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सिकन्दर तथा दारा का युद्ध दूत ने उत्तर पाकर ईरान को प्रस्थान किया। इधर सिकन्दर असंख्य सैन्य एकत्रित करके स्वयं भी ईरान की ओर बढ़ा । जब दारा को सिकन्दर के आगमन की सूचना मिली तो वह भी अपनी ईरानी सेना के. साथ उसके संघर्ष को चल पड़ा। जब दोनों सेनायें निकट पहुँच गई तो दोनों ने पड़ाव डाला और युद्ध की तय्यारियाँ होने लगीं। उसी दिन सिकन्दर छद्मवेश धारण कर द्वारा के पड़ाव में गया और उसके सम्मुख उपस्थित हो कर बोला- "सिकन्दर ने कहला भेजा है कि. मुझे आपके राज्य से कोई काम नहीं । मैं तो केवल देश भ्रमण के हेतु निकला हूँ, और श्राप से यही चाहता हूँ कि आप मुझे तथा मेरी सेना को अपने राज्य में से होकर जाने के लिये मार्ग देदें । और यदि तेरी : इच्छा युद्ध करने की ही है तो ध्यान रख कि मेरे पास भी लोहा हैं ।" जब सिकन्दर ने इस धृष्टता से संदेशा कहा तो द्वारा चकित रह गया और बोला- "तु कौन हैं और तेरी वंशावली क्या है ? तेरी सुखाकृति देखने से तो त क्यानी वंश का प्रतीत होता है और मुझे यह शंका हो रही है कि त स्वयं ही सिकन्दर है, जो संदेश वाहक के वेश में आया तू है । " दारा के बचन सुन कर सिकन्दर ने कहा - "मैं तो सिकन्दर का एक तुच्छ सेवक हूँ । सिकन्दर इतना बुद्धिहीन नहीं है जो केला शत्रु की ड्योढ़ी के भीतर प्रवेश करे । " इतनी बात होने के पश्चात् दारा ने मदिरा माँगी भर कर छद्मवेशी सिकन्दर को दी । सिकन्दर ने उसे पीकर उस पात्र को अपने पास रख लिया। इस पर दारा ने पूछा "भदिरा पीकर पात्र को अपने पास रख लेने का क्या अभिप्राय है ??" उसने उत्तर दिया "मेरे देश में किसी को उसी पात्र में फिर मदिरा नहीं देते । " ग्रस्तु द्वारा ने दूसरा पात्र मंगाया । इस प्रकार चार बार में सिकन्दर ने चार रत्नजटित पात्रों को एकत्र कर लिया। जब संध्या हुई तो सिकन्दर भोजन करने के लिए बैठा । इसी समय एक व्यक्ति जिसने सिकन्दर को पहिचान लिया
सिकन्दर तथा दारा का युद्ध दूत ने उत्तर पाकर ईरान को प्रस्थान किया। इधर सिकन्दर असंख्य सैन्य एकत्रित करके स्वयं भी ईरान की ओर बढ़ा । जब दारा को सिकन्दर के आगमन की सूचना मिली तो वह भी अपनी ईरानी सेना के. साथ उसके संघर्ष को चल पड़ा। जब दोनों सेनायें निकट पहुँच गई तो दोनों ने पड़ाव डाला और युद्ध की तय्यारियाँ होने लगीं। उसी दिन सिकन्दर छद्मवेश धारण कर द्वारा के पड़ाव में गया और उसके सम्मुख उपस्थित हो कर बोला- "सिकन्दर ने कहला भेजा है कि. मुझे आपके राज्य से कोई काम नहीं । मैं तो केवल देश भ्रमण के हेतु निकला हूँ, और श्राप से यही चाहता हूँ कि आप मुझे तथा मेरी सेना को अपने राज्य में से होकर जाने के लिये मार्ग देदें । और यदि तेरी : इच्छा युद्ध करने की ही है तो ध्यान रख कि मेरे पास भी लोहा हैं ।" जब सिकन्दर ने इस धृष्टता से संदेशा कहा तो द्वारा चकित रह गया और बोला- "तु कौन हैं और तेरी वंशावली क्या है ? तेरी सुखाकृति देखने से तो त क्यानी वंश का प्रतीत होता है और मुझे यह शंका हो रही है कि त स्वयं ही सिकन्दर है, जो संदेश वाहक के वेश में आया तू है । " दारा के बचन सुन कर सिकन्दर ने कहा - "मैं तो सिकन्दर का एक तुच्छ सेवक हूँ । सिकन्दर इतना बुद्धिहीन नहीं है जो केला शत्रु की ड्योढ़ी के भीतर प्रवेश करे । " इतनी बात होने के पश्चात् दारा ने मदिरा माँगी भर कर छद्मवेशी सिकन्दर को दी । सिकन्दर ने उसे पीकर उस पात्र को अपने पास रख लिया। इस पर दारा ने पूछा "भदिरा पीकर पात्र को अपने पास रख लेने का क्या अभिप्राय है ??" उसने उत्तर दिया "मेरे देश में किसी को उसी पात्र में फिर मदिरा नहीं देते । " ग्रस्तु द्वारा ने दूसरा पात्र मंगाया । इस प्रकार चार बार में सिकन्दर ने चार रत्नजटित पात्रों को एकत्र कर लिया। जब संध्या हुई तो सिकन्दर भोजन करने के लिए बैठा । इसी समय एक व्यक्ति जिसने सिकन्दर को पहिचान लिया
किशनगढ़ से गुजर रहे डीएफसीसी ट्रेक पर शुक्रवार शाम मदनगंज थाना क्षेत्र के बालाजी बगीची क्षेत्र में मालवाहक ट्रेन की चपेट में आने से दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर जमा हुई भीड़ तमाशा देखती रही और दोनों युवक तड़पते रहे। इस दौरान उन्हें बाइक पर राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें अजमेर के जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचते ही सिर में चोट लगने से घायल एक युवक की मौत हो गई। मदनगंज थाना क्षेत्र के बालाजी बगीची रेलवे ट्रेक पर शुक्रवार शाम पटरी पार करते समय दो युवक सराणा निवासी दिनेश माली व गांधीनगर निवासी अरशद खान मालवाहक ट्रेन की चपेट में आ गए। इस दौरान दिनेश माली सिर में गहरी चोट लगने के कारण बेसुध हालत में पहुंच गया। दोनों घायलों को मौके पर खून से सना देखने के बावजूद वहां से गुजर रहे किसी भी व्यक्ति के मन में इंसानियत नहीं जागी। न तो किसी ने एम्बुलेंस को फोन किया और न ही किसी ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। उल्टे, वहां मौजूद लोग अपने मोबाइल में इन दृश्यों को कैद करते रहे। इस दौरान दोनों घायल युवकों दिनेश माली और अरशद खान को बाइक पर बिठाकर राजकीय यज्ञनारायण जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां उनकी गंभीरावस्था को देखते हुए उन्हें अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचते ही सराणा निवासी दिनेश माली ने दम तोड़ दिया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
किशनगढ़ से गुजर रहे डीएफसीसी ट्रेक पर शुक्रवार शाम मदनगंज थाना क्षेत्र के बालाजी बगीची क्षेत्र में मालवाहक ट्रेन की चपेट में आने से दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर जमा हुई भीड़ तमाशा देखती रही और दोनों युवक तड़पते रहे। इस दौरान उन्हें बाइक पर राजकीय यज्ञनारायण अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें अजमेर के जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचते ही सिर में चोट लगने से घायल एक युवक की मौत हो गई। मदनगंज थाना क्षेत्र के बालाजी बगीची रेलवे ट्रेक पर शुक्रवार शाम पटरी पार करते समय दो युवक सराणा निवासी दिनेश माली व गांधीनगर निवासी अरशद खान मालवाहक ट्रेन की चपेट में आ गए। इस दौरान दिनेश माली सिर में गहरी चोट लगने के कारण बेसुध हालत में पहुंच गया। दोनों घायलों को मौके पर खून से सना देखने के बावजूद वहां से गुजर रहे किसी भी व्यक्ति के मन में इंसानियत नहीं जागी। न तो किसी ने एम्बुलेंस को फोन किया और न ही किसी ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। उल्टे, वहां मौजूद लोग अपने मोबाइल में इन दृश्यों को कैद करते रहे। इस दौरान दोनों घायल युवकों दिनेश माली और अरशद खान को बाइक पर बिठाकर राजकीय यज्ञनारायण जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां उनकी गंभीरावस्था को देखते हुए उन्हें अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचते ही सराणा निवासी दिनेश माली ने दम तोड़ दिया। This website follows the DNPA Code of Ethics.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज e-RUPI की शुरुआत कर दी है. जानें क्या है eRUPI जिसकी आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुरुआत करने जा रहे हैं और यह कैसे काम करेगा और आप इसे कैसे पा सकते हैं. डिजिटल करेंसी की ओर पहला कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज एक इलेक्ट्रॉनिक वाउचर बेस्ड डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम 'eRUPI' है. इस प्लेटफॉर्म को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI), डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा डेवलप किया गया है. यह एक पर्सन-स्पेसिफिक और पर्पज-स्पेसिफिक पेमेंट्स सिस्टम होगा. eRUPI एक कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस डिजिटल पेमेंट मिडियम होगा जो बेनिफिशीएरी के मोबाइल फोन में SMS-स्ट्रिंग या QR कोड के तौर पर आएगा. शुरुआत में यह एक प्रीपेड गिफ्ट-वाउचर की तरह होगा और इसे स्पेसिफिक एक्सेप्टिंग सेंटर्स पर बिना किसी क्रेडिट या डेबिट कार्ड, मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के रिडीम किया जा सकेगा. e-RUPI बेनिफिशिएरी को बिना किसी फिजिकल इंटरफेस के डिजिटली सर्विसेज के स्पॉन्सर्स से कनेक्ट करेगा. इस सिस्टम को NPCI द्वारा उसके UPI प्लेटफॉर्म पर डेवलप किया गया है और इसमें बैंकों को शामिल किया गया है जो इन वाउचर्स को जारी करने का काम करेंगी. किसी भी कॉर्पोरेट या सरकारी एजेंसी को इसे प्राप्त करने के लिए पार्टनर बैंक्स से कॉन्टैक्ट करना होगा जो प्राइवेट और सरकारी दोनों हो सकते हैं. इसके साथ इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि ये किसके लिए और किस उद्देश्य से लिया जा रहा है. बेनिफिशिएरी की पहचान उनके मोबाइल नंबर से की जाएगी बैंक द्वारा सर्विस प्रोवाइडर को किसी व्यक्ति के नाम का वाउचर सिर्फ उसी व्यक्ति को दिया जाएगा. सरकार के मुताबिक e-RUPI वेलफेयर सर्विसेज की लीक-प्रूफ डिलिवरी की पुष्टि करेगा. इसका इस्तेमाल मदर एंड चाइल्ड वेलफेयर स्कीम, टीबी इरैडिकेशन प्रोग्राम के तहत दवाओं और न्यूट्रिशनल सपोर्ट और आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना और फर्टीलाइजर सब्सिडी के तहत सुविधा देने के लिए किया जा सकता है. इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा है कि प्राइवेट सेक्टर भी अपने कर्मचारियों को वेलफेयर एंड कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी प्रोग्राम के तहत डिजिटल वाउचर्स दे सकता है.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज e-RUPI की शुरुआत कर दी है. जानें क्या है eRUPI जिसकी आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुरुआत करने जा रहे हैं और यह कैसे काम करेगा और आप इसे कैसे पा सकते हैं. डिजिटल करेंसी की ओर पहला कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज एक इलेक्ट्रॉनिक वाउचर बेस्ड डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम 'eRUPI' है. इस प्लेटफॉर्म को नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया , डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज, मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर और नेशनल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा डेवलप किया गया है. यह एक पर्सन-स्पेसिफिक और पर्पज-स्पेसिफिक पेमेंट्स सिस्टम होगा. eRUPI एक कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस डिजिटल पेमेंट मिडियम होगा जो बेनिफिशीएरी के मोबाइल फोन में SMS-स्ट्रिंग या QR कोड के तौर पर आएगा. शुरुआत में यह एक प्रीपेड गिफ्ट-वाउचर की तरह होगा और इसे स्पेसिफिक एक्सेप्टिंग सेंटर्स पर बिना किसी क्रेडिट या डेबिट कार्ड, मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के रिडीम किया जा सकेगा. e-RUPI बेनिफिशिएरी को बिना किसी फिजिकल इंटरफेस के डिजिटली सर्विसेज के स्पॉन्सर्स से कनेक्ट करेगा. इस सिस्टम को NPCI द्वारा उसके UPI प्लेटफॉर्म पर डेवलप किया गया है और इसमें बैंकों को शामिल किया गया है जो इन वाउचर्स को जारी करने का काम करेंगी. किसी भी कॉर्पोरेट या सरकारी एजेंसी को इसे प्राप्त करने के लिए पार्टनर बैंक्स से कॉन्टैक्ट करना होगा जो प्राइवेट और सरकारी दोनों हो सकते हैं. इसके साथ इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि ये किसके लिए और किस उद्देश्य से लिया जा रहा है. बेनिफिशिएरी की पहचान उनके मोबाइल नंबर से की जाएगी बैंक द्वारा सर्विस प्रोवाइडर को किसी व्यक्ति के नाम का वाउचर सिर्फ उसी व्यक्ति को दिया जाएगा. सरकार के मुताबिक e-RUPI वेलफेयर सर्विसेज की लीक-प्रूफ डिलिवरी की पुष्टि करेगा. इसका इस्तेमाल मदर एंड चाइल्ड वेलफेयर स्कीम, टीबी इरैडिकेशन प्रोग्राम के तहत दवाओं और न्यूट्रिशनल सपोर्ट और आयुष्मान भारत प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना और फर्टीलाइजर सब्सिडी के तहत सुविधा देने के लिए किया जा सकता है. इसके साथ ही सरकार ने यह भी कहा है कि प्राइवेट सेक्टर भी अपने कर्मचारियों को वेलफेयर एंड कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी प्रोग्राम के तहत डिजिटल वाउचर्स दे सकता है.
महाराष्ट्र में कोरोना की मामूली राहत देखने के बाद एक बार फिर कोरोना का कहर बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। यहां कोरोना मामले अब घटने की बजाय बढ़ते हुए दिख रहे हैं। उद्धव सरकार लगातार बैठकें करके आने वाली तीसरी लहर को रोकने की कोशिशों में लगी है। रविवार को सरकार ने एक बैठक की जिसमें बताया गया कि महाराष्ट्र में 7 जिले चिंता का सबब बने हुए हैं जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने देखे जा रहे हैं। इन राज्यों में पुणे, मुंबई, सांगली आदि शामिल हैं। कुछ ही दिनों में राज्य में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाना शुरू हो जाएगा, जिसको लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है। महाराष्ट्र सरकार की रविवार को हुई बैठक में पुणे सहित राज्य के सात पश्चिमी जिलों को "चिंता के क्षेत्र" कहा है। सरकार को डर है मामलों में जो उछाल देखने को मिल रहा है वह तीसरी लहर की दस्तक हो सकती है। पिछले 10 दिनों में मामलों की संख्या में कोई गिरावट नहीं देखी गई है; इसके बजाय, नए संक्रमणों में मामूली उछाल आया है। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मुंबई में हुए सम्मेलन में यह जानकारी दी है। डेटा से पता चला है कि भले ही पिछले कई हफ्तों से सभी जिलों में साप्ताहिक सकारात्मकता दर 5% से नीचे रही, लेकिन इस सप्ताह पुणे और अहमदनगर जैसे कुछ जिलों में यह आंकड़ा क्रमशः 6. 58% और 5. 08% देखा गया। नुंबई वापस उन टॉप 5 जिलों में शामिल हो गया है जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं । राज्य के कुल 52,025 सक्रिय मामलों में से 90. 62 प्रतिशत मामले केवल 10 जिलों से हैं, जिनमें से 37,897 यानी 72. 84 प्रतिशत मामले केवल 5 जिलों से सामने आए हैं। राज्य सरकार ने पुणे, अहमदनगर, सतारा, सोलापुर, सांगली, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग को 'चिंता के जिले' करार दिया है। डॉ व्यास ने कहा है, "इन जिलों में नए संक्रमणों की वृद्धि दर और साप्ताहिक सकारात्मकता दर बहुत अधिक है। शुक्रवार से शुरू होने वाले गणेश उत्सव के साथ, इन जिलों में बड़े पैमाने पर मनाए जाने की संभावना है, तीसरी लहर शुरू होने की संभावना है। जिला प्रशासन को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। " व्यास ने हालांकि कहा कि शेष 17 जिलों में से दूसरी लहर अभी थम गई है। उनमें से सात जिलों में 10 से कम सक्रिय रोगी हैं जबकि 11 में, सक्रिय रोगियों की संख्या 11 से 100 के बीच है। इनमें से अधिकांश जिले विदर्भ और मराठवाड़ा में हैं। सम्मेलन में, सीएम ठाकरे ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता तीसरी लहर को टालना या हमले की तीव्रता को कम करना है।
महाराष्ट्र में कोरोना की मामूली राहत देखने के बाद एक बार फिर कोरोना का कहर बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। यहां कोरोना मामले अब घटने की बजाय बढ़ते हुए दिख रहे हैं। उद्धव सरकार लगातार बैठकें करके आने वाली तीसरी लहर को रोकने की कोशिशों में लगी है। रविवार को सरकार ने एक बैठक की जिसमें बताया गया कि महाराष्ट्र में सात जिले चिंता का सबब बने हुए हैं जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने देखे जा रहे हैं। इन राज्यों में पुणे, मुंबई, सांगली आदि शामिल हैं। कुछ ही दिनों में राज्य में गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाना शुरू हो जाएगा, जिसको लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है। महाराष्ट्र सरकार की रविवार को हुई बैठक में पुणे सहित राज्य के सात पश्चिमी जिलों को "चिंता के क्षेत्र" कहा है। सरकार को डर है मामलों में जो उछाल देखने को मिल रहा है वह तीसरी लहर की दस्तक हो सकती है। पिछले दस दिनों में मामलों की संख्या में कोई गिरावट नहीं देखी गई है; इसके बजाय, नए संक्रमणों में मामूली उछाल आया है। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मुंबई में हुए सम्मेलन में यह जानकारी दी है। डेटा से पता चला है कि भले ही पिछले कई हफ्तों से सभी जिलों में साप्ताहिक सकारात्मकता दर पाँच% से नीचे रही, लेकिन इस सप्ताह पुणे और अहमदनगर जैसे कुछ जिलों में यह आंकड़ा क्रमशः छः. अट्ठावन% और पाँच. आठ% देखा गया। नुंबई वापस उन टॉप पाँच जिलों में शामिल हो गया है जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं । राज्य के कुल बावन,पच्चीस सक्रिय मामलों में से नब्बे. बासठ प्रतिशत मामले केवल दस जिलों से हैं, जिनमें से सैंतीस,आठ सौ सत्तानवे यानी बहत्तर. चौरासी प्रतिशत मामले केवल पाँच जिलों से सामने आए हैं। राज्य सरकार ने पुणे, अहमदनगर, सतारा, सोलापुर, सांगली, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग को 'चिंता के जिले' करार दिया है। डॉ व्यास ने कहा है, "इन जिलों में नए संक्रमणों की वृद्धि दर और साप्ताहिक सकारात्मकता दर बहुत अधिक है। शुक्रवार से शुरू होने वाले गणेश उत्सव के साथ, इन जिलों में बड़े पैमाने पर मनाए जाने की संभावना है, तीसरी लहर शुरू होने की संभावना है। जिला प्रशासन को अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। " व्यास ने हालांकि कहा कि शेष सत्रह जिलों में से दूसरी लहर अभी थम गई है। उनमें से सात जिलों में दस से कम सक्रिय रोगी हैं जबकि ग्यारह में, सक्रिय रोगियों की संख्या ग्यारह से एक सौ के बीच है। इनमें से अधिकांश जिले विदर्भ और मराठवाड़ा में हैं। सम्मेलन में, सीएम ठाकरे ने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता तीसरी लहर को टालना या हमले की तीव्रता को कम करना है।
फैंसी बाजार के चैंबर रोड स्थित अग्रवाल सदन में चल रहे कोविड टेस्टिंग सेंटर में कुल 69 लोगों ने रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाया, जिनमें से कुल 6 लोग पॉजिटिव पाए गए। सोमवार को कुल 70 लोगों ने अपने नामों का पंजीयन कराया, जिसमें से 69 लोगों ने रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाया। इस दौरान एटी रोड स्थित पराग भवन से पहुंचे एक परिवार के सभी 5 सदस्य पॉजिटिव पाए गए। वहीं एक अन्य क्रिश्चियन बस्ती स्थित एक घर में कार्यरत कर्मचारी भी पॉजिटिव पाया गया। सेंटर के अधिकारी हाशिम अली ने बताया कि एटी रोड स्थित परिवार का एक व्यक्ति पहले टेस्ट कराने पहुंचा था, जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद घर में मौजूद दो अन्य महिलाओं एवं दो बच्चों को भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से टेस्टिंग केंद्र पर जांच के लिए आने को कहा गया। परिवार ने भी सहयोग किया और टेस्टिंग सेंटर पहुंच गए। सभी लोगों की जांच की गई, जिसमें वे चारों भी पॉजिटिव पाए गए। बाद में परिवार के सभी सदस्यों ने अधिकारियों से होम क्वारांटाइन देने की मांग की। नियानुसार लिखित रूप से सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर सभी पांचों लोगों को होम क्वारांटइन दे दिया गया। कामरूप चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त सचिव भूषण जैन ने बताया की सोमवार को रक्षाबंधन होने के चलते टेस्टिंग सेंटर पर लोगों की संख्या कम दिखी।
फैंसी बाजार के चैंबर रोड स्थित अग्रवाल सदन में चल रहे कोविड टेस्टिंग सेंटर में कुल उनहत्तर लोगों ने रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाया, जिनमें से कुल छः लोग पॉजिटिव पाए गए। सोमवार को कुल सत्तर लोगों ने अपने नामों का पंजीयन कराया, जिसमें से उनहत्तर लोगों ने रैपिड एंटीजन टेस्ट करवाया। इस दौरान एटी रोड स्थित पराग भवन से पहुंचे एक परिवार के सभी पाँच सदस्य पॉजिटिव पाए गए। वहीं एक अन्य क्रिश्चियन बस्ती स्थित एक घर में कार्यरत कर्मचारी भी पॉजिटिव पाया गया। सेंटर के अधिकारी हाशिम अली ने बताया कि एटी रोड स्थित परिवार का एक व्यक्ति पहले टेस्ट कराने पहुंचा था, जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद घर में मौजूद दो अन्य महिलाओं एवं दो बच्चों को भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से टेस्टिंग केंद्र पर जांच के लिए आने को कहा गया। परिवार ने भी सहयोग किया और टेस्टिंग सेंटर पहुंच गए। सभी लोगों की जांच की गई, जिसमें वे चारों भी पॉजिटिव पाए गए। बाद में परिवार के सभी सदस्यों ने अधिकारियों से होम क्वारांटाइन देने की मांग की। नियानुसार लिखित रूप से सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर सभी पांचों लोगों को होम क्वारांटइन दे दिया गया। कामरूप चैंबर ऑफ कॉमर्स के संयुक्त सचिव भूषण जैन ने बताया की सोमवार को रक्षाबंधन होने के चलते टेस्टिंग सेंटर पर लोगों की संख्या कम दिखी।
उज्जैन। प्रमुख ज्योतिर्लिगों में से एक मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में श्रवण मास के तीसरे सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकली। मान्यता है कि महाकाल उज्जैन के राजा हैं और वे श्रवण मास के सोमवार को अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को बाबा महाकालेश्वर की सवारी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सपत्नीक साधना सिंह के साथ शामिल हुए। उन्होंने सवारी के पूर्व महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन किया। पूजन-अर्चन में उनके माता-पिता तथा उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह भी शामिल हुए। उसके बाद उन्होंने भगवान महाकाल की पालकी को नगर भ्रमण की ओर रवाना किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ सवारी में झांझ-मजीरे बजाते हुए भगवान महाकाल के गुणगान करते हुए चले। श्रावण माह के तीसरे सोमवार को भगवान महाकालेश्वर पालकी में चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में विराजित थे। पालकी मंदिर के जैसे ही मुख्यद्वार पर पहुंची, वहां पर भगवान महाकाल को सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने सलामी दी। सवारी मार्ग के दोनों ओर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन कर पुष्प अर्पित कर पुण्य लाभ कमाया। सभी ने महाकाल से मंगल कामनाएं की। मान्यता है कि महाकाल सावन के सोमवार को अपनी प्रजा का हाल जानने निकलते हैं, उसी क्रम में श्रावण मास के तीसरे सोमवार को महाकाल प्रजा का हाल जानने निकले। सभा मंडप में विधिवत पूजन-अर्चन पंडित घनश्याम पुजारी ने संपन्न कराया। महाकालेश्वर सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंची। महाकाल मंदिर से रामघाट तक मुख्यमंत्री एवं उनकी पत्नी सवारी के साथ-साथ चल रहे थे। रामघाट पर भगवान महाकाल का क्षिप्रा के जल से अभिषेक कर पूजन-अर्चन किया गया। उसके बाद सवारी महाकालेश्वर मंदिर को लौटी।
उज्जैन। प्रमुख ज्योतिर्लिगों में से एक मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में श्रवण मास के तीसरे सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकली। मान्यता है कि महाकाल उज्जैन के राजा हैं और वे श्रवण मास के सोमवार को अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को बाबा महाकालेश्वर की सवारी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सपत्नीक साधना सिंह के साथ शामिल हुए। उन्होंने सवारी के पूर्व महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन किया। पूजन-अर्चन में उनके माता-पिता तथा उनकी धर्मपत्नी साधना सिंह भी शामिल हुए। उसके बाद उन्होंने भगवान महाकाल की पालकी को नगर भ्रमण की ओर रवाना किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ सवारी में झांझ-मजीरे बजाते हुए भगवान महाकाल के गुणगान करते हुए चले। श्रावण माह के तीसरे सोमवार को भगवान महाकालेश्वर पालकी में चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में विराजित थे। पालकी मंदिर के जैसे ही मुख्यद्वार पर पहुंची, वहां पर भगवान महाकाल को सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने सलामी दी। सवारी मार्ग के दोनों ओर हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन कर पुष्प अर्पित कर पुण्य लाभ कमाया। सभी ने महाकाल से मंगल कामनाएं की। मान्यता है कि महाकाल सावन के सोमवार को अपनी प्रजा का हाल जानने निकलते हैं, उसी क्रम में श्रावण मास के तीसरे सोमवार को महाकाल प्रजा का हाल जानने निकले। सभा मंडप में विधिवत पूजन-अर्चन पंडित घनश्याम पुजारी ने संपन्न कराया। महाकालेश्वर सवारी महाकाल मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंची। महाकाल मंदिर से रामघाट तक मुख्यमंत्री एवं उनकी पत्नी सवारी के साथ-साथ चल रहे थे। रामघाट पर भगवान महाकाल का क्षिप्रा के जल से अभिषेक कर पूजन-अर्चन किया गया। उसके बाद सवारी महाकालेश्वर मंदिर को लौटी।
श्री पी. चन्द्र शेखर आजाद, आन्ध्र प्रदेश के विजयवाडा के एक 73 वर्षीय उद्यमी किसान है जिनके लिए खेती बाड़ी केवल एक लाभकारी उद्यम नहीं है। यह इनका विजन, पैसन और मिशन है। श्री आजाद अपने कथनों, कार्यों और सोच के मामले में अभी भी युवा हैं। एक किसान के रूप में श्री आजाद की पारी की शुरूआत 23 साल पहले हुई। श्री आजाद ने याद करते हुए बताया कि "मैं 50 वर्ष की आयु तक विजयवाडा में एक छोटी प्रिन्टिंग प्रेस चला रहा था। बाद में, मैंने अपने पिता से विरासत में मिली 9 एकड़ जमीन पर हल्दी, धान, मक्का, केला आदि की खेती करना प्रारंभ किया। क्षेत्र में अन्य किसानों की ही तरह हल्दी ही मुख्य फसल थी। उस समय श्री आजाद द्वारा दुग्गीराला, कडप्पा, अरमूर तथा टेकुरपेट आदि जैसी स्थानीय किस्मों की खेती की जा रही थी। उस समय हल्दी की खेती करना बहुत अधिक लाभकारी नहीं था क्योंकि इसमें कम उपज और अधिक रोग प्रकोप का खतरा विद्यमान था। आगे श्री आजाद ने बताया कि वह एक अधिक पैदावार देने वाली और अच्छी गुणवत्ता वाली हल्दी किस्म की तलाश कर रहे थे। लगभग आठ साल पहले मैं भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड द्वारा विकसित प्रतिभा हल्दी किस्म के साथ आया। श्री आजाद ने केरल से 50 किलोग्राम मूलवृन्त खरीद कर प्रयोगात्मक आधार पर वर्ष 2004 में प्रतिभा की खेती करना प्रारंभ किया। यह एक वृद्ध से उद्यमी किसान बनने की कभी समाप्त नहीं होने वाली गाथा की शुरूआत थी। वर्ष 2007 के बाद से, श्री आजाद के लिए परिस्थितियों में काफी हद तक बदलाव आया। इनका खेती उत्पादन कई गुणा तक बढ़ गया। इन्होंने इलाके के बागवानी विभागों और अन्य किसानों को बीज मूलवृन्तों की आपूर्ति करना प्रारंभ किया। वर्ष 2007 - 2008 के दौरान, श्री आजाद ने आन्ध्र प्रदेश के बागवानी विभाग, निजामाबाद को 12 टन बीज मूलवृंत की आपूर्ति की। अगले वर्ष इन्होंने अदिलाबाद जिले में प्रतिभा रोपण सामग्री की 30 टन और रंगा रेड्डी जिले में विभाग को 12 टन रोपण सामग्री की आपूर्ति की। वर्ष 2010 -11 में इन्होंने 2.75 एकड़ में प्रतिभा किस्म की खेती की और लगभग 43 टन ताजा मूलवृन्त की उपज हासिल की। श्री आजाद ने बताया कि "पिछले वर्ष उनका कुल खेती खर्च लगभग दो लाख रूपये था जिसमें बीज मूलवृन्त, रोपण और तुडाई आदि की लागत शामिल थी जबकि मैं लगभग 14 लाख रूपये मूल्य के उत्पाद बेचने में सफल रहा। अपनी सफलता की गाथा को आगे सुनाते हुए श्री आजाद ने बताया कि मैं जैविक कृषि प्रणाली का पालन कर रहा था और उसमें रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग बहुत कम कर रहा था। अधिक उपज, बेहतर जल निकासी, अगेती परिपक्वता, अच्छी गुणवत्ता और बीज मूलवृन्त के लिए अच्छी मांग आदि ऐसे कारक हैं जो कि श्री आजाद को और क्षेत्र में अन्य किसानों को प्रतिभा किस्म को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। श्री आजाद द्वारा खेती की मेड एवं खांचा विधि का प्रयोग किया जाता है जो कि आन्ध्र प्रदेश राज्य में प्रचलन में है। इन्होंने फसल की विभिन्न बढ़वार अवस्थाओं में सुपर फॉस्फेट, वर्मी कम्पोस्ट, गन्ना फिल्टर केक, जैव सुधारक तथा जैव उर्वरकों का उपयोग किया। कन्दों की खुदाई बैलों की मदद से की गई। साथ ही इन्होंने हल्दी कन्दों की सफाई करने के लिए मजदूरों को रखा। साफ किए गए हल्दी मूलवृन्तों अथवा गांठ को उबाला गया जिसके लिए बड़े हल्दी बॉयलर्स का उपयोग किया गया। उबले हुए मूलवृन्तों को 20 दिनों तक धूप में सुखाया गया और फिर मैकेनिकल पॉलीशर्स की मदद से उन पर पॉलिश की गई। लेकिन अभी भी इनके उत्पादन का बड़ा हिस्सा बीज मूलवृन्त के रूप में बेचा जा रहा है। श्री आजाद के अनुभव के अनुसार, प्रतिभा किस्म मूलवृन्त सड़न की अत्यधिक प्रतिरोधी है जबकि इनके खेत के समीप हल्दी की अन्य स्थानीय किस्में यथा टेकुरपेट और दुग्गीरला आदि मूलवृन्त सड़न से संक्रमित थीं। हल्दी की किस्म प्रतिभा को भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड द्वारा खुली परागित संतति सेलेक्शन के माध्यम से विकसित किया गया है। भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोडकी प्रभा एवं प्रतिभा अकेली ऐसी हल्दी किस्में हैं जिन्हें आजतक पूरे विश्व में वास्तविक हल्दी पौद सेलेक्शन के माध्यम से विकसित किया गया है। इन दोनों में से, प्रतिभा किस्म ने देशभर में नाम और प्रतिष्ठा दोनों की अर्जित की हैं - ऐसा भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बी. सूर्यकुमार का कहना है। श्री आजाद की सफल गाथा अनेक अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत है। अब श्री आजाद राज्य में प्रतिभा हल्दी की खेती के लिए एक ब्राण्ड एम्बसेडर हैं। हल्दी की खेती करने वाले अनेक किसान इनसे सलाह और मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं। अपनी उम्र के अन्य किसानों से श्री आजाद को अलग दिखाने वाले गुणों में उनके द्वारा इनोवेशन को अपनाने में अपनी तत्परता दिखाना है। उम्र के इस पड़ाव में भी श्री आजाद कम्प्यूटर पर कार्य करना पसंद करते हैं। वे खेती की हर अवस्था में ऐसा भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड के वैज्ञानिकों के साथ फोन और इन्टरनेट के माध्यम से लगातार सम्पर्क बनाये रखते हैं। साथ ही वे सभी प्रकार की फार्म गतिविधियों का रिकॉर्ड रखते हैं, नियमित अन्तराल पर फसल की फोटो खींचकर उसे वैज्ञानिकों के पास सलाह के लिए भेजते हैं। " कृषि से कभी नुकसान नहीं होगा यदि किसान अधिक पैदावार देने वाली उन्नत किस्मों को और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन रीतियों को अपनाने के लिए तैयार रहे। समय से फसल प्रबंधन रीतियों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने से फसल की उत्पादकता में कई गुणा बढ़ोतरी होगी" -ऐसा कहना है भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड के निदेशक डॉ. एम. आनन्दराज का। (स्रोत : भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड, केरल से मिले इनपुट के आधार पर मास मीडिया मोबिलाइजेशन, डीकेएमए पर एनएआईपी उप-परियोजना)
श्री पी. चन्द्र शेखर आजाद, आन्ध्र प्रदेश के विजयवाडा के एक तिहत्तर वर्षीय उद्यमी किसान है जिनके लिए खेती बाड़ी केवल एक लाभकारी उद्यम नहीं है। यह इनका विजन, पैसन और मिशन है। श्री आजाद अपने कथनों, कार्यों और सोच के मामले में अभी भी युवा हैं। एक किसान के रूप में श्री आजाद की पारी की शुरूआत तेईस साल पहले हुई। श्री आजाद ने याद करते हुए बताया कि "मैं पचास वर्ष की आयु तक विजयवाडा में एक छोटी प्रिन्टिंग प्रेस चला रहा था। बाद में, मैंने अपने पिता से विरासत में मिली नौ एकड़ जमीन पर हल्दी, धान, मक्का, केला आदि की खेती करना प्रारंभ किया। क्षेत्र में अन्य किसानों की ही तरह हल्दी ही मुख्य फसल थी। उस समय श्री आजाद द्वारा दुग्गीराला, कडप्पा, अरमूर तथा टेकुरपेट आदि जैसी स्थानीय किस्मों की खेती की जा रही थी। उस समय हल्दी की खेती करना बहुत अधिक लाभकारी नहीं था क्योंकि इसमें कम उपज और अधिक रोग प्रकोप का खतरा विद्यमान था। आगे श्री आजाद ने बताया कि वह एक अधिक पैदावार देने वाली और अच्छी गुणवत्ता वाली हल्दी किस्म की तलाश कर रहे थे। लगभग आठ साल पहले मैं भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड द्वारा विकसित प्रतिभा हल्दी किस्म के साथ आया। श्री आजाद ने केरल से पचास किलोग्रामग्राम मूलवृन्त खरीद कर प्रयोगात्मक आधार पर वर्ष दो हज़ार चार में प्रतिभा की खेती करना प्रारंभ किया। यह एक वृद्ध से उद्यमी किसान बनने की कभी समाप्त नहीं होने वाली गाथा की शुरूआत थी। वर्ष दो हज़ार सात के बाद से, श्री आजाद के लिए परिस्थितियों में काफी हद तक बदलाव आया। इनका खेती उत्पादन कई गुणा तक बढ़ गया। इन्होंने इलाके के बागवानी विभागों और अन्य किसानों को बीज मूलवृन्तों की आपूर्ति करना प्रारंभ किया। वर्ष दो हज़ार सात - दो हज़ार आठ के दौरान, श्री आजाद ने आन्ध्र प्रदेश के बागवानी विभाग, निजामाबाद को बारह टन बीज मूलवृंत की आपूर्ति की। अगले वर्ष इन्होंने अदिलाबाद जिले में प्रतिभा रोपण सामग्री की तीस टन और रंगा रेड्डी जिले में विभाग को बारह टन रोपण सामग्री की आपूर्ति की। वर्ष दो हज़ार दस -ग्यारह में इन्होंने दो.पचहत्तर एकड़ में प्रतिभा किस्म की खेती की और लगभग तैंतालीस टन ताजा मूलवृन्त की उपज हासिल की। श्री आजाद ने बताया कि "पिछले वर्ष उनका कुल खेती खर्च लगभग दो लाख रूपये था जिसमें बीज मूलवृन्त, रोपण और तुडाई आदि की लागत शामिल थी जबकि मैं लगभग चौदह लाख रूपये मूल्य के उत्पाद बेचने में सफल रहा। अपनी सफलता की गाथा को आगे सुनाते हुए श्री आजाद ने बताया कि मैं जैविक कृषि प्रणाली का पालन कर रहा था और उसमें रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग बहुत कम कर रहा था। अधिक उपज, बेहतर जल निकासी, अगेती परिपक्वता, अच्छी गुणवत्ता और बीज मूलवृन्त के लिए अच्छी मांग आदि ऐसे कारक हैं जो कि श्री आजाद को और क्षेत्र में अन्य किसानों को प्रतिभा किस्म को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। श्री आजाद द्वारा खेती की मेड एवं खांचा विधि का प्रयोग किया जाता है जो कि आन्ध्र प्रदेश राज्य में प्रचलन में है। इन्होंने फसल की विभिन्न बढ़वार अवस्थाओं में सुपर फॉस्फेट, वर्मी कम्पोस्ट, गन्ना फिल्टर केक, जैव सुधारक तथा जैव उर्वरकों का उपयोग किया। कन्दों की खुदाई बैलों की मदद से की गई। साथ ही इन्होंने हल्दी कन्दों की सफाई करने के लिए मजदूरों को रखा। साफ किए गए हल्दी मूलवृन्तों अथवा गांठ को उबाला गया जिसके लिए बड़े हल्दी बॉयलर्स का उपयोग किया गया। उबले हुए मूलवृन्तों को बीस दिनों तक धूप में सुखाया गया और फिर मैकेनिकल पॉलीशर्स की मदद से उन पर पॉलिश की गई। लेकिन अभी भी इनके उत्पादन का बड़ा हिस्सा बीज मूलवृन्त के रूप में बेचा जा रहा है। श्री आजाद के अनुभव के अनुसार, प्रतिभा किस्म मूलवृन्त सड़न की अत्यधिक प्रतिरोधी है जबकि इनके खेत के समीप हल्दी की अन्य स्थानीय किस्में यथा टेकुरपेट और दुग्गीरला आदि मूलवृन्त सड़न से संक्रमित थीं। हल्दी की किस्म प्रतिभा को भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड द्वारा खुली परागित संतति सेलेक्शन के माध्यम से विकसित किया गया है। भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोडकी प्रभा एवं प्रतिभा अकेली ऐसी हल्दी किस्में हैं जिन्हें आजतक पूरे विश्व में वास्तविक हल्दी पौद सेलेक्शन के माध्यम से विकसित किया गया है। इन दोनों में से, प्रतिभा किस्म ने देशभर में नाम और प्रतिष्ठा दोनों की अर्जित की हैं - ऐसा भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बी. सूर्यकुमार का कहना है। श्री आजाद की सफल गाथा अनेक अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत है। अब श्री आजाद राज्य में प्रतिभा हल्दी की खेती के लिए एक ब्राण्ड एम्बसेडर हैं। हल्दी की खेती करने वाले अनेक किसान इनसे सलाह और मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं। अपनी उम्र के अन्य किसानों से श्री आजाद को अलग दिखाने वाले गुणों में उनके द्वारा इनोवेशन को अपनाने में अपनी तत्परता दिखाना है। उम्र के इस पड़ाव में भी श्री आजाद कम्प्यूटर पर कार्य करना पसंद करते हैं। वे खेती की हर अवस्था में ऐसा भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड के वैज्ञानिकों के साथ फोन और इन्टरनेट के माध्यम से लगातार सम्पर्क बनाये रखते हैं। साथ ही वे सभी प्रकार की फार्म गतिविधियों का रिकॉर्ड रखते हैं, नियमित अन्तराल पर फसल की फोटो खींचकर उसे वैज्ञानिकों के पास सलाह के लिए भेजते हैं। " कृषि से कभी नुकसान नहीं होगा यदि किसान अधिक पैदावार देने वाली उन्नत किस्मों को और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन रीतियों को अपनाने के लिए तैयार रहे। समय से फसल प्रबंधन रीतियों और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने से फसल की उत्पादकता में कई गुणा बढ़ोतरी होगी" -ऐसा कहना है भाकृअनुप - भारतीय मसाले अनुसंधान संस्थान, कोझीकोड के निदेशक डॉ. एम. आनन्दराज का।
स्वास्थ्य आयुक्त आर. प्रसन्ना ने बताया कि हालात काबू में हैं। उधर खुर्सीपार में हालात पर नियंत्रण के लिए महकमा सक्रिय है। एनएचएम संचालक डॉ. सर्वेश्वर भुरे की अध्यक्षता में तीन विभागों के अफसरों की संयुक्त टीम गठित की है। भिलाई में अब तक डेंगू के 209 मरीज पॉजिटिव, 171 की रिपोर्ट आना बाकी है, 321 का इलाज जारी है।
स्वास्थ्य आयुक्त आर. प्रसन्ना ने बताया कि हालात काबू में हैं। उधर खुर्सीपार में हालात पर नियंत्रण के लिए महकमा सक्रिय है। एनएचएम संचालक डॉ. सर्वेश्वर भुरे की अध्यक्षता में तीन विभागों के अफसरों की संयुक्त टीम गठित की है। भिलाई में अब तक डेंगू के दो सौ नौ मरीज पॉजिटिव, एक सौ इकहत्तर की रिपोर्ट आना बाकी है, तीन सौ इक्कीस का इलाज जारी है।
1 इस बार परमेश्वर लोगों को मारने नहीं, बल्कि यथासम्भव उन्हें आया है। गलतियां किससे नहीं होतीं? यदि सभी को मार दिया जाए, तो फिर यह "उद्धार" कैसे होगा? कुछ अपराध जान-बूझकर किये जाते हैं, जबकि कुछ अनजाने में हो जाते हैं। अनजाने में हुये अपराधों को पहचानकर, तुम बदल सकते हो, तो क्या परमेश्वर तुम्हारे बदलने से पहले ही तुम्हें समाप्त कर देगा? क्या उस तरह से परमेश्वर लोगों को बचा सकता है? चाहे तुमसे अपराध अनजाने में हुआ हो या विद्रोही प्रकृति के कारण, तुम्हें यह याद रखना चाहिए कि एक बार अपराध हो जाने पर, तुम्हें शीघ्रता करनी है, और वास्तविकता को पहचानकर आगे बढ़ना है; हालात कुछ भी हों, तुम्हें आगे बढ़ने का प्रयास करना है। 2 परमेश्वर उद्धार का कार्य कर रहा है और वह जिन्हें बचाना चाहता है, उन्हें यूँ ही नहीं मार देगा। तुम चाहे किसी भी स्तर तक बदल पाने की स्थिति में हो, यदि अंत में परमेश्वर तुम्हें मार भी देता है, तो निश्चय ही उसका ऐसा करना धर्मितापूर्ण होगा; और जब समय आयेगा तो वह तुम्हें समझा देगा। इस समय तुम्हें सत्य के लिए प्रयास करना चाहिए, जीवन प्रवेश पर ध्यान देना चाहिए और सही तरीके से अपने कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए। इसमें कोई दोष नहीं है! अंततः, परमेश्वर तुम्हारे साथ जैसा चाहे बर्ताव करे, वह हमेशा न्यायसंगत ही होता है; इस पर तुम्हें न तो संदेह करना चाहिये और न ही इसकी चिंता करनी चाहिये; भले ही इस समय तुम परमेश्वर की धार्मिकता न समझ पाओ, लेकिन वह दिन आयेगा जब तुम आश्वस्त हो जाओगे।
एक इस बार परमेश्वर लोगों को मारने नहीं, बल्कि यथासम्भव उन्हें आया है। गलतियां किससे नहीं होतीं? यदि सभी को मार दिया जाए, तो फिर यह "उद्धार" कैसे होगा? कुछ अपराध जान-बूझकर किये जाते हैं, जबकि कुछ अनजाने में हो जाते हैं। अनजाने में हुये अपराधों को पहचानकर, तुम बदल सकते हो, तो क्या परमेश्वर तुम्हारे बदलने से पहले ही तुम्हें समाप्त कर देगा? क्या उस तरह से परमेश्वर लोगों को बचा सकता है? चाहे तुमसे अपराध अनजाने में हुआ हो या विद्रोही प्रकृति के कारण, तुम्हें यह याद रखना चाहिए कि एक बार अपराध हो जाने पर, तुम्हें शीघ्रता करनी है, और वास्तविकता को पहचानकर आगे बढ़ना है; हालात कुछ भी हों, तुम्हें आगे बढ़ने का प्रयास करना है। दो परमेश्वर उद्धार का कार्य कर रहा है और वह जिन्हें बचाना चाहता है, उन्हें यूँ ही नहीं मार देगा। तुम चाहे किसी भी स्तर तक बदल पाने की स्थिति में हो, यदि अंत में परमेश्वर तुम्हें मार भी देता है, तो निश्चय ही उसका ऐसा करना धर्मितापूर्ण होगा; और जब समय आयेगा तो वह तुम्हें समझा देगा। इस समय तुम्हें सत्य के लिए प्रयास करना चाहिए, जीवन प्रवेश पर ध्यान देना चाहिए और सही तरीके से अपने कर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए। इसमें कोई दोष नहीं है! अंततः, परमेश्वर तुम्हारे साथ जैसा चाहे बर्ताव करे, वह हमेशा न्यायसंगत ही होता है; इस पर तुम्हें न तो संदेह करना चाहिये और न ही इसकी चिंता करनी चाहिये; भले ही इस समय तुम परमेश्वर की धार्मिकता न समझ पाओ, लेकिन वह दिन आयेगा जब तुम आश्वस्त हो जाओगे।
Aaj Ka Rashifal 20 February 2022: आज किन राशियों के लिए खास है दिन, किसके लिए है भारी, पढ़ें आज का राशिफल और जानें क्या कहते हैं आपके सितारे? मेषः आज आपके कारोबार में वृद्धि होगी। अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देना होगा। शत्रु से चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में मन कम लगेगा, इससे आप समय पर अपना कार्य पूरा नहीं कर पाएंगे। खर्च में वृद्धि हो सकती है। वृषभः आज परिवार में धार्मिक कार्य संपन्न हो सकते हैं। प्रेम जीवन में भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। अगर साथी रूठ गया है तो वह आज खुशी-खुशी मान जाएगा। संतान भी अपने कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। मित्रों के साथ मौज-मस्ती हो सकती है। मिथुनः आज आपके कारोबार में व्यवधान आ सकता है। धन से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। आज आप कोई कीमती चीज खरीद सकते हैं। परिजनों के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बन सकता है। सफलता के लिए अधिक मेहनत करनी होगी। कर्कः आज आपको जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत से लाभ मिलेगा। आप अपने छोटे भाई-बहन की मदद कर सकते हैं। आज अपने निजी जीवन को लेकर मन में नकारात्मक विचार आने की संभावना है। अनावश्यक खर्च में बढ़ोतरी होगी। सिंहः आज आपको पैतृक संपत्ति के माध्यम से धन लाभ होगा। धन की बचत करने में सफल होंगे। वहीं घर पर भी शांत वातावरण देखने को मिलेगा। हालांकि अगर आप फैमिली से दूर हैं तो घरवालों की याद आएगी। यात्रा के योग हैं। कन्याः आज मन प्रसन्न रहेगा। खासी जुकाम होने की संभावना है। व्यक्तिगत परेशानियों को कम करने के लिए आप अपने दोस्तों से मदद मांग सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। सीनियर्स का पूरा सहयोग मिलेगा। तुलाः आज आपको धैर्य से काम लेना होगा। उतार-चढ़ाव की परिस्थितियां आएंगी। आज आप लंबी यात्रा कर सकते हैं। निवेश के लिए आज का दिन शुभ नहीं है। घर पर आर्थिक कलह का सामना करना पड़ सकता है। वृश्चिकः आज किसी मित्र के सहयोग से धन प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में परिस्थितियां अनुकूल होंगी। किसी शुभ कार्य करने का दिन अच्छा है उसमें आपको लाभ मिलेगा। कारोबार में भी आपको लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। धनुः बौद्धिक कार्य में मन लगेगा। कामकाज को लेकर अधिक व्यस्तता रहेगी। सरकारी कामकाज में आज सफलता मिल सकती है। आज सैलरी बढ़ने की आशा कर सकते हैं। आपके आत्म-विश्वास में कमी आ सकती है। मकरः जीवसाथी का साथ पाकर कार्यक्षेत्र में प्रगति करेंगे। मेहनत और भाग्य का साथ आपको कामयाबी की राह दिखाएगा। किसी सामाजिक कार्य में आप बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे। इससे आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। स्वभाव में थोड़ा चिड़चिड़ापन आ सकता है। कुंभः आज आपके सामने धन की समस्या रहेगी। कार्यक्षेत्र में सामान्य परिणाम मिल सकते हैं। लेकिन निजी जीवन में संकट का सामना करना पड़ सकता है। अचानक से परेशानी आने की संभावना है। खान पान को लेकर सचेत रहना होगा। मीनः आज परिजनों के साथ किसी यात्रा पर जा सकते हैं। आप भी उनकी भावनाओं को समझेंगे। व्यापार के लिए भी दिन अच्छा बीतने के संकेत कर रहा है। यदि आप साझेदारी में व्यापार करेंगे तो उसमें आपको फायदा होगा। किंतु खर्च की वृद्धि से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
Aaj Ka Rashifal बीस फ़रवरीruary दो हज़ार बाईस: आज किन राशियों के लिए खास है दिन, किसके लिए है भारी, पढ़ें आज का राशिफल और जानें क्या कहते हैं आपके सितारे? मेषः आज आपके कारोबार में वृद्धि होगी। अपनी सेहत पर विशेष ध्यान देना होगा। शत्रु से चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में मन कम लगेगा, इससे आप समय पर अपना कार्य पूरा नहीं कर पाएंगे। खर्च में वृद्धि हो सकती है। वृषभः आज परिवार में धार्मिक कार्य संपन्न हो सकते हैं। प्रेम जीवन में भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। अगर साथी रूठ गया है तो वह आज खुशी-खुशी मान जाएगा। संतान भी अपने कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। मित्रों के साथ मौज-मस्ती हो सकती है। मिथुनः आज आपके कारोबार में व्यवधान आ सकता है। धन से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी। आज आप कोई कीमती चीज खरीद सकते हैं। परिजनों के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बन सकता है। सफलता के लिए अधिक मेहनत करनी होगी। कर्कः आज आपको जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में मेहनत से लाभ मिलेगा। आप अपने छोटे भाई-बहन की मदद कर सकते हैं। आज अपने निजी जीवन को लेकर मन में नकारात्मक विचार आने की संभावना है। अनावश्यक खर्च में बढ़ोतरी होगी। सिंहः आज आपको पैतृक संपत्ति के माध्यम से धन लाभ होगा। धन की बचत करने में सफल होंगे। वहीं घर पर भी शांत वातावरण देखने को मिलेगा। हालांकि अगर आप फैमिली से दूर हैं तो घरवालों की याद आएगी। यात्रा के योग हैं। कन्याः आज मन प्रसन्न रहेगा। खासी जुकाम होने की संभावना है। व्यक्तिगत परेशानियों को कम करने के लिए आप अपने दोस्तों से मदद मांग सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। सीनियर्स का पूरा सहयोग मिलेगा। तुलाः आज आपको धैर्य से काम लेना होगा। उतार-चढ़ाव की परिस्थितियां आएंगी। आज आप लंबी यात्रा कर सकते हैं। निवेश के लिए आज का दिन शुभ नहीं है। घर पर आर्थिक कलह का सामना करना पड़ सकता है। वृश्चिकः आज किसी मित्र के सहयोग से धन प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में परिस्थितियां अनुकूल होंगी। किसी शुभ कार्य करने का दिन अच्छा है उसमें आपको लाभ मिलेगा। कारोबार में भी आपको लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। धनुः बौद्धिक कार्य में मन लगेगा। कामकाज को लेकर अधिक व्यस्तता रहेगी। सरकारी कामकाज में आज सफलता मिल सकती है। आज सैलरी बढ़ने की आशा कर सकते हैं। आपके आत्म-विश्वास में कमी आ सकती है। मकरः जीवसाथी का साथ पाकर कार्यक्षेत्र में प्रगति करेंगे। मेहनत और भाग्य का साथ आपको कामयाबी की राह दिखाएगा। किसी सामाजिक कार्य में आप बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे। इससे आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। स्वभाव में थोड़ा चिड़चिड़ापन आ सकता है। कुंभः आज आपके सामने धन की समस्या रहेगी। कार्यक्षेत्र में सामान्य परिणाम मिल सकते हैं। लेकिन निजी जीवन में संकट का सामना करना पड़ सकता है। अचानक से परेशानी आने की संभावना है। खान पान को लेकर सचेत रहना होगा। मीनः आज परिजनों के साथ किसी यात्रा पर जा सकते हैं। आप भी उनकी भावनाओं को समझेंगे। व्यापार के लिए भी दिन अच्छा बीतने के संकेत कर रहा है। यदि आप साझेदारी में व्यापार करेंगे तो उसमें आपको फायदा होगा। किंतु खर्च की वृद्धि से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।
सोनीपत (हरियाणा). एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार देश के लोगों से कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील कर चुके हैं। वहीं उनकी ही पार्टी के कुछ नेताओं को इसकी जरा सी भी फिक्र नहीं है। ऐसा ही आरोप दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी पर लगा है। जहां वह लॉकडाउन तोड़ते हुए दिल्ली से सोनीपत जा पहुंचे। यहां उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का भी उल्लंघन किया। दरअसल, लॉकडाउन के बीच रविवार के दिन मनोज तिवारी सोनीपत के शेखपुरा क्रिकेट स्टेडियम में संचालकों के बुलावे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने चेहरे पर ना तो मास्क लगाया हुआ था और ना ही ग्लब्स पहने हुए थे। उनको देखते ही वहां काफी भीड़ भी जमा हो गई। जनता की डिमांड पर उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखे बिना भोजपुरी गाना गाकर भी सुनाया। विपक्षी पार्टी के नेता मनोज तिवारी पर सवाल उठ रहा है कि जिस वक्त में हरियाणा सरकार बॉर्डर सील हैं तब मनोज तिवारी वहां कैसे पहुंच गए। बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली में कोरोना के केस बढ़ने के बाद हरियाणा-दिल्ली की बॉर्डरों को सील कर दिया गया था। देश पर कोरोना जैसी महामारी का संकट मंडरा रहा है। लेकिन सांसद जी आपने साथ-साथ आम जनता की जान भी खतरे में डाल रहे हैं। हालांकि, सोनीपत एसडीएम स्वप्निन रविंद्र पाटिल ने कहा कि लॉकडाउन के चौथे चरण में डीसी की ओर से खेल स्टेडियम खोलने की अनुमति दी जा चुकी है। स्टेडियम में अपने संबोधन के दौरान मनोज तिवारी लोगों से घिरे दिखे। इसको आप तस्वीर में साफ तौर पर देख सकते हैं, ना तो उनेक चेहर पर मास्क है और ना ही हाथ में ग्लब्स।
सोनीपत . एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार देश के लोगों से कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील कर चुके हैं। वहीं उनकी ही पार्टी के कुछ नेताओं को इसकी जरा सी भी फिक्र नहीं है। ऐसा ही आरोप दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी पर लगा है। जहां वह लॉकडाउन तोड़ते हुए दिल्ली से सोनीपत जा पहुंचे। यहां उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का भी उल्लंघन किया। दरअसल, लॉकडाउन के बीच रविवार के दिन मनोज तिवारी सोनीपत के शेखपुरा क्रिकेट स्टेडियम में संचालकों के बुलावे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने चेहरे पर ना तो मास्क लगाया हुआ था और ना ही ग्लब्स पहने हुए थे। उनको देखते ही वहां काफी भीड़ भी जमा हो गई। जनता की डिमांड पर उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखे बिना भोजपुरी गाना गाकर भी सुनाया। विपक्षी पार्टी के नेता मनोज तिवारी पर सवाल उठ रहा है कि जिस वक्त में हरियाणा सरकार बॉर्डर सील हैं तब मनोज तिवारी वहां कैसे पहुंच गए। बता दें कि पिछले दिनों दिल्ली में कोरोना के केस बढ़ने के बाद हरियाणा-दिल्ली की बॉर्डरों को सील कर दिया गया था। देश पर कोरोना जैसी महामारी का संकट मंडरा रहा है। लेकिन सांसद जी आपने साथ-साथ आम जनता की जान भी खतरे में डाल रहे हैं। हालांकि, सोनीपत एसडीएम स्वप्निन रविंद्र पाटिल ने कहा कि लॉकडाउन के चौथे चरण में डीसी की ओर से खेल स्टेडियम खोलने की अनुमति दी जा चुकी है। स्टेडियम में अपने संबोधन के दौरान मनोज तिवारी लोगों से घिरे दिखे। इसको आप तस्वीर में साफ तौर पर देख सकते हैं, ना तो उनेक चेहर पर मास्क है और ना ही हाथ में ग्लब्स।
MDM : बच्चों को 76 दिनों का राशन और पैसा मिलेगा, हेडमास्टर जारी करेंगे वाउचर। लखनऊ : प्रदेश के बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 1.80 करोड़ बच्चों के घर सरकार लॉकडाउन अवधि और गर्मी की छुट्टियों के मिड डे मील का अनाज और कन्वर्जन कास्ट पहुंचाएगी। बच्चों के अभिभावकों के खाते में लगभग 780 करोड़ रुपये डाले जाएंगे। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने शुक्रवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों लगभग 1.80 करोड़ बच्चे बढ़ते हैं। 24 मार्च से लॉकडाउन के चलते सभी विद्यालय बंद हैं। 30 जून तक गर्मी की छुट्टी के चलते अभी स्कूल बंद रहेंगे। सरकार ने निर्णय किया है कि इस अवधि में बच्चों को मिड डे मील में इस्तेमाल होना वाला अनाज व उसको बनाने में आने वाली कन्वर्जन कास्ट बच्चों तक पहुंचाई जाएगी। प्राइमरी के बच्चे के अभिभावक के अकाउंट में 374 रुपये और उच्च प्राइमरी के बच्चों के पैरंट्स के खातों में 561 रुपये भेजे जाएंगे। संबंधित विद्यालय के शिक्षक बच्चों के अभिभावकों का बैंक खाता व अन्य विवरण उपलब्ध कराएंगे। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय में प्रति बच्चा 7.60 किलो व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रति बच्चा 11.40 किलो अनाज राशन की दुकानों के जरिए दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानाध्यापक वाउचर अभिभावकों को उपलब्ध करवाएंगे। सभी जिलाधिकारियों को निर्धारित प्रकिया के तहत वितरण करने के आदेश दिए गए हैं। लखनऊ : केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार लॉकडाउन और गर्मी की छुट्टियों को शामिल करते हुए परिषदीय विद्यालयों के प्रत्येक छात्र को खाद्य सुरक्षा भत्ता मुहैया कराएगी। इसके तहत बच्चों को 76 दिनों की अवधि के लिए मध्याह्न भोजन की प्रतिपूर्ति के रूप में अनाज और परिवर्तन लागत उपलब्ध करायी जाएगी। इस अवधि में प्राथमिक स्कूल के प्रत्येक बच्चे को परिवर्तन लागत के रूप में 374 रुपये तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रति छात्र को 561 रुपये की धनराशि दी जाएगी यह धनराशि बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से भेजी जाएगी। इस अवधि के लिए प्राथमिक विद्यालय के प्रत्येक छात्र को किलोग्राम और उच्च प्राथमिक विद्यालय के हर छात्र को 11.4 किलोग्राम खाद्यान्न स्थानीय स्तर पर नामित कोटेदार के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए प्रधानाध्यापक की ओर से हर बच्चे के अभिभावक को वाउचर जारी किया जाएगा। परिवर्तन लागत की धनराशि के भुगतान के लिए खंड शिक्षा अधिकारी प्रेरणा पोर्टल पर विद्यालयवार उपलब्ध छात्र-छात्राओं का डाटा हार्ड कॉपी में विद्यालय के प्रधानाध्यापक को उपलब्ध कराएं। प्रधानाध्यापक डाटा का परीक्षण करने के बाद बच्चों के नाम के सम्मुख अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, बैंक का नाम, उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि का परीक्षण करेगा। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता देगी सरकार Reviewed by प्राइमरी का मास्टर 2 on 7:22 AM Rating:
MDM : बच्चों को छिहत्तर दिनों का राशन और पैसा मिलेगा, हेडमास्टर जारी करेंगे वाउचर। लखनऊ : प्रदेश के बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग एक.अस्सी करोड़ बच्चों के घर सरकार लॉकडाउन अवधि और गर्मी की छुट्टियों के मिड डे मील का अनाज और कन्वर्जन कास्ट पहुंचाएगी। बच्चों के अभिभावकों के खाते में लगभग सात सौ अस्सी करोड़ रुपये डाले जाएंगे। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने शुक्रवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया है। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों लगभग एक.अस्सी करोड़ बच्चे बढ़ते हैं। चौबीस मार्च से लॉकडाउन के चलते सभी विद्यालय बंद हैं। तीस जून तक गर्मी की छुट्टी के चलते अभी स्कूल बंद रहेंगे। सरकार ने निर्णय किया है कि इस अवधि में बच्चों को मिड डे मील में इस्तेमाल होना वाला अनाज व उसको बनाने में आने वाली कन्वर्जन कास्ट बच्चों तक पहुंचाई जाएगी। प्राइमरी के बच्चे के अभिभावक के अकाउंट में तीन सौ चौहत्तर रुपयापये और उच्च प्राइमरी के बच्चों के पैरंट्स के खातों में पाँच सौ इकसठ रुपयापये भेजे जाएंगे। संबंधित विद्यालय के शिक्षक बच्चों के अभिभावकों का बैंक खाता व अन्य विवरण उपलब्ध कराएंगे। इसी तरह प्राथमिक विद्यालय में प्रति बच्चा सात.साठ किलो व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रति बच्चा ग्यारह.चालीस किलो अनाज राशन की दुकानों के जरिए दिया जाएगा। इसके लिए प्रधानाध्यापक वाउचर अभिभावकों को उपलब्ध करवाएंगे। सभी जिलाधिकारियों को निर्धारित प्रकिया के तहत वितरण करने के आदेश दिए गए हैं। लखनऊ : केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार लॉकडाउन और गर्मी की छुट्टियों को शामिल करते हुए परिषदीय विद्यालयों के प्रत्येक छात्र को खाद्य सुरक्षा भत्ता मुहैया कराएगी। इसके तहत बच्चों को छिहत्तर दिनों की अवधि के लिए मध्याह्न भोजन की प्रतिपूर्ति के रूप में अनाज और परिवर्तन लागत उपलब्ध करायी जाएगी। इस अवधि में प्राथमिक स्कूल के प्रत्येक बच्चे को परिवर्तन लागत के रूप में तीन सौ चौहत्तर रुपयापये तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रति छात्र को पाँच सौ इकसठ रुपयापये की धनराशि दी जाएगी यह धनराशि बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से भेजी जाएगी। इस अवधि के लिए प्राथमिक विद्यालय के प्रत्येक छात्र को किलोग्राम और उच्च प्राथमिक विद्यालय के हर छात्र को ग्यारह दशमलव चार किलोग्रामग्राम खाद्यान्न स्थानीय स्तर पर नामित कोटेदार के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए प्रधानाध्यापक की ओर से हर बच्चे के अभिभावक को वाउचर जारी किया जाएगा। परिवर्तन लागत की धनराशि के भुगतान के लिए खंड शिक्षा अधिकारी प्रेरणा पोर्टल पर विद्यालयवार उपलब्ध छात्र-छात्राओं का डाटा हार्ड कॉपी में विद्यालय के प्रधानाध्यापक को उपलब्ध कराएं। प्रधानाध्यापक डाटा का परीक्षण करने के बाद बच्चों के नाम के सम्मुख अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, बैंक का नाम, उपलब्ध कराई जाने वाली धनराशि का परीक्षण करेगा। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता देगी सरकार Reviewed by प्राइमरी का मास्टर दो on सात:बाईस AM Rating:
न्यूजीलैंड के बायें हाथ के स्पिनर ऐजाज पटेल खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि एक पारी में सभी दस विकेट लेने वाले तीसरे क्रिकेटर बने । उनका कहना है कि भारत के खिलाफ उन्होंने सिर्फ लंबे समय तक सही दिशा में गेंद डालने की कोशिश की थी । मुंबई में जन्में 33 वर्ष के पटेल ने कहा कि अपने जन्मस्थान पर खेलना और इस तरह का ऐतिहासिक प्रदर्शन करना उनके लिये सपना सच होने जैसा था। अश्विन ने पटेल की तारीफ करते हुए उन्हें भारतीय खिलाड़ियों के हस्ताक्षर वाली जर्सी सौंपी। उन्होंने कहा, "एक मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार , माता पिता न्यूजीलैंड में जा बसे और पिता ने वर्कशॉप शुरू की । पटेल का यह सफर यादगार रहा है। अगर वह तेज गेंदबाज होता तो शायद यहां नहीं होता। " अपने करियर की शुरूआत तेज गेंदबाज के तौर पर करने के बाद पटेल ने स्पिन का रूख किया था।
न्यूजीलैंड के बायें हाथ के स्पिनर ऐजाज पटेल खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि एक पारी में सभी दस विकेट लेने वाले तीसरे क्रिकेटर बने । उनका कहना है कि भारत के खिलाफ उन्होंने सिर्फ लंबे समय तक सही दिशा में गेंद डालने की कोशिश की थी । मुंबई में जन्में तैंतीस वर्ष के पटेल ने कहा कि अपने जन्मस्थान पर खेलना और इस तरह का ऐतिहासिक प्रदर्शन करना उनके लिये सपना सच होने जैसा था। अश्विन ने पटेल की तारीफ करते हुए उन्हें भारतीय खिलाड़ियों के हस्ताक्षर वाली जर्सी सौंपी। उन्होंने कहा, "एक मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार , माता पिता न्यूजीलैंड में जा बसे और पिता ने वर्कशॉप शुरू की । पटेल का यह सफर यादगार रहा है। अगर वह तेज गेंदबाज होता तो शायद यहां नहीं होता। " अपने करियर की शुरूआत तेज गेंदबाज के तौर पर करने के बाद पटेल ने स्पिन का रूख किया था।
इस आर्टिकल के सहायक लेखक (co-author) हमारी बहुत ही अनुभवी एडिटर और रिसर्चर्स (researchers) टीम से हैं जो इस आर्टिकल में शामिल प्रत्येक जानकारी की सटीकता और व्यापकता की अच्छी तरह से जाँच करते हैं। wikiHow's Content Management Team बहुत ही सावधानी से हमारे एडिटोरियल स्टाफ (editorial staff) द्वारा किये गए कार्य को मॉनिटर करती है ये सुनिश्चित करने के लिए कि सभी आर्टिकल्स में दी गई जानकारी उच्च गुणवत्ता की है कि नहीं। यह आर्टिकल ११,८३१ बार देखा गया है। बदकिस्मती से, फेसबुक से सीधा संपर्क करने का कोई तरीका नहीं है । आप फेसबुक के किसी कर्मचारी या सहयोगी से कॉल, टेक्स्ट, ईमेल, या वैसे बात नहीं कर सकते । आप लेकिन, अपने अकाउंट से जुडी समस्याओं को पहचान कर फेसबुक के हेल्प सेंटर से मदद ले सकते हैं । ये विकिहाउ आपको आम अकाउंट से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए फेसबुक हेल्प सेंटर की मदद लेना सिखाता है। {"smallUrl":"https:\/\/www2आप्शन टूलबार (toolbar) का जायजा लेंः ये स्क्रीन पर सबसे ऊपर, सर्च बार के ठीक नीचे होगा- आपको हर विकल्प पर माउस कर्सर ले जाकर उसके सब-सेक्शंस (subsections) देखने होंगे । आपके ऑप्शंस कुछ इस प्रकार होंगेः {"smallUrl":"https:\/\/www4योग्यता प्रश्न फ़ॉर्म भरें (Qualification Questions form): यहाँ पर आपको निम्नलिखित प्रश्नों के लिए "हाँ" या "ना" चेकबॉक्स में क्लिक करने होंगेः - क्या ये एक एम्प्लॉयी/एम्प्लॉयर (employee/employer) की शिकायत है ? - क्या आपकी शिकायत में किसी आपराधिक घटना का ज़िक्र है ? - क्या ये ऐसी शिकायत है जिसमें एक बिजनेस को दूसरे बिजनेस ने वसूली नहीं मिली है ? - क्या ये शिकायत मुकदमेबाजी के खिलाफ की गयी है ? - क्या ये शिकायत सिर्फ इसलिए है क्यूंकि आप कीमत से संतुष्ट नहीं हैं ? - क्या ये शिकायत एक ऐसी खरीद के लिए है जिसके लिए आप अब पछता रहे हैं ? - क्या आप चाहते हैं की बिज़नस आप से माफ़ी मांगे ? - क्या आप शिकायत सिर्फ BBB जानकारी पाने के लिए दर्ज करा रहे हैं ? {"smallUrl":"https:\/\/www8नीचे जा कर Submit Complaint पर क्लिक करें। {"smallUrl":"https:\/\/www4Enter प्रेस करें। {"smallUrl":"https:\/\/www8Continue पर क्लिक करें। {"smallUrl":"https:\/\/www10एक नया पासवर्ड टाइप करें।
इस आर्टिकल के सहायक लेखक हमारी बहुत ही अनुभवी एडिटर और रिसर्चर्स टीम से हैं जो इस आर्टिकल में शामिल प्रत्येक जानकारी की सटीकता और व्यापकता की अच्छी तरह से जाँच करते हैं। wikiHow's Content Management Team बहुत ही सावधानी से हमारे एडिटोरियल स्टाफ द्वारा किये गए कार्य को मॉनिटर करती है ये सुनिश्चित करने के लिए कि सभी आर्टिकल्स में दी गई जानकारी उच्च गुणवत्ता की है कि नहीं। यह आर्टिकल ग्यारह,आठ सौ इकतीस बार देखा गया है। बदकिस्मती से, फेसबुक से सीधा संपर्क करने का कोई तरीका नहीं है । आप फेसबुक के किसी कर्मचारी या सहयोगी से कॉल, टेक्स्ट, ईमेल, या वैसे बात नहीं कर सकते । आप लेकिन, अपने अकाउंट से जुडी समस्याओं को पहचान कर फेसबुक के हेल्प सेंटर से मदद ले सकते हैं । ये विकिहाउ आपको आम अकाउंट से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए फेसबुक हेल्प सेंटर की मदद लेना सिखाता है। {"smallUrl":"https:\/\/wwwदोआप्शन टूलबार का जायजा लेंः ये स्क्रीन पर सबसे ऊपर, सर्च बार के ठीक नीचे होगा- आपको हर विकल्प पर माउस कर्सर ले जाकर उसके सब-सेक्शंस देखने होंगे । आपके ऑप्शंस कुछ इस प्रकार होंगेः {"smallUrl":"https:\/\/wwwचारयोग्यता प्रश्न फ़ॉर्म भरें : यहाँ पर आपको निम्नलिखित प्रश्नों के लिए "हाँ" या "ना" चेकबॉक्स में क्लिक करने होंगेः - क्या ये एक एम्प्लॉयी/एम्प्लॉयर की शिकायत है ? - क्या आपकी शिकायत में किसी आपराधिक घटना का ज़िक्र है ? - क्या ये ऐसी शिकायत है जिसमें एक बिजनेस को दूसरे बिजनेस ने वसूली नहीं मिली है ? - क्या ये शिकायत मुकदमेबाजी के खिलाफ की गयी है ? - क्या ये शिकायत सिर्फ इसलिए है क्यूंकि आप कीमत से संतुष्ट नहीं हैं ? - क्या ये शिकायत एक ऐसी खरीद के लिए है जिसके लिए आप अब पछता रहे हैं ? - क्या आप चाहते हैं की बिज़नस आप से माफ़ी मांगे ? - क्या आप शिकायत सिर्फ BBB जानकारी पाने के लिए दर्ज करा रहे हैं ? {"smallUrl":"https:\/\/wwwआठनीचे जा कर Submit Complaint पर क्लिक करें। {"smallUrl":"https:\/\/wwwचारEnter प्रेस करें। {"smallUrl":"https:\/\/wwwआठContinue पर क्लिक करें। {"smallUrl":"https:\/\/wwwदसएक नया पासवर्ड टाइप करें।
130 / प्रकृति-पुरुष जिंदगी हमारे घर की जूठन खाता रहा। अब सब समेट कर भाग गया शामण्णा ने ज़रा तसल्ली से कहा, "रायसाहव, दुखी क्यों होते हैं ? एक ज़माने में बटा वाप की बात सुनता था, अव यह चलन नही रहा । पत्नी पति की आज्ञाकारिणी थी, अब वह भी नहीं रहा ।" "जाप कहना क्या चाहते है " " इसी प्रकार नीची जाति वाला ने ऊँची जाति वालो की बात मानना छोड़ दिया है।" ओह हो । यह लेक्चर मेरे सामने मत झाडिए । पुराण सुनाने वाले पंडित की तरह वहाँ जाकर वहिए, शाता जसे लोग सुनेंगे ।" गुडण्णा के यह कहकर चले जाने के बाद शामण्णा दग रह गया। मोचा यह क्सा कमीना आदमी है। मैंने इसको ऐसे ही छोड़ दिया। इसकी ऐसी गदी जबाT काटकर गाव के मुख्य द्वार पर लटका देनी चाहिए । धिक्कार है ऐसे लोगो पर । अगर मैं भी उसके साथ मुकाबला करने लगू ता उमी जसा हो जाऊँगा । जाने दो । दुनिया मे दुष्टो का मुकाबला करन के लिए हिमालय के समान सहन शक्ति होनी चाहिए। इतनी मुख मे नही । यह सोचकर शामण्णा वहा से चला गया । धीर धोरे गुडण्णा पर पागलपन सा सवार हो गया। ऐसे मे पिता न सुब्बा के साथ शहर भिजवा दिया। तब से गुडण्णा बडबडाता फिर रहा है लडके को पढ़ाई के लिए उसे शहर भेजा है। इस बढे की ठगी मरी समय म नही आती क्या ? काह की पढ़ाई ? सी पढाई ? यह पढाई जब मैं छोटा या तत्र कहाँ गई थी। पढाई बढाई की बात ही बक्वास है। असल म घरवाला का मुझ पर विश्वास नहीं है। मैं इस घर का कुछ नहीं। देखता हूँ इनका खेल कहाँ तक चलता है । गुडणा को पत्नी और बच्चा से काई लगाव नहीं था। उनके जाने स मानो उहली पर उसके मन से यह लाना नहीं गई थी कि पर कुछ मिल जाना चाहिए। अव तो गाँव वालो का भी उस पर में विश्वास उठ गया। घर भ काई भी उसका अच्छा नहीं लगता था। स्वभान म चिडचिडापन बढ़ता गया । अपनी बहिन और परस्या पर यह अपनी चिडचिडाहट उतारखर हा महमूस करता । पिता में सामन पडता ही नहीं था। शामण्णा भी उससे दूर ही रहता। सुबकरा मे बच्चा
एक सौ तीस / प्रकृति-पुरुष जिंदगी हमारे घर की जूठन खाता रहा। अब सब समेट कर भाग गया शामण्णा ने ज़रा तसल्ली से कहा, "रायसाहव, दुखी क्यों होते हैं ? एक ज़माने में बटा वाप की बात सुनता था, अव यह चलन नही रहा । पत्नी पति की आज्ञाकारिणी थी, अब वह भी नहीं रहा ।" "जाप कहना क्या चाहते है " " इसी प्रकार नीची जाति वाला ने ऊँची जाति वालो की बात मानना छोड़ दिया है।" ओह हो । यह लेक्चर मेरे सामने मत झाडिए । पुराण सुनाने वाले पंडित की तरह वहाँ जाकर वहिए, शाता जसे लोग सुनेंगे ।" गुडण्णा के यह कहकर चले जाने के बाद शामण्णा दग रह गया। मोचा यह क्सा कमीना आदमी है। मैंने इसको ऐसे ही छोड़ दिया। इसकी ऐसी गदी जबाT काटकर गाव के मुख्य द्वार पर लटका देनी चाहिए । धिक्कार है ऐसे लोगो पर । अगर मैं भी उसके साथ मुकाबला करने लगू ता उमी जसा हो जाऊँगा । जाने दो । दुनिया मे दुष्टो का मुकाबला करन के लिए हिमालय के समान सहन शक्ति होनी चाहिए। इतनी मुख मे नही । यह सोचकर शामण्णा वहा से चला गया । धीर धोरे गुडण्णा पर पागलपन सा सवार हो गया। ऐसे मे पिता न सुब्बा के साथ शहर भिजवा दिया। तब से गुडण्णा बडबडाता फिर रहा है लडके को पढ़ाई के लिए उसे शहर भेजा है। इस बढे की ठगी मरी समय म नही आती क्या ? काह की पढ़ाई ? सी पढाई ? यह पढाई जब मैं छोटा या तत्र कहाँ गई थी। पढाई बढाई की बात ही बक्वास है। असल म घरवाला का मुझ पर विश्वास नहीं है। मैं इस घर का कुछ नहीं। देखता हूँ इनका खेल कहाँ तक चलता है । गुडणा को पत्नी और बच्चा से काई लगाव नहीं था। उनके जाने स मानो उहली पर उसके मन से यह लाना नहीं गई थी कि पर कुछ मिल जाना चाहिए। अव तो गाँव वालो का भी उस पर में विश्वास उठ गया। घर भ काई भी उसका अच्छा नहीं लगता था। स्वभान म चिडचिडापन बढ़ता गया । अपनी बहिन और परस्या पर यह अपनी चिडचिडाहट उतारखर हा महमूस करता । पिता में सामन पडता ही नहीं था। शामण्णा भी उससे दूर ही रहता। सुबकरा मे बच्चा
एक ओर भारत केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए चंद पगों-धारा 370 के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने, नया नागरिकता कानून सी. ए. ए. लाने तथा प्रस्तावित एन. आर. सी. के विरुद्ध प्रदर्शनों के कारण वैश्विक लोकतंत्र की रैंकिंग में 10 स्थान लुढ़क कर 51वें स्थान पर आ गया है तो दूसरी ओर अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती के चलते देश में असंतोष तथा अस्थिरता में वृद्धि हो रही है जो देश के हालात से जाहिर है। आर्थिक मंदी के कारण रोजगार सृजन बुरी तरह प्रभावित होने से चालू वित्त वर्ष में नई नौकरियों के मौके पैदा ही नहीं हुए। इससे विभिन्न राज्यों असम, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, ओडिशा आदि से नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में गए लोगों द्वारा अपने घर भेजे जाने वाले धन में भी भारी कमी आई है। इसी कारण देश में रोजगार के अवसर न होने के कारण बड़ी संख्या में पंजाब तथा दूसरे राज्यों से युवक विदेशों को पलायन करते जा रहे हैं और रोजगार के मामले में 'एक अनार सौ बीमार' वाली स्थिति पैदा हो गई है। यह इसी से स्पष्टï है कि हाल ही में महाराष्ट सरकार द्वारा विज्ञापित कांस्टेबलों के 8000 पदों के लिए 12 लाख आवेदन तथा जम्मू-कश्मीर में स्थापित की जाने वाली पुलिस की 2 महिला बटालियनों में कांस्टेबल रैंक के 1350 पदों पर भर्ती के लिए 21,000 से अधिक महिलाओं के आवेदन प्राप्त हुए। यह स्थिति आॢथक मंदी से रोजगार के मोर्चे पर पैदा हुई अत्यंत निराशाजनक तस्वीर पेश करती है, लिहाजा सरकार को देखना होगा कि देश में मंदी और महंगाई की लहर को रोक कर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए क्या कुछ किया जा सकता है। लिहाजा जिस प्रकार महाराष्ट सरकार ने 27 जनवरी से बांद्रा-कुर्ला काम्प्लैक्स और नरीमन प्वाइंट जैसे गैर आवासीय क्षेत्रों में 24 घंटे मॉल, मल्टीप्लैक्स और दुकानें खोलने की अनुमति दी है, उसी प्रकार अन्य राज्यों में भी ऐसी ही अनुमति दी जानी चाहिए जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कुछ समय पूर्व पंजाब के व्यापारी भी ऐसी ही मांग कर चुके हैं। इस समस्या से निपटने के लिए युवाओं को आसान शर्तों पर ऋण एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करके स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
एक ओर भारत केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए चंद पगों-धारा तीन सौ सत्तर के अधिकांश प्रावधानों को समाप्त करने, नया नागरिकता कानून सी. ए. ए. लाने तथा प्रस्तावित एन. आर. सी. के विरुद्ध प्रदर्शनों के कारण वैश्विक लोकतंत्र की रैंकिंग में दस स्थान लुढ़क कर इक्यावनवें स्थान पर आ गया है तो दूसरी ओर अर्थव्यवस्था में आई सुस्ती के चलते देश में असंतोष तथा अस्थिरता में वृद्धि हो रही है जो देश के हालात से जाहिर है। आर्थिक मंदी के कारण रोजगार सृजन बुरी तरह प्रभावित होने से चालू वित्त वर्ष में नई नौकरियों के मौके पैदा ही नहीं हुए। इससे विभिन्न राज्यों असम, बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, ओडिशा आदि से नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में गए लोगों द्वारा अपने घर भेजे जाने वाले धन में भी भारी कमी आई है। इसी कारण देश में रोजगार के अवसर न होने के कारण बड़ी संख्या में पंजाब तथा दूसरे राज्यों से युवक विदेशों को पलायन करते जा रहे हैं और रोजगार के मामले में 'एक अनार सौ बीमार' वाली स्थिति पैदा हो गई है। यह इसी से स्पष्टï है कि हाल ही में महाराष्ट सरकार द्वारा विज्ञापित कांस्टेबलों के आठ हज़ार पदों के लिए बारह लाख आवेदन तथा जम्मू-कश्मीर में स्थापित की जाने वाली पुलिस की दो महिला बटालियनों में कांस्टेबल रैंक के एक हज़ार तीन सौ पचास पदों पर भर्ती के लिए इक्कीस,शून्य से अधिक महिलाओं के आवेदन प्राप्त हुए। यह स्थिति आॢथक मंदी से रोजगार के मोर्चे पर पैदा हुई अत्यंत निराशाजनक तस्वीर पेश करती है, लिहाजा सरकार को देखना होगा कि देश में मंदी और महंगाई की लहर को रोक कर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए क्या कुछ किया जा सकता है। लिहाजा जिस प्रकार महाराष्ट सरकार ने सत्ताईस जनवरी से बांद्रा-कुर्ला काम्प्लैक्स और नरीमन प्वाइंट जैसे गैर आवासीय क्षेत्रों में चौबीस घंटाटे मॉल, मल्टीप्लैक्स और दुकानें खोलने की अनुमति दी है, उसी प्रकार अन्य राज्यों में भी ऐसी ही अनुमति दी जानी चाहिए जिससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कुछ समय पूर्व पंजाब के व्यापारी भी ऐसी ही मांग कर चुके हैं। इस समस्या से निपटने के लिए युवाओं को आसान शर्तों पर ऋण एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करके स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। Hindi News से जुड़े अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करें। हर पल अपडेट रहने के लिए NT APP डाउनलोड करें। ANDROID लिंक और iOS लिंक।
कुछ दिनों बाद ही हम नए साल में प्रवेश करने वाले हैं। सभी को नए साल से उम्मीद है कि आने वाला साल हमारे जीवन में खुशियां लेकर आएगा। नए वर्ष में प्रवेश करने के साथ कई ऐसे बदलाव होंगे। आपको बता दें कि ज्योतिष निशांत भारद्वाज ने 2023 में भारत की अर्थव्यवस्था की स्तिथि कैसी रहेगी। इसको लेकर भविष्वाणी की है। इससे पहले उन्होंने गुजरात, हिमाचल और एमसीडी चुनाव को लेकर भी भविष्यवाणी की थी, जो काफी हद तक सही साबित हुई है। उन्होने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर कहा कि अप्रैल 2023 में भारत की इकोनॉमिक प्रोग्रेस करेगी। • निशांत भारद्वाज ने भविष्यवाणी की है कि 2023 में कानून व्यवस्था में जो नेगेटिव चीजें हैं वो दुरुस्त की जाएगी। में अप्रैल से लेकर मई तक उनका समय ठीक नहीं रहेगा। • बीमारी की वजह से लोगों का अस्पतालों में आना-जाना लगा रहेगा। • देश में धार्मिक आंदोलन हो सकता है, जो कि लंबे समय तक चलेगा। • भारत की सीमा पर तनाव रहेगा। 2023 में चाइना और पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद रहेगा। • 2023 में भारत की इकोनॉमिक बढ़ेगी और इसका फायदा आने वाले 2-3 साल तक मिलेगा। • आने वाले वर्ष में भारत तकनीकी और मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। • आने वाले साल में चीन के साथ युद्ध की स्तिथि बनी रहेगी।
कुछ दिनों बाद ही हम नए साल में प्रवेश करने वाले हैं। सभी को नए साल से उम्मीद है कि आने वाला साल हमारे जीवन में खुशियां लेकर आएगा। नए वर्ष में प्रवेश करने के साथ कई ऐसे बदलाव होंगे। आपको बता दें कि ज्योतिष निशांत भारद्वाज ने दो हज़ार तेईस में भारत की अर्थव्यवस्था की स्तिथि कैसी रहेगी। इसको लेकर भविष्वाणी की है। इससे पहले उन्होंने गुजरात, हिमाचल और एमसीडी चुनाव को लेकर भी भविष्यवाणी की थी, जो काफी हद तक सही साबित हुई है। उन्होने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर कहा कि अप्रैल दो हज़ार तेईस में भारत की इकोनॉमिक प्रोग्रेस करेगी। • निशांत भारद्वाज ने भविष्यवाणी की है कि दो हज़ार तेईस में कानून व्यवस्था में जो नेगेटिव चीजें हैं वो दुरुस्त की जाएगी। में अप्रैल से लेकर मई तक उनका समय ठीक नहीं रहेगा। • बीमारी की वजह से लोगों का अस्पतालों में आना-जाना लगा रहेगा। • देश में धार्मिक आंदोलन हो सकता है, जो कि लंबे समय तक चलेगा। • भारत की सीमा पर तनाव रहेगा। दो हज़ार तेईस में चाइना और पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद रहेगा। • दो हज़ार तेईस में भारत की इकोनॉमिक बढ़ेगी और इसका फायदा आने वाले दो-तीन साल तक मिलेगा। • आने वाले वर्ष में भारत तकनीकी और मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ेगा। • आने वाले साल में चीन के साथ युद्ध की स्तिथि बनी रहेगी।
New Delhi, 04 जुलाई . ईरान शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का विधिवत सदस्य बन गया. Prime Minister Narendra Modi की अध्यक्षता में एससीओ की 23वीं शिखर वार्ता में ईरान के इस क्षेत्रीय राजनीतिक-सुरक्षा मंच में ईरान के 9वें सदस्य के तौर पर शामिल होने की घोषणा की गई. प्रधानमंत्री मोदी सहित सदस्य देशों के नेताओं ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और वहां के लोगों को सदस्यता के लिए शुभकामना प्रेषित की. रूस का पड़ोसी देश बेलारूस आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद अगले वर्ष एससीओ का दसवां पूर्ण सदस्य देश बन जाएगा. बीजिंग स्थित एससीओ सचिवालय में ईरान का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. एससीओ की स्थापना के समय इस संगठन में 6 सदस्य रूस, चीन, कजाकिस्तान, तजाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और किर्गिस्तान थे. बाद में वर्ष 2017 में भारत और पाकिस्तान इसमें शामिल हुए. ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने वर्चुअल शिखर वार्ता को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अमेरिकी मुद्रा Dollar के वर्चस्व को समाप्त करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि एससीओ सदस्य देशों के बीच सहयोग से क्षेत्रीय स्तर पर एक न्याय संगत व्यवस्था तैयार हो सकेगी. उन्होंने पश्चिमी देशों के सैन्य और मुद्रा संबंधी वर्चस्व को समाप्त करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उसके खिलाफ पश्चिमी देशों के मनमाने प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि इन देशों ने रूस के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ रखा है. उन्होंने एससीओ सदस्य देशों के बीच अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों, दबाव और उकसावे की कार्रवाइयों का रूस मुकाबला करेगा. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिमी देशों द्वारा अन्य देशों में सत्ता परिवर्तन की मुहिम (कलर रिवॉल्यूशन) छेड़ने का विरोध करते हुए क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एससीओ और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद का उसके सभी रूपों में स्पष्ट और बिना लाग लपेट के विरोध होना चाहिए. उन्होंने सीमा पर आतंकवाद के संबंध में भारत की ओर संकेत करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का उपयोग कूटनीतिक ढंग से दांवपेंच के लिए नहीं होना चाहिए . उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति और स्थायित्व कायम रखना एसीओ सदस्य देशों के समान हित में है. यह दुनिया में आर्थिक विकास की पूर्व शर्त है. उल्लेखनीय है कि शिखर वार्ता के लिए पहले एससीओ सदस्य देशों के नेताओं को New Delhi आना था लेकिन बाद में शिखर वार्ता का आयोजन वर्चुअल मोड में करने का फैसला किया गया. संगठन की अगले वर्ष शिखर वार्ता कजाकिस्तान की अध्यक्षता में आयोजित होगी. आज शिखर वार्ता में विभिन्न नेताओं ने New Delhi घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें एससीओ सदस्य देशों के बीच सहयोग की भावी रूपरेखा का उल्लेख है.
