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ग्रेटर नोएडा। शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को गुरुवार को सदस्यों के टहलने के लिए खोल दिया गया। यहां पर कोविड-19 के नियमों का पालन करना होगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने स्टेडियम के 39 सदस्यों को सदस्यता कार्ड वितरित किए।
सीईओ नरेंद्र भूषण ने फीता काटकर स्टेडियम को खोला। इस मौके पर एसईओ दीप चन्द्र, एसीईओ केके गुप्त, ओएसडी सचिन कुमार सिंह, ओएसडी शिव प्रताप शुक्ला, जीएम वित्त एचपी वर्मा आदि उपस्थित रहे। इस दौरान सीईओ ने 39 लोगों को सदस्यता कार्ड दिया। उन्होंने फुटबाल मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को चरणबद्ध तरीके से जल्द से जल्द पूर्ण रूप से संचालित किये जाने का आश्वासन दिया। 15 दिन तक केवल टहलने की सुविधा मिलेगी। पहली नवंबर से बैडमिंटन, लॉन टेनिस, फुटबाल, बास्केट बाल, वालीबाल, टेबल टेनिस आदि खेल सुविधाएं मिल सकेंगी।
| ग्रेटर नोएडा। शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को गुरुवार को सदस्यों के टहलने के लिए खोल दिया गया। यहां पर कोविड-उन्नीस के नियमों का पालन करना होगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने स्टेडियम के उनतालीस सदस्यों को सदस्यता कार्ड वितरित किए। सीईओ नरेंद्र भूषण ने फीता काटकर स्टेडियम को खोला। इस मौके पर एसईओ दीप चन्द्र, एसीईओ केके गुप्त, ओएसडी सचिन कुमार सिंह, ओएसडी शिव प्रताप शुक्ला, जीएम वित्त एचपी वर्मा आदि उपस्थित रहे। इस दौरान सीईओ ने उनतालीस लोगों को सदस्यता कार्ड दिया। उन्होंने फुटबाल मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को चरणबद्ध तरीके से जल्द से जल्द पूर्ण रूप से संचालित किये जाने का आश्वासन दिया। पंद्रह दिन तक केवल टहलने की सुविधा मिलेगी। पहली नवंबर से बैडमिंटन, लॉन टेनिस, फुटबाल, बास्केट बाल, वालीबाल, टेबल टेनिस आदि खेल सुविधाएं मिल सकेंगी। |
नई दिल्ली. एक अन्य बड़ी खबर के अनुसार जहाँ आज यूक्रेन (Ukraine) पर रूस (Russia) के हमले का आज तीसरा दिन है। वहीं बीते शनिवार को राजधानी कीव (Kiev) समेत यूक्रेन के सभी अहम शहरों में धमाके हुए हैं। इसके साथ ही रूसी सैनिक राजधानी कीव में दाखिल हो गए हैं और यूक्रेनी सैनिकों से उनकी आमने-सामने की लड़ाई भी अब शुरू हो चुकी है। इधर इन सबके बीच यूक्रेन ने 300 रूसी पैराट्रूपर्स से भरे दो प्लेन मार गिराने का दावा किया है। रूसी सैनिकों ने कीव के एयरपोर्ट पर भी कब्जा कर लिया है।
गौरतलब है कि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC)में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 11 और विपक्ष में 1 ही वोट पड़ा। लेकिन भारत,चीन और UAE ने इस वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि, रूस ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इस निंदा प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया।
वहीँ इन सबके बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस का यूक्रेन पर कब्जे का कोई भी इरादा नहीं है। अगर यूक्रेन की सेना हथियार डालती है तो मॉस्को बातचीत के लिए तैयार है।
लेकिन वहीँ अब अमेरिका ने एक असाधारण कदम उठाते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव पर जरुरी प्रतिबंध लगाए और उन्हें यूक्रेन पर "बिना उकसावे के और गैरकानूनी रूप से" हमला करने के लिए, "सीधे तौर पर जिम्मेदार" ठहराया।
इस बाबत अमेरिका के वित्त विभाग ने एक बयान में कहा कि अमेरिका के ये हालिया ताजा प्रतिबंध उन कार्रवाइयों से संबद्ध हैं जिसके तहत अमेरिका और उसके साझेदारों ने इस सप्ताह मॉस्को के सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों के खिलाफ प्रतिबंधों समेत रूस की वित्तीय प्रणाली के अहम ढांचे को भी निशाना बनाया था।
| नई दिल्ली. एक अन्य बड़ी खबर के अनुसार जहाँ आज यूक्रेन पर रूस के हमले का आज तीसरा दिन है। वहीं बीते शनिवार को राजधानी कीव समेत यूक्रेन के सभी अहम शहरों में धमाके हुए हैं। इसके साथ ही रूसी सैनिक राजधानी कीव में दाखिल हो गए हैं और यूक्रेनी सैनिकों से उनकी आमने-सामने की लड़ाई भी अब शुरू हो चुकी है। इधर इन सबके बीच यूक्रेन ने तीन सौ रूसी पैराट्रूपर्स से भरे दो प्लेन मार गिराने का दावा किया है। रूसी सैनिकों ने कीव के एयरपोर्ट पर भी कब्जा कर लिया है। गौरतलब है कि इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया है। इस प्रस्ताव के पक्ष में ग्यारह और विपक्ष में एक ही वोट पड़ा। लेकिन भारत,चीन और UAE ने इस वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। हालांकि, रूस ने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इस निंदा प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। वहीँ इन सबके बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि रूस का यूक्रेन पर कब्जे का कोई भी इरादा नहीं है। अगर यूक्रेन की सेना हथियार डालती है तो मॉस्को बातचीत के लिए तैयार है। लेकिन वहीँ अब अमेरिका ने एक असाधारण कदम उठाते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव पर जरुरी प्रतिबंध लगाए और उन्हें यूक्रेन पर "बिना उकसावे के और गैरकानूनी रूप से" हमला करने के लिए, "सीधे तौर पर जिम्मेदार" ठहराया। इस बाबत अमेरिका के वित्त विभाग ने एक बयान में कहा कि अमेरिका के ये हालिया ताजा प्रतिबंध उन कार्रवाइयों से संबद्ध हैं जिसके तहत अमेरिका और उसके साझेदारों ने इस सप्ताह मॉस्को के सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों के खिलाफ प्रतिबंधों समेत रूस की वित्तीय प्रणाली के अहम ढांचे को भी निशाना बनाया था। |
(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))
लखनऊः
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि ब्रिटिश काल के दौरान 100 साल पहले काशी से गायब हुई मां अन्नपूर्णा की दुर्लभ मूर्ति को आखिरकार कनाडा से वाराणसी में उनके घर वापस लाया जा रहा है।
प्रतिमा वाराणसी में स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि 100 साल पहले, मां अन्नपूर्णा की एक मूर्ति काशी से गायब हो गई थी और कनाडा में एक विश्वविद्यालय में मिली। भारत सरकार को विश्वविद्यालय से वह मूर्ति मिली है और अब इसे राज्य सरकार को दिया जा रहा है। 15 नवंबर को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इसे काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देवी की मूर्ति को वापस लाने और घर लाने के लिए किए गए प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए, योगी आदित्यनाथ ने कहा, यह खुशी और आध्यात्मिक संतुष्टि का अवसर है। यह प्रतिमा 11 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाले एक समारोह में राज्य सरकार को हस्तांतरित की जाएगी। जिसके बाद दिल्ली से एक भव्य जुलूस में इसकी यात्रा होगी। यह 14 नवंबर को वाराणसी पहुंचेगी।
उन्होंने कहा कि देवोत्थान एकादशी के पावन अवसर पर 15 नवंबर को श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा और उचित अनुष्ठान के बाद प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि 2014 से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान 42 दुर्लभ मूर्तियों और पुरावशेषों को देश में लौटाए गए हैं।
रेड्डी ने कहा कि पीएम मोदी के हालिया अमेरिका दौरे के बाद 157 और दुर्लभ पुरावशेषों की वापसी का रास्ता साफ हो गया है, जिन्हें जल्द ही भारत लाया जाएगा।
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
| ) लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि ब्रिटिश काल के दौरान एक सौ साल पहले काशी से गायब हुई मां अन्नपूर्णा की दुर्लभ मूर्ति को आखिरकार कनाडा से वाराणसी में उनके घर वापस लाया जा रहा है। प्रतिमा वाराणसी में स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि एक सौ साल पहले, मां अन्नपूर्णा की एक मूर्ति काशी से गायब हो गई थी और कनाडा में एक विश्वविद्यालय में मिली। भारत सरकार को विश्वविद्यालय से वह मूर्ति मिली है और अब इसे राज्य सरकार को दिया जा रहा है। पंद्रह नवंबर को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इसे काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देवी की मूर्ति को वापस लाने और घर लाने के लिए किए गए प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए, योगी आदित्यनाथ ने कहा, यह खुशी और आध्यात्मिक संतुष्टि का अवसर है। यह प्रतिमा ग्यारह नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाले एक समारोह में राज्य सरकार को हस्तांतरित की जाएगी। जिसके बाद दिल्ली से एक भव्य जुलूस में इसकी यात्रा होगी। यह चौदह नवंबर को वाराणसी पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि देवोत्थान एकादशी के पावन अवसर पर पंद्रह नवंबर को श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा और उचित अनुष्ठान के बाद प्रतिमा स्थापित की जाएगी। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि दो हज़ार चौदह से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान बयालीस दुर्लभ मूर्तियों और पुरावशेषों को देश में लौटाए गए हैं। रेड्डी ने कहा कि पीएम मोदी के हालिया अमेरिका दौरे के बाद एक सौ सत्तावन और दुर्लभ पुरावशेषों की वापसी का रास्ता साफ हो गया है, जिन्हें जल्द ही भारत लाया जाएगा। डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी. |
गुरु भैरवानंद ने हर्षराय को विस्तार से साधना प्रक्रियासमझा दिया । एक विशेष मंत्र भी दिया जिसका जप हर्षराय को प्रतिदिन एक हजार बार करना होगा । गुरुदेव के नाम से संकल्प लेकर हर्षराय की साधना शुरू हुई । भोर होते ही गुरु भैरवानंद साधना की लकीर व साधना स्थल से चले गए । गुरुदेव के जाने से पहले हर्षराय ने उन्हें साष्टांग प्रणाम किया । गुरु भैरवानंद ने आशीर्वाद देकर फिर से सावधान वाणी को बताया ।
सूर्य की किरणों से शिप्रा की जल रक्तिम आभा से भर गई है । उगते सूर्य को देखते हुए हर्षराय को ऐसा लगा मानो यह उनके नए जीवन का सवेरा है । पूरा दिन उन्हें कुछ भी नहीं करना है । साधना स्थल शिप्रा नदी के बिल्कुल किनारे है इसीलिए बहते धारा को देखते हुए समय बिताया जा सकता है । ऐसा एकांत जीवन हर्षराय ने इससे पहले कभी नहीं बिताया । राजनीति , कूटनीति , प्रजा , शक्ति समृद्धि के अलावा भी बहुत कुछ है । हम क्या अपना जीवन सही से जीते हैं या नियम से यापन ही करते रहते हैं ? ऐसे कई अद्भुत प्रश्न आज हर्षराय के मन में दौड़ रहा है । हर्षराय अपने मन में आने वाले इन प्रश्नों से खुद ही आश्चर्य हो गए ।
शिप्रा नदी की धारा , उस पार की जलती चिता , जंगल दृश्य को देखते हुए दोपहर बीत चुका है । साधना की लकीर के अंदर एक छोटा सा कुटी बना हुआ है वहाँ पर खाने का सामान और लगभग 25 घड़ा पानी रखा हुआ है । पास ही खाना पकाने के लिए बहुत सारी सुखी लकड़ियां भी हैं । गुरुदेव की व्यवस्था एकदम उत्तम प्रकार की है । उन्होंने लकीर के अंदर एक छोटा गड्ढा भी खोद रखा है तथा उसको एक नाले के द्वारा शिप्रा की पानी से मिला दिया है । ज्वार की वजह से प्रतिदिन यह गड्ढा भर जाएगा । उसी गड्ढे के पानी से नहाने के बाद अपने द्वारा पकाए सादे भोजन को समाप्त कर हर्षराय ने थोड़ी देर विश्राम किया । आज सूर्यास्त होते ही उनकी साधना प्रारंभ हो जाएगी जो अगले दिन सूर्योदय तक चलता रहेगा ।
पूरी तरह नियम अनुसार दिन पर दिन बीत रहा है । अब केवल कुछ ही दिन बाकी है उसके बाद ही हर्षराय की साधना पूर्ण हो जाएगा । लेकिन कम खाने और कठिन साधना की वजह से उनके बलिष्ट शरीर पर इसका प्रभाव दिख रहा है । कई दिन के एकांत ने भी उनके मन को अशांत कर दिया है । आज सुबह से ही उनका मन अस्थिर है । स्नान समाप्त कर जब वो खाना पकाने के लिए गए तो देखा कहीं पर भी एक अनाज का दाना नहीं है । लेकिन कल तक खाने के लिए पर्याप्त अनाज था पर आज कैसे ? फिर घड़े से पानी निकालते वक्त दूसरी बार के लिए हर्षराय आश्चर्य हुए । यह क्या घड़ा भी खाली है ।
गड्ढे का पानी पी नहीं सकते इसीलिए पहले से ही फिटकरी व कपूर वाला पानी पीने के लिए रखा हुआ था । अब क्या उपाय ? हर्षराय को गुरुदेव की सावधान वाणी याद आई । उन्होंने पहले ही बताया था कि साधना समाप्ति की तरफ बढ़ते वक्त बहुत सारी अलौकिक घटनाएं हो सकती है । क्योंकि कर्णपिशाचिनी के दर्शन से पहले बहुत सारे प्रेत साधना स्थल की तरफ आकर्षित हो जाते हैं । तथा वो सभी प्रेत हर्षराय को अपने साधन मार्ग से भटकाने की कोशिश करेंगे । इसीलिए दिमाग और मन दोनों शांत रखना होगा । हर्षराय खाली पेट ही कुछ देर के लिए सो गए । साधना समाप्ति के आने वाले ये तीन दिन बहुत ही मूल्यवान है ।
उस वक्त रात का तीसरा पहर था । हर्षराय अपने मंत्रजाप में लीन थे । उनके सामने धूनी जल रहा है तथा पास ही बहुत सारे साधना की सामाग्री है जैसे सुरापात्र , लाल चंदन , विभूति , सुपाड़ी , एक नरमुंड इत्यादि ।
अचानक हर्षराय ने देखा कि नरमुंड हिल रहा है । पहले उन्होंने उसपर ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन कुछ देर में उन्हें होश आया जब उस नरमुंड ने जीवित होकर बोला,
" तू मरेगा । बहुत बड़ी गलती कर रहा है तू भाग जा यहां से । "
लेकिन हर्षराय द्वारा उसपर विभूति डालते ही वह पूरी तरह शांत हो गया । कुछ दिन और कोई अलौकिक घटना नहीं हुई । लेकिन अगले दिन उनके लिए क्या प्रतीक्षा कर रहा था ? हर्षराय ने कभी कल्पना भी नहीं किया होगा ।
भूख और प्यास से उनका शरीर और भी टूट गया है । सोकर उठते ही हर्षराय गड्ढे की तरफ भागे क्योंकि जैसे भी हो थोड़ा पानी उन्हें चाहिए । लेकिन आश्चर्य की बात वह गड्ढा कहाँ है ? रातों-रात उस गड्ढे को किसी ने मिट्टी से भर दिया । हर्षराय समझ गए कि उनकी साधना को भंग करने के लिए ही यह सब हो रहा है । सामने ही शिप्रा की पवित्र जल का भंडार है लेकिन उसके किनारे बैठे प्यासे हर्षराय केवल इस जल को निहार ही सकते हैं ।
साधना में आज उनका मन नहीं लग रहा । रात शायद आधी है शिप्रा के उस पार एक चिता जल रहा है । कुछ सियार अपने हुऊऊऊ में व्यस्त हैं । अचानक एक हवा के झोंके से यज्ञ कुंड का आग बुझ गया । मंत्र पढ़ते हुए पुनः हर्षराय आग जलाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन आग नहीं जल रहा । अब चांद की रोशनी से ही काम चलाना होगा । उसी हल्के रोशनी में हर्षराय ने देखा एक धुएँ की कुंडली नदी के उस पार से इधर ही आ रहा है । फिर धीरे धीरे एक रूप स्पष्ट होने लगा । गांव की एक महिला और उसके हाथों में स्वादिष्ट भोजन । उस स्वादिष्ट भोजन की खुशबू चारों तरफ फैल गया है । उस महिला ने हर्षराय के सामने थाली को रख खाने के लिए अनुरोध किया । हर्षराय जानते हैं कि यह मायाजाल है । इतनी रात को इस वीरान व दुर्गम जंगल में कोई अकेली महिला कभी नहीं आएगी । लेकिन दो दिन से भूखे हर्षराय अपने आप को रोक नहीं पा रहे थे । इसीलिए उन्होंने आँख बंद कर और भी ध्यान से मंत्र पाठ करते रहे । अचानक उन्होंने अपने पीठ पर महिला के स्पर्श को अनुभव किया । विभिन्न क्रिया से वह महिला हर्षराय का ध्यान साधना से हटाना चाहती है । हर्षराय ने यज्ञ कुंड के पास से थोड़ा सा विभूति लेकर उस महिला पर फेंक दिया ।
तुरंत ही चिल्लाने की आवाज आई और वह महिला एक सड़े हुए शव में परिवर्तित हो गई । बहुत ही भयानक रूप शरीर की जगह मानो सड़े मांस के लोथड़ो द्वारा एक आकृति बनाई गई है । उसने अपने दोनों हाथ फैलाकर हर्षराय पर आक्रमण करना चाहा । हर्षराय ने देखा अब उनके चारों तरफ और भी सड़े हुए शव खड़े हैं ।
हर्षराय ने ध्यान लगाकर गुरुदेव को शरण किया और फिर एक मुट्ठी भस्म उन जीवित सड़े लाशों की तरफ फेंक दिया । तुरंत ही सभी गायब हो गए । यह देख हर्षराय थोड़ा निश्चिन्त हुए । कल रात बीतते ही उनकी साधना पूर्ण हो जाएगी । वो कर्णपिशाचिनी को अपने वश में कर लेंगे । यही तो उन्हें चाहिए ।
उधर सूर्य की लाल किरणों से चारों तरफ जगमगा उठा है । अब केवल एक और दिन बीतने का इंतजार है । लेकिन साधना लाभ के साथ कुछ अनजाने मुसीबत भी उन पर आने वाले हैं इस बारे में हर्षराय उस वक्त नहीं जानते थे ।
हर्षराय को आज आंख खोलने में बहुत देर हो गई । लगभग दो दिन उन्होंने कुछ भी खाया - पीया नहीं है । उनका शरीर अब और साथ नहीं दे रहा । किसी तरह मन की शक्ति से उन्होंने अपने शरीर को खड़ा किया । कुटी से बाहर निकलकर उन्होंने देखा कि आसमान में सूर्य दोपहर को दर्शा रहा है । फिर एक बार कुछ हाथ नहीं लगेगा यह जानकर भी उन्होंने अनाज व पानी के घड़े में झाँक कर देखा । नहीं सब कुछ खाली है । स्नान करने वाला गड्ढा भी अपने अस्तित्व को खो चुका है । नियमानुसार लकीर के एक तरफ मल - मूत्र करना पड़ रहा है । अब वहाँ से भी ऐसा दुर्गंध आ रहा है कि मानो अभी उल्टी हो जाएगा ।
सब कुछ मिलाकर हर्षराय के लिए एक बहुत ही विकट अवस्था है । कुछ देर के लिए उन्हें ऐसा लगा कि राजपाट , शक्ति सब कुछ चला जाए उन्हें कुछ भी नहीं चाहिए केवल सामने कलकल करती शिप्रा की पानी मिल जाए । और फिर कुछ देर बाद ही उन्हें अपने दुर्बलता पर धिक्कार होने लगा । आज ही तो उन्हें शक्ति प्राप्त हो जाएगा ।
यही सोचते हुए हर्षराय आज की साधना व्यवस्था में जुट गए । आज एक जीव की राख उन्हें चाहिए क्योंकि गुरुदेव ने ऐसा ही बोला था । अगर उन्हें लकी से बाहर जाने का मौका मिलता तो तुरंत ही कुछ न कुछ शिकार कर लेते लेकिन अब क्या किया जाए । हाथ में कुछ पत्थर उठाकर हर्षराय आसमान की तरफ किसी पक्षी की अपेक्षा में बैठे रहे । अगर कोई पक्षी उड़ता हुआ पास आया तो उसका ही शिकार करेंगे । लेकिन ऐसा नहीं हुआ ऊपर से जलती धूप ने अब हर्षराय के अंदर बचे जीवन शक्ति भी मानो चूसने लगा था । हर्षराय अपने सूखे जीभ द्वारा उससे भी ज्यादा सूखे होंठ को चाटकर गीला करने की असफल चेष्टा करते रहे । हे भगवान ! क्या उनका साधना पूर्ण नहीं होगा । हर्षराय ने देवी गुह्यकाली को मन ही मन नमन किया और अपने मन के व्यथा को उजागर किया । अचानक उनके पीछे ही जमीन पर कुछ गिरने व छटपटाने की आवाज आई । हर्षराय ने पीछे मुड़कर देखो तो वहाँ एक कौवा जमीन पर छटपटाते हुए मर गया । वह कौवा इस वक्त यहां पर कैसे गिरा और क्यों मर गया ? ये सब सोचने का वक्त अब हर्षराय के पास नहीं है । वो जानते हैं कि उनकी पूज्य देवी माता उनके साथ ही हैं ।
विधि अनुसार उस कौवे को जलाकर उसके राख में अपनी उंगली से कुछ बूंद खून मिलाकर हर्षराय ने अपने माथे पर बड़ा सा एक तिलक लगाया । इसके बाद साधना में बैठ गए । वो जानते हैं कि आज साधना में बहुत सारी बाधाएं आ सकती है इसीलिए मन ही मन खुद को तैयार कर लिया ।
रात जितना बीत रहा है हर्षराय के मन में एक घुटन जैसा महसूस हो रहा है । उनके सभी इंद्रियों की क्षमता दोगुना हो गया है । लकीर के बारह जंगल में कई जोड़े ज्वलंत आंख हर्षराय को ही घूर रहे हैं । जंगल के शांत अंधेरे को शायद आज आवाज मिल गया है इसीलिए कई प्रकार के डरावने आवाज भी सुनाई दे रहे हैं । मानो हजारों भूत - प्रेत लकीर के बाहर अपनी जन्मों की भूख के साथ खड़े हैं । एक छोटी सी गलती और हर्षराय का खेल समाप्त ।
मन्त्र जप समाप्त कर हर्षराय ने कर्णपिशाचिनी का आह्वान शुरू कर दिया ।
अचानक एक फिसफिस की आवाज ने उनके कान के पास कुछ कह गया । हर्षराय को कुछ भी समझ नहीं आया केवल इतना जान गए कि उनके अलावा भी यहां पर कोई उपस्थित है । केवल वह कौन है नग्न आँखों से नहीं दिखाई दे रहा । धीरे - धीरे हवा की गति बढ़ने लगी और लकीर के बाहर के पेड़ आपस में टकराने लगे । प्रकृति मानो हाहाकार कर रहा है इसके साथ ही एक अनजाना सुगंध भी चारों तरफ फैल गया ।
उस सुगंध ने हर्षराय को मानो अपने अंदर समा लिया है ।
हर्षराय के सामने जलता आग अचानक बुझ गया । चारों तरफ अंधेरा लेकिन उसी में उन्होंने एक धुएँ का अवयव देखा । अचानक उस धुएँ ने एक नारी का रूप ले लिया ।
हर्षराय हाथ जोड़कर बोले ,
" आप आ गई देवी , क्या आप मुझ पर प्रसन्न हुई ? "
" हाँ मैं ही कर्णपिशाचिनी हूं । मैं तुम्हारे साधना से प्रसन्न हुई हूं लेकिन तुम्हारे मनवांछित फल को पूर्ण करने से पहले मुझे भोग चाहिए । मुझे भूख लगी है । "
हर्षराय इसी दिन के भोग के लिए अपने पास रखें फलों की थाली को कर्णपिशाचिनी की तरफ आगे बढ़ा दिया ।
कर्णपिशाचिनी यह देख गुस्से में बोली ,
" मुर्ख साधक कर्णपिशाचिनी को क्या भोग दिया जाता है तुझे नहीं पता । "
अचानक ही कर्णपिशाचिनी का सुंदर रूप बदल गया । उसके बाल हवा में उड़ने लगे और चेहरे की चमड़ी जलने लगी । होठ के पास दो बड़े दाँत भी दिखाई देने लगे । भयानक आवाज में वह बोली ,
" मांस चाहिए मुझे , नरमांस चाहिए । मुझे भूख लगी है । अगर मेरी भूख शांत नहीं कर पाए तो मैं तुम्हें मार डालूंगी । "
| गुरु भैरवानंद ने हर्षराय को विस्तार से साधना प्रक्रियासमझा दिया । एक विशेष मंत्र भी दिया जिसका जप हर्षराय को प्रतिदिन एक हजार बार करना होगा । गुरुदेव के नाम से संकल्प लेकर हर्षराय की साधना शुरू हुई । भोर होते ही गुरु भैरवानंद साधना की लकीर व साधना स्थल से चले गए । गुरुदेव के जाने से पहले हर्षराय ने उन्हें साष्टांग प्रणाम किया । गुरु भैरवानंद ने आशीर्वाद देकर फिर से सावधान वाणी को बताया । सूर्य की किरणों से शिप्रा की जल रक्तिम आभा से भर गई है । उगते सूर्य को देखते हुए हर्षराय को ऐसा लगा मानो यह उनके नए जीवन का सवेरा है । पूरा दिन उन्हें कुछ भी नहीं करना है । साधना स्थल शिप्रा नदी के बिल्कुल किनारे है इसीलिए बहते धारा को देखते हुए समय बिताया जा सकता है । ऐसा एकांत जीवन हर्षराय ने इससे पहले कभी नहीं बिताया । राजनीति , कूटनीति , प्रजा , शक्ति समृद्धि के अलावा भी बहुत कुछ है । हम क्या अपना जीवन सही से जीते हैं या नियम से यापन ही करते रहते हैं ? ऐसे कई अद्भुत प्रश्न आज हर्षराय के मन में दौड़ रहा है । हर्षराय अपने मन में आने वाले इन प्रश्नों से खुद ही आश्चर्य हो गए । शिप्रा नदी की धारा , उस पार की जलती चिता , जंगल दृश्य को देखते हुए दोपहर बीत चुका है । साधना की लकीर के अंदर एक छोटा सा कुटी बना हुआ है वहाँ पर खाने का सामान और लगभग पच्चीस घड़ा पानी रखा हुआ है । पास ही खाना पकाने के लिए बहुत सारी सुखी लकड़ियां भी हैं । गुरुदेव की व्यवस्था एकदम उत्तम प्रकार की है । उन्होंने लकीर के अंदर एक छोटा गड्ढा भी खोद रखा है तथा उसको एक नाले के द्वारा शिप्रा की पानी से मिला दिया है । ज्वार की वजह से प्रतिदिन यह गड्ढा भर जाएगा । उसी गड्ढे के पानी से नहाने के बाद अपने द्वारा पकाए सादे भोजन को समाप्त कर हर्षराय ने थोड़ी देर विश्राम किया । आज सूर्यास्त होते ही उनकी साधना प्रारंभ हो जाएगी जो अगले दिन सूर्योदय तक चलता रहेगा । पूरी तरह नियम अनुसार दिन पर दिन बीत रहा है । अब केवल कुछ ही दिन बाकी है उसके बाद ही हर्षराय की साधना पूर्ण हो जाएगा । लेकिन कम खाने और कठिन साधना की वजह से उनके बलिष्ट शरीर पर इसका प्रभाव दिख रहा है । कई दिन के एकांत ने भी उनके मन को अशांत कर दिया है । आज सुबह से ही उनका मन अस्थिर है । स्नान समाप्त कर जब वो खाना पकाने के लिए गए तो देखा कहीं पर भी एक अनाज का दाना नहीं है । लेकिन कल तक खाने के लिए पर्याप्त अनाज था पर आज कैसे ? फिर घड़े से पानी निकालते वक्त दूसरी बार के लिए हर्षराय आश्चर्य हुए । यह क्या घड़ा भी खाली है । गड्ढे का पानी पी नहीं सकते इसीलिए पहले से ही फिटकरी व कपूर वाला पानी पीने के लिए रखा हुआ था । अब क्या उपाय ? हर्षराय को गुरुदेव की सावधान वाणी याद आई । उन्होंने पहले ही बताया था कि साधना समाप्ति की तरफ बढ़ते वक्त बहुत सारी अलौकिक घटनाएं हो सकती है । क्योंकि कर्णपिशाचिनी के दर्शन से पहले बहुत सारे प्रेत साधना स्थल की तरफ आकर्षित हो जाते हैं । तथा वो सभी प्रेत हर्षराय को अपने साधन मार्ग से भटकाने की कोशिश करेंगे । इसीलिए दिमाग और मन दोनों शांत रखना होगा । हर्षराय खाली पेट ही कुछ देर के लिए सो गए । साधना समाप्ति के आने वाले ये तीन दिन बहुत ही मूल्यवान है । उस वक्त रात का तीसरा पहर था । हर्षराय अपने मंत्रजाप में लीन थे । उनके सामने धूनी जल रहा है तथा पास ही बहुत सारे साधना की सामाग्री है जैसे सुरापात्र , लाल चंदन , विभूति , सुपाड़ी , एक नरमुंड इत्यादि । अचानक हर्षराय ने देखा कि नरमुंड हिल रहा है । पहले उन्होंने उसपर ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन कुछ देर में उन्हें होश आया जब उस नरमुंड ने जीवित होकर बोला, " तू मरेगा । बहुत बड़ी गलती कर रहा है तू भाग जा यहां से । " लेकिन हर्षराय द्वारा उसपर विभूति डालते ही वह पूरी तरह शांत हो गया । कुछ दिन और कोई अलौकिक घटना नहीं हुई । लेकिन अगले दिन उनके लिए क्या प्रतीक्षा कर रहा था ? हर्षराय ने कभी कल्पना भी नहीं किया होगा । भूख और प्यास से उनका शरीर और भी टूट गया है । सोकर उठते ही हर्षराय गड्ढे की तरफ भागे क्योंकि जैसे भी हो थोड़ा पानी उन्हें चाहिए । लेकिन आश्चर्य की बात वह गड्ढा कहाँ है ? रातों-रात उस गड्ढे को किसी ने मिट्टी से भर दिया । हर्षराय समझ गए कि उनकी साधना को भंग करने के लिए ही यह सब हो रहा है । सामने ही शिप्रा की पवित्र जल का भंडार है लेकिन उसके किनारे बैठे प्यासे हर्षराय केवल इस जल को निहार ही सकते हैं । साधना में आज उनका मन नहीं लग रहा । रात शायद आधी है शिप्रा के उस पार एक चिता जल रहा है । कुछ सियार अपने हुऊऊऊ में व्यस्त हैं । अचानक एक हवा के झोंके से यज्ञ कुंड का आग बुझ गया । मंत्र पढ़ते हुए पुनः हर्षराय आग जलाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन आग नहीं जल रहा । अब चांद की रोशनी से ही काम चलाना होगा । उसी हल्के रोशनी में हर्षराय ने देखा एक धुएँ की कुंडली नदी के उस पार से इधर ही आ रहा है । फिर धीरे धीरे एक रूप स्पष्ट होने लगा । गांव की एक महिला और उसके हाथों में स्वादिष्ट भोजन । उस स्वादिष्ट भोजन की खुशबू चारों तरफ फैल गया है । उस महिला ने हर्षराय के सामने थाली को रख खाने के लिए अनुरोध किया । हर्षराय जानते हैं कि यह मायाजाल है । इतनी रात को इस वीरान व दुर्गम जंगल में कोई अकेली महिला कभी नहीं आएगी । लेकिन दो दिन से भूखे हर्षराय अपने आप को रोक नहीं पा रहे थे । इसीलिए उन्होंने आँख बंद कर और भी ध्यान से मंत्र पाठ करते रहे । अचानक उन्होंने अपने पीठ पर महिला के स्पर्श को अनुभव किया । विभिन्न क्रिया से वह महिला हर्षराय का ध्यान साधना से हटाना चाहती है । हर्षराय ने यज्ञ कुंड के पास से थोड़ा सा विभूति लेकर उस महिला पर फेंक दिया । तुरंत ही चिल्लाने की आवाज आई और वह महिला एक सड़े हुए शव में परिवर्तित हो गई । बहुत ही भयानक रूप शरीर की जगह मानो सड़े मांस के लोथड़ो द्वारा एक आकृति बनाई गई है । उसने अपने दोनों हाथ फैलाकर हर्षराय पर आक्रमण करना चाहा । हर्षराय ने देखा अब उनके चारों तरफ और भी सड़े हुए शव खड़े हैं । हर्षराय ने ध्यान लगाकर गुरुदेव को शरण किया और फिर एक मुट्ठी भस्म उन जीवित सड़े लाशों की तरफ फेंक दिया । तुरंत ही सभी गायब हो गए । यह देख हर्षराय थोड़ा निश्चिन्त हुए । कल रात बीतते ही उनकी साधना पूर्ण हो जाएगी । वो कर्णपिशाचिनी को अपने वश में कर लेंगे । यही तो उन्हें चाहिए । उधर सूर्य की लाल किरणों से चारों तरफ जगमगा उठा है । अब केवल एक और दिन बीतने का इंतजार है । लेकिन साधना लाभ के साथ कुछ अनजाने मुसीबत भी उन पर आने वाले हैं इस बारे में हर्षराय उस वक्त नहीं जानते थे । हर्षराय को आज आंख खोलने में बहुत देर हो गई । लगभग दो दिन उन्होंने कुछ भी खाया - पीया नहीं है । उनका शरीर अब और साथ नहीं दे रहा । किसी तरह मन की शक्ति से उन्होंने अपने शरीर को खड़ा किया । कुटी से बाहर निकलकर उन्होंने देखा कि आसमान में सूर्य दोपहर को दर्शा रहा है । फिर एक बार कुछ हाथ नहीं लगेगा यह जानकर भी उन्होंने अनाज व पानी के घड़े में झाँक कर देखा । नहीं सब कुछ खाली है । स्नान करने वाला गड्ढा भी अपने अस्तित्व को खो चुका है । नियमानुसार लकीर के एक तरफ मल - मूत्र करना पड़ रहा है । अब वहाँ से भी ऐसा दुर्गंध आ रहा है कि मानो अभी उल्टी हो जाएगा । सब कुछ मिलाकर हर्षराय के लिए एक बहुत ही विकट अवस्था है । कुछ देर के लिए उन्हें ऐसा लगा कि राजपाट , शक्ति सब कुछ चला जाए उन्हें कुछ भी नहीं चाहिए केवल सामने कलकल करती शिप्रा की पानी मिल जाए । और फिर कुछ देर बाद ही उन्हें अपने दुर्बलता पर धिक्कार होने लगा । आज ही तो उन्हें शक्ति प्राप्त हो जाएगा । यही सोचते हुए हर्षराय आज की साधना व्यवस्था में जुट गए । आज एक जीव की राख उन्हें चाहिए क्योंकि गुरुदेव ने ऐसा ही बोला था । अगर उन्हें लकी से बाहर जाने का मौका मिलता तो तुरंत ही कुछ न कुछ शिकार कर लेते लेकिन अब क्या किया जाए । हाथ में कुछ पत्थर उठाकर हर्षराय आसमान की तरफ किसी पक्षी की अपेक्षा में बैठे रहे । अगर कोई पक्षी उड़ता हुआ पास आया तो उसका ही शिकार करेंगे । लेकिन ऐसा नहीं हुआ ऊपर से जलती धूप ने अब हर्षराय के अंदर बचे जीवन शक्ति भी मानो चूसने लगा था । हर्षराय अपने सूखे जीभ द्वारा उससे भी ज्यादा सूखे होंठ को चाटकर गीला करने की असफल चेष्टा करते रहे । हे भगवान ! क्या उनका साधना पूर्ण नहीं होगा । हर्षराय ने देवी गुह्यकाली को मन ही मन नमन किया और अपने मन के व्यथा को उजागर किया । अचानक उनके पीछे ही जमीन पर कुछ गिरने व छटपटाने की आवाज आई । हर्षराय ने पीछे मुड़कर देखो तो वहाँ एक कौवा जमीन पर छटपटाते हुए मर गया । वह कौवा इस वक्त यहां पर कैसे गिरा और क्यों मर गया ? ये सब सोचने का वक्त अब हर्षराय के पास नहीं है । वो जानते हैं कि उनकी पूज्य देवी माता उनके साथ ही हैं । विधि अनुसार उस कौवे को जलाकर उसके राख में अपनी उंगली से कुछ बूंद खून मिलाकर हर्षराय ने अपने माथे पर बड़ा सा एक तिलक लगाया । इसके बाद साधना में बैठ गए । वो जानते हैं कि आज साधना में बहुत सारी बाधाएं आ सकती है इसीलिए मन ही मन खुद को तैयार कर लिया । रात जितना बीत रहा है हर्षराय के मन में एक घुटन जैसा महसूस हो रहा है । उनके सभी इंद्रियों की क्षमता दोगुना हो गया है । लकीर के बारह जंगल में कई जोड़े ज्वलंत आंख हर्षराय को ही घूर रहे हैं । जंगल के शांत अंधेरे को शायद आज आवाज मिल गया है इसीलिए कई प्रकार के डरावने आवाज भी सुनाई दे रहे हैं । मानो हजारों भूत - प्रेत लकीर के बाहर अपनी जन्मों की भूख के साथ खड़े हैं । एक छोटी सी गलती और हर्षराय का खेल समाप्त । मन्त्र जप समाप्त कर हर्षराय ने कर्णपिशाचिनी का आह्वान शुरू कर दिया । अचानक एक फिसफिस की आवाज ने उनके कान के पास कुछ कह गया । हर्षराय को कुछ भी समझ नहीं आया केवल इतना जान गए कि उनके अलावा भी यहां पर कोई उपस्थित है । केवल वह कौन है नग्न आँखों से नहीं दिखाई दे रहा । धीरे - धीरे हवा की गति बढ़ने लगी और लकीर के बाहर के पेड़ आपस में टकराने लगे । प्रकृति मानो हाहाकार कर रहा है इसके साथ ही एक अनजाना सुगंध भी चारों तरफ फैल गया । उस सुगंध ने हर्षराय को मानो अपने अंदर समा लिया है । हर्षराय के सामने जलता आग अचानक बुझ गया । चारों तरफ अंधेरा लेकिन उसी में उन्होंने एक धुएँ का अवयव देखा । अचानक उस धुएँ ने एक नारी का रूप ले लिया । हर्षराय हाथ जोड़कर बोले , " आप आ गई देवी , क्या आप मुझ पर प्रसन्न हुई ? " " हाँ मैं ही कर्णपिशाचिनी हूं । मैं तुम्हारे साधना से प्रसन्न हुई हूं लेकिन तुम्हारे मनवांछित फल को पूर्ण करने से पहले मुझे भोग चाहिए । मुझे भूख लगी है । " हर्षराय इसी दिन के भोग के लिए अपने पास रखें फलों की थाली को कर्णपिशाचिनी की तरफ आगे बढ़ा दिया । कर्णपिशाचिनी यह देख गुस्से में बोली , " मुर्ख साधक कर्णपिशाचिनी को क्या भोग दिया जाता है तुझे नहीं पता । " अचानक ही कर्णपिशाचिनी का सुंदर रूप बदल गया । उसके बाल हवा में उड़ने लगे और चेहरे की चमड़ी जलने लगी । होठ के पास दो बड़े दाँत भी दिखाई देने लगे । भयानक आवाज में वह बोली , " मांस चाहिए मुझे , नरमांस चाहिए । मुझे भूख लगी है । अगर मेरी भूख शांत नहीं कर पाए तो मैं तुम्हें मार डालूंगी । " |
खेल। जुलाई में श्रीलंका में होने वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय और वनडे मैचों में भारतीय टीम के शीर्ष खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में शामिल नहीं होंगे। भारतीय टीम विराट कोहली और रोहित शर्मा के बिना ही श्रीलंका का दौरा करेगी। दरअसल, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने साफ कर दिया है कि भारतीय टीम अपने शीर्ष खिलाड़ियों के बिना ही श्रीलंका जाएगी। बता दें कि, इसी समय भारतीय टीम अपने प्रमुख खिलाड़ियों के साथ इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की तैयारी में लगी होगी।
इसके साथ ही भारत की दो अलग-अलग टीमों के बारे में पूछे जाने पर बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि सीमित ओवरों की सीरीज में हिस्सा लेने वाली टीम इंग्लैंड दौरे पर गयी टीम से अलग होगी। उन्होंने कहा, "यह सफेद गेंद (सीमित ओवरों) के विशेषज्ञों की टीम होगी। यह इंग्लैंड दौरे पर गयी टीम से अलग होगी। " साथ ही उन्होंने यह साफ किया कि क्रिकेट बोर्ड ने भी सीमित ओवरों के नियमित खिलाड़ियों को ध्यान में रखा है।
गौरतलब है कि, श्रीलंका दौरे पर कम से कम 5 टी20 अंतरराष्ट्रीय और तीन वनडे मैचों की सीरीज हो सकती है। भारतीय टीम का इंग्लैंड दौरा 14 सितंबर को खत्म होगा और आईपीएल के बचे हुए मैचों की योजना अभी बननी है। तो ऐसे में बीसीसीआई चाहता है कि शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर और युजवेंद्र चहल जैसे खिलाड़ी मैचों के लिए तैयार रहें।
| खेल। जुलाई में श्रीलंका में होने वाली टीबीस अंतरराष्ट्रीय और वनडे मैचों में भारतीय टीम के शीर्ष खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में शामिल नहीं होंगे। भारतीय टीम विराट कोहली और रोहित शर्मा के बिना ही श्रीलंका का दौरा करेगी। दरअसल, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने साफ कर दिया है कि भारतीय टीम अपने शीर्ष खिलाड़ियों के बिना ही श्रीलंका जाएगी। बता दें कि, इसी समय भारतीय टीम अपने प्रमुख खिलाड़ियों के साथ इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज की तैयारी में लगी होगी। इसके साथ ही भारत की दो अलग-अलग टीमों के बारे में पूछे जाने पर बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा कि सीमित ओवरों की सीरीज में हिस्सा लेने वाली टीम इंग्लैंड दौरे पर गयी टीम से अलग होगी। उन्होंने कहा, "यह सफेद गेंद के विशेषज्ञों की टीम होगी। यह इंग्लैंड दौरे पर गयी टीम से अलग होगी। " साथ ही उन्होंने यह साफ किया कि क्रिकेट बोर्ड ने भी सीमित ओवरों के नियमित खिलाड़ियों को ध्यान में रखा है। गौरतलब है कि, श्रीलंका दौरे पर कम से कम पाँच टीबीस अंतरराष्ट्रीय और तीन वनडे मैचों की सीरीज हो सकती है। भारतीय टीम का इंग्लैंड दौरा चौदह सितंबर को खत्म होगा और आईपीएल के बचे हुए मैचों की योजना अभी बननी है। तो ऐसे में बीसीसीआई चाहता है कि शिखर धवन, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर और युजवेंद्र चहल जैसे खिलाड़ी मैचों के लिए तैयार रहें। |
जयपुर। भरतपुर के सेवर इलाके में बुधवार रात को तेज अंधड़ के चलते अन्नपूर्णा विवाह स्थल में दीवार गिरने से हुए हादसे में घायल लोगों के हालचाल जानने स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ गुरुवार को सुबह भरतपुर पहुंचे। इस दौरान विधायक विजय बंसल सहित अन्य लोग भी उनके साथ थे। मंत्री सराफ ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने डॉक्टरों से भी घायलों का फीड बैक लिया और इलाज में कोई कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
| जयपुर। भरतपुर के सेवर इलाके में बुधवार रात को तेज अंधड़ के चलते अन्नपूर्णा विवाह स्थल में दीवार गिरने से हुए हादसे में घायल लोगों के हालचाल जानने स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ गुरुवार को सुबह भरतपुर पहुंचे। इस दौरान विधायक विजय बंसल सहित अन्य लोग भी उनके साथ थे। मंत्री सराफ ने जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने डॉक्टरों से भी घायलों का फीड बैक लिया और इलाज में कोई कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए। |
मुंबईः अभिनेता सोनू सूद ने कथित अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सोनू सूद ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. बता दें कि अवैध निर्माण के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोनू सूद को किसी तरह की राहत देने से इनकार किया है.
सोनू सूद MRTP एक्ट (Maharashtra Regulation and Town Planning Act) के तहत दिए गए नोटिस पर रोक लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए हैं.
बता दें कि जुहू में स्थित एक 6 मंजिला आवासीय इमारत को होटल में तब्दील करने पर बीएमसी ने सोनू सूद को नोटिस भेजा है. आरोप है कि सोनू सूद ने बिना इजाजत इस आवासीय परिसर को होटल में तब्दील कर दिया. कानून के इस कथित उल्लंघन के लिए बीएमसी ने MRTP एक्ट के तहत सोनू सूद को नोटिस भेजा है.
वकील उज्ज्वल आनंद, डी कुमान्न के जरिए दायर याचिका में सोनू सूद ने कहा कि उनके बंगले में निर्माण की आंशिक इजाजत बीएमसी कमिश्नर ने दी थी. अब इस मामले में उन्हें मुंबई कोस्टल रेगुलेशन जोन अथॉरिटी से परमिशन मिलने का इंतजार है.
सोनू सूद ने अपनी याचिका में दलील दी है कि चूंकि इस मामले में उन्हें आंशिक अनुमति मिल चुकी है कि इसलिए नोटिस नहीं जारी किया जाना चाहिए था. इससे पहले हाई कोर्ट ने सोनू सूद की इस दलील को खारिज कर दिया था.
बता दें कि बीएमसी की तरफ से तब बॉम्बे हाई कोर्ट में दलील दी गई है कि एक्टर अवैध निर्माण के मामले में लगातार नियम तोड़ते (हैबिचुअल ऑफेंडर) रहे हैं. बीएमसी की नजरों में सोनू सूद लगातार अवैध निर्माण में शामिल रहे हैं.
| मुंबईः अभिनेता सोनू सूद ने कथित अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सोनू सूद ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. बता दें कि अवैध निर्माण के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने सोनू सूद को किसी तरह की राहत देने से इनकार किया है. सोनू सूद MRTP एक्ट के तहत दिए गए नोटिस पर रोक लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट गए हैं. बता दें कि जुहू में स्थित एक छः मंजिला आवासीय इमारत को होटल में तब्दील करने पर बीएमसी ने सोनू सूद को नोटिस भेजा है. आरोप है कि सोनू सूद ने बिना इजाजत इस आवासीय परिसर को होटल में तब्दील कर दिया. कानून के इस कथित उल्लंघन के लिए बीएमसी ने MRTP एक्ट के तहत सोनू सूद को नोटिस भेजा है. वकील उज्ज्वल आनंद, डी कुमान्न के जरिए दायर याचिका में सोनू सूद ने कहा कि उनके बंगले में निर्माण की आंशिक इजाजत बीएमसी कमिश्नर ने दी थी. अब इस मामले में उन्हें मुंबई कोस्टल रेगुलेशन जोन अथॉरिटी से परमिशन मिलने का इंतजार है. सोनू सूद ने अपनी याचिका में दलील दी है कि चूंकि इस मामले में उन्हें आंशिक अनुमति मिल चुकी है कि इसलिए नोटिस नहीं जारी किया जाना चाहिए था. इससे पहले हाई कोर्ट ने सोनू सूद की इस दलील को खारिज कर दिया था. बता दें कि बीएमसी की तरफ से तब बॉम्बे हाई कोर्ट में दलील दी गई है कि एक्टर अवैध निर्माण के मामले में लगातार नियम तोड़ते रहे हैं. बीएमसी की नजरों में सोनू सूद लगातार अवैध निर्माण में शामिल रहे हैं. |
मुंबई। मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिपब्लिक न्यूज चैनल के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को उनके घर से गिरफ्तार किया है। मुंबई पुलिस बुधवार सुबह उनके घर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई।
जानकारी के मुताबिक अर्नब की गिरफ्तारी 2018 में एक इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार किया है।
अन्वय नाइक द्वारा कथित तौर पर लिखे गए सुसाइड नोट में कहा गया था कि आरोपियों ने उनके 5. 40 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया था इसलिए उन्हें आत्महत्या का कदम उठाना पड़ रहा है। हालांकि रिपब्लिक टीवी ने इस आरोपों को खारिज कर दिया था।
उधर अर्नब ने मुंबई पुलिस पर उनके और उनके परिवार के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।
| मुंबई। मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिपब्लिक न्यूज चैनल के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को उनके घर से गिरफ्तार किया है। मुंबई पुलिस बुधवार सुबह उनके घर पहुंची और उन्हें गिरफ्तार किया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई। जानकारी के मुताबिक अर्नब की गिरफ्तारी दो हज़ार अट्ठारह में एक इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। अन्वय नाइक द्वारा कथित तौर पर लिखे गए सुसाइड नोट में कहा गया था कि आरोपियों ने उनके पाँच. चालीस करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया था इसलिए उन्हें आत्महत्या का कदम उठाना पड़ रहा है। हालांकि रिपब्लिक टीवी ने इस आरोपों को खारिज कर दिया था। उधर अर्नब ने मुंबई पुलिस पर उनके और उनके परिवार के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। |
Woman dies in Tikamgarh: टीकमगढ़. नईदुनिया प्रतिनिधि। बड़ा गांव थाना क्षेत्र के तहत पानी भरने के दौरान कुएं में गिरने से महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद उसके मायके पक्ष के लोगाें ने ससुराल पक्ष के लोगाें पर हत्या का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है और शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेजा है।
घटनाक्रम के मुताबिक ब20 वर्षीय संध्या यादव की कुएं पर पानी भरने गई थी। बताया जाता है कि तभी वह कुएं में गिर गई और पानी में डूब गई। जिससे उसकी मौत हो गई। ग्रामीणाें ने स्वजनों व पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस माैके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। साथ ही मर्ग कायम कर लिया है। महिला की मौत की सूचना उसके मायके पक्ष के लोगों को भी लगी। मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर महिला काे परेशान करने व उसकी हत्या करने का आरोप लगाया। हालांकि मौके पर पुलिस ने फोरेसिंक जांच के लिए भी एफएसएल टीम को बुला लिया था।
| Woman dies in Tikamgarh: टीकमगढ़. नईदुनिया प्रतिनिधि। बड़ा गांव थाना क्षेत्र के तहत पानी भरने के दौरान कुएं में गिरने से महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद उसके मायके पक्ष के लोगाें ने ससुराल पक्ष के लोगाें पर हत्या का आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है और शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेजा है। घटनाक्रम के मुताबिक बबीस वर्षीय संध्या यादव की कुएं पर पानी भरने गई थी। बताया जाता है कि तभी वह कुएं में गिर गई और पानी में डूब गई। जिससे उसकी मौत हो गई। ग्रामीणाें ने स्वजनों व पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस माैके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। साथ ही मर्ग कायम कर लिया है। महिला की मौत की सूचना उसके मायके पक्ष के लोगों को भी लगी। मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए। मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर महिला काे परेशान करने व उसकी हत्या करने का आरोप लगाया। हालांकि मौके पर पुलिस ने फोरेसिंक जांच के लिए भी एफएसएल टीम को बुला लिया था। |
उत्तर कोरिया में तानाशाह किम जोंग उन की बेटी 'जू एई' जैसा नाम रखने वाली महिलाओं पर सख्ती की जा रही है। उनको नाम बदलने का वक्त दिया गया है। किम जोंग उन की बेटी की उम्र करीब 10 साल बताई जा रही है। रेडियो फ्री एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, जिन महिलाओं के नाम 'जू एई' रखे गए हैं उनको स्थानीय प्रशासन ने जन्म प्रमाण पत्र बदलने के आदेश दिए हैं।
| उत्तर कोरिया में तानाशाह किम जोंग उन की बेटी 'जू एई' जैसा नाम रखने वाली महिलाओं पर सख्ती की जा रही है। उनको नाम बदलने का वक्त दिया गया है। किम जोंग उन की बेटी की उम्र करीब दस साल बताई जा रही है। रेडियो फ्री एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, जिन महिलाओं के नाम 'जू एई' रखे गए हैं उनको स्थानीय प्रशासन ने जन्म प्रमाण पत्र बदलने के आदेश दिए हैं। |
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए बीते 22 सालों के गैर कांग्रेसी शासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पांच साल में प्रदेश की तस्वीर बदल दी जायेगी.
राहुल ने शुक्रवार को बुलंदशहर जिले में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं यहां केवल चुनाव जीतने नहीं आया हूं, बल्कि प्रदेश को बदलने आया हूं और जब तक बदलाव नहीं आ जाता यहां से जाने वाला नहीं हूं. उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से कांग्रेस का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि बदलाव के लिए युवकों को आगे आना होगा क्योंकि यह ताकत केवल उनके अंदर है. यह समय बदलाव का है और वक्त की मांग है कि अब हाथी और साइकिल को विदा करके कांग्रेस की सरकार बनायी जाये. राहुल ने कहा कि वर्ष 2004 में कांग्रेस ने केन्द्र में आम आदमी की सरकार बनायी और आम आदमी के लिए योजनाएं शुरू की.
उन्होने संप्रग सरकार की उपलब्धियां गिनायीं और जन कल्याणकारी कार्यो में साल में 100 दिन के सुनिश्चित रोजगार के लिए शुरू की गयी मनरेगा, किसानों के कर्जमाफी और बुनकरों को विशेष आर्थिक पैकेज दिये जाने का उल्लेख किया.
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि किसानों, नौजवानों और बुनकरों के लिए शुरू की गयी तमाम योजनाओं का लाभ कांग्रेस शासित राज्यों महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और केरल में लोगों तक पहुंचा मगर उत्तर प्रदेश में इसका पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पाया है. उन्होंने प्रस्तावित खाद्यान्न गारंटी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना आरंभ हो जाने पर गरीबी की सीमा रेखा से नीचे रहने वालों को महीने में 35 किलो अनाज दिया जायेगा और देश में कोई भी भूखा सोने को मजबूर नहीं होगा.
राहुल ने बसपा और इससे पहले सत्ता में रही समाजवादी पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार से भेजा जाने वाला पैसा कांग्रेस शासित राज्यों में तो लोगों तक पहुंचता है, मगर यहां उसे कभी हाथी खा जाता है तो कभी साइकिल निगल लेती है.
प्रदेश के युवकों को रोजगार की तलाश में मजबूरन दूसरे राज्यों में जाने के सवाल को उठाते हुए राहुल ने जनसभा में खड़े 16 साल के लड़के शाकिर मुहम्मद की ओर इशारा कर उसका नाम पूछा और कहा कि उसका इस प्रदेश में कोई भविष्य नही है क्योंकि यहां उसके लिए रोजगार नहीं है.
उन्होंने कहा कि यह स्थिति बदलनी चाहिये और युवकों को रोजगार के लिए बाहर जाने की मजबूरी समाप्त होनी चाहिये तथा इसके लिए प्रदेश में कांग्रेस की सरकार जरूरी है जो युवकों को यहीं रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करायेगी.
| कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने प्रदेश के पिछड़ेपन के लिए बीते बाईस सालों के गैर कांग्रेसी शासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर पांच साल में प्रदेश की तस्वीर बदल दी जायेगी. राहुल ने शुक्रवार को बुलंदशहर जिले में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं यहां केवल चुनाव जीतने नहीं आया हूं, बल्कि प्रदेश को बदलने आया हूं और जब तक बदलाव नहीं आ जाता यहां से जाने वाला नहीं हूं. उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से कांग्रेस का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि बदलाव के लिए युवकों को आगे आना होगा क्योंकि यह ताकत केवल उनके अंदर है. यह समय बदलाव का है और वक्त की मांग है कि अब हाथी और साइकिल को विदा करके कांग्रेस की सरकार बनायी जाये. राहुल ने कहा कि वर्ष दो हज़ार चार में कांग्रेस ने केन्द्र में आम आदमी की सरकार बनायी और आम आदमी के लिए योजनाएं शुरू की. उन्होने संप्रग सरकार की उपलब्धियां गिनायीं और जन कल्याणकारी कार्यो में साल में एक सौ दिन के सुनिश्चित रोजगार के लिए शुरू की गयी मनरेगा, किसानों के कर्जमाफी और बुनकरों को विशेष आर्थिक पैकेज दिये जाने का उल्लेख किया. कांग्रेस महासचिव ने कहा कि किसानों, नौजवानों और बुनकरों के लिए शुरू की गयी तमाम योजनाओं का लाभ कांग्रेस शासित राज्यों महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और केरल में लोगों तक पहुंचा मगर उत्तर प्रदेश में इसका पूरा लाभ लोगों को नहीं मिल पाया है. उन्होंने प्रस्तावित खाद्यान्न गारंटी योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना आरंभ हो जाने पर गरीबी की सीमा रेखा से नीचे रहने वालों को महीने में पैंतीस किलो अनाज दिया जायेगा और देश में कोई भी भूखा सोने को मजबूर नहीं होगा. राहुल ने बसपा और इससे पहले सत्ता में रही समाजवादी पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार से भेजा जाने वाला पैसा कांग्रेस शासित राज्यों में तो लोगों तक पहुंचता है, मगर यहां उसे कभी हाथी खा जाता है तो कभी साइकिल निगल लेती है. प्रदेश के युवकों को रोजगार की तलाश में मजबूरन दूसरे राज्यों में जाने के सवाल को उठाते हुए राहुल ने जनसभा में खड़े सोलह साल के लड़के शाकिर मुहम्मद की ओर इशारा कर उसका नाम पूछा और कहा कि उसका इस प्रदेश में कोई भविष्य नही है क्योंकि यहां उसके लिए रोजगार नहीं है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति बदलनी चाहिये और युवकों को रोजगार के लिए बाहर जाने की मजबूरी समाप्त होनी चाहिये तथा इसके लिए प्रदेश में कांग्रेस की सरकार जरूरी है जो युवकों को यहीं रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करायेगी. |
मुंबई : टी-सीरीज पर हाल ही में रिलीज हुआ बोल्ड सॉन्ग 'जहां तुम हो' सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
इस सॉन्ग को अब तक 3 करोड़ों से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं, साथ ही ये सॉन्ग तेजी से हाथों हाथ शेयर भी किया जा रहा है। दरअसल म्यूजीशियन श्रेय सिंघल के बनाए हुए इस वीडियो सॉन्ग को काफी हॉट अंदाज में शूट किया गया है। वीडियो सॉन्ग में श्रेय सिंघल के साथ आकांक्षा पुरी बेहद बोल्ड अदाओं के साथ जलवे बिखेरती नजर आ रही हैं।
गाने के लिरिक्स अभय उपाध्याय ने लिखे हैं। इस रोमांटिक सॉन्ग में आकांक्षा अपनी हॉटनेस की सारी हदें पार करती नजर आ रही हैं। यही कारण है कि इस सॉन्ग को सुपस्टार के सॉन्ग की तरह भारी संख्या में व्यूज मिले हैं।
| मुंबई : टी-सीरीज पर हाल ही में रिलीज हुआ बोल्ड सॉन्ग 'जहां तुम हो' सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस सॉन्ग को अब तक तीन करोड़ों से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं, साथ ही ये सॉन्ग तेजी से हाथों हाथ शेयर भी किया जा रहा है। दरअसल म्यूजीशियन श्रेय सिंघल के बनाए हुए इस वीडियो सॉन्ग को काफी हॉट अंदाज में शूट किया गया है। वीडियो सॉन्ग में श्रेय सिंघल के साथ आकांक्षा पुरी बेहद बोल्ड अदाओं के साथ जलवे बिखेरती नजर आ रही हैं। गाने के लिरिक्स अभय उपाध्याय ने लिखे हैं। इस रोमांटिक सॉन्ग में आकांक्षा अपनी हॉटनेस की सारी हदें पार करती नजर आ रही हैं। यही कारण है कि इस सॉन्ग को सुपस्टार के सॉन्ग की तरह भारी संख्या में व्यूज मिले हैं। |
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर : राष्ट्रीय राजधानी स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने गुरुवार को कहा कि नायब इमाम के रूप में अपने पुत्र की ताजपोशी पर उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को तो आमंत्रित किया है, लेकिन नरेंद्र मोदी को नहीं। भारत के प्रधानमंत्री को देश के मुसलमानों का विश्वास जीतना अभी बाकी है। बुखारी ने हालांकि कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तथा दो मंत्रियों सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चार नेताओं को आमंत्रित किया है।
बुखारी के 19 वर्षीय पुत्र शाबान की ताजपोशी 22 नवंबर को होगी। अतिथियों को 29 नवंबर को विशेष भोज पर आमंत्रित किया गया है।
भारत की सबसे बड़ी मस्जिद जामा मस्जिद का निर्माण 17वीं शताब्दी में मुगलों द्वारा कराया गया था, तब से लेकर आज तक मस्जिद के शाही इमाम बुखारी परिवार के लोग ही बनते रहे हैं।
| नई दिल्ली, तीस अक्टूबर : राष्ट्रीय राजधानी स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने गुरुवार को कहा कि नायब इमाम के रूप में अपने पुत्र की ताजपोशी पर उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को तो आमंत्रित किया है, लेकिन नरेंद्र मोदी को नहीं। भारत के प्रधानमंत्री को देश के मुसलमानों का विश्वास जीतना अभी बाकी है। बुखारी ने हालांकि कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ तथा दो मंत्रियों सहित भारतीय जनता पार्टी के चार नेताओं को आमंत्रित किया है। बुखारी के उन्नीस वर्षीय पुत्र शाबान की ताजपोशी बाईस नवंबर को होगी। अतिथियों को उनतीस नवंबर को विशेष भोज पर आमंत्रित किया गया है। भारत की सबसे बड़ी मस्जिद जामा मस्जिद का निर्माण सत्रहवीं शताब्दी में मुगलों द्वारा कराया गया था, तब से लेकर आज तक मस्जिद के शाही इमाम बुखारी परिवार के लोग ही बनते रहे हैं। |
दो साल से अधिक समय से दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रही है, अभी इससे पूरी तरह से उबर भी नहीं पाए थे कि एक नया वायरस मंकीपॉक्स दुनियाभर के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है. भारत सहित अब तक 75 देशों में वायरस की पुष्टि हो चुकी है. 16 हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और 5 लोगों की जान जा चुकी है. अकेले भारत में 4 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें 3 केरल में और एक मरीज दिल्ली में है. WHO ने मौजूदा हालात को देखते हुए ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर दी है. दिल्ली में पहला केस आने के बाद से उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है.
| दो साल से अधिक समय से दुनिया कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रही है, अभी इससे पूरी तरह से उबर भी नहीं पाए थे कि एक नया वायरस मंकीपॉक्स दुनियाभर के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है. भारत सहित अब तक पचहत्तर देशों में वायरस की पुष्टि हो चुकी है. सोलह हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और पाँच लोगों की जान जा चुकी है. अकेले भारत में चार मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें तीन केरल में और एक मरीज दिल्ली में है. WHO ने मौजूदा हालात को देखते हुए ग्लोबल इमरजेंसी घोषित कर दी है. दिल्ली में पहला केस आने के बाद से उत्तर प्रदेश में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. |
एंटरटेनमेंट डेस्क.
