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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डेंगू रोग के उपचार के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इस रोग से बचाव व उपचार के सम्बन्ध में जनपद स्तर पर सम्बन्धित जिलाधिकारी के नेतृत्व में एक अभियान चलाया जाए। यादव आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में डेंगू रोग के उपचार कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डेंगू रोग के उपचार के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इस रोग से बचाव व उपचार के सम्बन्ध में जनपद स्तर पर सम्बन्धित जिलाधिकारी के नेतृत्व में एक अभियान चलाया जाए। यादव आज यहां अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में डेंगू रोग के उपचार कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
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शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ।
श्रीहर्ष 12वीं सदी के संस्कृत के प्रसिद्ध कवि। वे बनारस एवं कन्नौज के गहड़वाल शासकों - विजयचन्द्र एवं जयचन्द्र की राजसभा को सुशोभित करते थे। उन्होंने कई ग्रन्थों की रचना की, जिनमें 'नैषधीयचरित्' महाकाव्य उनकी कीर्ति का स्थायी स्मारक है। नैषधचरित में निषध देश के शासक नल तथा विदर्भ के शासक भीम की कन्या दमयन्ती के प्रणय सम्बन्धों तथा अन्ततोगत्वा उनके विवाह की कथा का काव्यात्मक वर्णन मिलता है। . निम्नलिखित सूची अंग्रेजी (रोमन) से मशीनी लिप्यन्तरण द्वारा तैयार की गयी है। इसमें बहुत सी त्रुटियाँ हैं। विद्वान कृपया इन्हें ठीक करने का कष्ट करे। .
श्रीहर्ष और संस्कृत ग्रन्थों की सूची आम में 4 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): भारवि, हर्षवर्धन, काव्यप्रकाश, किरातार्जुनीयम्।
भारवि (छठी शताब्दी) संस्कृत के महान कवि हैं। वे अर्थ की गौरवता के लिये प्रसिद्ध हैं ("भारवेरर्थगौरवं")। किरातार्जुनीयम् महाकाव्य उनकी महान रचना है। इसे एक उत्कृष्ट श्रेणी की काव्यरचना माना जाता है। इनका काल छठी-सातवीं शताब्दि बताया जाता है। यह काव्य किरातरूपधारी शिव एवं पांडुपुत्र अर्जुन के बीच के धनुर्युद्ध तथा वाद-वार्तालाप पर केंद्रित है। महाभारत के एक पर्व पर आधारित इस महाकाव्य में अट्ठारह सर्ग हैं। भारवि सम्भवतः दक्षिण भारत के कहीं जन्मे थे। उनका रचनाकाल पश्चिमी गंग राजवंश के राजा दुर्विनीत तथा पल्लव राजवंश के राजा सिंहविष्णु के शासनकाल के समय का है। कवि ने बड़े से बड़े अर्थ को थोड़े से शब्दों में प्रकट कर अपनी काव्य-कुशलता का परिचय दिया है। कोमल भावों का प्रदर्शन भी कुशलतापूर्वक किया गया है। इसकी भाषा उदात्त एवं हृदय भावों को प्रकट करने वाली है। प्रकृति के दृश्यों का वर्णन भी अत्यन्त मनोहारी है। भारवि ने केवल एक अक्षर 'न' वाला श्लोक लिखकर अपनी काव्य चातुरी का परिचय दिया है। .
हर्षवर्धन का साम्राज्य हर्ष का टीला हर्षवर्धन (590-647 ई.) प्राचीन भारत में एक राजा था जिसने उत्तरी भारत में अपना एक सुदृढ़ साम्राज्य स्थापित किया था। वह हिंदू सम्राट् था जिसने पंजाब छोड़कर शेष समस्त उत्तरी भारत पर राज्य किया। शशांक की मृत्यु के उपरांत वह बंगाल को भी जीतने में समर्थ हुआ। हर्षवर्धन के शासनकाल का इतिहास मगध से प्राप्त दो ताम्रपत्रों, राजतरंगिणी, चीनी यात्री युवान् च्वांग के विवरण और हर्ष एवं बाणभट्टरचित संस्कृत काव्य ग्रंथों में प्राप्त है। शासनकाल ६०६ से ६४७ ई.। वंश - थानेश्वर का पुष्यभूति वंश। उसके पिता का नाम 'प्रभाकरवर्धन' था। राजवर्धन उसका बड़ा भाई और राज्यश्री उसकी बड़ी बहन थी। ६०५ ई. में प्रभाकरवर्धन की मृत्यु के पश्चात् राजवर्धन राजा हुआ पर मालव नरेश देवगुप्त और गौड़ नरेश शंशांक की दुरभिसंधि वश मारा गया। हर्षवर्धन 606 में गद्दी पर बैठा। हर्षवर्धन ने बहन राज्यश्री का विंध्याटवी से उद्धार किया, थानेश्वर और कन्नौज राज्यों का एकीकरण किया। देवगुप्त से मालवा छीन लिया। शंशाक को गौड़ भगा दिया। दक्षिण पर अभियान किया पर आंध्र पुलकैशिन द्वितीय द्वारा रोक दिया गया। उसने साम्राज्य को सुंदर शासन दिया। धर्मों के विषय में उदार नीति बरती। विदेशी यात्रियों का सम्मान किया। चीनी यात्री युवेन संग ने उसकी बड़ी प्रशंसा की है। प्रति पाँचवें वर्ष वह सर्वस्व दान करता था। इसके लिए बहुत बड़ा धार्मिक समारोह करता था। कन्नौज और प्रयाग के समारोहों में युवेन संग उपस्थित था। हर्ष साहित्य और कला का पोषक था। कादंबरीकार बाणभट्ट उसका अनन्य मित्र था। हर्ष स्वयं पंडित था। वह वीणा बजाता था। उसकी लिखी तीन नाटिकाएँ नागानंद, रत्नावली और प्रियदर्शिका संस्कृत साहित्य की अमूल्य निधियाँ हैं। हर्षवर्धन का हस्ताक्षर मिला है जिससे उसका कलाप्रेम प्रगट होता है। गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद भारत में (मुख्यतः उत्तरी भाग में) अराजकता की स्थिति बना हुई थी। ऐसी स्थिति में हर्ष के शासन ने राजनैतिक स्थिरता प्रदान की। कवि बाणभट्ट ने उसकी जीवनी हर्षचरित में उसे चतुःसमुद्राधिपति एवं सर्वचक्रवर्तिनाम धीरयेः आदि उपाधियों से अलंकृत किया। हर्ष कवि और नाटककार भी था। उसके लिखे गए दो नाटक प्रियदर्शिका और रत्नावली प्राप्त होते हैं। हर्ष का जन्म थानेसर (वर्तमान में हरियाणा) में हुआ था। थानेसर, प्राचीन हिन्दुओं के तीर्थ केन्द्रों में से एक है तथा ५१ शक्तिपीठों में एक है। यह अब एक छोटा नगर है जो दिल्ली के उत्तर में हरियाणा राज्य में बने नये कुरुक्षेत्र के आस-पडोस में स्थित है। हर्ष के मूल और उत्पत्ति के संर्दभ में एक शिलालेख प्राप्त हुई है जो कि गुजरात राज्य के गुन्डा जिले में खोजी गयी है। .
काव्यप्रकाश (संस्कृत में काव्यप्रकाशः), आचार्य मम्मट द्वारा रचित काव्य की परख कैसे की जाय इस विषय पर उदाहरण सहित लिखा गया एक विस्तृत एवं अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं प्रामाणिक ग्रंथ माना जाता है। इस ग्रंथ का अध्ययन आज भी विश्वविद्यालयों के संस्कृत विभाग में पढ़ने वाले साहित्य के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण समझा जाता है। .
अर्जुन शिव को पहचान जाते हैं और नतमस्तक हो जाते हैं। (राजा रवि वर्मा द्वारा१९वीं शती में चित्रित) किरातार्जुनीयम् महाकवि भारवि द्वारा सातवीं शती ई. में रचित महाकाव्य है जिसे संस्कृत साहित्य में महाकाव्यों की 'वृहत्त्रयी' में स्थान प्राप्त है। महाभारत में वर्णित किरातवेशी शिव के साथ अर्जुन के युद्ध की लघु कथा को आधार बनाकर कवि ने राजनीति, धर्मनीति, कूटनीति, समाजनीति, युद्धनीति, जनजीवन आदि का मनोरम वर्णन किया है। यह काव्य विभिन्न रसों से ओतप्रोत है किन्तु यह मुख्यतः वीर रस प्रधान रचना है। संस्कृत के छः प्रसिद्ध महाकाव्य हैं - बृहत्त्रयी और लघुत्रयी। किरातार्जनुयीयम् (भारवि), शिशुपालवधम् (माघ) और नैषधीयचरितम् (श्रीहर्ष)- बृहत्त्रयी कहलाते हैं। कुमारसम्भवम्, रघुवंशम् और मेघदूतम् (तीनों कालिदास द्वारा रचित) - लघुत्रयी कहलाते हैं। किरातार्जुनीयम् भारवि की एकमात्र उपलब्ध कृति है, जिसने एक सांगोपांग महाकाव्य का मार्ग प्रशस्त किया। माघ-जैसे कवियों ने उसी का अनुगमन करते हुए संस्कृत साहित्य भण्डार को इस विधा से समृद्ध किया और इसे नई ऊँचाई प्रदान की। कालिदास की लघुत्रयी और अश्वघोष के बुद्धचरितम् में महाकाव्य की जिस धारा का दर्शन होता है, अपने विशिष्ट गुणों के होते हुए भी उसमें वह विषदता और समग्रता नहीं है, जिसका सूत्रपात भारवि ने किया। संस्कृत में किरातार्जुनीयम् की कम से कम 37 टीकाएँ हुई हैं, जिनमें मल्लिनाथ की टीका घंटापथ सर्वश्रेष्ठ है। सन 1912 में कार्ल कैप्पलर ने हारवर्ड ओरियेंटल सीरीज के अंतर्गत किरातार्जुनीयम् का जर्मन अनुवाद किया। अंग्रेजी में भी इसके भिन्न-भिन्न भागों के छः से अधिक अनुवाद हो चुके हैं। .
श्रीहर्ष 18 संबंध है और संस्कृत ग्रन्थों की सूची 253 है। वे आम 4 में है, समानता सूचकांक 1.48% है = 4 / (18 + 253)।
यह लेख श्रीहर्ष और संस्कृत ग्रन्थों की सूची के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
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शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। श्रीहर्ष बारहवीं सदी के संस्कृत के प्रसिद्ध कवि। वे बनारस एवं कन्नौज के गहड़वाल शासकों - विजयचन्द्र एवं जयचन्द्र की राजसभा को सुशोभित करते थे। उन्होंने कई ग्रन्थों की रचना की, जिनमें 'नैषधीयचरित्' महाकाव्य उनकी कीर्ति का स्थायी स्मारक है। नैषधचरित में निषध देश के शासक नल तथा विदर्भ के शासक भीम की कन्या दमयन्ती के प्रणय सम्बन्धों तथा अन्ततोगत्वा उनके विवाह की कथा का काव्यात्मक वर्णन मिलता है। . निम्नलिखित सूची अंग्रेजी से मशीनी लिप्यन्तरण द्वारा तैयार की गयी है। इसमें बहुत सी त्रुटियाँ हैं। विद्वान कृपया इन्हें ठीक करने का कष्ट करे। . श्रीहर्ष और संस्कृत ग्रन्थों की सूची आम में चार बातें हैं : भारवि, हर्षवर्धन, काव्यप्रकाश, किरातार्जुनीयम्। भारवि संस्कृत के महान कवि हैं। वे अर्थ की गौरवता के लिये प्रसिद्ध हैं । किरातार्जुनीयम् महाकाव्य उनकी महान रचना है। इसे एक उत्कृष्ट श्रेणी की काव्यरचना माना जाता है। इनका काल छठी-सातवीं शताब्दि बताया जाता है। यह काव्य किरातरूपधारी शिव एवं पांडुपुत्र अर्जुन के बीच के धनुर्युद्ध तथा वाद-वार्तालाप पर केंद्रित है। महाभारत के एक पर्व पर आधारित इस महाकाव्य में अट्ठारह सर्ग हैं। भारवि सम्भवतः दक्षिण भारत के कहीं जन्मे थे। उनका रचनाकाल पश्चिमी गंग राजवंश के राजा दुर्विनीत तथा पल्लव राजवंश के राजा सिंहविष्णु के शासनकाल के समय का है। कवि ने बड़े से बड़े अर्थ को थोड़े से शब्दों में प्रकट कर अपनी काव्य-कुशलता का परिचय दिया है। कोमल भावों का प्रदर्शन भी कुशलतापूर्वक किया गया है। इसकी भाषा उदात्त एवं हृदय भावों को प्रकट करने वाली है। प्रकृति के दृश्यों का वर्णन भी अत्यन्त मनोहारी है। भारवि ने केवल एक अक्षर 'न' वाला श्लोक लिखकर अपनी काव्य चातुरी का परिचय दिया है। . हर्षवर्धन का साम्राज्य हर्ष का टीला हर्षवर्धन प्राचीन भारत में एक राजा था जिसने उत्तरी भारत में अपना एक सुदृढ़ साम्राज्य स्थापित किया था। वह हिंदू सम्राट् था जिसने पंजाब छोड़कर शेष समस्त उत्तरी भारत पर राज्य किया। शशांक की मृत्यु के उपरांत वह बंगाल को भी जीतने में समर्थ हुआ। हर्षवर्धन के शासनकाल का इतिहास मगध से प्राप्त दो ताम्रपत्रों, राजतरंगिणी, चीनी यात्री युवान् च्वांग के विवरण और हर्ष एवं बाणभट्टरचित संस्कृत काव्य ग्रंथों में प्राप्त है। शासनकाल छः सौ छः से छः सौ सैंतालीस ई.। वंश - थानेश्वर का पुष्यभूति वंश। उसके पिता का नाम 'प्रभाकरवर्धन' था। राजवर्धन उसका बड़ा भाई और राज्यश्री उसकी बड़ी बहन थी। छः सौ पाँच ई. में प्रभाकरवर्धन की मृत्यु के पश्चात् राजवर्धन राजा हुआ पर मालव नरेश देवगुप्त और गौड़ नरेश शंशांक की दुरभिसंधि वश मारा गया। हर्षवर्धन छः सौ छः में गद्दी पर बैठा। हर्षवर्धन ने बहन राज्यश्री का विंध्याटवी से उद्धार किया, थानेश्वर और कन्नौज राज्यों का एकीकरण किया। देवगुप्त से मालवा छीन लिया। शंशाक को गौड़ भगा दिया। दक्षिण पर अभियान किया पर आंध्र पुलकैशिन द्वितीय द्वारा रोक दिया गया। उसने साम्राज्य को सुंदर शासन दिया। धर्मों के विषय में उदार नीति बरती। विदेशी यात्रियों का सम्मान किया। चीनी यात्री युवेन संग ने उसकी बड़ी प्रशंसा की है। प्रति पाँचवें वर्ष वह सर्वस्व दान करता था। इसके लिए बहुत बड़ा धार्मिक समारोह करता था। कन्नौज और प्रयाग के समारोहों में युवेन संग उपस्थित था। हर्ष साहित्य और कला का पोषक था। कादंबरीकार बाणभट्ट उसका अनन्य मित्र था। हर्ष स्वयं पंडित था। वह वीणा बजाता था। उसकी लिखी तीन नाटिकाएँ नागानंद, रत्नावली और प्रियदर्शिका संस्कृत साहित्य की अमूल्य निधियाँ हैं। हर्षवर्धन का हस्ताक्षर मिला है जिससे उसका कलाप्रेम प्रगट होता है। गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद भारत में अराजकता की स्थिति बना हुई थी। ऐसी स्थिति में हर्ष के शासन ने राजनैतिक स्थिरता प्रदान की। कवि बाणभट्ट ने उसकी जीवनी हर्षचरित में उसे चतुःसमुद्राधिपति एवं सर्वचक्रवर्तिनाम धीरयेः आदि उपाधियों से अलंकृत किया। हर्ष कवि और नाटककार भी था। उसके लिखे गए दो नाटक प्रियदर्शिका और रत्नावली प्राप्त होते हैं। हर्ष का जन्म थानेसर में हुआ था। थानेसर, प्राचीन हिन्दुओं के तीर्थ केन्द्रों में से एक है तथा इक्यावन शक्तिपीठों में एक है। यह अब एक छोटा नगर है जो दिल्ली के उत्तर में हरियाणा राज्य में बने नये कुरुक्षेत्र के आस-पडोस में स्थित है। हर्ष के मूल और उत्पत्ति के संर्दभ में एक शिलालेख प्राप्त हुई है जो कि गुजरात राज्य के गुन्डा जिले में खोजी गयी है। . काव्यप्रकाश , आचार्य मम्मट द्वारा रचित काव्य की परख कैसे की जाय इस विषय पर उदाहरण सहित लिखा गया एक विस्तृत एवं अत्यंत महत्त्वपूर्ण एवं प्रामाणिक ग्रंथ माना जाता है। इस ग्रंथ का अध्ययन आज भी विश्वविद्यालयों के संस्कृत विभाग में पढ़ने वाले साहित्य के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण समझा जाता है। . अर्जुन शिव को पहचान जाते हैं और नतमस्तक हो जाते हैं। किरातार्जुनीयम् महाकवि भारवि द्वारा सातवीं शती ई. में रचित महाकाव्य है जिसे संस्कृत साहित्य में महाकाव्यों की 'वृहत्त्रयी' में स्थान प्राप्त है। महाभारत में वर्णित किरातवेशी शिव के साथ अर्जुन के युद्ध की लघु कथा को आधार बनाकर कवि ने राजनीति, धर्मनीति, कूटनीति, समाजनीति, युद्धनीति, जनजीवन आदि का मनोरम वर्णन किया है। यह काव्य विभिन्न रसों से ओतप्रोत है किन्तु यह मुख्यतः वीर रस प्रधान रचना है। संस्कृत के छः प्रसिद्ध महाकाव्य हैं - बृहत्त्रयी और लघुत्रयी। किरातार्जनुयीयम् , शिशुपालवधम् और नैषधीयचरितम् - बृहत्त्रयी कहलाते हैं। कुमारसम्भवम्, रघुवंशम् और मेघदूतम् - लघुत्रयी कहलाते हैं। किरातार्जुनीयम् भारवि की एकमात्र उपलब्ध कृति है, जिसने एक सांगोपांग महाकाव्य का मार्ग प्रशस्त किया। माघ-जैसे कवियों ने उसी का अनुगमन करते हुए संस्कृत साहित्य भण्डार को इस विधा से समृद्ध किया और इसे नई ऊँचाई प्रदान की। कालिदास की लघुत्रयी और अश्वघोष के बुद्धचरितम् में महाकाव्य की जिस धारा का दर्शन होता है, अपने विशिष्ट गुणों के होते हुए भी उसमें वह विषदता और समग्रता नहीं है, जिसका सूत्रपात भारवि ने किया। संस्कृत में किरातार्जुनीयम् की कम से कम सैंतीस टीकाएँ हुई हैं, जिनमें मल्लिनाथ की टीका घंटापथ सर्वश्रेष्ठ है। सन एक हज़ार नौ सौ बारह में कार्ल कैप्पलर ने हारवर्ड ओरियेंटल सीरीज के अंतर्गत किरातार्जुनीयम् का जर्मन अनुवाद किया। अंग्रेजी में भी इसके भिन्न-भिन्न भागों के छः से अधिक अनुवाद हो चुके हैं। . श्रीहर्ष अट्ठारह संबंध है और संस्कृत ग्रन्थों की सूची दो सौ तिरेपन है। वे आम चार में है, समानता सूचकांक एक.अड़तालीस% है = चार / । यह लेख श्रीहर्ष और संस्कृत ग्रन्थों की सूची के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
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कुशीनगर में नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के देवगांव के समीप एनएच 28 बी की पश्चिमी पटरी से सटे गड्ढे में उगी झाड़ियों के बीच 40 वर्षीय महिला को बेहोशी की हालत में मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से उसे सीएचसी पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
शनिवार को कुछ बच्चों ने देवगांव के सरेह में एनएच 28 बी की पश्चिमी पटरी से सटे गड्ढे में उगी झाड़ियों के बीच एक महिला को पड़ा देख शोर मचाया। जागरूक लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से उसे सीएचसी नेबुआ नौरंगिया पहुंचाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे संयुक्त जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। महिला की पहचान बलकुड़िया निवासी रामबेलास की पत्नी गीता के रूप में हुई है। महिला किन हालात में यहां पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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कुशीनगर में नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के देवगांव के समीप एनएच अट्ठाईस बी की पश्चिमी पटरी से सटे गड्ढे में उगी झाड़ियों के बीच चालीस वर्षीय महिला को बेहोशी की हालत में मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से उसे सीएचसी पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शनिवार को कुछ बच्चों ने देवगांव के सरेह में एनएच अट्ठाईस बी की पश्चिमी पटरी से सटे गड्ढे में उगी झाड़ियों के बीच एक महिला को पड़ा देख शोर मचाया। जागरूक लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से उसे सीएचसी नेबुआ नौरंगिया पहुंचाया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे संयुक्त जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। महिला की पहचान बलकुड़िया निवासी रामबेलास की पत्नी गीता के रूप में हुई है। महिला किन हालात में यहां पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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मुम्बई : अभिनेता कार्तिक आर्यन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उनके फैंस उनके साथ सेल्फी लेते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में कार्तिक के साथ कुछ उत्साहित फैंस सेल्फी लेते नजऱ आते हैं, तभी एक महिला फैन उनके गाल को प्यार से खींचती नजऱ आती हैं. महिला फैन की इस हरकत से कार्तिक पूरी तरह शर्मा जाते हैं. कार्तिक आर्यन का ये वीडियो किसी एयरपोर्ट के बाहर का बताया जा रहा है. वीडियो में महिला फैन भी कहती नजऱ आ रही हैं कि उनको केरला की फ्लाइट पकडऩी है. महिला फैन कार्तिक से कहती हैं को सेल्फी वो खुद लें, लेकिन कार्तिक बड़े प्यार से उन्हें कहते हैं कि वो नहीं ले सकते क्योंकि वो कुछ और इंडोर्स कर रहे हैं. फिर महिला फैन खुद ही एक के बाद एक कई सेल्फी लेती हैं.
इस दौरान कार्तिक आर्यन फैंस के साथ बड़े प्यार और मुहब्बत के साथ पेश आते हैं. पूरी बातचीत और सेल्फी लेने के दौरान कार्तिक फैंस के साथ काफी मुस्कुराकर और खुशी से मिलते जुलते नजऱ आए. कार्तिक आर्यन बॉलीवुड के उन नौजवान सितारों में से हैं, जिनकी फैन फोलोविंग काफी अच्छी है. कार्तिक के फिल्मों की बात करें तो वो फिलहाल सारा अली खान के साथ 'लव आज कल 2' और अनन्या पांडे और भूमि पेडनेकर के साथ 'पति पत्नी और वो' की शूटिंग में बिज़ी हैं ये दोनों ही फिल्में सीक्वल हैं. 'पति पत्नी और वो' का निर्देशन मुदस्सर अज़ीज कर रहे हैं, जबकि 'लव आज कल' के सीक्वल का निर्देशन इम्तियाज़ अली कर रहे हैं. 'पति पत्नी और वो' वो इसी साल 6 दिसंबर को रिलीज़ होगी.
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मुम्बई : अभिनेता कार्तिक आर्यन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उनके फैंस उनके साथ सेल्फी लेते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में कार्तिक के साथ कुछ उत्साहित फैंस सेल्फी लेते नजऱ आते हैं, तभी एक महिला फैन उनके गाल को प्यार से खींचती नजऱ आती हैं. महिला फैन की इस हरकत से कार्तिक पूरी तरह शर्मा जाते हैं. कार्तिक आर्यन का ये वीडियो किसी एयरपोर्ट के बाहर का बताया जा रहा है. वीडियो में महिला फैन भी कहती नजऱ आ रही हैं कि उनको केरला की फ्लाइट पकडऩी है. महिला फैन कार्तिक से कहती हैं को सेल्फी वो खुद लें, लेकिन कार्तिक बड़े प्यार से उन्हें कहते हैं कि वो नहीं ले सकते क्योंकि वो कुछ और इंडोर्स कर रहे हैं. फिर महिला फैन खुद ही एक के बाद एक कई सेल्फी लेती हैं. इस दौरान कार्तिक आर्यन फैंस के साथ बड़े प्यार और मुहब्बत के साथ पेश आते हैं. पूरी बातचीत और सेल्फी लेने के दौरान कार्तिक फैंस के साथ काफी मुस्कुराकर और खुशी से मिलते जुलते नजऱ आए. कार्तिक आर्यन बॉलीवुड के उन नौजवान सितारों में से हैं, जिनकी फैन फोलोविंग काफी अच्छी है. कार्तिक के फिल्मों की बात करें तो वो फिलहाल सारा अली खान के साथ 'लव आज कल दो' और अनन्या पांडे और भूमि पेडनेकर के साथ 'पति पत्नी और वो' की शूटिंग में बिज़ी हैं ये दोनों ही फिल्में सीक्वल हैं. 'पति पत्नी और वो' का निर्देशन मुदस्सर अज़ीज कर रहे हैं, जबकि 'लव आज कल' के सीक्वल का निर्देशन इम्तियाज़ अली कर रहे हैं. 'पति पत्नी और वो' वो इसी साल छः दिसंबर को रिलीज़ होगी.
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व्यंजन न मान कर घू, धू, म् आदि की तरह मूल महाप्राण व्यंजन मानते हैं । उदा० उन्होंने, कन्हैया, जिन्होंने ।
६२. मु म् का उच्चारण भी ओष्ठ्य स्पर्श व्यजनों के समान दोनो होठों को छुआ कर होता है किन्तु इसके उच्चारण मे अन्य अनुनासिक व्यंजनों के समान कुछ हवा हलक के नाक के छिद्रों मे होकर नासिका विवर में गूँज उत्पन्न करती है। म् अल्पप्रारण, घोष, ओष्ठ्य, अनुनासिक व्यंजन है ।
उदा० माता, कमाना, आम ।
६३. म्ह् म्हू महाप्राण, घोष, ओष्ठ्य, अनुनासिक व्यजन है। के समान इसे भी आधुनिक विद्वान् सयुक्त व्यजन न मान कर मूल महाप्राण व्यजन मानते हैं ।
उदा० तुम्हारा, कुम्हार, अव० बम्हा ( हि० ब्रह्मा )
छ. पार्श्विक 5% X
६४. ल् ल् के उच्चारण में जीभ की नोक ऊपर के मसूडों को · अच्छी तरह छूती है किन्तु साथ ही जीभ के दाहिने बाये जगह छूट जाती है जिसके कारण हवा पार्श्वो से निकलती रहती है। इसीलिये लू ध्वनि देर तक कही जा सकती है । ल् पार्टिवक, अल्पप्राण, घोष, वत्र्य ध्वनि है । तू ध्वनि का उच्चारण के स्थान से ही होता है किन्तु इसका उच्चारण र् की अपेक्षा सरल है इसीलिये प्रारम्भ मे बच्चे र् की जगह ल_बोलते हैं।
उदा० लाभ, खलना, बाल ।
६५. ल्हु यह् ल् का महाप्राण रूप हैं। चोलियों में इसका
कादरी, हि फा, पृ० ८७ १
सक, ए अ २८ ।
प्रयोग बराबर मिलता है। न्हू, म्ह की तरह इसे भी अन्य महाप्राण व्यजनों के समान माना गया है।
उदा० प्र० सल्हा ( हि० सलाह ), अव० पल्हावर, ब्र० काल्हि
( हि० कल ) ।
ज. लुठित
६६. र् र् के उच्चारण मे जीभ की नोक दो तीन बार वर्ल्स या ऊपर के मसूड़े को शीघ्रता से छूती है । र् लुठित, अल्पप्राण, वर्त्स्य, घोष ध्वनि है। बच्चों को इस तरह जीभ रखने में बहुत कठिनाई पड़ती है इसी लिये वच्चे बहुत दिनों तक र् का उच्चारण नहीं कर पाते ।
उदा० राम, चरण, पार
६७. रहू यह र् का महाप्रारण रूप है। बोलियों में इसका प्रयोग बराबर होता है । यह ध्वनि शब्द के मध्य में ही मिलती है। ल्ह आदि के समान रहू भी मूल ध्वनि मानी जाती है। उदा० न० कऱ्हानो ( हि० कराहना ), अव० अ (हि^
1 अरहर ) ।
झ. उत्क्षिप्त
६८. ड् ड् का उच्चारण जीभ की नोक को उलट कर नीचे के हिस्से से कठोर तालु को भटके के साथ कुछ दूर तक छूकर किया जाता है। ड़् न तो ड् की तरह, स्पर्श ध्वनि है और न र् की तरह लुठित ध्वनि है । अल्पप्राण, घोप, मूर्द्धन्य, उत्क्षिप्त ध्वनि है। हिन्दी में यह नवीन ध्वनियों में
हादरी, हि फो, पृ० ९० । सक, ए अ६३६ । कादरी, हि फो, पृ० ९२ । सक, ए अ६ ३३ ।
से एक है। ड् शब्दो के मध्य या अन्त में प्राय दो स्वरों के बीच में ही आता है।
उदा० पेड, बडा, गडन
ड और ढ का उच्चारण स्थान एक ही है किंतु महाप्रारण, घोप, मूर्द्धन्य, उत्क्षिप्त ध्वनि है । ढ वास्तव मे ड् का रूपान्तर हैद्
का नही । यह ध्वनि भी हिंदी मे नवीन है और शब्दों के मध्य या अत में
प्राय दो स्वरों के बीच मे पाई जाती है ।
उदा० बढिया, बूढा, बढ ।
ञ. सघर्षी
विसग या अघोष ह्-~हु-के उच्चारण में जीभ और तालु अथवा होठों की सहायता बिलकुल नही ली जाती। हवा को अन्दर से ज़ोर से फक कर मुस द्वार के खुले रहते हुए स्वर यन के मुख पर रगड उत्पन्न क इस ध्वनि का उच्चारण किया जाता है। विसर्गया ह और अ के उञ्चारख में मुख के समस्त अवयव समान रहते हैं, भेद केवल इतना होता है कि अ के उभारण मे हवा जोर से नही फेंकी जाती और विसग के उच्चारण मे हवा जोर से फेंकी जाती है। साथ ही विसर्ग श्र के समान घोष ध्वनि नहीं है । विसर्ग वास्तव में अधोष हूं-- ह् -- मात्र है अत इसे स्वरयनमुसी, श्रघाप, सघर्षी ध्वनि कह सकते है ।
हिंदी मे विसर्ग का प्रयोग थोड़े से संस्कृत तत्सम शब्दों में होता है। हिंदो के शब्दों में शब्द तथा छि आदि विस्मयादि बोधक शब्दों से भी इस का व्यवहार मिलता है। दु.अ शब्द मे विसर्ग ( प्रा० भा० आ० का जिह्वामूलीय ) लिखा तो जाता है लेकिन इस का उच्चारण के के समान होता है। ख् (क़्+ह् ) ठ् (ट्+ ह् ), आदि अघोष महाप्राण व्यजनों में भी विसर्ग या ह हो पाया जाता है।
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व्यंजन न मान कर घू, धू, म् आदि की तरह मूल महाप्राण व्यंजन मानते हैं । उदाशून्य उन्होंने, कन्हैया, जिन्होंने । बासठ. मु म् का उच्चारण भी ओष्ठ्य स्पर्श व्यजनों के समान दोनो होठों को छुआ कर होता है किन्तु इसके उच्चारण मे अन्य अनुनासिक व्यंजनों के समान कुछ हवा हलक के नाक के छिद्रों मे होकर नासिका विवर में गूँज उत्पन्न करती है। म् अल्पप्रारण, घोष, ओष्ठ्य, अनुनासिक व्यंजन है । उदाशून्य माता, कमाना, आम । तिरेसठ. म्ह् म्हू महाप्राण, घोष, ओष्ठ्य, अनुनासिक व्यजन है। के समान इसे भी आधुनिक विद्वान् सयुक्त व्यजन न मान कर मूल महाप्राण व्यजन मानते हैं । उदाशून्य तुम्हारा, कुम्हार, अवशून्य बम्हा छ. पार्श्विक पाँच% X चौंसठ. ल् ल् के उच्चारण में जीभ की नोक ऊपर के मसूडों को · अच्छी तरह छूती है किन्तु साथ ही जीभ के दाहिने बाये जगह छूट जाती है जिसके कारण हवा पार्श्वो से निकलती रहती है। इसीलिये लू ध्वनि देर तक कही जा सकती है । ल् पार्टिवक, अल्पप्राण, घोष, वत्र्य ध्वनि है । तू ध्वनि का उच्चारण के स्थान से ही होता है किन्तु इसका उच्चारण र् की अपेक्षा सरल है इसीलिये प्रारम्भ मे बच्चे र् की जगह ल_बोलते हैं। उदाशून्य लाभ, खलना, बाल । पैंसठ. ल्हु यह् ल् का महाप्राण रूप हैं। चोलियों में इसका कादरी, हि फा, पृशून्य सत्तासी एक सक, ए अ अट्ठाईस । प्रयोग बराबर मिलता है। न्हू, म्ह की तरह इसे भी अन्य महाप्राण व्यजनों के समान माना गया है। उदाशून्य प्रशून्य सल्हा , अवशून्य पल्हावर, ब्रशून्य काल्हि । ज. लुठित छयासठ. र् र् के उच्चारण मे जीभ की नोक दो तीन बार वर्ल्स या ऊपर के मसूड़े को शीघ्रता से छूती है । र् लुठित, अल्पप्राण, वर्त्स्य, घोष ध्वनि है। बच्चों को इस तरह जीभ रखने में बहुत कठिनाई पड़ती है इसी लिये वच्चे बहुत दिनों तक र् का उच्चारण नहीं कर पाते । उदाशून्य राम, चरण, पार सरसठ. रहू यह र् का महाप्रारण रूप है। बोलियों में इसका प्रयोग बराबर होता है । यह ध्वनि शब्द के मध्य में ही मिलती है। ल्ह आदि के समान रहू भी मूल ध्वनि मानी जाती है। उदाशून्य नशून्य कऱ्हानो , अवशून्य अ । झ. उत्क्षिप्त अड़सठ. ड् ड् का उच्चारण जीभ की नोक को उलट कर नीचे के हिस्से से कठोर तालु को भटके के साथ कुछ दूर तक छूकर किया जाता है। ड़् न तो ड् की तरह, स्पर्श ध्वनि है और न र् की तरह लुठित ध्वनि है । अल्पप्राण, घोप, मूर्द्धन्य, उत्क्षिप्त ध्वनि है। हिन्दी में यह नवीन ध्वनियों में हादरी, हि फो, पृशून्य नब्बे । सक, ए अछः सौ छत्तीस । कादरी, हि फो, पृशून्य बानवे । सक, ए अछः तैंतीस । से एक है। ड् शब्दो के मध्य या अन्त में प्राय दो स्वरों के बीच में ही आता है। उदाशून्य पेड, बडा, गडन ड और ढ का उच्चारण स्थान एक ही है किंतु महाप्रारण, घोप, मूर्द्धन्य, उत्क्षिप्त ध्वनि है । ढ वास्तव मे ड् का रूपान्तर हैद् का नही । यह ध्वनि भी हिंदी मे नवीन है और शब्दों के मध्य या अत में प्राय दो स्वरों के बीच मे पाई जाती है । उदाशून्य बढिया, बूढा, बढ । ञ. सघर्षी विसग या अघोष ह्-~हु-के उच्चारण में जीभ और तालु अथवा होठों की सहायता बिलकुल नही ली जाती। हवा को अन्दर से ज़ोर से फक कर मुस द्वार के खुले रहते हुए स्वर यन के मुख पर रगड उत्पन्न क इस ध्वनि का उच्चारण किया जाता है। विसर्गया ह और अ के उञ्चारख में मुख के समस्त अवयव समान रहते हैं, भेद केवल इतना होता है कि अ के उभारण मे हवा जोर से नही फेंकी जाती और विसग के उच्चारण मे हवा जोर से फेंकी जाती है। साथ ही विसर्ग श्र के समान घोष ध्वनि नहीं है । विसर्ग वास्तव में अधोष हूं-- ह् -- मात्र है अत इसे स्वरयनमुसी, श्रघाप, सघर्षी ध्वनि कह सकते है । हिंदी मे विसर्ग का प्रयोग थोड़े से संस्कृत तत्सम शब्दों में होता है। हिंदो के शब्दों में शब्द तथा छि आदि विस्मयादि बोधक शब्दों से भी इस का व्यवहार मिलता है। दु.अ शब्द मे विसर्ग लिखा तो जाता है लेकिन इस का उच्चारण के के समान होता है। ख् ठ् , आदि अघोष महाप्राण व्यजनों में भी विसर्ग या ह हो पाया जाता है।
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Lucknow University Exam 2020: लखनऊ विश्वविद्यालय ने अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो एमसीक्यू प्रारूप में आयोजित किए जाएंगे।
Lucknow University Exam 2020: लखनऊ विश्वविद्यालय ने अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो एमसीक्यू प्रारूप में आयोजित किए जाएंगे। स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों छात्रों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
यह परीक्षा पैटर्न केवल स्नातक कार्यक्रमों के छठे सेमेस्टर के छात्रों और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के चौथे सेमेस्टर के छात्रों के लिए मान्य है। इंटरमीडिएट सेमेस्टर से संबंधित सभी छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पास किया जाएगा।
वार्षिक प्रणाली के लिए प्रत्येक पेपर में 100 प्रश्न होंगे और छात्रों को 50 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। सेमेस्टर प्रणाली के लिए 70 प्रश्न होंगे, जिसमें से छात्रों को 35 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रत्येक विषय के पेपर में एक घंटे की अवधि होगी और प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। आंतरिक मूल्यांकन के अंकों का मूल्यांकन पिछले सेमेस्टर में दिए गए अंकों के आधार पर किया जाएगा।
विश्वविद्यालय ने अपनी अधिसूचना में यह भी बताया है कि मध्यवर्ती सेमेस्टर से संबंधित सभी छात्रों को पिछले सेमेस्टर में आंतरिक मूल्यांकन और प्रदर्शन के आधार पर अपने उच्च सेमेस्टर में पदोन्नत किया जाएगा।
अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि चल रही कोविड -19 महामारी को देखते हुए परीक्षाओं के आयोजन के दौरान कई स्वास्थ्य और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। परीक्षाएं सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों अनुसार आयोजित की जाएंगी।
यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार, देश भर के सभी विश्वविद्यालयों को अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए सितंबर 2020 के अंत तक ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड में अंतिम परीक्षा आयोजित करनी है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की जा सके।
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Lucknow University Exam दो हज़ार बीस: लखनऊ विश्वविद्यालय ने अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो एमसीक्यू प्रारूप में आयोजित किए जाएंगे। Lucknow University Exam दो हज़ार बीस: लखनऊ विश्वविद्यालय ने अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए अंतिम वर्ष की परीक्षाओं के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो एमसीक्यू प्रारूप में आयोजित किए जाएंगे। स्नातक और स्नातकोत्तर दोनों छात्रों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। यह परीक्षा पैटर्न केवल स्नातक कार्यक्रमों के छठे सेमेस्टर के छात्रों और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के चौथे सेमेस्टर के छात्रों के लिए मान्य है। इंटरमीडिएट सेमेस्टर से संबंधित सभी छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर पास किया जाएगा। वार्षिक प्रणाली के लिए प्रत्येक पेपर में एक सौ प्रश्न होंगे और छात्रों को पचास प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। सेमेस्टर प्रणाली के लिए सत्तर प्रश्न होंगे, जिसमें से छात्रों को पैंतीस प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। प्रत्येक विषय के पेपर में एक घंटे की अवधि होगी और प्रत्येक प्रश्न दो अंकों का होगा। आंतरिक मूल्यांकन के अंकों का मूल्यांकन पिछले सेमेस्टर में दिए गए अंकों के आधार पर किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने अपनी अधिसूचना में यह भी बताया है कि मध्यवर्ती सेमेस्टर से संबंधित सभी छात्रों को पिछले सेमेस्टर में आंतरिक मूल्यांकन और प्रदर्शन के आधार पर अपने उच्च सेमेस्टर में पदोन्नत किया जाएगा। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि चल रही कोविड -उन्नीस महामारी को देखते हुए परीक्षाओं के आयोजन के दौरान कई स्वास्थ्य और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। परीक्षाएं सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों अनुसार आयोजित की जाएंगी। यूजीसी के दिशानिर्देशों के अनुसार, देश भर के सभी विश्वविद्यालयों को अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिए सितंबर दो हज़ार बीस के अंत तक ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड में अंतिम परीक्षा आयोजित करनी है, ताकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की जा सके।
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आज हम आपको 43 वर्ष की एक खूबसूरत एक्ट्रेस से मिलाने जा रहे हैं। ख़ास बात यह है कि 43 साल की उम्र होने के बावजूद वो सिर्फ़ 18 साल की लगती हैं। उनकी फोटोज़ देखकर आप ख़ुद हैरान रह जाएंगे। आख़िर कौन है यह एक्ट्रेस? आइये, आपको बताते हैं।
सोशल मीडिया पर छाने वाली इस एक्ट्रेस का नाम माही गिल हैं। यह बॉलीवुड एक्ट्रेस है। माही पंजाबी और हिंदी फिल्मों में नजर आती हैं।
माही इतनी ख़ूबसूरत हैं कि 43 साल की होने के बावजूद उनकी एक झलक पाने को लोग तरसते हैं। वो अपने बोल्ड अवतार के लिये सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं। उनके लाखों फैन्स उनकी हर फोटो को लाइक और शेयर करते हैं।
माही ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत पंजाबी सिनेमा की फिल्म 'हवाई' से शुरू किया था। उन्हें बॉलीवुड में आने का मौका निर्देशक अनुराग कश्यप ने फिल्म 'देवडी' से दिया था।
माही बेहतरीन अदाकारी के लिए फिल्मफेयर में बेस्ट एक्ट्रेस का नामंकन भी मिला था। हालांकि माही काफ़ी समय से वो बड़े परदे से दूर ही हैं। फैंस उनकी वापसी के लिए इंतज़ार में बैठे हैं।
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आज हम आपको तैंतालीस वर्ष की एक खूबसूरत एक्ट्रेस से मिलाने जा रहे हैं। ख़ास बात यह है कि तैंतालीस साल की उम्र होने के बावजूद वो सिर्फ़ अट्ठारह साल की लगती हैं। उनकी फोटोज़ देखकर आप ख़ुद हैरान रह जाएंगे। आख़िर कौन है यह एक्ट्रेस? आइये, आपको बताते हैं। सोशल मीडिया पर छाने वाली इस एक्ट्रेस का नाम माही गिल हैं। यह बॉलीवुड एक्ट्रेस है। माही पंजाबी और हिंदी फिल्मों में नजर आती हैं। माही इतनी ख़ूबसूरत हैं कि तैंतालीस साल की होने के बावजूद उनकी एक झलक पाने को लोग तरसते हैं। वो अपने बोल्ड अवतार के लिये सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं। उनके लाखों फैन्स उनकी हर फोटो को लाइक और शेयर करते हैं। माही ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत पंजाबी सिनेमा की फिल्म 'हवाई' से शुरू किया था। उन्हें बॉलीवुड में आने का मौका निर्देशक अनुराग कश्यप ने फिल्म 'देवडी' से दिया था। माही बेहतरीन अदाकारी के लिए फिल्मफेयर में बेस्ट एक्ट्रेस का नामंकन भी मिला था। हालांकि माही काफ़ी समय से वो बड़े परदे से दूर ही हैं। फैंस उनकी वापसी के लिए इंतज़ार में बैठे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा है कि एमबीबीएस और इसके समकक्ष विभिन्न चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए 12 सितंबर को आयोजित 'नीट-यूजी' परीक्षा रद्द नहीं की जाएगी। न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और बी. आर. गवई की पीठ ने परीक्षा रद्द करने की मांग करने वाली रिट याचिका को महत्वहीन बताते हुए इसे खारिज कर दिया गया।
शीर्ष अदालत ने कहा कि परीक्षा में कदाचार से संबंधित सिर्फ पांच प्राथमिकी दर्ज किए जाने के कारण हम उस परीक्षा को रद्द करने का आदेश नहीं दे सकते, जिसमें करीब साढे सात लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे।
पीठ ने सुनवाई के शुरुआत में इस याचिका के महत्व पर सवाल खड़े किए। अदालत ने सुनवाई के शुरुआत में इस याचिका को गैर जरूरी करार देते हुए हुए पांच लाख रुपए जुर्माना करने का संकेत दिया था लेकिन बाद में कहा कि यह राशि उस वकील से वसूल की जानी चाहिए जिसने इस याचिका के लिए गलत सलाह दी थी।
याचिका में कहा गया था 12 सितंबर 2021 को आयोजित नीट की परीक्षा में धांधली की गई थी और इस मामले में पांच प्राथमिकियां दर्ज की गई है। इस मामले की जांच की जा रही है। याचिका में शीर्ष अदालत से गुहार लगाई गई थी की परीक्षा फिर से आयोजित की जाए जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा है कि एमबीबीएस और इसके समकक्ष विभिन्न चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए बारह सितंबर को आयोजित 'नीट-यूजी' परीक्षा रद्द नहीं की जाएगी। न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और बी. आर. गवई की पीठ ने परीक्षा रद्द करने की मांग करने वाली रिट याचिका को महत्वहीन बताते हुए इसे खारिज कर दिया गया। शीर्ष अदालत ने कहा कि परीक्षा में कदाचार से संबंधित सिर्फ पांच प्राथमिकी दर्ज किए जाने के कारण हम उस परीक्षा को रद्द करने का आदेश नहीं दे सकते, जिसमें करीब साढे सात लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। पीठ ने सुनवाई के शुरुआत में इस याचिका के महत्व पर सवाल खड़े किए। अदालत ने सुनवाई के शुरुआत में इस याचिका को गैर जरूरी करार देते हुए हुए पांच लाख रुपए जुर्माना करने का संकेत दिया था लेकिन बाद में कहा कि यह राशि उस वकील से वसूल की जानी चाहिए जिसने इस याचिका के लिए गलत सलाह दी थी। याचिका में कहा गया था बारह सितंबर दो हज़ार इक्कीस को आयोजित नीट की परीक्षा में धांधली की गई थी और इस मामले में पांच प्राथमिकियां दर्ज की गई है। इस मामले की जांच की जा रही है। याचिका में शीर्ष अदालत से गुहार लगाई गई थी की परीक्षा फिर से आयोजित की जाए जिसे अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया।
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Jamshedpur : जमशेदपुर के कदमा थाना की पुलिस ने अवैध शराब बेचने के आरोपी मोहित सिंह को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने पांच अप्रैल को ही मोहित के कदमा शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर 4 स्थित मकान में छापेमारी कर अवैध शराब जब्त किया था पर मोहित पुलिस को देखकर फरार हो गया था. पुलिस को उसकी तलाश थी.
पुलिस को सूचना मिली की मोहित अपने घर आया हुआ है. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. कदमा थाना प्रभारी मनोज ठाकुर ने बताया कि मोहित पूर्व में हत्या और डकैती जैसे मामलों में जेल जा चुका है. उसपर जिले में कुल 12 मामले दर्ज हैं. दो माह पूर्व ही वह जेल से छूटकर बाहर आया है. जेल से आने के बाद वह अवैध शराब बिक्री करने का धंधा कर रहा था. इसकी सूचना पुलिस को मिली थी. सूचना पर पुलिस ने उसके आवास पर छापेमारी की, पर मोहित पुलिस को देखकर फरार हो गया था.
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Jamshedpur : जमशेदपुर के कदमा थाना की पुलिस ने अवैध शराब बेचने के आरोपी मोहित सिंह को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने पांच अप्रैल को ही मोहित के कदमा शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर चार स्थित मकान में छापेमारी कर अवैध शराब जब्त किया था पर मोहित पुलिस को देखकर फरार हो गया था. पुलिस को उसकी तलाश थी. पुलिस को सूचना मिली की मोहित अपने घर आया हुआ है. जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. कदमा थाना प्रभारी मनोज ठाकुर ने बताया कि मोहित पूर्व में हत्या और डकैती जैसे मामलों में जेल जा चुका है. उसपर जिले में कुल बारह मामले दर्ज हैं. दो माह पूर्व ही वह जेल से छूटकर बाहर आया है. जेल से आने के बाद वह अवैध शराब बिक्री करने का धंधा कर रहा था. इसकी सूचना पुलिस को मिली थी. सूचना पर पुलिस ने उसके आवास पर छापेमारी की, पर मोहित पुलिस को देखकर फरार हो गया था.
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नई दिल्ली. वानखेड़े पर वही हुआ जिसकी मुंबई को जरुरत थी. IPL में अपनी जीत की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए मुंबई इंडियंस को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले में हर हाल में जीत चाहिए थी और वो जीत गए. दम दिखाकर दुनिया हिलाने का दावा करने वाले मुंबई की टीम की इस जीत में सबसे अहम भूमिका 'भाई' की रही . केकेआर के को-ऑनर शाहरुख खान भले ही बॉलीवुड के किंग होंगे लेकिन वानखेड़े पर 'भाई' के सामने उनकी टीम की एक न चली. मुंबई को जीत दिलाने वाले इस 'भाई' के बारे में जानने के लिए बेशक आप भी उतावले होंगे. मुंबई की जीत का क्या है 'भाई' कनेक्शन वो हम आपको बताएं उससे पहले जरा एक नजर मुकाबले के रोमांच पर डाल लीजिए.
वानखेड़े पर मुंबई इंडियंस की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 181 रन बनाए. जवाब में कोलकाता की टीम 6 विकेट पर सिर्फ 168 रन ही बना सकी और मुकाबला 13 रन से हार गई. ये कोलकाता के खिलाफ मुंबई की लगातर 7वीं जीत है. मुंबई को आखिरी बार कोलकाता ने 1125 दिन पहले साल 2015 में हराया था. तब से लेकर अब तक मुंबई कोलकाता के खिलाफ अजेय है.
मुंबई की जीत का क्या है 'भाई' कनेक्शन अब जरा वो समझिए. दरअसल, यहां 'भाई' से हमारा मतलब पांड्या ब्रदर्स यानी कि हार्दिक और क्रुणाल पांड्या से है. हार्दिक पांड्या ने अपने सोशल अकाउंट पर एक फोटो पोस्ट किया है जिसका कैप्शन उन्होंने भाई-भाई देते हुए बड़े भाई क्रुणाल पांड्या को जीत की बधाई दी है.
बता दें कि केकेआर के खिलाफ मुंबई की जीत में भाईयों की इस जोड़ी के छोटे मियां यानी कि हार्दिक पांड्या असली हीरो बनकर उभरे हैं. उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए 20 गेंदों पर नाबाद 35 रन बनाए जिसमें 4 चौका और 1 छक्का शामिल रहा. 175 के स्ट्राइक रेट से इस ताबड़तोड़ पारी को खेलने के बाद हार्दिक ने गेंद से भी गुमां दिखाया और केकेआर के बल्लेबाजों की नाक में दम करते हुए 2 विकेट चटकाए.
छोटे मियां के अलावा बड़े मियां यानी कि क्रुणाल पांड्या 14 रन ही बना सके लेकिन इसमें भी उन्होंने 1 छक्का जड़ दिया. जबकि, गेंदबाजी में उन्होंने 1 विकेट लिया. मुंबई की जीत में इस भाई जोड़ी का सबसे सटीक कनेक्शन ये रहा कि बल्लेबाजी में आखिरी रन टीम के लिए हार्दिक के बल्ले से निकला तो वहीं गेंदबाजी से विरोधी टीम केकेआर का आखिरी विकेट क्रुणाल ने हासिल किया.
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नई दिल्ली. वानखेड़े पर वही हुआ जिसकी मुंबई को जरुरत थी. IPL में अपनी जीत की उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए मुंबई इंडियंस को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबले में हर हाल में जीत चाहिए थी और वो जीत गए. दम दिखाकर दुनिया हिलाने का दावा करने वाले मुंबई की टीम की इस जीत में सबसे अहम भूमिका 'भाई' की रही . केकेआर के को-ऑनर शाहरुख खान भले ही बॉलीवुड के किंग होंगे लेकिन वानखेड़े पर 'भाई' के सामने उनकी टीम की एक न चली. मुंबई को जीत दिलाने वाले इस 'भाई' के बारे में जानने के लिए बेशक आप भी उतावले होंगे. मुंबई की जीत का क्या है 'भाई' कनेक्शन वो हम आपको बताएं उससे पहले जरा एक नजर मुकाबले के रोमांच पर डाल लीजिए. वानखेड़े पर मुंबई इंडियंस की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बीस ओवरों में चार विकेट खोकर एक सौ इक्यासी रन बनाए. जवाब में कोलकाता की टीम छः विकेट पर सिर्फ एक सौ अड़सठ रन ही बना सकी और मुकाबला तेरह रन से हार गई. ये कोलकाता के खिलाफ मुंबई की लगातर सातवीं जीत है. मुंबई को आखिरी बार कोलकाता ने एक हज़ार एक सौ पच्चीस दिन पहले साल दो हज़ार पंद्रह में हराया था. तब से लेकर अब तक मुंबई कोलकाता के खिलाफ अजेय है. मुंबई की जीत का क्या है 'भाई' कनेक्शन अब जरा वो समझिए. दरअसल, यहां 'भाई' से हमारा मतलब पांड्या ब्रदर्स यानी कि हार्दिक और क्रुणाल पांड्या से है. हार्दिक पांड्या ने अपने सोशल अकाउंट पर एक फोटो पोस्ट किया है जिसका कैप्शन उन्होंने भाई-भाई देते हुए बड़े भाई क्रुणाल पांड्या को जीत की बधाई दी है. बता दें कि केकेआर के खिलाफ मुंबई की जीत में भाईयों की इस जोड़ी के छोटे मियां यानी कि हार्दिक पांड्या असली हीरो बनकर उभरे हैं. उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए बीस गेंदों पर नाबाद पैंतीस रन बनाए जिसमें चार चौका और एक छक्का शामिल रहा. एक सौ पचहत्तर के स्ट्राइक रेट से इस ताबड़तोड़ पारी को खेलने के बाद हार्दिक ने गेंद से भी गुमां दिखाया और केकेआर के बल्लेबाजों की नाक में दम करते हुए दो विकेट चटकाए. छोटे मियां के अलावा बड़े मियां यानी कि क्रुणाल पांड्या चौदह रन ही बना सके लेकिन इसमें भी उन्होंने एक छक्का जड़ दिया. जबकि, गेंदबाजी में उन्होंने एक विकेट लिया. मुंबई की जीत में इस भाई जोड़ी का सबसे सटीक कनेक्शन ये रहा कि बल्लेबाजी में आखिरी रन टीम के लिए हार्दिक के बल्ले से निकला तो वहीं गेंदबाजी से विरोधी टीम केकेआर का आखिरी विकेट क्रुणाल ने हासिल किया.
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चीनी स्टेट काउंसिलर व विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को पेइचिंग में कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की दृढ़ता से रक्षा करेगा, किसी एकपक्षीय और धमकाने वाली कार्रवाई का विरोध करेगा तथा राजनीतिक और राजनयिक रूप से ईरान के परमाणु मामले के समाधान को आगे बढ़ाएगा।
बीजिंग। चीनी स्टेट काउंसिलर व विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को पेइचिंग में कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की दृढ़ता से रक्षा करेगा, किसी एकपक्षीय और धमकाने वाली कार्रवाई का विरोध करेगा तथा राजनीतिक और राजनयिक रूप से ईरान के परमाणु मामले के समाधान को आगे बढ़ाएगा। वांग यी ने मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जारीफ के साथ वार्ता की। वांग यी ने कहा कि चीन, ईरान के साथ दोनों देशों के नेताओं द्वारा संपन्न सहमतियों के कार्यान्वयन, आपसी राजनीतिक विश्वास, व्यवहारिक सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है, ताकि दोनों देशों के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी संबंधों को आगे बढ़ाया जा सके।
वांग यी ने जोर देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान के परमाणु मामले के सर्वांगीण समझौते की अनुमति दी। यह बहुपक्षीय वार्ता का महत्वपूर्ण परिणाम है। चीन वर्तमान तनाव स्थिति को कम करने, ईरान के परमाणु मामले के सर्वांगीण समझौते की रक्षा करने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है।
जारीफ ने कहा कि ईरान चीन के साथ घनिष्ठ रूप से संपर्क करना, बहुपक्षवाद का समर्थन करना, व्यवहारिक रूप से ईरान के परमाणु मामले के सर्वांगीण समझौते की रक्षा करना चाहता है। ईरान चीन के साथ दोनों देशों के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी संबंध को आगे बढ़ाना चाहता है।
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चीनी स्टेट काउंसिलर व विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को पेइचिंग में कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की दृढ़ता से रक्षा करेगा, किसी एकपक्षीय और धमकाने वाली कार्रवाई का विरोध करेगा तथा राजनीतिक और राजनयिक रूप से ईरान के परमाणु मामले के समाधान को आगे बढ़ाएगा। बीजिंग। चीनी स्टेट काउंसिलर व विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को पेइचिंग में कहा कि चीन अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की दृढ़ता से रक्षा करेगा, किसी एकपक्षीय और धमकाने वाली कार्रवाई का विरोध करेगा तथा राजनीतिक और राजनयिक रूप से ईरान के परमाणु मामले के समाधान को आगे बढ़ाएगा। वांग यी ने मंगलवार को ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जारीफ के साथ वार्ता की। वांग यी ने कहा कि चीन, ईरान के साथ दोनों देशों के नेताओं द्वारा संपन्न सहमतियों के कार्यान्वयन, आपसी राजनीतिक विश्वास, व्यवहारिक सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है, ताकि दोनों देशों के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी संबंधों को आगे बढ़ाया जा सके। वांग यी ने जोर देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान के परमाणु मामले के सर्वांगीण समझौते की अनुमति दी। यह बहुपक्षीय वार्ता का महत्वपूर्ण परिणाम है। चीन वर्तमान तनाव स्थिति को कम करने, ईरान के परमाणु मामले के सर्वांगीण समझौते की रक्षा करने वाले सभी प्रयासों का समर्थन करता है। जारीफ ने कहा कि ईरान चीन के साथ घनिष्ठ रूप से संपर्क करना, बहुपक्षवाद का समर्थन करना, व्यवहारिक रूप से ईरान के परमाणु मामले के सर्वांगीण समझौते की रक्षा करना चाहता है। ईरान चीन के साथ दोनों देशों के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी संबंध को आगे बढ़ाना चाहता है।
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नई दिल्लीः
बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान (Shahrukh Khan) अपनी एक्टिंग के साथ साथ सेंस ऑफ ह्मयूमर के लिए भी सुर्खियों में रहते हैं. फिलहाल वो अपनी अपकमिंग फिल्म जवान (Jawaan) को लेकर बिजी हैं. वो अक्सर अपने फैंस के साथ बातचीत करने के लिए ट्विटर पर आस्क SRK सेशन रखते रहते हैं. हाल ही में उन्होंने एक और सेशन रखा, इस बीच उन्होंने अपने फैंस से बातचीत की है. जिस दौरान फैंस ने उनसे कई सवाल किए और हमेशा की तरह उन्होंने फैंस को अपने करारे जवाब से हैरान कर दिया.
एक्टर शाहरुख खान (Shahrukh Khan) ने हाल ही में अपनी आगामी एक्शन थ्रिलर फिल्म 'जवान' का पहला ट्रैक 'जिंदा बंदा' जारी किया, जिसे फैंस से मिली-जुला रिएक्शन मिला. गुरुवार को अभिनेता ने ट्विटर पर #AskSRK सेशन आयोजित किया जहां उन्होंने कई फैंस के सवालों के जवाब दिए. सेशन के दौरान, उन्होंने 'जिंदा बंदा' गाने से निराशा व्यक्त करने वाले एक यूजर को करारा जवाब दिया. एक यूजर ने लिखा, "सर जी ये जिंदा बंदा गाना आपको बिल्कुल सूट नहीं किया. अगला गाना कब आएगा."
जिस पर 'चक दे इंडिया' एक्टर ने जवाब दिया, "माफ करना भाई. अगले वाला तुम्हारे साइज का सूट बनाऊंगा!! पैंट पायजामा तुम खुद ले लेना....#जवान." 'जिंदा बंदा' वीडियो में, सुपरस्टार एक्टर सान्या मल्होत्रा और कई अन्य बैकग्राउंड डांसर्स के साथ थिरकते नजर आए हैं.#AskSRK के दौरान उन्होंने फिल्म से अपने पसंदीदा गाने का भी खुलासा किया और लिखा, "मेरा पसंदीदा गाना फिल्म से छलेया है. रोमांटिक और मधुर और सौम्य... बिल्कुल मेरे जैसा. @anirudhofficial ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. #जवान." एटली द्वारा निर्देशित 'जवान' 7 सितंबर 2023 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होगी.
फिल्म में नयनतारा और विजय सेतुपति शाहरुख के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे. फिल्म में दीपिका पादुकोण की भी विशेष भूमिका है.शाहरुख खान के वर्कफ्रंट की अगर बात करें तो राजकुमार हिरानी की फिल्म डंकी की लिए रोल प्ले करेंगे, जिसमें उनके साथ लीड रोल में तापसी पन्नू भी नजर आएंगी.
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नई दिल्लीः बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान अपनी एक्टिंग के साथ साथ सेंस ऑफ ह्मयूमर के लिए भी सुर्खियों में रहते हैं. फिलहाल वो अपनी अपकमिंग फिल्म जवान को लेकर बिजी हैं. वो अक्सर अपने फैंस के साथ बातचीत करने के लिए ट्विटर पर आस्क SRK सेशन रखते रहते हैं. हाल ही में उन्होंने एक और सेशन रखा, इस बीच उन्होंने अपने फैंस से बातचीत की है. जिस दौरान फैंस ने उनसे कई सवाल किए और हमेशा की तरह उन्होंने फैंस को अपने करारे जवाब से हैरान कर दिया. एक्टर शाहरुख खान ने हाल ही में अपनी आगामी एक्शन थ्रिलर फिल्म 'जवान' का पहला ट्रैक 'जिंदा बंदा' जारी किया, जिसे फैंस से मिली-जुला रिएक्शन मिला. गुरुवार को अभिनेता ने ट्विटर पर #AskSRK सेशन आयोजित किया जहां उन्होंने कई फैंस के सवालों के जवाब दिए. सेशन के दौरान, उन्होंने 'जिंदा बंदा' गाने से निराशा व्यक्त करने वाले एक यूजर को करारा जवाब दिया. एक यूजर ने लिखा, "सर जी ये जिंदा बंदा गाना आपको बिल्कुल सूट नहीं किया. अगला गाना कब आएगा." जिस पर 'चक दे इंडिया' एक्टर ने जवाब दिया, "माफ करना भाई. अगले वाला तुम्हारे साइज का सूट बनाऊंगा!! पैंट पायजामा तुम खुद ले लेना....#जवान." 'जिंदा बंदा' वीडियो में, सुपरस्टार एक्टर सान्या मल्होत्रा और कई अन्य बैकग्राउंड डांसर्स के साथ थिरकते नजर आए हैं.#AskSRK के दौरान उन्होंने फिल्म से अपने पसंदीदा गाने का भी खुलासा किया और लिखा, "मेरा पसंदीदा गाना फिल्म से छलेया है. रोमांटिक और मधुर और सौम्य... बिल्कुल मेरे जैसा. @anirudhofficial ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. #जवान." एटली द्वारा निर्देशित 'जवान' सात सितंबर दो हज़ार तेईस को दुनिया भर के सिनेमाघरों में हिंदी, तमिल और तेलुगु भाषाओं में रिलीज होगी. फिल्म में नयनतारा और विजय सेतुपति शाहरुख के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे. फिल्म में दीपिका पादुकोण की भी विशेष भूमिका है.शाहरुख खान के वर्कफ्रंट की अगर बात करें तो राजकुमार हिरानी की फिल्म डंकी की लिए रोल प्ले करेंगे, जिसमें उनके साथ लीड रोल में तापसी पन्नू भी नजर आएंगी.