New Delhi, चार जुलाई . ईरान शंघाई सहयोग संगठन का विधिवत सदस्य बन गया. Prime Minister Narendra Modi की अध्यक्षता में एससीओ की तेईसवीं शिखर वार्ता में ईरान के इस क्षेत्रीय राजनीतिक-सुरक्षा मंच में ईरान के नौवें सदस्य के तौर पर शामिल होने की घोषणा की गई. प्रधानमंत्री मोदी सहित सदस्य देशों के नेताओं ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी और वहां के लोगों को सदस्यता के लिए शुभकामना प्रेषित की. रूस का पड़ोसी देश बेलारूस आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद अगले वर्ष एससीओ का दसवां पूर्ण सदस्य देश बन जाएगा. बीजिंग स्थित एससीओ सचिवालय में ईरान का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. एससीओ की स्थापना के समय इस संगठन में छः सदस्य रूस, चीन, कजाकिस्तान, तजाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान और किर्गिस्तान थे. बाद में वर्ष दो हज़ार सत्रह में भारत और पाकिस्तान इसमें शामिल हुए. ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने वर्चुअल शिखर वार्ता को संबोधित करते हुए अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अमेरिकी मुद्रा Dollar के वर्चस्व को समाप्त करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि एससीओ सदस्य देशों के बीच सहयोग से क्षेत्रीय स्तर पर एक न्याय संगत व्यवस्था तैयार हो सकेगी. उन्होंने पश्चिमी देशों के सैन्य और मुद्रा संबंधी वर्चस्व को समाप्त करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उसके खिलाफ पश्चिमी देशों के मनमाने प्रतिबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि इन देशों ने रूस के खिलाफ छद्म युद्ध छेड़ रखा है. उन्होंने एससीओ सदस्य देशों के बीच अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों, दबाव और उकसावे की कार्रवाइयों का रूस मुकाबला करेगा. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पश्चिमी देशों द्वारा अन्य देशों में सत्ता परिवर्तन की मुहिम छेड़ने का विरोध करते हुए क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एससीओ और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद का उसके सभी रूपों में स्पष्ट और बिना लाग लपेट के विरोध होना चाहिए. उन्होंने सीमा पर आतंकवाद के संबंध में भारत की ओर संकेत करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का उपयोग कूटनीतिक ढंग से दांवपेंच के लिए नहीं होना चाहिए . उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति और स्थायित्व कायम रखना एसीओ सदस्य देशों के समान हित में है. यह दुनिया में आर्थिक विकास की पूर्व शर्त है. उल्लेखनीय है कि शिखर वार्ता के लिए पहले एससीओ सदस्य देशों के नेताओं को New Delhi आना था लेकिन बाद में शिखर वार्ता का आयोजन वर्चुअल मोड में करने का फैसला किया गया. संगठन की अगले वर्ष शिखर वार्ता कजाकिस्तान की अध्यक्षता में आयोजित होगी. आज शिखर वार्ता में विभिन्न नेताओं ने New Delhi घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसमें एससीओ सदस्य देशों के बीच सहयोग की भावी रूपरेखा का उल्लेख है.
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! Covid patient battled virus for 505 days:ब्रिटेन (Britain) में कोरोना वायरस संक्रमण का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां, एक व्यक्ति लगभग 505 दिनों से अधिक समय तक कोरोना वायरस से संक्रमित रहा। मिली जानकारी के अनुसार, इस कोविड पीड़ित व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली इतनी कमजोर थी कि वह 505 दिनों तक कोविड-19 संक्रमण से प्रभावित रहा। शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है कि यह व्यक्ति इतनी लम्बी अवधि तक कोविड से संक्रमित क्यों रहा। शोधकर्ताओं के अनुसार यह मामला सबसे लम्बे समय तक किसी के कोविड संक्रमित रहने का मामला है। इससे पहले 335 दिनों तक कोविड से संक्रमित होने का मामला सामने आया था। ( Covid patient battled virus for 505 days in Hindi. ) किंग्स कॉलेज लंदन एंड गायज एंड सेंट थॉमस एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट के शोधकर्ताओं ने मार्च 2020 और दिसंबर 2021 के बीच नौ इम्युनोकॉम्प्रोमाइज्ड (कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली) रोगियों का अध्ययन किया, जो कि कम से कम आठ सप्ताह तक वायरस से संक्रमित रहे। अध्ययन के दौरान देखा गया कि, संक्रमण औसतन 73 दिनों तक बना रहा, लेकिन दो रोगियों में एक वर्ष से अधिक समय तक लगातार संक्रमण बना रहा। अंग प्रत्यारोपण, एचआईवी, कैंसर या अन्य बीमारियों के लिए चिकित्सा उपचार के कारण रोगियों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो गई थी। गायज एंड सेंट थॉमस एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट में प्रथम लेखक एवं संक्रामक रोग विशेषज्ञ ल्यूक ब्लैगडन स्नेल ने कहा, "इससे यह बात साबित हो जाती है कि कि वेरिएंट्स ऑफ कंसर्न में पाए जाने वाले उत्परिवर्तन प्रतिरक्षात्मक रोगियों में उत्पन्न होते हैं और इसलिए इस विचार का समर्थन करते हैं कि वायरस के नए प्रकार प्रतिरक्षात्मक व्यक्तियों में विकसित हो सकते हैं। " 2022 की शुरुआत में किए गए अंतिम फॉलोअप में पाया गया कि संक्रमित चल रहे रोगी में एक वर्ष से अधिक (412 दिन) समय तक संक्रमण बना रहा। व्यक्ति का संक्रमण दूर करने की कोशिश करने के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के साथ उसका इलाज किया गया है। यदि यह व्यक्ति अपने अगले फॉलोअप में भी कोविड पॉजिटिव बना रहता है, तो वे इस रिपोर्ट में वर्णित 505 दिनों के सबसे लंबे समय तक ज्ञात संक्रमण की अवधि को भी पार कर लेगा और फिर यह मरीज सबसे लंबे समय तक कोविड पॉजिटिव बने रहने का अनचाहा रिकॉर्ड भी बना लेगा। (आईएएनएस)
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! Covid patient battled virus for पाँच सौ पाँच days:ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां, एक व्यक्ति लगभग पाँच सौ पाँच दिनों से अधिक समय तक कोरोना वायरस से संक्रमित रहा। मिली जानकारी के अनुसार, इस कोविड पीड़ित व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली इतनी कमजोर थी कि वह पाँच सौ पाँच दिनों तक कोविड-उन्नीस संक्रमण से प्रभावित रहा। शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है कि यह व्यक्ति इतनी लम्बी अवधि तक कोविड से संक्रमित क्यों रहा। शोधकर्ताओं के अनुसार यह मामला सबसे लम्बे समय तक किसी के कोविड संक्रमित रहने का मामला है। इससे पहले तीन सौ पैंतीस दिनों तक कोविड से संक्रमित होने का मामला सामने आया था। किंग्स कॉलेज लंदन एंड गायज एंड सेंट थॉमस एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट के शोधकर्ताओं ने मार्च दो हज़ार बीस और दिसंबर दो हज़ार इक्कीस के बीच नौ इम्युनोकॉम्प्रोमाइज्ड रोगियों का अध्ययन किया, जो कि कम से कम आठ सप्ताह तक वायरस से संक्रमित रहे। अध्ययन के दौरान देखा गया कि, संक्रमण औसतन तिहत्तर दिनों तक बना रहा, लेकिन दो रोगियों में एक वर्ष से अधिक समय तक लगातार संक्रमण बना रहा। अंग प्रत्यारोपण, एचआईवी, कैंसर या अन्य बीमारियों के लिए चिकित्सा उपचार के कारण रोगियों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो गई थी। गायज एंड सेंट थॉमस एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट में प्रथम लेखक एवं संक्रामक रोग विशेषज्ञ ल्यूक ब्लैगडन स्नेल ने कहा, "इससे यह बात साबित हो जाती है कि कि वेरिएंट्स ऑफ कंसर्न में पाए जाने वाले उत्परिवर्तन प्रतिरक्षात्मक रोगियों में उत्पन्न होते हैं और इसलिए इस विचार का समर्थन करते हैं कि वायरस के नए प्रकार प्रतिरक्षात्मक व्यक्तियों में विकसित हो सकते हैं। " दो हज़ार बाईस की शुरुआत में किए गए अंतिम फॉलोअप में पाया गया कि संक्रमित चल रहे रोगी में एक वर्ष से अधिक समय तक संक्रमण बना रहा। व्यक्ति का संक्रमण दूर करने की कोशिश करने के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडी के साथ उसका इलाज किया गया है। यदि यह व्यक्ति अपने अगले फॉलोअप में भी कोविड पॉजिटिव बना रहता है, तो वे इस रिपोर्ट में वर्णित पाँच सौ पाँच दिनों के सबसे लंबे समय तक ज्ञात संक्रमण की अवधि को भी पार कर लेगा और फिर यह मरीज सबसे लंबे समय तक कोविड पॉजिटिव बने रहने का अनचाहा रिकॉर्ड भी बना लेगा।
मैक्िसम मैग्जीन के डिप्टी एडिटर ने एक ट्वीट के जरिए अपने 24 हजार फॉलोअर्स के सामने एक सवाल रखा। उन्होंने पूछा कि कुत्ते को पैंट कैसे पहनाया जा सकता है। चारों पैरों में या पिछले दो पैरों में. . . हालांकि सवाल तो सीधा और सरल था लेकिन जब इसके जवाब मिलने शुरु हुए तो यह बहस का मुद्दा बन गया। मैग्जीन के एडिटर ने अपने ट्वीट के साथ कुत्ते की दो फोटो भी शेयर की, जिसमें वह दो अलग-अलग तरीके से पैंट पहने हुए है। यूजर्स को इसमें से एक ऑप्शन चूज करना है। कुत्ता पैंट कैसे पहनेगा. . . इसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी तेज बहस चल रही है। इस सवाल के सामने आते ही टि्वटर पर 2 घंटे में 11,000 ट्वीट इस मु्द्दे पर किए गए। टि्वटर पर यह #dogpants से ट्रेंड करने लगा है। अब यह बहस कब खत्म होती है, यह तो कोई पहीं बता सकता। लेकिन कुछ लोगों ने इसे 'द ड्रेस' से कंपेयर करना शुरु कर दिया था। यह भी इंटरनेट पर सनसनी बना हुआ था।
मैक्िसम मैग्जीन के डिप्टी एडिटर ने एक ट्वीट के जरिए अपने चौबीस हजार फॉलोअर्स के सामने एक सवाल रखा। उन्होंने पूछा कि कुत्ते को पैंट कैसे पहनाया जा सकता है। चारों पैरों में या पिछले दो पैरों में. . . हालांकि सवाल तो सीधा और सरल था लेकिन जब इसके जवाब मिलने शुरु हुए तो यह बहस का मुद्दा बन गया। मैग्जीन के एडिटर ने अपने ट्वीट के साथ कुत्ते की दो फोटो भी शेयर की, जिसमें वह दो अलग-अलग तरीके से पैंट पहने हुए है। यूजर्स को इसमें से एक ऑप्शन चूज करना है। कुत्ता पैंट कैसे पहनेगा. . . इसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी तेज बहस चल रही है। इस सवाल के सामने आते ही टि्वटर पर दो घंटाटे में ग्यारह,शून्य ट्वीट इस मु्द्दे पर किए गए। टि्वटर पर यह #dogpants से ट्रेंड करने लगा है। अब यह बहस कब खत्म होती है, यह तो कोई पहीं बता सकता। लेकिन कुछ लोगों ने इसे 'द ड्रेस' से कंपेयर करना शुरु कर दिया था। यह भी इंटरनेट पर सनसनी बना हुआ था।
भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि जब मैं चुनाव लड़ रही थी तो एक महाराज ने मुझसे कहा था कि अपनी साधना का समय कम मत करना क्योंकि बहुत बुरा समय है. विपक्ष एक ऐसी मारक शक्ति का प्रयोग भाजपा पर कर रहा है जो भाजपा को नुकसान पहुंचाने के लिए है. मध्य प्रदेश के भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की श्रद्धांजलि सभा में कहा कि विपक्ष द्वारा भाजपा नेताओं पर 'मारक शक्ति' के इस्तेमाल किया जा रहा है. गौरतलब है कि बीते शनिवार को 66 वर्षीय जेटली का दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया था. उन्हें नौ अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था. इससे पहले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का देहांत हुआ और इसी महीने देश की पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज का भी निधन हो गया था. प्रज्ञा ठाकुर इससे पहले भी कई ऐसे बयान दे चुकी हैं, जिन पर विवाद खड़े हुए हैं. बीते जुलाई महीने में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कहती नजर आ रही थीं कि सांसद नाली और शौचालय साफ कराने के लिए नहीं बने हैं. इससे पहले प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताते हुए कहा था कि जो लोग उन्हें आतंकवादी कह रहे हैं उन्हें चुनाव परिणाम के बाद जवाब मिल जाएगा. उसके भी पहले प्रज्ञा ठाकुर नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले में मारे गए महाराष्ट्र की आतंकवाद निरोधक शाखा (एटीएस) के प्रमुख हेमंत करकरे के बारे में भी विवादित बयान दे चुकी हैं. उन्होंने कहा था कि करकरे की मौत उनके श्राप की वजह से हुई थी.
भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि जब मैं चुनाव लड़ रही थी तो एक महाराज ने मुझसे कहा था कि अपनी साधना का समय कम मत करना क्योंकि बहुत बुरा समय है. विपक्ष एक ऐसी मारक शक्ति का प्रयोग भाजपा पर कर रहा है जो भाजपा को नुकसान पहुंचाने के लिए है. मध्य प्रदेश के भोपाल से भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की श्रद्धांजलि सभा में कहा कि विपक्ष द्वारा भाजपा नेताओं पर 'मारक शक्ति' के इस्तेमाल किया जा रहा है. गौरतलब है कि बीते शनिवार को छयासठ वर्षीय जेटली का दिल्ली के एम्स में इलाज के दौरान निधन हो गया था. उन्हें नौ अगस्त को एम्स में भर्ती कराया गया था. इससे पहले मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का देहांत हुआ और इसी महीने देश की पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज का भी निधन हो गया था. प्रज्ञा ठाकुर इससे पहले भी कई ऐसे बयान दे चुकी हैं, जिन पर विवाद खड़े हुए हैं. बीते जुलाई महीने में उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कहती नजर आ रही थीं कि सांसद नाली और शौचालय साफ कराने के लिए नहीं बने हैं. इससे पहले प्रज्ञा ठाकुर ने लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताते हुए कहा था कि जो लोग उन्हें आतंकवादी कह रहे हैं उन्हें चुनाव परिणाम के बाद जवाब मिल जाएगा. उसके भी पहले प्रज्ञा ठाकुर नवंबर दो हज़ार आठ में मुंबई में हुए आतंकी हमले में मारे गए महाराष्ट्र की आतंकवाद निरोधक शाखा के प्रमुख हेमंत करकरे के बारे में भी विवादित बयान दे चुकी हैं. उन्होंने कहा था कि करकरे की मौत उनके श्राप की वजह से हुई थी.
Dream11 1 Din Mein Kitna Kamata Hai, Dream11 Ek Din Mein Kitna Kamata Hai, Dream11 Ki 1 Din Ki Kamai Kitni Hai: ड्रीम 11 गेम अब लोगो के दिमाग में चढ़कर राज कर रहा है. Dream 11 एक ऐसा ऐप है जिसके माध्यम से एक छोटा गरीब भी करोड़पति बन सकता है. ड्रीम 11 में रोज लोग लाखो करोडो की कमाई कर रहे है. आज हम आपको इस लेख में ड्रीम 11 से जुडी सारी जानकारी देने जा रहे है. आज का सवाल? -Dream 11 क्या है? (Dream 11 Kya Hai) -Dream 11 एक दिन में कितना कमाता है? (Dream11 1 Din Me Kitna Kamata Hai, Dream11 Ek Din Me Kitna Kamata Hai) -ड्रीम11 कमाई कैसे करता है? (Dream11 Kamai Kaise Karta Hai, Dream11 Kamai Kaha Se Karta Hai) -Dream11 पैसे कैसे कमाता है? (Dream11 Paise Kaise Kamata Hai, Dream11 Ka Paise Kamane Ka Tarika) Dream की 11 नेटवर्थ क्या है? (Dream11 Ki Net Worth Kitni Hai, Dream11 Ki Salana Kamai Kaitni Hai, Dream11 Saal me Kitne Rupay Kamata Hai) जैसा की आप लोग जानते है की Dream11 एक फेंटेसी गेमिंग एप्लीकेशन (Dream11 fantasy gaming application) है. ड्रीम11 में कई प्रकार के गेम है जिनपर पैसा लगाकर आप अच्छी खासी कमाई कर सकते है. हमारे मन में अक्सर सवाल उठता है की ड्रीम11 जीतने वालों को करोड़ो रूपए रोज दे देता है तो वो कमाई कितनी करता है? Dream 11 एक दिन में कितना कमाता है? (Dream 11 Ek Din Mein Kitna Kamata Hai) Dream11 क्या है? (Dream11 Kya Hai) हमारे मन में बड़ा सवाल उठता है की Dream11 क्या है? आपको बता दे की Dream11 एक एप्लीकेशन है, इसमें आप गेम खेलकर लाखो-करोडो की कमाई एक दिन में कर सकते है. Dream11 में क्रिकेट, फुटबॉल,कब्बडी सहित कई तरह के गेम है. जिसमे आप छोटी सी राशि लगाकर ताबड़तोड़ कमाई कर सकते है. कई तरह के गेम Dream 11 में मौजूद है आप अपनी कौशलता के अनुसार धनराशि लगाकर अच्छे पैसे कमा सकते है. Dream 11 1 दिन में कितना कमाता है? (Dream11 Ek Din Me Kitna Kamata Hai, Dream11 1 Din Me Kitna Kamata Hai, Dream11 Ki Ek Din Ki Kamai Kitni Hai) जैसा की आप लोग जानते है की Dream11 करोड़ो लोगो से छोटी धनराशि देकर हिस्सों-हिस्सों में करोड़ो रूपए एक दिन में बाँट देता है. Dream11 की एक दिन की कमाई कभी ऑफिसियल तो नहीं हुई है. लेकिन सूत्रों ने आकलन लगाया की एक दिन की कमाई Dream11 की कितनी है. ड्रीम11 में रजिस्टर होते ही लाखो करोड़ो लोग ₹20 ₹50 ₹80 की धनराशि लगते है. और अंदाज़ लगाइए की अगर एक बार में 2 लाख से अधिक लोगो ने पैसे खर्च कर टीम बनाई तो Dream11 को एक बार में कम से कम 10 से 12 करोड़ एक मैच में मिल जाते हैं. इसी प्रकार Dream11 एक दिन में अलग-अलग कई मैच करता है. अब आप अंदाज़ा लगा सकते है की ड्रीम 11 की एक दिन की कमाई कितनी है. Dream11 अपनी कमाई गई धनराशि को कहां खर्च करता है? आज इस लेख में हम आपको ये भी बताएंगे. Dream11 अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा मार्केटिंग में Reinvest करता है. Dream11 ऐड में और सेलिब्रिटी से विज्ञापन कराकर धुआंधार पैसे खर्च करता है. इसी तरह 800 से ज्यादा कर्मचारियों के वेतन सहित कई खर्चे का वहन ड्रीम11 के द्वारा की जाती है. यही नहीं Dream11 का एक बड़ा हिस्सा अपनी कंपनी की सैलरी और मैनेजमेंट की तरफ जाता है. बताते चले की कंपनी के ब्रांड एंबेसडर महेंद्र सिंह धोनी हैं और इसका मुख्यालय मुंबई के लोवर परेल इलाके में है। साल 2018-19 में कंपनी ने 775 करोड़ रुपए का राजस्व हासिल किया था, जबकि इस दौरान कंपनी का खर्च 935 करोड़ रुपए रहा। साल 2008 में शुरू हुई कंपनी ड्रीम-11 को भारत का नया यूनिकॉर्न कहा जा रहा है, यानी वो कंपनी जिसकी वैल्यू 1 बिलियन डॉलर (7500 करोड़) से भी ज्यादा है। Dream11 के नेटवर्थ की बात की जाए तो यह लगभग-लगभग 7500 करोड रुपए से भी ज्यादा है। Dream11 की वैल्यू 7500 करोड़ से भी ज्यादा है। ड्रीम11 में लगभग- 550 से ज्यादा एंप्लॉय फुल टाइम काम करते है. कर्मचारियों की टीम वेबसाइट और एप्लीकेशन से लेकर कंपनी के मार्केटिंग और ग्रॉथिंग में अपना योगदान देते है. Dream11 अपने इंप्लाइज को अच्छी खासी सैलरी देता है. Dream11 कंपनी की एक औसतन सैलरी ₹5 लाख से लेकर ₹85 लाख तक होती है, अपने कर्मचारियों पर Dream11 अच्छा खासा पैसा खर्च करता है. जिससे उनकी टीम को अच्छी तरह से मैनेज किया जा सके. ड्रीम11 का मालिक कौन है? (Dream11 Ka Malik Kaun Hai, Who Is The Owner Of Dream11, Dream11 Ke Malik Ka Name Kya Hai) ड्रीम-11' एक मोबाइल एप है, जिसपर आप क्रिकेट, हॉकी, फुटबाल, कबड्डी और बास्केटबॉल जैसे खेल ऑनलाइन खेल सकते हैं। ड्रीम-11 कंपनी की शुरूआत हर्ष जैन और भावित सेठ ने साल 2008 में की थी। ड्रीम-11 युवाओं के बीच कितनी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल 2014 में कंपनी के रजिस्टर्ड यूजर महज 1 लाख थे, जो साल 2020 में बढ़कर 8 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। ड्रीम-11 का अगला लक्ष्य 10 करोड़ यूजर हासिल करने का है।
Dreamग्यारह एक Din Mein Kitna Kamata Hai, Dreamग्यारह Ek Din Mein Kitna Kamata Hai, Dreamग्यारह Ki एक Din Ki Kamai Kitni Hai: ड्रीम ग्यारह गेम अब लोगो के दिमाग में चढ़कर राज कर रहा है. Dream ग्यारह एक ऐसा ऐप है जिसके माध्यम से एक छोटा गरीब भी करोड़पति बन सकता है. ड्रीम ग्यारह में रोज लोग लाखो करोडो की कमाई कर रहे है. आज हम आपको इस लेख में ड्रीम ग्यारह से जुडी सारी जानकारी देने जा रहे है. आज का सवाल? -Dream ग्यारह क्या है? -Dream ग्यारह एक दिन में कितना कमाता है? -ड्रीमग्यारह कमाई कैसे करता है? -Dreamग्यारह पैसे कैसे कमाता है? Dream की ग्यारह नेटवर्थ क्या है? जैसा की आप लोग जानते है की Dreamग्यारह एक फेंटेसी गेमिंग एप्लीकेशन है. ड्रीमग्यारह में कई प्रकार के गेम है जिनपर पैसा लगाकर आप अच्छी खासी कमाई कर सकते है. हमारे मन में अक्सर सवाल उठता है की ड्रीमग्यारह जीतने वालों को करोड़ो रूपए रोज दे देता है तो वो कमाई कितनी करता है? Dream ग्यारह एक दिन में कितना कमाता है? Dreamग्यारह क्या है? हमारे मन में बड़ा सवाल उठता है की Dreamग्यारह क्या है? आपको बता दे की Dreamग्यारह एक एप्लीकेशन है, इसमें आप गेम खेलकर लाखो-करोडो की कमाई एक दिन में कर सकते है. Dreamग्यारह में क्रिकेट, फुटबॉल,कब्बडी सहित कई तरह के गेम है. जिसमे आप छोटी सी राशि लगाकर ताबड़तोड़ कमाई कर सकते है. कई तरह के गेम Dream ग्यारह में मौजूद है आप अपनी कौशलता के अनुसार धनराशि लगाकर अच्छे पैसे कमा सकते है. Dream ग्यारह एक दिन में कितना कमाता है? जैसा की आप लोग जानते है की Dreamग्यारह करोड़ो लोगो से छोटी धनराशि देकर हिस्सों-हिस्सों में करोड़ो रूपए एक दिन में बाँट देता है. Dreamग्यारह की एक दिन की कमाई कभी ऑफिसियल तो नहीं हुई है. लेकिन सूत्रों ने आकलन लगाया की एक दिन की कमाई Dreamग्यारह की कितनी है. ड्रीमग्यारह में रजिस्टर होते ही लाखो करोड़ो लोग बीस रुपया पचास रुपया अस्सी रुपया की धनराशि लगते है. और अंदाज़ लगाइए की अगर एक बार में दो लाख से अधिक लोगो ने पैसे खर्च कर टीम बनाई तो Dreamग्यारह को एक बार में कम से कम दस से बारह करोड़ एक मैच में मिल जाते हैं. इसी प्रकार Dreamग्यारह एक दिन में अलग-अलग कई मैच करता है. अब आप अंदाज़ा लगा सकते है की ड्रीम ग्यारह की एक दिन की कमाई कितनी है. Dreamग्यारह अपनी कमाई गई धनराशि को कहां खर्च करता है? आज इस लेख में हम आपको ये भी बताएंगे. Dreamग्यारह अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा मार्केटिंग में Reinvest करता है. Dreamग्यारह ऐड में और सेलिब्रिटी से विज्ञापन कराकर धुआंधार पैसे खर्च करता है. इसी तरह आठ सौ से ज्यादा कर्मचारियों के वेतन सहित कई खर्चे का वहन ड्रीमग्यारह के द्वारा की जाती है. यही नहीं Dreamग्यारह का एक बड़ा हिस्सा अपनी कंपनी की सैलरी और मैनेजमेंट की तरफ जाता है. बताते चले की कंपनी के ब्रांड एंबेसडर महेंद्र सिंह धोनी हैं और इसका मुख्यालय मुंबई के लोवर परेल इलाके में है। साल दो हज़ार अट्ठारह-उन्नीस में कंपनी ने सात सौ पचहत्तर करोड़ रुपए का राजस्व हासिल किया था, जबकि इस दौरान कंपनी का खर्च नौ सौ पैंतीस करोड़ रुपए रहा। साल दो हज़ार आठ में शुरू हुई कंपनी ड्रीम-ग्यारह को भारत का नया यूनिकॉर्न कहा जा रहा है, यानी वो कंपनी जिसकी वैल्यू एक बिलियन डॉलर से भी ज्यादा है। Dreamग्यारह के नेटवर्थ की बात की जाए तो यह लगभग-लगभग सात हज़ार पाँच सौ करोड रुपए से भी ज्यादा है। Dreamग्यारह की वैल्यू सात हज़ार पाँच सौ करोड़ से भी ज्यादा है। ड्रीमग्यारह में लगभग- पाँच सौ पचास से ज्यादा एंप्लॉय फुल टाइम काम करते है. कर्मचारियों की टीम वेबसाइट और एप्लीकेशन से लेकर कंपनी के मार्केटिंग और ग्रॉथिंग में अपना योगदान देते है. Dreamग्यारह अपने इंप्लाइज को अच्छी खासी सैलरी देता है. Dreamग्यारह कंपनी की एक औसतन सैलरी पाँच रुपया लाख से लेकर पचासी रुपया लाख तक होती है, अपने कर्मचारियों पर Dreamग्यारह अच्छा खासा पैसा खर्च करता है. जिससे उनकी टीम को अच्छी तरह से मैनेज किया जा सके. ड्रीमग्यारह का मालिक कौन है? ड्रीम-ग्यारह' एक मोबाइल एप है, जिसपर आप क्रिकेट, हॉकी, फुटबाल, कबड्डी और बास्केटबॉल जैसे खेल ऑनलाइन खेल सकते हैं। ड्रीम-ग्यारह कंपनी की शुरूआत हर्ष जैन और भावित सेठ ने साल दो हज़ार आठ में की थी। ड्रीम-ग्यारह युवाओं के बीच कितनी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साल दो हज़ार चौदह में कंपनी के रजिस्टर्ड यूजर महज एक लाख थे, जो साल दो हज़ार बीस में बढ़कर आठ करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। ड्रीम-ग्यारह का अगला लक्ष्य दस करोड़ यूजर हासिल करने का है।
लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिए, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अब सक्रिय हो गए है. चौहान ने मऊ में रविवार को एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया जिसमें उन्होने कहा कि, अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आ गई तो, वो फिर दंगाई बन जाएंगे. मऊ में विधानसभा चुनाव के सातवें चरण में 7 मार्च को मतदान होना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के मऊ में विधानसभा चुनाव के सातवें चरण में मतदान होगा. यह इलाका मुख्तार अंसारी का है. वो 1996 से ही इस इलाके में बहुमत के साथ जीतते आ रहे हैं. उनका और उनके परिवार का इस इलाके में अच्छा प्रभाव देखा जाता है. मऊ से इस बार मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी चुनाव मैदान में उतरा है. उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है. मुख्तार अंसारी ने पिछला चुनाव बसपा के टिकट पर जीता था. बसपा ने उन्हें इस बार टिकट देने से इनकार कर दिया. इसी बीच बीजेपी लगातार समाजवादी पार्टी पर हमलावर है. वह आरोप लगा रही है कि समाजवादी पार्टी गुंडे, माफियाओं और दंगाइयों की पार्टी है. योगी आदित्यनाथ सरकार सपा नेता आजम खान, मुख्तार अंसारी और पूर्व विधायक अतीक अहमद के खिलाफ की गई कार्रवाई का गुंडे-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के रूप में पेश कर रही है. सीएम योगी अपने हर भाषण में हमेशा बुलडोजर का जिक्र करना नहीं भूलते हैं. एक सभा में तो बुलडोजरों को ही सजा कर रख दिया गया था. As an independent media platform, we do not take advertisements from governments and corporate houses. It is you, our readers, who have supported us on our journey to do honest and unbiased journalism. Please contribute, so that we can continue to do the same in future.
लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार-प्रसार के लिए, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी अब सक्रिय हो गए है. चौहान ने मऊ में रविवार को एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया जिसमें उन्होने कहा कि, अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में आ गई तो, वो फिर दंगाई बन जाएंगे. मऊ में विधानसभा चुनाव के सातवें चरण में सात मार्च को मतदान होना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के मऊ में विधानसभा चुनाव के सातवें चरण में मतदान होगा. यह इलाका मुख्तार अंसारी का है. वो एक हज़ार नौ सौ छियानवे से ही इस इलाके में बहुमत के साथ जीतते आ रहे हैं. उनका और उनके परिवार का इस इलाके में अच्छा प्रभाव देखा जाता है. मऊ से इस बार मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी चुनाव मैदान में उतरा है. उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है. मुख्तार अंसारी ने पिछला चुनाव बसपा के टिकट पर जीता था. बसपा ने उन्हें इस बार टिकट देने से इनकार कर दिया. इसी बीच बीजेपी लगातार समाजवादी पार्टी पर हमलावर है. वह आरोप लगा रही है कि समाजवादी पार्टी गुंडे, माफियाओं और दंगाइयों की पार्टी है. योगी आदित्यनाथ सरकार सपा नेता आजम खान, मुख्तार अंसारी और पूर्व विधायक अतीक अहमद के खिलाफ की गई कार्रवाई का गुंडे-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के रूप में पेश कर रही है. सीएम योगी अपने हर भाषण में हमेशा बुलडोजर का जिक्र करना नहीं भूलते हैं. एक सभा में तो बुलडोजरों को ही सजा कर रख दिया गया था. As an independent media platform, we do not take advertisements from governments and corporate houses. It is you, our readers, who have supported us on our journey to do honest and unbiased journalism. Please contribute, so that we can continue to do the same in future.
पाकिस्तानी अखबार ने रिपोर्ट दी है कि पाक गृह मंत्रालय ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) पर भारत के संभावित हमले को लेकर चेतावनी जारी की है। पाकिस्तान को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) के प्रतिष्ठानों पर भारत के हमले का डर सता रहा है। पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने इस संबंध में गिलगिट-बाल्टिस्तान के गृह विभाग को सूचित किया है। डॉन ने गृह विभाग के एक अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि देश के गृह मंत्रालय द्वारा हालिया निर्देश चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) पर संभावित हमले की चेतावनी दी है। इस सूचना के बाद पाकिस्तान ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) पर सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके साथ ही गिलगिट-बाल्टिस्तान प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी यह द्वारा यह निगरानी भी रखी जा रही है। मार्ग के साथ पुलों पर भी हाई अलर्ट जारी किया गया है।
पाकिस्तानी अखबार ने रिपोर्ट दी है कि पाक गृह मंत्रालय ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे पर भारत के संभावित हमले को लेकर चेतावनी जारी की है। पाकिस्तान को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा के प्रतिष्ठानों पर भारत के हमले का डर सता रहा है। पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने इस संबंध में गिलगिट-बाल्टिस्तान के गृह विभाग को सूचित किया है। डॉन ने गृह विभाग के एक अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि देश के गृह मंत्रालय द्वारा हालिया निर्देश चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा पर संभावित हमले की चेतावनी दी है। इस सूचना के बाद पाकिस्तान ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा पर सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके साथ ही गिलगिट-बाल्टिस्तान प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी यह द्वारा यह निगरानी भी रखी जा रही है। मार्ग के साथ पुलों पर भी हाई अलर्ट जारी किया गया है।
कुशीनगर। टेकुआटार बाजार स्थित श्यामा देवी इंटर कालेज में शुक्रवार को 12 वीं के छात्र एवं छात्रों का विदाई समारोह हुआ सम्पन्न, श्यामा देवी इंटर कालेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कालेज में 1से 12वीं तक शिक्षा ग्रहण किये छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया। विदाई समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जनता इंटर कालेज सोहसा मठिया के पूर्व प्रधानाचार्य उदयकांत त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा से ज्ञान आता हैं। जिससे बच्चे आदर्श नागरिक बनते है। व वर्तमान परिस्थिति के समस्याओं का सामना करने की क्षमता विकसित करते हैं। पूर्व काल में विद्यालय को विद्या मंदिर इस लिए कहां जाता था कि इसमें पूजा करने वाले को भगवान जरूर मिलते है, क्योकि समाज ही भगवान का रूप होता हैं। विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार से सम्मानित चंदेश्वर शर्मा परवाना रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि और विद्यालय के संस्थापक शम्भू राव के द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कार्यक्रम में सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम कालेज की छात्रो ने प्रस्तुति की । अध्यक्षता प्रधानाचार्य अपराजिता राव व संचालन राजेश शर्मा ने किया। इस दौरान गुड्डी राव, गायक धीरज राव, ध्रुवनारायण पांडेय, प्रेमगोविंद राव, दिनेश सिंह एडवोकेट, कौलेश प्रसाद, नीरज सिंह, कृपावती गुप्ता, अनवर अहमद, जिज्ञासु राव, गुड़िया विश्वकर्मा, श्रेया, खुशबू, काजल, वसुंधरा, आकृति, पुष्पा वर्मा आदि मौजूद रही। विदाई समारोह के दौरान श्यामा देवी इंटर कालेज में 1से लेकर 12वी तक शिक्षा ग्रहण किया छात्रों को पुरस्कृत किया गया। इन छात्रों को किया गया पुरस्कृत दीपा मद्धेशिया, पल्लवी राव, नंदनी राव, पल्लवी ओझा, समा परवीन, अजय गुप्ता, कृष्ना राव आदि।
कुशीनगर। टेकुआटार बाजार स्थित श्यामा देवी इंटर कालेज में शुक्रवार को बारह वीं के छात्र एवं छात्रों का विदाई समारोह हुआ सम्पन्न, श्यामा देवी इंटर कालेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कालेज में एकसे बारहवीं तक शिक्षा ग्रहण किये छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया। विदाई समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जनता इंटर कालेज सोहसा मठिया के पूर्व प्रधानाचार्य उदयकांत त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा से ज्ञान आता हैं। जिससे बच्चे आदर्श नागरिक बनते है। व वर्तमान परिस्थिति के समस्याओं का सामना करने की क्षमता विकसित करते हैं। पूर्व काल में विद्यालय को विद्या मंदिर इस लिए कहां जाता था कि इसमें पूजा करने वाले को भगवान जरूर मिलते है, क्योकि समाज ही भगवान का रूप होता हैं। विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार से सम्मानित चंदेश्वर शर्मा परवाना रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि और विद्यालय के संस्थापक शम्भू राव के द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कार्यक्रम में सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम कालेज की छात्रो ने प्रस्तुति की । अध्यक्षता प्रधानाचार्य अपराजिता राव व संचालन राजेश शर्मा ने किया। इस दौरान गुड्डी राव, गायक धीरज राव, ध्रुवनारायण पांडेय, प्रेमगोविंद राव, दिनेश सिंह एडवोकेट, कौलेश प्रसाद, नीरज सिंह, कृपावती गुप्ता, अनवर अहमद, जिज्ञासु राव, गुड़िया विश्वकर्मा, श्रेया, खुशबू, काजल, वसुंधरा, आकृति, पुष्पा वर्मा आदि मौजूद रही। विदाई समारोह के दौरान श्यामा देवी इंटर कालेज में एकसे लेकर बारहवी तक शिक्षा ग्रहण किया छात्रों को पुरस्कृत किया गया। इन छात्रों को किया गया पुरस्कृत दीपा मद्धेशिया, पल्लवी राव, नंदनी राव, पल्लवी ओझा, समा परवीन, अजय गुप्ता, कृष्ना राव आदि।
बदायूं में मानसिक संतुलन खराब होने के बाद 13 साल तक घर से लापता रहे अधेड़ को पुलिस ने परिजनों से मिलवा दिया। परिवार के लोग उसके मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे। हालांकि बाद में अधेड़ उन्हें मिला तो उसके भाई समेत परिजन खुशी-खुशी अपने साथ ले गए। एसएसपी डॉक्टर ओपी सिंह ने बताया कि हजरतपुर के इंस्पेक्टर आरके तिवारी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान 22 नवंबर को उन्हें एक व्यक्ति लावारिस हालत में घूमता हुआ मिला। वह विक्षिप्त लग रहा था। हालांकि पुलिस को देख वह सहमा और फिर आगे बढ़ गया तो शक होने पर पुलिस उसे अपने साथ थाने ले आई। यहां उसकी हेयर कटिंग कराने के साथ ही पुलिस ने नहलाकर खाना आदि खिलाया और शेविंग कराई। पूछताछ करना चाही तो वह कुछ बोल नहीं पा रहा था। पुलिस की काफी कोशिश के बाद उस व्यक्ति ने अपना नाम विजेंद्र दीक्षित निवासी गांव श्यामपुर थाना भमोरा जनपद बरेली बताया। पुलिस ने संबंधित पते पर जानकारी जुताई तो पता लगा कि अब उसका परिवार बरेली के थाना सुभाषनगर इलाके की तिलक कॉलोनी में जाकर रह रहा है। संबंधित परिजनों से पुलिस ने किसी तरह संपर्क साधा तो नया मामला सामने आया। परिजनों ने बताया कि विजेंद्र परिवहन विभाग में इलेक्ट्रिशियन के पद पर तैनात थे। अचानक मानसिक संतुलन बिगड़ा और नौकरी छूट गई। इसके बाद वह घर पर भी नहीं टिके और चुपचाप कहीं चले गए। परिवार वालों ने उनकी तलाश भी की लेकिन कहीं कोई पता नहीं चल सका। इस पूरे मामले को 13 साल बीत चुके थे और परिजनों को और उम्मीद में नहीं थी कि अब विजेंद्र मिल पाएंगे। इंस्पेक्टर हजरत पुर आर के तिवारी ने बताया कि विजेंद्र के भाई बृजेश दीक्षित समेत परिवार के लोग यहां पहुंचे और विधिक प्रक्रिया के तहत विजेंद्र को उन्हें सौंप दिया है। परिवार वाले उनके फिर से मिलने से काफी खुश और संतुष्ट हैं। हालांकि उनकी मानसिक स्थिति फिलहाल अच्छी नहीं है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
बदायूं में मानसिक संतुलन खराब होने के बाद तेरह साल तक घर से लापता रहे अधेड़ को पुलिस ने परिजनों से मिलवा दिया। परिवार के लोग उसके मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे। हालांकि बाद में अधेड़ उन्हें मिला तो उसके भाई समेत परिजन खुशी-खुशी अपने साथ ले गए। एसएसपी डॉक्टर ओपी सिंह ने बताया कि हजरतपुर के इंस्पेक्टर आरके तिवारी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इस दौरान बाईस नवंबर को उन्हें एक व्यक्ति लावारिस हालत में घूमता हुआ मिला। वह विक्षिप्त लग रहा था। हालांकि पुलिस को देख वह सहमा और फिर आगे बढ़ गया तो शक होने पर पुलिस उसे अपने साथ थाने ले आई। यहां उसकी हेयर कटिंग कराने के साथ ही पुलिस ने नहलाकर खाना आदि खिलाया और शेविंग कराई। पूछताछ करना चाही तो वह कुछ बोल नहीं पा रहा था। पुलिस की काफी कोशिश के बाद उस व्यक्ति ने अपना नाम विजेंद्र दीक्षित निवासी गांव श्यामपुर थाना भमोरा जनपद बरेली बताया। पुलिस ने संबंधित पते पर जानकारी जुताई तो पता लगा कि अब उसका परिवार बरेली के थाना सुभाषनगर इलाके की तिलक कॉलोनी में जाकर रह रहा है। संबंधित परिजनों से पुलिस ने किसी तरह संपर्क साधा तो नया मामला सामने आया। परिजनों ने बताया कि विजेंद्र परिवहन विभाग में इलेक्ट्रिशियन के पद पर तैनात थे। अचानक मानसिक संतुलन बिगड़ा और नौकरी छूट गई। इसके बाद वह घर पर भी नहीं टिके और चुपचाप कहीं चले गए। परिवार वालों ने उनकी तलाश भी की लेकिन कहीं कोई पता नहीं चल सका। इस पूरे मामले को तेरह साल बीत चुके थे और परिजनों को और उम्मीद में नहीं थी कि अब विजेंद्र मिल पाएंगे। इंस्पेक्टर हजरत पुर आर के तिवारी ने बताया कि विजेंद्र के भाई बृजेश दीक्षित समेत परिवार के लोग यहां पहुंचे और विधिक प्रक्रिया के तहत विजेंद्र को उन्हें सौंप दिया है। परिवार वाले उनके फिर से मिलने से काफी खुश और संतुष्ट हैं। हालांकि उनकी मानसिक स्थिति फिलहाल अच्छी नहीं है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित जांच अधिकारियों से मांगी जल्द जांच रिपोर्ट। योगेश शर्मा, हाथरस : पिछले कार्यकाल में प्रधानों पर विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे थे। शिकायतों की जांच विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दी गई थी। हैरानी की बात ये है कि प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया और नए प्रधान चुन लिए गए, मगर जांच रिपोर्ट नहीं आई। सबसे अधिक मामले जिला समाज कल्याण अधिकारी के पास हैं। इनके अलावा अन्य विभागों के अधिकारी भी जांच रिपोर्ट दबाए बैठे हैं। इस पर कमिश्नर और डीएम ने गहरी नाराजगी जताई है। 19 मामले ऐसे हैं जिनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार शिकायतकर्ता आज भी कर रहे हैं। उच्चाधिकारियों की नाराजगी के बाद डीपीआरओ ने संबंधित अधिकारियों से जांच रिपोर्ट तलब की है। हाथरस के जहांगीरपुर, मुरसान ब्लाक के केवलगढ़ी, सेनपुर, बमनई, हतीसा भगवंतपुर, खजूरिया, विशुनदास, रामगढ़, पदू, नगला लच्छी, सासनी ब्लाक के जलालपुर, किंदौली, सिताहरी, हसायन ब्लाक में बाण अब्दुलहईपुर, सिकंदराराऊ के पचौं, महामई सलावतनगर, अगराना, सादाबाद के सिथरापुर, सहपऊ के धनौली पंचायतों की शिकायतें लंबित हैं। जिन अधिकारियों पर अभी भी जांच लंबित हैं, उनको निर्देशित किया गया है वह जल्द से जल्द जांच पूरी करके पंचायती राज विभाग को देना सुनिश्चित करें। अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रमेश रंजन, डीएम हाथरस।
जिला पंचायत राज अधिकारी ने संबंधित जांच अधिकारियों से मांगी जल्द जांच रिपोर्ट। योगेश शर्मा, हाथरस : पिछले कार्यकाल में प्रधानों पर विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे थे। शिकायतों की जांच विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दी गई थी। हैरानी की बात ये है कि प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया और नए प्रधान चुन लिए गए, मगर जांच रिपोर्ट नहीं आई। सबसे अधिक मामले जिला समाज कल्याण अधिकारी के पास हैं। इनके अलावा अन्य विभागों के अधिकारी भी जांच रिपोर्ट दबाए बैठे हैं। इस पर कमिश्नर और डीएम ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्नीस मामले ऐसे हैं जिनकी जांच रिपोर्ट का इंतजार शिकायतकर्ता आज भी कर रहे हैं। उच्चाधिकारियों की नाराजगी के बाद डीपीआरओ ने संबंधित अधिकारियों से जांच रिपोर्ट तलब की है। हाथरस के जहांगीरपुर, मुरसान ब्लाक के केवलगढ़ी, सेनपुर, बमनई, हतीसा भगवंतपुर, खजूरिया, विशुनदास, रामगढ़, पदू, नगला लच्छी, सासनी ब्लाक के जलालपुर, किंदौली, सिताहरी, हसायन ब्लाक में बाण अब्दुलहईपुर, सिकंदराराऊ के पचौं, महामई सलावतनगर, अगराना, सादाबाद के सिथरापुर, सहपऊ के धनौली पंचायतों की शिकायतें लंबित हैं। जिन अधिकारियों पर अभी भी जांच लंबित हैं, उनको निर्देशित किया गया है वह जल्द से जल्द जांच पूरी करके पंचायती राज विभाग को देना सुनिश्चित करें। अन्यथा विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रमेश रंजन, डीएम हाथरस।
लेह, 11 अगस्त केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख इस साल 24 से 28 सितम्बर के बीच लेह में पहला 'द हिमालयन फिल्म उत्सव' (टीएचएफएफ) 2021 आयोजित करेगा। सूचना सचिव पद्मा आंगमो ने बताया कि पांच दिवसीय उत्सव का लक्ष्य संवादात्मक एवं प्रदर्शन मंच तैयार करना है, ताकि महत्वाकांक्षी स्थानीय फिल्म निर्माताओं को बढ़ावा दिया जा सके और लद्दाख को फिल्म निर्माण के लिए आकर्षक स्थल के रूप में प्रदर्शित किया जा सके। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत फिल्म समारोह निदेशालय के सहयोग से लेह द्वारा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सूचना सचिव ने बताया कि महोत्सव के दौरान हिमालयी राज्यों जैसे असम, सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख की लोकप्रिय फिल्मों के अलावा भारतीय दृश्य पटल की चयनित फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। आंगमो ने कहा, "भारत के हिमालय क्षेत्र में प्रतिभाशाली फिल्म निर्माताओं को पहचानने के लिए लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों के लिए एक प्रतियोगिता सत्र भी होगा, ताकि क्षेत्र के फिल्म बनाने वाले समुदाय से जुड़ा जा सके और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जा सके। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
लेह, ग्यारह अगस्त केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख इस साल चौबीस से अट्ठाईस सितम्बर के बीच लेह में पहला 'द हिमालयन फिल्म उत्सव' दो हज़ार इक्कीस आयोजित करेगा। सूचना सचिव पद्मा आंगमो ने बताया कि पांच दिवसीय उत्सव का लक्ष्य संवादात्मक एवं प्रदर्शन मंच तैयार करना है, ताकि महत्वाकांक्षी स्थानीय फिल्म निर्माताओं को बढ़ावा दिया जा सके और लद्दाख को फिल्म निर्माण के लिए आकर्षक स्थल के रूप में प्रदर्शित किया जा सके। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत फिल्म समारोह निदेशालय के सहयोग से लेह द्वारा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। सूचना सचिव ने बताया कि महोत्सव के दौरान हिमालयी राज्यों जैसे असम, सिक्किम, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, नगालैंड, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख की लोकप्रिय फिल्मों के अलावा भारतीय दृश्य पटल की चयनित फिल्मों को प्रदर्शित किया जाएगा। आंगमो ने कहा, "भारत के हिमालय क्षेत्र में प्रतिभाशाली फिल्म निर्माताओं को पहचानने के लिए लघु फिल्मों और वृत्तचित्रों के लिए एक प्रतियोगिता सत्र भी होगा, ताकि क्षेत्र के फिल्म बनाने वाले समुदाय से जुड़ा जा सके और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जा सके। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
इंडियन प्रीमियर लीग 2023 (IPL 2023) के पहले मैच में गुजरात टाइटंस (GT) ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को हराकर शानदार आगाज की। इसके बाद टीम को झटका लगा है। न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन का आईपीएल में मौजूदा सत्र में आगे खेलना संदिग्ध है जो चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पहले मैच में दाहिने घुटने में चोट के कारण बाहर हो गए थे। 32 वर्ष के विलियमसन को फील्डिंग के दौरान चोट लगी थी । उनकी चोट की गंभीरता के बारे में अभी पता नहीं है, लेकिन लगता है कि चोट मामूली नहीं है। गैरी स्टीड ने क्या कहा?
इंडियन प्रीमियर लीग दो हज़ार तेईस के पहले मैच में गुजरात टाइटंस ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर शानदार आगाज की। इसके बाद टीम को झटका लगा है। न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन का आईपीएल में मौजूदा सत्र में आगे खेलना संदिग्ध है जो चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पहले मैच में दाहिने घुटने में चोट के कारण बाहर हो गए थे। बत्तीस वर्ष के विलियमसन को फील्डिंग के दौरान चोट लगी थी । उनकी चोट की गंभीरता के बारे में अभी पता नहीं है, लेकिन लगता है कि चोट मामूली नहीं है। गैरी स्टीड ने क्या कहा?
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! Corona vaccine Update: भारत में कोरोनावायरस (Covid-19 in india) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के लगभग 19,906 हजार नए मामले सामने आए हैं, जिसमें लगभग 400 से अधिक लोगों की जान चली गई है। यह आंकड़े स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं। स्वास्थ मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में मरीजों की संख्या पहुंचकर 5,28,859 हो गई है, जिसमें कुल एक्टिव केसेज 2,03,051 हैं। अब तक 16,095 लोगों की मौत और 309,713 लोगों का उपचार हो चुका है और उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है। इस महामारी से बचने के लिए अब तक ना तो कोई दवा आई है और ना ही कोई वैक्सीन। हर दिन सिर्फ कोविड-19 वैक्सीन से संबंधित नई खबरें और शोध वर्क सामने आती हैं। हाल ही में डब्लूएचओ के महानिदेशक ने भी कहा है कि कोरोना की वैक्सीन (Corona vaccine Update in hindi) एक साल के भीतर दुनिया को मिल जाएगी। फिलहाल, कोरोना के मरीजों का इलाज वैकल्पिक दवाइयों के इस्तेमाल से किया जा रहा है। अच्छी खबर ये है कि कोरोना के गंभीर मरीजों में इस वायरस के प्रति रोग प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का आकलन किया गया और वैज्ञानिकों ने 6 अणुओं के अनोखे पैटर्न की पहचान की है। इन अणुओं के अनोखे पैटर्न का इस्तेमाल कर कोरोना के मरीजों के इलाज में मदद मिल सकेगी। इस पैटर्न के जरिए कोविड-19 बीमारी के चिकित्सीय लक्ष्यों में दवा पहुंचाई जा सकती है। इसके लिए ब्रिटेन के लॉसन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं ने कोरोना के गंभीर मरीजों के ब्लड सैंपल का आकलन किया। आकलन के बाद आइसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों के खून में 6 शीर्ष अणु या मॉलिक्यूल (Molecules) पाए गए। ये मॉलिक्यूल कोरोना के मरीजों को दूसरे लोगों से अलग करते हैं, जिन्हें यह रोग नहीं है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कई मरीजों का इम्यून सिस्टम कोरोनावायरस के खिलाफ अधिक प्रतिक्रिया देता है और शरीर में साइटोकिन स्टॉर्म (एक गंभीर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया, जिसमें शरीर तेजी से रक्त में अधिक मात्रा में साइटोकिन छोड़ता है ) उत्पन्न करता है। इसमें शरीर में होने वाले नेचुरल सूजन से संबंधित अणु का लेवल हाई हो जाता है, जो शरीर की हेल्दी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि फिलहाल चिकित्सक इस अत्यधिक सूजन को कम करने के प्रयास में हैं, लेकिन बिना यह जाने कि उनका लक्ष्य क्या और कहां है यानी शरीर में हमला कहां किया जाए। इस शोध के जरिए पहली बार संभावित चिकित्सीय लक्ष्यों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इस शोध से यह जरूर स्पष्ट हो गया है कि इलाज के दौरान चिकित्सक को कोरोना के मरीजों पर दवाओं का प्रयोग कहां करना है।
Don't Miss Out on the Latest Updates. Subscribe to Our Newsletter Today! Corona vaccine Update: भारत में कोरोनावायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले चौबीस घंटाटे में देश में कोरोना के लगभग उन्नीस,नौ सौ छः हजार नए मामले सामने आए हैं, जिसमें लगभग चार सौ से अधिक लोगों की जान चली गई है। यह आंकड़े स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए हैं। स्वास्थ मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में मरीजों की संख्या पहुंचकर पाँच,अट्ठाईस,आठ सौ उनसठ हो गई है, जिसमें कुल एक्टिव केसेज दो,तीन,इक्यावन हैं। अब तक सोलह,पचानवे लोगों की मौत और तीन सौ नौ,सात सौ तेरह लोगों का उपचार हो चुका है और उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है। इस महामारी से बचने के लिए अब तक ना तो कोई दवा आई है और ना ही कोई वैक्सीन। हर दिन सिर्फ कोविड-उन्नीस वैक्सीन से संबंधित नई खबरें और शोध वर्क सामने आती हैं। हाल ही में डब्लूएचओ के महानिदेशक ने भी कहा है कि कोरोना की वैक्सीन एक साल के भीतर दुनिया को मिल जाएगी। फिलहाल, कोरोना के मरीजों का इलाज वैकल्पिक दवाइयों के इस्तेमाल से किया जा रहा है। अच्छी खबर ये है कि कोरोना के गंभीर मरीजों में इस वायरस के प्रति रोग प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का आकलन किया गया और वैज्ञानिकों ने छः अणुओं के अनोखे पैटर्न की पहचान की है। इन अणुओं के अनोखे पैटर्न का इस्तेमाल कर कोरोना के मरीजों के इलाज में मदद मिल सकेगी। इस पैटर्न के जरिए कोविड-उन्नीस बीमारी के चिकित्सीय लक्ष्यों में दवा पहुंचाई जा सकती है। इसके लिए ब्रिटेन के लॉसन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं ने कोरोना के गंभीर मरीजों के ब्लड सैंपल का आकलन किया। आकलन के बाद आइसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों के खून में छः शीर्ष अणु या मॉलिक्यूल पाए गए। ये मॉलिक्यूल कोरोना के मरीजों को दूसरे लोगों से अलग करते हैं, जिन्हें यह रोग नहीं है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कई मरीजों का इम्यून सिस्टम कोरोनावायरस के खिलाफ अधिक प्रतिक्रिया देता है और शरीर में साइटोकिन स्टॉर्म उत्पन्न करता है। इसमें शरीर में होने वाले नेचुरल सूजन से संबंधित अणु का लेवल हाई हो जाता है, जो शरीर की हेल्दी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि फिलहाल चिकित्सक इस अत्यधिक सूजन को कम करने के प्रयास में हैं, लेकिन बिना यह जाने कि उनका लक्ष्य क्या और कहां है यानी शरीर में हमला कहां किया जाए। इस शोध के जरिए पहली बार संभावित चिकित्सीय लक्ष्यों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इस शोध से यह जरूर स्पष्ट हो गया है कि इलाज के दौरान चिकित्सक को कोरोना के मरीजों पर दवाओं का प्रयोग कहां करना है।
को सूर्योदय से 53 मिनट बाद सूर्य ने मेष राशि में प्रवेश किया। अतः मगलवार, मार्च 11, 1578 ई० को अकबर के 23वें जुलूसी सन् का नौरोज अथवा 23वें इलाही सन् के फरवरदीन महीने की पहली तारीख मानी गई थी 11 ( भा) मगलवार, 4 जमादि-उल्-श्रव्वल, 997 हि० (सोमवार, मार्च 10, 1589 ई० ) की रात्रि में चार घण्टे और 36 मिनट बाद सूर्य ने मेष राशि में प्रवेश किया, श्रत अकबर के शासन काल के 34वें वर्ष का नौरोज अथवा 34वें इलाही सन् के फरवरदोन महीने की पहली तारीख उसी सध्या से प्रारंभ मान कर मंगलवार, मार्च 11, 1589 ई० को दिन मे उसके उपलक्ष में उत्सव मनाया गया 12 ( 2 ) जब किसी दिन मध्याह्न के बाद तथा उसी दिन के सूर्यास्त से पहिले सक्राति पडती थी, तब उसके बाद के इलाही दिन ( अर्थात् इस सङ्क्राति से तत्काल बाद ) की सध्या से प्रारंभ होने वाले इलाही दिन को ही नौरोज अथवा फरवरदीन महीने की पहिली तारीख माना जाता था। इसके निम्नलिखित दो उदाहरणो से यह नियम भी स्पष्ट हो जायेगा । (क) 'अकबर-नामा' के अनुसार मंगलवार, 29 शाबान, 974 हि० (मार्च 11, 1567 ई०) को ( सूर्योदय के बाद ) श्राठ घण्टे और 15 मिनट (अर्थात् 20 घडी और 372 पल ) वीत जाने पर सूर्य ने मेष राशि में प्रवेश किया भोर तदनन्तर अकबर का वारहवा जुलूसी सन् प्रथवा इलाही सन 12 प्रारंभ हुआ । मेष संक्राति यो मगलवार, मार्च 11, 1567 ई० को दोपहर बाद ही पडी थी, प्रतएव नौरोज तथा नये माह फरवरदीन की पहिली तारीख का प्रारंभ मंगलवार, मार्च 11, 1567 ई० की सध्या से हुआ तथा बुधवार, मार्च 12, 1567 ई० को दिन में उसका उत्सव मनाया गया। इसी गरगणना के अनुमार उसके बारह दिन बाद की तारीख 13 फरवरदीन सोमवार, 12 रमजान प्रथवा मार्च 23, 1567 ई० को पडी थी, जैसा कि 'अकबर-नामा' में स्पष्ट उल्लेख है 13 ( ख ) 'तुजुफ-इ-जहागीरी' मे जहागीर ने लिम्ना है कि "इस्फदारमज महीन के अंतिम दिन रविवार को जो 1 रबी उल अव्वल (सन् 025 हि० ) ( प्रर्थात् मार्च 10, 1616 ई० ) होता है जब पद्रह घडी दिन बीत गया था, तब मीन राशि से निकल कर सूर्य ने मेष राशि में प्रवेश किया।" यो मेष सक्राति मध्याह्न के बाद ही पड़ी थी एव नौराज अर्थात् ] फरवरदीन, सोमवार मार्च 11, 1616 ई० को ही मनाया गया था। इसी गरगना के अनुसार उससे कोई दस दिन बाद तारीख 11 फरवरदीन, गुरुवार ( मार्च 21, 1616 ई० ) को पड़ी थी, जिसका समर्थन स्वय जहागीर के उस तारीख सवधी उल्लेख से होता है । मेष संक्राति के परिप्रेक्ष्य में नौरोज प्रथवा फरवरदीन की पहिली तारीख के सही वार और ईसवी तारीख को निर्धारित करने के इन्ही दोनो नियमो के अनुमार अन्य इलाही महीनो की पहिली तारीखो के वार और ईसवी तारीखें निकाली जा सकती हैं । यो इन सारे इलाही सनो मे अन्य सूर्य सक्रातियों के सही समय का उल्लेख तथा तत्सवधी विस्तृत काल-गरणना की जानकारी किन्ही समकालीन इतिहास- ग्रथो अथवा अन्य पुस्तको मे सुलभ नही है, अत इतिहासकारो की इस समस्या को दूर करने के लिए वी० एस० बेन्द्र ने अपनी महत्त्वपूर्ण कृति 'तारीख-इ-इलाही के प्रत मे दी गई सारिणी क्रमांक 2 मे ( पृ० 36-45 ) प्रथम इलाही सन् के प्रथम माह (मार्च 1556 ई०) से लेकर बाद के 120वें इलाही सन् के प्रतिम इस्फदारमज माह (फरवरी, 1676 ई० ) तक के प्रत्येक इलाही माह के प्रथम दिन के ईसवी वार, तारीख और महीने की पूरी तालिका दे दी है। अधिकतर इलाही महीनो की पहिली तारीख सक्राति वाले दिन ही मानी गई थी परंतु जिन इलाही महीनो की पहली तारीख उपयुक्त नियमानुसार सक्राति से तत्काल बाद वाले दिन ही मानी गई थी उन सव हो वार-तारीखो को उक्न मारिणो मे वेन्द्रे ने ताराकित कर दिया है कि उससे सशोधको श्रादि को इस स्थिति विशेष की जानकारी हो सके । परन्तु इन इलाही महीनो की आगे की तारीखो के वार और ईनवी तारीखो को निकालने के लिए ताराकित अथवा प्रतारांकित वार-तारीलो के लिए एक मात्र तरीका ही ममान रूपेरण अपनाया जाना चाहिए, जिसके कुछ उदाहरण यहा दिये जाते हैं कि उससे इस सुझाए गए तरीके का स्पष्टीकरण हो जाय । भपने बारहवें जुलूमी (मर्थात् इलाहो) सन् मे सुविख्यात चित्तोडगढ का घेरा डाल कर जब अकबर उसको जीतने के लिए अनेकानेक प्रायोजन करने सगा, तव चित्तोडगढ के परकोटे को तोड़ने के लिए मुगल श्राक्रमणकारियो ने इलाही तारीख 5 दें, तदनुसार बुधवार, 15 जमादि-उस-सानी का सुरंगें लगाई । इलाही माह दे की पहिली तारीख शनिवार, दिसम्बर 13, 1567 ई० पोथी, जो बेंद्रे को सारिणी में ताकत है । प्रत उक्त ईनवी तारीख और वार में 4 दिन की ईसवी तारीख प्रादि बुधवार, दिसम्बर 17, 1 जहागोर-नामा, हिन्दी अनुवाद), मनुवादप प्रजरलदास, पू० 383,584, बुजुग० (म० भ०), रोजमं, 1, पृ० 317-318।
को सूर्योदय से तिरेपन मिनट बाद सूर्य ने मेष राशि में प्रवेश किया। अतः मगलवार, मार्च ग्यारह, एक हज़ार पाँच सौ अठहत्तर ईशून्य को अकबर के तेईसवें जुलूसी सन् का नौरोज अथवा तेईसवें इलाही सन् के फरवरदीन महीने की पहली तारीख मानी गई थी ग्यारह मगलवार, चार जमादि-उल्-श्रव्वल, नौ सौ सत्तानवे हिशून्य की रात्रि में चार घण्टे और छत्तीस मिनट बाद सूर्य ने मेष राशि में प्रवेश किया, श्रत अकबर के शासन काल के चौंतीसवें वर्ष का नौरोज अथवा चौंतीसवें इलाही सन् के फरवरदोन महीने की पहली तारीख उसी सध्या से प्रारंभ मान कर मंगलवार, मार्च ग्यारह, एक हज़ार पाँच सौ नवासी ईशून्य को दिन मे उसके उपलक्ष में उत्सव मनाया गया बारह जब किसी दिन मध्याह्न के बाद तथा उसी दिन के सूर्यास्त से पहिले सक्राति पडती थी, तब उसके बाद के इलाही दिन की सध्या से प्रारंभ होने वाले इलाही दिन को ही नौरोज अथवा फरवरदीन महीने की पहिली तारीख माना जाता था। इसके निम्नलिखित दो उदाहरणो से यह नियम भी स्पष्ट हो जायेगा । 'अकबर-नामा' के अनुसार मंगलवार, उनतीस शाबान, नौ सौ चौहत्तर हिशून्य को श्राठ घण्टे और पंद्रह मिनट वीत जाने पर सूर्य ने मेष राशि में प्रवेश किया भोर तदनन्तर अकबर का वारहवा जुलूसी सन् प्रथवा इलाही सन बारह प्रारंभ हुआ । मेष संक्राति यो मगलवार, मार्च ग्यारह, एक हज़ार पाँच सौ सरसठ ईशून्य को दोपहर बाद ही पडी थी, प्रतएव नौरोज तथा नये माह फरवरदीन की पहिली तारीख का प्रारंभ मंगलवार, मार्च ग्यारह, एक हज़ार पाँच सौ सरसठ ईशून्य की सध्या से हुआ तथा बुधवार, मार्च बारह, एक हज़ार पाँच सौ सरसठ ईशून्य को दिन में उसका उत्सव मनाया गया। इसी गरगणना के अनुमार उसके बारह दिन बाद की तारीख तेरह फरवरदीन सोमवार, बारह रमजान प्रथवा मार्च तेईस, एक हज़ार पाँच सौ सरसठ ईशून्य को पडी थी, जैसा कि 'अकबर-नामा' में स्पष्ट उल्लेख है तेरह 'तुजुफ-इ-जहागीरी' मे जहागीर ने लिम्ना है कि "इस्फदारमज महीन के अंतिम दिन रविवार को जो एक रबी उल अव्वल होता है जब पद्रह घडी दिन बीत गया था, तब मीन राशि से निकल कर सूर्य ने मेष राशि में प्रवेश किया।" यो मेष सक्राति मध्याह्न के बाद ही पड़ी थी एव नौराज अर्थात् ] फरवरदीन, सोमवार मार्च ग्यारह, एक हज़ार छः सौ सोलह ईशून्य को ही मनाया गया था। इसी गरगना के अनुसार उससे कोई दस दिन बाद तारीख ग्यारह फरवरदीन, गुरुवार को पड़ी थी, जिसका समर्थन स्वय जहागीर के उस तारीख सवधी उल्लेख से होता है । मेष संक्राति के परिप्रेक्ष्य में नौरोज प्रथवा फरवरदीन की पहिली तारीख के सही वार और ईसवी तारीख को निर्धारित करने के इन्ही दोनो नियमो के अनुमार अन्य इलाही महीनो की पहिली तारीखो के वार और ईसवी तारीखें निकाली जा सकती हैं । यो इन सारे इलाही सनो मे अन्य सूर्य सक्रातियों के सही समय का उल्लेख तथा तत्सवधी विस्तृत काल-गरणना की जानकारी किन्ही समकालीन इतिहास- ग्रथो अथवा अन्य पुस्तको मे सुलभ नही है, अत इतिहासकारो की इस समस्या को दूर करने के लिए वीशून्य एसशून्य बेन्द्र ने अपनी महत्त्वपूर्ण कृति 'तारीख-इ-इलाही के प्रत मे दी गई सारिणी क्रमांक दो मे प्रथम इलाही सन् के प्रथम माह से लेकर बाद के एक सौ बीसवें इलाही सन् के प्रतिम इस्फदारमज माह तक के प्रत्येक इलाही माह के प्रथम दिन के ईसवी वार, तारीख और महीने की पूरी तालिका दे दी है। अधिकतर इलाही महीनो की पहिली तारीख सक्राति वाले दिन ही मानी गई थी परंतु जिन इलाही महीनो की पहली तारीख उपयुक्त नियमानुसार सक्राति से तत्काल बाद वाले दिन ही मानी गई थी उन सव हो वार-तारीखो को उक्न मारिणो मे वेन्द्रे ने ताराकित कर दिया है कि उससे सशोधको श्रादि को इस स्थिति विशेष की जानकारी हो सके । परन्तु इन इलाही महीनो की आगे की तारीखो के वार और ईनवी तारीखो को निकालने के लिए ताराकित अथवा प्रतारांकित वार-तारीलो के लिए एक मात्र तरीका ही ममान रूपेरण अपनाया जाना चाहिए, जिसके कुछ उदाहरण यहा दिये जाते हैं कि उससे इस सुझाए गए तरीके का स्पष्टीकरण हो जाय । भपने बारहवें जुलूमी सन् मे सुविख्यात चित्तोडगढ का घेरा डाल कर जब अकबर उसको जीतने के लिए अनेकानेक प्रायोजन करने सगा, तव चित्तोडगढ के परकोटे को तोड़ने के लिए मुगल श्राक्रमणकारियो ने इलाही तारीख पाँच दें, तदनुसार बुधवार, पंद्रह जमादि-उस-सानी का सुरंगें लगाई । इलाही माह दे की पहिली तारीख शनिवार, दिसम्बर तेरह, एक हज़ार पाँच सौ सरसठ ईशून्य पोथी, जो बेंद्रे को सारिणी में ताकत है । प्रत उक्त ईनवी तारीख और वार में चार दिन की ईसवी तारीख प्रादि बुधवार, दिसम्बर सत्रह, एक जहागोर-नामा, हिन्दी अनुवाद), मनुवादप प्रजरलदास, पूशून्य तीन सौ तिरासी,पाँच सौ चौरासी, बुजुगशून्य , रोजमं, एक, पृशून्य तीन सौ सत्रह-तीन सौ अट्ठारह।
हेल्दी रहने के लिए लाइफस्टाइल का हेल्दी होना एक बहुत जरूरी स्टेप है। अगर आपके लाइफस्टाइल में हेल्दी आदतें हैं तो यह काफी अच्छी बात है लेकिन अगर आपके लाइफस्टाइल में अन हेल्दी आदतें भी हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। हम जाने अनजाने में कई बार कुछ आदतों को शरीर के लिए लाभदायक मान लेते हैं जबकि वह होती नहीं हैं। इसलिए शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए ऐसी आदतों को छोड़ना काफी जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं हेल्दी रहने के लिए किन किन आदतों को छोड़ देना चाहिए। अगर आप बिना भूख के भी खाना खाते रहते हैं तो इसे ओवर ईटिंग कहा जाता है। इससे आपका लीवर भी प्रभावित होता है। आपका वजन भी बढ़ने लगता है और आपकी ईटिंग आदतें बदल सकती हैं। एक्सरसाइज करना अच्छी बात है लेकिन अगर आप अपने शरीर की क्षमता से ज्यादा एक्सरसाइज करने लगते हैं तो एनर्जी की कमी होना, बिल्डिंग डिसऑर्डर, खांसी होना जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। अगर आप डिनर बिलकुल सोते समय या देर रात में करते हैं तो यह भी हेल्दी आदत नहीं है। आपको सूरज छिपने तक या 8 बजे तक खाना खा लेना चाहिए ताकि उसे पचने में समय मिल सके। शरीर को रेस्ट की काफी जरूरत होती है और अगर स्लीप पैटर्न सही नहीं है तो शरीर कई तरह से प्रभावित हो सकता है इसलिए आधी रात से पहले ही सो जाएं। अगर आप एक समय पर एक से ज्यादा काम करते हैं तो इससे स्ट्रेस हो सकती है और काम में ध्यान भी नहीं लगता है जिससे गलतियां हो सकती हैं। Total Wellness is now just a click away.
