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खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने किया ऐलान, खेल किट देने की भी घोषणा स्टाफ रिपोर्टर- घुमारवीं खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने ग्राम पंचायत दाबला के गांव ग्लासीं में दाबला व ग्राम पंचायत कोठी के युवाओं द्वारा आयोजित मिलन समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर युवाओं ने राजेंद्र गर्ग का भव्य स्वागत किया। तिलक लगाकर बहन ने भाई की लंबी उम्र की मांगी दुआ, निगम की बसों में महिलाओं को मिली निःशुल्क यात्रा की सुविधा कार्यालय संवाददाता - कुल्लू भाई-बहन के मधुर मिलन का त्योहार भैयादूज देवभूमि कुल्लू में बड़ी धूमधाम से मनाया गया। भैयादूज के पर्व पर कई मीलों दूर से बहनें अपने भाई से मिलने पहुंचीं।
खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने किया ऐलान, खेल किट देने की भी घोषणा स्टाफ रिपोर्टर- घुमारवीं खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेंद्र गर्ग ने ग्राम पंचायत दाबला के गांव ग्लासीं में दाबला व ग्राम पंचायत कोठी के युवाओं द्वारा आयोजित मिलन समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर युवाओं ने राजेंद्र गर्ग का भव्य स्वागत किया। तिलक लगाकर बहन ने भाई की लंबी उम्र की मांगी दुआ, निगम की बसों में महिलाओं को मिली निःशुल्क यात्रा की सुविधा कार्यालय संवाददाता - कुल्लू भाई-बहन के मधुर मिलन का त्योहार भैयादूज देवभूमि कुल्लू में बड़ी धूमधाम से मनाया गया। भैयादूज के पर्व पर कई मीलों दूर से बहनें अपने भाई से मिलने पहुंचीं।
Posted On: दिसंबर, 2020 में अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू नवंबर,2020 में 119.9 अंक की तुलना में 118.8 अंक घटकर 119.9 (एक सौ उन्नीस दशमल नौ) अंक के स्तर पर पहुंच गया। एक माह के दौरान प्रतिशत में हुए परिवर्तन की दृष्टि से इसमें (-) 0.92 प्रतिशत की कमी मुख्य रुप से खाद्य समूह वस्तुओं के कारण हुई। खाद्य समूह की कुल भागीदारी 39.17 प्रतिशत है जिसमें इन दो माह के दौरान 3.16 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इस अवधि के दौरान वस्तु (आइटम) के स्तर पर चावल,पोल्ट्री (चिकन), संतरा, बैंगन, बंद गोभी, फूल गोभी, गाजर, हरी मिर्च, अदरक, प्याज, मटर, आलू, टमाटर आदि के कम मूल्यों से बड़ा प्रभाव पड़ा। सभी मदों या वस्तुओं पर आधारित वर्ष-दर-वर्ष महंगाई दिसंबर, 2020 में 3.67 प्रतिशत रही, जबकि पिछले महीने यह 5.27 प्रतिशत और पिछले वर्ष के इसी महीने में 9.63 प्रतिशत थी। इसी प्रकार, खाद्य महंगाई पिछले महीने के 7.48 प्रतिशत के मुकाबले 2.89 प्रतिशत रही और और एक वर्ष पूर्व इसी महीने में यह 12.22 फीसदी रही थी। दिसंबर, 2020 में अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू 1.1 अंक घटकर 118.8 (एक सौ अठ्ठारह दशमल आठ) अंक के स्तर पर पहुंच गया। एक माह के दौरान प्रतिशत में हुए परिवर्तन की दृष्टि से नवंबर और दिसंबर, 2020 के बीच इसमें (-) 0.92 प्रतिशत की कमी हुई, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में इसमें (+) 0.61 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। मौजूदा सूचकांक में अधिकतम गिरावट, खाद्य और पेय पदार्थ समूह के कारण हुई है जिसने कुल परिवर्तन में (-) 1.53 प्रतिशत का योगदान दिया है। वस्तु (आइटम) के स्तर पर चावल,पोल्ट्री (चिकन) संतरा, बैंगन, बंद गोभी, फूल गोभी, गाजर, हरी मिर्च, अदरक, प्याज, मटर, आलू, टमाटर आदि इत्यादि सूचकांक में कमी के लिए जिम्मेदार हैं। हालांकि, इस गिरावट पर सोयाबीन तेल, सरसों का तेल,सूरजमुखी का तेल,चाय पत्ती, खाना पकाने की गैस,पेट्रोल आदि ने विराम लगाया है जिससे सूचकांक में वृद्धि का रुख बना। केंद्र स्तर पर, रामगढ़ में अधिकतम 6 अंकों की कमी दर्ज की गई। अन्य में, 3 केंद्रों में 4 अंकों की कमी देखी गई, 7 केंद्रों में 3 अंक और 29 केंद्रों में 2 अंक और 24 केंद्रो में 1 अंक की कमी हुई। शोलापुर में अधिकतम 2 अंक की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही 5 केंद्रो में 1 अंक की वृद्धि दर्ज की गई जबकि शेष 18 केंद्रों के सूचकांक स्थिर रहे। सभी मदों या वस्तुओं पर आधारित वर्ष-दर-वर्ष महंगाई दिसंबर, 2020 में 3.67 प्रतिशत रही, जबकि पिछले महीने यह 5.27 प्रतिशत और पिछले वर्ष के इसी महीने में 9.63 प्रतिशत थी। इसी प्रकार, खाद्य महंगाई पिछले महीने के 7.48 प्रतिशत के मुकाबले 2.89 प्रतिशत रही और और एक वर्ष पूर्व इसी महीने में यह 12.22 फीसदी रही थी। क्रम सं. नवीनतम सूचकांक के बारे में बात करते हुए श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष गंगवार ने कहा, 'दिसंबर माह में मुद्रास्फीति में गिरावट मुख्य रुप से खाद्य पदार्थो के कारण हुई, जिनकी आपूर्ति बढ़ने के साथ खुदरा मूल्यों में महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति में गिरावट से कामकाजी परिवारों की खरीदने की शक्ति में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य कारण खाद्य और पेय पदार्थ समूह है जिसमें (-)1.53 दशमल बिंदु की गिरावट ने कुल परिवर्तन में योगदा दिया। चावल,पोल्ट्री (चिकन) संतरा, बैंगन, बंद गोभी,फूल गोभी,गाजर,हरी मिर्च,अदरक,प्याज,मटर,आलू,टमाटर की कीमतों में गिरावट के कारण सूचकांक में कमी हुई है। जनवरी, 2021 के महीने के लिए सीपीआई-आईडब्ल्यू का अगला अंक 26 फरवरी, 2021, शुक्रवार को जारी किया जाएगा। यह कार्यालय की वेबसाइट www.labourbureaunew.gov.inपर भी उपलब्ध होगा। श्रम एव रोजगार मंत्रालय से जुड़ा हुआ श्रम ब्यूरो, देश के औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण 88 केन्द्रों में से 317 बाजारों से एकत्रित किए गए चयनित वस्तुओं की खुदरा कीमतों के आधार पर प्रत्येक माह औद्योगिक कामगारों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन करता है। सूचकांक को 88 केंद्रों और पूरे भारत के लिए संकलित किया जाता है और इसे आगामी महीने के अंतिम कार्य दिवस पर जारी किया गया है।
Posted On: दिसंबर, दो हज़ार बीस में अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू नवंबर,दो हज़ार बीस में एक सौ उन्नीस.नौ अंक की तुलना में एक सौ अट्ठारह.आठ अंक घटकर एक सौ उन्नीस.नौ अंक के स्तर पर पहुंच गया। एक माह के दौरान प्रतिशत में हुए परिवर्तन की दृष्टि से इसमें शून्य.बानवे प्रतिशत की कमी मुख्य रुप से खाद्य समूह वस्तुओं के कारण हुई। खाद्य समूह की कुल भागीदारी उनतालीस.सत्रह प्रतिशत है जिसमें इन दो माह के दौरान तीन.सोलह प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इस अवधि के दौरान वस्तु के स्तर पर चावल,पोल्ट्री , संतरा, बैंगन, बंद गोभी, फूल गोभी, गाजर, हरी मिर्च, अदरक, प्याज, मटर, आलू, टमाटर आदि के कम मूल्यों से बड़ा प्रभाव पड़ा। सभी मदों या वस्तुओं पर आधारित वर्ष-दर-वर्ष महंगाई दिसंबर, दो हज़ार बीस में तीन.सरसठ प्रतिशत रही, जबकि पिछले महीने यह पाँच.सत्ताईस प्रतिशत और पिछले वर्ष के इसी महीने में नौ.तिरेसठ प्रतिशत थी। इसी प्रकार, खाद्य महंगाई पिछले महीने के सात.अड़तालीस प्रतिशत के मुकाबले दो.नवासी प्रतिशत रही और और एक वर्ष पूर्व इसी महीने में यह बारह.बाईस फीसदी रही थी। दिसंबर, दो हज़ार बीस में अखिल भारतीय सीपीआई-आईडब्ल्यू एक.एक अंक घटकर एक सौ अट्ठारह.आठ अंक के स्तर पर पहुंच गया। एक माह के दौरान प्रतिशत में हुए परिवर्तन की दृष्टि से नवंबर और दिसंबर, दो हज़ार बीस के बीच इसमें शून्य.बानवे प्रतिशत की कमी हुई, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में इसमें शून्य.इकसठ प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। मौजूदा सूचकांक में अधिकतम गिरावट, खाद्य और पेय पदार्थ समूह के कारण हुई है जिसने कुल परिवर्तन में एक.तिरेपन प्रतिशत का योगदान दिया है। वस्तु के स्तर पर चावल,पोल्ट्री संतरा, बैंगन, बंद गोभी, फूल गोभी, गाजर, हरी मिर्च, अदरक, प्याज, मटर, आलू, टमाटर आदि इत्यादि सूचकांक में कमी के लिए जिम्मेदार हैं। हालांकि, इस गिरावट पर सोयाबीन तेल, सरसों का तेल,सूरजमुखी का तेल,चाय पत्ती, खाना पकाने की गैस,पेट्रोल आदि ने विराम लगाया है जिससे सूचकांक में वृद्धि का रुख बना। केंद्र स्तर पर, रामगढ़ में अधिकतम छः अंकों की कमी दर्ज की गई। अन्य में, तीन केंद्रों में चार अंकों की कमी देखी गई, सात केंद्रों में तीन अंक और उनतीस केंद्रों में दो अंक और चौबीस केंद्रो में एक अंक की कमी हुई। शोलापुर में अधिकतम दो अंक की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही पाँच केंद्रो में एक अंक की वृद्धि दर्ज की गई जबकि शेष अट्ठारह केंद्रों के सूचकांक स्थिर रहे। सभी मदों या वस्तुओं पर आधारित वर्ष-दर-वर्ष महंगाई दिसंबर, दो हज़ार बीस में तीन.सरसठ प्रतिशत रही, जबकि पिछले महीने यह पाँच.सत्ताईस प्रतिशत और पिछले वर्ष के इसी महीने में नौ.तिरेसठ प्रतिशत थी। इसी प्रकार, खाद्य महंगाई पिछले महीने के सात.अड़तालीस प्रतिशत के मुकाबले दो.नवासी प्रतिशत रही और और एक वर्ष पूर्व इसी महीने में यह बारह.बाईस फीसदी रही थी। क्रम सं. नवीनतम सूचकांक के बारे में बात करते हुए श्रम और रोजगार राज्य मंत्री श्री संतोष गंगवार ने कहा, 'दिसंबर माह में मुद्रास्फीति में गिरावट मुख्य रुप से खाद्य पदार्थो के कारण हुई, जिनकी आपूर्ति बढ़ने के साथ खुदरा मूल्यों में महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति में गिरावट से कामकाजी परिवारों की खरीदने की शक्ति में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य कारण खाद्य और पेय पदार्थ समूह है जिसमें एक.तिरेपन दशमल बिंदु की गिरावट ने कुल परिवर्तन में योगदा दिया। चावल,पोल्ट्री संतरा, बैंगन, बंद गोभी,फूल गोभी,गाजर,हरी मिर्च,अदरक,प्याज,मटर,आलू,टमाटर की कीमतों में गिरावट के कारण सूचकांक में कमी हुई है। जनवरी, दो हज़ार इक्कीस के महीने के लिए सीपीआई-आईडब्ल्यू का अगला अंक छब्बीस फरवरी, दो हज़ार इक्कीस, शुक्रवार को जारी किया जाएगा। यह कार्यालय की वेबसाइट www.labourbureaunew.gov.inपर भी उपलब्ध होगा। श्रम एव रोजगार मंत्रालय से जुड़ा हुआ श्रम ब्यूरो, देश के औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण अठासी केन्द्रों में से तीन सौ सत्रह बाजारों से एकत्रित किए गए चयनित वस्तुओं की खुदरा कीमतों के आधार पर प्रत्येक माह औद्योगिक कामगारों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन करता है। सूचकांक को अठासी केंद्रों और पूरे भारत के लिए संकलित किया जाता है और इसे आगामी महीने के अंतिम कार्य दिवस पर जारी किया गया है।
Himachal Pradesh Rain: हिमाचल प्रदेश में बारिश बनी मुसीबत, ब्यास समेत कई नदियों ने मचाई तबाही! भारी बारिश के कारण हिमाचल की सूरत बिगड़ी है और शांति भंग हुई है. यहां जगह-जगह आसमानी आफत की वजह से तबाही का मंजर देखने को मिला. हिमाचल में नदी-नाले उफान पर हैं. ब्यास नदी अपना रौद्र और विकराल रूप दिखा रही है. ब्यास ने कुल्लू-मनाली और मंडी समेत कई जगहों पर तांडव किया है. यहां नहीं, बारिश हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे में 8 लोगों का काल बनी है. जानकारी है कि शिमला जिले में ही 6 लोगों की मौत हो गई. चीन एक बार फिर धरती में खोद रहा 10,000 मीटर गहरा गड्ढा, आखिर क्या है इरादा? चीन के विदेश मंत्री लापता! महिला से अफेयर तो नहीं है गुमशुदगी की वजह?
Himachal Pradesh Rain: हिमाचल प्रदेश में बारिश बनी मुसीबत, ब्यास समेत कई नदियों ने मचाई तबाही! भारी बारिश के कारण हिमाचल की सूरत बिगड़ी है और शांति भंग हुई है. यहां जगह-जगह आसमानी आफत की वजह से तबाही का मंजर देखने को मिला. हिमाचल में नदी-नाले उफान पर हैं. ब्यास नदी अपना रौद्र और विकराल रूप दिखा रही है. ब्यास ने कुल्लू-मनाली और मंडी समेत कई जगहों पर तांडव किया है. यहां नहीं, बारिश हिमाचल प्रदेश में बीते चौबीस घंटाटे में आठ लोगों का काल बनी है. जानकारी है कि शिमला जिले में ही छः लोगों की मौत हो गई. चीन एक बार फिर धरती में खोद रहा दस,शून्य मीटर गहरा गड्ढा, आखिर क्या है इरादा? चीन के विदेश मंत्री लापता! महिला से अफेयर तो नहीं है गुमशुदगी की वजह?
Ramadan 2023:बाजरा आपकी रमज़ान की डिश लिस्ट में सबसे टॉप इंग्रीडियन्ट में से एक है तो आज हम आपके लिए ऐसी कुछ रेसिपीज लेकर आये हैं जो आपको काफी पसंद आएँगी। Ramadan 2023: बाजरा आपकी रमज़ान की डिश लिस्ट में सबसे टॉप इंग्रीडियन्ट में से एक है तो आज हम आपके लिए ऐसी कुछ रेसिपीज लेकर आये हैं जो आपको काफी पसंद आएँगी और ये कुछ बेस्ट इफ्तार भोजन में से एक होंगीं। आइये आप भी जानिए ये कुछ बेहतरीन बाजरा-आधारित व्यंजन। रमजान दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा मनाया जाने वाला उपवास का एक पाक महीना है। ये प्रार्थना और आध्यात्मिक विकास का समय है। इस पवित्र महीने के दौरान, मुसलमान अपना रोज़ा शाम के भोजन के साथ खोलते हैं जिसे इफ्तार कहा जाता है। बाजरा चावल और गेहूं के लिए एक पौष्टिक और स्वस्थ विकल्प है, और इसका उपयोग इफ्तार के लिए विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन बनाने के लिए किया जा सकता है। बाजरा लस मुक्त और फाइबर, प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता हैं। वहीँ बाजरा ऊर्जा का एक बेहतरीन स्रोत भी है, जो इसे इफ्तार के लिए एक आदर्श भोजन बनाता है। इफ्तार के लिए बाजरा आधारित व्यंजनः 1. ज्वार और कथा का हलीम (कटहल से बना ज्वार हलीम) सामग्री : बनाने की विधिः 1. कटहल को आधा अदरक लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च का पेस्ट, नमक और हल्दी पाउडर के साथ मैरिनेट कर लें। 2. कटहल को मध्यम गरम तेल में पकने तक भूनें। दरदरा होने तक पीस लें । 3. मोटे तले के पैन में पानी, दूध साबुत मसाले, भीगी हुई दाल और ज्वार डालकर उबाल लें। 4. काजू डालें। तब तक पकाएं जब तक कि ये अच्छे से हो न जाये। 5. इसे मोटा दरदरा पीस लें। 6. एक लगन में तेल गरम करें और जीरा चटकने के बाद अदरक और लहसुन का पेस्ट, मिर्च का पेस्ट और पके हुए दाल बाजरे का पेस्ट डालें। 7. मसाला पाउडर डालें और सीज़निंग एडजस्ट करें, धीमी आंच पर पकाएँ और ज़रूरत पड़ने पर दूध मिलाएँ जब तक कि मसाले पक न जाएँ और मिश्रण में एक समान स्थिरता न बना लें। खत्म करने के लिए गोल्डन फ्राई किया हुआ प्याज और घी डालें। 8. तले हुए प्याज के स्लाइस, कटा हुआ पुदीना, कटी हरी मिर्च, नींबू के टुकड़े और कटी हुई धनिया पत्ती से सजाकर परोसें। सामग्री : बनाने की विधिः 1. भारी तली का पैन गरम करें, पीली मूंग दाल को हल्का भूरा होने तक सूखा भून लें। 2. उसी भारी तले वाले पैन में दो कप पानी के साथ फॉक्सटेल बाजरा, पीली मूंग दाल, गुड़ और इलायची डालें। मिश्रण को बीच-बीच में हिलाते हुए ढक्कन से ढक कर पकाएं। 3. एक बार जब मिश्रण पक जाए (लगभग 30 मिनट)। एक तरफ रख दें। 4. एक भारी तले की कढ़ाई में घी गरम करें, काजू को सुनहरा भूरा होने तक भूनें, अब बाजरा और दाल के मिश्रण में डालें। 5. 2 से 3 मिनट तक अच्छे से चलाएं और मिश्रण को अच्छे से मिक्स होने दें। इसको काजू से गरमागरम गार्निश करें। सामग्री : बनाने की विधिः 1. एक उथली कढ़ाई में घी गरम करें और एक बार पिघल जाने पर आशीर्वाद रागी का आटा तब तक मिलाएं जब तक कि कोई गांठ न दिखाई दे। 2. मिश्रण में गुड़ डालें और इसे लगातार चलाते हुए पिघलने दें और मिश्रण में बादाम और काजू का पाउडर डालें और समान रूप से मिलाने तक मिलाएँ। 3. जैसे ही मिश्रण गाढ़ा होने लगे दूध डालें और लगातार चलाते रहें। 4. एक बार जब मिश्रण थोड़ा सख्त हो जाए और बर्तन से अलग हो जाए तो इसे लगभग 1 इंच मोटाई के फ्लैट मोल्ड पर डालें। 5. ठंडा होने पर हीरे के आकार में काट लें और वैकल्पिक रूप से अधिक बादाम और काजू के साथ गार्निश करें।
Ramadan दो हज़ार तेईस:बाजरा आपकी रमज़ान की डिश लिस्ट में सबसे टॉप इंग्रीडियन्ट में से एक है तो आज हम आपके लिए ऐसी कुछ रेसिपीज लेकर आये हैं जो आपको काफी पसंद आएँगी। Ramadan दो हज़ार तेईस: बाजरा आपकी रमज़ान की डिश लिस्ट में सबसे टॉप इंग्रीडियन्ट में से एक है तो आज हम आपके लिए ऐसी कुछ रेसिपीज लेकर आये हैं जो आपको काफी पसंद आएँगी और ये कुछ बेस्ट इफ्तार भोजन में से एक होंगीं। आइये आप भी जानिए ये कुछ बेहतरीन बाजरा-आधारित व्यंजन। रमजान दुनिया भर के मुसलमानों द्वारा मनाया जाने वाला उपवास का एक पाक महीना है। ये प्रार्थना और आध्यात्मिक विकास का समय है। इस पवित्र महीने के दौरान, मुसलमान अपना रोज़ा शाम के भोजन के साथ खोलते हैं जिसे इफ्तार कहा जाता है। बाजरा चावल और गेहूं के लिए एक पौष्टिक और स्वस्थ विकल्प है, और इसका उपयोग इफ्तार के लिए विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन बनाने के लिए किया जा सकता है। बाजरा लस मुक्त और फाइबर, प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता हैं। वहीँ बाजरा ऊर्जा का एक बेहतरीन स्रोत भी है, जो इसे इफ्तार के लिए एक आदर्श भोजन बनाता है। इफ्तार के लिए बाजरा आधारित व्यंजनः एक. ज्वार और कथा का हलीम सामग्री : बनाने की विधिः एक. कटहल को आधा अदरक लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च का पेस्ट, नमक और हल्दी पाउडर के साथ मैरिनेट कर लें। दो. कटहल को मध्यम गरम तेल में पकने तक भूनें। दरदरा होने तक पीस लें । तीन. मोटे तले के पैन में पानी, दूध साबुत मसाले, भीगी हुई दाल और ज्वार डालकर उबाल लें। चार. काजू डालें। तब तक पकाएं जब तक कि ये अच्छे से हो न जाये। पाँच. इसे मोटा दरदरा पीस लें। छः. एक लगन में तेल गरम करें और जीरा चटकने के बाद अदरक और लहसुन का पेस्ट, मिर्च का पेस्ट और पके हुए दाल बाजरे का पेस्ट डालें। सात. मसाला पाउडर डालें और सीज़निंग एडजस्ट करें, धीमी आंच पर पकाएँ और ज़रूरत पड़ने पर दूध मिलाएँ जब तक कि मसाले पक न जाएँ और मिश्रण में एक समान स्थिरता न बना लें। खत्म करने के लिए गोल्डन फ्राई किया हुआ प्याज और घी डालें। आठ. तले हुए प्याज के स्लाइस, कटा हुआ पुदीना, कटी हरी मिर्च, नींबू के टुकड़े और कटी हुई धनिया पत्ती से सजाकर परोसें। सामग्री : बनाने की विधिः एक. भारी तली का पैन गरम करें, पीली मूंग दाल को हल्का भूरा होने तक सूखा भून लें। दो. उसी भारी तले वाले पैन में दो कप पानी के साथ फॉक्सटेल बाजरा, पीली मूंग दाल, गुड़ और इलायची डालें। मिश्रण को बीच-बीच में हिलाते हुए ढक्कन से ढक कर पकाएं। तीन. एक बार जब मिश्रण पक जाए । एक तरफ रख दें। चार. एक भारी तले की कढ़ाई में घी गरम करें, काजू को सुनहरा भूरा होने तक भूनें, अब बाजरा और दाल के मिश्रण में डालें। पाँच. दो से तीन मिनट तक अच्छे से चलाएं और मिश्रण को अच्छे से मिक्स होने दें। इसको काजू से गरमागरम गार्निश करें। सामग्री : बनाने की विधिः एक. एक उथली कढ़ाई में घी गरम करें और एक बार पिघल जाने पर आशीर्वाद रागी का आटा तब तक मिलाएं जब तक कि कोई गांठ न दिखाई दे। दो. मिश्रण में गुड़ डालें और इसे लगातार चलाते हुए पिघलने दें और मिश्रण में बादाम और काजू का पाउडर डालें और समान रूप से मिलाने तक मिलाएँ। तीन. जैसे ही मिश्रण गाढ़ा होने लगे दूध डालें और लगातार चलाते रहें। चार. एक बार जब मिश्रण थोड़ा सख्त हो जाए और बर्तन से अलग हो जाए तो इसे लगभग एक इंच मोटाई के फ्लैट मोल्ड पर डालें। पाँच. ठंडा होने पर हीरे के आकार में काट लें और वैकल्पिक रूप से अधिक बादाम और काजू के साथ गार्निश करें।
अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को अहमदाबाद में 36वें राष्ट्रीय खेल गान और शुभंकर का अनावरण करेंगे। वह अहमदाबाद नगर निकाय के स्मार्ट स्कूलों की भी शुरुआत करेंगे। शाह अहमदाबाद में छठी अखिल भारतीय जेल ड्यूटी बैठक का भी उद्घाटन करेंगे। गृह मंत्री पहले अहमदाबाद नगर निगम के स्मार्ट स्कूलों का उद्घाटन करेंगे। वह शाम को 36वें राष्ट्रीय खेल के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेंगे, जहां उनके साथ केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद होंगे। इस कार्यक्रम का उद्घाटन आधिकारिक तौर पर अहमदाबाद के ईकेए एरीना ट्रांस स्टेडिया बहुउद्देशीय स्टेडियम में किया जाएगा, जहां राज्यभर से नौ हजार अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय खेल गान और शुभंकर के साथ-साथ एक वेबसाइट और ऐप को भी पेश किया जाएगा। इस कार्यक्रम के साथ 11वें खेल महाकुंभ का समापन भी हो जाएगा, जो गुजरात सरकार का आयोजन है। राष्ट्रीय खेल सात साल के अंतराल पर आयोजित हो रहे हैं। इस वर्ष 29 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच गुजरात के छह शहरों में राष्ट्रीय खेल होंगे और नयी दिल्ली में ट्रैक साइकलिंग स्पर्धा आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय खेलों में 36 अलग-अलग खेल विधाओं से जुड़े देश के सात हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। शाह रविवार को छठी अखिल भारतीय जेल ड्यूटी बैठक में भी शामिल होंगे, जिसमें मुख्यमंत्री पटेल और गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद रहेंगे। यह द्विवार्षिक बैठक पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो द्वारा चार सितंबर से छह सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी।
अहमदाबाद। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को अहमदाबाद में छत्तीसवें राष्ट्रीय खेल गान और शुभंकर का अनावरण करेंगे। वह अहमदाबाद नगर निकाय के स्मार्ट स्कूलों की भी शुरुआत करेंगे। शाह अहमदाबाद में छठी अखिल भारतीय जेल ड्यूटी बैठक का भी उद्घाटन करेंगे। गृह मंत्री पहले अहमदाबाद नगर निगम के स्मार्ट स्कूलों का उद्घाटन करेंगे। वह शाम को छत्तीसवें राष्ट्रीय खेल के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेंगे, जहां उनके साथ केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद होंगे। इस कार्यक्रम का उद्घाटन आधिकारिक तौर पर अहमदाबाद के ईकेए एरीना ट्रांस स्टेडिया बहुउद्देशीय स्टेडियम में किया जाएगा, जहां राज्यभर से नौ हजार अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय खेल गान और शुभंकर के साथ-साथ एक वेबसाइट और ऐप को भी पेश किया जाएगा। इस कार्यक्रम के साथ ग्यारहवें खेल महाकुंभ का समापन भी हो जाएगा, जो गुजरात सरकार का आयोजन है। राष्ट्रीय खेल सात साल के अंतराल पर आयोजित हो रहे हैं। इस वर्ष उनतीस सितंबर से बारह अक्टूबर के बीच गुजरात के छह शहरों में राष्ट्रीय खेल होंगे और नयी दिल्ली में ट्रैक साइकलिंग स्पर्धा आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय खेलों में छत्तीस अलग-अलग खेल विधाओं से जुड़े देश के सात हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। शाह रविवार को छठी अखिल भारतीय जेल ड्यूटी बैठक में भी शामिल होंगे, जिसमें मुख्यमंत्री पटेल और गुजरात के गृह राज्यमंत्री हर्ष सांघवी भी मौजूद रहेंगे। यह द्विवार्षिक बैठक पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो द्वारा चार सितंबर से छह सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी।
औरंगाबादः टाटा मोटर्स की अगले पांच साल में इलेक्ट्रिक वाहन (Electric Vehicle) क्षेत्र में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना है. टाटा मोटर्स (Tata Motors) के यात्री वाहन कारोबार के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा (Shailesh Chandra) ने मंगलवार को यह जानकारी दी. टाटा मोटर्स तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की अगुवा है. इस क्षेत्र में उसके नेक्सन जैसे मॉडल हैं. कंपनी का इस खंड के लिए करीब 10 नये उत्पाद के विकास का इरादा है. शैलेश चंद्रा ने कहा, 'जहां तक भविष्य का सवाल है, हम विद्युतीकरण पर पांच साल में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे. हम करीब 10 उत्पादों पर काम करेंगे. ये उत्पाद आकार, मूल्य आदि के मामले में भिन्न होंगे. ' कंपनी ने अपने ईवी खंड में निजी इक्विटी कंपनी टीपीजी से एक अरब डॉलर जुटाये हैं. इस लिहाज से उसके ईवी कारोबार का मूल्यांकन 9. 1 अरब डॉलर बैठता है. चंद्रा ने स्थानीय समूहों के औरंगाबाद मिशन फॉर ग्रीन मोबिलिटी (एएमजीएम) के तहत शहर के निवासियों को 101 इलेक्ट्रिक वाहनों की डिलिवरी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि चार्जिंग सुविधाओं के साथ इलेक्ट्रिक वाहन परिवेश के विकास को तेज करने की जरूरत है. उन्होंने इसके लिए कंपनी की प्रतिबद्धता दोहरायी.
औरंगाबादः टाटा मोटर्स की अगले पांच साल में इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में पंद्रह,शून्य करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना है. टाटा मोटर्स के यात्री वाहन कारोबार के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा ने मंगलवार को यह जानकारी दी. टाटा मोटर्स तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र की अगुवा है. इस क्षेत्र में उसके नेक्सन जैसे मॉडल हैं. कंपनी का इस खंड के लिए करीब दस नये उत्पाद के विकास का इरादा है. शैलेश चंद्रा ने कहा, 'जहां तक भविष्य का सवाल है, हम विद्युतीकरण पर पांच साल में पंद्रह,शून्य करोड़ रुपये का निवेश करेंगे. हम करीब दस उत्पादों पर काम करेंगे. ये उत्पाद आकार, मूल्य आदि के मामले में भिन्न होंगे. ' कंपनी ने अपने ईवी खंड में निजी इक्विटी कंपनी टीपीजी से एक अरब डॉलर जुटाये हैं. इस लिहाज से उसके ईवी कारोबार का मूल्यांकन नौ. एक अरब डॉलर बैठता है. चंद्रा ने स्थानीय समूहों के औरंगाबाद मिशन फॉर ग्रीन मोबिलिटी के तहत शहर के निवासियों को एक सौ एक इलेक्ट्रिक वाहनों की डिलिवरी के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि चार्जिंग सुविधाओं के साथ इलेक्ट्रिक वाहन परिवेश के विकास को तेज करने की जरूरत है. उन्होंने इसके लिए कंपनी की प्रतिबद्धता दोहरायी.
KANPUR: 91 परसेंट स्टूडेंट्स ने यूपी कैटेट का थर्सडे को एग्जाम दिया। इस एग्जाम को क्लियर करने वाले स्टूडेंट्स को उनकी रैंक के हिसाब से यूपी की एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज में एडमिशन मिलता है। कानपुर सिटी में आठ सेंटर्स बनाए गए थे, जहां 3711 कैंडिडेट्स एग्जाम में अपियर हुए। यह टोटल कैंडिडेट्स 4081 का करीब 91 परसेंट है। नौ परसेंट अबसेंट रहे। यूपीकैटेट का आयोजन इस वर्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी की ओर से किया जा रहा है। ग्रेजुएशन में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम सुबह नौ से 12 बजे तक हुआ। फ्राईडे को पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए नौ से 12, पीएचडी की नौ से 11 और एमबीए की दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक आयोजित की जाएगी। सीएसए के वाइस चांसलर डा। डीआर सिंह ने कई सेंटर्स का निरीक्षण किया और टीचर्स और अन्य स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए। जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कालेज, जुगल देवी सरस्वती विद्या मंदिर, हर सहाय पीजी कालेज, सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटरनेशनल स्कूल, सेठ मोतीलाल खेडि़या सनातन धर्म इंटर कालेज, गुरु नारायण खत्री इंटर कालेज, कैलाश सरस्वती इंटर कालेज, शिवाजी इंटर कालेज। जौनपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, सुल्तानपुर, बलिया, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, वाराणसी समेत अन्य शहरों के स्टूडेंट्स का सेंटर कानपुर में पड़ा। कुछ स्टूडेंट तो रात में ही बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर रुके।
KANPUR: इक्यानवे परसेंट स्टूडेंट्स ने यूपी कैटेट का थर्सडे को एग्जाम दिया। इस एग्जाम को क्लियर करने वाले स्टूडेंट्स को उनकी रैंक के हिसाब से यूपी की एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज में एडमिशन मिलता है। कानपुर सिटी में आठ सेंटर्स बनाए गए थे, जहां तीन हज़ार सात सौ ग्यारह कैंडिडेट्स एग्जाम में अपियर हुए। यह टोटल कैंडिडेट्स चार हज़ार इक्यासी का करीब इक्यानवे परसेंट है। नौ परसेंट अबसेंट रहे। यूपीकैटेट का आयोजन इस वर्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी की ओर से किया जा रहा है। ग्रेजुएशन में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम सुबह नौ से बारह बजे तक हुआ। फ्राईडे को पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए नौ से बारह, पीएचडी की नौ से ग्यारह और एमबीए की दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक आयोजित की जाएगी। सीएसए के वाइस चांसलर डा। डीआर सिंह ने कई सेंटर्स का निरीक्षण किया और टीचर्स और अन्य स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए। जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कालेज, जुगल देवी सरस्वती विद्या मंदिर, हर सहाय पीजी कालेज, सरस्वती ज्ञान मंदिर इंटरनेशनल स्कूल, सेठ मोतीलाल खेडि़या सनातन धर्म इंटर कालेज, गुरु नारायण खत्री इंटर कालेज, कैलाश सरस्वती इंटर कालेज, शिवाजी इंटर कालेज। जौनपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, सुल्तानपुर, बलिया, औरैया, कन्नौज, फर्रुखाबाद, वाराणसी समेत अन्य शहरों के स्टूडेंट्स का सेंटर कानपुर में पड़ा। कुछ स्टूडेंट तो रात में ही बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर रुके।
चमोली/देहरादून, उत्तराखंड में चमोली जिले में रविवार को प्राकृतिक ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न परिस्थितियों से सोमवार सुबह तक निजात नहीं मिल सकी और अब तक लगभग 170 व्यक्तियों के लापता होने की जानकारी मिली है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने आज सुबह फिर सुरंग के अंदर का रास्ता खोलने का काम शुरू किया। इस बीच अलकनन्दा नदी से एक शव भी बरामद हुआ है। एसडीआरएफ के सेनानायक (कमांडेंट) नवनीत भुल्लर ने यूनीवार्ता को बताया कि सुरंग के अंदर का रास्ता बुरी तरह मलबा भरे होने के कारण अभी अवरूद्ध है जिसे जेसीबी द्वारा खोलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बेला गांव के करीब अलकनन्दा में एक अज्ञात शव मिला है। उन्होंने बताया कि भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला विष्णु प्रयाग पुल आपदा में नष्ट हो गया है। भुल्लर ने बताया कि अभी तक लगभग 170 व्यक्तियों के लापता होने की सूचना है। इनमें 22 व्यक्ति बाण गंगा परियोजना और 148 एनटीपीसी परियोजना के हैं। अभी तक कुल आठ शव बरामद हुए हैं, जबकि 12 व्यक्तियों को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी)के सहयोग से सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने बताया कि आठ व्यक्ति घायल हुए हैं, जबकि 30 व्यक्ति सुरंग के अंदर फंसे हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
चमोली/देहरादून, उत्तराखंड में चमोली जिले में रविवार को प्राकृतिक ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न परिस्थितियों से सोमवार सुबह तक निजात नहीं मिल सकी और अब तक लगभग एक सौ सत्तर व्यक्तियों के लापता होने की जानकारी मिली है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ने आज सुबह फिर सुरंग के अंदर का रास्ता खोलने का काम शुरू किया। इस बीच अलकनन्दा नदी से एक शव भी बरामद हुआ है। एसडीआरएफ के सेनानायक नवनीत भुल्लर ने यूनीवार्ता को बताया कि सुरंग के अंदर का रास्ता बुरी तरह मलबा भरे होने के कारण अभी अवरूद्ध है जिसे जेसीबी द्वारा खोलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बेला गांव के करीब अलकनन्दा में एक अज्ञात शव मिला है। उन्होंने बताया कि भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला विष्णु प्रयाग पुल आपदा में नष्ट हो गया है। भुल्लर ने बताया कि अभी तक लगभग एक सौ सत्तर व्यक्तियों के लापता होने की सूचना है। इनमें बाईस व्यक्ति बाण गंगा परियोजना और एक सौ अड़तालीस एनटीपीसी परियोजना के हैं। अभी तक कुल आठ शव बरामद हुए हैं, जबकि बारह व्यक्तियों को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के सहयोग से सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने बताया कि आठ व्यक्ति घायल हुए हैं, जबकि तीस व्यक्ति सुरंग के अंदर फंसे हैं, जिन्हें निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
सिक्ख भाई आज मुझसे दो वार मिले । भारत सरकारके कृपाण संबंधी हुक्मसे वे दुखी थे । मै इसके बारेमे सरकारसे चर्चा करूं, उससे पहले उन्होंने कृपाणकी अपनी जरूरतके बारेमें मुझे लिखकर देनेका वचन दिया है। उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए इलजामोंको वहुत नमक मिर्च लगाकर कहा गया है। हिदुस्तानी सघमे रहनेवाले मुसलमानोंसे या किसी दूसरी जातसे हमारा कोई झगड़ा नही हो सकता । हम तो देशमे कानूनको माननेवाले नागरिक बनकर ही रहना चाहते है । मेरी मूर्ति ! बंबई में किसी आम जगहपर दस लाख रुपए खर्च करके मेरी मूर्ति खड़ी करनेकी बात चल रही है । इस सबंधमे मेरे पास कई आलोचनाभरे पत्र आए है। उनमेसे कुछ तो नम्न हैं और कुछ इतने गुस्सेभरे है मानो में ही अपनी मूर्ति बनवा - कर खड़ी करनेका गुनाह कर रहा होऊं । राईका पर्वत बना देना शायद इन्सानका स्वभाव है। असल बातकी छानबीन तो सिर्फ समझदार लोग ही करते है। इस मामलेमे अलोचनाके लिए जगह है। मुझे कहना होगा कि मुझे तो मेरा फोटो भी पसद नही । कोई मेरा फोटो खीचता है तो मुझे अच्छा नही लगता । फिर भी कोई कोई खीच ही लेते है । मेरी मूर्तिया भी बनी है । इसके वावजूद अगर कोई पैसे खर्च करके मेरी मूर्ति खडी करनेकी वात करता है तो यह मुझे अच्छा नही लंग सकता और खास करके इस वक्त, जब कि लोगोंको खानेको अनाज नही मिलता, पहननेको कपडे नही मिलते । हमारे घरोमे, गलियोमे गदगी है, चालोमे (वस्तियोमें) इन्सान किसी तरह जिंदगी बिता रहे है तव शहरोको कैसे सजाया जा सकता है ? इसलिए मेरी सच्ची मूर्ति तो मुझे रुचनेवाले काम करनेमे है । अगर ये रुपए, ऊपर बताए हुए कामोमे खर्च किए जाय, तो जनताकी सेवा हो और खर्च किए हुए रुपयोका पूरा वदला मिले । मुझे उम्मीद है कि यह पैसा इससे ज्यादा लोकसेवाके कामोमे खर्च किया जायगा । कल्पना कीजिए कि इतने रुपए अगर अधिक अनाज पैदा करनेमे लगाए जाय तो कितने भूखोका पेट भरे ! नई दिल्ली, १३-९-४७ दिल्लीमे आते ही मैने सघके मुख्य कार्यकर्ताओसे मिलनेकी इच्छा प्रकट की थी । संघके विरुद्ध मेरे पास काफी शिकायते यहां और कलकत्तामे आई थी। सघके साथ मेरा वरसोसे संबंध है । स्व० श्रीजमनालालजी वरसों पहले मुझे वर्षामे
सिक्ख भाई आज मुझसे दो वार मिले । भारत सरकारके कृपाण संबंधी हुक्मसे वे दुखी थे । मै इसके बारेमे सरकारसे चर्चा करूं, उससे पहले उन्होंने कृपाणकी अपनी जरूरतके बारेमें मुझे लिखकर देनेका वचन दिया है। उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए इलजामोंको वहुत नमक मिर्च लगाकर कहा गया है। हिदुस्तानी सघमे रहनेवाले मुसलमानोंसे या किसी दूसरी जातसे हमारा कोई झगड़ा नही हो सकता । हम तो देशमे कानूनको माननेवाले नागरिक बनकर ही रहना चाहते है । मेरी मूर्ति ! बंबई में किसी आम जगहपर दस लाख रुपए खर्च करके मेरी मूर्ति खड़ी करनेकी बात चल रही है । इस सबंधमे मेरे पास कई आलोचनाभरे पत्र आए है। उनमेसे कुछ तो नम्न हैं और कुछ इतने गुस्सेभरे है मानो में ही अपनी मूर्ति बनवा - कर खड़ी करनेका गुनाह कर रहा होऊं । राईका पर्वत बना देना शायद इन्सानका स्वभाव है। असल बातकी छानबीन तो सिर्फ समझदार लोग ही करते है। इस मामलेमे अलोचनाके लिए जगह है। मुझे कहना होगा कि मुझे तो मेरा फोटो भी पसद नही । कोई मेरा फोटो खीचता है तो मुझे अच्छा नही लगता । फिर भी कोई कोई खीच ही लेते है । मेरी मूर्तिया भी बनी है । इसके वावजूद अगर कोई पैसे खर्च करके मेरी मूर्ति खडी करनेकी वात करता है तो यह मुझे अच्छा नही लंग सकता और खास करके इस वक्त, जब कि लोगोंको खानेको अनाज नही मिलता, पहननेको कपडे नही मिलते । हमारे घरोमे, गलियोमे गदगी है, चालोमे इन्सान किसी तरह जिंदगी बिता रहे है तव शहरोको कैसे सजाया जा सकता है ? इसलिए मेरी सच्ची मूर्ति तो मुझे रुचनेवाले काम करनेमे है । अगर ये रुपए, ऊपर बताए हुए कामोमे खर्च किए जाय, तो जनताकी सेवा हो और खर्च किए हुए रुपयोका पूरा वदला मिले । मुझे उम्मीद है कि यह पैसा इससे ज्यादा लोकसेवाके कामोमे खर्च किया जायगा । कल्पना कीजिए कि इतने रुपए अगर अधिक अनाज पैदा करनेमे लगाए जाय तो कितने भूखोका पेट भरे ! नई दिल्ली, तेरह सितंबर सैंतालीस दिल्लीमे आते ही मैने सघके मुख्य कार्यकर्ताओसे मिलनेकी इच्छा प्रकट की थी । संघके विरुद्ध मेरे पास काफी शिकायते यहां और कलकत्तामे आई थी। सघके साथ मेरा वरसोसे संबंध है । स्वशून्य श्रीजमनालालजी वरसों पहले मुझे वर्षामे
जापानी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Kawasaki India भारत में दो नए बाइक लॉन्च करने की प्लानिंग कर रही है. कंपनी ने इन बाइक्स के लॉन्च करने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी है. हालांकि कंपनी ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि कौन से मॉडल को भारत में बेचा जाएगा. इसके अलावा कंपनी की ओर से बाइक के नाम का भी खुलासा नहीं किया गया है. हालांकि अगर सूत्रों की मानें तो दोनों में से एक बाइक Ninja 300 होगी. आपको बता दें कि यह कंपनी की देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक्स में से एक है. वहीं अगर बाइक के एक्सटीरियर डिजाइन की बात करें तो कंपनी इसे नए कलर थीम और ग्राफिक्स के साथ लॉन्च करने वाली है. इसके अलावा अन्य डिजाइन जैसे फ्रंट टर्न इंडिकेटर्स, ट्विन-पॉड हेडलाइट सेटअप, सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, मस्कुलर फ्यूल टैंक, स्प्लिट-स्टाइल सीट्स आदि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. इसके इंजन की बात करें तो बाइक में 296cc का लिक्विड-कूल्ड, पैरेलल-ट्विन मोटर इंजन दिया जाएगा जो 38.4 bhp का मैक्सिमम पावर और 27 Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करेगा. इसके अलावा यह इंजन BS6 कम्प्लायंट होगा. इसके साथ इसके 6-स्पीड गियरबॉक्स में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. वहीं नए Ninja 300 में कंपनी का नया ब्लूटूथ-कनेक्टेड टेक्नोलॉजी दी जाएगी जो कंपनी के कनेक्टिविटी एप्लीकेशन 'RIDEOLOGY' के साथ आता है. अगर इसके कीमत की बात करें तो नए Ninja 300 की कीमत पिछले मॉडल से थोड़ा ज्यादा होगा. इस बाइक के पुराने मॉडल की एक्स-शोरूम कीमत 2.98 लाख रुपये हैं. हालांकि नए बाइक की एक्स-शोरूम कीमत 3.20 लाख रुपये हो सकती है. इसके अलावा दूसरे मॉडल के बारे में जानकारी आना अभी बाकी है और ऐसा माना जा रहा है कि यह बिल्कुल नया मॉडल होगा या फिर मौजूदा बाइक का अपडेट होगा.
जापानी दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Kawasaki India भारत में दो नए बाइक लॉन्च करने की प्लानिंग कर रही है. कंपनी ने इन बाइक्स के लॉन्च करने को लेकर सोशल मीडिया पर जानकारी दी है. हालांकि कंपनी ने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि कौन से मॉडल को भारत में बेचा जाएगा. इसके अलावा कंपनी की ओर से बाइक के नाम का भी खुलासा नहीं किया गया है. हालांकि अगर सूत्रों की मानें तो दोनों में से एक बाइक Ninja तीन सौ होगी. आपको बता दें कि यह कंपनी की देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली बाइक्स में से एक है. वहीं अगर बाइक के एक्सटीरियर डिजाइन की बात करें तो कंपनी इसे नए कलर थीम और ग्राफिक्स के साथ लॉन्च करने वाली है. इसके अलावा अन्य डिजाइन जैसे फ्रंट टर्न इंडिकेटर्स, ट्विन-पॉड हेडलाइट सेटअप, सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, मस्कुलर फ्यूल टैंक, स्प्लिट-स्टाइल सीट्स आदि में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. इसके इंजन की बात करें तो बाइक में दो सौ छियानवेcc का लिक्विड-कूल्ड, पैरेलल-ट्विन मोटर इंजन दिया जाएगा जो अड़तीस.चार bhp का मैक्सिमम पावर और सत्ताईस Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करेगा. इसके अलावा यह इंजन BSछः कम्प्लायंट होगा. इसके साथ इसके छः-स्पीड गियरबॉक्स में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. वहीं नए Ninja तीन सौ में कंपनी का नया ब्लूटूथ-कनेक्टेड टेक्नोलॉजी दी जाएगी जो कंपनी के कनेक्टिविटी एप्लीकेशन 'RIDEOLOGY' के साथ आता है. अगर इसके कीमत की बात करें तो नए Ninja तीन सौ की कीमत पिछले मॉडल से थोड़ा ज्यादा होगा. इस बाइक के पुराने मॉडल की एक्स-शोरूम कीमत दो.अट्ठानवे लाख रुपये हैं. हालांकि नए बाइक की एक्स-शोरूम कीमत तीन.बीस लाख रुपये हो सकती है. इसके अलावा दूसरे मॉडल के बारे में जानकारी आना अभी बाकी है और ऐसा माना जा रहा है कि यह बिल्कुल नया मॉडल होगा या फिर मौजूदा बाइक का अपडेट होगा.
(सपा सांसद डिंपल यादव) ( Image Source : Facbook- @dimpleyadav ) Atiq Ahmad Son Encounter: माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और शूटर गुलाम मोहम्मद को यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर में मार गिराया है. मैनपुरी सपा सांसद डिंपल यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है. सपा मुखिया अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने इस एनकाउंटर पर कहा कि यूपी में लगातार फेक एनकाउंटर होते जा रहे हैं. भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसमे रूल्स और रेगुलेशन है और उनकी लगातार उत्तर प्रदेश में धज्जियां उड़ाई जा रही है. बता दें कि झांसी में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके एक साथी गुलाम को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया था. इस एनकाउंटर पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में फर्जी मुठभेड़ों पर सवाल उठे हैं और बीजेपी शासित राज्य को इस तरह की कार्रवाइयों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के कई नोटिस मिले हैं. इसके अलावा अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा- "झूठे एनकाउंटर करके भाजपा सरकार सच्चे मुद्दों से ध्यान भटकाना चाह रही है. भाजपाई न्यायालय में विश्वास ही नहीं करते हैं. आजके व हालिया एनकाउंटरों की भी गहन जाँच-पड़ताल हो व दोषियों को छोड़ा न जाए. सही-गलत के फैसलों का अधिकार सत्ता का नहीं होता है. भाजपा भाईचारे के खिलाफ है. " वहीं असद अहमद के एनकाउंटर को लेकर यूपी पुलिस के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा था कि मुठभेड़ में शामिल उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु कुमार और विमल कुमार सिंह ने किया. उमेश पाल हत्याकांड में वांछित असद अहमद और गुलाम पांच-पांच लाख रुपये के इनामी बदमाश थे. इसके साथ ही प्रशांत कुमार ने कहा कि आरोपियों के पास से अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद किए गए हैं. इनमें ब्रिटिश बुलडाग रिवॉल्वर तथा वाल्थर पिस्तौल शामिल है.
Atiq Ahmad Son Encounter: माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद और शूटर गुलाम मोहम्मद को यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर में मार गिराया है. मैनपुरी सपा सांसद डिंपल यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है. सपा मुखिया अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने इस एनकाउंटर पर कहा कि यूपी में लगातार फेक एनकाउंटर होते जा रहे हैं. भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसमे रूल्स और रेगुलेशन है और उनकी लगातार उत्तर प्रदेश में धज्जियां उड़ाई जा रही है. बता दें कि झांसी में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके एक साथी गुलाम को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया था. इस एनकाउंटर पर सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में फर्जी मुठभेड़ों पर सवाल उठे हैं और बीजेपी शासित राज्य को इस तरह की कार्रवाइयों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के कई नोटिस मिले हैं. इसके अलावा अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा- "झूठे एनकाउंटर करके भाजपा सरकार सच्चे मुद्दों से ध्यान भटकाना चाह रही है. भाजपाई न्यायालय में विश्वास ही नहीं करते हैं. आजके व हालिया एनकाउंटरों की भी गहन जाँच-पड़ताल हो व दोषियों को छोड़ा न जाए. सही-गलत के फैसलों का अधिकार सत्ता का नहीं होता है. भाजपा भाईचारे के खिलाफ है. " वहीं असद अहमद के एनकाउंटर को लेकर यूपी पुलिस के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा था कि मुठभेड़ में शामिल उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु कुमार और विमल कुमार सिंह ने किया. उमेश पाल हत्याकांड में वांछित असद अहमद और गुलाम पांच-पांच लाख रुपये के इनामी बदमाश थे. इसके साथ ही प्रशांत कुमार ने कहा कि आरोपियों के पास से अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद किए गए हैं. इनमें ब्रिटिश बुलडाग रिवॉल्वर तथा वाल्थर पिस्तौल शामिल है.
पंडवा, प्रतिनिधि। पलामू जिले के पंडवा थाना के सिक्का बाजार में देसी पिस्तौल के साथ रविवार को एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। सिक्का गांव निवासी युवक अमित सिंह ने 7500 रुपये में पंडवा थाना के ही बासु गांव निवासी संदीप कुमार मेहता से देसी पिस्तौल खरीदा था। इसके आधार पर पुलिस ने संदीप कुमार मेहता को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों से गहन पूछताछ के बाद रविवार को दोनों को न्यायिक हिरासत में पलामू सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। पंडवा के थाना प्रभारी नकुल महतो व अन्य ने बताया कि सिक्का बाजार में हथियार के साथ एक युवक के घूमने की जानकारी मिलने पर सूचना का सत्यापन करने के लिए पुलिस सिक्का गांव पहुंची। पुलिस को देखते हुए आरोपी अमित सिंह भागने लगा। पुलिस टीम ने उसका पिछा कर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने के क्रम में उसके कमर से देसी पिस्तौल बरामद हुआ। पूछताछ में उसने संदीप कुमार मेहता से पिस्तौल खरीदने की बात स्वीकार की। इसके बाद संदीप कुमार मेहता को गिरफ्तार किया गया। 24 वर्षीय अमित सिंह कोई आपराधिक घटना को अंजाम देने का विचार कर रहा था।
पंडवा, प्रतिनिधि। पलामू जिले के पंडवा थाना के सिक्का बाजार में देसी पिस्तौल के साथ रविवार को एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। सिक्का गांव निवासी युवक अमित सिंह ने सात हज़ार पाँच सौ रुपयापये में पंडवा थाना के ही बासु गांव निवासी संदीप कुमार मेहता से देसी पिस्तौल खरीदा था। इसके आधार पर पुलिस ने संदीप कुमार मेहता को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों से गहन पूछताछ के बाद रविवार को दोनों को न्यायिक हिरासत में पलामू सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। पंडवा के थाना प्रभारी नकुल महतो व अन्य ने बताया कि सिक्का बाजार में हथियार के साथ एक युवक के घूमने की जानकारी मिलने पर सूचना का सत्यापन करने के लिए पुलिस सिक्का गांव पहुंची। पुलिस को देखते हुए आरोपी अमित सिंह भागने लगा। पुलिस टीम ने उसका पिछा कर गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने के क्रम में उसके कमर से देसी पिस्तौल बरामद हुआ। पूछताछ में उसने संदीप कुमार मेहता से पिस्तौल खरीदने की बात स्वीकार की। इसके बाद संदीप कुमार मेहता को गिरफ्तार किया गया। चौबीस वर्षीय अमित सिंह कोई आपराधिक घटना को अंजाम देने का विचार कर रहा था।
भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) कतर में खेले जा रहे फीफा वर्ल्ड कप (Fifa World Cup) 2022 से बाहर हो जाने के बाद स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) के समर्थन में उतरे हैं। वर्ल्ड कप में बीते शनिवार को पुर्तगाल को क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के हाथों 1-0 से हार का सामना करना पड़ा था। इस वजह से पुतर्गाल के साथ रोनाल्डो का भी टूर्नामेंट से सफर समाप्त हो गया था। फुटबॉल के मेगा इवेंट से बाहर हो जाने के बाद रोनाल्डो मैदान पर ही भावुक होते दिखाई दिए थे, जिसे देखकर दुनियाभर के उनके फैंस भी मायूस हो गए थे। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान ने रोनाल्डो के लिए सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने स्टार फुटबॉलर की जमकर तारीफ की है। किंग कोहली ने कहा कि रोनाल्डो को कोई भी टाइटल एक्सप्लेन नहीं कर सकता है। वह मेरे लिए सार्वकालिक महान खिलाड़ी हैं। सोशल मीडिया पर रोनाल्डो की तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, आपने इस खेल में और दुनियाभर के खेल प्रशंसकों के लिए जो कुछ भी किया है, उससे कोई ट्रॉफी या कोई खिताब कुछ भी कम नहीं कर सकता है। कोई भी शीर्षक यह नहीं बता सकता कि आपने लोगों पर क्या प्रभाव डाला है और जब हम आपको खेलते हुए देखते हैं तो मैं और दुनियाभर के कई लोग क्या महसूस करते हैं। आप भगवान की ओर से एक तोहफा हो। एक ऐसे व्यक्ति के लिए एक वास्तविक आशीर्वाद जो हर बार अपने दिल से खेलता है और किसी भी खिलाड़ी के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण और सच्ची प्रेरणा का प्रतीक है। आप मेरे लिए सर्वकालिक महान हैं। पुर्तगाल की इस हार के बाद यह तय हो गया था कि पांच विश्वकप में गोल दागने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो अब विश्व कप ट्रॉफी कभी नहीं उठा पाएंगे। संभवतः 37 वर्षीय खिलाड़ी अपना अंतिम विश्व कप खेल चुका है। रोनाल्डो पुर्तगाल के ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे शानदार फुटबॉलर्स में से एक हैं। उन्होंने इंटरनेशनल फुटबॉल में सबसे ज्यादा 118 गोल दागे हैं। दुनिया का कोई भी दूसरा खिलाड़ी उनके इस रिकॉर्ड के आसपास नहीं है। रोनाल्डो ने पुर्तगाल की फुटबॉल टीम के लिए 196 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली कतर में खेले जा रहे फीफा वर्ल्ड कप दो हज़ार बाईस से बाहर हो जाने के बाद स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के समर्थन में उतरे हैं। वर्ल्ड कप में बीते शनिवार को पुर्तगाल को क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के हाथों एक-शून्य से हार का सामना करना पड़ा था। इस वजह से पुतर्गाल के साथ रोनाल्डो का भी टूर्नामेंट से सफर समाप्त हो गया था। फुटबॉल के मेगा इवेंट से बाहर हो जाने के बाद रोनाल्डो मैदान पर ही भावुक होते दिखाई दिए थे, जिसे देखकर दुनियाभर के उनके फैंस भी मायूस हो गए थे। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान ने रोनाल्डो के लिए सोशल मीडिया पर एक इमोशनल पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने स्टार फुटबॉलर की जमकर तारीफ की है। किंग कोहली ने कहा कि रोनाल्डो को कोई भी टाइटल एक्सप्लेन नहीं कर सकता है। वह मेरे लिए सार्वकालिक महान खिलाड़ी हैं। सोशल मीडिया पर रोनाल्डो की तस्वीर शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, आपने इस खेल में और दुनियाभर के खेल प्रशंसकों के लिए जो कुछ भी किया है, उससे कोई ट्रॉफी या कोई खिताब कुछ भी कम नहीं कर सकता है। कोई भी शीर्षक यह नहीं बता सकता कि आपने लोगों पर क्या प्रभाव डाला है और जब हम आपको खेलते हुए देखते हैं तो मैं और दुनियाभर के कई लोग क्या महसूस करते हैं। आप भगवान की ओर से एक तोहफा हो। एक ऐसे व्यक्ति के लिए एक वास्तविक आशीर्वाद जो हर बार अपने दिल से खेलता है और किसी भी खिलाड़ी के लिए कड़ी मेहनत और समर्पण और सच्ची प्रेरणा का प्रतीक है। आप मेरे लिए सर्वकालिक महान हैं। पुर्तगाल की इस हार के बाद यह तय हो गया था कि पांच विश्वकप में गोल दागने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो अब विश्व कप ट्रॉफी कभी नहीं उठा पाएंगे। संभवतः सैंतीस वर्षीय खिलाड़ी अपना अंतिम विश्व कप खेल चुका है। रोनाल्डो पुर्तगाल के ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे शानदार फुटबॉलर्स में से एक हैं। उन्होंने इंटरनेशनल फुटबॉल में सबसे ज्यादा एक सौ अट्ठारह गोल दागे हैं। दुनिया का कोई भी दूसरा खिलाड़ी उनके इस रिकॉर्ड के आसपास नहीं है। रोनाल्डो ने पुर्तगाल की फुटबॉल टीम के लिए एक सौ छियानवे अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं।
बॉलीवुड के बिग बी अमिताभ बच्चन किसी भी युवा के लिए इंस्पिरेशन भी कहे जाते है। वह 79 वर्ष की आयु में भी बॉलीवुड और ऐड मूवीज में सक्रीय हैं। इतना ही नहीं अब वह गुजराती फिल्मों में भी डेब्यू करने के बारें में सोच रहे है। इंडस्ट्री में आए हुए उन्हें 5 दशक हो चुके है। यह पहला मौका है जब वह गुजराती मूवी में ऐक्टिंग करते हुए नजर आने वाले है। बिग बी ने पिछले दिनों गुजराती मूवी फक्त महिलााओं माते के लिए शूटिंग को पूरा किया है। इंट्रेस्टिंग बात ये है कि मूवी में काम करने के लिए एक रुपये फीस भी नहीं ली। इस मूवी में अमिताभ का कैमियो है, लेकिन अहम् रोल है। फिल्म में अमिताभ गुजराती में डायलॉग भी बोलते हुए दिखाई देने वाले है। डबिंग पर दिया दिल जीतने वाला जवाबः फिल्म निर्माता आनंद पंडित ने इस बारें में कहा है कि उन्होंने अमिातभ से बोला था कि पहली बार गुजराती मूवी में काम कर रहे हैं तो उनके डायलॉग्स डबिंग आर्टिस्ट से डब कर लिया है। क्योंकि हो सकता है, उन्हें गुजराती बोलने में परेशानी आए है। इस पर अमिताभ ने कहा कि आनंद जी हमारा काम तो हम ही करने वाले है। पौन घंटे में पूरी की डबिंगः आप हमारा काम देखिए, अच्छा न लगे तो फिर वॉइस ओवर करा दीजिएगा। अपने आर्टिस्ट पर भरोसा रखिए, आप को निराश नहीं करने वाले है। अमिताभ ने वाकई कमाल किया और गुजराती बोलने के अंदाज पर पूरी पकड़ के साथ मात्र पौन घंटे में अपनी डबिंग समाप्त कर दी। उन्होंने हमेशा की तरह पूरे परफेक्शन के साथ काम किया। फक्त महिलाओ माते 19 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज की जाने वाली है।
बॉलीवुड के बिग बी अमिताभ बच्चन किसी भी युवा के लिए इंस्पिरेशन भी कहे जाते है। वह उन्यासी वर्ष की आयु में भी बॉलीवुड और ऐड मूवीज में सक्रीय हैं। इतना ही नहीं अब वह गुजराती फिल्मों में भी डेब्यू करने के बारें में सोच रहे है। इंडस्ट्री में आए हुए उन्हें पाँच दशक हो चुके है। यह पहला मौका है जब वह गुजराती मूवी में ऐक्टिंग करते हुए नजर आने वाले है। बिग बी ने पिछले दिनों गुजराती मूवी फक्त महिलााओं माते के लिए शूटिंग को पूरा किया है। इंट्रेस्टिंग बात ये है कि मूवी में काम करने के लिए एक रुपये फीस भी नहीं ली। इस मूवी में अमिताभ का कैमियो है, लेकिन अहम् रोल है। फिल्म में अमिताभ गुजराती में डायलॉग भी बोलते हुए दिखाई देने वाले है। डबिंग पर दिया दिल जीतने वाला जवाबः फिल्म निर्माता आनंद पंडित ने इस बारें में कहा है कि उन्होंने अमिातभ से बोला था कि पहली बार गुजराती मूवी में काम कर रहे हैं तो उनके डायलॉग्स डबिंग आर्टिस्ट से डब कर लिया है। क्योंकि हो सकता है, उन्हें गुजराती बोलने में परेशानी आए है। इस पर अमिताभ ने कहा कि आनंद जी हमारा काम तो हम ही करने वाले है। पौन घंटे में पूरी की डबिंगः आप हमारा काम देखिए, अच्छा न लगे तो फिर वॉइस ओवर करा दीजिएगा। अपने आर्टिस्ट पर भरोसा रखिए, आप को निराश नहीं करने वाले है। अमिताभ ने वाकई कमाल किया और गुजराती बोलने के अंदाज पर पूरी पकड़ के साथ मात्र पौन घंटे में अपनी डबिंग समाप्त कर दी। उन्होंने हमेशा की तरह पूरे परफेक्शन के साथ काम किया। फक्त महिलाओ माते उन्नीस अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज की जाने वाली है।
आरा। आरा संसदीय लोकसभा क्षेत्र में चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराने को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी है। लोकसभा चुनाव के लिए भोजपुर को 21 कंपनी अर्द्धसैनिक बल मिला है। भोजपुर जिले के 680 मतदान केंद्रों पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है। यह जानकारी भोजपुर के जिला निर्वाची पदाधिकारी सह जिलाधिकारी संजीव कुमार ने दी है। उनके अनुसार शेष मतदान केन्द्रों पर जिला बल व अन्य फोर्स की तैनाती की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि 19 मई को सुबह 7 बजे से संध्या 6 बजे तक मतदान होगा। लोकसभा के चुनाव के लिए 2162 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार ने कहा कि जिले में चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक आचार संहिता उल्लंघन करने के 140 मामले दर्ज किए गए हैं। 140 में से 120 मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अब तक 1350 लाइसेंस शस्त्र विभिन्न थानों में जमा कराए गए हैं। लोकसभा चुनाव में बनाए गए कुल 9 आदर्श मतदान केंद्रों पर महिला मतदान कर्मी व महिला पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति होगी। इन केन्द्रों का चयन शहरी क्षेत्रों में किया गया है। आदर्श मतदान केंद्र के रूप में विधानसभावार चयनित आदर्श मतदान केंद्रों में संदेश विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्र संख्या 136, 137 प्रखंड कार्यालय कोइलवर पूर्वी भाग एवं पश्चिमी भाग, आरा विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्र संख्या 238, 239, प्रखंड कार्यालय आरा पश्चिमी भाग एवं पूर्वी भाग तरारी विधानसभा में मतदान केंद्र संख्या 3, 4 पुष्पा उच्च विद्यालय पीरो उत्तरी भाग एवं दक्षिणी भाग, जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्र संख्या 127, 128, प्रखंड कार्यालय जगदीशपुर पूर्वी भाग एवं पश्चिमी भाग, शाहपुर विधान सभा में मतदान केंद्र संख्या 153 नगर पंचायत कार्यालय शाहपुर शामिल है। आरा संसदीय क्षेत्र के 19 मतदान केंद्रों पर जिला प्रशासन ने मतदान के दिन लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की है। लाइव वेबकास्टिंग को लेकर सबसे अधिक मतदान केंद्रों की संख्या बड़हरा में है जबकि सबसे कम अगियांव में लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। भोजपुर के कुल सात विधानसभा क्षेत्रों में से कुल सात में लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। संदेश के चार मतदान केंद्र 171,172,173,174, बड़हरा के 97,161,167,168,169 और 170,आरा के मतदान केंद्र संख्या 150,279, अगियांव के 107, तरारी के 03,04,14 और शाहपुर के 281,282 एवं 283 पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था जिला प्रशासन की तरफ से की गई है।
आरा। आरा संसदीय लोकसभा क्षेत्र में चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराने को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी है। लोकसभा चुनाव के लिए भोजपुर को इक्कीस कंपनी अर्द्धसैनिक बल मिला है। भोजपुर जिले के छः सौ अस्सी मतदान केंद्रों पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है। यह जानकारी भोजपुर के जिला निर्वाची पदाधिकारी सह जिलाधिकारी संजीव कुमार ने दी है। उनके अनुसार शेष मतदान केन्द्रों पर जिला बल व अन्य फोर्स की तैनाती की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि उन्नीस मई को सुबह सात बजे से संध्या छः बजे तक मतदान होगा। लोकसभा के चुनाव के लिए दो हज़ार एक सौ बासठ मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पुलिस अधीक्षक आदित्य कुमार ने कहा कि जिले में चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक आचार संहिता उल्लंघन करने के एक सौ चालीस मामले दर्ज किए गए हैं। एक सौ चालीस में से एक सौ बीस मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अब तक एक हज़ार तीन सौ पचास लाइसेंस शस्त्र विभिन्न थानों में जमा कराए गए हैं। लोकसभा चुनाव में बनाए गए कुल नौ आदर्श मतदान केंद्रों पर महिला मतदान कर्मी व महिला पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति होगी। इन केन्द्रों का चयन शहरी क्षेत्रों में किया गया है। आदर्श मतदान केंद्र के रूप में विधानसभावार चयनित आदर्श मतदान केंद्रों में संदेश विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्र संख्या एक सौ छत्तीस, एक सौ सैंतीस प्रखंड कार्यालय कोइलवर पूर्वी भाग एवं पश्चिमी भाग, आरा विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्र संख्या दो सौ अड़तीस, दो सौ उनतालीस, प्रखंड कार्यालय आरा पश्चिमी भाग एवं पूर्वी भाग तरारी विधानसभा में मतदान केंद्र संख्या तीन, चार पुष्पा उच्च विद्यालय पीरो उत्तरी भाग एवं दक्षिणी भाग, जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्र संख्या एक सौ सत्ताईस, एक सौ अट्ठाईस, प्रखंड कार्यालय जगदीशपुर पूर्वी भाग एवं पश्चिमी भाग, शाहपुर विधान सभा में मतदान केंद्र संख्या एक सौ तिरेपन नगर पंचायत कार्यालय शाहपुर शामिल है। आरा संसदीय क्षेत्र के उन्नीस मतदान केंद्रों पर जिला प्रशासन ने मतदान के दिन लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की है। लाइव वेबकास्टिंग को लेकर सबसे अधिक मतदान केंद्रों की संख्या बड़हरा में है जबकि सबसे कम अगियांव में लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। भोजपुर के कुल सात विधानसभा क्षेत्रों में से कुल सात में लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। संदेश के चार मतदान केंद्र एक सौ इकहत्तर,एक सौ बहत्तर,एक सौ तिहत्तर,एक सौ चौहत्तर, बड़हरा के सत्तानवे,एक सौ इकसठ,एक सौ सरसठ,एक सौ अड़सठ,एक सौ उनहत्तर और एक सौ सत्तर,आरा के मतदान केंद्र संख्या एक सौ पचास,दो सौ उन्यासी, अगियांव के एक सौ सात, तरारी के तीन,चार,चौदह और शाहपुर के दो सौ इक्यासी,दो सौ बयासी एवं दो सौ तिरासी पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था जिला प्रशासन की तरफ से की गई है।
समस्तीपुर ( मिथिला हिन्दी न्यूज ) । शहर के ताजपुर रोड स्थित हीरा कॉम्प्लेक्स में रविवार अतिथि फैमिली रेस्टोरेंट का शुभारंभ हुआ। रेस्टोरेंट संचालक संजीव तरुण ने कहा कि शहर का अभी तक का सबसे बेहतर और सुविधाओं से लैस रेस्टोरेंट है। जहां इंडियन, चायनीज के लजीज व्यंजनों के साथ-साथ बिरयानी सहित ग्राहकों के मनपसंद चीजें उपलब्ध होंगे। कहा कि उनकी तमन्ना थी कि शहर में एक अच्छा होटल हो। जहां पर आमलोगों के बजट के अनुरूप हो। इस रेस्टोरेंट में बर्थ - डे पार्टी, संस्थानों की मीटिंग आदि कार्यक्रम किए जा सकते है। मो. सोहैल के अलावा रेस्टोरेंट में बेहतरीन सीटिंग की व्यवस्था है। साथ ही साफ सफायी का विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही रेस्टोरेंट में कयी तरह के व्यंजनों का स्वाद लेने को मिलेगा। इस अवसर पर अधिवक्ता सह पत्रकार राजेंद्र झा, कॉम्प्लेक्स मालकिन हीरा झा, भाजपा ज़िला अध्यक्ष राम सुमिरन सिंह, प्रभात कुमार, शैलेंद्र सिंह, बलिराम भगत, गौतम कुमार, धर्मेन्द्र साह, नागमणी, वयसवायी नीतीश भारद्वाज, विजय राय, शंकर प्रसाद गुप्ता, रफ़ी अहमद आदि सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
समस्तीपुर । शहर के ताजपुर रोड स्थित हीरा कॉम्प्लेक्स में रविवार अतिथि फैमिली रेस्टोरेंट का शुभारंभ हुआ। रेस्टोरेंट संचालक संजीव तरुण ने कहा कि शहर का अभी तक का सबसे बेहतर और सुविधाओं से लैस रेस्टोरेंट है। जहां इंडियन, चायनीज के लजीज व्यंजनों के साथ-साथ बिरयानी सहित ग्राहकों के मनपसंद चीजें उपलब्ध होंगे। कहा कि उनकी तमन्ना थी कि शहर में एक अच्छा होटल हो। जहां पर आमलोगों के बजट के अनुरूप हो। इस रेस्टोरेंट में बर्थ - डे पार्टी, संस्थानों की मीटिंग आदि कार्यक्रम किए जा सकते है। मो. सोहैल के अलावा रेस्टोरेंट में बेहतरीन सीटिंग की व्यवस्था है। साथ ही साफ सफायी का विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही रेस्टोरेंट में कयी तरह के व्यंजनों का स्वाद लेने को मिलेगा। इस अवसर पर अधिवक्ता सह पत्रकार राजेंद्र झा, कॉम्प्लेक्स मालकिन हीरा झा, भाजपा ज़िला अध्यक्ष राम सुमिरन सिंह, प्रभात कुमार, शैलेंद्र सिंह, बलिराम भगत, गौतम कुमार, धर्मेन्द्र साह, नागमणी, वयसवायी नीतीश भारद्वाज, विजय राय, शंकर प्रसाद गुप्ता, रफ़ी अहमद आदि सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने रविवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री पद का सम्मान नहीं करतीं और दावा किया कि उन्होंने राजनीतिक कारणों से चक्रवात से मची तबाही पर बुलाई गई समीक्षा बैठक में शिरकत नहीं की। घोष ने खगड़पुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन किया है, और " अब हर कोई जान गया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए किस तरह की भाषा और शब्दों का इस्तेमाल करती हैं। " भाजपा नेता ने दावा किया कि उन्होंने (बनर्जी ने) तब भी राजनीति की जब राज्य के लोग चक्रवात और कोविड-19 महामारी के कारण संकट से जूझ रहे हैं। हम जानते हैं कि वह बैठक कक्ष में कैसे पहुंचीं, जहां प्रधानमंत्री मौजूद थे, उन्होंने कैसे बात की, और फिर मुख्य सचिव के साथ चली गईं। घोष की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तापस रॉय ने कहा कि घोष द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करने की कोशिश करने का कोई मतलब नहीं है। अब उनकी पार्टी में कोई अहमियत नहीं है। उन्होंने कहा कि चूंकि उन्होंने कुछ टिप्पणियां की हैं, मैं कहना चाहूंगा कि यह भाजपा ही है जो चक्रवात की तबाही और कोविड स्थिति का राजनीतिकरण कर रही है।
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रमुख दिलीप घोष ने रविवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री पद का सम्मान नहीं करतीं और दावा किया कि उन्होंने राजनीतिक कारणों से चक्रवात से मची तबाही पर बुलाई गई समीक्षा बैठक में शिरकत नहीं की। घोष ने खगड़पुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन किया है, और " अब हर कोई जान गया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए किस तरह की भाषा और शब्दों का इस्तेमाल करती हैं। " भाजपा नेता ने दावा किया कि उन्होंने तब भी राजनीति की जब राज्य के लोग चक्रवात और कोविड-उन्नीस महामारी के कारण संकट से जूझ रहे हैं। हम जानते हैं कि वह बैठक कक्ष में कैसे पहुंचीं, जहां प्रधानमंत्री मौजूद थे, उन्होंने कैसे बात की, और फिर मुख्य सचिव के साथ चली गईं। घोष की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तापस रॉय ने कहा कि घोष द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करने की कोशिश करने का कोई मतलब नहीं है। अब उनकी पार्टी में कोई अहमियत नहीं है। उन्होंने कहा कि चूंकि उन्होंने कुछ टिप्पणियां की हैं, मैं कहना चाहूंगा कि यह भाजपा ही है जो चक्रवात की तबाही और कोविड स्थिति का राजनीतिकरण कर रही है।
PATNA: बिहार विधानसभा में आज शिक्षा बजट पर चर्चा हुई। सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने जवाब दिया. शिक्षा मंत्री सदन में रामचरित मानस से लेकर मनु स्मृति समेत अन्य पुस्तक लेकर पहुंचे थे. बिहार में शिक्षा का विकास कैसे हो, इस पर उनका फोकस कम रामचरितमानस को लेकर की गई टिप्पणी को सही करने पर ज्यादा पसीना बहा रहे थे. सबसे आश्चर्यजनक बात यह कि शिक्षा मंत्री धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस के दोहा पर सवाल खड़े कर रहे थे और इस मुद्दे पर विरोध करने व मंत्री से माफी मांगने की मांग करने वाले जेडीयू कोटे के मंत्री टुकुर-टुकुर देखते रह गए। शिक्षा मंत्री ने एक बार फिर से रामचरित मानस में लिखी पक्ति को गलत करार दे दिया. इस तरह से शिक्षा मंत्री ने धार्मिक ग्र्ंथों पर बोलने से मना करने वाले अपने मुख्यमंत्री को भी खुली चुनौती दे दी. विधानसभा में सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री शिक्षा बजट पर अपनी बात रख रहे थे. वे रामचरितमानस पर की गई अपनी टिप्पणी को सही साबित करने को लेकर पूरा होमवर्क कर आए थे. वे शिक्षा पर जवाब देने को लेकर तैयारी कर आए हों या नहीं लेकिन विवादास्पद बात पर कायम रहने को लेकर पूरी प्लानिंग करी थी. वे रामायण, रामचरितमानस लेकर मनुस्मिति की किताब लेकर पहुंचे थे. वे धार्मिक ग्रंथ को पहले से ही वहां रखे हुए थे. बोलने के दौरान उन्होंने एक-एक कर धार्मिक पुस्तक को उठाकर पढ़ने लगे. इस दौरान उनके बगल में बैठे वरिष्ठ मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव व विजय चौधरी टुकुर-टुकुर देखते रह गए। विजय चौधरी तो मुस्कुरा रहे थे. सदन में बोलते हुए शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि मैं कथित विवादास्पद बातों पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा हूं. विपक्षी सदस्य रामचरितमानस पर हमारे द्वारा उठाई बातों पर वाकआउट किए हैं. मेरी चुनौती है, वो अंदर आएं. मेरे पास दस्तावेज है. मेरे पास पूरा दस्तावेज है. 50 वर्ष पुरानी पुस्तक रामचरितमानस है. गीता प्रेस का, मैं पूरी सच्चाई के साथ बात को समाज के सामने लाना चाहता हूं. इसके पेज नंबर 855 पर लिखा है. . . तारना. हम आपके संज्ञान में देता हूं. आप इसे देख लेंगे. इसमें ताड़ना का अर्थ लिखा हुआ है दंत. यह मैंने नहीं लिखा. यह 50 साल पुराना ग्रंथ है. हमें इसे सहेज कर रखा हूं, वरना मिट गया तो यह षड्यंत्रकारी लोग इसको भी झूठ कह देंगे. आज के एडिशन में ताड़ना में किसने जोड़ा है. यह यक्ष प्रश्न इस दुनिया के सामने है. दूसरा दस्तावेज मनुस्मृति है. इसमें भी बहुत सारी बातें लिखी गई हैं. इस तरह से शिक्षा मंत्री ने एक-एक कर कई धार्मिक पुस्तक के माध्यम से सफाई दी.