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद से अयोग्य घोषित किए जाने के एक दिन बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार को कहा कि कानून के सामने सभी समान हैं।
बोम्मई ने कहा, कानून सभी के लिए कॉमन है। राहुल गांधी के लिए कोई अलग कानून नहीं है। देश में एक कानूनी प्रणाली मौजूद है और सब कुछ कानून के अनुसार चलता है।
बोम्मई ने कहा, कांग्रेस नेता को लग रहा था कि वह कुछ भी बोल सकते हैं और उनके पास खुद को सही करने का अवसर था लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल ने न केवल एक व्यक्ति बल्कि एक समुदाय के खिलाफ भी बात की और इससे लोगों को ठेस पहुंची है। अदालत में मामला दायर किया गया जिसने फैसला सुनाया। कर्नाटक चुनाव के लिए पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, उम्मीदवारों की सूची के लिए प्रतीक्षा करें और देखें।
दावणगेरे में एक विशाल सम्मेलन हो रहा है जिसमें लगभग 10 लाख लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी की जीत का बिगुल फूंकेंगे। विजय यात्रा दावणगेरे से शुरू होगी। लोगों से डबल इंजन सरकार के काम के आधार पर बीजेपी को वोट देने की अपील की जाएगी।
भाजपा की सरकार बनने में कोई संदेह नहीं है। मई में होने वाले विजयोत्सव में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया जाएगा।
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संसद से अयोग्य घोषित किए जाने के एक दिन बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार को कहा कि कानून के सामने सभी समान हैं। बोम्मई ने कहा, कानून सभी के लिए कॉमन है। राहुल गांधी के लिए कोई अलग कानून नहीं है। देश में एक कानूनी प्रणाली मौजूद है और सब कुछ कानून के अनुसार चलता है। बोम्मई ने कहा, कांग्रेस नेता को लग रहा था कि वह कुछ भी बोल सकते हैं और उनके पास खुद को सही करने का अवसर था लेकिन वह ऐसा करने में विफल रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल ने न केवल एक व्यक्ति बल्कि एक समुदाय के खिलाफ भी बात की और इससे लोगों को ठेस पहुंची है। अदालत में मामला दायर किया गया जिसने फैसला सुनाया। कर्नाटक चुनाव के लिए पार्टी के संभावित उम्मीदवारों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, उम्मीदवारों की सूची के लिए प्रतीक्षा करें और देखें। दावणगेरे में एक विशाल सम्मेलन हो रहा है जिसमें लगभग दस लाख लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी की जीत का बिगुल फूंकेंगे। विजय यात्रा दावणगेरे से शुरू होगी। लोगों से डबल इंजन सरकार के काम के आधार पर बीजेपी को वोट देने की अपील की जाएगी। भाजपा की सरकार बनने में कोई संदेह नहीं है। मई में होने वाले विजयोत्सव में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया जाएगा।
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बीटीएस सदस्य जे-होप जल्द ही दक्षिण कोरियाई सेना में अनिवार्य सैन्य सेवा में शामिल होने वाले हैं। 18 अप्रैल को शामिल होने से पहले, के-पॉप मूर्ति ने शुक्रवार को प्रशंसकों को अलविदा कहने के लिए एक लाइव स्ट्रीम की मेजबानी की। जे-होप ने सेना को उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें जल्द वापसी का वादा भी किया।
उन्होंने पुष्टि की कि वह 17 अक्टूबर, 2024 को अपनी 18 महीने की भर्ती पूरी कर लेंगे। एक टिप्पणी पढ़कर कहा, "17 अक्टूबर, 2024 - होबी की छुट्टी की तारीख, मैं केवल इस दिन का इंतजार करूंगा," रैपर ने जवाब दिया, "अक्टूबर 17, सही। मैं सुरक्षित वापस आ जाऊंगा। यहां देखें वीडियोः
सेना में शामिल होने के बारे में बात करते हुए जे-होप ने टिप्पणी की, "काफी ईमानदार होने के लिए, मैं कुछ हद तक इसका अनुमान लगा रहा हूं। जब मैं वापस आऊंगा तो मैं कैसा दिखूंगा। मैं जा रहा हूं, दोस्तों। मैं कभी-कभार रुकने का प्रयास करूंगा, जैसे जिन ह्युंग ने किया। " इस बीच, बीटीएस की एजेंसी बिगहिट म्यूजिक ने जे-होप की कथित सैन्य तारीख की अफवाहों की पुष्टि या खंडन करने से इनकार कर दिया। "जे-होप के नामांकन की तारीख और स्थान की पुष्टि करना हमारे लिए मुश्किल है। हम इस संबंध में आपकी समझ के लिए पूछते हैं, "एजेंसी का बयान पढ़ा गया, जैसा कि सोम्पी ने रिपोर्ट किया था।
इससे पहले बीटीएस सदस्यों को कुछ समय के लिए सेना में सेवा देने से छूट दी गई थी। हालांकि, पिछले साल अक्टूबर में इस बात की पुष्टि हुई थी कि सात सदस्यीय समूह को अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी करनी होगी। समूह के सबसे पुराने सदस्य जिन को वर्तमान में सूचीबद्ध किया गया है। एक समूह के रूप में उनकी वापसी के बारे में बात करते हुए, बिगहिट के संस्थापक बंग सी-ह्युक ने साझा किया कि प्रशंसकों को 2025 में वादा किए गए वापसी पर अपनी सारी उम्मीदें नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह बीटीएस और एचवाईबीई के बाद से "वादा किए गए वर्ष" की गारंटी देने में असमर्थ थे सदस्यों की सैन्य सेवा के बाद तैयार होने के लिए समय चाहिए।
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बीटीएस सदस्य जे-होप जल्द ही दक्षिण कोरियाई सेना में अनिवार्य सैन्य सेवा में शामिल होने वाले हैं। अट्ठारह अप्रैल को शामिल होने से पहले, के-पॉप मूर्ति ने शुक्रवार को प्रशंसकों को अलविदा कहने के लिए एक लाइव स्ट्रीम की मेजबानी की। जे-होप ने सेना को उनके प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें जल्द वापसी का वादा भी किया। उन्होंने पुष्टि की कि वह सत्रह अक्टूबर, दो हज़ार चौबीस को अपनी अट्ठारह महीने की भर्ती पूरी कर लेंगे। एक टिप्पणी पढ़कर कहा, "सत्रह अक्टूबर, दो हज़ार चौबीस - होबी की छुट्टी की तारीख, मैं केवल इस दिन का इंतजार करूंगा," रैपर ने जवाब दिया, "अक्टूबर सत्रह, सही। मैं सुरक्षित वापस आ जाऊंगा। यहां देखें वीडियोः सेना में शामिल होने के बारे में बात करते हुए जे-होप ने टिप्पणी की, "काफी ईमानदार होने के लिए, मैं कुछ हद तक इसका अनुमान लगा रहा हूं। जब मैं वापस आऊंगा तो मैं कैसा दिखूंगा। मैं जा रहा हूं, दोस्तों। मैं कभी-कभार रुकने का प्रयास करूंगा, जैसे जिन ह्युंग ने किया। " इस बीच, बीटीएस की एजेंसी बिगहिट म्यूजिक ने जे-होप की कथित सैन्य तारीख की अफवाहों की पुष्टि या खंडन करने से इनकार कर दिया। "जे-होप के नामांकन की तारीख और स्थान की पुष्टि करना हमारे लिए मुश्किल है। हम इस संबंध में आपकी समझ के लिए पूछते हैं, "एजेंसी का बयान पढ़ा गया, जैसा कि सोम्पी ने रिपोर्ट किया था। इससे पहले बीटीएस सदस्यों को कुछ समय के लिए सेना में सेवा देने से छूट दी गई थी। हालांकि, पिछले साल अक्टूबर में इस बात की पुष्टि हुई थी कि सात सदस्यीय समूह को अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी करनी होगी। समूह के सबसे पुराने सदस्य जिन को वर्तमान में सूचीबद्ध किया गया है। एक समूह के रूप में उनकी वापसी के बारे में बात करते हुए, बिगहिट के संस्थापक बंग सी-ह्युक ने साझा किया कि प्रशंसकों को दो हज़ार पच्चीस में वादा किए गए वापसी पर अपनी सारी उम्मीदें नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह बीटीएस और एचवाईबीई के बाद से "वादा किए गए वर्ष" की गारंटी देने में असमर्थ थे सदस्यों की सैन्य सेवा के बाद तैयार होने के लिए समय चाहिए।
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एमपी के खरगोन में शुक्रवार को आई आंधी-बारिश और बिजली गिरने के चलते दो लोगों की जान चली गई। 40 वर्षीय ईशराम और उनका भांजा 25 साल का सुनील खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली गिरी और दोनों की वहीं मौत हो गई।
खरगोन मध्य प्रदेश के खरगोन में जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर भगवानपुरा क्षेत्र के कई गांवों में शुक्रवार शाम तेज आंधी के साथ जोरदार ओलावृष्टि हुई। बड़े-बड़े ओले गिरने के चलते सड़कों पर सफेद चादर जैसी बिछ गई। झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा जबकि बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे मामा-भांजे की मौत हो गई।
झिरन्या थाना क्षेत्र के नहालदरी में खेत में काम कर रहे 40 वर्षीय ईशराम और 25 वर्षीय सुनील की मौके पर मौत हो गई। दोनों मामा-भांजे नुक्ते के लिए नरवट गए थे। लौटकर नहालदारी में खेत में काम कर रहे थे। इस दौरान उन पर बिजली गिर गई। दोनों की मौत से गांव में मातम पसर गया।
बेमौसम बारिश और ओले गिरने से इलाके में फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। खेत में लगी गेहूं और चना की फसल खराब होने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसके साथ हरी सब्जी और प्याज की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। इस साल जबरदस्त बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सोयाबीन की फसल भी बर्बाद हो गई थी। ऐसे में बेमौसम बारिश के इस दौर ने किसानों पर दोहरी चोट की है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जिन इलाकों में ओलावृष्टि एवं बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है, वहां सर्वे के निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही सर्वे शुरू हो जाएगा और किसानों को फसलों के नुकसान का समुचित मुआवजा दिया जाएगा।
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एमपी के खरगोन में शुक्रवार को आई आंधी-बारिश और बिजली गिरने के चलते दो लोगों की जान चली गई। चालीस वर्षीय ईशराम और उनका भांजा पच्चीस साल का सुनील खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली गिरी और दोनों की वहीं मौत हो गई। खरगोन मध्य प्रदेश के खरगोन में जिला मुख्यालय से चालीस किलोग्राममीटर दूर भगवानपुरा क्षेत्र के कई गांवों में शुक्रवार शाम तेज आंधी के साथ जोरदार ओलावृष्टि हुई। बड़े-बड़े ओले गिरने के चलते सड़कों पर सफेद चादर जैसी बिछ गई। झमाझम बारिश के साथ ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा जबकि बिजली गिरने से खेत में काम कर रहे मामा-भांजे की मौत हो गई। झिरन्या थाना क्षेत्र के नहालदरी में खेत में काम कर रहे चालीस वर्षीय ईशराम और पच्चीस वर्षीय सुनील की मौके पर मौत हो गई। दोनों मामा-भांजे नुक्ते के लिए नरवट गए थे। लौटकर नहालदारी में खेत में काम कर रहे थे। इस दौरान उन पर बिजली गिर गई। दोनों की मौत से गांव में मातम पसर गया। बेमौसम बारिश और ओले गिरने से इलाके में फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। खेत में लगी गेहूं और चना की फसल खराब होने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। इसके साथ हरी सब्जी और प्याज की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। इस साल जबरदस्त बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सोयाबीन की फसल भी बर्बाद हो गई थी। ऐसे में बेमौसम बारिश के इस दौर ने किसानों पर दोहरी चोट की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि जिन इलाकों में ओलावृष्टि एवं बारिश से फसलों को नुकसान हुआ है, वहां सर्वे के निर्देश दे दिए गए हैं। शीघ्र ही सर्वे शुरू हो जाएगा और किसानों को फसलों के नुकसान का समुचित मुआवजा दिया जाएगा।
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भोपाल - (ईपत्रकार. कॉम) ।प्रत्येक मंगलवार की तरह आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डॉ. सुदाम खाडे ने सौ से अधिक नागरिकों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। मोहम्मद उस्मान निवासी भोपाल ने आवेदन देकर बताया कि उसके पुत्र दानिश और पुत्री मेहरून निशां को कर्मकार मंडल की छात्रवृत्ति का भुगतान अभी तक नहीं मिला है। कलेक्टर डॉ. खाडे ने सहायक श्रमायुक्त को मामले की जांच कर पात्रतानुसार छात्रवृत्ति दिलाने के निर्देश दिए।
बैरसिया तहसील के ग्राम रतुआ रतनपुर निवासी खिमियांबाई ने अपने मकान पर अन्य लोगों द्वारा कब्जा कर लेने की शिकायत कलेक्टर डॉ. खाडे से की जिस पर उन्होंने संबंधित तहसीलदार को अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए। मुंगालिया छाप निवासी रमेश सेन ने कलेक्टर डॉ. खाडे को आवेदन देकर शिकायत की कि पंचायत सचिव द्वारा शौचालय निर्माण के लिये दो हजार रूपये की रिश्वत मांगी जा रही है। राशि न देने पर उसके द्वारा आवेदक को अपात्र घोषित कराने की धमकी भी दी जा रही है। जिस पर उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रकरण की जांच कराकर जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित पंचायत सचिव के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए।
ग्राम पसैया निवासी मांगीलाल अहिरवार ने प्रधानमंत्री आवास की सर्वे सूची में नाम जुड़वाने का आवेदन कलेक्टर डॉ. खाडे को दिया जिस पर उन्होंने संबंधित जनपद पंचायत के सीईओ को पात्रतानुसार आवेदक को लाभ दिलाने के निर्देश दिए। गैस राहत कालोनी निवासी शशि चौरसिया ने अपना घरेलू विद्युत बिल की राशि अत्यधिक आने की शिकायत कलेक्टर डॉ. खाडे से की जिस पर उन्होंने संभागीय अभियंता विद्युत वितरण कंपनी को रीडिंग अनुसार बिल आवेदक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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भोपाल - ।प्रत्येक मंगलवार की तरह आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डॉ. सुदाम खाडे ने सौ से अधिक नागरिकों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। मोहम्मद उस्मान निवासी भोपाल ने आवेदन देकर बताया कि उसके पुत्र दानिश और पुत्री मेहरून निशां को कर्मकार मंडल की छात्रवृत्ति का भुगतान अभी तक नहीं मिला है। कलेक्टर डॉ. खाडे ने सहायक श्रमायुक्त को मामले की जांच कर पात्रतानुसार छात्रवृत्ति दिलाने के निर्देश दिए। बैरसिया तहसील के ग्राम रतुआ रतनपुर निवासी खिमियांबाई ने अपने मकान पर अन्य लोगों द्वारा कब्जा कर लेने की शिकायत कलेक्टर डॉ. खाडे से की जिस पर उन्होंने संबंधित तहसीलदार को अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दिए। मुंगालिया छाप निवासी रमेश सेन ने कलेक्टर डॉ. खाडे को आवेदन देकर शिकायत की कि पंचायत सचिव द्वारा शौचालय निर्माण के लिये दो हजार रूपये की रिश्वत मांगी जा रही है। राशि न देने पर उसके द्वारा आवेदक को अपात्र घोषित कराने की धमकी भी दी जा रही है। जिस पर उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रकरण की जांच कराकर जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित पंचायत सचिव के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। ग्राम पसैया निवासी मांगीलाल अहिरवार ने प्रधानमंत्री आवास की सर्वे सूची में नाम जुड़वाने का आवेदन कलेक्टर डॉ. खाडे को दिया जिस पर उन्होंने संबंधित जनपद पंचायत के सीईओ को पात्रतानुसार आवेदक को लाभ दिलाने के निर्देश दिए। गैस राहत कालोनी निवासी शशि चौरसिया ने अपना घरेलू विद्युत बिल की राशि अत्यधिक आने की शिकायत कलेक्टर डॉ. खाडे से की जिस पर उन्होंने संभागीय अभियंता विद्युत वितरण कंपनी को रीडिंग अनुसार बिल आवेदक को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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हरियाणा की 35 वर्षीय एक शिक्षिका सिमी गुप्ता इस जुलाई में एक बच्चे की मां बनने जा रही हैं। गर्भावस्था के आखिरी दो महीनों में अपनी मां के साथ नहीं होना उसके लिए बहुत ही कष्टकर है। लेकिन यह वास्तविकता है और वह उसका मुकाबला कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही लॉकडाउन हट जाएगा और उनकी मां बच्चे के जन्म के समय आगरा से उसके पास आ सकेंगी।
नयी दिल्ली. सोनाली पुरी पिछले दिनों जब मुंबई-जम्मू उड़ान पर सवार थी तो उसके मन में मशहूर फिल्म "कभी खुशी कभी गम" का एक दृश्य घूम रहा था। इस दृश्य में शाहरुख खान अपनी मां को हैरत में डालने के लिए हेलीकाप्टर से उतर कर अचानक अपने घर पहुंचता है किंतु उसकी मां की ममता को अपने बेटे के आने का अंदाजा लग जाता है और वह दरवाजे पर पूजा की थाली लिए उसका इंतजार करती मिलती है।
सोनाली पुरी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उसकी माँ दरवाजे खड़ी उसका इंतजार तो कर रही थी किंतु उनके हाथ में ' पूजा की थाली' के बजाय हैंड सेनिटाइजर था।
हंसते हुये 37 वर्षीय पुरी ने कहा, "मेरी मां ने मुझसे कहा, अच्छी स्वच्छता कोरोना वायरस के इस दौर में एक आशीर्वाद के समान ही है। " यह बात मार्च माह के मध्य की है, जिसके कुछ ही दिनों बाद 25 मार्च से देशभर में लॉकडाउन लग गया। पुरी का जम्मू में ही घर है जहां वह अभी भी है। अल्प अवकाश का यह समय अचानक माँ-बेटी के लिए फुर्सत में के लंबे दौर में बदल गया। सालों बाद दोनों को अपनी पुरानी यादों को साथ साथ फिर से जीने का अवसर मिला।
इस दौरान इस मदर्स डे पर भी पुरी को घर पर रहने का मौका मिला है। पिछले कई वर्षों में शायद पहली बार पुरी इस दिन घर पर है। पुरी ने कहा कि वह बहुत खुश है कि वह इस तनावपूर्ण लॉकडाउन अवधि में अपनी मां के साथ हैं।
उसने बताया, "मुझे याद भी नहीं है कि पिछले 10 वर्षों में अपनी माँ के साथ इतना समय कब बिताया था। हम कार्ड खेलते हैं, वह अभी भी बेइमानी करती हैं। पुरानी फिल्में देखी, खाना बनाया, गाने गांए, नाचे और निश्चित रूप से लड़ाई भी की। सब कुछ वही पुराने समय की तरह. . . सब कुछ बिल्कुल उसी तरह. . . । "
पुरी ने कहा, "सबसे अच्छी बात यह है कि उसके आस-पास होने के कारण मैं फिर से बच्ची बन जाती हूं और मेरे साथ होने से वह फिर से एक छोटी बच्ची की माँ बन जाती है। यहां तक कि उनके होने से घर से काम करना भी तनावपूर्ण नहीं लगता। "
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को पहले तीन मई तक और फिर बाद में 17 मई तक बढ़ा दिया गया है और बाद में इसमें कुछ छूट भी दी गई। व्यक्ति की भले ही कोई आय, आयु या लिंग हो, लॉकडाउन के इन अनिश्चितता भरे सप्ताहों के दौरान अधिकतर व्यक्ति उनके साथ रहना चाहते हैं जिन पर वे सबसे अधिक भरोसा करते हैं।
जब इंसान को कहीं आसरा नहीं मिलता है, कहीं कोई उम्मीद नहीं बचती है, तो घर ही उसका आखिरी सहारा होता है, इसी लिए संकट के इस दौर में लाखों लोग प्रवासी श्रमिक अपने घर पहुंचने के लिए बहुत ज्यादा जोखिम उठा रहे हैं और हर हाल में अपने घर पहुंचना चाहते हैं।
पुरी और उनके जैसे कई लोगों के लिए, घर वही है जहां परिवार हो, या शायद जहां बस माँ हो। दिल्ली के 27 वर्षीय वकील रमांश बिलावरिया का कहना है, "इस महामारी में के दौरान वह अपनी मां के लड़ैते बन गये हैं।
उनका कहना है, "चाहे किराने सामान की खरीदारी हो, व्यंजनों की बात हो, विक्रेताओं के साथ मोलभाव करने की बात हो और यहां तक कि पहले झाड़़ू लगाना हो या पोंछा मारना हो. . ऐसी छोटी-छोटी बातें भी उन्हें मां से पूछनी पड़ती है। " रमांश ने कहा, "मैं हाल ही में अपनी नौकरी के लिए नयी दिल्ली में आया था। बस जब मुझे लगा कि मैं इस शहर में खुद को ढाल पा रहा हूं, तो शहर के साथ-साथ देश भी सुप्तावस्था में चला गया। "
उन्होंने कहा, "मैं गिनती करना भूल गया कि लॉकडाउन के दौरान मैंने अपनी माँ को कितनी बार फोन किया होगा। अगर मैं उसकी जगह होती तो फोन उठाना बंद कर देता। भगवान का शुक्र है, वह मेरी तरह नहीं है। मैंने उनसे अगली मुलाकात पर उन्हें स्पैनिश अंडे खिलाने का वादा किया है, यही एक डिश है जिसे मैंने उसकी मदद के बिना सीखा है।
हरियाणा की 35 वर्षीय एक शिक्षिका सिमी गुप्ता इस जुलाई में एक बच्चे की मां बनने जा रही हैं। गर्भावस्था के आखिरी दो महीनों में अपनी मां के साथ नहीं होना उसके लिए बहुत ही कष्टकर है। लेकिन यह वास्तविकता है और वह उसका मुकाबला कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही लॉकडाउन हट जाएगा और उनकी मां बच्चे के जन्म के समय आगरा से उसके पास आ सकेंगी।
गुप्ता ने कहा, "एक बेटी को गर्भावस्था के दौरान अपनी माँ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में किसी काम या चीज को लेकर नहीं होती। उसकी मात्र उपस्थिति भर से सब चीजें अच्छी लगने लगती हैं। मेरे पति और मैं उनसे कई बार वीडियो कॉल पर बात करते हैं, बच्चे से जुड़ी हर चीज की जानकारी उनसे लेते हैं। " सभी उम्र के पुरुषों और महिलाओं का यही कहना है, घर पर मां के साथ होना ही अपने आप में एक सुखद एहसास होता है।
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हरियाणा की पैंतीस वर्षीय एक शिक्षिका सिमी गुप्ता इस जुलाई में एक बच्चे की मां बनने जा रही हैं। गर्भावस्था के आखिरी दो महीनों में अपनी मां के साथ नहीं होना उसके लिए बहुत ही कष्टकर है। लेकिन यह वास्तविकता है और वह उसका मुकाबला कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही लॉकडाउन हट जाएगा और उनकी मां बच्चे के जन्म के समय आगरा से उसके पास आ सकेंगी। नयी दिल्ली. सोनाली पुरी पिछले दिनों जब मुंबई-जम्मू उड़ान पर सवार थी तो उसके मन में मशहूर फिल्म "कभी खुशी कभी गम" का एक दृश्य घूम रहा था। इस दृश्य में शाहरुख खान अपनी मां को हैरत में डालने के लिए हेलीकाप्टर से उतर कर अचानक अपने घर पहुंचता है किंतु उसकी मां की ममता को अपने बेटे के आने का अंदाजा लग जाता है और वह दरवाजे पर पूजा की थाली लिए उसका इंतजार करती मिलती है। सोनाली पुरी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उसकी माँ दरवाजे खड़ी उसका इंतजार तो कर रही थी किंतु उनके हाथ में ' पूजा की थाली' के बजाय हैंड सेनिटाइजर था। हंसते हुये सैंतीस वर्षीय पुरी ने कहा, "मेरी मां ने मुझसे कहा, अच्छी स्वच्छता कोरोना वायरस के इस दौर में एक आशीर्वाद के समान ही है। " यह बात मार्च माह के मध्य की है, जिसके कुछ ही दिनों बाद पच्चीस मार्च से देशभर में लॉकडाउन लग गया। पुरी का जम्मू में ही घर है जहां वह अभी भी है। अल्प अवकाश का यह समय अचानक माँ-बेटी के लिए फुर्सत में के लंबे दौर में बदल गया। सालों बाद दोनों को अपनी पुरानी यादों को साथ साथ फिर से जीने का अवसर मिला। इस दौरान इस मदर्स डे पर भी पुरी को घर पर रहने का मौका मिला है। पिछले कई वर्षों में शायद पहली बार पुरी इस दिन घर पर है। पुरी ने कहा कि वह बहुत खुश है कि वह इस तनावपूर्ण लॉकडाउन अवधि में अपनी मां के साथ हैं। उसने बताया, "मुझे याद भी नहीं है कि पिछले दस वर्षों में अपनी माँ के साथ इतना समय कब बिताया था। हम कार्ड खेलते हैं, वह अभी भी बेइमानी करती हैं। पुरानी फिल्में देखी, खाना बनाया, गाने गांए, नाचे और निश्चित रूप से लड़ाई भी की। सब कुछ वही पुराने समय की तरह. . . सब कुछ बिल्कुल उसी तरह. . . । " पुरी ने कहा, "सबसे अच्छी बात यह है कि उसके आस-पास होने के कारण मैं फिर से बच्ची बन जाती हूं और मेरे साथ होने से वह फिर से एक छोटी बच्ची की माँ बन जाती है। यहां तक कि उनके होने से घर से काम करना भी तनावपूर्ण नहीं लगता। " उल्लेखनीय है कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को पहले तीन मई तक और फिर बाद में सत्रह मई तक बढ़ा दिया गया है और बाद में इसमें कुछ छूट भी दी गई। व्यक्ति की भले ही कोई आय, आयु या लिंग हो, लॉकडाउन के इन अनिश्चितता भरे सप्ताहों के दौरान अधिकतर व्यक्ति उनके साथ रहना चाहते हैं जिन पर वे सबसे अधिक भरोसा करते हैं। जब इंसान को कहीं आसरा नहीं मिलता है, कहीं कोई उम्मीद नहीं बचती है, तो घर ही उसका आखिरी सहारा होता है, इसी लिए संकट के इस दौर में लाखों लोग प्रवासी श्रमिक अपने घर पहुंचने के लिए बहुत ज्यादा जोखिम उठा रहे हैं और हर हाल में अपने घर पहुंचना चाहते हैं। पुरी और उनके जैसे कई लोगों के लिए, घर वही है जहां परिवार हो, या शायद जहां बस माँ हो। दिल्ली के सत्ताईस वर्षीय वकील रमांश बिलावरिया का कहना है, "इस महामारी में के दौरान वह अपनी मां के लड़ैते बन गये हैं। उनका कहना है, "चाहे किराने सामान की खरीदारी हो, व्यंजनों की बात हो, विक्रेताओं के साथ मोलभाव करने की बात हो और यहां तक कि पहले झाड़़ू लगाना हो या पोंछा मारना हो. . ऐसी छोटी-छोटी बातें भी उन्हें मां से पूछनी पड़ती है। " रमांश ने कहा, "मैं हाल ही में अपनी नौकरी के लिए नयी दिल्ली में आया था। बस जब मुझे लगा कि मैं इस शहर में खुद को ढाल पा रहा हूं, तो शहर के साथ-साथ देश भी सुप्तावस्था में चला गया। " उन्होंने कहा, "मैं गिनती करना भूल गया कि लॉकडाउन के दौरान मैंने अपनी माँ को कितनी बार फोन किया होगा। अगर मैं उसकी जगह होती तो फोन उठाना बंद कर देता। भगवान का शुक्र है, वह मेरी तरह नहीं है। मैंने उनसे अगली मुलाकात पर उन्हें स्पैनिश अंडे खिलाने का वादा किया है, यही एक डिश है जिसे मैंने उसकी मदद के बिना सीखा है। हरियाणा की पैंतीस वर्षीय एक शिक्षिका सिमी गुप्ता इस जुलाई में एक बच्चे की मां बनने जा रही हैं। गर्भावस्था के आखिरी दो महीनों में अपनी मां के साथ नहीं होना उसके लिए बहुत ही कष्टकर है। लेकिन यह वास्तविकता है और वह उसका मुकाबला कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही लॉकडाउन हट जाएगा और उनकी मां बच्चे के जन्म के समय आगरा से उसके पास आ सकेंगी। गुप्ता ने कहा, "एक बेटी को गर्भावस्था के दौरान अपनी माँ की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में किसी काम या चीज को लेकर नहीं होती। उसकी मात्र उपस्थिति भर से सब चीजें अच्छी लगने लगती हैं। मेरे पति और मैं उनसे कई बार वीडियो कॉल पर बात करते हैं, बच्चे से जुड़ी हर चीज की जानकारी उनसे लेते हैं। " सभी उम्र के पुरुषों और महिलाओं का यही कहना है, घर पर मां के साथ होना ही अपने आप में एक सुखद एहसास होता है।
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उसमें कितने विद्यार्थी सूचीबद्ध हैं? (ख) वर्ष 2019-20 से प्रश्न दिनांक तक जिले के विभागीय छात्रावासों में विद्यार्थियों पर सब मिलाकर कुल कितना खर्च हुआ है ? (ग) प्रश्नांश (क) में उल्लेखित छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी को क्या-क्या सामग्री किस दर से दी जाती है? (घ) वर्ष 2015-16 से 2020-21 तक विभाग द्वारा संचालित कोचिंग के माध्यम से धार जिले के कितने आदिवासी छात्रों का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज निजी मेडिकल कॉलेज गवर्नमेंट डेन्टल कॉलेज निजी डेन्टल
कॉलेज आई.आई.टी. आई. आई. एम में उच्च शिक्षा हेतु चयन हुआ । (ड.) पिछले 5 वर्षों में धार जिले के कितने आदिवासी विद्यार्थी को विदेश में उच्च शिक्षा हेतु भेजा गया तथा विभागीय प्रशिक्षण के माध्यम से कितने युवा पी.एस.सी. तथा यू.पी.एस.सी. में चयनित हुए?
जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्डवे ) : (क) धार जिले में जनजाति वर्ग के संचालित छात्रावासों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। (ख) वर्ष 2019-20 से प्रश्न दिनांक तक धार जिले में संचालित जनजाति वर्ग के छात्रावासों पर कुल राशि रूपये 966.41 लाख का व्यय हुआ है। (ग) उत्तरांश "क" में उल्लेखित छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को प्रदाय किये जाने वाले सामग्री नीचे लिखे निर्धारित दर से दी जाती है :क्रमांक
छात्रों को दी जाने वाली सामग्री का विवरण
नवीन प्रवेशित विद्यार्थियों को प्रवेश के समय बिस्तर सामग्री हेतु (गद्दा, चादर, ताकिया कवर, कम्बल, मच्छरदानी एवं प्रसाधन सामग्री) नवीनीकरण (पूर्व प्रवेशित) विद्यार्थियों को (चादर, ताकिया कवर एवं प्रसाधन सामग्री)
निर्धारित सामग्री दर
(घ) जानकारी परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। (ड.) पिछले 5 वर्षों में धार जिले के 1 छात्र विदेश में उच्च शिक्षा हेतु भेजा गया तथा विभागीय प्रशिक्षण के माध्यम से 18 विद्यार्थियों का चयन मध्य प्रदेश सिविल सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में हुआ है। यू.पी.एस.सी में किसी भी युवा का चयन नहीं हुआ परिशिष्ट - "अठारह
800/निजी भूमियों के संबंध में लिए गए निर्णय
78. ( क्र. 6313 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विगत 6 माह में शासन द्वारा वनग्रामों, वनखंडों एवं वर्किंग प्लान में शामिल निजी भूमियों, राजपत्र में डिनोटिफाईड भूमियों एवं नारंगी भूमियों के संबंध में निर्णय लिए गए, जिनसे संबंधित आदेश/निर्देश प्रश्न दिनांक तक भी जारी नहीं किए गए ? (ख) किस-किस विषय में किस दिनांक को किन के द्वारा क्या निर्णय लिया गया? इनमें किस निर्णय से संबंधित आदेश/निर्देश जारी किए गए ? प्रति सहित बताएं। यदि निर्णय से संबंधित आदेश निर्देश जारी नहीं किए गए तो कारण बताएं। कब तक आदेश/ निर्देश जारी किए जाएंगे ? समय-सीमा बताएं । (ग) क्या वन मुख्यालय सतपुड़ा भवन भोपाल द्वारा 20 जुलाई 2009 को जारी परिपत्र के बाद भी राज्य के सभी वनमण्डल के वर्किंग प्लान में शामिल निजी भूमियों का ब्यौरा प्रश्न दिनांक तक भी संकलित नहीं किया ?
(घ) यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक किस वनमण्डल के वर्किंग प्लान में कितनी निजी भूमि शामिल होने की जानकारी वन मुख्यालय में उपलब्ध है? किस वनमण्डल के वर्किंग प्लान में निजी भूमि शामिल होने की जानकारी किन कारणों से प्रश्न दिनांक तक भी संकलित नहीं की जा सकी ? (ङ) निजी भूमियों को वनखण्ड एवं वर्किंग प्लान से पृथक किये जाने के संबंध में शासन ने क्या निर्णय लिया? उस निर्णय पर किस दिनांक को पत्र जारी किये गये ? पत्र की प्रति सहित बतायें कि निजी भूमि कब तक वनखण्ड एवं वर्किंग प्लान से पृथक कर दी जाएंगी।
वन मंत्री ( श्री कुंवर विजय शाह ) : (क) एवं (ख) विगत 6 माह में शासन स्तर पर वनग्रामों वनखण्डों एवं वर्किंग प्लान में शामिल निजी भूमियों, राजपत्र में डिनोटीफाईड भूमियों एवं नारंगी भूमियों के संदर्भ में कोई निर्णय नहीं लिये गये, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। 20 जुलाई 2009 को जारी परिपत्र से वन विभाग समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों को समस्त वनमंडलों की प्रचलित कार्य-आयोजनाओं एवं भविष्य में पुनरीक्षित होने वाली कार्य-आयोजना में निर्धारित प्रपत्र में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 4 में सम्मिलित निजी भूमि का विवरण संकलित किया जा रहा है। (घ) उत्तरांश 'ग' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। (ड.) मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन द्वारा परिपत्र दिनांक 01 जून 2015 से समस्त कलेक्टर मध्यप्रदेश एवं प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग द्वारा परिपत्र दिनांक 04 जून 2015 से समस्त आयुक्त, म.प्र. को निजी स्वामित्व के भू-खंडों को वनखंड एवं वर्किंग प्लान से पृथक किये जाने के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उक्त निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 5 से 19 तक की अर्द्ध-न्यायिक प्रक्रिया के तहत संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पदेन वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जा रही है।
चिकित्सा शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ [चिकित्सा शिक्षा]
79. ( क्र. 6314 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या संचालक चिकित्सा शिक्षा म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक 1786 /स्था/राज/2015 दिनांक 22/08/2015 आदेश के तहत मेडिकल ऑफिसर की भर्ती नियमों में चार स्तरीय वेतनमान दिया जायेगा? यदि हाँ, तो प्रति सहित ब्यौरा दें। (ख) मेडिकल ऑफिसर के 5 वर्ष सेवा के उपरांत स्नातकोत्तर हेतु नीट द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में Inservice उम्मीदवार का आरक्षण दिया जायेगा? ब्यौरा दें। यदि नहीं, तो विधिसम्मत कारण बताएं। (ग) मेडिकल ऑफिसर को समयमान पदोन्नति दी जाएगी? यदि नहीं, तो विधिसम्मत कारण बताएं। (घ) मेडिकल ऑफिसर को सेवा में रहते हुए स्नातकोत्तर हो जाने पर शैक्षणिक पदों पर होने वाली भर्तियों में आंतरिक उम्मीदवार माना जायेगा? (ङ) मेडिकल ऑफिसर को प्रेक्टिस न करने पर नॉन-प्रेक्टिस अलाउंस क्यों नहीं दिया जा रहा है? विधिसम्मत कारण बताएं । कब तक अलाउंस दिया जायेगा ? (च) सातवें वेतनमान के आदेश क्रमांक एफ 2-23/2019/1/55 भोपाल, दिनांक 17 अक्टूबर 2019 के संबंध में समस्त शासकीय एवं स्वशासी चिकित्सा शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ जनवरी 2018 से दिया जा रहा है, जबकि
अन्य शासकीय कर्मियों को जनवरी 2016 से दिया जा रहा है। ऐसा सौतेलापन व्यवहार चिकित्सा शिक्षकों के साथ क्यों हो रहा है? विधिसम्मत कारण बताएं।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री ( श्री विश्वास सारंग ) : (क) जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (ख) जी नहीं। नीट द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में Inservice आरक्षण का प्रावधान नहीं है, अपितु परीक्षा उपरांत राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु Inservice अभ्यार्थियों को मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक 9 मार्च 2018 के नियम बिन्दु-14 के अंतर्गत आरक्षण दिये जाने का प्रावधान है। (ग) जी नहीं। शासन द्वारा समयमान पदोन्नति योजना क्रियान्वित नहीं है। (घ) जी नहीं। (ड.) चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सा शिक्षकों को नॉन प्रेक्टिस अलाउन्स दिये जाने का प्रावधान है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। (च) राज्य शासन द्वारा राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों/मण्डलों/निगमों एवं विकास प्राधिकरणों के सेवायुक्तों तथा स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय एवं राज्य सरकार से शत्-प्रतिशत स्थापना/पोषण अनुदान प्राप्त करने वाली अन्य संस्थाओं के गैर शिक्षकीय सेवायुक्तों के वेतनमानों का पुनरीक्षण किये जाने के संबंध में लिये गये नीतिगत निर्णय में अनुसार वेतन पुनरीक्षण में दिनांक 01.01.2016 से वेतन निर्धारण किया जाकर पुनरीक्षित वेतनमान का वास्तविक लाभ दिनांक 01.04.2018 से दिया गया है। आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता।
आदिवासी परिवारों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ
[जनजातीय कार्य]
80. ( क्र. 6322 ) श्री रविन्द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला मुरैना के वन क्षेत्र में कितने आदिवासियों के गाँव हैं ? उक्त सभी गाँवों में कितने आदिवासी परिवार निवास करते हैं? कितने आदिवासी परिवारों को वनाधिकार पट्टे प्राप्त हुये हैं और कितने पट्टे प्रक्रियाधीन हैं? वनाधिकार एक्ट के अंतर्गत क्या उक्त आदिवासियों को बिजली, पानी, सड़क की सुविधा उपलब्ध है? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) वन क्षेत्र में निवास कर रहे आदिवासी परिवारों के गाँव को मूलभूत सुविधायें प्रदान करने हेतु सरकार द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं ? नहीं तो क्यों?
जनजातीय कार्य मंत्री ( सुश्री मीना सिंह माण्डवे ) : (क) जिला मुरैना के वन क्षेत्र के अन्तर्गत 22 ग्राम चिन्हांकित एवं 16 ग्राम गैर चिन्हांकित है। उक्त सभी ग्रामों में 1674 आदिवासी परिवार निवास करते हैं। वन अधिकार अधिनियम 2006 के अन्तर्गत ग्राम खडरियापुरा के 18 आदिवासियों व्यक्तियों को वन अधिकार के पट्टों का वितरण किया गया है। 69 आदिवासियों के पट्टों की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्त आदिवासियों को बिजली, पानी, सड़क की सुविधा उपलब्ध है। (ख) वन क्षेत्र में निवास कर रहे, आदिवासी परिवारों के गाँवों को बिजली, पानी, सड़क की मूलभूत सुविधाएं प्रदान की गई हैं एवं आदिवासी परिवारों की मुखियां महिलाओं को परिवार की कुपोषण से मुक्ति हेतु 1000/- प्रतिमाह आहार अनुदान प्रदान किया जा रहा है तथा समय-समय पर शासन द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों के पालन में मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
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उसमें कितने विद्यार्थी सूचीबद्ध हैं? वर्ष दो हज़ार उन्नीस-बीस से प्रश्न दिनांक तक जिले के विभागीय छात्रावासों में विद्यार्थियों पर सब मिलाकर कुल कितना खर्च हुआ है ? प्रश्नांश में उल्लेखित छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी को क्या-क्या सामग्री किस दर से दी जाती है? वर्ष दो हज़ार पंद्रह-सोलह से दो हज़ार बीस-इक्कीस तक विभाग द्वारा संचालित कोचिंग के माध्यम से धार जिले के कितने आदिवासी छात्रों का गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज निजी मेडिकल कॉलेज गवर्नमेंट डेन्टल कॉलेज निजी डेन्टल कॉलेज आई.आई.टी. आई. आई. एम में उच्च शिक्षा हेतु चयन हुआ । पिछले पाँच वर्षों में धार जिले के कितने आदिवासी विद्यार्थी को विदेश में उच्च शिक्षा हेतु भेजा गया तथा विभागीय प्रशिक्षण के माध्यम से कितने युवा पी.एस.सी. तथा यू.पी.एस.सी. में चयनित हुए? जनजातीय कार्य मंत्री : धार जिले में जनजाति वर्ग के संचालित छात्रावासों की जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र "अ" अनुसार है। वर्ष दो हज़ार उन्नीस-बीस से प्रश्न दिनांक तक धार जिले में संचालित जनजाति वर्ग के छात्रावासों पर कुल राशि रूपये नौ सौ छयासठ.इकतालीस लाख का व्यय हुआ है। उत्तरांश "क" में उल्लेखित छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को प्रदाय किये जाने वाले सामग्री नीचे लिखे निर्धारित दर से दी जाती है :क्रमांक छात्रों को दी जाने वाली सामग्री का विवरण नवीन प्रवेशित विद्यार्थियों को प्रवेश के समय बिस्तर सामग्री हेतु नवीनीकरण विद्यार्थियों को निर्धारित सामग्री दर जानकारी परिशिष्ट के प्रपत्र "ब" अनुसार है। पिछले पाँच वर्षों में धार जिले के एक छात्र विदेश में उच्च शिक्षा हेतु भेजा गया तथा विभागीय प्रशिक्षण के माध्यम से अट्ठारह विद्यार्थियों का चयन मध्य प्रदेश सिविल सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में हुआ है। यू.पी.एस.सी में किसी भी युवा का चयन नहीं हुआ परिशिष्ट - "अठारह आठ सौ/निजी भूमियों के संबंध में लिए गए निर्णय अठहत्तर. डॉ. हिरालाल अलावा : क्या वन मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या विगत छः माह में शासन द्वारा वनग्रामों, वनखंडों एवं वर्किंग प्लान में शामिल निजी भूमियों, राजपत्र में डिनोटिफाईड भूमियों एवं नारंगी भूमियों के संबंध में निर्णय लिए गए, जिनसे संबंधित आदेश/निर्देश प्रश्न दिनांक तक भी जारी नहीं किए गए ? किस-किस विषय में किस दिनांक को किन के द्वारा क्या निर्णय लिया गया? इनमें किस निर्णय से संबंधित आदेश/निर्देश जारी किए गए ? प्रति सहित बताएं। यदि निर्णय से संबंधित आदेश निर्देश जारी नहीं किए गए तो कारण बताएं। कब तक आदेश/ निर्देश जारी किए जाएंगे ? समय-सीमा बताएं । क्या वन मुख्यालय सतपुड़ा भवन भोपाल द्वारा बीस जुलाई दो हज़ार नौ को जारी परिपत्र के बाद भी राज्य के सभी वनमण्डल के वर्किंग प्लान में शामिल निजी भूमियों का ब्यौरा प्रश्न दिनांक तक भी संकलित नहीं किया ? यदि हाँ, तो प्रश्न दिनांक तक किस वनमण्डल के वर्किंग प्लान में कितनी निजी भूमि शामिल होने की जानकारी वन मुख्यालय में उपलब्ध है? किस वनमण्डल के वर्किंग प्लान में निजी भूमि शामिल होने की जानकारी किन कारणों से प्रश्न दिनांक तक भी संकलित नहीं की जा सकी ? निजी भूमियों को वनखण्ड एवं वर्किंग प्लान से पृथक किये जाने के संबंध में शासन ने क्या निर्णय लिया? उस निर्णय पर किस दिनांक को पत्र जारी किये गये ? पत्र की प्रति सहित बतायें कि निजी भूमि कब तक वनखण्ड एवं वर्किंग प्लान से पृथक कर दी जाएंगी। वन मंत्री : एवं विगत छः माह में शासन स्तर पर वनग्रामों वनखण्डों एवं वर्किंग प्लान में शामिल निजी भूमियों, राजपत्र में डिनोटीफाईड भूमियों एवं नारंगी भूमियों के संदर्भ में कोई निर्णय नहीं लिये गये, अतः शेष का प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। बीस जुलाई दो हज़ार नौ को जारी परिपत्र से वन विभाग समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों को समस्त वनमंडलों की प्रचलित कार्य-आयोजनाओं एवं भविष्य में पुनरीक्षित होने वाली कार्य-आयोजना में निर्धारित प्रपत्र में भारतीय वन अधिनियम, एक हज़ार नौ सौ सत्ताईस की धारा चार में सम्मिलित निजी भूमि का विवरण संकलित किया जा रहा है। उत्तरांश 'ग' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता। मुख्य सचिव मध्यप्रदेश शासन द्वारा परिपत्र दिनांक एक जून दो हज़ार पंद्रह से समस्त कलेक्टर मध्यप्रदेश एवं प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, वन विभाग द्वारा परिपत्र दिनांक चार जून दो हज़ार पंद्रह से समस्त आयुक्त, म.प्र. को निजी स्वामित्व के भू-खंडों को वनखंड एवं वर्किंग प्लान से पृथक किये जाने के संबंध में निर्देश जारी किये गये हैं। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। उक्त निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में भारतीय वन अधिनियम, एक हज़ार नौ सौ सत्ताईस की धारा पाँच से उन्नीस तक की अर्द्ध-न्यायिक प्रक्रिया के तहत संबंधित अनुविभागीय अधिकारी पदेन वन व्यवस्थापन अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जा रही है। चिकित्सा शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ [चिकित्सा शिक्षा] उन्यासी. डॉ. हिरालाल अलावा : क्या चिकित्सा शिक्षा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि क्या संचालक चिकित्सा शिक्षा म.प्र. भोपाल के पत्र क्रमांक एक हज़ार सात सौ छियासी /स्था/राज/दो हज़ार पंद्रह दिनांक बाईस अगस्त दो हज़ार पंद्रह आदेश के तहत मेडिकल ऑफिसर की भर्ती नियमों में चार स्तरीय वेतनमान दिया जायेगा? यदि हाँ, तो प्रति सहित ब्यौरा दें। मेडिकल ऑफिसर के पाँच वर्ष सेवा के उपरांत स्नातकोत्तर हेतु नीट द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में Inservice उम्मीदवार का आरक्षण दिया जायेगा? ब्यौरा दें। यदि नहीं, तो विधिसम्मत कारण बताएं। मेडिकल ऑफिसर को समयमान पदोन्नति दी जाएगी? यदि नहीं, तो विधिसम्मत कारण बताएं। मेडिकल ऑफिसर को सेवा में रहते हुए स्नातकोत्तर हो जाने पर शैक्षणिक पदों पर होने वाली भर्तियों में आंतरिक उम्मीदवार माना जायेगा? मेडिकल ऑफिसर को प्रेक्टिस न करने पर नॉन-प्रेक्टिस अलाउंस क्यों नहीं दिया जा रहा है? विधिसम्मत कारण बताएं । कब तक अलाउंस दिया जायेगा ? सातवें वेतनमान के आदेश क्रमांक एफ दो तेईस दो हज़ार उन्नीस/एक/पचपन भोपाल, दिनांक सत्रह अक्टूबर दो हज़ार उन्नीस के संबंध में समस्त शासकीय एवं स्वशासी चिकित्सा शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ जनवरी दो हज़ार अट्ठारह से दिया जा रहा है, जबकि अन्य शासकीय कर्मियों को जनवरी दो हज़ार सोलह से दिया जा रहा है। ऐसा सौतेलापन व्यवहार चिकित्सा शिक्षकों के साथ क्यों हो रहा है? विधिसम्मत कारण बताएं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री : जी नहीं। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं। नीट द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में Inservice आरक्षण का प्रावधान नहीं है, अपितु परीक्षा उपरांत राज्य के चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश हेतु Inservice अभ्यार्थियों को मध्यप्रदेश राजपत्र दिनांक नौ मार्च दो हज़ार अट्ठारह के नियम बिन्दु-चौदह के अंतर्गत आरक्षण दिये जाने का प्रावधान है। जी नहीं। शासन द्वारा समयमान पदोन्नति योजना क्रियान्वित नहीं है। जी नहीं। चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सा शिक्षकों को नॉन प्रेक्टिस अलाउन्स दिये जाने का प्रावधान है। शेष प्रश्न उपस्थित नहीं होता। राज्य शासन द्वारा राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों/मण्डलों/निगमों एवं विकास प्राधिकरणों के सेवायुक्तों तथा स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय एवं राज्य सरकार से शत्-प्रतिशत स्थापना/पोषण अनुदान प्राप्त करने वाली अन्य संस्थाओं के गैर शिक्षकीय सेवायुक्तों के वेतनमानों का पुनरीक्षण किये जाने के संबंध में लिये गये नीतिगत निर्णय में अनुसार वेतन पुनरीक्षण में दिनांक एक.एक.दो हज़ार सोलह से वेतन निर्धारण किया जाकर पुनरीक्षित वेतनमान का वास्तविक लाभ दिनांक एक.चार.दो हज़ार अट्ठारह से दिया गया है। आदेश पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। शेष प्रश्न उत्पन्न नहीं होता। आदिवासी परिवारों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ [जनजातीय कार्य] अस्सी. श्री रविन्द्र सिंह तोमर भिड़ौसा : क्या जनजातीय कार्य मंत्री महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि जिला मुरैना के वन क्षेत्र में कितने आदिवासियों के गाँव हैं ? उक्त सभी गाँवों में कितने आदिवासी परिवार निवास करते हैं? कितने आदिवासी परिवारों को वनाधिकार पट्टे प्राप्त हुये हैं और कितने पट्टे प्रक्रियाधीन हैं? वनाधिकार एक्ट के अंतर्गत क्या उक्त आदिवासियों को बिजली, पानी, सड़क की सुविधा उपलब्ध है? यदि नहीं, तो क्यों? वन क्षेत्र में निवास कर रहे आदिवासी परिवारों के गाँव को मूलभूत सुविधायें प्रदान करने हेतु सरकार द्वारा क्या प्रयास किये जा रहे हैं ? नहीं तो क्यों? जनजातीय कार्य मंत्री : जिला मुरैना के वन क्षेत्र के अन्तर्गत बाईस ग्राम चिन्हांकित एवं सोलह ग्राम गैर चिन्हांकित है। उक्त सभी ग्रामों में एक हज़ार छः सौ चौहत्तर आदिवासी परिवार निवास करते हैं। वन अधिकार अधिनियम दो हज़ार छः के अन्तर्गत ग्राम खडरियापुरा के अट्ठारह आदिवासियों व्यक्तियों को वन अधिकार के पट्टों का वितरण किया गया है। उनहत्तर आदिवासियों के पट्टों की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्त आदिवासियों को बिजली, पानी, सड़क की सुविधा उपलब्ध है। वन क्षेत्र में निवास कर रहे, आदिवासी परिवारों के गाँवों को बिजली, पानी, सड़क की मूलभूत सुविधाएं प्रदान की गई हैं एवं आदिवासी परिवारों की मुखियां महिलाओं को परिवार की कुपोषण से मुक्ति हेतु एक हज़ार/- प्रतिमाह आहार अनुदान प्रदान किया जा रहा है तथा समय-समय पर शासन द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों के पालन में मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
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नवां अध्याय
कारवां चलता रहा
खैरो शर की गोद में ताजा जहां पलता रहा काफगर कारवां चलता रहा
संसार के सभी छोटे बड़े देशों की तरह कुलूत देश में भी विभिन्न जातियों के काफलेते रहे । कभी इधर उधर से आए, कभी अपने ही बीच एक दूसरे के साथ साथ आगे बढ़ते हुए एक संघर्ष और टकराव के बीच कई परिवर्तन हुए और हर उथल-पुथल के बाद एक नया युग, एक नया देश, एक नया भूगोल बनता रहा। नई सभ्यता जन्म लेती रही, और नयी संस्कृति पनपती रही । कुलूत देश की कहानी में इस समय तक कौमों के जिन काफलों का, या जातियों के जिन गिरोहों का उल्लेख हुआ है उन में अधिकतः वे जातियां हैं जो वहमोगुमान और संशय, विस्मय के गोरख धंधे में उलझी हुई हैं। जिनके होने या न होने के सम्बन्ध में भी कई तरह के शक पैदा हो सकते हैं। जिन के विचित्र अस्तित्व तथा गैर कुदरती काम आज के पढ़ने वालों के लिए पंचतंत्र के किस्से तथा इन्द्रजाल या गुल बकाउली की कहानियों से कम नहीं जान पड़ते। परन्तु जातियों के जिन काफलों का या जिन जातियों का हम अब उल्लेख करने जा रहे हैं वे उन तथ्यों के परिणाम हैं, जिन की इस समय तक काफी से ज्यादा ऐतिहासिक छान-बीन हो चुकी है और बहुत से विद्वान और इतिहासकार जिन के सम्बन्ध में किसी न किसी निष्कर्ष पर पहुँच चुके हैं और जिन के बारे में उन में कोई विशेष मतभेद भी नहीं है ।
नितान्त विश्वास से तो कोई भी नहीं कह सकता कि कौन जाति कब पैदा हुई, कहां से और कब उसने अपने साथी और पड़ौसी लोगों
पर अधिकार प्राप्त किया।
परन्तु परिस्थितियों और समय के परिवर्तन
ऐसे लग सकते हैं जो बिल्कुल गल्त नहीं हो सकते। वे जातियां जिन का अब नामोनिशान केवल अनुश्रुतियों तक सीमित
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नवां अध्याय कारवां चलता रहा खैरो शर की गोद में ताजा जहां पलता रहा काफगर कारवां चलता रहा संसार के सभी छोटे बड़े देशों की तरह कुलूत देश में भी विभिन्न जातियों के काफलेते रहे । कभी इधर उधर से आए, कभी अपने ही बीच एक दूसरे के साथ साथ आगे बढ़ते हुए एक संघर्ष और टकराव के बीच कई परिवर्तन हुए और हर उथल-पुथल के बाद एक नया युग, एक नया देश, एक नया भूगोल बनता रहा। नई सभ्यता जन्म लेती रही, और नयी संस्कृति पनपती रही । कुलूत देश की कहानी में इस समय तक कौमों के जिन काफलों का, या जातियों के जिन गिरोहों का उल्लेख हुआ है उन में अधिकतः वे जातियां हैं जो वहमोगुमान और संशय, विस्मय के गोरख धंधे में उलझी हुई हैं। जिनके होने या न होने के सम्बन्ध में भी कई तरह के शक पैदा हो सकते हैं। जिन के विचित्र अस्तित्व तथा गैर कुदरती काम आज के पढ़ने वालों के लिए पंचतंत्र के किस्से तथा इन्द्रजाल या गुल बकाउली की कहानियों से कम नहीं जान पड़ते। परन्तु जातियों के जिन काफलों का या जिन जातियों का हम अब उल्लेख करने जा रहे हैं वे उन तथ्यों के परिणाम हैं, जिन की इस समय तक काफी से ज्यादा ऐतिहासिक छान-बीन हो चुकी है और बहुत से विद्वान और इतिहासकार जिन के सम्बन्ध में किसी न किसी निष्कर्ष पर पहुँच चुके हैं और जिन के बारे में उन में कोई विशेष मतभेद भी नहीं है । नितान्त विश्वास से तो कोई भी नहीं कह सकता कि कौन जाति कब पैदा हुई, कहां से और कब उसने अपने साथी और पड़ौसी लोगों पर अधिकार प्राप्त किया। परन्तु परिस्थितियों और समय के परिवर्तन ऐसे लग सकते हैं जो बिल्कुल गल्त नहीं हो सकते। वे जातियां जिन का अब नामोनिशान केवल अनुश्रुतियों तक सीमित
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Faridabad News: कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने पहली बार फरीदाबाद लोकसभा सीट से टिकट का दाव ठोंका है. साथ ही कहा कि फरीदाबाद लोक सभा सीट पर तमाम इलाकों से मुझे भरपूर सहयोग और समर्थन मिल रहा है.
Faridabad News: कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने पहली बार फरीदाबाद लोकसभा सीट पर टिकट का दाव ठोंका है. करण सिंह दलाल ने कहा कि फरीदाबाद, पलवल क्षेत्र को एक दबंग नेता की जरूरत है, जो इलाके की आवाज उठा सके. इसके साथ ही उन्होंने फरीदाबाद के लोगों से मिलना जुलना शुरू कर दिया है.
इस दौरान करण सिंह दलाल ने मौजूदा सांसद और दो बार के मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर पर निशाना साधा. करण सिंह दलाल ने कहा कि फरीदाबाद की जनता उनसे दुखी है. चुनाव लड़ने की बात का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो निश्चित तौर पर फरीदाबाद लोकसभा सीट से 2024 का चुनाव लड़ूंगा.
करण सिंह दलाल ने कहा कि फरीदाबाद की जनता, यहां के लोग दबंग तरीके से यहां की आवाज लोकसभा तक उठाना चाहते हैं, मौजूदा सांसद ने 10 साल में यहां के लोगों के लिए कुछ नहीं किया. फरीदाबाद लोक सभा सीट पर तमाम इलाकों से मुझे भरपूर सहयोग और समर्थन मिल रहा है. साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कांग्रेस नेताओं के साथ संपर्क पर भी निशाना साधा.उन्होंने कहा कि कुछ कांग्रेसी बीजेपी वालों के संपर्क में होंगे कोई बड़ी बात नहीं है. करण सिंह दलाल ने कहा कि वक्त और चुनाव आने दीजिए मौजूदा मंत्री को बता दूंगा कि कितने बीजेपी के पदाधिकारी और नेता मेरे संपर्क में हैं.
करण सिंह दलाल ने कहा कि अगर मुझे मौका मिला तो गदपुरी टोल प्लाजा में टोल फ्री होगा, मंझावली पुल में हुई गड़बड़ी की भी जांच होगी. हमें मौका मिलता है तो फरीदाबाद में अवैध कॉलोनियों की प्लाटिंग बंद कर दी जाएगी. इस दौरान अवैध प्लाटिंग के मामले में भी करण सिंह दलाल ने BJP नेताओं पर निशाना साधा.
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Faridabad News: कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने पहली बार फरीदाबाद लोकसभा सीट से टिकट का दाव ठोंका है. साथ ही कहा कि फरीदाबाद लोक सभा सीट पर तमाम इलाकों से मुझे भरपूर सहयोग और समर्थन मिल रहा है. Faridabad News: कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने पहली बार फरीदाबाद लोकसभा सीट पर टिकट का दाव ठोंका है. करण सिंह दलाल ने कहा कि फरीदाबाद, पलवल क्षेत्र को एक दबंग नेता की जरूरत है, जो इलाके की आवाज उठा सके. इसके साथ ही उन्होंने फरीदाबाद के लोगों से मिलना जुलना शुरू कर दिया है. इस दौरान करण सिंह दलाल ने मौजूदा सांसद और दो बार के मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर पर निशाना साधा. करण सिंह दलाल ने कहा कि फरीदाबाद की जनता उनसे दुखी है. चुनाव लड़ने की बात का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर पार्टी चाहेगी तो निश्चित तौर पर फरीदाबाद लोकसभा सीट से दो हज़ार चौबीस का चुनाव लड़ूंगा. करण सिंह दलाल ने कहा कि फरीदाबाद की जनता, यहां के लोग दबंग तरीके से यहां की आवाज लोकसभा तक उठाना चाहते हैं, मौजूदा सांसद ने दस साल में यहां के लोगों के लिए कुछ नहीं किया. फरीदाबाद लोक सभा सीट पर तमाम इलाकों से मुझे भरपूर सहयोग और समर्थन मिल रहा है. साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के कांग्रेस नेताओं के साथ संपर्क पर भी निशाना साधा.उन्होंने कहा कि कुछ कांग्रेसी बीजेपी वालों के संपर्क में होंगे कोई बड़ी बात नहीं है. करण सिंह दलाल ने कहा कि वक्त और चुनाव आने दीजिए मौजूदा मंत्री को बता दूंगा कि कितने बीजेपी के पदाधिकारी और नेता मेरे संपर्क में हैं. करण सिंह दलाल ने कहा कि अगर मुझे मौका मिला तो गदपुरी टोल प्लाजा में टोल फ्री होगा, मंझावली पुल में हुई गड़बड़ी की भी जांच होगी. हमें मौका मिलता है तो फरीदाबाद में अवैध कॉलोनियों की प्लाटिंग बंद कर दी जाएगी. इस दौरान अवैध प्लाटिंग के मामले में भी करण सिंह दलाल ने BJP नेताओं पर निशाना साधा.
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चूँकि असम 30 जून तक नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर के अंतिम मसौदे को प्रकाशित करने के लिये तैयार हो गया है, इसे देखते हुए पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश अवैध प्रवासियों के प्रवेश को रोकने के लिये अपनी सीमाओं को मज़बूत कर रहा है।
क्या है मामला?
- पिछले महीने, अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के ठेकेदारों ने कहा कि 90 बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ रुकी हुई हैं क्योंकि 2,000 मज़दूरों ने यह सुनिश्चित करने के लिये काम करना छोड़ दिया था कि उनके नाम NRC में शामिल हैं।
- पंद्रह दिन से अधिक समय बाद, लोंगडिंग जिले में पुलिस ने 87 मज़दूरों को पकड़ा जिनके पास इनर लाइन परमिट (ILP) नहीं था और उन्हें वापस असम भेज दिया गया जहाँ से वे आए थे ।
- 'ILP उल्लंघन करने वालों' के खिलाफ इसी तरह के अभियानों ने अगले कुछ दिनों में राज्य के अन्य ज़िलों से 350 से ज़्यादा लोगों को निकाला है।
- लेकिन इटानगर में प्रशासन ने संकेत दिया कि अवैध प्रवासियों, जो कानून और व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं तथा शांति भंग कर सकते हैं, पर प्रतिबंध लगाने के लिये इस अभियान में अभी बहुत कुछ करना है।
- यह इस सिद्धांत से जुड़ा हुआ है कि अंतिम प्रारूप के सार्वजनिक होने के बाद असम अंततः लाखों नागरिकताविहीन लोगों को राज्य से निकाल सकता है।
ILP (Inner Line Permit) क्या है?
- ब्रिटिश काल से ही, ILP एक यात्रा दस्तावेज़ है जो भारतीय नागरिकों को उत्तर-पूर्वी भारत के सीमावर्ती राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम और नगालैंड में प्रवेश करने हेतु आवश्यक है।
- यह उन राज्यों में ऐसे लोगों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिये बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन, 1873 के तहत जारी किया जाता है, जो कि इन राज्यों से संबंधित नहीं हैं।
- ILP एक सप्ताह के लिये मान्य होता है, लेकिन इसकी अवधि को बढ़ाया जा सकता है।
- जो लोग इन राज्यों में अक्सर काम के लिये आते रहते हैं वे एक विशेष ILP का चुनाव कर सकते हैं। इस विशेष ILP का वार्षिक रूप से नवीनीकरण कराना पड़ता है।
- चूँकि ILP भारतीयों के लिये और प्रोटेक्टेड एरिया परमिट विदेशियों के लिये अनिवार्य है, तथ्य यह है कि अरुणाचल प्रदेश से निकाले गए मजदूरों के पास परमिट नहीं था, जो उनकी राष्ट्रीयता को संदेह के दायरे में लाता है।
NRC कहाँ उपयुक्त होता है?
- 31 दिसंबर, 2017 को NRC का पहला मसौदा प्रकाशित होने के बाद, असम के मुख्यमंत्री सरबानंद सोनोवाल ने कहा कि जो लोग सूची में अपना नाम शामिल करने में असफल रहे हैं उन्हें विदेशियों के रूप में पहचाना जाएगा तथा उन्हें सभी संवैधानिक अधिकारों से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
- राजनीतिक टिप्पणीकारों ने कहा है कि NRC 5 लाख से 10 लाख लोगों को छोड़ सकता है, इनमें से अधिकाँश पर 'बांग्लादेशी' या नागरिकता विहीन का टैग लग सकता है।
- असम के पड़ोसी राज्यों को डर है कि ये घोषित गैर-नागरिक सस्ते श्रम की मांग पर नकदी के लिये इनके क्षेत्रों में स्थानांतरित हो सकते हैं।
- 4 जनवरी को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खंडू ने पुलिस को असम के साथ लगी सीमा के साथ निगरानी को मज़बूत करने का आदेश दिया था।
- ILP दीमापुर में लागू नहीं है।
कहाँ जाएँगे असम तथा अन्य राज्यों द्वारा निकाले गए अवैध प्रवासी?
- ये सिस्टर स्टेट अक्सर "अवैध प्रवासियों", जो कुशल और अकुशल श्रमिकों के रूप में विडंबनापूर्ण रूप से अनिवार्य हैं, के साथ अपनी समस्याओं के लिये असम को दोष देते हैं। नगालैंड में उनके लिये भी एक शब्द है - IBI, जिसका तात्पर्य है अवैध बांग्लादेशी आप्रवासन (Illegal Bangladeshi Immigrant)।
- नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन जैसे संगठन गैर-नगा और IBI की संख्या का रिकॉर्ड रखने के लिये 'जनगणना' आयोजित करते हैं।
- 2008 में, कई बांग्ला भाषी मुसलमानों को नगालैंड के मोकोकचुंग शहर से बाहर निकाला गया था और इसने "जनसांख्यिकीय परिवर्तन" के चलते प्रवासियों के खिलाफ सतर्कता को जन्म दिया।
- 2015 में इसी तरह की एक घटना हुई, जबकि अक्तूबर 2017 में चुमुकेदीमा शहर के निवासियों ने IBI को बाहर रखने के लिये एक प्रस्ताव अपनाया।
- सामाजिक वैज्ञानिकों का कहना है कि असम के शहरी क्षेत्रों में इन बाढ़ तथा क्षरण-विस्थापित लोगों की गतिविधि निकट भविष्य में स्वदेशी लोगों की तुलना में अवैध प्रवासियों के बारे में प्रलय के दिन वाले सिद्धांतों को बढ़ावा देती है।
- इस तरह के लोग अस्थायी रूप से दैनिक कामकाज या ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली की रेती पर निर्भर होते हैं।
क्या कहते हैं आँकड़े?
- असम में 3,500 से अधिक रेती (sandbar) हैं, हालाँकि 14 साल पहले की पिछली जनगणना के अनुसार, इनकी आधिकारिक संख्या 2,089 है।
- उस समय दैनिक मजदूरों के रूप में इनकी संख्या 24.9 लाख अर्थात् असम की आबादी के 9.35% थी।
NRC क्या है?
- राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (National Register of Citizens - NRC) में भारतीय नागरिकों के नाम शामिल होते हैं।
- NRC को वर्ष 1951 की जनगणना के बाद तैयार किया गया था।
- इसे जनगणना के दौरान वर्णित सभी व्यक्तियों के विवरणों के आधार पर तैयार किया गया था।
- 31 दिसंबर, 2017 को बहु-प्रतीक्षित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (National Register of Citizens - NRC) का पहला ड्राफ्ट प्रकाशित किया गया।
- इसके अंतर्गत कानूनी तौर पर भारत के नागरिक के रूप में पहचान प्राप्त करने हेतु असम में तकरीबन 3.29 करोड़ आवेदन प्रस्तुत किये गए थे, जिनमें से कुल 1.9 करोड़ लोगों के नामों को ही इसमें शामिल किया गया है।
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चूँकि असम तीस जून तक नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर के अंतिम मसौदे को प्रकाशित करने के लिये तैयार हो गया है, इसे देखते हुए पड़ोसी अरुणाचल प्रदेश अवैध प्रवासियों के प्रवेश को रोकने के लिये अपनी सीमाओं को मज़बूत कर रहा है। क्या है मामला? - पिछले महीने, अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले के ठेकेदारों ने कहा कि नब्बे बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ रुकी हुई हैं क्योंकि दो,शून्य मज़दूरों ने यह सुनिश्चित करने के लिये काम करना छोड़ दिया था कि उनके नाम NRC में शामिल हैं। - पंद्रह दिन से अधिक समय बाद, लोंगडिंग जिले में पुलिस ने सत्तासी मज़दूरों को पकड़ा जिनके पास इनर लाइन परमिट नहीं था और उन्हें वापस असम भेज दिया गया जहाँ से वे आए थे । - 'ILP उल्लंघन करने वालों' के खिलाफ इसी तरह के अभियानों ने अगले कुछ दिनों में राज्य के अन्य ज़िलों से तीन सौ पचास से ज़्यादा लोगों को निकाला है। - लेकिन इटानगर में प्रशासन ने संकेत दिया कि अवैध प्रवासियों, जो कानून और व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं तथा शांति भंग कर सकते हैं, पर प्रतिबंध लगाने के लिये इस अभियान में अभी बहुत कुछ करना है। - यह इस सिद्धांत से जुड़ा हुआ है कि अंतिम प्रारूप के सार्वजनिक होने के बाद असम अंततः लाखों नागरिकताविहीन लोगों को राज्य से निकाल सकता है। ILP क्या है? - ब्रिटिश काल से ही, ILP एक यात्रा दस्तावेज़ है जो भारतीय नागरिकों को उत्तर-पूर्वी भारत के सीमावर्ती राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम और नगालैंड में प्रवेश करने हेतु आवश्यक है। - यह उन राज्यों में ऐसे लोगों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिये बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन, एक हज़ार आठ सौ तिहत्तर के तहत जारी किया जाता है, जो कि इन राज्यों से संबंधित नहीं हैं। - ILP एक सप्ताह के लिये मान्य होता है, लेकिन इसकी अवधि को बढ़ाया जा सकता है। - जो लोग इन राज्यों में अक्सर काम के लिये आते रहते हैं वे एक विशेष ILP का चुनाव कर सकते हैं। इस विशेष ILP का वार्षिक रूप से नवीनीकरण कराना पड़ता है। - चूँकि ILP भारतीयों के लिये और प्रोटेक्टेड एरिया परमिट विदेशियों के लिये अनिवार्य है, तथ्य यह है कि अरुणाचल प्रदेश से निकाले गए मजदूरों के पास परमिट नहीं था, जो उनकी राष्ट्रीयता को संदेह के दायरे में लाता है। NRC कहाँ उपयुक्त होता है? - इकतीस दिसंबर, दो हज़ार सत्रह को NRC का पहला मसौदा प्रकाशित होने के बाद, असम के मुख्यमंत्री सरबानंद सोनोवाल ने कहा कि जो लोग सूची में अपना नाम शामिल करने में असफल रहे हैं उन्हें विदेशियों के रूप में पहचाना जाएगा तथा उन्हें सभी संवैधानिक अधिकारों से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। - राजनीतिक टिप्पणीकारों ने कहा है कि NRC पाँच लाख से दस लाख लोगों को छोड़ सकता है, इनमें से अधिकाँश पर 'बांग्लादेशी' या नागरिकता विहीन का टैग लग सकता है। - असम के पड़ोसी राज्यों को डर है कि ये घोषित गैर-नागरिक सस्ते श्रम की मांग पर नकदी के लिये इनके क्षेत्रों में स्थानांतरित हो सकते हैं। - चार जनवरी को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खंडू ने पुलिस को असम के साथ लगी सीमा के साथ निगरानी को मज़बूत करने का आदेश दिया था। - ILP दीमापुर में लागू नहीं है। कहाँ जाएँगे असम तथा अन्य राज्यों द्वारा निकाले गए अवैध प्रवासी? - ये सिस्टर स्टेट अक्सर "अवैध प्रवासियों", जो कुशल और अकुशल श्रमिकों के रूप में विडंबनापूर्ण रूप से अनिवार्य हैं, के साथ अपनी समस्याओं के लिये असम को दोष देते हैं। नगालैंड में उनके लिये भी एक शब्द है - IBI, जिसका तात्पर्य है अवैध बांग्लादेशी आप्रवासन । - नगा स्टूडेंट्स फेडरेशन जैसे संगठन गैर-नगा और IBI की संख्या का रिकॉर्ड रखने के लिये 'जनगणना' आयोजित करते हैं। - दो हज़ार आठ में, कई बांग्ला भाषी मुसलमानों को नगालैंड के मोकोकचुंग शहर से बाहर निकाला गया था और इसने "जनसांख्यिकीय परिवर्तन" के चलते प्रवासियों के खिलाफ सतर्कता को जन्म दिया। - दो हज़ार पंद्रह में इसी तरह की एक घटना हुई, जबकि अक्तूबर दो हज़ार सत्रह में चुमुकेदीमा शहर के निवासियों ने IBI को बाहर रखने के लिये एक प्रस्ताव अपनाया। - सामाजिक वैज्ञानिकों का कहना है कि असम के शहरी क्षेत्रों में इन बाढ़ तथा क्षरण-विस्थापित लोगों की गतिविधि निकट भविष्य में स्वदेशी लोगों की तुलना में अवैध प्रवासियों के बारे में प्रलय के दिन वाले सिद्धांतों को बढ़ावा देती है। - इस तरह के लोग अस्थायी रूप से दैनिक कामकाज या ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली की रेती पर निर्भर होते हैं। क्या कहते हैं आँकड़े? - असम में तीन,पाँच सौ से अधिक रेती हैं, हालाँकि चौदह साल पहले की पिछली जनगणना के अनुसार, इनकी आधिकारिक संख्या दो,नवासी है। - उस समय दैनिक मजदूरों के रूप में इनकी संख्या चौबीस.नौ लाख अर्थात् असम की आबादी के नौ.पैंतीस% थी। NRC क्या है? - राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में भारतीय नागरिकों के नाम शामिल होते हैं। - NRC को वर्ष एक हज़ार नौ सौ इक्यावन की जनगणना के बाद तैयार किया गया था। - इसे जनगणना के दौरान वर्णित सभी व्यक्तियों के विवरणों के आधार पर तैयार किया गया था। - इकतीस दिसंबर, दो हज़ार सत्रह को बहु-प्रतीक्षित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर का पहला ड्राफ्ट प्रकाशित किया गया। - इसके अंतर्गत कानूनी तौर पर भारत के नागरिक के रूप में पहचान प्राप्त करने हेतु असम में तकरीबन तीन.उनतीस करोड़ आवेदन प्रस्तुत किये गए थे, जिनमें से कुल एक.नौ करोड़ लोगों के नामों को ही इसमें शामिल किया गया है।
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रायपुर। प्रदेश में चुनावी सीजन की शुरुआत हो गई है, चुनाव की तैयारी को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के बाद अब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया आज रायपुर पहुंचे. कांग्रेस अपने बूथ स्तर पर चुनावी अभियान की तैयारी अंबिकापुर से शुरु करने जा रही है.
कांग्रेस की तैयारियों को लेकर पुनिया ने बताया कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की प्रशिक्षण की अंबिकापुर से शुरुआत होने जा रही है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व राहुल गांधी ने भूपेश बघेल पर विश्वास जताया है उनके नेतृत्व ने चुनाव लड़ा जाएगा.
पीसीसी की नई कार्यकारिणी में दो-दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर पुनिया ने कहा कि एक आदिवासी और अनुसूचित जाति का कार्यकारी अध्यक्ष बना गया है जिसकी लंबे समय से पार्टी में मांग थी. उन्होने कहा कि नयी टीम में सभी वर्ग के लोगो को प्रतिनिधित्वि दिया गया है.
प्रदेश में आदिवासी सीएम के सवाल पर पुनिया ने कहा कि कांग्रेस ने अजित जोगी को आदिवासी समझ कर सीएम बनाया जो आदिवासी नहीं निकले. भाजपा 3 बार से सत्ता पर है लेकिन उन्होंने आदिवासी को मौका नहीं दिया. उन्होंने कहा कि सभी मिलकर चुनाव में बहुमत लाएंगे उसके बाद विधायक मुख्यमंत्री को चुनेंगे.
कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ में विकास कुपोषित हो गया कहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में जाहिर हुआ है छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा गरीबी है. यहां 15 साल में जो किया जाना था किया नही गया.
उन्होने भू-राजस्व संहिता में संशोधन के सवाल पर कहा कि कांग्रेस संशोधन की निंदा करती है, उन्होंने सरकार से संसोधन वापस लेने की मांग करते हैं, ये संसोधन आदिवासी समाज को गरीब भिखारी बनाने वाला निर्णय है.
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रायपुर। प्रदेश में चुनावी सीजन की शुरुआत हो गई है, चुनाव की तैयारी को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के बाद अब कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया आज रायपुर पहुंचे. कांग्रेस अपने बूथ स्तर पर चुनावी अभियान की तैयारी अंबिकापुर से शुरु करने जा रही है. कांग्रेस की तैयारियों को लेकर पुनिया ने बताया कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की प्रशिक्षण की अंबिकापुर से शुरुआत होने जा रही है. उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व राहुल गांधी ने भूपेश बघेल पर विश्वास जताया है उनके नेतृत्व ने चुनाव लड़ा जाएगा. पीसीसी की नई कार्यकारिणी में दो-दो कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर पुनिया ने कहा कि एक आदिवासी और अनुसूचित जाति का कार्यकारी अध्यक्ष बना गया है जिसकी लंबे समय से पार्टी में मांग थी. उन्होने कहा कि नयी टीम में सभी वर्ग के लोगो को प्रतिनिधित्वि दिया गया है. प्रदेश में आदिवासी सीएम के सवाल पर पुनिया ने कहा कि कांग्रेस ने अजित जोगी को आदिवासी समझ कर सीएम बनाया जो आदिवासी नहीं निकले. भाजपा तीन बार से सत्ता पर है लेकिन उन्होंने आदिवासी को मौका नहीं दिया. उन्होंने कहा कि सभी मिलकर चुनाव में बहुमत लाएंगे उसके बाद विधायक मुख्यमंत्री को चुनेंगे. कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ में विकास कुपोषित हो गया कहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में जाहिर हुआ है छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा गरीबी है. यहां पंद्रह साल में जो किया जाना था किया नही गया. उन्होने भू-राजस्व संहिता में संशोधन के सवाल पर कहा कि कांग्रेस संशोधन की निंदा करती है, उन्होंने सरकार से संसोधन वापस लेने की मांग करते हैं, ये संसोधन आदिवासी समाज को गरीब भिखारी बनाने वाला निर्णय है.
