी का किरदार भी आजकल की लड़की की तरह है ,आज के समय की मस्त लेकिन समझदार लड़की है, जो अपने ईमोशनस को कंट्रोल करके प्रैक्टिकल होने में बिलिव करती है। इस शो का हर किरदार एकदम रियल है । स्क्रिप्ट में भी बहुत जान है। राइटिंग इतनी स्ट्रॉन्ग है कि जहां दर्शक को देखने में मज़ा आ रहा है वही हम लोग को शूट करने में मज़ा आता है । और सबसे बड़ा अचीवमेंट है कि इस शो को औरतों और बच्चों के साथ ही घर के मेल मेम्बर्स भी देख रहे हैं। अपना यह सिलेब्रिटी स्टेटस कैसा लग रहा है ? नहीं, अभी कोई सिलेब्रिटी नहीं बनी हूं मैं। सेलिब्रिटी बनने के लिए तो साल लग जाएँगे । अभी तो सिर्फ़ लोग मुझे पहचानने लगे है ,मैं तो बस ऐक्टर हूं। हां, थोड़ा डिफ़्रेन्स आया है ,लोग सेट पर मिलने के लिए आते है ,साथ में फ़ोटो खिंचना चाहते है तो ये सब बहुत अच्छा लगता है ,मेरी पूरी कोशिश रहती है कि किसी को निराश ना करूं । जो लोग मुझे पसंद कर रहे हैं, जिनकी वजह से मैं यहां हूं उनसे मिलकर हमेशा खुशी होती। आपकी फ़ैमिली का कितना सपोर्ट मिला ? फैमिली से मुझे हमेशा सपोर्ट मिला है। मेरे डैड बहुत ओपन विचारों के हैं। मैंने सोलह साल की उम्र से अपने पॉकेट मनी के लिए काम करना शुरू कर दिया था। जब मैं मुम्बई आई उस वक़्त मेरे पास काम नहीं था, तब फ़ैमिली क्या होती है मुझे समझ आया। मॉम-डैड ने मुझे हमेशा मोटिवेट किया, कभी निराश नहीं होने दिया और अभी भी मॉम डैड ही मेरे बेस्ट क्रिटिक और फ़ैन हैं। उन्होंने मुझे हमेशा ग्राउंडेड रहना सीखाया है । मुझे घर में सबसे ज़्यादा प्यार मिला है। बचपन में मेरी दादी मुझे जीनत अमान कहती थी। अब वे नहीं है तो डैड को यही अफ़सोस है कि दादी मुझे टी वी पर नहीं देख सकीं। आज वो होती तो बहुत ख़ुश होती । भूमिका ख़ुद किस तरह की लड़की है ? सब कहते है कि मैं निमकी जैसी ही हूँ लेकिन मैं सेल्फ़िश नहीं हूं, बहुत पॉज़िटिव सोच रखती हूं, हमेशा ख़ुश रहती हूं, मेरी सेट पर सबसे दोस्ती है, जल्दी रोती नहीं हूं, लोगों से मिलना, उनसे बात करना मुझे पसंद है। मेरे लिए बहुत देर तक एक ही जगह बैठना मुश्किल है, कुछ ना कुछ करते रहना चाहती हूं। अगर कभी कुछ नेगेटिव हो या निराश हो, तो उसे अपने ऊपर हावी नहीं होने देती। बीमार भी हूं, तो अपना मूड बदल कर फ़्रेश हो जाती हूं। मुझे खाने का भी बहुत शौक़ है। वैसे आजकल मैं भी थोड़ा खाने पर कंट्रोल कर रही हूं। मुझे शॉपिंग का भी शौक़ है, ड्रेस, शूज़ आदि खरीदना मुझे अच्छा लगता है। आप खुद किसकी फ़ैन है ? और किस तरह के शो या मूवी देखती है ? बॉलीवुड में मैं रणवीर सिंह ,आलिया भट्ट और कंगना रणावत की बड़ी फ़ैन हूं। रणवीर की एनर्जी, आलिया की नैचरल ऐक्टिंग ,और कंगना की बोल्डनेस मुझे पसंद है। मैंने बचपन में डिजनी चैनल ख़ूब देखा है फिर "रीमिक्स", "दिल मिल गए" टाइप के डेली सोप देखा करती थी। "क़सम से" सीरियल देखने के बाद तो मैं एकता कपूर की ज़बरदस्त फ़ैन हो गई थी । महिला दिवस के अवसर पर क्या कहना चाहेंगी ? मैं सभी महिलाओं की बहुत इज़्ज़त करती हूं। सबसे बड़ी बात तो वे क्रीएटर है । फिज़िकली, मेंटली सब तरह का पेन लेती है, फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है। एक ही समय में विभिन्न काम कर सकती हैं। लेकिन औरतों को अपने बारे में भी सोचना चाहिए। साथ ही मैं ये भी कहना चाहती हूं कि हमें अपनी फ़्रीडम का ग़लत फ़ायदा नहीं उठाना चाहिए। आजकल न्यूज़ में सुन ने में आता है कि लड़कियाँ लड़कों पर फ़ोल्स केस कर देती है ये ग़लत है । हम लकी है कि हम सब को समान अधिकार मिले है । आपको होली फ़ेस्टिवल कैसा लगता है ? मुझे तो होली खेलना बहुत पसंद है। लेकिन अब गीली पानी वाली नहीं बस रंगो से खेलना अच्छा लगता है । बचपन में तो हम लोग छोटी होली और बड़ी होली दोनो खेलते थे। एक दिन पहले से रंग वाले पानी के गुब्बारे भर कर रखते थे । सुबह उठ कर बस दोस्तों के साथ होली खेलना शुरू हो जाता था, ख़ूब चोट भी लगती थी । होली का बेस्ट पार्ट होता है उस अवसर पर बन ने वाली गुझिया । मैं तो अनगिनत गुझिया खाती थी । इस साल अगर शूट से ऑफ़ मिला तो मैं फ़ैमिली के साथ पुणे में होली मनाऊँगी वरना यही फ़्रेंड्ज़ के साथ मस्ती करेंगे ।
यूपी और राजस्थान में पुजारियों की कथित हत्याओं के मामले में राजनीति तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को घेरने में जुटी है वहीं कांग्रेस, यूपी में भाजपा के खिलाफ हमलावर है। पुजारियों की मौत के मुद्दे पर टीवी चैनल आजतक के एक डिबेट शो में भाजपा और कांग्रेस के प्रवक्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। डिबेट शो में भाजपा प्रवक्ता अपराजिता सारंगी ने राजस्थान के करौली में पुजारी की कथित हत्या के मामले में कांग्रेस प्रवक्ता पर खूब निशाना साधा। उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे मामलों में राजनीतिक रोटियां नहीं सेकनी चाहिए। अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि अगर प्रियंका गांधी हाथरस जा सकती है तो वो राजस्थान के करौली भी जाएं। बता दें कि हाथरस में एक दलित युवती से कथित गैंगरेप और हत्या के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए पहुंचे थे। कांग्रेस नेता करौली ना जाने पर इन दिनों भाजपा के निशाने पर हैं।
यूपी और राजस्थान में पुजारियों की कथित हत्याओं के मामले में राजनीति तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को घेरने में जुटी है वहीं कांग्रेस, यूपी में भाजपा के खिलाफ हमलावर है। पुजारियों की मौत के मुद्दे पर टीवी चैनल आजतक के एक डिबेट शो में भाजपा और कांग्रेस के प्रवक्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। डिबेट शो में भाजपा प्रवक्ता अपराजिता सारंगी ने राजस्थान के करौली में पुजारी की कथित हत्या के मामले में कांग्रेस प्रवक्ता पर खूब निशाना साधा। उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे मामलों में राजनीतिक रोटियां नहीं सेकनी चाहिए। अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि अगर प्रियंका गांधी हाथरस जा सकती है तो वो राजस्थान के करौली भी जाएं। बता दें कि हाथरस में एक दलित युवती से कथित गैंगरेप और हत्या के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए पहुंचे थे। कांग्रेस नेता करौली ना जाने पर इन दिनों भाजपा के निशाने पर हैं।
सपा छोड़कर हाल ही में भाजपा का दामन थामने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री शिवेंद्र सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरा है. पर्चा भरते समय शिवेंद्र ने कहा कि मैंने पार्टी से बगावत नहीं की है. मैं भाजपा की कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना चाहता हूं. लेकिन महाराजगंज की जनता के आग्रह पर पर्चा भर रहा हूं. महाराजगंज जिले की सिसवा सीट से विधायक पूर्व मंत्री शिवेंद्र सिंह को मौसम वैज्ञानिक भी कहा जाता है. यह परिवार हालात को देखते हुए पार्टियां बदलते आया है. समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में घर वापसी करने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार भाजपा सिसवा सीट पर शिवेंद्र सिंह को ही मैदान में उतारेगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस बार राजपरिवार का सियासी गणित फेल हो गया और भाजपा ने वर्तमान विधायक प्रेस सागर पटेल को ही दोबारा टिकट थमा दिया. यूपी की राजनीति में चर्चित विधानसभा सीटों में महराजगंज जिले की सिसवा सीट भी शामिल है. यहां की सियासत राजपरिवार के इर्द-गिर्द ही घूमती आई है. यहां की जनता उन नेताओं के हाथ में भी क्षेत्र की बागडोर सौंप चुकी है, जिन्होंने दमदारी से राजपरिवार की खिलाफत की. 1968 से अब तक सिसवा विधानसभा के चुनावी परिणाम पर नजर डालें तो यहां की चुनावी हार-जीत राजपरिवार तक ही सिमट कर रह गई है. हालात ऐसे हैं कि पिछले 14 चुनावों में राजपरिवार के 2 सदस्य ही विधायक की कुर्सी पर काबिज रह चुके हैं. 14 में से सिर्फ 5 बार ही राजपरिवार के बाहर के लोग विधायक चुने गए. परिवार के शिवेन्द्र सिंह उर्फ शिव बाबू 35 साल के सियासी सफर में सपा, कांग्रेस, बसपा और भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं. इस बार देखना दिलचस्प होगा कि सिसवा की सियायत किस करवट बैठती है. भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे शिवेंद्र सिंह से आज तक ने सवाल किया कि वर्तमान विधायक आरोप लगाते हैं कि थानों पर आप 2 लेटर लिखते हैं. एक पकड़वाने के लिए और दूसरा छुड़वाने के लिए. इस पर शिवेंद्र सिंह ने जवाब दिया कि वे 100 लेटर लिखते हैं. अगर सिसवा की जनता को लेटर पसंद हैं तो वे लिखते रहेंगे. उन्होंने विधायक पर आरोप लगाया कि वे तो सीधे थाने पर ही चले जाते हैं.
सपा छोड़कर हाल ही में भाजपा का दामन थामने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री शिवेंद्र सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरा है. पर्चा भरते समय शिवेंद्र ने कहा कि मैंने पार्टी से बगावत नहीं की है. मैं भाजपा की कल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना चाहता हूं. लेकिन महाराजगंज की जनता के आग्रह पर पर्चा भर रहा हूं. महाराजगंज जिले की सिसवा सीट से विधायक पूर्व मंत्री शिवेंद्र सिंह को मौसम वैज्ञानिक भी कहा जाता है. यह परिवार हालात को देखते हुए पार्टियां बदलते आया है. समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में घर वापसी करने के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार भाजपा सिसवा सीट पर शिवेंद्र सिंह को ही मैदान में उतारेगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस बार राजपरिवार का सियासी गणित फेल हो गया और भाजपा ने वर्तमान विधायक प्रेस सागर पटेल को ही दोबारा टिकट थमा दिया. यूपी की राजनीति में चर्चित विधानसभा सीटों में महराजगंज जिले की सिसवा सीट भी शामिल है. यहां की सियासत राजपरिवार के इर्द-गिर्द ही घूमती आई है. यहां की जनता उन नेताओं के हाथ में भी क्षेत्र की बागडोर सौंप चुकी है, जिन्होंने दमदारी से राजपरिवार की खिलाफत की. एक हज़ार नौ सौ अड़सठ से अब तक सिसवा विधानसभा के चुनावी परिणाम पर नजर डालें तो यहां की चुनावी हार-जीत राजपरिवार तक ही सिमट कर रह गई है. हालात ऐसे हैं कि पिछले चौदह चुनावों में राजपरिवार के दो सदस्य ही विधायक की कुर्सी पर काबिज रह चुके हैं. चौदह में से सिर्फ पाँच बार ही राजपरिवार के बाहर के लोग विधायक चुने गए. परिवार के शिवेन्द्र सिंह उर्फ शिव बाबू पैंतीस साल के सियासी सफर में सपा, कांग्रेस, बसपा और भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं. इस बार देखना दिलचस्प होगा कि सिसवा की सियायत किस करवट बैठती है. भाजपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे शिवेंद्र सिंह से आज तक ने सवाल किया कि वर्तमान विधायक आरोप लगाते हैं कि थानों पर आप दो लेटर लिखते हैं. एक पकड़वाने के लिए और दूसरा छुड़वाने के लिए. इस पर शिवेंद्र सिंह ने जवाब दिया कि वे एक सौ लेटर लिखते हैं. अगर सिसवा की जनता को लेटर पसंद हैं तो वे लिखते रहेंगे. उन्होंने विधायक पर आरोप लगाया कि वे तो सीधे थाने पर ही चले जाते हैं.
:भारत ने रोहित शर्मा (72) की अर्द्धशतकीय पारी की बदौलत एशिया कप 2022 के सुपर-4 मुकाबले में मंगलवार को श्रीलंका के सामने 174 रन का लक्ष्य रखा। भारत ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए 13 रन पर दो विकेट गंवा दिये थे, जिसके बाद रोहित ने कप्तानी पारी खेलते हुए 41 गेंदों पर पांच चौके और चार छक्के जड़कर 72 रन बनाये। रोहित ने सूर्यकुमार यादव (34) के साथ तीसरे विकेट के लिये 97 रन जोड़े, हालांकि इसके अलावा भारत की ओर से कोई बड़ी साझेदारी नहीं हुई। केएल राहुल ने पारी की शुरुआत करते हुए सात गेंदों पर छह रन बनाये। पिछले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ 60 रन की पारी खेलने वाले विराट कोहली अपना खाता भी नहीं खोल सके और दिलशन मदुशंका की गेंद पर बोल्ड हो गये। इसके अलावा हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत ने 17-17 रन बनाये। टीम में वापसी करने वाले रविचंद्रन अश्विन ने आखिर में सात गेंदों पर 15 रन बनाकर टीम को 20 ओवर में 173/8 रन के स्कोर तक पहुंचाया। श्रीलंका की ओर दिलशन मदुशंका ने चार ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट लिये, जबकि चमिका करुणारत्ने ने चार ओवर में 27 रन देकर दो विकेट अपने नाम किया। कप्तान दसुन शनाका ने दो ओवर में 26 रन देकर दो विकेट लिये। (वार्ता)
:भारत ने रोहित शर्मा की अर्द्धशतकीय पारी की बदौलत एशिया कप दो हज़ार बाईस के सुपर-चार मुकाबले में मंगलवार को श्रीलंका के सामने एक सौ चौहत्तर रन का लक्ष्य रखा। भारत ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए तेरह रन पर दो विकेट गंवा दिये थे, जिसके बाद रोहित ने कप्तानी पारी खेलते हुए इकतालीस गेंदों पर पांच चौके और चार छक्के जड़कर बहत्तर रन बनाये। रोहित ने सूर्यकुमार यादव के साथ तीसरे विकेट के लिये सत्तानवे रन जोड़े, हालांकि इसके अलावा भारत की ओर से कोई बड़ी साझेदारी नहीं हुई। केएल राहुल ने पारी की शुरुआत करते हुए सात गेंदों पर छह रन बनाये। पिछले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ साठ रन की पारी खेलने वाले विराट कोहली अपना खाता भी नहीं खोल सके और दिलशन मदुशंका की गेंद पर बोल्ड हो गये। इसके अलावा हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत ने सत्रह-सत्रह रन बनाये। टीम में वापसी करने वाले रविचंद्रन अश्विन ने आखिर में सात गेंदों पर पंद्रह रन बनाकर टीम को बीस ओवर में एक सौ तिहत्तर/आठ रन के स्कोर तक पहुंचाया। श्रीलंका की ओर दिलशन मदुशंका ने चार ओवर में चौबीस रन देकर तीन विकेट लिये, जबकि चमिका करुणारत्ने ने चार ओवर में सत्ताईस रन देकर दो विकेट अपने नाम किया। कप्तान दसुन शनाका ने दो ओवर में छब्बीस रन देकर दो विकेट लिये।
श्याम- यदि ऐसा नहीं हुआ तो ? पिरो०- नहीं हुआ तो आगे देवाधीन है। यत्नेकृत यदि न सिद्धति कोत्र दोषः । इथाम-बहुत अच्छा ! पिरो०अब समय अधिक होने आया है आप भी भोजन वगैरह कीजिये मैं भी जाता हूं । श्याम-कल प्रभात जरूर जाईये । पिरो०0जरूर जाऊंगा अब आज्ञा दीजिये । श्माम०- अच्छा पधारिये । ( प्रस्थान )
श्याम- यदि ऐसा नहीं हुआ तो ? पिरोशून्य- नहीं हुआ तो आगे देवाधीन है। यत्नेकृत यदि न सिद्धति कोत्र दोषः । इथाम-बहुत अच्छा ! पिरोशून्यअब समय अधिक होने आया है आप भी भोजन वगैरह कीजिये मैं भी जाता हूं । श्याम-कल प्रभात जरूर जाईये । पिरोशून्यजरूर जाऊंगा अब आज्ञा दीजिये । श्मामशून्य- अच्छा पधारिये ।
।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल (हे.) ।1 - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसे1950 ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा 117 - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ( नदारद ) ।1क(क) - रिक्त ( नदारद ) ।1-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ( नदारद ) ।2 - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ।3 - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ( नदारद ) ।4 - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ 4 में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ( नदारद ) ।4-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -(क)जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ( नदारद ) ।4-क(ख) - अन्य भूमि । ( नदारद ) ।5-1 - कृषि योग्य भूमि - नई परती (परतीजदीद) ( नदारद ) ।5-2 - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती (परतीकदीम) ( नदारद ) ।5-3-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ( नदारद ) ।5-3-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ( नदारद ) ।5-3-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ( नदारद ) ।5-3-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ( नदारद ) ।5-3-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ( नदारद ) ।5-क (क) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ( नदारद ) ।5-क (ख) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ( नदारद ) ।5-क (ग) - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी (वनाधिकारों की मान्यत्ाा) अधि. - 2006 के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ( नदारद ) ।6-1 - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।6-2 - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। ।6-3 - कब्रिस्तान और श्मशान (मरघट) , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ( नदारद ) ।6-4 - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ( नदारद ) ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
।ग्राम क्रमांक : ।ग्राम का नाम : ।तहसील : ।जनपद : ।फसली वर्ष : ।भाग : ।प्रत्येक गाटे का क्षेत्रफल ।एक - ऐसी भूमि, जिसमें सरकार अथवा गाँवसभा या अन्य स्थानीय अधिकारिकी जिसेएक हज़ार नौ सौ पचास ई. के उ. प्र. ज. वि.एवं भू. व्य. अधि.की धारा एक सौ सत्रह - क के अधीन भूमि का प्रबन्ध सौंपा गया हो , खेती करता हो । ।एकक - रिक्त ।एक-ख - ऐसी भूमि जो गवर्नमेंट ग्रांट एक्ट केअन्तर्गत व्यक्तियों के पास हो । ।दो - भूमि जो असंक्रमणीय भूमिधरो केअधिकार में हो। ।तीन - भूमि जो असामियों के अध्यासन या अधिकारमें हो। ।चार - भूमि जो उस दशा में बिना आगम केअध्यासीनों के अधिकार में हो जब खसरेके स्तम्भ चार में पहले से ही किसी व्यक्तिका नाम अभिलिखित न हो। ।चार-क - उ.प्र. अधिकतम जोत सीमा आरोपण.अधि.अन्तर्गत अर्जित की गई अतिरिक्त भूमि -जो उ.प्र.जोत सी.आ.अ.के उपबन्धो केअधीन किसी अन्तरिम अवधि के लिये किसी पट्टेदार द्वारा रखी गयी हो । ।चार-क - अन्य भूमि । ।पाँच-एक - कृषि योग्य भूमि - नई परती ।पाँच-दो - कृषि योग्य भूमि - पुरानी परती ।पाँच-तीन-क - कृषि योग्य बंजर - इमारती लकड़ी केवन। ।पाँच-तीन-ख - कृषि योग्य बंजर - ऐसे वन जिसमें अन्यप्रकर के वृक्ष,झाडि़यों के झुन्ड,झाडि़याँ इत्यादि हों। ।पाँच-तीन-ग - कृषि योग्य बंजर - स्थाई पशुचर भूमि तथा अन्य चराई की भूमियाँ । ।पाँच-तीन-घ - कृषि योग्य बंजर - छप्पर छाने की घास तथा बाँस की कोठियाँ । ।पाँच-तीन-ङ - अन्य कृषि योग्य बंजर भूमि। ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - कृषि हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - आबादी हेतु ।पाँच-क - वन भूमि जिस पर अनु.जन. व अन्य परम्परागत वन निवासी अधि. - दो हज़ार छः के अन्तर्गत वनाधिकार दिये गये हों - सामुदायिक वनाधिकार हेतु ।छः-एक - अकृषिक भूमि - जलमग्न भूमि । ।छः-दो - अकृषिक भूमि - स्थल, सड़कें, रेलवे,भवन और ऐसी दूसरी भूमियां जोअकृषित उपयोगों के काम में लायी जाती हो। ।छः-तीन - कब्रिस्तान और श्मशान , ऐसेकब्रस्तानों और श्मशानों को छोड़ करजो खातेदारों की भूमि या आबादी क्षेत्र में स्थित हो। ।छः-चार - जो अन्य कारणों से अकृषित हो । ।यह खतौनी इलेक्ट्रोनिक डिलीवरी सिस्टम द्वारा तैयार की गयी है तथा डाटा डिजीटल हस्ताक्षर द्वारा हस्ताक्षरित है।
Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah Show: 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शो इन दिनों अपने मशहूर किरदार 'दयाबेन' को लेकर चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शो में 'दयाबेन' का रोल अदा करने वालीं अभिनेत्री दिशा वकानी को जल्द ही रिप्लेस किया जा सकता है। खबरों की मानें तो मेकर्स ने 'दयाबेन' के लिए नए चेहरे की तलाश भी जारी कर दी है। वहीं दूसरी फैन्स के जहन में यह सवाल है कि आखिर दिशा वकानी शो में वापसी क्यों नहीं कर रही हैं? रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिशा के शो में लौटने के पीछे की वजह बेहद चौंकाने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, दिशा वकानी के पति और शो के निर्माता असित के बीच कुछ मतभेद चल रहे हैं। वहीं दिशा वकानी के पति मयूर पांडिया का कहना है कि दयाबेन की कुछ फीस बकाया है। जिसका भुगतान मेकर्स ने नहीं किया है। वहीं शो के निर्माता का कहना है कि किसी भी तरह का अमाउंट बकाया नहीं है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि दिशा वकानी के पति मयूर ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। इन शर्तें के मुताबिक, दिशा महीने में केवल 15 दिन काम करेंगी और एक दिन में केवल 4 घंटे ही काम करेंगी। वहीं निर्माता असित को मयूर पांडिया की यह शर्त बिल्कुल मंजूर नहीं है। मेकर्स इस बात को समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर दिशा के पति ऐसा क्यों कर रहे हैं? कहा जा रहा है कि शो के सभी कैरेक्टर शूटिंग के दौरान काफी मेहनत करते हैं। यदि दिशा वकानी शो में वापस लौटती हैं तो उनकी और मेकर्स के बीच की शर्तों पर एक मीटिंग भी की जाएगी। इसके पीछे की वजह बताई जा रही है कि 'दयाबेन' के शो में न होने से भी शो की टीआरपी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। बता दें कि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि दिशा वकानी से शो को अलविदा कह दिया है या मेकर्स ने दयाबेन के लिए नई एक्ट्रेस को साइन कर लिया है?
Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah Show: 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शो इन दिनों अपने मशहूर किरदार 'दयाबेन' को लेकर चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शो में 'दयाबेन' का रोल अदा करने वालीं अभिनेत्री दिशा वकानी को जल्द ही रिप्लेस किया जा सकता है। खबरों की मानें तो मेकर्स ने 'दयाबेन' के लिए नए चेहरे की तलाश भी जारी कर दी है। वहीं दूसरी फैन्स के जहन में यह सवाल है कि आखिर दिशा वकानी शो में वापसी क्यों नहीं कर रही हैं? रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिशा के शो में लौटने के पीछे की वजह बेहद चौंकाने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, दिशा वकानी के पति और शो के निर्माता असित के बीच कुछ मतभेद चल रहे हैं। वहीं दिशा वकानी के पति मयूर पांडिया का कहना है कि दयाबेन की कुछ फीस बकाया है। जिसका भुगतान मेकर्स ने नहीं किया है। वहीं शो के निर्माता का कहना है कि किसी भी तरह का अमाउंट बकाया नहीं है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि दिशा वकानी के पति मयूर ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। इन शर्तें के मुताबिक, दिशा महीने में केवल पंद्रह दिन काम करेंगी और एक दिन में केवल चार घंटाटे ही काम करेंगी। वहीं निर्माता असित को मयूर पांडिया की यह शर्त बिल्कुल मंजूर नहीं है। मेकर्स इस बात को समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर दिशा के पति ऐसा क्यों कर रहे हैं? कहा जा रहा है कि शो के सभी कैरेक्टर शूटिंग के दौरान काफी मेहनत करते हैं। यदि दिशा वकानी शो में वापस लौटती हैं तो उनकी और मेकर्स के बीच की शर्तों पर एक मीटिंग भी की जाएगी। इसके पीछे की वजह बताई जा रही है कि 'दयाबेन' के शो में न होने से भी शो की टीआरपी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। बता दें कि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि दिशा वकानी से शो को अलविदा कह दिया है या मेकर्स ने दयाबेन के लिए नई एक्ट्रेस को साइन कर लिया है?
10 प्रियजन, मैं नहीं चाहता कि तुम इस बात से अनजान रहो कि हमारे सारे पूर्वज बादल की छाया में यात्रा करते रहे, और सभी ने समुद्र पार किया. 2 उन सभी का मोशेह में, बादल में और समुद्र में बपतिस्मा हुआ. 3 सबने एक ही आत्मिक भोजन किया, 4 सबने एक ही आत्मिक जल पिया क्योंकि वे सब एक ही आत्मिक चट्टान में से पिया करते थे, जो उनके साथ-साथ चलती थी और वह चट्टान थे मसीह. 5 यह सब होने पर भी परमेश्वर उनमें से बहुतों से संतुष्ट न थे इसलिए जंगल में ही उनके प्राण ले लिए गए. 6 ये सभी घटनाएँ हमारे लिए चेतावनी थीं कि हम बुराई की लालसा न करें, जैसे हमारे पूर्वजों ने की थी. 7 न ही तुम मूर्तिपूजक बनो, जैसे उनमें से कुछ थे, जैसा पवित्रशास्त्र का लेख हैः वे बैठे तो खाने-पीने के लिए और उठे तो नाचने के लिए. 8 हम वेश्यागामी में लीन न हों, जैसे उनमें से कुछ हो गए थे और परिणामस्वरूप एक ही दिन में तेईस हज़ार की मृत्यु हो गई. 9 न हम प्रभु को परखें, जैसे उनमें से कुछ ने किया और साँपों के ड़सने से उनका नाश हो गया. 10 न ही तुम कुड़कुड़ाओ, जैसा उनमें से कुछ ने किया और नाश करने वाले द्वारा नाश किए गए. 11 उनके साथ घटी हुई ये घटनाएँ चिन्ह थीं, जो हमारे लिए चेतावनी के रूप में लिखी गईं क्योंकि हम उस युग में हैं, जो अन्त के पास है. 12 इसलिए वह, जो यह समझता है कि वह स्थिर है, सावधान रहे कि कहीं गिर न पड़े. 13 कोई ऐसी परीक्षा तुम पर नहीं आई, जो सभी के लिए सामान्य न हो. परमेश्वर विश्वासयोग्य हैं. वह तुम्हें किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़ने देंगे, जो तुम्हारी क्षमता के परे हो परन्तु वह परीक्षा के साथ उपाय भी करेंगे कि तुम स्थिर रह सको. 14 इसलिए प्रियजन, मूर्तिपूजा से दूर भागो. 15 यह मैं तुम्हें बुद्धिमान मानते हुए कह रहा हूँः मैं जो कह रहा हूँ उसको परखो. 16 वह धन्यवाद का प्याला, जिसे हम धन्यवाद करते हैं, क्या मसीह के लहू में हमारी सहभागिता नहीं? वह रोटी, जो हम आपस में बाँटते हैं, क्या मसीह के शरीर में हमारी सहभागिता नहीं? 17 एक रोटी में हमारी सहभागिता हमारे अनेक होने पर भी हमारे एक शरीर होने का प्रतीक है. 18 इस्राएलियों के विषय में सोचो, जो वेदी पर चढ़ाई हुई बलि खाते हैं, क्या इसके द्वारा वे एक नहीं हो जाते? 19 क्या है मेरे कहने का मतलब? क्या मूर्ति को चढ़ाई हुई वस्तु का कोई महत्व है या उस मूर्ति का कोई महत्व है? 20 बिलकुल नहीं! मेरी मान्यता तो यह है कि जो वस्तुएं अन्यजाति चढ़ाते हैं, वे उन्हें प्रेतों को चढ़ाते हैं - परमेश्वर को नहीं. 21 यह हो ही नहीं सकता कि तुम प्रभु के प्याले में से पियो और प्रेतों के प्याले में से भी; इसी प्रकार यह भी नहीं हो सकता कि तुम प्रभु की मेज़ में सहभागी हो और प्रेतों की मेज़ में भी. 22 क्या हम प्रभु में जलन पैदा करने का दुस्साहस कर रहे हैं? क्या हम प्रभु से अधिक शक्तिशाली हैं? 23 उचित तो सभी कुछ है किन्तु सभी कुछ लाभदायक नहीं. उचित तो सभी कुछ है किन्तु सभी कुछ उन्नति के लिए नहीं. 24 तुम में से हरेक अपने भले का ही नहीं परन्तु दूसरे के भले का भी ध्यान रखे. 25 अपनी अन्तरात्मा की भलाई के लिए बिना कोई प्रश्न किए माँस विक्रेताओं के यहाँ से जो कुछ उपलब्ध हो, वह खा लो, 26 क्योंकि पृथ्वी और पृथ्वी में जो कुछ भी है सभी कुछ प्रभु का ही है. 27 यदि किसी अविश्वासी के आमन्त्रण पर उसके यहाँ भोजन के लिए जाना ज़रूरी हो जाए तो अपनी अन्तरात्मा की भलाई के लिए, बिना कोई भी प्रश्न किए वह खा लो, जो तुम्हें परोसा जाए. 28 किन्तु यदि कोई तुम्हें यह बताए, "यह मूर्तियों को भेंट बलि है," तो उसे न खाना - उसकी भलाई के लिए, जिसने तुम्हें यह बताया है तथा विवेक की भलाई के लिए. 29 मेरा मतलब तुम्हारे अपने विवेक से नहीं परन्तु उस अन्य व्यक्ति के विवेक से है - मेरी स्वतन्त्रता भला क्यों किसी दूसरे के विवेक द्वारा नापी जाए? 30 यदि मैं धन्यवाद देकर भोजन में शामिल होता हूँ तो उसके लिए मुझ पर दोष क्यों लगाया जाता है, जिसके लिए मैंने परमेश्वर के प्रति धन्यवाद प्रकट किया? 31 इसलिए तुम चाहे जो कुछ करो, चाहे जो कुछ खाओ या पियो, वह परमेश्वर की महिमा के लिए हो. 32 तुम न यहूदियों के लिए ठोकर का कारण बनो, न यूनानियों के लिए और न ही परमेश्वर की कलीसिया के लिए; 33 ठीक जिस प्रकार मैं भी सबको सब प्रकार से प्रसन्न रखता हूँ और मैं अपने भले का नहीं परन्तु दूसरों के भले का ध्यान रखता हूँ कि उन्हें उद्धार प्राप्त हो. 10 हे भाईयों, मैं चाहता हूँ कि तुम यह जान लो कि हमारे सभी पूर्वज बादल की छत्र छाया में सुरक्षा पूर्वक लाल सागर पार कर गए थे। 2 उन सब को बादल के नीचे, समुद्र के बीच मूसा के अनुयायियों के रूप में बपतिस्मा दिया गया था। 3 उन सभी ने समान आध्यात्मिक भोजन खाया था। 4 और समान आध्यात्मिक जल पिया था क्योंकि वे अपने साथ चल रही उस आध्यात्मिक चट्टान से ही जल ग्रहण कर रहे थे। और वह चट्टान थी मसीह। 5 किन्तु उनमें से अधिकांश लोगों से परमेश्वर प्रसन्न नहीं था, इसीलिए वे मरुभूमि में मारे गये। 6 ये बातें ऐसे घटीं कि हमारे लिये उदाहरण सिद्ध हों और हम बुरी बातों की कामना न करें जैसे उन्होंने की थी। 7 मूर्ति-पूजक मत बनो, जैसे कि उनमें से कुछ थे। शास्त्र कहता हैः "व्यक्ति खाने पीने के लिये बैठा और परस्पर आनन्द मनाने के लिए उठा।" 8 सो आओ हम कभी व्यभिचार न करें जैसे उनमें से कुछ किया करते थे। इसी नाते उनमें से 23,000 व्यक्ति एक ही दिन मर गए। 9 आओ हम मसीह[a] की परीक्षा न लें, जैसे कि उनमें से कुछ ने ली थी। परिणामस्वरूप साँपों के काटने से वे मर गए। 10 शिकवा शिकायत मत करो जैसे कि उनमें से कुछ किया करते थे और इसी कारण विनाश के स्वर्गदूत द्वारा मार डाले गए। 11 ये बातें उनके साथ ऐसे घटीं कि उदाहरण रहे। और उन्हें लिख दिया गया कि हमारे लिए जिन पर युगों का अन्त उतरा हुआ है, चेतावनी रहे। 12 इसलिए जो यह सोचता है कि वह दृढ़ता के साथ खड़ा है, उसे सावधान रहना चाहिये कि वह गिर न पड़े। 13 तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े हो, जो मनुष्यों के लिये सामान्य नहीं है। परमेश्वर विश्वसनीय है। वह तुम्हारी सहन शक्ति से अधिक तुम्हें परीक्षा में नहीं पड़ने देगा। परीक्षा के साथ साथ उससे बचने का मार्ग भी वह तुम्हें देगा ताकि तुम परीक्षा को उत्तीर्ण कर सको। 14 हे मेरे प्रिय मित्रो, अंत में मैं कहता हूँ मूर्ति उपासना से दूर रहो। 15 तुम्हें समझदार समझ कर मैं ऐसा कह रहा हूँ। जो मैं कह रहा हूँ, उसे अपने आप परखो। 16 धन्यवाद का वह प्याला जिसके लिये हम धन्यवाद देते हैं, वह क्या मसीह के लहू में हमारी साझेदारी नहीं है? वह रोटी जिसे हम विभाजित करते हैं, क्या यीशु की देह में हमारी साझेदारी नहीं? 17 रोटी का होना एक ऐसा तथ्य है, जिसका अर्थ है कि हम सब एक ही शरीर से हैं। क्योंकि उस एक रोटी में ही हम सब साझेदार हैं। 18 उन इस्राएलियों के बारे में सोचो, जो बलि की वस्तुएँ खाते हैं। क्या वे उस वेदी के साझेदार नहीं हैं? 19 इस बात को मेरे कहने का प्रयोजन क्या है? क्या मैं यह कहना चाहता हूँ कि मूर्तियों पर चढ़ाया गया भोजन कुछ है या कि मूर्ति कुछ भी नहीं है। 20 बल्कि मेरी आशा तो यह है कि वे अधर्मी जो बलि चढ़ाते हैं, वे उन्हें परमेश्वर के लिये नहीं, बल्कि दुष्ट आत्माओं के लिये चढ़ाते हैं। और मैं नहीं चाहता कि तुम दुष्टात्माओं के साझेदार बनो। 21 तुम प्रभु के कटोरे और दुष्टात्माओं के कटोरे में से एक साथ नहीं पी सकते। तुम प्रभु के भोजन की चौकी और दुष्टात्माओं के भोजन की चौकी, दोनों में एक साथ हिस्सा नहीं बटा सकते। 22 क्या हम प्रभु को चिढ़ाना चाहते हैं? क्या जितना शक्तिशाली वह है, हम उससे अधिक शक्तिशाली हैं? 23 जैसा कि कहा गया है कि, "हम कुछ भी करने के लिये स्वतन्त्र हैं।" पर सब कुछ हितकारी तो नहीं है। "हम कुछ भी करने के लिए स्वतन्त्र हैं" किन्तु हर किसी बात से विश्वास सुदृढ़ तो नहीं होता। 24 किसी को भी मात्र स्वार्थ की ही चिन्ता नहीं करनी चाहिये बल्कि औरों के परमार्थ की भी सोचनी चाहिये। 25 बाजार में जो कुछ बिकता है, अपने अन्तर्मन के अनुसार वह सब कुछ खाओ। उसके बारे में कोई प्रश्न मत करो। 26 क्योंकि शास्त्र कहता हैः "यह धरती और इस पर जो कुछ है, सब प्रभु का है।"(A) 27 यदि अविश्वासियों में से कोई व्यक्ति तुम्हें भोजन पर बुलाये और तुम वहाँ जाना चाहो तो तुम्हारे सामने जो भी परोसा गया है, अपने अन्तर्मन के अनुसार सब खाओ। कोई प्रश्न मत पूछो। 28 किन्तु यदि कोई तुम लोगों को यह बताये, "यह देवता पर चढ़ाया गया चढ़ावा है" तो जिसने तुम्हें यह बताया है, उसके कारण और अपने अन्तर्मन के कारण उसे मत खाओ। 29 मैं जब अन्तर्मन कहता हूँ तो मेरा अर्थ तुम्हारे अन्तर्मन से नहीं बल्कि उस दूसरे व्यक्ति के अन्तर्मन से है। एकमात्र यही कारण है। क्योंकि मेरी स्वतन्त्रता भला दूसरे व्यक्ति के अन्तर्मन द्वारा लिये गये निर्णय से सीमित क्यों रहे? 30 यदि मैं धन्यवाद देकर, भोजन में हिस्सा लेता हूँ तो जिस वस्तु के लिये मैं परमेश्वर को धन्यवाद देता हूँ, उसके लिये मेरी आलोचना नहीं की जानी चाहिये। 31 इसलिए चाहे तुम खाओ, चाहे पिओ, चाहे कुछ और करो, बस सब कुछ परमेश्वर की महिमा के लिये करो। 32 यहूदियों के लिये या ग़ैर यहूदियों के लिये या जो परमेश्वर के कलीसिया के हैं, उनके लिये कभी बाधा मत बनो 33 जैसे स्वयं हर प्रकार से हर किसी को प्रसन्न रखने का जतन करता हूँ, और बिना यह सोचे कि मेरा स्वार्थ क्या है, परमार्थ की सोचता हूँ ताकि उनका उद्धार हो। New Testament, Saral Hindi Bible (नए करार, सरल हिन्दी बाइबल) Copyright © 1978, 2009, 2016 by Biblica, Inc.® All rights reserved worldwide.
दस प्रियजन, मैं नहीं चाहता कि तुम इस बात से अनजान रहो कि हमारे सारे पूर्वज बादल की छाया में यात्रा करते रहे, और सभी ने समुद्र पार किया. दो उन सभी का मोशेह में, बादल में और समुद्र में बपतिस्मा हुआ. तीन सबने एक ही आत्मिक भोजन किया, चार सबने एक ही आत्मिक जल पिया क्योंकि वे सब एक ही आत्मिक चट्टान में से पिया करते थे, जो उनके साथ-साथ चलती थी और वह चट्टान थे मसीह. पाँच यह सब होने पर भी परमेश्वर उनमें से बहुतों से संतुष्ट न थे इसलिए जंगल में ही उनके प्राण ले लिए गए. छः ये सभी घटनाएँ हमारे लिए चेतावनी थीं कि हम बुराई की लालसा न करें, जैसे हमारे पूर्वजों ने की थी. सात न ही तुम मूर्तिपूजक बनो, जैसे उनमें से कुछ थे, जैसा पवित्रशास्त्र का लेख हैः वे बैठे तो खाने-पीने के लिए और उठे तो नाचने के लिए. आठ हम वेश्यागामी में लीन न हों, जैसे उनमें से कुछ हो गए थे और परिणामस्वरूप एक ही दिन में तेईस हज़ार की मृत्यु हो गई. नौ न हम प्रभु को परखें, जैसे उनमें से कुछ ने किया और साँपों के ड़सने से उनका नाश हो गया. दस न ही तुम कुड़कुड़ाओ, जैसा उनमें से कुछ ने किया और नाश करने वाले द्वारा नाश किए गए. ग्यारह उनके साथ घटी हुई ये घटनाएँ चिन्ह थीं, जो हमारे लिए चेतावनी के रूप में लिखी गईं क्योंकि हम उस युग में हैं, जो अन्त के पास है. बारह इसलिए वह, जो यह समझता है कि वह स्थिर है, सावधान रहे कि कहीं गिर न पड़े. तेरह कोई ऐसी परीक्षा तुम पर नहीं आई, जो सभी के लिए सामान्य न हो. परमेश्वर विश्वासयोग्य हैं. वह तुम्हें किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़ने देंगे, जो तुम्हारी क्षमता के परे हो परन्तु वह परीक्षा के साथ उपाय भी करेंगे कि तुम स्थिर रह सको. चौदह इसलिए प्रियजन, मूर्तिपूजा से दूर भागो. पंद्रह यह मैं तुम्हें बुद्धिमान मानते हुए कह रहा हूँः मैं जो कह रहा हूँ उसको परखो. सोलह वह धन्यवाद का प्याला, जिसे हम धन्यवाद करते हैं, क्या मसीह के लहू में हमारी सहभागिता नहीं? वह रोटी, जो हम आपस में बाँटते हैं, क्या मसीह के शरीर में हमारी सहभागिता नहीं? सत्रह एक रोटी में हमारी सहभागिता हमारे अनेक होने पर भी हमारे एक शरीर होने का प्रतीक है. अट्ठारह इस्राएलियों के विषय में सोचो, जो वेदी पर चढ़ाई हुई बलि खाते हैं, क्या इसके द्वारा वे एक नहीं हो जाते? उन्नीस क्या है मेरे कहने का मतलब? क्या मूर्ति को चढ़ाई हुई वस्तु का कोई महत्व है या उस मूर्ति का कोई महत्व है? बीस बिलकुल नहीं! मेरी मान्यता तो यह है कि जो वस्तुएं अन्यजाति चढ़ाते हैं, वे उन्हें प्रेतों को चढ़ाते हैं - परमेश्वर को नहीं. इक्कीस यह हो ही नहीं सकता कि तुम प्रभु के प्याले में से पियो और प्रेतों के प्याले में से भी; इसी प्रकार यह भी नहीं हो सकता कि तुम प्रभु की मेज़ में सहभागी हो और प्रेतों की मेज़ में भी. बाईस क्या हम प्रभु में जलन पैदा करने का दुस्साहस कर रहे हैं? क्या हम प्रभु से अधिक शक्तिशाली हैं? तेईस उचित तो सभी कुछ है किन्तु सभी कुछ लाभदायक नहीं. उचित तो सभी कुछ है किन्तु सभी कुछ उन्नति के लिए नहीं. चौबीस तुम में से हरेक अपने भले का ही नहीं परन्तु दूसरे के भले का भी ध्यान रखे. पच्चीस अपनी अन्तरात्मा की भलाई के लिए बिना कोई प्रश्न किए माँस विक्रेताओं के यहाँ से जो कुछ उपलब्ध हो, वह खा लो, छब्बीस क्योंकि पृथ्वी और पृथ्वी में जो कुछ भी है सभी कुछ प्रभु का ही है. सत्ताईस यदि किसी अविश्वासी के आमन्त्रण पर उसके यहाँ भोजन के लिए जाना ज़रूरी हो जाए तो अपनी अन्तरात्मा की भलाई के लिए, बिना कोई भी प्रश्न किए वह खा लो, जो तुम्हें परोसा जाए. अट्ठाईस किन्तु यदि कोई तुम्हें यह बताए, "यह मूर्तियों को भेंट बलि है," तो उसे न खाना - उसकी भलाई के लिए, जिसने तुम्हें यह बताया है तथा विवेक की भलाई के लिए. उनतीस मेरा मतलब तुम्हारे अपने विवेक से नहीं परन्तु उस अन्य व्यक्ति के विवेक से है - मेरी स्वतन्त्रता भला क्यों किसी दूसरे के विवेक द्वारा नापी जाए? तीस यदि मैं धन्यवाद देकर भोजन में शामिल होता हूँ तो उसके लिए मुझ पर दोष क्यों लगाया जाता है, जिसके लिए मैंने परमेश्वर के प्रति धन्यवाद प्रकट किया? इकतीस इसलिए तुम चाहे जो कुछ करो, चाहे जो कुछ खाओ या पियो, वह परमेश्वर की महिमा के लिए हो. बत्तीस तुम न यहूदियों के लिए ठोकर का कारण बनो, न यूनानियों के लिए और न ही परमेश्वर की कलीसिया के लिए; तैंतीस ठीक जिस प्रकार मैं भी सबको सब प्रकार से प्रसन्न रखता हूँ और मैं अपने भले का नहीं परन्तु दूसरों के भले का ध्यान रखता हूँ कि उन्हें उद्धार प्राप्त हो. दस हे भाईयों, मैं चाहता हूँ कि तुम यह जान लो कि हमारे सभी पूर्वज बादल की छत्र छाया में सुरक्षा पूर्वक लाल सागर पार कर गए थे। दो उन सब को बादल के नीचे, समुद्र के बीच मूसा के अनुयायियों के रूप में बपतिस्मा दिया गया था। तीन उन सभी ने समान आध्यात्मिक भोजन खाया था। चार और समान आध्यात्मिक जल पिया था क्योंकि वे अपने साथ चल रही उस आध्यात्मिक चट्टान से ही जल ग्रहण कर रहे थे। और वह चट्टान थी मसीह। पाँच किन्तु उनमें से अधिकांश लोगों से परमेश्वर प्रसन्न नहीं था, इसीलिए वे मरुभूमि में मारे गये। छः ये बातें ऐसे घटीं कि हमारे लिये उदाहरण सिद्ध हों और हम बुरी बातों की कामना न करें जैसे उन्होंने की थी। सात मूर्ति-पूजक मत बनो, जैसे कि उनमें से कुछ थे। शास्त्र कहता हैः "व्यक्ति खाने पीने के लिये बैठा और परस्पर आनन्द मनाने के लिए उठा।" आठ सो आओ हम कभी व्यभिचार न करें जैसे उनमें से कुछ किया करते थे। इसी नाते उनमें से तेईस,शून्य व्यक्ति एक ही दिन मर गए। नौ आओ हम मसीह[a] की परीक्षा न लें, जैसे कि उनमें से कुछ ने ली थी। परिणामस्वरूप साँपों के काटने से वे मर गए। दस शिकवा शिकायत मत करो जैसे कि उनमें से कुछ किया करते थे और इसी कारण विनाश के स्वर्गदूत द्वारा मार डाले गए। ग्यारह ये बातें उनके साथ ऐसे घटीं कि उदाहरण रहे। और उन्हें लिख दिया गया कि हमारे लिए जिन पर युगों का अन्त उतरा हुआ है, चेतावनी रहे। बारह इसलिए जो यह सोचता है कि वह दृढ़ता के साथ खड़ा है, उसे सावधान रहना चाहिये कि वह गिर न पड़े। तेरह तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े हो, जो मनुष्यों के लिये सामान्य नहीं है। परमेश्वर विश्वसनीय है। वह तुम्हारी सहन शक्ति से अधिक तुम्हें परीक्षा में नहीं पड़ने देगा। परीक्षा के साथ साथ उससे बचने का मार्ग भी वह तुम्हें देगा ताकि तुम परीक्षा को उत्तीर्ण कर सको। चौदह हे मेरे प्रिय मित्रो, अंत में मैं कहता हूँ मूर्ति उपासना से दूर रहो। पंद्रह तुम्हें समझदार समझ कर मैं ऐसा कह रहा हूँ। जो मैं कह रहा हूँ, उसे अपने आप परखो। सोलह धन्यवाद का वह प्याला जिसके लिये हम धन्यवाद देते हैं, वह क्या मसीह के लहू में हमारी साझेदारी नहीं है? वह रोटी जिसे हम विभाजित करते हैं, क्या यीशु की देह में हमारी साझेदारी नहीं? सत्रह रोटी का होना एक ऐसा तथ्य है, जिसका अर्थ है कि हम सब एक ही शरीर से हैं। क्योंकि उस एक रोटी में ही हम सब साझेदार हैं। अट्ठारह उन इस्राएलियों के बारे में सोचो, जो बलि की वस्तुएँ खाते हैं। क्या वे उस वेदी के साझेदार नहीं हैं? उन्नीस इस बात को मेरे कहने का प्रयोजन क्या है? क्या मैं यह कहना चाहता हूँ कि मूर्तियों पर चढ़ाया गया भोजन कुछ है या कि मूर्ति कुछ भी नहीं है। बीस बल्कि मेरी आशा तो यह है कि वे अधर्मी जो बलि चढ़ाते हैं, वे उन्हें परमेश्वर के लिये नहीं, बल्कि दुष्ट आत्माओं के लिये चढ़ाते हैं। और मैं नहीं चाहता कि तुम दुष्टात्माओं के साझेदार बनो। इक्कीस तुम प्रभु के कटोरे और दुष्टात्माओं के कटोरे में से एक साथ नहीं पी सकते। तुम प्रभु के भोजन की चौकी और दुष्टात्माओं के भोजन की चौकी, दोनों में एक साथ हिस्सा नहीं बटा सकते। बाईस क्या हम प्रभु को चिढ़ाना चाहते हैं? क्या जितना शक्तिशाली वह है, हम उससे अधिक शक्तिशाली हैं? तेईस जैसा कि कहा गया है कि, "हम कुछ भी करने के लिये स्वतन्त्र हैं।" पर सब कुछ हितकारी तो नहीं है। "हम कुछ भी करने के लिए स्वतन्त्र हैं" किन्तु हर किसी बात से विश्वास सुदृढ़ तो नहीं होता। चौबीस किसी को भी मात्र स्वार्थ की ही चिन्ता नहीं करनी चाहिये बल्कि औरों के परमार्थ की भी सोचनी चाहिये। पच्चीस बाजार में जो कुछ बिकता है, अपने अन्तर्मन के अनुसार वह सब कुछ खाओ। उसके बारे में कोई प्रश्न मत करो। छब्बीस क्योंकि शास्त्र कहता हैः "यह धरती और इस पर जो कुछ है, सब प्रभु का है।" सत्ताईस यदि अविश्वासियों में से कोई व्यक्ति तुम्हें भोजन पर बुलाये और तुम वहाँ जाना चाहो तो तुम्हारे सामने जो भी परोसा गया है, अपने अन्तर्मन के अनुसार सब खाओ। कोई प्रश्न मत पूछो। अट्ठाईस किन्तु यदि कोई तुम लोगों को यह बताये, "यह देवता पर चढ़ाया गया चढ़ावा है" तो जिसने तुम्हें यह बताया है, उसके कारण और अपने अन्तर्मन के कारण उसे मत खाओ। उनतीस मैं जब अन्तर्मन कहता हूँ तो मेरा अर्थ तुम्हारे अन्तर्मन से नहीं बल्कि उस दूसरे व्यक्ति के अन्तर्मन से है। एकमात्र यही कारण है। क्योंकि मेरी स्वतन्त्रता भला दूसरे व्यक्ति के अन्तर्मन द्वारा लिये गये निर्णय से सीमित क्यों रहे? तीस यदि मैं धन्यवाद देकर, भोजन में हिस्सा लेता हूँ तो जिस वस्तु के लिये मैं परमेश्वर को धन्यवाद देता हूँ, उसके लिये मेरी आलोचना नहीं की जानी चाहिये। इकतीस इसलिए चाहे तुम खाओ, चाहे पिओ, चाहे कुछ और करो, बस सब कुछ परमेश्वर की महिमा के लिये करो। बत्तीस यहूदियों के लिये या ग़ैर यहूदियों के लिये या जो परमेश्वर के कलीसिया के हैं, उनके लिये कभी बाधा मत बनो तैंतीस जैसे स्वयं हर प्रकार से हर किसी को प्रसन्न रखने का जतन करता हूँ, और बिना यह सोचे कि मेरा स्वार्थ क्या है, परमार्थ की सोचता हूँ ताकि उनका उद्धार हो। New Testament, Saral Hindi Bible Copyright © एक हज़ार नौ सौ अठहत्तर, दो हज़ार नौ, दो हज़ार सोलह by Biblica, Inc.® All rights reserved worldwide.
BBC News, चिराग पासवानः किसके कितने पास, किससे कितने दूर? बिहार में दो सीटों के उपचुनाव में लालू और नीतीश क्यों उतरे मैदान में? सुशील मोदी का मलाल, रविशंकर की विदाई और आरसीपी- पारस को कैसे मिली मलाई? मोदी सरकार को कैबिनेट विस्तार की ज़रूरत अभी क्यों आन पड़ी? तेजस्वी ने फिर दिया ऑफ़र, नीतीश-बीजेपी के ख़िलाफ़ साथ आएंगे चिराग? वीडियो, पीएम मोदी से चिराग पासवान को क्यों और कितनी उम्मीदें हैं? क्या बीजेपी ने नीतीश के लिए चिराग को छोड़ दिया है?
BBC News, चिराग पासवानः किसके कितने पास, किससे कितने दूर? बिहार में दो सीटों के उपचुनाव में लालू और नीतीश क्यों उतरे मैदान में? सुशील मोदी का मलाल, रविशंकर की विदाई और आरसीपी- पारस को कैसे मिली मलाई? मोदी सरकार को कैबिनेट विस्तार की ज़रूरत अभी क्यों आन पड़ी? तेजस्वी ने फिर दिया ऑफ़र, नीतीश-बीजेपी के ख़िलाफ़ साथ आएंगे चिराग? वीडियो, पीएम मोदी से चिराग पासवान को क्यों और कितनी उम्मीदें हैं? क्या बीजेपी ने नीतीश के लिए चिराग को छोड़ दिया है?
कैदियों की तरह अब सरकार आर्थिक अपराधों की आरोपी कंपनियों को भी एक खास नंबर देने जा रही है। इस आइडेंटिफिकेशन नंबर (Unique Identification Number) को यूनिक इकोनॉमिक ऑफेंडर कोड के तौर पर जाना जाएगा। ये यूनिक कोड अल्फान्यूमेरिक होगा। । इस कोड की खासियत ये है कि इसे अपराधी के आधार कार्ड से भी लिंक किया जाएगा। अगर अपराध का मामला किसी कंपनी का होगा तो इसे पैन कार्ड (Pan Card) से जोड़ा जाएगा। आधार कार्ड और पैन कार्ड के माध्यम से धोखाधड़ी के सभी मामलों को एक साथ टैग कर दिया जाएगा और फिर उसी 360 डिग्री प्रोफाइल बना दी जाएगी। बताया जा रहा है कि सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो ने 2. 5 आरोपियों की लिस्ट तैयार की है। इसके चलते अब कई कंपनियां किसी भी कंपनी या अपराधी के बारे में एक साथ जांच कर सकेंगी। ध्यान रहे कि अभी तक ऐसा होता है कि जब एक एजेंसी चार्जशीट फाइल कर देती है तो दूसरी कंपनी अपनी प्रक्रिया शुरू कर देती है। बताया जा रहा है कि अगर किसी एजेंसी या फिर कोर्ट को इस कंपनी के बारे में पता करना होगा तो ये कोड दिया जाएगा। फिर इसका डेटा एनईओआर में दर्ज किया जाएगा।
कैदियों की तरह अब सरकार आर्थिक अपराधों की आरोपी कंपनियों को भी एक खास नंबर देने जा रही है। इस आइडेंटिफिकेशन नंबर को यूनिक इकोनॉमिक ऑफेंडर कोड के तौर पर जाना जाएगा। ये यूनिक कोड अल्फान्यूमेरिक होगा। । इस कोड की खासियत ये है कि इसे अपराधी के आधार कार्ड से भी लिंक किया जाएगा। अगर अपराध का मामला किसी कंपनी का होगा तो इसे पैन कार्ड से जोड़ा जाएगा। आधार कार्ड और पैन कार्ड के माध्यम से धोखाधड़ी के सभी मामलों को एक साथ टैग कर दिया जाएगा और फिर उसी तीन सौ साठ डिग्री प्रोफाइल बना दी जाएगी। बताया जा रहा है कि सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो ने दो. पाँच आरोपियों की लिस्ट तैयार की है। इसके चलते अब कई कंपनियां किसी भी कंपनी या अपराधी के बारे में एक साथ जांच कर सकेंगी। ध्यान रहे कि अभी तक ऐसा होता है कि जब एक एजेंसी चार्जशीट फाइल कर देती है तो दूसरी कंपनी अपनी प्रक्रिया शुरू कर देती है। बताया जा रहा है कि अगर किसी एजेंसी या फिर कोर्ट को इस कंपनी के बारे में पता करना होगा तो ये कोड दिया जाएगा। फिर इसका डेटा एनईओआर में दर्ज किया जाएगा।
साल 2022 की शुरुआत हो चुकी है। कई बॉलीवुड सेलेब्स अपने परिवार के साथ न्यू ईयर सेलिब्रेट कर रहे हैं। कई बॉलीवुड कपल्स विदेशों में नए साल का जश्न मना रहे हैं। इस लिस्ट में एक्ट्रेस सोनम कपूर का नाम भी शामिल है। सोनम ने अपने पति आनंद अहूजा संग लंदन में न्यू ईयर सेलिब्रेट किया। सोनम कपूर ने पति आनंद आहूजा के साथ रोमांटिक अंदाज में साल 2022 का स्वागत किया। सोनम कपूर ने आनंद आहूजा संग कुछ रोमाटिंक तस्वीरें शेयर की है। एक तस्वीर में वह पति को लिपलॉक करती नजर आ रही हैं। दोनों ब्लैक कलर के आउटफिट में नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ सोनम ने कैप्शन में लिखा, 'मेरे जीवन के प्यार के लिए नया साल मुबारक हो। वह सिर्फ #एवरीडेफेमोमिना नहीं है, वह हर साल अमेजिंग है और वह व्यक्ति जिसके साथ मैं हर नया साल बिताना चाहती हूं। 2022 में आप सभी के लिए अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और पूर्ति की कामना करती हूं। ' बता दें कि शादी के बाद सोनम कपूर फिल्मों में कम ही नजर आती हैं। वह अपने पति के साथ लंदन में रह रही हैं। फैमिली से मिलने सोनम अक्सर मुंबई आती रहती हैं।
साल दो हज़ार बाईस की शुरुआत हो चुकी है। कई बॉलीवुड सेलेब्स अपने परिवार के साथ न्यू ईयर सेलिब्रेट कर रहे हैं। कई बॉलीवुड कपल्स विदेशों में नए साल का जश्न मना रहे हैं। इस लिस्ट में एक्ट्रेस सोनम कपूर का नाम भी शामिल है। सोनम ने अपने पति आनंद अहूजा संग लंदन में न्यू ईयर सेलिब्रेट किया। सोनम कपूर ने पति आनंद आहूजा के साथ रोमांटिक अंदाज में साल दो हज़ार बाईस का स्वागत किया। सोनम कपूर ने आनंद आहूजा संग कुछ रोमाटिंक तस्वीरें शेयर की है। एक तस्वीर में वह पति को लिपलॉक करती नजर आ रही हैं। दोनों ब्लैक कलर के आउटफिट में नजर आ रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ सोनम ने कैप्शन में लिखा, 'मेरे जीवन के प्यार के लिए नया साल मुबारक हो। वह सिर्फ #एवरीडेफेमोमिना नहीं है, वह हर साल अमेजिंग है और वह व्यक्ति जिसके साथ मैं हर नया साल बिताना चाहती हूं। दो हज़ार बाईस में आप सभी के लिए अच्छे स्वास्थ्य, खुशी और पूर्ति की कामना करती हूं। ' बता दें कि शादी के बाद सोनम कपूर फिल्मों में कम ही नजर आती हैं। वह अपने पति के साथ लंदन में रह रही हैं। फैमिली से मिलने सोनम अक्सर मुंबई आती रहती हैं।
पूर्णिया यूनिवर्सिटी ने सीबीसीएस सिस्टम के अनुसार दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का सीआईए का एक्जाम होगा. इसके अनुसार विद्यार्थियों की 15 से 20 नंबर की परीक्षा होगी. इस परीक्षा की उत्तर पुस्तिका यानी answer sheet विद्यार्थियों को उनकी कक्षा में ही दिखाई जाएगी. बाकी बचे हुए नंबर की परीक्षा सेमेस्टर के अंत में होगी. बता दें कि यूनिवर्सिटी हर सेमेस्टर में 100 नंबर की परीक्षा लेगा. इस परीक्षा में फेल होने या अनुपस्थित होने पर विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में जाने नहीं दिया जाएगा. विश्वविद्यालय के वीसी आएन यादव ने बताया कि इंटरन एक्जाम में विद्यार्थियों से वहीं पूछा जाएगा जो उन्हें पढ़ाया गया है. ऐसे में यदि विद्यार्थी कक्षा नहीं आते तो वे परीक्षा में उत्तीरण नहीं हो पाएंगे और यदि शिक्षक क्लास से गैर हाजिर होने के बाद प्रश्न सेट करते हैं तो विद्यार्थी यह कह सकेंगे कि जो पूछा गया है वह उन्हें पढ़ाया ही नहीं गया है. इससे में दोनों पर नकैल कसी जा सकेगी. पूर्णिया यूनिवर्सिटी के अधीन 34 कॉलेज हैं. इसमें 15 अंगीभूत और 19 संबंद्ध महाविद्यालय हैं. इन कॉलेजों में अबतक औसतन 275 शिक्षक और कर्मी अनुपस्थित पाए गए हैं. इन गौर हाजिर शिक्षकों में सबसे अधिक संख्या संबंद्ध कॉलेजों के शिक्षकों की है जो अपने कक्षाओं से गायब रहते हैं. इधर, यूनिवर्सिटी ने संबंद्ध कॉलेजों के शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार नहीं होने पर उनका आर्थिक सहायता रोकने की बात कही है.