PATNA: बिहार विधानसभा में आज शिक्षा बजट पर चर्चा हुई। सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने जवाब दिया. शिक्षा मंत्री सदन में रामचरित मानस से लेकर मनु स्मृति समेत अन्य पुस्तक लेकर पहुंचे थे. बिहार में शिक्षा का विकास कैसे हो, इस पर उनका फोकस कम रामचरितमानस को लेकर की गई टिप्पणी को सही करने पर ज्यादा पसीना बहा रहे थे. सबसे आश्चर्यजनक बात यह कि शिक्षा मंत्री धार्मिक ग्रंथ रामचरितमानस के दोहा पर सवाल खड़े कर रहे थे और इस मुद्दे पर विरोध करने व मंत्री से माफी मांगने की मांग करने वाले जेडीयू कोटे के मंत्री टुकुर-टुकुर देखते रह गए। शिक्षा मंत्री ने एक बार फिर से रामचरित मानस में लिखी पक्ति को गलत करार दे दिया. इस तरह से शिक्षा मंत्री ने धार्मिक ग्र्ंथों पर बोलने से मना करने वाले अपने मुख्यमंत्री को भी खुली चुनौती दे दी. विधानसभा में सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री शिक्षा बजट पर अपनी बात रख रहे थे. वे रामचरितमानस पर की गई अपनी टिप्पणी को सही साबित करने को लेकर पूरा होमवर्क कर आए थे. वे शिक्षा पर जवाब देने को लेकर तैयारी कर आए हों या नहीं लेकिन विवादास्पद बात पर कायम रहने को लेकर पूरी प्लानिंग करी थी. वे रामायण, रामचरितमानस लेकर मनुस्मिति की किताब लेकर पहुंचे थे. वे धार्मिक ग्रंथ को पहले से ही वहां रखे हुए थे. बोलने के दौरान उन्होंने एक-एक कर धार्मिक पुस्तक को उठाकर पढ़ने लगे. इस दौरान उनके बगल में बैठे वरिष्ठ मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव व विजय चौधरी टुकुर-टुकुर देखते रह गए। विजय चौधरी तो मुस्कुरा रहे थे. सदन में बोलते हुए शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने कहा कि मैं कथित विवादास्पद बातों पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा हूं. विपक्षी सदस्य रामचरितमानस पर हमारे द्वारा उठाई बातों पर वाकआउट किए हैं. मेरी चुनौती है, वो अंदर आएं. मेरे पास दस्तावेज है. मेरे पास पूरा दस्तावेज है. पचास वर्ष पुरानी पुस्तक रामचरितमानस है. गीता प्रेस का, मैं पूरी सच्चाई के साथ बात को समाज के सामने लाना चाहता हूं. इसके पेज नंबर आठ सौ पचपन पर लिखा है. . . तारना. हम आपके संज्ञान में देता हूं. आप इसे देख लेंगे. इसमें ताड़ना का अर्थ लिखा हुआ है दंत. यह मैंने नहीं लिखा. यह पचास साल पुराना ग्रंथ है. हमें इसे सहेज कर रखा हूं, वरना मिट गया तो यह षड्यंत्रकारी लोग इसको भी झूठ कह देंगे. आज के एडिशन में ताड़ना में किसने जोड़ा है. यह यक्ष प्रश्न इस दुनिया के सामने है. दूसरा दस्तावेज मनुस्मृति है. इसमें भी बहुत सारी बातें लिखी गई हैं. इस तरह से शिक्षा मंत्री ने एक-एक कर कई धार्मिक पुस्तक के माध्यम से सफाई दी.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज मालवा में हैं. खंडवा में पार्टी प्रत्याशी नंद कुमार सिंह चौहान के समर्थन में उन्होंने सभा की. खंडवा की पहचान किशोर कुमार के नाम से है. यहां पीएम मोदी ने किशोर दा को भी याद किया और भोपाल गैस त्रासदी और सिख विरोध दंगों का भी ज़िक्र किया. पीएम मोदी ने याद किया कि मशहूर गायक किशोर कुमार तो इसी धरती के सपूत थे. आपातकाल के दौरान उन्होंने कांग्रेस के दबाव में आने से इनकार कर दिया था. बदले में कांग्रेस ने खंडवा के सपूत किशोर दा के गानों पर ही रोक लगवा दी थी. पीएम मध्य प्रदेश में थे इसलिए गैस त्रासदी को भी याद किया और फिर सिख विरोधी दंगों का ज़िक्र करते हुए कहा 1984 में सिखों के साथ अत्याचार हुआ और ये कहते हैं 'हुआ तो हुआ'. 1984 के दंगों के गुनाहगार को आपका मुख्यमंत्री बना दिया गया. .
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज मालवा में हैं. खंडवा में पार्टी प्रत्याशी नंद कुमार सिंह चौहान के समर्थन में उन्होंने सभा की. खंडवा की पहचान किशोर कुमार के नाम से है. यहां पीएम मोदी ने किशोर दा को भी याद किया और भोपाल गैस त्रासदी और सिख विरोध दंगों का भी ज़िक्र किया. पीएम मोदी ने याद किया कि मशहूर गायक किशोर कुमार तो इसी धरती के सपूत थे. आपातकाल के दौरान उन्होंने कांग्रेस के दबाव में आने से इनकार कर दिया था. बदले में कांग्रेस ने खंडवा के सपूत किशोर दा के गानों पर ही रोक लगवा दी थी. पीएम मध्य प्रदेश में थे इसलिए गैस त्रासदी को भी याद किया और फिर सिख विरोधी दंगों का ज़िक्र करते हुए कहा एक हज़ार नौ सौ चौरासी में सिखों के साथ अत्याचार हुआ और ये कहते हैं 'हुआ तो हुआ'. एक हज़ार नौ सौ चौरासी के दंगों के गुनाहगार को आपका मुख्यमंत्री बना दिया गया. .
टीवी के चर्चित शो 'क़यामत की रात' में नजर आ रही मशहूर एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना इन दिनों काफी चर्चा में चल रही हैं. गौरतलब है कि करिश्मा तन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपनी खूबसूरत तस्वीरें शेयर कर फैंस के होश उड़ा देती है. अब हाल ही में करिश्मा ने अपना एक वीडियो शेयर किया है जो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल ये वीडियो करिश्मा के फोटोशूट का है जिसे फैंस खूब पसंद कर रहे हैं और अब तक इस वीडियो को कई बार देखा जा चुका हैं. करिश्मा वीडियो में बेहद ही बोल्ड और हॉट अंदाज़ में दिखाई दें रही है और उनका लुक काफी कातिल दिखाई दे रहा हैं. वीडियो में करिश्मा के खुले हुए बाल उनकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रहे हैं. बता दें कि करिश्मा टीवी दुनिया की जानी मानी अभिनेत्री हैं जिन्होंने कई सीरियल्स में काम किया है. वह पिछले कुछ समय से टीवी की दुनिया से दूर थी लेकिन उन्होंने एकता कपूर के पॉपुलर शो 'नागिन 3' से छोटे पर्दे पर वापसी कर ली. पिंक लहंगे में दुल्हन बनी नजर आईं करिश्मा, क्या करने जा रही है शादी? #throwback @munnasphotography I miss u! ! ! इस शो के अलावा वह कयामत की रात में मुख्य किरदार में नजर आ रही हैं. यह एक हॉरर शो है जो इन दिनों टॉप पर बना हुआ है. शो में करिश्मा के साथ टीवी के मशहूर अभिनेता विवेक दहिया नजर आ रहे हैं. शो में करिश्मा 'गौरी' के किरदार में हैं तो वही विवेक 'राज' की भूमिका में नजर आ रहे हैं. . . तो क्या अब हलवाई बन गए 'वीरा' फेम अभिनेता?
टीवी के चर्चित शो 'क़यामत की रात' में नजर आ रही मशहूर एक्ट्रेस करिश्मा तन्ना इन दिनों काफी चर्चा में चल रही हैं. गौरतलब है कि करिश्मा तन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपनी खूबसूरत तस्वीरें शेयर कर फैंस के होश उड़ा देती है. अब हाल ही में करिश्मा ने अपना एक वीडियो शेयर किया है जो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल ये वीडियो करिश्मा के फोटोशूट का है जिसे फैंस खूब पसंद कर रहे हैं और अब तक इस वीडियो को कई बार देखा जा चुका हैं. करिश्मा वीडियो में बेहद ही बोल्ड और हॉट अंदाज़ में दिखाई दें रही है और उनका लुक काफी कातिल दिखाई दे रहा हैं. वीडियो में करिश्मा के खुले हुए बाल उनकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रहे हैं. बता दें कि करिश्मा टीवी दुनिया की जानी मानी अभिनेत्री हैं जिन्होंने कई सीरियल्स में काम किया है. वह पिछले कुछ समय से टीवी की दुनिया से दूर थी लेकिन उन्होंने एकता कपूर के पॉपुलर शो 'नागिन तीन' से छोटे पर्दे पर वापसी कर ली. पिंक लहंगे में दुल्हन बनी नजर आईं करिश्मा, क्या करने जा रही है शादी? #throwback @munnasphotography I miss u! ! ! इस शो के अलावा वह कयामत की रात में मुख्य किरदार में नजर आ रही हैं. यह एक हॉरर शो है जो इन दिनों टॉप पर बना हुआ है. शो में करिश्मा के साथ टीवी के मशहूर अभिनेता विवेक दहिया नजर आ रहे हैं. शो में करिश्मा 'गौरी' के किरदार में हैं तो वही विवेक 'राज' की भूमिका में नजर आ रहे हैं. . . तो क्या अब हलवाई बन गए 'वीरा' फेम अभिनेता?
नौहराधार - प्रचंड गर्मी से जहां सिरमौर जिला पूरी तरह तप गया है, वहीं जिला के ऊंचाई वाले व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी गर्मी का अहसास दिला दिया है। जिला के गर्मी वाले इलाकों में आलम यह है कि अब तो पंखे के नीचे भी पसीना छूटने लग गया है। वहीं दोपहर के समय गर्म लू चलने लगी है। इससे चालकों की दोपहिया वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को जिला के गर्मी वाले क्षेत्रों में पारा 41 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जबकि ऊंचाई वाले व मध्यम वाले क्षेत्र नौहराधार व हरिपुरधार में पारा 32 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इससे बाजारों में सन्नाटा छा गया। लोग शाम होने के उपरांत ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। इस वर्ष जहां बारिश, बर्फ, सर्दी ने कई वर्षों के रिकार्ड तोड़े हैं, वहीं लगता है कि इस वर्ष तपती गर्मी भी रिकार्ड तोड़ देगी। इसके आलावा स्कूली बच्चों को भी आने जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नौहराधार - प्रचंड गर्मी से जहां सिरमौर जिला पूरी तरह तप गया है, वहीं जिला के ऊंचाई वाले व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी गर्मी का अहसास दिला दिया है। जिला के गर्मी वाले इलाकों में आलम यह है कि अब तो पंखे के नीचे भी पसीना छूटने लग गया है। वहीं दोपहर के समय गर्म लू चलने लगी है। इससे चालकों की दोपहिया वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। शुक्रवार को जिला के गर्मी वाले क्षेत्रों में पारा इकतालीस डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जबकि ऊंचाई वाले व मध्यम वाले क्षेत्र नौहराधार व हरिपुरधार में पारा बत्तीस डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इससे बाजारों में सन्नाटा छा गया। लोग शाम होने के उपरांत ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। इस वर्ष जहां बारिश, बर्फ, सर्दी ने कई वर्षों के रिकार्ड तोड़े हैं, वहीं लगता है कि इस वर्ष तपती गर्मी भी रिकार्ड तोड़ देगी। इसके आलावा स्कूली बच्चों को भी आने जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
Dungarpur News: डूंगरपुर जिले के दोवड़ा पुलिस थाने से सिर्फ एक किमी दूर दोवड़ा गांव में बीती रात 3 जगहों पर ताले टूटे. चोरों ने गांव के सीनियर स्कूल,ज्वेलरी शॉप और एक ई मित्र की दुकान को निशाना बनाया. Dungarpur News: डूंगरपुर के दोवड़ा थानाधिकारी हेमंत चौहान ने बताया की गांव के सीनियर स्कूल के प्रिंसिपल रूम के ताले टूटे है, घटना का पता आज बुधवार सुबह के समय चला. स्कूल प्रिंसिपल हसमुख पंचाल ने पुलिस को बताया की उनके कमरे में लगी एक एलईडी,वॉल फैन, माइक चोरी हो गया है. हालांकि दो और दुकानों के भी ताले तोड़ने के प्रयास किए,लेकिन ताले नहीं टूटने से वारदात बच गई. घटना के बाद गांव में आक्रोश है. इसके अलावा स्कूल की अलमारी में बच्चो को टाई और बेल्ट देने के लिए कलेक्शन कर रखे गए रुपए भी चोरी हो गए हैं, इसके अलावा दोवड़ा बस स्टैंड के पास ही सूर्या ज्वेलर्स की दुकान में भी चोरी हुई.ज्वेलर्स भोगीलाल पंचाल ने बताया की आज सुबह दुकान के मालिक चंदूलाल परमार ने फोन कर उन्हे चोरी के बारे में बताया. दुकान के शटर तोड़कर चोर चांदी की 6 चुड़िया समेत चांदी का स्क्रैप करीब 100 ग्राम चोरी हुआ है. वही पास में ही रोहित कलाल के ई मित्र की दुकान के भी ताले टूटे है.लेकिन यह से चोरों को कोई कीमती सामान नहीं मिला. वही, घटना के बाद गांव के लोग इकट्ठे हो गए.व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेंद्र पाटीदार और महामंत्री कांतिलाल पाटीदार ने बताया की घटना की सूचना पर थानाधिकारी हेमंत चौहान, एएसआई योगेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल डायालाल पाटीदार, सुरेश मौके पर पहुंचे. थाने से एक किमी की दूरी पर ही तीन जगहों पर हुई चोरी पर लोगो ने आक्रोश जताया और वारदात का खुलासा करने की मांग रखी. पुलिस ने लोगों से समझाइश करते ही चोरों को पकड़ने का भरोसा दिलाया.
Dungarpur News: डूंगरपुर जिले के दोवड़ा पुलिस थाने से सिर्फ एक किमी दूर दोवड़ा गांव में बीती रात तीन जगहों पर ताले टूटे. चोरों ने गांव के सीनियर स्कूल,ज्वेलरी शॉप और एक ई मित्र की दुकान को निशाना बनाया. Dungarpur News: डूंगरपुर के दोवड़ा थानाधिकारी हेमंत चौहान ने बताया की गांव के सीनियर स्कूल के प्रिंसिपल रूम के ताले टूटे है, घटना का पता आज बुधवार सुबह के समय चला. स्कूल प्रिंसिपल हसमुख पंचाल ने पुलिस को बताया की उनके कमरे में लगी एक एलईडी,वॉल फैन, माइक चोरी हो गया है. हालांकि दो और दुकानों के भी ताले तोड़ने के प्रयास किए,लेकिन ताले नहीं टूटने से वारदात बच गई. घटना के बाद गांव में आक्रोश है. इसके अलावा स्कूल की अलमारी में बच्चो को टाई और बेल्ट देने के लिए कलेक्शन कर रखे गए रुपए भी चोरी हो गए हैं, इसके अलावा दोवड़ा बस स्टैंड के पास ही सूर्या ज्वेलर्स की दुकान में भी चोरी हुई.ज्वेलर्स भोगीलाल पंचाल ने बताया की आज सुबह दुकान के मालिक चंदूलाल परमार ने फोन कर उन्हे चोरी के बारे में बताया. दुकान के शटर तोड़कर चोर चांदी की छः चुड़िया समेत चांदी का स्क्रैप करीब एक सौ ग्राम चोरी हुआ है. वही पास में ही रोहित कलाल के ई मित्र की दुकान के भी ताले टूटे है.लेकिन यह से चोरों को कोई कीमती सामान नहीं मिला. वही, घटना के बाद गांव के लोग इकट्ठे हो गए.व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेंद्र पाटीदार और महामंत्री कांतिलाल पाटीदार ने बताया की घटना की सूचना पर थानाधिकारी हेमंत चौहान, एएसआई योगेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल डायालाल पाटीदार, सुरेश मौके पर पहुंचे. थाने से एक किमी की दूरी पर ही तीन जगहों पर हुई चोरी पर लोगो ने आक्रोश जताया और वारदात का खुलासा करने की मांग रखी. पुलिस ने लोगों से समझाइश करते ही चोरों को पकड़ने का भरोसा दिलाया.
बाराबंकी में कर्जे से परेशान परचून की दुकान चलाने वाले व्यापारी ने घर के बाहर पेड़ पर फांसी से लटककर जान दे दी। भोर में शव को देख घर में कोहराम मच गया। मामला रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के भवनियापुर मजरे भवनियापुर खेवली गांव का है। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रामकुमार तिवारी गांव में ही परचून की दुकान करके अपने परिवार का जीविकोपार्जन करता था। परिजनों के मुताबिक उसने आर्थिक दिक्कतों के कारण बैंक ऑफ बड़ौदा भिटरिया के साथ कुछ अन्य लोगों से पैसा उधार ले रखा था। लोगों का पैसा वापस ना कर पाने के कारण वह कुछ दिनों से काफी परेशान रहता था। परिजन बताते हैं कि रोजना की भांति सोमवार की शाम रामकुमार तिवारी खाना खाकर घर के बाहर सो गए थे। भोर में तीन बजे जब उनका लड़का रमन लघुशंका करने के लिए उठा तो उसने देखा घर के पीछे पेड़ से उसके पिता रामकुमार तिवारी का शव लटक रहा है। इसे देखते ही रमन बदहवाश होकर चीखने लगा। लड़के के चीखने चिल्लाने पर परिजनों के साथ आसपास के दर्जनों ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने पेड़ से शव को नीचे उतरवाकर पास के ही एक निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे। डाक्टर ने जांच करने के बाद बाद रामकुमार को मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस कर्मियों ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय भेज दिया।
बाराबंकी में कर्जे से परेशान परचून की दुकान चलाने वाले व्यापारी ने घर के बाहर पेड़ पर फांसी से लटककर जान दे दी। भोर में शव को देख घर में कोहराम मच गया। मामला रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के भवनियापुर मजरे भवनियापुर खेवली गांव का है। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रामकुमार तिवारी गांव में ही परचून की दुकान करके अपने परिवार का जीविकोपार्जन करता था। परिजनों के मुताबिक उसने आर्थिक दिक्कतों के कारण बैंक ऑफ बड़ौदा भिटरिया के साथ कुछ अन्य लोगों से पैसा उधार ले रखा था। लोगों का पैसा वापस ना कर पाने के कारण वह कुछ दिनों से काफी परेशान रहता था। परिजन बताते हैं कि रोजना की भांति सोमवार की शाम रामकुमार तिवारी खाना खाकर घर के बाहर सो गए थे। भोर में तीन बजे जब उनका लड़का रमन लघुशंका करने के लिए उठा तो उसने देखा घर के पीछे पेड़ से उसके पिता रामकुमार तिवारी का शव लटक रहा है। इसे देखते ही रमन बदहवाश होकर चीखने लगा। लड़के के चीखने चिल्लाने पर परिजनों के साथ आसपास के दर्जनों ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने पेड़ से शव को नीचे उतरवाकर पास के ही एक निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे। डाक्टर ने जांच करने के बाद बाद रामकुमार को मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस कर्मियों ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मुख्यालय भेज दिया।
अधिकारियों के तबादले में भारी भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई राज्य के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक से पूछताछ करना चाहती है पर इसके लिए जांच एजेंसी ने दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इससे परेशान राज्य सरकार ने सीबीआई नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गई है। बुधवार को न्यायमूर्ति नितिन जमादार और न्यायमूर्ति एसवी कोतवाल की पीठ के समक्ष इसका उल्लेख करके इस पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया । उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 20 अक्टूबर की तारीख तय की है। सीबीआई ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में इस महीने की शुरूआत में राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय पांडे और मुख्य सचिव सीताराम कुंते को समन जारी किये थे और उन्हें इस सप्ताह से पहले पेश होने के लिए कहा गया था। ये समन पुलिस अधिकारियों के तबादलों और नियुक्ति में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता देशमुख के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के सिलसिले में भेजे गये थे। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने इस साल मार्च में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर देशमुख पर ये आरोप लगाए थे। बंबई उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की थी। इस साल अप्रैल में, केन्द्रीय एजेंसी ने देशमुख और कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके बाद देशमुख ने राज्य के गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। देशमुख हालांकि लगातार उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
अधिकारियों के तबादले में भारी भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई राज्य के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक से पूछताछ करना चाहती है पर इसके लिए जांच एजेंसी ने दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इससे परेशान राज्य सरकार ने सीबीआई नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गई है। बुधवार को न्यायमूर्ति नितिन जमादार और न्यायमूर्ति एसवी कोतवाल की पीठ के समक्ष इसका उल्लेख करके इस पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया । उच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए बीस अक्टूबर की तारीख तय की है। सीबीआई ने महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में इस महीने की शुरूआत में राज्य के पुलिस महानिदेशक संजय पांडे और मुख्य सचिव सीताराम कुंते को समन जारी किये थे और उन्हें इस सप्ताह से पहले पेश होने के लिए कहा गया था। ये समन पुलिस अधिकारियों के तबादलों और नियुक्ति में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता देशमुख के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के सिलसिले में भेजे गये थे। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने इस साल मार्च में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर देशमुख पर ये आरोप लगाए थे। बंबई उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की थी। इस साल अप्रैल में, केन्द्रीय एजेंसी ने देशमुख और कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके बाद देशमुख ने राज्य के गृह मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। देशमुख हालांकि लगातार उनके खिलाफ लगे आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों ने भले ही राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक मुद्दे को पलट दिया हो, लेकिन खराब होती वायु गुणवत्ता का मामला अभी भी यहां एक प्रमुख चुनावी मुद्दा है। यही वजह है कि पूर्वी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद गौतम गंभीर का एक फाउंडेशन दक्षिणी दिल्ली के लाजपत नगर इलाके में शुक्रवार को एक बड़ा एयर प्यूरीफायर लगाने जा रहा है। गंभीर के कार्यालय ने दावा किया है कि लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट में शुक्रवार को लगने जा रहा यह 20 फुट लंबा प्रोटोटाइप एयर प्यूरीफायर अपनी तरह का पहला प्यूरीफायर है। इससे 250,000-600,000 क्यूबिक मीटर एयर प्यूरीफाई (हवा स्वच्छ) होगी। गिरती वायु गुणवत्ता यहां चिंता का विषय बनी हुई है। पतझड़ के बाद खराब होती वायु गुणवत्ता के चलते राष्ट्रीय राजधानी के कई स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था और बाहर निकलने को लेकर चेतावनी जारी करने पड़ी थी। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) ने 999 के स्तर को छू लिया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट को मामले में हस्तक्षेप करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सभी निर्माण कार्यो को रोकने के लिए आदेश पारित करने पड़े थे। लोगों ने मास्क का इस्तेमाल शुरू कर दिया था और दिल्ली वालों को अक्सर सार्वजनिक स्थलों पर मास्क लगाए देखा जा सकता था। अब किसी भी समय दिल्ली विधानसभा के लिए मतदान की तारीखों की घोषणा हो सकती है, इसलिए भाजपा सांसद इस मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहते।
नई दिल्ली, दो जनवरी । नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शनों ने भले ही राष्ट्रीय राजधानी में राजनीतिक मुद्दे को पलट दिया हो, लेकिन खराब होती वायु गुणवत्ता का मामला अभी भी यहां एक प्रमुख चुनावी मुद्दा है। यही वजह है कि पूर्वी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर का एक फाउंडेशन दक्षिणी दिल्ली के लाजपत नगर इलाके में शुक्रवार को एक बड़ा एयर प्यूरीफायर लगाने जा रहा है। गंभीर के कार्यालय ने दावा किया है कि लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट में शुक्रवार को लगने जा रहा यह बीस फुट लंबा प्रोटोटाइप एयर प्यूरीफायर अपनी तरह का पहला प्यूरीफायर है। इससे दो सौ पचास,शून्य-छः सौ,शून्य क्यूबिक मीटर एयर प्यूरीफाई होगी। गिरती वायु गुणवत्ता यहां चिंता का विषय बनी हुई है। पतझड़ के बाद खराब होती वायु गुणवत्ता के चलते राष्ट्रीय राजधानी के कई स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा था और बाहर निकलने को लेकर चेतावनी जारी करने पड़ी थी। एयर क्वालिटी इंडेक्स ने नौ सौ निन्यानवे के स्तर को छू लिया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट को मामले में हस्तक्षेप करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सभी निर्माण कार्यो को रोकने के लिए आदेश पारित करने पड़े थे। लोगों ने मास्क का इस्तेमाल शुरू कर दिया था और दिल्ली वालों को अक्सर सार्वजनिक स्थलों पर मास्क लगाए देखा जा सकता था। अब किसी भी समय दिल्ली विधानसभा के लिए मतदान की तारीखों की घोषणा हो सकती है, इसलिए भाजपा सांसद इस मुद्दे को छोड़ना नहीं चाहते।
Virgo Daily Horoscope । Today's Virgo Rashifal in Hindi (आज का कन्या राशिफल रविवार, 14 मई 2023) : ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में राशिफल के माध्यम से विभिन्न काल खण्डों के बारे में भविष्यवाणी की जाती है. दैनिक राशिफल (Dainik Rashifal) रोजाना की भविष्य का कथन करता है, जो ग्रह नक्षत्रों की चाल पर निर्भर होता है. आइये जानते हैं कन्या राशि के जातको का राशिफल आज रविवार को क्या है. यदि आप तनावग्रस्त महसूस कर रहे हैं, तो बच्चों के साथ समय बिताने से आप बेहतर महसूस कर सकते हैं. वे आपको प्यार और खुशी देते हैं. यदि किसी ने पैसा उधार लिया है तो उसे आज चुकाना पड़ सकता है, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. आपको उन लोगों के साथ धैर्य रखना चाहिए जो आपके जितने अनुभवी नहीं हैं. आपका प्रिय थोड़ा चिड़चिड़ा हो सकता है, लेकिन अगर आप दिन भर मेहनत करेंगे तो चीज़ें बेहतर होंगी. जीवनसाथी के साथ आपकी कुछ अनबन हो सकती है, लेकिन रात का खाना उन्हें सुलझाने में मदद कर सकता है. दूसरे लोगों के विचारों के प्रति खुला रहना महत्वपूर्ण है और हमेशा यह नहीं सोचना चाहिए कि आप सही हैं.
Virgo Daily Horoscope । Today's Virgo Rashifal in Hindi : ज्योतिष शास्त्र में राशिफल के माध्यम से विभिन्न काल खण्डों के बारे में भविष्यवाणी की जाती है. दैनिक राशिफल रोजाना की भविष्य का कथन करता है, जो ग्रह नक्षत्रों की चाल पर निर्भर होता है. आइये जानते हैं कन्या राशि के जातको का राशिफल आज रविवार को क्या है. यदि आप तनावग्रस्त महसूस कर रहे हैं, तो बच्चों के साथ समय बिताने से आप बेहतर महसूस कर सकते हैं. वे आपको प्यार और खुशी देते हैं. यदि किसी ने पैसा उधार लिया है तो उसे आज चुकाना पड़ सकता है, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. आपको उन लोगों के साथ धैर्य रखना चाहिए जो आपके जितने अनुभवी नहीं हैं. आपका प्रिय थोड़ा चिड़चिड़ा हो सकता है, लेकिन अगर आप दिन भर मेहनत करेंगे तो चीज़ें बेहतर होंगी. जीवनसाथी के साथ आपकी कुछ अनबन हो सकती है, लेकिन रात का खाना उन्हें सुलझाने में मदद कर सकता है. दूसरे लोगों के विचारों के प्रति खुला रहना महत्वपूर्ण है और हमेशा यह नहीं सोचना चाहिए कि आप सही हैं.
जिले में कोरोना संक्रमण में तेजी के बाद 18 वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं के लिए वैक्सीनेशन चल रहा है। वैक्सीन की कमी के कारण बुधवार को जिले में 37 केन्द्रों के बदले मात्र चार स्थानों पर ही 18 से अधिक आयु के लोगों का वैक्सीनेशन किया गया। यहां 249 युवाओं का वैक्सीनेशन किया गया। इस दौरान शेष बचे वैक्सीन से जिले के चार स्थान डुमरिया में 40, खिजरसराय में 70, गुरुआ में 69 व नीमचकबथानी में 70 युवाओं का वैक्सीनेशन किया गया। वहीं मंगलवार को भी 37 स्थानों के बदले मात्र एक स्थान पर 49 युवओं को वैक्सीन दिया गया था। वहीं पुरे जिले भर में कुल 86 सेंटरों पर वैक्सीनेशन दिया गया। इसमें कुल 2 हजार 125 लोगों का वैक्सीनेशन हुआ। यह निर्धारित लक्ष्य के 11 प्रतिशत है। 45 वर्ष से अधिक उम्र के 568 लोगों को पहला डोज व 672 लोगों को सेकंड डोज दिया गया। वहीं 60 से अधिक उम्र के 166 लोगों का पहला डोज व 331 लोगों को सेकंड डोज दिया गया। इस तरह 1075 लोगों को प्रथम व 1050 लोगों को सेकेंड डोज दिया गया। जिले में अब तक कुल 3 लाख 65 हजार 913 लोगों ने वैक्सीन लिये हैं। फतेहपुर प्रखंड के गांव-गांव में बीडीओ परमानंद पंडित के द्वारा कोरोना वैक्सिनेशन को लेकर जागरुकता अभियान शुरू किया गया है। गांवों में माइकिंग से प्रचार-प्रसार कर लोगों को वैक्सिनेशन के प्रति जागरूक करते हुए उनसे कोरोना से बचाव के लिए हरहाल में वैक्सीन लेने की अपील की जा रही है। साथ ही वैक्सीन लेने के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बीडीओ परमानन्द पंडित ने बताया कि प्रखंड के सभी गांव में लोगों को कोरोना वैक्सीन के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार शुरू किया गया है। बुधवार को डिहुरी, रैसीर, कठिऔंध आदि गांवों में वे खुद माइकिंग से प्रचार-प्रसार किया। बीडीओ परमानन्द पंडित ने कहा कि वैक्सीन के प्रति गलत मैसेज फैलाने के कारण लोगों में वैक्सीन लेने के प्रति मन नहीं बन रहा है। यही वजह है कि लोग वैक्सिनेशन सेंटर पर वैक्सीन लेने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। गुरारू। प्रखंड क्षेत्रों में लॉकडाउन ने लगातार कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार पर अब काबू करना शुरू कर दिया है। कोरोना के नए मरीज मिलने से लेकर रिकवरी रेट तक पर लॉकडाउन का असर साफ तौर से देखने को मिल रहा है। प्रखंड में इस पूरे हफ्ते संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में कमी देखी गई है। पहले प्रखंड में हर दिन सैकड़ों लोगों की जांच होती थी जिसमें लगभग आधा दर्जन से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे थे। लेकिन पिछले एक सप्ताह मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है । बुधवार को 189 लोगों को कोरोना जांच किया गया जिसमें एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला। यही सिलसिला पिछले एक सप्ताह से जारी है। अब एक्टिव केसेज में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य प्रबंधक रंजीत कुमार रंजन ने बताया पहले गुरारू प्रखंड क्षेत्रों में गांव गांव में जाकर कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच की जा रही है। पहले गुरारू में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 252 पहुंच गई थी। प्रखंड में एक्टिव मरीजों की संख्या मात्र 25 रह गई है। टनकुप्पा। टनकुप्पा पीएचसी में डेली कोविड का टीकाकरण का कार्य किया जाता है। बावजूद पीएचसी टीकाकरण केन्द्र पर इधर दो दिनों से लगातार एक भी लोग टीका लेने को ले लोग नहीं पहुंच रहे है। जबकि केन्द्र पर टीका लगाने की पुरी तैयारी के साथ लोग टीकाकर्मी आदि तैनात थे। स्पष्ट है कि कोविड का टीका लगाने में क्षेत्र के लोग रूची नहीं ले रहे है। लगातार दो दिनों से एक भी लोग के टीका नहीं लेने पहुंचने को लेकर टनकुप्पा पीएचसी के स्वास्थ्यकर्मी काफी चिंतित है। पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उमेश कुमार दिवाकर व हेल्थ मैनेजर ने जानकारी दी। कहा कि बुधवार को भी एक भी लोग कोविड का टीका लेने नहीं पहुंचे है। पीएचसी में पर्याप्त मात्रा में कोविड का डोज मौजूद है। बुधवार को टीकाकर्मी अनिता देवी समेत अन्य कर्मी को टीका देने को लेकर लगाया गया था। इस बात पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि लोगों में टीका लगवाने में रूचि नहीं ले रहे है।
जिले में कोरोना संक्रमण में तेजी के बाद अट्ठारह वर्ष से अधिक उम्र के युवाओं के लिए वैक्सीनेशन चल रहा है। वैक्सीन की कमी के कारण बुधवार को जिले में सैंतीस केन्द्रों के बदले मात्र चार स्थानों पर ही अट्ठारह से अधिक आयु के लोगों का वैक्सीनेशन किया गया। यहां दो सौ उनचास युवाओं का वैक्सीनेशन किया गया। इस दौरान शेष बचे वैक्सीन से जिले के चार स्थान डुमरिया में चालीस, खिजरसराय में सत्तर, गुरुआ में उनहत्तर व नीमचकबथानी में सत्तर युवाओं का वैक्सीनेशन किया गया। वहीं मंगलवार को भी सैंतीस स्थानों के बदले मात्र एक स्थान पर उनचास युवओं को वैक्सीन दिया गया था। वहीं पुरे जिले भर में कुल छियासी सेंटरों पर वैक्सीनेशन दिया गया। इसमें कुल दो हजार एक सौ पच्चीस लोगों का वैक्सीनेशन हुआ। यह निर्धारित लक्ष्य के ग्यारह प्रतिशत है। पैंतालीस वर्ष से अधिक उम्र के पाँच सौ अड़सठ लोगों को पहला डोज व छः सौ बहत्तर लोगों को सेकंड डोज दिया गया। वहीं साठ से अधिक उम्र के एक सौ छयासठ लोगों का पहला डोज व तीन सौ इकतीस लोगों को सेकंड डोज दिया गया। इस तरह एक हज़ार पचहत्तर लोगों को प्रथम व एक हज़ार पचास लोगों को सेकेंड डोज दिया गया। जिले में अब तक कुल तीन लाख पैंसठ हजार नौ सौ तेरह लोगों ने वैक्सीन लिये हैं। फतेहपुर प्रखंड के गांव-गांव में बीडीओ परमानंद पंडित के द्वारा कोरोना वैक्सिनेशन को लेकर जागरुकता अभियान शुरू किया गया है। गांवों में माइकिंग से प्रचार-प्रसार कर लोगों को वैक्सिनेशन के प्रति जागरूक करते हुए उनसे कोरोना से बचाव के लिए हरहाल में वैक्सीन लेने की अपील की जा रही है। साथ ही वैक्सीन लेने के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बीडीओ परमानन्द पंडित ने बताया कि प्रखंड के सभी गांव में लोगों को कोरोना वैक्सीन के प्रति जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार शुरू किया गया है। बुधवार को डिहुरी, रैसीर, कठिऔंध आदि गांवों में वे खुद माइकिंग से प्रचार-प्रसार किया। बीडीओ परमानन्द पंडित ने कहा कि वैक्सीन के प्रति गलत मैसेज फैलाने के कारण लोगों में वैक्सीन लेने के प्रति मन नहीं बन रहा है। यही वजह है कि लोग वैक्सिनेशन सेंटर पर वैक्सीन लेने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। गुरारू। प्रखंड क्षेत्रों में लॉकडाउन ने लगातार कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार पर अब काबू करना शुरू कर दिया है। कोरोना के नए मरीज मिलने से लेकर रिकवरी रेट तक पर लॉकडाउन का असर साफ तौर से देखने को मिल रहा है। प्रखंड में इस पूरे हफ्ते संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में कमी देखी गई है। पहले प्रखंड में हर दिन सैकड़ों लोगों की जांच होती थी जिसमें लगभग आधा दर्जन से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे थे। लेकिन पिछले एक सप्ताह मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है । बुधवार को एक सौ नवासी लोगों को कोरोना जांच किया गया जिसमें एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला। यही सिलसिला पिछले एक सप्ताह से जारी है। अब एक्टिव केसेज में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य प्रबंधक रंजीत कुमार रंजन ने बताया पहले गुरारू प्रखंड क्षेत्रों में गांव गांव में जाकर कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच की जा रही है। पहले गुरारू में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दो सौ बावन पहुंच गई थी। प्रखंड में एक्टिव मरीजों की संख्या मात्र पच्चीस रह गई है। टनकुप्पा। टनकुप्पा पीएचसी में डेली कोविड का टीकाकरण का कार्य किया जाता है। बावजूद पीएचसी टीकाकरण केन्द्र पर इधर दो दिनों से लगातार एक भी लोग टीका लेने को ले लोग नहीं पहुंच रहे है। जबकि केन्द्र पर टीका लगाने की पुरी तैयारी के साथ लोग टीकाकर्मी आदि तैनात थे। स्पष्ट है कि कोविड का टीका लगाने में क्षेत्र के लोग रूची नहीं ले रहे है। लगातार दो दिनों से एक भी लोग के टीका नहीं लेने पहुंचने को लेकर टनकुप्पा पीएचसी के स्वास्थ्यकर्मी काफी चिंतित है। पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उमेश कुमार दिवाकर व हेल्थ मैनेजर ने जानकारी दी। कहा कि बुधवार को भी एक भी लोग कोविड का टीका लेने नहीं पहुंचे है। पीएचसी में पर्याप्त मात्रा में कोविड का डोज मौजूद है। बुधवार को टीकाकर्मी अनिता देवी समेत अन्य कर्मी को टीका देने को लेकर लगाया गया था। इस बात पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि लोगों में टीका लगवाने में रूचि नहीं ले रहे है।
मुंबई (आईएएनएस)। मुंबई के पास इमेजिक थीम पार्क में आयोजित एक समारोह में कुल 1,356 लोगों ने आग पर चलकर 'फायरवॉक' का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। सोमवार को आयोजित समारोह में यह रिकॉर्ड मुंबई की एक कंपनी 'ज्वेलेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के कर्मचारियों ने बनाया। इससे पहले, यह रिकॉर्ड 608 लोगों द्वारा बनाया गया था। आग पर चलना एक प्रकार की समकालीन तकनीक है, जिसे कंपनियों द्वारा कर्मचारियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कर्मचारियों को उनके सीमित आत्मविश्वास से बाहर आने में मदद की जाती है। 'ज्वेलेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के कर्मचारियों द्वारा बनाए गए इस रिकॉर्ड के दौरान गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकारी बतौर निर्णायक मौजूद थे। इस कार्य को 'फायरवॉक' के छह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित प्रशिक्षकों आशीष अरोड़ा, लीना दास, के. बी. उन्नीकृष्णन, यूसुफ पॉलसन, राजेश राय और योगिश अरोड़ा के नेतृत्व में किया गया। इस मौके पर 'फायरवॉक' प्रमाणित प्रशिक्षकों में से एक राजेश ने कहा, "अपने डर से जीतकर ही आप अपने जीवन को भरपूर आनंद के साथ जी सकते हैं। इस कार्य को व्यक्ति विशेष के लिए शक्तिशाली परिवर्तन रूपक के रूप में माना जाता है। इसके जरिए आपको अपने सीमित क्षेत्र या सोच से बाहर निकलने में मदद मिलती है।" 'फायरवॉक' का अनुभव करने वाले 23 वर्षीय प्रतिभागी सुयेषा तामोरे ने कहा, "यह मजेदार था। मुझे नहीं पता था कि मेरे भीतर इतना डर है। मैं खुश हूं कि मैंने इसकी कोशिश की। इस उपलब्धि को हासिल करने का अहसास बेहतरीन है।"
मुंबई । मुंबई के पास इमेजिक थीम पार्क में आयोजित एक समारोह में कुल एक,तीन सौ छप्पन लोगों ने आग पर चलकर 'फायरवॉक' का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। सोमवार को आयोजित समारोह में यह रिकॉर्ड मुंबई की एक कंपनी 'ज्वेलेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के कर्मचारियों ने बनाया। इससे पहले, यह रिकॉर्ड छः सौ आठ लोगों द्वारा बनाया गया था। आग पर चलना एक प्रकार की समकालीन तकनीक है, जिसे कंपनियों द्वारा कर्मचारियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कर्मचारियों को उनके सीमित आत्मविश्वास से बाहर आने में मदद की जाती है। 'ज्वेलेक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' के कर्मचारियों द्वारा बनाए गए इस रिकॉर्ड के दौरान गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकारी बतौर निर्णायक मौजूद थे। इस कार्य को 'फायरवॉक' के छह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित प्रशिक्षकों आशीष अरोड़ा, लीना दास, के. बी. उन्नीकृष्णन, यूसुफ पॉलसन, राजेश राय और योगिश अरोड़ा के नेतृत्व में किया गया। इस मौके पर 'फायरवॉक' प्रमाणित प्रशिक्षकों में से एक राजेश ने कहा, "अपने डर से जीतकर ही आप अपने जीवन को भरपूर आनंद के साथ जी सकते हैं। इस कार्य को व्यक्ति विशेष के लिए शक्तिशाली परिवर्तन रूपक के रूप में माना जाता है। इसके जरिए आपको अपने सीमित क्षेत्र या सोच से बाहर निकलने में मदद मिलती है।" 'फायरवॉक' का अनुभव करने वाले तेईस वर्षीय प्रतिभागी सुयेषा तामोरे ने कहा, "यह मजेदार था। मुझे नहीं पता था कि मेरे भीतर इतना डर है। मैं खुश हूं कि मैंने इसकी कोशिश की। इस उपलब्धि को हासिल करने का अहसास बेहतरीन है।"
Posted On: पिछली सरकारों पर पहाड़ी क्षेत्रों की जानबूझकर उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यहां कहा कि अतीत में सरकारों ने जानबूझकर पहाड़ी क्षेत्रों की उपेक्षा की, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हैं। नवनिर्मित झूला बेली सस्पेंशन ब्रिज पर औपचारिक रूप से चलने के बाद यहां एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, कई दशकों पुराना पुल असुरक्षित और दुर्घटना प्रवण था, लेकिन फिर भी अतीत में किसी भी सरकार ने इसके बारे में चिंता नहीं की और आम जनता के लिए गंभीर जोखिम पर राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात को इस पर चलने के लिए छोड़ दिया। उन्होंने उम्मीद जताई, एक दिन विश्लेषक यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि यहां के लोगों को प्रधानमंत्री मोदी के आने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए करीब 70 साल तक इंतजार क्यों करना पड़ा। झूला बेली सस्पेंशन ब्रिज ने पुराने वाले की जगह ली है जिसे पहले असुरक्षित घोषित किया गया था। इससे पहले डॉ. जितेंद्र सिंह ने शहर के मुख्य बाजारों का भ्रमण किया और पुल निर्माण पर राहत की सांस लेने वाले लोगों का आभार स्वीकार किया। रैली को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि महत्वपूर्ण मैत्रा ब्रिज और शहर को बायपास करने वाले फ्लाईओवर का निर्माण दिन-रात डबल शिफ्ट में किया जा रहा है। उनके पूरा होने के बाद, और रामबन से आगे राष्ट्रीय राजमार्ग के शेष हिस्से को भी पूरा करने के बाद, जम्मू से श्रीनगर तक की सड़क यात्रा का समय घटकर केवल चार घंटे रह जाएगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने याद किया कि एक समय था जब रामबन में सिर्फ एक सरकारी हाई स्कूल था। आज, उन्होंने कहा, जिले में एक दर्जन से अधिक डिग्री कॉलेज और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं और उन्होंने याद किया कि यह केवल पिछले आठ वर्षों में हुआ है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, कस्तीगढ़ और उखरल जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हमने उन लोगों तक पहुंचने की नीति का पालन किया है, जिन्हें हमारी जरूरत है और धर्म, जाति, पंथ या पार्टी की वरीयता से परे उनकी आवश्यकताओं के अनुसार परियोजनाओं को सामने लाया है और आशा व्यक्त की कि वोट विचार से ऊपर की यह राजनीतिक संस्कृति युवाओं के लाभ के लिए दूसरों द्वारा भी अपनाई जाएगी जिनकी ऊर्जा अमृत काल के अगले 25 वर्षों तक राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि जल्द ही कृषि से संबंधित उद्यमिता के बारे में एक व्यापक योजना तैयार की जाएगी जिसके लिए इस जगह के पास विशाल संसाधन हैं और जो युवाओं के लिए आजीविका का एक आकर्षक स्रोत होगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इससे पहले कभी भी चिनाब नदी के संसाधनों का पूरी तरह से दोहन नहीं किया गया और अब पूर्ववर्ती डोडा जिले में कई बिजली परियोजनाएं आ रही हैं। यह क्षेत्र उत्तर भारत का पावर हब बनने जा रहा है और अन्य राज्यों को भी बिजली प्रदान करेगा। उन्होंने नाधा टॉप में रिले रेडियो स्टेशन के निर्माण के पिछले आठ वर्षों के दौरान किए गए अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को भी याद किया, जो पूरे जिले को सेवाएं प्रदान करता है।
Posted On: पिछली सरकारों पर पहाड़ी क्षेत्रों की जानबूझकर उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री ; प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यहां कहा कि अतीत में सरकारों ने जानबूझकर पहाड़ी क्षेत्रों की उपेक्षा की, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हैं। नवनिर्मित झूला बेली सस्पेंशन ब्रिज पर औपचारिक रूप से चलने के बाद यहां एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, कई दशकों पुराना पुल असुरक्षित और दुर्घटना प्रवण था, लेकिन फिर भी अतीत में किसी भी सरकार ने इसके बारे में चिंता नहीं की और आम जनता के लिए गंभीर जोखिम पर राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात को इस पर चलने के लिए छोड़ दिया। उन्होंने उम्मीद जताई, एक दिन विश्लेषक यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि यहां के लोगों को प्रधानमंत्री मोदी के आने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए करीब सत्तर साल तक इंतजार क्यों करना पड़ा। झूला बेली सस्पेंशन ब्रिज ने पुराने वाले की जगह ली है जिसे पहले असुरक्षित घोषित किया गया था। इससे पहले डॉ. जितेंद्र सिंह ने शहर के मुख्य बाजारों का भ्रमण किया और पुल निर्माण पर राहत की सांस लेने वाले लोगों का आभार स्वीकार किया। रैली को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि महत्वपूर्ण मैत्रा ब्रिज और शहर को बायपास करने वाले फ्लाईओवर का निर्माण दिन-रात डबल शिफ्ट में किया जा रहा है। उनके पूरा होने के बाद, और रामबन से आगे राष्ट्रीय राजमार्ग के शेष हिस्से को भी पूरा करने के बाद, जम्मू से श्रीनगर तक की सड़क यात्रा का समय घटकर केवल चार घंटे रह जाएगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने याद किया कि एक समय था जब रामबन में सिर्फ एक सरकारी हाई स्कूल था। आज, उन्होंने कहा, जिले में एक दर्जन से अधिक डिग्री कॉलेज और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं और उन्होंने याद किया कि यह केवल पिछले आठ वर्षों में हुआ है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, कस्तीगढ़ और उखरल जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए गए हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हमने उन लोगों तक पहुंचने की नीति का पालन किया है, जिन्हें हमारी जरूरत है और धर्म, जाति, पंथ या पार्टी की वरीयता से परे उनकी आवश्यकताओं के अनुसार परियोजनाओं को सामने लाया है और आशा व्यक्त की कि वोट विचार से ऊपर की यह राजनीतिक संस्कृति युवाओं के लाभ के लिए दूसरों द्वारा भी अपनाई जाएगी जिनकी ऊर्जा अमृत काल के अगले पच्चीस वर्षों तक राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाली है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि जल्द ही कृषि से संबंधित उद्यमिता के बारे में एक व्यापक योजना तैयार की जाएगी जिसके लिए इस जगह के पास विशाल संसाधन हैं और जो युवाओं के लिए आजीविका का एक आकर्षक स्रोत होगा। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इससे पहले कभी भी चिनाब नदी के संसाधनों का पूरी तरह से दोहन नहीं किया गया और अब पूर्ववर्ती डोडा जिले में कई बिजली परियोजनाएं आ रही हैं। यह क्षेत्र उत्तर भारत का पावर हब बनने जा रहा है और अन्य राज्यों को भी बिजली प्रदान करेगा। उन्होंने नाधा टॉप में रिले रेडियो स्टेशन के निर्माण के पिछले आठ वर्षों के दौरान किए गए अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को भी याद किया, जो पूरे जिले को सेवाएं प्रदान करता है।
ज्योतिष के मुताबिक़ काले घोड़े की नाल को शुभ माना जाता है क्योकि काले घोड़े की नाल से हम अपने घर पर आने वाली मुसीबतों को रोक सकते है काले घोड़े की नाल ज्योतिष के मुताबिक़ बहुत मायेने रखती है, तो आइये हम भी देखते है की इस नाल को किस प्रकार के प्रयोग में लाया जाता है. ज्योतिष के अनुसार घर के मुख्यद्वार पर काले घोड़े की नाल लगाने से घर में किसी की बुरी नज़र नहीं लगती, क्योंकि ज्योतिषी विद्या के अनुसार काले घोड़े के पैरों पर शनिदेव का विशेष रूप से प्रभाव होता है, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें की काले घोड़े की वही नाल फायदेमंद होती है जो काफी घिस चुकी हो यानि की बहुत चल चुकी हो, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि शनि देव को मेहनत करने वालों से ख़ुशी मिलती है तभी उनका प्रभाव उस नाल पर होता है. वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो घोड़े की नाल की अंगूठी बनवाकर उसे पहनने से हमारे शरीर में रक्तसर्कुलर बेहतर होता है और इसके साथ ही आयरन की कमी भी दूर हो जाती है, इससे मानसिक तनाव, डिप्रेशन एवं मन के डर को दूर करने में भी यह अंगूठी बहुत लाभदायक सिद्ध होती है, इसकी वजह से व्यक्ति अच्छी और गहरी नींद ले सकता है. यदि आपके घर में या दुकान में तिजोरी है और आपको चोरी का डर लगा रहता है तो आपको बस इस नाल को अपनी तिजोरी में रख देना है इससे आपके धन की सुरक्षा होगी और किसी भी प्रकार की आर्थिक हानि होने का डर नहीं रहेगा.
ज्योतिष के मुताबिक़ काले घोड़े की नाल को शुभ माना जाता है क्योकि काले घोड़े की नाल से हम अपने घर पर आने वाली मुसीबतों को रोक सकते है काले घोड़े की नाल ज्योतिष के मुताबिक़ बहुत मायेने रखती है, तो आइये हम भी देखते है की इस नाल को किस प्रकार के प्रयोग में लाया जाता है. ज्योतिष के अनुसार घर के मुख्यद्वार पर काले घोड़े की नाल लगाने से घर में किसी की बुरी नज़र नहीं लगती, क्योंकि ज्योतिषी विद्या के अनुसार काले घोड़े के पैरों पर शनिदेव का विशेष रूप से प्रभाव होता है, लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें की काले घोड़े की वही नाल फायदेमंद होती है जो काफी घिस चुकी हो यानि की बहुत चल चुकी हो, क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि शनि देव को मेहनत करने वालों से ख़ुशी मिलती है तभी उनका प्रभाव उस नाल पर होता है. वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो घोड़े की नाल की अंगूठी बनवाकर उसे पहनने से हमारे शरीर में रक्तसर्कुलर बेहतर होता है और इसके साथ ही आयरन की कमी भी दूर हो जाती है, इससे मानसिक तनाव, डिप्रेशन एवं मन के डर को दूर करने में भी यह अंगूठी बहुत लाभदायक सिद्ध होती है, इसकी वजह से व्यक्ति अच्छी और गहरी नींद ले सकता है. यदि आपके घर में या दुकान में तिजोरी है और आपको चोरी का डर लगा रहता है तो आपको बस इस नाल को अपनी तिजोरी में रख देना है इससे आपके धन की सुरक्षा होगी और किसी भी प्रकार की आर्थिक हानि होने का डर नहीं रहेगा.