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इंदौरः मध्य प्रदेश में उपचुनाव के लिए नामांकन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। सांवेर विधानसभा के उपचुनाव के लिए बुधवार को मंत्री तुलसी सिलावट ने दो बार नामांकन पत्र दाखिल किया। एक बार मुहूर्त में और दूसरी बार नेता और कार्यकर्ताओं के साथ रैली के रूप में पहुंचकर। भाजपा प्रत्याशी तुलसी सिलावट ने पहली बार 15 मिनट के शुभ मुहूर्त में नामांकन पत्र का पहला सेट दाखिल किया तो वहीं दूसरी बार दोपहर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रैली के रूप में दूसरा नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे थे।
तुलसी सिलावट बुधवार को सुबह नामांकन फॉर्म भरने से पहले वे जू स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे और बजरंगबली का आशीर्वाद लिया। वहीं नामांकल पत्र दो बार भरने को लेकर भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने बताया कि मंत्री सिलावट की कुंडली को देखते हुए पंडित जी ने 10.50 से 11.05 मिनट तक 15 मिनट का ही मुहूर्त बताया था, इसलिए मंत्री सुबह 10.50 बजे कुछ लोगों के साथ पहला पर्चा दाखिल करने कार्यालय पहुंचे। सिलावट के साथ चुनाव सह प्रभारी सावन सोनकर, प्रस्तावक दिलीप चौधरी और जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर मौजूद रहे।
सांवेर विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी तुलसी सिलावट ने बुधवार को नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन से पहले भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को चुन्नू-मुन्नू कहा। राहुल गांधी को पप्पू कहकर तंज कसा।
कैलाश ने कहा- सिंधिया जी अपने साथियों के साथ मोदी रूपी फास्ट ट्रेन में क्या बैठे, चुन्नू-मुन्नू की दुकान बंद हो गई। आलू डालकर सोना निकालने वाले पप्पू ने कहा था- 8 दिन में किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री बदल दूंगा। अब बताओ गद्दार कौन है? ये शिवराज को गद्दार, नालायक, भूखा, नंगा बोल रहे हैं। तुम बता दो, तुम कितने लायक हो।
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इंदौरः मध्य प्रदेश में उपचुनाव के लिए नामांकन फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। सांवेर विधानसभा के उपचुनाव के लिए बुधवार को मंत्री तुलसी सिलावट ने दो बार नामांकन पत्र दाखिल किया। एक बार मुहूर्त में और दूसरी बार नेता और कार्यकर्ताओं के साथ रैली के रूप में पहुंचकर। भाजपा प्रत्याशी तुलसी सिलावट ने पहली बार पंद्रह मिनट के शुभ मुहूर्त में नामांकन पत्र का पहला सेट दाखिल किया तो वहीं दूसरी बार दोपहर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रैली के रूप में दूसरा नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे थे। तुलसी सिलावट बुधवार को सुबह नामांकन फॉर्म भरने से पहले वे जू स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे और बजरंगबली का आशीर्वाद लिया। वहीं नामांकल पत्र दो बार भरने को लेकर भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने बताया कि मंत्री सिलावट की कुंडली को देखते हुए पंडित जी ने दस.पचास से ग्यारह दशमलव पाँच मिनट तक पंद्रह मिनट का ही मुहूर्त बताया था, इसलिए मंत्री सुबह दस.पचास बजे कुछ लोगों के साथ पहला पर्चा दाखिल करने कार्यालय पहुंचे। सिलावट के साथ चुनाव सह प्रभारी सावन सोनकर, प्रस्तावक दिलीप चौधरी और जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर मौजूद रहे। सांवेर विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशी तुलसी सिलावट ने बुधवार को नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन से पहले भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को चुन्नू-मुन्नू कहा। राहुल गांधी को पप्पू कहकर तंज कसा। कैलाश ने कहा- सिंधिया जी अपने साथियों के साथ मोदी रूपी फास्ट ट्रेन में क्या बैठे, चुन्नू-मुन्नू की दुकान बंद हो गई। आलू डालकर सोना निकालने वाले पप्पू ने कहा था- आठ दिन में किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री बदल दूंगा। अब बताओ गद्दार कौन है? ये शिवराज को गद्दार, नालायक, भूखा, नंगा बोल रहे हैं। तुम बता दो, तुम कितने लायक हो।
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जब आपकी छुट्टी की योजना बनाते हैं, तो लोग गठबंधन करते हैंएक यात्रा के आकर्षण और गर्म समुद्र के पानी में तैरने की संभावना है। अक्सर यह विकल्प तुर्की में बंद हो जाता है, जो कई वर्षों के अनुभव के लिए धन्यवाद, पर्यटन व्यवसाय के क्षेत्र में अग्रणी देशों में से एक बन गया है।
ब्लू फिश होटल 4 *, भूमध्यसागरीय तट पर छोटे शहर अलान्या में स्थित है, दोनों नए मेहमान और पहले से अनुभवी लोगों से मिलकर प्रसन्न हैं।
होटल का परिसर XX के अंत में बनाया गया थासदी, आखिरी नवीकरण 2012 में किया गया था। 6,000 वर्ग मीटर के एक कॉम्पैक्ट क्षेत्र में कई सुगंधित फूलों के बेड और उष्णकटिबंधीय ताड़ के पेड़ों के साथ एक अद्भुत हरा क्षेत्र है। मुख्य इमारत को छह-मंजिला इमारत द्वारा दर्शाया गया है, जहाँ आराम से सभ्य स्तर के 158 अपार्टमेंट स्थित हैं। निकटतम हवाई अड्डे की दूरी 120 किमी है, जबकि गांव के निकटतम केंद्र की दूरी 6 किमी है।
विभिन्न भाषाओं में स्टाफ प्रवीणता के लिए धन्यवाद,रूसी भाषी पर्यटकों के साथ संचार में बाधा उत्पन्न नहीं होती है। पालतू जानवरों के लिए कोई जगह नहीं है। धूम्रपान करना निषिद्ध है। विकलांग लोगों का निपटान विशेष रूप से सुसज्जित कक्षों में स्थापित प्रक्रिया के अनुसार होता है।
कमरे होटल ब्लू फिश होटल 4 * (तुर्की, कोंकली) एक एकल श्रेणी के अपार्टमेंट द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया"मानक"। इंटीरियर में एक मामूली आधुनिक डिजाइन है। दीवारों को चित्रों से सजाया गया है, फूलों के फूलदान हैं। फर्श को टुकड़े टुकड़े के साथ कवर किया गया है। बाथरूम को सिरेमिक टाइल्स से सजाया गया है। प्रत्येक कमरे में एक बालकनी है, जहाँ आप सुबह या आने वाली रात को एक लाख टिमटिमाते सितारों से मिल सकते हैं।
फर्नीचर को एक मानक सेट द्वारा दर्शाया गया हैः सामान के लिए बेड, अलमारी, मेज, कुर्सियाँ, कैबिनेट। एक व्यक्तिगत एयर कंडीशनिंग प्रणाली, रूसी भाषा चैनलों के साथ एक टीवी, एक आंतरिक टेलीफोन, एक सुरक्षित और वाई-फाई की उपस्थिति कमरे में लापरवाह और आरामदायक बना देती है।
ब्लू फिश होटल 4 * (Alanya, Konakli) के कमरों में स्नानघर या शॉवर, सौंदर्य प्रसाधन का एक सेट और एक सिंक है।
होटल में भोजन ब्लू फिश होटल 4 * (तुर्की, अलान्या) बुफे सिस्टम तीन पर किया गयादिन में कई बार। मुख्य रेस्तरां में एक कवर क्षेत्र और एक खुली छत है। प्रस्ताव पर व्यंजनों की विविधता महान हैः प्राकृतिक सब्जियां, पौष्टिक मीट, ताजे फल और मछली उत्पाद कुछ ही हैं जो मेहमान खाते हैं।
"सभी समावेशी" उपयोग की अवधारणा के अनुसारसभी स्थानीय मादक और गैर-मादक पेय पदार्थों को कीमत में शामिल किया गया है। आप उन्हें तीन बार में देख सकते हैंः लॉबी में, समुद्र तट पर, पूल द्वारा। पहले वाले को यात्रा का भुगतान किया जाता है। दिन के दौरान, स्नैक बार हल्के नाश्ते, स्वादिष्ट आइसक्रीम या ताजा पेस्ट्री के साथ भूख की भावना को संतुष्ट करने का अवसर प्रदान करता है।
ताजा निचोड़ा हुआ रस और आयातित शराब को अतिरिक्त भुगतान की आवश्यकता होती है।
रात की नींद के लिए स्थल की समीक्षा करने के बाद,वैतनिकों के नीला पानी से मिलने के लिए छुट्टियां मनाने जाते हैं। होटल ब्लू फिश होटल (तुर्की) तट से सौ मीटर की दूरी पर पहली तट रेखा पर स्थित है। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए, सड़क मार्ग को पार करना आवश्यक है, जो भूमिगत मार्ग का उपयोग करके किया जा सकता है।
अपना रेतीला समुद्र तट फैला हुआ हैएक सौ मीटर की एक पट्टी। यह उन लोगों के लिए कई लाउंज कुर्सियों से सुसज्जित है जो एक अद्वितीय तन प्राप्त करना पसंद करते हैं। हालांकि, हर कोई सूरज की चिलचिलाती किरणों के साथ दोस्त नहीं है। इस मामले में, आपको एक छतरी के नीचे बैठना चाहिए, जो वांछित क्षेत्र की छाया स्थान बनाएगा। एक गद्दे के साथ एक सनबेड पर भिगोने के अवसर के लिए, आपको अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा। तौलिए उपलब्ध नहीं हैं।
लकड़ी के घाट आपको सीढ़ियों को तुरंत गहरे स्थानों में उतरने की अनुमति देता है। इससे गोता लगाना निषिद्ध है। बदलते कमरे, शौचालय और बौछार समुद्र तट के बुनियादी ढांचे के घटक हैं।
उन लोगों के लिए जो मास्क के साथ तैराकी में विविधता लाना चाहते हैंयह एक नाव पर खुले समुद्र तक पहुंच की संभावना प्रदान करता है, जिससे आप भूमध्य सागर के गहरे खाई में गोता लगा सकते हैं। अद्भुत पानी के नीचे की दुनिया और समृद्ध राहत प्रकृति आपको इस मिनी-भ्रमण के अविस्मरणीय प्रभाव प्रदान करेगी। दोनों अनुभवी गोताखोर और शुरुआती इसे देख सकते हैं।
विभिन्न जल सवारी के बीच, सबसे लोकप्रिय वाटर स्कूटर हैं, जो मोटरबोट और विंडसर्फिंग के पीछे एक सर्कल पर सवारी करते हैं।
तैराकी क्षेत्र को तीन पूलों द्वारा दर्शाया गया है।जिनमें से एक अलग संरचनाओं के उज्ज्वल और असामान्य पानी स्लाइड से सुसज्जित है। उनसे उतरना हर किसी को अविस्मरणीय भावनाएं देगा। हालांकि, वे पूर्व निर्धारित घंटों में खुले हैं, जो रिसेप्शन पर पाए जा सकते हैं। मानक मौसम की स्थिति के तहत, यह दोपहर के भोजन से पहले और बाद में है।
बच्चों के एक्वाकम्पलेक्स के पास, जिसके केंद्र मेंविशाल ऑक्टोपस स्थित है। इसके तंबू पहाड़ियों और सीढ़ी का काम करते हैं। मशरूम के रूप में एक छोटी छतरी बच्चों के सिर पर पानी डालती है। यहाँ वे अपने खाली समय के शेर का हिस्सा बिताते हैं, क्योंकि छपना एक अवर्णनीय खुशी है।
मुख्य पूल मुख्य के पास स्थित हैपतवार, पर्याप्त संख्या में सन बेड और छतरियों से घिरा हुआ। एक बच्चों का क्षेत्र है, जहां बच्चों का स्नान वयस्कों की निरंतर निगरानी में है, जो सभी को एक ही समय में आराम करने की अनुमति देता है। ये पूल नदारद हैं।
अपने बच्चे के लिए गर्मियों की छुट्टी की योजना बनाना,माता-पिता एक ऐसा होटल चुनते हैं, जिसका बुनियादी ढांचा उनके बच्चों को आगामी स्कूल वर्ष के लिए कई नए इंप्रेशन प्रदान करने की अनुमति देगा। अपने बच्चे को खुश देखना और उसके चेहरे पर मुस्कान के साथ हर वयस्क का लक्ष्य है। इस होटल के प्रशासन ने लोगों के खाली समय के हर मिनट के बारे में सोचा।
बच्चों के लिए एक दिन क्लब के दरवाजेसमय, 4 से 12 साल की उम्र के दर्शकों के लिए खुला है। यह यहां है कि बच्चे अपनी प्रतिभा को प्रकट करेंगे और अपनी क्षमताओं और कौशल को साझा करेंगे। योग्य शिक्षकों की देखरेख में पर्याप्त विभिन्न खिलौने, डिजाइनर और सेट खेले जाने के बाद, वे ताजी हवा में खिल जाते हैं।
सभी उम्र के बच्चों के लिए कई खेल के मैदान,स्लाइड और झूलों से सुसज्जित, सीढ़ी और क्रॉसिंग बच्चों को लंबे समय तक ले जाएगा। सैंडबॉक्स के लिए बहुत सारे मोतियों के साथ एक अलग प्लास्टिक घर छोटे मेहमानों को अवर्णनीय खुशी की ओर ले जाता है। यहाँ बास्केटबॉल रिंग भी स्थित है। एनिमेटरों की टीम अपने चेहरे पर मुस्कान के साथ अथक रूप से बच्चों को एक अद्भुत कहानी देती है, जिसके सदस्य स्वयं बच्चे हैं।
अनुरोध पर उपलब्ध कमरे में प्रवेश करें। रेस्तरां बच्चों के मेनू और उच्च कुर्सियाँ प्रदान करता है। बच्चों की देखभाल की सेवाएं एक अतिरिक्त कीमत पर उपलब्ध हैं।
खरीदारी और यात्रा के अलावास्थानीय आकर्षणों की सैर, आप होटल के परिसर की सीमाओं को छोड़कर आश्चर्यजनक रूप से विविध समय बिता सकते हैं। धूप सेंकने के अपने खाली समय में, और भूमध्य सागर के पानी में खूब छींटाकशी करने का आनंद लेते हुए, छुट्टियों में पुस्तकालय में जा सकते हैं। एक शांत जगह और मौन का एक आकर्षक वातावरण आपको अपनी पसंदीदा पुस्तक के पन्नों पर यात्रा करने और खाली समय पारित करने की अनुमति देगा।
बिलियर्ड्स, टेबल टेनिस और डार्ट्स की उपस्थिति आपको अपने प्रतिद्वंद्वी को चपलता और सटीकता के साथ जीत के लिए प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देती है।
न केवल शाम में, बल्कि पूरे दिनएनिमेटरों की एक हंसमुख टीम जिसमें तीन लोग शामिल हैं, प्रत्येक अतिथि को एक शानदार मूड देता है। उनका काम किसी को ऊबने नहीं देना है, जो पर्यटकों के अनुसार, वे आसानी से सामना करते हैं। रंगीन नृत्य, कलाबाज़ी के स्टंट, मनोरंजक प्रतियोगिता और हास्य दृश्य कुछ ही चीजें हैं जो यात्रियों को लुभाती हैं।
दिन एक डिस्को के साथ समाप्त होता है, जिसके प्रवेश द्वार का भुगतान किया जाता है। प्रसिद्ध डीजे द्वारा सुखद राष्ट्रीय संगीत और विदेशी हिट हर शाम आगंतुकों का आनंद लेते हैं।
तुर्की की यात्रा के मुख्य लक्ष्यों में से एकशरीर का सुधार है, नई शक्ति और ऊर्जा प्राप्त करना। स्नान, सौना या हमाम में इसे लागू करना संभव है। विश्राम की एक सुखद और कोमल भावना सभी शरीर प्रणालियों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। आत्मा को शांति मिलती है, और नसें शांत हो जाती हैं। अपने आप के साथ सद्भाव उन सभी को उत्थान करता है जिन्होंने इन प्रक्रियाओं का दौरा किया है।
मालिश पर जाने के सकारात्मक पहलूसबको पता है। यह न केवल स्वर्गीय आनंद है, बल्कि ताजा ऊर्जा का एक अभूतपूर्व उछाल भी है। ब्लू फिश होटल 4 * के केवल अनुभवी पेशेवर मालिश करने वाले ही एक व्यक्ति को आराम के अनोखे एहसास में ले जाते हैं।
जो बिना दैनिक जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकतेवर्कआउट या जिन्होंने अपने फॉर्म को आदर्श अनुपात में लाने के बारे में सोचने का फैसला किया, वे जिम जा सकते हैं। विभिन्न प्रकार के उपकरण, प्रतिबिंबित दीवारें, पेशेवर उपकरण और योग्य प्रशिक्षक हर किसी की मदद करने के लिए खुश हैं जिन्हें इसकी आवश्यकता है। कोचों के महत्वपूर्ण कार्यों में से एक प्रशिक्षण और अभ्यास का एक शेड्यूल बनाना है जो शरीर को अधिक परिश्रम करने के बजाय पुनर्प्राप्ति में योगदान देगा।
समुद्र तट क्षेत्र में एक सुसज्जित हैवॉलीबॉल कोर्ट, जहां टीम सामंजस्य और प्रतियोगिता भावना शासन करती है। हर दिन, वॉलीबॉल प्रशंसक और प्रशंसक यहां इकट्ठा होते हैं, संवाद करते हैं, छापों को साझा करते हैं और अपने मनोदशा में सुधार करते हैं।
यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि होटल में रिसेप्शन ब्लू फिश होटल 4 * (अलान्या) घड़ी के आसपास काम करता है। यह उसके लिए धन्यवाद है कि धन का आदान-प्रदान करना या त्वरित निपटान प्रक्रिया का उपयोग करना संभव है। निः शुल्क पार्किंग स्थान किसी के लिए भी उपलब्ध कराए जाते हैं जो कार से पहुंचते हैं या इसे आसपास के विभिन्न आकर्षणों से परिचित कराने के लिए किराए पर लेते हैं। स्थानांतरण पर भुगतान किया जाता है।
के बारे में बहुमुखी समीक्षा के बावजूदचार सितारा ब्लू फिश होटल, जो लोग यहाँ फिर से लौटने की इच्छा रखते हैं। अच्छी तरह से तैयार क्षेत्र को दैनिक रूप से साफ किया जाता है। मेहमान विशेष रूप से मित्रवत और चौकस कर्मचारियों से प्रसन्न होते हैं, जो तुरंत उन समस्याओं और समस्याओं का समाधान करते हैं जो उत्पन्न हुई हैं। और होटल परिसर का क्षेत्र महत्वहीन होने के बावजूद, बुनियादी सुविधाओं की तर्कसंगत आवास रिसॉर्ट आगंतुकों की पसंद के अनुसार है। मेहमान साफ पानी और मालिश चिकित्सकों से अविश्वसनीय रूप से संतुष्ट हैं, जो अपने शरीर को विश्राम की एक अनूठी भावना देते हैं।
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जब आपकी छुट्टी की योजना बनाते हैं, तो लोग गठबंधन करते हैंएक यात्रा के आकर्षण और गर्म समुद्र के पानी में तैरने की संभावना है। अक्सर यह विकल्प तुर्की में बंद हो जाता है, जो कई वर्षों के अनुभव के लिए धन्यवाद, पर्यटन व्यवसाय के क्षेत्र में अग्रणी देशों में से एक बन गया है। ब्लू फिश होटल चार *, भूमध्यसागरीय तट पर छोटे शहर अलान्या में स्थित है, दोनों नए मेहमान और पहले से अनुभवी लोगों से मिलकर प्रसन्न हैं। होटल का परिसर XX के अंत में बनाया गया थासदी, आखिरी नवीकरण दो हज़ार बारह में किया गया था। छः,शून्य वर्ग मीटर के एक कॉम्पैक्ट क्षेत्र में कई सुगंधित फूलों के बेड और उष्णकटिबंधीय ताड़ के पेड़ों के साथ एक अद्भुत हरा क्षेत्र है। मुख्य इमारत को छह-मंजिला इमारत द्वारा दर्शाया गया है, जहाँ आराम से सभ्य स्तर के एक सौ अट्ठावन अपार्टमेंट स्थित हैं। निकटतम हवाई अड्डे की दूरी एक सौ बीस किमी है, जबकि गांव के निकटतम केंद्र की दूरी छः किमी है। विभिन्न भाषाओं में स्टाफ प्रवीणता के लिए धन्यवाद,रूसी भाषी पर्यटकों के साथ संचार में बाधा उत्पन्न नहीं होती है। पालतू जानवरों के लिए कोई जगह नहीं है। धूम्रपान करना निषिद्ध है। विकलांग लोगों का निपटान विशेष रूप से सुसज्जित कक्षों में स्थापित प्रक्रिया के अनुसार होता है। कमरे होटल ब्लू फिश होटल चार * एक एकल श्रेणी के अपार्टमेंट द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया"मानक"। इंटीरियर में एक मामूली आधुनिक डिजाइन है। दीवारों को चित्रों से सजाया गया है, फूलों के फूलदान हैं। फर्श को टुकड़े टुकड़े के साथ कवर किया गया है। बाथरूम को सिरेमिक टाइल्स से सजाया गया है। प्रत्येक कमरे में एक बालकनी है, जहाँ आप सुबह या आने वाली रात को एक लाख टिमटिमाते सितारों से मिल सकते हैं। फर्नीचर को एक मानक सेट द्वारा दर्शाया गया हैः सामान के लिए बेड, अलमारी, मेज, कुर्सियाँ, कैबिनेट। एक व्यक्तिगत एयर कंडीशनिंग प्रणाली, रूसी भाषा चैनलों के साथ एक टीवी, एक आंतरिक टेलीफोन, एक सुरक्षित और वाई-फाई की उपस्थिति कमरे में लापरवाह और आरामदायक बना देती है। ब्लू फिश होटल चार * के कमरों में स्नानघर या शॉवर, सौंदर्य प्रसाधन का एक सेट और एक सिंक है। होटल में भोजन ब्लू फिश होटल चार * बुफे सिस्टम तीन पर किया गयादिन में कई बार। मुख्य रेस्तरां में एक कवर क्षेत्र और एक खुली छत है। प्रस्ताव पर व्यंजनों की विविधता महान हैः प्राकृतिक सब्जियां, पौष्टिक मीट, ताजे फल और मछली उत्पाद कुछ ही हैं जो मेहमान खाते हैं। "सभी समावेशी" उपयोग की अवधारणा के अनुसारसभी स्थानीय मादक और गैर-मादक पेय पदार्थों को कीमत में शामिल किया गया है। आप उन्हें तीन बार में देख सकते हैंः लॉबी में, समुद्र तट पर, पूल द्वारा। पहले वाले को यात्रा का भुगतान किया जाता है। दिन के दौरान, स्नैक बार हल्के नाश्ते, स्वादिष्ट आइसक्रीम या ताजा पेस्ट्री के साथ भूख की भावना को संतुष्ट करने का अवसर प्रदान करता है। ताजा निचोड़ा हुआ रस और आयातित शराब को अतिरिक्त भुगतान की आवश्यकता होती है। रात की नींद के लिए स्थल की समीक्षा करने के बाद,वैतनिकों के नीला पानी से मिलने के लिए छुट्टियां मनाने जाते हैं। होटल ब्लू फिश होटल तट से सौ मीटर की दूरी पर पहली तट रेखा पर स्थित है। लक्ष्य प्राप्त करने के लिए, सड़क मार्ग को पार करना आवश्यक है, जो भूमिगत मार्ग का उपयोग करके किया जा सकता है। अपना रेतीला समुद्र तट फैला हुआ हैएक सौ मीटर की एक पट्टी। यह उन लोगों के लिए कई लाउंज कुर्सियों से सुसज्जित है जो एक अद्वितीय तन प्राप्त करना पसंद करते हैं। हालांकि, हर कोई सूरज की चिलचिलाती किरणों के साथ दोस्त नहीं है। इस मामले में, आपको एक छतरी के नीचे बैठना चाहिए, जो वांछित क्षेत्र की छाया स्थान बनाएगा। एक गद्दे के साथ एक सनबेड पर भिगोने के अवसर के लिए, आपको अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा। तौलिए उपलब्ध नहीं हैं। लकड़ी के घाट आपको सीढ़ियों को तुरंत गहरे स्थानों में उतरने की अनुमति देता है। इससे गोता लगाना निषिद्ध है। बदलते कमरे, शौचालय और बौछार समुद्र तट के बुनियादी ढांचे के घटक हैं। उन लोगों के लिए जो मास्क के साथ तैराकी में विविधता लाना चाहते हैंयह एक नाव पर खुले समुद्र तक पहुंच की संभावना प्रदान करता है, जिससे आप भूमध्य सागर के गहरे खाई में गोता लगा सकते हैं। अद्भुत पानी के नीचे की दुनिया और समृद्ध राहत प्रकृति आपको इस मिनी-भ्रमण के अविस्मरणीय प्रभाव प्रदान करेगी। दोनों अनुभवी गोताखोर और शुरुआती इसे देख सकते हैं। विभिन्न जल सवारी के बीच, सबसे लोकप्रिय वाटर स्कूटर हैं, जो मोटरबोट और विंडसर्फिंग के पीछे एक सर्कल पर सवारी करते हैं। तैराकी क्षेत्र को तीन पूलों द्वारा दर्शाया गया है।जिनमें से एक अलग संरचनाओं के उज्ज्वल और असामान्य पानी स्लाइड से सुसज्जित है। उनसे उतरना हर किसी को अविस्मरणीय भावनाएं देगा। हालांकि, वे पूर्व निर्धारित घंटों में खुले हैं, जो रिसेप्शन पर पाए जा सकते हैं। मानक मौसम की स्थिति के तहत, यह दोपहर के भोजन से पहले और बाद में है। बच्चों के एक्वाकम्पलेक्स के पास, जिसके केंद्र मेंविशाल ऑक्टोपस स्थित है। इसके तंबू पहाड़ियों और सीढ़ी का काम करते हैं। मशरूम के रूप में एक छोटी छतरी बच्चों के सिर पर पानी डालती है। यहाँ वे अपने खाली समय के शेर का हिस्सा बिताते हैं, क्योंकि छपना एक अवर्णनीय खुशी है। मुख्य पूल मुख्य के पास स्थित हैपतवार, पर्याप्त संख्या में सन बेड और छतरियों से घिरा हुआ। एक बच्चों का क्षेत्र है, जहां बच्चों का स्नान वयस्कों की निरंतर निगरानी में है, जो सभी को एक ही समय में आराम करने की अनुमति देता है। ये पूल नदारद हैं। अपने बच्चे के लिए गर्मियों की छुट्टी की योजना बनाना,माता-पिता एक ऐसा होटल चुनते हैं, जिसका बुनियादी ढांचा उनके बच्चों को आगामी स्कूल वर्ष के लिए कई नए इंप्रेशन प्रदान करने की अनुमति देगा। अपने बच्चे को खुश देखना और उसके चेहरे पर मुस्कान के साथ हर वयस्क का लक्ष्य है। इस होटल के प्रशासन ने लोगों के खाली समय के हर मिनट के बारे में सोचा। बच्चों के लिए एक दिन क्लब के दरवाजेसमय, चार से बारह साल की उम्र के दर्शकों के लिए खुला है। यह यहां है कि बच्चे अपनी प्रतिभा को प्रकट करेंगे और अपनी क्षमताओं और कौशल को साझा करेंगे। योग्य शिक्षकों की देखरेख में पर्याप्त विभिन्न खिलौने, डिजाइनर और सेट खेले जाने के बाद, वे ताजी हवा में खिल जाते हैं। सभी उम्र के बच्चों के लिए कई खेल के मैदान,स्लाइड और झूलों से सुसज्जित, सीढ़ी और क्रॉसिंग बच्चों को लंबे समय तक ले जाएगा। सैंडबॉक्स के लिए बहुत सारे मोतियों के साथ एक अलग प्लास्टिक घर छोटे मेहमानों को अवर्णनीय खुशी की ओर ले जाता है। यहाँ बास्केटबॉल रिंग भी स्थित है। एनिमेटरों की टीम अपने चेहरे पर मुस्कान के साथ अथक रूप से बच्चों को एक अद्भुत कहानी देती है, जिसके सदस्य स्वयं बच्चे हैं। अनुरोध पर उपलब्ध कमरे में प्रवेश करें। रेस्तरां बच्चों के मेनू और उच्च कुर्सियाँ प्रदान करता है। बच्चों की देखभाल की सेवाएं एक अतिरिक्त कीमत पर उपलब्ध हैं। खरीदारी और यात्रा के अलावास्थानीय आकर्षणों की सैर, आप होटल के परिसर की सीमाओं को छोड़कर आश्चर्यजनक रूप से विविध समय बिता सकते हैं। धूप सेंकने के अपने खाली समय में, और भूमध्य सागर के पानी में खूब छींटाकशी करने का आनंद लेते हुए, छुट्टियों में पुस्तकालय में जा सकते हैं। एक शांत जगह और मौन का एक आकर्षक वातावरण आपको अपनी पसंदीदा पुस्तक के पन्नों पर यात्रा करने और खाली समय पारित करने की अनुमति देगा। बिलियर्ड्स, टेबल टेनिस और डार्ट्स की उपस्थिति आपको अपने प्रतिद्वंद्वी को चपलता और सटीकता के साथ जीत के लिए प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देती है। न केवल शाम में, बल्कि पूरे दिनएनिमेटरों की एक हंसमुख टीम जिसमें तीन लोग शामिल हैं, प्रत्येक अतिथि को एक शानदार मूड देता है। उनका काम किसी को ऊबने नहीं देना है, जो पर्यटकों के अनुसार, वे आसानी से सामना करते हैं। रंगीन नृत्य, कलाबाज़ी के स्टंट, मनोरंजक प्रतियोगिता और हास्य दृश्य कुछ ही चीजें हैं जो यात्रियों को लुभाती हैं। दिन एक डिस्को के साथ समाप्त होता है, जिसके प्रवेश द्वार का भुगतान किया जाता है। प्रसिद्ध डीजे द्वारा सुखद राष्ट्रीय संगीत और विदेशी हिट हर शाम आगंतुकों का आनंद लेते हैं। तुर्की की यात्रा के मुख्य लक्ष्यों में से एकशरीर का सुधार है, नई शक्ति और ऊर्जा प्राप्त करना। स्नान, सौना या हमाम में इसे लागू करना संभव है। विश्राम की एक सुखद और कोमल भावना सभी शरीर प्रणालियों को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है। आत्मा को शांति मिलती है, और नसें शांत हो जाती हैं। अपने आप के साथ सद्भाव उन सभी को उत्थान करता है जिन्होंने इन प्रक्रियाओं का दौरा किया है। मालिश पर जाने के सकारात्मक पहलूसबको पता है। यह न केवल स्वर्गीय आनंद है, बल्कि ताजा ऊर्जा का एक अभूतपूर्व उछाल भी है। ब्लू फिश होटल चार * के केवल अनुभवी पेशेवर मालिश करने वाले ही एक व्यक्ति को आराम के अनोखे एहसास में ले जाते हैं। जो बिना दैनिक जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकतेवर्कआउट या जिन्होंने अपने फॉर्म को आदर्श अनुपात में लाने के बारे में सोचने का फैसला किया, वे जिम जा सकते हैं। विभिन्न प्रकार के उपकरण, प्रतिबिंबित दीवारें, पेशेवर उपकरण और योग्य प्रशिक्षक हर किसी की मदद करने के लिए खुश हैं जिन्हें इसकी आवश्यकता है। कोचों के महत्वपूर्ण कार्यों में से एक प्रशिक्षण और अभ्यास का एक शेड्यूल बनाना है जो शरीर को अधिक परिश्रम करने के बजाय पुनर्प्राप्ति में योगदान देगा। समुद्र तट क्षेत्र में एक सुसज्जित हैवॉलीबॉल कोर्ट, जहां टीम सामंजस्य और प्रतियोगिता भावना शासन करती है। हर दिन, वॉलीबॉल प्रशंसक और प्रशंसक यहां इकट्ठा होते हैं, संवाद करते हैं, छापों को साझा करते हैं और अपने मनोदशा में सुधार करते हैं। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि होटल में रिसेप्शन ब्लू फिश होटल चार * घड़ी के आसपास काम करता है। यह उसके लिए धन्यवाद है कि धन का आदान-प्रदान करना या त्वरित निपटान प्रक्रिया का उपयोग करना संभव है। निः शुल्क पार्किंग स्थान किसी के लिए भी उपलब्ध कराए जाते हैं जो कार से पहुंचते हैं या इसे आसपास के विभिन्न आकर्षणों से परिचित कराने के लिए किराए पर लेते हैं। स्थानांतरण पर भुगतान किया जाता है। के बारे में बहुमुखी समीक्षा के बावजूदचार सितारा ब्लू फिश होटल, जो लोग यहाँ फिर से लौटने की इच्छा रखते हैं। अच्छी तरह से तैयार क्षेत्र को दैनिक रूप से साफ किया जाता है। मेहमान विशेष रूप से मित्रवत और चौकस कर्मचारियों से प्रसन्न होते हैं, जो तुरंत उन समस्याओं और समस्याओं का समाधान करते हैं जो उत्पन्न हुई हैं। और होटल परिसर का क्षेत्र महत्वहीन होने के बावजूद, बुनियादी सुविधाओं की तर्कसंगत आवास रिसॉर्ट आगंतुकों की पसंद के अनुसार है। मेहमान साफ पानी और मालिश चिकित्सकों से अविश्वसनीय रूप से संतुष्ट हैं, जो अपने शरीर को विश्राम की एक अनूठी भावना देते हैं।
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New Delhi, 03 October : उच्चतम न्यायालय ने आज केन्द्र सरकार और गैरकानूनी रोहिंग्या शरणार्थितयों को वापस म्यामां भेजने के सरकार के आदेश को चुनौती देने वाले दो रोहिंग्या मुस्लिमों को यह स्पष्ट कर दिया कि वे इस प्रकरण पर बहस के दौरान भावनात्मक और व्यक्तिगत हमले करने से गुरेज करें. न्यायालय ने दोनों पक्षों को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कंवेन्शन सहित सारे दस्तावेज दाखिल करने का निर्देश दिया.
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 13 अक्तूबर को सुनवाई होगी . पीठ ने कहा कि वह सिर्फ कानूनी बिन्दुओं पर ही सुनवाई करेगी क्योंकि यह मामला मानवीय मुद्दे के साथ ही मानवता से जुडा हुआ है जिस पर परस्पर सम्मान के साथ ही सुनवाई करने की आवश्यकता है.
पीठ ने कहा कि वह इस प्रकरण में केन्द्र की प्रारंभिक आपत्तियों सहित सारे पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई करेगी. केन्द्र ने अपनी प्रारंभिक आपत्ति में कहा है कि यह मामला कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है और इसलिए यह न्यायालय के विचार योग्य नहीं है.
इस मामले की सुनवाई शुरू होते ही आज अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दो रोहिंग्या याचिकाकर्ताओं के जवाबी हलफनामे का उत्तर देने की आवश्यकता है और वैसे ही हाल के अवकाश के दौरान दो नयी याचिकायें भी दायर हुयी हैं. उन्होंने इस मामले को किसी और दिन विस्तृत सुनवाई के लिये सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया और कहा कि सरकार इस प्रकरण में टुकडों मे सुनवाई की पक्षधर नहीं है क्योंकि इसके व्यापक नतीजे थे.
उन्होंने केन्द्र के इस रूख की आलोचना की कि संविधान के तहत वे अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा का दावा नहीं कर सकते क्योंकि इससे भारतीय नागरिकों के अधिकारों पर प्रतिकूल असर पडेगा और यह मुद्दा न्यायालय के विचार योग्य नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति जो भारत में रह रहे हैं, उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए.
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New Delhi, तीन अक्टूबरober : उच्चतम न्यायालय ने आज केन्द्र सरकार और गैरकानूनी रोहिंग्या शरणार्थितयों को वापस म्यामां भेजने के सरकार के आदेश को चुनौती देने वाले दो रोहिंग्या मुस्लिमों को यह स्पष्ट कर दिया कि वे इस प्रकरण पर बहस के दौरान भावनात्मक और व्यक्तिगत हमले करने से गुरेज करें. न्यायालय ने दोनों पक्षों को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय कंवेन्शन सहित सारे दस्तावेज दाखिल करने का निर्देश दिया. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर तेरह अक्तूबर को सुनवाई होगी . पीठ ने कहा कि वह सिर्फ कानूनी बिन्दुओं पर ही सुनवाई करेगी क्योंकि यह मामला मानवीय मुद्दे के साथ ही मानवता से जुडा हुआ है जिस पर परस्पर सम्मान के साथ ही सुनवाई करने की आवश्यकता है. पीठ ने कहा कि वह इस प्रकरण में केन्द्र की प्रारंभिक आपत्तियों सहित सारे पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई करेगी. केन्द्र ने अपनी प्रारंभिक आपत्ति में कहा है कि यह मामला कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आता है और इसलिए यह न्यायालय के विचार योग्य नहीं है. इस मामले की सुनवाई शुरू होते ही आज अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दो रोहिंग्या याचिकाकर्ताओं के जवाबी हलफनामे का उत्तर देने की आवश्यकता है और वैसे ही हाल के अवकाश के दौरान दो नयी याचिकायें भी दायर हुयी हैं. उन्होंने इस मामले को किसी और दिन विस्तृत सुनवाई के लिये सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया और कहा कि सरकार इस प्रकरण में टुकडों मे सुनवाई की पक्षधर नहीं है क्योंकि इसके व्यापक नतीजे थे. उन्होंने केन्द्र के इस रूख की आलोचना की कि संविधान के तहत वे अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा का दावा नहीं कर सकते क्योंकि इससे भारतीय नागरिकों के अधिकारों पर प्रतिकूल असर पडेगा और यह मुद्दा न्यायालय के विचार योग्य नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति जो भारत में रह रहे हैं, उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए.
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चर्षा से बचने के लिए लोग घर के ऊपर छत-छप्पर बनाते हैं, पथिक छतरी के सहारे उसका निवारण करते हैं और ट्राम गाड़ा के सवार उसे पर्दे से रोकते हैं। किन्तु नदी, पहाड़, जङ्गल और मैदान बरसात को बन्धु समझ कर उसे श्रादरपूर्वक बुलाते हैं । यथार्थ में वर्षा की बहार वहीं के लिए है। वहाँ सावन-भादों महीने में भूलोक और स्वर्गलोक के आनन्दसम्मिलन के बीच कोई व्यवधान नहीं रह जाता।
किन्तु नया प्रेम मनुष्य को जङ्गल पहाड़ों का वह सुख घर बैठे देता है। लगातार पानी बरसने से घनानन्द बाबू का जी एक दम भिन्ना गया, उन्हें मन्दाग्नि होगया, परन्तु नलिनी और रमेश की चित्तस्फूर्ति में किसी तरह का व्यतिक्रम न हुआ । बादलों की अंधियारी, बिजली की कड़क, मूसलधार पानी बरसने का मधुर शब्द और बीच बीच में मेघ की गम्भीर ध्वनि ने दोनों नये प्रेमियों के मानसिक सम्बन्ध को और भी सुदृढ़ कर दिया । वृष्टि के कारण रमेश को कचहरी जाने में प्रायः विघ्न होने लगा। किसी किसी दिन सबेरे ऐसे ज़ोर की वर्षा होती कि नलिनी उद्विग्न होकर कहने लगती थी- "रमेश बाबू ! इस वर्षा में श्राप घर कैसे जाइएगा ?" रमेश शरमाता हुआ कहता, दूर थोड़े है ? किसी तरह चला जाऊँगा । नलिनी कहती - "पानी में भीगने से सर्दी होगी। भोजन कर लीजिए तो जाइएगा ।" रमेश को सर्दी का कुछ भय न था; थोड़ी देर पानी में भीगने से उसको सर्दी होते आज तक किसी ने नहीं देखा। किन्तु जिस दिन वर्षा होती थी उस दिन उसे नलिनी की शुश्रूषा को अङ्गीकार कर रहना पड़ता था। दो चार डग पानी में चलकर अपने घर जाना अन्याय और दुःसाहस
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चर्षा से बचने के लिए लोग घर के ऊपर छत-छप्पर बनाते हैं, पथिक छतरी के सहारे उसका निवारण करते हैं और ट्राम गाड़ा के सवार उसे पर्दे से रोकते हैं। किन्तु नदी, पहाड़, जङ्गल और मैदान बरसात को बन्धु समझ कर उसे श्रादरपूर्वक बुलाते हैं । यथार्थ में वर्षा की बहार वहीं के लिए है। वहाँ सावन-भादों महीने में भूलोक और स्वर्गलोक के आनन्दसम्मिलन के बीच कोई व्यवधान नहीं रह जाता। किन्तु नया प्रेम मनुष्य को जङ्गल पहाड़ों का वह सुख घर बैठे देता है। लगातार पानी बरसने से घनानन्द बाबू का जी एक दम भिन्ना गया, उन्हें मन्दाग्नि होगया, परन्तु नलिनी और रमेश की चित्तस्फूर्ति में किसी तरह का व्यतिक्रम न हुआ । बादलों की अंधियारी, बिजली की कड़क, मूसलधार पानी बरसने का मधुर शब्द और बीच बीच में मेघ की गम्भीर ध्वनि ने दोनों नये प्रेमियों के मानसिक सम्बन्ध को और भी सुदृढ़ कर दिया । वृष्टि के कारण रमेश को कचहरी जाने में प्रायः विघ्न होने लगा। किसी किसी दिन सबेरे ऐसे ज़ोर की वर्षा होती कि नलिनी उद्विग्न होकर कहने लगती थी- "रमेश बाबू ! इस वर्षा में श्राप घर कैसे जाइएगा ?" रमेश शरमाता हुआ कहता, दूर थोड़े है ? किसी तरह चला जाऊँगा । नलिनी कहती - "पानी में भीगने से सर्दी होगी। भोजन कर लीजिए तो जाइएगा ।" रमेश को सर्दी का कुछ भय न था; थोड़ी देर पानी में भीगने से उसको सर्दी होते आज तक किसी ने नहीं देखा। किन्तु जिस दिन वर्षा होती थी उस दिन उसे नलिनी की शुश्रूषा को अङ्गीकार कर रहना पड़ता था। दो चार डग पानी में चलकर अपने घर जाना अन्याय और दुःसाहस
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जानकारी दी है कि उनके द्वारा कम्बाइन हारवेस्टर विद स्ट्रा रीपर के माध्यम से ही फसल की कटाई की जाये और खेत में पराली न जलायी जाये, क्योकि जब कृषक खेत मे अवशेष जलाते है तो उस समय उपयोगी कीट भी नष्ट हो जाते हैं एवं पर्यावरण प्रदूषित होता है। उन्होंने बताया कि कृषि अपशिष्ट संग्रहण के लिए फसलों के अवशेष को गड्डा खोदकर उसी में अवशेषों को डालकर वैज्ञानिक विधि से कम्पोस्ट खाद बनायी जाये क्योकि फसल अवशेष से बनी कंपोस्ट खाद उच्च गुणवत्ता वाली होती है जो जैविक खेती के लिए बहुत ही उपयोगी है तथा जिसके उपयोग से मृदा उर्वरता में भी सुधार होता है। उन्होंने किसानों का यह भी आहवान किया कि फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए जनपद के कृषि विभाग द्वारा कृषि यन्त्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। जनपद मे कृषि विभाग के द्वारा सभी रसायनों पर डी0बी0टी0 प्रणाली लागू कर दी गयी है, ताकि किसानों को पूर्ण मूल्य पर रसायन प्राप्त हो सकें एवं अनुदान की धनराशि किसानों के बैंक खातो में डी0बी0टी0 प्रणाली के माध्यम से ट्रान्सफर की जा सकें। अनुदान की राशि प्राप्त करने के लिए किसानों को कृषक पंजिकरण कराना आवश्यक है तथा समस्त किसान भाई अपनी बैंक पास बुक, खतौनी, मोबाईल नम्बर, आधार कार्ड की छाया प्रति के साथ जनपद के विकास खण्ड स्तर पर राजकीय कृषि रक्षा इकाई/राजकीय कृषि बीज भण्डार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय या जनसेवा केन्द्र पर जाकर निशुल्क अपना पंजिकरण करा सकतें हैं।
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जानकारी दी है कि उनके द्वारा कम्बाइन हारवेस्टर विद स्ट्रा रीपर के माध्यम से ही फसल की कटाई की जाये और खेत में पराली न जलायी जाये, क्योकि जब कृषक खेत मे अवशेष जलाते है तो उस समय उपयोगी कीट भी नष्ट हो जाते हैं एवं पर्यावरण प्रदूषित होता है। उन्होंने बताया कि कृषि अपशिष्ट संग्रहण के लिए फसलों के अवशेष को गड्डा खोदकर उसी में अवशेषों को डालकर वैज्ञानिक विधि से कम्पोस्ट खाद बनायी जाये क्योकि फसल अवशेष से बनी कंपोस्ट खाद उच्च गुणवत्ता वाली होती है जो जैविक खेती के लिए बहुत ही उपयोगी है तथा जिसके उपयोग से मृदा उर्वरता में भी सुधार होता है। उन्होंने किसानों का यह भी आहवान किया कि फसल अवशेष प्रबन्धन के लिए जनपद के कृषि विभाग द्वारा कृषि यन्त्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। जनपद मे कृषि विभाग के द्वारा सभी रसायनों पर डीशून्यबीशून्यटीशून्य प्रणाली लागू कर दी गयी है, ताकि किसानों को पूर्ण मूल्य पर रसायन प्राप्त हो सकें एवं अनुदान की धनराशि किसानों के बैंक खातो में डीशून्यबीशून्यटीशून्य प्रणाली के माध्यम से ट्रान्सफर की जा सकें। अनुदान की राशि प्राप्त करने के लिए किसानों को कृषक पंजिकरण कराना आवश्यक है तथा समस्त किसान भाई अपनी बैंक पास बुक, खतौनी, मोबाईल नम्बर, आधार कार्ड की छाया प्रति के साथ जनपद के विकास खण्ड स्तर पर राजकीय कृषि रक्षा इकाई/राजकीय कृषि बीज भण्डार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय या जनसेवा केन्द्र पर जाकर निशुल्क अपना पंजिकरण करा सकतें हैं। Greno News से समाचार अपने मोबाइल पर पाने के डाउनलोड करें Grenonews app और रहें हर खबर से अपडेट।
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पूरी दुनिया को कोरोना में उलझाकर बड़ी शक्ति बनने का ख्वाब पालने वाला चीन इन दिनों एक साथ कई विवादों से घिर गया है। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा हांगकांग विवाद पर हो रही है। जिसने चीन की नाक में दम किया हुआ है।
आपको बता दें हांगकांग है तो चीन का हिस्सा ही लेकिन हांगकांग खुद को चीन से आजाद मानता है। ये ही कारण है कि, हांगकांग की तरफ से लगातार आजादी के लिए प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
लेकिन चीन के लिए प्रदर्शनों के बड़ा झटका एक 3 साल का लड़का है जिसने चीन की नाक में दम करके रखा हुआ है।
न्ग-कॉन्ग में अपना राज चलाने की चीन की मंशा के सामने वहां के युवा दीवार बनकर खड़े हैं और इन युवाओं का नेता है हॉन्ग कॉन्ग का एक दुबला पतला लड़का जोशुआ वॉन्ग। देखें, कैसे चीन को टक्कर दे रहे जोशुआ और उनके साथी हैं।
एक साल पहले हॉन्ग कॉन्ग प्रशासन एक बिल लेकर आया था, जिसके मुताबिक वहां के प्रदर्शनकारियों को चीन लाकर मुकदमा चलाने की बात थी।
हॉन्ग-कॉन्ग के युवाओं को यह नागवार गुजरा और वे सड़कों पर उतर आए। हॉन्ग कॉन्ग के युवाओं को लगा कि चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी इस बिल के जरिए अपना दबदबा कायम करना चाहती है।
जोशुआ वॉन्ग ची-फंग हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र स्थापित करने वाली पार्टी डेमोसिस्टो के महासचिव हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने एक स्टूडेंट ग्रुप स्कॉलरिजम की स्थापना की थी।
वॉन्ग साल 2014 में अपने देश में आंदोलन छेड़ने के कारण दुनिया की नजर में आए और अपने अंब्रेला मूवमेंट के कारण प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका टाइम ने उनका नाम वर्ष 2014 के सबसे प्रभावी किशोरों में शामिल किया।
अगले साल 2015 में फॉर्च्युन मैगजीन ने उन्हें 'दुनिया के महानतम नेताओं' में शुमार किया। वॉन्ग की महज 22 वर्ष की उम्र में 2018 के नोबेल पीस प्राइज के लिए भी नामित हुए।
जोशुआ ने जन आंदोलन से चीन बुरी तरह से घराया हुआ है। इस मामले पर अमेरिका की तरफ से भी चीन पर दबाब बनाया जा रहा है। जिसके कारण चीन को समझ नहीं आ रहा है वो करे तो क्या करे।
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पूरी दुनिया को कोरोना में उलझाकर बड़ी शक्ति बनने का ख्वाब पालने वाला चीन इन दिनों एक साथ कई विवादों से घिर गया है। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा हांगकांग विवाद पर हो रही है। जिसने चीन की नाक में दम किया हुआ है। आपको बता दें हांगकांग है तो चीन का हिस्सा ही लेकिन हांगकांग खुद को चीन से आजाद मानता है। ये ही कारण है कि, हांगकांग की तरफ से लगातार आजादी के लिए प्रदर्शन किए जा रहे हैं। लेकिन चीन के लिए प्रदर्शनों के बड़ा झटका एक तीन साल का लड़का है जिसने चीन की नाक में दम करके रखा हुआ है। न्ग-कॉन्ग में अपना राज चलाने की चीन की मंशा के सामने वहां के युवा दीवार बनकर खड़े हैं और इन युवाओं का नेता है हॉन्ग कॉन्ग का एक दुबला पतला लड़का जोशुआ वॉन्ग। देखें, कैसे चीन को टक्कर दे रहे जोशुआ और उनके साथी हैं। एक साल पहले हॉन्ग कॉन्ग प्रशासन एक बिल लेकर आया था, जिसके मुताबिक वहां के प्रदर्शनकारियों को चीन लाकर मुकदमा चलाने की बात थी। हॉन्ग-कॉन्ग के युवाओं को यह नागवार गुजरा और वे सड़कों पर उतर आए। हॉन्ग कॉन्ग के युवाओं को लगा कि चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी इस बिल के जरिए अपना दबदबा कायम करना चाहती है। जोशुआ वॉन्ग ची-फंग हॉन्ग कॉन्ग में लोकतंत्र स्थापित करने वाली पार्टी डेमोसिस्टो के महासचिव हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने एक स्टूडेंट ग्रुप स्कॉलरिजम की स्थापना की थी। वॉन्ग साल दो हज़ार चौदह में अपने देश में आंदोलन छेड़ने के कारण दुनिया की नजर में आए और अपने अंब्रेला मूवमेंट के कारण प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका टाइम ने उनका नाम वर्ष दो हज़ार चौदह के सबसे प्रभावी किशोरों में शामिल किया। अगले साल दो हज़ार पंद्रह में फॉर्च्युन मैगजीन ने उन्हें 'दुनिया के महानतम नेताओं' में शुमार किया। वॉन्ग की महज बाईस वर्ष की उम्र में दो हज़ार अट्ठारह के नोबेल पीस प्राइज के लिए भी नामित हुए। जोशुआ ने जन आंदोलन से चीन बुरी तरह से घराया हुआ है। इस मामले पर अमेरिका की तरफ से भी चीन पर दबाब बनाया जा रहा है। जिसके कारण चीन को समझ नहीं आ रहा है वो करे तो क्या करे।
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बाला जी की पूजा करते हैं, सुबह आंख लग गई, हमको लगा हमारे भइया को बाला जी ने दोबारा सही कर दिया। उसके बाद बाला जी के सपने में आने की बात परिजनों को बताई। परिजनों ने कब्र खोदकर उनके आदेश का पालन किया। ये बात एक बुजुर्ग महिला ने कही। बाबा श्रीपाल ने कहा कि -पड़ोस में रहने वाली बड़की बहू ने बच्चे पर टोना किया। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।
महिला ने कहा, नाती के प्रेम में पागल होकर अंध विश्वास में कब्र से शव निकलवा लिया। शव निकालने से पहले गुरु से फोन पर बात की और पूजा पाठ के साथ कब्र पर खून टपकाया। वहीं, पड़ोस में रहने वाली महिला पर टोना-टोटका आरोप लगाकर शव के साथ दो घंटे कमरे में बंद कर दिया था।
दुबग्गा सैदपुर के रहने वाले श्रीपाल रावत के बेटे सुनील के तीन साल के बेटे की 14 जनवरी को बीमारी के चलते मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने गांव के बाहर उसका शव दफना दिया। वहीं उसकी मौत के बाद से ही उसकी दादी देवी ने बालाजी की पूजा शुरू कर दी। जिसमें परिजनों ने साथ दिया।
दादी के मुताबिक, सोमवार रात को बाला जी की पूजा करते-करते सुबह आंख लग गई। मंगलवार तड़के सपने में देखा बाला जी महाराज ने नाती को जिंदा कर दिया। सुबह सबको चमत्कार की बात कही। जिसके बाद अपने गुरू जी से भी बात की। इसके बाद उनके आदेश पर कब्र पर पूजा कर नाती को बाहर निकाला। भगवान ने उसको जिंदा कर दिया था। उसका शरीर गर्म था। यदि मरा होता तो शव खराब होता। वह भी तीन दिन बाद सही था। '
महिला ने कहा, " परिजन उसे अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों की टीम ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जबकि बाला जी ने मेरी पूजा से खुश होकर नाती को दोबारा लौटाया था। "
परिजनों का कहना है कि बच्चे की मौत से वह सदमें है और खाना-पीना छोड़कर सिर्फ भगवान की पूजा करती हैं और किसी से नहीं मिलती।
घर के पास ही रहने वाली रिश्तेदार बड़की ने बताया, "बच्चे के जिंदा होने की बात सुनकर घर गई तो उन लोगों ने कब्र के साथ चलने के लिए कहा। जहां सुनील फोन पर एक बाबा से बात कर रहा था। बाबा के कहने पर पहले कब्र पर पूजा पाठ के बाद हवन किया। उसके बाद अपनी उंगली काट कर खून कब्र पर चढ़ाया और कुछ देर मिट्टी में उंगली धसाएं रखा। शव बाहर निकाल कर गोद में रखकर मंत्र पढ़ते रहे। उसके बाद शव लेकर घर चले गए। "
बड़की के मुताबिक, सुनील बेटे का शव लेकर घर गया। जहां से इलाके के लोगों के एकत्र होने पर सभी को भगा दिया। उसके कुछ देर बाद श्रीपाल अपने बेटे रवि, सनी, अनिल और सुनील के साथ शव लेकर आया। उन्होंने बच्चे का शव गोद में देकर घर में बंद कर दिया और कहा जो टोना किया है उसको उतारो। बाबा का आदेश है, उसके बाद ही मेरा बेटा बचेगा। काफी देर तक घर में बच्चे का शव लेकर घर में बैठी रही। डर के मारे शांत रही। पुलिस के आने पर ही उनके चंगुल से निकली।
क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक, दोनों परिवारों में अंधविश्वास के चलते तंत्र-मंत्र होता है। इसको लेकर ही दोनों परिवार में विवाद है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग अपने बच्चों को अकेले घर से भेजने से कतरा रहा रहे हैं।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
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बाला जी की पूजा करते हैं, सुबह आंख लग गई, हमको लगा हमारे भइया को बाला जी ने दोबारा सही कर दिया। उसके बाद बाला जी के सपने में आने की बात परिजनों को बताई। परिजनों ने कब्र खोदकर उनके आदेश का पालन किया। ये बात एक बुजुर्ग महिला ने कही। बाबा श्रीपाल ने कहा कि -पड़ोस में रहने वाली बड़की बहू ने बच्चे पर टोना किया। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। महिला ने कहा, नाती के प्रेम में पागल होकर अंध विश्वास में कब्र से शव निकलवा लिया। शव निकालने से पहले गुरु से फोन पर बात की और पूजा पाठ के साथ कब्र पर खून टपकाया। वहीं, पड़ोस में रहने वाली महिला पर टोना-टोटका आरोप लगाकर शव के साथ दो घंटे कमरे में बंद कर दिया था। दुबग्गा सैदपुर के रहने वाले श्रीपाल रावत के बेटे सुनील के तीन साल के बेटे की चौदह जनवरी को बीमारी के चलते मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने गांव के बाहर उसका शव दफना दिया। वहीं उसकी मौत के बाद से ही उसकी दादी देवी ने बालाजी की पूजा शुरू कर दी। जिसमें परिजनों ने साथ दिया। दादी के मुताबिक, सोमवार रात को बाला जी की पूजा करते-करते सुबह आंख लग गई। मंगलवार तड़के सपने में देखा बाला जी महाराज ने नाती को जिंदा कर दिया। सुबह सबको चमत्कार की बात कही। जिसके बाद अपने गुरू जी से भी बात की। इसके बाद उनके आदेश पर कब्र पर पूजा कर नाती को बाहर निकाला। भगवान ने उसको जिंदा कर दिया था। उसका शरीर गर्म था। यदि मरा होता तो शव खराब होता। वह भी तीन दिन बाद सही था। ' महिला ने कहा, " परिजन उसे अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों की टीम ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। जबकि बाला जी ने मेरी पूजा से खुश होकर नाती को दोबारा लौटाया था। " परिजनों का कहना है कि बच्चे की मौत से वह सदमें है और खाना-पीना छोड़कर सिर्फ भगवान की पूजा करती हैं और किसी से नहीं मिलती। घर के पास ही रहने वाली रिश्तेदार बड़की ने बताया, "बच्चे के जिंदा होने की बात सुनकर घर गई तो उन लोगों ने कब्र के साथ चलने के लिए कहा। जहां सुनील फोन पर एक बाबा से बात कर रहा था। बाबा के कहने पर पहले कब्र पर पूजा पाठ के बाद हवन किया। उसके बाद अपनी उंगली काट कर खून कब्र पर चढ़ाया और कुछ देर मिट्टी में उंगली धसाएं रखा। शव बाहर निकाल कर गोद में रखकर मंत्र पढ़ते रहे। उसके बाद शव लेकर घर चले गए। " बड़की के मुताबिक, सुनील बेटे का शव लेकर घर गया। जहां से इलाके के लोगों के एकत्र होने पर सभी को भगा दिया। उसके कुछ देर बाद श्रीपाल अपने बेटे रवि, सनी, अनिल और सुनील के साथ शव लेकर आया। उन्होंने बच्चे का शव गोद में देकर घर में बंद कर दिया और कहा जो टोना किया है उसको उतारो। बाबा का आदेश है, उसके बाद ही मेरा बेटा बचेगा। काफी देर तक घर में बच्चे का शव लेकर घर में बैठी रही। डर के मारे शांत रही। पुलिस के आने पर ही उनके चंगुल से निकली। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक, दोनों परिवारों में अंधविश्वास के चलते तंत्र-मंत्र होता है। इसको लेकर ही दोनों परिवार में विवाद है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोग अपने बच्चों को अकेले घर से भेजने से कतरा रहा रहे हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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देवरिया, बहुजन समाज पार्टी ने पार्टी प्रमुख मायावती पर आरोप लगाने वाले नियाज अहमद को सोमवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
अहमद 2014 में देवरिया संसदीय सीट से बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़े थे।
पार्टी के मुख्य क्षेत्रीय प्रभारी सुधीर कुमार ने यहां बताया कि प्रदेश नेतृत्व ने श्री अहमद को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के कारण निष्कासित किया है। अहमद ने मायावती पर बसपा के संस्थापक कांशीराम के सिद्धांतों से भटकने सहित कई आरोप लगाये थे।
नियाज अहमद ने कहा कि सभी जानते हैं कि बसपा में कार्यकर्ता को टिकट देने में उसके पास धन की स्थिति देखी जाती है।
अहमद ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में वह अपनी सीट पर दूसरे स्थान पर रहे थे लेकिन मायावती ने इस बार ऐसे व्यक्ति को टिकट देने का फैसला किया है जो पहले कभी क्षेत्र में दिखा भी नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी चर्चा है कि मायावती ने करोड़ों रुपये लेकर इस व्यक्ति को टिकट दिया है।
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देवरिया, बहुजन समाज पार्टी ने पार्टी प्रमुख मायावती पर आरोप लगाने वाले नियाज अहमद को सोमवार को पार्टी से निष्कासित कर दिया। अहमद दो हज़ार चौदह में देवरिया संसदीय सीट से बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़े थे। पार्टी के मुख्य क्षेत्रीय प्रभारी सुधीर कुमार ने यहां बताया कि प्रदेश नेतृत्व ने श्री अहमद को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के कारण निष्कासित किया है। अहमद ने मायावती पर बसपा के संस्थापक कांशीराम के सिद्धांतों से भटकने सहित कई आरोप लगाये थे। नियाज अहमद ने कहा कि सभी जानते हैं कि बसपा में कार्यकर्ता को टिकट देने में उसके पास धन की स्थिति देखी जाती है। अहमद ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में वह अपनी सीट पर दूसरे स्थान पर रहे थे लेकिन मायावती ने इस बार ऐसे व्यक्ति को टिकट देने का फैसला किया है जो पहले कभी क्षेत्र में दिखा भी नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी चर्चा है कि मायावती ने करोड़ों रुपये लेकर इस व्यक्ति को टिकट दिया है।
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दिलेर समाचार, महाराष्ट्र सरकार ने सलमान खान (Salman Khan) और उनके पिता सलीम खान (Salim Khan) की सुरक्षा को और भी मजबूत कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सलमान खान के पिता सलीम खान जब बीते रविवार की सुबह टहलने के लिए बाहर गए थे. तब एक बेंच पर उन्हें सलमान के नाम से धमकी भरा लेटर मिला. सोमवार को इस मामले को संज्ञान में लेते हुए महाराष्ट्र गृह विभाग ने उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने का फैसला किया है. वहीं मुबंई पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है.
बता दें कि हाल ही में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पंजाबी सिंगर मर्डर के बाद सलमान को धमकी भरा खत मिलने वाली खबरों से उनके फैंस परेशान हुए हैं. फैंस अपने चहेते एक्टर की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. इसके अलावा इंडस्ट्री के लोग भी शॉक्ड हैं. एएनआई के ट्वीट के अनुसार, मामले को गंभीरता से लेते महाराष्ट्र गृह मंत्रालय ने उनकी सिक्योरिटी बढ़ाने का फैसला लिया गया है.
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दिलेर समाचार, महाराष्ट्र सरकार ने सलमान खान और उनके पिता सलीम खान की सुरक्षा को और भी मजबूत कर दिया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सलमान खान के पिता सलीम खान जब बीते रविवार की सुबह टहलने के लिए बाहर गए थे. तब एक बेंच पर उन्हें सलमान के नाम से धमकी भरा लेटर मिला. सोमवार को इस मामले को संज्ञान में लेते हुए महाराष्ट्र गृह विभाग ने उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने का फैसला किया है. वहीं मुबंई पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है. बता दें कि हाल ही में पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पंजाबी सिंगर मर्डर के बाद सलमान को धमकी भरा खत मिलने वाली खबरों से उनके फैंस परेशान हुए हैं. फैंस अपने चहेते एक्टर की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. इसके अलावा इंडस्ट्री के लोग भी शॉक्ड हैं. एएनआई के ट्वीट के अनुसार, मामले को गंभीरता से लेते महाराष्ट्र गृह मंत्रालय ने उनकी सिक्योरिटी बढ़ाने का फैसला लिया गया है.
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मुख्य बातेंः
- केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास, पर्यटन और संस्कृति मंत्री, श्री जी. किशन रेड्डी ने अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की 30वीं वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए व्यापारी वर्ग को पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश करने और इसकी अज्ञात क्षमता का दोहन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
- उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस क्षेत्र में एक अनुकूल व्यावसायिक वातावरण का निर्माण किया जा रहा है और सरकार रणनीतिक रूप से एक सक्षमकर्ता वाली भूमिका निभा रही है। उन्होंने महत्वपूर्ण उद्योगपतियों को आमंत्रित किया कि वे अपने व्यवसायों को पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थानांतरित करें और केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उन्हें पूर्ण समर्थन प्रदान करने का भी आश्वासन दिया।
- उन्होंने कहा कि भारत अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और इस काल में पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित भारत के सभी क्षेत्रों की वास्तविक क्षमता को उजागर किया जाएगा।
केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास, पर्यटन और संस्कृति मंत्री, श्री जी. किशन रेड्डी ने आज अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की 30वीं वार्षिक आम सभा को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार से पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास के अपने रास्ते को तय कर रहा है और वह अपनी अंतर्निहित क्षमता और सरकार के अभूतपूर्व फोकस के माध्यम से विकास की मार्ग में अग्रसर है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और इस काल में पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित भारत के सभी क्षेत्रों की वास्तविक क्षमता को उजागर किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पूर्वोत्तर भारत का विकास निवेश के केंद्र के रूप में किया जाएगा और वैश्विक साझेदारी का उपयोग पारस्परिक वृद्धि और विकास के लिए किया जाएगा।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह क्षेत्र पर्यटन, जैविक खेती, कृषि आदि क्षेत्रों में अपनी क्षमता और अपने भू-रणनीतिक स्थिति के कारण सामर्थ्य से भरपूर है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक मजबूत दावेदार है क्योंकि यह क्षेत्र कई देशों के साथ अपनी सीमाएं साझा करता है।
श्री जी.किशन रेड्डी ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा इस क्षेत्र में एक अनुकूल व्यावसायिक वातावरण का निर्माण किया गया है और वह एक सक्षमकर्ता की रणनीतिक भूमिका निभा रही है और सरकार द्वारा व्यापारिक समुदाय को पूर्वोत्तर में निवेश करने और इसकी अज्ञात क्षमता का दोहन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने भारत और विश्व के अन्य स्थानों से नए व्यवसायों को पूर्वोत्तर में स्थानांतरित करने के लिए व्यापार जगत का स्वागत किया और उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया।
एएमसीएचएएम-इंडिया, भारत में काम करने वाली अमेरिकी व्यापारिक संगठनों का एक संघ है। एएमसीएचएएम-इंडिया की स्थापना 1992 में हुई थी और 400 से ज्यादा अमेरिकी कंपनियां इसके सदस्य के रूप में शामिल हैं। इसके प्रमुख उद्देश्यों में उन गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल किया गया है, जो भारत में अमेरिकी कंपनियों के निवेश को प्रोत्साहित करेंगे और बढ़ावा देंगे साथ-ही-साथ द्विपक्षीय व्यापार में बढ़ोत्तरी भी करेंगे।
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Posted On: मुख्य बातेंः - केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास, पर्यटन और संस्कृति मंत्री, श्री जी. किशन रेड्डी ने अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की तीसवीं वार्षिक आम सभा को संबोधित करते हुए व्यापारी वर्ग को पूर्वोत्तर क्षेत्र में निवेश करने और इसकी अज्ञात क्षमता का दोहन करने के लिए प्रोत्साहित किया। - उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस क्षेत्र में एक अनुकूल व्यावसायिक वातावरण का निर्माण किया जा रहा है और सरकार रणनीतिक रूप से एक सक्षमकर्ता वाली भूमिका निभा रही है। उन्होंने महत्वपूर्ण उद्योगपतियों को आमंत्रित किया कि वे अपने व्यवसायों को पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थानांतरित करें और केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा उन्हें पूर्ण समर्थन प्रदान करने का भी आश्वासन दिया। - उन्होंने कहा कि भारत अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और इस काल में पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित भारत के सभी क्षेत्रों की वास्तविक क्षमता को उजागर किया जाएगा। केंद्रीय उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास, पर्यटन और संस्कृति मंत्री, श्री जी. किशन रेड्डी ने आज अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स की तीसवीं वार्षिक आम सभा को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि किस प्रकार से पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास के अपने रास्ते को तय कर रहा है और वह अपनी अंतर्निहित क्षमता और सरकार के अभूतपूर्व फोकस के माध्यम से विकास की मार्ग में अग्रसर है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है और इस काल में पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित भारत के सभी क्षेत्रों की वास्तविक क्षमता को उजागर किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पूर्वोत्तर भारत का विकास निवेश के केंद्र के रूप में किया जाएगा और वैश्विक साझेदारी का उपयोग पारस्परिक वृद्धि और विकास के लिए किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह क्षेत्र पर्यटन, जैविक खेती, कृषि आदि क्षेत्रों में अपनी क्षमता और अपने भू-रणनीतिक स्थिति के कारण सामर्थ्य से भरपूर है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक मजबूत दावेदार है क्योंकि यह क्षेत्र कई देशों के साथ अपनी सीमाएं साझा करता है। श्री जी.किशन रेड्डी ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा इस क्षेत्र में एक अनुकूल व्यावसायिक वातावरण का निर्माण किया गया है और वह एक सक्षमकर्ता की रणनीतिक भूमिका निभा रही है और सरकार द्वारा व्यापारिक समुदाय को पूर्वोत्तर में निवेश करने और इसकी अज्ञात क्षमता का दोहन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने भारत और विश्व के अन्य स्थानों से नए व्यवसायों को पूर्वोत्तर में स्थानांतरित करने के लिए व्यापार जगत का स्वागत किया और उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। एएमसीएचएएम-इंडिया, भारत में काम करने वाली अमेरिकी व्यापारिक संगठनों का एक संघ है। एएमसीएचएएम-इंडिया की स्थापना एक हज़ार नौ सौ बानवे में हुई थी और चार सौ से ज्यादा अमेरिकी कंपनियां इसके सदस्य के रूप में शामिल हैं। इसके प्रमुख उद्देश्यों में उन गतिविधियों को बढ़ावा देना शामिल किया गया है, जो भारत में अमेरिकी कंपनियों के निवेश को प्रोत्साहित करेंगे और बढ़ावा देंगे साथ-ही-साथ द्विपक्षीय व्यापार में बढ़ोत्तरी भी करेंगे।
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भारतीय क्रिकेट टीम को 3 अगस्त से वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज़ का आगाज़ करना है। तीन मैचों की टी-20 सीरीज़ के बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज़ और दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेली जाएगी। टी-20 सीरीज़ के पहले मैच में भारत के लिए एक बार फिर दो भाई एक साथ खेल सकते हैं। दरअसल, वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 सीरीज़ के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने दीपक चहर और राहुल चहर को टीम में शामिल किया है।
IPL 2019 में राहुल चहर मुंबई इंडियंस के लिए और दीपक चहर चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेले थे। दोनों ही भाइयों ने अपनी-अपनी टीमों के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं घरेलू क्रिकेट में भी दोनों का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। इसके बाद वेस्टइंडीज दौरे पर टी-20 सीरीज़ के लिए चयनकर्ताओं ने दोनों पर भरोसा दिखाया है। वेस्टइंडीज की पिचों को देखते हुए राहुल और दीपक पहले टी-20 मैच में अंतिम ग्यारह का हिस्सा हो सकते हैं।
IPL 2019 में CSK के लिए खेलते हुए दीपक चहर ने 17 मैचों में 22 विकेट लिए थे। दीपक ने लीग में सबसे ज़्यादा डॉट गेंदे फेंकी थी। हालांकि, दीपक भारत के लिए एक वनडे और एक टी-20 मैच खेल चुके हैं, जिसमें इनके नाम 1-1 विकेट हैं। वहीं राहुल ने IPL 2019 में मुंबई इंडियंस के लिए 13 विकेट लिए थे। इस बीच राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट में भी राहुल का प्रदर्शन शानदार रहा।
राहुल चहर और दीपक चहर चचेरे और मौसेरे भाई हैं। राहुल और दीपक के पिता आपस में भाई हैं और दोनों की मां आपस में बहने हैं। राहुल ने बड़े भाई दीपक को देखकर ही क्रिकेट खेलना शुरु किया था। दीपक तेज़ गेंदबाज़ हैं, वहीं राहुल लेग स्पिनर हैं। अगर वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 मैच में ये दोनों भाई एक साथ खेलते हैं, तो भारत के लिए एक साथ खेलने वाले दो भाइयों की यह चौथी जोड़ी होगी।
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भारतीय क्रिकेट टीम को तीन अगस्त से वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-बीस सीरीज़ का आगाज़ करना है। तीन मैचों की टी-बीस सीरीज़ के बाद तीन मैचों की वनडे सीरीज़ और दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ खेली जाएगी। टी-बीस सीरीज़ के पहले मैच में भारत के लिए एक बार फिर दो भाई एक साथ खेल सकते हैं। दरअसल, वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-बीस सीरीज़ के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने दीपक चहर और राहुल चहर को टीम में शामिल किया है। IPL दो हज़ार उन्नीस में राहुल चहर मुंबई इंडियंस के लिए और दीपक चहर चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेले थे। दोनों ही भाइयों ने अपनी-अपनी टीमों के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं घरेलू क्रिकेट में भी दोनों का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। इसके बाद वेस्टइंडीज दौरे पर टी-बीस सीरीज़ के लिए चयनकर्ताओं ने दोनों पर भरोसा दिखाया है। वेस्टइंडीज की पिचों को देखते हुए राहुल और दीपक पहले टी-बीस मैच में अंतिम ग्यारह का हिस्सा हो सकते हैं। IPL दो हज़ार उन्नीस में CSK के लिए खेलते हुए दीपक चहर ने सत्रह मैचों में बाईस विकेट लिए थे। दीपक ने लीग में सबसे ज़्यादा डॉट गेंदे फेंकी थी। हालांकि, दीपक भारत के लिए एक वनडे और एक टी-बीस मैच खेल चुके हैं, जिसमें इनके नाम एक-एक विकेट हैं। वहीं राहुल ने IPL दो हज़ार उन्नीस में मुंबई इंडियंस के लिए तेरह विकेट लिए थे। इस बीच राजस्थान के लिए घरेलू क्रिकेट में भी राहुल का प्रदर्शन शानदार रहा। राहुल चहर और दीपक चहर चचेरे और मौसेरे भाई हैं। राहुल और दीपक के पिता आपस में भाई हैं और दोनों की मां आपस में बहने हैं। राहुल ने बड़े भाई दीपक को देखकर ही क्रिकेट खेलना शुरु किया था। दीपक तेज़ गेंदबाज़ हैं, वहीं राहुल लेग स्पिनर हैं। अगर वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-बीस मैच में ये दोनों भाई एक साथ खेलते हैं, तो भारत के लिए एक साथ खेलने वाले दो भाइयों की यह चौथी जोड़ी होगी।
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कन्नड़ एक्टर किच्छा सुदीप (Kichcha Sudeep) ने बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन के 'हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है' वाले ट्वीट का जवाब देकर पूरे देश में राष्ट्रीय भाषा पर बहस छेड़ दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को इस पूरी बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है जिसका कन्नड़ एक्टर सुदीप ने स्वागत किया है.
किच्चा सुदीप ने कहा कि हर कोई जो अपनी भाषा को सम्मान के साथ देखता है, उनके लिए पीएम को इस तरह बोलते देखना एक बड़ी बात है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान से सभी मातृभाषाओं का सम्मान हुआ है. किच्चा ने कहा कि हम पीएम मोदी को सिर्फ पॉलिटिशियन के रूप में नहीं देखते बल्कि अपने नेता के रूप में देखते हैं.
याद दिला दें कि अभी हाल में बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन के हिंदी भाषा को राष्ट्रीय भाषा बताने वाले एक ट्वीट को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ गई थी. अजय देवगन और कन्नड एक्टर किच्चा सुदीप के बीच ट्विटर पर तीखी बहस हुई थी. जिसके बाद किच्चा सुदीप को कर्नाटक के मुख्यमंत्री और दो पूर्व मुख्यमंत्रियों का भी साथ मिला था.
'हिंदी को थोपे' जाने का आरोप लगाते हुए कई दक्षिण भारतीय एक्टर्स और राजनेताओं ने BJP सरकार और बॉलीवुड एक्टर देवगन पर हमला बोला था. यहां तक कि तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री ने हिंदी भाषा को 'पानी पूरी' बेचने वालों की भाषा बता दिया था.
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कन्नड़ एक्टर किच्छा सुदीप ने बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन के 'हिंदी हमारी राष्ट्रीय भाषा है' वाले ट्वीट का जवाब देकर पूरे देश में राष्ट्रीय भाषा पर बहस छेड़ दी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुक्रवार को इस पूरी बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है जिसका कन्नड़ एक्टर सुदीप ने स्वागत किया है. किच्चा सुदीप ने कहा कि हर कोई जो अपनी भाषा को सम्मान के साथ देखता है, उनके लिए पीएम को इस तरह बोलते देखना एक बड़ी बात है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान से सभी मातृभाषाओं का सम्मान हुआ है. किच्चा ने कहा कि हम पीएम मोदी को सिर्फ पॉलिटिशियन के रूप में नहीं देखते बल्कि अपने नेता के रूप में देखते हैं. याद दिला दें कि अभी हाल में बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन के हिंदी भाषा को राष्ट्रीय भाषा बताने वाले एक ट्वीट को लेकर पूरे देश में बहस छिड़ गई थी. अजय देवगन और कन्नड एक्टर किच्चा सुदीप के बीच ट्विटर पर तीखी बहस हुई थी. जिसके बाद किच्चा सुदीप को कर्नाटक के मुख्यमंत्री और दो पूर्व मुख्यमंत्रियों का भी साथ मिला था. 'हिंदी को थोपे' जाने का आरोप लगाते हुए कई दक्षिण भारतीय एक्टर्स और राजनेताओं ने BJP सरकार और बॉलीवुड एक्टर देवगन पर हमला बोला था. यहां तक कि तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री ने हिंदी भाषा को 'पानी पूरी' बेचने वालों की भाषा बता दिया था.
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फर्रुखाबाद जिले में कमालगंज थाना क्षेत्र के कानपुर-फतेहगढ़ मुख्य मार्ग के किनारे स्थित शेखपुर गुमटी नंबर 138-सी के पास सोमवार रात रेलवे ट्रैक पार करते समय पशुओं का झुंड ट्रेन से टकरा गया। ट्रेन की चपेट में आने से छह पशुओं की मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेन करीब आधा घंटे तक गुमटी के पास खड़ी रही।
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फर्रुखाबाद जिले में कमालगंज थाना क्षेत्र के कानपुर-फतेहगढ़ मुख्य मार्ग के किनारे स्थित शेखपुर गुमटी नंबर एक सौ अड़तीस-सी के पास सोमवार रात रेलवे ट्रैक पार करते समय पशुओं का झुंड ट्रेन से टकरा गया। ट्रेन की चपेट में आने से छह पशुओं की मौत हो गई। घटना के बाद ट्रेन करीब आधा घंटे तक गुमटी के पास खड़ी रही। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
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नई दिल्लीः राखी सावंत अपने बैचलरेट पार्टी नंबर, 'ड्रीम में एंट्री' के ज्योतिका टंगरी के डांस कवर के साथ एक ऑल-आउट डांस वीडियो में दमदार वापसी कर चुकी हैं. इस गाने में प्रीक्षित गुप्ता और पैरी जी ने रैप किया है और संगीत गौरव दासगुप्ता ने तैयार किया है.
राखी सावंत ने कहा 'ये धमाके वाला गाना है! मैंने इसे पहली बार सुना और मैं तुरंत नाचना चाहती थी. जब एक डांस कवर करने का विचार आया और वह भी मेरी पसंदीदा शबीना खान द्वारा कोरियोग्राफी के साथ. मैं इसके लिए तैयार थी. बहुत मजा आया.
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नई दिल्लीः राखी सावंत अपने बैचलरेट पार्टी नंबर, 'ड्रीम में एंट्री' के ज्योतिका टंगरी के डांस कवर के साथ एक ऑल-आउट डांस वीडियो में दमदार वापसी कर चुकी हैं. इस गाने में प्रीक्षित गुप्ता और पैरी जी ने रैप किया है और संगीत गौरव दासगुप्ता ने तैयार किया है. राखी सावंत ने कहा 'ये धमाके वाला गाना है! मैंने इसे पहली बार सुना और मैं तुरंत नाचना चाहती थी. जब एक डांस कवर करने का विचार आया और वह भी मेरी पसंदीदा शबीना खान द्वारा कोरियोग्राफी के साथ. मैं इसके लिए तैयार थी. बहुत मजा आया.