पूर्णिया यूनिवर्सिटी ने सीबीसीएस सिस्टम के अनुसार दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों का सीआईए का एक्जाम होगा. इसके अनुसार विद्यार्थियों की पंद्रह से बीस नंबर की परीक्षा होगी. इस परीक्षा की उत्तर पुस्तिका यानी answer sheet विद्यार्थियों को उनकी कक्षा में ही दिखाई जाएगी. बाकी बचे हुए नंबर की परीक्षा सेमेस्टर के अंत में होगी. बता दें कि यूनिवर्सिटी हर सेमेस्टर में एक सौ नंबर की परीक्षा लेगा. इस परीक्षा में फेल होने या अनुपस्थित होने पर विद्यार्थियों को अगले सेमेस्टर में जाने नहीं दिया जाएगा. विश्वविद्यालय के वीसी आएन यादव ने बताया कि इंटरन एक्जाम में विद्यार्थियों से वहीं पूछा जाएगा जो उन्हें पढ़ाया गया है. ऐसे में यदि विद्यार्थी कक्षा नहीं आते तो वे परीक्षा में उत्तीरण नहीं हो पाएंगे और यदि शिक्षक क्लास से गैर हाजिर होने के बाद प्रश्न सेट करते हैं तो विद्यार्थी यह कह सकेंगे कि जो पूछा गया है वह उन्हें पढ़ाया ही नहीं गया है. इससे में दोनों पर नकैल कसी जा सकेगी. पूर्णिया यूनिवर्सिटी के अधीन चौंतीस कॉलेज हैं. इसमें पंद्रह अंगीभूत और उन्नीस संबंद्ध महाविद्यालय हैं. इन कॉलेजों में अबतक औसतन दो सौ पचहत्तर शिक्षक और कर्मी अनुपस्थित पाए गए हैं. इन गौर हाजिर शिक्षकों में सबसे अधिक संख्या संबंद्ध कॉलेजों के शिक्षकों की है जो अपने कक्षाओं से गायब रहते हैं. इधर, यूनिवर्सिटी ने संबंद्ध कॉलेजों के शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार नहीं होने पर उनका आर्थिक सहायता रोकने की बात कही है.
यह पर्याप्त है कि कनिष्ठ स्कूली बच्चों में पढ़ादिन लगभग 1 घंटे धीरे-धीरे, पढ़ने की मात्रा और गति में वृद्धि होगी। चिंता मत करो अगर किताब को यह पसंद नहीं है। वहां अभी तक एक उपयुक्त समय आएगा जब बच्चा उसमें वर्णित कहानी को स्वीकार और समझ सकेगा। आपको उसे सूची से निम्नलिखित की पेशकश करने की जरूरत है 7-8 साल के बच्चों के लिए पुस्तकों की सूची महान है, और उनमें से कम से कम एक होना चाहिए, जिसे आप एक बार से अधिक बार पढ़ना चाहते हैं। दुकानों की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकशकिसी भी उम्र के लिए साहित्य लेकिन मान लें कि बच्चों के लिए रोचक किताबें चुनना आसान है। माता-पिता को उनके बच्चे को बहुत अच्छी तरह से जानना होगा कि वह वास्तव में क्या पसंद करता है। ऐसा करने के लिए, आपको पुस्तक के डिजाइन, फ़ॉन्ट, नाम पर ध्यान देना होगा। यह एनोटेशन को देखने के लिए भी है, यह निर्धारित करने के लिए कि यह कौन सी शैली है। वृद्ध उम्र के लिए बच्चों की किताबें लेना आवश्यक नहीं है। दुकानें मुद्रित की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश करते हैंप्रकाशनों। लेकिन एक विशेष बच्चे को क्या समझना चाहिए? अभिभावकों को अपने बच्चों, उनके शौक और हितों को समझना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्या उत्पाद उनके बच्चों को खुश करेगा या नहीं। छोटे स्कूली बच्चों के लिए किताबें उबाऊ और अधिकतर बहार नहीं हो सकतीं। डरावनी कहानियां पढ़ने की इच्छा को डराने और हतोत्साहित कर सकती हैं। सही बच्चे को खोजने के लिएसाहित्य, हमें विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए तैयार किए गए सूचियों का उपयोग करना चाहिए उदाहरण के लिए, स्कूल में एक शिक्षक ऐसी जानकारी प्रदान कर सकता है और आप अपने अनुभव को याद कर सकते हैं और 7-8 साल के बच्चों के लिए किताबों की अपनी सूची बना सकते हैं। प्रकाशक साहित्य का उत्पादन कर सकते हैं जो कर सकते हैंलड़कियों और लड़कों दोनों के लिए दिलचस्प हो इस उम्र में बच्चों के स्कूल संबंधों, शिक्षकों और छात्रों के बीच संचार, कक्षा में हुई मजेदार कहानियों के विषय के करीब हैं। यह बहुत अच्छा है, अगर पढ़ना अध्ययन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या को हल करने में मदद करता है। यह लिआ गेर्स्किना द्वारा पुस्तक में पाया जा सकता है "अनौपचारिक सबक के देश में।" वह एक लड़के के बारे में बात करती है जो बहुत खराब शिक्षित थी, लेकिन फिर एक जादुई भूमि में मिला। उनके साथ वहां आने वाले आकर्षक रोमांच ने स्कूल के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने में मदद की। लेकिन 7-8 साल की लड़कियों के लिए विशेष किताबें हैं। ये प्रेम की कहानियां, दोस्ती के बारे में कहानियां हो सकती हैं, मुख्य चीज यह है कि उनमें सब कुछ खूबसूरत, स्त्री और अच्छी तरह से समाप्त होता है। उदाहरण के लिए, "सारा कू के एडवेंचर्स" (लेखक एफ बेनेट), "मैरी पॉपपींस" (पी। ट्रॉवर्स), "नोट्स ऑफ़ द गुड़िया" (वी। एंड्रीविस्काया)। लड़कों के लिए, रोमांचक कारनामों के लिए उपयुक्त किताबें उपयुक्त हैं। नायक अनिवार्य रूप से शोर, बोल्ड, हंसमुख और थोड़ा चालबाज होना चाहिए। साहस के पन्नों पर अधिक साहित्यिक काम, अधिक दिलचस्प यह युवा छात्र को पढ़ना होगा। उदाहरण के लिए, ए। लुकेनेंको द्वारा "द बॉय एंड द डार्क", जी। पोशेशोव द्वारा "द गोल्डन बॉल", ए लिंडबर्ग द्वारा "एमिली फ्रॉम लेनवेरर्ग" यह माना जाता है कि बच्चों को केवल सबसे अच्छा पढ़ना चाहिएसाहित्यिक काम करता है इसलिए, 7-8 साल के बच्चों के लिए पुस्तकों की एक सूची शास्त्रीय प्रकाशनों से बनी जानी चाहिए वे समय-परीक्षण कर रहे हैं, अच्छे से सिखाने की गारंटी देते हैं, कई सवालों के उत्तर देते हैं, दुनिया की सही धारणा बनाते हैं। यह वास्तव में मनोरंजक और दिलचस्प हैबच्चों के लिए किताबें कोई भी बच्चा नहीं है जो ऐसे साहित्यिक नायकों से परिचित नहीं होता जो कि पिनोचियो, ऐलिस, पीटर पेन और अन्य लोगों और जानवरों के मनोरंजक या दुखद कहानियों से हंसते और बच्चों और उनके माता-पिता को दुखी करते थे। 7-8 साल के बच्चों के लिए पुस्तकों की सूची में शामिल हैंएस। यसिन के साहित्यिक काम करता है उदाहरण के लिए, "कुत्ता", "गाय", "व्हाइट बिर्च" और 1-2 कक्षाओं के विद्यार्थियों के कुछ अन्य आसानी से उपलब्ध समझ। और किसने रूस से येसेनिन की तुलना में बेहतर गाया? उन बच्चों को जो हमारे आसपास की दुनिया में रुचि रखते हैं, यह प्रकृति के बारे में इन पुस्तकों को पढ़ने के लिए सिफारिश की है, "हाथी" (बी Zhitkov), "Lesnaya Gazeta" (वी ब्रियांकी), "मेरी पशु" (Durov), कहानियों ई Charushin, एम। प्रिंसविन, "हरे पंजे" (के। पौद्स्स्की), एस। की निशानी के बारे में कविताएं। 7-8 साल के बच्चों के लिए पुस्तकों की सूची अनिवार्य हैपरियों की कहानियों को शामिल किया जाना चाहिए। यह लेखक का काम हो सकता है, लोककथाओं यह शैली दिलचस्प है क्योंकि यह एक व्यक्ति के साथ बढ़ती है बहुत छोटे बच्चे जानवरों के बारे में सरल परियों की कहानियों के साथ परिचित होने लगते हैं। वह बच्चा बड़ा हो जाता है, वह साहित्यिक काम कठिन और गहन होता है, जिसे वह खुशी से समझता है। माता-पिता आसानी से एक सूची संकलित कर सकते हैंकाम करता है कि वे परिचित हैं। वे उन्हें एक बच्चे के रूप में पढ़ाते हैं, और अब वे अपने बच्चों के साथ अच्छी यादें साझा करने के लिए तैयार हैं। लेकिन तब से बच्चों के साहित्य को नए कार्यों के साथ मंगाया गया है। एक बहुत सतर्क होना चाहिए, जिसमें 7-8 साल के बच्चों के लिए पुस्तकों की सूची में शामिल हैं। आखिरकार, आधुनिक साहित्य बच्चे के दिमाग में खतरे को छुप सकता है। बच्चे को उसके डिजाइन में रुचि हो सकती है, और पाठ अर्थहीन, रिक्त या मानस को नष्ट कर देगा। हमारे समय में, भाषण की स्वतंत्रता राजा है, इसलिए,किताबों की दुकानों में ऐसे कामों को चुनना, हमें अपनी सामग्री को सावधानीपूर्वक पढ़ना चाहिए। आधिकारिक स्रोतों की राय को सुनना, अग्रिम में यह सबसे अच्छा करना है लेकिन समकालीन लेखकों के बीच योग्य लेखक भी हैं, जिनकी किताबें बच्चों को सुरक्षित रूप से दी जा सकती हैं। इनमें जे। रॉलिंग जी। पॉटर, टुखत्याव के बारे में ज़ोक और बदख और अन्य लोगों के बारे में काम करता है। इस तथ्य के कारण कि अलग-अलग पीढ़ियों में जीवन की धारणा अलग है, बच्चे को एक आधुनिक किताब द्वारा पढ़ा जा सकता है जो वयस्क को समझ में नहीं आता है। किसी भी मामले में पढ़ने के लिए प्रेम को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। मुख्य सूची में आपकी सूची में दिलचस्प शामिल करना हैकिताब। एडवेंचर्स, परियों की कहानियां, जानवरों के बारे में कहानियां, बच्चों के जासूसों को इस जगह में मिलना चाहिए। यह आवश्यक है ताकि बच्चे यह नहीं पूछे कि उसे पढ़ने के लिए क्या जरूरी है, लेकिन उसने खुद को पुस्तक ले ली और खुद से इसे दूर नहीं कर सका। लेकिन अगर, आखिरकार, ऐसा प्रश्न उठता है, माता-पिता को इसका उत्तर देने में सक्षम होना चाहिए। बच्चों को यह समझा जाना आवश्यक है कि पढ़ना पहली हैखुशी की बारी अच्छा साहित्य शब्दावली को समृद्ध करता है, स्वाद और सोच विकसित करता है, साक्षरता बढ़ाता है यदि आप कविताओं या दिलचस्प अंशों का अध्ययन करते हैं, तो स्मृति को प्रशिक्षित किया जाएगा, विचार व्यक्त करने की क्षमता विकसित होगी, और यह निश्चित रूप से अध्ययन और भविष्य के जीवन में उपयोगी होगा। आधुनिक दुनिया में, इस अवधारणा ने खुद को खो दिया हैमूल्य। जब वे कहते हैं कि "पुस्तक" जरूरी मुद्रित उत्पाद का मतलब यह नहीं है। बल्कि, तो एक साहित्यिक काम है, जो गोली स्क्रीन से पढ़ा जा सकता है या रिकॉर्ड को सुनने को नामित। यह इस बात का महत्व कम हो जाती है है? नहीं, क्योंकि बहुत महत्वपूर्ण जानकारी है कि लेखक, बजाय वाहक जिस पर यह प्रस्तुत किया है बता देते हैं। यहां तक कि अगर काम स्क्रीन से पढ़ा हैआधुनिक उपकरण, यह मूल भाषा की सुंदरता के ज्ञान के साथ हस्तक्षेप नहीं करता है। और अगर किसी शब्द या वाक्यांश का अर्थ स्पष्ट नहीं है, तो आप हमेशा अपने माता-पिता से पूछ सकते हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के स्क्रीन विकिरण की हानि सिद्ध नहीं होती है, लेकिन समय के साथ चलना सुखद और उपयोगी है।
यह पर्याप्त है कि कनिष्ठ स्कूली बच्चों में पढ़ादिन लगभग एक घंटाटे धीरे-धीरे, पढ़ने की मात्रा और गति में वृद्धि होगी। चिंता मत करो अगर किताब को यह पसंद नहीं है। वहां अभी तक एक उपयुक्त समय आएगा जब बच्चा उसमें वर्णित कहानी को स्वीकार और समझ सकेगा। आपको उसे सूची से निम्नलिखित की पेशकश करने की जरूरत है सात-आठ साल के बच्चों के लिए पुस्तकों की सूची महान है, और उनमें से कम से कम एक होना चाहिए, जिसे आप एक बार से अधिक बार पढ़ना चाहते हैं। दुकानों की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकशकिसी भी उम्र के लिए साहित्य लेकिन मान लें कि बच्चों के लिए रोचक किताबें चुनना आसान है। माता-पिता को उनके बच्चे को बहुत अच्छी तरह से जानना होगा कि वह वास्तव में क्या पसंद करता है। ऐसा करने के लिए, आपको पुस्तक के डिजाइन, फ़ॉन्ट, नाम पर ध्यान देना होगा। यह एनोटेशन को देखने के लिए भी है, यह निर्धारित करने के लिए कि यह कौन सी शैली है। वृद्ध उम्र के लिए बच्चों की किताबें लेना आवश्यक नहीं है। दुकानें मुद्रित की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश करते हैंप्रकाशनों। लेकिन एक विशेष बच्चे को क्या समझना चाहिए? अभिभावकों को अपने बच्चों, उनके शौक और हितों को समझना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि क्या उत्पाद उनके बच्चों को खुश करेगा या नहीं। छोटे स्कूली बच्चों के लिए किताबें उबाऊ और अधिकतर बहार नहीं हो सकतीं। डरावनी कहानियां पढ़ने की इच्छा को डराने और हतोत्साहित कर सकती हैं। सही बच्चे को खोजने के लिएसाहित्य, हमें विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए तैयार किए गए सूचियों का उपयोग करना चाहिए उदाहरण के लिए, स्कूल में एक शिक्षक ऐसी जानकारी प्रदान कर सकता है और आप अपने अनुभव को याद कर सकते हैं और सात-आठ साल के बच्चों के लिए किताबों की अपनी सूची बना सकते हैं। प्रकाशक साहित्य का उत्पादन कर सकते हैं जो कर सकते हैंलड़कियों और लड़कों दोनों के लिए दिलचस्प हो इस उम्र में बच्चों के स्कूल संबंधों, शिक्षकों और छात्रों के बीच संचार, कक्षा में हुई मजेदार कहानियों के विषय के करीब हैं। यह बहुत अच्छा है, अगर पढ़ना अध्ययन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या को हल करने में मदद करता है। यह लिआ गेर्स्किना द्वारा पुस्तक में पाया जा सकता है "अनौपचारिक सबक के देश में।" वह एक लड़के के बारे में बात करती है जो बहुत खराब शिक्षित थी, लेकिन फिर एक जादुई भूमि में मिला। उनके साथ वहां आने वाले आकर्षक रोमांच ने स्कूल के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलने में मदद की। लेकिन सात-आठ साल की लड़कियों के लिए विशेष किताबें हैं। ये प्रेम की कहानियां, दोस्ती के बारे में कहानियां हो सकती हैं, मुख्य चीज यह है कि उनमें सब कुछ खूबसूरत, स्त्री और अच्छी तरह से समाप्त होता है। उदाहरण के लिए, "सारा कू के एडवेंचर्स" , "मैरी पॉपपींस" , "नोट्स ऑफ़ द गुड़िया" । लड़कों के लिए, रोमांचक कारनामों के लिए उपयुक्त किताबें उपयुक्त हैं। नायक अनिवार्य रूप से शोर, बोल्ड, हंसमुख और थोड़ा चालबाज होना चाहिए। साहस के पन्नों पर अधिक साहित्यिक काम, अधिक दिलचस्प यह युवा छात्र को पढ़ना होगा। उदाहरण के लिए, ए। लुकेनेंको द्वारा "द बॉय एंड द डार्क", जी। पोशेशोव द्वारा "द गोल्डन बॉल", ए लिंडबर्ग द्वारा "एमिली फ्रॉम लेनवेरर्ग" यह माना जाता है कि बच्चों को केवल सबसे अच्छा पढ़ना चाहिएसाहित्यिक काम करता है इसलिए, सात-आठ साल के बच्चों के लिए पुस्तकों की एक सूची शास्त्रीय प्रकाशनों से बनी जानी चाहिए वे समय-परीक्षण कर रहे हैं, अच्छे से सिखाने की गारंटी देते हैं, कई सवालों के उत्तर देते हैं, दुनिया की सही धारणा बनाते हैं। यह वास्तव में मनोरंजक और दिलचस्प हैबच्चों के लिए किताबें कोई भी बच्चा नहीं है जो ऐसे साहित्यिक नायकों से परिचित नहीं होता जो कि पिनोचियो, ऐलिस, पीटर पेन और अन्य लोगों और जानवरों के मनोरंजक या दुखद कहानियों से हंसते और बच्चों और उनके माता-पिता को दुखी करते थे। सात-आठ साल के बच्चों के लिए पुस्तकों की सूची में शामिल हैंएस। यसिन के साहित्यिक काम करता है उदाहरण के लिए, "कुत्ता", "गाय", "व्हाइट बिर्च" और एक-दो कक्षाओं के विद्यार्थियों के कुछ अन्य आसानी से उपलब्ध समझ। और किसने रूस से येसेनिन की तुलना में बेहतर गाया? उन बच्चों को जो हमारे आसपास की दुनिया में रुचि रखते हैं, यह प्रकृति के बारे में इन पुस्तकों को पढ़ने के लिए सिफारिश की है, "हाथी" , "Lesnaya Gazeta" , "मेरी पशु" , कहानियों ई Charushin, एम। प्रिंसविन, "हरे पंजे" , एस। की निशानी के बारे में कविताएं। सात-आठ साल के बच्चों के लिए पुस्तकों की सूची अनिवार्य हैपरियों की कहानियों को शामिल किया जाना चाहिए। यह लेखक का काम हो सकता है, लोककथाओं यह शैली दिलचस्प है क्योंकि यह एक व्यक्ति के साथ बढ़ती है बहुत छोटे बच्चे जानवरों के बारे में सरल परियों की कहानियों के साथ परिचित होने लगते हैं। वह बच्चा बड़ा हो जाता है, वह साहित्यिक काम कठिन और गहन होता है, जिसे वह खुशी से समझता है। माता-पिता आसानी से एक सूची संकलित कर सकते हैंकाम करता है कि वे परिचित हैं। वे उन्हें एक बच्चे के रूप में पढ़ाते हैं, और अब वे अपने बच्चों के साथ अच्छी यादें साझा करने के लिए तैयार हैं। लेकिन तब से बच्चों के साहित्य को नए कार्यों के साथ मंगाया गया है। एक बहुत सतर्क होना चाहिए, जिसमें सात-आठ साल के बच्चों के लिए पुस्तकों की सूची में शामिल हैं। आखिरकार, आधुनिक साहित्य बच्चे के दिमाग में खतरे को छुप सकता है। बच्चे को उसके डिजाइन में रुचि हो सकती है, और पाठ अर्थहीन, रिक्त या मानस को नष्ट कर देगा। हमारे समय में, भाषण की स्वतंत्रता राजा है, इसलिए,किताबों की दुकानों में ऐसे कामों को चुनना, हमें अपनी सामग्री को सावधानीपूर्वक पढ़ना चाहिए। आधिकारिक स्रोतों की राय को सुनना, अग्रिम में यह सबसे अच्छा करना है लेकिन समकालीन लेखकों के बीच योग्य लेखक भी हैं, जिनकी किताबें बच्चों को सुरक्षित रूप से दी जा सकती हैं। इनमें जे। रॉलिंग जी। पॉटर, टुखत्याव के बारे में ज़ोक और बदख और अन्य लोगों के बारे में काम करता है। इस तथ्य के कारण कि अलग-अलग पीढ़ियों में जीवन की धारणा अलग है, बच्चे को एक आधुनिक किताब द्वारा पढ़ा जा सकता है जो वयस्क को समझ में नहीं आता है। किसी भी मामले में पढ़ने के लिए प्रेम को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। मुख्य सूची में आपकी सूची में दिलचस्प शामिल करना हैकिताब। एडवेंचर्स, परियों की कहानियां, जानवरों के बारे में कहानियां, बच्चों के जासूसों को इस जगह में मिलना चाहिए। यह आवश्यक है ताकि बच्चे यह नहीं पूछे कि उसे पढ़ने के लिए क्या जरूरी है, लेकिन उसने खुद को पुस्तक ले ली और खुद से इसे दूर नहीं कर सका। लेकिन अगर, आखिरकार, ऐसा प्रश्न उठता है, माता-पिता को इसका उत्तर देने में सक्षम होना चाहिए। बच्चों को यह समझा जाना आवश्यक है कि पढ़ना पहली हैखुशी की बारी अच्छा साहित्य शब्दावली को समृद्ध करता है, स्वाद और सोच विकसित करता है, साक्षरता बढ़ाता है यदि आप कविताओं या दिलचस्प अंशों का अध्ययन करते हैं, तो स्मृति को प्रशिक्षित किया जाएगा, विचार व्यक्त करने की क्षमता विकसित होगी, और यह निश्चित रूप से अध्ययन और भविष्य के जीवन में उपयोगी होगा। आधुनिक दुनिया में, इस अवधारणा ने खुद को खो दिया हैमूल्य। जब वे कहते हैं कि "पुस्तक" जरूरी मुद्रित उत्पाद का मतलब यह नहीं है। बल्कि, तो एक साहित्यिक काम है, जो गोली स्क्रीन से पढ़ा जा सकता है या रिकॉर्ड को सुनने को नामित। यह इस बात का महत्व कम हो जाती है है? नहीं, क्योंकि बहुत महत्वपूर्ण जानकारी है कि लेखक, बजाय वाहक जिस पर यह प्रस्तुत किया है बता देते हैं। यहां तक कि अगर काम स्क्रीन से पढ़ा हैआधुनिक उपकरण, यह मूल भाषा की सुंदरता के ज्ञान के साथ हस्तक्षेप नहीं करता है। और अगर किसी शब्द या वाक्यांश का अर्थ स्पष्ट नहीं है, तो आप हमेशा अपने माता-पिता से पूछ सकते हैं। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के स्क्रीन विकिरण की हानि सिद्ध नहीं होती है, लेकिन समय के साथ चलना सुखद और उपयोगी है।
यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों ने रविवार को कहा कि रूसी सेना ने यूक्रेन के सिविएरोडोनेट्सक शहर को नदी के उस पार दूसरे शहर से जोड़ने वाले एक पुल को उड़ा दिया है। इस पुल के टूटने से अब नागरिकों के लिए संभावित निकासी मार्ग बंद हो गया है। यूक्रेन के पूर्वी डोनबास क्षेत्र पर नियंत्रण के लिए लड़ाई का केंद्र सिविएरोडोनेट्सक बन गया है। 24 फरवरी को क्रेमलिन के आक्रमण के बाद से शहर के कुछ हिस्सों को सबसे खूनी संघर्ष में कुचल दिया गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रात के अपने वीडियो संबोधन में कहा, कब्जे करने वालों का प्रमुख सामरिक लक्ष्य नहीं बदला है। वे सिविएरोडोनेट्सक में दबाव डाल रहे हैं, वहां गंभीर लड़ाई चल रही है। ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूसी हमले में घायल हुए 12 वर्षीय बच्चे की छवि अब रूस का स्थायी विश्वव्यापी चेहरा है। उन्होंने कहा कि ये बहुत से तथ्य इस बात को रेखांकित करेंगे कि रूस को दुनिया किस तरह से देखती है।
यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों ने रविवार को कहा कि रूसी सेना ने यूक्रेन के सिविएरोडोनेट्सक शहर को नदी के उस पार दूसरे शहर से जोड़ने वाले एक पुल को उड़ा दिया है। इस पुल के टूटने से अब नागरिकों के लिए संभावित निकासी मार्ग बंद हो गया है। यूक्रेन के पूर्वी डोनबास क्षेत्र पर नियंत्रण के लिए लड़ाई का केंद्र सिविएरोडोनेट्सक बन गया है। चौबीस फरवरी को क्रेमलिन के आक्रमण के बाद से शहर के कुछ हिस्सों को सबसे खूनी संघर्ष में कुचल दिया गया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रात के अपने वीडियो संबोधन में कहा, कब्जे करने वालों का प्रमुख सामरिक लक्ष्य नहीं बदला है। वे सिविएरोडोनेट्सक में दबाव डाल रहे हैं, वहां गंभीर लड़ाई चल रही है। ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूसी हमले में घायल हुए बारह वर्षीय बच्चे की छवि अब रूस का स्थायी विश्वव्यापी चेहरा है। उन्होंने कहा कि ये बहुत से तथ्य इस बात को रेखांकित करेंगे कि रूस को दुनिया किस तरह से देखती है।
'एमटीवी रोडीज 19' के नए सीजन में ऑडिशन के दौरान जबरदस्त तमाशा हो रहा है। शो में जहां एक तरफ गैंग लीडर के बीच लड़ाई हो रही थी। अब वहीं दूसरी ओर प्रिंस नरूला, गौतम गुलाटी और रिया चक्रवर्ती कंटेस्टेंट्स की क्लास लगाते नजर आ रहे हैं। सोनू सूद इस सीजन को होस्ट कर रहे हैं। बिग बॉस ओटीटी 2 शुरू होने वाला है। जियो सिनेमा ने शो के कंटेस्टेंट्स की एक फोटो शेयर की है। इसमें कंटेस्टेंट्स का चेहरा तो नहीं दिखाया है, लेकिन वह अपनी पहचान बताते नजर आ रहे हैं। 'बिग बॉस ओटीटी 2' इस बार सलमान खान होस्ट करेंगे। 'खतरों के खिलाड़ी 13' शूटिंग जोरो शोरो से चल रही है और कंटेस्टेंट्स रोहित शेट्टी के साथ अपनी बॉन्ड की कुछ झलकियां सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं। टीवी के कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो 'बिग बॉस' के 16वें सीजन में कंटेस्टेंट्स में गर्मागर्मी बनी हुई है। इसी बीच मेकर्स ने दो और कंटेस्टेंट्स की शो में एट्री कराने का फैसला लिया है। 'बिग बॉस ओटीटी' के पहले सीजन के हिट होने के बाद अब मेकर्स शो के दूसरे सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। ऐसे में शामिल होने वाले फाइनल कंटेस्टेंट्स के नाम का भी खुलासा हो गया है। इंडिया टीवी की क्लिक-मेनिया (Click Mania) एक फोटोग्राफी प्रतियोगिता है, जो देश के सभी स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए खुली थी। इस प्रतियोगिता के विजेता को चुन लिया गया है लेकिन किन खूबियों के कारण उसे विजेता बनाया गया है? खुद जजों से जानिए। फोटोग्राफी के शौकीन लोगों की इस प्रतियोगिता के लिए India TV ने देशभर से लोगों से उनके द्वारा खींची गईं तस्वीरें आमंत्रित की थीं। भारतीय सेना स्वर्णिम विजय उत्सव समारोह के तहत ऑनलाइन स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है जिसमें आप क्रेडिट के साथ-साथ कैश प्राइज भी जीत सकते हैं। भारत सरकार काफी समय से संस्थानों और योजनाओं के लिए लोगो और टैग लाइन के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रही है। इसके लिए नकद इनाम भी दिए जा रहे हैं। इस बार सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के लिए प्रतीक चिन्ह यानि लोगो के लिए आवेदन मांगे गए हैं। स्प्लिट्सविला की पूर्व प्रतिभागी हर्षिता कश्यप का पीछा करने वाले शख्स को मुंबई पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। बिग बॉस 13 की कॉन्टेस्टेंट लिस्ट लीक हो गई है। अंकिता लोखंडे, चंकी पांडे से लेकर कई सितारे नजर आने वाले हैं। आपको हमारे पोल कॉन्टेस्ट में सिर्फ इतना बताना है कि आपके हिसाब से आपकी लोकसभा सीट पर किस उम्मीदवारो को जीत मिलेगी। सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार को पत्र लिखकर घोषणा कर दी कि वह इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। श्रीसंत अपनी पत्नी भुवनेश्वरी के साथ नच बलिए सीजन 9 में नजर आ सकते हैं। उन्हें शो के लिए अप्रोच किया गया है। देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन इंडिया ने अपने ग्राहकों को अपने साथ जोड़े रखने के लिए एक अनोखी प्रतियोगिता शुरू करने की घोषणा की है। आपके पास घर बैठे 50,000 रुपए कमाने का मौका है। जी हां, ये कोई मजाक नहीं बल्कि हकीकत है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने सार्वजनिक वाई-फाई सर्विस का वैकल्पिक नाम सुझाने और इसका लोगो तैयार करने के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया है। भारत के एक फिटनेस ट्रेनर और रियल स्टेट प्रोफेशनल ने दुबई में मिस्टर दुबई 2017 का खिताब जीता है। उन्होंने फिल्मी अंदाज में 18 प्रतिभागियों को हराकर यह खिताब अपने नाम किया है। सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट कर राजूदास से मिलने का वादा किया है और रिमोट न तोड़ने के लिए कहा है। चुनाव आयोग ने 2009 में लड़े गए लोकसभा के चुनाव में खर्च का ब्यौरा ना देने के लिए आज झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को तीन साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य अघोषित कर दिया।
'एमटीवी रोडीज उन्नीस' के नए सीजन में ऑडिशन के दौरान जबरदस्त तमाशा हो रहा है। शो में जहां एक तरफ गैंग लीडर के बीच लड़ाई हो रही थी। अब वहीं दूसरी ओर प्रिंस नरूला, गौतम गुलाटी और रिया चक्रवर्ती कंटेस्टेंट्स की क्लास लगाते नजर आ रहे हैं। सोनू सूद इस सीजन को होस्ट कर रहे हैं। बिग बॉस ओटीटी दो शुरू होने वाला है। जियो सिनेमा ने शो के कंटेस्टेंट्स की एक फोटो शेयर की है। इसमें कंटेस्टेंट्स का चेहरा तो नहीं दिखाया है, लेकिन वह अपनी पहचान बताते नजर आ रहे हैं। 'बिग बॉस ओटीटी दो' इस बार सलमान खान होस्ट करेंगे। 'खतरों के खिलाड़ी तेरह' शूटिंग जोरो शोरो से चल रही है और कंटेस्टेंट्स रोहित शेट्टी के साथ अपनी बॉन्ड की कुछ झलकियां सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं। टीवी के कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो 'बिग बॉस' के सोलहवें सीजन में कंटेस्टेंट्स में गर्मागर्मी बनी हुई है। इसी बीच मेकर्स ने दो और कंटेस्टेंट्स की शो में एट्री कराने का फैसला लिया है। 'बिग बॉस ओटीटी' के पहले सीजन के हिट होने के बाद अब मेकर्स शो के दूसरे सीजन की तैयारियों में जुट गए हैं। ऐसे में शामिल होने वाले फाइनल कंटेस्टेंट्स के नाम का भी खुलासा हो गया है। इंडिया टीवी की क्लिक-मेनिया एक फोटोग्राफी प्रतियोगिता है, जो देश के सभी स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए खुली थी। इस प्रतियोगिता के विजेता को चुन लिया गया है लेकिन किन खूबियों के कारण उसे विजेता बनाया गया है? खुद जजों से जानिए। फोटोग्राफी के शौकीन लोगों की इस प्रतियोगिता के लिए India TV ने देशभर से लोगों से उनके द्वारा खींची गईं तस्वीरें आमंत्रित की थीं। भारतीय सेना स्वर्णिम विजय उत्सव समारोह के तहत ऑनलाइन स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन कर रही है जिसमें आप क्रेडिट के साथ-साथ कैश प्राइज भी जीत सकते हैं। भारत सरकार काफी समय से संस्थानों और योजनाओं के लिए लोगो और टैग लाइन के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन कर रही है। इसके लिए नकद इनाम भी दिए जा रहे हैं। इस बार सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के लिए प्रतीक चिन्ह यानि लोगो के लिए आवेदन मांगे गए हैं। स्प्लिट्सविला की पूर्व प्रतिभागी हर्षिता कश्यप का पीछा करने वाले शख्स को मुंबई पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। बिग बॉस तेरह की कॉन्टेस्टेंट लिस्ट लीक हो गई है। अंकिता लोखंडे, चंकी पांडे से लेकर कई सितारे नजर आने वाले हैं। आपको हमारे पोल कॉन्टेस्ट में सिर्फ इतना बताना है कि आपके हिसाब से आपकी लोकसभा सीट पर किस उम्मीदवारो को जीत मिलेगी। सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार को पत्र लिखकर घोषणा कर दी कि वह इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। श्रीसंत अपनी पत्नी भुवनेश्वरी के साथ नच बलिए सीजन नौ में नजर आ सकते हैं। उन्हें शो के लिए अप्रोच किया गया है। देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन इंडिया ने अपने ग्राहकों को अपने साथ जोड़े रखने के लिए एक अनोखी प्रतियोगिता शुरू करने की घोषणा की है। आपके पास घर बैठे पचास,शून्य रुपयापए कमाने का मौका है। जी हां, ये कोई मजाक नहीं बल्कि हकीकत है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने सार्वजनिक वाई-फाई सर्विस का वैकल्पिक नाम सुझाने और इसका लोगो तैयार करने के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया है। भारत के एक फिटनेस ट्रेनर और रियल स्टेट प्रोफेशनल ने दुबई में मिस्टर दुबई दो हज़ार सत्रह का खिताब जीता है। उन्होंने फिल्मी अंदाज में अट्ठारह प्रतिभागियों को हराकर यह खिताब अपने नाम किया है। सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट कर राजूदास से मिलने का वादा किया है और रिमोट न तोड़ने के लिए कहा है। चुनाव आयोग ने दो हज़ार नौ में लड़े गए लोकसभा के चुनाव में खर्च का ब्यौरा ना देने के लिए आज झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को तीन साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य अघोषित कर दिया।
Rohit Sharma Century भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने लंबे समय के बाद वनडे शतक जमाया। भारतीय कप्तान के लिए इंदौर का होल्कर स्टेडियम लकी साबित हुआ जहां उन्होंने दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की। नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा के लिए इंदौर का होल्कर स्टेडियम लकी साबित हुआ। हिटमैन ने मंगलवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे व अंतिम वनडे में करीब तीन साल का सूखा खत्म करते हुए शतक जमाया। 35 साल के रोहित शर्मा ने तीसरे वनडे में केवल 83 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की। रोहित शर्मा ने 9 चौके और 6 छक्के की मदद से अपना सैकड़ा पूरा किया। यह रोहित शर्मा के वनडे करियर का दूसरा सबसे तेज शतक रहा। इससे पहले 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में खेले गए वनडे में उन्होंने 82 गेंदों में शतक जड़ा था। बहरहाल, रोहित शर्मा ने अपने करियर का 30वां शतक जमाया और रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की। अब रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जमाने के मामले में रिकी पोंटिंग के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जमाने का रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। सचिन तेंदुलकर ने 49 शतक जमाए हैं। इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर विराट कोहली काबिज हैं। कोहली ने अब तक 46 शतक जमाए हैं। इस पारी के दौरान रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने के सनथ जयसूर्या के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। रोहित शर्मा अब विश्व में वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के जमाने के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। रोहित शर्मा के 241 मैचों में 273 छक्के हो गए हैं। बता दें कि रोहित शर्मा ने 85 गेंदों में 9 चौके और छह छक्के की मदद से 101 रन बनाकर आउट हुए। माइकल ब्रेसवेल ने बोल्ड करके भारतीय कप्तान की पारी का अंत किया।
Rohit Sharma Century भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने लंबे समय के बाद वनडे शतक जमाया। भारतीय कप्तान के लिए इंदौर का होल्कर स्टेडियम लकी साबित हुआ जहां उन्होंने दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की। नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा के लिए इंदौर का होल्कर स्टेडियम लकी साबित हुआ। हिटमैन ने मंगलवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे व अंतिम वनडे में करीब तीन साल का सूखा खत्म करते हुए शतक जमाया। पैंतीस साल के रोहित शर्मा ने तीसरे वनडे में केवल तिरासी गेंदों में अपना शतक पूरा किया और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की। रोहित शर्मा ने नौ चौके और छः छक्के की मदद से अपना सैकड़ा पूरा किया। यह रोहित शर्मा के वनडे करियर का दूसरा सबसे तेज शतक रहा। इससे पहले दो हज़ार अट्ठारह में इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंघम में खेले गए वनडे में उन्होंने बयासी गेंदों में शतक जड़ा था। बहरहाल, रोहित शर्मा ने अपने करियर का तीसवां शतक जमाया और रिकी पोंटिंग के रिकॉर्ड की बराबरी की। अब रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जमाने के मामले में रिकी पोंटिंग के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक जमाने का रिकॉर्ड महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के नाम दर्ज है। सचिन तेंदुलकर ने उनचास शतक जमाए हैं। इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर विराट कोहली काबिज हैं। कोहली ने अब तक छियालीस शतक जमाए हैं। इस पारी के दौरान रोहित शर्मा ने वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने के सनथ जयसूर्या के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। रोहित शर्मा अब विश्व में वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के जमाने के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। रोहित शर्मा के दो सौ इकतालीस मैचों में दो सौ तिहत्तर छक्के हो गए हैं। बता दें कि रोहित शर्मा ने पचासी गेंदों में नौ चौके और छह छक्के की मदद से एक सौ एक रन बनाकर आउट हुए। माइकल ब्रेसवेल ने बोल्ड करके भारतीय कप्तान की पारी का अंत किया।
हमारे अन्य श्रेष्ठ प्रकाशन चर्चित पुस्तकें आवारा मसीहा, विष्णु प्रभाकर, अदम्य साहस डॉ. अब्दुल कलाम, प्रेरणात्मक विचार डॉ. अब्दुल कलाम, मेरी आपबीती बेनजीर भुट्टो, मेरे सपनों का भारत महात्मा गांधी, सत्य के प्रयोग महात्मा गांधी, मेरा जीवन दर्शन डॉ. कर्णसिंह, परिवर्तन और राजनीति एन.के. सिंह, भारतीय अर्थतंत्र, इतिहास और संस्कृति अमर्त्य सेन, आर्थिक विकास और स्वातन्त्र्य अमर्त्य सेन, आर्थिक विषमताएं अमर्त्य सेन, गरीबी और अकाल अमर्त्य सेन, भारत विकास की दिशाएं अमर्त्य सेन, भारतीय राज्यों का विकास अमर्त्य सेन, हिंसा और अस्मिता का संकट अमर्त्य सेन, भारतीय दर्शन डॉ. राधाकृष्णन्, शब्दकोश : कोश : शिक्षा राजपाल बृहत् हिन्दी-अंग्रेजी शब्दकोश डॉ. हरदेव बाहरी, राजपाल वृहत् अंग्रेजीहिन्दी शब्दकोश डॉ. हरदेव बाहरी, राजपाल हिन्दी शब्दकोश डॉ. हरदेव बाहरी, शिक्षार्थी हिन्दी-अंग्रेज़ी शब्दकोश डॉ. हरदेव बाहरी, राजपाल अंग्रेज़ी-हिन्दी शब्दकोश डॉ. हरदेव बाहरी, राजपाल अंग्रेज़ी - हिन्दी पारिभाषिक शब्दकोश डॉ. हरदेव बाहरी, राजपाल हिन्दी-अंग्रेज़ी थेसॉरस गोपीनाथ श्रीवास्तव, राजपाल अंग्रेजी-हिन्दी राजभाषा प्रयोगकोश गोपीनाथ श्रीवास्तव, राजपाल लोकोक्ति कोश हरिवंश राय शर्मा, राजपाल साहित्यिक मुहावरा कोश हरिवंश राय शर्मा, राजपाल साहित्यिक सुभाषित कोश हरिवंश राय शर्मा, विद्यार्थी हिन्दी शब्दकोश डॉ. ओमप्रकाश, शब्दार्थ- विचार कोश आचार्य रामचन्द्र वर्मा, शब्द- परिवार कोश डॉ. बदरीनाथ कपूर, व्यावहारिक उर्दू-हिन्दी शब्दकोश डॉ. सैयद असद अली, कहावत कोश समर सिंह विश्वकोश : संदर्भ-ग्रंथ विश्वकोश-I (पृथ्वी-आकाश-खनिज) डॉ. बालकृष्ण, विश्वकोश-II (आविष्कारखोज) डॉ. बालकृष्ण, विश्वकोश-III (जीव-जंतु : पेड़-पौधे) डॉ. बालकृष्ण, विश्वकोश-IV (विज्ञान-वैज्ञानिक) डॉ. बालकृष्ण, भारतीय संस्कृति कोश लीलाधर शर्मा पर्वतीय, भारतीय चरित कोश लीलाधर शर्मा पर्वतीय, अंतरराष्ट्रीय व्यक्ति कोश विश्वमित्र शर्मा, भारत रत्न विश्वमित्र शर्मा, 20वीं सदी के सौ प्रसिद्ध भारतीय विश्वमित्र शर्मा, नोबेल पुरस्कार कोश विश्वमित्र शर्मा, नोबेल पुरस्कार सम्मानित भारतीय विश्वमित्र शर्मा, भारत के राष्ट्रपति भगवतीशरण मिश्र, भारत के प्रधानमंत्री भगवतीशरण मिश्र, नोबेल पुरस्कार विजेता साहित्यकार राजबहादुर सिंह, विश्व के महान वैज्ञानिक फिलिप केन, विश्व की महिला अंतरिक्ष यात्री कालीशंकर, भारतीय भाषाओं के पुरस्कृत साहित्यकार आरसू, 50 क्रांतिकारी राजेन्द्र पटोरिया, 100 प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ी चित्रा गर्ग
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इस आर्टिकल के सहायक लेखक (co-author) हमारी बहुत ही अनुभवी एडिटर और रिसर्चर्स (researchers) टीम से हैं जो इस आर्टिकल में शामिल प्रत्येक जानकारी की सटीकता और व्यापकता की अच्छी तरह से जाँच करते हैं। wikiHow's Content Management Team बहुत ही सावधानी से हमारे एडिटोरियल स्टाफ (editorial staff) द्वारा किये गए कार्य को मॉनिटर करती है ये सुनिश्चित करने के लिए कि सभी आर्टिकल्स में दी गई जानकारी उच्च गुणवत्ता की है कि नहीं। यह आर्टिकल ४,०९१ बार देखा गया है। अपने कंप्यूटर में डिस्क स्पेस फ्री करने के लिए सुरक्षित तरीके से टेम्पररी और अनावश्यक फाइल्स को कैसे डिलीट करना है, यह आप इस विकिहाउ आर्टिकल के जरिए सीखेंगे। विंडोज द्वारा क्रिएट किए गए सभी तरह के टेम्पररी फाइल्स हार्ड ड्राइव में मौजूद होते हैं। हालांकि, यह फाइल्स नुकसान नहीं पहुँचाते हैं, लेकिन यह फाइल्स आपके कंप्यूटर के हार्ड ड्राइव में बेशकीमती स्पेस को कम कर देते हैं। आप प्रीफ़ेच फाइल्स को भी डिलीट कर सकते हैं, जो पहली बार कोई एप लॉन्च करने पर ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा क्रिएट हो जाते हैं। यह फाइल्स एप्स को शीघ्रता से ओपन करने में मदद करते हैं और यह बहुत अधिक डिस्क स्पेस आक्यूपाइ नहीं करते हैं, लेकिन यदि आपके कंप्यूटर में डिस्क स्पेस कम दिखाई दे रही हैं, तो बेझिझक आप इन फाइल्स को डिलीट कर सकते हैं। {"smallUrl":"https:\/\/www2Clean up system files बटन पर क्लिक करेंः यह बटन आपको डायलॉग विंडों में नीचे की तरफ बाएं कोने में दिखाई देगा। विंडोज द्वारा प्राइमरी हार्ड ड्राइव (जहाँ टेम्प फाइल स्टोर होते हैं) स्कैन हो जाने के बाद, आपको एक नया विंडो दिखाई देगा। - आगे बढ़ने के लिए शायद आपको एडमिनिस्ट्रेटर पासवर्ड को एंटर करने की आवश्यकता होगी। {"smallUrl":"https:\/\/www4सिलेक्टेड फाइल्स को डिलीट करने के लिए OK बटन पर क्लिक करेंः यदि आप कई GB फाइल्स को एक साथ डिलीट कर रहे हैं, तो इस कार्य में थोड़ा समय लग सकता है। एक बार सारी फाइल्स डिलीट हो जाएंगे, तो आपके हार्ड डिस्क में स्पेस बन जाएगी। {"smallUrl":"https:\/\/www2"Run" बॉक्स में prefetch टाइप करें और ↵ Enter की दबाएंः एंटर क्लिक करने पर फाइल एक्सप्लोरर में प्रीफ़ेच फोल्डर खुल जाएगा। - आपके सेक्यूरिटी सेटिंग्ज के आधार पर, आपको फोल्डर में मौजूद कंटेन्टस देखने से पहले एडमिन पासवर्ड एंटर करने की या एक्शन को कन्फर्म करने की आवश्यकता हो सकती है। {"smallUrl":"https:\/\/www4प्रीफ़ेच फाइल्स सिलेक्ट करने के लिए Ctrl+A की दबाएंः ऐसा करने पर, दाहिनी तरफ के पैनल में फोल्डर में मौजूद सारे फाइल्स हाइलाइट हो जाएंगे। यदि पैनल में आपको फाइल्स दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो पैनल को एक्टिवेट करने के लिए सर्वप्रथम फोल्डर के ब्लैंक एरिया पर क्लिक करें। {"smallUrl":"https:\/\/www.wikihow.com\/images_en\/thumb\/c\/ce\/Delete-Temporary-Files-and-Delete-Prefetch-Files-from-Your-Computer-Step-9-Version-4.jpg\/v4-460px-Delete-Temporary-Files-and-Delete-Prefetch-Files-from-Your-Computer-Step-9-Version-4.jpg","bigUrl":"https:\/\/www.wikihow.com\/images\/thumb\/c\/ce\/Delete-Temporary-Files-and-Delete-Prefetch-Files-from-Your-Computer-Step-9-Version-4.jpg\/v4-728px-Delete-Temporary-Files-and-Delete-Prefetch-Files-from-Your-Computer-Step-9-Version-4.jpg","smallWidth":460,"smallHeight":342,"bigWidth":728,"bigHeight":541,"licensing":"<div class=\"mw-parser-output\"><\/div>"}5Del की दबाएंः ऐसा करने पर सिलेक्ट किए गए फाइल्स फोल्डर से डिलीट हो जाएंगे। - यदि कोई फाइल्स इस्तेमाल में हैं, और आप उसे डिलीट करना चाहते हैं, तो आपको एरर मैसेज दिखाई देगा जिसमें लिखा होगा कि आप फाइल को डिलीट नहीं कर सकते हैं। ऐसे में केवल Skip ऑप्शन पर क्लिक करें - क्योंकि जब तक आप उस एप को बंद नहीं करते हैं जिसमें इस फाइल का इस्तेमाल हो रहा है, आप फाइल को डिलीट नहीं कर सकते हैं। - यह फाइल्स तब तक पर्मनेंटली डिलीट नहीं होंगे जब तक आप रीसायकल बिन को एम्प्टी नहीं करते हैं। रीसायकल बिन को एम्प्टी या खाली करने के लिए, रीसायकल बिन एप को खोलें और उसमें ऊपरी-बाईं तरफ मौजूद Empty Recycle Bin बटन पर क्लिक करें। - जब आप फाइल्स को पर्मनेंटली डिलीट कर लेते हैं, तब रीसायकल बिन को एम्प्टी या खाली करें। - प्रीफ़ेच फाइल्स को डिलीट करने से आपके कंप्यूटर की स्पीड कम हो जाएगी। यह बेहतर होगा कि आप इन फाइल्स को डिलीट न करें जब तक आपको पता न हो कि आप क्या कर रहे हैं।
इस आर्टिकल के सहायक लेखक हमारी बहुत ही अनुभवी एडिटर और रिसर्चर्स टीम से हैं जो इस आर्टिकल में शामिल प्रत्येक जानकारी की सटीकता और व्यापकता की अच्छी तरह से जाँच करते हैं। wikiHow's Content Management Team बहुत ही सावधानी से हमारे एडिटोरियल स्टाफ द्वारा किये गए कार्य को मॉनिटर करती है ये सुनिश्चित करने के लिए कि सभी आर्टिकल्स में दी गई जानकारी उच्च गुणवत्ता की है कि नहीं। यह आर्टिकल चार,इक्यानवे बार देखा गया है। अपने कंप्यूटर में डिस्क स्पेस फ्री करने के लिए सुरक्षित तरीके से टेम्पररी और अनावश्यक फाइल्स को कैसे डिलीट करना है, यह आप इस विकिहाउ आर्टिकल के जरिए सीखेंगे। विंडोज द्वारा क्रिएट किए गए सभी तरह के टेम्पररी फाइल्स हार्ड ड्राइव में मौजूद होते हैं। हालांकि, यह फाइल्स नुकसान नहीं पहुँचाते हैं, लेकिन यह फाइल्स आपके कंप्यूटर के हार्ड ड्राइव में बेशकीमती स्पेस को कम कर देते हैं। आप प्रीफ़ेच फाइल्स को भी डिलीट कर सकते हैं, जो पहली बार कोई एप लॉन्च करने पर ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा क्रिएट हो जाते हैं। यह फाइल्स एप्स को शीघ्रता से ओपन करने में मदद करते हैं और यह बहुत अधिक डिस्क स्पेस आक्यूपाइ नहीं करते हैं, लेकिन यदि आपके कंप्यूटर में डिस्क स्पेस कम दिखाई दे रही हैं, तो बेझिझक आप इन फाइल्स को डिलीट कर सकते हैं। {"smallUrl":"https:\/\/wwwदोClean up system files बटन पर क्लिक करेंः यह बटन आपको डायलॉग विंडों में नीचे की तरफ बाएं कोने में दिखाई देगा। विंडोज द्वारा प्राइमरी हार्ड ड्राइव स्कैन हो जाने के बाद, आपको एक नया विंडो दिखाई देगा। - आगे बढ़ने के लिए शायद आपको एडमिनिस्ट्रेटर पासवर्ड को एंटर करने की आवश्यकता होगी। {"smallUrl":"https:\/\/wwwचारसिलेक्टेड फाइल्स को डिलीट करने के लिए OK बटन पर क्लिक करेंः यदि आप कई GB फाइल्स को एक साथ डिलीट कर रहे हैं, तो इस कार्य में थोड़ा समय लग सकता है। एक बार सारी फाइल्स डिलीट हो जाएंगे, तो आपके हार्ड डिस्क में स्पेस बन जाएगी। {"smallUrl":"https:\/\/wwwदो"Run" बॉक्स में prefetch टाइप करें और ↵ Enter की दबाएंः एंटर क्लिक करने पर फाइल एक्सप्लोरर में प्रीफ़ेच फोल्डर खुल जाएगा। - आपके सेक्यूरिटी सेटिंग्ज के आधार पर, आपको फोल्डर में मौजूद कंटेन्टस देखने से पहले एडमिन पासवर्ड एंटर करने की या एक्शन को कन्फर्म करने की आवश्यकता हो सकती है। {"smallUrl":"https:\/\/wwwचारप्रीफ़ेच फाइल्स सिलेक्ट करने के लिए Ctrl+A की दबाएंः ऐसा करने पर, दाहिनी तरफ के पैनल में फोल्डर में मौजूद सारे फाइल्स हाइलाइट हो जाएंगे। यदि पैनल में आपको फाइल्स दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो पैनल को एक्टिवेट करने के लिए सर्वप्रथम फोल्डर के ब्लैंक एरिया पर क्लिक करें। {"smallUrl":"https:\/\/www.wikihow.com\/images_en\/thumb\/c\/ce\/Delete-Temporary-Files-and-Delete-Prefetch-Files-from-Your-Computer-Step-नौ-Version-चार.jpg\/vचार-चार सौ साठpx-Delete-Temporary-Files-and-Delete-Prefetch-Files-from-Your-Computer-Step-नौ-Version-चार.jpg","bigUrl":"https:\/\/www.wikihow.com\/images\/thumb\/c\/ce\/Delete-Temporary-Files-and-Delete-Prefetch-Files-from-Your-Computer-Step-नौ-Version-चार.jpg\/vचार-सात सौ अट्ठाईसpx-Delete-Temporary-Files-and-Delete-Prefetch-Files-from-Your-Computer-Step-नौ-Version-चार.jpg","smallWidth":चार सौ साठ,"smallHeight":तीन सौ बयालीस,"bigWidth":सात सौ अट्ठाईस,"bigHeight":पाँच सौ इकतालीस,"licensing":"<div class=\"mw-parser-output\"><\/div>"}पाँचDel की दबाएंः ऐसा करने पर सिलेक्ट किए गए फाइल्स फोल्डर से डिलीट हो जाएंगे। - यदि कोई फाइल्स इस्तेमाल में हैं, और आप उसे डिलीट करना चाहते हैं, तो आपको एरर मैसेज दिखाई देगा जिसमें लिखा होगा कि आप फाइल को डिलीट नहीं कर सकते हैं। ऐसे में केवल Skip ऑप्शन पर क्लिक करें - क्योंकि जब तक आप उस एप को बंद नहीं करते हैं जिसमें इस फाइल का इस्तेमाल हो रहा है, आप फाइल को डिलीट नहीं कर सकते हैं। - यह फाइल्स तब तक पर्मनेंटली डिलीट नहीं होंगे जब तक आप रीसायकल बिन को एम्प्टी नहीं करते हैं। रीसायकल बिन को एम्प्टी या खाली करने के लिए, रीसायकल बिन एप को खोलें और उसमें ऊपरी-बाईं तरफ मौजूद Empty Recycle Bin बटन पर क्लिक करें। - जब आप फाइल्स को पर्मनेंटली डिलीट कर लेते हैं, तब रीसायकल बिन को एम्प्टी या खाली करें। - प्रीफ़ेच फाइल्स को डिलीट करने से आपके कंप्यूटर की स्पीड कम हो जाएगी। यह बेहतर होगा कि आप इन फाइल्स को डिलीट न करें जब तक आपको पता न हो कि आप क्या कर रहे हैं।
हरदोई जिले के पिहानी थाने की रहने वाली एक पीड़ित महिला अपनी बच्ची के साथ पिछले कई महीनों से न्याय की गुहार लगती पुलिस कार्यालय के चक्कर काट रही है। Hardoi News: हरदोई जिले के पिहानी थाने की रहने वाली एक पीड़ित महिला अपनी बच्ची के साथ पिछले कई महीनों से न्याय की गुहार लगती पुलिस कार्यालय के चक्कर काट रही है। आज एक ही दिन में 15 मिनट के अंतराल पर दूसरी बार इस महिला ने आत्महत्या करने का प्रयास किया है। पुलिस क्लब के अंदर आम के पेड़ पर आज भी इस महिला ने अपनी मौत का फंदा डाल लिया था। इस वाकया को देख राहगीरों ने मौके पर आकर महिला की जान बचाई। एसपी कार्यालय से चंद कदम दूर होमगार्ड ऑफिस के सामने पुलिस क्लब के अंदर का ये चौकाने वाला मामला सांज्ञान में आया है। हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के बूढा गांव में ससुराली जनों की प्रताड़ना का शिकार हुई, बिहार की रहने वाली निर्मला नाम की महिला विगत कई महीनों से न्याय के लिए भटक रही है। अपनी 4 वर्षीय छोटी बच्ची के साथ नंगे पांव न्याय के लिए पुलिस थाने का चक्कर लगा रही है। इस महिला की तरफ तब तक किसी का ध्यान नहीं जाता जब तक ये महिला अपनी जान देने पर अमादा न हो जाये। आज दूसरी बार इस पीड़ित महिला ने पुलिस क्लब के अंदर जाकर एक आम के पेड़ पर फांसी का फंदा लगा कर अपनी जान देने का प्रयास किया। महिला की जान चली ही जाती अगर राहगीरों की नज़र इस पीड़िता की तरफ न पड़ती। लटकती हुई इस महिला को देख कर तत्काल लोगों ने पुलिस क्लब की बाउंड्री वॉल पर चढ़ कर मौत के फंदे में लटक रही इस महिला को नीचे उतारा। इस पूरे मामले के बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और घायल हुए महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इतना ही नहीं सामने मौजूद होमगार्ड कार्यालय में सैकड़ों होमगार्ड कर्मी मौजूद थे जोकि प्रशस्ति पत्र लेने में मशगूल थे। इस घटना पर किसी की नज़र नहीं पड़ी और पुलिस का काम सड़क पर जा रहे राहगीरों ने की। ऐसे में पुलिस कि निष्क्रियता साफ उजागर होकर सामने आ रही है। वहीं न्याय के लिए दर दर भटक रही ये महिला भी पुलिस की लचर कार्यशैली का सीधा प्रमाण है। वहीं पुलिस ने इस पूरे मामले की जानकारी दी, कहा कि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त है। पुलिस ने कई बार महिला की मदद करने का प्रयास भी किया। सीओ सिटी ने कहा कि सभी तथ्यों की जांच कर मामले में कार्यवाही की जाएगी।