सीएम चेहरे को लेकर शुरू हुई लड़ाई सीट बंटवारे से गुजरती हुई हार का ठीकरा फोड़ने व टिकट बेचने तक पहुंच गई है। जिले के पदाधिकारियों का मानना है कि पांच साल तक मेहनत के बाद इस तरह की चीजों के सामने आने से हम अंदर से टूटने लगते हैं। जागरण संवाददाता, बागेश्वर : विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस के शीर्ष नेता जिस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, उससे आम कार्यकर्ता आहत है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मामले में सोनिया गांधी से पहल करने और आरोप-प्रत्यारोप करने वालों पर लगाम लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि चुनाव को एक खेल की तरह लेना चाहिए। हार जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं। जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उससे पार्टी को भी खतरा उत्पन्न हो रहा है। कांग्रेस के शीर्ष नेता हरीश रावत व रंजीत रावत सरीखे नेता विधानसभा में मिली हार के बाद जिस तरह की बयानबाजी एक दूसरे के लिए कर रहे हैं। उससे कार्यकर्ता मायूस हैं। बागेश्वर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी का कहना है कि चुनाव में मिली हार के बाद शीर्ष नेता जिस तरह के बयान दे रहे हैं, वह किसी के लिए भी ठीक नहीं है। कार्यकर्ता पिछले कई महीनों से वोट के लिए मेहनत करता आया। वह समय पर न तो सो पाया और न खा पाया। कार्यकर्ताओं की मेहनत से कांग्रेस के कई विधायक जीतकर आगे आए हैं। पिछले विधानसभा से इस बार उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। अभी सरकार का गठन तक नहीं हुआ है। कांग्रेस के सबसे सीनियर नेताओं की इस तरह की बयानबाजी ठीक नहीं है। इससे आम कार्यकर्ता निराश है। उन्होंने मामले में पार्टी की सीनियर नेता सोनिया गांधी से हस्तक्षेप करने तथा इस तरह की बयानबाजी पर लगाम लगाने की मांग की है। यदि इस पर जल्द लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी गिर जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में चुनाव की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस में उथल पुथल चल रहा है। पहले सीएम चेहरे को लेकर गुटबाजी व बवाल हुआ। उसके बाद सीटों के बंटवारे को लेकर घमासान मचा, नेताओं ने बगावत की। पार्टी चुनाव में हार के बाद अब शीर्ष नेताओं टिकट बेचने व हार का ठीकरा फोड़ने को लेकर लड़ाई जारी है। इसी पर जिलाध्यक्ष ने अपना दुख जाहिर किया है।
सीएम चेहरे को लेकर शुरू हुई लड़ाई सीट बंटवारे से गुजरती हुई हार का ठीकरा फोड़ने व टिकट बेचने तक पहुंच गई है। जिले के पदाधिकारियों का मानना है कि पांच साल तक मेहनत के बाद इस तरह की चीजों के सामने आने से हम अंदर से टूटने लगते हैं। जागरण संवाददाता, बागेश्वर : विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस के शीर्ष नेता जिस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, उससे आम कार्यकर्ता आहत है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने मामले में सोनिया गांधी से पहल करने और आरोप-प्रत्यारोप करने वालों पर लगाम लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि चुनाव को एक खेल की तरह लेना चाहिए। हार जीत एक सिक्के के दो पहलू हैं। जिस तरह की बयानबाजी हो रही है, उससे पार्टी को भी खतरा उत्पन्न हो रहा है। कांग्रेस के शीर्ष नेता हरीश रावत व रंजीत रावत सरीखे नेता विधानसभा में मिली हार के बाद जिस तरह की बयानबाजी एक दूसरे के लिए कर रहे हैं। उससे कार्यकर्ता मायूस हैं। बागेश्वर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी का कहना है कि चुनाव में मिली हार के बाद शीर्ष नेता जिस तरह के बयान दे रहे हैं, वह किसी के लिए भी ठीक नहीं है। कार्यकर्ता पिछले कई महीनों से वोट के लिए मेहनत करता आया। वह समय पर न तो सो पाया और न खा पाया। कार्यकर्ताओं की मेहनत से कांग्रेस के कई विधायक जीतकर आगे आए हैं। पिछले विधानसभा से इस बार उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। अभी सरकार का गठन तक नहीं हुआ है। कांग्रेस के सबसे सीनियर नेताओं की इस तरह की बयानबाजी ठीक नहीं है। इससे आम कार्यकर्ता निराश है। उन्होंने मामले में पार्टी की सीनियर नेता सोनिया गांधी से हस्तक्षेप करने तथा इस तरह की बयानबाजी पर लगाम लगाने की मांग की है। यदि इस पर जल्द लगाम नहीं लगाई गई तो आने वाले समय में कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी गिर जाएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में चुनाव की घोषणा के बाद से ही कांग्रेस में उथल पुथल चल रहा है। पहले सीएम चेहरे को लेकर गुटबाजी व बवाल हुआ। उसके बाद सीटों के बंटवारे को लेकर घमासान मचा, नेताओं ने बगावत की। पार्टी चुनाव में हार के बाद अब शीर्ष नेताओं टिकट बेचने व हार का ठीकरा फोड़ने को लेकर लड़ाई जारी है। इसी पर जिलाध्यक्ष ने अपना दुख जाहिर किया है।
सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआइ की मान्यता रद किए जाने को लेकर याचिका दाखिल की गई है। माला दीक्षित, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हुई है जिसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) पर अपनी क्रिकेट टीम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की टीम बताए जाने का आरोप लगाते हुए उसकी भारत के आधिकारिक प्रतिनिधि के तौर पर मान्यता रद किए जाने की मांग की गई है। इतना ही नहीं, कोर्ट से सरकार को अपनी क्रिकेट संस्था बनाने और उसे भारतीय प्रतिनिधि के तौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) में दर्ज कराने का भी आदेश मांगा गया है। यह जनहित याचिका वकील रीपक कंसल ने दाखिल की है। याचिका पर कोर्ट 10 अगस्त को सुनवाई करेगा। याचिका में यह भी मांग है कि सरकार की इजाजत या अधिकृत किए जाने के बगैर ही बीसीसीआइ द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कंसल ने कहा है कि बीसीसीआइ तमिलनाडु में पंजीकृत संस्था है और बीसीसीआइ स्वयं से अनुच्छेद 12 के तहत अपने राज्य के दर्जे को नकारती रही है। वह एक स्वायत्त संस्था है उस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। जब बीसीसीआइ स्वयं को पब्लिक अथॉरिटी होने से इन्कार करती है तो फिर वह सरकार की इजाजत के बगैर भारत के नाम का इस्तेमाल कैसे कर सकती है। वह ना तो कानूनन भारत शब्द का इस्तेमाल कर सकती है और ना ही वह भारत की टीम का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर सकती है। यह भी कहा गया है कि बीसीसीआइ अकेले खिलाडि़यों का चयन करती है उसमें सरकार का कोई दखल नहीं होता। ऐसे में खिलाड़ी इस निजी संस्था और उसके सदस्य संघों की दया पर निर्भर रहते हैं। चूंकि बीसीसीआइ निजी संस्था है इसलिए कोई भी उसके चयन को कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकता, चाहें उसके किसी भी मौलिक अधिकार का क्यों ना हनन हुआ हो। यह भी कहा गया है कि क्रिकेट को सिर्फ अकेली बीसीसीआइ चला रही है, जबकि वास्तव में क्रिकेट को खेल मंत्रालय को नियंत्रित करना चाहिए। बीसीसीआइ द्वारा चयनित क्रिकेट टीम भारत की क्रिकेट टीम नहीं, बल्कि बीसीसीआइ की क्रिकेट टीम है और टीम की उपलब्धियां बीसीसीआइ की हैं, ना कि भारत की। याचिकाकर्ता का कहना है कि ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने का प्रस्ताव है। ओलंपिक में खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और देश के झंडे तले खेलते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआइ की मान्यता रद किए जाने को लेकर याचिका दाखिल की गई है। माला दीक्षित, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हुई है जिसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड पर अपनी क्रिकेट टीम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की टीम बताए जाने का आरोप लगाते हुए उसकी भारत के आधिकारिक प्रतिनिधि के तौर पर मान्यता रद किए जाने की मांग की गई है। इतना ही नहीं, कोर्ट से सरकार को अपनी क्रिकेट संस्था बनाने और उसे भारतीय प्रतिनिधि के तौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद में दर्ज कराने का भी आदेश मांगा गया है। यह जनहित याचिका वकील रीपक कंसल ने दाखिल की है। याचिका पर कोर्ट दस अगस्त को सुनवाई करेगा। याचिका में यह भी मांग है कि सरकार की इजाजत या अधिकृत किए जाने के बगैर ही बीसीसीआइ द्वारा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कंसल ने कहा है कि बीसीसीआइ तमिलनाडु में पंजीकृत संस्था है और बीसीसीआइ स्वयं से अनुच्छेद बारह के तहत अपने राज्य के दर्जे को नकारती रही है। वह एक स्वायत्त संस्था है उस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। जब बीसीसीआइ स्वयं को पब्लिक अथॉरिटी होने से इन्कार करती है तो फिर वह सरकार की इजाजत के बगैर भारत के नाम का इस्तेमाल कैसे कर सकती है। वह ना तो कानूनन भारत शब्द का इस्तेमाल कर सकती है और ना ही वह भारत की टीम का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर सकती है। यह भी कहा गया है कि बीसीसीआइ अकेले खिलाडि़यों का चयन करती है उसमें सरकार का कोई दखल नहीं होता। ऐसे में खिलाड़ी इस निजी संस्था और उसके सदस्य संघों की दया पर निर्भर रहते हैं। चूंकि बीसीसीआइ निजी संस्था है इसलिए कोई भी उसके चयन को कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकता, चाहें उसके किसी भी मौलिक अधिकार का क्यों ना हनन हुआ हो। यह भी कहा गया है कि क्रिकेट को सिर्फ अकेली बीसीसीआइ चला रही है, जबकि वास्तव में क्रिकेट को खेल मंत्रालय को नियंत्रित करना चाहिए। बीसीसीआइ द्वारा चयनित क्रिकेट टीम भारत की क्रिकेट टीम नहीं, बल्कि बीसीसीआइ की क्रिकेट टीम है और टीम की उपलब्धियां बीसीसीआइ की हैं, ना कि भारत की। याचिकाकर्ता का कहना है कि ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल करने का प्रस्ताव है। ओलंपिक में खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और देश के झंडे तले खेलते हैं।
अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड को 2016-17 में आई बाढ़ और भूस्खलन के मद्देनजर केन्द्रीय सहायता प्रदान को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज यहां एक उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केन्द्रीय वित्त, कॉर्पोरेट मामले और रक्षा मंत्री श्री अरुण जेटली, केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह, केंद्रीय गृह सचिव श्री राजीव महर्षि और गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय तथा कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। एचएलसी ने अरूणाचल प्रदेश को 103.30 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने को मंजूरी दी जिसमें राष्ट्रीय आपदा राहत निधि (एनडीआरएफ) से 81.6 9 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय ग्रामीण पेय जल कार्यक्रम (एनआरडीडब्ल्यूपी) से 21.61 करोड़ रुपये शामिल हैं। समिति ने नागालैंड के लिए 28.60 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने को मंजूरी दी, जिसमें राष्ट्रीय आपदा राहत निधि (एनडीआरएफ) से 25.89 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (एनआरडीडब्ल्यूपी) से 2.71 करोड़ रुपये शामिल हैं।
अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड को दो हज़ार सोलह-सत्रह में आई बाढ़ और भूस्खलन के मद्देनजर केन्द्रीय सहायता प्रदान को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज यहां एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केन्द्रीय वित्त, कॉर्पोरेट मामले और रक्षा मंत्री श्री अरुण जेटली, केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्री राधा मोहन सिंह, केंद्रीय गृह सचिव श्री राजीव महर्षि और गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय तथा कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। एचएलसी ने अरूणाचल प्रदेश को एक सौ तीन.तीस करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने को मंजूरी दी जिसमें राष्ट्रीय आपदा राहत निधि से इक्यासी.छः नौ करोड़ रुपये और राष्ट्रीय ग्रामीण पेय जल कार्यक्रम से इक्कीस.इकसठ करोड़ रुपये शामिल हैं। समिति ने नागालैंड के लिए अट्ठाईस.साठ करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने को मंजूरी दी, जिसमें राष्ट्रीय आपदा राहत निधि से पच्चीस.नवासी करोड़ रुपये और राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम से दो.इकहत्तर करोड़ रुपये शामिल हैं।
दीजिये । हम लोगोंका कर्तव्य है कि पतिकी इच्छानुसार चले । पतिकी इच्छा के विरुद्ध जो जाती है क्या वह राजपुत्री होसकती है ? हम लोग हृदय में एक रखकर मुखसे एक बोल नहीं सकती, संतोष के साथ सुभद्रा बहिनको पट्टरानी बनाकर लावे । इस प्रकार राणियोनें हर्षपूर्वक सम्मति दी । वह दिन आनंदसे व्यतीत हुआ । दूसरे दिन सम्राट्ने कालिंदी व मधुवाणीका सत्कार किया एवं विद्याधरमंत्रीका भी सत्कारकर उनको रवाना किया। भंडारवती नामक बुद्धिमती स्त्री के साथ लग्ननिश्चयमुद्रिका व आभरणोंके करंडको देकर विजयार्धपर भेजनेकी तैयारी की । विशेष क्या ? सेनाके संरक्षण के लिए जयंतको रखकर बाकी के सभी व्यंतर, म्लेच्छ व विद्याधर राजावोंको वहांपर जानेकी आज्ञा कीगई । बहुत संतोष के साथ छप्पन देश के राजा व राजपुत्र व अपने मित्रोंको सम्राट्ने वहांपर भेजा जिससे मामीजीको हर्ष होजाय । मंगलोपहार के साथ समस्त राजगणोंको भेजकर इधर अपनी बहिनोंके तरफ भी समाचार भेजा । भरतजी सचमुच असदृशपुण्यशाली हैं । वे जहां जाते हैं में वहां उनका आदर ही आदर होता है । प्रतिसमय उनको सुखसाधनों की की प्राप्ति होती रहती है । षट्खंड विजयी होकर सर्वाधिपत्यको प्राप्त करनेका समाचार हम पिछले प्रकरणमें बाच चुके है। परंतु इस प्रकरण में पट्टरानीकी प्राप्ति का संदेश है । इस प्रकार रात्रिंदिन उन को आनंद पर आनंद हो रहा है । इस का कारण क्या है ? भरत जी सत्रिंदिन उस आनंद की निवि परमात्मा का जिस भावना से स्मरण करते है उसी का यह फल है । उनकी भावना सदा यह रहती है किः--- " हे परमात्मन् ! सागर में जिस प्रकार तरंग के ऊपर दूसरा तरग आता है उसी प्रकार संपत्ति व संतोष के ऊपर पुनः संपत्ति
दीजिये । हम लोगोंका कर्तव्य है कि पतिकी इच्छानुसार चले । पतिकी इच्छा के विरुद्ध जो जाती है क्या वह राजपुत्री होसकती है ? हम लोग हृदय में एक रखकर मुखसे एक बोल नहीं सकती, संतोष के साथ सुभद्रा बहिनको पट्टरानी बनाकर लावे । इस प्रकार राणियोनें हर्षपूर्वक सम्मति दी । वह दिन आनंदसे व्यतीत हुआ । दूसरे दिन सम्राट्ने कालिंदी व मधुवाणीका सत्कार किया एवं विद्याधरमंत्रीका भी सत्कारकर उनको रवाना किया। भंडारवती नामक बुद्धिमती स्त्री के साथ लग्ननिश्चयमुद्रिका व आभरणोंके करंडको देकर विजयार्धपर भेजनेकी तैयारी की । विशेष क्या ? सेनाके संरक्षण के लिए जयंतको रखकर बाकी के सभी व्यंतर, म्लेच्छ व विद्याधर राजावोंको वहांपर जानेकी आज्ञा कीगई । बहुत संतोष के साथ छप्पन देश के राजा व राजपुत्र व अपने मित्रोंको सम्राट्ने वहांपर भेजा जिससे मामीजीको हर्ष होजाय । मंगलोपहार के साथ समस्त राजगणोंको भेजकर इधर अपनी बहिनोंके तरफ भी समाचार भेजा । भरतजी सचमुच असदृशपुण्यशाली हैं । वे जहां जाते हैं में वहां उनका आदर ही आदर होता है । प्रतिसमय उनको सुखसाधनों की की प्राप्ति होती रहती है । षट्खंड विजयी होकर सर्वाधिपत्यको प्राप्त करनेका समाचार हम पिछले प्रकरणमें बाच चुके है। परंतु इस प्रकरण में पट्टरानीकी प्राप्ति का संदेश है । इस प्रकार रात्रिंदिन उन को आनंद पर आनंद हो रहा है । इस का कारण क्या है ? भरत जी सत्रिंदिन उस आनंद की निवि परमात्मा का जिस भावना से स्मरण करते है उसी का यह फल है । उनकी भावना सदा यह रहती है किः--- " हे परमात्मन् ! सागर में जिस प्रकार तरंग के ऊपर दूसरा तरग आता है उसी प्रकार संपत्ति व संतोष के ऊपर पुनः संपत्ति
Don't Miss! Alia Bhatt को आमिर खान क्यों कहते थे Varun Dhawan? कारण जानकर हंसने लगेंगे आप! वरुण धवन और आलिया भट्ट ने कई फिल्मों में एक साथ काम किया है और दोनों काफी अच्छे दोस्त भी हैं। यही कारण है कि जब उनको लेकर किसी तरह की चर्चा होती है तो फैंस काफी इंट्रेस्ट दिखाते हैं। दरअसल इन दोनों सितारों को हाल ही में एक इवेंट में साथ देखा गया था और इसके बाद एक खबर चर्चा में है जो कि आपको चौकाने वाली है। इस दौरान वरुण ने खुलासा करते हुए अपने पेट नेम्स को लेकर कई बातें बताई थीँ। लेकिन सबसे ज्यादा चौकाने वाला ये था कि वरुण धवन उनको आमिर खान कहकर बुलाते हैं। बोल्ड होकर पानी में लेटी थीं बबिता भाभी, तभी आई लहर और ऊपर खिसक गई ड्रेस, फिर जो हुआ.. जी हां, इसके पीछे जो कारण उन्होने बताया वो ये था कि, "उनका ड्रेसिंग सेंस आमिर खान जैसा था। वह हाई वेस्ट जींस पहनती थी और शॉर्ट पहनती थी। उसका स्वैग काफी हद तक आमिर जैसा था और वह एक परफेक्शनिस्ट भी है।" इसको लेकर आलिया ने खुलासा किया और अब उनका ये बयान खबरों का हिस्सा है। इसके अलावा वरुण धवन ने कहा कि, "उनके पास बहुत सारे पेट नेम्स हैं। मैं 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' के दौरान उन्हें आलू कहता था।" आलिया भट्ट का रिएक्शन इस दौरान कमाल का था। हालांकि उनका नाम आलू तो सभी को पता है लेकिन किसी को ये नहीं पता होगा कि आमिर खान भी उनको कहा जाता था। ये दोनों सितारे साल 2012 में एक साथ हिंदी फिल्म इंड्स्ट्री में नजर आए थे और छा गए थे। इसके बाद भी वो लगातार साथ में काम करते रहे और उनकी फैन फॉलोविंग शानदार हो गई। आज इन दोनों सितारों के नाम दर्जनों बेहतरीन फिल्में हैं जिनको फैंस की तरफ से काफी पसंद किया गया था। बीच पर बेड डालकर बैठी हसीना ने दिखाई हॉटनेस, लोग बोले- 'हर चीज की एक सीमा होती है यार' सैफ अली खान के बारे में बात करते हुए ये क्या बोल गई करीना कपूर खान- मेरी आंखें भर आती हैं क्योंकि..
Don't Miss! Alia Bhatt को आमिर खान क्यों कहते थे Varun Dhawan? कारण जानकर हंसने लगेंगे आप! वरुण धवन और आलिया भट्ट ने कई फिल्मों में एक साथ काम किया है और दोनों काफी अच्छे दोस्त भी हैं। यही कारण है कि जब उनको लेकर किसी तरह की चर्चा होती है तो फैंस काफी इंट्रेस्ट दिखाते हैं। दरअसल इन दोनों सितारों को हाल ही में एक इवेंट में साथ देखा गया था और इसके बाद एक खबर चर्चा में है जो कि आपको चौकाने वाली है। इस दौरान वरुण ने खुलासा करते हुए अपने पेट नेम्स को लेकर कई बातें बताई थीँ। लेकिन सबसे ज्यादा चौकाने वाला ये था कि वरुण धवन उनको आमिर खान कहकर बुलाते हैं। बोल्ड होकर पानी में लेटी थीं बबिता भाभी, तभी आई लहर और ऊपर खिसक गई ड्रेस, फिर जो हुआ.. जी हां, इसके पीछे जो कारण उन्होने बताया वो ये था कि, "उनका ड्रेसिंग सेंस आमिर खान जैसा था। वह हाई वेस्ट जींस पहनती थी और शॉर्ट पहनती थी। उसका स्वैग काफी हद तक आमिर जैसा था और वह एक परफेक्शनिस्ट भी है।" इसको लेकर आलिया ने खुलासा किया और अब उनका ये बयान खबरों का हिस्सा है। इसके अलावा वरुण धवन ने कहा कि, "उनके पास बहुत सारे पेट नेम्स हैं। मैं 'स्टूडेंट ऑफ द ईयर' के दौरान उन्हें आलू कहता था।" आलिया भट्ट का रिएक्शन इस दौरान कमाल का था। हालांकि उनका नाम आलू तो सभी को पता है लेकिन किसी को ये नहीं पता होगा कि आमिर खान भी उनको कहा जाता था। ये दोनों सितारे साल दो हज़ार बारह में एक साथ हिंदी फिल्म इंड्स्ट्री में नजर आए थे और छा गए थे। इसके बाद भी वो लगातार साथ में काम करते रहे और उनकी फैन फॉलोविंग शानदार हो गई। आज इन दोनों सितारों के नाम दर्जनों बेहतरीन फिल्में हैं जिनको फैंस की तरफ से काफी पसंद किया गया था। बीच पर बेड डालकर बैठी हसीना ने दिखाई हॉटनेस, लोग बोले- 'हर चीज की एक सीमा होती है यार' सैफ अली खान के बारे में बात करते हुए ये क्या बोल गई करीना कपूर खान- मेरी आंखें भर आती हैं क्योंकि..
Lakhimpur Kheri Violence : लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 26 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए और समय मांगा। Lakhimpur Kheri Violence : लखीमपुर हिंसा पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और कोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वह उनकी कार्रवाई से खुश नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंगलवार रात तक वह स्टेटस रिपोर्ट का इंतजार करते रह गए, लेकिन दाखिल नहीं की गई। आज सुप्रीम कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट मिली है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने यूपी सरकार की ओर से सुनवाई टालने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि सरकार अपना काम करने से बच रही है। अब इस मामले में 26 अक्टूबर को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए यूपी सरकार के वकील से पूछा कि इस मामले में 44 गवाह बनाए गए हैं। अब तक सिर्फ चार गवाहों से पूछताछ की गई है और लोगों से पूछताछ क्यों नहीं की गई है। इस पर यूपी सरकार के वकील हरीश साल्वे ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल प्रक्रिया चल रही है। साल्वे ने कहा कि दो अपराध हैं। एक मामला किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का और दूसरा लिंचिंग का। पहले मामले में दस लोग गिरफ्तार किए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि कुछ लोग न्यायिक हिरासत और कुछ पुलिस हिरासत में क्यों हैं ? सभी को पुलिस हिरासत क्यों नहीं? इसपर यूपी सरकार की ओर से बताया गया है कि चार आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और छह आरोपी पहले पुलिस हिरासत में थे अब न्यायिक हिरासत में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गवाहों और पीड़ितों के 164 के तहत बयान जल्द से जल्द दर्ज कराए जाएं। साथ ही गवाहों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। कोर्ट ने साल्वे से यह भी पूछा कि अब तक इस पूरे मसले पर राज्य सरकार ने क्या-क्या काम किया है? इसका साल्वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने यह टिप्पणी की है। 26 October Tak Tali Lakhimpur Kheri Hinsa Ki Sunvai) सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 26 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए और समय मांगा। अब सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से 26 अक्तूबर से पहले तक की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। (3 October Lakhimpur Kheri Hinsa ) बता दें लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri Violence) में बीते 3 अक्टूबर को किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी गई थी। जिसमें चार किसानों की मौत हो गई थी। जबकि आक्रोशित भीड़ का शिकार बने चार लोगों भीड़ ने पीटकर मार डाला था। किसानों पर जीप चढ़ाने का आरोप केंद्रीय मंत्री अजय कुमार टेनी के बेटे आशीष मिश्र और उनके समर्थकों पर लगा है। इन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
Lakhimpur Kheri Violence : लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छब्बीस अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए और समय मांगा। Lakhimpur Kheri Violence : लखीमपुर हिंसा पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और कोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि वह उनकी कार्रवाई से खुश नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंगलवार रात तक वह स्टेटस रिपोर्ट का इंतजार करते रह गए, लेकिन दाखिल नहीं की गई। आज सुप्रीम कोर्ट को स्टेटस रिपोर्ट मिली है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने यूपी सरकार की ओर से सुनवाई टालने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि सरकार अपना काम करने से बच रही है। अब इस मामले में छब्बीस अक्टूबर को सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए यूपी सरकार के वकील से पूछा कि इस मामले में चौंतालीस गवाह बनाए गए हैं। अब तक सिर्फ चार गवाहों से पूछताछ की गई है और लोगों से पूछताछ क्यों नहीं की गई है। इस पर यूपी सरकार के वकील हरीश साल्वे ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल प्रक्रिया चल रही है। साल्वे ने कहा कि दो अपराध हैं। एक मामला किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का और दूसरा लिंचिंग का। पहले मामले में दस लोग गिरफ्तार किए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश ने पूछा कि कुछ लोग न्यायिक हिरासत और कुछ पुलिस हिरासत में क्यों हैं ? सभी को पुलिस हिरासत क्यों नहीं? इसपर यूपी सरकार की ओर से बताया गया है कि चार आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और छह आरोपी पहले पुलिस हिरासत में थे अब न्यायिक हिरासत में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गवाहों और पीड़ितों के एक सौ चौंसठ के तहत बयान जल्द से जल्द दर्ज कराए जाएं। साथ ही गवाहों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। कोर्ट ने साल्वे से यह भी पूछा कि अब तक इस पूरे मसले पर राज्य सरकार ने क्या-क्या काम किया है? इसका साल्वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने यह टिप्पणी की है। छब्बीस अक्टूबरober Tak Tali Lakhimpur Kheri Hinsa Ki Sunvai) सुप्रीम कोर्ट ने मामले को छब्बीस अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार ने अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए और समय मांगा। अब सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से छब्बीस अक्तूबर से पहले तक की स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। बता दें लखीमपुर खीरी में बीते तीन अक्टूबर को किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी गई थी। जिसमें चार किसानों की मौत हो गई थी। जबकि आक्रोशित भीड़ का शिकार बने चार लोगों भीड़ ने पीटकर मार डाला था। किसानों पर जीप चढ़ाने का आरोप केंद्रीय मंत्री अजय कुमार टेनी के बेटे आशीष मिश्र और उनके समर्थकों पर लगा है। इन सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग(गेट) 2022 परीक्षा की कल आंसर की जारी की जाएगी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खडग़पुर इस परीक्षा की गेट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम (जीओएपीएस) पर आंसर की जारी करेगा। जिन छात्रों ने इस परीक्षा में भाग लिया है वह आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी प्रीलिम्नरी आंसर की जारी की जाएगी। आईआईटी खडग़पुर गेट आंसर की पर छात्रों की आपत्तियां भी लेगा। जिन्हें छात्र 22 से 25 फरवरी के बीच दर्ज करा सकते हैं। गेट परीक्षा का अंतिम परिणाम 17 मार्च को जारी किया जाएगा। जिसके बाद उम्मीदवार 21 मार्च अपने अंक देख सकेंगे। इससे पहले 15 फरवरी को आईआईटी ने गेट 2022 की रिस्पांस सीट जारी कर दी थी। गेट परीक्षा का आयोजन 5 से 13 फरवरी 2022 को किया गया था।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग दो हज़ार बाईस परीक्षा की कल आंसर की जारी की जाएगी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खडग़पुर इस परीक्षा की गेट ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेसिंग सिस्टम पर आंसर की जारी करेगा। जिन छात्रों ने इस परीक्षा में भाग लिया है वह आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी प्रीलिम्नरी आंसर की जारी की जाएगी। आईआईटी खडग़पुर गेट आंसर की पर छात्रों की आपत्तियां भी लेगा। जिन्हें छात्र बाईस से पच्चीस फरवरी के बीच दर्ज करा सकते हैं। गेट परीक्षा का अंतिम परिणाम सत्रह मार्च को जारी किया जाएगा। जिसके बाद उम्मीदवार इक्कीस मार्च अपने अंक देख सकेंगे। इससे पहले पंद्रह फरवरी को आईआईटी ने गेट दो हज़ार बाईस की रिस्पांस सीट जारी कर दी थी। गेट परीक्षा का आयोजन पाँच से तेरह फरवरी दो हज़ार बाईस को किया गया था।
GORAKHPUR: कोरोना केसेज का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। इसलिए आपको अलर्ट रह सावधानियां बरतने की जरूरत है। शासन द्वारा जारी किए गए दो दिन के लॉकडाउन का ईमानदारी से पालन करें। कामकाज के लिए निकल रहे लोग मुंह, नाक को कम से कम छुएं और बार-बार हाथ धोने की आदत को न छोड़ें। यह बातें दैनिक जागरण आई नेक्स्ट अपडेट्स ऑन रेडियो सिटी पर जिला महिला अस्पताल के मैनेजर डॉ। कमलेश कुमार बता रहे हैं। प्रोग्राम का टेलीकास्ट रेडियो सिटी 91. 9 एफएम पर सुबह 10 बजे होगा। जिसे सुनना आप न भूलें। डॉ। कमलेश बताते हैं कि हफ्ते में भले ही पांच दिन की छूट दी गई है लेकिन बेवजह मार्केट में न निकलें। कोशिश करें की बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलें। लापरवाही बिल्कुल भी न करें। पूरी सावधानी बरतें। शासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने के लिए कुछ निम्न बातों का सख्ती से पालन करना होगा। कम से कम छह फीट की सोशल डिस्टेंसिंग जरूर मेंटेन करें ताकि संक्रमण से बच सकें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढंक कर रखें ताकि मुंह या नाक से निकले ड्रॉपलेट्स हवा में न फैलें। इसके लिए दो गज की दूरी और मास्क जरूर लगाएं।
GORAKHPUR: कोरोना केसेज का ग्राफ दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। इसलिए आपको अलर्ट रह सावधानियां बरतने की जरूरत है। शासन द्वारा जारी किए गए दो दिन के लॉकडाउन का ईमानदारी से पालन करें। कामकाज के लिए निकल रहे लोग मुंह, नाक को कम से कम छुएं और बार-बार हाथ धोने की आदत को न छोड़ें। यह बातें दैनिक जागरण आई नेक्स्ट अपडेट्स ऑन रेडियो सिटी पर जिला महिला अस्पताल के मैनेजर डॉ। कमलेश कुमार बता रहे हैं। प्रोग्राम का टेलीकास्ट रेडियो सिटी इक्यानवे. नौ एफएम पर सुबह दस बजे होगा। जिसे सुनना आप न भूलें। डॉ। कमलेश बताते हैं कि हफ्ते में भले ही पांच दिन की छूट दी गई है लेकिन बेवजह मार्केट में न निकलें। कोशिश करें की बहुत जरूरी हो तभी घर से निकलें। लापरवाही बिल्कुल भी न करें। पूरी सावधानी बरतें। शासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें। वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ने के लिए कुछ निम्न बातों का सख्ती से पालन करना होगा। कम से कम छह फीट की सोशल डिस्टेंसिंग जरूर मेंटेन करें ताकि संक्रमण से बच सकें। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढंक कर रखें ताकि मुंह या नाक से निकले ड्रॉपलेट्स हवा में न फैलें। इसके लिए दो गज की दूरी और मास्क जरूर लगाएं।
राजप्रशस्तिः महावांव्यम् जलाशयत्याग विधौ समस्तसज्जलावलित्यागविधिर्मयेत्यलं कार्यों हि मत्वा शुभसप्तसागर1 दानं कृतं दानिवरेण युक्तता ।।१६।। भावार्थः- राजसमुद्र के उत्सर्ग के अवसर पर मुझे संपूर्ण जल-राशि का उत्सर्ग करना चाहिये, यह विचार कर दानियों में श्रेष्ठ राजसिंह ने सप्तसागरदान किया, जो उचित है । ग्रंथेषु दृष्टं किल सप्तसागरदानं तदाधिक्यकृती स्फुरत्पणः । स्वकल्पिताध्यन्वितसप्तसागरदानेन वाष्टांबुधिदोभवन्नृत्रः ।।१७।। भावार्थः- ग्रन्थों में सप्तसागर - दान का ही उल्लेख है । पर उससे अधिक दान करने की प्रतिज्ञा करनेवाला यह राजसिंह स्वनिर्मित समुद्र के सप्तसागर का दान देकर ग्रष्टसागर का दाता बन गया । गांभीर्याद्राजसिंहोयं जित्वा वै सप्तसागरान् । तान्महादानविधिना द्विजेभ्यः प्रददौ मुदा ॥ १८ ॥ भावार्थः- राजसिंह ने अपने गांभीर्य से सातों सागरों को जीत लिया तथा महादान की विधि से उन्हें ब्राह्मणों को सहर्ष दे दिया । ज्योतिर्विन्मतमेकतो जलक्ष्यः षट् भागकेंतर्भुवः क्षाराविधर्मम वा मते जलधयः सप्तैकतो वावनेः । मध्ये राजसमुद्र एप तदिदं स्पष्टीकृतं तत्र त छानोत्सर्गविधानयोर्मम मतं तत्सत्यमेव ध्रुवं ।।१६।।
राजप्रशस्तिः महावांव्यम् जलाशयत्याग विधौ समस्तसज्जलावलित्यागविधिर्मयेत्यलं कार्यों हि मत्वा शुभसप्तसागरएक दानं कृतं दानिवरेण युक्तता ।।सोलह।। भावार्थः- राजसमुद्र के उत्सर्ग के अवसर पर मुझे संपूर्ण जल-राशि का उत्सर्ग करना चाहिये, यह विचार कर दानियों में श्रेष्ठ राजसिंह ने सप्तसागरदान किया, जो उचित है । ग्रंथेषु दृष्टं किल सप्तसागरदानं तदाधिक्यकृती स्फुरत्पणः । स्वकल्पिताध्यन्वितसप्तसागरदानेन वाष्टांबुधिदोभवन्नृत्रः ।।सत्रह।। भावार्थः- ग्रन्थों में सप्तसागर - दान का ही उल्लेख है । पर उससे अधिक दान करने की प्रतिज्ञा करनेवाला यह राजसिंह स्वनिर्मित समुद्र के सप्तसागर का दान देकर ग्रष्टसागर का दाता बन गया । गांभीर्याद्राजसिंहोयं जित्वा वै सप्तसागरान् । तान्महादानविधिना द्विजेभ्यः प्रददौ मुदा ॥ अट्ठारह ॥ भावार्थः- राजसिंह ने अपने गांभीर्य से सातों सागरों को जीत लिया तथा महादान की विधि से उन्हें ब्राह्मणों को सहर्ष दे दिया । ज्योतिर्विन्मतमेकतो जलक्ष्यः षट् भागकेंतर्भुवः क्षाराविधर्मम वा मते जलधयः सप्तैकतो वावनेः । मध्ये राजसमुद्र एप तदिदं स्पष्टीकृतं तत्र त छानोत्सर्गविधानयोर्मम मतं तत्सत्यमेव ध्रुवं ।।सोलह।।
सितंबर में, सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित किया कि भारत में प्रत्येक महिला चाहे वो वैवाहिक हो या फिर कुंवारी दोनों को सुरक्षित और कानूनी गर्भपात का अधिकार है। पीठ ने कहा कि अविवाहित महिलाओं को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी रूल्स (एमटीपी) से बाहर रखना असंवैधानिक है। अदालत एक महिला के मामले की सुनवाई कर रही थी, जो सहमति से बने रिश्ते से गर्भवती हुई और 23 सप्ताह और पांच दिनों में सुरक्षित गर्भपात की मांग कर रही थी। पीठ ने उसकी इच्छा मान ली, बशर्ते उसका स्वास्थ्य दांव पर न लगे। 29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि एक मां बच्चे की एकमात्र प्राकृतिक अभिभावक होने के नाते, अपने बच्चे का उपनाम तय करने का अधिकार रखती है। यह एक स्वागत योग्य फैसला था क्योंकि हमारे समाज में बच्चों को उनके पिता के नाम से जाना जाता है। वे नाम को आगे बढ़ाने वाले हैं। हालांकि, जब एक महिला विवाहित होती है, तो उससे अपेक्षा की जाती है कि वह अपने पति का नाम लेगी। हालांकि, यह अनिवार्य नहीं है। 29 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक बलात्कार भी बलात्कार है। देश में वैवाहिक बलात्कार को अपराध बनाने की बात चल रही है; हालांकि, महिलाएं अभी भी इसके लिए लड़ रही हैं। लेकिन पीठ के अवलोकन ने महिलाओं को आशा की किरण दी है कि जल्द ही अपराध के अपराधीकरण से बचे लोगों को मदद मिलेगी। यह चर्चा को सही दिशा में आगे ले जा सकता है। 2019-2021 के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, विवाहित महिलाओं में यौन हिंसा के 83% अपराधी पति हैं। उम्मीद है कि 2023 में हम वैवाहिक बलात्कार को आपराधिक बनाने वाले कानून को सुनेंगे। सितंबर में, सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित किया कि भारत में प्रत्येक महिला चाहे वो वैवाहिक हो या फिर कुंवारी दोनों को सुरक्षित और कानूनी गर्भपात का अधिकार है। पीठ ने कहा कि अविवाहित महिलाओं को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी रूल्स (एमटीपी) से बाहर रखना असंवैधानिक है। अदालत एक महिला के मामले की सुनवाई कर रही थी, जो सहमति से बने रिश्ते से गर्भवती हुई और 23 सप्ताह और पांच दिनों में सुरक्षित गर्भपात की मांग कर रही थी। पीठ ने उसकी इच्छा मान ली, बशर्ते उसका स्वास्थ्य दांव पर न लगे। 31 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तथाकथित परीक्षण (टू-फिंगर टेस्ट) का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। पीठ ने यह भी कहा कि परीक्षण गलत धारणा पर आधारित था कि एक यौन सक्रिय महिला का बलात्कार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि गवाही का संभावित मूल्य यौन इतिहास पर निर्भर नहीं करता है। अदालत ने परीक्षण को "सेक्सिस्ट और पितृसत्तात्मक" कहा। उच्चतम न्यायालय केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी अस्पताल इसका अभ्यास ना करें। 'घर निर्माण के लिए पैसे मांगना दहेज समझा' जनवरी 2022 में सुप्रीम कोर्ट दहेज हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि घर के निर्माण के लिए ससुराल वालों से पैसे मांगना दहेज की मांग है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे एक अपराध बताया है। इसके साथ ही साथ ही कोर्ट ने एक मामले में दोषियों की सजा को बहाल किया । और पढ़ेंः
सितंबर में, सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित किया कि भारत में प्रत्येक महिला चाहे वो वैवाहिक हो या फिर कुंवारी दोनों को सुरक्षित और कानूनी गर्भपात का अधिकार है। पीठ ने कहा कि अविवाहित महिलाओं को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी रूल्स से बाहर रखना असंवैधानिक है। अदालत एक महिला के मामले की सुनवाई कर रही थी, जो सहमति से बने रिश्ते से गर्भवती हुई और तेईस सप्ताह और पांच दिनों में सुरक्षित गर्भपात की मांग कर रही थी। पीठ ने उसकी इच्छा मान ली, बशर्ते उसका स्वास्थ्य दांव पर न लगे। उनतीस जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र प्रदेश के हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि एक मां बच्चे की एकमात्र प्राकृतिक अभिभावक होने के नाते, अपने बच्चे का उपनाम तय करने का अधिकार रखती है। यह एक स्वागत योग्य फैसला था क्योंकि हमारे समाज में बच्चों को उनके पिता के नाम से जाना जाता है। वे नाम को आगे बढ़ाने वाले हैं। हालांकि, जब एक महिला विवाहित होती है, तो उससे अपेक्षा की जाती है कि वह अपने पति का नाम लेगी। हालांकि, यह अनिवार्य नहीं है। उनतीस सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक बलात्कार भी बलात्कार है। देश में वैवाहिक बलात्कार को अपराध बनाने की बात चल रही है; हालांकि, महिलाएं अभी भी इसके लिए लड़ रही हैं। लेकिन पीठ के अवलोकन ने महिलाओं को आशा की किरण दी है कि जल्द ही अपराध के अपराधीकरण से बचे लोगों को मदद मिलेगी। यह चर्चा को सही दिशा में आगे ले जा सकता है। दो हज़ार उन्नीस-दो हज़ार इक्कीस के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, विवाहित महिलाओं में यौन हिंसा के तिरासी% अपराधी पति हैं। उम्मीद है कि दो हज़ार तेईस में हम वैवाहिक बलात्कार को आपराधिक बनाने वाले कानून को सुनेंगे। सितंबर में, सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित किया कि भारत में प्रत्येक महिला चाहे वो वैवाहिक हो या फिर कुंवारी दोनों को सुरक्षित और कानूनी गर्भपात का अधिकार है। पीठ ने कहा कि अविवाहित महिलाओं को मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी रूल्स से बाहर रखना असंवैधानिक है। अदालत एक महिला के मामले की सुनवाई कर रही थी, जो सहमति से बने रिश्ते से गर्भवती हुई और तेईस सप्ताह और पांच दिनों में सुरक्षित गर्भपात की मांग कर रही थी। पीठ ने उसकी इच्छा मान ली, बशर्ते उसका स्वास्थ्य दांव पर न लगे। इकतीस अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तथाकथित परीक्षण का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। पीठ ने यह भी कहा कि परीक्षण गलत धारणा पर आधारित था कि एक यौन सक्रिय महिला का बलात्कार नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि गवाही का संभावित मूल्य यौन इतिहास पर निर्भर नहीं करता है। अदालत ने परीक्षण को "सेक्सिस्ट और पितृसत्तात्मक" कहा। उच्चतम न्यायालय केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी अस्पताल इसका अभ्यास ना करें। 'घर निर्माण के लिए पैसे मांगना दहेज समझा' जनवरी दो हज़ार बाईस में सुप्रीम कोर्ट दहेज हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि घर के निर्माण के लिए ससुराल वालों से पैसे मांगना दहेज की मांग है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे एक अपराध बताया है। इसके साथ ही साथ ही कोर्ट ने एक मामले में दोषियों की सजा को बहाल किया । और पढ़ेंः
Ola S1 और S1 Pro इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की टॉप स्पीड क्रमशः 90 किमी प्रति घंटे और 115 किमी प्रति घंटा है और इसका मैक्सिमम मोटर पावर आउटपुट 8.5 Kw है. ओला इलेक्ट्रिक ने गुरुवार को अपने कस्टमर्स के लिए S1 और S1 Pro इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए टेस्ट राइड शुरू की, जिन्होंने भारतीय ऑटोमोटिव बाजार में काफी धूम मचा रखी है. Ola S1 और S1 Pro वेरिएंट के लिए अगस्त में कुछ दिनों के लिए रिजर्वेशन शुरू किया गया था और इसके बाद सितंबर में कुछ दिनों के लिए शॉपिंग विंडो खोली गई थी. अगली शॉपिंग विंडो नवंबर के पहले सप्ताह में खुलने वाली थी लेकिन अब इसे 16 दिसंबर तक टाल दिया गया है क्योंकि कंपनी उन लोगों के लिए डिलीवरी की डेडलाइन को पूरा करना चाहती है जिन्होंने पहले ही पेमेंट प्रोसेस शुरू कर दी है. Ola S1 और S1 Pro स्कूटर्स के लिए टेस्ट राइड का बहुत इंतजार किया जा रहा है क्योंकि कई लोग जिन्होंने एक यूनिट बुक की है, वे शॉपिंग प्रोसेस को पूरा करने से पहले प्रोडक्ट पर एक नजर डालना चाहते हैं. यहां तक कि जिन लोगों ने खरीदारी शुरू की है, वे भी टेस्ट राइड के बारे में पूछताछ करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले चुके हैं. बेंगलुरु में कई लोगों ने गुरुवार से शुरू हुए टेस्ट राइड इवेंट में भाग लेने का ऑप्शन चुना. ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल ने ट्वीट किया, "बेंगलुरू में हमारे टेस्ट राइड कैंप में ग्राहकों को ओला S1 की सवारी करते हुए देखकर रोमांचित हूं." "जल्द ही दूसरे शहरों में इसे शुरू किया जाएगा!" इसका मतलब है साफ है कि बेंगलुरू के अलावा दूसरे शहरों में जल्द ही ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की टेस्ट राइड ली जा सकेगी. S1 ओला इलेक्ट्रिक का अब तक का पहला इलेक्ट्रिक वाहन है और यह तमिलनाडु में डेवलप की जा रही मेगा फैसिलिटी से शुरू होगा. ओला फ्यूचरफैक्ट्री, एक बार पूरा हो जाने पर, हर साल 10 मिलियन यूनिट्स को रोल आउट करने की क्षमता रखती है, जिससे यह दुनिया में कहीं भी इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए सबसे बड़ा कारखाना बन जाएगा. यह दुनिया की सबसे बड़ी फीमेल-ओनली फैक्ट्री होने के लिए भी तैयार है. इलेक्ट्रिक स्कूटर S1 को पांच रंग विकल्पों में पेश किया गया है, इसकी 121 किलोमीटर की दावा की गई सीमा है, दो राइडिंग मोड मिलते हैं और इसकी कीमत 1 लाख रुपए (एक्स शोरूम, Proत्साहन से पहले) है, S1 Pro 10 रंगों में उपलब्ध है, इसकी दावा की गई सीमा है 181 किमी और इसमें तीन राइड मोड हैं. इसकी कीमत 1.30 लाख रुपए (एक्स शोरूम, Proत्साहन से पहले) है. Ola S1 और S1 Pro की टॉप स्पीड क्रमशः 90 किमी प्रति घंटे और 115 किमी प्रति घंटा है और इसका मैक्सिमम मोटर पावर आउटपुट 8.5 Kw है. प्रोडक्ट को एक बड़ी डिस्प्ले स्क्रीन भी मिलती है जिसमें एंड्रॉइड-बेस्ड ओएस, स्पीकर, सीट के नीचे बड़ी स्टोरेज स्पेस, फोन चार्जिंग के लिए यूएसबी पोर्ट और कई दूसरे टेक्नोलॉजी-बेस्ड फीचर्स हैं.
Ola Sएक और Sएक Pro इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की टॉप स्पीड क्रमशः नब्बे किमी प्रति घंटे और एक सौ पंद्रह किमी प्रति घंटा है और इसका मैक्सिमम मोटर पावर आउटपुट आठ.पाँच Kw है. ओला इलेक्ट्रिक ने गुरुवार को अपने कस्टमर्स के लिए Sएक और Sएक Pro इलेक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए टेस्ट राइड शुरू की, जिन्होंने भारतीय ऑटोमोटिव बाजार में काफी धूम मचा रखी है. Ola Sएक और Sएक Pro वेरिएंट के लिए अगस्त में कुछ दिनों के लिए रिजर्वेशन शुरू किया गया था और इसके बाद सितंबर में कुछ दिनों के लिए शॉपिंग विंडो खोली गई थी. अगली शॉपिंग विंडो नवंबर के पहले सप्ताह में खुलने वाली थी लेकिन अब इसे सोलह दिसंबर तक टाल दिया गया है क्योंकि कंपनी उन लोगों के लिए डिलीवरी की डेडलाइन को पूरा करना चाहती है जिन्होंने पहले ही पेमेंट प्रोसेस शुरू कर दी है. Ola Sएक और Sएक Pro स्कूटर्स के लिए टेस्ट राइड का बहुत इंतजार किया जा रहा है क्योंकि कई लोग जिन्होंने एक यूनिट बुक की है, वे शॉपिंग प्रोसेस को पूरा करने से पहले प्रोडक्ट पर एक नजर डालना चाहते हैं. यहां तक कि जिन लोगों ने खरीदारी शुरू की है, वे भी टेस्ट राइड के बारे में पूछताछ करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले चुके हैं. बेंगलुरु में कई लोगों ने गुरुवार से शुरू हुए टेस्ट राइड इवेंट में भाग लेने का ऑप्शन चुना. ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल ने ट्वीट किया, "बेंगलुरू में हमारे टेस्ट राइड कैंप में ग्राहकों को ओला Sएक की सवारी करते हुए देखकर रोमांचित हूं." "जल्द ही दूसरे शहरों में इसे शुरू किया जाएगा!" इसका मतलब है साफ है कि बेंगलुरू के अलावा दूसरे शहरों में जल्द ही ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की टेस्ट राइड ली जा सकेगी. Sएक ओला इलेक्ट्रिक का अब तक का पहला इलेक्ट्रिक वाहन है और यह तमिलनाडु में डेवलप की जा रही मेगा फैसिलिटी से शुरू होगा. ओला फ्यूचरफैक्ट्री, एक बार पूरा हो जाने पर, हर साल दस मिलियन यूनिट्स को रोल आउट करने की क्षमता रखती है, जिससे यह दुनिया में कहीं भी इलेक्ट्रिक स्कूटर के लिए सबसे बड़ा कारखाना बन जाएगा. यह दुनिया की सबसे बड़ी फीमेल-ओनली फैक्ट्री होने के लिए भी तैयार है. इलेक्ट्रिक स्कूटर Sएक को पांच रंग विकल्पों में पेश किया गया है, इसकी एक सौ इक्कीस किलोग्राममीटर की दावा की गई सीमा है, दो राइडिंग मोड मिलते हैं और इसकी कीमत एक लाख रुपए है, Sएक Pro दस रंगों में उपलब्ध है, इसकी दावा की गई सीमा है एक सौ इक्यासी किमी और इसमें तीन राइड मोड हैं. इसकी कीमत एक.तीस लाख रुपए है. Ola Sएक और Sएक Pro की टॉप स्पीड क्रमशः नब्बे किमी प्रति घंटे और एक सौ पंद्रह किमी प्रति घंटा है और इसका मैक्सिमम मोटर पावर आउटपुट आठ.पाँच Kw है. प्रोडक्ट को एक बड़ी डिस्प्ले स्क्रीन भी मिलती है जिसमें एंड्रॉइड-बेस्ड ओएस, स्पीकर, सीट के नीचे बड़ी स्टोरेज स्पेस, फोन चार्जिंग के लिए यूएसबी पोर्ट और कई दूसरे टेक्नोलॉजी-बेस्ड फीचर्स हैं.
रांचीः शास्त्री चौक-गोला पथ पर बारीडीह गांव (Baridih) के पास ट्रक और बाइक के बीच टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार एक युवक की घटनास्थल (Crime Scene) पर ही मौत हो गई। घटना सोमवार की दोपहर करीब 1 बजे की है। मृतक मनीष कुमार धनबाद (Dhanbad) के मनईटांड़ का निवासी था। वह दवा कंपनी में एमआर का काम करता था। दुर्घटना की सूचना मिलने पर ओरमांझी पुलिस (Ormanjhi Police) घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम (Post mortem) के लिए RIMS भेज दिया। वहीं दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दे दी है। बताया जाता है मनीष धनबाद से रांची की ओर आ रहा था। तभी बारीडीह गांव के पास रांची से गोला की ओर जा रहे ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक की टक्कर से मनीष सड़क पर गिर गया और ट्रक का चक्का उसके सिर पर चढ़ गया। गाड़ी और उसके बैग में रखे कागजात से उसकी पहचान की गई।
रांचीः शास्त्री चौक-गोला पथ पर बारीडीह गांव के पास ट्रक और बाइक के बीच टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना सोमवार की दोपहर करीब एक बजे की है। मृतक मनीष कुमार धनबाद के मनईटांड़ का निवासी था। वह दवा कंपनी में एमआर का काम करता था। दुर्घटना की सूचना मिलने पर ओरमांझी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए RIMS भेज दिया। वहीं दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया। पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दे दी है। बताया जाता है मनीष धनबाद से रांची की ओर आ रहा था। तभी बारीडीह गांव के पास रांची से गोला की ओर जा रहे ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। ट्रक की टक्कर से मनीष सड़क पर गिर गया और ट्रक का चक्का उसके सिर पर चढ़ गया। गाड़ी और उसके बैग में रखे कागजात से उसकी पहचान की गई।
Breast Pump For Mom: क्या आपको भी अपने बच्चे को दूध पिलाने में दिक्कत हो रही है? तो टेंशन ना ले हम आपके लिए लेकर आए हैं breast milk pump के जबरदस्त ऑप्शन। Breast Pump For Mom: किसी भी औरत के लिए मां बनना बड़ी सौभाग्य की बात होती है। इस समय हर महिला चाहती है कि वो अपने बच्चे के लिए बेस्ट से बेस्ट चीज करे और कोई भी गलती उससे ना हो जाए। वहीं आज के समय में कुछ महिलाओं के दूध बनता नहीं है तो कुछ ऐसी होती है जो पिला नहीं पाती है। ऐसे में breast pump सबसे अच्छे ऑप्शन होते हैं। लेकिन आपको भी कंफ्यूजन हो जाता होगा कि आखिर कैसे पंप लेने चाहिए तो टेंशन ना लें क्योंकि हम आपके लिए बेहतरीन विकल्प लेकर आए हैं। पुराने जमाने में मां बनने के बाद महिलाओं को काफी कष्ट उठाना पड़ता था। लेकिन अब टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो चुकी है हर चीज का आपको कोई ना कोई समाधान मिल ही जाता है। ऐसे में मां के लिए भी प्रेगनेंसी के दौरान कंफर्टेबल pillow से लेकर बेबी फीडर अब सब मार्केट में मौजूद है। वहीं Pregnancy and Parenting में कई चीजों की जरूरत पड़ जाती है। तो चलिए आपको विस्तार में breast milk pump की सूची से रूबरू करवाते हैं। बच्चों के पैदा होते ही मां को सबसे ज्यादा परेशानी होती है दूध पिलाने की। कभी-कभी मां के दूध नहीं उत्पादन होता है जिसकी वजह से बच्चा भूखा भी रहता है और परेशान भी। ऐसे में यह electric breast pump आपके काम आने वाला है। यह सिलिकोन से बना हुआ है और इसमें आपको एक्स्ट्रा मिल्क कंटेनर, फीडिंग टिट और कैप भी मिलती है। इस पंप की बात की जाए तो यह Breast Pump For Mom की सूची में आता है। इसमें आपको ऐसे-ऐसे फीचर्स मिलते हैं जो आपके होश उड़ा देंगे। यह 16 पंपिंग सेटिंग के साथ आते हैं जिसमें 8 स्टिमुलेशन लेवल्स मौजूद है। यह फुली इलेक्ट्रिक है जो सिलिकॉन से बना हुआ होता है। व्हाइट और पिंग कलर के इस ब्रेस्ट पंप को जनता ने काफी पसंद किया है। ऐसे तो मार्केट में आपको कई breast milk pump के कई विकल्प मिल जाएंगे लेकिन हर मां चाहती है कि ऐसा ब्रेस्ट पंप उनके पास हो जो वो ट्रैव्लिंग के समय भी अच्छे से इस्तेमाल कर सके। ऐसे में यह प्रोडक्ट आपके लिए ही बना है। इसमें सबसे अच्छी बात तो यह ही है कि यह काफी लाइटवेट है जिसे आप कही भी कैसे भी कैरी कर सकते है। ब्रेस्ट पंप जो फीडिंग निपल के साथ मिलता है। यह Breast Pump For Mom काफी कमाल का है। यह पोर्टेबल है और सोफ्ट भी। यह सिर्फ एक ब्रेस्ट पंप का ही काम नहीं करता है बल्कि ब्रेस्ट लंप्स और ब्रेस्ट के दर्द से भी राहत दिलाता है। क्या आप भी ज्यादा पैसे लगाना नहीं चाहते हैं और ऐसा electric milk pump चाहते हैं जो आपके बच्चे के लिए बेस्ट हो। तो यह पंप आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। यह BPA फ्री पंप है जो आपके बेबी के लिए परफेक्ट है। इससे दूध पीना बच्चे के लिए आसान हो जाता है। इसे आप अच्छे प्राइज में अमेजन पर खरीद सकते हैं। 1. क्या ब्रेस्ट पंप मां के लिए सुरक्षित है? 2. क्या दूध पंप करने में दर्द होता है? 3. क्या ब्रेस्ट पंप से निपल्स में चोट लगती है? आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia. com पर हमसे संपर्क करें।
Breast Pump For Mom: क्या आपको भी अपने बच्चे को दूध पिलाने में दिक्कत हो रही है? तो टेंशन ना ले हम आपके लिए लेकर आए हैं breast milk pump के जबरदस्त ऑप्शन। Breast Pump For Mom: किसी भी औरत के लिए मां बनना बड़ी सौभाग्य की बात होती है। इस समय हर महिला चाहती है कि वो अपने बच्चे के लिए बेस्ट से बेस्ट चीज करे और कोई भी गलती उससे ना हो जाए। वहीं आज के समय में कुछ महिलाओं के दूध बनता नहीं है तो कुछ ऐसी होती है जो पिला नहीं पाती है। ऐसे में breast pump सबसे अच्छे ऑप्शन होते हैं। लेकिन आपको भी कंफ्यूजन हो जाता होगा कि आखिर कैसे पंप लेने चाहिए तो टेंशन ना लें क्योंकि हम आपके लिए बेहतरीन विकल्प लेकर आए हैं। पुराने जमाने में मां बनने के बाद महिलाओं को काफी कष्ट उठाना पड़ता था। लेकिन अब टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो चुकी है हर चीज का आपको कोई ना कोई समाधान मिल ही जाता है। ऐसे में मां के लिए भी प्रेगनेंसी के दौरान कंफर्टेबल pillow से लेकर बेबी फीडर अब सब मार्केट में मौजूद है। वहीं Pregnancy and Parenting में कई चीजों की जरूरत पड़ जाती है। तो चलिए आपको विस्तार में breast milk pump की सूची से रूबरू करवाते हैं। बच्चों के पैदा होते ही मां को सबसे ज्यादा परेशानी होती है दूध पिलाने की। कभी-कभी मां के दूध नहीं उत्पादन होता है जिसकी वजह से बच्चा भूखा भी रहता है और परेशान भी। ऐसे में यह electric breast pump आपके काम आने वाला है। यह सिलिकोन से बना हुआ है और इसमें आपको एक्स्ट्रा मिल्क कंटेनर, फीडिंग टिट और कैप भी मिलती है। इस पंप की बात की जाए तो यह Breast Pump For Mom की सूची में आता है। इसमें आपको ऐसे-ऐसे फीचर्स मिलते हैं जो आपके होश उड़ा देंगे। यह सोलह पंपिंग सेटिंग के साथ आते हैं जिसमें आठ स्टिमुलेशन लेवल्स मौजूद है। यह फुली इलेक्ट्रिक है जो सिलिकॉन से बना हुआ होता है। व्हाइट और पिंग कलर के इस ब्रेस्ट पंप को जनता ने काफी पसंद किया है। ऐसे तो मार्केट में आपको कई breast milk pump के कई विकल्प मिल जाएंगे लेकिन हर मां चाहती है कि ऐसा ब्रेस्ट पंप उनके पास हो जो वो ट्रैव्लिंग के समय भी अच्छे से इस्तेमाल कर सके। ऐसे में यह प्रोडक्ट आपके लिए ही बना है। इसमें सबसे अच्छी बात तो यह ही है कि यह काफी लाइटवेट है जिसे आप कही भी कैसे भी कैरी कर सकते है। ब्रेस्ट पंप जो फीडिंग निपल के साथ मिलता है। यह Breast Pump For Mom काफी कमाल का है। यह पोर्टेबल है और सोफ्ट भी। यह सिर्फ एक ब्रेस्ट पंप का ही काम नहीं करता है बल्कि ब्रेस्ट लंप्स और ब्रेस्ट के दर्द से भी राहत दिलाता है। क्या आप भी ज्यादा पैसे लगाना नहीं चाहते हैं और ऐसा electric milk pump चाहते हैं जो आपके बच्चे के लिए बेस्ट हो। तो यह पंप आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। यह BPA फ्री पंप है जो आपके बेबी के लिए परफेक्ट है। इससे दूध पीना बच्चे के लिए आसान हो जाता है। इसे आप अच्छे प्राइज में अमेजन पर खरीद सकते हैं। एक. क्या ब्रेस्ट पंप मां के लिए सुरक्षित है? दो. क्या दूध पंप करने में दर्द होता है? तीन. क्या ब्रेस्ट पंप से निपल्स में चोट लगती है? आपकी स्किन और शरीर आपकी ही तरह अलग है। आप तक अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी लाना हमारा प्रयास है, लेकिन फिर भी किसी भी होम रेमेडी, हैक या फिटनेस टिप को ट्राई करने से पहले आप अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें। किसी भी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia. com पर हमसे संपर्क करें।
न्यूजर्सी के एक युवा हैकर ने एपल के बहुचर्चित आईफ़ोन को 'अनलॉक' कर लिया है. इससे इसका उपयोग अमरीका के बाहर भी करना संभव हो गया है. समाचार एजेंसी एपी ने इस ख़बर की पुष्टि करते हुए कहा है कि 17 साल के हैकर जॉर्ज होट्ज़ ने आईफ़ोन को अनलॉक किया और फिर टी-मोबाइल नेटवर्क में इसका उपयोग किया. टी-मोबाइल दरअसल एटी एंड टी नेटवर्क की प्रतिद्वंद्वी नेटवर्क कंपनी है जिसके पास अमरीका में आईफ़ोन का एकाधिकार है. हैकर का कहना है कि आईफ़ोन को अनलॉक करने में उन्हें दो घंटे लगे. इसके लिए उन्हें सॉफ़्टवेयर के बारे में थोड़ी जानकारी जुटाने के बाद कुछ तारों की सोल्डरिंग करनी पड़ी. एटी एंड टी और एपल की ओर से इस बारे में अभी कोई टिप्पणी नहीं की गई है. उल्लेखनीय है कि एपल ने गत जून में आईफ़ोन को बाज़ार में उतारा है और इसे अब तक का सबसे आधुनिक मोबाइल फ़ोन माना जा रहा है. इसके बाज़ार में आने के बाद से ही हैकर और सुरक्षा शोधकर्ता इस मोबाइल की कमियाँ और कमज़ोरियाँ तलाशने में लगे हुए थे. इनकी कोशिश यही थी कि उस कोड की तलाश की जाए जिसके तहत आईफ़ोन का उपयोग सिर्फ़ एटी एंड टी कंपनी के साथ ही होना सुनिश्चित किया गया है. हालांकि ऐसा नहीं है कि आईफ़ोन को अनलॉक किए जाने से पहले इसका उपयोग कहीं और नहीं हो रहा था. इससे पहले सिमकार्ड की सूचनाओं को कॉपी करके अमरीका के बाहर के नेटवर्कों पर इसका उपयोग किया जा चुका था. लेकिन अब तक आईफ़ोन को अनलॉक नहीं किया गया था. युवा हैकर जॉर्ज हॉट्ज़ का कहना है कि वे मानते हैं कि आईफ़ोन रखने वाले अपना फ़ोन ख़ुद अनलॉक कर सकते हैं और वे मानते हैं कि जो तरीक़ा उन्होंने ढूँढ़ा है उसका दुरुपयोग व्यावसायिक फ़ायदे के लिए नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूँ कि इसे पैसा कमाने का तरीक़ा न बनाया जाए" उन्होंने शुक्रवार को प्रकाशित अपने एक ब्लॉग ने आईफ़ोन को अनलॉक करने की घोषणा की. उनका कहना है कि अगला कदम बिना सोल्डरिंग के सिर्फ़ सॉफ़्टवेयर की मदद से इसे अनलॉक करना होगा. विश्लेषक मानते हैं कि अभी एपल के पास वक्त है कि वह आईफ़ोन को यूरोपीय बाज़ार में उतारने से पहले इसकी कमज़ोरियों को दूर कर ले.
न्यूजर्सी के एक युवा हैकर ने एपल के बहुचर्चित आईफ़ोन को 'अनलॉक' कर लिया है. इससे इसका उपयोग अमरीका के बाहर भी करना संभव हो गया है. समाचार एजेंसी एपी ने इस ख़बर की पुष्टि करते हुए कहा है कि सत्रह साल के हैकर जॉर्ज होट्ज़ ने आईफ़ोन को अनलॉक किया और फिर टी-मोबाइल नेटवर्क में इसका उपयोग किया. टी-मोबाइल दरअसल एटी एंड टी नेटवर्क की प्रतिद्वंद्वी नेटवर्क कंपनी है जिसके पास अमरीका में आईफ़ोन का एकाधिकार है. हैकर का कहना है कि आईफ़ोन को अनलॉक करने में उन्हें दो घंटे लगे. इसके लिए उन्हें सॉफ़्टवेयर के बारे में थोड़ी जानकारी जुटाने के बाद कुछ तारों की सोल्डरिंग करनी पड़ी. एटी एंड टी और एपल की ओर से इस बारे में अभी कोई टिप्पणी नहीं की गई है. उल्लेखनीय है कि एपल ने गत जून में आईफ़ोन को बाज़ार में उतारा है और इसे अब तक का सबसे आधुनिक मोबाइल फ़ोन माना जा रहा है. इसके बाज़ार में आने के बाद से ही हैकर और सुरक्षा शोधकर्ता इस मोबाइल की कमियाँ और कमज़ोरियाँ तलाशने में लगे हुए थे. इनकी कोशिश यही थी कि उस कोड की तलाश की जाए जिसके तहत आईफ़ोन का उपयोग सिर्फ़ एटी एंड टी कंपनी के साथ ही होना सुनिश्चित किया गया है. हालांकि ऐसा नहीं है कि आईफ़ोन को अनलॉक किए जाने से पहले इसका उपयोग कहीं और नहीं हो रहा था. इससे पहले सिमकार्ड की सूचनाओं को कॉपी करके अमरीका के बाहर के नेटवर्कों पर इसका उपयोग किया जा चुका था. लेकिन अब तक आईफ़ोन को अनलॉक नहीं किया गया था. युवा हैकर जॉर्ज हॉट्ज़ का कहना है कि वे मानते हैं कि आईफ़ोन रखने वाले अपना फ़ोन ख़ुद अनलॉक कर सकते हैं और वे मानते हैं कि जो तरीक़ा उन्होंने ढूँढ़ा है उसका दुरुपयोग व्यावसायिक फ़ायदे के लिए नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, "मैं चाहता हूँ कि इसे पैसा कमाने का तरीक़ा न बनाया जाए" उन्होंने शुक्रवार को प्रकाशित अपने एक ब्लॉग ने आईफ़ोन को अनलॉक करने की घोषणा की. उनका कहना है कि अगला कदम बिना सोल्डरिंग के सिर्फ़ सॉफ़्टवेयर की मदद से इसे अनलॉक करना होगा. विश्लेषक मानते हैं कि अभी एपल के पास वक्त है कि वह आईफ़ोन को यूरोपीय बाज़ार में उतारने से पहले इसकी कमज़ोरियों को दूर कर ले.
खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा पाने के लिए लोग न जाने कितने तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, फिर भी उन्हें मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता है। रसभरी के फेस मास्क उनकी इस समस्या को दूर सकते हैं। जी हां, ऐसा संभव है और इसलिए आज हम आपको रसभरी के ऐसे फेस मास्क की रेसिपी बताने जा रहे हैं जिनका अगर हफ्ते में कम से कम दो दिन इस्तेमाल किया जाए तो चेहरा एकदम स्वस्थ और खूबसूरत बना रहेगा। सामग्रीः आठ रसभरी, एक से दो बड़ी चम्मच योगर्ट और एक बड़ी चम्मच शहद। फेस मास्क बनाने और लगाने का तरीकाः एक कटोरी में सारी रसभरी को चम्मच की मदद से कुचलें और फिर इनमें योगर्ट को अच्छे से मिलाएं। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और जब फेस पैक अच्छे से सूख जाए तो चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। फायदाः यह त्वचा की गहराई से सफाई करने के साथ-साथ इसे निखारने में सहायक है। सामग्रीः आठ रसभरी (पिसी हुई), एक बड़ी चम्मच मुल्तानी मिट्टी (पिसी हुई) और एक बड़ी चम्मच ओट्स (पिसे हुए)। फेस मास्क बनाने और लगाने का तरीकाः सबसे पहले एक कटोरी में सभी सामग्रियों को अच्छे से मिलाएं। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर 10 मिनट के लिए ऐेसे ही छोड़ दें और फिर चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। फायदाः यह त्वचा को हाइड्रेट करने और किसी भी तरह के मुंहासों से छुटकारा दिलाने में कारगर है। सामग्रीः छह से आठ रसभरी (पिसी हुई), एक बड़ी चम्मच शुद्ध नारियल का तेल और एक बड़ी चम्मच शहद। फेस मास्क बनाने और लगाने का तरीकाः सबसे पहले एक कटोरी में रसभरी, नारियल के तेल और शहद को अच्छे से मिलाएं। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। फायदाः यह त्वचा को मॉइश्चराइज करने के साथ-साथ इसे मुलायम बनाने में भी मदद करता है।
खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा पाने के लिए लोग न जाने कितने तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, फिर भी उन्हें मनचाहा परिणाम नहीं मिल पाता है। रसभरी के फेस मास्क उनकी इस समस्या को दूर सकते हैं। जी हां, ऐसा संभव है और इसलिए आज हम आपको रसभरी के ऐसे फेस मास्क की रेसिपी बताने जा रहे हैं जिनका अगर हफ्ते में कम से कम दो दिन इस्तेमाल किया जाए तो चेहरा एकदम स्वस्थ और खूबसूरत बना रहेगा। सामग्रीः आठ रसभरी, एक से दो बड़ी चम्मच योगर्ट और एक बड़ी चम्मच शहद। फेस मास्क बनाने और लगाने का तरीकाः एक कटोरी में सारी रसभरी को चम्मच की मदद से कुचलें और फिर इनमें योगर्ट को अच्छे से मिलाएं। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं और जब फेस पैक अच्छे से सूख जाए तो चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। फायदाः यह त्वचा की गहराई से सफाई करने के साथ-साथ इसे निखारने में सहायक है। सामग्रीः आठ रसभरी , एक बड़ी चम्मच मुल्तानी मिट्टी और एक बड़ी चम्मच ओट्स । फेस मास्क बनाने और लगाने का तरीकाः सबसे पहले एक कटोरी में सभी सामग्रियों को अच्छे से मिलाएं। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर दस मिनट के लिए ऐेसे ही छोड़ दें और फिर चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। फायदाः यह त्वचा को हाइड्रेट करने और किसी भी तरह के मुंहासों से छुटकारा दिलाने में कारगर है। सामग्रीः छह से आठ रसभरी , एक बड़ी चम्मच शुद्ध नारियल का तेल और एक बड़ी चम्मच शहद। फेस मास्क बनाने और लगाने का तरीकाः सबसे पहले एक कटोरी में रसभरी, नारियल के तेल और शहद को अच्छे से मिलाएं। अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर दस मिनट के लिए छोड़ दें और फिर चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। फायदाः यह त्वचा को मॉइश्चराइज करने के साथ-साथ इसे मुलायम बनाने में भी मदद करता है।
राहुल गांधी के लंदन वाले बयान पर मचे घमासान के बीच कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी और सरकार पर हमला बोला. बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल पर पलटवार क्र कहा कि भारत आते ही झूठ बोलना शुरू कर दिया. आप कब तक देश और लोगों को गुमराह करेंगे. देखें 100 शहर 100 खबर. Rahul Gandhi attacked PM Modi and the Centre amid uproar over his London remarks. BJP MP Ravi Shankar Prasad hit back at Rahul and said that he started lying as soon as he came to India. Watch 100 news.