पत्नी किरण राव के साथ नजर आए।
पत्नी गौरी के साथ वेडिंग अटेंड करने पहुंचे थे। दोनों ही व्हाइट कलर के मैचिंग आउटफिट में नजर आए। शाहरुख ने व्हाइट शेरवानी के साथ मोतियों की माला भी पहन रखी थी। पोज देते समय पत्नी गौरी पति शाहरुख के इशारों को फॉलो करतीं रही। जहां-जहां शाहरुख इशारा कर रहे थे वहां-वहां देखकर गौरी पोज देतीं रहीं। आमिर-शाहरुख का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
| एंटरटेनमेंट डेस्क. पत्नी किरण राव के साथ नजर आए। पत्नी गौरी के साथ वेडिंग अटेंड करने पहुंचे थे। दोनों ही व्हाइट कलर के मैचिंग आउटफिट में नजर आए। शाहरुख ने व्हाइट शेरवानी के साथ मोतियों की माला भी पहन रखी थी। पोज देते समय पत्नी गौरी पति शाहरुख के इशारों को फॉलो करतीं रही। जहां-जहां शाहरुख इशारा कर रहे थे वहां-वहां देखकर गौरी पोज देतीं रहीं। आमिर-शाहरुख का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। |
जनज्वार। हाथरस गैंगरेप मामला में योगी सरकार की मुश्किलें खत्म होने नाम ही नहीं ले रही. एक ओर इस मामले को लेकर जहां देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं वही दूसरी तरफ विपक्षी दल भी योगी सरकार से लगातार सवाल पूछ रहे हैं. इसी सिलसिले में बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी योगी सरकार से मांग की है.
मायावती ने इस मामले में ट्वीट कर मांग की "हाथरस गैंगरेप काण्ड के पीड़ित परिवार ने जिले के डीएम पर धमकाने आदि के कई गंभीर आरोप लगाए हैं, फिर भी यूपी सरकार की रहस्मय चुप्पी दुःखद व अति-चिन्ताजनक। हालाँकि सरकार CBI जाँच हेतु राजी हुई है, किन्तु उस डीएम के वहाँ रहते इस मामले की निष्पक्ष जाँच कैसे होे सकती है? लोग आशंकित"।
आप को बता दें कि इस से पहले मायावती ने इस मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की थी. मायावती ने ट्वीट करते हुए कहा, "हाथरस जघन्य गैंगरेप काण्ड को लेकर पूरे देश में ज़बरदस्त आक्रोश है. इसकी शुरूआती आई जांच रिपोर्ट से जनता सन्तुष्ट नहीं लगती है. अतः इस मामले की CBI से या फिर माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए, बी.एस.पी. की यह मांग.'
मायावती ने दूसरे ट्वीट में राष्ट्रपति से भी इस मामले में दखल देने की मांग की है. उन्होंने लिखा, "देश के माननीय राष्ट्रपति यू.पी. से आते हैं व एक दलित होने के नाते भी इस प्रकरण में ख़ासकर सरकार के अमानवीय रवैये को ध्यान में रखकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिये दखल देने की भी उनसे पुरज़ोर अपील."
गौरतलब है कि 14 सितंबर को यूपी के हाथरस में एक दलित युवती के साथ ऊंची जाति के गांव के ही चार लोगों ने रेप किया. पीड़िता ने दो हफ्तों बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया.
| जनज्वार। हाथरस गैंगरेप मामला में योगी सरकार की मुश्किलें खत्म होने नाम ही नहीं ले रही. एक ओर इस मामले को लेकर जहां देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं वही दूसरी तरफ विपक्षी दल भी योगी सरकार से लगातार सवाल पूछ रहे हैं. इसी सिलसिले में बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी योगी सरकार से मांग की है. मायावती ने इस मामले में ट्वीट कर मांग की "हाथरस गैंगरेप काण्ड के पीड़ित परिवार ने जिले के डीएम पर धमकाने आदि के कई गंभीर आरोप लगाए हैं, फिर भी यूपी सरकार की रहस्मय चुप्पी दुःखद व अति-चिन्ताजनक। हालाँकि सरकार CBI जाँच हेतु राजी हुई है, किन्तु उस डीएम के वहाँ रहते इस मामले की निष्पक्ष जाँच कैसे होे सकती है? लोग आशंकित"। आप को बता दें कि इस से पहले मायावती ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. मायावती ने ट्वीट करते हुए कहा, "हाथरस जघन्य गैंगरेप काण्ड को लेकर पूरे देश में ज़बरदस्त आक्रोश है. इसकी शुरूआती आई जांच रिपोर्ट से जनता सन्तुष्ट नहीं लगती है. अतः इस मामले की CBI से या फिर माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए, बी.एस.पी. की यह मांग.' मायावती ने दूसरे ट्वीट में राष्ट्रपति से भी इस मामले में दखल देने की मांग की है. उन्होंने लिखा, "देश के माननीय राष्ट्रपति यू.पी. से आते हैं व एक दलित होने के नाते भी इस प्रकरण में ख़ासकर सरकार के अमानवीय रवैये को ध्यान में रखकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिये दखल देने की भी उनसे पुरज़ोर अपील." गौरतलब है कि चौदह सितंबर को यूपी के हाथरस में एक दलित युवती के साथ ऊंची जाति के गांव के ही चार लोगों ने रेप किया. पीड़िता ने दो हफ्तों बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. |
सर्द होता मौसम अब लोगों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। ठंड में जरा सी लापरवाही गूंगा-बहरा भी बना सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंड लगने से गले (थ्रोट) की नसों में खून का दौड़ाना कम हो सकता है।
कई लोगों को कान की सुनने वाली नस में खून का दौड़ना कम हो जाता है। इससे अस्थायी बहरापन भी हो जाता है। ऐसे लोगों को बहुत कम सुनाई देता है या सुनाई देना ही बंद हो जाता है। ये मेडिकल इमरजेंसी होती है।
यदि उसी समय मरीज चिकित्सा विशेषज्ञ के पास पहुंचता है तो आडियोमीटरी जांच से इसका पता चल जाता है। तुरंत स्टेरॉयड, खून पतला करने की दवाएं आदि देकर स्थिति नियंत्रित कर ली जाती है, वरना बहरापन स्थायी भी हो सकता है।
ठंड में मार्निंग वॉक करने कमरे से सीधे सड़क पर न निकलें। खासकर हार्ट, बीपी पेशेंट निकलने से पहले पर्याप्त गर्म कपड़े, जूते-मोजे पहनने के साथ ही सिर और कान ढककर निकलें। ऐसा न करने पर उन्हें अटैक पड़ सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि सुबह चार बजे से छह बजे के बीच सर्वाधिक हार्मोनल चेंज होता है। हार्ट अटैक के जितने भी केस होते हैं, उसमें से सर्वाधिक हार्टअटैक इसी समयावधि में होते हैं। इसलिए इन दो घंटों में सर्वाधिक एहतियात बरतने की जरूरत है।
| सर्द होता मौसम अब लोगों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। ठंड में जरा सी लापरवाही गूंगा-बहरा भी बना सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंड लगने से गले की नसों में खून का दौड़ाना कम हो सकता है। कई लोगों को कान की सुनने वाली नस में खून का दौड़ना कम हो जाता है। इससे अस्थायी बहरापन भी हो जाता है। ऐसे लोगों को बहुत कम सुनाई देता है या सुनाई देना ही बंद हो जाता है। ये मेडिकल इमरजेंसी होती है। यदि उसी समय मरीज चिकित्सा विशेषज्ञ के पास पहुंचता है तो आडियोमीटरी जांच से इसका पता चल जाता है। तुरंत स्टेरॉयड, खून पतला करने की दवाएं आदि देकर स्थिति नियंत्रित कर ली जाती है, वरना बहरापन स्थायी भी हो सकता है। ठंड में मार्निंग वॉक करने कमरे से सीधे सड़क पर न निकलें। खासकर हार्ट, बीपी पेशेंट निकलने से पहले पर्याप्त गर्म कपड़े, जूते-मोजे पहनने के साथ ही सिर और कान ढककर निकलें। ऐसा न करने पर उन्हें अटैक पड़ सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सुबह चार बजे से छह बजे के बीच सर्वाधिक हार्मोनल चेंज होता है। हार्ट अटैक के जितने भी केस होते हैं, उसमें से सर्वाधिक हार्टअटैक इसी समयावधि में होते हैं। इसलिए इन दो घंटों में सर्वाधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। |
कन्नूर. केरल (Kerala) के कन्नूर जिले (Kannur District) के वेल्लाराम पारा पुलिस डंपिंग यार्ड (Vellaram Para police dumping yard) में गुरुवार को भीषण आग लग गई। मौके पर दमकल की गाड़ियां मौजूद है। आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। अभी तक किसीके हताहत या घायल होने की जानकारी नहीं है।
| कन्नूर. केरल के कन्नूर जिले के वेल्लाराम पारा पुलिस डंपिंग यार्ड में गुरुवार को भीषण आग लग गई। मौके पर दमकल की गाड़ियां मौजूद है। आग बुझाने की कोशिश की जा रही है। अभी तक किसीके हताहत या घायल होने की जानकारी नहीं है। |
आम बजट को लेकर पिछले कई दिनों से लोगों के बीच उत्सुकता थी। बजट में सरकार टैक्स में राहत देती है या नहीं, इसे लेकर मध्यम वर्गीय परिवारों में दो-तीन दिनों से बहस छिड़ी थी। शनिवार की सुबह से ही लोग वर्ष 2020-21 बजट को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे थे।
दिन के 11 बजते ही आम बजट को लाइव देखने के लिए लोग अपने-अपने घरों के टीवी सेटों के सामने बैठ गए। जो लोग बाजार की ओर निकले थे, वे भी इस मौके को चूकना नहीं चाहते थे। सभी के मन में सवाल उठ रहे थे कि आम बजट में सरकार क्या-क्या नए प्रावधान लाती है।
शहर के मुख्य बाजार दरभंगा टॉवर चौक पर लोग विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक की दुकानों में टीवी सेटों के सामने जमे थे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही बजट में किए गए प्रावधानों को पढ़ना शुरू किया, वहां जमे लोगों के दिलों की धड़कनें तेज होने लगीं। लोगों के मन में यह डर सता रहा था कि आर्थिक मंदी के कारण कहीं उनलोगों पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ तो नहीं डाल दिया जाएगा।
कृषि के विकास के लिए 15 लाख करोड़ का प्रावधान किए जाने की घोषणा होते ही भीड़ में मौजूद कई किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों के उत्पादन के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में किसान रेल चलाने की घोषणा का भी वे स्वागत करते दिखे।
टीवी के सामने जमे लोगों में अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवार के थे । वे हेल्थ सेक्टर में किए जाने वाले प्रावधान व आयकर को लेकर होने वाली घोषणा को सुनने के लिए उत्सुक दिख रहे थे। हेल्थ सेक्टर के विकास के लिए 69,000 करोड़ की घोषणा व जिलों के अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों से जोड़ने की घोषणा होते ही उनके चेहरे खिलने लगे। पीपीपी मोड पर देश में 150 ट्रेनों के चलाए जाने की घोषणा का भी वे स्वागत करते दिखे।
अब आयकर को लेकर घोषणाओं की बारी आई। लोगों की धड़कनें तेज होने लगी। हर व्यक्ति की नजर सामने चल रहे टीवी पर गढ़ गई। जैसे ही वित्त मंत्री ने आयकर में लाए गए नए प्रावधानों व विभिन्न स्लैब में छूट की घोषणा की, लोग ताली बजाकर उसका स्वागत करने लगे।
वहां मौजूद राजीव कुमार, सोहन यादव, शंभू झा आदि मिडिल क्लास से आने वाले लोगों ने कहा कि मंहगायी की वजह से वे काफी कम निवेश कर पाते थे। इस वजह से उन्हें आयकर में छूट नहीं मिल पाती थी। अब नए प्रावधानों के अनुसार स्लैब में प्रतिशत कम कर देने से उनलोगों को काफी लाभ पहुंचेगा।
| आम बजट को लेकर पिछले कई दिनों से लोगों के बीच उत्सुकता थी। बजट में सरकार टैक्स में राहत देती है या नहीं, इसे लेकर मध्यम वर्गीय परिवारों में दो-तीन दिनों से बहस छिड़ी थी। शनिवार की सुबह से ही लोग वर्ष दो हज़ार बीस-इक्कीस बजट को लेकर तरह-तरह के कयास लगा रहे थे। दिन के ग्यारह बजते ही आम बजट को लाइव देखने के लिए लोग अपने-अपने घरों के टीवी सेटों के सामने बैठ गए। जो लोग बाजार की ओर निकले थे, वे भी इस मौके को चूकना नहीं चाहते थे। सभी के मन में सवाल उठ रहे थे कि आम बजट में सरकार क्या-क्या नए प्रावधान लाती है। शहर के मुख्य बाजार दरभंगा टॉवर चौक पर लोग विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक की दुकानों में टीवी सेटों के सामने जमे थे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही बजट में किए गए प्रावधानों को पढ़ना शुरू किया, वहां जमे लोगों के दिलों की धड़कनें तेज होने लगीं। लोगों के मन में यह डर सता रहा था कि आर्थिक मंदी के कारण कहीं उनलोगों पर अतिरिक्त टैक्स का बोझ तो नहीं डाल दिया जाएगा। कृषि के विकास के लिए पंद्रह लाख करोड़ का प्रावधान किए जाने की घोषणा होते ही भीड़ में मौजूद कई किसानों के चेहरे खिल उठे। किसानों के उत्पादन के लिए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में किसान रेल चलाने की घोषणा का भी वे स्वागत करते दिखे। टीवी के सामने जमे लोगों में अधिकांश मध्यमवर्गीय परिवार के थे । वे हेल्थ सेक्टर में किए जाने वाले प्रावधान व आयकर को लेकर होने वाली घोषणा को सुनने के लिए उत्सुक दिख रहे थे। हेल्थ सेक्टर के विकास के लिए उनहत्तर,शून्य करोड़ की घोषणा व जिलों के अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों से जोड़ने की घोषणा होते ही उनके चेहरे खिलने लगे। पीपीपी मोड पर देश में एक सौ पचास ट्रेनों के चलाए जाने की घोषणा का भी वे स्वागत करते दिखे। अब आयकर को लेकर घोषणाओं की बारी आई। लोगों की धड़कनें तेज होने लगी। हर व्यक्ति की नजर सामने चल रहे टीवी पर गढ़ गई। जैसे ही वित्त मंत्री ने आयकर में लाए गए नए प्रावधानों व विभिन्न स्लैब में छूट की घोषणा की, लोग ताली बजाकर उसका स्वागत करने लगे। वहां मौजूद राजीव कुमार, सोहन यादव, शंभू झा आदि मिडिल क्लास से आने वाले लोगों ने कहा कि मंहगायी की वजह से वे काफी कम निवेश कर पाते थे। इस वजह से उन्हें आयकर में छूट नहीं मिल पाती थी। अब नए प्रावधानों के अनुसार स्लैब में प्रतिशत कम कर देने से उनलोगों को काफी लाभ पहुंचेगा। |
नई दिल्ली। भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान का मानना है कि दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल के अगले सत्र पर अपना ध्यान केंद्रित कर लिया है, ऐसे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर सौरव गांगुली को अब टीम के मुख्य कोच की भूमिका दी जानी चाहिए.
टॉस के समय दिल्ली के कप्तान डेविड वॉर्नर ने कहा था कि उनकी टीम अब अगले सीजन की तैयारी में जुट गई है और इस लिहाज से गांगुली को बदले हुए रोल में देखना गलत नहीं होगा. जैसे-जैसे आईपीएल 2023 में प्लेऑफ की दौड़ तेज होती जा रही है, वैसे-वैसे टीमें शीर्ष चार में जगह बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं.
यह बहुत कड़े मुकाबले वाला सीजन रहा है. दो महत्वपूर्ण अंकों की उम्मीद के साथ, पंजाब किंग्स दिल्ली कैपिटल्स की मेजबानी करने के लिए तैयार है क्योंकि आईपीएल 2023 धर्मशाला के दर्शनीय एचपीसीए स्टेडियम में अपना पहला मैच देखेगा. यह पंजाब किंग्स का दूसरा घर है.
पठान ने पंजाब किंग्स के युवा बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह के बारे में बहुत कुछ कहा - जिन्होंने उसी विपक्ष के खिलाफ पिछले मैच में अपना पहला आईपीएल शतक बनाया था. इरफान का मानना है कि पंजाब का युवा शीर्ष क्रम का बल्लेबाज भविष्य का सितारा है.
भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी 23 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज की जमकर तारीफ की और दावा किया कि आईपीएल का मंच दुनिया को युवा और गतिशील प्रतिभाओं को पेश करने से कभी पीछे नहीं हटेगा.
दिल्ली कैपिटल्स की प्लेऑफ की उम्मीद भले ही धराशायी हो गई हो लेकिन टीमें डेविड वार्नर की अगुवाई वाली टीम को हल्के में नहीं ले सकतीं. कोचिंग स्टाफ में कुछ मजबूत किरदारों की मौजूदगी टीमों को कठिन परिस्थितियों से उबरने में मदद करती है.
इस बीच, एक उत्साही लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने पांच बार के चैंपियन मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपना अजेय अभियान जारी रखा और बीती रात लखनऊ में मुंबई इंडियंस को 5 रन से हरा दिया. इस जीत के साथ, एलएसजी ने अपनी प्लेऑफ की उम्मीदों को जीवित रखा और शीर्ष चार में समाप्त करने के लिए एमआई के सपनों को झटका दिया.
मुंबई इंडियंस पर एलएसजी की जीत की नींव मार्कस स्टोइनिस ने रखी थी क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के हरफनमौला खिलाड़ी ने 47 गेंदों पर नाबाद 89 रनों की बहुमूल्य पारी खेली और अपनी टीम को एक मजबूत एमआई टीम के खिलाफ जरूरी प्रोत्साहन दिया.
| नई दिल्ली। भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान का मानना है कि दिल्ली कैपिटल्स ने आईपीएल के अगले सत्र पर अपना ध्यान केंद्रित कर लिया है, ऐसे में पूर्व भारतीय क्रिकेटर सौरव गांगुली को अब टीम के मुख्य कोच की भूमिका दी जानी चाहिए. टॉस के समय दिल्ली के कप्तान डेविड वॉर्नर ने कहा था कि उनकी टीम अब अगले सीजन की तैयारी में जुट गई है और इस लिहाज से गांगुली को बदले हुए रोल में देखना गलत नहीं होगा. जैसे-जैसे आईपीएल दो हज़ार तेईस में प्लेऑफ की दौड़ तेज होती जा रही है, वैसे-वैसे टीमें शीर्ष चार में जगह बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही हैं. यह बहुत कड़े मुकाबले वाला सीजन रहा है. दो महत्वपूर्ण अंकों की उम्मीद के साथ, पंजाब किंग्स दिल्ली कैपिटल्स की मेजबानी करने के लिए तैयार है क्योंकि आईपीएल दो हज़ार तेईस धर्मशाला के दर्शनीय एचपीसीए स्टेडियम में अपना पहला मैच देखेगा. यह पंजाब किंग्स का दूसरा घर है. पठान ने पंजाब किंग्स के युवा बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह के बारे में बहुत कुछ कहा - जिन्होंने उसी विपक्ष के खिलाफ पिछले मैच में अपना पहला आईपीएल शतक बनाया था. इरफान का मानना है कि पंजाब का युवा शीर्ष क्रम का बल्लेबाज भविष्य का सितारा है. भारत के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी तेईस वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज की जमकर तारीफ की और दावा किया कि आईपीएल का मंच दुनिया को युवा और गतिशील प्रतिभाओं को पेश करने से कभी पीछे नहीं हटेगा. दिल्ली कैपिटल्स की प्लेऑफ की उम्मीद भले ही धराशायी हो गई हो लेकिन टीमें डेविड वार्नर की अगुवाई वाली टीम को हल्के में नहीं ले सकतीं. कोचिंग स्टाफ में कुछ मजबूत किरदारों की मौजूदगी टीमों को कठिन परिस्थितियों से उबरने में मदद करती है. इस बीच, एक उत्साही लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम ने पांच बार के चैंपियन मुंबई इंडियंस के खिलाफ अपना अजेय अभियान जारी रखा और बीती रात लखनऊ में मुंबई इंडियंस को पाँच रन से हरा दिया. इस जीत के साथ, एलएसजी ने अपनी प्लेऑफ की उम्मीदों को जीवित रखा और शीर्ष चार में समाप्त करने के लिए एमआई के सपनों को झटका दिया. मुंबई इंडियंस पर एलएसजी की जीत की नींव मार्कस स्टोइनिस ने रखी थी क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के हरफनमौला खिलाड़ी ने सैंतालीस गेंदों पर नाबाद नवासी रनों की बहुमूल्य पारी खेली और अपनी टीम को एक मजबूत एमआई टीम के खिलाफ जरूरी प्रोत्साहन दिया. |
जम्मू-कश्मीर के सोपोर में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) मिलने से हड़कंप मच गया. इसकी सूचना बम निरोधक दस्ते को दी गई. इसके साथ ही आसपास के इलाके में यातायात को बंद कर दिया गया है. सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं.
सुरक्षाबलों की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि लॉ कॉलेज के पास सोपोर में बाइपास रोड पर सेना को एक इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस मिला है. IED को निष्क्रिय करने के लिए एक बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है.
बताया जा रहा है कि आईईडी उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर के तुलीबल इलाके में मिला है. मौके पर सोपोर पुलिस, 52RR और CRPF हैं.
6 दिसंबर को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में एक IED बरामद किया गया था. एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने आजतक को बताया कि शोपियां के शिरमल इलाके में पुलिस और सेना की एक संयुक्त टीम ने आईईडी बरामद किया था. पुलिस को संदेह है कि आईईडी आतंकी हमले की साजिश का हिस्सा है.
| जम्मू-कश्मीर के सोपोर में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस मिलने से हड़कंप मच गया. इसकी सूचना बम निरोधक दस्ते को दी गई. इसके साथ ही आसपास के इलाके में यातायात को बंद कर दिया गया है. सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं. सुरक्षाबलों की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि लॉ कॉलेज के पास सोपोर में बाइपास रोड पर सेना को एक इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस मिला है. IED को निष्क्रिय करने के लिए एक बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया है. बताया जा रहा है कि आईईडी उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के सोपोर के तुलीबल इलाके में मिला है. मौके पर सोपोर पुलिस, बावनRR और CRPF हैं. छः दिसंबर को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में एक IED बरामद किया गया था. एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने आजतक को बताया कि शोपियां के शिरमल इलाके में पुलिस और सेना की एक संयुक्त टीम ने आईईडी बरामद किया था. पुलिस को संदेह है कि आईईडी आतंकी हमले की साजिश का हिस्सा है. |
अतः शून्य परिकल्पना "छात्र-छात्राओं की भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता में कोई सार्थक अन्तर नहीं है", 0.5 सार्थकता स्तर पर अस्वीकृत की जाती है। परिकल्पना परीक्षण में छात्र एवं छात्राओं की भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता में अन्तर पाया गया है।
विवेचना- उक्त तालिका के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है, कि छात्राएँ छात्रों की अपेक्षा भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति अधिक जागरूक हैं।
अध्याय षष्ठ
निष्कर्ष एवं सुझाव
अनुसन्धान की वैज्ञानिक प्रक्रिया में तथ्यों को सापेक्षित कर, निष्कर्षों का सामान्यीकरण करके वर्ग विशेष के लिए अनुमोदित करना, अनुसन्धान का अन्तिम चरण माना गया है। अनुसन्धान क्षेत्र में निष्कर्षों व सामान्य प्रदत्त को एक सार्वभौमिक आकार प्रदान करता है इसके द्वारा अनुसन्धानकर्ता को निष्कर्षों के महत्व को मूल्यांकित कर सकने की योग्यता प्राप्त होती है।
किसी भी शोध कार्य द्वारा प्राप्त परिणामों के लिए यह पूर्णतः विश्वसनीयता के साथ नहीं कहा जा सकता है कि यह शोध पूर्णतः शोध क्षेत्र से सम्बन्धित सम्पूर्ण पहलुओं को पूर्ण करता है, क्योंकि प्रायः कुछ पहलू अछूते रह जाते हैं। इसलिए परिणाम के साथ-साथ यह भी नितान्त आवश्यक है कि शोध अध्ययन के सन्दर्भ में उन सीमाओं का उल्लेख किया जाये, जिनसे शोध अध्ययन सीमित हो जाता है । अतः प्रस्तुत अध्याय को उपर्युक्त वर्णित बिन्दुओं के आधार पर निम्न सोपानों में प्रस्तुत किया गया हैशोध अध्यन के निष्कर्ष
शोध अध्यन की शैक्षिक उपादेयता
'अध्ययन के सुझाव
* भावी शोध अध्यन हेतु सुझाव
6.1 शोध अध्ययन के निष्कर्ष
सम्पूर्ण शोध कार्य के विश्लेषण एवं व्याख्या के पश्चात मुख्य कार्य उद्देश्यों की पूर्ति करना है। शोध कार्य में 6 उद्देश्य लिए गए थे । जिनका विवरण प्रथम अध्याय में प्रस्तुत किया जा चुका है। लघु शोध प्रबन्ध के उद्देश्यों के सन्दर्भ में निम्नलिखित निष्कर्ष प्राप्त किये गएउद्देश्य 1: विद्यार्थियों में भूरागढ़ दुर्ग प्रति जागरूकता अध्ययन हेतु भूरागढ़ दुर्ग के प्रति जागरूकता प्रश्नावली का निर्माण करना।
शोधकर्ता द्वारा भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता प्रश्नावली का निर्माण किया गया, जिसमें भूरागढ़ दुर्ग के प्रति जागरूकता के 17 प्रश्नों को सम्मिलित किया गया तथा मिश्रित प्रश्नावली का चयन किया गया जिसमें कथनों को बहुविकल्पात्मक प्रकार के प्रश्न सम्मिलित हैं जो कि विद्यार्थियों की जागरूकता के अध्ययन हेतु उपयुक्त है।
उद्देश्य 2: भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति विद्यार्थियों की जागरूकता का अध्ययन करना।
भूरागढ़ दुर्ग के विद्यार्थियों में दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत की जागरूकता के प्रति
अन्तर पाया गया ।
उद्देश्य 3: भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति छात्र-छात्राओं की जागरूकता का तुलनात्मक अध्ययन करना।
छात्र एवं छात्राओं की भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता में अन्तर पाया गया एवं छात्राएँ छात्रों की अपेक्षा अधिक जागरुक पायी गयीं।
उद्देश्य 4: भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत में पर्यटन की संभाव्यता का अध्ययन करना ।
प्रस्तुत उद्देश्य के सन्दर्भ में भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत का सर्वेक्षण किया गया और यह पाया गया कि भूरागढ़ दुर्ग क्षेत्र में धर्म, संस्कृति तथा विशिष्ट रीति-रिवाजों से युक्त अनेक ऐतिहासिक स्थल हैं जिनके गौरवमयी अतीत से प्रभावित हुए बिना व्यक्ति नहीं रह सकता । पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र रमणीय क्षेत्र है । इस क्षेत्र में पर्यटन की पर्याप्त संभाव्यता है। अतः इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं, यातायात, आवास, सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की के जानी चाहिए।
उद्देश्य 5: भूरागढ़ दुर्ग में पर्यटन विकास की समस्याओं का अध्ययन करना। प्रस्तुत उद्देश्यों के सन्दर्भ में भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत की समस्याओं का सर्वेक्षण किया गया और यह पाया कि भूरागढ़ के इतिहास तथा यहाँ की वास्तुशिल्प एवं प्रकृति की सुन्दरता के बावजूद, साधनों के अभाव के कारण यहाँ आये हुए यात्री किन्हीं अन्य यात्रियों को यहाँ आने की सलाह नहीं देते । जिसके कारण यहाँ यात्रियों का आवागमन अभी अन्य पर्यटन स्थलों की तरह नहीं हो पाया अतः भूरागढ़ दुर्ग की समस्याएं इस प्रकार हैंआवागमन के साधनों का अभाव।
• पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था का अभाव ।
• पर्यटकों के मनोरंजन के साधनों का अभाव पर्यटकों की आवासीय व्यवस्था का अभाव । | अतः शून्य परिकल्पना "छात्र-छात्राओं की भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता में कोई सार्थक अन्तर नहीं है", शून्य.पाँच सार्थकता स्तर पर अस्वीकृत की जाती है। परिकल्पना परीक्षण में छात्र एवं छात्राओं की भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता में अन्तर पाया गया है। विवेचना- उक्त तालिका के आधार पर यह निष्कर्ष निकलता है, कि छात्राएँ छात्रों की अपेक्षा भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति अधिक जागरूक हैं। अध्याय षष्ठ निष्कर्ष एवं सुझाव अनुसन्धान की वैज्ञानिक प्रक्रिया में तथ्यों को सापेक्षित कर, निष्कर्षों का सामान्यीकरण करके वर्ग विशेष के लिए अनुमोदित करना, अनुसन्धान का अन्तिम चरण माना गया है। अनुसन्धान क्षेत्र में निष्कर्षों व सामान्य प्रदत्त को एक सार्वभौमिक आकार प्रदान करता है इसके द्वारा अनुसन्धानकर्ता को निष्कर्षों के महत्व को मूल्यांकित कर सकने की योग्यता प्राप्त होती है। किसी भी शोध कार्य द्वारा प्राप्त परिणामों के लिए यह पूर्णतः विश्वसनीयता के साथ नहीं कहा जा सकता है कि यह शोध पूर्णतः शोध क्षेत्र से सम्बन्धित सम्पूर्ण पहलुओं को पूर्ण करता है, क्योंकि प्रायः कुछ पहलू अछूते रह जाते हैं। इसलिए परिणाम के साथ-साथ यह भी नितान्त आवश्यक है कि शोध अध्ययन के सन्दर्भ में उन सीमाओं का उल्लेख किया जाये, जिनसे शोध अध्ययन सीमित हो जाता है । अतः प्रस्तुत अध्याय को उपर्युक्त वर्णित बिन्दुओं के आधार पर निम्न सोपानों में प्रस्तुत किया गया हैशोध अध्यन के निष्कर्ष शोध अध्यन की शैक्षिक उपादेयता 'अध्ययन के सुझाव * भावी शोध अध्यन हेतु सुझाव छः.एक शोध अध्ययन के निष्कर्ष सम्पूर्ण शोध कार्य के विश्लेषण एवं व्याख्या के पश्चात मुख्य कार्य उद्देश्यों की पूर्ति करना है। शोध कार्य में छः उद्देश्य लिए गए थे । जिनका विवरण प्रथम अध्याय में प्रस्तुत किया जा चुका है। लघु शोध प्रबन्ध के उद्देश्यों के सन्दर्भ में निम्नलिखित निष्कर्ष प्राप्त किये गएउद्देश्य एक: विद्यार्थियों में भूरागढ़ दुर्ग प्रति जागरूकता अध्ययन हेतु भूरागढ़ दुर्ग के प्रति जागरूकता प्रश्नावली का निर्माण करना। शोधकर्ता द्वारा भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता प्रश्नावली का निर्माण किया गया, जिसमें भूरागढ़ दुर्ग के प्रति जागरूकता के सत्रह प्रश्नों को सम्मिलित किया गया तथा मिश्रित प्रश्नावली का चयन किया गया जिसमें कथनों को बहुविकल्पात्मक प्रकार के प्रश्न सम्मिलित हैं जो कि विद्यार्थियों की जागरूकता के अध्ययन हेतु उपयुक्त है। उद्देश्य दो: भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति विद्यार्थियों की जागरूकता का अध्ययन करना। भूरागढ़ दुर्ग के विद्यार्थियों में दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत की जागरूकता के प्रति अन्तर पाया गया । उद्देश्य तीन: भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति छात्र-छात्राओं की जागरूकता का तुलनात्मक अध्ययन करना। छात्र एवं छात्राओं की भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत के प्रति जागरूकता में अन्तर पाया गया एवं छात्राएँ छात्रों की अपेक्षा अधिक जागरुक पायी गयीं। उद्देश्य चार: भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत में पर्यटन की संभाव्यता का अध्ययन करना । प्रस्तुत उद्देश्य के सन्दर्भ में भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत का सर्वेक्षण किया गया और यह पाया गया कि भूरागढ़ दुर्ग क्षेत्र में धर्म, संस्कृति तथा विशिष्ट रीति-रिवाजों से युक्त अनेक ऐतिहासिक स्थल हैं जिनके गौरवमयी अतीत से प्रभावित हुए बिना व्यक्ति नहीं रह सकता । पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र रमणीय क्षेत्र है । इस क्षेत्र में पर्यटन की पर्याप्त संभाव्यता है। अतः इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं, यातायात, आवास, सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की के जानी चाहिए। उद्देश्य पाँच: भूरागढ़ दुर्ग में पर्यटन विकास की समस्याओं का अध्ययन करना। प्रस्तुत उद्देश्यों के सन्दर्भ में भूरागढ़ दुर्ग की ऐतिहासिक विरासत की समस्याओं का सर्वेक्षण किया गया और यह पाया कि भूरागढ़ के इतिहास तथा यहाँ की वास्तुशिल्प एवं प्रकृति की सुन्दरता के बावजूद, साधनों के अभाव के कारण यहाँ आये हुए यात्री किन्हीं अन्य यात्रियों को यहाँ आने की सलाह नहीं देते । जिसके कारण यहाँ यात्रियों का आवागमन अभी अन्य पर्यटन स्थलों की तरह नहीं हो पाया अतः भूरागढ़ दुर्ग की समस्याएं इस प्रकार हैंआवागमन के साधनों का अभाव। • पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था का अभाव । • पर्यटकों के मनोरंजन के साधनों का अभाव पर्यटकों की आवासीय व्यवस्था का अभाव । |
भारत की डिस्कस थ्रोअर कमलप्रीत कौर (Kamalpreet Kaur) को डोपिंग के कारण 3 साल के लिए बैन लगा दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय संस्था वर्ल्ड एथलेटिक्स से जुड़ी एथलेटिक्स इंटिग्रिटी यूनिट (AIU) ने घोषणा की है कि प्रतिबंधित पदार्थ का इस्तेमाल करने के कारण ये फैसला लिया गया है.
AIU ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि सैंपल इसी साल 7 मार्च को को पटियाला में लिया गया था. इसके बाद इसे टेस्ट के लिए भेजा गया और इसमेंस्टैनोजोलोल के अंश पाए गए. कमलप्रीत कौर के खिलाफ प्रतिबंध 29 मार्च 2022 से शुरू माना जाएगा.
The AIU has banned Kamalpreet Kaur of India for 3 years for the Presence/Use of a Prohibited Substance (Stanozolol), starting from 29 March 2022. DQ results from 7 March 2022.
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| भारत की डिस्कस थ्रोअर कमलप्रीत कौर को डोपिंग के कारण तीन साल के लिए बैन लगा दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय संस्था वर्ल्ड एथलेटिक्स से जुड़ी एथलेटिक्स इंटिग्रिटी यूनिट ने घोषणा की है कि प्रतिबंधित पदार्थ का इस्तेमाल करने के कारण ये फैसला लिया गया है. AIU ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि सैंपल इसी साल सात मार्च को को पटियाला में लिया गया था. इसके बाद इसे टेस्ट के लिए भेजा गया और इसमेंस्टैनोजोलोल के अंश पाए गए. कमलप्रीत कौर के खिलाफ प्रतिबंध उनतीस मार्च दो हज़ार बाईस से शुरू माना जाएगा. The AIU has banned Kamalpreet Kaur of India for तीन years for the Presence/Use of a Prohibited Substance , starting from उनतीस मार्चch दो हज़ार बाईस. DQ results from सात मार्चch दो हज़ार बाईस. |
Страсти по поводу принятия ювенальных законов в РФ не могли оставить меня равнодушным, поскольку ювенальная система сыграла существенную роль в моем детстве и юношестве. Разочарую многих: вы не услышите от меня об «ужасах ювенального фашизма», я просто расскажу свою личную историю.
मैं एक साधारण "सोवियत" परिवार में पैदा हुआ था, मेरे पिता एक इंजीनियर हैं, मेरी माँ एक प्लांट टेक्नोलॉजिस्ट, नॉन-ड्रिंकर, बुद्धिमान, आमतौर पर एक सामान्य परिवार है। शुरुआती वर्षों में मैं एक शांत, आज्ञाकारी बच्चा था, लेकिन 7 के वर्षों में मेरा चरित्र बनने लगा, और यह आसान नहीं था। मैं अधिक अनधिकृत, बेचैन हो गया, किसी भी अवसर पर व्यक्तिगत दृष्टिकोण हासिल करना शुरू कर दिया।
खैर, और, हमेशा की तरह, ऐसे मामलों में, मेरे पिता, सोवियत शिक्षा की सर्वश्रेष्ठ परंपराओं में, एक बेल्ट के साथ अवज्ञा की ऐसी ज्यादतियों का "इलाज" करने लगे। लेकिन कुछ गलत हुआः वांछित परिणामों के बजाय, इस तरह के "थेरेपी" के विपरीत परिणाम हुए।
एक बच्चे के रूप में, मुझे अपने दुराचार का सार समझ में नहीं आया, और प्रत्येक "एक बेल्ट के साथ स्पष्टीकरण" ने मुझ में आक्रोश पैदा नहीं किया, और स्पष्टीकरण "किस" के लिए इस तरह की सजा के बाद दर्द और अपमान पर ध्यान केंद्रित चेतना द्वारा अनदेखा किया गया।
समय के साथ, यह केवल बदतर हो गया, मेरी पढ़ाई डाउनहिल हो गई, मेरा व्यवहार उत्तेजित हो गया, नतीजतन, दंड अधिक बार हो गए। सड़क पर और स्कूल में, मैं अक्सर झगड़े में पड़ने लगा, यहां तक कि यह भी जानकर कि मुझे क्या मिलेगा, मैंने आधे-अधूरे आक्रोश से शुरुआत की। दूसरे शब्दों में, मैं एक मामूली समाजोपथ बन गया, जिसके साथ यार्ड गंदगी भी नहीं जीना चाहता था।
जब मैं 10 वर्ष का हो गया, तो मेरे माता-पिता ने मेरे भविष्य के बारे में गंभीरता से चिंता करना शुरू कर दिया और मेरी परवरिश की समस्याओं को हल करने के तरीकों की तलाश की, फिर भी, "जीवन देने वाली बेल्ट" की शक्ति में विश्वास करना जारी रखा।
माँ ने मेरे वातावरण को मौलिक रूप से बदलने की पेशकश की। इस विचार के तहत, मेरे पिता को एक "यहूदी दादी" मिली, और हम . . . इज़राइल चले गए।
बेशक, इस कदम से कुछ भी नहीं बदला। पर्यावरण वास्तव में बदल गया, लेकिन परिवार में "शिक्षा के सिद्धांत" समान रहे। बेशक, तब हममें से कोई भी इजरायली किशोर कानूनों के बारे में नहीं जानता था।
सब कुछ संयोग से बदल गया, जब मैं पहले से ही 11 साल का था। "बेल्ट थैरेपी" के अगले भाग के बाद मैं बाहर हो गयाः कुछ मेरे धैर्य से बह निकला। मैं चुपचाप घर से भाग गया।
बेशक, मेरे माता-पिता ने उस शाम पुलिस को मेरे भागने के बारे में एक बयान दर्ज किया, और मुझे गश्ती अधिकारियों ने जल्दी से पकड़ लिया। यह वह जगह है जहां हमारे "किशोर दुनिया" के साथ परिचित शुरू हुआ। पुलिस ने मामले को सामाजिक सेवा को सौंप दिया, जहां हमें अगली सुबह आदेश देकर बुलाया गया।
हमारी बात सुनने के बाद, सामाजिक कार्यकर्ता ने मेरे माता-पिता को "शारीरिक दंड" के निषेध के बारे में बताया और सप्ताह में एक बार परिवार के मनोवैज्ञानिक (सामाजिक सेवाओं से) का दौरा करने का आदेश जारी किया। मेरे पिता लंबे समय से नाराज थे, ज़ाहिर है, "पारिवारिक मामलों में दखल" और "झोपड़ी से कूड़ा उठाने" के बारे में, लेकिन, सोवियत परवरिश के सही मायने में कानून का पालन करने वाले व्यक्ति के रूप में, उन्होंने सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया।
पहले हफ्ते में मैंने "स्वतंत्रता और अदूरदर्शिता" की भावना को प्रकट किया। हल्के ढंग से डालने के लिए, मैंने श्रृंखला को तोड़ दिया। एक हफ्ते तक मेरी हरकतों को झेलने के बाद, मेरे माता-पिता उसी सामाजिक कार्यकर्ता की ओर मुड़ गए, जिसने मुझे निराशा की वजह से "पापी भूमि में" लौटा दिया था। उन्होंने मुझे स्पष्ट रूप से समझाया कि मेरे व्यवहार से क्या अप्रिय परिणाम होते हैं।
और एक मनोवैज्ञानिक के साथ पहली मुलाकात जिसने मुझे "स्कोर" करने का फैसला किया, पुलिस द्वारा अदालत के आदेश पर लाया गया था।
हमारे परिवार के मनोवैज्ञानिक उसके शिल्प के स्वामी बन गए। उन्होंने हमारे सभी वर्गों में जाने की कोशिश भी नहीं की, लेकिन सचमुच दो साल में उन्होंने हमें लिस्टेन को पढ़ाया और, सबसे महत्वपूर्ण बात, एक दूसरे के दृष्टिकोण को ठीक किया और एक संवाद का संचालन किया। मेरे पिता ने विश्वास दिलाया कि मुझे "मेरी उम्र के कारण मेरी अपनी राय का अधिकार नहीं है," और मुझे एहसास हुआ कि वाक्यांश "क्योंकि मैंने ऐसा कहा था" मेरी आवश्यकताओं का स्पष्टीकरण नहीं है। उसने मुझे शब्दों में यह समझाने की कोशिश की कि मुझे दंडित करने के लिए एक वातानुकूलित पलटा विकसित करने की कोशिश करने के बजाय मुझे कैसे व्यवहार करना चाहिए।
और मैं, बदले में, अपने माता-पिता के शब्दों में गहरी जड़ें वाले पूर्वाग्रह से छुटकारा पाया और "सींग को चालू करने" की आदत को बिना सुने।
बेशक, हमने किसी भी माता-पिता और बच्चों की तरह झगड़ा किया, शाप दिया, लेकिन हमने बातचीत करना सीख लिया और आगे नहीं बढ़ पाए। और मैंने स्कूल और विश्वविद्यालय को "पूरी तरह से" समाप्त कर दिया।
आज मैं एक वयस्क हूं, मेरे अपने "बेचैन" बच्चे हैं, लेकिन मैं एक अच्छा काम कर रहा हूं, जिसमें बचपन से अनुभव भी शामिल है। मैं डांटता हूं, दंडित करता हूं, लेकिन मैं खुद को कभी उन पर हाथ उठाने की अनुमति नहीं देता, और मैं किसी को भी अनुमति नहीं दूंगा (बच्चों के झगड़े की गिनती नहीं है)।
"एक मानव चेहरे के साथ किशोर। " इसके अलावा, मैं इजरायल की किशोर सेवाओं के बारे में बात करना चाहता हूं।
यहूदियों ने ऐतिहासिक रूप से पारिवारिक और पारिवारिक परंपराओं का सम्मान किया है, इसलिए किशोर कानूनों को शुरू में दुश्मनी के साथ इजरायल समाज द्वारा शुरू में स्वीकार किया गया था। सबसे पहले, सब कुछ सुचारू नहीं था, अधिकता और गालियां थीं, लेकिन कुछ वर्षों में एक इष्टतम प्रणाली विकसित की गईः
1। कार्यकारी अधिकारियों और न्यायपालिका द्वारा संरक्षकता की सामाजिक सेवाओं पर सबसे गंभीर नियंत्रण।
2। अनाथालयों की पूर्ण अनुपस्थिति, जो बच्चों को हटाने के सिस्टम को "व्यवसाय" में बदलना असंभव बना देती है।
3। पक्षपात की भावना के साथ अपने व्यवसाय की देखरेख करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता में बदलाव की मांग करने के लिए सामाजिक सेवाओं के क्षेत्र में पड़ने वाले एक परिवार का अधिकार।
4। सामाजिक सेवाओं के लिए विधायी आदेश, गरीब परिवारों के लिए "बच्चे की जरूरतों के लिए" वित्तीय सहित परिवार की अखंडता और सहायता उपकरणों की एक विस्तृत श्रृंखला को संरक्षित करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए। साथ ही बच्चे के विचारों को ध्यान में रखने की बाध्यता है।
5। बच्चे को गंभीर नुकसान के मामलों को छोड़कर माता-पिता के अधिकारों से वंचित करने की न्यायिक प्रथा। यहां तक कि शराबियों और नशा करने वालों के मामले में, पुनर्वास तक अस्थायी, अस्थायी है।
मैं सहमत हूं कि आज रूस में किशोर कानून अच्छे से अधिक नुकसान करेंगे, लेकिन मैं इस तथ्य पर ध्यान देना चाहता हूं कि मुख्य समस्या किशोर प्रणाली में ही नहीं है, बल्कि इसके आवेदन की जगह की स्थितियों में है।
उपसंहार। उन लोगों के लिए जो "मैं एक बेल्ट से पीटा गया था, लेकिन मैं एक आदमी होने के नाते बड़े हो गया था" की शैली में टिप्पणी लिखने जा रहा हूं, मैं एक साधारण सवाल पूछूंगाः फिर कोई अधिकारी / मालिक जो कम से कम बिजली की कमी के साथ संपन्न होता है, जो लगभग आप जैसे लोगों के पास जाता है?
और मैं उत्तर दूंगाः आपके अवचेतन में, वह "एक बेल्ट वाला पिता" है, जिसे आप अपने आप को विरोधाभास करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। रिफ्लेक्स!
| Страсти по поводу принятия ювенальных законов в РФ не могли оставить меня равнодушным, поскольку ювенальная система сыграла существенную роль в моем детстве и юношестве. Разочарую многих: вы не услышите от меня об «ужасах ювенального фашизма», я просто расскажу свою личную историю. मैं एक साधारण "सोवियत" परिवार में पैदा हुआ था, मेरे पिता एक इंजीनियर हैं, मेरी माँ एक प्लांट टेक्नोलॉजिस्ट, नॉन-ड्रिंकर, बुद्धिमान, आमतौर पर एक सामान्य परिवार है। शुरुआती वर्षों में मैं एक शांत, आज्ञाकारी बच्चा था, लेकिन सात के वर्षों में मेरा चरित्र बनने लगा, और यह आसान नहीं था। मैं अधिक अनधिकृत, बेचैन हो गया, किसी भी अवसर पर व्यक्तिगत दृष्टिकोण हासिल करना शुरू कर दिया। खैर, और, हमेशा की तरह, ऐसे मामलों में, मेरे पिता, सोवियत शिक्षा की सर्वश्रेष्ठ परंपराओं में, एक बेल्ट के साथ अवज्ञा की ऐसी ज्यादतियों का "इलाज" करने लगे। लेकिन कुछ गलत हुआः वांछित परिणामों के बजाय, इस तरह के "थेरेपी" के विपरीत परिणाम हुए। एक बच्चे के रूप में, मुझे अपने दुराचार का सार समझ में नहीं आया, और प्रत्येक "एक बेल्ट के साथ स्पष्टीकरण" ने मुझ में आक्रोश पैदा नहीं किया, और स्पष्टीकरण "किस" के लिए इस तरह की सजा के बाद दर्द और अपमान पर ध्यान केंद्रित चेतना द्वारा अनदेखा किया गया। समय के साथ, यह केवल बदतर हो गया, मेरी पढ़ाई डाउनहिल हो गई, मेरा व्यवहार उत्तेजित हो गया, नतीजतन, दंड अधिक बार हो गए। सड़क पर और स्कूल में, मैं अक्सर झगड़े में पड़ने लगा, यहां तक कि यह भी जानकर कि मुझे क्या मिलेगा, मैंने आधे-अधूरे आक्रोश से शुरुआत की। दूसरे शब्दों में, मैं एक मामूली समाजोपथ बन गया, जिसके साथ यार्ड गंदगी भी नहीं जीना चाहता था। जब मैं दस वर्ष का हो गया, तो मेरे माता-पिता ने मेरे भविष्य के बारे में गंभीरता से चिंता करना शुरू कर दिया और मेरी परवरिश की समस्याओं को हल करने के तरीकों की तलाश की, फिर भी, "जीवन देने वाली बेल्ट" की शक्ति में विश्वास करना जारी रखा। माँ ने मेरे वातावरण को मौलिक रूप से बदलने की पेशकश की। इस विचार के तहत, मेरे पिता को एक "यहूदी दादी" मिली, और हम . . . इज़राइल चले गए। बेशक, इस कदम से कुछ भी नहीं बदला। पर्यावरण वास्तव में बदल गया, लेकिन परिवार में "शिक्षा के सिद्धांत" समान रहे। बेशक, तब हममें से कोई भी इजरायली किशोर कानूनों के बारे में नहीं जानता था। सब कुछ संयोग से बदल गया, जब मैं पहले से ही ग्यारह साल का था। "बेल्ट थैरेपी" के अगले भाग के बाद मैं बाहर हो गयाः कुछ मेरे धैर्य से बह निकला। मैं चुपचाप घर से भाग गया। बेशक, मेरे माता-पिता ने उस शाम पुलिस को मेरे भागने के बारे में एक बयान दर्ज किया, और मुझे गश्ती अधिकारियों ने जल्दी से पकड़ लिया। यह वह जगह है जहां हमारे "किशोर दुनिया" के साथ परिचित शुरू हुआ। पुलिस ने मामले को सामाजिक सेवा को सौंप दिया, जहां हमें अगली सुबह आदेश देकर बुलाया गया। हमारी बात सुनने के बाद, सामाजिक कार्यकर्ता ने मेरे माता-पिता को "शारीरिक दंड" के निषेध के बारे में बताया और सप्ताह में एक बार परिवार के मनोवैज्ञानिक का दौरा करने का आदेश जारी किया। मेरे पिता लंबे समय से नाराज थे, ज़ाहिर है, "पारिवारिक मामलों में दखल" और "झोपड़ी से कूड़ा उठाने" के बारे में, लेकिन, सोवियत परवरिश के सही मायने में कानून का पालन करने वाले व्यक्ति के रूप में, उन्होंने सभी निर्देशों का कड़ाई से पालन किया। पहले हफ्ते में मैंने "स्वतंत्रता और अदूरदर्शिता" की भावना को प्रकट किया। हल्के ढंग से डालने के लिए, मैंने श्रृंखला को तोड़ दिया। एक हफ्ते तक मेरी हरकतों को झेलने के बाद, मेरे माता-पिता उसी सामाजिक कार्यकर्ता की ओर मुड़ गए, जिसने मुझे निराशा की वजह से "पापी भूमि में" लौटा दिया था। उन्होंने मुझे स्पष्ट रूप से समझाया कि मेरे व्यवहार से क्या अप्रिय परिणाम होते हैं। और एक मनोवैज्ञानिक के साथ पहली मुलाकात जिसने मुझे "स्कोर" करने का फैसला किया, पुलिस द्वारा अदालत के आदेश पर लाया गया था। हमारे परिवार के मनोवैज्ञानिक उसके शिल्प के स्वामी बन गए। उन्होंने हमारे सभी वर्गों में जाने की कोशिश भी नहीं की, लेकिन सचमुच दो साल में उन्होंने हमें लिस्टेन को पढ़ाया और, सबसे महत्वपूर्ण बात, एक दूसरे के दृष्टिकोण को ठीक किया और एक संवाद का संचालन किया। मेरे पिता ने विश्वास दिलाया कि मुझे "मेरी उम्र के कारण मेरी अपनी राय का अधिकार नहीं है," और मुझे एहसास हुआ कि वाक्यांश "क्योंकि मैंने ऐसा कहा था" मेरी आवश्यकताओं का स्पष्टीकरण नहीं है। उसने मुझे शब्दों में यह समझाने की कोशिश की कि मुझे दंडित करने के लिए एक वातानुकूलित पलटा विकसित करने की कोशिश करने के बजाय मुझे कैसे व्यवहार करना चाहिए। और मैं, बदले में, अपने माता-पिता के शब्दों में गहरी जड़ें वाले पूर्वाग्रह से छुटकारा पाया और "सींग को चालू करने" की आदत को बिना सुने। बेशक, हमने किसी भी माता-पिता और बच्चों की तरह झगड़ा किया, शाप दिया, लेकिन हमने बातचीत करना सीख लिया और आगे नहीं बढ़ पाए। और मैंने स्कूल और विश्वविद्यालय को "पूरी तरह से" समाप्त कर दिया। आज मैं एक वयस्क हूं, मेरे अपने "बेचैन" बच्चे हैं, लेकिन मैं एक अच्छा काम कर रहा हूं, जिसमें बचपन से अनुभव भी शामिल है। मैं डांटता हूं, दंडित करता हूं, लेकिन मैं खुद को कभी उन पर हाथ उठाने की अनुमति नहीं देता, और मैं किसी को भी अनुमति नहीं दूंगा । "एक मानव चेहरे के साथ किशोर। " इसके अलावा, मैं इजरायल की किशोर सेवाओं के बारे में बात करना चाहता हूं। यहूदियों ने ऐतिहासिक रूप से पारिवारिक और पारिवारिक परंपराओं का सम्मान किया है, इसलिए किशोर कानूनों को शुरू में दुश्मनी के साथ इजरायल समाज द्वारा शुरू में स्वीकार किया गया था। सबसे पहले, सब कुछ सुचारू नहीं था, अधिकता और गालियां थीं, लेकिन कुछ वर्षों में एक इष्टतम प्रणाली विकसित की गईः एक। कार्यकारी अधिकारियों और न्यायपालिका द्वारा संरक्षकता की सामाजिक सेवाओं पर सबसे गंभीर नियंत्रण। दो। अनाथालयों की पूर्ण अनुपस्थिति, जो बच्चों को हटाने के सिस्टम को "व्यवसाय" में बदलना असंभव बना देती है। तीन। पक्षपात की भावना के साथ अपने व्यवसाय की देखरेख करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता में बदलाव की मांग करने के लिए सामाजिक सेवाओं के क्षेत्र में पड़ने वाले एक परिवार का अधिकार। चार। सामाजिक सेवाओं के लिए विधायी आदेश, गरीब परिवारों के लिए "बच्चे की जरूरतों के लिए" वित्तीय सहित परिवार की अखंडता और सहायता उपकरणों की एक विस्तृत श्रृंखला को संरक्षित करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए। साथ ही बच्चे के विचारों को ध्यान में रखने की बाध्यता है। पाँच। बच्चे को गंभीर नुकसान के मामलों को छोड़कर माता-पिता के अधिकारों से वंचित करने की न्यायिक प्रथा। यहां तक कि शराबियों और नशा करने वालों के मामले में, पुनर्वास तक अस्थायी, अस्थायी है। मैं सहमत हूं कि आज रूस में किशोर कानून अच्छे से अधिक नुकसान करेंगे, लेकिन मैं इस तथ्य पर ध्यान देना चाहता हूं कि मुख्य समस्या किशोर प्रणाली में ही नहीं है, बल्कि इसके आवेदन की जगह की स्थितियों में है। उपसंहार। उन लोगों के लिए जो "मैं एक बेल्ट से पीटा गया था, लेकिन मैं एक आदमी होने के नाते बड़े हो गया था" की शैली में टिप्पणी लिखने जा रहा हूं, मैं एक साधारण सवाल पूछूंगाः फिर कोई अधिकारी / मालिक जो कम से कम बिजली की कमी के साथ संपन्न होता है, जो लगभग आप जैसे लोगों के पास जाता है? और मैं उत्तर दूंगाः आपके अवचेतन में, वह "एक बेल्ट वाला पिता" है, जिसे आप अपने आप को विरोधाभास करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। रिफ्लेक्स! |
नियमों की पूर्णता
सातवें पद्य में उसके स्थानपर पहुँचे और पहुँचा का 'हुँ' है जो कि मुतहर्रिक हैं । छठे पद्य के अरकान वे ही हैं जो पाँचवें और सातवें के हैं । इस लिए 'मफ़ाइलुन्' के 'लुन्' का स्थान वही है जो पद्य के पहुँ का स्थान है, न साकिन है, अतएव हुँ को भी साकिन होना चाहिये किन्तु वह मुतहर्रिक है । अतः सब पद्य सदोष हैं, जो कि बड़ेबड़े मान्य शायरों के हैं। किन्तु ध्वनि शुद्ध होने के कारण उन लोगों ने इधर दृष्टि नहीं दी है, और न देना चाहिये था, क्योंकि ध्वनि ही प्रधान वस्तु है । जब उर्दू के शोअरा ही उक्त नियम की उपेक्षा करते आये हैं तो हिन्दी में वह नियम कैसे ग्राह्य हो सकता है। मुख्य कर उस अवस्था में जब कि उसके नियम इस विषय में पूर्ण हैं । वास्तव बात यह है कि किसी शास्त्र का एक पारंगत विद्वान् नियम का पालक हो कर भी उसका परिष्कारक होता है और स्थानविशेष तथा उपयुक्त स्थलों पर समुचित स्वतंत्रता ग्रहण करने में भी संकुचित नहीं होता, चिरश्रभ्यस्त और अभ्यासपरायण में अन्तर होता है। प्रथम कभी-कभी स्वतंत्रता ग्रहण कर उन्मुक्त पथ का पथिक बनता है और एक आदर्श उपस्थित करता है। किन्तु द्वितीय का नियमित पथ पर सतर्क होकर चलना ही उसकी सिद्धि प्राप्ति का साधन होता है। अनेक सहृदय ध्वनि के सहारे ही ऐसी सुन्दर और निर्दोष कविता कर जाते हैं कि जैसी पिंगल-पथ में फूंक-फूँक कर पाँव रखनेवाला भी नहीं कर सकता, एक ऐसे ही सहृदय का यह कथन है - -
"शेर मी गोयम बेहज़ बेहयात ।
मन न दानम फ़ाइलातुन फ़ाइलात ।। "
हाली, अकबर और नासिख़ के उक्त पद्य कुछ ऐसे ही भावों के परिणाम हैं । | नियमों की पूर्णता सातवें पद्य में उसके स्थानपर पहुँचे और पहुँचा का 'हुँ' है जो कि मुतहर्रिक हैं । छठे पद्य के अरकान वे ही हैं जो पाँचवें और सातवें के हैं । इस लिए 'मफ़ाइलुन्' के 'लुन्' का स्थान वही है जो पद्य के पहुँ का स्थान है, न साकिन है, अतएव हुँ को भी साकिन होना चाहिये किन्तु वह मुतहर्रिक है । अतः सब पद्य सदोष हैं, जो कि बड़ेबड़े मान्य शायरों के हैं। किन्तु ध्वनि शुद्ध होने के कारण उन लोगों ने इधर दृष्टि नहीं दी है, और न देना चाहिये था, क्योंकि ध्वनि ही प्रधान वस्तु है । जब उर्दू के शोअरा ही उक्त नियम की उपेक्षा करते आये हैं तो हिन्दी में वह नियम कैसे ग्राह्य हो सकता है। मुख्य कर उस अवस्था में जब कि उसके नियम इस विषय में पूर्ण हैं । वास्तव बात यह है कि किसी शास्त्र का एक पारंगत विद्वान् नियम का पालक हो कर भी उसका परिष्कारक होता है और स्थानविशेष तथा उपयुक्त स्थलों पर समुचित स्वतंत्रता ग्रहण करने में भी संकुचित नहीं होता, चिरश्रभ्यस्त और अभ्यासपरायण में अन्तर होता है। प्रथम कभी-कभी स्वतंत्रता ग्रहण कर उन्मुक्त पथ का पथिक बनता है और एक आदर्श उपस्थित करता है। किन्तु द्वितीय का नियमित पथ पर सतर्क होकर चलना ही उसकी सिद्धि प्राप्ति का साधन होता है। अनेक सहृदय ध्वनि के सहारे ही ऐसी सुन्दर और निर्दोष कविता कर जाते हैं कि जैसी पिंगल-पथ में फूंक-फूँक कर पाँव रखनेवाला भी नहीं कर सकता, एक ऐसे ही सहृदय का यह कथन है - - "शेर मी गोयम बेहज़ बेहयात । मन न दानम फ़ाइलातुन फ़ाइलात ।। " हाली, अकबर और नासिख़ के उक्त पद्य कुछ ऐसे ही भावों के परिणाम हैं । |
राहुल द्रविड़ इंडिया सीमेंट के वैतनिक कर्मचारी हैं और बीसीसीआई संविधान के अनुसार कोई एक व्यक्ति एक समय में कई पदों पर नहीं रह सकता है. इससे यह पूर्व कप्तान हितों के टकराव के दायरे में आ जाता है.
द्रविड़ इंडिया सीमेंट के वैतनिक कर्मचारी हैं और बीसीसीआई संविधान के अनुसार कोई एक व्यक्ति एक समय में कई पदों पर नहीं रह सकता है. इससे यह पूर्व कप्तान हितों के टकराव के दायरे में आ जाता है.
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा,
बीसीसीआई लोकपाल न्यायमूर्ति डी के जैन ने एक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की. इसने द्रविड़ को औपचारिक रूप से पदभार लेने से पहले इंडिया सीमेंट्स से दूर रहने की सलाह दी.
एन. सी. ए. की रिपोर्ट मे कहा गया है कि पूर्व क्रिकेटर भारत 'ए', भारत अंडर -19 और यू -23 जैसी टीमों के साथ काम करना जारी रखेंगे, उन्हें कुछ ऐसे पदों के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू करने की भी उम्मीद जताई जा रही है. . रिपोर्ट में कहा गया है कि.