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भारत ने पूर्ण रूप से स्वदेशी तकनीक से बनी सबसॉनिक क्रूज मिसाइल 'निर्भय' का सफल परीक्षण कर लिया है। बता दें की यह परीक्षण ओडिशा तट से सटे चांदीपुर स्थित टेस्ट रेंज में किया गया है। छह मीटर लंबी इस विध्वंसक मिसाइल का व्यास 0. 52 मीटर है और इसके पंख की लंबाई 2. 7 मीटर है और आपको ये भी बताते चलें की जब इसे लॉन्च किया गया उस दौरान इस स्वदेशी सबसोनिक क्रूज मिसाइल का वजन 1500 किलोग्राम था। आपको यह भी बताते चलें की मारक क्षमता तकरीबन एक हज़ार किलोमीटर तक है यानी की आप बस अंदाजा लगा लीजिये की हमारे भारतीय सैनिक अपनी टुकड़ी के साथ यहाँ अपने देश में बैठे बैठ ही हमारे पड़ोसी दुश्मन देश पाकिस्तान के इस्लामाबाद में निशाना लगा सकते हैं।
इस मिसाइल की खास बात ये हैं की यह 0. 6 -0. 7 मैक की गति से नामित वारहेड ले जा सकता है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित इस मिसाइल का छठा परीक्षण था। DRDO के वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान बेंगलुरु द्वारा विकसित, निर्भय ऑटोपायलट और नेविगेशन तकनीकों का उपयोग करता है, जो 'निशांत' और 'रुस्तम' यूएवी के लिए विकसित किया गया है। आपको यह भी बता दें की क्रूज़ मिसाइल 'निर्भय' से भारत की सैन्य ताकत को मजबूती मिलेगी साथ ही हमारे देश के लिए गर्व की बात ये भी है की इस मिसाइल की क्षमता अमेरिका के प्रसिद्ध टॉमहॉक मिसाइल के बराबर है।
जानकारी के लिए बताते चलें की इससे पहले 'निर्भय' क्रूज मिसाइल का अंतिम सफल परीक्षण सात नवंबर, 2017 को किया था। उससे पहले 12 मार्च, 2013 को आयोजित 'निर्भय' की पहली परीक्षण उड़ान को कुछ खराबी और सुरक्षा कारणों से बीच में ही समाप्त करना पड़ा था। यह एक टर्बोफेन या टर्बोजेट इंजन के साथ यात्रा कर सकता है और एक अत्यधिक उन्नत ईनशियल नेविगेशन प्रणाली द्वारा निर्देशित है। निर्भय मिसाइल 300 किलोग्राम तक के वॉरहेड ले जा सकता है। निश्चित रूप से आपको यह सुनकर बहुत ही अच्छा लगेगा कीइस मिसाइल के चपेट में हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान, चीन समेत अन्य कई देश भी है। यह एक बेहद ही विध्वंसक मिसाइल है जो मात्र ही सेकेंड में दुश्मन देश के किसी भी टारगेट को ध्वस्त करने में सक्षम है। खास बात ये हैं की यह मिसाइल करीब 300 किलोग्राम तक का विस्फोटक ले जाने में सक्षम है।
बात की जाए भारत के मिसाइलों की तो आपको बता दें की फिलहाल इस समय मिसाइल के क्षेत्र में भारत का सफर काफी आगे बढ़ चुका है। भारत के पास सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस के अलावा अंतर-महाद्वीपिय अग्नि मिसाइल भी है, जो 5500 किमी से ज्यादा दूरी तक मार कर सकता है। हालांकि दुनिया में इन मिसाइलों से भी बेहद खतरनाक मिसाइलें हैं जो मिनटों में दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकती है। मगर पूरी तरह से देश में निर्मित यह मिसाइल भी काफी ज्यादा खास है और यह मिसाइल नीचे उड़ान भरने में सक्षम है जिससे यह दुश्मन के रडान से छिपकर आतंकी अड्डों को आसानी से निशाना बना सकती है। यह मिसाइल ब्रह्मोस की कमी को पूरा करती है, क्योंकि उसकी मारक सीमा 290 किलोमीटर है, जबकि 'निर्भय' लंबी दूरी तक मार कर सकती है।
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भारत ने पूर्ण रूप से स्वदेशी तकनीक से बनी सबसॉनिक क्रूज मिसाइल 'निर्भय' का सफल परीक्षण कर लिया है। बता दें की यह परीक्षण ओडिशा तट से सटे चांदीपुर स्थित टेस्ट रेंज में किया गया है। छह मीटर लंबी इस विध्वंसक मिसाइल का व्यास शून्य. बावन मीटर है और इसके पंख की लंबाई दो. सात मीटर है और आपको ये भी बताते चलें की जब इसे लॉन्च किया गया उस दौरान इस स्वदेशी सबसोनिक क्रूज मिसाइल का वजन एक हज़ार पाँच सौ किलोग्रामग्राम था। आपको यह भी बताते चलें की मारक क्षमता तकरीबन एक हज़ार किलोमीटर तक है यानी की आप बस अंदाजा लगा लीजिये की हमारे भारतीय सैनिक अपनी टुकड़ी के साथ यहाँ अपने देश में बैठे बैठ ही हमारे पड़ोसी दुश्मन देश पाकिस्तान के इस्लामाबाद में निशाना लगा सकते हैं। इस मिसाइल की खास बात ये हैं की यह शून्य. छः -शून्य. सात मैक की गति से नामित वारहेड ले जा सकता है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित इस मिसाइल का छठा परीक्षण था। DRDO के वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान बेंगलुरु द्वारा विकसित, निर्भय ऑटोपायलट और नेविगेशन तकनीकों का उपयोग करता है, जो 'निशांत' और 'रुस्तम' यूएवी के लिए विकसित किया गया है। आपको यह भी बता दें की क्रूज़ मिसाइल 'निर्भय' से भारत की सैन्य ताकत को मजबूती मिलेगी साथ ही हमारे देश के लिए गर्व की बात ये भी है की इस मिसाइल की क्षमता अमेरिका के प्रसिद्ध टॉमहॉक मिसाइल के बराबर है। जानकारी के लिए बताते चलें की इससे पहले 'निर्भय' क्रूज मिसाइल का अंतिम सफल परीक्षण सात नवंबर, दो हज़ार सत्रह को किया था। उससे पहले बारह मार्च, दो हज़ार तेरह को आयोजित 'निर्भय' की पहली परीक्षण उड़ान को कुछ खराबी और सुरक्षा कारणों से बीच में ही समाप्त करना पड़ा था। यह एक टर्बोफेन या टर्बोजेट इंजन के साथ यात्रा कर सकता है और एक अत्यधिक उन्नत ईनशियल नेविगेशन प्रणाली द्वारा निर्देशित है। निर्भय मिसाइल तीन सौ किलोग्रामग्राम तक के वॉरहेड ले जा सकता है। निश्चित रूप से आपको यह सुनकर बहुत ही अच्छा लगेगा कीइस मिसाइल के चपेट में हमारा पड़ोसी देश पाकिस्तान, चीन समेत अन्य कई देश भी है। यह एक बेहद ही विध्वंसक मिसाइल है जो मात्र ही सेकेंड में दुश्मन देश के किसी भी टारगेट को ध्वस्त करने में सक्षम है। खास बात ये हैं की यह मिसाइल करीब तीन सौ किलोग्रामग्राम तक का विस्फोटक ले जाने में सक्षम है। बात की जाए भारत के मिसाइलों की तो आपको बता दें की फिलहाल इस समय मिसाइल के क्षेत्र में भारत का सफर काफी आगे बढ़ चुका है। भारत के पास सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस के अलावा अंतर-महाद्वीपिय अग्नि मिसाइल भी है, जो पाँच हज़ार पाँच सौ किमी से ज्यादा दूरी तक मार कर सकता है। हालांकि दुनिया में इन मिसाइलों से भी बेहद खतरनाक मिसाइलें हैं जो मिनटों में दुश्मन को नेस्तनाबूद कर सकती है। मगर पूरी तरह से देश में निर्मित यह मिसाइल भी काफी ज्यादा खास है और यह मिसाइल नीचे उड़ान भरने में सक्षम है जिससे यह दुश्मन के रडान से छिपकर आतंकी अड्डों को आसानी से निशाना बना सकती है। यह मिसाइल ब्रह्मोस की कमी को पूरा करती है, क्योंकि उसकी मारक सीमा दो सौ नब्बे किलोग्राममीटर है, जबकि 'निर्भय' लंबी दूरी तक मार कर सकती है।
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उत्तरप्रदेश। बरसात शुरू होते ही दुर्घटनाओं का सिलसिला भी शुरू हो गया है, दरअसल प्रयागराज से करीब 98 किमी दूर रीवा के क्योटी वाटरफॉल में पिकनिक मनाने जा रहे शहर के व्यापारियों की कार 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में तीन की मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना मध्य प्रदेश स्थित रीवा के गढ़ थानाक्षेत्र में देवास गांव के पास हुई। दोनों घायलों को संजय गांधी मेडिकल कॉलेज, रीवा में भर्ती कराया गया है।
हादसा मध्य प्रदेश स्थित रीवा के गढ़ थानाक्षेत्र में देवास गांव के पास हुआ। मृतकों में पंकज जायसवाल (46), मनीष जायसवाल (42) और शिवम जायसवाल (26) शामिल हैं। पंकज कीडगंज में विश्वामित्र सिनेमाहॉल के पास रहता था। जबकि मनीष मुट्ठीगंज बरगद वाली गली और शिवम कोठापार्चा, डी रोड पर रहता था। तीनों अपने छह अन्य साथियों के साथ बुधवार को क्योटी फॉल पिकनिक मनाने जा रहे थे। इनमें से पांच क्रेटा कार जबकि चार एक अन्य गाड़ी में सवार थे।
करीबन दोपहर में एक बजे के करीब सभी लालगांव चौकी अंतर्गत देवास मोड़ पुलिया के पास पहुंचे थे, तभी आगे चल रही क्रेटा कार का चालक नियंत्रण खो बैठा और कार पुलिया से 30 फीट नीचे खाई में जा गिरी। घटना में शिवम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से कार के अंदर फंसे घायलों को बाहर निकाला गया और उन्हें सिरमौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, वहां से सभी को मेडिकल कॉलेज रीवा के लिए रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने पर मनीष व पंकज को भी मृत घोषित कर दिया गया। साथ ही दो लोगों की हालत गंभीर है, जिन्हें संजय गांधी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
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उत्तरप्रदेश। बरसात शुरू होते ही दुर्घटनाओं का सिलसिला भी शुरू हो गया है, दरअसल प्रयागराज से करीब अट्ठानवे किमी दूर रीवा के क्योटी वाटरफॉल में पिकनिक मनाने जा रहे शहर के व्यापारियों की कार तीस फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में तीन की मौत हो गई, जबकि उनके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना मध्य प्रदेश स्थित रीवा के गढ़ थानाक्षेत्र में देवास गांव के पास हुई। दोनों घायलों को संजय गांधी मेडिकल कॉलेज, रीवा में भर्ती कराया गया है। हादसा मध्य प्रदेश स्थित रीवा के गढ़ थानाक्षेत्र में देवास गांव के पास हुआ। मृतकों में पंकज जायसवाल , मनीष जायसवाल और शिवम जायसवाल शामिल हैं। पंकज कीडगंज में विश्वामित्र सिनेमाहॉल के पास रहता था। जबकि मनीष मुट्ठीगंज बरगद वाली गली और शिवम कोठापार्चा, डी रोड पर रहता था। तीनों अपने छह अन्य साथियों के साथ बुधवार को क्योटी फॉल पिकनिक मनाने जा रहे थे। इनमें से पांच क्रेटा कार जबकि चार एक अन्य गाड़ी में सवार थे। करीबन दोपहर में एक बजे के करीब सभी लालगांव चौकी अंतर्गत देवास मोड़ पुलिया के पास पहुंचे थे, तभी आगे चल रही क्रेटा कार का चालक नियंत्रण खो बैठा और कार पुलिया से तीस फीट नीचे खाई में जा गिरी। घटना में शिवम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की मदद से कार के अंदर फंसे घायलों को बाहर निकाला गया और उन्हें सिरमौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, वहां से सभी को मेडिकल कॉलेज रीवा के लिए रेफर कर दिया गया। वहां पहुंचने पर मनीष व पंकज को भी मृत घोषित कर दिया गया। साथ ही दो लोगों की हालत गंभीर है, जिन्हें संजय गांधी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
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His Holiness, डॉ. सैय्दना मुफद्दल सैफुद्दीन साहिब, मध्य प्रदेश केजनप्रिय मुख्यमंत्री, श्रीमान शिवराज सिंह जी चौहान, और यहां मौजूद दाऊदी बोहरा समाज के सभी मेरे परिवारजन।
आप सभी के बीच में आना हमेशा मुझे एक प्रेरक अवसर बना देता है, एक नया अनुभव देता है।
अशरा मुबारक के इस पवित्र अवसर पर भी आपने मुझे यहां आने का मौका दिया, इसके लिए मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत आभारी हूं।
मुझे बताया गया है कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से देश और दुनिया के अलग-अलग सभी सेंटर्स में भी हमारे समाज के लोग अभी हमारे साथ जुड़े हुए हैं। दूर-दूर टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए आप सभी को भी मैं आज यहां से नमन करता हूं।
साथियो, इमाम हुसैन के पवित्र संदेश को आपने अपने जीवन में उतारा है, और सदियों से देश और दुनिया तक पैग़ाम पहुंचाया है। इमाम हुसैन अमन और इंसाफ के लिए शहीद हो गए। उन्होंने अन्याय और अहंकार के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की थी। उनकी यह सीख जितनी तब महत्वपूर्ण थी, उससे भी अधिक आज की दुनिया के लिए ये अहम है। इन परम्पराओं को मुखरता से प्रसारित करने की आवश्यकता है। और मुझे प्रसन्नता है कि सैय्दना साहब, बोहरा समाज का एक-एक जन, इस मिशन से जुटा हुआ है।
साथियो, हम पूरे विश्व को एक परिवार मानने वाले, "वसुधैव कुटुम्बकम", हम वो लोग जो सबको साथ लेकर चलने की परम्परा को जी करके दिखाने वाले लोग हैं। हमारे समाज की, हमारे विरासत की यही शक्ति है जो हमें दुनिया के दूसरे देशों से अलग पहचान पैदा करती है।
मुझे खुशी है कि बोहरा समाज पूरे विश्व को भारत की इस ताकत से परिचित करा रहा है।दुनिया में कहीं पर भी जाई, वो मुझे मिल जाई के कैम छो।
हमें अपने अतीत पर गर्व है। वर्तमान पर विश्वास है और उज्ज्वल भविष्य के आत्मविश्वास के साथ संकल्प भी है। मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं, शांति और विकास के लिए हमारे समाज का जो योगदान है, उसकी बातें मैं लोगों को अवश्य करता हूं।
साथियो, शांति, सद्भाव, सत्याग्रह और राष्ट्रभक्ति के प्रति बोहरा समाज की भूमिका हमेशा-हमेशा महत्वपूर्ण रही है। अपने देश से, अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम और समर्पण की सीख खुद सैय्दनासाहब अपने प्रवचनों के माध्यम से देते रहे हैं, और अभी भी ज्यादा समय उन्होंनेजितना भी बोले, हमें यही सीख दी कि हमें देश के लिए, समाज के लिए, नियमों के लिए, कानून के लिए, कैसे जीना चाहिए।
इससे पहले पूज्य सैय्दनाताहिर सैफूद्दीन साहेब ने भी गांधीजी के साथ मिलकर इन मूल्यों को स्थापित करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।
मैंने कहीं पढ़ा था कि दोनों महापुरुषों की मुलाकात ट्रेन में सफर करते समय हुई थी। इसके बाद महात्मा गांधी और उनके बीच निर्रत्स, हमेशा, निरंतर संपर्क बना रहा, और हर बड़ी घटना या आंदोलन को लेकर दोनों के बीच में विचार-विमर्श होता था, विवाद होता था।
हम सबको पता है दांडी यात्रा के दौरान, जो हिन्दुस्तान की आजादी का एक स्वर्णिम पृष्ठ है, दांडी यात्रा। दांडी यात्रा के दौरान पूज्य बापू महात्मा गांधी,सैय्दना साहब के घर सैफी विला में ठहरे थे। गांधीजी की मित्रता और उनके मूल्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सैय्दना ताहिर सैफूद्दीन साहेब ने इस सैफी विला को आज़ादी के बाद राष्ट्र को समर्पित कर दिया। आज वही सैफी विला देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित कर रहा है।
साथियो, बोहरा समाज के साथ मेरा भी रिश्ता बहुत पुराना है, और अभीसैय्दना साहब ने जो वर्णन किया, मैं सचमुच में एक प्रकार से परिवार का सदस्य बन गया। हमेशा, हमेशा, यानी एक अपनापन महसूस करना, कभी उनके पास चले जाना; ये मेरा एक सहज अपनापन मैं महूसस करता था। आज भी मेरे दरवाजे आपके परिवारजनों के लिए हमेशा खुले रहते हैं। और मेरा सौभाग्य है कि आपका स्नेह, आपके पूरे परिवार का स्नेह मुझ पर अपरम्पार रहा है, हमेशा रहा है।
आज भी, अभी जन्मदिन तो आना बाकी है, लेकिन आप सबसे पहले और इस पवित्र मंच से आपने मुझे आशीर्वाद दिए, और आर्शीवाद भी राष्ट्र कल्याण के लिए मुझे अधिक शक्ति प्रदान करने वाले दिए; ये बहुत बड़ी बात होती है; ये बहुत बड़ी बात होती है। और इसलिए भी मैं आपका हृदय से आभारी हूं।
गुजरात का शायद ही कोई गांव हो, शायद; जहां बोहरा व्यापारी समाज का कोई प्रतिनिधि वहां न मिले। मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री रहा, तब कदम-कदम पर बोहरा समाज ने साथ दिया। आपका यही अपनापन मुझे आज यहां खींच लाया है। मुझे याद है कि किस प्रकार सैय्यदना साहब से मैंने, जो एक बार सैय्यदना साहेब पाटन से वापिस आ रहे थे; उनको सूरत जाना था, समय नहीं था तो मैं एयरपोर्ट पर चला गया। क्योंकि मैंने कहा मैं ऐसे थोड़़े ही जाने दूंगा। आप नहीं आएंगे तो मैं आऊंगा। और उन्होंने मुझे इतना समय हम एयरपोर्ट पर बैठे रहे, इतना प्यार किया जैसे एक छोटे बच्चे को करते हैं। और वहां बातों-बातों में मैंने गुजरात में पानी के संकट की चर्चा की, चैक डैम बनाने की चर्चा की; और मुझे आज बड़े संतोष के साथ कहना है कि इतनी सी, हल्की-फुल्की बात-चीतों को सैय्दना साहेब ने उस उम्र, और वो करीब ninety seven, ninety eight तो पार कर चुके होंगे उस समय, शायद ninety five plus होंगे, क्योंकि कई वर्ष हो गए। लेकिन जाते ही उन्होंने मिशन मोड में इस काम को हाथ में लिया और गुजरात में अनेक जगह पर आपके प्रयासों से अनेक गांवों को चैक डैम से वर्षा का पानी संग्रह का बड़ा अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया, जो गांवों को पानी मिला।
इतना ही नहीं, आज से कुछ वर्ष पहले मैंने एक कार्यक्रम में कुपोषण, उसके विषय में, गुजरात में उसके खिलाफ लड़़ाई लड़ने के लिए बोहरा समाज से सहयोग मांगा था। जन-जागरण अभियान चलाने के लिए आग्रह किया था। इसको भी बोहरा समाज ने, सैय्दना साहब ने हाथों-हाथ लिया और भीषण समस्या को दूर करने में गुजरात की सहायता की।
संयोग देखिए, इस बार जब दाऊदी बोहरा समाज अशरा मुबारक के पावन, पवित्र अवसर पर जुटा रहा है, तब देश में, हम पूरे देश मेंपोषण माह मनाया जा रहा है।न्यूट्रेशन मिशन के तहत चलाया जा रहा है। एक-एक शिशु, एक-एक माता को सुरक्षित करने का यह अभियान आज देशभर में चल रहा है।
आप सभी, हर बच्चे की शिक्षा, उसके पोषण, उसके स्वास्थ्य को ले करके जो कार्य करते रहे हैं, उसने समाज को सशक्त करने का काम किया है। और मुझे जानकारी दी गई है कि प्रोजेक्ट राइसके माध्यम से आप भी महाराष्ट्र समेत देश के दूसरे हिस्सों में बच्चों को पोषक आहार देने का अभियान चला रहे हैं। आपका ये प्रयास निश्चित रूप से देश के भविष्य को स्वस्थ और सशक्त बनाने में मदद करेगा।
साथियों, पोषण और स्वास्थ्य को लेकर दाऊदी बोहरा समाज हमेशा जागरूक रहा है। फैज़ अल मवेद और थाली, कम्युनिटी किचन के माध्यम से आपसे सुनिश्चित कर रहे हैं कि समाज का कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। इतना ही नहीं, देश के गरीब को, मध्यम वर्ग को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए आप दर्जनों अस्पताल चला रहे हैं। यूनिवर्सल हेल्थ केयर के प्रति आपकी ये सोच देश को, समाज को शक्ति देती रही है और भविष्य में भी और मजबूत करेगी।
आप सभी ये भी जानते हैं कि देश में स्वास्थ्य को पहली बार सरकार ने इतनी प्राथमिकता दी है। Affordable health care, preventive health care को बढ़ावा दिया जा रहा है। क्वालिटी अस्पतालो, हेल्थ एंड वेलनेंस सेंटर्स का जाल बिछाया जा रहा है। जन-औषधि केंद्रों पर सस्ती दवाएं उपलब्ध की जा रही हैं। मुफ्त डायालिसिस की सुविधाएं दी गई हैं, heart और knee surgery के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान की कीमतों में भारी कमी की गई है। अब आयुष्मान भारत देश के करीब-करीब 50 करोड़ गरीब भाई-बहनों के लिए संजीवनी बन करके आया है।
ये छोटा कार्यक्रम नहीं है। अमेरिका, कनाडा मैक्सिको की जितनी संख्या है, उससे ज्यादा लोगों के लिए आयुष्मान भारत का कार्यक्रम हम हिन्दुस्तान में लागू करने जा रहे हैं।
पूरे यूरोप की जितनी जनसंख्या है, करीब-करीब उतने लोगों को हिन्दुस्तान के अंदर हेल्थ के लिए आयुष्मान भारत की योजना लागू हो रही है। कितना बड़ा काम, कितने लोगों की भलाई के लिए काम; इसकी आप कल्पना कर सकते हैं।
एक साल में पांच लाख रुपये तक का हर परिवार को मुफ्त इलाज, ये छोटा निर्णय नहीं है। 50 करोड़ लोगों का हर परिवार का पांच लाख रुपये का सालाना तक का पूरा खर्चा, उसके इलाज का पूरा जिम्मा सुनिश्चित करने वाली ये आयुष्मान योजना का इन दिनों trial अभी already चल रहा है, और 25 सितम्बर, जबकि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म-जयंती है, उसे देशभर में लागू किया जाएगा।
साथियों, पोषण और स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ गरीबों, जरूरतमंदों के लिए घर देने का जो बीड़ा आपने उठाया है, वो भी सराहनीय है। मुझे बताया गया है कि लगभग 11 हजार लोगों को आपके प्रयासों से अपना घर मिल चुका है। सरकार ने भी 2022 तक देश के हर बेघर ग़रीब भाई-बहन को पक्का घर देने का लक्ष्य रखा है।
आपको ये जानकर खुशी होगी कि अब तक एक करोड़ से अधिक भाई-बहनों को उनके घर की चाबी सौंपी जा चुकी है, यानी घोषणा नहीं, उनको घर की चाबी मिल गई। और बाकी घरों पर काम तेज गति से पूर्णता की तरफ आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी आपका सहयोग सरकार के प्रयासों को एक और ताकत देता है। कभी-कभी समाज की शक्ति और सरकार की शक्ति मिलती है तो परिणाम अनेको गुना ज्यादा आता है। सिर्फ डबल होता है, ऐसा नहीं है, अनेकों गुना ज्यादा अच्छा होता है। देश के जनमानस के जीवन को सरल बनाने के लिए, जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए हम लगातार कोशिश करते रहते हैं, आगे बढ़ाते रहते हैं।
साथियों, गरीब और मध्यम वर्ग से जुड़ा एक और विषय है जिस पर सरकार ने बल दिया है। वो विषय है स्वच्छता का। स्वच्छ भारत अभियान शुरू भले ही सरकार ने किया हो, लेकिन आज इस अभियान को देश की सवा सौ करोड़ जनता खुद हो करके आगे बढ़ा रही है। गांव-गांव, गली-गली में स्वच्छता के प्रति एक अभूतपूर्व आग्रह पैदा हुआ है।
चार वर्ष पहले तक जहां देश के 40 प्रतिशत घरों में; मैं प्रधानमंत्री बना उससे पहले हमारे देश में सिर्फ 40 प्रतिशत घरों में ही टॉयलेट थे। हमारी माताओं-बहनों को कितनी तकलीफ होती होगी, इसका हम अंदाज कर सकते हैं। घरों में टॉयलेट की संख्या जब आया था मैं 40 प्रतिशत थी, इतने कम समय में अब वो 90 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। और मुझे विश्वास है बहुत ही जल्द पूरा देश खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने की तरफ सफलतापूर्वक आगे बढ़ेगा।
आज हम जिस इंदौर शहर में जुटे हैं। ये तो स्वच्छता के इस आंदोलन का अगुआ है, लीडर बन गया है।इंदौर निरंतर स्वच्छता के पैमाने पर देशभर में नंबर वन रहा है और इसलिए मैं इंदौर के सभी नागरिकों को, यहां के चुने हुए प्रतिनिधियों को, यहां के कारपोरेशन के व्यवस्थापकों को, यहां की राज्य सरकार को, यहां के मुख्यमंत्री शिवराजजी को, उनकी पूरी टीम को, हृदयपूर्वक बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।
इंदौर ही नहीं भोपाल ने भी इस बार कमाल कर दिया है। एक प्रकार से पूरे मध्यप्रदेश के मेरे युवा साथी, एक-एक जन, इस आंदोलन को गति दे रहे हैं। स्वच्छता और पर्यावरण की पवित्रता सुनिश्चित करने में आपके समाज के योगदान से भी देश भलीभांति परिचित है।सैय्दना साहब तो खुद स्वच्छता और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति आग्रही है ही हैं। और मुझे याद है कि बड़े सैय्दना साहब की जन्म शताब्दी, और उस कार्यक्रम में मुझे बुलाया था।
पता नहीं और लोग कैसे जन्म शताब्दियां मनाते हैं या जन्म दिन मनाते हैं? उस दिन हम लोगों ने, आपको भी याद है sparrow बचाने के लिए, हैं अपनी चकली बचाने के लिए आंदोलन खड़ा कर दिया। हरेक को एक बॉक्स दिया गया जिसके अंदर वो अपना घोंसला बनाएं। ये पर्यावरण की रक्षा नहीं तो क्या है जी? ये हमारे संस्कार हैं, और उन्होंने मन की पवित्रता को हमारे वातावरण की स्वच्छता और शुद्धता से जोड़ा है।
मुझे बताया गया है और अभी सैय्दना साहेब ने यही कहा- स्वच्छता दिल की और मन की भी करनी है। मुझे बताया गया है कि इंदौर की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए अशरा मुबारक के इस पूरे आयोजन को पर्यावरण और स्वच्छता के संदेश के साथ जोड़ा गया है।
यहां प्लास्टिक बैग पूरी तरह बैन किए गए हैं, इस पूरे आयोजन को जीरो wasteयानि कचरे से रहित बनाने का प्रण लिया गया है। यहां रोजाना करीब दस टन कचरे को recycle कर fertilizer में बदलने का काम किया जा रहा है और फिर इसको मुफ्त में किसानों में बांटा जा रहा है।
इन सब कार्यों से आप सभी पर्यावरण की सेवा तो कर ही रहे हैं, waste to energy का सरकार को जो vision है, उसको भी आप बल दे रहे हैं। साथ ही किसान भाई-बहनों के लिए भी आपका ये कदम लाभकारी होने वाला है। मेरा तो देशभर के स्वच्छाग्रहियों से आग्रह है कि इस तरह आयोजनों से सबक लेकर स्वच्छता से जुड़े जो हमारे आगे के कार्यक्रम हैं, उनमें भी waste to energy पर बल दिया जाए।
कल, 15 सितम्बर से स्वच्छता ही सेवा- 2 अक्टूबर तक, गांधी जयंती तक- स्वच्छता ही सेवा, ये पखवाड़ा शुरू हो रहा है। इस दौरान भी हम ये प्रयोग देशभर में कर सकते हैं। ये कार्यक्रम पिछले साल की तरह ही महात्मा गांधी जी जयंती यानी 2 अक्टूबर तक चलेगा।
मैं कल खुद देश के स्वच्छाग्रहियों से समाज में स्वच्छता के प्रति जन-जागरण करने वाले देश के सभी धर्मगुरूओं, सभी कलाकार, सभी खिलाड़ी उद्यमी, समाज के जितने भी अग्रिम कोटि के लोग हैं, उन सबके साथ कल सुबह 9.30 बजे वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत करने वाला हूं और उसके बाद दुनिया का एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड बनेगा। एक साथ करोड़ों लोग कल स्वच्छता का काम करने वाले हैं।
इतना ही नहीं, 2 अक्टूबर से महात्मा गांधी की डेढ़ सौंवीं जन्म-जयंती के कार्यक्रम शुरू होने वाले हैं और सैय्दना साहेब ने भी हमें पूज्य बापू की 150वीं जन्म जयंती के लिए संदेश दिया है। अगले दो वर्षों तक चलने वाले इन कार्यक्रमों के दौरान स्वच्छता समेत बापू के बताए रास्ते पर चलने के लिए देश और दुनिया को प्रोत्साहित करेंगे।
आज यहां इंदौर में, आप सभी के बीच में दाऊदी बोहरा समाज को और मध्य प्रदेश के मेरे भाई-बहनों को स्वच्छता के इस अभियान से जुड़ने का मैं न्यौता भी देने आया हूं।
साथियो, आज इस अवसर पर मैं भी आप सभी की एक और विषय पर प्रशंसा करना चाहता हूं। आप में से अधिकतर व्यापार और कारोबार से जुड़े हुए हैं। नियम, कायदे से काम कैसे किया जाता है, अनुशासन में रहते हुए व्यापार को आगे कैसे बढ़ाया जाता है; आपने इस मामले में आदर्श स्थापित किया है और अभी सैय्दना साहब ने हमको वही सीख दी। बार-बार सीख यही दी जाती है। ये छोटी बात नहीं है। दाऊदी बोहरा समाज दुनिया में जहां-जहां भी बसा, इन मूल्यों से उसने अपनी एक अलग पहचान बनाई है, एक नई इज्जत बनाई है।
ईमानदारी, सच्चाई और निष्ठा के साथ व्यापार से कैसे जीवन चलता है इसका उदाहरण आप सबने अपने आचरण के द्वारा प्रस्थापित किया है। देश का व्यापारी और कारोबारी, वो अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। वो देश में रोजगार के अवसर पैदा करने वाली महत्वपूर्ण इकाई है। उसको जितना प्रोत्साहन संभव हो, वर्तमान भारत की सरकार और जहां-जहां राज्यों में हमको सेवा करने का मौका मिला है, ये हमारी प्राथमिकता है, हम दे रहे हैं।
लेकिन ये भी सच है कि पांचों उंगलियां एक समान नहीं होतीं है। हमारे बीच से ही ऐसे लोग निकलते हैं जो छल को ही कारोबार मानते हैं। बीते चार वर्षों में सरकार ये साफ संदेश देने में सफल हुई है कि जो भी हो, वो नियमों के दायरे में ही होना चाहिए। जीएसटी, insolvency and bankruptcy code जैसे अनेक कानूनों के माध्यम से ईमानदार कारोबारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। और इसका सबसे ज्यादा फायदा कोई उठा रहा है तो मेरा बोहरा समाज उठा रहा है।
ये एक बड़ा कारण है कि चार वर्ष के भीतर-भीतर देश भर, दुनिया भर के निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। आज स्थिति ये है कि Make In India के तहत मोबाइल फोन हो, गाड़ियां हो या फिर दूसरे सामान, रिकॉर्ड उत्पादन आज हमारे यहां हो रहा है। रिकॉर्ड स्तर पर निवेश हो रहा है। इसी का परिणाम है कि पिछले क्वार्टर में आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर आप सभी के प्रयास से, सवा सौ करोड़ देशवासियों के श्रम से देश ने हासिल की है जो दुनिया की बड़ी इकोनॉमी में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली है।
अब दहाई की विकास दर पर देश की नजर है और जिस गति से हम आगे बढ़ रहे हैं वहां तमाम चुनौतियों के बावजूद देश की ताकत है, देश पहुंच सकता है और मेरा भी विश्वास है।
साथियों, दुनियाभर में भारत के प्रति सद्भावना बनाने में आप सभी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दुनिया में जिस प्रकार प्राचीन भारत की चमक थी आज न्यू इंडिया को वो सम्मान देने का सौभाग्य हम सबको मिला है।
देश के नव-निर्माण के लिए हम निरंतर मिल करके आगे बढ़ते रहेंगे। इसी विश्वास के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं। आप सभी का एक बार फिर बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। सैय्दना साहेब का, उनके सभी परिवारजनों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और मुझे निरंतर प्रेम, स्नेह, आशीर्वाद, आप सबकी तरफ से मिलता रहा है। आपके आशीर्वाद, ये मेरी अमानत हैं, ये मेरी शक्ति हैं; जो शक्ति मेरे लिए नहीं है, सिर्फ और सिर्फ सवा सौ करोड़ देशवासियों के लिए है। ये आशीर्वाद, ये शक्ति, ये सामर्थ्य, मैं देशवासियों के चरणों में समर्पित करते हुए मैं फिर एक बार आप सबका हृदय से अभिनंदन करता हूं।
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His Holiness, डॉ. सैय्दना मुफद्दल सैफुद्दीन साहिब, मध्य प्रदेश केजनप्रिय मुख्यमंत्री, श्रीमान शिवराज सिंह जी चौहान, और यहां मौजूद दाऊदी बोहरा समाज के सभी मेरे परिवारजन। आप सभी के बीच में आना हमेशा मुझे एक प्रेरक अवसर बना देता है, एक नया अनुभव देता है। अशरा मुबारक के इस पवित्र अवसर पर भी आपने मुझे यहां आने का मौका दिया, इसके लिए मैं आपका हृदय से बहुत-बहुत आभारी हूं। मुझे बताया गया है कि टेक्नोलॉजी के माध्यम से देश और दुनिया के अलग-अलग सभी सेंटर्स में भी हमारे समाज के लोग अभी हमारे साथ जुड़े हुए हैं। दूर-दूर टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए आप सभी को भी मैं आज यहां से नमन करता हूं। साथियो, इमाम हुसैन के पवित्र संदेश को आपने अपने जीवन में उतारा है, और सदियों से देश और दुनिया तक पैग़ाम पहुंचाया है। इमाम हुसैन अमन और इंसाफ के लिए शहीद हो गए। उन्होंने अन्याय और अहंकार के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की थी। उनकी यह सीख जितनी तब महत्वपूर्ण थी, उससे भी अधिक आज की दुनिया के लिए ये अहम है। इन परम्पराओं को मुखरता से प्रसारित करने की आवश्यकता है। और मुझे प्रसन्नता है कि सैय्दना साहब, बोहरा समाज का एक-एक जन, इस मिशन से जुटा हुआ है। साथियो, हम पूरे विश्व को एक परिवार मानने वाले, "वसुधैव कुटुम्बकम", हम वो लोग जो सबको साथ लेकर चलने की परम्परा को जी करके दिखाने वाले लोग हैं। हमारे समाज की, हमारे विरासत की यही शक्ति है जो हमें दुनिया के दूसरे देशों से अलग पहचान पैदा करती है। मुझे खुशी है कि बोहरा समाज पूरे विश्व को भारत की इस ताकत से परिचित करा रहा है।दुनिया में कहीं पर भी जाई, वो मुझे मिल जाई के कैम छो। हमें अपने अतीत पर गर्व है। वर्तमान पर विश्वास है और उज्ज्वल भविष्य के आत्मविश्वास के साथ संकल्प भी है। मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं, शांति और विकास के लिए हमारे समाज का जो योगदान है, उसकी बातें मैं लोगों को अवश्य करता हूं। साथियो, शांति, सद्भाव, सत्याग्रह और राष्ट्रभक्ति के प्रति बोहरा समाज की भूमिका हमेशा-हमेशा महत्वपूर्ण रही है। अपने देश से, अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम और समर्पण की सीख खुद सैय्दनासाहब अपने प्रवचनों के माध्यम से देते रहे हैं, और अभी भी ज्यादा समय उन्होंनेजितना भी बोले, हमें यही सीख दी कि हमें देश के लिए, समाज के लिए, नियमों के लिए, कानून के लिए, कैसे जीना चाहिए। इससे पहले पूज्य सैय्दनाताहिर सैफूद्दीन साहेब ने भी गांधीजी के साथ मिलकर इन मूल्यों को स्थापित करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। मैंने कहीं पढ़ा था कि दोनों महापुरुषों की मुलाकात ट्रेन में सफर करते समय हुई थी। इसके बाद महात्मा गांधी और उनके बीच निर्रत्स, हमेशा, निरंतर संपर्क बना रहा, और हर बड़ी घटना या आंदोलन को लेकर दोनों के बीच में विचार-विमर्श होता था, विवाद होता था। हम सबको पता है दांडी यात्रा के दौरान, जो हिन्दुस्तान की आजादी का एक स्वर्णिम पृष्ठ है, दांडी यात्रा। दांडी यात्रा के दौरान पूज्य बापू महात्मा गांधी,सैय्दना साहब के घर सैफी विला में ठहरे थे। गांधीजी की मित्रता और उनके मूल्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सैय्दना ताहिर सैफूद्दीन साहेब ने इस सैफी विला को आज़ादी के बाद राष्ट्र को समर्पित कर दिया। आज वही सैफी विला देश की युवा पीढ़ी को प्रेरित कर रहा है। साथियो, बोहरा समाज के साथ मेरा भी रिश्ता बहुत पुराना है, और अभीसैय्दना साहब ने जो वर्णन किया, मैं सचमुच में एक प्रकार से परिवार का सदस्य बन गया। हमेशा, हमेशा, यानी एक अपनापन महसूस करना, कभी उनके पास चले जाना; ये मेरा एक सहज अपनापन मैं महूसस करता था। आज भी मेरे दरवाजे आपके परिवारजनों के लिए हमेशा खुले रहते हैं। और मेरा सौभाग्य है कि आपका स्नेह, आपके पूरे परिवार का स्नेह मुझ पर अपरम्पार रहा है, हमेशा रहा है। आज भी, अभी जन्मदिन तो आना बाकी है, लेकिन आप सबसे पहले और इस पवित्र मंच से आपने मुझे आशीर्वाद दिए, और आर्शीवाद भी राष्ट्र कल्याण के लिए मुझे अधिक शक्ति प्रदान करने वाले दिए; ये बहुत बड़ी बात होती है; ये बहुत बड़ी बात होती है। और इसलिए भी मैं आपका हृदय से आभारी हूं। गुजरात का शायद ही कोई गांव हो, शायद; जहां बोहरा व्यापारी समाज का कोई प्रतिनिधि वहां न मिले। मैं जब गुजरात का मुख्यमंत्री रहा, तब कदम-कदम पर बोहरा समाज ने साथ दिया। आपका यही अपनापन मुझे आज यहां खींच लाया है। मुझे याद है कि किस प्रकार सैय्यदना साहब से मैंने, जो एक बार सैय्यदना साहेब पाटन से वापिस आ रहे थे; उनको सूरत जाना था, समय नहीं था तो मैं एयरपोर्ट पर चला गया। क्योंकि मैंने कहा मैं ऐसे थोड़़े ही जाने दूंगा। आप नहीं आएंगे तो मैं आऊंगा। और उन्होंने मुझे इतना समय हम एयरपोर्ट पर बैठे रहे, इतना प्यार किया जैसे एक छोटे बच्चे को करते हैं। और वहां बातों-बातों में मैंने गुजरात में पानी के संकट की चर्चा की, चैक डैम बनाने की चर्चा की; और मुझे आज बड़े संतोष के साथ कहना है कि इतनी सी, हल्की-फुल्की बात-चीतों को सैय्दना साहेब ने उस उम्र, और वो करीब ninety seven, ninety eight तो पार कर चुके होंगे उस समय, शायद ninety five plus होंगे, क्योंकि कई वर्ष हो गए। लेकिन जाते ही उन्होंने मिशन मोड में इस काम को हाथ में लिया और गुजरात में अनेक जगह पर आपके प्रयासों से अनेक गांवों को चैक डैम से वर्षा का पानी संग्रह का बड़ा अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया, जो गांवों को पानी मिला। इतना ही नहीं, आज से कुछ वर्ष पहले मैंने एक कार्यक्रम में कुपोषण, उसके विषय में, गुजरात में उसके खिलाफ लड़़ाई लड़ने के लिए बोहरा समाज से सहयोग मांगा था। जन-जागरण अभियान चलाने के लिए आग्रह किया था। इसको भी बोहरा समाज ने, सैय्दना साहब ने हाथों-हाथ लिया और भीषण समस्या को दूर करने में गुजरात की सहायता की। संयोग देखिए, इस बार जब दाऊदी बोहरा समाज अशरा मुबारक के पावन, पवित्र अवसर पर जुटा रहा है, तब देश में, हम पूरे देश मेंपोषण माह मनाया जा रहा है।न्यूट्रेशन मिशन के तहत चलाया जा रहा है। एक-एक शिशु, एक-एक माता को सुरक्षित करने का यह अभियान आज देशभर में चल रहा है। आप सभी, हर बच्चे की शिक्षा, उसके पोषण, उसके स्वास्थ्य को ले करके जो कार्य करते रहे हैं, उसने समाज को सशक्त करने का काम किया है। और मुझे जानकारी दी गई है कि प्रोजेक्ट राइसके माध्यम से आप भी महाराष्ट्र समेत देश के दूसरे हिस्सों में बच्चों को पोषक आहार देने का अभियान चला रहे हैं। आपका ये प्रयास निश्चित रूप से देश के भविष्य को स्वस्थ और सशक्त बनाने में मदद करेगा। साथियों, पोषण और स्वास्थ्य को लेकर दाऊदी बोहरा समाज हमेशा जागरूक रहा है। फैज़ अल मवेद और थाली, कम्युनिटी किचन के माध्यम से आपसे सुनिश्चित कर रहे हैं कि समाज का कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। इतना ही नहीं, देश के गरीब को, मध्यम वर्ग को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए आप दर्जनों अस्पताल चला रहे हैं। यूनिवर्सल हेल्थ केयर के प्रति आपकी ये सोच देश को, समाज को शक्ति देती रही है और भविष्य में भी और मजबूत करेगी। आप सभी ये भी जानते हैं कि देश में स्वास्थ्य को पहली बार सरकार ने इतनी प्राथमिकता दी है। Affordable health care, preventive health care को बढ़ावा दिया जा रहा है। क्वालिटी अस्पतालो, हेल्थ एंड वेलनेंस सेंटर्स का जाल बिछाया जा रहा है। जन-औषधि केंद्रों पर सस्ती दवाएं उपलब्ध की जा रही हैं। मुफ्त डायालिसिस की सुविधाएं दी गई हैं, heart और knee surgery के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान की कीमतों में भारी कमी की गई है। अब आयुष्मान भारत देश के करीब-करीब पचास करोड़ गरीब भाई-बहनों के लिए संजीवनी बन करके आया है। ये छोटा कार्यक्रम नहीं है। अमेरिका, कनाडा मैक्सिको की जितनी संख्या है, उससे ज्यादा लोगों के लिए आयुष्मान भारत का कार्यक्रम हम हिन्दुस्तान में लागू करने जा रहे हैं। पूरे यूरोप की जितनी जनसंख्या है, करीब-करीब उतने लोगों को हिन्दुस्तान के अंदर हेल्थ के लिए आयुष्मान भारत की योजना लागू हो रही है। कितना बड़ा काम, कितने लोगों की भलाई के लिए काम; इसकी आप कल्पना कर सकते हैं। एक साल में पांच लाख रुपये तक का हर परिवार को मुफ्त इलाज, ये छोटा निर्णय नहीं है। पचास करोड़ लोगों का हर परिवार का पांच लाख रुपये का सालाना तक का पूरा खर्चा, उसके इलाज का पूरा जिम्मा सुनिश्चित करने वाली ये आयुष्मान योजना का इन दिनों trial अभी already चल रहा है, और पच्चीस सितम्बर, जबकि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जन्म-जयंती है, उसे देशभर में लागू किया जाएगा। साथियों, पोषण और स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ गरीबों, जरूरतमंदों के लिए घर देने का जो बीड़ा आपने उठाया है, वो भी सराहनीय है। मुझे बताया गया है कि लगभग ग्यारह हजार लोगों को आपके प्रयासों से अपना घर मिल चुका है। सरकार ने भी दो हज़ार बाईस तक देश के हर बेघर ग़रीब भाई-बहन को पक्का घर देने का लक्ष्य रखा है। आपको ये जानकर खुशी होगी कि अब तक एक करोड़ से अधिक भाई-बहनों को उनके घर की चाबी सौंपी जा चुकी है, यानी घोषणा नहीं, उनको घर की चाबी मिल गई। और बाकी घरों पर काम तेज गति से पूर्णता की तरफ आगे बढ़ रहा है। इसके अलावा शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी आपका सहयोग सरकार के प्रयासों को एक और ताकत देता है। कभी-कभी समाज की शक्ति और सरकार की शक्ति मिलती है तो परिणाम अनेको गुना ज्यादा आता है। सिर्फ डबल होता है, ऐसा नहीं है, अनेकों गुना ज्यादा अच्छा होता है। देश के जनमानस के जीवन को सरल बनाने के लिए, जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए हम लगातार कोशिश करते रहते हैं, आगे बढ़ाते रहते हैं। साथियों, गरीब और मध्यम वर्ग से जुड़ा एक और विषय है जिस पर सरकार ने बल दिया है। वो विषय है स्वच्छता का। स्वच्छ भारत अभियान शुरू भले ही सरकार ने किया हो, लेकिन आज इस अभियान को देश की सवा सौ करोड़ जनता खुद हो करके आगे बढ़ा रही है। गांव-गांव, गली-गली में स्वच्छता के प्रति एक अभूतपूर्व आग्रह पैदा हुआ है। चार वर्ष पहले तक जहां देश के चालीस प्रतिशत घरों में; मैं प्रधानमंत्री बना उससे पहले हमारे देश में सिर्फ चालीस प्रतिशत घरों में ही टॉयलेट थे। हमारी माताओं-बहनों को कितनी तकलीफ होती होगी, इसका हम अंदाज कर सकते हैं। घरों में टॉयलेट की संख्या जब आया था मैं चालीस प्रतिशत थी, इतने कम समय में अब वो नब्बे प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। और मुझे विश्वास है बहुत ही जल्द पूरा देश खुद को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने की तरफ सफलतापूर्वक आगे बढ़ेगा। आज हम जिस इंदौर शहर में जुटे हैं। ये तो स्वच्छता के इस आंदोलन का अगुआ है, लीडर बन गया है।इंदौर निरंतर स्वच्छता के पैमाने पर देशभर में नंबर वन रहा है और इसलिए मैं इंदौर के सभी नागरिकों को, यहां के चुने हुए प्रतिनिधियों को, यहां के कारपोरेशन के व्यवस्थापकों को, यहां की राज्य सरकार को, यहां के मुख्यमंत्री शिवराजजी को, उनकी पूरी टीम को, हृदयपूर्वक बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं। इंदौर ही नहीं भोपाल ने भी इस बार कमाल कर दिया है। एक प्रकार से पूरे मध्यप्रदेश के मेरे युवा साथी, एक-एक जन, इस आंदोलन को गति दे रहे हैं। स्वच्छता और पर्यावरण की पवित्रता सुनिश्चित करने में आपके समाज के योगदान से भी देश भलीभांति परिचित है।सैय्दना साहब तो खुद स्वच्छता और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति आग्रही है ही हैं। और मुझे याद है कि बड़े सैय्दना साहब की जन्म शताब्दी, और उस कार्यक्रम में मुझे बुलाया था। पता नहीं और लोग कैसे जन्म शताब्दियां मनाते हैं या जन्म दिन मनाते हैं? उस दिन हम लोगों ने, आपको भी याद है sparrow बचाने के लिए, हैं अपनी चकली बचाने के लिए आंदोलन खड़ा कर दिया। हरेक को एक बॉक्स दिया गया जिसके अंदर वो अपना घोंसला बनाएं। ये पर्यावरण की रक्षा नहीं तो क्या है जी? ये हमारे संस्कार हैं, और उन्होंने मन की पवित्रता को हमारे वातावरण की स्वच्छता और शुद्धता से जोड़ा है। मुझे बताया गया है और अभी सैय्दना साहेब ने यही कहा- स्वच्छता दिल की और मन की भी करनी है। मुझे बताया गया है कि इंदौर की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए अशरा मुबारक के इस पूरे आयोजन को पर्यावरण और स्वच्छता के संदेश के साथ जोड़ा गया है। यहां प्लास्टिक बैग पूरी तरह बैन किए गए हैं, इस पूरे आयोजन को जीरो wasteयानि कचरे से रहित बनाने का प्रण लिया गया है। यहां रोजाना करीब दस टन कचरे को recycle कर fertilizer में बदलने का काम किया जा रहा है और फिर इसको मुफ्त में किसानों में बांटा जा रहा है। इन सब कार्यों से आप सभी पर्यावरण की सेवा तो कर ही रहे हैं, waste to energy का सरकार को जो vision है, उसको भी आप बल दे रहे हैं। साथ ही किसान भाई-बहनों के लिए भी आपका ये कदम लाभकारी होने वाला है। मेरा तो देशभर के स्वच्छाग्रहियों से आग्रह है कि इस तरह आयोजनों से सबक लेकर स्वच्छता से जुड़े जो हमारे आगे के कार्यक्रम हैं, उनमें भी waste to energy पर बल दिया जाए। कल, पंद्रह सितम्बर से स्वच्छता ही सेवा- दो अक्टूबर तक, गांधी जयंती तक- स्वच्छता ही सेवा, ये पखवाड़ा शुरू हो रहा है। इस दौरान भी हम ये प्रयोग देशभर में कर सकते हैं। ये कार्यक्रम पिछले साल की तरह ही महात्मा गांधी जी जयंती यानी दो अक्टूबर तक चलेगा। मैं कल खुद देश के स्वच्छाग्रहियों से समाज में स्वच्छता के प्रति जन-जागरण करने वाले देश के सभी धर्मगुरूओं, सभी कलाकार, सभी खिलाड़ी उद्यमी, समाज के जितने भी अग्रिम कोटि के लोग हैं, उन सबके साथ कल सुबह नौ.तीस बजे वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बातचीत करने वाला हूं और उसके बाद दुनिया का एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड बनेगा। एक साथ करोड़ों लोग कल स्वच्छता का काम करने वाले हैं। इतना ही नहीं, दो अक्टूबर से महात्मा गांधी की डेढ़ सौंवीं जन्म-जयंती के कार्यक्रम शुरू होने वाले हैं और सैय्दना साहेब ने भी हमें पूज्य बापू की एक सौ पचासवीं जन्म जयंती के लिए संदेश दिया है। अगले दो वर्षों तक चलने वाले इन कार्यक्रमों के दौरान स्वच्छता समेत बापू के बताए रास्ते पर चलने के लिए देश और दुनिया को प्रोत्साहित करेंगे। आज यहां इंदौर में, आप सभी के बीच में दाऊदी बोहरा समाज को और मध्य प्रदेश के मेरे भाई-बहनों को स्वच्छता के इस अभियान से जुड़ने का मैं न्यौता भी देने आया हूं। साथियो, आज इस अवसर पर मैं भी आप सभी की एक और विषय पर प्रशंसा करना चाहता हूं। आप में से अधिकतर व्यापार और कारोबार से जुड़े हुए हैं। नियम, कायदे से काम कैसे किया जाता है, अनुशासन में रहते हुए व्यापार को आगे कैसे बढ़ाया जाता है; आपने इस मामले में आदर्श स्थापित किया है और अभी सैय्दना साहब ने हमको वही सीख दी। बार-बार सीख यही दी जाती है। ये छोटी बात नहीं है। दाऊदी बोहरा समाज दुनिया में जहां-जहां भी बसा, इन मूल्यों से उसने अपनी एक अलग पहचान बनाई है, एक नई इज्जत बनाई है। ईमानदारी, सच्चाई और निष्ठा के साथ व्यापार से कैसे जीवन चलता है इसका उदाहरण आप सबने अपने आचरण के द्वारा प्रस्थापित किया है। देश का व्यापारी और कारोबारी, वो अर्थव्यवस्था की रीढ़ होता है। वो देश में रोजगार के अवसर पैदा करने वाली महत्वपूर्ण इकाई है। उसको जितना प्रोत्साहन संभव हो, वर्तमान भारत की सरकार और जहां-जहां राज्यों में हमको सेवा करने का मौका मिला है, ये हमारी प्राथमिकता है, हम दे रहे हैं। लेकिन ये भी सच है कि पांचों उंगलियां एक समान नहीं होतीं है। हमारे बीच से ही ऐसे लोग निकलते हैं जो छल को ही कारोबार मानते हैं। बीते चार वर्षों में सरकार ये साफ संदेश देने में सफल हुई है कि जो भी हो, वो नियमों के दायरे में ही होना चाहिए। जीएसटी, insolvency and bankruptcy code जैसे अनेक कानूनों के माध्यम से ईमानदार कारोबारियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। और इसका सबसे ज्यादा फायदा कोई उठा रहा है तो मेरा बोहरा समाज उठा रहा है। ये एक बड़ा कारण है कि चार वर्ष के भीतर-भीतर देश भर, दुनिया भर के निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। आज स्थिति ये है कि Make In India के तहत मोबाइल फोन हो, गाड़ियां हो या फिर दूसरे सामान, रिकॉर्ड उत्पादन आज हमारे यहां हो रहा है। रिकॉर्ड स्तर पर निवेश हो रहा है। इसी का परिणाम है कि पिछले क्वार्टर में आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर आप सभी के प्रयास से, सवा सौ करोड़ देशवासियों के श्रम से देश ने हासिल की है जो दुनिया की बड़ी इकोनॉमी में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली है। अब दहाई की विकास दर पर देश की नजर है और जिस गति से हम आगे बढ़ रहे हैं वहां तमाम चुनौतियों के बावजूद देश की ताकत है, देश पहुंच सकता है और मेरा भी विश्वास है। साथियों, दुनियाभर में भारत के प्रति सद्भावना बनाने में आप सभी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दुनिया में जिस प्रकार प्राचीन भारत की चमक थी आज न्यू इंडिया को वो सम्मान देने का सौभाग्य हम सबको मिला है। देश के नव-निर्माण के लिए हम निरंतर मिल करके आगे बढ़ते रहेंगे। इसी विश्वास के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं। आप सभी का एक बार फिर बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। सैय्दना साहेब का, उनके सभी परिवारजनों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और मुझे निरंतर प्रेम, स्नेह, आशीर्वाद, आप सबकी तरफ से मिलता रहा है। आपके आशीर्वाद, ये मेरी अमानत हैं, ये मेरी शक्ति हैं; जो शक्ति मेरे लिए नहीं है, सिर्फ और सिर्फ सवा सौ करोड़ देशवासियों के लिए है। ये आशीर्वाद, ये शक्ति, ये सामर्थ्य, मैं देशवासियों के चरणों में समर्पित करते हुए मैं फिर एक बार आप सबका हृदय से अभिनंदन करता हूं।
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किंग कोहली ने अकेले दम पर संघर्ष किया और नाबाद 92 रन बनाए। कोहली के अलावा कोई भी बल्लेबाज कुछ कमाल नहीं कर पाया। मुंबई इंडियंस के तरफ से क्रुणाल पांड्या ने 3 विकेट चटकाए तो वहीं मिशेल मैक्क्लेनाघन को 2 विकेट मिला। मार्केंड को एक विकेट मिला।
इससे पहले रोहित शर्मा के धमाल के कारण मुंबई इंडियंस की टीम ने 213 रन बनाए थे।
बई के लिए कप्तान रोहित शर्मा ने 94 रनों की पारी खेली जबकि इविन लुइस ने 65 रन बनाए।
रोहित ने अपनी पारी में 52 गेंदों का सामना किया और 10 चौके तथा पांच छक्के लगाए। लुइस ने अपनी पारी में 46 गेंदें खेलीं और पांच शानदार छक्कों के अलावा छह चौके लगाए।
पहले ओवर में दो विकेट गिर जाने के कारण मुंबई की टीम संकट में थी लेकिन लुइस और रोहित के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई 108 रनों की साझेदारी के दम पर मुंबई 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 213 रन बनाने में सफल रही।
बेंगलोर के लिए उमेश यादव और कोरी एंडरसन ने दो-दो विकेट लिए। क्रिस वोक्स को एक विकेट मिला।
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किंग कोहली ने अकेले दम पर संघर्ष किया और नाबाद बानवे रन बनाए। कोहली के अलावा कोई भी बल्लेबाज कुछ कमाल नहीं कर पाया। मुंबई इंडियंस के तरफ से क्रुणाल पांड्या ने तीन विकेट चटकाए तो वहीं मिशेल मैक्क्लेनाघन को दो विकेट मिला। मार्केंड को एक विकेट मिला। इससे पहले रोहित शर्मा के धमाल के कारण मुंबई इंडियंस की टीम ने दो सौ तेरह रन बनाए थे। बई के लिए कप्तान रोहित शर्मा ने चौरानवे रनों की पारी खेली जबकि इविन लुइस ने पैंसठ रन बनाए। रोहित ने अपनी पारी में बावन गेंदों का सामना किया और दस चौके तथा पांच छक्के लगाए। लुइस ने अपनी पारी में छियालीस गेंदें खेलीं और पांच शानदार छक्कों के अलावा छह चौके लगाए। पहले ओवर में दो विकेट गिर जाने के कारण मुंबई की टीम संकट में थी लेकिन लुइस और रोहित के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई एक सौ आठ रनों की साझेदारी के दम पर मुंबई बीस ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर दो सौ तेरह रन बनाने में सफल रही। बेंगलोर के लिए उमेश यादव और कोरी एंडरसन ने दो-दो विकेट लिए। क्रिस वोक्स को एक विकेट मिला।
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कांग्रेस के पूर्व विधायक पीसी जॉर्ज को तिरुवनंतपुरम में हिंदू महासम्मेलन में दिए गए कथित नफरत भरे भाषण को लेकर कोच्चि से गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है। तिरुवनंतपुरम में न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा पीसी जॉर्ज को दी गई जमानत रद्द करने के बाद कार्रवाई की उम्मीद है, जब अभियोजन पक्ष ने प्रस्तुत किया कि उन्होंने कोच्चि में एक और अभद्र भाषा देकर जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया था।
विशेष रूप से, पीसी जॉर्ज को कोच्चि मामले के संबंध में कोच्चि शहर पुलिस के सामने पेश होने के लिए तैयार किया गया था, जहां उन्होंने 9 मई को वेन्नाला में एक मंदिर उत्सव के दौरान विवादास्पद टिप्पणी की थी। सोमवार को वह केरल उच्च से अग्रिम जमानत प्राप्त करने में सफल रहे थे। हालांकि, उनकी जमानत रद्द होने के साथ ही उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है। एचसी ने पहले पुलिस को 26 मई तक राजनेता को गिरफ्तार करने से रोक दिया था। सूत्रों के अनुसार, पीसी गेरोगे फिलहाल पलारीवट्टम पुलिस स्टेशन में हैं।
29 अप्रैल को थ्रीकाकारा के थायकॉट महादेवा मंदिर में एक समारोह में विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद पीसी जॉर्ज बड़े पैमाने पर आग की चपेट में आ गए थे। जॉर्ज ने कथित तौर पर दावा किया था कि मुस्लिम रेस्तरां अन्य समुदायों की 'उर्वरता को कम करने' के लिए अपने भोजन में कुछ सामग्री मिलाते हैं।
समारोह के दौरान, नेता ने केरल में गैर-मुसलमानों को समुदाय द्वारा चलाए जा रहे रेस्तरां से बचने के लिए कहकर विवाद खड़ा कर दिया। केरल कांग्रेस के पूर्व नेता ने आरोप लगाया कि "नपुंसकता पैदा करने वाली बूंदों" वाली चाय को मुस्लिमों द्वारा संचालित रेस्तरां में बेचा जाता था ताकि देश के "नियंत्रण" को जब्त करने के लिए लोगों को "बांझ" बनाया जा सके। आईपीसी 153 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 295 ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, किसी भी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को उसके धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करने के उद्देश्य से) के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्हें 1 मई को गिरफ्तार किया गया था और कुछ ही समय बाद उन्हें जमानत दे दी गई थी।
सत्तर वर्षीय जॉर्ज मुख्य सचेतक थे, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ सत्ता में था। 2021 के विधानसभा चुनावों में, वह 33 साल के शासन के बाद अपने गढ़ पुंजर निर्वाचन क्षेत्र को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के उम्मीदवार से हार गए।
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कांग्रेस के पूर्व विधायक पीसी जॉर्ज को तिरुवनंतपुरम में हिंदू महासम्मेलन में दिए गए कथित नफरत भरे भाषण को लेकर कोच्चि से गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है। तिरुवनंतपुरम में न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा पीसी जॉर्ज को दी गई जमानत रद्द करने के बाद कार्रवाई की उम्मीद है, जब अभियोजन पक्ष ने प्रस्तुत किया कि उन्होंने कोच्चि में एक और अभद्र भाषा देकर जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया था। विशेष रूप से, पीसी जॉर्ज को कोच्चि मामले के संबंध में कोच्चि शहर पुलिस के सामने पेश होने के लिए तैयार किया गया था, जहां उन्होंने नौ मई को वेन्नाला में एक मंदिर उत्सव के दौरान विवादास्पद टिप्पणी की थी। सोमवार को वह केरल उच्च से अग्रिम जमानत प्राप्त करने में सफल रहे थे। हालांकि, उनकी जमानत रद्द होने के साथ ही उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है। एचसी ने पहले पुलिस को छब्बीस मई तक राजनेता को गिरफ्तार करने से रोक दिया था। सूत्रों के अनुसार, पीसी गेरोगे फिलहाल पलारीवट्टम पुलिस स्टेशन में हैं। उनतीस अप्रैल को थ्रीकाकारा के थायकॉट महादेवा मंदिर में एक समारोह में विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद पीसी जॉर्ज बड़े पैमाने पर आग की चपेट में आ गए थे। जॉर्ज ने कथित तौर पर दावा किया था कि मुस्लिम रेस्तरां अन्य समुदायों की 'उर्वरता को कम करने' के लिए अपने भोजन में कुछ सामग्री मिलाते हैं। समारोह के दौरान, नेता ने केरल में गैर-मुसलमानों को समुदाय द्वारा चलाए जा रहे रेस्तरां से बचने के लिए कहकर विवाद खड़ा कर दिया। केरल कांग्रेस के पूर्व नेता ने आरोप लगाया कि "नपुंसकता पैदा करने वाली बूंदों" वाली चाय को मुस्लिमों द्वारा संचालित रेस्तरां में बेचा जाता था ताकि देश के "नियंत्रण" को जब्त करने के लिए लोगों को "बांझ" बनाया जा सके। आईपीसी एक सौ तिरेपन और दो सौ पचानवे ए के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्हें एक मई को गिरफ्तार किया गया था और कुछ ही समय बाद उन्हें जमानत दे दी गई थी। सत्तर वर्षीय जॉर्ज मुख्य सचेतक थे, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ सत्ता में था। दो हज़ार इक्कीस के विधानसभा चुनावों में, वह तैंतीस साल के शासन के बाद अपने गढ़ पुंजर निर्वाचन क्षेत्र को वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के उम्मीदवार से हार गए।
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह सेम सेक्स कपल्स को सोशल बेनेफिट्स देने पर विचार के लिए समिति बनाने को तैयार है. (फोटो News18)
नई दिल्ली. भारत में सेम सेक्स मैरिज की कानूनी मान्यता पर वर्तमान में चर्चा की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट में आज समलैंगिक विवाह के मसले पर सुनवाई की जा रही है. इम मामले पर बड़ी खबर यह है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह सेम सेक्स कपल्स को सोशल बेनेफिट्स देने पर विचार करने के लिए समिति बनाने को तैयार है. यह कमेटी कैबिनेट सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनेगी जो इस पर विचार करेगी कि अगर सेम-सेक्स कपल्स की शादी को कानूनी मान्यता न मिले तो उन्हें कौन-कौन से सामाजिक फायदे उपलब्ध कराए जा सकते हैं.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SC को अवगत कराया कि समलैंगिक जोड़े के सामने आने वाले मुद्दों को देखने के लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा. एसजी मेहता का कहना है कि याचिकाकर्ता सुझाव दे सकते हैं ताकि समिति इस पर ध्यान दे सके. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से 3 मई तक संभावित सामाजिक लाभों पर जवाब देने को कहा था.
इससे पहले 27 अप्रैल को SC ने केंद्र को सामाजिक लाभों पर अपनी प्रतिक्रिया के साथ 3 मई को वापस आने के लिए कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि समलैंगिक जोड़ों को उनकी वैवाहिक स्थिति की कानूनी मान्यता के बिना क्या सामाजिक लाभ दिए जा सकते हैं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि समलैंगिक जोड़ों की चिंताओं को दूर करने के लिए प्रशासनिक कदमों की खोज के सुझाव के बारे में केंद्र सरकार सकारात्मक है.
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समलैंगिक विवाह को मान्यता का मुद्दा हम तय करेंगे. SC ने आगे कहा कि संविधान पीठ ये तय करेगी कि सेम सेक्स मैरिज को मान्यता दी जा सकती है या नहीं. वहीं CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, 'कुछ ना मिले इससे कुछ पाना उपलब्धि होगी. न्यायालय एक साथ रहने के अधिकार की स्वीकृति सुनिश्चित कर सकता है. ऐसी स्थिति नहीं चाहते जहां कुछ भी हाथ में न हो. ' साथ ही जस्टिस एस रवींद्र भट ने याचिकाकर्ताओं को याद दिलाया कि अमेरिका के कानून में बदलाव में आधी सदी लग गई.
मालूम हो कि मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल, एस रवींद्र भट, पीएस नरसिम्हा और हेमा कोहली की पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ समलैंगिक विवाहों के लिए कानूनी मान्यता की मांग करने वाली दलीलों के एक बैच पर सुनवाई कर रही है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल को हुई पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार से सवाल किया था कि क्या वह समलैंगिक जोड़ों को बिना शादी की मान्यता दिए, सोशल बेनिफिट देने के लिए तैयार है.
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'हमारे पास तेज गेंदबाजों की लाइन नहीं लगी हुई है. . . ' प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराज दिखे रोहित, क्यों कहा ऐसा?
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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह सेम सेक्स कपल्स को सोशल बेनेफिट्स देने पर विचार के लिए समिति बनाने को तैयार है. नई दिल्ली. भारत में सेम सेक्स मैरिज की कानूनी मान्यता पर वर्तमान में चर्चा की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट में आज समलैंगिक विवाह के मसले पर सुनवाई की जा रही है. इम मामले पर बड़ी खबर यह है कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह सेम सेक्स कपल्स को सोशल बेनेफिट्स देने पर विचार करने के लिए समिति बनाने को तैयार है. यह कमेटी कैबिनेट सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनेगी जो इस पर विचार करेगी कि अगर सेम-सेक्स कपल्स की शादी को कानूनी मान्यता न मिले तो उन्हें कौन-कौन से सामाजिक फायदे उपलब्ध कराए जा सकते हैं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने SC को अवगत कराया कि समलैंगिक जोड़े के सामने आने वाले मुद्दों को देखने के लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा. एसजी मेहता का कहना है कि याचिकाकर्ता सुझाव दे सकते हैं ताकि समिति इस पर ध्यान दे सके. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से तीन मई तक संभावित सामाजिक लाभों पर जवाब देने को कहा था. इससे पहले सत्ताईस अप्रैल को SC ने केंद्र को सामाजिक लाभों पर अपनी प्रतिक्रिया के साथ तीन मई को वापस आने के लिए कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि समलैंगिक जोड़ों को उनकी वैवाहिक स्थिति की कानूनी मान्यता के बिना क्या सामाजिक लाभ दिए जा सकते हैं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि समलैंगिक जोड़ों की चिंताओं को दूर करने के लिए प्रशासनिक कदमों की खोज के सुझाव के बारे में केंद्र सरकार सकारात्मक है. मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समलैंगिक विवाह को मान्यता का मुद्दा हम तय करेंगे. SC ने आगे कहा कि संविधान पीठ ये तय करेगी कि सेम सेक्स मैरिज को मान्यता दी जा सकती है या नहीं. वहीं CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, 'कुछ ना मिले इससे कुछ पाना उपलब्धि होगी. न्यायालय एक साथ रहने के अधिकार की स्वीकृति सुनिश्चित कर सकता है. ऐसी स्थिति नहीं चाहते जहां कुछ भी हाथ में न हो. ' साथ ही जस्टिस एस रवींद्र भट ने याचिकाकर्ताओं को याद दिलाया कि अमेरिका के कानून में बदलाव में आधी सदी लग गई. मालूम हो कि मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कौल, एस रवींद्र भट, पीएस नरसिम्हा और हेमा कोहली की पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ समलैंगिक विवाहों के लिए कानूनी मान्यता की मांग करने वाली दलीलों के एक बैच पर सुनवाई कर रही है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सत्ताईस अप्रैल को हुई पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार से सवाल किया था कि क्या वह समलैंगिक जोड़ों को बिना शादी की मान्यता दिए, सोशल बेनिफिट देने के लिए तैयार है. . 'हमारे पास तेज गेंदबाजों की लाइन नहीं लगी हुई है. . . ' प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाराज दिखे रोहित, क्यों कहा ऐसा?