राहुल गांधी के लंदन वाले बयान पर मचे घमासान के बीच कांग्रेस नेता ने पीएम मोदी और सरकार पर हमला बोला. बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने राहुल पर पलटवार क्र कहा कि भारत आते ही झूठ बोलना शुरू कर दिया. आप कब तक देश और लोगों को गुमराह करेंगे. देखें एक सौ शहर एक सौ खबर. Rahul Gandhi attacked PM Modi and the Centre amid uproar over his London remarks. BJP MP Ravi Shankar Prasad hit back at Rahul and said that he started lying as soon as he came to India. Watch एक सौ news.
- Uniswap का सामाजिक उल्लेख दो महीनों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। - मार्च में मासिक ट्रेडिंग वॉल्यूम 8% की वृद्धि के साथ लगभग $50 बिलियन तक पहुंच गया। Uniswap [UNI] विकेंद्रीकृत एक्सचेंज-आधारित टोकन के लिए सामाजिक गतिविधि आसमान छूने के कारण शहर की चर्चा बन गई। एनालिटिक्स फर्म लूनरक्रश के अनुसार, लेखन के समय यूएनआई के लिए सामाजिक उल्लेखों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 42k हो गई, जो दो महीनों में सबसे अधिक है। कितना हैं आज के लायक 1,10,100 यूएनआई? इसके विपरीत, की कुल संख्या उल्लेख के लिए Bitcoin[BTC]जिसने हाल ही में जून 2023 के बाद से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पोस्ट किया, केवल 17k था। प्रचार क्या चल रहा है? Uniswap ने हाल ही में अपने उपयोगकर्ताओं के लिए पहुंच और तरलता में सुधार के लिए अन्य लेयर-1 ब्लॉकचेन का विस्तार किया है। पिछले हफ्ते, Uniswap V3 को लॉन्च किया गया था बीएनबी चेन और हिमस्खलन [AVAX]उपयोगकर्ताओं को एक तेज और किफायती विकल्प की अनुमति देता है Ethereum[ETH]. क्रॉस-चेन संगतता डेफी परिदृश्य की प्रमुख आवश्यकताओं में से एक है। लॉन्च से Uniswap के साथ-साथ ब्लॉकचेन के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी। स्वाभाविक रूप से, इसे क्रिप्टो और डेफी समुदाय से अंगूठा मिला। इसके अतिरिक्त, DEX पर मासिक ट्रेडिंग वॉल्यूम लगातार बढ़ रहा है। अकेले मार्च में वॉल्यूम लगभग $50 बिलियन तक पहुंच गया, 8% की वृद्धि। सिलिकॉन वैली बैंक के पतन के बाद केंद्रीकृत एक्सचेंजों ने यूएसडीसी ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से निलंबित करने के बाद वॉल्यूम के थोक पर स्थिर मुद्रा जोड़े का प्रभुत्व था। अब भी, से डेटा कॉइनगेको दिखाया गया है कि USDC/WETH और USDC/USDT ने पिछले 24 घंटों में कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम का 55% से अधिक हिस्सा लिया। Uniswap ने अपने स्मार्ट अनुबंध पर जमा कुल धन में भी एक आशाजनक वसूली देखी। USDC डी-पेगिंग प्रकरण के बाद से, कुल मूल्य लॉक (TVL) 12% से अधिक बढ़कर प्रेस समय में $3.72 बिलियन हो गया। गिरावट की विस्तारित अवधि के बाद, UNI ने 12 मार्च को $5.384 के समर्थन स्तर से वापसी की। तब से, $ 6.11 के प्रेस समय मूल्य तक इसने 14% का लाभ अर्जित किया। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) अभी भी नकारात्मक क्षेत्र में था, यह दर्शाता है कि भालू नियंत्रण में थे। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) तटस्थ 50 से नीचे गिर गया, जिसने बिक्री के दबाव में वृद्धि की ओर इशारा किया। ऑन बैलेंस वॉल्यूम (OBV) भी गिरावट के रुझान में था। लेखन के समय, UNI को उस स्तर पर समर्थन का सामना करना पड़ा जो अतीत में भालुओं के लिए एक मजबूत बाधा के रूप में कार्य करता था। यह देखा जाना बाकी है कि इस स्तर का परीक्षण करने के बाद सिक्का ऊपर की ओर बढ़ेगा या नहीं।
- Uniswap का सामाजिक उल्लेख दो महीनों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। - मार्च में मासिक ट्रेडिंग वॉल्यूम आठ% की वृद्धि के साथ लगभग पचास डॉलर बिलियन तक पहुंच गया। Uniswap [UNI] विकेंद्रीकृत एक्सचेंज-आधारित टोकन के लिए सामाजिक गतिविधि आसमान छूने के कारण शहर की चर्चा बन गई। एनालिटिक्स फर्म लूनरक्रश के अनुसार, लेखन के समय यूएनआई के लिए सामाजिक उल्लेखों की कुल संख्या बढ़कर लगभग बयालीसk हो गई, जो दो महीनों में सबसे अधिक है। कितना हैं आज के लायक एक,दस,एक सौ यूएनआई? इसके विपरीत, की कुल संख्या उल्लेख के लिए Bitcoin[BTC]जिसने हाल ही में जून दो हज़ार तेईस के बाद से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पोस्ट किया, केवल सत्रहk था। प्रचार क्या चल रहा है? Uniswap ने हाल ही में अपने उपयोगकर्ताओं के लिए पहुंच और तरलता में सुधार के लिए अन्य लेयर-एक ब्लॉकचेन का विस्तार किया है। पिछले हफ्ते, Uniswap Vतीन को लॉन्च किया गया था बीएनबी चेन और हिमस्खलन [AVAX]उपयोगकर्ताओं को एक तेज और किफायती विकल्प की अनुमति देता है Ethereum[ETH]. क्रॉस-चेन संगतता डेफी परिदृश्य की प्रमुख आवश्यकताओं में से एक है। लॉन्च से Uniswap के साथ-साथ ब्लॉकचेन के विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी। स्वाभाविक रूप से, इसे क्रिप्टो और डेफी समुदाय से अंगूठा मिला। इसके अतिरिक्त, DEX पर मासिक ट्रेडिंग वॉल्यूम लगातार बढ़ रहा है। अकेले मार्च में वॉल्यूम लगभग पचास डॉलर बिलियन तक पहुंच गया, आठ% की वृद्धि। सिलिकॉन वैली बैंक के पतन के बाद केंद्रीकृत एक्सचेंजों ने यूएसडीसी ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से निलंबित करने के बाद वॉल्यूम के थोक पर स्थिर मुद्रा जोड़े का प्रभुत्व था। अब भी, से डेटा कॉइनगेको दिखाया गया है कि USDC/WETH और USDC/USDT ने पिछले चौबीस घंटाटों में कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम का पचपन% से अधिक हिस्सा लिया। Uniswap ने अपने स्मार्ट अनुबंध पर जमा कुल धन में भी एक आशाजनक वसूली देखी। USDC डी-पेगिंग प्रकरण के बाद से, कुल मूल्य लॉक बारह% से अधिक बढ़कर प्रेस समय में तीन दशमलव बहत्तर डॉलर बिलियन हो गया। गिरावट की विस्तारित अवधि के बाद, UNI ने बारह मार्च को पाँच दशमलव तीन सौ चौरासी डॉलर के समर्थन स्तर से वापसी की। तब से, छः दशमलव ग्यारह डॉलर के प्रेस समय मूल्य तक इसने चौदह% का लाभ अर्जित किया। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस अभी भी नकारात्मक क्षेत्र में था, यह दर्शाता है कि भालू नियंत्रण में थे। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स तटस्थ पचास से नीचे गिर गया, जिसने बिक्री के दबाव में वृद्धि की ओर इशारा किया। ऑन बैलेंस वॉल्यूम भी गिरावट के रुझान में था। लेखन के समय, UNI को उस स्तर पर समर्थन का सामना करना पड़ा जो अतीत में भालुओं के लिए एक मजबूत बाधा के रूप में कार्य करता था। यह देखा जाना बाकी है कि इस स्तर का परीक्षण करने के बाद सिक्का ऊपर की ओर बढ़ेगा या नहीं।
२. हे अन्तरात्मा, शत्रुओं के निवारक सविता का प्रत्यागमन जानकर सूक्तों द्वारा उनकी परिचर्या करो। वे मनुष्यों को श्रेष्ठ धन दान करते हैं । नमस्कार अथवा हविविशेष से उनका स्तवन करो । ३. पोषक, भजनीय तथा अखण्डनीय अग्नि जिह्वा द्वारा वरणीय काष्ठ को दहन करते हैं अथवा वरणीय अस यजमान को प्रदान करते हैं। सूर्य तेज को आच्छादित करते हैं। इन्द्र, विष्णु, वरुण, मित्र और अग्नि आदि दर्शनीय देव शोभन (याग-दानादिविशिष्ट) दिवस को उत्पन्न करते हैं । ४. किसी के द्वारा भी अतिरस्कृत सविता देव हम लोगों को अभिमत धन प्रदान करें। उस धन को देने के लिए स्पन्वनशील नदियाँ गमन करें। इसी लिए हम यज्ञ के होता स्तोत्र पाठ करते हैं । हम बहुविध धन के स्वामी हों, अन्न और बल से रमणीय हों । ५. जिन यजमानों ने वसुओं को ( यज्ञ में निवास करनेवाले देवों को) गमनशील अन्न दिया है और जिन्होंने मित्र तथा वरुण के लिए स्तोत्रपाठ किया है, उन्हें महान् तेज प्राप्त हो । हे देवो, उन्हें वीर्घतर सुख प्रदान करो। हम द्यावा-पृथिवी की रक्षा प्राप्त कर हृष्ट हों । ५० सूक्त (देवता विश्वदेवगण । ऋषि ऋत्रि के अपत्य स्वति । छन्द अनुष्टुप् और पंक्ति ।) १. सम्पूर्ण मनुष्य सविता देव से सखिता की प्रार्थना करते हैं । सम्पूर्ण मनुष्य उनसे धन चाहते हैं। उनके अनुग्रह से सब लोग, पुष्टि के लिए, • पर्याप्त धन प्राप्त करते हैं । २. हे नेता, हे देव, तुम्हारे उपासक हम यजमान तथा इन्द्रावि के उपासक होता प्रभृति तुम्हारे ही हैं। हम और वे दोनों ही धनयुक्त । हम लोगों की कामना सिद्ध हो । ३. इसलिए इस यज्ञ में हम ऋत्विजों के, अतिथि की तरह, पूज्य देवों को परिचर्या करो। इसलिए इस यज्ञ में हविः प्रदान करके वेव
दो. हे अन्तरात्मा, शत्रुओं के निवारक सविता का प्रत्यागमन जानकर सूक्तों द्वारा उनकी परिचर्या करो। वे मनुष्यों को श्रेष्ठ धन दान करते हैं । नमस्कार अथवा हविविशेष से उनका स्तवन करो । तीन. पोषक, भजनीय तथा अखण्डनीय अग्नि जिह्वा द्वारा वरणीय काष्ठ को दहन करते हैं अथवा वरणीय अस यजमान को प्रदान करते हैं। सूर्य तेज को आच्छादित करते हैं। इन्द्र, विष्णु, वरुण, मित्र और अग्नि आदि दर्शनीय देव शोभन दिवस को उत्पन्न करते हैं । चार. किसी के द्वारा भी अतिरस्कृत सविता देव हम लोगों को अभिमत धन प्रदान करें। उस धन को देने के लिए स्पन्वनशील नदियाँ गमन करें। इसी लिए हम यज्ञ के होता स्तोत्र पाठ करते हैं । हम बहुविध धन के स्वामी हों, अन्न और बल से रमणीय हों । पाँच. जिन यजमानों ने वसुओं को गमनशील अन्न दिया है और जिन्होंने मित्र तथा वरुण के लिए स्तोत्रपाठ किया है, उन्हें महान् तेज प्राप्त हो । हे देवो, उन्हें वीर्घतर सुख प्रदान करो। हम द्यावा-पृथिवी की रक्षा प्राप्त कर हृष्ट हों । पचास सूक्त एक. सम्पूर्ण मनुष्य सविता देव से सखिता की प्रार्थना करते हैं । सम्पूर्ण मनुष्य उनसे धन चाहते हैं। उनके अनुग्रह से सब लोग, पुष्टि के लिए, • पर्याप्त धन प्राप्त करते हैं । दो. हे नेता, हे देव, तुम्हारे उपासक हम यजमान तथा इन्द्रावि के उपासक होता प्रभृति तुम्हारे ही हैं। हम और वे दोनों ही धनयुक्त । हम लोगों की कामना सिद्ध हो । तीन. इसलिए इस यज्ञ में हम ऋत्विजों के, अतिथि की तरह, पूज्य देवों को परिचर्या करो। इसलिए इस यज्ञ में हविः प्रदान करके वेव
ALLAHABAD: छात्र संघर्ष मोर्चा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की शिक्षक भर्ती में धांधली और छात्रों पर मुकदमे के जल्द निस्तारण के संदर्भ में शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की। मुलाकात में मोर्चा उपाध्यक्ष रजनीश सिंह रिशु ने विवि की शैक्षणिक व प्रशासनिक स्थिति पर छात्रों के पक्ष को रख कर उप मुख्यमंत्री से सहयोग मांगा। जिसे सुनकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतें बहुत ही गंभीर है। उन्होंने उचित सहयोग देने की बात की। इस अवसर पर सौरभ सिंह, नीरज शर्मा, सुशील तिवारी, आशीर्वाद श्रीवास्तव आदि शामिल रहे। उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर इविवि कैम्पस में 11वें दिन अनशन जारी रखा। इसमें शामिल छात्रों ने अनियमित तरीके से की जा रही शिक्षक भर्ती समेत छात्रों से जुड़े अहम मसलों को लेकर कुलपति प्रो। आरएल हांगलू का विरोध किया। क्रमिक अनशन पर बैठे छात्र शनिवार को भ्रष्टाचार के विरोध में एमएचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का पुतला दहन करेंगे। इस अवसर पर अनुभव उपाध्याय, विरेन्द्र चौहान, अमित गुप्ता, शेखर सिंह, नवीन मिश्रा, सूरज शुक्ला, प्रशांत मिश्रा, अभिषेक तिवारी, हरिओम तिवारी आदि मौजूद रहे।
ALLAHABAD: छात्र संघर्ष मोर्चा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की शिक्षक भर्ती में धांधली और छात्रों पर मुकदमे के जल्द निस्तारण के संदर्भ में शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की। मुलाकात में मोर्चा उपाध्यक्ष रजनीश सिंह रिशु ने विवि की शैक्षणिक व प्रशासनिक स्थिति पर छात्रों के पक्ष को रख कर उप मुख्यमंत्री से सहयोग मांगा। जिसे सुनकर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतें बहुत ही गंभीर है। उन्होंने उचित सहयोग देने की बात की। इस अवसर पर सौरभ सिंह, नीरज शर्मा, सुशील तिवारी, आशीर्वाद श्रीवास्तव आदि शामिल रहे। उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी अपनी बारह सूत्रीय मांगों को लेकर इविवि कैम्पस में ग्यारहवें दिन अनशन जारी रखा। इसमें शामिल छात्रों ने अनियमित तरीके से की जा रही शिक्षक भर्ती समेत छात्रों से जुड़े अहम मसलों को लेकर कुलपति प्रो। आरएल हांगलू का विरोध किया। क्रमिक अनशन पर बैठे छात्र शनिवार को भ्रष्टाचार के विरोध में एमएचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का पुतला दहन करेंगे। इस अवसर पर अनुभव उपाध्याय, विरेन्द्र चौहान, अमित गुप्ता, शेखर सिंह, नवीन मिश्रा, सूरज शुक्ला, प्रशांत मिश्रा, अभिषेक तिवारी, हरिओम तिवारी आदि मौजूद रहे।
(जी. एन. एस) ता. 09 रांची झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को रांची के प्रेस क्लब में महागठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता रखी गई। बैठक में आरपीएन सिंह ने कहा कि इस महागठबंधन में कांग्रेस 31 झामुमो 43 और राजद को 7 सीट मिलेगी। जिससे सीटों के बंटवारे को लेकर राजद महागठबंधन से नाराज चल रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामेश्वर उरांव, आलमगीर आलम, आरपीएन सिंह और हेमंत सोरेन मौजूद थे।
ता. नौ रांची झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को रांची के प्रेस क्लब में महागठबंधन की संयुक्त प्रेस वार्ता रखी गई। बैठक में आरपीएन सिंह ने कहा कि इस महागठबंधन में कांग्रेस इकतीस झामुमो तैंतालीस और राजद को सात सीट मिलेगी। जिससे सीटों के बंटवारे को लेकर राजद महागठबंधन से नाराज चल रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामेश्वर उरांव, आलमगीर आलम, आरपीएन सिंह और हेमंत सोरेन मौजूद थे।
दिनेश भारद्वाज हरिद्वार। पख्यात भागवताचार्य आचार्य करुणेश मिश्र ने कहा है कि अभिमान पाप का मूल है और अविद्या से आसुरीवृत्ति का जन्म होता है जो व्यक्ति जगत के पपंच्च से दूर रहकर कर्म करता है वही शास्त्र श्रेणी में आता है इसीलिये परमात्मा ने मानव तन धारण कर मानवता की रक्षा एवं उत्थान के लिये कार्य किये, वे आज श्रवणनाथ म" में हिमाचल के शाडिल्य परिवार के तत्वावधान में आयोजित भागवत कथा में नर एवं नारायण के कर्म योग की व्याख्या कर रहे थे। भागवत ज्ञान की जीवन में उपयोगिता को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि आसुरी वृत्ति की समाप्ति ही सामाजिक समरसत्ता का हेतु है और नारायण ने राम एवं कृष्ण के रूप में अवतरित होकर सबसे पहले अविद्या रूपी ताड़का एवं पूतना का वध किया क्योंकि किसी धारा को बन्द करने के लिये पहले उसके स्रोत को बन्द कर देना चाहिये। भागवत कथा को काम, ाढाsध एवं मोह पर विजय पाप्त करने का अद्भुत रसायन बताते हुए कथा व्यास ने कहा कि भगवान ने कालिया नाग का निग्रह कर काम पर विजय पाप्ति का संदेश दिया। बाल लीला एवं गौचारण के साथ ही किशोरवय अवस्था में महारास कर सामाजिक समरसता परस्पर पेम एवं वात्सल्य की ऐसी मिसाल पस्तुत की कि भगवान शंकर को भी गोपी रूप धारण कर भगवान की लीला का दर्शन करने के लिये आना पड़ा।
दिनेश भारद्वाज हरिद्वार। पख्यात भागवताचार्य आचार्य करुणेश मिश्र ने कहा है कि अभिमान पाप का मूल है और अविद्या से आसुरीवृत्ति का जन्म होता है जो व्यक्ति जगत के पपंच्च से दूर रहकर कर्म करता है वही शास्त्र श्रेणी में आता है इसीलिये परमात्मा ने मानव तन धारण कर मानवता की रक्षा एवं उत्थान के लिये कार्य किये, वे आज श्रवणनाथ म" में हिमाचल के शाडिल्य परिवार के तत्वावधान में आयोजित भागवत कथा में नर एवं नारायण के कर्म योग की व्याख्या कर रहे थे। भागवत ज्ञान की जीवन में उपयोगिता को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि आसुरी वृत्ति की समाप्ति ही सामाजिक समरसत्ता का हेतु है और नारायण ने राम एवं कृष्ण के रूप में अवतरित होकर सबसे पहले अविद्या रूपी ताड़का एवं पूतना का वध किया क्योंकि किसी धारा को बन्द करने के लिये पहले उसके स्रोत को बन्द कर देना चाहिये। भागवत कथा को काम, ाढाsध एवं मोह पर विजय पाप्त करने का अद्भुत रसायन बताते हुए कथा व्यास ने कहा कि भगवान ने कालिया नाग का निग्रह कर काम पर विजय पाप्ति का संदेश दिया। बाल लीला एवं गौचारण के साथ ही किशोरवय अवस्था में महारास कर सामाजिक समरसता परस्पर पेम एवं वात्सल्य की ऐसी मिसाल पस्तुत की कि भगवान शंकर को भी गोपी रूप धारण कर भगवान की लीला का दर्शन करने के लिये आना पड़ा।
१ विक्रमचरित - विक्रमादित्य के चरित्र का स्वतन्त्र एव सर्वांगीण जैन रूपान्तर सर्वप्रथम देवमूर्ति उपाध्यायकृत विक्रमचरित्र (स्कृत ) में दिखाई पड़ता है । इसमें १४ सर्ग हैं जिनमे विभिन्न छन्द्रों म १८२० पय है। इन सर्गों में क्रमश. ९४, १३२, २००,६८५, २४४, २९९, ३२३, २४९, १५९, ३३९, ६८२, १४० २४२ और १९४० पद्य हैं। प्रथम वर्ग में विक्रम का जन्म और बाल्यकाल, दूसरे में विक्रम की रोहणगिरि की यात्रा और अग्निवेताल की प्राप्ति तथा अवन्ति का राज्य पाना, तीसरे में स्वर्णपुरुष की प्राति, चतुर्थ में पञ्चदण्ड छत्र की प्राप्ति, पाँचवें में द्वादशावर्त वन्दन की जैन कथाएँ, छठे में विक्रम का उस राजकुमारी के पास जाना जो उस पुरुष से विवाह करना चाहती है जो रात्रि में उसे चार कहानियाँ सुनाकर जायगा, सातवें में विक्रम ओर सिद्धसेन की कथा, आठवें मे राजकुमारी हसावली से विवाह नवम् में विक्रम द्वारा परपुरप्रवेश विद्या, दशम में रत्नचूड की कथा, ग्यारहवें मे विक्रम की विभिन्न शक्तियों सम्बन्धी कथाएँ, वारहवे में कीर्तिस्तम्भ बनाने सम्बन्धी विभिन्न कहानियाँ, तेरहवें में विक्रम और शालिवाहन तथा नौदहवे मे विकासमेन और सिंहासन सम्बन्धी बत्तीस कथाएँ वर्णित हैं । उपर्युक्त विवरण से ज्ञात होता है कि देवमूर्ति ने विक्रम सम्बन्धी उन सभी लाककथाओं का संग्रह किया है जो उसके पहले बैन परम्परा को ज्ञात थीं। साथ ही उसने विक्रम के जीवन वृत्तचित्र को पूर्ण करने के लिए पाँच क्के लगभग अध्याय और भी जोड़ दिये हैं। इस काव्य में विक्रम को पक्के भक्त जैन नरेश के रूप में चित्रित किया गया है और श्रावक के लिए बतलाये गये सभी व्रतों को पालन करनेवाला तथा अपने प्रत्येक साहसिक कार्य पर जैन तीर्थंकर या देवी-देवताओं की पूजा करनेवाला दिखलाया गया है। इस तरह धार्मिक जैन नरेशों के बीच विक्रम का स्थान देवमूर्ति ने अन्तिम रूप से सुरक्षित कर दिया है और प्रायः जैन पाठान्तरवाली सिंहासन सम्बन्धी ३२ कथाओं को भी इसके जीवन के साथ जोड़ दिया है पर उन्हें सिंहासुनद्वात्रिंशिका के रूप में नहीं कहा है। इन् कथाओं में उसने यत्र तत्र कुछ परिवर्तन भी किया है । विक्रमादित्यसम्बन्धी जैन कथाओं में एक अद्भुत कथा षचदण्डच्छत्र की कथा है । यद्यपि बैच ( प्रवन्धचिन्तामणि आदि ) में इसका उल्लेख नहीं १ वित्तकोश, पृ० ३१९, इसकी स्वलिखित प्रवि चन्द्राचार्य ज्ञानम्नन्दिर, पाटन में उपलब्ध है।
एक विक्रमचरित - विक्रमादित्य के चरित्र का स्वतन्त्र एव सर्वांगीण जैन रूपान्तर सर्वप्रथम देवमूर्ति उपाध्यायकृत विक्रमचरित्र में दिखाई पड़ता है । इसमें चौदह सर्ग हैं जिनमे विभिन्न छन्द्रों म एक हज़ार आठ सौ बीस पय है। इन सर्गों में क्रमश. चौरानवे, एक सौ बत्तीस, दो सौ,छः सौ पचासी, दो सौ चौंतालीस, दो सौ निन्यानवे, तीन सौ तेईस, दो सौ उनचास, एक सौ उनसठ, तीन सौ उनतालीस, छः सौ बयासी, एक सौ चालीस दो सौ बयालीस और एक हज़ार नौ सौ चालीस पद्य हैं। प्रथम वर्ग में विक्रम का जन्म और बाल्यकाल, दूसरे में विक्रम की रोहणगिरि की यात्रा और अग्निवेताल की प्राप्ति तथा अवन्ति का राज्य पाना, तीसरे में स्वर्णपुरुष की प्राति, चतुर्थ में पञ्चदण्ड छत्र की प्राप्ति, पाँचवें में द्वादशावर्त वन्दन की जैन कथाएँ, छठे में विक्रम का उस राजकुमारी के पास जाना जो उस पुरुष से विवाह करना चाहती है जो रात्रि में उसे चार कहानियाँ सुनाकर जायगा, सातवें में विक्रम ओर सिद्धसेन की कथा, आठवें मे राजकुमारी हसावली से विवाह नवम् में विक्रम द्वारा परपुरप्रवेश विद्या, दशम में रत्नचूड की कथा, ग्यारहवें मे विक्रम की विभिन्न शक्तियों सम्बन्धी कथाएँ, वारहवे में कीर्तिस्तम्भ बनाने सम्बन्धी विभिन्न कहानियाँ, तेरहवें में विक्रम और शालिवाहन तथा नौदहवे मे विकासमेन और सिंहासन सम्बन्धी बत्तीस कथाएँ वर्णित हैं । उपर्युक्त विवरण से ज्ञात होता है कि देवमूर्ति ने विक्रम सम्बन्धी उन सभी लाककथाओं का संग्रह किया है जो उसके पहले बैन परम्परा को ज्ञात थीं। साथ ही उसने विक्रम के जीवन वृत्तचित्र को पूर्ण करने के लिए पाँच क्के लगभग अध्याय और भी जोड़ दिये हैं। इस काव्य में विक्रम को पक्के भक्त जैन नरेश के रूप में चित्रित किया गया है और श्रावक के लिए बतलाये गये सभी व्रतों को पालन करनेवाला तथा अपने प्रत्येक साहसिक कार्य पर जैन तीर्थंकर या देवी-देवताओं की पूजा करनेवाला दिखलाया गया है। इस तरह धार्मिक जैन नरेशों के बीच विक्रम का स्थान देवमूर्ति ने अन्तिम रूप से सुरक्षित कर दिया है और प्रायः जैन पाठान्तरवाली सिंहासन सम्बन्धी बत्तीस कथाओं को भी इसके जीवन के साथ जोड़ दिया है पर उन्हें सिंहासुनद्वात्रिंशिका के रूप में नहीं कहा है। इन् कथाओं में उसने यत्र तत्र कुछ परिवर्तन भी किया है । विक्रमादित्यसम्बन्धी जैन कथाओं में एक अद्भुत कथा षचदण्डच्छत्र की कथा है । यद्यपि बैच में इसका उल्लेख नहीं एक वित्तकोश, पृशून्य तीन सौ उन्नीस, इसकी स्वलिखित प्रवि चन्द्राचार्य ज्ञानम्नन्दिर, पाटन में उपलब्ध है।
VERLATE KUNI MAJUSRATUSIDIDUNT(9।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।MUDIANERIOODIDANEMIRENMASINIINILOPARA PONULDINYWA इस प्रकार हमारे बीच शुद्ध अभिनय की एक क्षीण परिपाटी जीवित बनी रही। (परिशिष्ट में 'शाहजहाँ' का भी उद्धरण है) । पारसी नाटक-मंडलियों का ध्यान भी हिन्दी की ओर फिरा। 'न्यू ऐलफ्रेड' नाटकमंडली के लिए बरेली के पं० राधेश्याम कविरत्न ने 'वीर अभिमन्यु', 'भक्त प्रह्लाद' आदि नाटकों की रचना की । इनकी भाषा हिंदी अवश्य थी किंतु इन नाटकों में प्रगति का छिमात्र भी न था । ये पारसीक कथा के केवल हिंदी उल्था थे । इन मंडलियों का अभिनय जीवन-हीन, विकृत और परिपाटीग्रस्त था । पारसी रंगमंच हमें जीवन से दूर किसी मिथ्या-जग में था । वास्तविकता से यह अभिनय कोसों दूर था । पं० माखनलाल चतुर्वेदी का 'कृष्णार्जुन युद्ध' हिन्दी रंगमंच के इतिहास में एक स्मरणीय घटना थी । इस नाटक के अनेक सफल अभिनय साहित्य-समितियों ने किये । 'कृष्णार्जुन युद्ध' मे साहित्यिकता के साथ-साथ नाट्य-गुण विशेष मात्रा मे मौजूद थे। पं० बदरीनाथ भट्ट अधिकतर प्रहसन लिखते थे । आपकी नाटिका 'चुङ्गी की उम्मेदवारी' हास्य में ओत-प्रोत है । हास्यात्मक नाटक का वह प्रखर निर्मल स्वरूप अभी हिंदी में नहीं आया, जिसके अभ्यस्त हम 'शॉ' आदि की नाट्य-कला से हो गये हैं। 'प्रसाद' के साथ हम हिंदी नाटक के इतिहास का नया पृष्ठ पलढते हैं । 'प्रसाद' गम्भीर, सुसंस्कृत और चिंतनशील व्यक्ति थे। आपने गम्भीर साहित्यिक नाटकों की तन्मयता से रचना की। आपकी ऐतिहासिक खोज सराहनीय थी । किंवदन्तियों पर आप कभी निर्भर न रहते थे । अतः 'नागयज्ञ' 'अजातशत्रु'
VERLATE KUNI MAJUSRATUSIDIDUNT । पारसी नाटक-मंडलियों का ध्यान भी हिन्दी की ओर फिरा। 'न्यू ऐलफ्रेड' नाटकमंडली के लिए बरेली के पंशून्य राधेश्याम कविरत्न ने 'वीर अभिमन्यु', 'भक्त प्रह्लाद' आदि नाटकों की रचना की । इनकी भाषा हिंदी अवश्य थी किंतु इन नाटकों में प्रगति का छिमात्र भी न था । ये पारसीक कथा के केवल हिंदी उल्था थे । इन मंडलियों का अभिनय जीवन-हीन, विकृत और परिपाटीग्रस्त था । पारसी रंगमंच हमें जीवन से दूर किसी मिथ्या-जग में था । वास्तविकता से यह अभिनय कोसों दूर था । पंशून्य माखनलाल चतुर्वेदी का 'कृष्णार्जुन युद्ध' हिन्दी रंगमंच के इतिहास में एक स्मरणीय घटना थी । इस नाटक के अनेक सफल अभिनय साहित्य-समितियों ने किये । 'कृष्णार्जुन युद्ध' मे साहित्यिकता के साथ-साथ नाट्य-गुण विशेष मात्रा मे मौजूद थे। पंशून्य बदरीनाथ भट्ट अधिकतर प्रहसन लिखते थे । आपकी नाटिका 'चुङ्गी की उम्मेदवारी' हास्य में ओत-प्रोत है । हास्यात्मक नाटक का वह प्रखर निर्मल स्वरूप अभी हिंदी में नहीं आया, जिसके अभ्यस्त हम 'शॉ' आदि की नाट्य-कला से हो गये हैं। 'प्रसाद' के साथ हम हिंदी नाटक के इतिहास का नया पृष्ठ पलढते हैं । 'प्रसाद' गम्भीर, सुसंस्कृत और चिंतनशील व्यक्ति थे। आपने गम्भीर साहित्यिक नाटकों की तन्मयता से रचना की। आपकी ऐतिहासिक खोज सराहनीय थी । किंवदन्तियों पर आप कभी निर्भर न रहते थे । अतः 'नागयज्ञ' 'अजातशत्रु'
हिंदू धर्म में हर देवी-देवताओं की पूजा-विधान का दिन बताया गया है। उसी तरह से मां वैभव लक्ष्मी की पूजा-आराधना का दिन शुक्रवार माना गया है। वैभवलक्ष्मी का व्रत इस दिन लोग करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी की पूजा नियमित रूप से शुक्रवार के दिन जो लोग करते हैं हमेशा सुख-संपन्नता घर में बनी रहती है। इतना ही नहीं पैसों से जुड़ी समस्या भी लक्ष्मी जी की पूजा इस दिन करने से होती है। शुक्र ग्रह का दिन शुक्रवार का दिन कहा गया है। भौतिक सुख का कारक भी शुक्र ग्रह को माना जाता है। लेकिन कुछ बातों का जरूरी ध्यान शुक्रवार के दिन रखना चाहिए। चलिए बताते हैं कौन से काम शुक्रवार के दिन नहीं करने होते। लक्ष्मी का स्वरुप महिलाओं को माना गया है। इसलिए किसी महिला या कन्या का अपमान शुक्रवार या किसी अन्य दिन नहीं करें। भूलकर भी किसी किन्नर का अपमान इस दिन न करें। ऐसा कहा जाता है कि लक्ष्मी का वास वहां पर नहीं होता जहां महिलाओं का सम्मान नहीं होता। ऐसे घरों में दरिद्रता हमेशा बनी रहती है। किसी से भी कर्ज शुक्रवार के दिन न लें और न ही दें। ऐसा कहा जाता है इस दिन कर्ज देना और लेना शुभ नहीं होता है। दरअसल वापस धन इस दिन देने से आना मुश्किल होता है। इसके अलावा कड़वाहट रिश्तों में आ जाता है। सात्विक भोजन ही शुक्रवार के दिन खाना चाहिए। भूलकर भी इस दिन मांस और मदिरा का सेवन नहीं करें। संभव हो सके तो कुछ मीठा जरूर इस दिन बना लें साथ ही उसे पहले मां लक्ष्मी को अर्पित कर दें। भौतिक सुखों का स्वामी शुक्र ग्रह को ज्योतिष के मुताबिक माना जाता है। शुक्र ग्रह एवं चंद्रमा दोनों से चीनी का संबंध है। यही वजह है कि चीनी किसी को भी इस दिन न दें। ऐसा करने से शुक्र ग्रह कमजोर हो जाता है। साथ ही सुख-सुविधाओं में भी कमी आ जाती है और व्यक्ति की आर्थिक स्थिति भी खराब भी होती है। भूल से भी किसी से झगड़ा शुक्रवार के दिन नहीं करना चाहिए और न ही अपशब्द किसी से भी न बोलें। ऐसा करने से अपने भक्तों से मां लक्ष्मी रूठ जाती है। साथ ही पैसों का अपव्यय भी बढ़ता है और दरिद्रता का वास भी घर में आती है।
हिंदू धर्म में हर देवी-देवताओं की पूजा-विधान का दिन बताया गया है। उसी तरह से मां वैभव लक्ष्मी की पूजा-आराधना का दिन शुक्रवार माना गया है। वैभवलक्ष्मी का व्रत इस दिन लोग करते हैं। मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी की पूजा नियमित रूप से शुक्रवार के दिन जो लोग करते हैं हमेशा सुख-संपन्नता घर में बनी रहती है। इतना ही नहीं पैसों से जुड़ी समस्या भी लक्ष्मी जी की पूजा इस दिन करने से होती है। शुक्र ग्रह का दिन शुक्रवार का दिन कहा गया है। भौतिक सुख का कारक भी शुक्र ग्रह को माना जाता है। लेकिन कुछ बातों का जरूरी ध्यान शुक्रवार के दिन रखना चाहिए। चलिए बताते हैं कौन से काम शुक्रवार के दिन नहीं करने होते। लक्ष्मी का स्वरुप महिलाओं को माना गया है। इसलिए किसी महिला या कन्या का अपमान शुक्रवार या किसी अन्य दिन नहीं करें। भूलकर भी किसी किन्नर का अपमान इस दिन न करें। ऐसा कहा जाता है कि लक्ष्मी का वास वहां पर नहीं होता जहां महिलाओं का सम्मान नहीं होता। ऐसे घरों में दरिद्रता हमेशा बनी रहती है। किसी से भी कर्ज शुक्रवार के दिन न लें और न ही दें। ऐसा कहा जाता है इस दिन कर्ज देना और लेना शुभ नहीं होता है। दरअसल वापस धन इस दिन देने से आना मुश्किल होता है। इसके अलावा कड़वाहट रिश्तों में आ जाता है। सात्विक भोजन ही शुक्रवार के दिन खाना चाहिए। भूलकर भी इस दिन मांस और मदिरा का सेवन नहीं करें। संभव हो सके तो कुछ मीठा जरूर इस दिन बना लें साथ ही उसे पहले मां लक्ष्मी को अर्पित कर दें। भौतिक सुखों का स्वामी शुक्र ग्रह को ज्योतिष के मुताबिक माना जाता है। शुक्र ग्रह एवं चंद्रमा दोनों से चीनी का संबंध है। यही वजह है कि चीनी किसी को भी इस दिन न दें। ऐसा करने से शुक्र ग्रह कमजोर हो जाता है। साथ ही सुख-सुविधाओं में भी कमी आ जाती है और व्यक्ति की आर्थिक स्थिति भी खराब भी होती है। भूल से भी किसी से झगड़ा शुक्रवार के दिन नहीं करना चाहिए और न ही अपशब्द किसी से भी न बोलें। ऐसा करने से अपने भक्तों से मां लक्ष्मी रूठ जाती है। साथ ही पैसों का अपव्यय भी बढ़ता है और दरिद्रता का वास भी घर में आती है।
दक्षिण गुजरात के गन्ना श्रमिक 28 फरवरी से वेतन वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे है। गन्ना श्रमिक, जिनमें से अधिकांश आदिवासी हैं, उन्होंने गुजरात में मजूर अधिकार मंच के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है। दक्षिण गुजरात में लगभग 15 चीनी मिलों के गन्ने की कटाई में लगभग 2 लाख श्रमिक काम करते है, और वो लगभग सभी आदिवासी हैं। मजूर अधिकार मंच द्वारा गन्ना कटाई श्रमिकों को संगठित किया जा रहा है। मंच के सल्लागार सुधीर कटियार के अनुसार, गन्ना श्रमिक तीन राज्यों के 12 जिलों से आते हैं। सभी गन्ना श्रमिकों का शोषण हो रहा है और उनकी आर्थिक, सामाजिक स्थिती में सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, हमने चीनी मिल के मालिकों, राज्य स्तरीय महासंघ और श्रम विभाग को श्रमिकों के मांगों की एक सूची भेजी है। ट्रेड यूनियन नेता जयेश गामित ने कहा, गन्ना कर्मचारी मजदूरी में प्रति टन 400 रुपये की वृद्धि की मांग कर रहे हैं, जो यूनियन नेताओं के अनुसार, वर्तमान में 250 रुपये है। दो मजदूरों को एक टन गन्ना काटने में लगभग 12 से 14 घंटे लगते हैं, और यह कठिनाइयों से भरा काम होता है। पानी की उपलब्धता के कारण गन्ना इस क्षेत्र की प्रमुख फसल के रूप में उभरा है। हर साल लगभग दो लाख श्रमिक गुजरात के डांग और तापी जिलों और महाराष्ट्र के धुले और नंदुरबार से गन्ना कटाई का काम करने के लिए पलायन करते है। कुल श्रमिक की संख्या में डांग की हिस्सेदारी लगभग 40 फीसदी है। यह न्यूज़ सुनने के लिए प्ले बटन को दबाये.
दक्षिण गुजरात के गन्ना श्रमिक अट्ठाईस फरवरी से वेतन वृद्धि सहित विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे है। गन्ना श्रमिक, जिनमें से अधिकांश आदिवासी हैं, उन्होंने गुजरात में मजूर अधिकार मंच के बैनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है। दक्षिण गुजरात में लगभग पंद्रह चीनी मिलों के गन्ने की कटाई में लगभग दो लाख श्रमिक काम करते है, और वो लगभग सभी आदिवासी हैं। मजूर अधिकार मंच द्वारा गन्ना कटाई श्रमिकों को संगठित किया जा रहा है। मंच के सल्लागार सुधीर कटियार के अनुसार, गन्ना श्रमिक तीन राज्यों के बारह जिलों से आते हैं। सभी गन्ना श्रमिकों का शोषण हो रहा है और उनकी आर्थिक, सामाजिक स्थिती में सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, हमने चीनी मिल के मालिकों, राज्य स्तरीय महासंघ और श्रम विभाग को श्रमिकों के मांगों की एक सूची भेजी है। ट्रेड यूनियन नेता जयेश गामित ने कहा, गन्ना कर्मचारी मजदूरी में प्रति टन चार सौ रुपयापये की वृद्धि की मांग कर रहे हैं, जो यूनियन नेताओं के अनुसार, वर्तमान में दो सौ पचास रुपयापये है। दो मजदूरों को एक टन गन्ना काटने में लगभग बारह से चौदह घंटाटे लगते हैं, और यह कठिनाइयों से भरा काम होता है। पानी की उपलब्धता के कारण गन्ना इस क्षेत्र की प्रमुख फसल के रूप में उभरा है। हर साल लगभग दो लाख श्रमिक गुजरात के डांग और तापी जिलों और महाराष्ट्र के धुले और नंदुरबार से गन्ना कटाई का काम करने के लिए पलायन करते है। कुल श्रमिक की संख्या में डांग की हिस्सेदारी लगभग चालीस फीसदी है। यह न्यूज़ सुनने के लिए प्ले बटन को दबाये.
आसमान में सरपट से भागते हेलिकॉप्टर को ख़रीदने का सपना तो हर किसी का होता है, लेकिन ये सपना किसी-किसी का ही पूरा हो पाता है. हेलिकॉप्टर को देख कभी-कभी तो मन करता है काश हमारे पास भी एक होता, जिसमें बैठकर हम अपनी मनपसंद जगह घूमने निकल पड़ते, लेकिन सपने तो सपने हैं. हेलिकॉप्टर को लेकर कहा जाता है इसे ख़रीदना तो उतना मुश्किल नहीं है, लेकिन उसकी देखरेख करने में नानी याद आ जाती है. ये बात सौ फ़ीसदी सच है. क्या आप जानते हैं अगर कोई भारतीय हेलीकॉप्टर ख़रीदना चाहता है, तो उसे कौन-कौन से डॉक्युमेंट्स चाहिए होंगे और इसके लिए कहां जाना होगा? नहीं मालूम, तो चलिए हम बताते हैं. भारत में किसी भी हेलीकॉप्टर मालिक द्वारा अपने पायलट को सैलरी के तौर पर 40000 से लेकर 150000 का भुगतान करना अनिवार्य है. हालांकि, ये अनुभव के हिसाब से अलग-अलग भी हो सकता है. क्योंकि जो भी इस हेलीकॉप्टर को उड़ाएगा वो भारत सरकार से मान्यता प्राप्त पायलट होगा और उसे फ्लाइंग का उचित अनुभव भी होगा. हेलीकॉप्टर के मालिक को प्रति उड़ान 40000 से 70000 का भुगतान करना होगा, जो आमतौर पर उनके लैंडिंग चार्ज को छोड़कर दूरी पर निर्भर करता है. IGI हवाई अड्डा नई दिल्ली पर उतरने के लिए चार्ज 30000 रुपये प्रति लैंडिंग है, लेकिन छोटे हवाई अड्डे का चार्ज इससे थोड़ा कम है. मालिक को हेलीकॉप्टर के Maintenance Repair and Operations (MRO) का इंतज़ाम भी ख़ुद ही करना पड़ता है. भारत में ऐसे कई संगठन हैं, जो इस तरह की सेवा देते हैं. ऑपरेटर इसके लिए एक उचित शुल्क भी लेते हैं. हेलिकॉप्टर मालिक को केवल रखरखाव पर ही सालाना 10 से 15 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं. कितनी होती है हेलिकॉप्टर की क़ीमत? Escrow. com बेवसाइट के मुताबिक़, 'रॉबिंसन R-22' हेलीकॉप्टर की क़ीमत लगभग 250,000 अमेरिकी डॉलर है, जो भारतीय रुपये में 1 करोड़ 84 लाख रुपये के क़रीब है. 'रॉबिंसन R-22' को दुनिया का सबसे किफ़ायती हैलीकॉप्टर माना जाता है. वहीं भारत में 4 सीटर हेलीकॉप्टर की क़ीमत 2 करोड़ 30 लाख, जबकि 6 सीटर हेलीकॉप्टर की क़ीमत 2 करोड़ 80 लाख के क़रीब है. किसी भी भारतीय व्यक्ति को हेलीकॉप्टर ख़रीदने और पंजीकरण करने के लिए DGCA से उचित अनुमति लेनी पड़ती है. इसके लिए सबसे पहले भारत सरकार के 'नागरिक उड्डयन महानिदेशालय' की वेबसाइट में दिए गए आवेदन को दाखिल करके गृह मंत्रालय के NOC के लिए आवेदन करना होगा. डॉक्युमेंट्स के तौर पर आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड और इनकम टैक्स फ्रूफ़ जैसे डॉक्युमेंट्स की ज़रूरत होती है. इस प्रक्रिया के दौरान हेलीकॉप्टर ख़रीदने वाले व्यक्ति को ये प्रूफ़ भी पेश करने होते हैं कि एक योग्य पायलट ही हेलीकॉप्टर उड़ाएगा और हेलीकॉप्टर का उचित अवधी तक रखरखाव भी किया जाएगा. यदि आप भी निजी हेलीकॉप्टर ख़रीदना चाहते हैं, तो escrow. com से संपर्क करें.
आसमान में सरपट से भागते हेलिकॉप्टर को ख़रीदने का सपना तो हर किसी का होता है, लेकिन ये सपना किसी-किसी का ही पूरा हो पाता है. हेलिकॉप्टर को देख कभी-कभी तो मन करता है काश हमारे पास भी एक होता, जिसमें बैठकर हम अपनी मनपसंद जगह घूमने निकल पड़ते, लेकिन सपने तो सपने हैं. हेलिकॉप्टर को लेकर कहा जाता है इसे ख़रीदना तो उतना मुश्किल नहीं है, लेकिन उसकी देखरेख करने में नानी याद आ जाती है. ये बात सौ फ़ीसदी सच है. क्या आप जानते हैं अगर कोई भारतीय हेलीकॉप्टर ख़रीदना चाहता है, तो उसे कौन-कौन से डॉक्युमेंट्स चाहिए होंगे और इसके लिए कहां जाना होगा? नहीं मालूम, तो चलिए हम बताते हैं. भारत में किसी भी हेलीकॉप्टर मालिक द्वारा अपने पायलट को सैलरी के तौर पर चालीस हज़ार से लेकर एक लाख पचास हज़ार का भुगतान करना अनिवार्य है. हालांकि, ये अनुभव के हिसाब से अलग-अलग भी हो सकता है. क्योंकि जो भी इस हेलीकॉप्टर को उड़ाएगा वो भारत सरकार से मान्यता प्राप्त पायलट होगा और उसे फ्लाइंग का उचित अनुभव भी होगा. हेलीकॉप्टर के मालिक को प्रति उड़ान चालीस हज़ार से सत्तर हज़ार का भुगतान करना होगा, जो आमतौर पर उनके लैंडिंग चार्ज को छोड़कर दूरी पर निर्भर करता है. IGI हवाई अड्डा नई दिल्ली पर उतरने के लिए चार्ज तीस हज़ार रुपयापये प्रति लैंडिंग है, लेकिन छोटे हवाई अड्डे का चार्ज इससे थोड़ा कम है. मालिक को हेलीकॉप्टर के Maintenance Repair and Operations का इंतज़ाम भी ख़ुद ही करना पड़ता है. भारत में ऐसे कई संगठन हैं, जो इस तरह की सेवा देते हैं. ऑपरेटर इसके लिए एक उचित शुल्क भी लेते हैं. हेलिकॉप्टर मालिक को केवल रखरखाव पर ही सालाना दस से पंद्रह लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं. कितनी होती है हेलिकॉप्टर की क़ीमत? Escrow. com बेवसाइट के मुताबिक़, 'रॉबिंसन R-बाईस' हेलीकॉप्टर की क़ीमत लगभग दो सौ पचास,शून्य अमेरिकी डॉलर है, जो भारतीय रुपये में एक करोड़ चौरासी लाख रुपये के क़रीब है. 'रॉबिंसन R-बाईस' को दुनिया का सबसे किफ़ायती हैलीकॉप्टर माना जाता है. वहीं भारत में चार सीटर हेलीकॉप्टर की क़ीमत दो करोड़ तीस लाख, जबकि छः सीटर हेलीकॉप्टर की क़ीमत दो करोड़ अस्सी लाख के क़रीब है. किसी भी भारतीय व्यक्ति को हेलीकॉप्टर ख़रीदने और पंजीकरण करने के लिए DGCA से उचित अनुमति लेनी पड़ती है. इसके लिए सबसे पहले भारत सरकार के 'नागरिक उड्डयन महानिदेशालय' की वेबसाइट में दिए गए आवेदन को दाखिल करके गृह मंत्रालय के NOC के लिए आवेदन करना होगा. डॉक्युमेंट्स के तौर पर आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड और इनकम टैक्स फ्रूफ़ जैसे डॉक्युमेंट्स की ज़रूरत होती है. इस प्रक्रिया के दौरान हेलीकॉप्टर ख़रीदने वाले व्यक्ति को ये प्रूफ़ भी पेश करने होते हैं कि एक योग्य पायलट ही हेलीकॉप्टर उड़ाएगा और हेलीकॉप्टर का उचित अवधी तक रखरखाव भी किया जाएगा. यदि आप भी निजी हेलीकॉप्टर ख़रीदना चाहते हैं, तो escrow. com से संपर्क करें.
सड़कें लोगों को आपस में जोड़ती हैं और पर्यटन करने का एक उद्देश्य दूर देश के लोगों से जुड़ना होता है, लेकिन दुर्भाग्यवश हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में हज़ारों लोग मारे जाते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक एक वर्ष में विभिन्न सड़क दुर्घटना में क़रीब 25 हज़ार पर्यटकों की मौत होती है. इस रिपोर्ट को 'मेक रोड सेफ़' अभियान और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था 'एफ़आईए फ़ाउण्डेशन' ने जारी किया है. 'मेक रोड सेफ़' और एफ़आईए फ़ाउण्डेशन ने विश्व पर्यटन दिवस पर चेतावनी दी है कि आने वाले दस वर्ष में ये आंकड़े दुगुने हो जाएँगे. आशंका है कि वर्ष 2020 तक यह संख्या क़रीब 45 हज़ार तक पहुँच सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक जिन देशों में सड़क सुरक्षा का स्तर अच्छा नहीं है और जिन देशों में यात्रा करना ख़तरनाक है, वो भी पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगह हैं. दुर्घटना का एक कारण विभिन्न देशों में सड़क इस्तेमाल करने का अलग-अलग ढंग होना है. साथ ही यात्रा के दौरान दूसरे शहरों में कई बातों की लोग अनदेखी करते है जबकि वे अपने शहर में इनका पालन करते हैं, जैसे कि मोटर साइकिल पर बिना हैलमेट की सवारी. सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वालों ने अपील की है कि सभी टैक्सियों में सीट बेल्ट लगे होने चाहिए और प्रशिक्षित चालकों की व्यवस्था हो. साथ ही उन्होंने सुरक्षित और बेहतरीन यातायात के लिए एक अंतरराष्ट्रीय चार्टर बनाने की मांग की है.
सड़कें लोगों को आपस में जोड़ती हैं और पर्यटन करने का एक उद्देश्य दूर देश के लोगों से जुड़ना होता है, लेकिन दुर्भाग्यवश हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में हज़ारों लोग मारे जाते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक एक वर्ष में विभिन्न सड़क दुर्घटना में क़रीब पच्चीस हज़ार पर्यटकों की मौत होती है. इस रिपोर्ट को 'मेक रोड सेफ़' अभियान और सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था 'एफ़आईए फ़ाउण्डेशन' ने जारी किया है. 'मेक रोड सेफ़' और एफ़आईए फ़ाउण्डेशन ने विश्व पर्यटन दिवस पर चेतावनी दी है कि आने वाले दस वर्ष में ये आंकड़े दुगुने हो जाएँगे. आशंका है कि वर्ष दो हज़ार बीस तक यह संख्या क़रीब पैंतालीस हज़ार तक पहुँच सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक जिन देशों में सड़क सुरक्षा का स्तर अच्छा नहीं है और जिन देशों में यात्रा करना ख़तरनाक है, वो भी पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगह हैं. दुर्घटना का एक कारण विभिन्न देशों में सड़क इस्तेमाल करने का अलग-अलग ढंग होना है. साथ ही यात्रा के दौरान दूसरे शहरों में कई बातों की लोग अनदेखी करते है जबकि वे अपने शहर में इनका पालन करते हैं, जैसे कि मोटर साइकिल पर बिना हैलमेट की सवारी. सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वालों ने अपील की है कि सभी टैक्सियों में सीट बेल्ट लगे होने चाहिए और प्रशिक्षित चालकों की व्यवस्था हो. साथ ही उन्होंने सुरक्षित और बेहतरीन यातायात के लिए एक अंतरराष्ट्रीय चार्टर बनाने की मांग की है.
हाब्बन - डाक विभाग में भारतीय पोस्टर आर्डर न मिलने से दूरदराज के ग्रामीणों को बैंक से ड्राफ्ट लेने में 350 प्रतिशत कमीशन देना पड़ रहा है। गांव शलाना निवासी बलवंत सिंह व गांव बोहल के ओम प्रकाश, गांव भाट के सयाना के दिनेश व पबियाना के ओम प्रकाश ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के आवेदन के लिए उन्हें आवेदन शुल्क के रूप में दस रुपए के भारतीय पोस्टल आर्डर की जरूरत थी, परंतु डाकघर राजगढ़ में पिछले लगभग एक सप्ताह से पोस्टल आर्डर ही नहीं मिल रहे हैं, उन्हें अपने आवेदन भेजने के लिए दस रुपए का ड्राफ्ट बैंक से बनाना पड़ा। बलवंत सिंह व ओम प्रकाश ने बताया कि उन्हें हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक शाखा राजगढ़ से दस रुपए का ड्राफ्ट बनाना पड़ा, जिसके लिए उन्हें 35 रुपए उन्हें कमीशन के रूप में देना पड़ा। इस तरह उन्हें 350 प्रतिशत कमीशन देना पड़ा, जो न्यायसंगत नहीं। इस बारे डाक विभाग राजगढ़ से जब संपर्क कर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि डाकघर में पोस्टल आर्डर उपलब्ध नहीं। यह भी बताया गया कि वे बता नहीं सकते की कब तक पोस्टल आर्डर उपलब्ध होंगे। ऐसे मामले यहां कई बार हो चुके हैं। जब डाक विभाग में पोस्टल आर्डर नहीं मिलते व लोगों को बैंकों में भारी भरकम कमीशन देने पर मजबूर होना पड़ रहा है। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
हाब्बन - डाक विभाग में भारतीय पोस्टर आर्डर न मिलने से दूरदराज के ग्रामीणों को बैंक से ड्राफ्ट लेने में तीन सौ पचास प्रतिशत कमीशन देना पड़ रहा है। गांव शलाना निवासी बलवंत सिंह व गांव बोहल के ओम प्रकाश, गांव भाट के सयाना के दिनेश व पबियाना के ओम प्रकाश ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम-दो हज़ार पाँच के आवेदन के लिए उन्हें आवेदन शुल्क के रूप में दस रुपए के भारतीय पोस्टल आर्डर की जरूरत थी, परंतु डाकघर राजगढ़ में पिछले लगभग एक सप्ताह से पोस्टल आर्डर ही नहीं मिल रहे हैं, उन्हें अपने आवेदन भेजने के लिए दस रुपए का ड्राफ्ट बैंक से बनाना पड़ा। बलवंत सिंह व ओम प्रकाश ने बताया कि उन्हें हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक शाखा राजगढ़ से दस रुपए का ड्राफ्ट बनाना पड़ा, जिसके लिए उन्हें पैंतीस रुपयापए उन्हें कमीशन के रूप में देना पड़ा। इस तरह उन्हें तीन सौ पचास प्रतिशत कमीशन देना पड़ा, जो न्यायसंगत नहीं। इस बारे डाक विभाग राजगढ़ से जब संपर्क कर पूछा गया तो उन्होंने बताया कि डाकघर में पोस्टल आर्डर उपलब्ध नहीं। यह भी बताया गया कि वे बता नहीं सकते की कब तक पोस्टल आर्डर उपलब्ध होंगे। ऐसे मामले यहां कई बार हो चुके हैं। जब डाक विभाग में पोस्टल आर्डर नहीं मिलते व लोगों को बैंकों में भारी भरकम कमीशन देने पर मजबूर होना पड़ रहा है। विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में निःशुल्क रजिस्टर करें !
निरसा के देवियाना में अवैध कनेक्शन के लिए फाेड़ दिए गए मेन राइजिंग पाइप की मरम्मत मंगलवार काे पूरी हाे गई। लीकेज प्वाइंट पर पैकिंग डालकर वेल्डिंग से उसे सील कर दिया गया। हालांकि मैथन में देर रात तक एक जगह मरम्मत का काम चलता रहा। ऐसे में बुधवार की सुबह तक मैथन डैम से ट्रीटमेंट प्लांट काे राॅ वाटर की आपूर्ति नहीं हाे सकेगी। इस वजह से शहर काे पानी भी मिलने की संभावना कम ही है। गुरुवार काे सभी जलमीनाराें से पर्याप्त जलापूर्ति की उम्मीद है। गाैरतलब है कि देवियाना की एक काॅलाेनी में अवैध तरीके से पानी पहुंचाने के लिए ईसीएल के वीटी पंप के पास राइजिंग पाइप काे दाे जगहाें पर 14 अप्रैल काे फाेड़ दिया गया था। अधिकारियाें ने किसी तरह लकड़ी व पत्थर से लीकेज काे बंद कर दिया था, पर रिसाव जारी रहा। मंगलवार काे जलापूर्ति राेककर मरम्मत की गई। सुबह 9 बजे मैथन इनटेक वेल के दाे माेटराें काे बंद कर ट्रीटमेंट प्लांट काे राॅ वाटर की सप्लाई राेकी गई। 11 बजे कर्मी लीकेज प्वाइंट पर पहुंचे। पत्थर हटाते ही पानी फव्वारे के रूप में निकलने लगा। दोपहर 2:30 बजे तक लाखों गैलन पानी नेशनल हाइवे पर बह गया। प्रेशर घटने पर 3 बजे से मरम्मत शुरू की गई। देर शाम लोहे का प्लेट लगाकर दाे छेदाें काे बंद कर वेल्डिंग कर दी गई। उसके साथ-साथ निरसा और मैथन में भी एक-एक जगह लीकेज था। देर रात तक वहां मरम्मत की गई। This website follows the DNPA Code of Ethics.
निरसा के देवियाना में अवैध कनेक्शन के लिए फाेड़ दिए गए मेन राइजिंग पाइप की मरम्मत मंगलवार काे पूरी हाे गई। लीकेज प्वाइंट पर पैकिंग डालकर वेल्डिंग से उसे सील कर दिया गया। हालांकि मैथन में देर रात तक एक जगह मरम्मत का काम चलता रहा। ऐसे में बुधवार की सुबह तक मैथन डैम से ट्रीटमेंट प्लांट काे राॅ वाटर की आपूर्ति नहीं हाे सकेगी। इस वजह से शहर काे पानी भी मिलने की संभावना कम ही है। गुरुवार काे सभी जलमीनाराें से पर्याप्त जलापूर्ति की उम्मीद है। गाैरतलब है कि देवियाना की एक काॅलाेनी में अवैध तरीके से पानी पहुंचाने के लिए ईसीएल के वीटी पंप के पास राइजिंग पाइप काे दाे जगहाें पर चौदह अप्रैल काे फाेड़ दिया गया था। अधिकारियाें ने किसी तरह लकड़ी व पत्थर से लीकेज काे बंद कर दिया था, पर रिसाव जारी रहा। मंगलवार काे जलापूर्ति राेककर मरम्मत की गई। सुबह नौ बजे मैथन इनटेक वेल के दाे माेटराें काे बंद कर ट्रीटमेंट प्लांट काे राॅ वाटर की सप्लाई राेकी गई। ग्यारह बजे कर्मी लीकेज प्वाइंट पर पहुंचे। पत्थर हटाते ही पानी फव्वारे के रूप में निकलने लगा। दोपहर दो:तीस बजे तक लाखों गैलन पानी नेशनल हाइवे पर बह गया। प्रेशर घटने पर तीन बजे से मरम्मत शुरू की गई। देर शाम लोहे का प्लेट लगाकर दाे छेदाें काे बंद कर वेल्डिंग कर दी गई। उसके साथ-साथ निरसा और मैथन में भी एक-एक जगह लीकेज था। देर रात तक वहां मरम्मत की गई। This website follows the DNPA Code of Ethics.
बीजापुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के छठवें स्थापना दिवस पर प्रदेश भर में विभिन्ना कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष धजनसेवा और जनभावनाध की थीम पर, पार्टी कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ के महान माटीपुत्रों-महापुरुषों को याद कर उनकी प्रतिमाओं की साफ-सफाई की। इसी तरह दार्शनिक स्थलों की साफ-सफाई की एवं खेतों में जाकर किसान और मजदूरों की मदद की , उनके काम में हाथ बटाया, सरकारी अस्पतालों में हेल्प डेस्क लगाकर मरीजों को जानकारी प्रदान की और उन्हें मेडिकल प्रक्रिया में सहायता की और प्रदेश भर में चल रहे स्कूल सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन दिया और आंदोलनकारियों को भोजन करवाया। उक्त कार्यक्रम में पार्टी के ध्वजारोहण के उपरांत छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना की गयी। पार्टी के संस्थापक अजीत जोगी के छाया चित्र पर माल्यार्पण किया। छत्तीसगढ़ राज्य गीत धअरपा पैरी के धारध के गान से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से संबोधित किया। अमित जोगी ने मिशन 2023 की नींव रखते हुए, पार्टी के कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने प्रदेश भर में चल रहे पार्टी के सदस्यता अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने कहा। जोगी ने कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाते हुए कहा कि क्रांति एक दिन में नहीं आती। हम पिछले पांच साल से छत्तीसगढ़वाद की विचारधारा को स्थापित करने इसलिए नहीं लड़ रहे हैं कि हम केवल पांच सालों के लिए सरकार बनाए बल्कि हम इसलिए लड़ रहे हैं कि अब हम छत्तीसगढ़ में ऐसी क्षेत्रीय सरकार बनाएं जो छत्तीसगढ़वाद की विचारधारा के बल पर अमीर धरती गरीब लोग के अभिशाप को मिटाकर, छत्तीसगढ़ को सबसे अमीर और सबसे शक्तिशाली राज्य बनाए। जोगी ने कहा कि पार्टी 11 अगस्त से मिनी माता की पुण्यतिथि से प्रदेश भर में सतनामी समाज के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध जिला सम्मेलनों का आयोजन करेगी और भाजपा शासित पूर्व सरकार और अब कांग्रेस सरकार की दोगली नीति और कपटी नियत के विरुद्ध सतनाम सत्याग्रह का आयोजन करेगी। कार्यक्रम में वरिष्ठ महिला नेत्री सुनीता तिवारी, जिला उपाध्यक्ष चल्मैया आंगनपल्ली, बीजापुर ब्लाक अध्यक्ष गुड्डू कोरसा, शहर अध्यक्ष बालकिशन बजाज, रोशन झाड़ी युवा अध्यक्ष, सुनील झाड़ी, रवि गांधरला, मीडिया प्रभारी रामचन्द्रम एरोला व अन्य मौजूद रहे।
बीजापुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के छठवें स्थापना दिवस पर प्रदेश भर में विभिन्ना कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस वर्ष धजनसेवा और जनभावनाध की थीम पर, पार्टी कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ के महान माटीपुत्रों-महापुरुषों को याद कर उनकी प्रतिमाओं की साफ-सफाई की। इसी तरह दार्शनिक स्थलों की साफ-सफाई की एवं खेतों में जाकर किसान और मजदूरों की मदद की , उनके काम में हाथ बटाया, सरकारी अस्पतालों में हेल्प डेस्क लगाकर मरीजों को जानकारी प्रदान की और उन्हें मेडिकल प्रक्रिया में सहायता की और प्रदेश भर में चल रहे स्कूल सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन दिया और आंदोलनकारियों को भोजन करवाया। उक्त कार्यक्रम में पार्टी के ध्वजारोहण के उपरांत छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा अर्चना की गयी। पार्टी के संस्थापक अजीत जोगी के छाया चित्र पर माल्यार्पण किया। छत्तीसगढ़ राज्य गीत धअरपा पैरी के धारध के गान से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस अवसर पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से संबोधित किया। अमित जोगी ने मिशन दो हज़ार तेईस की नींव रखते हुए, पार्टी के कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने प्रदेश भर में चल रहे पार्टी के सदस्यता अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने कहा। जोगी ने कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाते हुए कहा कि क्रांति एक दिन में नहीं आती। हम पिछले पांच साल से छत्तीसगढ़वाद की विचारधारा को स्थापित करने इसलिए नहीं लड़ रहे हैं कि हम केवल पांच सालों के लिए सरकार बनाए बल्कि हम इसलिए लड़ रहे हैं कि अब हम छत्तीसगढ़ में ऐसी क्षेत्रीय सरकार बनाएं जो छत्तीसगढ़वाद की विचारधारा के बल पर अमीर धरती गरीब लोग के अभिशाप को मिटाकर, छत्तीसगढ़ को सबसे अमीर और सबसे शक्तिशाली राज्य बनाए। जोगी ने कहा कि पार्टी ग्यारह अगस्त से मिनी माता की पुण्यतिथि से प्रदेश भर में सतनामी समाज के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध जिला सम्मेलनों का आयोजन करेगी और भाजपा शासित पूर्व सरकार और अब कांग्रेस सरकार की दोगली नीति और कपटी नियत के विरुद्ध सतनाम सत्याग्रह का आयोजन करेगी। कार्यक्रम में वरिष्ठ महिला नेत्री सुनीता तिवारी, जिला उपाध्यक्ष चल्मैया आंगनपल्ली, बीजापुर ब्लाक अध्यक्ष गुड्डू कोरसा, शहर अध्यक्ष बालकिशन बजाज, रोशन झाड़ी युवा अध्यक्ष, सुनील झाड़ी, रवि गांधरला, मीडिया प्रभारी रामचन्द्रम एरोला व अन्य मौजूद रहे।
हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय द्वारा राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया अभ्यास (National Cyber Security Incident Response Exercise- NCX India) का आयोजन किया। - एनसीएक्स इंडिया का आयोजन 18 से 29 अप्रैल 2022 तक दस दिनों की अवधि तक हाइब्रिड अभ्यास के रूप में किया जा रहा है। - इसका उद्देश्य सरकार/महत्वपूर्ण क्षेत्र के संगठनों और एजेंसियों के वरिष्ठ प्रबंधन तथा तकनीकी कर्मियों को समकालीन साइबर खतरों एवं साइबर घटनाओं व प्रतिक्रिया के प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान करना है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदः - राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद' (NSC) एक त्रिस्तरीय संगठन है, जो सामरिक चिंता के राजनीतिक, आर्थिक, ऊर्जा और सुरक्षा मुद्दों की देखरेख करता है। - 'राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार' (NSA) 'राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद' की अध्यक्षता करता है और वह प्रधानमंत्री का प्राथमिक सलाहकार भी होता है। वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं। - इसका गठन वर्ष 1998 में किया गया था और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श करता है। एनसीएक्स इंडियाः - मंचः प्रशिक्षण हेतु मंच साइबरएक्सर टेक्नोलॉजीज द्वारा प्रदान किया जा रहा है जो एक एस्टोनियाई साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसे विश्व स्तर पर कई बड़े साइबर अभ्यास आयोजित करने के लिये मान्यता प्राप्त है। - आवश्यकताः देश में हो रही डिज़िटल क्रांति और सरकार द्वारा बड़ी संख्या में डिज़िटल सेवाओं का शुभारंभ करने हेतु। - इस संदर्भ में साइबर सुरक्षा किसी भी सफल डिजिटल प्लेटफार्म का आधार होता है। - साइबरस्पेस में कोई भी खतरा सीधे तौर पर हमारी सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करता है। अतः हमारे साइबरस्पेस को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। - प्रशिक्षण मॉड्यूलः प्रतिभागियों को विभिन्न प्रमुख साइबर सुरक्षा क्षेत्रों जैसे घुसपैठ का पता लगाने की तकनीक, मैलवेयर सूचना साझाकरण प्लेटफॉर्म (MISP), सुभेद्यता प्रबंधन और प्रवेश परीक्षण, नेटवर्क प्रोटोकॉल तथा डेटा प्रवाह, डिजिटल फोरेंसिक आदि पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। - परिकल्पित लक्ष्यः एनसीएक्स इंडिया साइबर खतरों को बेहतर ढंग से समझने, आकलन करने और साइबर संकट प्रबंधन एवं सहयोग के लिये कौशल विकसित करने में मदद करेगा। - इससे साइबर सुरक्षा कौशल, टीम वर्क, योजना, संचार, महत्त्वपूर्ण विचार तथा निर्णय लेने के विकास और परीक्षण में भी मदद मिलेगी। - भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) - नेशनल क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर (NCIIPC) स्रोतः पी.आई.बी. लिवर/यकृत के महत्त्व और उससे संबंधित रोगों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिये दुनिया भर में प्रत्येक वर्ष 19 अप्रैल को विश्व यकृत दिवस का आयोजन किया जाता है। यकृत, मानव शरीर को स्वस्थ रखने के लिये डिटॉक्सिफिकेशन और पाचन सहित विभिन्न जटिल कार्य करता है। ज्ञात हो कि यकृत मानव शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है और पाचनतंत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यकृत मानव शरीर मे मुख्य रूप से संक्रामक बीमारियों से निपटने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, शरीर से विषाक्त पदार्थों के निस्यंदन, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने और रक्त का थक्का जमने में मदद करने आदि कार्य करता है। एक व्यक्ति में विभिन्न कारणों की वजह से यकृत संबंधी रोग उत्पन्न हो सकते हैं, जिसमें अस्वास्थ्यकर जीवन एवं खानपान की शैली, एल्कोहॉल एवं फास्ट फूड का अत्यधिक प्रयोग और अत्यधिक वज़न तथा टाइप 2 डायबिटीज आदि शामिल हैं। इसके अलावा यकृत संबंधी रोग अनुवांशिक भी हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में यकृत की बीमारियाँ मृत्यु का 10वाँ सबसे आम कारण है। 21 अप्रैल, 2022 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सिख धर्म के गुरु तेग बहादुर जी (Guru Tegh Bahadur) के 400वें पर्व को संबोधित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को नई दिल्ली के लाल किले में किया जाएगा तथा इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक स्मारकीय डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। गुरु तेग बहादुर नौवें सिख गुरु थे, जिन्हें अक्सर सिखों द्वारा 'मानवता के रक्षक' (श्रीष्ट-दी-चादर) के रूप में याद किया जाता है। गुरु तेग बहादुर एक महान शिक्षक के अलावा एक उत्कृष्ट योद्धा, विचारक और कवि भी थे, जिन्होंने आध्यात्मिक, ईश्वर, मन और शरीर की प्रकृति के विषय में विस्तृत वर्णन किया। उनके लेखन को पवित्र ग्रंथ 'गुरु ग्रंथ साहिब' (Guru Granth Sahib) में 116 काव्यात्मक भजनों के रूप में रखा गया है। ये एक उत्साही यात्री भी थे और उन्होंने पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में सिक्ख उपदेश केंद्र स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन्होंने ऐसे ही एक मिशन के दौरान पंजाब में चाक-नानकी शहर की स्थापना की, जो बाद में पंजाब के आनंदपुर साहिब का हिस्सा बन गया। गुरु तेग बहादुर को वर्ष 1675 में दिल्ली में मुगल सम्राट औरंगज़ेब के आदेश के बाद मार दिया गया। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे देश के अगले थल सेना प्रमुख घोषित किये गए। केंद्र सरकार ने नए सेनाध्यक्ष के तौर पर उनकी नियुक्ति के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे भारतीय थल सेना के 29वें सेनाध्यक्ष होंगे। वर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे अपने 28 माह के कार्यकाल के बाद 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। कई विशेष सैन्य आपरेशनों में हिस्सा ले चुके लेफ्टिनेंट जनरल पांडे इस समय देश के उप सेना प्रमुख हैं। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रशिक्षित लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने दिसम्बर,1982 में कार्प्स ऑफ इंजीनियर में बतौर सेना अधिकारी कमीशन हासिल किया था। उन्होंने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर ऑपरेशन पराक्रम के दौरान प्लांवाला सेक्टर में इंजीनियर रेजीमेंट का नेतृत्व किया। उप सेना प्रमुख बनने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे पूर्वी कमान के कमांडिंग आफिसर और अंडमान-निकोबार कमान के कमांडर इन चीफ का पद भी संभाल चुके हैं। इन्हें अपनी सेवाओं के लिये परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल आदि से सम्मानित किया जा चुका है। हाल ही में बिजली की कीमतों में वृद्धि और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों के कारण मार्च माह में भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 14.55% तक हो हो गई। मार्च 2021 में WPI आधारित महंगाई दर 7.89% रही। इस वृद्धि का कारण खनिज तेल, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा बुनियादी धातुओं की कीमतों में दर्ज़ की गई बढ़ोत्तरी थी क्योंकि रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। थोक मूल्य सूचकां थोक व्यवसायों द्वारा अन्य व्यवसायों को बेचे जाने वाले सामानों की कीमतों में बदलाव को मापता है। इसे वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यह भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला मुद्रास्फीति संकेतक है। वर्ष 2017 में अखिल भारतीय WPI के लिये आधार वर्ष को 2004-05 से संशोधित कर 2011-12 कर दिया गया था।
हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय द्वारा राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा घटना प्रतिक्रिया अभ्यास का आयोजन किया। - एनसीएक्स इंडिया का आयोजन अट्ठारह से उनतीस अप्रैल दो हज़ार बाईस तक दस दिनों की अवधि तक हाइब्रिड अभ्यास के रूप में किया जा रहा है। - इसका उद्देश्य सरकार/महत्वपूर्ण क्षेत्र के संगठनों और एजेंसियों के वरिष्ठ प्रबंधन तथा तकनीकी कर्मियों को समकालीन साइबर खतरों एवं साइबर घटनाओं व प्रतिक्रिया के प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्रदान करना है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषदः - राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद' एक त्रिस्तरीय संगठन है, जो सामरिक चिंता के राजनीतिक, आर्थिक, ऊर्जा और सुरक्षा मुद्दों की देखरेख करता है। - 'राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार' 'राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद' की अध्यक्षता करता है और वह प्रधानमंत्री का प्राथमिक सलाहकार भी होता है। वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल हैं। - इसका गठन वर्ष एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे में किया गया था और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श करता है। एनसीएक्स इंडियाः - मंचः प्रशिक्षण हेतु मंच साइबरएक्सर टेक्नोलॉजीज द्वारा प्रदान किया जा रहा है जो एक एस्टोनियाई साइबर सुरक्षा कंपनी है जिसे विश्व स्तर पर कई बड़े साइबर अभ्यास आयोजित करने के लिये मान्यता प्राप्त है। - आवश्यकताः देश में हो रही डिज़िटल क्रांति और सरकार द्वारा बड़ी संख्या में डिज़िटल सेवाओं का शुभारंभ करने हेतु। - इस संदर्भ में साइबर सुरक्षा किसी भी सफल डिजिटल प्लेटफार्म का आधार होता है। - साइबरस्पेस में कोई भी खतरा सीधे तौर पर हमारी सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करता है। अतः हमारे साइबरस्पेस को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। - प्रशिक्षण मॉड्यूलः प्रतिभागियों को विभिन्न प्रमुख साइबर सुरक्षा क्षेत्रों जैसे घुसपैठ का पता लगाने की तकनीक, मैलवेयर सूचना साझाकरण प्लेटफॉर्म , सुभेद्यता प्रबंधन और प्रवेश परीक्षण, नेटवर्क प्रोटोकॉल तथा डेटा प्रवाह, डिजिटल फोरेंसिक आदि पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। - परिकल्पित लक्ष्यः एनसीएक्स इंडिया साइबर खतरों को बेहतर ढंग से समझने, आकलन करने और साइबर संकट प्रबंधन एवं सहयोग के लिये कौशल विकसित करने में मदद करेगा। - इससे साइबर सुरक्षा कौशल, टीम वर्क, योजना, संचार, महत्त्वपूर्ण विचार तथा निर्णय लेने के विकास और परीक्षण में भी मदद मिलेगी। - भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र - नेशनल क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर स्रोतः पी.आई.बी. लिवर/यकृत के महत्त्व और उससे संबंधित रोगों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिये दुनिया भर में प्रत्येक वर्ष उन्नीस अप्रैल को विश्व यकृत दिवस का आयोजन किया जाता है। यकृत, मानव शरीर को स्वस्थ रखने के लिये डिटॉक्सिफिकेशन और पाचन सहित विभिन्न जटिल कार्य करता है। ज्ञात हो कि यकृत मानव शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है और पाचनतंत्र में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यकृत मानव शरीर मे मुख्य रूप से संक्रामक बीमारियों से निपटने, ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, शरीर से विषाक्त पदार्थों के निस्यंदन, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने और रक्त का थक्का जमने में मदद करने आदि कार्य करता है। एक व्यक्ति में विभिन्न कारणों की वजह से यकृत संबंधी रोग उत्पन्न हो सकते हैं, जिसमें अस्वास्थ्यकर जीवन एवं खानपान की शैली, एल्कोहॉल एवं फास्ट फूड का अत्यधिक प्रयोग और अत्यधिक वज़न तथा टाइप दो डायबिटीज आदि शामिल हैं। इसके अलावा यकृत संबंधी रोग अनुवांशिक भी हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में यकृत की बीमारियाँ मृत्यु का दसवाँ सबसे आम कारण है। इक्कीस अप्रैल, दो हज़ार बाईस को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सिख धर्म के गुरु तेग बहादुर जी के चार सौवें पर्व को संबोधित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को नई दिल्ली के लाल किले में किया जाएगा तथा इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक स्मारकीय डाक टिकट भी जारी किया जाएगा। गुरु तेग बहादुर नौवें सिख गुरु थे, जिन्हें अक्सर सिखों द्वारा 'मानवता के रक्षक' के रूप में याद किया जाता है। गुरु तेग बहादुर एक महान शिक्षक के अलावा एक उत्कृष्ट योद्धा, विचारक और कवि भी थे, जिन्होंने आध्यात्मिक, ईश्वर, मन और शरीर की प्रकृति के विषय में विस्तृत वर्णन किया। उनके लेखन को पवित्र ग्रंथ 'गुरु ग्रंथ साहिब' में एक सौ सोलह काव्यात्मक भजनों के रूप में रखा गया है। ये एक उत्साही यात्री भी थे और उन्होंने पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में सिक्ख उपदेश केंद्र स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन्होंने ऐसे ही एक मिशन के दौरान पंजाब में चाक-नानकी शहर की स्थापना की, जो बाद में पंजाब के आनंदपुर साहिब का हिस्सा बन गया। गुरु तेग बहादुर को वर्ष एक हज़ार छः सौ पचहत्तर में दिल्ली में मुगल सम्राट औरंगज़ेब के आदेश के बाद मार दिया गया। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे देश के अगले थल सेना प्रमुख घोषित किये गए। केंद्र सरकार ने नए सेनाध्यक्ष के तौर पर उनकी नियुक्ति के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे भारतीय थल सेना के उनतीसवें सेनाध्यक्ष होंगे। वर्तमान सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे अपने अट्ठाईस माह के कार्यकाल के बाद तीस अप्रैल को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। कई विशेष सैन्य आपरेशनों में हिस्सा ले चुके लेफ्टिनेंट जनरल पांडे इस समय देश के उप सेना प्रमुख हैं। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रशिक्षित लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने दिसम्बर,एक हज़ार नौ सौ बयासी में कार्प्स ऑफ इंजीनियर में बतौर सेना अधिकारी कमीशन हासिल किया था। उन्होंने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर ऑपरेशन पराक्रम के दौरान प्लांवाला सेक्टर में इंजीनियर रेजीमेंट का नेतृत्व किया। उप सेना प्रमुख बनने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे पूर्वी कमान के कमांडिंग आफिसर और अंडमान-निकोबार कमान के कमांडर इन चीफ का पद भी संभाल चुके हैं। इन्हें अपनी सेवाओं के लिये परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल आदि से सम्मानित किया जा चुका है। हाल ही में बिजली की कीमतों में वृद्धि और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों के कारण मार्च माह में भारत में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर चौदह.पचपन% तक हो हो गई। मार्च दो हज़ार इक्कीस में WPI आधारित महंगाई दर सात.नवासी% रही। इस वृद्धि का कारण खनिज तेल, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा बुनियादी धातुओं की कीमतों में दर्ज़ की गई बढ़ोत्तरी थी क्योंकि रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति शृंखला में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। थोक मूल्य सूचकां थोक व्यवसायों द्वारा अन्य व्यवसायों को बेचे जाने वाले सामानों की कीमतों में बदलाव को मापता है। इसे वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार कार्यालय द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यह भारत में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला मुद्रास्फीति संकेतक है। वर्ष दो हज़ार सत्रह में अखिल भारतीय WPI के लिये आधार वर्ष को दो हज़ार चार-पाँच से संशोधित कर दो हज़ार ग्यारह-बारह कर दिया गया था।
Tis Hazari Court Shooting News : राष्ट्रीय राजधानी की तीस हजारी अदालत में गोलीबारी की घटना के सिलसिले में तीन वकीलों को गिरफ्तार किया गया है और बृहस्पतिवार को एक स्थानीय अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। तीस हजारी अदालत परिसर में बुधवार को गोलीबारी की घटना हुई थी और पुलिस ने कहा कि इसमें वकीलों के दो समूह कथित तौर पर शामिल थे। आरोप है कि दिल्ली बार एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने एसोसिएशन के एक अन्य सदस्य के समर्थकों पर गोलियां चलाईं। सोशल मीडिया पर आए घटना के एक वीडियो में एक व्यक्ति हवा में गोली चलाता दिखता है, जबकि कुछ लोग पत्थर और लकड़ी के तख्ते फेंकते दिख रहे हैं। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा कि भलस्वा, स्वरूप नगर, हैदरपुर, शालीमार बाग और विकासपुरी में रात भर चले तलाशी अभियान के बाद वकील अमन सिंह, सचिन सांगवान और रवि गुप्ता को पकड़ा गया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, तीनों आरोपी बार एसोसिएशन पदाधिकारियों के प्रतिद्वंद्वी समूहों से हैं। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि गिरफ्तार लोगों के पास से तीन देशी आग्नेयास्त्र, चार कारतूस और दो कार जब्त की गई हैं। पुलिस ने कहा कि गोलीबारी की घटना में कथित रूप से शामिल अन्य अधिवक्ताओं की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट चतिंदर सिंह ने वकील सचिन सांगवान, अमन सिंह और रवि गुप्ता को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजते हुए अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आरोपियों को यातना न दी जाए। कार्यवाही के दौरान, जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों को बरामद करने और अन्य आरोपी व्यक्तियों को पकड़ने के लिए आरोपियों की पुलिस हिरासत की आवश्यकता है। अमन सिंह के वकील संजय शर्मा ने कहा कि उनका मुवक्किल किसी भी जांच में सहयोग करने को तैयार है। रवि गुप्ता के वकील ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। वहीं, सचिन सांगवान के वकील ने कहा कि आरोपी की हिरासत की आवश्यकता नहीं है। सब्जी मंडी थाने में तीनों आरोपियों और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147 (दंगा करना) 148 (दंगा करना, घातक हथियार से लैस होना), 149 (गैरकानूनी रूप से एकत्र होने), 307 (हत्या का प्रयास) और 34 (सामान्य इरादा) तथा शस्त्र अधिनियम के कुछ प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
Tis Hazari Court Shooting News : राष्ट्रीय राजधानी की तीस हजारी अदालत में गोलीबारी की घटना के सिलसिले में तीन वकीलों को गिरफ्तार किया गया है और बृहस्पतिवार को एक स्थानीय अदालत ने उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। तीस हजारी अदालत परिसर में बुधवार को गोलीबारी की घटना हुई थी और पुलिस ने कहा कि इसमें वकीलों के दो समूह कथित तौर पर शामिल थे। आरोप है कि दिल्ली बार एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने एसोसिएशन के एक अन्य सदस्य के समर्थकों पर गोलियां चलाईं। सोशल मीडिया पर आए घटना के एक वीडियो में एक व्यक्ति हवा में गोली चलाता दिखता है, जबकि कुछ लोग पत्थर और लकड़ी के तख्ते फेंकते दिख रहे हैं। पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने कहा कि भलस्वा, स्वरूप नगर, हैदरपुर, शालीमार बाग और विकासपुरी में रात भर चले तलाशी अभियान के बाद वकील अमन सिंह, सचिन सांगवान और रवि गुप्ता को पकड़ा गया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, तीनों आरोपी बार एसोसिएशन पदाधिकारियों के प्रतिद्वंद्वी समूहों से हैं। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि गिरफ्तार लोगों के पास से तीन देशी आग्नेयास्त्र, चार कारतूस और दो कार जब्त की गई हैं। पुलिस ने कहा कि गोलीबारी की घटना में कथित रूप से शामिल अन्य अधिवक्ताओं की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट चतिंदर सिंह ने वकील सचिन सांगवान, अमन सिंह और रवि गुप्ता को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजते हुए अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि आरोपियों को यातना न दी जाए। कार्यवाही के दौरान, जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों को बरामद करने और अन्य आरोपी व्यक्तियों को पकड़ने के लिए आरोपियों की पुलिस हिरासत की आवश्यकता है। अमन सिंह के वकील संजय शर्मा ने कहा कि उनका मुवक्किल किसी भी जांच में सहयोग करने को तैयार है। रवि गुप्ता के वकील ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। वहीं, सचिन सांगवान के वकील ने कहा कि आरोपी की हिरासत की आवश्यकता नहीं है। सब्जी मंडी थाने में तीनों आरोपियों और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा एक सौ सैंतालीस एक सौ अड़तालीस , एक सौ उनचास , तीन सौ सात और चौंतीस तथा शस्त्र अधिनियम के कुछ प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने बताया कि सुबह पांच बजे जलस्तर 205. 99 मीटर तक पहुंच गया। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद शुक्रवार शाम करीब चसा बजे राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी का जलस्तर 205. 33 मीटर के खतरे के निशान को पार कर गया था, जिसके बाद अधिकारियों को निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को वहां से हटाने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। एक पूर्वानुमान में कहा गया है कि शाम पांच बजे के आसपास जलस्तर के 206 मीटर के निशान को छूने के बाद स्थिर रहने की संभावना है। पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी अनिल बांका ने कहा कि जिले में निचले इलाकों से करीब 2,300 लोगों को बाहर निकाला गया और शुक्रवार रात तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि शनिवार को निकासी प्रयास तेज किये जाएंगे। एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में बाढ़ की चेतावनी तब घोषित की जाती है जब यमुना नगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा एक लाख क्यूसेक को पार कर जाती है। अधिकारी ने कहा कि इसी के साथ डूब क्षेत्र और बाढ़ संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाता है। बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा बृहस्पतिवार को जारी चेतावनी में सभी सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने और नदी तटबंधों के निकट रहने वाले लोगों को चेतावनी देने के लिए आवश्यक संख्या में त्वरित कार्रवाई बलों की तैनाती जैसे संवेदनशील बिंदुओं पर आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई। निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने 34 नावों और सचल पंप तैनात किये हैं। डूब क्षेत्र और निचले इलाकों से निकाले गए लोगों को अस्थायी संरचनाओं जैसे टेंट और स्कूल जैसे स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष ने बताया कि सुबह पांच बजे जलस्तर दो सौ पाँच. निन्यानवे मीटर तक पहुंच गया। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद शुक्रवार शाम करीब चसा बजे राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी का जलस्तर दो सौ पाँच. तैंतीस मीटर के खतरे के निशान को पार कर गया था, जिसके बाद अधिकारियों को निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को वहां से हटाने की प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। एक पूर्वानुमान में कहा गया है कि शाम पांच बजे के आसपास जलस्तर के दो सौ छः मीटर के निशान को छूने के बाद स्थिर रहने की संभावना है। पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी अनिल बांका ने कहा कि जिले में निचले इलाकों से करीब दो,तीन सौ लोगों को बाहर निकाला गया और शुक्रवार रात तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि शनिवार को निकासी प्रयास तेज किये जाएंगे। एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में बाढ़ की चेतावनी तब घोषित की जाती है जब यमुना नगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा एक लाख क्यूसेक को पार कर जाती है। अधिकारी ने कहा कि इसी के साथ डूब क्षेत्र और बाढ़ संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाता है। बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा बृहस्पतिवार को जारी चेतावनी में सभी सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी रखने और नदी तटबंधों के निकट रहने वाले लोगों को चेतावनी देने के लिए आवश्यक संख्या में त्वरित कार्रवाई बलों की तैनाती जैसे संवेदनशील बिंदुओं पर आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई। निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग ने चौंतीस नावों और सचल पंप तैनात किये हैं। डूब क्षेत्र और निचले इलाकों से निकाले गए लोगों को अस्थायी संरचनाओं जैसे टेंट और स्कूल जैसे स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
अमरावती/प्रतिनिधि दि. १७ - मध्यवर्गीय क्षेत्र के विकास कामों के लिए सरकार की ओर से जिप समाजकल्याण विभाग को 2 करोड 12 लाख रुपए का निधि प्राप्त हुआ है. यह निधि 2 वर्ष खर्च करने के लिए है. इस निधि से पिछडा वर्गियों को टीन पत्र, पाईप, साइकिल, पेट्रोल पंप सेट, समाज मंदिर की दुरुस्ती, शिलाई मशीन, खेती उपयोगी साहित्य व फर्निचर साहित्य इसके लिए खर्च करना है. किंतु स्वतंत्र विस्तार अधिकारी ही न रहने से यह निधि अखर्चित रहने की संभावना पदाधिकारियों ने व्यक्त की है. सरकार की ओर से जिला परिषद को करोडा रुपए का निधि दिया जाता है. उसमें समाजकल्याण विभाग को बडी मात्रा में विकास काम के लिए निधि की व्यवस्था कर दी जाती है. वर्ष 2020-21 इस वर्ष के लिए सरकार ने पूरे 2 करोड 12 लाख रुपए का निधि दिया है. उनमें से 1 करोड 18 लाख रुपए खर्च किये गए है. इसमें पिछडा वर्गीय लाभार्थियों को टीन पत्रे, पाईप, साइकिल, डीजल, पेट्रोल पंप सेट, समाज मंदिर, शिलाई मशीन, खेती उपयोगी साहित्य, पुस्तकालय, फर्निचर साहित्य आदि का समावेश है. हर तहसील में विस्तार अधिकारी का पद न रहने से तहसील स्तर पर काम करते समय बाधा निर्माण हो रही है. जिससे अधिकांश निधि अखर्चित रहने की संभावना पदाधिकारियों ने व्यक्त की है. कल समाज कल्याण समिति की बैठक में पूर्ण समय स्वतंत्र विस्तार अधिकारी देना चाहिए, इस तरह का प्रस्ताव सभापित दयाराम काले ने देते हुए वह सरकार के पास भेजने की सूचना अधिकारियों को दी है. जिले में पिछले वर्ष दलित बस्ती के काम में अधिकारियों की उदासिनता के चलते निधि वापस गया है, इसे जिम्मेदार कौन, इस तरह का प्रश्न भी सदस्यों ने अधिकारियों को सभागृह में किया. हर जिप सर्कल में काम करते समय तहसील स्तर के अधिकारी जिप सदस्यों को विश्वास में नहीं लेते और किसी प्रकार की जानकारी नहीं देते, पैसा मात्र जिला परिषद का रहते समय ग्रामपंचायत सर्कल के सचिव इसका श्रेय लेकर जिप सदस्यों को वंचित रखते है. इस तरह का आरोप जिप सदस्य प्रताप अभ्यंकर, शरद मोहोड, गजानन राठोड ने किया. उसपर सभापति ने जिप सर्कल के कोई भी काम सदस्यों को विश्वास में लेकर करे, ऐसे स्पष्ट आदेश दिये है. अगर सदस्यों ने जानबुझकर सदस्यों को नकारा तो उनपर कार्रवाई की जाएगी, इस तरह की चेतावनी भी उन्होंने सभागृह में दिया है. समाजकल्याण समिति की सभा में सभापति दयाराम काले, समाजकल्याण अधिकारी, समिति सदस्य प्रताप अभ्यंकर, शरद मोहोड, गजानन राठोड, सीमा स्वर्गे, रंजना गवई, अनिता अडमाने, सुनंदा काकड आदि उपस्थित थे. सरकार ने पिछडा वर्गीय क्षेत्र में विकास काम करने के लिए करोडों रुपये का निधि दिया है. वह निधि जिला परिषद का है और तहसील स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र का विकास करने के लिए दिया गया है. इसमें ग्रामीण क्षेत्र के काम किये जा रहे है. निधि यह जिला परिषद का रहते समय जिला परिषद सदस्यों को विश्वास में लेना जरुरी है. किंतु सरपंच, ग्रामसेवक व गटविकास अधिकारी मिलीभगत कर जिप सदस्य को नकारते है. सरकार की ओर से दलित बस्ती के लिए करोडों रुपयों का निधि उपलब्ध हुआ है. जिले में अधिकांश काम शुरु है. किंतु अनेकों काम में अनियमितता होने की शिकायतें प्राप्त हो रही है. जिससे दलित बस्ती के कामों की जांच की जाएगी. जांच के दौरान बोगस काम पाये गए तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी.
अमरावती/प्रतिनिधि दि. सत्रह - मध्यवर्गीय क्षेत्र के विकास कामों के लिए सरकार की ओर से जिप समाजकल्याण विभाग को दो करोड बारह लाख रुपए का निधि प्राप्त हुआ है. यह निधि दो वर्ष खर्च करने के लिए है. इस निधि से पिछडा वर्गियों को टीन पत्र, पाईप, साइकिल, पेट्रोल पंप सेट, समाज मंदिर की दुरुस्ती, शिलाई मशीन, खेती उपयोगी साहित्य व फर्निचर साहित्य इसके लिए खर्च करना है. किंतु स्वतंत्र विस्तार अधिकारी ही न रहने से यह निधि अखर्चित रहने की संभावना पदाधिकारियों ने व्यक्त की है. सरकार की ओर से जिला परिषद को करोडा रुपए का निधि दिया जाता है. उसमें समाजकल्याण विभाग को बडी मात्रा में विकास काम के लिए निधि की व्यवस्था कर दी जाती है. वर्ष दो हज़ार बीस-इक्कीस इस वर्ष के लिए सरकार ने पूरे दो करोड बारह लाख रुपए का निधि दिया है. उनमें से एक करोड अट्ठारह लाख रुपए खर्च किये गए है. इसमें पिछडा वर्गीय लाभार्थियों को टीन पत्रे, पाईप, साइकिल, डीजल, पेट्रोल पंप सेट, समाज मंदिर, शिलाई मशीन, खेती उपयोगी साहित्य, पुस्तकालय, फर्निचर साहित्य आदि का समावेश है. हर तहसील में विस्तार अधिकारी का पद न रहने से तहसील स्तर पर काम करते समय बाधा निर्माण हो रही है. जिससे अधिकांश निधि अखर्चित रहने की संभावना पदाधिकारियों ने व्यक्त की है. कल समाज कल्याण समिति की बैठक में पूर्ण समय स्वतंत्र विस्तार अधिकारी देना चाहिए, इस तरह का प्रस्ताव सभापित दयाराम काले ने देते हुए वह सरकार के पास भेजने की सूचना अधिकारियों को दी है. जिले में पिछले वर्ष दलित बस्ती के काम में अधिकारियों की उदासिनता के चलते निधि वापस गया है, इसे जिम्मेदार कौन, इस तरह का प्रश्न भी सदस्यों ने अधिकारियों को सभागृह में किया. हर जिप सर्कल में काम करते समय तहसील स्तर के अधिकारी जिप सदस्यों को विश्वास में नहीं लेते और किसी प्रकार की जानकारी नहीं देते, पैसा मात्र जिला परिषद का रहते समय ग्रामपंचायत सर्कल के सचिव इसका श्रेय लेकर जिप सदस्यों को वंचित रखते है. इस तरह का आरोप जिप सदस्य प्रताप अभ्यंकर, शरद मोहोड, गजानन राठोड ने किया. उसपर सभापति ने जिप सर्कल के कोई भी काम सदस्यों को विश्वास में लेकर करे, ऐसे स्पष्ट आदेश दिये है. अगर सदस्यों ने जानबुझकर सदस्यों को नकारा तो उनपर कार्रवाई की जाएगी, इस तरह की चेतावनी भी उन्होंने सभागृह में दिया है. समाजकल्याण समिति की सभा में सभापति दयाराम काले, समाजकल्याण अधिकारी, समिति सदस्य प्रताप अभ्यंकर, शरद मोहोड, गजानन राठोड, सीमा स्वर्गे, रंजना गवई, अनिता अडमाने, सुनंदा काकड आदि उपस्थित थे. सरकार ने पिछडा वर्गीय क्षेत्र में विकास काम करने के लिए करोडों रुपये का निधि दिया है. वह निधि जिला परिषद का है और तहसील स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र का विकास करने के लिए दिया गया है. इसमें ग्रामीण क्षेत्र के काम किये जा रहे है. निधि यह जिला परिषद का रहते समय जिला परिषद सदस्यों को विश्वास में लेना जरुरी है. किंतु सरपंच, ग्रामसेवक व गटविकास अधिकारी मिलीभगत कर जिप सदस्य को नकारते है. सरकार की ओर से दलित बस्ती के लिए करोडों रुपयों का निधि उपलब्ध हुआ है. जिले में अधिकांश काम शुरु है. किंतु अनेकों काम में अनियमितता होने की शिकायतें प्राप्त हो रही है. जिससे दलित बस्ती के कामों की जांच की जाएगी. जांच के दौरान बोगस काम पाये गए तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी.
हैं जो प्रकाशक के मतानुसार आश्चर्यजनक हैं। प्राकथन में लेखक ने यह निश्चित रूप से कहा है कि उनके निष्कर्ष, युद्ध के व्यक्तिगत अनुभवों, हकीमों के निरीक्षणों और सामाजिक स्वास्थ्य पाठ तथा औषधि सम्बन्धी गणना के आधार पर निकाले गये हैं। उनके निष्कर्ष ये हैं । १ - "प्रकृति सदा से यही चाहती है कि स्त्री निवास और भोजन के लिये तथा सन्तानोत्पत्ति का स्वाभाविक अधिकार प्राप्त करने के साथ बँधी रहे और वह एक ही घर और शय्या सेवन करने को, चाहे वह भिंणी हो या न बाध्य रहे । २ - विवाहित जीवन में प्रतिदिन जो कलह और शान्ति प्रचलित सामाजिक नियमों और रीति रिवाजों के कारण उत्पन्न होते हैं, उनसे ९० प्रतिशत स्त्रियाँ अंशतः वेश्याओं का जीवन व्यतीत करती हैं। ऐसा केवल इसलिए होता है कि स्त्रियों को यह विश्वास कराया जाता है कि इस प्रकार का वेश्याजीवन नियमानुसार होने तथा अपने पतियों का प्रेम प्राप्त करने के लिए आवश्यक होने के कारण उचित और स्वाभाविक है । " लेखक ने आगे चल कर असंयत और सतत संभोग के परिणाम दिखाये हैं, जिन्हें मैं निम्नलिखित रूप में रख रहा हूँ । होने, असामयिक रूप से विकसित होने, रोगी, क्रोधी, प्रशान्त, बालबच्चों का ठीक से देखभाल करने में असमर्थ होने का कारण यही है ।" (च) "गरीबों में इससे अनचाही संतान वृद्धि होती है । " (स) "सम्पन्न लोगों में संत संभोग का परिणाम संतति निरोध के कृत्रिम साधनों का प्रयोग और गर्भपात होता है।" आश्चर्यजनक निष्कर्ष सन्तति निरोध या किसी भी रूप में कृत्रिम साधनों का प्रयोग स्त्रियों के लिए किया जाय, तो सारी जाति रोगग्रस्त, चरित्रभ्रष्ट और अन्त में वह नष्ट हो जायगी ।" * (द) "अधिक संभोग से सुन्दर जीविका उपार्जन के लिए आवश्यक शक्ति का नाश होता है । " " आजकल संयुक्त राष्ट्र में पुरुषों की अपेक्षा २० लाख स्त्रियाँ अधिक विधवा हैं। इनमें से युद्ध में मारे गये पुरुषों के कारण विधवायें कम हैं।" * (य) "आजकल प्रचलित विवाह के नियमों और रीतियों से स्त्री और पुरुष दोनों में निस्सारता की भावना जागती है ।" "संसार में आज जो निर्धनता और बड़े बड़े शहरों में जो अशान्ति और फैला हुआ है, वह इसलिए नहीं कि करने के लिये अच्छे काम नहीं हैं, बल्कि इसीलिए कि वर्तमान विवाह के नियमों के कारण, असंयत भोग विलास फैला हुआ है । " * (फ) "मनुष्य जाति के भविष्य के विचार से सब से भयानक गर्भ के दिनों का संभोग है । " इसके बाद लेखक ने चीन और भारत के विषय में विचार प्रकट किये हैं, जिस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता। यहाँ पहुँच कर पुस्तक का आधा समाप्त हो जाता है। दूसरे आधे में उन्होंने कुछ सुझाव दिये हैं। उनमें मुख्य यह कि पति और पत्नी कमरों में और अनिवार्य रूप से अलग अलग त्रिस्तरों पर रहें और उन्हें तभी इकट्ठा होना चाहिये जब उनकी और * लेखक के शब्द है । विशेष रूप से स्त्री की इच्छा हो । विवाह के नियमों में जिन परिवर्तनों को सुझाया गया है, उन्हें मैं नहीं लिखना चाहता । संसार भर में विवाह के में नियमों में जो एक लगभग सर्वनिष्ठ बात है, वह है एक ही कमरे में और एक ही बिस्तरे का सेवन और इसकी लेखक ने तीव्र आलोचना की है। और यह ठीक है। इसमें कोई संदेह नहीं कि हमारी बहुत कुछ वासना चाहे स्त्री हो या पुरुष, यह धार्मिक अन्धविश्वास है, कि विवाहित स्त्री पुरुष एक ही कमरे में और एक ही बिस्तरे पर रहें। इस प्रकार के अन्धविश्वास से प्रभावित वातावरण में रहने के कारण हम इसके भयानक परिणाम को नहीं समझ सकते । लेखक ने कृत्रिम साधनों का भी उतना ही तीव्र विरोध किया है । लेखक के अन्याओं में से बहुत से ऐसे हैं जो कार्य रूप में हमारे लिए अधिक लाभदायक नहीं और उनके लिए कानून की सम्मति भी आवश्यक है। किन्तु प्रत्येक पति और पत्नी यह दृढ़ निश्चय कर सकती है कि श्राज से अलग कमरों और बिस्तरों का प्रयोग करेंगे और केवल उस पवित्र कार्य के लिये मिलेंगे जो पुरुषों और पशुओं दोनों के लिये है। पशु इस नियम का पालन बराबर करता है। मनुष्य ने गलत रास्ता चुना और यह बड़े दुःख की बात है। कृत्रिम साधनों के प्रयोग करने से हर स्त्री इनकार कर सकती है। पुरुष और स्त्री दोनों को यह समझ लेना 'चाहिए कि कामेच्छा के दमन से रोग नहीं पैदा होते, बल्कि स्वास्थ्य और स्फूर्ति मिलती है । यदि शरीर के साथ मन भी सहयोग दे । लेखक का विश्वास है कि संसार में फैली हुई तमाम खराबियों के लिये आज कल के विवाह के नियम ही उत्तरदायी हैं। मैंने जो दो सुझाव रखे
हैं जो प्रकाशक के मतानुसार आश्चर्यजनक हैं। प्राकथन में लेखक ने यह निश्चित रूप से कहा है कि उनके निष्कर्ष, युद्ध के व्यक्तिगत अनुभवों, हकीमों के निरीक्षणों और सामाजिक स्वास्थ्य पाठ तथा औषधि सम्बन्धी गणना के आधार पर निकाले गये हैं। उनके निष्कर्ष ये हैं । एक - "प्रकृति सदा से यही चाहती है कि स्त्री निवास और भोजन के लिये तथा सन्तानोत्पत्ति का स्वाभाविक अधिकार प्राप्त करने के साथ बँधी रहे और वह एक ही घर और शय्या सेवन करने को, चाहे वह भिंणी हो या न बाध्य रहे । दो - विवाहित जीवन में प्रतिदिन जो कलह और शान्ति प्रचलित सामाजिक नियमों और रीति रिवाजों के कारण उत्पन्न होते हैं, उनसे नब्बे प्रतिशत स्त्रियाँ अंशतः वेश्याओं का जीवन व्यतीत करती हैं। ऐसा केवल इसलिए होता है कि स्त्रियों को यह विश्वास कराया जाता है कि इस प्रकार का वेश्याजीवन नियमानुसार होने तथा अपने पतियों का प्रेम प्राप्त करने के लिए आवश्यक होने के कारण उचित और स्वाभाविक है । " लेखक ने आगे चल कर असंयत और सतत संभोग के परिणाम दिखाये हैं, जिन्हें मैं निम्नलिखित रूप में रख रहा हूँ । होने, असामयिक रूप से विकसित होने, रोगी, क्रोधी, प्रशान्त, बालबच्चों का ठीक से देखभाल करने में असमर्थ होने का कारण यही है ।" "गरीबों में इससे अनचाही संतान वृद्धि होती है । " "सम्पन्न लोगों में संत संभोग का परिणाम संतति निरोध के कृत्रिम साधनों का प्रयोग और गर्भपात होता है।" आश्चर्यजनक निष्कर्ष सन्तति निरोध या किसी भी रूप में कृत्रिम साधनों का प्रयोग स्त्रियों के लिए किया जाय, तो सारी जाति रोगग्रस्त, चरित्रभ्रष्ट और अन्त में वह नष्ट हो जायगी ।" * "अधिक संभोग से सुन्दर जीविका उपार्जन के लिए आवश्यक शक्ति का नाश होता है । " " आजकल संयुक्त राष्ट्र में पुरुषों की अपेक्षा बीस लाख स्त्रियाँ अधिक विधवा हैं। इनमें से युद्ध में मारे गये पुरुषों के कारण विधवायें कम हैं।" * "आजकल प्रचलित विवाह के नियमों और रीतियों से स्त्री और पुरुष दोनों में निस्सारता की भावना जागती है ।" "संसार में आज जो निर्धनता और बड़े बड़े शहरों में जो अशान्ति और फैला हुआ है, वह इसलिए नहीं कि करने के लिये अच्छे काम नहीं हैं, बल्कि इसीलिए कि वर्तमान विवाह के नियमों के कारण, असंयत भोग विलास फैला हुआ है । " * "मनुष्य जाति के भविष्य के विचार से सब से भयानक गर्भ के दिनों का संभोग है । " इसके बाद लेखक ने चीन और भारत के विषय में विचार प्रकट किये हैं, जिस पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता। यहाँ पहुँच कर पुस्तक का आधा समाप्त हो जाता है। दूसरे आधे में उन्होंने कुछ सुझाव दिये हैं। उनमें मुख्य यह कि पति और पत्नी कमरों में और अनिवार्य रूप से अलग अलग त्रिस्तरों पर रहें और उन्हें तभी इकट्ठा होना चाहिये जब उनकी और * लेखक के शब्द है । विशेष रूप से स्त्री की इच्छा हो । विवाह के नियमों में जिन परिवर्तनों को सुझाया गया है, उन्हें मैं नहीं लिखना चाहता । संसार भर में विवाह के में नियमों में जो एक लगभग सर्वनिष्ठ बात है, वह है एक ही कमरे में और एक ही बिस्तरे का सेवन और इसकी लेखक ने तीव्र आलोचना की है। और यह ठीक है। इसमें कोई संदेह नहीं कि हमारी बहुत कुछ वासना चाहे स्त्री हो या पुरुष, यह धार्मिक अन्धविश्वास है, कि विवाहित स्त्री पुरुष एक ही कमरे में और एक ही बिस्तरे पर रहें। इस प्रकार के अन्धविश्वास से प्रभावित वातावरण में रहने के कारण हम इसके भयानक परिणाम को नहीं समझ सकते । लेखक ने कृत्रिम साधनों का भी उतना ही तीव्र विरोध किया है । लेखक के अन्याओं में से बहुत से ऐसे हैं जो कार्य रूप में हमारे लिए अधिक लाभदायक नहीं और उनके लिए कानून की सम्मति भी आवश्यक है। किन्तु प्रत्येक पति और पत्नी यह दृढ़ निश्चय कर सकती है कि श्राज से अलग कमरों और बिस्तरों का प्रयोग करेंगे और केवल उस पवित्र कार्य के लिये मिलेंगे जो पुरुषों और पशुओं दोनों के लिये है। पशु इस नियम का पालन बराबर करता है। मनुष्य ने गलत रास्ता चुना और यह बड़े दुःख की बात है। कृत्रिम साधनों के प्रयोग करने से हर स्त्री इनकार कर सकती है। पुरुष और स्त्री दोनों को यह समझ लेना 'चाहिए कि कामेच्छा के दमन से रोग नहीं पैदा होते, बल्कि स्वास्थ्य और स्फूर्ति मिलती है । यदि शरीर के साथ मन भी सहयोग दे । लेखक का विश्वास है कि संसार में फैली हुई तमाम खराबियों के लिये आज कल के विवाह के नियम ही उत्तरदायी हैं। मैंने जो दो सुझाव रखे
मध्य प्रदेश के बालाघाट के भक्कूटोला के जंगल में ट्रेनी प्लेन क्रैश हो गया। बालाघाटः मध्य प्रदेश के बालाघाट के भक्कूटोला के जंगल में ट्रेनी प्लेन क्रैश हो गया। कैप्टन समेत ट्रेनी पायलट की मौत होने की संभावना जताई जा रही है। हादसा किरनापुर थाने क्षेत्र के भक्कटोला जंगल में हुआ है। जहां मौके पर पुलिस बल पहुंचा है। फिलहाल पुलिस ने एक शव बरामद कर लिया है। वहीं मामले की आगामी जानकारी जुटाई जा रही है।
मध्य प्रदेश के बालाघाट के भक्कूटोला के जंगल में ट्रेनी प्लेन क्रैश हो गया। बालाघाटः मध्य प्रदेश के बालाघाट के भक्कूटोला के जंगल में ट्रेनी प्लेन क्रैश हो गया। कैप्टन समेत ट्रेनी पायलट की मौत होने की संभावना जताई जा रही है। हादसा किरनापुर थाने क्षेत्र के भक्कटोला जंगल में हुआ है। जहां मौके पर पुलिस बल पहुंचा है। फिलहाल पुलिस ने एक शव बरामद कर लिया है। वहीं मामले की आगामी जानकारी जुटाई जा रही है।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
करने की स्वतन्त्रता रहती है। उनकी अधिकार सीमा छोटे क्षेत्रों तक सीमित होती है। उनमें केन्द्रीय शासन से जो भिन्नता होती है, वह क्षेत्र केर तथा उसमें निवास करने वाली जनता की जनसंख्या के कारण नहीं, वरन् उन कार्यों के कारण होती है जिनका वे सम्पादन करती हैं । मोनाको राज्य का क्षेत्रफल हमारे प्रदेश के मेरठ जिले से भी कम है, परन्तु मेरठ जिले का स्थानीय शासन तो मेरठ म्युनिसिपैलिटी, जिला बोर्ड तथा ग्राम पंचायतों के हाथों में है, किन्तु मोनाको का प्रबन्ध करने वाली संस्था उस राज्य का शासन ही है। राज्य के शामन द्वारा नागरिकों के हित के लिये जो कार्य किए जाते हैं, उन्हें इम दो वर्गों में वॉट सकते हैं। पहले वर्ग मे वे समस्त कार्य सम्मिलित हैं जिनका सम्बन्ध समूचे समाज से होता है और जिनसे समस्त नागरिक लाभ उठाते हैं, जैसे नौ सेना तथा सेना द्वारा रक्षा; डाक तथा तार विभाग की सेवाऐं ; क़ानून तथा न्याय प्रबन्ध अन्य देशों के साथ मित्रतापूर्ण सम्बन्ध तथा युद्ध संचालन आदि विवाह तथा विवाह विच्छेद के नियमों का नियन्त्रण, बैंक, मुद्रा, सिक्का तथा न्य कार्य भी इसी वर्ग के अन्तर्गत हैं। इस प्रकार के सब कार्य केन्द्रीय शासन के क्षेत्र मे आते हैं। इनके लिए प्रशासन में एकरूपता की आवश्यकता होती है। केन्द्रीय शासन के पास ही ऐसे साधन एव ऐसी योग्यता होती है जिससे वह ऐसे कार्यों का सुचारु रूप से सम्पादन कर सके । दूसरे वर्ग के अन्तर्गत ऐसे कार्य आते हैं जो समाज के एक ऐसे भाग को लाभ पहुंचाते हैं, जो एक विशेष क्षेत्र मे रहते हैं। उनमे समूचे समाज को कोई रुचि नहीं होती। जन्म तथा मृत्यु सम्बन्धी आंकड़े रखना, स्थानीय सफ़ाई एव स्वास्थ्य, टीका लगाना, रोगों के प्रकोप का निवारण, पुलों, सड़कों आदि का निर्माण इसी वर्ग के अन्तर्गत है । लखनऊ के निवासियों को इससे क्या प्रयोजन कि मेरठ के निवासियों की जल व्यवस्था कैसी है और आगरा के नागरिकों को इससे क्या प्रयोजन कि बरेली में प्राथमिक शिक्षा की कैसी व्यवस्था है ? केन्द्रीय शासन पर इस प्रकार की सेवाओं की व्यवस्था करने का दायित्व नही होना चाहिए। यह कार्य तो उनके हाथों में सौंप देना चाहिए जिनसे उनका सीधा और प्राथमिक सम्बन्ध है । इस प्रकार के कार्य साधारणतया संस्थाओं को सौप दिए जाते हैं।
करने की स्वतन्त्रता रहती है। उनकी अधिकार सीमा छोटे क्षेत्रों तक सीमित होती है। उनमें केन्द्रीय शासन से जो भिन्नता होती है, वह क्षेत्र केर तथा उसमें निवास करने वाली जनता की जनसंख्या के कारण नहीं, वरन् उन कार्यों के कारण होती है जिनका वे सम्पादन करती हैं । मोनाको राज्य का क्षेत्रफल हमारे प्रदेश के मेरठ जिले से भी कम है, परन्तु मेरठ जिले का स्थानीय शासन तो मेरठ म्युनिसिपैलिटी, जिला बोर्ड तथा ग्राम पंचायतों के हाथों में है, किन्तु मोनाको का प्रबन्ध करने वाली संस्था उस राज्य का शासन ही है। राज्य के शामन द्वारा नागरिकों के हित के लिये जो कार्य किए जाते हैं, उन्हें इम दो वर्गों में वॉट सकते हैं। पहले वर्ग मे वे समस्त कार्य सम्मिलित हैं जिनका सम्बन्ध समूचे समाज से होता है और जिनसे समस्त नागरिक लाभ उठाते हैं, जैसे नौ सेना तथा सेना द्वारा रक्षा; डाक तथा तार विभाग की सेवाऐं ; क़ानून तथा न्याय प्रबन्ध अन्य देशों के साथ मित्रतापूर्ण सम्बन्ध तथा युद्ध संचालन आदि विवाह तथा विवाह विच्छेद के नियमों का नियन्त्रण, बैंक, मुद्रा, सिक्का तथा न्य कार्य भी इसी वर्ग के अन्तर्गत हैं। इस प्रकार के सब कार्य केन्द्रीय शासन के क्षेत्र मे आते हैं। इनके लिए प्रशासन में एकरूपता की आवश्यकता होती है। केन्द्रीय शासन के पास ही ऐसे साधन एव ऐसी योग्यता होती है जिससे वह ऐसे कार्यों का सुचारु रूप से सम्पादन कर सके । दूसरे वर्ग के अन्तर्गत ऐसे कार्य आते हैं जो समाज के एक ऐसे भाग को लाभ पहुंचाते हैं, जो एक विशेष क्षेत्र मे रहते हैं। उनमे समूचे समाज को कोई रुचि नहीं होती। जन्म तथा मृत्यु सम्बन्धी आंकड़े रखना, स्थानीय सफ़ाई एव स्वास्थ्य, टीका लगाना, रोगों के प्रकोप का निवारण, पुलों, सड़कों आदि का निर्माण इसी वर्ग के अन्तर्गत है । लखनऊ के निवासियों को इससे क्या प्रयोजन कि मेरठ के निवासियों की जल व्यवस्था कैसी है और आगरा के नागरिकों को इससे क्या प्रयोजन कि बरेली में प्राथमिक शिक्षा की कैसी व्यवस्था है ? केन्द्रीय शासन पर इस प्रकार की सेवाओं की व्यवस्था करने का दायित्व नही होना चाहिए। यह कार्य तो उनके हाथों में सौंप देना चाहिए जिनसे उनका सीधा और प्राथमिक सम्बन्ध है । इस प्रकार के कार्य साधारणतया संस्थाओं को सौप दिए जाते हैं।
इसके बाद अर्जुन कपूर का सीन आता है और एक अधिकारी से उन आतंकवादियों को पकड़ने की बात करता है, वो भी बिना हथियार के। इसके बाद एक अधिकारी उन्हें डेट लाइन देता है और बताता है कि सरकार के पास उन्हें देने के लिए पैसे नहीं है। इसके बावजूद आतंवादियों के सरगना को ढूंढने निकल पड़ते हैं। वह सभी लोग नेपाल जाते हैं। इस दौरान भी बम धमाके होते हैं। आतंकवादी अर्जुन कपूर और उनके दोस्तों को मारने की कोशिश करते हैं और इधर सरकार उनकी मदद नहीं करती है। इस फिल्म के केंद्र में एक ऐसे खूंखार आतंकी को दिखाया गया है जिसे भारत का 'ओसामा बिन लादेन' कहा जाता था। अर्जुन कपूर फिल्म में कोई पुलिस ऑफिसर या आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) से संबंध नहीं है, वह भारत के एक आम नागरिक हैं। कुल मिलाकर कर फिल्म में देशभक्ति को दिखाया गया है। आतंकवाद जैसे मुद्दे को उठाया गया है। फिल्म आतंकवाद की एक सच्ची घटना पर आधारित है। मुंबई बम ब्लास्ट की तरह साल 2007 और 2008 में देश के कई हिस्सों में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। इसके बाद 2013 तक देश में 52 धमाके हुए जिसमें सैंकड़ों लोगों की जानें गई। इस बम धमाकों में कुल 433 लोगों की मौत हुई और करीब 810 लोग घायल हुए। फिल्म में अर्जुन कपूर, राजेश शर्मा, प्रशांत अलेक्जेंडर, गौरव मिश्रा, आसिफ खान और बजरंग बली सिंह मुख्य किरदारों में हैं। इंडियाज मोस्ट वांटेड फिल्म का निर्देशन 'नो वन किल्ड जेसिका' और 'रेड' जैसी दमदार फिल्म बनाने वाले फिल्ममेकर राजकुमार गुप्ता ने किया है। फिल्म की कहानी भी राजकुमार गुप्ता ने ही लिखी है। राजकुमार गुप्ता, मायरा कर्ण और फॉक्स स्टार स्टूडियो ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 24 मई को रिलीज हो रही है।
इसके बाद अर्जुन कपूर का सीन आता है और एक अधिकारी से उन आतंकवादियों को पकड़ने की बात करता है, वो भी बिना हथियार के। इसके बाद एक अधिकारी उन्हें डेट लाइन देता है और बताता है कि सरकार के पास उन्हें देने के लिए पैसे नहीं है। इसके बावजूद आतंवादियों के सरगना को ढूंढने निकल पड़ते हैं। वह सभी लोग नेपाल जाते हैं। इस दौरान भी बम धमाके होते हैं। आतंकवादी अर्जुन कपूर और उनके दोस्तों को मारने की कोशिश करते हैं और इधर सरकार उनकी मदद नहीं करती है। इस फिल्म के केंद्र में एक ऐसे खूंखार आतंकी को दिखाया गया है जिसे भारत का 'ओसामा बिन लादेन' कहा जाता था। अर्जुन कपूर फिल्म में कोई पुलिस ऑफिसर या आतंकवाद विरोधी दस्ते से संबंध नहीं है, वह भारत के एक आम नागरिक हैं। कुल मिलाकर कर फिल्म में देशभक्ति को दिखाया गया है। आतंकवाद जैसे मुद्दे को उठाया गया है। फिल्म आतंकवाद की एक सच्ची घटना पर आधारित है। मुंबई बम ब्लास्ट की तरह साल दो हज़ार सात और दो हज़ार आठ में देश के कई हिस्सों में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। इसके बाद दो हज़ार तेरह तक देश में बावन धमाके हुए जिसमें सैंकड़ों लोगों की जानें गई। इस बम धमाकों में कुल चार सौ तैंतीस लोगों की मौत हुई और करीब आठ सौ दस लोग घायल हुए। फिल्म में अर्जुन कपूर, राजेश शर्मा, प्रशांत अलेक्जेंडर, गौरव मिश्रा, आसिफ खान और बजरंग बली सिंह मुख्य किरदारों में हैं। इंडियाज मोस्ट वांटेड फिल्म का निर्देशन 'नो वन किल्ड जेसिका' और 'रेड' जैसी दमदार फिल्म बनाने वाले फिल्ममेकर राजकुमार गुप्ता ने किया है। फिल्म की कहानी भी राजकुमार गुप्ता ने ही लिखी है। राजकुमार गुप्ता, मायरा कर्ण और फॉक्स स्टार स्टूडियो ने इस फिल्म को प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म चौबीस मई को रिलीज हो रही है।
लखीमपुर खीरी के पसगवां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक धर्मगुरु को लेकर फेसबुक पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से माहौल बिगड़ते-बिगड़ते बचा। कमेंट वायरल होने के बाद एक ही समुदाय के दो गुट आमने-सामने आ गए। भीड़ ने कमेंट करने वाले युवक का घर घेर लिया और हंगामा किया। हाईवे जाम की कोशिश भी हुई। मौके की नजाकत देख कई थानों का फोर्स बुला लिया गया। तब जाकर मामला शांत हुआ। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि फेसबुक की किसी पोस्ट पर एक गांव मोहम्मदपुर ताजपुर के रहने वाले युवक ने आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। ये टिप्पणी वाली पोस्ट दिनभर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इससे इसी समुदाय के तमाम लोग भड़क उठे और युवक का घर घेर लिया। इसके बाद दोनों गुटों के लोग आमने-सामने हो गए। हंगामा शुरू हो गया। जिस जगह यह हंगामा चल रहा था, वह पुलिस चौकी मोहम्मदपुर के सामने और ठीक शाहजहांपुर-बरेली हाईवे पर है। हंगामे के दौरान हाईवे जाम की कोशिश भी हुई। पहले मामले को सुलह-समझौते से निपटाने की कोशिश कर रही पुलिस के हाथ से हालात मिनट दर मिनट निकलते जा रहे थे। चौकी प्रभारी अनेक पाल सिंह ने घटना की नजाकत समझते ही आला अफसरों को सूचना दे दी। इस पर सीओ राजेश कुमार और निरीक्षक अंबर सिंह ने कई थानों की पुलिस बल बुलाकर घटनास्थल पर पहुंच गए और आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। सीओ ने बताया कि अकील नाम के आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वह पुलिस की गिरफ्त में है। उधर घटना से उपजे तनाव को लेकर निरीक्षक अंबर सिंह ने बताया कि एक यूनिट पीएसी बल गांव में तैनात कर दिया गया है। घटना पर नजर रखी जा रही है। किसी को भी को माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। गांव में भीड़ लगाने पर पाबंदी लगा दी गई है।
लखीमपुर खीरी के पसगवां कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में एक धर्मगुरु को लेकर फेसबुक पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से माहौल बिगड़ते-बिगड़ते बचा। कमेंट वायरल होने के बाद एक ही समुदाय के दो गुट आमने-सामने आ गए। भीड़ ने कमेंट करने वाले युवक का घर घेर लिया और हंगामा किया। हाईवे जाम की कोशिश भी हुई। मौके की नजाकत देख कई थानों का फोर्स बुला लिया गया। तब जाकर मामला शांत हुआ। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। बताया जाता है कि फेसबुक की किसी पोस्ट पर एक गांव मोहम्मदपुर ताजपुर के रहने वाले युवक ने आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। ये टिप्पणी वाली पोस्ट दिनभर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इससे इसी समुदाय के तमाम लोग भड़क उठे और युवक का घर घेर लिया। इसके बाद दोनों गुटों के लोग आमने-सामने हो गए। हंगामा शुरू हो गया। जिस जगह यह हंगामा चल रहा था, वह पुलिस चौकी मोहम्मदपुर के सामने और ठीक शाहजहांपुर-बरेली हाईवे पर है। हंगामे के दौरान हाईवे जाम की कोशिश भी हुई। पहले मामले को सुलह-समझौते से निपटाने की कोशिश कर रही पुलिस के हाथ से हालात मिनट दर मिनट निकलते जा रहे थे। चौकी प्रभारी अनेक पाल सिंह ने घटना की नजाकत समझते ही आला अफसरों को सूचना दे दी। इस पर सीओ राजेश कुमार और निरीक्षक अंबर सिंह ने कई थानों की पुलिस बल बुलाकर घटनास्थल पर पहुंच गए और आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। सीओ ने बताया कि अकील नाम के आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वह पुलिस की गिरफ्त में है। उधर घटना से उपजे तनाव को लेकर निरीक्षक अंबर सिंह ने बताया कि एक यूनिट पीएसी बल गांव में तैनात कर दिया गया है। घटना पर नजर रखी जा रही है। किसी को भी को माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। गांव में भीड़ लगाने पर पाबंदी लगा दी गई है।
छत्तीसगढ़ - रायपुर कांग्रेस कमेटी की बैठक में स्काइ वॉक को लेकर यह फैसला लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार विधायक सत्यनाराण शर्मा की अध्यक्षता में बनी कमेटी की बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया कि स्काई वॉक को नहीं तोड़ा जाएगा। वहीं, यह भी तय किया गया कि स्काई वॉक का निर्माण कम से कम खर्चे में पूरा किया जाएगा। बता दें कि बैठक सिरपुर भवन में आयोजित की गई थी।
छत्तीसगढ़ - रायपुर कांग्रेस कमेटी की बैठक में स्काइ वॉक को लेकर यह फैसला लिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार विधायक सत्यनाराण शर्मा की अध्यक्षता में बनी कमेटी की बैठक बुलाई गई थी। बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया कि स्काई वॉक को नहीं तोड़ा जाएगा। वहीं, यह भी तय किया गया कि स्काई वॉक का निर्माण कम से कम खर्चे में पूरा किया जाएगा। बता दें कि बैठक सिरपुर भवन में आयोजित की गई थी।
Anupama: रूपाली गांगुली का लोकप्रिय सीरियल अनुपमा में दर्शकों को खूब सारा ड्रामा देखने को मिल रहा है. कुछ समय से अनुपमा की टीआरपी में गिरावट दर्ज की गई है. मेकर्स अब नया ट्विस्ट ला रहे है, ताकि फिर से वो नंबर वन का स्थान पा सकें. समर की मौत के बाद से अब तक सीरियल में काफी कुछ दिखाया गया है. इन दिनों ट्रैक में दिखाया जा रहा है कि बाबूजी को एक गंभीर बीमारी हो गई है, जिसकी वजह से वो सबकुछ भूलने लगे है. इस वजह से काव्या की जान जाते-जाते बची. बाबूजी अपनी भूलने की बीमारी की वजह से गैस क नॉब ऑन करके भूल जाते है और इसमें की काव्या की जान जाने से बच गई. अब कहा जा रहा है एक नयी एंट्री होने वाली है. अनुपमा में होगी नयी एंट्री! अनुपमा का अपकमिंग एपिसोड काफी मजेदार होने वाला है. अनुपमा और अनुज रोमिल को एक लड़की के साथ देखते है. रोमिल उस लड़की को अपने पीछे स्कूटी पर बैठाकर रैश ड्राइविंग करता दिखता है. रोमिल ने हेलमेट भी नहीं लगाया होता है और ऐसे में उसे देखकर दोनों चौंक जाते है. जिसके बाद अनुज, रोमिल को डांटता है और कहता है कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस के किसी और की स्कूटी चलाना गलत है. उसके हेलमेट ना पहनने पर भी वो गुस्सा जाहिर करता है. रोमिल की इस हरकत पर अनुपमा भी काफी गुस्सा करती है. रोमिल कहता है कि उसके पास हेलमेट था. अनुपमा कहती है वो सिर पर पहनने की चीज है. साथ ही उसे सुरक्षा के बारे में बताती है. अनुपमा कहती है कि अगर उसे कुछ हो गया तो उसके माता-पिता का क्या हाल होगा. अनुपमा उससे कहती है कि उसने अपना जवान बेटा समर को खोया है. रोमिल ये सुनकर भावुक हो जाता है और उसकी आंखों में आंसू आ जाते है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अनुपमा में नयी लड़की की एंट्री होने वाली है. वो लड़की रोमिल की गर्लफ्रेंड होगी. रोमिल की गर्लफ्रेंड आने के बाद से कहानी में नया ट्विस्ट आएगा. वहीं, नये प्रोमो के आने के बाद से ही शो को लेकर अलग-अलग कहानी चल रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनुज और अनुपमा अब अलग हो जाएंगे. और अनुज माया और छोटी अनु के साथ रहते नजर आएंगे. रिपोर्ट्स की मानें तो अनुपमा से अलग होने के बाद अनुज आगे बढ़ने की कोशिश करेगा, लेकिन उसके बिना उसकी जिंदगी अधूरी होगी. उसके जीवन में एक नई महिला भी आएगी, जो उसे अपने जीवन को बेहतर देखने के लिए प्रोत्साहित करेगी. कुछ समय पहले अनुपमा का नया प्रोमो सामने आया था. प्रोमो में बैंकग्राउंड में बज रहा है कि आखिर अनुपमा का हुआ सपना पूरा. जिसके बाद अनु को एक बॉल दिखती है और पीछे से एक लड़की कहती है मम्मा. अनुपमा पीछे मुड़कर देखती है और उसे अपनी बेटी छोटी अनु की याद आती है. अनुपमा अमेरिका में होती है और वहां उसके साथ कोई नहीं होता. अनुपमा उदास नजर आती है और उसकी चेहरे पर खामोशी नजर आती है. अनुपमा की मांग में सिंदूर नहीं होता है और ना मंगलसूत्र. इसके बाद फैंस कयास लगाने लगे है कि अनुज और अनुपमा अलग हो जाएंगे.