भारतीय टीम का दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 164 टेस्ट मैच खेले हैं और उसमे 13288 रन बनाए और उसमे 1655 चौके और और 21 छक्के हैं. वहीं बात अगर उनके एकदिवसीय क्रिकेट करियर की हो तो उन्होंने 344 मैचों में 10889 रन बनाए है इसमें उन्होंने 950 चौके और 42 छक्के लगाए है.
| राहुल द्रविड़ इंडिया सीमेंट के वैतनिक कर्मचारी हैं और बीसीसीआई संविधान के अनुसार कोई एक व्यक्ति एक समय में कई पदों पर नहीं रह सकता है. इससे यह पूर्व कप्तान हितों के टकराव के दायरे में आ जाता है. द्रविड़ इंडिया सीमेंट के वैतनिक कर्मचारी हैं और बीसीसीआई संविधान के अनुसार कोई एक व्यक्ति एक समय में कई पदों पर नहीं रह सकता है. इससे यह पूर्व कप्तान हितों के टकराव के दायरे में आ जाता है. बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, बीसीसीआई लोकपाल न्यायमूर्ति डी के जैन ने एक बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की. इसने द्रविड़ को औपचारिक रूप से पदभार लेने से पहले इंडिया सीमेंट्स से दूर रहने की सलाह दी. एन. सी. ए. की रिपोर्ट मे कहा गया है कि पूर्व क्रिकेटर भारत 'ए', भारत अंडर -उन्नीस और यू -तेईस जैसी टीमों के साथ काम करना जारी रखेंगे, उन्हें कुछ ऐसे पदों के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू करने की भी उम्मीद जताई जा रही है. . रिपोर्ट में कहा गया है कि. भारतीय टीम का दाएं हाथ के बल्लेबाज ने एक सौ चौंसठ टेस्ट मैच खेले हैं और उसमे तेरह हज़ार दो सौ अठासी रन बनाए और उसमे एक हज़ार छः सौ पचपन चौके और और इक्कीस छक्के हैं. वहीं बात अगर उनके एकदिवसीय क्रिकेट करियर की हो तो उन्होंने तीन सौ चौंतालीस मैचों में दस हज़ार आठ सौ नवासी रन बनाए है इसमें उन्होंने नौ सौ पचास चौके और बयालीस छक्के लगाए है. |
राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एडीजी एवं कार्यकारी प्रदेश डीजीपी सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने बुधवार को पुलिस थाना नगरोटा बगवां का दौरा किया । उनके साथ अभिषेक दुलर, आईपीएस डीआइजी उत्तरी रेंज और कांगड़ा पुलिस प्रमुख शालिनी अग्निहोत्री भी मौजूद रहीं। इस दौरान उन्होंने घरेलू हिंसा के खिलाफ कांगड़ा पुलिस की पहल प्रोजेक्ट घरेलू हिंसा व संस्थागत हिंसा और दुव्र्यवहार के खिलाफ योजना का लांचिंग की। उन्होंने पुलिस स्टेशन में नव स्थापित महिला हैल्प डेस्क का भी उद्घाटन किया। यह घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों शिकायतों को प्राप्त करने, निपटाने और उनका पालन करने के लिए एक व्यवस्थित और मजबूत तंत्र बनाने की एक पहल है। अक्सर महिला शिकायतकर्ता विशेष रूप से अपने पतियों या परिवार के सदस्यों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला शुरू करना पसंद नहीं करते हैं, लेकिन वे हिंसा के अंत की उम्मीद करते हैं।
पुलिस अधिकारियों को भी ऐसे मामलों से निपटने के बारे में स्पष्ट निर्देशों की आवश्यकता है, जो अक्सर जटिल होते हैं और समाज में प्रचलित सामाजिक सांस्कृतिक और वित्तीय मापदंडों से प्रभावित होते हैं। प्रोजेक्ट के बारे में कांगड़ा जिले में औसतन आईपीसी की धारा 498ए के तहत लगभग 40 मामले और धारा 306 आईपीसी के तहत पांच मामले दर्ज किए जाते हैं। हालांकि जिले में निपटाई जाने वाली घरेलू हिंसा और दुव्र्यवहार से संबंधित शिकायतों की संख्या लगभग 500 है। यह स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि इनमें से अधिकतर मामले आपराधिक मामले या अदालत से संबंधित मामलों के रूप में समाप्त नहीं होते हैं, बल्कि निपटाए जाते हैं। पुलिस स्टेशन स्तर पर आज तक इस परियोजना के तहत 75 ऐसे मामले दर्ज किए गए हैं।
| राज्य सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एडीजी एवं कार्यकारी प्रदेश डीजीपी सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने बुधवार को पुलिस थाना नगरोटा बगवां का दौरा किया । उनके साथ अभिषेक दुलर, आईपीएस डीआइजी उत्तरी रेंज और कांगड़ा पुलिस प्रमुख शालिनी अग्निहोत्री भी मौजूद रहीं। इस दौरान उन्होंने घरेलू हिंसा के खिलाफ कांगड़ा पुलिस की पहल प्रोजेक्ट घरेलू हिंसा व संस्थागत हिंसा और दुव्र्यवहार के खिलाफ योजना का लांचिंग की। उन्होंने पुलिस स्टेशन में नव स्थापित महिला हैल्प डेस्क का भी उद्घाटन किया। यह घरेलू हिंसा से संबंधित मामलों शिकायतों को प्राप्त करने, निपटाने और उनका पालन करने के लिए एक व्यवस्थित और मजबूत तंत्र बनाने की एक पहल है। अक्सर महिला शिकायतकर्ता विशेष रूप से अपने पतियों या परिवार के सदस्यों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला शुरू करना पसंद नहीं करते हैं, लेकिन वे हिंसा के अंत की उम्मीद करते हैं। पुलिस अधिकारियों को भी ऐसे मामलों से निपटने के बारे में स्पष्ट निर्देशों की आवश्यकता है, जो अक्सर जटिल होते हैं और समाज में प्रचलित सामाजिक सांस्कृतिक और वित्तीय मापदंडों से प्रभावित होते हैं। प्रोजेक्ट के बारे में कांगड़ा जिले में औसतन आईपीसी की धारा चार सौ अट्ठानवेए के तहत लगभग चालीस मामले और धारा तीन सौ छः आईपीसी के तहत पांच मामले दर्ज किए जाते हैं। हालांकि जिले में निपटाई जाने वाली घरेलू हिंसा और दुव्र्यवहार से संबंधित शिकायतों की संख्या लगभग पाँच सौ है। यह स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि इनमें से अधिकतर मामले आपराधिक मामले या अदालत से संबंधित मामलों के रूप में समाप्त नहीं होते हैं, बल्कि निपटाए जाते हैं। पुलिस स्टेशन स्तर पर आज तक इस परियोजना के तहत पचहत्तर ऐसे मामले दर्ज किए गए हैं। |
"विश्व मलेरिया दिवस" पहली बार 25 अप्रैल 2008 को मनाया गया। यूनिसेफ द्वारा इस दिन को मनाने का उद्देश्य मलेरिया जैसे रोग पर जनता का ध्यान केंद्रित करना था, जिससे हर साल लाखों लोग मरते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम चलाने से बहुत सी जानें बचाई जा सकती हैं। आप खुद से भी खास बातों का ध्यान रखकर मलेरिया से बच सकते हैं। हालांकि, मलेरिया जांच में पॉजिटिव आने पर डॉक्टर के कहे अनुसार ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। जहां तक खानपान का सवाल है, तो इसमें कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- मलेरिया होने पर पीड़ित व्यक्ति को सेब खिलाने से लाभ होता है।
- पीपल के चूर्ण को शहद में मिलाकर खिलाएं। मलेरिया के बुखार में आराम मिलेगा।
- मलेरिया होने पर पीड़ित व्यक्ति को सादा खाना जैसे खिचड़ी, दलिया, साबूदाना खाने के लिए दें। ये पचने में आसान और पौष्टिक भी होते हैं।
- नींबू आधा टुकड़ा लेकर उसके ऊपर काली मिर्च पाउडर और काला नमक डालकर चूसने के लिए दें। मुंह का स्वाद ठीक होगा।
- मलेरिया में अमरूद खाना भी हेल्दी माना गया है।
- तुलसी के पत्ते और काली मिर्च को पानी में उबालें। इसे छानकर पीने के लिए दें।
- ठंडा पानी ना पीने दें और ना ही ठंडे पानी से स्नान करने दें।
- आम, अनार, लीची, अनानास, संतरा जैसे फल ना खिलाएं।
- एसी में ना रहने दें। सामान्य तापमान में रहना ही सेहत के लिए ठीक है।
- दही, शिकंजी, गाजर, मूली आदि खाना हानिकारक हो सकता है।
- मिर्च-मसाले और अम्ल रस से बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
-मच्छरों को घर के अंदर या घर के आसपास ना पनपने दें। आसपास सफाई का ध्यान रखें। घर के पास पानी जमा ना होने दें, इससे मच्छर पनपते हैं। नालियों की सफाई करवाएं। कूलर का पानी बदलते रहें। पीने के पानी को ढककर रखें।
-घर, गार्डन, बालकनी, छत पर समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करवाते रहें। घर में पौधे लगे हुए हैं, तो उन पर भी कीटनाशक का छिड़काव करवाएं।
- मच्छर आपको काट ना सकें, इसके लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
- मच्छर भगाने वाली क्रीम और स्प्रे का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद है।
Total Wellness is now just a click away.
| "विश्व मलेरिया दिवस" पहली बार पच्चीस अप्रैल दो हज़ार आठ को मनाया गया। यूनिसेफ द्वारा इस दिन को मनाने का उद्देश्य मलेरिया जैसे रोग पर जनता का ध्यान केंद्रित करना था, जिससे हर साल लाखों लोग मरते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम चलाने से बहुत सी जानें बचाई जा सकती हैं। आप खुद से भी खास बातों का ध्यान रखकर मलेरिया से बच सकते हैं। हालांकि, मलेरिया जांच में पॉजिटिव आने पर डॉक्टर के कहे अनुसार ही दवाओं का सेवन करना चाहिए। जहां तक खानपान का सवाल है, तो इसमें कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। - मलेरिया होने पर पीड़ित व्यक्ति को सेब खिलाने से लाभ होता है। - पीपल के चूर्ण को शहद में मिलाकर खिलाएं। मलेरिया के बुखार में आराम मिलेगा। - मलेरिया होने पर पीड़ित व्यक्ति को सादा खाना जैसे खिचड़ी, दलिया, साबूदाना खाने के लिए दें। ये पचने में आसान और पौष्टिक भी होते हैं। - नींबू आधा टुकड़ा लेकर उसके ऊपर काली मिर्च पाउडर और काला नमक डालकर चूसने के लिए दें। मुंह का स्वाद ठीक होगा। - मलेरिया में अमरूद खाना भी हेल्दी माना गया है। - तुलसी के पत्ते और काली मिर्च को पानी में उबालें। इसे छानकर पीने के लिए दें। - ठंडा पानी ना पीने दें और ना ही ठंडे पानी से स्नान करने दें। - आम, अनार, लीची, अनानास, संतरा जैसे फल ना खिलाएं। - एसी में ना रहने दें। सामान्य तापमान में रहना ही सेहत के लिए ठीक है। - दही, शिकंजी, गाजर, मूली आदि खाना हानिकारक हो सकता है। - मिर्च-मसाले और अम्ल रस से बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। -मच्छरों को घर के अंदर या घर के आसपास ना पनपने दें। आसपास सफाई का ध्यान रखें। घर के पास पानी जमा ना होने दें, इससे मच्छर पनपते हैं। नालियों की सफाई करवाएं। कूलर का पानी बदलते रहें। पीने के पानी को ढककर रखें। -घर, गार्डन, बालकनी, छत पर समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करवाते रहें। घर में पौधे लगे हुए हैं, तो उन पर भी कीटनाशक का छिड़काव करवाएं। - मच्छर आपको काट ना सकें, इसके लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। - मच्छर भगाने वाली क्रीम और स्प्रे का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद है। Total Wellness is now just a click away. |
सेक्सहॉलिक स्टार शमा सिकंदर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और वह अपने इंस्टाग्राम पोस्ट से फैंस के होश उड़ाती रहती हैं। शमा सिकंदर इंस्टाग्राम पर हॉट एंड सेक्सी वीडियो और फोटो पोस्ट करने के लिए जानी जाती हैं। शमा सिकंदर ने अपने दुबई वेकेशन की कुछ हॉट फोटोज और वीडियो पोस्ट किया है।
रविवार को दुबई में क्वालिटी टाइम एन्जॉय करते हुए शमा सिकंदर ने ब्लैक बिकिनी में कुछ सेक्सी फोटोज शेयर की हैं। शमा सिकंदर ने ब्लैक बिकिनी पहने बीच पर अलग-अलग पोज दिए।
शमा सिकंदर के फैंस ने सुंदर एक्ट्रेस के लिए अपने प्यार का इजहार करने के लिए कमेंट सेक्शन में ले जाते हुए कुछ ही समय में यह पोस्ट वायरल हो गई। "एक ने कमेंट की, "बिकनी में पूरी तरह से कातिलाना! " किसी और ने कहा, "अच्छी लग रही है और स्टाइलिश! दुबई में आपका स्वागत है! "
शमा सिकंदर ने 2019 में अपनी फिल्म `बाईपास रोड` की रिलीज के बाद एक्टिंग से ब्रेक ले लिया था। शमा सिकंदर अगली बार बड़ी स्क्रीन पर दीपक तिजोरी की `टिप्पी` में नजर आएंगी। इस साल रिलीज होने वाली इस फिल्म में राय लक्ष्मी, ईशा गुप्ता, डेजी शाह और कायनात अरोड़ा भी लीड रोल में हैं।
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| सेक्सहॉलिक स्टार शमा सिकंदर सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और वह अपने इंस्टाग्राम पोस्ट से फैंस के होश उड़ाती रहती हैं। शमा सिकंदर इंस्टाग्राम पर हॉट एंड सेक्सी वीडियो और फोटो पोस्ट करने के लिए जानी जाती हैं। शमा सिकंदर ने अपने दुबई वेकेशन की कुछ हॉट फोटोज और वीडियो पोस्ट किया है। रविवार को दुबई में क्वालिटी टाइम एन्जॉय करते हुए शमा सिकंदर ने ब्लैक बिकिनी में कुछ सेक्सी फोटोज शेयर की हैं। शमा सिकंदर ने ब्लैक बिकिनी पहने बीच पर अलग-अलग पोज दिए। शमा सिकंदर के फैंस ने सुंदर एक्ट्रेस के लिए अपने प्यार का इजहार करने के लिए कमेंट सेक्शन में ले जाते हुए कुछ ही समय में यह पोस्ट वायरल हो गई। "एक ने कमेंट की, "बिकनी में पूरी तरह से कातिलाना! " किसी और ने कहा, "अच्छी लग रही है और स्टाइलिश! दुबई में आपका स्वागत है! " शमा सिकंदर ने दो हज़ार उन्नीस में अपनी फिल्म `बाईपास रोड` की रिलीज के बाद एक्टिंग से ब्रेक ले लिया था। शमा सिकंदर अगली बार बड़ी स्क्रीन पर दीपक तिजोरी की `टिप्पी` में नजर आएंगी। इस साल रिलीज होने वाली इस फिल्म में राय लक्ष्मी, ईशा गुप्ता, डेजी शाह और कायनात अरोड़ा भी लीड रोल में हैं। Copyright @ दो हज़ार तेईस Samachar Jagat, Jaipur. All Right Reserved. |
पिछले कुछ महीनों में भारतीय सेना ने अपने जवानों द्वारा इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल को लेकर एक और एडवाइजरी जारी की है। मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने एक बयान में कहा, विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, चीनी डिवेलपर्स द्वारा बनाए गए कई एंड्रॉयड/आईओएस ऐप्स के कथित तौर पर जासूसी करने और मैलेशियस वेयर होने का पता चला है। हमारे सैनिकों द्वारा इन ऐप्स के इस्तेमाल से डाटा की सुरक्षा संबंधी समस्या हो सकती है। सरकार ने इस सूची में 41 चीनी ऐप्स के नाम शामिल किए हैं। वाइरस क्लीनर, सीएम ब्राउजर, वॉल्ट हाइड, कैचक्लियर डीयू ऐप्स स्टूडियो, डीयू ब्राउजर, वीचैट, यूसी न्यूज, यूसी ब्राउजर को सरकार ने खतरनाक श्रेणी में रखा है। यूकैम मेकअप भी डेंजरस लिस्ट में शुमार है। न्यूज डॉग, पैरेलिल स्पेस, वीवा वीडियो, क्यूयू विडियो इंक, एपीयूएस ब्राउजर, प्रफेक्ट क्रॉप भी खतरनाक ऐप की लिस्ट में शामिल है। क्यूक्यू इंटरनेशनल, क्यूक्यू म्यूजिक, क्यूक्यूमेल, क्यूक्यू प्लेयर, क्यूक्यू न्यूजफीड, क्यूक्यू सिक्योरिटी सेंटर, क्यूक्यू लांचर, न्यूज डॉग को डाउनलोड करने से बचने की सलाह है। श्याओमी भी सुरक्षित नहीं है। मी कम्युनिटी (श्याओमी), मी स्टोर, मी वीडियो कॉल आदि भी डेंजरस लिस्ट में शामिल हैं। मेल मास्टर, डीयू रिकार्डर, डीयू बैटरी सर्वर, डीयू क्लीनर, डीयू प्रिवेसी, बायदू मैप, बायदू ट्रांसलेट, ब्यूटीप्लस 360 सिक्योरिटी, क्लीन मास्टर, चीता मोबाइल आदि ऐप्स भी डेटा के लिए सुरक्षित नहीं हैं।
| पिछले कुछ महीनों में भारतीय सेना ने अपने जवानों द्वारा इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल को लेकर एक और एडवाइजरी जारी की है। मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस ने एक बयान में कहा, विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, चीनी डिवेलपर्स द्वारा बनाए गए कई एंड्रॉयड/आईओएस ऐप्स के कथित तौर पर जासूसी करने और मैलेशियस वेयर होने का पता चला है। हमारे सैनिकों द्वारा इन ऐप्स के इस्तेमाल से डाटा की सुरक्षा संबंधी समस्या हो सकती है। सरकार ने इस सूची में इकतालीस चीनी ऐप्स के नाम शामिल किए हैं। वाइरस क्लीनर, सीएम ब्राउजर, वॉल्ट हाइड, कैचक्लियर डीयू ऐप्स स्टूडियो, डीयू ब्राउजर, वीचैट, यूसी न्यूज, यूसी ब्राउजर को सरकार ने खतरनाक श्रेणी में रखा है। यूकैम मेकअप भी डेंजरस लिस्ट में शुमार है। न्यूज डॉग, पैरेलिल स्पेस, वीवा वीडियो, क्यूयू विडियो इंक, एपीयूएस ब्राउजर, प्रफेक्ट क्रॉप भी खतरनाक ऐप की लिस्ट में शामिल है। क्यूक्यू इंटरनेशनल, क्यूक्यू म्यूजिक, क्यूक्यूमेल, क्यूक्यू प्लेयर, क्यूक्यू न्यूजफीड, क्यूक्यू सिक्योरिटी सेंटर, क्यूक्यू लांचर, न्यूज डॉग को डाउनलोड करने से बचने की सलाह है। श्याओमी भी सुरक्षित नहीं है। मी कम्युनिटी , मी स्टोर, मी वीडियो कॉल आदि भी डेंजरस लिस्ट में शामिल हैं। मेल मास्टर, डीयू रिकार्डर, डीयू बैटरी सर्वर, डीयू क्लीनर, डीयू प्रिवेसी, बायदू मैप, बायदू ट्रांसलेट, ब्यूटीप्लस तीन सौ साठ सिक्योरिटी, क्लीन मास्टर, चीता मोबाइल आदि ऐप्स भी डेटा के लिए सुरक्षित नहीं हैं। |
एएनएम न्यूज़, ब्यूरोः पश्चिम बंगाल (West Bengal) में पंचायत चुनाव 2023 (Panchayat Election 2023) आठ जुलाई को होंगे। हालांकि इस पंचायत चुनाव से पहले बंगाल के कई ज़िलों में चुनावी हिंसा भड़क चुकी है। खासकर भांगड़ (Bhangar) में, जहाँ आए दिन हिंसा की खबरे आती है। पंचायत चुनाव के लिए गुरुवार को नामांकन पत्र जमा करने का अंतिम दिन था। हालांकि एक बार फिर भांगड़ रणक्षेत्र का रूप धारण कर लिया। भांगड़ में तृणमूल-आईएसएफ (ISF) संघर्ष हिंसक हो गया। तृणमूल विधायक शौकत मोल्ला ने दावा किया कि झड़प में तृणमूल (TMC) के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई।
| एएनएम न्यूज़, ब्यूरोः पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव दो हज़ार तेईस आठ जुलाई को होंगे। हालांकि इस पंचायत चुनाव से पहले बंगाल के कई ज़िलों में चुनावी हिंसा भड़क चुकी है। खासकर भांगड़ में, जहाँ आए दिन हिंसा की खबरे आती है। पंचायत चुनाव के लिए गुरुवार को नामांकन पत्र जमा करने का अंतिम दिन था। हालांकि एक बार फिर भांगड़ रणक्षेत्र का रूप धारण कर लिया। भांगड़ में तृणमूल-आईएसएफ संघर्ष हिंसक हो गया। तृणमूल विधायक शौकत मोल्ला ने दावा किया कि झड़प में तृणमूल के एक कार्यकर्ता की मौत हो गई। |
बॉलीवुड की बोल्ड एक्ट्रेस में गिनी जाने वाली मल्लिका शेरावत पिछले काफी दिनों से चर्चा का विषय बनी हुई है. हाल ही में उन्होंने थोड़े समय के लिए देश छोड़ने पर अपना दुख जाहिर किया है. एक्ट्रेस ने मीडिया से लेकर महिलाओं के वर्ग पर कई तरह के आरोप लगाए है. एक्ट्रेस का कहना है कि, चाहे उन्होंने फिल्मों में कितने ही बोल्ड और किस सीन दिए हो. मगर उन्होंने कभी भी अपनी 'नैतिकताओं और सिद्धांतों' से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया है. इतना ही नहीं एक्ट्रेस ने सेक्सुअली प्रपोज को लेकर भी काफी बड़ा खुलासा किया है.
मल्लिका शेरावत ने हाल ही में एक निजी वेबसाइट को दिए अपने इंटरव्यू में कई खुलासे किये. जब उनसे पूछा गया कि क्या इंडस्ट्री में किसी मेल ने उन्हें सेक्सुअली प्रपोज किया है, तो उन्होंने कहा कि जिस इमेज को उन्होंने अपने लिए बनाया है, उसके कारण लोग उनके करीब नहीं आए. साथ ही एक्ट्रेस ने कहा कि, मैंने इसका बहुत ज्यादा सामना नहीं किया है, लेकिन मुझे लगता है कि शायद सभी मुझसे डरते थे. मुझे इस तरह के प्रपोजल करने से पहले मेरे ख्याल से डर जाते होंगे.
एक्ट्रेस ने बताया कि लोगों को लगता था कि वह काफी बोल्ड है. इसलिए जो मेरी इमेज थी इसने भी एक निश्चित तरीके से मेरी मदद की. वहीं जब उनसे एक प्रश्न पूछा गया कि, क्या उन्होंने सक्रिय रूप से उन लोगों से 'दूर' रहने की कोशिश की है, जो उन पर गलत नजर रखते थे. इसके जवाब में मल्लिका ने कहा कि मैंने हमेशा ऐसा किया है, क्योंकि ये चीज़े तब होती है जब आप खुद को उसमें डालते हैं. उन्होंने कहा, मैं कभी भी बॉलीवुड की पार्टियों में नहीं गई. मैं कभी भी किसी फिल्म मेकर या डायरेक्टर से रात में होटल के कमरे में या रात में ऑफिस में नहीं मिली हूँ.
मल्लिका शेरावत ने इसके साथ ही कहा कि मैंने खुद को इन चीजों से दूर रखा था. मैंने बस यही सोच कर काम किया कि जो मेरी किस्मत में है वह मेरे पास आएगा. अब मुझे ये सब करने की जरुरत नहीं है. वहीं एक्ट्रेस ने बिना किसी स्टार का नाम लिए कहा कि, कई पॉपुलर स्टार्स के इशारे पर उनके कई बड़े फिल्मी प्रोजेक्ट्स किसी और को दें दिए गए.
एक्ट्रेस ने इसके साथ ही कई सनसनीखेज खुलासे भी किये. उनके मुताबिक उन्हें कई प्रोजेक्टस से बाहर कर दिया गया, क्योंकि हीरो कहते थे कि तुम मेरे साथ इंटीमेंट क्यों नहीं हो सकती. जब आप ये सब स्क्रीन पर कर सकते है तो निजी तौर पर करने में क्या समस्या है. इसी वजह से मैंने बहुत सारे प्रोजेक्ट खो दिए हैं.
ये बताता है कि हमारे देश में आज भी महिलाओं के साथ कैसे डील होती है. मल्लिका शेरावत ने हिंदी फिल्मों में 'ख्वाहिश', 'मर्डर', 'बचके रहना रे बाबा', 'प्यार के साइड एफ्फेक्ट्स', 'वेलकम', 'डबल धमाल', 'आप का सुरूर' जैसी बड़ी फिल्मो में काम किया है.
| बॉलीवुड की बोल्ड एक्ट्रेस में गिनी जाने वाली मल्लिका शेरावत पिछले काफी दिनों से चर्चा का विषय बनी हुई है. हाल ही में उन्होंने थोड़े समय के लिए देश छोड़ने पर अपना दुख जाहिर किया है. एक्ट्रेस ने मीडिया से लेकर महिलाओं के वर्ग पर कई तरह के आरोप लगाए है. एक्ट्रेस का कहना है कि, चाहे उन्होंने फिल्मों में कितने ही बोल्ड और किस सीन दिए हो. मगर उन्होंने कभी भी अपनी 'नैतिकताओं और सिद्धांतों' से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया है. इतना ही नहीं एक्ट्रेस ने सेक्सुअली प्रपोज को लेकर भी काफी बड़ा खुलासा किया है. मल्लिका शेरावत ने हाल ही में एक निजी वेबसाइट को दिए अपने इंटरव्यू में कई खुलासे किये. जब उनसे पूछा गया कि क्या इंडस्ट्री में किसी मेल ने उन्हें सेक्सुअली प्रपोज किया है, तो उन्होंने कहा कि जिस इमेज को उन्होंने अपने लिए बनाया है, उसके कारण लोग उनके करीब नहीं आए. साथ ही एक्ट्रेस ने कहा कि, मैंने इसका बहुत ज्यादा सामना नहीं किया है, लेकिन मुझे लगता है कि शायद सभी मुझसे डरते थे. मुझे इस तरह के प्रपोजल करने से पहले मेरे ख्याल से डर जाते होंगे. एक्ट्रेस ने बताया कि लोगों को लगता था कि वह काफी बोल्ड है. इसलिए जो मेरी इमेज थी इसने भी एक निश्चित तरीके से मेरी मदद की. वहीं जब उनसे एक प्रश्न पूछा गया कि, क्या उन्होंने सक्रिय रूप से उन लोगों से 'दूर' रहने की कोशिश की है, जो उन पर गलत नजर रखते थे. इसके जवाब में मल्लिका ने कहा कि मैंने हमेशा ऐसा किया है, क्योंकि ये चीज़े तब होती है जब आप खुद को उसमें डालते हैं. उन्होंने कहा, मैं कभी भी बॉलीवुड की पार्टियों में नहीं गई. मैं कभी भी किसी फिल्म मेकर या डायरेक्टर से रात में होटल के कमरे में या रात में ऑफिस में नहीं मिली हूँ. मल्लिका शेरावत ने इसके साथ ही कहा कि मैंने खुद को इन चीजों से दूर रखा था. मैंने बस यही सोच कर काम किया कि जो मेरी किस्मत में है वह मेरे पास आएगा. अब मुझे ये सब करने की जरुरत नहीं है. वहीं एक्ट्रेस ने बिना किसी स्टार का नाम लिए कहा कि, कई पॉपुलर स्टार्स के इशारे पर उनके कई बड़े फिल्मी प्रोजेक्ट्स किसी और को दें दिए गए. एक्ट्रेस ने इसके साथ ही कई सनसनीखेज खुलासे भी किये. उनके मुताबिक उन्हें कई प्रोजेक्टस से बाहर कर दिया गया, क्योंकि हीरो कहते थे कि तुम मेरे साथ इंटीमेंट क्यों नहीं हो सकती. जब आप ये सब स्क्रीन पर कर सकते है तो निजी तौर पर करने में क्या समस्या है. इसी वजह से मैंने बहुत सारे प्रोजेक्ट खो दिए हैं. ये बताता है कि हमारे देश में आज भी महिलाओं के साथ कैसे डील होती है. मल्लिका शेरावत ने हिंदी फिल्मों में 'ख्वाहिश', 'मर्डर', 'बचके रहना रे बाबा', 'प्यार के साइड एफ्फेक्ट्स', 'वेलकम', 'डबल धमाल', 'आप का सुरूर' जैसी बड़ी फिल्मो में काम किया है. |
लखनऊः उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के साथ हुए गठबंधन का असर कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में भी दिखाई दिया। घोषणा पत्र में किसानों, युवाओं और महिलाओं को लुभाने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर छात्राओं को साइकिल देने का भी वादा किया गया है। घोषणा पत्र कांग्रेस के राजधानी लखनऊ स्थित मुख्यालय में जारी किया गया। घोषणा पत्र जारी करते समय कांग्रेस उप्र प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, कांग्रेस के उप्र प्रभारी गुलाम नबी आजाद, पी. एल. पुनिया और शीला दीक्षित भी मौजूद थीं।
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घोषणा पत्र जारी करते हुए पार्टी के अध्यक्ष राजबब्बर ने बताया, "चुनाव जीतने पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए एक जिले में तीन महिला पुलिस थाने खोले जाएंगे। " वहीं, मनरेगा के तहत 150 दिनों का काम भी देने का वादा पार्टी ने किया है। राजब्बर ने बताया, "घोषणा पत्र में किसानों का बिजली आधा किया जाएगा और नौ से 12 तक के बच्चों को मुफ्त में साइकिल दी जाएगी। चीनी मिलों को बेहतर स्थिति में लाने का प्रयास किया जाएगा। "
उन्होंने कहा, "खाद्य सुरक्षा विधयेक पर भी काम किया जाएगा और राज्य को सांप्रदायिक व बांटने वाली ताकतों से रक्षा की जाएगी। वाराणसी के बुनकर बस्तियों, भदोही के कालीन उद्योग, लखनऊ चिकन कारीगरों के लिए विशेष विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा। " कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि घोषणा पत्र में कांग्रेस की प्रतिबद्धता है। किसान यात्राओं के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के समक्ष जो समस्याएं आईं उनपर ध्यान केंद्रित करते हुए यह घोषणापत्र तैयार किया गया है। इस घोषणा पत्र में सभी वर्गो का ध्यान रखा गया है।
कांग्रेस के उप्र प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा, "अगर सत्ता में आए तो महिलाओं के लिए पुलिस थाने बनाए जाएंगे। जेलों में सुधार किया जाएगा। दलितों एवं गरीबों की मदद की जाएगी और सस्ती बिजली देने का काम किया जाएगा। " इसमें पार्टी ने उप्र चुनाव जीतने के बाद छात्राओं को साइकिल देने का वादा किया है। इसके अलावा पार्टी ने घोषणा पत्र में महिलाओं को पंचायत चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण देने का भी वादा किया है।
गौरतलब है कि उप्र विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस का गठबंधन है। सपा ने कांग्रेस को 105 सीटें दी हैं। वहीं सपा बाकी की 298 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
| लखनऊः उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के साथ हुए गठबंधन का असर कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र में भी दिखाई दिया। घोषणा पत्र में किसानों, युवाओं और महिलाओं को लुभाने पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर छात्राओं को साइकिल देने का भी वादा किया गया है। घोषणा पत्र कांग्रेस के राजधानी लखनऊ स्थित मुख्यालय में जारी किया गया। घोषणा पत्र जारी करते समय कांग्रेस उप्र प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, कांग्रेस के उप्र प्रभारी गुलाम नबी आजाद, पी. एल. पुनिया और शीला दीक्षित भी मौजूद थीं। घोषणा पत्र जारी करते हुए पार्टी के अध्यक्ष राजबब्बर ने बताया, "चुनाव जीतने पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए एक जिले में तीन महिला पुलिस थाने खोले जाएंगे। " वहीं, मनरेगा के तहत एक सौ पचास दिनों का काम भी देने का वादा पार्टी ने किया है। राजब्बर ने बताया, "घोषणा पत्र में किसानों का बिजली आधा किया जाएगा और नौ से बारह तक के बच्चों को मुफ्त में साइकिल दी जाएगी। चीनी मिलों को बेहतर स्थिति में लाने का प्रयास किया जाएगा। " उन्होंने कहा, "खाद्य सुरक्षा विधयेक पर भी काम किया जाएगा और राज्य को सांप्रदायिक व बांटने वाली ताकतों से रक्षा की जाएगी। वाराणसी के बुनकर बस्तियों, भदोही के कालीन उद्योग, लखनऊ चिकन कारीगरों के लिए विशेष विकास बोर्ड का गठन किया जाएगा। " कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि घोषणा पत्र में कांग्रेस की प्रतिबद्धता है। किसान यात्राओं के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के समक्ष जो समस्याएं आईं उनपर ध्यान केंद्रित करते हुए यह घोषणापत्र तैयार किया गया है। इस घोषणा पत्र में सभी वर्गो का ध्यान रखा गया है। कांग्रेस के उप्र प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा, "अगर सत्ता में आए तो महिलाओं के लिए पुलिस थाने बनाए जाएंगे। जेलों में सुधार किया जाएगा। दलितों एवं गरीबों की मदद की जाएगी और सस्ती बिजली देने का काम किया जाएगा। " इसमें पार्टी ने उप्र चुनाव जीतने के बाद छात्राओं को साइकिल देने का वादा किया है। इसके अलावा पार्टी ने घोषणा पत्र में महिलाओं को पंचायत चुनाव में पचास फीसदी आरक्षण देने का भी वादा किया है। गौरतलब है कि उप्र विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन है। सपा ने कांग्रेस को एक सौ पाँच सीटें दी हैं। वहीं सपा बाकी की दो सौ अट्ठानवे विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। |
पाँचवाँ अध्याय मौर्य और शुंग युग की काशी
तुमरे अध्याय में हम देख चुके है कि काशी और मगध में किस प्रकार सवध वढा । महाकोमल ने अपनी कन्या का विवाह विविसार (५४३-४९१ ई०पू० ) के साथ करके काशिग्राम (कतवार ) जिनको आमदनी एक लाख सालान। थी अपनी कन्या को महाचुण्णमूल (जा० २१८०३) ( दहेज ) में दे दिया । अजातशत्रु (४९१ - ४५९ ई० पू० ) ने अपने पिता की हत्या कर डाली। जान पडता है अजातशत्रु की इस करनी ने शुद्ध होकर कोसलगज प्रमेनजित् ने उने काशिग्राम की आमदनी देनी वद कर दी। फिर क्या था, आपन में लडाई छिड गयी जिसमें प्रसेनजित् को तीन वार हार खानी पड़ी पर चोयी वार शकटव्यूह की रचना कर उमने अजातशत्रु को हराकर कैद कर लिया। पर कुछ ही दिनो वाद प्रमेनजित् ने अजातशत्रु को मुक्त कर दिया और उसके साथ अपनी कन्या बजिरा ला व्याह करके चूर्णमूल में काशी ग्राम भी उसे दे दिया।
प्रसेनजित् के बाद काशि-कोसल का राजा विडूडभ हुआ जिसने बदला लेने के लिए शाक्यो को समूल नष्ट कर दिया। विडूडभ के बाद कोमल के किमी राजा का नाम न मिलने ने यह पता चलता है कि काशि-कोसल की स्वतंत्र सत्ता नष्ट हो चुकी थी और वह मगध के बढ़ते हुए साम्राज्य में मिला लिया गया था। शायद यह घटना अजातशत्रु के अन्तिम दिनों में घटी हो । अजातनत्रु के बाद उसका पुत्र उदयभद्र या उदायिन् (४५९-४४३ ई० पू० ) मगध की गद्दी पर बैठा और उसने पाटलिपुत्र को अपनी राजवानी बनाया । इसके बाद मुड (४४३-४३५ ई०पू०) और उसके बाद नागदालक (४३५ - ४१० ई० पू०) जो पुराणों के दर्शक हो सकते हैं, ये मगघ की गद्दी पर आये । महावय के अनुसार अजातनत्रु से लेकर नागदासक तक मगव के राजा पितृहता थे। उनके के इस अनाचार से क्रुद्ध होकर प्रजा ने नागदासक के अमात्य सुमुनाग की महायता कर एक नये राजवंश की स्थापना करायी । भाडारकर की राय में सुसुनाग किसी राजा का नाम न होकर नागवश की एक शाखा का नाम था और इसलिए नवीन वश कोई दूसरा न होकर विवसार के नागवश की केवल एक शाखा थी। पुराण हमें सूचित करते हैं कि शिशुनाग ने प्रद्योतवन को नीचा दिलाया, अपने पुत्र को वाराणमी का राजा बनाया तया गिरिव्रज अपनी राजधानी वनायी । शिशुनाग ने वाराणसी में जो अपने पुत्र को बैठाया इसके दो अर्थ हो सकते है । एक तो यह कि उस समय तक अर्थात् नागदासक के समय तक वाराणसी में किसी राजा को सत्ता थी जिसको शिशुनाग ने उसाड फेंका अथवा वाराणसी की ऐसी सामरिक और राजनीतिक महत्ता थी कि वहाँ अपनी सत्ता स्थापित करने के लिए शिशुनाग ने स्वयं अपने पुत्र को भेजना आवश्यक समझा
(जा० ६४१६५-६६, गा० ७५२-५९) वनारस पर एक नाम राजा के धावे का उल्लेख
१ भाडारकर, कार्माइकेल लेक्चर्न, पृ ८०-८१ | पाँचवाँ अध्याय मौर्य और शुंग युग की काशी तुमरे अध्याय में हम देख चुके है कि काशी और मगध में किस प्रकार सवध वढा । महाकोमल ने अपनी कन्या का विवाह विविसार के साथ करके काशिग्राम जिनको आमदनी एक लाख सालान। थी अपनी कन्या को महाचुण्णमूल में दे दिया । अजातशत्रु ने अपने पिता की हत्या कर डाली। जान पडता है अजातशत्रु की इस करनी ने शुद्ध होकर कोसलगज प्रमेनजित् ने उने काशिग्राम की आमदनी देनी वद कर दी। फिर क्या था, आपन में लडाई छिड गयी जिसमें प्रसेनजित् को तीन वार हार खानी पड़ी पर चोयी वार शकटव्यूह की रचना कर उमने अजातशत्रु को हराकर कैद कर लिया। पर कुछ ही दिनो वाद प्रमेनजित् ने अजातशत्रु को मुक्त कर दिया और उसके साथ अपनी कन्या बजिरा ला व्याह करके चूर्णमूल में काशी ग्राम भी उसे दे दिया। प्रसेनजित् के बाद काशि-कोसल का राजा विडूडभ हुआ जिसने बदला लेने के लिए शाक्यो को समूल नष्ट कर दिया। विडूडभ के बाद कोमल के किमी राजा का नाम न मिलने ने यह पता चलता है कि काशि-कोसल की स्वतंत्र सत्ता नष्ट हो चुकी थी और वह मगध के बढ़ते हुए साम्राज्य में मिला लिया गया था। शायद यह घटना अजातशत्रु के अन्तिम दिनों में घटी हो । अजातनत्रु के बाद उसका पुत्र उदयभद्र या उदायिन् मगध की गद्दी पर बैठा और उसने पाटलिपुत्र को अपनी राजवानी बनाया । इसके बाद मुड और उसके बाद नागदालक जो पुराणों के दर्शक हो सकते हैं, ये मगघ की गद्दी पर आये । महावय के अनुसार अजातनत्रु से लेकर नागदासक तक मगव के राजा पितृहता थे। उनके के इस अनाचार से क्रुद्ध होकर प्रजा ने नागदासक के अमात्य सुमुनाग की महायता कर एक नये राजवंश की स्थापना करायी । भाडारकर की राय में सुसुनाग किसी राजा का नाम न होकर नागवश की एक शाखा का नाम था और इसलिए नवीन वश कोई दूसरा न होकर विवसार के नागवश की केवल एक शाखा थी। पुराण हमें सूचित करते हैं कि शिशुनाग ने प्रद्योतवन को नीचा दिलाया, अपने पुत्र को वाराणमी का राजा बनाया तया गिरिव्रज अपनी राजधानी वनायी । शिशुनाग ने वाराणसी में जो अपने पुत्र को बैठाया इसके दो अर्थ हो सकते है । एक तो यह कि उस समय तक अर्थात् नागदासक के समय तक वाराणसी में किसी राजा को सत्ता थी जिसको शिशुनाग ने उसाड फेंका अथवा वाराणसी की ऐसी सामरिक और राजनीतिक महत्ता थी कि वहाँ अपनी सत्ता स्थापित करने के लिए शिशुनाग ने स्वयं अपने पुत्र को भेजना आवश्यक समझा वनारस पर एक नाम राजा के धावे का उल्लेख एक भाडारकर, कार्माइकेल लेक्चर्न, पृ अस्सी-इक्यासी |
मैं, वे और आप / १३६
सफलता के अलावा किसी चीज़ में दिलचस्पी नही थी । सरसरी तौर पर, वह विमला के बारे में अपनी राय जाहिर भी कर चुका था ।
विमला सचमुच वड़ी भोली है, तभी तो वह सेठ की बातों में आ गई । मैं पूछता हूँ, आज की दुनिया मे क्या किसी को उतना भोला होना चाहिए ? और उतना विश्वासी ? एक जमाना था जब औरत पति पर निर्भर कर सकती थी, और उसपर विश्वास भी; आज का पति भला इस लायक कहाँ है ? इसीलिए मेरी राय है कि आधुनिक स्त्री को आत्मनिर्भर बनना सीखना चाहिए । खैरियत है कि विमला पढ़ी-लिखी थी, और नौकरी कर सकती थी, वर्ना मेरी सलाह है कि आज की स्त्री को एक दूसरे अर्थ मे भी आत्मनिर्भरता सीखनी चाहिए - पुरुष को आकृष्ट करने और वाँध रखने की क्षमता मे । जी हाँ, सिर्फ विवाह का बन्धन काफी नही है । पति नाम के व्यक्ति के प्रति अपने को पूरा समर्पित कर देना और अपने को उस पर पूरा-पूरा निर्भर बना देना दोहरी मूर्खता, निखालिस मूखता है, इसीलिए मैं कहता हूँ कि हर शादीशुदा स्त्री को, खासकर जब वह खूबसूरत हो, एकसभाव्य प्रेमियों पर नजर रखनी चाहिए । ज़रूरी नहीं कि वह पति के साथ धोखा या बेवफाई करे, लेकिन लेकिन यह जरूरी है कि वह अपनी उन ताकतों को, जिनके ज़रिए पुरुष को आकृष्ट किया जाता है, पैना और सनद्ध चनाये रखे और कभी-कभी उनकी आजमाइश भी करे ।
आप शायद मुझे और मेरी वातो को सीरियसली नही ले रहे है --कभी कभी, वल्कि अक्सर, मैं खुद अपने को सीरियसली नही लेता । लेकिन यह मेरी विनम्रता है । यों मैं यह मानने को तैयार नही कि मुझमे जीवन - विवेक नही है, या उसकी कमी है। मैं आप ही से पूछता हूँ : विमला की समस्या का आपके पास क्या समाधान है ? आप मानेगे कि आने वाले भविष्य में सेठ जैसे पतियो की संख्या बढ़ेगी, घटेगी नही; यह भी मुमकिन नही दीखता कि शिक्षा और उपदेश द्वारा उस तरह के पतियों के सभाव्य उदय और बढ़त को रोका जाए । तब?
आखिर तुम्हे दिल्ली छोड़नी ही पड़ी । मुझे तुमसे हमदर्दी है । लेकिन तुम करते भी क्या; तुम्हारे पैसे खत्म होने लगे थे; और, जैसा कि तुम्हे मालूम हो गया होगा, विना पैसे के दिल्ली में पलभर भी गुजर नही हो
१४० / मैं, वे और आप
सकती । लेकिन यह मानना ही पडेगा कि दिल्ली एक दिलचस्प नगरी है, अपने देश का प्रतिनिधि शहर, उसकी सारी अच्छाइयो बुराइयो का प्रामाणिक लघुचित्र । जी हाँ, यहाँ 'नाग पचमी' और 'नाग कन्या' जैसी फिल्मों मे भी उतनी ही भीड़ रहती है, जितनी की 'हमराही' और 'नया दौर'
वडी ग़लती हुई, अजय ने अपने एक मित्र का पता दिया था; उनसे मिलना एकदम ही भूल गया । यो शुरू मे मैंने इरादा किया था कि उनसे मिलूंगा । सुना कि वे बडे सीधे, सज्जन और ईश्वर-परायण हैं। धर्मभीरु । अजय ने, कुछ विनोद के भाव से, मेरे सामने उनका और उनके घर का शब्द - चित्र खीचा था। उनकी छोटी-सी बैठक की दीवारों पर रामकृष्ण, विवेकानन्द और गाधी के चित्र हैं। दीवारों पर गांधीजी और स्वामी लोगों के चित्र, और कोने मे तख़त के पास पड़ी छोटी मेज पर रामायण, गीता और वृहत् पाराशरी की एक-एक प्रति यानी कि श्रीयुत उमाशरण मिश्र, अजय के मित्र, रामकृष्ण - विवेकानन्द के बडे भक्त हैं, वे कुछ ज्योतिष भी जानते है । उन्होने अजय को एक कहानी सुनाई थी, गाँव के किसी ज्योतिषी के वारे मे । किसी किसान के बैल गायव हो गये थे, ज्योतिषी ने वतलाया कि अगले दिन शाम तक बैल खुद-ब-खुद, बिना किसी प्रयत्न के, घर वापस आ जाएँगे । वाद मे ऐसा ही हुआ । वे मित्र किन्ही स्वामीजी का भी जिक्र करते हैं, जिन्होने उनके भविष्य के बारे मे कई ठीक भविष्यवाणियाँ की थी। तभी से उन्हे ज्योतिष मे रुचि हो गयी है । मित्र का एक लडका है हरिशरण, एकदम सीधा और सुशील । उसे विवेकानन्द के सम्बन्ध मे बहुत-सी कहानियाँ याद है । अजय ने राय दी कि पिता और पुत्र गाधीजी की जीवनी पढे, लेकिन मिश्र-परिवार मे रामकृष्ण परमहस और विवेकानद का ज्यादा रौव है । इन लोगो की तुलना मे, जैसा कि मिश्र - परिवार का विचार है, गाधीजी अधिक इहलौकिक यानी दुनियावी थे । अपने देश मे वडा सन्त वही माना जाता है जो शरीर से नही तो दिमाग से, दूसरी दुनिया मे रहता है । अजय कहता है मेरे मित्र के घर मे पूरा-पूरा सात्विकता का वातावरण है - यानी कि दिल्ली मे। आप विश्वास कर सकेंगे ? भई, मुझे तो विश्वास नही होता । अजय के यह मित्र हर रविवार को या तो कही
मैं, वे और आप / १४१
रामायण की कथा सुनने जाते है, या फिर रामकृष्ण मिशन में । दोनों ही जगह खूब भीड होती है। जी हाँ, दिल्ली में - यह सब दिल्ली में होता है । तभी तो कहता हूँ कि दिल्ली सचमुच देश की राजधानी है, देश का पूरा लघुचित्र; वह सिर्फ एक आधुनिक नगरी नही है ।
लेकिन मेरा दुर्भाग्य कि मैं जिस दिल्ली में घूम-फिर सका, और जिसे जान सका, वहाँ रामकृष्ण, विवेकानन्द और तुलसी बाबा की रामायण की सर तक गन्ध नही थी ।
कुल मिलाकर मै अपनी दिल्ली- यात्रा से सन्तुष्ट हूँ । इधर-उधर चारों ओर खूब भीड़, नई दिल्ली, और पुरानी; कनाटप्लेस, और करोलबाग ... और चांदनी चौक, और स्टेशन । तरह-तरह की भीड़, रिक्शे, ताँगे और स्कूटर, टैक्सियाँ, मोटरें और बसें, और तरह-तरह की शक्लें । लेखक यानी आन्दोलन, प्रतिष्ठित लेखक और पार्लियामेन्ट और रेडियो स्टेशन ।
चाणक्यपुरी, देश-देश के दूतावास । पत्रकार और सम्पादक । होटल और शराब, और ग़रीब हिन्दी लेखको का जनतत्री टी हाउस । मैं सन्तुष्ट और खुश हूँ कि मैने यह यात्रा की
राष्ट्रीय एकता, भावात्मक ऐक्य; भला सोचिए, यह भी कोई चिन्ता • करने की चीजे हैं ! जब खुद व्यक्ति की इकाई ही भीतर से एक नही है, खण्डित है, तब बडी इकाइयो की क्या चर्चा ? क्या सचमुच इस देश मे, या किसी भी देश में, कही भी फिर पुरानी किस्म की जड़ एकता स्थापित हो सकेगी ? यानी कि सास्कृतिक एकता ? एक-से विश्वास, एक आस्था; अनेक देवता, एक तत्व ! हमारे ऋषि-मुनि कैसे चतुर थे - चार धाम की यात्रा, यानी देश की यात्रा । देश-दर्शन । चार शकराचार्य, एक अद्वैत सिद्धान्त । अजी महाशय, नयी दुनिया ने इन सारे तरीकों को पिछड़ा हुआ चना दिया है। काशी और कलकत्ता, कश्मीर और कन्याकुमारी जी हाँ, हरएक की अलग संस्कृति है, और अलग समस्याएँ । नही जी, हमे देश की एकता - वेकता से कुछ लेना-देना नही है । क्या कहा, फिर यहाँ किस लिए आये थे । जी, दिल्लो की सैर करने ; पुराने दोस्तों से मिलने और नये दोस्त चनाने । अमिता, और विमला, और शशि • • • ओर डॉ० पाल । शशि और
१४२ / मै, वे और आप
श्रीमती, नही- नही कुमारी, शकुन्तला; शशि और अस्थाना । महाशय निगम, क्या तुम अपनी यात्रा से सचमुच सन्तुष्ट हो ? नही? क्यों ? क्योकि तुम्हें अमिता ने प्रोत्साहन नही दिया । ताज्जुब है कि हम दोनो के विचार इतने मिलते-जुलते थे तो भी तो क्या, आकर्षण के लिए विपरीत स्वभाव और विचार चाहिए ? लेकिन फिर मुझे उसने क्यों आकर्षित किया ? वह कोई बात नही, तुम्हे तो कोई भी औरत आकृष्ट कर सकती है । तुम्हारी भी कोई रुचि है, कोई पसन्द । और किसी तरह की स्थिरता । फिर यह ढोगभरी भावना किसलिए कि तुम उसे सचमुच प्यार करते थे, कर सकते थे । दो-ढाई वर्ष पूर्व तुम्हे विमला पसन्द थी, और अब, चूँकि तुम्हारी पसन्द अब उसके लिए कुछ अर्थ रख सकती है, तुम ऐसा भाव बनाने लगे जैसे अब उसमे कुछ भी आकर्षक नही रह गया है, जैसे वह सचमुच ही इतनी ज्यादा बदल गई है । तुम उसके पास सिर्फ़ एक बार ही जा सके..
अस्थाना खूब पट्टी पढाता है । निहायत चतुर अस्थाना और नितान्त नीतिकुशल डॉ० पाल । शशि के नक्श साफ और निर्दोष है, कुछ हद तक सुघर भी । अपने पिता के हितो को दूर तक समझती है, और उनकी चिन्ता करती है । नीतिकुशल लोकसभाई की समझदार बेटी । वुरी नही है लेकिन.