हरदोई जिले के पिहानी थाने की रहने वाली एक पीड़ित महिला अपनी बच्ची के साथ पिछले कई महीनों से न्याय की गुहार लगती पुलिस कार्यालय के चक्कर काट रही है। Hardoi News: हरदोई जिले के पिहानी थाने की रहने वाली एक पीड़ित महिला अपनी बच्ची के साथ पिछले कई महीनों से न्याय की गुहार लगती पुलिस कार्यालय के चक्कर काट रही है। आज एक ही दिन में पंद्रह मिनट के अंतराल पर दूसरी बार इस महिला ने आत्महत्या करने का प्रयास किया है। पुलिस क्लब के अंदर आम के पेड़ पर आज भी इस महिला ने अपनी मौत का फंदा डाल लिया था। इस वाकया को देख राहगीरों ने मौके पर आकर महिला की जान बचाई। एसपी कार्यालय से चंद कदम दूर होमगार्ड ऑफिस के सामने पुलिस क्लब के अंदर का ये चौकाने वाला मामला सांज्ञान में आया है। हरदोई जिले के पिहानी थाना क्षेत्र के बूढा गांव में ससुराली जनों की प्रताड़ना का शिकार हुई, बिहार की रहने वाली निर्मला नाम की महिला विगत कई महीनों से न्याय के लिए भटक रही है। अपनी चार वर्षीय छोटी बच्ची के साथ नंगे पांव न्याय के लिए पुलिस थाने का चक्कर लगा रही है। इस महिला की तरफ तब तक किसी का ध्यान नहीं जाता जब तक ये महिला अपनी जान देने पर अमादा न हो जाये। आज दूसरी बार इस पीड़ित महिला ने पुलिस क्लब के अंदर जाकर एक आम के पेड़ पर फांसी का फंदा लगा कर अपनी जान देने का प्रयास किया। महिला की जान चली ही जाती अगर राहगीरों की नज़र इस पीड़िता की तरफ न पड़ती। लटकती हुई इस महिला को देख कर तत्काल लोगों ने पुलिस क्लब की बाउंड्री वॉल पर चढ़ कर मौत के फंदे में लटक रही इस महिला को नीचे उतारा। इस पूरे मामले के बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची और घायल हुए महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इतना ही नहीं सामने मौजूद होमगार्ड कार्यालय में सैकड़ों होमगार्ड कर्मी मौजूद थे जोकि प्रशस्ति पत्र लेने में मशगूल थे। इस घटना पर किसी की नज़र नहीं पड़ी और पुलिस का काम सड़क पर जा रहे राहगीरों ने की। ऐसे में पुलिस कि निष्क्रियता साफ उजागर होकर सामने आ रही है। वहीं न्याय के लिए दर दर भटक रही ये महिला भी पुलिस की लचर कार्यशैली का सीधा प्रमाण है। वहीं पुलिस ने इस पूरे मामले की जानकारी दी, कहा कि महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त है। पुलिस ने कई बार महिला की मदद करने का प्रयास भी किया। सीओ सिटी ने कहा कि सभी तथ्यों की जांच कर मामले में कार्यवाही की जाएगी।
नागौर (राजस्थान)! सोचिए आप किसी स्पा में मसाज के लिए जाएं और वहां आप किसी गंदे काम का शिकार हो जाएं। फिर आप पर क्या बीतेगी? जी हां सच पूछिए तो ऐसे में आप ठगे से महसूस करेंगे। लेकिन राजस्थान के नागौर जिले में कुछ ऐसी ही घटनाएं घटित हो रही थी। ऐसे में बता दें कि आसपास के लोगों की नजर में एक स्पा हाउस चढ़ सा गया था। दरअसल वहां मसाज के नाम पर कुछ ऐसा हो रहा था, जिसके बारें में सुनकर आसपास के लोग चकित थे। गौरतलब हो इस स्पा सेंटर में ग्राहकों को लड़कियां बुलाती तो मसाज के लिए थी, लेकिन फिर कुछ ऐसा होता था कि जिससे आसपास के लोग परेशान होकर पुलिस को शिकायत करते हैं। जिसके बाद पुलिस की टीम वहां छापेमारी करती है और इसके बाद पुलिस भी चौंक जाती है। बता दें कि फिर इसी मामले पर नागौर वृताधिकारी विनोद कुमार छीपा ने बताया कि नागौर जिले में बीकानेर रोड स्थित एक मसाज पार्लर पर कार्रवाई करते हुए अनैतिक देह व्यापार में संलिप्त पांच लोगो को गिरफ्तार किया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बता दें कि यह पूरा घटनाक्रम राजस्थान के नागौर का है, जहाँ पर बीकानेर रोड स्थित एक स्पा हाउस में मसाज के नाम पर देह व्यापार का धंधा चल रहा था और जब इसकी शिकायत पुलिस को की गईं। फिर पूरा मामला खुलकर सामने आया। बता दें कि इस स्पा हाउस को लेकर लगातार शिकायत आ रही थी। जिसके बाद नागौर वृताधिकारी विनोद कुमार छीपा ने मानव तस्करी यूनिट टीम के साथ बीकानेर रोड स्थित स्पा हाउस मसाज पार्लर पर दबिश दी और कार्रवाई के दौरान वहां से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। वहीं जानकारी के मुताबिक बता दें कि पुलिस ने नागौर निवासी गोपाल सोनी, बलराम मेघवाल, दामोदर भार्गव सहित दिल्ली और उत्तर प्रदेश निवासी दो युवतियों को भी गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस गिरफ्त में आया दामोदर भार्गव व बीरबल मेघवाल जेएलएन अस्पताल में संविदा पर कर्मचारी नियुक्त हैं। इसके अलावा इस मामले पर पुलिस की टीम ने बताया कि जब बार- बार शिकायत मिल रही थी। ऐसे में स्पेशल पुलिस टीम का गठन कर एक पुलिसकर्मी को बोगस ग्राहक बनाकर स्पा सेंटर में भेजा गया। वहीं इस दौरान अंदर स्पा की आड़ में अवैध सेक्स एक्टिविटीज चल रही थी और पुलिसकर्मी का सिग्नल मिलते ही रेड मारी गई। इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, इस मसाज पार्लर मे लंबे समय से इस प्रकार का अनैतिक देह व्यापार का काम चल रहा था। वहीं इससे पहले भी इस पार्लर पर दो बार ऐसी कार्रवाई होने की बात भी सामने आ रही है लेकिन उस समय आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई थी। वहीं इस स्पा सेंटर के बारें में जो एक विशेष बात निकलकर आ रही है। उसके मुताबिक यहाँ पर ग्राहकों को मसाज के बहाने बुलाया जाता था और इसके लिए तकरीबन 500 से 700 रुपए लिए जाते थे। इसके बाद जब ग्राहक अंदर आ जाते थे फिर उन्हें लड़कियां देह व्यापार के लिए तैयार करती थी और उनसे दो से तीन हजार रुपए में सेटिंग होती थी। वहीं आखिर में बता दें कि इस मामले में पुलिस स्पा पार्लर सेंटर संचालक से आगे की पूछताछ कर रही है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
नागौर ! सोचिए आप किसी स्पा में मसाज के लिए जाएं और वहां आप किसी गंदे काम का शिकार हो जाएं। फिर आप पर क्या बीतेगी? जी हां सच पूछिए तो ऐसे में आप ठगे से महसूस करेंगे। लेकिन राजस्थान के नागौर जिले में कुछ ऐसी ही घटनाएं घटित हो रही थी। ऐसे में बता दें कि आसपास के लोगों की नजर में एक स्पा हाउस चढ़ सा गया था। दरअसल वहां मसाज के नाम पर कुछ ऐसा हो रहा था, जिसके बारें में सुनकर आसपास के लोग चकित थे। गौरतलब हो इस स्पा सेंटर में ग्राहकों को लड़कियां बुलाती तो मसाज के लिए थी, लेकिन फिर कुछ ऐसा होता था कि जिससे आसपास के लोग परेशान होकर पुलिस को शिकायत करते हैं। जिसके बाद पुलिस की टीम वहां छापेमारी करती है और इसके बाद पुलिस भी चौंक जाती है। बता दें कि फिर इसी मामले पर नागौर वृताधिकारी विनोद कुमार छीपा ने बताया कि नागौर जिले में बीकानेर रोड स्थित एक मसाज पार्लर पर कार्रवाई करते हुए अनैतिक देह व्यापार में संलिप्त पांच लोगो को गिरफ्तार किया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बता दें कि यह पूरा घटनाक्रम राजस्थान के नागौर का है, जहाँ पर बीकानेर रोड स्थित एक स्पा हाउस में मसाज के नाम पर देह व्यापार का धंधा चल रहा था और जब इसकी शिकायत पुलिस को की गईं। फिर पूरा मामला खुलकर सामने आया। बता दें कि इस स्पा हाउस को लेकर लगातार शिकायत आ रही थी। जिसके बाद नागौर वृताधिकारी विनोद कुमार छीपा ने मानव तस्करी यूनिट टीम के साथ बीकानेर रोड स्थित स्पा हाउस मसाज पार्लर पर दबिश दी और कार्रवाई के दौरान वहां से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। वहीं जानकारी के मुताबिक बता दें कि पुलिस ने नागौर निवासी गोपाल सोनी, बलराम मेघवाल, दामोदर भार्गव सहित दिल्ली और उत्तर प्रदेश निवासी दो युवतियों को भी गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस गिरफ्त में आया दामोदर भार्गव व बीरबल मेघवाल जेएलएन अस्पताल में संविदा पर कर्मचारी नियुक्त हैं। इसके अलावा इस मामले पर पुलिस की टीम ने बताया कि जब बार- बार शिकायत मिल रही थी। ऐसे में स्पेशल पुलिस टीम का गठन कर एक पुलिसकर्मी को बोगस ग्राहक बनाकर स्पा सेंटर में भेजा गया। वहीं इस दौरान अंदर स्पा की आड़ में अवैध सेक्स एक्टिविटीज चल रही थी और पुलिसकर्मी का सिग्नल मिलते ही रेड मारी गई। इसके अलावा मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, इस मसाज पार्लर मे लंबे समय से इस प्रकार का अनैतिक देह व्यापार का काम चल रहा था। वहीं इससे पहले भी इस पार्लर पर दो बार ऐसी कार्रवाई होने की बात भी सामने आ रही है लेकिन उस समय आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई थी। वहीं इस स्पा सेंटर के बारें में जो एक विशेष बात निकलकर आ रही है। उसके मुताबिक यहाँ पर ग्राहकों को मसाज के बहाने बुलाया जाता था और इसके लिए तकरीबन पाँच सौ से सात सौ रुपयापए लिए जाते थे। इसके बाद जब ग्राहक अंदर आ जाते थे फिर उन्हें लड़कियां देह व्यापार के लिए तैयार करती थी और उनसे दो से तीन हजार रुपए में सेटिंग होती थी। वहीं आखिर में बता दें कि इस मामले में पुलिस स्पा पार्लर सेंटर संचालक से आगे की पूछताछ कर रही है, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
गरियाबंद,(ब्यूरो छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ राज्य में साल वनों की बहुत आयात है वर्षो से वन विभाग द्वारा साल क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है । साल पौधें के वृक्षारोपण पर भी कार्य किया गया परिणाम स्वरूप साल वृक्षारोपण गरियाबंद वन परिक्षेत्र के ग्राम कुर्रूभाठा में आंशिक सपलता पाप्त हुई । उप वनमण्डलाधिकारी आर. सी. मेश्राम ने बताया कि राज्य निर्माण के बाद गरियाबंद क्षेत्र में साल का वृक्षारोपण क्षेत्र 10 हेक्टेयर भूमि में ग्राम कुर्रूभाठा कक्ष त्रढमांक-549 में सिंचित ड्रीप-एरीगेशन के माध्यम से वर्ष - 2012 मार्च में कराया गया था जो कि सपलतम वृक्षारोपण की श्रेणी में है । इस वृक्षारोपण सपलता से लगता है कि आने वाले भविष्य में साल का वृक्षारोपण कर साल वनों की बढ़ोत्तरी किया जा सकेगा । ग्राम कुर्रूभाठा में 10 हेक्टेयर क्षेत्र में साल के पौधे 2मीटर गुणा 2 मीटर के अन्तराल में 25 हजार पौधे रोपित किये गये है जो कि एक वर्ष के इस सिंचित वृक्षारोपण में पौधों की बढ़त 6 पीट से भी ऊपर आ गई है पुरे क्षेत्र में 95 पतिशत जीवित पौधों का पतिशत है । इसी परिपेक्ष्य में इस वर्ष साल पौधों के वृक्षारोपण हेतु नर्सरी में पौधों को तैयार किया गया है रोपण की सपलता के लिए उप वनमण्डलाधिकारी आर. सी. मेश्राम, गरियाबंद के द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है । इस वृक्षारोपण की सपलता में भ्रंम को दूर कर दिया है कि साल पौधों का वृक्षारोपण नही किया जा सकता ? । साल पौधें के वृक्षारोपण के लिए सिचाई हेतु 10 हेक्टेयर क्षेत्र में 02 बोरिंग करके सबमर्सिबल पंप लगाया गया है तथा ड्रीप सिंचाई हेतु पाईप लाईन बिछाई गई है ।
गरियाबंद,। छत्तीसगढ़ राज्य में साल वनों की बहुत आयात है वर्षो से वन विभाग द्वारा साल क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है । साल पौधें के वृक्षारोपण पर भी कार्य किया गया परिणाम स्वरूप साल वृक्षारोपण गरियाबंद वन परिक्षेत्र के ग्राम कुर्रूभाठा में आंशिक सपलता पाप्त हुई । उप वनमण्डलाधिकारी आर. सी. मेश्राम ने बताया कि राज्य निर्माण के बाद गरियाबंद क्षेत्र में साल का वृक्षारोपण क्षेत्र दस हेक्टेयर भूमि में ग्राम कुर्रूभाठा कक्ष त्रढमांक-पाँच सौ उनचास में सिंचित ड्रीप-एरीगेशन के माध्यम से वर्ष - दो हज़ार बारह मार्च में कराया गया था जो कि सपलतम वृक्षारोपण की श्रेणी में है । इस वृक्षारोपण सपलता से लगता है कि आने वाले भविष्य में साल का वृक्षारोपण कर साल वनों की बढ़ोत्तरी किया जा सकेगा । ग्राम कुर्रूभाठा में दस हेक्टेयर क्षेत्र में साल के पौधे दो मीटर गुणा दो मीटर के अन्तराल में पच्चीस हजार पौधे रोपित किये गये है जो कि एक वर्ष के इस सिंचित वृक्षारोपण में पौधों की बढ़त छः पीट से भी ऊपर आ गई है पुरे क्षेत्र में पचानवे पतिशत जीवित पौधों का पतिशत है । इसी परिपेक्ष्य में इस वर्ष साल पौधों के वृक्षारोपण हेतु नर्सरी में पौधों को तैयार किया गया है रोपण की सपलता के लिए उप वनमण्डलाधिकारी आर. सी. मेश्राम, गरियाबंद के द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है । इस वृक्षारोपण की सपलता में भ्रंम को दूर कर दिया है कि साल पौधों का वृक्षारोपण नही किया जा सकता ? । साल पौधें के वृक्षारोपण के लिए सिचाई हेतु दस हेक्टेयर क्षेत्र में दो बोरिंग करके सबमर्सिबल पंप लगाया गया है तथा ड्रीप सिंचाई हेतु पाईप लाईन बिछाई गई है ।
प्राण साहब अभिनय की वो जीती-जागती मिसाल थे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से लोगों का दिल जीता। उनकी पहचान खासतौर पर एक खलनायक की थी, लेकिन चरित्र अभिनेता के तौर पर भी खूब वाहवाही लूटी। आइए एक नजर डालते हैं प्राण के फिल्मी सफर पर...। प्राण साहब अभिनय की वो जीती-जागती मिसाल थे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से लोगों का दिल जीता। उनकी पहचान खासतौर पर एक खलनायक की थी, लेकिन चरित्र अभिनेता के तौर पर भी खूब वाहवाही लूटी। आइए एक नजर डालते हैं प्राण के फिल्मी सफर पर...। मशहूर अभिनेता प्राण ने कई फिल्मों में अपने दमदार अभिनय की छाप छोड़ी। 12 फरवरी 1920 को दिल्ली में पैदा हुए प्राण ने हालांकि लाहौर से अपना करियर बतौर फोटोग्राफर शुरू किया था। 1940 में 'यमला जट' फिल्म में उन्हें पहली बार काम करने का मौका मिला। इसके बाद प्राण ने एक से बढ़कर एक करीब 400 फिल्मों में काम किया। अभिनय में उन्हें इस कदर महारत हासिल थी कि खलनायक के रूप में उनकी ऐसी छाप बन गई थी कि परदे से अलग भी लोग उनसे नफरत करने लगे थे। हालांकि खलनायक के अलावा प्राण एक सशक्त चरित्र अभिनेता भी रहे। 1968 में 'उपकार', 1970 में 'आंसू बन गए फूल' और 1973 में 'बेईमान' फिल्म के लिए प्राण को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्हें सैकड़ों सम्मान और अवॉर्ड मिले। इसी साल यानी 2013 में प्राण को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। प्राण के फिल्मों की फेहरिस्त काफी लंबी है। उनकी कुछ शानदार और यादगार फिल्मों में-1958 में आई मधुमति1960 में आई छलिया और जिस देश में गंगा बहती है1961 में आई जब प्यार किसी से होता है1965 में आई खानदान1966 में आई लव इन टोक्यो1967 में आई उपकार और राम और श्याम1970 में आई जॉनी मेरा नाम1973 में आई जंजीर1977 में आई अमर अकबर एंथोनी1981 में आई नसीब1983 में आई सौतन1984 में आई शराबी1991 में आई सनम बेवफा शामिल हैं। अब प्राण भले ही हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन अपने शानदार और जानदार अभिनय की बदौलत वो सदा लोगों के दिल पर राज करते रहेंगे।
प्राण साहब अभिनय की वो जीती-जागती मिसाल थे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से लोगों का दिल जीता। उनकी पहचान खासतौर पर एक खलनायक की थी, लेकिन चरित्र अभिनेता के तौर पर भी खूब वाहवाही लूटी। आइए एक नजर डालते हैं प्राण के फिल्मी सफर पर...। प्राण साहब अभिनय की वो जीती-जागती मिसाल थे, जिन्होंने अपने दमदार अभिनय से लोगों का दिल जीता। उनकी पहचान खासतौर पर एक खलनायक की थी, लेकिन चरित्र अभिनेता के तौर पर भी खूब वाहवाही लूटी। आइए एक नजर डालते हैं प्राण के फिल्मी सफर पर...। मशहूर अभिनेता प्राण ने कई फिल्मों में अपने दमदार अभिनय की छाप छोड़ी। बारह फरवरी एक हज़ार नौ सौ बीस को दिल्ली में पैदा हुए प्राण ने हालांकि लाहौर से अपना करियर बतौर फोटोग्राफर शुरू किया था। एक हज़ार नौ सौ चालीस में 'यमला जट' फिल्म में उन्हें पहली बार काम करने का मौका मिला। इसके बाद प्राण ने एक से बढ़कर एक करीब चार सौ फिल्मों में काम किया। अभिनय में उन्हें इस कदर महारत हासिल थी कि खलनायक के रूप में उनकी ऐसी छाप बन गई थी कि परदे से अलग भी लोग उनसे नफरत करने लगे थे। हालांकि खलनायक के अलावा प्राण एक सशक्त चरित्र अभिनेता भी रहे। एक हज़ार नौ सौ अड़सठ में 'उपकार', एक हज़ार नौ सौ सत्तर में 'आंसू बन गए फूल' और एक हज़ार नौ सौ तिहत्तर में 'बेईमान' फिल्म के लिए प्राण को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्हें सैकड़ों सम्मान और अवॉर्ड मिले। इसी साल यानी दो हज़ार तेरह में प्राण को दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। प्राण के फिल्मों की फेहरिस्त काफी लंबी है। उनकी कुछ शानदार और यादगार फिल्मों में-एक हज़ार नौ सौ अट्ठावन में आई मधुमतिएक हज़ार नौ सौ साठ में आई छलिया और जिस देश में गंगा बहती हैएक हज़ार नौ सौ इकसठ में आई जब प्यार किसी से होता हैएक हज़ार नौ सौ पैंसठ में आई खानदानएक हज़ार नौ सौ छयासठ में आई लव इन टोक्योएक हज़ार नौ सौ सरसठ में आई उपकार और राम और श्यामएक हज़ार नौ सौ सत्तर में आई जॉनी मेरा नामएक हज़ार नौ सौ तिहत्तर में आई जंजीरएक हज़ार नौ सौ सतहत्तर में आई अमर अकबर एंथोनीएक हज़ार नौ सौ इक्यासी में आई नसीबएक हज़ार नौ सौ तिरासी में आई सौतनएक हज़ार नौ सौ चौरासी में आई शराबीएक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में आई सनम बेवफा शामिल हैं। अब प्राण भले ही हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन अपने शानदार और जानदार अभिनय की बदौलत वो सदा लोगों के दिल पर राज करते रहेंगे।
लखनऊः 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ आने को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सपा, बसपा, रालोद से सीटों पर समझौता होने के बाद जो सीटें बचेंगी, उसमें से कांग्रेस को मिलेंगी. एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भले ही देश में बड़ी पार्टी हो लेकिन यूपी में इसकी स्थिति क्या है इस पर विचार करना होगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता फिलहाल सपा, बसपा और रालोद के साथ खुश हैं. वहीं जब उनसे राहुल गांधी के पीएम मोदी से गले मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राहुल को गले मिलकर कहना चाहिए था कि उनका सीना 56 इंच का नहीं है. गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश नया प्रधानमंत्री चाहता है. राहुल से दोस्ती रहेगी, तभी 2019 का रास्ता निकलेगा. कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जो कहतें हैं, सीएम उसी काम को रोक देते हैं. उन्होंने कहा स्मार्ट सिटी में नालियां बह रही हैं. वहीं कांग्रेस प्रवक्ता ओंकार नाथ सिंह का इस मामले पर कहना है कि राष्ट्रीय पार्टी का स्तर किसी प्रदेश विशेष से तय नहीं होता. उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और इसमें कोेई संदेह नहीं है.
लखनऊः दो हज़ार उन्नीस के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ आने को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि सपा, बसपा, रालोद से सीटों पर समझौता होने के बाद जो सीटें बचेंगी, उसमें से कांग्रेस को मिलेंगी. एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस भले ही देश में बड़ी पार्टी हो लेकिन यूपी में इसकी स्थिति क्या है इस पर विचार करना होगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता फिलहाल सपा, बसपा और रालोद के साथ खुश हैं. वहीं जब उनसे राहुल गांधी के पीएम मोदी से गले मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राहुल को गले मिलकर कहना चाहिए था कि उनका सीना छप्पन इंच का नहीं है. गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि देश नया प्रधानमंत्री चाहता है. राहुल से दोस्ती रहेगी, तभी दो हज़ार उन्नीस का रास्ता निकलेगा. कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जो कहतें हैं, सीएम उसी काम को रोक देते हैं. उन्होंने कहा स्मार्ट सिटी में नालियां बह रही हैं. वहीं कांग्रेस प्रवक्ता ओंकार नाथ सिंह का इस मामले पर कहना है कि राष्ट्रीय पार्टी का स्तर किसी प्रदेश विशेष से तय नहीं होता. उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है और इसमें कोेई संदेह नहीं है.
Yamaha Race Track Day For Fans 2022: स्पोर्ट्स और रेसिंग बाइक के शौकीन लोगों के लिए कल यानी 13 मार्च का दिन बेहद खास है, जब यामाहा बाइक लवर्स अपनी फैमिली और फ्रेंड्स के साामने रेसिंग का मजा ले सकते हैं। जी हां, यामाहा के 'कॉल द ब्लू' कैंपेन के तहत फैंस से रूबरू होने की इस कोशिश का अंजाम रविवार 13 मार्च को चेन्नै स्थित मद्रास मोटर रेस ट्रैक पर दिखेगा, जब काफी संख्या में यामाहा बाइक और स्कूटर लवर्स जुटेंगे और रेसिंग का मजा लेंगे। यामाहा ट्रैक डे 2022 के मौके पर एमएमआरटी, चेन्नै में सुबह 9 बजे यामाहा बाइक लवर्स का जमावड़ा होगा और फिर ब्रूम-ब्रूम की आवाजों के साथ ही फिजाएं गूंज उठेंगी। आप भी अगर यामाहा ट्रैक डे 2022 का हिस्सा बनना चाहते हैं तो रजिस्टर करा सकते हैं। हालांकि, रजिस्ट्रेशन अब बंद हो चुका है। यह चेन्नै और आसपास के लोगों के लिए काफी सुटेबल रहेगा। इस रेसिंग में पार्टिसिपेंट्स को 30 मिनट का राइड स्लॉट मिलेगा, जो कि ब्रीफिंग टाइम के साथ है। रजिस्ट्रेशन सिर्फ Yamaha R3, Yamaha R15, Yamaha MT15, Yamaha FZ और Yamaha Aerox जैसी बाइक और स्कूटर के लिए था। जिन लोगों के पास राइडिंग गियर नहीं है, उन्हें यामाहा राइडिंग गियर उपलब्ध कराएगी। आपको बता दें कि मद्रास मोटर रेस ट्रैक कुल 3. 71 किलोमीटर का है, जिसमें 12 कॉर्नर हैं और सबसे लंबा स्ट्रेट स्ट्रेच कुल 480 मीटर का है। इस ट्रैक पर रेसिंग करना लाखों लोगों का सपना होता है, लेकिन यह लाभ 13 मार्च को यामाहा बाइक और स्कूटर लवर्स उठा पाएंगे। भारत में यामाहा ने बजट स्पोर्ट्स बाइक सेगमेंट में कई खास मोटरसाइकल पेश किए हैं, जो दिखने में तो शानदार हैं ही, उनके पावर और फीचर्स भी काफी जबरदस्त हैं।
Yamaha Race Track Day For Fans दो हज़ार बाईस: स्पोर्ट्स और रेसिंग बाइक के शौकीन लोगों के लिए कल यानी तेरह मार्च का दिन बेहद खास है, जब यामाहा बाइक लवर्स अपनी फैमिली और फ्रेंड्स के साामने रेसिंग का मजा ले सकते हैं। जी हां, यामाहा के 'कॉल द ब्लू' कैंपेन के तहत फैंस से रूबरू होने की इस कोशिश का अंजाम रविवार तेरह मार्च को चेन्नै स्थित मद्रास मोटर रेस ट्रैक पर दिखेगा, जब काफी संख्या में यामाहा बाइक और स्कूटर लवर्स जुटेंगे और रेसिंग का मजा लेंगे। यामाहा ट्रैक डे दो हज़ार बाईस के मौके पर एमएमआरटी, चेन्नै में सुबह नौ बजे यामाहा बाइक लवर्स का जमावड़ा होगा और फिर ब्रूम-ब्रूम की आवाजों के साथ ही फिजाएं गूंज उठेंगी। आप भी अगर यामाहा ट्रैक डे दो हज़ार बाईस का हिस्सा बनना चाहते हैं तो रजिस्टर करा सकते हैं। हालांकि, रजिस्ट्रेशन अब बंद हो चुका है। यह चेन्नै और आसपास के लोगों के लिए काफी सुटेबल रहेगा। इस रेसिंग में पार्टिसिपेंट्स को तीस मिनट का राइड स्लॉट मिलेगा, जो कि ब्रीफिंग टाइम के साथ है। रजिस्ट्रेशन सिर्फ Yamaha Rतीन, Yamaha Rपंद्रह, Yamaha MTपंद्रह, Yamaha FZ और Yamaha Aerox जैसी बाइक और स्कूटर के लिए था। जिन लोगों के पास राइडिंग गियर नहीं है, उन्हें यामाहा राइडिंग गियर उपलब्ध कराएगी। आपको बता दें कि मद्रास मोटर रेस ट्रैक कुल तीन. इकहत्तर किलोग्राममीटर का है, जिसमें बारह कॉर्नर हैं और सबसे लंबा स्ट्रेट स्ट्रेच कुल चार सौ अस्सी मीटर का है। इस ट्रैक पर रेसिंग करना लाखों लोगों का सपना होता है, लेकिन यह लाभ तेरह मार्च को यामाहा बाइक और स्कूटर लवर्स उठा पाएंगे। भारत में यामाहा ने बजट स्पोर्ट्स बाइक सेगमेंट में कई खास मोटरसाइकल पेश किए हैं, जो दिखने में तो शानदार हैं ही, उनके पावर और फीचर्स भी काफी जबरदस्त हैं।
न्यूयॉर्क। अमेरिका के उत्तर-पूर्व प्रांत में आए बर्फीले तूफान से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है और सड़क एवं हवाई यातायात बाधित हो गया है। स्थानीय ऊर्जा कंपनियों के अनुसार बर्फीले तूफान और भारी बर्फबारी होने के कारण देश के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में लगभग 10 लाख घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में बिजली नहीं है। गवर्नर के अनुसार तूफान से सबसे प्रभावित प्रांत पेनसेलविनिया है, जहां आठ लाख 49 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के पास बिजली नहीं है। उत्तर-पूर्व प्रांतों में इन दिनों बर्फीले तूफान और बारी बर्फबारी होने से कई मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के इस हिस्से में चारों ओर सिर्फ बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है। बर्फबारी की वजह से सड़क से लेकर वायु यातायात तक प्रभावित है। इस बर्फीले तूफान की वजह से बुधवार को 2, 880 उड़ानों को रद्द करना पड़ा। उत्तर-पूर्व के हवाई अड्डों पर इस तूफान का प्रभाव पड़ा है और निवार्क लिबर्टी इंटरनेशनल और बोस्टन के लोगान इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा। कानसस प्रांत में असामान्य ढंग से जारी बर्फीले तूफान से जनजीवन अस्तव्यस्त है और यहां आपदा स्थिति की घोषणा की गई है. न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी और पेनसेलविनिया के गवर्नरों ने आपात स्थिति की घोषणा की है। न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में अधिकारियों ने कहा है कि सड़कों और राजमार्गों से बर्फ हटाने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले नमक की किल्लत हो गई है। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क के कुछ हिस्सों में हमें नमक की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पड़ोसी क्षेत्र न्यूजर्सी में भी इसी तरह की किल्लत होने की सूचना है। परिवहन विभाग के प्रवत्ता जोय डि ने कहा कि हमने एक के बाद एक कई तूफानों का सामना किया है और इसलिए नमक की मांग बहुत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि हमारी आपूर्ति कम हो गई है और इस तूफान के लिए नमक की मात्रा काफी है, लेकिन हम आने वाले तूफानों की तरफ भी देख रहे हैं।
न्यूयॉर्क। अमेरिका के उत्तर-पूर्व प्रांत में आए बर्फीले तूफान से आम जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है और सड़क एवं हवाई यातायात बाधित हो गया है। स्थानीय ऊर्जा कंपनियों के अनुसार बर्फीले तूफान और भारी बर्फबारी होने के कारण देश के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में लगभग दस लाख घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में बिजली नहीं है। गवर्नर के अनुसार तूफान से सबसे प्रभावित प्रांत पेनसेलविनिया है, जहां आठ लाख उनचास हजार से अधिक उपभोक्ताओं के पास बिजली नहीं है। उत्तर-पूर्व प्रांतों में इन दिनों बर्फीले तूफान और बारी बर्फबारी होने से कई मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के इस हिस्से में चारों ओर सिर्फ बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई है। बर्फबारी की वजह से सड़क से लेकर वायु यातायात तक प्रभावित है। इस बर्फीले तूफान की वजह से बुधवार को दो, आठ सौ अस्सी उड़ानों को रद्द करना पड़ा। उत्तर-पूर्व के हवाई अड्डों पर इस तूफान का प्रभाव पड़ा है और निवार्क लिबर्टी इंटरनेशनल और बोस्टन के लोगान इंटरनेशनल हवाई अड्डे पर कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा। कानसस प्रांत में असामान्य ढंग से जारी बर्फीले तूफान से जनजीवन अस्तव्यस्त है और यहां आपदा स्थिति की घोषणा की गई है. न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी और पेनसेलविनिया के गवर्नरों ने आपात स्थिति की घोषणा की है। न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में अधिकारियों ने कहा है कि सड़कों और राजमार्गों से बर्फ हटाने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले नमक की किल्लत हो गई है। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क के कुछ हिस्सों में हमें नमक की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पड़ोसी क्षेत्र न्यूजर्सी में भी इसी तरह की किल्लत होने की सूचना है। परिवहन विभाग के प्रवत्ता जोय डि ने कहा कि हमने एक के बाद एक कई तूफानों का सामना किया है और इसलिए नमक की मांग बहुत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि हमारी आपूर्ति कम हो गई है और इस तूफान के लिए नमक की मात्रा काफी है, लेकिन हम आने वाले तूफानों की तरफ भी देख रहे हैं।
बादशाह ने ट्रोल किया केके डेथः अपनी सुरीली आवाज से सभी के दिल में जगह बनाने वाले मशहूर सिंगर केके ने 53 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया. बॉलीवुड से लेकर म्यूजिक इंडस्ट्री तक उनके निधन पर शोक की लहर है, हर कोई सिंगर को श्रद्धांजलि दे रहा है. रैपर बादशाह ने भी सिंगर केके के निधन पर दुख जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया लेकिन उसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर सिंगर केके के लिए बादशाह का पोस्ट देखने के बाद लोग उन्हें कोसने लगे. आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्या है फैंस की नाराजगी की वजह। रैपर बादशाह संगीत की दुनिया में एक बड़ा नाम हैं, लेकिन उन्होंने केके को सोशल मीडिया पर फॉलो नहीं किया, इसलिए बादशाह ने अन्य सितारों की तरह केके और क्यों की एक दिल दहला देने वाली इमोजी के साथ एक तस्वीर पोस्ट की? लिखा हुआ लेकिन बादशाह ने केके को सोशल मीडिया पर फॉलो नहीं किया, जिससे लोगों को उनकी तस्वीर पोस्ट करने का तर्क समझ में नहीं आया, जिससे कुछ यूजर्स ने नाराजगी जतानी शुरू कर दी. गायक केके की एक तस्वीर पोस्ट करने के बाद, उन्होंने अपनी इंस्टा स्टोरी पर रैपर बादशाह को लोगों के गुस्से और नफरत का सामना करने की एक झलक साझा की। इंस्टा स्टोरी पर उन्होंने जो वीडियो शेयर किया, उसमें एक यूजर ने बादशाह को लिखा, "तुम कब मरोगे? " जिसका एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बादशाह ने लिखा, "मैं आपको सिर्फ इस बात का अंदाजा दे रहा हूं कि हम अपने दैनिक जीवन में किस तरह की नफरत का सामना करते हैं। " लोग सोशल मीडिया पर इस बात पर भी नाराजगी जता रहे हैं कि किसी की मौत के बाद ही उन्हें इतना भुगतान क्यों किया जाता है। दरअसल, गायक केके के निधन से पहले इंस्टाग्राम पर उनके 177,000 फॉलोअर्स थे, जो अब उनके निधन के बाद से बढ़कर 209,000 हो गए हैं और लोगों में आक्रोश है। सिंगर केके ने 'सच कही रही है दीवाना', 'दिल इबादत', 'खुदा जाने', 'जरा सा' जैसे कई सुपरहिट गाने गाए हैं.
बादशाह ने ट्रोल किया केके डेथः अपनी सुरीली आवाज से सभी के दिल में जगह बनाने वाले मशहूर सिंगर केके ने तिरेपन साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया. बॉलीवुड से लेकर म्यूजिक इंडस्ट्री तक उनके निधन पर शोक की लहर है, हर कोई सिंगर को श्रद्धांजलि दे रहा है. रैपर बादशाह ने भी सिंगर केके के निधन पर दुख जताते हुए एक पोस्ट शेयर किया लेकिन उसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर कुछ लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर सिंगर केके के लिए बादशाह का पोस्ट देखने के बाद लोग उन्हें कोसने लगे. आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्या है फैंस की नाराजगी की वजह। रैपर बादशाह संगीत की दुनिया में एक बड़ा नाम हैं, लेकिन उन्होंने केके को सोशल मीडिया पर फॉलो नहीं किया, इसलिए बादशाह ने अन्य सितारों की तरह केके और क्यों की एक दिल दहला देने वाली इमोजी के साथ एक तस्वीर पोस्ट की? लिखा हुआ लेकिन बादशाह ने केके को सोशल मीडिया पर फॉलो नहीं किया, जिससे लोगों को उनकी तस्वीर पोस्ट करने का तर्क समझ में नहीं आया, जिससे कुछ यूजर्स ने नाराजगी जतानी शुरू कर दी. गायक केके की एक तस्वीर पोस्ट करने के बाद, उन्होंने अपनी इंस्टा स्टोरी पर रैपर बादशाह को लोगों के गुस्से और नफरत का सामना करने की एक झलक साझा की। इंस्टा स्टोरी पर उन्होंने जो वीडियो शेयर किया, उसमें एक यूजर ने बादशाह को लिखा, "तुम कब मरोगे? " जिसका एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बादशाह ने लिखा, "मैं आपको सिर्फ इस बात का अंदाजा दे रहा हूं कि हम अपने दैनिक जीवन में किस तरह की नफरत का सामना करते हैं। " लोग सोशल मीडिया पर इस बात पर भी नाराजगी जता रहे हैं कि किसी की मौत के बाद ही उन्हें इतना भुगतान क्यों किया जाता है। दरअसल, गायक केके के निधन से पहले इंस्टाग्राम पर उनके एक सौ सतहत्तर,शून्य फॉलोअर्स थे, जो अब उनके निधन के बाद से बढ़कर दो सौ नौ,शून्य हो गए हैं और लोगों में आक्रोश है। सिंगर केके ने 'सच कही रही है दीवाना', 'दिल इबादत', 'खुदा जाने', 'जरा सा' जैसे कई सुपरहिट गाने गाए हैं.
आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत बांग्लादेश और श्रीलंकाई टीम के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है, जिसकी शुरुआत अक्टूबर में होनी है. इसी टेस्ट सीरीज के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीबी ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है. बांग्लादेश के 27 खिलाड़ी श्रीलंका के दौरे पर जाएंगे. मिन्हाजुल अबेदिन ने आगे अपने बयान में कहा, "हम सभी को प्रारंभिक टीम में रख रहे हैं, क्योंकि हमें कुछ खिलाड़ियों को स्टैंड-बाय पर रखना होगा. वर्तमान कोरोना स्थिति को देखते हुए स्टैंड-बाय बहुत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए हमने सात खिलाड़ियों को रिजर्व के तौर पर रखने का फैसला किया.
आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के तहत बांग्लादेश और श्रीलंकाई टीम के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है, जिसकी शुरुआत अक्टूबर में होनी है. इसी टेस्ट सीरीज के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीबी ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है. बांग्लादेश के सत्ताईस खिलाड़ी श्रीलंका के दौरे पर जाएंगे. मिन्हाजुल अबेदिन ने आगे अपने बयान में कहा, "हम सभी को प्रारंभिक टीम में रख रहे हैं, क्योंकि हमें कुछ खिलाड़ियों को स्टैंड-बाय पर रखना होगा. वर्तमान कोरोना स्थिति को देखते हुए स्टैंड-बाय बहुत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए हमने सात खिलाड़ियों को रिजर्व के तौर पर रखने का फैसला किया.
अमरावती/ दि. 20 - स्थानीय कैम्प परिसर स्थित विद्याभारती महाविद्यालय में सोमवार को देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटील के जन्मदिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी व वाणिज्य विभाग की ओर से भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. शिविर कार्यक्रम में विद्याभारती शैक्षणिक संस्था के सचिव डॉ. अशोक चव्हाण, डॉ. पंजाबराव देशमुख मेमोरियल वैद्यकीय महाविद्यालय के संचालक डॉ. पी. आर. सोमवंशी, अधिष्ठाता डॉ. ए. टी. देशमुख, महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रज्ञा येनकर, फार्मसी की प्राचार्या डॉ. ए. टी. पांडे, प्रतिभाताई पाटील शिक्षण शास्त्र महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के. बी. शिरभाते, संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ प्रबंधन परिषद के सदस्य डॉ. ए. डी. चव्हाण, कर्नल अनुप रावल, कर्नल पी. राजनारायण, लेफ्टनेंट कर्नल एम. के. सिंग, सीओथ्र्ाी महासिग्नल कंपनी के डॉ. विशालसिंग शेखावत के अलावा रक्तदान समिति के प्रमुख महेंद्र भुतडा मौजूद थे. कार्यक्रम की शुरुआत में वैराग्यमूर्ति संत गाडगे बाबा की प्रतिमा का पूजन किया गया. इस समय एनसीसी के कैप्टन डॉ. एम. एम. राठोड, वाणिज्य विभाग प्रमुख डॉ. एस. बी. कडू, एनएसएस के प्रभारी प्रा. अर्थर इकबाल, प्रा. अमित इंगोले, प्रा. जयंत बनसोड ने सहयोग दिया. महाविद्यालय के विविध विभागों के छात्रों के अलावा एनसीसी कैंटेड व राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने रक्तदान शिविर में सहभाग लिया. शिविर में पीडिएमसी टीम के डॉ. सुप्रीया पाटील, हारिस खान, साहेबराव अलमावदे, अमोल कुचे, अमित धोरणे, प्राजक्ता गुल्हाने ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. संचालन प्रा. पूजा सावसाकडे ने किया. आभार प्रा. सागर रायचुरा ने माना. शिविर में महाविद्यालय के विविध विभाग के विभाग प्रमुख, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सहभाग लिया.
अमरावती/ दि. बीस - स्थानीय कैम्प परिसर स्थित विद्याभारती महाविद्यालय में सोमवार को देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभाताई पाटील के जन्मदिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी व वाणिज्य विभाग की ओर से भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. शिविर कार्यक्रम में विद्याभारती शैक्षणिक संस्था के सचिव डॉ. अशोक चव्हाण, डॉ. पंजाबराव देशमुख मेमोरियल वैद्यकीय महाविद्यालय के संचालक डॉ. पी. आर. सोमवंशी, अधिष्ठाता डॉ. ए. टी. देशमुख, महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रज्ञा येनकर, फार्मसी की प्राचार्या डॉ. ए. टी. पांडे, प्रतिभाताई पाटील शिक्षण शास्त्र महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के. बी. शिरभाते, संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ प्रबंधन परिषद के सदस्य डॉ. ए. डी. चव्हाण, कर्नल अनुप रावल, कर्नल पी. राजनारायण, लेफ्टनेंट कर्नल एम. के. सिंग, सीओथ्र्ाी महासिग्नल कंपनी के डॉ. विशालसिंग शेखावत के अलावा रक्तदान समिति के प्रमुख महेंद्र भुतडा मौजूद थे. कार्यक्रम की शुरुआत में वैराग्यमूर्ति संत गाडगे बाबा की प्रतिमा का पूजन किया गया. इस समय एनसीसी के कैप्टन डॉ. एम. एम. राठोड, वाणिज्य विभाग प्रमुख डॉ. एस. बी. कडू, एनएसएस के प्रभारी प्रा. अर्थर इकबाल, प्रा. अमित इंगोले, प्रा. जयंत बनसोड ने सहयोग दिया. महाविद्यालय के विविध विभागों के छात्रों के अलावा एनसीसी कैंटेड व राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने रक्तदान शिविर में सहभाग लिया. शिविर में पीडिएमसी टीम के डॉ. सुप्रीया पाटील, हारिस खान, साहेबराव अलमावदे, अमोल कुचे, अमित धोरणे, प्राजक्ता गुल्हाने ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. संचालन प्रा. पूजा सावसाकडे ने किया. आभार प्रा. सागर रायचुरा ने माना. शिविर में महाविद्यालय के विविध विभाग के विभाग प्रमुख, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने सहभाग लिया.
केन्द्र ने 3 अगस्त, 2009 को नई दिल्ली में राज्यों के युवा मामले एवं खेल मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया है । यह एक दिवसीय सम्मेलन देश में खेलों एवं युवा कार्यक्रमों के प्रोत्साहन एवं विकास के लिए खेल मंत्रालय द्वारा लागू किये जा रहे विन्न योजनाओं पर विचार आदान-प्रदान तथा राज्योंकेन्द्र शासित प्रदेशों के फीड बैक एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए मंच उपलब्ध करेगा । इस सम्मेलन की अध्यक्षता युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. एम एम गिल करेंगे और इसमें राज्योंकेन्द्र शासित प्रदेशां के मंत्री, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री श्री प्रतीक प्रकाशबापू पाटिल तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे । इसके सभी भागीदार मंत्रालय द्वारा पिछले वर्ष लागू की गई योजना, युवा क्रीड़ा और खेल अभियान (पीवाइकेकेए) की समीक्षा करेंगे । अब तक पीवाईकेकेए के तहत 24 राज्य सरकारों के 251 करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर किये गये हैं और 125 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं । युवा मामले के तहत राज्यों के मंत्री नेहरू युवा केन्द्र के देश के बाकी बचे 122 जिलों में विस्तार पर भी विचार-विमर्श करेंगे । (Release ID :212)
केन्द्र ने तीन अगस्त, दो हज़ार नौ को नई दिल्ली में राज्यों के युवा मामले एवं खेल मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया है । यह एक दिवसीय सम्मेलन देश में खेलों एवं युवा कार्यक्रमों के प्रोत्साहन एवं विकास के लिए खेल मंत्रालय द्वारा लागू किये जा रहे विन्न योजनाओं पर विचार आदान-प्रदान तथा राज्योंकेन्द्र शासित प्रदेशों के फीड बैक एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए मंच उपलब्ध करेगा । इस सम्मेलन की अध्यक्षता युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. एम एम गिल करेंगे और इसमें राज्योंकेन्द्र शासित प्रदेशां के मंत्री, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री श्री प्रतीक प्रकाशबापू पाटिल तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे । इसके सभी भागीदार मंत्रालय द्वारा पिछले वर्ष लागू की गई योजना, युवा क्रीड़ा और खेल अभियान की समीक्षा करेंगे । अब तक पीवाईकेकेए के तहत चौबीस राज्य सरकारों के दो सौ इक्यावन करोड़ रुपये के प्रस्ताव मंजूर किये गये हैं और एक सौ पच्चीस करोड़ रुपये जारी किये जा चुके हैं । युवा मामले के तहत राज्यों के मंत्री नेहरू युवा केन्द्र के देश के बाकी बचे एक सौ बाईस जिलों में विस्तार पर भी विचार-विमर्श करेंगे ।
हरिद्वारः उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दुल्हन को विदा करने के लिए गांव छावनी में परिवर्तित हो गया। भारी पुलिस फोर्स की तैनाती के पश्चात् दूल्हे और बारातियों की भी टेंशन बढ़ गई थी। कुछ लड़कों ने बारातियों पर पथराव कर दिया, जिससे पूरे गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी। मिल रही खबर के मुताबिक, बारात में बैंडवाले के साथ हुई गलतफहमी के बाद अकबरपुर कालसो गांव में तनाव की स्थिति बन गई। कुछ लड़कों ने बारातियों पर पथराव कर दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पहरे में विदाई हुई। बृहस्पतिवार को अकबरपुर कालसो गांव में एक बारात इलाके के ही डाडा पट्टी गांव से आई हुई थी। सुबह बारात आने के बाद शाम को दुल्हन की विदाई से पहले बारद्वारी की रस्म निभाई जा रही थी। इस रस्म के लिए बाराती बैंड-बाजे के साथ गांव में निकले। बैंड की धुनों पर बाराती नाच रहे थे, मगर बैंडवाला आगे तेज चल रहा था। बारातियों ने बैंडवाले को आहिस्ता-आहिस्ता चलने को बोला। बैंडवाला अकबरपुर कालसो का निवासी है। बारातियों की उससे बात चल ही रही थी कि वहां उपस्थित गांव के कुछ लोगों को लगा कि बाराती बैंडवाले से अभद्रता कर रहे हैं। युवक दूसरे पक्ष से जुड़े हुए थे। इस गलतफहमी के बीच दूसरे पक्ष के कुछ लकड़ों ने बारातियों से गाली गलौच करते हुए पथराव कर दिया। जिससे बारातियों में अफरा-तफरी मच गई। मामला दो अलग-अलग पक्षों से जुड़ा होने से तनाव की स्थिति बन गई। मामला बढ़ता देख गांव के लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही पथराव करने के अपराधी शख्स मौके से फरार हो गए। पुलिस के पहुंचने के पश्चात् शादी समारोह को आगे बढ़ाया गया। पुलिस पहरे में विदाई हुई। इंस्पेक्टर राजीव रौथाण कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने विवाद किया है। ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होने पर आगे कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी शांति व्यवस्था नहीं बिगाड़ने दी जाएगी। पुलिस ने दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों को भी थाने बुलाया।
हरिद्वारः उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दुल्हन को विदा करने के लिए गांव छावनी में परिवर्तित हो गया। भारी पुलिस फोर्स की तैनाती के पश्चात् दूल्हे और बारातियों की भी टेंशन बढ़ गई थी। कुछ लड़कों ने बारातियों पर पथराव कर दिया, जिससे पूरे गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी। मिल रही खबर के मुताबिक, बारात में बैंडवाले के साथ हुई गलतफहमी के बाद अकबरपुर कालसो गांव में तनाव की स्थिति बन गई। कुछ लड़कों ने बारातियों पर पथराव कर दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पहरे में विदाई हुई। बृहस्पतिवार को अकबरपुर कालसो गांव में एक बारात इलाके के ही डाडा पट्टी गांव से आई हुई थी। सुबह बारात आने के बाद शाम को दुल्हन की विदाई से पहले बारद्वारी की रस्म निभाई जा रही थी। इस रस्म के लिए बाराती बैंड-बाजे के साथ गांव में निकले। बैंड की धुनों पर बाराती नाच रहे थे, मगर बैंडवाला आगे तेज चल रहा था। बारातियों ने बैंडवाले को आहिस्ता-आहिस्ता चलने को बोला। बैंडवाला अकबरपुर कालसो का निवासी है। बारातियों की उससे बात चल ही रही थी कि वहां उपस्थित गांव के कुछ लोगों को लगा कि बाराती बैंडवाले से अभद्रता कर रहे हैं। युवक दूसरे पक्ष से जुड़े हुए थे। इस गलतफहमी के बीच दूसरे पक्ष के कुछ लकड़ों ने बारातियों से गाली गलौच करते हुए पथराव कर दिया। जिससे बारातियों में अफरा-तफरी मच गई। मामला दो अलग-अलग पक्षों से जुड़ा होने से तनाव की स्थिति बन गई। मामला बढ़ता देख गांव के लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही पथराव करने के अपराधी शख्स मौके से फरार हो गए। पुलिस के पहुंचने के पश्चात् शादी समारोह को आगे बढ़ाया गया। पुलिस पहरे में विदाई हुई। इंस्पेक्टर राजीव रौथाण कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने विवाद किया है। ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होने पर आगे कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी शांति व्यवस्था नहीं बिगाड़ने दी जाएगी। पुलिस ने दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों को भी थाने बुलाया।
सर मोतीसागर इस घटनाके कुछ मास बाद भारत सरकारकी जो सम्मान-सूची खपी, उसमें श्री रामकिशोरको भी रायबहादुरकी उपाधि दी गई थी। उन्हें आश्चर्य हुआ और उन्होंने मोतीसागरसे पूछा- "यह तुम्हारे प्रयत्नोंका फल है हज़रत !" वे बोले - "जी नहीं, यह आपकी योग्यताका फल है ! श्रीरामकिशोरको जब चीफ़ कमिश्नरके दरबारमें रायबहादुरकी उपाधि दी गई, तो चीफ़ कमिश्नरने रायबहादुर रामकिशोरका जो परिचय पढ़ा, वह वही फुलिस्केप शीट थी, जो कभी उन्होंने स्वयं टाइप करके प्रेमसागरको दी थी । दरबारसे लौटते समय रामकिशोरजीने अपने मित्र मोतीसागरको १०० उलाहने दिये, पर उन्होंने एक बार भी यह स्वीकार नही किया कि उनके इस सम्मानमें मेरा हाथ है। मोतीसागर पंजाब कौसिलके लिए खड़े हुए, तो मनोहरलाल ( वाद सर और मिनिस्टर ) उनके मुक़ाबले आये, पर चुनावसे चार दिन पहले ही वे समझ गये कि मोतीसागरकी जीत १०० फ़ीसदी निश्चित । मोतीसागरको तो उनके मित्र विजयकी पेशगी बधाई भी दे चुके थे कि जीतकर वे मिनिस्टर बनेंगे । तीन दिन पहले मनोहरलाल रातमें स्वयं उनके पास आये और बोले- "मोतीसागर, तुमपर तो भाई, चारों ओरसे भगवान्के वरदान बरस रहे हैं, इसलिए कौन्सिलकी मेम्बरीका तुम्हारे लिए इतना महत्त्व नहीं है, पर मैं मेम्बर हो गया, तो मेरा जीवन बन जायेगा ।" मोतीसागरने उनके पक्षमें अपना नाम वापिस लेनेका पत्र लिखकर उन्हें दे दिया। दूसरे दिन यह खबर फैली तो घरवालोने आपको बहुत लथेड़ा, पर आप चुप ही रहे और स्वयं मनोहरलालको बधाई देने गये । मोतीसागरने एक साधारण वकीलके रूपमें भारतकी राजधानीमें अपना जीवन आरम्भ किया और कुछ ही दिनोंमें वे इस पेशेकी चोटीपर पहुँचे । रायसाहब हुए, रायबहादुर हुए, दिल्ली विश्वविद्यालयके वायसजैन-जागरणके अप्रदूत चासलर हुए, डाक्टर हुए और दिल्लीसे पजाब हाईकोर्ट तक ऐसे छाये कि जस्टिस होकर सर हुए। जीवनभर लक्ष्मी उनपर मँडराती फिरी, सम्मान उनका अनुचर रहा और सफलता उन्हें घेरे रही । उनकी असाधारण सफलताका रहस्य क्या है ? एक दिन मैने उनके जीवनसाथी रायबहादुर श्री रामकिशोरजीसे पूछा, तो बोले - "नेकनीयती और मेहनत ।" वे कमाना भी जानते थे और खर्चना भी, पर उनके आश्रित खोना ही जानते थे । इस तरह उन्होंने लाखो कमाये, लाखो खर्चे, लाखो खोये और लाखो छोड गये । सबसे बहुमूल्य वस्तु जो वे छोड गये, वह वे छात्र वे है, जिन्हें सहायता देकर वे पनपा गये और जो आज जीवनके विभिन्न क्षेत्रोमें काम कर रहे है । उनके जीवनका एक महत्त्वपूर्ण कार्य था- भारतमें सिनेमाको जमानेमें लाखो रुपये खर्च करना, 'लाइट आफ एशिया' और 'अनारकली' उनके महत्त्वपूर्ण निर्माण थे। पहला चित्र तो सारे ससारमें यशस्वी हुआ था । हिमाशुराय ही इसमे बुद्ध थे। अनारकलीमें कलाके जो ऊँचे प्रयोग किये गये थे, आजका सिनेमा उनसे बहुत नीचे है । कमाकर उन्होंने कभी गर्व नही किया और खोकर न कभी अफसोस । अपने ही पैरो उठकर वे अपने समय में समाज के सबसे ऊंचे शिखरतक पहुँचे थे, पर उनके स्वभावकी नम्रता कभी कम नही हुई । वे जिस उत्साहसे अपने प्रान्तके गवर्नरसे मिलते थे, उसी उत्साह से अपने बागके मालीसे भी बातें करते थे । वे अपने पुत्र-पुत्रियोको जिस लाडसे पोषते थे, उसी लाडसे अपनी बूढी ( दुनियाकी भाषामें - बेकार) घोडीको भी और वह भी इस हदतक कि जब साइसने एक दिन उससे कहा- "तेरे बाबूजी मर गये" तो वह एक लम्बी साँस लेकर इस तरह बैठी कि फिर न उठी !