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काठमांडू : हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ. ) चारुदत्त पिंगळेजी इनदिनों धर्मजागृति एवं धर्मसंगठन हेतु नेपाल की यात्रापर हैं। २३ अगस्त को उन्होंने राष्ट्रीय धर्मसभा, नेपाल के अध्यक्ष डॉ. माधव भट्टराई से सदिच्छा भेंट ली।
इस अवसर पर भारत सरकारद्वारा जम्मू-कश्मीर के संदर्भं में लिए गए निर्णय के संबंध में डॉ. भट्टराई ने संतोष व्यक्त किया, साथ ही उन्होंने शिक्षण कैम्पस महाविद्यालय के छात्रों को धर्म का महत्त्व समझ में आए; इस हेतु सद्गुरु (डॉ. ) पिंगळेजी को मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया। इस समय शिक्षण कैम्पस महाविद्यालय के निर्देशक श्री. शत्रुघ्न प्रसाद गुप्ता उपस्थित थे।
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काठमांडू : हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु चारुदत्त पिंगळेजी इनदिनों धर्मजागृति एवं धर्मसंगठन हेतु नेपाल की यात्रापर हैं। तेईस अगस्त को उन्होंने राष्ट्रीय धर्मसभा, नेपाल के अध्यक्ष डॉ. माधव भट्टराई से सदिच्छा भेंट ली। इस अवसर पर भारत सरकारद्वारा जम्मू-कश्मीर के संदर्भं में लिए गए निर्णय के संबंध में डॉ. भट्टराई ने संतोष व्यक्त किया, साथ ही उन्होंने शिक्षण कैम्पस महाविद्यालय के छात्रों को धर्म का महत्त्व समझ में आए; इस हेतु सद्गुरु पिंगळेजी को मार्गदर्शन करने का अनुरोध किया। इस समय शिक्षण कैम्पस महाविद्यालय के निर्देशक श्री. शत्रुघ्न प्रसाद गुप्ता उपस्थित थे।
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संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में सबसे इनोवेटिव इकोनॉमी की ताजा लिस्ट में भारत को 66वें स्थान पर रखा गया है। लिस्ट में इस बार भारत पिछले साल से 15 पायदान ऊंचा है। इस रिपोर्ट के अनुसार अगर देश को इनोवेशन में ग्लोबल लीडर बनना है तो अधिक पारदर्शी नीतियां अपनानी होंगी।
संयुक्त राष्ट्र विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (विपो) की इस रिपोर्ट में कुल वैश्विक रैंकिंग में भारत 15 पायदान चढ़कर 66वें स्थान पर रहा है। पिछले साल वह 81 वें स्थान पर था। विपो, कोरनेल यूनिवर्सिटी और बहुराष्ट्रीय बिजनेस स्कूल इनसीड ने ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स 2016 जारी किया है। इसमें कहा गया है कि भारत दो मानकों, बाजार परिष्करण (33) व ज्ञान व प्रौद्योगिकी उत्पादन (43) में शीर्ष 50 अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत ने सभी मानकों में अपनी रैंकिंग सुधारी है या उसे स्थिर बनाए रखा है। इसके अनुसार भारत ने दो उप-मानकों कारोबारी माहौल और शिक्षा में कमजोर प्रदर्शन किया है।
आईटी कंपनियों के शीर्ष संगठन नैसकॉम ने कहा कि वित्त वर्ष 2017 के लिए आईटी निर्यात में 10-12 प्रतिशत राजस्व वृद्धि दर के अनुमान में संशोधन की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन वह ब्रेक्जिट सहित अन्य घटनाओं और प्रौद्योगिकी सेवाओं पर इसके असर पर करीबी निगाह रखे है। उल्लेखनीय है कि आरबीएस ने ब्रिटेन में एक नया बैंक विलियम्स ग्लीन (डब्ल्यूएंडजी) सूचीबद्ध करने की योजना को टाल दिया है। इस प्रस्तावित बैंक के लिए इन्फोसिस प्रमुख प्रौद्योगिकी भागीदार था और आरबीएस के इस कदम का असर इन्फोसिस की 3000 नौकरियों पर पड़ेगा।
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संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में सबसे इनोवेटिव इकोनॉमी की ताजा लिस्ट में भारत को छयासठवें स्थान पर रखा गया है। लिस्ट में इस बार भारत पिछले साल से पंद्रह पायदान ऊंचा है। इस रिपोर्ट के अनुसार अगर देश को इनोवेशन में ग्लोबल लीडर बनना है तो अधिक पारदर्शी नीतियां अपनानी होंगी। संयुक्त राष्ट्र विश्व बौद्धिक संपदा संगठन की इस रिपोर्ट में कुल वैश्विक रैंकिंग में भारत पंद्रह पायदान चढ़कर छयासठवें स्थान पर रहा है। पिछले साल वह इक्यासी वें स्थान पर था। विपो, कोरनेल यूनिवर्सिटी और बहुराष्ट्रीय बिजनेस स्कूल इनसीड ने ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स दो हज़ार सोलह जारी किया है। इसमें कहा गया है कि भारत दो मानकों, बाजार परिष्करण व ज्ञान व प्रौद्योगिकी उत्पादन में शीर्ष पचास अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। भारत ने सभी मानकों में अपनी रैंकिंग सुधारी है या उसे स्थिर बनाए रखा है। इसके अनुसार भारत ने दो उप-मानकों कारोबारी माहौल और शिक्षा में कमजोर प्रदर्शन किया है। आईटी कंपनियों के शीर्ष संगठन नैसकॉम ने कहा कि वित्त वर्ष दो हज़ार सत्रह के लिए आईटी निर्यात में दस-बारह प्रतिशत राजस्व वृद्धि दर के अनुमान में संशोधन की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन वह ब्रेक्जिट सहित अन्य घटनाओं और प्रौद्योगिकी सेवाओं पर इसके असर पर करीबी निगाह रखे है। उल्लेखनीय है कि आरबीएस ने ब्रिटेन में एक नया बैंक विलियम्स ग्लीन सूचीबद्ध करने की योजना को टाल दिया है। इस प्रस्तावित बैंक के लिए इन्फोसिस प्रमुख प्रौद्योगिकी भागीदार था और आरबीएस के इस कदम का असर इन्फोसिस की तीन हज़ार नौकरियों पर पड़ेगा।
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करणी सेना बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के समर्थन में उतर आई है। करणी सेना ने शिवसेना नेता संजय राउत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। करणी सेना के सदस्यों ने अभिनेत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर शिवसेना सांसद संजय राउत के खिलाफ मंगलवार को गोरखपुर में विरोध प्रदर्शन किया।
शिवसेना के सदस्यों ने गोरखपुर के शास्त्री चौक पर संजय राउत का पुतला भी जलाया और उनके माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि कंगना के लिए शिवसेना के नेता ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है वह सभी महिलाओं का अपमान है। श्री राजपूत करणी सेना, 'करणी सेना' के रूप में लोकप्रिय है।
करणी सेना के जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा, "जब भी महिलाओं का तिरस्कार और अपमान किया गया है, राजपूतों ने हमेशा महिलाओं का समर्थन किया है। संजय राउत ने कंगना रनौत के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, जो बहुत आपत्तिजनक है। हम मांग करते हैं कि महाराष्ट्र सरकार और शिवसेना संजय राउत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें अन्यथा करणी सेना महिलाओं के सम्मान के लिए लड़ने के लिए सड़कों पर आएगी। "
संजय राउत पार्टी के समाचार पत्र 'सामना' के कार्यकारी संपादक हैं और मंगलवार को उन्हें पार्टी का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया। करणी सेना ने यह भी घोषणा की है कि वह मुंबई में कंगना रनौत की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी। अभिनेत्री बुधवार को मुंबई वापसी कर रही हैं। करणी सेना ने कहा कि उसके सदस्य कंगना रनौत की रक्षा करेंगे और उसे हवाई अड्डे से उसके घर तक सुरक्षा देंगे।
गौरतलब है कि जनवरी 2018 में करणी सेना ने देशभर में फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज का विरोध किया था, फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली को फिल्म का शीर्षक 'पद्मावती' से 'पद्मावत' में बदलने के लिए मजबूर किया था।
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करणी सेना बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत के समर्थन में उतर आई है। करणी सेना ने शिवसेना नेता संजय राउत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। करणी सेना के सदस्यों ने अभिनेत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर शिवसेना सांसद संजय राउत के खिलाफ मंगलवार को गोरखपुर में विरोध प्रदर्शन किया। शिवसेना के सदस्यों ने गोरखपुर के शास्त्री चौक पर संजय राउत का पुतला भी जलाया और उनके माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि कंगना के लिए शिवसेना के नेता ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है वह सभी महिलाओं का अपमान है। श्री राजपूत करणी सेना, 'करणी सेना' के रूप में लोकप्रिय है। करणी सेना के जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा, "जब भी महिलाओं का तिरस्कार और अपमान किया गया है, राजपूतों ने हमेशा महिलाओं का समर्थन किया है। संजय राउत ने कंगना रनौत के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, जो बहुत आपत्तिजनक है। हम मांग करते हैं कि महाराष्ट्र सरकार और शिवसेना संजय राउत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें अन्यथा करणी सेना महिलाओं के सम्मान के लिए लड़ने के लिए सड़कों पर आएगी। " संजय राउत पार्टी के समाचार पत्र 'सामना' के कार्यकारी संपादक हैं और मंगलवार को उन्हें पार्टी का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया। करणी सेना ने यह भी घोषणा की है कि वह मुंबई में कंगना रनौत की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी। अभिनेत्री बुधवार को मुंबई वापसी कर रही हैं। करणी सेना ने कहा कि उसके सदस्य कंगना रनौत की रक्षा करेंगे और उसे हवाई अड्डे से उसके घर तक सुरक्षा देंगे। गौरतलब है कि जनवरी दो हज़ार अट्ठारह में करणी सेना ने देशभर में फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज का विरोध किया था, फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली को फिल्म का शीर्षक 'पद्मावती' से 'पद्मावत' में बदलने के लिए मजबूर किया था।
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बारिश के मौसम में डेंगू का संक्रमण तेजी से फैलता है। यह रोग एक मच्छर के काटने से होती है, जिसका ठीक समय पर उपचार न किया जाए तो पीड़ित आदमी की मृत्यु भी हो सकती है। डेंगू के संक्रमण के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, अधिक थकान, आंतों में दर्द और कम प्लेटलेट्स काउंट शामिल हो सकती है। ऐसी हालत में पीड़ित के खानपान का विशेष रूप से ख्याल रखकर प्लेटलेट्स काउंट को कम होने से रोका जा सकता है। आइए जानते हैं कि डेंगू के रोगियों क्या-क्या खाना चाहिए।
पपीताः पपीता विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का एक अच्छा सोर्स है। इसके सेवन से डेंगू के रोगियों को ऊर्जा मिलती है, इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहायता करती है।
अंजीरः अंजीर में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन और मिनरल्स होते हैं जो प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
खजूरः खजूर में विटामिन और खनिजों की मात्रा होती है जो प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहायता करती हैं।
अनारः अनार में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी, विटामिन के साथ-साथ अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो प्लेटलेट्स काउंट को बढ़ाने में सहायता कर सकते हैं।
खरबूजाः खरबूजा में विटामिन सी, विटामिन ए, और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहायता कर सकते हैं।
अदरकः अदरक में एंटीऑक्सीडेंट्स और शरीर के लिए जरूरी खनिज होते हैं जो प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहायता कर सकते हैं।
पानीः डेंगू के मरीज़ों को रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। हिड्रेशन के लिए नियमित रूप से पानी पीना जरूरी है।
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बारिश के मौसम में डेंगू का संक्रमण तेजी से फैलता है। यह रोग एक मच्छर के काटने से होती है, जिसका ठीक समय पर उपचार न किया जाए तो पीड़ित आदमी की मृत्यु भी हो सकती है। डेंगू के संक्रमण के लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, अधिक थकान, आंतों में दर्द और कम प्लेटलेट्स काउंट शामिल हो सकती है। ऐसी हालत में पीड़ित के खानपान का विशेष रूप से ख्याल रखकर प्लेटलेट्स काउंट को कम होने से रोका जा सकता है। आइए जानते हैं कि डेंगू के रोगियों क्या-क्या खाना चाहिए। पपीताः पपीता विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का एक अच्छा सोर्स है। इसके सेवन से डेंगू के रोगियों को ऊर्जा मिलती है, इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहायता करती है। अंजीरः अंजीर में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन और मिनरल्स होते हैं जो प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहायक होते हैं। खजूरः खजूर में विटामिन और खनिजों की मात्रा होती है जो प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहायता करती हैं। अनारः अनार में एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी, विटामिन के साथ-साथ अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो प्लेटलेट्स काउंट को बढ़ाने में सहायता कर सकते हैं। खरबूजाः खरबूजा में विटामिन सी, विटामिन ए, और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहायता कर सकते हैं। अदरकः अदरक में एंटीऑक्सीडेंट्स और शरीर के लिए जरूरी खनिज होते हैं जो प्लेटलेट काउंट को बढ़ाने में सहायता कर सकते हैं। पानीः डेंगू के मरीज़ों को रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। हिड्रेशन के लिए नियमित रूप से पानी पीना जरूरी है।
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PM Modi Gujarat visit: पीएम मोदी ने कहा, "यह वैश्विक उपभोक्ताओं को एक मान्यता प्राप्त और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित आयुष उत्पाद देगा। " उन्होंने एक आयुष पार्क की स्थापना की भी घोषणा की जहां इसके उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा, "यह पार्क भारत में आयुष उत्पादों के निर्माण को एक नई दिशा देगा। "
Rajasthan: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर जोरदार कटाक्ष करते हुए कहा, यह लोग चुनी हुई सरकार गिरा रहे हैं। हमारी सरकार गिराने का प्रयास गृह मंत्री अमित शाह, गजेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रधान ने किया। यह लोग ऐसा काम करें तो क्या मैं इनकी पूजा करूं?
IPL 2022: बीच में उस निराशाजनक मैच के साथ कोहली ने एक खराब रिकॉर्ड बनाया, जिसमें बिना शतक के 100 प्रतिस्पर्धी मैच खेले हैं। क्रिकेट सांख्यिकीविद् माहजर अरशद द्वारा किए गए एक ट्वीट के अनुसार, कोहली अब 17 टेस्ट, 21 वनडे, 25 टी20 और 37 आईपीएल मैचों में शतक पर नहीं पहुंचे हैं।
Netflix: नेटफ्लिक्स ने कहा कि सदस्यता वृद्धि के लिए मुख्य चुनौती सभी क्षेत्रों में नरम अधिग्रहण जारी रखना है। नेटफ्लिक्स ने कहा कि यह एपीएसी में अच्छी प्रगति कर रहा है 'जहां हम जापान, भारत, फिलीपींस, थाईलैंड और ताइवान सहित विभिन्न बाजारों में अच्छी वृद्धि देख रहे हैं'।
T Rama Rao Passes Away: बॉलीवुड में भी काम करने वाले दक्षिणी निर्देशकों में से एक, रामा राव ने 1979 में हिंदी फिल्म उद्योग में प्रवेश किया और अमिताभ बच्चन, जीतेंद्र, धर्मेंद्र, संजय दत्त, अनिल कपूर, गोविंदा और मिथुन चक्रवर्ती जैसे प्रमुख अभिनेताओं के साथ टीम बनाई।
PM Modi in Gujarat: इस परियोजना में एक आलू प्रसंस्करण संयंत्र और एक सामुदायिक रेडियो स्टेशन भी शामिल है। प्रधानमंत्री ने वर्चुअली पालनपुर में पनीर और मट्ठा संयंत्रों के विस्तार के लिए एक परियोजना के अलावा दामा में एक जैविक उर्वरक और जैव-सीएनजी संयंत्र की भी शुरुआत की। उन्होंने खिमाना, रतनपुर भीलडी, राधनपुर और थावर में चार नए बायोगैस संयंत्रों की आधारशिला रखी।
Tarla Dalal: हुमा कहती हैं कि तरला दलाल मुझे अपने बचपन की याद दिलाती है। मेरी माँ के पास रसोई में उनकी किताब की एक कॉपी थी और वह अक्सर मेरे स्कूल के टिफिन के लिए उनके द्वारा बताए गए कई व्यंजनों को बनाती थीं। "मुझे वह समय भी स्पष्ट रूप से याद है जब मैंने माँ को तरला दलाल की रेसिपी घर का बना मैंगो आइसक्रीम बनाने में मदद की थी।
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PM Modi Gujarat visit: पीएम मोदी ने कहा, "यह वैश्विक उपभोक्ताओं को एक मान्यता प्राप्त और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित आयुष उत्पाद देगा। " उन्होंने एक आयुष पार्क की स्थापना की भी घोषणा की जहां इसके उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा, "यह पार्क भारत में आयुष उत्पादों के निर्माण को एक नई दिशा देगा। " Rajasthan: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर जोरदार कटाक्ष करते हुए कहा, यह लोग चुनी हुई सरकार गिरा रहे हैं। हमारी सरकार गिराने का प्रयास गृह मंत्री अमित शाह, गजेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रधान ने किया। यह लोग ऐसा काम करें तो क्या मैं इनकी पूजा करूं? IPL दो हज़ार बाईस: बीच में उस निराशाजनक मैच के साथ कोहली ने एक खराब रिकॉर्ड बनाया, जिसमें बिना शतक के एक सौ प्रतिस्पर्धी मैच खेले हैं। क्रिकेट सांख्यिकीविद् माहजर अरशद द्वारा किए गए एक ट्वीट के अनुसार, कोहली अब सत्रह टेस्ट, इक्कीस वनडे, पच्चीस टीबीस और सैंतीस आईपीएल मैचों में शतक पर नहीं पहुंचे हैं। Netflix: नेटफ्लिक्स ने कहा कि सदस्यता वृद्धि के लिए मुख्य चुनौती सभी क्षेत्रों में नरम अधिग्रहण जारी रखना है। नेटफ्लिक्स ने कहा कि यह एपीएसी में अच्छी प्रगति कर रहा है 'जहां हम जापान, भारत, फिलीपींस, थाईलैंड और ताइवान सहित विभिन्न बाजारों में अच्छी वृद्धि देख रहे हैं'। T Rama Rao Passes Away: बॉलीवुड में भी काम करने वाले दक्षिणी निर्देशकों में से एक, रामा राव ने एक हज़ार नौ सौ उन्यासी में हिंदी फिल्म उद्योग में प्रवेश किया और अमिताभ बच्चन, जीतेंद्र, धर्मेंद्र, संजय दत्त, अनिल कपूर, गोविंदा और मिथुन चक्रवर्ती जैसे प्रमुख अभिनेताओं के साथ टीम बनाई। PM Modi in Gujarat: इस परियोजना में एक आलू प्रसंस्करण संयंत्र और एक सामुदायिक रेडियो स्टेशन भी शामिल है। प्रधानमंत्री ने वर्चुअली पालनपुर में पनीर और मट्ठा संयंत्रों के विस्तार के लिए एक परियोजना के अलावा दामा में एक जैविक उर्वरक और जैव-सीएनजी संयंत्र की भी शुरुआत की। उन्होंने खिमाना, रतनपुर भीलडी, राधनपुर और थावर में चार नए बायोगैस संयंत्रों की आधारशिला रखी। Tarla Dalal: हुमा कहती हैं कि तरला दलाल मुझे अपने बचपन की याद दिलाती है। मेरी माँ के पास रसोई में उनकी किताब की एक कॉपी थी और वह अक्सर मेरे स्कूल के टिफिन के लिए उनके द्वारा बताए गए कई व्यंजनों को बनाती थीं। "मुझे वह समय भी स्पष्ट रूप से याद है जब मैंने माँ को तरला दलाल की रेसिपी घर का बना मैंगो आइसक्रीम बनाने में मदद की थी।
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रांची, जनज्वारः रांची के इटकी के परवेज अंसारी नाम के एक युवक की गुरुवार 23 अप्रैल की रात को भूख व टीबी बीमारी से अहमदाबाद में मौत हो गयी. वह पिछले साल ईद का त्यौहार मना कर रांची से अहमदाबाद गया था. एक महीने के लॉकडाउन में उसकी हालत बिगड़ गई.
हाल ही में उसका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह कहता दिख रहा था कि उसकी हालत बहुत खराब हो गई है, उसे घर पहुंचा दिया जाए. इस वीडियो में परवेजय यह भी कह रहा था कि वह अहमदाबाद के रबानी कॉलोनी में है. वीडियो से यह साफ होता है कि मजदूरी करने वाले इस व्यक्ति के पास खाने-पीने की चीजें नहीं थीं. उसके पास पैसे नहीं थे.
परवेज वीडियो में बहुत कमजोर दिख रहा था और रुक रुक कर बोल रहा था.
एक एनजीओ से जुड़े व्यक्ति ने परवेज का यह वीडियो बनाया गया था और इसे संबंधित लोगों के पास भेजा व वायरल किया, जिसके बाद उसका मामला सबके सामने आया.
वीडियो में परवेज इतना कमजोर व लाचार दिख रहा था कि छोटी-छोटी पंक्ति बोलेने के बाद रुक रहा था और साथ के लोग उसे अपनी परेशानी बताने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. वह बैठे-बैठे ही अपनी बात कहता हुआ वीडियो में दिख रहा है.
वीडियो के जरिए उसका मामला संज्ञान में आने के बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन परवेज को बचाया नहीं जा सका और गुरुवार को उसकी मौत हो गई. इंडियन एक्सप्रेस की अहमदाबाद से लिखी गयी खबर के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया कि 23 अप्रैल की रात में टीबी से उसकी मौत हो गई.
इस मामले में सिविल अस्पताल के डॉ जीतू पारिख ने कहा कि मरीज टीबी से पीड़ित था, उसकी ओर से यहां कोई मौजूद नहीं था. उसका कोविड-19 टेस्ट निगेटिव आया था, शव का पोस्टमार्टम कराया गया है ताकि उसकी मौत के वास्तविक कारणों का पता लगे, रिपोर्ट का इंतजार है.
परवेज के भाई तौहीद अंसारी ने कहा है कि अगर उसका भाई रांची में होता तो बच जाता है. उनके अनुसार, अस्पताल में भर्ती कराए जाने के समय परवेज से उनकी 20 सकेंड की बात हुई थी, परवेज की हालत खराब थी और वह बोलने में असमर्थ था. परवेज के परिवार में उसके अलावा उसकी मां व एक भाई व एक बहन हैं. उसके पिता आजम अंसारी का निधन हो चुका है और उसकी मां आमना खातून उसकी मौत के बाद बदहवास हैं.
उसके गांव के एमएम राही ने जनज्वार को बताया कि उसने पिछले पांच दिनों से खाना नहीं खाया था. वह अकेले ही वहां रह रहा था. कुछ स्थानीय लोगों ने उसे कुछ खाने को दिया था, लेकिन उसके साथ दिक्कतें काफी अधिक थीं. उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद फोन पर अहमदाबाद से लोगों ने संपर्क किया. पर लॉकडाउन की वजह से एक गरीब परिवार के लिए उसके पास पहुंचना असंभव सा था.
इस मामले के सामने आने के बाद झारखंड सरकार के वरिष्ठ मंत्री आलमगीर आलम ने मुख्य सचिव को पत्र लिख कर पीड़ित की आवश्यक मदद करने को कहा था. इसके बाद मुख्य सचिव के ओएसडी भोर सिंह यादव ने अहमदाबाद प्रशासन से संपर्क कर उसे मदद पहुंचाने व उसका इलाज कराने की पहल की. इलाज के दौरान ही उसकी कोरोना जांच करायी गयी जो निगेटिव आयी. पर, भूख व अन्य बीमारियों की वजह से उसकी हालत बिगड़ती गयी और गुरुवार रात उसकी मौत हो गयी. इसके बाद स्थानीय प्रशासन के लोग उसके घर पहुंचे और सारी जानकारी ली.
मौत के बाद अंतिम संस्कार से पहले उसके शव को अस्पताल प्रशासन एक सप्ताह के लिए रखने को तैयार था, लेकिन उसके एक तो उसके परिवार की माली हालत बहुत खराब है और उस पर लॉकडाउन है. इन हालात में उनके लिए प्रशासन से विशेष पास लेकर जाना भी बेहद खर्चिला होता. ऐसे में मौत के बाद एनजीओ चांदनी फाउंडेशन की मदद से उसके मिट्टी की रस्म पूरी की गयी. वीडियो कॉल के जरिए उसके परिवार के सदस्यों ने उसके मिट्टी की रस्म देखी.
उसकी मिट्टी की रस्म पूरी कराने वाले चांदनी फाउंडेशन के चांदनी निबहनानी ने कहा कि हमने कुछ वालंटियर को जमा किया और इस्लामिक परंपरा के अनुसार उसके मिट्टी की रस्म पूरी की. उन्होंने कहा कि हमने वीडियो कॉल के जरिए इस रस्म को उसके परिवार को दिखाया.
परवेज के भाई तौहिद अंसारी ने 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस संबंध में विस्तृत पत्र लिखा. पत्र में सरकार से आवश्यक मदद की गुहार तो लगायी ही गयी है, साथ ही विस्तार से यह बताया गया कि लाॅकडाउन में भूख की वजह से उसकी स्थिति बिगड़ती गयी और आखिरकार मौत हो गयी. पत्र में यह भी कहा गया है कि उसका अस्पताल में अच्छे से इलाज नहीं किया जा रहा था और उसे खाने-पीने को भी अच्छे से नहीं मिला रहा था. भाई ने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया कि उसे कोरोना नहीं था.
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रांची, जनज्वारः रांची के इटकी के परवेज अंसारी नाम के एक युवक की गुरुवार तेईस अप्रैल की रात को भूख व टीबी बीमारी से अहमदाबाद में मौत हो गयी. वह पिछले साल ईद का त्यौहार मना कर रांची से अहमदाबाद गया था. एक महीने के लॉकडाउन में उसकी हालत बिगड़ गई. हाल ही में उसका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह कहता दिख रहा था कि उसकी हालत बहुत खराब हो गई है, उसे घर पहुंचा दिया जाए. इस वीडियो में परवेजय यह भी कह रहा था कि वह अहमदाबाद के रबानी कॉलोनी में है. वीडियो से यह साफ होता है कि मजदूरी करने वाले इस व्यक्ति के पास खाने-पीने की चीजें नहीं थीं. उसके पास पैसे नहीं थे. परवेज वीडियो में बहुत कमजोर दिख रहा था और रुक रुक कर बोल रहा था. एक एनजीओ से जुड़े व्यक्ति ने परवेज का यह वीडियो बनाया गया था और इसे संबंधित लोगों के पास भेजा व वायरल किया, जिसके बाद उसका मामला सबके सामने आया. वीडियो में परवेज इतना कमजोर व लाचार दिख रहा था कि छोटी-छोटी पंक्ति बोलेने के बाद रुक रहा था और साथ के लोग उसे अपनी परेशानी बताने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. वह बैठे-बैठे ही अपनी बात कहता हुआ वीडियो में दिख रहा है. वीडियो के जरिए उसका मामला संज्ञान में आने के बाद उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन परवेज को बचाया नहीं जा सका और गुरुवार को उसकी मौत हो गई. इंडियन एक्सप्रेस की अहमदाबाद से लिखी गयी खबर के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया कि तेईस अप्रैल की रात में टीबी से उसकी मौत हो गई. इस मामले में सिविल अस्पताल के डॉ जीतू पारिख ने कहा कि मरीज टीबी से पीड़ित था, उसकी ओर से यहां कोई मौजूद नहीं था. उसका कोविड-उन्नीस टेस्ट निगेटिव आया था, शव का पोस्टमार्टम कराया गया है ताकि उसकी मौत के वास्तविक कारणों का पता लगे, रिपोर्ट का इंतजार है. परवेज के भाई तौहीद अंसारी ने कहा है कि अगर उसका भाई रांची में होता तो बच जाता है. उनके अनुसार, अस्पताल में भर्ती कराए जाने के समय परवेज से उनकी बीस सकेंड की बात हुई थी, परवेज की हालत खराब थी और वह बोलने में असमर्थ था. परवेज के परिवार में उसके अलावा उसकी मां व एक भाई व एक बहन हैं. उसके पिता आजम अंसारी का निधन हो चुका है और उसकी मां आमना खातून उसकी मौत के बाद बदहवास हैं. उसके गांव के एमएम राही ने जनज्वार को बताया कि उसने पिछले पांच दिनों से खाना नहीं खाया था. वह अकेले ही वहां रह रहा था. कुछ स्थानीय लोगों ने उसे कुछ खाने को दिया था, लेकिन उसके साथ दिक्कतें काफी अधिक थीं. उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद फोन पर अहमदाबाद से लोगों ने संपर्क किया. पर लॉकडाउन की वजह से एक गरीब परिवार के लिए उसके पास पहुंचना असंभव सा था. इस मामले के सामने आने के बाद झारखंड सरकार के वरिष्ठ मंत्री आलमगीर आलम ने मुख्य सचिव को पत्र लिख कर पीड़ित की आवश्यक मदद करने को कहा था. इसके बाद मुख्य सचिव के ओएसडी भोर सिंह यादव ने अहमदाबाद प्रशासन से संपर्क कर उसे मदद पहुंचाने व उसका इलाज कराने की पहल की. इलाज के दौरान ही उसकी कोरोना जांच करायी गयी जो निगेटिव आयी. पर, भूख व अन्य बीमारियों की वजह से उसकी हालत बिगड़ती गयी और गुरुवार रात उसकी मौत हो गयी. इसके बाद स्थानीय प्रशासन के लोग उसके घर पहुंचे और सारी जानकारी ली. मौत के बाद अंतिम संस्कार से पहले उसके शव को अस्पताल प्रशासन एक सप्ताह के लिए रखने को तैयार था, लेकिन उसके एक तो उसके परिवार की माली हालत बहुत खराब है और उस पर लॉकडाउन है. इन हालात में उनके लिए प्रशासन से विशेष पास लेकर जाना भी बेहद खर्चिला होता. ऐसे में मौत के बाद एनजीओ चांदनी फाउंडेशन की मदद से उसके मिट्टी की रस्म पूरी की गयी. वीडियो कॉल के जरिए उसके परिवार के सदस्यों ने उसके मिट्टी की रस्म देखी. उसकी मिट्टी की रस्म पूरी कराने वाले चांदनी फाउंडेशन के चांदनी निबहनानी ने कहा कि हमने कुछ वालंटियर को जमा किया और इस्लामिक परंपरा के अनुसार उसके मिट्टी की रस्म पूरी की. उन्होंने कहा कि हमने वीडियो कॉल के जरिए इस रस्म को उसके परिवार को दिखाया. परवेज के भाई तौहिद अंसारी ने चौबीस अप्रैल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस संबंध में विस्तृत पत्र लिखा. पत्र में सरकार से आवश्यक मदद की गुहार तो लगायी ही गयी है, साथ ही विस्तार से यह बताया गया कि लाॅकडाउन में भूख की वजह से उसकी स्थिति बिगड़ती गयी और आखिरकार मौत हो गयी. पत्र में यह भी कहा गया है कि उसका अस्पताल में अच्छे से इलाज नहीं किया जा रहा था और उसे खाने-पीने को भी अच्छे से नहीं मिला रहा था. भाई ने पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया कि उसे कोरोना नहीं था.
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दिल्लीः होली बीत चुकी है। मौसम दिन पर दिन गर्म होने लगा है। सुबह हल्की ठंड ज़रूर है पर दोपहर की धूप बहुत तेज़ हो रही है। ऐसे में अब बाज़ार में गर्मी से राहत दिलाने के लिए ठंडा पेय पदार्थ भी बिकने लगा है। बात अगर देश की राजधानी दिल्ली की करें तो भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक आज दिल्ली की सुबह गर्म रही। सुबह न्यूनतम तापमान 19. 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। विभाग ने बताया कि अधिकतम तापमान 35. 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
सफर (SAFAR) इंडिया एयर क्वालिटी सर्विस ने कहा कि शनिवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक AQI 190 दर्ज किया गया है। इस दौरान PM- ( पार्टिकुलेट मैटर) 2. 5 और PM- 10 की औसत सांद्रता क्रमशः 190 और 153 रही।
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दिल्लीः होली बीत चुकी है। मौसम दिन पर दिन गर्म होने लगा है। सुबह हल्की ठंड ज़रूर है पर दोपहर की धूप बहुत तेज़ हो रही है। ऐसे में अब बाज़ार में गर्मी से राहत दिलाने के लिए ठंडा पेय पदार्थ भी बिकने लगा है। बात अगर देश की राजधानी दिल्ली की करें तो भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक आज दिल्ली की सुबह गर्म रही। सुबह न्यूनतम तापमान उन्नीस. आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। विभाग ने बताया कि अधिकतम तापमान पैंतीस. सात डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। सफर इंडिया एयर क्वालिटी सर्विस ने कहा कि शनिवार को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक AQI एक सौ नब्बे दर्ज किया गया है। इस दौरान PM- दो. पाँच और PM- दस की औसत सांद्रता क्रमशः एक सौ नब्बे और एक सौ तिरेपन रही।
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PATNA: बिहार में फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाल शिक्षकों को हटाने में सरकार अब तक फेल साबित हुई है। पटना हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही निगरानी जांच में नियोजन इकाईयों ने 1 लाख से अधिक शिक्षकों के फोल्डर ही जमा नहीं कराये। जब सारा प्रयास फेल हो गया इसके बाद शिक्षा विभाग ने नई तरकीब निकाली है। विभाग ने एक वेब पोर्टल तैयार किय़ा है। उसी पर सभी शिक्षकों का प्रमाण-पत्र अपलोड कराना है। जो शिक्षक अपना प्रमाण-पत्र अपलोड नहीं करायेंगे वे पहली नजर में ही फर्जी प्रमाणित होंगे और उन पर कार्रवाई होगी। पोर्टल पर अपलोड होने के बाद निगरानी ब्यूरो इसकी जांच करेगी। जांच के बाद फर्जी प्रमाण पत्र पाये जाने पर वैसे शिक्षकों पर एक्शन होगा। शिक्षा विभाग ने सभी डीईओ को आदेश दिया है कि प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराने वाले शिक्षकों की सूची 17 मई तक दें।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ रणजीत कुमार सिंह ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और कार्यक्रम पदाधिकारियों को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि पंचायती राज संस्थान एवं नगर निकाय के अंतर्गत 2006 से 2015 की अवधि में नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जा रही है. इसी क्रम में सभी जिलों में कुल 103917 शिक्षकों के प्रमाण पत्र से संबंधित फोल्डर संबंधित नियोजन इकाई द्वारा निगरानी ब्यूरो को उपलब्ध नहीं कराया गया है. इन शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विभाग द्वारा एक वेब-पोर्टल तैयार किया गया है. इस वेब पोर्टल पर संबंधित शिक्षक के द्वारा अपना प्रमाण पत्र जांच के लिए अपलोड किया जाएगा. जिन शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच के लिए अब तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं उनकी सूचना 17 मई 2021 तक भेजें।
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PATNA: बिहार में फर्जी प्रमाण पत्र पर बहाल शिक्षकों को हटाने में सरकार अब तक फेल साबित हुई है। पटना हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही निगरानी जांच में नियोजन इकाईयों ने एक लाख से अधिक शिक्षकों के फोल्डर ही जमा नहीं कराये। जब सारा प्रयास फेल हो गया इसके बाद शिक्षा विभाग ने नई तरकीब निकाली है। विभाग ने एक वेब पोर्टल तैयार किय़ा है। उसी पर सभी शिक्षकों का प्रमाण-पत्र अपलोड कराना है। जो शिक्षक अपना प्रमाण-पत्र अपलोड नहीं करायेंगे वे पहली नजर में ही फर्जी प्रमाणित होंगे और उन पर कार्रवाई होगी। पोर्टल पर अपलोड होने के बाद निगरानी ब्यूरो इसकी जांच करेगी। जांच के बाद फर्जी प्रमाण पत्र पाये जाने पर वैसे शिक्षकों पर एक्शन होगा। शिक्षा विभाग ने सभी डीईओ को आदेश दिया है कि प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराने वाले शिक्षकों की सूची सत्रह मई तक दें। प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ रणजीत कुमार सिंह ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और कार्यक्रम पदाधिकारियों को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि पंचायती राज संस्थान एवं नगर निकाय के अंतर्गत दो हज़ार छः से दो हज़ार पंद्रह की अवधि में नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा की जा रही है. इसी क्रम में सभी जिलों में कुल एक लाख तीन हज़ार नौ सौ सत्रह शिक्षकों के प्रमाण पत्र से संबंधित फोल्डर संबंधित नियोजन इकाई द्वारा निगरानी ब्यूरो को उपलब्ध नहीं कराया गया है. इन शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत विभाग द्वारा एक वेब-पोर्टल तैयार किया गया है. इस वेब पोर्टल पर संबंधित शिक्षक के द्वारा अपना प्रमाण पत्र जांच के लिए अपलोड किया जाएगा. जिन शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच के लिए अब तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं उनकी सूचना सत्रह मई दो हज़ार इक्कीस तक भेजें।
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पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) के अनुसार अगली सीरीज से पहले भारतीय टेस्ट टीम से तीन खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। यह तीनों ही खिलाड़ी बल्लेबाजी विभाग से हैं। बता दें भारत ने पहले टेस्ट में जीत हासिल की थी, लेकिन अगले दो टेस्ट हारकर सीरीज गंवा दी।
हरभजन ने बल्लेबाजों को खराब प्रदर्शन को साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली सीरीज हार कार कारण बताया है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा कि मयंक अग्रवाल (Mayank Agarwal), अंजिक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) और चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) की आगे की रहा मुश्किल होने वाली है और वह साउथ अफ्रीका में अपने प्रदर्शन के चलते टीम से अपनी जगह गंवा सकते हैं।
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पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह के अनुसार अगली सीरीज से पहले भारतीय टेस्ट टीम से तीन खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। यह तीनों ही खिलाड़ी बल्लेबाजी विभाग से हैं। बता दें भारत ने पहले टेस्ट में जीत हासिल की थी, लेकिन अगले दो टेस्ट हारकर सीरीज गंवा दी। हरभजन ने बल्लेबाजों को खराब प्रदर्शन को साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली सीरीज हार कार कारण बताया है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा कि मयंक अग्रवाल , अंजिक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा की आगे की रहा मुश्किल होने वाली है और वह साउथ अफ्रीका में अपने प्रदर्शन के चलते टीम से अपनी जगह गंवा सकते हैं।
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लौंग का पानी तैयार करने के लिए एक गिलास गर्म पानी में कुछ लौंग रात भर भिगोकर रख दें। दूसरे दिन सुबह भीगी हुई लौंग को पानी में उबाल लें। लौंग सहित पानी को 20 से 25 मिनट तक उबाल लेना चाहिए। इसके बाद पानी को ठंडा करके छान लेना चाहिए। अब यह लौंग का पानी सेवन के लिए तैयार है।
लौंग का पानी पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले हो सकता है। दिन के समय में लौंग के पानी का सेवन नही करना चाहिए।
सुबह के समय लौंग का पानी पीने से शुक्राणुओं की संख्या बढ़ने लगती है। स्पर्म काउंट बेहतर होने से प्रजनन क्षमता में सुधार होता है। लौंग का पानी ओलिगोस्पर्मिया (Oligospermia) यानी शुक्राणुओं की कमी की स्थिति में भी सुधार करता है।
यदि महिलाएं पीरियड्स की समस्या से परेशान हैं तो सुबह और शाम 1 गिलास लौंग के पानी का सेवन कर सकती है। पीरियड्स में होने वाले पेट दर्द या ऐंठन होने पर भी लौंग का पानी फायदा करता है। इसके अलावा महिलाओं के थकान की समस्या भी दूर हो सकती है।
लौंग में पाए जाने वाले तत्व टेस्टोस्टेरोन लेवल को बढ़ाने में सहायक होते हैं। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को प्रजनन संबंधित कार्य में महत्वपूर्ण माना जाता है। टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के कारण पुरुषों के चेहरे पर दाढ़ी और मूंछ आती हैं। इसके अलावा टेस्टोस्टेरोन महिला और पुरुष दोनों में ही सेक्सुअल डिजाइयर को बढ़ाने का काम करता है।
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लौंग का पानी तैयार करने के लिए एक गिलास गर्म पानी में कुछ लौंग रात भर भिगोकर रख दें। दूसरे दिन सुबह भीगी हुई लौंग को पानी में उबाल लें। लौंग सहित पानी को बीस से पच्चीस मिनट तक उबाल लेना चाहिए। इसके बाद पानी को ठंडा करके छान लेना चाहिए। अब यह लौंग का पानी सेवन के लिए तैयार है। लौंग का पानी पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले हो सकता है। दिन के समय में लौंग के पानी का सेवन नही करना चाहिए। सुबह के समय लौंग का पानी पीने से शुक्राणुओं की संख्या बढ़ने लगती है। स्पर्म काउंट बेहतर होने से प्रजनन क्षमता में सुधार होता है। लौंग का पानी ओलिगोस्पर्मिया यानी शुक्राणुओं की कमी की स्थिति में भी सुधार करता है। यदि महिलाएं पीरियड्स की समस्या से परेशान हैं तो सुबह और शाम एक गिलास लौंग के पानी का सेवन कर सकती है। पीरियड्स में होने वाले पेट दर्द या ऐंठन होने पर भी लौंग का पानी फायदा करता है। इसके अलावा महिलाओं के थकान की समस्या भी दूर हो सकती है। लौंग में पाए जाने वाले तत्व टेस्टोस्टेरोन लेवल को बढ़ाने में सहायक होते हैं। पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को प्रजनन संबंधित कार्य में महत्वपूर्ण माना जाता है। टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के कारण पुरुषों के चेहरे पर दाढ़ी और मूंछ आती हैं। इसके अलावा टेस्टोस्टेरोन महिला और पुरुष दोनों में ही सेक्सुअल डिजाइयर को बढ़ाने का काम करता है।
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कोलकाता में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने आज हबीबुर रहमान और फकीरुल सेख नाम के दो तस्करों को नकली भारतीय नोट मामले में 4 साल की कैद की सजा सुनाई है। एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि रहमान और शेख के पास से छह मार्च 2017 को क्रमशः दो लाख और एक लाख 90 हजार रुपये मूल्य की जाली भारतीय मुद्रा बरामद की गई थी। इसके बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। एनआईए ने इस मामले को फिर से दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था।
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कोलकाता में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष अदालत ने आज हबीबुर रहमान और फकीरुल सेख नाम के दो तस्करों को नकली भारतीय नोट मामले में चार साल की कैद की सजा सुनाई है। एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि रहमान और शेख के पास से छह मार्च दो हज़ार सत्रह को क्रमशः दो लाख और एक लाख नब्बे हजार रुपये मूल्य की जाली भारतीय मुद्रा बरामद की गई थी। इसके बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। एनआईए ने इस मामले को फिर से दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था। Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
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छात्रों को सलाह दी जाती है कि बोर्ड परीक्षा (Board Exam) से जुड़ी हर अपडेट (Update) के लिए समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) चेक करते रहें.
ICSE and ISC Board Exam 2021: काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (Council For The Indian School Certificate Examinations) की ओर से जल्द ही ICSE और ISC बोर्ड एग्जाम 2021 की डेटशीट (Date Sheet) जारी की जाएगी. बोर्ड परीक्षा की तारीखों (Board Exam Dates) की घोषणा CISCE की आधिकारिक वेबसाइट (Official Website) cisce.org पर की जाएगी. बोर्ड की तैयारी कर रहे छात्र ऑफिशियल पोर्टल (Official Website) पर जाकर परीक्षा का टाइमटेबल (Timetable) डाउनलोड कर पाएंगे.
इससे पहले CISCE ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें बताया गया था कि इस साल कोरोना संक्रमण के चलते ICSE और ISC बोर्ड की परीक्षाएं हर साल की तरह फरवरी-मार्च में आयोजित नहीं की जाएंगी. नोटिफिकेशन में कहा गया था कि सही समय आने पर परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी.
छात्र नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक से भी अपनी डेटशीट डाउनलोड कर सकते हैं :
बोर्ड एग्जाम से पहले CISCE स्कूलों के प्रिंसिपल और परीक्षकों से चर्चा के बाद प्रैक्टिकल की तारीखें घोषित करेगा. लिहाजा पहले प्रैक्टिकल एग्जाम की डेटशीट घोषित की जाएगी जिसके बाद बोर्ड परीक्षाओं की तारीखें घोषित होंगी. छात्रों को सलाह दी जाती है कि बोर्ड परीक्षा से जुड़ी हर अपडेट के लिए समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें.
बता दें कि हर साल ICSE और ISC बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी और मार्च में आयोजित की जाती हैं. इस साल पहले कोरोना महामारी और फिर पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के चलते परीक्षा की तारीखें आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है. दूसरी ओर यूपी बोर्ड और सीबीएसई की तरफ से परीक्षाओं की तारीखें घोषित कर दी गई हैं. इसके अलावा भी कई राज्यों ने अप्रैल और मई में परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया है.
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छात्रों को सलाह दी जाती है कि बोर्ड परीक्षा से जुड़ी हर अपडेट के लिए समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें. ICSE and ISC Board Exam दो हज़ार इक्कीस: काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन की ओर से जल्द ही ICSE और ISC बोर्ड एग्जाम दो हज़ार इक्कीस की डेटशीट जारी की जाएगी. बोर्ड परीक्षा की तारीखों की घोषणा CISCE की आधिकारिक वेबसाइट cisce.org पर की जाएगी. बोर्ड की तैयारी कर रहे छात्र ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर परीक्षा का टाइमटेबल डाउनलोड कर पाएंगे. इससे पहले CISCE ने एक अधिसूचना जारी की थी, जिसमें बताया गया था कि इस साल कोरोना संक्रमण के चलते ICSE और ISC बोर्ड की परीक्षाएं हर साल की तरह फरवरी-मार्च में आयोजित नहीं की जाएंगी. नोटिफिकेशन में कहा गया था कि सही समय आने पर परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी. छात्र नीचे दिए गए डायरेक्ट लिंक से भी अपनी डेटशीट डाउनलोड कर सकते हैं : बोर्ड एग्जाम से पहले CISCE स्कूलों के प्रिंसिपल और परीक्षकों से चर्चा के बाद प्रैक्टिकल की तारीखें घोषित करेगा. लिहाजा पहले प्रैक्टिकल एग्जाम की डेटशीट घोषित की जाएगी जिसके बाद बोर्ड परीक्षाओं की तारीखें घोषित होंगी. छात्रों को सलाह दी जाती है कि बोर्ड परीक्षा से जुड़ी हर अपडेट के लिए समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें. बता दें कि हर साल ICSE और ISC बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी और मार्च में आयोजित की जाती हैं. इस साल पहले कोरोना महामारी और फिर पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के चलते परीक्षा की तारीखें आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है. दूसरी ओर यूपी बोर्ड और सीबीएसई की तरफ से परीक्षाओं की तारीखें घोषित कर दी गई हैं. इसके अलावा भी कई राज्यों ने अप्रैल और मई में परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया है.
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में बढ़ रहे बिजली संकट को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में बिजली का कोटा नहीं बढ़ सका है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा सरकार के मंत्रियों के कार्यक्रम में भी बिजली जाने लगी है। अखिलेश यादव शनिवार को होटल क्लार्क अवध में आयोजित रोजा इफ्तार में शामिल होने आए थे। अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने बिजली का संकट पैदा किया है। वाराणसी के उस समय विधायक श्याम देव राव चौधरी वरिष्ठ नेता लालजी टंडन को लेकर आए थे। श्याम देव राव चौधरी 24 घंटे बिजली की मांग को लेकर कई दिनों से धरने पर बैठे थे। भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने कहा था कि जब तक वाराणसी में 24 घंटे बिजली नहीं आएगी, वह धरने से नहीं हटेंगे। उस समय के जिलाधिकारी से बताया गया। कहा आज ही के दिन से वाराणसी में 24 घंटे बिजली होगी। मैंने उनसे उत्तर प्रदेश का बिजली का कोटा बढ़वाने का वादा करवाया था। लेकिन आज भी उत्तर प्रदेश की जनता से दो-दो बार दिल्ली की सरकार बनवायी गई। एक बार फिर बीजेपी को उत्तर प्रदेश में मौका मिल गया। लेकिन दोनों सरकार मिलकर भी उत्तर प्रदेश का बिजली का कोटा नहीं बढ़ा पाए। अगर इन्होंने बिजली खरीदने की तैयारी की होती तो शायद उत्तर प्रदेश को अंधेरे में नहीं रहना पड़ता।
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश में बढ़ रहे बिजली संकट को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में बिजली का कोटा नहीं बढ़ सका है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि अब भाजपा सरकार के मंत्रियों के कार्यक्रम में भी बिजली जाने लगी है। अखिलेश यादव शनिवार को होटल क्लार्क अवध में आयोजित रोजा इफ्तार में शामिल होने आए थे। अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने बिजली का संकट पैदा किया है। वाराणसी के उस समय विधायक श्याम देव राव चौधरी वरिष्ठ नेता लालजी टंडन को लेकर आए थे। श्याम देव राव चौधरी चौबीस घंटाटे बिजली की मांग को लेकर कई दिनों से धरने पर बैठे थे। भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने कहा था कि जब तक वाराणसी में चौबीस घंटाटे बिजली नहीं आएगी, वह धरने से नहीं हटेंगे। उस समय के जिलाधिकारी से बताया गया। कहा आज ही के दिन से वाराणसी में चौबीस घंटाटे बिजली होगी। मैंने उनसे उत्तर प्रदेश का बिजली का कोटा बढ़वाने का वादा करवाया था। लेकिन आज भी उत्तर प्रदेश की जनता से दो-दो बार दिल्ली की सरकार बनवायी गई। एक बार फिर बीजेपी को उत्तर प्रदेश में मौका मिल गया। लेकिन दोनों सरकार मिलकर भी उत्तर प्रदेश का बिजली का कोटा नहीं बढ़ा पाए। अगर इन्होंने बिजली खरीदने की तैयारी की होती तो शायद उत्तर प्रदेश को अंधेरे में नहीं रहना पड़ता।
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संवाददाता- उपेन्द्र कुमार तिवारी (दुद्धी ब्यूरो/ सोनभद्र / उत्तर प्रदेश)
दुद्धी। कल भाजपा के वाराणसी सीट से एमएलसी पद पर घोषित उम्मीदवार केदार नाथ सिंह का आगमन तुलसी निकेतन में सुबह 11 बजे होगा।
जो स्नातक मतदाताओं को संबोधित करेंगे। श्री सिंह के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष अजित चौबे का भी आगमन होगा। उक्त आशय की जानकारी भाजपा नेता दिलीप पांडेय ने दी।
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संवाददाता- उपेन्द्र कुमार तिवारी दुद्धी। कल भाजपा के वाराणसी सीट से एमएलसी पद पर घोषित उम्मीदवार केदार नाथ सिंह का आगमन तुलसी निकेतन में सुबह ग्यारह बजे होगा। जो स्नातक मतदाताओं को संबोधित करेंगे। श्री सिंह के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष अजित चौबे का भी आगमन होगा। उक्त आशय की जानकारी भाजपा नेता दिलीप पांडेय ने दी।
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दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) और सिद्धांत चतुर्वेदी (Siddhant Chaturvedi) स्टारर फिल्म 'गहराइयां' (Gehraiyaan) इन दिनों सुर्खियों में है। इस फिल्म के लिए दीपिका की भी एक्साइटमेंट देखी जा रही है। हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया है, जिसमें दीपिका पादुकोण की शानदार अभिनय को देख पति रणवीर सिंह (Ranveer Singh) ने रिएक्ट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए पत्नी की तारीफ की, जिसे देख फैंस के भी कमेंट्स मिल रहे हैं। हाल ही में फिल्म का टीजर रिलीज हुआ था, जिसमें फिल्म के कैरेक्टर की झलक देखने को मिली। दर्शकों को अब फिल्म देखने का बेसब्री से इंतजार है।
रणवीर सिंह (Ranveer Singh) सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। खास कर वे अपनी फिल्मों के साथ-साथ पत्नी दीपिका के लिए भी उत्साह जाहिर करते हैं। हाल ही में उन्होंने 'गहराइयां' (Gehraiyaan) का ट्रेलर देख अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर किया है, जिसमें दीपिका की तारीफ में नोट लिखा" मूडी, सेक्सी और इंटेंस, Domestic noir ? मुझे साइन अप करो।
शकुन बत्रा, अनन्या पांडे, सिद्धांत चतुर्वेदी, धैर्य करवा, नसीर द लीजेंड दीपिका को टैग करते हुए एक्टर ने लिखा, 'और मेरी बेबी गर्ल Fazillion buxxx की तरह दिख रही हैं" इस पोस्ट पर फैंस के रिएक्शन मिल रहे हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें फिल्म के ट्रेलर को काफी पसंद किया है, जिसमें एक्टर और एक्ट्रेस की केमिस्ट्री देखने को मिली।
इससे पहले दीपिका पादुकोण ने फिल्म का टीजर शेयर किया था। इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा, "मेरे दिल का एक टुकड़ा।" इस बीच सिद्धांत चतुर्वेदी ने भी फिल्म का टीजर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉम पर शेयर कर एक इमोशनल नोट लिखा है। उन्होंने अपने कैप्शन में लिखा, "कहते हैं कि आप जिस चीज से प्यार करते हैं, उसमें आप खुद को छोड़ देते हैं। शायद तुम मेरा दिल यहां पाओगे। यह फिल्म 11 फरवरी 2022 को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होने वाली है।
इस फिल्म में दीपिका-सिद्धांत के अलावा अनन्या पांडे, धैर्य करवा, रजत कपूर और नसीरुद्दीन शाह भी लीड रोल में नजर आने वाले है। फिल्म 'गहराइयां' की कहानी एक रिलेशनशिप ड्रामा है, जो कॉम्प्लेक्स मॉडर्न रिलेशनशिप्स की गहराई, एडल्टिंग, लेटिंग गो और किसी के 'लाइफ पाथ' पर कंट्रोल करना इन सब बातों के इर्द-गिर्द घूमती हुई आपको नजर आएंगी। इस फिल्म का को-प्रोड्यूस करन जौहर ने किया है।
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Quick links: दीपिका पादुकोण और सिद्धांत चतुर्वेदी स्टारर फिल्म 'गहराइयां' इन दिनों सुर्खियों में है। इस फिल्म के लिए दीपिका की भी एक्साइटमेंट देखी जा रही है। हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर लॉन्च किया है, जिसमें दीपिका पादुकोण की शानदार अभिनय को देख पति रणवीर सिंह ने रिएक्ट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए पत्नी की तारीफ की, जिसे देख फैंस के भी कमेंट्स मिल रहे हैं। हाल ही में फिल्म का टीजर रिलीज हुआ था, जिसमें फिल्म के कैरेक्टर की झलक देखने को मिली। दर्शकों को अब फिल्म देखने का बेसब्री से इंतजार है। रणवीर सिंह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। खास कर वे अपनी फिल्मों के साथ-साथ पत्नी दीपिका के लिए भी उत्साह जाहिर करते हैं। हाल ही में उन्होंने 'गहराइयां' का ट्रेलर देख अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर किया है, जिसमें दीपिका की तारीफ में नोट लिखा" मूडी, सेक्सी और इंटेंस, Domestic noir ? मुझे साइन अप करो। शकुन बत्रा, अनन्या पांडे, सिद्धांत चतुर्वेदी, धैर्य करवा, नसीर द लीजेंड दीपिका को टैग करते हुए एक्टर ने लिखा, 'और मेरी बेबी गर्ल Fazillion buxxx की तरह दिख रही हैं" इस पोस्ट पर फैंस के रिएक्शन मिल रहे हैं। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें फिल्म के ट्रेलर को काफी पसंद किया है, जिसमें एक्टर और एक्ट्रेस की केमिस्ट्री देखने को मिली। इससे पहले दीपिका पादुकोण ने फिल्म का टीजर शेयर किया था। इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा, "मेरे दिल का एक टुकड़ा।" इस बीच सिद्धांत चतुर्वेदी ने भी फिल्म का टीजर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉम पर शेयर कर एक इमोशनल नोट लिखा है। उन्होंने अपने कैप्शन में लिखा, "कहते हैं कि आप जिस चीज से प्यार करते हैं, उसमें आप खुद को छोड़ देते हैं। शायद तुम मेरा दिल यहां पाओगे। यह फिल्म ग्यारह फरवरी दो हज़ार बाईस को अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज होने वाली है। इस फिल्म में दीपिका-सिद्धांत के अलावा अनन्या पांडे, धैर्य करवा, रजत कपूर और नसीरुद्दीन शाह भी लीड रोल में नजर आने वाले है। फिल्म 'गहराइयां' की कहानी एक रिलेशनशिप ड्रामा है, जो कॉम्प्लेक्स मॉडर्न रिलेशनशिप्स की गहराई, एडल्टिंग, लेटिंग गो और किसी के 'लाइफ पाथ' पर कंट्रोल करना इन सब बातों के इर्द-गिर्द घूमती हुई आपको नजर आएंगी। इस फिल्म का को-प्रोड्यूस करन जौहर ने किया है।
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जन्म कुण्डली
किसी व्यक्ति के जन्म समय पर आकाश में की ग्रह स्थिति बताने वाले नक्शे को जन्म कुंडली कहते है।
जन्म समय पर पूर्व क्षितिज पर जिस राशि का उदय हुआ होता है, वह राशि जन्म कुडली का आधार बिन्दु होती है। इसे जन्म कुंडली के प्रथम स्थान या भाव मे रखी जाती है। इसे जन्म लग्न कहा जाता है। इस जन्म लग्न के बायी अर्थात् कुडली हमारे सामने रखें तो हमारे बाये हाथ की तरफ से क्रमशः बढते हुए 12 स्थानो में जन्म लग्न की राशि के बाद मेष = 1, वृषभ = 2, मिथुन = 3 आदि को ध्यान में रखकर अक रखे जाते है ।
1 इस प्रकार से बनने वाली बारह प्रकार की कुडलियाँ होती है।
मेष जन्म लग्न की कुंडली
कर्क जन्म लग्न की कडली
अध्याय 9
वृषभ जन्म लग्न की कूडली
सिंह जन्म लग्न की कुंडली
मिथुन जन्म लग्न की कूडली
कन्या जन्म लग्न
तुला जन्म लग्न की कूडली
मकर जन्म लग्न
वृश्चिक जन्म लग्न की कंडली
कुभ जन्म लग्न की कुंडली
धनु जन्म लग्न की कुंडली
मीन जन्म लग्न की कुंडली
सामान्यतः सूर्योदय के समय यदि किसी व्यक्ति का जन्म हो तो सूर्य जिस राशि का हो वह राशि जन्म लग्न के (प्रथम भाव) में आती है। यदि मध्याहन का जन्म हो तो सूर्य की राशि दशम भाव में आती है। यदि सूर्यास्त का जन्म हो तो राशि सप्तम भाव में आती है और यदि मध्य रात्रि का जन्म हो तो सूर्य की राशि चतुर्थ भाव में आती है।
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जन्म कुण्डली किसी व्यक्ति के जन्म समय पर आकाश में की ग्रह स्थिति बताने वाले नक्शे को जन्म कुंडली कहते है। जन्म समय पर पूर्व क्षितिज पर जिस राशि का उदय हुआ होता है, वह राशि जन्म कुडली का आधार बिन्दु होती है। इसे जन्म कुंडली के प्रथम स्थान या भाव मे रखी जाती है। इसे जन्म लग्न कहा जाता है। इस जन्म लग्न के बायी अर्थात् कुडली हमारे सामने रखें तो हमारे बाये हाथ की तरफ से क्रमशः बढते हुए बारह स्थानो में जन्म लग्न की राशि के बाद मेष = एक, वृषभ = दो, मिथुन = तीन आदि को ध्यान में रखकर अक रखे जाते है । एक इस प्रकार से बनने वाली बारह प्रकार की कुडलियाँ होती है। मेष जन्म लग्न की कुंडली कर्क जन्म लग्न की कडली अध्याय नौ वृषभ जन्म लग्न की कूडली सिंह जन्म लग्न की कुंडली मिथुन जन्म लग्न की कूडली कन्या जन्म लग्न तुला जन्म लग्न की कूडली मकर जन्म लग्न वृश्चिक जन्म लग्न की कंडली कुभ जन्म लग्न की कुंडली धनु जन्म लग्न की कुंडली मीन जन्म लग्न की कुंडली सामान्यतः सूर्योदय के समय यदि किसी व्यक्ति का जन्म हो तो सूर्य जिस राशि का हो वह राशि जन्म लग्न के में आती है। यदि मध्याहन का जन्म हो तो सूर्य की राशि दशम भाव में आती है। यदि सूर्यास्त का जन्म हो तो राशि सप्तम भाव में आती है और यदि मध्य रात्रि का जन्म हो तो सूर्य की राशि चतुर्थ भाव में आती है।
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मुंबई, 25 अगस्त । कोविड-19 के बावजूद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को अपनी बैलेंस शीट में 30 प्रतिशत की वृद्धि की। साल 2019-20 में 30 फीसदी की बढ़त के साथ आरबीआई की बैलेंस शीट 53. 34 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। आरबीआई का वित्तीय वर्ष जुलाई-जून तक चलता है।
आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, बैलेंस शीट के एसेट हिस्से में बढ़त घरेलू निवेश में दर्ज हुई 18. 4 फीसदी की बढ़त और विदेशी निवेश में दर्ज हुई 27. 28 फीसदी की बढ़त की वजह से देखने को मिली है। वहीं वहीं कर्ज में 245. 76 फीसदी और गोल्ड रिजर्व में 52. 85 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 30 जून तक कुल एसेट्स में घरेलू एसेट्स 28. 75 फीसदी रहे, वहीं फॉरेन कंरसी एसेट्स और गोल्ड एसेट्स का हिस्सा 71. 25 फीसदी रहा।
इसके साथ ही देनदारी के हिस्से बढ़त की मुख्य वजह नोट जारी करने में 21. 5 फीसदी, अन्य देनदारी और प्रोविजन में 30. 5 फीसदी और डिपॉजिट में 53. 7 फीसदी की बढ़त की वजह से देखने को मिली है। 73 हजार करोड़ रुपये का प्रोविजन आकस्मिक फंड में भी ट्रांसफर किया गया।
इससे पहले साल 2007-08 में बैलेंस शीट में तेज उछाल दर्ज किया गया था।
रिजर्व बैंक की बैलेंस शीट देश की अर्थव्यवस्था के कामकाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, मुख्य रूप से इसकी मुद्रा मुद्दे के साथ-साथ मौद्रिक नीति और रिजर्व प्रबंधन उद्देश्यों के लिए की गई गतिविधियों को दशार्ती है।
यह वर्ष 57,128 करोड़ रुपये के समग्र अधिशेष (सरप्लस) के साथ समाप्त हुआ, जिसे आरबीआई ने लाभांश के रूप में सरकार को हस्तांतरित कर दिया।
Disclaimer: This story is auto-generated from IANS service.
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मुंबई, पच्चीस अगस्त । कोविड-उन्नीस के बावजूद भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को अपनी बैलेंस शीट में तीस प्रतिशत की वृद्धि की। साल दो हज़ार उन्नीस-बीस में तीस फीसदी की बढ़त के साथ आरबीआई की बैलेंस शीट तिरेपन. चौंतीस लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। आरबीआई का वित्तीय वर्ष जुलाई-जून तक चलता है। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, बैलेंस शीट के एसेट हिस्से में बढ़त घरेलू निवेश में दर्ज हुई अट्ठारह. चार फीसदी की बढ़त और विदेशी निवेश में दर्ज हुई सत्ताईस. अट्ठाईस फीसदी की बढ़त की वजह से देखने को मिली है। वहीं वहीं कर्ज में दो सौ पैंतालीस. छिहत्तर फीसदी और गोल्ड रिजर्व में बावन. पचासी फीसदी की बढ़त दर्ज हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तीस जून तक कुल एसेट्स में घरेलू एसेट्स अट्ठाईस. पचहत्तर फीसदी रहे, वहीं फॉरेन कंरसी एसेट्स और गोल्ड एसेट्स का हिस्सा इकहत्तर. पच्चीस फीसदी रहा। इसके साथ ही देनदारी के हिस्से बढ़त की मुख्य वजह नोट जारी करने में इक्कीस. पाँच फीसदी, अन्य देनदारी और प्रोविजन में तीस. पाँच फीसदी और डिपॉजिट में तिरेपन. सात फीसदी की बढ़त की वजह से देखने को मिली है। तिहत्तर हजार करोड़ रुपये का प्रोविजन आकस्मिक फंड में भी ट्रांसफर किया गया। इससे पहले साल दो हज़ार सात-आठ में बैलेंस शीट में तेज उछाल दर्ज किया गया था। रिजर्व बैंक की बैलेंस शीट देश की अर्थव्यवस्था के कामकाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, मुख्य रूप से इसकी मुद्रा मुद्दे के साथ-साथ मौद्रिक नीति और रिजर्व प्रबंधन उद्देश्यों के लिए की गई गतिविधियों को दशार्ती है। यह वर्ष सत्तावन,एक सौ अट्ठाईस करोड़ रुपये के समग्र अधिशेष के साथ समाप्त हुआ, जिसे आरबीआई ने लाभांश के रूप में सरकार को हस्तांतरित कर दिया। Disclaimer: This story is auto-generated from IANS service.
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यूनियन मिनिस्टर पीयूष गोयल ने सोमवार (10 अप्रैल) को फ्रांस में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत 2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। गोयल ने कहा, 'अभी हम 5वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी हैं। 2027-28 तक, हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। '
पीयूष गोयल ने आगे कहा, 'भारत आज 3. 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है और 2047 तक 30 से 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। तब हम आजादी के 100 साल का जश्न मनाएंगे। '
मंत्री ने कहा कि पिछले साल एक्सपोर्ट 676 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा था। हमारा लक्ष्य युवा और उत्साही भारतीयों के सेंटीमेंट्स को रिफ्लेक्ट करना था। आजादी के 75वें वर्ष में हमने एक्सपोर्ट में 750 बिलियन डॉलर को पार कर लिया है।
पीयूष ने कहा, 'हम आज गो-टू कंट्री के रूप में उभर रहे हैं, दुनिया की फार्मेसी के रूप में, दुनिया के फूड बाउल के रूप में और अन्य देशों के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में। हर कोई आज दुनिया की चुनौतियों को हल करने के लिए PM मोदी के नेतृत्व की ओर देख रहा है। '
गोयल ने कहा कि भारत फ्रांस के साथ साझेदारी को बहुत महत्व देता है। उन्होंने पेरिस में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा, 'मुझे यकीन है कि आप में से प्रत्येक यह मानता है कि यह साझेदारी अवसरों और दोस्ती दोनों को आगे बढ़ाएगी। हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आप सभी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। '
पीयूष ने कहा, 'PM नरेंद्र मोदी दुनिया में सबसे पॉपुलर और पसंदीदा नेता हैं और भारत और दुनिया की देखभाल करने के कमिटमेंट के लिए भी जाने जाते हैं। वे वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर में विश्वास करते हैं। इसलिए दुनिया उनकी लीडरशिप की ओर देखती है। '
पीयूष ने भारतीय प्रवासी की सराहना करते हुए कहा कि कैपेबिलिटीज, कैपेसिटीज, कॉम्पिटेंसी और कॉन्फिडेंस के साथ भारत, एक ऐसा नया इंडिया है जिसे आप सभी रिप्रेजेंट करते हैं। राष्ट्रदूतों के रूप में आप अपनी कर्मभूमि और मातृभूमि में योगदान दे रहे हैं।
गोयल ने प्रवासी भारतीयों से भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने और फ्रांस में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'आपके समर्थन से भारत अमृत काल में ग्रोथ और विकास की प्रगति हासिल करेगा। '
गोयल ने 'यही सही समय है' कहते हुए उन्हें इस विजन का हिस्सा बनने और इस यात्रा में भारत के साथ रहने के लिए इनवाइट किया। वे इंडिया फ्रांस बिजनेस समिट के लिए पेरिस में हैं। इतना ही नहीं गोयल वहां भारत-फ्रांस की फ्रेंडशिप के 25 साल पूरे होने को सेलिब्रेट भी कर रहे हैं। पीयूष गोयल और फ्रांस के मिनिस्टर डेलीगेट ऑफ फॉरेन ट्रेड ओलिवियर बेख्त भारत-फ्रांस बिजनेस समिट की सह-अध्यक्षता करेंगे, जो भारत-फ्रांस फ्रेंडशिप के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को पेरिस में होगी।
समिट में ग्रीन फ्यूचर के कंस्ट्रक्शन, इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज, डिफेंस को-ऑपरेशन और इंडो-पेसेफिक रीजन में को-ऑपरेशन पर फोकस किया जाएगा। मेडेफ, CII, बिजनेस फ्रांस और IFFCI की साझेदारी में पेरिस में भारत के दूतावास द्वारा बिजनेस समिट और CEO राउंडटेबल का यह आयोजन किया जा रहा है।
400 से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स ने इस बिजनेस समिट के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। समिट के अलावा मंत्री गोयल की कई सेक्टर्स के फ्रांस के बिजनेस लीडर्स के साथ मीटिंग्स का भी शेड्यूल तय है और वे CEOs राउंडटेबल को भी अटेंड करेंगे।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
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यूनियन मिनिस्टर पीयूष गोयल ने सोमवार को फ्रांस में भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत दो हज़ार सत्ताईस तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। गोयल ने कहा, 'अभी हम पाँचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी हैं। दो हज़ार सत्ताईस-अट्ठाईस तक, हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। ' पीयूष गोयल ने आगे कहा, 'भारत आज तीन. पाँच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था है और दो हज़ार सैंतालीस तक तीस से पैंतीस ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। तब हम आजादी के एक सौ साल का जश्न मनाएंगे। ' मंत्री ने कहा कि पिछले साल एक्सपोर्ट छः सौ छिहत्तर बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा था। हमारा लक्ष्य युवा और उत्साही भारतीयों के सेंटीमेंट्स को रिफ्लेक्ट करना था। आजादी के पचहत्तरवें वर्ष में हमने एक्सपोर्ट में सात सौ पचास बिलियन डॉलर को पार कर लिया है। पीयूष ने कहा, 'हम आज गो-टू कंट्री के रूप में उभर रहे हैं, दुनिया की फार्मेसी के रूप में, दुनिया के फूड बाउल के रूप में और अन्य देशों के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में। हर कोई आज दुनिया की चुनौतियों को हल करने के लिए PM मोदी के नेतृत्व की ओर देख रहा है। ' गोयल ने कहा कि भारत फ्रांस के साथ साझेदारी को बहुत महत्व देता है। उन्होंने पेरिस में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा, 'मुझे यकीन है कि आप में से प्रत्येक यह मानता है कि यह साझेदारी अवसरों और दोस्ती दोनों को आगे बढ़ाएगी। हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आप सभी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ' पीयूष ने कहा, 'PM नरेंद्र मोदी दुनिया में सबसे पॉपुलर और पसंदीदा नेता हैं और भारत और दुनिया की देखभाल करने के कमिटमेंट के लिए भी जाने जाते हैं। वे वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर में विश्वास करते हैं। इसलिए दुनिया उनकी लीडरशिप की ओर देखती है। ' पीयूष ने भारतीय प्रवासी की सराहना करते हुए कहा कि कैपेबिलिटीज, कैपेसिटीज, कॉम्पिटेंसी और कॉन्फिडेंस के साथ भारत, एक ऐसा नया इंडिया है जिसे आप सभी रिप्रेजेंट करते हैं। राष्ट्रदूतों के रूप में आप अपनी कर्मभूमि और मातृभूमि में योगदान दे रहे हैं। गोयल ने प्रवासी भारतीयों से भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने और फ्रांस में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'आपके समर्थन से भारत अमृत काल में ग्रोथ और विकास की प्रगति हासिल करेगा। ' गोयल ने 'यही सही समय है' कहते हुए उन्हें इस विजन का हिस्सा बनने और इस यात्रा में भारत के साथ रहने के लिए इनवाइट किया। वे इंडिया फ्रांस बिजनेस समिट के लिए पेरिस में हैं। इतना ही नहीं गोयल वहां भारत-फ्रांस की फ्रेंडशिप के पच्चीस साल पूरे होने को सेलिब्रेट भी कर रहे हैं। पीयूष गोयल और फ्रांस के मिनिस्टर डेलीगेट ऑफ फॉरेन ट्रेड ओलिवियर बेख्त भारत-फ्रांस बिजनेस समिट की सह-अध्यक्षता करेंगे, जो भारत-फ्रांस फ्रेंडशिप के पच्चीस साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मंगलवार को पेरिस में होगी। समिट में ग्रीन फ्यूचर के कंस्ट्रक्शन, इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज, डिफेंस को-ऑपरेशन और इंडो-पेसेफिक रीजन में को-ऑपरेशन पर फोकस किया जाएगा। मेडेफ, CII, बिजनेस फ्रांस और IFFCI की साझेदारी में पेरिस में भारत के दूतावास द्वारा बिजनेस समिट और CEO राउंडटेबल का यह आयोजन किया जा रहा है। चार सौ से ज्यादा पार्टिसिपेंट्स ने इस बिजनेस समिट के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। समिट के अलावा मंत्री गोयल की कई सेक्टर्स के फ्रांस के बिजनेस लीडर्स के साथ मीटिंग्स का भी शेड्यूल तय है और वे CEOs राउंडटेबल को भी अटेंड करेंगे। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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आदि नशोंमेंसे किसी-न-किसीमें मस्त रहते थे। स्वयं परिश्रम कुछ भी न थे करते हुए, दूसरेकी मिहनतकी कमाईमें आग लगाना ये लोग खूब जानते थे। दूसरेके जखमपर 'सी' करनेवाले तो कम, पर नमक लगानेवाले अधिक थे। सिर्फ अपने एक शरीरके खाने कपळेपर ये लोग जितना खर्च करते थे, उतनेसे हजार आदमी सानन्द जीवन व्यतीत कर सकते थे। इनको अकेले रहनेके लिए, सैकळो आदमियोके रहने लायक मकान होते थे। सबसे असहय बात तो यह थी कि यह थी कि दुराचार, और अत्याचार की साकार मूर्ति होनेपर भी, ये लोग धर्मके स्वरूप बनकर ससारमें ध्रुव-पद ग्रहण करना चाहते थे, जिसमें कुछने यदि सफलता पाई हो, तो भी सन्देह नही । वह अपने सामने मनुष्यताका मूल्य नही समझते थे। इनका जादू न्यायाधीश, धर्माध्यक्ष पडित-मौलवी- पादरी, सभीपर था । सभी इनकी 'हाँ-में-हाँ' मिलाते तथा इनके लाभकी बातके लिए अपने अपने धर्म ग्रन्थोसे प्रमाण देनेको तत्पर थे । पडित कहते थे, "धनी-गरीब, राजा-प्रजा अपने-अपने पूर्व जन्मकी कमाईसे होते है । यह सनातनसे चला आया है। यही भगवान्की इच्छा है। वेद-पुराण सब इसके साक्षी है।" मौलवी कहते थे, "खुदाने दुनियाकी भलाईहीके लिए अमीर-गरीब, बादशाह - रैयत बनाया, नही तो दुनियाका काम कैसे चलता ? सारे रसूल, पैगम्बर इस बातके कायल और अपनी किस्मतपर सन्तुष्ट थे। बादशाह और मालिकपर खुदाका साया है ऐसे ही सभी एक ही सुरमें अलापते थे। असल बात तो यह थी कि लाखों परिश्रमी दीनोंका भाग छीनकर धनी लोग अकेले ही सब न खाकर कुछ टुकळे इन लोगोंको भी फेंक देते थे, जिनपर ये लोग हाँ-में-हाँ मिलाना अपना
कर्तव्य समझते थे । धन्यवाद है कि अब वह जादू उतर गया ।
"अब तो आप सबको यह सब बाते सुन-सुनकर आश्चर्य होता होगा - क्या वे लाखों आदमी सचमुच भेंळ थे, जिन्हें एक धनी अपनी अंगुलीके इशारेपर नचाता था। यदि वे लोग जरा भी अपनी बुद्धिसे काम लेते तो क्यों गुलामीमें पळे रहते ? सचमुच आज यह तर्क बहुत सरल है, किन्तु उस समय यह सोचना असम्भव मालूम होता था - शेख चिल्लीका महल कहलाता था । आजकी अवस्थाके शताशका भी विचार रखनेवाले उस समय पागल, खब्ती, अघर्मी, मनुष्यताके शत्रु समझे जाते थे । शिक्षा लाभ करके प्रत्येक आदमी उसी धनिक श्रेणीका बनना चाहता था, चाहे हजारमें कोई एक ही हो पाता हो। इस प्रकार शिक्षित और धनिक तो इस तत्वकी ओर ध्यान न देते थे और बेचारे गरीब इमे असम्भव समझते थे । वह अपने ही कमजोर ख्यालोंसे इस प्रकार जकळे हुए थे कि सचमुच उन्हें ऐसा होना असम्भव मालूम पळता था । आप कहेगे - कैसी मूर्खता है । अपनी मिहनतकी कमाई दूसरेको खाने न देकर हमी खायँगे, इतनी बात समझना कौन कठिन था ? किन्तु, उनके लिए तो यही लोहेका चना था । उधर धनी लोगोंकी ओरसे कहा जाता था - ऐसा होनेसे धर्म नही रहेगा; जाति मर्यादा चली जायगी; कलयुग आ जायगा । अभाग्यवश श्रमजीवी लोग भी अनेक ऊंच-नीच श्रेणियों में विभक्त थे । बिहार का ब्राह्मण श्रमजीवी कहता था - गरीब है तो क्या, खानेको नहीं मिलता तो क्या, किन्तु चमार, अहीर, राजपूत 'पा-लगी' तो करते है -- 'महाराज' तो बोलते हैं ? भला चमार, अहीर हमारे बराबर हो जायेंगे ?