यह परिपक्वता क्या होती है ? कब, कैसे, लडकी कच्ची उम्र पार, करके युवती बन जाती है ? लोलिता। मुझे, न जाने क्यों, वह उपन्यास एकदम अस्वाभाविक और गलत लगा था। गलत यानी झूठा और इस समय लग रहा है जैसे मेरी सारी यात्रा, दिल्ली मे जो कुछ देखा-सुना, वह सब झूठ था ।
पूरे दस दिन बाद वी० नगर लौटा हूँ । ( अजय की तरह मुझे भी अपने इस शहर का नाम एकदम ही पसन्द नही है, हम दोनो ने मिलकर उसका नामकरण किया है - बी० नगर । ) दस दिन लग रहा है जैसे एक युग बीत गया; जैसे कही दूसरे ग्रह या लोक की यात्रा करके आया हूँ । अपना ही शहर बेगाना-सा जान पड रहा है, अपरिचित-सा । यहाँ का सव-कुछ कितना भिन्न है । सर्वव्यापी घटियापन - सँकरी सड़कें, जहाँ-तहाँ | मैं, वे और आप / एक सौ छत्तीस सफलता के अलावा किसी चीज़ में दिलचस्पी नही थी । सरसरी तौर पर, वह विमला के बारे में अपनी राय जाहिर भी कर चुका था । विमला सचमुच वड़ी भोली है, तभी तो वह सेठ की बातों में आ गई । मैं पूछता हूँ, आज की दुनिया मे क्या किसी को उतना भोला होना चाहिए ? और उतना विश्वासी ? एक जमाना था जब औरत पति पर निर्भर कर सकती थी, और उसपर विश्वास भी; आज का पति भला इस लायक कहाँ है ? इसीलिए मेरी राय है कि आधुनिक स्त्री को आत्मनिर्भर बनना सीखना चाहिए । खैरियत है कि विमला पढ़ी-लिखी थी, और नौकरी कर सकती थी, वर्ना मेरी सलाह है कि आज की स्त्री को एक दूसरे अर्थ मे भी आत्मनिर्भरता सीखनी चाहिए - पुरुष को आकृष्ट करने और वाँध रखने की क्षमता मे । जी हाँ, सिर्फ विवाह का बन्धन काफी नही है । पति नाम के व्यक्ति के प्रति अपने को पूरा समर्पित कर देना और अपने को उस पर पूरा-पूरा निर्भर बना देना दोहरी मूर्खता, निखालिस मूखता है, इसीलिए मैं कहता हूँ कि हर शादीशुदा स्त्री को, खासकर जब वह खूबसूरत हो, एकसभाव्य प्रेमियों पर नजर रखनी चाहिए । ज़रूरी नहीं कि वह पति के साथ धोखा या बेवफाई करे, लेकिन लेकिन यह जरूरी है कि वह अपनी उन ताकतों को, जिनके ज़रिए पुरुष को आकृष्ट किया जाता है, पैना और सनद्ध चनाये रखे और कभी-कभी उनकी आजमाइश भी करे । आप शायद मुझे और मेरी वातो को सीरियसली नही ले रहे है --कभी कभी, वल्कि अक्सर, मैं खुद अपने को सीरियसली नही लेता । लेकिन यह मेरी विनम्रता है । यों मैं यह मानने को तैयार नही कि मुझमे जीवन - विवेक नही है, या उसकी कमी है। मैं आप ही से पूछता हूँ : विमला की समस्या का आपके पास क्या समाधान है ? आप मानेगे कि आने वाले भविष्य में सेठ जैसे पतियो की संख्या बढ़ेगी, घटेगी नही; यह भी मुमकिन नही दीखता कि शिक्षा और उपदेश द्वारा उस तरह के पतियों के सभाव्य उदय और बढ़त को रोका जाए । तब? आखिर तुम्हे दिल्ली छोड़नी ही पड़ी । मुझे तुमसे हमदर्दी है । लेकिन तुम करते भी क्या; तुम्हारे पैसे खत्म होने लगे थे; और, जैसा कि तुम्हे मालूम हो गया होगा, विना पैसे के दिल्ली में पलभर भी गुजर नही हो एक सौ चालीस / मैं, वे और आप सकती । लेकिन यह मानना ही पडेगा कि दिल्ली एक दिलचस्प नगरी है, अपने देश का प्रतिनिधि शहर, उसकी सारी अच्छाइयो बुराइयो का प्रामाणिक लघुचित्र । जी हाँ, यहाँ 'नाग पचमी' और 'नाग कन्या' जैसी फिल्मों मे भी उतनी ही भीड़ रहती है, जितनी की 'हमराही' और 'नया दौर' वडी ग़लती हुई, अजय ने अपने एक मित्र का पता दिया था; उनसे मिलना एकदम ही भूल गया । यो शुरू मे मैंने इरादा किया था कि उनसे मिलूंगा । सुना कि वे बडे सीधे, सज्जन और ईश्वर-परायण हैं। धर्मभीरु । अजय ने, कुछ विनोद के भाव से, मेरे सामने उनका और उनके घर का शब्द - चित्र खीचा था। उनकी छोटी-सी बैठक की दीवारों पर रामकृष्ण, विवेकानन्द और गाधी के चित्र हैं। दीवारों पर गांधीजी और स्वामी लोगों के चित्र, और कोने मे तख़त के पास पड़ी छोटी मेज पर रामायण, गीता और वृहत् पाराशरी की एक-एक प्रति यानी कि श्रीयुत उमाशरण मिश्र, अजय के मित्र, रामकृष्ण - विवेकानन्द के बडे भक्त हैं, वे कुछ ज्योतिष भी जानते है । उन्होने अजय को एक कहानी सुनाई थी, गाँव के किसी ज्योतिषी के वारे मे । किसी किसान के बैल गायव हो गये थे, ज्योतिषी ने वतलाया कि अगले दिन शाम तक बैल खुद-ब-खुद, बिना किसी प्रयत्न के, घर वापस आ जाएँगे । वाद मे ऐसा ही हुआ । वे मित्र किन्ही स्वामीजी का भी जिक्र करते हैं, जिन्होने उनके भविष्य के बारे मे कई ठीक भविष्यवाणियाँ की थी। तभी से उन्हे ज्योतिष मे रुचि हो गयी है । मित्र का एक लडका है हरिशरण, एकदम सीधा और सुशील । उसे विवेकानन्द के सम्बन्ध मे बहुत-सी कहानियाँ याद है । अजय ने राय दी कि पिता और पुत्र गाधीजी की जीवनी पढे, लेकिन मिश्र-परिवार मे रामकृष्ण परमहस और विवेकानद का ज्यादा रौव है । इन लोगो की तुलना मे, जैसा कि मिश्र - परिवार का विचार है, गाधीजी अधिक इहलौकिक यानी दुनियावी थे । अपने देश मे वडा सन्त वही माना जाता है जो शरीर से नही तो दिमाग से, दूसरी दुनिया मे रहता है । अजय कहता है मेरे मित्र के घर मे पूरा-पूरा सात्विकता का वातावरण है - यानी कि दिल्ली मे। आप विश्वास कर सकेंगे ? भई, मुझे तो विश्वास नही होता । अजय के यह मित्र हर रविवार को या तो कही मैं, वे और आप / एक सौ इकतालीस रामायण की कथा सुनने जाते है, या फिर रामकृष्ण मिशन में । दोनों ही जगह खूब भीड होती है। जी हाँ, दिल्ली में - यह सब दिल्ली में होता है । तभी तो कहता हूँ कि दिल्ली सचमुच देश की राजधानी है, देश का पूरा लघुचित्र; वह सिर्फ एक आधुनिक नगरी नही है । लेकिन मेरा दुर्भाग्य कि मैं जिस दिल्ली में घूम-फिर सका, और जिसे जान सका, वहाँ रामकृष्ण, विवेकानन्द और तुलसी बाबा की रामायण की सर तक गन्ध नही थी । कुल मिलाकर मै अपनी दिल्ली- यात्रा से सन्तुष्ट हूँ । इधर-उधर चारों ओर खूब भीड़, नई दिल्ली, और पुरानी; कनाटप्लेस, और करोलबाग ... और चांदनी चौक, और स्टेशन । तरह-तरह की भीड़, रिक्शे, ताँगे और स्कूटर, टैक्सियाँ, मोटरें और बसें, और तरह-तरह की शक्लें । लेखक यानी आन्दोलन, प्रतिष्ठित लेखक और पार्लियामेन्ट और रेडियो स्टेशन । चाणक्यपुरी, देश-देश के दूतावास । पत्रकार और सम्पादक । होटल और शराब, और ग़रीब हिन्दी लेखको का जनतत्री टी हाउस । मैं सन्तुष्ट और खुश हूँ कि मैने यह यात्रा की राष्ट्रीय एकता, भावात्मक ऐक्य; भला सोचिए, यह भी कोई चिन्ता • करने की चीजे हैं ! जब खुद व्यक्ति की इकाई ही भीतर से एक नही है, खण्डित है, तब बडी इकाइयो की क्या चर्चा ? क्या सचमुच इस देश मे, या किसी भी देश में, कही भी फिर पुरानी किस्म की जड़ एकता स्थापित हो सकेगी ? यानी कि सास्कृतिक एकता ? एक-से विश्वास, एक आस्था; अनेक देवता, एक तत्व ! हमारे ऋषि-मुनि कैसे चतुर थे - चार धाम की यात्रा, यानी देश की यात्रा । देश-दर्शन । चार शकराचार्य, एक अद्वैत सिद्धान्त । अजी महाशय, नयी दुनिया ने इन सारे तरीकों को पिछड़ा हुआ चना दिया है। काशी और कलकत्ता, कश्मीर और कन्याकुमारी जी हाँ, हरएक की अलग संस्कृति है, और अलग समस्याएँ । नही जी, हमे देश की एकता - वेकता से कुछ लेना-देना नही है । क्या कहा, फिर यहाँ किस लिए आये थे । जी, दिल्लो की सैर करने ; पुराने दोस्तों से मिलने और नये दोस्त चनाने । अमिता, और विमला, और शशि • • • ओर डॉशून्य पाल । शशि और एक सौ बयालीस / मै, वे और आप श्रीमती, नही- नही कुमारी, शकुन्तला; शशि और अस्थाना । महाशय निगम, क्या तुम अपनी यात्रा से सचमुच सन्तुष्ट हो ? नही? क्यों ? क्योकि तुम्हें अमिता ने प्रोत्साहन नही दिया । ताज्जुब है कि हम दोनो के विचार इतने मिलते-जुलते थे तो भी तो क्या, आकर्षण के लिए विपरीत स्वभाव और विचार चाहिए ? लेकिन फिर मुझे उसने क्यों आकर्षित किया ? वह कोई बात नही, तुम्हे तो कोई भी औरत आकृष्ट कर सकती है । तुम्हारी भी कोई रुचि है, कोई पसन्द । और किसी तरह की स्थिरता । फिर यह ढोगभरी भावना किसलिए कि तुम उसे सचमुच प्यार करते थे, कर सकते थे । दो-ढाई वर्ष पूर्व तुम्हे विमला पसन्द थी, और अब, चूँकि तुम्हारी पसन्द अब उसके लिए कुछ अर्थ रख सकती है, तुम ऐसा भाव बनाने लगे जैसे अब उसमे कुछ भी आकर्षक नही रह गया है, जैसे वह सचमुच ही इतनी ज्यादा बदल गई है । तुम उसके पास सिर्फ़ एक बार ही जा सके.. अस्थाना खूब पट्टी पढाता है । निहायत चतुर अस्थाना और नितान्त नीतिकुशल डॉशून्य पाल । शशि के नक्श साफ और निर्दोष है, कुछ हद तक सुघर भी । अपने पिता के हितो को दूर तक समझती है, और उनकी चिन्ता करती है । नीतिकुशल लोकसभाई की समझदार बेटी । वुरी नही है लेकिन. यह परिपक्वता क्या होती है ? कब, कैसे, लडकी कच्ची उम्र पार, करके युवती बन जाती है ? लोलिता। मुझे, न जाने क्यों, वह उपन्यास एकदम अस्वाभाविक और गलत लगा था। गलत यानी झूठा और इस समय लग रहा है जैसे मेरी सारी यात्रा, दिल्ली मे जो कुछ देखा-सुना, वह सब झूठ था । पूरे दस दिन बाद वीशून्य नगर लौटा हूँ । दस दिन लग रहा है जैसे एक युग बीत गया; जैसे कही दूसरे ग्रह या लोक की यात्रा करके आया हूँ । अपना ही शहर बेगाना-सा जान पड रहा है, अपरिचित-सा । यहाँ का सव-कुछ कितना भिन्न है । सर्वव्यापी घटियापन - सँकरी सड़कें, जहाँ-तहाँ |
स्केट्स को धीमा करने का वर्णन करने से पहले, हम सामान्य रूप से स्कीइंग की तकनीक पर विचार करेंगे, जिसका ज्ञान हॉकी खिलाड़ियों और स्केटिंग करने वालों के लिए उपयोगी है।
यदि आप निश्चित नहीं हैं कि आप सब कुछ मास्टर करने में सक्षम होंगेएक पेशेवर और ध्यान से शर्म की मदद के बिना सवारी के ज्ञान, बर्फ पर होने के बाद, आप कोच के साथ ट्रेन में मदद कर सकते हैं - व्यक्तिगत या समूह जो अकेले स्केटिंग की मूल बातें सीखना चाहते हैं, हम अनुशंसा करते हैं कि आप निम्नलिखित युक्तियां पढ़ें।
प्रारंभिक पर्ची के लिए इसे बंद करना आवश्यक हैरिज के किनारे तक, समय पर एक सहायक पैर की घुंघराली और सीधे घूमने और शरीर के वजन को दूसरे चरण में स्थानांतरित करना मुख्य बात यह है कि यह समझना है कि धक्का एक जुर्राब के साथ नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन किनारे के साथ।
हालांकि, शुरुआती के लिए स्केट्स स्लाइडिंग की तुलना में अधिक जटिल पहलू है। ब्रेक को सीखना बहुत महत्वपूर्ण है आइए देखें कि यह कैसे किया जा सकता है।
एक पर बैठो, फिसलने, पैर, और दूसरा,निः शुल्क, आगे ले जाना इस प्रकार, रिज का पिछला हिस्सा बर्फ के ऊपर आराम करेगा अक्सर, थोड़ी अधिक ओवरक्लॉकिंग के बाद भी, यातायात रोकने से पहले, आपको 3-6 मीटर की दूरी पर चलना पड़ता है। लेकिन इस विधि का अपना लाभ है - शुरुआत करने के लिए किसी भी जटिल आंदोलन नहीं करना पड़ता है।
पिछला एक जैसा ब्रेक करने का यह तरीका एकमात्र अंतर यह है कि आप एक स्वतंत्र पैर को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं, लेकिन रिज के दांतों से बर्फ को खरोंच करने के लिए इसे वापस ले लें। यह आपको धीमा करने और स्टॉप बनाने में मदद करेगा। लेकिन यहां याद रखना जरूरी है कि यह स्केट्स पर ब्लेड पर नहीं है, लेकिन हॉकी पर, वे, अफसोस नहीं दिए जाते हैं।
इस विधि को "हल" कहा गया था और इसे स्कीयर से उधार लिया गया था। ऊँची एड़ी पर दबाने, दोनों पैरों पर बैठो, और दोनों स्केट्स के सामने वाले हिस्से धीरे-धीरे एक साथ खींचते हैं, और फिर इसे और अधिक तेज़ी से करते हैं।
बाईं ओर दाहिने पैर बिंदुलगभग 50 डिग्री के कोण पर। इस मामले में, इस बल के साथ अंग पर दबाएं कि बर्फ की सतह पर रिज की घर्षण प्रकट होती है। ट्रंक थोड़ा झुका हुआ है और नीचे बैठता है ताकि गुरुत्वाकर्षण का केंद्र नीचे और पीछे स्थानांतरित हो जाए, अन्यथा जड़त्व बल आपको आगे फेंक देगा।
टोरसो और दोनों स्केट्स तेजी से 90 हो जाते हैंगति के प्रक्षेपवक्र के संबंध में डिग्री। साथ ही शरीर को वापस झुकाएं और बलपूर्वक स्केट्स दबाएं, जैसे कि आप बर्फ काट रहे हैं। इस मामले में, आपकी गति जितनी अधिक होगी, उतनी ही कम आपको मोड़ने की आवश्यकता होगी। नियंत्रण संतुलन पर विशेष ध्यान दें।
इस विधि को "अर्धचालक" कहा जाता है। पर्ची के दौरान, एक पैर आगे ले जाएं, एक मुक्त पैर डालने की कोशिश कर, आंतरिक किनारे दबाएं ताकि यह संदर्भ में 90 डिग्री के कोण पर हो। आप रुकने से पहले एक और आधा मीटर यात्रा करेंगे।
इस विधि को स्केटिंगर्स द्वारा मान्यता प्राप्त हैप्रोटोजोआ। सच है, इसे मास्टर करने में समय लगता है। शरीर के वजन को एक रिज से दूसरी तरफ ले जाएं और पसलियों पर बहुत मेहनत करें, जिससे आप लगभग तुरंत रोक सकते हैं।
| स्केट्स को धीमा करने का वर्णन करने से पहले, हम सामान्य रूप से स्कीइंग की तकनीक पर विचार करेंगे, जिसका ज्ञान हॉकी खिलाड़ियों और स्केटिंग करने वालों के लिए उपयोगी है। यदि आप निश्चित नहीं हैं कि आप सब कुछ मास्टर करने में सक्षम होंगेएक पेशेवर और ध्यान से शर्म की मदद के बिना सवारी के ज्ञान, बर्फ पर होने के बाद, आप कोच के साथ ट्रेन में मदद कर सकते हैं - व्यक्तिगत या समूह जो अकेले स्केटिंग की मूल बातें सीखना चाहते हैं, हम अनुशंसा करते हैं कि आप निम्नलिखित युक्तियां पढ़ें। प्रारंभिक पर्ची के लिए इसे बंद करना आवश्यक हैरिज के किनारे तक, समय पर एक सहायक पैर की घुंघराली और सीधे घूमने और शरीर के वजन को दूसरे चरण में स्थानांतरित करना मुख्य बात यह है कि यह समझना है कि धक्का एक जुर्राब के साथ नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन किनारे के साथ। हालांकि, शुरुआती के लिए स्केट्स स्लाइडिंग की तुलना में अधिक जटिल पहलू है। ब्रेक को सीखना बहुत महत्वपूर्ण है आइए देखें कि यह कैसे किया जा सकता है। एक पर बैठो, फिसलने, पैर, और दूसरा,निः शुल्क, आगे ले जाना इस प्रकार, रिज का पिछला हिस्सा बर्फ के ऊपर आराम करेगा अक्सर, थोड़ी अधिक ओवरक्लॉकिंग के बाद भी, यातायात रोकने से पहले, आपको तीन-छः मीटर की दूरी पर चलना पड़ता है। लेकिन इस विधि का अपना लाभ है - शुरुआत करने के लिए किसी भी जटिल आंदोलन नहीं करना पड़ता है। पिछला एक जैसा ब्रेक करने का यह तरीका एकमात्र अंतर यह है कि आप एक स्वतंत्र पैर को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं, लेकिन रिज के दांतों से बर्फ को खरोंच करने के लिए इसे वापस ले लें। यह आपको धीमा करने और स्टॉप बनाने में मदद करेगा। लेकिन यहां याद रखना जरूरी है कि यह स्केट्स पर ब्लेड पर नहीं है, लेकिन हॉकी पर, वे, अफसोस नहीं दिए जाते हैं। इस विधि को "हल" कहा गया था और इसे स्कीयर से उधार लिया गया था। ऊँची एड़ी पर दबाने, दोनों पैरों पर बैठो, और दोनों स्केट्स के सामने वाले हिस्से धीरे-धीरे एक साथ खींचते हैं, और फिर इसे और अधिक तेज़ी से करते हैं। बाईं ओर दाहिने पैर बिंदुलगभग पचास डिग्री के कोण पर। इस मामले में, इस बल के साथ अंग पर दबाएं कि बर्फ की सतह पर रिज की घर्षण प्रकट होती है। ट्रंक थोड़ा झुका हुआ है और नीचे बैठता है ताकि गुरुत्वाकर्षण का केंद्र नीचे और पीछे स्थानांतरित हो जाए, अन्यथा जड़त्व बल आपको आगे फेंक देगा। टोरसो और दोनों स्केट्स तेजी से नब्बे हो जाते हैंगति के प्रक्षेपवक्र के संबंध में डिग्री। साथ ही शरीर को वापस झुकाएं और बलपूर्वक स्केट्स दबाएं, जैसे कि आप बर्फ काट रहे हैं। इस मामले में, आपकी गति जितनी अधिक होगी, उतनी ही कम आपको मोड़ने की आवश्यकता होगी। नियंत्रण संतुलन पर विशेष ध्यान दें। इस विधि को "अर्धचालक" कहा जाता है। पर्ची के दौरान, एक पैर आगे ले जाएं, एक मुक्त पैर डालने की कोशिश कर, आंतरिक किनारे दबाएं ताकि यह संदर्भ में नब्बे डिग्री के कोण पर हो। आप रुकने से पहले एक और आधा मीटर यात्रा करेंगे। इस विधि को स्केटिंगर्स द्वारा मान्यता प्राप्त हैप्रोटोजोआ। सच है, इसे मास्टर करने में समय लगता है। शरीर के वजन को एक रिज से दूसरी तरफ ले जाएं और पसलियों पर बहुत मेहनत करें, जिससे आप लगभग तुरंत रोक सकते हैं। |
ITBP Recruitment 2022: इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस फोर्स (ITBP) ने असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (फार्मासिस्ट) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 अक्टूबर 2022 से शुरू होंगे। इच्छुक अभ्यर्थाी आवेदन की लास्ट डेट 23 नवंबर 2023 तक आवेदन कर सकते हैं। आईटीबीपी एएसआई भर्ती के लिए इच्छुक अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट recruitment. itbpolice. nic. in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन कों को सलाह है कि आवेदन करने से पूर्व पूरा भर्ती नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लें। आगे देखिए आईटीबीपी भर्ती की प्रमुख शर्तें।
आईटीबीपी भर्ती में रिक्तियों का ब्योरा : आईटीबीपी के इस भर्ती अभियान में कुल 24 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाना है। यह वैकेंसी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (फार्मासिस्ट) के पद के लिए है।
आईटीबीपी भर्ती की आयु सीमा : एएसआई पद के लिए अभ्यर्थियों की आयु 20 वर्ष से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
शैक्षिक योग्यता : आईटीबीपी एएसआई पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बॉयोलॉजी से 12वीं पास होना जरूरी है।
अभ्यर्थियों को राज्य सरकार या केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से फार्मेसी में डिप्लोमा पास होना भी जरूरी है।
आईटीबीपी एएसआई भर्ती का आवेदन शुल्क : अनारक्षित ओबीसी और ईडब्ल्यूएस पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 100 रुपए निर्धारित हैं। वहीं एससी, एसटी, एक्स-सर्विसमैन और महिला अभ्यर्थियों के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं है। अभ्यर्थी अधिक जानकारी के लिए आगे दिया जा रहा पूरा भर्ती नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं।
| ITBP Recruitment दो हज़ार बाईस: इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस फोर्स ने असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पच्चीस अक्टूबर दो हज़ार बाईस से शुरू होंगे। इच्छुक अभ्यर्थाी आवेदन की लास्ट डेट तेईस नवंबर दो हज़ार तेईस तक आवेदन कर सकते हैं। आईटीबीपी एएसआई भर्ती के लिए इच्छुक अभ्यर्थी ऑफिशियल वेबसाइट recruitment. itbpolice. nic. in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन कों को सलाह है कि आवेदन करने से पूर्व पूरा भर्ती नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लें। आगे देखिए आईटीबीपी भर्ती की प्रमुख शर्तें। आईटीबीपी भर्ती में रिक्तियों का ब्योरा : आईटीबीपी के इस भर्ती अभियान में कुल चौबीस पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाना है। यह वैकेंसी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के पद के लिए है। आईटीबीपी भर्ती की आयु सीमा : एएसआई पद के लिए अभ्यर्थियों की आयु बीस वर्ष से अट्ठाईस वर्ष के बीच होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता : आईटीबीपी एएसआई पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बॉयोलॉजी से बारहवीं पास होना जरूरी है। अभ्यर्थियों को राज्य सरकार या केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त संस्थान से फार्मेसी में डिप्लोमा पास होना भी जरूरी है। आईटीबीपी एएसआई भर्ती का आवेदन शुल्क : अनारक्षित ओबीसी और ईडब्ल्यूएस पुरुष अभ्यर्थियों के लिए एक सौ रुपयापए निर्धारित हैं। वहीं एससी, एसटी, एक्स-सर्विसमैन और महिला अभ्यर्थियों के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं है। अभ्यर्थी अधिक जानकारी के लिए आगे दिया जा रहा पूरा भर्ती नोटिफिकेशन चेक कर सकते हैं। |
श्रीनगर, 05 सितंबरः जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आम नागरिका को निशाना बनाया गया है। शोपियां के एक बाग में युवक का शव संदिग्ध हालत में गोलियों से छलनी पाया गया, जिसकी सूचना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक युवक के शव मिलने की घटना शोपियां में पुलवामा से सामने आई है। जहां स्थानीय युवक को एक बार फिर से निशाना बनाया गया है। पुलवामा में 30 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके शरीर पर गोलियों से छलनी होने के निशान मिले हैं। पुलिस अधिकारी के अनुसार बाग में जब शव को कुछ लोगों ने देखा तो उसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को अपनी कस्टडी में लेकर जांच शुरू कर दी। युवक की पहचान 30 साल के मंजूर अहमद नांगरू नाम के हुई है। मृतक पुलवामा जिले के राजपोरा गांव का रहने वाला था, जिसके शरीर में गोली मिली। जम्मू और कश्मीर पुलिस ने बताया कि जांच जारी है।
| श्रीनगर, पाँच सितंबरः जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आम नागरिका को निशाना बनाया गया है। शोपियां के एक बाग में युवक का शव संदिग्ध हालत में गोलियों से छलनी पाया गया, जिसकी सूचना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक युवक के शव मिलने की घटना शोपियां में पुलवामा से सामने आई है। जहां स्थानीय युवक को एक बार फिर से निशाना बनाया गया है। पुलवामा में तीस वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके शरीर पर गोलियों से छलनी होने के निशान मिले हैं। पुलिस अधिकारी के अनुसार बाग में जब शव को कुछ लोगों ने देखा तो उसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को अपनी कस्टडी में लेकर जांच शुरू कर दी। युवक की पहचान तीस साल के मंजूर अहमद नांगरू नाम के हुई है। मृतक पुलवामा जिले के राजपोरा गांव का रहने वाला था, जिसके शरीर में गोली मिली। जम्मू और कश्मीर पुलिस ने बताया कि जांच जारी है। |
१८. शेरपुर पो० छछरौली १६. लोपों पो० छछरौली २०. डारंपुर पी० छछरौली २१. महमूदपुर पो० साढौरा २२. सादकपुर पो० साढौरा २३ दफरपुर पो० साढौरा २४ः घोसा २५.: मालन
२६. बीवां २७. ब्राह्मणी खेड़ा २८. गढ़ी नोरली २६. प्रभु वाला ३०. पेगा.
३१. सूरत वाला खेड़ा, ३२. मण्डी
३३. चूहड़पुर
पंजाब विभाजन के पश्चात् पंजाब प्रान्त से मुसल मान पाकिस्तान में चले गये। केवल जिला गुड़गावाँ में कुछ मेव रह गये । जोकि शुद्ध होकर आर्य धर्म में वापिस आना चाहते थे । उन्होंने ऐसी इच्छा भी प्रकट की बहुत से मेव पाकितान से वापिस आ गये, और जिला गुड़गाँव में आकर रहने लग गये हैं। मेवों क बहुत से रीति-रिवाज हिन्दुओं से मिलते हैं उनकी इच्छा भी इस धर्म में वापिस आने की है। इसलिए सभा ने उनमें प्रचार के लिए २६ नवम्बर १६४८ से इस सभा के अत्यन्त अनुभवी उपदेशक श्री पं० पूर्णचन्द जी को इस कार्य के लिए नियत किया। मई १९४८ ने गुड़गाँव में श्री म० कृष्ण जी प्रधान सभा की अध्यक्षता में एक शुद्धि सम्मेलन भी किया गया। इसमें आर्य जनता के ववोवृद्ध नेता श्री ला० नारायणदत्त जी भी सम्मिलित हुए थे । वेद प्रचार तथा शुद्धि विभाग के अधिष्ठता श्री पं० यशःपाल तथा श्री प० ज्ञानचन्द जी भी इसमें सम्मलित हुए थे। श्रा प० पूर्णचन्द जी ने इस कार्य के लिए जिला गुड़गाँवा के ३५ स्थानों पर दौरा किया और विशेष तौर पर तहसील नूह और फीरोजपुर झिरका के देहातों में दौरा किया। वार्तालाप द्वारा मेवों में प्रचार करने का यत्न किया । मेवों में प्रचार करने के लिए और उन तक वेदों का पवित्र सन्देश पहुँचाने के लिए इस वर्ष और भी अधिक यत्न करने का विचार है। यह कार्य सुगम नहीं है । इसके लिए पर्याप्त यन तथा समय की आवश्यकता है ।
दलितोद्वार सभा - इस सभा के अधीन कई वर्षों से दलितो - द्वार विभाग पृथक रूप से चल रहा था । स्वराज्य के पश्चात् भारतीय सरकार तथा विशेष रूप से पंजाब सरकार ने दलितो के लिए | अट्ठारह. शेरपुर पोशून्य छछरौली सोलह. लोपों पोशून्य छछरौली बीस. डारंपुर पीशून्य छछरौली इक्कीस. महमूदपुर पोशून्य साढौरा बाईस. सादकपुर पोशून्य साढौरा तेईस दफरपुर पोशून्य साढौरा चौबीसः घोसा पच्चीस.: मालन छब्बीस. बीवां सत्ताईस. ब्राह्मणी खेड़ा अट्ठाईस. गढ़ी नोरली छब्बीस. प्रभु वाला तीस. पेगा. इकतीस. सूरत वाला खेड़ा, बत्तीस. मण्डी तैंतीस. चूहड़पुर पंजाब विभाजन के पश्चात् पंजाब प्रान्त से मुसल मान पाकिस्तान में चले गये। केवल जिला गुड़गावाँ में कुछ मेव रह गये । जोकि शुद्ध होकर आर्य धर्म में वापिस आना चाहते थे । उन्होंने ऐसी इच्छा भी प्रकट की बहुत से मेव पाकितान से वापिस आ गये, और जिला गुड़गाँव में आकर रहने लग गये हैं। मेवों क बहुत से रीति-रिवाज हिन्दुओं से मिलते हैं उनकी इच्छा भी इस धर्म में वापिस आने की है। इसलिए सभा ने उनमें प्रचार के लिए छब्बीस नवम्बर एक हज़ार छः सौ अड़तालीस से इस सभा के अत्यन्त अनुभवी उपदेशक श्री पंशून्य पूर्णचन्द जी को इस कार्य के लिए नियत किया। मई एक हज़ार नौ सौ अड़तालीस ने गुड़गाँव में श्री मशून्य कृष्ण जी प्रधान सभा की अध्यक्षता में एक शुद्धि सम्मेलन भी किया गया। इसमें आर्य जनता के ववोवृद्ध नेता श्री लाशून्य नारायणदत्त जी भी सम्मिलित हुए थे । वेद प्रचार तथा शुद्धि विभाग के अधिष्ठता श्री पंशून्य यशःपाल तथा श्री पशून्य ज्ञानचन्द जी भी इसमें सम्मलित हुए थे। श्रा पशून्य पूर्णचन्द जी ने इस कार्य के लिए जिला गुड़गाँवा के पैंतीस स्थानों पर दौरा किया और विशेष तौर पर तहसील नूह और फीरोजपुर झिरका के देहातों में दौरा किया। वार्तालाप द्वारा मेवों में प्रचार करने का यत्न किया । मेवों में प्रचार करने के लिए और उन तक वेदों का पवित्र सन्देश पहुँचाने के लिए इस वर्ष और भी अधिक यत्न करने का विचार है। यह कार्य सुगम नहीं है । इसके लिए पर्याप्त यन तथा समय की आवश्यकता है । दलितोद्वार सभा - इस सभा के अधीन कई वर्षों से दलितो - द्वार विभाग पृथक रूप से चल रहा था । स्वराज्य के पश्चात् भारतीय सरकार तथा विशेष रूप से पंजाब सरकार ने दलितो के लिए |
बीते 10 दिन में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है।
Consumer Rights: भारत में सभी की रक्षा के लिए नियम और कानून बनाए गए हैं।
Kanshi Ram Jayanti: देश के प्रमुख दलित नेता और बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर कई नेताओं ने उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।
ICC Women's World Cup 2022 में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने वेस्टइंडीज को 7 विकेट से हराकर लगातार चारों मुकाबले जीत ली। वेस्टइंडीज ने टूर्नामेंट की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद लगातार दो हार से टीम की हालत खराब हो गई है। ऑस्ट्रेलिया के अलावा दक्षिण अफ्रीका की टीम अभी तक वर्ल्ड कप में अजेय रही है। वेस्टइंडीज ने पहले खेलते हुए सभी विकेट खोकर 131 रन ही बना सकी। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने 3 विकेट खोकर मुकाबले को जीत लिया।
Alia Bhatt Birthday: बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट आज अपना 29वां जन्मदिन मना रही हैं। आलिया भट्ट का जन्म 15 मार्च 1993 को मुंबई में हुआ था।
यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने धर्मेंद्र सिंह व 24 अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
AP Class 10th Board Exam: आंध्र प्रदेश के कक्षा 10वीं की परीक्षा को स्थगित करने का विचार किया जा रहा है।
पूर्व डब्ल्यूडब्ल्यूई इंटरकांटिनेंटल चैंपियन स्कॉट हॉल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद से ही तकलीफ में थे।
Rihanna's Pregnancy Style: हॉलीवुड की मशहूर सिंगर 34 वर्षीय रिहाना जल्द ही अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली है।
Hijab Controversy: कर्नाटक हिजाब मामले पर हाई कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने हिजाब पहनने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
| बीते दस दिन में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया है। Consumer Rights: भारत में सभी की रक्षा के लिए नियम और कानून बनाए गए हैं। Kanshi Ram Jayanti: देश के प्रमुख दलित नेता और बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर कई नेताओं ने उन्हें याद किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। ICC Women's World Cup दो हज़ार बाईस में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने वेस्टइंडीज को सात विकेट से हराकर लगातार चारों मुकाबले जीत ली। वेस्टइंडीज ने टूर्नामेंट की शुरुआत लगातार दो जीत के साथ की थी, लेकिन इसके बाद लगातार दो हार से टीम की हालत खराब हो गई है। ऑस्ट्रेलिया के अलावा दक्षिण अफ्रीका की टीम अभी तक वर्ल्ड कप में अजेय रही है। वेस्टइंडीज ने पहले खेलते हुए सभी विकेट खोकर एक सौ इकतीस रन ही बना सकी। जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट खोकर मुकाबले को जीत लिया। Alia Bhatt Birthday: बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट आज अपना उनतीसवां जन्मदिन मना रही हैं। आलिया भट्ट का जन्म पंद्रह मार्च एक हज़ार नौ सौ तिरानवे को मुंबई में हुआ था। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने धर्मेंद्र सिंह व चौबीस अन्य की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। AP Class दसth Board Exam: आंध्र प्रदेश के कक्षा दसवीं की परीक्षा को स्थगित करने का विचार किया जा रहा है। पूर्व डब्ल्यूडब्ल्यूई इंटरकांटिनेंटल चैंपियन स्कॉट हॉल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी के बाद से ही तकलीफ में थे। Rihanna's Pregnancy Style: हॉलीवुड की मशहूर सिंगर चौंतीस वर्षीय रिहाना जल्द ही अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली है। Hijab Controversy: कर्नाटक हिजाब मामले पर हाई कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने हिजाब पहनने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। |
(विधि) श्रद्धासहित प्रतिदिन ऋद्धि-मन्त्र को १०८ बार जपने से शत्रु वश में होता है और शस्त्रादि के धाव शरीर मे नही हो पाते ।
अर्थ - हे वृषभेश्वर ! इस प्रकार जो विवेकशील बुद्धिमान् पुरुष आपके इस परम पवित्र स्तोत्र का रात दिन श्रद्धासहित चिन्त्वन, अध्ययन, आराधन और मनन करते हैं, उनके मदोन्मत्त हाथी, विकराल सिंह, भभकता दावानल, भयंकर सर्प, बीभत्स संग्राम विक्षुब्ध समुद्र, शस्त्रप्रहार और बन्धनजनित भय भी भयाकुल होकर अतिशीघ्र नष्ट हो जाते हैं। फिर लौटकर आपके भक्तजनों की ओर चार नहीं करते ॥४७॥
The intelligent man, who chants this prayer offered to Thee is in no time liberated from the fear born of wild elephants, lion, forest-confiagration, snakes, battles oceans, dropsy and shaekles. 47.
सर्व सिद्धि दायक
स्तोत्र स्त्रजं तव जिनेन्द्र ! गुणे - निंबद्धां, भक्त्या मया रुचिरवर्णविचित्र-पुष्पाम् ।
धत्ते जनो य इह कण्ठगतामजस्रं,
तं मानतुङ्गमवशा समुपैति लक्ष्मीः ।।४८।।
श्रीमानतुङ्गेन कृतं
विचित्रम् ।
कवित्वहीनो भक्त्यैकया
मतिशास्त्रहीनो, प्रेरितसोमसेनः ॥ ४८ ॥
हे प्रभु तेरे गुणोद्यान की, क्यारी से चुन दिव्य-ललाम । गूँथी विविध वर्ण सुमनो की, गुण-माला मुन्दर अभिराम ॥ श्रद्धासहित भविकजन जो भी, कण्ठाभरण बनाते है । मानतुज सम निश्चित सुन्दर, मोक्षलक्ष्मी पाते है ॥४८॥
(ऋद्धि) ॐ ह्री अहं णमो सव्वसाहूण ।
(मत्र ) महतिमहावीरवड्ढमाणबुद्धिरिसोण ॐ ह्रा ह्री हं ह्रौ ह. असिआ उसा झौ झौ स्वाहा ।
ॐ ह्री सकलकार्यसाधनसमर्थाय क्लीमहावीजाक्षरसहिताय श्रीवृषभ जिनेन्द्राय अर्घ्यम् ॥४८॥
(विधि) श्रद्धासहित ४९ दिन तक १०८ वार ऋद्धि-मत्र जपने से मनोवाछित समस्त कार्यो की सिद्धि होती है ॥४८॥
अर्थ - जैसे पुष्पमाला धारण करने से मनुष्य को शोभा ( लक्ष्मी ) प्राप्त होती है उसी प्रकार इस स्तोत्ररूपी माला के पहिनने ( सदा पाठ करने ) से मनुष्य का परम्परा से मोक्ष-लक्ष्मी प्राप्त होती है ॥ ४ ॥
The Goddess of wealth of her own accord resorts to
that man of high self-respect in this world, who alwes place round his neck, O Jinendra This garland of orisons, which has been sturng by me with the stings of the excellences out of devotion, and which looks charming on account of the multi-coloured flowers in the shape of beautiful words. 48. | श्रद्धासहित प्रतिदिन ऋद्धि-मन्त्र को एक सौ आठ बार जपने से शत्रु वश में होता है और शस्त्रादि के धाव शरीर मे नही हो पाते । अर्थ - हे वृषभेश्वर ! इस प्रकार जो विवेकशील बुद्धिमान् पुरुष आपके इस परम पवित्र स्तोत्र का रात दिन श्रद्धासहित चिन्त्वन, अध्ययन, आराधन और मनन करते हैं, उनके मदोन्मत्त हाथी, विकराल सिंह, भभकता दावानल, भयंकर सर्प, बीभत्स संग्राम विक्षुब्ध समुद्र, शस्त्रप्रहार और बन्धनजनित भय भी भयाकुल होकर अतिशीघ्र नष्ट हो जाते हैं। फिर लौटकर आपके भक्तजनों की ओर चार नहीं करते ॥सैंतालीस॥ The intelligent man, who chants this prayer offered to Thee is in no time liberated from the fear born of wild elephants, lion, forest-confiagration, snakes, battles oceans, dropsy and shaekles. सैंतालीस. सर्व सिद्धि दायक स्तोत्र स्त्रजं तव जिनेन्द्र ! गुणे - निंबद्धां, भक्त्या मया रुचिरवर्णविचित्र-पुष्पाम् । धत्ते जनो य इह कण्ठगतामजस्रं, तं मानतुङ्गमवशा समुपैति लक्ष्मीः ।।अड़तालीस।। श्रीमानतुङ्गेन कृतं विचित्रम् । कवित्वहीनो भक्त्यैकया मतिशास्त्रहीनो, प्रेरितसोमसेनः ॥ अड़तालीस ॥ हे प्रभु तेरे गुणोद्यान की, क्यारी से चुन दिव्य-ललाम । गूँथी विविध वर्ण सुमनो की, गुण-माला मुन्दर अभिराम ॥ श्रद्धासहित भविकजन जो भी, कण्ठाभरण बनाते है । मानतुज सम निश्चित सुन्दर, मोक्षलक्ष्मी पाते है ॥अड़तालीस॥ ॐ ह्री अहं णमो सव्वसाहूण । महतिमहावीरवड्ढमाणबुद्धिरिसोण ॐ ह्रा ह्री हं ह्रौ ह. असिआ उसा झौ झौ स्वाहा । ॐ ह्री सकलकार्यसाधनसमर्थाय क्लीमहावीजाक्षरसहिताय श्रीवृषभ जिनेन्द्राय अर्घ्यम् ॥अड़तालीस॥ श्रद्धासहित उनचास दिन तक एक सौ आठ वार ऋद्धि-मत्र जपने से मनोवाछित समस्त कार्यो की सिद्धि होती है ॥अड़तालीस॥ अर्थ - जैसे पुष्पमाला धारण करने से मनुष्य को शोभा प्राप्त होती है उसी प्रकार इस स्तोत्ररूपी माला के पहिनने से मनुष्य का परम्परा से मोक्ष-लक्ष्मी प्राप्त होती है ॥ चार ॥ The Goddess of wealth of her own accord resorts to that man of high self-respect in this world, who alwes place round his neck, O Jinendra This garland of orisons, which has been sturng by me with the stings of the excellences out of devotion, and which looks charming on account of the multi-coloured flowers in the shape of beautiful words. अड़तालीस. |
।दस्तारबंदी में भाग लेते मदरसा के बच्चे।
खेतासराय,जौनपुर। नगर में जश्ने ईदे मिलादुन्नबी अकीदत के साथ मनाया गया। आखिरी रात जलसा दस्तारबंदी आयोजित किया गया। जिसमें कुरआन और हिफ्ज़ पूरा कर चुके मदरसा अहलेसुन्नत एजाजुल उलूम के 9 छात्रों की दस्तारबंदी की गई। इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा कस्बे की भव्य सजावट पर उन्हें पुरस्कृत किया गया। जलसा का आग़ाज़ कारी इमरान साहिब ने कुरान का पाठ करके किया। मौलाना डाक्टर शहरयार रजा तथा मुफ्ती शेर मोहम्मद खान ने मोहम्मद साहब की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। साजिद रजा तथा मौलाना हामिद रजा ने नातिया कलाम पेश किया।इस मौके पर मदरसा अहले सुन्नत एजाजुल उलूम में हिफ़्ज़ पूरी कर चुके क्रमशः हाफिज मोहम्मद सिब्तैन, हाफिज मोहम्मद मेहताब , हाफिज मोहम्मद गुलशाद, हाफिज मोहम्मद अफान, हाफिज मोहम्मद जिशान, हाफिज मोहम्मद शाह आलम, हाफिज मोजक्किर हुसैन, हाफिज मोहम्मद अरबाज , हाफिज मोहम्मद फजल अहमद के सिर पर उस्ताद व आलिमों द्वारा पगड़ी बांध कर दस्तारबंदी की गई। जलसे का संचालन किस्मतुल्लाह सिकंदरपुरी ने किया। कार्यक्रम संयोजक सैयद ताहरि ने सभी अंजुमनों तथा प्रशासन का सहयोग के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ चोब सिंह , एसडीएम अंकित कुमार थानाध्यक्ष यजुवेंद्र कुमार सिंह चक्रमण करते रहे।
| ।दस्तारबंदी में भाग लेते मदरसा के बच्चे। खेतासराय,जौनपुर। नगर में जश्ने ईदे मिलादुन्नबी अकीदत के साथ मनाया गया। आखिरी रात जलसा दस्तारबंदी आयोजित किया गया। जिसमें कुरआन और हिफ्ज़ पूरा कर चुके मदरसा अहलेसुन्नत एजाजुल उलूम के नौ छात्रों की दस्तारबंदी की गई। इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा कस्बे की भव्य सजावट पर उन्हें पुरस्कृत किया गया। जलसा का आग़ाज़ कारी इमरान साहिब ने कुरान का पाठ करके किया। मौलाना डाक्टर शहरयार रजा तथा मुफ्ती शेर मोहम्मद खान ने मोहम्मद साहब की शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। साजिद रजा तथा मौलाना हामिद रजा ने नातिया कलाम पेश किया।इस मौके पर मदरसा अहले सुन्नत एजाजुल उलूम में हिफ़्ज़ पूरी कर चुके क्रमशः हाफिज मोहम्मद सिब्तैन, हाफिज मोहम्मद मेहताब , हाफिज मोहम्मद गुलशाद, हाफिज मोहम्मद अफान, हाफिज मोहम्मद जिशान, हाफिज मोहम्मद शाह आलम, हाफिज मोजक्किर हुसैन, हाफिज मोहम्मद अरबाज , हाफिज मोहम्मद फजल अहमद के सिर पर उस्ताद व आलिमों द्वारा पगड़ी बांध कर दस्तारबंदी की गई। जलसे का संचालन किस्मतुल्लाह सिकंदरपुरी ने किया। कार्यक्रम संयोजक सैयद ताहरि ने सभी अंजुमनों तथा प्रशासन का सहयोग के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीओ चोब सिंह , एसडीएम अंकित कुमार थानाध्यक्ष यजुवेंद्र कुमार सिंह चक्रमण करते रहे। |
ईस असपति किसी उन्नति, करै अवगति जिकूं सिर मांन दुख अति धार मसलति लोपि ईजत लाज ।।२७।। ज्यां घर वाळौ जीवणौ, घट तिकां डर व्यापै घणो, महाराज सूं भ्रम द्वार मांगै, सहर तजि इंद्रसाह । नागोर हूंता हूंता नीसरे, सुरतांण पुर दिसि संचरे, धनि प्रभा छत्रपति सकति धूरति, प्रकति हिम्मति जांण गजपति, निहसि बाजित घहरि नौबति, कथै कवि कृति उकति कीरति, महा अजमति परम मूरति, पैज रघुपति तेज पूरति, प्रभुति सुण श्रति धूज धरपति सुखै छत्रपति साह ।।२८।।। विड़देस पवँगै वाडतै, खग नागपुर घर खाटतै, जीवता केहर तणी जांगे खांच काढी खाळ ।
ईस० = मालिक बादशाह है तो उन्नति की बात ही कौन सी ? करै० जिसका सिर पर रखने से बुरी हालत होती है, उसे दुःख मानकर यह और सलाह विचार विचारो और इस समय इब्जत और लज्जा की बात छोड़ दो।
२८ - ज्यां ० = जिनकेा जीवित रहना अति वल्लभ है ? घट तिकां उनके शरीर में । भ्रम द्वार = शरण । इंद्रसाह हे इंद्रसिंह । सुरताण पुर दिसि = दिल्ली की तरफ । संन्चरे = विचरण करो। धनि = धन्य है । सकति धूरति = बल को धारण करनेवाला । प्रकति = (प्रकृति) स्वभाव से । निहसि = बजते हैं । बाजित = वादित्र, बाजे । घहरि नौबति = नौबत घरघराहट करती है। कृति उकति = उक्ति करके । महा अजमति = बड़ा पराक्रमवाला । पैज रघुपति = रामचंद्र के समान प्रतिज्ञा निबाहनेवाला । प्रभुति = प्रभाव को ।
२९ - विड़देस ० = विड़द्दसिंह के घोड़े को काटते । खग० = तलवार से नागोर की पृथ्वी को हासिल करते । जीवता ० = मानों जिंदा केसरी की खाल | ईस असपति किसी उन्नति, करै अवगति जिकूं सिर मांन दुख अति धार मसलति लोपि ईजत लाज ।।सत्ताईस।। ज्यां घर वाळौ जीवणौ, घट तिकां डर व्यापै घणो, महाराज सूं भ्रम द्वार मांगै, सहर तजि इंद्रसाह । नागोर हूंता हूंता नीसरे, सुरतांण पुर दिसि संचरे, धनि प्रभा छत्रपति सकति धूरति, प्रकति हिम्मति जांण गजपति, निहसि बाजित घहरि नौबति, कथै कवि कृति उकति कीरति, महा अजमति परम मूरति, पैज रघुपति तेज पूरति, प्रभुति सुण श्रति धूज धरपति सुखै छत्रपति साह ।।अट्ठाईस।।। विड़देस पवँगै वाडतै, खग नागपुर घर खाटतै, जीवता केहर तणी जांगे खांच काढी खाळ । ईसशून्य = मालिक बादशाह है तो उन्नति की बात ही कौन सी ? करैशून्य जिसका सिर पर रखने से बुरी हालत होती है, उसे दुःख मानकर यह और सलाह विचार विचारो और इस समय इब्जत और लज्जा की बात छोड़ दो। अट्ठाईस - ज्यां शून्य = जिनकेा जीवित रहना अति वल्लभ है ? घट तिकां उनके शरीर में । भ्रम द्वार = शरण । इंद्रसाह हे इंद्रसिंह । सुरताण पुर दिसि = दिल्ली की तरफ । संन्चरे = विचरण करो। धनि = धन्य है । सकति धूरति = बल को धारण करनेवाला । प्रकति = स्वभाव से । निहसि = बजते हैं । बाजित = वादित्र, बाजे । घहरि नौबति = नौबत घरघराहट करती है। कृति उकति = उक्ति करके । महा अजमति = बड़ा पराक्रमवाला । पैज रघुपति = रामचंद्र के समान प्रतिज्ञा निबाहनेवाला । प्रभुति = प्रभाव को । उनतीस - विड़देस शून्य = विड़द्दसिंह के घोड़े को काटते । खगशून्य = तलवार से नागोर की पृथ्वी को हासिल करते । जीवता शून्य = मानों जिंदा केसरी की खाल |
एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) इनदिनों अपनी आनेवाली फिल्म चकदा एक्सप्रेस (Chakda Xpress) को लेकर सुर्खियों मे छाई हुई हैं. अब उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म से जुड़ी एक तस्वीर शेयर की हैं. फिल्म में अनुष्का शर्मा पहली बार क्रिकेटर के रोल में नजर आएंगी. वो फिल्म में पूर्व भारतीय कप्तान झूलन गोस्वामी का रोल प्ले करती दिखेंगी. अनुष्का शर्मा के फैंस के लिए इस साल की ये बेस्ट ट्रीट है.
अनुष्का शर्मा ने तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा," एक कहानी से एक क्षण जिसे बताया जाना चाहिए! " इस तस्वीर में अनुष्का शर्मा, झूलन के जीवन के एक पल को फिर से दोहराती नजर आ हैं जहां वह बारिश के दौरान एक फोन बूथ पर खड़े होकर बात करती नजर आ रही हैं. इस पोस्ट पर यूजर्स जमकर कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, अब इसके लिए और इंतजार नहीं कर सकते. एक और यूजर ने लिखा, फाइनली अनुष्का इज बैक.
बता दें कि, अनुष्का शर्मा 5 साल के बाद फिल्मी दुनिया में वापसी कर रहीं हैं. अनुष्का शर्मा की पिछली रिलीज फिल्म जीरो थी. इसमें उनके साथ कटरीना कैफ और शाहरुख खान ने काम किया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी. हालांकि अनुष्का के काम की तारीफ हुई थी. जीरो के बाद अनुष्का भले ही फिल्मों में नहीं दिखीं लेकिन उनके प्रोडक्शन हाउस तले कई मूवी रिलीज हो रहे थे. इन तीन सालों में उनके प्रोडक्शन हाउस की फिल्में और सीरीज रिलीज हुईं जिनमें पाताल लोक, बुलबुल शामिल है.
गौरतलब है कि, झूलन गोस्वामी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हैं. भारत की सबसे तेज महिला गेंदबाज में उनका नाम टॉप पर रहा है. उन्होंने अगस्त 2018 में WT20Is से रिटायरमेंट का ऐलान किया था. उनके नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का भी रिकॉर्ड दर्ज है. अनुष्का शर्मा कई बार जाहिर कर चुकी हैं कि वो इस फिल्म का हिस्सा बनने को लेकर बेहद उत्साहित हैं.
अनुष्का शर्मा ने इससे पहले भी प्रैक्टिस करते हुए अपनी कुछ फोटोज फैंस के साथ पोस्ट की थी. इसे देखकर फैंस फिल्म के रिलीज डेट को लेकर उनसे सवाल पूछने लगे थे. बता दें कि फिल्म 'चकदा एक्सप्रेस' नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी.
| एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा इनदिनों अपनी आनेवाली फिल्म चकदा एक्सप्रेस को लेकर सुर्खियों मे छाई हुई हैं. अब उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म से जुड़ी एक तस्वीर शेयर की हैं. फिल्म में अनुष्का शर्मा पहली बार क्रिकेटर के रोल में नजर आएंगी. वो फिल्म में पूर्व भारतीय कप्तान झूलन गोस्वामी का रोल प्ले करती दिखेंगी. अनुष्का शर्मा के फैंस के लिए इस साल की ये बेस्ट ट्रीट है. अनुष्का शर्मा ने तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा," एक कहानी से एक क्षण जिसे बताया जाना चाहिए! " इस तस्वीर में अनुष्का शर्मा, झूलन के जीवन के एक पल को फिर से दोहराती नजर आ हैं जहां वह बारिश के दौरान एक फोन बूथ पर खड़े होकर बात करती नजर आ रही हैं. इस पोस्ट पर यूजर्स जमकर कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, अब इसके लिए और इंतजार नहीं कर सकते. एक और यूजर ने लिखा, फाइनली अनुष्का इज बैक. बता दें कि, अनुष्का शर्मा पाँच साल के बाद फिल्मी दुनिया में वापसी कर रहीं हैं. अनुष्का शर्मा की पिछली रिलीज फिल्म जीरो थी. इसमें उनके साथ कटरीना कैफ और शाहरुख खान ने काम किया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी. हालांकि अनुष्का के काम की तारीफ हुई थी. जीरो के बाद अनुष्का भले ही फिल्मों में नहीं दिखीं लेकिन उनके प्रोडक्शन हाउस तले कई मूवी रिलीज हो रहे थे. इन तीन सालों में उनके प्रोडक्शन हाउस की फिल्में और सीरीज रिलीज हुईं जिनमें पाताल लोक, बुलबुल शामिल है. गौरतलब है कि, झूलन गोस्वामी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हैं. भारत की सबसे तेज महिला गेंदबाज में उनका नाम टॉप पर रहा है. उन्होंने अगस्त दो हज़ार अट्ठारह में WTबीसIs से रिटायरमेंट का ऐलान किया था. उनके नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का भी रिकॉर्ड दर्ज है. अनुष्का शर्मा कई बार जाहिर कर चुकी हैं कि वो इस फिल्म का हिस्सा बनने को लेकर बेहद उत्साहित हैं. अनुष्का शर्मा ने इससे पहले भी प्रैक्टिस करते हुए अपनी कुछ फोटोज फैंस के साथ पोस्ट की थी. इसे देखकर फैंस फिल्म के रिलीज डेट को लेकर उनसे सवाल पूछने लगे थे. बता दें कि फिल्म 'चकदा एक्सप्रेस' नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी. |
कुल्थी की दाल को हॉर्स ग्राम के नाम से भी जाना जाता है. ये औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इसे मीट से भी ज्यादा पौष्टिक बताया जाता है. इसका रंग गहरा भूरा होता है और देखने में मसूर की दाल की तरह लगती है. यहां जानिए इस दाल के 5 बड़े फायदों के बारे में.
| कुल्थी की दाल को हॉर्स ग्राम के नाम से भी जाना जाता है. ये औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इसे मीट से भी ज्यादा पौष्टिक बताया जाता है. इसका रंग गहरा भूरा होता है और देखने में मसूर की दाल की तरह लगती है. यहां जानिए इस दाल के पाँच बड़े फायदों के बारे में. |
पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता पी. चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में केंद्रीय जांच एजेंसी के शिकंजे में हैं। इस मामले में उन्हें सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद अब दिल्ली की एक अदालत ने उनकी सीबीआई की कस्टडी को चार दिन के लिए बढ़ा दिया है।
ऐसे में चिदंबरम को 30 अगस्त तक सीबीआई की हिरासत में रहना होगा। 30 अगस्त को उन्हें कोर्ट में फिर से पेश किया जाएगा।
| पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता पी. चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया केस में केंद्रीय जांच एजेंसी के शिकंजे में हैं। इस मामले में उन्हें सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगने के बाद अब दिल्ली की एक अदालत ने उनकी सीबीआई की कस्टडी को चार दिन के लिए बढ़ा दिया है। ऐसे में चिदंबरम को तीस अगस्त तक सीबीआई की हिरासत में रहना होगा। तीस अगस्त को उन्हें कोर्ट में फिर से पेश किया जाएगा। |
श्रीनगर. सेना के एक वरिष्ठ कमांडर ने यहां कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकी 'लॉंच पैड' आतंकवादियों से "पूरी तरह भरे हैं" लेकिन उन्हें संघर्षविराम उल्लंघन की आड़ में भारत में घुसाने के पाकिस्तानी सेना के प्रयासों का जवाब "कड़ाई और दंडात्मक" रूप से दिया जा रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने रणनीतिक कमान का प्रभार पिछले साल फरवरी में संभाला था। अब दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय में उनका तबादला हो गया है और वह जल्द ही दिल्ली के लिए रवाना होंगे। रणनीतिक कमान के मुखिया के रूप में उनके कार्यकाल की शुरुआत काफी बड़ी चुनौती के साथ हुई और संबंधित पद पर उनके आसीन होने के एक सप्ताह के भीतर 14 फरवरी 2019 को राष्ट्र ने पुलवामा में एक बड़ा आत्मघाती हमला देखा जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 कर्मी शहीद हो गए। राजपूताना राइफल्स से ताल्लुक रखने वाले ढिल्लों नयी भूमिका में सही ढंग से ढले भी नहीं थे कि उन्होंने कायराना हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ समन्वित अभियान और नियंत्रण रेखा पर घटनाक्रमों की निगरानी शुरू कर दी जहां स्थिति हर रोज खराब हो रही थी।
ढिल्लों ने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस, अर्धसैनिक बलों और गुप्तचर एजेंसियों की मदद से नियंत्रण रेखा और क्षेत्र के भीतर आतंकवाद को विफल करना सेना का मुख्य दायित्व है। उन्होंने नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना के दबदबे का उल्लेख किया और कहा कि भीतरी क्षेत्र में "लोगों के साथ मित्रवत तरीके के साथ" प्रभावी आतंकवाद रोधी अभियानों से घाटी में स्थिति में सुधार हुआ है।
ढिल्लों ने कहा कि "अभियानगत सफलताओं, सुधरती सुरक्षा स्थिति और विभिन्न सरकारी पहलों" से स्थानीय कारोबार, पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र को काफी लाभ होगा।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है। )
(फाइल फोटो)
| श्रीनगर. सेना के एक वरिष्ठ कमांडर ने यहां कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी 'लॉंच पैड' आतंकवादियों से "पूरी तरह भरे हैं" लेकिन उन्हें संघर्षविराम उल्लंघन की आड़ में भारत में घुसाने के पाकिस्तानी सेना के प्रयासों का जवाब "कड़ाई और दंडात्मक" रूप से दिया जा रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लों ने रणनीतिक कमान का प्रभार पिछले साल फरवरी में संभाला था। अब दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय में उनका तबादला हो गया है और वह जल्द ही दिल्ली के लिए रवाना होंगे। रणनीतिक कमान के मुखिया के रूप में उनके कार्यकाल की शुरुआत काफी बड़ी चुनौती के साथ हुई और संबंधित पद पर उनके आसीन होने के एक सप्ताह के भीतर चौदह फरवरी दो हज़ार उन्नीस को राष्ट्र ने पुलवामा में एक बड़ा आत्मघाती हमला देखा जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के चालीस कर्मी शहीद हो गए। राजपूताना राइफल्स से ताल्लुक रखने वाले ढिल्लों नयी भूमिका में सही ढंग से ढले भी नहीं थे कि उन्होंने कायराना हमले के षड्यंत्रकारियों के खिलाफ समन्वित अभियान और नियंत्रण रेखा पर घटनाक्रमों की निगरानी शुरू कर दी जहां स्थिति हर रोज खराब हो रही थी। ढिल्लों ने कहा कि जम्मू कश्मीर पुलिस, अर्धसैनिक बलों और गुप्तचर एजेंसियों की मदद से नियंत्रण रेखा और क्षेत्र के भीतर आतंकवाद को विफल करना सेना का मुख्य दायित्व है। उन्होंने नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना के दबदबे का उल्लेख किया और कहा कि भीतरी क्षेत्र में "लोगों के साथ मित्रवत तरीके के साथ" प्रभावी आतंकवाद रोधी अभियानों से घाटी में स्थिति में सुधार हुआ है। ढिल्लों ने कहा कि "अभियानगत सफलताओं, सुधरती सुरक्षा स्थिति और विभिन्न सरकारी पहलों" से स्थानीय कारोबार, पर्यटन और शिक्षा क्षेत्र को काफी लाभ होगा। |
Alia Bhatt Viral Video: आलिया भट्ट अपनी क्यूटनेस और अदाओं से लोगों के दिलों पर राज करती हैं। एक्टिंग के साथ-साथ वह फैमिली को भी पूरा समय देती हैं। बेटी राहा के साथ मदरहुड भी वह एन्जॉय कर रही हैं। गुरुवार को आलिया भट्ट अपनी बहन और मां के साथ डिनर के लिए गईं। डिनर करने के बाद जब वह बाहर निकलीं तो उन्हें एक चप्पल पड़ी हुई नजर आई। एक्ट्रेस ने अपने हाथों से चप्पल उठाकर पैपराजी को दी, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।
इन दिनों कई बॉलीवुड स्टार्स बांद्रा के रेस्टोरेंट और कैफे में स्पॉट किए जा रहे हैं। गुरुवार को आलिया भट्ट अपनी मां सोनी राजदान और बहन शाहीन भट्ट के साथ डिनर पर गईं। इस दौरान एक्ट्रेस व्हाइट एंड ब्लू टॉप और ब्लैक ट्राउजर्स में नजर आईं। सोनी राजदान को फ्लोरल प्रिंटेड ड्रेस में देखा गया तो शाहीन भट्ट बेज कलर की ड्रेस में दिखीं।
आलिया जैसे ही डिनर के बाद रेस्टोरेंट से बाहर निकलीं, पैपराजी उनकी फोटोज क्लिक करने लगे। दोनों बेटियों ने मां के साथ रुककर फोटो क्लिक कराई। इसके बाद आलिया भट्ट की नजर अचानक एक चप्पल पर जाती है। वह पूछती हैं कि चप्पल किसकी है और नीचे झुककर चप्पल हाथ में उठा लेती हैं।
सभी पैपराजी आलिया से कहते हैं कि वह चप्पल छोड़ दे। जिसकी चप्पल है, वो बाद में ले लेगा। लेकिन आलिया भट्ट कहती हैं कि अभी ले लीजिए और अपने हाथ से ही पैपराजी को चप्पल देती हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आलिया भट्ट की दरियादिली उनके फैंस को पसंद आ रही है और उनके विनम्र स्वभाव की तारीफ कर रहे हैं। इतनी बड़ी एक्ट्रेस होने पर भी उनका जो स्वभाव है, वह फैंस को इंप्रेस कर रहा है। यूजर्स आलिया की क्यूटनेस की तारीफ कर रहे हैं तो वहीं कुछ यूजर्स उन्हें डाउन टू अर्थ बता रहे हैं।
आलिया भट्ट इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त चल रही हैं। फिल्म 'हार्ट ऑफ स्टोन' से वह हॉलीवुड में डेब्यू करने वाली हैं। इसके अलावा आलिया भट्ट के नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित 'रामायण' में भी नजर आने की खबर है। इस फिल्म में वह सीता के रोल में नजर आ सकती हैं तो वहीं रणबीर कपूर भगवान राम के रोल में दिखाई दे सकते हैं। हालांकि अभी तक फिल्म को लेकर ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की गई है।
| Alia Bhatt Viral Video: आलिया भट्ट अपनी क्यूटनेस और अदाओं से लोगों के दिलों पर राज करती हैं। एक्टिंग के साथ-साथ वह फैमिली को भी पूरा समय देती हैं। बेटी राहा के साथ मदरहुड भी वह एन्जॉय कर रही हैं। गुरुवार को आलिया भट्ट अपनी बहन और मां के साथ डिनर के लिए गईं। डिनर करने के बाद जब वह बाहर निकलीं तो उन्हें एक चप्पल पड़ी हुई नजर आई। एक्ट्रेस ने अपने हाथों से चप्पल उठाकर पैपराजी को दी, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। इन दिनों कई बॉलीवुड स्टार्स बांद्रा के रेस्टोरेंट और कैफे में स्पॉट किए जा रहे हैं। गुरुवार को आलिया भट्ट अपनी मां सोनी राजदान और बहन शाहीन भट्ट के साथ डिनर पर गईं। इस दौरान एक्ट्रेस व्हाइट एंड ब्लू टॉप और ब्लैक ट्राउजर्स में नजर आईं। सोनी राजदान को फ्लोरल प्रिंटेड ड्रेस में देखा गया तो शाहीन भट्ट बेज कलर की ड्रेस में दिखीं। आलिया जैसे ही डिनर के बाद रेस्टोरेंट से बाहर निकलीं, पैपराजी उनकी फोटोज क्लिक करने लगे। दोनों बेटियों ने मां के साथ रुककर फोटो क्लिक कराई। इसके बाद आलिया भट्ट की नजर अचानक एक चप्पल पर जाती है। वह पूछती हैं कि चप्पल किसकी है और नीचे झुककर चप्पल हाथ में उठा लेती हैं। सभी पैपराजी आलिया से कहते हैं कि वह चप्पल छोड़ दे। जिसकी चप्पल है, वो बाद में ले लेगा। लेकिन आलिया भट्ट कहती हैं कि अभी ले लीजिए और अपने हाथ से ही पैपराजी को चप्पल देती हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आलिया भट्ट की दरियादिली उनके फैंस को पसंद आ रही है और उनके विनम्र स्वभाव की तारीफ कर रहे हैं। इतनी बड़ी एक्ट्रेस होने पर भी उनका जो स्वभाव है, वह फैंस को इंप्रेस कर रहा है। यूजर्स आलिया की क्यूटनेस की तारीफ कर रहे हैं तो वहीं कुछ यूजर्स उन्हें डाउन टू अर्थ बता रहे हैं। आलिया भट्ट इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त चल रही हैं। फिल्म 'हार्ट ऑफ स्टोन' से वह हॉलीवुड में डेब्यू करने वाली हैं। इसके अलावा आलिया भट्ट के नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित 'रामायण' में भी नजर आने की खबर है। इस फिल्म में वह सीता के रोल में नजर आ सकती हैं तो वहीं रणबीर कपूर भगवान राम के रोल में दिखाई दे सकते हैं। हालांकि अभी तक फिल्म को लेकर ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं की गई है। |
Watch Brihaspativar Vrat Katha Video:बृहस्पति भगवान का व्रत करने से धन, विद्या ,पुत्र तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती हैं। इस व्रत को करने से सारी तकलीफें दूर होती हैं ,परिवार में सुख शांति रहती हैं। साथ ही बृहस्पति जी खुश होते हैं। बृहस्पति भगवान का पूजन करते समय मन और कर्म से शुद्ध होना चाहिये। इस व्रत में दिन में एक बार भोजन चने दाल का करें, नमक का इस्तेमाल न करें,पीले वस्त्र ही पहनें, पीले फल खायें, पीलें चंदन का प्रयोग करें ,पीले रंग का फूल और सिर्फ केले का ही पूजन करें। आप इस वीडियों के माध्यम से जानियें बृहस्पति महाराज की व्रत करने की विधि और कथा सुनकर व्रत सफल बनायें.