सर मोतीसागर इस घटनाके कुछ मास बाद भारत सरकारकी जो सम्मान-सूची खपी, उसमें श्री रामकिशोरको भी रायबहादुरकी उपाधि दी गई थी। उन्हें आश्चर्य हुआ और उन्होंने मोतीसागरसे पूछा- "यह तुम्हारे प्रयत्नोंका फल है हज़रत !" वे बोले - "जी नहीं, यह आपकी योग्यताका फल है ! श्रीरामकिशोरको जब चीफ़ कमिश्नरके दरबारमें रायबहादुरकी उपाधि दी गई, तो चीफ़ कमिश्नरने रायबहादुर रामकिशोरका जो परिचय पढ़ा, वह वही फुलिस्केप शीट थी, जो कभी उन्होंने स्वयं टाइप करके प्रेमसागरको दी थी । दरबारसे लौटते समय रामकिशोरजीने अपने मित्र मोतीसागरको एक सौ उलाहने दिये, पर उन्होंने एक बार भी यह स्वीकार नही किया कि उनके इस सम्मानमें मेरा हाथ है। मोतीसागर पंजाब कौसिलके लिए खड़े हुए, तो मनोहरलाल उनके मुक़ाबले आये, पर चुनावसे चार दिन पहले ही वे समझ गये कि मोतीसागरकी जीत एक सौ फ़ीसदी निश्चित । मोतीसागरको तो उनके मित्र विजयकी पेशगी बधाई भी दे चुके थे कि जीतकर वे मिनिस्टर बनेंगे । तीन दिन पहले मनोहरलाल रातमें स्वयं उनके पास आये और बोले- "मोतीसागर, तुमपर तो भाई, चारों ओरसे भगवान्के वरदान बरस रहे हैं, इसलिए कौन्सिलकी मेम्बरीका तुम्हारे लिए इतना महत्त्व नहीं है, पर मैं मेम्बर हो गया, तो मेरा जीवन बन जायेगा ।" मोतीसागरने उनके पक्षमें अपना नाम वापिस लेनेका पत्र लिखकर उन्हें दे दिया। दूसरे दिन यह खबर फैली तो घरवालोने आपको बहुत लथेड़ा, पर आप चुप ही रहे और स्वयं मनोहरलालको बधाई देने गये । मोतीसागरने एक साधारण वकीलके रूपमें भारतकी राजधानीमें अपना जीवन आरम्भ किया और कुछ ही दिनोंमें वे इस पेशेकी चोटीपर पहुँचे । रायसाहब हुए, रायबहादुर हुए, दिल्ली विश्वविद्यालयके वायसजैन-जागरणके अप्रदूत चासलर हुए, डाक्टर हुए और दिल्लीसे पजाब हाईकोर्ट तक ऐसे छाये कि जस्टिस होकर सर हुए। जीवनभर लक्ष्मी उनपर मँडराती फिरी, सम्मान उनका अनुचर रहा और सफलता उन्हें घेरे रही । उनकी असाधारण सफलताका रहस्य क्या है ? एक दिन मैने उनके जीवनसाथी रायबहादुर श्री रामकिशोरजीसे पूछा, तो बोले - "नेकनीयती और मेहनत ।" वे कमाना भी जानते थे और खर्चना भी, पर उनके आश्रित खोना ही जानते थे । इस तरह उन्होंने लाखो कमाये, लाखो खर्चे, लाखो खोये और लाखो छोड गये । सबसे बहुमूल्य वस्तु जो वे छोड गये, वह वे छात्र वे है, जिन्हें सहायता देकर वे पनपा गये और जो आज जीवनके विभिन्न क्षेत्रोमें काम कर रहे है । उनके जीवनका एक महत्त्वपूर्ण कार्य था- भारतमें सिनेमाको जमानेमें लाखो रुपये खर्च करना, 'लाइट आफ एशिया' और 'अनारकली' उनके महत्त्वपूर्ण निर्माण थे। पहला चित्र तो सारे ससारमें यशस्वी हुआ था । हिमाशुराय ही इसमे बुद्ध थे। अनारकलीमें कलाके जो ऊँचे प्रयोग किये गये थे, आजका सिनेमा उनसे बहुत नीचे है । कमाकर उन्होंने कभी गर्व नही किया और खोकर न कभी अफसोस । अपने ही पैरो उठकर वे अपने समय में समाज के सबसे ऊंचे शिखरतक पहुँचे थे, पर उनके स्वभावकी नम्रता कभी कम नही हुई । वे जिस उत्साहसे अपने प्रान्तके गवर्नरसे मिलते थे, उसी उत्साह से अपने बागके मालीसे भी बातें करते थे । वे अपने पुत्र-पुत्रियोको जिस लाडसे पोषते थे, उसी लाडसे अपनी बूढी घोडीको भी और वह भी इस हदतक कि जब साइसने एक दिन उससे कहा- "तेरे बाबूजी मर गये" तो वह एक लम्बी साँस लेकर इस तरह बैठी कि फिर न उठी !
चूंकि समाज ने नुकसान के बारे में सीखाआनुवांशिक रूप से संशोधित उत्पाद, "ई" लेबल किए गए योजक, और रासायनिक उद्योग में प्रयुक्त सर्फैक्टेंट (सर्फैक्टेंट), लोग ध्यान से स्टोर में खरीदे जाने वाले सभी सामानों की संरचना का अध्ययन करते हैं। और व्यर्थ नहीं, क्योंकि हमारे लिए परिचित केक या शैम्पू के एक या कई तत्व हानिकारक और उपस्थिति के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं और शरीर के लिए पूरी तरह से हानिकारक हो सकते हैं। इस लेख में हम बात करेंगेसर्फैक्टेंट्स और विशेष रूप से एक सर्फैक्टेंट जैसे लॉरिल ग्लूकोसाइड के बारे में। हम आपको बताएंगे कि डिटर्जेंट और सफाई उत्पादों का यह घटक किस प्रकार से लिया गया है, त्वचा पर इसका क्या प्रभाव है, चाहे वह हानिकारक है। इसके अलावा, चलो सर्फैक्टेंट के वास्तविक नुकसान के बारे में बात करते हैं। यदि आप डिटर्जेंट के इन अनिवार्य तत्वों और सौंदर्य प्रसाधनों को हानिकारक देखभाल करने के लिए उपयोग किया जाता है, तो यह आलेख कुछ लोकप्रिय मिथकों को समाप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। उस भूमिका की परिभाषा पर आगे बढ़ने से पहले,जो कॉस्मेटिक्स में लॉरिल ग्लूकोसाइड बजाता है, सर्फैक्टेंट्स के बारे में कुछ शब्द कहें। उन लोगों को बिल्कुल गलत नहीं होगा जो जानबूझकर उन्हें हानिकारक मानते हैं। दरअसल, कुछ दशकों पहले, प्रसाधन सामग्री और डिटर्जेंट में जोड़े गए सर्फैक्टेंट अधिक आक्रामक थे और त्वचा पर हानिकारक प्रभाव पड़ा। लेकिन आज खरीदार पक्ष के लिए स्थिति बेहतर हो गई है, और सर्फैक्टेंट्स के पास कभी-कभी त्वचा की उपस्थिति और गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, सतह सक्रिय के खतरों की बात कर रहे हैंपदार्थ, इसका मतलब यह है कि उन्हें उच्च सांद्रता में श्वास लेने या अपने सिर को धोने के लिए शुद्ध रूप में एक शैम्पू के रूप में उपयोग करने के लिए उपयोगी नहीं होगा। यदि सर्फैक्टेंट कैंसरजन्य नहीं है, तो, नौ से एक की संभावना के साथ, यह आपके बालों और त्वचा को कोई महत्वपूर्ण नुकसान नहीं पहुंचाएगा। एकमात्र जोखिम समूह कुछ प्रकार के त्वचा रोगों वाले लोग हैं। व्यापक रूप से विज्ञापित में क्या शामिल हैशैंपू और शॉवर जेल? ये तेल, जड़ी बूटियों के जड़ी बूटियों और उपयोगी पौधों के निष्कर्ष हैं। लेकिन इस शैम्पू को खुद तैयार करने की कोशिश करें। कैमोमाइल, थाइम, ऋषि का एक जलसेक बनाओ, और फिर अपने सिर को धोने की कोशिश करें। और क्या होता है? शायद अंदर के बाल और गुणवत्ता में मजबूत और बेहतर हो जाते हैं, लेकिन आप इस तरह के "शैम्पू" के साथ तेल और गंदगी को धो नहीं सकते हैं। प्राकृतिक अवयव, यदि आप उन्हें कॉस्मेटिक उत्पाद बनाते हैं, तो पाउडर न करें, फोम न करें, अच्छी तरह से धोएं, और व्यावहारिक रूप से गंदगी और तेल को न हटाएं। यही कारण है कि सर्फैक्टेंट का प्रयोग रासायनिक और कॉस्मेटिक उद्योग में किया जाता है। इसके अलावा, धोने के लिए सर्फैक्टेंट आवश्यक हैंपानी के लिए मेकअप और क्रीम के लिए पानी और तेल के भंडारण के दौरान विघटित नहीं हुआ था। ऐसा लगता है कि इस विघटन में दो चरणों में भयानक? तथ्य यह है कि तेल की सतह पर त्वचीय के लिए अवांछनीय सूक्ष्मजीवों का गठन किया जा सकता है। पहले, रासायनिक उद्योग बूम से पहले, surfactant,पशु वसा की जगह, लेकिन उनका उपयोग पर्यावरण अनुकूल या मानवीय नहीं है। रसायन पर आविष्कार किए गए पहले सर्फैक्टेंट त्वचा पर प्रभाव की डिग्री के मामले में कम और आक्रामक नहीं थे। आखिरकार, इन पदार्थों के लिए क्या हैं? वे त्वचा को साबुन बनाते हैं, फोम बनाते हैं। यदि आप गहरी खुदाई करते हैं, तो त्वचा के ऊपरी परत को सर्फैक्टेंट द्वारा उजागर किया जाता है, और शैम्पू या क्रीम के सक्रिय पदार्थ में त्वचा में प्रवेश करने की क्षमता होती है। सतह सक्रिय की मुख्य समस्या क्या हैपदार्थ, इसलिए यह है कि वे सक्रिय पदार्थ के साथ त्वचा को एक साथ घुमा सकते हैं, और एक साथ मिट्टी या अनावश्यक वसा के साथ आपकी त्वचा की वसा लेने के लिए। नतीजतन, त्वचा की सतह सूखी, परेशान हो सकती है, एक दांत या लाली होगी। हम नुकसान के मुद्दे के करीब आ गएसर्फेकेंट्स। क्या यह सच है या यह मिथक है? कभी-कभी मुँहासे, मुंह, सूखी और निर्जीव त्वचा, भंगुर बाल की उपस्थिति में, हम गरीब पोषण, नींद की कमी, विटामिन की कमी को दोषी ठहराते हैं। हालांकि, समस्या सभी तरफ से मांगी जानी चाहिए। दैनिक स्वच्छता प्रक्रियाओं के दौरान हम जो भी उपयोग करते हैं वह भी "बुराई" का स्रोत बन सकता है। हमारी त्वचा एक सार्वभौमिक अवशोषक हैयह सब उस पर लागू होता है। एक सस्ती शॉवर क्लीनर, एक अतिदेय क्रीम या मेकअप का उपयोग करने से पहले, सोचें कि इस उत्पाद के सक्रिय तत्व त्वचा में प्रवेश करेंगे और रक्त में आ जाएंगे। यही कारण है कि जैविक सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग करना बहुत महत्वपूर्ण है, समाप्ति तिथियों पर ध्यान दें और, ज़ाहिर है, आक्रामक सामग्री वाले उत्पादों का उपयोग करने से बचने का प्रयास करें। रसायनज्ञ त्वचा पर उनके प्रभाव की डिग्री के अनुसार सर्फैक्टेंट को चार समूहों में विभाजित करते हैं, फोम की क्षमता और पानी में गंदगी को हटाते हैं। आधा शताब्दी से अधिक लोग धन का उपयोग कर रहे हैंसर्फैक्टेंट युक्त स्वच्छता और सौंदर्य प्रसाधन। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पहले रासायनिक उद्योग में, cationic हार्ड और एनीओनिक लोगों का अधिक उपयोग किया गया है, अब सक्रिय पदार्थों के उपयोग के प्रति एक हल्का तरीका प्रभाव के साथ एक preonderance है। हालांकि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि आप जो भी साधन उपयोग करते हैंन ही इस्तेमाल किया (अर्थात् शैम्पू, शॉवर जेल, स्वच्छ साबुन), आपको बाल नहीं मिलेगा और त्वचा छील नहीं जाएगी। सर्फैक्टेंट्स के उपयोग से नुकसान काफी हद तक अतिरंजित है। इस योजना में सबसे अधिक आता हैसोडियम लॉरिल सल्फेट, इस सर्फैक्टेंट की बहुत बुरी प्रतिष्ठा है। सौंदर्य प्रसाधनों में सल्फेट्स की भयावहता पर लेख पढ़ने के बाद शैम्पू, आधुनिक महिलाओं और लड़कियों में इस घटक को देखते हुए, इसे कूड़ेदान में फेंकने के लिए तैयार हैं। हालांकि, पकड़ यह है कि बाल जो बाद में हैशैम्पू या कंडीशनर का उपयोग चमकदार और विशाल हो जाना चाहिए, वे जीवित नहीं होंगे, क्योंकि उनमें पहले से ही मृत केराटिनिज्ड कोशिकाएं शामिल हैं। अपने लिए न्यायाधीश, अगर बाल या नाखून वास्तव में जीवित थे, तो बालों या नाखूनों को काटने की प्रक्रिया नरक यातना होगी। यह पता चला है कि रेशमी और "जीवित" बाल कर सकते हैंबनें, केवल तभी जब आप उन्हें गंदगी या वसा से साफ़ करते हैं। अधिक फोमिंग एजेंट में आपके सिर को धोने के लिए डिटर्जेंट होगा, आपके साफ बालों को और अधिक सुंदर और स्वस्थ लगेगा। एक और सवालः "सल्फाट युक्त सर्फैक्टेंट डर्मिस को परेशान करते हैं?" यह चिकित्सकीय साबित होता है कि अगर बातचीत कम से कम एक घंटे तक चलती है तो वे वास्तव में त्वचा को नुकसान पहुंचाएंगे। क्या आप कल्पना करते हैं कि आप अपने बालों को एक घंटे से अधिक समय तक शैम्पू में भंग कर सकते हैं? इसके अलावा, शुद्ध रूप में बड़ी मात्रा में सर्फैक्टेंट का श्वास हानिकारक हो जाएगा। यह पता चला है, बहुत सारे लेखों पर भरोसा नहीं करते हैं,जो सर्फैक्टेंट के नुकसान के बारे में एक दूसरे की असत्यापित जानकारी के बाद दोहराता है। यदि आप वास्तव में इस विषय में रूचि रखते हैं, तो इसे विस्तार से या शांत रूप से सामान्य कॉस्मेटिक माध्यमों का उपयोग करें। यह "SAW" क्या है, हमने पता लगाया। वे दोनों हानिकारक हो सकते हैं, और एलर्जी या अन्य नकारात्मक गुणों का उच्चारण नहीं किया है। सतह-सक्रिय पदार्थ रसायनविदों द्वारा बनाए जाते हैंकच्चे माल के तीन प्रकार से। उन्हें प्राप्त करने का पहला तरीका प्राकृतिक सामग्री - वसा और तेल का उपयोग कर रहा है। उत्पादन का दूसरा तरीका तेल का उपयोग है। सर्फैक्टेंट्स का उत्पादन करने का तीसरा तरीका संश्लेषण है, यानी, प्राकृतिक और कृत्रिम उत्पत्ति के विभिन्न उत्पादों की प्रयोगशाला में कृत्रिम उत्पादन है। इस आलेख में चर्चा की गई लॉरिल ग्लूकोसाइड, तैयारी की विधि द्वारा सर्फैक्टेंट के पहले समूह को संदर्भित करती है। अधिक विस्तार से वर्णन करने लायक है। आइए विश्लेषण करें कि कैसे लॉरिल ग्लूकोसाइड संश्लेषित किया जाता है, त्वचा के लिए नुकसान और इसके लाभ, चाहे वह निषिद्ध रूप से कॉस्मेटिक उत्पादों का उपयोग करना संभव हो, जिसमें यह निहित है। आज के बीच सबसे लोकप्रियप्रयुक्त सर्फैक्टेंट के प्रकार कार्बनिक पदार्थ होते हैं। वे सस्ता और निकालने में आसान हैं, वे त्वचा और पर्यावरण को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, और कुछ सक्रिय पदार्थ भी उपयोगी हो सकते हैं। सौंदर्य प्रसाधनों में लॉरिल ग्लूकोसाइड का प्रयोग अक्सर किया जाता है, क्योंकि यह पूरी तरह से प्राकृतिक कच्चे माल से प्राप्त होता है। यह डिटर्जेंट में भी पाया जा सकता है। लॉरिल ग्लूकोसाइड का रासायनिक रूप से वर्णन किया जाता है? फॉर्मूला यहः सी18एच36हे6. रासायनिक साधनों से नारियल के तेल और ग्लूकोज सेमोटी सील करें। लॉरिल ग्लूकोसाइड संश्लेषित किया गया था। इस सर्फैक्टेंट की तैयारी उत्कृष्ट साबुन, गंदगी हटाने, और त्वचा पर नरम प्रभाव के कारण है। शैंपू, शॉवर जेल में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला लॉरिल ग्लूकोसाइड। इसके अलावा यह अंतरंग स्वच्छता के लिए बच्चों के डिटर्जेंट, क्रीम में जोड़ा जाता है। एक और प्रकार की बहुत नरम सतह सक्रिय हैपदार्थ, जिसका उपयोग अभी तक एलर्जी प्रतिक्रियाओं का खुलासा नहीं किया गया है, कार्बोक्साइल लॉरिल ग्लूकोसाइड है। पदार्थ का विवरणः यह एक नरम आयनिक सर्फैक्टेंट है, जिसे शैंपू, शॉवर जेल, क्रीम और साबुन में जोड़ा जाता है। चीनी और स्टार्च के अतिरिक्त इस पदार्थ को नारियल और हथेली के तेल से प्राप्त किया जाता है। अक्सर, सौंदर्य प्रसाधन के उपयोगकर्ता नुकसान के बारे में पूछते हैंसोडियम लॉरिल ग्लूकोसाइड जैसे पदार्थ। यहां एक गलती है - सबसे अधिक संभावना है, सोडियम लॉरिल सल्फेट है। फोम के उत्कृष्ट गठन के कारण यह सक्रिय सर्फैक्टेंट व्यापक रूप से शैंपू में प्रयोग किया जाता है। सोडियम सोडियम लॉरिल सल्फेट एक मजबूत एलर्जन है, यह बालों की संरचना को सूखता और कमजोर करता है, जिससे डैंड्रफ़ हो सकता है। लॉरिल ग्लूकोसाइड के साथ सोडियम लॉरिल के साथ कुछ भी आम नहीं है। सबसे फोमिंग सक्रिय पदार्थ सल्फेट हैं। इनमें सोडियम लॉरिल सल्फेट, सोडियम लॉरेन सल्फेट, सोडियम लॉरिल ग्लूकोसाइड हाइड्रोक्सीप्रोपील सल्फोनेट और अन्य। ज्यादातर खरीदारों का मानना है कि "सल्फेट" शब्द खतरे को इंगित करता है, और यदि आप वास्तव में अपने बालों की सुंदरता की परवाह करते हैं तो ऐसे सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग करना बेहतर नहीं है। लेकिन यह मामला नहीं है। जैसा ऊपर बताया गया है, ऐसे सर्फैक्टेंट केवल तभी हानिकारक होंगे जब बड़ी मात्रा में और शुद्ध रूप में उपयोग किया जाता है। सल्फेट्स के साथ शैंपू का अक्सर उपयोग किया जाता हैसैलून और हेयरड्रेसर में पेशेवर सौंदर्य प्रसाधन और सौंदर्य प्रसाधन, ग्राहक के सिर को जल्दी और अच्छी तरह से धोने और बालों की सुंदर उपस्थिति का ख्याल रखने के लिए। इस तरह के शैंपू और जेल बहुत फोम बनाते हैं, आसानी से धोया जाता है, और बाल सुंदर हो जाते हैं। हालांकि, अगर आप रोज़ाना इस कॉस्मेटिक्स को लागू करते हैं, तो आप सुखाने के प्रभाव को देख सकते हैं, बाल भंगुर हो जाएंगे। क्या लॉरिल ग्लूकोसाइड स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है? सर्फैक्टेंट युक्त कॉस्मेटिक्स का उपयोग करने के लिए निश्चित रूप से अनुशंसा नहीं की जाती है, एटोपिक डार्माटाइटिस वाले लोग। अन्य मामलों में, कोई सर्फैक्टेंट नहीं, यहां तक कि सल्फेट फॉर्मूला होने से, गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया नहीं होगी। यदि आप त्वचा के लाल रंग को देखते हैं, तो स्नान के बाद, आपको खरोंच की इच्छा है, दूसरों के साथ कॉस्मेटिक तैयारी को प्रतिस्थापित करना आवश्यक है। अगर हम सर्फैक्टेंट्स के बारे में बात करते हैं,तब शैंपू, शॉवर जेल, साबुन और कंडीशनर की संरचना में उन्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। खतरा केवल उन सर्फैक्टेंट हैं जो तेल और इसके डेरिवेटिव से प्राप्त होते हैं। समय पर, देखभाल करने वालेसौंदर्य प्रसाधन और सफाई एजेंटों अक्सर कार्बनिक पदार्थों है कि कम मात्रा में पूरी तरह से हानिरहित हैं का उपयोग करें, त्वचा नरम, जल्दी से तेल और गंदगी धुल, बाल और त्वचा के समग्र स्वरूप को स्वस्थ और स्वच्छ बना रही है। Lauryl glucoside - यह आज सबसे आम इस्तेमाल किया सर्फेकेंट्स से एक है। यह एक अच्छा फोम, झाग, और स्थिरता बनाए रखने की क्षमता प्रदान करता है। कार्बोक्सिलेट सोडियम lauryl glucoside, सल्फेट glucoside कार्बोज़ाइलेस - तैयारी और एक पृष्ठसक्रियकारक के आवेदन की एक ऐसी ही विधि। अधिकांश भाग के लिए वे एलर्जी का कारण नहीं है, और दूसरी तरफ, त्वचा नरम और यह स्वस्थ दिखने लगता है।
चूंकि समाज ने नुकसान के बारे में सीखाआनुवांशिक रूप से संशोधित उत्पाद, "ई" लेबल किए गए योजक, और रासायनिक उद्योग में प्रयुक्त सर्फैक्टेंट , लोग ध्यान से स्टोर में खरीदे जाने वाले सभी सामानों की संरचना का अध्ययन करते हैं। और व्यर्थ नहीं, क्योंकि हमारे लिए परिचित केक या शैम्पू के एक या कई तत्व हानिकारक और उपस्थिति के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं और शरीर के लिए पूरी तरह से हानिकारक हो सकते हैं। इस लेख में हम बात करेंगेसर्फैक्टेंट्स और विशेष रूप से एक सर्फैक्टेंट जैसे लॉरिल ग्लूकोसाइड के बारे में। हम आपको बताएंगे कि डिटर्जेंट और सफाई उत्पादों का यह घटक किस प्रकार से लिया गया है, त्वचा पर इसका क्या प्रभाव है, चाहे वह हानिकारक है। इसके अलावा, चलो सर्फैक्टेंट के वास्तविक नुकसान के बारे में बात करते हैं। यदि आप डिटर्जेंट के इन अनिवार्य तत्वों और सौंदर्य प्रसाधनों को हानिकारक देखभाल करने के लिए उपयोग किया जाता है, तो यह आलेख कुछ लोकप्रिय मिथकों को समाप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। उस भूमिका की परिभाषा पर आगे बढ़ने से पहले,जो कॉस्मेटिक्स में लॉरिल ग्लूकोसाइड बजाता है, सर्फैक्टेंट्स के बारे में कुछ शब्द कहें। उन लोगों को बिल्कुल गलत नहीं होगा जो जानबूझकर उन्हें हानिकारक मानते हैं। दरअसल, कुछ दशकों पहले, प्रसाधन सामग्री और डिटर्जेंट में जोड़े गए सर्फैक्टेंट अधिक आक्रामक थे और त्वचा पर हानिकारक प्रभाव पड़ा। लेकिन आज खरीदार पक्ष के लिए स्थिति बेहतर हो गई है, और सर्फैक्टेंट्स के पास कभी-कभी त्वचा की उपस्थिति और गुणवत्ता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, सतह सक्रिय के खतरों की बात कर रहे हैंपदार्थ, इसका मतलब यह है कि उन्हें उच्च सांद्रता में श्वास लेने या अपने सिर को धोने के लिए शुद्ध रूप में एक शैम्पू के रूप में उपयोग करने के लिए उपयोगी नहीं होगा। यदि सर्फैक्टेंट कैंसरजन्य नहीं है, तो, नौ से एक की संभावना के साथ, यह आपके बालों और त्वचा को कोई महत्वपूर्ण नुकसान नहीं पहुंचाएगा। एकमात्र जोखिम समूह कुछ प्रकार के त्वचा रोगों वाले लोग हैं। व्यापक रूप से विज्ञापित में क्या शामिल हैशैंपू और शॉवर जेल? ये तेल, जड़ी बूटियों के जड़ी बूटियों और उपयोगी पौधों के निष्कर्ष हैं। लेकिन इस शैम्पू को खुद तैयार करने की कोशिश करें। कैमोमाइल, थाइम, ऋषि का एक जलसेक बनाओ, और फिर अपने सिर को धोने की कोशिश करें। और क्या होता है? शायद अंदर के बाल और गुणवत्ता में मजबूत और बेहतर हो जाते हैं, लेकिन आप इस तरह के "शैम्पू" के साथ तेल और गंदगी को धो नहीं सकते हैं। प्राकृतिक अवयव, यदि आप उन्हें कॉस्मेटिक उत्पाद बनाते हैं, तो पाउडर न करें, फोम न करें, अच्छी तरह से धोएं, और व्यावहारिक रूप से गंदगी और तेल को न हटाएं। यही कारण है कि सर्फैक्टेंट का प्रयोग रासायनिक और कॉस्मेटिक उद्योग में किया जाता है। इसके अलावा, धोने के लिए सर्फैक्टेंट आवश्यक हैंपानी के लिए मेकअप और क्रीम के लिए पानी और तेल के भंडारण के दौरान विघटित नहीं हुआ था। ऐसा लगता है कि इस विघटन में दो चरणों में भयानक? तथ्य यह है कि तेल की सतह पर त्वचीय के लिए अवांछनीय सूक्ष्मजीवों का गठन किया जा सकता है। पहले, रासायनिक उद्योग बूम से पहले, surfactant,पशु वसा की जगह, लेकिन उनका उपयोग पर्यावरण अनुकूल या मानवीय नहीं है। रसायन पर आविष्कार किए गए पहले सर्फैक्टेंट त्वचा पर प्रभाव की डिग्री के मामले में कम और आक्रामक नहीं थे। आखिरकार, इन पदार्थों के लिए क्या हैं? वे त्वचा को साबुन बनाते हैं, फोम बनाते हैं। यदि आप गहरी खुदाई करते हैं, तो त्वचा के ऊपरी परत को सर्फैक्टेंट द्वारा उजागर किया जाता है, और शैम्पू या क्रीम के सक्रिय पदार्थ में त्वचा में प्रवेश करने की क्षमता होती है। सतह सक्रिय की मुख्य समस्या क्या हैपदार्थ, इसलिए यह है कि वे सक्रिय पदार्थ के साथ त्वचा को एक साथ घुमा सकते हैं, और एक साथ मिट्टी या अनावश्यक वसा के साथ आपकी त्वचा की वसा लेने के लिए। नतीजतन, त्वचा की सतह सूखी, परेशान हो सकती है, एक दांत या लाली होगी। हम नुकसान के मुद्दे के करीब आ गएसर्फेकेंट्स। क्या यह सच है या यह मिथक है? कभी-कभी मुँहासे, मुंह, सूखी और निर्जीव त्वचा, भंगुर बाल की उपस्थिति में, हम गरीब पोषण, नींद की कमी, विटामिन की कमी को दोषी ठहराते हैं। हालांकि, समस्या सभी तरफ से मांगी जानी चाहिए। दैनिक स्वच्छता प्रक्रियाओं के दौरान हम जो भी उपयोग करते हैं वह भी "बुराई" का स्रोत बन सकता है। हमारी त्वचा एक सार्वभौमिक अवशोषक हैयह सब उस पर लागू होता है। एक सस्ती शॉवर क्लीनर, एक अतिदेय क्रीम या मेकअप का उपयोग करने से पहले, सोचें कि इस उत्पाद के सक्रिय तत्व त्वचा में प्रवेश करेंगे और रक्त में आ जाएंगे। यही कारण है कि जैविक सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग करना बहुत महत्वपूर्ण है, समाप्ति तिथियों पर ध्यान दें और, ज़ाहिर है, आक्रामक सामग्री वाले उत्पादों का उपयोग करने से बचने का प्रयास करें। रसायनज्ञ त्वचा पर उनके प्रभाव की डिग्री के अनुसार सर्फैक्टेंट को चार समूहों में विभाजित करते हैं, फोम की क्षमता और पानी में गंदगी को हटाते हैं। आधा शताब्दी से अधिक लोग धन का उपयोग कर रहे हैंसर्फैक्टेंट युक्त स्वच्छता और सौंदर्य प्रसाधन। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पहले रासायनिक उद्योग में, cationic हार्ड और एनीओनिक लोगों का अधिक उपयोग किया गया है, अब सक्रिय पदार्थों के उपयोग के प्रति एक हल्का तरीका प्रभाव के साथ एक preonderance है। हालांकि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि आप जो भी साधन उपयोग करते हैंन ही इस्तेमाल किया , आपको बाल नहीं मिलेगा और त्वचा छील नहीं जाएगी। सर्फैक्टेंट्स के उपयोग से नुकसान काफी हद तक अतिरंजित है। इस योजना में सबसे अधिक आता हैसोडियम लॉरिल सल्फेट, इस सर्फैक्टेंट की बहुत बुरी प्रतिष्ठा है। सौंदर्य प्रसाधनों में सल्फेट्स की भयावहता पर लेख पढ़ने के बाद शैम्पू, आधुनिक महिलाओं और लड़कियों में इस घटक को देखते हुए, इसे कूड़ेदान में फेंकने के लिए तैयार हैं। हालांकि, पकड़ यह है कि बाल जो बाद में हैशैम्पू या कंडीशनर का उपयोग चमकदार और विशाल हो जाना चाहिए, वे जीवित नहीं होंगे, क्योंकि उनमें पहले से ही मृत केराटिनिज्ड कोशिकाएं शामिल हैं। अपने लिए न्यायाधीश, अगर बाल या नाखून वास्तव में जीवित थे, तो बालों या नाखूनों को काटने की प्रक्रिया नरक यातना होगी। यह पता चला है कि रेशमी और "जीवित" बाल कर सकते हैंबनें, केवल तभी जब आप उन्हें गंदगी या वसा से साफ़ करते हैं। अधिक फोमिंग एजेंट में आपके सिर को धोने के लिए डिटर्जेंट होगा, आपके साफ बालों को और अधिक सुंदर और स्वस्थ लगेगा। एक और सवालः "सल्फाट युक्त सर्फैक्टेंट डर्मिस को परेशान करते हैं?" यह चिकित्सकीय साबित होता है कि अगर बातचीत कम से कम एक घंटे तक चलती है तो वे वास्तव में त्वचा को नुकसान पहुंचाएंगे। क्या आप कल्पना करते हैं कि आप अपने बालों को एक घंटे से अधिक समय तक शैम्पू में भंग कर सकते हैं? इसके अलावा, शुद्ध रूप में बड़ी मात्रा में सर्फैक्टेंट का श्वास हानिकारक हो जाएगा। यह पता चला है, बहुत सारे लेखों पर भरोसा नहीं करते हैं,जो सर्फैक्टेंट के नुकसान के बारे में एक दूसरे की असत्यापित जानकारी के बाद दोहराता है। यदि आप वास्तव में इस विषय में रूचि रखते हैं, तो इसे विस्तार से या शांत रूप से सामान्य कॉस्मेटिक माध्यमों का उपयोग करें। यह "SAW" क्या है, हमने पता लगाया। वे दोनों हानिकारक हो सकते हैं, और एलर्जी या अन्य नकारात्मक गुणों का उच्चारण नहीं किया है। सतह-सक्रिय पदार्थ रसायनविदों द्वारा बनाए जाते हैंकच्चे माल के तीन प्रकार से। उन्हें प्राप्त करने का पहला तरीका प्राकृतिक सामग्री - वसा और तेल का उपयोग कर रहा है। उत्पादन का दूसरा तरीका तेल का उपयोग है। सर्फैक्टेंट्स का उत्पादन करने का तीसरा तरीका संश्लेषण है, यानी, प्राकृतिक और कृत्रिम उत्पत्ति के विभिन्न उत्पादों की प्रयोगशाला में कृत्रिम उत्पादन है। इस आलेख में चर्चा की गई लॉरिल ग्लूकोसाइड, तैयारी की विधि द्वारा सर्फैक्टेंट के पहले समूह को संदर्भित करती है। अधिक विस्तार से वर्णन करने लायक है। आइए विश्लेषण करें कि कैसे लॉरिल ग्लूकोसाइड संश्लेषित किया जाता है, त्वचा के लिए नुकसान और इसके लाभ, चाहे वह निषिद्ध रूप से कॉस्मेटिक उत्पादों का उपयोग करना संभव हो, जिसमें यह निहित है। आज के बीच सबसे लोकप्रियप्रयुक्त सर्फैक्टेंट के प्रकार कार्बनिक पदार्थ होते हैं। वे सस्ता और निकालने में आसान हैं, वे त्वचा और पर्यावरण को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, और कुछ सक्रिय पदार्थ भी उपयोगी हो सकते हैं। सौंदर्य प्रसाधनों में लॉरिल ग्लूकोसाइड का प्रयोग अक्सर किया जाता है, क्योंकि यह पूरी तरह से प्राकृतिक कच्चे माल से प्राप्त होता है। यह डिटर्जेंट में भी पाया जा सकता है। लॉरिल ग्लूकोसाइड का रासायनिक रूप से वर्णन किया जाता है? फॉर्मूला यहः सीअट्ठारहएचछत्तीसहेछः. रासायनिक साधनों से नारियल के तेल और ग्लूकोज सेमोटी सील करें। लॉरिल ग्लूकोसाइड संश्लेषित किया गया था। इस सर्फैक्टेंट की तैयारी उत्कृष्ट साबुन, गंदगी हटाने, और त्वचा पर नरम प्रभाव के कारण है। शैंपू, शॉवर जेल में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला लॉरिल ग्लूकोसाइड। इसके अलावा यह अंतरंग स्वच्छता के लिए बच्चों के डिटर्जेंट, क्रीम में जोड़ा जाता है। एक और प्रकार की बहुत नरम सतह सक्रिय हैपदार्थ, जिसका उपयोग अभी तक एलर्जी प्रतिक्रियाओं का खुलासा नहीं किया गया है, कार्बोक्साइल लॉरिल ग्लूकोसाइड है। पदार्थ का विवरणः यह एक नरम आयनिक सर्फैक्टेंट है, जिसे शैंपू, शॉवर जेल, क्रीम और साबुन में जोड़ा जाता है। चीनी और स्टार्च के अतिरिक्त इस पदार्थ को नारियल और हथेली के तेल से प्राप्त किया जाता है। अक्सर, सौंदर्य प्रसाधन के उपयोगकर्ता नुकसान के बारे में पूछते हैंसोडियम लॉरिल ग्लूकोसाइड जैसे पदार्थ। यहां एक गलती है - सबसे अधिक संभावना है, सोडियम लॉरिल सल्फेट है। फोम के उत्कृष्ट गठन के कारण यह सक्रिय सर्फैक्टेंट व्यापक रूप से शैंपू में प्रयोग किया जाता है। सोडियम सोडियम लॉरिल सल्फेट एक मजबूत एलर्जन है, यह बालों की संरचना को सूखता और कमजोर करता है, जिससे डैंड्रफ़ हो सकता है। लॉरिल ग्लूकोसाइड के साथ सोडियम लॉरिल के साथ कुछ भी आम नहीं है। सबसे फोमिंग सक्रिय पदार्थ सल्फेट हैं। इनमें सोडियम लॉरिल सल्फेट, सोडियम लॉरेन सल्फेट, सोडियम लॉरिल ग्लूकोसाइड हाइड्रोक्सीप्रोपील सल्फोनेट और अन्य। ज्यादातर खरीदारों का मानना है कि "सल्फेट" शब्द खतरे को इंगित करता है, और यदि आप वास्तव में अपने बालों की सुंदरता की परवाह करते हैं तो ऐसे सौंदर्य प्रसाधनों का उपयोग करना बेहतर नहीं है। लेकिन यह मामला नहीं है। जैसा ऊपर बताया गया है, ऐसे सर्फैक्टेंट केवल तभी हानिकारक होंगे जब बड़ी मात्रा में और शुद्ध रूप में उपयोग किया जाता है। सल्फेट्स के साथ शैंपू का अक्सर उपयोग किया जाता हैसैलून और हेयरड्रेसर में पेशेवर सौंदर्य प्रसाधन और सौंदर्य प्रसाधन, ग्राहक के सिर को जल्दी और अच्छी तरह से धोने और बालों की सुंदर उपस्थिति का ख्याल रखने के लिए। इस तरह के शैंपू और जेल बहुत फोम बनाते हैं, आसानी से धोया जाता है, और बाल सुंदर हो जाते हैं। हालांकि, अगर आप रोज़ाना इस कॉस्मेटिक्स को लागू करते हैं, तो आप सुखाने के प्रभाव को देख सकते हैं, बाल भंगुर हो जाएंगे। क्या लॉरिल ग्लूकोसाइड स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है? सर्फैक्टेंट युक्त कॉस्मेटिक्स का उपयोग करने के लिए निश्चित रूप से अनुशंसा नहीं की जाती है, एटोपिक डार्माटाइटिस वाले लोग। अन्य मामलों में, कोई सर्फैक्टेंट नहीं, यहां तक कि सल्फेट फॉर्मूला होने से, गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया नहीं होगी। यदि आप त्वचा के लाल रंग को देखते हैं, तो स्नान के बाद, आपको खरोंच की इच्छा है, दूसरों के साथ कॉस्मेटिक तैयारी को प्रतिस्थापित करना आवश्यक है। अगर हम सर्फैक्टेंट्स के बारे में बात करते हैं,तब शैंपू, शॉवर जेल, साबुन और कंडीशनर की संरचना में उन्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। खतरा केवल उन सर्फैक्टेंट हैं जो तेल और इसके डेरिवेटिव से प्राप्त होते हैं। समय पर, देखभाल करने वालेसौंदर्य प्रसाधन और सफाई एजेंटों अक्सर कार्बनिक पदार्थों है कि कम मात्रा में पूरी तरह से हानिरहित हैं का उपयोग करें, त्वचा नरम, जल्दी से तेल और गंदगी धुल, बाल और त्वचा के समग्र स्वरूप को स्वस्थ और स्वच्छ बना रही है। Lauryl glucoside - यह आज सबसे आम इस्तेमाल किया सर्फेकेंट्स से एक है। यह एक अच्छा फोम, झाग, और स्थिरता बनाए रखने की क्षमता प्रदान करता है। कार्बोक्सिलेट सोडियम lauryl glucoside, सल्फेट glucoside कार्बोज़ाइलेस - तैयारी और एक पृष्ठसक्रियकारक के आवेदन की एक ऐसी ही विधि। अधिकांश भाग के लिए वे एलर्जी का कारण नहीं है, और दूसरी तरफ, त्वचा नरम और यह स्वस्थ दिखने लगता है।
पाकिस्तान के खिलाफ 1 दिसंबर से आयोजित होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन का ऐलान हो गया है। लियाम लिविंगस्टोन टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले हैं। इसका ऐलान ईसीबी ने किया है। इंग्लैंड की टीम 17 साल के बाद पाकिस्तान की सरजमीं पर टेस्ट सीरीज खेलने के लिए तैयार है। एक दिसंबर से दोनों देशों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू हो रही है। इसी सीरीज के पहले मुकाबले के लिए इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन का ऐलान हो गया है। एक नया ऑलराउंडर इंग्लैंड की टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाला है। इसका ऐलान भी हो चुका है। गुरुवार से रावलपिंडी में शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच के लिए जैसे ही इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने प्लेइंग इलेवन का ऐलान किया, वैसे ही इस बात की जानकारी भी सामने आ गई कि ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टोन टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करेंगे, जिनका सीमित ओवरों का करियर शानदार रहा है। इतना ही नहीं, एक खिलाड़ी की एंट्री 6 साल के बाद टीम में हुई है। नॉटिंघमशायर के बल्लेबाज बेन डकेट को भी इंग्लैंड की टेस्ट टीम में जगह मिली है, जो पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेंगे। बता दें कि वे 2016 के बाद पहली बार इंग्लैंड की टीम के लिए टेस्ट मैच खेलते नजर आएंगे। बेन डकेट जैक क्राउले के साथ ओपनिंग करने वाले हैं। इंग्लैंड ने सिर्फ दो ही तेज गेंदबाजों को मौका दिया है, जिनमें जेम्स एंडरसन और ओली रॉबिन्सन का नाम शामिल है। जैक क्रॉउले, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), बेन फोक्स (विकेटकीपर), लियाम लिविंगस्टोन, जैक लीच, ओली रॉबिन्सन और जेम्स एंडरसन।
पाकिस्तान के खिलाफ एक दिसंबर से आयोजित होने वाले पहले टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन का ऐलान हो गया है। लियाम लिविंगस्टोन टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले हैं। इसका ऐलान ईसीबी ने किया है। इंग्लैंड की टीम सत्रह साल के बाद पाकिस्तान की सरजमीं पर टेस्ट सीरीज खेलने के लिए तैयार है। एक दिसंबर से दोनों देशों के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू हो रही है। इसी सीरीज के पहले मुकाबले के लिए इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन का ऐलान हो गया है। एक नया ऑलराउंडर इंग्लैंड की टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाला है। इसका ऐलान भी हो चुका है। गुरुवार से रावलपिंडी में शुरू हो रहे पहले टेस्ट मैच के लिए जैसे ही इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड यानी ईसीबी ने प्लेइंग इलेवन का ऐलान किया, वैसे ही इस बात की जानकारी भी सामने आ गई कि ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टोन टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करेंगे, जिनका सीमित ओवरों का करियर शानदार रहा है। इतना ही नहीं, एक खिलाड़ी की एंट्री छः साल के बाद टीम में हुई है। नॉटिंघमशायर के बल्लेबाज बेन डकेट को भी इंग्लैंड की टेस्ट टीम में जगह मिली है, जो पहले टेस्ट मैच में पाकिस्तान के खिलाफ खेलेंगे। बता दें कि वे दो हज़ार सोलह के बाद पहली बार इंग्लैंड की टीम के लिए टेस्ट मैच खेलते नजर आएंगे। बेन डकेट जैक क्राउले के साथ ओपनिंग करने वाले हैं। इंग्लैंड ने सिर्फ दो ही तेज गेंदबाजों को मौका दिया है, जिनमें जेम्स एंडरसन और ओली रॉबिन्सन का नाम शामिल है। जैक क्रॉउले, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स , बेन फोक्स , लियाम लिविंगस्टोन, जैक लीच, ओली रॉबिन्सन और जेम्स एंडरसन।
Posted On: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की पहली बैठक की 5 दिसंबर, 2019 को अध्यक्षता की। बैठक में संसदीय कार्य और विदेश राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन, लोकसभा के 19 और राज्य सभा के 8 सांसद शामिल हुए। बैठक में मंत्रालय में सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा इंडियन ऑयल और गैस पीएसयू के मुख्य प्रबंध निदेशक भी मौजूद थे। सलाहकार समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए श्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की नीति और कार्यक्रमों के संबंध में सलाहकार समिति द्वारा निर्देश और सलाह देने में उसकी भूमिका और महत्व की जानकारी दी। श्री प्रधान ने सरकार द्वारा गैस आधारित अर्थव्यवस्था और जैव ईंधनों को अत्याधिक महत्व देने के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी तथा पहली बैठक में इन्हीं दो मुद्दों पर बातचीत हुई। श्री प्रधान ने बताया कि सरकार भारत के प्रमुख ऊर्जा मिश्रण में गैस की हिस्सेदारी 2030 तक 6.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करके गैस आधारित अर्थव्यवस्था शुरू करके ऊर्जा क्षेत्र में जबर्दस्त बदलाव लाने की दिशा में काम कर रही है। इसी प्रकार जैव ईंधन भी भारत के ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ अन्नदाता से लेकर ऊर्जा दाता में बदलाव लाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे देश के किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन दो विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। प्राकृतिक गैस पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ईंधन के रूप में पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के लिए समाधान प्रदान करने और बढ़ती ऊर्जा जरूरतों की निरंतरता को बनाए रखकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ऊर्जा की नई मांग को पूरा करने के साथ समर्पित उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने विभिन्न उपाय किये हैं, ताकि ईंधन के स्वच्छ स्वरूप को बढ़ावा दिया जा सके, जिससे आर्थिक विकास पर प्रभाव डाले बिना उसके पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके। अर्थव्यवस्था में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाकर, पाइलाइनों सहित गैस के बुनियादी ढांचे, शहर गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क और री-गैसीफाइड लिक्विफाइड प्राकृतिक गैस (आर-एलएनजी) टर्मिनलों के साथ-साथ गैस बुनियादी ढांचे तक खुली पहुंच प्रदान कर गैस बाजार के विकास में तेजी लाने जैसे कदम उठाए गए हैं। प्राकृतिक गैस के उपभोग को सहारा देने के लिए मजबूत नीति पर जोर दिया गया है और निवेश के प्रवाह में सहायता के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया है। इसके अलावा, मुक्त गैस बाजार के सृजन की दिशा में बढ़ने के लिए, गैस ट्रेडिंग एक्सचेंज (एस) / केन्द्र (एस) विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसके अलावा, तर्कसंगत पाइपलाइन शुल्क ढांचा और जीएसटी शासन के तहत प्राकृतिक गैस को शामिल करना प्राथमिक ऊर्जा मिश्रण में ईंधन के रूप में गैस के विकास को युक्तिसंगत बनाने की महत्वपूर्ण पहल होगी। उम्मीद है कि मुक्त गैस बाजार पारदर्शी और गैस के उचित मूल्य की खोज करने, प्रतिस्पर्धा करने और गैस आधारित अर्थव्यवस्था बनने पर इस एजेंडा को आगे ले जाने के लिए एक व्यवस्था बनाएगा। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम का उद्देश्य कच्चे तेल पर आयात निर्भरता को कम करना, पर्यावरण संबंधी चिंताओं को दूर करना और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने जैसे अनेक परिणाम प्राप्त करना है। इथेनॉल के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने 2014 के बाद से अनेक कदम उठाए हैं। इनमें निर्देशित मूल्य व्यवस्था फिर से पेश करना, इथेनॉल उत्पादन के लिए अतिरिक्त फीडस्टॉक स्रोतों की अनुमति, खराब इथेनॉल पर केन्द्र सरकार के विशेष नियंत्रण और ईबीपी कार्यक्रम के अंतर्गत इस्तेमाल किए गए इथेनॉल पर वस्तु तथा सेवा कर (जीएसटी) की दरें 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करके उद्योगों (विकास और विनियमन) कानून, 1951 में संशोधन जैसे कदम शामिल हैं। ईएसवाईः 18-19 में 187.67 करोड़ लीटर इथेनॉल की खरीद की गई। सरकार ने पेट्रो रसायन भेजने सहित अन्य गैर-खाद्य फीडस्टॉक जैसे सेल्यूलोसिक और लिग्नोसेल्यूलोसिक सामग्री से उत्पादित 2 जी इथेनॉल की खरीद की अनुमति दे दी है। सार्वजनिक क्षेत्र के तेल उपक्रम देश के 11 राज्यों में 14000 करोड़ रुपये के निवेश से 1100 किलो लीटर प्रतिदिन (के एलपीडी) की कुल क्षमता के साथ 12 टूजी इथेनॉल जैव रिफाइनरियां स्थापित कर रहे हैं। सरकार ने राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति 2018 जारी की है, जिसमें 2030 तक डीजल में 5 प्रतिशत जैव डीजल मिलाने का लक्ष्य रखा गया है। ओएमसी ने पूरे भारत में 200 स्थानों से खाना पकाने के प्रयुक्त तेल (यूसीओ) से उत्पादित बायो-डीजल की खरीद के लिए रूचि प्रकटन जारी किया है। सरकार ने 1.10.2018 को किफायती परिवहन की दिशा में निरंतर मिलने वाले विकल्प (एसएटीएटी) की शुरूआत की ताकि सीबीजी को बायोमास और जैविक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए एक वैकल्पिक हरित परिवहन ईंधन के रूप में बढ़ावा दिया जा सके, जिससे 2023 तक गैस के 54 एमएमएससीएमडी के बराबर यानी प्रति वर्ष 15 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटीपीए) की कुल सीबीजी उत्पादन क्षमता के साथ 5000 सीबीजी संयंत्र विकसित हो सके। इस पहल से लगभग 1.75 लाख करोड़ (5000 संयंत्रों) के निवेश हो सकेगा और प्रत्यक्ष रोजगार के करीब 75,000 अवसर मिलेंगे। प्रस्तुतियों के बाद समिति के सदस्यों के बीच विचार-विमर्श हुआ। बैठक की समाप्ति अध्यक्ष द्वारा सदस्यों को यह जानकारी देने के साथ हुई कि सलाहकार समिति में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
Posted On: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा इस्पात मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति की पहली बैठक की पाँच दिसंबर, दो हज़ार उन्नीस को अध्यक्षता की। बैठक में संसदीय कार्य और विदेश राज्य मंत्री श्री वी. मुरलीधरन, लोकसभा के उन्नीस और राज्य सभा के आठ सांसद शामिल हुए। बैठक में मंत्रालय में सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा इंडियन ऑयल और गैस पीएसयू के मुख्य प्रबंध निदेशक भी मौजूद थे। सलाहकार समिति के सदस्यों का स्वागत करते हुए श्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की नीति और कार्यक्रमों के संबंध में सलाहकार समिति द्वारा निर्देश और सलाह देने में उसकी भूमिका और महत्व की जानकारी दी। श्री प्रधान ने सरकार द्वारा गैस आधारित अर्थव्यवस्था और जैव ईंधनों को अत्याधिक महत्व देने के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी दी तथा पहली बैठक में इन्हीं दो मुद्दों पर बातचीत हुई। श्री प्रधान ने बताया कि सरकार भारत के प्रमुख ऊर्जा मिश्रण में गैस की हिस्सेदारी दो हज़ार तीस तक छः.दो प्रतिशत से बढ़ाकर पंद्रह प्रतिशत करके गैस आधारित अर्थव्यवस्था शुरू करके ऊर्जा क्षेत्र में जबर्दस्त बदलाव लाने की दिशा में काम कर रही है। इसी प्रकार जैव ईंधन भी भारत के ऊर्जा क्षेत्र के साथ-साथ अन्नदाता से लेकर ऊर्जा दाता में बदलाव लाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे देश के किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन दो विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। प्राकृतिक गैस पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ईंधन के रूप में पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के लिए समाधान प्रदान करने और बढ़ती ऊर्जा जरूरतों की निरंतरता को बनाए रखकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ऊर्जा की नई मांग को पूरा करने के साथ समर्पित उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने विभिन्न उपाय किये हैं, ताकि ईंधन के स्वच्छ स्वरूप को बढ़ावा दिया जा सके, जिससे आर्थिक विकास पर प्रभाव डाले बिना उसके पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कम किया जा सके। अर्थव्यवस्था में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को बढ़ाकर पंद्रह प्रतिशत करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए घरेलू गैस उत्पादन बढ़ाकर, पाइलाइनों सहित गैस के बुनियादी ढांचे, शहर गैस वितरण नेटवर्क और री-गैसीफाइड लिक्विफाइड प्राकृतिक गैस टर्मिनलों के साथ-साथ गैस बुनियादी ढांचे तक खुली पहुंच प्रदान कर गैस बाजार के विकास में तेजी लाने जैसे कदम उठाए गए हैं। प्राकृतिक गैस के उपभोग को सहारा देने के लिए मजबूत नीति पर जोर दिया गया है और निवेश के प्रवाह में सहायता के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया है। इसके अलावा, मुक्त गैस बाजार के सृजन की दिशा में बढ़ने के लिए, गैस ट्रेडिंग एक्सचेंज / केन्द्र विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसके अलावा, तर्कसंगत पाइपलाइन शुल्क ढांचा और जीएसटी शासन के तहत प्राकृतिक गैस को शामिल करना प्राथमिक ऊर्जा मिश्रण में ईंधन के रूप में गैस के विकास को युक्तिसंगत बनाने की महत्वपूर्ण पहल होगी। उम्मीद है कि मुक्त गैस बाजार पारदर्शी और गैस के उचित मूल्य की खोज करने, प्रतिस्पर्धा करने और गैस आधारित अर्थव्यवस्था बनने पर इस एजेंडा को आगे ले जाने के लिए एक व्यवस्था बनाएगा। इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम का उद्देश्य कच्चे तेल पर आयात निर्भरता को कम करना, पर्यावरण संबंधी चिंताओं को दूर करना और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने जैसे अनेक परिणाम प्राप्त करना है। इथेनॉल के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने दो हज़ार चौदह के बाद से अनेक कदम उठाए हैं। इनमें निर्देशित मूल्य व्यवस्था फिर से पेश करना, इथेनॉल उत्पादन के लिए अतिरिक्त फीडस्टॉक स्रोतों की अनुमति, खराब इथेनॉल पर केन्द्र सरकार के विशेष नियंत्रण और ईबीपी कार्यक्रम के अंतर्गत इस्तेमाल किए गए इथेनॉल पर वस्तु तथा सेवा कर की दरें अट्ठारह प्रतिशत से घटाकर पाँच प्रतिशत करके उद्योगों कानून, एक हज़ार नौ सौ इक्यावन में संशोधन जैसे कदम शामिल हैं। ईएसवाईः अट्ठारह-उन्नीस में एक सौ सत्तासी.सरसठ करोड़ लीटर इथेनॉल की खरीद की गई। सरकार ने पेट्रो रसायन भेजने सहित अन्य गैर-खाद्य फीडस्टॉक जैसे सेल्यूलोसिक और लिग्नोसेल्यूलोसिक सामग्री से उत्पादित दो जी इथेनॉल की खरीद की अनुमति दे दी है। सार्वजनिक क्षेत्र के तेल उपक्रम देश के ग्यारह राज्यों में चौदह हज़ार करोड़ रुपये के निवेश से एक हज़ार एक सौ किलो लीटर प्रतिदिन की कुल क्षमता के साथ बारह टूजी इथेनॉल जैव रिफाइनरियां स्थापित कर रहे हैं। सरकार ने राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति दो हज़ार अट्ठारह जारी की है, जिसमें दो हज़ार तीस तक डीजल में पाँच प्रतिशत जैव डीजल मिलाने का लक्ष्य रखा गया है। ओएमसी ने पूरे भारत में दो सौ स्थानों से खाना पकाने के प्रयुक्त तेल से उत्पादित बायो-डीजल की खरीद के लिए रूचि प्रकटन जारी किया है। सरकार ने एक.दस.दो हज़ार अट्ठारह को किफायती परिवहन की दिशा में निरंतर मिलने वाले विकल्प की शुरूआत की ताकि सीबीजी को बायोमास और जैविक कचरे के प्रभावी प्रबंधन के लिए एक वैकल्पिक हरित परिवहन ईंधन के रूप में बढ़ावा दिया जा सके, जिससे दो हज़ार तेईस तक गैस के चौवन एमएमएससीएमडी के बराबर यानी प्रति वर्ष पंद्रह मिलियन मीट्रिक टन की कुल सीबीजी उत्पादन क्षमता के साथ पाँच हज़ार सीबीजी संयंत्र विकसित हो सके। इस पहल से लगभग एक.पचहत्तर लाख करोड़ के निवेश हो सकेगा और प्रत्यक्ष रोजगार के करीब पचहत्तर,शून्य अवसर मिलेंगे। प्रस्तुतियों के बाद समिति के सदस्यों के बीच विचार-विमर्श हुआ। बैठक की समाप्ति अध्यक्ष द्वारा सदस्यों को यह जानकारी देने के साथ हुई कि सलाहकार समिति में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
मुंबई, 13 सितंबर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को केवाईसी (अपने ग्राहक को जाने) अद्यतन किये जाने के नाम पर की जा रही धोखाधड़ी को देखते हुये लोगों को आगाह किया। केन्द्रीय बैंक ने लोगों से अपने खाते का ब्योरा या पासवर्ड जैसी महत्वपूर्ण सूचना किसी अपरिचित व्यक्ति अथवा एजेंसियों के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी है। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि उसे केवाईसी अद्यतन के नाम पर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी को लेकर शिकायतें/रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। आरबीआई के अनुसार उसे यह भी रिपोर्ट मिली है कि फोन अथवा संदेश देने वाले ग्राहकों को ऐसा नहीं करने पर खाता बंद होने की चेतावनी भी देते हैं। बयान में कहा गया है कि एक बार ग्राहक कॉल/संदेश/अनधिकृत एप्लीकेशन के माध्यम से सूचना साझा करते हैं, धोखाधड़ी करने वालों को संबंधित व्यक्ति के खातों तक पहुंच हो जाती है। ये सूचनाएं अनधिकृत वेबसाइट या एप्लीकेशन (ऐप) के माध्यम से भी नहीं दी जानी चाहिए। अगर ग्राहकों को ऐसी कोई संदेश मिलता है, वे तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। आरबीआई ने कहा कि विनियमित इकाइयों को केवाईसी के निश्चित अंतराल पर अद्यतन की जरूरत होती है। इस प्रक्रिया को काफी हद तक सरल बनाया गया है। विनियमित इकाइयों को सलाह दी गयी है कि जिन खातों के संदर्भ में निश्चित अंतराल पर केवाईसी अद्यतन की जरूरत है, उन खातों पर एक दिसंबर, 2021 तक कोई पाबंदी केवल केवाईसी के नाम पर नहीं लगायी जाएगी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
मुंबई, तेरह सितंबर भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को केवाईसी अद्यतन किये जाने के नाम पर की जा रही धोखाधड़ी को देखते हुये लोगों को आगाह किया। केन्द्रीय बैंक ने लोगों से अपने खाते का ब्योरा या पासवर्ड जैसी महत्वपूर्ण सूचना किसी अपरिचित व्यक्ति अथवा एजेंसियों के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी है। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि उसे केवाईसी अद्यतन के नाम पर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी को लेकर शिकायतें/रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। आरबीआई के अनुसार उसे यह भी रिपोर्ट मिली है कि फोन अथवा संदेश देने वाले ग्राहकों को ऐसा नहीं करने पर खाता बंद होने की चेतावनी भी देते हैं। बयान में कहा गया है कि एक बार ग्राहक कॉल/संदेश/अनधिकृत एप्लीकेशन के माध्यम से सूचना साझा करते हैं, धोखाधड़ी करने वालों को संबंधित व्यक्ति के खातों तक पहुंच हो जाती है। ये सूचनाएं अनधिकृत वेबसाइट या एप्लीकेशन के माध्यम से भी नहीं दी जानी चाहिए। अगर ग्राहकों को ऐसी कोई संदेश मिलता है, वे तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें। आरबीआई ने कहा कि विनियमित इकाइयों को केवाईसी के निश्चित अंतराल पर अद्यतन की जरूरत होती है। इस प्रक्रिया को काफी हद तक सरल बनाया गया है। विनियमित इकाइयों को सलाह दी गयी है कि जिन खातों के संदर्भ में निश्चित अंतराल पर केवाईसी अद्यतन की जरूरत है, उन खातों पर एक दिसंबर, दो हज़ार इक्कीस तक कोई पाबंदी केवल केवाईसी के नाम पर नहीं लगायी जाएगी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
व्हाटस्एप एक के बाद एक नया फीचर अपने यूजर के लिए लेकर आ रहा है। इसी कड़ी में एक और फीचर जुड़ गया है। अब आप बिना अपना मोबाईल नंबर शो किए किसी को भी मैसेज कर सकेंगे। प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर व्हाटसएप का यह बड़ा कदम साबित होगा। उपयोगकर्ताओं के लिए यह बहुत ही अच्छा फीचर अपडेट होगा। मेटा-स्वामित्व वाला व्हाट्सएप कथित तौर पर एक नई सुविधा पर काम कर रहा है - "व्हाट्सएप यूजर नेम", जो उपयोगकर्ताओं को अपने एकाउंट के लिए यूनिक यूजरनेम चुनने देगा। WABetaInfo के अनुसार, इस सुविधा के साथ, उपयोगकर्ता कान्टेक्ट की पहचान करने के लिए केवल फोन नंबरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अब आप एक यूनिक आइडेंटिटी यूजरनेम का विकल्प चुन सकेंगे। कंपनी उपयोगकर्ताओं को उनके फ़ोन नंबर जाने बिना ऐप के भीतर एक उपयोगकर्ता नाम दर्ज करके दूसरों से संपर्क करने की सुविधा भी प्रदान कर सकती है। इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ऐप सेटिंग्स के भीतर फीचर को पेश करने पर काम कर रही है, विशेष रूप से, इस फीचर के लिए एक सेक्शन व्हाट्सएप सेटिंग्स प्रोफाइल के भीतर उपलब्ध होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि उपयोगकर्ता नाम चुनने की सुविधा के साथ, व्हाट्सएप उपयोगकर्ता अपने खातों में गोपनीयता की एक अतिरिक्त परत जोड़ने में सक्षम होंगे। वर्तमान में, व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर अंडर डेवलपमेंट है। इसे अपडेट को भविष्य में बीटा टेस्टर्स के लिए जारी किया जाएगा। इस बीच, मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने घोषणा की है कि व्हाट्सएप के अरबों उपयोगकर्ता अब किसी संदेश को भेजने के 15 मिनट के भीतर संशोधित कर सकते हैं। यह सुविधा विश्व स्तर पर उपयोगकर्ताओं के लिए शुरू हो गई है और आने वाले हफ्तों में सभी के लिए उपलब्ध होगी। यूजर्स को भेजे गए मैसेज को लॉन्ग प्रेस करना होगा और उसके बाद 15 मिनट तक मेन्यू से 'एडिट' चुनना होगा। व्हाटसएप अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर काफी संजीदा रहता है, लेकिन अभी कुछ दिन पहले ही व्हाटसएप की स्वामित्व करने वाली कंपनी मेटा पर यूरोपिय यूनियन ने जुर्माना लगा दिया था। आरोप था की मेटा अपने यूजर्स की पर्सनल जानकारियां और डेटा अमेरिका ट्रांसफर कर देती है। हालांकी, मेटा ने इस पर निराशा व्यक्त की है और इस आर्डर को खारिज कराने की अपील करेगी।
व्हाटस्एप एक के बाद एक नया फीचर अपने यूजर के लिए लेकर आ रहा है। इसी कड़ी में एक और फीचर जुड़ गया है। अब आप बिना अपना मोबाईल नंबर शो किए किसी को भी मैसेज कर सकेंगे। प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर व्हाटसएप का यह बड़ा कदम साबित होगा। उपयोगकर्ताओं के लिए यह बहुत ही अच्छा फीचर अपडेट होगा। मेटा-स्वामित्व वाला व्हाट्सएप कथित तौर पर एक नई सुविधा पर काम कर रहा है - "व्हाट्सएप यूजर नेम", जो उपयोगकर्ताओं को अपने एकाउंट के लिए यूनिक यूजरनेम चुनने देगा। WABetaInfo के अनुसार, इस सुविधा के साथ, उपयोगकर्ता कान्टेक्ट की पहचान करने के लिए केवल फोन नंबरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अब आप एक यूनिक आइडेंटिटी यूजरनेम का विकल्प चुन सकेंगे। कंपनी उपयोगकर्ताओं को उनके फ़ोन नंबर जाने बिना ऐप के भीतर एक उपयोगकर्ता नाम दर्ज करके दूसरों से संपर्क करने की सुविधा भी प्रदान कर सकती है। इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ऐप सेटिंग्स के भीतर फीचर को पेश करने पर काम कर रही है, विशेष रूप से, इस फीचर के लिए एक सेक्शन व्हाट्सएप सेटिंग्स प्रोफाइल के भीतर उपलब्ध होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि उपयोगकर्ता नाम चुनने की सुविधा के साथ, व्हाट्सएप उपयोगकर्ता अपने खातों में गोपनीयता की एक अतिरिक्त परत जोड़ने में सक्षम होंगे। वर्तमान में, व्हाट्सएप यूजरनेम फीचर अंडर डेवलपमेंट है। इसे अपडेट को भविष्य में बीटा टेस्टर्स के लिए जारी किया जाएगा। इस बीच, मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने घोषणा की है कि व्हाट्सएप के अरबों उपयोगकर्ता अब किसी संदेश को भेजने के पंद्रह मिनट के भीतर संशोधित कर सकते हैं। यह सुविधा विश्व स्तर पर उपयोगकर्ताओं के लिए शुरू हो गई है और आने वाले हफ्तों में सभी के लिए उपलब्ध होगी। यूजर्स को भेजे गए मैसेज को लॉन्ग प्रेस करना होगा और उसके बाद पंद्रह मिनट तक मेन्यू से 'एडिट' चुनना होगा। व्हाटसएप अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर काफी संजीदा रहता है, लेकिन अभी कुछ दिन पहले ही व्हाटसएप की स्वामित्व करने वाली कंपनी मेटा पर यूरोपिय यूनियन ने जुर्माना लगा दिया था। आरोप था की मेटा अपने यूजर्स की पर्सनल जानकारियां और डेटा अमेरिका ट्रांसफर कर देती है। हालांकी, मेटा ने इस पर निराशा व्यक्त की है और इस आर्डर को खारिज कराने की अपील करेगी।