सचमुच बळा अधर्म होगा ! भूखा मरना अच्छा; अपनी कमाई दूसरा खाय, वह भी अच्छा; किन्तु चमारको अपने ही ऐसा मनुष्य समझना ठीक नही। ऐसे ही, अपनेसे ऊँची जातिके पठान । सैयदके अभिमान को, चाहे गाँवका मोमिन जुलाहा दिलसे न अच्छा समझता हो, किन्तु, अपनेसे नीचे गिने जानेवाले भंगीको अपने बराबर होने देना उसे भी अभीष्ट न था ।
"अब अन्त में, आपलोगोंके वर्तमान ध्येयके विषय में कुछ कह कर मै अपना वक्तव्य समाप्त करता हूँ । सबसे प्रथम तो यह कि यह न समझ बैठो कि हम अब अन्तिम स्थानपर आ गये; अब हमारी सभी बातें पूर्ण है, अब हममें कोई त्रुटि नही । जिस समय यह विचार आ जायेगा, उसी समयसे आप पीछेकी ओर खिसकने लगेंगे-आपका हरास होने लगेगा । मनुष्य कहाँ तक उन्नति कर सकेगा, यह असीम है। जिस प्रकार कुछ दिनो-पूर्व ज्योतिषमें अति दूर एक सितारा आविष्कृत हुआ था, आगे उससे भी दूर दूसरा मिला है; उसी प्रकार, लाखो वर्षों तक दूर-दूर सितारोंका पता रबीनो और फोटो-चित्रोंसे लगता जायगा; किन्तु उससे नक्षत्र मण्डलकी इयत्ता नही हो सकती। वैसे ही हमारी उन्नति, हमारे संशोधनका क्षेत्र अनन्त दूर तक विस्तृत है। दूसरी बात ज्ञानकी वृद्धि है । इसमें सन्देह नही; उस समय शिक्षामें जो उच्चता की अवधि थी, अब वहीसे उसका आरम्भ है । आपका समाज बहुत सुशिक्षित, और सभ्य है, किन्तु आप उन्नति करके आजके अन्तको कल का आरम्भ बना सकते हैं। आपके उत्तराधिकारियोंको भी ऐसा
अधिकार है। यह बळे आनन्दकी बात है कि आज विद्या विद्याके लिए पढ़ी जा सकती है। आज विद्याका वह पारितोषिक नही, मूल्य नही जो दो शताब्दियो-पूर्व रखा जाता था । आजकी सभी समृद्धिका मूल वही ज्ञान - वही विद्या है, जिसकी कमीके कारण पहिले लोग मनुष्यता से गिर गये थे । इसकी वृद्धि में उपेक्षा और इसके प्रचारमें असावधानी होना सभी खराबियोकी जळ है । उन्नतिकी आकाक्षा और ज्ञानका अधिक से अधिक प्रसार यही दो मूल बाते है जिनसे आपने अब तक उन्नति की है और आगे भी इसके लिए असीम क्षेत्र पळा हुआ है । मे आपके प्रेममय भावोसे अत्यन्त सन्तुष्ट हूँ । और बस ।"
मेरे व्याख्यानकी समाप्तिपर साथी इस्माइलने एक बार उठकर फिर मुझे धन्यवाद दे, सभा विसर्जित की। मै विश्वामित्र, इस्माइल, देवमित्र, इस्माइलकी पत्नी प्रियम्बदा, तथा दूसरे सज्जनोके साथ विश्राम स्थानपर आया। रात्रिके दस बज चुके थे, मैंने उनकी सूचना और प्रार्थनाके उत्तरमे संक्षेप में कहा कि कल परसो और चौथे दिन में यहाँ ही रहकर आस-पासका तथा आपके ग्रामका अध्ययन करूंगा । इसके बाद अध्यापक विश्वामित्रके साथ यहाँसे सीधे नालन्दा जाऊँगा । यहाँसे भारतके प्रधान प्रधान स्थानोंकी स्थितिका अध्ययन करके फिर कही बाहर कदम रखूंगा । आप सार्वभौम राष्ट्रपति श्रीदत्तको भी इसकी सूचना दे दें । देवमित्रने कहा आपके साथ, साथी इस्माइल और साथिन प्रियम्बदा भी बराबर रहेंगी, और यहाँकी बातोंके समझनेमें सहायता पहुँचायेंगी। मैने इसके लिए प्रसन्नता प्रकट की। इसके बाद सब
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आदि नशोंमेंसे किसी-न-किसीमें मस्त रहते थे। स्वयं परिश्रम कुछ भी न थे करते हुए, दूसरेकी मिहनतकी कमाईमें आग लगाना ये लोग खूब जानते थे। दूसरेके जखमपर 'सी' करनेवाले तो कम, पर नमक लगानेवाले अधिक थे। सिर्फ अपने एक शरीरके खाने कपळेपर ये लोग जितना खर्च करते थे, उतनेसे हजार आदमी सानन्द जीवन व्यतीत कर सकते थे। इनको अकेले रहनेके लिए, सैकळो आदमियोके रहने लायक मकान होते थे। सबसे असहय बात तो यह थी कि यह थी कि दुराचार, और अत्याचार की साकार मूर्ति होनेपर भी, ये लोग धर्मके स्वरूप बनकर ससारमें ध्रुव-पद ग्रहण करना चाहते थे, जिसमें कुछने यदि सफलता पाई हो, तो भी सन्देह नही । वह अपने सामने मनुष्यताका मूल्य नही समझते थे। इनका जादू न्यायाधीश, धर्माध्यक्ष पडित-मौलवी- पादरी, सभीपर था । सभी इनकी 'हाँ-में-हाँ' मिलाते तथा इनके लाभकी बातके लिए अपने अपने धर्म ग्रन्थोसे प्रमाण देनेको तत्पर थे । पडित कहते थे, "धनी-गरीब, राजा-प्रजा अपने-अपने पूर्व जन्मकी कमाईसे होते है । यह सनातनसे चला आया है। यही भगवान्की इच्छा है। वेद-पुराण सब इसके साक्षी है।" मौलवी कहते थे, "खुदाने दुनियाकी भलाईहीके लिए अमीर-गरीब, बादशाह - रैयत बनाया, नही तो दुनियाका काम कैसे चलता ? सारे रसूल, पैगम्बर इस बातके कायल और अपनी किस्मतपर सन्तुष्ट थे। बादशाह और मालिकपर खुदाका साया है ऐसे ही सभी एक ही सुरमें अलापते थे। असल बात तो यह थी कि लाखों परिश्रमी दीनोंका भाग छीनकर धनी लोग अकेले ही सब न खाकर कुछ टुकळे इन लोगोंको भी फेंक देते थे, जिनपर ये लोग हाँ-में-हाँ मिलाना अपना कर्तव्य समझते थे । धन्यवाद है कि अब वह जादू उतर गया । "अब तो आप सबको यह सब बाते सुन-सुनकर आश्चर्य होता होगा - क्या वे लाखों आदमी सचमुच भेंळ थे, जिन्हें एक धनी अपनी अंगुलीके इशारेपर नचाता था। यदि वे लोग जरा भी अपनी बुद्धिसे काम लेते तो क्यों गुलामीमें पळे रहते ? सचमुच आज यह तर्क बहुत सरल है, किन्तु उस समय यह सोचना असम्भव मालूम होता था - शेख चिल्लीका महल कहलाता था । आजकी अवस्थाके शताशका भी विचार रखनेवाले उस समय पागल, खब्ती, अघर्मी, मनुष्यताके शत्रु समझे जाते थे । शिक्षा लाभ करके प्रत्येक आदमी उसी धनिक श्रेणीका बनना चाहता था, चाहे हजारमें कोई एक ही हो पाता हो। इस प्रकार शिक्षित और धनिक तो इस तत्वकी ओर ध्यान न देते थे और बेचारे गरीब इमे असम्भव समझते थे । वह अपने ही कमजोर ख्यालोंसे इस प्रकार जकळे हुए थे कि सचमुच उन्हें ऐसा होना असम्भव मालूम पळता था । आप कहेगे - कैसी मूर्खता है । अपनी मिहनतकी कमाई दूसरेको खाने न देकर हमी खायँगे, इतनी बात समझना कौन कठिन था ? किन्तु, उनके लिए तो यही लोहेका चना था । उधर धनी लोगोंकी ओरसे कहा जाता था - ऐसा होनेसे धर्म नही रहेगा; जाति मर्यादा चली जायगी; कलयुग आ जायगा । अभाग्यवश श्रमजीवी लोग भी अनेक ऊंच-नीच श्रेणियों में विभक्त थे । बिहार का ब्राह्मण श्रमजीवी कहता था - गरीब है तो क्या, खानेको नहीं मिलता तो क्या, किन्तु चमार, अहीर, राजपूत 'पा-लगी' तो करते है -- 'महाराज' तो बोलते हैं ? भला चमार, अहीर हमारे बराबर हो जायेंगे ? सचमुच बळा अधर्म होगा ! भूखा मरना अच्छा; अपनी कमाई दूसरा खाय, वह भी अच्छा; किन्तु चमारको अपने ही ऐसा मनुष्य समझना ठीक नही। ऐसे ही, अपनेसे ऊँची जातिके पठान । सैयदके अभिमान को, चाहे गाँवका मोमिन जुलाहा दिलसे न अच्छा समझता हो, किन्तु, अपनेसे नीचे गिने जानेवाले भंगीको अपने बराबर होने देना उसे भी अभीष्ट न था । "अब अन्त में, आपलोगोंके वर्तमान ध्येयके विषय में कुछ कह कर मै अपना वक्तव्य समाप्त करता हूँ । सबसे प्रथम तो यह कि यह न समझ बैठो कि हम अब अन्तिम स्थानपर आ गये; अब हमारी सभी बातें पूर्ण है, अब हममें कोई त्रुटि नही । जिस समय यह विचार आ जायेगा, उसी समयसे आप पीछेकी ओर खिसकने लगेंगे-आपका हरास होने लगेगा । मनुष्य कहाँ तक उन्नति कर सकेगा, यह असीम है। जिस प्रकार कुछ दिनो-पूर्व ज्योतिषमें अति दूर एक सितारा आविष्कृत हुआ था, आगे उससे भी दूर दूसरा मिला है; उसी प्रकार, लाखो वर्षों तक दूर-दूर सितारोंका पता रबीनो और फोटो-चित्रोंसे लगता जायगा; किन्तु उससे नक्षत्र मण्डलकी इयत्ता नही हो सकती। वैसे ही हमारी उन्नति, हमारे संशोधनका क्षेत्र अनन्त दूर तक विस्तृत है। दूसरी बात ज्ञानकी वृद्धि है । इसमें सन्देह नही; उस समय शिक्षामें जो उच्चता की अवधि थी, अब वहीसे उसका आरम्भ है । आपका समाज बहुत सुशिक्षित, और सभ्य है, किन्तु आप उन्नति करके आजके अन्तको कल का आरम्भ बना सकते हैं। आपके उत्तराधिकारियोंको भी ऐसा अधिकार है। यह बळे आनन्दकी बात है कि आज विद्या विद्याके लिए पढ़ी जा सकती है। आज विद्याका वह पारितोषिक नही, मूल्य नही जो दो शताब्दियो-पूर्व रखा जाता था । आजकी सभी समृद्धिका मूल वही ज्ञान - वही विद्या है, जिसकी कमीके कारण पहिले लोग मनुष्यता से गिर गये थे । इसकी वृद्धि में उपेक्षा और इसके प्रचारमें असावधानी होना सभी खराबियोकी जळ है । उन्नतिकी आकाक्षा और ज्ञानका अधिक से अधिक प्रसार यही दो मूल बाते है जिनसे आपने अब तक उन्नति की है और आगे भी इसके लिए असीम क्षेत्र पळा हुआ है । मे आपके प्रेममय भावोसे अत्यन्त सन्तुष्ट हूँ । और बस ।" मेरे व्याख्यानकी समाप्तिपर साथी इस्माइलने एक बार उठकर फिर मुझे धन्यवाद दे, सभा विसर्जित की। मै विश्वामित्र, इस्माइल, देवमित्र, इस्माइलकी पत्नी प्रियम्बदा, तथा दूसरे सज्जनोके साथ विश्राम स्थानपर आया। रात्रिके दस बज चुके थे, मैंने उनकी सूचना और प्रार्थनाके उत्तरमे संक्षेप में कहा कि कल परसो और चौथे दिन में यहाँ ही रहकर आस-पासका तथा आपके ग्रामका अध्ययन करूंगा । इसके बाद अध्यापक विश्वामित्रके साथ यहाँसे सीधे नालन्दा जाऊँगा । यहाँसे भारतके प्रधान प्रधान स्थानोंकी स्थितिका अध्ययन करके फिर कही बाहर कदम रखूंगा । आप सार्वभौम राष्ट्रपति श्रीदत्तको भी इसकी सूचना दे दें । देवमित्रने कहा आपके साथ, साथी इस्माइल और साथिन प्रियम्बदा भी बराबर रहेंगी, और यहाँकी बातोंके समझनेमें सहायता पहुँचायेंगी। मैने इसके लिए प्रसन्नता प्रकट की। इसके बाद सब
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बारासात : हाबरा के भाजपा उम्मीदवार राहुल सिन्हा पर एक बार फिर चुनाव आयोग के निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगा है। आरोप है कि आयोग द्वारा उनके 72 घंटों तक प्रचार पर बैन लगाये जाने के बावजूद मंगलवार को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के प्रचार सभा में उपस्थित हुए थे राहुल सिन्हा। इसको लेकर जहां तृणमूल ने आयोग में राहुल के विरुद्ध शिकायत की है वहीं राहुल ने इस पर सफाई दी है कि वे सभा के दौरान मंच पर नहीं गये थे। वहीं आरोप है कि उन्होंने बुधवार को भी प्रचार के पूर्व निधारित कार्यक्रमों में शामिल होकर चुनाव प्रचार किया है। उन्हें हाबरा बाजार में व्यवसायियों, क्रेता-विक्रेताओं के साथ बातचीत कर उन्हें पार्टी का लिफलेट बांटते हुए देखा गया। वहीं उन्होंने ग्रामीण इलाकों में कृषकों के बीच बैठक कर चुनाव प्रचार किया। यहां तक कि उन्हें खेतों में हल जोतते हुए भी देखा गया जिसके वीडिओ भी वायरल किये जा रहे हैं। वहीं इसदिन भी तृणमूल के आरोपों को निराधार बताते हुए भाजपा प्रार्थी ने कहा कि मुझे प्रचार करने से मना किया गया मगर बाजार में खरीदारी करने से नहीं रोका गया है। वहीं किसानों के साथ काम करना भी मेरे प्रचार का हिस्सा नहीं है। दूसरी ओर हाबरा के तृणमूल विधायक व राज्य के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रार्थी आयोग के निर्देशों की खिल्ली उड़ा रहे हैं। वे कमिशन के निर्देशों व नियमों में रखी गयी चूक को ही साबित कर रहे हैं अतः आयोग को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि इससे कोई लाभ नहीं होगा। 50 हजार वोटों से भाजपा को हराउंगा।
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बारासात : हाबरा के भाजपा उम्मीदवार राहुल सिन्हा पर एक बार फिर चुनाव आयोग के निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगा है। आरोप है कि आयोग द्वारा उनके बहत्तर घंटाटों तक प्रचार पर बैन लगाये जाने के बावजूद मंगलवार को भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के प्रचार सभा में उपस्थित हुए थे राहुल सिन्हा। इसको लेकर जहां तृणमूल ने आयोग में राहुल के विरुद्ध शिकायत की है वहीं राहुल ने इस पर सफाई दी है कि वे सभा के दौरान मंच पर नहीं गये थे। वहीं आरोप है कि उन्होंने बुधवार को भी प्रचार के पूर्व निधारित कार्यक्रमों में शामिल होकर चुनाव प्रचार किया है। उन्हें हाबरा बाजार में व्यवसायियों, क्रेता-विक्रेताओं के साथ बातचीत कर उन्हें पार्टी का लिफलेट बांटते हुए देखा गया। वहीं उन्होंने ग्रामीण इलाकों में कृषकों के बीच बैठक कर चुनाव प्रचार किया। यहां तक कि उन्हें खेतों में हल जोतते हुए भी देखा गया जिसके वीडिओ भी वायरल किये जा रहे हैं। वहीं इसदिन भी तृणमूल के आरोपों को निराधार बताते हुए भाजपा प्रार्थी ने कहा कि मुझे प्रचार करने से मना किया गया मगर बाजार में खरीदारी करने से नहीं रोका गया है। वहीं किसानों के साथ काम करना भी मेरे प्रचार का हिस्सा नहीं है। दूसरी ओर हाबरा के तृणमूल विधायक व राज्य के मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रार्थी आयोग के निर्देशों की खिल्ली उड़ा रहे हैं। वे कमिशन के निर्देशों व नियमों में रखी गयी चूक को ही साबित कर रहे हैं अतः आयोग को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि इससे कोई लाभ नहीं होगा। पचास हजार वोटों से भाजपा को हराउंगा।
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राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गया है। उसने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनाव से सबंधित जो सरकारी अमला एक स्थान पर तीन साल से ज्यादा समय से पदस्थ है, उसे हटा दिया जाए। गृह एवं राजस्व विभाग को खासतौर पर इस आशय के निर्देश दिए गए हैं।
भोपाल। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गया है। उसने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनाव से सबंधित जो सरकारी अमला एक स्थान पर तीन साल से ज्यादा समय से पदस्थ है, उसे हटा दिया जाए। गृह एवं राजस्व विभाग को खासतौर पर इस आशय के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि इस संदर्भ में कार्रवाई का शीघ्र ही आयोग के सामने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।
राज्य निर्वाचन आयाेग के निर्देश के बाद तीन साल या इससे ज्यादा समय से निर्वाचन क्षेत्रों में पदस्थ एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, डीएसपी, थाना प्रभारी, उप निरीक्षक, सहायक निरीक्षक, पंचायत सचिव आदि के तबादले किए जाएंगे। आचार संहिता लागू होने के कारण पंचायत क्षेत्रों में अब नहीं होगा कोई भी नया कार्य प्रारंभ। आयोग ने सरकार को सख्त मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पंचायत चुनावों के लिए फायनल मतदाता सूची का प्रकाशन 6 दिसंबर को कर दिया जाएगा। प्रदेश की 52 जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण 14 दिसंबर को होगा।
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राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गया है। उसने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनाव से सबंधित जो सरकारी अमला एक स्थान पर तीन साल से ज्यादा समय से पदस्थ है, उसे हटा दिया जाए। गृह एवं राजस्व विभाग को खासतौर पर इस आशय के निर्देश दिए गए हैं। भोपाल। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गया है। उसने प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनाव से सबंधित जो सरकारी अमला एक स्थान पर तीन साल से ज्यादा समय से पदस्थ है, उसे हटा दिया जाए। गृह एवं राजस्व विभाग को खासतौर पर इस आशय के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि इस संदर्भ में कार्रवाई का शीघ्र ही आयोग के सामने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। राज्य निर्वाचन आयाेग के निर्देश के बाद तीन साल या इससे ज्यादा समय से निर्वाचन क्षेत्रों में पदस्थ एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, डीएसपी, थाना प्रभारी, उप निरीक्षक, सहायक निरीक्षक, पंचायत सचिव आदि के तबादले किए जाएंगे। आचार संहिता लागू होने के कारण पंचायत क्षेत्रों में अब नहीं होगा कोई भी नया कार्य प्रारंभ। आयोग ने सरकार को सख्त मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पंचायत चुनावों के लिए फायनल मतदाता सूची का प्रकाशन छः दिसंबर को कर दिया जाएगा। प्रदेश की बावन जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण चौदह दिसंबर को होगा।
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394 : प्रेमचंद रचनावली 10
चाहूं प्रेम करूं। बोलो मानते हो?
विलियम : यह कैसे मुमकिन है, जेनी ! तुम हंसी करती हो। उस वक्त अगर कोई मर्द तुम्हारी तरफ आंखें भी उठाये, तो उसका खून पी जाऊं, खोदकर जमीन में गाडं दूं, जीता निगल जाऊं। जेनी : तो फिर हमारी- तुम्हारी विधि नहीं मिलती। विलियमः देखो जेनी, मेरी अभिलाषाओं का खून न करो। मेरी जिंदगी बरबाद हो जाएगी।
जेनी : अच्छा बस, अब हंसी हो चुकी विलियम ! तुमने कभी सोचा है, तुम क्यों शादी करना चाहते हो? विलियम : (हक्का-बक्का होकर) आखिर और सब लोग क्यों शादी करते हैं?
जेनी : और सब लोग झक मारते हैं। मैं तुमसे पूछती हूं, तुम क्यों शादी करना चाहते हो ?
विलियम सिर खुजलाता है और बगलें झांकता है।
जेनी : तुम्हें नहीं मालूम। अच्छा मुझसे सुनो। तुम केवल इसलिए विवाह करना चाहते हो, कि तुम्हारा चित्त प्रसन्न करने के लिए तुम्हारे घर में एक खिलौना आ जाय।
विलियम : बस-बस यही बात है, जेनी! तुम कितनी बुद्धिमती हो । जेनी : तुम इसलिए विवाह करना चाहते हो कि जब मैं बढ़िया सूफियाना साड़ी पहनकर तुम्हारी मोटर साइकिल पर तुम्हारे साथ निकलूं, तो लोग हंस-हंसकर कहें 'वह जा रहा भाग्य का धनी विलियम !'
विलियम : बस-बस यही बात है, जेनी ! सचमुच तुम बड़ी बुद्धिमती हो। जेनीः इसलिए कि जब तुम अपने अफसरों की दावत करो, तो मैं उनसे मीठी-मीठी बातें करके उनका दिल खुश करूं और अफसर खुश होकर तुम्हारी तरक्की करें।
विलियम : बस-बस यही बात है जेनी।
जेनीः इसलिए कि तुम्हारे बच्चे हो जायं और तुमने जो थोड़ी-सी चांदी जमा कर रखी है, उसके वारिस पैदा हो जायं।
विलियम : बस-बस जेनी ! सुभान अल्लाह !
जेनी : तो मैंने इसके लिए एक बहुत अच्छी औरत तलाश कर रखी है। वह मुझसे कहीं अच्छी बीवी होगी तुम्हारी। तुम जैसे
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तीन सौ चौरानवे : प्रेमचंद रचनावली दस चाहूं प्रेम करूं। बोलो मानते हो? विलियम : यह कैसे मुमकिन है, जेनी ! तुम हंसी करती हो। उस वक्त अगर कोई मर्द तुम्हारी तरफ आंखें भी उठाये, तो उसका खून पी जाऊं, खोदकर जमीन में गाडं दूं, जीता निगल जाऊं। जेनी : तो फिर हमारी- तुम्हारी विधि नहीं मिलती। विलियमः देखो जेनी, मेरी अभिलाषाओं का खून न करो। मेरी जिंदगी बरबाद हो जाएगी। जेनी : अच्छा बस, अब हंसी हो चुकी विलियम ! तुमने कभी सोचा है, तुम क्यों शादी करना चाहते हो? विलियम : आखिर और सब लोग क्यों शादी करते हैं? जेनी : और सब लोग झक मारते हैं। मैं तुमसे पूछती हूं, तुम क्यों शादी करना चाहते हो ? विलियम सिर खुजलाता है और बगलें झांकता है। जेनी : तुम्हें नहीं मालूम। अच्छा मुझसे सुनो। तुम केवल इसलिए विवाह करना चाहते हो, कि तुम्हारा चित्त प्रसन्न करने के लिए तुम्हारे घर में एक खिलौना आ जाय। विलियम : बस-बस यही बात है, जेनी! तुम कितनी बुद्धिमती हो । जेनी : तुम इसलिए विवाह करना चाहते हो कि जब मैं बढ़िया सूफियाना साड़ी पहनकर तुम्हारी मोटर साइकिल पर तुम्हारे साथ निकलूं, तो लोग हंस-हंसकर कहें 'वह जा रहा भाग्य का धनी विलियम !' विलियम : बस-बस यही बात है, जेनी ! सचमुच तुम बड़ी बुद्धिमती हो। जेनीः इसलिए कि जब तुम अपने अफसरों की दावत करो, तो मैं उनसे मीठी-मीठी बातें करके उनका दिल खुश करूं और अफसर खुश होकर तुम्हारी तरक्की करें। विलियम : बस-बस यही बात है जेनी। जेनीः इसलिए कि तुम्हारे बच्चे हो जायं और तुमने जो थोड़ी-सी चांदी जमा कर रखी है, उसके वारिस पैदा हो जायं। विलियम : बस-बस जेनी ! सुभान अल्लाह ! जेनी : तो मैंने इसके लिए एक बहुत अच्छी औरत तलाश कर रखी है। वह मुझसे कहीं अच्छी बीवी होगी तुम्हारी। तुम जैसे
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उच्चतम न्यायालय ने राज्यसभा और राज्य विधान परिषदों के चुनावों में गुप्त मतदान की अनुमति देने संबंधी एक जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी और कहा कि 'क्रॉस वोटिंग को रोकने और पार्टी में अनुशासन बनाए रखने' के लिए खुली मतदान प्रणाली जरूरी है।
नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने राज्यसभा और राज्य विधान परिषदों के चुनावों में गुप्त मतदान की अनुमति देने संबंधी एक जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी और कहा कि 'क्रॉस वोटिंग को रोकने और पार्टी में अनुशासन बनाए रखने' के लिए खुली मतदान प्रणाली जरूरी है।
चुनाव संचालन नियम, 1961 के एक प्रावधान और जनप्रतिनिधित्व (आरपी) अधिनियम के एक हिस्से को चुनौती देने वाली एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) 'लोक प्रहरी' की याचिका पर यह महत्वपूर्ण फैसला आया।
चुनाव नियमों के संचालन का नियम 39एए राज्यसभा और राज्य विधान परिषदों के चुनावों में एक विधायक और एक सांसद के लिए एक राजनीतिक दल के मतदान एजेंट को चिह्नित मतपत्र दिखाना अनिवार्य बनाता है।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा तथा न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33 की उपधारा-एक' की चुनौती को भी खारिज कर दिया।
एनजीओ ने चुनाव संचालन नियमों के नियम 39एए को इस आधार पर चुनौती दी थी कि अगर कोई विधायक या सांसद अपना चिह्नित मतपत्र पार्टी के मतदान एजेंट को नहीं दिखाता है तो उसका वोट रद्द कर दिया जाएगा।
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उच्चतम न्यायालय ने राज्यसभा और राज्य विधान परिषदों के चुनावों में गुप्त मतदान की अनुमति देने संबंधी एक जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी और कहा कि 'क्रॉस वोटिंग को रोकने और पार्टी में अनुशासन बनाए रखने' के लिए खुली मतदान प्रणाली जरूरी है। नई दिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने राज्यसभा और राज्य विधान परिषदों के चुनावों में गुप्त मतदान की अनुमति देने संबंधी एक जनहित याचिका सोमवार को खारिज कर दी और कहा कि 'क्रॉस वोटिंग को रोकने और पार्टी में अनुशासन बनाए रखने' के लिए खुली मतदान प्रणाली जरूरी है। चुनाव संचालन नियम, एक हज़ार नौ सौ इकसठ के एक प्रावधान और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के एक हिस्से को चुनौती देने वाली एक गैर-सरकारी संगठन 'लोक प्रहरी' की याचिका पर यह महत्वपूर्ण फैसला आया। चुनाव नियमों के संचालन का नियम उनतालीसएए राज्यसभा और राज्य विधान परिषदों के चुनावों में एक विधायक और एक सांसद के लिए एक राजनीतिक दल के मतदान एजेंट को चिह्नित मतपत्र दिखाना अनिवार्य बनाता है। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा तथा न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला की पीठ ने 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा तैंतीस की उपधारा-एक' की चुनौती को भी खारिज कर दिया। एनजीओ ने चुनाव संचालन नियमों के नियम उनतालीसएए को इस आधार पर चुनौती दी थी कि अगर कोई विधायक या सांसद अपना चिह्नित मतपत्र पार्टी के मतदान एजेंट को नहीं दिखाता है तो उसका वोट रद्द कर दिया जाएगा।
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अरुण गोविल (Arun Govil) एक अभिनेता और निर्माता हैं. उन्होंने हिंदी, भोजपुरी, ब्रज भाषा, उड़िया और तेलुगु फिल्मों में अभिनय किया है. उन्हें रामानंद सागर की हिट टेलीविजन सीरीज 'रामायण' में भगवान राम की भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है (Arun Govil as Ram in Ramayan).
उन्होंने प्रशांत नंदा की फिल्म पहेली (1977) से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की (Arun Govil Debut in Movies). उनकी फिल्मों में सावन को आने दो (1979), की सांच को आंच नहीं (1979) में कास्ट होने के बाद उन्होंने स्टारडम की ओर कदम बढ़ाया. उन्होंने रामानंद सागर की विक्रम और बेताल (1985) से छोटे पर्दे पर अपनी शुरुआत की. फिर उन्होंने सागर की टीवी धारावाहिक रामायण (1986) में भगवान राम का किरदार निभाय, जिसके लिए उन्होंने 1988 में एक प्रमुख भूमिका श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अपट्रॉन पुरस्कार जीता. उन्होंने सागर की लव कुश और पद्मल्या टेलीफिल्म्स लिमिटेड की जय वीर हनुमान में राम के रूप में अपनी भूमिका दोहराई. विश्वामित्र, हरिश्चंद्र में भी भूमिका निभाई थी. यूगो साको की इंडो-जापानी एनिमेशन फिल्म रामायणः द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम (1992) में राम के रूप में अपनी आवाज दी थी. उन्होंने वी. मधुसूदन राव की लव कुश (1997) में लक्ष्मण की भूमिका भी निभाई (Arun Govil Career).
अरुण गोविल का जन्म 12 जनवरी 1952 को मेरठ, उत्तर प्रदेश में हुआ था (Arun Govil Age). अरुण के पिता श्री चंद्र प्रकाश गोविल एक सरकारी अधिकारी थे (Arun Govil Father). अरुण के छह भाई और दो बहनें हैं (Arun Govil Siblings). उनके बड़े भाई विजय गोविल की शादी तबस्सुम से हुई है, जो एक पूर्व बाल अभिनेत्री और दूरदर्शन पर आने वाले फूल खिले हैं गुलशन गुलशन की मेजबानी की थीं.
उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ, उत्तर प्रदेश में औपचारिक शिक्षा प्राप्त की (Arun Govil Education).
अरुण गोविल ने अभिनेत्री श्रीलेखा से शादी की (Arun Govil Wife) है और उनके दो बच्चे हैं (Arun Govil Children).
फिल्म को हिट कराने के लिए आदिपुरुष के मेकर्स ने थियेटर्स में एक सीट हनुमान जी के लिए रिजर्व रखी. अरुण गोविल ने बताया कि मेकर्स ने ये फैसला क्यों लिया?
ओम राउत के निर्देशन में बनी फिल्म आदिपुरुष का जब से टीज़र जारी किया गया है, तब से विवादों में घिरी हुई है. उनके लुक से लेकर डायलॉग और वीएफएक्स तक, फिल्म को हर तरफ से नकारात्मक समीक्षा मिली है. तमाम विवाद के बीच, रामानंद सागर की रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल ने आजतक के साथ खास बातचीत में आदिपुरुष पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिल्म में संवेदनशीलता की कमी है. देखें पूरा इंटरव्यू.
अरुण गोविल ने 1987 में आए टीवी शो 'रामायण' में राम की भूमिका निभाकर देशभर में पहचान बनाई थी. आज भी उन्हें राम के नाम से ही जाना जाता है. ऐसे में आज तक से बातचीत के दौरान अरुण गोविल से पूछा गया कि फिल्म 'आदिपुरुष' के विरोध को वह किस तरह देखते हैं?
आदिपुरुष में प्रभास ने श्रीराम का किरदार निभाया है, और उन्हें बहुत तारीफ मिल रही है. आलम ये कि कई थिएटर में राघव को देखकर भक्त दर्शकों ने हाथ जोड़ लिए. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि भारत में फिल्मों में पहली बार राम का किरदार किसने निभाया था. उस शख्स की दिलचस्प कहानी है.
प्रभास और कृति सेनन स्टारर 'आदिपुरुष' कुछ ही दिन में स्क्रीन पर रिलीज होने जा रही है. फिल्म के दोनों ट्रेलर बहुत पसंद गए हैं. डायरेक्टर ओम राउत ने राम कथा को जो विजन दिया है वो बहुत ग्रैंड है. लेकिन इससे कई साल पहले जब 'रामायण' सीरियल स्क्रीन पर आया था, तो उसका संसार जनता के लिए अद्भुत था. तबसे अबतक बहुत कुछ बदल चुका है.
दीपिका चिखलिया के लिए सीता के किरदार को आत्मसात कर पाना बहुत मुश्किलों से भरा था. हालांकि आज उन्हें दीपिका के नाम से कम सीता के रोल के लिए ज्यादा पहचाना जाता है. अपने किरदार की तैयारी और उन दिनों की शूटिंग एक्सपीरियंस वो हमसे शेयर करती हैं.
प्रसिद्ध कलाकार अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया दरभंगा पहुंचे. यहां उनका स्वागत विधायक संजय सरावगी ने किया. दोनों कलाकारों को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा इलाका जय श्रीराम के नारो से गूंजने लगा. अरुण गोविल ने कहा कि मिथिला में आकर बहुत अच्छा लगता है. इससे भी बड़ी बात यह है कि यह माता सीता की धरती है.
'जुबली' की कहानी हिंदी सिनेमा के गोल्डन एरा के साथ-साथ बंटवारे के मंजर को बयां करती है. सीरीज आपको पुराने दौर की मनमोहक दुनिया में ले जाती है. अगर सिनेमा से प्यार से है और गोल्डन एरा की यादों में गोते लगाने चाहते हैं, 'जुबली' आपके लिए है.
इन 36 सालों में आए फर्क की बात करते हुए दीपिका ने कई बातें शेयर की. दीपिका ने बताया कि कैसे अब दोनों के बीच वैसी धार्मिक वाली केमिस्ट्री नहीं है. अब मुस्कुराने के अलावा दीपिका और अरुण ऑनस्क्रीन लड़ते भी हैं, गुस्सा भी करते हैं. फिल्म के बारे में बात करते हुए दीपिका ने कहा कि- ये एक कोर्टरूम ड्रामा है.
एंटेरटेनमेंट की दुनिया में इन दिनों काफी कुछ चल रहा है. बीजेपी नेता चित्रा वाघ ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर-एक्ट्रेस उर्फी जावेद पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाया है. वहीं अशनीर ग्रोवर का कहना है कि वह इस बार शार्क टैंक इंडिया का दूसरा सीजन फॉलो नहीं कर रहे हैं.
जगद्गुरु रामभद्राचार्य के एक सत्संग में अरुण गोविल पहुंचे थे. यहां अरुण गोविल आते हैं और रामभद्राचार्य के पैर छूते हैं. तभी रामभद्राचार्य उन्हें अपने सीने से लगा लेते हैं. कुछ सेकेंड्स के लिए उन्होंने अरुण गोविल को गले से लगाए रखा. रामभद्राचार्य इस दौरान रोने लगे, वे काफी भावुक नजर आए. जगद्गुरु ने अरुण को संवाद सुनाने को कहा.
इंडस्ट्री की मशहूर अदाकारा तबस्सुम की शादी अरुण गोविल के बड़े भाई विजय गोविल से हुई थी. एक्ट्रेस का होशांग गोविल नामक बेटा भी है. इस वक्त तबस्सुम के परिवार पर क्या बीत रही होगी. इस बारे में कुछ भी कहना आसान नहीं है. वहीं अब भाभी तबस्सुम के निधन पर अरुण गोविल ने दुख जताया है.
अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया झलक दिखला जा डांस बेस्ड रिएलिटी शो पर स्पेशल गेस्ट के तौर पर शामिल हुए. दिवाली के मौके पर दोनों को गेस्ट ऑफ ऑनर बन लोगों को पति-पत्नी का महत्व समझाते दिखाई दिए. यूजर्स कमेंट कर अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया की तारीफों के पुल बांध रहे हैं.
झलक दिखला जा 10 का नया प्रोमो शेयर किया गया है. दिवाली के शुभ अवसर पर दीपिका और अरुण गोविल डांस रियलिटी शो के गेस्ट बनकर आ रहे हैं. झलक दिखला जा पर अरुण गोविल को रावण का वध करते भी देखा जाएगा. प्रोमो में रामायण के दोनों कलाकार सीरियल के सीन को रीक्रिएट करते नजर आए.
आदिपुरुष के टीजर पर अरुण गोविल का रिएरक्शन सामने आया है. वो कहते हैं, रामायण और महाभारत जैसे जितने भी ग्रंथ और शास्त्र हैं, ये हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर है. ये हमारी संस्कृति है, जड़ है. सारी मानव सभ्यता के लिये एक नीव सामान है. ना नींव को हिला सकते हैं और ना ही जड़ को.
रामायण में अरुण गोविल ने राम का किरदार 35 साल पहले निभाया था. तब भी एक्टर को लोग पूजते थे और आज भी. पिछले दिनों एयरपोर्ट पर एक महिला ने एक्टर के पैर छुए थे. इस पर अरुण गोविल ने कहा- ये उन भक्तों के मन में आता है कि इस आदमी के पांव छूने हैं, मेरा क्या रिएक्शन होना चाहिए?
रामायण में अरुण गोविल ने प्रभु राम का किरदार निभाया ही नहीं, बल्कि उसे जिया भी है. शो में राम का रोल अदा करते हुए देख लोग उन्हें सच का भगवान समझने लगे थे. फैंस के बीच अरुण गोविल का जलवा आज भी कायम है. इसलिये एयरपोर्ट पर उन्हें देखकर एक महिला इमोशनल हो गई और पैर छुए.
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अरुण गोविल एक अभिनेता और निर्माता हैं. उन्होंने हिंदी, भोजपुरी, ब्रज भाषा, उड़िया और तेलुगु फिल्मों में अभिनय किया है. उन्हें रामानंद सागर की हिट टेलीविजन सीरीज 'रामायण' में भगवान राम की भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है . उन्होंने प्रशांत नंदा की फिल्म पहेली से बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की . उनकी फिल्मों में सावन को आने दो , की सांच को आंच नहीं में कास्ट होने के बाद उन्होंने स्टारडम की ओर कदम बढ़ाया. उन्होंने रामानंद सागर की विक्रम और बेताल से छोटे पर्दे पर अपनी शुरुआत की. फिर उन्होंने सागर की टीवी धारावाहिक रामायण में भगवान राम का किरदार निभाय, जिसके लिए उन्होंने एक हज़ार नौ सौ अठासी में एक प्रमुख भूमिका श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का अपट्रॉन पुरस्कार जीता. उन्होंने सागर की लव कुश और पद्मल्या टेलीफिल्म्स लिमिटेड की जय वीर हनुमान में राम के रूप में अपनी भूमिका दोहराई. विश्वामित्र, हरिश्चंद्र में भी भूमिका निभाई थी. यूगो साको की इंडो-जापानी एनिमेशन फिल्म रामायणः द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम में राम के रूप में अपनी आवाज दी थी. उन्होंने वी. मधुसूदन राव की लव कुश में लक्ष्मण की भूमिका भी निभाई . अरुण गोविल का जन्म बारह जनवरी एक हज़ार नौ सौ बावन को मेरठ, उत्तर प्रदेश में हुआ था . अरुण के पिता श्री चंद्र प्रकाश गोविल एक सरकारी अधिकारी थे . अरुण के छह भाई और दो बहनें हैं . उनके बड़े भाई विजय गोविल की शादी तबस्सुम से हुई है, जो एक पूर्व बाल अभिनेत्री और दूरदर्शन पर आने वाले फूल खिले हैं गुलशन गुलशन की मेजबानी की थीं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ, उत्तर प्रदेश में औपचारिक शिक्षा प्राप्त की . अरुण गोविल ने अभिनेत्री श्रीलेखा से शादी की है और उनके दो बच्चे हैं . फिल्म को हिट कराने के लिए आदिपुरुष के मेकर्स ने थियेटर्स में एक सीट हनुमान जी के लिए रिजर्व रखी. अरुण गोविल ने बताया कि मेकर्स ने ये फैसला क्यों लिया? ओम राउत के निर्देशन में बनी फिल्म आदिपुरुष का जब से टीज़र जारी किया गया है, तब से विवादों में घिरी हुई है. उनके लुक से लेकर डायलॉग और वीएफएक्स तक, फिल्म को हर तरफ से नकारात्मक समीक्षा मिली है. तमाम विवाद के बीच, रामानंद सागर की रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल ने आजतक के साथ खास बातचीत में आदिपुरुष पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिल्म में संवेदनशीलता की कमी है. देखें पूरा इंटरव्यू. अरुण गोविल ने एक हज़ार नौ सौ सत्तासी में आए टीवी शो 'रामायण' में राम की भूमिका निभाकर देशभर में पहचान बनाई थी. आज भी उन्हें राम के नाम से ही जाना जाता है. ऐसे में आज तक से बातचीत के दौरान अरुण गोविल से पूछा गया कि फिल्म 'आदिपुरुष' के विरोध को वह किस तरह देखते हैं? आदिपुरुष में प्रभास ने श्रीराम का किरदार निभाया है, और उन्हें बहुत तारीफ मिल रही है. आलम ये कि कई थिएटर में राघव को देखकर भक्त दर्शकों ने हाथ जोड़ लिए. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि भारत में फिल्मों में पहली बार राम का किरदार किसने निभाया था. उस शख्स की दिलचस्प कहानी है. प्रभास और कृति सेनन स्टारर 'आदिपुरुष' कुछ ही दिन में स्क्रीन पर रिलीज होने जा रही है. फिल्म के दोनों ट्रेलर बहुत पसंद गए हैं. डायरेक्टर ओम राउत ने राम कथा को जो विजन दिया है वो बहुत ग्रैंड है. लेकिन इससे कई साल पहले जब 'रामायण' सीरियल स्क्रीन पर आया था, तो उसका संसार जनता के लिए अद्भुत था. तबसे अबतक बहुत कुछ बदल चुका है. दीपिका चिखलिया के लिए सीता के किरदार को आत्मसात कर पाना बहुत मुश्किलों से भरा था. हालांकि आज उन्हें दीपिका के नाम से कम सीता के रोल के लिए ज्यादा पहचाना जाता है. अपने किरदार की तैयारी और उन दिनों की शूटिंग एक्सपीरियंस वो हमसे शेयर करती हैं. प्रसिद्ध कलाकार अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया दरभंगा पहुंचे. यहां उनका स्वागत विधायक संजय सरावगी ने किया. दोनों कलाकारों को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा इलाका जय श्रीराम के नारो से गूंजने लगा. अरुण गोविल ने कहा कि मिथिला में आकर बहुत अच्छा लगता है. इससे भी बड़ी बात यह है कि यह माता सीता की धरती है. 'जुबली' की कहानी हिंदी सिनेमा के गोल्डन एरा के साथ-साथ बंटवारे के मंजर को बयां करती है. सीरीज आपको पुराने दौर की मनमोहक दुनिया में ले जाती है. अगर सिनेमा से प्यार से है और गोल्डन एरा की यादों में गोते लगाने चाहते हैं, 'जुबली' आपके लिए है. इन छत्तीस सालों में आए फर्क की बात करते हुए दीपिका ने कई बातें शेयर की. दीपिका ने बताया कि कैसे अब दोनों के बीच वैसी धार्मिक वाली केमिस्ट्री नहीं है. अब मुस्कुराने के अलावा दीपिका और अरुण ऑनस्क्रीन लड़ते भी हैं, गुस्सा भी करते हैं. फिल्म के बारे में बात करते हुए दीपिका ने कहा कि- ये एक कोर्टरूम ड्रामा है. एंटेरटेनमेंट की दुनिया में इन दिनों काफी कुछ चल रहा है. बीजेपी नेता चित्रा वाघ ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर-एक्ट्रेस उर्फी जावेद पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाया है. वहीं अशनीर ग्रोवर का कहना है कि वह इस बार शार्क टैंक इंडिया का दूसरा सीजन फॉलो नहीं कर रहे हैं. जगद्गुरु रामभद्राचार्य के एक सत्संग में अरुण गोविल पहुंचे थे. यहां अरुण गोविल आते हैं और रामभद्राचार्य के पैर छूते हैं. तभी रामभद्राचार्य उन्हें अपने सीने से लगा लेते हैं. कुछ सेकेंड्स के लिए उन्होंने अरुण गोविल को गले से लगाए रखा. रामभद्राचार्य इस दौरान रोने लगे, वे काफी भावुक नजर आए. जगद्गुरु ने अरुण को संवाद सुनाने को कहा. इंडस्ट्री की मशहूर अदाकारा तबस्सुम की शादी अरुण गोविल के बड़े भाई विजय गोविल से हुई थी. एक्ट्रेस का होशांग गोविल नामक बेटा भी है. इस वक्त तबस्सुम के परिवार पर क्या बीत रही होगी. इस बारे में कुछ भी कहना आसान नहीं है. वहीं अब भाभी तबस्सुम के निधन पर अरुण गोविल ने दुख जताया है. अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया झलक दिखला जा डांस बेस्ड रिएलिटी शो पर स्पेशल गेस्ट के तौर पर शामिल हुए. दिवाली के मौके पर दोनों को गेस्ट ऑफ ऑनर बन लोगों को पति-पत्नी का महत्व समझाते दिखाई दिए. यूजर्स कमेंट कर अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया की तारीफों के पुल बांध रहे हैं. झलक दिखला जा दस का नया प्रोमो शेयर किया गया है. दिवाली के शुभ अवसर पर दीपिका और अरुण गोविल डांस रियलिटी शो के गेस्ट बनकर आ रहे हैं. झलक दिखला जा पर अरुण गोविल को रावण का वध करते भी देखा जाएगा. प्रोमो में रामायण के दोनों कलाकार सीरियल के सीन को रीक्रिएट करते नजर आए. आदिपुरुष के टीजर पर अरुण गोविल का रिएरक्शन सामने आया है. वो कहते हैं, रामायण और महाभारत जैसे जितने भी ग्रंथ और शास्त्र हैं, ये हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर है. ये हमारी संस्कृति है, जड़ है. सारी मानव सभ्यता के लिये एक नीव सामान है. ना नींव को हिला सकते हैं और ना ही जड़ को. रामायण में अरुण गोविल ने राम का किरदार पैंतीस साल पहले निभाया था. तब भी एक्टर को लोग पूजते थे और आज भी. पिछले दिनों एयरपोर्ट पर एक महिला ने एक्टर के पैर छुए थे. इस पर अरुण गोविल ने कहा- ये उन भक्तों के मन में आता है कि इस आदमी के पांव छूने हैं, मेरा क्या रिएक्शन होना चाहिए? रामायण में अरुण गोविल ने प्रभु राम का किरदार निभाया ही नहीं, बल्कि उसे जिया भी है. शो में राम का रोल अदा करते हुए देख लोग उन्हें सच का भगवान समझने लगे थे. फैंस के बीच अरुण गोविल का जलवा आज भी कायम है. इसलिये एयरपोर्ट पर उन्हें देखकर एक महिला इमोशनल हो गई और पैर छुए.
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माँ एक शब्द नही है संसार बसता है उसमें,
अपने खून से सींचकर हमे जीवन देती है,
कितनी भी मुश्किलें क्यूँ न सहे,
मगर कभी कुछ नही कहती है,
कब मुझे भूख लगी कब मुझे प्यास लगती है,
न जाने कैसे समझ जाती है माँ,
बिना मेरे कुछ कहे सब समझ जाती है माँ,
खुद तो भूखे रह लेगी माँ,
अपने हिस्से का हर निवाला क्यूँ बांट देती है माँ,
पालपोसकर इतना बड़ा कर देती है माँ,
फिर भी कभी एहसान जताती नही माँ,
कभी प्यार से डांट देती है माँ,
और एक पल में ही मना लेती है माँ,
नसीब वालो को मिलता है प्यार माँ का,
मेरे दिल मे बसती है मेरी माँ,
कितना प्यार देती है माँ ये शब्द कम पड़ जायेंगे,
मेरे ज़िन्दगी का अहम हिस्सा है मेरी माँ,
उसने ही ये संसार दिखाया,
मुझे चलना सिखाया हर कदम पर गिरने से बचाया,
मेरी प्यारी माँ तुम न होती तो मैं ना होती,
इन आँखों से कैसे संसार को देखती,
बस मेरे पास सदा रहना प्यारी माँ,
कभी खुद से दूर न करना मेरी माँ...।
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माँ एक शब्द नही है संसार बसता है उसमें, अपने खून से सींचकर हमे जीवन देती है, कितनी भी मुश्किलें क्यूँ न सहे, मगर कभी कुछ नही कहती है, कब मुझे भूख लगी कब मुझे प्यास लगती है, न जाने कैसे समझ जाती है माँ, बिना मेरे कुछ कहे सब समझ जाती है माँ, खुद तो भूखे रह लेगी माँ, अपने हिस्से का हर निवाला क्यूँ बांट देती है माँ, पालपोसकर इतना बड़ा कर देती है माँ, फिर भी कभी एहसान जताती नही माँ, कभी प्यार से डांट देती है माँ, और एक पल में ही मना लेती है माँ, नसीब वालो को मिलता है प्यार माँ का, मेरे दिल मे बसती है मेरी माँ, कितना प्यार देती है माँ ये शब्द कम पड़ जायेंगे, मेरे ज़िन्दगी का अहम हिस्सा है मेरी माँ, उसने ही ये संसार दिखाया, मुझे चलना सिखाया हर कदम पर गिरने से बचाया, मेरी प्यारी माँ तुम न होती तो मैं ना होती, इन आँखों से कैसे संसार को देखती, बस मेरे पास सदा रहना प्यारी माँ, कभी खुद से दूर न करना मेरी माँ...।
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अमरावती/दि. 20- स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं में हिरकणी कक्ष का अस्तित्व केवल कागजों पर ही है. जिला परिषद को छोडकर अन्य स्थानों हिरकणी कक्ष का अस्थित्व ही दिखाई नहीं देता और यदि कहीं पर यह कक्ष है भी, तो इस पर ताला लगा रहता है. साथ ही कुछ स्थानों पर कोई सुविधा नहीं है. जिसके चलते महिलाओं को काफी असुविधा का सामना करना पडता है. स्वायत्त संस्थाओं में आम जनता का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला जनप्रतिनिधि भी इस असुविधा का शिकार हो रही है. साथ ही इन स्वायत्त संस्थाओं में अपने किसी काम के लिए आने वाली नवप्रसूता महिलाओं को भी अपने दुधमुहे बच्चे को स्तनपान कराने हेतु खुले में ही बैठना पडता है.
बता दें कि, अपने वार्ड व प्रभाग का कार्यभार देखने वाली कई महिला जनप्रतिनिधियों के बच्चे बेहद छोटे होते है और उन्हें अपने बच्चों को साथ लेकर ही स्थानीय स्वायत्त संस्थाओें में अपने कामकाज के लिए आना पडता है. ऐसी महिला सदस्यों और उनके छोटे बच्चों हेतु प्रत्येक स्थान पर हिरकणी कक्ष स्थापित किया गया है. लेकिन पंचायत समिति व ग्राम पंचायत स्तर पर यह कक्ष उपलब्ध नहीं है. जिसके चलते अपने वार्ड, गट व गन की समस्याओं को रखने हेतु सभागृह में आने वाली महिला सदस्यों को काफी समस्याओं व दिक्कतों का सामना करना पडता है.
जिले की 840 ग्राम पंचायतों में करीब 3 हजार 500 महिला सदस्य है, जो अपने गांव के वार्ड का प्रतिनिधित्व करते हुए ग्रापं का कामकाज देखती है.
जिले की 14 पंचायत समितियों मेें 59 महिला सदस्य है. जिनके द्बारा अपने गण की समस्याओं व दिक्कतों को अपनी पंचायत समितियों में रखा जाता है.
जिला परिषद में 50 गटों का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला सदस्यों की संख्या 30 है, जो ग्रामीण क्षेत्र के गट व गण का प्रतिनिधित्व करती है. ग्रापं, पंस व जिप की सदस्य रहने वाली कई महिला जनप्रतिनिधियों के बच्चे बेहद छोटे व दुधमुहे है. जिनके लिए हिरकणी कक्ष का रहता बेहद जरुरी है.
ग्रामपंचायतों में हिरकणी कक्ष शुरु करने हेतु खुद ग्रामपंचायत प्रशासन ही गंभीर नहीं है. ऐसे में कई महिला प्रतिनिधियों को किसी कार्यालयीन कक्ष में बैठकर अपने दुधमुहे बच्चों को स्तनपान कराना पडता है.
जिला परिषद कार्यालय परिसर में हिरकणी कक्ष तो है, लेेकिन इस कक्ष में साफ-सफाई व पीने के पानी की सुविधाओं का नितांत अभाव है. ऐसे में इस कक्ष में बैठकर अपने बच्चों को स्तनपान कराने में महिलाओं को काफी असुविधाओं का सामना करना पडता है.
जिला परिषद के प्रांगण में हिरकणी कक्ष है. साथ ही कुछ पंचायत समितियों में भी यह सुविधा उपलब्ध है. इसके अलावा जिन स्थानों पर यह सुविधा नहीं है, वहां हिरकणी कक्ष शुरु करने के संदर्भ में संबंधित विभागों के जरिए निर्देश दिए जाएंगे.
- संतोष जोशी,
प्रभारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी,
जिप, अमरावती.
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अमरावती/दि. बीस- स्थानीय स्वायत्त संस्थाओं में हिरकणी कक्ष का अस्तित्व केवल कागजों पर ही है. जिला परिषद को छोडकर अन्य स्थानों हिरकणी कक्ष का अस्थित्व ही दिखाई नहीं देता और यदि कहीं पर यह कक्ष है भी, तो इस पर ताला लगा रहता है. साथ ही कुछ स्थानों पर कोई सुविधा नहीं है. जिसके चलते महिलाओं को काफी असुविधा का सामना करना पडता है. स्वायत्त संस्थाओं में आम जनता का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला जनप्रतिनिधि भी इस असुविधा का शिकार हो रही है. साथ ही इन स्वायत्त संस्थाओं में अपने किसी काम के लिए आने वाली नवप्रसूता महिलाओं को भी अपने दुधमुहे बच्चे को स्तनपान कराने हेतु खुले में ही बैठना पडता है. बता दें कि, अपने वार्ड व प्रभाग का कार्यभार देखने वाली कई महिला जनप्रतिनिधियों के बच्चे बेहद छोटे होते है और उन्हें अपने बच्चों को साथ लेकर ही स्थानीय स्वायत्त संस्थाओें में अपने कामकाज के लिए आना पडता है. ऐसी महिला सदस्यों और उनके छोटे बच्चों हेतु प्रत्येक स्थान पर हिरकणी कक्ष स्थापित किया गया है. लेकिन पंचायत समिति व ग्राम पंचायत स्तर पर यह कक्ष उपलब्ध नहीं है. जिसके चलते अपने वार्ड, गट व गन की समस्याओं को रखने हेतु सभागृह में आने वाली महिला सदस्यों को काफी समस्याओं व दिक्कतों का सामना करना पडता है. जिले की आठ सौ चालीस ग्राम पंचायतों में करीब तीन हजार पाँच सौ महिला सदस्य है, जो अपने गांव के वार्ड का प्रतिनिधित्व करते हुए ग्रापं का कामकाज देखती है. जिले की चौदह पंचायत समितियों मेें उनसठ महिला सदस्य है. जिनके द्बारा अपने गण की समस्याओं व दिक्कतों को अपनी पंचायत समितियों में रखा जाता है. जिला परिषद में पचास गटों का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला सदस्यों की संख्या तीस है, जो ग्रामीण क्षेत्र के गट व गण का प्रतिनिधित्व करती है. ग्रापं, पंस व जिप की सदस्य रहने वाली कई महिला जनप्रतिनिधियों के बच्चे बेहद छोटे व दुधमुहे है. जिनके लिए हिरकणी कक्ष का रहता बेहद जरुरी है. ग्रामपंचायतों में हिरकणी कक्ष शुरु करने हेतु खुद ग्रामपंचायत प्रशासन ही गंभीर नहीं है. ऐसे में कई महिला प्रतिनिधियों को किसी कार्यालयीन कक्ष में बैठकर अपने दुधमुहे बच्चों को स्तनपान कराना पडता है. जिला परिषद कार्यालय परिसर में हिरकणी कक्ष तो है, लेेकिन इस कक्ष में साफ-सफाई व पीने के पानी की सुविधाओं का नितांत अभाव है. ऐसे में इस कक्ष में बैठकर अपने बच्चों को स्तनपान कराने में महिलाओं को काफी असुविधाओं का सामना करना पडता है. जिला परिषद के प्रांगण में हिरकणी कक्ष है. साथ ही कुछ पंचायत समितियों में भी यह सुविधा उपलब्ध है. इसके अलावा जिन स्थानों पर यह सुविधा नहीं है, वहां हिरकणी कक्ष शुरु करने के संदर्भ में संबंधित विभागों के जरिए निर्देश दिए जाएंगे. - संतोष जोशी, प्रभारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिप, अमरावती.
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वॉशिंगटन. अमेरिका ने एक बार फिर से आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई है. अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर माइक पॉम्पियो ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने यहां अगर आतंकी गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं करता है तो अमेरिका को पाकिस्तान में मौजूद ठिकानों को नष्ट करने के लिए मजबूर होना पडेगा. बता दें कि CIA की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस इस्लामाबाद में अफगानिस्तान को लेकर नई रणनीति पर पाकिस्तान के सहयोग के लिए चर्चा करेंगे.
पॉम्पियो ने कहा कि मैटिस अपने पाक दौरे पर पाकिस्तान को समझाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि डिफेंस सेक्रेट्री पाकिस्तान को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह संदेश भी देंगे कि वह पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाहों को लेकर गंभीर हैं. अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि हाफिज पर कार्रवाई नहीं होने की सूरत में उसे अंजाम भुगतने होंगे. मैटिस ने कहा कि उन्हें देश में नेताओं से बात करने और उन्हें समझने का मौका मिलेगा.
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद मैटिस पहली बार मिस्र, जॉर्डन, कुवैत और पाकिस्तान के पांच दिन के दौरे पर आ रहे हैं. मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर तत्काल आरोप तय करने और उसे गिरफ्तार करने के व्हाइट हाउस के अनुरोध के करीब एक हफ्ते बाद मैटिस का यह दौरा हो रहा है. बता दें कि हाफिज सईद को पाकिस्तान सरकार ने जनवरी से ही नजर बंद रखा था. लेकिन 22 नवंबर को पाकिस्ता की अदालत ने हाफिज सईद को नजर बंद से रिहा करने का फैसला सुनाया.
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वॉशिंगटन. अमेरिका ने एक बार फिर से आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई है. अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर माइक पॉम्पियो ने पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान अपने यहां अगर आतंकी गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं करता है तो अमेरिका को पाकिस्तान में मौजूद ठिकानों को नष्ट करने के लिए मजबूर होना पडेगा. बता दें कि CIA की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी रक्षा मंत्री जिम मैटिस इस्लामाबाद में अफगानिस्तान को लेकर नई रणनीति पर पाकिस्तान के सहयोग के लिए चर्चा करेंगे. पॉम्पियो ने कहा कि मैटिस अपने पाक दौरे पर पाकिस्तान को समझाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि डिफेंस सेक्रेट्री पाकिस्तान को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह संदेश भी देंगे कि वह पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों की सुरक्षित पनाहगाहों को लेकर गंभीर हैं. अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि हाफिज पर कार्रवाई नहीं होने की सूरत में उसे अंजाम भुगतने होंगे. मैटिस ने कहा कि उन्हें देश में नेताओं से बात करने और उन्हें समझने का मौका मिलेगा. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद मैटिस पहली बार मिस्र, जॉर्डन, कुवैत और पाकिस्तान के पांच दिन के दौरे पर आ रहे हैं. मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर तत्काल आरोप तय करने और उसे गिरफ्तार करने के व्हाइट हाउस के अनुरोध के करीब एक हफ्ते बाद मैटिस का यह दौरा हो रहा है. बता दें कि हाफिज सईद को पाकिस्तान सरकार ने जनवरी से ही नजर बंद रखा था. लेकिन बाईस नवंबर को पाकिस्ता की अदालत ने हाफिज सईद को नजर बंद से रिहा करने का फैसला सुनाया.
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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के फाइनल की रेस से पाकिस्तान की टीम भी बाहर हो चुकी है। इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की टीम पहले ही बाहर चुकी थी। अब सिर्फ 4 टीमों के पास मौका है।
ICC World Test Championship 2021-23 के फाइनल की रेस से पाकिस्तान की टीम भी बाहर हो चुकी है। इस तरह अब तक कुल 5 टीमें WTC के फाइनल में पहुंचने की राह से भटक गई हैं। कुल 9 टीमों के बीच फाइनल में पहुंचने के लिए दो स्थान हैं, लेकिन अब सिर्फ 4 ही ऐसी टीम बाकी हैं, जो फाइनल में पहुंच सकती हैं। इनमें एक भारत की टीम भी है, जो इस समय दूसरे पायदान पर है।
WTC 23 की अंकतालिका में इस समय ऑस्ट्रेलिया की टीम 76. 92% जीत प्रतिशत के साथ पहले नंबर पर है, जबकि भारत की टीम के खाते में इस समय 55. 77% जीत अंक हैं। इस तरह टीम दूसरे स्थान पर है। वहीं, लिस्ट में तीसरा नाम साउथ अफ्रीका का है, जिसने अब तक 54. 55 फीसदी मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र के तहत जीते हैं। चौथे नंबर पर श्रीलंका का नाम है, जो अभी भी फाइनल की रेस में है।
वहीं, अगर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 के फाइनल की रेस से बाहर होने वाली टीमों की बात करें तो इसमें ताजा नाम पाकिस्तान का जुड़ा है। हालांकि, टीम के पास टॉप 2 में जगह बनाने का मौका है, लेकिन इसके लिए टीम को अपने मैचों के नतीजों पर ही नहीं, बल्कि कई अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। टेस्ट क्रिकेट में ये संभव नहीं है। वहीं, इंग्लैंड की टीम के खाते में 46. 97% जीत अंक जरूर हैं, लेकिन टीम फाइनल में नहीं पहुंच पाएगी, क्योंकि इंग्लैंड की टीम ने अपने WTC चक्र के सभी मुकाबले खेल लिए हैं। इसके अलावा वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश की टीम भी रेस से बाहर हो चुकी है।
पाकिस्तान की बात करें तो इस सीरीज से पहले टीम चौथे स्थान पर थी, लेकिन अब पाकिस्तान की टीम 38. 89% जीत अंकों के साथ सातवें पायदान पर खिसक गई है। पाकिस्तान की टीम को अभी दो मैचों की टेस्ट सीरीज अपनी धरती पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलनी है, लेकिन उस सीरीज में 2-0 से जीतने पर भी टीम टॉप 2 में प्रवेश नहीं कर पाएगी। इस वजह से टीम WTC के फाइनल की रेस से बाहर हो गई है।
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वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप दो हज़ार तेईस के फाइनल की रेस से पाकिस्तान की टीम भी बाहर हो चुकी है। इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की टीम पहले ही बाहर चुकी थी। अब सिर्फ चार टीमों के पास मौका है। ICC World Test Championship दो हज़ार इक्कीस-तेईस के फाइनल की रेस से पाकिस्तान की टीम भी बाहर हो चुकी है। इस तरह अब तक कुल पाँच टीमें WTC के फाइनल में पहुंचने की राह से भटक गई हैं। कुल नौ टीमों के बीच फाइनल में पहुंचने के लिए दो स्थान हैं, लेकिन अब सिर्फ चार ही ऐसी टीम बाकी हैं, जो फाइनल में पहुंच सकती हैं। इनमें एक भारत की टीम भी है, जो इस समय दूसरे पायदान पर है। WTC तेईस की अंकतालिका में इस समय ऑस्ट्रेलिया की टीम छिहत्तर. बानवे% जीत प्रतिशत के साथ पहले नंबर पर है, जबकि भारत की टीम के खाते में इस समय पचपन. सतहत्तर% जीत अंक हैं। इस तरह टीम दूसरे स्थान पर है। वहीं, लिस्ट में तीसरा नाम साउथ अफ्रीका का है, जिसने अब तक चौवन. पचपन फीसदी मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र के तहत जीते हैं। चौथे नंबर पर श्रीलंका का नाम है, जो अभी भी फाइनल की रेस में है। वहीं, अगर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप दो हज़ार तेईस के फाइनल की रेस से बाहर होने वाली टीमों की बात करें तो इसमें ताजा नाम पाकिस्तान का जुड़ा है। हालांकि, टीम के पास टॉप दो में जगह बनाने का मौका है, लेकिन इसके लिए टीम को अपने मैचों के नतीजों पर ही नहीं, बल्कि कई अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। टेस्ट क्रिकेट में ये संभव नहीं है। वहीं, इंग्लैंड की टीम के खाते में छियालीस. सत्तानवे% जीत अंक जरूर हैं, लेकिन टीम फाइनल में नहीं पहुंच पाएगी, क्योंकि इंग्लैंड की टीम ने अपने WTC चक्र के सभी मुकाबले खेल लिए हैं। इसके अलावा वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश की टीम भी रेस से बाहर हो चुकी है। पाकिस्तान की बात करें तो इस सीरीज से पहले टीम चौथे स्थान पर थी, लेकिन अब पाकिस्तान की टीम अड़तीस. नवासी% जीत अंकों के साथ सातवें पायदान पर खिसक गई है। पाकिस्तान की टीम को अभी दो मैचों की टेस्ट सीरीज अपनी धरती पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलनी है, लेकिन उस सीरीज में दो-शून्य से जीतने पर भी टीम टॉप दो में प्रवेश नहीं कर पाएगी। इस वजह से टीम WTC के फाइनल की रेस से बाहर हो गई है।
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लखनऊ : यूपी के राज्य कर विभाग ने एक हफ्ते तक चली छापेमारी के दौरान 208. 15 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है। हालांकि व्यापारियों के भारी विरोध और राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप के बाद जीएसटी चोरी के खिलाफ छापे की कार्रवाई को स्थगित कर दिया है। मौखिक निर्देश पर इस अभियान को स्थगित किया गया है। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक अभियान कुछ दिनों के लिए रोका गया है। विभाग का काम चोरी रोकना है। छापेमारी के दौरान किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं किया गया। जब तक अभियान रुका रहेगा तब तक भरे गए रिटर्न और आईटीसी के डेटा का मिलान किया जाएगा। राज्यकर विभाग की 264 टीमों ने पांच दिसंबर से छापेमारी का अभियान शुरू किया था। विभाग को लगातार जीएसटी चोरी की शिकायत मिल रही थी। मुख्यमंत्री ने भी कर चोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। अभियान चलाने के लिए 264 टीमों का गठन किया गया।
-अभियान में सैकड़ों व्यापारियों से 17. 53 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
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लखनऊ : यूपी के राज्य कर विभाग ने एक हफ्ते तक चली छापेमारी के दौरान दो सौ आठ. पंद्रह करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है। हालांकि व्यापारियों के भारी विरोध और राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप के बाद जीएसटी चोरी के खिलाफ छापे की कार्रवाई को स्थगित कर दिया है। मौखिक निर्देश पर इस अभियान को स्थगित किया गया है। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक अभियान कुछ दिनों के लिए रोका गया है। विभाग का काम चोरी रोकना है। छापेमारी के दौरान किसी भी व्यापारी का उत्पीड़न नहीं किया गया। जब तक अभियान रुका रहेगा तब तक भरे गए रिटर्न और आईटीसी के डेटा का मिलान किया जाएगा। राज्यकर विभाग की दो सौ चौंसठ टीमों ने पांच दिसंबर से छापेमारी का अभियान शुरू किया था। विभाग को लगातार जीएसटी चोरी की शिकायत मिल रही थी। मुख्यमंत्री ने भी कर चोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। अभियान चलाने के लिए दो सौ चौंसठ टीमों का गठन किया गया। -अभियान में सैकड़ों व्यापारियों से सत्रह. तिरेपन करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
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भागको भेदकर अनिरुद्धवाले बाणको आगे छोड़ता हुआ ऊपरवाले पत्थरसे जा टकराया और फिर वेगसे उस पात्र में ही आकर स्थित हो गया। तथापि बाणवेगके कारण उस पात्रसे एक बूँद भी पानी नीचे नहीं गिरा। बाण जबतक गया आया, तबतक भी जब पानीकी एक बूँद नहीं गिरी, तब यह चमत्कार देखकर सब वीर उन्हें बार-बार साधुवाद देने लगे ॥ ३१ - ३५ ॥
तत्पश्चात् भानुने पात्रको अच्छी तरह देखा-भाला। फिर सबके देखते-देखते नेत्र बंद करके धनुष लेकर दूरसे बाण चलाया। उस बाणने भी उस समय पात्रका भेदन करके उसे अधोमुख कर दिया और फिर तत्काल ही उसका मुख ऊपरकी ओर करके वह उसमें आधा निकला हुआ स्थित हो गया; तब भी बाणके वेगसे एक बूँद भी जल नहीं गिरा और पात्र भी नहीं फूट सका। यह अद्भुत सी बात हुई। इस प्रकार श्रीकृष्णके जो अठारह महारथी पुत्र थे, उन सबने पात्रका भेदन किया, किंतु जलका स्राव नहीं हुआ ॥ ३६ - ३९ ॥ -
यह हस्तलाघव देखकर बिन्दुदेशके राजा दीर्घबाहु बड़े विस्मित हुए। उन्होंने उनके हाथमें अपनी अठारह सुलोचना कन्याएँ प्रदान की। उनके विवाहकालमें शङ्ख, भेरी और आनक आदि बाजे बजे, गन्धवनि गीत
गाये तथा अप्सराओंने नृत्य किया। देवताओंने उन सबके ऊपर जयध्वनिके साथ फूल बरसाये और स्वर्गवासियोंने उन सबकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। राजा दीर्घबाहुने साठ हजार हाथी, एक अरब घोड़े, दस लाख रथ, एक लाख दासियाँ तथा चार लाख शिबिकाएँ दहेजमें दीं। यदुकुलतिलक प्रद्युम्नने वह सारा दहेज द्वारकापुरीको भेज दिया ॥ ४० - ४४ ॥
तत्पश्चात् दीर्घबाहुकी अनुमति ले प्रद्युम्न निषध देशको गये। मैथिल ! निषधके राजाका नाम वीरसेन था। उन्होंने भी महात्मा प्रद्युम्नको भेंट दी। इसी प्रकार भद्रदेशके अधिपति बृहत्सेनने, जो श्रीकृष्णको इष्टदेव माननेवाले तथा श्रीहरिके प्रिय भक्त थे, सेनासहित प्रद्युम्नका सादर पूजन किया। तब वे सैनिकोंसहित माथुर, शूरसेन तथा मधु नामक जनपदोंमें गये। वहाँ स्वागतपूर्वक पूजित हो, वे पुनः मथुरामें आये। तदनन्तर वनोंसहित मथुराकी परिक्रमा करके वे व्रजमें गये। राजन् ! वहाँ उन्होंने गोप-गोपी, यशोदा, व्रजेश्वर नन्दराज, वृषभानु तथा उपनन्दोंको नमस्कार करके बड़ी शोभा पायी। नन्दराजको बारंबार भेंट उपहार अर्पित करके, उन सबके द्वारा प्रमानित हो वे कई दिनोंतक नन्द-गोकुलमें टिके रह ॥ १५-५० ॥
इस प्रकार श्रीगर्गसंहिता में विश्वजितखण्डके अन्तर्गत नारद-बहुलाश्व-संवादमें 'माथुर तथा शूरसेन जनपदोंपर विजय' नामक अठारहवाँ अध्याय पूरा हुआ ॥ १८ ॥
यादव-सेनाका विस्तार; कौरवोंके पास उद्धवका दूतके रूपमें जाकर प्रद्युम्नका संदेश सुनाना; कौरवोंके कटु उत्तरसे रुष्ट यादवोंकी हस्तिनापुरपर चढ़ाई
श्रीनारदजी कहते हैं - राजन् ! इसके बाद वस्त्रोंके व्यवसायी, काँचकी वस्तुओंके निर्माता, वायक महाबाहु प्रद्युम्न अपनी सेनाओंके साथ उच्चस्वरसे (कपड़ा बुनने और सीनेवाले), रँगरेज, कुम्हार, दुन्दुभिनाद करते हुए बड़े वेगसे कुरुदेशमें गये। बीस कंदकार (मिश्री आदि बनानेवाले हलवाई), तुलकार योजन लंबी भूमिपर उनकी सेनाके शिविर लगे थे। (कपासमेंसे रूई निकालनेवाले), पटकार (वस्त्रउस छावनीका विस्तार भी दस योजनसे कम नहीं था । निर्माता), टङ्ककार (तार आदि टाँकनेका काम करनेउस सेनाकी विस्तृत छावनीमें आने-जानेके लिये पाँच वाले) अथवा 'टङ्क' (नामक औजार बनानेवाले) योजन लंबी सड़क थी । वहाँ धनाढ्य वैश्योंने सहस्रों चित्रकार, पत्रकार (कागज बनानेवाले), नाई, पटुवे, दूकानें लगा रखी थीं। रत्नोंके पारखी (जौहरी), शस्त्रकार, पर्णकार (दोने बनानेवाले), शिल्पी,
* यादव-सेनाका विस्तार; कौरवोंके पास उद्धवका दूतके रूपमें जाना *
जोड़करउनसे कहा ।। १५-१८ ।।
उद्धव बोले - राजेन्द्र - शिरोमणे ! प्रद्युम्नने आपके पास मेरे द्वारा जो संदेश कहलाया है, उसे सुनिये'महाबली यादवराज उग्रसेन समस्त भूपतियोंके भी स्वामी हैं। वे समस्त राजाओंको जीतकर राजसूय यज्ञ करेंगे। उन्होंके भेजे हुए रुक्मिणीनन्दन प्रद्युम्न सेनाके साथ जम्बूद्वीपके अत्यन्त उद्भट वीर नरेशोंको जीतनेके लिये निकले हैं। वे चेदिराज शिशुपाल, शाल्व, जरासंध तथा दन्तवक्र आदि भूपालोंपर विजय पाकर यहाँतक आ पहुँचे हैं। आप उन्हें भेंट दीजिये। यादव और कौरव एक दूसरेके भाई-बन्धु हैं। इन बन्धुओंमें एकता बनी रहे, इसके लिये आपको भेंट और उपहारसामग्री देनी ही चाहिये। ऐसा करनेसे कौरवों-वृष्णिवंशियोंमें कलह नहीं होगा। यदि आप भेंट नहीं देंगे तो युद्ध अनिवार्य हो जायगा।' यह उनकी कही हुई बात है, जिसे मैंने आपके सम्मुख प्रस्तुत किया है। महाराज ! यदि मुझसे कोई धृष्टता हुई हो तो उसे क्षमा कीजिये, दूत सर्वथा निर्दोष होता है। अब आप जो उत्तर दें, उसे मैं वहाँ जाकर सुना दूंगा ॥ १९ - २३३ ।।
नारदजी कहते हैं - राजन् ! उद्धवका वह कथन सुनकर समस्त कौरव क्रोधसे तमतमा उठे। वे अपने शौर्य और पराक्रमके मदसे उन्मत्त थे। उनके होठ फड़कने लगे और वे बोले ॥ २४ ॥
लाक्षाकार (लखारे), माली, रजक, (धोबी), तेली, तमोली, पत्थरोंपर खुदाई करने या चित्र बनानेवाले, भड़भूज, काँचभेदी, स्थूल-सूक्ष्म मोती आदि रत्नोंका भेदन करनेवाले - ये सभी कारीगर वहाँकी सड़कपर दृष्टिगोचर होते थे। कहीं भानुमतीका खेल दिखानेवाले बाजीगर थे, कहीं इन्द्रजाल फैलानेवाले जादूगर कहीं नट नृत्य करते थे तो कहीं दो भालुओंका युद्ध होता था। कहीं डमरू बजा बजाकर वानरोंके खेल दिखाये जाते थे, कहीं बारह प्रकारके आभूषणोंसे विभूषित वाराङ्गनाओंके नृत्यका कार्यक्रम चल रहा था। वे वार-वधुएँ अपने दिव्य सोलह शृङ्गारोंसे अप्सराओंका भी मन हर लेती थीं। यद्यपि कौरवोंके लिये यादवोंकी सेना अपने भाई-बन्धुओंकी ही सेना थी, तथापि हस्तिनापुरमें उसका बड़ा भारी आतङ्क फैल गया। वहाँके लोग बड़े वेगसे इधर-उधर खिसकने लगे - वे घबराकर कहीं अन्यत्र चले जानेकी चेष्टामें लग गये। सब लोग अपने घरोंमें अरगला (बिलाई, साँकल एवं ताले) लगाकर भागने लगे। घर-घरमें और जन-जनमें बड़ा भारी कोलाहल होने लगा - सर्वत्र हलचल मच गयी। शौर्य, पराक्रम और बलसे सम्पन्न कौरव चक्रवर्ती राजा थे। वे समुद्रतककी पृथ्वीके अधिपति थे, तथापि यादवोंकी विशाल सेना देखकर वे भी अत्यन्त शङ्कित हो गये ॥ १-४ ॥ प्रद्युम्नने बुद्धिमानोंमें श्रेष्ठ उद्धवको दूत बनाकर भेजा। वे कौरवेन्द्र-नगर हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्रसे मिले। महाराज धृतराष्ट्रके राजमहलका आँगन मदकी धारा बहानेवाले तथा कस्तूरी और कुङ्कुमसे विभूषित गण्डस्थलोंसे सुशोभित हाथियोंकी सिन्दूर-रञ्जित सूँड़पर बैठने और उनके कानोंसे प्रताड़ित होनेवाले भ्रमरोंसे मण्डित था। हस्तिनापुरके स्वामी राजाधिराज धृतराष्ट्रकी सेवामें भीष्म, कर्ण, द्रोण, शल्य, कृपाचार्य, भूरिश्रवा, बालीक, धौम्य, शकुनि, संजय, दुश्शासन, विदुर, लक्ष्मण, दुर्योधन, अश्वत्थामा, सोमदत्त तथा श्रीयज्ञकेतु उपस्थित थे । वे सब-के-सब सोनेके सिंहासनपर श्वेत छत्र और चँवरसे सुशोभित होकर बैठे थे। उसी समय वहाँ पहुँचकर उद्धवने महाराजको प्रणाम किया और हाथ
कौरवोंने कहा - अहो ! कालकी गति दुर्लङ्घ्य है, यह जगत् विचित्र है, दुर्बल सियार भी वनमें सिंहके ऊपर धावा बोलने लगे हैं। जिन्हें हमारे सम्बन्धसे ही प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है, जिनको हमलोगोंने ही राज्यसिंहासन दिया है, वे ही यादव अपने दाताओंके प्रतिकूल उसी प्रकार सिर उठा रहे हैं, जैसे साँप दूध पिलानेवाले दाताओंको ही काट लेते हैं। समस्त वृष्णिवंशी सदाके डरपोक हैं, वे युद्धका अवसर आते ही व्याकुलचित्त हो जाते हैं; तथापि वे निर्लज्ज आज हमलोगोंपर हुकूमत करने चले हैं। उग्रसेनमें बल ही कितना है ! वह अल्पवीर्य होकर भी, जम्बूद्वीपमें निवास करनेवाले समस्त राजाओंको जीतकर, उनसे भेंट लेकर राजसूय यज्ञ करेगा- यह कितने आश्चर्य- की बात है ! जहाँ भीष्म, कर्ण, द्रोण, दुर्योधन आदि
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भागको भेदकर अनिरुद्धवाले बाणको आगे छोड़ता हुआ ऊपरवाले पत्थरसे जा टकराया और फिर वेगसे उस पात्र में ही आकर स्थित हो गया। तथापि बाणवेगके कारण उस पात्रसे एक बूँद भी पानी नीचे नहीं गिरा। बाण जबतक गया आया, तबतक भी जब पानीकी एक बूँद नहीं गिरी, तब यह चमत्कार देखकर सब वीर उन्हें बार-बार साधुवाद देने लगे ॥ इकतीस - पैंतीस ॥ तत्पश्चात् भानुने पात्रको अच्छी तरह देखा-भाला। फिर सबके देखते-देखते नेत्र बंद करके धनुष लेकर दूरसे बाण चलाया। उस बाणने भी उस समय पात्रका भेदन करके उसे अधोमुख कर दिया और फिर तत्काल ही उसका मुख ऊपरकी ओर करके वह उसमें आधा निकला हुआ स्थित हो गया; तब भी बाणके वेगसे एक बूँद भी जल नहीं गिरा और पात्र भी नहीं फूट सका। यह अद्भुत सी बात हुई। इस प्रकार श्रीकृष्णके जो अठारह महारथी पुत्र थे, उन सबने पात्रका भेदन किया, किंतु जलका स्राव नहीं हुआ ॥ छत्तीस - उनतालीस ॥ - यह हस्तलाघव देखकर बिन्दुदेशके राजा दीर्घबाहु बड़े विस्मित हुए। उन्होंने उनके हाथमें अपनी अठारह सुलोचना कन्याएँ प्रदान की। उनके विवाहकालमें शङ्ख, भेरी और आनक आदि बाजे बजे, गन्धवनि गीत गाये तथा अप्सराओंने नृत्य किया। देवताओंने उन सबके ऊपर जयध्वनिके साथ फूल बरसाये और स्वर्गवासियोंने उन सबकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। राजा दीर्घबाहुने साठ हजार हाथी, एक अरब घोड़े, दस लाख रथ, एक लाख दासियाँ तथा चार लाख शिबिकाएँ दहेजमें दीं। यदुकुलतिलक प्रद्युम्नने वह सारा दहेज द्वारकापुरीको भेज दिया ॥ चालीस - चौंतालीस ॥ तत्पश्चात् दीर्घबाहुकी अनुमति ले प्रद्युम्न निषध देशको गये। मैथिल ! निषधके राजाका नाम वीरसेन था। उन्होंने भी महात्मा प्रद्युम्नको भेंट दी। इसी प्रकार भद्रदेशके अधिपति बृहत्सेनने, जो श्रीकृष्णको इष्टदेव माननेवाले तथा श्रीहरिके प्रिय भक्त थे, सेनासहित प्रद्युम्नका सादर पूजन किया। तब वे सैनिकोंसहित माथुर, शूरसेन तथा मधु नामक जनपदोंमें गये। वहाँ स्वागतपूर्वक पूजित हो, वे पुनः मथुरामें आये। तदनन्तर वनोंसहित मथुराकी परिक्रमा करके वे व्रजमें गये। राजन् ! वहाँ उन्होंने गोप-गोपी, यशोदा, व्रजेश्वर नन्दराज, वृषभानु तथा उपनन्दोंको नमस्कार करके बड़ी शोभा पायी। नन्दराजको बारंबार भेंट उपहार अर्पित करके, उन सबके द्वारा प्रमानित हो वे कई दिनोंतक नन्द-गोकुलमें टिके रह ॥ पंद्रह-पचास ॥ इस प्रकार श्रीगर्गसंहिता में विश्वजितखण्डके अन्तर्गत नारद-बहुलाश्व-संवादमें 'माथुर तथा शूरसेन जनपदोंपर विजय' नामक अठारहवाँ अध्याय पूरा हुआ ॥ अट्ठारह ॥ यादव-सेनाका विस्तार; कौरवोंके पास उद्धवका दूतके रूपमें जाकर प्रद्युम्नका संदेश सुनाना; कौरवोंके कटु उत्तरसे रुष्ट यादवोंकी हस्तिनापुरपर चढ़ाई श्रीनारदजी कहते हैं - राजन् ! इसके बाद वस्त्रोंके व्यवसायी, काँचकी वस्तुओंके निर्माता, वायक महाबाहु प्रद्युम्न अपनी सेनाओंके साथ उच्चस्वरसे , रँगरेज, कुम्हार, दुन्दुभिनाद करते हुए बड़े वेगसे कुरुदेशमें गये। बीस कंदकार , तुलकार योजन लंबी भूमिपर उनकी सेनाके शिविर लगे थे। , पटकार , टङ्ककार अथवा 'टङ्क' योजन लंबी सड़क थी । वहाँ धनाढ्य वैश्योंने सहस्रों चित्रकार, पत्रकार , नाई, पटुवे, दूकानें लगा रखी थीं। रत्नोंके पारखी , शस्त्रकार, पर्णकार , शिल्पी, * यादव-सेनाका विस्तार; कौरवोंके पास उद्धवका दूतके रूपमें जाना * जोड़करउनसे कहा ।। पंद्रह-अट्ठारह ।। उद्धव बोले - राजेन्द्र - शिरोमणे ! प्रद्युम्नने आपके पास मेरे द्वारा जो संदेश कहलाया है, उसे सुनिये'महाबली यादवराज उग्रसेन समस्त भूपतियोंके भी स्वामी हैं। वे समस्त राजाओंको जीतकर राजसूय यज्ञ करेंगे। उन्होंके भेजे हुए रुक्मिणीनन्दन प्रद्युम्न सेनाके साथ जम्बूद्वीपके अत्यन्त उद्भट वीर नरेशोंको जीतनेके लिये निकले हैं। वे चेदिराज शिशुपाल, शाल्व, जरासंध तथा दन्तवक्र आदि भूपालोंपर विजय पाकर यहाँतक आ पहुँचे हैं। आप उन्हें भेंट दीजिये। यादव और कौरव एक दूसरेके भाई-बन्धु हैं। इन बन्धुओंमें एकता बनी रहे, इसके लिये आपको भेंट और उपहारसामग्री देनी ही चाहिये। ऐसा करनेसे कौरवों-वृष्णिवंशियोंमें कलह नहीं होगा। यदि आप भेंट नहीं देंगे तो युद्ध अनिवार्य हो जायगा।' यह उनकी कही हुई बात है, जिसे मैंने आपके सम्मुख प्रस्तुत किया है। महाराज ! यदि मुझसे कोई धृष्टता हुई हो तो उसे क्षमा कीजिये, दूत सर्वथा निर्दोष होता है। अब आप जो उत्तर दें, उसे मैं वहाँ जाकर सुना दूंगा ॥ उन्नीस - दो सौ तैंतीस ।। नारदजी कहते हैं - राजन् ! उद्धवका वह कथन सुनकर समस्त कौरव क्रोधसे तमतमा उठे। वे अपने शौर्य और पराक्रमके मदसे उन्मत्त थे। उनके होठ फड़कने लगे और वे बोले ॥ चौबीस ॥ लाक्षाकार , माली, रजक, , तेली, तमोली, पत्थरोंपर खुदाई करने या चित्र बनानेवाले, भड़भूज, काँचभेदी, स्थूल-सूक्ष्म मोती आदि रत्नोंका भेदन करनेवाले - ये सभी कारीगर वहाँकी सड़कपर दृष्टिगोचर होते थे। कहीं भानुमतीका खेल दिखानेवाले बाजीगर थे, कहीं इन्द्रजाल फैलानेवाले जादूगर कहीं नट नृत्य करते थे तो कहीं दो भालुओंका युद्ध होता था। कहीं डमरू बजा बजाकर वानरोंके खेल दिखाये जाते थे, कहीं बारह प्रकारके आभूषणोंसे विभूषित वाराङ्गनाओंके नृत्यका कार्यक्रम चल रहा था। वे वार-वधुएँ अपने दिव्य सोलह शृङ्गारोंसे अप्सराओंका भी मन हर लेती थीं। यद्यपि कौरवोंके लिये यादवोंकी सेना अपने भाई-बन्धुओंकी ही सेना थी, तथापि हस्तिनापुरमें उसका बड़ा भारी आतङ्क फैल गया। वहाँके लोग बड़े वेगसे इधर-उधर खिसकने लगे - वे घबराकर कहीं अन्यत्र चले जानेकी चेष्टामें लग गये। सब लोग अपने घरोंमें अरगला लगाकर भागने लगे। घर-घरमें और जन-जनमें बड़ा भारी कोलाहल होने लगा - सर्वत्र हलचल मच गयी। शौर्य, पराक्रम और बलसे सम्पन्न कौरव चक्रवर्ती राजा थे। वे समुद्रतककी पृथ्वीके अधिपति थे, तथापि यादवोंकी विशाल सेना देखकर वे भी अत्यन्त शङ्कित हो गये ॥ एक-चार ॥ प्रद्युम्नने बुद्धिमानोंमें श्रेष्ठ उद्धवको दूत बनाकर भेजा। वे कौरवेन्द्र-नगर हस्तिनापुरमें जाकर धृतराष्ट्रसे मिले। महाराज धृतराष्ट्रके राजमहलका आँगन मदकी धारा बहानेवाले तथा कस्तूरी और कुङ्कुमसे विभूषित गण्डस्थलोंसे सुशोभित हाथियोंकी सिन्दूर-रञ्जित सूँड़पर बैठने और उनके कानोंसे प्रताड़ित होनेवाले भ्रमरोंसे मण्डित था। हस्तिनापुरके स्वामी राजाधिराज धृतराष्ट्रकी सेवामें भीष्म, कर्ण, द्रोण, शल्य, कृपाचार्य, भूरिश्रवा, बालीक, धौम्य, शकुनि, संजय, दुश्शासन, विदुर, लक्ष्मण, दुर्योधन, अश्वत्थामा, सोमदत्त तथा श्रीयज्ञकेतु उपस्थित थे । वे सब-के-सब सोनेके सिंहासनपर श्वेत छत्र और चँवरसे सुशोभित होकर बैठे थे। उसी समय वहाँ पहुँचकर उद्धवने महाराजको प्रणाम किया और हाथ कौरवोंने कहा - अहो ! कालकी गति दुर्लङ्घ्य है, यह जगत् विचित्र है, दुर्बल सियार भी वनमें सिंहके ऊपर धावा बोलने लगे हैं। जिन्हें हमारे सम्बन्धसे ही प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है, जिनको हमलोगोंने ही राज्यसिंहासन दिया है, वे ही यादव अपने दाताओंके प्रतिकूल उसी प्रकार सिर उठा रहे हैं, जैसे साँप दूध पिलानेवाले दाताओंको ही काट लेते हैं। समस्त वृष्णिवंशी सदाके डरपोक हैं, वे युद्धका अवसर आते ही व्याकुलचित्त हो जाते हैं; तथापि वे निर्लज्ज आज हमलोगोंपर हुकूमत करने चले हैं। उग्रसेनमें बल ही कितना है ! वह अल्पवीर्य होकर भी, जम्बूद्वीपमें निवास करनेवाले समस्त राजाओंको जीतकर, उनसे भेंट लेकर राजसूय यज्ञ करेगा- यह कितने आश्चर्य- की बात है ! जहाँ भीष्म, कर्ण, द्रोण, दुर्योधन आदि
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भलीभाँति हल नहीं होता, तथापि उससे साहित्य, कला, विज्ञान और शिल्प की उन्नति होती है, जिनकी जीवन में अत्यन्त में उपयोगिता है । 'Man does not live by bread मनुष्य केवल रोटी से ही जीवित नई रोटी शरीर का पोषण करती है पर मन और आत्मा का नहीं । मन और आत्मा के पोषण के लिए हमें आवश्यकता होती है साहित्य और कला की, जो उच्च शिक्षा के प्रसाद हैं । इसके अतिरिक्त हमारे दैनिक जीवन को आवश्यकताओं की पूर्ति विज्ञान और शिल्प से होती है जिनको प्रदान करनेवाली है उच्च शिक्षा ।
संस्कृति और साहित्य
(१) प्रस्तावना - संस्कृति का आशय ( २ ) वैयक्तिक संस्कृति और साहित्य ( क ) भावों का उद्बोधन (ख) आंचरण का परिष्कार १) सामाजिक संस्कृति और साहित्य (क) दोषों एवं कुरीतियों का निवारण ( ख ) मर्यादा की रक्षा ( ४ ) साहित्य और संस्कृति का अन्योन्याश्रय सम्बन्ध ( ५ ) उपसंहार - सारांश
संस्कृति से आशय मन, वचन और कर्म की शुद्धता जिस जाति या समाज में मनुष्यों के हृदय परिष्कृत होंगे, उनके आचरण में शिष्टता पाई जायगी, वह जाति या
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भलीभाँति हल नहीं होता, तथापि उससे साहित्य, कला, विज्ञान और शिल्प की उन्नति होती है, जिनकी जीवन में अत्यन्त में उपयोगिता है । 'Man does not live by bread मनुष्य केवल रोटी से ही जीवित नई रोटी शरीर का पोषण करती है पर मन और आत्मा का नहीं । मन और आत्मा के पोषण के लिए हमें आवश्यकता होती है साहित्य और कला की, जो उच्च शिक्षा के प्रसाद हैं । इसके अतिरिक्त हमारे दैनिक जीवन को आवश्यकताओं की पूर्ति विज्ञान और शिल्प से होती है जिनको प्रदान करनेवाली है उच्च शिक्षा । संस्कृति और साहित्य प्रस्तावना - संस्कृति का आशय वैयक्तिक संस्कृति और साहित्य भावों का उद्बोधन आंचरण का परिष्कार एक) सामाजिक संस्कृति और साहित्य दोषों एवं कुरीतियों का निवारण मर्यादा की रक्षा साहित्य और संस्कृति का अन्योन्याश्रय सम्बन्ध उपसंहार - सारांश संस्कृति से आशय मन, वचन और कर्म की शुद्धता जिस जाति या समाज में मनुष्यों के हृदय परिष्कृत होंगे, उनके आचरण में शिष्टता पाई जायगी, वह जाति या
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आमतौर पर, भावी वर और वधू के माता-पिता सेवा की तलाश करते हैं जो न केवल उन्हें अपनी बेटियों और बेटों के लिए आदर्श जीवन साथी खोजने में मदद कर सकता है, बल्कि उन्हें गठबंधन को जल्दी से अंतिम रूप देने में भी मदद कर सकता है।
दुर्भाग्य से, वे भारी शुल्क का भुगतान करके वैवाहिक एजेंसियों में पंजीकरण करवाते हैं। इसके बावजूद, वे उन प्रोफाइलों को खोजने में विफल रहते हैं जो उनकी अपेक्षाओं को पूरा कर सकते हैं। इस मुद्दे को हल करने के लिए, सियासत मातृ एक नई पहल के साथ आ रही है जो वैवाहिक गठबंधन को पहले कभी भी जल्द से जल्द अंतिम रूप देने में उनकी मदद कर सकती है।
यह पहल, सियासतमात्री कॉन्क्लेव, भावी दुल्हनों और दूल्हों और उनके परिवारों के लिए एक 'केवल आमंत्रित बैठक' होगी।
यह कैसे काम करेगा?