| Watch Brihaspativar Vrat Katha Video:बृहस्पति भगवान का व्रत करने से धन, विद्या ,पुत्र तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती हैं। इस व्रत को करने से सारी तकलीफें दूर होती हैं ,परिवार में सुख शांति रहती हैं। साथ ही बृहस्पति जी खुश होते हैं। बृहस्पति भगवान का पूजन करते समय मन और कर्म से शुद्ध होना चाहिये। इस व्रत में दिन में एक बार भोजन चने दाल का करें, नमक का इस्तेमाल न करें,पीले वस्त्र ही पहनें, पीले फल खायें, पीलें चंदन का प्रयोग करें ,पीले रंग का फूल और सिर्फ केले का ही पूजन करें। आप इस वीडियों के माध्यम से जानियें बृहस्पति महाराज की व्रत करने की विधि और कथा सुनकर व्रत सफल बनायें. |
श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के कुलगाम ज़िला में शुक्रवार को कुछ फ़सादीयों ने भारतीय जनता पार्टी (बी जे पी)के एक नेता की गाड़ी में आग लगादी। सरकारी सुत्रो ने बताया कि कुछ फ़सादीयों ने कुलगाम के बी जे पी सेक्रेटरी आबिद हुसैन ख़ान की एक गाड़ी में आज सुबह एक बज कर 20 मिनट पर आग लगादी। गाड़ी में आग उस वक़्त लगाई गई जब ये मिस्टर ख़ान के घर के बाहर खड़ा था। मिस्टर ख़ान ने इस से पहले गुरुवार को कुलगाम में हाल ही में चुने गए बी जे पी के बलॉक डोलपमंट कमीशन (बी डी सी)के सदर से मुलाक़ात की थी।
| श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के कुलगाम ज़िला में शुक्रवार को कुछ फ़सादीयों ने भारतीय जनता पार्टी के एक नेता की गाड़ी में आग लगादी। सरकारी सुत्रो ने बताया कि कुछ फ़सादीयों ने कुलगाम के बी जे पी सेक्रेटरी आबिद हुसैन ख़ान की एक गाड़ी में आज सुबह एक बज कर बीस मिनट पर आग लगादी। गाड़ी में आग उस वक़्त लगाई गई जब ये मिस्टर ख़ान के घर के बाहर खड़ा था। मिस्टर ख़ान ने इस से पहले गुरुवार को कुलगाम में हाल ही में चुने गए बी जे पी के बलॉक डोलपमंट कमीशन के सदर से मुलाक़ात की थी। |
वीर अर्जुन न्यूज नेटवर्प नई दिल्ली। खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के खिलाफ व्यापारियों द्वारा राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान का बाजारों में कुछ जगह पर पूर्ण और कुछ जगह पर आंशिक असर देखने को मिला, लेकिन गली. . मोहल्ले की दुकानें कमाबेश खुली रहीं। कई शहरों में दुकानदारों ने सरकार से एफडीआई का निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए रैलियां निकाली। व्यापारिक संग"नों ने कहा कि इस निर्णय से देश में व्यापार का ऐसी विषम परिस्थितियां उत्पन्न होंगी जिसमें बहुराष्ट्रीय खुदरा कंपनियों फायदे में होंगी और स्थानीय व्यापारी तथा उपभोक्ता के लिए `भयावह' स्थिति का सामना करना पड़ेगा। कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने दावा किया देशभर के व्यापारी इस हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि, यहां आ रही रपटों के मुताबिक, दिल्ली, बिहार और असम में इसका मिला. . जुला असर रहा। खंडेलवाल ने कहा, देशभर में 10,000 व्यापारिक संग"नों के करीब पांच करोड़ व्यापारी बंद में हिस्सा ले रहे हैं। देश में व्यावसायिक बाजारों में व्यापारियों ने मार्च निकाले। शहर में करोल बाग, सदर बाजार, कमला नगर, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, तिलक नगर, रोहिणी, कृष्णा नगर और ग्रेटर कैलाश जैसे बड़े बाजारों में दुकानें बंद रहीं, जबकि सरोजनी नगर और आईएनए में कारोबार सामान्य रहा। भाजपा और वामदल जैसी राजनीतिक पार्टियों ने बंद को समर्थन दिया। बंद के दौरान मोहल्ले की दुकानें खुली रहीं। उधर, उत्तर प्रदेश के व्यापारी संग"नों ने आज `भारत बंद' के तहत राज्य में व्यावसायिक प्रतिष्"ान बंद कराए। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल ने बताया कि पूरे राज्य में व्यवसायी लोग एफडीआई के विरोध में प्रदर्शन करेंगे और भीख मांगेंगे। झारखंड की राजधानी रांची में आज सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों में वाहनों का आवागमन बहुत सीमित है। दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्"ान पूरी तरह बंद हैं। आज सुबह से ही शहर के मुख्य मार्ग, सर्कुलर रोड, हीनू, कांके रोड, कोकर क्षेत्र, हटिया, हरमू, रातू रोड, कडरू आदि इलाकों में कोई भी दुकान एवं अन्य प्रतिष्"ान नहीं खुले। खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश संबंधी सरकार के फैसले के विरोध में आज आहूत भारत बंद का राजस्थान में मिला जुला असर रहा। खुदरा व्यापारियों ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए राजधानी जयपुर के वैशाली इलाके में कार्फुर मॉल के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, पश्चिम बंगाल में भी ज्यादातर खुदरा और थोक व्यापारियों ने आज अपनी दुकानें बंद रखीं। पश्चिम बंगाल में सबसे बड़े बुर्राबाजार के पोस्ता क्षेत्र में थोक बाजार सहित ज्यादातर बाजारों के व्यापारियों ने आज सांकेतिक हड़ताल रखी। ओडिशा के व्यापारियों ने भी देशव्यापी बंद के आह्वान पर आज अपनी दुकानें बंद रखी। राजधानी भुवनेश्वर, कटक, बरहामपुर, संबलपुर, राउरकेला और बालेश्वर सहित कई स्थानों पर बंद के चलते कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं। मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में करीब 35 लाख छोटे और मझोले व्यापारियों ने खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के खिलाफ आज अपनी दुकानें बंद रखी। फेडरेशन आफ एसोसिएशन आफ महाराष्ट्र ःएफएएमः के अध्यक्ष मोहन गुरनानी ने प्रेट्र को बताया, हमें मुंबई और नवी मुंबई में बंद का अच्छा असर देखने को मिला क्योंकि कृषि उत्पाद बाजार समिति ःएपीएमसीः के व्यापारी एक दिन के बंद के समर्थन में शामिल हुए। हालांकि, बिहार में बंद का मिला. . जुला असर देखने को मिला जिसमें ज्यादातर प्रमुख बाजारों में दुकानें खुली रहीं। बिहार में सत्तारूढ राजग ने बंद का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस और लोजपा इस बंद के खिलाफ हैं। तमिलनाडु में दुकानदारों ने बहु. . ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने के केन्द के निर्णय के खिलाफ आज अपनी दुकानें बंद रखीं व्यापारियों के संग"न तमिलनाडु वानिगर संगकालीन पेरवई के आह्वान पर राज्य में करीब 20 लाख व्यापारी इस बंद में हिस्सा ले रहे हैं। कर्नाटक में भी बड़ी संख्या में व्यापारियों ने आज अपनी दुकानें बंद रखीं और खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने के केन्द के निर्णय का विरोध किया। शहर में प्रमुख व्यापारिक केन्दों पर दुकानें बंद रहीं। फेडरेशन आफ कर्नाटक चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने यहां अपने कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया, जिसमें कई व्यापारियों ने हिस्सा लिया। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी बंद का असर रहा। इस बीच, भाकपा ने आज हैदराबाद में व्यापारियों की हड़ताल में शामिल होने का निर्णय किया। पार्टी ने कहा कि वह नारायणगुड़ा में पुतले फूंकेगी और शहर के बेगम बाजार में धरना प्रदर्शन करेगी। बेगम बाजार में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी और दिन के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। उधर, पंजाब में भी विभिन्न स्थानों पर व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। लेकिन चंडीगढ़ और हरियाणा में ज्यादातर दुकानें खुली रहीं। दवा और बीज की दुकानें खुली रहीं। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे प्रमुख औद्योगिक शहरों में बंद का व्यापक असर देखा गया। वहीं, गुजरात में एफडीआई के खिलाफ बंद का मिला. . जुला असर देखने को मिला। हालांकि, पुराने अहमदाबाद में किराना दुकानदारों ने अपनी दुकानें पूरी तरह से बंद रखीं। सूरत में करीब 40,000 कपड़ा व्यापारियों ने भी दुकानें बंद रखीं। इधर, उत्तराखंड में बाजार, स्कूल और पेट्रोल पंप बंद रहे। पलटन बाजार, चक्राता रोड और राजपुर रोड के व्यस्त इलाके में दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं जिससे इन इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूरी तरह से बंद रखीं। आधिकारिक रपटों के मुताबिक, राज्य में किसी भी जगह एक भी दुकान नहीं खुली। संसद में गतिरोध जारी, लगातार आ"वें दिन भी नहीं हुआ कोई कामकाज खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मुद्दे पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध और बढता जा रहा है। संप्रग के घटक दल तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक भी एफडीआई मुद्दे पर सरकार के खिलाफ विपक्ष के साथ खड़े नजर आए। आज लगातार पांचवें दिन इस मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुए आ" दिन हो चुके हैं लेकिन एफडीआई, मुल्लापेरियार बांध, अलग तेलंगाना राज्य जैसे मुद्दों को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में एक भी दिन प्रश्नकाल नहीं चला और लगभग न ही कोई अन्य सरकारी कामकाज निपटाया जा सका है। सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बावजूद विपक्ष बहु बांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के फैसले को वापस लेने तथा कार्य स्थगन प्रस्ताव के तहत इस मसले पर संसद में चर्चा कराने पर अड़ा है। दोनों ही सदनों में आज जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के समक्ष आ गए। इनमें से कई सदस्य एफडीआई, अलग तेलंगाना राज्य तथा मुल्लापेरियार बांध मुद्दे के पोस्टर लहरा रहे थे। लोकसभा में वाम दलों के साथ भाजपा तथा सत्ता पक्ष के घटक दल तृणमूल के सदस्य एफडीआई फैसले को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। द्रमुक सदस्य भी अग्रिम पंक्तियों में आकर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करने लगे। केरल के सांसद मुल्लापेरियार बांध के जलस्तर को 120 फुट पर ही बनाए रखने की मांग करते हुए आसन के समक्ष आ गए। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा पूर्व सदस्य हरीश कुमार गंगवार (कांग्रेस) के निधन का उल्लेख किए जाने तथा विश्व एड्स दिवस पर संदेश पढ़े जाने के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। तमिलनाडु से अन्नाद्रमुक सदस्य मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उ"ाते हुए अध्यक्ष के आसन के समक्ष आ गए। केरल के सदस्य भी इसी मुद्दे पर नारेबाजी करते आसन के सामने आ गये। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस सदस्य एफडीआई मुद्दे को लेकर विरोध जतलाने लगे। उनका साथ वाम सदस्यों ने दिया। तेलंगाना से कांग्रेस सांसद और कुछ तेदेपा सदस्य अलग तेलंगाना राज्य की मांग करते नजर आए। अध्यक्ष ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया लेकिन कुछ सुना नहीं जा सका। हंगामा जारी रहने पर उन्होंने बै"क दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे सदन के दोबारा बै"ने पर भी हंगामा जारी रहा जिसके चलते उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। उधर राज्यसभा में सुबह बै"क शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। पूरा विपक्ष अपने स्थान पर खड़े होकर एफडीआई मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगा। बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ने इस मसले पर चर्चा कराने के लिए प्रश्नकाल स्थगित करने का नोटिस दिया है। सभापति हामिद अंसारी द्वारा प्रश्नकाल की घोषणा करने के बावजूद हंगामा जारी रहा। विपक्षी सदस्य `एफडीआई वापस लो, वापस लो' के नारे लगा रहे थे। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायणसामी तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला कुछ कहते नजर आए लेकिन हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी। केरल के सदस्यों ने मुल्लापेरियार बांध की सुरक्षा का मुद्दा उ"ाया। भाजपा के सदस्य भी नारेबाजी करते हुए आसन के सामने आ गये। अंसारी ने सदस्यों से कहा कि वे अपनी जगह लौट जाएं और प्रश्नकाल चलने दें। लेकिन अंसारी की बात अनसुनी कर अन्य विपक्षी दलों के सदस्य भी आसन के सामने आ गये। हंगामा बढते देख अंसारी ने सदन की बै"क मध्याहन तक स्थगित कर दी। मध्याहन 12 बजे बै"क दोबारा शुरू होने पर हंगामा थमा नहीं। उप सभापति रहमान खान ने कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
| वीर अर्जुन न्यूज नेटवर्प नई दिल्ली। खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के खिलाफ व्यापारियों द्वारा राष्ट्रव्यापी बंद के आह्वान का बाजारों में कुछ जगह पर पूर्ण और कुछ जगह पर आंशिक असर देखने को मिला, लेकिन गली. . मोहल्ले की दुकानें कमाबेश खुली रहीं। कई शहरों में दुकानदारों ने सरकार से एफडीआई का निर्णय वापस लेने की मांग करते हुए रैलियां निकाली। व्यापारिक संग"नों ने कहा कि इस निर्णय से देश में व्यापार का ऐसी विषम परिस्थितियां उत्पन्न होंगी जिसमें बहुराष्ट्रीय खुदरा कंपनियों फायदे में होंगी और स्थानीय व्यापारी तथा उपभोक्ता के लिए `भयावह' स्थिति का सामना करना पड़ेगा। कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने दावा किया देशभर के व्यापारी इस हड़ताल में हिस्सा ले रहे हैं। हालांकि, यहां आ रही रपटों के मुताबिक, दिल्ली, बिहार और असम में इसका मिला. . जुला असर रहा। खंडेलवाल ने कहा, देशभर में दस,शून्य व्यापारिक संग"नों के करीब पांच करोड़ व्यापारी बंद में हिस्सा ले रहे हैं। देश में व्यावसायिक बाजारों में व्यापारियों ने मार्च निकाले। शहर में करोल बाग, सदर बाजार, कमला नगर, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट, तिलक नगर, रोहिणी, कृष्णा नगर और ग्रेटर कैलाश जैसे बड़े बाजारों में दुकानें बंद रहीं, जबकि सरोजनी नगर और आईएनए में कारोबार सामान्य रहा। भाजपा और वामदल जैसी राजनीतिक पार्टियों ने बंद को समर्थन दिया। बंद के दौरान मोहल्ले की दुकानें खुली रहीं। उधर, उत्तर प्रदेश के व्यापारी संग"नों ने आज `भारत बंद' के तहत राज्य में व्यावसायिक प्रतिष्"ान बंद कराए। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल ने बताया कि पूरे राज्य में व्यवसायी लोग एफडीआई के विरोध में प्रदर्शन करेंगे और भीख मांगेंगे। झारखंड की राजधानी रांची में आज सुबह से ही विभिन्न क्षेत्रों में वाहनों का आवागमन बहुत सीमित है। दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्"ान पूरी तरह बंद हैं। आज सुबह से ही शहर के मुख्य मार्ग, सर्कुलर रोड, हीनू, कांके रोड, कोकर क्षेत्र, हटिया, हरमू, रातू रोड, कडरू आदि इलाकों में कोई भी दुकान एवं अन्य प्रतिष्"ान नहीं खुले। खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश संबंधी सरकार के फैसले के विरोध में आज आहूत भारत बंद का राजस्थान में मिला जुला असर रहा। खुदरा व्यापारियों ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए राजधानी जयपुर के वैशाली इलाके में कार्फुर मॉल के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, पश्चिम बंगाल में भी ज्यादातर खुदरा और थोक व्यापारियों ने आज अपनी दुकानें बंद रखीं। पश्चिम बंगाल में सबसे बड़े बुर्राबाजार के पोस्ता क्षेत्र में थोक बाजार सहित ज्यादातर बाजारों के व्यापारियों ने आज सांकेतिक हड़ताल रखी। ओडिशा के व्यापारियों ने भी देशव्यापी बंद के आह्वान पर आज अपनी दुकानें बंद रखी। राजधानी भुवनेश्वर, कटक, बरहामपुर, संबलपुर, राउरकेला और बालेश्वर सहित कई स्थानों पर बंद के चलते कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं। मुंबई सहित महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में करीब पैंतीस लाख छोटे और मझोले व्यापारियों ने खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के खिलाफ आज अपनी दुकानें बंद रखी। फेडरेशन आफ एसोसिएशन आफ महाराष्ट्र ःएफएएमः के अध्यक्ष मोहन गुरनानी ने प्रेट्र को बताया, हमें मुंबई और नवी मुंबई में बंद का अच्छा असर देखने को मिला क्योंकि कृषि उत्पाद बाजार समिति ःएपीएमसीः के व्यापारी एक दिन के बंद के समर्थन में शामिल हुए। हालांकि, बिहार में बंद का मिला. . जुला असर देखने को मिला जिसमें ज्यादातर प्रमुख बाजारों में दुकानें खुली रहीं। बिहार में सत्तारूढ राजग ने बंद का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस और लोजपा इस बंद के खिलाफ हैं। तमिलनाडु में दुकानदारों ने बहु. . ब्रांड खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने के केन्द के निर्णय के खिलाफ आज अपनी दुकानें बंद रखीं व्यापारियों के संग"न तमिलनाडु वानिगर संगकालीन पेरवई के आह्वान पर राज्य में करीब बीस लाख व्यापारी इस बंद में हिस्सा ले रहे हैं। कर्नाटक में भी बड़ी संख्या में व्यापारियों ने आज अपनी दुकानें बंद रखीं और खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने के केन्द के निर्णय का विरोध किया। शहर में प्रमुख व्यापारिक केन्दों पर दुकानें बंद रहीं। फेडरेशन आफ कर्नाटक चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री ने यहां अपने कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया, जिसमें कई व्यापारियों ने हिस्सा लिया। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी बंद का असर रहा। इस बीच, भाकपा ने आज हैदराबाद में व्यापारियों की हड़ताल में शामिल होने का निर्णय किया। पार्टी ने कहा कि वह नारायणगुड़ा में पुतले फूंकेगी और शहर के बेगम बाजार में धरना प्रदर्शन करेगी। बेगम बाजार में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी और दिन के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। उधर, पंजाब में भी विभिन्न स्थानों पर व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। लेकिन चंडीगढ़ और हरियाणा में ज्यादातर दुकानें खुली रहीं। दवा और बीज की दुकानें खुली रहीं। लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे प्रमुख औद्योगिक शहरों में बंद का व्यापक असर देखा गया। वहीं, गुजरात में एफडीआई के खिलाफ बंद का मिला. . जुला असर देखने को मिला। हालांकि, पुराने अहमदाबाद में किराना दुकानदारों ने अपनी दुकानें पूरी तरह से बंद रखीं। सूरत में करीब चालीस,शून्य कपड़ा व्यापारियों ने भी दुकानें बंद रखीं। इधर, उत्तराखंड में बाजार, स्कूल और पेट्रोल पंप बंद रहे। पलटन बाजार, चक्राता रोड और राजपुर रोड के व्यस्त इलाके में दुकानें पूरी तरह से बंद रहीं जिससे इन इलाकों में सन्नाटा पसरा रहा। पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में व्यापारियों ने अपनी दुकानें पूरी तरह से बंद रखीं। आधिकारिक रपटों के मुताबिक, राज्य में किसी भी जगह एक भी दुकान नहीं खुली। संसद में गतिरोध जारी, लगातार आ"वें दिन भी नहीं हुआ कोई कामकाज खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मुद्दे पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध और बढता जा रहा है। संप्रग के घटक दल तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक भी एफडीआई मुद्दे पर सरकार के खिलाफ विपक्ष के साथ खड़े नजर आए। आज लगातार पांचवें दिन इस मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बारह बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुए आ" दिन हो चुके हैं लेकिन एफडीआई, मुल्लापेरियार बांध, अलग तेलंगाना राज्य जैसे मुद्दों को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में एक भी दिन प्रश्नकाल नहीं चला और लगभग न ही कोई अन्य सरकारी कामकाज निपटाया जा सका है। सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बावजूद विपक्ष बहु बांड खुदरा कारोबार में इक्यावन फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के फैसले को वापस लेने तथा कार्य स्थगन प्रस्ताव के तहत इस मसले पर संसद में चर्चा कराने पर अड़ा है। दोनों ही सदनों में आज जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के समक्ष आ गए। इनमें से कई सदस्य एफडीआई, अलग तेलंगाना राज्य तथा मुल्लापेरियार बांध मुद्दे के पोस्टर लहरा रहे थे। लोकसभा में वाम दलों के साथ भाजपा तथा सत्ता पक्ष के घटक दल तृणमूल के सदस्य एफडीआई फैसले को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। द्रमुक सदस्य भी अग्रिम पंक्तियों में आकर इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करने लगे। केरल के सांसद मुल्लापेरियार बांध के जलस्तर को एक सौ बीस फुट पर ही बनाए रखने की मांग करते हुए आसन के समक्ष आ गए। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा पूर्व सदस्य हरीश कुमार गंगवार के निधन का उल्लेख किए जाने तथा विश्व एड्स दिवस पर संदेश पढ़े जाने के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। तमिलनाडु से अन्नाद्रमुक सदस्य मुल्लापेरियार बांध का मुद्दा उ"ाते हुए अध्यक्ष के आसन के समक्ष आ गए। केरल के सदस्य भी इसी मुद्दे पर नारेबाजी करते आसन के सामने आ गये। दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस सदस्य एफडीआई मुद्दे को लेकर विरोध जतलाने लगे। उनका साथ वाम सदस्यों ने दिया। तेलंगाना से कांग्रेस सांसद और कुछ तेदेपा सदस्य अलग तेलंगाना राज्य की मांग करते नजर आए। अध्यक्ष ने हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया लेकिन कुछ सुना नहीं जा सका। हंगामा जारी रहने पर उन्होंने बै"क दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। दोपहर बारह बजे सदन के दोबारा बै"ने पर भी हंगामा जारी रहा जिसके चलते उपाध्यक्ष करिया मुंडा ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। उधर राज्यसभा में सुबह बै"क शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। पूरा विपक्ष अपने स्थान पर खड़े होकर एफडीआई मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगा। बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ने इस मसले पर चर्चा कराने के लिए प्रश्नकाल स्थगित करने का नोटिस दिया है। सभापति हामिद अंसारी द्वारा प्रश्नकाल की घोषणा करने के बावजूद हंगामा जारी रहा। विपक्षी सदस्य `एफडीआई वापस लो, वापस लो' के नारे लगा रहे थे। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायणसामी तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला कुछ कहते नजर आए लेकिन हंगामे में उनकी बात नहीं सुनी जा सकी। केरल के सदस्यों ने मुल्लापेरियार बांध की सुरक्षा का मुद्दा उ"ाया। भाजपा के सदस्य भी नारेबाजी करते हुए आसन के सामने आ गये। अंसारी ने सदस्यों से कहा कि वे अपनी जगह लौट जाएं और प्रश्नकाल चलने दें। लेकिन अंसारी की बात अनसुनी कर अन्य विपक्षी दलों के सदस्य भी आसन के सामने आ गये। हंगामा बढते देख अंसारी ने सदन की बै"क मध्याहन तक स्थगित कर दी। मध्याहन बारह बजे बै"क दोबारा शुरू होने पर हंगामा थमा नहीं। उप सभापति रहमान खान ने कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी। |
हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू(CM Sukhwinder Singh Sukhu) दिल्ली से कल वापस शिमला लौट सकते हैं। सीएम के शिमला पहुंचने के बाद शनिवार 24 दिसंबर को राजभवन में कैबिनेट मंत्रियों (Cabinet Ministers) को शपथ दिलाई जा सकती है। आज सीएम सुक्खू का कोविड सैंपल लिया है। देर रात तक इसी रिपोर्ट आने की संभावना है। अगर रिपोर्ट निगेचिव आती है तो कल यानी शुक्रवार को सीएम शिमला वापस पहुंचेंगे।
सीएम सुक्खू सहित कांग्रेस के सभी विधायक राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में हिस्सा लेने के लिए राजस्थान गए थे। इसके बाद सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की दिल्ली में उनकी पीएम मोदी के साथ मुलाकात थी। पीएम से मुलाकात के एक दिन पहले जब उनका टेस्ट हुआ तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, तब से वे दिल्ली में हिमाचल सदन में क्वारंटाइन है।
| हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली से कल वापस शिमला लौट सकते हैं। सीएम के शिमला पहुंचने के बाद शनिवार चौबीस दिसंबर को राजभवन में कैबिनेट मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है। आज सीएम सुक्खू का कोविड सैंपल लिया है। देर रात तक इसी रिपोर्ट आने की संभावना है। अगर रिपोर्ट निगेचिव आती है तो कल यानी शुक्रवार को सीएम शिमला वापस पहुंचेंगे। सीएम सुक्खू सहित कांग्रेस के सभी विधायक राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में हिस्सा लेने के लिए राजस्थान गए थे। इसके बाद सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू की दिल्ली में उनकी पीएम मोदी के साथ मुलाकात थी। पीएम से मुलाकात के एक दिन पहले जब उनका टेस्ट हुआ तो उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, तब से वे दिल्ली में हिमाचल सदन में क्वारंटाइन है। |
नई दिल्लीः जनता दल यूनाइटेड के पूर्व विधायक राजू सिंह द्वारा नववर्ष की पूर्व संध्या पर हवाई फायरिंग के दौरान घायल हुई महिला की गुरुवार को मौत हो गई है। पुलिस ने आरोपी राजू सिंह और उसके ड्राइवर को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।
अस्पताल से प्राप्त सूचना के अनुसार, अर्चना गुप्ता ने गुरुवार को दम तोड़ दिया। विशेष पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था (दक्षिण) आर पी उपाध्याय ने कहा कि, फार्म हाउस से 2 राइफल, 1 पिस्टल और 800 जिंदा कारतूस जब्त किया। घटना के बाद राजू इसी कार से फरार हुआ था। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल पिस्टल भी जब्त कर लिया। पिस्टल का लाइसेंस देशभर के लिए बिहार से बना है।
उन्होंने कहा, "हमने घटना के सिलसिले में राजू सिंह और हरि सिंह को गिरफ्तार किया है। उन्हें आज ही दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने राजू को सात दिन के लिए हिरासत में देने की मांग की है।" उपाध्याय ने कहा कि गोली लगने से घायल महिला की मौत हो गई है।
बुधवार को दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर से हिरासत में लिया गया था। अर्चना गुप्ता के पति की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि वह सोमवार की रात नववर्ष के मौके पर अपने दोस्तों के साथ वसंत कुंज में एक फार्म हाउस में मौजूद थे। इस दौरान आधी रात को राजू सिंह ने दो-तीन हवाई फायर किए।
| नई दिल्लीः जनता दल यूनाइटेड के पूर्व विधायक राजू सिंह द्वारा नववर्ष की पूर्व संध्या पर हवाई फायरिंग के दौरान घायल हुई महिला की गुरुवार को मौत हो गई है। पुलिस ने आरोपी राजू सिंह और उसके ड्राइवर को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। अस्पताल से प्राप्त सूचना के अनुसार, अर्चना गुप्ता ने गुरुवार को दम तोड़ दिया। विशेष पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था आर पी उपाध्याय ने कहा कि, फार्म हाउस से दो राइफल, एक पिस्टल और आठ सौ जिंदा कारतूस जब्त किया। घटना के बाद राजू इसी कार से फरार हुआ था। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल पिस्टल भी जब्त कर लिया। पिस्टल का लाइसेंस देशभर के लिए बिहार से बना है। उन्होंने कहा, "हमने घटना के सिलसिले में राजू सिंह और हरि सिंह को गिरफ्तार किया है। उन्हें आज ही दिल्ली की एक अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस ने राजू को सात दिन के लिए हिरासत में देने की मांग की है।" उपाध्याय ने कहा कि गोली लगने से घायल महिला की मौत हो गई है। बुधवार को दोनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर से हिरासत में लिया गया था। अर्चना गुप्ता के पति की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में कहा गया है कि वह सोमवार की रात नववर्ष के मौके पर अपने दोस्तों के साथ वसंत कुंज में एक फार्म हाउस में मौजूद थे। इस दौरान आधी रात को राजू सिंह ने दो-तीन हवाई फायर किए। |
इसके बाद अपने सफल मनोरथ के समान उस विमान पर चढ़कर उत्सुकता के साथ शैलपुर को आया ।। १७६।।
वहाँ पर होश में आये हुए बड़े भाई को देखकर उसके चरणों पर गिर पड़ा। उसने भी उसे उठाकर गले लगा लिया ॥ १७७।।
'तुमने हम दोनों के पति की और हमारी रक्षा की ऐसा कहकर दोनों भौजाइयाँ उसके चरणों पर गिर पड़ीं ॥ १७८॥
तदनन्तर, सब समाचार पूछते हुए बड़े भाई इन्दीवरसेन से अनिच्छामेन ने सारा वृत्तान्त सुना दिया ॥१७९॥
सब समाचार सुनकर इन्दीवरसेन ने यमदंष्ट्रा पर को नहीं किया और भाई के कार्यों पर मन्तोष प्रकट किया ॥१८०॥
और उसके मुंह से सुना कि उसके माता-पिता उसे देखने के लिए अत्यन्त उत्सुक हो रहे हैं। दूसरी विमाता के किये हुए छल-कपट को भी उसने सुना ।। १८१ ।।
तब छोटे भाई अनिच्छामेन से दिये गये खड्ग को लेकर उसके प्रभाव से ध्यान करते ही उपस्थित महान विमान पर चढ़कर सोने के महलों तथा दोनो पत्नियों और छोटे भाई के साथ इन्दीवरसेन, अपनी इरावती नगरी को आ गया ।। १८२-१८३॥
वहाँ पर जनता से आश्चर्य के साथ देखा गया इन्दीवरसेन अपने साथियों के साथ पिता के घर में गया ।।१८४ ।।
वियोग से दुर्बल और दुःखी पिता और माता को देखकर आँसुओं से मुँह को धोता हुआ वह उनके चरणों पर गिर पडा ॥१८५ ।।
वे दोनों ( राजा-रानी ) छोटे भाई के साथ ज्येष्ठ पुत्र को देखकर उसका आलिंगन करते हुए अत्यन्त सन्ताप को भूलकर शान्ति और सुख में मग्न हो गये ॥ १८६॥
दिव्य रूपवाली पाद-वन्दन करती हुई उन दोनों बहुओं को देखकर उन लोगों ने प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद दिया ।।१८७॥
इस प्रकार, माता-पिता को प्रसन्न करता हुआ और जनता को उत्साह देना हुआ इन्दीवरसेन पिता के समीप ही रहने लगा ॥१८८॥
आकाश-यान, सोने का महल आदि लाने के कारण और उसके प्रभाव से इन्दीवरसेन के माता-पिता आश्चर्य से प्रसन्न होते थे। इन्दीवरमेन भी दोनों पत्नियों के साथ तथा अपने कुटुम्ब के साथ जनता की आँखों को तृप्त करता हुआ वहाँ रहने लगा ॥१८९-१९०।। | इसके बाद अपने सफल मनोरथ के समान उस विमान पर चढ़कर उत्सुकता के साथ शैलपुर को आया ।। एक सौ छिहत्तर।। वहाँ पर होश में आये हुए बड़े भाई को देखकर उसके चरणों पर गिर पड़ा। उसने भी उसे उठाकर गले लगा लिया ॥ एक सौ सतहत्तर।। 'तुमने हम दोनों के पति की और हमारी रक्षा की ऐसा कहकर दोनों भौजाइयाँ उसके चरणों पर गिर पड़ीं ॥ एक सौ अठहत्तर॥ तदनन्तर, सब समाचार पूछते हुए बड़े भाई इन्दीवरसेन से अनिच्छामेन ने सारा वृत्तान्त सुना दिया ॥एक सौ उन्यासी॥ सब समाचार सुनकर इन्दीवरसेन ने यमदंष्ट्रा पर को नहीं किया और भाई के कार्यों पर मन्तोष प्रकट किया ॥एक सौ अस्सी॥ और उसके मुंह से सुना कि उसके माता-पिता उसे देखने के लिए अत्यन्त उत्सुक हो रहे हैं। दूसरी विमाता के किये हुए छल-कपट को भी उसने सुना ।। एक सौ इक्यासी ।। तब छोटे भाई अनिच्छामेन से दिये गये खड्ग को लेकर उसके प्रभाव से ध्यान करते ही उपस्थित महान विमान पर चढ़कर सोने के महलों तथा दोनो पत्नियों और छोटे भाई के साथ इन्दीवरसेन, अपनी इरावती नगरी को आ गया ।। एक सौ बयासी-एक सौ तिरासी॥ वहाँ पर जनता से आश्चर्य के साथ देखा गया इन्दीवरसेन अपने साथियों के साथ पिता के घर में गया ।।एक सौ चौरासी ।। वियोग से दुर्बल और दुःखी पिता और माता को देखकर आँसुओं से मुँह को धोता हुआ वह उनके चरणों पर गिर पडा ॥एक सौ पचासी ।। वे दोनों छोटे भाई के साथ ज्येष्ठ पुत्र को देखकर उसका आलिंगन करते हुए अत्यन्त सन्ताप को भूलकर शान्ति और सुख में मग्न हो गये ॥ एक सौ छियासी॥ दिव्य रूपवाली पाद-वन्दन करती हुई उन दोनों बहुओं को देखकर उन लोगों ने प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद दिया ।।एक सौ सत्तासी॥ इस प्रकार, माता-पिता को प्रसन्न करता हुआ और जनता को उत्साह देना हुआ इन्दीवरसेन पिता के समीप ही रहने लगा ॥एक सौ अठासी॥ आकाश-यान, सोने का महल आदि लाने के कारण और उसके प्रभाव से इन्दीवरसेन के माता-पिता आश्चर्य से प्रसन्न होते थे। इन्दीवरमेन भी दोनों पत्नियों के साथ तथा अपने कुटुम्ब के साथ जनता की आँखों को तृप्त करता हुआ वहाँ रहने लगा ॥एक सौ नवासी-एक सौ नब्बे।। |
चौमूं इलाके में सामोद के वीर हनुमान धाम पर्वत पर रविवार को श्रीराम युवा संघ सामोद की युवा टीम ने सामाजिक सरोकार के तहत साफ सफाई अभियान चलाया। टीम ने पर्वत पर बने कुडों की साफ सफाई की, जिससे आने वाले बारिश के दिनों में पर्वत के झरनों का पानी कुंडों में एकत्रित हो सके।
श्रीराम युवा टीम के अध्यक्ष श्रवण शर्मा ने बताया कि वीर हनुमान धाम पर्वत पर बने कुंड (जलाशयों) की युवा टीम ने मिलकर साफ सफाई की है। प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थों से कुंड भरा हुआ था। इससे वातावरण भी स्वच्छ नहीं था और वीर हनुमान धाम मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भी बदबू के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता था। वहीं, वीर हनुमान धाम पर्वत पर बने सभी कुंडों (जलाशयों) की साफ सफाई की गई है, जिससे अब बारिश का पानी इन जलाशयों में एकत्रित हो सके। इसके साथ ही मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से भी अपील है कि कुंड में किसी भी प्रकार की पॉलिथीन और प्लास्टिक बोतल, कचरा नहीं डालें, जिससे पर्यावरण स्वच्छ बना रहे है। इस मौके पर तेजपाल सेरावत, मुकेश यादव, आशुतोष कुमावत, दिनेश शर्मा, राम कुमार यादव, मुकेश यादव आकाश सहित युवाओं की टीम ने साफ-सफाई अभियान में मदद की है।
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| चौमूं इलाके में सामोद के वीर हनुमान धाम पर्वत पर रविवार को श्रीराम युवा संघ सामोद की युवा टीम ने सामाजिक सरोकार के तहत साफ सफाई अभियान चलाया। टीम ने पर्वत पर बने कुडों की साफ सफाई की, जिससे आने वाले बारिश के दिनों में पर्वत के झरनों का पानी कुंडों में एकत्रित हो सके। श्रीराम युवा टीम के अध्यक्ष श्रवण शर्मा ने बताया कि वीर हनुमान धाम पर्वत पर बने कुंड की युवा टीम ने मिलकर साफ सफाई की है। प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य अपशिष्ट पदार्थों से कुंड भरा हुआ था। इससे वातावरण भी स्वच्छ नहीं था और वीर हनुमान धाम मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भी बदबू के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता था। वहीं, वीर हनुमान धाम पर्वत पर बने सभी कुंडों की साफ सफाई की गई है, जिससे अब बारिश का पानी इन जलाशयों में एकत्रित हो सके। इसके साथ ही मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से भी अपील है कि कुंड में किसी भी प्रकार की पॉलिथीन और प्लास्टिक बोतल, कचरा नहीं डालें, जिससे पर्यावरण स्वच्छ बना रहे है। इस मौके पर तेजपाल सेरावत, मुकेश यादव, आशुतोष कुमावत, दिनेश शर्मा, राम कुमार यादव, मुकेश यादव आकाश सहित युवाओं की टीम ने साफ-सफाई अभियान में मदद की है। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
Samsung Galaxy S22 Series को खरीदना भारतीय ग्राहकों को थोड़ा महंगा पड़ने वाला है क्योंकि इसकी कीमत पहले से ज्यादा होने वाली है।
नई दिल्ली। Samsung Galaxy S22 Series की कीमत 75,000 रुपये से 110,000 रुपये के बीच होगी जो पिछले साल। लॉन्च हुई गैलेक्सी S21 श्रृंखला से थोड़ा अधिक है। कंपनी भारत के लिए इस सीरीज की कीमत का ऐलान इसी हफ्ते करेगी। सैमसंग ने Galaxy S21 Extremely 5G को 1,05,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया था।
सैमसंग गैलेक्सी S22, गैलेक्सी S22+ और गैलेक्सी S22 अल्ट्रा भारत में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 Gen 1 SoC के साथ लॉन्च होंगे, दक्षिण कोरियाई कंपनी ने कुछ शुरुआती अटकलों के बाद पुष्टि की है। नया क्वालकॉम प्रोसेसर पिछले साल के अंत में लॉन्च किया गया था। यह 4nm प्रोसेस टेक्नोलॉजी पर आधारित है और अन्य चिपसेट की तुलना में चार गुना तेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) परफॉर्मेंस देने के लिए जाना जाता है। अलग-अलग, गैलेक्सी S22 और गैलेक्सी S22+ में एक वैरिएबल रिफ्रेश रेट देखा गया है जो 48Hz तक नीचे जा सकता है। यह मूल घोषणा के विपरीत है जहां कंपनी ने 10Hz जितनी कम ताज़ा दर की पेशकश करने का दावा किया था।
कंपनी ने एक बयान जारी किया है जहां उसने सैमसंग गैलेक्सी एस 22 श्रृंखला पर स्नैपड्रैगन 8 जेन 1 की उपस्थिति की पुष्टि की है। बयान में कहा गया है कि श्रृंखला के सभी तीन मॉडल - सैमसंग गैलेक्सी एस 22, सैमसंग गैलेक्सी एस 22+ और सैमसंग गैलेक्सी एस 22 अल्ट्रा - नवीनतम फ्लैगशिप स्नैपड्रैगन एसओसी के साथ आएंगे।
सैमसंग ने मूल रूप से अपनी गैलेक्सी S22 श्रृंखला के प्रोसेसर विवरण का खुलासा नहीं किया। यह सिर्फ 4nm प्रोसेस टेक्नोलॉजी के बारे में बात करता है जो स्नैपड्रैगन 8 Gen 1 के साथ-साथ कंपनी के इन-हाउस Exynos 2200 पर उपलब्ध है।
हालाँकि, क्वालकॉम ने लॉन्च के बाद एक अलग रिलीज के माध्यम से पुष्टि की कि सैमसंग गैलेक्सी S22 श्रृंखला विभिन्न बाजारों में स्नैपड्रैगन चिप के साथ उपलब्ध होगी। दूसरी ओर, Exynos वैरिएंट के दक्षिण कोरिया में आने वाले लाइनअप का हिस्सा होने की उम्मीद है।
भारत में गैलेक्सी S22 सीरीज़ पर स्नैपड्रैगन 8 Gen 1 SoC के साथ, सैमसंग ने यह दिखाने के लिए अपनी आधिकारिक साइट को अपडेट किया है कि गैलेक्सी S22 और गैलेक्सी S22+ 48-120Hz की वेरिएबल रिफ्रेश रेट के साथ उपलब्ध होंगे।
| Samsung Galaxy Sबाईस Series को खरीदना भारतीय ग्राहकों को थोड़ा महंगा पड़ने वाला है क्योंकि इसकी कीमत पहले से ज्यादा होने वाली है। नई दिल्ली। Samsung Galaxy Sबाईस Series की कीमत पचहत्तर,शून्य रुपयापये से एक सौ दस,शून्य रुपयापये के बीच होगी जो पिछले साल। लॉन्च हुई गैलेक्सी Sइक्कीस श्रृंखला से थोड़ा अधिक है। कंपनी भारत के लिए इस सीरीज की कीमत का ऐलान इसी हफ्ते करेगी। सैमसंग ने Galaxy Sइक्कीस Extremely पाँचG को एक,पाँच,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया था। सैमसंग गैलेक्सी Sबाईस, गैलेक्सी Sबाईस+ और गैलेक्सी Sबाईस अल्ट्रा भारत में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन आठ Gen एक SoC के साथ लॉन्च होंगे, दक्षिण कोरियाई कंपनी ने कुछ शुरुआती अटकलों के बाद पुष्टि की है। नया क्वालकॉम प्रोसेसर पिछले साल के अंत में लॉन्च किया गया था। यह चारnm प्रोसेस टेक्नोलॉजी पर आधारित है और अन्य चिपसेट की तुलना में चार गुना तेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस परफॉर्मेंस देने के लिए जाना जाता है। अलग-अलग, गैलेक्सी Sबाईस और गैलेक्सी Sबाईस+ में एक वैरिएबल रिफ्रेश रेट देखा गया है जो अड़तालीस हर्ट्ज़ तक नीचे जा सकता है। यह मूल घोषणा के विपरीत है जहां कंपनी ने दस हर्ट्ज़ जितनी कम ताज़ा दर की पेशकश करने का दावा किया था। कंपनी ने एक बयान जारी किया है जहां उसने सैमसंग गैलेक्सी एस बाईस श्रृंखला पर स्नैपड्रैगन आठ जेन एक की उपस्थिति की पुष्टि की है। बयान में कहा गया है कि श्रृंखला के सभी तीन मॉडल - सैमसंग गैलेक्सी एस बाईस, सैमसंग गैलेक्सी एस बाईस+ और सैमसंग गैलेक्सी एस बाईस अल्ट्रा - नवीनतम फ्लैगशिप स्नैपड्रैगन एसओसी के साथ आएंगे। सैमसंग ने मूल रूप से अपनी गैलेक्सी Sबाईस श्रृंखला के प्रोसेसर विवरण का खुलासा नहीं किया। यह सिर्फ चारnm प्रोसेस टेक्नोलॉजी के बारे में बात करता है जो स्नैपड्रैगन आठ Gen एक के साथ-साथ कंपनी के इन-हाउस Exynos दो हज़ार दो सौ पर उपलब्ध है। हालाँकि, क्वालकॉम ने लॉन्च के बाद एक अलग रिलीज के माध्यम से पुष्टि की कि सैमसंग गैलेक्सी Sबाईस श्रृंखला विभिन्न बाजारों में स्नैपड्रैगन चिप के साथ उपलब्ध होगी। दूसरी ओर, Exynos वैरिएंट के दक्षिण कोरिया में आने वाले लाइनअप का हिस्सा होने की उम्मीद है। भारत में गैलेक्सी Sबाईस सीरीज़ पर स्नैपड्रैगन आठ Gen एक SoC के साथ, सैमसंग ने यह दिखाने के लिए अपनी आधिकारिक साइट को अपडेट किया है कि गैलेक्सी Sबाईस और गैलेक्सी Sबाईस+ अड़तालीस-एक सौ बीस हर्ट्ज़ की वेरिएबल रिफ्रेश रेट के साथ उपलब्ध होंगे। |
बेंगलुरु, एजेंसियां। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कलबुर्गी स्थित एक नर्सिंग कॉलेज को आदेश दिया है कि वह उन सभी 10 विद्यार्थियों को 10-10 लाख रुपये बतौर मुआवजा प्रदान करे, जिन्हें कॉलेज ने फर्जीवाड़ा करके प्रवेश दिया था।
पाया गया कि मदर मैरी कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने प्रवेश लेने की अंतिम तिथि बीतने के बाद भी विद्यार्थियों को प्रवेश दिया और उनके नाम पंजीकरण पुस्तिका और उपस्थिति रजिस्टर में शामिल किए। हालांकि, कॉलेज ने दावा किया था कि वह इन विद्यार्थियों का ब्योरा विश्वविद्यालय की साइट पर अपलोड नहीं कर सकता था क्योंकि तकनीकी समस्या थी।
उच्च न्यायालय ने कहा कि वह स्वास्थ्य विज्ञान राजीव गांधी विश्वविद्यालय (आरजीयूएचएस) को यह निर्देश नहीं दे सकता कि वह कॉलेज द्वारा किए गए फर्जीवाड़े को स्वीकार कर ले। चूंकि विद्यार्थी अब परीक्षा देने में समर्थ नहीं हैं, इसलिए कॉलेज को उनको मुआवजा देना चाहिए।
| बेंगलुरु, एजेंसियां। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने कलबुर्गी स्थित एक नर्सिंग कॉलेज को आदेश दिया है कि वह उन सभी दस विद्यार्थियों को दस-दस लाख रुपये बतौर मुआवजा प्रदान करे, जिन्हें कॉलेज ने फर्जीवाड़ा करके प्रवेश दिया था। पाया गया कि मदर मैरी कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने प्रवेश लेने की अंतिम तिथि बीतने के बाद भी विद्यार्थियों को प्रवेश दिया और उनके नाम पंजीकरण पुस्तिका और उपस्थिति रजिस्टर में शामिल किए। हालांकि, कॉलेज ने दावा किया था कि वह इन विद्यार्थियों का ब्योरा विश्वविद्यालय की साइट पर अपलोड नहीं कर सकता था क्योंकि तकनीकी समस्या थी। उच्च न्यायालय ने कहा कि वह स्वास्थ्य विज्ञान राजीव गांधी विश्वविद्यालय को यह निर्देश नहीं दे सकता कि वह कॉलेज द्वारा किए गए फर्जीवाड़े को स्वीकार कर ले। चूंकि विद्यार्थी अब परीक्षा देने में समर्थ नहीं हैं, इसलिए कॉलेज को उनको मुआवजा देना चाहिए। |
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राफेल डील विवाद पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग काफी तेज हो गई है. कांग्रेस मोदी सरकार पर जमकर हमला कर रही है. ताजा हमला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा किया गया है. राहुल गांधी ने अमेठी से राफेल मुद्दे पर मोदी सरकार पर जोरदार निशाना साध है. राहुल गांधी ने कहा, "मीटिंग हुई फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बीच और मोदी जी के बीच में.. ओलांद जी ने कहा है कि फ्रांस की सरकार ने और राफेल हवाई जहाज को जो बनाते हैं.. उन्होंने अनिल अंबानी को नहीं चुना ओलांद जी ने कहा नरेंद्र मोदी जी ने और हिंदुस्तान की सरकार ने स्वयं उनको बताया है कि अनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट देना है.. "
इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा, "अब पता नहीं अरुण जेटली जी को इसपर क्या बात समझ नहीं आ रही है.. मुख्य मुद्दा ये है कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री को चोर कह रही है.. फ्रांस्वा ओलांद जी कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी जी चोर हैं.. नरेंद्र मोदी जी को सफाई देनी है कि फ्रांस का पूर्व राष्ट्रपति उन्हें चोर क्यों कह रही है.. उसमें मेरा क्या लेना देना है.."
इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि, "अरुण जेटली हर रोज कहते हैं सच्चाई..सच्चाई.. सच्चाई... JPC बैठाइए और सब सच्चाई सामने आ जाएगी.. मोदी जी बड़े-बड़े भाषण देते हैं पर राफेल .. अनिल अंबानी के बारे में एक शब्द नहीं कहते .. क्योंकि चौकीदार ने अनिल अंबानी से चोरी करवाई है.. "
राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी ने HAL सो कॉन्ट्रैक्ट छीनकर अनिल अंबानी को दे दिया.. जिंदगी में उन्होंने एयरक्राफ्ट नहीं बनाया.. हमारे जवान अपनी जिंदगी देते हैं .. मोदी जी ने उनकी जेब से पैसा चोरी करके अनिल अंबानी की जेब में डाल दिया.."
कांग्रेस पार्टी लगातार केंद्र सरकार पर राफेल डील को लेकर सवाल उठा रही है. कांग्रेस की तरफ से अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोर्चा संभाल रखा है. कांग्रेस अब राफेल के मुद्दे को लेकर CVC के पास गई है. कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि बीजेपी भले ही मना कर दे लेकिन इस पूरे मामले पर CVC का ऑडिट सबके सामने सच लाएगा.
| Quick links: राफेल डील विवाद पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग काफी तेज हो गई है. कांग्रेस मोदी सरकार पर जमकर हमला कर रही है. ताजा हमला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा किया गया है. राहुल गांधी ने अमेठी से राफेल मुद्दे पर मोदी सरकार पर जोरदार निशाना साध है. राहुल गांधी ने कहा, "मीटिंग हुई फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बीच और मोदी जी के बीच में.. ओलांद जी ने कहा है कि फ्रांस की सरकार ने और राफेल हवाई जहाज को जो बनाते हैं.. उन्होंने अनिल अंबानी को नहीं चुना ओलांद जी ने कहा नरेंद्र मोदी जी ने और हिंदुस्तान की सरकार ने स्वयं उनको बताया है कि अनिल अंबानी को कॉन्ट्रैक्ट देना है.. " इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा, "अब पता नहीं अरुण जेटली जी को इसपर क्या बात समझ नहीं आ रही है.. मुख्य मुद्दा ये है कि फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री को चोर कह रही है.. फ्रांस्वा ओलांद जी कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी जी चोर हैं.. नरेंद्र मोदी जी को सफाई देनी है कि फ्रांस का पूर्व राष्ट्रपति उन्हें चोर क्यों कह रही है.. उसमें मेरा क्या लेना देना है.." इसके साथ ही राहुल गांधी ने कहा कि, "अरुण जेटली हर रोज कहते हैं सच्चाई..सच्चाई.. सच्चाई... JPC बैठाइए और सब सच्चाई सामने आ जाएगी.. मोदी जी बड़े-बड़े भाषण देते हैं पर राफेल .. अनिल अंबानी के बारे में एक शब्द नहीं कहते .. क्योंकि चौकीदार ने अनिल अंबानी से चोरी करवाई है.. " राहुल गांधी ने कहा, "मोदी जी ने HAL सो कॉन्ट्रैक्ट छीनकर अनिल अंबानी को दे दिया.. जिंदगी में उन्होंने एयरक्राफ्ट नहीं बनाया.. हमारे जवान अपनी जिंदगी देते हैं .. मोदी जी ने उनकी जेब से पैसा चोरी करके अनिल अंबानी की जेब में डाल दिया.." कांग्रेस पार्टी लगातार केंद्र सरकार पर राफेल डील को लेकर सवाल उठा रही है. कांग्रेस की तरफ से अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोर्चा संभाल रखा है. कांग्रेस अब राफेल के मुद्दे को लेकर CVC के पास गई है. कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि बीजेपी भले ही मना कर दे लेकिन इस पूरे मामले पर CVC का ऑडिट सबके सामने सच लाएगा. |
प्रत्येक मस्करा "क्लिनिक" अद्वितीय है और इसका अपना हैसुविधाओं। उन सभी को संवेदनशील आंखों के उपयोग के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया जाता है। वे संपर्क लेंस पहनने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, मवेशियों के प्रकार "क्लीनिक" पर विचार करें। उनमें से प्रत्येक दूसरों के समान नहीं है, इस बात से आश्वस्त होने के लिए, निर्माता द्वारा प्रस्तुत eyelashes के लिए उत्पादों की पूरी श्रृंखला पर विचार करना आवश्यक है।
सबसे पहले, इसके बारे में बताना आवश्यक हैसार्वभौमिक साधन उच्च प्रभाव मस्करा। यह एक बहुलक आधार पर उत्पादित होता है, जो eyelashes को एक अविश्वसनीय मात्रा देता है। देखो अधिक अभिव्यक्तिपूर्ण हो जाता है, चमक बहुत अधिक हो जाती है, झुकती है, उनकी मात्रा बढ़ जाती है। यदि आप इस मस्करा "क्लिनिक" का उपयोग करते हैं, तो कई परतों को लागू करना आवश्यक नहीं है, एक पर्याप्त है।
इसका मतलब है "सार्वभौमिक" नाम को औचित्य देता है, क्योंकि इसकी सहायता और मात्रा में काफी वृद्धि होती है, और मोड़ बड़ा हो जाता है, और eyelashes लंबाई में बढ़ने लगते हैं।
प्रसाधन सामग्री उच्च प्रभाव चरम वॉल्यूमकाजल, बरौनी मोटा बनाता है उन्हें fluffs और मात्रा देता है। आंखें अधिक अभिव्यक्तिपूर्ण हो जाती हैं, और यह प्रभाव पूरे दिन तक जारी रहता है। इस काजल "क्लिनिक" एक विशेष ब्रश, जो समान रूप से है और जल्दी से प्रत्येक बरौनी को शामिल किया गया साथ सुसज्जित है।
मस्करा "क्लीनिक" उच्च प्रभाव जलरोधक मस्कराउन महिलाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो उच्च आंखों के साथ भी अपनी परिस्थितियों में सभी स्थितियों में अभिव्यक्तिपूर्ण रहना चाहते हैं। उत्पाद प्रत्येक सिलियम पर एक फिल्म बनाता है, नमी को दोहराता है। यह लंबाई, मात्रा और समृद्ध रंग बनाता है।
प्रसाधन सामग्री उच्च प्रभाव कर्लिंगमस्करा एक विशेष थर्मल प्रौद्योगिकी के आधार पर बनाया जाता है, जिसके माध्यम से eyelashes का एक अविश्वसनीय मोड़ बनाया जाता है। यह सूत्र 24 घंटे काम करता है, मस्करा smeared नहीं है, crumble नहीं है और आसानी से हटा दिया जाता है, यह सिर्फ गर्म पानी का उपयोग करने के लिए पर्याप्त है।
इस तरह के मस्करा "क्लिनिक" eyelashes पर एक विशेष फिल्म है जो eyelashes के मोड़ को बरकरार रखता है और उन्हें एक ही समय में भार नहीं है।
उच्च लंबाई मस्करा में छोटे दांतों के साथ एक ब्रश होता है, जिसे एक विशेष क्रम में व्यवस्थित किया जाता है। उनकी मदद से, अलग-अलग चमकते हैं और दृष्टि से बढ़ते हैं।
मूल रूप से मस्करा लश पावर मस्कराएशियाई देशों के लिए विकसित किया गया है जो अत्यधिक आर्द्र जलवायु द्वारा विशेषता है। इस तथ्य के बावजूद कि यह कॉस्मेटिक उत्पाद पानी के लिए बहुत प्रतिरोधी है, इसे आसानी से धोया जाता है। डेवलपर्स इसे पहले सोखने की सलाह देते हैं। ऐसा करने के लिए, टैम्पन पानी में 3 9 डिग्री, मस्करा सोख के तापमान पर गीला होता है, और अब इसे सामान्य गर्म पानी से धोया जा सकता है।
मस्करा "क्लिनिक", आप किस बारे में समीक्षा कर सकते हैंकेवल सकारात्मक मिलते हैं, और विशेष रूप से निचले सिलिया के लिए डिज़ाइन की गई विविधता है। यह पता चला है कि कई महिलाएं शिकायत करती हैं कि निचले बाल धुंधला होने पर मस्करा ब्रश असहज होते हैं। इस संबंध में, और एक नया उपकरण विकसित किया गया है। इसमें 24 घंटे के लिए उत्कृष्ट प्रतिरोध है, आप निचले पलकें के बारे में चिंता नहीं कर सकते हैं।
| प्रत्येक मस्करा "क्लिनिक" अद्वितीय है और इसका अपना हैसुविधाओं। उन सभी को संवेदनशील आंखों के उपयोग के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया जाता है। वे संपर्क लेंस पहनने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, मवेशियों के प्रकार "क्लीनिक" पर विचार करें। उनमें से प्रत्येक दूसरों के समान नहीं है, इस बात से आश्वस्त होने के लिए, निर्माता द्वारा प्रस्तुत eyelashes के लिए उत्पादों की पूरी श्रृंखला पर विचार करना आवश्यक है। सबसे पहले, इसके बारे में बताना आवश्यक हैसार्वभौमिक साधन उच्च प्रभाव मस्करा। यह एक बहुलक आधार पर उत्पादित होता है, जो eyelashes को एक अविश्वसनीय मात्रा देता है। देखो अधिक अभिव्यक्तिपूर्ण हो जाता है, चमक बहुत अधिक हो जाती है, झुकती है, उनकी मात्रा बढ़ जाती है। यदि आप इस मस्करा "क्लिनिक" का उपयोग करते हैं, तो कई परतों को लागू करना आवश्यक नहीं है, एक पर्याप्त है। इसका मतलब है "सार्वभौमिक" नाम को औचित्य देता है, क्योंकि इसकी सहायता और मात्रा में काफी वृद्धि होती है, और मोड़ बड़ा हो जाता है, और eyelashes लंबाई में बढ़ने लगते हैं। प्रसाधन सामग्री उच्च प्रभाव चरम वॉल्यूमकाजल, बरौनी मोटा बनाता है उन्हें fluffs और मात्रा देता है। आंखें अधिक अभिव्यक्तिपूर्ण हो जाती हैं, और यह प्रभाव पूरे दिन तक जारी रहता है। इस काजल "क्लिनिक" एक विशेष ब्रश, जो समान रूप से है और जल्दी से प्रत्येक बरौनी को शामिल किया गया साथ सुसज्जित है। मस्करा "क्लीनिक" उच्च प्रभाव जलरोधक मस्कराउन महिलाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो उच्च आंखों के साथ भी अपनी परिस्थितियों में सभी स्थितियों में अभिव्यक्तिपूर्ण रहना चाहते हैं। उत्पाद प्रत्येक सिलियम पर एक फिल्म बनाता है, नमी को दोहराता है। यह लंबाई, मात्रा और समृद्ध रंग बनाता है। प्रसाधन सामग्री उच्च प्रभाव कर्लिंगमस्करा एक विशेष थर्मल प्रौद्योगिकी के आधार पर बनाया जाता है, जिसके माध्यम से eyelashes का एक अविश्वसनीय मोड़ बनाया जाता है। यह सूत्र चौबीस घंटाटे काम करता है, मस्करा smeared नहीं है, crumble नहीं है और आसानी से हटा दिया जाता है, यह सिर्फ गर्म पानी का उपयोग करने के लिए पर्याप्त है। इस तरह के मस्करा "क्लिनिक" eyelashes पर एक विशेष फिल्म है जो eyelashes के मोड़ को बरकरार रखता है और उन्हें एक ही समय में भार नहीं है। उच्च लंबाई मस्करा में छोटे दांतों के साथ एक ब्रश होता है, जिसे एक विशेष क्रम में व्यवस्थित किया जाता है। उनकी मदद से, अलग-अलग चमकते हैं और दृष्टि से बढ़ते हैं। मूल रूप से मस्करा लश पावर मस्कराएशियाई देशों के लिए विकसित किया गया है जो अत्यधिक आर्द्र जलवायु द्वारा विशेषता है। इस तथ्य के बावजूद कि यह कॉस्मेटिक उत्पाद पानी के लिए बहुत प्रतिरोधी है, इसे आसानी से धोया जाता है। डेवलपर्स इसे पहले सोखने की सलाह देते हैं। ऐसा करने के लिए, टैम्पन पानी में तीन नौ डिग्री, मस्करा सोख के तापमान पर गीला होता है, और अब इसे सामान्य गर्म पानी से धोया जा सकता है। मस्करा "क्लिनिक", आप किस बारे में समीक्षा कर सकते हैंकेवल सकारात्मक मिलते हैं, और विशेष रूप से निचले सिलिया के लिए डिज़ाइन की गई विविधता है। यह पता चला है कि कई महिलाएं शिकायत करती हैं कि निचले बाल धुंधला होने पर मस्करा ब्रश असहज होते हैं। इस संबंध में, और एक नया उपकरण विकसित किया गया है। इसमें चौबीस घंटाटे के लिए उत्कृष्ट प्रतिरोध है, आप निचले पलकें के बारे में चिंता नहीं कर सकते हैं। |
Guide : Free Fire Max सर्वाइवल बैटल रॉयल गेम है। ग्राउंड पर दुश्मनों को किल्स करने के लिए गन्स का उपयोग करना पड़ता है। हर गन्स की अलग-अलग डैमेज क्षमता होती है। अधिकतर प्लेयर्स दुश्मनों को बॉडी शॉट देते हैं, लेकिन बॉडी शॉट देने से दुश्मन जल्दी नॉक डाउन नहीं होता है।
अगर गेमर्स दुश्मन को हेडशॉट मारते हैं तो वो एक ही शॉट में नॉक हो जाएगा। खैर, इस आर्टिकल में हम Free Fire Max में हेडशॉट मारने वाली जबरदस्त सेंसिटिविटी सेटिंग्स नजर डालने वाले हैं।
Free Fire Max में डिवाइस के आधार पर अलग-अलग सेंसिटिविटी सेटिंग्स होती है। डिवाइस की RAM के आधार पर प्रदर्शन का लेवल होता है। यहां पर खिलाड़ियों को सस्ते डिवाइस (2GB, 3GB, 4GB RAM), एवरेज डिवाइस (6GB RAM), और महंगे डिवाइस (8GB, 12GB RAM) की सेंसिटिविटी सेटिंग्स दी गई हैः
गेम के अंदर जनरल सेंसिटिविटी सेटिंग्स कैमरा एंगल और कैरेक्टर का मूवमेंट मैनेज करता है। गेमर्स को नीचे सेटिंग्स के पॉइंट्स दिए हैंः
रेड डॉट सेंसिटिविटी सेटिंग्स ऐम मूवमेंट को मैनेज करती है। नीचे खिलाड़ियों को सेंसिटिविटी सेटिंग्स दी गई हैः
गेम के अंदर 2x और 4x स्कोप सेंसिटिविटी सेटिंग्स दुश्मन पर एनिमि का ऐम मूवमेंट होता है। इस सेटिंग्स को परफेक्ट करके गेमर्स दुश्मन को आसानी से हेडशॉट दे सकते हैं। यहां पर सभी डिवाइस की सेटिंग्स दी गई हैः
स्नाइपर स्कोप ग्राउंड पर खिलाड़ियों की स्नाइपर गन्स को मैनेज करता है। नीचे अलग-अलग डिवाइस की सेटिंग्स दी गई हैः
गेम के अंदर ज्यादातर प्लेयर्स फ्री लुक का यूज करते हैं। यहां पर सेंसिटिविटी सेटिंग्स दी गई हैः
| Guide : Free Fire Max सर्वाइवल बैटल रॉयल गेम है। ग्राउंड पर दुश्मनों को किल्स करने के लिए गन्स का उपयोग करना पड़ता है। हर गन्स की अलग-अलग डैमेज क्षमता होती है। अधिकतर प्लेयर्स दुश्मनों को बॉडी शॉट देते हैं, लेकिन बॉडी शॉट देने से दुश्मन जल्दी नॉक डाउन नहीं होता है। अगर गेमर्स दुश्मन को हेडशॉट मारते हैं तो वो एक ही शॉट में नॉक हो जाएगा। खैर, इस आर्टिकल में हम Free Fire Max में हेडशॉट मारने वाली जबरदस्त सेंसिटिविटी सेटिंग्स नजर डालने वाले हैं। Free Fire Max में डिवाइस के आधार पर अलग-अलग सेंसिटिविटी सेटिंग्स होती है। डिवाइस की RAM के आधार पर प्रदर्शन का लेवल होता है। यहां पर खिलाड़ियों को सस्ते डिवाइस , एवरेज डिवाइस , और महंगे डिवाइस की सेंसिटिविटी सेटिंग्स दी गई हैः गेम के अंदर जनरल सेंसिटिविटी सेटिंग्स कैमरा एंगल और कैरेक्टर का मूवमेंट मैनेज करता है। गेमर्स को नीचे सेटिंग्स के पॉइंट्स दिए हैंः रेड डॉट सेंसिटिविटी सेटिंग्स ऐम मूवमेंट को मैनेज करती है। नीचे खिलाड़ियों को सेंसिटिविटी सेटिंग्स दी गई हैः गेम के अंदर दोx और चारx स्कोप सेंसिटिविटी सेटिंग्स दुश्मन पर एनिमि का ऐम मूवमेंट होता है। इस सेटिंग्स को परफेक्ट करके गेमर्स दुश्मन को आसानी से हेडशॉट दे सकते हैं। यहां पर सभी डिवाइस की सेटिंग्स दी गई हैः स्नाइपर स्कोप ग्राउंड पर खिलाड़ियों की स्नाइपर गन्स को मैनेज करता है। नीचे अलग-अलग डिवाइस की सेटिंग्स दी गई हैः गेम के अंदर ज्यादातर प्लेयर्स फ्री लुक का यूज करते हैं। यहां पर सेंसिटिविटी सेटिंग्स दी गई हैः |
रिपब्लिक टीवी से अपने बेटे की गिरफ्तारी के संबंध में तजिंदर पाल सिंह बग्गा की मां से विशेष रूप से बात की। रिपब्लिक से बात करते हुए, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता बग्गा की मां ने कहा कि उनके बेटे को पंजाब पुलिस ने जबरदस्ती उनके दिल्ली आवास से बाहर निकाला और उनके पिता को भी पुलिस ने पीटा। उसने कहा कि बग्गा के पिता का सेलफोन भी पुलिस ने छीन लिया जब उसने एक वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की। बग्गा की मां ने खुलासा किया कि उन्हें मिले सभी पांच नोटिसों का जवाब उन्होंने दे दिया है।
रिपब्लिक से बात करते हुए, तजिंदर बग्गा की मां कमलजीत कौर ने कहा, "मुझे अभी पता चला है कि दिल्ली पुलिस को तजिंदर की कस्टडी मिली है। उन्होंने उसे बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया। तजिंदर और उसके पिता बैठे थे और दरवाजा खटखटाया गया। वे तजिंदर के पिता को ले गए जब वह वीडियो बनाने की कोशिश की। तजिंदर के पिता को पुलिस ने पीटा और उसका फोन छीन लिया ताकि वह सच्चाई रिकॉर्ड न कर सके।"
उन्होंने आगे कहा- "हमारे घर को नोटिस भेजे गए थे और हमने सभी नोटिसों का जवाब दिया है। तजिंदर के पिता के चेहरे पर घूंसा मारा गया था, जबकि तजिंदर उन्हें पगड़ी पहनने की गुहार लगा रहा था। ऐसा करके, उन्होंने हमारे धर्म का भी अपमान किया। उसका क्या दोष था'"
एएनआई से बात करते हुए, तजिंदर बग्गा के पिता ने दावा किया कि जब उन्होंने वीडियो पर गिरफ्तारी की घटना को रिकॉर्ड करने का प्रयास किया तो उनके चेहरे पर मुक्का मारा गया। उन्होंने कहा, "आज सुबह, पुलिस कर्मियों की एक टीम हमारे घर आई और तजिंदर को बाहर खींच लिया। जब मैंने घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए अपना मोबाइल फोन उठाया, तो पुलिस मुझे दूसरे कमरे में ले गई और मेरे चेहरे पर मुक्का मारा।"
रिपब्लिक टीवी द्वारा एक्सेस किए गए दृश्यों में, पंजाब पुलिस को तजिंदर बग्गा के आवास पर देखा जा सकता है। पुलिस सुबह-सुबह भाजपा नेता के आवास में घुस गई और बाद में उन्हें जबरदस्ती बाहर निकालते देखा जा सकता है। बग्गा को जबरन उस काफिले में ले जाया गया जिसमें पुलिस पहुंची और उसे राष्ट्रीय राजधानी से बाहर ले जाया गया।
| रिपब्लिक टीवी से अपने बेटे की गिरफ्तारी के संबंध में तजिंदर पाल सिंह बग्गा की मां से विशेष रूप से बात की। रिपब्लिक से बात करते हुए, भारतीय जनता पार्टी नेता बग्गा की मां ने कहा कि उनके बेटे को पंजाब पुलिस ने जबरदस्ती उनके दिल्ली आवास से बाहर निकाला और उनके पिता को भी पुलिस ने पीटा। उसने कहा कि बग्गा के पिता का सेलफोन भी पुलिस ने छीन लिया जब उसने एक वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की। बग्गा की मां ने खुलासा किया कि उन्हें मिले सभी पांच नोटिसों का जवाब उन्होंने दे दिया है। रिपब्लिक से बात करते हुए, तजिंदर बग्गा की मां कमलजीत कौर ने कहा, "मुझे अभी पता चला है कि दिल्ली पुलिस को तजिंदर की कस्टडी मिली है। उन्होंने उसे बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया। तजिंदर और उसके पिता बैठे थे और दरवाजा खटखटाया गया। वे तजिंदर के पिता को ले गए जब वह वीडियो बनाने की कोशिश की। तजिंदर के पिता को पुलिस ने पीटा और उसका फोन छीन लिया ताकि वह सच्चाई रिकॉर्ड न कर सके।" उन्होंने आगे कहा- "हमारे घर को नोटिस भेजे गए थे और हमने सभी नोटिसों का जवाब दिया है। तजिंदर के पिता के चेहरे पर घूंसा मारा गया था, जबकि तजिंदर उन्हें पगड़ी पहनने की गुहार लगा रहा था। ऐसा करके, उन्होंने हमारे धर्म का भी अपमान किया। उसका क्या दोष था'" एएनआई से बात करते हुए, तजिंदर बग्गा के पिता ने दावा किया कि जब उन्होंने वीडियो पर गिरफ्तारी की घटना को रिकॉर्ड करने का प्रयास किया तो उनके चेहरे पर मुक्का मारा गया। उन्होंने कहा, "आज सुबह, पुलिस कर्मियों की एक टीम हमारे घर आई और तजिंदर को बाहर खींच लिया। जब मैंने घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए अपना मोबाइल फोन उठाया, तो पुलिस मुझे दूसरे कमरे में ले गई और मेरे चेहरे पर मुक्का मारा।" रिपब्लिक टीवी द्वारा एक्सेस किए गए दृश्यों में, पंजाब पुलिस को तजिंदर बग्गा के आवास पर देखा जा सकता है। पुलिस सुबह-सुबह भाजपा नेता के आवास में घुस गई और बाद में उन्हें जबरदस्ती बाहर निकालते देखा जा सकता है। बग्गा को जबरन उस काफिले में ले जाया गया जिसमें पुलिस पहुंची और उसे राष्ट्रीय राजधानी से बाहर ले जाया गया। |
पटना। बिहार में राजधानी पटना तथा आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को कोहरा छाया हुआ है और ठंडी हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी है। पटना में लगातार चौथे दिन सोमवार को भी धूप नहीं निकली। राज्य के सुपौल का पारा लुढक़कर आठ डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है। इस बीच पटना जिला प्रशासन ने स्कूल में छोटी कक्षाओं की छुट्टी के आदेश दिए हैं तथा आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
इधर, पटना के जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने पटना में ठंड को देखते हुए 15 दिसंबर तक पहली कक्षा तक के स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं तथा कक्षा दो से आठ तक के सभी स्कूल सुबह 10 बजे के बाद ही खुलेंगे। उन्होंने बताया कि यह आदेश सोमवार से लागू कर दिया गया है।
पटना का सोमवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के आसार हैं।
एक दिन पहले, रविवार को पटना का अधिकतम तापमान 14 डिग्री, गया का 22 डिग्री, भागलपुर का 19 डिग्री और पूर्णिया का 19.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले चार वर्षो में 11 दिसंबर को पटना का यह सबसे कम अधिकतम तापमान है। पिछले वर्ष 11 दिसंबर को पटना का अधिकतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस था, जबकि वर्ष 2014 में इसी दिन पटना का अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री था।
इस बीच, कड़ाके की ठंड को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों में अलाव जलाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अनिरूद्ध कुमार ने बताया कि शीतलहर के मद्देनजर सभी जिलों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को इसके लिए पर्याप्त राशि भी उपलब्ध करा दी गई है।
पणजी। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य व हिंदी पखवाड़ा के समापन समारोह में भारतीय नौसेना एवम होली ग्रुप के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम कवि सम्मेलन अद्वतीय रहा। रियर एडमिरल, कमोडोर, कैप्टन, कमांडर, लेफ़्टिनेंट कमांडर व कनिष्ठ अधिकारियों/कर्मचारियों ने होली ग्रुप की भूरि-भूरि प्रशंसा किया।
अधिकारियों ने कहा आप सबकी गरिमामय उपस्थिति और होली टीम की मेहनत की वजह से हम लोग एक और मील का पत्थर गाड़ने में सफल रहे। हमारे होली के उन साथियों को कोटि -कोटि धन्यवाद जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना-अपना योगदान दिया।
उन्होंने कहा विशेषत सूरज नाईक, जे के सिंह, सरोज राय व बीएम यादव ने टीम वर्क का परिचय देते हुए कामयाबी का झंडा गाड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हमारे दूसरे होली ग्रुप के मेम्बर, जिन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम में भाग लिया।
इनके अतिरिक्त होली ग्रुप के दूसरे मेम्बर, जिन्होंने पहुँचकर कार्यक्रम में चार चाँद लगाये, उनमे विसन सिंह, प्रेम मिश्रा, सुशील शुक्ला व अभिलाष द्विवेदी की भूमिका सराहनीय रही।
अंततः आप सबको सफल कार्यक्रम की हार्दिक बधाई व उज्जवल भविष्य की अनंत शुभ कामनाएँ प्रेषित। भारतीय नौसेना के जवानों के अनुसार , ऐसा सुंदर कार्यक्रम/आयोजन व होली ग्रुप द्वारा दी गई प्रस्तुति उनके सर्विस जीवन में (25-30 वर्षों में) पहली बार हुआ है एवम सबके चेहरे पर मुस्कान थी व होली ग्रुप के लिए कृतज्ञता।
| पटना। बिहार में राजधानी पटना तथा आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को कोहरा छाया हुआ है और ठंडी हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी है। पटना में लगातार चौथे दिन सोमवार को भी धूप नहीं निकली। राज्य के सुपौल का पारा लुढक़कर आठ डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया है। इस बीच पटना जिला प्रशासन ने स्कूल में छोटी कक्षाओं की छुट्टी के आदेश दिए हैं तथा आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इधर, पटना के जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने पटना में ठंड को देखते हुए पंद्रह दिसंबर तक पहली कक्षा तक के स्कूल बंद करने के आदेश दिए हैं तथा कक्षा दो से आठ तक के सभी स्कूल सुबह दस बजे के बाद ही खुलेंगे। उन्होंने बताया कि यह आदेश सोमवार से लागू कर दिया गया है। पटना का सोमवार को अधिकतम तापमान सोलह डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के आसार हैं। एक दिन पहले, रविवार को पटना का अधिकतम तापमान चौदह डिग्री, गया का बाईस डिग्री, भागलपुर का उन्नीस डिग्री और पूर्णिया का उन्नीस दशमलव तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। पिछले चार वर्षो में ग्यारह दिसंबर को पटना का यह सबसे कम अधिकतम तापमान है। पिछले वर्ष ग्यारह दिसंबर को पटना का अधिकतम तापमान बीस दशमलव पाँच डिग्री सेल्सियस था, जबकि वर्ष दो हज़ार चौदह में इसी दिन पटना का अधिकतम तापमान बाईस.पाँच डिग्री था। इस बीच, कड़ाके की ठंड को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों में अलाव जलाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव अनिरूद्ध कुमार ने बताया कि शीतलहर के मद्देनजर सभी जिलों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन को इसके लिए पर्याप्त राशि भी उपलब्ध करा दी गई है। पणजी। हिंदी दिवस के उपलक्ष्य व हिंदी पखवाड़ा के समापन समारोह में भारतीय नौसेना एवम होली ग्रुप के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम कवि सम्मेलन अद्वतीय रहा। रियर एडमिरल, कमोडोर, कैप्टन, कमांडर, लेफ़्टिनेंट कमांडर व कनिष्ठ अधिकारियों/कर्मचारियों ने होली ग्रुप की भूरि-भूरि प्रशंसा किया। अधिकारियों ने कहा आप सबकी गरिमामय उपस्थिति और होली टीम की मेहनत की वजह से हम लोग एक और मील का पत्थर गाड़ने में सफल रहे। हमारे होली के उन साथियों को कोटि -कोटि धन्यवाद जिन्होंने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना-अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा विशेषत सूरज नाईक, जे के सिंह, सरोज राय व बीएम यादव ने टीम वर्क का परिचय देते हुए कामयाबी का झंडा गाड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। हमारे दूसरे होली ग्रुप के मेम्बर, जिन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम में भाग लिया। इनके अतिरिक्त होली ग्रुप के दूसरे मेम्बर, जिन्होंने पहुँचकर कार्यक्रम में चार चाँद लगाये, उनमे विसन सिंह, प्रेम मिश्रा, सुशील शुक्ला व अभिलाष द्विवेदी की भूमिका सराहनीय रही। अंततः आप सबको सफल कार्यक्रम की हार्दिक बधाई व उज्जवल भविष्य की अनंत शुभ कामनाएँ प्रेषित। भारतीय नौसेना के जवानों के अनुसार , ऐसा सुंदर कार्यक्रम/आयोजन व होली ग्रुप द्वारा दी गई प्रस्तुति उनके सर्विस जीवन में पहली बार हुआ है एवम सबके चेहरे पर मुस्कान थी व होली ग्रुप के लिए कृतज्ञता। |
Alfaaz Health Update By Honey Singh:- पंजाबी सिंगर अल्फाज (Alfaaz) पर शनिवार की रात हमला हो गया था, जिसके बाद सिंगर अल्फाज़ को मोहाली में एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बता दें, यो यो हनी सिंह (Yo Yo Honey Singh) ने इस बात की जानकारी अपने सोशल मीडिया के जरिए दी है।
इस मामले में यो यो हनी सिंह ने बताया कि मोहाली पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हनी सिंह ने कहा, "मोहाली पुलिस का बहुत-बहुत थैंक्यू, उन्होंने आरोपियों को पकड़ लिया है, जिन्होंने अल्फाज को एक टैंपो ट्रेवलर के जरिए टक्कर मार दी थी। " पुलिस के मुताबिक इस घटना में हरियाणा के पंचकुला निवासी आरोपी विक्की को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात अल्फाज अपने कुछ दोस्तों के साथ एक ढाबे पर खाना खाने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने ढाबे के एक पूर्व कर्मचारी, विक्की को ढाबे के मालिक के साथ अपना बकाया चुकाने के लिए बहस करते देखा। आरोपी ने अल्फाज से गुजारिश की, कि वो ढाबा मालिक से बात करें। लेकिन जब ढाबे के मालिक ने पैसे देने से इंकार कर दिया तो विक्की उसका टैंपो चुराकर भागने की कोशिश करने लगा। इस दौरान अल्फाज बीच में आ गए और टैंपों से उनकी टक्कर हो गई। घटना में अल्फाज बुरी तरह से जख्मी हो गई थे।
मोहाली पुलिस ने आरपी विक्की के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 (रैश ड्राइविंग), 337 (किसी के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से चोट पहुंचाना) और 338 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालकर गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
| Alfaaz Health Update By Honey Singh:- पंजाबी सिंगर अल्फाज पर शनिवार की रात हमला हो गया था, जिसके बाद सिंगर अल्फाज़ को मोहाली में एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बता दें, यो यो हनी सिंह ने इस बात की जानकारी अपने सोशल मीडिया के जरिए दी है। इस मामले में यो यो हनी सिंह ने बताया कि मोहाली पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हनी सिंह ने कहा, "मोहाली पुलिस का बहुत-बहुत थैंक्यू, उन्होंने आरोपियों को पकड़ लिया है, जिन्होंने अल्फाज को एक टैंपो ट्रेवलर के जरिए टक्कर मार दी थी। " पुलिस के मुताबिक इस घटना में हरियाणा के पंचकुला निवासी आरोपी विक्की को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात अल्फाज अपने कुछ दोस्तों के साथ एक ढाबे पर खाना खाने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने ढाबे के एक पूर्व कर्मचारी, विक्की को ढाबे के मालिक के साथ अपना बकाया चुकाने के लिए बहस करते देखा। आरोपी ने अल्फाज से गुजारिश की, कि वो ढाबा मालिक से बात करें। लेकिन जब ढाबे के मालिक ने पैसे देने से इंकार कर दिया तो विक्की उसका टैंपो चुराकर भागने की कोशिश करने लगा। इस दौरान अल्फाज बीच में आ गए और टैंपों से उनकी टक्कर हो गई। घटना में अल्फाज बुरी तरह से जख्मी हो गई थे। मोहाली पुलिस ने आरपी विक्की के खिलाफ आईपीसी की धारा दो सौ उन्यासी , तीन सौ सैंतीस और तीन सौ अड़तीस के तहत एफआईआर दर्ज की है। |
ओडिशा के कालाहांडी में सोमवार (मार्च 18, 2019) को देश की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम कंपनी वेदांता लिमिटेड रिफाइनरी प्लांट को जलाने का प्रयास किया गया। इस बीच वहाँ प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों की झड़प में दो लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा।
पुलिस के मुताबिक ओडिशा औद्योगिक सुरक्षाबल के सुरक्षाकर्मी और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में एक सुरक्षाकर्मी को जिंदा जला दिया गया और 20 लोग घायल भी हुए हैं। जनसत्ता में छपी रिपोर्ट के मुताबिक वहाँ (कालाहांडी) के एसपी बी गंगाधर ने बताया कि रेंगोपाली और उसके आसपास के गाँवों के निवासी लांजीगढ़ में रिफाइनरी के पास कंपनी में युवकों के लिए नौकरी की माँग कर रहे थे।
इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट से प्लांट में घुसने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा में तैनात ओआईएसएफ के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहीं रोक दिया, जिसके बाद झगड़ा बढ़ा और पत्थरबाज़ी शुरू हो गई। कंपनी द्वारा जारी बयान में बताया गया कि इस झड़प में दो लोग की मौत हो गई है और एक सुरक्षाकर्मी समेत कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है।
अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि शरीर पर गंभीर चोटें लगने के कारण एक सुरक्षाकर्मी और एक प्रदर्शनकारी की मौत हुई है। मरने वाले प्रदर्शनकारी की पहचान दानी पात्रा के रूप में की गई है। दानी लाजीगढ़ का मूल निवासी था।
वेदांता कंपनी के बारे में बता दें कि भारत की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम उत्पादक कंपनी है। इस कंपनी से हर साल 2. 3 मिलियन टन एल्यूमिनियम का उत्पादन होता है। यह कंपनी भारत के एल्यूमिनियम उद्योग में 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती है।
| ओडिशा के कालाहांडी में सोमवार को देश की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम कंपनी वेदांता लिमिटेड रिफाइनरी प्लांट को जलाने का प्रयास किया गया। इस बीच वहाँ प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों की झड़प में दो लोगों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा। पुलिस के मुताबिक ओडिशा औद्योगिक सुरक्षाबल के सुरक्षाकर्मी और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में एक सुरक्षाकर्मी को जिंदा जला दिया गया और बीस लोग घायल भी हुए हैं। जनसत्ता में छपी रिपोर्ट के मुताबिक वहाँ के एसपी बी गंगाधर ने बताया कि रेंगोपाली और उसके आसपास के गाँवों के निवासी लांजीगढ़ में रिफाइनरी के पास कंपनी में युवकों के लिए नौकरी की माँग कर रहे थे। इसी बीच कुछ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट से प्लांट में घुसने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा में तैनात ओआईएसएफ के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहीं रोक दिया, जिसके बाद झगड़ा बढ़ा और पत्थरबाज़ी शुरू हो गई। कंपनी द्वारा जारी बयान में बताया गया कि इस झड़प में दो लोग की मौत हो गई है और एक सुरक्षाकर्मी समेत कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि शरीर पर गंभीर चोटें लगने के कारण एक सुरक्षाकर्मी और एक प्रदर्शनकारी की मौत हुई है। मरने वाले प्रदर्शनकारी की पहचान दानी पात्रा के रूप में की गई है। दानी लाजीगढ़ का मूल निवासी था। वेदांता कंपनी के बारे में बता दें कि भारत की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम उत्पादक कंपनी है। इस कंपनी से हर साल दो. तीन मिलियन टन एल्यूमिनियम का उत्पादन होता है। यह कंपनी भारत के एल्यूमिनियम उद्योग में चालीस प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती है। |
अनुपम खेर (Anupam Kher) बॉलीवुड के फेमस एक्टर में से एक हैं. वह इंडस्ट्री में अपनी जबरदस्त अदकारी के अलावा अपने बेबाक अंदाज़ और बुलंद अवाज के लिए भी जाने जाते हैं. जिसके चलते वह एक बार फिर चर्चा में आए हैं. अनुपम खेर ने जम्मू कश्मीर के शोपियां (Shopian) में हुई कश्मीरी पंडित की हत्या की कड़ी निंदा की है. अभिनेता ने शोपियां में हुई दिल दहला देने वाली घटना पर प्रतिक्रिया दी और इसे शर्मनाक बताया है.