हेल्दी रहने के लिए लाइफस्टाइल का हेल्दी होना एक बहुत जरूरी स्टेप है। अगर आपके लाइफस्टाइल में हेल्दी आदतें हैं तो यह काफी अच्छी बात है लेकिन अगर आपके लाइफस्टाइल में अन हेल्दी आदतें भी हैं तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। हम जाने अनजाने में कई बार कुछ आदतों को शरीर के लिए लाभदायक मान लेते हैं जबकि वह होती नहीं हैं। इसलिए शरीर को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए ऐसी आदतों को छोड़ना काफी जरूरी हो जाता है। आइए जानते हैं हेल्दी रहने के लिए किन किन आदतों को छोड़ देना चाहिए। अगर आप बिना भूख के भी खाना खाते रहते हैं तो इसे ओवर ईटिंग कहा जाता है। इससे आपका लीवर भी प्रभावित होता है। आपका वजन भी बढ़ने लगता है और आपकी ईटिंग आदतें बदल सकती हैं। एक्सरसाइज करना अच्छी बात है लेकिन अगर आप अपने शरीर की क्षमता से ज्यादा एक्सरसाइज करने लगते हैं तो एनर्जी की कमी होना, बिल्डिंग डिसऑर्डर, खांसी होना जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। अगर आप डिनर बिलकुल सोते समय या देर रात में करते हैं तो यह भी हेल्दी आदत नहीं है। आपको सूरज छिपने तक या आठ बजे तक खाना खा लेना चाहिए ताकि उसे पचने में समय मिल सके। शरीर को रेस्ट की काफी जरूरत होती है और अगर स्लीप पैटर्न सही नहीं है तो शरीर कई तरह से प्रभावित हो सकता है इसलिए आधी रात से पहले ही सो जाएं। अगर आप एक समय पर एक से ज्यादा काम करते हैं तो इससे स्ट्रेस हो सकती है और काम में ध्यान भी नहीं लगता है जिससे गलतियां हो सकती हैं। Total Wellness is now just a click away.
फरीदाबाद, 6 अप्रैल (हप्र) क्राइम ब्रांच ने अंतर्राजीय वाहन चोर गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 5 वाहन बरामद किए गए हैं। आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत के लिए नीमका जेल भेज दिया गया। क्राइम ब्रांच प्रभारी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी लालगढ़ गांव थाना चांदहट, पलवल निवासी योगेश है। वह नाम बदलकर अपराध करता रहा है। उसने ग्वालियर में अपने अन्य साथियों की मदद से कई जगह हनी ट्रैप व अपहरण की घटना को अंजाम दिया है। जिसमें आरोपी के दो साथियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी व उसकी महिला साथी फरार थे। आरोपी ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में चार पहिया वाहन और एक बुलेट मोटरसाइकिल की चोरी की थी। वह वाहनों की खरीद-फरोख्त वाली साइट पर भी सक्रिय रहता था। उसने नोएडा, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर में आनलाइन साइट के माध्यम से कई लोगों के दो व चार पहिया वाहनों चोरी किया है। कुछ समय से आरोपी फरीदाबाद में भी आनलाइन साइट के माध्यम से वाहनों के फ्राड को अंजाम दे रहा था। आरोपी पर यहां थाना कोतवाली में चोरी के दो मुकदमे व आदर्श नगर, मुजेसर, खेड़ीपुल थाने में चोरी का एक.एक मुकदमा दर्ज है।
फरीदाबाद, छः अप्रैल क्राइम ब्रांच ने अंतर्राजीय वाहन चोर गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से पाँच वाहन बरामद किए गए हैं। आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत के लिए नीमका जेल भेज दिया गया। क्राइम ब्रांच प्रभारी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी लालगढ़ गांव थाना चांदहट, पलवल निवासी योगेश है। वह नाम बदलकर अपराध करता रहा है। उसने ग्वालियर में अपने अन्य साथियों की मदद से कई जगह हनी ट्रैप व अपहरण की घटना को अंजाम दिया है। जिसमें आरोपी के दो साथियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी व उसकी महिला साथी फरार थे। आरोपी ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में चार पहिया वाहन और एक बुलेट मोटरसाइकिल की चोरी की थी। वह वाहनों की खरीद-फरोख्त वाली साइट पर भी सक्रिय रहता था। उसने नोएडा, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर में आनलाइन साइट के माध्यम से कई लोगों के दो व चार पहिया वाहनों चोरी किया है। कुछ समय से आरोपी फरीदाबाद में भी आनलाइन साइट के माध्यम से वाहनों के फ्राड को अंजाम दे रहा था। आरोपी पर यहां थाना कोतवाली में चोरी के दो मुकदमे व आदर्श नगर, मुजेसर, खेड़ीपुल थाने में चोरी का एक.एक मुकदमा दर्ज है।
सिवान, एक जुलाई बिहार के सिवान जिला के पचरुखी थाना अंतर्गत पड़ौली गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 531 से गुजर रहे एक अनियंत्रित अज्ञात ट्रक ने बृहस्पतिवार को नौ वर्षीय एक बच्चे को कुचल दिया जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। इस घटना में 17 वर्षीय एक किशोर सहित तीन बच्चे जख्मी हो गए । पचरुखी थाना प्रभारी ददन सिंह ने बताया कि मृतक बच्चे का नाम अभय कुमार (नौ) जो कि रमेश सिंह का पुत्र था। शव का पोस्टमार्टम जिला सदर अस्पताल में कराए जाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजन को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में जख्मी 17 वर्षीय एक किशोर और दो अन्य बच्चे जिनकी उम्र 10 वर्ष और 11 वर्ष है, को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिंह ने बताया कि चारों उस समय उक्त ट्रक की चपेट में आ गए जब वे शौच के लिए जा रहे थे । उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
सिवान, एक जुलाई बिहार के सिवान जिला के पचरुखी थाना अंतर्गत पड़ौली गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- पाँच सौ इकतीस से गुजर रहे एक अनियंत्रित अज्ञात ट्रक ने बृहस्पतिवार को नौ वर्षीय एक बच्चे को कुचल दिया जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। इस घटना में सत्रह वर्षीय एक किशोर सहित तीन बच्चे जख्मी हो गए । पचरुखी थाना प्रभारी ददन सिंह ने बताया कि मृतक बच्चे का नाम अभय कुमार जो कि रमेश सिंह का पुत्र था। शव का पोस्टमार्टम जिला सदर अस्पताल में कराए जाने के बाद अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजन को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में जख्मी सत्रह वर्षीय एक किशोर और दो अन्य बच्चे जिनकी उम्र दस वर्ष और ग्यारह वर्ष है, को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिंह ने बताया कि चारों उस समय उक्त ट्रक की चपेट में आ गए जब वे शौच के लिए जा रहे थे । उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
नई झूलनी के छैइया इस सुपरहिट भोजपुरी गीत में आपको भोजपुरी जुबलीस्टर दिनेश लाल यादव उर्फ़ निरहुआ और सेक्सी एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे का धमाकेदार डांस देखने को मिलेगा. वहीं सतीश जैन द्वारा निर्देशित भोजपुरी फिल्म 'निरहुआ हिन्दुस्तानी' का गाना कल्पना और दिनेश लाल यादव द्वारा गाया गया हैं और इस गाने का म्यूजिक राजेश रजनीश द्वारा कंपोज किया गया हैं. साथ ही बता दें कि गीत के बोल प्यारे लाल यादव द्वारा लिखे गए हैं. भीगे ना देवे बदनवा गोरी तोहे गंच्छा ओढ़ाईल हो.
नई झूलनी के छैइया इस सुपरहिट भोजपुरी गीत में आपको भोजपुरी जुबलीस्टर दिनेश लाल यादव उर्फ़ निरहुआ और सेक्सी एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे का धमाकेदार डांस देखने को मिलेगा. वहीं सतीश जैन द्वारा निर्देशित भोजपुरी फिल्म 'निरहुआ हिन्दुस्तानी' का गाना कल्पना और दिनेश लाल यादव द्वारा गाया गया हैं और इस गाने का म्यूजिक राजेश रजनीश द्वारा कंपोज किया गया हैं. साथ ही बता दें कि गीत के बोल प्यारे लाल यादव द्वारा लिखे गए हैं. भीगे ना देवे बदनवा गोरी तोहे गंच्छा ओढ़ाईल हो.
(क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर) कृपया "बचत बैंक खातों में न्यूनतम शेष राशि" पर 26 दिसंबर 2002 का हमारा परिपत्र बैंपविवि. डीआईआर. बीसी. 53/13.10.00/2002-03 देखें, जिसमें बैंकों को सूचित किया गया था कि वे अपने ग्राहकों को खाता खोलते समय ही बचत बैंक खाते में अपेक्षित न्यूनतम जमा शेष बनाए रखने तथा न्यूनतम जमा शेष बनाए न रखने पर लगाए जाने वाले प्रभार आदि के बारे में पारदर्शी रूप में सूचित करें। 2. इस संबंध में कृपया 01 अप्रैल 2014 को घोषित पहले द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य के भाग 'ख' का पैरा 30 'विकासात्मक और विनियामक नीति' देखें, जिसमें ग्राहक संरक्षण के लिए कतिपय उपायों का प्रस्ताव किया गया है। उसमें निहित प्रस्तावों में से एक यह भी था कि बैंकों को ग्राहकों की कठिनाइयों अथवा असावधानी का अनुचित लाभ नहीं उठाना चाहिए। सामान्य बचत बैंक खातों में न्यूनतम शेष राशि न रखे जाने के मामले में दंडात्मक प्रभार लगाने के बजाए बैंकों को इन खातों में उपलब्ध सेवाओं को बुनियादी बचत बैंक जमा खातों में दी जाने वाली सेवाओं तक सीमित करना चाहिए और न्यूनतम शेष राशि के स्तर में सुधार हो जाने पर सेवाओं को पुनः बहाल कर दिया जाना चाहिए। बैंकों में ग्राहक सेवा पर दामोदरन समिति की सिफारिशों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया जाता है, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ यह सिफारिश की गई है कि "ग्राहकों के खाते में न्यूनतम शेष राशि का उल्लंघन होते ही बैंकों को शेष राशि तथा न्यूनतम बनाए न रखने के लिए लागू दंडात्मक प्रभार के बारे में ग्राहकों को एसएमएस/ई-मेल/पत्र द्वारा तत्काल सूचित करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, दंडात्मक प्रभार पाई गई कमी के अनुपात में होना चाहिए।" 3. बैंकों के साथ विस्तृत रूप से परामर्श करने के बाद नीतिगत घोषणा की समीक्षा की गई है। इन विचार-विमर्शों के परिणामस्वरूप तथा दामोदरन समिति की सिफारिशों को ध्यान में लेते हुए यह निर्णय लिया गया है कि बचत बैंक खाते में न्यूनतम शेष राशि बनाए न रखने के लिए प्रभार वसूल करते समय बैंकों को अनुबंध में दिए गए अतिरिक्त दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए। ये दिशानिर्देश 01 अप्रैल 2015 से प्रभावी होंगे। 4. बैंक की वेबसाइट पर प्रदर्शित करने के अलावा ये दिशानिर्देश बैंक के सभी ग्राहकों के ध्यान में लाए जाने चाहिए। 5. सभी बैंकों को सूचित किया जाता है कि इस बीच ग्राहक सूचना को अद्यतन करने के लिए तत्काल कदम उठाएं ताकि दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों (एसएमएस/ई-मेल आदि) द्वारा अलर्ट भेजने में सुविधा हो। (लिली वडेरा) बचत बैंक खाते में न्यूनतम शेष राशि बनाए न रखने पर लगाया जाने वाला प्रभार निम्नलिखित अतिरिक्त दिशानिर्देशों के अधीन होगाः (i) बैंक और ग्राहक के बीच सहमति के अनुसार न्यूनतम शेष राशि/औसत न्यूनतम शेष राशि के रख-रखाव में चूक होने पर बैंक को एसएमएस/ई-मेल/पत्र आदि के द्वारा ग्राहक को स्पष्ट रूप से सूचित करना चाहिए कि नोटिस की तारीख से एक माह के भीतर खाते में न्यूनतम शेष राशि बहाल नहीं होने पर दंडात्मक प्रभार लागू होगा। (ii) यदि तर्कसगत अवधि, जो कमी की नोटिस की तारीख से एक माह से कम नहीं होगी, के भीतर न्यूनतम शेष राशि बहाल नहीं हुई तो खाताधारक को सूचित करते हुए दंडात्मक प्रभार की वसूली की जाएगी। (iii) इस प्रकार लगाए जाने वाले दंडात्मक प्रभारों के संबंध में नीति का निर्णय बैंक के बोर्ड के अनुमोदन से किया जाना चाहिए। (iv) दंडात्मक प्रभार पाई गई कमी की मात्रा के प्रत्यक्ष अनुपात में होना चाहिए। दूसरे शब्दों में ये प्रभार रखी गई वास्तविक शेष राशि तथा खाते खोलते समय सहमत न्यूनतम शेष राशि के बीच अंतर की राशि का एक नियत प्रतिशत होना चाहिए। वसूल किये जाने वाले प्रभारों की एक उचित खंड (slab) संरचना को अंतिम रूप दिया जा सकता है। (v) यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे दंडात्मक प्रभार वाजिब हैं तथा सेवाएं प्रदान करने की औसत लागत के अनुरूप हैं। (vi) यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि केवल न्यूनतम शेष राशि बनाए न रखने के लिए प्रभार लगाने के कारण बचत खाते में शेष राशि ऋणात्मक न हो जाए।
कृपया "बचत बैंक खातों में न्यूनतम शेष राशि" पर छब्बीस दिसंबर दो हज़ार दो का हमारा परिपत्र बैंपविवि. डीआईआर. बीसी. तिरेपन/तेरह.दस.शून्य/दो हज़ार दो-तीन देखें, जिसमें बैंकों को सूचित किया गया था कि वे अपने ग्राहकों को खाता खोलते समय ही बचत बैंक खाते में अपेक्षित न्यूनतम जमा शेष बनाए रखने तथा न्यूनतम जमा शेष बनाए न रखने पर लगाए जाने वाले प्रभार आदि के बारे में पारदर्शी रूप में सूचित करें। दो. इस संबंध में कृपया एक अप्रैल दो हज़ार चौदह को घोषित पहले द्विमासिक मौद्रिक नीति वक्तव्य के भाग 'ख' का पैरा तीस 'विकासात्मक और विनियामक नीति' देखें, जिसमें ग्राहक संरक्षण के लिए कतिपय उपायों का प्रस्ताव किया गया है। उसमें निहित प्रस्तावों में से एक यह भी था कि बैंकों को ग्राहकों की कठिनाइयों अथवा असावधानी का अनुचित लाभ नहीं उठाना चाहिए। सामान्य बचत बैंक खातों में न्यूनतम शेष राशि न रखे जाने के मामले में दंडात्मक प्रभार लगाने के बजाए बैंकों को इन खातों में उपलब्ध सेवाओं को बुनियादी बचत बैंक जमा खातों में दी जाने वाली सेवाओं तक सीमित करना चाहिए और न्यूनतम शेष राशि के स्तर में सुधार हो जाने पर सेवाओं को पुनः बहाल कर दिया जाना चाहिए। बैंकों में ग्राहक सेवा पर दामोदरन समिति की सिफारिशों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया जाता है, जिनमें अन्य बातों के साथ-साथ यह सिफारिश की गई है कि "ग्राहकों के खाते में न्यूनतम शेष राशि का उल्लंघन होते ही बैंकों को शेष राशि तथा न्यूनतम बनाए न रखने के लिए लागू दंडात्मक प्रभार के बारे में ग्राहकों को एसएमएस/ई-मेल/पत्र द्वारा तत्काल सूचित करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, दंडात्मक प्रभार पाई गई कमी के अनुपात में होना चाहिए।" तीन. बैंकों के साथ विस्तृत रूप से परामर्श करने के बाद नीतिगत घोषणा की समीक्षा की गई है। इन विचार-विमर्शों के परिणामस्वरूप तथा दामोदरन समिति की सिफारिशों को ध्यान में लेते हुए यह निर्णय लिया गया है कि बचत बैंक खाते में न्यूनतम शेष राशि बनाए न रखने के लिए प्रभार वसूल करते समय बैंकों को अनुबंध में दिए गए अतिरिक्त दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए। ये दिशानिर्देश एक अप्रैल दो हज़ार पंद्रह से प्रभावी होंगे। चार. बैंक की वेबसाइट पर प्रदर्शित करने के अलावा ये दिशानिर्देश बैंक के सभी ग्राहकों के ध्यान में लाए जाने चाहिए। पाँच. सभी बैंकों को सूचित किया जाता है कि इस बीच ग्राहक सूचना को अद्यतन करने के लिए तत्काल कदम उठाएं ताकि दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों द्वारा अलर्ट भेजने में सुविधा हो। बचत बैंक खाते में न्यूनतम शेष राशि बनाए न रखने पर लगाया जाने वाला प्रभार निम्नलिखित अतिरिक्त दिशानिर्देशों के अधीन होगाः बैंक और ग्राहक के बीच सहमति के अनुसार न्यूनतम शेष राशि/औसत न्यूनतम शेष राशि के रख-रखाव में चूक होने पर बैंक को एसएमएस/ई-मेल/पत्र आदि के द्वारा ग्राहक को स्पष्ट रूप से सूचित करना चाहिए कि नोटिस की तारीख से एक माह के भीतर खाते में न्यूनतम शेष राशि बहाल नहीं होने पर दंडात्मक प्रभार लागू होगा। यदि तर्कसगत अवधि, जो कमी की नोटिस की तारीख से एक माह से कम नहीं होगी, के भीतर न्यूनतम शेष राशि बहाल नहीं हुई तो खाताधारक को सूचित करते हुए दंडात्मक प्रभार की वसूली की जाएगी। इस प्रकार लगाए जाने वाले दंडात्मक प्रभारों के संबंध में नीति का निर्णय बैंक के बोर्ड के अनुमोदन से किया जाना चाहिए। दंडात्मक प्रभार पाई गई कमी की मात्रा के प्रत्यक्ष अनुपात में होना चाहिए। दूसरे शब्दों में ये प्रभार रखी गई वास्तविक शेष राशि तथा खाते खोलते समय सहमत न्यूनतम शेष राशि के बीच अंतर की राशि का एक नियत प्रतिशत होना चाहिए। वसूल किये जाने वाले प्रभारों की एक उचित खंड संरचना को अंतिम रूप दिया जा सकता है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे दंडात्मक प्रभार वाजिब हैं तथा सेवाएं प्रदान करने की औसत लागत के अनुरूप हैं। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि केवल न्यूनतम शेष राशि बनाए न रखने के लिए प्रभार लगाने के कारण बचत खाते में शेष राशि ऋणात्मक न हो जाए।
सोराबजी शापुरजीका मुकदमा - २ जो एशियाई इन आवश्यकताओंको पूरा नहीं करता, वह कोई भी व्यापारिक परवाना पाने अथवा नया करानेका अधिकारी नहीं है । अंगूठेका निशान, प्रार्थीके नाम और उसके पंजीयन प्रमाणपत्रको संख्याके साथ इस दफ्तरमें जल्दीसे-जल्दी भेज दिया जाना चाहिए । आप देखेंगे कि यह परिपत्र कानूनकी किताबमे १९०७ के अधिनियम २ को बरकरार रपने और स्पष्ट हो स्वेच्छा पंजीयनको कानूनी रूप देनेके विषयमे सरकारके निर्णयको करता है । यदि ऐना है तो क्या एशियाई धीरज रसे रह सकते हैं और क्या वे सरकारके किसी भी लिमित या मौसिक वचनमें विश्वास कर सकते है ? यदि यह परिपत्र सरकारके निर्णयको ठीक रूप व्यक्त करता है, तो यह एक जबर्दस्त आंख खोलनेवाला परिपन है। फिर भी पंजीयन प्रमाणपत्रको जलाने के लिए जिस सार्वजनिक सभाका ऐलान किया गया था यह म्यगित रहेगी और हर एनियाई सरकारकी घोषणाओके प्रकाशनकी राह देगेगा । मैं जिस परिपनको पा सका हूँ, उनकी ओर जनताका ध्यान आकर्षित करनेका उद्देश्य केवल यह दिखाना है कि एनिवाई कोई ऐगा कदम, जो वापस न लिया जा सके, बहुत गम्भीर चोट पहुँचने की स्थिति में ही उठायेंगे । [ अंग्रेजीगं] इंडियन ओपिनियन, १८७-१९०८ २०८. सोरावजी शापुरजोका मुकदमा [ आपका, आदि, मो० क० गांवो] [ जोहानिसबर्ग जुलाई १०, १९०८] इमी शुक्रवार, १० तारीवको पारसी सज्जन श्री सोरावजी शापुरजीपर श्री जॉर्डनकी "वो " अदालत में १९०७ के दूसरे अपिनियमको पारा ८ उपधारा ३ के अनुसार यह आरोप लगाया गया था कि इसी ९ तारीको सुपरिंटेंडेंट वरनॉनने उनसे अधिनियमके अन्तर्गत पंजीयन प्रमाणपत्र दिग्गराने को कहा और वे ऐसा प्रमाणपत्र नहीं दिसा सके। श्री सोराबजी इसके पहले ऐने हो एक आरोपमॅ बरी किये जा चुके है ।। राज्यको ओरसे श्री मरने अभियोग प्रस्तुत किया और प्रतिवादीको ओरसे श्री गांधीने पंरचो की । आरोपफा सर्व सामान्य रूपसे उत्तर देने से पहले श्री गांधीने "पूर्व निर्दोष सिद्धि " को दलील पेश को और कहा कि अभियुक्त इस आरोपमें पहले हो दोष मुक्त किया जा चुका है। न्यायाधीश अपराध अभी जारी है। श्री गांधीने उत्तर दिया कि उन्हें यह बात मालूम है किन्तु उनकी मांग है कि यद्यपि अभियोगपत्रपर ९ जुलाईको तारीख दी गई है, फिर भी अभियुक्तको उसी अपराध में अदालतके १. पहले निर्भयंक लिए देखिए "सोराबजी शापुरजीफा मुफद्रमा - १" की पाद-टिप्पणी १, १४ ३४० । सामने फिर पेश करनेसे पहले पूरे आठ दिनका समय देना उचित था। यदि अभियुक्तके लिए दोष मुक्तिका कोई मूल्य है, तो उसे एक हफ्ते तक और अदालत में पेश होनेके लिए नहीं बुलाना चाहिए । मेरे इस कथनका अर्थ एक क्षणके लिए भी यह नहीं है कि इस मामलेके खयालसे उन्हें पूरे आठ दिनोंको आवश्यकता है, किन्तु फिर भी यह कानूनी बचाव तो है ही और उसको छोड़ना मेरे लिए उचित नहीं है। मेरी माँग यह है कि कानूनके मुताबिक अभियुक्तको विगत कालसे नया अवसर देना उचित था। किन्तु वास्तविकता यह है कि वह अदालतसे हो निर्दयतापूर्वक ले जाया गया। उसके साथ असभ्यताका व्यवहार किया गया और उसे यह अवसर भी नहीं दिया गया कि यदि वह चाहता तो कलके दिन उपनिवेशसे चला जाता । न्यायाधीशने इस तर्कको अमान्य कर दिया और कहा कि वे इसको अंकित कर रखेंगे। सुपरटेंडेंट वरनॉनने गिरफ्तारोके विषय में औपचारिक गवाही दी। उन्होंने सरकारी 'गजट' में प्रकाशित नोटिसें पेश कीं, जिनमें उपनिवेश सचिवकी ये सरकारी विज्ञप्तियाँ थीं कि कानूनके अन्तर्गत पंजीयनकी अवधि ३१ अक्तूबर १९०७ को और उसके बाद बढ़ाई हुई अवधि ३० नवम्बर १९०७ को समाप्त होती है। [ गवाहने कहा :] कल जब अभियुक्त बरी किया गया तव में अदालतमें था। मैने अभियुक्तको इशारेसे बाहर बुलाया था और अदालतके बाहर गिरफ्तार किया था। यह सच है कि अभियुक्तको बरी होने और दुवारा अंदालतमें पेश किये जानेके वीच अधिक समय नहीं मिला। माँटफोर्ड चैमनेने कहा, मैं एशियाई पंजीयन अधिकारी हूँ । अभियुक्तने १९०७ के अधिनियम २ के अन्तर्गत पंजीयन प्रमाणपत्र के लिए अर्जी नहीं दी है और उसे ऐसा प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। अधिनियमकी धाराओंके बाहर पंजीयनके लिए प्रार्थनापत्र दिया गया था, किन्तु मैंने विचार करनेपर देखा कि अभियुक्त पंजीयनका अधिकारी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अभियुक्त प्रवासी प्रतिबन्धक अधिनियमके अन्तर्गत ऐसे पंजीयन प्रमाणपत्र पानेका अधिकारी नहीं है। श्री गांधीने इस आधारपर इस बयानका विरोध किया कि धाराको व्याख्याके विषय में गवाहका अभिमत कुछ मानी नहीं रखता; क्योंकि वह न्यायाधिकारी नहीं है, बल्कि केवल एक प्रशासनाधिकारी है। न्यायाधीशने इस आपत्तिको मान्य किया । जिरहमें गवाहने कहा कि उन्होंने अभियुक्तसे उसकी शिक्षा सम्बन्धी योग्यताके बारेमें पूछताछ नहीं की। इसके बाद इस्तगासेकी दलीलें खत्म हो गईं। श्री गांधीने तुरन्त अभियुक्तको बरी करनेको प्रार्थना की, क्योंकि यद्यपि नोटिसें सिद्ध कर दी गई थीं, किन्तु नियमित नोटिस सिद्ध नहीं की गई थी। अदालतके सामने इस नोटिसको सिद्ध करनेकी आवश्यकता थी, जिसमें विज्ञापित किया गया हो कि जो व्यक्ति अमुक तारीखके बाद उपनिवेशमें मिलेगा उसे पंजीयन प्रमाणपत्र पेश करना पड़ेगा। जो नोटिस अदालतमें पेश की गई हैं उनमें केवल पंजीयनके प्रार्थनापत्रोंका उल्लेख है; इस मामलेसे
सोराबजी शापुरजीका मुकदमा - दो जो एशियाई इन आवश्यकताओंको पूरा नहीं करता, वह कोई भी व्यापारिक परवाना पाने अथवा नया करानेका अधिकारी नहीं है । अंगूठेका निशान, प्रार्थीके नाम और उसके पंजीयन प्रमाणपत्रको संख्याके साथ इस दफ्तरमें जल्दीसे-जल्दी भेज दिया जाना चाहिए । आप देखेंगे कि यह परिपत्र कानूनकी किताबमे एक हज़ार नौ सौ सात के अधिनियम दो को बरकरार रपने और स्पष्ट हो स्वेच्छा पंजीयनको कानूनी रूप देनेके विषयमे सरकारके निर्णयको करता है । यदि ऐना है तो क्या एशियाई धीरज रसे रह सकते हैं और क्या वे सरकारके किसी भी लिमित या मौसिक वचनमें विश्वास कर सकते है ? यदि यह परिपत्र सरकारके निर्णयको ठीक रूप व्यक्त करता है, तो यह एक जबर्दस्त आंख खोलनेवाला परिपन है। फिर भी पंजीयन प्रमाणपत्रको जलाने के लिए जिस सार्वजनिक सभाका ऐलान किया गया था यह म्यगित रहेगी और हर एनियाई सरकारकी घोषणाओके प्रकाशनकी राह देगेगा । मैं जिस परिपनको पा सका हूँ, उनकी ओर जनताका ध्यान आकर्षित करनेका उद्देश्य केवल यह दिखाना है कि एनिवाई कोई ऐगा कदम, जो वापस न लिया जा सके, बहुत गम्भीर चोट पहुँचने की स्थिति में ही उठायेंगे । [ अंग्रेजीगं] इंडियन ओपिनियन, एक सौ सत्तासी-एक हज़ार नौ सौ आठ दो सौ आठ. सोरावजी शापुरजोका मुकदमा [ आपका, आदि, मोशून्य कशून्य गांवो] [ जोहानिसबर्ग जुलाई दस, एक हज़ार नौ सौ आठ] इमी शुक्रवार, दस तारीवको पारसी सज्जन श्री सोरावजी शापुरजीपर श्री जॉर्डनकी "वो " अदालत में एक हज़ार नौ सौ सात के दूसरे अपिनियमको पारा आठ उपधारा तीन के अनुसार यह आरोप लगाया गया था कि इसी नौ तारीको सुपरिंटेंडेंट वरनॉनने उनसे अधिनियमके अन्तर्गत पंजीयन प्रमाणपत्र दिग्गराने को कहा और वे ऐसा प्रमाणपत्र नहीं दिसा सके। श्री सोराबजी इसके पहले ऐने हो एक आरोपमॅ बरी किये जा चुके है ।। राज्यको ओरसे श्री मरने अभियोग प्रस्तुत किया और प्रतिवादीको ओरसे श्री गांधीने पंरचो की । आरोपफा सर्व सामान्य रूपसे उत्तर देने से पहले श्री गांधीने "पूर्व निर्दोष सिद्धि " को दलील पेश को और कहा कि अभियुक्त इस आरोपमें पहले हो दोष मुक्त किया जा चुका है। न्यायाधीश अपराध अभी जारी है। श्री गांधीने उत्तर दिया कि उन्हें यह बात मालूम है किन्तु उनकी मांग है कि यद्यपि अभियोगपत्रपर नौ जुलाईको तारीख दी गई है, फिर भी अभियुक्तको उसी अपराध में अदालतके एक. पहले निर्भयंक लिए देखिए "सोराबजी शापुरजीफा मुफद्रमा - एक" की पाद-टिप्पणी एक, चौदह तीन सौ चालीस । सामने फिर पेश करनेसे पहले पूरे आठ दिनका समय देना उचित था। यदि अभियुक्तके लिए दोष मुक्तिका कोई मूल्य है, तो उसे एक हफ्ते तक और अदालत में पेश होनेके लिए नहीं बुलाना चाहिए । मेरे इस कथनका अर्थ एक क्षणके लिए भी यह नहीं है कि इस मामलेके खयालसे उन्हें पूरे आठ दिनोंको आवश्यकता है, किन्तु फिर भी यह कानूनी बचाव तो है ही और उसको छोड़ना मेरे लिए उचित नहीं है। मेरी माँग यह है कि कानूनके मुताबिक अभियुक्तको विगत कालसे नया अवसर देना उचित था। किन्तु वास्तविकता यह है कि वह अदालतसे हो निर्दयतापूर्वक ले जाया गया। उसके साथ असभ्यताका व्यवहार किया गया और उसे यह अवसर भी नहीं दिया गया कि यदि वह चाहता तो कलके दिन उपनिवेशसे चला जाता । न्यायाधीशने इस तर्कको अमान्य कर दिया और कहा कि वे इसको अंकित कर रखेंगे। सुपरटेंडेंट वरनॉनने गिरफ्तारोके विषय में औपचारिक गवाही दी। उन्होंने सरकारी 'गजट' में प्रकाशित नोटिसें पेश कीं, जिनमें उपनिवेश सचिवकी ये सरकारी विज्ञप्तियाँ थीं कि कानूनके अन्तर्गत पंजीयनकी अवधि इकतीस अक्तूबर एक हज़ार नौ सौ सात को और उसके बाद बढ़ाई हुई अवधि तीस नवम्बर एक हज़ार नौ सौ सात को समाप्त होती है। [ गवाहने कहा :] कल जब अभियुक्त बरी किया गया तव में अदालतमें था। मैने अभियुक्तको इशारेसे बाहर बुलाया था और अदालतके बाहर गिरफ्तार किया था। यह सच है कि अभियुक्तको बरी होने और दुवारा अंदालतमें पेश किये जानेके वीच अधिक समय नहीं मिला। माँटफोर्ड चैमनेने कहा, मैं एशियाई पंजीयन अधिकारी हूँ । अभियुक्तने एक हज़ार नौ सौ सात के अधिनियम दो के अन्तर्गत पंजीयन प्रमाणपत्र के लिए अर्जी नहीं दी है और उसे ऐसा प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। अधिनियमकी धाराओंके बाहर पंजीयनके लिए प्रार्थनापत्र दिया गया था, किन्तु मैंने विचार करनेपर देखा कि अभियुक्त पंजीयनका अधिकारी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अभियुक्त प्रवासी प्रतिबन्धक अधिनियमके अन्तर्गत ऐसे पंजीयन प्रमाणपत्र पानेका अधिकारी नहीं है। श्री गांधीने इस आधारपर इस बयानका विरोध किया कि धाराको व्याख्याके विषय में गवाहका अभिमत कुछ मानी नहीं रखता; क्योंकि वह न्यायाधिकारी नहीं है, बल्कि केवल एक प्रशासनाधिकारी है। न्यायाधीशने इस आपत्तिको मान्य किया । जिरहमें गवाहने कहा कि उन्होंने अभियुक्तसे उसकी शिक्षा सम्बन्धी योग्यताके बारेमें पूछताछ नहीं की। इसके बाद इस्तगासेकी दलीलें खत्म हो गईं। श्री गांधीने तुरन्त अभियुक्तको बरी करनेको प्रार्थना की, क्योंकि यद्यपि नोटिसें सिद्ध कर दी गई थीं, किन्तु नियमित नोटिस सिद्ध नहीं की गई थी। अदालतके सामने इस नोटिसको सिद्ध करनेकी आवश्यकता थी, जिसमें विज्ञापित किया गया हो कि जो व्यक्ति अमुक तारीखके बाद उपनिवेशमें मिलेगा उसे पंजीयन प्रमाणपत्र पेश करना पड़ेगा। जो नोटिस अदालतमें पेश की गई हैं उनमें केवल पंजीयनके प्रार्थनापत्रोंका उल्लेख है; इस मामलेसे
रांचीः बैंकों का ऋण नहीं चुकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी बड़े बकाएदारों को नोटिस जारी कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने शुक्रवार को नीलाम वाद की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि जिन बकाएदारों के खिलाफ वारंट जारी करने की जरूरत है, उनके खिलाफ वारंट भी जारी किया जाए। बकाएदारों के साथ बैठक कर ऋण की वसूली को लेकर विचार-विमर्श करने को कहा। उपायुक्त ने सभी सर्टिफिकेट अफसर को नियमित कोर्ट लगाकर बकाएदारों के साथ नीलाम पत्रवाद के मामलों की सुनवाई करने और लंबित मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया। हर माह की दो तारीख को मासिक रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। वादों की निर्धारित तिथि पर बकाएदारों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में अपर समाहर्ता रामवृक्ष महतो, जिला परिवहन पदाधिकारी प्रवीण प्रकाश, कार्यपालक दंडाधिकारी मेरी मड़की, संजय प्रसाद समेत सर्टिफिकेट पदाधिकारी मौजूद थे।
रांचीः बैंकों का ऋण नहीं चुकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी बड़े बकाएदारों को नोटिस जारी कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने शुक्रवार को नीलाम वाद की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि जिन बकाएदारों के खिलाफ वारंट जारी करने की जरूरत है, उनके खिलाफ वारंट भी जारी किया जाए। बकाएदारों के साथ बैठक कर ऋण की वसूली को लेकर विचार-विमर्श करने को कहा। उपायुक्त ने सभी सर्टिफिकेट अफसर को नियमित कोर्ट लगाकर बकाएदारों के साथ नीलाम पत्रवाद के मामलों की सुनवाई करने और लंबित मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया। हर माह की दो तारीख को मासिक रिपोर्ट भी पेश करने को कहा है। वादों की निर्धारित तिथि पर बकाएदारों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में अपर समाहर्ता रामवृक्ष महतो, जिला परिवहन पदाधिकारी प्रवीण प्रकाश, कार्यपालक दंडाधिकारी मेरी मड़की, संजय प्रसाद समेत सर्टिफिकेट पदाधिकारी मौजूद थे।
डान्दोग्य ] (बस) यही और दूसरा ( रास्ता ) तुम्हारे लिए नहीं, नरमें कर्म नहीं लिप्त होता।" उपनिषद्कार स्वयं, यशोंके व्यर्थके लम्बे-चौड़े विधिविधानके विरुद्ध एक नई धारा निकालनेवाले थे'-"यशके ये कमजोर बेड़े हैं।.. इसे उत्तम मान जो अभिनन्दन करते हैं, वे मूढ़ फिर-फिर बुढ़ापे और मृत्युके शिकार बनते हैं। अविद्याके भीतर स्वयं वर्त्तमान (अपनेको) धीर और पंडित माननेवाले... मूढ ( उसी तरह ) भटकते हैं, जैसे अंधे द्वारा लिये जाये जाते अंघे । इष्ट ( यज्ञ) और पूर्त (=परार्य किये जानेवाले कूप, तालाब) निर्माण आदि कर्मको सर्वोत्तम मानते हुए ( उससे) दूसरेको (जो) अ-मूढ़ अच्छा नहीं समझते, वे स्वर्गके ऊपर सुकर्मको अनुभव कर इस हीनतर लोकमें प्रवेश करते हैं।" उपनिषद् की प्रतिक्रिया कर्मकांडके त्यागको जो हवा उठी, उसके कारण नेतृवर्ग कहीं हाथ-पैर ढीला कर मैदान न छोड़ भागे, इसीलिए कर्म करते सौ वर्ष तक जीते रहनेको इच्छा करनेका उपदेश दिया गया। ( २ ) छान्दोग्य उपनिषद् ( ७०० ई० पू० ); (क) संक्षेप - छान्दोग्य और बृहदारण्यक न सिर्फ आकार हीमें बडी उपनिषदें हैं, बल्कि काल और प्रथम प्रयासमें भी बहुत महत्त्व रखती हैं। छान्दोग्यके प्रधान दार्शनिक उद्दालक आरुणि (गौतम) का स्थान यदि सुक्रातका है, तो उनके शिष्य याज्ञवल्क्य वाजसेनय उपनिषद्का अफलातूं है। हम इन दोनों उपनिषदोके इन दोनों दार्शनिकों तथा कुछ दूसरोंपर भी आगे लिखेंगे, तो भी इन उपनिषदोंके बारेमे यहाँ कुछ संक्षेपमें कह देना जरूरी है । वृहदारण्यकको भौति छान्दोग्य पुरानी और सघिकालीन उपनिषद् है, इसीलिए कर्मकाड-प्रशंसाको इसने छोडा नही है। बल्कि पहिले दूसरे अध्याय तो उपनिषद् नहीं ब्राह्मणका भाग होने लायक है । उपिनिषद्के सामवेदी होनेसे सामगान और ओम्की महिमा इन अध्यायोंमें गाई गई है। हाँ, प्रथम अध्यायके अतमें दाल रोटीकेलिए "हाबु" "हाबु" (=सामगानका अलाप ) करनेवाले पुरोहितोंका एक दिलचस्प मजाक किया गया है । बक दाल्भ्य - जिसका दूसरा नाम ग्लाव मैत्रेय भी था --कोई ऋषि था। वह वेदपाठके लिए किसी एकात स्थानमें रह रहा था; उस समय एक सफ़ेद कुत्ता वहाँ प्रकट हुआ। फिर कुछ और कुते आ गये और उन्होंने सफेद कुत्तेसे कहा कि हम भूखे है, तुम साम गाओ, शायद इससे हमें कुछ भोजन मिल जाये । सफेद कुत्तेने दूसरे दिन आनेकेलिए कहा । दाल्भ्यने कुत्तोंकी बात सुनी थी । वह भी सफ़ेद कुत्ते के सामगानको सुननेकेलिए उत्सुक था। दूसरे दिन उसने देखा कि कुत्ते आगे-पीछे एकको मूंछ दूसरेके मुंहमें लिए बैठकर गा रहे थे - 'हि । ओम्, खावे, ओम्, पीयें ओम् देव हमें भोजन दें । हे अन्न देव ! हमारे लिए अन्न लाओ, हमारे लिए इसे लाओ, ओम् ।' इस मजाकमे सामगायक पेटकेलिए यज्ञके वक्त एकके पीछे एक दूसरे अगलोंका वस्त्र पकड़े हुए पुरोहितके साम-गायनकी नकल उतारी गई है। तीसरे अध्यायमे आदित्य ( = सूर्य ) को देव-मधु बतलाया गया है । चौथे अध्यायमे रैक्व, सत्यकाम जाबाल और सत्यकाम के शिष्य उपकोसलकी कथा और उपदेश हैं। पाँचवें अध्यायमे जैविल और अश्वपति कैकेय (राजा) के दर्शन हैं। छठे अध्याय में उपनिषद् के प्रधान ऋषि आरुणिकी शिक्षा है, और यह अध्याय सारे छान्दोग्यका बहुत महत्त्वपूर्ण भाग है। शतपथ ब्राह्मणसे पता लगता है कि आरुणि बहुत प्रसिद्ध ऋषि तथा याज्ञवल्क्यके गुरु थे। सातवें अध्यायमे सनत्कुमारके पास जाकर नारदके ब्रह्मज्ञान सीखनेकी बात है । आठवें तथा अन्तिम अध्यायमे आत्माके साक्षत्कारकी युक्ति बतलाई गई है । ज्ञान-छान्दोग्य कर्मकाडसे नाता तोड़ने की बात नहीं करता, बल्कि उसे ज्ञानकांडसे पुष्ट करना चाहता है। जैसा कि इस उद्धरणसे मालूम होगा -
डान्दोग्य ] यही और दूसरा तुम्हारे लिए नहीं, नरमें कर्म नहीं लिप्त होता।" उपनिषद्कार स्वयं, यशोंके व्यर्थके लम्बे-चौड़े विधिविधानके विरुद्ध एक नई धारा निकालनेवाले थे'-"यशके ये कमजोर बेड़े हैं।.. इसे उत्तम मान जो अभिनन्दन करते हैं, वे मूढ़ फिर-फिर बुढ़ापे और मृत्युके शिकार बनते हैं। अविद्याके भीतर स्वयं वर्त्तमान धीर और पंडित माननेवाले... मूढ भटकते हैं, जैसे अंधे द्वारा लिये जाये जाते अंघे । इष्ट और पूर्त निर्माण आदि कर्मको सर्वोत्तम मानते हुए दूसरेको अ-मूढ़ अच्छा नहीं समझते, वे स्वर्गके ऊपर सुकर्मको अनुभव कर इस हीनतर लोकमें प्रवेश करते हैं।" उपनिषद् की प्रतिक्रिया कर्मकांडके त्यागको जो हवा उठी, उसके कारण नेतृवर्ग कहीं हाथ-पैर ढीला कर मैदान न छोड़ भागे, इसीलिए कर्म करते सौ वर्ष तक जीते रहनेको इच्छा करनेका उपदेश दिया गया। छान्दोग्य उपनिषद् ; संक्षेप - छान्दोग्य और बृहदारण्यक न सिर्फ आकार हीमें बडी उपनिषदें हैं, बल्कि काल और प्रथम प्रयासमें भी बहुत महत्त्व रखती हैं। छान्दोग्यके प्रधान दार्शनिक उद्दालक आरुणि का स्थान यदि सुक्रातका है, तो उनके शिष्य याज्ञवल्क्य वाजसेनय उपनिषद्का अफलातूं है। हम इन दोनों उपनिषदोके इन दोनों दार्शनिकों तथा कुछ दूसरोंपर भी आगे लिखेंगे, तो भी इन उपनिषदोंके बारेमे यहाँ कुछ संक्षेपमें कह देना जरूरी है । वृहदारण्यकको भौति छान्दोग्य पुरानी और सघिकालीन उपनिषद् है, इसीलिए कर्मकाड-प्रशंसाको इसने छोडा नही है। बल्कि पहिले दूसरे अध्याय तो उपनिषद् नहीं ब्राह्मणका भाग होने लायक है । उपिनिषद्के सामवेदी होनेसे सामगान और ओम्की महिमा इन अध्यायोंमें गाई गई है। हाँ, प्रथम अध्यायके अतमें दाल रोटीकेलिए "हाबु" "हाबु" करनेवाले पुरोहितोंका एक दिलचस्प मजाक किया गया है । बक दाल्भ्य - जिसका दूसरा नाम ग्लाव मैत्रेय भी था --कोई ऋषि था। वह वेदपाठके लिए किसी एकात स्थानमें रह रहा था; उस समय एक सफ़ेद कुत्ता वहाँ प्रकट हुआ। फिर कुछ और कुते आ गये और उन्होंने सफेद कुत्तेसे कहा कि हम भूखे है, तुम साम गाओ, शायद इससे हमें कुछ भोजन मिल जाये । सफेद कुत्तेने दूसरे दिन आनेकेलिए कहा । दाल्भ्यने कुत्तोंकी बात सुनी थी । वह भी सफ़ेद कुत्ते के सामगानको सुननेकेलिए उत्सुक था। दूसरे दिन उसने देखा कि कुत्ते आगे-पीछे एकको मूंछ दूसरेके मुंहमें लिए बैठकर गा रहे थे - 'हि । ओम्, खावे, ओम्, पीयें ओम् देव हमें भोजन दें । हे अन्न देव ! हमारे लिए अन्न लाओ, हमारे लिए इसे लाओ, ओम् ।' इस मजाकमे सामगायक पेटकेलिए यज्ञके वक्त एकके पीछे एक दूसरे अगलोंका वस्त्र पकड़े हुए पुरोहितके साम-गायनकी नकल उतारी गई है। तीसरे अध्यायमे आदित्य को देव-मधु बतलाया गया है । चौथे अध्यायमे रैक्व, सत्यकाम जाबाल और सत्यकाम के शिष्य उपकोसलकी कथा और उपदेश हैं। पाँचवें अध्यायमे जैविल और अश्वपति कैकेय के दर्शन हैं। छठे अध्याय में उपनिषद् के प्रधान ऋषि आरुणिकी शिक्षा है, और यह अध्याय सारे छान्दोग्यका बहुत महत्त्वपूर्ण भाग है। शतपथ ब्राह्मणसे पता लगता है कि आरुणि बहुत प्रसिद्ध ऋषि तथा याज्ञवल्क्यके गुरु थे। सातवें अध्यायमे सनत्कुमारके पास जाकर नारदके ब्रह्मज्ञान सीखनेकी बात है । आठवें तथा अन्तिम अध्यायमे आत्माके साक्षत्कारकी युक्ति बतलाई गई है । ज्ञान-छान्दोग्य कर्मकाडसे नाता तोड़ने की बात नहीं करता, बल्कि उसे ज्ञानकांडसे पुष्ट करना चाहता है। जैसा कि इस उद्धरणसे मालूम होगा -
जयपुर। श्याम नगर थाने के पीछे ज्ञान विहार कॉलोनी में एक मकान की छत पर भरे बारिश के पानी में करंट उतर आया। इसकी चपेट में आकर नौकर की मौत हो गई। श्याम नगर पुलिस ने एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर में शव रखवाया है। सोमवार को बिहार से परिजनों के आने पर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। हादसे में मरने वाला राजकिशोर मुखिया (19) बिहार निवासी था। वह करीब एक महीने पहले अपने मौसेरे भाई गणेश के साथ जयपुर आया था। ज्ञानविहार कॉलोनी में इलेक्ट्रिक उपकरणों के व्यवसायी राजकुमार के घर में वह घरेलू नौकर का काम करता था। राजकुमार इन दिनों घर की पहली मंजिल बनवा रहे हैं। सोमवार को वे परिवार सहित पड़ोस में रहने वाले भाई के यहां कार्यक्रम में गए थे। गणेश ने बताया कि वह करीब दस साल से जयपुर में रहता है। वह राजकुमार के भाई के घर काम कर रहा है। सुबह करीब 10 बजे राजकिशोर को भोजन के लिए बुलाने छत पर गया तो वहां वह भरे पानी में पड़ा था। उसे उठाने के लिए हाथ पकड़ा तो तेज करंट का झटका लगा। उसके चिल्लाने पर साथी नौकर संतू भी वहां आ गया। संतू को भी करंट लगा। इस पर उसने संतू से बिजली की मुख्य सप्लाई बंद करवाई। फिर बोरे से राजकिशोर को पकड़कर सीढियों की तरफ लेकर आए। लेकिन तब तक उसकी सांस थम चुकी थी। पानी में करंट कैसे आया, इसका पता नहीं चला है।
जयपुर। श्याम नगर थाने के पीछे ज्ञान विहार कॉलोनी में एक मकान की छत पर भरे बारिश के पानी में करंट उतर आया। इसकी चपेट में आकर नौकर की मौत हो गई। श्याम नगर पुलिस ने एसएमएस अस्पताल के मुर्दाघर में शव रखवाया है। सोमवार को बिहार से परिजनों के आने पर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। हादसे में मरने वाला राजकिशोर मुखिया बिहार निवासी था। वह करीब एक महीने पहले अपने मौसेरे भाई गणेश के साथ जयपुर आया था। ज्ञानविहार कॉलोनी में इलेक्ट्रिक उपकरणों के व्यवसायी राजकुमार के घर में वह घरेलू नौकर का काम करता था। राजकुमार इन दिनों घर की पहली मंजिल बनवा रहे हैं। सोमवार को वे परिवार सहित पड़ोस में रहने वाले भाई के यहां कार्यक्रम में गए थे। गणेश ने बताया कि वह करीब दस साल से जयपुर में रहता है। वह राजकुमार के भाई के घर काम कर रहा है। सुबह करीब दस बजे राजकिशोर को भोजन के लिए बुलाने छत पर गया तो वहां वह भरे पानी में पड़ा था। उसे उठाने के लिए हाथ पकड़ा तो तेज करंट का झटका लगा। उसके चिल्लाने पर साथी नौकर संतू भी वहां आ गया। संतू को भी करंट लगा। इस पर उसने संतू से बिजली की मुख्य सप्लाई बंद करवाई। फिर बोरे से राजकिशोर को पकड़कर सीढियों की तरफ लेकर आए। लेकिन तब तक उसकी सांस थम चुकी थी। पानी में करंट कैसे आया, इसका पता नहीं चला है।
राजाराम ने दो कदम आगे बढ और भी उग्र स्वर में पूछा--"किस से पूछ के आई तुम ?" आवेश मे उन का हाथ चल गया । चन्दा गाल पर जोर से पड़े थप्पड से पत्थरो पर गिर पड़ी । राजाराम क्रोध में जिह्वा पर नियंत्रण न रख पाते थे परन्तु कभी स्त्री पर हाथ न उठाया था । क्रोध और आवेश में हाथ चल जाने से सीमा टूट गई । जीवन भर अपने ऊपर सहा जब्र टूट गया। खूब जोर से दो लाते उन्हो ने भूमि पर गिर पड़ी चन्दा को मारी । चन्दा अवाक् और निश्चल थी । " किस से पूछ कर आई तू ?" उन्होने तू दो दफे दोहराया, "और चोरी करो ! सूव आजादी लो । चार दिन की गैरहाजिरी में ही समझ लिया कि हम मर गये ।" डाण्डी की ओर से शशि के बहुत ज़ोर से चिल्ला कर रोने की आवाज सुन कर भी राजाराम ने उस ओर नही देखा । हृदय के आवेग से वेवस वे कहते जा रहे थे ---"हमें वेचकूफ बना कर मजे करो और आज़ादी लो । समझ लिया, हम मर गये, बदमाश । " शशि के रोने की आवाज़ से विवश होकर उन्हें डाण्डो की ओर देखना पडा । कुली इस काण्ड से सहम कर थम गये थे । डाडी की ओर जाकर राजाराम ने हाकिमाना लहजे मे धमकाया--"डाण्डो उतारो ।" डाण्डी धरती पर उतार दी गई । शशि का चीत्कार जारी था। राजाराम ने लडकी को डाटा - "चुप रहो ।" वच्ची सहम गई। आंसू उसकी आँखो से टपक कर गालो पर वह रहे थे । उस का छोटा सा सीना हिचकी से उछल रहा था परन्तु रोने का म्वर सुख से निकल न पाता था । राजाराम फिर चन्दा की ओर लीटे ! चन्दा पगडण्डी पर पड़ी थी, अवाक निश्चल आँखे मूंदे । "उठो ।" राजाराम ने गरज- गरज कर हुकुम दिया । चन्दा को चिश्चल देख कर उन्होने अपनी आज्ञा और भी ऊँचे स्वर मे दोहराई । झुक कर उस की बाँह पकड़ कर झटके से खीचा । चदा में चेतना की कोई चेप्टा प्रकट न हुई । उस का सीना ग्वास की गति से स्पन्दन कर रहा था। राजाराम ने दुवारा चन्दा का हाथ झटक कर उठने की आज्ञा दी। उन्हें मानना पडा कि वह बेहोश हो गई थी । राजाराम डाण्डी की ओर लौटे । खन्ना अपना विकृत चेहरा उठा कर अधखुली आँख से उनकी ओर देख रहा था । समीप आने पर उसने पूछादेशद्रोही ] "यह क्या कर रहे हो ?" राजाराम ने सुर्ख आँखो से डाँट चुप "तुम मनुष्य हो या पशु ? " खन्ना का स्वर कॉप उठा । आपे से बाहर हो हाथ का घूसा बाँध कर राजाराम ने स्वर की ऊँचाई की सीमा पर पहुँचा कर उत्तर दिया-- "चुप धूर्त । देहद्रोही ! बदमाग 1 दूसरो के घर आग लगा कर तमाशा करने वाले बेशरम ! " बड़ी कठिनता से से वे अपने फडकते हुए घूंसे को खन्ना के सूजे हुए विकृत चेहरे पर आघात करने से रोक सके । राजाराम ने चन्दा की ओर लौट कर उसे फिर बाँह से पकड़ कर झकझोरा । चन्दा ने एक दीर्घ श्वास लेकर आँखे खोली । "चलो वापिस । जहाँ से आई हो ! मरना हो तो उसी घर मे चल कर मरो । तुम्हारी ऐयाशी के लिये मै अपना मुह काला नहीं करूंगा। तुम्हारी चिता उसी घर मे वनेगी । और अब देखना आजादी । " 'बाँह खीची जाने पर भी चन्दा उठ न सकी । राजाराम को स्वीकार करना पड़ा कि वह उठ न सकेगी । कुछ क्षण वे खडे सोचते रहे । डाण्डी के समीप जाकर उन्होने कुलियो को हुक्म दिया -- "डाण्डी खाली करो ।" कुलियो ने एक दूसरे की ओर देखा और शब्द के सकेत से चलने वाले यत्र की भाँति मिल कर खन्ना को डाण्डी से उठा कर पत्थरो के बीच समतल भूमि पर लिटा दिया । राजाराम के हुकुम से अवाक, निश्चल चन्दा को उठा कर डाण्डी मे लिटा दिया गया और उस के साथ शशि को उस के पुराने स्थान पर बैठाया गया । राजाराम के हुकुम से डाण्डी रानीखेत की ओर चल दी । राजाराम की आज्ञा के विषय मे एतराज की गुजाइग कुलियो के लिये न थी । जिस मेम साहब की आज्ञा से वे बीमार साहब को उठा कर चल रहे थे, उसी मेम साहब को जो पुरुष थप्पड और लात मार कर हुकुम दे सकता था, उस पुरुप की आज्ञा का उलध्धन किस प्रकार किया जा सकता था ? पेड़ो के नीचे पत्थरो के ऊपर पडा खन्ना, अधखुली आँख से घोड़े पर चढ कर चले जाते राजाराम को ओर उनकी ओट मे द्रुतिगति से रानीखेत की ओर उतरती जाती डाण्डी की ओर देख रहा था । उसका हृदय निराशा और अवसाद से मुह को आ रहा था, उस निर्जन स्थान में निस्सहाय, अकेले छोड देये जाकर, भूखे-प्यासे और पीडा से छटपटा कर मर जाने के भय से या स्वामी के हाथो पिटकर तिरस्कृत, अपमानित, वेवस उठाकर ले जाई जाती हुई चदा की अवस्था देख कर.... ... ...? दोपहर के वाद सव्या ओर सध्या के बाद रात्रि । बीतते हुए समय के साथ क्षीण होती जाती खन्ना की जीवन-शक्ति, भूख, प्यास, पीडा ओर ज्वर का प्रबल उत्ताप । निर्बलता से उसका चैतन्य घट कर पोडा की अनुभूति कम होती जा रही थी । पष्ठी के चन्द्रमा की हिमगीतल, क्षीण ज्योत्सना में खन्ना की प्राण-शक्ति की ऊष्णता प्रत्येक श्वास के साथ क्षीण होती जा रही थी । 'चेतना और अनुके भूति क्षीण होते जाने के कारण वह मूर्छा की निद्रा में निश्चेष्ट और अचेत होता जा रहा था । उसका सिर पत्थरो पर टिका था परन्तु मन में विश्वास था कि चदा उसका सिर गोद मे लिये हैं, जीवन-संग्राम में फिर लटने के लिये वह स्वास्थ्य लाभ कर रहा है खन्ना बडवडा रहा था - "चाँद, में देशद्रोही नहीं "चाँद उन से कहना "हा, साहस से
राजाराम ने दो कदम आगे बढ और भी उग्र स्वर में पूछा--"किस से पूछ के आई तुम ?" आवेश मे उन का हाथ चल गया । चन्दा गाल पर जोर से पड़े थप्पड से पत्थरो पर गिर पड़ी । राजाराम क्रोध में जिह्वा पर नियंत्रण न रख पाते थे परन्तु कभी स्त्री पर हाथ न उठाया था । क्रोध और आवेश में हाथ चल जाने से सीमा टूट गई । जीवन भर अपने ऊपर सहा जब्र टूट गया। खूब जोर से दो लाते उन्हो ने भूमि पर गिर पड़ी चन्दा को मारी । चन्दा अवाक् और निश्चल थी । " किस से पूछ कर आई तू ?" उन्होने तू दो दफे दोहराया, "और चोरी करो ! सूव आजादी लो । चार दिन की गैरहाजिरी में ही समझ लिया कि हम मर गये ।" डाण्डी की ओर से शशि के बहुत ज़ोर से चिल्ला कर रोने की आवाज सुन कर भी राजाराम ने उस ओर नही देखा । हृदय के आवेग से वेवस वे कहते जा रहे थे ---"हमें वेचकूफ बना कर मजे करो और आज़ादी लो । समझ लिया, हम मर गये, बदमाश । " शशि के रोने की आवाज़ से विवश होकर उन्हें डाण्डो की ओर देखना पडा । कुली इस काण्ड से सहम कर थम गये थे । डाडी की ओर जाकर राजाराम ने हाकिमाना लहजे मे धमकाया--"डाण्डो उतारो ।" डाण्डी धरती पर उतार दी गई । शशि का चीत्कार जारी था। राजाराम ने लडकी को डाटा - "चुप रहो ।" वच्ची सहम गई। आंसू उसकी आँखो से टपक कर गालो पर वह रहे थे । उस का छोटा सा सीना हिचकी से उछल रहा था परन्तु रोने का म्वर सुख से निकल न पाता था । राजाराम फिर चन्दा की ओर लीटे ! चन्दा पगडण्डी पर पड़ी थी, अवाक निश्चल आँखे मूंदे । "उठो ।" राजाराम ने गरज- गरज कर हुकुम दिया । चन्दा को चिश्चल देख कर उन्होने अपनी आज्ञा और भी ऊँचे स्वर मे दोहराई । झुक कर उस की बाँह पकड़ कर झटके से खीचा । चदा में चेतना की कोई चेप्टा प्रकट न हुई । उस का सीना ग्वास की गति से स्पन्दन कर रहा था। राजाराम ने दुवारा चन्दा का हाथ झटक कर उठने की आज्ञा दी। उन्हें मानना पडा कि वह बेहोश हो गई थी । राजाराम डाण्डी की ओर लौटे । खन्ना अपना विकृत चेहरा उठा कर अधखुली आँख से उनकी ओर देख रहा था । समीप आने पर उसने पूछादेशद्रोही ] "यह क्या कर रहे हो ?" राजाराम ने सुर्ख आँखो से डाँट चुप "तुम मनुष्य हो या पशु ? " खन्ना का स्वर कॉप उठा । आपे से बाहर हो हाथ का घूसा बाँध कर राजाराम ने स्वर की ऊँचाई की सीमा पर पहुँचा कर उत्तर दिया-- "चुप धूर्त । देहद्रोही ! बदमाग एक दूसरो के घर आग लगा कर तमाशा करने वाले बेशरम ! " बड़ी कठिनता से से वे अपने फडकते हुए घूंसे को खन्ना के सूजे हुए विकृत चेहरे पर आघात करने से रोक सके । राजाराम ने चन्दा की ओर लौट कर उसे फिर बाँह से पकड़ कर झकझोरा । चन्दा ने एक दीर्घ श्वास लेकर आँखे खोली । "चलो वापिस । जहाँ से आई हो ! मरना हो तो उसी घर मे चल कर मरो । तुम्हारी ऐयाशी के लिये मै अपना मुह काला नहीं करूंगा। तुम्हारी चिता उसी घर मे वनेगी । और अब देखना आजादी । " 'बाँह खीची जाने पर भी चन्दा उठ न सकी । राजाराम को स्वीकार करना पड़ा कि वह उठ न सकेगी । कुछ क्षण वे खडे सोचते रहे । डाण्डी के समीप जाकर उन्होने कुलियो को हुक्म दिया -- "डाण्डी खाली करो ।" कुलियो ने एक दूसरे की ओर देखा और शब्द के सकेत से चलने वाले यत्र की भाँति मिल कर खन्ना को डाण्डी से उठा कर पत्थरो के बीच समतल भूमि पर लिटा दिया । राजाराम के हुकुम से अवाक, निश्चल चन्दा को उठा कर डाण्डी मे लिटा दिया गया और उस के साथ शशि को उस के पुराने स्थान पर बैठाया गया । राजाराम के हुकुम से डाण्डी रानीखेत की ओर चल दी । राजाराम की आज्ञा के विषय मे एतराज की गुजाइग कुलियो के लिये न थी । जिस मेम साहब की आज्ञा से वे बीमार साहब को उठा कर चल रहे थे, उसी मेम साहब को जो पुरुष थप्पड और लात मार कर हुकुम दे सकता था, उस पुरुप की आज्ञा का उलध्धन किस प्रकार किया जा सकता था ? पेड़ो के नीचे पत्थरो के ऊपर पडा खन्ना, अधखुली आँख से घोड़े पर चढ कर चले जाते राजाराम को ओर उनकी ओट मे द्रुतिगति से रानीखेत की ओर उतरती जाती डाण्डी की ओर देख रहा था । उसका हृदय निराशा और अवसाद से मुह को आ रहा था, उस निर्जन स्थान में निस्सहाय, अकेले छोड देये जाकर, भूखे-प्यासे और पीडा से छटपटा कर मर जाने के भय से या स्वामी के हाथो पिटकर तिरस्कृत, अपमानित, वेवस उठाकर ले जाई जाती हुई चदा की अवस्था देख कर.... ... ...? दोपहर के वाद सव्या ओर सध्या के बाद रात्रि । बीतते हुए समय के साथ क्षीण होती जाती खन्ना की जीवन-शक्ति, भूख, प्यास, पीडा ओर ज्वर का प्रबल उत्ताप । निर्बलता से उसका चैतन्य घट कर पोडा की अनुभूति कम होती जा रही थी । पष्ठी के चन्द्रमा की हिमगीतल, क्षीण ज्योत्सना में खन्ना की प्राण-शक्ति की ऊष्णता प्रत्येक श्वास के साथ क्षीण होती जा रही थी । 'चेतना और अनुके भूति क्षीण होते जाने के कारण वह मूर्छा की निद्रा में निश्चेष्ट और अचेत होता जा रहा था । उसका सिर पत्थरो पर टिका था परन्तु मन में विश्वास था कि चदा उसका सिर गोद मे लिये हैं, जीवन-संग्राम में फिर लटने के लिये वह स्वास्थ्य लाभ कर रहा है खन्ना बडवडा रहा था - "चाँद, में देशद्रोही नहीं "चाँद उन से कहना "हा, साहस से
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के थाना धौलाना क्षेत्र में बदमाशों ने बीजेपी के एक नेता को दिनदहाड़े गोलियों से भून डाला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिसबल के साथ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान वारदात से नाराज सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ता थाने पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। स्कूल जाते वक्त हुई घटनाः पुलिस के मुताबिक, धौलाना के करनपुर जट्ट निवासी व बीजेपी के मंडल महामंत्री राकेश शर्मा सोमवार (9 सितंबर) सुबह स्कूल में पढ़ाने के लिए अपनी बादक से जा रहे थे। सपनापत नहर के पास बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। बीजेपी कार्यकर्ता भड़केः घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस को आशंका है कि रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। वहीं, बीजेपी नेता राकेश शर्मा की हत्या की घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना से क्षुब्ध सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। किसी तरह माने बीजेपी कार्यकर्ताः बताया जा रहा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस अपना काम सही तरीके से नहीं कर रही है, जिससे जिले में क्राइम बढ़ रहा है। इस दौरान पुलिस के आला अधिकारियों ने किसी तरह समझाकर उन्हें शांत कराया। रंजिश के चलते अंजाम दी गई वारदातः थाना प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सक्सेना ने बताया, "बीजेपी नेता की हत्या के बाद बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम भेजी गई है। शीघ्र ही बदमाश पुलिस की गिरफ्त में होंगे। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अनुमान है कि रंजिश के चलते वारदात अंजाम दी गई है। " उन्होंने उम्मीद जताई कि बदमाश जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के थाना धौलाना क्षेत्र में बदमाशों ने बीजेपी के एक नेता को दिनदहाड़े गोलियों से भून डाला। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिसबल के साथ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान वारदात से नाराज सैकड़ों बीजेपी कार्यकर्ता थाने पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। स्कूल जाते वक्त हुई घटनाः पुलिस के मुताबिक, धौलाना के करनपुर जट्ट निवासी व बीजेपी के मंडल महामंत्री राकेश शर्मा सोमवार सुबह स्कूल में पढ़ाने के लिए अपनी बादक से जा रहे थे। सपनापत नहर के पास बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। बीजेपी कार्यकर्ता भड़केः घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस को आशंका है कि रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। वहीं, बीजेपी नेता राकेश शर्मा की हत्या की घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना से क्षुब्ध सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। किसी तरह माने बीजेपी कार्यकर्ताः बताया जा रहा है कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पुलिस अपना काम सही तरीके से नहीं कर रही है, जिससे जिले में क्राइम बढ़ रहा है। इस दौरान पुलिस के आला अधिकारियों ने किसी तरह समझाकर उन्हें शांत कराया। रंजिश के चलते अंजाम दी गई वारदातः थाना प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार सक्सेना ने बताया, "बीजेपी नेता की हत्या के बाद बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम भेजी गई है। शीघ्र ही बदमाश पुलिस की गिरफ्त में होंगे। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अनुमान है कि रंजिश के चलते वारदात अंजाम दी गई है। " उन्होंने उम्मीद जताई कि बदमाश जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
चीन स्थित हुरुन रिपोर्ट इंक ने अपनी हुरुन इंडिया परोपकार सूची 2013 जारी की है. बीते वित्त वर्ष 2012-13 में 8,000 करोड़ रुपये की रकम सामाजिक कार्यो में लगाने वाले प्रेमजी को इस सूची में सबसे शीर्ष स्थान मिला है. अमेरिकी दिग्गज दानदाता बिल गेट्स की तरह सामाजिक कार्यो पर बड़ी धनराशि न्योछावर करने वाले लोगों की संख्या अब भी भारत में कम है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि भारतीय कॉरपोरेट जगत में ऐसे लोग बिल्कुल नहीं हैं. हुरुन सूची में दूसरा स्थान हासिल करने वाले एचसीएल चेयरमैन शिव नाडर ने बीते साल 3,000 करोड़ रुपये परोपकार में लगाए हैं. नाडर की शिव नाडर फाउंडेशन पिछले 20 साल से शिक्षण संस्थाओं का विकास और संचालन कर रही है. अब तक यह संस्था पूरे देश में 15,000 करोड़ रुपये की रकम सामाजिक कार्यो में लगा चुकी है. हुरुन इंडिया की सूची में ऐसे 31 भारतीयों को शामिल किया गया है, जिन्होंने मार्च 2012 से अप्रैल 2013 तक 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम सामाजिक कार्यो पर खर्च की. इस सूची में जीएमआर समूह के प्रमुख जीएम राव तीसरे स्थान पर रहे. उन्होंने अपनी संस्था जीएमआर वारालक्ष्मी फाउंडेशन के जरिये 740 करोड़ रुपये दान दिया. यह संस्था वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी संभालती है. इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि और उनकी पत्नी रोहिणी नीलेकणि 530 करोड़ रुपये की दानराशि के साथ चौथे स्थान पर रहे. भारतीय दानवीर सबसे ज्यादा शिक्षा क्षेत्र पर ध्यान दे रहे हैं. बीते साल इस क्षेत्र को कॉरपोरेट जगत ने 12,200 करोड़ रुपये दिए. इसके बाद सामाजिक विकास क्षेत्र को 1,210 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य को 1,065 करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास को 565 करोड़ और पर्यावरण मामलों को 170 करोड़ रुपये का दान हासिल हुआ. वहीं, कृषि क्षेत्र के विकास पर दानवीरों ने 40 करोड़ रुपये खर्च किए.
चीन स्थित हुरुन रिपोर्ट इंक ने अपनी हुरुन इंडिया परोपकार सूची दो हज़ार तेरह जारी की है. बीते वित्त वर्ष दो हज़ार बारह-तेरह में आठ,शून्य करोड़ रुपये की रकम सामाजिक कार्यो में लगाने वाले प्रेमजी को इस सूची में सबसे शीर्ष स्थान मिला है. अमेरिकी दिग्गज दानदाता बिल गेट्स की तरह सामाजिक कार्यो पर बड़ी धनराशि न्योछावर करने वाले लोगों की संख्या अब भी भारत में कम है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि भारतीय कॉरपोरेट जगत में ऐसे लोग बिल्कुल नहीं हैं. हुरुन सूची में दूसरा स्थान हासिल करने वाले एचसीएल चेयरमैन शिव नाडर ने बीते साल तीन,शून्य करोड़ रुपये परोपकार में लगाए हैं. नाडर की शिव नाडर फाउंडेशन पिछले बीस साल से शिक्षण संस्थाओं का विकास और संचालन कर रही है. अब तक यह संस्था पूरे देश में पंद्रह,शून्य करोड़ रुपये की रकम सामाजिक कार्यो में लगा चुकी है. हुरुन इंडिया की सूची में ऐसे इकतीस भारतीयों को शामिल किया गया है, जिन्होंने मार्च दो हज़ार बारह से अप्रैल दो हज़ार तेरह तक दस करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम सामाजिक कार्यो पर खर्च की. इस सूची में जीएमआर समूह के प्रमुख जीएम राव तीसरे स्थान पर रहे. उन्होंने अपनी संस्था जीएमआर वारालक्ष्मी फाउंडेशन के जरिये सात सौ चालीस करोड़ रुपये दान दिया. यह संस्था वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी संभालती है. इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि और उनकी पत्नी रोहिणी नीलेकणि पाँच सौ तीस करोड़ रुपये की दानराशि के साथ चौथे स्थान पर रहे. भारतीय दानवीर सबसे ज्यादा शिक्षा क्षेत्र पर ध्यान दे रहे हैं. बीते साल इस क्षेत्र को कॉरपोरेट जगत ने बारह,दो सौ करोड़ रुपये दिए. इसके बाद सामाजिक विकास क्षेत्र को एक,दो सौ दस करोड़ रुपये, स्वास्थ्य को एक,पैंसठ करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास को पाँच सौ पैंसठ करोड़ और पर्यावरण मामलों को एक सौ सत्तर करोड़ रुपये का दान हासिल हुआ. वहीं, कृषि क्षेत्र के विकास पर दानवीरों ने चालीस करोड़ रुपये खर्च किए.