वोल्गोग्राड - शहर करोड़पति और एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र, तीन नामों (Tsaritsyn, स्टेलिनग्राद, वोल्गोग्राड) था, लेकिन ईमानदार काम, साहस और देशभक्ति के सिद्धांतों के लिए कभी नहीं बदलता है। स्टेलिनग्राद का भाग्य दुखद और दुखद था,जो प्राचीन शहर की इमारतों के वास्तुशिल्प स्मारकों को छोड़ नहीं किया। वोल्गोग्राड में, प्राचीन सड़कों के माध्यम से टहलना मध्ययुगीन महल के माध्यम से घूमते हैं, या प्राचीन मठों और मंदिरों का दौरा करने के लिए नहीं जाते हैं, वे यहाँ आए द्वितीय विश्व युद्ध की दुखद घटनाओं, स्मृति में जाने का माहौल महसूस करने के लिए। विनाश के पैमाने के मामले में, सड़क की लड़ाई के दौरान, शहर के लगभग सभी आवासीय विकास को नष्ट कर दिया, स्टेलिनग्राद के 90% से अधिक घरों को खंडहर बना दिया गया। युद्ध के बाद की अवधि में, बड़े पैमाने परनिर्माण कार्य शहर धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। इसकी संरचनाओं में, पार्क, चौराहों, रास्ते, वर्गों का लेआउट, "स्टालिनिस्ट वास्तुकला" की शैली प्रचलित होती है। शहर में फिर से बनाया गया और तीन नए वर्गों का निर्माण किया, जो सबसे बड़ा और वर्तमान में वोल्गोग्राड का वर्गः स्क्वायर ऑफ द फॉलन सेनानियों, लेनिन स्क्वायर और चेकीस्ट स्क्वायर। इसका मूल नाम अलेक्जेंडोवस्काया है (मेंमृत सम्राट अलेक्जेंडर का सम्मान ΙΙ) इसके स्थान पर एक स्वस्थ किसान बाजार था, जिसे बाद में दुकानों, taverns और taverns से बदल दिया गया था। 1 9 16 में, सिकंदर नेव्स्की कैथेड्रल एक रेलवे दुर्घटना (1 9 30 में कैथेड्रल उड़ा दिया गया था) में शाही परिवार को बचाने के सम्मान में, वर्ग के क्षेत्र पर बनाया गया था। क्रांति के दौरान, शहर सैनिकों ने कब्जा कर लिया थाWrangel। 1 9 20 में भयानक लड़ाई लड़ी गई, 55 लोगों को सांप्रदायिक कब्र में सामूहिक कब्र में दफनाया गया, सिविल युद्ध के वर्षों में मृत नागरिक थे। उसी वर्ष में, उनको याद में, वोल्गोग्राड का वर्ग गिरने सेनानियों के स्क्वायर में बदल दिया गया और उनके दफन के स्थल पर एक स्मारक बनाया गया। स्टेलिनग्राद रक्षा के दौरान, केंद्रीयशहर का क्षेत्र खूनी और भयंकर लड़ाइयों की जगह बन गया। TsUM इमारत के तहखाने में, जर्मन सेना के फील्ड मार्शल पॉलस को कब्जा कर लिया गया था। 4 फरवरी 1 9 43 को वर्ग में स्टेलिनग्राद की लड़ाई में विजय की एक बैठक थी। गिरने सेनानियों की कब्रों के पास, जो स्टेलिनग्राद युद्ध में मर गए, उन्हें दफन किया गया। 1 9 63 में उनके सम्मान में, अनन्त आग वर्ग पर जलाया गया था। 2003 में, महान विजय की 60 वीं वर्षगांठ के सम्मान मेंसेंट्रल डिपार्टमेंट स्टोर वोल्गोग्राड के ऐतिहासिक तहखाने, "मेमोरी" संग्रहालय खोला गया था। तहखाने के कमरे में, जहां फ्रेडरिक पॉलस पर कब्जा कर लिया गया था, उन ऐतिहासिक समय के आंतरिक बहाल किए गए थे। स्क्वायर पर एक और आकर्षण है, स्टेलिनग्राद नरक का रहने वाला गवाह चतुर है, ट्रंक पर, इस क्षेत्र पर होने वाले सैन्य अभियानों के कई निशान हैं। क्षेत्र, शहर में केवल एक है, जिसका नाम बदलकर बहुत बार किया गया (बाल्कन, निकोलस्काया, इंटरनेशनल, स्क्वायर 9 जनवरी, लेनिन स्क्वायर)। XIX सदी के अंत तक इसे बाल्कन (जिले के नाम से) कहा जाता था। यह एक असुविधाजनक जगह थी जहां मछलियों के साथ गाड़ियां बंद कर दी गई थी, जो आस्ट्रानान से राजधानी और अन्य शहरों में लाई गई थीं। 18 99 में, मंदिर को स्क्वायर पर पवित्रा किया गया थानिकोलस द वंडरवर्कर, और इसका नाम बदलकर निकोलस्काया था 1 9 17 में इसे फिर से अंतर्राष्ट्रीय रूप में बदल दिया गया, और 3 साल बाद, 9 जनवरी को स्क्वायर का नाम ब्लडी रविवार को याद किया जाता है। 1 9 30 के दशक में, मंदिर उड़ा दिया गया था और इसके स्थान पर अपार्टमेंट मकान बनवाए गए थे, क्षेत्र पूरी तरह से बदल दिया गया है। स्टेलिनग्राद की लड़ाई के दौरान, सबसे ज्यादाखूनी लड़ाइयों, इमारत पूरी तरह से नष्ट हो गया। दुखद और खूनी हाउसों में से एक की रक्षा, जिसमें सोवियत सैनिकों के एक समूह, Afanasiev के एक लेफ्टिनेंट की कमान वहाँ था (सार्जेंट पावलोव समूह में से एक था, वह वीरतापूर्वक और साहस के साथ युद्ध को मजबूत बनाने का बचाव किया और बाद घर उनके सम्मान में नामित किया गया था - पावलोव का हाउस)। समूह 58 दिनों के लिए घर पर रक्षा रखने के लिए। युद्ध के बाद, क्षेत्र क्षेत्र में वीर की घटनाओं की याद में रक्षा क्षेत्र नाम दिया गया था। युद्ध के बाद के वर्षों में क्षेत्र का पुनर्निर्माण किया गया थापुरानी इमारतों की तरफ से एकमात्र इमारत पावलोव के घर में थी। 1 9 60 में स्क्वायर के मध्य भाग में एक स्मारक बनाया गया था। लेनिन, उनके जन्म की 90 वीं वर्षगांठ के सम्मान में, और इसे फिर से वोल्गोग्राड के लेनिन स्क्वायर का नाम दिया गया। वर्ग का नाम भी स्टेलिनग्राद की लड़ाई के दुखद घटनाओं के साथ मिलकर किया गया है। 1 9 42 में, 10 वीं इन्फैंट्री डिवीजन, स्टेलिनग्राद मेंएनकेवीडी सैनिकों, मिलिशिया और मिलिटियामेन के साथ, सबसे पहले दुश्मन के झटके का आरोप लगाया, जिसने वोल्गा के माध्यम से तोड़ने की कोशिश की। मुकाबला मिशनों के साहस और वीर प्रदर्शन के लिए, पूरे प्रभाग को ऑर्डर ऑफ लेनिन से सम्मानित किया गया था, 20 chekists को सोवियत संघ के शीर्षक हीरो से सम्मानित किया गया था।
वोल्गोग्राड - शहर करोड़पति और एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र, तीन नामों था, लेकिन ईमानदार काम, साहस और देशभक्ति के सिद्धांतों के लिए कभी नहीं बदलता है। स्टेलिनग्राद का भाग्य दुखद और दुखद था,जो प्राचीन शहर की इमारतों के वास्तुशिल्प स्मारकों को छोड़ नहीं किया। वोल्गोग्राड में, प्राचीन सड़कों के माध्यम से टहलना मध्ययुगीन महल के माध्यम से घूमते हैं, या प्राचीन मठों और मंदिरों का दौरा करने के लिए नहीं जाते हैं, वे यहाँ आए द्वितीय विश्व युद्ध की दुखद घटनाओं, स्मृति में जाने का माहौल महसूस करने के लिए। विनाश के पैमाने के मामले में, सड़क की लड़ाई के दौरान, शहर के लगभग सभी आवासीय विकास को नष्ट कर दिया, स्टेलिनग्राद के नब्बे% से अधिक घरों को खंडहर बना दिया गया। युद्ध के बाद की अवधि में, बड़े पैमाने परनिर्माण कार्य शहर धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। इसकी संरचनाओं में, पार्क, चौराहों, रास्ते, वर्गों का लेआउट, "स्टालिनिस्ट वास्तुकला" की शैली प्रचलित होती है। शहर में फिर से बनाया गया और तीन नए वर्गों का निर्माण किया, जो सबसे बड़ा और वर्तमान में वोल्गोग्राड का वर्गः स्क्वायर ऑफ द फॉलन सेनानियों, लेनिन स्क्वायर और चेकीस्ट स्क्वायर। इसका मूल नाम अलेक्जेंडोवस्काया है इसके स्थान पर एक स्वस्थ किसान बाजार था, जिसे बाद में दुकानों, taverns और taverns से बदल दिया गया था। एक नौ सोलह में, सिकंदर नेव्स्की कैथेड्रल एक रेलवे दुर्घटना में शाही परिवार को बचाने के सम्मान में, वर्ग के क्षेत्र पर बनाया गया था। क्रांति के दौरान, शहर सैनिकों ने कब्जा कर लिया थाWrangel। एक नौ बीस में भयानक लड़ाई लड़ी गई, पचपन लोगों को सांप्रदायिक कब्र में सामूहिक कब्र में दफनाया गया, सिविल युद्ध के वर्षों में मृत नागरिक थे। उसी वर्ष में, उनको याद में, वोल्गोग्राड का वर्ग गिरने सेनानियों के स्क्वायर में बदल दिया गया और उनके दफन के स्थल पर एक स्मारक बनाया गया। स्टेलिनग्राद रक्षा के दौरान, केंद्रीयशहर का क्षेत्र खूनी और भयंकर लड़ाइयों की जगह बन गया। TsUM इमारत के तहखाने में, जर्मन सेना के फील्ड मार्शल पॉलस को कब्जा कर लिया गया था। चार फरवरी एक नौ तैंतालीस को वर्ग में स्टेलिनग्राद की लड़ाई में विजय की एक बैठक थी। गिरने सेनानियों की कब्रों के पास, जो स्टेलिनग्राद युद्ध में मर गए, उन्हें दफन किया गया। एक नौ तिरेसठ में उनके सम्मान में, अनन्त आग वर्ग पर जलाया गया था। दो हज़ार तीन में, महान विजय की साठ वीं वर्षगांठ के सम्मान मेंसेंट्रल डिपार्टमेंट स्टोर वोल्गोग्राड के ऐतिहासिक तहखाने, "मेमोरी" संग्रहालय खोला गया था। तहखाने के कमरे में, जहां फ्रेडरिक पॉलस पर कब्जा कर लिया गया था, उन ऐतिहासिक समय के आंतरिक बहाल किए गए थे। स्क्वायर पर एक और आकर्षण है, स्टेलिनग्राद नरक का रहने वाला गवाह चतुर है, ट्रंक पर, इस क्षेत्र पर होने वाले सैन्य अभियानों के कई निशान हैं। क्षेत्र, शहर में केवल एक है, जिसका नाम बदलकर बहुत बार किया गया । XIX सदी के अंत तक इसे बाल्कन कहा जाता था। यह एक असुविधाजनक जगह थी जहां मछलियों के साथ गाड़ियां बंद कर दी गई थी, जो आस्ट्रानान से राजधानी और अन्य शहरों में लाई गई थीं। अट्ठारह निन्यानवे में, मंदिर को स्क्वायर पर पवित्रा किया गया थानिकोलस द वंडरवर्कर, और इसका नाम बदलकर निकोलस्काया था एक नौ सत्रह में इसे फिर से अंतर्राष्ट्रीय रूप में बदल दिया गया, और तीन साल बाद, नौ जनवरी को स्क्वायर का नाम ब्लडी रविवार को याद किया जाता है। एक नौ तीस के दशक में, मंदिर उड़ा दिया गया था और इसके स्थान पर अपार्टमेंट मकान बनवाए गए थे, क्षेत्र पूरी तरह से बदल दिया गया है। स्टेलिनग्राद की लड़ाई के दौरान, सबसे ज्यादाखूनी लड़ाइयों, इमारत पूरी तरह से नष्ट हो गया। दुखद और खूनी हाउसों में से एक की रक्षा, जिसमें सोवियत सैनिकों के एक समूह, Afanasiev के एक लेफ्टिनेंट की कमान वहाँ था । समूह अट्ठावन दिनों के लिए घर पर रक्षा रखने के लिए। युद्ध के बाद, क्षेत्र क्षेत्र में वीर की घटनाओं की याद में रक्षा क्षेत्र नाम दिया गया था। युद्ध के बाद के वर्षों में क्षेत्र का पुनर्निर्माण किया गया थापुरानी इमारतों की तरफ से एकमात्र इमारत पावलोव के घर में थी। एक नौ साठ में स्क्वायर के मध्य भाग में एक स्मारक बनाया गया था। लेनिन, उनके जन्म की नब्बे वीं वर्षगांठ के सम्मान में, और इसे फिर से वोल्गोग्राड के लेनिन स्क्वायर का नाम दिया गया। वर्ग का नाम भी स्टेलिनग्राद की लड़ाई के दुखद घटनाओं के साथ मिलकर किया गया है। एक नौ बयालीस में, दस वीं इन्फैंट्री डिवीजन, स्टेलिनग्राद मेंएनकेवीडी सैनिकों, मिलिशिया और मिलिटियामेन के साथ, सबसे पहले दुश्मन के झटके का आरोप लगाया, जिसने वोल्गा के माध्यम से तोड़ने की कोशिश की। मुकाबला मिशनों के साहस और वीर प्रदर्शन के लिए, पूरे प्रभाग को ऑर्डर ऑफ लेनिन से सम्मानित किया गया था, बीस chekists को सोवियत संघ के शीर्षक हीरो से सम्मानित किया गया था।
पीएम मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी जी का अभियान था- अंग्रेजों भारत छोड़ो। हम लोग अभियान चला रहे हैं- गंदगी भारत छोड़ो। उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है। देश की आजादी में आज की तारीख का बहुत बड़ा योगदान है। आज के ही दिन, 1942 में गांधी जी की अगुवाई में आजादी के लिए एक विराट जन आंदोलन शुरू हुआ था, अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा लगा था। पीएम ने कहा कि पूज्य बापू, स्वच्छता में स्वराज का प्रतिबिंब देखते थे। वो स्वराज के स्वपन की पूर्ति का एक मार्ग स्वच्छता को भी मानते थे। मुझे संतोष है कि स्वच्छता के प्रति बापू के आग्रह को समर्पित एक आधुनिक स्मारक का नाम अब राजघाट के साथ जुड़ गया है।
पीएम मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी जी का अभियान था- अंग्रेजों भारत छोड़ो। हम लोग अभियान चला रहे हैं- गंदगी भारत छोड़ो। उन्होंने कहा कि आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है। देश की आजादी में आज की तारीख का बहुत बड़ा योगदान है। आज के ही दिन, एक हज़ार नौ सौ बयालीस में गांधी जी की अगुवाई में आजादी के लिए एक विराट जन आंदोलन शुरू हुआ था, अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा लगा था। पीएम ने कहा कि पूज्य बापू, स्वच्छता में स्वराज का प्रतिबिंब देखते थे। वो स्वराज के स्वपन की पूर्ति का एक मार्ग स्वच्छता को भी मानते थे। मुझे संतोष है कि स्वच्छता के प्रति बापू के आग्रह को समर्पित एक आधुनिक स्मारक का नाम अब राजघाट के साथ जुड़ गया है।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'जयेशभाई जोरदार' के लिए बड़ी मेहनत करते दिखाई दे रहे हैं। रणवीर सिंह इस फिल्म के प्रमोशन के लिए हर दिन कहीं ना कहीं नज़र आ रहें हैं। और हाल ही में प्रमोशन के लिए रणवीर सिंह पहुंचे रेमो डिसूज़ा, मौनी रॉय और सोनाली बेंद्रे के रियलिटी शो 'डीआईडी लिटिल मास्टर्स' के सेट पर। जहां उनकी नज़र एक हसीना पर जाकर टिक गई। आपको बता दें एक्टर रणवीर सिंह ने यहां की कुछ झलकियों फैन्स के साथ शेयर की हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम स्टोरी में शो के जजेस के साथ की कुछ फोटोज़ और वीडियो पोस्ट कर मौनी रॉय को ग्लोबल वॉर्मिंग का असल कारण बताया है। अब ब्लैक और सिल्वर रंग के लहंगे-चोली में मौनी कहर ढा रही थीं। तो वहीं रणवीर हमेशा की तरह अपने कलरफुल अटायर लुक में नज़र आ रहे थे। दरअसल, रणवीर सिंह के पोस्ट किए गए इस वीडियो में वो कहते नज़र आ रहें हैं, "मौनी जी, देश में हीट वेव चल रही है। कुछ तो रहम करो। वैसे भी अगर यहां भी गर्मी बढ़ जाएगी तो मैं उसके लिए पूरी तैयारी करके आया हूं। " और इतना कहते ही रणवी एक फायर एक्सटींग्यूशर उठा लेते है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। साथ ही दोनो के फैंस इस वीडियो पर खूब लाइक और कॉमेंट कर रहें है। बता दें इस शो में, रणवीर सिंह ने अपने स्टाइल को बरकरार रखते हुए रंग-बिरंगी शर्ट पहनी है। जो दिखने में काफी अतरंगी लग रही है, लेकिन एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस शर्ट की कीमत 90 हजार के आसपास है। तो वहीं दूसरी तरफ मौनी के लुक की बात करें तो उन्होंने ब्लैक और सिल्वर कलर का लहंगा पहना हुआ है, जिसमें वो काफी खूबसूरत लग रही हैं। जानकारी को अनुसार बता दें कि 13 मई को रिलीज़ होने वाली फिल्म 'जयेशभाई जोरदार' का ट्रेलर रिलीज़ हो चुका है। जिसमें दिखाया गया है कि कैसे एक गांव में लड़कियों से ज्यादा लड़कों को तवज्जो दी जाती है। और लड़की होने पर उसे मार दिया जाता है। कॉमेडी-ड्रामा वाली इस मूवी में बोमन ईरानी, शालिनी पांडे और रत्ना पाठक अहम भूमिका में नज़र आएंगे। अब इस मैसेज भरी फिल्म को देखने के लिए लोगों में काफी उत्साहित है।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'जयेशभाई जोरदार' के लिए बड़ी मेहनत करते दिखाई दे रहे हैं। रणवीर सिंह इस फिल्म के प्रमोशन के लिए हर दिन कहीं ना कहीं नज़र आ रहें हैं। और हाल ही में प्रमोशन के लिए रणवीर सिंह पहुंचे रेमो डिसूज़ा, मौनी रॉय और सोनाली बेंद्रे के रियलिटी शो 'डीआईडी लिटिल मास्टर्स' के सेट पर। जहां उनकी नज़र एक हसीना पर जाकर टिक गई। आपको बता दें एक्टर रणवीर सिंह ने यहां की कुछ झलकियों फैन्स के साथ शेयर की हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम स्टोरी में शो के जजेस के साथ की कुछ फोटोज़ और वीडियो पोस्ट कर मौनी रॉय को ग्लोबल वॉर्मिंग का असल कारण बताया है। अब ब्लैक और सिल्वर रंग के लहंगे-चोली में मौनी कहर ढा रही थीं। तो वहीं रणवीर हमेशा की तरह अपने कलरफुल अटायर लुक में नज़र आ रहे थे। दरअसल, रणवीर सिंह के पोस्ट किए गए इस वीडियो में वो कहते नज़र आ रहें हैं, "मौनी जी, देश में हीट वेव चल रही है। कुछ तो रहम करो। वैसे भी अगर यहां भी गर्मी बढ़ जाएगी तो मैं उसके लिए पूरी तैयारी करके आया हूं। " और इतना कहते ही रणवी एक फायर एक्सटींग्यूशर उठा लेते है। ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। साथ ही दोनो के फैंस इस वीडियो पर खूब लाइक और कॉमेंट कर रहें है। बता दें इस शो में, रणवीर सिंह ने अपने स्टाइल को बरकरार रखते हुए रंग-बिरंगी शर्ट पहनी है। जो दिखने में काफी अतरंगी लग रही है, लेकिन एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो इस शर्ट की कीमत नब्बे हजार के आसपास है। तो वहीं दूसरी तरफ मौनी के लुक की बात करें तो उन्होंने ब्लैक और सिल्वर कलर का लहंगा पहना हुआ है, जिसमें वो काफी खूबसूरत लग रही हैं। जानकारी को अनुसार बता दें कि तेरह मई को रिलीज़ होने वाली फिल्म 'जयेशभाई जोरदार' का ट्रेलर रिलीज़ हो चुका है। जिसमें दिखाया गया है कि कैसे एक गांव में लड़कियों से ज्यादा लड़कों को तवज्जो दी जाती है। और लड़की होने पर उसे मार दिया जाता है। कॉमेडी-ड्रामा वाली इस मूवी में बोमन ईरानी, शालिनी पांडे और रत्ना पाठक अहम भूमिका में नज़र आएंगे। अब इस मैसेज भरी फिल्म को देखने के लिए लोगों में काफी उत्साहित है।
देश में कोवैक्सीन की किल्लत पर भारत बायोटेक कंपनी के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने इस पर चिंता जाहिर की है। पी चिदंबरम ने कहा कि वैक्सीन सप्लाई, उत्पादन और ग्राहकों की सूची का कैग ऑडिट होना चाहिए। पी चिदंबरम (फाइल फोटो) देश में कोरोना वायरस की दूसरी भले ही धीमी पड़ गई हो लेकिन वैक्सीन को लेकर आ रहे नए-नए बयान चिंताजनक हैं। हाल ही में भारत बायोटेक कंपनी ने कहा कि वैक्सीन की सप्लाई और उत्पादन की प्रक्रिया जटिल है, इसलिए कोवैक्सीन की किल्लत देखी जा रही है। इस पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने वैक्सीन सप्लाई का कैग ऑडिट करने की सलाह दी है। पी चिदंबरम ने ट्वीट कर लिखा कि "लापता टीके" का रहस्य हर दिन गहराता जा रहा है। टीकों के एक बैच के उत्पादन के लिए आवश्यक 'लीड टाइम' के बारे में भारत बायोटेक के बयान ने भ्रम को और बढ़ा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि 'क्षमता' एक चीज है और 'उत्पादन' एक अलग चीज है। हम दो घरेलू निर्माताओं द्वारा अब तक उत्पादित वास्तविक मात्रा के बारे में जानना चाहेंगे। एक बार जब हम वास्तविक उत्पादन को जान लेते हैं, तो हमें बताया जाना चाहिए कि तारीख-वार क्या आपूर्ति की गई है और किसे? इतना ही नहीं पी चिदंबरम ने कहा कि दो घरेलू निर्माताओं की क्षमता, उत्पादन, प्रेषण, आपूर्ति और ग्राहकों की सूची के सीएजी द्वारा संचालित पूर्ण-स्कोप ऑडिट को निर्देशित करना उचित रहेगा। टीकों की कमी पर जनता का गुस्सा सड़कों पर आने से पहले अब लापता टीकों के रहस्य को सुलझाना जरूरी है। इसके अलावा पी चिदंबरम ने कहा कि मैं रिलायंस ग्रुप, एचसीएल और अन्य द्वारा अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों, व्यापार भागीदारों आदि के टीकाकरण करने के एलान का स्वागत करता हूं और कॉरपोरेट्स को बधाई देता हूं। पी चिदंबरम ने आगे कहा कि कॉरपोरेट हमें यह भी बताएं कि उन्हें टीकों की आपूर्ति कहां से मिलेगी? राज्य सरकारें घरेलू या विदेशी किसी भी निर्माता से आपूर्ति प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं तो, कॉरपोरेट को अपनी आपूर्ति कहां से मिलने की उम्मीद है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
देश में कोवैक्सीन की किल्लत पर भारत बायोटेक कंपनी के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने इस पर चिंता जाहिर की है। पी चिदंबरम ने कहा कि वैक्सीन सप्लाई, उत्पादन और ग्राहकों की सूची का कैग ऑडिट होना चाहिए। पी चिदंबरम देश में कोरोना वायरस की दूसरी भले ही धीमी पड़ गई हो लेकिन वैक्सीन को लेकर आ रहे नए-नए बयान चिंताजनक हैं। हाल ही में भारत बायोटेक कंपनी ने कहा कि वैक्सीन की सप्लाई और उत्पादन की प्रक्रिया जटिल है, इसलिए कोवैक्सीन की किल्लत देखी जा रही है। इस पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने वैक्सीन सप्लाई का कैग ऑडिट करने की सलाह दी है। पी चिदंबरम ने ट्वीट कर लिखा कि "लापता टीके" का रहस्य हर दिन गहराता जा रहा है। टीकों के एक बैच के उत्पादन के लिए आवश्यक 'लीड टाइम' के बारे में भारत बायोटेक के बयान ने भ्रम को और बढ़ा दिया है। उन्होंने आगे कहा कि 'क्षमता' एक चीज है और 'उत्पादन' एक अलग चीज है। हम दो घरेलू निर्माताओं द्वारा अब तक उत्पादित वास्तविक मात्रा के बारे में जानना चाहेंगे। एक बार जब हम वास्तविक उत्पादन को जान लेते हैं, तो हमें बताया जाना चाहिए कि तारीख-वार क्या आपूर्ति की गई है और किसे? इतना ही नहीं पी चिदंबरम ने कहा कि दो घरेलू निर्माताओं की क्षमता, उत्पादन, प्रेषण, आपूर्ति और ग्राहकों की सूची के सीएजी द्वारा संचालित पूर्ण-स्कोप ऑडिट को निर्देशित करना उचित रहेगा। टीकों की कमी पर जनता का गुस्सा सड़कों पर आने से पहले अब लापता टीकों के रहस्य को सुलझाना जरूरी है। इसके अलावा पी चिदंबरम ने कहा कि मैं रिलायंस ग्रुप, एचसीएल और अन्य द्वारा अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों, व्यापार भागीदारों आदि के टीकाकरण करने के एलान का स्वागत करता हूं और कॉरपोरेट्स को बधाई देता हूं। पी चिदंबरम ने आगे कहा कि कॉरपोरेट हमें यह भी बताएं कि उन्हें टीकों की आपूर्ति कहां से मिलेगी? राज्य सरकारें घरेलू या विदेशी किसी भी निर्माता से आपूर्ति प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं तो, कॉरपोरेट को अपनी आपूर्ति कहां से मिलने की उम्मीद है। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen.
प्र, अ० १] 'दुःख तुम्हारे वश मे है; पहिचानो !" दुःख, जीवन-मरण, सब अनंत द्वंद्वमय संसार, अपने भीतर, आत्मा के भीतर, है, आत्मा आप अपना मालिक है, अपने आप जो चाहता है सो अपने को सुख-दुःख देता है, कोई दूसरा इस को सुख दुःख देने चाला, इस पर क़ाबू रखने वाला, इस का मालिक, नहीं है । तब पैंतालीस बर्ष तक, सब संसार को इस ज्ञान के सार, वेद के अंत, परा विद्या, परम तत्व, "सर्व गुह्यतमं " तथ्य, "गुह्याद् गुह्यतरं" रहस्य, का उपदेश करते हुए, गङ्गा के किनारे-किनारे फिरे । दुःख क्या है, दुःख का हेतु क्या है, दुःख की हानि क्या है, दुःखहानि का उपाय क्या है - यह चार "आर्य सत्य" बताते रहे; जिसी चतुर्व्यूह को दुःख - आयतन - समुदय - मार्ग के नाम से भी कहते हैं । करुणा से व्याकुल, - सब के आँसू पोंछते, यह पुकारते फिरे, 'सब लोक सुनो, दुःखी मत हो; दुःख तुम्हारे वश मे है ; तुम अपनी भूल से, अपनी इच्छा से, अपने किये से, दुखी हो, किसी दूसरे के किये से नहीं; यह सब तुम्हारा ही बनाया खेल है; इस को पहिचानो, अपने को पहिचानो, सत्य को जानो, दुःख छोड़ो, स्वस्थ आत्मस्थ हो । महावीर जिन की जीवनी का पता जहाँ तक चलता है, बहुत कुछ बुद्ध के चरित से मिलती है । तीस वर्ष की अवस्था में, उन्हों ने, स्त्री, पुत्र, युवराज का पद, राज्य लक्ष्मी, छोड़ा। बारह वर्ष तपस्या करने पर कैवल्य ज्ञान की, अद्वैत की, तौहीद की, ज्योति का उदय उन के हृदय में हुआ। शुद्ध, शांति, शक्ति की पराकाष्ठा को पहुँचे । तीस वर्ष उपदेश द्वारा संसारी जीवों के उद्धरण में प्रवृत्त रहे । बुद्ध देव के ज्ञाति, सगोत्र, बन्धु और समकालीन थे। दोनों ही को आज से प्रायः ढाई हजार वर्ष हुए । जैन पद्धति का भी मूल, सब दुःखो से मोक्ष पाने की इच्छा है । इस सम्प्रदाय का एक बहुत प्रामाणिक ग्रंथ 'तत्वार्थाधिगम सूत्र' है। इस को उमास्वामी ने, जिन को उमास्वाती भी कहते हैं, प्रायः
प्र, अशून्य एक] 'दुःख तुम्हारे वश मे है; पहिचानो !" दुःख, जीवन-मरण, सब अनंत द्वंद्वमय संसार, अपने भीतर, आत्मा के भीतर, है, आत्मा आप अपना मालिक है, अपने आप जो चाहता है सो अपने को सुख-दुःख देता है, कोई दूसरा इस को सुख दुःख देने चाला, इस पर क़ाबू रखने वाला, इस का मालिक, नहीं है । तब पैंतालीस बर्ष तक, सब संसार को इस ज्ञान के सार, वेद के अंत, परा विद्या, परम तत्व, "सर्व गुह्यतमं " तथ्य, "गुह्याद् गुह्यतरं" रहस्य, का उपदेश करते हुए, गङ्गा के किनारे-किनारे फिरे । दुःख क्या है, दुःख का हेतु क्या है, दुःख की हानि क्या है, दुःखहानि का उपाय क्या है - यह चार "आर्य सत्य" बताते रहे; जिसी चतुर्व्यूह को दुःख - आयतन - समुदय - मार्ग के नाम से भी कहते हैं । करुणा से व्याकुल, - सब के आँसू पोंछते, यह पुकारते फिरे, 'सब लोक सुनो, दुःखी मत हो; दुःख तुम्हारे वश मे है ; तुम अपनी भूल से, अपनी इच्छा से, अपने किये से, दुखी हो, किसी दूसरे के किये से नहीं; यह सब तुम्हारा ही बनाया खेल है; इस को पहिचानो, अपने को पहिचानो, सत्य को जानो, दुःख छोड़ो, स्वस्थ आत्मस्थ हो । महावीर जिन की जीवनी का पता जहाँ तक चलता है, बहुत कुछ बुद्ध के चरित से मिलती है । तीस वर्ष की अवस्था में, उन्हों ने, स्त्री, पुत्र, युवराज का पद, राज्य लक्ष्मी, छोड़ा। बारह वर्ष तपस्या करने पर कैवल्य ज्ञान की, अद्वैत की, तौहीद की, ज्योति का उदय उन के हृदय में हुआ। शुद्ध, शांति, शक्ति की पराकाष्ठा को पहुँचे । तीस वर्ष उपदेश द्वारा संसारी जीवों के उद्धरण में प्रवृत्त रहे । बुद्ध देव के ज्ञाति, सगोत्र, बन्धु और समकालीन थे। दोनों ही को आज से प्रायः ढाई हजार वर्ष हुए । जैन पद्धति का भी मूल, सब दुःखो से मोक्ष पाने की इच्छा है । इस सम्प्रदाय का एक बहुत प्रामाणिक ग्रंथ 'तत्वार्थाधिगम सूत्र' है। इस को उमास्वामी ने, जिन को उमास्वाती भी कहते हैं, प्रायः
बरेली, 09 फरवरी। जिलाधिकारी श्री शिवाकान्त द्विवेदी की अध्यक्षता में कल समस्त खण्ड विकास अधिकारियों के साथ आई. जी. आर. एस. के सम्बन्ध में विकास भवन सभागार में बैठक सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने कार्यालय में प्रातः 10. 00 बजे से 12. 00 बजे अवश्य बैठकर जनमानस की समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद बरेली की आई. जी. आर. एस. की रैंकिंग 66 वें स्थान पर है जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि विकास खण्ड स्तर पर कोई भी शिकायत पेंडिंग में न रखी जाए जाए उसका समयान्तर्गत निस्तारण किया जाए, जिससे जनपद बरेली को प्रदेश में प्रथम स्थान पर आ सकें। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी का फोन आये तो उसे रिसीव अवश्य करें। इस प्रकार की शिकायतों प्राप्त न हो अन्यथा की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि गांव में रात्रि चौपाल लगाई जाये तथा रात्रि चौपाल में आम जनमानस की शिकायतों को सुना जाए और निस्तारण भी किया जाए। उन्होंने कहा कि रात्रि चौपाल में केन्द्र एवं प्रदेश द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए और पात्रों को चयनित कर उनको योजना से लाभान्वित भी किया जाए।
बरेली, नौ फरवरी। जिलाधिकारी श्री शिवाकान्त द्विवेदी की अध्यक्षता में कल समस्त खण्ड विकास अधिकारियों के साथ आई. जी. आर. एस. के सम्बन्ध में विकास भवन सभागार में बैठक सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी ने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने कार्यालय में प्रातः दस. शून्य बजे से बारह. शून्य बजे अवश्य बैठकर जनमानस की समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि जनपद बरेली की आई. जी. आर. एस. की रैंकिंग छयासठ वें स्थान पर है जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि विकास खण्ड स्तर पर कोई भी शिकायत पेंडिंग में न रखी जाए जाए उसका समयान्तर्गत निस्तारण किया जाए, जिससे जनपद बरेली को प्रदेश में प्रथम स्थान पर आ सकें। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी का फोन आये तो उसे रिसीव अवश्य करें। इस प्रकार की शिकायतों प्राप्त न हो अन्यथा की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि गांव में रात्रि चौपाल लगाई जाये तथा रात्रि चौपाल में आम जनमानस की शिकायतों को सुना जाए और निस्तारण भी किया जाए। उन्होंने कहा कि रात्रि चौपाल में केन्द्र एवं प्रदेश द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए और पात्रों को चयनित कर उनको योजना से लाभान्वित भी किया जाए।
जेसन होल्डर (2/39) और अल्जारी जोसफ (2/64) के नेतृत्व में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर वेस्टइंडीज ने यहां सर विवियन रिचडर्स स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका को पहली पारी में आठ विकेट पर 250 रन पर रोककर मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। विंडीज की ओर से जोसफ और होल्डर के अलावा केमार रोच, शेनन गेब्रियल, काइल मायेर्स और जर्मेन ब्लैकवुड ने अबतक एक-एक विकेट लिया है। इससे पहले, तीसरे दिन श्रीलंका ने तीन विकेट पर 136 रन से आगे खेलना शुरू किया। दिनेश चांदीमल ने 34 और धनंजय डी सिल्वा ने 23 रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों के बीच अच्छी साझेदारी चल रही थी लेकिन यह और बड़ी होती उससे पहले ही चांदीमल गेब्रियल की गेंद पर आउट हो गए। चांदीमल ने 101 गेंदों पर छह चौकों की मदद से 44 रन बनाए। इसके कुछ देर बाद डी सिल्वा भी ब्लैकवुड का शिकार बन पवेलियन लौट गए। डी सिल्वा ने 140 गेंदों पर तीन चौकों के सहारे 39 रन बनाए। श्रीलंका की पारी इसके बाद थोड़ी लड़खड़ा गई। श्रीलंका ओर से निरोशन डिकवेला ने 20, सुरंगा लकमल ने छह और दुश्मंथा चमीरा ने दो रन बनाए।
जेसन होल्डर और अल्जारी जोसफ के नेतृत्व में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर वेस्टइंडीज ने यहां सर विवियन रिचडर्स स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका को पहली पारी में आठ विकेट पर दो सौ पचास रन पर रोककर मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली। विंडीज की ओर से जोसफ और होल्डर के अलावा केमार रोच, शेनन गेब्रियल, काइल मायेर्स और जर्मेन ब्लैकवुड ने अबतक एक-एक विकेट लिया है। इससे पहले, तीसरे दिन श्रीलंका ने तीन विकेट पर एक सौ छत्तीस रन से आगे खेलना शुरू किया। दिनेश चांदीमल ने चौंतीस और धनंजय डी सिल्वा ने तेईस रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों के बीच अच्छी साझेदारी चल रही थी लेकिन यह और बड़ी होती उससे पहले ही चांदीमल गेब्रियल की गेंद पर आउट हो गए। चांदीमल ने एक सौ एक गेंदों पर छह चौकों की मदद से चौंतालीस रन बनाए। इसके कुछ देर बाद डी सिल्वा भी ब्लैकवुड का शिकार बन पवेलियन लौट गए। डी सिल्वा ने एक सौ चालीस गेंदों पर तीन चौकों के सहारे उनतालीस रन बनाए। श्रीलंका की पारी इसके बाद थोड़ी लड़खड़ा गई। श्रीलंका ओर से निरोशन डिकवेला ने बीस, सुरंगा लकमल ने छह और दुश्मंथा चमीरा ने दो रन बनाए।
प्रत्येक वर्ष एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा अपने विभिन्न परियोजनाओ/स्टेशनो में कर्मचारियो एवं उनके बच्चों में अन्तर्निहित प्रतिभा को उजागर करने के उद्देश्य से मेधा क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यह प्रतियोगिता एनटीपीसी द्वारा परियोजना स्तर, क्षेत्रीय स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाती है । इसी कड़ी में दिनांक 16. 01. 2023 को राष्ट्र की विशालतम विद्द्युत सयंत्र एनटीपीसी विंध्याचल परियोजना के उमंग भवन सभागार में क्षेत्रीय स्तरीय मेधा प्रतियोगिता(क्वीज) का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न परियोजनाओं के प्रतिभागियों नें बढ़-चढ़ कर भाग लिया। यह प्रतियोगिता चार समूहों जूनियर ग्रुप कक्षा 04 से 06, मिडिल ग्रुप कक्षा 07 से 09, सीनियर ग्रुप कक्षा 10 से 12 एवं एनटीपीसी कर्मचारी वर्ग में आयोजित की गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। तत्पश्चात एनटीपीसी गीत गाकर कार्यक्रम को गति प्रदान की गई। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख (विंध्याचल) श्री सुभाष चन्द्र नायक के साथ-साथ सभी महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल हुये। इस कार्यक्रम में क्विज मास्टर के रूप में ग्रेसेल, कलकत्ता से पधारे क्विज मास्टर श्री गौरव वर्मा एवं उनकी टीम उपस्थित रही। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख(विंध्याचल) श्री सुभाष चंद्र नायक नें अपने सम्बोधन में सभी प्रतिभागियों को मेधा प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर प्रतिभागिता करने हेतु प्रेरित किया। उन्होनें यह भी कहा कि इस प्रतियोगिता से बच्चों एवं कर्मचारियों में बुद्धि एवं कौशल का विकास होगा। अंत में इस प्रतियोगिता प्रतिभागिता करने वाले प्रतिभागियों को करने वाले सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। क्षेत्रीय स्तर पर चयनित सर्वश्रेष्ठ टीमें दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में फरवरी 2023 में भाग लेंगी।
प्रत्येक वर्ष एनटीपीसी लिमिटेड द्वारा अपने विभिन्न परियोजनाओ/स्टेशनो में कर्मचारियो एवं उनके बच्चों में अन्तर्निहित प्रतिभा को उजागर करने के उद्देश्य से मेधा क्वीज प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यह प्रतियोगिता एनटीपीसी द्वारा परियोजना स्तर, क्षेत्रीय स्तर एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाती है । इसी कड़ी में दिनांक सोलह. एक. दो हज़ार तेईस को राष्ट्र की विशालतम विद्द्युत सयंत्र एनटीपीसी विंध्याचल परियोजना के उमंग भवन सभागार में क्षेत्रीय स्तरीय मेधा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विभिन्न परियोजनाओं के प्रतिभागियों नें बढ़-चढ़ कर भाग लिया। यह प्रतियोगिता चार समूहों जूनियर ग्रुप कक्षा चार से छः, मिडिल ग्रुप कक्षा सात से नौ, सीनियर ग्रुप कक्षा दस से बारह एवं एनटीपीसी कर्मचारी वर्ग में आयोजित की गयी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। तत्पश्चात एनटीपीसी गीत गाकर कार्यक्रम को गति प्रदान की गई। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख श्री सुभाष चन्द्र नायक के साथ-साथ सभी महाप्रबंधकगण, विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारीगण शामिल हुये। इस कार्यक्रम में क्विज मास्टर के रूप में ग्रेसेल, कलकत्ता से पधारे क्विज मास्टर श्री गौरव वर्मा एवं उनकी टीम उपस्थित रही। इस अवसर पर परियोजना प्रमुख श्री सुभाष चंद्र नायक नें अपने सम्बोधन में सभी प्रतिभागियों को मेधा प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर प्रतिभागिता करने हेतु प्रेरित किया। उन्होनें यह भी कहा कि इस प्रतियोगिता से बच्चों एवं कर्मचारियों में बुद्धि एवं कौशल का विकास होगा। अंत में इस प्रतियोगिता प्रतिभागिता करने वाले प्रतिभागियों को करने वाले सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। क्षेत्रीय स्तर पर चयनित सर्वश्रेष्ठ टीमें दिल्ली में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में फरवरी दो हज़ार तेईस में भाग लेंगी।
The Fact India: अमेरिका के टेक्सास के एक मॉल में शनिवार को हुई मास शूटिंग में मरने वालों में एक भारतीय मूल की महिला भी शामिल थी। मृतक का नाम ऐश्वर्या थाटिकोंडा था। वो पेशे से इंजीनियर थीं। एक निजी कंपनी के साथ बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर जुड़ी हुई थीं। ऐश्वर्या का परिवार हैदराबाद का रहने वाला है। परिवार के लोग ऐश्वर्या के शव को वापस भारत लाने की तैयारी कर रहे हैं। हमलावर ने मॉल में जिस वक्त फायरिंग की उस समय ऐश्वर्या अपनी दोस्त के साथ शॉपिंग करने गई थीं। ऐश्वर्या की दोस्त को भी गोली लगी है, लेकिन वो खतरे से बाहर है। अमेरिका की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मॉल में अंधाधुंध गोलियां चलाकर आठ लोगों की जान लेने वाले हमलावर की पहचान हो गई है। उसका नाम मोर्सियो गार्सिया बताया जा रहा है। उसकी कपड़ों पर लगे कुछ बैच के चलते उसे नाजी समर्थक बताया जा रहा है। वहीं, पुलिस रंगभेद के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि हमलावर के पास कई तरह के हथियार थे। हमले में इस्तेमाल की गई गन के अलावा उसके पास पांच गन और भी थी। घटना के दौरान मौजूद चश्मदीद एक महिला ने बताया कि हमलावर ने करीब 50 से 60 शॉट फायर किए थे। जिसके बाद पुलिस की फायरिंग में उसकी मौत हो गई। घटना में 7 लोग घायल भी हुए थे। टेक्सास शूटिंग के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि मास शूटिंग हमारे देश का नाश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मरने वालों में बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने विपक्षी पार्टियों से गन कंट्रोल को लेकर कानून बनाने में उनका साथ देने की बात कही है।
The Fact India: अमेरिका के टेक्सास के एक मॉल में शनिवार को हुई मास शूटिंग में मरने वालों में एक भारतीय मूल की महिला भी शामिल थी। मृतक का नाम ऐश्वर्या थाटिकोंडा था। वो पेशे से इंजीनियर थीं। एक निजी कंपनी के साथ बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर जुड़ी हुई थीं। ऐश्वर्या का परिवार हैदराबाद का रहने वाला है। परिवार के लोग ऐश्वर्या के शव को वापस भारत लाने की तैयारी कर रहे हैं। हमलावर ने मॉल में जिस वक्त फायरिंग की उस समय ऐश्वर्या अपनी दोस्त के साथ शॉपिंग करने गई थीं। ऐश्वर्या की दोस्त को भी गोली लगी है, लेकिन वो खतरे से बाहर है। अमेरिका की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मॉल में अंधाधुंध गोलियां चलाकर आठ लोगों की जान लेने वाले हमलावर की पहचान हो गई है। उसका नाम मोर्सियो गार्सिया बताया जा रहा है। उसकी कपड़ों पर लगे कुछ बैच के चलते उसे नाजी समर्थक बताया जा रहा है। वहीं, पुलिस रंगभेद के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि हमलावर के पास कई तरह के हथियार थे। हमले में इस्तेमाल की गई गन के अलावा उसके पास पांच गन और भी थी। घटना के दौरान मौजूद चश्मदीद एक महिला ने बताया कि हमलावर ने करीब पचास से साठ शॉट फायर किए थे। जिसके बाद पुलिस की फायरिंग में उसकी मौत हो गई। घटना में सात लोग घायल भी हुए थे। टेक्सास शूटिंग के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि मास शूटिंग हमारे देश का नाश कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मरने वालों में बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने विपक्षी पार्टियों से गन कंट्रोल को लेकर कानून बनाने में उनका साथ देने की बात कही है।
मुंबई : हॉलीवुड (Hollywood) की मशहूर (Famous) सिंगर (Singer) और एक्ट्रेस (Actress) जेनिफर लोपेज (Jennifer Lopez) और एक्टर बेन एफ्लेक ने अपने 20 साल के रिश्तें को एक खुबसूरत नाम दे दिया है। लास वेगस में बीते शनिवार की रात में ये कपल शादी के बंधन में बंध गए है। ये कपल पिछले 20 साल से रिलेशनशिप में रह रहे थे। कपल ने साल 2002 में सगाई की थी। वहीं करीब एक साल के बाद कपल ने सगाई को तोड़ दिया था और दोनों ने अपने-अपने रास्ते बदल लिए। यहां तक की दोनों ने किसी और से शादी भी कर ली और उनके बच्चे भी है। हालांकि, लंबे समय से ब्रेकअप के बाद पिछले साल ये कपल एक बार फिर एक-दूसरे के करीब आए है और अप्रैल में इंगेजमेंट करके अब एक-दूसरे से शादी कर लिए है जेनिफर लोपेज की बेस्ट फ्रेंड क्रिस एपलटन ने अपने इंस्टाग्राम पर जेनिफर लोपेज की शादी से पहले उनके ब्राइडल लुक को शेयर किया है। वीडियो में जेनिफर लोपेज सिंपल वाइट कलर के गाउन में नजर आ रही है। वीडियो के कैप्शन में लिखा, 'शादी से पहले आखिरी मिनट की भावनाएं! ' जेनिफर लोपेज और बेन एफ्लेक के शादी के बाद सेलेब्स और प्रशंसकों के बधाईयों का तांता लगा है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि जेनिफर लोपेज ने शादी के बाद अपना नाम भी बदल ली है। उन्होंने अब अपना नाम बेन एफ्लेक रखा है। उनके इस शादी से फैंस काफी खुश है।
मुंबई : हॉलीवुड की मशहूर सिंगर और एक्ट्रेस जेनिफर लोपेज और एक्टर बेन एफ्लेक ने अपने बीस साल के रिश्तें को एक खुबसूरत नाम दे दिया है। लास वेगस में बीते शनिवार की रात में ये कपल शादी के बंधन में बंध गए है। ये कपल पिछले बीस साल से रिलेशनशिप में रह रहे थे। कपल ने साल दो हज़ार दो में सगाई की थी। वहीं करीब एक साल के बाद कपल ने सगाई को तोड़ दिया था और दोनों ने अपने-अपने रास्ते बदल लिए। यहां तक की दोनों ने किसी और से शादी भी कर ली और उनके बच्चे भी है। हालांकि, लंबे समय से ब्रेकअप के बाद पिछले साल ये कपल एक बार फिर एक-दूसरे के करीब आए है और अप्रैल में इंगेजमेंट करके अब एक-दूसरे से शादी कर लिए है जेनिफर लोपेज की बेस्ट फ्रेंड क्रिस एपलटन ने अपने इंस्टाग्राम पर जेनिफर लोपेज की शादी से पहले उनके ब्राइडल लुक को शेयर किया है। वीडियो में जेनिफर लोपेज सिंपल वाइट कलर के गाउन में नजर आ रही है। वीडियो के कैप्शन में लिखा, 'शादी से पहले आखिरी मिनट की भावनाएं! ' जेनिफर लोपेज और बेन एफ्लेक के शादी के बाद सेलेब्स और प्रशंसकों के बधाईयों का तांता लगा है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि जेनिफर लोपेज ने शादी के बाद अपना नाम भी बदल ली है। उन्होंने अब अपना नाम बेन एफ्लेक रखा है। उनके इस शादी से फैंस काफी खुश है।
नांदी (फिजी)। हिंदी बोलने-जानने व उसके प्रति अनुराग रखने वाले विश्व के सभी नागरिकों के बीच हिंदी को संपर्क-संवाद की भाषा के रूप में विकसित करने के लिए नियमित अंतराल पर आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलनों के क्रम में दिनांक 15 फरवरी, 2023 से 17 फरवरी 2023 के मध्यप्रशांत क्षेत्र के फिजी देश के नांदी नगर में आयोजित हुआ 12वां विश्व हिंदी सम्मेलन एक सफल और परिणामकारी सम्मेलन सिद्ध हुआ। विश्व हिंदी सम्मेलन के उद्घाटन से लेकर समापन तक संचालन का दायित्व संभालने वाली अनुराधा पांडेय ने आज शाम फोन पर यह जानकारी दी। अनुराधा पांडेय डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) की अधिकारी हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अनुराधा पांडेय की अंतरराष्ट्रीय स्तर की सभा संचालन की विशेषज्ञता की खास तौर पर सराहना की है। विश्व हिंदी सम्मेलन में शरीक हुए दुनियाभर के बुद्धिजीवियों का हिंदी को लेकर क्या रुख रहा, यह पूछने पर अनुराधा पांडेय ने कहा कि 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन में सम्मिलित भारत और फिजी सहित विश्व के अन्य देशों के सभी प्रतिनिधियों का यह समवेत अभिमत रहा है कि भारतीय ज्ञान परंपरा और अन्य पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को, कृत्रिम मेधा (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसी अधुनातन सूचना, ज्ञान एवं अनुसंधान की तकनीक का हिंदी के माध्यम से प्रयोग करते हुए विश्व की बहुत बड़ी जनसंख्या तक पहुंचाया जा सकता है। प्रतिस्पर्धा और प्रतियोगिता पर आधारित विश्व व्यवस्था को सहकार, समावेशन और सह-अस्तित्व पर आधारित वैकल्पिक सभ्यता दृष्टि प्रदान करने में हिंदी एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकती है। इस अभिमत के साथ 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन का स्पष्ट मत यह भी है कि वसुधैव कुटम्बकम की भावना और अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति का विश्व-बाजार सर्वे भवन्तु सुखिनः की सभ्यता दृष्टि पर निर्मित किया जा सकता है। अनुराधा ने बताया कि विश्व के लगभग सभी महाद्वीपों में प्रवासित भारतवंशियों ने अपने कठोर परिश्रम से प्रवासन वाले देशों के प्रति निष्ठा के साथ एक विशिष्ट विश्व व्यवस्था की निर्मिति में अप्रतिम योगदान दिया है। भाषा, ज्ञान, परंपरा और संस्कृति दृष्टि को विश्वव्यापी बनाने में गिरमिटिया जन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिनके द्वारा आज भी फिजी सहित विश्व के विविध देशों में रामकथा व भजन मंडलियों की जीवंत परंपरा से अपनी प्रासंगिक भूमिका का निर्वहन किया जा रहा है। यह बात भी रेखांकित हुई कि सूचना प्रौद्योगिकी कृत्रिम मेधा जैसी अद्यतन ज्ञान प्रणालियों का समुचित उपयोग करते हुए हिंदी मीडिया, सिनेमा और जनसंचार के विविध नए माध्यमों ने हिंदी को विश्व भाषा के रूप में विस्तारित करने की संभावनाओं के नव द्वार खोले हैं। सम्पूर्ण विश्व के समक्ष उपस्थित 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए विश्व कीमहत्वपूर्ण भाषाओं में से अनन्यतम हिंदी, सार्थक परिणामकारी और अपनी अपेक्षित भूमिका का निर्वहन कर सके, इस हेतु हिंदी में प्रवासी साहित्य का एक महत्वपूर्ण स्थान है। प्रवासी हिंदी साहित्य को विश्वव्यापी बनाने और विश्व की अन्य संस्कृतियों के श्रेष्ठतर मूल्यों का हिंदी में समावेशन करने के लिए अनुवाद की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए कृत्रिम मेधा, मशीनी अनुवाद और अनुवाद की पारंपरिक प्रविधियों के विविध पर्यायों का सामंजस्यपूर्ण अनुप्रयोग आवश्यक है। 12वां विश्व हिंदी सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने, उसकी भाषिक क्षमता का विविध ज्ञानानुशासनों में उपयोग करनेके लिए हिंदी शिक्षण में अधुनातन शिक्षण प्रणाली और संसाधनों का प्रयोग प्रभावकारी विधि से किए जाने की आवश्यकता का अनुभव कर रहा है। विश्व सभ्यता को हिंदी की क्षमताओं का समुचित सहकार प्राप्त हो इसके लिए, यह सम्मेलन विश्व हिंदी सचिवालय को बहुराष्ट्रीय संस्था के रूप में विकसित करने तथा प्रशांत क्षेत्र सहित विश्व के अन्य भागों में इसके क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता का भी अनुभव कर रहा है। अनुराधा पांडेय ने बताया कि इस बार 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन ने यह अनुभव किया है कि वैश्विक स्तर पर उपर्युक्त भूमिका का निर्वाहन केवल सरकारों का ही दायित्व नहीं है अपितु इसके लिए विश्व के समस्त हिंदी सेवी और समर्थक जन को सामूहिक यत्न करते हुए श्रेष्ठ और सुखमय विश्व के निर्माण में अपनी योग्य भूमिका का निर्वहन सुनिश्चित करना होगा।
नांदी । हिंदी बोलने-जानने व उसके प्रति अनुराग रखने वाले विश्व के सभी नागरिकों के बीच हिंदी को संपर्क-संवाद की भाषा के रूप में विकसित करने के लिए नियमित अंतराल पर आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलनों के क्रम में दिनांक पंद्रह फरवरी, दो हज़ार तेईस से सत्रह फरवरी दो हज़ार तेईस के मध्यप्रशांत क्षेत्र के फिजी देश के नांदी नगर में आयोजित हुआ बारहवां विश्व हिंदी सम्मेलन एक सफल और परिणामकारी सम्मेलन सिद्ध हुआ। विश्व हिंदी सम्मेलन के उद्घाटन से लेकर समापन तक संचालन का दायित्व संभालने वाली अनुराधा पांडेय ने आज शाम फोन पर यह जानकारी दी। अनुराधा पांडेय डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन की अधिकारी हैं। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अनुराधा पांडेय की अंतरराष्ट्रीय स्तर की सभा संचालन की विशेषज्ञता की खास तौर पर सराहना की है। विश्व हिंदी सम्मेलन में शरीक हुए दुनियाभर के बुद्धिजीवियों का हिंदी को लेकर क्या रुख रहा, यह पूछने पर अनुराधा पांडेय ने कहा कि बारहवें विश्व हिंदी सम्मेलन में सम्मिलित भारत और फिजी सहित विश्व के अन्य देशों के सभी प्रतिनिधियों का यह समवेत अभिमत रहा है कि भारतीय ज्ञान परंपरा और अन्य पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को, कृत्रिम मेधा जैसी अधुनातन सूचना, ज्ञान एवं अनुसंधान की तकनीक का हिंदी के माध्यम से प्रयोग करते हुए विश्व की बहुत बड़ी जनसंख्या तक पहुंचाया जा सकता है। प्रतिस्पर्धा और प्रतियोगिता पर आधारित विश्व व्यवस्था को सहकार, समावेशन और सह-अस्तित्व पर आधारित वैकल्पिक सभ्यता दृष्टि प्रदान करने में हिंदी एक महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकती है। इस अभिमत के साथ बारहवें विश्व हिंदी सम्मेलन का स्पष्ट मत यह भी है कि वसुधैव कुटम्बकम की भावना और अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति का विश्व-बाजार सर्वे भवन्तु सुखिनः की सभ्यता दृष्टि पर निर्मित किया जा सकता है। अनुराधा ने बताया कि विश्व के लगभग सभी महाद्वीपों में प्रवासित भारतवंशियों ने अपने कठोर परिश्रम से प्रवासन वाले देशों के प्रति निष्ठा के साथ एक विशिष्ट विश्व व्यवस्था की निर्मिति में अप्रतिम योगदान दिया है। भाषा, ज्ञान, परंपरा और संस्कृति दृष्टि को विश्वव्यापी बनाने में गिरमिटिया जन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिनके द्वारा आज भी फिजी सहित विश्व के विविध देशों में रामकथा व भजन मंडलियों की जीवंत परंपरा से अपनी प्रासंगिक भूमिका का निर्वहन किया जा रहा है। यह बात भी रेखांकित हुई कि सूचना प्रौद्योगिकी कृत्रिम मेधा जैसी अद्यतन ज्ञान प्रणालियों का समुचित उपयोग करते हुए हिंदी मीडिया, सिनेमा और जनसंचार के विविध नए माध्यमों ने हिंदी को विश्व भाषा के रूप में विस्तारित करने की संभावनाओं के नव द्वार खोले हैं। सम्पूर्ण विश्व के समक्ष उपस्थित इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए विश्व कीमहत्वपूर्ण भाषाओं में से अनन्यतम हिंदी, सार्थक परिणामकारी और अपनी अपेक्षित भूमिका का निर्वहन कर सके, इस हेतु हिंदी में प्रवासी साहित्य का एक महत्वपूर्ण स्थान है। प्रवासी हिंदी साहित्य को विश्वव्यापी बनाने और विश्व की अन्य संस्कृतियों के श्रेष्ठतर मूल्यों का हिंदी में समावेशन करने के लिए अनुवाद की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिए कृत्रिम मेधा, मशीनी अनुवाद और अनुवाद की पारंपरिक प्रविधियों के विविध पर्यायों का सामंजस्यपूर्ण अनुप्रयोग आवश्यक है। बारहवां विश्व हिंदी सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने, उसकी भाषिक क्षमता का विविध ज्ञानानुशासनों में उपयोग करनेके लिए हिंदी शिक्षण में अधुनातन शिक्षण प्रणाली और संसाधनों का प्रयोग प्रभावकारी विधि से किए जाने की आवश्यकता का अनुभव कर रहा है। विश्व सभ्यता को हिंदी की क्षमताओं का समुचित सहकार प्राप्त हो इसके लिए, यह सम्मेलन विश्व हिंदी सचिवालय को बहुराष्ट्रीय संस्था के रूप में विकसित करने तथा प्रशांत क्षेत्र सहित विश्व के अन्य भागों में इसके क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता का भी अनुभव कर रहा है। अनुराधा पांडेय ने बताया कि इस बार बारहवें विश्व हिंदी सम्मेलन ने यह अनुभव किया है कि वैश्विक स्तर पर उपर्युक्त भूमिका का निर्वाहन केवल सरकारों का ही दायित्व नहीं है अपितु इसके लिए विश्व के समस्त हिंदी सेवी और समर्थक जन को सामूहिक यत्न करते हुए श्रेष्ठ और सुखमय विश्व के निर्माण में अपनी योग्य भूमिका का निर्वहन सुनिश्चित करना होगा।
UPSC Civil Services Admit Card 2020: संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी सिविल सेवा एडमिट कार्ड 2020 जारी कर दिया है। एडमिट कार्ड यूपीएससी की आधिकारिक साइट upsc. gov. in पर मुख्य परीक्षा के लिए जारी कर दिए गए हैं। वे सभी उम्मीदवार जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास की है, वे मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए पात्र हैं। UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा 2020 का आयोजन 8 जनवरी, 9, 10, 16 और 17, 2021 को किया जाएगा। फोरनून सत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा और दोपहर का सत्र दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स का पालन करके एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड आधिकारिक साइट पर 17 जनवरी, 2021 तक उपलब्ध होगा। UPSC सिविल सेवा 2020 मुख्य परीक्षा में 7 पेपर होंगे और परीक्षा अंग्रेजी / निबंध परीक्षा से शुरू होगी। अधिक संबंधित विवरणों के लिए उम्मीदवार यूपीएससी की आधिकारिक साइट पर जा सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबासाइट upsc. gov. in पर जाएं। वेबसाइट के होमपेज पर आपको UPSC Civil Services Admit Card 2020 for main exam link का लिंक मिलेगा। उस पर क्लिक करें। लिंक पर क्लिक करते ही नया पेज खुल जाएगा। नए पेज पर आपको अपनी रजिस्ट्रेशन आईडी या रोल नंबर डालना होगा। डिटेल्स डालने के बाद सबमिट कर देना है। सबमिट करते ही एडमिट कार्ड आपके सामने स्क्रीन पर होगा। अब आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं और इसका प्रिंट आउट भी निकाल सकते हैं।
UPSC Civil Services Admit Card दो हज़ार बीस: संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी सिविल सेवा एडमिट कार्ड दो हज़ार बीस जारी कर दिया है। एडमिट कार्ड यूपीएससी की आधिकारिक साइट upsc. gov. in पर मुख्य परीक्षा के लिए जारी कर दिए गए हैं। वे सभी उम्मीदवार जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास की है, वे मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए पात्र हैं। UPSC सिविल सेवा मुख्य परीक्षा दो हज़ार बीस का आयोजन आठ जनवरी, नौ, दस, सोलह और सत्रह, दो हज़ार इक्कीस को किया जाएगा। फोरनून सत्र सुबह नौ बजे से दोपहर बारह बजे तक होगा और दोपहर का सत्र दोपहर दो बजे से शाम पाँच बजे तक आयोजित किया जाएगा। परीक्षा के लिए उपस्थित होने वाले उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स का पालन करके एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड आधिकारिक साइट पर सत्रह जनवरी, दो हज़ार इक्कीस तक उपलब्ध होगा। UPSC सिविल सेवा दो हज़ार बीस मुख्य परीक्षा में सात पेपर होंगे और परीक्षा अंग्रेजी / निबंध परीक्षा से शुरू होगी। अधिक संबंधित विवरणों के लिए उम्मीदवार यूपीएससी की आधिकारिक साइट पर जा सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबासाइट upsc. gov. in पर जाएं। वेबसाइट के होमपेज पर आपको UPSC Civil Services Admit Card दो हज़ार बीस for main exam link का लिंक मिलेगा। उस पर क्लिक करें। लिंक पर क्लिक करते ही नया पेज खुल जाएगा। नए पेज पर आपको अपनी रजिस्ट्रेशन आईडी या रोल नंबर डालना होगा। डिटेल्स डालने के बाद सबमिट कर देना है। सबमिट करते ही एडमिट कार्ड आपके सामने स्क्रीन पर होगा। अब आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं और इसका प्रिंट आउट भी निकाल सकते हैं।
Worship Rules: भगवान की कृपा पाने के लिए पूजा-पाठ करना तो जरूरी है ही साथ ही कई ऐसे नियम भी हैं जिनका आपको पालन करना चाहिए। अगर पूजा पाठ के दौरान आप इन नियमों का पालन नहीं करते तो इससे आपको पूजा (Puja-Path Niyam) का फल भी नहीं मिलता है और वास्तु दोष का भी सामना करना पड़ता है। तो चलिए जानते हैं पूजा करने के दौरान आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए। Astro Tips: काजल से आंखें बड़ी और सुंदर दिखती हैं। यही कारण है कि उन्हें आंखों में काजल लगाना बेहद प्रिय होता है। इसके अलावा बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए भी काजल का इस्तेमाल किया जाता है। Astro Tips: घर से निकलने से पहले शकुन और अपशकुन का अच्छे से सोच विचार किया जाए तो उस काम में सफलता अवश्य मिलती है। ऐसा माना जाता है कि घर से निकलने से पहले या किसी यात्रा पर जाने से पहले अगर कुछ खास चीजें दिखाई दे जाएं तो उस काम को थोड़े समय के लिए टाल देना चाहिए। Astro Tips: सभी लोगों की चाह होती है कि आज वो जिन कामों को हाथ में लेकर निकले हैं वो सभी पूरे हों। पूरा दिन टेंशन फ्री और खुशनुमा बीते। हिन्दू शास्त्रों में भी दिन की शुरुआत अच्छी करने के कुछ खास उपाय बताए गए हैं। Astro Tips: हर मसाले का ज्योतिष उपयोग करने के अलग-अलग नियम ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं। आज हम आपको इन्हीं मसालों में से एक मसाला लौंग के ज्योतिष गुणों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे अपनाकर आप घर की बहुत सी समस्याएं दूर कर सकते हैं।
Worship Rules: भगवान की कृपा पाने के लिए पूजा-पाठ करना तो जरूरी है ही साथ ही कई ऐसे नियम भी हैं जिनका आपको पालन करना चाहिए। अगर पूजा पाठ के दौरान आप इन नियमों का पालन नहीं करते तो इससे आपको पूजा का फल भी नहीं मिलता है और वास्तु दोष का भी सामना करना पड़ता है। तो चलिए जानते हैं पूजा करने के दौरान आपको किन बातों का ख्याल रखना चाहिए। Astro Tips: काजल से आंखें बड़ी और सुंदर दिखती हैं। यही कारण है कि उन्हें आंखों में काजल लगाना बेहद प्रिय होता है। इसके अलावा बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए भी काजल का इस्तेमाल किया जाता है। Astro Tips: घर से निकलने से पहले शकुन और अपशकुन का अच्छे से सोच विचार किया जाए तो उस काम में सफलता अवश्य मिलती है। ऐसा माना जाता है कि घर से निकलने से पहले या किसी यात्रा पर जाने से पहले अगर कुछ खास चीजें दिखाई दे जाएं तो उस काम को थोड़े समय के लिए टाल देना चाहिए। Astro Tips: सभी लोगों की चाह होती है कि आज वो जिन कामों को हाथ में लेकर निकले हैं वो सभी पूरे हों। पूरा दिन टेंशन फ्री और खुशनुमा बीते। हिन्दू शास्त्रों में भी दिन की शुरुआत अच्छी करने के कुछ खास उपाय बताए गए हैं। Astro Tips: हर मसाले का ज्योतिष उपयोग करने के अलग-अलग नियम ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं। आज हम आपको इन्हीं मसालों में से एक मसाला लौंग के ज्योतिष गुणों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसे अपनाकर आप घर की बहुत सी समस्याएं दूर कर सकते हैं।
दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का राजकीय सम्मान के साथ शनिवार को पटना के दीघा में जनार्दन घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उनके पुत्र और लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले रामविलास पासवान की शवयात्रा उनके पटना स्थित कृष्णा पुरी आवास से निकली और करीब पौने तीन बजे घाट पर पहुंची। अंतिम संस्कार से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय और राजद नेता तेजस्वी यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। बता दें कि रामविलास पासवान का गुरुवार शाम दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम पटना लाया गया, जिसके बाद विधानसभा और पार्टी ऑफिस में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य के कई नेताओं ने पासवान के पार्थिक शरीर पर पुष्ण अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली में उनके आवास पर रामविलास पासवान का पार्थिव शरीर रखा गया था जहां, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ दिवंगत रामविलास पासवान का अंतिम संस्कार पटना के दीघा स्थित जनार्दन घाट पर हुआ। लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी, राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ ही राज्य और केंद्र सरकार के तमाम मंत्री व नेता घाट पर मौजूद रहे।
दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का राजकीय सम्मान के साथ शनिवार को पटना के दीघा में जनार्दन घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उनके पुत्र और लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले रामविलास पासवान की शवयात्रा उनके पटना स्थित कृष्णा पुरी आवास से निकली और करीब पौने तीन बजे घाट पर पहुंची। अंतिम संस्कार से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय और राजद नेता तेजस्वी यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। बता दें कि रामविलास पासवान का गुरुवार शाम दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया था। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार शाम पटना लाया गया, जिसके बाद विधानसभा और पार्टी ऑफिस में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य के कई नेताओं ने पासवान के पार्थिक शरीर पर पुष्ण अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली में उनके आवास पर रामविलास पासवान का पार्थिव शरीर रखा गया था जहां, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ दिवंगत रामविलास पासवान का अंतिम संस्कार पटना के दीघा स्थित जनार्दन घाट पर हुआ। लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सुशील मोदी, राजद नेता तेजस्वी यादव के साथ ही राज्य और केंद्र सरकार के तमाम मंत्री व नेता घाट पर मौजूद रहे।
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2021 के 46वें मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) की टीमें आमने-सामने होंगी। 11 मैचों में 16 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद DC एक जीत के साथ ही क्वालीफाई का टैग हासिल कर लेगी। दूसरी ओर 11 मैचों में 10 अंकों के साथ MI पांचवें स्थान पर है और उनके लिए जीत बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इस मुकाबले का ड्रीम इलेवन, मैच प्रीव्यू और टीवी इंफो। MI ने अपने पिछले मैच में अच्छी जीत हासिल की थी और कुछ खिलाड़ियों ने खोई हुई लय हासिल की थी। इस मुकाबले के लिए प्लेइंग इलेवन में बदलाव की उम्मीद कम ही है। यदि एडम मिल्ने फिट रहे तो वह नाथ कूल्टर-नाइल की जगह टीम में वापस लाए जा सकते हैं। संभावित एकादशः रोहित (कप्तान), डी कॉक (विकेटकीपर), सूर्यकुमार, सौरभ, क्रुणाल, पांड्या, पोलार्ड, मिल्ने, राहुल, बुमराह और बोल्ट। दिल्ली ने पिछले मुकाबले में स्टीव स्मिथ को ओपनिंग करने का मौका दिया था और उन्होंने 39 रन की पारी खेलकर इसे भुनाया भी था। स्थाई ओपनर पृथ्वी शॉ चोटिल थे और फिलहाल उनकी फिटनेस के बारे में कोई अपडेट नहीं आई है। शॉ फिट नहीं हुए तो दिल्ली भी बिना किसी बदलाव के ही उतर सकती है। संभावित एकादशः धवन, स्मिथ, अय्यर, पंत (विकेटकीपर और कप्तान), ललित, हेटमायर, अक्षर, अश्विन, रबाडा, आवेश और नोर्खिया। DC की मौजूदा टीम से शिखर धवन, MI के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। धवन ने MI के खिलाफ 25 मैचों में 39. 65 की औसत से 793 रन बनाए हैं। इस बीच उन्होंने 82* के सर्वोच्च स्कोर के साथ पांच अर्धशतक बनाए हैं। वहीं MI की वर्तमान टीम से रोहित शर्मा ने DC के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। रोहित ने DC के खिलाफ 29 मैचों में 33. 15 की औसत से 862 रन बनाए हैं।
इंडियन प्रीमियर लीग दो हज़ार इक्कीस के छियालीसवें मुकाबले में मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। ग्यारह मैचों में सोलह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद DC एक जीत के साथ ही क्वालीफाई का टैग हासिल कर लेगी। दूसरी ओर ग्यारह मैचों में दस अंकों के साथ MI पांचवें स्थान पर है और उनके लिए जीत बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इस मुकाबले का ड्रीम इलेवन, मैच प्रीव्यू और टीवी इंफो। MI ने अपने पिछले मैच में अच्छी जीत हासिल की थी और कुछ खिलाड़ियों ने खोई हुई लय हासिल की थी। इस मुकाबले के लिए प्लेइंग इलेवन में बदलाव की उम्मीद कम ही है। यदि एडम मिल्ने फिट रहे तो वह नाथ कूल्टर-नाइल की जगह टीम में वापस लाए जा सकते हैं। संभावित एकादशः रोहित , डी कॉक , सूर्यकुमार, सौरभ, क्रुणाल, पांड्या, पोलार्ड, मिल्ने, राहुल, बुमराह और बोल्ट। दिल्ली ने पिछले मुकाबले में स्टीव स्मिथ को ओपनिंग करने का मौका दिया था और उन्होंने उनतालीस रन की पारी खेलकर इसे भुनाया भी था। स्थाई ओपनर पृथ्वी शॉ चोटिल थे और फिलहाल उनकी फिटनेस के बारे में कोई अपडेट नहीं आई है। शॉ फिट नहीं हुए तो दिल्ली भी बिना किसी बदलाव के ही उतर सकती है। संभावित एकादशः धवन, स्मिथ, अय्यर, पंत , ललित, हेटमायर, अक्षर, अश्विन, रबाडा, आवेश और नोर्खिया। DC की मौजूदा टीम से शिखर धवन, MI के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। धवन ने MI के खिलाफ पच्चीस मैचों में उनतालीस. पैंसठ की औसत से सात सौ तिरानवे रन बनाए हैं। इस बीच उन्होंने बयासी* के सर्वोच्च स्कोर के साथ पांच अर्धशतक बनाए हैं। वहीं MI की वर्तमान टीम से रोहित शर्मा ने DC के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। रोहित ने DC के खिलाफ उनतीस मैचों में तैंतीस. पंद्रह की औसत से आठ सौ बासठ रन बनाए हैं।
शीतकोट संसार, झूठ स्वप्ना रिधि रागी । मृग जल जगत स्वरूप, रु माया कपि की प्रागी ।। शक्ति सलिल' के झाग, प्रजा कुच कंठ न काजै । कहा सु विगत उजास, बाल बालू गृह साजै ॥ प्रति प्रयान" कपि कूड़" - मति, कृत्रिम काष्ठ सु पूतली । 'रज्जब' रैनि भुजंग रजु, श्रा प्रथार" प्रातम " छली ॥६॥ यह संसार गंधर्व - नगर के समान प्रतीति मात्र ही है, वास्तव में सत्य नहीं है । गंधर्व नगर का परिचय - शीतकाल में पर्वतादि ऊंचे स्थान में शीत से एक मकान - सा वा नगर- सा बन जाता है, प्रातःकाल दिखाई देता । सूर्य की किरणें पड़ने पर शनैः शनैः सब नष्ट हो जाता है। सांसारिक ऐश्वर्य' में जो राग है वह स्वप्न संपत्ति के राग के समान मिथ्या है । जैसे स्वप्न संपत्ति के प्रेमी को उसके प्रभाव का ही अनुभव होता है, वैसे ही सांसारिक संपत्ति से किसी की भी तृप्ति नहीं होती है । यह जगत् मृग-तृष्णा के जल के समान प्रतीति मात्र ही है, सत्य नहीं है । जैसे प्यास से व्याकुल मृग, मृग तृष्णा के जल को देख कर पीने के लिये दौड़कर जाते हैं, वहाँ जल नहीं मिलता है, तब यह सोच कर कि - जल पीछे छोड़ आये हैं, पीछे देखते हैं तो भरा दिखाई देता है, फिर पीछे जाते हैं। इस प्रकार बेचारे बारंबार दौड़-दौड़ कर दुःख उठाते हैं । उस जल से मृगों की तृष्णा बढती ही है कम नहीं होती है। इसी से उसे मृग तृष्णा कहते हैं। वैसे ही मनुष्य अपनी तृष्णा शांत करने के लिये भोगों की ओर दौड़ते हैं किंतु भोगों से तृष्णा शांत नहीं होकर बढ़ती ही है । माया वानर की अग्नि के समान भ्रम से ही सुख दाता प्रतीत होती है, वास्तव में सुख दाता नहीं है । वानर की अग्नि का परिचय-शीत काल में वानर गण चिरमियों को संग्रह करके उन की राशि को अग्नि मान कर उसके चारों ओर बैठ कर तापते हैं । एक स्थान में ठसाठस बैठने से शरीरों की गरमी हो जाने से समझते हैं कि यह गरमी गुंजाओंकी है परंतु उन चिरमियों में गरमी कहां है ? वह तो उनके ही शरीरों की है । भ्रम वश वैसा मानते हैं और बैठने के लिये एक दूसरे से लड़ते भी हैं । वैसे ही सांसारिक वैभव में सुख कहां है ? वह तो इच्छित पदार्थ की प्राप्ति द्वारा चित्त की स्थिरता से आत्म सुख का ही भान होता है किंतु प्राणी भ्रम वश पदार्थों में सुख मान लेते हैं और उनकी प्राप्ति के लिये युद्धादिक भी करते हैं और यह माया' जल के भागों के समान है । जलके भाग दीखते तो बहुत हैं परंतु वस्तुतः जलके बिना कुछ भी नहीं है । वैसेही माया तथा मायिक पसारा दीखने मात्र ही है, विचार पूर्वक खोज करने पर एक परमात्मा के बिना अन्य कुछ भी सत्य नहीं है ।
शीतकोट संसार, झूठ स्वप्ना रिधि रागी । मृग जल जगत स्वरूप, रु माया कपि की प्रागी ।। शक्ति सलिल' के झाग, प्रजा कुच कंठ न काजै । कहा सु विगत उजास, बाल बालू गृह साजै ॥ प्रति प्रयान" कपि कूड़" - मति, कृत्रिम काष्ठ सु पूतली । 'रज्जब' रैनि भुजंग रजु, श्रा प्रथार" प्रातम " छली ॥छः॥ यह संसार गंधर्व - नगर के समान प्रतीति मात्र ही है, वास्तव में सत्य नहीं है । गंधर्व नगर का परिचय - शीतकाल में पर्वतादि ऊंचे स्थान में शीत से एक मकान - सा वा नगर- सा बन जाता है, प्रातःकाल दिखाई देता । सूर्य की किरणें पड़ने पर शनैः शनैः सब नष्ट हो जाता है। सांसारिक ऐश्वर्य' में जो राग है वह स्वप्न संपत्ति के राग के समान मिथ्या है । जैसे स्वप्न संपत्ति के प्रेमी को उसके प्रभाव का ही अनुभव होता है, वैसे ही सांसारिक संपत्ति से किसी की भी तृप्ति नहीं होती है । यह जगत् मृग-तृष्णा के जल के समान प्रतीति मात्र ही है, सत्य नहीं है । जैसे प्यास से व्याकुल मृग, मृग तृष्णा के जल को देख कर पीने के लिये दौड़कर जाते हैं, वहाँ जल नहीं मिलता है, तब यह सोच कर कि - जल पीछे छोड़ आये हैं, पीछे देखते हैं तो भरा दिखाई देता है, फिर पीछे जाते हैं। इस प्रकार बेचारे बारंबार दौड़-दौड़ कर दुःख उठाते हैं । उस जल से मृगों की तृष्णा बढती ही है कम नहीं होती है। इसी से उसे मृग तृष्णा कहते हैं। वैसे ही मनुष्य अपनी तृष्णा शांत करने के लिये भोगों की ओर दौड़ते हैं किंतु भोगों से तृष्णा शांत नहीं होकर बढ़ती ही है । माया वानर की अग्नि के समान भ्रम से ही सुख दाता प्रतीत होती है, वास्तव में सुख दाता नहीं है । वानर की अग्नि का परिचय-शीत काल में वानर गण चिरमियों को संग्रह करके उन की राशि को अग्नि मान कर उसके चारों ओर बैठ कर तापते हैं । एक स्थान में ठसाठस बैठने से शरीरों की गरमी हो जाने से समझते हैं कि यह गरमी गुंजाओंकी है परंतु उन चिरमियों में गरमी कहां है ? वह तो उनके ही शरीरों की है । भ्रम वश वैसा मानते हैं और बैठने के लिये एक दूसरे से लड़ते भी हैं । वैसे ही सांसारिक वैभव में सुख कहां है ? वह तो इच्छित पदार्थ की प्राप्ति द्वारा चित्त की स्थिरता से आत्म सुख का ही भान होता है किंतु प्राणी भ्रम वश पदार्थों में सुख मान लेते हैं और उनकी प्राप्ति के लिये युद्धादिक भी करते हैं और यह माया' जल के भागों के समान है । जलके भाग दीखते तो बहुत हैं परंतु वस्तुतः जलके बिना कुछ भी नहीं है । वैसेही माया तथा मायिक पसारा दीखने मात्र ही है, विचार पूर्वक खोज करने पर एक परमात्मा के बिना अन्य कुछ भी सत्य नहीं है ।
भारत के स्टार लॉन्ग जम्प खिलाड़ी जेस्विन ऑल्ड्रिन विश्व चैंपियनशिप के लिए हुए विशेष ट्रायल में फेल हो गए हैं। ऑल्ड्रिन को खराब प्रदर्शन का हवाला देते हुए Atheletics Federation of India यानी AFI ने कॉमनवेल्थ खेलों और विश्व चैंपियनशिप की टीमों से बाहर रखा था। जेस्विन को AFI ने एक मौका देते हुए 4 जुलाई को विशेष ट्रायल का मौका दिया था जिसमें वो AFI की मांग के अनुसार निर्धारित मार्क तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि इस पूरे वाकये में AFI की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं और इसके बाद 8 जुलाई को उन्हें एक और मौका देने का फैसला किया गया है। 20 साल के जेस्विन को AFI ने विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए एक और मौका दिया था लेकिन शर्त ये रखी थी कि वो 8. 10 मीटर की दूरी के आसपास तक कम से कम छलांग लगाएं। जेस्विन ने अपने 6 अटेम्प्ट में कोशिश पूरी की और पांचवें प्रयास में 7. 99 मीटर की छलांग लगाई। पहले प्रयास में जेस्विन ने 7. 76 मीटर, दूसरे प्रयास में 7. 70 मीटर, तीसरे प्रयास में 7. 85 मीटर, चौथे प्रयास में 7. 91 मीटर की दूरी नापी। पांचवा प्रयास जेस्विन का इस ट्रायल का सर्वश्रेष्ठ अटेम्प्ट था। छठे प्रयास में जेस्विन 7. 92 मीटर की दूरी पर पहुंचे। कॉमनवेल्थ खेलों के लिए एथलेटिक्स में कुल खिलाड़ियों का सीमित कोटा था जिसमें हर स्पर्धा के लिए एथलीट चुने जाने थे और ऐसे में जेस्विन के मौजूदा फॉर्म को आधार बनाकर उन्हें टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया। लेकिन विश्व चैंपियनशिप में ऐसे कोटा की कोई बाध्यता नहीं है लेकिन AFI का नकारात्मक रुख फैंस की समझ में नहीं आ रहा। 20 साल के इस युवा ऐथलीट के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद को परखने का इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता। विश्व ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन 15 जुलाई से अमेरिका में होना है। जेस्विन ऑल्ड्रिन ने इस सीजन 8. 39 मीटर के साथ अपनी बेस्ट जम्प अप्रैल में फेडरेशन कप के दौरान की, हालांकि Wind Assistance यानी हवा के रूख से मिले फायदे के चलते इसे रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं किया गया। इसी प्रतियोगिता में जेस्विन की आधाकारिक जम्प 8. 27 मीटर की गिनी गई और उन्हें गोल्ड मेडल मिला था। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंबी कूद का क्वालिफिकेशन मार्क 8. 22 मीटर है। ऐसे में AFI जेस्विन को कम से कम विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ले जाने के लिए आनाकानी करने में लगी हुई है। AFI का तर्क है कि अप्रैल के बाद जेस्विन के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई है। इटली , स्पेन और चेन्नई में हुई पिछली तीन प्रतियोगिताओं में जेस्विन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 7. 82 मीटर का था। चेन्नई में हुई इंटर स्टेट चैंपियनशिप में जेस्विन 7. 51 मीटर की जम्प के साथ छठे स्थान पर रहे थे और ये कॉमनवेल्थ खेलों के लिए क्वालिफाय करने का आखिरी मौका था और ऐसे में उन्हें बर्मिंघम खेलों की टीम में शामिल नहीं किया गया। अब सभी की नजर 8 जुलाई के फाइनल ट्रायल पर लगी हैं।
भारत के स्टार लॉन्ग जम्प खिलाड़ी जेस्विन ऑल्ड्रिन विश्व चैंपियनशिप के लिए हुए विशेष ट्रायल में फेल हो गए हैं। ऑल्ड्रिन को खराब प्रदर्शन का हवाला देते हुए Atheletics Federation of India यानी AFI ने कॉमनवेल्थ खेलों और विश्व चैंपियनशिप की टीमों से बाहर रखा था। जेस्विन को AFI ने एक मौका देते हुए चार जुलाई को विशेष ट्रायल का मौका दिया था जिसमें वो AFI की मांग के अनुसार निर्धारित मार्क तक नहीं पहुंच पाए। हालांकि इस पूरे वाकये में AFI की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं और इसके बाद आठ जुलाई को उन्हें एक और मौका देने का फैसला किया गया है। बीस साल के जेस्विन को AFI ने विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए एक और मौका दिया था लेकिन शर्त ये रखी थी कि वो आठ. दस मीटर की दूरी के आसपास तक कम से कम छलांग लगाएं। जेस्विन ने अपने छः अटेम्प्ट में कोशिश पूरी की और पांचवें प्रयास में सात. निन्यानवे मीटर की छलांग लगाई। पहले प्रयास में जेस्विन ने सात. छिहत्तर मीटर, दूसरे प्रयास में सात. सत्तर मीटर, तीसरे प्रयास में सात. पचासी मीटर, चौथे प्रयास में सात. इक्यानवे मीटर की दूरी नापी। पांचवा प्रयास जेस्विन का इस ट्रायल का सर्वश्रेष्ठ अटेम्प्ट था। छठे प्रयास में जेस्विन सात. बानवे मीटर की दूरी पर पहुंचे। कॉमनवेल्थ खेलों के लिए एथलेटिक्स में कुल खिलाड़ियों का सीमित कोटा था जिसमें हर स्पर्धा के लिए एथलीट चुने जाने थे और ऐसे में जेस्विन के मौजूदा फॉर्म को आधार बनाकर उन्हें टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया। लेकिन विश्व चैंपियनशिप में ऐसे कोटा की कोई बाध्यता नहीं है लेकिन AFI का नकारात्मक रुख फैंस की समझ में नहीं आ रहा। बीस साल के इस युवा ऐथलीट के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद को परखने का इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता। विश्व ऐथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन पंद्रह जुलाई से अमेरिका में होना है। जेस्विन ऑल्ड्रिन ने इस सीजन आठ. उनतालीस मीटर के साथ अपनी बेस्ट जम्प अप्रैल में फेडरेशन कप के दौरान की, हालांकि Wind Assistance यानी हवा के रूख से मिले फायदे के चलते इसे रिकॉर्ड बुक में दर्ज नहीं किया गया। इसी प्रतियोगिता में जेस्विन की आधाकारिक जम्प आठ. सत्ताईस मीटर की गिनी गई और उन्हें गोल्ड मेडल मिला था। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लंबी कूद का क्वालिफिकेशन मार्क आठ. बाईस मीटर है। ऐसे में AFI जेस्विन को कम से कम विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में ले जाने के लिए आनाकानी करने में लगी हुई है। AFI का तर्क है कि अप्रैल के बाद जेस्विन के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई है। इटली , स्पेन और चेन्नई में हुई पिछली तीन प्रतियोगिताओं में जेस्विन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन सात. बयासी मीटर का था। चेन्नई में हुई इंटर स्टेट चैंपियनशिप में जेस्विन सात. इक्यावन मीटर की जम्प के साथ छठे स्थान पर रहे थे और ये कॉमनवेल्थ खेलों के लिए क्वालिफाय करने का आखिरी मौका था और ऐसे में उन्हें बर्मिंघम खेलों की टीम में शामिल नहीं किया गया। अब सभी की नजर आठ जुलाई के फाइनल ट्रायल पर लगी हैं।
गले मे पहनने के लिए एक माला ले दू । पसद है न ?" बच्चे ने फूलो की डलिया की ओर से अपनी नाक घुमा ली, और फिर वही सिसकती बुदबुदाहट --- " मा के पास जाऊगा, पिताजी के पास जाऊगा ।" बेचैन बच्चे को मिठाई देकर प्रसन्न करने की तरकीब सोच वह व्यक्ति उसे मिठाई वाले की दुकान पर ले आया । "बताओ तो, कौन-सी मिठाई लोगे, मेरे मुन्ना । " -- उसने पूछा । बच्चे ने मिठाई की दुकान की ओर से अपना मुह मोड़ लिया और सिसकिया भरता हुआ वही कहता रहा - " मै मा के पास जाऊगा, पिताजी के पास जाऊगा । "
गले मे पहनने के लिए एक माला ले दू । पसद है न ?" बच्चे ने फूलो की डलिया की ओर से अपनी नाक घुमा ली, और फिर वही सिसकती बुदबुदाहट --- " मा के पास जाऊगा, पिताजी के पास जाऊगा ।" बेचैन बच्चे को मिठाई देकर प्रसन्न करने की तरकीब सोच वह व्यक्ति उसे मिठाई वाले की दुकान पर ले आया । "बताओ तो, कौन-सी मिठाई लोगे, मेरे मुन्ना । " -- उसने पूछा । बच्चे ने मिठाई की दुकान की ओर से अपना मुह मोड़ लिया और सिसकिया भरता हुआ वही कहता रहा - " मै मा के पास जाऊगा, पिताजी के पास जाऊगा । "
आईपीएल 2020 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए साल अभी तक कमाल का रहा है. विराट कोहली कि अगवाई वाली टीम ने अभी तक इस आईपीएल में हर विभाग में गजब का प्रदर्शन किया है. खुद विराट कोहली ने इस सीजन में अपने बल्ले से रन निकाले है. बैंगलोर टीम कि बात जब भी आती है तो हमे सबसे पहले सिर्फ दो ही खिलाड़ियो का नाम याद आता है और वो नाम है विराट कोहली और एबी डि विलियर्स का. इन दोनों खिलाड़ियो के सामने मैदान में कोई भी बॉलर आना नहीं चाहता. इनका इतना खौफ है कि हर कोई इनसे डरता है. ये जब भी मैदान में उतरते है तो कोई भी गेंदबाज इनके सामने हो सभी कि ये दोनों जमकर क्लास लगाते है. गेंदबाजों के साथ-साथ बड़े-बड़े खिलाड़ी भी इनसे खौफ खाते है. अब हाली में केएल राहुल ने दोनों खिलाड़ियो पर एक मजेदार बात बोली है. केएल राहुल ने एक इंस्टाग्राम वीडियो चैट में कहा कि आईपीएल के आयोजकों को विराट कोहली और एबी डि विलियर्स को बैन कर देना चाहिए. राहुल ने यह बात कोहली के उस सवाल के जवाब में कही जिसमें उन्होंने पूछा था कि वह IPL में क्या बदलाव करना चाहते हैं. बता दें कि विराट कोहली की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु सात में से पांच मुकाबले जीतकर प्वॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर काबिज है वहीं केएल राहुल की कप्तानी वाली किंग्स इलेवन पंजाब सात में से केवल 1 मुकाबला जीत सकी है. वो भी तब, जब केएल राहुल और मयंक अग्रवाल की सलामी जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी की है.
आईपीएल दो हज़ार बीस में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए साल अभी तक कमाल का रहा है. विराट कोहली कि अगवाई वाली टीम ने अभी तक इस आईपीएल में हर विभाग में गजब का प्रदर्शन किया है. खुद विराट कोहली ने इस सीजन में अपने बल्ले से रन निकाले है. बैंगलोर टीम कि बात जब भी आती है तो हमे सबसे पहले सिर्फ दो ही खिलाड़ियो का नाम याद आता है और वो नाम है विराट कोहली और एबी डि विलियर्स का. इन दोनों खिलाड़ियो के सामने मैदान में कोई भी बॉलर आना नहीं चाहता. इनका इतना खौफ है कि हर कोई इनसे डरता है. ये जब भी मैदान में उतरते है तो कोई भी गेंदबाज इनके सामने हो सभी कि ये दोनों जमकर क्लास लगाते है. गेंदबाजों के साथ-साथ बड़े-बड़े खिलाड़ी भी इनसे खौफ खाते है. अब हाली में केएल राहुल ने दोनों खिलाड़ियो पर एक मजेदार बात बोली है. केएल राहुल ने एक इंस्टाग्राम वीडियो चैट में कहा कि आईपीएल के आयोजकों को विराट कोहली और एबी डि विलियर्स को बैन कर देना चाहिए. राहुल ने यह बात कोहली के उस सवाल के जवाब में कही जिसमें उन्होंने पूछा था कि वह IPL में क्या बदलाव करना चाहते हैं. बता दें कि विराट कोहली की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु सात में से पांच मुकाबले जीतकर प्वॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर काबिज है वहीं केएल राहुल की कप्तानी वाली किंग्स इलेवन पंजाब सात में से केवल एक मुकाबला जीत सकी है. वो भी तब, जब केएल राहुल और मयंक अग्रवाल की सलामी जोड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी की है.
उपकरण "ज़िनोकैप", जिनकी संरचना में शामिल हैंही जस्ता पिरिथिओन, डर्मेटोप्रोटेक्टिव ड्रग्स की श्रेणी में शामिल है। दवा में एंटिफंगल, विरोधी भड़काऊ और जीवाणुरोधी प्रभाव हैं। कुछ ग्राम पॉजिटिव और ग्राम-नकारात्मक रोगाणुओं के संबंध में औषधि की गतिविधि को ध्यान में रखा गया है। सक्रिय पदार्थ एटीपी की अंतःस्रावी सामग्री को कम करता है, कोशिका झिल्ली के विध्रुवण को बढ़ावा देता है, बैक्टीरिया और कवक की मृत्यु को उत्तेजित करता है। बैक्टीरिया के उपभेदों को प्रभावित करते समय विशेष रूप से एंटिफंगल प्रभाव स्पष्ट होता है जिससे छालरोग, रूसी, सेबोरहाइक डर्माटाइटिस और अन्य त्वचा के घावों के खिलाफ अत्यधिक छीलने और सूजन होती है। दवा एक मामूली प्रणालीगत अवशोषण से गुजरती है रक्त में, दवा का पता लगाने में मात्रा पाया जाता है। उपयोग के लिए दवा "ज़िनोकैप" निर्देश शायरियासिस, सेबोरहायिक और एटोपिक जिल्द की सूजन का उपयोग करने की सलाह देते हैं। दवा बाहर से प्रयोग किया जाता है दवा के जीवन के वर्ष से मरीजों द्वारा उपयोग के लिए अनुमति है उपयोग करने से पहले को हिला सकते हैं छिड़काव पन्द्रह सेंटीमीटर के क्रम की दूरी से तीन सेकंड के लिए किया जाता है। जब छिड़काव, एक सतह क्षेत्र को कवर करें, जो लगभग हथेली के आकार के बराबर है प्रभावित क्षेत्र को दवा के उपयोग के लिए "ज़िनोकैप" निर्देशों के साथ इलाज करें, एक चिकित्सीय प्रभाव प्राप्त करने के लिए दिन में दो बार तीन बार सिफारिश करता है। खोपड़ी के उपचार में सुविधा के लिए, एक विशेष नोजल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। विकृति के लक्षणों को नष्ट करने के बाद, कम से कम एक सप्ताह के लिए उपाय का उपयोग जारी रखने की सिफारिश की जाती है। छालरोग के साथ चिकित्सा की अवधि एक से डेढ़ महीने है। तीव्रता के लक्षणों के मामले में दोहराए गए पाठ्यक्रमों का प्रदर्शन किया जाना चाहिए। सेबोरीक जिल्द की सूजन दवा "Tsinokap" अनुदेश पुस्तिका में सिफारिश की है कि आप दो सप्ताह, ऐटोपिक के लिए उपयोग - तीन या चार। के लिए एक उपायअतिसंवेदनशीलता, एक वर्ष तक की उम्र में। इस अवधि के दौरान स्तनपान या गर्भावस्था के दौरान दवा के उपयोग की सुरक्षा के आंकड़ों की कमी के कारण, किसी विशेषज्ञ द्वारा व्यक्तिगत रूप से उपयोग की योग्यता निर्धारित की जाती है। उपचार की अवधि के लिए स्तनपान रोकने की आवश्यकता है। छिड़काव प्रक्रिया के दौरान बोतल को खड़ी रखा जाता है। यह सिफारिश की जाती है कि उत्पाद को उत्पाद को स्टोर से तीस डिग्री तक, बच्चों से दूर रखा जाए। निर्माण की तारीख से दो साल बाद दवा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
उपकरण "ज़िनोकैप", जिनकी संरचना में शामिल हैंही जस्ता पिरिथिओन, डर्मेटोप्रोटेक्टिव ड्रग्स की श्रेणी में शामिल है। दवा में एंटिफंगल, विरोधी भड़काऊ और जीवाणुरोधी प्रभाव हैं। कुछ ग्राम पॉजिटिव और ग्राम-नकारात्मक रोगाणुओं के संबंध में औषधि की गतिविधि को ध्यान में रखा गया है। सक्रिय पदार्थ एटीपी की अंतःस्रावी सामग्री को कम करता है, कोशिका झिल्ली के विध्रुवण को बढ़ावा देता है, बैक्टीरिया और कवक की मृत्यु को उत्तेजित करता है। बैक्टीरिया के उपभेदों को प्रभावित करते समय विशेष रूप से एंटिफंगल प्रभाव स्पष्ट होता है जिससे छालरोग, रूसी, सेबोरहाइक डर्माटाइटिस और अन्य त्वचा के घावों के खिलाफ अत्यधिक छीलने और सूजन होती है। दवा एक मामूली प्रणालीगत अवशोषण से गुजरती है रक्त में, दवा का पता लगाने में मात्रा पाया जाता है। उपयोग के लिए दवा "ज़िनोकैप" निर्देश शायरियासिस, सेबोरहायिक और एटोपिक जिल्द की सूजन का उपयोग करने की सलाह देते हैं। दवा बाहर से प्रयोग किया जाता है दवा के जीवन के वर्ष से मरीजों द्वारा उपयोग के लिए अनुमति है उपयोग करने से पहले को हिला सकते हैं छिड़काव पन्द्रह सेंटीमीटर के क्रम की दूरी से तीन सेकंड के लिए किया जाता है। जब छिड़काव, एक सतह क्षेत्र को कवर करें, जो लगभग हथेली के आकार के बराबर है प्रभावित क्षेत्र को दवा के उपयोग के लिए "ज़िनोकैप" निर्देशों के साथ इलाज करें, एक चिकित्सीय प्रभाव प्राप्त करने के लिए दिन में दो बार तीन बार सिफारिश करता है। खोपड़ी के उपचार में सुविधा के लिए, एक विशेष नोजल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। विकृति के लक्षणों को नष्ट करने के बाद, कम से कम एक सप्ताह के लिए उपाय का उपयोग जारी रखने की सिफारिश की जाती है। छालरोग के साथ चिकित्सा की अवधि एक से डेढ़ महीने है। तीव्रता के लक्षणों के मामले में दोहराए गए पाठ्यक्रमों का प्रदर्शन किया जाना चाहिए। सेबोरीक जिल्द की सूजन दवा "Tsinokap" अनुदेश पुस्तिका में सिफारिश की है कि आप दो सप्ताह, ऐटोपिक के लिए उपयोग - तीन या चार। के लिए एक उपायअतिसंवेदनशीलता, एक वर्ष तक की उम्र में। इस अवधि के दौरान स्तनपान या गर्भावस्था के दौरान दवा के उपयोग की सुरक्षा के आंकड़ों की कमी के कारण, किसी विशेषज्ञ द्वारा व्यक्तिगत रूप से उपयोग की योग्यता निर्धारित की जाती है। उपचार की अवधि के लिए स्तनपान रोकने की आवश्यकता है। छिड़काव प्रक्रिया के दौरान बोतल को खड़ी रखा जाता है। यह सिफारिश की जाती है कि उत्पाद को उत्पाद को स्टोर से तीस डिग्री तक, बच्चों से दूर रखा जाए। निर्माण की तारीख से दो साल बाद दवा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
रांची। झारखंड में पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता ने दर्ज कराया है। वहीं इस मामले में अगली सुनवाई एक फरवरी को की जाएगी। झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता डोरंडा निवासी हरेंद्र कुमार सिंह के द्वारा दायर केस पर अगली सुनवाई के दिन शिकायतकर्ता का बयान शपथ-पत्र पर दर्ज किया जाएगा। वकील हरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि वह विदेशों में जमा कालाधन भारत वापस लाएंगे। इससे सभी भारतीयों के खाते में 15-15 लाख रुपये डाले जाएंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हर साल तीन लाख सरकारी नौकरी देने का भी वादा किया था। ये सभी मुद्दे भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस वक्त के पीएम मोदीपद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने यह वादा 7 नवंबर 2013 को छत्तीसगढ़ में किया था। हालांकि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने इस वादे को पूरा नहीं किया। अमित शाह ने एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल को 5 फरवरी 2015 को कालाधन आने पर भारतीयों को 15-15 लाख रुपए मिलने की बात को लोकोक्ति कहा और इसे चुनावी उद्देश्य बताया था। शिकायतकर्ता ने केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले पर भी आरोप लगाया है। आरोप है कि 18 दिसंबर 2018 को महाराष्ट्र के सांगली में उन्होंने भरोसा दिलाया था कि कालाधन आने पर 15-15 लाख प्रत्येक भारतीय को मिलेंगे। हाईकोर्ट के अधिवक्ता हरेंद्र की शिकायत पर भारतीय दंड विधान की धारा 415, 420 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
रांची। झारखंड में पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास अठावले के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता ने दर्ज कराया है। वहीं इस मामले में अगली सुनवाई एक फरवरी को की जाएगी। झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता डोरंडा निवासी हरेंद्र कुमार सिंह के द्वारा दायर केस पर अगली सुनवाई के दिन शिकायतकर्ता का बयान शपथ-पत्र पर दर्ज किया जाएगा। वकील हरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया है कि दो हज़ार चौदह के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि वह विदेशों में जमा कालाधन भारत वापस लाएंगे। इससे सभी भारतीयों के खाते में पंद्रह-पंद्रह लाख रुपये डाले जाएंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने हर साल तीन लाख सरकारी नौकरी देने का भी वादा किया था। ये सभी मुद्दे भाजपा के घोषणा पत्र में शामिल थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस वक्त के पीएम मोदीपद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने यह वादा सात नवंबर दो हज़ार तेरह को छत्तीसगढ़ में किया था। हालांकि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने अपने इस वादे को पूरा नहीं किया। अमित शाह ने एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल को पाँच फरवरी दो हज़ार पंद्रह को कालाधन आने पर भारतीयों को पंद्रह-पंद्रह लाख रुपए मिलने की बात को लोकोक्ति कहा और इसे चुनावी उद्देश्य बताया था। शिकायतकर्ता ने केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास अठावले पर भी आरोप लगाया है। आरोप है कि अट्ठारह दिसंबर दो हज़ार अट्ठारह को महाराष्ट्र के सांगली में उन्होंने भरोसा दिलाया था कि कालाधन आने पर पंद्रह-पंद्रह लाख प्रत्येक भारतीय को मिलेंगे। हाईकोर्ट के अधिवक्ता हरेंद्र की शिकायत पर भारतीय दंड विधान की धारा चार सौ पंद्रह, चार सौ बीस और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा एक सौ तेईस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की ओर से 104 पुरुष और 103 महिलाओं ने हिस्सा लिया। यह खिलाड़ी 61 मेडल जीतने में कामयाब रहे। भारत ने 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। पुरुषों ने 35 और महिलाओं ने 26 मेडल अपने नाम किया है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद वह भारत चौथे स्थान पर रहा। मीराबाई चानू, जेरेमी लालरिनुंगा, अंचिता शेउली, महिला लॉन बॉल टीम, टेबल टेनिस पुरुष टीम, सुधीर (पावर लिफ्टिंग), बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, दीपक पूनिया, रवि दहिया, विनेश फोगाट, नवीन, भाविना (पैरा टेबल टेनिस), नीतू घणघस, अमित पंघाल, एल्डहॉस पॉल, निकहत जरीन, शरत कमल-श्रीजा अकुला, पीवी सिंधु (बैडमिंटन), लक्ष्य सेन (बैडमिंटन), सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी (बैडमिंटन), अचंत शरत कमल (टेबल टेनिस) संकेत सरगर, बिंदियारानी देवी, सुशीला देवी, विकास ठाकुर, भारतीय बैडमिंटन टीम, तूलिका मान, मुरली श्रीशंकर, अंशु मलिक, प्रियंका, अविनाश साबले, पुरुष लॉन बॉल टीम, अब्दुल्ला अबोबैकर, शरत और साथियान, भारतीय महिला क्रिकेट टीम, सागर, भारतीय हॉकी टीम को रजत पदक के साथ करना पड़ा संतोष। गुरुराजा पुजारी, विजय कुमार यादव, हरजिंदर कौर, लवप्रीत सिंह, सौरव घोषाल, गुरदीप सिंह, तेजस्विन शंकर, दिव्या काकरन, मोहित ग्रेवाल, जैस्मिन, पूजा गहलोत, पूजा सिहाग, मोहम्मद हुसामुद्दीन, दीपक नेहरा, रोहित टोकस, महिला हॉकी टीम, संदीप कुमार, अन्नू रानी, सौरव घोषाल-दीपिका, किदांबी श्रीकांत, त्रिषा-गायत्री।
बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की ओर से एक सौ चार पुरुष और एक सौ तीन महिलाओं ने हिस्सा लिया। यह खिलाड़ी इकसठ मेडल जीतने में कामयाब रहे। भारत ने बाईस गोल्ड, सोलह सिल्वर और तेईस ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं। पुरुषों ने पैंतीस और महिलाओं ने छब्बीस मेडल अपने नाम किया है। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद वह भारत चौथे स्थान पर रहा। मीराबाई चानू, जेरेमी लालरिनुंगा, अंचिता शेउली, महिला लॉन बॉल टीम, टेबल टेनिस पुरुष टीम, सुधीर , बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक, दीपक पूनिया, रवि दहिया, विनेश फोगाट, नवीन, भाविना , नीतू घणघस, अमित पंघाल, एल्डहॉस पॉल, निकहत जरीन, शरत कमल-श्रीजा अकुला, पीवी सिंधु , लक्ष्य सेन , सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी , अचंत शरत कमल संकेत सरगर, बिंदियारानी देवी, सुशीला देवी, विकास ठाकुर, भारतीय बैडमिंटन टीम, तूलिका मान, मुरली श्रीशंकर, अंशु मलिक, प्रियंका, अविनाश साबले, पुरुष लॉन बॉल टीम, अब्दुल्ला अबोबैकर, शरत और साथियान, भारतीय महिला क्रिकेट टीम, सागर, भारतीय हॉकी टीम को रजत पदक के साथ करना पड़ा संतोष। गुरुराजा पुजारी, विजय कुमार यादव, हरजिंदर कौर, लवप्रीत सिंह, सौरव घोषाल, गुरदीप सिंह, तेजस्विन शंकर, दिव्या काकरन, मोहित ग्रेवाल, जैस्मिन, पूजा गहलोत, पूजा सिहाग, मोहम्मद हुसामुद्दीन, दीपक नेहरा, रोहित टोकस, महिला हॉकी टीम, संदीप कुमार, अन्नू रानी, सौरव घोषाल-दीपिका, किदांबी श्रीकांत, त्रिषा-गायत्री।
किताब के लेखक कैथरीन बेल्टन और उनके प्रकाशक को लंदन की अदालत में बुधवार को मानहानि के मुकदमे का सामना करना पड़ा। वरिष्ठ पत्रकार और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष आलोक मेहता (पदमश्री) ने समाचार4मीडिया के साथ एक खास बातचीत में अपने अनुभव साझा किए हैं। पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना के कारण प्रवेश परीक्षा नहीं होगी। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को सीधे मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2021 के 21वें हफ्ते से 24वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। 'समाचार विज्ञापन बनता जा रहा है और विज्ञापन अब समाचार के रूप में परिवर्तित हो रहा है। अब समाचार और विज्ञापन में भेद करना मुश्किल है। ' यह बात प्रो. सुधीर गव्हाणे ने कही। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2021 के 20वें हफ्ते से 23वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। बता दें कि 'एनबीए' ने नए इंटरमीडियरी नियमों (new intermediary rules) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए केरल हाई कोर्ट का रुख किया था। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2021 के 19वें हफ्ते से 22वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि नए आईटी नियम 2021 देश के कानून हैं और प्रतिवादी (ट्विटर) को अनिवार्य रूप से इनका पालन करना आवश्यक है। अपनी इस भूमिका में वह कंपनी के सीईओ प्रवीण सोमेश्वर को रिपोर्ट करेंगी। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2021 के 18वें हफ्ते से 21वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बजरंग दल के एक नेता की शिकायत के बाद यह मामला दर्ज किया गया है। नए आईटी नियमों को लेकर भारत सरकार से चल रही तनातनी के बीच माइक्रोब्लॉगिंग साइट 'ट्विटर' (Twitter) के अंतरिम शिकायत अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2021 के 17वें हफ्ते से 20वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दिशा में काम चल रहा है और अगले एक-दो हफ्तों में इन्हें जारी किए जाने की उम्मीद है। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष 2021 के 16वें हफ्ते से 19वें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' (RAM) रेटिंग्स जारी हो गई हैं। इसके तहत ट्विटर के किसी भी यूजर्स द्वारा आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ पोस्ट के मामले में इसके शीर्ष अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराया जा सकता है। मंत्रालय ने मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) और लोकल केबल ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि 30 दिनों की प्रतिबंध अवधि के दौरान वह इस चैनल का प्रसारण न करें। सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि मंत्रालय टीवी चैनलों और अखबारों के डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म को नए आइटी नियमों के दायरे से बाहर नहीं करेगा।
किताब के लेखक कैथरीन बेल्टन और उनके प्रकाशक को लंदन की अदालत में बुधवार को मानहानि के मुकदमे का सामना करना पड़ा। वरिष्ठ पत्रकार और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष आलोक मेहता ने समाचारचारमीडिया के साथ एक खास बातचीत में अपने अनुभव साझा किए हैं। पिछले साल की तरह इस साल भी कोरोना के कारण प्रवेश परीक्षा नहीं होगी। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को सीधे मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार इक्कीस के इक्कीसवें हफ्ते से चौबीसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। 'समाचार विज्ञापन बनता जा रहा है और विज्ञापन अब समाचार के रूप में परिवर्तित हो रहा है। अब समाचार और विज्ञापन में भेद करना मुश्किल है। ' यह बात प्रो. सुधीर गव्हाणे ने कही। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार इक्कीस के बीसवें हफ्ते से तेईसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। बता दें कि 'एनबीए' ने नए इंटरमीडियरी नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए केरल हाई कोर्ट का रुख किया था। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार इक्कीस के उन्नीसवें हफ्ते से बाईसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। केंद्र सरकार ने कहा है कि नए आईटी नियम दो हज़ार इक्कीस देश के कानून हैं और प्रतिवादी को अनिवार्य रूप से इनका पालन करना आवश्यक है। अपनी इस भूमिका में वह कंपनी के सीईओ प्रवीण सोमेश्वर को रिपोर्ट करेंगी। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार इक्कीस के अट्ठारहवें हफ्ते से इक्कीसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बजरंग दल के एक नेता की शिकायत के बाद यह मामला दर्ज किया गया है। नए आईटी नियमों को लेकर भारत सरकार से चल रही तनातनी के बीच माइक्रोब्लॉगिंग साइट 'ट्विटर' के अंतरिम शिकायत अधिकारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार इक्कीस के सत्रहवें हफ्ते से बीसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दिशा में काम चल रहा है और अगले एक-दो हफ्तों में इन्हें जारी किए जाने की उम्मीद है। देश के चार बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के लिए वर्ष दो हज़ार इक्कीस के सोलहवें हफ्ते से उन्नीसवें हफ्ते के बीच की 'रेडियो ऑडियंस मीजरमेंट' रेटिंग्स जारी हो गई हैं। इसके तहत ट्विटर के किसी भी यूजर्स द्वारा आपत्तिजनक अथवा भड़काऊ पोस्ट के मामले में इसके शीर्ष अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराया जा सकता है। मंत्रालय ने मल्टीसिस्टम ऑपरेटर्स और लोकल केबल ऑपरेटर्स को निर्देश दिया है कि तीस दिनों की प्रतिबंध अवधि के दौरान वह इस चैनल का प्रसारण न करें। सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि मंत्रालय टीवी चैनलों और अखबारों के डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म को नए आइटी नियमों के दायरे से बाहर नहीं करेगा।
उत्तर प्रदेश के हरदोई में मंगलवार को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह विपक्ष पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि विरोधी चित होंगे और भाजपा 2022 विधानसभा चुनाव मैं 300 प्लस सीटें लेकर आएगी। भाजपा शहर-शहर जनविश्वास यात्रा निकाल रही है, उसी यात्रा के दौरान एक रैली में अमित पहुंचे थे। अमित शाह के निशाने पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाजवादी पार्टी रहीं। उन्होंने भाषण के दौरान भाजपा सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को बताया और कहा कि 2019 में उत्तर प्रदेश की जनता ने मोदी जी को पूर्ण बहुमत दिया, आपके विश्वास पर खरा उतरते हुए मोदी जी ने 5 अगस्त को राम मंदिर का शिलान्यास करने का काम समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस ने बहुत अटकलें लगाईं, काम रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। जिन लोगों ने रोकने का प्रयास किया उन्हें मैं कहने आया हूं कि वह जितनी भी ताकत लगा लें, रोक सके तो रोक लें, लेकिन कुछ हासिल नही होने वाला है। कुछ ही दिनों मे रामनारायण का आसमान छूने वाला भव्य मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। शाह ने कहा कि भाजपा जो कहती है, वह करती है। लेकिन समाजवादी पार्टी की एबीसीडी ही उल्टी है, यहां A मतलब है अपराध और आतंक, B से मतलब है भाई भतीजावाद, C का मतलब है करप्शन और D से मतलब है दंगा है। भाजपा ने ये पूरी ABCD पर पानी फेरने का काम किया है। खराब मौसम के बावजूद भीड़ केन्द्रीय गृहमंत्री को सुनने के लिए डटी रही। वहीं मोदी-योगी के गीत पर लोग नाचते नजर आए। संकटमोचन मंदिर में किए दर्शन : भाजपा के कार्यकर्ताओं को जीत का मूल मंत्र देने के लिए अमित शाह वाराणसी दो दिवसीय प्रवाह दौरे पर पहुंचे है। 2017 के यूपी विधानसभा जीत का सेहरा अमित शाह के सिर बंधा था, वही करिश्मा वह 2022 के चुनावों में दोहराना चाहते है, जिसके चलते वह काशी प्रांत के पार्टी पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। अमित शाह ने वाराणसी में बैठक करने से पहले संकट मोचन बजरंगबली के मंदिर में माथा टेका और महंत प्रो. मिश्र ने आशीर्वाद स्वरूप माला व प्रसाद ग्रहण किया। लगभग 10 मिनट वह मंदिर में रहे उसके बाद वह सीधा सर्किट हाउस पहुंचे जहां पर वह आगामी 2022 चुनाव की जीत का मूल मंत्र कांशी प्रांत के पदाधिकारियों को देंगे। बैठक में शामिल होने वाले सभी कार्यकर्ता अमित शाह की कार्यशैली को समझते है, वह जानते है कि वह किसी भी पदाधिकारियों को खड़ा कर कुछ भी जानकारी मांग सकते है, जिसके चलते सभी पदाधिकारी पूरा होमवर्क करके बैठक में शामिल हुए है। वही अमित शाह को लगातार खबरें मिल रही थी, कि ब्राह्मण भाजपा से नाराज है। ब्राह्मणों की नाराजगी को दूर करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री के साथ यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा मौजूद है। अमित शाह का यह दो दिवसीय प्रवास है, जिसमें वह सर्किट हाउस के साथ बाबतपुर एयरपोर्ट और गोकुलधाम में भी बैठक करके चुनावी रणनीति तैयार करेंगे। रात में बैठकों के दौर के बाद वाराणसी में सुबह का स्वागत वह काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करके करेंगे। माना जा रहा है कि शाह बैठक में विधायकों, मंत्रियों और पदाधिकारियों के चर्चा करते हुए सहयोगी दलों के विषय में भी विस्तार से चर्चा करेंगे। सुहेलदेव, ओम प्रकाश राजभर भारतीय समाज पार्टी, अपना दल की पल्लवी पटेल जैसे नेता बीजेपी को नुकसान पहुंचा सकते है, भारतीय जनता पार्टी को आगामी चुनाव में नुकसान न सहना पड़े इसके लिए अमित शाह चुनावी जमीन तैयार करने में जुटें हुए है।
उत्तर प्रदेश के हरदोई में मंगलवार को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह विपक्ष पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि विरोधी चित होंगे और भाजपा दो हज़ार बाईस विधानसभा चुनाव मैं तीन सौ प्लस सीटें लेकर आएगी। भाजपा शहर-शहर जनविश्वास यात्रा निकाल रही है, उसी यात्रा के दौरान एक रैली में अमित पहुंचे थे। अमित शाह के निशाने पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाजवादी पार्टी रहीं। उन्होंने भाषण के दौरान भाजपा सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को बताया और कहा कि दो हज़ार उन्नीस में उत्तर प्रदेश की जनता ने मोदी जी को पूर्ण बहुमत दिया, आपके विश्वास पर खरा उतरते हुए मोदी जी ने पाँच अगस्त को राम मंदिर का शिलान्यास करने का काम समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस ने बहुत अटकलें लगाईं, काम रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। जिन लोगों ने रोकने का प्रयास किया उन्हें मैं कहने आया हूं कि वह जितनी भी ताकत लगा लें, रोक सके तो रोक लें, लेकिन कुछ हासिल नही होने वाला है। कुछ ही दिनों मे रामनारायण का आसमान छूने वाला भव्य मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। शाह ने कहा कि भाजपा जो कहती है, वह करती है। लेकिन समाजवादी पार्टी की एबीसीडी ही उल्टी है, यहां A मतलब है अपराध और आतंक, B से मतलब है भाई भतीजावाद, C का मतलब है करप्शन और D से मतलब है दंगा है। भाजपा ने ये पूरी ABCD पर पानी फेरने का काम किया है। खराब मौसम के बावजूद भीड़ केन्द्रीय गृहमंत्री को सुनने के लिए डटी रही। वहीं मोदी-योगी के गीत पर लोग नाचते नजर आए। संकटमोचन मंदिर में किए दर्शन : भाजपा के कार्यकर्ताओं को जीत का मूल मंत्र देने के लिए अमित शाह वाराणसी दो दिवसीय प्रवाह दौरे पर पहुंचे है। दो हज़ार सत्रह के यूपी विधानसभा जीत का सेहरा अमित शाह के सिर बंधा था, वही करिश्मा वह दो हज़ार बाईस के चुनावों में दोहराना चाहते है, जिसके चलते वह काशी प्रांत के पार्टी पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। अमित शाह ने वाराणसी में बैठक करने से पहले संकट मोचन बजरंगबली के मंदिर में माथा टेका और महंत प्रो. मिश्र ने आशीर्वाद स्वरूप माला व प्रसाद ग्रहण किया। लगभग दस मिनट वह मंदिर में रहे उसके बाद वह सीधा सर्किट हाउस पहुंचे जहां पर वह आगामी दो हज़ार बाईस चुनाव की जीत का मूल मंत्र कांशी प्रांत के पदाधिकारियों को देंगे। बैठक में शामिल होने वाले सभी कार्यकर्ता अमित शाह की कार्यशैली को समझते है, वह जानते है कि वह किसी भी पदाधिकारियों को खड़ा कर कुछ भी जानकारी मांग सकते है, जिसके चलते सभी पदाधिकारी पूरा होमवर्क करके बैठक में शामिल हुए है। वही अमित शाह को लगातार खबरें मिल रही थी, कि ब्राह्मण भाजपा से नाराज है। ब्राह्मणों की नाराजगी को दूर करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री के साथ यूपी के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा मौजूद है। अमित शाह का यह दो दिवसीय प्रवास है, जिसमें वह सर्किट हाउस के साथ बाबतपुर एयरपोर्ट और गोकुलधाम में भी बैठक करके चुनावी रणनीति तैयार करेंगे। रात में बैठकों के दौर के बाद वाराणसी में सुबह का स्वागत वह काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन करके करेंगे। माना जा रहा है कि शाह बैठक में विधायकों, मंत्रियों और पदाधिकारियों के चर्चा करते हुए सहयोगी दलों के विषय में भी विस्तार से चर्चा करेंगे। सुहेलदेव, ओम प्रकाश राजभर भारतीय समाज पार्टी, अपना दल की पल्लवी पटेल जैसे नेता बीजेपी को नुकसान पहुंचा सकते है, भारतीय जनता पार्टी को आगामी चुनाव में नुकसान न सहना पड़े इसके लिए अमित शाह चुनावी जमीन तैयार करने में जुटें हुए है।
कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों, तो सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती है। ये शब्द केरल की शीला पर सटीक बैठते हैं, जिन्होंने 64 साल की उम्र में अपने काम के जरिए लोगों को अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी है। शीला करीब 10 साल से घर में ही उगाए हुए फल-सब्जियों से जैम और अचार बना रही हैं। लोगों की सराहना और बढ़ती डिमांड के बाद शीला ने खुद का ब्रांड 'SHEILAS' नाम से रजिस्टर कराया। अब वे केरल से कश्मीर तक देश के कोने-कोने में नेचुरल तरीके से बने हुए घर के अचार और जैम का स्वाद लोगों तक पहुंचा रही हैं। कोरोना से पहले सिर्फ ऑफलाइन बिजनेस करती थीं, लेकिन अब इनके प्रोडक्ट ऑनलाइन भी मिलते हैं। कई महिलाओं को काम भी दिया है और अब हर महीने 2 लाख रुपए कमा रही हैं। आज की पॉजिटिव स्टोरी में जानेंगे शीला के 'SHEILAS' बनने के सफर के बारे में .... 64 वर्षीया शीला चाको केरल की मुंडाकायम की रहने वाली हैं। शीला अपने घर के बगीचे में कई तरह की फल और सब्जियां उगाती हैं। शीला के अनुसार उन्हें मार्केट में फल-सब्जियों का सही दाम नहीं मिलता और कई बार मार्केट ले जाने से पहले ही ज्यादातर फल खराब हो जाते हैं। सबसे पहले शीला ने केले के जैम से शुरुआत की जिसे केरल में बहुत पसंद किया जाता है। ये मार्केट में आसानी से मिलता नहीं, क्योंकि इसे बनाने का तरीका थोड़ा मुश्किल है। फिलहाल शीला तकरीबन 13 तरह के नेचुरल अचार और जैम बनाती हैं, जिसमें किसी तरह का प्रिजर्वेटिव नहीं मिलाया जाता है। केले के अलावा अमरूद का भी जैम बनाती हैं। जैम के साथ उन्होंने अचार में भी हाथ आजमाया। आम, बैंगन, लहसुन, नीबू, आंवला के अलावा मछली का भी अचार बनती हैं। शीला की पहली कमाई ज्यादा नहीं थी, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिला। इसके बाद वे धीरे-धीरे अपने काम को बढ़ाती गईं और आज हर महीने करीब 500 किलो जैम बनाती हैं। "जब मैंने शुरू किया था तब मुझे भी नहीं पता था कि लोगों को मेरा काम इतना पसंद आएगा। आज केरल के अलावा हिमाचल, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश सहित हर राज्य से मेरे पास आर्डर आते हैं और मैं लोगों की डिमांड समय पर पूरा करने की कोशिश करती हूं"। शीला ने बताया की उनके काम में उनके पति चाको कल्लिवयालिल ने उनकी बहुत मदद की। प्रोडक्शन का काम शीला और उनकी टीम करती है, लेकिन उसे शॉप पर ले जाने का काम उनके पति करते थे। धीरे-धीरे काम बढ़ता गया फिर शॉप के अलावा बड़े स्टोर पर भी उनके जैम रखे जाने लगे। शीला अपने घर के बगीचे में ही कुछ फल और सब्जियां उगातीं हैं। इसके अलावा वो लोकल लोगों से भी फल और सब्जियां खरीदतीं हैं। शीला के साथ चार और महिलाएं उनके काम में उनकी मदद करती हैं। जिसकी वजह से उनके प्रोडक्ट अब सिर्फ केरल के कुछ स्टोर्स तक ही सीमित नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग कोनों तक पहुंच रहे हैं। शीला का बिजनेस छोटे स्तर से शुरू हुआ और आज हर महीने तकरीबन 2 लाख रुपए कमाती हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों, तो सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती है। ये शब्द केरल की शीला पर सटीक बैठते हैं, जिन्होंने चौंसठ साल की उम्र में अपने काम के जरिए लोगों को अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा दी है। शीला करीब दस साल से घर में ही उगाए हुए फल-सब्जियों से जैम और अचार बना रही हैं। लोगों की सराहना और बढ़ती डिमांड के बाद शीला ने खुद का ब्रांड 'SHEILAS' नाम से रजिस्टर कराया। अब वे केरल से कश्मीर तक देश के कोने-कोने में नेचुरल तरीके से बने हुए घर के अचार और जैम का स्वाद लोगों तक पहुंचा रही हैं। कोरोना से पहले सिर्फ ऑफलाइन बिजनेस करती थीं, लेकिन अब इनके प्रोडक्ट ऑनलाइन भी मिलते हैं। कई महिलाओं को काम भी दिया है और अब हर महीने दो लाख रुपए कमा रही हैं। आज की पॉजिटिव स्टोरी में जानेंगे शीला के 'SHEILAS' बनने के सफर के बारे में .... चौंसठ वर्षीया शीला चाको केरल की मुंडाकायम की रहने वाली हैं। शीला अपने घर के बगीचे में कई तरह की फल और सब्जियां उगाती हैं। शीला के अनुसार उन्हें मार्केट में फल-सब्जियों का सही दाम नहीं मिलता और कई बार मार्केट ले जाने से पहले ही ज्यादातर फल खराब हो जाते हैं। सबसे पहले शीला ने केले के जैम से शुरुआत की जिसे केरल में बहुत पसंद किया जाता है। ये मार्केट में आसानी से मिलता नहीं, क्योंकि इसे बनाने का तरीका थोड़ा मुश्किल है। फिलहाल शीला तकरीबन तेरह तरह के नेचुरल अचार और जैम बनाती हैं, जिसमें किसी तरह का प्रिजर्वेटिव नहीं मिलाया जाता है। केले के अलावा अमरूद का भी जैम बनाती हैं। जैम के साथ उन्होंने अचार में भी हाथ आजमाया। आम, बैंगन, लहसुन, नीबू, आंवला के अलावा मछली का भी अचार बनती हैं। शीला की पहली कमाई ज्यादा नहीं थी, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिला। इसके बाद वे धीरे-धीरे अपने काम को बढ़ाती गईं और आज हर महीने करीब पाँच सौ किलो जैम बनाती हैं। "जब मैंने शुरू किया था तब मुझे भी नहीं पता था कि लोगों को मेरा काम इतना पसंद आएगा। आज केरल के अलावा हिमाचल, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश सहित हर राज्य से मेरे पास आर्डर आते हैं और मैं लोगों की डिमांड समय पर पूरा करने की कोशिश करती हूं"। शीला ने बताया की उनके काम में उनके पति चाको कल्लिवयालिल ने उनकी बहुत मदद की। प्रोडक्शन का काम शीला और उनकी टीम करती है, लेकिन उसे शॉप पर ले जाने का काम उनके पति करते थे। धीरे-धीरे काम बढ़ता गया फिर शॉप के अलावा बड़े स्टोर पर भी उनके जैम रखे जाने लगे। शीला अपने घर के बगीचे में ही कुछ फल और सब्जियां उगातीं हैं। इसके अलावा वो लोकल लोगों से भी फल और सब्जियां खरीदतीं हैं। शीला के साथ चार और महिलाएं उनके काम में उनकी मदद करती हैं। जिसकी वजह से उनके प्रोडक्ट अब सिर्फ केरल के कुछ स्टोर्स तक ही सीमित नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग कोनों तक पहुंच रहे हैं। शीला का बिजनेस छोटे स्तर से शुरू हुआ और आज हर महीने तकरीबन दो लाख रुपए कमाती हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
News Wing Ranchi, 24 August : रांची ग्रेट टैलेंट के सीजन चार का चौथा ऑडिशन गुरुवार को संपन्न हो गया. यह ऑडिशन इस सीजन का अंतिम ऑडिशन था. कोकर स्थित होटल पार्क स्ट्रीट में होमनीज मैनेजमेंट और डॉटफिश क्रियेटिव इन्टरटेनमेंट के संयुक्त तत्वावधान में रांची ग्रेट टैलेंट का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम में फैशन और प्रबंधन की जिम्मेदारी ए एंड डी मॉडल्स ग्रुप को सौंपी गयी. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मारवाड़ी कालेज के फैशन डिजाईनिंग की प्रोफेसर डेजी सिन्हा तथा जज के रूप में पंकज कुमार और रवि जौहरी मौजूद थे. कार्यक्रम के आयोजक मेहुल ने बताया कि ऑडिशन में अब तक कुल 500 बच्चों ने भाग लिया और अंतिम ऑडिशन में 40 बच्चों ने हिस्सा लिया. वहीं डॉटफिश क्रियेटिव इन्टरटेनमेंट के निदेशक शशिकांत ने बताया कि पॉपुलैरिटी को देखते हुए फाइनल के सेटअप को नए ढंग से बनाया जाएगा. ए एंड डी मॉडल्स ग्रुप के निदेशक ने कहा सेमीफाईनल के बाद सभी मॉडल्स को ग्रुमिंग के लिए वर्कशाप में बुलाया गाएगा. कार्यक्रम को सफल बनाने में पिया वर्मन, पियुष राज, शेखर सिंह, सृष्टि गुप्ता, बन्नी सिंघानिया, सुरज सिंह, आशीष गुप्ता, अंकित सिंह प्रीति साहनी, रजनीश सिन्हा, गुरमीत सींह, राशिद, विकास सिंह सहित अन्य ने योगदान दिया.