दरअसल, एएनआई से बात करते हुए अनुपम खेर ने कहा- यह बेहद शर्मनाक है कि आज भी कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार हो रहे हैं. वे अपने लोगों की हत्या कर रहे हैं. वे उन सभी को मार रहे हैं. जो भारत के साथ खड़े हैं. ये पिछले 30 सालों से हो रहा है. आप इसकी जितनी भी निंदा करें. कम है. हमें इस मानसिकता को बदलना ज़रूरी है.
अनुपम खेर आगे बात करते हुए कहा-यह उन तमाम लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है. जो कश्मीर फाइल्स को काल्पनिक बता रहे थे. पांच लाख लोग. जो अपने ही घरों से निकाल दिए गए. उनके बारे में कहा जा रहा था कि ये नहीं हो सकता. अब मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आपसे बड़ा पाखंडी कोई और नहीं हो सकता. मैंने आपसे बड़ा पाखंडी अपनी ज़िन्दगी में नहीं देखा. आख़िर सरकार कितने लोगों को सुरक्षा देगी. ये शर्मनाक है कि अभी भी कश्मीर में वही अत्याचार हो रहे हैं.
वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर जल्द ही कंगना रनोट की फ़िल्म 'इमरजेंसी' में नज़र आने वाले हैं. इस फ़िल्म में वह जय प्रकाश नारायण के रोल में नज़र आएंगे. इसके अलावा वह रवि तेजा की फ़िल्म 'टाइगर नागेश्वर राव' में भी दिखेंगे. वहीं रजनीकांत अपनी अपकमिंग फ़िल्म 'जेलर' में नज़र आएंगे. जिसकी शूटिंग अगस्त-सितंबर के बीच हैदराबाद में शुरू होगी. उन्हें आखिरी बार फ़िल्म 'अन्नाथे' में देखा गया था.
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| अनुपम खेर बॉलीवुड के फेमस एक्टर में से एक हैं. वह इंडस्ट्री में अपनी जबरदस्त अदकारी के अलावा अपने बेबाक अंदाज़ और बुलंद अवाज के लिए भी जाने जाते हैं. जिसके चलते वह एक बार फिर चर्चा में आए हैं. अनुपम खेर ने जम्मू कश्मीर के शोपियां में हुई कश्मीरी पंडित की हत्या की कड़ी निंदा की है. अभिनेता ने शोपियां में हुई दिल दहला देने वाली घटना पर प्रतिक्रिया दी और इसे शर्मनाक बताया है. दरअसल, एएनआई से बात करते हुए अनुपम खेर ने कहा- यह बेहद शर्मनाक है कि आज भी कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार हो रहे हैं. वे अपने लोगों की हत्या कर रहे हैं. वे उन सभी को मार रहे हैं. जो भारत के साथ खड़े हैं. ये पिछले तीस सालों से हो रहा है. आप इसकी जितनी भी निंदा करें. कम है. हमें इस मानसिकता को बदलना ज़रूरी है. अनुपम खेर आगे बात करते हुए कहा-यह उन तमाम लोगों के मुंह पर करारा तमाचा है. जो कश्मीर फाइल्स को काल्पनिक बता रहे थे. पांच लाख लोग. जो अपने ही घरों से निकाल दिए गए. उनके बारे में कहा जा रहा था कि ये नहीं हो सकता. अब मैं उनसे कहना चाहता हूं कि आपसे बड़ा पाखंडी कोई और नहीं हो सकता. मैंने आपसे बड़ा पाखंडी अपनी ज़िन्दगी में नहीं देखा. आख़िर सरकार कितने लोगों को सुरक्षा देगी. ये शर्मनाक है कि अभी भी कश्मीर में वही अत्याचार हो रहे हैं. वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर जल्द ही कंगना रनोट की फ़िल्म 'इमरजेंसी' में नज़र आने वाले हैं. इस फ़िल्म में वह जय प्रकाश नारायण के रोल में नज़र आएंगे. इसके अलावा वह रवि तेजा की फ़िल्म 'टाइगर नागेश्वर राव' में भी दिखेंगे. वहीं रजनीकांत अपनी अपकमिंग फ़िल्म 'जेलर' में नज़र आएंगे. जिसकी शूटिंग अगस्त-सितंबर के बीच हैदराबाद में शुरू होगी. उन्हें आखिरी बार फ़िल्म 'अन्नाथे' में देखा गया था. बॉलीवुड और टीवी की अन्य खबरों के लिए क्लिक करेंः |
Fahmaan Khan will be a part Bigg Boss 17? : फैन्स बिग बॉस शो के अगले सीजन का इंतजार कर रहे हैं। सुम्बुल तौकीर खान का समर्थन करने के लिए बिग बॉस 16 में आए फहमान खान को खूब पसंद किया गया था। अब अपने शो में आने की रिपोर्ट पर फहमान खान ने क्या कहा? यहां जानें।
Bigg Boss 17 Update: बिग बॉस 16 जबरदस्त हिट सीजन रहा था। यह सीजन बिग बॉस 13 की तरह ही दिलचस्प और चर्चा से भरा रहा। शो में साजिद खान की एंट्री से लेकर टीना दत्ता और शालीन भनोट के प्यार-नफरत भरे रिश्ते, सुम्बुल तौकीर खान का रोना, शिव ठाकरे की प्लानिंग और रैपर एमसी स्टेन की सरप्राइजिंग जीत जैसे मोड़ से बिग बॉस 16 ने अंत तक सभी को बांधे रखा। अब फैन्स सलमान खान के शो के अगले सीजन का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अभी इसमें काफी वक्त है। लेकिन क्या इमली स्टार फहमान खान इस बार बिग बॉस 17 का हिस्सा बनेंगे? इस बारे में खुद एक्टर ने बात की है।
क्या बिग बॉस 17 के घर में एंट्री करेंगे फहमान खान?
सुम्बुल तौकीर खान का समर्थन करने के लिए बिग बॉस 16 में आए फहमान खान को खूब पसंद किया गया था। अब अपने शो में आने की रिपोर्ट पर फहमान खान ने कहा कि वह बिग बॉस के लिए सही फिट नहीं हैं क्योंकि यह उनके बस की बात नहीं है। वह सोचते हैं कि उनको चार महीने तक घर में बंद नहीं रखा जा सकता, क्योंकि उनको बात करने के लिए लोगों की जरूरत है। उन्होंने एक डांस रियलिटी शो करने के बारे में भी बात की और बताया कि उन्होंने अभी तक अपना मन नहीं बनाया है।
फहमान खान का कहना है कि उन्हें अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में काम करना पसंद है। उन्होंने सामान्य रूप से रियलिटी शो करने के बारे में नहीं सोचा है। लेकिन यह निर्भर करता है। हालांकि फैन्स बेसब्री से फहमान खान को किसी रियलिटी शो में देखने का इंतजार कर रहे हैं। सलमान खान के बिग बॉस 16 के घर में उनके दो दिनों की एंट्री सभी प्रशंसकों को पसंद आई थी। अगर वह किसी रियलिटी शो में भाग लेते हैं तो यह उनके प्रशंसकों के लिए खुशी की बात होगी।
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| Fahmaan Khan will be a part Bigg Boss सत्रह? : फैन्स बिग बॉस शो के अगले सीजन का इंतजार कर रहे हैं। सुम्बुल तौकीर खान का समर्थन करने के लिए बिग बॉस सोलह में आए फहमान खान को खूब पसंद किया गया था। अब अपने शो में आने की रिपोर्ट पर फहमान खान ने क्या कहा? यहां जानें। Bigg Boss सत्रह Update: बिग बॉस सोलह जबरदस्त हिट सीजन रहा था। यह सीजन बिग बॉस तेरह की तरह ही दिलचस्प और चर्चा से भरा रहा। शो में साजिद खान की एंट्री से लेकर टीना दत्ता और शालीन भनोट के प्यार-नफरत भरे रिश्ते, सुम्बुल तौकीर खान का रोना, शिव ठाकरे की प्लानिंग और रैपर एमसी स्टेन की सरप्राइजिंग जीत जैसे मोड़ से बिग बॉस सोलह ने अंत तक सभी को बांधे रखा। अब फैन्स सलमान खान के शो के अगले सीजन का इंतजार कर रहे हैं लेकिन अभी इसमें काफी वक्त है। लेकिन क्या इमली स्टार फहमान खान इस बार बिग बॉस सत्रह का हिस्सा बनेंगे? इस बारे में खुद एक्टर ने बात की है। क्या बिग बॉस सत्रह के घर में एंट्री करेंगे फहमान खान? सुम्बुल तौकीर खान का समर्थन करने के लिए बिग बॉस सोलह में आए फहमान खान को खूब पसंद किया गया था। अब अपने शो में आने की रिपोर्ट पर फहमान खान ने कहा कि वह बिग बॉस के लिए सही फिट नहीं हैं क्योंकि यह उनके बस की बात नहीं है। वह सोचते हैं कि उनको चार महीने तक घर में बंद नहीं रखा जा सकता, क्योंकि उनको बात करने के लिए लोगों की जरूरत है। उन्होंने एक डांस रियलिटी शो करने के बारे में भी बात की और बताया कि उन्होंने अभी तक अपना मन नहीं बनाया है। फहमान खान का कहना है कि उन्हें अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में काम करना पसंद है। उन्होंने सामान्य रूप से रियलिटी शो करने के बारे में नहीं सोचा है। लेकिन यह निर्भर करता है। हालांकि फैन्स बेसब्री से फहमान खान को किसी रियलिटी शो में देखने का इंतजार कर रहे हैं। सलमान खान के बिग बॉस सोलह के घर में उनके दो दिनों की एंट्री सभी प्रशंसकों को पसंद आई थी। अगर वह किसी रियलिटी शो में भाग लेते हैं तो यह उनके प्रशंसकों के लिए खुशी की बात होगी। ट्रेंडिंगः |
Highlightsशोएब अख्तर अपने यूट्यूब चैनल के जरिए अपनी राय शेयर करते रहते हैं। शोएब ने ट्विटर अकाउंट पर फैंस के साथ इंट्रैक्ट किया और उनके सवालों के जबाव दिए।
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंजबाज शोएब अख्तर अपने यूट्यूब चैनल के जरिए अपनी राय शेयर करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर फैंस के साथ इंट्रैक्ट किया और उनके सवालों के जबाव दिए। इस दौरान उन्होंने अपने फेवरेट क्रिकेटर और मौजूदा दौर के बेस्ट क्रिकेटर के बारे में खुलासा किया।
15 मिनट का सवाल और जवाब सेशन के दौरान शोएब अख्तर से एक फैन ने पूछा था कि दुनियाभर के मौजूदा खिलाड़ियों में उनका बेस्ट बॉलर कौन है तो इस पर शोएब ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का नाम लिया। इसके बाद एक अन्य फैन ने मजे लेते हुए कहा कि आपको नहीं लगता है कि इसके लिए मोहम्मद शमी का नाम लेना चाहिए था। हालांकि शोएब अख्तर ने अपने इस जवाब को बाद में डिलिट कर दिया।
इसके अलावा पृथ्वी कोठारी नाम के फैन ने सवाल किया, 'मोडर्न एरा में किस बल्लेबाज को आउट करना सबसे ज्यादा मुश्किल है? ' इस सवाल के जवाब में भी शोएब अख्तर ने भारतीय कप्तान विराट कोहली का नाम लिया। भारतीय फैंस ने शोएब के इस जवाब को खूब पसंद किया।
वहीं इस सेशन के दौरान शोएब ने अपने करियर के बेस्ट विकेट का भी खुलासा किया। अली नाम के एक फैन ने जब पूछा, 'कौन सा विकेट और मैच अभी भी आपके लिए अविस्मरणीय है? ' इस पर शोएब ने सचिन तेंदुलकर और कोलकाता का नाम लिया, जब उन्होंने 1999 में कोलकाता में खले गए टेस्ट मैच में सचिन को अपनी पहली गेंद पर ही बोल्ड कर दिया था।
| Highlightsशोएब अख्तर अपने यूट्यूब चैनल के जरिए अपनी राय शेयर करते रहते हैं। शोएब ने ट्विटर अकाउंट पर फैंस के साथ इंट्रैक्ट किया और उनके सवालों के जबाव दिए। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंजबाज शोएब अख्तर अपने यूट्यूब चैनल के जरिए अपनी राय शेयर करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर फैंस के साथ इंट्रैक्ट किया और उनके सवालों के जबाव दिए। इस दौरान उन्होंने अपने फेवरेट क्रिकेटर और मौजूदा दौर के बेस्ट क्रिकेटर के बारे में खुलासा किया। पंद्रह मिनट का सवाल और जवाब सेशन के दौरान शोएब अख्तर से एक फैन ने पूछा था कि दुनियाभर के मौजूदा खिलाड़ियों में उनका बेस्ट बॉलर कौन है तो इस पर शोएब ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का नाम लिया। इसके बाद एक अन्य फैन ने मजे लेते हुए कहा कि आपको नहीं लगता है कि इसके लिए मोहम्मद शमी का नाम लेना चाहिए था। हालांकि शोएब अख्तर ने अपने इस जवाब को बाद में डिलिट कर दिया। इसके अलावा पृथ्वी कोठारी नाम के फैन ने सवाल किया, 'मोडर्न एरा में किस बल्लेबाज को आउट करना सबसे ज्यादा मुश्किल है? ' इस सवाल के जवाब में भी शोएब अख्तर ने भारतीय कप्तान विराट कोहली का नाम लिया। भारतीय फैंस ने शोएब के इस जवाब को खूब पसंद किया। वहीं इस सेशन के दौरान शोएब ने अपने करियर के बेस्ट विकेट का भी खुलासा किया। अली नाम के एक फैन ने जब पूछा, 'कौन सा विकेट और मैच अभी भी आपके लिए अविस्मरणीय है? ' इस पर शोएब ने सचिन तेंदुलकर और कोलकाता का नाम लिया, जब उन्होंने एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में कोलकाता में खले गए टेस्ट मैच में सचिन को अपनी पहली गेंद पर ही बोल्ड कर दिया था। |
भारतीय वायुसेना के लापता विमान एन-32 के लिए सर्च ऑपरेशन आज चौथे दिन भी जारी है। विमान का पता लगाने के लिए सैटलाइट और अन्य संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। सुखोई -30, सी-130 जे और अन्य संसाधनों को आज फिर से सर्च ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विमान में 29 साल के पायलट आशीष तंवर भी सवार थे। उनकी पत्नी संध्या असम के जोरहाट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम (एटीसी) में तैनात हैं। यहीं से विमान ने दोपहर के 12. 25 बजे अरुणाचल प्रदेश के मेनचुका के लिए उड़ान भरी थी। आशीष के चाचा फ्लाइट लेफ्टिनेंट उदयवीर सिंह ने कहा, 'विमान से एक बजे संपर्क टूट गया था और उसने (संध्या) हमें एक घंटे बाद फोन करके घटना के बारे में बताया। '
विमान का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। हर बीतते समय के साथ पायलट का परिवार मायूस होता जा रहा है। पलवल के हुड्डा सेक्टर-दो स्थित आशीष के घर पर मौजूद चाचा ने कहा, 'पहले हमें उम्मीद थी कि विमान चीन में चला गया होगा और वहां आपातकालीन लैंडिंग की होगी लेकिन अगर ऐसा होता तो वह अबतक हमसे किसी तरह संपर्क करने की कोशिश करते। अगर उनका विमान पहाड़ों पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया होगा तो. . . '
उन्होंने बताया, 'उसके पिता अधिकारियों से मिलने और अपडेट लेने के लिए असम गए हैं लेकिन उसकी मां घर पर है। वह बुरी तरह टूट गई है और बिना रोए एक शब्द भी नहीं बोल पा रही है। ' आशीष के पिता के छह भाईयों में से पांच सेना में हैं। आशीष के पिता राधेलाल सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परिवार से प्रभावित होकर ही आशीष देश सेवा को प्रेरित हुआ। उसकी बड़ी बहन वायुसेना में स्कवाड्रन लीडर है।
आशीष अपने पिता की नौकरी के कारण एक जगह से दूसरी जगह जाते रहे। उन्होंने कई केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई की है और उसके बाद बीटेक किया। इसके बाद गुड़गांव की एक एमएनसी में दो से तीन महीने नौकरी की। इसके बाद 2013 मे वायुसेना में शामिल हो गए। रिश्तेदार ने कहा, 'मई 2015 में ट्रेनिंग खत्म करने के बाद आशीष जोरहाट चला गया। जहां मथुरा की रहने वाली संध्या पिछले साल पहुंची। फरवरी 2018 में उनकी शादी हो गई। यह शादी माता-पिता ने कराई थी। '
आशीष के चाचा नारायण ने कहा, 'दोनों आखिरी बार दो मई को घर आए थे क्योंकि वह 26 मई तक छुट्टियों पर थे। 18 मई को वह पलवल से चले गए और छुट्टियों के लिए बैंकॉक पहुंचे। यहां से वह सीधे असम गए। किसी ने भी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो जाएगा। लगभग 20 दिन पहले दोनों यहां हमारे पास थे। ' पायलट के घर पर हजारों लोग किसी तरह की खबर आने के इंतजार में बैठे हुए हैं।
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| भारतीय वायुसेना के लापता विमान एन-बत्तीस के लिए सर्च ऑपरेशन आज चौथे दिन भी जारी है। विमान का पता लगाने के लिए सैटलाइट और अन्य संसाधनों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। सुखोई -तीस, सी-एक सौ तीस जे और अन्य संसाधनों को आज फिर से सर्च ऑपरेशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। विमान में उनतीस साल के पायलट आशीष तंवर भी सवार थे। उनकी पत्नी संध्या असम के जोरहाट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम में तैनात हैं। यहीं से विमान ने दोपहर के बारह. पच्चीस बजे अरुणाचल प्रदेश के मेनचुका के लिए उड़ान भरी थी। आशीष के चाचा फ्लाइट लेफ्टिनेंट उदयवीर सिंह ने कहा, 'विमान से एक बजे संपर्क टूट गया था और उसने हमें एक घंटे बाद फोन करके घटना के बारे में बताया। ' विमान का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। हर बीतते समय के साथ पायलट का परिवार मायूस होता जा रहा है। पलवल के हुड्डा सेक्टर-दो स्थित आशीष के घर पर मौजूद चाचा ने कहा, 'पहले हमें उम्मीद थी कि विमान चीन में चला गया होगा और वहां आपातकालीन लैंडिंग की होगी लेकिन अगर ऐसा होता तो वह अबतक हमसे किसी तरह संपर्क करने की कोशिश करते। अगर उनका विमान पहाड़ों पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया होगा तो. . . ' उन्होंने बताया, 'उसके पिता अधिकारियों से मिलने और अपडेट लेने के लिए असम गए हैं लेकिन उसकी मां घर पर है। वह बुरी तरह टूट गई है और बिना रोए एक शब्द भी नहीं बोल पा रही है। ' आशीष के पिता के छह भाईयों में से पांच सेना में हैं। आशीष के पिता राधेलाल सेना से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परिवार से प्रभावित होकर ही आशीष देश सेवा को प्रेरित हुआ। उसकी बड़ी बहन वायुसेना में स्कवाड्रन लीडर है। आशीष अपने पिता की नौकरी के कारण एक जगह से दूसरी जगह जाते रहे। उन्होंने कई केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ाई की है और उसके बाद बीटेक किया। इसके बाद गुड़गांव की एक एमएनसी में दो से तीन महीने नौकरी की। इसके बाद दो हज़ार तेरह मे वायुसेना में शामिल हो गए। रिश्तेदार ने कहा, 'मई दो हज़ार पंद्रह में ट्रेनिंग खत्म करने के बाद आशीष जोरहाट चला गया। जहां मथुरा की रहने वाली संध्या पिछले साल पहुंची। फरवरी दो हज़ार अट्ठारह में उनकी शादी हो गई। यह शादी माता-पिता ने कराई थी। ' आशीष के चाचा नारायण ने कहा, 'दोनों आखिरी बार दो मई को घर आए थे क्योंकि वह छब्बीस मई तक छुट्टियों पर थे। अट्ठारह मई को वह पलवल से चले गए और छुट्टियों के लिए बैंकॉक पहुंचे। यहां से वह सीधे असम गए। किसी ने भी नहीं सोचा था कि ऐसा कुछ हो जाएगा। लगभग बीस दिन पहले दोनों यहां हमारे पास थे। ' पायलट के घर पर हजारों लोग किसी तरह की खबर आने के इंतजार में बैठे हुए हैं। हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें। Read the latest and breaking Hindi news on amarujala. com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala. com to get all the latest Hindi news updates as they happen. |
ओह, वे कैटवॉक के साथ कैसे जाते हैं। वे "चमक" के कवर से हमें कैसे देखते हैं। हम उनके जैसे बनना चाहते हैं। शरीर और आत्मविश्वास में एक ही आसानी है। लेकिन, पहली नज़र में, आप जानते हैं, भ्रामक है। समानता की स्क्रीन के पीछे अपने शरीर पर दैनिक कड़ी मेहनत है। तो मॉडल किस प्रकार के आहार बैठे हैं?
उदाहरण के लिए, नतालिया Vodianova ले लो। उसने पोषण पोषण पसंद किया। यानी दिन भर बहुत कम भोजन के साथ कैलोरी नाश्ता वैकल्पिक।
बदले में, शीर्ष मॉडल, गिसेले बुंडेन, ताबास्को और मिर्च-मिर्च सॉस को अपने भोजन में जोड़ते हैं, मानते हैं कि ये दो अवयव उत्कृष्ट वसा बर्नर हैं। वैसे, ब्राजील के डॉक्टर इस बात से सहमत हैं कि केयने काली मिर्च शरीर में चयापचय प्रक्रियाओं को अविश्वसनीय रूप से गति देता है।
इस तरह के आहार प्रत्येक शीर्ष मॉडल के शस्त्रागार में हैं। लेकिन कभी-कभी आपको अधिक गंभीर तरीकों से कार्य करना पड़ता है।
पोडियम के प्रवेश द्वार की पूर्व संध्या या एक बड़े फोटो सत्र की शुरुआत पर, एक को यथासंभव आदर्श होना चाहिए। अतिरिक्त किलो की अनुमति नहीं है। फिर 3 दिनों के लिए मॉडल आहार सबसे अच्छा विकल्प है। उनकी मदद से वजन कम करने के दो तरीके हैं।
पहला और सबसे लोकप्रिय "3 दिन" आहार है। इन दिनों के लिए आप 4 किलो वजन कम कर सकते हैं। मेनू सरल हैः
- नाश्ता - मुलायम उबला अंडे;
- दूसरा नाश्ता और दोपहर का भोजन - 125 ग्राम वसा रहित कुटीर चीज़ और चीनी के बिना चाय।
भोजन के बीच अंतराल 2. 5 घंटे है। मॉडल का एक काफी कठोर आहार, अगला विकल्प आसान होगा।
तो, दूसरी भिन्नता में, मुख्य बात कैलोरी सेवन में प्रतिबंध है। एक दिन 1000 से अधिक नहीं है। इसके अलावा, आपको बहुत गर्म तरल पदार्थ पीना होगा जो शरीर को शुद्ध करने में मदद करेगा। चीनी पर - एक वर्जित। लेकिन हम रात के खाने के साथ अपना भोजन खत्म कर सकते हैं, जिससे शरीर के लिए तनाव कम हो जाएगा।
यदि शर्तें जला नहीं जाती हैं, तो आप कोशिश कर सकते हैं और एक साप्ताहिक मॉडल आहार, जहां आप सात किलो वजन कम कर सकते हैं। मेनू भी सरल हैः
- नाश्ता - सुबह में कुछ चिकन अंडे (तला हुआ नहीं) या चिकन का 60 ग्राम, रोटी का एक टुकड़ा (अधिमानतः राई), मक्खन की पतली परत से ढका हुआ। इसके अलावा हरी चाय या बस गर्म पानी;
- दूसरा नाश्ता केवल हरी चाय है;
- दोपहर का भोजन - 2-3 बजे आप 150 ग्राम से कम वसा वाले मांस या मछली को हिरण और सेम के सलाद के साथ नहीं खा सकते हैं। आप कुछ फल जोड़ सकते हैं;
- दोपहर चाय - चीनी के बिना गर्म पानी या हरी चाय;
- रात्रिभोज - अधिमानतः 7 बजे से पहले - 300-400 ग्राम हरी सब्जियां।
| ओह, वे कैटवॉक के साथ कैसे जाते हैं। वे "चमक" के कवर से हमें कैसे देखते हैं। हम उनके जैसे बनना चाहते हैं। शरीर और आत्मविश्वास में एक ही आसानी है। लेकिन, पहली नज़र में, आप जानते हैं, भ्रामक है। समानता की स्क्रीन के पीछे अपने शरीर पर दैनिक कड़ी मेहनत है। तो मॉडल किस प्रकार के आहार बैठे हैं? उदाहरण के लिए, नतालिया Vodianova ले लो। उसने पोषण पोषण पसंद किया। यानी दिन भर बहुत कम भोजन के साथ कैलोरी नाश्ता वैकल्पिक। बदले में, शीर्ष मॉडल, गिसेले बुंडेन, ताबास्को और मिर्च-मिर्च सॉस को अपने भोजन में जोड़ते हैं, मानते हैं कि ये दो अवयव उत्कृष्ट वसा बर्नर हैं। वैसे, ब्राजील के डॉक्टर इस बात से सहमत हैं कि केयने काली मिर्च शरीर में चयापचय प्रक्रियाओं को अविश्वसनीय रूप से गति देता है। इस तरह के आहार प्रत्येक शीर्ष मॉडल के शस्त्रागार में हैं। लेकिन कभी-कभी आपको अधिक गंभीर तरीकों से कार्य करना पड़ता है। पोडियम के प्रवेश द्वार की पूर्व संध्या या एक बड़े फोटो सत्र की शुरुआत पर, एक को यथासंभव आदर्श होना चाहिए। अतिरिक्त किलो की अनुमति नहीं है। फिर तीन दिनों के लिए मॉडल आहार सबसे अच्छा विकल्प है। उनकी मदद से वजन कम करने के दो तरीके हैं। पहला और सबसे लोकप्रिय "तीन दिन" आहार है। इन दिनों के लिए आप चार किलो वजन कम कर सकते हैं। मेनू सरल हैः - नाश्ता - मुलायम उबला अंडे; - दूसरा नाश्ता और दोपहर का भोजन - एक सौ पच्चीस ग्राम वसा रहित कुटीर चीज़ और चीनी के बिना चाय। भोजन के बीच अंतराल दो. पाँच घंटाटे है। मॉडल का एक काफी कठोर आहार, अगला विकल्प आसान होगा। तो, दूसरी भिन्नता में, मुख्य बात कैलोरी सेवन में प्रतिबंध है। एक दिन एक हज़ार से अधिक नहीं है। इसके अलावा, आपको बहुत गर्म तरल पदार्थ पीना होगा जो शरीर को शुद्ध करने में मदद करेगा। चीनी पर - एक वर्जित। लेकिन हम रात के खाने के साथ अपना भोजन खत्म कर सकते हैं, जिससे शरीर के लिए तनाव कम हो जाएगा। यदि शर्तें जला नहीं जाती हैं, तो आप कोशिश कर सकते हैं और एक साप्ताहिक मॉडल आहार, जहां आप सात किलो वजन कम कर सकते हैं। मेनू भी सरल हैः - नाश्ता - सुबह में कुछ चिकन अंडे या चिकन का साठ ग्राम, रोटी का एक टुकड़ा , मक्खन की पतली परत से ढका हुआ। इसके अलावा हरी चाय या बस गर्म पानी; - दूसरा नाश्ता केवल हरी चाय है; - दोपहर का भोजन - दो-तीन बजे आप एक सौ पचास ग्राम से कम वसा वाले मांस या मछली को हिरण और सेम के सलाद के साथ नहीं खा सकते हैं। आप कुछ फल जोड़ सकते हैं; - दोपहर चाय - चीनी के बिना गर्म पानी या हरी चाय; - रात्रिभोज - अधिमानतः सात बजे से पहले - तीन सौ-चार सौ ग्राम हरी सब्जियां। |
तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को 28 राज्यों के सभी सीएम में सबसे ज्यादा सैलरी मिल रही है. केसीआर के नाम से मशहूर और भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख केसीआर तेलंगाना के सीएम के तौर पर 4,10,000 रुपये मासिक सैलरी मिलती है.
आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हर महीने 3,90,000 रुपये सैलरी के तौर पर मिलता है. इसके अलावा किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को मुफ्त आवास, यात्रा भत्ता, चिकित्सा सुविधाएं आदि प्राप्त होते हैं.
उत्तर प्रदेश के दो बार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रतिमाह 3,65,000 रुपये सेलरी के तौर पर मिलते हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्रियों को न केवल मुख्यमंत्री के रूप में उनका वेतन मिलता है, बल्कि वे विधानसभा या विधानपरिषद के सदस्यों के रूप में भी सैलरी प्राप्त करते हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हर महीने 215,000 रुपये वेतन मिलता है. किसी भी राज्य के सीएम वेतन और भत्तों के साथ-साथ अन्य भत्ते और विशेषाधिकार पाने के भी हकदार होते हैं.
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल को सैलरी के तौर पर 321,000 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं. बीजेपी ने विजय रूपाणी को मुख्यमंत्री के पद से हटाकर भूपेंद्र भाई पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिय था.
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सैलरी के तौर पर प्रतिमाह 175,000 रुपये मिलते हैं. राज्यों का मुखिया वहां का 'मुख्यमंत्री' होता है. राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की स्थिति केंद्र में प्रधानमंत्री के समान होती है.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को वेतन के तौर पर प्रतिमाह 310,000 रुपये मिलते हैं. हिमाचल प्रदेश में इसी साल एक ही चरण में 12 नवंबर को मतदान होगा. जबकि मतदान के बाद 8 दिसंबर को रिजल्ट घोषित होंगे.
| तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को अट्ठाईस राज्यों के सभी सीएम में सबसे ज्यादा सैलरी मिल रही है. केसीआर के नाम से मशहूर और भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख केसीआर तेलंगाना के सीएम के तौर पर चार,दस,शून्य रुपयापये मासिक सैलरी मिलती है. आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हर महीने तीन,नब्बे,शून्य रुपयापये सैलरी के तौर पर मिलता है. इसके अलावा किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को मुफ्त आवास, यात्रा भत्ता, चिकित्सा सुविधाएं आदि प्राप्त होते हैं. उत्तर प्रदेश के दो बार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रतिमाह तीन,पैंसठ,शून्य रुपयापये सेलरी के तौर पर मिलते हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्रियों को न केवल मुख्यमंत्री के रूप में उनका वेतन मिलता है, बल्कि वे विधानसभा या विधानपरिषद के सदस्यों के रूप में भी सैलरी प्राप्त करते हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हर महीने दो सौ पंद्रह,शून्य रुपयापये वेतन मिलता है. किसी भी राज्य के सीएम वेतन और भत्तों के साथ-साथ अन्य भत्ते और विशेषाधिकार पाने के भी हकदार होते हैं. गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल को सैलरी के तौर पर तीन सौ इक्कीस,शून्य रुपयापये प्रतिमाह मिलते हैं. बीजेपी ने विजय रूपाणी को मुख्यमंत्री के पद से हटाकर भूपेंद्र भाई पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिय था. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सैलरी के तौर पर प्रतिमाह एक सौ पचहत्तर,शून्य रुपयापये मिलते हैं. राज्यों का मुखिया वहां का 'मुख्यमंत्री' होता है. राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की स्थिति केंद्र में प्रधानमंत्री के समान होती है. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को वेतन के तौर पर प्रतिमाह तीन सौ दस,शून्य रुपयापये मिलते हैं. हिमाचल प्रदेश में इसी साल एक ही चरण में बारह नवंबर को मतदान होगा. जबकि मतदान के बाद आठ दिसंबर को रिजल्ट घोषित होंगे. |
असम पुलिस ने उन नौ लड़कियों को छुड़ाया है, जिन्हें केरल में तस्करी कर वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया था। घटना के सिलसिले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। विशेष पुलिस महानिदेशक जी पी सिंह ने कहा कि बचे लोगों और आरोपियों को वापस असम लाया जा रहा है। सिंह ने ट्वीट किया कि " होजाई पोलिस को असम से चल रहे एक अवैध मानव तस्करी रैकेट के बारे में एक सूचना मिली थी, जिसमें असम के विभिन्न जिलों से संबंधित कई लड़कियों को केरल के थंपनूर ले जाया गया है। "
विशिष्ट इनपुट के आधार पर, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत 11 जुलाई को होजई जिले के लंका पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि 13 जुलाई को आठ पुलिस कर्मियों का एक दल पीड़ितों को बचाने और आरोपी को पकड़ने के लिए केरल रवाना हुआ था। सिंह ने कहा कि लड़कियां होजई, नगांव, सोनितपुर, मोरीगांव और कामरूप ग्रामीण जिलों की हैं, जबकि आरोपी होजई और नगांव के रहने वाले हैं।
| असम पुलिस ने उन नौ लड़कियों को छुड़ाया है, जिन्हें केरल में तस्करी कर वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया गया था। घटना के सिलसिले में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। विशेष पुलिस महानिदेशक जी पी सिंह ने कहा कि बचे लोगों और आरोपियों को वापस असम लाया जा रहा है। सिंह ने ट्वीट किया कि " होजाई पोलिस को असम से चल रहे एक अवैध मानव तस्करी रैकेट के बारे में एक सूचना मिली थी, जिसमें असम के विभिन्न जिलों से संबंधित कई लड़कियों को केरल के थंपनूर ले जाया गया है। " विशिष्ट इनपुट के आधार पर, भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत ग्यारह जुलाई को होजई जिले के लंका पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि तेरह जुलाई को आठ पुलिस कर्मियों का एक दल पीड़ितों को बचाने और आरोपी को पकड़ने के लिए केरल रवाना हुआ था। सिंह ने कहा कि लड़कियां होजई, नगांव, सोनितपुर, मोरीगांव और कामरूप ग्रामीण जिलों की हैं, जबकि आरोपी होजई और नगांव के रहने वाले हैं। |
अज़रबैजान और ईरान रेलवे के साथ एकजुटः ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों के रेलवे 2016 के अंत तक एकीकृत होंगे।
रूहानीः "जब यह उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे की बात आती है, तो साल के अंत में अजरबैजान (ईरान) - अस्तारा (अजरबैजान) के रेलवे का एकीकरण एक महत्वपूर्ण घटना होगी, ऐसा उन्होंने कहा।
उत्तर उत्तर-दक्षिण, परिवहन गलियारा जो उत्तरी यूरोप और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को एकजुट करेगा, ईरान, अजरबैजान और रूस को पूरे रेलवे नेटवर्क बना देगा।
यूएम नॉर्थ-साउथ यार्न ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर में, पहले चरण में प्रति वर्ष 6 मिलियन टन कार्गो परिवहन करने की योजना है।
| अज़रबैजान और ईरान रेलवे के साथ एकजुटः ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देशों के रेलवे दो हज़ार सोलह के अंत तक एकीकृत होंगे। रूहानीः "जब यह उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे की बात आती है, तो साल के अंत में अजरबैजान - अस्तारा के रेलवे का एकीकरण एक महत्वपूर्ण घटना होगी, ऐसा उन्होंने कहा। उत्तर उत्तर-दक्षिण, परिवहन गलियारा जो उत्तरी यूरोप और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को एकजुट करेगा, ईरान, अजरबैजान और रूस को पूरे रेलवे नेटवर्क बना देगा। यूएम नॉर्थ-साउथ यार्न ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर में, पहले चरण में प्रति वर्ष छः मिलियन टन कार्गो परिवहन करने की योजना है। |
शिमला : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि राज्य में धार्मिक स्थलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए उन्हें पूरा समर्थन दिया जाएगा। .
सुक्खू ने कांगड़ा के माता ज्वालाजी मंदिर में दर्शन के बाद कहा कि सरकार जिले को राज्य की 'पर्यटन राजधानी' के रूप में विकसित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह पहल लोगों की आय बढ़ाने के लिए कारगर होगी।
उन्होंने यहां एक बयान में कहा कि धार्मिक स्थलों को श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग स्थल समेत सभी बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी और इनके बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। . मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिहाज से राज्य में हवाई संपर्क मजबूत करने के लिए कदम उठा रही है।
| शिमला : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि राज्य में धार्मिक स्थलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए उन्हें पूरा समर्थन दिया जाएगा। . सुक्खू ने कांगड़ा के माता ज्वालाजी मंदिर में दर्शन के बाद कहा कि सरकार जिले को राज्य की 'पर्यटन राजधानी' के रूप में विकसित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह पहल लोगों की आय बढ़ाने के लिए कारगर होगी। उन्होंने यहां एक बयान में कहा कि धार्मिक स्थलों को श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग स्थल समेत सभी बुनियादी सुविधाएं दी जाएंगी और इनके बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। . मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिहाज से राज्य में हवाई संपर्क मजबूत करने के लिए कदम उठा रही है। |
इस तरह करेंगे संतान गोपाल मंत्र का जप तो अवश्य ही संतान प्राप्त होगी!
पाकिस्तान में 24 घंटे में दो मंदिरों पर हमला; एक को गिराया तो दूसरे पर डकैतों ने दागे रॉकेट लॉन्चर; 'सीमा हैदर' है वजह?
B. A. G Convergence Pvt. Ltd. 2022 : All Rights Reserved.
| इस तरह करेंगे संतान गोपाल मंत्र का जप तो अवश्य ही संतान प्राप्त होगी! पाकिस्तान में चौबीस घंटाटे में दो मंदिरों पर हमला; एक को गिराया तो दूसरे पर डकैतों ने दागे रॉकेट लॉन्चर; 'सीमा हैदर' है वजह? B. A. G Convergence Pvt. Ltd. दो हज़ार बाईस : All Rights Reserved. |
मुंबई, 13 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार महाराष्ट्र के मढ़ा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पार्टी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले नेशनल कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने लोकसभा चुनाव 2019 में उतरने के संकेत दिए थे। शुक्रवार को पुणे में एनसीपी की बैठक के बाद पवार ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता चाहते हैं कि वह सोलापुर जिले की माढा लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरें।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2018 में एनसीपी की ओर से ऐलान किया गया था कि शरद पवार 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। पार्टी के नेता जितेंद्र आव्हाड ने पुणे लोकसभा सीट से पवार के चुनाव लड़ने के कयासों पर विराम लगाते हुए बताया था कि शरद पवार ने 2014 में ही स्पष्ट कर दिया था कि वह अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
कुछ दिन पहले ही पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शरद पवार के घर पर जाकर लोकसभा चुनाव लड़ने की अपील की थी। कार्यकर्ताओं की अपील के बाद पवार ने भी लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया था।
2009 के लोकसभा चुनाव में शरद पवार ने सोलापुर की माधा सीट के चुनाव लड़ा था और वह चुनाव जीतने में कामयाब हुए थे। करीब दो दशकों तक बारामती से चुनाव जीतने के बाद पवार ने ये सीट अपनी बेटी के छोड़ दी थी।
2014 में माधा से लोकसभा चुनाव जीतने वाले विजय सिंह ने पवार से दोबारा चुनाव लड़ने की अपील की है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एनसीपी नेताओं का मानना है कि पवार को पुणे का मावल सीट से चुनाव लड़ना चाहिए। एनसीपी ने गठबंधन में सहयोगी कांग्रेस से भी पुणे सीट देने की मांग की है।
| मुंबई, तेरह फरवरी । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष शरद पवार महाराष्ट्र के मढ़ा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। पार्टी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। इससे पहले नेशनल कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने लोकसभा चुनाव दो हज़ार उन्नीस में उतरने के संकेत दिए थे। शुक्रवार को पुणे में एनसीपी की बैठक के बाद पवार ने कहा कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता चाहते हैं कि वह सोलापुर जिले की माढा लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरें। गौरतलब है कि अक्टूबर दो हज़ार अट्ठारह में एनसीपी की ओर से ऐलान किया गया था कि शरद पवार दो हज़ार उन्नीस का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। पार्टी के नेता जितेंद्र आव्हाड ने पुणे लोकसभा सीट से पवार के चुनाव लड़ने के कयासों पर विराम लगाते हुए बताया था कि शरद पवार ने दो हज़ार चौदह में ही स्पष्ट कर दिया था कि वह अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। कुछ दिन पहले ही पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शरद पवार के घर पर जाकर लोकसभा चुनाव लड़ने की अपील की थी। कार्यकर्ताओं की अपील के बाद पवार ने भी लोकसभा चुनाव लड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया था। दो हज़ार नौ के लोकसभा चुनाव में शरद पवार ने सोलापुर की माधा सीट के चुनाव लड़ा था और वह चुनाव जीतने में कामयाब हुए थे। करीब दो दशकों तक बारामती से चुनाव जीतने के बाद पवार ने ये सीट अपनी बेटी के छोड़ दी थी। दो हज़ार चौदह में माधा से लोकसभा चुनाव जीतने वाले विजय सिंह ने पवार से दोबारा चुनाव लड़ने की अपील की है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एनसीपी नेताओं का मानना है कि पवार को पुणे का मावल सीट से चुनाव लड़ना चाहिए। एनसीपी ने गठबंधन में सहयोगी कांग्रेस से भी पुणे सीट देने की मांग की है। |
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बीते दिनों अपनी ऑल न्यू ग्रैंड विटारा का पेश किया था। अब कंपनी ने अपनी इस लग्जरी SUV को साउथ अफ्रीकी बाजार में उतार दिया है। इस मॉडल को भारत में ही तैयार किया गया है।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बीते दिनों अपनी ऑल न्यू ग्रैंड विटारा का पेश किया था। अब कंपनी ने अपनी इस लग्जरी SUV को साउथ अफ्रीकी बाजार में उतार दिया है। इस मॉडल को भारत में ही तैयार किया गया है। ये ग्रैंड विटारा का नया कलर वैरिएंट है। इसमें नया व्हाइट कलर और ब्लैक रूफ दिया है। बता दें कि ग्रैंड विटारा को मारुति और टोयोटा दोनों ने मिलकर तैयार किया है। मारुति की इस कार ने एस-क्रॉस को रिप्लेस किया है। कंपनी इस ऑफिशियल सितंबर 2022 में लॉन्च करेगी। भारत में इस कार को नेक्सा डीलरशिप से बेचा जाएगा। इसे नेक्सा की 7वीं एनिवर्सरी के मौके पर पेश किया था। साउथ अफ्रीका में इसे 2023 में लॉन्च किया जाएगा।
मारुति ग्रैंड विटारा के नए व्हाइट कलर में क्या खास है?