उत्तरप्रदेशः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा युवाओं के रोजगार हेतु प्रयास किए जा रहे हैं एक सरकारी आंकड़े के अनुसार पिछले सालों के मुकाबले वर्तमान सरकार के द्वारा सबसे ज्यादा रोजगार प्रदान किए गए हैं। इसी कड़ी में दीपावली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा तोहफा सामने आ रहा है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने नवम्बर 2020 से मार्च 2021 तक प्रदेश में 50 लाख युवाओं को सेवायोजित करने का लक्ष्य तय किया है। यह सेवायोजना मनरेगा से अलग होगी। इसमें सरकारी विभागों, परिषद, निगमों में खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया तो पूरी होगी ही, सरकारी प्रयासों से निजी क्षेत्र में अथवा स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के निर्देशन में शुरू होने जा रहा यह महाभियान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। अब हर वित्तीय वर्ष में विभागवार रोजगार सृजन का लक्ष्य तय होगा। चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक 50 लाख युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण के माध्यम सक्षम बनाया जाएगा। मिशन रोजगार के अंतर्गत प्रत्येक विभाग, संगठन अथवा प्राधिकरण के कार्यालय में एक रोजगार हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। हेल्प डेस्क उस विभाग से सम्बन्धित सेवायोजन कार्यक्रमों का लाभ पाने के इच्छुक युवाओं को जानकारी देगा। ऐसे विभाग जिनके रोजगार, स्वरोजगार तथा कौशल प्रशिक्षण की योजनाएं ऑनलाइन चलाई जा रही हैं, इन रोजगार हेल्प डेस्क के माध्यम से उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हेतु प्रेरित किया जाएगा। प्रदेश में अब रोजगार और सेवायोजन का डेटाबेस तैयार होगा। इस लिए निदेशालय प्रशिक्षण एवं रोजगार द्वारा एक ऐप तथा पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है। पोर्टल पर हर पाक्षिक आधार पर रोजगार से संबंधित डाटा अपडेट होगा। इसके लिए प्रशासकीय विभागों के अन्तर्गत समस्त निदेशालय निगम बोर्ड आयोग आदि अपने विभाग के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करेंगे। मिशन रोजगार के सम्पूर्ण कार्यक्रम अभियान का संचालन औद्योगिक विकास आयुक्त द्वारा किया जाएगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति मासिक रूप से अभियान का अनुश्रवण करेगी। वहीं हर जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति होगी, जो रोजगार स्वरोजगार के लिए जनपद स्तर पर कार्ययोजना बनाएगी। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय द्वारा निजी उद्योगों के साथ मिलकर रोजगार मेलों का आयोजन तो होगा ही, पूर्व में लम्बित भर्ती प्रकरणों का निस्तारण भी कराया जाएगा।
उत्तरप्रदेशः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा युवाओं के रोजगार हेतु प्रयास किए जा रहे हैं एक सरकारी आंकड़े के अनुसार पिछले सालों के मुकाबले वर्तमान सरकार के द्वारा सबसे ज्यादा रोजगार प्रदान किए गए हैं। इसी कड़ी में दीपावली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा तोहफा सामने आ रहा है। बता दें कि मुख्यमंत्री ने नवम्बर दो हज़ार बीस से मार्च दो हज़ार इक्कीस तक प्रदेश में पचास लाख युवाओं को सेवायोजित करने का लक्ष्य तय किया है। यह सेवायोजना मनरेगा से अलग होगी। इसमें सरकारी विभागों, परिषद, निगमों में खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया तो पूरी होगी ही, सरकारी प्रयासों से निजी क्षेत्र में अथवा स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के निर्देशन में शुरू होने जा रहा यह महाभियान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। अब हर वित्तीय वर्ष में विभागवार रोजगार सृजन का लक्ष्य तय होगा। चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक पचास लाख युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण के माध्यम सक्षम बनाया जाएगा। मिशन रोजगार के अंतर्गत प्रत्येक विभाग, संगठन अथवा प्राधिकरण के कार्यालय में एक रोजगार हेल्प डेस्क बनाया जाएगा। हेल्प डेस्क उस विभाग से सम्बन्धित सेवायोजन कार्यक्रमों का लाभ पाने के इच्छुक युवाओं को जानकारी देगा। ऐसे विभाग जिनके रोजगार, स्वरोजगार तथा कौशल प्रशिक्षण की योजनाएं ऑनलाइन चलाई जा रही हैं, इन रोजगार हेल्प डेस्क के माध्यम से उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हेतु प्रेरित किया जाएगा। प्रदेश में अब रोजगार और सेवायोजन का डेटाबेस तैयार होगा। इस लिए निदेशालय प्रशिक्षण एवं रोजगार द्वारा एक ऐप तथा पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है। पोर्टल पर हर पाक्षिक आधार पर रोजगार से संबंधित डाटा अपडेट होगा। इसके लिए प्रशासकीय विभागों के अन्तर्गत समस्त निदेशालय निगम बोर्ड आयोग आदि अपने विभाग के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करेंगे। मिशन रोजगार के सम्पूर्ण कार्यक्रम अभियान का संचालन औद्योगिक विकास आयुक्त द्वारा किया जाएगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति मासिक रूप से अभियान का अनुश्रवण करेगी। वहीं हर जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति होगी, जो रोजगार स्वरोजगार के लिए जनपद स्तर पर कार्ययोजना बनाएगी। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय द्वारा निजी उद्योगों के साथ मिलकर रोजगार मेलों का आयोजन तो होगा ही, पूर्व में लम्बित भर्ती प्रकरणों का निस्तारण भी कराया जाएगा।
प्रमाण पल्यके असंख्यात भाग प्रमाण है । भावार्थ - - ऐशान स्वर्गरो आगे सानत्कुमार माहेन्द्र खर्गके देवोंका प्रामाण जगच्छ्रेणीमें जगच्छ्रेणीके ग्यारहमे वर्गमूलका भाग देनेसे जितना लब्ध आवे उतना ही है । इसही प्रकार जगच्छ्रेणीके नवमे वर्गमूलका जगच्छेणीमें भाग देनेपर जो लब्ध आने उतना ब्रह्म ब्रह्मोत्तर वर्गके देवोंका प्रमाण है, और सातमे वर्गमूल ( जगच्छ्रेणीका ) का जगच्छ्रेणीमें भाग देनेसे जो लब्ध आवे उतना लान्तव कापिष्ठ स्वर्गके देवका प्रमाण है । पांचमे वर्गमूलका भाग देनेसे जो लब्ध आवे उतना शुक्र महाशुक्र स्वर्गके देवोंका प्रमाण है । चौथे वर्गमूलका भाग देनेसे जो लब्ध आवे उतना सतार सहस्रार खर्गके देवोंका प्रमाण है । आनत प्राणत आरण अच्युत नव प्रैवेयक नव अनुदिश विजय वैजयंत जयंत अपराजित इन छव्वीस कल्पोंसे प्रत्येक कल्पमें देवका प्रमाण पत्यके असख्या में भाग है । सर्वार्थसिद्धि के देवका तथा सामान्यदेवराशिका प्रमाण बताते हैं । तिगुणा सत्तगुणा वा सघट्टा माणुसीपमाणादो । सामण्णदेवरासी जोइसियादो विसेसहिया ॥ १६२ ॥ त्रिगुणा सप्तगुणा वा सर्वार्था मानुपीप्रमाणतः । सामान्यदेवराशिः ज्योतिष्कतो विशेषाधिकः ॥ १६२ ॥ अर्थ - - मनुष्यस्त्रियोंका जितना प्रमाण है उससे तिगुना अथवा सतगुना सर्वार्थसिद्धिके देवोंका प्रमाण है । ज्योतिष्क देवोंका जितना प्रमाण है उससे कुछ अधिक सम्पूर्ण देवरा - शिका प्रमाण है । भावार्थ - मानुपियोंसे तिगुना और सतगुना इसतरह दो प्रकार से जो सर्वार्थसिद्धिके देवोंका प्रमाण बताया है वह दो आचार्यों के मतकी अपेक्षासे है । सम्पूर्ण देवोंमें ज्योतिषियोंका प्रमाण बहुत अधिक है, शेष तीन जातिके देवोंका प्रमाण बहुत अल्प है इसलिये ऐसा कहा है कि सामान्यदेवराशि ज्योतिषियोंसे कुछ अधिक है। ॥ इति गतिमार्गणाधिकारः ॥ क्रमप्राप्त इन्द्रियमार्गणा इन्द्रियोंका विषयं स्वरूप भेद आदिका वर्णन करनेसे प्रथम उसका निरुक्तिपूर्वक अर्थ बताते हैं । अहमिंदा जह देवा अविसेस अहमहंति मण्णंता । ईसंति एकमेकं इंदा इव इंदिये जाण ॥ १६३ ॥ अहमिन्द्रा यथा देवा अविशेषमहमहमिति मन्यमानाः । ईशते एकैकमिन्द्रा इव इन्द्रियाणि जानीहि ॥ १६३ ॥ अर्थ - जिस प्रकार अहमिन्द्र देवों में दूसरेकी अपेक्षा न रखकर प्रत्येक अपने २ को खामी मानते हैं, उसही प्रकार इन्द्रियां भी हैं । भावार्थ - इन्द्र के समान जो हो उसको इन्द्रिय कहते हैं । इसलिये जिस प्रकार नव ग्रैवेयकादिवासी देव अपने २ विषयों में दूसरेकी अपेक्षा न रखनेसे अर्थात् स्वतंत्र होनेसे अपने २ को इन्द्र मानते हैं । उस ही प्रकार स्पर्शनादिक इन्द्रियां भी अपने २ स्पर्शादिक विषयों में दूसरेकी ( रसना आदिकी ) अपेक्षा न रखकर खतन हैं । अतएव इनको इन्द्र (अहमिन्द्रके) समान होनेसे इन्द्रिय कहते हैं । इन्द्रियके संक्षेपसे भेद और उनका खरूप बताते हैं । मदिआवरणखओवसमुत्थविसुद्धी हु तजवोहो वा । भाविंदियं तु दवं देहुदयजदेहचिन्हं तु ॥ १६४ ॥ मत्यावरणक्षयोपशमोत्थविशुद्धिर्हि तज्जयोघो वा । भावेन्द्रियं तु द्रव्यं देहोदयजदेहचिह्नं तु ॥ १६४ ॥ अर्थ - इन्द्रियके दो भेद हैं एक भावेन्द्रिय दूसरा द्रव्येन्द्रिय । मतिज्ञानावरण कर्मके क्षयोपशमसे उत्पन्न होनेवाली विशुद्धि, अथवा उस विशुद्धिसे उत्पन्न होनेवाले उपयोगामक ज्ञानको भावेन्द्रिय कहते हैं। और शरीरनामकर्मके उदयसे होनेवाले शरीरके चिह्नविशेषको द्रव्येन्द्रिय कहते हैं । इन्द्रियकी अपेक्षाले जीवोंके भेद कहते हैं । फासरसगंधरूत्रे सद्दे णाणं च चिण्हयं जेसिं । इगिवितिचदुपंचिंदियजीवा णियभेयभिण्णाओ ॥ १६५ ॥ स्पर्शरसगंधरूपे शब्दे ज्ञानं च चिह्नकं येषाम् । एकद्वित्रिचतुःपञ्चेन्द्रियजीवा निजभेद॒द्भिन्नाः ॥ १६५ ॥ अर्थ-जिन जीवके वास चिह्न (द्रव्येन्द्रिय ) और उसके द्वारा होनेवाला स्पर्श रस गंघ रूप शब्द इन विषयका ज्ञान हो उनको क्रमसे एकेन्द्रिय हीन्द्रिय त्रीन्द्रिय चतुरिन्द्रिय पंचेन्द्रिय जीव कहते हैं । और इनके भी अनेक अवान्तर भेद हैं। भावार्थ - जिन जीवोंके स्पर्शविषयक ज्ञान और उसका अवलन्चनरूप द्रव्येन्द्रिय मौजूद हो उनको एकेन्द्रिय जीव कहते हैं । इस ही प्रकार अपने २ अवलम्बनला द्रव्येन्द्रियके साथ जिन जीवोक रमविषयक ज्ञान हो उनको द्वीन्द्रिय, और गंधविषयक ज्ञानवालको त्रीन्द्रिय तथा रूपवि पयक ज्ञानवालोंको चतुरिन्द्रिय, और शब्दविषयक ज्ञानवालोंको पंचेन्द्रिय जीव कहते हैं । इन इकेन्द्रियादि जीवोंके भी अनेक अवान्तर भेद हैं । तथा जागे २ की इन्द्रियवालोंके पूर्व २ की इन्द्रिय होती है। जैसे रसनेन्द्रियबालोंके सर्वर्शनेन्द्रिय अवदव होगी और प्रापेन्द्रियदालोंके स्वर्शन और रखना अवश्य होगी । इत्यादि पंचेन्द्रिय पर्यत ऐसा ही समझना । गन्नालायाम । इसप्रकार एकेन्द्रियादि जीवोंके इन्द्रियों के विषयकी वृद्धिका कम बनाकर अन इन्द्रिया द्धिका क्रम बताते हैं । एइंदियस्स फुसणं एकं त्रिय होदि रोसजीवाणं । होंति कमउहियाई जिभाषाणन्हिसोत्ताई ।। १६६ ॥ एकेन्द्रियस्थ स्पर्शनमेकमपि न भवति शेषजीवानाम् । भवन्ति कमवर्शितानि जिहावाणाधिश्रोत्राणि ।। १६६ ।। अर्थ - एकेन्द्रिय जीवके एक स्पर्शनेन्द्रिग ही होती है । शेष जीवोंके कमसे जिह्वा प्राण चक्षु और श्रोत्र वह जाते हैं । भावार्थ - एकेन्द्रिग जीतके केवल स्पर्शनेन्द्रिस, व्हीन्द्रियके स्पर्शन रसना ( जिहा ), श्रीन्द्रियके स्पर्शन रसना प्राण ( नासिका ), चतुरिन्द्रिय के स्पर्शन रसना प्राण चक्षु, और पंचेन्द्रिग के स्पर्शन रसना ब्राण नक्षु श्रोत्र होते हैं । स्पर्शनादिक इन्द्रियां कितनी दूर तक रक्से हुए अपने यह बताने के लिये तीन गाथाओं इन्द्रियोंका विषयक्षेत्र बताते हैं । धणुवीसडदसयकदी जोयणछादालहीणतिसहस्सा । असहस्स धणूणं विसया दुगुणा असण्णित्ति ॥ १६७ ॥ धनुर्विंशत्यष्टदशककृतिः योजनपट्चत्वारिंशद्धीनविसहस्राणि । अष्टसहस्रं धनुपां विपया द्विगुणा असंज्ञीति ।। १६७ ।। अर्थ - स्पर्शन रसना प्राण इनका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र क्रमसे चारसौ धनुष चौसठ धनुप सौ धनुष प्रमाण है । चक्षुका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र दो हजार नवसौ चौअन योजन है । और श्रोत्रेन्द्रियका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र आठ हजार धनुप प्रमाण है । और आगे असंज्ञिपर्यन्त दूना दूना विषय बढ़ता गया है । भावार्थ - एकेन्द्रियके स्पर्शनेन्द्रियका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र चारसौ धनुप है । और द्वीन्द्रियादिकके वह दूना २ होता गया है । अर्थात् द्वीन्द्रियके आठसौ त्रीन्द्रियके सोलह सौ चतुरिन्द्रियके वत्तीससौ असंज्ञीपंचेन्द्रियके चौंसठसौ धनुप स्पर्शनेन्द्रियका उत्कृष्ट विषय क्षेत्र है । द्वीन्द्रियके रसनेन्द्रियका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र चौंसठ धनुष है और वह भी त्रीन्द्रियादिकके स्पर्शनेन्द्रियके विषयक्षेत्रकी तरह दूना २ होता गया है । इस ही प्रकार प्राण चक्षु और श्रोत्रका विषयक्षेत्र भी समझना । संज्ञी जीवकी इन्द्रियोंका विषयक्षेत्र बताते हैं । सणिणस्स वार सोदे तिन्हं णव जोयणाणि चक्खुस्स । सत्तेतालसहस्सा वेसदतेसमिदिरेया ॥ १६८ ॥ संज्ञिनो द्वादश श्रोत्रे त्रयाणां नव योजनानि चक्षुपः । सप्तचत्वारिंशत्सहस्राणि द्विशतत्रिपष्ठयतिरेकाणि ॥ १६८ ॥ गोम्मसार । अर्थ- मंत्री जीयके स्वर्शन रसन प्राण इन तीनमें प्रत्येकका विषय क्षेत्र नव २ योजन है । और श्रोत्रेन्द्रियका चारह योजन, तथा चक्षुका संतालीस हजार दोसी नेसठसे कुछ अधिक उत्कृष्ट विषयक्षेत्र है । चक्षुके उत्कृष्ट विषयक्षेत्रकी उपपत्तिको बताते हैं । तिण्णिसयसविरहिद्लक्सं दसमूलताडिदे मूलम् । णवगुणिदे सहिहिदे चक्खुप्फासस्स अद्धाणं ॥ १६९ ॥ त्रिशतपष्टविरहितलं दशमूलताडिते मूलम् । नवगुणिते षष्टिहिते चक्षुःस्पर्शस्य अध्वा ॥ १६९ ॥ अर्थ - तीनसौ साठ कम एक लाख योजन जम्बूद्वीपके विस्कम्भका वर्ग करना और उसका दशगुणा करके वर्गमूल निकालना, इससे जो राशि उत्पन्न हो उसमें नवका गुणा और साठका भाग देनेसे चक्षुरिन्द्रियका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र निकलता है । भावार्थ -सूर्यका चारक्षेत्र पांचसौ बारह योजन चौड़ा है। उसमें तीनसौ वत्तीत योजन तो लवणसमुद्र में हैं और शेष एकसौ अस्सी योजन जीनें हैं। इस लिये जम्बूद्वीपके दोनों भागके तीनसौ साठ योजन क्षेत्रको छोड़कर बाकी निन्यानवे हजार छहसौ चालीस योजन प्रमाण जम्बूद्वीपके विष्कम्भकी परिधि करणसूत्र के अनुसार तीन लाख पन्द्रह हजार नवासी योजन होती है । इस अभ्यन्तर परिधिको एक सूर्य अपने भ्रमणके द्वारा साठ मुहूर्तमें समाप्त करता है । और निपघागरिके एक भागते दूसरे भाग तककी अभ्यन्तर वीथीको अठारह मुहूर्तझैँ अपने भ्रमण द्वारा समाप्त करता है । इसके बिलकुल वीचमें अयोध्या नगरी पड़ती है । इस अयोध्या नगरीके वीचनें बने हुए अपने महलके ऊपरले भागपरसे भरतादि चक्रवर्ती निपिधगिरिके ऊपर अभ्यन्तर वीथीनें उदय होते हुए सूर्यके भीतरकी जिन प्रतिविम्बका दर्शन करते हैं । और निषधगिरिके उस उदयस्थानसे अयोध्या पर्यन्त उक्त्तरीतिके अनुसार सूर्यको भ्रमण करनेनें नव मुहूर्त लगते हैं । इसलिये साठ मुहूर्तनें इतने क्षेत्रपर भ्रमण करै तो नव नुहूर्तनें कितने क्षेत्रपर भ्रमण करै ? इसप्रकार त्रैराशिक करनेते अर्थात् फराशि (परिषिका प्रेमाण ) और इच्छाराशिका ( नव ) गुणा कर उसमें प्रमाणराशि साठका भागदेनेसे चक्षुरिन्द्रियका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र सेतालीस हजार दोसौ त्रेसठसे कुछ अघिकै निकलता है । अर्थात् ज्यादेसे ज्यादे इतनी दूर तकका पदार्थ चक्षुकेद्वारा जाना जा सकता है । १ "विशम्भवागदहगुणकारिणी वहस्त परिरहो होदि" अर्थात् विष्कम्भका जितना प्रमाण है उसका वर्गकर दशगुणा करना पीछे उसका वर्गमूल निकाटना ऐसा करनेसे जो राशि हो उतना ही वृत्तक्षेत्रकी परिथिका प्रमाण होता है । २ टीन लाल पन्द्रह हजार नवासी योजन। ३ सातयोजनके वीस भोग एक भाग ।
प्रमाण पल्यके असंख्यात भाग प्रमाण है । भावार्थ - - ऐशान स्वर्गरो आगे सानत्कुमार माहेन्द्र खर्गके देवोंका प्रामाण जगच्छ्रेणीमें जगच्छ्रेणीके ग्यारहमे वर्गमूलका भाग देनेसे जितना लब्ध आवे उतना ही है । इसही प्रकार जगच्छ्रेणीके नवमे वर्गमूलका जगच्छेणीमें भाग देनेपर जो लब्ध आने उतना ब्रह्म ब्रह्मोत्तर वर्गके देवोंका प्रमाण है, और सातमे वर्गमूल का जगच्छ्रेणीमें भाग देनेसे जो लब्ध आवे उतना लान्तव कापिष्ठ स्वर्गके देवका प्रमाण है । पांचमे वर्गमूलका भाग देनेसे जो लब्ध आवे उतना शुक्र महाशुक्र स्वर्गके देवोंका प्रमाण है । चौथे वर्गमूलका भाग देनेसे जो लब्ध आवे उतना सतार सहस्रार खर्गके देवोंका प्रमाण है । आनत प्राणत आरण अच्युत नव प्रैवेयक नव अनुदिश विजय वैजयंत जयंत अपराजित इन छव्वीस कल्पोंसे प्रत्येक कल्पमें देवका प्रमाण पत्यके असख्या में भाग है । सर्वार्थसिद्धि के देवका तथा सामान्यदेवराशिका प्रमाण बताते हैं । तिगुणा सत्तगुणा वा सघट्टा माणुसीपमाणादो । सामण्णदेवरासी जोइसियादो विसेसहिया ॥ एक सौ बासठ ॥ त्रिगुणा सप्तगुणा वा सर्वार्था मानुपीप्रमाणतः । सामान्यदेवराशिः ज्योतिष्कतो विशेषाधिकः ॥ एक सौ बासठ ॥ अर्थ - - मनुष्यस्त्रियोंका जितना प्रमाण है उससे तिगुना अथवा सतगुना सर्वार्थसिद्धिके देवोंका प्रमाण है । ज्योतिष्क देवोंका जितना प्रमाण है उससे कुछ अधिक सम्पूर्ण देवरा - शिका प्रमाण है । भावार्थ - मानुपियोंसे तिगुना और सतगुना इसतरह दो प्रकार से जो सर्वार्थसिद्धिके देवोंका प्रमाण बताया है वह दो आचार्यों के मतकी अपेक्षासे है । सम्पूर्ण देवोंमें ज्योतिषियोंका प्रमाण बहुत अधिक है, शेष तीन जातिके देवोंका प्रमाण बहुत अल्प है इसलिये ऐसा कहा है कि सामान्यदेवराशि ज्योतिषियोंसे कुछ अधिक है। ॥ इति गतिमार्गणाधिकारः ॥ क्रमप्राप्त इन्द्रियमार्गणा इन्द्रियोंका विषयं स्वरूप भेद आदिका वर्णन करनेसे प्रथम उसका निरुक्तिपूर्वक अर्थ बताते हैं । अहमिंदा जह देवा अविसेस अहमहंति मण्णंता । ईसंति एकमेकं इंदा इव इंदिये जाण ॥ एक सौ तिरेसठ ॥ अहमिन्द्रा यथा देवा अविशेषमहमहमिति मन्यमानाः । ईशते एकैकमिन्द्रा इव इन्द्रियाणि जानीहि ॥ एक सौ तिरेसठ ॥ अर्थ - जिस प्रकार अहमिन्द्र देवों में दूसरेकी अपेक्षा न रखकर प्रत्येक अपने दो को खामी मानते हैं, उसही प्रकार इन्द्रियां भी हैं । भावार्थ - इन्द्र के समान जो हो उसको इन्द्रिय कहते हैं । इसलिये जिस प्रकार नव ग्रैवेयकादिवासी देव अपने दो विषयों में दूसरेकी अपेक्षा न रखनेसे अर्थात् स्वतंत्र होनेसे अपने दो को इन्द्र मानते हैं । उस ही प्रकार स्पर्शनादिक इन्द्रियां भी अपने दो स्पर्शादिक विषयों में दूसरेकी अपेक्षा न रखकर खतन हैं । अतएव इनको इन्द्र समान होनेसे इन्द्रिय कहते हैं । इन्द्रियके संक्षेपसे भेद और उनका खरूप बताते हैं । मदिआवरणखओवसमुत्थविसुद्धी हु तजवोहो वा । भाविंदियं तु दवं देहुदयजदेहचिन्हं तु ॥ एक सौ चौंसठ ॥ मत्यावरणक्षयोपशमोत्थविशुद्धिर्हि तज्जयोघो वा । भावेन्द्रियं तु द्रव्यं देहोदयजदेहचिह्नं तु ॥ एक सौ चौंसठ ॥ अर्थ - इन्द्रियके दो भेद हैं एक भावेन्द्रिय दूसरा द्रव्येन्द्रिय । मतिज्ञानावरण कर्मके क्षयोपशमसे उत्पन्न होनेवाली विशुद्धि, अथवा उस विशुद्धिसे उत्पन्न होनेवाले उपयोगामक ज्ञानको भावेन्द्रिय कहते हैं। और शरीरनामकर्मके उदयसे होनेवाले शरीरके चिह्नविशेषको द्रव्येन्द्रिय कहते हैं । इन्द्रियकी अपेक्षाले जीवोंके भेद कहते हैं । फासरसगंधरूत्रे सद्दे णाणं च चिण्हयं जेसिं । इगिवितिचदुपंचिंदियजीवा णियभेयभिण्णाओ ॥ एक सौ पैंसठ ॥ स्पर्शरसगंधरूपे शब्दे ज्ञानं च चिह्नकं येषाम् । एकद्वित्रिचतुःपञ्चेन्द्रियजीवा निजभेद॒द्भिन्नाः ॥ एक सौ पैंसठ ॥ अर्थ-जिन जीवके वास चिह्न और उसके द्वारा होनेवाला स्पर्श रस गंघ रूप शब्द इन विषयका ज्ञान हो उनको क्रमसे एकेन्द्रिय हीन्द्रिय त्रीन्द्रिय चतुरिन्द्रिय पंचेन्द्रिय जीव कहते हैं । और इनके भी अनेक अवान्तर भेद हैं। भावार्थ - जिन जीवोंके स्पर्शविषयक ज्ञान और उसका अवलन्चनरूप द्रव्येन्द्रिय मौजूद हो उनको एकेन्द्रिय जीव कहते हैं । इस ही प्रकार अपने दो अवलम्बनला द्रव्येन्द्रियके साथ जिन जीवोक रमविषयक ज्ञान हो उनको द्वीन्द्रिय, और गंधविषयक ज्ञानवालको त्रीन्द्रिय तथा रूपवि पयक ज्ञानवालोंको चतुरिन्द्रिय, और शब्दविषयक ज्ञानवालोंको पंचेन्द्रिय जीव कहते हैं । इन इकेन्द्रियादि जीवोंके भी अनेक अवान्तर भेद हैं । तथा जागे दो की इन्द्रियवालोंके पूर्व दो की इन्द्रिय होती है। जैसे रसनेन्द्रियबालोंके सर्वर्शनेन्द्रिय अवदव होगी और प्रापेन्द्रियदालोंके स्वर्शन और रखना अवश्य होगी । इत्यादि पंचेन्द्रिय पर्यत ऐसा ही समझना । गन्नालायाम । इसप्रकार एकेन्द्रियादि जीवोंके इन्द्रियों के विषयकी वृद्धिका कम बनाकर अन इन्द्रिया द्धिका क्रम बताते हैं । एइंदियस्स फुसणं एकं त्रिय होदि रोसजीवाणं । होंति कमउहियाई जिभाषाणन्हिसोत्ताई ।। एक सौ छयासठ ॥ एकेन्द्रियस्थ स्पर्शनमेकमपि न भवति शेषजीवानाम् । भवन्ति कमवर्शितानि जिहावाणाधिश्रोत्राणि ।। एक सौ छयासठ ।। अर्थ - एकेन्द्रिय जीवके एक स्पर्शनेन्द्रिग ही होती है । शेष जीवोंके कमसे जिह्वा प्राण चक्षु और श्रोत्र वह जाते हैं । भावार्थ - एकेन्द्रिग जीतके केवल स्पर्शनेन्द्रिस, व्हीन्द्रियके स्पर्शन रसना , श्रीन्द्रियके स्पर्शन रसना प्राण , चतुरिन्द्रिय के स्पर्शन रसना प्राण चक्षु, और पंचेन्द्रिग के स्पर्शन रसना ब्राण नक्षु श्रोत्र होते हैं । स्पर्शनादिक इन्द्रियां कितनी दूर तक रक्से हुए अपने यह बताने के लिये तीन गाथाओं इन्द्रियोंका विषयक्षेत्र बताते हैं । धणुवीसडदसयकदी जोयणछादालहीणतिसहस्सा । असहस्स धणूणं विसया दुगुणा असण्णित्ति ॥ एक सौ सरसठ ॥ धनुर्विंशत्यष्टदशककृतिः योजनपट्चत्वारिंशद्धीनविसहस्राणि । अष्टसहस्रं धनुपां विपया द्विगुणा असंज्ञीति ।। एक सौ सरसठ ।। अर्थ - स्पर्शन रसना प्राण इनका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र क्रमसे चारसौ धनुष चौसठ धनुप सौ धनुष प्रमाण है । चक्षुका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र दो हजार नवसौ चौअन योजन है । और श्रोत्रेन्द्रियका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र आठ हजार धनुप प्रमाण है । और आगे असंज्ञिपर्यन्त दूना दूना विषय बढ़ता गया है । भावार्थ - एकेन्द्रियके स्पर्शनेन्द्रियका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र चारसौ धनुप है । और द्वीन्द्रियादिकके वह दूना दो होता गया है । अर्थात् द्वीन्द्रियके आठसौ त्रीन्द्रियके सोलह सौ चतुरिन्द्रियके वत्तीससौ असंज्ञीपंचेन्द्रियके चौंसठसौ धनुप स्पर्शनेन्द्रियका उत्कृष्ट विषय क्षेत्र है । द्वीन्द्रियके रसनेन्द्रियका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र चौंसठ धनुष है और वह भी त्रीन्द्रियादिकके स्पर्शनेन्द्रियके विषयक्षेत्रकी तरह दूना दो होता गया है । इस ही प्रकार प्राण चक्षु और श्रोत्रका विषयक्षेत्र भी समझना । संज्ञी जीवकी इन्द्रियोंका विषयक्षेत्र बताते हैं । सणिणस्स वार सोदे तिन्हं णव जोयणाणि चक्खुस्स । सत्तेतालसहस्सा वेसदतेसमिदिरेया ॥ एक सौ अड़सठ ॥ संज्ञिनो द्वादश श्रोत्रे त्रयाणां नव योजनानि चक्षुपः । सप्तचत्वारिंशत्सहस्राणि द्विशतत्रिपष्ठयतिरेकाणि ॥ एक सौ अड़सठ ॥ गोम्मसार । अर्थ- मंत्री जीयके स्वर्शन रसन प्राण इन तीनमें प्रत्येकका विषय क्षेत्र नव दो योजन है । और श्रोत्रेन्द्रियका चारह योजन, तथा चक्षुका संतालीस हजार दोसी नेसठसे कुछ अधिक उत्कृष्ट विषयक्षेत्र है । चक्षुके उत्कृष्ट विषयक्षेत्रकी उपपत्तिको बताते हैं । तिण्णिसयसविरहिद्लक्सं दसमूलताडिदे मूलम् । णवगुणिदे सहिहिदे चक्खुप्फासस्स अद्धाणं ॥ एक सौ उनहत्तर ॥ त्रिशतपष्टविरहितलं दशमूलताडिते मूलम् । नवगुणिते षष्टिहिते चक्षुःस्पर्शस्य अध्वा ॥ एक सौ उनहत्तर ॥ अर्थ - तीनसौ साठ कम एक लाख योजन जम्बूद्वीपके विस्कम्भका वर्ग करना और उसका दशगुणा करके वर्गमूल निकालना, इससे जो राशि उत्पन्न हो उसमें नवका गुणा और साठका भाग देनेसे चक्षुरिन्द्रियका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र निकलता है । भावार्थ -सूर्यका चारक्षेत्र पांचसौ बारह योजन चौड़ा है। उसमें तीनसौ वत्तीत योजन तो लवणसमुद्र में हैं और शेष एकसौ अस्सी योजन जीनें हैं। इस लिये जम्बूद्वीपके दोनों भागके तीनसौ साठ योजन क्षेत्रको छोड़कर बाकी निन्यानवे हजार छहसौ चालीस योजन प्रमाण जम्बूद्वीपके विष्कम्भकी परिधि करणसूत्र के अनुसार तीन लाख पन्द्रह हजार नवासी योजन होती है । इस अभ्यन्तर परिधिको एक सूर्य अपने भ्रमणके द्वारा साठ मुहूर्तमें समाप्त करता है । और निपघागरिके एक भागते दूसरे भाग तककी अभ्यन्तर वीथीको अठारह मुहूर्तझैँ अपने भ्रमण द्वारा समाप्त करता है । इसके बिलकुल वीचमें अयोध्या नगरी पड़ती है । इस अयोध्या नगरीके वीचनें बने हुए अपने महलके ऊपरले भागपरसे भरतादि चक्रवर्ती निपिधगिरिके ऊपर अभ्यन्तर वीथीनें उदय होते हुए सूर्यके भीतरकी जिन प्रतिविम्बका दर्शन करते हैं । और निषधगिरिके उस उदयस्थानसे अयोध्या पर्यन्त उक्त्तरीतिके अनुसार सूर्यको भ्रमण करनेनें नव मुहूर्त लगते हैं । इसलिये साठ मुहूर्तनें इतने क्षेत्रपर भ्रमण करै तो नव नुहूर्तनें कितने क्षेत्रपर भ्रमण करै ? इसप्रकार त्रैराशिक करनेते अर्थात् फराशि और इच्छाराशिका गुणा कर उसमें प्रमाणराशि साठका भागदेनेसे चक्षुरिन्द्रियका उत्कृष्ट विषयक्षेत्र सेतालीस हजार दोसौ त्रेसठसे कुछ अघिकै निकलता है । अर्थात् ज्यादेसे ज्यादे इतनी दूर तकका पदार्थ चक्षुकेद्वारा जाना जा सकता है । एक "विशम्भवागदहगुणकारिणी वहस्त परिरहो होदि" अर्थात् विष्कम्भका जितना प्रमाण है उसका वर्गकर दशगुणा करना पीछे उसका वर्गमूल निकाटना ऐसा करनेसे जो राशि हो उतना ही वृत्तक्षेत्रकी परिथिका प्रमाण होता है । दो टीन लाल पन्द्रह हजार नवासी योजन। तीन सातयोजनके वीस भोग एक भाग ।
दिल्ली के साथ नोएडा के सेक्टर-18 में स्थित अट्टा मार्केट में दुकानें आम दिनों की तरह खुली रहीं। इनमें अच्छी खासी भीड़ भी नजर आई। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने किसान आंदोलन के समर्थन में एक दिन का उपवास रखा है। नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर में भारत बंद का असर दिखाई नहीं दे रहा है। दिल्ली के साथ नोएडा के सेक्टर-18 में स्थित अट्टा मार्केट में दुकानें आम दिनों की तरह खुली रहीं। इनमें अच्छी खासी भीड़ भी नजर आई। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने किसान आंदोलन के समर्थन में एक दिन का उपवास रखा है। हालांकि किसानों ने एनएच 24 को पूरी तरह बंद कर दिया। दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बाॅर्डर पर किसानों नए कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान किसानों ने दिल्ली से गाजियाबाद की तरफ आने वाला रास्ता एनएच-24 को भी पूरा बंद कर दिया है। किसानों ने कहा कि उनके साथ पूरे देश के किसान हैं और वे अपनी मांगे माने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे। दिल्ली की आॅटो-टैक्सी यूनियन किसानों के भारत बंद से दूर है। यूनियन का कहना है कि आॅटो-टैक्सी वाले पहले ही कोरोना के कारण काफी नुकसान झेल रहे हैं। ऐसे में बंद में शामिल होना संभव नहीं है। दिल्ली आॅटो-टैक्सी यूनियन के जनरल सेक्रेट्री राजेंद्र सोनी ने कहा कि वे लोग किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं लेकिन बंद का नहीं। मुंबई में किसानों के समर्थन में सभी गुरुद्वारों के सदस्य आ गए हैं। मुंबई और नवी मुंबई के गुरुद्वारा सदस्यों ने मनखुर्द के नजदीक सियोन-पनवेल हाइवे को जाम कर दिया। दिलजीत दोसांझ समेत कई पंजाबी कलाकारों ने भी किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है। दिलजीत ने ट्विटर पर आज भारत बंद है कैप्शन देते हुए यही संदेश वाला एक पोस्टर शेयर किया है। इसके अलावा सिंगर-ऐक्टर एमी विर्क और ऐक्टर नीरू बाजवा, गिप्पी ग्रेवाल ने भी भारत बंद को अपना सपाूर्ट दिया है। असम में किसानों के भारत बंद का मिला-जुला असर दिखा। इस दौरान दुकानें बंद रहीं, कांग्रेस और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। कई प्रदर्शनकारियों ने रास्ता भी ब्लाॅक किया लेकिन बहुत से कार्यालय खुले भी रहे। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दर्जनों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदेश में कांग्रेस, एआईयूडीएफ समेत 14 राजनीतिक दलों ने किसानों के बंद का समर्थन किया है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिलने उनके आवास पर पहुंचे हैं। कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कृषिकानूनों पर डिबेट के लिए संसद का सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कृषि कानून में सुधारों की जरूरत थी लेकिन ये जो तीन कानून बनाए गए हैं, इनमें सुधारों की छाया नहीं है। उन्हें संसद का सत्र बुलाना चाहिए और सही सुधारों पर चर्चा करनी चाहिए। पुडुचेरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कृषि बिलों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी भी मौजूद थे।
दिल्ली के साथ नोएडा के सेक्टर-अट्ठारह में स्थित अट्टा मार्केट में दुकानें आम दिनों की तरह खुली रहीं। इनमें अच्छी खासी भीड़ भी नजर आई। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने किसान आंदोलन के समर्थन में एक दिन का उपवास रखा है। नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर में भारत बंद का असर दिखाई नहीं दे रहा है। दिल्ली के साथ नोएडा के सेक्टर-अट्ठारह में स्थित अट्टा मार्केट में दुकानें आम दिनों की तरह खुली रहीं। इनमें अच्छी खासी भीड़ भी नजर आई। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने किसान आंदोलन के समर्थन में एक दिन का उपवास रखा है। हालांकि किसानों ने एनएच चौबीस को पूरी तरह बंद कर दिया। दिल्ली-यूपी के गाजीपुर बाॅर्डर पर किसानों नए कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। इस दौरान किसानों ने दिल्ली से गाजियाबाद की तरफ आने वाला रास्ता एनएच-चौबीस को भी पूरा बंद कर दिया है। किसानों ने कहा कि उनके साथ पूरे देश के किसान हैं और वे अपनी मांगे माने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे। दिल्ली की आॅटो-टैक्सी यूनियन किसानों के भारत बंद से दूर है। यूनियन का कहना है कि आॅटो-टैक्सी वाले पहले ही कोरोना के कारण काफी नुकसान झेल रहे हैं। ऐसे में बंद में शामिल होना संभव नहीं है। दिल्ली आॅटो-टैक्सी यूनियन के जनरल सेक्रेट्री राजेंद्र सोनी ने कहा कि वे लोग किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं लेकिन बंद का नहीं। मुंबई में किसानों के समर्थन में सभी गुरुद्वारों के सदस्य आ गए हैं। मुंबई और नवी मुंबई के गुरुद्वारा सदस्यों ने मनखुर्द के नजदीक सियोन-पनवेल हाइवे को जाम कर दिया। दिलजीत दोसांझ समेत कई पंजाबी कलाकारों ने भी किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है। दिलजीत ने ट्विटर पर आज भारत बंद है कैप्शन देते हुए यही संदेश वाला एक पोस्टर शेयर किया है। इसके अलावा सिंगर-ऐक्टर एमी विर्क और ऐक्टर नीरू बाजवा, गिप्पी ग्रेवाल ने भी भारत बंद को अपना सपाूर्ट दिया है। असम में किसानों के भारत बंद का मिला-जुला असर दिखा। इस दौरान दुकानें बंद रहीं, कांग्रेस और वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। कई प्रदर्शनकारियों ने रास्ता भी ब्लाॅक किया लेकिन बहुत से कार्यालय खुले भी रहे। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दर्जनों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदेश में कांग्रेस, एआईयूडीएफ समेत चौदह राजनीतिक दलों ने किसानों के बंद का समर्थन किया है। हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिलने उनके आवास पर पहुंचे हैं। कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कृषिकानूनों पर डिबेट के लिए संसद का सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कृषि कानून में सुधारों की जरूरत थी लेकिन ये जो तीन कानून बनाए गए हैं, इनमें सुधारों की छाया नहीं है। उन्हें संसद का सत्र बुलाना चाहिए और सही सुधारों पर चर्चा करनी चाहिए। पुडुचेरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कृषि बिलों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी भी मौजूद थे।
अगर आप भी सरकारी नौकरी की चाह रखते है तो यह खबर आपके लिए ही है। यहां पर बंपर भर्ती के लिए आवोदन मांगे गए है। हरियाणा की खट्टर सरकार ने सरकारी विभागों में भर्तियों का पिटारा खोल दिया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने पद भरने के लिए विभिन्न विभागों में 2459 खाली पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। आवेदन 16 जनवरी से 15 फरवरी 2017 रात 11. 59 बजे तक आयोग वेबसाइट पर भरे जा सकते हैं। मौलिक शिक्षा विभाग में टीजीटी संस्कृत के 400 पद, टीजीटी संस्कृत (मेवात कैडर) के 181 पद, वन विभाग में फारेस्ट गार्ड के 331 पद, शहरी स्थानीय निकाय विभाग में नगरपालिका सचिव के 9 पद, कार्यकारी अधिकारी के तीन पद, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड में मंडल लेखाकार के चार पद, इलेक्ट्रानिक डाटा प्रोसेसिंग सहायक के दो पद, उपमंडल क्लर्क के 26 पद, सहायक के 12 पद, विकास एवं पंचायत विभाग में लाइब्रेरियन का एक पद शामिल है। भूमि रिकार्ड विभाग में सहायक अनुसंधान अधिकारी का एक पद, ड्राफ्ट्समैन का एक पद, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी के 24 पद, पशुपालन एवं डेयरी विभाग में लैब तकनीशियन के 14 पद, मुद्रण एवं लेखन विभाग में सेक्शन होल्डर का एक पद, सहायक सेक्शन होल्डर का एक पद, रीडर का एक पद, कंप्यूटर के दो पद, आफसेट इंकर के पांच पद, प्रेस मैकेनिक के तीन पद, पर्सनल कंप्यूटर का एक पद शामिल है।
अगर आप भी सरकारी नौकरी की चाह रखते है तो यह खबर आपके लिए ही है। यहां पर बंपर भर्ती के लिए आवोदन मांगे गए है। हरियाणा की खट्टर सरकार ने सरकारी विभागों में भर्तियों का पिटारा खोल दिया है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने पद भरने के लिए विभिन्न विभागों में दो हज़ार चार सौ उनसठ खाली पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। आवेदन सोलह जनवरी से पंद्रह फरवरी दो हज़ार सत्रह रात ग्यारह. उनसठ बजे तक आयोग वेबसाइट पर भरे जा सकते हैं। मौलिक शिक्षा विभाग में टीजीटी संस्कृत के चार सौ पद, टीजीटी संस्कृत के एक सौ इक्यासी पद, वन विभाग में फारेस्ट गार्ड के तीन सौ इकतीस पद, शहरी स्थानीय निकाय विभाग में नगरपालिका सचिव के नौ पद, कार्यकारी अधिकारी के तीन पद, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड में मंडल लेखाकार के चार पद, इलेक्ट्रानिक डाटा प्रोसेसिंग सहायक के दो पद, उपमंडल क्लर्क के छब्बीस पद, सहायक के बारह पद, विकास एवं पंचायत विभाग में लाइब्रेरियन का एक पद शामिल है। भूमि रिकार्ड विभाग में सहायक अनुसंधान अधिकारी का एक पद, ड्राफ्ट्समैन का एक पद, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में सहायक खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी के चौबीस पद, पशुपालन एवं डेयरी विभाग में लैब तकनीशियन के चौदह पद, मुद्रण एवं लेखन विभाग में सेक्शन होल्डर का एक पद, सहायक सेक्शन होल्डर का एक पद, रीडर का एक पद, कंप्यूटर के दो पद, आफसेट इंकर के पांच पद, प्रेस मैकेनिक के तीन पद, पर्सनल कंप्यूटर का एक पद शामिल है।
गोदाम में खड़े डीजल के टैंकर में आकस्मित आग लग गई व देखते ही देखते आग ने साथ खड़े तीन व टैंकरों में अपनी चपेट में ले लिया. आग ऐसे फैली कि गोदाम में खड़ी कार व कई बाइक भी जलकर राख हो गईं. आग लगने की यह घटना पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में गांव अजनाली में हुई. आग लगने की समाचार मिलते ही फायर बिग्रेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची व आग बुझाने का कार्य प्रारम्भ किया. लोगों ने भी बचाव अभियान चलाया. हालांकि इस आगजनी में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन गोदाम में रखा सामान पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है. अभी आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है. लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाँच पड़ताल प्रारम्भ कर दी है. बताया जा रहा है कि गोदाम के पास ही एक पेट्रोल पंप भी है. समय रहते आग बुझाने का कार्य प्रारम्भ हो गया, अन्यथा पेट्रोल पंप तक आग की लपटें जा सकती थीं व फिर बड़ा एक्सीडेंट होता.
गोदाम में खड़े डीजल के टैंकर में आकस्मित आग लग गई व देखते ही देखते आग ने साथ खड़े तीन व टैंकरों में अपनी चपेट में ले लिया. आग ऐसे फैली कि गोदाम में खड़ी कार व कई बाइक भी जलकर राख हो गईं. आग लगने की यह घटना पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ में गांव अजनाली में हुई. आग लगने की समाचार मिलते ही फायर बिग्रेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची व आग बुझाने का कार्य प्रारम्भ किया. लोगों ने भी बचाव अभियान चलाया. हालांकि इस आगजनी में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन गोदाम में रखा सामान पूरी तरह जलकर खाक हो चुका है. अभी आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है. लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाँच पड़ताल प्रारम्भ कर दी है. बताया जा रहा है कि गोदाम के पास ही एक पेट्रोल पंप भी है. समय रहते आग बुझाने का कार्य प्रारम्भ हो गया, अन्यथा पेट्रोल पंप तक आग की लपटें जा सकती थीं व फिर बड़ा एक्सीडेंट होता.
मुंबई। इमरान खान- कंगना रानौत की आने वाली फिल्म 'कट्टी-बट्टी' के प्रचार के लिए फिल्म निर्माता ने एक अनोखी योजना बनाई है। लिव-इन रिलेशनशिप पर बनी इस फिल्म के प्रचार के लिए फिल्म निर्माता ने अब इमरान-कंगना को कॉलेज में जाकर स्टूडेंट्स से मिलने के लिए कहा है। बताया जा रहा है कि फिल्म 'कट्टी-बट्टी' की टीम जल्दी ही देश के कई नामी-गिरामी कॉलेज में जाएगी और वहां के छात्र-छात्राओं से रिलेशनशिप को लेकर बात करेगी। कंगना रानौत अपनी इस फिल्म को लेकर खासी उत्साहित हैं। बकौल कंगना उन्हें भरोसा है कि दर्शक उनकी पिछली फिल्म 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' में उनके रोल की तरह फिल्म 'कट्टी-बट्टी' में भी उनके किरदार को खासा पसंद करेंगें। वैसे कंगना की मानें तो फिल्म 'कट्टी-बट्टी' का ये किरदार निभाना उनके लिए इतना आसान नहीं था। फिल्म 'कट्टी-बट्टी' के निर्माता 18 सितंबर को फिल्म के रिलीज होने के पहले इसे कॉलेज युवाओं के बीच में खूब प्रचारित करना चाहते हैं, जिससे फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर सफलता सुनिश्चित हो सके।
मुंबई। इमरान खान- कंगना रानौत की आने वाली फिल्म 'कट्टी-बट्टी' के प्रचार के लिए फिल्म निर्माता ने एक अनोखी योजना बनाई है। लिव-इन रिलेशनशिप पर बनी इस फिल्म के प्रचार के लिए फिल्म निर्माता ने अब इमरान-कंगना को कॉलेज में जाकर स्टूडेंट्स से मिलने के लिए कहा है। बताया जा रहा है कि फिल्म 'कट्टी-बट्टी' की टीम जल्दी ही देश के कई नामी-गिरामी कॉलेज में जाएगी और वहां के छात्र-छात्राओं से रिलेशनशिप को लेकर बात करेगी। कंगना रानौत अपनी इस फिल्म को लेकर खासी उत्साहित हैं। बकौल कंगना उन्हें भरोसा है कि दर्शक उनकी पिछली फिल्म 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' में उनके रोल की तरह फिल्म 'कट्टी-बट्टी' में भी उनके किरदार को खासा पसंद करेंगें। वैसे कंगना की मानें तो फिल्म 'कट्टी-बट्टी' का ये किरदार निभाना उनके लिए इतना आसान नहीं था। फिल्म 'कट्टी-बट्टी' के निर्माता अट्ठारह सितंबर को फिल्म के रिलीज होने के पहले इसे कॉलेज युवाओं के बीच में खूब प्रचारित करना चाहते हैं, जिससे फिल्म की बॉक्स ऑफिस पर सफलता सुनिश्चित हो सके।
देश में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री का जो सपना है "सर्व शिक्षा अभियान" का हो या फिर "बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ" का उसमें कहीं न कहीं उनके जन्मदिन पर सेंध लगाई जा रही है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर स्कूल की पढ़ाई को रोक दिया गया है बल्कि वहां पर आने वाले क्द्दावर नेताओं की अगवानी में नन्हे-मुन्ने बच्चों को लगाया गया है। बच्चे नेताओं के स्कूल में दाखिल होते ही उन पर पुष्प वर्षा करते नजर आए। ऐसे में सवाल यह है कि जन्मदिन पर मिलने वाली देशवासियों को सौगात, क्या बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ साबित होगी। मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई शहर के महाराज सिंह पार्क स्थित हिंदी पाठशाला का हैं। जिसमें साफ तौर पर आप देख सकते हैं किस तरह बच्चे थालियों में फूल लेकर और हाथों में गुलाब की स्टिक लेकर नेता का इंतजार कर रहे हैं। क्लास को पूरी तरह से खाली देका गया। नन्हें-मुन्ने बच्चों के बैग जमीनों पर पड़े थे। बच्चे अपनी पढ़ाई छोड़ कर नेताओं की मेहमान नबाजी में खड़े हुए थे। शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला ये जश्न पीएम के शिक्षा विकास पर सवाल खड़ा कर रहा है। नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। स्कूल के गेट से कद्दावर नेता पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल की एंट्री पर बच्चों ने पुष्पवर्षा की । बच्चे नेता को गुलाब की स्टिक दे रहे थे। बाद में नेता ने स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया। और मोदी के जन्मदिन पर केक काटा बच्चे चारों तरफ खड़े हुए नेताजी के केक काटने का इंतजार करते रहे थे। और इस जन्मदिन पर अपने भविष्य के साथ कम, सियासी लोगों के साथ ज्यादा ईमानदारी करते नजर आए। भले ही वह मजबूरी हो लेकिन इन बच्चों को क्या मालूम सियासी दखल में इनके भविष्य के साथ किस तरह खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन का केक काटने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल जब फारिग हुए और रुखसती का वक्त आया तो उनसे आज के प्रोग्राम के बारे में जानकारी ली गई। तो उन्होंने सीना चौड़ा करके कह दिया कि प्रधानमंत्री का सपना था कि उनका जन्मदिन नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ मनाया जाए बच्चों का भविष्य उज्जवल हो। जिस बात का वह पालन कर रहे हैं लेकिन अब यह समझना मुश्किल है कि बच्चों का भविष्य किस तरह उज्जवल होगा। जब नेता खुद उनकी पढ़ाई छोड़कर उन्हें और तमाम कार्यक्रमों में मशगूल करेंगे ।
देश में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री का जो सपना है "सर्व शिक्षा अभियान" का हो या फिर "बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ" का उसमें कहीं न कहीं उनके जन्मदिन पर सेंध लगाई जा रही है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर स्कूल की पढ़ाई को रोक दिया गया है बल्कि वहां पर आने वाले क्द्दावर नेताओं की अगवानी में नन्हे-मुन्ने बच्चों को लगाया गया है। बच्चे नेताओं के स्कूल में दाखिल होते ही उन पर पुष्प वर्षा करते नजर आए। ऐसे में सवाल यह है कि जन्मदिन पर मिलने वाली देशवासियों को सौगात, क्या बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ साबित होगी। मामला उत्तर प्रदेश के हरदोई शहर के महाराज सिंह पार्क स्थित हिंदी पाठशाला का हैं। जिसमें साफ तौर पर आप देख सकते हैं किस तरह बच्चे थालियों में फूल लेकर और हाथों में गुलाब की स्टिक लेकर नेता का इंतजार कर रहे हैं। क्लास को पूरी तरह से खाली देका गया। नन्हें-मुन्ने बच्चों के बैग जमीनों पर पड़े थे। बच्चे अपनी पढ़ाई छोड़ कर नेताओं की मेहमान नबाजी में खड़े हुए थे। शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला ये जश्न पीएम के शिक्षा विकास पर सवाल खड़ा कर रहा है। नन्हे-मुन्ने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। स्कूल के गेट से कद्दावर नेता पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल की एंट्री पर बच्चों ने पुष्पवर्षा की । बच्चे नेता को गुलाब की स्टिक दे रहे थे। बाद में नेता ने स्मार्ट क्लास का उद्घाटन किया। और मोदी के जन्मदिन पर केक काटा बच्चे चारों तरफ खड़े हुए नेताजी के केक काटने का इंतजार करते रहे थे। और इस जन्मदिन पर अपने भविष्य के साथ कम, सियासी लोगों के साथ ज्यादा ईमानदारी करते नजर आए। भले ही वह मजबूरी हो लेकिन इन बच्चों को क्या मालूम सियासी दखल में इनके भविष्य के साथ किस तरह खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन का केक काटने के बाद भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल जब फारिग हुए और रुखसती का वक्त आया तो उनसे आज के प्रोग्राम के बारे में जानकारी ली गई। तो उन्होंने सीना चौड़ा करके कह दिया कि प्रधानमंत्री का सपना था कि उनका जन्मदिन नन्हे-मुन्ने बच्चों के साथ मनाया जाए बच्चों का भविष्य उज्जवल हो। जिस बात का वह पालन कर रहे हैं लेकिन अब यह समझना मुश्किल है कि बच्चों का भविष्य किस तरह उज्जवल होगा। जब नेता खुद उनकी पढ़ाई छोड़कर उन्हें और तमाम कार्यक्रमों में मशगूल करेंगे ।
विट्ठलदास ने सुमन को विधवाश्रम में गुप्त रीति से रखा था। प्रबंधकारिणी सभा के किसी भी सदस्य को इत्तला न दी थी। आश्रम की विधवाओं से उसे विधवा बताया गया था, लेकिन अबुलवफा जैसे टोहियों से यह बात बहुत दिनों तक गुप्त न रही। उन्होंने हिरिया को ढूँढ़ निकाला और उससे सुमन का पता पूछ लिया । तब अपने अन्य रसिक मित्रों को भी इसकी सूचना दे दी। इसका परिणाम यह हुआ कि उन सज्जनों की आश्रम पर विशेष रीति से कृपादृष्टि होने लगी। कभी सेठ चिम्मनलाल आते, कभी सेठ बलभद्रदास, कभी पं. दीनानाथ विराजमान हो जाते । इन महानुभावों को अब आश्रम की सफाई और सजावट, उसकी आर्थिक दशा, उसके प्रबंध आदि विषयों से अद्भुत सहानुभूति हो गई थी । रात-दिन आश्रम की शुभकामना में मग्न रहते थे। विट्ठलदास बड़े संकट में पड़े हुए थे। कभी विचार करते कि इस पद से इस्तीफा दे दूँ। क्या मैंने ही इस आश्रम का जिम्मा लिया है? कमेटी में कितने ही आदमी हैं, जो इस काम को सँभाल सकते हैं। वह जैसा उचित समझेंगे, इसका प्रबंध करेंगे, मुझे अपनी आँखों से तो यह अत्याचार न देखना पड़ेगा। कभी सोचते, क्यों न एक दिन इन दुराचारियों को फटकारूँ? फिर जो कुछ होगा, देखा जाएगा, लेकिन जब शांत चित्त होकर देखते, तो उन्हें सब्र से काम लेने के सिवाय और कोई उपाय न सूझता। हाँ, उन लोगों से बड़ी रुखाई से बातचीत करते, उनके प्रस्तावों की उपेक्षा किया करते और अपने भावों से यह प्रकट करना चाहते थे कि मुझे तुम लोगों का यहाँ आना असह्य है, किंतु गरज के बावले मनुष्य देखकर भी अनदेखी कर जाते हैं। दोनों सेठ विनय और शील की साक्षात् मूर्ति बन जाते। तिवारीजी ऐसे सरल बन जाते, मानो उन्हें कभी क्रोध आ ही नहीं सकता। इस कूटनीति के आगे विट्ठलदास की अक्ल कुछ काम न करती । एक दिन प्रातः काल विट्ठलदास इन्हीं चिंताओं में बैठे हुए थे कि एक फिटन आश्रम के द्वार पर आकर रुकी । उसमें से कौन लोग उतरे! अबुलवफा और अब्दुल्लतीफ । विट्ठलदास मन में तिलमिलाकर रह गए। अभी सेठों ही का रोना था कि एक और बला आ पड़ी। जी में तो आया कि दोनों को दुत्कार दूँ, पर धैर्य से काम लिया। अबुलवफा ने कहा - आदाब अर्ज है बंदानवाज ! आज कुछ तबीयत परेशान है क्या? वल्लाह आपका ईसार देखकर रूह को सरूर हो जाता है। खुशनसीब है वह कौम, जिसमें आप जैसे खादिम मौजूद हैं। एक हमारी खुदगरज, खुशनुमा कौम है, जिसे इन बातों का एहसास ही नहीं। जो लोग बड़े नेकनाम हैं, वह भी गरज से पाक नहीं, क्यों मुंशी अब्दुल्लतीफ साहब? अब्दुल्लतीफ - जनाब, हमारी कौम की कुछ न कहिए? खुदगरज, खुदफरोज, खुदमतलब, कजफहम, कजरौ, कजर्बी जो कहिए, थोड़ा है। बड़ों-बड़ों को देखिए, रंगे हुए सियार हैं, रिया का जामा पहने हुए। आपको जात मसदरे बरकात है। ऐसा मालूम होता है कि खुदाताला ने मलायक में से इंतखाब करके आपको इस खुशनसीब कौम पर नाजिल किया है । अबुलवफा - आपकी पाकनफसी दिलों पर ख्वामख्वाह असर डालती है। क्यों आपके यहाँ कुछ सोजनकारी और बेलबूटे के काम तो होते ही होंगे? मेरे एक दोस्त ने सोजनकारी की कई दर्जन चादरों की फरमाइश लिख भेजी है।
विट्ठलदास ने सुमन को विधवाश्रम में गुप्त रीति से रखा था। प्रबंधकारिणी सभा के किसी भी सदस्य को इत्तला न दी थी। आश्रम की विधवाओं से उसे विधवा बताया गया था, लेकिन अबुलवफा जैसे टोहियों से यह बात बहुत दिनों तक गुप्त न रही। उन्होंने हिरिया को ढूँढ़ निकाला और उससे सुमन का पता पूछ लिया । तब अपने अन्य रसिक मित्रों को भी इसकी सूचना दे दी। इसका परिणाम यह हुआ कि उन सज्जनों की आश्रम पर विशेष रीति से कृपादृष्टि होने लगी। कभी सेठ चिम्मनलाल आते, कभी सेठ बलभद्रदास, कभी पं. दीनानाथ विराजमान हो जाते । इन महानुभावों को अब आश्रम की सफाई और सजावट, उसकी आर्थिक दशा, उसके प्रबंध आदि विषयों से अद्भुत सहानुभूति हो गई थी । रात-दिन आश्रम की शुभकामना में मग्न रहते थे। विट्ठलदास बड़े संकट में पड़े हुए थे। कभी विचार करते कि इस पद से इस्तीफा दे दूँ। क्या मैंने ही इस आश्रम का जिम्मा लिया है? कमेटी में कितने ही आदमी हैं, जो इस काम को सँभाल सकते हैं। वह जैसा उचित समझेंगे, इसका प्रबंध करेंगे, मुझे अपनी आँखों से तो यह अत्याचार न देखना पड़ेगा। कभी सोचते, क्यों न एक दिन इन दुराचारियों को फटकारूँ? फिर जो कुछ होगा, देखा जाएगा, लेकिन जब शांत चित्त होकर देखते, तो उन्हें सब्र से काम लेने के सिवाय और कोई उपाय न सूझता। हाँ, उन लोगों से बड़ी रुखाई से बातचीत करते, उनके प्रस्तावों की उपेक्षा किया करते और अपने भावों से यह प्रकट करना चाहते थे कि मुझे तुम लोगों का यहाँ आना असह्य है, किंतु गरज के बावले मनुष्य देखकर भी अनदेखी कर जाते हैं। दोनों सेठ विनय और शील की साक्षात् मूर्ति बन जाते। तिवारीजी ऐसे सरल बन जाते, मानो उन्हें कभी क्रोध आ ही नहीं सकता। इस कूटनीति के आगे विट्ठलदास की अक्ल कुछ काम न करती । एक दिन प्रातः काल विट्ठलदास इन्हीं चिंताओं में बैठे हुए थे कि एक फिटन आश्रम के द्वार पर आकर रुकी । उसमें से कौन लोग उतरे! अबुलवफा और अब्दुल्लतीफ । विट्ठलदास मन में तिलमिलाकर रह गए। अभी सेठों ही का रोना था कि एक और बला आ पड़ी। जी में तो आया कि दोनों को दुत्कार दूँ, पर धैर्य से काम लिया। अबुलवफा ने कहा - आदाब अर्ज है बंदानवाज ! आज कुछ तबीयत परेशान है क्या? वल्लाह आपका ईसार देखकर रूह को सरूर हो जाता है। खुशनसीब है वह कौम, जिसमें आप जैसे खादिम मौजूद हैं। एक हमारी खुदगरज, खुशनुमा कौम है, जिसे इन बातों का एहसास ही नहीं। जो लोग बड़े नेकनाम हैं, वह भी गरज से पाक नहीं, क्यों मुंशी अब्दुल्लतीफ साहब? अब्दुल्लतीफ - जनाब, हमारी कौम की कुछ न कहिए? खुदगरज, खुदफरोज, खुदमतलब, कजफहम, कजरौ, कजर्बी जो कहिए, थोड़ा है। बड़ों-बड़ों को देखिए, रंगे हुए सियार हैं, रिया का जामा पहने हुए। आपको जात मसदरे बरकात है। ऐसा मालूम होता है कि खुदाताला ने मलायक में से इंतखाब करके आपको इस खुशनसीब कौम पर नाजिल किया है । अबुलवफा - आपकी पाकनफसी दिलों पर ख्वामख्वाह असर डालती है। क्यों आपके यहाँ कुछ सोजनकारी और बेलबूटे के काम तो होते ही होंगे? मेरे एक दोस्त ने सोजनकारी की कई दर्जन चादरों की फरमाइश लिख भेजी है।
हमें सदा सावधान रहना होगा। भारतवर्ष स्वाधीन होने के लिए भविष्य में किसी दिन लड़ाई करेगा इसी पर निर्भर होकर तुम निश्चिन्त बैठे हो। मैं कहता हूं, लड़ाई आरम्भ हो गई है, पल पल पर उद्योग चल रहा है। इस समय यदि तुम हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहो तो इससे बढ़कर कायरता और हो ही क्या सकतीं है ? विनय -- देखो गोरा तुमसे मेरा एक मतभेद है । मैं यह देखता हूँ कि हमारे देशमें जहाँ तहाँ जो काम बराबर हो रहा है और जो बहुत दिनोंसे होता है उसे तुम रोज रोज नई दृष्टिसे देख रहे हो । हम अपने श्वास-प्रश्वास - को जिस तरह भूले हुए हैं वैसे ही इन सबों को भी । इनसे हम न किसी तरहकी आशा करते हैं और न निराशा ही । इनसे न हमको सुख है न दुःख । समय बड़ी उदासीनता के साथ बीता जा रहा है। चारों ओर वेरमें पड़कर हम न अपनी ही बात सोच सकते हैं और अपने देशकी ही । एकाएक गोरा का मुँह लाल हो गया, मस्तक की नस तन गईं । वह बड़ी तेजी से एक गाड़ी वाले के पीछे अपनी तेज आवाज से सड़कके लोगोंको चकित करके बोला - "गाडीको रोकों ?" एक मोटा बाबू घड़ी चेन लगाये गाड़ी हाँकता जा रहा था। उसने एक बार पीछे फिर कर देखा । एक आदमीको दौड़ते हुए देख वह दोनों तेज घोड़ोंकों चाबुक मारकर पल भरमें गायव हो गया । एक बूढ़ा मुसलमान सिर पर एक टोकरीमैं फल तरकारी, अण्डारोटीद खाद्य सामग्री लिये जा रहा था । चेन चश्माधारी बाबूने उसको गाड़ीके सामनेसे हट जानेके लिये जोरसे पुकार कर कहा था । उसको वृद्धने न सुना, गाड़ी उसके ऊपरसे निकल जाती, परन्तु एक आदमीनेट उसका हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। इस तरह उसके प्राण तो वच गये। पर टोकरी उसके सिर परसे गिर पड़ी और उसमें की सभी चीजें इधर-उधर लुढ़क गईं। बावूने क्रुद्ध होकर कोचवक्स से घूम उसे डैम सुअर कहकर गालीं दी और तड़से उसके मुँह पर एक चाबुक जमा दिया और घोड़ों की रास ढीली कर दी। चाबुक की चोट से उसके सिर पर लोहू निकल आया । बुड्ढे ने अल्ला कहकर लम्बी साँस ली र जो चीजें खराब न हुई थीं, उन्हें चुनकर वह टोकरी में रखने लगा । गोरा आगे न बढ़ बिखरी हुई चीजों को बटोरकर उसकी टोकरी में रखने लगा । बूढ़े मुसलमानने सज्जन पथिक के इस व्यवहारसे अत्यन्त संकुचित होकर कहा- वा क्यों तकलीफ कर रहे हैं ? ये चीजें तो खराब हो गई ये किसी काम में न आयेंगी । गोरा भी इस कामको वश्यक समता था और वह यह भी जानता था कि जिसको मदद दी जा रही है वह सकुचा जा रहा है। ठोकरी भर जाने पर गोराने उससे कहा- जो चीज नुम्हारी नुक्सान हो गई है उसका दाम तुम्हें मालिक से न मिलेगा। इसलिए मेरे घर चलो, मैं पूरा दाम देकर तुमसे ये सब चीजें मोल ले लूँगा । किन्तु एक बात तुमसे कहे-सुने तुमने जो अपमान सह लिया है, अल्ला माफ न करेगा। जो कसूरवार होगा उसीको अल्ला सजा देगा, मुझे क्यों देगा ? गोरा - जो अन्याय सहता है वह भी दोषी है। क्योंकि न्याय - सहने ही से संसार में अन्य सृष्टि होती है या न सहने से कोई किसीके ऊपर अनुचित व्यवहार न कर सकेगा। मेरी बातका मतलब समझो इतना याद रक्खो कि सहिष्णुता गुण नहीं है उसे एक प्रकारका दोष ही समझो । सहनशील लोग दुष्टोंकी संख्या बढ़ाते हैं। तुम्हारे मुहम्मद साहब इस बातको जानते थे, इसीसे वे सहनशील बनकर धर्मका प्रचार नहीं करते थे । वहांसे गोराका घर पास न था, इसलिए वह बृद्ध मुसलमानकों विनय के घर ले गया । विनयकी टेबलके पास, दराज के सामने खड़े होकर उसने विनयसे कहा - रुपया निकालो । विनय - तुम इतने ब्यग्र क्यों होते हो ? बैठो, 'मैं श्रमी देता हूँ । ' यह कहकर विनय चाभी खोजने लगा, पर चाभी न मिली । गोराने कुञ्जी
हमें सदा सावधान रहना होगा। भारतवर्ष स्वाधीन होने के लिए भविष्य में किसी दिन लड़ाई करेगा इसी पर निर्भर होकर तुम निश्चिन्त बैठे हो। मैं कहता हूं, लड़ाई आरम्भ हो गई है, पल पल पर उद्योग चल रहा है। इस समय यदि तुम हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहो तो इससे बढ़कर कायरता और हो ही क्या सकतीं है ? विनय -- देखो गोरा तुमसे मेरा एक मतभेद है । मैं यह देखता हूँ कि हमारे देशमें जहाँ तहाँ जो काम बराबर हो रहा है और जो बहुत दिनोंसे होता है उसे तुम रोज रोज नई दृष्टिसे देख रहे हो । हम अपने श्वास-प्रश्वास - को जिस तरह भूले हुए हैं वैसे ही इन सबों को भी । इनसे हम न किसी तरहकी आशा करते हैं और न निराशा ही । इनसे न हमको सुख है न दुःख । समय बड़ी उदासीनता के साथ बीता जा रहा है। चारों ओर वेरमें पड़कर हम न अपनी ही बात सोच सकते हैं और अपने देशकी ही । एकाएक गोरा का मुँह लाल हो गया, मस्तक की नस तन गईं । वह बड़ी तेजी से एक गाड़ी वाले के पीछे अपनी तेज आवाज से सड़कके लोगोंको चकित करके बोला - "गाडीको रोकों ?" एक मोटा बाबू घड़ी चेन लगाये गाड़ी हाँकता जा रहा था। उसने एक बार पीछे फिर कर देखा । एक आदमीको दौड़ते हुए देख वह दोनों तेज घोड़ोंकों चाबुक मारकर पल भरमें गायव हो गया । एक बूढ़ा मुसलमान सिर पर एक टोकरीमैं फल तरकारी, अण्डारोटीद खाद्य सामग्री लिये जा रहा था । चेन चश्माधारी बाबूने उसको गाड़ीके सामनेसे हट जानेके लिये जोरसे पुकार कर कहा था । उसको वृद्धने न सुना, गाड़ी उसके ऊपरसे निकल जाती, परन्तु एक आदमीनेट उसका हाथ पकड़कर अपनी ओर खींच लिया। इस तरह उसके प्राण तो वच गये। पर टोकरी उसके सिर परसे गिर पड़ी और उसमें की सभी चीजें इधर-उधर लुढ़क गईं। बावूने क्रुद्ध होकर कोचवक्स से घूम उसे डैम सुअर कहकर गालीं दी और तड़से उसके मुँह पर एक चाबुक जमा दिया और घोड़ों की रास ढीली कर दी। चाबुक की चोट से उसके सिर पर लोहू निकल आया । बुड्ढे ने अल्ला कहकर लम्बी साँस ली र जो चीजें खराब न हुई थीं, उन्हें चुनकर वह टोकरी में रखने लगा । गोरा आगे न बढ़ बिखरी हुई चीजों को बटोरकर उसकी टोकरी में रखने लगा । बूढ़े मुसलमानने सज्जन पथिक के इस व्यवहारसे अत्यन्त संकुचित होकर कहा- वा क्यों तकलीफ कर रहे हैं ? ये चीजें तो खराब हो गई ये किसी काम में न आयेंगी । गोरा भी इस कामको वश्यक समता था और वह यह भी जानता था कि जिसको मदद दी जा रही है वह सकुचा जा रहा है। ठोकरी भर जाने पर गोराने उससे कहा- जो चीज नुम्हारी नुक्सान हो गई है उसका दाम तुम्हें मालिक से न मिलेगा। इसलिए मेरे घर चलो, मैं पूरा दाम देकर तुमसे ये सब चीजें मोल ले लूँगा । किन्तु एक बात तुमसे कहे-सुने तुमने जो अपमान सह लिया है, अल्ला माफ न करेगा। जो कसूरवार होगा उसीको अल्ला सजा देगा, मुझे क्यों देगा ? गोरा - जो अन्याय सहता है वह भी दोषी है। क्योंकि न्याय - सहने ही से संसार में अन्य सृष्टि होती है या न सहने से कोई किसीके ऊपर अनुचित व्यवहार न कर सकेगा। मेरी बातका मतलब समझो इतना याद रक्खो कि सहिष्णुता गुण नहीं है उसे एक प्रकारका दोष ही समझो । सहनशील लोग दुष्टोंकी संख्या बढ़ाते हैं। तुम्हारे मुहम्मद साहब इस बातको जानते थे, इसीसे वे सहनशील बनकर धर्मका प्रचार नहीं करते थे । वहांसे गोराका घर पास न था, इसलिए वह बृद्ध मुसलमानकों विनय के घर ले गया । विनयकी टेबलके पास, दराज के सामने खड़े होकर उसने विनयसे कहा - रुपया निकालो । विनय - तुम इतने ब्यग्र क्यों होते हो ? बैठो, 'मैं श्रमी देता हूँ । ' यह कहकर विनय चाभी खोजने लगा, पर चाभी न मिली । गोराने कुञ्जी
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
GORAKHPUR: मंडलीय कारागार में अचानक पहुंचे डीआईजी जेल ने बैरक खुलवाकर तलाशी ली। जांच पड़ताल के लिए डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ला करीब डेढ़ घंटे तक भीतर रहे। शताब्दी बैरक का जायजा लेकर बाहर निकले। जेल की व्यवस्था पर डीआईजी ने संतोष जताया। कहा कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। जेल की व्यवस्था ठीक चल रही है। मंडलीय कारागार के संबंध में तमाम सूचनाएं अफसरों को मिल रही हैं। मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के दोषी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि की वापसी से जेल फिर सुर्खियों में आ गई है। कुछ दिनों पहले राजनीतिक पहुंच वालों को विशेष सुविधा दिए जाने को लेकर बंदियों ने बवाल काटा था। भूख हड़ताल पर चले गए बंदियों को जेल प्रशासन ने बमुश्किल समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके अलावा एक प्रेमी के पेड़ पर चढ़ने को लेकर भी जेल चर्चा में रही। सभी मामलों की जानकारी अफसरों को लगातार मिल रही थी। गुरुवार की शाम करीब साढ़े छह बजे डीआईजी जेल अचानक पहुंचे। बैरकों को खुलवाकर उन्होंने तलाशी ली। जांच के दौरान शताब्दी बैरक में भी गए। अमरमणि के बैरक की जांच करके आवश्यक निर्देश दिए। करीब आठ बजे बाहर निकले डीआईजी ने जेल सुरक्षा और सुविधा को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए। जेल में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली। जेल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए है। बैरकों की तलाशी में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।
GORAKHPUR: मंडलीय कारागार में अचानक पहुंचे डीआईजी जेल ने बैरक खुलवाकर तलाशी ली। जांच पड़ताल के लिए डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ला करीब डेढ़ घंटे तक भीतर रहे। शताब्दी बैरक का जायजा लेकर बाहर निकले। जेल की व्यवस्था पर डीआईजी ने संतोष जताया। कहा कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली। जेल की व्यवस्था ठीक चल रही है। मंडलीय कारागार के संबंध में तमाम सूचनाएं अफसरों को मिल रही हैं। मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के दोषी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि की वापसी से जेल फिर सुर्खियों में आ गई है। कुछ दिनों पहले राजनीतिक पहुंच वालों को विशेष सुविधा दिए जाने को लेकर बंदियों ने बवाल काटा था। भूख हड़ताल पर चले गए बंदियों को जेल प्रशासन ने बमुश्किल समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके अलावा एक प्रेमी के पेड़ पर चढ़ने को लेकर भी जेल चर्चा में रही। सभी मामलों की जानकारी अफसरों को लगातार मिल रही थी। गुरुवार की शाम करीब साढ़े छह बजे डीआईजी जेल अचानक पहुंचे। बैरकों को खुलवाकर उन्होंने तलाशी ली। जांच के दौरान शताब्दी बैरक में भी गए। अमरमणि के बैरक की जांच करके आवश्यक निर्देश दिए। करीब आठ बजे बाहर निकले डीआईजी ने जेल सुरक्षा और सुविधा को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए। जेल में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं मिली। जेल अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए है। बैरकों की तलाशी में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।
छन्त्रीसवां दृश्य युद्ध के बीच ऐ माता मेरे स्वामी स्वर्ग सिधार गये । विधवा कर गये मुझ दुखिया को न जीती न मार गये । लुटा सव शृंगार । हाय मेरे० - ऐ माता अत्र इस दासी का रंज अलम गम दूर करो । शीश मंगादो मेरे पति का यह विनती मन्जूर करो ।। करदो अब मेरा भी उद्धार । हाय मेरे - तुम्हें यकीन दिलाने को मैं भुजा साथ यह लाई हूं। सती होऊगी साथ पति के निश्चय करके आई हूं । जीना है मेरा बेकार हाय मेरे०नाटक हाय, हाय, मेरे भाग्य का दीपक ठण्डा हो गया और पुत्र मुझे दोनों जहांन से खो गया । वह अपने आपको तो सब प्रकार के दुःखों से आजाद कर गये, परन्तु आपका बुढ़ापा और मेरी जवानी बिल्कुल वरबाद कर गये, पर खैर विधना को इसी भांति मँजूर था, इसमें न मेरा दोष और न आपका कसूर था। आप इतनी कृपा कीजिये, कि जिस प्रकार हो मेरे स्वामी का सिर मँगा दीजिए। ऐसा न हो कि मेरा साथ दूर निकल जाये ओर उनको दासो उनका मिलने भी न पाये । मन्दोदरी - ( सुलोचना को गले लगा कर) वेटी । मैं तुझे धैर्यदू अपने दुखित मन को समझाऊँ ? जरा आर्य संगीत रामायण मेरी श्रोर देख कि किस कदर घाव अपने हृदय में लिये बैठी हूं और कितने पुत्रों, पौत्रों, दुहित्रों तथा अन्य प्रिय सम्बन्धियों से सवर किये बैठी हूं, मानो कुल का कुल अपनी आंखों के सामने स्वाहा कर जहर का घूँट पीये बैठी हूं। परन्तु कैसा रंज और कहां का अफसोस, किस पर गिला और किसका दोप, मरने वाला तो मर गया किन्तु साथ मर कर किमी ने क्या कर लिया। दोनों दुखिया कहीं बैठकर ठण्डी गर्म आहें भर लिया करेंगी और एक दूसरी को देख कर तसल्ली कर लिया करेंगी। अपनी से बाज रहो और जो कुछ त्रिपदा पड़े उसे धैर्य एवं साहस के साथ सहो । सुलोचना-आपकी कृपा तथा मेहरवानी की मशकूर हूं, परन्तु आपकी आज्ञा मानने से मजबूर हूं। आप एक बार कहें या हजार दफा, नाराज हो अथवा खफा, मगर मैं अपने विचारों को कदापि नहीं बदल सकती और जो प्रतिज्ञा कर चुकी हूं, उससे कदापि नहीं टल सकती । मन्दोदरी - (रावण से) महाराज ! सुलोचना बड़ी देर से खड़ी रो रही है और मेघनाद का सिर मँगवाने के लिये हठी हो रही है। रावण- उसका सिर मंगवा कर क्या करेगी १ मन्दोदरी - क्या करेगी ? उसके साथ जल कर मरेगी । रावय्य - पहले तो उसका यह विचार ही वाहियात है, दूसरे इस
छन्त्रीसवां दृश्य युद्ध के बीच ऐ माता मेरे स्वामी स्वर्ग सिधार गये । विधवा कर गये मुझ दुखिया को न जीती न मार गये । लुटा सव शृंगार । हाय मेरेशून्य - ऐ माता अत्र इस दासी का रंज अलम गम दूर करो । शीश मंगादो मेरे पति का यह विनती मन्जूर करो ।। करदो अब मेरा भी उद्धार । हाय मेरे - तुम्हें यकीन दिलाने को मैं भुजा साथ यह लाई हूं। सती होऊगी साथ पति के निश्चय करके आई हूं । जीना है मेरा बेकार हाय मेरेशून्यनाटक हाय, हाय, मेरे भाग्य का दीपक ठण्डा हो गया और पुत्र मुझे दोनों जहांन से खो गया । वह अपने आपको तो सब प्रकार के दुःखों से आजाद कर गये, परन्तु आपका बुढ़ापा और मेरी जवानी बिल्कुल वरबाद कर गये, पर खैर विधना को इसी भांति मँजूर था, इसमें न मेरा दोष और न आपका कसूर था। आप इतनी कृपा कीजिये, कि जिस प्रकार हो मेरे स्वामी का सिर मँगा दीजिए। ऐसा न हो कि मेरा साथ दूर निकल जाये ओर उनको दासो उनका मिलने भी न पाये । मन्दोदरी - वेटी । मैं तुझे धैर्यदू अपने दुखित मन को समझाऊँ ? जरा आर्य संगीत रामायण मेरी श्रोर देख कि किस कदर घाव अपने हृदय में लिये बैठी हूं और कितने पुत्रों, पौत्रों, दुहित्रों तथा अन्य प्रिय सम्बन्धियों से सवर किये बैठी हूं, मानो कुल का कुल अपनी आंखों के सामने स्वाहा कर जहर का घूँट पीये बैठी हूं। परन्तु कैसा रंज और कहां का अफसोस, किस पर गिला और किसका दोप, मरने वाला तो मर गया किन्तु साथ मर कर किमी ने क्या कर लिया। दोनों दुखिया कहीं बैठकर ठण्डी गर्म आहें भर लिया करेंगी और एक दूसरी को देख कर तसल्ली कर लिया करेंगी। अपनी से बाज रहो और जो कुछ त्रिपदा पड़े उसे धैर्य एवं साहस के साथ सहो । सुलोचना-आपकी कृपा तथा मेहरवानी की मशकूर हूं, परन्तु आपकी आज्ञा मानने से मजबूर हूं। आप एक बार कहें या हजार दफा, नाराज हो अथवा खफा, मगर मैं अपने विचारों को कदापि नहीं बदल सकती और जो प्रतिज्ञा कर चुकी हूं, उससे कदापि नहीं टल सकती । मन्दोदरी - महाराज ! सुलोचना बड़ी देर से खड़ी रो रही है और मेघनाद का सिर मँगवाने के लिये हठी हो रही है। रावण- उसका सिर मंगवा कर क्या करेगी एक मन्दोदरी - क्या करेगी ? उसके साथ जल कर मरेगी । रावय्य - पहले तो उसका यह विचार ही वाहियात है, दूसरे इस