News Wing Ranchi, चौबीस अगस्तust : रांची ग्रेट टैलेंट के सीजन चार का चौथा ऑडिशन गुरुवार को संपन्न हो गया. यह ऑडिशन इस सीजन का अंतिम ऑडिशन था. कोकर स्थित होटल पार्क स्ट्रीट में होमनीज मैनेजमेंट और डॉटफिश क्रियेटिव इन्टरटेनमेंट के संयुक्त तत्वावधान में रांची ग्रेट टैलेंट का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम में फैशन और प्रबंधन की जिम्मेदारी ए एंड डी मॉडल्स ग्रुप को सौंपी गयी. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मारवाड़ी कालेज के फैशन डिजाईनिंग की प्रोफेसर डेजी सिन्हा तथा जज के रूप में पंकज कुमार और रवि जौहरी मौजूद थे. कार्यक्रम के आयोजक मेहुल ने बताया कि ऑडिशन में अब तक कुल पाँच सौ बच्चों ने भाग लिया और अंतिम ऑडिशन में चालीस बच्चों ने हिस्सा लिया. वहीं डॉटफिश क्रियेटिव इन्टरटेनमेंट के निदेशक शशिकांत ने बताया कि पॉपुलैरिटी को देखते हुए फाइनल के सेटअप को नए ढंग से बनाया जाएगा. ए एंड डी मॉडल्स ग्रुप के निदेशक ने कहा सेमीफाईनल के बाद सभी मॉडल्स को ग्रुमिंग के लिए वर्कशाप में बुलाया गाएगा. कार्यक्रम को सफल बनाने में पिया वर्मन, पियुष राज, शेखर सिंह, सृष्टि गुप्ता, बन्नी सिंघानिया, सुरज सिंह, आशीष गुप्ता, अंकित सिंह प्रीति साहनी, रजनीश सिन्हा, गुरमीत सींह, राशिद, विकास सिंह सहित अन्य ने योगदान दिया.
पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने माना कि अगले साल होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग के मेगा ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स सबसे पहले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को रीटेन करेगी। लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि सीएसके के इस फैसले से सबसे ज्यादा हैरान धोनी ही होंगे। पूर्व भारतीय कप्तान धोनी ने साल 2019 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। जिसके बाद से वो केवल आईपीएल में खेल रहे हैं। हालांकि 2020 के निराशाजनक आईपीएल सीजन के बाद माना जा रहा कि धोनी इस टी20 लीग को भी अलविदा कह देंगे लेकिन सीएसके टीम ने पुष्टि की है कि कैप्टन कूल अगले दो-तीन सीजन में भी चेन्नई फ्रेंचाइजी का हिस्सा बने रहेंगे।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने माना कि अगले साल होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग के मेगा ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स सबसे पहले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को रीटेन करेगी। लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि सीएसके के इस फैसले से सबसे ज्यादा हैरान धोनी ही होंगे। पूर्व भारतीय कप्तान धोनी ने साल दो हज़ार उन्नीस में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया था। जिसके बाद से वो केवल आईपीएल में खेल रहे हैं। हालांकि दो हज़ार बीस के निराशाजनक आईपीएल सीजन के बाद माना जा रहा कि धोनी इस टीबीस लीटरग को भी अलविदा कह देंगे लेकिन सीएसके टीम ने पुष्टि की है कि कैप्टन कूल अगले दो-तीन सीजन में भी चेन्नई फ्रेंचाइजी का हिस्सा बने रहेंगे।
कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर दिन ब दिन बढ़ते जा रहा है। कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 13000 पार कर गई है। ऐसे में बॉलीवुड सेलब्रिटीज़ शूटिंग बंद होने के कारण अपने परिवारों के साथ समय बिता रहे है। आलिया भट्ट (Alia Bhatt), अर्जुन कपूर, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, और भी कई सेलिब्रिटीज इन दोनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। और अपने फैंस को तस्वीरों और वीडियो के जरिये अपडेट कर रहे है। हाल ही में एक्ट्रेस आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने उनके फैंस ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में आलिया अपनी दोस्तों के साथ 'चोली के पीछे' गाने पर जबरदस्त डांस करती दिखाई दे रही हैं। आलिया भट्ट का डांस वीडियो फिल्मफेयर के ऑफिशल अकाउंट पर पोस्ट किया है। आलिया भट्ट अपने सोशल मीडिया के जरिये लोगों को घर में रहने के लिए अपने पोस्ट के जरिये कह रही है। हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी के कहने पर पूरे देश में 9 मिनट के लिए घर की बत्ती बुझाकर दिया जलाये थे। आलिया ने भी अपने घर में दीपक जलाकर एकता दिखाई थी। बता दें, कोरोना एक महामारी बीमारी है और यह बीमारी चाइना के वुहान से पूरे देश में फ़ैल चूका है। इस बीमारी अभी तक कोई इलाज़ नहीं मिला है। इस से बचना हैं तो सोशल डिस्टन्सिंग मेन्टेन करे और सरकार द्वारा बताये गए नियमों का पालन करे, यही एक रास्ता है इस बीमारी से बचने का। आलिया की वर्क फ्रंट की बात करें तो वह फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' में अहम् किरदार में नजर आयेंगी। इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर और अमिताभ बच्चन भी होंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म की शूटिंग कोरोना वायरस की वजह से रुक गई है। इसके अलावा आलिया 'गंगूबाई काठियावाड़ी', 'तख्त' और 'RRR' में नजर आएंगी। यहाँ देखे हिंदी रश का ताज़ा वीडियोः
कोरोना वायरस का कहर दिन ब दिन बढ़ते जा रहा है। कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर तेरह हज़ार पार कर गई है। ऐसे में बॉलीवुड सेलब्रिटीज़ शूटिंग बंद होने के कारण अपने परिवारों के साथ समय बिता रहे है। आलिया भट्ट , अर्जुन कपूर, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, और भी कई सेलिब्रिटीज इन दोनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। और अपने फैंस को तस्वीरों और वीडियो के जरिये अपडेट कर रहे है। हाल ही में एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने उनके फैंस ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में आलिया अपनी दोस्तों के साथ 'चोली के पीछे' गाने पर जबरदस्त डांस करती दिखाई दे रही हैं। आलिया भट्ट का डांस वीडियो फिल्मफेयर के ऑफिशल अकाउंट पर पोस्ट किया है। आलिया भट्ट अपने सोशल मीडिया के जरिये लोगों को घर में रहने के लिए अपने पोस्ट के जरिये कह रही है। हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी के कहने पर पूरे देश में नौ मिनट के लिए घर की बत्ती बुझाकर दिया जलाये थे। आलिया ने भी अपने घर में दीपक जलाकर एकता दिखाई थी। बता दें, कोरोना एक महामारी बीमारी है और यह बीमारी चाइना के वुहान से पूरे देश में फ़ैल चूका है। इस बीमारी अभी तक कोई इलाज़ नहीं मिला है। इस से बचना हैं तो सोशल डिस्टन्सिंग मेन्टेन करे और सरकार द्वारा बताये गए नियमों का पालन करे, यही एक रास्ता है इस बीमारी से बचने का। आलिया की वर्क फ्रंट की बात करें तो वह फिल्म 'ब्रह्मास्त्र' में अहम् किरदार में नजर आयेंगी। इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर और अमिताभ बच्चन भी होंगे। रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म की शूटिंग कोरोना वायरस की वजह से रुक गई है। इसके अलावा आलिया 'गंगूबाई काठियावाड़ी', 'तख्त' और 'RRR' में नजर आएंगी। यहाँ देखे हिंदी रश का ताज़ा वीडियोः
का० ११ अध्याय २] वर्षाऋतु की समाप्ति पर जत्र प्राण औषधियो के प्रति गर्जन ध्वनि करता है, तब सत्र प्रसन्न होते हैं । पृथ्वी के सभी प्राणी मानन्द विभोर हो उठते है ॥ ४ ॥ प्राण द्वारा सिचित औधिया उसी से कहती हैं कि हे प्राण । तू हमको सुन्दर वाली बना और हमारे जीवन को वृद्धि कर ॥ ६ ॥ हे प्राण । तुम सामने आते तथा लौटकर जाते हुए को ( प्रणाम है । तू जहां कहीं भी हो वही तुझे नमस्कार है ॥ ७ ॥ हे प्राण । तुम प्राणन कर्म बाले और अपानन ने कर्म वाले को नमस्कार है । परागमत स्वभाव से स्थित प्रतीचीन गमन वाले और सब व्यापारी के कर्ता तुमको नमस्कार है ॥ ८ ॥ हे प्राण । इस शरीर से तुम्हे प्रेम है । तुम्हारी अग्निशोषात्मक प्रेयसी और अमरत्व १२ युक्त जो औषधि हैं, उन सबके पास से अमृत गुण देने वाली औौषधि प्रदान कर ॥ ६ ॥ जैसे पिता अपने पुत्र को ढकता है उसी भाँति प्राण मनुष्यादि को ढकते है । जो जगमात्मक वस्तु प्राणन व्यापार वाली हैं और जो स्थावरात्मक वस्तु प्राणन व्यापार से रहित है परन्तु प्राण उनमे विरुद्धगति से वास करता है । इन सब जगम स्थावर जीवो सहित विश्व का स्वामी प्राण ही है ।। १० ।।
काशून्य ग्यारह अध्याय दो] वर्षाऋतु की समाप्ति पर जत्र प्राण औषधियो के प्रति गर्जन ध्वनि करता है, तब सत्र प्रसन्न होते हैं । पृथ्वी के सभी प्राणी मानन्द विभोर हो उठते है ॥ चार ॥ प्राण द्वारा सिचित औधिया उसी से कहती हैं कि हे प्राण । तू हमको सुन्दर वाली बना और हमारे जीवन को वृद्धि कर ॥ छः ॥ हे प्राण । तुम सामने आते तथा लौटकर जाते हुए को ( प्रणाम है । तू जहां कहीं भी हो वही तुझे नमस्कार है ॥ सात ॥ हे प्राण । तुम प्राणन कर्म बाले और अपानन ने कर्म वाले को नमस्कार है । परागमत स्वभाव से स्थित प्रतीचीन गमन वाले और सब व्यापारी के कर्ता तुमको नमस्कार है ॥ आठ ॥ हे प्राण । इस शरीर से तुम्हे प्रेम है । तुम्हारी अग्निशोषात्मक प्रेयसी और अमरत्व बारह युक्त जो औषधि हैं, उन सबके पास से अमृत गुण देने वाली औौषधि प्रदान कर ॥ छः ॥ जैसे पिता अपने पुत्र को ढकता है उसी भाँति प्राण मनुष्यादि को ढकते है । जो जगमात्मक वस्तु प्राणन व्यापार वाली हैं और जो स्थावरात्मक वस्तु प्राणन व्यापार से रहित है परन्तु प्राण उनमे विरुद्धगति से वास करता है । इन सब जगम स्थावर जीवो सहित विश्व का स्वामी प्राण ही है ।। दस ।।
Opposition Unity: पटना (Patna) में विपक्ष (Opposition) की बैठक को चार दिन भी नहीं बीते कि गठबंधन में दरार आने लगी है. खासकर अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के रवैये को लेकर लालू प्रसाद (Lalu Prasad) की पार्टी आरजेडी (RJD) नाराज दिख रही है. विपक्षी एकता की गांठें धीरे-धीरे ढीली पड़ने लगी हैं. पटना में शुक्रवार को हुई विपक्षी दलों की बैठक से दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के निकलने को लेकर RJD उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने बड़ा बयान दिया है. वहीं, विपक्ष की इस बैठक पर बीजेपी भी लगातार चुटकी ले रही है. इतना ही नहीं राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह ने तो विपक्ष की तुलना चूहों से कर दी है. हरनाथ सिंह ने कहा कि 100 चूहे मिलकर एक शेर को पराजित नहीं कर सकते. कर्नाटक की जीत तो छोटी मोटी जीत है. विपक्षी एकता में दरार! गठबंधन से पहले विपक्षी एकता में दरार पड़ती दिखाई दे रही है. आरजेडी (RJD) के शिवानंद तिवारी ने केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए उन्हें तानाशाह और लोकतंत्र के खिलाफ बताया है. हालांकि, तेजस्वी यादव डैमेज कंट्रोल करते दिखाई दिए. तेजस्वी ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच सब ठीक है. विपक्षी एकता की बैठक को लेकर अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने का कि कांग्रेस ही भ्रष्टाचार की जननी है. बाकी सब बेल पर हैं. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Union Defense Minister Rajnath Singh) ने विपक्षी एकता पर चुटकी लेते हुए कहा कि जुगनुओं ने शराब पी ली है और अब सूरज को भी यह गाली देंगे. उन्होंने कहा कि विपक्ष बेबुनियाद आरोप लगाता है. वो कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है. विपक्ष जनता की आंखों में धूल झोंक रहा है. राजनाथ सिंह चंडीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं. राजनाथ सिंह ने कहा कि जब देश में इमरजेंसी लगाई तब लोकतंत्र का गला घोंटा गया था. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र सुरक्षित है. उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कहते वे लोग लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगा रहे हैं, जिन्होंने देश में आपातकाल लगाया. अगर देश में लोकतंत्र खतरे में होता तो वे हिमाचल प्रदेश में कैसे जीत गए, कर्नाटक में कैसे जीते? वहीं, विपक्षी दलों की एकता के प्रयास को लेकर उन पर नए सिरे से हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर (Union Minister Anurag Thakur) ने कहा कि इन्हें देश को बताना चाहिए कि उनका नेता कौन होगा और यह 'ठगबंधन' ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा. भले वे एक मंच पर आए हों, लेकिन उनके दिल नहीं मिल पाए. उन्होंने दावा किया कि बैठक की मेजबानी करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) को इन दलों ने संयोजक के तौर पर स्वीकार नहीं किया है.
Opposition Unity: पटना में विपक्ष की बैठक को चार दिन भी नहीं बीते कि गठबंधन में दरार आने लगी है. खासकर अरविंद केजरीवाल के रवैये को लेकर लालू प्रसाद की पार्टी आरजेडी नाराज दिख रही है. विपक्षी एकता की गांठें धीरे-धीरे ढीली पड़ने लगी हैं. पटना में शुक्रवार को हुई विपक्षी दलों की बैठक से दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल के निकलने को लेकर RJD उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने बड़ा बयान दिया है. वहीं, विपक्ष की इस बैठक पर बीजेपी भी लगातार चुटकी ले रही है. इतना ही नहीं राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह ने तो विपक्ष की तुलना चूहों से कर दी है. हरनाथ सिंह ने कहा कि एक सौ चूहे मिलकर एक शेर को पराजित नहीं कर सकते. कर्नाटक की जीत तो छोटी मोटी जीत है. विपक्षी एकता में दरार! गठबंधन से पहले विपक्षी एकता में दरार पड़ती दिखाई दे रही है. आरजेडी के शिवानंद तिवारी ने केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए उन्हें तानाशाह और लोकतंत्र के खिलाफ बताया है. हालांकि, तेजस्वी यादव डैमेज कंट्रोल करते दिखाई दिए. तेजस्वी ने कहा कि विपक्षी दलों के बीच सब ठीक है. विपक्षी एकता की बैठक को लेकर अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने का कि कांग्रेस ही भ्रष्टाचार की जननी है. बाकी सब बेल पर हैं. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्षी एकता पर चुटकी लेते हुए कहा कि जुगनुओं ने शराब पी ली है और अब सूरज को भी यह गाली देंगे. उन्होंने कहा कि विपक्ष बेबुनियाद आरोप लगाता है. वो कहते हैं कि लोकतंत्र खतरे में है. विपक्ष जनता की आंखों में धूल झोंक रहा है. राजनाथ सिंह चंडीगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं. राजनाथ सिंह ने कहा कि जब देश में इमरजेंसी लगाई तब लोकतंत्र का गला घोंटा गया था. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र सुरक्षित है. उन्होंने विपक्षी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कहते वे लोग लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप लगा रहे हैं, जिन्होंने देश में आपातकाल लगाया. अगर देश में लोकतंत्र खतरे में होता तो वे हिमाचल प्रदेश में कैसे जीत गए, कर्नाटक में कैसे जीते? वहीं, विपक्षी दलों की एकता के प्रयास को लेकर उन पर नए सिरे से हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इन्हें देश को बताना चाहिए कि उनका नेता कौन होगा और यह 'ठगबंधन' ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा. भले वे एक मंच पर आए हों, लेकिन उनके दिल नहीं मिल पाए. उन्होंने दावा किया कि बैठक की मेजबानी करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इन दलों ने संयोजक के तौर पर स्वीकार नहीं किया है.
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हवा दमघोंटू होने लगी है। पराली जलाने की घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि के कारण सोमवार को गाजियाबाद सहित दिल्ली के नौ इलाके रेड जोन में आ गए। इन सभी जगह एयर इंडेक्स 300 का आंकड़ा पार कर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। दिल्ली का एयर इंडेक्स भी बीते आठ माह में सर्वाधिक दर्ज हुआ। इसके अलावा हरियाणा के कुरुक्षेत्र एवं पानीपत और उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की हवा भी सोमवार को बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। मंगलवार को दिल्ली के आइटीओ पर वायु गुणवत्ता स्तर 332 पहुंच गया। वहीं, इस बाबत केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रविवार को इस सीजन के सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए। दूसरी तरफ हवा की गति भी महज चार किलोमीटर प्रति घंटा चल रही है। इस वजह से प्रदूषक तत्व हवा में जमने लगे हैं और उड़ नहीं पा रहे। मंगलवार को भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति रहने की संभावना है। वहीं, बुधवार को हवा की गति बढ़कर आठ से दस किलोमीटर प्रति घंटा होने पर इस प्रदूषण में कुछ कमी आने का पूर्वानुमान है। सोमवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 261 दर्ज हुआ। 26 फरवरी के बाद यह अब तक का सबसे ज्यादा है। तब यह 274 रहा था। पीएम 2. 5 और पीएम-10 का स्तर भी सोमवार को इस सीजन का सर्वाधिक दर्ज हुआ। सफर इंडिया के मुताबिक पीएम-2. 5 सोमवार को 102 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तथा पीएम-10 का स्तर 210 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा। पूर्वी, बाहरी और मध्य दिल्ली के नौ इलाकों का एयर इंडेक्स भी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। भूरेलाल (अध्यक्ष, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए)। का कहना है कि पराली जलाने की घटनाएं थम नहीं पा रही है, ऐसे में प्रदूषण बढ़ना स्वाभाविक है। 15 अक्टूबर से दिल्ली- एनसीआर में ग्रेप लागू हो जाएगा। इसके साथ ही एयर इंडेक्स के स्तर के अनुरूप कई स्तरों पर पाबंदियां भी लग जाएंगी। इसके अलावा सीपीसीबी की टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर कुछ और सख्त निर्णय भी लिए जा सकते हैं।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान लागू होने से पहले ही दिल्ली-एनसीआर की हवा दमघोंटू होने लगी है। पराली जलाने की घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि के कारण सोमवार को गाजियाबाद सहित दिल्ली के नौ इलाके रेड जोन में आ गए। इन सभी जगह एयर इंडेक्स तीन सौ का आंकड़ा पार कर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। दिल्ली का एयर इंडेक्स भी बीते आठ माह में सर्वाधिक दर्ज हुआ। इसके अलावा हरियाणा के कुरुक्षेत्र एवं पानीपत और उत्तर प्रदेश के बागपत जिले की हवा भी सोमवार को बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई। मंगलवार को दिल्ली के आइटीओ पर वायु गुणवत्ता स्तर तीन सौ बत्तीस पहुंच गया। वहीं, इस बाबत केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में पराली जलाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रविवार को इस सीजन के सर्वाधिक मामले दर्ज किए गए। दूसरी तरफ हवा की गति भी महज चार किलोमीटर प्रति घंटा चल रही है। इस वजह से प्रदूषक तत्व हवा में जमने लगे हैं और उड़ नहीं पा रहे। मंगलवार को भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति रहने की संभावना है। वहीं, बुधवार को हवा की गति बढ़कर आठ से दस किलोमीटर प्रति घंटा होने पर इस प्रदूषण में कुछ कमी आने का पूर्वानुमान है। सोमवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स दो सौ इकसठ दर्ज हुआ। छब्बीस फरवरी के बाद यह अब तक का सबसे ज्यादा है। तब यह दो सौ चौहत्तर रहा था। पीएम दो. पाँच और पीएम-दस का स्तर भी सोमवार को इस सीजन का सर्वाधिक दर्ज हुआ। सफर इंडिया के मुताबिक पीएम-दो. पाँच सोमवार को एक सौ दो माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तथा पीएम-दस का स्तर दो सौ दस माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा। पूर्वी, बाहरी और मध्य दिल्ली के नौ इलाकों का एयर इंडेक्स भी बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया। भूरेलाल । का कहना है कि पराली जलाने की घटनाएं थम नहीं पा रही है, ऐसे में प्रदूषण बढ़ना स्वाभाविक है। पंद्रह अक्टूबर से दिल्ली- एनसीआर में ग्रेप लागू हो जाएगा। इसके साथ ही एयर इंडेक्स के स्तर के अनुरूप कई स्तरों पर पाबंदियां भी लग जाएंगी। इसके अलावा सीपीसीबी की टास्क फोर्स की रिपोर्ट के आधार पर कुछ और सख्त निर्णय भी लिए जा सकते हैं।
Meerut जहां एक ओर देशवासी 73वां स्वतंत्रा दिवस मना रहे हैं, वहीं कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं, जो समाज के बेसहारों का सहारा बन उन्हें गरीबी और मजबूरी की बेडि़यों से आजादी दिलाने में जुटे हैं। ये कोई और नहीं बल्कि मेरठ की शिप्रा रस्तोगी और ममता गर्ग हैं, जिनका कोई सानी नहीं। दोनों ही गरीब मां-बाप की बेटियों की शादी कराने के साथ ही शिक्षा से वंचित लड़कियों को बना रहीं है आत्मनिर्भर। इतना ही नहीं, गोसेवा को धर्म बनाने के साथ ही असहाय बुजुर्गों की मदद कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम भी दोनों बाखूबी कर रही है। मेरठ में रजबन रहने वाली शिप्रा रस्तोगी ऐसे लड़कियों का सहारा बनी हैं, जो अपने पैरों पर खड़े होने में समर्थ नहीं हैं या जिनके सिर पर किसी का साया नहीं है। शिप्रा ऐसी लड़कियों को विभिन्न तरह के कोर्स जैसे ब्यूटी पार्लर, सिलाई, कढ़ाई, कंप्यूटर आदि के डिप्लोमा कोर्स करवा रही है। अभी तक शिप्रा ऐसी 200 लड़कियों को वो अपने खर्च पर शिक्षित कर उनकी जॉब तक लगवा चुकी हैं। वहीं वो ओम सेवा समिति की अध्यक्ष भी हैं, जिसके तहत वो साल में दो ब्लड कैंप लगवाकर रेडक्रॉस सोसाइटी के लिए ब्लड डोनेट भी करवाती हैं। इसके अलावा भी शिप्रा ब्लड कैंप का आयोजन करवाती रहती हैं। शिप्रा ने ऐसी गायों को चारा खिलाने की जिम्मेदारी भी उठा रखी है, जिन्हें लोग सड़क छोड़ जाते हैं। उन्होंनें बताया कि वो ऐसी गायों के लिए एक गौशाला खोलने की तैयारी भी कर रही हैं। इसके साथ वो गरीब लड़कियों की शादियां भी करवाती हैं। संस्था के तहत व पर्सनल लेवल पर शिप्रा अब तक करीब सवा सौ लड़कियों की शादी करवा चुकी हैं। पिछले 10 सालों से सोशल वर्क से जुड़ी शिप्रा न केवल गरीब लड़कियों की शादी करवाती हैं बल्कि शादी के वक्त जरूरत का सामान भी खरीदकर लड़कियों को देती हैं। सूरजकुंड रहने वाली ममता गर्ग बीते 10 सालों से सैंकड़ों लड़कियों के लिए मसीहा बनी हुई हैं। ममता ऐसी लड़कियों की स्कूल फीस जमा करवाती हैं, जिनका परिवार किसी न किसी कारण से फीस जमा करने में असमर्थ होता है और इस कारण उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती है। इतना ही नहीं, ममता कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रहने वाली ऐसी लड़कियों, जो आगे पढ़ना चाहती है उनको आठवीं के बाद नौवीं में दूसरे स्कूलों में एडमिशन भी दिलवाती है। वहीं ममता ऐसी लड़कियां की मदद को हर वक्त तत्पर रहती हैं, जो अनाथ होने की वजह से गलत संगति में पड़ जाती है। ऐसी सैंकड़ों लड़कियों का ममता गुरुकुल में एडमिशन करवा कर चुकी हैं। यहां लड़कियों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी काउंसलिंग करवाने का काम भी ममता अपने स्तर से कर रही हैं। उन्होनें बताया कि अभी पिछले साल ही औघड़नाथ मंदिर के पास उनको एक छह साल की छोटी बच्ची मिली थी। बकौल ममता, बच्ची अपनी मौसी के पास रहती थी। वहां बच्ची के साथ मारपीट भी होती थी। ऐसे में मैंने 25 हजार फीस जमा कर बच्ची का एडमिशन गुरुकुल में कराया। इतना ही नहीं, पुराने माहौल को भुलाने के लिए बच्ची की काउंसिलिंग भी करवाई। इसके साथ ही ममता असहाय व बुजुर्गो के लिए भी काम कर रही हैं। ममता उन मां-बाप की भी मदद करती हैं, जो कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण अपनी लड़कियों की शादी नहीं कर पाते हैं। ममता अभिलाषा नामक एजेंसी के जरिए ऐसे लोगों को भी राह दिखा रही हैं, जो जीवन से मायूस होकर हर उम्मीद छोड़ चुके हैं।
Meerut जहां एक ओर देशवासी तिहत्तरवां स्वतंत्रा दिवस मना रहे हैं, वहीं कुछ महिलाएं ऐसी भी हैं, जो समाज के बेसहारों का सहारा बन उन्हें गरीबी और मजबूरी की बेडि़यों से आजादी दिलाने में जुटे हैं। ये कोई और नहीं बल्कि मेरठ की शिप्रा रस्तोगी और ममता गर्ग हैं, जिनका कोई सानी नहीं। दोनों ही गरीब मां-बाप की बेटियों की शादी कराने के साथ ही शिक्षा से वंचित लड़कियों को बना रहीं है आत्मनिर्भर। इतना ही नहीं, गोसेवा को धर्म बनाने के साथ ही असहाय बुजुर्गों की मदद कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम भी दोनों बाखूबी कर रही है। मेरठ में रजबन रहने वाली शिप्रा रस्तोगी ऐसे लड़कियों का सहारा बनी हैं, जो अपने पैरों पर खड़े होने में समर्थ नहीं हैं या जिनके सिर पर किसी का साया नहीं है। शिप्रा ऐसी लड़कियों को विभिन्न तरह के कोर्स जैसे ब्यूटी पार्लर, सिलाई, कढ़ाई, कंप्यूटर आदि के डिप्लोमा कोर्स करवा रही है। अभी तक शिप्रा ऐसी दो सौ लड़कियों को वो अपने खर्च पर शिक्षित कर उनकी जॉब तक लगवा चुकी हैं। वहीं वो ओम सेवा समिति की अध्यक्ष भी हैं, जिसके तहत वो साल में दो ब्लड कैंप लगवाकर रेडक्रॉस सोसाइटी के लिए ब्लड डोनेट भी करवाती हैं। इसके अलावा भी शिप्रा ब्लड कैंप का आयोजन करवाती रहती हैं। शिप्रा ने ऐसी गायों को चारा खिलाने की जिम्मेदारी भी उठा रखी है, जिन्हें लोग सड़क छोड़ जाते हैं। उन्होंनें बताया कि वो ऐसी गायों के लिए एक गौशाला खोलने की तैयारी भी कर रही हैं। इसके साथ वो गरीब लड़कियों की शादियां भी करवाती हैं। संस्था के तहत व पर्सनल लेवल पर शिप्रा अब तक करीब सवा सौ लड़कियों की शादी करवा चुकी हैं। पिछले दस सालों से सोशल वर्क से जुड़ी शिप्रा न केवल गरीब लड़कियों की शादी करवाती हैं बल्कि शादी के वक्त जरूरत का सामान भी खरीदकर लड़कियों को देती हैं। सूरजकुंड रहने वाली ममता गर्ग बीते दस सालों से सैंकड़ों लड़कियों के लिए मसीहा बनी हुई हैं। ममता ऐसी लड़कियों की स्कूल फीस जमा करवाती हैं, जिनका परिवार किसी न किसी कारण से फीस जमा करने में असमर्थ होता है और इस कारण उनकी पढ़ाई बीच में रुक जाती है। इतना ही नहीं, ममता कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में रहने वाली ऐसी लड़कियों, जो आगे पढ़ना चाहती है उनको आठवीं के बाद नौवीं में दूसरे स्कूलों में एडमिशन भी दिलवाती है। वहीं ममता ऐसी लड़कियां की मदद को हर वक्त तत्पर रहती हैं, जो अनाथ होने की वजह से गलत संगति में पड़ जाती है। ऐसी सैंकड़ों लड़कियों का ममता गुरुकुल में एडमिशन करवा कर चुकी हैं। यहां लड़कियों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी काउंसलिंग करवाने का काम भी ममता अपने स्तर से कर रही हैं। उन्होनें बताया कि अभी पिछले साल ही औघड़नाथ मंदिर के पास उनको एक छह साल की छोटी बच्ची मिली थी। बकौल ममता, बच्ची अपनी मौसी के पास रहती थी। वहां बच्ची के साथ मारपीट भी होती थी। ऐसे में मैंने पच्चीस हजार फीस जमा कर बच्ची का एडमिशन गुरुकुल में कराया। इतना ही नहीं, पुराने माहौल को भुलाने के लिए बच्ची की काउंसिलिंग भी करवाई। इसके साथ ही ममता असहाय व बुजुर्गो के लिए भी काम कर रही हैं। ममता उन मां-बाप की भी मदद करती हैं, जो कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण अपनी लड़कियों की शादी नहीं कर पाते हैं। ममता अभिलाषा नामक एजेंसी के जरिए ऐसे लोगों को भी राह दिखा रही हैं, जो जीवन से मायूस होकर हर उम्मीद छोड़ चुके हैं।
तकनीकी शिक्षा और जनजातीय विकास मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बिना लाइसेंस के कोई ड्रोन नहीं उड़ा सकेगा। इसको लेकर सरकार जल्द ही एक्ट में प्रावधान करेगी। शादी सहित अन्य समारोहों में आजकल ड्रोन का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर हो रहा है। इसको लेकर सरकार ने सख्ती बरतने का फैसला लिया है। गुरुवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय की ओर से ड्रोन प्रशिक्षण करने वालों को प्रमाणपत्र दिए जाते हैं। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
तकनीकी शिक्षा और जनजातीय विकास मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बिना लाइसेंस के कोई ड्रोन नहीं उड़ा सकेगा। इसको लेकर सरकार जल्द ही एक्ट में प्रावधान करेगी। शादी सहित अन्य समारोहों में आजकल ड्रोन का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर हो रहा है। इसको लेकर सरकार ने सख्ती बरतने का फैसला लिया है। गुरुवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मंत्री रामलाल मारकंडा ने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय की ओर से ड्रोन प्रशिक्षण करने वालों को प्रमाणपत्र दिए जाते हैं। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
(पिछले 24 घंटों में कोविड-19 से संबंधित जारी प्रेस विज्ञप्तियां, पीआईबी फील्ड कार्यालयों से मिली जानकारियां और पीआईबी का फैक्ट चेक शामिल) भारत में पिछले डेढ़ महीने से कोरोना के दैनिक मामलों की तुलना में प्रतिदिन ठीक होने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने का ट्रेंड जारी है। देश में लगातार ग्यारहवें दिन भी 50,000 से कम नए मामले दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों के दौरान कोविड-19 के 44,739 मरीज ठीक हुए हैं जबकि इस समयावधि के दौरान केवल 38,617 नए मामले सामने आए हैं। इससे सक्रिय मामलों की संख्या में 6,122 कमी आ गई जिससे अब यह 4,46,805 रह गया है। आज की तारीख में कोविड-19 के सभी मामलों की तुलना में 5.01 प्रतिशत सक्रिय मामले हैं। रिकवरी दर आज 93.52 प्रतिशत तक सुधरी है। ठीक होने वाले कुल मामले 83,35,109 हैं। रिकवरी के नए मामलों में से 74.98 प्रतिशत मामले दस राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों से सामने आया है। केरल में कोविड से सबसे अधिक 6,620 व्यक्ति ठीक हुए हैं। महाराष्ट्र ने 5,123 दैनिक रिकवरी हुई है जबकि दिल्ली ने 4,421 नई रिकवरी दर्ज की गई है। नए मामालों में से 76.15 प्रतिशत मामले दस राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों से सामने आए हैं। दिल्ली ने पिछले 24 घंटों में 6,396 मामले सामने आए हैं। केरल ने 5,792 नए मामले दर्ज किए गए हैं जबकि पश्चिम बंगाल में कल 3,654 नए मामले दर्ज किए। पिछले 24 घंटों में 474 नई मौतों में से 78.9 प्रतिशत दस राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में से हैं। नई मौतों में से 20.89 प्रतिशत मौतें दिल्ली से हुई हैं। यहां 99 मौतें हुई हैं। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में क्रमशः 68 और 52 नई मौतें हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राज्य अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जोसेफ आर. बाइडेन के साथ आज टेलीफोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति बाइडेन को चुनाव में उनकी सफलता पर गर्मजोशी से बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे संयुक्त राज्य अमेरिका में लोकतांत्रिक परंपराओं की मजबूती और लचीलेपन में विश्वास का पता चलता है। प्रधानमंत्री ने अमेरिका की नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सीनेटर कमला हैरिस को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने साझा मूल्यों एवं साझा हितों पर आधारित भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक सामरिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने अपनी प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की जिसमें कोविड-19 वैश्विक महामारी, सस्ते टीकों तक पहुंच को बढ़ावा देना, जलवायु परिवर्तन से निपटना और भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग शामिल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और लक्ज़मबर्ग के प्रधानमंत्री श्री एच. ई. जेवियर बेटटेल के बीच 19 नवंबर 2020 को एक वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह पिछले दो दशकों में भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच पहली शिखर बैठक होगी। दोनों देशों के नेता दुनिया में कोविड के बाद के हालात, भारत-लक्जमबर्ग सहयोग को मजबूत करने सहित द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। वे पारस्परिक हित के अंतरराष्ट्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। भारत के सभी हिस्सों से और समाज के सभी वर्गों से आने वाले छात्र उत्कृष्टता के लिए समान अवसर के माहौल में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में अध्ययन करते हैं। अलग तरह के करियर के इच्छुक छात्र जेएनयू में एक साथ आते हैं। भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने एक वीडियो संदेश के जरिए आज (18 नवंबर, 2020) जेएनयू के चौथे वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय समावेश, विविधता और उत्कृष्टता के मेल का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि जेएनयू के उत्कृष्ट संकाय खुली बहस और विचारों के अंतर का सम्मान करने की भावना को प्रोत्साहित करते रहे हैं। छात्रों को सीखने की प्रक्रिया में भागीदार माना जाता है और उच्च शिक्षा में ऐसा ही होना चाहिए। विश्वविद्यालय जीवंत चर्चाओं के लिए जाना जाता है, जो कक्षाओं के बाहर, कैफेटेरिया और ढाबों में हर समय होती रहती हैं। राष्ट्रपति ने कोविड-19 महामारी की चर्चा करते कहा कि आज दुनिया इस महामारी के कारण संकट की स्थिति में है। महामारी के वर्तमान परिदृश्य में, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बताती है कि उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए संक्रामक रोगों, महामारी विज्ञान, वायरोलॉजी, डायग्नोस्टिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन, वैक्सीनोलॉजी और अन्य प्रासंगिक क्षेत्रों में अनुसंधान करने का बीड़ा उठाना महत्वपूर्ण है। संबंधित सामाजिक मुद्दों का भी अध्ययन करने की जरूरत है, विशेषकर बहु-विषयक दृष्टिकोण के साथ ऐसा करना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने आज एचआईवी रोकथाम के लिए वैश्विक रोकथाम गठबंधन (जीपीसी) की मंत्रिस्तरीय बैठक को डिजिटल रूप से संबोधित किया। डॉ हर्षवर्धन ने बताया कि कैसे भारत ने कोविड-19 महामारी के दौरान एचआईवी की रोकथाम के प्रयास किये। उन्होंने इस पर प्रयासों की विस्तृत जानकारी साझा की। "भारत सरकार ने एआरवी वितरण के लिए एक मजबूत कार्यान्वयन योजना के साथ समुदायों, नागरिक समाज, विकास भागीदारों को शामिल करके तेजी से और समय पर कार्रवाई की। सरकार ने विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आबादी और पीएल एचआईवी को भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा समय-समय पर संदर्भ और मार्गदर्शन नोट जारी किए गए। केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज नई दिल्ली में वर्चुअल माध्यम से छठे आईआईएसएफ संस्करण के विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत के तौर पर आईआईएसएफ-2020 उत्सव का सूत्रपात किया। इस अवसर पर डॉ. हर्षवर्धन ने मध्य प्रदेश सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा के साथ इस विस्तृत कार्यक्रम का ई-ब्रोशर भी जारी किया। आईआईएसएफ एक वार्षिक उत्सव है जिसका आयोजन भारत सरकार के डीएसटी, डीबीटी, एमओईएफ, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और सीएसआईआर और विज्ञान भारती (वीआईबीएचए) संयुक्त रूप से और कई अन्य संगठनों के सहयोग से करते हैं। कार्यक्रम के दौरान आईआईएसएफ-2020 की वेबसाइट भी शुरू की गई। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज सीएसआईआर-केंद्रीय खनन और ईंधन अनुसंधान संस्थान (सीआईएमएफआर), धनबाद के प्लेटिनम जुबली स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन किया। यह वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)की प्रतिष्ठित अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) प्रयोगशालाओं में से एक है। केंद्रीय मंत्री ने नयी दिल्ली में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समारोह का उद्घाटन किया। आईएफएफआई ने जनवरी 2021 को होने वाले आईएफएफआई के 51वें प्रतिनिधि के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया है। आईएफएफआई ने 17 जनवरी 2021 से होने वाली आईएफएफआई के 51वें प्रतिनिधि पंजीकरण की प्रक्रिया 17 नवंबर 2020 को शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया निम्न भुगतान श्रेणियों के लिए महोत्सव के फिजिकल प्रारूप के वास्ते शुरू की गई है - डेलीगेट सिने एन्थूजीऐस्ट - 1000 रुपये/- + करों के रूप में लागू प्रतिनिधि पेशेवरों - 1000 रुपये/- + करों के रूप में लागू पंजीकरण निम्न URL पर किया जा सकता हैः https://iffigoa.org/ कोविड 19 महामारी के कारण सीमित प्रतिनिधियों के लिए पहले आओ पहले पाओ के आधार पर पंजीकरण होगा। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि-पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 25 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है। इस विशेष सूक्ष्म ऋण सुविधा योजना के अंतर्गत 12 लाख से अधिक आवेदनों को अभी तक मंजूरी दी गई है और लगभग 5.35 लाख ऋण वितरित किए गए है। उत्तर प्रदेश में 6.5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें से 3.27 लाख आवदेनों को मंजूरी दी गई है और 1.87 लाख ऋण वितरित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में स्वनिधि योजना के ऋण समझौते के लिए स्टैम्प शुल्क माफ किया गया है। कोविड-19 लॉकडाउन के कारण अपना कारोबारी स्थान छोड़कर पैतृक स्थान जाने वाले वेंडर्स वापसी पर इस योजना के पात्र होते हैं। ऋण प्रावधान को बाधारहित बनाया गया है। किसी भी सामान्य सेवा केन्द्र या पालिका कार्यालय या बैंकों से आवेदन पत्र ऑनलाइन अपलोड किये जा सकते है। बैंक भी स्ट्रीट वेंडरों के दरवाजे पर पहुंच रहे हैं, ताकि कारोबार शुरू करने के लिए उन्हें ऋण उपलबध कराया जा सके। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस सिलसिले में बैंक कर्मियों के कठिन परिश्रम की सराहना करते हुए कहा है कि एक समय था जब स्ट्रीट वेंडर बैंकों के अंदर नहीं जाते थे, लेकिन अब बैंक उनके घर पहुंच रहे हैं। - महाराष्ट्रः कोरोनावायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से, मुंबई के नागरिक निकाय ने कहा है कि समुद्र तटों और नदी तटों पर छठ पूजा की अनुमति नहीं दी जाएगी। ग्रेटर मुंबई के नगर निगम ने कहा है कि शहर की पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोग सूर्यास्त की रस्म के लिए 20 तारीख की शाम को और 21 तारीख को सूर्योदय की रस्म के लिए लोगों की भीड़ न लगाएं। साथ ही कहा गया है कि संबंधित अधिकारी कृत्रिम तालाबों में सीमित सार्वजनिक समारोहों को अनुमति देंगे ताकि लोग सूर्य देव की आराधना कर सकें। साथ ही जहाँ कृत्रिम तालाब स्थापित किए गए हैं वहां पीपीई किटों से लैस चिकित्सा दल और परीक्षण किटें इन स्थानों पर रखे जाएँ। महाराष्ट्र में रिकवरी दर 92.49% है, जबकि मृत्यु दर 2.63% है। - गुजरातः रिकवरी दर सुधर कर 91.4 प्रतिशत हो गई है। गुजरात में अब तक पाए गए कोविड -19 के कुल मामलों ने 1 लाख 90 हजार का आंकड़ा पार कर लिया है। - राजस्थानः राज्य में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या एक बार फिर 26 दिनों के बाद 19,000 का आंकड़ा पार कर गई है। बुधवार को अधिकतम मामले जयपुर में (484 नए मामले), उसके बाद जोधपुर में (317 नए मामले) और फिर अलवर में (247 नए मामले) पाए गए। राजधानी जयपुर में हर दिन 450 से अधिक लोगों का पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। यहां सक्रिय रोगियों की संख्या 6,500 से अधिक है। राज्य में अब तक संक्रमण के कारण 400 लोगों की मौत हो चुकी है। बीकानेर, अलवर, अजमेर और कोटा से बड़ी संख्या में नए संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। राज्य में अब तक 40 लाख से अधिक नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है। - मध्य प्रदेशः बुधवार को अधिकतम मामले भोपाल जिले (207 नए मामले), उसके बाद इंदौर जिले (178 नए मामले) और फिर ग्वालियर (55 मामले) में पाए गए हैं। राज्य में परीक्षण किए गए लोगों की कुल संख्या अब 33,54,884 हो गई है। - छत्तीसगढ़ः राज्य में कोविड -19 के कारण हुई मौतों की संख्या पिछले दो हफ्तों के दौरान बढ़ी है। कोरोनावायरस से पिछले 15 दिनों के दौरान राज्य में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई है। मुख्य सचिव ने राज्य में कोविड-19 के कारण मौतों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है और अधिकारियों को रैपिड कोविड परीक्षण पर ध्यान देने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि वे जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा के साथ पर्याप्त संख्या में बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कोविड से बचने के लिये उचित व्यवहार को अपनाने और कोई भी लक्षण होने के 24 घंटे के भीतर कोविड परीक्षण करवाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए एक गहन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। - गोवाः राज्य में रिकवरी की दर 95.56 प्रतिशत तक पहुंच गई है। भारत बायोटेक के कोविड-19 वैक्सीन, कोवाक्सिन के तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण गोवा के रेडकर अस्पताल में शुरू होने जा रहे हैं। - असमः असम के स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट किया है कि अगले सप्ताह से आने वाली उड़ानों के यात्रियों के लिए कोविड -19 का परीक्षण सरूसजाई की बजाय गुवाहाटी हवाई अड्डे पर किया जाएगा। असम के भीतर और उत्तर पूर्व राज्यों के बीच यात्रा करने वाले हवाई यात्रियों को अब अनिवार्य कोविड-19 परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी। - नागालैंडः 163 नए मामलों के साथ, नागालैंड में कोविड-19 के कुल मामले 10,188 तक पहुंच गये हैं। सक्रिय मामले बढ़ कर 1,134 हुए। - केरलः राज्य चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से कहा है कि वह कोविड -19 रोगियों और क्वारंटीन मतदातोओं को मतदान संध्या पर अपराह्न 3 बजे तक डाक मतपत्रों के लिए आवेदन करने का अवसर दे। कलेक्टरों की सहायता से स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में कोविड रोगियों और संगरोध में रह रहे मतदातोओं के लिए वोट डालने की व्यवस्था करेगा। कोविड रोगी जो अपने घरों में हैं, उन्हें सीधे बूथ पर आना चाहिए और अंत में अपना वोट देना चाहिए। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए. के. एंटनी आज कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं। केरल में कल कोविड -19 के 5,792 नए मामलों की पुष्टि की गई, जबकि 6,620 मरीज ठीक हुए। राज्य में टेस्ट पॉजिटिविटी दर 10.31% है और राज्य में कोविड से संबंधित मृत्यु 1,915 है। - तमिलनाडुः कोविड -19 रोगियों के लिए समसामयिक प्लाज्मा थेरेपी, जिसे पहले आईसीएमआर के साथ परीक्षण के रूप में किया गया था, अब तमिलनाडु में नैदानिक उपचार का हिस्सा बन गया है। पल्मोनोलॉजिस्ट ने चेतावनी दी है कि सीओपीडी (क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) वाले कोविड -19 मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने का खतरा ज्यादा है। सीओपीडी रोगियों में मृत्यु दर भी अधिक है। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा किए गए हालिया सीरो सर्वेक्षण से पता चलता है कि सलेम की 20.5 फीसदी आबादी कोविड -19 के संपर्क में थी और उसमें वायरस के लिए एंटीबॉडी भी विकसित की है। कोयम्बटूर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि वे 14 दिनों के बाद ही जिले में दीपावली के दौरान फैलने वाले वायरस का पता लगाने में सक्षम होंगे। - कर्नाटकः कर्नाटक सरकार ने कोविड -19 रोगियों के लिए निजी अस्पतालों के 50 फीसदी बेड आरक्षित करने के आदेश में संशोधन किया है; यह आदेश निजी और सरकारी अस्पतालों में कोविड -19 उपचार के लिये आने वाले रोगियों की संख्या में कमी के बाद आया है। पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया और जीवन रक्षा के अनुमानों के अनुसार, 12 दिसंबर तक कर्नाटक में 9.25 लाख कोविड मामले होने की संभावना है। बेंगलुरु में कोविड -19 मामलों में मृत्यु दर (1.1%) भारत के सभी प्रमुख शहरों में सबसे कम है। धारवाड़ जिले में सक्रिय कोविड मामलों की संख्या चार महीने के निचले स्तर पर है। - आंध्र प्रदेशः आंध्र चुनाव आयुक्त ने कहा, फरवरी में स्थानीय निकाय चुनाव। आंध्र सरकार ने कहा, महामारी के कारण पंचायत चुनावों के लिए स्थिति अनुकूल नहीं। श्रीकाकुलम के सरकारी आवासीय स्कूल के कक्षा 9 के छात्रों ने कोविड -19 के प्रकोप को देखते हुए स्कूल में छात्रों के बीच शारीरिक दूरी को सुनिश्चित करने के लिए सेंसर के साथ हल्के वजन वाले डिजिटल आईडी कार्ड बनाए हैं। - तेलंगानाः मंगलवार को कोविड के 952 रिपोर्ट किए गए जिससे राज्य में संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़ कर 2,58,828 हो गई है। 1,602 रोगियों को दिन में छुट्टी देने के साथ, सक्रिय मामले 13,732 रह गए हैं और ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ कर 2,43,686 हो गई है। ग्रामीण तेलंगाना में ई-क्लिनिक फ्रैंचाइज़ी खोलने की तैयारी; इस महामारी के दौरान जब डॉक्टर स्वयं दौरा नहीं कर सकेंगे तो ये क्लीनिक डॉक्टरों के परामर्श, नैदानिक परीक्षण और कुछ अन्य सुविधाएं प्रदान करेंगे।