>> ग्रैंड विटारा का ये वैरिएंट स्पोर्टिंग नेक्सा की सिग्नेचर डिजाइन क्राफ्टेड फ्यूचरिज्म, नया एडवांस्ट एक्सटीरियर डिजाइन और इंटीरियर इक्विपमेंट के साथ-साथ कुछ फर्स्ट इन सेगमेंट फीचर्स के साथ आता है। ग्रैंड विटारा की लंबाई 4,345mm, ऊंचाई 1,645mm और चौड़ाई 1,795mm है। इसका व्हीलबेस 2,600mm है।
>> इसके एक्सटीरियर पर बड़े NEXWave ग्रिल को दिया है, जो क्रोम एक्सेंट के साथ हाई ग्लॉस ब्लैक, 3 एलिमेंट LED DRLs, इंटीग्रेटेड टर्न लैंप और 3 एलिमेंट LED टेल लैंप्स के साथ तैयार किया गया है। इसमें बॉडी क्लैडिंग, 17-इंच के अलॉय व्हील्स दिए हैं। ग्रैंड विटारा को 8 मोनोटोन शेड्स और तीन डुअल-टोन कलर ऑप्शन में पेश किया गया है।
>> मारुति सुजुकी और टोयोटा दोनों ने मिलकर हाईराइडर और ग्रैंड विटारा को तैयार किया है। हाईराइडर की तरह ग्रैंड विटारा का माइल्ड-हाइब्रिड पावरट्रेन दिया है। यह 1462cc K15 इंजन है जो 6,000 RPM पर लगभग 100 bhp पावर और 4400 RPM पर 135 Nm टॉर्क जनरेट करता है। इसमें माइल्ड हाइब्रिड सिस्टम है और इसे 5-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ जोड़ा गया है। यह पावरट्रेन भी अब तक AWD ऑप्शन वाला एकमात्र इंजन है।
>> ग्रैंड विटारा इंटेलिजेंट इलेक्ट्रिक हाइब्रिड पावरट्रेन भी टोयोटा से लिया गया है। इसमें 1490 सीसी 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन है जो 5500 आरपीएम पर लगभग 91 बीएचपी और 3800-4800 आरपीएम स्टैंडअलोन पर 122 एनएम है। यह 79 बीएचपी और 141 एनएम में सक्षम एक सिंक्रोनस एसी मोटर के साथ जुड़ा हुआ है। इस पावरट्रेन में केवल ई-सीवीटी गियरबॉक्स मिलता है। मारुति ग्रैंड विटारा हाइब्रिड एसयूवी का माइलेज 27. 97 kmpl है।
मारुति ने ग्रैंड विटारा की कीमत से पर्दा नहीं उठाया है। हालांकि, इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 9. 50 लाख रुपए हो सकती है। इसकी लॉन्चिंग से पहले ही CarPrice वेबसाइट ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 9. 50 लाख रुपए बताई थी। अब यदि ग्रैंड विटारा की इस कीमत को सही माना जाए तो ये क्रेटा और सेल्टॉस से सस्ती हो जाती है। ग्रैंड विटारा की बुकिंग 11,000 रुपए का टोकन अमाउंट देकर हो रही है। इसे 6 मोनोटोन कलर और 3 डुअल टोन कलर में खरीद पाएंगे।
EV और ड्राइव मोडः ग्रैंड विटारा में EV मोड मिलेगा। EV मोड में कार पूरी तरह से इलेक्ट्रिक मोटर के जरिए चलती है। कार की बैटरी, इलेक्ट्रिक मोटर को एनर्जी देती हैं और इलेक्ट्रिक मोटर व्हील्स को पावर देता है। यह प्रोसेस साइलेंटली होता है, इसमें आवाज नहीं होती। हाइब्रिड मोड में कार का इंजन इलेक्ट्रिक जनरेटर की तरह काम करता है और इलेक्ट्रिक मोटर कार के व्हील को चलाती है।
टायर प्रेशर फीचरः ग्रैंड विटारा के किस टायर में कितनी हवा है, इस बात की पूरी जानकारी आपको कार की स्क्रीन पर मिल जाएगी। जी हां, इसमें टायर प्रेशर चेक करने का फीचर मिलेगा। यदि किसी टायर में हवा कम होती है तब इसकी जानकारी आपको ऑटोमैटिक मिलेगी। आप मैनुअली भी टायर्स की हवा चेक कर पाएंगे।
360 डिग्री कैमराः मारुति अपनी कारों के न्यू मॉडल में 360 डिग्री कैमरा का फीचर ऑफर कर रही है। ग्रैंड विटारा में भी ये फीचर मिलेगा। इससे ड्राइवर कार चलाने में ज्यादा मदद मिलेगी। इससे न केवल ड्राइवर को तंग जगहों पर कार पार्क करने में मदद करेगा, बल्कि ब्लाइंड रास्तों पर मुश्किलों से बचने में मदद करेगा। कार के चारों तरफ का नजारा आप स्क्रीन पर देख पाएंगे।
पैनारोमिक सनरूफः मारुति ने हाल ही में लॉन्च न्यू ब्रेजा में पैनारोमिक सनरूफ दी है। वो इस फीचर वाली कंपनी की पहली कार भी बन गई है। ऐसे में अब ग्रैंड विटारा में भी पैनारोमिक सनरूफ मिलेगी। इसका साइज कितना बड़ा होगा, इस बात का पता तो लॉन्चिंग के बाद ही चलेगा। ये ऑटोमैटिक फीचर के साथ आएगी। हालांकि, इसके नीचे की लेयर को मैनुअली खोलना पड़ सकता है।
| मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बीते दिनों अपनी ऑल न्यू ग्रैंड विटारा का पेश किया था। अब कंपनी ने अपनी इस लग्जरी SUV को साउथ अफ्रीकी बाजार में उतार दिया है। इस मॉडल को भारत में ही तैयार किया गया है। मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने बीते दिनों अपनी ऑल न्यू ग्रैंड विटारा का पेश किया था। अब कंपनी ने अपनी इस लग्जरी SUV को साउथ अफ्रीकी बाजार में उतार दिया है। इस मॉडल को भारत में ही तैयार किया गया है। ये ग्रैंड विटारा का नया कलर वैरिएंट है। इसमें नया व्हाइट कलर और ब्लैक रूफ दिया है। बता दें कि ग्रैंड विटारा को मारुति और टोयोटा दोनों ने मिलकर तैयार किया है। मारुति की इस कार ने एस-क्रॉस को रिप्लेस किया है। कंपनी इस ऑफिशियल सितंबर दो हज़ार बाईस में लॉन्च करेगी। भारत में इस कार को नेक्सा डीलरशिप से बेचा जाएगा। इसे नेक्सा की सातवीं एनिवर्सरी के मौके पर पेश किया था। साउथ अफ्रीका में इसे दो हज़ार तेईस में लॉन्च किया जाएगा। मारुति ग्रैंड विटारा के नए व्हाइट कलर में क्या खास है? >> ग्रैंड विटारा का ये वैरिएंट स्पोर्टिंग नेक्सा की सिग्नेचर डिजाइन क्राफ्टेड फ्यूचरिज्म, नया एडवांस्ट एक्सटीरियर डिजाइन और इंटीरियर इक्विपमेंट के साथ-साथ कुछ फर्स्ट इन सेगमेंट फीचर्स के साथ आता है। ग्रैंड विटारा की लंबाई चार,तीन सौ पैंतालीस मिलीमीटर, ऊंचाई एक,छः सौ पैंतालीस मिलीमीटर और चौड़ाई एक,सात सौ पचानवे मिलीमीटर है। इसका व्हीलबेस दो,छः सौ मिलीमीटर है। >> इसके एक्सटीरियर पर बड़े NEXWave ग्रिल को दिया है, जो क्रोम एक्सेंट के साथ हाई ग्लॉस ब्लैक, तीन एलिमेंट LED DRLs, इंटीग्रेटेड टर्न लैंप और तीन एलिमेंट LED टेल लैंप्स के साथ तैयार किया गया है। इसमें बॉडी क्लैडिंग, सत्रह-इंच के अलॉय व्हील्स दिए हैं। ग्रैंड विटारा को आठ मोनोटोन शेड्स और तीन डुअल-टोन कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। >> मारुति सुजुकी और टोयोटा दोनों ने मिलकर हाईराइडर और ग्रैंड विटारा को तैयार किया है। हाईराइडर की तरह ग्रैंड विटारा का माइल्ड-हाइब्रिड पावरट्रेन दिया है। यह एक हज़ार चार सौ बासठcc Kपंद्रह इंजन है जो छः,शून्य RPM पर लगभग एक सौ bhp पावर और चार हज़ार चार सौ RPM पर एक सौ पैंतीस Nm टॉर्क जनरेट करता है। इसमें माइल्ड हाइब्रिड सिस्टम है और इसे पाँच-स्पीड मैनुअल या छः-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ जोड़ा गया है। यह पावरट्रेन भी अब तक AWD ऑप्शन वाला एकमात्र इंजन है। >> ग्रैंड विटारा इंटेलिजेंट इलेक्ट्रिक हाइब्रिड पावरट्रेन भी टोयोटा से लिया गया है। इसमें एक हज़ार चार सौ नब्बे सीसी तीन-सिलेंडर पेट्रोल इंजन है जो पाँच हज़ार पाँच सौ आरपीएम पर लगभग इक्यानवे बीएचपी और तीन हज़ार आठ सौ-चार हज़ार आठ सौ आरपीएम स्टैंडअलोन पर एक सौ बाईस एनएम है। यह उन्यासी बीएचपी और एक सौ इकतालीस एनएम में सक्षम एक सिंक्रोनस एसी मोटर के साथ जुड़ा हुआ है। इस पावरट्रेन में केवल ई-सीवीटी गियरबॉक्स मिलता है। मारुति ग्रैंड विटारा हाइब्रिड एसयूवी का माइलेज सत्ताईस. सत्तानवे kmpl है। मारुति ने ग्रैंड विटारा की कीमत से पर्दा नहीं उठाया है। हालांकि, इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत नौ. पचास लाख रुपए हो सकती है। इसकी लॉन्चिंग से पहले ही CarPrice वेबसाइट ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत नौ. पचास लाख रुपए बताई थी। अब यदि ग्रैंड विटारा की इस कीमत को सही माना जाए तो ये क्रेटा और सेल्टॉस से सस्ती हो जाती है। ग्रैंड विटारा की बुकिंग ग्यारह,शून्य रुपयापए का टोकन अमाउंट देकर हो रही है। इसे छः मोनोटोन कलर और तीन डुअल टोन कलर में खरीद पाएंगे। EV और ड्राइव मोडः ग्रैंड विटारा में EV मोड मिलेगा। EV मोड में कार पूरी तरह से इलेक्ट्रिक मोटर के जरिए चलती है। कार की बैटरी, इलेक्ट्रिक मोटर को एनर्जी देती हैं और इलेक्ट्रिक मोटर व्हील्स को पावर देता है। यह प्रोसेस साइलेंटली होता है, इसमें आवाज नहीं होती। हाइब्रिड मोड में कार का इंजन इलेक्ट्रिक जनरेटर की तरह काम करता है और इलेक्ट्रिक मोटर कार के व्हील को चलाती है। टायर प्रेशर फीचरः ग्रैंड विटारा के किस टायर में कितनी हवा है, इस बात की पूरी जानकारी आपको कार की स्क्रीन पर मिल जाएगी। जी हां, इसमें टायर प्रेशर चेक करने का फीचर मिलेगा। यदि किसी टायर में हवा कम होती है तब इसकी जानकारी आपको ऑटोमैटिक मिलेगी। आप मैनुअली भी टायर्स की हवा चेक कर पाएंगे। तीन सौ साठ डिग्री कैमराः मारुति अपनी कारों के न्यू मॉडल में तीन सौ साठ डिग्री कैमरा का फीचर ऑफर कर रही है। ग्रैंड विटारा में भी ये फीचर मिलेगा। इससे ड्राइवर कार चलाने में ज्यादा मदद मिलेगी। इससे न केवल ड्राइवर को तंग जगहों पर कार पार्क करने में मदद करेगा, बल्कि ब्लाइंड रास्तों पर मुश्किलों से बचने में मदद करेगा। कार के चारों तरफ का नजारा आप स्क्रीन पर देख पाएंगे। पैनारोमिक सनरूफः मारुति ने हाल ही में लॉन्च न्यू ब्रेजा में पैनारोमिक सनरूफ दी है। वो इस फीचर वाली कंपनी की पहली कार भी बन गई है। ऐसे में अब ग्रैंड विटारा में भी पैनारोमिक सनरूफ मिलेगी। इसका साइज कितना बड़ा होगा, इस बात का पता तो लॉन्चिंग के बाद ही चलेगा। ये ऑटोमैटिक फीचर के साथ आएगी। हालांकि, इसके नीचे की लेयर को मैनुअली खोलना पड़ सकता है। |
मालेः भारत ने रविवार को मालदीव में दक्षिण एशिया की संसदों के अध्यक्षों के शिखर सम्मेलन के दौरान कश्मीर मुद्दा उठाने की पाकिस्तान की कोशिश नाकाम कर दी। भारत ने कहा कि इस्लामाबाद को आतंकवाद को सभी तरह का राजकीय सहयोग खत्म करना चाहिए क्योंकि यह मानवता के लिए 'सबसे बड़ा खतरा' है। मालदीव की संसद में हुए इस सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
सम्मेलन में दक्षिण एशियाई देशों के प्रतिनिधि जुटे थे। नेशनल असेंबली में पाकिस्तानी डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने "सतत विकास लक्ष्य" (एसडीजी) पर चर्चा के दौरान 'कश्मीर मुद्दा' उठाने की कोशिश की। भारत ने फौरन नियमों का हवाला दिया जिसके बाद पीठासीन अधिकारी ने सूरी को भारतीय प्रतिनिधि एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश को बोलने देने के लिए कहा। लेकिन उन्होंने (सूरी) ने इसे अनसुना कर दिया, जिसे लेकर हंगामा हुआ। हरिवंश ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और भारत के आंतरिक विषय को उठाने को लेकर तथा इस मंच को राजनीतिक रंग देने को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि कराची समझौता (28 अप्रैल, 1949) ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर को खंडित कर दिया और सामरिक रूप से अहम इसके 85 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र को पाकिस्तान के सीधे नियंत्रण में ला दिया। इस दौरान शोरगुल के बीच स्पीकर नशीद ने दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की क्योंकि पाकिस्तानी प्रतिनिधि लगातार बोले जा रही थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया।
गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द किए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को लगातार उठाने की कोशिश करता रहा है लेकिन भारत का यह कहना रहा है कि यह एक आंतरिक विषय है।
| मालेः भारत ने रविवार को मालदीव में दक्षिण एशिया की संसदों के अध्यक्षों के शिखर सम्मेलन के दौरान कश्मीर मुद्दा उठाने की पाकिस्तान की कोशिश नाकाम कर दी। भारत ने कहा कि इस्लामाबाद को आतंकवाद को सभी तरह का राजकीय सहयोग खत्म करना चाहिए क्योंकि यह मानवता के लिए 'सबसे बड़ा खतरा' है। मालदीव की संसद में हुए इस सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सम्मेलन में दक्षिण एशियाई देशों के प्रतिनिधि जुटे थे। नेशनल असेंबली में पाकिस्तानी डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने "सतत विकास लक्ष्य" पर चर्चा के दौरान 'कश्मीर मुद्दा' उठाने की कोशिश की। भारत ने फौरन नियमों का हवाला दिया जिसके बाद पीठासीन अधिकारी ने सूरी को भारतीय प्रतिनिधि एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश को बोलने देने के लिए कहा। लेकिन उन्होंने ने इसे अनसुना कर दिया, जिसे लेकर हंगामा हुआ। हरिवंश ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और भारत के आंतरिक विषय को उठाने को लेकर तथा इस मंच को राजनीतिक रंग देने को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कराची समझौता ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर को खंडित कर दिया और सामरिक रूप से अहम इसके पचासी प्रतिशत से अधिक क्षेत्र को पाकिस्तान के सीधे नियंत्रण में ला दिया। इस दौरान शोरगुल के बीच स्पीकर नशीद ने दोनों पक्षों को शांत करने की कोशिश की क्योंकि पाकिस्तानी प्रतिनिधि लगातार बोले जा रही थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया। गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद तीन सौ सत्तर के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द किए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को लगातार उठाने की कोशिश करता रहा है लेकिन भारत का यह कहना रहा है कि यह एक आंतरिक विषय है। |
भारतीय हॉकी टीम के उप कप्तान हार्दिक सिंह ने इतिहास रच दिया है। हार्दिक को हॉकी प्लेयर ऑफ द ईयर चुना गया है। इस सम्मान के बाद हार्दिक सिंह ने कहा कि उनकी मेहनत रंग लाई है.
खराब फॉर्म और लापरवाही के कारण भारतीय टीम से बाहर हुए हार्दिक ने अपनी मेहनत के दम पर शानदार टीम में जगह बनाई और टीम के उपकप्तान बने। हार्दिक के शानदार फॉर्म ने उन्हें मार्च में हॉकी इंडिया वार्षिक पुरस्कारों में बलबीर सिंह सीनियर प्लेयर ऑफ द ईयर का पुरस्कार दिलाया।
हार्दिक ने कहा कि इस समय मैं खुश हूं कि प्रदर्शन में दिन प्रतिदिन सुधार हो रहा है और मैं हर सत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहा हूं. मैं 2017, 18 में अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकला, जिसके कारण खराब प्रदर्शन हुआ और टीम से बाहर कर दिया गया। मुझे टीम में वापस आने के लिए खुद को रीसेट करना पड़ा।
हार्दिक दिल की चोट के कारण 2023 विश्व कप से बाहर हो गए थे। उन्होंने कहा कि विश्व कप मेरे लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका था। मैं भी अच्छा खेल रहा था लेकिन फिर चोटिल हो गया। मैं हैरान था क्योंकि मैं टूर्नामेंट के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। ओलिंपिक के बाद मेरा फोकस सिर्फ वर्ल्ड कप पर था। मैंने टीम को बाहर से ही प्रोत्साहित किया और सकारात्मक रहने की कोशिश की।
| भारतीय हॉकी टीम के उप कप्तान हार्दिक सिंह ने इतिहास रच दिया है। हार्दिक को हॉकी प्लेयर ऑफ द ईयर चुना गया है। इस सम्मान के बाद हार्दिक सिंह ने कहा कि उनकी मेहनत रंग लाई है. खराब फॉर्म और लापरवाही के कारण भारतीय टीम से बाहर हुए हार्दिक ने अपनी मेहनत के दम पर शानदार टीम में जगह बनाई और टीम के उपकप्तान बने। हार्दिक के शानदार फॉर्म ने उन्हें मार्च में हॉकी इंडिया वार्षिक पुरस्कारों में बलबीर सिंह सीनियर प्लेयर ऑफ द ईयर का पुरस्कार दिलाया। हार्दिक ने कहा कि इस समय मैं खुश हूं कि प्रदर्शन में दिन प्रतिदिन सुधार हो रहा है और मैं हर सत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहा हूं. मैं दो हज़ार सत्रह, अट्ठारह में अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकला, जिसके कारण खराब प्रदर्शन हुआ और टीम से बाहर कर दिया गया। मुझे टीम में वापस आने के लिए खुद को रीसेट करना पड़ा। हार्दिक दिल की चोट के कारण दो हज़ार तेईस विश्व कप से बाहर हो गए थे। उन्होंने कहा कि विश्व कप मेरे लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका था। मैं भी अच्छा खेल रहा था लेकिन फिर चोटिल हो गया। मैं हैरान था क्योंकि मैं टूर्नामेंट के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। ओलिंपिक के बाद मेरा फोकस सिर्फ वर्ल्ड कप पर था। मैंने टीम को बाहर से ही प्रोत्साहित किया और सकारात्मक रहने की कोशिश की। |
NHPC Recruitment 2023: नेशनल हाइड्रो पावर कॉर्पोरेशन (NHPC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रेनी इंजीनियर और ट्रेनी ऑफिसर के 401 पदों (NHPC Recruitment 2023) पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी की है. इसके लिए योग्य उम्मीदवार NHPC की आधिकारिक वेबसाइट nhpcindia. com के जरिए आवेदन कर सकते हैं. NHPC के तहत इन पदों (NHPC Recruitment 2023) पर उम्मीदवार 25 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 5 जनवरी से शुरू हुई थी.
उम्मीदवार जो भी नेशनल हाइड्रो पावर कॉर्पोरेशन (NHPC) के इन पदों (NHPC Recruitment 2023) के लिए आवेदन करने के इच्छुक हैं, वे इस लिंक http://www. nhpcindia. com के तहत अप्लाई कर सकते हैं. इसके अलावा उम्मीदवार इस लिंक NHPC Recruitment 2023 Notification PDF पर क्लिक करके इससे संबंधित आधिकारिक नोटिफिकेशन को चेक कर सकते हैं. इस भर्ती (NHPC Recruitment 2023) प्रक्रिया के माध्यम से कुल 410 रिक्त पद भरे जाएंगे.
NHPC Recruitment 2023 के लिए महत्वपूर्ण तिथियां और रिक्ति विवरणः इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 5 जनवरी से हुई थी और ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 जनवरी है. साथ ही इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 410 पदों को भरा जाएगा.
NHPC Recruitment 2023 के लिए योग्यता मानदंडः उम्मीदवार जो भी इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके पास आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिए गए संबंधित योग्यता होनी चाहिए.
NHPC Recruitment 2023 के लिए आयुसीमाः इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन कर रहे उम्मीदवारों की आयुसीमा 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए.
NHPC Recruitment 2023 के लिए वेतनमानः उम्मीदवार जो भी इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित होते हैं, उन्हें वेतन के तौर पर रुपये 50,000-3% से 1,60,000 रुपये दिए जाएंगे.
NHPC Recruitment 2023 के लिए चयन प्रक्रियाः उम्मीदवारों का चयन उनके द्वारा GATE/CLAT/UGC NET या प्रासंगिक योग्यता में प्राप्त अंकों की योग्यता के आधार पर किया जाएगा.
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| NHPC Recruitment दो हज़ार तेईस: नेशनल हाइड्रो पावर कॉर्पोरेशन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ट्रेनी इंजीनियर और ट्रेनी ऑफिसर के चार सौ एक पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी की है. इसके लिए योग्य उम्मीदवार NHPC की आधिकारिक वेबसाइट nhpcindia. com के जरिए आवेदन कर सकते हैं. NHPC के तहत इन पदों पर उम्मीदवार पच्चीस जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पाँच जनवरी से शुरू हुई थी. उम्मीदवार जो भी नेशनल हाइड्रो पावर कॉर्पोरेशन के इन पदों के लिए आवेदन करने के इच्छुक हैं, वे इस लिंक http://www. nhpcindia. com के तहत अप्लाई कर सकते हैं. इसके अलावा उम्मीदवार इस लिंक NHPC Recruitment दो हज़ार तेईस Notification PDF पर क्लिक करके इससे संबंधित आधिकारिक नोटिफिकेशन को चेक कर सकते हैं. इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल चार सौ दस रिक्त पद भरे जाएंगे. NHPC Recruitment दो हज़ार तेईस के लिए महत्वपूर्ण तिथियां और रिक्ति विवरणः इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत पाँच जनवरी से हुई थी और ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि पच्चीस जनवरी है. साथ ही इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल चार सौ दस पदों को भरा जाएगा. NHPC Recruitment दो हज़ार तेईस के लिए योग्यता मानदंडः उम्मीदवार जो भी इन पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके पास आधिकारिक नोटिफिकेशन में दिए गए संबंधित योग्यता होनी चाहिए. NHPC Recruitment दो हज़ार तेईस के लिए आयुसीमाः इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन कर रहे उम्मीदवारों की आयुसीमा तीस वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए. NHPC Recruitment दो हज़ार तेईस के लिए वेतनमानः उम्मीदवार जो भी इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित होते हैं, उन्हें वेतन के तौर पर पचास रुपया,शून्य-तीन% से एक,साठ,शून्य रुपयापये दिए जाएंगे. NHPC Recruitment दो हज़ार तेईस के लिए चयन प्रक्रियाः उम्मीदवारों का चयन उनके द्वारा GATE/CLAT/UGC NET या प्रासंगिक योग्यता में प्राप्त अंकों की योग्यता के आधार पर किया जाएगा. . |
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
| चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन |
लिथुआनिया के विदेश मंत्री गैब्रिलियस लैंड्सबर्गीज (Gabrielius Landsbergis) ने एक बयान जारी कर कहा, 'लिथुआनिया अब 17+1 फोरम का सदस्य नहीं है और इस पहल में वह हिस्सा नहीं लेगा.'
Lithuania Quits CEEC China Group: यूरोपीय देश लिथुआनिया और चीन का मुद्दा (Lithuania China Issue) इस समय सुर्खियों में बना हुआ है. लिथुआनिया ने बीते हफ्ते चीन की अगुवाई वाले सीईईसी (चीन और मध्य-पूर्वी यूरोपीय देशों के बीच सहयोग) फोरम से अलग होने का फैसला लिया था. जिसपर अब चीन का जवाब आ गया है. साल 2012 में चीन द्वारा बनाए गए इस सहयोग फोरम को 17+1 के नाम से भी जाना जाता है. 28 लाख से भी कम आबादी वाले इस देश ने फोरम को 'विभाजनकारी' बताते हुए यूरोप के बाकी सदस्यों से भी कहा कि वह इससे अलग हो जाएं.
लिथुआनिया के विदेश मंत्री गैब्रिलियस लैंड्सबर्गीज ने एक बयान जारी कर कहा, 'लिथुआनिया अब 17+1 फोरम का सदस्य नहीं है और इस पहल में वह हिस्सा नहीं लेगा.' हाल के महीनों में लिथुआनिया ने ऐसे कई कदम उठाएं हैं, जिनपर चीन ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी. जिसमें चीनी निवेश को ब्लॉक करना, शिंजियांग का मुद्दा उठाना और ताईवान के साथ संबंध बढ़ाने जैसे फैसले शामिल हैं (Lithuania China Taiwan). इस पूरे मामले पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा है कि यह सहयोग फोरम छिटपुट घटनाओं से प्रभावित नहीं होगा.
चीन ने क्या कहा?
झाओ ने कहा, 'चीन-सीईईसी चीन और मध्यपूर्वी यूरोपीय देशों के लिए फायदेमंद है. इसके गठन के बाद से ही बीते 9 साल में अच्छी खासी उपलब्धियां हासिल की गई हैं और यह छिटपुट घटनाओं से प्रभावित होने वाला नहीं है.' लिथुआनिया के हटने के बाद अब इस फोरम में बुल्गारिया, चेक गणराज्य, अल्बानिया, बोस्निया एवं हर्जेगोविना, क्रोएशिया, ग्रीस, एस्टोनिया, हंगरी, लातविया, पोलैंड, रोमानिया, स्लोवेनिया, स्लोवाकिया, नॉर्थ मेसिडोनिया, मॉन्टेनिग्रो, सर्बिया शामिल हैं (Lithuania and China).
क्या है सीईईसी फोरम?
चीन ने साल 2012 में मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंध बेहतर करने के लिए इस फोरम की शुरुआत की थी. सभी से ही इसका हर साल शिखर सम्मेलन भी होता है. लेकिन 2020 में कोरोना के कारण सम्मेलन नहीं हो सका था (What is CEEC). फोरम के तहत कई देशों में परियोजनाओं पर काम चल रहा है. चीन ने इन सदस्य देशों में भारी निवेश भी किया है. लिजियान ने लिथुआनिया का नाम लेकर सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन चीन के सरकारी अखबार में कहा गया है कि लिथुआनिया ने ये अमेरिका के प्रभाव में आकर किया है.
| लिथुआनिया के विदेश मंत्री गैब्रिलियस लैंड्सबर्गीज ने एक बयान जारी कर कहा, 'लिथुआनिया अब सत्रह+एक फोरम का सदस्य नहीं है और इस पहल में वह हिस्सा नहीं लेगा.' Lithuania Quits CEEC China Group: यूरोपीय देश लिथुआनिया और चीन का मुद्दा इस समय सुर्खियों में बना हुआ है. लिथुआनिया ने बीते हफ्ते चीन की अगुवाई वाले सीईईसी फोरम से अलग होने का फैसला लिया था. जिसपर अब चीन का जवाब आ गया है. साल दो हज़ार बारह में चीन द्वारा बनाए गए इस सहयोग फोरम को सत्रह+एक के नाम से भी जाना जाता है. अट्ठाईस लाख से भी कम आबादी वाले इस देश ने फोरम को 'विभाजनकारी' बताते हुए यूरोप के बाकी सदस्यों से भी कहा कि वह इससे अलग हो जाएं. लिथुआनिया के विदेश मंत्री गैब्रिलियस लैंड्सबर्गीज ने एक बयान जारी कर कहा, 'लिथुआनिया अब सत्रह+एक फोरम का सदस्य नहीं है और इस पहल में वह हिस्सा नहीं लेगा.' हाल के महीनों में लिथुआनिया ने ऐसे कई कदम उठाएं हैं, जिनपर चीन ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी. जिसमें चीनी निवेश को ब्लॉक करना, शिंजियांग का मुद्दा उठाना और ताईवान के साथ संबंध बढ़ाने जैसे फैसले शामिल हैं . इस पूरे मामले पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा है कि यह सहयोग फोरम छिटपुट घटनाओं से प्रभावित नहीं होगा. चीन ने क्या कहा? झाओ ने कहा, 'चीन-सीईईसी चीन और मध्यपूर्वी यूरोपीय देशों के लिए फायदेमंद है. इसके गठन के बाद से ही बीते नौ साल में अच्छी खासी उपलब्धियां हासिल की गई हैं और यह छिटपुट घटनाओं से प्रभावित होने वाला नहीं है.' लिथुआनिया के हटने के बाद अब इस फोरम में बुल्गारिया, चेक गणराज्य, अल्बानिया, बोस्निया एवं हर्जेगोविना, क्रोएशिया, ग्रीस, एस्टोनिया, हंगरी, लातविया, पोलैंड, रोमानिया, स्लोवेनिया, स्लोवाकिया, नॉर्थ मेसिडोनिया, मॉन्टेनिग्रो, सर्बिया शामिल हैं . क्या है सीईईसी फोरम? चीन ने साल दो हज़ार बारह में मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ अपने संबंध बेहतर करने के लिए इस फोरम की शुरुआत की थी. सभी से ही इसका हर साल शिखर सम्मेलन भी होता है. लेकिन दो हज़ार बीस में कोरोना के कारण सम्मेलन नहीं हो सका था . फोरम के तहत कई देशों में परियोजनाओं पर काम चल रहा है. चीन ने इन सदस्य देशों में भारी निवेश भी किया है. लिजियान ने लिथुआनिया का नाम लेकर सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन चीन के सरकारी अखबार में कहा गया है कि लिथुआनिया ने ये अमेरिका के प्रभाव में आकर किया है. |
जैसे शकुनी तरु पर जाई । बसै तहां पुनि रैनि गँवाई ॥ होत प्रभात वृक्ष तजि जाई । नहिं मानै कछु विटपसगाई ॥ तथा देवमन्दिर तरु छाया । बसहिं यती कछु मोह नमाया ॥ जैसे भ्रमर सुमनरस लेही । पादप को कछु दुख नहिं देही ॥ तथा सारग्राही नित यतिवर । स्वल्प स्वल्प यांचत है घरघर । यतिवर लहि वैराग्य सुहाई । मति पावै सुखदाई ।। सोइ कलत्र अरु यह तन गेहा । मन संयम सुख बिन संदेहा ॥ प्रेम विराग सहित हर्षाने । पुत्र सरिस हैं शिष्य सयाने ॥ यह सब साज यती ढिग रहई । जग में और वस्तु का चहई ॥ कामिन को कबहूं सुख नाहीं । करें मनोरथ बहु मन माहीं ॥ नारिचाह निशि वासर करहीं । दार मिले सुतपर मन धरहीं ॥ दो० जब नहिं पावहिं होय दुख पाये होहि वियोग । कामविवश नर को सदा सब प्रकार दुख सोग ।। है विरक्ति सब विधि सों नीकी । तासु मूल निर्मलता हीकी ।। तेहि को मूल सदा सतसङ्गा । तुम समान जे सन्त असा ॥ परउपकार हेतु नित फिरहीं । लोकदृष्टि जड़रूप विचरहीं नाम जाति नहिं काहू जाना । रहित भेद परिपूरण ज्ञाना ॥ लोक अनुग्रह तीरथ करहीं। यथा लाभ भोजन अनुसरहीं ॥ तीरथ करें न पावन हेतू । जिनके हृदय सूदा वृषकेत ॥ ज्ञानप्रभाव व्यापगयो जिनको । तीरथसम चरणोदक तिनको ॥ कृपा करो दिन अब रहहू । पातक दुःख हमारो दहहू ।। तव दर्शन प्रतिमोद बढ़ावा । चकितहृदयसबकेवा ।। हैं [प्रसङ्ग जैहें न संदेहू । यह भावी दुख विधिजनि देहू ॥ वं० मलक्लेश को है कोश जो पापको आलय महां।
पैशून्य को घर मृषाभाषण रहत है निशि दिन जहां ॥ रहि व्यापि हिंसा जीवकी दुर्जनसमागम सो भरो । यहि भांति के घरमें रहत हम नाथ हमरो तुम हरो ॥
शङ्करदिग्विजय भाषा । दो० सुनि लोगन के बयन तब उतरु दीन्ह यतिराय । प्रियसंयोग वियोग नित होहिं काल निज़ पाय ॥ प्रियवियोग संगम जब होई । रहे विकाररहित बुध सोई ॥ जो गृहस्थ निज धर्महि पाला। सब आश्रमकर होय भुआला ।। जब युगयाम दिवस चढ़ि । तृषा क्षुधा जब अधिक सतावै ॥ वचन सुनावै । क्षुधा हमारी कौन नशावै ॥ जो दुख तासु निवारण करई । भूख पियास अतिथिकी हरई ॥ तेहि की पुण्य न कछु कहिजाई । एकवदन किमि कहौं बुझाई । सांझ प्रभात हुताशन सेवा । वेद पढ़ें पूजैं गुरु देवा ॥ ब्रह्मचारि कहँ क्षुधा सतावै । गृही गेह तुरतहि सोउ आवै । पढ़े सुनें श्रुति शिखर उदारा । अथवा प्रणवमन्त्र उच्चारा ।। जठरानल व्यापहि युगयामा । सोउ चलिजाय गृहीके धामा। वनवासी निशिदिन तप करही। जेहिके अन्न उदर निजभरही ।। लहै अर्द्ध फल तप कर सोई। आधी तापस कहँ फल होई ॥ तीरथ व्रती गृही घर आवै । जोपै तासु सेवा मन लावै देह प्रयास न कछु बनि आवै । घर बैठे तीरथ फल पावै ॥ दो० गृही धनी है धन्यतर लहैं सकल धन पासु। चोर भाव कोउ प्रीतिसों दानरीति कोउ तासु ।। कोउ तासु बलकरि धन लेहीं । काहुहि आकृपा करि देहीं । जो द्विजवर वेदज्ञ सयाना । तेहिमहँ बसहिदेव जगजाना॥ करहि प्रसन्न गृही गुणवाना । तिन सबको मानहु सन्माना ।। जे स्वधर्म दृढ़ ज्ञान निधाना । सेये सब तीरथ विधि नाना ॥ पर उपकार छोड़ि व्रत नाहीं । ऐसेहु महापुरुष गृह माहीं ॥ वहिं जो सेवा बनावै । गृही सकल तरिथफल पावै ॥ तीरथ रूप तासु गृह सोहा । गृही उदार तजै मन मोहा ॥ दो० कतहुँ जायनहिंभवनतजि सबफलगृहमिलिजाहिं ।
धनी धर्मयुत गृही लखि देव मनुज हर्षाहि ।।
दो० मूषकादि गृह में रहें बाहिर मृगा शकुन्तु । गोवादिक जीव बहु जीवहिं सब लघुजन्तु ॥ सबसे अधिक गृही मैं जानौं। सत्य कहौं नहिं कपट बखानौं । देह मूल पुरुषारथ साधन। अन्नलगावहश्रुतिगन ॥ सब जीवन को अन्न मनोहर । धरो रहे नित गृहवासी घर । गृहपति शुभ तरुवरसम । सबल तेहि आई । हितउपदेश सुनहु मन लाई । आदर सों सन्देह विहाई ।। अभ्यागत पूजा नित करहू । आदर मान तासु अनुसरहू ॥ यति पूजा तव कुल उद्धरिहै। असन्माननअतिकरिहै ।। फल अभिलाषरहित निजधर्मा । श्रुतिवर्णित सन्ध्यादिककर्मा ।। जो करिहौ नितप्रति मनलाई । है मन निर्मल सुखदाई ॥ वं० रागादि मन मल पंक सों सबभांति उरहमरोभरो जिमिबधूकुचतटहृदयपटपाटीर सोंच हुँदिशिघिरो॥ तदपि हम सबयती यतिपति पद्मजन पावनभये । सबक्लेशहमरेक्षीण हैं नहिंजान केहि दिशिको गये ॥ दो० यहि प्रकार उपदेश करि भिक्षा मातुलगेह । करि बैठे मातुल कही वाणी सहित सनेह ।। शिष्य हाथ वर पुस्तक सोही। यह कर नाम सुनावहु मोही ॥ सूत्रभाष्यटीका यह पावनि । हमहं दिखावहुनिजमनभावनि ॥ दै दीन्ही मातुल तब देखी। बुद्धि देखि सुखभयो विशेखी ॥ शुचि प्रबन्धरचना उर आनी । भयो हर्ष तेहि पण्डितजानी ॥ सब मत को निराश तहँ देखा । निजमत खंडितभयो विशेखा ॥ रहा प्रभाकर मत अनुसारी । ग्रन्थ देखि मनभयो दुखारी ॥ यद्यपि तेहि अतिमत्सरभयऊ। ऊपर मन अभिनन्दन करेऊ ।। पद्मपाद तब कहहि सयाना । रामेश्वर चाहत हम जाना ॥ ग्रन्थ भार तब गृह धरि जैहैं। तब मारग में दुख नहिं पैहैं । में तुम कहँ जेहि विधिगोगृहप्यारे । तिमि पुस्तक हैं प्राणहमारे ।।
● चंदन+मीमांसक | जैसे शकुनी तरु पर जाई । बसै तहां पुनि रैनि गँवाई ॥ होत प्रभात वृक्ष तजि जाई । नहिं मानै कछु विटपसगाई ॥ तथा देवमन्दिर तरु छाया । बसहिं यती कछु मोह नमाया ॥ जैसे भ्रमर सुमनरस लेही । पादप को कछु दुख नहिं देही ॥ तथा सारग्राही नित यतिवर । स्वल्प स्वल्प यांचत है घरघर । यतिवर लहि वैराग्य सुहाई । मति पावै सुखदाई ।। सोइ कलत्र अरु यह तन गेहा । मन संयम सुख बिन संदेहा ॥ प्रेम विराग सहित हर्षाने । पुत्र सरिस हैं शिष्य सयाने ॥ यह सब साज यती ढिग रहई । जग में और वस्तु का चहई ॥ कामिन को कबहूं सुख नाहीं । करें मनोरथ बहु मन माहीं ॥ नारिचाह निशि वासर करहीं । दार मिले सुतपर मन धरहीं ॥ दोशून्य जब नहिं पावहिं होय दुख पाये होहि वियोग । कामविवश नर को सदा सब प्रकार दुख सोग ।। है विरक्ति सब विधि सों नीकी । तासु मूल निर्मलता हीकी ।। तेहि को मूल सदा सतसङ्गा । तुम समान जे सन्त असा ॥ परउपकार हेतु नित फिरहीं । लोकदृष्टि जड़रूप विचरहीं नाम जाति नहिं काहू जाना । रहित भेद परिपूरण ज्ञाना ॥ लोक अनुग्रह तीरथ करहीं। यथा लाभ भोजन अनुसरहीं ॥ तीरथ करें न पावन हेतू । जिनके हृदय सूदा वृषकेत ॥ ज्ञानप्रभाव व्यापगयो जिनको । तीरथसम चरणोदक तिनको ॥ कृपा करो दिन अब रहहू । पातक दुःख हमारो दहहू ।। तव दर्शन प्रतिमोद बढ़ावा । चकितहृदयसबकेवा ।। हैं [प्रसङ्ग जैहें न संदेहू । यह भावी दुख विधिजनि देहू ॥ वंशून्य मलक्लेश को है कोश जो पापको आलय महां। पैशून्य को घर मृषाभाषण रहत है निशि दिन जहां ॥ रहि व्यापि हिंसा जीवकी दुर्जनसमागम सो भरो । यहि भांति के घरमें रहत हम नाथ हमरो तुम हरो ॥ शङ्करदिग्विजय भाषा । दोशून्य सुनि लोगन के बयन तब उतरु दीन्ह यतिराय । प्रियसंयोग वियोग नित होहिं काल निज़ पाय ॥ प्रियवियोग संगम जब होई । रहे विकाररहित बुध सोई ॥ जो गृहस्थ निज धर्महि पाला। सब आश्रमकर होय भुआला ।। जब युगयाम दिवस चढ़ि । तृषा क्षुधा जब अधिक सतावै ॥ वचन सुनावै । क्षुधा हमारी कौन नशावै ॥ जो दुख तासु निवारण करई । भूख पियास अतिथिकी हरई ॥ तेहि की पुण्य न कछु कहिजाई । एकवदन किमि कहौं बुझाई । सांझ प्रभात हुताशन सेवा । वेद पढ़ें पूजैं गुरु देवा ॥ ब्रह्मचारि कहँ क्षुधा सतावै । गृही गेह तुरतहि सोउ आवै । पढ़े सुनें श्रुति शिखर उदारा । अथवा प्रणवमन्त्र उच्चारा ।। जठरानल व्यापहि युगयामा । सोउ चलिजाय गृहीके धामा। वनवासी निशिदिन तप करही। जेहिके अन्न उदर निजभरही ।। लहै अर्द्ध फल तप कर सोई। आधी तापस कहँ फल होई ॥ तीरथ व्रती गृही घर आवै । जोपै तासु सेवा मन लावै देह प्रयास न कछु बनि आवै । घर बैठे तीरथ फल पावै ॥ दोशून्य गृही धनी है धन्यतर लहैं सकल धन पासु। चोर भाव कोउ प्रीतिसों दानरीति कोउ तासु ।। कोउ तासु बलकरि धन लेहीं । काहुहि आकृपा करि देहीं । जो द्विजवर वेदज्ञ सयाना । तेहिमहँ बसहिदेव जगजाना॥ करहि प्रसन्न गृही गुणवाना । तिन सबको मानहु सन्माना ।। जे स्वधर्म दृढ़ ज्ञान निधाना । सेये सब तीरथ विधि नाना ॥ पर उपकार छोड़ि व्रत नाहीं । ऐसेहु महापुरुष गृह माहीं ॥ वहिं जो सेवा बनावै । गृही सकल तरिथफल पावै ॥ तीरथ रूप तासु गृह सोहा । गृही उदार तजै मन मोहा ॥ दोशून्य कतहुँ जायनहिंभवनतजि सबफलगृहमिलिजाहिं । धनी धर्मयुत गृही लखि देव मनुज हर्षाहि ।। दोशून्य मूषकादि गृह में रहें बाहिर मृगा शकुन्तु । गोवादिक जीव बहु जीवहिं सब लघुजन्तु ॥ सबसे अधिक गृही मैं जानौं। सत्य कहौं नहिं कपट बखानौं । देह मूल पुरुषारथ साधन। अन्नलगावहश्रुतिगन ॥ सब जीवन को अन्न मनोहर । धरो रहे नित गृहवासी घर । गृहपति शुभ तरुवरसम । सबल तेहि आई । हितउपदेश सुनहु मन लाई । आदर सों सन्देह विहाई ।। अभ्यागत पूजा नित करहू । आदर मान तासु अनुसरहू ॥ यति पूजा तव कुल उद्धरिहै। असन्माननअतिकरिहै ।। फल अभिलाषरहित निजधर्मा । श्रुतिवर्णित सन्ध्यादिककर्मा ।। जो करिहौ नितप्रति मनलाई । है मन निर्मल सुखदाई ॥ वंशून्य रागादि मन मल पंक सों सबभांति उरहमरोभरो जिमिबधूकुचतटहृदयपटपाटीर सोंच हुँदिशिघिरो॥ तदपि हम सबयती यतिपति पद्मजन पावनभये । सबक्लेशहमरेक्षीण हैं नहिंजान केहि दिशिको गये ॥ दोशून्य यहि प्रकार उपदेश करि भिक्षा मातुलगेह । करि बैठे मातुल कही वाणी सहित सनेह ।। शिष्य हाथ वर पुस्तक सोही। यह कर नाम सुनावहु मोही ॥ सूत्रभाष्यटीका यह पावनि । हमहं दिखावहुनिजमनभावनि ॥ दै दीन्ही मातुल तब देखी। बुद्धि देखि सुखभयो विशेखी ॥ शुचि प्रबन्धरचना उर आनी । भयो हर्ष तेहि पण्डितजानी ॥ सब मत को निराश तहँ देखा । निजमत खंडितभयो विशेखा ॥ रहा प्रभाकर मत अनुसारी । ग्रन्थ देखि मनभयो दुखारी ॥ यद्यपि तेहि अतिमत्सरभयऊ। ऊपर मन अभिनन्दन करेऊ ।। पद्मपाद तब कहहि सयाना । रामेश्वर चाहत हम जाना ॥ ग्रन्थ भार तब गृह धरि जैहैं। तब मारग में दुख नहिं पैहैं । में तुम कहँ जेहि विधिगोगृहप्यारे । तिमि पुस्तक हैं प्राणहमारे ।। ● चंदन+मीमांसक |
स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूजः अमृतसर में पुलिस ने दो आतंकियों को पकड़ा। इनके पास से 3 हैंड ग्रेनेड और 1 लाख रुपए कैश बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि दोनों आतंकी फिरोजपुर के रहने वाले हैं। इनकी पहचान प्रकाश सिंह और अंग्रेज सिंह के रूप में हुई है। दोनों कार से अमृतसर से पठानकोट की तरफ जा रहे थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने नाका लगाकर दोनों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
| स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूजः अमृतसर में पुलिस ने दो आतंकियों को पकड़ा। इनके पास से तीन हैंड ग्रेनेड और एक लाख रुपए कैश बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि दोनों आतंकी फिरोजपुर के रहने वाले हैं। इनकी पहचान प्रकाश सिंह और अंग्रेज सिंह के रूप में हुई है। दोनों कार से अमृतसर से पठानकोट की तरफ जा रहे थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने नाका लगाकर दोनों को पकड़ने में सफलता हासिल की। |
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आज राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और असंतुष्ट कांग्रेस नेता सचिन पायलट से आज बात करने वाले हैं। राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव है। कांग्रेस किसी भी कीमत इस राज्य को खोना नहीं चाहती है।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट का आज मंगलवार को अशोक गहलोत पर किया गया हमला कांग्रेस को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। कर्नाटक में कल वोट डाले जाएंगे और उससे ठीक पहले पायलट ने बयान दे दिया। पीएम मोदी बुधवार को राजस्थान में होंगे और वो कांग्रेस की उठापटक को अपने भाषण का हिस्सा जरूर बना सकते हैं।
निजी अस्पताल और डॉक्टर इस बिल का विरोध कर रहे हैं, बुधवार को उन्हें राज्य के सरकारी डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवाओं के कर्मचारियों का भी साथ मिल गया। विरोध कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि इस विधेयक में आपातकाल में निजी अस्पतालों को निशुल्क इलाज करने के लिए बाध्य किया गया है।
राजस्थान सरकार दोनों युवकों की पत्नियों तथा बच्चों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी। इस सहायता राशि में से एक-एक लाख रुपये की राशि नकद दी जाएगी बाकि बचे चार-चार लाख रुपयों की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) कराई जाएगी।
| कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे आज राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत और असंतुष्ट कांग्रेस नेता सचिन पायलट से आज बात करने वाले हैं। राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव है। कांग्रेस किसी भी कीमत इस राज्य को खोना नहीं चाहती है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट का आज मंगलवार को अशोक गहलोत पर किया गया हमला कांग्रेस को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। कर्नाटक में कल वोट डाले जाएंगे और उससे ठीक पहले पायलट ने बयान दे दिया। पीएम मोदी बुधवार को राजस्थान में होंगे और वो कांग्रेस की उठापटक को अपने भाषण का हिस्सा जरूर बना सकते हैं। निजी अस्पताल और डॉक्टर इस बिल का विरोध कर रहे हैं, बुधवार को उन्हें राज्य के सरकारी डॉक्टरों और स्वास्थ्य सेवाओं के कर्मचारियों का भी साथ मिल गया। विरोध कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि इस विधेयक में आपातकाल में निजी अस्पतालों को निशुल्क इलाज करने के लिए बाध्य किया गया है। राजस्थान सरकार दोनों युवकों की पत्नियों तथा बच्चों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी। इस सहायता राशि में से एक-एक लाख रुपये की राशि नकद दी जाएगी बाकि बचे चार-चार लाख रुपयों की फिक्स डिपॉजिट कराई जाएगी। |
बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन के प्रशंसकों की कोई कमी नहीं है। लाखों लोग उन पर प्यार लुटाते हैं, और उनके डांस मूव्स से लेकर उनकी एक्टिंग के तो करोडो दीवाने हैं। लेकिन लोग उनके एक हालिया रिएक्शन से बेहद नाराज हो उठे हैं। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा हैं,
जिसमे एक्टर अपनी एक्स वाइफ के साथ डिनर डेट पर गए थे, जहां उनके बॉडीगार्ड ने एक फैन को धक्का दे दिया। बॉडीगार्ड ने धक्का दिया, लेकिन लोगों का गुस्सा ऋतिक रोशन पर क्यों फूटा, आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों बॉडीगार्ड की इस हरकत का खामियाज़ा ऋतिक रोशन को भुगतना पड़ गया।
हुआ यूं कि ऋतिक रोशन अपनी एक्स वाइफ सुजैन खान के साथ डिनर पर गए। खाना खाने के बाद वह अपनी कार की ओर जा रहे थे। इस दौरान एक फूड डिलीवरी बॉय उनके साथ सेल्फी ले रहा था। ऋतिक भी उस फैन के साथ पोज दे रहे थे तभी गार्ड ने लड़के को धक्का देकर वहां से हटा दिया। ज्यादा लोग इस बात से दुखी थे कि ऋतिक रोशन वहां चुपचाप खड़े रहे और फैन के साथ ऐसा करने के लिए बॉडीगार्ड को कुछ नहीं कहा।
ऋतिक रोशन के इस व्यवहार से लोग काफी नाराज हैं. एक यूजर ने कहा, "ये सब हमारी वजह से है और उस बेचारे को धक्का दे दिया, ये लोग खुद को क्या समझते हैं। " एक अन्य ने लिखा, 'क्या वह अपनी फिल्म के प्रमोशन से पहले इस तरह का बर्ताव करेंगे? कम से कम अपने आसपास के लोगों के सामने झूठी मुस्कान तो दिखाओ। एक ने कहा, "एक प्रशंसक तस्वीर ले रहा था और अंगरक्षक ने उसे धक्का दिया और रोशन ने कुछ नहीं कहा। यह बहुत दुख की बात है। इसकी तस्वीर देखकर शर्म आती है। एक ने तो यहां तक कह दिया, 'कंगना उनके बारे में बिल्कुल सही थीं। ' लोग ऋतिक और उनके बॉडीगार्ड को लेकर काफी नाराजगी जता रहे हैं।
काम के मोर्चे पर बात की जाये तो, ऋतिक रोशन को आखिरी बार सैफ अली खान के साथ फिल्म 'विक्रम वेधा' में देखा गया था। और अब वह जल्द ही दीपिका पादुकोण और अनिल कपूर के साथ बहुप्रतीक्षित फिल्म फाइटर में अगली बार नज़र आने वाले हैं बता दे कि ये पहली बात होगा जब दीपिका और ऋतिक सिल्वर स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे।
| बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन के प्रशंसकों की कोई कमी नहीं है। लाखों लोग उन पर प्यार लुटाते हैं, और उनके डांस मूव्स से लेकर उनकी एक्टिंग के तो करोडो दीवाने हैं। लेकिन लोग उनके एक हालिया रिएक्शन से बेहद नाराज हो उठे हैं। हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा हैं, जिसमे एक्टर अपनी एक्स वाइफ के साथ डिनर डेट पर गए थे, जहां उनके बॉडीगार्ड ने एक फैन को धक्का दे दिया। बॉडीगार्ड ने धक्का दिया, लेकिन लोगों का गुस्सा ऋतिक रोशन पर क्यों फूटा, आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों बॉडीगार्ड की इस हरकत का खामियाज़ा ऋतिक रोशन को भुगतना पड़ गया। हुआ यूं कि ऋतिक रोशन अपनी एक्स वाइफ सुजैन खान के साथ डिनर पर गए। खाना खाने के बाद वह अपनी कार की ओर जा रहे थे। इस दौरान एक फूड डिलीवरी बॉय उनके साथ सेल्फी ले रहा था। ऋतिक भी उस फैन के साथ पोज दे रहे थे तभी गार्ड ने लड़के को धक्का देकर वहां से हटा दिया। ज्यादा लोग इस बात से दुखी थे कि ऋतिक रोशन वहां चुपचाप खड़े रहे और फैन के साथ ऐसा करने के लिए बॉडीगार्ड को कुछ नहीं कहा। ऋतिक रोशन के इस व्यवहार से लोग काफी नाराज हैं. एक यूजर ने कहा, "ये सब हमारी वजह से है और उस बेचारे को धक्का दे दिया, ये लोग खुद को क्या समझते हैं। " एक अन्य ने लिखा, 'क्या वह अपनी फिल्म के प्रमोशन से पहले इस तरह का बर्ताव करेंगे? कम से कम अपने आसपास के लोगों के सामने झूठी मुस्कान तो दिखाओ। एक ने कहा, "एक प्रशंसक तस्वीर ले रहा था और अंगरक्षक ने उसे धक्का दिया और रोशन ने कुछ नहीं कहा। यह बहुत दुख की बात है। इसकी तस्वीर देखकर शर्म आती है। एक ने तो यहां तक कह दिया, 'कंगना उनके बारे में बिल्कुल सही थीं। ' लोग ऋतिक और उनके बॉडीगार्ड को लेकर काफी नाराजगी जता रहे हैं। काम के मोर्चे पर बात की जाये तो, ऋतिक रोशन को आखिरी बार सैफ अली खान के साथ फिल्म 'विक्रम वेधा' में देखा गया था। और अब वह जल्द ही दीपिका पादुकोण और अनिल कपूर के साथ बहुप्रतीक्षित फिल्म फाइटर में अगली बार नज़र आने वाले हैं बता दे कि ये पहली बात होगा जब दीपिका और ऋतिक सिल्वर स्क्रीन शेयर करते दिखेंगे। |
बीजेपी होली के बाद उत्तराखंड में मुख्यमंत्री (Uttarakhand CM) के नाम का ऐलान कर सकती है। 19 मार्च को देहरादून में बीजेपी के विधायकों की बैठक होगी, जिसमें सीएम पद के लिए विधायक दल के नेता का नाम सामने आएगा। इस बैठक से पहले सीएम पद के लिए सतपाल महाराज (Satpal Maharaj) और धन सिंह रावत (Dhan Singh Rawat) का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।
जानकारों की माने तो बीजेपी अजय भट्ट और अनिल बलूनी के नाम पर भी विचार कर सकती है। बता दें कि अजय भट्ट केंद्र में रक्षा और पर्यटन मंत्रालय के राज्यमंत्री हैं जबकि बलूनी उत्तराखंड में पार्टी के मीडिया सेल प्रमुख हैं।
बता दें कि 70 सीटों वाली उत्तराखंड विधानसभा (Uttarakhand Assembly) में बीजेपी ने 47 सीटें जीती हैं। उत्तराखंड में बीजेपी को स्पष्ट बहुमद मिला है लेकिन सीएम धामी के हार जाने के बाद बीजेपी के लिए मुख्यमंत्री चुनने में थोड़ा समय लग रहा है। मौजूदा सीएम के चुनाव हारने के बाद पार्टी में कई नामों पर चर्चा हो रही है।
उत्तराखंड में बीजेपी नेताओं के मुताबिक, चुने गए पार्टी के विधायकों में से ही किसी एक को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। हालांकि मामले में केंद्रीय आलाकमान होली के बाद देहरादून में पर्यवेक्षक भेजकर रायशुमारी करवाएगा और उसी के आधार पर नए नाम का ऐलान होगा।
बता दें कि उत्तराकंड में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गए हैं। हालांकि बीजेपी ने राज्य में दूसरी बार जीत दर्जकर इतिहास रच दिया है।
| बीजेपी होली के बाद उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर सकती है। उन्नीस मार्च को देहरादून में बीजेपी के विधायकों की बैठक होगी, जिसमें सीएम पद के लिए विधायक दल के नेता का नाम सामने आएगा। इस बैठक से पहले सीएम पद के लिए सतपाल महाराज और धन सिंह रावत का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। जानकारों की माने तो बीजेपी अजय भट्ट और अनिल बलूनी के नाम पर भी विचार कर सकती है। बता दें कि अजय भट्ट केंद्र में रक्षा और पर्यटन मंत्रालय के राज्यमंत्री हैं जबकि बलूनी उत्तराखंड में पार्टी के मीडिया सेल प्रमुख हैं। बता दें कि सत्तर सीटों वाली उत्तराखंड विधानसभा में बीजेपी ने सैंतालीस सीटें जीती हैं। उत्तराखंड में बीजेपी को स्पष्ट बहुमद मिला है लेकिन सीएम धामी के हार जाने के बाद बीजेपी के लिए मुख्यमंत्री चुनने में थोड़ा समय लग रहा है। मौजूदा सीएम के चुनाव हारने के बाद पार्टी में कई नामों पर चर्चा हो रही है। उत्तराखंड में बीजेपी नेताओं के मुताबिक, चुने गए पार्टी के विधायकों में से ही किसी एक को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। हालांकि मामले में केंद्रीय आलाकमान होली के बाद देहरादून में पर्यवेक्षक भेजकर रायशुमारी करवाएगा और उसी के आधार पर नए नाम का ऐलान होगा। बता दें कि उत्तराकंड में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गए हैं। हालांकि बीजेपी ने राज्य में दूसरी बार जीत दर्जकर इतिहास रच दिया है। |
उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि वाराणसी को हिलाकर रख देने वाली हिंसा सुनियोजित थी. इस हिंसा के पीछे किन लोगों का हाथ है, इस बात की जांच की जा रही है. साथ ही भीड़ को भड़काने वालों की तलाश भी जारी है.
बनारस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने बताया कि उनके पास यह कहने के लिए सबूत हैं कि यह हिंसा सुनियोजित थी. लोग कैसे भड़के या उन्हें किसने भड़काया, इसकी बात की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि विरोध रैली में भाग लेने वाले संतों का नाम मार्च के आयोजक के रूप में एफआईआर में दर्ज किया गया है.