ईस्टर, Πάσχα ईसाई पूजन-वर्ष में सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक धार्मिक पर्व है। ईसाई धार्मिक ग्रन्थ के अनुसार, सूली पर लटकाए जाने के तीसरे दिन यीशु मरे हुओं में से पुनर्जीवित हो गए थे। इस मृतोत्थान को ईसाई ईस्टर दिवस या ईस्टर रविवार मानते हैं। (इसे वो मृतोत्थान दिवस या मृतोत्थान रविवार भी कहते हैं), ये दिन गुड फ्राईडे के दो दिन बाद और पुन्य बृहस्पतिवार या मौण्डी थर्सडे के तीन दिन बाद आता है। 26 और 36 ई.प. के बीच में हुई उनकी मृत्यु और उनके जी उठने के कालक्रम को अनेकों तरीके से बताया जाता है। ईस्टर को चर्च के वर्ष का काल या ईस्टर काल या द ईस्टर सीज़न भी कहा जाता है। परंपरागत रूप से ईस्टर काल चालीस दिनों का होता है। ये ईस्टर दिवस से लेकर स्वर्गारोहण दिवस तक होता आया है लेकिन आधिकारिक तौर पर अब ये पंचाशती तक पचास दिनों का होता है। ईस्टर सीज़न या ईस्टर काल के पहले सप्ताह को ईस्टर सप्ताह या ईस्टर अष्टक या ओक्टेव ऑफ़ ईस्टर कहते हैं। ईस्टर को चालीस सप्ताहों के काल या एक चालीसे के अंत के रूप में भी देखा जाता है, इस काल को उपवास, प्रार्थना और प्रायश्चित करने के लिए माना जाता है। ईस्टर एक गतिशील त्यौहार है, जिसका अर्थ है कि ये नागरिक कैलेंडर के अनुसार नहीं चलता. चेक गणराज्य (चेकः Česká republika or Česko) यूरोप महाद्वीप में स्थित एक देश है। इसकी उत्तर पूर्वी सीमा पर पोलैन्ड, पश्चिमी सीमा पर जर्मनी, दक्शिन मे ऑस्ट्रिया और पूर्व मे स्लोवाकिया है। इसकी राजधानी है प्राग। इसकी मुख्य- और राजभाषा है चेक भाषा। . एपिफेनी एक वेब ब्राउज़र है जो जीनोम डेस्कटॉप के लिए बनाई गई थी। इसकी अपनी कोई थीम (स्टाइल) नहीं है और यह जीनोम की थीम पर ही अपने विज़ेट दिखाती है। एपिफेनी में आरंभ में मोज़िला के गेको इंजन का इस्तेमाल करके वेब पृष्ठों को दिखाया जाता था। इसका अद्यतन संस्करण २.२६.३ है जो २९ जून २००९ को प्रकाशित की गई थी। यह लिनक्स, मैक तथा बीएसडी पर चलती है। श्रेणीःजाल सौम्योपकरण. डच के कई अर्थ हैं. देवी (ग़लत अनुवादः:en:Goddess) किसी भी देवता को कहते हैं जो स्त्री हो या जिसे स्त्री रूप में माना जाता हो। हिन्दू धर्म में कई देवियाँ हैं, जैसे दुर्गा, काली, सरस्वती, गंगा, लक्ष्मी और उनके अवतार जैसे सीता, राधा, आदि। देखियेः देवता। श्रेणीःहिन्दू धर्म श्रेणीःदेवी-देवता श्रेणीःरोमन धर्म श्रेणीःयूनानी धर्म श्रेणीःमिस्र का धर्म. (), संक्षिप्त नाम निसान, एक बहुराष्ट्रीय ऑटोनिर्माता जिनका मुख्यालय जापान में है। पहले यह निसान ग्रुप का मूल सदस्य था, लेकिन कार्लोस घोसन (सीईओ) की निगरानी में इसका पुनर्गठन हुआ और यह और अधिक स्वतंत्र हो गया। पहले यह डैटसन ब्रांड के नाम से वाहनों का विपणन किया करता था और यह दुनिया के सबसे बड़े कार निर्माताओं में एक है। अगस्त 2009 से, कंपनी का वैश्विक मुख्यालय निशि-कु, योकोहामा में स्थित है। 1999 में, निसान ने फ्रांस के रेनॉल्ट एस.ए. के साथ दोहरे गठबंधन में प्रवेश किया, जिसके पास निसान के 44.4% शेयर हैं जबकि 2008 से, निसान के पास रेनॉल्ट के 15% शेयर हैं। वर्तमान बाजार में निसान के शेयर होंडा और टोयोटा के साथ हैं, अमेरिका की ऑटो सेल्स एशिया में स्थित सबसे बड़ी मोटर कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती हैं जो ऐतिहासिक दृष्टि से अमेरिका में आधारित "प्रमुख तीन" जीएम, फोर्ड और क्रिसलर पर तेजी से अतिक्रमण कर रही हैं। अपने घरेलू बाजार में निसान तीसरे सबसे बड़े कार निर्माता हैं, कुछ कम अंतर पर होंडा दूसरे और एक बहुत ही प्रभावी रूप में टोयोटा का स्थान प्रथम है। अपनी सामान्य श्रेणी के मॉडलों के साथ, निसान इनफिनीटी ब्रांड जैसे विलासी मॉडलों का उत्पादन भी करती है। 14 सालों से लगातार V6 विन्यास के, निसान के VQ इंजन ने वार्ड के 10 सर्वश्रेष्ठ इंजनों में अपना विशेष स्थान बनाया है। विभिन्न बाजारों में इसके नाम का उच्चारण विभिन्न प्रकार से होता है। अमेरिका में, ब्रांड है, जबकि ब्रिटेन में यह है। जापानी में, यह है। . प्रतिरूप किसी वस्तु के रचना विन्यास में दिखाई पड़ने वाली नियमितता को कहते हैं। श्रेणीःकला श्रेणीःडिजाइन श्रेणीःसंरचना. पूर्णिमा पंचांग के अनुसार मास की 15वीं और शुक्लपक्ष की अंतिम तिथि है जिस दिन चंद्रमा आकाश में पूरा होता है। इस दिन का भारतीय जनजीवन में अत्यधिक महत्व हैं। हर माह की पूर्णिमा को कोई न कोई पर्व अथवा व्रत अवश्य मनाया जाता हैं। . बरमूडा उत्तर अटलांटिक महासागर में स्थित ब्रिटेन का प्रवासी क्षेत्र है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी तट पर मियामी (फ्लोरिडा) से महज 1770 किमी और हैलिफ़ैक्स, नोवा स्कोटिया, (कनाडा) के दक्षिण में 1350 किलोमीटर (840 मील) की दूरी पर स्थित है। यह सबसे पुराना और सबसे अधिक जनसंख्या वाला ब्रिटेन का प्रवासी क्षेत्र है। बरमुडा की आकाशीय तस्वीर, जिसमें सेंट डेविड और सेट जॉर्ज द्वीप दिखाई पड़ रहे हैं। बीच में बर्मूडा बर्मूडा के मानचित्र श्रेणीःदेश श्रेणीःउत्तर अमेरिका. बुल्गारिया दक्षिण-पूर्व यूरोप में स्थित देश है, जिसकी राजधानी सोफ़िया है। देश की सीमाएं उत्तर में रोमानिया से, पश्चिम में सर्बिया और मेसेडोनिया से, दक्षिण में ग्रीस और तुर्की से मिलती हैं। पूर्व में देश की सीमाएं काला सागर निर्धारित करती है। कला और तकनीक के अलावा राजनैतिक दृष्टि से भी बुल्गारिया का वजूद पाँचवीं सदी से नजर आने लगता है। पहले बुल्गारियन साम्राज्य (632/681 - 1018) ने न केवल बाल्कन क्षेत्र बल्कि पूरे पूर्वी यूरोप को अनेक तरह से प्रभावित किया। बुल्गारियन साम्राज्य के पतन के बाद इसे ओटोमन शासन के अधीन कर दिया। 1877-78 में हुए रुस-तुर्की युद्ध ने बुल्गारिया राज्य को पुनः स्थापित करने में मदद की। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बुल्गारिया साम्यवादी राज्य और पूर्वी ब्लाक का हिस्सा बन गया। 1989 में क्रांति के बाद 1990 में साम्यवादियों का सत्ता से एकाधिकार समाप्त हो गया और देश संसदीय गणराज्य के रूप में आगे बढ़ने लगा। यह देश 2004 से नाटो का और 2007 से यूरोपियन यूनियन का सदस्य है। . बिड् जिले में कपिल्ढर् है बीड (मराठीः बीड बीड, उर्दूः بیڑ बीर) एक शहर और भारत के मध्य महाराष्ट्र राज्य में स्थित एक ही नाम के जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है। 2001 की जनगणना के अनुसार, यह 138,091 की आबादी के साथ जिले में सबसे बड़ा शहरी क्षेत्र है. मन्दिर भारतीय धर्मों (सनातन धर्म, जैन धर्म, बौद्ध धर्म, सिख धर्म आदि) हिन्दुओं के उपासनास्थल को मन्दिर कहते हैं। यह अराधना और पूजा-अर्चना के लिए निश्चित की हुई जगह या देवस्थान है। यानी जिस जगह किसी आराध्य देव के प्रति ध्यान या चिंतन किया जाए या वहां मूर्ति इत्यादि रखकर पूजा-अर्चना की जाए उसे मन्दिर कहते हैं। मन्दिर का शाब्दिक अर्थ 'घर' है। वस्तुतः सही शब्द 'देवमन्दिर', 'शिवमन्दिर', 'कालीमन्दिर' आदि हैं। और मठ वह स्थान है जहां किसी सम्प्रदाय, धर्म या परंपरा विशेष में आस्था रखने वाले शिष्य आचार्य या धर्मगुरु अपने सम्प्रदाय के संरक्षण और संवर्द्धन के उद्देश्य से धर्म ग्रन्थों पर विचार विमर्श करते हैं या उनकी व्याख्या करते हैं जिससे उस सम्प्रदाय के मानने वालों का हित हो और उन्हें पता चल सके कि उनके धर्म में क्या है। उदाहरण के लिए बौद्ध विहारों की तुलना हिन्दू मठों या ईसाई मोनेस्ट्रीज़ से की जा सकती है। लेकिन 'मठ' शब्द का प्रयोग शंकराचार्य के काल यानी सातवीं या आठवीं शताब्दी से शुरु हुआ माना जाता है। तमिल भाषा में मन्दिर को कोईल या कोविल (கோவில்) कहते हैं। . मसीहा इब्राहीमी धर्मों में आत्मा को पाप से मोक्ष दिलाने वाला या मुक्तिदाता है। मसीहा का मूल यहूदी धर्म और हिब्रू बाइबिल में है। उसके अनुसार मसीहा वह मनुष्य है जो दाऊद और सुलेमान के वंश का है और यहूदियों का मुख्य पुजारी है। साथ ही उसका अभिषेक पवित्र तेल से किया गया हो। ऐसी मान्यता है कि वह अपने भविष्य के आगमन में पूर्व निर्धारित चीजों को पूरा करेगा। ईसाई धर्म में ईसा को मसीहा माना जाता है। इस मान्यता में ईसा को ईश्वरपुत्र माना गया है और यह भी माना जाता है कि हिब्रू बाइबिल में लिखित भविष्यवाणी को उन्होंने पूरा कर दिया है। साथ में यह भी मान्यता है कि ईसा दोबारा आएंगे और बाकी भविष्यवाणियों को पूरा करेंगे। इस्लाम में ईसा को पैगम्बर के साथ-साथ मसीहा माना गया है। ऐसी मान्यता है कि ईसा क़यामत के दिन लौट कर आएंगे और महदी के साथ नकली मसीहा पराजित करेंगे। . यहूदी जाति 'यहूदी' का मौलिक अर्थ है- येरूशलेम के आसपास के 'यूदा' नामक प्रदेशें का निवासी। यह प्रदेश याकूब के पुत्र यूदा के वंश को मिला था। बाइबिल में 'यहूदी' के निम्नलिखित अर्थ मिलते हैं- याकूब का पुत्र यहूदा, उनका वंश, उनकर प्रदेश, कई अन्य व्यक्तियों के नाम। यूदा प्रदेश (Kingdom of Juda) के निवासी प्राचीन इजरायल के मुख्य ऐतिहासिक प्रतिनिधि बन गए थे, इस कारण समस्त इजरायली जाति के लिये यहूदी शब्द का प्रयोग होने लगा। इस जाति का मूल पुरूष अब्राहम थे, अतः वे 'इब्रानी' भी कहलाते हैं। याकूब का दूसरा नाम था इजरायल, इस कारण 'इब्रानी' और 'यहूदी' के अतिरक्ति उन्हें 'इजरायली' भी कहा जाता है। यहूदी धर्म को मानने वालों को यहूदी (en:Jew) कहा जाता है। यहूदियों का निवास स्थान पारंपरिक रूप से पश्चिम एशिया में आज के इसरायल को माना जाता है जिसका जन्म १९४७ के बाद हुआ। मध्यकाल में ये यूरोप के कई क्षेत्रों में रहने लगे जहाँ से उन्हें उन्नीसवीं सदी में निर्वासन झेलना पड़ा और धीरे-धीरे विस्थापित होकर वे आज मुख्यतः इसरायल तथा अमेरिका में रहते हैं। इसरायल को छोड़कर सभी देशों में वे एक अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में रहते हैं। इन्का मुख्य काम व्यापार है। यहूदी धर्म को इसाई और इस्लाम धर्म का पूर्ववर्ती कहा जा सकता है। इन तीनों धर्मों को संयुक्त रूप से 'इब्राहिमी धर्म' भी कहते हैं। अल्लाह ने यहूदियों के बारे में पवित्र कुरान में कहा "ऐ बनी इसराइल मेरी उन नेअमतों को याद करो जो मैंने पहले तुम्हें दी और ये (भी तो सोचो) कि हमने तुमको सारे जहाँन के लोगों से बढ़ा दिया" (Sura 2-47) "और अपनी क़ौम से उन लोगों की हालत तो तुम बखू़बी जानते हो जो शम्बे (सनीचर) के दिन अपनी हद से गुज़र गए (कि बावजूद मुमानिअत शिकार खेलने निकले) तो हमने उन से कहा कि तुम राइन्दे गए बन्दर बन जाओ (और वह बन्दर हो गए)" (Sura2-65) "फिर तुममें से थोड़े आदमियों के सिवा (सब के सब) फिर गए और तुम लोग हो ही इक़रार से मुँह फेरने वाले.और (वह वक़्त याद करो) जब हमने तुम (तुम्हारे बुजुर्गों) से अहद लिया था कि आपस में खू़रेजि़याँ न करना और न अपने लोगों को शहर बदर करना तो तुम (तुम्हारे बुजुर्गों) ने इक़रार किया था और तुम भी उसकी गवाही देते हो .(कि हाँ ऐसा हुआ था) फिर वही लोग तो तुम हो कि आपस में एक दूसरे को क़त्ल करते हो और अपनों से एक जत्थे के नाहक़ और ज़बरदस्ती हिमायती बनकर दूसरे को शहर बदर करते हो (और लुत्फ़ तो ये हैं कि) अगर वही लोग क़ैदी बनकर तम्हारे पास (मदद माँगने) आए तो उनको तावान देकर छुड़ा लेते हो हालाँकि उनका निकालना ही तुम पर हराम किया गया था तो फिर क्या तुम (किताबे खु़दा की) बाज़ बातों पर ईमान रखते हो और बाज़ से इन्कार करते हो बस तुम में से जो लोग ऐसा करें उनकी सज़ा इसके सिवा और कुछ नहीं कि जि़न्दगी भर की रूसवाई हो और (आखि़रकार) क़यामत के दिन सख़्त अज़ाब की तरफ लौटा दिये जाए और जो कुछ तुम लोग करते हो खु़दा उससे ग़ाफि़ल नहीं है" (Sura 2-83,84,85) "और तुम्हारे पास मूसा तो वाज़ेए व रौशन मौजिज़े लेकर आ ही चुके थे फिर भी तुमने उनके बाद बछड़े को खु़दा बना ही लिया और उससे तुम अपने ही ऊपर ज़ुल्म करने वाले थे"(Sura2-92) "बनी इसराईल मेरी उन नेअमतों को याद करो जो मैंनं तुम को दी हैं और ये कि मैंने तुमको सारे जहाँन पर फज़ीलत दी " (Sura 2-122) "बेशक हम ने तौरेत नाजि़ल की जिसमें (लोगों की) हिदायत और नूर (ईमान) है उसी के मुताबिक़ ख़ुदा के फ़रमाबरदार बन्दे (अम्बियाए बनी इसराईल) यहूदियों को हुक्म देते रहे और अल्लाह वाले और उलेमाए (यहूद) भी किताबे ख़ुदा से (हुक्म देते थे) जिसके वह मुहाफि़ज़ बनाए गए थे और वह उसके गवाह भी थे बस (ऐ मुसलमानों) तुम लोगों से (ज़रा भी) न डरो (बल्कि) मुझ ही से डरो और मेरी आयतों के बदले में (दुनिया की दौलत जो दर हक़ीक़त बहुत थोड़ी क़ीमत है) न लो और (समझ लो कि) जो ख़्स ख़ुदा की नाजि़ल की हुयी (किताब) के मुताबिक़ हुक्म न दे तो ऐसे ही लोग काफि़र हैं" (Sura 5-44) "(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं तुम्हें ख़ुदा के नज़दीक सज़ा में इससे कहीं बदतर ऐब बता दॅू (अच्छा लो सुनो) जिसपर ख़ुदा ने लानत की हो और उस पर ग़ज़ब ढाया हो और उनमें से किसी को (मसख़ करके) बन्दर और (किसी को) सूअर बना दिया हो और (ख़ुदा को छोड़कर) शैतान की परस्तिश की हो बस ये लोग दरजे में कहीं बदतर और राहे रास्त से भटक के सबसे ज़्यादा दूर जा पहँचे हैं " (Sura 5-60) "यहूद तो कहते हैं कि अज़ीज़ ख़़ुदा के बेटे हैं और नुसैरा कहते हैं कि मसीहा (ईसा) ख़़ुदा के बेटे हैं ये तो उनकी बात है और (वह ख़ुद) उन्हीं के मुँह से ये लोग भी उन्हीं काफि़रों की सी बातें बनाने लगे जो उनसे पहले गुज़र चुके हैं ख़़ुद उनको क़त्ल (तहस नहस) करके (देखो तो) कहाँ से कहाँ भटके जा रहे हैं" (Sura 9-30) "ऐ बनी इसराइल हमने तुमको तुम्हारे दुश्मन (के पंजे) से छुड़ाया और तुम से (कोहेतूर) के दाहिने तरफ का वायदा किया और हम ही ने तुम पर मन व सलवा नाजि़ल किया.और (फ़रमाया) कि हमने जो पाक व पाक़ीज़ा रोज़ी तुम्हें दे रखी है उसमें से खाओ (पियो) और उसमें (किसी कि़स्म की) शरारत न करो वरना तुम पर मेरा अज़ाब नाजि़ल हो जाएगा और (याद रखो कि) जिस पर मेरा ग़ज़ब नाजि़ल हुआ तो वह यक़ीनन गुमराह (हलाक) हुआ " (Sura 20-80,81) "और हमने बनी इसराईल को किताब (तौरेत) और हुकूमत और नबूवत अता की और उन्हें उम्दा उम्दा चीज़ें खाने को दीं और उनको सारे जहाँन पर फ़ज़ीलत दी.और उनको दीन की खुली हुई दलीलें इनायत की तो उन लोगों ने इल्म आ चुकने के बाद बस आपस की जि़द में एक दूसरे से एख़्तेलाफ़ किया कि ये लोग जिन बातों से एख़्तेलाफ़ कर रहें हैं क़यामत के दिन तुम्हारा परवरदिगार उनमें फैसला कर देगा" (Sura 45-16,17) . युक्रेन पूर्वी यूरोप में स्थित एक देश है। इसकी सीमा पूर्व में रूस, उत्तर में बेलारूस, पोलैंड, स्लोवाकिया, पश्चिम में हंगरी, दक्षिणपश्चिम में रोमानिया और माल्दोवा और दक्षिण में काला सागर और अजोव सागर से मिलती है। देश की राजधानी होने के साथ-साथ सबसे बड़ा शहर भी कीव है। युक्रेन का आधुनिक इतिहास 9वीं शताब्दी से शुरू होता है, जब कीवियन रुस के नाम से एक बड़ा और शक्तिशाली राज्य बनकर यह खड़ा हुआ, लेकिन 12 वीं शताब्दी में यह महान उत्तरी लड़ाई के बाद क्षेत्रीय शक्तियों में विभाजित हो गया। 19वीं शताब्दी में इसका बड़ा हिस्सा रूसी साम्राज्य का और बाकी का हिस्सा आस्ट्रो-हंगेरियन नियंत्रण में आ गया। बीच के कुछ सालों के उथल-पुथल के बाद 1922 में सोवियत संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक बना। 1945 में यूक्रेनियाई एसएसआर संयुक्त राष्ट्रसंघ का सह-संस्थापक सदस्य बना। सोवियत संघ के विघटन के बाद युक्रेन फिर से स्वतंत्र देश बना। . 16वीं शताब्दी के प्रारंभ में समस्त पश्चिमी यूरोप धार्मिक दृष्टि से एक था - सभी ईसाई थे; सभी रोमन काथलिक चर्च के सदस्य थे; उसकी परंपरगत शिक्षा मानते थे और धार्मिक मामलों में उसके अध्यक्ष अर्थात् रोम के पोप का शासन स्वीकार करते थे। यूरोपीय धर्मसुधार अथवा रिफॉरमेशन 16वीं शताब्दी के उस महान आंदोलन को कहते हैं जिसके फलस्वरूप पाश्चात्य ईसाइयों की यह एकता छिन्न-भिन्न हुई और प्रोटेस्टैंट धर्म का उदय हुआ। चर्च के इतिहस में समय-समय पर सुधारवादी आंदोलन होते रहे किंतु वे चर्च के धार्मिक सिद्धातों अथवा उसके शासकों को चुनौती न देकर उनके निर्देश के अनुसार ही नैतिक बुराइयों का उन्मूलन तथा धार्मिक शिक्षा का प्रचार अपना उद्देश्य मानते थे। 16वीं शताब्दी में जो सुधार का आंदोलन प्रवर्तित हुआ वह शीघ्र ही चर्च की परंपरागत शिक्षा और उसके शासकों के अधिकार, दोनों का विरोध करने लगा। धर्मसुधार आंदोलन के परिणामस्वरूप यूरोप में कैथोलिक सम्प्रदाय के साथ-साथ लूथर सम्प्रदाय, कैल्विन सम्प्रदाय, एंग्लिकन सम्प्रदाय और प्रेसबिटेरियन संप्रदाय प्रचलित हो गये। . एक मोजेक यीशु या यीशु मसीहईसा, यीशु और मसीह नाम हेतु पूरी चर्चा इस लेख के वार्ता पृष्ठ पर है। प्रचलित मान्यता के विरुद्ध, ईसा एक इस्लामी शब्दावली है, व "यीशु" सही ईसाई शब्दावली है। तथा मसीह एक उपादि है। विस्तृत चर्चा वार्ता पृष्ठ पर देखें। (इब्रानीःयेशुआ; अन्य नामःईसा मसीह, जीसस क्राइस्ट), जिन्हें नासरत का यीशु भी कहा जाता है, ईसाई धर्म के प्रवर्तक हैं। ईसाई लोग उन्हें परमपिता परमेश्वर का पुत्र और ईसाई त्रिएक परमेश्वर का तृतीय सदस्य मानते हैं। ईसा की जीवनी और उपदेश बाइबिल के नये नियम (ख़ास तौर पर चार शुभसन्देशोंः मत्ती, लूका, युहन्ना, मर्कुस पौलुस का पत्रिया, पत्रस का चिट्ठियां, याकूब का चिट्ठियां, दुनिया के अंत में होने वाले चीजों का विवरण देने वाली प्रकाशित वाक्य) में दिये गये हैं। यीशु मसीह को इस्लाम में ईसा कहा जाता है, और उन्हें इस्लाम के भी महानतम पैग़म्बरों में से एक माना जाता है। . लातीना (Latina लातीना) प्राचीन रोमन साम्राज्य और प्राचीन रोमन धर्म की राजभाषा थी। आज ये एक मृत भाषा है, लेकिन फिर भी रोमन कैथोलिक चर्च की धर्मभाषा और वैटिकन सिटी शहर की राजभाषा है। ये एक शास्त्रीय भाषा है, संस्कृत की ही तरह, जिससे ये बहुत ज़्यादा मेल खाती है। लातीना हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार की रोमांस शाखा में आती है। इसी से फ़्रांसिसी, इतालवी, स्पैनिश, रोमानियाई और पुर्तगाली भाषाओं का उद्गम हुआ है (पर अंग्रेज़ी का नहीं)। यूरोप में ईसाई धर्म के प्रभुत्व की वजह से लातीना मध्ययुगीन और पूर्व-आधुनिक कालों में लगभग सारे यूरोप की अंतर्राष्ट्रीय भाषा थी, जिसमें समस्त धर्म, विज्ञान, उच्च साहित्य, दर्शन और गणित की किताबें लिखी जाती थीं। . लाल सागर लाल सागर अफ्रीका एवं एशिया के बीच हिंद महासागर का एक नमकीन पानी की एक खाड़ी हैं। दक्षिण में अदन की खाड़ी से लाल सागर हिंद महासागर से मिलता है। इसका पानी लाल नहीं है, हाँलांकि, समुद्री सतह पर प्रवाल की मौसमी उपस्थिति के कारण यह कभी-कभी लाल दिखता है। लगभग 2250 किलोमीटर लंबाई के इस समुद्री विस्तार की औसत गहराई 490 मीटर है तथा सबसे चौड़े स्थान पर इसके तटों के बीच 355 किलोमीटर की दूरी है। मिस्र और अरब-इस्राइल को पृथक करने वाले इस सागर को बाईबल तथा हिब्रू ग्रंथों में वर्णित सागर का यथार्थ माना जाता है। . सर्बिया का झंडा सर्बिया (सर्बियाईः या) एक देश है। . right सर्बिया देश में बोली जाने वाली भाषा को सर्बियाई भाषा कहते हैं। . प्राचीन काल की सामी भाषाओँ का फैलाव सामी भाषाएँ या सॅमॅटिक भाषाएँ २७ करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषाओँ का एक भाषा परिवार है जो स्वयं सामी-हामी भाषा-परिवार की एक उपशाखा है। यह भाषाएँ मध्य पूर्व, उत्तर अफ़्रीका और अफ़्रीका के सींग के क्षेत्रों में बोली जाती हैं। सब से अधिक बोली जाने वाली सामी भाषा अरबी है, जिसे २० करोड़ से अधिक लोग अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं। इसके आलावा अम्हारिक (२.७ करोड़), तिग्रिन्या (६७ लाख), इब्रानी (५० लाख) और आरामाईक (२२ लाख) कुछ अन्य प्रचलित सामी भाषाएँ हैं।, Anatole Lyovin, Oxford University Press US, 1997, ISBN 978-0-19-508116-9 सामी भाषाओं को इतिहास में बहुत ही जल्दी लिखित रूप में देखा गया था। सन् ३००० ईसापूर्व में सुमेर सभ्यता द्वारा विकसित अंकन लिपि (क्यूनीफ़ॉर्म) का प्रयोग एब्लाई और अक्कादी भाषाओँ के लिए आरम्भ हो गया जो सामी भाषाएँ थीं। सामी भाषाएँ अब इब्रानी, सीरियाई, अरबी और गेएज़ लिपि में लिखी जाती हैं। इनमें अक्सर स्वरों को प्रयोग नहीं किया जाता क्योंकि अधिकतर सामी भाषाओं में अर्थ व्यंजनों से ही आता है। हिन्द-यूरोपीय भाषाओँ (जैसे कि हिन्दी) और सामी भाषाओं में एक बड़ा अंतर यह है कि हिन्द-यूरोपीय भाषाओं में ज़्यादातर हर शब्द की एक जड़ होती है जिसके आगे-पीछे अक्षर जोड़कर उसका अर्थ परिवर्तित किया जाता है। उदाहरण के लिए 'लिख' जड़ में अक्षर जोड़कर 'लिखाई', 'लिखो', 'लिखना', 'लिखा', इत्यादि बनते हैं। सामी भाषाओं में जड़े आम तौर पर तीन व्यंजनों का समूह होती हैं जिनके बीच में स्वर भरकर उनका अर्थ परिवर्तित किया जाता है। उदाहरण के लिए अरबी मेंः किताब (पुस्तक), कुतुब (पुस्तकें), कातिब (लेखक), कुत्ताब (कई लेखक), कतबा (उसने लिखा), याकतुबू (वह लिखता है)। इसमें क-त-ब के व्यंजनों के बीच में स्वर बदलकर मतलब बदले जा रहें हैं।, Nizar Y. Habash, pp. स्लोवाक विश्व की एक प्रमुख भाषा है। . स्लोवाकिया युरोप महाद्वीप मे स्थित एक देश है। चेकोस्लोवाकिया से अलग होने के बाद इस गणराज्य का निर्माण हुआ था। यहाँ की राजधानी ब्रातिस्लावा है। . स्लोवेनिया (Slovenia), आधिकारिक तौर पर 'स्लोवेनिया गणराज्य', मध्य यूरोप में स्थित आल्प्स पर्वत से लगा हुआ भूमध्य की सीमा से लगा देश है। स्लोवेनिया की सीमा पश्चिम में इटली, दक्षिण-पश्चिम में एड्रियाटिक सागर, दक्षिण और पूर्व में क्रोएशिया, उत्तर-पूर्व में हंगरी और उत्तर में आस्ट्रिया स्थित है। देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर ल्युब्ल्याना है। स्लोवेनिया 20,273 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ देश है, जिसकी जनसंख्या लगभग 20 लाख है। स्लोवेनिया का 40% अंदरूनी भू-भाग उठा हुआ पर्वतीय और पठारीय है। स्लोवेनिया का सबसे ऊंचा शिखर माउंट त्रिग्लेव 2,864 मीटर (9,396 फीट) और सबसे निचली बिंदु समुद्र तल पर एड्रियाटिक सागर है। देश की बहुसंख्यक जनसंख्या स्लोवेनियाई भाषा का प्रयोग करती है, जो देश की आधिकारिक भाषा भी है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर संरक्षित भाषा हंगरी और इटालियन है। . सौम (صوم) और बहुवचन सियाम (صيام) अरबी भाषा के शब्द हैं। उपवास को अरबी में "सौम" कहते हैं। रमज़ान के पवित्र माह में रखे जाने वाले उपवास ही "सौम" हैं। उर्दू और फ़ारसी भाषा में सौम को "रोज़ा" कहते हैं। इस्लाम के पाँच मूलस्थंबों में से एक सौम है। . सीरिया ("'سوريّة"'. or), आधिकारिक रूप से सीरियाई अरब गणराज्य (अरबीः الجمهورية العربية السورية), दक्षिण-पश्चिम एशिया का एक राष्ट्र है। इसके पश्चिम में लेबनॉन तथा भूमध्यसागर, दक्षिण-पश्चिम में इजराइल, दक्षिण में ज़ॉर्डन, पूरब में इराक़ तथा उत्तर में तुर्की है। इसराइल तथा इराक़ के बीच स्थित होने के कारण यह मध्य-पूर्व का एक महत्वपूर्ण देश है। इसकी राजधानी दमास्कस है जो उमय्यद ख़िलाफ़त तथा मामलुक साम्राज्य की राजधानी रह चुका है। अप्रैल 1946 में फ्रांस से स्वाधीनता मिलने के बाद यहाँ के शासन में बाथ पार्टी का प्रभुत्व रहा है। 1963 से यहाँ आपातकाल लागू है जिसके कारण 1970 के बाद से यहाँ के शासक असद परिवार के लोग होते हैं। . यह लेख सनातन धर्म के संस्कार में जोड़ा या पुनर्निर्देशित किया जा सकता है। हिन्दू धर्म की महान आध्यात्मिक विरासत सफल और सार्थक यात्रा के लिए जहाँ यात्रा के काम आने वाले उपकरण-अटैची, बिस्तर, पानी पीने के बर्तन आदि आवश्यक होते हैं, वही यह जानना भी, कि यात्रा किस उद्देश्य से की जा रही है? रास्ता क्या है? मार्ग में कहाँ-किस तरह की भौगोलिक समस्याएँ आयेंगी तथा किन लोगों को मार्गदर्शन उपयोग रहेगा? इन जानकारियों के अभाव में सुविधा-सम्पन्न यात्रा तो दूर अनेक अवरोध और संकट उठ खड़े हो सकते हैं। मनुष्य का जीवन भी विराट यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उसमें मात्र सुख-सुविधा संवर्धन तक ही सीमित रह जाने वाले मार्ग में भटकते दुःख भोगते और पश्चात्ताप की आग में जलते हुए संसार से विदा होते हैं। . हिब्रू या यहूदी कैलेंडर (हा-लूहा हा-इवरी) मुख्य रूप से यहूदी धर्मों के लिए आज इस्तेमाल किया जाने वाला एक lunisolar कैलेंडर है। यह यहूदी अवकाशों और टोरा भागों, यारीज़ित (एक रिश्तेदार की मृत्यु को मनाने के लिए तिथियाँ) के उचित सार्वजनिक पढ़ने की तारीखें, और कई समारोहों के बीच दैनिक स्मारक रीडिंग, निर्धारित करता है। इसराइल में, यह धार्मिक उद्देश्यों के लिए प्रयोग किया जाता है। . हंगरी (हंगेरियाईः Magyarország), आधिकारिक तौर पर हंगरी गणराज्य (हंगेरियाईः Magyar Köztársaság, शाब्दिक अर्थ "हंगरी गणराज्य"), मध्य यूरोप के पैनोनियन बेसिन में स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है। इसके उत्तर में स्लोवाकिया, पूर्व में यूक्रेन और रोमानिया, दक्षिण में सर्बिया और क्रोएशिया, दक्षिण पश्चिम में स्लोवेनिया और पश्चिम में ऑस्ट्रिया स्थित है। इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर बुडापेस्ट है। हंगरी, यूरोपीय संघ, नाटो, ओईसीडी और विसेग्राद समूह का सदस्य है और एक शेंगन राष्ट्र है। इसकी आधिकारिक भाषा हंगेरियाई है, जो फिन्नो-उग्रिक भाषा परिवार का हिस्सा है और यूरोप में सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली गैर भारोपीय भाषा है। हंगरी दुनिया के तीस सबसे अधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है और प्रति वर्ष लगभग 8.6 लाख पर्यटकों (2007 के आँकड़े) को आकर्षित करता है। देश में विश्व की सबसे बड़ी गर्म जल की गुफा प्रणाली स्थित है और गर्म जल की सबसे बड़ी झीलों में से एक हेविज़ झील यहीं पर स्थित है। इसके साथ मध्य यूरोप की सबसे बड़ी झील बलातोन झील भी यहीं पर है और यूरोप के सबसे बड़े प्राकृतिक घास के मैदान होर्टोबैगी भी हंगरी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। हंगरी की सरकार एक संसदीय गणतंत्र है, जिसे 1989 में स्थापित किया गया था। हंगरी की अर्थव्यवस्था एक उच्च-आय अर्थव्यवस्था है और कुछ क्षेत्रों में यह एक क्षेत्रीय अगुआ है। . जड़ (वनस्पति) आम के वृक्ष का जड़ पौधे का वह भाग जो जमीन के अन्दर मुलांकुर से विकसित होकर प्रवेश करता है तथा प्रकाश के विपरीत जाता है, जड़ या मूल (root) कहलाता है। . जूलियन कैलेंडर प्राचीन प्रकार का रोमन सौर कैलेंडर था जो ये दोषपूर्ण था। इसकी जगह आज ग्रेगोरी कैलेंडर चलता है श्रेणीःकैलंडर. जूलूस एक जनसमूह या भीड़ को कहते हैं जिसका उद्येश्य प्रायः प्रदर्शन करना होता है। जूलूस नाम का एक उपन्यास भी है जिसके रचायिता फणीश्वर नाथ रेणु हैं - जूलूस (उपन्यास)। श्रेणीःचलना श्रेणीःसमारोह. ईसाई वो व्यक्ति है जो ईसाई धर्म को मानता है। ईसाइयों कई साम्प्रदायों में बटे हैं, जैसे रोमन कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट और ऑर्थोडॉक्स। देखियेः ईसाई धर्म। श्रेणीःईसाई धर्म. घंटा समय की एक इकाई है। एक घंटे में ६० मिनट होते हैं। एक मिनट में ६० सैकंड होते हैं। 1 मिनट . एक वर्ष या साल सूर्य की चारों ओर अपनी कक्षा में चलती पृथ्वी की कक्षीय अवधि है। पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण, एक वर्ष का कोर्स ऋतुओं के गुजरने को देखता है, और वह चिन्हित होता हैं मौसम में, दिवालोक के घंटों में, और परिणामस्वरूप, वनस्पति और मिट्टी उर्वरता में बदलावों द्वारा। ग्रह के शीतोष्ण और उपध्रुवीय क्षेत्रों में, चार ऋतु आमतौर पर पहचाने जाते हैंः वसंत, ग्रीष्म, शरद और शीत ऋतु। उष्णकटिबन्धीय और उपोष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में, कई भौगोलिक क्षेत्र परिभाषित मौसम प्रस्तुत नहीं करते हैं; लेकिन मौसमी उष्णकटिबन्ध में, वार्षिक आर्द्र (गीले) और शुष्क (सूखे) ऋतु पहचाने जाते हैं और ट्रैक किए जाते हैं। चालू वर्ष है। एक कालदर्शक वर्ष किसी प्रदत्त कालदर्शक में गिने हुएँ पृथ्वी की कक्षीय अवधि के दिनों की संख्या का अनुमान है। ग्रेगोरियन, या आधुनिक, कालदर्शक, अपने कालदर्शक के रूप में 365 दिनों के एक आम वर्ष या 366 दिनों के अधिवर्ष को प्रस्तुत करता है, जो जूलियन कालदर्शक भी करते हैं; नीचे देखो। . विजय कृष्णा आचार्य, हिंदी चलचित्र निर्देशक, गीतकार, संवाद लेखक एवं पटकथा लेखक हैं। इनका दूसरा नाम विक्टर भी है। विजय कृष्णा आचार्य आइफा पुरस्कार 2007 में तकनीकी श्रेणी में धूम फ़िल्म में सर्वश्रेष्ट पटकथा के लिए लिए नामित हुए थे। टशन फ़िल्म इनकी द्वारा निर्देशित पहली फ़िल्म थी। . ख़रघोश खरहारूपी गण के खरहादृष्ट कुल के, खरहा और पिका के साथ, छोटे स्तनधारी हैं। खनखरहा शशबिल में यूरोपीय ख़रगोश और उसके वंशज, पालतू ख़रगोश की दुनिया की ३०५ नस्ले शामिल हैं। सिल्वीखरहा में तेरह वन्य ख़रगोश शामिल हैं, जिनमें से सात कपासपुच्छ के प्रकार हैं। अंटार्कटिका को छोड़कर हर महाद्वीप पर परिचय में आया हुआ यूरोपीय ख़रगोश, दुनिया भर में एक जंगली शिकार प्राणी के रूप में और पशुधन और पालतू जानवर के पालतू रूप में परिचित है। पारिस्थितिकी और संस्कृतियों पर इसके व्यापक प्रभाव के साथ, खरगोश (या बनी) दुनिया के कई क्षेत्रों में, दैनिक जीवन का एक हिस्सा है- भोजन, कपड़ों और साथी के रूप में, और कलात्मक प्रेरणा के स्रोत के रूप में। वह लेपोरिडी परिवार का एक छोटा स्तनपायी है, जो विश्व के अनेक स्थानों में पाया जाता है। विश्व में खरगोश की आठ प्रजातियाँ पायी जाती हैं। खरगोश जंगलों, घास के मैदानों, मरुस्थलों तथा पानी वाले इलाकों में समूह में रहते हैं। अंगोरा ऊन खरगोश से प्राप्त होता है। ख़रगोश अपने दिमाग़ में हर जगह का नक़्शा बनाता है और उसको कोई चीज़ इधर से उधर होना पसंद नहीं होता है। . गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहते हैं। यह त्यौहार ईसाई धर्म के लोगों द्वारा कैलवरी में ईसा मसीह को सलीब पर चढ़ाने के कारण हुई मृत्यु के उपलक्ष्य में मनाया है। यह त्यौहार पवित्र सप्ताह के दौरान मनाया जाता है, जो ईस्टर सन्डे से पहले पड़नेवाले शुक्रवार को आता है और इसका पालन पाश्कल ट्रीडम के अंश के तौर पर किया जाता है और यह अक्सर यहूदियों के पासोवर के साथ पड़ता है। सन्हेद्रिन ट्रायल ऑफ़ जेसुस के आध्यात्मिक विवरणों के अनुसार यीशू का क्रुसिफिकेशन संभवतः किसी शुक्रवार को किया गया था। दो भिन्न वर्गों के अनुसार गुड फ्राइडे का अनुमानित वर्ष AD 33 है, जबकि आइजक न्यूटन ने बाइबिल और जूलियन कैलेंडर के बीच के अन्तर और चांद के आकार के आधार पर गणना की है कि वह वर्ष मूलतः AD 34 है। . ग्रेगोरियन कैलेंडर (Gregorian calendar), दुनिया में लगभग हर जगह उपयोग किया जाने वाला कालदर्शक या तिथिपत्रक है। यह जूलियन कालदर्शक (Julian calendar) का रूपान्तरण है। इसे पोप ग्रेगोरी (Pope Gregory XIII) ने लागू किया था। इससे पहले जूलियन कालदर्शक प्रचलन में था, लेकिन उसमें अनेक त्रुटियाँ थीं, जिन्हें ग्रेगोरी कालदर्शक में दूर कर दिया गया। . thumb आ देवनागरी लिपि का दूसरा वर्ण है। यह एक स्वर है। इसकी ध्वनि को भाषाविज्ञान में ? कहा जाता है। आ. फूलों को एकत्र करके रसायन विधि से इत्र निकाला जाता है। . इथियोपिया (गिइज़ः ኢትዮጵያ, इत्योप्प्या) अफ्रीका के सींग में स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है जो सरकारी तौर पर इथियोपिया संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है। यह अफ़्रीका का दूसरा सबसे ज़्यादा जनसंख्या वाला देश है और इसमें 85.2 लाख से अधिक लोग बसे हुए हैं। क्षेत्रफल के हिसाब से यह अफ़्रीका का दसवाँ सबसे बड़ा देश है। इसकी राजधानी अदीस अबाबा है। इथियोपिया सूडान से दक्षिणपूर्व में, इरिट्रिया से दक्षिण में, जिबूती और सोमालिया से पश्चिम में, केन्या से उत्तर में और दक्षिण सूडान से पूर्व में स्थित है। यह दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला स्थल-रुद्ध देश है। . पठार पर एक ट्रेन सुरंग। इरित्रिया (अरबीः إرتريا Iritriya) पूर्वोत्तर अफ्रीका में स्थित एक देश है, जिसे आधिकारिक तौर पर इरित्रिया राज्य के नाम से जाना जाता है। इसके पश्चिम में सूडान, दक्षिण में इथियोपिया और दक्षिणपूर्व में जिबूती स्थित है। देश के पूर्व और उत्तर पूर्व भाग में सऊदी अरब और यमन के सीध में लाल सागर की विशाल तटरेखा है। धालक द्वीपसमूह और हनीश द्वीप समूह के अनेक भाग इरित्रिया का हिस्सा हैं। 1,18,000 वर्ग किमी से छोटे इस देश की आबादी करीबन 5 लाख है। देश की राजधानी असमारा है। . क्रिसमस या बड़ा दिन ईसा मसीह या यीशु के जन्म की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व है। यह 25 दिसम्बर को पड़ता है और इस दिन लगभग संपूर्ण विश्व मे अवकाश रहता है। क्रिसमस से 12 दिन के उत्सव क्रिसमसटाइड की भी शुरुआत होती है। एन्नो डोमिनी काल प्रणाली के आधार पर यीशु का जन्म, 7 से 2 ई.पू. क्रोएशियन भाषा दक्षिण स्लाविक भाषा है, जिसका क्रोएशिया में रहने वाले लोगो के अलावा बोस्निया हर्जेगोविना में रहने वाले क्रोट्स, आसपास के देशों में रहने वाले अल्पसंख्यक क्रोट अल्पसंख्यक, मोलिस के इतालवी क्षेत्र में और दुनिया भर में फैले हुए क्रोएशियन लोगों द्वारा बोली जाती है। आधुनिक क्रोएशियन भाषा पर नौ सौ साल से भी अधिक समय के क्रोएशियन चर्च स्लावोनिक और स्थानीय भाषा के साहित्यिक मेल का असर पड़ा है। क्रोएशियन चर्च स्लावोनिक का प्रयोग 15वीं शताब्दी में खत्म हो गया और क्रोएशियन स्थानीय साहित्य में पूरी तरह से समाहित होकर पिछले पांच सौ सालों से बरकरार है। ११०० १२०० १३६८ १३८०-१४०० Image:Latin alphabet Aa.svg।(a) Image:Latin alphabet Bb.svg।(be) Image:Latin alphabet Cc.svg।(ce) Image:Latin alphabet Čč.png।(če) Image:Latin alphabet Ćć.svg।(će) Image:Latin alphabet Dd.svg।(de) Image:Latin alphabet Dždž.png।(dže) Image:Latin alphabet Đđ.svg।(đe) Image:Latin alphabet Ee.svg।(e) Image:Latin alphabet Ff.svg।(ef) Image:Latin alphabet Gg.svg।(ge) Image:Latin alphabet Hh.svg।(ha) Image:Latin alphabet Ii.svg।(i) Image:Latin alphabet Jj.svg।(je) Image:Latin alphabet Kk.svg।(ka) Image:Latin alphabet Ll.svg।(el) Image:Latin alphabet Ljlj.png।(elj) Image:Latin alphabet Mm.svg।(em) Image:Latin alphabet Nn.svg।(en) Image:Latin alphabet Njnj.png।(enj) Image:Latin alphabet Oo.svg।(o) Image:Latin alphabet Pp.svg।(pe) Image:Latin alphabet Rr.svg।(er) Image:Latin alphabet Ss.svg।(es) Image:Latin alphabet Šš.png।(eš) Image:Latin alphabet Tt.svg।(te) Image:Latin alphabet Uu.svg।(u) Image:Latin alphabet Vv.svg।(ve) Image:Latin alphabet Zz.svg।(ze) Image:Latin alphabet Žž.png।(že) Image:Latin alphabet i+e.svg।(i(j)e) Image:Latin alphabet r+r.svg।(ŕ) ---- ---- center Areas where Croatian language is spoken (as of 2006) ----. "बिशप" नामक उच्च पद पर नियुक्त एक कैथोलिक पादरी स्पेन में चलती दो ननें कैथोलिक धर्म या रोमन कैथोलिक धर्म ईसाई धर्म की एक मुख्य शाखा है जिसके अनुयायी रोम के वैटिकन नगर में स्थित पोप को अपना धर्माध्यक्ष मानते हैं। ईसाई धर्म की दूसरी मुख्य शाखा प्रोटेस्टैंट कहलाती है और उसके अनुयायी पोप के धार्मिक नेतृत्व को नहीं स्वीकारते। कैथोलिकों और प्रोटेस्टैंटों की धार्मिक मान्यताओं में और भी बड़े अंतर हैं। . कैथोलिक गिरजाघर, जिसे रोमन कैथोलिक गिरजाघर के रूप में भी जाना जाता है, दुनिया का सबसे बड़ा ईसाई गिरजाघर है, दावे के अनुसार इसके सौ करोड़ से अधिक सदस्य हैं।. विभिन्न पक्षियों के अण्डे मुर्गी का अंडा (बायें) तथा बटेर का अण्डा (दायें) अण्डा गोल या अण्डाकार जीवित वस्तु है जो बहुत से प्राणियों के मादा द्वारा पैदा की जाती है। अधिकांश जानवरों के अंडों के ऊपर एक कठोर आवरण होता है जो अण्डे की सुरक्षा करता है। यद्यपि अण्डा जीवधारियों द्वारा अपनी संताने पैदा करने का मार्ग है, किन्तु अण्डा खाने के काम भी आता है। पोषक तत्वों की दृष्टि से इसमें प्रोटीन एवं चोलाइन भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। . अरबी बहुविकल्पी शब्द है जिस्का संबंध निम्नलिखित पृष्ठों से होता है। साहित्य और धर्म में-. उत्तरी गोलार्ध पीले में दर्शित उत्तरी गोलार्ध उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उत्तरी गोलार्ध पृथ्वी का वह भाग है जो भूमध्य रेखा के उत्तर में है। अन्य सौर मण्डल के ग्रहों की उत्तर दिशा पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव के स्थिर समतल में लिया जाता है। पृथ्वी के अक्षीय झुकाव की वजह से उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु, दक्षिणायन (२२ दिसंबर के आसपास) से वसंत विषुव (लगभग २३ मार्च) तक चलता है और ग्रीष्म ऋतु, उत्तरायण (२१ जून) से शरद विषुव (लगभग २३ सितंबर) तक चलता है। उत्तरी गोलार्ध का उत्तरी छोर पूरी तरह ठोस नहीं है, वहाँ समुद्र के बीच जगह-जगह विशाल हिमखन्ड मिलते हैं। . दीर्घ उपवास के पश्चात महात्मा बुद्ध कुछ या सभी भोजन, पेय या दोनो के लिये बिना कुछ अवधि तक रहना उपवास (Fasting) कहलाता है। उपवास पूर्ण या आंशिक हो सकता है। यह बहुत छोटी अवधि से लेकर महीनो तक का हो सकता है। उपवास के अनेक रूप हैं। धार्मिक एवं आध्यात्मिक साधना के रूप में प्रागैतिहासिक काल से ही उपवास का प्रचलन है। .
ईस्टर, Πάσχα ईसाई पूजन-वर्ष में सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक धार्मिक पर्व है। ईसाई धार्मिक ग्रन्थ के अनुसार, सूली पर लटकाए जाने के तीसरे दिन यीशु मरे हुओं में से पुनर्जीवित हो गए थे। इस मृतोत्थान को ईसाई ईस्टर दिवस या ईस्टर रविवार मानते हैं। , ये दिन गुड फ्राईडे के दो दिन बाद और पुन्य बृहस्पतिवार या मौण्डी थर्सडे के तीन दिन बाद आता है। छब्बीस और छत्तीस ई.प. के बीच में हुई उनकी मृत्यु और उनके जी उठने के कालक्रम को अनेकों तरीके से बताया जाता है। ईस्टर को चर्च के वर्ष का काल या ईस्टर काल या द ईस्टर सीज़न भी कहा जाता है। परंपरागत रूप से ईस्टर काल चालीस दिनों का होता है। ये ईस्टर दिवस से लेकर स्वर्गारोहण दिवस तक होता आया है लेकिन आधिकारिक तौर पर अब ये पंचाशती तक पचास दिनों का होता है। ईस्टर सीज़न या ईस्टर काल के पहले सप्ताह को ईस्टर सप्ताह या ईस्टर अष्टक या ओक्टेव ऑफ़ ईस्टर कहते हैं। ईस्टर को चालीस सप्ताहों के काल या एक चालीसे के अंत के रूप में भी देखा जाता है, इस काल को उपवास, प्रार्थना और प्रायश्चित करने के लिए माना जाता है। ईस्टर एक गतिशील त्यौहार है, जिसका अर्थ है कि ये नागरिक कैलेंडर के अनुसार नहीं चलता. चेक गणराज्य यूरोप महाद्वीप में स्थित एक देश है। इसकी उत्तर पूर्वी सीमा पर पोलैन्ड, पश्चिमी सीमा पर जर्मनी, दक्शिन मे ऑस्ट्रिया और पूर्व मे स्लोवाकिया है। इसकी राजधानी है प्राग। इसकी मुख्य- और राजभाषा है चेक भाषा। . एपिफेनी एक वेब ब्राउज़र है जो जीनोम डेस्कटॉप के लिए बनाई गई थी। इसकी अपनी कोई थीम नहीं है और यह जीनोम की थीम पर ही अपने विज़ेट दिखाती है। एपिफेनी में आरंभ में मोज़िला के गेको इंजन का इस्तेमाल करके वेब पृष्ठों को दिखाया जाता था। इसका अद्यतन संस्करण दो.छब्बीस.तीन है जो उनतीस जून दो हज़ार नौ को प्रकाशित की गई थी। यह लिनक्स, मैक तथा बीएसडी पर चलती है। श्रेणीःजाल सौम्योपकरण. डच के कई अर्थ हैं. देवी किसी भी देवता को कहते हैं जो स्त्री हो या जिसे स्त्री रूप में माना जाता हो। हिन्दू धर्म में कई देवियाँ हैं, जैसे दुर्गा, काली, सरस्वती, गंगा, लक्ष्मी और उनके अवतार जैसे सीता, राधा, आदि। देखियेः देवता। श्रेणीःहिन्दू धर्म श्रेणीःदेवी-देवता श्रेणीःरोमन धर्म श्रेणीःयूनानी धर्म श्रेणीःमिस्र का धर्म. , संक्षिप्त नाम निसान, एक बहुराष्ट्रीय ऑटोनिर्माता जिनका मुख्यालय जापान में है। पहले यह निसान ग्रुप का मूल सदस्य था, लेकिन कार्लोस घोसन की निगरानी में इसका पुनर्गठन हुआ और यह और अधिक स्वतंत्र हो गया। पहले यह डैटसन ब्रांड के नाम से वाहनों का विपणन किया करता था और यह दुनिया के सबसे बड़े कार निर्माताओं में एक है। अगस्त दो हज़ार नौ से, कंपनी का वैश्विक मुख्यालय निशि-कु, योकोहामा में स्थित है। एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में, निसान ने फ्रांस के रेनॉल्ट एस.ए. के साथ दोहरे गठबंधन में प्रवेश किया, जिसके पास निसान के चौंतालीस.चार% शेयर हैं जबकि दो हज़ार आठ से, निसान के पास रेनॉल्ट के पंद्रह% शेयर हैं। वर्तमान बाजार में निसान के शेयर होंडा और टोयोटा के साथ हैं, अमेरिका की ऑटो सेल्स एशिया में स्थित सबसे बड़ी मोटर कंपनियों का प्रतिनिधित्व करती हैं जो ऐतिहासिक दृष्टि से अमेरिका में आधारित "प्रमुख तीन" जीएम, फोर्ड और क्रिसलर पर तेजी से अतिक्रमण कर रही हैं। अपने घरेलू बाजार में निसान तीसरे सबसे बड़े कार निर्माता हैं, कुछ कम अंतर पर होंडा दूसरे और एक बहुत ही प्रभावी रूप में टोयोटा का स्थान प्रथम है। अपनी सामान्य श्रेणी के मॉडलों के साथ, निसान इनफिनीटी ब्रांड जैसे विलासी मॉडलों का उत्पादन भी करती है। चौदह सालों से लगातार Vछः विन्यास के, निसान के VQ इंजन ने वार्ड के दस सर्वश्रेष्ठ इंजनों में अपना विशेष स्थान बनाया है। विभिन्न बाजारों में इसके नाम का उच्चारण विभिन्न प्रकार से होता है। अमेरिका में, ब्रांड है, जबकि ब्रिटेन में यह है। जापानी में, यह है। . प्रतिरूप किसी वस्तु के रचना विन्यास में दिखाई पड़ने वाली नियमितता को कहते हैं। श्रेणीःकला श्रेणीःडिजाइन श्रेणीःसंरचना. पूर्णिमा पंचांग के अनुसार मास की पंद्रहवीं और शुक्लपक्ष की अंतिम तिथि है जिस दिन चंद्रमा आकाश में पूरा होता है। इस दिन का भारतीय जनजीवन में अत्यधिक महत्व हैं। हर माह की पूर्णिमा को कोई न कोई पर्व अथवा व्रत अवश्य मनाया जाता हैं। . बरमूडा उत्तर अटलांटिक महासागर में स्थित ब्रिटेन का प्रवासी क्षेत्र है। यह संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी तट पर मियामी से महज एक हज़ार सात सौ सत्तर किमी और हैलिफ़ैक्स, नोवा स्कोटिया, के दक्षिण में एक हज़ार तीन सौ पचास किलोग्राममीटर की दूरी पर स्थित है। यह सबसे पुराना और सबसे अधिक जनसंख्या वाला ब्रिटेन का प्रवासी क्षेत्र है। बरमुडा की आकाशीय तस्वीर, जिसमें सेंट डेविड और सेट जॉर्ज द्वीप दिखाई पड़ रहे हैं। बीच में बर्मूडा बर्मूडा के मानचित्र श्रेणीःदेश श्रेणीःउत्तर अमेरिका. बुल्गारिया दक्षिण-पूर्व यूरोप में स्थित देश है, जिसकी राजधानी सोफ़िया है। देश की सीमाएं उत्तर में रोमानिया से, पश्चिम में सर्बिया और मेसेडोनिया से, दक्षिण में ग्रीस और तुर्की से मिलती हैं। पूर्व में देश की सीमाएं काला सागर निर्धारित करती है। कला और तकनीक के अलावा राजनैतिक दृष्टि से भी बुल्गारिया का वजूद पाँचवीं सदी से नजर आने लगता है। पहले बुल्गारियन साम्राज्य ने न केवल बाल्कन क्षेत्र बल्कि पूरे पूर्वी यूरोप को अनेक तरह से प्रभावित किया। बुल्गारियन साम्राज्य के पतन के बाद इसे ओटोमन शासन के अधीन कर दिया। एक हज़ार आठ सौ सतहत्तर-अठहत्तर में हुए रुस-तुर्की युद्ध ने बुल्गारिया राज्य को पुनः स्थापित करने में मदद की। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बुल्गारिया साम्यवादी राज्य और पूर्वी ब्लाक का हिस्सा बन गया। एक हज़ार नौ सौ नवासी में क्रांति के बाद एक हज़ार नौ सौ नब्बे में साम्यवादियों का सत्ता से एकाधिकार समाप्त हो गया और देश संसदीय गणराज्य के रूप में आगे बढ़ने लगा। यह देश दो हज़ार चार से नाटो का और दो हज़ार सात से यूरोपियन यूनियन का सदस्य है। . बिड् जिले में कपिल्ढर् है बीड एक शहर और भारत के मध्य महाराष्ट्र राज्य में स्थित एक ही नाम के जिले का प्रशासनिक मुख्यालय है। दो हज़ार एक की जनगणना के अनुसार, यह एक सौ अड़तीस,इक्यानवे की आबादी के साथ जिले में सबसे बड़ा शहरी क्षेत्र है. मन्दिर भारतीय धर्मों हिन्दुओं के उपासनास्थल को मन्दिर कहते हैं। यह अराधना और पूजा-अर्चना के लिए निश्चित की हुई जगह या देवस्थान है। यानी जिस जगह किसी आराध्य देव के प्रति ध्यान या चिंतन किया जाए या वहां मूर्ति इत्यादि रखकर पूजा-अर्चना की जाए उसे मन्दिर कहते हैं। मन्दिर का शाब्दिक अर्थ 'घर' है। वस्तुतः सही शब्द 'देवमन्दिर', 'शिवमन्दिर', 'कालीमन्दिर' आदि हैं। और मठ वह स्थान है जहां किसी सम्प्रदाय, धर्म या परंपरा विशेष में आस्था रखने वाले शिष्य आचार्य या धर्मगुरु अपने सम्प्रदाय के संरक्षण और संवर्द्धन के उद्देश्य से धर्म ग्रन्थों पर विचार विमर्श करते हैं या उनकी व्याख्या करते हैं जिससे उस सम्प्रदाय के मानने वालों का हित हो और उन्हें पता चल सके कि उनके धर्म में क्या है। उदाहरण के लिए बौद्ध विहारों की तुलना हिन्दू मठों या ईसाई मोनेस्ट्रीज़ से की जा सकती है। लेकिन 'मठ' शब्द का प्रयोग शंकराचार्य के काल यानी सातवीं या आठवीं शताब्दी से शुरु हुआ माना जाता है। तमिल भाषा में मन्दिर को कोईल या कोविल कहते हैं। . मसीहा इब्राहीमी धर्मों में आत्मा को पाप से मोक्ष दिलाने वाला या मुक्तिदाता है। मसीहा का मूल यहूदी धर्म और हिब्रू बाइबिल में है। उसके अनुसार मसीहा वह मनुष्य है जो दाऊद और सुलेमान के वंश का है और यहूदियों का मुख्य पुजारी है। साथ ही उसका अभिषेक पवित्र तेल से किया गया हो। ऐसी मान्यता है कि वह अपने भविष्य के आगमन में पूर्व निर्धारित चीजों को पूरा करेगा। ईसाई धर्म में ईसा को मसीहा माना जाता है। इस मान्यता में ईसा को ईश्वरपुत्र माना गया है और यह भी माना जाता है कि हिब्रू बाइबिल में लिखित भविष्यवाणी को उन्होंने पूरा कर दिया है। साथ में यह भी मान्यता है कि ईसा दोबारा आएंगे और बाकी भविष्यवाणियों को पूरा करेंगे। इस्लाम में ईसा को पैगम्बर के साथ-साथ मसीहा माना गया है। ऐसी मान्यता है कि ईसा क़यामत के दिन लौट कर आएंगे और महदी के साथ नकली मसीहा पराजित करेंगे। . यहूदी जाति 'यहूदी' का मौलिक अर्थ है- येरूशलेम के आसपास के 'यूदा' नामक प्रदेशें का निवासी। यह प्रदेश याकूब के पुत्र यूदा के वंश को मिला था। बाइबिल में 'यहूदी' के निम्नलिखित अर्थ मिलते हैं- याकूब का पुत्र यहूदा, उनका वंश, उनकर प्रदेश, कई अन्य व्यक्तियों के नाम। यूदा प्रदेश के निवासी प्राचीन इजरायल के मुख्य ऐतिहासिक प्रतिनिधि बन गए थे, इस कारण समस्त इजरायली जाति के लिये यहूदी शब्द का प्रयोग होने लगा। इस जाति का मूल पुरूष अब्राहम थे, अतः वे 'इब्रानी' भी कहलाते हैं। याकूब का दूसरा नाम था इजरायल, इस कारण 'इब्रानी' और 'यहूदी' के अतिरक्ति उन्हें 'इजरायली' भी कहा जाता है। यहूदी धर्म को मानने वालों को यहूदी कहा जाता है। यहूदियों का निवास स्थान पारंपरिक रूप से पश्चिम एशिया में आज के इसरायल को माना जाता है जिसका जन्म एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस के बाद हुआ। मध्यकाल में ये यूरोप के कई क्षेत्रों में रहने लगे जहाँ से उन्हें उन्नीसवीं सदी में निर्वासन झेलना पड़ा और धीरे-धीरे विस्थापित होकर वे आज मुख्यतः इसरायल तथा अमेरिका में रहते हैं। इसरायल को छोड़कर सभी देशों में वे एक अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में रहते हैं। इन्का मुख्य काम व्यापार है। यहूदी धर्म को इसाई और इस्लाम धर्म का पूर्ववर्ती कहा जा सकता है। इन तीनों धर्मों को संयुक्त रूप से 'इब्राहिमी धर्म' भी कहते हैं। अल्लाह ने यहूदियों के बारे में पवित्र कुरान में कहा "ऐ बनी इसराइल मेरी उन नेअमतों को याद करो जो मैंने पहले तुम्हें दी और ये कि हमने तुमको सारे जहाँन के लोगों से बढ़ा दिया" "और अपनी क़ौम से उन लोगों की हालत तो तुम बखू़बी जानते हो जो शम्बे के दिन अपनी हद से गुज़र गए तो हमने उन से कहा कि तुम राइन्दे गए बन्दर बन जाओ " "फिर तुममें से थोड़े आदमियों के सिवा फिर गए और तुम लोग हो ही इक़रार से मुँह फेरने वाले.और जब हमने तुम से अहद लिया था कि आपस में खू़रेजि़याँ न करना और न अपने लोगों को शहर बदर करना तो तुम ने इक़रार किया था और तुम भी उसकी गवाही देते हो . फिर वही लोग तो तुम हो कि आपस में एक दूसरे को क़त्ल करते हो और अपनों से एक जत्थे के नाहक़ और ज़बरदस्ती हिमायती बनकर दूसरे को शहर बदर करते हो अगर वही लोग क़ैदी बनकर तम्हारे पास आए तो उनको तावान देकर छुड़ा लेते हो हालाँकि उनका निकालना ही तुम पर हराम किया गया था तो फिर क्या तुम बाज़ बातों पर ईमान रखते हो और बाज़ से इन्कार करते हो बस तुम में से जो लोग ऐसा करें उनकी सज़ा इसके सिवा और कुछ नहीं कि जि़न्दगी भर की रूसवाई हो और क़यामत के दिन सख़्त अज़ाब की तरफ लौटा दिये जाए और जो कुछ तुम लोग करते हो खु़दा उससे ग़ाफि़ल नहीं है" "और तुम्हारे पास मूसा तो वाज़ेए व रौशन मौजिज़े लेकर आ ही चुके थे फिर भी तुमने उनके बाद बछड़े को खु़दा बना ही लिया और उससे तुम अपने ही ऊपर ज़ुल्म करने वाले थे" "बनी इसराईल मेरी उन नेअमतों को याद करो जो मैंनं तुम को दी हैं और ये कि मैंने तुमको सारे जहाँन पर फज़ीलत दी " "बेशक हम ने तौरेत नाजि़ल की जिसमें हिदायत और नूर है उसी के मुताबिक़ ख़ुदा के फ़रमाबरदार बन्दे यहूदियों को हुक्म देते रहे और अल्लाह वाले और उलेमाए भी किताबे ख़ुदा से जिसके वह मुहाफि़ज़ बनाए गए थे और वह उसके गवाह भी थे बस तुम लोगों से न डरो मुझ ही से डरो और मेरी आयतों के बदले में न लो और जो ख़्स ख़ुदा की नाजि़ल की हुयी के मुताबिक़ हुक्म न दे तो ऐसे ही लोग काफि़र हैं" " तुम कह दो कि मैं तुम्हें ख़ुदा के नज़दीक सज़ा में इससे कहीं बदतर ऐब बता दॅू जिसपर ख़ुदा ने लानत की हो और उस पर ग़ज़ब ढाया हो और उनमें से किसी को बन्दर और सूअर बना दिया हो और शैतान की परस्तिश की हो बस ये लोग दरजे में कहीं बदतर और राहे रास्त से भटक के सबसे ज़्यादा दूर जा पहँचे हैं " "यहूद तो कहते हैं कि अज़ीज़ ख़़ुदा के बेटे हैं और नुसैरा कहते हैं कि मसीहा ख़़ुदा के बेटे हैं ये तो उनकी बात है और उन्हीं के मुँह से ये लोग भी उन्हीं काफि़रों की सी बातें बनाने लगे जो उनसे पहले गुज़र चुके हैं ख़़ुद उनको क़त्ल करके कहाँ से कहाँ भटके जा रहे हैं" "ऐ बनी इसराइल हमने तुमको तुम्हारे दुश्मन से छुड़ाया और तुम से के दाहिने तरफ का वायदा किया और हम ही ने तुम पर मन व सलवा नाजि़ल किया.और कि हमने जो पाक व पाक़ीज़ा रोज़ी तुम्हें दे रखी है उसमें से खाओ और उसमें शरारत न करो वरना तुम पर मेरा अज़ाब नाजि़ल हो जाएगा और जिस पर मेरा ग़ज़ब नाजि़ल हुआ तो वह यक़ीनन गुमराह हुआ " "और हमने बनी इसराईल को किताब और हुकूमत और नबूवत अता की और उन्हें उम्दा उम्दा चीज़ें खाने को दीं और उनको सारे जहाँन पर फ़ज़ीलत दी.और उनको दीन की खुली हुई दलीलें इनायत की तो उन लोगों ने इल्म आ चुकने के बाद बस आपस की जि़द में एक दूसरे से एख़्तेलाफ़ किया कि ये लोग जिन बातों से एख़्तेलाफ़ कर रहें हैं क़यामत के दिन तुम्हारा परवरदिगार उनमें फैसला कर देगा" . युक्रेन पूर्वी यूरोप में स्थित एक देश है। इसकी सीमा पूर्व में रूस, उत्तर में बेलारूस, पोलैंड, स्लोवाकिया, पश्चिम में हंगरी, दक्षिणपश्चिम में रोमानिया और माल्दोवा और दक्षिण में काला सागर और अजोव सागर से मिलती है। देश की राजधानी होने के साथ-साथ सबसे बड़ा शहर भी कीव है। युक्रेन का आधुनिक इतिहास नौवीं शताब्दी से शुरू होता है, जब कीवियन रुस के नाम से एक बड़ा और शक्तिशाली राज्य बनकर यह खड़ा हुआ, लेकिन बारह वीं शताब्दी में यह महान उत्तरी लड़ाई के बाद क्षेत्रीय शक्तियों में विभाजित हो गया। उन्नीसवीं शताब्दी में इसका बड़ा हिस्सा रूसी साम्राज्य का और बाकी का हिस्सा आस्ट्रो-हंगेरियन नियंत्रण में आ गया। बीच के कुछ सालों के उथल-पुथल के बाद एक हज़ार नौ सौ बाईस में सोवियत संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक बना। एक हज़ार नौ सौ पैंतालीस में यूक्रेनियाई एसएसआर संयुक्त राष्ट्रसंघ का सह-संस्थापक सदस्य बना। सोवियत संघ के विघटन के बाद युक्रेन फिर से स्वतंत्र देश बना। . सोलहवीं शताब्दी के प्रारंभ में समस्त पश्चिमी यूरोप धार्मिक दृष्टि से एक था - सभी ईसाई थे; सभी रोमन काथलिक चर्च के सदस्य थे; उसकी परंपरगत शिक्षा मानते थे और धार्मिक मामलों में उसके अध्यक्ष अर्थात् रोम के पोप का शासन स्वीकार करते थे। यूरोपीय धर्मसुधार अथवा रिफॉरमेशन सोलहवीं शताब्दी के उस महान आंदोलन को कहते हैं जिसके फलस्वरूप पाश्चात्य ईसाइयों की यह एकता छिन्न-भिन्न हुई और प्रोटेस्टैंट धर्म का उदय हुआ। चर्च के इतिहस में समय-समय पर सुधारवादी आंदोलन होते रहे किंतु वे चर्च के धार्मिक सिद्धातों अथवा उसके शासकों को चुनौती न देकर उनके निर्देश के अनुसार ही नैतिक बुराइयों का उन्मूलन तथा धार्मिक शिक्षा का प्रचार अपना उद्देश्य मानते थे। सोलहवीं शताब्दी में जो सुधार का आंदोलन प्रवर्तित हुआ वह शीघ्र ही चर्च की परंपरागत शिक्षा और उसके शासकों के अधिकार, दोनों का विरोध करने लगा। धर्मसुधार आंदोलन के परिणामस्वरूप यूरोप में कैथोलिक सम्प्रदाय के साथ-साथ लूथर सम्प्रदाय, कैल्विन सम्प्रदाय, एंग्लिकन सम्प्रदाय और प्रेसबिटेरियन संप्रदाय प्रचलित हो गये। . एक मोजेक यीशु या यीशु मसीहईसा, यीशु और मसीह नाम हेतु पूरी चर्चा इस लेख के वार्ता पृष्ठ पर है। प्रचलित मान्यता के विरुद्ध, ईसा एक इस्लामी शब्दावली है, व "यीशु" सही ईसाई शब्दावली है। तथा मसीह एक उपादि है। विस्तृत चर्चा वार्ता पृष्ठ पर देखें। , जिन्हें नासरत का यीशु भी कहा जाता है, ईसाई धर्म के प्रवर्तक हैं। ईसाई लोग उन्हें परमपिता परमेश्वर का पुत्र और ईसाई त्रिएक परमेश्वर का तृतीय सदस्य मानते हैं। ईसा की जीवनी और उपदेश बाइबिल के नये नियम में दिये गये हैं। यीशु मसीह को इस्लाम में ईसा कहा जाता है, और उन्हें इस्लाम के भी महानतम पैग़म्बरों में से एक माना जाता है। . लातीना प्राचीन रोमन साम्राज्य और प्राचीन रोमन धर्म की राजभाषा थी। आज ये एक मृत भाषा है, लेकिन फिर भी रोमन कैथोलिक चर्च की धर्मभाषा और वैटिकन सिटी शहर की राजभाषा है। ये एक शास्त्रीय भाषा है, संस्कृत की ही तरह, जिससे ये बहुत ज़्यादा मेल खाती है। लातीना हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार की रोमांस शाखा में आती है। इसी से फ़्रांसिसी, इतालवी, स्पैनिश, रोमानियाई और पुर्तगाली भाषाओं का उद्गम हुआ है । यूरोप में ईसाई धर्म के प्रभुत्व की वजह से लातीना मध्ययुगीन और पूर्व-आधुनिक कालों में लगभग सारे यूरोप की अंतर्राष्ट्रीय भाषा थी, जिसमें समस्त धर्म, विज्ञान, उच्च साहित्य, दर्शन और गणित की किताबें लिखी जाती थीं। . लाल सागर लाल सागर अफ्रीका एवं एशिया के बीच हिंद महासागर का एक नमकीन पानी की एक खाड़ी हैं। दक्षिण में अदन की खाड़ी से लाल सागर हिंद महासागर से मिलता है। इसका पानी लाल नहीं है, हाँलांकि, समुद्री सतह पर प्रवाल की मौसमी उपस्थिति के कारण यह कभी-कभी लाल दिखता है। लगभग दो हज़ार दो सौ पचास किलोग्राममीटर लंबाई के इस समुद्री विस्तार की औसत गहराई चार सौ नब्बे मीटर है तथा सबसे चौड़े स्थान पर इसके तटों के बीच तीन सौ पचपन किलोग्राममीटर की दूरी है। मिस्र और अरब-इस्राइल को पृथक करने वाले इस सागर को बाईबल तथा हिब्रू ग्रंथों में वर्णित सागर का यथार्थ माना जाता है। . सर्बिया का झंडा सर्बिया एक देश है। . right सर्बिया देश में बोली जाने वाली भाषा को सर्बियाई भाषा कहते हैं। . प्राचीन काल की सामी भाषाओँ का फैलाव सामी भाषाएँ या सॅमॅटिक भाषाएँ सत्ताईस करोड़ से अधिक लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषाओँ का एक भाषा परिवार है जो स्वयं सामी-हामी भाषा-परिवार की एक उपशाखा है। यह भाषाएँ मध्य पूर्व, उत्तर अफ़्रीका और अफ़्रीका के सींग के क्षेत्रों में बोली जाती हैं। सब से अधिक बोली जाने वाली सामी भाषा अरबी है, जिसे बीस करोड़ से अधिक लोग अपनी मातृभाषा के रूप में बोलते हैं। इसके आलावा अम्हारिक , तिग्रिन्या , इब्रानी और आरामाईक कुछ अन्य प्रचलित सामी भाषाएँ हैं।, Anatole Lyovin, Oxford University Press US, एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे, ISBN नौअठहत्तर शून्य उन्नीस-पाँच लाख आठ हज़ार एक सौ सोलह-नौ सामी भाषाओं को इतिहास में बहुत ही जल्दी लिखित रूप में देखा गया था। सन् तीन हज़ार ईसापूर्व में सुमेर सभ्यता द्वारा विकसित अंकन लिपि का प्रयोग एब्लाई और अक्कादी भाषाओँ के लिए आरम्भ हो गया जो सामी भाषाएँ थीं। सामी भाषाएँ अब इब्रानी, सीरियाई, अरबी और गेएज़ लिपि में लिखी जाती हैं। इनमें अक्सर स्वरों को प्रयोग नहीं किया जाता क्योंकि अधिकतर सामी भाषाओं में अर्थ व्यंजनों से ही आता है। हिन्द-यूरोपीय भाषाओँ और सामी भाषाओं में एक बड़ा अंतर यह है कि हिन्द-यूरोपीय भाषाओं में ज़्यादातर हर शब्द की एक जड़ होती है जिसके आगे-पीछे अक्षर जोड़कर उसका अर्थ परिवर्तित किया जाता है। उदाहरण के लिए 'लिख' जड़ में अक्षर जोड़कर 'लिखाई', 'लिखो', 'लिखना', 'लिखा', इत्यादि बनते हैं। सामी भाषाओं में जड़े आम तौर पर तीन व्यंजनों का समूह होती हैं जिनके बीच में स्वर भरकर उनका अर्थ परिवर्तित किया जाता है। उदाहरण के लिए अरबी मेंः किताब , कुतुब , कातिब , कुत्ताब , कतबा , याकतुबू । इसमें क-त-ब के व्यंजनों के बीच में स्वर बदलकर मतलब बदले जा रहें हैं।, Nizar Y. Habash, pp. स्लोवाक विश्व की एक प्रमुख भाषा है। . स्लोवाकिया युरोप महाद्वीप मे स्थित एक देश है। चेकोस्लोवाकिया से अलग होने के बाद इस गणराज्य का निर्माण हुआ था। यहाँ की राजधानी ब्रातिस्लावा है। . स्लोवेनिया , आधिकारिक तौर पर 'स्लोवेनिया गणराज्य', मध्य यूरोप में स्थित आल्प्स पर्वत से लगा हुआ भूमध्य की सीमा से लगा देश है। स्लोवेनिया की सीमा पश्चिम में इटली, दक्षिण-पश्चिम में एड्रियाटिक सागर, दक्षिण और पूर्व में क्रोएशिया, उत्तर-पूर्व में हंगरी और उत्तर में आस्ट्रिया स्थित है। देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर ल्युब्ल्याना है। स्लोवेनिया बीस,दो सौ तिहत्तर वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला हुआ देश है, जिसकी जनसंख्या लगभग बीस लाख है। स्लोवेनिया का चालीस% अंदरूनी भू-भाग उठा हुआ पर्वतीय और पठारीय है। स्लोवेनिया का सबसे ऊंचा शिखर माउंट त्रिग्लेव दो,आठ सौ चौंसठ मीटर और सबसे निचली बिंदु समुद्र तल पर एड्रियाटिक सागर है। देश की बहुसंख्यक जनसंख्या स्लोवेनियाई भाषा का प्रयोग करती है, जो देश की आधिकारिक भाषा भी है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर संरक्षित भाषा हंगरी और इटालियन है। . सौम और बहुवचन सियाम अरबी भाषा के शब्द हैं। उपवास को अरबी में "सौम" कहते हैं। रमज़ान के पवित्र माह में रखे जाने वाले उपवास ही "सौम" हैं। उर्दू और फ़ारसी भाषा में सौम को "रोज़ा" कहते हैं। इस्लाम के पाँच मूलस्थंबों में से एक सौम है। . सीरिया , आधिकारिक रूप से सीरियाई अरब गणराज्य , दक्षिण-पश्चिम एशिया का एक राष्ट्र है। इसके पश्चिम में लेबनॉन तथा भूमध्यसागर, दक्षिण-पश्चिम में इजराइल, दक्षिण में ज़ॉर्डन, पूरब में इराक़ तथा उत्तर में तुर्की है। इसराइल तथा इराक़ के बीच स्थित होने के कारण यह मध्य-पूर्व का एक महत्वपूर्ण देश है। इसकी राजधानी दमास्कस है जो उमय्यद ख़िलाफ़त तथा मामलुक साम्राज्य की राजधानी रह चुका है। अप्रैल एक हज़ार नौ सौ छियालीस में फ्रांस से स्वाधीनता मिलने के बाद यहाँ के शासन में बाथ पार्टी का प्रभुत्व रहा है। एक हज़ार नौ सौ तिरेसठ से यहाँ आपातकाल लागू है जिसके कारण एक हज़ार नौ सौ सत्तर के बाद से यहाँ के शासक असद परिवार के लोग होते हैं। . यह लेख सनातन धर्म के संस्कार में जोड़ा या पुनर्निर्देशित किया जा सकता है। हिन्दू धर्म की महान आध्यात्मिक विरासत सफल और सार्थक यात्रा के लिए जहाँ यात्रा के काम आने वाले उपकरण-अटैची, बिस्तर, पानी पीने के बर्तन आदि आवश्यक होते हैं, वही यह जानना भी, कि यात्रा किस उद्देश्य से की जा रही है? रास्ता क्या है? मार्ग में कहाँ-किस तरह की भौगोलिक समस्याएँ आयेंगी तथा किन लोगों को मार्गदर्शन उपयोग रहेगा? इन जानकारियों के अभाव में सुविधा-सम्पन्न यात्रा तो दूर अनेक अवरोध और संकट उठ खड़े हो सकते हैं। मनुष्य का जीवन भी विराट यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उसमें मात्र सुख-सुविधा संवर्धन तक ही सीमित रह जाने वाले मार्ग में भटकते दुःख भोगते और पश्चात्ताप की आग में जलते हुए संसार से विदा होते हैं। . हिब्रू या यहूदी कैलेंडर मुख्य रूप से यहूदी धर्मों के लिए आज इस्तेमाल किया जाने वाला एक lunisolar कैलेंडर है। यह यहूदी अवकाशों और टोरा भागों, यारीज़ित के उचित सार्वजनिक पढ़ने की तारीखें, और कई समारोहों के बीच दैनिक स्मारक रीडिंग, निर्धारित करता है। इसराइल में, यह धार्मिक उद्देश्यों के लिए प्रयोग किया जाता है। . हंगरी , आधिकारिक तौर पर हंगरी गणराज्य , मध्य यूरोप के पैनोनियन बेसिन में स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है। इसके उत्तर में स्लोवाकिया, पूर्व में यूक्रेन और रोमानिया, दक्षिण में सर्बिया और क्रोएशिया, दक्षिण पश्चिम में स्लोवेनिया और पश्चिम में ऑस्ट्रिया स्थित है। इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर बुडापेस्ट है। हंगरी, यूरोपीय संघ, नाटो, ओईसीडी और विसेग्राद समूह का सदस्य है और एक शेंगन राष्ट्र है। इसकी आधिकारिक भाषा हंगेरियाई है, जो फिन्नो-उग्रिक भाषा परिवार का हिस्सा है और यूरोप में सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली गैर भारोपीय भाषा है। हंगरी दुनिया के तीस सबसे अधिक लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है और प्रति वर्ष लगभग आठ.छः लाख पर्यटकों को आकर्षित करता है। देश में विश्व की सबसे बड़ी गर्म जल की गुफा प्रणाली स्थित है और गर्म जल की सबसे बड़ी झीलों में से एक हेविज़ झील यहीं पर स्थित है। इसके साथ मध्य यूरोप की सबसे बड़ी झील बलातोन झील भी यहीं पर है और यूरोप के सबसे बड़े प्राकृतिक घास के मैदान होर्टोबैगी भी हंगरी के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। हंगरी की सरकार एक संसदीय गणतंत्र है, जिसे एक हज़ार नौ सौ नवासी में स्थापित किया गया था। हंगरी की अर्थव्यवस्था एक उच्च-आय अर्थव्यवस्था है और कुछ क्षेत्रों में यह एक क्षेत्रीय अगुआ है। . जड़ आम के वृक्ष का जड़ पौधे का वह भाग जो जमीन के अन्दर मुलांकुर से विकसित होकर प्रवेश करता है तथा प्रकाश के विपरीत जाता है, जड़ या मूल कहलाता है। . जूलियन कैलेंडर प्राचीन प्रकार का रोमन सौर कैलेंडर था जो ये दोषपूर्ण था। इसकी जगह आज ग्रेगोरी कैलेंडर चलता है श्रेणीःकैलंडर. जूलूस एक जनसमूह या भीड़ को कहते हैं जिसका उद्येश्य प्रायः प्रदर्शन करना होता है। जूलूस नाम का एक उपन्यास भी है जिसके रचायिता फणीश्वर नाथ रेणु हैं - जूलूस । श्रेणीःचलना श्रेणीःसमारोह. ईसाई वो व्यक्ति है जो ईसाई धर्म को मानता है। ईसाइयों कई साम्प्रदायों में बटे हैं, जैसे रोमन कैथोलिक, प्रोटेस्टेंट और ऑर्थोडॉक्स। देखियेः ईसाई धर्म। श्रेणीःईसाई धर्म. घंटा समय की एक इकाई है। एक घंटे में साठ मिनट होते हैं। एक मिनट में साठ सैकंड होते हैं। एक मिनट . एक वर्ष या साल सूर्य की चारों ओर अपनी कक्षा में चलती पृथ्वी की कक्षीय अवधि है। पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण, एक वर्ष का कोर्स ऋतुओं के गुजरने को देखता है, और वह चिन्हित होता हैं मौसम में, दिवालोक के घंटों में, और परिणामस्वरूप, वनस्पति और मिट्टी उर्वरता में बदलावों द्वारा। ग्रह के शीतोष्ण और उपध्रुवीय क्षेत्रों में, चार ऋतु आमतौर पर पहचाने जाते हैंः वसंत, ग्रीष्म, शरद और शीत ऋतु। उष्णकटिबन्धीय और उपोष्णकटिबन्धीय क्षेत्रों में, कई भौगोलिक क्षेत्र परिभाषित मौसम प्रस्तुत नहीं करते हैं; लेकिन मौसमी उष्णकटिबन्ध में, वार्षिक आर्द्र और शुष्क ऋतु पहचाने जाते हैं और ट्रैक किए जाते हैं। चालू वर्ष है। एक कालदर्शक वर्ष किसी प्रदत्त कालदर्शक में गिने हुएँ पृथ्वी की कक्षीय अवधि के दिनों की संख्या का अनुमान है। ग्रेगोरियन, या आधुनिक, कालदर्शक, अपने कालदर्शक के रूप में तीन सौ पैंसठ दिनों के एक आम वर्ष या तीन सौ छयासठ दिनों के अधिवर्ष को प्रस्तुत करता है, जो जूलियन कालदर्शक भी करते हैं; नीचे देखो। . विजय कृष्णा आचार्य, हिंदी चलचित्र निर्देशक, गीतकार, संवाद लेखक एवं पटकथा लेखक हैं। इनका दूसरा नाम विक्टर भी है। विजय कृष्णा आचार्य आइफा पुरस्कार दो हज़ार सात में तकनीकी श्रेणी में धूम फ़िल्म में सर्वश्रेष्ट पटकथा के लिए लिए नामित हुए थे। टशन फ़िल्म इनकी द्वारा निर्देशित पहली फ़िल्म थी। . ख़रघोश खरहारूपी गण के खरहादृष्ट कुल के, खरहा और पिका के साथ, छोटे स्तनधारी हैं। खनखरहा शशबिल में यूरोपीय ख़रगोश और उसके वंशज, पालतू ख़रगोश की दुनिया की तीन सौ पाँच नस्ले शामिल हैं। सिल्वीखरहा में तेरह वन्य ख़रगोश शामिल हैं, जिनमें से सात कपासपुच्छ के प्रकार हैं। अंटार्कटिका को छोड़कर हर महाद्वीप पर परिचय में आया हुआ यूरोपीय ख़रगोश, दुनिया भर में एक जंगली शिकार प्राणी के रूप में और पशुधन और पालतू जानवर के पालतू रूप में परिचित है। पारिस्थितिकी और संस्कृतियों पर इसके व्यापक प्रभाव के साथ, खरगोश दुनिया के कई क्षेत्रों में, दैनिक जीवन का एक हिस्सा है- भोजन, कपड़ों और साथी के रूप में, और कलात्मक प्रेरणा के स्रोत के रूप में। वह लेपोरिडी परिवार का एक छोटा स्तनपायी है, जो विश्व के अनेक स्थानों में पाया जाता है। विश्व में खरगोश की आठ प्रजातियाँ पायी जाती हैं। खरगोश जंगलों, घास के मैदानों, मरुस्थलों तथा पानी वाले इलाकों में समूह में रहते हैं। अंगोरा ऊन खरगोश से प्राप्त होता है। ख़रगोश अपने दिमाग़ में हर जगह का नक़्शा बनाता है और उसको कोई चीज़ इधर से उधर होना पसंद नहीं होता है। . गुड फ्राइडे को होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहते हैं। यह त्यौहार ईसाई धर्म के लोगों द्वारा कैलवरी में ईसा मसीह को सलीब पर चढ़ाने के कारण हुई मृत्यु के उपलक्ष्य में मनाया है। यह त्यौहार पवित्र सप्ताह के दौरान मनाया जाता है, जो ईस्टर सन्डे से पहले पड़नेवाले शुक्रवार को आता है और इसका पालन पाश्कल ट्रीडम के अंश के तौर पर किया जाता है और यह अक्सर यहूदियों के पासोवर के साथ पड़ता है। सन्हेद्रिन ट्रायल ऑफ़ जेसुस के आध्यात्मिक विवरणों के अनुसार यीशू का क्रुसिफिकेशन संभवतः किसी शुक्रवार को किया गया था। दो भिन्न वर्गों के अनुसार गुड फ्राइडे का अनुमानित वर्ष AD तैंतीस है, जबकि आइजक न्यूटन ने बाइबिल और जूलियन कैलेंडर के बीच के अन्तर और चांद के आकार के आधार पर गणना की है कि वह वर्ष मूलतः AD चौंतीस है। . ग्रेगोरियन कैलेंडर , दुनिया में लगभग हर जगह उपयोग किया जाने वाला कालदर्शक या तिथिपत्रक है। यह जूलियन कालदर्शक का रूपान्तरण है। इसे पोप ग्रेगोरी ने लागू किया था। इससे पहले जूलियन कालदर्शक प्रचलन में था, लेकिन उसमें अनेक त्रुटियाँ थीं, जिन्हें ग्रेगोरी कालदर्शक में दूर कर दिया गया। . thumb आ देवनागरी लिपि का दूसरा वर्ण है। यह एक स्वर है। इसकी ध्वनि को भाषाविज्ञान में ? कहा जाता है। आ. फूलों को एकत्र करके रसायन विधि से इत्र निकाला जाता है। . इथियोपिया अफ्रीका के सींग में स्थित एक स्थल-रुद्ध देश है जो सरकारी तौर पर इथियोपिया संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में जाना जाता है। यह अफ़्रीका का दूसरा सबसे ज़्यादा जनसंख्या वाला देश है और इसमें पचासी.दो लाख से अधिक लोग बसे हुए हैं। क्षेत्रफल के हिसाब से यह अफ़्रीका का दसवाँ सबसे बड़ा देश है। इसकी राजधानी अदीस अबाबा है। इथियोपिया सूडान से दक्षिणपूर्व में, इरिट्रिया से दक्षिण में, जिबूती और सोमालिया से पश्चिम में, केन्या से उत्तर में और दक्षिण सूडान से पूर्व में स्थित है। यह दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला स्थल-रुद्ध देश है। . पठार पर एक ट्रेन सुरंग। इरित्रिया पूर्वोत्तर अफ्रीका में स्थित एक देश है, जिसे आधिकारिक तौर पर इरित्रिया राज्य के नाम से जाना जाता है। इसके पश्चिम में सूडान, दक्षिण में इथियोपिया और दक्षिणपूर्व में जिबूती स्थित है। देश के पूर्व और उत्तर पूर्व भाग में सऊदी अरब और यमन के सीध में लाल सागर की विशाल तटरेखा है। धालक द्वीपसमूह और हनीश द्वीप समूह के अनेक भाग इरित्रिया का हिस्सा हैं। एक,अट्ठारह,शून्य वर्ग किमी से छोटे इस देश की आबादी करीबन पाँच लाख है। देश की राजधानी असमारा है। . क्रिसमस या बड़ा दिन ईसा मसीह या यीशु के जन्म की खुशी में मनाया जाने वाला पर्व है। यह पच्चीस दिसम्बर को पड़ता है और इस दिन लगभग संपूर्ण विश्व मे अवकाश रहता है। क्रिसमस से बारह दिन के उत्सव क्रिसमसटाइड की भी शुरुआत होती है। एन्नो डोमिनी काल प्रणाली के आधार पर यीशु का जन्म, सात से दो ई.पू. क्रोएशियन भाषा दक्षिण स्लाविक भाषा है, जिसका क्रोएशिया में रहने वाले लोगो के अलावा बोस्निया हर्जेगोविना में रहने वाले क्रोट्स, आसपास के देशों में रहने वाले अल्पसंख्यक क्रोट अल्पसंख्यक, मोलिस के इतालवी क्षेत्र में और दुनिया भर में फैले हुए क्रोएशियन लोगों द्वारा बोली जाती है। आधुनिक क्रोएशियन भाषा पर नौ सौ साल से भी अधिक समय के क्रोएशियन चर्च स्लावोनिक और स्थानीय भाषा के साहित्यिक मेल का असर पड़ा है। क्रोएशियन चर्च स्लावोनिक का प्रयोग पंद्रहवीं शताब्दी में खत्म हो गया और क्रोएशियन स्थानीय साहित्य में पूरी तरह से समाहित होकर पिछले पांच सौ सालों से बरकरार है। एक हज़ार एक सौ एक हज़ार दो सौ एक हज़ार तीन सौ अड़सठ एक हज़ार तीन सौ अस्सी-एक हज़ार चार सौ Image:Latin alphabet Aa.svg। Image:Latin alphabet Bb.svg। Image:Latin alphabet Cc.svg। Image:Latin alphabet Čč.png। Image:Latin alphabet Ćć.svg। Image:Latin alphabet Dd.svg। Image:Latin alphabet Dždž.png। Image:Latin alphabet Đđ.svg। Image:Latin alphabet Ee.svg। Image:Latin alphabet Ff.svg। Image:Latin alphabet Gg.svg। Image:Latin alphabet Hh.svg। Image:Latin alphabet Ii.svg। Image:Latin alphabet Jj.svg। Image:Latin alphabet Kk.svg। Image:Latin alphabet Ll.svg। Image:Latin alphabet Ljlj.png। Image:Latin alphabet Mm.svg। Image:Latin alphabet Nn.svg। Image:Latin alphabet Njnj.png। Image:Latin alphabet Oo.svg। Image:Latin alphabet Pp.svg। Image:Latin alphabet Rr.svg। Image:Latin alphabet Ss.svg। Image:Latin alphabet Šš.png। Image:Latin alphabet Tt.svg। Image:Latin alphabet Uu.svg। Image:Latin alphabet Vv.svg। Image:Latin alphabet Zz.svg। Image:Latin alphabet Žž.png। Image:Latin alphabet i+e.svg।e) Image:Latin alphabet r+r.svg। ---- ---- center Areas where Croatian language is spoken ----. "बिशप" नामक उच्च पद पर नियुक्त एक कैथोलिक पादरी स्पेन में चलती दो ननें कैथोलिक धर्म या रोमन कैथोलिक धर्म ईसाई धर्म की एक मुख्य शाखा है जिसके अनुयायी रोम के वैटिकन नगर में स्थित पोप को अपना धर्माध्यक्ष मानते हैं। ईसाई धर्म की दूसरी मुख्य शाखा प्रोटेस्टैंट कहलाती है और उसके अनुयायी पोप के धार्मिक नेतृत्व को नहीं स्वीकारते। कैथोलिकों और प्रोटेस्टैंटों की धार्मिक मान्यताओं में और भी बड़े अंतर हैं। . कैथोलिक गिरजाघर, जिसे रोमन कैथोलिक गिरजाघर के रूप में भी जाना जाता है, दुनिया का सबसे बड़ा ईसाई गिरजाघर है, दावे के अनुसार इसके सौ करोड़ से अधिक सदस्य हैं।. विभिन्न पक्षियों के अण्डे मुर्गी का अंडा तथा बटेर का अण्डा अण्डा गोल या अण्डाकार जीवित वस्तु है जो बहुत से प्राणियों के मादा द्वारा पैदा की जाती है। अधिकांश जानवरों के अंडों के ऊपर एक कठोर आवरण होता है जो अण्डे की सुरक्षा करता है। यद्यपि अण्डा जीवधारियों द्वारा अपनी संताने पैदा करने का मार्ग है, किन्तु अण्डा खाने के काम भी आता है। पोषक तत्वों की दृष्टि से इसमें प्रोटीन एवं चोलाइन भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। . अरबी बहुविकल्पी शब्द है जिस्का संबंध निम्नलिखित पृष्ठों से होता है। साहित्य और धर्म में-. उत्तरी गोलार्ध पीले में दर्शित उत्तरी गोलार्ध उत्तरी ध्रुव के ऊपर से उत्तरी गोलार्ध पृथ्वी का वह भाग है जो भूमध्य रेखा के उत्तर में है। अन्य सौर मण्डल के ग्रहों की उत्तर दिशा पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव के स्थिर समतल में लिया जाता है। पृथ्वी के अक्षीय झुकाव की वजह से उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु, दक्षिणायन से वसंत विषुव तक चलता है और ग्रीष्म ऋतु, उत्तरायण से शरद विषुव तक चलता है। उत्तरी गोलार्ध का उत्तरी छोर पूरी तरह ठोस नहीं है, वहाँ समुद्र के बीच जगह-जगह विशाल हिमखन्ड मिलते हैं। . दीर्घ उपवास के पश्चात महात्मा बुद्ध कुछ या सभी भोजन, पेय या दोनो के लिये बिना कुछ अवधि तक रहना उपवास कहलाता है। उपवास पूर्ण या आंशिक हो सकता है। यह बहुत छोटी अवधि से लेकर महीनो तक का हो सकता है। उपवास के अनेक रूप हैं। धार्मिक एवं आध्यात्मिक साधना के रूप में प्रागैतिहासिक काल से ही उपवास का प्रचलन है। .