Anupama: रूपाली गांगुली का लोकप्रिय सीरियल अनुपमा में दर्शकों को खूब सारा ड्रामा देखने को मिल रहा है. कुछ समय से अनुपमा की टीआरपी में गिरावट दर्ज की गई है. मेकर्स अब नया ट्विस्ट ला रहे है, ताकि फिर से वो नंबर वन का स्थान पा सकें. समर की मौत के बाद से अब तक सीरियल में काफी कुछ दिखाया गया है. इन दिनों ट्रैक में दिखाया जा रहा है कि बाबूजी को एक गंभीर बीमारी हो गई है, जिसकी वजह से वो सबकुछ भूलने लगे है. इस वजह से काव्या की जान जाते-जाते बची. बाबूजी अपनी भूलने की बीमारी की वजह से गैस क नॉब ऑन करके भूल जाते है और इसमें की काव्या की जान जाने से बच गई. अब कहा जा रहा है एक नयी एंट्री होने वाली है. अनुपमा में होगी नयी एंट्री! अनुपमा का अपकमिंग एपिसोड काफी मजेदार होने वाला है. अनुपमा और अनुज रोमिल को एक लड़की के साथ देखते है. रोमिल उस लड़की को अपने पीछे स्कूटी पर बैठाकर रैश ड्राइविंग करता दिखता है. रोमिल ने हेलमेट भी नहीं लगाया होता है और ऐसे में उसे देखकर दोनों चौंक जाते है. जिसके बाद अनुज, रोमिल को डांटता है और कहता है कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस के किसी और की स्कूटी चलाना गलत है. उसके हेलमेट ना पहनने पर भी वो गुस्सा जाहिर करता है. रोमिल की इस हरकत पर अनुपमा भी काफी गुस्सा करती है. रोमिल कहता है कि उसके पास हेलमेट था. अनुपमा कहती है वो सिर पर पहनने की चीज है. साथ ही उसे सुरक्षा के बारे में बताती है. अनुपमा कहती है कि अगर उसे कुछ हो गया तो उसके माता-पिता का क्या हाल होगा. अनुपमा उससे कहती है कि उसने अपना जवान बेटा समर को खोया है. रोमिल ये सुनकर भावुक हो जाता है और उसकी आंखों में आंसू आ जाते है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अनुपमा में नयी लड़की की एंट्री होने वाली है. वो लड़की रोमिल की गर्लफ्रेंड होगी. रोमिल की गर्लफ्रेंड आने के बाद से कहानी में नया ट्विस्ट आएगा. वहीं, नये प्रोमो के आने के बाद से ही शो को लेकर अलग-अलग कहानी चल रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनुज और अनुपमा अब अलग हो जाएंगे. और अनुज माया और छोटी अनु के साथ रहते नजर आएंगे. रिपोर्ट्स की मानें तो अनुपमा से अलग होने के बाद अनुज आगे बढ़ने की कोशिश करेगा, लेकिन उसके बिना उसकी जिंदगी अधूरी होगी. उसके जीवन में एक नई महिला भी आएगी, जो उसे अपने जीवन को बेहतर देखने के लिए प्रोत्साहित करेगी. कुछ समय पहले अनुपमा का नया प्रोमो सामने आया था. प्रोमो में बैंकग्राउंड में बज रहा है कि आखिर अनुपमा का हुआ सपना पूरा. जिसके बाद अनु को एक बॉल दिखती है और पीछे से एक लड़की कहती है मम्मा. अनुपमा पीछे मुड़कर देखती है और उसे अपनी बेटी छोटी अनु की याद आती है. अनुपमा अमेरिका में होती है और वहां उसके साथ कोई नहीं होता. अनुपमा उदास नजर आती है और उसकी चेहरे पर खामोशी नजर आती है. अनुपमा की मांग में सिंदूर नहीं होता है और ना मंगलसूत्र. इसके बाद फैंस कयास लगाने लगे है कि अनुज और अनुपमा अलग हो जाएंगे.
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। हरे रंग में वह राष्ट्र हैं जिनकी प्रशासन प्रणाली संघ पर आधारित है एक संघ या फेडरेशन, (जिसे संघीय राज्य भी कहते हैं), एक राजनीतिक सत्त्व हैं, जो किसी केन्द्रीय (संघीय) सरकार के अंतर्गत आंशिक रूप से स्वशासित राज्यों या क्षेत्रों के संघ (यूनियन) से चिन्हित होता हैं। संघ या फेडरेशन ऐसा राष्ट्र है जिसमें बहुत से स्वराजित राज्य, प्रदेश या देश एक केंद्रीय सरकार के अधीन गठित होते हैं। सोवियत संघ के कुछ राज्यों (जैसे के बेलारूस) को अपनी विदेश नीति चलाने का अधिकार था लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका के राज्यों को यह अधिकार नहीं है। संयुक्त राज्य अमेरिका के हर राज्य को अपना अलग संविधान, राज्यगान और झंडा रखने का अधिकार है, लेकिन पाकिस्तान के राज्यों को यह अधिकार नहीं है। . स्थानीय सरकार (local government) जन प्रशासन का एक रूप है जो अधिकांश जगहों पर किसी राज्य या राष्ट्र की सबसे निचली श्रेणी की प्रशासनिक ईकाई होती है। इसके ऊपर ज़िले, प्रान्त, राज्य या राष्ट्र का प्रशासन होता है जिसे राजकीय सरकार, राष्ट्रीय सरकार, संघीय सरकार, इत्यादि नामों से जाना जाता है। स्थानीय सरकारों के पास वह अधिकार होते हैं जो संविधानिक रूप से या विधेयकों द्वारा उन्हें दिए गए होते हैं। . संघ (प्रशासन) और स्थानीय सरकार आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)। संघ (प्रशासन) 6 संबंध है और स्थानीय सरकार 5 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (6 + 5)। यह लेख संघ (प्रशासन) और स्थानीय सरकार के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। हरे रंग में वह राष्ट्र हैं जिनकी प्रशासन प्रणाली संघ पर आधारित है एक संघ या फेडरेशन, , एक राजनीतिक सत्त्व हैं, जो किसी केन्द्रीय सरकार के अंतर्गत आंशिक रूप से स्वशासित राज्यों या क्षेत्रों के संघ से चिन्हित होता हैं। संघ या फेडरेशन ऐसा राष्ट्र है जिसमें बहुत से स्वराजित राज्य, प्रदेश या देश एक केंद्रीय सरकार के अधीन गठित होते हैं। सोवियत संघ के कुछ राज्यों को अपनी विदेश नीति चलाने का अधिकार था लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका के राज्यों को यह अधिकार नहीं है। संयुक्त राज्य अमेरिका के हर राज्य को अपना अलग संविधान, राज्यगान और झंडा रखने का अधिकार है, लेकिन पाकिस्तान के राज्यों को यह अधिकार नहीं है। . स्थानीय सरकार जन प्रशासन का एक रूप है जो अधिकांश जगहों पर किसी राज्य या राष्ट्र की सबसे निचली श्रेणी की प्रशासनिक ईकाई होती है। इसके ऊपर ज़िले, प्रान्त, राज्य या राष्ट्र का प्रशासन होता है जिसे राजकीय सरकार, राष्ट्रीय सरकार, संघीय सरकार, इत्यादि नामों से जाना जाता है। स्थानीय सरकारों के पास वह अधिकार होते हैं जो संविधानिक रूप से या विधेयकों द्वारा उन्हें दिए गए होते हैं। . संघ और स्थानीय सरकार आम में शून्य बातें हैं । संघ छः संबंध है और स्थानीय सरकार पाँच है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख संघ और स्थानीय सरकार के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
रोहित खंडेलवाड मिस्टर वर्ल्ड खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। यह इवेंट लंदन के साउथपोर्ट थिएटर में हुआ। 19 जुलाई को हुए इस फिनाले में रोहित को विनर अनाउंस किया गया। बता दें कि इस कॉम्पिटिशन में अलग-अलग देशों से 47 कंटेस्टेंट्स ने पार्टिसिपेट किया था। लेकिन सबको कड़ी टक्कर देते हुए हैदराबाद के रोहित खंडेलवाल ने बाजी मार ली। इस खिताब को जीतने पर रोहित को 50 हजार डॉलर बतौर प्राइज मनी दिए गए। रोहित ने मेन इवेंट के दिन निवेदिता साबू का डिजाइन किया हुए टक्सेडो पहना था।
रोहित खंडेलवाड मिस्टर वर्ल्ड खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। यह इवेंट लंदन के साउथपोर्ट थिएटर में हुआ। उन्नीस जुलाई को हुए इस फिनाले में रोहित को विनर अनाउंस किया गया। बता दें कि इस कॉम्पिटिशन में अलग-अलग देशों से सैंतालीस कंटेस्टेंट्स ने पार्टिसिपेट किया था। लेकिन सबको कड़ी टक्कर देते हुए हैदराबाद के रोहित खंडेलवाल ने बाजी मार ली। इस खिताब को जीतने पर रोहित को पचास हजार डॉलर बतौर प्राइज मनी दिए गए। रोहित ने मेन इवेंट के दिन निवेदिता साबू का डिजाइन किया हुए टक्सेडो पहना था।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अक्षय और इमरान हाशमी इन दिनों अपनी फिल्म 'सेल्फी' के प्रोमोशंस में काफी व्यस्त चल रहे हैं। जिसके चलते हाल ही में दोनों अभिनेताओं को मुंबई मेट्रो की सवारी करते हुए भी स्पॉट किया गया। सोशल मीडिया पर इनका यूँ मुंबई मेट्रो के दर्शन वाला वीडियो काफी तेज़ी से हो रहा हैं। जिसमे इमरान हाशमी और अक्षय कुमार भागते हुए मुंबई मेट्रो पहुंचते नज़र आते हैं। एक ओर जहां खिलाडी कुमार स्पोर्ट्स आउटफिट में नजर आ रहे हैं। वहीं, इमरान हाशमी जींस और टी-शर्ट साथ ही जैकेट में नजर आए। बता दे कि इस सवारी के दौरान अक्षय और इमरान मास्क लगाते हुए चुपचाप मेट्रो में एंट्री लेते हैं जिसकी भनक तक भी आम जनता को नहीं लग पाती हैं की उनके बीच बॉलीवुड के ये दो बड़े स्टार्स भी मौजूद हैं। लेकिन, जैसे ही फैंस को पता चलता है तो सभी सुपस्टार्स के साथ सेल्फी लेने को बस टूट पड़ते हैं। मेट्रो में सवारी करते हुए अभिनेता अक्षय कुमार और इमरान हाशमी ने फैंस के साथ मुलाकात की और उनके साथ 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी' गाने पर जमकर डांस भी किया जिस दौरान उनके फैंस अपने फेवरेट अभिनेता संग बेहद खुश नज़र आ रहे थे। अक्षय और इमरान को साथ में मेट्रो के अंदर यूँ डांस करते हुए देखना हर किसी के लिए एक बड़ा ही सर्प्रीज़िंग मोमेंट था। दोनों स्टार्स को पास खड़ा देखकर उनके संग सेल्फी लेने वालों की तो मनो लाइन ही लग गई हर कोई बस अक्षय और इमरान के साथ सेल्फी लेने को बेकरार था। खेर खिलाडी कुमार तो हमेशा ही अपनी फिल्मों का प्रमोशन कुछ अलग अंदाज में करने के लिए जाने जाते हैं उनके प्रोमोशंस बाकि सभी अभिनेताओं से काफी हटकर और जुदा होते हैं, और इस बार भी उन्होंने अपने इसी तरीके को चुना। कब सिनेमघरो में उतरेगी 'सेल्फी' अब अभिनेताओं के प्रशंसकों को बस अपने सुपर स्टार को परदे पर देखने का इंतज़ार हो रहा हैं तो बता दें कि, फिल्म 'सेल्फी' 24 फरवरी को सिनेमघरो में उतरेगी। इस फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज हो चुका है, जो काफी पसंद किया गया। एक ओर फिल्म में जहां अक्षय कुमार एक सुपरस्टार हैं, तो वहीं इमरान हाशमी एक जबरा फैन के रोल में नजर आएंगे जिनकी एक्टिंग देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म सिनेमाघरों में कैसे अपना जादू बिखेरती है।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अक्षय और इमरान हाशमी इन दिनों अपनी फिल्म 'सेल्फी' के प्रोमोशंस में काफी व्यस्त चल रहे हैं। जिसके चलते हाल ही में दोनों अभिनेताओं को मुंबई मेट्रो की सवारी करते हुए भी स्पॉट किया गया। सोशल मीडिया पर इनका यूँ मुंबई मेट्रो के दर्शन वाला वीडियो काफी तेज़ी से हो रहा हैं। जिसमे इमरान हाशमी और अक्षय कुमार भागते हुए मुंबई मेट्रो पहुंचते नज़र आते हैं। एक ओर जहां खिलाडी कुमार स्पोर्ट्स आउटफिट में नजर आ रहे हैं। वहीं, इमरान हाशमी जींस और टी-शर्ट साथ ही जैकेट में नजर आए। बता दे कि इस सवारी के दौरान अक्षय और इमरान मास्क लगाते हुए चुपचाप मेट्रो में एंट्री लेते हैं जिसकी भनक तक भी आम जनता को नहीं लग पाती हैं की उनके बीच बॉलीवुड के ये दो बड़े स्टार्स भी मौजूद हैं। लेकिन, जैसे ही फैंस को पता चलता है तो सभी सुपस्टार्स के साथ सेल्फी लेने को बस टूट पड़ते हैं। मेट्रो में सवारी करते हुए अभिनेता अक्षय कुमार और इमरान हाशमी ने फैंस के साथ मुलाकात की और उनके साथ 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी' गाने पर जमकर डांस भी किया जिस दौरान उनके फैंस अपने फेवरेट अभिनेता संग बेहद खुश नज़र आ रहे थे। अक्षय और इमरान को साथ में मेट्रो के अंदर यूँ डांस करते हुए देखना हर किसी के लिए एक बड़ा ही सर्प्रीज़िंग मोमेंट था। दोनों स्टार्स को पास खड़ा देखकर उनके संग सेल्फी लेने वालों की तो मनो लाइन ही लग गई हर कोई बस अक्षय और इमरान के साथ सेल्फी लेने को बेकरार था। खेर खिलाडी कुमार तो हमेशा ही अपनी फिल्मों का प्रमोशन कुछ अलग अंदाज में करने के लिए जाने जाते हैं उनके प्रोमोशंस बाकि सभी अभिनेताओं से काफी हटकर और जुदा होते हैं, और इस बार भी उन्होंने अपने इसी तरीके को चुना। कब सिनेमघरो में उतरेगी 'सेल्फी' अब अभिनेताओं के प्रशंसकों को बस अपने सुपर स्टार को परदे पर देखने का इंतज़ार हो रहा हैं तो बता दें कि, फिल्म 'सेल्फी' चौबीस फरवरी को सिनेमघरो में उतरेगी। इस फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज हो चुका है, जो काफी पसंद किया गया। एक ओर फिल्म में जहां अक्षय कुमार एक सुपरस्टार हैं, तो वहीं इमरान हाशमी एक जबरा फैन के रोल में नजर आएंगे जिनकी एक्टिंग देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म सिनेमाघरों में कैसे अपना जादू बिखेरती है।
लखीमपुर खीरी घटना के वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पत्रकार अभिसार शर्मा और अमीश देवगन भी एक दूसरे को जवाब देते नजर आए। नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा और चार किसान सहित 8 लोगों की मौत की घटना सुर्खियों में हैं। अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश में है। सरकार पर दोषियों को बचाने के आरोप लग रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी पक्ष-विपक्ष को लेकर कई बातें कही जा रही हैं। इस बीच मंगलवार को एक वीडियो सामने आया, जिसे लखीमपुर खीरी घटना का बताया जा रहा है। कांग्रेस समेत कई और विपक्षी पार्टियों और नेताओं ने इस वीडियो को ट्वीट किया है और सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस वीडियो में दो एसयूवी कार लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि आशीष मिश्रा के लोगों की थी जो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लाने के लिए जा रही थीं। इस मामले में सोमवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा सहित 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस पूरे वीडियो पर सोशल मीडिया में खूब गहमागहमी रही। इस बीच टीवी पत्रकार रहे अभिसार शर्मा ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'हिम्मत दिखाओ अमीश। ये वीडियो अपने चैनल पर दिखाओ। सिर्फ एक बार। ' इस पर नेटवर्क -18 से जुड़े अमीश देवगन ने लिखा, 'इस में हिम्मत की नहीं पत्रकारिता की धर्म की ज़रूरत है जो तुम्हारे agenda में फ़िट नहीं है। हर वीडियो चल रहा। ' गौरतलब है कि पूरा मामला रविवार का है जब यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लखीमपुर खीरी में रविवार को एक कार्यक्रम में आना था। किसान यहां कृषि कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने डिप्टी सीएम के दौरे का भी विरोध किया। इसी दौरान अशीष मिश्रा और उसके समर्थकों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ियां चढ़ा दीं। घटना तिकोनिया कोतवाली क्षेत्र के तिकोनिया-बनबीरपुर मार्ग पर हुई। बनबीरपुर खीरी से सांसद अजय कुमार मिश्रा का पैतृक गांव भी है। गाड़ी चढ़ाए जाने की घटना के बाद गुस्साए किसानों ने दो एसयूवी गाड़ियों में आग लगा दी। इस पूरे मामले में अब तक कुल 8 लोगों के मारे जाने की खबर है। इसमें चार किसान भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश इस घटना की जांच कराई जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार ने घटना में मारे गए चार किसानों के परिवारों के लिए मुआवजे के रूप में 45-45 लाख रुपये की भी घोषणा की।
लखीमपुर खीरी घटना के वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पत्रकार अभिसार शर्मा और अमीश देवगन भी एक दूसरे को जवाब देते नजर आए। नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा और चार किसान सहित आठ लोगों की मौत की घटना सुर्खियों में हैं। अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विपक्ष इस पूरे मामले को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश में है। सरकार पर दोषियों को बचाने के आरोप लग रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी पक्ष-विपक्ष को लेकर कई बातें कही जा रही हैं। इस बीच मंगलवार को एक वीडियो सामने आया, जिसे लखीमपुर खीरी घटना का बताया जा रहा है। कांग्रेस समेत कई और विपक्षी पार्टियों और नेताओं ने इस वीडियो को ट्वीट किया है और सरकार से कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस वीडियो में दो एसयूवी कार लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि आशीष मिश्रा के लोगों की थी जो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लाने के लिए जा रही थीं। इस मामले में सोमवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा सहित पंद्रह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस पूरे वीडियो पर सोशल मीडिया में खूब गहमागहमी रही। इस बीच टीवी पत्रकार रहे अभिसार शर्मा ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'हिम्मत दिखाओ अमीश। ये वीडियो अपने चैनल पर दिखाओ। सिर्फ एक बार। ' इस पर नेटवर्क -अट्ठारह से जुड़े अमीश देवगन ने लिखा, 'इस में हिम्मत की नहीं पत्रकारिता की धर्म की ज़रूरत है जो तुम्हारे agenda में फ़िट नहीं है। हर वीडियो चल रहा। ' गौरतलब है कि पूरा मामला रविवार का है जब यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लखीमपुर खीरी में रविवार को एक कार्यक्रम में आना था। किसान यहां कृषि कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने डिप्टी सीएम के दौरे का भी विरोध किया। इसी दौरान अशीष मिश्रा और उसके समर्थकों ने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर गाड़ियां चढ़ा दीं। घटना तिकोनिया कोतवाली क्षेत्र के तिकोनिया-बनबीरपुर मार्ग पर हुई। बनबीरपुर खीरी से सांसद अजय कुमार मिश्रा का पैतृक गांव भी है। गाड़ी चढ़ाए जाने की घटना के बाद गुस्साए किसानों ने दो एसयूवी गाड़ियों में आग लगा दी। इस पूरे मामले में अब तक कुल आठ लोगों के मारे जाने की खबर है। इसमें चार किसान भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश इस घटना की जांच कराई जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार ने घटना में मारे गए चार किसानों के परिवारों के लिए मुआवजे के रूप में पैंतालीस-पैंतालीस लाख रुपये की भी घोषणा की।
अंतर्राष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस कब मनाया जाता है? 17 अक्टूबर को प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका प्रमुख उद्देश्य विकासशील देशों में निर्धनता को समाप्त करना है। इस दिवस के द्वारा निर्धनता में रह रहे लोगों के साथ सक्रीय साझेदारी के द्वारा उन्हें निर्धनता से बाहर लाने के प्रयास पर बल दिया जाता है। तथा उनके लिए सम्मानपूर्वक जीवन सुनिश्चित करने करने के प्रयास किया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस कब मनाया जाता है? सत्रह अक्टूबर को प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय निर्धनता उन्मूलन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका प्रमुख उद्देश्य विकासशील देशों में निर्धनता को समाप्त करना है। इस दिवस के द्वारा निर्धनता में रह रहे लोगों के साथ सक्रीय साझेदारी के द्वारा उन्हें निर्धनता से बाहर लाने के प्रयास पर बल दिया जाता है। तथा उनके लिए सम्मानपूर्वक जीवन सुनिश्चित करने करने के प्रयास किया जाता है।
एकाएक गायब हो गई। मैंने देखा उसकी जगह पर धूल-स् उड़ रही है। मुझे समझते देर न लगी कि यह भूत है। मैं तेजी से होस्टल की तरफ भागा।" लड़कों ने आतंकित हो उसकी ओर देखा। कुछ लड़के मुस्करा दिए । चंदू बोला, "भूत की सबसे आसान पहचान यह है कि उसके पांव उलटे होते हैं और वह प्रति क्षण अपना रूप बदलता रहता है। " मैंने कहा, "रूप बदलता है तो पांवों के उलटे होने से क्या मतलब? क्या पांव वैसे के वैसे ही रहते हैं?" इस पर सब लड़के हंस पड़े । चंदू ने फिर कहा, "बच्चू, अभी पाला नहीं पड़ा, तभी मज़ाक कर रहे हो । किसी दिन दबोच लिया, तब कहना ।" टिल्लू ने बात साफ की, "भाई, जिस समय भूत मनुष्य के रूप में आता है उस समय उसके पांव उलटे ही रहते "तो यों कहो न !" श्याम ने कहा । चंदू ने फिर कहा, "पिछले साल मैंने एक बार इमली के पेड़ पर चढ़े हुए अनिल के भूत को देखा । " "अच्छा!" एक लड़के के मुंह से आश्चर्य भरे स्वर 28 निकले। सबकी आंखें फैल गईं, कान खड़े हो गए। कमरे में लालटेन का प्रकाश फैल रहा था और एक-एक कर आधे से अधिक लड़के अपने-अपने बिस्तरों पर जाकर सो गए थे। फिर कुछ देर में हम कुल नौ लड़के रह गए, जिनकी पलकें नींद से बोझिल हो गई थीं, मगर चंदू की बातों ने हम में अभी तक कुतूहल जगाया हुआ था । लालटेन की कांपती लौ में जब कमरे का अंधेरा कांपता तो एक अजीब-सी सनसनी दौड़ जाती हममें। रात की सांय-सांय में चंदू ने बताना आरंभ किया, "एक रात मैं चुपचाप होस्टल से बाहर निकल गया था। ठंडी हवा चल रही थी । दूर-दूर तक चट्टानों और घाटियों में चांदनी फैली हुई थी। मैंने सोचा, कुछ घूम ही लूं । मैं इमली के पेड़ के पास जा निकला । एकाएक इमली के पत्तों में सरसराहट - सी सुन कर मैंने सिर उठाया, तो जैसे मुझे काठ मार गया । थर-थर कांपने लगा । हिलूं तो हिला न जाए । क्या देखता हूं, कि एक बाहर को निकली डाल पर बैठा अनिल मुस्करा - मुस्करा कर मेरी ओर देख रहा है। उसके सफेद दांत चांदनी में बड़े भयानक लगे मुझे, फिर मेरी नजर उसके उलटे पांवों पर गई, तो मैं सिर पर पांव रख कर भागा और सीधे अपने बिस्तर पर आकर ही सांस ली। उस रात मैं सुबह तक न सोया । " हम चारों को ही उसकी बातों पर विश्वास करना पड़ रहा था । कैसे न करते, चंदू इस प्रकार बता रहा था कि विश्वास न करने का सवाल पैदा ही नहीं होता था, इसलिए हमने उस पर विश्वास कर लिया । मैंने पूछा, "तो अनिल ज्योमेट्री में बहुत तेज था?" चंदू बोला, "इतना तेज कि कई बार मास्टरजी को भी उसी से राय लेनी पड़ती थी। मगर था बहुत ही शैतान ।" "धीरे बोल, " श्याम ने कहा, "कहीं खिड़की के बाहर गड़ा सुन रहा होगा तो अभी सिर पर आ चढ़ेगा।" मैंने कहा, "यहां तो हम कितने सारे हैं। मिल कर कचूमर निकाल देंगे।" चंदू बोला, "रहने दो यार, भूत पर किसी का बस नहीं चलता । वह अपनी करनी पर उतर आए तो उसे कोई नहीं रोक सकता।" मैंने कहा, "अच्छा, हम तो तब मानेंगे, जब वह साध्य नम्बर छह भी इसी प्रकार कर डाले । " "उसे क्या मुश्किल?" रामू ने समझाया, " भूत तो गड़ा हुआ धन बता सकता है, भविष्य बता सकता है और सब कुछ बता सकता है।" मैंने कहा, "अच्छा, यह तो बताओ, वे बोर्ड पर खिंची रेखाएं टेढ़ी-मेढ़ी क्यों थी ?" चंदू बोला, "अंधेरे में लिखता है न! और यों भी भई, भूत के काम भूत ही जाने! पांव उलटे! चेहरा अजीब! रेखाओं में भी कुछ विचित्रता होगी ही!" कुछ रुक कर चंदू बोला, "भाई, मुझे नींद आ रही है । " अब ऐसा लगता था, जैसे सब अपनी-अपनी बातें समाप्त कर चुके थे और किसी के पास कहने को कुछ बाकी न रहा था, इसलिए सब के सब एक विचित्र - सा भय लिए हुए उठे और अपने-अपने बिस्तरों पर आ लेटे। चंदू भी चादर तान कर सो गया । अगले दिन जब हम 'क्लासरूम' में पहुंचे तो हमारे आश्चर्य का ठिकाना ही न रहा । 'ब्लैक बोर्ड' पर आड़ी-तिरछी रेखाओं में साध्य नम्बर छह समझाया हुआ था। लड़कों में फिर कानाफूसियां जोर पकड़ बैठीं और धीरे-धीरे सब एक जगह एकत्रित हो गए। मास्टरर्जी आए तो उन्हें भी सूचित किया गया कि अनिल का भृत साध्य नम्बर छह भी कर गया है। मास्टरजी ने भी बोर्ड की तरफ आश्चर्यचकित होकर देखा । कुछ देर वह सोच में पड़े रहे, फिर बोले, "अच्छा, हम तब जानें, जब अनिल का भृत 'पाइथागोरस' का थ्योरम भी हल कर जाए । " मास्टरजी की इस चुनौती पर सब लड़के खुश हुए। और अगले दिन अनिल के भूत का करिश्मा देखने के लिए मास्टरजी ने उस दिन की क्लास छोड़ दी। हम सब लड़के बातें करते हुए फिर अपने होस्टल में लौट आए। सभी बातों में उलझे हुए थे, मगर एक व्यग्रता सब के मन में जोर मार रही थी कि अनिल का भृत 'पाइथागोरस' की थ्योरम हल कर पाता है या नहीं। दरअसल हाई स्कूल में पाइथागोरस की थ्योरम सबसे ज्यादा मुश्किल मानी जाती है। वह लड़कों को किसी भूत से कम नज़र नहीं आती। अब भृत से भूत की लड़ाई होनी है। देखें, कौन जीतता है ? जैसे-तैसे करके रात हुई । आज लड़के कुछ अधिक देर तक जागे । अंत में जब सब की पलकें झपक गईं, तो एक खटका-सा हुआ, जिसे सुन कर मैं सोते सोते अपने बिस्तर से उठ खड़ा हुआ। मैंने उठ कर खिड़की से बाहर देखा, दूर अंधकार में एक छाया इमली के पेड़ की ओर से बढ़ रही थी और उसका रूख उसी 'क्लासरूम' की तरफ था । डर के मारे मेरे रोंगटे खड़े हो गए । मैंने झटपट पास ही लेटे टिल्लू को जगा दिया। "टिल्लू! भूत!" बहुत ही दबी आवाज में मैंने कहा । और टिल्लू जो शायद अभी तक पूरी तरह सो नहीं पाया था, भूत का नाम सुनते ही एकदम उठ बैठा। मैंने खिड़की की ओर इशारा किया और फिर खिड़की में से उसे भी, वह छाया दिखाई, हमारे देखते-देखते वह छाया 'क्लासरूम' में प्रवेश कर गई । मैंने कहा, "चल देखें ।" "ना भई!" टिल्लू बोला, "मुझे तो डर लगता है। औरों को भी जगा लें।" मैंने कहा, "ज्यादा लड़कों का शोर सुन कर भूत भाग जाएगा । दोनों छिप कर देखेंगे भृत को! मैं आगे चलता हूं, तू मेरे पीछे आ ।" इस पर टिल्लू तैयार हो गया तो मैंने संतोष की सांस ली। बहुत अर्से से भूत को देखने की जो प्रबल इच्छा मन में बनी हुई थी, आज पूरी होते देख कर मैं काफी खुश था, मगर भीतर-ही-भीतर एक भय मेरे मन में भी समाया हुआ मैं और टिल्लृ धीर-धीरे दबे पांव कमरे से बाहर निकल आए । अन्य विद्यार्थी गहरी नींद में सोए थे । हम दोनों थे तेजी से 'क्लासरूम' की ओर बढ़े और द्वार पर जाकर कान लगा दिए । टिल्लू मेरे पीछे खड़ा था । भीतर 'ब्लैक बोर्ड' पर खड़िया से जल्दी-जल्दी लिखने की खटपट आवाज़ आ रही थी । मैं बेहद डर गया। अब मुझे भी भृत पर विश्वास होने लगा। मैंने कहा, "टिल्लू भाग, अनिल का भूत 'पाइथागोरस' की थ्योरम कर रहा है।" और हम दोनों सिर पर पांव रख कर भागे और होस्टल के कमरे में आकर हांफते-हांफते एक ही बिस्तर में दुबक गए। हमें काफी देर तक नींद नहीं आई। अगले दिन क्लास में पहुंचे तो देखा, वहां मास्टरजी अपनी कुर्सी पर पहले से ही विराजमान थे। बोर्ड पर और दिनों की तरह उलटी-सीधी रेखाओं से 'पाइथागोरस' की थ्योरम भी की हुई है। जब सब लड़के क्लास में आ गए तो मास्टरजी ने उपस्थिति का रजिस्टर खोला और हाजिरी ली। हम व्यग्र थे कि वह कब रजिस्टर बंद करके अनिल के भूत से अपनी पराजय स्वीकार करते हैं। आखिरकार रजिस्टर भी बंद हुआ। वह अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए और उन्होंने बताया, "आज तुम्हें यह जानकर प्रसन्नता होगी कि रात अनिल का भूत पकड़ा गया।" हम सब आश्चर्यवश सीटों से एक-एक फुट ऊपर उछल पड़े। "कहां है?" सब लड़के एक स्वर में चिल्लाए । "वह," मास्टर जी ने चंदू की ओर इशारा किया । सब लड़के प्रश्नवाचक दृष्टि से चंदू की ओर देखने लगे। वह पिटा-सा, झेंपा-सा सिर नीचा किए बैठा था। ऐसा लगता था, जैसे मास्टर जी ने उसकी काफी मरम्मत कर दी हो । अंत में मास्टरजी ने पूरा भेद भी खोल दिया कि किस प्रकार चंदू रात को चुपचाप उठ कर थ्योरम कर जाया करता था। उन्होंने बताया कि उसके पास से एक टार्च और एक किताब मिली। उस किताब में ज्योमेट्री के वे सारे सवाल हल किए हुए हैं, जो दसवीं के कोर्स में आते हैं। मास्टरजी ने रात स्वयं छिप कर चंदू की सारी करतूतें देखी थीं । बाद में पता चला कि चंदू ने यह सारा नाटक इसलिए रचा था, जिससे इमली के पेड़ की पकी पकी इमली वह अकेला ही मजे में खा सके और अन्य सब विद्यार्थी डर के मारे उस पेड़ से दूर ही रहें । उस दिन से यह घटना चंदू की चिढ़ बन गई । लड़कों ने उसे ही 'अनिल का भूत' कहकर चिढ़ाना आरंभ कर दिया। अब सब लड़के समझ गए कि भूत कुछ नहीं होता, यह सिर्फ वहम का नाम है । ( प्रकाशन विभाग के सौजन्य से) वीरकुमार अधीर सभी चित्र : अक्षत चराटे खाचा गरदन के लिए ] खेल कागज का [ र यहा आं पूछ के लिए छेद चल रे घोड़े टिक टिक... तुमने माचिस के खाली खोखे से कई खिलौने बनाए होंगे। आओ इन चित्रों को देखकर खाली खोखे, कार्डशीट तथा पुरानी ऊन आदि से घोड़ा बनाते हैं । किसी मोटे कागज़ या कार्डशीट पर घोड़े के सिर तथा पैरों की आकृतियां काट लो । चित्र में दिखाए स्थानों पर इनमें छेद कर लो। ध्यान रहे कि छेद माचिस की तीली की गोलाई से अधिक बड़े न हों। अब इन आकृतियों को माचिस के खोखे यानी घोड़े के धड़ में माचिस की तीलियों से जोड़ दो। पुरानी ऊन या जूट से छोटी सी पूंछ बनाओ और पूंछ के स्थान पर माचिस की तालियां लगा दो। चाहो तो धागे की लगाम बनाकर लगा दो। बस तुम्हारा घोड़ा तैयार!
एकाएक गायब हो गई। मैंने देखा उसकी जगह पर धूल-स् उड़ रही है। मुझे समझते देर न लगी कि यह भूत है। मैं तेजी से होस्टल की तरफ भागा।" लड़कों ने आतंकित हो उसकी ओर देखा। कुछ लड़के मुस्करा दिए । चंदू बोला, "भूत की सबसे आसान पहचान यह है कि उसके पांव उलटे होते हैं और वह प्रति क्षण अपना रूप बदलता रहता है। " मैंने कहा, "रूप बदलता है तो पांवों के उलटे होने से क्या मतलब? क्या पांव वैसे के वैसे ही रहते हैं?" इस पर सब लड़के हंस पड़े । चंदू ने फिर कहा, "बच्चू, अभी पाला नहीं पड़ा, तभी मज़ाक कर रहे हो । किसी दिन दबोच लिया, तब कहना ।" टिल्लू ने बात साफ की, "भाई, जिस समय भूत मनुष्य के रूप में आता है उस समय उसके पांव उलटे ही रहते "तो यों कहो न !" श्याम ने कहा । चंदू ने फिर कहा, "पिछले साल मैंने एक बार इमली के पेड़ पर चढ़े हुए अनिल के भूत को देखा । " "अच्छा!" एक लड़के के मुंह से आश्चर्य भरे स्वर अट्ठाईस निकले। सबकी आंखें फैल गईं, कान खड़े हो गए। कमरे में लालटेन का प्रकाश फैल रहा था और एक-एक कर आधे से अधिक लड़के अपने-अपने बिस्तरों पर जाकर सो गए थे। फिर कुछ देर में हम कुल नौ लड़के रह गए, जिनकी पलकें नींद से बोझिल हो गई थीं, मगर चंदू की बातों ने हम में अभी तक कुतूहल जगाया हुआ था । लालटेन की कांपती लौ में जब कमरे का अंधेरा कांपता तो एक अजीब-सी सनसनी दौड़ जाती हममें। रात की सांय-सांय में चंदू ने बताना आरंभ किया, "एक रात मैं चुपचाप होस्टल से बाहर निकल गया था। ठंडी हवा चल रही थी । दूर-दूर तक चट्टानों और घाटियों में चांदनी फैली हुई थी। मैंने सोचा, कुछ घूम ही लूं । मैं इमली के पेड़ के पास जा निकला । एकाएक इमली के पत्तों में सरसराहट - सी सुन कर मैंने सिर उठाया, तो जैसे मुझे काठ मार गया । थर-थर कांपने लगा । हिलूं तो हिला न जाए । क्या देखता हूं, कि एक बाहर को निकली डाल पर बैठा अनिल मुस्करा - मुस्करा कर मेरी ओर देख रहा है। उसके सफेद दांत चांदनी में बड़े भयानक लगे मुझे, फिर मेरी नजर उसके उलटे पांवों पर गई, तो मैं सिर पर पांव रख कर भागा और सीधे अपने बिस्तर पर आकर ही सांस ली। उस रात मैं सुबह तक न सोया । " हम चारों को ही उसकी बातों पर विश्वास करना पड़ रहा था । कैसे न करते, चंदू इस प्रकार बता रहा था कि विश्वास न करने का सवाल पैदा ही नहीं होता था, इसलिए हमने उस पर विश्वास कर लिया । मैंने पूछा, "तो अनिल ज्योमेट्री में बहुत तेज था?" चंदू बोला, "इतना तेज कि कई बार मास्टरजी को भी उसी से राय लेनी पड़ती थी। मगर था बहुत ही शैतान ।" "धीरे बोल, " श्याम ने कहा, "कहीं खिड़की के बाहर गड़ा सुन रहा होगा तो अभी सिर पर आ चढ़ेगा।" मैंने कहा, "यहां तो हम कितने सारे हैं। मिल कर कचूमर निकाल देंगे।" चंदू बोला, "रहने दो यार, भूत पर किसी का बस नहीं चलता । वह अपनी करनी पर उतर आए तो उसे कोई नहीं रोक सकता।" मैंने कहा, "अच्छा, हम तो तब मानेंगे, जब वह साध्य नम्बर छह भी इसी प्रकार कर डाले । " "उसे क्या मुश्किल?" रामू ने समझाया, " भूत तो गड़ा हुआ धन बता सकता है, भविष्य बता सकता है और सब कुछ बता सकता है।" मैंने कहा, "अच्छा, यह तो बताओ, वे बोर्ड पर खिंची रेखाएं टेढ़ी-मेढ़ी क्यों थी ?" चंदू बोला, "अंधेरे में लिखता है न! और यों भी भई, भूत के काम भूत ही जाने! पांव उलटे! चेहरा अजीब! रेखाओं में भी कुछ विचित्रता होगी ही!" कुछ रुक कर चंदू बोला, "भाई, मुझे नींद आ रही है । " अब ऐसा लगता था, जैसे सब अपनी-अपनी बातें समाप्त कर चुके थे और किसी के पास कहने को कुछ बाकी न रहा था, इसलिए सब के सब एक विचित्र - सा भय लिए हुए उठे और अपने-अपने बिस्तरों पर आ लेटे। चंदू भी चादर तान कर सो गया । अगले दिन जब हम 'क्लासरूम' में पहुंचे तो हमारे आश्चर्य का ठिकाना ही न रहा । 'ब्लैक बोर्ड' पर आड़ी-तिरछी रेखाओं में साध्य नम्बर छह समझाया हुआ था। लड़कों में फिर कानाफूसियां जोर पकड़ बैठीं और धीरे-धीरे सब एक जगह एकत्रित हो गए। मास्टरर्जी आए तो उन्हें भी सूचित किया गया कि अनिल का भृत साध्य नम्बर छह भी कर गया है। मास्टरजी ने भी बोर्ड की तरफ आश्चर्यचकित होकर देखा । कुछ देर वह सोच में पड़े रहे, फिर बोले, "अच्छा, हम तब जानें, जब अनिल का भृत 'पाइथागोरस' का थ्योरम भी हल कर जाए । " मास्टरजी की इस चुनौती पर सब लड़के खुश हुए। और अगले दिन अनिल के भूत का करिश्मा देखने के लिए मास्टरजी ने उस दिन की क्लास छोड़ दी। हम सब लड़के बातें करते हुए फिर अपने होस्टल में लौट आए। सभी बातों में उलझे हुए थे, मगर एक व्यग्रता सब के मन में जोर मार रही थी कि अनिल का भृत 'पाइथागोरस' की थ्योरम हल कर पाता है या नहीं। दरअसल हाई स्कूल में पाइथागोरस की थ्योरम सबसे ज्यादा मुश्किल मानी जाती है। वह लड़कों को किसी भूत से कम नज़र नहीं आती। अब भृत से भूत की लड़ाई होनी है। देखें, कौन जीतता है ? जैसे-तैसे करके रात हुई । आज लड़के कुछ अधिक देर तक जागे । अंत में जब सब की पलकें झपक गईं, तो एक खटका-सा हुआ, जिसे सुन कर मैं सोते सोते अपने बिस्तर से उठ खड़ा हुआ। मैंने उठ कर खिड़की से बाहर देखा, दूर अंधकार में एक छाया इमली के पेड़ की ओर से बढ़ रही थी और उसका रूख उसी 'क्लासरूम' की तरफ था । डर के मारे मेरे रोंगटे खड़े हो गए । मैंने झटपट पास ही लेटे टिल्लू को जगा दिया। "टिल्लू! भूत!" बहुत ही दबी आवाज में मैंने कहा । और टिल्लू जो शायद अभी तक पूरी तरह सो नहीं पाया था, भूत का नाम सुनते ही एकदम उठ बैठा। मैंने खिड़की की ओर इशारा किया और फिर खिड़की में से उसे भी, वह छाया दिखाई, हमारे देखते-देखते वह छाया 'क्लासरूम' में प्रवेश कर गई । मैंने कहा, "चल देखें ।" "ना भई!" टिल्लू बोला, "मुझे तो डर लगता है। औरों को भी जगा लें।" मैंने कहा, "ज्यादा लड़कों का शोर सुन कर भूत भाग जाएगा । दोनों छिप कर देखेंगे भृत को! मैं आगे चलता हूं, तू मेरे पीछे आ ।" इस पर टिल्लू तैयार हो गया तो मैंने संतोष की सांस ली। बहुत अर्से से भूत को देखने की जो प्रबल इच्छा मन में बनी हुई थी, आज पूरी होते देख कर मैं काफी खुश था, मगर भीतर-ही-भीतर एक भय मेरे मन में भी समाया हुआ मैं और टिल्लृ धीर-धीरे दबे पांव कमरे से बाहर निकल आए । अन्य विद्यार्थी गहरी नींद में सोए थे । हम दोनों थे तेजी से 'क्लासरूम' की ओर बढ़े और द्वार पर जाकर कान लगा दिए । टिल्लू मेरे पीछे खड़ा था । भीतर 'ब्लैक बोर्ड' पर खड़िया से जल्दी-जल्दी लिखने की खटपट आवाज़ आ रही थी । मैं बेहद डर गया। अब मुझे भी भृत पर विश्वास होने लगा। मैंने कहा, "टिल्लू भाग, अनिल का भूत 'पाइथागोरस' की थ्योरम कर रहा है।" और हम दोनों सिर पर पांव रख कर भागे और होस्टल के कमरे में आकर हांफते-हांफते एक ही बिस्तर में दुबक गए। हमें काफी देर तक नींद नहीं आई। अगले दिन क्लास में पहुंचे तो देखा, वहां मास्टरजी अपनी कुर्सी पर पहले से ही विराजमान थे। बोर्ड पर और दिनों की तरह उलटी-सीधी रेखाओं से 'पाइथागोरस' की थ्योरम भी की हुई है। जब सब लड़के क्लास में आ गए तो मास्टरजी ने उपस्थिति का रजिस्टर खोला और हाजिरी ली। हम व्यग्र थे कि वह कब रजिस्टर बंद करके अनिल के भूत से अपनी पराजय स्वीकार करते हैं। आखिरकार रजिस्टर भी बंद हुआ। वह अपनी कुर्सी से उठ खड़े हुए और उन्होंने बताया, "आज तुम्हें यह जानकर प्रसन्नता होगी कि रात अनिल का भूत पकड़ा गया।" हम सब आश्चर्यवश सीटों से एक-एक फुट ऊपर उछल पड़े। "कहां है?" सब लड़के एक स्वर में चिल्लाए । "वह," मास्टर जी ने चंदू की ओर इशारा किया । सब लड़के प्रश्नवाचक दृष्टि से चंदू की ओर देखने लगे। वह पिटा-सा, झेंपा-सा सिर नीचा किए बैठा था। ऐसा लगता था, जैसे मास्टर जी ने उसकी काफी मरम्मत कर दी हो । अंत में मास्टरजी ने पूरा भेद भी खोल दिया कि किस प्रकार चंदू रात को चुपचाप उठ कर थ्योरम कर जाया करता था। उन्होंने बताया कि उसके पास से एक टार्च और एक किताब मिली। उस किताब में ज्योमेट्री के वे सारे सवाल हल किए हुए हैं, जो दसवीं के कोर्स में आते हैं। मास्टरजी ने रात स्वयं छिप कर चंदू की सारी करतूतें देखी थीं । बाद में पता चला कि चंदू ने यह सारा नाटक इसलिए रचा था, जिससे इमली के पेड़ की पकी पकी इमली वह अकेला ही मजे में खा सके और अन्य सब विद्यार्थी डर के मारे उस पेड़ से दूर ही रहें । उस दिन से यह घटना चंदू की चिढ़ बन गई । लड़कों ने उसे ही 'अनिल का भूत' कहकर चिढ़ाना आरंभ कर दिया। अब सब लड़के समझ गए कि भूत कुछ नहीं होता, यह सिर्फ वहम का नाम है । वीरकुमार अधीर सभी चित्र : अक्षत चराटे खाचा गरदन के लिए ] खेल कागज का [ र यहा आं पूछ के लिए छेद चल रे घोड़े टिक टिक... तुमने माचिस के खाली खोखे से कई खिलौने बनाए होंगे। आओ इन चित्रों को देखकर खाली खोखे, कार्डशीट तथा पुरानी ऊन आदि से घोड़ा बनाते हैं । किसी मोटे कागज़ या कार्डशीट पर घोड़े के सिर तथा पैरों की आकृतियां काट लो । चित्र में दिखाए स्थानों पर इनमें छेद कर लो। ध्यान रहे कि छेद माचिस की तीली की गोलाई से अधिक बड़े न हों। अब इन आकृतियों को माचिस के खोखे यानी घोड़े के धड़ में माचिस की तीलियों से जोड़ दो। पुरानी ऊन या जूट से छोटी सी पूंछ बनाओ और पूंछ के स्थान पर माचिस की तालियां लगा दो। चाहो तो धागे की लगाम बनाकर लगा दो। बस तुम्हारा घोड़ा तैयार!
मांगें पूरी न होने के विरोध में करुणामूलक संघ की भूख हड़ताल शनिवार को 100वें दिन में प्रवेश कर गई। संघ के सदस्य पिछले सौ दिन लगातार क्रमिक हड़ताल पर डटे हैं। करूणामूलक संघ प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि यह प्रदेश का सबसे बड़ा धरना-प्रदर्शन है। वर्तमान सरकार अभी भी इन परिवारों की सुध लेने नहीं आई है। इन परिवारों ने शिमला में कालीबाड़ी मंदिर के रेन शेल्टर में 100 दिन पूरे किए। इन परिवारों ने सभी त्योहार नवरात्र, रक्षाबंधन, भैया दूज व दीपावली जो कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है इतने बड़े त्योहार इन परिवारों ने यहीं पर मना लिए। परंतु सरकार इन परिवारों को अनदेखा कर रही है। करूणामूलक आधार पर सरकारी नौकरियों को देने के मामलों पर अभी सरकार कोई अंतिम फैसला नही ले पाई है। जबकि सरकार के पास विभिन्न विभागों में 4500 से ज्यादा मामले है। प्रभावित परिवार करीब 15 साल से 20 सालों से नौकरियों का इंतजार कर रहें है। उन्होंने बताया कि कई विभागों में कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने के बाद आश्रित परिवार दर-दर की ठोंकरें खाने को मजबूर है। करूणामूलक आश्रितों का कहना है कि उनके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी नहीु करता है। इनके परिवारों की आर्थिक स्थिती अच्छी नही है।
मांगें पूरी न होने के विरोध में करुणामूलक संघ की भूख हड़ताल शनिवार को एक सौवें दिन में प्रवेश कर गई। संघ के सदस्य पिछले सौ दिन लगातार क्रमिक हड़ताल पर डटे हैं। करूणामूलक संघ प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि यह प्रदेश का सबसे बड़ा धरना-प्रदर्शन है। वर्तमान सरकार अभी भी इन परिवारों की सुध लेने नहीं आई है। इन परिवारों ने शिमला में कालीबाड़ी मंदिर के रेन शेल्टर में एक सौ दिन पूरे किए। इन परिवारों ने सभी त्योहार नवरात्र, रक्षाबंधन, भैया दूज व दीपावली जो कि बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है इतने बड़े त्योहार इन परिवारों ने यहीं पर मना लिए। परंतु सरकार इन परिवारों को अनदेखा कर रही है। करूणामूलक आधार पर सरकारी नौकरियों को देने के मामलों पर अभी सरकार कोई अंतिम फैसला नही ले पाई है। जबकि सरकार के पास विभिन्न विभागों में चार हज़ार पाँच सौ से ज्यादा मामले है। प्रभावित परिवार करीब पंद्रह साल से बीस सालों से नौकरियों का इंतजार कर रहें है। उन्होंने बताया कि कई विभागों में कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने के बाद आश्रित परिवार दर-दर की ठोंकरें खाने को मजबूर है। करूणामूलक आश्रितों का कहना है कि उनके परिवार में कोई भी सरकारी नौकरी नहीु करता है। इनके परिवारों की आर्थिक स्थिती अच्छी नही है।
में किसी तरह की कठिनाई हो तो "शाहाबाद क्लौथ ट्रोडिंग शॉप" के प्रबंधक श्री गोवर्द्धन दास से सहायता ले लें ।" प्रातः ही मैं सहसराम पहुँचकर प्रयोजन से कार्यक्रम की सफलता के प्रयास में लग गया । श्री गोवर्द्धन जी ने राजा साहब के जलपान के प्रबंध का भार ले लिया, साथ ही, उन्होंने एक माइक की भी व्यवस्था करा दी और सारे शहर में इस बात का प्रसारण होने लगा कि संध्या को इस शहर में हिन्दी के प्रसिद्ध शैलीकार एवं उपन्यास-लेखक राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह ग्रा रहे हैं। मैंने स्थानीय अनुमंडलाधिकारी एवं प्रखण्ड विकास अधिकारी से मिलकर शहर के सबसे बड़े हॉल यानी 'टाउन हॉल' का आरक्षण करा लिया। शहर के एवं विशेष कर परिषद् के अध्यक्ष - उपाध्यक्षों से यह आग्रह किया गया कि वे सुन्दरतम पुष्प मालाओं के साथ प्राएँ और हॉल के द्वार पर राजा साहब का स्वागत करें । सहसराम की साहित्यिक पृष्ठभूमि सुदृढ़ है । शेरशाह के तालाब के किनारे के क्लब का वह छोटा सा आश्रममा भवन अभी तक इस बात की याद दिलाता है कि जब राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह दिनकर सहसराम में उपरजिष्ट्रार के पद पर काम करते थे, तो उसी भवन के बरामदे में प्रत्येक संध्या उनकी कविताएँ सुनने के लिए स्थानीय साहित्य प्रेमियों की बैठक वहाँ जमा करती थी । राजा साहब ठीक ६ बजे टाउन हॉल के द्वार पर उपस्थित हो गथे, उनकी मुस्कुराती प्राकृति कभी भुलायी नहीं जा सकती। हॉल खचाखच भरा जा रहा था । लगता था कि राजा साहब के आने के बारे में बहुत दिन पहले से वहाँ प्रचार किया गया हो । १०-१५ मिनट के अन्दर सारे हाल में तिल धरने की जगह न रही । मंच पर भी एक से एक बड़े अधिकारी एवं साहित्य प्रेमी मौजूद थे । इस सभा के लिए एक भी निमंत्रण कार्ड न भेजा गया था । सिर्फ राजा साहब के नाम में इतना जादू था, लोग अपना समारोह समझकर दौड़ पड़े । उनके भाषण के पूर्व लगभग आधे घंटे तक स्थानीय कवियों द्वारा कविता-पाठ आदि का सरस कार्यक्रम चलता रहा । लगभग ७ बजे राजा साहब का भाषण प्रारम्भ हुआ- शैली का सम्राट् जब खड़ा हुआ और उसके स्वरों में हिन्दी के तत्सम, तद्भव, देशी एवं विदेशी शब्दों के साथ बिलकुल उपयुक्त-तम ढंग से उर्दू और अँगरेजी के अल्फाज श्रोताओं को आनन्दातिरेक से विभोर करने लगे तो भावविह्वल श्रोताओंों की तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल सतत गूंजता रहा है। राजा साहब का भाषण शुरू हुआ - "अब वह जमीं रही, न आ रहा । का राजा तो कभी का मर गया, हाँ, सूर्यपुरा निवासी कलम का राजा राधिकारमरण अभी भी आपकी सेवा में है । दोस्तो, कलम की सेवा करो । कलम से साधना करो". इस तरह के वाक्यों से वहाँ की जनता के मन में राजा साहब के प्रति जो अपार श्रद्धा जगी, उसे वे आज भी संजोए हुए हैं और उनके सामयिक निधन से उनका दिल भर उठा है । राजा साहब की उदारता एवं तत्परता के अनेक उदाहरण जो भी उनके समीप आया, उसके मस्तिष्क पटल पर निश्चय ही अंकित होंगे । किसी भी प्रयोजन के लिए उन्हें निमंत्रित कीजिए, राजा साहब से स्वीकृति प्राप्त करने में कोई विलंब नहीं होता था । इसके अलावा, पढ़ाई-लिखाई नौकरी - चाकरी आदि के संबंध में सहायता के लिए उनके पास आने-जाने वालों की संख्या रोज ही पर्याप्त होती थी । पत्र, द्रव्य, पुस्तकें एवं वस्रादि जो भी आवश्यक हो देकर वे सबको संतुष्ट करने का प्रयास करते थे । ऐसी महान विभूति को खोकर साहित्य जगत् एक अपूरणीय क्षति का अनुभव करता और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वह उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे । तुम किसी के होंठों पर मुस्कुराहट लाकर देखो, तुम्हारे दिल की पपड़ियाँ प खुल पड़ेंगी और उसके भीतर का धुआँ साफ उड़ जायगा ।
में किसी तरह की कठिनाई हो तो "शाहाबाद क्लौथ ट्रोडिंग शॉप" के प्रबंधक श्री गोवर्द्धन दास से सहायता ले लें ।" प्रातः ही मैं सहसराम पहुँचकर प्रयोजन से कार्यक्रम की सफलता के प्रयास में लग गया । श्री गोवर्द्धन जी ने राजा साहब के जलपान के प्रबंध का भार ले लिया, साथ ही, उन्होंने एक माइक की भी व्यवस्था करा दी और सारे शहर में इस बात का प्रसारण होने लगा कि संध्या को इस शहर में हिन्दी के प्रसिद्ध शैलीकार एवं उपन्यास-लेखक राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह ग्रा रहे हैं। मैंने स्थानीय अनुमंडलाधिकारी एवं प्रखण्ड विकास अधिकारी से मिलकर शहर के सबसे बड़े हॉल यानी 'टाउन हॉल' का आरक्षण करा लिया। शहर के एवं विशेष कर परिषद् के अध्यक्ष - उपाध्यक्षों से यह आग्रह किया गया कि वे सुन्दरतम पुष्प मालाओं के साथ प्राएँ और हॉल के द्वार पर राजा साहब का स्वागत करें । सहसराम की साहित्यिक पृष्ठभूमि सुदृढ़ है । शेरशाह के तालाब के किनारे के क्लब का वह छोटा सा आश्रममा भवन अभी तक इस बात की याद दिलाता है कि जब राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह दिनकर सहसराम में उपरजिष्ट्रार के पद पर काम करते थे, तो उसी भवन के बरामदे में प्रत्येक संध्या उनकी कविताएँ सुनने के लिए स्थानीय साहित्य प्रेमियों की बैठक वहाँ जमा करती थी । राजा साहब ठीक छः बजे टाउन हॉल के द्वार पर उपस्थित हो गथे, उनकी मुस्कुराती प्राकृति कभी भुलायी नहीं जा सकती। हॉल खचाखच भरा जा रहा था । लगता था कि राजा साहब के आने के बारे में बहुत दिन पहले से वहाँ प्रचार किया गया हो । दस-पंद्रह मिनट के अन्दर सारे हाल में तिल धरने की जगह न रही । मंच पर भी एक से एक बड़े अधिकारी एवं साहित्य प्रेमी मौजूद थे । इस सभा के लिए एक भी निमंत्रण कार्ड न भेजा गया था । सिर्फ राजा साहब के नाम में इतना जादू था, लोग अपना समारोह समझकर दौड़ पड़े । उनके भाषण के पूर्व लगभग आधे घंटे तक स्थानीय कवियों द्वारा कविता-पाठ आदि का सरस कार्यक्रम चलता रहा । लगभग सात बजे राजा साहब का भाषण प्रारम्भ हुआ- शैली का सम्राट् जब खड़ा हुआ और उसके स्वरों में हिन्दी के तत्सम, तद्भव, देशी एवं विदेशी शब्दों के साथ बिलकुल उपयुक्त-तम ढंग से उर्दू और अँगरेजी के अल्फाज श्रोताओं को आनन्दातिरेक से विभोर करने लगे तो भावविह्वल श्रोताओंों की तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल सतत गूंजता रहा है। राजा साहब का भाषण शुरू हुआ - "अब वह जमीं रही, न आ रहा । का राजा तो कभी का मर गया, हाँ, सूर्यपुरा निवासी कलम का राजा राधिकारमरण अभी भी आपकी सेवा में है । दोस्तो, कलम की सेवा करो । कलम से साधना करो". इस तरह के वाक्यों से वहाँ की जनता के मन में राजा साहब के प्रति जो अपार श्रद्धा जगी, उसे वे आज भी संजोए हुए हैं और उनके सामयिक निधन से उनका दिल भर उठा है । राजा साहब की उदारता एवं तत्परता के अनेक उदाहरण जो भी उनके समीप आया, उसके मस्तिष्क पटल पर निश्चय ही अंकित होंगे । किसी भी प्रयोजन के लिए उन्हें निमंत्रित कीजिए, राजा साहब से स्वीकृति प्राप्त करने में कोई विलंब नहीं होता था । इसके अलावा, पढ़ाई-लिखाई नौकरी - चाकरी आदि के संबंध में सहायता के लिए उनके पास आने-जाने वालों की संख्या रोज ही पर्याप्त होती थी । पत्र, द्रव्य, पुस्तकें एवं वस्रादि जो भी आवश्यक हो देकर वे सबको संतुष्ट करने का प्रयास करते थे । ऐसी महान विभूति को खोकर साहित्य जगत् एक अपूरणीय क्षति का अनुभव करता और ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वह उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे । तुम किसी के होंठों पर मुस्कुराहट लाकर देखो, तुम्हारे दिल की पपड़ियाँ प खुल पड़ेंगी और उसके भीतर का धुआँ साफ उड़ जायगा ।
Surya Grahan 2023 इस प्रकार का ग्रहण वर्ष 1923 के आसपास था और अलग 2031 और 2164 में देखने को मिलेगा। 20 अप्रैल सुबह सात बजकर पांच मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक सूर्य ग्रहण रहेगा। नई दिल्ली [वैभव तिवारी]। सौ वर्ष बाद हाइब्रिड सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल को लगेगा। इसमें ग्रहण के तीनों रूप देखने को मिलेंगे। जिसमें आंशिक, पूर्ण व वलयाकार ग्रहण लगेगा। इससे पहले इस प्रकार का ग्रहण वर्ष 1923 के आसपास था और अलग 2031 और 2164 में देखने को मिलेगा। 20 अप्रैल सुबह सात बजकर पांच मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक सूर्य ग्रहण रहेगा। देश में सूर्य ग्रहण का प्रभाव आंशिक रूप से रहेगा। वर्ष 2023 का यह पहला सूर्य ग्रहण है। दूसरा सूर्य ग्रहण 14 अक्टूबर शनिवार को लगेगा। पंडित डा. प्रकाश जोशी बताते हैं कि ग्रहण मेष राशि के अश्वनी नक्षत्र में लगेगा। मेष राशि के लोगों के लिए स्वास्थ्य की परेशानी रहेगी। वृषभ, सिंह, तुला व कुंभ राशि के लिए ग्रहण लाभकारी है। इसमें बेहतर आर्थिक स्थिति और पदोन्नति के योग हैं। मिथुन, कन्या, धनु और मीन के लिए सामान्य असर रहेगा। कर्क व मकर राशि के लिए यात्रा व स्थान परिवर्तन का शुभ योग है। उन्होंने कहा कि सूर्य ग्रहण की स्थिति तब बनती है जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा की स्थिति होती है। ऐसी स्थिति में सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता। ग्रहण का नाम निंगालू रखा गया है। ज्योतिष शास्त्र में सूतक काल को अशुभ माना गया है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं होता। सूर्य ग्रहण का सूतक काल सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है। हालांकि सूतक काल तभी मान्य होता है, जब ग्रहण दिखाई देता है। आज यानी गुरुवार (20 अप्रैल) को लगने वाला ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए यहां सूतक काल के समय मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे, साथ ही धार्मिक कार्य भी जारी रहेंगे। सूर्य ग्रहण के दिन ही वैशाख माह की अमावस्या भी मनाई जाएगी। ग्रहण के समय में खाने में तुलसी दल डाल दें। साथ ही शुभ कार्य से लोगों को एहतियात बरतना चाहिए। ग्रहण का रिंग आफ फायर दक्षिण पूर्व एशिया, आस्ट्रेलिया, भारतीय व प्रशांत महासागर के क्षेत्र में दिखाई देगा।
Surya Grahan दो हज़ार तेईस इस प्रकार का ग्रहण वर्ष एक हज़ार नौ सौ तेईस के आसपास था और अलग दो हज़ार इकतीस और दो हज़ार एक सौ चौंसठ में देखने को मिलेगा। बीस अप्रैल सुबह सात बजकर पांच मिनट से दोपहर बारह बजकर उनतीस मिनट तक सूर्य ग्रहण रहेगा। नई दिल्ली [वैभव तिवारी]। सौ वर्ष बाद हाइब्रिड सूर्य ग्रहण बीस अप्रैल को लगेगा। इसमें ग्रहण के तीनों रूप देखने को मिलेंगे। जिसमें आंशिक, पूर्ण व वलयाकार ग्रहण लगेगा। इससे पहले इस प्रकार का ग्रहण वर्ष एक हज़ार नौ सौ तेईस के आसपास था और अलग दो हज़ार इकतीस और दो हज़ार एक सौ चौंसठ में देखने को मिलेगा। बीस अप्रैल सुबह सात बजकर पांच मिनट से दोपहर बारह बजकर उनतीस मिनट तक सूर्य ग्रहण रहेगा। देश में सूर्य ग्रहण का प्रभाव आंशिक रूप से रहेगा। वर्ष दो हज़ार तेईस का यह पहला सूर्य ग्रहण है। दूसरा सूर्य ग्रहण चौदह अक्टूबर शनिवार को लगेगा। पंडित डा. प्रकाश जोशी बताते हैं कि ग्रहण मेष राशि के अश्वनी नक्षत्र में लगेगा। मेष राशि के लोगों के लिए स्वास्थ्य की परेशानी रहेगी। वृषभ, सिंह, तुला व कुंभ राशि के लिए ग्रहण लाभकारी है। इसमें बेहतर आर्थिक स्थिति और पदोन्नति के योग हैं। मिथुन, कन्या, धनु और मीन के लिए सामान्य असर रहेगा। कर्क व मकर राशि के लिए यात्रा व स्थान परिवर्तन का शुभ योग है। उन्होंने कहा कि सूर्य ग्रहण की स्थिति तब बनती है जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा की स्थिति होती है। ऐसी स्थिति में सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाता। ग्रहण का नाम निंगालू रखा गया है। ज्योतिष शास्त्र में सूतक काल को अशुभ माना गया है। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं होता। सूर्य ग्रहण का सूतक काल सूर्य ग्रहण से बारह घंटाटे पहले शुरू हो जाता है। हालांकि सूतक काल तभी मान्य होता है, जब ग्रहण दिखाई देता है। आज यानी गुरुवार को लगने वाला ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इसलिए यहां सूतक काल के समय मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे, साथ ही धार्मिक कार्य भी जारी रहेंगे। सूर्य ग्रहण के दिन ही वैशाख माह की अमावस्या भी मनाई जाएगी। ग्रहण के समय में खाने में तुलसी दल डाल दें। साथ ही शुभ कार्य से लोगों को एहतियात बरतना चाहिए। ग्रहण का रिंग आफ फायर दक्षिण पूर्व एशिया, आस्ट्रेलिया, भारतीय व प्रशांत महासागर के क्षेत्र में दिखाई देगा।
रायपुर. Cardiological Society of India की National Interventional Council की कॉन्फ्रेंस में देशभर में 1000 से ज्यादा जटिलता में सफलता के साथ कार्य प्रोसीजर के केसेस भेजे गए थे, जिसमें से मात्र 350 केस को गुणवत्ता और जटिलता के आधार पर प्रजेंट करने के लिए चयनित किया गया है. जिनमें से दो केस एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट मेडिकल कॉलेज रायपुर के हैं. जानकारी के अनुसार, यह कॉन्फ्रेंस हैदराबाद के नोवोटल कन्वेंशन सेंटर में 29 तारीख से 2 तारीख तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देश भर के इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट अपने अपने जटिलता से भरे केस प्रस्तुत करेंगे और उन पर गहन चर्चा होगी.
रायपुर. Cardiological Society of India की National Interventional Council की कॉन्फ्रेंस में देशभर में एक हज़ार से ज्यादा जटिलता में सफलता के साथ कार्य प्रोसीजर के केसेस भेजे गए थे, जिसमें से मात्र तीन सौ पचास केस को गुणवत्ता और जटिलता के आधार पर प्रजेंट करने के लिए चयनित किया गया है. जिनमें से दो केस एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट मेडिकल कॉलेज रायपुर के हैं. जानकारी के अनुसार, यह कॉन्फ्रेंस हैदराबाद के नोवोटल कन्वेंशन सेंटर में उनतीस तारीख से दो तारीख तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देश भर के इंटरवेंशन कार्डियोलॉजिस्ट अपने अपने जटिलता से भरे केस प्रस्तुत करेंगे और उन पर गहन चर्चा होगी.