सियासत मातृ के साथ पंजीकृत भावी वर-वधू के प्रोफाइल का चयन प्रोफाइल में निर्दिष्ट अपेक्षाओं के आधार पर किया जाएगा।
चयनित भावी वर-वधू के माता-पिता को सियासत कार्यालय में आमने-सामने बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
वैवाहिक गठबंधनों के लिए हैदराबाद का पहला मुस्लिम सम्मेलन जो पहल है, वह न केवल गठबंधन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि उन लोगों की भी मदद करेगा जो तकनीक-प्रेमी नहीं हैं।
कॉन्क्लेव की विशेषता यह होगी कि भावी वर-वधू के प्रोफाइल का चयन इस प्रकार किया जाएगा कि दोनों की अधिकतम अपेक्षाएं पूरी हों।
इससे पहले, सियासत मातृ ने एक वीडियो वैवाहिक श्रृंखला शुरू की, जिसने कई गठबंधन चाहने वालों को अपने विवाह को अंतिम रूप देने में मदद की है।
श्रृंखला के प्रत्येक एपिसोड में, जीवन के सभी क्षेत्रों के व्यक्तियों के प्रोफाइल प्रदर्शित किए जाते हैं। हर महीने सीरीज के दो एपिसोड दूसरे और चौथे रविवार को रिलीज होते हैं। श्रृंखला का हालिया एपिसोड निम्नलिखित है।
वीडियो मैट्रिमोनियल सीरीज का अगला एपिसोड दोपहर 3 बजे रिलीज होने वाला है. 12 जून को। इसे सियासत मातृ के यूट्यूब चैनल (यहां क्लिक करें) पर देखा जा सकता है।
हाल ही में, एक 27 वर्षीय लड़की, जो विभिन्न एजेंसियों और वैवाहिक वेबसाइट पर पंजीकरण के बावजूद अपनी अपेक्षाओं के अनुसार जीवन साथी नहीं मिल पा रही थी, ने मार्च 2022 के महीने में सियासत मातृ से संपर्क किया।
सियासत मातृ में पंजीकरण के 60 दिनों के भीतर उसे अपना आदर्श जीवन साथी मिल गया।
अब आपकी बारी है। अपने आदर्श जीवन साथी की खोज शुरू करने के लिए सियासत मातृ (यहां क्लिक करें) पर पंजीकरण करें।
सियासत मातृ वेबसाइट के सदस्यों को न केवल दुल्हन और दुल्हन के हजारों प्रोफाइल तक पहुंच प्राप्त होगी, उनकी प्रोफाइल वीडियो वैवाहिक (संभावित दुल्हन और दुल्हन की सहमति लेने के बाद) पर प्रदर्शित की जाएगी।
अब, चयनित भावी वर-वधू के माता-पिता को भी आमने-सामने चर्चा के लिए सियासतमात्री सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा।
Google Play store (अभी डाउनलोड करें) और Apple के लिए iOS ऐप (अभी डाउनलोड करें) से 'सियासत मातृ' के एंड्रॉइड एप्लिकेशन को डाउनलोड करके मोबाइल पर सभी सेवाओं का लाभ उठाया जा सकता है।
किसी भी सहायता के लिए +917207524803 या +917207244144 या +919550494556 पर डायल करके सियासत मातृ टीम से बात करें।
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आमतौर पर, भावी वर और वधू के माता-पिता सेवा की तलाश करते हैं जो न केवल उन्हें अपनी बेटियों और बेटों के लिए आदर्श जीवन साथी खोजने में मदद कर सकता है, बल्कि उन्हें गठबंधन को जल्दी से अंतिम रूप देने में भी मदद कर सकता है। दुर्भाग्य से, वे भारी शुल्क का भुगतान करके वैवाहिक एजेंसियों में पंजीकरण करवाते हैं। इसके बावजूद, वे उन प्रोफाइलों को खोजने में विफल रहते हैं जो उनकी अपेक्षाओं को पूरा कर सकते हैं। इस मुद्दे को हल करने के लिए, सियासत मातृ एक नई पहल के साथ आ रही है जो वैवाहिक गठबंधन को पहले कभी भी जल्द से जल्द अंतिम रूप देने में उनकी मदद कर सकती है। यह पहल, सियासतमात्री कॉन्क्लेव, भावी दुल्हनों और दूल्हों और उनके परिवारों के लिए एक 'केवल आमंत्रित बैठक' होगी। यह कैसे काम करेगा? सियासत मातृ के साथ पंजीकृत भावी वर-वधू के प्रोफाइल का चयन प्रोफाइल में निर्दिष्ट अपेक्षाओं के आधार पर किया जाएगा। चयनित भावी वर-वधू के माता-पिता को सियासत कार्यालय में आमने-सामने बातचीत के लिए आमंत्रित किया जाएगा। वैवाहिक गठबंधनों के लिए हैदराबाद का पहला मुस्लिम सम्मेलन जो पहल है, वह न केवल गठबंधन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया को सरल बनाएगा, बल्कि उन लोगों की भी मदद करेगा जो तकनीक-प्रेमी नहीं हैं। कॉन्क्लेव की विशेषता यह होगी कि भावी वर-वधू के प्रोफाइल का चयन इस प्रकार किया जाएगा कि दोनों की अधिकतम अपेक्षाएं पूरी हों। इससे पहले, सियासत मातृ ने एक वीडियो वैवाहिक श्रृंखला शुरू की, जिसने कई गठबंधन चाहने वालों को अपने विवाह को अंतिम रूप देने में मदद की है। श्रृंखला के प्रत्येक एपिसोड में, जीवन के सभी क्षेत्रों के व्यक्तियों के प्रोफाइल प्रदर्शित किए जाते हैं। हर महीने सीरीज के दो एपिसोड दूसरे और चौथे रविवार को रिलीज होते हैं। श्रृंखला का हालिया एपिसोड निम्नलिखित है। वीडियो मैट्रिमोनियल सीरीज का अगला एपिसोड दोपहर तीन बजे रिलीज होने वाला है. बारह जून को। इसे सियासत मातृ के यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है। हाल ही में, एक सत्ताईस वर्षीय लड़की, जो विभिन्न एजेंसियों और वैवाहिक वेबसाइट पर पंजीकरण के बावजूद अपनी अपेक्षाओं के अनुसार जीवन साथी नहीं मिल पा रही थी, ने मार्च दो हज़ार बाईस के महीने में सियासत मातृ से संपर्क किया। सियासत मातृ में पंजीकरण के साठ दिनों के भीतर उसे अपना आदर्श जीवन साथी मिल गया। अब आपकी बारी है। अपने आदर्श जीवन साथी की खोज शुरू करने के लिए सियासत मातृ पर पंजीकरण करें। सियासत मातृ वेबसाइट के सदस्यों को न केवल दुल्हन और दुल्हन के हजारों प्रोफाइल तक पहुंच प्राप्त होगी, उनकी प्रोफाइल वीडियो वैवाहिक पर प्रदर्शित की जाएगी। अब, चयनित भावी वर-वधू के माता-पिता को भी आमने-सामने चर्चा के लिए सियासतमात्री सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा। Google Play store और Apple के लिए iOS ऐप से 'सियासत मातृ' के एंड्रॉइड एप्लिकेशन को डाउनलोड करके मोबाइल पर सभी सेवाओं का लाभ उठाया जा सकता है। किसी भी सहायता के लिए + नौ एक सात दो शून्य सात पाँच दो चार आठ शून्य तीन या + नौ एक सात दो शून्य सात दो चार चार एक चार चार या + नौ एक नौ पाँच पाँच शून्य चार नौ चार पाँच पाँच छः पर डायल करके सियासत मातृ टीम से बात करें।
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4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है।
विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है।
किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है।
- ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है।
- सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
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चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
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समस्तीपुर में भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि 2024 में फिर से बीजेपी पूरे भारत मे भारी मतों से मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी। बिहार की 40 में 40 सीट बीजेपी जीतेगी। उन्होंने कहा कि 2024 में राजद व जदयू को हाफ कर देंगे और 2025 में उन्हें साफ कर देंगे।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुरः समस्तीपुर के दलसिंहसराय के एक निजी होटल में बुधवार को उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं के इस सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं के इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सम्राट चौधरी ने कहा कि 2024 में फिर से बीजेपी पूरे भारत मे भारी मतों से मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी। बिहार की 40 में 40 सीट बीजेपी जीतेगी।
उन्होंने कहा कि 2024 में राजद व जदयू को हाफ कर देंगे और 2025 में उन्हें पूरी तरह साफ कर देंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि आज सभी भ्रष्टाचारी एक साथ आए है। एक तरफ अकेले मोदी जी खड़े है और दूसरी तरफ ये भ्रष्टाचारी नेताओं की टोली।
उन्होंने नीतीश कुमार से अब गठबंधन करने से इनकार करते हुए कहा कि अब वह बिहार से जाने वाले है। बिहार में शराबबंदी कर राजस्व घाटा करा रहे है, जबकि हकीकत यह है कि अब शराब होम डिलीवरी मिलती है। पुलिस गरीबों पर शराबबंदी के नाम पर अत्याचार कर रही है।
रोजगार को लेकर बिहार सरकार बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार 10 लाख नौकरियां देने की बात करती है लेकिन अब तक सिर्फ हवाबाजी कर रही है। उन्होंने बिहार के विकास के लिए बीजेपी को जीतने की बात कही। साथ ही सभी जिलों में एयरपोर्ट की कल्पना की बात कही ताकि सभी जगहों से कही भी जाना सुगम हो।
उन्होंने कहा कि आगामी 13 को शिक्षकों व रोजगार की मांग को लेकर विधानसभा घेराव में ज्यादा से ज्यादा संख्या में कार्यकर्ताओं को आने की अपील की।
उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए समान नागरिक संहिता पर कहा कि एक देश एक कानून देश में जरूरी है। कई पार्टियों ने इसका समर्थन भी किया है। देश में सभी के लिए कानून बराबर होगा। बीजेपी को सभी की चिंता है।
जदयू नेता नीरज कुमार के द्वारा सम्राट चौधरी के डिग्री को लेकर सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि जदयू इसी तरह बकबास करती रहती है। मैं 1995 से लगातार बिहार की राजनीति में हूं, लड़ना है तो मुझसे लड़ें। जदयू ने पहले लालू यादव को जेल भेजवाने का काम किया और अब तेजस्वी यादव को जेल भेजकर दम लेगी।
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समस्तीपुर में भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि दो हज़ार चौबीस में फिर से बीजेपी पूरे भारत मे भारी मतों से मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी। बिहार की चालीस में चालीस सीट बीजेपी जीतेगी। उन्होंने कहा कि दो हज़ार चौबीस में राजद व जदयू को हाफ कर देंगे और दो हज़ार पच्चीस में उन्हें साफ कर देंगे। जागरण संवाददाता, समस्तीपुरः समस्तीपुर के दलसिंहसराय के एक निजी होटल में बुधवार को उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा के बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं के इस सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। भाजपा बूथ कार्यकर्ताओं के इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सम्राट चौधरी ने कहा कि दो हज़ार चौबीस में फिर से बीजेपी पूरे भारत मे भारी मतों से मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी। बिहार की चालीस में चालीस सीट बीजेपी जीतेगी। उन्होंने कहा कि दो हज़ार चौबीस में राजद व जदयू को हाफ कर देंगे और दो हज़ार पच्चीस में उन्हें पूरी तरह साफ कर देंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि आज सभी भ्रष्टाचारी एक साथ आए है। एक तरफ अकेले मोदी जी खड़े है और दूसरी तरफ ये भ्रष्टाचारी नेताओं की टोली। उन्होंने नीतीश कुमार से अब गठबंधन करने से इनकार करते हुए कहा कि अब वह बिहार से जाने वाले है। बिहार में शराबबंदी कर राजस्व घाटा करा रहे है, जबकि हकीकत यह है कि अब शराब होम डिलीवरी मिलती है। पुलिस गरीबों पर शराबबंदी के नाम पर अत्याचार कर रही है। रोजगार को लेकर बिहार सरकार बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार दस लाख नौकरियां देने की बात करती है लेकिन अब तक सिर्फ हवाबाजी कर रही है। उन्होंने बिहार के विकास के लिए बीजेपी को जीतने की बात कही। साथ ही सभी जिलों में एयरपोर्ट की कल्पना की बात कही ताकि सभी जगहों से कही भी जाना सुगम हो। उन्होंने कहा कि आगामी तेरह को शिक्षकों व रोजगार की मांग को लेकर विधानसभा घेराव में ज्यादा से ज्यादा संख्या में कार्यकर्ताओं को आने की अपील की। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए समान नागरिक संहिता पर कहा कि एक देश एक कानून देश में जरूरी है। कई पार्टियों ने इसका समर्थन भी किया है। देश में सभी के लिए कानून बराबर होगा। बीजेपी को सभी की चिंता है। जदयू नेता नीरज कुमार के द्वारा सम्राट चौधरी के डिग्री को लेकर सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि जदयू इसी तरह बकबास करती रहती है। मैं एक हज़ार नौ सौ पचानवे से लगातार बिहार की राजनीति में हूं, लड़ना है तो मुझसे लड़ें। जदयू ने पहले लालू यादव को जेल भेजवाने का काम किया और अब तेजस्वी यादव को जेल भेजकर दम लेगी।
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ब्रेक्सिट को लेकर ब्रिटेन में तमाम सियासी हलचलों के बीच गुरुवार को एक बड़ी समाचार सामने आई. दरअसल, ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं की मीटिंग से पहले ब्रिटेन व यूरोपीय संघ के बीच ब्रेक्सिट समझौते पर सहमति हो बन गई है.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए बताया कि हम एक नए महान समझौते पर पहुंच गए हैं, जहां से नियंत्रण वापस हमारे पास होगा.
उन्होंने बोला कि अब सिर्फ संसद शनिवार को इसे पारित कर दे ताकि हम अपराध, पर्यावरण, एनएनएस जैसे मुद्दों पर ध्यान दे सकें.
फिलहाल दोनों पक्ष इस समझौते के कानूनी पहलुओं पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए अभी भी ब्रिटेन व यूरोपीय संसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी.
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ब्रेक्सिट को लेकर ब्रिटेन में तमाम सियासी हलचलों के बीच गुरुवार को एक बड़ी समाचार सामने आई. दरअसल, ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं की मीटिंग से पहले ब्रिटेन व यूरोपीय संघ के बीच ब्रेक्सिट समझौते पर सहमति हो बन गई है. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए बताया कि हम एक नए महान समझौते पर पहुंच गए हैं, जहां से नियंत्रण वापस हमारे पास होगा. उन्होंने बोला कि अब सिर्फ संसद शनिवार को इसे पारित कर दे ताकि हम अपराध, पर्यावरण, एनएनएस जैसे मुद्दों पर ध्यान दे सकें. फिलहाल दोनों पक्ष इस समझौते के कानूनी पहलुओं पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए अभी भी ब्रिटेन व यूरोपीय संसदों के समर्थन की आवश्यकता होगी.
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सेवा, सामाजिक जीवन तथा शिक्षा ही हमारा कार्यक्षेत्र हो, हमको ऐसे युग की कल्पना करनी चाहिए, जब हमारा जीवन ध्येय केवल जीविका-उपार्जन न रह जाय । जीवन केवल अर्थशास्त्र या प्रतिस्पर्द्धा की वस्तु न रह जाय । व्यापार के नियम बदल जायँ । एक काम के अनेक करने वाले हों और अनेक व्यक्ति एक ही काम को अपना सकें। मालिक और नौकर में काम करने के घण्टों की झिकझिक दूर हो । मनुष्य केवल मनुष्य ही नहीं है, उसकी आत्मा भी है, उसका देवता भी है, उसका इहलोक और परलोक भी है।
यदि हम अपने तथा दूसरों के हृदय के भीतर बैठकर यह सब समझ जाँय, तो हमारा जीवन कितना सुखी हो जायगा, पर आज हम ऐसा नहीं करते हैं । यह क्यों ? इसका कारण धन की विपत्ति है । धन की दुनियाँ में निर्धन की व्यक्तित्व समाप्त हो जाता है। जब तक अपने व्यक्तित्व के विकास का अवसर न मिले, आदमी सुखी नहीं हो सकता। यह सभ्यता व्यक्तित्व के विकास को रोकती है, बिना इसके विकसित हुए सुख नहीं मिल सकता । सुख वह इत्र है, जिसे दूसरों को लगाने से पहले अपने को लगाना आवश्यक होता है । यह इत्र तभी बनता है, जब हम अपने एक कार्य को दूसरे की सहायता के भाव से करें । हमें चाहे अपनी इच्छाओं का दमन ही क्यों न करना पड़े, पर हमें दूसरे के सुख का आदर करना पड़ेगा । सुख का सबसे बड़ा साधन निःस्वार्थ सेवा ही है ।
संसार में रुपये के सबसे बड़े उपासक यहूदी समझे जाते हैं, पर यहूदी समाज में भी अब धन के विरुद्ध जेहाद शुरू हो गया है । ' यरुशलम मित्र संघ' की ओर से 'चूज' यानी पसन्द कर लो शीर्षक एक पुस्तक प्रकाशित हुई है, जिसका लक्ष्य है- 'तुम ईश्वर तथा शैतान दोनों की एक साथ उपासना नहीं कर सकते।' इसके लेखक श्री आर्थर ई. जोन्स का कहना है कि 'न जाने किस कुघड़ी में रुपयापैसा संसार में आया, जिसने आज हमारे ऊपर ऐसा अधिकार कर लिया है कि हम उसके अंग बन गये हैं। यदि मैं यह कहूँ कि संसार की समृद्धि में सबसे बड़ी बाधा धन यानी रुपया है, तो पुराने लोग सकपका उठेंगे। किन्तु आज संसार में जो भी कुछ पीड़ा है, वह इसी नीच देवता के कारण हैं । खाद्य सामग्री का संकट, रोग-व्याधि - सबका कारण यही है । चूँकि सुख की सभी वस्तुएँ इसी से प्राप्त की जा सकती हैं, इसीलिए संसार में इतना कष्ट है । जितना समय उपभोग की सामग्री के उत्पादन में लगता है, उससे
गायत्री साधना का गुह्य विवेचन ५.३८
कई गुना अधिक समय उन वस्तुओं के विक्रय के दाँवपेंच में लगता है। व्यापार की दुनियाँ में ऐसे करोड़ों नरनारी व्यस्त हैं, जो उत्पत्ति के नाम पर कुछ नहीं करते ।'
'विपत्ति यह है कि आदमी एक दूसरे को प्यार नहीं करते । यदि अपनाने की स्वार्थी भावना के स्थान पर प्रतिपादन की भावना हो जाय तो हर एक वस्तु का आर्थिक महत्व समाप्त हो जाय । आज लाखों आदमी हिसाबकिताब बही खाते के काम में परेशान हैं और लाखों आदमी फौज, पल्टन या पुलिस में केवल इसलिए नियुक्त हैं कि बहीखाते वालों की तथा उनके कोष की रक्षा करें । जेल तथा पुलिस की आवश्यकता रुपये की दुनियाँ में होती है । यदि यही लोग स्वयं उत्पादन के काम में लग जायँ तथा अपनी उत्पत्ति का आर्थिक मूल्य न प्राप्त कर शारीरिक सुख ही प्राप्त कर सकें, तो संसार कितना सुखमय हो जायगा। आज संसार में अटूट सम्पत्ति, उच्च अट्टालिकाओं में, बैंक तथा कम्पनियों के भवनों में सेना, पुलिस, जेल तथा रक्षकों के दल में लगी हुई है। यदि इतनी सम्पत्ति और उसका बढ़ता हुआ मायाजाल संसार का पेट भरने में खर्च होता तो आज की दुनियाँ कैसी होती ? अस्पतालों में लाखों नर-नारी रुपये की मार से या अभाव से बीमार पड़े हैं तथा लाखों नर-नारी धन के लिए जेल काट रहे हैं। प्रायः हर परिवार में इसका झगड़ा है। मालिक तथा नौकर में इसका झगड़ा है । यदि धन की मर्यादा न होती, तो यह संसार कितना मर्यादित हो जाता ।'
यह सत्य है कि संसार से पैसा एकदम उठ जाय, ऐसी सम्भावना नहीं है, पर पैसे का विकास, उसकी महत्ता तथा उसका राज्य रोका अवश्य जा सकता है । इसके लिए हमको अपना मोह तोड़ना होगा, स्वार्थ के स्थान पर पदार्थ, समृद्धि के झूठे सपने के स्थान पर त्याग तथा भाग्य के स्थान पर भगवान की शरण लेनी होगी। नहीं तो आज की हाय-हाय जो हमारे जीवन का सुख नष्ट कर चुकी है, अब हमारी आत्मा को भी नष्ट करने वाली है । हमें सब कुछ खोकर भी अपनी आत्मा को बचाना है ।
धन के प्रति उचित दृष्टिकोण रखिए
बात यह है कि भ्रमवश हम रुपये-पैसे को धन समझ बैठे, स्थावर सम्पत्ति का नामकरण हमने धन के रूप में कर डाला और हमारे जीवन का केन्द्र बिन्दु, आनन्द का स्रोत इस जड़, स्थावर, जंगम के रूप में सामने आया । हमारा प्रवाह गलत मार्ग पर चल पड़ा ।
५.३९ गायत्री साधना का गुह्य विवेचन
क्या हमारे अमूल्य श्वांस-प्रश्वास की कुछ क्रियाओं की तुलना या मूल्यांकन त्रैलोक्य की सम्पूर्ण सम्पत्ति से की जा सकती है ? कारूँ का सारा खजाना जीवन रूपी धन की चरण रज से भी अल्प क्यों माना जाय ? सच्चा धन हमारा स्वास्थ्य है, विश्व की सम्पूर्ण उपलब्ध सामग्री का अस्तित्व जीवन धन की योग्य शक्ति पर ही अवलम्बित हैं। मानव अप्राप्य के लिए चिंतित तथा प्राप्य के प्रति उदासीन है । हमारे पास जो है उसके लिए सुख का श्वांस नहीं लेता, सन्तोष नहीं करता, वरन् क्या नहीं है इसके लिए वह चिन्तित दुःखी व परेशान है । मानव स्वभाव की अनेक दुर्बलताओं में प्राप्य के प्रति असन्तोषी रहना सहज ही स्वभावजन्य पद्धति मानी गई ।
मानव आदिकाल से ही मस्तिष्क का दिवालिया रहा। देखिए न, एक दिन एक हृष्ट-पुष्ट भिक्षुक, जिसका स्वस्थ शरीर सबल अभिव्यक्ति का प्रतीक था, एक गृहस्थ ज्ञानी के द्वार पर आकर अपनी दरिद्रता का, अपनी अपूर्णता का बड़े जोरदार शब्दों में वर्णन सुना रहा था, जिससे पता चलता था, कि वह व्यक्ति महान् निर्धन है और इसके लिए वह विश्व निर्माता ईश्वर को अपराधी करार दे रहा था । अचानक ज्ञानी गृहस्थी ने कहा- भाई हमें अपने छोटे भाई हेतु आँख की पुतली की दरकार है, सौ रुपये लेकर आप हमें देवें । भिक्षुक ने तपाक से नकारात्मक उत्तर दिया कि वह दस हजार रुपये तक भी अपने इस बहुमूल्य शरीर के अवयवों को देने को तैयार नहीं । कुछ क्षण बाद पुनः ज्ञानी गृहस्थ ने कहा- मेरे पुत्र का मोटर दुर्घटना में बाँया पाँव टूट चुका है, अतः दस हजार रुपये, आप नगद लेकर आज ही अस्पताल चलकर अपना पैर दे देंगे तो बड़ी कृपा होगी। इस प्रश्न पर वह भिक्षुक अत्यन्त ही क्रोधित मुद्रा में होकर बोला- दस हजार तो दरकिनार रहे, एक लाख क्या दस लाख तक मैं अपने बहुमूल्य अवयवों को नहीं देऊँगा और रुष्ट होकर जाने लगा। गम्भीरता के साथ ज्ञानी ने रोककर कहा- भाई तुम तो बड़े ही धनी हो जब तुम्हारे दो अवयवों का मूल्य ५० लाख रुपये के लगभग होता है तो भला सम्पूर्ण देह का मूल्य तो अरबों रुपये तक होगा । तुम तो अपनी दरिद्रता का ढिंढोरा पीटते हो अरे लाखों को ठोकर मार रहे हो, अतः जीवन धन अमूल्य है ।
हम अपना दृष्टिकोण ठीक बनावें । मिट्टी के ढेलों को, जड़ वस्तु को धन की उपमा देकर उसकी रक्षा के लिए सन्तरी तैनात किए, विशाल तिजोरियों के अन्दर सुरक्षित किया । चोरों से, डाकुओं से किसी भी मूल्य पर हमने
उसे बचाया, परन्तु प्रतिदिन नष्ट होने वाला, हमारी प्रत्येक दैनिक, अशोच्य क्रियाओं द्वारा घुल-घुल कर मिटने वाला यह जीवन दीप बिना तेल के बुझ जायगा । 'निर्वाण दीपे किम् तैल्य दानम्' फिर क्या होने वाला है, जबकि दीपक बुझ जाय । हमें आलस्य, अकर्मण्यता आदि स्वास्थ्य को हानि पहुँचाने वाली दैनिक क्रियाओं द्वारा इस जीवन धन की रक्षा करनी होगी। व्यसन, व्यभिचार, संयमहीनता के डाकू कहीं लूट न लें । सतर्कता के साथ जागरूक रहना होगा । रुग्ण शैया पर पड़े रोम के अन्तिम सम्राट को राजवैद्य द्वारा अन्तिम निराशाजनक सूचना पाने पर कि वह केवल कुछ क्षणों के ही मेहमान हैं, आस-पास के मंत्रियों से साम्राज्ञी ने कई बार मिन्नतें की कि वे साम्राज्य के कोष का आधा भाग वैद्य के चरणों में भेंट करने को तैयार हैं अगर उन्हें वे दो घण्टे जीवित और रखें । उत्तर था - 'त्रैलोक्य की सम्पूर्ण लक्ष्मी भी सम्राट को निश्चित क्षण से एक श्वाँस भी अधिक देने में असमर्थ है ।" क्या हमारी आँखों के ज्ञान की ज्योति बुझ चुकी है ? क्या उपरोक्त कथन से स्पष्ट नहीं होता कि जीवन धन अमूल्य है, बहुमूल्य है तथा अखिल ब्रहमाण्ड की किसी भी वस्तु की तुलना में वह महान है ?
धन का सच्चा स्वरूप
धन इसलिए जमा करना चाहिए कि उसका सदुपयोग किया जा सके और उसे सुख एवं सन्तोष देने वाले कामों में लगाया जा सके, किन्तु यदि जमा करने की लालसा बढ़कर तृष्णा का रूप धारण कर ले और आदमी बिना धर्म-अधर्म का ख्याल किए पैसा लेने या आवश्यकताओं की उपेक्षा करके उसे जमा करने की कंजूसी का आदी हो जाय तो वह धन धूल के बराबर है। हो सकता है कि कोई आदमी धनी बन जाय, पर उसमें मनुष्यता के आवश्यक गुणों का विकास न हो और उसका चरित्र अत्याचारी, बेईमान या लम्पटों जैसा बना रहे । यदि धन की वृद्धि के साथ-साथ सद्वृत्तियाँ भी न बढ़ें तो समझना चाहिए कि यह धन जमा करना बेकार हुआ और उसने धन को साधन न समझकर साध्य मान लिया है। धन का गुण उदारता बढ़ाना है, हृदय को विशाल करना है, कंजूसी या बेईमानी के भाव जिसके साथ सम्बद्ध हों, वह कमाई केवल दुःखदायी ही सिद्ध होगी ।
जिनका हृदय दुर्भावनाओं से कलुषित हो रहा है, वे यदि कंजूसी से धन जोड़ भी लें तो वह उनके लिए कुछ
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सेवा, सामाजिक जीवन तथा शिक्षा ही हमारा कार्यक्षेत्र हो, हमको ऐसे युग की कल्पना करनी चाहिए, जब हमारा जीवन ध्येय केवल जीविका-उपार्जन न रह जाय । जीवन केवल अर्थशास्त्र या प्रतिस्पर्द्धा की वस्तु न रह जाय । व्यापार के नियम बदल जायँ । एक काम के अनेक करने वाले हों और अनेक व्यक्ति एक ही काम को अपना सकें। मालिक और नौकर में काम करने के घण्टों की झिकझिक दूर हो । मनुष्य केवल मनुष्य ही नहीं है, उसकी आत्मा भी है, उसका देवता भी है, उसका इहलोक और परलोक भी है। यदि हम अपने तथा दूसरों के हृदय के भीतर बैठकर यह सब समझ जाँय, तो हमारा जीवन कितना सुखी हो जायगा, पर आज हम ऐसा नहीं करते हैं । यह क्यों ? इसका कारण धन की विपत्ति है । धन की दुनियाँ में निर्धन की व्यक्तित्व समाप्त हो जाता है। जब तक अपने व्यक्तित्व के विकास का अवसर न मिले, आदमी सुखी नहीं हो सकता। यह सभ्यता व्यक्तित्व के विकास को रोकती है, बिना इसके विकसित हुए सुख नहीं मिल सकता । सुख वह इत्र है, जिसे दूसरों को लगाने से पहले अपने को लगाना आवश्यक होता है । यह इत्र तभी बनता है, जब हम अपने एक कार्य को दूसरे की सहायता के भाव से करें । हमें चाहे अपनी इच्छाओं का दमन ही क्यों न करना पड़े, पर हमें दूसरे के सुख का आदर करना पड़ेगा । सुख का सबसे बड़ा साधन निःस्वार्थ सेवा ही है । संसार में रुपये के सबसे बड़े उपासक यहूदी समझे जाते हैं, पर यहूदी समाज में भी अब धन के विरुद्ध जेहाद शुरू हो गया है । ' यरुशलम मित्र संघ' की ओर से 'चूज' यानी पसन्द कर लो शीर्षक एक पुस्तक प्रकाशित हुई है, जिसका लक्ष्य है- 'तुम ईश्वर तथा शैतान दोनों की एक साथ उपासना नहीं कर सकते।' इसके लेखक श्री आर्थर ई. जोन्स का कहना है कि 'न जाने किस कुघड़ी में रुपयापैसा संसार में आया, जिसने आज हमारे ऊपर ऐसा अधिकार कर लिया है कि हम उसके अंग बन गये हैं। यदि मैं यह कहूँ कि संसार की समृद्धि में सबसे बड़ी बाधा धन यानी रुपया है, तो पुराने लोग सकपका उठेंगे। किन्तु आज संसार में जो भी कुछ पीड़ा है, वह इसी नीच देवता के कारण हैं । खाद्य सामग्री का संकट, रोग-व्याधि - सबका कारण यही है । चूँकि सुख की सभी वस्तुएँ इसी से प्राप्त की जा सकती हैं, इसीलिए संसार में इतना कष्ट है । जितना समय उपभोग की सामग्री के उत्पादन में लगता है, उससे गायत्री साधना का गुह्य विवेचन पाँच.अड़तीस कई गुना अधिक समय उन वस्तुओं के विक्रय के दाँवपेंच में लगता है। व्यापार की दुनियाँ में ऐसे करोड़ों नरनारी व्यस्त हैं, जो उत्पत्ति के नाम पर कुछ नहीं करते ।' 'विपत्ति यह है कि आदमी एक दूसरे को प्यार नहीं करते । यदि अपनाने की स्वार्थी भावना के स्थान पर प्रतिपादन की भावना हो जाय तो हर एक वस्तु का आर्थिक महत्व समाप्त हो जाय । आज लाखों आदमी हिसाबकिताब बही खाते के काम में परेशान हैं और लाखों आदमी फौज, पल्टन या पुलिस में केवल इसलिए नियुक्त हैं कि बहीखाते वालों की तथा उनके कोष की रक्षा करें । जेल तथा पुलिस की आवश्यकता रुपये की दुनियाँ में होती है । यदि यही लोग स्वयं उत्पादन के काम में लग जायँ तथा अपनी उत्पत्ति का आर्थिक मूल्य न प्राप्त कर शारीरिक सुख ही प्राप्त कर सकें, तो संसार कितना सुखमय हो जायगा। आज संसार में अटूट सम्पत्ति, उच्च अट्टालिकाओं में, बैंक तथा कम्पनियों के भवनों में सेना, पुलिस, जेल तथा रक्षकों के दल में लगी हुई है। यदि इतनी सम्पत्ति और उसका बढ़ता हुआ मायाजाल संसार का पेट भरने में खर्च होता तो आज की दुनियाँ कैसी होती ? अस्पतालों में लाखों नर-नारी रुपये की मार से या अभाव से बीमार पड़े हैं तथा लाखों नर-नारी धन के लिए जेल काट रहे हैं। प्रायः हर परिवार में इसका झगड़ा है। मालिक तथा नौकर में इसका झगड़ा है । यदि धन की मर्यादा न होती, तो यह संसार कितना मर्यादित हो जाता ।' यह सत्य है कि संसार से पैसा एकदम उठ जाय, ऐसी सम्भावना नहीं है, पर पैसे का विकास, उसकी महत्ता तथा उसका राज्य रोका अवश्य जा सकता है । इसके लिए हमको अपना मोह तोड़ना होगा, स्वार्थ के स्थान पर पदार्थ, समृद्धि के झूठे सपने के स्थान पर त्याग तथा भाग्य के स्थान पर भगवान की शरण लेनी होगी। नहीं तो आज की हाय-हाय जो हमारे जीवन का सुख नष्ट कर चुकी है, अब हमारी आत्मा को भी नष्ट करने वाली है । हमें सब कुछ खोकर भी अपनी आत्मा को बचाना है । धन के प्रति उचित दृष्टिकोण रखिए बात यह है कि भ्रमवश हम रुपये-पैसे को धन समझ बैठे, स्थावर सम्पत्ति का नामकरण हमने धन के रूप में कर डाला और हमारे जीवन का केन्द्र बिन्दु, आनन्द का स्रोत इस जड़, स्थावर, जंगम के रूप में सामने आया । हमारा प्रवाह गलत मार्ग पर चल पड़ा । पाँच.उनतालीस गायत्री साधना का गुह्य विवेचन क्या हमारे अमूल्य श्वांस-प्रश्वास की कुछ क्रियाओं की तुलना या मूल्यांकन त्रैलोक्य की सम्पूर्ण सम्पत्ति से की जा सकती है ? कारूँ का सारा खजाना जीवन रूपी धन की चरण रज से भी अल्प क्यों माना जाय ? सच्चा धन हमारा स्वास्थ्य है, विश्व की सम्पूर्ण उपलब्ध सामग्री का अस्तित्व जीवन धन की योग्य शक्ति पर ही अवलम्बित हैं। मानव अप्राप्य के लिए चिंतित तथा प्राप्य के प्रति उदासीन है । हमारे पास जो है उसके लिए सुख का श्वांस नहीं लेता, सन्तोष नहीं करता, वरन् क्या नहीं है इसके लिए वह चिन्तित दुःखी व परेशान है । मानव स्वभाव की अनेक दुर्बलताओं में प्राप्य के प्रति असन्तोषी रहना सहज ही स्वभावजन्य पद्धति मानी गई । मानव आदिकाल से ही मस्तिष्क का दिवालिया रहा। देखिए न, एक दिन एक हृष्ट-पुष्ट भिक्षुक, जिसका स्वस्थ शरीर सबल अभिव्यक्ति का प्रतीक था, एक गृहस्थ ज्ञानी के द्वार पर आकर अपनी दरिद्रता का, अपनी अपूर्णता का बड़े जोरदार शब्दों में वर्णन सुना रहा था, जिससे पता चलता था, कि वह व्यक्ति महान् निर्धन है और इसके लिए वह विश्व निर्माता ईश्वर को अपराधी करार दे रहा था । अचानक ज्ञानी गृहस्थी ने कहा- भाई हमें अपने छोटे भाई हेतु आँख की पुतली की दरकार है, सौ रुपये लेकर आप हमें देवें । भिक्षुक ने तपाक से नकारात्मक उत्तर दिया कि वह दस हजार रुपये तक भी अपने इस बहुमूल्य शरीर के अवयवों को देने को तैयार नहीं । कुछ क्षण बाद पुनः ज्ञानी गृहस्थ ने कहा- मेरे पुत्र का मोटर दुर्घटना में बाँया पाँव टूट चुका है, अतः दस हजार रुपये, आप नगद लेकर आज ही अस्पताल चलकर अपना पैर दे देंगे तो बड़ी कृपा होगी। इस प्रश्न पर वह भिक्षुक अत्यन्त ही क्रोधित मुद्रा में होकर बोला- दस हजार तो दरकिनार रहे, एक लाख क्या दस लाख तक मैं अपने बहुमूल्य अवयवों को नहीं देऊँगा और रुष्ट होकर जाने लगा। गम्भीरता के साथ ज्ञानी ने रोककर कहा- भाई तुम तो बड़े ही धनी हो जब तुम्हारे दो अवयवों का मूल्य पचास लाख रुपये के लगभग होता है तो भला सम्पूर्ण देह का मूल्य तो अरबों रुपये तक होगा । तुम तो अपनी दरिद्रता का ढिंढोरा पीटते हो अरे लाखों को ठोकर मार रहे हो, अतः जीवन धन अमूल्य है । हम अपना दृष्टिकोण ठीक बनावें । मिट्टी के ढेलों को, जड़ वस्तु को धन की उपमा देकर उसकी रक्षा के लिए सन्तरी तैनात किए, विशाल तिजोरियों के अन्दर सुरक्षित किया । चोरों से, डाकुओं से किसी भी मूल्य पर हमने उसे बचाया, परन्तु प्रतिदिन नष्ट होने वाला, हमारी प्रत्येक दैनिक, अशोच्य क्रियाओं द्वारा घुल-घुल कर मिटने वाला यह जीवन दीप बिना तेल के बुझ जायगा । 'निर्वाण दीपे किम् तैल्य दानम्' फिर क्या होने वाला है, जबकि दीपक बुझ जाय । हमें आलस्य, अकर्मण्यता आदि स्वास्थ्य को हानि पहुँचाने वाली दैनिक क्रियाओं द्वारा इस जीवन धन की रक्षा करनी होगी। व्यसन, व्यभिचार, संयमहीनता के डाकू कहीं लूट न लें । सतर्कता के साथ जागरूक रहना होगा । रुग्ण शैया पर पड़े रोम के अन्तिम सम्राट को राजवैद्य द्वारा अन्तिम निराशाजनक सूचना पाने पर कि वह केवल कुछ क्षणों के ही मेहमान हैं, आस-पास के मंत्रियों से साम्राज्ञी ने कई बार मिन्नतें की कि वे साम्राज्य के कोष का आधा भाग वैद्य के चरणों में भेंट करने को तैयार हैं अगर उन्हें वे दो घण्टे जीवित और रखें । उत्तर था - 'त्रैलोक्य की सम्पूर्ण लक्ष्मी भी सम्राट को निश्चित क्षण से एक श्वाँस भी अधिक देने में असमर्थ है ।" क्या हमारी आँखों के ज्ञान की ज्योति बुझ चुकी है ? क्या उपरोक्त कथन से स्पष्ट नहीं होता कि जीवन धन अमूल्य है, बहुमूल्य है तथा अखिल ब्रहमाण्ड की किसी भी वस्तु की तुलना में वह महान है ? धन का सच्चा स्वरूप धन इसलिए जमा करना चाहिए कि उसका सदुपयोग किया जा सके और उसे सुख एवं सन्तोष देने वाले कामों में लगाया जा सके, किन्तु यदि जमा करने की लालसा बढ़कर तृष्णा का रूप धारण कर ले और आदमी बिना धर्म-अधर्म का ख्याल किए पैसा लेने या आवश्यकताओं की उपेक्षा करके उसे जमा करने की कंजूसी का आदी हो जाय तो वह धन धूल के बराबर है। हो सकता है कि कोई आदमी धनी बन जाय, पर उसमें मनुष्यता के आवश्यक गुणों का विकास न हो और उसका चरित्र अत्याचारी, बेईमान या लम्पटों जैसा बना रहे । यदि धन की वृद्धि के साथ-साथ सद्वृत्तियाँ भी न बढ़ें तो समझना चाहिए कि यह धन जमा करना बेकार हुआ और उसने धन को साधन न समझकर साध्य मान लिया है। धन का गुण उदारता बढ़ाना है, हृदय को विशाल करना है, कंजूसी या बेईमानी के भाव जिसके साथ सम्बद्ध हों, वह कमाई केवल दुःखदायी ही सिद्ध होगी । जिनका हृदय दुर्भावनाओं से कलुषित हो रहा है, वे यदि कंजूसी से धन जोड़ भी लें तो वह उनके लिए कुछ
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झज्जर :(युद्धवीर सिंह लांबा) - - - जिला मुख्यालय के अंतिम छोर पर बसे वीरों की देवभूमि कहे जाने वाले धारौली गांव की संस्था सामाजिक मां-मातृभूमि सेवा समिति की ओर से शनिवार को सुबह 10 बजे धारौली गाँव में सार्वजनिक स्थान जोहड़ पर एक-एक पीपल के पेड़ लगाकर दिवंगत उमेद लाम्बा, दिवंगत विधा देवी लांबा व दिवंगत राज सिंह लाम्बा फौजी को विशेष श्रद्धांजलि उनके बेटो के द्वारा दी गई।
आपको बता दें कि 2 बार रक्तदान देने वाले संदीप लाम्बा के पिता उमेद लाम्बा का 02. 09. 2017 को स्वर्गवास हो गया, 1 बार रक्तदान देने वाले राजेश लांबा की माता विधा देवी लांबा का 17. 10. 2017 को स्वर्गवास हो गया व फौजी कृपाल लाम्बा के पिता राज सिंह लाम्बा फौजी का 19. 10. 2017 सायंकाल निधन हो गया था ।
युद्धवीर सिंह लांबा, अध्यक्ष, मां-मातृभूमि सेवा समिति ने कहा कि हमें बच्चों के जन्म दिन, विवाह, त्यौहार या अन्य खुशी के अवसर पर भी पेड़ लगाने चाहिए और अपने पर्यावरण को संरक्षित करें। हमारे बुजुर्गों ने जो पेड़ लगाए थे आज हमें वो छाया और फल दे रहे हैं। इसलिए हमें भी आने वाली पीढिय़ों के लिए पेड़ लगाने चाहिए।
युद्धवीर सिंह लांबा ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार एक पीपल, एक बरगद के पेड़ लगाने से मनुष्य को कभी भी नरक का गमन नहीं करना पड़ेगा, अर्थात उसे कभी नरक में नहीं जाना पड़ेगा। भविष्य पुराण में वर्णन मिलता है कि पीपल के तीन पेड़ लगाने से सद्गति मिलती है।
गीता में भगवान श्री कृष्ण ने तो पीपल के वृक्ष को स्वयं अपना ही स्वरूप बताया है'अश्वत्थः सर्ववृक्षाणां' अर्थात् समस्त वृक्षों में मैं पीपल का वृक्ष हूं। कहते है पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु निवास करते हैं। महात्मा बुद्ध को पीपल के पेड़ के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था। पीपल का पेड़ हिंदू धर्म में सबसे अहम और पूज्य माना जाता है। आज विज्ञान इस निष्कर्षपर पहुँचा है कि दुनिया का एक मात्र पीपल ही ऐसा वृक्ष है, जो दिन-रात चौबीसों घण्टे ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है तथा कार्बनडाई ऑक्साइड को ग्रहण करता है ।
युद्धवीर सिंह लांबा ने कहा कि गाँव खोरड़ा में किसी भी व्यक्ति/महिला की मृत्यु होने पर गाँव में सार्वजनिक स्थानों पर एक पौधे/ पेड़ लगाए जाने की अच्छी परंपरा हैं।
अंत में दिवंगत उमेद लाम्बा, दिवंगत विधा देवी लांबा व दिवंगत राज सिंह लाम्बा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गयी ।
इस मौके पर जय करण लांबा, कृपाल लांबा, राजेश लांबा, संदीप लाम्बा, मनजीत लांबा, युद्धवीर सिंह लांबा, सोमबीर लांबा, जितेंद्र लांबा, आनंद लांबा, महेश,अमित,चंदर बोस, सिंटू लांबा, कृष्ण, सुमित लांबा, हेमंत लांबा, कृष लांबा, प्रेम लांबा एएसआई व मुख्तार लांबा मौजूद थे।
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झज्जर : - - - जिला मुख्यालय के अंतिम छोर पर बसे वीरों की देवभूमि कहे जाने वाले धारौली गांव की संस्था सामाजिक मां-मातृभूमि सेवा समिति की ओर से शनिवार को सुबह दस बजे धारौली गाँव में सार्वजनिक स्थान जोहड़ पर एक-एक पीपल के पेड़ लगाकर दिवंगत उमेद लाम्बा, दिवंगत विधा देवी लांबा व दिवंगत राज सिंह लाम्बा फौजी को विशेष श्रद्धांजलि उनके बेटो के द्वारा दी गई। आपको बता दें कि दो बार रक्तदान देने वाले संदीप लाम्बा के पिता उमेद लाम्बा का दो. नौ. दो हज़ार सत्रह को स्वर्गवास हो गया, एक बार रक्तदान देने वाले राजेश लांबा की माता विधा देवी लांबा का सत्रह. दस. दो हज़ार सत्रह को स्वर्गवास हो गया व फौजी कृपाल लाम्बा के पिता राज सिंह लाम्बा फौजी का उन्नीस. दस. दो हज़ार सत्रह सायंकाल निधन हो गया था । युद्धवीर सिंह लांबा, अध्यक्ष, मां-मातृभूमि सेवा समिति ने कहा कि हमें बच्चों के जन्म दिन, विवाह, त्यौहार या अन्य खुशी के अवसर पर भी पेड़ लगाने चाहिए और अपने पर्यावरण को संरक्षित करें। हमारे बुजुर्गों ने जो पेड़ लगाए थे आज हमें वो छाया और फल दे रहे हैं। इसलिए हमें भी आने वाली पीढिय़ों के लिए पेड़ लगाने चाहिए। युद्धवीर सिंह लांबा ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार एक पीपल, एक बरगद के पेड़ लगाने से मनुष्य को कभी भी नरक का गमन नहीं करना पड़ेगा, अर्थात उसे कभी नरक में नहीं जाना पड़ेगा। भविष्य पुराण में वर्णन मिलता है कि पीपल के तीन पेड़ लगाने से सद्गति मिलती है। गीता में भगवान श्री कृष्ण ने तो पीपल के वृक्ष को स्वयं अपना ही स्वरूप बताया है'अश्वत्थः सर्ववृक्षाणां' अर्थात् समस्त वृक्षों में मैं पीपल का वृक्ष हूं। कहते है पीपल के वृक्ष में भगवान विष्णु निवास करते हैं। महात्मा बुद्ध को पीपल के पेड़ के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था। पीपल का पेड़ हिंदू धर्म में सबसे अहम और पूज्य माना जाता है। आज विज्ञान इस निष्कर्षपर पहुँचा है कि दुनिया का एक मात्र पीपल ही ऐसा वृक्ष है, जो दिन-रात चौबीसों घण्टे ऑक्सीजन का उत्सर्जन करता है तथा कार्बनडाई ऑक्साइड को ग्रहण करता है । युद्धवीर सिंह लांबा ने कहा कि गाँव खोरड़ा में किसी भी व्यक्ति/महिला की मृत्यु होने पर गाँव में सार्वजनिक स्थानों पर एक पौधे/ पेड़ लगाए जाने की अच्छी परंपरा हैं। अंत में दिवंगत उमेद लाम्बा, दिवंगत विधा देवी लांबा व दिवंगत राज सिंह लाम्बा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की गयी । इस मौके पर जय करण लांबा, कृपाल लांबा, राजेश लांबा, संदीप लाम्बा, मनजीत लांबा, युद्धवीर सिंह लांबा, सोमबीर लांबा, जितेंद्र लांबा, आनंद लांबा, महेश,अमित,चंदर बोस, सिंटू लांबा, कृष्ण, सुमित लांबा, हेमंत लांबा, कृष लांबा, प्रेम लांबा एएसआई व मुख्तार लांबा मौजूद थे।
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नान खटाई बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में मैदा, सूजी और बेसन डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। अब एक और बाउल में देशी घी में चीनी डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। पेस्ट को अच्छे से तब तक फैंटिए जब तक की वो अच्छे से फूला हुआ और गाढा़ होकर एक जैसा ना हो जाए। पेस्ट के फूलने पर उसमें बेकिंग पाउडर और इलायची पाउडर डालकर मिक्स कर लें। अब इसमें पहले बाउल में से मैदा सूजी और बेसन का पेस्ट को मिक्स कर दें। पेस्ट को हाथ से आटे के जैसा हल्का सा गूंथ कर तैयार कर लीजिए।
अब कुकर को गैस पर गरम होने के लिए रखें। कुकर में नमक की परत बिछा दीजिए। अब इस पर एक जाली स्टैंड रख दीजिए। कुकर को ढक कर गरम होने के लिए छोड़ दीजिए। एक ऐसी प्लेट लें जो कुकर में आसानी से आ जाए। प्लेट पर घी लगाकर उसे चिकना कर लीजिए।
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नान खटाई बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में मैदा, सूजी और बेसन डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। अब एक और बाउल में देशी घी में चीनी डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। पेस्ट को अच्छे से तब तक फैंटिए जब तक की वो अच्छे से फूला हुआ और गाढा़ होकर एक जैसा ना हो जाए। पेस्ट के फूलने पर उसमें बेकिंग पाउडर और इलायची पाउडर डालकर मिक्स कर लें। अब इसमें पहले बाउल में से मैदा सूजी और बेसन का पेस्ट को मिक्स कर दें। पेस्ट को हाथ से आटे के जैसा हल्का सा गूंथ कर तैयार कर लीजिए। अब कुकर को गैस पर गरम होने के लिए रखें। कुकर में नमक की परत बिछा दीजिए। अब इस पर एक जाली स्टैंड रख दीजिए। कुकर को ढक कर गरम होने के लिए छोड़ दीजिए। एक ऐसी प्लेट लें जो कुकर में आसानी से आ जाए। प्लेट पर घी लगाकर उसे चिकना कर लीजिए।
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बांदा सदर सीट पर आजादी के बाद से अभी तक सबसे ज्यादा कांग्रेस का दबदबा रहा है। दो बार बसपा को भी जीत मिली है। वहीं 1993 के बाद सत्ताधारी भाजपा को कई साल वनवास काटने के बाद 2017 में पहली बार जीत मिली। बांदा के पर्यटन स्थलों में बांबे ईश्वर पर्वत, माहेश्वरी एवं विंध्यवासिनी देवी का मंदिर है। 2022 के विधानसभा चुनाव में इस सीट भाजपा अपना कब्जा बरकरार रखने की कोशिश में है।
बांदा में सभी राजनीतिक दल इस बार जोर आजमाइश में जुटे हुए हैं। समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने हाल ही में यहां रथ यात्रा में निकाली है। यहां से समाजवादी पार्टी ने 2012 विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन मोदी लहर में 2017 में हार का मुंह देखना पड़ा था। यहां से बीजेपी ने बाजी मारी थी। वर्तमान में यहां से बीजेपी के प्रकाश द्विवेदी विधायक हैं।
2017 में इस सीट पर भाजपा का कमल खिला। भाजपा ने सीट 32828 मतों के भारी अंतर से जीत ली। वहीं तीन बार के विधायक रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री विवेक सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। वह अपना गढ़ नहीं बचा पाए। भाजपा प्रत्याशी प्रकाश द्विवेदी यहां से विधायक चुने गए।
उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। प्रदेश में इस बार सात चरणों में वोटिंग होगी। वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी। बांदा (Banda voting date 2022) जिले में 6 विधानसभाएं (तिंदवारी, बबेरू,नरैनी, बांदा और चित्रकूट) हैं। यहां बांदा सदर सीट पर 23 फरवरी को वोट डाले जाएंगे।
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बांदा सदर सीट पर आजादी के बाद से अभी तक सबसे ज्यादा कांग्रेस का दबदबा रहा है। दो बार बसपा को भी जीत मिली है। वहीं एक हज़ार नौ सौ तिरानवे के बाद सत्ताधारी भाजपा को कई साल वनवास काटने के बाद दो हज़ार सत्रह में पहली बार जीत मिली। बांदा के पर्यटन स्थलों में बांबे ईश्वर पर्वत, माहेश्वरी एवं विंध्यवासिनी देवी का मंदिर है। दो हज़ार बाईस के विधानसभा चुनाव में इस सीट भाजपा अपना कब्जा बरकरार रखने की कोशिश में है। बांदा में सभी राजनीतिक दल इस बार जोर आजमाइश में जुटे हुए हैं। समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने हाल ही में यहां रथ यात्रा में निकाली है। यहां से समाजवादी पार्टी ने दो हज़ार बारह विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन मोदी लहर में दो हज़ार सत्रह में हार का मुंह देखना पड़ा था। यहां से बीजेपी ने बाजी मारी थी। वर्तमान में यहां से बीजेपी के प्रकाश द्विवेदी विधायक हैं। दो हज़ार सत्रह में इस सीट पर भाजपा का कमल खिला। भाजपा ने सीट बत्तीस हज़ार आठ सौ अट्ठाईस मतों के भारी अंतर से जीत ली। वहीं तीन बार के विधायक रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री विवेक सिंह को भी हार का सामना करना पड़ा। वह अपना गढ़ नहीं बचा पाए। भाजपा प्रत्याशी प्रकाश द्विवेदी यहां से विधायक चुने गए। उत्तर प्रदेश की चार सौ तीन विधानसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। प्रदेश में इस बार सात चरणों में वोटिंग होगी। वोटों की गिनती दस मार्च को होगी। बांदा जिले में छः विधानसभाएं हैं। यहां बांदा सदर सीट पर तेईस फरवरी को वोट डाले जाएंगे।
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निर्दोष निकल ही गईं. लेकिन इस बार वे सही कारणों से सुर्खियों में हैं.
वे बॉलीवुड में अपने करियर का आगाज करने जा रही हैं और 'जी लेने दो एक पल' में नजर आएंगी. फिल्म में टीनू आनंद, जरिना वहाब, अंजन श्रीवास्तव और राज बब्बर भी हैं. वह गांव की बाला के रोल में है जो एक गलत शख्स के इश्क में पड़ जाती है.