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कोविड 19 से संक्रमित हुए हैं लिहाज़ा वे घर में ही एकांतवास में हैं. राजनाथ सिंह को दिल्ली में वायु सेना के कमांडरों की बैठक में जाना था लेकिन कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने के बाद वहां उनका जाना टल गया. रक्षा मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक़ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की covid 19 जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. वे फिलहाल अपने घर में ही क्वारंटाइन under home quarantine हैं. डॉक्टरों ने राजनाथ सिंह को फिलहाल आराम करने की सलाह दी है.
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कोविड उन्नीस से संक्रमित हुए हैं लिहाज़ा वे घर में ही एकांतवास में हैं. राजनाथ सिंह को दिल्ली में वायु सेना के कमांडरों की बैठक में जाना था लेकिन कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने के बाद वहां उनका जाना टल गया. रक्षा मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक़ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की covid उन्नीस जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. वे फिलहाल अपने घर में ही क्वारंटाइन under home quarantine हैं. डॉक्टरों ने राजनाथ सिंह को फिलहाल आराम करने की सलाह दी है.
नई दिल्ली,भारत के वीर सपूत विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान अपने वतन आ गए हैं। अभिनंदन की जाबांजी को सलाम करने भारी संख्या में लोग जुटे हुए थे। दुश्मन के गढ़ से जब अभिनंदन स्वदेश लौटे तो देशवासियों के लिए यह एक भावुक करने वाला पल था। अटारी बॉर्डर पर भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और बीएसएफ ने पायलट को रिसीव किया। हालांकि आखिरी समय में भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। भारत के बीटिंग रीट्रीट समारोह कैंसल करने के बाद भी उसने दुनिया को दिखाने के लिए यह प्रोग्राम किया और इसके खत्म होने के बाद भी कागजी कार्रवाई के नाम पर घंटों की देरी की। आपको बता दें कि पहले दोपहर 2 बजे का टाइम तय किया गया था लेकिन पाकिस्तान ने समय दो बार बदला और प्रक्रिया को लंबा खींचता गया। सूत्रों ने बताया है कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मामले पर बराबर नजर रखी। घंटों की देरी के बाद भी सुबह से बॉर्डर पर जमे भारतीयों का जोश काफी हाई था। यहां मौजूद लोग ढोल-नगाड़े बजाते हुए 'अभिनंदन है, अभिनंदन है' के नारे लगाते रहे। अपने बहादुर जवान को देखने और उनका स्वागत करने के लिए बॉर्डर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। हालांकि शुक्रवार शाम 4. 30 के बाद से रात 9. 20 बजे तक घटनाक्रम को लेकर काफी उहापोह की स्थिति बनी रही।
नई दिल्ली,भारत के वीर सपूत विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान अपने वतन आ गए हैं। अभिनंदन की जाबांजी को सलाम करने भारी संख्या में लोग जुटे हुए थे। दुश्मन के गढ़ से जब अभिनंदन स्वदेश लौटे तो देशवासियों के लिए यह एक भावुक करने वाला पल था। अटारी बॉर्डर पर भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों और बीएसएफ ने पायलट को रिसीव किया। हालांकि आखिरी समय में भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। भारत के बीटिंग रीट्रीट समारोह कैंसल करने के बाद भी उसने दुनिया को दिखाने के लिए यह प्रोग्राम किया और इसके खत्म होने के बाद भी कागजी कार्रवाई के नाम पर घंटों की देरी की। आपको बता दें कि पहले दोपहर दो बजे का टाइम तय किया गया था लेकिन पाकिस्तान ने समय दो बार बदला और प्रक्रिया को लंबा खींचता गया। सूत्रों ने बताया है कि रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मामले पर बराबर नजर रखी। घंटों की देरी के बाद भी सुबह से बॉर्डर पर जमे भारतीयों का जोश काफी हाई था। यहां मौजूद लोग ढोल-नगाड़े बजाते हुए 'अभिनंदन है, अभिनंदन है' के नारे लगाते रहे। अपने बहादुर जवान को देखने और उनका स्वागत करने के लिए बॉर्डर पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। हालांकि शुक्रवार शाम चार. तीस के बाद से रात नौ. बीस बजे तक घटनाक्रम को लेकर काफी उहापोह की स्थिति बनी रही।
तैस्तद्विकारानचिरेण हंति । : 'चतुष्टयनैव मलेन शत्रून् ॥ ४२ ॥ भावार्थः-- इन पूर्व कथितगुणोंसे युक्त, वैद्य, आतुर, औषध, और परिचारक, चिकित्सा के विषय में, असाधारण पाद चतुष्टय कहलाते हैं । ये चारों चिकित्सा के अंग हैं। इनके द्वारा ही, रोगोंके समूह शीघ्र नाश हो सकते हैं । जिसप्रकार राजा चतुरंग सेनाके बलसे शत्रुत्रोंको नाश करता है ।। ४२ ।। वैद्य की प्रधानता । पादस्त्रिाभिर्भासुरसद्गुणाढ्यां । नयो यहानातुरप्राशु सौख्यं ॥ समापयत्यागमतत्वो । रत्नत्रयेणैव गुरुस्स्वाशिष्यम् ॥ ४३ ।। भावार्थः - आगमके तत्वों अभ्यस्त, सण वैद्य उपर्युक्त औषधि और परिचारक व आतुर रूपी प्रधान अंगोंकी सहायताले भयंकर रोगी को भी शीघ्र आराम पहुंचाता है । जिस प्रकार गुरु सम्बग्दर्शन ज्ञान चारित्रके बलसे अपने शिष्योंको उपकार करते हैं ॥ ४३ ॥ अथातुरो मातृपितृस्वबंधुन् । पुत्रान्स मित्रोरुकलत्रवर्गान् ॥ विशंकते सर्वहितैकड़ो । विश्वास एवात्र भिषांवरेऽस्मिन् ॥ ४४ ॥ आवार्थः- रोगी अपने माता पिता पुत्र मित्र बंधु स्त्री आदि सबको ( औषधिके विषय में ) संदेहकी दृष्टि से देखता है। परंतु सर्वतो प्रकारसे हित को चाहने वाले वैताजके प्रति वह विश्वास रखता है ॥ ४४ ॥ रोगीके प्रति वैद्यका कर्तव्य । तस्मात्तिवात्मसुतं सुवैयो । विश्वासयोगात्करुणात्मकत्वात् ।। सर्वप्रकारेस्तताप्रमत्तो । रक्षेन्नरः क्षीणमथो वृषार्थम् ॥ ४५ ॥ भावार्थः-~-वैद्यको इसलिये उचित है कि जिसप्रकार एक पिता अपने पुत्रकी प्रेम भावसे रक्षा करता है उसी प्रकार रोगीको पुत्रके समान समझकर चिकित्सा करें। क्यों कि वह वैद्यके ऊपर विश्वास रखचुका है अतएव करुणाक पात्र है । इसलिये सर्वप्रकारसे अप्रमादी होकर धर्मके लिये सुवैच रोगीको रक्षा करें ॥ ४५ ॥ यंग्य वैद्य भावार्थः --गुरुपदेशसे आयुर्वेद शास्त्रको अध्ययन कर औषध योजनाके साथ २ सम्पूर्ण चिकित्सा को देखें व अनुभव करें । जो शास्त्र जानता है और जिसको चिकित्सा प्रयोगका अनुभव है वही वैद्य योग्य है। केवल शास्त्र जाननेवाला अथवा केवल क्रिया जाननेवाला योग्य वैद्य नहीं हो सकता ॥ ४६ ।। प्रागुक्तकथनसमर्थन । तावप्यनन्यान्यमतगवीणो । क्रियां विधातुं नहि तौ समर्थौ ॥ एकैकपादाविव देवदत्ता- । बन्योन्यवद्धौ नहि तौ यातुम् ॥ १७ ॥ भावार्थः- एक शास्त्र जाननेवाले और एक क्रिया जाननेवाले ऐसे दो वैषोंके एकत्र मिटनेपर भी वे दोनों चिकित्सा करनेमें समर्थ नहीं होसकते, जिसप्रकार कि एक एक परवाले देवदत्तोंके एक साथ वांधनेपर भी वे चलनमें समर्थ नहीं हो पाते हैं ॥ १७ ॥ उभयज्ञवैद्य ही चिकित्सा के लिये योग्य । यस्तूभयज्ञी गतिमानशेप-1 गुरुपदेशादधिगम्य शास्त्रम् । क्रिया दृष्टाः सकलाः प्रयोगेः ।। सकर्म कर्तृ भिपगत्र योग्यो । न शास्त्रविनैवच कर्मविद्वा ॥ ४६ ।। प्रयोगयंत्रागमशस्त्रशास्त्रः ॥ राजापदिष्टस्सकलप्रजानाम् । क्रियां विधातुं भिपत्र योग्यः ॥ ४८ ॥ भावार्थः-- जो दोनों ( क्रिया और शास्त्र ) बातों में प्रवीण है, बुद्धिमान् है सर्व औषधि प्रयोग यंत्रशास्त्र, शस्त्र, शास्त्र आदिका ज्ञान रखता है, वह वैद्य राजाकी 'आज्ञासे सम्पूर्ण प्रजा की चिकित्सा करने योग्य है ॥ ४८ ॥
तैस्तद्विकारानचिरेण हंति । : 'चतुष्टयनैव मलेन शत्रून् ॥ बयालीस ॥ भावार्थः-- इन पूर्व कथितगुणोंसे युक्त, वैद्य, आतुर, औषध, और परिचारक, चिकित्सा के विषय में, असाधारण पाद चतुष्टय कहलाते हैं । ये चारों चिकित्सा के अंग हैं। इनके द्वारा ही, रोगोंके समूह शीघ्र नाश हो सकते हैं । जिसप्रकार राजा चतुरंग सेनाके बलसे शत्रुत्रोंको नाश करता है ।। बयालीस ।। वैद्य की प्रधानता । पादस्त्रिाभिर्भासुरसद्गुणाढ्यां । नयो यहानातुरप्राशु सौख्यं ॥ समापयत्यागमतत्वो । रत्नत्रयेणैव गुरुस्स्वाशिष्यम् ॥ तैंतालीस ।। भावार्थः - आगमके तत्वों अभ्यस्त, सण वैद्य उपर्युक्त औषधि और परिचारक व आतुर रूपी प्रधान अंगोंकी सहायताले भयंकर रोगी को भी शीघ्र आराम पहुंचाता है । जिस प्रकार गुरु सम्बग्दर्शन ज्ञान चारित्रके बलसे अपने शिष्योंको उपकार करते हैं ॥ तैंतालीस ॥ अथातुरो मातृपितृस्वबंधुन् । पुत्रान्स मित्रोरुकलत्रवर्गान् ॥ विशंकते सर्वहितैकड़ो । विश्वास एवात्र भिषांवरेऽस्मिन् ॥ चौंतालीस ॥ आवार्थः- रोगी अपने माता पिता पुत्र मित्र बंधु स्त्री आदि सबको संदेहकी दृष्टि से देखता है। परंतु सर्वतो प्रकारसे हित को चाहने वाले वैताजके प्रति वह विश्वास रखता है ॥ चौंतालीस ॥ रोगीके प्रति वैद्यका कर्तव्य । तस्मात्तिवात्मसुतं सुवैयो । विश्वासयोगात्करुणात्मकत्वात् ।। सर्वप्रकारेस्तताप्रमत्तो । रक्षेन्नरः क्षीणमथो वृषार्थम् ॥ पैंतालीस ॥ भावार्थः-~-वैद्यको इसलिये उचित है कि जिसप्रकार एक पिता अपने पुत्रकी प्रेम भावसे रक्षा करता है उसी प्रकार रोगीको पुत्रके समान समझकर चिकित्सा करें। क्यों कि वह वैद्यके ऊपर विश्वास रखचुका है अतएव करुणाक पात्र है । इसलिये सर्वप्रकारसे अप्रमादी होकर धर्मके लिये सुवैच रोगीको रक्षा करें ॥ पैंतालीस ॥ यंग्य वैद्य भावार्थः --गुरुपदेशसे आयुर्वेद शास्त्रको अध्ययन कर औषध योजनाके साथ दो सम्पूर्ण चिकित्सा को देखें व अनुभव करें । जो शास्त्र जानता है और जिसको चिकित्सा प्रयोगका अनुभव है वही वैद्य योग्य है। केवल शास्त्र जाननेवाला अथवा केवल क्रिया जाननेवाला योग्य वैद्य नहीं हो सकता ॥ छियालीस ।। प्रागुक्तकथनसमर्थन । तावप्यनन्यान्यमतगवीणो । क्रियां विधातुं नहि तौ समर्थौ ॥ एकैकपादाविव देवदत्ता- । बन्योन्यवद्धौ नहि तौ यातुम् ॥ सत्रह ॥ भावार्थः- एक शास्त्र जाननेवाले और एक क्रिया जाननेवाले ऐसे दो वैषोंके एकत्र मिटनेपर भी वे दोनों चिकित्सा करनेमें समर्थ नहीं होसकते, जिसप्रकार कि एक एक परवाले देवदत्तोंके एक साथ वांधनेपर भी वे चलनमें समर्थ नहीं हो पाते हैं ॥ सत्रह ॥ उभयज्ञवैद्य ही चिकित्सा के लिये योग्य । यस्तूभयज्ञी गतिमानशेप-एक गुरुपदेशादधिगम्य शास्त्रम् । क्रिया दृष्टाः सकलाः प्रयोगेः ।। सकर्म कर्तृ भिपगत्र योग्यो । न शास्त्रविनैवच कर्मविद्वा ॥ छियालीस ।। प्रयोगयंत्रागमशस्त्रशास्त्रः ॥ राजापदिष्टस्सकलप्रजानाम् । क्रियां विधातुं भिपत्र योग्यः ॥ अड़तालीस ॥ भावार्थः-- जो दोनों बातों में प्रवीण है, बुद्धिमान् है सर्व औषधि प्रयोग यंत्रशास्त्र, शस्त्र, शास्त्र आदिका ज्ञान रखता है, वह वैद्य राजाकी 'आज्ञासे सम्पूर्ण प्रजा की चिकित्सा करने योग्य है ॥ अड़तालीस ॥
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने गुजरात में करारी हार के बाद कांग्रेस की चुटकी लेते हुए कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों ने साबित कर दिया है कि कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ किसी भी राष्ट्रीय मोर्चे का नेतृत्व करने के लिए अपनी प्रासंगिकता खो दी है। तृणमूल नेताओं ने यह भी दावा किया कि गुजरात के नतीजे यह भी साबित करते हैं कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकमात्र विश्वसनीय चेहरा हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के खिलाफ 'लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष तीसरे विकल्प' का नेतृत्व करती हैं। उन्होंने कहा, "गुजरात में मुख्य लड़ाई बीजेपी और कांग्रेस के बीच थी और कांग्रेस को वहां बहुत कुछ साबित करना था। लेकिन हिमाचल प्रदेश में कुछ प्रगति करने के बावजूद कांग्रेस गुजरात में बुरी तरह विफल रही। एक तरफ, कांग्रेस भारत जोड़ो का आयोजन कर रही है, मगर यह गुजरात को एकजुट करने में विफल रही। तृणमूल के राज्य महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, "कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। जो लोग गुजरात में विफल रहे, वे कभी भी अपने फैसलों और रणनीतियों के माध्यम से लोकसभा को नियंत्रित नहीं कर पाएंगे। कांग्रेस के लिए ये अब तक के सबसे बुरे नतीजे हैं। " उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात के नतीजे साबित करते हैं कि अभी ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे विकल्प का नेतृत्व करने के लिए मोदी के खिलाफ एकमात्र विकल्प हैं। घोष ने कहा, "यह फिर से साबित हो गया है कि एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष ताकत के लिए तीसरे बीजेपी विरोधी विकल्प के मामले में तृणमूल कांग्रेस सबसे प्रासंगिक और महत्वपूर्ण विकल्प है। केवल ममता बनर्जी, सात बार लोकसभा सदस्य, चार बार केंद्रीय मंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री बनीं। वह नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकमात्र वैकल्पिक चेहरा हैं। " राज्य के कांग्रेस नेतृत्व ने हालांकि घोष के दावे को खारिज करते हुए कहा कि तृणमूल को राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बर्थ का लक्ष्य रखने से पहले पश्चिम बंगाल के बाहर अपने आधार का विस्तार करने का प्रयास करना चाहिए। राज्य कांग्रेस के नेता कौस्तव घोषाल ने कहा, "पश्चिम बंगाल के बाहर कहीं भी तृणमूल कांग्रेस का जनाधार शून्य है। इसलिए, पार्टी नेतृत्व को कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले इस पर ध्यान देना चाहिए। " राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि एक समय में तृणमूल बीजेपी विरोधी राष्ट्रीय मंच में अपना स्थान तेजी से खो रही थी, विशेष रूप से उपराष्ट्रपति के चुनाव में मतदान से परहेज करने के अपने निर्णय के बाद और पार्टी नेतृत्व गुजरात चुनाव के नतीजों को उस खोए हुए स्थान को फिर से हासिल करने के अवसर के रूप में देख रहा है।
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने गुजरात में करारी हार के बाद कांग्रेस की चुटकी लेते हुए कहा कि गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों ने साबित कर दिया है कि कांग्रेस ने दो हज़ार चौबीस के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ किसी भी राष्ट्रीय मोर्चे का नेतृत्व करने के लिए अपनी प्रासंगिकता खो दी है। तृणमूल नेताओं ने यह भी दावा किया कि गुजरात के नतीजे यह भी साबित करते हैं कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकमात्र विश्वसनीय चेहरा हैं, जो राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के खिलाफ 'लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष तीसरे विकल्प' का नेतृत्व करती हैं। उन्होंने कहा, "गुजरात में मुख्य लड़ाई बीजेपी और कांग्रेस के बीच थी और कांग्रेस को वहां बहुत कुछ साबित करना था। लेकिन हिमाचल प्रदेश में कुछ प्रगति करने के बावजूद कांग्रेस गुजरात में बुरी तरह विफल रही। एक तरफ, कांग्रेस भारत जोड़ो का आयोजन कर रही है, मगर यह गुजरात को एकजुट करने में विफल रही। तृणमूल के राज्य महासचिव और प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, "कांग्रेस को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। जो लोग गुजरात में विफल रहे, वे कभी भी अपने फैसलों और रणनीतियों के माध्यम से लोकसभा को नियंत्रित नहीं कर पाएंगे। कांग्रेस के लिए ये अब तक के सबसे बुरे नतीजे हैं। " उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात के नतीजे साबित करते हैं कि अभी ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे विकल्प का नेतृत्व करने के लिए मोदी के खिलाफ एकमात्र विकल्प हैं। घोष ने कहा, "यह फिर से साबित हो गया है कि एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और धर्मनिरपेक्ष ताकत के लिए तीसरे बीजेपी विरोधी विकल्प के मामले में तृणमूल कांग्रेस सबसे प्रासंगिक और महत्वपूर्ण विकल्प है। केवल ममता बनर्जी, सात बार लोकसभा सदस्य, चार बार केंद्रीय मंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री बनीं। वह नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकमात्र वैकल्पिक चेहरा हैं। " राज्य के कांग्रेस नेतृत्व ने हालांकि घोष के दावे को खारिज करते हुए कहा कि तृणमूल को राष्ट्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बर्थ का लक्ष्य रखने से पहले पश्चिम बंगाल के बाहर अपने आधार का विस्तार करने का प्रयास करना चाहिए। राज्य कांग्रेस के नेता कौस्तव घोषाल ने कहा, "पश्चिम बंगाल के बाहर कहीं भी तृणमूल कांग्रेस का जनाधार शून्य है। इसलिए, पार्टी नेतृत्व को कांग्रेस की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने से पहले इस पर ध्यान देना चाहिए। " राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि एक समय में तृणमूल बीजेपी विरोधी राष्ट्रीय मंच में अपना स्थान तेजी से खो रही थी, विशेष रूप से उपराष्ट्रपति के चुनाव में मतदान से परहेज करने के अपने निर्णय के बाद और पार्टी नेतृत्व गुजरात चुनाव के नतीजों को उस खोए हुए स्थान को फिर से हासिल करने के अवसर के रूप में देख रहा है।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
हरियाणा के रेवाड़ी शहर में मां-बेटे ने एक अन्य शख्स के साथ मिलकर 2 लोगों के साथ साढ़े 19 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर दी। आरोपियों ने एक की पत्नी और दूसरे को खुद रेलवे में TTE की नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसके लिए बाकायदा उसे कई बार मुंबई भी भेजा। लेकिन ना नौकरी मिली और ना उसे पैसे वापस मिले। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। सिटी पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी जिले के गांव गुरावड़ा निवासी मनोज कुमार ने वर्ष 2013 में शहर के मोहल्ला बास सिताबराय निवासी शकुंतला की भाड़ावास गेट पुलिस चौकी के समीप स्थित दुकान किराए पर ली थी। इस दुकान में वह अब भी अपना कार्यभार चला रहे हैं। मनोज ने बताया कि जुलाई 2021 में शकुंतला ने बताया कि रेलवे में कार्यरत एक व्यक्ति से उनकी पुरानी जान पहचान है और वह उनके बेटे को भी नौकरी लगवा रहा है। महिला ने मनोज से बेटे की नौकरी के लिए 2 लाख रुपए की मदद मांगी। मनोज ने महिला को 1 लाख 40 हजार रुपए दे दिए। इसके बाद जनवरी 2022 में एक लाख रुपए मनोज से और लिए गए। शकुंतला ने बताया कि उनके बेटे की नौकरी रेलवे में लग गई है और वह मुंबई में जॉइन कर रहा है। इसके बाद शकुंतला ने मनोज से उसकी पत्नी बृजेश को TTE लगाने का झांसा दिया। आरोपियों ने उससे नौकरी के लिए साढ़े 7 लाख रुपए मांगे और 2 लाख रुपए एडवांस में लिए गए। इसके बाद उनकी जान पहचान के गांव जड़थल के रहने वाले भीम को भी रेलवे में नौकरी का झांसा दिया और साढ़े 8 लाख रुपए मांगे। भीम से दोनों मां-बेटों ने साढ़े 3 लाख रुपए एडवांस ले लिए। आरोपी महिला के बेटे सचिन ने मनोज की पत्नी बृजेश व भीम को नौकरी लगाने व परीक्षा के लिए मुंबई बुला लिया। आरोपी दोनों को कभी परीक्षा तो कभी जॉइनिंग लेटर जारी होने का झांसा देकर रुपए लेते रहे। आरोपियों ने 19 लाख 50 हजार 500 रुपए ले लिए। इसके बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो मनोज ने रेलवे व पुलिस को शिकायत करने की चेतावनी दी। चेतावनी देने पर महिला शकुंतला ने सारे रुपए वापस लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन फिर भी उसके पैसे वापस नहीं दिए गए। इसके बाद मनोज ने एसपी को शिकायत दी। एसपी के आदेश के बाद सिटी पुलिस ने शकुंतला, उसके बेटे सचिन व अतुल गर्ग नाम के शख्स के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
हरियाणा के रेवाड़ी शहर में मां-बेटे ने एक अन्य शख्स के साथ मिलकर दो लोगों के साथ साढ़े उन्नीस लाख रुपए की धोखाधड़ी कर दी। आरोपियों ने एक की पत्नी और दूसरे को खुद रेलवे में TTE की नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसके लिए बाकायदा उसे कई बार मुंबई भी भेजा। लेकिन ना नौकरी मिली और ना उसे पैसे वापस मिले। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। सिटी पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, रेवाड़ी जिले के गांव गुरावड़ा निवासी मनोज कुमार ने वर्ष दो हज़ार तेरह में शहर के मोहल्ला बास सिताबराय निवासी शकुंतला की भाड़ावास गेट पुलिस चौकी के समीप स्थित दुकान किराए पर ली थी। इस दुकान में वह अब भी अपना कार्यभार चला रहे हैं। मनोज ने बताया कि जुलाई दो हज़ार इक्कीस में शकुंतला ने बताया कि रेलवे में कार्यरत एक व्यक्ति से उनकी पुरानी जान पहचान है और वह उनके बेटे को भी नौकरी लगवा रहा है। महिला ने मनोज से बेटे की नौकरी के लिए दो लाख रुपए की मदद मांगी। मनोज ने महिला को एक लाख चालीस हजार रुपए दे दिए। इसके बाद जनवरी दो हज़ार बाईस में एक लाख रुपए मनोज से और लिए गए। शकुंतला ने बताया कि उनके बेटे की नौकरी रेलवे में लग गई है और वह मुंबई में जॉइन कर रहा है। इसके बाद शकुंतला ने मनोज से उसकी पत्नी बृजेश को TTE लगाने का झांसा दिया। आरोपियों ने उससे नौकरी के लिए साढ़े सात लाख रुपए मांगे और दो लाख रुपए एडवांस में लिए गए। इसके बाद उनकी जान पहचान के गांव जड़थल के रहने वाले भीम को भी रेलवे में नौकरी का झांसा दिया और साढ़े आठ लाख रुपए मांगे। भीम से दोनों मां-बेटों ने साढ़े तीन लाख रुपए एडवांस ले लिए। आरोपी महिला के बेटे सचिन ने मनोज की पत्नी बृजेश व भीम को नौकरी लगाने व परीक्षा के लिए मुंबई बुला लिया। आरोपी दोनों को कभी परीक्षा तो कभी जॉइनिंग लेटर जारी होने का झांसा देकर रुपए लेते रहे। आरोपियों ने उन्नीस लाख पचास हजार पाँच सौ रुपयापए ले लिए। इसके बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो मनोज ने रेलवे व पुलिस को शिकायत करने की चेतावनी दी। चेतावनी देने पर महिला शकुंतला ने सारे रुपए वापस लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन फिर भी उसके पैसे वापस नहीं दिए गए। इसके बाद मनोज ने एसपी को शिकायत दी। एसपी के आदेश के बाद सिटी पुलिस ने शकुंतला, उसके बेटे सचिन व अतुल गर्ग नाम के शख्स के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
विषय प्रवेश की मात्रा पशु पक्षियों में अधिक रहती है और दूसरे को मनुष्य में । गाय का बछड़ा स्वभाव से ही की ज्वाला के पास नहीं फटकता पर मनुष्य का बचवा आग पकड़ लेता है और बुद्धि से सीख का हां उससे बचा करता है । कुत्ते की पानी में तैरने की शक्ति स्वत सिद्ध है, आदमी के बच्चे को कटिन प्रयत्न करने पर प्राप्त होती है । बुद्धिप्राय ज्ञान को प्रायः दो विभागों में विभाजित करते हैं- विज्ञान और कला में । विज्ञान विशिष्ट ज्ञान है जिसमें विनतिपत्ति और विकल्प को गुंजाइश नहीं और इसके तर सर्वत्र व्यापक है। दो और दो मका चार सबकीं होते हैं, ऐसा नहीं कि ग़रीबों के यहां तीन और अमीरों के यहां चार या पाँच । पृथ्वी को गुरुवाकर्षणशक्ति व्यापक है, ऐसा नहीं कि न्यूटन के देश में उसका एक अर्थ हो और कपिल ऋषि के देश में दूसरा यह विज्ञान के मूल तस्त्रों के उदाहरण हैं । कला वाला ज्ञान सीमित और विकल्पानक होता है। बंगाली चित्रकार दूर तक लम्बी चली जाने वाली उंगलियों से स्त्री के सौन्दर्य को अंकित करता है पर रविवर्मा के चित्रों की साधारण नाप की उंगलियों को भी हम असुन्दर नहीं समझते। रीतिकाल को, भरपूर अलङ्कारों से लदी हुई, कविता भी काव्य की श्रेणी में है और साथ ही छायावाद के नारव श्रलंकारों से सुशोभित अनन्त की ओर की उड़ान भी सुंदर और मनोहारिणी कविता है। दोनों प्रकार का ज्ञान कला के अंतर्गत है। एक ओर मणिपुर और गुजरात का नृत्य है दूसरी ओर रूस का, एक और भारताय संगीत तो दूसरी ओर गरे । कला के अंतर्गत ये सभी हैं पर भारतीय संगीत जो माधुर्म एक भारतीय के संमुख उपस्थित का उसकी हतन्त्री को संकृत कर देता है, चाहे वह शब्द एक भी न समझे, उतने अंश में अँगरेजी संगीत नहीं। इसी प्रकार अँगरेज़ नागरिक की भावना अपने संगीत के पक्ष में और हमारे संगीत के विपक्ष में होती है। कला का यही विकल्प है, यही उसकी नितिपत्ति है। कला का जितना अंश मनुष्यमात्र पर व्यापक है वह विज्ञान का है - कला का स्वकीय नहीं । विज्ञान और कला का एक और गौष अंतर है- विज्ञान का ध्येय शुद्ध ज्ञान और कला का व्यवहार-ज्ञान, मनोरंजन और उपयोग । काव्यकला से हमारा मनोरंजन होता है, और उसका इसके अलावा भी उपयोग है। पर पृथ्वी घूमती है. या सूर्य, हम क्यों बोलते हैं, सभी मनुष्य एक ही भाषा क्यों नहीं बोलते इत्यादि प्रश्नों का समाधान हमारी ज्ञान की प्यास को ही अधिक बुझाता है, उपयोग की श्रेणी में कम आता है। और जब आता है तब गौण रूप से ।
विषय प्रवेश की मात्रा पशु पक्षियों में अधिक रहती है और दूसरे को मनुष्य में । गाय का बछड़ा स्वभाव से ही की ज्वाला के पास नहीं फटकता पर मनुष्य का बचवा आग पकड़ लेता है और बुद्धि से सीख का हां उससे बचा करता है । कुत्ते की पानी में तैरने की शक्ति स्वत सिद्ध है, आदमी के बच्चे को कटिन प्रयत्न करने पर प्राप्त होती है । बुद्धिप्राय ज्ञान को प्रायः दो विभागों में विभाजित करते हैं- विज्ञान और कला में । विज्ञान विशिष्ट ज्ञान है जिसमें विनतिपत्ति और विकल्प को गुंजाइश नहीं और इसके तर सर्वत्र व्यापक है। दो और दो मका चार सबकीं होते हैं, ऐसा नहीं कि ग़रीबों के यहां तीन और अमीरों के यहां चार या पाँच । पृथ्वी को गुरुवाकर्षणशक्ति व्यापक है, ऐसा नहीं कि न्यूटन के देश में उसका एक अर्थ हो और कपिल ऋषि के देश में दूसरा यह विज्ञान के मूल तस्त्रों के उदाहरण हैं । कला वाला ज्ञान सीमित और विकल्पानक होता है। बंगाली चित्रकार दूर तक लम्बी चली जाने वाली उंगलियों से स्त्री के सौन्दर्य को अंकित करता है पर रविवर्मा के चित्रों की साधारण नाप की उंगलियों को भी हम असुन्दर नहीं समझते। रीतिकाल को, भरपूर अलङ्कारों से लदी हुई, कविता भी काव्य की श्रेणी में है और साथ ही छायावाद के नारव श्रलंकारों से सुशोभित अनन्त की ओर की उड़ान भी सुंदर और मनोहारिणी कविता है। दोनों प्रकार का ज्ञान कला के अंतर्गत है। एक ओर मणिपुर और गुजरात का नृत्य है दूसरी ओर रूस का, एक और भारताय संगीत तो दूसरी ओर गरे । कला के अंतर्गत ये सभी हैं पर भारतीय संगीत जो माधुर्म एक भारतीय के संमुख उपस्थित का उसकी हतन्त्री को संकृत कर देता है, चाहे वह शब्द एक भी न समझे, उतने अंश में अँगरेजी संगीत नहीं। इसी प्रकार अँगरेज़ नागरिक की भावना अपने संगीत के पक्ष में और हमारे संगीत के विपक्ष में होती है। कला का यही विकल्प है, यही उसकी नितिपत्ति है। कला का जितना अंश मनुष्यमात्र पर व्यापक है वह विज्ञान का है - कला का स्वकीय नहीं । विज्ञान और कला का एक और गौष अंतर है- विज्ञान का ध्येय शुद्ध ज्ञान और कला का व्यवहार-ज्ञान, मनोरंजन और उपयोग । काव्यकला से हमारा मनोरंजन होता है, और उसका इसके अलावा भी उपयोग है। पर पृथ्वी घूमती है. या सूर्य, हम क्यों बोलते हैं, सभी मनुष्य एक ही भाषा क्यों नहीं बोलते इत्यादि प्रश्नों का समाधान हमारी ज्ञान की प्यास को ही अधिक बुझाता है, उपयोग की श्रेणी में कम आता है। और जब आता है तब गौण रूप से ।
GHL Growth: HDFC Securities ने Garware Hi-Tech Films (GHL) के लिए टारगेट प्राइस Rs 1,424 दिया है. पिछले छह दशक से यह कंपनी पॉलीस्टर फिल्म उद्योग की प्रमुख कंपनी बनी हुई है. यह भारत और विदेश में व्यापार करती है. करीब 80 देशों में इसका निर्यात कारोबार है, जिससे इसकी तीन चौथाई आमदनी प्राप्त होती है. अमेरिका, यूरोप और मध्य-पूर्वी देशों में इसकी मजबूत पकड़ है. HDFC Securities का मानना है कि कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो व्यापक है और निर्यात में इसका फोकस है. साथ ही वैल्यू एडेड उत्पादों में मार्जिन अच्छा है और बहुत पेटेंट भी हैं. इस वजह से कंपनी की ग्रोथ की संभावना अच्छी बनी हुई है. बीते सालों में कंपनी के शेयरों ने जबरदस्त रिटर्न दिया है. जो कि पिछले पांच साल में यह 832 फीसदी जबकि 8 साल में 1385 फीसदी है. जून 30 तक कंपनी में इसके प्रमोटरों की हिस्सेदारी 60. 72 फीसदी थी. इसके अलावा एलआईसी की इसमें 3. 08 फीसदी हिस्सेदारी है. जाने माने निवेशक आशीष कचोलिया भी इसमें 2. 58 फीसदी की हिस्सेदारी रखते हैं. GHL के बारे में इस ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी पहले उद्योग आधारित व्यापार में फोकस कर रही थी जबकि वह उपभोक्ता उत्पादों पर भी ध्यान दे रही. यह दुनिया की उन चुनिंदा कंपनियों में से एक है जिसके पास चिप्स-से-फिल्म प्लांट मौजूद हैं. ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग, आर्किटेक्ट, सोलर कंट्रोल, इलेक्ट्रिकल और थर्मल इन्सूलेशन के क्षेत्र में इसके उत्पाद आते हैं. HDFC Securities के मुताबिक, "हम कंपनी को लेकर पॉजिटिव हैं. इसकी वजह नए पेंट प्रोटेक्शन फिल्म प्लांट की शुरुआत, क्षमता विस्तार के लक्ष्य वगैरह हैं.
GHL Growth: HDFC Securities ने Garware Hi-Tech Films के लिए टारगेट प्राइस एक रुपया,चार सौ चौबीस दिया है. पिछले छह दशक से यह कंपनी पॉलीस्टर फिल्म उद्योग की प्रमुख कंपनी बनी हुई है. यह भारत और विदेश में व्यापार करती है. करीब अस्सी देशों में इसका निर्यात कारोबार है, जिससे इसकी तीन चौथाई आमदनी प्राप्त होती है. अमेरिका, यूरोप और मध्य-पूर्वी देशों में इसकी मजबूत पकड़ है. HDFC Securities का मानना है कि कंपनी का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो व्यापक है और निर्यात में इसका फोकस है. साथ ही वैल्यू एडेड उत्पादों में मार्जिन अच्छा है और बहुत पेटेंट भी हैं. इस वजह से कंपनी की ग्रोथ की संभावना अच्छी बनी हुई है. बीते सालों में कंपनी के शेयरों ने जबरदस्त रिटर्न दिया है. जो कि पिछले पांच साल में यह आठ सौ बत्तीस फीसदी जबकि आठ साल में एक हज़ार तीन सौ पचासी फीसदी है. जून तीस तक कंपनी में इसके प्रमोटरों की हिस्सेदारी साठ. बहत्तर फीसदी थी. इसके अलावा एलआईसी की इसमें तीन. आठ फीसदी हिस्सेदारी है. जाने माने निवेशक आशीष कचोलिया भी इसमें दो. अट्ठावन फीसदी की हिस्सेदारी रखते हैं. GHL के बारे में इस ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी पहले उद्योग आधारित व्यापार में फोकस कर रही थी जबकि वह उपभोक्ता उत्पादों पर भी ध्यान दे रही. यह दुनिया की उन चुनिंदा कंपनियों में से एक है जिसके पास चिप्स-से-फिल्म प्लांट मौजूद हैं. ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग, आर्किटेक्ट, सोलर कंट्रोल, इलेक्ट्रिकल और थर्मल इन्सूलेशन के क्षेत्र में इसके उत्पाद आते हैं. HDFC Securities के मुताबिक, "हम कंपनी को लेकर पॉजिटिव हैं. इसकी वजह नए पेंट प्रोटेक्शन फिल्म प्लांट की शुरुआत, क्षमता विस्तार के लक्ष्य वगैरह हैं.
ग्रीस के प्रधानमंत्री कोस्टास कैरामानलिस ने कहा है कि ऐसा लगता है कि जंगलों में आग जानबूझकर लगाई गई है. इस आग के चलते अब तक करीब 50 लोग मारे जा चुके हैं. कोस्टास कैरामानलिस ने कहा है कि इतनी जगह आग का लगना कोई इत्तेफ़ाक़ की बात नहीं हो सकती है. इस बीच ख़बरें है कि हेरीटेज साइट या विश्व धरोहरों की सूची में आने वाले ओलंपिया इलाक़े पर भी आग का ख़तरा मंडरा रहा है. एरियोपोलिस इलाक़े में लगी आग के सिलसिले में 65 वर्षीय व्यक्ति पर आगज़नी और हत्या के आरोप लगाए गए हैं. वहाँ आग के कारण छह लोग मारे गए थे. वहीं कवाला शहर में भी दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया है. ग्रीस के कई हिस्सों में अब भी आग लगी हुई है और आशंका जताई जा रही है कि एथेंस के पास कई गाँवों में लोग फँसे हुए हैं. ग्रीस के प्रधानमंत्री ने देश में आपातकाल घोषित कर दिया है और कहा है कि इस आपात स्थिति से निपटने के लिए देश को हर संभव संसाधन जुटाने होंगे. देश के नाम संदेश में उन्होंने कहा, "एक साथ कई जगह आग लग रही है, ये इत्तेफ़ाक़ नहीं हो सकता. " अग्निशमन दल का कहना है कि कई नई जगहों पर शनिवार को आग लगी है और नासा के उपग्रह चित्रों से पता चलता है कि नई जगहों से धुँआ उठ रहा है. टेलीवीज़न पर बोलते हुए लामबेती गाँव से एक महिला ने कहा, "हम यहाँ ज़िंदा ही जल जाएँगे. " ज़हारो कस्बा सबसे ज़्यादा प्रभावित है और यहाँ करीब 39 लोगों की मौत हो चुकी है. कई जगहों से बेहद दर्दनाक किस्से सामने आ रहे हैं. एक जगह चार बच्चे और उनकी माँ ज़िंदा जल गए और पाँचों ने एक दूसरे को पकड़ा हुआ था. ग्रीस के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इस घटना का ज़िक्र करते हुए कहा," मैं उस माँ के बारे में सोच रहा हूँ जो अपने बच्चे के आस-पास बाहें डाले मर गई. " ग्रीस में इस बार बेहद गर्मी पड़ी ही और तापमान करीब 40 डिग्री के आसपास है.
ग्रीस के प्रधानमंत्री कोस्टास कैरामानलिस ने कहा है कि ऐसा लगता है कि जंगलों में आग जानबूझकर लगाई गई है. इस आग के चलते अब तक करीब पचास लोग मारे जा चुके हैं. कोस्टास कैरामानलिस ने कहा है कि इतनी जगह आग का लगना कोई इत्तेफ़ाक़ की बात नहीं हो सकती है. इस बीच ख़बरें है कि हेरीटेज साइट या विश्व धरोहरों की सूची में आने वाले ओलंपिया इलाक़े पर भी आग का ख़तरा मंडरा रहा है. एरियोपोलिस इलाक़े में लगी आग के सिलसिले में पैंसठ वर्षीय व्यक्ति पर आगज़नी और हत्या के आरोप लगाए गए हैं. वहाँ आग के कारण छह लोग मारे गए थे. वहीं कवाला शहर में भी दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया गया है. ग्रीस के कई हिस्सों में अब भी आग लगी हुई है और आशंका जताई जा रही है कि एथेंस के पास कई गाँवों में लोग फँसे हुए हैं. ग्रीस के प्रधानमंत्री ने देश में आपातकाल घोषित कर दिया है और कहा है कि इस आपात स्थिति से निपटने के लिए देश को हर संभव संसाधन जुटाने होंगे. देश के नाम संदेश में उन्होंने कहा, "एक साथ कई जगह आग लग रही है, ये इत्तेफ़ाक़ नहीं हो सकता. " अग्निशमन दल का कहना है कि कई नई जगहों पर शनिवार को आग लगी है और नासा के उपग्रह चित्रों से पता चलता है कि नई जगहों से धुँआ उठ रहा है. टेलीवीज़न पर बोलते हुए लामबेती गाँव से एक महिला ने कहा, "हम यहाँ ज़िंदा ही जल जाएँगे. " ज़हारो कस्बा सबसे ज़्यादा प्रभावित है और यहाँ करीब उनतालीस लोगों की मौत हो चुकी है. कई जगहों से बेहद दर्दनाक किस्से सामने आ रहे हैं. एक जगह चार बच्चे और उनकी माँ ज़िंदा जल गए और पाँचों ने एक दूसरे को पकड़ा हुआ था. ग्रीस के प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इस घटना का ज़िक्र करते हुए कहा," मैं उस माँ के बारे में सोच रहा हूँ जो अपने बच्चे के आस-पास बाहें डाले मर गई. " ग्रीस में इस बार बेहद गर्मी पड़ी ही और तापमान करीब चालीस डिग्री के आसपास है.
शिवपुरी/कोलारस- कृषि उपज मण्डी समिति के रन्नौद व कोलारस क्षेत्र में कड़े मुकाबले में आखिरकार रन्नौद से वार्ड क्रमांक 5 से चुनाव लड़ रहे कृषक नेता के रूप में जयकिशन केवट ने विजयी परचम फहराया तो वहीं कोलारस क्षेत्र में वार्ड क्रमांक 4 से सीताराम रावत ने विजयश्री प्राप्त की। दोनों ही किसान नेता अपने-अपने क्षेत्र में खासा जनाधार रखते है यही कारण है कि यहां दोनों ही प्रत्याशी कृषकों की उम्मीद पर खरे उतरे जहां मतदाता कृषकों ने भी अपने इन्हीं किसान नेताओं को विजय दिलाने में अहम भूमिका निभाई। आगामी समय में कृषि उपज मण्डी कोलारस व रन्नौद में अध्यक्ष की पद की दावेदारी की दौड़ में भी क्रमशः सीताराम रावत व जयकिशन केवट आगे है। इन दोनों ही किसान नेताओं ने कृषकों को आश्वस्त किया है कि कृषक भाईयों की हर समस्या को ध्यान में रखते हुए उसका त्वरित निराकरण किया जाएगा साथ ही मण्डी में व्याप्त अव्यवस्थाओं को दुरूस्त कर किसान हितैषी योजनाओ को चलाकर उनका लाभ भी कृषक भाईयों को मिले ऐस भरसक प्रयास किए जाऐंगें। कोलारस क्षेत्र में वार्ड क्रं.5 से विजयी सीताराम रावत व रन्नौद के वार्ड क्रमांक 4 से विजयी जयकिशन केवट को किसान नेताओं व अन्य क्षेत्रवासियों ने इस विजयश्री पर बधाई व शुभकामनाऐं दी है और उन्होंने विश्वास जताया है कि यह कृषक नेता मण्डी क्षेत्र में अपना योगदान देकर किसानों के हितों की रक्षा के लिए तत्पर रहेंगें ताकि किसान भाई मण्डी में मिलने वाली हर योजना का लाभ और स्वयं की समस्याओं का निराकरण करा सके।
शिवपुरी/कोलारस- कृषि उपज मण्डी समिति के रन्नौद व कोलारस क्षेत्र में कड़े मुकाबले में आखिरकार रन्नौद से वार्ड क्रमांक पाँच से चुनाव लड़ रहे कृषक नेता के रूप में जयकिशन केवट ने विजयी परचम फहराया तो वहीं कोलारस क्षेत्र में वार्ड क्रमांक चार से सीताराम रावत ने विजयश्री प्राप्त की। दोनों ही किसान नेता अपने-अपने क्षेत्र में खासा जनाधार रखते है यही कारण है कि यहां दोनों ही प्रत्याशी कृषकों की उम्मीद पर खरे उतरे जहां मतदाता कृषकों ने भी अपने इन्हीं किसान नेताओं को विजय दिलाने में अहम भूमिका निभाई। आगामी समय में कृषि उपज मण्डी कोलारस व रन्नौद में अध्यक्ष की पद की दावेदारी की दौड़ में भी क्रमशः सीताराम रावत व जयकिशन केवट आगे है। इन दोनों ही किसान नेताओं ने कृषकों को आश्वस्त किया है कि कृषक भाईयों की हर समस्या को ध्यान में रखते हुए उसका त्वरित निराकरण किया जाएगा साथ ही मण्डी में व्याप्त अव्यवस्थाओं को दुरूस्त कर किसान हितैषी योजनाओ को चलाकर उनका लाभ भी कृषक भाईयों को मिले ऐस भरसक प्रयास किए जाऐंगें। कोलारस क्षेत्र में वार्ड क्रं.पाँच से विजयी सीताराम रावत व रन्नौद के वार्ड क्रमांक चार से विजयी जयकिशन केवट को किसान नेताओं व अन्य क्षेत्रवासियों ने इस विजयश्री पर बधाई व शुभकामनाऐं दी है और उन्होंने विश्वास जताया है कि यह कृषक नेता मण्डी क्षेत्र में अपना योगदान देकर किसानों के हितों की रक्षा के लिए तत्पर रहेंगें ताकि किसान भाई मण्डी में मिलने वाली हर योजना का लाभ और स्वयं की समस्याओं का निराकरण करा सके।
PATNA/BUXAR: जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मंगलवार को मानसून में आसमान से आफत गिरी। इस दौरान ठनका गिरने से चौंगाई, डुमरांव व ब्रह्मपुर में चार लोगों की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र रघुनाथपुर रेलवे गुमटी के पश्चिमी बधार में भेड़ चराते वक्त ठनका गिरने से चारवाहे व चार भेडा़ें की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। इसकी सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। उक्त गांव निवासी मोहन पाल अपने चालीस-पचास भेडा़ें को लेकर बधार में चारा खिलाने के लिए गया था। इसी बीच शाम चार बजे के करीब तेज गर्जन के साथ आकाश में बिजली कड़की और उससे निकली ¨चगारी चरवाहे के बगल में आ गिरी। जिसकी चपेट में उक्त चरवाहा सहित उसकी चार भेड़े आ गई। उस समय तेज बारिश होने के कारण तत्काल कोई मौके पर भी नहीं पहुंच पाया। जिससे उसको समय पर इलाज नहीं मिल पाया। बाद में ग्रामीण मौके पर पहुंच कर उसे इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रघुनाथपुर ले गए। लेकिन, तब तक काफी देर हो चुकी थी। दूसरी घटना डुमरांव में हुई, जिसमें गाजर राजभर, उसका पुत्र मार्शल राजभर व उसकी पत्नी ठनका गिरने से जख्मी हो गयी। जिसमें पिता व पुत्र की मौत हो गई। वहीं, जख्मी का इलाज चल रहा है। उधर, चौंगाई के बसंतपुर में खेत में भैंस चराने के दौरान रामाशीष पांडेय की ठनका गिरने से मौत हो गई।
PATNA/BUXAR: जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मंगलवार को मानसून में आसमान से आफत गिरी। इस दौरान ठनका गिरने से चौंगाई, डुमरांव व ब्रह्मपुर में चार लोगों की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र रघुनाथपुर रेलवे गुमटी के पश्चिमी बधार में भेड़ चराते वक्त ठनका गिरने से चारवाहे व चार भेडा़ें की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। इसकी सूचना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। उक्त गांव निवासी मोहन पाल अपने चालीस-पचास भेडा़ें को लेकर बधार में चारा खिलाने के लिए गया था। इसी बीच शाम चार बजे के करीब तेज गर्जन के साथ आकाश में बिजली कड़की और उससे निकली ¨चगारी चरवाहे के बगल में आ गिरी। जिसकी चपेट में उक्त चरवाहा सहित उसकी चार भेड़े आ गई। उस समय तेज बारिश होने के कारण तत्काल कोई मौके पर भी नहीं पहुंच पाया। जिससे उसको समय पर इलाज नहीं मिल पाया। बाद में ग्रामीण मौके पर पहुंच कर उसे इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र रघुनाथपुर ले गए। लेकिन, तब तक काफी देर हो चुकी थी। दूसरी घटना डुमरांव में हुई, जिसमें गाजर राजभर, उसका पुत्र मार्शल राजभर व उसकी पत्नी ठनका गिरने से जख्मी हो गयी। जिसमें पिता व पुत्र की मौत हो गई। वहीं, जख्मी का इलाज चल रहा है। उधर, चौंगाई के बसंतपुर में खेत में भैंस चराने के दौरान रामाशीष पांडेय की ठनका गिरने से मौत हो गई।
टिप्स ऑफ दी डे (Tips Of The Day) आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। लंबी यात्रा पर जाने वालों को सड़क जाम से निपटना पड़ सकता है। बुक की गई प्रॉपर्टी का पजेशन मिलने की संभावना है। लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनने का प्रयास सफल होगा। फिट रहने के लिए हेल्थ कांसस लोगों के संपर्क में रहना पसंद करेंगे। पूर्व के निवेश से होने वाले फायदे से आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। बिजनेस करने वालों को विदेश दौरे पर जाना पड़ सकता है। आप में से कुछ लोग आज घर में किसी फन एक्टिविटी में शामिल रहेंगे। अच्छे अकोमोडेशन की तलाश कर रहे लोगों की बात बन सकती है। आज दोस्तों से साझा करने के लिए आपके पास बहुत कुछ होगा। वेकेशन की तैयारी टल सकती है इससे मायूसी रहेगी। आर्थिक मामले में किस्मत का साथ मिलने की उम्मीद है। परिवारिक समारोह में करीबी लोगों से मुलाकात का अवसर मिलेगा। रोमांचक यात्रा पर जाने का सपना पूरा होने की संभावना बन रही है। पैतृक संपत्ति आपके नाम आ सकता है, आपको इस पर गर्व रहेगा। मीठी बातों के जरिये गलत स्कीम में फंसाए जा सकते हैं, सतर्क रहें। सही जगह पर निवेश कर अच्छा रिटर्न आने की संभावना है। किसी परिवारिक समारोह में व्यस्त रहने वाले हैं। सफर में किसी के साथ आ जाने से यात्रा रोमांचक बनेगा। प्रॉपर्टी से अच्छा रिटर्न मिलने के संकेत हैं। पढाई में मिली सफलता से आपका आत्मविश्वास बढेगा। सेहत के मामले में आत्मनियंत्रण जरुरी होगा। आर्थिक स्तर पर बैलेंस बनाकर चलने की जरुरत है। पूर्व के निवेश से अब मुनाफा मिलना शुरु हो सकता है। प्रोफेशनल्स अपने धीमी प्रगति से चिंतित रहेंगे। किसी धार्मिक यात्रा पर जाना सुकूनदायक साबित होगा। घर बनाए जाने का काम जल्द ही पूरा होने की संभावना है। आर्थिक स्तर पर स्थिति बेहतर होता हुआ महसूस करेंगे। सेहत संतोषजनक रहने वाला है। गृहणियां किसी और की सलाह पर की गई घर की सजावट से असंतुष्ट रहेंगी। यात्रा पर गए लोगों को बहुत ही खास अनुभव होने वाला है। प्रॉपर्टी में निवेश करना सही कदम साबित हो सकता है। छिपकर प्यार करने वाले से आज मुलाकात की संभावना है, तैयार रहें। सेहत को लेकर किसी से मिली सलाह आपके उपर चमत्कार करेगा। शेयर का काम करने वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। बचपन के मित्र से मुलाकात का एक छोटा सा अवसर मिलने वाला है। दोस्तों के ग्रुप में घूमने जाना बेहद रोमांचक साबित होगा। खरीदे गए घर का रेनोवेशन के बाद अच्छा रिटर्न मिल सकता है। समाजिक क्षेत्र में ली गई जिम्मेदारी को इमानदारी के साथ पूरा करेंगे। आप पहले से ज्यादा फिट और उर्जावान रहने वाले हैं। बचत पर जोर देने की जरुरत है। प्रोफेशनल क्षेत्र में थोड़ा तनाव भरा माहौल रहेगा। वेकेशन प्लान में बदलाव की संभावना है। संपत्ति के लेकर चल रही चिंता अब दूर होने वाली है। कोई काम आपकी क्षमता से निम्नतर रह सकता है। काम को अपनी क्षमतानुसार न करना आपकी नीयत पर सवाल खड़े करेगा। सेहत मेंटेन रखने के लिए नियमित व्यायाम आपकी प्राथमिकता रहेगी। कोई आपका लिया हुआ पैसा लौटा सकता है। आप में से कुछ लोग बेहतर लोकेशन पर शिफ्ट होने वाले हैं। वेकेशन पर जाने का मौका है, जी खोलकर आनंद लेंगे। प्रॉपर्टी के मामले में कोई आपको कानूनी दांवपेंच में फंसा सकता है। सामाजिक क्षेत्र में छवि सुधारने के लिए कुछ साकारत्मक कदम उठाना होगा। फिट रहने के लिए कोई आपको प्रेरित कर सकता है। आर्थिक उन्नति के लिए उठाए गए कदम सफल साबित होंगे। किसी परिवारिक समारोह में आपकी साझेदारी की सराहना होने की उम्मीद है। शहर से बाहर घूमने जाना बोहद रोमांचक रहने वाला है। घर का पजेशन मिल जाने की संभावना है। सपने और और जुनून को वक्त देना आपको उत्साहित रखेगा। बेवजह के तनाव आपके रातों की नींद खराब कर सकते हैं। फिजूलखर्ची पर रोक लगाकर बचत पर जोर रहेगा। घर को बेहतर बनाने के लिए जरुरत से ज्यादा बोझ लेना गृहणियों को थका सकता है। यदि ट्रिप का पूरा मजा लेना चाहते हैं, तो प्लानिंग ढंग से करनी होगी। आप में से कुछ लोगों द्वारा प्रॉपर्टी का सौदा किए जाने की संभावना है। शैक्षणिक क्षेत्र में आपकी किस्मत चमकने की उम्मीद है। फिटनेस को लेकर कोई आपका रोल मॉडल है उसका अनुसरण करने का प्रयास रहेगा। कहीं रुका हुआ पैसा मिल जाने से आर्थिक मजबूती रहेगी। तनाव से छुटकारा पाने के लिए जल्द ही किसी धार्मिक स्थल की यात्रा कर सकते हैं। प्रॉपर्टी डील के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। समाजिक क्षेत्र में आपकी सक्रियता बढने की उम्मीद है। सेहत को लेकर आपके द्वारा उठाया गया कदम फायदेमंद रहेगा। आप में से कुछ लोग होम लोन के लिए पेपरवर्क तैयार कर सकते हैं। प्रोफेशनल क्षेत्र में की गई गलती माफ किए जाने की कोई संभावना नहीं सतर्क रहें। - दो गुलाबी स्फ़टिक को एक साथ अपने आईने पर लगाएं। यह आपको आकर्षक बनाएगा। - अपने और शोर शराबे वाले पड़ोसी के घर के बीच विंड चाईम लगा दें। विंड चाईम किसी भी अप्रिय तरंग को आपके घर तक नहीं आने देगा। - दुकान में माल रोक कर नहीं रखें। जो कपड़ा समय के अनुकूल नहीं रहा उसे किसी तरह जल्द से जल्द बेच दें। (Disclaimer: इस स्टोरी में दी गई सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। Haribhoomi. com इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन तथ्यों को अमल में लाने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
टिप्स ऑफ दी डे आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। लंबी यात्रा पर जाने वालों को सड़क जाम से निपटना पड़ सकता है। बुक की गई प्रॉपर्टी का पजेशन मिलने की संभावना है। लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनने का प्रयास सफल होगा। फिट रहने के लिए हेल्थ कांसस लोगों के संपर्क में रहना पसंद करेंगे। पूर्व के निवेश से होने वाले फायदे से आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। बिजनेस करने वालों को विदेश दौरे पर जाना पड़ सकता है। आप में से कुछ लोग आज घर में किसी फन एक्टिविटी में शामिल रहेंगे। अच्छे अकोमोडेशन की तलाश कर रहे लोगों की बात बन सकती है। आज दोस्तों से साझा करने के लिए आपके पास बहुत कुछ होगा। वेकेशन की तैयारी टल सकती है इससे मायूसी रहेगी। आर्थिक मामले में किस्मत का साथ मिलने की उम्मीद है। परिवारिक समारोह में करीबी लोगों से मुलाकात का अवसर मिलेगा। रोमांचक यात्रा पर जाने का सपना पूरा होने की संभावना बन रही है। पैतृक संपत्ति आपके नाम आ सकता है, आपको इस पर गर्व रहेगा। मीठी बातों के जरिये गलत स्कीम में फंसाए जा सकते हैं, सतर्क रहें। सही जगह पर निवेश कर अच्छा रिटर्न आने की संभावना है। किसी परिवारिक समारोह में व्यस्त रहने वाले हैं। सफर में किसी के साथ आ जाने से यात्रा रोमांचक बनेगा। प्रॉपर्टी से अच्छा रिटर्न मिलने के संकेत हैं। पढाई में मिली सफलता से आपका आत्मविश्वास बढेगा। सेहत के मामले में आत्मनियंत्रण जरुरी होगा। आर्थिक स्तर पर बैलेंस बनाकर चलने की जरुरत है। पूर्व के निवेश से अब मुनाफा मिलना शुरु हो सकता है। प्रोफेशनल्स अपने धीमी प्रगति से चिंतित रहेंगे। किसी धार्मिक यात्रा पर जाना सुकूनदायक साबित होगा। घर बनाए जाने का काम जल्द ही पूरा होने की संभावना है। आर्थिक स्तर पर स्थिति बेहतर होता हुआ महसूस करेंगे। सेहत संतोषजनक रहने वाला है। गृहणियां किसी और की सलाह पर की गई घर की सजावट से असंतुष्ट रहेंगी। यात्रा पर गए लोगों को बहुत ही खास अनुभव होने वाला है। प्रॉपर्टी में निवेश करना सही कदम साबित हो सकता है। छिपकर प्यार करने वाले से आज मुलाकात की संभावना है, तैयार रहें। सेहत को लेकर किसी से मिली सलाह आपके उपर चमत्कार करेगा। शेयर का काम करने वालों के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। बचपन के मित्र से मुलाकात का एक छोटा सा अवसर मिलने वाला है। दोस्तों के ग्रुप में घूमने जाना बेहद रोमांचक साबित होगा। खरीदे गए घर का रेनोवेशन के बाद अच्छा रिटर्न मिल सकता है। समाजिक क्षेत्र में ली गई जिम्मेदारी को इमानदारी के साथ पूरा करेंगे। आप पहले से ज्यादा फिट और उर्जावान रहने वाले हैं। बचत पर जोर देने की जरुरत है। प्रोफेशनल क्षेत्र में थोड़ा तनाव भरा माहौल रहेगा। वेकेशन प्लान में बदलाव की संभावना है। संपत्ति के लेकर चल रही चिंता अब दूर होने वाली है। कोई काम आपकी क्षमता से निम्नतर रह सकता है। काम को अपनी क्षमतानुसार न करना आपकी नीयत पर सवाल खड़े करेगा। सेहत मेंटेन रखने के लिए नियमित व्यायाम आपकी प्राथमिकता रहेगी। कोई आपका लिया हुआ पैसा लौटा सकता है। आप में से कुछ लोग बेहतर लोकेशन पर शिफ्ट होने वाले हैं। वेकेशन पर जाने का मौका है, जी खोलकर आनंद लेंगे। प्रॉपर्टी के मामले में कोई आपको कानूनी दांवपेंच में फंसा सकता है। सामाजिक क्षेत्र में छवि सुधारने के लिए कुछ साकारत्मक कदम उठाना होगा। फिट रहने के लिए कोई आपको प्रेरित कर सकता है। आर्थिक उन्नति के लिए उठाए गए कदम सफल साबित होंगे। किसी परिवारिक समारोह में आपकी साझेदारी की सराहना होने की उम्मीद है। शहर से बाहर घूमने जाना बोहद रोमांचक रहने वाला है। घर का पजेशन मिल जाने की संभावना है। सपने और और जुनून को वक्त देना आपको उत्साहित रखेगा। बेवजह के तनाव आपके रातों की नींद खराब कर सकते हैं। फिजूलखर्ची पर रोक लगाकर बचत पर जोर रहेगा। घर को बेहतर बनाने के लिए जरुरत से ज्यादा बोझ लेना गृहणियों को थका सकता है। यदि ट्रिप का पूरा मजा लेना चाहते हैं, तो प्लानिंग ढंग से करनी होगी। आप में से कुछ लोगों द्वारा प्रॉपर्टी का सौदा किए जाने की संभावना है। शैक्षणिक क्षेत्र में आपकी किस्मत चमकने की उम्मीद है। फिटनेस को लेकर कोई आपका रोल मॉडल है उसका अनुसरण करने का प्रयास रहेगा। कहीं रुका हुआ पैसा मिल जाने से आर्थिक मजबूती रहेगी। तनाव से छुटकारा पाने के लिए जल्द ही किसी धार्मिक स्थल की यात्रा कर सकते हैं। प्रॉपर्टी डील के लिए आज का दिन शुभ रहेगा। समाजिक क्षेत्र में आपकी सक्रियता बढने की उम्मीद है। सेहत को लेकर आपके द्वारा उठाया गया कदम फायदेमंद रहेगा। आप में से कुछ लोग होम लोन के लिए पेपरवर्क तैयार कर सकते हैं। प्रोफेशनल क्षेत्र में की गई गलती माफ किए जाने की कोई संभावना नहीं सतर्क रहें। - दो गुलाबी स्फ़टिक को एक साथ अपने आईने पर लगाएं। यह आपको आकर्षक बनाएगा। - अपने और शोर शराबे वाले पड़ोसी के घर के बीच विंड चाईम लगा दें। विंड चाईम किसी भी अप्रिय तरंग को आपके घर तक नहीं आने देगा। - दुकान में माल रोक कर नहीं रखें। जो कपड़ा समय के अनुकूल नहीं रहा उसे किसी तरह जल्द से जल्द बेच दें।
बहुप्रतीक्षित भर्ती आंध्र प्रदेश ग्राम सचिवालयम भर्ती के लिए विभाग ने ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार ग्राम सचिवालयम में 1. 6 लाख से अधिक पदों के लिए भर्ती की जाएगी. जिसकी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. इन पदों के लिए मांगी गई योग्यताओं को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट @ gramasachivalayam. ap. gov. in पर जा कर आवेदन करना होगा. ग्रामीण क्षेत्र (Rural Area) पंचायत सचिव (Panchayat Secretary) ग्राम राजस्व अधिकारी (VRO) (ग्रेड- II) एएनएम (ग्रेड- III) ग्राम कृषि सहायक (ग्रेड- II) इंजीनियरिंग सहायक (ग्रेड- II) शहरी क्षेत्र (Urban Area) वार्ड एमिनिटीज सचिव (ग्रेड- II) वार्ड स्वच्छता और पर्यावरण सचिव (ग्रेड- II) वार्ड योजना और विनियमन सचिव (ग्रेड- II) वार्ड कल्याण और विकास सचिव (ग्रेड- II) मासिक सैलेरी (Monthly salary) उम्मीदवारों की मासिक सैलेरी पदों के हिसाब से निर्धारित की गयी है. जोकि 5000 से 15,000 हजार तक तय की गयी है. शैक्षणिक योग्यता (Education Eligibility) आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग योग्यताएं तय की गई हैं. आयु सीमा (Age limit) आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु न्यूनतम 18 से 42 वर्ष निर्धारित की गई है. इसकी चयन प्रक्रिया (Selection Process) इसमें उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के अंकों और इंटरव्यू के आधार पर होगा। कैसे करे आवेदन (How to apply ) इच्छुक उम्मीदवार एपी ग्राम सचिवालयम की वेबसाइट के जरिये ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. महत्वपूर्ण तिथियां (Important dates)
बहुप्रतीक्षित भर्ती आंध्र प्रदेश ग्राम सचिवालयम भर्ती के लिए विभाग ने ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार ग्राम सचिवालयम में एक. छः लाख से अधिक पदों के लिए भर्ती की जाएगी. जिसकी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. इन पदों के लिए मांगी गई योग्यताओं को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट @ gramasachivalayam. ap. gov. in पर जा कर आवेदन करना होगा. ग्रामीण क्षेत्र पंचायत सचिव ग्राम राजस्व अधिकारी एएनएम ग्राम कृषि सहायक इंजीनियरिंग सहायक शहरी क्षेत्र वार्ड एमिनिटीज सचिव वार्ड स्वच्छता और पर्यावरण सचिव वार्ड योजना और विनियमन सचिव वार्ड कल्याण और विकास सचिव मासिक सैलेरी उम्मीदवारों की मासिक सैलेरी पदों के हिसाब से निर्धारित की गयी है. जोकि पाँच हज़ार से पंद्रह,शून्य हजार तक तय की गयी है. शैक्षणिक योग्यता आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग योग्यताएं तय की गई हैं. आयु सीमा आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु न्यूनतम अट्ठारह से बयालीस वर्ष निर्धारित की गई है. इसकी चयन प्रक्रिया इसमें उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के अंकों और इंटरव्यू के आधार पर होगा। कैसे करे आवेदन इच्छुक उम्मीदवार एपी ग्राम सचिवालयम की वेबसाइट के जरिये ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. महत्वपूर्ण तिथियां
द्वीपसे मोक्ष जाना अनिवार्य है । इस हमारे भरतक्षेत्रसे इस अवसर्पिणीकालमें तीर्थकर तो चौवीस हो मोक्ष गये है। किन्तु सामान्य केवलीगत चौथे कालमें इस भरतक्षेत्रसे असंख्याते मोक्ष जा चुके है। निर्वाण काण्डमें गिनाई गई सिद्धक्षेत्रों और मुक्तजीवोंकी नियत सख्या तो मात्र आरातीय थोडेसे चौथे कालकी है। पूरे दुःषमसुपम कालके सिद्धक्षेत्रों और केवलज्ञानियोंको यदि गिना जाय तो उससे कहीं संख्यातगुणे, और असंख्यगुणे गणना प्राप्त होंगे। इसी प्रकार जम्बूद्वीपके वतीस विदेहक्षेत्रों से गत चौथे कालमें असख्याते सामान्य केवली और उनसे कम असंख्यात तीयेकर महाराज मुक्तिलाभ करचुके हैं । तब तो एक कल्पकाल या उत्सर्पिणी कालकेलिये असंख्याते तीथेकरोंके होजानेकी आवश्यकता है, जो कि तेरहवें गुणस्थानमें तीर्थकर प्रकृतिका उदय होजानेपर समवसरण में उपदेश देते रहें। पहिले, दूसरे, तीसरे, नरक, या वैमानिक देवोंसे आकर पन्द्रह कर्मभूमियोंमें तीर्थंकर महाराज जन्म लेते हैं। नरकोंके एक, तीन, सात, सागर या चैमानिक देवोंके दो आदि तेतीस सागर ये सत्र कोटिपूर्व वर्षसे असंख्यातगुणे अधिक हैं और कल्पकाल इन सागरोंसे मात्र संख्यातगुणा बढा हुआ है, अर्थात् पाच, छह नील या लगभग पचास साठ, नीलगुणा अधिक है । यों मानना पडता है कि इस समय भी असंख्याते जीव तीर्थकर नामकर्म बंधकी टिकट लेकर तीन नरकों या मनुष्य भोगभूमियों और वैमानिक देवोंमें प्लेटफार्मपर विराज रहे हैं। यह टिकट विदेहक्षेत्रसे आजकल भी बट रहा है, और भविष्य में भी अनवरत बटेगा । कल्पकालके लिये भविष्यमें भी जीत्र तीर्थंकर प्रकृतिको बाधेगे । किन्तु इस समय भी जीव भंडारमें तीर्थंकर प्रकृतिको बाधे हुये अनेक आत्मायें विद्यमान हैं। जो कि वहासे चयकर कर्मभूमिमें मनुष्यजन्मरूपी रेलगाडी में बैठकर तपस्याद्वारा घातिकर्मोका नाशकर असंख जीवोंको मोक्षमार्गका उपदेश देते हुये परमेष्ट स्थानलाभ करेंगी। भोगभूमिवालाको देव होनेके पश्चात् उक्त अवस्था प्राप्त होगी। यहा हमें कहना यह है कि हमारे आपके परलोकगत पिताजी, बाबाजी, पडबाबा, बुआ, माता, दादी, यदि पडदादी आदि पूर्वज [ पुरिखा ] जनोंने अनेक बार षोडशकारण भावनाओंकी पूजाकर पुन' तीसरे सम्यग्दर्शन सहित होकर यहासे मृत्यु प्राप्त की थी होय, तब तो वे वैमानिकदेव होकर जन्ममें विदेहक्षेत्रों में या यहा ही केवलिद्वयके निकट तीर्थंकर प्रकृतिके आस्रवकी योग्यता प्राप्त कर लेंगे । और यदि षोडशकारण भावनाओंका अभ्यासकर उन्होंने पुन' मिथ्यात्व अवस्था में प्राणत्याग किया होय तव तो समवत न्यूनतम अगले जन्म में ही विदेह क्षेत्र में जन्म लेकर केवली श्रुतकेवली निकट वे तीर्थकरप्रकृति बंधकी योग्यता प्राप्त कर चुके होंगे। जो शुभकार्य पुरिखाओंने किये हैं, आप भी उनके पदोंपर चले चलिये। आज्ञाप्रधानी और " परीक्षाप्रधानी जिनभक्तोंको यह व्यवस्था दृढतया गाठ बाध लेनी चाहिये कि जिस प्रकार " सोलह कारण भाय तीर्थंकर जे भये " " कंचनझारी निर्मलनीर " दरशविशुद्धि धरै जो कोई " यजाम्यां
द्वीपसे मोक्ष जाना अनिवार्य है । इस हमारे भरतक्षेत्रसे इस अवसर्पिणीकालमें तीर्थकर तो चौवीस हो मोक्ष गये है। किन्तु सामान्य केवलीगत चौथे कालमें इस भरतक्षेत्रसे असंख्याते मोक्ष जा चुके है। निर्वाण काण्डमें गिनाई गई सिद्धक्षेत्रों और मुक्तजीवोंकी नियत सख्या तो मात्र आरातीय थोडेसे चौथे कालकी है। पूरे दुःषमसुपम कालके सिद्धक्षेत्रों और केवलज्ञानियोंको यदि गिना जाय तो उससे कहीं संख्यातगुणे, और असंख्यगुणे गणना प्राप्त होंगे। इसी प्रकार जम्बूद्वीपके वतीस विदेहक्षेत्रों से गत चौथे कालमें असख्याते सामान्य केवली और उनसे कम असंख्यात तीयेकर महाराज मुक्तिलाभ करचुके हैं । तब तो एक कल्पकाल या उत्सर्पिणी कालकेलिये असंख्याते तीथेकरोंके होजानेकी आवश्यकता है, जो कि तेरहवें गुणस्थानमें तीर्थकर प्रकृतिका उदय होजानेपर समवसरण में उपदेश देते रहें। पहिले, दूसरे, तीसरे, नरक, या वैमानिक देवोंसे आकर पन्द्रह कर्मभूमियोंमें तीर्थंकर महाराज जन्म लेते हैं। नरकोंके एक, तीन, सात, सागर या चैमानिक देवोंके दो आदि तेतीस सागर ये सत्र कोटिपूर्व वर्षसे असंख्यातगुणे अधिक हैं और कल्पकाल इन सागरोंसे मात्र संख्यातगुणा बढा हुआ है, अर्थात् पाच, छह नील या लगभग पचास साठ, नीलगुणा अधिक है । यों मानना पडता है कि इस समय भी असंख्याते जीव तीर्थकर नामकर्म बंधकी टिकट लेकर तीन नरकों या मनुष्य भोगभूमियों और वैमानिक देवोंमें प्लेटफार्मपर विराज रहे हैं। यह टिकट विदेहक्षेत्रसे आजकल भी बट रहा है, और भविष्य में भी अनवरत बटेगा । कल्पकालके लिये भविष्यमें भी जीत्र तीर्थंकर प्रकृतिको बाधेगे । किन्तु इस समय भी जीव भंडारमें तीर्थंकर प्रकृतिको बाधे हुये अनेक आत्मायें विद्यमान हैं। जो कि वहासे चयकर कर्मभूमिमें मनुष्यजन्मरूपी रेलगाडी में बैठकर तपस्याद्वारा घातिकर्मोका नाशकर असंख जीवोंको मोक्षमार्गका उपदेश देते हुये परमेष्ट स्थानलाभ करेंगी। भोगभूमिवालाको देव होनेके पश्चात् उक्त अवस्था प्राप्त होगी। यहा हमें कहना यह है कि हमारे आपके परलोकगत पिताजी, बाबाजी, पडबाबा, बुआ, माता, दादी, यदि पडदादी आदि पूर्वज [ पुरिखा ] जनोंने अनेक बार षोडशकारण भावनाओंकी पूजाकर पुन' तीसरे सम्यग्दर्शन सहित होकर यहासे मृत्यु प्राप्त की थी होय, तब तो वे वैमानिकदेव होकर जन्ममें विदेहक्षेत्रों में या यहा ही केवलिद्वयके निकट तीर्थंकर प्रकृतिके आस्रवकी योग्यता प्राप्त कर लेंगे । और यदि षोडशकारण भावनाओंका अभ्यासकर उन्होंने पुन' मिथ्यात्व अवस्था में प्राणत्याग किया होय तव तो समवत न्यूनतम अगले जन्म में ही विदेह क्षेत्र में जन्म लेकर केवली श्रुतकेवली निकट वे तीर्थकरप्रकृति बंधकी योग्यता प्राप्त कर चुके होंगे। जो शुभकार्य पुरिखाओंने किये हैं, आप भी उनके पदोंपर चले चलिये। आज्ञाप्रधानी और " परीक्षाप्रधानी जिनभक्तोंको यह व्यवस्था दृढतया गाठ बाध लेनी चाहिये कि जिस प्रकार " सोलह कारण भाय तीर्थंकर जे भये " " कंचनझारी निर्मलनीर " दरशविशुद्धि धरै जो कोई " यजाम्यां
अब तक आप ऑस्ट्रेलिया में अजीबोगरीब जानवरों को लेकर किस्से सुनते थे. लेकिन, एक शख्स ने जुगाड़ से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. देश और दुनिया में इन दिनों 'जुगाड़' टेक्नोलॉजी की डिमांड बढ़ती जा रही है. खासकर, भारत ने तो जुगाड़ के मामले में सबको हैरान कर रखा है. लेकिन, कई और भी देश हैं जो 'जुगाड़' टेक्नोलॉजी को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. अब तक आप ऑस्ट्रेलिया में अजीबोगरीब जानवरों को लेकर किस्से सुनते थे. लेकिन, एक शख्स ने जुगाड़ से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. यहां एक शख्स ने कार की छत पर कई साइकिल लाद दी और फिर आरम से सड़क पर निकल पड़ा. यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी है और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह तस्वीर न्यू साउथ वेल्स के Eastern Creek की है. क्रिसमस के मौके पर इस नजारे को पहली बार देखा गया. दरअसल, यहां की पुलिस चेकिंग को लेकर काफी सख्त रहती है. पुलिसकर्मियों ने जब इस नजारे को देखा तो वे भी हैरान रह गए. रिपोर्ट के अनुसार, 'किया' गाड़ी की छत पर एक शख्स ने 10 साइकिल को लोड कर दिया और फिर सड़क पर निकल पड़ा. जिसने भी यह नजारा देखा वह हैरान रह गया. इस फोटो को Dash Cam Owners Australia ने फेसबुक पर शेयर किया है. अब यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. रिपोर्ट के अनुसार, इस तस्वीर पर 68 सौ ज्यादा लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. 2.5 हजार से ज्यादा लोगों ने कमेंट किए हैं. जबकि, एक हजार के करीब लोगों ने इसे शेयर की है. हालांकि, यह कोई पहला मौका नहीं जब इस तरह की तस्वीर सामने आई है. इससे पहले पिछले साल एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक शख्स गाड़ी की छत पर ग्रीन हाउस को लोड कर सड़कों पर जाते हुए देखा गया था.