गौरतलब है कि सोमवार को हुई हिंसक घटना में आठ पुलिसकर्मियों सहित 25 लोग घायल हो गए थे और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ था. बनारस पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस विधायक अजय राय समेत करीब पचास लोगों को गिरफ्तार किया है.
| उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि वाराणसी को हिलाकर रख देने वाली हिंसा सुनियोजित थी. इस हिंसा के पीछे किन लोगों का हाथ है, इस बात की जांच की जा रही है. साथ ही भीड़ को भड़काने वालों की तलाश भी जारी है. बनारस के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि ने बताया कि उनके पास यह कहने के लिए सबूत हैं कि यह हिंसा सुनियोजित थी. लोग कैसे भड़के या उन्हें किसने भड़काया, इसकी बात की जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि विरोध रैली में भाग लेने वाले संतों का नाम मार्च के आयोजक के रूप में एफआईआर में दर्ज किया गया है. गौरतलब है कि सोमवार को हुई हिंसक घटना में आठ पुलिसकर्मियों सहित पच्चीस लोग घायल हो गए थे और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ था. बनारस पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस विधायक अजय राय समेत करीब पचास लोगों को गिरफ्तार किया है. |
पाठकों को कोई प्रमाणित व निर्मूल बात न मिले ।
हम भी अगस्त- क्रान्ति की लपटों के शिकार लगभग २ ।। वर्ष तक रहे है और इसी बीच मे हमे अनेक राजनैतिक नेताओं, कार्यकर्त्ताओं तथा भूमिगत व्यक्तियों से भी मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। अपने जेल जीवन से ही हमारी 'अगस्त-आन्दोलन' के सम्बन्ध मे एक विश्वस्त तथा विवेचना पूर्ण पुस्तक लिखने की प्रबल इच्छा थी। और यह सुयोग हमें बिल्कुल भी न प्राप्त होता, यदि भास्कर प्रेस देहरादून के सुयोग्य व्यवस्थापक श्री सुमेध कुमार से हमारी भेट न हुई होती। उन्हें ही इसका उचित श्रेय दिया जाना चाहिए । प्रस्तुत पुस्तक की अधिकांश सामग्री एकत्रित करने मे हमे बन्धुवर श्री केदार - नाथ शर्मा सहकारी सम्पादक - 'दैनिक हिन्दुस्तान' नई दिल्ली से पर्याप्त सहायता मिली है । एतदर्थ हम उनके हार्दिक कृतज्ञ है ।
यह पुस्तक उन दिनों लिखी गई है, जबकि हमारी धर्मपत्नी लगभग तीन मास से निरन्तर रुग्ण चली आरही थीं। ऐसी स्थिति में इच्छा होते हुए भी हम इसे यथाभिलापित रूप नही दे सके । हम अब भी इस प्रयत्न में हैं कि अगस्त क्रांति मे सक्रिय भाग लेने वाले व्यक्तियों के संस्करण हमे उपलब्ध हो जायें । यदि हम इसमे सफल हो सके तो यथासम्भव शीघ्र ही उन्हें भी पाठको की सेवा मे उपस्थित करेंगे।
---संमचन्द्र 'सुमन'
सरस्वती मंदिर ।
पायृगढ़ (मेरठ)
"ह में अगस्त की घटनाओं के लिए गर्व है। अगल आन्दोलन भारत की स्वतंत्रता का युद्ध का प्रतीक बन गया है ६ अगस्त के दिन भारत के सभी नेता गिरफ्तार हो गए थे. फिर भी जनता ने ब्रिटिश सरकार की चुननी की स्वीकार कर बड़ी वीरता से उसका सामना किया। नेताप्रो की गिरफ्तारी के कारण जनता क्रोवान्ध बन गई थी और उसने सरकारी मशीनगनों, ठीका प्रहार महन किया।
मुझे इस आन्दोलन को विद्रोह कह कर पुकारने में थोड़ा भी भय नहीं लगता । १८५७ से लेकर अब तक भारत में इतना बड़ा विद्रोह कभी नहीं हुआ था। आपने आगे चलकर कहा कि निसन्देह श्रांडोलन मेअन्छायाँ औौर युगदयाँ दोनोटी सम्मिलित हैं पर इस बात को हम सदा करेंगे कि जनता ने
किया और हम उसकी हृदय से प्रशंसा करते हैं। पर जनना कायरता से प्रात्मसमर्पण कर देनी तो भारत को जो सम्यगन प्राप्त हुआ है वह नष्ट होगया होना । हम १६९२ की घटनाओं में और अधिक सवल हो गए है।"
"सरकारी वकव्य में प्रकाशित किया गया है कि उस वरपर ५६५ चार गोलियाँ चली और रासी
पर जनता से सना है यि सव्य दिन गत्व है। जनता में अनुमान है कि यसरपरसरारी बगाय से २५ या २० कु अनि त्यति राम पाए है।"
'भारत छोड़ो' प्रस्ताव तो महात्मा गांधी और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों को पकड़ने का बहाना मात्र था । वास्तव में गिरफ्तारी का वारन्ट ४ अगस्त को ही जारी कर दिया गया था । जब हम जेल में थे तो हम से अनेकों बार कहा गया कि लोग त प्रस्ताव को वापस ले ले तो हम स्थिति
की फिर जॉच करेगे।"
- जवाहरलाल नेहरू | पाठकों को कोई प्रमाणित व निर्मूल बात न मिले । हम भी अगस्त- क्रान्ति की लपटों के शिकार लगभग दो ।। वर्ष तक रहे है और इसी बीच मे हमे अनेक राजनैतिक नेताओं, कार्यकर्त्ताओं तथा भूमिगत व्यक्तियों से भी मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। अपने जेल जीवन से ही हमारी 'अगस्त-आन्दोलन' के सम्बन्ध मे एक विश्वस्त तथा विवेचना पूर्ण पुस्तक लिखने की प्रबल इच्छा थी। और यह सुयोग हमें बिल्कुल भी न प्राप्त होता, यदि भास्कर प्रेस देहरादून के सुयोग्य व्यवस्थापक श्री सुमेध कुमार से हमारी भेट न हुई होती। उन्हें ही इसका उचित श्रेय दिया जाना चाहिए । प्रस्तुत पुस्तक की अधिकांश सामग्री एकत्रित करने मे हमे बन्धुवर श्री केदार - नाथ शर्मा सहकारी सम्पादक - 'दैनिक हिन्दुस्तान' नई दिल्ली से पर्याप्त सहायता मिली है । एतदर्थ हम उनके हार्दिक कृतज्ञ है । यह पुस्तक उन दिनों लिखी गई है, जबकि हमारी धर्मपत्नी लगभग तीन मास से निरन्तर रुग्ण चली आरही थीं। ऐसी स्थिति में इच्छा होते हुए भी हम इसे यथाभिलापित रूप नही दे सके । हम अब भी इस प्रयत्न में हैं कि अगस्त क्रांति मे सक्रिय भाग लेने वाले व्यक्तियों के संस्करण हमे उपलब्ध हो जायें । यदि हम इसमे सफल हो सके तो यथासम्भव शीघ्र ही उन्हें भी पाठको की सेवा मे उपस्थित करेंगे। ---संमचन्द्र 'सुमन' सरस्वती मंदिर । पायृगढ़ "ह में अगस्त की घटनाओं के लिए गर्व है। अगल आन्दोलन भारत की स्वतंत्रता का युद्ध का प्रतीक बन गया है छः अगस्त के दिन भारत के सभी नेता गिरफ्तार हो गए थे. फिर भी जनता ने ब्रिटिश सरकार की चुननी की स्वीकार कर बड़ी वीरता से उसका सामना किया। नेताप्रो की गिरफ्तारी के कारण जनता क्रोवान्ध बन गई थी और उसने सरकारी मशीनगनों, ठीका प्रहार महन किया। मुझे इस आन्दोलन को विद्रोह कह कर पुकारने में थोड़ा भी भय नहीं लगता । एक हज़ार आठ सौ सत्तावन से लेकर अब तक भारत में इतना बड़ा विद्रोह कभी नहीं हुआ था। आपने आगे चलकर कहा कि निसन्देह श्रांडोलन मेअन्छायाँ औौर युगदयाँ दोनोटी सम्मिलित हैं पर इस बात को हम सदा करेंगे कि जनता ने किया और हम उसकी हृदय से प्रशंसा करते हैं। पर जनना कायरता से प्रात्मसमर्पण कर देनी तो भारत को जो सम्यगन प्राप्त हुआ है वह नष्ट होगया होना । हम एक हज़ार छः सौ बानवे की घटनाओं में और अधिक सवल हो गए है।" "सरकारी वकव्य में प्रकाशित किया गया है कि उस वरपर पाँच सौ पैंसठ चार गोलियाँ चली और रासी पर जनता से सना है यि सव्य दिन गत्व है। जनता में अनुमान है कि यसरपरसरारी बगाय से पच्चीस या बीस कु अनि त्यति राम पाए है।" 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव तो महात्मा गांधी और कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों को पकड़ने का बहाना मात्र था । वास्तव में गिरफ्तारी का वारन्ट चार अगस्त को ही जारी कर दिया गया था । जब हम जेल में थे तो हम से अनेकों बार कहा गया कि लोग त प्रस्ताव को वापस ले ले तो हम स्थिति की फिर जॉच करेगे।" - जवाहरलाल नेहरू |
Khatron Ke Khiladi 13 Promo खूंखार स्टंट से भरा खतरों के खिलाड़ी 13 को लेकर कई दिनों से सोशल मीडिया पर बज बना हुआ है। वहीं मेकर्स ने फैंस के इंतजार को थोड़ा सा कम करते हुए शो का पहला प्रोमो जारी कर दिया है।
नई दिल्ली, जेएनएन। साउथ अफ्रीका के केप टाउन में 'खतरों के खिलाड़ी 13' की शूटिंग शुरू हो चुकी है। कंटेस्टेंट्स से जुड़ी अब तक कई अपडेट्स सामने आ चुकी हैं। मई के दूसरे हफ्ते में टीम रवाना हुई थी, और अब वहां से नए-नए प्रोमो सामने आ रहे हैं। फैंस लंबे समय से शो के प्रोमो का इंतजार कर रहे थे, जो कि अब खत्म हो चुका है। जी हां, खतरों के खिलाड़ी 13 का प्रोमो सामने आ चुका है।
प्रोमो देखकर लगता है कि इस बार शो में पहले से ज्यादा हाईलेवल का स्टंट होने वाला है, जो कंटेस्टेंट्स की चीख निकालने के लिए काफी है।
जारी किए गए प्रोमो में दो-दो कंटेस्टेंट्स को एक-दूसरे को टक्कर देते दिखाया गया है। पहले प्रोमो में डेजी शाह और रोहित रॉय चमचमाते कॉस्ट्यूम में नजर आ रहे हैं। दोनों 'उड़े दिल बेफिकरे' पर परफॉर्मेंस दे रहे होते हैं, और दूर बैठे रोहित शेट्टि उनकी परफॉर्मेंस को देख रहे होते हैं।
इस दौरान वो कहते हैं- "मेरे वर्ल्ड में दिल नहीं, गाड़ियां और इंसान उड़ने पर तालियां बजती हैं। " इसके बाद वह गियर पुश करते हैं, और अचानक स्टेज हिलने लगता है। सब कुछ टूटने-फूटने लगता है। हार्नेस के जरिये दोनों को हेलीकॉप्टर ऊपर खींच लेता है। इस भयावह नजारे में डेजी और रोहित की चीख निकल जाती है।
दूसरे पार्ट में ऐश्वर्या शर्मा और अंजुम फकीह का प्रोमो शूट दिखाया गया है। दोनों देवरानी-जेठानी की तरह एक दूसरे से लड़ती दिखाई गई हैं। जहां ऐश्वर्या, अंजुम को बहन के नाम पर कलंक कहती हैं, वहीं अंजुम उनको आस्तीन का सांप कहती हैं।
उधर, दूर बैठे रोहित शेट्टी ये सब स्क्रीन पर होता देखते हैं। इसके बाद वो कहते हैं- "मेरे वर्ल्ड में साजिशों और चालसाजी का नहीं है कोई फायदा क्योंकि यहां चलता है सिर्फ मेरा कानून, और मेरा कायदा। " इसके बाद देखा जा सकता है कि जैसे ही वो दोनों दरवाजा खोलती हैं, तो खुद को जंगल में भेड़ियों के बीच पाती हैं।
इस प्रोमो को देखन के बाद फैंस का एक्साइटमेंट लेवल दोगुना हो गया है। कई फैंस ने कमेंट किया कि उन्हें शिव और अर्चना के प्रोमो का इंतजार है। वह उन्हें 'खतरों के खिलाड़ी 13' में जल्द से जल्द खेलते देखना चाहते हैं।
| Khatron Ke Khiladi तेरह Promo खूंखार स्टंट से भरा खतरों के खिलाड़ी तेरह को लेकर कई दिनों से सोशल मीडिया पर बज बना हुआ है। वहीं मेकर्स ने फैंस के इंतजार को थोड़ा सा कम करते हुए शो का पहला प्रोमो जारी कर दिया है। नई दिल्ली, जेएनएन। साउथ अफ्रीका के केप टाउन में 'खतरों के खिलाड़ी तेरह' की शूटिंग शुरू हो चुकी है। कंटेस्टेंट्स से जुड़ी अब तक कई अपडेट्स सामने आ चुकी हैं। मई के दूसरे हफ्ते में टीम रवाना हुई थी, और अब वहां से नए-नए प्रोमो सामने आ रहे हैं। फैंस लंबे समय से शो के प्रोमो का इंतजार कर रहे थे, जो कि अब खत्म हो चुका है। जी हां, खतरों के खिलाड़ी तेरह का प्रोमो सामने आ चुका है। प्रोमो देखकर लगता है कि इस बार शो में पहले से ज्यादा हाईलेवल का स्टंट होने वाला है, जो कंटेस्टेंट्स की चीख निकालने के लिए काफी है। जारी किए गए प्रोमो में दो-दो कंटेस्टेंट्स को एक-दूसरे को टक्कर देते दिखाया गया है। पहले प्रोमो में डेजी शाह और रोहित रॉय चमचमाते कॉस्ट्यूम में नजर आ रहे हैं। दोनों 'उड़े दिल बेफिकरे' पर परफॉर्मेंस दे रहे होते हैं, और दूर बैठे रोहित शेट्टि उनकी परफॉर्मेंस को देख रहे होते हैं। इस दौरान वो कहते हैं- "मेरे वर्ल्ड में दिल नहीं, गाड़ियां और इंसान उड़ने पर तालियां बजती हैं। " इसके बाद वह गियर पुश करते हैं, और अचानक स्टेज हिलने लगता है। सब कुछ टूटने-फूटने लगता है। हार्नेस के जरिये दोनों को हेलीकॉप्टर ऊपर खींच लेता है। इस भयावह नजारे में डेजी और रोहित की चीख निकल जाती है। दूसरे पार्ट में ऐश्वर्या शर्मा और अंजुम फकीह का प्रोमो शूट दिखाया गया है। दोनों देवरानी-जेठानी की तरह एक दूसरे से लड़ती दिखाई गई हैं। जहां ऐश्वर्या, अंजुम को बहन के नाम पर कलंक कहती हैं, वहीं अंजुम उनको आस्तीन का सांप कहती हैं। उधर, दूर बैठे रोहित शेट्टी ये सब स्क्रीन पर होता देखते हैं। इसके बाद वो कहते हैं- "मेरे वर्ल्ड में साजिशों और चालसाजी का नहीं है कोई फायदा क्योंकि यहां चलता है सिर्फ मेरा कानून, और मेरा कायदा। " इसके बाद देखा जा सकता है कि जैसे ही वो दोनों दरवाजा खोलती हैं, तो खुद को जंगल में भेड़ियों के बीच पाती हैं। इस प्रोमो को देखन के बाद फैंस का एक्साइटमेंट लेवल दोगुना हो गया है। कई फैंस ने कमेंट किया कि उन्हें शिव और अर्चना के प्रोमो का इंतजार है। वह उन्हें 'खतरों के खिलाड़ी तेरह' में जल्द से जल्द खेलते देखना चाहते हैं। |
जंसा थाना क्षेत्र के हाथी बाजार में गुरुवार की सुबह बस की चपेट में आने से एक अधेड़ की मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त झारखंड निवासी इस्लाम (45 वर्ष) के रूप में हुई है। इस्लाम मजदूरी कर परिवार का पेट पालता था। गुरुवार को वो रोज की तरह झारखंड से लौटने के बाद सतनपुर स्थित ईट भट्ठे पर जाने के लिए बस में कैंट से सवार हुआ था। हाथी बाजार में जैसे ही बस से उतरा, वैसे ही बस चल दी और मजदूर गिरने के बाद बस के पिछले पहिये के नीचे चला गया। सूचना पर पहुंची पुलिस घायल को लेकर पास के अस्पताल गई जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं लंका पर पीएससी बस की चपेट मे आने से बाइक सवार सुशील पाण्डेय 35 वर्ष घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
| जंसा थाना क्षेत्र के हाथी बाजार में गुरुवार की सुबह बस की चपेट में आने से एक अधेड़ की मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त झारखंड निवासी इस्लाम के रूप में हुई है। इस्लाम मजदूरी कर परिवार का पेट पालता था। गुरुवार को वो रोज की तरह झारखंड से लौटने के बाद सतनपुर स्थित ईट भट्ठे पर जाने के लिए बस में कैंट से सवार हुआ था। हाथी बाजार में जैसे ही बस से उतरा, वैसे ही बस चल दी और मजदूर गिरने के बाद बस के पिछले पहिये के नीचे चला गया। सूचना पर पहुंची पुलिस घायल को लेकर पास के अस्पताल गई जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं लंका पर पीएससी बस की चपेट मे आने से बाइक सवार सुशील पाण्डेय पैंतीस वर्ष घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। |
नदी के तट पर मकान, होटल व पक्की इमारतें बना कर हम स्वयं के लिए एवं आने वाली पीढ़ी के लिए नर्क का निर्माण कर रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक बात है कि पर्यावरण से ज्यादा अहमियत, विकास के नाम पर इमारतों के जंगल विकसित करने पर दी जा रही है, जो कि हमारी प्राकृतिक सम्पदा की अर्थी पर निर्मित हो रहे हैं। नदियों को, पेड़ों को, पहाडों को विकास के नाम पर जो क्षति पहुंचाई जा रही है, जो हानि पहुँचाई जा रही है उस पर इसी पल इसी क्षण से रोक लगाना अनिवार्य है।
हमारे पूर्वजों ने कभी यह अनुमान भी नहीं लगाया होगा कि ऐसा समय भी आएगा जब हमें पानी को खरीदना पड़ेगा। परंतु आज यह बात सच है। और यह सब देखते हुए इसमें कोई शंका नहीं कि पानी की समस्या विश्व युद्ध का भी कारण बन सकती है। गोदावरी नदी का जल स्रोत सूख चूका है । ४० प्रतिशत कृष्णा नदी उजाड़ हो चुकी है और गंगा नदी कितने समय तक बारहमासी रह पायेगी कुछ कहा नहीं जा सकता। कावेरी की दुर्दशा से कौन अवगत नहीं है।
सन १९८९ में २२ नदियाँ प्रदूषित थी और आज यह संख्या बढ़ कर ३०२ हो चुकी है, जिसमें झीलें और तालाब शामिल नहीं है । भारत की आज़ादी के समय प्रत्येक व्यक्ति के लिए १०० लीटर पानी उपलब्ध था , लेकिन आज यह घटकर केवल २० लीटर हो चूका है । पानी के कारण नई समस्याएं पैदा हो रही है । UNICEF की रिपोर्ट कहती है की वर्ष २०४० तक ६० करोड़ बच्चों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा । इस तेजी से विकास होता रहा तो उद्योग को भी ३० प्रतिशत अधिक पानी की जरुरत होगी और बिजली उत्पादन के लिए अभी के मुकाबले ३० गुना अधिक पानी की जरुरत होगी । हमेशा की तरह अगर हम इन आंकड़ों पर ध्यान नहीं देंगे तो पानी की समस्या हमारी जिंदगी को नरक बना देगी । समय रहते समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो बहुत देर हो जाएगी ।
पानी की समस्या भूकंप या चक्रवात जैसी प्राकृतिक नहीं है। तो क्या इसका मतलब यह नहीं की इसके जिम्मेदार हम है? पेड़ों की जड़ें , नदियाँ और धाराये बनाने के लिए पानी को सेहती हैं । अगर हम पेड़ों को ही काट देंगे तो बारिश का पानी कहाँ जाएगा? तो वह बह जायेगा समुद्र में जहाँ वह किसी काम का नहीं रहेगा ।
इस समस्या के समाधान का एक तरीका है वृक्षारोपण । बड़ी नदियों के दोनों किनारों पर एक किलोमीटर की दूरी तक , और छोटी नदियों के दोनों किनारों पर आधा किलोमीटर की दुरी तक पेड़ लगे होने चाहिए ।
तत्काल प्रभाव से नदी के दोनों किनारो पर १ किलो मीटर की चौड़ाई तक लीज को एक्सटेंड करना बंद करे। जिन्होंने अपनी लीज रिन्यू करनी है उनके लिए कड़े नियम के तहत ही रिन्यू किया जाये। उनके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट , रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वृक्षारोपण अनिवार्य हों तथा नदियों से मोटर द्वारा पानी निकलने पर एवम भूजल आरोहण पर रोक लगाई जाये। और अगर कोई व्यक्ति यह नहीं करता तो उसका लाइसेंस और रिन्यूअल रद्द कर दिया जाये एवं दण्डनीय अपराध दिया जाए। और साथ में नए आबंटन देना बंद किया जाये।
जो सड़क जितनी चौड़ी है उसे उतनी रहने दी जाये और अधिक चौड़ी ना करें । जिससे हमारे जीव जंतु और निम्न प्रजातियां भी सुरक्षित रहेंगी, पेड़ और लकड़ियां कम कटेंगी ।
ऐसा करने का अधिकार केवल सरकार के पास होता है। आइये साथ मिलकर इस समस्या के बारे में सभी को जागरुक करें ताकि सरकार इसके लिए कोई ठोस कदम उठाए । हमारी नदियाँ जो हमारी जीवन दायनी हैं उन्हें बचाने के लिए आगे बढें, और अपना भविष्य सुरक्षित करें । अगर हमने इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं निकाला तो हमारी आने वाली पीढ़ी हमें माफ़ नहीं करेगी । आज स्वच्छ पीने के पानी के बिना हर २१ सेकंड में एक बच्चा मर रहा है । सोचने का समय चला गया , कदम उठाइये , जागिये , आगे बढिये, समय हाथ से निकलता जा रहा है।
चलिए एक जुट होकर सरकार से आग्रह करें कि सभी नदियों के तट पर एक किलोमीटर की दूरी तक पेड़ लगाए इमारतें नहीं।
| नदी के तट पर मकान, होटल व पक्की इमारतें बना कर हम स्वयं के लिए एवं आने वाली पीढ़ी के लिए नर्क का निर्माण कर रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक बात है कि पर्यावरण से ज्यादा अहमियत, विकास के नाम पर इमारतों के जंगल विकसित करने पर दी जा रही है, जो कि हमारी प्राकृतिक सम्पदा की अर्थी पर निर्मित हो रहे हैं। नदियों को, पेड़ों को, पहाडों को विकास के नाम पर जो क्षति पहुंचाई जा रही है, जो हानि पहुँचाई जा रही है उस पर इसी पल इसी क्षण से रोक लगाना अनिवार्य है। हमारे पूर्वजों ने कभी यह अनुमान भी नहीं लगाया होगा कि ऐसा समय भी आएगा जब हमें पानी को खरीदना पड़ेगा। परंतु आज यह बात सच है। और यह सब देखते हुए इसमें कोई शंका नहीं कि पानी की समस्या विश्व युद्ध का भी कारण बन सकती है। गोदावरी नदी का जल स्रोत सूख चूका है । चालीस प्रतिशत कृष्णा नदी उजाड़ हो चुकी है और गंगा नदी कितने समय तक बारहमासी रह पायेगी कुछ कहा नहीं जा सकता। कावेरी की दुर्दशा से कौन अवगत नहीं है। सन एक हज़ार नौ सौ नवासी में बाईस नदियाँ प्रदूषित थी और आज यह संख्या बढ़ कर तीन सौ दो हो चुकी है, जिसमें झीलें और तालाब शामिल नहीं है । भारत की आज़ादी के समय प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक सौ लीटरटर पानी उपलब्ध था , लेकिन आज यह घटकर केवल बीस लीटरटर हो चूका है । पानी के कारण नई समस्याएं पैदा हो रही है । UNICEF की रिपोर्ट कहती है की वर्ष दो हज़ार चालीस तक साठ करोड़ बच्चों को पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा । इस तेजी से विकास होता रहा तो उद्योग को भी तीस प्रतिशत अधिक पानी की जरुरत होगी और बिजली उत्पादन के लिए अभी के मुकाबले तीस गुना अधिक पानी की जरुरत होगी । हमेशा की तरह अगर हम इन आंकड़ों पर ध्यान नहीं देंगे तो पानी की समस्या हमारी जिंदगी को नरक बना देगी । समय रहते समस्या का समाधान नहीं निकाला गया तो बहुत देर हो जाएगी । पानी की समस्या भूकंप या चक्रवात जैसी प्राकृतिक नहीं है। तो क्या इसका मतलब यह नहीं की इसके जिम्मेदार हम है? पेड़ों की जड़ें , नदियाँ और धाराये बनाने के लिए पानी को सेहती हैं । अगर हम पेड़ों को ही काट देंगे तो बारिश का पानी कहाँ जाएगा? तो वह बह जायेगा समुद्र में जहाँ वह किसी काम का नहीं रहेगा । इस समस्या के समाधान का एक तरीका है वृक्षारोपण । बड़ी नदियों के दोनों किनारों पर एक किलोमीटर की दूरी तक , और छोटी नदियों के दोनों किनारों पर आधा किलोमीटर की दुरी तक पेड़ लगे होने चाहिए । तत्काल प्रभाव से नदी के दोनों किनारो पर एक किलो मीटर की चौड़ाई तक लीज को एक्सटेंड करना बंद करे। जिन्होंने अपनी लीज रिन्यू करनी है उनके लिए कड़े नियम के तहत ही रिन्यू किया जाये। उनके लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट , रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वृक्षारोपण अनिवार्य हों तथा नदियों से मोटर द्वारा पानी निकलने पर एवम भूजल आरोहण पर रोक लगाई जाये। और अगर कोई व्यक्ति यह नहीं करता तो उसका लाइसेंस और रिन्यूअल रद्द कर दिया जाये एवं दण्डनीय अपराध दिया जाए। और साथ में नए आबंटन देना बंद किया जाये। जो सड़क जितनी चौड़ी है उसे उतनी रहने दी जाये और अधिक चौड़ी ना करें । जिससे हमारे जीव जंतु और निम्न प्रजातियां भी सुरक्षित रहेंगी, पेड़ और लकड़ियां कम कटेंगी । ऐसा करने का अधिकार केवल सरकार के पास होता है। आइये साथ मिलकर इस समस्या के बारे में सभी को जागरुक करें ताकि सरकार इसके लिए कोई ठोस कदम उठाए । हमारी नदियाँ जो हमारी जीवन दायनी हैं उन्हें बचाने के लिए आगे बढें, और अपना भविष्य सुरक्षित करें । अगर हमने इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं निकाला तो हमारी आने वाली पीढ़ी हमें माफ़ नहीं करेगी । आज स्वच्छ पीने के पानी के बिना हर इक्कीस सेकंड में एक बच्चा मर रहा है । सोचने का समय चला गया , कदम उठाइये , जागिये , आगे बढिये, समय हाथ से निकलता जा रहा है। चलिए एक जुट होकर सरकार से आग्रह करें कि सभी नदियों के तट पर एक किलोमीटर की दूरी तक पेड़ लगाए इमारतें नहीं। |
इसलिए कहा गया कि उस प्रेरक चित्तत्व को स्वीकार की परिभाषा में कहना हो नहीं पाता, नकार की परिभाषा ही हाथ रह जाती
। उसको कोई पॉजिटिव संज्ञा ठीक नहीं ढक पाती । हिंसा का अभाव अहिंसा नहीं है, वह तो उसका बाह्य रूप भर है । उस अहिंसा का प्राण प्रेम है। प्रेम से और जीवन्त ( पॉजिटिव) शक्ति क्या है ? फिर भी पारमार्थिक और लौकिक प्रेम में अन्तर बांधना कठिन हो जाता, और 'प्रेम' शब्द में निषेध की शक्ति भी कम रहती; इसी से प्रेम न कहकर कहा गया, 'अहिंसा' । वह अहिंसा निष्क्रिय पदार्थ नहीं है । वह तेजस्वी और सय तत्व है ।
अहिंसा इस प्रकार मन की समूची वृत्ति द्वारा ग्रहण की जाने वाली शक्ति हुई । कहिए कि चित्त अहिंसा में भीग रहना चाहिए । और सत्य है ही ध्येय । यहाँ कहा जा सकता है कि मात्र इन दोनों - - सत्य अहिंसाके सहारे साधारण भाषा में लोक-कर्म के सम्बन्ध में कुछ प्रकाश नहीं
प्राप्त होता । सत्य को मन में धार लिया, अहिंसा से भी चित्त को भिगो
लिया। लेकिन अब करना क्या होगा ? तो उसके लिए है :( ३ ) कर्मः सत्याग्रह ।
सत्याग्रह मानो कर्म की व्याख्या है। सत्य प्राप्त नहीं है । उस उपलब्धि की भोर तो बढ़ते रहना है। इसी में गति ( उन्नति, प्रगति विकास आदि) की आवश्यकता समा जाती है । इसी में कर्तव्य यानी करने की बात प्रजाती है ।
यहां प्रश्न उठ सकता है कि जब पहली स्थापना में सत्य को अखंड और अविभाज्य कहा गया तब वहां अवकाश कहां रहा कि ग्रह हो जहाँ प्राग्रह है वहां, इसलिए, असत्य है ।
यह शंका अत्यन्त संगत है। और इसी का निराकरण करने के लिए शर्त लगाई गई --- सविनय । जहां विनय भाव नहीं है वहां सत्याग्रह हो ही नहीं सकता । प्रविनय यानी हिसा हो वहां सत्याग्रह शब्द का व्यवहार है तो जान अथवा प्रजान में छल है। व्यक्ति वा अपूर्ण है। | इसलिए कहा गया कि उस प्रेरक चित्तत्व को स्वीकार की परिभाषा में कहना हो नहीं पाता, नकार की परिभाषा ही हाथ रह जाती । उसको कोई पॉजिटिव संज्ञा ठीक नहीं ढक पाती । हिंसा का अभाव अहिंसा नहीं है, वह तो उसका बाह्य रूप भर है । उस अहिंसा का प्राण प्रेम है। प्रेम से और जीवन्त शक्ति क्या है ? फिर भी पारमार्थिक और लौकिक प्रेम में अन्तर बांधना कठिन हो जाता, और 'प्रेम' शब्द में निषेध की शक्ति भी कम रहती; इसी से प्रेम न कहकर कहा गया, 'अहिंसा' । वह अहिंसा निष्क्रिय पदार्थ नहीं है । वह तेजस्वी और सय तत्व है । अहिंसा इस प्रकार मन की समूची वृत्ति द्वारा ग्रहण की जाने वाली शक्ति हुई । कहिए कि चित्त अहिंसा में भीग रहना चाहिए । और सत्य है ही ध्येय । यहाँ कहा जा सकता है कि मात्र इन दोनों - - सत्य अहिंसाके सहारे साधारण भाषा में लोक-कर्म के सम्बन्ध में कुछ प्रकाश नहीं प्राप्त होता । सत्य को मन में धार लिया, अहिंसा से भी चित्त को भिगो लिया। लेकिन अब करना क्या होगा ? तो उसके लिए है : कर्मः सत्याग्रह । सत्याग्रह मानो कर्म की व्याख्या है। सत्य प्राप्त नहीं है । उस उपलब्धि की भोर तो बढ़ते रहना है। इसी में गति की आवश्यकता समा जाती है । इसी में कर्तव्य यानी करने की बात प्रजाती है । यहां प्रश्न उठ सकता है कि जब पहली स्थापना में सत्य को अखंड और अविभाज्य कहा गया तब वहां अवकाश कहां रहा कि ग्रह हो जहाँ प्राग्रह है वहां, इसलिए, असत्य है । यह शंका अत्यन्त संगत है। और इसी का निराकरण करने के लिए शर्त लगाई गई --- सविनय । जहां विनय भाव नहीं है वहां सत्याग्रह हो ही नहीं सकता । प्रविनय यानी हिसा हो वहां सत्याग्रह शब्द का व्यवहार है तो जान अथवा प्रजान में छल है। व्यक्ति वा अपूर्ण है। |
रामपुर बुशहर - 2500 मेगावाट से ऊपर की बिजली पैदा करने वाले रामपुर में कभी भी अंधेरा पसर जाता है। सर्दी आते ही बिजली कट से लोग परेशान हैं। स्थिति यह है कि अकसर सुबह और शाम को बिजली कट लग रहे हैं। इसका कारण भले ही ओवरलोड हो, लेकिन यह समस्या अकसर सर्दियों में ही पेश आती है। इस समस्या को दूर करने के लिए बिजली विभाग ने फिलहाल कोई भी मास्टर प्लान तैयार नहीं किया है। ऐसे में सर्दी के दिनों में रामपुरवासियों को बिजली को लेकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि अभी तो सर्दी शुरू हुई है और अभी से ही बिजली कट का क्रम शुरू हो गया है। यदि क्षेत्र में भारी बारिश और बर्फबारी ने दस्तक दी तो आने वाले दिनों में स्थिति और विकट हो जाएगी और महकमे के कर्मचारियों को बिजली की सप्लाई दुरुस्त करने के लिए खूब हाथ-पांव मारने पड़ेंगे। लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा मुश्किल स्कूली बच्चों को पेश आ रही है। सुबह जब बच्चों ने स्कूल के लिए तैयार होना होता है तो बिजली कट लग जाता है। जिससे वह अपना दैनिक कार्य भी शुरू नहीं कर पा रहे हैं। दिसंबर महीने में कड़ाके की ठंड होने से क्षेत्र के लोगोंं कों परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों में प्रवीण नेगी, रमेश, कल्पना, मोहन, राजेश, धर्मसेन, राजेश और उमेश सहित कई अन्य लोगों ने बताया है कि, जैसे-जैसे ठंड बढ़ने लगी है वैसे-वैसे लोेगों की परेशानी भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड के आला अधिकारी चाहे, जितने भी दावे करें बावजूद इसके प्रत्येक क्षेत्र में बिजली कभी सुबह, तो कभी दोपहर तो कभी रात में गुल हो जाती है। लोगों ने बिजली बोर्ड से फरियाद लगाई है कि बिजली की सप्लाई को सर्दियों में दुरुस्त रखने के लिए कोई प्लान बनाएं, ताकि राहत मिल सके।
रामपुर में एशिया की सबसे बड़ी भूमिगत नाथपा-झाकड़ी परियोजना सहित अन्य मिनी व माइक्रो पावर प्रोजेक्ट बिजली उत्पादित कर रहे हैं। पावर प्रोजेक्ट नियमों में भले ही यह बात अंकित है कि हर पावर प्रोजेक्ट को एक प्रतिशत बिजली अपने क्षेत्र को देनी होगी, लेकिन यह नियम शायद ही यहां पर इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन सहित चुने हुए नुमाइंदों को सरकार के समक्ष यह बात रखनी होगी कि पावर प्रोजेक्ट बिजली की सप्लाई सर्दियों में स्थानीय क्षेत्रों में दें।
| रामपुर बुशहर - दो हज़ार पाँच सौ मेगावाट से ऊपर की बिजली पैदा करने वाले रामपुर में कभी भी अंधेरा पसर जाता है। सर्दी आते ही बिजली कट से लोग परेशान हैं। स्थिति यह है कि अकसर सुबह और शाम को बिजली कट लग रहे हैं। इसका कारण भले ही ओवरलोड हो, लेकिन यह समस्या अकसर सर्दियों में ही पेश आती है। इस समस्या को दूर करने के लिए बिजली विभाग ने फिलहाल कोई भी मास्टर प्लान तैयार नहीं किया है। ऐसे में सर्दी के दिनों में रामपुरवासियों को बिजली को लेकर भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि अभी तो सर्दी शुरू हुई है और अभी से ही बिजली कट का क्रम शुरू हो गया है। यदि क्षेत्र में भारी बारिश और बर्फबारी ने दस्तक दी तो आने वाले दिनों में स्थिति और विकट हो जाएगी और महकमे के कर्मचारियों को बिजली की सप्लाई दुरुस्त करने के लिए खूब हाथ-पांव मारने पड़ेंगे। लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा मुश्किल स्कूली बच्चों को पेश आ रही है। सुबह जब बच्चों ने स्कूल के लिए तैयार होना होता है तो बिजली कट लग जाता है। जिससे वह अपना दैनिक कार्य भी शुरू नहीं कर पा रहे हैं। दिसंबर महीने में कड़ाके की ठंड होने से क्षेत्र के लोगोंं कों परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों में प्रवीण नेगी, रमेश, कल्पना, मोहन, राजेश, धर्मसेन, राजेश और उमेश सहित कई अन्य लोगों ने बताया है कि, जैसे-जैसे ठंड बढ़ने लगी है वैसे-वैसे लोेगों की परेशानी भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड के आला अधिकारी चाहे, जितने भी दावे करें बावजूद इसके प्रत्येक क्षेत्र में बिजली कभी सुबह, तो कभी दोपहर तो कभी रात में गुल हो जाती है। लोगों ने बिजली बोर्ड से फरियाद लगाई है कि बिजली की सप्लाई को सर्दियों में दुरुस्त रखने के लिए कोई प्लान बनाएं, ताकि राहत मिल सके। रामपुर में एशिया की सबसे बड़ी भूमिगत नाथपा-झाकड़ी परियोजना सहित अन्य मिनी व माइक्रो पावर प्रोजेक्ट बिजली उत्पादित कर रहे हैं। पावर प्रोजेक्ट नियमों में भले ही यह बात अंकित है कि हर पावर प्रोजेक्ट को एक प्रतिशत बिजली अपने क्षेत्र को देनी होगी, लेकिन यह नियम शायद ही यहां पर इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन सहित चुने हुए नुमाइंदों को सरकार के समक्ष यह बात रखनी होगी कि पावर प्रोजेक्ट बिजली की सप्लाई सर्दियों में स्थानीय क्षेत्रों में दें। |
उत्तर प्रदेश के जालौन से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है. कोंच इलाके में रहने वाली एक नाबालिग लड़की को दूसरे धर्म के लड़के से प्यार हो गया. इसके बाद घर से भाग रहे प्रेमी जोड़े को गुस्साए पड़ोसियों ने बीच सड़क पकड़ लिया और लड़के की बेरहमी से पिटाई कर दी. इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया. लड़की के परिजनों ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी नाबालिग है और लड़का बहल फुसलाकर उसे अपने साथ भगाकर ले जा रहा था. पुलिस ने आरोपी लड़के और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है.
नाबालिग की मां का आरोप है कि ग्वालियर के कंपू इलाके के रहने वाले आर्यन खान और ड्राइवर ने मिलकर उनके बेटी को लव जिहाद के तहत फंसाया और उसका धर्म परिवर्तन कराना चाहते थे, जहां उसके साथ कोई बड़ी घटना हो सकती थी, इन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.
यह पूरा मामला जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र का है. बताया जा रहा है कि लड़की ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में पढ़ाई कर रही थी. उसी दौरान उसकी मुलाकात ग्वालियर निवासी मुस्लिम आर्यन नाम के लड़के से हुई. धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों शादी के ख्वाब देखने लगे. इनके प्यार की भनक लड़की के परिजनों को लगी तो उसे ग्वालियर से कोंच बुला लिया. कुछ दिन बाद प्रेमी आर्यन अपने दोस्त के साथ कोंच आया और प्रेमिका को अपने साथ ले जाने लगा.
जब लड़की के परिजनों को यह पता चला कि उनकी बेटी अपने प्रेमी के साथ भाग गई है तो उन्होंने पड़ोसियों की मदद से दोनों को ढूंढना शुरू किया. कुछ ही घंटों में तीनों को पकड़ लिया और प्रेमी और उसके दोस्त की मौके पर ही धुनाई कर दी फिर दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया. लड़की की मां के मुताबिक उनकी बेटी नाबालिग है और आर्यन उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले जा रहा था. उसका धर्म बदलकर उससे शादी करना चाहता था. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लड़के को जेल भेज दिया है.
इस मामले पर सीओ रामसिंह ने बताया कि तहरीर मिली है कि एक नाबालिग लड़की ग्वालियर में रहकर पढ़ाई कर रही थी. उसी दौरान वह एक मुस्लिम लड़के के संपर्क में आई. लड़का उसे घर से भागाकर ले जा रहा था. तभी रास्ते में उसे पकड़ लिया और उन्हें हिरासत में लेकर कोतवाली ले आए. आरोपी के खिलाफ दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है.
| उत्तर प्रदेश के जालौन से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है. कोंच इलाके में रहने वाली एक नाबालिग लड़की को दूसरे धर्म के लड़के से प्यार हो गया. इसके बाद घर से भाग रहे प्रेमी जोड़े को गुस्साए पड़ोसियों ने बीच सड़क पकड़ लिया और लड़के की बेरहमी से पिटाई कर दी. इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया. लड़की के परिजनों ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी नाबालिग है और लड़का बहल फुसलाकर उसे अपने साथ भगाकर ले जा रहा था. पुलिस ने आरोपी लड़के और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है. नाबालिग की मां का आरोप है कि ग्वालियर के कंपू इलाके के रहने वाले आर्यन खान और ड्राइवर ने मिलकर उनके बेटी को लव जिहाद के तहत फंसाया और उसका धर्म परिवर्तन कराना चाहते थे, जहां उसके साथ कोई बड़ी घटना हो सकती थी, इन आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. यह पूरा मामला जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र का है. बताया जा रहा है कि लड़की ग्वालियर में पढ़ाई कर रही थी. उसी दौरान उसकी मुलाकात ग्वालियर निवासी मुस्लिम आर्यन नाम के लड़के से हुई. धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों शादी के ख्वाब देखने लगे. इनके प्यार की भनक लड़की के परिजनों को लगी तो उसे ग्वालियर से कोंच बुला लिया. कुछ दिन बाद प्रेमी आर्यन अपने दोस्त के साथ कोंच आया और प्रेमिका को अपने साथ ले जाने लगा. जब लड़की के परिजनों को यह पता चला कि उनकी बेटी अपने प्रेमी के साथ भाग गई है तो उन्होंने पड़ोसियों की मदद से दोनों को ढूंढना शुरू किया. कुछ ही घंटों में तीनों को पकड़ लिया और प्रेमी और उसके दोस्त की मौके पर ही धुनाई कर दी फिर दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया. लड़की की मां के मुताबिक उनकी बेटी नाबालिग है और आर्यन उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले जा रहा था. उसका धर्म बदलकर उससे शादी करना चाहता था. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लड़के को जेल भेज दिया है. इस मामले पर सीओ रामसिंह ने बताया कि तहरीर मिली है कि एक नाबालिग लड़की ग्वालियर में रहकर पढ़ाई कर रही थी. उसी दौरान वह एक मुस्लिम लड़के के संपर्क में आई. लड़का उसे घर से भागाकर ले जा रहा था. तभी रास्ते में उसे पकड़ लिया और उन्हें हिरासत में लेकर कोतवाली ले आए. आरोपी के खिलाफ दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है. |
यूके के एक प्रतिष्ठित न्यूज़ पोर्टल डेली मेल में छपी यूएस की एक घिनौनी और अमानवीय क्राइम न्यूज़ सच में दिल दहला देती है. ऐसी खबर आपको पढ़वाने और खुद पढ़ने में भी एक लिजलिजा सा अनुभव होता है. लेकिन फिर हमें अपने समाज की सच्चाई जाननी ही होगी, क्यूंकि रोग का पता चलने पर ही उसका निवारण हो सकता है.
बता दें की यूएस में एक राज्य है आयोवा. स्टीवन वहीं रहता था. स्टीवन ने एक 6 साल की बच्ची का यौन शोषण किया. उसके पैदा होने से लेकर उसके 6 साल की होने तक उसके साथ 100 बार के लगभग रेप किया.
दरअसल इस पूरे कृत्य की उसने ढेरों तस्वीरें खींचीं, वीडियोज़ बनाए, और कई बार तो पूरी घिनौनी वारदात को लाइव-स्ट्रीम भी किया. Live. Me नाम की सोशल मीडिया वेबसाइट पर वो लोगों को इस स्ट्रीम को देखने के लिए अपने स्तर पर प्रोत्साहित भी करता था.
वहीं उसे 'नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइड चिल्ड्रन' में पेश करने और इस बच्ची के साथ यौन शोषण के चार मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद फरवरी, 2018 में गिरफ्तार किया गया.
मार्च 2018 में बच्ची को भी स्टीवन के घर से बरामद कर लिया गया. अमेरिकी जिला अदालत ने क्रुक को 'भयावह' और उसके कार्यों को 'धूर्तता और चालाकी भरा' बताते हुए सजा सुनाई. 3 जून. 2019 को. क्रुक के घर से इस चाइल्ड-एब्यूज़ की ढेरों वीडियोज़ भी मिली हैं. एक फोल्डर में लिखा था- चाइल्ड पोर्न एंड बेबी रेप.
दरअसल कुक की लिव-इन गर्लफ्रेंड केंड्रा हूवर को भी जनवरी 2019 में गिरफ्तार किया गया था. उसके ऊपर भी 14 आरोप तय हुए थे. तब जबकि केंड्रा साथ में ही रहती थी, उसने न केवल स्टीवन के अपराधों को अनदेखा किया, बल्कि काफी हद तक साथ भी खड़ी पाई गई.
| यूके के एक प्रतिष्ठित न्यूज़ पोर्टल डेली मेल में छपी यूएस की एक घिनौनी और अमानवीय क्राइम न्यूज़ सच में दिल दहला देती है. ऐसी खबर आपको पढ़वाने और खुद पढ़ने में भी एक लिजलिजा सा अनुभव होता है. लेकिन फिर हमें अपने समाज की सच्चाई जाननी ही होगी, क्यूंकि रोग का पता चलने पर ही उसका निवारण हो सकता है. बता दें की यूएस में एक राज्य है आयोवा. स्टीवन वहीं रहता था. स्टीवन ने एक छः साल की बच्ची का यौन शोषण किया. उसके पैदा होने से लेकर उसके छः साल की होने तक उसके साथ एक सौ बार के लगभग रेप किया. दरअसल इस पूरे कृत्य की उसने ढेरों तस्वीरें खींचीं, वीडियोज़ बनाए, और कई बार तो पूरी घिनौनी वारदात को लाइव-स्ट्रीम भी किया. Live. Me नाम की सोशल मीडिया वेबसाइट पर वो लोगों को इस स्ट्रीम को देखने के लिए अपने स्तर पर प्रोत्साहित भी करता था. वहीं उसे 'नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइड चिल्ड्रन' में पेश करने और इस बच्ची के साथ यौन शोषण के चार मामलों में दोषी ठहराए जाने के बाद फरवरी, दो हज़ार अट्ठारह में गिरफ्तार किया गया. मार्च दो हज़ार अट्ठारह में बच्ची को भी स्टीवन के घर से बरामद कर लिया गया. अमेरिकी जिला अदालत ने क्रुक को 'भयावह' और उसके कार्यों को 'धूर्तता और चालाकी भरा' बताते हुए सजा सुनाई. तीन जून. दो हज़ार उन्नीस को. क्रुक के घर से इस चाइल्ड-एब्यूज़ की ढेरों वीडियोज़ भी मिली हैं. एक फोल्डर में लिखा था- चाइल्ड पोर्न एंड बेबी रेप. दरअसल कुक की लिव-इन गर्लफ्रेंड केंड्रा हूवर को भी जनवरी दो हज़ार उन्नीस में गिरफ्तार किया गया था. उसके ऊपर भी चौदह आरोप तय हुए थे. तब जबकि केंड्रा साथ में ही रहती थी, उसने न केवल स्टीवन के अपराधों को अनदेखा किया, बल्कि काफी हद तक साथ भी खड़ी पाई गई. |
जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करने वालों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्रों और अन्य लोगों की भीड़ का नेतृत्व करते हुए हिंसा फैलाना लीडरशिप नहीं है। आर्मी चीफ के इस बयान की विपक्षी दल और कुछ सेना के पूर्व अधिकारियों ने निंदा की है। पूर्व सैन्य अधिकारियों ने आर्मी चीफ बिपिन रावत पर बेवजह राजनीतिक विवाद में पड़ने का आरोप लगाया।
जनरल बिपिन रावत ने एक हेल्थकेयर लीडरशिप समिट में बोलते हुए गुरुवार को कहा, 'लीडर वह नहीं होता जो लोगों को गलत दिशा में ले जाता है, जैसा कि हम लोग आजकल देख रहे हैं कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के स्टूडेंट्स व भीड़ का हिंसा तथा अराजकता के लिए नेतृत्व किया जा रहा है। यह लीडरशिप नहीं है। '
आर्मी चीफ के इस बयान पर खासा बवाल हुआ। इसके बाद आर्मी हेडक्वॉर्टर से इसे लेकर स्पष्टीकरण भी आया। इसमें कहा गया कि सेना प्रमुख ने अपने भाषण में 'लीडरशिप क्वॉलिटी' का जिक्र किया था। बयान में कहा गया, 'यह कोई राजनीतिक बयान नहीं था। उन्होंने अपने भाषण में नागरिकता संशोधन ऐक्ट और एनआरसी का भी जिक्र नहीं किया। उन्होंने सिर्फ कहा कि वह कानून व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, जो पूरे देश की सुरक्षा को प्रभावित कर रही है। '
सेना के कुछ पूर्व अधिकारियों ने भी आर्मी चीफ की इस बयान को लेकर निंदा की है। उन्होंने कहा कि आर्मी इस बात पर गर्व करती है कि वह कभी पॉलिटिकल स्टैंड नहीं लेती है। पूर्व सैन्य अधिकारियों का कहना है कि सीएए विरोधी आंदोलनों का जिक्र कर सेना प्रमुख ने अपनी सीमा लांघी है।
पिछले महीने ही ईस्टर्न आर्मी कमांड चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने इस बात का जिक्र किया था कि एनडीए सरकार में कई ऐसे कठिन फैसले लिए गए जो लंबे समय से पेंडिंग हैं। इसके बाद कई राजनेताओं ने इस बयान की निंदा की थी।
पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल एल रामदास (रिटायर्ड) ने कहा कि जनरल रावत का बयान साफ तौर पर गलत था। सेना को दशकों पुराने सिद्धांत 'देश की सेवा करें, किसी राजनीतिक शक्ति की नहीं' का अनुसरण करें। उन्होंने कहा कि सेना के लोगों को एक निर्देश दिया जाता है कि उन्हें निष्पक्ष रहना है, न कि किसी का पक्ष लेना। उन्होंने कहा कि दशकों से ये नियम सेना की मजबूती रहे हैं।
सेना प्रमुख के बयान पर कई राजनेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, 'जनरल साहब मैं आपकी बात से सहमत हूं, लेकिन लीडर्स वह भी नहीं होते जो लोगों को आगजनी या उपद्रव में हथियार उठाने के लिए प्रेरित करें। क्या आप मुझसे सहमत हैं? '
वहीं एआईएमआईएम के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सेना प्रमुख पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, 'लीडरशिप का मतलब यह कतई नहीं होता कि आप अपनी मर्यादाओं को लांघें। इसका मतलब नागरिक वर्चस्व के विचार को समझना और उस संस्था की अखंडता को सुरक्षित करना है, जिसका आप नेतृत्व कर रहे हैं। '
| जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन करने वालों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्रों और अन्य लोगों की भीड़ का नेतृत्व करते हुए हिंसा फैलाना लीडरशिप नहीं है। आर्मी चीफ के इस बयान की विपक्षी दल और कुछ सेना के पूर्व अधिकारियों ने निंदा की है। पूर्व सैन्य अधिकारियों ने आर्मी चीफ बिपिन रावत पर बेवजह राजनीतिक विवाद में पड़ने का आरोप लगाया। जनरल बिपिन रावत ने एक हेल्थकेयर लीडरशिप समिट में बोलते हुए गुरुवार को कहा, 'लीडर वह नहीं होता जो लोगों को गलत दिशा में ले जाता है, जैसा कि हम लोग आजकल देख रहे हैं कि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के स्टूडेंट्स व भीड़ का हिंसा तथा अराजकता के लिए नेतृत्व किया जा रहा है। यह लीडरशिप नहीं है। ' आर्मी चीफ के इस बयान पर खासा बवाल हुआ। इसके बाद आर्मी हेडक्वॉर्टर से इसे लेकर स्पष्टीकरण भी आया। इसमें कहा गया कि सेना प्रमुख ने अपने भाषण में 'लीडरशिप क्वॉलिटी' का जिक्र किया था। बयान में कहा गया, 'यह कोई राजनीतिक बयान नहीं था। उन्होंने अपने भाषण में नागरिकता संशोधन ऐक्ट और एनआरसी का भी जिक्र नहीं किया। उन्होंने सिर्फ कहा कि वह कानून व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, जो पूरे देश की सुरक्षा को प्रभावित कर रही है। ' सेना के कुछ पूर्व अधिकारियों ने भी आर्मी चीफ की इस बयान को लेकर निंदा की है। उन्होंने कहा कि आर्मी इस बात पर गर्व करती है कि वह कभी पॉलिटिकल स्टैंड नहीं लेती है। पूर्व सैन्य अधिकारियों का कहना है कि सीएए विरोधी आंदोलनों का जिक्र कर सेना प्रमुख ने अपनी सीमा लांघी है। पिछले महीने ही ईस्टर्न आर्मी कमांड चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने इस बात का जिक्र किया था कि एनडीए सरकार में कई ऐसे कठिन फैसले लिए गए जो लंबे समय से पेंडिंग हैं। इसके बाद कई राजनेताओं ने इस बयान की निंदा की थी। पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल एल रामदास ने कहा कि जनरल रावत का बयान साफ तौर पर गलत था। सेना को दशकों पुराने सिद्धांत 'देश की सेवा करें, किसी राजनीतिक शक्ति की नहीं' का अनुसरण करें। उन्होंने कहा कि सेना के लोगों को एक निर्देश दिया जाता है कि उन्हें निष्पक्ष रहना है, न कि किसी का पक्ष लेना। उन्होंने कहा कि दशकों से ये नियम सेना की मजबूती रहे हैं। सेना प्रमुख के बयान पर कई राजनेताओं ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, 'जनरल साहब मैं आपकी बात से सहमत हूं, लेकिन लीडर्स वह भी नहीं होते जो लोगों को आगजनी या उपद्रव में हथियार उठाने के लिए प्रेरित करें। क्या आप मुझसे सहमत हैं? ' वहीं एआईएमआईएम के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सेना प्रमुख पर हमला बोला है। उन्होंने कहा, 'लीडरशिप का मतलब यह कतई नहीं होता कि आप अपनी मर्यादाओं को लांघें। इसका मतलब नागरिक वर्चस्व के विचार को समझना और उस संस्था की अखंडता को सुरक्षित करना है, जिसका आप नेतृत्व कर रहे हैं। ' |
करनाल. हरियाणा के करनाल के सफीदों रोड पर असंध में एक होटल में महिला की लाश मिलने से हड़कंप मच गया. महिला अपने प्रेमी के साथ यहां ठहरी थी. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है. जानकारी के अनुसार, सफीदों रोड पर असंध में एक होटल महिला की लाश मिली. पुलिस में सामने आया है कि महिला के गले पर निशान मिले हैं. एफएसएल की टीम ने भी मौके से साक्ष् जुटाए हैं. जांच में पुलिस को महिला की आईडी भी मिली और पता चला कि महिला और उसके प्रेमी ने होटल में कमरा लिया था, लेकिन अब वहां पर उसका प्रेमी नहीं था.
महिला की आईडी से उसके घर वालों को संपर्क किया गया. दिल्ली से महिला के परिवार के लोग आए, हालांकि मीडिया के सामने परिवार का कोई सदस्य नहीं आया. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई. महिला के परिवार वालों ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि सोनीपत का रहने वाला मनोज करीब 2 साल पहले इस महिला से मिला था. महिला शादी शुदा थी, लेकिन दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गया था. अब दोनों करनाल के असंध में आकर एक होटल में रुके थे.
प्राथमिक जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच साथ रहने को लेकर कुछ अनबन चल रही थी, जिसके बाद ये पूरी घटना हुई है. फिलहाल पुलिस और FSL ने सबूत जुटाए हैं. सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. ये पूरा मामला हत्या या आत्महत्या का है, ये जांच का विषय है. पोस्टमार्टम के बाद कई चीजें साफ हो पाएंगी.
'दोस्ताना संबंध, गीतिका को फायदा. . . ', गोपाल कांडा मामले में कोर्ट ने क्या कहा?
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| करनाल. हरियाणा के करनाल के सफीदों रोड पर असंध में एक होटल में महिला की लाश मिलने से हड़कंप मच गया. महिला अपने प्रेमी के साथ यहां ठहरी थी. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है. जानकारी के अनुसार, सफीदों रोड पर असंध में एक होटल महिला की लाश मिली. पुलिस में सामने आया है कि महिला के गले पर निशान मिले हैं. एफएसएल की टीम ने भी मौके से साक्ष् जुटाए हैं. जांच में पुलिस को महिला की आईडी भी मिली और पता चला कि महिला और उसके प्रेमी ने होटल में कमरा लिया था, लेकिन अब वहां पर उसका प्रेमी नहीं था. महिला की आईडी से उसके घर वालों को संपर्क किया गया. दिल्ली से महिला के परिवार के लोग आए, हालांकि मीडिया के सामने परिवार का कोई सदस्य नहीं आया. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई. महिला के परिवार वालों ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि सोनीपत का रहने वाला मनोज करीब दो साल पहले इस महिला से मिला था. महिला शादी शुदा थी, लेकिन दोनों के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गया था. अब दोनों करनाल के असंध में आकर एक होटल में रुके थे. प्राथमिक जानकारी के मुताबिक दोनों के बीच साथ रहने को लेकर कुछ अनबन चल रही थी, जिसके बाद ये पूरी घटना हुई है. फिलहाल पुलिस और FSL ने सबूत जुटाए हैं. सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं. ये पूरा मामला हत्या या आत्महत्या का है, ये जांच का विषय है. पोस्टमार्टम के बाद कई चीजें साफ हो पाएंगी. 'दोस्ताना संबंध, गीतिका को फायदा. . . ', गोपाल कांडा मामले में कोर्ट ने क्या कहा? . |
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा चुनाव में अपने दम पर 303 सीटें जीतकर एक नया इतिहास रच दिया। मोदी की सुनामी में कांग्रेस पूरी तरह पस्त दिखाई दी। यहां तक कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी चुनाव हार गए।
17 राज्यों में भाजपा को 50 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। कांग्रेस 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में तो खाता भी नहीं खोल सकी। इनमें गुजरात, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा आदि शामिल है। पार्टी ने इस चुनाव में 9 पूर्व मुख्यमंत्रियों को चुनाव मैदान में उतारा और यह सभी हार गए।
कांग्रेस ने इस चुनाव में शीला दीक्षित, भुपेन्दर हुड्डा, दिग्विजय सिंह, हरीश रावत, मुकुल संगमा, सुशील कुमार शिंदे, अशोक चव्हाण समेत की 9 मुख्यमंत्रियों पर दांव लगाया। यह दांव पूरी तरह विफल रहा।
दूसरी ओर भाजपा ने भी इस चुनाव में राजनाथ सिंह, रमेश पोखरियाल निशंक और अर्जुन मुंडा के रूप में अपने पूर्व मुख्यमंत्रियों पर दांव लगाया था। हालांकि ये सभी दिग्गज चुनाव मैदान में सफल होते नजर आ रहे हैं।
| नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा चुनाव में अपने दम पर तीन सौ तीन सीटें जीतकर एक नया इतिहास रच दिया। मोदी की सुनामी में कांग्रेस पूरी तरह पस्त दिखाई दी। यहां तक कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी चुनाव हार गए। सत्रह राज्यों में भाजपा को पचास फीसदी से ज्यादा वोट मिले। कांग्रेस सत्रह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में तो खाता भी नहीं खोल सकी। इनमें गुजरात, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा आदि शामिल है। पार्टी ने इस चुनाव में नौ पूर्व मुख्यमंत्रियों को चुनाव मैदान में उतारा और यह सभी हार गए। कांग्रेस ने इस चुनाव में शीला दीक्षित, भुपेन्दर हुड्डा, दिग्विजय सिंह, हरीश रावत, मुकुल संगमा, सुशील कुमार शिंदे, अशोक चव्हाण समेत की नौ मुख्यमंत्रियों पर दांव लगाया। यह दांव पूरी तरह विफल रहा। दूसरी ओर भाजपा ने भी इस चुनाव में राजनाथ सिंह, रमेश पोखरियाल निशंक और अर्जुन मुंडा के रूप में अपने पूर्व मुख्यमंत्रियों पर दांव लगाया था। हालांकि ये सभी दिग्गज चुनाव मैदान में सफल होते नजर आ रहे हैं। |
हरियाणा में इस बार बोर्ड परीक्षा का पेपर लीक नहीं होगा। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड भिवानी ने फुलप्रूफ तैयारी की है। यह पहली बार होगा कि बोर्ड एग्जाम पेपर के हर पेज पर QR कोड अंकित करेगा। यदि कोई भी व्यक्ति पेपर का फोटो खींचता है तो बोर्ड को इसकी तुरंत जानकारी मिल जाएगी। साथ ही पेपर लीक करने वाले व्यक्ति की पूरी डिटेल भी आसानी से प्राप्त हो सकेगी।
हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड भिवानी की सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी की वार्षिक परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू होकर 28 मार्च तक संचालित करवाई जाएंगी।
इस वर्ष हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं -12वीं की परीक्षाओं में नकल पर अंकुश लगाने के लिए पहली बार नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इस तकनीक के तहत पेपर लीक और आउट नहीं होगा और नकल पर भी अंकुश लगेगा। इस बार हर परीक्षार्थी के प्रश्न-पत्र के प्रत्येक पृष्ठ पर तीन-तीन जगह पर विशेष क्यूआर कोड अंकित होगा।
इसके अलावा प्रश्न पत्र पर ऊपर से नीचे की ओर क्रॉस में एक यूनिक आईडी भी अंकित होगी। इससे यदि कोई परीक्षार्थी, पर्यवेक्षक, कर्मचारी व अन्य कोई फोटो खींचेगा तो तुरंत पता लग जाएगा कि प्रश्र पत्र कहां से आउट हुआ है एवं किस परीक्षार्थी का है। जिससे परीक्षाओं के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की अनियमितताओं पर लगाम लगाई जा सकेगी।
इस बार बोर्ड ने परीक्षा केंद्र के अनुसार प्रश्न-पत्र तैयार करवाए हैं। हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड यह फॉर्मूला अपनाने वाला देशभर का पहला बोर्ड बन गया है। अभी तक किसी भी राज्य में नकल रोकने के लिए इस तकनीक का प्रयोग नहीं किया गया है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसका प्रयोग किया जाएगा।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
| हरियाणा में इस बार बोर्ड परीक्षा का पेपर लीक नहीं होगा। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड भिवानी ने फुलप्रूफ तैयारी की है। यह पहली बार होगा कि बोर्ड एग्जाम पेपर के हर पेज पर QR कोड अंकित करेगा। यदि कोई भी व्यक्ति पेपर का फोटो खींचता है तो बोर्ड को इसकी तुरंत जानकारी मिल जाएगी। साथ ही पेपर लीक करने वाले व्यक्ति की पूरी डिटेल भी आसानी से प्राप्त हो सकेगी। हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड भिवानी की सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी की वार्षिक परीक्षाएं सत्ताईस फरवरी से शुरू होकर अट्ठाईस मार्च तक संचालित करवाई जाएंगी। इस वर्ष हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा दसवीं -बारहवीं की परीक्षाओं में नकल पर अंकुश लगाने के लिए पहली बार नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इस तकनीक के तहत पेपर लीक और आउट नहीं होगा और नकल पर भी अंकुश लगेगा। इस बार हर परीक्षार्थी के प्रश्न-पत्र के प्रत्येक पृष्ठ पर तीन-तीन जगह पर विशेष क्यूआर कोड अंकित होगा। इसके अलावा प्रश्न पत्र पर ऊपर से नीचे की ओर क्रॉस में एक यूनिक आईडी भी अंकित होगी। इससे यदि कोई परीक्षार्थी, पर्यवेक्षक, कर्मचारी व अन्य कोई फोटो खींचेगा तो तुरंत पता लग जाएगा कि प्रश्र पत्र कहां से आउट हुआ है एवं किस परीक्षार्थी का है। जिससे परीक्षाओं के दौरान होने वाली किसी भी प्रकार की अनियमितताओं पर लगाम लगाई जा सकेगी। इस बार बोर्ड ने परीक्षा केंद्र के अनुसार प्रश्न-पत्र तैयार करवाए हैं। हरियाणा स्कूल शिक्षा बोर्ड यह फॉर्मूला अपनाने वाला देशभर का पहला बोर्ड बन गया है। अभी तक किसी भी राज्य में नकल रोकने के लिए इस तकनीक का प्रयोग नहीं किया गया है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसका प्रयोग किया जाएगा। This website follows the DNPA Code of Ethics. |
लखनऊ। सूबे में मंगलवार को 74 अपर पुलिस अधीक्षकों के तबादले किया गया. इसमें राकेश जौली एसपी सिटी को दक्षिणी कानपुर, प्रदीप गुप्ता को उपसेनानायक 9वीं पीएसी मुरादाबाद, शोक कुमार को अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर, आशुतोष शुक्ला को एएसपी मिर्जापुर, बंसराज सिंह को यादव एएसपी कन्नौज, हरेंद्र प्रताप यादव को एसपी सिटी आजमगढ़ बनाया गया है.
इसके साथ ही डॉ. कृष्ण गोपाल को एसपी ट्रैफिक मुज्जफरनगर, विनीत भटनागर को एसपी सिटी नोएडा, शशि शेखर सिंह को एसपी प्रोटोकॉल लखनऊ, राहुल श्रीवास्तव को पीआरओ डीजीपी लखनऊ, आलोक वर्मा को एएसपी मॉर्डन कंट्रोल रुम इलाहाबाद, बलवंत चौधरी को डीजीपी मुख्यालय से अटैच, कुलदीप सिंह को एसपी ग्रामीण झांसी, राजकुमार को स्टाफ अफसर डीजी रेलवे, ज्ञानेंद्र प्रसाद को एएसपी एसटीएफ वाराणसी, महेश सिंह अत्री को एएसपी ईओडब्ल्यू मेरठ, राजेश्वर सिंह को एसपी क्राइम बरेली, रघुवीर सिंह को एएसपी पीटीसी मुरादाबाद, जितेंद्र कुमार को श्रीवास्तव एसपी क्राइम कानपुर, राहुल मिठास को एएसपी दक्षिणांचल विद्युत निगम, रामनयन यादव को एसपी ट्रैफिक आगरा, राम सुरेश को यादव एएसपी देवरिया, नरेंद्र कुमार सिंह को एसपी ग्रामीण मुरादाबाद, सुरेंद्र प्रताप सिंह को एएसपी सीतापुर, संजय राय को एएसपी हाथरस, राजीव नारायण मिश्रा को एएसपी हापुड़, सुभाष शाक्य को एएसपी चंदौली, ओम प्रकाश को एसपी सिटी मुरादाबाद, राममूरत यादव को एसपी ग्रामीण बदायूं,
| लखनऊ। सूबे में मंगलवार को चौहत्तर अपर पुलिस अधीक्षकों के तबादले किया गया. इसमें राकेश जौली एसपी सिटी को दक्षिणी कानपुर, प्रदीप गुप्ता को उपसेनानायक नौवीं पीएसी मुरादाबाद, शोक कुमार को अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर, आशुतोष शुक्ला को एएसपी मिर्जापुर, बंसराज सिंह को यादव एएसपी कन्नौज, हरेंद्र प्रताप यादव को एसपी सिटी आजमगढ़ बनाया गया है. इसके साथ ही डॉ. कृष्ण गोपाल को एसपी ट्रैफिक मुज्जफरनगर, विनीत भटनागर को एसपी सिटी नोएडा, शशि शेखर सिंह को एसपी प्रोटोकॉल लखनऊ, राहुल श्रीवास्तव को पीआरओ डीजीपी लखनऊ, आलोक वर्मा को एएसपी मॉर्डन कंट्रोल रुम इलाहाबाद, बलवंत चौधरी को डीजीपी मुख्यालय से अटैच, कुलदीप सिंह को एसपी ग्रामीण झांसी, राजकुमार को स्टाफ अफसर डीजी रेलवे, ज्ञानेंद्र प्रसाद को एएसपी एसटीएफ वाराणसी, महेश सिंह अत्री को एएसपी ईओडब्ल्यू मेरठ, राजेश्वर सिंह को एसपी क्राइम बरेली, रघुवीर सिंह को एएसपी पीटीसी मुरादाबाद, जितेंद्र कुमार को श्रीवास्तव एसपी क्राइम कानपुर, राहुल मिठास को एएसपी दक्षिणांचल विद्युत निगम, रामनयन यादव को एसपी ट्रैफिक आगरा, राम सुरेश को यादव एएसपी देवरिया, नरेंद्र कुमार सिंह को एसपी ग्रामीण मुरादाबाद, सुरेंद्र प्रताप सिंह को एएसपी सीतापुर, संजय राय को एएसपी हाथरस, राजीव नारायण मिश्रा को एएसपी हापुड़, सुभाष शाक्य को एएसपी चंदौली, ओम प्रकाश को एसपी सिटी मुरादाबाद, राममूरत यादव को एसपी ग्रामीण बदायूं, |
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