टीवी की मशहूर अभिनेत्री श्वेता तिवारी की तबीयत कुछ सही नहीं चल रही, जिस वजह से उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। दरअसल बिजी शेड्यूल और लगातार काम-ट्रैवल करने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गयी है। श्वेता को लो ब्लड प्रेशर और कमजोरी के चलते अस्पताल में एडमिट होना पड़ा। वहीं एक्ट्रेस की तबीयत की खबर सुन उनके चाहने वाले चिंता जाता रहे हैं और वह श्वेता के लिए जल्द सेहतमंद होने की कामना कर रहे हैं। इस दौरान एक्ट्रेस के एक्स पति अभिनव कोहली ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक ओर जहां श्वेता के एक्स-हसबैंड अभिनव कोहली ने इंस्टाग्राम पर श्वेता की तबीयत ठीक होने की प्रार्थना की है। उन्होंने लिखा, मेरे और मेरे लड़के की आपस में मिलने और साथ रहने के हक की लड़ाई अपनी जगह है और कोर्ट में चल रही है, लेकिन भगवान श्वेता जल्दी से ठीक कर दे। वहीं दूसरी तरफ अभिनव ने पोस्ट में श्वेता पर निशाना साधते हुए लिखा, एक्टर्स बेचारे आप सबके सामने सबसे सुंदर बनने के चक्कर में और आप सबका और ज्यादा प्यार पाने के लिए जरूरत से ज्यादा बॉडी बनाते रहते हैं, कम से कम खाना खाते रहते हैं और फिर एक दिन उनका दिल थक जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक श्वेता का चेकअप होने के बाद रिपोर्ट में कमजोरी और ब्लड प्रेशर की शिकायत सामने आई है। लेकिन एक्ट्रेस की तरफ से इन रिपोर्ट्स कोई पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि उनकी टीम की तरफ से बताया गया है कि श्वेता रिकवर हो रही हैं और जल्द घर लौटेंगी। बताते चले श्वेता की पहली शादी राजा चौधरी के साथ हुई शादी के कुछ सालों बाद उनका तलाक हो गया था। राजा से श्वेता की एक बेटी भी है जिसका नाम पलक है। वहीं इसके बाद एक्ट्रेस अपनी लाइफ में आगे बड़ी और उन्होंने अभिनव कोहली संग शादी रचाई, लेकिन श्वेता की यह शादी भी सफल नहीं रही और अभिनव और श्वेता साल 2019 में एक दूसरे से अलग हो गए। इस एक्स कपल का एक बेटा, रेयांश है। फिलहाल इन दोनों के अलग होने के बाद इनके बेटे रेयांश की कस्टडी को लेकर कोर्ट में लड़ाई चल रही है।
टीवी की मशहूर अभिनेत्री श्वेता तिवारी की तबीयत कुछ सही नहीं चल रही, जिस वजह से उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। दरअसल बिजी शेड्यूल और लगातार काम-ट्रैवल करने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गयी है। श्वेता को लो ब्लड प्रेशर और कमजोरी के चलते अस्पताल में एडमिट होना पड़ा। वहीं एक्ट्रेस की तबीयत की खबर सुन उनके चाहने वाले चिंता जाता रहे हैं और वह श्वेता के लिए जल्द सेहतमंद होने की कामना कर रहे हैं। इस दौरान एक्ट्रेस के एक्स पति अभिनव कोहली ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक ओर जहां श्वेता के एक्स-हसबैंड अभिनव कोहली ने इंस्टाग्राम पर श्वेता की तबीयत ठीक होने की प्रार्थना की है। उन्होंने लिखा, मेरे और मेरे लड़के की आपस में मिलने और साथ रहने के हक की लड़ाई अपनी जगह है और कोर्ट में चल रही है, लेकिन भगवान श्वेता जल्दी से ठीक कर दे। वहीं दूसरी तरफ अभिनव ने पोस्ट में श्वेता पर निशाना साधते हुए लिखा, एक्टर्स बेचारे आप सबके सामने सबसे सुंदर बनने के चक्कर में और आप सबका और ज्यादा प्यार पाने के लिए जरूरत से ज्यादा बॉडी बनाते रहते हैं, कम से कम खाना खाते रहते हैं और फिर एक दिन उनका दिल थक जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक श्वेता का चेकअप होने के बाद रिपोर्ट में कमजोरी और ब्लड प्रेशर की शिकायत सामने आई है। लेकिन एक्ट्रेस की तरफ से इन रिपोर्ट्स कोई पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि उनकी टीम की तरफ से बताया गया है कि श्वेता रिकवर हो रही हैं और जल्द घर लौटेंगी। बताते चले श्वेता की पहली शादी राजा चौधरी के साथ हुई शादी के कुछ सालों बाद उनका तलाक हो गया था। राजा से श्वेता की एक बेटी भी है जिसका नाम पलक है। वहीं इसके बाद एक्ट्रेस अपनी लाइफ में आगे बड़ी और उन्होंने अभिनव कोहली संग शादी रचाई, लेकिन श्वेता की यह शादी भी सफल नहीं रही और अभिनव और श्वेता साल दो हज़ार उन्नीस में एक दूसरे से अलग हो गए। इस एक्स कपल का एक बेटा, रेयांश है। फिलहाल इन दोनों के अलग होने के बाद इनके बेटे रेयांश की कस्टडी को लेकर कोर्ट में लड़ाई चल रही है।
PATNA : बिहार के डीजीपी एस के सिंघल अचानक आज पटना के दीघा थाना में पहुँच गए। जिसके बाद थाने में हड़कंप मच गया। इस मौके पर डीजीपी एस के सिंघल के साथ एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार,आईजी मुख्यालय गणेश कुमार सहित कई आला अधिकारी ने थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान डीजीपी सिंघल सहित आलाधिकारियों ने काफी देर तक दीघा थाना प्रभारी के साथ बातचीत की। वही मीटिंग खत्म कर वापसी के दौरान डीजीपी ने बताया की ये हमलोगों का औचक निरीक्षण है। जिसमे थानों द्वारा किये जा रहे कार्यों की पूरी जानकारी ली गई है। वहीँ डीजीपी संजीव कुमार सिंघल ने कहा की पटना में नए थानेदारो की पोस्टिंग हुई है। उन्हें भी हिदायत दी गई है। शिकायत मिलने पर थानेदारो पर भी कार्रवाई होगी। पटना जिला में रहना है तो पेंडिंग केसों का जल्द निपटारा करें। ऐसे में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए डीजीपी ने साफ़ लफ्जो में कहा की थानों में लापरवाही बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान थानाध्यक्षो को कड़े टास्क देने की बातें भी बताई गई है। ताकि क्राइम कंट्रोल करने में मदद मिल सके। वही चिन्हित अपराधियों पर नकेल कसा जा सके। इसका भी निर्देश दिया गया है।
PATNA : बिहार के डीजीपी एस के सिंघल अचानक आज पटना के दीघा थाना में पहुँच गए। जिसके बाद थाने में हड़कंप मच गया। इस मौके पर डीजीपी एस के सिंघल के साथ एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार,आईजी मुख्यालय गणेश कुमार सहित कई आला अधिकारी ने थाने का निरीक्षण किया। इस दौरान डीजीपी सिंघल सहित आलाधिकारियों ने काफी देर तक दीघा थाना प्रभारी के साथ बातचीत की। वही मीटिंग खत्म कर वापसी के दौरान डीजीपी ने बताया की ये हमलोगों का औचक निरीक्षण है। जिसमे थानों द्वारा किये जा रहे कार्यों की पूरी जानकारी ली गई है। वहीँ डीजीपी संजीव कुमार सिंघल ने कहा की पटना में नए थानेदारो की पोस्टिंग हुई है। उन्हें भी हिदायत दी गई है। शिकायत मिलने पर थानेदारो पर भी कार्रवाई होगी। पटना जिला में रहना है तो पेंडिंग केसों का जल्द निपटारा करें। ऐसे में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए डीजीपी ने साफ़ लफ्जो में कहा की थानों में लापरवाही बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान थानाध्यक्षो को कड़े टास्क देने की बातें भी बताई गई है। ताकि क्राइम कंट्रोल करने में मदद मिल सके। वही चिन्हित अपराधियों पर नकेल कसा जा सके। इसका भी निर्देश दिया गया है।
मुंबई। बॉलीवुड में ललिता पवार को एक ऐसी अभिनेत्री के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने खलनायिका के तौर पर दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। ललिता पंवार का जन्म 18 अप्रेल 1916 को नासिक में हुआ था। ललिता पवार ने अपने अभिनय जीवन की शुरूआत महज 09 साल की उम्र में शुरू कर दी। ललिता पवार को अपने शुरूआती दौर में 18 रुपए प्रति महीना वेतन मिला था। ललिता पवार ने इसके बाद कई फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम किया है, लेकिन आज भी वह घर-घर में रामायण की मंथरा के नाम से जानी जाती हैं। वर्ष 1942 में फिल्म जंग-ए-आजादी के सीन के दौरान नए एक्टर मास्टर भगवान ने गलती से उन्हें इतनी जोर से थप्पड़ मार दिया कि उन्हें फेशियल पैरालाइसिस (लकवा) हो गया और उनकी बायीं आंख पर जबरदस्त चोट आई। तीन साल के इलाज के बाद वह ठीक हुई, लेकिन उनकी आंख में थोड़ी खराबी रह गई। इसके चलते उन्होंने लीड रोल छोड़कर कैरेक्टर रोल्स की तरफ स्विच किया। ललिता को अपने बाद के काम के लिए ज्यादा पहचान मिली। वह फिल्मों में खलनायिका खास कर की बुरी सास के रूप में जानी जाने लगी।
मुंबई। बॉलीवुड में ललिता पवार को एक ऐसी अभिनेत्री के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने खलनायिका के तौर पर दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई। ललिता पंवार का जन्म अट्ठारह अप्रेल एक हज़ार नौ सौ सोलह को नासिक में हुआ था। ललिता पवार ने अपने अभिनय जीवन की शुरूआत महज नौ साल की उम्र में शुरू कर दी। ललिता पवार को अपने शुरूआती दौर में अट्ठारह रुपयापए प्रति महीना वेतन मिला था। ललिता पवार ने इसके बाद कई फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम किया है, लेकिन आज भी वह घर-घर में रामायण की मंथरा के नाम से जानी जाती हैं। वर्ष एक हज़ार नौ सौ बयालीस में फिल्म जंग-ए-आजादी के सीन के दौरान नए एक्टर मास्टर भगवान ने गलती से उन्हें इतनी जोर से थप्पड़ मार दिया कि उन्हें फेशियल पैरालाइसिस हो गया और उनकी बायीं आंख पर जबरदस्त चोट आई। तीन साल के इलाज के बाद वह ठीक हुई, लेकिन उनकी आंख में थोड़ी खराबी रह गई। इसके चलते उन्होंने लीड रोल छोड़कर कैरेक्टर रोल्स की तरफ स्विच किया। ललिता को अपने बाद के काम के लिए ज्यादा पहचान मिली। वह फिल्मों में खलनायिका खास कर की बुरी सास के रूप में जानी जाने लगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा "मैंने पहले भी कई बार कहा था कि ये देवबंद आतंक की गंगोत्री है." उन्होंने कहा "ये नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि यह गजवा-ए-हिंद के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. गजवा-ए-हिंद को भारत में लाकर मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहते हैं. दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मंगलवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने अब देवबंद को आतंक की गंगोत्री बता दिया है. उन्होंने कहा कि दारूल उलूम में हिंदुस्तान को मुस्लिम देश बनाने की साजिश की जाती है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, देवबंद के देवीकुंड में महाकालेश्वर ज्ञान मंदिर आश्रम पहुंचे थे. उन्होंने स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में जो भी बड़े-बड़े आतंकवादी पैदा हुए उनका ताल्लुक देवबंद से है. उन्होंने हाफिज सईद का ताल्लुक भी देवबंद से बता दिया. गिरिराज सिंह ने शाहीन बाग पर बोलते हुए कहा था कि शाहीन बाग ये अब सिर्फ आंदोलन नहीं रह गया है, यहां आत्मघाती हमलावरों का जत्था बनाया जा रहा है. उन्होंने शाहीन बाग में प्रदर्शन को देश के खिलाफ साजिश करार दिया था. यह देश में खिलाफत आंदोलन कर रहे हैं. शाहीन बाग में शरजील इमाम जैसा पढ़ा-लिखा शख्स कह रहा है कि हम भारत से असम को काट देंगे, फिर इनको मजबूर कर देंगे और इस्लामिक स्टेट बनाएंगे. गिरिराज सिंह ने ये भी कहा कि CAA के विरोध के नाम पर बच्चों और महिलाओं में नफरत का जहर भरा जा रहा है. उनके इस बयान का विरोध हो रहा है. पूरे दारूल उलूम को आतंक की गंगोत्री कहे जाने पर उनसे माफी की मांग उठ रही है. दारूल उलूम, देवबंद भारत का सबसे बड़ा इस्लामिक स्कूल है. दूसरी ओर बीजेपी प्रवक्ता अनिला सिंह ने गिरिराज सिंह के इस बयान पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान की निंदा होनी चाहिए. अनिला सिंह ने कहा कि ये पार्टी की ऑफिशियल लाइन नहीं है. ज़मीयत उलेमा हिंद के महासचिव शब्बीर मज़ाहिरी ने कहा कि इस तरह के बयान इस्लामिक इजारे को बदनाम कर रहे हैं. इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. देश को जोड़ने की जरूरत है ना कि तोड़ने की. सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए. उन्होंने सरकार पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा कि अगर आतंकवादी गतिविधियां हो रही हैं तो सरकार क्या कर रही है?
केंद्रीय मंत्री ने कहा "मैंने पहले भी कई बार कहा था कि ये देवबंद आतंक की गंगोत्री है." उन्होंने कहा "ये नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि यह गजवा-ए-हिंद के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं. गजवा-ए-हिंद को भारत में लाकर मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहते हैं. दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मंगलवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है. उन्होंने अब देवबंद को आतंक की गंगोत्री बता दिया है. उन्होंने कहा कि दारूल उलूम में हिंदुस्तान को मुस्लिम देश बनाने की साजिश की जाती है. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, देवबंद के देवीकुंड में महाकालेश्वर ज्ञान मंदिर आश्रम पहुंचे थे. उन्होंने स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में जो भी बड़े-बड़े आतंकवादी पैदा हुए उनका ताल्लुक देवबंद से है. उन्होंने हाफिज सईद का ताल्लुक भी देवबंद से बता दिया. गिरिराज सिंह ने शाहीन बाग पर बोलते हुए कहा था कि शाहीन बाग ये अब सिर्फ आंदोलन नहीं रह गया है, यहां आत्मघाती हमलावरों का जत्था बनाया जा रहा है. उन्होंने शाहीन बाग में प्रदर्शन को देश के खिलाफ साजिश करार दिया था. यह देश में खिलाफत आंदोलन कर रहे हैं. शाहीन बाग में शरजील इमाम जैसा पढ़ा-लिखा शख्स कह रहा है कि हम भारत से असम को काट देंगे, फिर इनको मजबूर कर देंगे और इस्लामिक स्टेट बनाएंगे. गिरिराज सिंह ने ये भी कहा कि CAA के विरोध के नाम पर बच्चों और महिलाओं में नफरत का जहर भरा जा रहा है. उनके इस बयान का विरोध हो रहा है. पूरे दारूल उलूम को आतंक की गंगोत्री कहे जाने पर उनसे माफी की मांग उठ रही है. दारूल उलूम, देवबंद भारत का सबसे बड़ा इस्लामिक स्कूल है. दूसरी ओर बीजेपी प्रवक्ता अनिला सिंह ने गिरिराज सिंह के इस बयान पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान की निंदा होनी चाहिए. अनिला सिंह ने कहा कि ये पार्टी की ऑफिशियल लाइन नहीं है. ज़मीयत उलेमा हिंद के महासचिव शब्बीर मज़ाहिरी ने कहा कि इस तरह के बयान इस्लामिक इजारे को बदनाम कर रहे हैं. इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. देश को जोड़ने की जरूरत है ना कि तोड़ने की. सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए. उन्होंने सरकार पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा कि अगर आतंकवादी गतिविधियां हो रही हैं तो सरकार क्या कर रही है?
रायपुर/ कमीशनखोरी का विरोध करने पर अम्बिकापुर में कांग्रेस नेता और मुड़ेसा के पूर्व सरपंच रामलोचन यादव की हत्या की कांग्रेस ने कड़ी निंदा किया है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सचिव सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत किये जाने के दस दिन के अंदर रामलोचन यादव की हत्या कर दी गयी। यह घटना साबित करती है कि राज्य में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार करने वालो का हौसला बहुत बढ़ चुका है। भ्रष्टाचारी अपने खिलाफ उठने वाली किसी भी आवाज को बर्दास्त नहीं करना चाहते । छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र संक्रमण काल मे चल रहा। कमीशनखोरी पर मुख्यमंत्री की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति के बाद विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा करने के दूसरे ही दिन प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ,उनकी वृद्ध मां और पत्नी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। बस्तर में सक्रिय प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री जो बुर्कापाल मुठभेड़ की जांच करने गए दल के सदस्य थे, पर दबाव बनाने न सिर्फ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया उनपर रासुका लगा दिया गया। पांच हजार का इनाम घोषित कर दिया गया । प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल के राज्य महामंत्री से ऐसा क्या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया, जो उन्हें निरुद्ध करने की जरूरत पड़ रही है । राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था चाक चैबंद करने की मांग लेकर लोकतांत्रिक तरीके से मंत्री के निवास के समक्ष प्रदर्शन करने जा रहे शहर कांग्रेस अध्यक्ष और पार्षदों के खिलाफ बलवा का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। प्रजातांत्रिक ढंग से शांतिपूर्ण आंदोलन कब से बलवा जैसे संगीन जुर्म की श्रेणी में आ गए। पीडीएस के चावल में कमीशन खोरी की शिकायत का विरोध करने पर धमतरी के जिला कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल में डाल दिया गया था। दो महीने बाद वे अदालत से जमानत पर छूटे । छत्तीसगढ़ में विपक्ष और आम आदमी को सरकार के समक्ष अपनी मांग रखने का अधिकार छीना जा रहा है । राज्य की भाजपा सरकार अपना लोकतांत्रिक चरित्र खो चुकी है वह निरंकुश, तानाशाह और असहिष्णु बन गयी है । लगातार तीन बार भाजपा सरकार की वापसी के कारण सरकार में बैठे हुए लोग अहंकारी और नौकर शाह अराजक हो गए है।
रायपुर/ कमीशनखोरी का विरोध करने पर अम्बिकापुर में कांग्रेस नेता और मुड़ेसा के पूर्व सरपंच रामलोचन यादव की हत्या की कांग्रेस ने कड़ी निंदा किया है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया सचिव सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत किये जाने के दस दिन के अंदर रामलोचन यादव की हत्या कर दी गयी। यह घटना साबित करती है कि राज्य में भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार करने वालो का हौसला बहुत बढ़ चुका है। भ्रष्टाचारी अपने खिलाफ उठने वाली किसी भी आवाज को बर्दास्त नहीं करना चाहते । छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र संक्रमण काल मे चल रहा। कमीशनखोरी पर मुख्यमंत्री की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति के बाद विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा करने के दूसरे ही दिन प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ,उनकी वृद्ध मां और पत्नी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। बस्तर में सक्रिय प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री जो बुर्कापाल मुठभेड़ की जांच करने गए दल के सदस्य थे, पर दबाव बनाने न सिर्फ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया उनपर रासुका लगा दिया गया। पांच हजार का इनाम घोषित कर दिया गया । प्रदेश के प्रमुख विपक्षी दल के राज्य महामंत्री से ऐसा क्या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया, जो उन्हें निरुद्ध करने की जरूरत पड़ रही है । राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था चाक चैबंद करने की मांग लेकर लोकतांत्रिक तरीके से मंत्री के निवास के समक्ष प्रदर्शन करने जा रहे शहर कांग्रेस अध्यक्ष और पार्षदों के खिलाफ बलवा का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। प्रजातांत्रिक ढंग से शांतिपूर्ण आंदोलन कब से बलवा जैसे संगीन जुर्म की श्रेणी में आ गए। पीडीएस के चावल में कमीशन खोरी की शिकायत का विरोध करने पर धमतरी के जिला कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल में डाल दिया गया था। दो महीने बाद वे अदालत से जमानत पर छूटे । छत्तीसगढ़ में विपक्ष और आम आदमी को सरकार के समक्ष अपनी मांग रखने का अधिकार छीना जा रहा है । राज्य की भाजपा सरकार अपना लोकतांत्रिक चरित्र खो चुकी है वह निरंकुश, तानाशाह और असहिष्णु बन गयी है । लगातार तीन बार भाजपा सरकार की वापसी के कारण सरकार में बैठे हुए लोग अहंकारी और नौकर शाह अराजक हो गए है।
द फास्ट एंड द फ्यूरियसः टोक्यो ड्रिफ्ट (जापान में इसे के रूप में भी जाना जाता है) 2006 में जस्टिन लिन द्वारा निर्देशित द फास्ट एंड द फ्यूरियस कड़ी की तीसरी (समयक्रम में चौथी) फिल्म है। इस फिल्म में पिछली दो फिल्मों की तुलना में बिलकुल नया अभिनेता वर्ग तथा पृष्ठभूमि (टोक्यो, जापान) दिखाए गए हैं। इस फिल्म की शूटिंग टोक्यो में हुई तथा इसके कुछ भाग लॉस एंजेल्स में शूट किये गए जिनको बाद में अवलंब एवं प्रकाश तकनीकों से टोक्यो जैसा दिखाया गया। इस फिल्म में पॉल वाकर नहीं हैं, उनके स्थान पर विन डीज़ल ने डोमिनिक टोरेटो की भूमिका निभाई है। . 7 संबंधोंः टोक्यो, एरीजोना, लॉस एंजेलिस, सॅन फ्रेन्सिस्को क्रॉनिकल, जापान, अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी नौसेना। टोक्यो (जापानीः 東京, उच्चारणः तोउक्योउ) जापान की राजधानी और सबसे बड़ा नगर है। यह जापान के होन्शू द्वीप पर बसा हुआ है और इसकी जनसंख्या लगभग ८६ लाख है, जबकि टोक्यो क्षेत्र में १.२८ करोड़ और उपनगरीय क्षेत्रों को मिलाकर यहाँ अनुमानित ३.७ करोड़ लोग रहते हैं जो इसे दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला महानगरीय क्षेत्र बनाता है। टोक्यो लगभग ८० किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से भी विश्व का सबसे बड़ा नगरीय क्षेत्र है। टोक्यो को अक्सर एक शहर के रूप में जाना जाता हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर यह "महानगरीय प्रान्त" के रूप में जाना जाता हैं। टोक्यो महानगरीय प्रशासन, टोक्यो के 23 विशेष वार्डों (प्रत्येक वार्ड़ एक अलग शहर के रूप में शासित) का संचालन करती हैं। महानगरीय सरकार, प्रान्त के पश्चिमी भाग और दो बाहरी द्वीप श्रृंखलाएं के 39 नगरपालिका का भी प्रशासन करती हैं। विशेष वार्ड की आबादी 90 लाख मिलाकर, प्रान्त की कुल जनसंख्या 130 लाख से अधिक हैं। यह प्रान्त दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले महानगरीय क्षेत्र का हिस्सा है, जिसमें 37.8 मिलियन लोग और विश्व के सबसे बड़े शहरी ढांचे की अर्थव्यवस्था शामिल हैं। शहर की 51 कंपनी, फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों में आती हैं, जोकि दुनिया के किसी भी शहर की सबसे बड़ी संख्या हैं। अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र विकास सूचकांक में टोक्यो का तीसरा स्थान हैं। यह शहर फ़ुजी टीवी, टोक्यो एमएक्स, टीवी टोक्यो, टीवी असाही, निप्पॉन टेलीविजन, एनएचके और टोक्यो ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम जैसे विभिन्न टेलीविजन नेटवर्कों का घर भी हैं। ग्लोबल इकनॉमिक पावर इंडेक्स में टोक्यो पहले स्थान पर और ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में चौथा स्थान पर हैं। जीएडब्ल्युसी की 2008 की सूची में इसे वैश्विक शहर बताया गया और 2014 में ट्रिपएडवियर्स के विश्व शहर सर्वेक्षण, टोक्यो को सबसे "सर्वश्रेष्ठ समग्र अनुभव" के रूप में सूचीबद्ध किया गया। मर्सर कंसल्टेंसी फर्म और अर्थशास्त्री इंटेलिजेंस यूनिट के क्रय शक्ति के आधार पर, 2015 में टोक्यो को 11वें सबसे महंगे शहर के रूप में स्थान दिया गया था। 2015 में, टोक्यो को मोनोकले पत्रिका द्वारा दुनिया में सर्वाधिक जीवंत शहर कहा गया।. thumbnail एरीजोना (Arizona) संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिणपश्चिमी हिस्से में स्थित राज्य है। इसका सबसे बड़ा शहर और राजधानी फ़िनक्स है। दूसरा सबसे बड़ा राज्य टक्सन है और उसके बाद फ़िनक्स के महानगर क्षेत्र स्थित शहर मेसा, ग्लेनडेल, चंदलर और स्कोत्ट्सडेल है। एरीजोना संयुक्त राज्यों में शामिल होने वाला ४८व राज्य था जिसे की इसमें १४ फरबरी १९१२ को समिलित किया गया। इसी दिन इस राज्य की देश में माने जाने वाली भूमि की वर्षागाठ भी थी। एरीजोना अपने रेगिस्तानी मौसम, भयंकर गर्मी और हल्की ठंड के लिए जाना जाता है। पर राज्य के उच्च इलाकों में बहुत पहाड़ व जंगल है, इसी कारण वहाँ का मौसम अन्य राज्य के मुकाबले ठंडा रहता है। जुलाई १ २००६ के अनुसार एरीजोना देश में आबादी के हिसाब से सबसे तेजी से बढ़ता राज्य है। इससे पहले यह दर्जा नेवादा के पास था। राज्य का एक-चौथाई इलाका मूल अमेरिकी आदिवासी के लिये संरक्षित है। राज्य की आधिकरिक भाषा अँग्रेजी है जिसे बोलने वाले जनसंख्या के 74 प्रतिशत है। स्पेनी 19.5 प्रतिशत द्वारा बोली जाती है। 2015 में राज्य की आबादी 68,28,065 अनुमानित की गई है। जिस हिसाब से उसका अमेरिकी राज्यों में 14वां स्थान है। Image:Tree, Canyon de Chelly, Apache County AZ.jpg Image:Sedona Arizona-27527-4.jpg Image:Lockett Meadow, 1996.jpg श्रेणीःसंयुक्त राज्य अमेरिका के राज्य. सिटी हॉल लॉस एंजेल्स अमरीका के कैलिफोर्निया प्रांत का सबसे बडा शहर एवं पूरे देश का दूसरा सबसे बडा शहर है। शहर को अक्सर बोलचाल में एल ए, कहा जाता है एवं इसकी अनुमानित जनसंख्या ३.८ मिलियन एवं क्षेत्रफल ४६९.१ वर्गमील (१,२१४.९ वर्ग किमी) है। यदि इसमें ग्रेटर लॉस एंजेल्स की आबादी शामिल की जाए तो इसकी आबादी लगभग १२.९ मिलियन हो जाती है जिनमें पूरी दुनिया से आए लोग शामिल हैं एवं २२४ अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं। लॉस एंजेल्स शहर लॉस एंजेल्स काउंटी क प्रशासनिक मुख्यालय भी है एवं जो अमरीका में अत्यंत सघन बसा हुआ एवं काफी विविधता वाला काउंटी है। इस काउंटी में रहने वालों को "एंजीलियंस" कहकर संबोधित किया जाता है। लॉस एंजेल्स की स्थापना १७८१ में स्पैनिश गवर्नर फेलिपे दे नेवे द्वारा की गयी थी। स्पेन से आजाद होने के बाद यह शहर १८२१ में मेक्सिको का हिस्सा बना एवं १८४८ में मेक्सिकन अमरीकी युद्ध के समाप्त होने के बाद, अमरीका एवं मेक्सिको के बीच हुई एक संधि के तहत अमरीका द्वारा खरीद लिया गया। १८५० में कैलिफोर्निया के पूर्ण राज्य घोषित होने से पांच महीने पूर्व ४ अप्रैल को इसे नगर निगम का दर्जा भी हासिल हुआ। आज लॉस एंजेल्स पूरी दुनिया के संस्कृति, तकनीक, मीडिया, व्यापार के क्षेत्र में एक प्रमुख शहर के रूप में स्थापित है। . यह् एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र है । . जापान, एशिया महाद्वीप में स्थित देश है। जापान चार बड़े और अनेक छोटे द्वीपों का एक समूह है। ये द्वीप एशिया के पूर्व समुद्रतट, यानि प्रशांत महासागर में स्थित हैं। इसके निकटतम पड़ोसी चीन, कोरिया तथा रूस हैं। जापान में वहाँ का मूल निवासियों की जनसंख्या ९८.५% है। बाकी 0.5% कोरियाई, 0.4 % चाइनीज़ तथा 0.6% अन्य लोग है। जापानी अपने देश को निप्पॉन कहते हैं, जिसका मतलब सूर्योदय है। जापान की राजधानी टोक्यो है और उसके अन्य बड़े महानगर योकोहामा, ओसाका और क्योटो हैं। बौद्ध धर्म देश का प्रमुख धर्म है और जापान की जनसंख्या में 96% बौद्ध अनुयायी है। . एक अमेरिकी डॉलर का नोट अमेरिकी डॉलर संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय मुद्रा है। एक डॉलर में सौ सेंट होते हैं। पचास सेंट के सिक्के को आधा डॉलर कहा जाता है। पच्चीस सेंट के सिक्के को क्वार्टर कहते हैं। दस सेंट का सिक्का डाइम कहलाता है और पाँच सेंट के सिक्के को निकॅल कहते हैं। एक सेंट को पैनी के नाम से पुकारा जाता है। डॉलर के नोट १,५,१०,२०,५० और १०० डॉलर में मिलते है। . अमरीकी नौसेना (USN) या यू.एस-नेवी संयुक्त राज्य की नौसेना शाखा है। यह विश्व की सबसे बड़ी नौसेना है। .
द फास्ट एंड द फ्यूरियसः टोक्यो ड्रिफ्ट दो हज़ार छः में जस्टिन लिन द्वारा निर्देशित द फास्ट एंड द फ्यूरियस कड़ी की तीसरी फिल्म है। इस फिल्म में पिछली दो फिल्मों की तुलना में बिलकुल नया अभिनेता वर्ग तथा पृष्ठभूमि दिखाए गए हैं। इस फिल्म की शूटिंग टोक्यो में हुई तथा इसके कुछ भाग लॉस एंजेल्स में शूट किये गए जिनको बाद में अवलंब एवं प्रकाश तकनीकों से टोक्यो जैसा दिखाया गया। इस फिल्म में पॉल वाकर नहीं हैं, उनके स्थान पर विन डीज़ल ने डोमिनिक टोरेटो की भूमिका निभाई है। . सात संबंधोंः टोक्यो, एरीजोना, लॉस एंजेलिस, सॅन फ्रेन्सिस्को क्रॉनिकल, जापान, अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी नौसेना। टोक्यो जापान की राजधानी और सबसे बड़ा नगर है। यह जापान के होन्शू द्वीप पर बसा हुआ है और इसकी जनसंख्या लगभग छियासी लाख है, जबकि टोक्यो क्षेत्र में एक.अट्ठाईस करोड़ और उपनगरीय क्षेत्रों को मिलाकर यहाँ अनुमानित तीन.सात करोड़ लोग रहते हैं जो इसे दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला महानगरीय क्षेत्र बनाता है। टोक्यो लगभग अस्सी किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है और यह क्षेत्रफल की दृष्टि से भी विश्व का सबसे बड़ा नगरीय क्षेत्र है। टोक्यो को अक्सर एक शहर के रूप में जाना जाता हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर यह "महानगरीय प्रान्त" के रूप में जाना जाता हैं। टोक्यो महानगरीय प्रशासन, टोक्यो के तेईस विशेष वार्डों का संचालन करती हैं। महानगरीय सरकार, प्रान्त के पश्चिमी भाग और दो बाहरी द्वीप श्रृंखलाएं के उनतालीस नगरपालिका का भी प्रशासन करती हैं। विशेष वार्ड की आबादी नब्बे लाख मिलाकर, प्रान्त की कुल जनसंख्या एक सौ तीस लाख से अधिक हैं। यह प्रान्त दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले महानगरीय क्षेत्र का हिस्सा है, जिसमें सैंतीस.आठ मिलियन लोग और विश्व के सबसे बड़े शहरी ढांचे की अर्थव्यवस्था शामिल हैं। शहर की इक्यावन कंपनी, फॉर्च्यून ग्लोबल पाँच सौ कंपनियों में आती हैं, जोकि दुनिया के किसी भी शहर की सबसे बड़ी संख्या हैं। अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय केंद्र विकास सूचकांक में टोक्यो का तीसरा स्थान हैं। यह शहर फ़ुजी टीवी, टोक्यो एमएक्स, टीवी टोक्यो, टीवी असाही, निप्पॉन टेलीविजन, एनएचके और टोक्यो ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम जैसे विभिन्न टेलीविजन नेटवर्कों का घर भी हैं। ग्लोबल इकनॉमिक पावर इंडेक्स में टोक्यो पहले स्थान पर और ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में चौथा स्थान पर हैं। जीएडब्ल्युसी की दो हज़ार आठ की सूची में इसे वैश्विक शहर बताया गया और दो हज़ार चौदह में ट्रिपएडवियर्स के विश्व शहर सर्वेक्षण, टोक्यो को सबसे "सर्वश्रेष्ठ समग्र अनुभव" के रूप में सूचीबद्ध किया गया। मर्सर कंसल्टेंसी फर्म और अर्थशास्त्री इंटेलिजेंस यूनिट के क्रय शक्ति के आधार पर, दो हज़ार पंद्रह में टोक्यो को ग्यारहवें सबसे महंगे शहर के रूप में स्थान दिया गया था। दो हज़ार पंद्रह में, टोक्यो को मोनोकले पत्रिका द्वारा दुनिया में सर्वाधिक जीवंत शहर कहा गया।. thumbnail एरीजोना संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिणपश्चिमी हिस्से में स्थित राज्य है। इसका सबसे बड़ा शहर और राजधानी फ़िनक्स है। दूसरा सबसे बड़ा राज्य टक्सन है और उसके बाद फ़िनक्स के महानगर क्षेत्र स्थित शहर मेसा, ग्लेनडेल, चंदलर और स्कोत्ट्सडेल है। एरीजोना संयुक्त राज्यों में शामिल होने वाला अड़तालीसव राज्य था जिसे की इसमें चौदह फरबरी एक हज़ार नौ सौ बारह को समिलित किया गया। इसी दिन इस राज्य की देश में माने जाने वाली भूमि की वर्षागाठ भी थी। एरीजोना अपने रेगिस्तानी मौसम, भयंकर गर्मी और हल्की ठंड के लिए जाना जाता है। पर राज्य के उच्च इलाकों में बहुत पहाड़ व जंगल है, इसी कारण वहाँ का मौसम अन्य राज्य के मुकाबले ठंडा रहता है। जुलाई एक दो हज़ार छः के अनुसार एरीजोना देश में आबादी के हिसाब से सबसे तेजी से बढ़ता राज्य है। इससे पहले यह दर्जा नेवादा के पास था। राज्य का एक-चौथाई इलाका मूल अमेरिकी आदिवासी के लिये संरक्षित है। राज्य की आधिकरिक भाषा अँग्रेजी है जिसे बोलने वाले जनसंख्या के चौहत्तर प्रतिशत है। स्पेनी उन्नीस.पाँच प्रतिशत द्वारा बोली जाती है। दो हज़ार पंद्रह में राज्य की आबादी अड़सठ,अट्ठाईस,पैंसठ अनुमानित की गई है। जिस हिसाब से उसका अमेरिकी राज्यों में चौदहवां स्थान है। Image:Tree, Canyon de Chelly, Apache County AZ.jpg Image:Sedona Arizona-सत्ताईस हज़ार पाँच सौ सत्ताईस-चार.jpg Image:Lockett Meadow, एक हज़ार नौ सौ छियानवे.jpg श्रेणीःसंयुक्त राज्य अमेरिका के राज्य. सिटी हॉल लॉस एंजेल्स अमरीका के कैलिफोर्निया प्रांत का सबसे बडा शहर एवं पूरे देश का दूसरा सबसे बडा शहर है। शहर को अक्सर बोलचाल में एल ए, कहा जाता है एवं इसकी अनुमानित जनसंख्या तीन.आठ मिलियन एवं क्षेत्रफल चार सौ उनहत्तर.एक वर्गमील है। यदि इसमें ग्रेटर लॉस एंजेल्स की आबादी शामिल की जाए तो इसकी आबादी लगभग बारह.नौ मिलियन हो जाती है जिनमें पूरी दुनिया से आए लोग शामिल हैं एवं दो सौ चौबीस अलग-अलग भाषाएं बोलते हैं। लॉस एंजेल्स शहर लॉस एंजेल्स काउंटी क प्रशासनिक मुख्यालय भी है एवं जो अमरीका में अत्यंत सघन बसा हुआ एवं काफी विविधता वाला काउंटी है। इस काउंटी में रहने वालों को "एंजीलियंस" कहकर संबोधित किया जाता है। लॉस एंजेल्स की स्थापना एक हज़ार सात सौ इक्यासी में स्पैनिश गवर्नर फेलिपे दे नेवे द्वारा की गयी थी। स्पेन से आजाद होने के बाद यह शहर एक हज़ार आठ सौ इक्कीस में मेक्सिको का हिस्सा बना एवं एक हज़ार आठ सौ अड़तालीस में मेक्सिकन अमरीकी युद्ध के समाप्त होने के बाद, अमरीका एवं मेक्सिको के बीच हुई एक संधि के तहत अमरीका द्वारा खरीद लिया गया। एक हज़ार आठ सौ पचास में कैलिफोर्निया के पूर्ण राज्य घोषित होने से पांच महीने पूर्व चार अप्रैल को इसे नगर निगम का दर्जा भी हासिल हुआ। आज लॉस एंजेल्स पूरी दुनिया के संस्कृति, तकनीक, मीडिया, व्यापार के क्षेत्र में एक प्रमुख शहर के रूप में स्थापित है। . यह् एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र है । . जापान, एशिया महाद्वीप में स्थित देश है। जापान चार बड़े और अनेक छोटे द्वीपों का एक समूह है। ये द्वीप एशिया के पूर्व समुद्रतट, यानि प्रशांत महासागर में स्थित हैं। इसके निकटतम पड़ोसी चीन, कोरिया तथा रूस हैं। जापान में वहाँ का मूल निवासियों की जनसंख्या अट्ठानवे.पाँच% है। बाकी शून्य.पाँच% कोरियाई, शून्य.चार % चाइनीज़ तथा शून्य.छः% अन्य लोग है। जापानी अपने देश को निप्पॉन कहते हैं, जिसका मतलब सूर्योदय है। जापान की राजधानी टोक्यो है और उसके अन्य बड़े महानगर योकोहामा, ओसाका और क्योटो हैं। बौद्ध धर्म देश का प्रमुख धर्म है और जापान की जनसंख्या में छियानवे% बौद्ध अनुयायी है। . एक अमेरिकी डॉलर का नोट अमेरिकी डॉलर संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय मुद्रा है। एक डॉलर में सौ सेंट होते हैं। पचास सेंट के सिक्के को आधा डॉलर कहा जाता है। पच्चीस सेंट के सिक्के को क्वार्टर कहते हैं। दस सेंट का सिक्का डाइम कहलाता है और पाँच सेंट के सिक्के को निकॅल कहते हैं। एक सेंट को पैनी के नाम से पुकारा जाता है। डॉलर के नोट एक,पाँच,दस,बीस,पचास और एक सौ डॉलर में मिलते है। . अमरीकी नौसेना या यू.एस-नेवी संयुक्त राज्य की नौसेना शाखा है। यह विश्व की सबसे बड़ी नौसेना है। .
नेपानगर (नईदुनिया न्यूज)। एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने रुपये देने से मना किया तो शराबी और आदतन अपराधी युवक ने महिला के गुप्तांग में सरिया मार दिया तथा राड से भी मारपीट की। जिससे महिला को कांच भी लग गए। काफी खून बहने लगा। मामला नेपानगर के वार्ड क्रमांक 14 भातखेड़ा का है। आदतन अपराधी शुभम उर्फ गोलू पुत्र मोती ने वार्ड की एक बुजुर्ग महिला के घर में जबरन घुसकर रुपये की मांग की। नहीं देने पर युवक ने महिला से मारपीट की। आरोपित ने महिला को सरिया मार दिया। साथ ही राड से भी हमला किया। जिससे महिला को कांच भी लग गए। काफी खून बहने लगा। परिजन उसे बुरहानपुर जिला अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। वहीं आरोपित पर सख्त कार्रवाई के लिए गुरुवार दोपहर बाद रहवासियों ने नेपानगर पहुंचकर थाने का घेराव किया। इस दौरान पुलिस और रहवासियों के बीच काफी देर तक बहसबाजी भी हुई। पुलिस से की गई शिकायत में 60 वर्षीय पीड़ित महिला ने कहा कि वह दोपहर 12 बजे घर के सामने खाट पर लेटी थी। तभी शुभम ने आकर जबरदस्ती मारपीट कर सरिया मार दिया। साथ ही गंदी गालियां भी दी। उसने कहा कि शुभम आदतन अपराधी प्रवृत्ति का है। वह चोरियां करता है। उसके खिलाफ नेपानगर थाने में चोरी के प्रकरण भी दर्ज हैं। वह बुजुर्ग महिलाओं से पेंशन का पैसा छीनता है। नहीं देने पर विवाद करता है। आरोपित पर सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर भातखेड़ा के रहवासी नेपानगर थाने में जमा हो गए। करीब आधे घंटे हंगामा किया। थाने पहुंचे वार्ड के शंकर चौहान ने बताया कि शुभम पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसने गांव और नेपानगर में कईं बार चोरी की है, लेकिन किसी ने भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। जिसके कारण उसके हौंसले बुलंद हो गए हैं। वह आए दिन लोगों से विवाद करता है। धमकी देता है कि उसकी शिकायत की तो देख लेगा। नेपानगर थाना प्रभारी एचएल चौहान ने कहा कि घटना कल की है। आरोपित ने महिला से पैसे मांगे। उसने नहीं दिए तो नाजुक जगह पर सरिया मार दिया। जिससे खून बहने लगा। हमें घटना का पता चला तो यहां से प्रधान आरक्षक को अस्पताल भेजा गया। पता चला कि महिला बुरहानपुर में भर्ती है तो वहां जाकर प्रधान आरक्षक ने बयान लेकर जीरो पर कायमी कर यहां प्रकरण भेजा है। आरोपित को राउंड अप कर लिया गया है। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
नेपानगर । एक साठ वर्षीय बुजुर्ग महिला ने रुपये देने से मना किया तो शराबी और आदतन अपराधी युवक ने महिला के गुप्तांग में सरिया मार दिया तथा राड से भी मारपीट की। जिससे महिला को कांच भी लग गए। काफी खून बहने लगा। मामला नेपानगर के वार्ड क्रमांक चौदह भातखेड़ा का है। आदतन अपराधी शुभम उर्फ गोलू पुत्र मोती ने वार्ड की एक बुजुर्ग महिला के घर में जबरन घुसकर रुपये की मांग की। नहीं देने पर युवक ने महिला से मारपीट की। आरोपित ने महिला को सरिया मार दिया। साथ ही राड से भी हमला किया। जिससे महिला को कांच भी लग गए। काफी खून बहने लगा। परिजन उसे बुरहानपुर जिला अस्पताल में उपचार के लिए ले गए। वहीं आरोपित पर सख्त कार्रवाई के लिए गुरुवार दोपहर बाद रहवासियों ने नेपानगर पहुंचकर थाने का घेराव किया। इस दौरान पुलिस और रहवासियों के बीच काफी देर तक बहसबाजी भी हुई। पुलिस से की गई शिकायत में साठ वर्षीय पीड़ित महिला ने कहा कि वह दोपहर बारह बजे घर के सामने खाट पर लेटी थी। तभी शुभम ने आकर जबरदस्ती मारपीट कर सरिया मार दिया। साथ ही गंदी गालियां भी दी। उसने कहा कि शुभम आदतन अपराधी प्रवृत्ति का है। वह चोरियां करता है। उसके खिलाफ नेपानगर थाने में चोरी के प्रकरण भी दर्ज हैं। वह बुजुर्ग महिलाओं से पेंशन का पैसा छीनता है। नहीं देने पर विवाद करता है। आरोपित पर सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर भातखेड़ा के रहवासी नेपानगर थाने में जमा हो गए। करीब आधे घंटे हंगामा किया। थाने पहुंचे वार्ड के शंकर चौहान ने बताया कि शुभम पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसने गांव और नेपानगर में कईं बार चोरी की है, लेकिन किसी ने भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की। जिसके कारण उसके हौंसले बुलंद हो गए हैं। वह आए दिन लोगों से विवाद करता है। धमकी देता है कि उसकी शिकायत की तो देख लेगा। नेपानगर थाना प्रभारी एचएल चौहान ने कहा कि घटना कल की है। आरोपित ने महिला से पैसे मांगे। उसने नहीं दिए तो नाजुक जगह पर सरिया मार दिया। जिससे खून बहने लगा। हमें घटना का पता चला तो यहां से प्रधान आरक्षक को अस्पताल भेजा गया। पता चला कि महिला बुरहानपुर में भर्ती है तो वहां जाकर प्रधान आरक्षक ने बयान लेकर जीरो पर कायमी कर यहां प्रकरण भेजा है। आरोपित को राउंड अप कर लिया गया है। उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूजः माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला को भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण मिला है। वह अगले साल जनवरी में भारत आने की योजना बना रहे हैं। भारत में समावेशी विकास को सशक्त बनाने में डिजिटल प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा करने के लिए नडेला ने सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूत टीवी नागेंद्र प्रसाद से मुलाकात की। मुलाकात के बाद नडेला ने एक बयान में बताया , "हम ऐतिहासिक आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी बदलाव के दौर में जी रहे हैं। " उन्होंने और भी बताया, "अगले दशक को डिजिटल तकनीक से परिभाषित किया जाएगा। भारतीय उद्योग और हर आकार के संगठन कम लागत में अधिक करने में मदद करने के लिए प्रौद्योगिकी की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे अंततः अधिक नवाचार और फ्लेक्सिबिलिटी आएगी। "
स्टाफ रिपोर्टर, एएनएम न्यूजः माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला को भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण मिला है। वह अगले साल जनवरी में भारत आने की योजना बना रहे हैं। भारत में समावेशी विकास को सशक्त बनाने में डिजिटल प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा करने के लिए नडेला ने सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूत टीवी नागेंद्र प्रसाद से मुलाकात की। मुलाकात के बाद नडेला ने एक बयान में बताया , "हम ऐतिहासिक आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी बदलाव के दौर में जी रहे हैं। " उन्होंने और भी बताया, "अगले दशक को डिजिटल तकनीक से परिभाषित किया जाएगा। भारतीय उद्योग और हर आकार के संगठन कम लागत में अधिक करने में मदद करने के लिए प्रौद्योगिकी की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे अंततः अधिक नवाचार और फ्लेक्सिबिलिटी आएगी। "
हेल्थ डेस्कः ज्योतिष शास्त्र की बात करें तो बहुत दिनों के बाद विष्कुम्भ योग का निर्माण हो रहा हैं। इस योग के निर्माण होने से कुछ राशियों की किस्मत फूल की तरह खिल सकती हैं तथा उनके जीवन में अच्छे दिनों की शुरूआत हो सकती हैं। इसी विषय में ज्योतिष शास्त्र के द्वारा जानने की कोशिश करेंगे की वो कौन सी राशि हैं जिस राशि के लोगों की किस्मत विष्कुम्भ योग के असर से फूल की तरह खिल सकती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से। मेष और तुला राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष और तुला राशि वाले लोगों की कुंडली में बहुत दिनों के बाद विष्कुम्भ योग का निर्माण हो रहा हैं। जिसके कारण इस राशि वाले लोगों की किस्मत फूल की तरह खिल सकती हैं तथा इनके जीवन में खुशियों की बरसात हो सकती हैं। साथ ही साथ इनकी सभी मनोकामना पूरी हो सकती हैं। किस्मत के साथ से इन्हे मनचाहा प्यार भी मिल सकता हैं तथा कैरियर के छेत्र में तरक्की हो सकती हैं। इनके दैनिक जीवन पर हनुमान जी मेहरबान रहेंगे। सिंह और मिथुन राशि, इस राशि वाले लोगों की कुंडली के सप्तम भाव में विष्कुम्भ योग का निर्माण हो रहा हैं। जिससे इनकी किस्मत फूल की तरह खिल सकती हैं। इन्हे हर काम में किस्मत का भरपूर साथ मिल सकता हैं। इनके जीवन की हर खुशियां दोगुनी हो सकती हैं। प्रेमी प्रेमिका के जीवन में आने वाली परेशानियां दूर हो सकती हैं। ये लोग एक सफल और रोमांटिक लव लाइफ को एन्जॉय कर सकते हैं। इन्हे कई स्रोतों से धनलाभ भी हो सकता हैं। हनुमान जी की कृपा इन पर सदैव बनी रहेगी। मकर और वृष राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर और वृष राशि वाले लोगों की किस्मत फूल की तरह खिल सकती हैं। क्यों की इस राशि वाले लोगों की कुंडली में एक मजबूत विष्कुम्भ योग का निर्माण हो रहा हैं। जिससे इनके सारे सपने साकार हो सकते हैं। कैरियर और प्यार के छेत्र में इन्हे किस्मत का भरपूर साथ मिल सकता हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती हैं। ये लोग कर्ज से मुक्त हो सकते हैं। इनके जीवन पर सकारात्मक शक्तियों का असर हो सकता हैं। हनुमान जी को याद करना इनके लिए फलदायक साबित हो सकता हैं।
हेल्थ डेस्कः ज्योतिष शास्त्र की बात करें तो बहुत दिनों के बाद विष्कुम्भ योग का निर्माण हो रहा हैं। इस योग के निर्माण होने से कुछ राशियों की किस्मत फूल की तरह खिल सकती हैं तथा उनके जीवन में अच्छे दिनों की शुरूआत हो सकती हैं। इसी विषय में ज्योतिष शास्त्र के द्वारा जानने की कोशिश करेंगे की वो कौन सी राशि हैं जिस राशि के लोगों की किस्मत विष्कुम्भ योग के असर से फूल की तरह खिल सकती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से। मेष और तुला राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मेष और तुला राशि वाले लोगों की कुंडली में बहुत दिनों के बाद विष्कुम्भ योग का निर्माण हो रहा हैं। जिसके कारण इस राशि वाले लोगों की किस्मत फूल की तरह खिल सकती हैं तथा इनके जीवन में खुशियों की बरसात हो सकती हैं। साथ ही साथ इनकी सभी मनोकामना पूरी हो सकती हैं। किस्मत के साथ से इन्हे मनचाहा प्यार भी मिल सकता हैं तथा कैरियर के छेत्र में तरक्की हो सकती हैं। इनके दैनिक जीवन पर हनुमान जी मेहरबान रहेंगे। सिंह और मिथुन राशि, इस राशि वाले लोगों की कुंडली के सप्तम भाव में विष्कुम्भ योग का निर्माण हो रहा हैं। जिससे इनकी किस्मत फूल की तरह खिल सकती हैं। इन्हे हर काम में किस्मत का भरपूर साथ मिल सकता हैं। इनके जीवन की हर खुशियां दोगुनी हो सकती हैं। प्रेमी प्रेमिका के जीवन में आने वाली परेशानियां दूर हो सकती हैं। ये लोग एक सफल और रोमांटिक लव लाइफ को एन्जॉय कर सकते हैं। इन्हे कई स्रोतों से धनलाभ भी हो सकता हैं। हनुमान जी की कृपा इन पर सदैव बनी रहेगी। मकर और वृष राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर और वृष राशि वाले लोगों की किस्मत फूल की तरह खिल सकती हैं। क्यों की इस राशि वाले लोगों की कुंडली में एक मजबूत विष्कुम्भ योग का निर्माण हो रहा हैं। जिससे इनके सारे सपने साकार हो सकते हैं। कैरियर और प्यार के छेत्र में इन्हे किस्मत का भरपूर साथ मिल सकता हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती हैं। ये लोग कर्ज से मुक्त हो सकते हैं। इनके जीवन पर सकारात्मक शक्तियों का असर हो सकता हैं। हनुमान जी को याद करना इनके लिए फलदायक साबित हो सकता हैं।
जयपुर के श्री पं० भगवान दास जैन उन चुने हुए विद्वानों में से हैं, जिन्होंने भारतीय स्थापत्य और वास्तु शिल्प के अध्ययन में विशेष परिश्रम किया है । सन् १९३६ में ठक्कुरफेरु विरचित 'वास्तु - सारप्रकरण' नामक वास्तु संबंधी महत्वपूर्ण प्राकृत ग्रन्थ को मूल हिन्दी भाषान्तर और अनेक चित्रों के साथ उन्होंने प्रकाशित किया था। उस ग्रन्थ को देखते ही मुझे निश्चय हो गया कि पं० भगवान् दास ने परम्परागत भारतीय शिल्प के पारिभाषिक शब्दों को ठीक प्रकार समझा है और उन पारिभाषाओं के आधार पर वे मध्य कालीन शिल्प-ग्रन्थों के सम्पादन और व्याख्यान के सर्वथा अधिकारी विद्वान् हैं। शिल्प शास्त्र के अनुसार निर्मित मन्दिरों या देव प्रासादों के वास्तु की भी वे बहुत अच्छी व्याख्या कर सकते हैं, इसका अनुभव मुझे तब हुम्रा जब कई वर्ष पूर्व उन्हें साथ लेकर में आमेर के भव्य मन्दिरों को देखने गया और वहां पण्डितजी ने प्रासाद के उत्सेध या उदय संबंधी भिन्न भिन्न भागों का प्राचीन शब्दावली के साथ विवेचन किया । इस प्रकार की योग्यता रखने वाले विद्वान् इस समय विरल ही हैं। भारतीय शिल्प - शास्त्र के जो अनेक ग्रन्थ विद्यमान हैं उनकी प्राचीन शब्दावली से मिलाकर अद्यावधि विद्यमान मंदिरों के वास्तु-शिल्प की व्याख्या, यह एक अत्यन्त आवश्यक कार्य है । जिस की पूर्ति वर्तमान समय में भारतीय स्थापत्य के सुस्पष्ट अध्ययन के लिये आवश्यक है । श्री पं० भगवान दास जैन इस ओर अग्रसर है, इसका महत्वपूर्ण प्रमाण उनका ऊपर किया हुआ। 'प्रासाद- मण्डन' का वर्तमान गुजराती अनुवाद है। इसमें मूल ग्रन्थ के साथ गुजराजी व्याख्या और अनेक टिप्पणियां दी गई हैं और साथ में विषय को स्पष्ट करने के लिए अनेकवि भी मुद्रित है । 'सूत्रधार मंडन' के विषय में हमें निश्चित जानकारी प्राप्त होती है। वे चित्तौड़ के राणा कुंभकर्ण या कुम्भा ( १४३३-१४६८ ई० ) राज्यकाल में हुए राणा कुम्भा ने अपने राज्य में अनेक प्रकार से संस्कृति का संवर्धन किया। संगीत की उन्नति के लिए उन्होंने प्रत्यन्त विशाल संगीत-राज' ग्रंथ का प्रपन किया। सौभाग्य से यह ग्रन्थ सुरक्षित है और इस समय हिन्दू विश्व विद्यालय की ओर से इसका मुद्रा हो रहा है। राणा कुम्भा ने कवि जयदेव के गीत गोविन्द पर स्वयं एक उत्तम टीका लिखी। उन्होंने ही चित्तौड़ में सुप्रसिद्ध कीर्तिस्तंभ का निर्माण कराया। उनके राज्य में कई प्रसिद्ध शिल्पी थे। उनके द्वारा राणा ने अनेक वास्तु और स्थापत्य के कार्य संगदित कराए । 'कीर्तिस्तम्भ के निर्माण का कार्य सूत्रधार 'जइता' और उसके दो पुत्र सूत्रधार नापा और पूजा ने १४४२ से १४४८ तक के समय में पूरा किया । इस कार्य में उसके दो अन्य पुत्र पामा और बलराज भी उसके सहायक थे । राणा कुंभा के अन्य प्रसिद्ध राजकीय स्थपति सूत्रधार मण्डन हुए। वे संस्कृत भाषा के भी अच्छे विद्वान् थे। उन्होंने निम्न लिखित शिल्प ग्रन्थों की संस्कृत में रचना की प्रासाद मण्डन, वास्तु मण्डन, रूप मण्डन, राज-बल्लभ मण्डन, देवता मूर्ति प्रकरण, रूपावतार, वास्तुसार, वास्तु शास्त्र । राजवल्लभ ग्रन्थ में उन्होंने अपने संरक्षक सम्राट् राणा कुंभा का इस प्रकार गौरव के साथ उल्लेख किया है १ - श्री रत्नचन्द्र अग्रवाल, १५ वीं शती में मेवाड़ के कुछ प्रसिद्ध सूत्रधार और स्थपति सम्राट् (Some Famous Soulptors & Architects of Mewar --- 15th century A. D. ) इन्डियन हिस्टॉरिकल क्वार्टरली, भाग ३३, अंक ४ दिसम्बर १९५७ पृ० ३२१ - ३३४ मेद्रपाटे नृपकुभक-स्तदंघ्रिराजीवपरागसेवी । समण्डनारूपो भुवि सूत्रधारस्तेनोद्ध तो भूपतिवल्लभोऽयम् ।" { १४-४३ ) रूपमण्डन ग्रन्थ में सूत्रधार मण्डन ने अपने विषय में लिखा है"श्रीमद्देशे मेदपाटाभिधाने क्षेत्राख्योऽभूत् सूत्रधारो वरिष्ठः पुत्री ज्येष्ठो मण्डनस्तस्य तेन प्रोक्त शास्त्रं मण्डनं रूपपूर्वम् । " इससे ज्ञात होता है कि भराडन के पिता का नाम सूत्रधार क्षेत्र था । इन्हें ही ग्रन्य लेखों में क्षेत्राक भी कहा गया है। क्षेत्राक का एक दूसरा पुत्र सूत्रधार नाथ भी था जिसने 'वास्तु मंजरी' नामक ग्रंथ की रचना की। सूत्रधार मण्डन का ज्येष्ठ पुत्र सूत्रधार गोविन्द और छोटा पुत्र सूत्रधार ईश्वर था। सूत्रधार गोविन्द ने तीन ग्रन्थों की रचना की - उद्धार धोरणि कलानिधि और द्वारदीपिका । कलानिधि ग्रन्थ में उसने अपने विषय में संरक्षक राणा श्री राजमल्ल ( राय मल्ल ) के विषय में लिखा है"सूत्रधारः सदाचारः कलाधारः कलानिधिः । दण्डाधारः सुरागारः श्रिये गोविन्दया दिशत् ।। राज्ञा श्री राजमल्ल (न) प्रीतस्यामि (ति) मनोहरे । प्रणम्यमाने प्रासादे गोविन्दः संव्यधादिदम् ।। " (विक्र. सं १५५४ ) राणा कुंभा की पुत्री रमा बाई का एक लेख (विक्रम सं. १५५४) जावर से प्राप्त हुआ है जिसमें क्षेत्राक के पौत्र और सूत्रधार मण्डन के पुत्र ईश्वर ने कमठारणा बनाने का उल्लेख है - "श्री मेदवाटे वरे देशे कुम्भकर नृपगृहे क्षेत्राकसूत्रधारस्य पुत्रो मण्डन आत्मवान् सूत्रधारमण्डन सुत ईशरए कमठार विरचितं । " ईश्वर ने जावर में विष्णु के मन्दिर का निर्माण किया था । इसी ईश्वर का पुत्र सूत्रधार छोतर था जिसका उल्लेख विक्रम सं. १५५६ (१४६६ ई.) के चितौड़ से प्राप्त एक लेख में प्राया है । यह राणा रायमल के समय में उनका राजकीय स्थपति था। इससे विदित होता है कि राणा कुंभा के बाद भी सूत्रधार मण्डन के वंशज राजकीय शिल्पियों के रूप में कार्य करते रहे। उन्होंने ही उदयपुर के प्रसिद्ध जगदीश मंदिर और उदयपुर से चालीस मील दूर कांकरौली में बने हुए राज समुद्र सागर का निर्माण किया । राणा कुंभा के राज्य काल में राणकपुर में सूत्रधार देपाक ने विक्रम सं. १४६६ (१४३६ ई.) में सुप्रसिद्ध जैन मन्दिर का निर्माण किया। कुंभा की पुत्री रमा बाई ने कुभलगढ़ में दामोदर मंदिर के निर्माण के लिये सूत्रधार रामा को नियुक्त किया। सूत्रधार मण्डन को राणा कुंभा का पूरा विश्वास प्राप्त था। उन्होंने कुभलगढ़ के प्रसिद्ध दुर्ग की वास्तु कल्पना और निर्माण का कार्य सूत्रधार मण्डन को सं. १५१५ (१४५८ ई.) में सौंपा । यह प्रसिद्ध दुर्ग श्राज भी अधिकांश में सुरक्षित है और मण्डन की प्रतिभा का साक्षी है । उदयपुर : से १४ मील दूर एकलिंग जी नामक भगवान् शिव का सुप्रसिद्ध मन्दिर है। उसी के समीप एक अन्य विष्णु मन्दिर भी है। श्री रत्नचन्द्र अग्रवाल का अनुमान है कि उसका निर्माण भी सूत्रधार मन्डन ने ही किया १ - गृह और देवालय आदि इमारती काम को अभी भी राजस्थानीय शिल्पी 'कमठार बोलते है । था । उस मंदिर की भित्तियों के बाहर की ओर तीन रथिकाएं हैं। उनमें नृसिंह वराह विष्णुमुखी तीन मूर्तियां स्थापित है। उनकी रचना रूप मण्डन ग्रंथ में वरिंगत लक्षणों के अनुसार ही की गई है। एक अष्टभुजी मूर्ति भगवान् वैकुण्ठ की है । दूसरी द्वादशभुजी मूर्ति भगवान् अनंत की है और तीसरी सोलह हाथों वाली मूर्ति लोक्य मोहन की है इनके लक्षण सूत्रधार मण्डन ने अपने रूपमण्डन ग्रंथ के तीसरे में (श्लोक ५२-६२ दिये हैं। इनके अतिरिक्त मूत्रधार मण्डन ने और भी कितनी ही ब्राह्मण धर्म संबंधी देव मूर्तियां बनाई थीं ! उपलब्ध मूर्तियों की चौकियों पर लेख उत्कीरण हैं। जिनमें मूर्ति का नाम राखा कुंभा का नाम और सं. १५१५-१५१६ की निर्माण तिथि का उल्लेख है। ये मूर्तियां लगभग कुंभलगढ़ दुर्ग के साथ ही बनाई गई थीं । तब तक दुर्ग में किसी मंदिर का निर्माण नहीं हुआ था, अतएव वे एक वट वृक्ष के नीचे स्वाहित कर दो गई थीं । इस प्रकार को छः मातृका मूर्तियां उदयपुर के संग्रहालय में विद्यमान हैं जिन पर इस प्रकार लेख हैं"स्वस्ति श्री सं० १५१५ वर्षे तथा शाके १३८० प्रवतमा फाल्गुन शुदि १२ बुधे पुष्य नक्षत्रे श्री कुंभल मेरु महादुर्गे महाराजाधिराज श्री कुंभकरणं पृथ्वी पुरन्दरेय श्री ब्रह्माणी मूर्तिः अस्मिन् वटे स्थापिता । शुभं भवत ।। श्री ॥ " इसी प्रकार के लेख माहेश्वरी, कौमारी, वैष्णवी, वाराही और ऐन्द्री मूर्तियों की चरण चौकियों पर भी हैं। इसी प्रकार चतुर्विंशति वर्ग को विष्णु मूर्तियों का भी रूप मण्डन में (अध्याय ३, श्लोक १०-२२) विशद न आया है। उनमें से १२ मूर्तियां कुभलगढ़ से प्राप्त हो चुकी हैं जो इस समय उदयपुर के संग्रहालय में सुरक्षित है। ये मूर्तियां भगवान विष्णु के संकर्षण, माधव, मधुसुदन, प्रोज, प्रदयुम्न, केशव, पुरुषोत्तम, अनिरुद्ध, वासुदेव, दामोदर, जनार्दन और गोविन्द रूप की हैं। इनको चौकियों पर इस प्रकार लेख है"स० १५१६ वर्षे शाके १३८२ वर्त्तमाने आश्विन शुद्ध ३ श्री कुंभमेरी महाराज श्री कुंभकरन वटे संकर्षरण मूर्ति संस्थापिता शुभं भवतु ॥ २॥ इन सब मूर्तियों की रचना रूप मण्डन ग्रन्थ में वर्णित लक्षणों के अनुसार यथार्थतः हुई है । स्पष्ट है कि सूत्रधार मण्डन शास्त्र और प्रयोग दोनों के निपुण अभ्यासी थे। शिल्प शास्त्र में वे जिन लक्षणों का उल्लेख करते थे उन्हीं के अनुसार स्वयं या अपने शिष्यों द्वारा देव मूर्तियों की रचना भी कराते जाते थे । किसी समय अपने देश में सूत्रधार मण्डन जैसे सहस्रों की संख्या में लब्ध कीर्ति स्थपति और वास्तु विद्याचार्य हुए । एलोरा के कैलाश मन्दिर, खजुराहो के कंदरिया महादेव, भुवनेश्वर के लिङ्गराज, तंजोर के बृहूदीश्वर, कोरणार्क के सूर्यदेउल आदि एक से एक भव्य देव प्रासादों के निर्माण का श्रेय जिन शिल्पाचार्यों की कल्पना में स्फुरित हुआ और जिन्होंने अपने कार्य कौशल से उन्हें मूर्त रूप दिया वे सचमुच धन्य ये और उन्होंने ही भारतीय संस्कृति के मार्ग दर्शन का शाश्वत कार्य किया । १ - दे० रहनचन्द्र अग्रवाल, राजस्थान की प्राचीन मूर्तिकला में महाविष्णु संबंधी कुछ पत्रिकाएं, शोधपत्रिका, उदयपुर, भाग ६, अंक १ ( पौष, वि० सं० २०१४ ) पृ० ६, १४, १७ ॥ २ - रत्नचन्द्र अग्रवाल रूप मण्डन तथा कुंभलगढ़ से प्राप्त महत्वपूर्ण प्रस्तर प्रतिमाएं, शोध पत्रिका, भाग ८ अंक ३ ( चैत्र, वि० सं० २०१४ ), पृ० १-१२ उन्हीं की परम्परा में सूत्रधार मण्डन भी थे । देव - प्रासाद एवं नृप मंदिर आदि के निर्माण कता सूत्रवारों का कितना अधिक सम्मानित स्थान था यह मराडन के निम्न लिखित श्लोक से ज्ञात होता है"इत्यनन्तरतः कुर्यात् सूत्रधारस्य पूजनम् 1 भूवित्तवस्त्रालङ्कार-महिष्यश्ववाहनैः प्रत्येषां शिल्पिती पूजा कर्त्तव्या कर्मकारिणाम् । स्वाधिकारानुसारेण वस्त्रताम्बूलभोजनैः ॥ काष्ठपाषाणनिर्माण - कारिणो यत्र मन्दिरे । भुञ्जतेऽसौ तत्र सौख्यं शङ्करत्रिदर्शः सह ॥ पुरावं प्रसादजं स्वामी प्रार्थयेत्सूत्रधारतः । सूत्रधारो वदेत् स्वामिनक्षयं भवतात्तव ॥" प्रसादमण्डनः ८८२-८५ अर्थात् निर्माण की समाप्ति के अनन्सर सूत्रधार का पूजन करना चाहिये और अपनी शक्ति के अनुभ सार भूमि, सुत्र, बस्त्र, अलङ्कार के द्वारा प्रधान सूत्रधार एवं उनके सहयोगी अन्य शिल्पियों का सम्मान करना आवश्यक है । जिस मन्दिर में शिला या काष्ठ द्वारा निर्माण कार्य करने वाले शिल्पी भोजन करते हैं वहीं भनवान् शंकर देवों के साथ विराजते हैं। प्रासाद या देव मन्दिर के निर्माण में जो पुराय है उस पुराय की प्राप्ति के लिये सूत्रधार से प्रार्थना करनी चाहिए, 'हे सूत्रधार, तुम्हारी कृपा से प्रासाद निर्माण का पुराय मुझे प्राप्त हो ।' इसके उत्तर में सूत्रधारक कहे - हे स्वामिन् ! सब प्रकार आप की अक्षय वृद्धि हो । सुत्रधार के प्रति सम्मान प्रदर्शन की यह प्रथा लोक में आजतक जीवित है, जब सूत्रधार शिल्पी नूतन गृह का द्वार रोककर स्वामी से कहता है 'आजतक यह गृह मेरा था, अब आज से यह तुम्हारा हुआ ' उसके अनन्तर गृह् स्वामी सूत्रधार को इष्ट-वस्तु देकर प्रसन्न करता है और फिर गृह में प्रवेश करता है । सूत्रधार मण्डन का प्रासाद - मण्डन ग्रन्थ भारतीय शिल्प ग्रन्थों में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है । भण्डन ने ग्राठ अध्यायों में देव- प्रासादों के निर्माण का स्पष्ट और विस्तृत वर्णन किया है । पहले प्रध्याय में विश्व कर्मा को सृष्टि का प्रथम सूत्रधार कहा गया है। गृहों के विन्यास और प्रवेश की जो धार्मिक विधि है, उन सब का पालन देवायतनों में भी करना उचित है । चतुर्दश श्लोकों में जिन जिन प्रासादों के आकार देवों ने शंकर की पूजा के लिए बनाये उन्हीं की अनुकृति पर १४ प्रकार के प्रासाद प्रचलित हुए। उनमें देश-भेद से प्रकार के प्रासाद उत्तम जाति के माने जाते हैं. नागर, द्राविड़, भूमिज, लतिन, सावन्धार ( सान्धार ), विमान-नागर, पुष्पक और मिश्र लतिन सम्भवतः उस प्रकार के शिखर को कहते थे जिसके उरटंग में लता की प्रकृति का उठता हुम्रा रूप बनाया जाता था । शिखरों के ये भेद विशेषकर शृंग और तिलक नामक अलंकरणों के विभेद के कारण होते हैं। प्रासाद के लिए भूमि का निरूपण आवश्यक है। जो भूमि चुनी जाय उसमें ६४ या सौ पद या घर बनाने चाहिए । प्रत्येक घर का एक-एक देव होता है जिसके नाम से बह पद पुकारा जाता है। मंदिर के निर्माण में नक्षत्रों के शुभाशुभ का भी विचार किया जाता है। यहां तक कि निर्माण कर्ता के अतिरिक्त स्थापक अर्थात् स्थपति और जिस देवता का मन्दिर हो उनके भी नवाज नाड़ी वेध का मिलान आवश्यक माना गया है। काष्ठ, मिट्टी, ईंट, शिला, धातु और रत्न इन उपकरणों से मंदिर बनाए जाते हैं, इनमें उत्तरोत्तर का अधिक पुण्य है। पत्थर के प्रासाद का फल अनंत कहा गया है। भारतीय देव प्रासाद अत्यन्त पवित्र कल्पना है। विश्व को जन्म देने वाले देवाधिदेव भगवान का निवास देवगृह या मंदिर में माना जाता है। जिसे वेदों में हिरण्यगर्भ कहा गया है वही देव मंदिर का गर्भगृह है। सृष्टि का मूल जो प्राण तत्त्व है उसे ही हिरराय कहते हैं। प्रत्येक देव प्राणतत्त्व है, वही हिरण्य है । "एकं सद्विप्राः बहुधा वदन्ति" के अनुसार एक ही देव अनेक देवों के रूप में अभिव्यक्त होता है। प्रत्येक देव हिरण्य की एक - एक कला है अर्थात् मूलभूत प्रारग तत्त्व की एक-एक रश्मि है। मंदिर का जो उत्सेध या ब्रह्म सूत्र है वही समस्त सृष्टि का मेरु या यूप है । उसे ही वेदों में 'बाण' कहा गया है। एक बाख वह है जो स्थूल दृश्य सृष्टि का आधार है और जो पृथिवी से लेकर छ लोक तक प्रत्येक वस्तु में प्रोत-प्रोत है। द्यावा पृथिवी को वैदिक परिभाषा में रोदसी ब्रह्माण्ड कहते हैं । इस रोदसी सृष्टि में व्याप्त जो ब्रह्मसूत्र है वही इसका मूलावार है । उसे ही वैदिक भाषा में 'ओपश' भी कहा जाता है। बाण, प्रोपश, मेरु, ब्रह्मसूत्र ये सब समानार्थक हैं और इस दृश्य जगत् के उस प्राधार को सूचित करते हैं जिस ध्रुव बिन्दु पर प्रत्येक प्राणी अपने जीवन में जन्म से मृत्यु तक प्रतिष्ठित रहता है । यह मनुष्य शरीर और इसके भीतर प्रतिष्ठित प्राणतत्त्व विश्वकर्मा की सबसे रहस्यमयी कृति है। देव मंदिर का निर्माण भी सर्वथा इसी की अनुकृति है। जो चेतना या प्राण देव-विग्रह या देवमूर्ति है और मन्दिर उसका शरीर है। प्राण-प्रतिष्ठा से हो पाषाणघटित प्रतिमा देवत्व प्राप्त करती है। जिस प्रकार इस प्रत्यक्ष जगत् में भूमि अन्तरिक्ष प्रौर द्यौः, तीन लोक है, उसी प्रकार मनुष्य शरीर में और प्रासाद में भी तीन लोकों की कल्पना है। पैर पृथिवी हैं, मध्यभाग अन्तरिक्ष है और सिर द्य लोक है । इसी प्रकार मंदिर की जगती या अधिष्ठान पादस्थानीय है, गर्भगृह या मंडोवर मध्यस्थानीय है पौर शिखर द्यलोक या शीर्ष-भाग है। यह त्रिक यज्ञ की तीन प्रस्तियों का प्रतिनिधि है । मूलभूत एक अग्नि सृष्टि के लिये तीन रूपों में प्रकट हो रही है। उन्हें ही उपनिषदों की परिभाषा में मन, प्राण और वाक् कहते हैं । चहां वाक् का तात्पर्य पंचभूतों से है क्योंकि पंचभूतों में प्रकाश सबसे सूक्ष्म है और प्रकाश का गुण शब्द या बाक है। अतएव वाक् को ग्राकाशादि पांचों भूतों का प्रतीक मान लिया गया है। मनुष्य शरीर में जो प्राणाग्नि है वह मन, प्राग और पंचभूतों के मिलने से उत्पन्न हुई है ( एतन्मयो वाऽप्रयमात्मा वाङमयो मनोमयः प्राणमयः शतपथ १४।४।३।१० ) पुरुष के भीतर प्रज्वलित इस अग्नि को ही वैश्वानर कहते हैं ( स एषोऽग्निवैश्वानरो यत्पुरुषः, शतपथ १०।६।१।११ ) । जो वैश्वानर अति है वही पुरुष है। जो पुरुष है वही देव-विग्रह या देवमूर्ति के रूप में दृश्य होता है । मूर्त और अमूर्त, निसक्त और घनिसक्त ये प्रजापति के दो रूप हैं। जो मूर्त है वह त्रिलोको के रूप में दृश्य और परिमित है । जो प्रमूर्त है वह अव्यक्त और अपरिमित है । जिसे पुरुष के रूप में वैश्वानर कहा जाता है वही समष्टि के रूप में पृथिवी अंतरिक्ष और द्यलोक रूप "स यः स वैश्वानरः । इमे स लोकाः । इयमेव पृथिवी विश्वमग्निर्नरः । अंतरिक्षमेव विश्वं वाघुर्नरः । यौरेव विश्वमादित्यो नरः । शतपथ ६।३।११३ ।" इस प्रकार मनुष्य देह, अखिल ब्रह्माण्ड और देव प्रासाद इन तीनों का स्वरूप सर्वथा एक-दूसरे के साथ संतुलित एवं प्रतीकात्मक है । जो पिण्ड में है वही ब्रह्माण्ड में है और जो उन दोनों में हैं उसीका मूर्तरूप देव-प्रासाद है। इसी सिद्धान्त पर भारतीय देव मंदिर की ध्रुव कल्पना हुई है। मंदिर के गर्भ गृह में जो देव विग्रह है वह उस प्रतादि प्रनन्त ब्रह्म तत्व का प्रतीक है जिसे वैदिक भाषा में प्रारण कहा गया है । जो सृष्टि से पूर्व में भी था, जो विश्व के रोम-रोम में व्याप्त है, वही प्रारण सबका ईश्वर है । सब उसके वश में हैं। सृष्टि के पूर्व की अवस्था में उसे असत् कहा जाता है और सृष्टि की अवस्था में उसे ही सत् कहते हैं । देव और भूत ये हो दो तत्त्व हैं जिनसे समस्त विश्व विरचित है। देव, प्रमृत, ज्योति प्रौर सत्य है । भूत मर्त्य, तम और अतृत हैं। भूत को ही असुर कहते हैं । हम सबकी एक ही समस्या है अर्थात् मृत्यु, तम और असत्य से अपनी रक्षा करना और अमृत, ज्योति एवं सत्य की शरण में जाना । यही देव का प्राश्रम है। देव की शरणागति मनुष्य के लिए रक्षा का एक मात्र मार्ग है । यहाँ कोई प्राणी ऐसा नहीं जो मृत्यु और अन्धकार से बचकर प्रमृत और प्रकाश की आकांक्षा न करता हो अतएव देवाराधन ही मर्त्य मानव के लिये एकमात्र श्रेयपथ है । इस तत्त्व से ही भारतीय संस्कृति के वैदिक युग में यज्ञ संस्था का जन्म हुआ। प्राणाग्नि की उपासना ही यज्ञ का मूल है । त्रिलोकी या रोदसी ब्रह्माण्ड की मूलभूत शक्ति को रद्र कहते हैं । 'अग्निवै'रुद्रः' इस सूत्र के अनुसार जो प्राणाग्नि है वही रद्र है । 'एक_एवानिर्बहुधा समिद्धः' इस वैदिक परिभाषा के अनुसार जिस प्रकार एक मूलभूत अग्नि से अन्य अनेक अग्तियों का समिन्धन होता है उसी प्रकार एक देव अनेक देवों के रूप में लोक मानस की कल्पना में आता है। कौन देव महिमा में अधिक है. यह प्रश्न हो असंगत है । प्रत्येक देव प्रमृत का रूप है । वह शक्ति का अनन्त अक्षय स्रोत है । उसके विषय में उत्तर और अधर या बड़े-छोटे के तारतम्य की कल्पना नहीं की जा सकती । देव तत्त्व मूल में अव्यक्त है । उसे ही ध्यान की शक्ति से व्यक्त किया जाता है। हृदय की इस अदभुत शक्ति को ही प्रेम या भक्ति कहते हैं । यज्ञ के अनुष्ठान में और देवप्रासादों के अनुष्ठान में मूलतः कोई अन्तर नहीं है। जिस प्रकार यज्ञ को त्रिभुवन को नाभि कहा जाता था और उसकी अग्नि जिस वेदि में प्रज्वलित होती थी उस वेदि को अनादि अनंत पृथ्वी का केन्द्र मानते थे, उसी प्रकार देव मन्दिर के रूप में समष्टि विश्व व्यस्टि के लिये मूर्त बनता है और जो समष्टि का सहस्र शीर्षा पुरुष है वह व्यष्टि के लिये देव-विग्रह के रूप में मूर्त होता है । यज्ञों के द्वारा देव तत्व की उपासना एवं देव प्रासादों के द्वारा उसी देव तत्व की आराधना ये दोनों ही भारतीय संस्कृति के समान प्रतीक थे। देव मंदिर में जो मूत्त विग्रह को प्रदक्षिणा या परिक्रमा को जाती है उसका अभिप्राय भी यही है कि हम अपने प्रापको उस प्रभाव क्षेत्र में लीन कर देते हैं जिसे देव की महान् प्राणशक्ति या महिमा कहा जा सकता है । उपासना या आराधना का मूलतत्व यह है कि मनुष्य स्वयं देव हो जाय । जो स्वयं प्रदेव है अर्थात् देव नहीं बन पाता वह देव की पूजा नहीं कर सकता । मनुष्य के भीतर प्राण और मन ये दोनों देव रूप ही हैं। इनमें दिव्य भाव उत्पन्न करके ही प्राणी देव की उपासना के योग्य बनता है । . जो देव तत्त्व है वही वैदिक भाषा में अग्नि तत्त्व के नाम से अभिहित किया जाता है । कहा है ---- 'अग्निः सर्वा देवता' अर्थात् जितने देव हैं अग्नि सत्रका प्रतीक है । अग्नि सर्वदेवमय है। सृष्टि की जितनी दिव्य या समष्टिगत शक्तियां हैं उन सबको प्राणाग्नि इस मनुष्य देह में प्रतिष्ठित रखती है । इसी तत्व को लेकर देव प्रासादों के स्वरूपका विकास हुआ। जिस प्रकार यज्ञवेदी में अग्नि का स्थान है उसी प्रकार देव की प्रतिष्ठा के लिए प्रासाद की कल्पना है । देव तत्त्व के साक्षात्कार का महत्वपूर्ण सिद्धान्त यह है कि प्रत्येक प्राणी उसे अपने ही भीतर प्राप्त कर सकता है । जो देव द्यावा पृथिवी के विशाल अंतराल में व्याप्त है वही प्रत्येक प्राणी के अंतःकरण में है। जैसा कालिदास ने कहा है६
जयपुर के श्री पंशून्य भगवान दास जैन उन चुने हुए विद्वानों में से हैं, जिन्होंने भारतीय स्थापत्य और वास्तु शिल्प के अध्ययन में विशेष परिश्रम किया है । सन् एक हज़ार नौ सौ छत्तीस में ठक्कुरफेरु विरचित 'वास्तु - सारप्रकरण' नामक वास्तु संबंधी महत्वपूर्ण प्राकृत ग्रन्थ को मूल हिन्दी भाषान्तर और अनेक चित्रों के साथ उन्होंने प्रकाशित किया था। उस ग्रन्थ को देखते ही मुझे निश्चय हो गया कि पंशून्य भगवान् दास ने परम्परागत भारतीय शिल्प के पारिभाषिक शब्दों को ठीक प्रकार समझा है और उन पारिभाषाओं के आधार पर वे मध्य कालीन शिल्प-ग्रन्थों के सम्पादन और व्याख्यान के सर्वथा अधिकारी विद्वान् हैं। शिल्प शास्त्र के अनुसार निर्मित मन्दिरों या देव प्रासादों के वास्तु की भी वे बहुत अच्छी व्याख्या कर सकते हैं, इसका अनुभव मुझे तब हुम्रा जब कई वर्ष पूर्व उन्हें साथ लेकर में आमेर के भव्य मन्दिरों को देखने गया और वहां पण्डितजी ने प्रासाद के उत्सेध या उदय संबंधी भिन्न भिन्न भागों का प्राचीन शब्दावली के साथ विवेचन किया । इस प्रकार की योग्यता रखने वाले विद्वान् इस समय विरल ही हैं। भारतीय शिल्प - शास्त्र के जो अनेक ग्रन्थ विद्यमान हैं उनकी प्राचीन शब्दावली से मिलाकर अद्यावधि विद्यमान मंदिरों के वास्तु-शिल्प की व्याख्या, यह एक अत्यन्त आवश्यक कार्य है । जिस की पूर्ति वर्तमान समय में भारतीय स्थापत्य के सुस्पष्ट अध्ययन के लिये आवश्यक है । श्री पंशून्य भगवान दास जैन इस ओर अग्रसर है, इसका महत्वपूर्ण प्रमाण उनका ऊपर किया हुआ। 'प्रासाद- मण्डन' का वर्तमान गुजराती अनुवाद है। इसमें मूल ग्रन्थ के साथ गुजराजी व्याख्या और अनेक टिप्पणियां दी गई हैं और साथ में विषय को स्पष्ट करने के लिए अनेकवि भी मुद्रित है । 'सूत्रधार मंडन' के विषय में हमें निश्चित जानकारी प्राप्त होती है। वे चित्तौड़ के राणा कुंभकर्ण या कुम्भा राज्यकाल में हुए राणा कुम्भा ने अपने राज्य में अनेक प्रकार से संस्कृति का संवर्धन किया। संगीत की उन्नति के लिए उन्होंने प्रत्यन्त विशाल संगीत-राज' ग्रंथ का प्रपन किया। सौभाग्य से यह ग्रन्थ सुरक्षित है और इस समय हिन्दू विश्व विद्यालय की ओर से इसका मुद्रा हो रहा है। राणा कुम्भा ने कवि जयदेव के गीत गोविन्द पर स्वयं एक उत्तम टीका लिखी। उन्होंने ही चित्तौड़ में सुप्रसिद्ध कीर्तिस्तंभ का निर्माण कराया। उनके राज्य में कई प्रसिद्ध शिल्पी थे। उनके द्वारा राणा ने अनेक वास्तु और स्थापत्य के कार्य संगदित कराए । 'कीर्तिस्तम्भ के निर्माण का कार्य सूत्रधार 'जइता' और उसके दो पुत्र सूत्रधार नापा और पूजा ने एक हज़ार चार सौ बयालीस से एक हज़ार चार सौ अड़तालीस तक के समय में पूरा किया । इस कार्य में उसके दो अन्य पुत्र पामा और बलराज भी उसके सहायक थे । राणा कुंभा के अन्य प्रसिद्ध राजकीय स्थपति सूत्रधार मण्डन हुए। वे संस्कृत भाषा के भी अच्छे विद्वान् थे। उन्होंने निम्न लिखित शिल्प ग्रन्थों की संस्कृत में रचना की प्रासाद मण्डन, वास्तु मण्डन, रूप मण्डन, राज-बल्लभ मण्डन, देवता मूर्ति प्रकरण, रूपावतार, वास्तुसार, वास्तु शास्त्र । राजवल्लभ ग्रन्थ में उन्होंने अपने संरक्षक सम्राट् राणा कुंभा का इस प्रकार गौरव के साथ उल्लेख किया है एक - श्री रत्नचन्द्र अग्रवाल, पंद्रह वीं शती में मेवाड़ के कुछ प्रसिद्ध सूत्रधार और स्थपति सम्राट् इन्डियन हिस्टॉरिकल क्वार्टरली, भाग तैंतीस, अंक चार दिसम्बर एक हज़ार नौ सौ सत्तावन पृशून्य तीन सौ इक्कीस - तीन सौ चौंतीस मेद्रपाटे नृपकुभक-स्तदंघ्रिराजीवपरागसेवी । समण्डनारूपो भुवि सूत्रधारस्तेनोद्ध तो भूपतिवल्लभोऽयम् ।" { चौदह-तैंतालीस ) रूपमण्डन ग्रन्थ में सूत्रधार मण्डन ने अपने विषय में लिखा है"श्रीमद्देशे मेदपाटाभिधाने क्षेत्राख्योऽभूत् सूत्रधारो वरिष्ठः पुत्री ज्येष्ठो मण्डनस्तस्य तेन प्रोक्त शास्त्रं मण्डनं रूपपूर्वम् । " इससे ज्ञात होता है कि भराडन के पिता का नाम सूत्रधार क्षेत्र था । इन्हें ही ग्रन्य लेखों में क्षेत्राक भी कहा गया है। क्षेत्राक का एक दूसरा पुत्र सूत्रधार नाथ भी था जिसने 'वास्तु मंजरी' नामक ग्रंथ की रचना की। सूत्रधार मण्डन का ज्येष्ठ पुत्र सूत्रधार गोविन्द और छोटा पुत्र सूत्रधार ईश्वर था। सूत्रधार गोविन्द ने तीन ग्रन्थों की रचना की - उद्धार धोरणि कलानिधि और द्वारदीपिका । कलानिधि ग्रन्थ में उसने अपने विषय में संरक्षक राणा श्री राजमल्ल के विषय में लिखा है"सूत्रधारः सदाचारः कलाधारः कलानिधिः । दण्डाधारः सुरागारः श्रिये गोविन्दया दिशत् ।। राज्ञा श्री राजमल्ल प्रीतस्यामि मनोहरे । प्रणम्यमाने प्रासादे गोविन्दः संव्यधादिदम् ।। " राणा कुंभा की पुत्री रमा बाई का एक लेख जावर से प्राप्त हुआ है जिसमें क्षेत्राक के पौत्र और सूत्रधार मण्डन के पुत्र ईश्वर ने कमठारणा बनाने का उल्लेख है - "श्री मेदवाटे वरे देशे कुम्भकर नृपगृहे क्षेत्राकसूत्रधारस्य पुत्रो मण्डन आत्मवान् सूत्रधारमण्डन सुत ईशरए कमठार विरचितं । " ईश्वर ने जावर में विष्णु के मन्दिर का निर्माण किया था । इसी ईश्वर का पुत्र सूत्रधार छोतर था जिसका उल्लेख विक्रम सं. एक हज़ार पाँच सौ छप्पन के चितौड़ से प्राप्त एक लेख में प्राया है । यह राणा रायमल के समय में उनका राजकीय स्थपति था। इससे विदित होता है कि राणा कुंभा के बाद भी सूत्रधार मण्डन के वंशज राजकीय शिल्पियों के रूप में कार्य करते रहे। उन्होंने ही उदयपुर के प्रसिद्ध जगदीश मंदिर और उदयपुर से चालीस मील दूर कांकरौली में बने हुए राज समुद्र सागर का निर्माण किया । राणा कुंभा के राज्य काल में राणकपुर में सूत्रधार देपाक ने विक्रम सं. एक हज़ार चार सौ छयासठ में सुप्रसिद्ध जैन मन्दिर का निर्माण किया। कुंभा की पुत्री रमा बाई ने कुभलगढ़ में दामोदर मंदिर के निर्माण के लिये सूत्रधार रामा को नियुक्त किया। सूत्रधार मण्डन को राणा कुंभा का पूरा विश्वास प्राप्त था। उन्होंने कुभलगढ़ के प्रसिद्ध दुर्ग की वास्तु कल्पना और निर्माण का कार्य सूत्रधार मण्डन को सं. एक हज़ार पाँच सौ पंद्रह में सौंपा । यह प्रसिद्ध दुर्ग श्राज भी अधिकांश में सुरक्षित है और मण्डन की प्रतिभा का साक्षी है । उदयपुर : से चौदह मील दूर एकलिंग जी नामक भगवान् शिव का सुप्रसिद्ध मन्दिर है। उसी के समीप एक अन्य विष्णु मन्दिर भी है। श्री रत्नचन्द्र अग्रवाल का अनुमान है कि उसका निर्माण भी सूत्रधार मन्डन ने ही किया एक - गृह और देवालय आदि इमारती काम को अभी भी राजस्थानीय शिल्पी 'कमठार बोलते है । था । उस मंदिर की भित्तियों के बाहर की ओर तीन रथिकाएं हैं। उनमें नृसिंह वराह विष्णुमुखी तीन मूर्तियां स्थापित है। उनकी रचना रूप मण्डन ग्रंथ में वरिंगत लक्षणों के अनुसार ही की गई है। एक अष्टभुजी मूर्ति भगवान् वैकुण्ठ की है । दूसरी द्वादशभुजी मूर्ति भगवान् अनंत की है और तीसरी सोलह हाथों वाली मूर्ति लोक्य मोहन की है इनके लक्षण सूत्रधार मण्डन ने अपने रूपमण्डन ग्रंथ के तीसरे में विशद न आया है। उनमें से बारह मूर्तियां कुभलगढ़ से प्राप्त हो चुकी हैं जो इस समय उदयपुर के संग्रहालय में सुरक्षित है। ये मूर्तियां भगवान विष्णु के संकर्षण, माधव, मधुसुदन, प्रोज, प्रदयुम्न, केशव, पुरुषोत्तम, अनिरुद्ध, वासुदेव, दामोदर, जनार्दन और गोविन्द रूप की हैं। इनको चौकियों पर इस प्रकार लेख है"सशून्य एक हज़ार पाँच सौ सोलह वर्षे शाके एक हज़ार तीन सौ बयासी वर्त्तमाने आश्विन शुद्ध तीन श्री कुंभमेरी महाराज श्री कुंभकरन वटे संकर्षरण मूर्ति संस्थापिता शुभं भवतु ॥ दो॥ इन सब मूर्तियों की रचना रूप मण्डन ग्रन्थ में वर्णित लक्षणों के अनुसार यथार्थतः हुई है । स्पष्ट है कि सूत्रधार मण्डन शास्त्र और प्रयोग दोनों के निपुण अभ्यासी थे। शिल्प शास्त्र में वे जिन लक्षणों का उल्लेख करते थे उन्हीं के अनुसार स्वयं या अपने शिष्यों द्वारा देव मूर्तियों की रचना भी कराते जाते थे । किसी समय अपने देश में सूत्रधार मण्डन जैसे सहस्रों की संख्या में लब्ध कीर्ति स्थपति और वास्तु विद्याचार्य हुए । एलोरा के कैलाश मन्दिर, खजुराहो के कंदरिया महादेव, भुवनेश्वर के लिङ्गराज, तंजोर के बृहूदीश्वर, कोरणार्क के सूर्यदेउल आदि एक से एक भव्य देव प्रासादों के निर्माण का श्रेय जिन शिल्पाचार्यों की कल्पना में स्फुरित हुआ और जिन्होंने अपने कार्य कौशल से उन्हें मूर्त रूप दिया वे सचमुच धन्य ये और उन्होंने ही भारतीय संस्कृति के मार्ग दर्शन का शाश्वत कार्य किया । एक - देशून्य रहनचन्द्र अग्रवाल, राजस्थान की प्राचीन मूर्तिकला में महाविष्णु संबंधी कुछ पत्रिकाएं, शोधपत्रिका, उदयपुर, भाग छः, अंक एक पृशून्य छः, चौदह, सत्रह ॥ दो - रत्नचन्द्र अग्रवाल रूप मण्डन तथा कुंभलगढ़ से प्राप्त महत्वपूर्ण प्रस्तर प्रतिमाएं, शोध पत्रिका, भाग आठ अंक तीन , पृशून्य एक-बारह उन्हीं की परम्परा में सूत्रधार मण्डन भी थे । देव - प्रासाद एवं नृप मंदिर आदि के निर्माण कता सूत्रवारों का कितना अधिक सम्मानित स्थान था यह मराडन के निम्न लिखित श्लोक से ज्ञात होता है"इत्यनन्तरतः कुर्यात् सूत्रधारस्य पूजनम् एक भूवित्तवस्त्रालङ्कार-महिष्यश्ववाहनैः प्रत्येषां शिल्पिती पूजा कर्त्तव्या कर्मकारिणाम् । स्वाधिकारानुसारेण वस्त्रताम्बूलभोजनैः ॥ काष्ठपाषाणनिर्माण - कारिणो यत्र मन्दिरे । भुञ्जतेऽसौ तत्र सौख्यं शङ्करत्रिदर्शः सह ॥ पुरावं प्रसादजं स्वामी प्रार्थयेत्सूत्रधारतः । सूत्रधारो वदेत् स्वामिनक्षयं भवतात्तव ॥" प्रसादमण्डनः आठ सौ बयासी-पचासी अर्थात् निर्माण की समाप्ति के अनन्सर सूत्रधार का पूजन करना चाहिये और अपनी शक्ति के अनुभ सार भूमि, सुत्र, बस्त्र, अलङ्कार के द्वारा प्रधान सूत्रधार एवं उनके सहयोगी अन्य शिल्पियों का सम्मान करना आवश्यक है । जिस मन्दिर में शिला या काष्ठ द्वारा निर्माण कार्य करने वाले शिल्पी भोजन करते हैं वहीं भनवान् शंकर देवों के साथ विराजते हैं। प्रासाद या देव मन्दिर के निर्माण में जो पुराय है उस पुराय की प्राप्ति के लिये सूत्रधार से प्रार्थना करनी चाहिए, 'हे सूत्रधार, तुम्हारी कृपा से प्रासाद निर्माण का पुराय मुझे प्राप्त हो ।' इसके उत्तर में सूत्रधारक कहे - हे स्वामिन् ! सब प्रकार आप की अक्षय वृद्धि हो । सुत्रधार के प्रति सम्मान प्रदर्शन की यह प्रथा लोक में आजतक जीवित है, जब सूत्रधार शिल्पी नूतन गृह का द्वार रोककर स्वामी से कहता है 'आजतक यह गृह मेरा था, अब आज से यह तुम्हारा हुआ ' उसके अनन्तर गृह् स्वामी सूत्रधार को इष्ट-वस्तु देकर प्रसन्न करता है और फिर गृह में प्रवेश करता है । सूत्रधार मण्डन का प्रासाद - मण्डन ग्रन्थ भारतीय शिल्प ग्रन्थों में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है । भण्डन ने ग्राठ अध्यायों में देव- प्रासादों के निर्माण का स्पष्ट और विस्तृत वर्णन किया है । पहले प्रध्याय में विश्व कर्मा को सृष्टि का प्रथम सूत्रधार कहा गया है। गृहों के विन्यास और प्रवेश की जो धार्मिक विधि है, उन सब का पालन देवायतनों में भी करना उचित है । चतुर्दश श्लोकों में जिन जिन प्रासादों के आकार देवों ने शंकर की पूजा के लिए बनाये उन्हीं की अनुकृति पर चौदह प्रकार के प्रासाद प्रचलित हुए। उनमें देश-भेद से प्रकार के प्रासाद उत्तम जाति के माने जाते हैं. नागर, द्राविड़, भूमिज, लतिन, सावन्धार , विमान-नागर, पुष्पक और मिश्र लतिन सम्भवतः उस प्रकार के शिखर को कहते थे जिसके उरटंग में लता की प्रकृति का उठता हुम्रा रूप बनाया जाता था । शिखरों के ये भेद विशेषकर शृंग और तिलक नामक अलंकरणों के विभेद के कारण होते हैं। प्रासाद के लिए भूमि का निरूपण आवश्यक है। जो भूमि चुनी जाय उसमें चौंसठ या सौ पद या घर बनाने चाहिए । प्रत्येक घर का एक-एक देव होता है जिसके नाम से बह पद पुकारा जाता है। मंदिर के निर्माण में नक्षत्रों के शुभाशुभ का भी विचार किया जाता है। यहां तक कि निर्माण कर्ता के अतिरिक्त स्थापक अर्थात् स्थपति और जिस देवता का मन्दिर हो उनके भी नवाज नाड़ी वेध का मिलान आवश्यक माना गया है। काष्ठ, मिट्टी, ईंट, शिला, धातु और रत्न इन उपकरणों से मंदिर बनाए जाते हैं, इनमें उत्तरोत्तर का अधिक पुण्य है। पत्थर के प्रासाद का फल अनंत कहा गया है। भारतीय देव प्रासाद अत्यन्त पवित्र कल्पना है। विश्व को जन्म देने वाले देवाधिदेव भगवान का निवास देवगृह या मंदिर में माना जाता है। जिसे वेदों में हिरण्यगर्भ कहा गया है वही देव मंदिर का गर्भगृह है। सृष्टि का मूल जो प्राण तत्त्व है उसे ही हिरराय कहते हैं। प्रत्येक देव प्राणतत्त्व है, वही हिरण्य है । "एकं सद्विप्राः बहुधा वदन्ति" के अनुसार एक ही देव अनेक देवों के रूप में अभिव्यक्त होता है। प्रत्येक देव हिरण्य की एक - एक कला है अर्थात् मूलभूत प्रारग तत्त्व की एक-एक रश्मि है। मंदिर का जो उत्सेध या ब्रह्म सूत्र है वही समस्त सृष्टि का मेरु या यूप है । उसे ही वेदों में 'बाण' कहा गया है। एक बाख वह है जो स्थूल दृश्य सृष्टि का आधार है और जो पृथिवी से लेकर छ लोक तक प्रत्येक वस्तु में प्रोत-प्रोत है। द्यावा पृथिवी को वैदिक परिभाषा में रोदसी ब्रह्माण्ड कहते हैं । इस रोदसी सृष्टि में व्याप्त जो ब्रह्मसूत्र है वही इसका मूलावार है । उसे ही वैदिक भाषा में 'ओपश' भी कहा जाता है। बाण, प्रोपश, मेरु, ब्रह्मसूत्र ये सब समानार्थक हैं और इस दृश्य जगत् के उस प्राधार को सूचित करते हैं जिस ध्रुव बिन्दु पर प्रत्येक प्राणी अपने जीवन में जन्म से मृत्यु तक प्रतिष्ठित रहता है । यह मनुष्य शरीर और इसके भीतर प्रतिष्ठित प्राणतत्त्व विश्वकर्मा की सबसे रहस्यमयी कृति है। देव मंदिर का निर्माण भी सर्वथा इसी की अनुकृति है। जो चेतना या प्राण देव-विग्रह या देवमूर्ति है और मन्दिर उसका शरीर है। प्राण-प्रतिष्ठा से हो पाषाणघटित प्रतिमा देवत्व प्राप्त करती है। जिस प्रकार इस प्रत्यक्ष जगत् में भूमि अन्तरिक्ष प्रौर द्यौः, तीन लोक है, उसी प्रकार मनुष्य शरीर में और प्रासाद में भी तीन लोकों की कल्पना है। पैर पृथिवी हैं, मध्यभाग अन्तरिक्ष है और सिर द्य लोक है । इसी प्रकार मंदिर की जगती या अधिष्ठान पादस्थानीय है, गर्भगृह या मंडोवर मध्यस्थानीय है पौर शिखर द्यलोक या शीर्ष-भाग है। यह त्रिक यज्ञ की तीन प्रस्तियों का प्रतिनिधि है । मूलभूत एक अग्नि सृष्टि के लिये तीन रूपों में प्रकट हो रही है। उन्हें ही उपनिषदों की परिभाषा में मन, प्राण और वाक् कहते हैं । चहां वाक् का तात्पर्य पंचभूतों से है क्योंकि पंचभूतों में प्रकाश सबसे सूक्ष्म है और प्रकाश का गुण शब्द या बाक है। अतएव वाक् को ग्राकाशादि पांचों भूतों का प्रतीक मान लिया गया है। मनुष्य शरीर में जो प्राणाग्नि है वह मन, प्राग और पंचभूतों के मिलने से उत्पन्न हुई है पुरुष के भीतर प्रज्वलित इस अग्नि को ही वैश्वानर कहते हैं । जो वैश्वानर अति है वही पुरुष है। जो पुरुष है वही देव-विग्रह या देवमूर्ति के रूप में दृश्य होता है । मूर्त और अमूर्त, निसक्त और घनिसक्त ये प्रजापति के दो रूप हैं। जो मूर्त है वह त्रिलोको के रूप में दृश्य और परिमित है । जो प्रमूर्त है वह अव्यक्त और अपरिमित है । जिसे पुरुष के रूप में वैश्वानर कहा जाता है वही समष्टि के रूप में पृथिवी अंतरिक्ष और द्यलोक रूप "स यः स वैश्वानरः । इमे स लोकाः । इयमेव पृथिवी विश्वमग्निर्नरः । अंतरिक्षमेव विश्वं वाघुर्नरः । यौरेव विश्वमादित्यो नरः । शतपथ छः।तीन।एक सौ तेरह ।" इस प्रकार मनुष्य देह, अखिल ब्रह्माण्ड और देव प्रासाद इन तीनों का स्वरूप सर्वथा एक-दूसरे के साथ संतुलित एवं प्रतीकात्मक है । जो पिण्ड में है वही ब्रह्माण्ड में है और जो उन दोनों में हैं उसीका मूर्तरूप देव-प्रासाद है। इसी सिद्धान्त पर भारतीय देव मंदिर की ध्रुव कल्पना हुई है। मंदिर के गर्भ गृह में जो देव विग्रह है वह उस प्रतादि प्रनन्त ब्रह्म तत्व का प्रतीक है जिसे वैदिक भाषा में प्रारण कहा गया है । जो सृष्टि से पूर्व में भी था, जो विश्व के रोम-रोम में व्याप्त है, वही प्रारण सबका ईश्वर है । सब उसके वश में हैं। सृष्टि के पूर्व की अवस्था में उसे असत् कहा जाता है और सृष्टि की अवस्था में उसे ही सत् कहते हैं । देव और भूत ये हो दो तत्त्व हैं जिनसे समस्त विश्व विरचित है। देव, प्रमृत, ज्योति प्रौर सत्य है । भूत मर्त्य, तम और अतृत हैं। भूत को ही असुर कहते हैं । हम सबकी एक ही समस्या है अर्थात् मृत्यु, तम और असत्य से अपनी रक्षा करना और अमृत, ज्योति एवं सत्य की शरण में जाना । यही देव का प्राश्रम है। देव की शरणागति मनुष्य के लिए रक्षा का एक मात्र मार्ग है । यहाँ कोई प्राणी ऐसा नहीं जो मृत्यु और अन्धकार से बचकर प्रमृत और प्रकाश की आकांक्षा न करता हो अतएव देवाराधन ही मर्त्य मानव के लिये एकमात्र श्रेयपथ है । इस तत्त्व से ही भारतीय संस्कृति के वैदिक युग में यज्ञ संस्था का जन्म हुआ। प्राणाग्नि की उपासना ही यज्ञ का मूल है । त्रिलोकी या रोदसी ब्रह्माण्ड की मूलभूत शक्ति को रद्र कहते हैं । 'अग्निवै'रुद्रः' इस सूत्र के अनुसार जो प्राणाग्नि है वही रद्र है । 'एक_एवानिर्बहुधा समिद्धः' इस वैदिक परिभाषा के अनुसार जिस प्रकार एक मूलभूत अग्नि से अन्य अनेक अग्तियों का समिन्धन होता है उसी प्रकार एक देव अनेक देवों के रूप में लोक मानस की कल्पना में आता है। कौन देव महिमा में अधिक है. यह प्रश्न हो असंगत है । प्रत्येक देव प्रमृत का रूप है । वह शक्ति का अनन्त अक्षय स्रोत है । उसके विषय में उत्तर और अधर या बड़े-छोटे के तारतम्य की कल्पना नहीं की जा सकती । देव तत्त्व मूल में अव्यक्त है । उसे ही ध्यान की शक्ति से व्यक्त किया जाता है। हृदय की इस अदभुत शक्ति को ही प्रेम या भक्ति कहते हैं । यज्ञ के अनुष्ठान में और देवप्रासादों के अनुष्ठान में मूलतः कोई अन्तर नहीं है। जिस प्रकार यज्ञ को त्रिभुवन को नाभि कहा जाता था और उसकी अग्नि जिस वेदि में प्रज्वलित होती थी उस वेदि को अनादि अनंत पृथ्वी का केन्द्र मानते थे, उसी प्रकार देव मन्दिर के रूप में समष्टि विश्व व्यस्टि के लिये मूर्त बनता है और जो समष्टि का सहस्र शीर्षा पुरुष है वह व्यष्टि के लिये देव-विग्रह के रूप में मूर्त होता है । यज्ञों के द्वारा देव तत्व की उपासना एवं देव प्रासादों के द्वारा उसी देव तत्व की आराधना ये दोनों ही भारतीय संस्कृति के समान प्रतीक थे। देव मंदिर में जो मूत्त विग्रह को प्रदक्षिणा या परिक्रमा को जाती है उसका अभिप्राय भी यही है कि हम अपने प्रापको उस प्रभाव क्षेत्र में लीन कर देते हैं जिसे देव की महान् प्राणशक्ति या महिमा कहा जा सकता है । उपासना या आराधना का मूलतत्व यह है कि मनुष्य स्वयं देव हो जाय । जो स्वयं प्रदेव है अर्थात् देव नहीं बन पाता वह देव की पूजा नहीं कर सकता । मनुष्य के भीतर प्राण और मन ये दोनों देव रूप ही हैं। इनमें दिव्य भाव उत्पन्न करके ही प्राणी देव की उपासना के योग्य बनता है । . जो देव तत्त्व है वही वैदिक भाषा में अग्नि तत्त्व के नाम से अभिहित किया जाता है । कहा है ---- 'अग्निः सर्वा देवता' अर्थात् जितने देव हैं अग्नि सत्रका प्रतीक है । अग्नि सर्वदेवमय है। सृष्टि की जितनी दिव्य या समष्टिगत शक्तियां हैं उन सबको प्राणाग्नि इस मनुष्य देह में प्रतिष्ठित रखती है । इसी तत्व को लेकर देव प्रासादों के स्वरूपका विकास हुआ। जिस प्रकार यज्ञवेदी में अग्नि का स्थान है उसी प्रकार देव की प्रतिष्ठा के लिए प्रासाद की कल्पना है । देव तत्त्व के साक्षात्कार का महत्वपूर्ण सिद्धान्त यह है कि प्रत्येक प्राणी उसे अपने ही भीतर प्राप्त कर सकता है । जो देव द्यावा पृथिवी के विशाल अंतराल में व्याप्त है वही प्रत्येक प्राणी के अंतःकरण में है। जैसा कालिदास ने कहा हैछः
हों- ऐसे घर की रक्षा करना आवश्यक है उसी प्रकार विघ्न समूहों से साधु भी रक्षा करने योग्य है। साधु में भी सम्पदर्शनादि रत्न रहते हैं । विघ्न और उपसर्गों से साधु की रक्षा करना तथा यदि उपसर्ग और विघ्न आ गये हैं तो उन्हें निराकरण करना ही 'साधु समाधि' है । विघ्न और उपसर्ग बहुत हैं । उनको गिनाया नहीं जा सकता है । स्थूल रूप से यदि हम जानना चाहें तो उपसर्गों के चार भेद कर सकते हैं १ - मनुष्यकृत, २ - देवकृत, ३ - तिर्यञ्चकृत और ४ अचेतनत । स्वाभाविक को बदल देना ही उपसर्ग माना जाता है। साधु ध्यान में बैठे हों तो उनपर कुछ डाल देना, उनको दुःख पहुंचाना, मारना आदि उपसर्ग है। मनुष्य देव और तिर्यव्चों के द्वारा किये हुए उपसर्गों को मनुष्य देव और तिर्यञ्चकृत उपसर्ग कहा जायगा । यदि अचेतन पदार्थों से उपसर्ग हो जैसे मेंह बरसना, पत्थर बरसना, आग लग जाना आदि तो वे अकृत उपसर्ग होंगे 1 प्रश्न- आपने उपसर्ग का लक्षण किया कि स्वाभाविक अवस्था को बदल देना। मुनि के पास अग्नि जला देना; उनके सोने के लिए घास बिछा देना आदि बातें भी स्वाभाविक दशा चदलती हैं। क्या ऐसा करना भी उपसर्ग है ? उत्तर - हां, अवश्य । जिस प्रकार यति को कपड़े से ढक देना या उन्हें कपड़े उढ़ा देना उनके लिए उपसर्ग है उसी प्रकार उनके पास अग्नि जलाना, सोने के लिए घास बिछा देना आदि
हों- ऐसे घर की रक्षा करना आवश्यक है उसी प्रकार विघ्न समूहों से साधु भी रक्षा करने योग्य है। साधु में भी सम्पदर्शनादि रत्न रहते हैं । विघ्न और उपसर्गों से साधु की रक्षा करना तथा यदि उपसर्ग और विघ्न आ गये हैं तो उन्हें निराकरण करना ही 'साधु समाधि' है । विघ्न और उपसर्ग बहुत हैं । उनको गिनाया नहीं जा सकता है । स्थूल रूप से यदि हम जानना चाहें तो उपसर्गों के चार भेद कर सकते हैं एक - मनुष्यकृत, दो - देवकृत, तीन - तिर्यञ्चकृत और चार अचेतनत । स्वाभाविक को बदल देना ही उपसर्ग माना जाता है। साधु ध्यान में बैठे हों तो उनपर कुछ डाल देना, उनको दुःख पहुंचाना, मारना आदि उपसर्ग है। मनुष्य देव और तिर्यव्चों के द्वारा किये हुए उपसर्गों को मनुष्य देव और तिर्यञ्चकृत उपसर्ग कहा जायगा । यदि अचेतन पदार्थों से उपसर्ग हो जैसे मेंह बरसना, पत्थर बरसना, आग लग जाना आदि तो वे अकृत उपसर्ग होंगे एक प्रश्न- आपने उपसर्ग का लक्षण किया कि स्वाभाविक अवस्था को बदल देना। मुनि के पास अग्नि जला देना; उनके सोने के लिए घास बिछा देना आदि बातें भी स्वाभाविक दशा चदलती हैं। क्या ऐसा करना भी उपसर्ग है ? उत्तर - हां, अवश्य । जिस प्रकार यति को कपड़े से ढक देना या उन्हें कपड़े उढ़ा देना उनके लिए उपसर्ग है उसी प्रकार उनके पास अग्नि जलाना, सोने के लिए घास बिछा देना आदि
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अपने नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी पी. एल. पुनिया और प्रभारी राष्ट्रीय सचिव कमलेश्वर पटेल और अरूण उरांव के स्वागत में पलक पांवडे़ बिछाए इंतज़ार कर रहा है. इन नेताओं का नियुक्ति के बाद पहला छत्तीसगढ़ दौरा है. कांग्रेस भवन समेत पूरा रायपुर इनके स्वागत के बैनर और पोस्टर से अटा पड़ा है. अपने पहले दौरे में पुनिया रायपुर के अलावा बलौदाबाजार से लेकर गिरौदपुरी और सोनाखान जाएंगे. कांग्रेस के सभी प्रकोष्ठ और विभाग बेदह सक्रिय हैं. स्वागत की तैयारियों को लेकर जिला, शहर एवं ब्लाक सहित वार्ड कांग्रेस कमेटी द्वारा लगातार बैठको का दौर जारी है. - पी. एल. पुनिया एवं कमलेश्वर पटेल 19 जुलाई 2017 बुधवार को रात्रि 07. 15 बजे नियमित विमान सेवा द्वारा दिल्ली से रायपुर पहुंचेगे. - अरूण उरांव शाम 04. 50 बजे नियमित विमान सेवा द्वारा कोलकाता से रायपुर पहुंचेगे. - 20 जुलाई 2017 गुरूवार को सुबह 11. 00 बजे कांग्रेस भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल एवं नेता प्रतिपक्ष टी. एस. सिंहदेव के साथ प्रदेश समवन्य समिति की बैठक में शामिल होंगे.
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अपने नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी पी. एल. पुनिया और प्रभारी राष्ट्रीय सचिव कमलेश्वर पटेल और अरूण उरांव के स्वागत में पलक पांवडे़ बिछाए इंतज़ार कर रहा है. इन नेताओं का नियुक्ति के बाद पहला छत्तीसगढ़ दौरा है. कांग्रेस भवन समेत पूरा रायपुर इनके स्वागत के बैनर और पोस्टर से अटा पड़ा है. अपने पहले दौरे में पुनिया रायपुर के अलावा बलौदाबाजार से लेकर गिरौदपुरी और सोनाखान जाएंगे. कांग्रेस के सभी प्रकोष्ठ और विभाग बेदह सक्रिय हैं. स्वागत की तैयारियों को लेकर जिला, शहर एवं ब्लाक सहित वार्ड कांग्रेस कमेटी द्वारा लगातार बैठको का दौर जारी है. - पी. एल. पुनिया एवं कमलेश्वर पटेल उन्नीस जुलाई दो हज़ार सत्रह बुधवार को रात्रि सात. पंद्रह बजे नियमित विमान सेवा द्वारा दिल्ली से रायपुर पहुंचेगे. - अरूण उरांव शाम चार. पचास बजे नियमित विमान सेवा द्वारा कोलकाता से रायपुर पहुंचेगे. - बीस जुलाई दो हज़ार सत्रह गुरूवार को सुबह ग्यारह. शून्य बजे कांग्रेस भवन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल एवं नेता प्रतिपक्ष टी. एस. सिंहदेव के साथ प्रदेश समवन्य समिति की बैठक में शामिल होंगे.
शुरुआती चरण में यह सुविधा जून, 2021 में चंडीगढ़, कोयंबटूर, गुड़गांव, पुणे और रांची में शुरू की गई है. यह सुविधा इसलिए शुरू की गई है ताकि ग्राहकों को समय पर और जल्दी में रिफिल मुहैया कराया जा सके. इस कदम से एलजीपी वितरकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखी जाएगी जिससे उन्हें अपनी रेटिंग सुधारने में मदद मिलेगी. एक तरफ उपभोक्ताओं की जरूरत समय पर पूरी हो सकेगी तो दूसरी ओर गैस वितरकों का प्रदर्शन भी सुधर सकेगा.
शुरुआती चरण में यह सुविधा जून, दो हज़ार इक्कीस में चंडीगढ़, कोयंबटूर, गुड़गांव, पुणे और रांची में शुरू की गई है. यह सुविधा इसलिए शुरू की गई है ताकि ग्राहकों को समय पर और जल्दी में रिफिल मुहैया कराया जा सके. इस कदम से एलजीपी वितरकों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा देखी जाएगी जिससे उन्हें अपनी रेटिंग सुधारने में मदद मिलेगी. एक तरफ उपभोक्ताओं की जरूरत समय पर पूरी हो सकेगी तो दूसरी ओर गैस वितरकों का प्रदर्शन भी सुधर सकेगा.
मुम्बईः पूजा भट्ट चाहती हैं कि उनकी फिल्म 'जिस्म 2' उनके करियर में उतनी ही महत्वपूर्ण साबित हो, जितनी 1982 की फिल्म 'अर्थ' उनके पिता के लिए कामयाब साबित हुई थी. पूजा ने बताया, 'मुझे उम्मीद है कि 'जिस्म 2' मेरे लिए 'अर्थ' साबित होगी. ' पूजा ने 'पाप', 'हॉलीडे', 'धोखा', 'कजरारे' जैसी चार बॉलीवुड फिल्में निर्देशित की हैं लेकिन इनमें से कोई भी बॉक्स आफिस पर खास करिश्मा नहीं कर पाई. 'जिस्म 2' से वह सफलता, शोहरत और प्रशंसा की उम्मीद कर रही हैं. पूजा ने कहा, 'यह एक संयोग है कि मैं भी उसी दौर में हूं जहां कभी मेरे पिता थे. उन्होंने भी लगभग चार फिल्में बनाई थीं जिन्होंने बेहतर प्रदर्शन नहीं किया था. वह करियर के उस पायदान पर थे जब कुछ भी नहीं चल रहा था. ' पूजा को लगता है कि फिल्म 'अर्थ' और 'जिस्म 2' की कहानी में कुछ समानता है. उनकी फिल्म को 'केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड' से 'ए' प्रमाणपत्र मिला है. एक तरफ जब कुछ लोग टेलीवीजन पर अपने फिल्म के प्रसारण के लिए इसके दृश्यों को परिष्कृत अंदाज में पेश करते हैं वहीं पूजा का इस सम्बंध में कहना है कि ऐसा करने की बजाए वह फिल्म को 11 बजे के बाद प्रसारित करवाएंगी. उन्होंने कहा, 'मैंने एक व्यस्क फिल्म बनाई है, आप बच्चों के चैनल पर शराब नहीं बेच सकते, अतः अगर कोई अपनी फिल्म व्यस्क प्रमाणपत्र के साथ बना रहा है, मैं इसे कमजोर कैसे कर सकती हूं और दोपहर में मुख्य समय पर कैसे प्रदर्शित कर सकती हूं. ' उनका कहना है कि उनकी फिल्म के लिए घरेलू वीडियो और ऑन लाइन के विकल्प भी खुले हुए हैं. यह फिल्म तीन अगस्त को प्रदर्शित की जाएगी.
मुम्बईः पूजा भट्ट चाहती हैं कि उनकी फिल्म 'जिस्म दो' उनके करियर में उतनी ही महत्वपूर्ण साबित हो, जितनी एक हज़ार नौ सौ बयासी की फिल्म 'अर्थ' उनके पिता के लिए कामयाब साबित हुई थी. पूजा ने बताया, 'मुझे उम्मीद है कि 'जिस्म दो' मेरे लिए 'अर्थ' साबित होगी. ' पूजा ने 'पाप', 'हॉलीडे', 'धोखा', 'कजरारे' जैसी चार बॉलीवुड फिल्में निर्देशित की हैं लेकिन इनमें से कोई भी बॉक्स आफिस पर खास करिश्मा नहीं कर पाई. 'जिस्म दो' से वह सफलता, शोहरत और प्रशंसा की उम्मीद कर रही हैं. पूजा ने कहा, 'यह एक संयोग है कि मैं भी उसी दौर में हूं जहां कभी मेरे पिता थे. उन्होंने भी लगभग चार फिल्में बनाई थीं जिन्होंने बेहतर प्रदर्शन नहीं किया था. वह करियर के उस पायदान पर थे जब कुछ भी नहीं चल रहा था. ' पूजा को लगता है कि फिल्म 'अर्थ' और 'जिस्म दो' की कहानी में कुछ समानता है. उनकी फिल्म को 'केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड' से 'ए' प्रमाणपत्र मिला है. एक तरफ जब कुछ लोग टेलीवीजन पर अपने फिल्म के प्रसारण के लिए इसके दृश्यों को परिष्कृत अंदाज में पेश करते हैं वहीं पूजा का इस सम्बंध में कहना है कि ऐसा करने की बजाए वह फिल्म को ग्यारह बजे के बाद प्रसारित करवाएंगी. उन्होंने कहा, 'मैंने एक व्यस्क फिल्म बनाई है, आप बच्चों के चैनल पर शराब नहीं बेच सकते, अतः अगर कोई अपनी फिल्म व्यस्क प्रमाणपत्र के साथ बना रहा है, मैं इसे कमजोर कैसे कर सकती हूं और दोपहर में मुख्य समय पर कैसे प्रदर्शित कर सकती हूं. ' उनका कहना है कि उनकी फिल्म के लिए घरेलू वीडियो और ऑन लाइन के विकल्प भी खुले हुए हैं. यह फिल्म तीन अगस्त को प्रदर्शित की जाएगी.
हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति, जन जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक संयुक्त संघर्ष मोर्चा भोरंज की बैठक अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुरेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। संयुक्त मोर्चा का पंचायत व गांव स्तर पर गठित करने तथा प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में भोरंज से छह सदस्यों को एग्जीक्यूटिव मेंबर बनाया गया, जिनमें सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सरवन सिंह, जेआर भाटिया, रांझा राम शास्त्री, प्रेम चंद शास्त्री, पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य ध्यान सिंह और प्रीतम सिंह टाइगर को शामिल किया गया। भोरंज अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुरेश कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकांश कार्यकारिणी के सदस्यों ने शिक्षा के क्षेत्र व अन्य विभागों में सराहनीय कार्य करके सेवानिवृत्ति पाई है। उन्होंने सभी सदस्यों के पंचायत व गांव स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए सहयोग करने की अपील की। बैठक में मोर्चा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सिंह शास्त्री, महासचिव डा. किशोर आजाद, कोषाध्यक्ष सेवानिवृत्त कला अध्यापक कश्मीर सिंह सुमन, सह कोषाध्यक्ष विनय पठानिया, कायर्कारी सदस्य सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सरवन सिंह व अन्य उपस्थित रहे।
हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति, जन जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक संयुक्त संघर्ष मोर्चा भोरंज की बैठक अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुरेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। संयुक्त मोर्चा का पंचायत व गांव स्तर पर गठित करने तथा प्रचार-प्रसार करने का निर्णय लिया गया। बैठक में भोरंज से छह सदस्यों को एग्जीक्यूटिव मेंबर बनाया गया, जिनमें सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सरवन सिंह, जेआर भाटिया, रांझा राम शास्त्री, प्रेम चंद शास्त्री, पूर्व ब्लॉक समिति सदस्य ध्यान सिंह और प्रीतम सिंह टाइगर को शामिल किया गया। भोरंज अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुरेश कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अधिकांश कार्यकारिणी के सदस्यों ने शिक्षा के क्षेत्र व अन्य विभागों में सराहनीय कार्य करके सेवानिवृत्ति पाई है। उन्होंने सभी सदस्यों के पंचायत व गांव स्तर पर लोगों को जागरूक करने के लिए सहयोग करने की अपील की। बैठक में मोर्चा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सिंह शास्त्री, महासचिव डा. किशोर आजाद, कोषाध्यक्ष सेवानिवृत्त कला अध्यापक कश्मीर सिंह सुमन, सह कोषाध्यक्ष विनय पठानिया, कायर्कारी सदस्य सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सरवन सिंह व अन्य उपस्थित रहे।
Ratan Tata: रतन टाटा हमेशा साहसिक और व्यावसायिक कदमों के लिए जाने जाते हैं। उनके हर प्रयास की पूरे देश में सराहना की जाती है। रतन टाटा ने वरिष्ठ नागरिकों को सेवा के रूप में सहयोग देने वाले स्टार्टअप गुडफेलोज में निवेश की घोषणा की है। हालांकि, निवेश की रकम के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। बता दें कि टाटा समूह से रिटायरमेंट के बाद से रतन टाटा, कई स्टार्टअप में पैसे लगा चुके हैं। यह स्टार्टअप वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों के साथी के रूप में 'काम' करने के लिए युवा स्नातकों को काम पर रखता है। कंपनी मुंबई में अपने बीटा चरण में पिछले छह महीनों से 20 बुजुर्गों के साथ काम कर रही है और आगे पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु में सेवाएं देने की योजना बना रही है। अब रतन टाटा ने जिस नए स्टार्टअप में निवेश का ऐलान किया है, उसकी स्थापना शांतनु नायडू ने की है। कॉर्नेल विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले 25 वर्षीय नायडू टाटा के कार्यालय में हैं और 2018 से टाटा की सहायता कर रहे हैं। 84 वर्षीय रतन टाटा ने स्टार्टअप की तारीफ की और कहा कि जब तक आप वास्तव में बूढ़े नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी बूढ़े होने का मन नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छे स्वभाव वाला साथी हासिल करना भी एक चुनौती है।
Ratan Tata: रतन टाटा हमेशा साहसिक और व्यावसायिक कदमों के लिए जाने जाते हैं। उनके हर प्रयास की पूरे देश में सराहना की जाती है। रतन टाटा ने वरिष्ठ नागरिकों को सेवा के रूप में सहयोग देने वाले स्टार्टअप गुडफेलोज में निवेश की घोषणा की है। हालांकि, निवेश की रकम के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। बता दें कि टाटा समूह से रिटायरमेंट के बाद से रतन टाटा, कई स्टार्टअप में पैसे लगा चुके हैं। यह स्टार्टअप वरिष्ठ नागरिक ग्राहकों के साथी के रूप में 'काम' करने के लिए युवा स्नातकों को काम पर रखता है। कंपनी मुंबई में अपने बीटा चरण में पिछले छह महीनों से बीस बुजुर्गों के साथ काम कर रही है और आगे पुणे, चेन्नई और बेंगलुरु में सेवाएं देने की योजना बना रही है। अब रतन टाटा ने जिस नए स्टार्टअप में निवेश का ऐलान किया है, उसकी स्थापना शांतनु नायडू ने की है। कॉर्नेल विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले पच्चीस वर्षीय नायडू टाटा के कार्यालय में हैं और दो हज़ार अट्ठारह से टाटा की सहायता कर रहे हैं। चौरासी वर्षीय रतन टाटा ने स्टार्टअप की तारीफ की और कहा कि जब तक आप वास्तव में बूढ़े नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी बूढ़े होने का मन नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छे स्वभाव वाला साथी हासिल करना भी एक चुनौती है।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
चारों कंपनियों के इक्विटी शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे। यह निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका हो सकता है। बता दें कि 2022 में अब तक 22 कंपनियों ने 44000 करोड़ रुपये से अधिक का आईपीओ जारी किया है। नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। निवेशकों को इस हफ्ते शेयर बाजार से कमाई करने का बड़ा मौका हाथ लग सकता है। चार कंपनियां इस सप्ताह अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही हैं। आईपीओ के जरिए 4,500 करोड़ रुपये जुटाने का प्रयास किया जाएगा। ग्लोबल हेल्थ लिमिटेड, जो मेदांता ब्रांड के तहत अस्पतालों का संचालन करती है, के अलावा फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड, डीसीएक्स सिस्टम्स और बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल इस हफ्ते अपना आईपीओ बाजार में लेकर आएंगे। इन चारों कंपनियों को आईपीओ के जरिए 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त करने की उम्मीद है। इनके अलावा यूनिपार्ट्स इंडिया और फाइव स्टार बिजनेस फाइनेंस के भी नवंबर में अपना आईपीओ उतारने की उम्मीद है। DCX सिस्टम्स के शेयरों का सब्स्क्रिशप्शन 31 अक्टूबर को खुलेगा और 2 नवंबर को समाप्त होगा, जबकि फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस की बिक्री 2-4 नवंबर के दौरान खुली रहेगी। ग्लोबल हेल्थ और बीकाजी फूड्स के आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 3 नवंबर को खुलेंगे और 7 नवंबर को बंद होंगे। 2022 में अब तक 22 कंपनियों ने 44,000 करोड़ रुपये से अधिक के आईपीओ जारी किए हैं। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में 63 आईपीओ ने 1. 19 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाए थे। जानकारों का मानना है कि सेकेंडरी मार्केट की अस्थिरता ने 2022 में आईपीओ के प्रति कंपनियों के आकर्षण को कम किया है। आगे भी इसके कमजोर रहने की उम्मीद है। डीसीएक्स सिस्टम्स के आईपीओ में 400 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और प्रमोटरों एनसीबीजी होल्डिंग्स इंक और वीएनजी टेक्नोलॉजी द्वारा 100 करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों की बिक्री की पेशकश (ओएफएस) शामिल है। बेंगलुरु की ये कंपनी पहले ही एंकर निवेशकों से 225 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। इसने अपने इश्यू के लिए प्रति शेयर 197-207 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। नए इश्यू से प्राप्त आय का उपयोग कर्ज चुकाने, कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं और सहायक कंपनी रानियल एडवांस्ड सिस्टम्स में पूंजीगत व्यय की फंडिंग के लिए किया जाएगा। फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस अपने आईपीओ से 1,104 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसमें 600 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर जारी करना और प्रमोटरों और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 13,695,466 इक्विटी शेयरों की बिक्री की पेशकश शामिल है। नए निर्गम से प्राप्त शुद्ध आय का उपयोग माइक्रोफाइनेंस फर्म के पूंजी आधार को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। कंपनी ने 350-368 रुपये प्रति शेयर का मूल्य बैंड तय किया है। ग्लोबल हेल्थ के आईपीओ में 500 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों का एक नया इश्यू और अनंत इन्वेस्टमेंट्स द्वारा 5. 08 करोड़ इक्विटी शेयरों का एक ओएफएस शामिल है। आईपीओ का प्राइस बैंड 319-336 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। प्राइस बैंड की ऊपरी सीमा के आधार पर कंपनी को इश्यू के जरिए 2,206 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। ताजा निर्गम से प्राप्त राशि का उपयोग ऋण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। बीकाजी अपनी शुरुआती शेयर बिक्री के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। राजस्थान स्थित कंपनी के कुछ शेयरधारक और इसके प्रमोटर शिव रतन अग्रवाल और दीपक अग्रवाल ओएफएस के माध्यम से लगभग 2. 94 करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे।
चारों कंपनियों के इक्विटी शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे। यह निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका हो सकता है। बता दें कि दो हज़ार बाईस में अब तक बाईस कंपनियों ने चौंतालीस हज़ार करोड़ रुपये से अधिक का आईपीओ जारी किया है। नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। निवेशकों को इस हफ्ते शेयर बाजार से कमाई करने का बड़ा मौका हाथ लग सकता है। चार कंपनियां इस सप्ताह अपना आईपीओ लाने की तैयारी कर रही हैं। आईपीओ के जरिए चार,पाँच सौ करोड़ रुपये जुटाने का प्रयास किया जाएगा। ग्लोबल हेल्थ लिमिटेड, जो मेदांता ब्रांड के तहत अस्पतालों का संचालन करती है, के अलावा फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड, डीसीएक्स सिस्टम्स और बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल इस हफ्ते अपना आईपीओ बाजार में लेकर आएंगे। इन चारों कंपनियों को आईपीओ के जरिए चार,पाँच सौ करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त करने की उम्मीद है। इनके अलावा यूनिपार्ट्स इंडिया और फाइव स्टार बिजनेस फाइनेंस के भी नवंबर में अपना आईपीओ उतारने की उम्मीद है। DCX सिस्टम्स के शेयरों का सब्स्क्रिशप्शन इकतीस अक्टूबर को खुलेगा और दो नवंबर को समाप्त होगा, जबकि फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस की बिक्री दो-चार नवंबर के दौरान खुली रहेगी। ग्लोबल हेल्थ और बीकाजी फूड्स के आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए तीन नवंबर को खुलेंगे और सात नवंबर को बंद होंगे। दो हज़ार बाईस में अब तक बाईस कंपनियों ने चौंतालीस,शून्य करोड़ रुपये से अधिक के आईपीओ जारी किए हैं। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, दो हज़ार इक्कीस में तिरेसठ आईपीओ ने एक. उन्नीस लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटाए थे। जानकारों का मानना है कि सेकेंडरी मार्केट की अस्थिरता ने दो हज़ार बाईस में आईपीओ के प्रति कंपनियों के आकर्षण को कम किया है। आगे भी इसके कमजोर रहने की उम्मीद है। डीसीएक्स सिस्टम्स के आईपीओ में चार सौ करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों का नया इश्यू और प्रमोटरों एनसीबीजी होल्डिंग्स इंक और वीएनजी टेक्नोलॉजी द्वारा एक सौ करोड़ रुपये तक के इक्विटी शेयरों की बिक्री की पेशकश शामिल है। बेंगलुरु की ये कंपनी पहले ही एंकर निवेशकों से दो सौ पच्चीस करोड़ रुपये जुटा चुकी है। इसने अपने इश्यू के लिए प्रति शेयर एक सौ सत्तानवे-दो सौ सात रुपयापये का प्राइस बैंड तय किया है। नए इश्यू से प्राप्त आय का उपयोग कर्ज चुकाने, कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं और सहायक कंपनी रानियल एडवांस्ड सिस्टम्स में पूंजीगत व्यय की फंडिंग के लिए किया जाएगा। फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस अपने आईपीओ से एक,एक सौ चार करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसमें छः सौ करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर जारी करना और प्रमोटरों और मौजूदा शेयरधारकों द्वारा तेरह,छः सौ पचानवे,चार सौ छयासठ इक्विटी शेयरों की बिक्री की पेशकश शामिल है। नए निर्गम से प्राप्त शुद्ध आय का उपयोग माइक्रोफाइनेंस फर्म के पूंजी आधार को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। कंपनी ने तीन सौ पचास-तीन सौ अड़सठ रुपयापये प्रति शेयर का मूल्य बैंड तय किया है। ग्लोबल हेल्थ के आईपीओ में पाँच सौ करोड़ रुपये के इक्विटी शेयरों का एक नया इश्यू और अनंत इन्वेस्टमेंट्स द्वारा पाँच. आठ करोड़ इक्विटी शेयरों का एक ओएफएस शामिल है। आईपीओ का प्राइस बैंड तीन सौ उन्नीस-तीन सौ छत्तीस रुपयापये प्रति शेयर तय किया गया है। प्राइस बैंड की ऊपरी सीमा के आधार पर कंपनी को इश्यू के जरिए दो,दो सौ छः करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। ताजा निर्गम से प्राप्त राशि का उपयोग ऋण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। बीकाजी अपनी शुरुआती शेयर बिक्री के जरिए एक,शून्य करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। राजस्थान स्थित कंपनी के कुछ शेयरधारक और इसके प्रमोटर शिव रतन अग्रवाल और दीपक अग्रवाल ओएफएस के माध्यम से लगभग दो. चौरानवे करोड़ शेयरों की बिक्री करेंगे।