अब तक आप ऑस्ट्रेलिया में अजीबोगरीब जानवरों को लेकर किस्से सुनते थे. लेकिन, एक शख्स ने जुगाड़ से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. देश और दुनिया में इन दिनों 'जुगाड़' टेक्नोलॉजी की डिमांड बढ़ती जा रही है. खासकर, भारत ने तो जुगाड़ के मामले में सबको हैरान कर रखा है. लेकिन, कई और भी देश हैं जो 'जुगाड़' टेक्नोलॉजी को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. अब तक आप ऑस्ट्रेलिया में अजीबोगरीब जानवरों को लेकर किस्से सुनते थे. लेकिन, एक शख्स ने जुगाड़ से सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. यहां एक शख्स ने कार की छत पर कई साइकिल लाद दी और फिर आरम से सड़क पर निकल पड़ा. यह तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी है और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह तस्वीर न्यू साउथ वेल्स के Eastern Creek की है. क्रिसमस के मौके पर इस नजारे को पहली बार देखा गया. दरअसल, यहां की पुलिस चेकिंग को लेकर काफी सख्त रहती है. पुलिसकर्मियों ने जब इस नजारे को देखा तो वे भी हैरान रह गए. रिपोर्ट के अनुसार, 'किया' गाड़ी की छत पर एक शख्स ने दस साइकिल को लोड कर दिया और फिर सड़क पर निकल पड़ा. जिसने भी यह नजारा देखा वह हैरान रह गया. इस फोटो को Dash Cam Owners Australia ने फेसबुक पर शेयर किया है. अब यह तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है. रिपोर्ट के अनुसार, इस तस्वीर पर अड़सठ सौ ज्यादा लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. दो.पाँच हजार से ज्यादा लोगों ने कमेंट किए हैं. जबकि, एक हजार के करीब लोगों ने इसे शेयर की है. हालांकि, यह कोई पहला मौका नहीं जब इस तरह की तस्वीर सामने आई है. इससे पहले पिछले साल एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक शख्स गाड़ी की छत पर ग्रीन हाउस को लोड कर सड़कों पर जाते हुए देखा गया था.
क्राइम न्यूज़ : जिला उत्पाद अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार को सदर थाना क्षेत्र के गौतम नगर , वार्ड नंबर 12 स्थित मकान में की गई छापामारी में जहां दो शराब कारोबारी गिरफ्त में आए। वही उक्त परिसर में खड़ी दो बाइक की डिक्की में रखे अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुआ। साथ ही उक्त परिसर में बने कमरे की ली गई तलाशी में भी कमरे में छिपाकर रखे गए शराब बरामद किया गया है। जिसके बाद बाइक को जब्त कर कमरे को सील कर दिया गया है। उत्पाद अधीक्षक स्मिता कुमारी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि गौतम नगर में शराब की खेप पहुंची है। सूचना के आधार पर छापामारी की गई। जिसमें जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत पतरघट ओपी क्षेत्र के जम्हरा गांव , शिव मंदिर के निकट , वार्ड नंबर 9 निवासी अरविंद प्रसाद सिंह के शराब कारोबारी पुत्र राणा कुमार सिंह एवं उक्त गांव के ही वार्ड नंबर 9 निवासी विजय सिंह के शराब कारोबारी पुत्र मोहन कुमार सिंह की गिरफ्तारी हुई। उक्त परिसर में दो बाइक भी खड़ी थी। जिनमें एक बाइक बीआर 43 एस 3893 के डिक्की से 750 एमएल की 4 बोतल शराब बरामद हुई। वहीं दूसरी बाइक बीआर 19 क्यू 3682 के डिक्की में रखे हुए 375 एमएल के 15 बोतल शराब बरामद हुए। दोनों बाइक से बरामद शराब के बाद शक गहराया। जिसके बाद उक्त परिसर में बने कमरे की तलाशी ली गई। जिसमें कमरे में भी छिपाकर रखे गए अवैध अंग्रेजी शराब बरामद किया गया है। इस प्रकार उक्त परिसर से कुल 273 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुए। जिसमें कुल 64. 035 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुए है। उक्त कमरे को सील कर दिया गया है। दोनों शराब कारोबारी को गिरफ्तार कर अग्रतर कार्रवाई के लिए जेल भेज दिया गया है। साथ ही उनकी दोनों बाइक भी जब्त कर ली गई है। मौके पर उत्पाद इंस्पेक्टर राजकिशोर झा , संतोष कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य उत्पाद कर्मी मौजूद थे।
क्राइम न्यूज़ : जिला उत्पाद अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार को सदर थाना क्षेत्र के गौतम नगर , वार्ड नंबर बारह स्थित मकान में की गई छापामारी में जहां दो शराब कारोबारी गिरफ्त में आए। वही उक्त परिसर में खड़ी दो बाइक की डिक्की में रखे अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुआ। साथ ही उक्त परिसर में बने कमरे की ली गई तलाशी में भी कमरे में छिपाकर रखे गए शराब बरामद किया गया है। जिसके बाद बाइक को जब्त कर कमरे को सील कर दिया गया है। उत्पाद अधीक्षक स्मिता कुमारी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि गौतम नगर में शराब की खेप पहुंची है। सूचना के आधार पर छापामारी की गई। जिसमें जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत पतरघट ओपी क्षेत्र के जम्हरा गांव , शिव मंदिर के निकट , वार्ड नंबर नौ निवासी अरविंद प्रसाद सिंह के शराब कारोबारी पुत्र राणा कुमार सिंह एवं उक्त गांव के ही वार्ड नंबर नौ निवासी विजय सिंह के शराब कारोबारी पुत्र मोहन कुमार सिंह की गिरफ्तारी हुई। उक्त परिसर में दो बाइक भी खड़ी थी। जिनमें एक बाइक बीआर तैंतालीस एस तीन हज़ार आठ सौ तिरानवे के डिक्की से सात सौ पचास एमएल की चार बोतल शराब बरामद हुई। वहीं दूसरी बाइक बीआर उन्नीस क्यू तीन हज़ार छः सौ बयासी के डिक्की में रखे हुए तीन सौ पचहत्तर एमएल के पंद्रह बोतल शराब बरामद हुए। दोनों बाइक से बरामद शराब के बाद शक गहराया। जिसके बाद उक्त परिसर में बने कमरे की तलाशी ली गई। जिसमें कमरे में भी छिपाकर रखे गए अवैध अंग्रेजी शराब बरामद किया गया है। इस प्रकार उक्त परिसर से कुल दो सौ तिहत्तर बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुए। जिसमें कुल चौंसठ. पैंतीस लीटरटर अंग्रेजी शराब बरामद हुए है। उक्त कमरे को सील कर दिया गया है। दोनों शराब कारोबारी को गिरफ्तार कर अग्रतर कार्रवाई के लिए जेल भेज दिया गया है। साथ ही उनकी दोनों बाइक भी जब्त कर ली गई है। मौके पर उत्पाद इंस्पेक्टर राजकिशोर झा , संतोष कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य उत्पाद कर्मी मौजूद थे।
अमेरिका में चुनाव का रोमांच अभी बाकी है, जिसका नतीजा भारतीय समय से कल यानी 6 जनवरी की सुबह पता लगेगा। अमेरिकी समय से वह 5 जनवरी की रात होगी। 5 जनवरी को जॉर्जिया में सीनेट की दो सीटों के लिए दोबारा चुनाव होने जा रहा है। इन सीटों पर 3 नवंबर को भी चुनाव हुआ था लेकिन जॉर्जिया के कानून के मुताबिक, किसी भी उम्मीदवार को बहुमत यानी 50 फीसदी वोट नहीं मिले थे, इसलिए रन-ऑफ की जरूरत पड़ी। डोनाल्ड ट्रंप हर कीमत पर इन दोनों सीटों को जीतना चाहते हैं, क्योंकि इससे सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत हो जाएगा, जिससे नए राष्ट्रपति जो बाइडेन की स्थिति कमजोर हो जाएगी। इन नतीजों के आने के बाद 6 जनवरी को अमेरिकी संसद में इलेक्टोरल कॉलेज वोट की गिनती होने जा रही है। अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट की मौजूदा स्थिति इस चुनाव को महत्वपूर्ण बनाती है। रन-ऑफ में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से डेविड पर्ड्यू और केली लॉफ्लर खड़े हैं, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से जॉन ओसोफ और रफाल वरनॉक हैं। नवंबर के चुनाव में पर्ड्यू को 49. 8 फीसदी और ओसोफ को 47 फीसदी वोट मिले थे। ओपीनियन पोल्स में दोनों सीटों पर रिपब्लिकन उम्मीदवार आगे बताए गए हैँ।
अमेरिका में चुनाव का रोमांच अभी बाकी है, जिसका नतीजा भारतीय समय से कल यानी छः जनवरी की सुबह पता लगेगा। अमेरिकी समय से वह पाँच जनवरी की रात होगी। पाँच जनवरी को जॉर्जिया में सीनेट की दो सीटों के लिए दोबारा चुनाव होने जा रहा है। इन सीटों पर तीन नवंबर को भी चुनाव हुआ था लेकिन जॉर्जिया के कानून के मुताबिक, किसी भी उम्मीदवार को बहुमत यानी पचास फीसदी वोट नहीं मिले थे, इसलिए रन-ऑफ की जरूरत पड़ी। डोनाल्ड ट्रंप हर कीमत पर इन दोनों सीटों को जीतना चाहते हैं, क्योंकि इससे सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत हो जाएगा, जिससे नए राष्ट्रपति जो बाइडेन की स्थिति कमजोर हो जाएगी। इन नतीजों के आने के बाद छः जनवरी को अमेरिकी संसद में इलेक्टोरल कॉलेज वोट की गिनती होने जा रही है। अमेरिकी संसद के उच्च सदन सीनेट की मौजूदा स्थिति इस चुनाव को महत्वपूर्ण बनाती है। रन-ऑफ में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से डेविड पर्ड्यू और केली लॉफ्लर खड़े हैं, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से जॉन ओसोफ और रफाल वरनॉक हैं। नवंबर के चुनाव में पर्ड्यू को उनचास. आठ फीसदी और ओसोफ को सैंतालीस फीसदी वोट मिले थे। ओपीनियन पोल्स में दोनों सीटों पर रिपब्लिकन उम्मीदवार आगे बताए गए हैँ।
इन दिनों प्रियंका चोपड़ा खूब सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने यह खुलासा कर सबको चौंका दिया कि उन्होंने बॉलीवुड छोड़ हॉलीवुड में काम क्यों तलाशा। अपने इस हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कई बड़े खुलासे किए, जो उनकी निजी और पेशेवर जिंदगी से जुड़े थे। बात करते-करते जब इंटरव्यू लेने वाले ने फिल्म 'RRR' का जिक्र छेड़ा और इसे बॉलीवुड फिल्म बताया तो उसे ठीक करने के चक्कर में प्रियंका खुद ही गलती कर बैठीं। इस चक्कर में टि्वटर पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। डेक्स शेपर्ड के साथ हालिया बातचीत में प्रियंका ने 'RRR' को दूसरी ही इंडस्ट्री की फिल्म बता डाला। बड़ी बात यह है कि वह डेक्स को सही कर रही थीं। दरअसल, डेक्स ने कहा, "बॉलीवुड अविश्वसनीय तरीके से आगे बढ़ा है। आपके पास मुख्यधारा की बड़ी फिल्में, कहानियां और डांस है। " उन्होंने 'RRR' का उदाहरण दिया तो प्रियंका ने फौरन उन्हें सही करते हुए कहा कि यह एक तमिल फिल्म है। 'RRR' एक बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म एवेजंर्स की तरह है। निर्देशक एसएस राजामौली कई दफा यह साफ कर चुके हैं कि 'RRR' बॉलीवुड या किसी और इंडस्ट्री की फिल्म नहीं, ये एक तेलुगु फिल्म है। 'RRR' के ऑस्कर कैंपेन के दौरान प्रियंका फिल्म की स्क्रीनिंग में शामिल हुई थीं। सोशल मीडिया पर फिल्म के लिए उन्होंने शुभकामनाएं लिखीं। ऑस्कर से पहले राम चरण और उनकी पत्नी उपासना को उन्होंने अपने घर में बुलाया। प्रियंका लंबे समय से 'RRR' के करीब हैं, इसलिए उनकी यह गलती लोगों को हजम नहीं हो रही है। टि्वटर पर एक यूजर ने लिखा, 'RRR दुनियाभर में इतिहास रच चुकी है और तुम्हें यही नहीं पता कि फिल्म मूल रूप से किस भाषा में बनी है? ' एक ने लिखा, 'कम से कम आपसे तो ऐसी उम्मीद नहीं की थी। ' एक ने लिखा, 'राम चरण के साथ फिल्म 'जंजीर' में काम कर चुकी हो। उनके सपंर्क में रही हो। फिल्म की तारीफ कर रही हो। फिर कैसे 'RRR' को तमिल फिल्म बना दिया? ' एक ने लिखा, 'अब राजामौली सर और परेशान हो जाएंगे। '
इन दिनों प्रियंका चोपड़ा खूब सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने यह खुलासा कर सबको चौंका दिया कि उन्होंने बॉलीवुड छोड़ हॉलीवुड में काम क्यों तलाशा। अपने इस हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कई बड़े खुलासे किए, जो उनकी निजी और पेशेवर जिंदगी से जुड़े थे। बात करते-करते जब इंटरव्यू लेने वाले ने फिल्म 'RRR' का जिक्र छेड़ा और इसे बॉलीवुड फिल्म बताया तो उसे ठीक करने के चक्कर में प्रियंका खुद ही गलती कर बैठीं। इस चक्कर में टि्वटर पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। डेक्स शेपर्ड के साथ हालिया बातचीत में प्रियंका ने 'RRR' को दूसरी ही इंडस्ट्री की फिल्म बता डाला। बड़ी बात यह है कि वह डेक्स को सही कर रही थीं। दरअसल, डेक्स ने कहा, "बॉलीवुड अविश्वसनीय तरीके से आगे बढ़ा है। आपके पास मुख्यधारा की बड़ी फिल्में, कहानियां और डांस है। " उन्होंने 'RRR' का उदाहरण दिया तो प्रियंका ने फौरन उन्हें सही करते हुए कहा कि यह एक तमिल फिल्म है। 'RRR' एक बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म एवेजंर्स की तरह है। निर्देशक एसएस राजामौली कई दफा यह साफ कर चुके हैं कि 'RRR' बॉलीवुड या किसी और इंडस्ट्री की फिल्म नहीं, ये एक तेलुगु फिल्म है। 'RRR' के ऑस्कर कैंपेन के दौरान प्रियंका फिल्म की स्क्रीनिंग में शामिल हुई थीं। सोशल मीडिया पर फिल्म के लिए उन्होंने शुभकामनाएं लिखीं। ऑस्कर से पहले राम चरण और उनकी पत्नी उपासना को उन्होंने अपने घर में बुलाया। प्रियंका लंबे समय से 'RRR' के करीब हैं, इसलिए उनकी यह गलती लोगों को हजम नहीं हो रही है। टि्वटर पर एक यूजर ने लिखा, 'RRR दुनियाभर में इतिहास रच चुकी है और तुम्हें यही नहीं पता कि फिल्म मूल रूप से किस भाषा में बनी है? ' एक ने लिखा, 'कम से कम आपसे तो ऐसी उम्मीद नहीं की थी। ' एक ने लिखा, 'राम चरण के साथ फिल्म 'जंजीर' में काम कर चुकी हो। उनके सपंर्क में रही हो। फिल्म की तारीफ कर रही हो। फिर कैसे 'RRR' को तमिल फिल्म बना दिया? ' एक ने लिखा, 'अब राजामौली सर और परेशान हो जाएंगे। '
MP News: यदि आप भी लम्बे समय से बिजली बिल की अदायगी नहीं कर रहे हैं तो आप सावधान हो जाएगा। क्योंकि बिजली कंपनी कभी भी आपके घर का सामान उठा सकती है। MP News: गर्मी का मौसम प्रारंभ होते ही सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना पानी के लिए करना पड़ता था। तालाब व अन्य जलस्रोत सूखने के कारण बेजुबान पक्षी प्यास से तड़पकर अपना दम तोड़ देते हैं। Tata Bisleri Deal Cancel: टाटा नहीं खरीदेगी बिसलेरी कंपनी! ऐसा क्या हुआ? अडानी और राहुल गांधी पर क्या बोले गृहमंत्री अमित शाह! The New York Times की रिपोर्टः चमगादड़ नहीं रैकून डॉग से वुहान में फैला कोरोना!
MP News: यदि आप भी लम्बे समय से बिजली बिल की अदायगी नहीं कर रहे हैं तो आप सावधान हो जाएगा। क्योंकि बिजली कंपनी कभी भी आपके घर का सामान उठा सकती है। MP News: गर्मी का मौसम प्रारंभ होते ही सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना पानी के लिए करना पड़ता था। तालाब व अन्य जलस्रोत सूखने के कारण बेजुबान पक्षी प्यास से तड़पकर अपना दम तोड़ देते हैं। Tata Bisleri Deal Cancel: टाटा नहीं खरीदेगी बिसलेरी कंपनी! ऐसा क्या हुआ? अडानी और राहुल गांधी पर क्या बोले गृहमंत्री अमित शाह! The New York Times की रिपोर्टः चमगादड़ नहीं रैकून डॉग से वुहान में फैला कोरोना!
Koderma : समाहरणालय के समक्ष ढिबरा स्क्रैप मजदूर संघ के सदस्यों ने सोमवार को एक दिवसीय धरना दिया. ढिबरा स्क्रैप मजदूर संघ के अध्यक्ष कृष्णा सिंह ने कहा कि 1947 में माइका अधिनियम बनाया गया था और बिहार माइका एक्ट के तहत जमीन में 6 इंच नीचे तक के पदार्थ को माइका नहीं माना गया है,उसे स्क्रैप माना गया है. झारखंड अलग होने के बाद 2007 में एक नया एक्ट आया जिसमें माइका के स्क्रैप को खनिज पदार्थ नहीं कहा गया. जिले में रह रहे गरीब मजदूर माइका के स्क्रैप को चुन कर अपनी रोजी रोटी चलते हैं यहां के प्रशासन द्वारा माइका के स्क्रैप से लदे गाड़ियों को पकड़ा जाता है. जबकि सरकार द्वारा कहा गया है कि माइका स्क्रैप खनन पदार्थ नहीं है,ऐसे में एक राज्य में दो कानून चल रहे हैं. हमारा पड़ोसी जिला गिरिडीह में ढिबरा स्क्रैप से लदी गाड़ियों को नहीं पकड़ा जाता है, वहीं कोडरमा जिला में ढिबरा स्क्रैप से लदे गाड़ियों को पकड़ा जाता है. वैसे लोग जिनकी रोजी रोटी इसी कामों से चलता है वे आज वंचित हो गए हैं. हमलोग ढिबरा कारोबार को लेकर राज्य सरकार के पास एक प्रतिनिधि मंडल भेजेंगे उसके बाद आगे की रूप रेखा तय करेंगे. हमारी दो मांगें हैं. पहली मांग पिछले पांच सालों से जितनी भी माइका स्क्रैप से भरी गाड़ियों को पकड़ा गया है उसे छोड़ दिया जाय और दूसरी मांग बिहार माइका एक्ट के तहत हमें छूट दी जाये. मालूम हो कि ढिबरा स्थानीय लोगों का रोजगार का मुख्य साधन है. सरकार को भी चाहिए कि इस ओर विशेष ध्यान दें.
Koderma : समाहरणालय के समक्ष ढिबरा स्क्रैप मजदूर संघ के सदस्यों ने सोमवार को एक दिवसीय धरना दिया. ढिबरा स्क्रैप मजदूर संघ के अध्यक्ष कृष्णा सिंह ने कहा कि एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में माइका अधिनियम बनाया गया था और बिहार माइका एक्ट के तहत जमीन में छः इंच नीचे तक के पदार्थ को माइका नहीं माना गया है,उसे स्क्रैप माना गया है. झारखंड अलग होने के बाद दो हज़ार सात में एक नया एक्ट आया जिसमें माइका के स्क्रैप को खनिज पदार्थ नहीं कहा गया. जिले में रह रहे गरीब मजदूर माइका के स्क्रैप को चुन कर अपनी रोजी रोटी चलते हैं यहां के प्रशासन द्वारा माइका के स्क्रैप से लदे गाड़ियों को पकड़ा जाता है. जबकि सरकार द्वारा कहा गया है कि माइका स्क्रैप खनन पदार्थ नहीं है,ऐसे में एक राज्य में दो कानून चल रहे हैं. हमारा पड़ोसी जिला गिरिडीह में ढिबरा स्क्रैप से लदी गाड़ियों को नहीं पकड़ा जाता है, वहीं कोडरमा जिला में ढिबरा स्क्रैप से लदे गाड़ियों को पकड़ा जाता है. वैसे लोग जिनकी रोजी रोटी इसी कामों से चलता है वे आज वंचित हो गए हैं. हमलोग ढिबरा कारोबार को लेकर राज्य सरकार के पास एक प्रतिनिधि मंडल भेजेंगे उसके बाद आगे की रूप रेखा तय करेंगे. हमारी दो मांगें हैं. पहली मांग पिछले पांच सालों से जितनी भी माइका स्क्रैप से भरी गाड़ियों को पकड़ा गया है उसे छोड़ दिया जाय और दूसरी मांग बिहार माइका एक्ट के तहत हमें छूट दी जाये. मालूम हो कि ढिबरा स्थानीय लोगों का रोजगार का मुख्य साधन है. सरकार को भी चाहिए कि इस ओर विशेष ध्यान दें.
प्राणशक्ति व तेज की वृद्धि होती है। अभिमान व अक्खड़पन से प्राणशक्ति व तेजस्विता की हानि ही होती है। ३. सरस्वती ज्ञानाधिदेवता भिषक् = इस होता के लिए वैद्य होती है और इन्द्राय=जितेन्द्रिय पुरुष के लिए इन्द्रियम् दुहे- इन्द्रियों की शक्ति का पूरा करती है, ४. यह जितेन्द्रिय पुरुष चाहता है कि उसे पयः सोमःदूध, सोमरस परिस्स्रुता/ फलों के रस के साथ घृतं मधु घृत और मधु व्यन्तु प्राप्त हों । ५. इस जितेन्द्रिय पुरुष से प्रभु कहते हैं कि हे होतः = यज्ञशील पुरुष! तू आज्यस्य यज-घृत का यजन कर परन्तु अग्निहोत्र करना न भूल। यही बात तुझे 'होता' बनाएगी। भावार्थ - होता पुरुष ज्ञान की किरणों का पति, शान्त, अनन्त प्रज्ञानवाला व यज्ञशील, शत्रुओं के लिए भयंकर, विचारशील, व्यवस्थित जीवनवाला व व्यापक ज्ञानवाला बनता है। यह नम्रता के द्वारा प्राणापान व तेजस्विता को धारण करता है। ज्ञानाधिदेवता इसे इन्द्रियों की शक्ति से पूर्ण करती है। इसे दूध आदि उत्तम पदार्थ प्राप्त होते हैं। यह उनका यज्ञशेष के रूप में सेवन करता है। · ऋषिः-स्वस्त्यात्रेयः। देवता-अश्व्यादयः। छन्दः-विराडत्यष्टिःके, अत्यष्टिः । स्वरः-गान्धारः ॥ होता॑ यक्षद॒ग्निश्रु॒स्वाहाज्य॑स्य॒ स्तो॒काना॒स्वाहा॒ मेद॑सा॒ पृथ॒क् स्वाहा॒ छाग॑म॒श्विभ्या॒ स्वाहा॑ मे॒षसर॑स्वत्यै॒ स्वाह॑ऽ ऋष॒भमिन्द्रा॑य सहाय॒ सह॑सऽ इन्द्रिय स्वाहा॒ग्निं न भैष॒जस्वाहा॒ सोम॑मिन्द्रि॒य 'स्वाहेन्द्र॑सु॒त्रामणसवि॒तार॒ वरु॑णं भि॒षजा॒ पति॒स्वाहा॒ वन॒स्पति॑ प्रि॒यं पाथो॒ न भे॑ष॒जस्वाहा॑ दे॒वोऽआज्य॒पा जु॑षा॒णोऽअ॒ग्निर्भेष॒जं पय॒ः सोम॑ परि॒स्रुता॑ घृ॒तं मधु॒ व्यन्त्वाज्य॑स्य॒ त॒र्यज॑ ॥ ४० ॥ १. होता- यज्ञ करके यज्ञशेष खानेवाला व्यक्ति अग्निं यक्षत् = अग्नि का यजन करता है, अर्थात् अग्निहोत्र करता है। इस अग्निहोत्र के लिए वह स्वाहा = (स्व+हा) अपने धन व स्वार्थ का त्याग करता है, सारा स्वयं ही नहीं खा लेता। २. यह अग्निहोत्र के समय अग्नि में आज्यस्य स्तोकानां स्वाहा - घृत के कणों की आहुति देता है और मेदसां पृथक् स्वाहा=विविध ओषधियों के मेदस्- गूदे की अलग-अलग आहुति देता है। उदाहरणार्थ अश्विभ्याम् = प्राणापान की वृद्धि के उद्देश्यसे होनेवाले यज्ञ में छागं स्वाहा = अजमोद ओषधि के मेदस् की आहुति देता है। सरस्वत्यै =ज्ञानाधिदेवता के लिए मेषं स्वाहा-मेढ़ासिंगी औषधि के गूदे की आहुति देता है। इन्द्राय इन्द्र की शक्ति के विकास के लिए सिंहाय=सिंह के समान शत्रुओं का अभिभव करनेवाला बनने के लिए तथा सहसे= अत्यन्त बलवान्, बलरूप बनने के लिए भेषजं स्वाहा - ऋषभक ओषधि के मेदस् की आहुति देता है। (मेदसू वह भाग है जिसमें medicinal=ओषध के गुण प्रचुर मात्रा में निहित होते हैं । ) ३. इन्द्रिय स्वाहा - इस स्वाहा की क्रिया से, अर्थात् अग्निहोत्र से यह होता इन्द्रियं यत् प्रत्येक इन्द्रिय की शक्ति को अपने साथ सङ्गत करता है। ४. अग्निं न भेषजं स्वाा=(न=च) और इस अग्निहोत्र से उस अग्नि को अपने साथ सङ्गत करता है जो उसके लिए औषध के समान होता है । ५. सोमम् इन्द्रियं स्वाहा - इस यज्ञक्रिया से यह उस सोम को, वीर्य को अपने साथ सङ्गत करता है जो सोम इसकी इन्द्रिय - शक्तियों को hram वार्ध त्या बढ़ानेवाला होता है। ६. स्वाहा-इस येई क्रिया से यह इन्द्रम् - उस
प्राणशक्ति व तेज की वृद्धि होती है। अभिमान व अक्खड़पन से प्राणशक्ति व तेजस्विता की हानि ही होती है। तीन. सरस्वती ज्ञानाधिदेवता भिषक् = इस होता के लिए वैद्य होती है और इन्द्राय=जितेन्द्रिय पुरुष के लिए इन्द्रियम् दुहे- इन्द्रियों की शक्ति का पूरा करती है, चार. यह जितेन्द्रिय पुरुष चाहता है कि उसे पयः सोमःदूध, सोमरस परिस्स्रुता/ फलों के रस के साथ घृतं मधु घृत और मधु व्यन्तु प्राप्त हों । पाँच. इस जितेन्द्रिय पुरुष से प्रभु कहते हैं कि हे होतः = यज्ञशील पुरुष! तू आज्यस्य यज-घृत का यजन कर परन्तु अग्निहोत्र करना न भूल। यही बात तुझे 'होता' बनाएगी। भावार्थ - होता पुरुष ज्ञान की किरणों का पति, शान्त, अनन्त प्रज्ञानवाला व यज्ञशील, शत्रुओं के लिए भयंकर, विचारशील, व्यवस्थित जीवनवाला व व्यापक ज्ञानवाला बनता है। यह नम्रता के द्वारा प्राणापान व तेजस्विता को धारण करता है। ज्ञानाधिदेवता इसे इन्द्रियों की शक्ति से पूर्ण करती है। इसे दूध आदि उत्तम पदार्थ प्राप्त होते हैं। यह उनका यज्ञशेष के रूप में सेवन करता है। · ऋषिः-स्वस्त्यात्रेयः। देवता-अश्व्यादयः। छन्दः-विराडत्यष्टिःके, अत्यष्टिः । स्वरः-गान्धारः ॥ होता॑ यक्षद॒ग्निश्रु॒स्वाहाज्य॑स्य॒ स्तो॒काना॒स्वाहा॒ मेद॑सा॒ पृथ॒क् स्वाहा॒ छाग॑म॒श्विभ्या॒ स्वाहा॑ मे॒षसर॑स्वत्यै॒ स्वाह॑ऽ ऋष॒भमिन्द्रा॑य सहाय॒ सह॑सऽ इन्द्रिय स्वाहा॒ग्निं न भैष॒जस्वाहा॒ सोम॑मिन्द्रि॒य 'स्वाहेन्द्र॑सु॒त्रामणसवि॒तार॒ वरु॑णं भि॒षजा॒ पति॒स्वाहा॒ वन॒स्पति॑ प्रि॒यं पाथो॒ न भे॑ष॒जस्वाहा॑ दे॒वोऽआज्य॒पा जु॑षा॒णोऽअ॒ग्निर्भेष॒जं पय॒ः सोम॑ परि॒स्रुता॑ घृ॒तं मधु॒ व्यन्त्वाज्य॑स्य॒ त॒र्यज॑ ॥ चालीस ॥ एक. होता- यज्ञ करके यज्ञशेष खानेवाला व्यक्ति अग्निं यक्षत् = अग्नि का यजन करता है, अर्थात् अग्निहोत्र करता है। इस अग्निहोत्र के लिए वह स्वाहा = अपने धन व स्वार्थ का त्याग करता है, सारा स्वयं ही नहीं खा लेता। दो. यह अग्निहोत्र के समय अग्नि में आज्यस्य स्तोकानां स्वाहा - घृत के कणों की आहुति देता है और मेदसां पृथक् स्वाहा=विविध ओषधियों के मेदस्- गूदे की अलग-अलग आहुति देता है। उदाहरणार्थ अश्विभ्याम् = प्राणापान की वृद्धि के उद्देश्यसे होनेवाले यज्ञ में छागं स्वाहा = अजमोद ओषधि के मेदस् की आहुति देता है। सरस्वत्यै =ज्ञानाधिदेवता के लिए मेषं स्वाहा-मेढ़ासिंगी औषधि के गूदे की आहुति देता है। इन्द्राय इन्द्र की शक्ति के विकास के लिए सिंहाय=सिंह के समान शत्रुओं का अभिभव करनेवाला बनने के लिए तथा सहसे= अत्यन्त बलवान्, बलरूप बनने के लिए भेषजं स्वाहा - ऋषभक ओषधि के मेदस् की आहुति देता है। तीन. इन्द्रिय स्वाहा - इस स्वाहा की क्रिया से, अर्थात् अग्निहोत्र से यह होता इन्द्रियं यत् प्रत्येक इन्द्रिय की शक्ति को अपने साथ सङ्गत करता है। चार. अग्निं न भेषजं स्वाा= और इस अग्निहोत्र से उस अग्नि को अपने साथ सङ्गत करता है जो उसके लिए औषध के समान होता है । पाँच. सोमम् इन्द्रियं स्वाहा - इस यज्ञक्रिया से यह उस सोम को, वीर्य को अपने साथ सङ्गत करता है जो सोम इसकी इन्द्रिय - शक्तियों को hram वार्ध त्या बढ़ानेवाला होता है। छः. स्वाहा-इस येई क्रिया से यह इन्द्रम् - उस
अब दही, पनीर, शहद, मांस और मछली जैसे डिब्बा बंद और लेबल-युक्त खाद्य पदार्थों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगेगा। साथ ही चेक जारी करने के एवज में बैंकों की तरफ से लिये जाने पर शुल्क पर भी जीएसटी देना पड़ेगा। अधिकारियों ने कहा कि माल एवं सेवा कर से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने वाली शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद ने दरों को युक्तिसंगत बनाने के मकसद से छूट वापस लेने को लेकर राज्यों के वित्त मंत्रियो के समूह की ज्यादातर सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं।
अब दही, पनीर, शहद, मांस और मछली जैसे डिब्बा बंद और लेबल-युक्त खाद्य पदार्थों पर माल एवं सेवा कर लगेगा। साथ ही चेक जारी करने के एवज में बैंकों की तरफ से लिये जाने पर शुल्क पर भी जीएसटी देना पड़ेगा। अधिकारियों ने कहा कि माल एवं सेवा कर से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लेने वाली शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद ने दरों को युक्तिसंगत बनाने के मकसद से छूट वापस लेने को लेकर राज्यों के वित्त मंत्रियो के समूह की ज्यादातर सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं।
काठमांडू, १३ अप्रील । निर्वाचन आयोग के प्रमुख निर्वाचन आयुक्त डाँ.अयोधिप्रसाद यादव ने स्वच्छ, निष्पक्ष और भयरहित तरिका से चुनाव को सफल बनाने का म्यादी पुलीस से आग्रह किया हैं । सिन्धुलीमाढी मे आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख आयुक्त डाँ यादव ने कहा चुनाव को सम्पन्न बनाने में म्यादी पुलीस की भूमिका महत्वपूर्ण होगी ।
काठमांडू, तेरह अप्रील । निर्वाचन आयोग के प्रमुख निर्वाचन आयुक्त डाँ.अयोधिप्रसाद यादव ने स्वच्छ, निष्पक्ष और भयरहित तरिका से चुनाव को सफल बनाने का म्यादी पुलीस से आग्रह किया हैं । सिन्धुलीमाढी मे आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख आयुक्त डाँ यादव ने कहा चुनाव को सम्पन्न बनाने में म्यादी पुलीस की भूमिका महत्वपूर्ण होगी ।
Maujpur Jafrabad Violence: रतनलाल बीमार होने के बावजूद भी ड्यूटी पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि उनके सिर पर पत्थर लगने से उनकी मौत हुई। वहीं कुछ लोग ये भी दावा कर रहे हैं कि उन्हें उपद्रवियों की गोली लगी थी। Delhi Violence: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा ने दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल (Ratan Lal) की जान ले ली। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले रतनलाल दिल्ली के बुराड़ी इलाके में तीन बच्चों और पत्नी के साथ रहते थे। 42 साल के रतनलाल परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे। 24 फरवरी को मौजपुर जाफराबाद इलाके में हुई हिंसा में रतनलाल उपद्रवियों का शिकार बन गए। रतनलाल बीमार होने के बावजूद भी ड्यूटी पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि उनके सिर पर पत्थर लगने से उनकी मौत हुई। वहीं कुछ लोग ये भी दावा कर रहे हैं कि उन्हें उपद्रवियों की गोली लगी थी। रतनलाल के मौत की खबर उनके परिजनों को टीवी के जरिए हुई। रतनलाल की मौत पर सोशल मीडिया में लोगों का दर्द छलक पड़ा है। लोग लिख रहे हैं कि माफ करना रतनलाल हम आपको बचा नहीं पाए। रतनलाल अपने पीछे रोता बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा बड़ी बेटी सिद्धि 12 साल की, छोटी बेटी कनक 10 साल की और सबसे छोटा बेटा राम 7 साल का है। रतनलाल के निधन पर आईपीएस एसोसिएशन (IPS Association) ने शोक जताया है। एसोसिएशन ने कहा है कि रतनलाल ने अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभाया। इस दौरान कर्तव्य के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। अपने एक ट्वीट में एसोसिएशन ने कहा है कि यह राष्ट्र की सेवा में कर्तव्य को ऊपर रखने का एक बड़ा उदाहरण है। एसोसिएशन ने मृतक के आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। साथ ही कहा है कि उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने का साहस मिले। रतनलाल दिल्ली पुलिस में 1998 में शामिल हुए थे। वह एसीपी गोकलपुरी के ऑफिस में तैनात थे। साल 2004 में जयपुर की रहने वाली पूनम से उनका विवाह हुआ था। बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हालात बेहत नाजुक बने हुए हैं। सोमवार को एक शख्स सरेआम गोलियां चलाते भी देखा गया। शाहरुख नाम के इस शख्स को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
Maujpur Jafrabad Violence: रतनलाल बीमार होने के बावजूद भी ड्यूटी पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि उनके सिर पर पत्थर लगने से उनकी मौत हुई। वहीं कुछ लोग ये भी दावा कर रहे हैं कि उन्हें उपद्रवियों की गोली लगी थी। Delhi Violence: नागरिकता संशोधन कानून को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा ने दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल की जान ले ली। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले रतनलाल दिल्ली के बुराड़ी इलाके में तीन बच्चों और पत्नी के साथ रहते थे। बयालीस साल के रतनलाल परिवार में कमाने वाले इकलौते सदस्य थे। चौबीस फरवरी को मौजपुर जाफराबाद इलाके में हुई हिंसा में रतनलाल उपद्रवियों का शिकार बन गए। रतनलाल बीमार होने के बावजूद भी ड्यूटी पर तैनात थे। बताया जा रहा है कि उनके सिर पर पत्थर लगने से उनकी मौत हुई। वहीं कुछ लोग ये भी दावा कर रहे हैं कि उन्हें उपद्रवियों की गोली लगी थी। रतनलाल के मौत की खबर उनके परिजनों को टीवी के जरिए हुई। रतनलाल की मौत पर सोशल मीडिया में लोगों का दर्द छलक पड़ा है। लोग लिख रहे हैं कि माफ करना रतनलाल हम आपको बचा नहीं पाए। रतनलाल अपने पीछे रोता बिलखता परिवार छोड़ गए हैं। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा बड़ी बेटी सिद्धि बारह साल की, छोटी बेटी कनक दस साल की और सबसे छोटा बेटा राम सात साल का है। रतनलाल के निधन पर आईपीएस एसोसिएशन ने शोक जताया है। एसोसिएशन ने कहा है कि रतनलाल ने अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभाया। इस दौरान कर्तव्य के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। अपने एक ट्वीट में एसोसिएशन ने कहा है कि यह राष्ट्र की सेवा में कर्तव्य को ऊपर रखने का एक बड़ा उदाहरण है। एसोसिएशन ने मृतक के आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। साथ ही कहा है कि उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने का साहस मिले। रतनलाल दिल्ली पुलिस में एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे में शामिल हुए थे। वह एसीपी गोकलपुरी के ऑफिस में तैनात थे। साल दो हज़ार चार में जयपुर की रहने वाली पूनम से उनका विवाह हुआ था। बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हालात बेहत नाजुक बने हुए हैं। सोमवार को एक शख्स सरेआम गोलियां चलाते भी देखा गया। शाहरुख नाम के इस शख्स को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में मंगलवार को शिवसेना नेता को पूछताछ के लिए तलब किया था. यह कदम महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच आया है जिसमें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के बागी विधायक गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं. राउत ने आगे कहा कि बालासाहेब के शिवसैनिक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें. आधिकारिक सूत्रों ने यह भी बताया कि ईडी ने राउत को मुंबई के पात्रा चॉल मामले के पुनर्विकास के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है. घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि राउत को ईडी के जांचकर्ताओं के सामने मुंबई में उसके क्षेत्रीय कार्यालय में सुबह 11 बजे पेश होने को कहा गया है. इस साल अप्रैल में, ईडी ने 11. 15 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को भी कुर्क किया था, जिसमें शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत की पत्नी वर्षा के दादर में एक फ्लैट और अलीबाग के पास किहिम में आठ भूमि पार्सल शामिल थे, जो पुनर्विकास घोटाले के सिलसिले में संयुक्त रूप से स्वप्ना पाटकर के साथ जुड़े थे. स्वप्ना सुजीत पाटकर की पत्नी हैं, जो शिवसेना नेता के करीबी सहयोगी हैं. संघीय एजेंसी ने कहा कि उसकी जांच से पता चला है कि लगभग 100 करोड़ रुपये रियल एस्टेट कंपनी, हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) से प्रवीण राउत के खाते में स्थानांतरित किए गए थे, जिन्होंने इन फंडों का एक हिस्सा अपने करीबी सहयोगियों, परिवार के सदस्य और व्यावसायिक संस्थाओं के विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दिया था. प्रवीण राउत गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन नामक एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में निदेशक रह चुके हैं और उन्हें इस मामले में एक आरोपी हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) की सहायक कंपनी बताया गया है. प्रवीण राउत को पिछले दिनों महाराष्ट्र पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था. शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के विश्वासपात्र माने जाने वाले राउत को ईडी का समन आंतरिक विद्रोह के मद्देनजर पार्टी के लिए बढ़ती मुसीबत के बीच आया है. संघीय एजेंसी संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खिलाफ 4,300 करोड़ रुपये के पीएमसी बैंक मनी लॉन्ड्रिंग मामले की भी जांच कर रही है, जिनसे पिछले साल केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत पूछताछ की गई थी. एजेंसी मामले के एक आरोपी प्रवीण राउत की पत्नी द्वारा कुछ अन्य लेनदेन के अलावा 55 लाख रुपये के हस्तांतरण के संबंध में कथित बैंक ऋण घोटाले में उनकी भूमिका की जांच कर रही है. पिछले साल ईडी ने इस मामले में प्रवीण राउत की 72 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की थी और उनसे और उनकी पत्नी माधुरी राउत से पूछताछ की थी. एजेंसी ने आरोप लगाया था कि प्रवीण राउत ने कर्ज की आड़ में घोटाले से जूझ रहे बैंक से 95 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया, जिसमें से उसने अपनी पत्नी माधुरी राउत को 1. 6 करोड़ रुपये का भुगतान किया. संजय राउत की पत्नी को 'ब्याज मुक्त ऋण' के रूप में दो किश्तें.
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में मंगलवार को शिवसेना नेता को पूछताछ के लिए तलब किया था. यह कदम महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच आया है जिसमें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के बागी विधायक गुवाहाटी में डेरा डाले हुए हैं. राउत ने आगे कहा कि बालासाहेब के शिवसैनिक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं. हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें. आधिकारिक सूत्रों ने यह भी बताया कि ईडी ने राउत को मुंबई के पात्रा चॉल मामले के पुनर्विकास के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया है. घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि राउत को ईडी के जांचकर्ताओं के सामने मुंबई में उसके क्षेत्रीय कार्यालय में सुबह ग्यारह बजे पेश होने को कहा गया है. इस साल अप्रैल में, ईडी ने ग्यारह. पंद्रह करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को भी कुर्क किया था, जिसमें शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत की पत्नी वर्षा के दादर में एक फ्लैट और अलीबाग के पास किहिम में आठ भूमि पार्सल शामिल थे, जो पुनर्विकास घोटाले के सिलसिले में संयुक्त रूप से स्वप्ना पाटकर के साथ जुड़े थे. स्वप्ना सुजीत पाटकर की पत्नी हैं, जो शिवसेना नेता के करीबी सहयोगी हैं. संघीय एजेंसी ने कहा कि उसकी जांच से पता चला है कि लगभग एक सौ करोड़ रुपये रियल एस्टेट कंपनी, हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से प्रवीण राउत के खाते में स्थानांतरित किए गए थे, जिन्होंने इन फंडों का एक हिस्सा अपने करीबी सहयोगियों, परिवार के सदस्य और व्यावसायिक संस्थाओं के विभिन्न खातों में स्थानांतरित कर दिया था. प्रवीण राउत गुरुआशीष कंस्ट्रक्शन नामक एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में निदेशक रह चुके हैं और उन्हें इस मामले में एक आरोपी हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की सहायक कंपनी बताया गया है. प्रवीण राउत को पिछले दिनों महाराष्ट्र पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था. शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के विश्वासपात्र माने जाने वाले राउत को ईडी का समन आंतरिक विद्रोह के मद्देनजर पार्टी के लिए बढ़ती मुसीबत के बीच आया है. संघीय एजेंसी संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खिलाफ चार,तीन सौ करोड़ रुपये के पीएमसी बैंक मनी लॉन्ड्रिंग मामले की भी जांच कर रही है, जिनसे पिछले साल केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत पूछताछ की गई थी. एजेंसी मामले के एक आरोपी प्रवीण राउत की पत्नी द्वारा कुछ अन्य लेनदेन के अलावा पचपन लाख रुपये के हस्तांतरण के संबंध में कथित बैंक ऋण घोटाले में उनकी भूमिका की जांच कर रही है. पिछले साल ईडी ने इस मामले में प्रवीण राउत की बहत्तर करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की थी और उनसे और उनकी पत्नी माधुरी राउत से पूछताछ की थी. एजेंसी ने आरोप लगाया था कि प्रवीण राउत ने कर्ज की आड़ में घोटाले से जूझ रहे बैंक से पचानवे करोड़ रुपये की राशि का गबन किया, जिसमें से उसने अपनी पत्नी माधुरी राउत को एक. छः करोड़ रुपये का भुगतान किया. संजय राउत की पत्नी को 'ब्याज मुक्त ऋण' के रूप में दो किश्तें.
बागपत : बागपत जिले की क्राइम ब्रांच की टीम ओर सिंघावली अहीर थाना पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग के 4 शातिर लूटेरों को गिरफ्तार कर दो दिन पूर्व हुई व्यापारी से लूट की वारदात समेत दो वारदातों का खुलासा किया है और बदमाशों के कब्जे से पुलिस लूटे हुए 70 हजार रुपये व एक मोटरसाइकिल ओर लूट की वारदातो में इस्तेमाल दो तमंचे व दो चाकू बरामद किए हैं। आपको बता दें कि मामला सिंघावली थाना क्षेत्र का है, जहाँ 26 अगस्त को दिनदहाड़े डोला गांव की नहर पटरी पर बदमाशों ने लोनी के रहने वाले एक व्यापारी इमरान से हथियारों के बल पर 70 हजार रूपये ओर उसका मोबाइल फोन लूट लिया था, जिसके बाद से ही थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम बदमाशों की तलाश में जुटी थी। आज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नहर पटरी पर खट्टा प्रह्लादपुर गांव के पास से 4 बदमाशों अमित, सतेंद्र, रोहित व अनूप को गिरफ्तार कर लिया और बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने लूट हुए 70 हजार रुपये व लूट की वारदातों में इस्तेमाल 2 तमंचे व 2 चाकू बरामद किए है। वहीँ पकड़े गए बदमाशों ने 21 अगस्त को खेकड़ा थाना क्षेत्र में हुई एक मोटरसाइकिल की चोरी की वारदात को कबूल किया है और पुलिस ने बदमाशों के पास से चोरी की गई मोटरसाइकिल भी बारमद कर ली है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए बदमाशों के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
बागपत : बागपत जिले की क्राइम ब्रांच की टीम ओर सिंघावली अहीर थाना पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। पुलिस ने लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंग के चार शातिर लूटेरों को गिरफ्तार कर दो दिन पूर्व हुई व्यापारी से लूट की वारदात समेत दो वारदातों का खुलासा किया है और बदमाशों के कब्जे से पुलिस लूटे हुए सत्तर हजार रुपये व एक मोटरसाइकिल ओर लूट की वारदातो में इस्तेमाल दो तमंचे व दो चाकू बरामद किए हैं। आपको बता दें कि मामला सिंघावली थाना क्षेत्र का है, जहाँ छब्बीस अगस्त को दिनदहाड़े डोला गांव की नहर पटरी पर बदमाशों ने लोनी के रहने वाले एक व्यापारी इमरान से हथियारों के बल पर सत्तर हजार रूपये ओर उसका मोबाइल फोन लूट लिया था, जिसके बाद से ही थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम बदमाशों की तलाश में जुटी थी। आज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर नहर पटरी पर खट्टा प्रह्लादपुर गांव के पास से चार बदमाशों अमित, सतेंद्र, रोहित व अनूप को गिरफ्तार कर लिया और बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने लूट हुए सत्तर हजार रुपये व लूट की वारदातों में इस्तेमाल दो तमंचे व दो चाकू बरामद किए है। वहीँ पकड़े गए बदमाशों ने इक्कीस अगस्त को खेकड़ा थाना क्षेत्र में हुई एक मोटरसाइकिल की चोरी की वारदात को कबूल किया है और पुलिस ने बदमाशों के पास से चोरी की गई मोटरसाइकिल भी बारमद कर ली है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए बदमाशों के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में शनिवार को उत्तर प्रदेश के खुर्जा रेलवे स्टेशन के नजदीक अचानक एक ट्रैक्शन मोटर में आयी खराबी के कारण यात्रियों को करीब छह घंटे इंतजार के बाद दूसरी गाड़ी से गंतव्य भेजा गया। नयी दिल्ली- नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में शनिवार को उत्तर प्रदेश के खुर्जा रेलवे स्टेशन के नजदीक अचानक एक ट्रैक्शन मोटर में आयी खराबी के कारण यात्रियों को करीब छह घंटे इंतजार के बाद दूसरी गाड़ी से गंतव्य भेजा गया। जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस करीब पौने सात बजे खुर्जा के कुछ पहले गाड़ी के एक कोच की ट्रेक्शन मोटर में आई खराबी के कारण खड़ी हो गई। जांच पड़ताल के बाद पता चला कि ट्रेक्शन मोटर में खराबी के कारण ट्रेन को आगे ले जाना संभव नहीं है। खुर्जा स्टेशन पर करीब 01 घंटे से अधिक समय तक गाड़ी खड़ी रहने से यात्रियों ने ट्विटर पर रेल मंत्रालय, रेल मंत्री, उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक समेत तमाम अफसरों को वंदे भारत एक्सप्रेस के बीच रास्ते में खड़े होने की समस्या से अवगत कराना शुरू किया। इसके बाद रेलवे बोर्ड सक्रिय हुआ और बाद में नयी दिल्ली स्टेशन से शताब्दी एक्सप्रेस का एक रैक भेजा गया जिसमें वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों को बिठा कर करीब एक बजे वाराणसी के लिए रवाना किया गया।
नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में शनिवार को उत्तर प्रदेश के खुर्जा रेलवे स्टेशन के नजदीक अचानक एक ट्रैक्शन मोटर में आयी खराबी के कारण यात्रियों को करीब छह घंटे इंतजार के बाद दूसरी गाड़ी से गंतव्य भेजा गया। नयी दिल्ली- नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन में शनिवार को उत्तर प्रदेश के खुर्जा रेलवे स्टेशन के नजदीक अचानक एक ट्रैक्शन मोटर में आयी खराबी के कारण यात्रियों को करीब छह घंटे इंतजार के बाद दूसरी गाड़ी से गंतव्य भेजा गया। जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या बाईस हज़ार चार सौ छत्तीस वंदे भारत एक्सप्रेस करीब पौने सात बजे खुर्जा के कुछ पहले गाड़ी के एक कोच की ट्रेक्शन मोटर में आई खराबी के कारण खड़ी हो गई। जांच पड़ताल के बाद पता चला कि ट्रेक्शन मोटर में खराबी के कारण ट्रेन को आगे ले जाना संभव नहीं है। खुर्जा स्टेशन पर करीब एक घंटाटे से अधिक समय तक गाड़ी खड़ी रहने से यात्रियों ने ट्विटर पर रेल मंत्रालय, रेल मंत्री, उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक समेत तमाम अफसरों को वंदे भारत एक्सप्रेस के बीच रास्ते में खड़े होने की समस्या से अवगत कराना शुरू किया। इसके बाद रेलवे बोर्ड सक्रिय हुआ और बाद में नयी दिल्ली स्टेशन से शताब्दी एक्सप्रेस का एक रैक भेजा गया जिसमें वंदे भारत एक्सप्रेस के यात्रियों को बिठा कर करीब एक बजे वाराणसी के लिए रवाना किया गया।
देश में कोरोना का खतरा अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ है कि बर्ड फ्लू ने लोगों के मन में फिर से डर पैदा कर दिया। बर्ड फ्लू को मेडिकली एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है। यह एक संक्रामक बीमारी है। यह एक पक्षी से दूसरे पक्षियों, जानवरों या इंसानों तक फैल सकती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा व संरक्षा प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने देश में बर्ड फ्लू के मद्देनजर आज दिशा-निर्देश जारी किये हैं जिसमें कहा गया है कि यदि कुछ सावधानियां बरती जायें तो पॉल्ट्री मीट और अंडे खाने में संक्रमण का खतरा नहीं है। एफएसएसएआई के दिशा-निर्देश में कहा गया है कि जिन इलाकों में बर्ड फ्लू फैला हुआ है वहां से पॉल्ट्री उत्पाद लाकर नहीं बेचा जाना चाहिए। साथ ही ग्राहकों को भी चाहिए कि ऐसे पॉल्ट्री उत्पाद न खरीदें। इसके अलावा जिंदा पॉल्ट्री और कच्चे मांस को हैंडल करने वाले लोगों को भी हाथों में दस्ताने और चेहरे पर मास्क पहनने चाहिये तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उपभोक्ताओं को कहा गया है कि वे खरीदकर लाने के बाद मांस को धोते और पकाते समय सावधानी रखें। मांस को पानी का नल चलाकर उसके नीचे नहीं धोना चाहिए। इस दौरान हाथों में दस्ताने लगाने चाहिए। एफएसएसएआई ने बताया कि पकाने के दौरान पूरी तरह से उबालने पर बर्ड फ्लू का वायरस अपने-आप मर जाता है, इसलिए पके हुये मांस से संक्रमण का खतरा नहीं रहता। पकाने के बाद मांस या अंडे को उसी बर्तन में न रखें जिसमें उन्हें पकाने से पहले रखा गया था।
देश में कोरोना का खतरा अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ है कि बर्ड फ्लू ने लोगों के मन में फिर से डर पैदा कर दिया। बर्ड फ्लू को मेडिकली एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है। यह एक संक्रामक बीमारी है। यह एक पक्षी से दूसरे पक्षियों, जानवरों या इंसानों तक फैल सकती है। भारतीय खाद्य सुरक्षा व संरक्षा प्राधिकरण ने देश में बर्ड फ्लू के मद्देनजर आज दिशा-निर्देश जारी किये हैं जिसमें कहा गया है कि यदि कुछ सावधानियां बरती जायें तो पॉल्ट्री मीट और अंडे खाने में संक्रमण का खतरा नहीं है। एफएसएसएआई के दिशा-निर्देश में कहा गया है कि जिन इलाकों में बर्ड फ्लू फैला हुआ है वहां से पॉल्ट्री उत्पाद लाकर नहीं बेचा जाना चाहिए। साथ ही ग्राहकों को भी चाहिए कि ऐसे पॉल्ट्री उत्पाद न खरीदें। इसके अलावा जिंदा पॉल्ट्री और कच्चे मांस को हैंडल करने वाले लोगों को भी हाथों में दस्ताने और चेहरे पर मास्क पहनने चाहिये तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उपभोक्ताओं को कहा गया है कि वे खरीदकर लाने के बाद मांस को धोते और पकाते समय सावधानी रखें। मांस को पानी का नल चलाकर उसके नीचे नहीं धोना चाहिए। इस दौरान हाथों में दस्ताने लगाने चाहिए। एफएसएसएआई ने बताया कि पकाने के दौरान पूरी तरह से उबालने पर बर्ड फ्लू का वायरस अपने-आप मर जाता है, इसलिए पके हुये मांस से संक्रमण का खतरा नहीं रहता। पकाने के बाद मांस या अंडे को उसी बर्तन में न रखें जिसमें उन्हें पकाने से पहले रखा गया था।
GORAKHPUR: बसों में महिलाओं से छेड़छाड़ पर लगाम लगेगी और पैसेंजर्स को सेफ और सिक्योर जर्नी की फील होगी। इसके लिए अब आर्मी के रिटायर्ड जवानों को एयर कंडीशंड जनरथ बस चलाने की जिम्मेदारी दी जा रही है। इसके लिए खाका तैयार हो चुका है, बातचीत भी फाइनल स्टेज में है। सबकुछ ठीक रहा तो अगले माह से आर्मी से रिटायर्ड जवान जनरथ की कमान संभाले नजर आएंगे। यह बातें मुख्य प्रधान प्रबंधक जयदीप वर्मा ने कही। पायलट प्रोजेक्ट के तहत 20 बसों से इसकी शुरुआत की जाएगी और तीन माह ऑब्जर्वेशन के बाद बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। कैंप लगाकर मानदेय चालकों की भर्ती की जा रही है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे गांवों में पहुंचकर चालकों की तैनाती करें। पैसेंजर्स की सुविधा के लिए मील ऑन रोड एप लांच कर दिया गया है। कोई भी यात्री एप पर अपने मनपसंद का खाना बुक कर सकता है। सुझाव भी दे सकता है। सफर के दौरान उसे निर्धारित ढाबे पर क्वालिटी फूड आइटम्स मुहैया कराए जाएंगे। गोरखपुर-लखनऊ रूट पर दो ढाबे इसके लिए अधिकृत किए गए हैं। गर्मी का मौसम आने से पहले सभी बस स्टेशनों पर वॉटर एटीएम लगा दिया जाएगा। जल्द निगम के बेड़े में 550 बसें शामिल की जाएंगी, इसमें गोरखपुर को भी कुछ बसें मिलेंगी। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान घट रही आय पर चिंता व्यक्त की। कहा कि लोड फैक्टर कम होने यानी बसें खाली होने पर संबंधित को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने सुधार के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है। पैसेंजर्स की सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने बताया कि सभी नई बसों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे। आने वाले दिनों में पुरानी बसों में भी यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बसों में गंदगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब बसों का निरीक्षण भी आनलाइन होगा। 31 प्वाइंट्स पर मॉनीटरिंग की व्यवस्था की गई है। इसके लिए भी एप तैयार किया गया है। बसों में गंदगी व अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई हो रही है। डेढ़ माह में सात कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं।
GORAKHPUR: बसों में महिलाओं से छेड़छाड़ पर लगाम लगेगी और पैसेंजर्स को सेफ और सिक्योर जर्नी की फील होगी। इसके लिए अब आर्मी के रिटायर्ड जवानों को एयर कंडीशंड जनरथ बस चलाने की जिम्मेदारी दी जा रही है। इसके लिए खाका तैयार हो चुका है, बातचीत भी फाइनल स्टेज में है। सबकुछ ठीक रहा तो अगले माह से आर्मी से रिटायर्ड जवान जनरथ की कमान संभाले नजर आएंगे। यह बातें मुख्य प्रधान प्रबंधक जयदीप वर्मा ने कही। पायलट प्रोजेक्ट के तहत बीस बसों से इसकी शुरुआत की जाएगी और तीन माह ऑब्जर्वेशन के बाद बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। कैंप लगाकर मानदेय चालकों की भर्ती की जा रही है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे गांवों में पहुंचकर चालकों की तैनाती करें। पैसेंजर्स की सुविधा के लिए मील ऑन रोड एप लांच कर दिया गया है। कोई भी यात्री एप पर अपने मनपसंद का खाना बुक कर सकता है। सुझाव भी दे सकता है। सफर के दौरान उसे निर्धारित ढाबे पर क्वालिटी फूड आइटम्स मुहैया कराए जाएंगे। गोरखपुर-लखनऊ रूट पर दो ढाबे इसके लिए अधिकृत किए गए हैं। गर्मी का मौसम आने से पहले सभी बस स्टेशनों पर वॉटर एटीएम लगा दिया जाएगा। जल्द निगम के बेड़े में पाँच सौ पचास बसें शामिल की जाएंगी, इसमें गोरखपुर को भी कुछ बसें मिलेंगी। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान घट रही आय पर चिंता व्यक्त की। कहा कि लोड फैक्टर कम होने यानी बसें खाली होने पर संबंधित को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने सुधार के लिए इकतीस मार्च तक का समय दिया है। पैसेंजर्स की सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने बताया कि सभी नई बसों में पैनिक बटन लगाए जाएंगे। आने वाले दिनों में पुरानी बसों में भी यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बसों में गंदगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब बसों का निरीक्षण भी आनलाइन होगा। इकतीस प्वाइंट्स पर मॉनीटरिंग की व्यवस्था की गई है। इसके लिए भी एप तैयार किया गया है। बसों में गंदगी व अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई हो रही है। डेढ़ माह में सात कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं।
विश्व में इस जानलेवा वायरस(Virus) के कारण 2. 88 करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं और 9. 2 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका(America) रहा है जहां 1. 94 लाख लोग जान गंवा चुके हैं। नई दिल्ली। कोरोना की वजह से दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। पिछले एक दिन में दुनियाभर में तीन लाख से अधिक नए मामले सामने आए हैं। वहीं 24 घंटे में पूरी दुनिया में कोरोना की वजह से 5 हजार 537 लोगों की जान गई है। वहीं बढ़ते मामलों को देखते हुए इजरायल में फिर से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। बता दें कि इजरायल में कोरोना के मामले एकबार फिर तेजी बढ़ रहे हैं, ऐसे में पूरे देश में तीन सप्ताह के लिए लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। बता दें कि इजरायल में लॉकडाउन के दौरान लोग अपने घर से 500 मीटर के दायरे तक ही सीमित रहेंगे। लॉकडाउन की यह रिपोर्ट रायटर्स ने प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हवाले से दी है। यहां पहले भी लॉकडाउन लागू किया गया था लेकिन कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद इसे वापस ले लिया गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में जारी इस लॉकडाउन के दौरान कई तरह की पाबंदियां जारी रहेंगी। हालांकि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और प्राइवेट क्षेत्र में काम जारी रहेगा। लेकिन पब्लिक मूवमेंट पर सीमित पाबंदियां रहेंगी। लोगों को अपने घर से 500 मीटर के दायरे में सीमित रखा जाएगा।
विश्व में इस जानलेवा वायरस के कारण दो. अठासी करोड़ लोग संक्रमित हो चुके हैं और नौ. दो लाख लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका रहा है जहां एक. चौरानवे लाख लोग जान गंवा चुके हैं। नई दिल्ली। कोरोना की वजह से दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। पिछले एक दिन में दुनियाभर में तीन लाख से अधिक नए मामले सामने आए हैं। वहीं चौबीस घंटाटे में पूरी दुनिया में कोरोना की वजह से पाँच हजार पाँच सौ सैंतीस लोगों की जान गई है। वहीं बढ़ते मामलों को देखते हुए इजरायल में फिर से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। बता दें कि इजरायल में कोरोना के मामले एकबार फिर तेजी बढ़ रहे हैं, ऐसे में पूरे देश में तीन सप्ताह के लिए लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। बता दें कि इजरायल में लॉकडाउन के दौरान लोग अपने घर से पाँच सौ मीटर के दायरे तक ही सीमित रहेंगे। लॉकडाउन की यह रिपोर्ट रायटर्स ने प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के हवाले से दी है। यहां पहले भी लॉकडाउन लागू किया गया था लेकिन कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद इसे वापस ले लिया गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में जारी इस लॉकडाउन के दौरान कई तरह की पाबंदियां जारी रहेंगी। हालांकि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और प्राइवेट क्षेत्र में काम जारी रहेगा। लेकिन पब्लिक मूवमेंट पर सीमित पाबंदियां रहेंगी। लोगों को अपने घर से पाँच सौ मीटर के दायरे में सीमित रखा जाएगा।
Fatehpur News: 22 जून को हिन्दू युवती का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म किया और ईंट से सिर कुचकर घायल कर दिया था। पुलिस ने आरोपी सोनू को 25 जून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 26 जून की सुबह युवती ने इलाज के दौरान कानपुर हैलट में दम तोड़ दिया था। Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर गांव में स्थित एक मैरिज लॉज से 22 जून को हिन्दू युवती का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म किया गया और ईंट से सिर कुचकर घायल कर दिया था। पुलिस ने आरोपी युवक सोनू उर्फ सिकंदर को 25 जून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 26 जून की सुबह युवती ने इलाज के दौरान कानपुर हैलट में दम तोड़ दिया था। 27 जून को युवती के अंतिम संस्कार के पहले जिला प्रशासन ने आरोपी के मकान का कुछ हिस्सा तोड़कर छोड़ दिया था और आरोपी के पिता इस्लाम व भाई को सह अभियुक्त बनाते हुए गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई थी, लेकिन दोनों फरार पिता पुत्र ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। जिसके बाद जिला प्रशासन ने आरोपी के घर को बुलडोजर के माध्यम से ध्वस्त कर दिया। शहर के ज्वालागंज स्थित आरोपी के मकान पर मंगलवार को दोपहर दो बजे एसडीएम सदर अवधेश निगम के साथ नायब तहसीलदार विकास पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे और बुलडोजर से पूरा मकान गिरा दिया। आपको बता दें कि युवती की मौत 26 जून की सुबह जब हुई तो विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के लोग युवती के गांव पहुंच गए थे। उसी दिन रात में 8 बजे जब शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों के साथ आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए आरोपी का घर बुलडोजर से गिराने के साथ परिवार के एक लोग को नौकरी व 50 लाख रुपए दिए जाने की मांग किया था। 28 जून को कलेक्ट्रेट परिसर में हिन्दू संगठनों के साथ महिलाओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद डीएम-एसपी ने आरोपी के पिता और भाई को सह अभियुक्त बनाया था। मृतका के माता पिता ने आरोपी युवक को फांसी देने की मांग किया था और कहा था कि जिस तरह से मेरी बेटी की हत्या हुई है, उसी फांसी पर जरूर दिया जाए।
Fatehpur News: बाईस जून को हिन्दू युवती का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म किया और ईंट से सिर कुचकर घायल कर दिया था। पुलिस ने आरोपी सोनू को पच्चीस जून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। छब्बीस जून की सुबह युवती ने इलाज के दौरान कानपुर हैलट में दम तोड़ दिया था। Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के फरीदपुर गांव में स्थित एक मैरिज लॉज से बाईस जून को हिन्दू युवती का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म किया गया और ईंट से सिर कुचकर घायल कर दिया था। पुलिस ने आरोपी युवक सोनू उर्फ सिकंदर को पच्चीस जून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। छब्बीस जून की सुबह युवती ने इलाज के दौरान कानपुर हैलट में दम तोड़ दिया था। सत्ताईस जून को युवती के अंतिम संस्कार के पहले जिला प्रशासन ने आरोपी के मकान का कुछ हिस्सा तोड़कर छोड़ दिया था और आरोपी के पिता इस्लाम व भाई को सह अभियुक्त बनाते हुए गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई थी, लेकिन दोनों फरार पिता पुत्र ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। जिसके बाद जिला प्रशासन ने आरोपी के घर को बुलडोजर के माध्यम से ध्वस्त कर दिया। शहर के ज्वालागंज स्थित आरोपी के मकान पर मंगलवार को दोपहर दो बजे एसडीएम सदर अवधेश निगम के साथ नायब तहसीलदार विकास पांडेय पुलिस बल के साथ पहुंचे और बुलडोजर से पूरा मकान गिरा दिया। आपको बता दें कि युवती की मौत छब्बीस जून की सुबह जब हुई तो विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल के लोग युवती के गांव पहुंच गए थे। उसी दिन रात में आठ बजे जब शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों के साथ आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए आरोपी का घर बुलडोजर से गिराने के साथ परिवार के एक लोग को नौकरी व पचास लाख रुपए दिए जाने की मांग किया था। अट्ठाईस जून को कलेक्ट्रेट परिसर में हिन्दू संगठनों के साथ महिलाओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद डीएम-एसपी ने आरोपी के पिता और भाई को सह अभियुक्त बनाया था। मृतका के माता पिता ने आरोपी युवक को फांसी देने की मांग किया था और कहा था कि जिस तरह से मेरी बेटी की हत्या हुई है, उसी फांसी पर जरूर दिया जाए।
चेन्नई सुपर किंग्स के नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का आईपीएल 2023 के ओपनिंग मुकाबले में खेलना मुश्किल नजर आ रहा है। आईपीएल के 16वें सीजन का पहला मैच आज विजेता गुजरात टाइटंस और चार बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। धोनी को प्रैक्टिस सेशन के दौरान बाएं घुटने में चोट लगी है जिसकी वजह से वह मैच से एक दिन पहले नेट्स में बल्लेबाजी करने भी नहीं उतरे। टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले धोनी की यह चोट सीएसके और उनके फैंस के लिए काफी बड़ा झटका है। संभावित नामों पर नजर डालें तो सीएसके के पास कप्तानी के चार विकल्प टीम में मौजूद हैं जिसमें दो भारतीय तो दो विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। अगर धोनी गुजरात टाइटंस के खिलाफ पहला मैच मिस करते हैं तो उनकी जगह कप्तानी के रूप में सीएसके सबसे पहला विकल्प बेन स्टोक्स को चुन सकती है। इंग्लिश खिलाड़ी अपनी आक्रामक कप्तानी की छाप इंटरनेशनल स्तर पर छोड़ चुका है। मगर स्टोक्स के साथ समस्या यह है कि वह भी पूरी तरह से फिट नहीं है। ऐसे में टीम अन्य विकल्प भी खोजकर रखेगी।
चेन्नई सुपर किंग्स के नियमित कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का आईपीएल दो हज़ार तेईस के ओपनिंग मुकाबले में खेलना मुश्किल नजर आ रहा है। आईपीएल के सोलहवें सीजन का पहला मैच आज विजेता गुजरात टाइटंस और चार बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाना है। धोनी को प्रैक्टिस सेशन के दौरान बाएं घुटने में चोट लगी है जिसकी वजह से वह मैच से एक दिन पहले नेट्स में बल्लेबाजी करने भी नहीं उतरे। टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले धोनी की यह चोट सीएसके और उनके फैंस के लिए काफी बड़ा झटका है। संभावित नामों पर नजर डालें तो सीएसके के पास कप्तानी के चार विकल्प टीम में मौजूद हैं जिसमें दो भारतीय तो दो विदेशी खिलाड़ी शामिल हैं। अगर धोनी गुजरात टाइटंस के खिलाफ पहला मैच मिस करते हैं तो उनकी जगह कप्तानी के रूप में सीएसके सबसे पहला विकल्प बेन स्टोक्स को चुन सकती है। इंग्लिश खिलाड़ी अपनी आक्रामक कप्तानी की छाप इंटरनेशनल स्तर पर छोड़ चुका है। मगर स्टोक्स के साथ समस्या यह है कि वह भी पूरी तरह से फिट नहीं है। ऐसे में टीम अन्य विकल्प भी खोजकर रखेगी।
कोरोना महामारी के दौरान हर क्षेत्र में रोजगार का संकट बढ़ा है। ऐसें में, बेंगलुरु की एक कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर करीब 30 हजार लोगों को रोजगार दिया है। कंपनी की योजना अगले 2 महीने में 1 लाख लोगों को रोजगार देने की है। बिजनेस डेस्क। कोरोना महामारी के दौरान हर क्षेत्र में रोजगार का संकट बढ़ा है। ऐसें में, बेंगलुरु की एक कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर करीब 30 हजार लोगों को रोजगार दिया है। कंपनी की योजना अगले 2 महीने में 1 लाख लोगों को रोजगार देने की है। ट्रैवल बैग और फैशन वियर बनाने वाली कंपनी वाइल्डक्राफ्ट ने कोरोना महामारी को देखते हुए मास्क, पीपीई किट और सुरक्षा से जुड़ी दूसरी चीजों के निर्माण पर जोर दिया है। कंपनी का कहना है कि मार्केट में इन चीजों की डिमांड काफी बढ़ गई है और 2 महीने के भीतर कंपनी करीब 1 लाख लोगों को रोजगार दे सकती है। सिर्फ वाइल्डक्राफ्ट ही नहीं, कपड़ा और बैग निर्माण से जुड़ी कई कंपनियों ने बाजार में मास्क और पीपीई किट की बढ़ती मांग को देखते हुए अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव किया है। वाइल्डलाइफ दोबारा इस्तेमाल में आने वाले मास्क और पीपीई किट की मैन्युफैक्चरिंग कर रही है। कंपनी सुपरमास्क मास्क का निर्माण कर रही है। कंपनी ने इन प्रोडक्ट्स के निर्माण और वितरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए 11 शहरों के 63 कारखानों के साथ गठजोड़ किया है। कंपनी के को-फाउंडर गौरव डुबलिश का कहना है कि कोरोना संकट की वजह से पीपीई किट और मास्क की मांग काफी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी कपड़ा, बैग और फैशन उत्पाद के निर्माण से जुड़ी रही है, लेकिन हमने जल्दी ही अपने को नए मॉ़डल में ढाल लिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी की क्षमता रोज 10 लाख मास्क बनाने की है। वाइल्डक्राफ्ट के को-फाउंडर गौरव का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के दृष्टिकोण में हमारा भरोसा है और उसी से प्रेरणा लेकर हमने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव किया है। फिलहाल मास्क, पीपीई किट और दूसरे सुरक्षा उपकरणों की मांग बाजार में बनी रहेगी। इसे देखते हुए ही यह योजना तैयार की गई है। आज जहां ज्यादातर कंपनियों में लोगों को काम से हटाया जा रहा है, वाइल्डक्राफ्ट बिजनेस मॉडल में बदलाव कर आने वाले दिनों में करीब 1 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराएगी।
कोरोना महामारी के दौरान हर क्षेत्र में रोजगार का संकट बढ़ा है। ऐसें में, बेंगलुरु की एक कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर करीब तीस हजार लोगों को रोजगार दिया है। कंपनी की योजना अगले दो महीने में एक लाख लोगों को रोजगार देने की है। बिजनेस डेस्क। कोरोना महामारी के दौरान हर क्षेत्र में रोजगार का संकट बढ़ा है। ऐसें में, बेंगलुरु की एक कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर करीब तीस हजार लोगों को रोजगार दिया है। कंपनी की योजना अगले दो महीने में एक लाख लोगों को रोजगार देने की है। ट्रैवल बैग और फैशन वियर बनाने वाली कंपनी वाइल्डक्राफ्ट ने कोरोना महामारी को देखते हुए मास्क, पीपीई किट और सुरक्षा से जुड़ी दूसरी चीजों के निर्माण पर जोर दिया है। कंपनी का कहना है कि मार्केट में इन चीजों की डिमांड काफी बढ़ गई है और दो महीने के भीतर कंपनी करीब एक लाख लोगों को रोजगार दे सकती है। सिर्फ वाइल्डक्राफ्ट ही नहीं, कपड़ा और बैग निर्माण से जुड़ी कई कंपनियों ने बाजार में मास्क और पीपीई किट की बढ़ती मांग को देखते हुए अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव किया है। वाइल्डलाइफ दोबारा इस्तेमाल में आने वाले मास्क और पीपीई किट की मैन्युफैक्चरिंग कर रही है। कंपनी सुपरमास्क मास्क का निर्माण कर रही है। कंपनी ने इन प्रोडक्ट्स के निर्माण और वितरण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए ग्यारह शहरों के तिरेसठ कारखानों के साथ गठजोड़ किया है। कंपनी के को-फाउंडर गौरव डुबलिश का कहना है कि कोरोना संकट की वजह से पीपीई किट और मास्क की मांग काफी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी कपड़ा, बैग और फैशन उत्पाद के निर्माण से जुड़ी रही है, लेकिन हमने जल्दी ही अपने को नए मॉ़डल में ढाल लिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी की क्षमता रोज दस लाख मास्क बनाने की है। वाइल्डक्राफ्ट के को-फाउंडर गौरव का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के दृष्टिकोण में हमारा भरोसा है और उसी से प्रेरणा लेकर हमने अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव किया है। फिलहाल मास्क, पीपीई किट और दूसरे सुरक्षा उपकरणों की मांग बाजार में बनी रहेगी। इसे देखते हुए ही यह योजना तैयार की गई है। आज जहां ज्यादातर कंपनियों में लोगों को काम से हटाया जा रहा है, वाइल्डक्राफ्ट बिजनेस मॉडल में बदलाव कर आने वाले दिनों में करीब एक लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराएगी।
नई दिल्ली. जेनेवा के अंतर्राष्ट्रीय रोड फेडरेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय विश्व रोड मीटिंग का उद्घाटन करते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार घातक सड़क दुर्घटनाओं को 50 फीसदी तक कम करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने देश में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी को रोकने के लिए विकसित देशों से नई तकनीक और सर्वोत्तम परंपरा प्राप्त करने के लिए भी मदद मांगी है. गडकरी ने कहा, राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर बैट्री वाहनों को तरजीह दी जाएगी. साइकिल ट्रैक बनाए जाएंगे. सड़के किनारे पौधे लगाए जाएंगे और दुर्घटनाएं रोकने के लिए भी व्यापक इंतजाम किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को कम करने के लिए सरकार की नीति के तहत उनके मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर 780 अधिक दुर्घटना वाले स्थानों की पहचान की है. जिन्हें अगले दो वर्षों में 12 हजार करोड़ रुपये के निवेश से सुधारा जाएगा. इस चार दिवसीय समारोह में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से सड़क परिवहन और गतिशीलता क्षेत्र में सक्रिय सैकड़ों वैश्विक सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ, पेशेवर, कंपनियां और सरकारी संगठन हिस्सा ले रहे हैं. आईआरएफ अध्यक्ष के. के. कपिला ने कहा कि यह बैठक दुनिया भर से अत्याधुनिक शोध, सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी.