भारत में पिछले डेढ़ महीने से कोरोना के दैनिक मामलों की तुलना में प्रतिदिन ठीक होने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने का ट्रेंड जारी है। देश में लगातार ग्यारहवें दिन भी पचास,शून्य से कम नए मामले दर्ज की गई। पिछले चौबीस घंटाटों के दौरान कोविड-उन्नीस के चौंतालीस,सात सौ उनतालीस मरीज ठीक हुए हैं जबकि इस समयावधि के दौरान केवल अड़तीस,छः सौ सत्रह नए मामले सामने आए हैं। इससे सक्रिय मामलों की संख्या में छः,एक सौ बाईस कमी आ गई जिससे अब यह चार,छियालीस,आठ सौ पाँच रह गया है। आज की तारीख में कोविड-उन्नीस के सभी मामलों की तुलना में पाँच.एक प्रतिशत सक्रिय मामले हैं। रिकवरी दर आज तिरानवे.बावन प्रतिशत तक सुधरी है। ठीक होने वाले कुल मामले तिरासी,पैंतीस,एक सौ नौ हैं। रिकवरी के नए मामलों में से चौहत्तर.अट्ठानवे प्रतिशत मामले दस राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों से सामने आया है। केरल में कोविड से सबसे अधिक छः,छः सौ बीस व्यक्ति ठीक हुए हैं। महाराष्ट्र ने पाँच,एक सौ तेईस दैनिक रिकवरी हुई है जबकि दिल्ली ने चार,चार सौ इक्कीस नई रिकवरी दर्ज की गई है। नए मामालों में से छिहत्तर.पंद्रह प्रतिशत मामले दस राज्यों / केन्द्र शासित प्रदेशों से सामने आए हैं। दिल्ली ने पिछले चौबीस घंटाटों में छः,तीन सौ छियानवे मामले सामने आए हैं। केरल ने पाँच,सात सौ बानवे नए मामले दर्ज किए गए हैं जबकि पश्चिम बंगाल में कल तीन,छः सौ चौवन नए मामले दर्ज किए। पिछले चौबीस घंटाटों में चार सौ चौहत्तर नई मौतों में से अठहत्तर.नौ प्रतिशत दस राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में से हैं। नई मौतों में से बीस.नवासी प्रतिशत मौतें दिल्ली से हुई हैं। यहां निन्यानवे मौतें हुई हैं। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में क्रमशः अड़सठ और बावन नई मौतें हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राज्य अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जोसेफ आर. बाइडेन के साथ आज टेलीफोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के निर्वाचित राष्ट्रपति बाइडेन को चुनाव में उनकी सफलता पर गर्मजोशी से बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे संयुक्त राज्य अमेरिका में लोकतांत्रिक परंपराओं की मजबूती और लचीलेपन में विश्वास का पता चलता है। प्रधानमंत्री ने अमेरिका की नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति सीनेटर कमला हैरिस को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं ने साझा मूल्यों एवं साझा हितों पर आधारित भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक सामरिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने अपनी प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की जिसमें कोविड-उन्नीस वैश्विक महामारी, सस्ते टीकों तक पहुंच को बढ़ावा देना, जलवायु परिवर्तन से निपटना और भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग शामिल हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और लक्ज़मबर्ग के प्रधानमंत्री श्री एच. ई. जेवियर बेटटेल के बीच उन्नीस नवंबर दो हज़ार बीस को एक वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह पिछले दो दशकों में भारत और लक्ज़मबर्ग के बीच पहली शिखर बैठक होगी। दोनों देशों के नेता दुनिया में कोविड के बाद के हालात, भारत-लक्जमबर्ग सहयोग को मजबूत करने सहित द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। वे पारस्परिक हित के अंतरराष्ट्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। भारत के सभी हिस्सों से और समाज के सभी वर्गों से आने वाले छात्र उत्कृष्टता के लिए समान अवसर के माहौल में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अध्ययन करते हैं। अलग तरह के करियर के इच्छुक छात्र जेएनयू में एक साथ आते हैं। भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने एक वीडियो संदेश के जरिए आज जेएनयू के चौथे वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय समावेश, विविधता और उत्कृष्टता के मेल का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि जेएनयू के उत्कृष्ट संकाय खुली बहस और विचारों के अंतर का सम्मान करने की भावना को प्रोत्साहित करते रहे हैं। छात्रों को सीखने की प्रक्रिया में भागीदार माना जाता है और उच्च शिक्षा में ऐसा ही होना चाहिए। विश्वविद्यालय जीवंत चर्चाओं के लिए जाना जाता है, जो कक्षाओं के बाहर, कैफेटेरिया और ढाबों में हर समय होती रहती हैं। राष्ट्रपति ने कोविड-उन्नीस महामारी की चर्चा करते कहा कि आज दुनिया इस महामारी के कारण संकट की स्थिति में है। महामारी के वर्तमान परिदृश्य में, राष्ट्रीय शिक्षा नीति दो हज़ार बीस बताती है कि उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए संक्रामक रोगों, महामारी विज्ञान, वायरोलॉजी, डायग्नोस्टिक्स, इंस्ट्रूमेंटेशन, वैक्सीनोलॉजी और अन्य प्रासंगिक क्षेत्रों में अनुसंधान करने का बीड़ा उठाना महत्वपूर्ण है। संबंधित सामाजिक मुद्दों का भी अध्ययन करने की जरूरत है, विशेषकर बहु-विषयक दृष्टिकोण के साथ ऐसा करना चाहिए। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने आज एचआईवी रोकथाम के लिए वैश्विक रोकथाम गठबंधन की मंत्रिस्तरीय बैठक को डिजिटल रूप से संबोधित किया। डॉ हर्षवर्धन ने बताया कि कैसे भारत ने कोविड-उन्नीस महामारी के दौरान एचआईवी की रोकथाम के प्रयास किये। उन्होंने इस पर प्रयासों की विस्तृत जानकारी साझा की। "भारत सरकार ने एआरवी वितरण के लिए एक मजबूत कार्यान्वयन योजना के साथ समुदायों, नागरिक समाज, विकास भागीदारों को शामिल करके तेजी से और समय पर कार्रवाई की। सरकार ने विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आबादी और पीएल एचआईवी को भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन द्वारा समय-समय पर संदर्भ और मार्गदर्शन नोट जारी किए गए। केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज नई दिल्ली में वर्चुअल माध्यम से छठे आईआईएसएफ संस्करण के विभिन्न कार्यक्रमों की शुरुआत के तौर पर आईआईएसएफ-दो हज़ार बीस उत्सव का सूत्रपात किया। इस अवसर पर डॉ. हर्षवर्धन ने मध्य प्रदेश सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा के साथ इस विस्तृत कार्यक्रम का ई-ब्रोशर भी जारी किया। आईआईएसएफ एक वार्षिक उत्सव है जिसका आयोजन भारत सरकार के डीएसटी, डीबीटी, एमओईएफ, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और सीएसआईआर और विज्ञान भारती संयुक्त रूप से और कई अन्य संगठनों के सहयोग से करते हैं। कार्यक्रम के दौरान आईआईएसएफ-दो हज़ार बीस की वेबसाइट भी शुरू की गई। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज सीएसआईआर-केंद्रीय खनन और ईंधन अनुसंधान संस्थान , धनबाद के प्लेटिनम जुबली स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन किया। यह वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद की प्रतिष्ठित अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं में से एक है। केंद्रीय मंत्री ने नयी दिल्ली में वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समारोह का उद्घाटन किया। आईएफएफआई ने जनवरी दो हज़ार इक्कीस को होने वाले आईएफएफआई के इक्यावनवें प्रतिनिधि के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया है। आईएफएफआई ने सत्रह जनवरी दो हज़ार इक्कीस से होने वाली आईएफएफआई के इक्यावनवें प्रतिनिधि पंजीकरण की प्रक्रिया सत्रह नवंबर दो हज़ार बीस को शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया निम्न भुगतान श्रेणियों के लिए महोत्सव के फिजिकल प्रारूप के वास्ते शुरू की गई है - डेलीगेट सिने एन्थूजीऐस्ट - एक हज़ार रुपयापये/- + करों के रूप में लागू प्रतिनिधि पेशेवरों - एक हज़ार रुपयापये/- + करों के रूप में लागू पंजीकरण निम्न URL पर किया जा सकता हैः https://iffigoa.org/ कोविड उन्नीस महामारी के कारण सीमित प्रतिनिधियों के लिए पहले आओ पहले पाओ के आधार पर पंजीकरण होगा। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि-पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत पच्चीस लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए है। इस विशेष सूक्ष्म ऋण सुविधा योजना के अंतर्गत बारह लाख से अधिक आवेदनों को अभी तक मंजूरी दी गई है और लगभग पाँच.पैंतीस लाख ऋण वितरित किए गए है। उत्तर प्रदेश में छः.पाँच लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसमें से तीन.सत्ताईस लाख आवदेनों को मंजूरी दी गई है और एक.सत्तासी लाख ऋण वितरित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश में स्वनिधि योजना के ऋण समझौते के लिए स्टैम्प शुल्क माफ किया गया है। कोविड-उन्नीस लॉकडाउन के कारण अपना कारोबारी स्थान छोड़कर पैतृक स्थान जाने वाले वेंडर्स वापसी पर इस योजना के पात्र होते हैं। ऋण प्रावधान को बाधारहित बनाया गया है। किसी भी सामान्य सेवा केन्द्र या पालिका कार्यालय या बैंकों से आवेदन पत्र ऑनलाइन अपलोड किये जा सकते है। बैंक भी स्ट्रीट वेंडरों के दरवाजे पर पहुंच रहे हैं, ताकि कारोबार शुरू करने के लिए उन्हें ऋण उपलबध कराया जा सके। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस सिलसिले में बैंक कर्मियों के कठिन परिश्रम की सराहना करते हुए कहा है कि एक समय था जब स्ट्रीट वेंडर बैंकों के अंदर नहीं जाते थे, लेकिन अब बैंक उनके घर पहुंच रहे हैं। - महाराष्ट्रः कोरोनावायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से, मुंबई के नागरिक निकाय ने कहा है कि समुद्र तटों और नदी तटों पर छठ पूजा की अनुमति नहीं दी जाएगी। ग्रेटर मुंबई के नगर निगम ने कहा है कि शहर की पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोग सूर्यास्त की रस्म के लिए बीस तारीख की शाम को और इक्कीस तारीख को सूर्योदय की रस्म के लिए लोगों की भीड़ न लगाएं। साथ ही कहा गया है कि संबंधित अधिकारी कृत्रिम तालाबों में सीमित सार्वजनिक समारोहों को अनुमति देंगे ताकि लोग सूर्य देव की आराधना कर सकें। साथ ही जहाँ कृत्रिम तालाब स्थापित किए गए हैं वहां पीपीई किटों से लैस चिकित्सा दल और परीक्षण किटें इन स्थानों पर रखे जाएँ। महाराष्ट्र में रिकवरी दर बानवे.उनचास% है, जबकि मृत्यु दर दो.तिरेसठ% है। - गुजरातः रिकवरी दर सुधर कर इक्यानवे.चार प्रतिशत हो गई है। गुजरात में अब तक पाए गए कोविड -उन्नीस के कुल मामलों ने एक लाख नब्बे हजार का आंकड़ा पार कर लिया है। - राजस्थानः राज्य में कोविड-उन्नीस के सक्रिय मामलों की संख्या एक बार फिर छब्बीस दिनों के बाद उन्नीस,शून्य का आंकड़ा पार कर गई है। बुधवार को अधिकतम मामले जयपुर में , उसके बाद जोधपुर में और फिर अलवर में पाए गए। राजधानी जयपुर में हर दिन चार सौ पचास से अधिक लोगों का पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। यहां सक्रिय रोगियों की संख्या छः,पाँच सौ से अधिक है। राज्य में अब तक संक्रमण के कारण चार सौ लोगों की मौत हो चुकी है। बीकानेर, अलवर, अजमेर और कोटा से बड़ी संख्या में नए संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। राज्य में अब तक चालीस लाख से अधिक नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है। - मध्य प्रदेशः बुधवार को अधिकतम मामले भोपाल जिले , उसके बाद इंदौर जिले और फिर ग्वालियर में पाए गए हैं। राज्य में परीक्षण किए गए लोगों की कुल संख्या अब तैंतीस,चौवन,आठ सौ चौरासी हो गई है। - छत्तीसगढ़ः राज्य में कोविड -उन्नीस के कारण हुई मौतों की संख्या पिछले दो हफ्तों के दौरान बढ़ी है। कोरोनावायरस से पिछले पंद्रह दिनों के दौरान राज्य में दो सौ से अधिक लोगों की मौत हुई है। मुख्य सचिव ने राज्य में कोविड-उन्नीस के कारण मौतों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की है और अधिकारियों को रैपिड कोविड परीक्षण पर ध्यान देने का निर्देश दिया है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि वे जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन की सुविधा के साथ पर्याप्त संख्या में बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कोविड से बचने के लिये उचित व्यवहार को अपनाने और कोई भी लक्षण होने के चौबीस घंटाटे के भीतर कोविड परीक्षण करवाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए एक गहन जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। - गोवाः राज्य में रिकवरी की दर पचानवे.छप्पन प्रतिशत तक पहुंच गई है। भारत बायोटेक के कोविड-उन्नीस वैक्सीन, कोवाक्सिन के तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण गोवा के रेडकर अस्पताल में शुरू होने जा रहे हैं। - असमः असम के स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट किया है कि अगले सप्ताह से आने वाली उड़ानों के यात्रियों के लिए कोविड -उन्नीस का परीक्षण सरूसजाई की बजाय गुवाहाटी हवाई अड्डे पर किया जाएगा। असम के भीतर और उत्तर पूर्व राज्यों के बीच यात्रा करने वाले हवाई यात्रियों को अब अनिवार्य कोविड-उन्नीस परीक्षण की आवश्यकता नहीं होगी। - नागालैंडः एक सौ तिरेसठ नए मामलों के साथ, नागालैंड में कोविड-उन्नीस के कुल मामले दस,एक सौ अठासी तक पहुंच गये हैं। सक्रिय मामले बढ़ कर एक,एक सौ चौंतीस हुए। - केरलः राज्य चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से कहा है कि वह कोविड -उन्नीस रोगियों और क्वारंटीन मतदातोओं को मतदान संध्या पर अपराह्न तीन बजे तक डाक मतपत्रों के लिए आवेदन करने का अवसर दे। कलेक्टरों की सहायता से स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में कोविड रोगियों और संगरोध में रह रहे मतदातोओं के लिए वोट डालने की व्यवस्था करेगा। कोविड रोगी जो अपने घरों में हैं, उन्हें सीधे बूथ पर आना चाहिए और अंत में अपना वोट देना चाहिए। इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए. के. एंटनी आज कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं। केरल में कल कोविड -उन्नीस के पाँच,सात सौ बानवे नए मामलों की पुष्टि की गई, जबकि छः,छः सौ बीस मरीज ठीक हुए। राज्य में टेस्ट पॉजिटिविटी दर दस.इकतीस% है और राज्य में कोविड से संबंधित मृत्यु एक,नौ सौ पंद्रह है। - तमिलनाडुः कोविड -उन्नीस रोगियों के लिए समसामयिक प्लाज्मा थेरेपी, जिसे पहले आईसीएमआर के साथ परीक्षण के रूप में किया गया था, अब तमिलनाडु में नैदानिक उपचार का हिस्सा बन गया है। पल्मोनोलॉजिस्ट ने चेतावनी दी है कि सीओपीडी वाले कोविड -उन्नीस मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने का खतरा ज्यादा है। सीओपीडी रोगियों में मृत्यु दर भी अधिक है। स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा किए गए हालिया सीरो सर्वेक्षण से पता चलता है कि सलेम की बीस.पाँच फीसदी आबादी कोविड -उन्नीस के संपर्क में थी और उसमें वायरस के लिए एंटीबॉडी भी विकसित की है। कोयम्बटूर के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि वे चौदह दिनों के बाद ही जिले में दीपावली के दौरान फैलने वाले वायरस का पता लगाने में सक्षम होंगे। - कर्नाटकः कर्नाटक सरकार ने कोविड -उन्नीस रोगियों के लिए निजी अस्पतालों के पचास फीसदी बेड आरक्षित करने के आदेश में संशोधन किया है; यह आदेश निजी और सरकारी अस्पतालों में कोविड -उन्नीस उपचार के लिये आने वाले रोगियों की संख्या में कमी के बाद आया है। पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया और जीवन रक्षा के अनुमानों के अनुसार, बारह दिसंबर तक कर्नाटक में नौ.पच्चीस लाख कोविड मामले होने की संभावना है। बेंगलुरु में कोविड -उन्नीस मामलों में मृत्यु दर भारत के सभी प्रमुख शहरों में सबसे कम है। धारवाड़ जिले में सक्रिय कोविड मामलों की संख्या चार महीने के निचले स्तर पर है। - आंध्र प्रदेशः आंध्र चुनाव आयुक्त ने कहा, फरवरी में स्थानीय निकाय चुनाव। आंध्र सरकार ने कहा, महामारी के कारण पंचायत चुनावों के लिए स्थिति अनुकूल नहीं। श्रीकाकुलम के सरकारी आवासीय स्कूल के कक्षा नौ के छात्रों ने कोविड -उन्नीस के प्रकोप को देखते हुए स्कूल में छात्रों के बीच शारीरिक दूरी को सुनिश्चित करने के लिए सेंसर के साथ हल्के वजन वाले डिजिटल आईडी कार्ड बनाए हैं। - तेलंगानाः मंगलवार को कोविड के नौ सौ बावन रिपोर्ट किए गए जिससे राज्य में संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़ कर दो,अट्ठावन,आठ सौ अट्ठाईस हो गई है। एक,छः सौ दो रोगियों को दिन में छुट्टी देने के साथ, सक्रिय मामले तेरह,सात सौ बत्तीस रह गए हैं और ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ कर दो,तैंतालीस,छः सौ छियासी हो गई है। ग्रामीण तेलंगाना में ई-क्लिनिक फ्रैंचाइज़ी खोलने की तैयारी; इस महामारी के दौरान जब डॉक्टर स्वयं दौरा नहीं कर सकेंगे तो ये क्लीनिक डॉक्टरों के परामर्श, नैदानिक परीक्षण और कुछ अन्य सुविधाएं प्रदान करेंगे।
हरियाणा के झज्जर में मंगलवार की रात सिलानी गेट के पास गन प्वाइंट पर कैब लूट ली गई। बुधवार को इस मामले में झज्जर पुलिस ने दो बदमाशों को काबू कर लिया है, जबकि महिला सहित इनके चार साथी फरार हैं। पुलिस ने घटना में शामिल सभी आरोपियों के किसी बड़ी गैंगवार में शामिल होने की आशंका जताई है। मिली जानकारी के अनुसार भिवानी के रामनगर में रहने वाला पवन कुमार अजय पंघाल की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी चलाता हैं। मंगलवार रात वह अपनी कैब की बुकिंग करके पलवल से भिवानी के लिए चला था। कार में चालक पवन के अलावा बुकिंग करने वाला एक कंपनी का अधिकारी शोभित बैठा हुआ था। झज्जर में सिलानी गेट पास पहुंचने पर शोभित ने पानी की बोतल लेने के लिए कार को रुकवाया। शोभित जैसे ही पानी की बोतल लेने के लिए दुकान पर गया, पीछे से एक कार आकर पवन कुमार की गाड़ी के पास रुकी। पवन कुमार इससे पहले कुछ समझ पाता कार से उतरे दो बदमाशों ने गन प्वाइंट पर उसे कार से नीचे उतारा और उसकी गाड़ी को लूट कर फरार हो गए थे। लूट की वारदात के बाद झज्जर पुलिस ने चारों तरफ नाकेबंदी की थी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो बदमाशों को काबू किया है, जबकि एक महिला सहित चार बदमाश फरार हो गए। पकड़े गए बदमाश यश उर्फ अतुल निवासी गांव कासनी जिला झज्जर व सूरज उर्फ विक्की निवासी सुलतानपुरी दिल्ली बताए गए हैं। घटना में शामिल महिला नैनीताल उत्तराखंड की बताई जाती है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। आरोपियों में एक झज्जर के ही गांव कड़ौधा का रहने वाला है। पुलिस अब फरार बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस ने लूटी गई स्विफ्ट गाड़ी को बरामद कर लिया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
हरियाणा के झज्जर में मंगलवार की रात सिलानी गेट के पास गन प्वाइंट पर कैब लूट ली गई। बुधवार को इस मामले में झज्जर पुलिस ने दो बदमाशों को काबू कर लिया है, जबकि महिला सहित इनके चार साथी फरार हैं। पुलिस ने घटना में शामिल सभी आरोपियों के किसी बड़ी गैंगवार में शामिल होने की आशंका जताई है। मिली जानकारी के अनुसार भिवानी के रामनगर में रहने वाला पवन कुमार अजय पंघाल की स्विफ्ट डिजायर गाड़ी चलाता हैं। मंगलवार रात वह अपनी कैब की बुकिंग करके पलवल से भिवानी के लिए चला था। कार में चालक पवन के अलावा बुकिंग करने वाला एक कंपनी का अधिकारी शोभित बैठा हुआ था। झज्जर में सिलानी गेट पास पहुंचने पर शोभित ने पानी की बोतल लेने के लिए कार को रुकवाया। शोभित जैसे ही पानी की बोतल लेने के लिए दुकान पर गया, पीछे से एक कार आकर पवन कुमार की गाड़ी के पास रुकी। पवन कुमार इससे पहले कुछ समझ पाता कार से उतरे दो बदमाशों ने गन प्वाइंट पर उसे कार से नीचे उतारा और उसकी गाड़ी को लूट कर फरार हो गए थे। लूट की वारदात के बाद झज्जर पुलिस ने चारों तरफ नाकेबंदी की थी। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो बदमाशों को काबू किया है, जबकि एक महिला सहित चार बदमाश फरार हो गए। पकड़े गए बदमाश यश उर्फ अतुल निवासी गांव कासनी जिला झज्जर व सूरज उर्फ विक्की निवासी सुलतानपुरी दिल्ली बताए गए हैं। घटना में शामिल महिला नैनीताल उत्तराखंड की बताई जाती है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। आरोपियों में एक झज्जर के ही गांव कड़ौधा का रहने वाला है। पुलिस अब फरार बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। पुलिस ने लूटी गई स्विफ्ट गाड़ी को बरामद कर लिया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
इलाहाबाद, (भाषा)। अपनी बेटी आरुषि तलवार की हत्या के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे राजेश तलवार को आज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी किया है। आरुषि मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत की ओर से राजेश तलवार की जमानत अवधि बढ़ाए जाने के विरोध में दायर सीबीआई की याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बाल कृष्ण ने उन्हें यह नोटिस जारी किया गया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने 14 मार्च 2012 को राजेश तलवार की जमानत अवधि बढ़ाने का फैसला सुनाया था। जांच एजेंसी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विशेष अदालत के इसी आदेश को चुनौती दी है। अदालत में सीबीआई की ओर से पेश हुए वकील अनुराग खन्ना के मुताबिक, जांच एजेंसी का मानना है कि निचली अदालत ने नियमित जमानत मानकर तलवार की जमानत अवधि बढ़ाने के अपने फैसले में गलती की है। तलवार को सिर्फ अंतरिम जमानत दी गयी थी और अब उन्हें नियमित जमानत लेने की जरूरत है। तलवार को नोटिस जारी करते हुए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सात मई मुकर्रर की। पिछले साल गाजियाबाद की विशेष अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट में सीबीआई ने आरोपी के तौर पर तलवार दंपति को नामित नहीं किया था।
इलाहाबाद, । अपनी बेटी आरुषि तलवार की हत्या के मामले में मुकदमे का सामना कर रहे राजेश तलवार को आज इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी किया है। आरुषि मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत की ओर से राजेश तलवार की जमानत अवधि बढ़ाए जाने के विरोध में दायर सीबीआई की याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति बाल कृष्ण ने उन्हें यह नोटिस जारी किया गया है। सीबीआई की विशेष अदालत ने चौदह मार्च दो हज़ार बारह को राजेश तलवार की जमानत अवधि बढ़ाने का फैसला सुनाया था। जांच एजेंसी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विशेष अदालत के इसी आदेश को चुनौती दी है। अदालत में सीबीआई की ओर से पेश हुए वकील अनुराग खन्ना के मुताबिक, जांच एजेंसी का मानना है कि निचली अदालत ने नियमित जमानत मानकर तलवार की जमानत अवधि बढ़ाने के अपने फैसले में गलती की है। तलवार को सिर्फ अंतरिम जमानत दी गयी थी और अब उन्हें नियमित जमानत लेने की जरूरत है। तलवार को नोटिस जारी करते हुए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सात मई मुकर्रर की। पिछले साल गाजियाबाद की विशेष अदालत में अपनी क्लोजर रिपोर्ट में सीबीआई ने आरोपी के तौर पर तलवार दंपति को नामित नहीं किया था।
संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजपूत समाज, करणी सेना के बाद अन्य लोग भी इसके विरोध में उतर गए हैं। वहीं इस मामले में करणी सेना के नेताओं को धमकी भरे फोन आ रहे हैं, जिससे मामला और भी पेचीदा होता जा रहा है। दरअसल, करणी सेना के प्रवक्ता विजेंद्र सिंह के पास एक इंटरनेशनल कॉल आया, जिसमें धमकी दी गई है। कहा जा रहा है कि ये फोन पाकिस्तान से आ रहा है। उन्होंने फिल्म का विरोध बंद करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर वह करणी सेना के नेताओं को गोली मार देगें। उन्होंने कथित तौर पर दी जाने वाली धमकी का ऑडियो भी जारी किया है। इस मामले को लेकर करणी सेना के नेताओं ने कमिश्नर से मुलाकात की है और साथ ही शिकायत भी दर्ज कराई है। एसओजी मामले की जांच में जुट गई है। राजस्थान की करणी सेना ने भंसाली पर तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने फिल्म की शूटिंग की शुरुआत में सेट को तहस-नहस करने के साथ भंसाली के साथ मारपीट भी की। राजस्थान, मध्य प्रदेश के साथ कई राज्यों में फिल्म का विरोध चल रहा है। भंसाली ने कई बार स्पष्टीकरण दिया है कि फिल्म में ऐसा कोई दृश्य नहीं हैं, जो किसी की भावनाओं को चोट पहुंचाता हो। उन्होंने कहा कि यह फिल्म देखकर राजपूत समुदाय गर्व महसूस करेगा। अफवाह फैलाकर राजपूतों को बेवजह भड़काया जा रहा है। फिल्म में दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। दीपिका इसमें रानी पद्मावती, शाहिद कपूर उनके पति राजा रतन सिंह और रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभा रहे हैं।
संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' पर विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजपूत समाज, करणी सेना के बाद अन्य लोग भी इसके विरोध में उतर गए हैं। वहीं इस मामले में करणी सेना के नेताओं को धमकी भरे फोन आ रहे हैं, जिससे मामला और भी पेचीदा होता जा रहा है। दरअसल, करणी सेना के प्रवक्ता विजेंद्र सिंह के पास एक इंटरनेशनल कॉल आया, जिसमें धमकी दी गई है। कहा जा रहा है कि ये फोन पाकिस्तान से आ रहा है। उन्होंने फिल्म का विरोध बंद करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर वह करणी सेना के नेताओं को गोली मार देगें। उन्होंने कथित तौर पर दी जाने वाली धमकी का ऑडियो भी जारी किया है। इस मामले को लेकर करणी सेना के नेताओं ने कमिश्नर से मुलाकात की है और साथ ही शिकायत भी दर्ज कराई है। एसओजी मामले की जांच में जुट गई है। राजस्थान की करणी सेना ने भंसाली पर तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। उन्होंने फिल्म की शूटिंग की शुरुआत में सेट को तहस-नहस करने के साथ भंसाली के साथ मारपीट भी की। राजस्थान, मध्य प्रदेश के साथ कई राज्यों में फिल्म का विरोध चल रहा है। भंसाली ने कई बार स्पष्टीकरण दिया है कि फिल्म में ऐसा कोई दृश्य नहीं हैं, जो किसी की भावनाओं को चोट पहुंचाता हो। उन्होंने कहा कि यह फिल्म देखकर राजपूत समुदाय गर्व महसूस करेगा। अफवाह फैलाकर राजपूतों को बेवजह भड़काया जा रहा है। फिल्म में दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। दीपिका इसमें रानी पद्मावती, शाहिद कपूर उनके पति राजा रतन सिंह और रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभा रहे हैं।
BCCI: देश की सर्वोच्च न्यायालय ने बीसीसीआई को बोर्ड के सविधान में अमेंडमेंट करने की इजाजत दे दी है। जिसके बाद अमित शाह के बेटे सचिव जय शाह और अध्यक्ष सौरभ गांगुली का तीन साल पद पर बने रहना तय हो गया है। Supreme Court Relief to BCCI: बीसीसीआई के पक्ष में देश की सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट ने एक जरूरी फैसला सुनाया है। इस फैसले से देश के गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह और सौरभ गांगुली को राहत देने का काम किया है। सुप्रीम कोर्ट से इस राहत के बाद अब सौरव गांगुली अब अगले तीन साल तक बीसीसीआई के अध्यक्ष बने रह सकते हैं। इसके अलावा जय शाह का भी अगले तीन साल तक बीसीसीआई सचिव बने रहना तय हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब बीसीसीआई को बोर्ड के सविधान में अमेंडमेंट करने की इजाजत मिल गई है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को अपने एक अहम फैसले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में प्रस्तावित परिवर्तनों को स्वीकार कर लिया है। यह परिवर्तन वर्तमान बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह को उनके कार्यकाल को बढ़ाने की अनुमति देगी। इन दोनों लोग का पहला कार्यकाल इस महीने की शुरुआत में बीसीसीआइ के संविधान में 'कूलिंग ऑफ पीरियड' क्लॉज के कारण खत्म हो गया था। सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरभ गांगुली और सचिव जय शाह के कार्यकाल को बढ़ाने की याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। इस फैसले के बाद अब BCCI में लगातार दो बार यानी की 6 साल तक पद पर बने रहने पर तीन साल का कूलिंग ऑफ पीरियड होगा। अब पदाधिकारियों के पास BCCI और किसी राज्य एसोसिएशन में एक बार में अधिकतम 12 साल का कार्यकाल हो सकता है। इस फैसले की सुनवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने की। इस अर्जी में बीसीसीआई ने मांग की थी, कि इसके नए संविधान में संशोधन की इजाजत दी जाए ताकि इसके प्रशासकों को तीन साल के कूलिंग ऑफ पीरियड के प्रावधान को खत्म किया जा सके। अदालतों के पहले के आदेशों के अनुसार, संविधान में कुछ संशोधन किए गए थे।
BCCI: देश की सर्वोच्च न्यायालय ने बीसीसीआई को बोर्ड के सविधान में अमेंडमेंट करने की इजाजत दे दी है। जिसके बाद अमित शाह के बेटे सचिव जय शाह और अध्यक्ष सौरभ गांगुली का तीन साल पद पर बने रहना तय हो गया है। Supreme Court Relief to BCCI: बीसीसीआई के पक्ष में देश की सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट ने एक जरूरी फैसला सुनाया है। इस फैसले से देश के गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह और सौरभ गांगुली को राहत देने का काम किया है। सुप्रीम कोर्ट से इस राहत के बाद अब सौरव गांगुली अब अगले तीन साल तक बीसीसीआई के अध्यक्ष बने रह सकते हैं। इसके अलावा जय शाह का भी अगले तीन साल तक बीसीसीआई सचिव बने रहना तय हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब बीसीसीआई को बोर्ड के सविधान में अमेंडमेंट करने की इजाजत मिल गई है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को अपने एक अहम फैसले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में प्रस्तावित परिवर्तनों को स्वीकार कर लिया है। यह परिवर्तन वर्तमान बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह को उनके कार्यकाल को बढ़ाने की अनुमति देगी। इन दोनों लोग का पहला कार्यकाल इस महीने की शुरुआत में बीसीसीआइ के संविधान में 'कूलिंग ऑफ पीरियड' क्लॉज के कारण खत्म हो गया था। सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरभ गांगुली और सचिव जय शाह के कार्यकाल को बढ़ाने की याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। इस फैसले के बाद अब BCCI में लगातार दो बार यानी की छः साल तक पद पर बने रहने पर तीन साल का कूलिंग ऑफ पीरियड होगा। अब पदाधिकारियों के पास BCCI और किसी राज्य एसोसिएशन में एक बार में अधिकतम बारह साल का कार्यकाल हो सकता है। इस फैसले की सुनवाई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने की। इस अर्जी में बीसीसीआई ने मांग की थी, कि इसके नए संविधान में संशोधन की इजाजत दी जाए ताकि इसके प्रशासकों को तीन साल के कूलिंग ऑफ पीरियड के प्रावधान को खत्म किया जा सके। अदालतों के पहले के आदेशों के अनुसार, संविधान में कुछ संशोधन किए गए थे।
औरंगाबाद, 23 जून एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने बुधवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधा और कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ कोई भी राजनीतिक मोर्चा मुसलमानों की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। पवार ने एक दिन पहले ही दिल्ली में विपक्षी नेताओं की बैठक की मेजबानी की थी। जलील ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि राकांपा का नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन नहीं चलेगा। जलील ने कहा कि एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश और दिल्ली में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। औरंगाबाद में स्थानीय निकाय चुनावों के बारे में बात करते हुए जलील ने कहा कि एआईएमआईएम गैर-मुस्लिम क्षेत्रों से भी चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, "हमारी प्रतिद्वंद्वी शिवसेना भी गठबंधन की बात कर रही है, जबकि वे औरंगाबाद जिले को अपना गढ़ होने का दावा करते हैं। इस बीच, जलील ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के आवंटन में केंद्रीय एजेंसियों की ओर से "गलत प्राथमिकताओं" का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के क्षेत्र में एक फ्लाईओवर प्रस्तावित है, हालांकि आकाशवाणी या अमरप्रीत चौक पर इसकी अधिक आवश्यकता है। सांसद ने कहा, "बल्कि, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी हमें एक फ्लाईओवर प्रदान करें जो सीधे वाहनों को औरंगाबाद-जालना मार्ग पर शहर से बाहर ले जाए। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास में मदद मिलेगी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
औरंगाबाद, तेईस जून एआईएमआईएम नेता इम्तियाज जलील ने बुधवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधा और कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ कोई भी राजनीतिक मोर्चा मुसलमानों की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। पवार ने एक दिन पहले ही दिल्ली में विपक्षी नेताओं की बैठक की मेजबानी की थी। जलील ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि राकांपा का नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन नहीं चलेगा। जलील ने कहा कि एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश और दिल्ली में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। औरंगाबाद में स्थानीय निकाय चुनावों के बारे में बात करते हुए जलील ने कहा कि एआईएमआईएम गैर-मुस्लिम क्षेत्रों से भी चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, "हमारी प्रतिद्वंद्वी शिवसेना भी गठबंधन की बात कर रही है, जबकि वे औरंगाबाद जिले को अपना गढ़ होने का दावा करते हैं। इस बीच, जलील ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के आवंटन में केंद्रीय एजेंसियों की ओर से "गलत प्राथमिकताओं" का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के क्षेत्र में एक फ्लाईओवर प्रस्तावित है, हालांकि आकाशवाणी या अमरप्रीत चौक पर इसकी अधिक आवश्यकता है। सांसद ने कहा, "बल्कि, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी हमें एक फ्लाईओवर प्रदान करें जो सीधे वाहनों को औरंगाबाद-जालना मार्ग पर शहर से बाहर ले जाए। इससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास में मदद मिलेगी। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
ओडिशा में गंजाम जिले के गोलंतारा इलाके में रविवार को बिजली के तार के संपर्क में आने से एक बस में आग लग गई. इस दुर्घटना में नौ यात्रियों की मौत हो गई और 22 अन्य जख्मी हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्रियों ने हादसे में घायल लोगों को मुफ्त में चिकित्सा सुविधाएं देने की घोषणा की है. अधिकारी ने बताया कि घायलों को एमकेसीजी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती किया गया है जबकि पांच घायलों को कटक स्थित एससीबी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल भेजा गया है. पुलिस ने बताया कि हादसा मनदाराजपुर में उस समय हुआ जब बस जंगलपाडु से चिकरादा जा रही थी और उसमें करीब 40 यात्री सवार थे. ब्रह्मपुर सदर के उप मंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) जयंत कुमार महापात्रा ने बताया कि बस में सवार लोग एक नज़दीकी गांव में सगाई समारोह में शिरकत करने जा रहे थे. उन्होंने बताया कि बस 11 किलोवाट की क्षमता वाली बिजली के तार के संपर्क में आ गई जिससे उसमें आग लग गई. राज्य के परिवहन मंत्री पद्मानाभ बेहरा ने कहा कि पूरी घटना की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. केंद्रीय पेट्रोलियम एवं इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घटना पर शोक जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की. घटना की जांच कराने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि दोबारा ऐसी घटना होने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए. मुख्य दमकल अधिकारी सुकांत सेठी ने बताया कि आग को बुझा दिया गया है और पारेषण लाइन से बिजली की आपूर्ति काटकर गाड़ी के अंदर से सभी लोगों को निकाल लिया गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक बस की छत पर सामान रखा था और बस चालक ने संकरी सड़क पर दो पहिया वाहन को रास्ता देने की कोशिश की उसी समय वह पारेषण लाइन के संपर्क में आ गई. सेठी ने बताया कि घटना की गंभीरता से जांच कर हादसे की परिस्थितियों का आकलन किया जाएगा. साभार : यह लेख मूल रूप से समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा अंग्रेजी में लिखा गया है. यह मूल लेख का हिंदी अनुवाद है.
ओडिशा में गंजाम जिले के गोलंतारा इलाके में रविवार को बिजली के तार के संपर्क में आने से एक बस में आग लग गई. इस दुर्घटना में नौ यात्रियों की मौत हो गई और बाईस अन्य जख्मी हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्रियों ने हादसे में घायल लोगों को मुफ्त में चिकित्सा सुविधाएं देने की घोषणा की है. अधिकारी ने बताया कि घायलों को एमकेसीजी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती किया गया है जबकि पांच घायलों को कटक स्थित एससीबी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल भेजा गया है. पुलिस ने बताया कि हादसा मनदाराजपुर में उस समय हुआ जब बस जंगलपाडु से चिकरादा जा रही थी और उसमें करीब चालीस यात्री सवार थे. ब्रह्मपुर सदर के उप मंडलीय पुलिस अधिकारी जयंत कुमार महापात्रा ने बताया कि बस में सवार लोग एक नज़दीकी गांव में सगाई समारोह में शिरकत करने जा रहे थे. उन्होंने बताया कि बस ग्यारह किलोग्रामवाट की क्षमता वाली बिजली के तार के संपर्क में आ गई जिससे उसमें आग लग गई. राज्य के परिवहन मंत्री पद्मानाभ बेहरा ने कहा कि पूरी घटना की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. केंद्रीय पेट्रोलियम एवं इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घटना पर शोक जताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की. घटना की जांच कराने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि दोबारा ऐसी घटना होने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए. मुख्य दमकल अधिकारी सुकांत सेठी ने बताया कि आग को बुझा दिया गया है और पारेषण लाइन से बिजली की आपूर्ति काटकर गाड़ी के अंदर से सभी लोगों को निकाल लिया गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक बस की छत पर सामान रखा था और बस चालक ने संकरी सड़क पर दो पहिया वाहन को रास्ता देने की कोशिश की उसी समय वह पारेषण लाइन के संपर्क में आ गई. सेठी ने बताया कि घटना की गंभीरता से जांच कर हादसे की परिस्थितियों का आकलन किया जाएगा. साभार : यह लेख मूल रूप से समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा अंग्रेजी में लिखा गया है. यह मूल लेख का हिंदी अनुवाद है.
NEW DELHI: उत्तर प्रदेश में कोहरा कहर बरपा रहा है। कोहरे के कारण उप्र में अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं ताजा खबर के अनुसार कानपुर-सागर एनएच-86 पर घने के कोहरे के कारण रविवार को एक डंपर की ट्रक से भीषण टक्कर हो गई। इस घटना में डंपर चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक ड्राइवर सहित 2 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार सुजीत (20) पुत्र महेन्द्र निवासी चन्द्रहंसपुर सचेंडी कानपुर डंपर (नंबर- यूपी. 78सीटी-5136) में कबरई से गिट्टी लेकर कानपुर जा रहा था। मौदहा के गहबरा चौकी और छिरका के बीच जैसे ही पहुंचा, सामने से आ रहे ट्रक (नंबर- यूपी. 32एफएम-7272) से टकरा गया। कोहरे की धुंध में इस भीषण टक्कर में दोनों ट्रकों के परखच्चे उड़ गए। हादसे में डंपर चालक सुजीत की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे ट्रक का चालक रंजीत निवासी लखनऊ और क्लीनर कपिल निवासी सिधौली सीतापुर गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को इलाज के लिए कानपुर भेजा गया है। घायलों ने बताया कि डंपर की स्पीड करीब 50 किमी थी। हादसे के बाद हमीरपुर स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस आए परिजनों ने बताया कि डंपर चालक सुजीत दो भाईयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी फरवरी महीने में होनी थी। हादसे में सुजीत की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, घायलों की हालत गंभीर हुई बनी है। मौदहा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक घनश्याम पांडेय का कहना है कि हादसे में डंपर चालक की मौके पर मौत हुई, वहीं दो अन्य घायल हुए हैं। उनका कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। हादसे में दोनों ट्रकों के परखच्चे भी उड़ गए हैं। दूसरी ओर, राठ-उरई रोड पर गेस्टहाउस से नाश्ता कर वापस लौट रहे बृजकिशोर अनुरागी (47) को एक ट्रक ने रौंद डाला, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद भाग रहे ट्रक चालक को ट्रक समेत गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। बृजकिशोर अनुरागी पुत्र देवीदीन अनुरागी राठ कस्बे के पठानपुरा नई बस्ती का रहने वाला है, जो रविवार सुबह घर लौट रहा था।
NEW DELHI: उत्तर प्रदेश में कोहरा कहर बरपा रहा है। कोहरे के कारण उप्र में अब तक बीस से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं ताजा खबर के अनुसार कानपुर-सागर एनएच-छियासी पर घने के कोहरे के कारण रविवार को एक डंपर की ट्रक से भीषण टक्कर हो गई। इस घटना में डंपर चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक ड्राइवर सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार सुजीत पुत्र महेन्द्र निवासी चन्द्रहंसपुर सचेंडी कानपुर डंपर में कबरई से गिट्टी लेकर कानपुर जा रहा था। मौदहा के गहबरा चौकी और छिरका के बीच जैसे ही पहुंचा, सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया। कोहरे की धुंध में इस भीषण टक्कर में दोनों ट्रकों के परखच्चे उड़ गए। हादसे में डंपर चालक सुजीत की मौके पर ही मौत हो गई। दूसरे ट्रक का चालक रंजीत निवासी लखनऊ और क्लीनर कपिल निवासी सिधौली सीतापुर गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को इलाज के लिए कानपुर भेजा गया है। घायलों ने बताया कि डंपर की स्पीड करीब पचास किमी थी। हादसे के बाद हमीरपुर स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस आए परिजनों ने बताया कि डंपर चालक सुजीत दो भाईयों में सबसे छोटा था। उसकी शादी फरवरी महीने में होनी थी। हादसे में सुजीत की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, घायलों की हालत गंभीर हुई बनी है। मौदहा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक घनश्याम पांडेय का कहना है कि हादसे में डंपर चालक की मौके पर मौत हुई, वहीं दो अन्य घायल हुए हैं। उनका कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। हादसे में दोनों ट्रकों के परखच्चे भी उड़ गए हैं। दूसरी ओर, राठ-उरई रोड पर गेस्टहाउस से नाश्ता कर वापस लौट रहे बृजकिशोर अनुरागी को एक ट्रक ने रौंद डाला, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद भाग रहे ट्रक चालक को ट्रक समेत गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। बृजकिशोर अनुरागी पुत्र देवीदीन अनुरागी राठ कस्बे के पठानपुरा नई बस्ती का रहने वाला है, जो रविवार सुबह घर लौट रहा था।
उनके कब्जे से करीब 5. 50 लाख रुपए के कीमत के जाली स्टाम्प एवं जाली नोटरी टिकट बरामद हुए। इसके जरिये फर्जी रजिस्ट्री, इकरारनामा, मुख्तारनामा, वसीयतनामा, शपथ पत्र आदि बनाते हैं। दोनों के पास नोटरी विक्रेता का लाइसेन्स भी है। कानपुर। बर्रा पुलिस ने सचान चैराहे के पास जाली स्टांप व जाली नोटरी टिकट बेचने वाले दो स्टांप विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से करीब 5. 50 लाख रुपये के स्टांप और नोटरी टिकट बरामद हुए हैं। बर्रा पुलिस को शिकायत मिलीी थी कि शहर में फर्जी वसीयतनामा व एग्रीमेंट किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर बुधवार देर रात जाली एवं कूट रचित स्टांप एवं जाली नोटरी टिकट बेचने वाले दो व्यक्तियों कर्नलगंज निवासी मो शीजान और प्रयागराज के कैंट थानाक्षेत्र में स्टेनली रोड निवासी रंजीत कुमार रावत को सचान चैराहे के पास पकड़ा गया। उनके कब्जे से करीब 5. 50 लाख रुपए के कीमत के जाली स्टाम्प एवं जाली नोटरी टिकट बरामद हुए। इसके जरिये फर्जी रजिस्ट्री, इकरारनामा, मुख्तारनामा, वसीयतनामा, शपथ पत्र आदि बनाते हैं। दोनों के पास नोटरी विक्रेता का लाइसेन्स भी है। डीआइजी डाॅ प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि यह लोग भागलपुर, पटना एवं कोलकाता से पुराने प्रयोग शुदा स्टाम्प खरीदते हैं और ब्लीचिंग कर उन्हें साफ करके लिखा हुआ मिटाकर प्रयोग करते थे। पुराना स्टाम्प काफी महंगा बेचते थे। जाली टिकट छपे हुए लाते हैं। इसके बाद स्टाम्प एवं जाली टिकटों को कानपुर नगर, प्रयागराज में अवैध रूप से बेचते हैं।
उनके कब्जे से करीब पाँच. पचास लाख रुपए के कीमत के जाली स्टाम्प एवं जाली नोटरी टिकट बरामद हुए। इसके जरिये फर्जी रजिस्ट्री, इकरारनामा, मुख्तारनामा, वसीयतनामा, शपथ पत्र आदि बनाते हैं। दोनों के पास नोटरी विक्रेता का लाइसेन्स भी है। कानपुर। बर्रा पुलिस ने सचान चैराहे के पास जाली स्टांप व जाली नोटरी टिकट बेचने वाले दो स्टांप विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से करीब पाँच. पचास लाख रुपये के स्टांप और नोटरी टिकट बरामद हुए हैं। बर्रा पुलिस को शिकायत मिलीी थी कि शहर में फर्जी वसीयतनामा व एग्रीमेंट किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर बुधवार देर रात जाली एवं कूट रचित स्टांप एवं जाली नोटरी टिकट बेचने वाले दो व्यक्तियों कर्नलगंज निवासी मो शीजान और प्रयागराज के कैंट थानाक्षेत्र में स्टेनली रोड निवासी रंजीत कुमार रावत को सचान चैराहे के पास पकड़ा गया। उनके कब्जे से करीब पाँच. पचास लाख रुपए के कीमत के जाली स्टाम्प एवं जाली नोटरी टिकट बरामद हुए। इसके जरिये फर्जी रजिस्ट्री, इकरारनामा, मुख्तारनामा, वसीयतनामा, शपथ पत्र आदि बनाते हैं। दोनों के पास नोटरी विक्रेता का लाइसेन्स भी है। डीआइजी डाॅ प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि यह लोग भागलपुर, पटना एवं कोलकाता से पुराने प्रयोग शुदा स्टाम्प खरीदते हैं और ब्लीचिंग कर उन्हें साफ करके लिखा हुआ मिटाकर प्रयोग करते थे। पुराना स्टाम्प काफी महंगा बेचते थे। जाली टिकट छपे हुए लाते हैं। इसके बाद स्टाम्प एवं जाली टिकटों को कानपुर नगर, प्रयागराज में अवैध रूप से बेचते हैं।
Don't Miss! Honey Singh New Girlfriend: रैपर और सिंगर यो यो हनी सिंह एक बार फिर से अपनी लव लाइफ को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल हनी सिंह ने अपनी नई गर्लफ्रेंड से मिलाया है। हाल ही में दिल्ली के इवेंट में अपनी गर्लफ्रेंड टीना थडानी के साथ पहुंचे थे। सिंगर का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हनी सिंह और टीना थडानी ने हाल ही में पेरिस का ट्रिप गाने में एक साथ काम किया था, जिसे मिलिंद गाबा और हनी ने मिलकर गाया था। इस इवेंट में हनी सिंह ने अपनी पर्सनल और प्रोफ़ेशनल लाइफ पर भी खुल कर बात की और टीना को अपनी गर्लफ्रेंड भी बताया है। इवेंट में हनी सिंह मीडिया और पब्लिक के सामने टीना का हाथ थामे नजर आए। दोनों पहली बार पब्लिकली साथ नजर आए। इस दौरान जहां हनी सिंह व्हाइट शर्ट, ब्लैक पैंट और ब्लेजर में काफी हैंडसम लग रहे थे। वहीं उनकी लेडीलव टीना थडानी ब्लैक थाई हाई स्लिट ड्रेस में काफी बोल्ड नजर आईं। वहीं टीना ने एक स्टाइलिश हैंडबैग भी कैरी किया था, जो उनके पूरे लुक को और भी खूबसूरत बना रहा था। टीना थडानी एक मॉडल हैं जो अक्सर रैंप वॉक करती हुई नजर आती हैं। टीना ने साल 2008 में आई फिल्म 'द मोल' में भी काम किया है, टीना 'ड्रिफ्टर्स अनारकली' फिल्म में भी नजर आ चुकी हैं। हनी सिंह और टीना की नजदीकियां हनी सिंह के लेटेस्ट गाने 'पेरिस ट्रिप' के दौरान बढ़ीं, इस गाने में टीना ने काम किया था। टीना एक अच्छी डांसर भी हैं। हनी सिंह की एक्स वाइफ शालिनी ने हनी पर बेवफाई का आरोप लगाया था, उनका दावा था कि हनी सिंह का कई महिलाओं के साथ फिजिकल रिलेशन रहा है। वो कभी भी शादी की अंगूठी भी नहीं पहनते थे। वो शादी की तस्वीरें भी नहीं शेयर करते थे न ही पत्नी को करने देते थे। शालिनी ने हनी सिंह पर मार-पीट का आरोप भी लगाया था। बॉलीवुड पर राज करती थी ये हसीना, बहन ने भी एक्टिंग में बनाया करियर, इमरान हाशमी से है खास कनेक्शन, पहचाना?
Don't Miss! Honey Singh New Girlfriend: रैपर और सिंगर यो यो हनी सिंह एक बार फिर से अपनी लव लाइफ को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल हनी सिंह ने अपनी नई गर्लफ्रेंड से मिलाया है। हाल ही में दिल्ली के इवेंट में अपनी गर्लफ्रेंड टीना थडानी के साथ पहुंचे थे। सिंगर का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। हनी सिंह और टीना थडानी ने हाल ही में पेरिस का ट्रिप गाने में एक साथ काम किया था, जिसे मिलिंद गाबा और हनी ने मिलकर गाया था। इस इवेंट में हनी सिंह ने अपनी पर्सनल और प्रोफ़ेशनल लाइफ पर भी खुल कर बात की और टीना को अपनी गर्लफ्रेंड भी बताया है। इवेंट में हनी सिंह मीडिया और पब्लिक के सामने टीना का हाथ थामे नजर आए। दोनों पहली बार पब्लिकली साथ नजर आए। इस दौरान जहां हनी सिंह व्हाइट शर्ट, ब्लैक पैंट और ब्लेजर में काफी हैंडसम लग रहे थे। वहीं उनकी लेडीलव टीना थडानी ब्लैक थाई हाई स्लिट ड्रेस में काफी बोल्ड नजर आईं। वहीं टीना ने एक स्टाइलिश हैंडबैग भी कैरी किया था, जो उनके पूरे लुक को और भी खूबसूरत बना रहा था। टीना थडानी एक मॉडल हैं जो अक्सर रैंप वॉक करती हुई नजर आती हैं। टीना ने साल दो हज़ार आठ में आई फिल्म 'द मोल' में भी काम किया है, टीना 'ड्रिफ्टर्स अनारकली' फिल्म में भी नजर आ चुकी हैं। हनी सिंह और टीना की नजदीकियां हनी सिंह के लेटेस्ट गाने 'पेरिस ट्रिप' के दौरान बढ़ीं, इस गाने में टीना ने काम किया था। टीना एक अच्छी डांसर भी हैं। हनी सिंह की एक्स वाइफ शालिनी ने हनी पर बेवफाई का आरोप लगाया था, उनका दावा था कि हनी सिंह का कई महिलाओं के साथ फिजिकल रिलेशन रहा है। वो कभी भी शादी की अंगूठी भी नहीं पहनते थे। वो शादी की तस्वीरें भी नहीं शेयर करते थे न ही पत्नी को करने देते थे। शालिनी ने हनी सिंह पर मार-पीट का आरोप भी लगाया था। बॉलीवुड पर राज करती थी ये हसीना, बहन ने भी एक्टिंग में बनाया करियर, इमरान हाशमी से है खास कनेक्शन, पहचाना?
संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है और 23 दिसंबर को समाप्त होगा। कांग्रेस ने अपने सांसदों को आज संसद के दोनों सदनों में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप भी जारी किया है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के पास 26 नए विधेयकों सहित विधायी कार्य के साथ शीतकालीन सत्र के लिए एक भारी एजेंडा है। नई दिल्ली, । शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल भारी हंगामे के बीच पास हो गया। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन में बिल पेश किया। इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन में विधेयक पर चर्चा की मांग की थी। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि एमएसपी लीगल गारंटी के साथ लागू की जाए। अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 35,000 किसानों को झूठे केसों में फंसाया गया उन्हें मुक्त कराने की मांग और आंदोलन के दौरान मृतक 700 किसानों को मुआवजा देने की मांग पर सदन में चर्चा के लिए मौका दिया जाना चाहिए था, लेकिन हमें सदन में बोलने नहीं दिया गया।
संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो गया है और तेईस दिसंबर को समाप्त होगा। कांग्रेस ने अपने सांसदों को आज संसद के दोनों सदनों में मौजूद रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप भी जारी किया है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के पास छब्बीस नए विधेयकों सहित विधायी कार्य के साथ शीतकालीन सत्र के लिए एक भारी एजेंडा है। नई दिल्ली, । शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा में कृषि कानून वापसी बिल भारी हंगामे के बीच पास हो गया। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन में बिल पेश किया। इससे पहले लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन में विधेयक पर चर्चा की मांग की थी। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि एमएसपी लीगल गारंटी के साथ लागू की जाए। अधीर रंजन चौधरी ने कहा, पैंतीस,शून्य किसानों को झूठे केसों में फंसाया गया उन्हें मुक्त कराने की मांग और आंदोलन के दौरान मृतक सात सौ किसानों को मुआवजा देने की मांग पर सदन में चर्चा के लिए मौका दिया जाना चाहिए था, लेकिन हमें सदन में बोलने नहीं दिया गया।