नई दिल्ली. जेनेवा के अंतर्राष्ट्रीय रोड फेडरेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय विश्व रोड मीटिंग का उद्घाटन करते हुए गडकरी ने कहा कि सरकार घातक सड़क दुर्घटनाओं को पचास फीसदी तक कम करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने देश में सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी को रोकने के लिए विकसित देशों से नई तकनीक और सर्वोत्तम परंपरा प्राप्त करने के लिए भी मदद मांगी है. गडकरी ने कहा, राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर बैट्री वाहनों को तरजीह दी जाएगी. साइकिल ट्रैक बनाए जाएंगे. सड़के किनारे पौधे लगाए जाएंगे और दुर्घटनाएं रोकने के लिए भी व्यापक इंतजाम किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को कम करने के लिए सरकार की नीति के तहत उनके मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सात सौ अस्सी अधिक दुर्घटना वाले स्थानों की पहचान की है. जिन्हें अगले दो वर्षों में बारह हजार करोड़ रुपये के निवेश से सुधारा जाएगा. इस चार दिवसीय समारोह में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से सड़क परिवहन और गतिशीलता क्षेत्र में सक्रिय सैकड़ों वैश्विक सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ, पेशेवर, कंपनियां और सरकारी संगठन हिस्सा ले रहे हैं. आईआरएफ अध्यक्ष के. के. कपिला ने कहा कि यह बैठक दुनिया भर से अत्याधुनिक शोध, सर्वोत्तम प्रथाओं और अनुभवों को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगी.
हाल ही में बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उनके श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट से बाहर होने की चर्चा थी। हालांकि, बांग्लादेश टीम को अब 15 मई से शुरू होने जा रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ी राहत मिली है। शाकिब ने कोरोना को मात दे दी है। बता दें कि 35 वर्षीय शाकिब अमेरिका से लौटने के बाद वायरस से संक्रमित पाए गए थे। । शाकिब ने बांग्लादेश के लिए 59 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 2. 98 के इकोनॉमी रेट से 215 विकेट चटकाए। क्या चट्टोग्राम टेस्ट में खेलेंगे शाबिक? बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट चट्टोग्राम के जहूर अहमद चौधरी स्टेडियम में खेला जाना है। मैच से पहले मुख्य चयनकर्ता मिन्हाजुल आबदीन ने कहा, 'शाकिब का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया। वह पहले टेस्ट में खेल सकते हैं, बशर्ते वह फिट हों। ' ईएसपीएनक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश टीम के एक अधिकारी ने कहा कि शाकिब शुक्रवार को चटोग्राम के लिए रवाना होंगे, जहां वह मेडिकल और फिटनेस टेस्ट से गुजरेंगे ताकि उनकी प्लेइंग इलेवन में जगह पर फैसला लिया जा सके। हालांकि, हेड कोच रसेल डोमिंगो कोविड से उबरने के बाद शाकिब के टीम में लौटने पर ज्यादा आशावादी नजर नहीं आ रहे। डोमिंगो ने कहा, 'हर कोई बेस्ट इलेवन में एक पूरी तरह से फिट शाकिब को चाहता है, लेकिन अगर वह 50-60 प्रतिशत फिट हैं तो खेलना काफी मुश्किल है। ' उन्होंने आगे कहा, 'शाकिब के टेस्ट मैच में खेलने पर फैसला लेने से पहले हमें उनकी फिटनेस की जांच करने की आवश्यकता है। वह अभी-अभी कोरोना से उबरा है और उसने ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है। लेकिन वह निश्चित रूप से हमारे लिए एक बड़ा खिलाड़ी है। '
हाल ही में बांग्लादेश के स्टार ऑलराउंडर शाकिब अल हसन की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसके बाद उनके श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट से बाहर होने की चर्चा थी। हालांकि, बांग्लादेश टीम को अब पंद्रह मई से शुरू होने जा रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले बड़ी राहत मिली है। शाकिब ने कोरोना को मात दे दी है। बता दें कि पैंतीस वर्षीय शाकिब अमेरिका से लौटने के बाद वायरस से संक्रमित पाए गए थे। । शाकिब ने बांग्लादेश के लिए उनसठ टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने दो. अट्ठानवे के इकोनॉमी रेट से दो सौ पंद्रह विकेट चटकाए। क्या चट्टोग्राम टेस्ट में खेलेंगे शाबिक? बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट चट्टोग्राम के जहूर अहमद चौधरी स्टेडियम में खेला जाना है। मैच से पहले मुख्य चयनकर्ता मिन्हाजुल आबदीन ने कहा, 'शाकिब का कोरोना टेस्ट निगेटिव आया। वह पहले टेस्ट में खेल सकते हैं, बशर्ते वह फिट हों। ' ईएसपीएनक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश टीम के एक अधिकारी ने कहा कि शाकिब शुक्रवार को चटोग्राम के लिए रवाना होंगे, जहां वह मेडिकल और फिटनेस टेस्ट से गुजरेंगे ताकि उनकी प्लेइंग इलेवन में जगह पर फैसला लिया जा सके। हालांकि, हेड कोच रसेल डोमिंगो कोविड से उबरने के बाद शाकिब के टीम में लौटने पर ज्यादा आशावादी नजर नहीं आ रहे। डोमिंगो ने कहा, 'हर कोई बेस्ट इलेवन में एक पूरी तरह से फिट शाकिब को चाहता है, लेकिन अगर वह पचास-साठ प्रतिशत फिट हैं तो खेलना काफी मुश्किल है। ' उन्होंने आगे कहा, 'शाकिब के टेस्ट मैच में खेलने पर फैसला लेने से पहले हमें उनकी फिटनेस की जांच करने की आवश्यकता है। वह अभी-अभी कोरोना से उबरा है और उसने ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला है। लेकिन वह निश्चित रूप से हमारे लिए एक बड़ा खिलाड़ी है। '
मेष, वृष और मिथुन का जुलाई 2023 का साप्ताहिक राशिफल. Saptahik Rashifal July 2023: जुलाई 2023 का चौथा सप्ताह मेषवालों के लिए सामान्य रहेगा. नौकरी में स्थिति अनुकूल रहेगी. आपको अपने सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, जिससे आपकी स्थिति मजबूत होगी. वृष वालों को मकान बनाने की इच्छा थी, तो इस समय आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में समय आपके पक्ष में रहेगा. मिथुन राशि वाले के लिए यह सप्ताह अच्छा रहने वाला है. पढ़ें मेष, वृष और मिथुन का जुलाई 2023 का साप्ताहिक राशिफल. यह सप्ताह आपके लिए सामान्य रहेगा. विवाहित लोग अपने गृहस्थ जीवन में नई उम्मीदों का स्वागत करेंगे और कोई नया काम करने की कोशिश करेंगे, जिसमें आपको सफलता मिलेगी. प्रेम जीवन बिता रहे लोग अपने रिश्ते से काफी खुश नजर आएंगे. हालांकि, कभी-कभी होने वाली झड़प आपको सोचने पर मजबूर कर देगी, क्योंकि आखिर समस्या कहां है, यह आपको समझ ही नहीं आएगा. नौकरी में स्थिति अनुकूल रहेगी. आपको अपने सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, जिससे आपकी स्थिति मजबूत होगी. आपको अपने ऑफिस से किसी वाहन या अकोमोडेशन का लाभ मिल सकता है. बिजनेस कर रहे लोगों के कुछ नए लोगों और सरकारी अधिकारियों से संबंध बन सकते हैं, जिसका आपको अपने बिजनेस में समुचित लाभ प्राप्त होगा. विद्यार्थियों की बात करें तो उनके लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा. आपकी मेहनत सफल होगी. स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो अभी आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना होगा. पिछले काफी समय से आप किसी चिंता को पाल रहे हैं. इस सप्ताह भी यह जारी रहेगा. इससे आपकी सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. यदि आपकी कोई चिंता है, तो उसे किसी के साथ शेयर करें, ताकि आप इससे बाहर निकल सकें. यात्रा के लिए सप्ताह के अंतिम दिन दिन बेहतर रहेंगे. यह सप्ताह आपके लिए बेहद कामयाबी देने वाला होगा. अगर आपको मकान बनाने की इच्छा थी, तो इस समय आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में समय आपके पक्ष में रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को थोड़े तनाव का सामना करना पड़ेगा, फिर भी वे अपनी परफॉर्मेंस को बेहतर कर पाएंगे. इनकम अच्छी होगी और आपको प्रोपर्टी से भी लाभ होगा, आप अच्छे लाभ की उम्मीद कर सकते हैं, अभी हल्के-फुल्के खर्चे रहेंगे और घर में कोई बीमार पड़ सकता है, खासतौर से बुजुर्ग व विवाहित लोग गृहस्थ जीवन में खुश नजर आएंगे. परिवार वालों के साथ अपने जीवनसाथी की अच्छी ट्यूनिंग से भी आप खुश होंगे, लव लाइफ के लिए भी यह समय उन्नतिदायक होगा और आप अपने रिश्ते में आगे बढ़ेंगे, आपको अपने दोस्तों का भी सपोर्ट मिलेगा, विद्यार्थियों की बात करें तो उनके लिए यह समय अच्छा रहेगा, वे अपनी पढ़ाई में खूब मेहनत करेंगे और आपकी कंसंट्रेशन मजबूत होगी, जिससे पढ़ाई में फायदा होगा, स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो अभी आपकी सेहत में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. अपनी सेहत का ध्यान रखें. यात्रा के लिए सप्ताह की शुरुआत अच्छी है. यह सप्ताह आपके लिए अच्छा रहने वाला है. विवाहित लोग गृहस्थ जीवन से संतुष्ट नजर आएंगे और जीवनसाथी से लगाव बढ़ेगा. लव लाइफ के लिए यह सप्ताह अनुकूल है. आप अपने रिश्ते के लिए बहुत ज्यादा प्रयासरत नजर आएंगे. दोस्तों के साथ मटरगश्ती में समय गुजरेगा. आप अपनी नौकरी में मन लगाकर काम करेंगे. आपके बॉस आपको कुछ नया काम भी देंगे और आप पर बारीकी से नजर भी रखेंगे, इसलिए अपना काम अच्छी तरह करने की कोशिश करें. यदि आप बिजनेस कर रहे हैं, तो थोड़ी सावधानी रखें. कोई व्यक्ति आपके काम में अड़चन डालने की कोशिश कर सकता है. विद्यार्थियों की बात करें तो उनके लिए समय अच्छा रहेगा. पढ़ाई में मन लगेगा. इसके अच्छे नतीजे भी मिलेंगे. स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो अभी आपकी सेहत अच्छी रहेगी. अपने खानपान पर ध्यान दें. यात्रा के लिए सप्ताह के शुरुआती दो दिन ज्यादा अच्छे रहेंगे. .
मेष, वृष और मिथुन का जुलाई दो हज़ार तेईस का साप्ताहिक राशिफल. Saptahik Rashifal July दो हज़ार तेईस: जुलाई दो हज़ार तेईस का चौथा सप्ताह मेषवालों के लिए सामान्य रहेगा. नौकरी में स्थिति अनुकूल रहेगी. आपको अपने सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, जिससे आपकी स्थिति मजबूत होगी. वृष वालों को मकान बनाने की इच्छा थी, तो इस समय आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में समय आपके पक्ष में रहेगा. मिथुन राशि वाले के लिए यह सप्ताह अच्छा रहने वाला है. पढ़ें मेष, वृष और मिथुन का जुलाई दो हज़ार तेईस का साप्ताहिक राशिफल. यह सप्ताह आपके लिए सामान्य रहेगा. विवाहित लोग अपने गृहस्थ जीवन में नई उम्मीदों का स्वागत करेंगे और कोई नया काम करने की कोशिश करेंगे, जिसमें आपको सफलता मिलेगी. प्रेम जीवन बिता रहे लोग अपने रिश्ते से काफी खुश नजर आएंगे. हालांकि, कभी-कभी होने वाली झड़प आपको सोचने पर मजबूर कर देगी, क्योंकि आखिर समस्या कहां है, यह आपको समझ ही नहीं आएगा. नौकरी में स्थिति अनुकूल रहेगी. आपको अपने सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, जिससे आपकी स्थिति मजबूत होगी. आपको अपने ऑफिस से किसी वाहन या अकोमोडेशन का लाभ मिल सकता है. बिजनेस कर रहे लोगों के कुछ नए लोगों और सरकारी अधिकारियों से संबंध बन सकते हैं, जिसका आपको अपने बिजनेस में समुचित लाभ प्राप्त होगा. विद्यार्थियों की बात करें तो उनके लिए यह सप्ताह अच्छा रहेगा. आपकी मेहनत सफल होगी. स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो अभी आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना होगा. पिछले काफी समय से आप किसी चिंता को पाल रहे हैं. इस सप्ताह भी यह जारी रहेगा. इससे आपकी सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. यदि आपकी कोई चिंता है, तो उसे किसी के साथ शेयर करें, ताकि आप इससे बाहर निकल सकें. यात्रा के लिए सप्ताह के अंतिम दिन दिन बेहतर रहेंगे. यह सप्ताह आपके लिए बेहद कामयाबी देने वाला होगा. अगर आपको मकान बनाने की इच्छा थी, तो इस समय आपकी यह इच्छा पूरी हो सकती है. जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में समय आपके पक्ष में रहेगा. नौकरीपेशा लोगों को थोड़े तनाव का सामना करना पड़ेगा, फिर भी वे अपनी परफॉर्मेंस को बेहतर कर पाएंगे. इनकम अच्छी होगी और आपको प्रोपर्टी से भी लाभ होगा, आप अच्छे लाभ की उम्मीद कर सकते हैं, अभी हल्के-फुल्के खर्चे रहेंगे और घर में कोई बीमार पड़ सकता है, खासतौर से बुजुर्ग व विवाहित लोग गृहस्थ जीवन में खुश नजर आएंगे. परिवार वालों के साथ अपने जीवनसाथी की अच्छी ट्यूनिंग से भी आप खुश होंगे, लव लाइफ के लिए भी यह समय उन्नतिदायक होगा और आप अपने रिश्ते में आगे बढ़ेंगे, आपको अपने दोस्तों का भी सपोर्ट मिलेगा, विद्यार्थियों की बात करें तो उनके लिए यह समय अच्छा रहेगा, वे अपनी पढ़ाई में खूब मेहनत करेंगे और आपकी कंसंट्रेशन मजबूत होगी, जिससे पढ़ाई में फायदा होगा, स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो अभी आपकी सेहत में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. अपनी सेहत का ध्यान रखें. यात्रा के लिए सप्ताह की शुरुआत अच्छी है. यह सप्ताह आपके लिए अच्छा रहने वाला है. विवाहित लोग गृहस्थ जीवन से संतुष्ट नजर आएंगे और जीवनसाथी से लगाव बढ़ेगा. लव लाइफ के लिए यह सप्ताह अनुकूल है. आप अपने रिश्ते के लिए बहुत ज्यादा प्रयासरत नजर आएंगे. दोस्तों के साथ मटरगश्ती में समय गुजरेगा. आप अपनी नौकरी में मन लगाकर काम करेंगे. आपके बॉस आपको कुछ नया काम भी देंगे और आप पर बारीकी से नजर भी रखेंगे, इसलिए अपना काम अच्छी तरह करने की कोशिश करें. यदि आप बिजनेस कर रहे हैं, तो थोड़ी सावधानी रखें. कोई व्यक्ति आपके काम में अड़चन डालने की कोशिश कर सकता है. विद्यार्थियों की बात करें तो उनके लिए समय अच्छा रहेगा. पढ़ाई में मन लगेगा. इसके अच्छे नतीजे भी मिलेंगे. स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो अभी आपकी सेहत अच्छी रहेगी. अपने खानपान पर ध्यान दें. यात्रा के लिए सप्ताह के शुरुआती दो दिन ज्यादा अच्छे रहेंगे. .
स्पोर्ट्स डेस्क : नाइजीरिया की फर्राटा धावक ब्लेसिंग ओकागबेयर टोक्यो ओलंपिक में महिला सौ मीटर सेमीफाइनल से पहले डोपिंग के आरोप में अस्थायी रूप से निलंबित हो गयी है. एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट ने बोला कि ओकागबारे को 19 जुलाई को प्रतिस्पर्धा से इतर टेस्ट में प्रतिबंधित हार्मोन के सेवन का दोषी पाया गया. उन्हें कल इसकी जानकारी साझा की जब वो 100 मीटर हीट में भाग ले चुकी थीं. उन्होंने हीट 11. 05 सेकंड का टाइम निकालकर जीत दर्ज की थी. डोपिंग नियमों के तहत वे बी नमूने की जांच का अनुरोध कर सकती हैं. 32 वर्षीय ओकागबेयर ने बीजिंग ओलंपिक 2008 और 2013 वर्ल्ड चैंपियनशिप में लंबी कूद में रजत पदक अपने नाम किया था.
स्पोर्ट्स डेस्क : नाइजीरिया की फर्राटा धावक ब्लेसिंग ओकागबेयर टोक्यो ओलंपिक में महिला सौ मीटर सेमीफाइनल से पहले डोपिंग के आरोप में अस्थायी रूप से निलंबित हो गयी है. एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट ने बोला कि ओकागबारे को उन्नीस जुलाई को प्रतिस्पर्धा से इतर टेस्ट में प्रतिबंधित हार्मोन के सेवन का दोषी पाया गया. उन्हें कल इसकी जानकारी साझा की जब वो एक सौ मीटर हीट में भाग ले चुकी थीं. उन्होंने हीट ग्यारह. पाँच सेकंड का टाइम निकालकर जीत दर्ज की थी. डोपिंग नियमों के तहत वे बी नमूने की जांच का अनुरोध कर सकती हैं. बत्तीस वर्षीय ओकागबेयर ने बीजिंग ओलंपिक दो हज़ार आठ और दो हज़ार तेरह वर्ल्ड चैंपियनशिप में लंबी कूद में रजत पदक अपने नाम किया था.
PATNA: बिहार में इन दिनों चुनाव के बिना राजनेता एक दूसरे पर अपने बयानों से लगातार हमलावर हैं. JDU राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने लालू यादव और तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला. बता दें राजद के पार्टी दफ्तर में बने 11 फीट ऊंचे लालटेन का उद्घाटन आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने किया. बताया गया कि पत्थर से बने इस लालटेन में चौबीस घंटे लौ जलती रहेगी. इसको लेकर JDU अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा- आदरणीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के सुशासन की चकाचौंध बिजली में जंगलराज के लालटेन की धीमी लौ भी बुझ ही चुकी है। श्री नीतीश कुमार जी के बिजली का प्लग लगाये बिना अब बनावटी लालटेन भी जलना नामुमकिन है. हालाकिं जब लालटेन का उद्घाटन हो रहा था तब सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा था लालटेन 24 घंटे जलती रहेगी, इसकी लौ कभी नहीं बुझेगी.
PATNA: बिहार में इन दिनों चुनाव के बिना राजनेता एक दूसरे पर अपने बयानों से लगातार हमलावर हैं. JDU राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने लालू यादव और तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोला. बता दें राजद के पार्टी दफ्तर में बने ग्यारह फीट ऊंचे लालटेन का उद्घाटन आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने किया. बताया गया कि पत्थर से बने इस लालटेन में चौबीस घंटे लौ जलती रहेगी. इसको लेकर JDU अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा- आदरणीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के सुशासन की चकाचौंध बिजली में जंगलराज के लालटेन की धीमी लौ भी बुझ ही चुकी है। श्री नीतीश कुमार जी के बिजली का प्लग लगाये बिना अब बनावटी लालटेन भी जलना नामुमकिन है. हालाकिं जब लालटेन का उद्घाटन हो रहा था तब सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा था लालटेन चौबीस घंटाटे जलती रहेगी, इसकी लौ कभी नहीं बुझेगी.
क्रोधी मनुष्य कभी यह नहीं समझ पाता कि कहना चाहिये और क्या नहीं। क्रोधीके लिये कुछ भी अकार्य अथवा अवाच्य नहीं है ॥ ५ ॥ हिंस्यात् क्रोधादवध्यांस्तु वध्यान् सम्पूजयीत च । आत्मानमपि च क्रुद्धः प्रेषयेद् यमसादनम् ॥ ६ ॥ क्रोधवश वह अवध्य पुरुषोंकी भी हत्या कर सकता है और वधके योग्य मनुष्योंकी भी पूजामें तत्पर हो सकता है। इतना ही नहीं, क्रोधी मानव ( आत्महत्याद्वारा ) अपने आपको भी यमलोकका अतिथि बना सकता है ॥ ६॥ एतान दोषान् प्रपश्यद्भिर्जितः क्रोधो मनीषिभिः । इच्छद्भिः परमं श्रेय इद्द चामुत्र चोत्तमम् ॥ ७ ॥ इन दोषोंको देखनेवाले मनस्वी पुरुषोंने, जो इहलोक और परलोक में भी परम उत्तम कल्याणकी इच्छा रखते हैं, क्रोधको जीत लिया है ॥ ७ ॥ तं क्रोधं वर्जितं धीरैः कथमस्मद्विधश्चरेत् । एतद् द्रौपदि संधाय न मे मन्युः प्रवर्धते ॥ ८ ॥ अतः धीर पुरुषोंने जिसका परित्याग कर दिया है । उस क्रोधको मेरे- जैसा मनुष्य कैसे उपयोग में ला सकता है ? द्रुपदकुमारी ! यही सोचकर मेरा क्रोध कभी बढ़ता नहीं है ॥८॥ आत्मानं च परांश्चैव त्रायते महतो भयात् । क्रुध्यन्तमप्रतिक्रुध्यन् द्वयोरेष चिकित्सकः ॥ ९ ॥ क्रोध करनेवाले पुरुष के प्रति जो बदले में क्रोध नहीं करता, वह अपनेको और दूसरोंको भी महान् भयसे बचा लेता है। वह अपने और पराये दोनोंके दोषोंको दूर करनेके लिये चिकित्सक बन जाता है ॥ ९ ॥ मूढो यदि क्लिश्यमानः क्रुध्यतेऽशक्तिमान् नरः । बलीयसां मनुष्याणां त्यजत्यात्मानमात्मना ॥ १० ॥ यदि मूढ़ एवं असमर्थ मनुष्य दूसरोंके द्वारा क्लेश दिये जानेपर स्वयं भी बलिष्ठ मनुष्योंपर क्रोध करता है तो वह अपने ही द्वारा अपने आपका विनाश कर देता है ॥ १० ॥ तस्यात्मानं संत्यजतो लोका नश्यन्त्यनात्मनः । तस्माद् द्रौपद्यशक्तस्य मन्योर्नियमनं स्मृतम् ॥ ११ ॥ अपने चित्तको वश में न रखनेके कारण क्रोधवश देइत्याग करनेवाले उस मनुष्य के लोक और परलोक दोनों नष्ट हो जाते हैं । अतः द्रुपदकुमारी ! असमर्थके लिये अपने क्रोधको रोकना ही अच्छा माना गया है ॥ ११ ॥ विद्वांस्तथैव यः शक्तः क्लिश्यमानो न कुप्यति । अनाशयित्वा फ्लेटारं परलोके च नन्दति ॥ १२ ॥ इसी प्रकार जो विद्वान् पुरुष शक्तिशाली होकर भी दूसरों द्वारा क्लेश दिये जानेपर स्वयं क्रोध नहीं करता, वह क्लेश देनेवालेका नाश न करके परलोकमें भी आनन्दका भागी होता है ॥ १२ ॥ तस्माद् बलवता चैव दुर्बलेन च नित्यदा । क्षन्तव्यं पुरुषेणाहुरापत्स्खपि विजानता ॥ १३ ॥ इसलिये बलवान् या निर्बल सभी विज्ञ मनुष्यों को सदा आपत्ति-कालमें भी क्षमाभावका ही आश्रय लेना चाहिये । मन्योर्हि विजयं कृष्णे प्रशंसन्तीह साधवः । क्षमावतो जयो नित्यं साधोरिह सतां मतम् ॥ १४ ॥ कृष्णे ! साधु पुरुष क्रोधको जीतनेकी ही प्रशंसा करते हैं । संतोंका यह मत है कि इस जगत्में क्षमाशील साधु पुरुषकी सदा जय होती है !॥ १४ ॥ सत्यं चानृततः श्रेयो नृशंस्याच्चानृशंसता । तमेवं बहुदोषं तु क्रोधं साधुविवर्जितम् ॥ १५ ॥ मादृशः प्रसृजेत् कस्मात् सुयोधनवधादपि । झूठसे सत्य श्रेष्ठ है । क्रूरतासे दयालुता श्रेष्ठ है, अतः दुर्योधन मेरा वध कर डाले तो भी इस प्रकार अनेक दोषोंसे भरे और सत्पुरुषद्वारा परित्यक्त क्रोधका मेरे- जैसा पुरुष हुए कैसे उपयोग कर सकता है ? ॥ १५३ ॥ तेजस्वीति यमाहुर्वै पण्डिता दीर्घदर्शिनः ॥ १६ ॥ न क्रोधोऽभ्यन्तरस्तस्य भवतीति विनिश्चितम् । दूरदर्शी विद्वान् जिसे तेजस्वी कहते हैं, उसके भीतर क्रोध नहीं होता; यह निश्चित बात है ॥ १६३ ॥ यस्तु क्रोधं समुत्पन्नं प्रज्ञया प्रतिबाधते ॥ १७ ॥ तेजस्विनं तं विद्वांसो मन्यन्ते तत्त्वदर्शिनः । जो उत्पन्न हुए क्रोधको अपनी बुद्धिसे दबा देता है, उसे तत्त्वदर्शी विद्वान् तेजस्वी मानते हैं ॥ १७३ ॥ क्रुद्धो हि कार्य सुश्रोणि न यथावत् प्रपश्यति । नाकार्य न च मर्यादां नरः क्रुद्धोऽनुपश्यति ॥ १८ ॥ सुन्दरी ! क्रोधी मनुष्य किसी कार्यको ठीक-ठीक नहीं समझ पाता । वह यह भी नहीं जानता कि मर्यादा क्या है ( अर्थात् क्या करना चाहिये) और क्या नहीं करना चाहिये ॥ हन्त्यवध्यानपि क्रुद्धो गुरून् क्रुद्धस्तुदत्यपि । तस्मात् तेजसि कर्तव्यः क्रोधो दूरे प्रतिष्ठितः ॥ १९ ॥ क्रोधी मनुष्य अवध्य पुरुषोंका वध कर देता है। क्रोधी मनुष्य गुरुजनोंको कटु वचनोंद्वारा पीड़ा पहुँचाता है । इसलिये जिसमें तेज हो, उस पुरुषको चाहिये कि वह क्रोधको अपनेसे दूर रखे ॥ १९ ॥ दाक्ष्यं ह्यमर्पः शौर्य च शीघ्रत्वमिति तेजसः ।
क्रोधी मनुष्य कभी यह नहीं समझ पाता कि कहना चाहिये और क्या नहीं। क्रोधीके लिये कुछ भी अकार्य अथवा अवाच्य नहीं है ॥ पाँच ॥ हिंस्यात् क्रोधादवध्यांस्तु वध्यान् सम्पूजयीत च । आत्मानमपि च क्रुद्धः प्रेषयेद् यमसादनम् ॥ छः ॥ क्रोधवश वह अवध्य पुरुषोंकी भी हत्या कर सकता है और वधके योग्य मनुष्योंकी भी पूजामें तत्पर हो सकता है। इतना ही नहीं, क्रोधी मानव अपने आपको भी यमलोकका अतिथि बना सकता है ॥ छः॥ एतान दोषान् प्रपश्यद्भिर्जितः क्रोधो मनीषिभिः । इच्छद्भिः परमं श्रेय इद्द चामुत्र चोत्तमम् ॥ सात ॥ इन दोषोंको देखनेवाले मनस्वी पुरुषोंने, जो इहलोक और परलोक में भी परम उत्तम कल्याणकी इच्छा रखते हैं, क्रोधको जीत लिया है ॥ सात ॥ तं क्रोधं वर्जितं धीरैः कथमस्मद्विधश्चरेत् । एतद् द्रौपदि संधाय न मे मन्युः प्रवर्धते ॥ आठ ॥ अतः धीर पुरुषोंने जिसका परित्याग कर दिया है । उस क्रोधको मेरे- जैसा मनुष्य कैसे उपयोग में ला सकता है ? द्रुपदकुमारी ! यही सोचकर मेरा क्रोध कभी बढ़ता नहीं है ॥आठ॥ आत्मानं च परांश्चैव त्रायते महतो भयात् । क्रुध्यन्तमप्रतिक्रुध्यन् द्वयोरेष चिकित्सकः ॥ नौ ॥ क्रोध करनेवाले पुरुष के प्रति जो बदले में क्रोध नहीं करता, वह अपनेको और दूसरोंको भी महान् भयसे बचा लेता है। वह अपने और पराये दोनोंके दोषोंको दूर करनेके लिये चिकित्सक बन जाता है ॥ नौ ॥ मूढो यदि क्लिश्यमानः क्रुध्यतेऽशक्तिमान् नरः । बलीयसां मनुष्याणां त्यजत्यात्मानमात्मना ॥ दस ॥ यदि मूढ़ एवं असमर्थ मनुष्य दूसरोंके द्वारा क्लेश दिये जानेपर स्वयं भी बलिष्ठ मनुष्योंपर क्रोध करता है तो वह अपने ही द्वारा अपने आपका विनाश कर देता है ॥ दस ॥ तस्यात्मानं संत्यजतो लोका नश्यन्त्यनात्मनः । तस्माद् द्रौपद्यशक्तस्य मन्योर्नियमनं स्मृतम् ॥ ग्यारह ॥ अपने चित्तको वश में न रखनेके कारण क्रोधवश देइत्याग करनेवाले उस मनुष्य के लोक और परलोक दोनों नष्ट हो जाते हैं । अतः द्रुपदकुमारी ! असमर्थके लिये अपने क्रोधको रोकना ही अच्छा माना गया है ॥ ग्यारह ॥ विद्वांस्तथैव यः शक्तः क्लिश्यमानो न कुप्यति । अनाशयित्वा फ्लेटारं परलोके च नन्दति ॥ बारह ॥ इसी प्रकार जो विद्वान् पुरुष शक्तिशाली होकर भी दूसरों द्वारा क्लेश दिये जानेपर स्वयं क्रोध नहीं करता, वह क्लेश देनेवालेका नाश न करके परलोकमें भी आनन्दका भागी होता है ॥ बारह ॥ तस्माद् बलवता चैव दुर्बलेन च नित्यदा । क्षन्तव्यं पुरुषेणाहुरापत्स्खपि विजानता ॥ तेरह ॥ इसलिये बलवान् या निर्बल सभी विज्ञ मनुष्यों को सदा आपत्ति-कालमें भी क्षमाभावका ही आश्रय लेना चाहिये । मन्योर्हि विजयं कृष्णे प्रशंसन्तीह साधवः । क्षमावतो जयो नित्यं साधोरिह सतां मतम् ॥ चौदह ॥ कृष्णे ! साधु पुरुष क्रोधको जीतनेकी ही प्रशंसा करते हैं । संतोंका यह मत है कि इस जगत्में क्षमाशील साधु पुरुषकी सदा जय होती है !॥ चौदह ॥ सत्यं चानृततः श्रेयो नृशंस्याच्चानृशंसता । तमेवं बहुदोषं तु क्रोधं साधुविवर्जितम् ॥ पंद्रह ॥ मादृशः प्रसृजेत् कस्मात् सुयोधनवधादपि । झूठसे सत्य श्रेष्ठ है । क्रूरतासे दयालुता श्रेष्ठ है, अतः दुर्योधन मेरा वध कर डाले तो भी इस प्रकार अनेक दोषोंसे भरे और सत्पुरुषद्वारा परित्यक्त क्रोधका मेरे- जैसा पुरुष हुए कैसे उपयोग कर सकता है ? ॥ एक सौ तिरेपन ॥ तेजस्वीति यमाहुर्वै पण्डिता दीर्घदर्शिनः ॥ सोलह ॥ न क्रोधोऽभ्यन्तरस्तस्य भवतीति विनिश्चितम् । दूरदर्शी विद्वान् जिसे तेजस्वी कहते हैं, उसके भीतर क्रोध नहीं होता; यह निश्चित बात है ॥ एक सौ तिरेसठ ॥ यस्तु क्रोधं समुत्पन्नं प्रज्ञया प्रतिबाधते ॥ सत्रह ॥ तेजस्विनं तं विद्वांसो मन्यन्ते तत्त्वदर्शिनः । जो उत्पन्न हुए क्रोधको अपनी बुद्धिसे दबा देता है, उसे तत्त्वदर्शी विद्वान् तेजस्वी मानते हैं ॥ एक सौ तिहत्तर ॥ क्रुद्धो हि कार्य सुश्रोणि न यथावत् प्रपश्यति । नाकार्य न च मर्यादां नरः क्रुद्धोऽनुपश्यति ॥ अट्ठारह ॥ सुन्दरी ! क्रोधी मनुष्य किसी कार्यको ठीक-ठीक नहीं समझ पाता । वह यह भी नहीं जानता कि मर्यादा क्या है और क्या नहीं करना चाहिये ॥ हन्त्यवध्यानपि क्रुद्धो गुरून् क्रुद्धस्तुदत्यपि । तस्मात् तेजसि कर्तव्यः क्रोधो दूरे प्रतिष्ठितः ॥ उन्नीस ॥ क्रोधी मनुष्य अवध्य पुरुषोंका वध कर देता है। क्रोधी मनुष्य गुरुजनोंको कटु वचनोंद्वारा पीड़ा पहुँचाता है । इसलिये जिसमें तेज हो, उस पुरुषको चाहिये कि वह क्रोधको अपनेसे दूर रखे ॥ उन्नीस ॥ दाक्ष्यं ह्यमर्पः शौर्य च शीघ्रत्वमिति तेजसः ।
इस पर वह बोला, 'फालतू बात नहीं कर रहा हूं, जो कह रहा हूं सच कह रहा हूं। इतना कह कर उसने अपना सिर मेरी गोद में रख दिया। फिर रो पड़ा। उसके दोनों हाथ अब मेरी कमर के गिर्द लिपटे थे। उसके गर्म आंसू मेरे पेट को गीला किए जा रहे थे। मैं इस अप्रत्याशित घटना से एकदम हतप्रभ थी। मैं कुछ समझ नहीं पा रही थी कि ये क्या हो रहा है। ये नई मुशीबत क्या है ? इस लड़के को क्या हो गया है ? पगला गया है, मुझ से शादी करने के लिए बोल रहा है। काफी सोचती-विचारती रही। वह मेरे पेट को गीला किए जा रहा था। कुछ देर में अपने को सम्हालने के बाद मैंने उसके चेहरे को ऊपर उठाया। आंसूओं से तरबतर था चेहरा। मुझे लगा मामला बहुत गंभीर है। इसे गुस्से नहीं प्यार से समझाना होगा। यह भ्रमित है। उसका भ्रम दूर करना ज़रूरी है। नहीं तो यह कुछ गलत क़दम भी उठा सकता है। यह बातें कुछ ही सेकेण्ड में मेरे दिमाग में कौंध गईं। मैंने उससे बाथरूम में जाकर मुंह धोकर आने को कहा। लेकिन वह नहीं उठा तो मैं खुद जग में पानी ले आई और अपने हाथ से उसका मुंह धोकर तौलिए से पोंछा। फिर चाय, नमकीन, बिस्कुट ले आई। उसे खिला-पिला कर जब कुछ शांत कर पाई तो कहा, "क्या आपके मन में मेरे लिए कोई प्यार नहीं है ?" उसकी यह बात सुन कर मैं फिर हड़बड़ा गई। किसी तरह अपने पर काबू पा कर उससे कहा, 'देखो चीनू हम दोनों के बीच जो वास्तविक रिश्ता है वह सिर्फ़ चाची-भतीजे का है। जिस संबंध की तुम बात कर रहे हो वह तो एक विकृति है। गलत है उसमें कोई प्यार नहीं है। वह तो सिर्फ़ दैहिक आकर्षण है। देह की भूख है। परस्पर विपरीत लिंग के देह का आकर्षण। और यह हम दोनों के बीच जो हुआ यह एकदम गलत है। समाज को पता चल गया तो लोग हम पर थूकेंगे भी नहीं। हां यह जो गलत हुआ इसके लिए मैं अपने को ज़िम्मेदार मानती हूं। पूरी तरह से मैं ज़िम्मेदार हूं। एक अजीब सी स्थिति में न जाने किस भावना में मैं बह गई उस दिन। और वह पापपूर्ण क़दम उठा बैठी। मैं तुम्हें ज़िम्मेदार कहीं से नहीं मानती। एक किशोर विपरीत लिंग के प्रति जैसे आकर्षित होता तुम भी उन दिनों उसी तरह स्त्री शरीर के दीवाने थे। तुम जो बराबर मेरे शरीर की ताक- झांक करते रहते थे वह मुझ से छिपा नहीं था। मैं तुम्हारी हर हरकत के मर्म को समझती थी। कहते हैं औरत बहुत भावुक होती हैं। भावुक क्षणों में वह बड़ी जल्दी बिखर जाती हैं। या वह एक ऐसे पके फल के समान होती है जो मर्द का हल्का शीतल स्पर्श पाते ही उसकी गोद में गिर जाती है। उस दिन मैं भी भावनात्मक स्तर पर इतना टूट चुकी थी कि तुम्हारे जैसे लड़के मतलब की भतीजे के स्पर्श से ही बिखर गई। मेरी जिंदगी का यह सबसे पापपूर्ण कृत्य है जिसकी मुझे जो सजा मिले वह कम है। मेरे तुम्हारे बीच रिश्ता प्रेमी-प्रेमिका का नहीं है, न ही हो सकता है। और पति-पत्नी की बात तो सोची ही नहीं जा सकती। तुम अपने दिलो-दिमाग से यह फितूर निकाल दो और जो लड़की पसंद हो उससे शादी कर के अपना जीवन संवारो। "मुझे आपकी यह सारी बातें बकवास लगती हैं। अरे! जब इतना ही अपमानपूर्ण लगता है तो इतने बरसों से मुझ से बार-बार संबंध क्यों बनाती आ रहीं हैं। माना पहली बार आप भटक गईं। पर दूसरी बार, तीसरी बार, चौथी बार और फिर इतने सालों से बार-बार। ये क्या तमाशा है। चाची जिसे भटकाव या जो तुम बोल रही हो कि पका फल हो टूट कर गिर जाती हो मेरी गोद में सब बकवास है झूठ है। चीनू ने बड़े सख्त लहजे में कही थीं ये बातें। उसकी आवाज़़ उसके एक-एक शब्द से मैं अंदर तक सिहर जा रही थी। मगर मैंने सोचा कि अगर इस समय दिमाग से काम न लिया तो यह बात बहुत बड़ा बवंडर पैदा कर देगी। सो मैंने संतुलन बनाए रखा। धैर्य नहीं खोया। बड़े प्यार से कहा, 'चीनू मेरी बात को पहले ध्यान से सुनो। स्थिति को ठीक से समझो। इसके बाद कुछ बोलो। ये सब फ़िल्मों में बड़ा आसान लगता है कि चलो भाग चलें। या हीरो पूरी दुनिया को ठेंगे पर रख कर कुछ भी कर डालता है। हक़ीक़त में यह सब नहीं होता। ज़िंदगी बहुत कठोर है। आज तुम सिर्फ इसलिए इतने उतावले हो मेरे साथ शादी करने और जीवन भर साथ रहने के लिए क्यों कि एक खा़स किस्म के शरीर का स्वाद जो तुम्हारे दिलो-दिमाग पर चढ़ गया है उसके तुम दीवाने हो। "मुझे यह सारी दलीलें बिल्कुल समझ में नहीं आतीं। मैं सिर्फ़ इतना जानता हूं कि मैं सिर्फ तुमसे ही शादी कर सकता हूं। क्योंकि दुनिया में मुझे आज तक केवल तुम्हारे पास आने पर ही सैटिसफैक्शन मिलता है। कहने को यूनिवर्सिटी लाइफ और उसके बाद भी तरह-तरह की करीब एक दर्जन लड़कियों से संबंध बने मगर मुझे हर जगह एक खालीपन-अधूरापन ही मिला। हर लड़की के साथ लगता अरे! यहां यह कमी है। अरे! यह तो मेरे लिए है ही नहीं। कौन है मेरे लिए किसकी बाहों में मुझे संतुष्टि मिलती है। कई बरसों तक मैं समझ ही नहीं पाया। इस प्रश्न पर बड़ी मगजमारी करता रहा। फिर धीरे-धीरे यह महसूस किया कि यह स्थिति उस दिन नहीं होती जिस दिन तुम मेरी बाहों में होती हो। इस बात पर मैंने बहुत गहराई से सोचा, बराबर सोचा, हर बार निष्कर्ष यही निकला कि मुझे कंप्लीट सैटिसफैक्शन तुम्हारे साथ वक़्त बिता कर ही मिलता है। 'चीनू पहले मेरी बात ध्यान सुनो। न मैं इनसे ऊबी हूं न ये मुझ से। पति-पत्नी में झगड़े का मतलब यह नहीं कि रिश्ते सड़ गए। जब रिश्ते सड़ जाते हैं तो एक छत के नीचे वह रह ही नहीं पाते। तुम्हारे मां-बाप के बीच भी झगड़े होते हैं, तुम खुद बता चुके हो। तो क्या उसका मतलब यह है कि वह दोनों अलग हो जाएं। मैं बार-बार कह रही हूं कि तुम एक सुंदर लड़की से शादी कर लो। पहली रात तुम उसे पत्नी के रूप में अपनी बांहों में लोगे तो तुम्हारा सारा भ्रम दूर हो जाएगा। अभी तक तुम जिन लड़कियों की बातें कर रहे हो वह केवल वासना की भूख शांत करने का रिश्ता था। वहां भावना नहीं है। इमोशनल अटैचमेंट नहीं है। इसलिए तुम भ्रमित हो। रही बात मेरे लिए कि मेरे साथ संबंध बना कर ही तुम्हें संतुष्टि मिलती है तो यह भी एक भ्रम है। होता यह है कि हम सब कोई चीज पहली बार देखते हैं और यदि वह हमारी नजरों को भा जाता है तो उसका एक स्थाई भाव उसकी एक स्थाई तस्वीर हमारे दिलो-दिमाग पर बैठ जाती है। फिर उसके बाद जब हम कुछ और देखते हैं तो हमें पहले वाली तस्वीर ही बेहतर लगती है। दूसरी सारी तस्वीरों में हम पहली वाली तस्वीर का ही अक्स ढूढ़ने लगते हैं। बस यहीं सारी समस्या खड़ी होती है। तुम्हारे साथ वास्तव में यही हुआ है। जब तुम अश्लील किताबों में औरतों के साथ खुले सेक्स संबंधों के बारे में पढ़ते थे उनके चित्र देखते थे तो मन में वही सब करते थे। तुम्हारा मन जैसे-तैसे तुरंत एक संबंध या सेक्स करने के लिए एक औरत पाने के लिए तड़प उठता था। तुम व्याकुल रहते थे एक औरत पाने के लिए। यही वजह थी कि तुम जैसे-तैसे किसी औरत के शरीर को देखने की कोशिश में लगे रहते थे। इस बीच दुर्भाग्य से वह मनहूस काली रात भी आ गई जब तुम्हें वह मिल गया जिसकी तुमने कल्पना तक न की थी। तुम्हें एक भरीपूरी औरत मिल गई जो बिना किसी प्रयास के खुद ही आ कर तुम्हारे आगे लेट गई। पूरी तरह समर्पण कर दिया। सोने पे सुहागा यह कि जिस औरत को तुम छिप-छिप कर झांका करते थे। जिसके एक-एक अंग को अंदर तक नग्न देखने के लिए लालायित रहते थे वह सारे अंग तुम्हारे आगे खुद ही बिना प्रयास के आ गए। उन नग्न अंगों की चमक़, उनकी गर्मी, स्पर्श एवं घर्षण का अहसास तुम्हारे दिलो-दिमाग पर एक स्थाई भाव बन कर बैठ गया।
इस पर वह बोला, 'फालतू बात नहीं कर रहा हूं, जो कह रहा हूं सच कह रहा हूं। इतना कह कर उसने अपना सिर मेरी गोद में रख दिया। फिर रो पड़ा। उसके दोनों हाथ अब मेरी कमर के गिर्द लिपटे थे। उसके गर्म आंसू मेरे पेट को गीला किए जा रहे थे। मैं इस अप्रत्याशित घटना से एकदम हतप्रभ थी। मैं कुछ समझ नहीं पा रही थी कि ये क्या हो रहा है। ये नई मुशीबत क्या है ? इस लड़के को क्या हो गया है ? पगला गया है, मुझ से शादी करने के लिए बोल रहा है। काफी सोचती-विचारती रही। वह मेरे पेट को गीला किए जा रहा था। कुछ देर में अपने को सम्हालने के बाद मैंने उसके चेहरे को ऊपर उठाया। आंसूओं से तरबतर था चेहरा। मुझे लगा मामला बहुत गंभीर है। इसे गुस्से नहीं प्यार से समझाना होगा। यह भ्रमित है। उसका भ्रम दूर करना ज़रूरी है। नहीं तो यह कुछ गलत क़दम भी उठा सकता है। यह बातें कुछ ही सेकेण्ड में मेरे दिमाग में कौंध गईं। मैंने उससे बाथरूम में जाकर मुंह धोकर आने को कहा। लेकिन वह नहीं उठा तो मैं खुद जग में पानी ले आई और अपने हाथ से उसका मुंह धोकर तौलिए से पोंछा। फिर चाय, नमकीन, बिस्कुट ले आई। उसे खिला-पिला कर जब कुछ शांत कर पाई तो कहा, "क्या आपके मन में मेरे लिए कोई प्यार नहीं है ?" उसकी यह बात सुन कर मैं फिर हड़बड़ा गई। किसी तरह अपने पर काबू पा कर उससे कहा, 'देखो चीनू हम दोनों के बीच जो वास्तविक रिश्ता है वह सिर्फ़ चाची-भतीजे का है। जिस संबंध की तुम बात कर रहे हो वह तो एक विकृति है। गलत है उसमें कोई प्यार नहीं है। वह तो सिर्फ़ दैहिक आकर्षण है। देह की भूख है। परस्पर विपरीत लिंग के देह का आकर्षण। और यह हम दोनों के बीच जो हुआ यह एकदम गलत है। समाज को पता चल गया तो लोग हम पर थूकेंगे भी नहीं। हां यह जो गलत हुआ इसके लिए मैं अपने को ज़िम्मेदार मानती हूं। पूरी तरह से मैं ज़िम्मेदार हूं। एक अजीब सी स्थिति में न जाने किस भावना में मैं बह गई उस दिन। और वह पापपूर्ण क़दम उठा बैठी। मैं तुम्हें ज़िम्मेदार कहीं से नहीं मानती। एक किशोर विपरीत लिंग के प्रति जैसे आकर्षित होता तुम भी उन दिनों उसी तरह स्त्री शरीर के दीवाने थे। तुम जो बराबर मेरे शरीर की ताक- झांक करते रहते थे वह मुझ से छिपा नहीं था। मैं तुम्हारी हर हरकत के मर्म को समझती थी। कहते हैं औरत बहुत भावुक होती हैं। भावुक क्षणों में वह बड़ी जल्दी बिखर जाती हैं। या वह एक ऐसे पके फल के समान होती है जो मर्द का हल्का शीतल स्पर्श पाते ही उसकी गोद में गिर जाती है। उस दिन मैं भी भावनात्मक स्तर पर इतना टूट चुकी थी कि तुम्हारे जैसे लड़के मतलब की भतीजे के स्पर्श से ही बिखर गई। मेरी जिंदगी का यह सबसे पापपूर्ण कृत्य है जिसकी मुझे जो सजा मिले वह कम है। मेरे तुम्हारे बीच रिश्ता प्रेमी-प्रेमिका का नहीं है, न ही हो सकता है। और पति-पत्नी की बात तो सोची ही नहीं जा सकती। तुम अपने दिलो-दिमाग से यह फितूर निकाल दो और जो लड़की पसंद हो उससे शादी कर के अपना जीवन संवारो। "मुझे आपकी यह सारी बातें बकवास लगती हैं। अरे! जब इतना ही अपमानपूर्ण लगता है तो इतने बरसों से मुझ से बार-बार संबंध क्यों बनाती आ रहीं हैं। माना पहली बार आप भटक गईं। पर दूसरी बार, तीसरी बार, चौथी बार और फिर इतने सालों से बार-बार। ये क्या तमाशा है। चाची जिसे भटकाव या जो तुम बोल रही हो कि पका फल हो टूट कर गिर जाती हो मेरी गोद में सब बकवास है झूठ है। चीनू ने बड़े सख्त लहजे में कही थीं ये बातें। उसकी आवाज़़ उसके एक-एक शब्द से मैं अंदर तक सिहर जा रही थी। मगर मैंने सोचा कि अगर इस समय दिमाग से काम न लिया तो यह बात बहुत बड़ा बवंडर पैदा कर देगी। सो मैंने संतुलन बनाए रखा। धैर्य नहीं खोया। बड़े प्यार से कहा, 'चीनू मेरी बात को पहले ध्यान से सुनो। स्थिति को ठीक से समझो। इसके बाद कुछ बोलो। ये सब फ़िल्मों में बड़ा आसान लगता है कि चलो भाग चलें। या हीरो पूरी दुनिया को ठेंगे पर रख कर कुछ भी कर डालता है। हक़ीक़त में यह सब नहीं होता। ज़िंदगी बहुत कठोर है। आज तुम सिर्फ इसलिए इतने उतावले हो मेरे साथ शादी करने और जीवन भर साथ रहने के लिए क्यों कि एक खा़स किस्म के शरीर का स्वाद जो तुम्हारे दिलो-दिमाग पर चढ़ गया है उसके तुम दीवाने हो। "मुझे यह सारी दलीलें बिल्कुल समझ में नहीं आतीं। मैं सिर्फ़ इतना जानता हूं कि मैं सिर्फ तुमसे ही शादी कर सकता हूं। क्योंकि दुनिया में मुझे आज तक केवल तुम्हारे पास आने पर ही सैटिसफैक्शन मिलता है। कहने को यूनिवर्सिटी लाइफ और उसके बाद भी तरह-तरह की करीब एक दर्जन लड़कियों से संबंध बने मगर मुझे हर जगह एक खालीपन-अधूरापन ही मिला। हर लड़की के साथ लगता अरे! यहां यह कमी है। अरे! यह तो मेरे लिए है ही नहीं। कौन है मेरे लिए किसकी बाहों में मुझे संतुष्टि मिलती है। कई बरसों तक मैं समझ ही नहीं पाया। इस प्रश्न पर बड़ी मगजमारी करता रहा। फिर धीरे-धीरे यह महसूस किया कि यह स्थिति उस दिन नहीं होती जिस दिन तुम मेरी बाहों में होती हो। इस बात पर मैंने बहुत गहराई से सोचा, बराबर सोचा, हर बार निष्कर्ष यही निकला कि मुझे कंप्लीट सैटिसफैक्शन तुम्हारे साथ वक़्त बिता कर ही मिलता है। 'चीनू पहले मेरी बात ध्यान सुनो। न मैं इनसे ऊबी हूं न ये मुझ से। पति-पत्नी में झगड़े का मतलब यह नहीं कि रिश्ते सड़ गए। जब रिश्ते सड़ जाते हैं तो एक छत के नीचे वह रह ही नहीं पाते। तुम्हारे मां-बाप के बीच भी झगड़े होते हैं, तुम खुद बता चुके हो। तो क्या उसका मतलब यह है कि वह दोनों अलग हो जाएं। मैं बार-बार कह रही हूं कि तुम एक सुंदर लड़की से शादी कर लो। पहली रात तुम उसे पत्नी के रूप में अपनी बांहों में लोगे तो तुम्हारा सारा भ्रम दूर हो जाएगा। अभी तक तुम जिन लड़कियों की बातें कर रहे हो वह केवल वासना की भूख शांत करने का रिश्ता था। वहां भावना नहीं है। इमोशनल अटैचमेंट नहीं है। इसलिए तुम भ्रमित हो। रही बात मेरे लिए कि मेरे साथ संबंध बना कर ही तुम्हें संतुष्टि मिलती है तो यह भी एक भ्रम है। होता यह है कि हम सब कोई चीज पहली बार देखते हैं और यदि वह हमारी नजरों को भा जाता है तो उसका एक स्थाई भाव उसकी एक स्थाई तस्वीर हमारे दिलो-दिमाग पर बैठ जाती है। फिर उसके बाद जब हम कुछ और देखते हैं तो हमें पहले वाली तस्वीर ही बेहतर लगती है। दूसरी सारी तस्वीरों में हम पहली वाली तस्वीर का ही अक्स ढूढ़ने लगते हैं। बस यहीं सारी समस्या खड़ी होती है। तुम्हारे साथ वास्तव में यही हुआ है। जब तुम अश्लील किताबों में औरतों के साथ खुले सेक्स संबंधों के बारे में पढ़ते थे उनके चित्र देखते थे तो मन में वही सब करते थे। तुम्हारा मन जैसे-तैसे तुरंत एक संबंध या सेक्स करने के लिए एक औरत पाने के लिए तड़प उठता था। तुम व्याकुल रहते थे एक औरत पाने के लिए। यही वजह थी कि तुम जैसे-तैसे किसी औरत के शरीर को देखने की कोशिश में लगे रहते थे। इस बीच दुर्भाग्य से वह मनहूस काली रात भी आ गई जब तुम्हें वह मिल गया जिसकी तुमने कल्पना तक न की थी। तुम्हें एक भरीपूरी औरत मिल गई जो बिना किसी प्रयास के खुद ही आ कर तुम्हारे आगे लेट गई। पूरी तरह समर्पण कर दिया। सोने पे सुहागा यह कि जिस औरत को तुम छिप-छिप कर झांका करते थे। जिसके एक-एक अंग को अंदर तक नग्न देखने के लिए लालायित रहते थे वह सारे अंग तुम्हारे आगे खुद ही बिना प्रयास के आ गए। उन नग्न अंगों की चमक़, उनकी गर्मी, स्पर्श एवं घर्षण का अहसास तुम्हारे दिलो-दिमाग पर एक स्थाई भाव बन कर बैठ गया।
नई दिल्ली, 5 मईः राजधानी दिल्ली में एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे एक स्कूल में अज्ञात शख्स घुस गया। इसके बाद उसने 8 साल की दो बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की। इस दौरान उसने बच्ची के कपड़े भी उतार दिए। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस घटना की पुष्टि की है। साथ ही दिल्ली पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्कूल में सीसीटीवी नहीं होने से भी सवाल उठ रहे हैं। मालीवाल ने कहा कि भजनपुरा क्षेत्र में एमसीडी द्वारा चलाए जा रहे एक स्कूल में एक अज्ञात शख्स घुस गया, उसने लड़कियों के कपड़े उतारे और छेड़छाड़ की। बाद में उसने क्लास के सामने पेशाब भी किया। मालीवाल के मुताबिक उन्होंने ईस्ट एमसीडी के कमिश्नर को सवाल-जवाब के लिए तलब किया है। उन्होंने पूछा कि आखिर एक स्कूल में कोई ऐसे कैसे घुस सकता है। साथ ही जो कैमरे लगाए गए थे वो कहां गए? इसके अलावा आयोग ने दिल्ली पुलिस को भी सख्त कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नोटिस जारी किया है। मालीवाल का आरोप है कि स्कूल प्रशासन को जब इस बात का पता चला, तो उसने मामला छिपाने की कोशिश की। साथ ही लड़कियों को इस मामले को भूलने को कहा। ऐसे में स्कूल के प्रिंसिपल और टीचर के खिलाफ भी पोस्को एक्ट के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। दिल्लीः फोटो चौक वेलकम एरिया में दो गुटों में झगड़ा, 37 लोग हिरासत में, जानें पूरा मामला? वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने कहा कि एंट्री गेट और स्कूल के अंदर कोई सीसीटीवी नहीं मिला है। संदिग्ध का पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। इसके अलावा मामला दर्ज कर एक स्केच भी जारी किया गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नई दिल्ली, पाँच मईः राजधानी दिल्ली में एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे एक स्कूल में अज्ञात शख्स घुस गया। इसके बाद उसने आठ साल की दो बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की। इस दौरान उसने बच्ची के कपड़े भी उतार दिए। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस घटना की पुष्टि की है। साथ ही दिल्ली पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्कूल में सीसीटीवी नहीं होने से भी सवाल उठ रहे हैं। मालीवाल ने कहा कि भजनपुरा क्षेत्र में एमसीडी द्वारा चलाए जा रहे एक स्कूल में एक अज्ञात शख्स घुस गया, उसने लड़कियों के कपड़े उतारे और छेड़छाड़ की। बाद में उसने क्लास के सामने पेशाब भी किया। मालीवाल के मुताबिक उन्होंने ईस्ट एमसीडी के कमिश्नर को सवाल-जवाब के लिए तलब किया है। उन्होंने पूछा कि आखिर एक स्कूल में कोई ऐसे कैसे घुस सकता है। साथ ही जो कैमरे लगाए गए थे वो कहां गए? इसके अलावा आयोग ने दिल्ली पुलिस को भी सख्त कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नोटिस जारी किया है। मालीवाल का आरोप है कि स्कूल प्रशासन को जब इस बात का पता चला, तो उसने मामला छिपाने की कोशिश की। साथ ही लड़कियों को इस मामले को भूलने को कहा। ऐसे में स्कूल के प्रिंसिपल और टीचर के खिलाफ भी पोस्को एक्ट के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। दिल्लीः फोटो चौक वेलकम एरिया में दो गुटों में झगड़ा, सैंतीस लोग हिरासत में, जानें पूरा मामला? वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने कहा कि एंट्री गेट और स्कूल के अंदर कोई सीसीटीवी नहीं मिला है। संदिग्ध का पता लगाने के लिए आसपास के इलाकों में सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। इसके अलावा मामला दर्ज कर एक स्केच भी जारी किया गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर में मुख्यमंत्री राज्य का मुखिया होता है। वर्तमान में जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती हैं। . जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस (JKN), जम्मू-कश्मीर के भारतीय राज्य में एक राज्य राजनीतिक पार्टी है। शेख अब्दुल्ला ने 1947 में भारत की आजादी के समय के नेतृत्व में, यह कई दशकों से राज्य में चुनावी राजनीति हावी रही। यह शेख के पुत्र फारूक अब्दुल्ला (1981-2002) और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला (2002-2009) द्वारा बाद में नेतृत्व किया गया है। फारूक अब्दुल्ला को फिर 2009 में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था। . जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्रियों की सूची और जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस आम में एक बात है (यूनियनपीडिया में): फारूक अब्दुल्ला। फारूक अब्दुल्ला (1937-) जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री तीन विभिन्न अवसरों पर रहे। सबसे पहले १९८२-१९८४ तक, दूसरी बार १९८६-१९९० तक और तीसरी बार १९९६-२००२ तक। वह सबसे पहले मुख्य मन्त्री अपने पिता की मृत्यु पर बने। वह कश्मीर की एक प्रमुख परिवार के वंशज हैं। वह शेख अब्दुल्ला के पुत्र और उमर अब्दुल्ला के पिता हैं। उनका संघर्ष राजीव गान्धी से रहा। . जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्रियों की सूची 17 संबंध है और जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस 5 है। वे आम 1 में है, समानता सूचकांक 4.55% है = 1 / (17 + 5)। यह लेख जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्रियों की सूची और जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर में मुख्यमंत्री राज्य का मुखिया होता है। वर्तमान में जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती हैं। . जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस , जम्मू-कश्मीर के भारतीय राज्य में एक राज्य राजनीतिक पार्टी है। शेख अब्दुल्ला ने एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में भारत की आजादी के समय के नेतृत्व में, यह कई दशकों से राज्य में चुनावी राजनीति हावी रही। यह शेख के पुत्र फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला द्वारा बाद में नेतृत्व किया गया है। फारूक अब्दुल्ला को फिर दो हज़ार नौ में पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया था। . जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्रियों की सूची और जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस आम में एक बात है : फारूक अब्दुल्ला। फारूक अब्दुल्ला जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री तीन विभिन्न अवसरों पर रहे। सबसे पहले एक हज़ार नौ सौ बयासी-एक हज़ार नौ सौ चौरासी तक, दूसरी बार एक हज़ार नौ सौ छियासी-एक हज़ार नौ सौ नब्बे तक और तीसरी बार एक हज़ार नौ सौ छियानवे-दो हज़ार दो तक। वह सबसे पहले मुख्य मन्त्री अपने पिता की मृत्यु पर बने। वह कश्मीर की एक प्रमुख परिवार के वंशज हैं। वह शेख अब्दुल्ला के पुत्र और उमर अब्दुल्ला के पिता हैं। उनका संघर्ष राजीव गान्धी से रहा। . जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्रियों की सूची सत्रह संबंध है और जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस पाँच है। वे आम एक में है, समानता सूचकांक चार.पचपन% है = एक / । यह लेख जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्रियों की सूची और जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
किसानों की कर्जमाफी की आग अब एक राज्य से दूसरे राज्य में फैलने लगी है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के साथ अब कर्ज माफी को लेकर पंजाब और कर्नाटक में किसान सड़कों पर उतरने लगे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की देख कर महाराष्ट्र सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला लिया है। ऐसे में अब और राज्य के किसान अपनी कर्ज माफी की मांग को लेकर सड़कों पर आने लगे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को कर्ज माफी की मांग को लेकर किसान सड़कों पर उतरने वाले हैं। हालांकि अब देखना यह होगा की यूपी और महाराष्ट्र सरकार ने किसानों का कर्जा माफी के लिए हां तो भर दी है लेकिन इसके लिए पैसा कहां से आने वाला है। वही किसानों की कर्ज माफी के बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से यह बयान आया है कि किसानों को कर्ज माफी के साथ उन्हें फसल की पूरी कीमत दी जानी चाहिए। केजरीवाल का कहना है कि किसानों का भला करना सिर्फ कर्ज माफी से संभव नहीं है, अगर किसानों का भला करना ही है तो स्वामीनाथन आयोग की शिफारिश के बाद किसानों को उनकी फसल की पूरी कीमत भी दी जानी चाहिए। अलग अलग राज्यों में हो रही किसानों की कर्ज माफी की मांग से राज्य और बीजेपी सरकार चौतरफ घिरी हुई है। किसानों की मांग पूरी ना किए जाने के मुद्दे को आधार बनाकर विपक्षी पार्टियां बीजेपी को घेरने में लगी हुई है इसके साथ ही विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रही है। आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले में तेज होने के साथ ही बीजेपी पर केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि, उद्योगपित का 35 हजार करोड़ रुपए का बकाया माफ कर दिया जोकि किसानों के कर्ज से कई हद तक बड़ी रकम है। महाराष्ट्र में खेती छोड़कर किसान लगभग 10 दिन से सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार किसानों के सामने झुक गई है और सरकार ने किसानों की कर्ज माफी की मांग को स्वीकार कर लिया है। सरकार ने फैसला किया है कि जिस किसान के पास 5 एकड़ जमीन है उसका कर्ज तत्काल माफ किया जाएगा। लेकिन जिन किसानों के पास 5 एकड़ से ज्यादा जमीन है उनके कर्ज माफी की मांग को सुलझाने के लिए एक समिति बनाई गई है। सरकार ने फैसला किया है कि इस साल फसलों के लिए कर्ज फौरन दे दिया जाएगा। सरकार ने दूध का दाम बढ़ाने की मांग को भी स्वीकार कर लिया है। वही सरकार ने यह फैसला भी किया है कि आंदोलन के दौरान जिन किसानों पर मुकदमा दर्ज हुआ है उसे वापस लिया जाएगा।
किसानों की कर्जमाफी की आग अब एक राज्य से दूसरे राज्य में फैलने लगी है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के साथ अब कर्ज माफी को लेकर पंजाब और कर्नाटक में किसान सड़कों पर उतरने लगे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की देख कर महाराष्ट्र सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करने का फैसला लिया है। ऐसे में अब और राज्य के किसान अपनी कर्ज माफी की मांग को लेकर सड़कों पर आने लगे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को कर्ज माफी की मांग को लेकर किसान सड़कों पर उतरने वाले हैं। हालांकि अब देखना यह होगा की यूपी और महाराष्ट्र सरकार ने किसानों का कर्जा माफी के लिए हां तो भर दी है लेकिन इसके लिए पैसा कहां से आने वाला है। वही किसानों की कर्ज माफी के बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से यह बयान आया है कि किसानों को कर्ज माफी के साथ उन्हें फसल की पूरी कीमत दी जानी चाहिए। केजरीवाल का कहना है कि किसानों का भला करना सिर्फ कर्ज माफी से संभव नहीं है, अगर किसानों का भला करना ही है तो स्वामीनाथन आयोग की शिफारिश के बाद किसानों को उनकी फसल की पूरी कीमत भी दी जानी चाहिए। अलग अलग राज्यों में हो रही किसानों की कर्ज माफी की मांग से राज्य और बीजेपी सरकार चौतरफ घिरी हुई है। किसानों की मांग पूरी ना किए जाने के मुद्दे को आधार बनाकर विपक्षी पार्टियां बीजेपी को घेरने में लगी हुई है इसके साथ ही विपक्षी पार्टियां बीजेपी पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रही है। आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले में तेज होने के साथ ही बीजेपी पर केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि, उद्योगपित का पैंतीस हजार करोड़ रुपए का बकाया माफ कर दिया जोकि किसानों के कर्ज से कई हद तक बड़ी रकम है। महाराष्ट्र में खेती छोड़कर किसान लगभग दस दिन से सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार किसानों के सामने झुक गई है और सरकार ने किसानों की कर्ज माफी की मांग को स्वीकार कर लिया है। सरकार ने फैसला किया है कि जिस किसान के पास पाँच एकड़ जमीन है उसका कर्ज तत्काल माफ किया जाएगा। लेकिन जिन किसानों के पास पाँच एकड़ से ज्यादा जमीन है उनके कर्ज माफी की मांग को सुलझाने के लिए एक समिति बनाई गई है। सरकार ने फैसला किया है कि इस साल फसलों के लिए कर्ज फौरन दे दिया जाएगा। सरकार ने दूध का दाम बढ़ाने की मांग को भी स्वीकार कर लिया है। वही सरकार ने यह फैसला भी किया है कि आंदोलन के दौरान जिन किसानों पर मुकदमा दर्ज हुआ है उसे वापस लिया जाएगा।