रोजलिन कहती हैं, 'इस फिल्म को लेकर मैं एक्साइटेड हूं. थोड़ा समय लगा लेकिन बॉलीवुड में डेब्यू कर ही लिया. मैं विवादों से तंग आ चुकी हूं. इसने मेरे करियर को भी नुक्सान पहुंचाया है. इसमें गांव की लड़की और उसके जीवन की कहानी है. इसके अलावा मैं हर हफ्ते थिएटर भी करती हूं जिसमें प्रेमचंद की कहानियों पर आधारित प्ले करती हैं. इनके डायरेक्टर मुजीब खान हैं. '
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निर्दोष निकल ही गईं. लेकिन इस बार वे सही कारणों से सुर्खियों में हैं. वे बॉलीवुड में अपने करियर का आगाज करने जा रही हैं और 'जी लेने दो एक पल' में नजर आएंगी. फिल्म में टीनू आनंद, जरिना वहाब, अंजन श्रीवास्तव और राज बब्बर भी हैं. वह गांव की बाला के रोल में है जो एक गलत शख्स के इश्क में पड़ जाती है. रोजलिन कहती हैं, 'इस फिल्म को लेकर मैं एक्साइटेड हूं. थोड़ा समय लगा लेकिन बॉलीवुड में डेब्यू कर ही लिया. मैं विवादों से तंग आ चुकी हूं. इसने मेरे करियर को भी नुक्सान पहुंचाया है. इसमें गांव की लड़की और उसके जीवन की कहानी है. इसके अलावा मैं हर हफ्ते थिएटर भी करती हूं जिसमें प्रेमचंद की कहानियों पर आधारित प्ले करती हैं. इनके डायरेक्टर मुजीब खान हैं. '
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को स्वीकार किया है। माधुर्य :मम्मटाचार्य के अनुसार चित्त के द्रवीभूत का कारण तथा आह्लादस्वरूप से सम्भोगश्रृंगार में रहने वाला गुण माधुर्य गुण है। सामान्यतः तो माधुर्य गुण सम्भोग श्रृंगार में ही स्थित रहता हैं, किन्तु करूण रस, वियोग श्रृंगार तथा शान्त रस में माधुर्य गुण अपने अतिशय चमत्कार को प्राप्त करता है। अर्थात् अत्याधिक • आह्लाद स्वरूप को धारण करता है। संयोग श्रृंगार की अपेक्षा करूण रस में माधुर्य गुण का उत्कर्ष हुआ करता है। करूण रस की अपेक्षा वियोग श्रृंगार में माधुर्य का प्रकर्ष देखा जाता है। तथा शान्त रस में वियोग श्रृंगार से भी प्रकृष्ट रूप में माधुर्य गुण पाया जाता है। मम्मट ने चित की द्रुति की मात्रा के आधार पर ही उपरोक्त रसों में माधुर्य के उत्कर्ष का निर्धारण किया है मम्मट है इस सन्दर्भ में आन्नदवर्धन से सहमत नहीं है क्योंकि आनन्दव नि जहाँ विप्रलभ श्रृंगार की अपेक्षा करूण रस में चित्त की द्रुति अधिक मानते हैं, वहीं मम्मट करूण की अपेक्षा विप्रलम्भ में चित्त को अधिक द्रुतिशक्ति युक्त मानते है । साथ ही आनन्दवर्धन शान्त रस में माधुर्य की सत्ता नहीं मानते किन्तु मम्मट शान्त रस में ही चित्त का प्रकृष्ट द्रवीभाव स्वीकार करते हैं ।
ओज गुण :ओज चित के दीप्ति रूप विस्तार का हेतु है । जिसकी स्थिति वीर रस में है। जिस प्रकार संयोग श्रृंगार ही माधुर्य का मुख्य आधार है, ठीक उसी प्रकार वीररस में स्थित रहने वाला आत्मा
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को स्वीकार किया है। माधुर्य :मम्मटाचार्य के अनुसार चित्त के द्रवीभूत का कारण तथा आह्लादस्वरूप से सम्भोगश्रृंगार में रहने वाला गुण माधुर्य गुण है। सामान्यतः तो माधुर्य गुण सम्भोग श्रृंगार में ही स्थित रहता हैं, किन्तु करूण रस, वियोग श्रृंगार तथा शान्त रस में माधुर्य गुण अपने अतिशय चमत्कार को प्राप्त करता है। अर्थात् अत्याधिक • आह्लाद स्वरूप को धारण करता है। संयोग श्रृंगार की अपेक्षा करूण रस में माधुर्य गुण का उत्कर्ष हुआ करता है। करूण रस की अपेक्षा वियोग श्रृंगार में माधुर्य का प्रकर्ष देखा जाता है। तथा शान्त रस में वियोग श्रृंगार से भी प्रकृष्ट रूप में माधुर्य गुण पाया जाता है। मम्मट ने चित की द्रुति की मात्रा के आधार पर ही उपरोक्त रसों में माधुर्य के उत्कर्ष का निर्धारण किया है मम्मट है इस सन्दर्भ में आन्नदवर्धन से सहमत नहीं है क्योंकि आनन्दव नि जहाँ विप्रलभ श्रृंगार की अपेक्षा करूण रस में चित्त की द्रुति अधिक मानते हैं, वहीं मम्मट करूण की अपेक्षा विप्रलम्भ में चित्त को अधिक द्रुतिशक्ति युक्त मानते है । साथ ही आनन्दवर्धन शान्त रस में माधुर्य की सत्ता नहीं मानते किन्तु मम्मट शान्त रस में ही चित्त का प्रकृष्ट द्रवीभाव स्वीकार करते हैं । ओज गुण :ओज चित के दीप्ति रूप विस्तार का हेतु है । जिसकी स्थिति वीर रस में है। जिस प्रकार संयोग श्रृंगार ही माधुर्य का मुख्य आधार है, ठीक उसी प्रकार वीररस में स्थित रहने वाला आत्मा
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लंदन। दुनिया की मशहूर पॉप सिंगर रिहाना ने भारत में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में एक ट्वीट किया है। उनके इस ट्वीट के बाद इंग्लैंड के पूर्व लेफ्ट आर्म स्पिनर मोंटी पनेसर ने किसान आंदोलन पर चर्चा के लिए रिहाना को आमंत्रित किया है। 38 साल के पनेसर ने रिहाना के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि वह अपने अपने रेडियो कार्यक्रम 'द फुल मोंटी' में रिहाना का इंटरव्यू करना चाहते हैं।
पनेसर ने कहा, "मैं इस शनिवार अपने पंजाब रेडियो और एशियन एफएक्स रेडियो पर अपने रेडियो कार्यक्रम 'द फुल मोंटी' में भारत में जारी किसान आंदोलन पर आप का इंटरव्यू करना चाहूंगा। "
32 साल की रिहाना ने अपने ट्वीट में सीएनएन का एक आर्टिकल का लिंक शेयर किया था।
इस लिंक के साथ रिहाना ने लिखा, "हम इस पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं। ? "
पिछली बार 2012-13 में इंग्लैंड की टीम जब भारत दौरे पर आई थी तो पनेसर ने 10 विकेट लेकर इंग्लैंड की सीरीज जीत में अहम योगदान दिया था। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट मैचों में 167 विकेट लिए हैं। (आईएएनएस)
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लंदन। दुनिया की मशहूर पॉप सिंगर रिहाना ने भारत में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में एक ट्वीट किया है। उनके इस ट्वीट के बाद इंग्लैंड के पूर्व लेफ्ट आर्म स्पिनर मोंटी पनेसर ने किसान आंदोलन पर चर्चा के लिए रिहाना को आमंत्रित किया है। अड़तीस साल के पनेसर ने रिहाना के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि वह अपने अपने रेडियो कार्यक्रम 'द फुल मोंटी' में रिहाना का इंटरव्यू करना चाहते हैं। पनेसर ने कहा, "मैं इस शनिवार अपने पंजाब रेडियो और एशियन एफएक्स रेडियो पर अपने रेडियो कार्यक्रम 'द फुल मोंटी' में भारत में जारी किसान आंदोलन पर आप का इंटरव्यू करना चाहूंगा। " बत्तीस साल की रिहाना ने अपने ट्वीट में सीएनएन का एक आर्टिकल का लिंक शेयर किया था। इस लिंक के साथ रिहाना ने लिखा, "हम इस पर बात क्यों नहीं कर रहे हैं। ? " पिछली बार दो हज़ार बारह-तेरह में इंग्लैंड की टीम जब भारत दौरे पर आई थी तो पनेसर ने दस विकेट लेकर इंग्लैंड की सीरीज जीत में अहम योगदान दिया था। उन्होंने इंग्लैंड के लिए पचास टेस्ट मैचों में एक सौ सरसठ विकेट लिए हैं।
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देश में मई महीने में 12. 66 लाख नए रोजगार सृजित हुए। यह अप्रैल में हुए 11. 15 लाख रोजगार सृजन के मुकाबले अधिक है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के वेतन भुगतान के आंकड़े से यह पता चला है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की रिपोर्ट के अनुसार ईएसआईसी से 2019 में 1. 49 करोड़ नये अंशधारक जुड़े।
एनएसओ की यह रिपोर्ट ईएसआईसी, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने वाले नये अंशधारकों के आंकड़ों पर आधारित है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय उक्त तीनों निकायों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर वेतन भुगतान से जुड़े नये अंशधारकों का आंकड़ा अप्रैल 2018 से जारी कर रहा है। इसमें सितंबर 2017 से शुरू अवधि को शामिल किया गया।
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देश में मई महीने में बारह. छयासठ लाख नए रोजगार सृजित हुए। यह अप्रैल में हुए ग्यारह. पंद्रह लाख रोजगार सृजन के मुकाबले अधिक है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के वेतन भुगतान के आंकड़े से यह पता चला है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार ईएसआईसी से दो हज़ार उन्नीस में एक. उनचास करोड़ नये अंशधारक जुड़े। एनएसओ की यह रिपोर्ट ईएसआईसी, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन और पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ने वाले नये अंशधारकों के आंकड़ों पर आधारित है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय उक्त तीनों निकायों से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर वेतन भुगतान से जुड़े नये अंशधारकों का आंकड़ा अप्रैल दो हज़ार अट्ठारह से जारी कर रहा है। इसमें सितंबर दो हज़ार सत्रह से शुरू अवधि को शामिल किया गया।
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जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पूर्व क्षेत्र कंपनी ने शहर में पेपर लेस बिजली बिल जारी कर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया है, लेकिन कंपनी प्रबंधन की आनलाइन तैयारी में कई खामियां उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है। बिजली का बिल आनलाइन जमा करने के बावजूद उपभोक्ता बिजली कंपनी का बकायादार बना हुआ है। कई पेमेंट गेटवे के जरिए भुगतान करने के बाद भी रकम बिजली कंपनी तक नहीं पहुंच रही है जबकि उपभोक्ता के खाते से राशि कम हो चुकी है। दो-चार दिन बाद आनलाइन भुगतान वापस उपभोक्ता के खाते में पहुंच रहा है। इस बीच बेवजह उपभोक्ता को सरचार्ज भरना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर लगातार शिकायत मिलने के बावजूद बिजली अधिकारी समाधान नहीं कर पा रहे हैं।
- विजय नगर संभाग के त्रिमूर्ति नगर निवासी एक उपभोक्ता को बिजली बिल आनलाइन जमा करने के लिए चार जुलाई अंतिम तिथि दी गई। उपभोक्ता ने फोन पे के माध्यम से 2841 रुपये का बिजली बिल जमा किया। सात जुलाई को फोन पे से दोबारा यह राशि वापस उपभोक्ता के खाते में वापस आ गई। अब उपभोक्ता को समय से पूर्व बिल भरने के बावजूद सरचार्ज देना पड़ रहा है। बिजली कंपनी के मुख्य अभियंता सीएसएंडए विपिन धगट ने कहा कि यह मामला फोन पे कंपनी से जुड़ा है इसमें बिजली कंपनी को कोई सीधा जुड़ाव नहीं है। जबकि उपभोक्ता का दावा है कि चार दिन बाद राशि वापस क्यों हुई? बिजली कंपनी ने जब यह सुविधा आनलाइन प्रदाता कंपनी को सौंपी तो उनके साथ तालमेल क्यों नहीं रखा।
- चंद्रिका बिहार होमसाइंस कालेज के समीप रहने वाले उपभोक्ता मनीष ने नगर संभाग पश्चिम में शिकायत दी। उनके अनुसार उनके परिसर का बिल 1164 रुपये और 1163 रुपये जून माह का था। इस राशि को उनके द्वारा 8 जुलाई को जमा की गई। भुगतान आनलाइन स्टेट बैंक की ट्रांजेक्शन आइडी सीएचजे 8639445 के माध्यम से किया गया। राशि खाते से कट भी गई लेकिन भुगतान के 24 घंटे बाद भी आनलाइन उपभोक्ता का बिजली बिल बकाया बना हुआ है। उपभोक्ता ने इस संबंध में कार्यपालन अभियंता एसके सिन्हा से शिकायत भी की।
- नगर संभाग पश्चिम में कई ऐसे मामले भी सामने आए जिसमें उपभोक्ता का बिल भुगतान होने के बावजूद आगामी माह बिल बकाया बना हुआ है। इस संबंध में भी कई तरह की शिकायत आ रही है लेकिन इनका निदान कंपनी स्तर पर नहीं हो रहा है।
आनलाइन भुगतान को बढ़ावा देने वाली बिजली कंपनी में आनलाइन समस्याओं का समाधान कहा मिलेगा इसका कोई विकल्प नहीं दिया गया है। बिजली कंपनी ने 1912 शिकायत नंबर सिर्फ जारी किया हुआ है जिसके माध्यम से उपभोक्ता शिकायत करते हैं लेकिन आनलाइन भुगतान से जुड़ी समस्याओं केा लेकर अलग से कोई सहायता उपभोक्ताओं को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जबकि बड़ी संख्या में उपभोक्ता आनलाइन भुगतान की प्रणाली को अपना रहे हैं। इधर बिजली दफ्तर में भी अफसरों को आनलाइन भुगतान से जुड़ी समस्याओं को लेकर अधिक जानकारी नहीं होने से उपभोक्ता का समाधान नहीं हो पा रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि बिजली कंपनी को आनलाइन भुगतान में किसी तरह की तकनीकी खराबी आती है तो उसकी सूचना तत्काल उपभोक्ता को क्यों नहीं मिल रही है। जिस तरह रेलवे आरक्षण आनलाइन करने पर यदि सीट नहीं मिलती इसके बावजूद राशि कटती है तो उसकी जानकारी उपभोक्ता को मिल जाती है। ऐसे में उपभोक्ता दूसरे विकल्प चुनता है लेकिन बिजली कंपनी की तरफ से ऐसी सुविधा नहीं होने के कारण उपभोक्ता भ्रमित हो रहे हैं।
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जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पूर्व क्षेत्र कंपनी ने शहर में पेपर लेस बिजली बिल जारी कर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया है, लेकिन कंपनी प्रबंधन की आनलाइन तैयारी में कई खामियां उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है। बिजली का बिल आनलाइन जमा करने के बावजूद उपभोक्ता बिजली कंपनी का बकायादार बना हुआ है। कई पेमेंट गेटवे के जरिए भुगतान करने के बाद भी रकम बिजली कंपनी तक नहीं पहुंच रही है जबकि उपभोक्ता के खाते से राशि कम हो चुकी है। दो-चार दिन बाद आनलाइन भुगतान वापस उपभोक्ता के खाते में पहुंच रहा है। इस बीच बेवजह उपभोक्ता को सरचार्ज भरना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर लगातार शिकायत मिलने के बावजूद बिजली अधिकारी समाधान नहीं कर पा रहे हैं। - विजय नगर संभाग के त्रिमूर्ति नगर निवासी एक उपभोक्ता को बिजली बिल आनलाइन जमा करने के लिए चार जुलाई अंतिम तिथि दी गई। उपभोक्ता ने फोन पे के माध्यम से दो हज़ार आठ सौ इकतालीस रुपयापये का बिजली बिल जमा किया। सात जुलाई को फोन पे से दोबारा यह राशि वापस उपभोक्ता के खाते में वापस आ गई। अब उपभोक्ता को समय से पूर्व बिल भरने के बावजूद सरचार्ज देना पड़ रहा है। बिजली कंपनी के मुख्य अभियंता सीएसएंडए विपिन धगट ने कहा कि यह मामला फोन पे कंपनी से जुड़ा है इसमें बिजली कंपनी को कोई सीधा जुड़ाव नहीं है। जबकि उपभोक्ता का दावा है कि चार दिन बाद राशि वापस क्यों हुई? बिजली कंपनी ने जब यह सुविधा आनलाइन प्रदाता कंपनी को सौंपी तो उनके साथ तालमेल क्यों नहीं रखा। - चंद्रिका बिहार होमसाइंस कालेज के समीप रहने वाले उपभोक्ता मनीष ने नगर संभाग पश्चिम में शिकायत दी। उनके अनुसार उनके परिसर का बिल एक हज़ार एक सौ चौंसठ रुपयापये और एक हज़ार एक सौ तिरेसठ रुपयापये जून माह का था। इस राशि को उनके द्वारा आठ जुलाई को जमा की गई। भुगतान आनलाइन स्टेट बैंक की ट्रांजेक्शन आइडी सीएचजे छियासी लाख उनतालीस हज़ार चार सौ पैंतालीस के माध्यम से किया गया। राशि खाते से कट भी गई लेकिन भुगतान के चौबीस घंटाटे बाद भी आनलाइन उपभोक्ता का बिजली बिल बकाया बना हुआ है। उपभोक्ता ने इस संबंध में कार्यपालन अभियंता एसके सिन्हा से शिकायत भी की। - नगर संभाग पश्चिम में कई ऐसे मामले भी सामने आए जिसमें उपभोक्ता का बिल भुगतान होने के बावजूद आगामी माह बिल बकाया बना हुआ है। इस संबंध में भी कई तरह की शिकायत आ रही है लेकिन इनका निदान कंपनी स्तर पर नहीं हो रहा है। आनलाइन भुगतान को बढ़ावा देने वाली बिजली कंपनी में आनलाइन समस्याओं का समाधान कहा मिलेगा इसका कोई विकल्प नहीं दिया गया है। बिजली कंपनी ने एक हज़ार नौ सौ बारह शिकायत नंबर सिर्फ जारी किया हुआ है जिसके माध्यम से उपभोक्ता शिकायत करते हैं लेकिन आनलाइन भुगतान से जुड़ी समस्याओं केा लेकर अलग से कोई सहायता उपभोक्ताओं को उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जबकि बड़ी संख्या में उपभोक्ता आनलाइन भुगतान की प्रणाली को अपना रहे हैं। इधर बिजली दफ्तर में भी अफसरों को आनलाइन भुगतान से जुड़ी समस्याओं को लेकर अधिक जानकारी नहीं होने से उपभोक्ता का समाधान नहीं हो पा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि बिजली कंपनी को आनलाइन भुगतान में किसी तरह की तकनीकी खराबी आती है तो उसकी सूचना तत्काल उपभोक्ता को क्यों नहीं मिल रही है। जिस तरह रेलवे आरक्षण आनलाइन करने पर यदि सीट नहीं मिलती इसके बावजूद राशि कटती है तो उसकी जानकारी उपभोक्ता को मिल जाती है। ऐसे में उपभोक्ता दूसरे विकल्प चुनता है लेकिन बिजली कंपनी की तरफ से ऐसी सुविधा नहीं होने के कारण उपभोक्ता भ्रमित हो रहे हैं।
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कराची (13 जनवरी)। बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में पोलियो वैक्सिनेशन केंद्र के बाहर तालिबान के आत्मघाती हमले में सुरक्षा अधिकारियों समेत 15 लोगों की मौत।
काठमांडो (नौ फरवरी): नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री सुशील कोईराला का निधन।
बीजिंग (16 फरवरी): चीन ने दक्षिण चीन सागर के द्वीप पर लंबी दूरी की विमानरोधी मिसाइल तैनात की।
लाहौरः पाकिस्तान ने भारत से मुम्बई आतंकवादी हमला मामले की सुनवाई कर रही आतंकवादी निरोधक अदालत में पेशी के लिए सभी 24 भारतीय गवाहों को भेजने को कहा।
वाशिंगटनः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले भारत और अमेरिका लश्कर और जैश ए मोहम्मद के खिलाफ लड़ाई समेत कई मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के वास्ते ठोस परिणाम हासिल करने के लिए साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए।
वाशिंगटन (13 मार्च): कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल से कहीं अधिक सिख उनके मंत्रिमंडल में हैं।
वॉशिंगटन (एक अप्रैल): भारत ने कहा कि पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र समिति में आतंकी घोषित करने की उसकी अर्जी पर चीन द्वारा तकनीकी रोक लगाए जाने से उसे निराशा हुई।
रियादः सऊदी अरब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने यहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द किंग अब्दुलअजीज सैश' से सम्मानित किया।
लंदन (28 अप्रैल): ब्रिटेन में भारत का निवेश तेजी से बढ़ा जिसके साथ ही भारत, अमेरिका और फ्रांस के बाद ब्रिटेन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत बन गया।
लंदन (28 अप्रैल): मैडम तुसाद संग्रहालय में विश्व के अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले को भी जगह मिली।
वाशिंगटन (13 मई): चीन और पाकिस्तान द्वारा एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध किए जाने की बात पर अमेरिका ने कहा कि भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण कानून की अनिवार्यताओं को पूरा करता है और विशिष्ट क्लब में प्रवेश लेने के लिए तैयार है।
वाशिंगटन (26 मई): भारतीय अमेरिकी छात्र रिषी नायर (12) ने नेशनल जियोग्राफिक बी प्रतियोगिता जीती।
हिरोशिमा (27 मई): बराक ओबामा ने हिरोशिमा के ऐतिहासिक दौरे के दौरान दुनिया के पहले परमाणु हमले के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि दी।
वाशिंगटन (सात जून): अमेरिका ने भारत को एक 'बड़ा रक्षा साझेदार' करार दिया।
वाशिंगटन (सात जून): पठानकोट हमले को 26:11 के समकक्ष मानते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया।
कराची (22 जून): पाकिस्तान के मशहूर सूफी कव्वाल अमजद साबरी की तालिबानी आतंकियों ने हत्या की।
वाशिंगटन (27 जून): भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था का सदस्य बना।
संयुक्त राष्ट्र (तीन अगस्त): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले माह संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी।
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कराची । बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में पोलियो वैक्सिनेशन केंद्र के बाहर तालिबान के आत्मघाती हमले में सुरक्षा अधिकारियों समेत पंद्रह लोगों की मौत। काठमांडो : नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री सुशील कोईराला का निधन। बीजिंग : चीन ने दक्षिण चीन सागर के द्वीप पर लंबी दूरी की विमानरोधी मिसाइल तैनात की। लाहौरः पाकिस्तान ने भारत से मुम्बई आतंकवादी हमला मामले की सुनवाई कर रही आतंकवादी निरोधक अदालत में पेशी के लिए सभी चौबीस भारतीय गवाहों को भेजने को कहा। वाशिंगटनः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले भारत और अमेरिका लश्कर और जैश ए मोहम्मद के खिलाफ लड़ाई समेत कई मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने के वास्ते ठोस परिणाम हासिल करने के लिए साथ मिलकर काम करने पर सहमत हुए। वाशिंगटन : कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल से कहीं अधिक सिख उनके मंत्रिमंडल में हैं। वॉशिंगटन : भारत ने कहा कि पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड और जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र समिति में आतंकी घोषित करने की उसकी अर्जी पर चीन द्वारा तकनीकी रोक लगाए जाने से उसे निराशा हुई। रियादः सऊदी अरब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने यहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द किंग अब्दुलअजीज सैश' से सम्मानित किया। लंदन : ब्रिटेन में भारत का निवेश तेजी से बढ़ा जिसके साथ ही भारत, अमेरिका और फ्रांस के बाद ब्रिटेन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का तीसरा सबसे बड़ा स्रोत बन गया। लंदन : मैडम तुसाद संग्रहालय में विश्व के अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले को भी जगह मिली। वाशिंगटन : चीन और पाकिस्तान द्वारा एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध किए जाने की बात पर अमेरिका ने कहा कि भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण कानून की अनिवार्यताओं को पूरा करता है और विशिष्ट क्लब में प्रवेश लेने के लिए तैयार है। वाशिंगटन : भारतीय अमेरिकी छात्र रिषी नायर ने नेशनल जियोग्राफिक बी प्रतियोगिता जीती। हिरोशिमा : बराक ओबामा ने हिरोशिमा के ऐतिहासिक दौरे के दौरान दुनिया के पहले परमाणु हमले के शिकार लोगों को श्रद्धांजलि दी। वाशिंगटन : अमेरिका ने भारत को एक 'बड़ा रक्षा साझेदार' करार दिया। वाशिंगटन : पठानकोट हमले को छब्बीस:ग्यारह के समकक्ष मानते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया। कराची : पाकिस्तान के मशहूर सूफी कव्वाल अमजद साबरी की तालिबानी आतंकियों ने हत्या की। वाशिंगटन : भारत मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था का सदस्य बना। संयुक्त राष्ट्र : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले माह संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी।
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विशेष अधिकार और सुविधायें प्रदान हो । जिससे आगे चल कर साम तवाद का निरन्तर विकास होता रहा ।
सामतवाद के विकास के कारण - सामतवाद के विकास के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे
(1) विशाल साम्राज्य की स्थापना - मध्ययुगमा विशाल साम्राज्य की स्थापना तो कर लेन थे, लेकिन यातायात के साधना के अभाव के कारण और स्वयं की दुबलताओं के कारण अपने विशाल साम्राज्य को ठीक तरह से नही सभाल सक्ते थे, इसलिये उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से अपना विशाल साम्राज्य कई भागों में विभक्त कर दिया और वहा पर उन्होंने अपने सम्बधयो का शासन करन के लिये नियुक्त किया। इससे सामन्तवाद का तीव्र गति से विकास हुआ ।
रोमन प्रशासन व्यवस्था में स्थानीय शासन का दायित्व कुलीनो पर निर्भर करता था। शक्तिशाली सम्राट के शासनकाल में स्थानीय कुलीन अधिकारी केद्रीय आदेशो के अनुसार शासन करते रहे। जब वेद्र दुबल हो गया तो इन स्थानीय कुलोन अधिकारियो ने स्वतंत्र रूप से शासन करना आरम्भ कर दिया और अपनी सुरक्षा के लिये अपने से अधिक शक्तिशाली कुलीनो का संरक्षण प्राप्त कर लिया ।
(2) राजनीतिक अवस्था - अपने उत्वप काल में रोमन सम्पूर्ण पश्चिमी यूरोप पर अधिकार कर लिया था और एक समय तक उन्होंने वहा पर शांति और सुव्यवस्था बनाये रखो । रोमन साम्राज्य के पतन के समय पश्चिमी यूरोप मे अराजक्ता अशान्ति और अव्यवस्था फलने लगी। इसी समय बाहरी आक्रमण प्रारभ हो गये । इससे किसान बहुत भयभीत हुए क्योकि उनकी रक्षा करने वाला कोई नही था । रात्रि मे बडे बडे बुलीन सरदारों ने अपने साथियों के साथ आमपास के किसानो को लूटना प्रारम्भ कर दिया। इतना ही नहीं इन बुलीन सरदारो ने अपने बराबर के कुलीनो को भी लूटना प्रारम्भ कर दिया ।
कुलीन सरदारा की लूट के कारण विमान बहुत चितित हो गये । उनको हमेशा अपनी फसल चोरी होने का भय रहता था लेकिन उनकी रक्षा करने वाला कोई नहीं था। इस समय विसान बहुत दुखी थे इसके अतिरिक्त कुलीन सरदार भी दुखी थे । क्योकि उह आय दिन बडे सरदारों के हमले का भय लगा रहता था । कुलीन सरदारों के पास अस्त्र शस्न और दुग थे इसलिए किसान चाहते थे वि कुलीन सरदार उनकी रक्षा कर । कुलीन सरकार अपने दुग की रक्षा करन के लिए ऐसे लोगो को तलाश में थे जो उनकी सना में भर्ती हो सकें। इसके अतिरिक्त वे धन भी प्राप्त करना चाहते थे। इसलिए कुलीन सरदारो और किसानो के बीच मे एक समझौता हो गया ।
इस समझौते के अनुसार किसानों ने यह निश्चित हुआ कि सरदार न तो उनको
अपनी भूमि सरदारो को सौप दी और लूटेंगे और न ही उनकी पमला को
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विशेष अधिकार और सुविधायें प्रदान हो । जिससे आगे चल कर साम तवाद का निरन्तर विकास होता रहा । सामतवाद के विकास के कारण - सामतवाद के विकास के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे विशाल साम्राज्य की स्थापना - मध्ययुगमा विशाल साम्राज्य की स्थापना तो कर लेन थे, लेकिन यातायात के साधना के अभाव के कारण और स्वयं की दुबलताओं के कारण अपने विशाल साम्राज्य को ठीक तरह से नही सभाल सक्ते थे, इसलिये उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से अपना विशाल साम्राज्य कई भागों में विभक्त कर दिया और वहा पर उन्होंने अपने सम्बधयो का शासन करन के लिये नियुक्त किया। इससे सामन्तवाद का तीव्र गति से विकास हुआ । रोमन प्रशासन व्यवस्था में स्थानीय शासन का दायित्व कुलीनो पर निर्भर करता था। शक्तिशाली सम्राट के शासनकाल में स्थानीय कुलीन अधिकारी केद्रीय आदेशो के अनुसार शासन करते रहे। जब वेद्र दुबल हो गया तो इन स्थानीय कुलोन अधिकारियो ने स्वतंत्र रूप से शासन करना आरम्भ कर दिया और अपनी सुरक्षा के लिये अपने से अधिक शक्तिशाली कुलीनो का संरक्षण प्राप्त कर लिया । राजनीतिक अवस्था - अपने उत्वप काल में रोमन सम्पूर्ण पश्चिमी यूरोप पर अधिकार कर लिया था और एक समय तक उन्होंने वहा पर शांति और सुव्यवस्था बनाये रखो । रोमन साम्राज्य के पतन के समय पश्चिमी यूरोप मे अराजक्ता अशान्ति और अव्यवस्था फलने लगी। इसी समय बाहरी आक्रमण प्रारभ हो गये । इससे किसान बहुत भयभीत हुए क्योकि उनकी रक्षा करने वाला कोई नही था । रात्रि मे बडे बडे बुलीन सरदारों ने अपने साथियों के साथ आमपास के किसानो को लूटना प्रारम्भ कर दिया। इतना ही नहीं इन बुलीन सरदारो ने अपने बराबर के कुलीनो को भी लूटना प्रारम्भ कर दिया । कुलीन सरदारा की लूट के कारण विमान बहुत चितित हो गये । उनको हमेशा अपनी फसल चोरी होने का भय रहता था लेकिन उनकी रक्षा करने वाला कोई नहीं था। इस समय विसान बहुत दुखी थे इसके अतिरिक्त कुलीन सरदार भी दुखी थे । क्योकि उह आय दिन बडे सरदारों के हमले का भय लगा रहता था । कुलीन सरदारों के पास अस्त्र शस्न और दुग थे इसलिए किसान चाहते थे वि कुलीन सरदार उनकी रक्षा कर । कुलीन सरकार अपने दुग की रक्षा करन के लिए ऐसे लोगो को तलाश में थे जो उनकी सना में भर्ती हो सकें। इसके अतिरिक्त वे धन भी प्राप्त करना चाहते थे। इसलिए कुलीन सरदारो और किसानो के बीच मे एक समझौता हो गया । इस समझौते के अनुसार किसानों ने यह निश्चित हुआ कि सरदार न तो उनको अपनी भूमि सरदारो को सौप दी और लूटेंगे और न ही उनकी पमला को
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Faridabad/Alive News : सोमवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल परिणाम जारी कर दिया। जिसमें हरियाणा के सोनीपत और फरीदाबाद जिले की बेटियों ने डंका बजा दिया। इनमें फरीदाबाद सैक्टर 16 से महक जैन 17वीं रैंक, खरखौदा के गांव झरोठ निवासी प्रतिभा दहिया ने 55वां रैंक, निजामपुर निवासी उत्तम ने 121 वां, गुड़मंडी निवासी गरिमा गर्ग ने 220 वीं रैंक और सेक्टर-23 निवासी निधि ने 524 वीं रैंक हासिल की है। लाडलियों की सफलता पर परिजन फूले नहीं समां रहे। घर पर रिश्तेदारों और जान पहचान वालों का बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है।
फरीदाबाद की निवासी मकैनिकल इंजीनियर प्रदीप जैन की होनहार बेटी महक जैन ने हंसराज कॉलेज से स्नातक और जामिया मिलिया से एमए में पोस्ट ग्रेजुएशन करते हुए यूपीएससी की परीक्षा दी। लोकिन तब वह सफल नहीं हुई। ऐसे वक्त में उनकी माता नीलिमा जैन ने उन्हें निराश नही होने दिया और उसके बाद 2021 में महक ने दोगुनी तैयारी कर की और अपने लक्ष्य को हासिल किया। वहीं स्कूल संचालक रामरूप उर्फ कप्तान की लाडली उत्तम ने अपने तीसरे प्रयास में 121वां रैंक हासिल कर माता-पिता का नाम रोशन कर दिया। उत्तम ने सफलता का श्रेय माता राजकलां, पिता रामरूप व फूफा कर्नल रघुवीर सिंह को दिया है। उसके बाद दिल्ली में करीब 7 महीने की सिविल सेवा परीक्षा के लिए कोचिंग ली। बाद में घर पर रहकर सेल्फ स्टडी की। चार साल से सिविल सेवा की तैयारी कर रही हूं। इसके लिए रोजाना 12 से 14 घंटे पढ़ाई को दिए।
बता दें, कि अपने पांचवें प्रयास में गरिमा ने 220वां रैंक हासिल किया है। गरिमा ने अपनी 10वीं कक्षा तक की शिक्षा हिंदू विद्यापीठ से हासिल की। उसके बाद आईआईटी की तैयारी के लिए कोटा गई। वहीं डीएवी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। उसके बाद बिटस पिलानी से ड्यूल डिग्री की। गरिमा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, मामा, चाचा व परिवार के अन्य सदस्यों को दिया है। गरिमा बताती हैं कि उसने परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली से एक साल तक कोचिंग की, उसके बाद सेल्फ स्टडी करती रही। सामान्य दिनों में वह 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थी।
परीक्षा नजदीक आने पर 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई की। इस दौरान मां सुनीता गर्ग ने हमेशा पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए ही प्रेरित किया। कभी घर का काम करने के लिए भी नहीं कहा। गरिमा गर्ग की मां सुनीता गर्ग दिल्ली में पीजीटी हैं। वे कहती हैं कि अगर बेटियों को मौका मिले तो वो भी आसमान छू सकती हैं।
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Faridabad/Alive News : सोमवार को संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल परिणाम जारी कर दिया। जिसमें हरियाणा के सोनीपत और फरीदाबाद जिले की बेटियों ने डंका बजा दिया। इनमें फरीदाबाद सैक्टर सोलह से महक जैन सत्रहवीं रैंक, खरखौदा के गांव झरोठ निवासी प्रतिभा दहिया ने पचपनवां रैंक, निजामपुर निवासी उत्तम ने एक सौ इक्कीस वां, गुड़मंडी निवासी गरिमा गर्ग ने दो सौ बीस वीं रैंक और सेक्टर-तेईस निवासी निधि ने पाँच सौ चौबीस वीं रैंक हासिल की है। लाडलियों की सफलता पर परिजन फूले नहीं समां रहे। घर पर रिश्तेदारों और जान पहचान वालों का बधाई देने के लिए तांता लगा हुआ है। फरीदाबाद की निवासी मकैनिकल इंजीनियर प्रदीप जैन की होनहार बेटी महक जैन ने हंसराज कॉलेज से स्नातक और जामिया मिलिया से एमए में पोस्ट ग्रेजुएशन करते हुए यूपीएससी की परीक्षा दी। लोकिन तब वह सफल नहीं हुई। ऐसे वक्त में उनकी माता नीलिमा जैन ने उन्हें निराश नही होने दिया और उसके बाद दो हज़ार इक्कीस में महक ने दोगुनी तैयारी कर की और अपने लक्ष्य को हासिल किया। वहीं स्कूल संचालक रामरूप उर्फ कप्तान की लाडली उत्तम ने अपने तीसरे प्रयास में एक सौ इक्कीसवां रैंक हासिल कर माता-पिता का नाम रोशन कर दिया। उत्तम ने सफलता का श्रेय माता राजकलां, पिता रामरूप व फूफा कर्नल रघुवीर सिंह को दिया है। उसके बाद दिल्ली में करीब सात महीने की सिविल सेवा परीक्षा के लिए कोचिंग ली। बाद में घर पर रहकर सेल्फ स्टडी की। चार साल से सिविल सेवा की तैयारी कर रही हूं। इसके लिए रोजाना बारह से चौदह घंटाटे पढ़ाई को दिए। बता दें, कि अपने पांचवें प्रयास में गरिमा ने दो सौ बीसवां रैंक हासिल किया है। गरिमा ने अपनी दसवीं कक्षा तक की शिक्षा हिंदू विद्यापीठ से हासिल की। उसके बाद आईआईटी की तैयारी के लिए कोटा गई। वहीं डीएवी स्कूल से बारहवीं तक की पढ़ाई की। उसके बाद बिटस पिलानी से ड्यूल डिग्री की। गरिमा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, मामा, चाचा व परिवार के अन्य सदस्यों को दिया है। गरिमा बताती हैं कि उसने परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली से एक साल तक कोचिंग की, उसके बाद सेल्फ स्टडी करती रही। सामान्य दिनों में वह छः से सात घंटाटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा नजदीक आने पर दस से बारह घंटाटे तक पढ़ाई की। इस दौरान मां सुनीता गर्ग ने हमेशा पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए ही प्रेरित किया। कभी घर का काम करने के लिए भी नहीं कहा। गरिमा गर्ग की मां सुनीता गर्ग दिल्ली में पीजीटी हैं। वे कहती हैं कि अगर बेटियों को मौका मिले तो वो भी आसमान छू सकती हैं।
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भरतपुर जिले के हलैना थाना इलाके में 14 अगस्त को हुई एक महिला की हत्या के बाद पुलिस ने एक बाल अपचारी को पकड़ा है। दो दिन पहले पैसे के विवाद को लेकर गांव के एक परिवार ने एक महिला की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी थी। महिला के परिजनों ने 4 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया था।
दरअसल हलैना थाना इलाके के गांव ताजपुर में पैसे के विवाद को लेकर गांव का हंसराम गुजर रुमाली मीणा के खेत पर कब्ज़ा करने की नियत से उसके खेत को जोत रहा था। जब रुमाली मीणा और उसका बेटा जसवंत अपने खेत पर पहुंचा और उन्हें रोकने की कोशिश की तो हंसराम के बेटे ने पहले तो रुमाली मीणा के मुंह पर दरांती से वार किया उसके बाद हंसराम ने रुमाली मीणा के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया।
इस घटना में रुमाली मीणा की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी रुमाली मीणा की हत्या करने के बाद जसवंत को भी जान से मरना चाहते थे लेकिन जसवंत मौके से भाग कर पुलिस के पास पहुंचा और मौके पर पुलिस को बुला कर लाया। रुमाली मीणा के परिजनों ने हंसराम उसके दो बेटे और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या, मारपीट और जान से मारने की कोशिश का मामला दर्ज करवाया है। फिलहाल पुलिस ने हंसराम के एक नाबालिग बेटे को निरुद्ध किया है बाकी के आरोपी अभी फरार हैं।
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भरतपुर जिले के हलैना थाना इलाके में चौदह अगस्त को हुई एक महिला की हत्या के बाद पुलिस ने एक बाल अपचारी को पकड़ा है। दो दिन पहले पैसे के विवाद को लेकर गांव के एक परिवार ने एक महिला की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी थी। महिला के परिजनों ने चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया था। दरअसल हलैना थाना इलाके के गांव ताजपुर में पैसे के विवाद को लेकर गांव का हंसराम गुजर रुमाली मीणा के खेत पर कब्ज़ा करने की नियत से उसके खेत को जोत रहा था। जब रुमाली मीणा और उसका बेटा जसवंत अपने खेत पर पहुंचा और उन्हें रोकने की कोशिश की तो हंसराम के बेटे ने पहले तो रुमाली मीणा के मुंह पर दरांती से वार किया उसके बाद हंसराम ने रुमाली मीणा के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। इस घटना में रुमाली मीणा की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी रुमाली मीणा की हत्या करने के बाद जसवंत को भी जान से मरना चाहते थे लेकिन जसवंत मौके से भाग कर पुलिस के पास पहुंचा और मौके पर पुलिस को बुला कर लाया। रुमाली मीणा के परिजनों ने हंसराम उसके दो बेटे और उसकी पत्नी के खिलाफ हत्या, मारपीट और जान से मारने की कोशिश का मामला दर्ज करवाया है। फिलहाल पुलिस ने हंसराम के एक नाबालिग बेटे को निरुद्ध किया है बाकी के आरोपी अभी फरार हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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उत्तराखंड की युवा गायिका प्रियंका महर एवं जागुरी की जुगलबंदी में इन दिनों शंभु गीत यूट्यूब पर खूब धमाल मचा रहा है,इसे अब तक 1 लाख दर्शक देख चुके हैं।
यह भी पढ़ेंः अमित सागर इन दिनों चैत्वाली 2 के निर्माण में व्यस्त, जल्द रिलीज़ करने की है तैयारी।
जागुरी द्वारा रचित शंभु गीत को प्रियंका महर एवं जागुरी ने आवाज़ दी है,इसे संगीत से तरुण लखेटा ने सजाया है,सतीश ठाकुर ने फिल्मांकन का कार्य किया है। प्रियंका महर का हाल ही में ऐंसु का बरस गीत रिलीज़ हुआ था जो 1. 2 मिलियन व्यूज पा चुका है।
यह भी पढ़ेंः सिल्की रका प्वां वीडियो हुआ रिलीज़,आशीष,निकिता की खूब जमी जोड़ी।
शंभु वीडियो गीत का फिल्मांकन बहुत ही शानदार किया गया है ,गीत संगीत के साथ ही ये वीडियो गीत फिल्मांकन की तारीफें भी बटोर रहा है,प्रियंका और जागुरी का ये वीडियो गीत खूबसूरत लोकेशन पर फिल्माया गया है,प्रियंका कई सुपरहिट गीत दे चुकी हैं।
यह भी पढ़ेंः सिल्की रका प्वां वीडियो हुआ रिलीज़,आशीष,निकिता की खूब जमी जोड़ी।
शंभु गीत हिंदी में बनाया गया है जिसे दोनों ही गायकों ने बखूबी गाया है,uk rapi boy ने गीत में संगीत एवं मास्टर अर्रेंज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है,संपादन का कार्य mr ishq ने किया है। गीत को प्रियंका महर के यूट्यूब चैनल से रिलीज़ किया है।
यह भी पढ़ेंः मिलन आज़ाद ने डीजे के शौकीनों के लिए रिलीज़ किया पल्टन बाज़ार मा डीजे सॉन्ग।
आपने अब तक प्रियंका एवं जागुरी की जुगलबंदी अब तक नहीं देखी है तो यूट्यूब पर शंभु सर्च करें। अन्य सभी ख़बरों को देखने के लिए हिलीवुड न्यूज़ को सब्सक्राइब करें।
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उत्तराखंड की युवा गायिका प्रियंका महर एवं जागुरी की जुगलबंदी में इन दिनों शंभु गीत यूट्यूब पर खूब धमाल मचा रहा है,इसे अब तक एक लाख दर्शक देख चुके हैं। यह भी पढ़ेंः अमित सागर इन दिनों चैत्वाली दो के निर्माण में व्यस्त, जल्द रिलीज़ करने की है तैयारी। जागुरी द्वारा रचित शंभु गीत को प्रियंका महर एवं जागुरी ने आवाज़ दी है,इसे संगीत से तरुण लखेटा ने सजाया है,सतीश ठाकुर ने फिल्मांकन का कार्य किया है। प्रियंका महर का हाल ही में ऐंसु का बरस गीत रिलीज़ हुआ था जो एक. दो मिलियन व्यूज पा चुका है। यह भी पढ़ेंः सिल्की रका प्वां वीडियो हुआ रिलीज़,आशीष,निकिता की खूब जमी जोड़ी। शंभु वीडियो गीत का फिल्मांकन बहुत ही शानदार किया गया है ,गीत संगीत के साथ ही ये वीडियो गीत फिल्मांकन की तारीफें भी बटोर रहा है,प्रियंका और जागुरी का ये वीडियो गीत खूबसूरत लोकेशन पर फिल्माया गया है,प्रियंका कई सुपरहिट गीत दे चुकी हैं। यह भी पढ़ेंः सिल्की रका प्वां वीडियो हुआ रिलीज़,आशीष,निकिता की खूब जमी जोड़ी। शंभु गीत हिंदी में बनाया गया है जिसे दोनों ही गायकों ने बखूबी गाया है,uk rapi boy ने गीत में संगीत एवं मास्टर अर्रेंज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है,संपादन का कार्य mr ishq ने किया है। गीत को प्रियंका महर के यूट्यूब चैनल से रिलीज़ किया है। यह भी पढ़ेंः मिलन आज़ाद ने डीजे के शौकीनों के लिए रिलीज़ किया पल्टन बाज़ार मा डीजे सॉन्ग। आपने अब तक प्रियंका एवं जागुरी की जुगलबंदी अब तक नहीं देखी है तो यूट्यूब पर शंभु सर्च करें। अन्य सभी ख़बरों को देखने के लिए हिलीवुड न्यूज़ को सब्सक्राइब करें।
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Char Dham Yatra : उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) के दौरान हो रही अप्रत्याशित मौतों पर पहली बार सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मौत की वजहों का खुलासा किया है। इससे पहले भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने इन मौतों को तीर्थयात्रियों की मोक्ष की इच्छा जैसा बताते हुए हास्यापद बयान दिया था। वहीं, तीर्थयात्रियों की मौतों को सरकार की विफलता बताते हुए विपक्ष ने राज्य सरकार (Govt. Of Uttarakhand) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बताते चलें कि 3 मई से प्रदेश में चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra 2022) का औपचारिक शुभारंभ हुआ है। लेकिन महज 13 ही दिन में तीन दर्जन से अधिक तीर्थयात्री अलग-अलग वजहों से अपनी जान गंवा चुके हैं। चारधाम यात्रा के शुरू में ही हो रही इन मौतों ने राज्य सरकार के तमाम इंतजामों के दावों की पोल खोलकर रख दी थी। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि पीएमओ ने संज्ञान लेकर राज्य सरकार से इस बाबत रिपोर्ट तलब की थी।
लगातार हो रही मौतों की वजह को लेकर सरकार की ओर से अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को चौकस बताते हुए सारा ठीकरा तीर्थयात्रियों का अचानक क्लाइमेट चेंज होने पर फोड़ने की कवायद की गई। मौतों की वजह से लगातार हो रही राज्य सरकार की बदनामी को देखते हुए उसे रफू करने की कोशिश करने आए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने तो इन मौतों को तीर्थयात्रियों की मोक्ष की इच्छा से जोड़ते हुए सरकार की जगहंसाई करवाने वाला बेतुका बयान दे डाला था।
लेकिन अब यात्रा आरंभ होने के बाद सरकार की ओर से इन मौतों के मामले में पहला अधिकृत बयान सोमवार को आया है। स्वास्थ्य विभाग (Health Department Of Uttarakhand) की ओर से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान अब तक 39 तीर्थयात्रियों की मौत की जानकारी दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. शैल्जा भट्ट (Dr. Shailja Bhatt) ने चारधाम में हो रही मौतों का आंकड़ा मीडिया से शेयर करते हुए बताया कि 'अब तक चारधाम के मार्ग में 39 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इन मौत का कारण उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी समस्या और पर्वतीय क्षेत्रों पर चढ़ने संबंधी बीमारी है। विभाग की ओर से ऐसे श्रद्धालुओं को यात्रा न करने का सुझाव दिया जा रहा है जो मेडिकल की दृष्टि से फिट नहीं हैं।'
दूसरी तरफ चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को खाने-पीने से लेकर रहने की जगह के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर श्रद्धालुओं (Char Dham Yatra Devotees) से लेकर विपक्षी पार्टियां भी सरकार पर बदइंतजामी के आरोप लगा रही हैं। लेकिन अव्यवस्था के लग रहे आरोपों को खारिज करते मुख्यमंत्री पुष्कर धामी (Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami) का कहना है तीर्थयात्रियों की मौत की वजह अव्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। धामी ने दावा किया कि उनकी सरकार यात्रा को सरल बनाने की पूरी कोशिश में जुटी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा को सफल बनाने की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ जनता की भी है।
उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) की अव्यवस्था पर राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि अपनी नाकामी के लिये धामी सरकार को प्रदेश की जनता से तत्काल माफी मांगनी चाहिये। उन्होने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व सरकार की ओर से बड़े-बड़े दावे किये जा रहे थे, लेकिन एक पखवाड़े के दौरान ही सारे दावे हवा हो गये हैं।
इससे न सिर्फ देवभूमि के लोग शर्मसार हुए हैं बल्कि राज्य की छवि भी धूमिल हुई है। उन्होनें कहा कि सरकार की नाकामी का आलम यह है कि केन्द्र सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा है। उन्होने कहा कि आज तक कभी भी चारधाम यात्रा में एनडीआरएफ और आईटीबीपी को तैनात नहीं किया गया है। इससे पहले कभी ऐसा नही हुआ है।
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Char Dham Yatra : उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान हो रही अप्रत्याशित मौतों पर पहली बार सरकार ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मौत की वजहों का खुलासा किया है। इससे पहले भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने इन मौतों को तीर्थयात्रियों की मोक्ष की इच्छा जैसा बताते हुए हास्यापद बयान दिया था। वहीं, तीर्थयात्रियों की मौतों को सरकार की विफलता बताते हुए विपक्ष ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बताते चलें कि तीन मई से प्रदेश में चारधाम यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हुआ है। लेकिन महज तेरह ही दिन में तीन दर्जन से अधिक तीर्थयात्री अलग-अलग वजहों से अपनी जान गंवा चुके हैं। चारधाम यात्रा के शुरू में ही हो रही इन मौतों ने राज्य सरकार के तमाम इंतजामों के दावों की पोल खोलकर रख दी थी। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि पीएमओ ने संज्ञान लेकर राज्य सरकार से इस बाबत रिपोर्ट तलब की थी। लगातार हो रही मौतों की वजह को लेकर सरकार की ओर से अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को चौकस बताते हुए सारा ठीकरा तीर्थयात्रियों का अचानक क्लाइमेट चेंज होने पर फोड़ने की कवायद की गई। मौतों की वजह से लगातार हो रही राज्य सरकार की बदनामी को देखते हुए उसे रफू करने की कोशिश करने आए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने तो इन मौतों को तीर्थयात्रियों की मोक्ष की इच्छा से जोड़ते हुए सरकार की जगहंसाई करवाने वाला बेतुका बयान दे डाला था। लेकिन अब यात्रा आरंभ होने के बाद सरकार की ओर से इन मौतों के मामले में पहला अधिकृत बयान सोमवार को आया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान अब तक उनतालीस तीर्थयात्रियों की मौत की जानकारी दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. शैल्जा भट्ट ने चारधाम में हो रही मौतों का आंकड़ा मीडिया से शेयर करते हुए बताया कि 'अब तक चारधाम के मार्ग में उनतालीस श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इन मौत का कारण उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी समस्या और पर्वतीय क्षेत्रों पर चढ़ने संबंधी बीमारी है। विभाग की ओर से ऐसे श्रद्धालुओं को यात्रा न करने का सुझाव दिया जा रहा है जो मेडिकल की दृष्टि से फिट नहीं हैं।' दूसरी तरफ चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों को खाने-पीने से लेकर रहने की जगह के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर श्रद्धालुओं से लेकर विपक्षी पार्टियां भी सरकार पर बदइंतजामी के आरोप लगा रही हैं। लेकिन अव्यवस्था के लग रहे आरोपों को खारिज करते मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का कहना है तीर्थयात्रियों की मौत की वजह अव्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। धामी ने दावा किया कि उनकी सरकार यात्रा को सरल बनाने की पूरी कोशिश में जुटी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा को सफल बनाने की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ जनता की भी है। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने चारधाम यात्रा की अव्यवस्था पर राज्य सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि अपनी नाकामी के लिये धामी सरकार को प्रदेश की जनता से तत्काल माफी मांगनी चाहिये। उन्होने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व सरकार की ओर से बड़े-बड़े दावे किये जा रहे थे, लेकिन एक पखवाड़े के दौरान ही सारे दावे हवा हो गये हैं। इससे न सिर्फ देवभूमि के लोग शर्मसार हुए हैं बल्कि राज्य की छवि भी धूमिल हुई है। उन्होनें कहा कि सरकार की नाकामी का आलम यह है कि केन्द्र सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा है। उन्होने कहा कि आज तक कभी भी चारधाम यात्रा में एनडीआरएफ और आईटीबीपी को तैनात नहीं किया गया है। इससे पहले कभी ऐसा नही हुआ है।
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आज समाज डिजिटल, अंबालाः
तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. ऐसी मान्यता है कि तुलसी देवी लक्ष्मी का स्वरूप हैं और जिस घर में तुलसी का निवास होता है, वहां सुख-समृद्धि और खुशहाली भी वास करती है. अगर आप भी घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाना चाहते हैं, तो यह जरूरी है जान लेना कि किस दिन और किस दिशा में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। और इन बातों का रखें ध्यान।
अगर आप तुलसी के पौधे को पूर्व दिशा में लगाते हैं, तो घर में सूर्य के समान ऊर्जा आती है. उत्तर दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. आप अपने घर में तुलसी को ईशान कोण, उत्तर या पूर्व दिशा में लगा सकते हैं, वैसे उत्तर दिशा को सबसे शुभ माना गया है. तुलसी के पौधे को कभी भी साउथ या साउथ वेस्ट दिशा में न रखें.
तुलसी का पौधा तुलसी का पौधा सोमवार, बुधवार, रविवार,एकादशी तिथि और सूर्य एवं चंद्र ग्रहण के दिन बिल्कुल भी न लगाएं।
माना जाता है कि तुलसी के पौधे को घर में कार्तिक मास(अक्तूबर और नवंबर का महीना) में लगाना चाहिए। कार्तिक मास के अलावा आप चैत्र मास में पड़ने वाली नवरात्रि पर भी तुलसी का पौधा अपने घर में लगा सकते हैं, इसके अलावा अप्रैल से जून तक के महीने में तुलसी के पौधे को लगाया जा सकता है।
गुरुवार का दिन भगवान श्री हरि विष्णु का होता है। ऐसे में गुरुवार के दिन यदि आप घर में तुलसी का पौधा लगाते हैं, तो आपको श्री विष्णु भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी को अर्पित किया गया है और तुलसी को देवी लक्ष्मी का ही स्वरूप माना गया है. इसलिए आप इस दिन भी तुलसी का पौधा लागा सकते हैं।
शनिवार के दिन भी तुलसी का पौधा आप लगा सकते हैं। इस दिन पौधा लगाने से लंबे वक्त से चली आ रही आर्थिक तंगी दूर हो जाती है।
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आज समाज डिजिटल, अंबालाः तुलसी के पौधे को हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है. ऐसी मान्यता है कि तुलसी देवी लक्ष्मी का स्वरूप हैं और जिस घर में तुलसी का निवास होता है, वहां सुख-समृद्धि और खुशहाली भी वास करती है. अगर आप भी घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाना चाहते हैं, तो यह जरूरी है जान लेना कि किस दिन और किस दिशा में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। और इन बातों का रखें ध्यान। अगर आप तुलसी के पौधे को पूर्व दिशा में लगाते हैं, तो घर में सूर्य के समान ऊर्जा आती है. उत्तर दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है. आप अपने घर में तुलसी को ईशान कोण, उत्तर या पूर्व दिशा में लगा सकते हैं, वैसे उत्तर दिशा को सबसे शुभ माना गया है. तुलसी के पौधे को कभी भी साउथ या साउथ वेस्ट दिशा में न रखें. तुलसी का पौधा तुलसी का पौधा सोमवार, बुधवार, रविवार,एकादशी तिथि और सूर्य एवं चंद्र ग्रहण के दिन बिल्कुल भी न लगाएं। माना जाता है कि तुलसी के पौधे को घर में कार्तिक मास में लगाना चाहिए। कार्तिक मास के अलावा आप चैत्र मास में पड़ने वाली नवरात्रि पर भी तुलसी का पौधा अपने घर में लगा सकते हैं, इसके अलावा अप्रैल से जून तक के महीने में तुलसी के पौधे को लगाया जा सकता है। गुरुवार का दिन भगवान श्री हरि विष्णु का होता है। ऐसे में गुरुवार के दिन यदि आप घर में तुलसी का पौधा लगाते हैं, तो आपको श्री विष्णु भगवान की कृपा प्राप्त होती है। शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी को अर्पित किया गया है और तुलसी को देवी लक्ष्मी का ही स्वरूप माना गया है. इसलिए आप इस दिन भी तुलसी का पौधा लागा सकते हैं। शनिवार के दिन भी तुलसी का पौधा आप लगा सकते हैं। इस दिन पौधा लगाने से लंबे वक्त से चली आ रही आर्थिक तंगी दूर हो जाती है।
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भुवनेश्वर : ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शनिवार को विधायक रीता साहू को बीजेपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिये अपना उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर 21 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।
पटनायक ने बरगढ़ जिले की बीजेपुर सीट से इस्तीफा दिया था। इसके कारण इस सीट पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं। बीजद अध्यक्ष ने विधानसभा चुनाव दो सीटों से जीता था। उन्होंने गंजम जिले की हिंजली विधानसभा सीट अपने पास रखी।
उन्होंने कहा कि विकास और लोगों के कल्याण के लिये इस विधानसभा क्षेत्र पर ध्यान रहेगा। साहू ने 2018 में बीजेपुर सीट पर हुए उपचुनाव में बीजद उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी। इस सीट पर उनके पति और तत्कालीन कांग्रेस विधायक सुबल साहू के निधन के बाद उपचुनाव हुए थे।
उन्होंने माना कि स्थानीय नेताओं के एक वर्ग ने शुरू में उनके चुनाव लड़ने को लेकर विरोध किया था। कांग्रेस ने पार्टी के बरगढ़ जिला उपाध्यक्ष दिलीप कुमार पांडा को 21 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिये अपना उम्मीदवार बनाया है।
विपक्षी भाजपा ने अब तक अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है जबकि एक अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी।
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भुवनेश्वर : ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शनिवार को विधायक रीता साहू को बीजेपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिये अपना उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर इक्कीस अक्टूबर को उपचुनाव होना है। पटनायक ने बरगढ़ जिले की बीजेपुर सीट से इस्तीफा दिया था। इसके कारण इस सीट पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं। बीजद अध्यक्ष ने विधानसभा चुनाव दो सीटों से जीता था। उन्होंने गंजम जिले की हिंजली विधानसभा सीट अपने पास रखी। उन्होंने कहा कि विकास और लोगों के कल्याण के लिये इस विधानसभा क्षेत्र पर ध्यान रहेगा। साहू ने दो हज़ार अट्ठारह में बीजेपुर सीट पर हुए उपचुनाव में बीजद उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी। इस सीट पर उनके पति और तत्कालीन कांग्रेस विधायक सुबल साहू के निधन के बाद उपचुनाव हुए थे। उन्होंने माना कि स्थानीय नेताओं के एक वर्ग ने शुरू में उनके चुनाव लड़ने को लेकर विरोध किया था। कांग्रेस ने पार्टी के बरगढ़ जिला उपाध्यक्ष दिलीप कुमार पांडा को इक्कीस अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिये अपना उम्मीदवार बनाया है। विपक्षी भाजपा ने अब तक अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख तीस सितंबर है जबकि एक अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी।
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दक्षिणी-पश्चिमी मॉनसून अपने निर्धारित समय से एक सप्ताह विलम्ब से गुरुवार को केरल पहुंच गया। अब भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर प्रदेश के जनजीवन को भी मॉनसूनी फुहारों का बेसब्री से इंतजार है।
दक्षिणी-पश्चिमी मॉनसून अपने निर्धारित समय से एक सप्ताह विलम्ब से गुरुवार को केरल पहुंच गया। लखनऊ और आसपास के जिलों में 20 जून के आसपास प्री-मानसून एक्टीविटी शुरू हो सकती हैं। वैसे राज्य के तराई वाले इलाकों में पूर्वी हवाओं के कारण मौसम में बदलाव आ सकता है।
मौसम विभाग ने अगले सप्ताह भर को जो पूर्वानुमान लगाया है उससे शुक्रवार और शनिवार को भीषण गर्मी पड़ सकती है। साथ ही दिन में लू चलने की चेतावनी दी गई है। अगले दो दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद तराई वाले इलाकों में पूर्वी हवाओं के जोर से बौछारें पड़ सकती हैं। इससे लखनऊ और आसपास के जिलों में दिन के तापमान में मामूली कमी हो सकती है पर 40 डिग्री सेल्सियस से कम नहीं होगा। हां बीच-बीच में बदली हो सकती है।
मौसम विभाग ने गुरुवार एक मानसून का चार्ट जारी किया है। इसमें केरल में मानसून पहुंचने की जानकारी दी गई है। मौसम विज्ञानी मो. दानिश ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मानसून के दाखिल होने की संभावित तारीख 20 जून है। मानसून की गति पर बराबर निगरानी की जा रही है। दो-तीन दिन में तस्वीर कुछ साफ होगी।
उत्तर प्रदेश में माॅनसून 20 से 25 जून के बीच दस्तक दे सकता है। वहीं लखनऊ में यह 25 से 28 जून के बीच दस्तक देगा। इसके पूर्व मानसून की गतिविधियां शुरू जाएंगी। इसमें बदली, हवा, बौछारें और कहीं तेज बरसात हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
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दक्षिणी-पश्चिमी मॉनसून अपने निर्धारित समय से एक सप्ताह विलम्ब से गुरुवार को केरल पहुंच गया। अब भीषण गर्मी से बेहाल उत्तर प्रदेश के जनजीवन को भी मॉनसूनी फुहारों का बेसब्री से इंतजार है। दक्षिणी-पश्चिमी मॉनसून अपने निर्धारित समय से एक सप्ताह विलम्ब से गुरुवार को केरल पहुंच गया। लखनऊ और आसपास के जिलों में बीस जून के आसपास प्री-मानसून एक्टीविटी शुरू हो सकती हैं। वैसे राज्य के तराई वाले इलाकों में पूर्वी हवाओं के कारण मौसम में बदलाव आ सकता है। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह भर को जो पूर्वानुमान लगाया है उससे शुक्रवार और शनिवार को भीषण गर्मी पड़ सकती है। साथ ही दिन में लू चलने की चेतावनी दी गई है। अगले दो दिन का तापमान तैंतालीस डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद तराई वाले इलाकों में पूर्वी हवाओं के जोर से बौछारें पड़ सकती हैं। इससे लखनऊ और आसपास के जिलों में दिन के तापमान में मामूली कमी हो सकती है पर चालीस डिग्री सेल्सियस से कम नहीं होगा। हां बीच-बीच में बदली हो सकती है। मौसम विभाग ने गुरुवार एक मानसून का चार्ट जारी किया है। इसमें केरल में मानसून पहुंचने की जानकारी दी गई है। मौसम विज्ञानी मो. दानिश ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मानसून के दाखिल होने की संभावित तारीख बीस जून है। मानसून की गति पर बराबर निगरानी की जा रही है। दो-तीन दिन में तस्वीर कुछ साफ होगी। उत्तर प्रदेश में माॅनसून बीस से पच्चीस जून के बीच दस्तक दे सकता है। वहीं लखनऊ में यह पच्चीस से अट्ठाईस जून के बीच दस्तक देगा। इसके पूर्व मानसून की गतिविधियां शुरू जाएंगी। इसमें बदली, हवा, बौछारें और कहीं तेज बरसात हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
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कालेज के तृतीय वर्ष में भविष्य की बातें शुरू हो गई थीं । हर किसी ने मन में लक्ष्य निर्धारित कर लिया था, कोई प्रशासनिक अधिकारी, कोई शिक्षक, तो कोई पुलिस में सेवा करना चाहता था। भाई से जब भी भविष्य के बारे में बात होती थी तो वह कहते थे कि देख वह दूर झाड़ो के पीछे धुंधली सी घूमती हुई कुर्सी है वह तेरा इंतजार कर रही है। जिस दिन अज्ञान के झाड़ हट जाएंगे, तुम उस तक पहुंच जाओगे। मैं हमेशा उस धुंधली घूमती कुर्सी को बचपन से जोड़ता था, जब मेरी मां घर में कभी चक्की पीसते , तो कभी गेंहू बीनते, मेरी बहनों को कोई काम बताती तो वह चिढ़कर कहती, कि ये बगल में बैठा है इसे तुम कभी कोई काम नहीं बताती, मेरी मां बड़े प्यार से कहती थीं यह मेरा पुत्र लाट साहब है काम थोड़ा करेगा यह तो हुक्म देगा। मैं मां से हमेशा पूछता कि ये लाट साहब क्या है, उनके जवाब से यह जाहिर था कि लाट साहब एक बड़ा अफसर है पर क्या है, यह मैं जान नहीं पाया। एक दिन भाई से बात करते पता चला कि अंग्रेजी शासन में लोकल राजा अपने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंग्रेजी सेना के अफसर से हुक्म लेते थे इन्ही अफसर को 'लाट साहब' कहा जाता था। तब से मुझे धुंधली, घूमती कुर्सी पर बैठा लाट साहब फौजी अफसर दिखने लगा और उसे पाने की जानकारी से पता चला कि बारहवीं के बाद एनडीए और स्नातक डिग्री के बाद सीडीएस (कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज) के जरिए सेना में सीधा अधिकारी बना जाता है। मैं रात दिन अपने शारीरिक अभ्यास और शैक्षणिक योग्यता की तैयारी में लग गया। फाइनल एग्जाम से पहले सेना में सिपाही भर्ती के लिए अखबार में इश्तहार निकला। हम कालेज के कुछ लड़के अपनी शारीरिक योग्यता परीक्षण हेतु भर्ती के लिए चले गए, वहां लंबे इंतजार के बाद जब हमारा दौड़ने का नंबर आया, तो बास्केटबॉल प्रैक्टिस और शारीरिक ब्यायाम करते रहने से मैं अपने गु्रप की दौड़ में अव्वल आया। अगले कुछ दिनों में अन्य शारीरिक योग्यता, मेडिकल टेस्ट और लिखित परीक्षा, में मैंने पूरी मेहनत से हिस्सा लिया। परिणाम स्वरूप करीब एक महीने के बाद तृतीय वर्ष की परीक्षा से पहले, मेरा फौज में भर्ती का ज्वाइनिंग लैटर आया उसके अनुसार 15 दिन में रिपोर्ट करना था, मैं बहुत खुश था कि मैं फौज में दाखिला लेने के काबिल हूं पर मैं चाहता था कि मैं सिपाही नहीं अधिकारी बन फौज में जाऊं । मैंने उस पत्र को अपनी किताबों में डाला और पढ़ाई में लग गया, पर किस्मत को कुछ और मंजूर था, ठीक रसायन विज्ञान प्रैक्टिकल की सुबह मेरे दोस्त का एक्सीडेंट हो गया उसकी हालत गंभीर व घर में सिर्फ बूढ़ी मां को देखते हुए मैं उसके साथ एक हफ्ते तक अस्पताल में रहा और एक यूनिट ब्लड भी दिया, तब तक मेरा एक पेपर और प्रैक्टिकल मिस हो चुका था, दोस्त की हालत सुधरने पर मैंने कालेज पहुंच प्रिंसिपल से मिस एग्जाम देने की निवेदन की, पर उन्होंने मेरी मदद करने में असमर्थता जताई। साल बर्बाद होने की मायूसी के साथ कमरे में बैठे मैं सोच रहा था कि इतना अच्छा करने पर भी पूरे साल की मेहनत, नम आंखों के साथ स्टडी टेबल के चार्ट पर लिखा लाट साहब ढांढस बंधाता। तभी किताबों में मुझे सिपाही भर्ती का ज्वाइनिंग लेटर मिला। मेरे पास और कोई चारा नहीं था , मैंने पढ़ा था कि सेना में होनहार सिपाही को अधिकारी बनने का मौका दिया जाता है। मैंने छोटे मौके को बड़े लक्ष्य की सीढ़ी मान, घर आकर सिपाही भर्ती के ट्रेनिंग सेंटर में रिपोर्ट करने की बात बताई। अगले दिन मैं रेलवे स्टेशन से नए सफर की शुरुआत के लिए निकल पड़ा। मेरा मानना है कि वक्त पर मिला छोटा मौका बड़े लक्ष्य की सीढ़ी होता है।
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कालेज के तृतीय वर्ष में भविष्य की बातें शुरू हो गई थीं । हर किसी ने मन में लक्ष्य निर्धारित कर लिया था, कोई प्रशासनिक अधिकारी, कोई शिक्षक, तो कोई पुलिस में सेवा करना चाहता था। भाई से जब भी भविष्य के बारे में बात होती थी तो वह कहते थे कि देख वह दूर झाड़ो के पीछे धुंधली सी घूमती हुई कुर्सी है वह तेरा इंतजार कर रही है। जिस दिन अज्ञान के झाड़ हट जाएंगे, तुम उस तक पहुंच जाओगे। मैं हमेशा उस धुंधली घूमती कुर्सी को बचपन से जोड़ता था, जब मेरी मां घर में कभी चक्की पीसते , तो कभी गेंहू बीनते, मेरी बहनों को कोई काम बताती तो वह चिढ़कर कहती, कि ये बगल में बैठा है इसे तुम कभी कोई काम नहीं बताती, मेरी मां बड़े प्यार से कहती थीं यह मेरा पुत्र लाट साहब है काम थोड़ा करेगा यह तो हुक्म देगा। मैं मां से हमेशा पूछता कि ये लाट साहब क्या है, उनके जवाब से यह जाहिर था कि लाट साहब एक बड़ा अफसर है पर क्या है, यह मैं जान नहीं पाया। एक दिन भाई से बात करते पता चला कि अंग्रेजी शासन में लोकल राजा अपने राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अंग्रेजी सेना के अफसर से हुक्म लेते थे इन्ही अफसर को 'लाट साहब' कहा जाता था। तब से मुझे धुंधली, घूमती कुर्सी पर बैठा लाट साहब फौजी अफसर दिखने लगा और उसे पाने की जानकारी से पता चला कि बारहवीं के बाद एनडीए और स्नातक डिग्री के बाद सीडीएस के जरिए सेना में सीधा अधिकारी बना जाता है। मैं रात दिन अपने शारीरिक अभ्यास और शैक्षणिक योग्यता की तैयारी में लग गया। फाइनल एग्जाम से पहले सेना में सिपाही भर्ती के लिए अखबार में इश्तहार निकला। हम कालेज के कुछ लड़के अपनी शारीरिक योग्यता परीक्षण हेतु भर्ती के लिए चले गए, वहां लंबे इंतजार के बाद जब हमारा दौड़ने का नंबर आया, तो बास्केटबॉल प्रैक्टिस और शारीरिक ब्यायाम करते रहने से मैं अपने गु्रप की दौड़ में अव्वल आया। अगले कुछ दिनों में अन्य शारीरिक योग्यता, मेडिकल टेस्ट और लिखित परीक्षा, में मैंने पूरी मेहनत से हिस्सा लिया। परिणाम स्वरूप करीब एक महीने के बाद तृतीय वर्ष की परीक्षा से पहले, मेरा फौज में भर्ती का ज्वाइनिंग लैटर आया उसके अनुसार पंद्रह दिन में रिपोर्ट करना था, मैं बहुत खुश था कि मैं फौज में दाखिला लेने के काबिल हूं पर मैं चाहता था कि मैं सिपाही नहीं अधिकारी बन फौज में जाऊं । मैंने उस पत्र को अपनी किताबों में डाला और पढ़ाई में लग गया, पर किस्मत को कुछ और मंजूर था, ठीक रसायन विज्ञान प्रैक्टिकल की सुबह मेरे दोस्त का एक्सीडेंट हो गया उसकी हालत गंभीर व घर में सिर्फ बूढ़ी मां को देखते हुए मैं उसके साथ एक हफ्ते तक अस्पताल में रहा और एक यूनिट ब्लड भी दिया, तब तक मेरा एक पेपर और प्रैक्टिकल मिस हो चुका था, दोस्त की हालत सुधरने पर मैंने कालेज पहुंच प्रिंसिपल से मिस एग्जाम देने की निवेदन की, पर उन्होंने मेरी मदद करने में असमर्थता जताई। साल बर्बाद होने की मायूसी के साथ कमरे में बैठे मैं सोच रहा था कि इतना अच्छा करने पर भी पूरे साल की मेहनत, नम आंखों के साथ स्टडी टेबल के चार्ट पर लिखा लाट साहब ढांढस बंधाता। तभी किताबों में मुझे सिपाही भर्ती का ज्वाइनिंग लेटर मिला। मेरे पास और कोई चारा नहीं था , मैंने पढ़ा था कि सेना में होनहार सिपाही को अधिकारी बनने का मौका दिया जाता है। मैंने छोटे मौके को बड़े लक्ष्य की सीढ़ी मान, घर आकर सिपाही भर्ती के ट्रेनिंग सेंटर में रिपोर्ट करने की बात बताई। अगले दिन मैं रेलवे स्टेशन से नए सफर की शुरुआत के लिए निकल पड़ा। मेरा मानना है कि वक्त पर मिला छोटा मौका बड़े लक्ष्य की सीढ़ी होता है।
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बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (26 अगस्त) को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए यहां की हाजी अली दरगाह के भीतरी भाग में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को हटा दिया है और कहा है कि यह प्रतिबंध किसी भी व्यक्ति के मूलभूत अधिकार का विरोधाभासी है। हाजी अली दरगाह न्यास इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देना चाहता है और न्यास की ओर से दायर याचिका के कारण अदालत ने अपने इस आदेश पर छह हफ्ते के लिए रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति वी एम कानाडे और न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे की खंडपीठ ने कहा, 'हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर लगाया गया प्रतिबंध भारत के संविधान की धारा 14, 15, 19 और 25 का विरोधाभासी है। ' इन धाराओं के तहत किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत समानता हासिल है और अपने मनचाहे किसी भी धर्म का पालन करने का मूलभूत अधिकार है। ये धाराएं धर्म, लिंग और अन्य आधारों पर किसी भी तरह के भेदभाव पर पाबंदी लगाती हैं और किसी भी धर्म को स्वतंत्र रूप से अपनाने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की पूरी स्वतंत्रता देती हैं।
दरगाह के मजार वाले हिस्से (गर्भगृह) में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी को जाकिया सोमन और नूरजहां नियाज ने चुनौती दी थी। खंडपीठ ने उनकी याचिका को भी स्वीकार कर लिया है। उच्च न्यायालय ने कहा, 'राज्य सरकार और हाजी अली दरगाह न्यास को दरगाह में प्रवेश करने वाली महिलाओं की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करना होगा। ' इस साल जून में उच्च न्यायालय ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। इस याचिका में कहा गया है कि कुरान में लैंगिग समानता अंतर्निहित है और पाबंदी का फैसला हदीस का उल्लंघन करता है जिसके तहत महिलाओं के मजारों तक जाने पर कोई रोक नहीं है।
महाराष्ट्र सरकार ने पहले अदालत में कहा था कि हाजी अली दरगाह के मजार वाले हिस्से में महिलाओं के प्रवेश पर रोक तभी होनी चाहिए जब कि कुरान में ऐसा उल्लेख किया गया हो। महाराष्ट्र के तत्कालीन महाअधिवक्ता श्रीहरि अनेय ने तर्क दिया था कि किसी विशेषज्ञ द्वारा कुरान की व्याख्या के आधार पर महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी को न्याययंगत नहीं ठहराया जा सकता। दरगाह न्यास ने अपने फैसले का यह कहते हुए बचाव किया था कि कुरान में यह उल्लेख है कि किसी भी महिला को पुरुष संत की दरगाह के करीब जाने की अनुमति देना गंभीर गुनाह है। न्याय की ओर से पेश अधिवक्ता शोएब मेमन ने पहले कहा था, 'सउदी अरब में मस्जिदों में महिलाओं को प्रवेश करने की इजाजत नहीं है। इबादत करने के लिए उनके लिए अलग स्थान की व्यवस्था है। हमने (न्यास) उनके प्रवेश पर रोक नहीं लगाई है। यह नियम केवल उनकी सुरक्षा के लिए है। न्यास केवल दरगाह का प्रबंध ही नहीं देखता है बल्कि धर्म से संबंधित मामलों को भी देखता है।
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बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए यहां की हाजी अली दरगाह के भीतरी भाग में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को हटा दिया है और कहा है कि यह प्रतिबंध किसी भी व्यक्ति के मूलभूत अधिकार का विरोधाभासी है। हाजी अली दरगाह न्यास इस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देना चाहता है और न्यास की ओर से दायर याचिका के कारण अदालत ने अपने इस आदेश पर छह हफ्ते के लिए रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति वी एम कानाडे और न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे की खंडपीठ ने कहा, 'हाजी अली दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर लगाया गया प्रतिबंध भारत के संविधान की धारा चौदह, पंद्रह, उन्नीस और पच्चीस का विरोधाभासी है। ' इन धाराओं के तहत किसी भी व्यक्ति को कानून के तहत समानता हासिल है और अपने मनचाहे किसी भी धर्म का पालन करने का मूलभूत अधिकार है। ये धाराएं धर्म, लिंग और अन्य आधारों पर किसी भी तरह के भेदभाव पर पाबंदी लगाती हैं और किसी भी धर्म को स्वतंत्र रूप से अपनाने, उसका पालन करने और उसका प्रचार करने की पूरी स्वतंत्रता देती हैं। दरगाह के मजार वाले हिस्से में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी को जाकिया सोमन और नूरजहां नियाज ने चुनौती दी थी। खंडपीठ ने उनकी याचिका को भी स्वीकार कर लिया है। उच्च न्यायालय ने कहा, 'राज्य सरकार और हाजी अली दरगाह न्यास को दरगाह में प्रवेश करने वाली महिलाओं की सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करना होगा। ' इस साल जून में उच्च न्यायालय ने याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। इस याचिका में कहा गया है कि कुरान में लैंगिग समानता अंतर्निहित है और पाबंदी का फैसला हदीस का उल्लंघन करता है जिसके तहत महिलाओं के मजारों तक जाने पर कोई रोक नहीं है। महाराष्ट्र सरकार ने पहले अदालत में कहा था कि हाजी अली दरगाह के मजार वाले हिस्से में महिलाओं के प्रवेश पर रोक तभी होनी चाहिए जब कि कुरान में ऐसा उल्लेख किया गया हो। महाराष्ट्र के तत्कालीन महाअधिवक्ता श्रीहरि अनेय ने तर्क दिया था कि किसी विशेषज्ञ द्वारा कुरान की व्याख्या के आधार पर महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी को न्याययंगत नहीं ठहराया जा सकता। दरगाह न्यास ने अपने फैसले का यह कहते हुए बचाव किया था कि कुरान में यह उल्लेख है कि किसी भी महिला को पुरुष संत की दरगाह के करीब जाने की अनुमति देना गंभीर गुनाह है। न्याय की ओर से पेश अधिवक्ता शोएब मेमन ने पहले कहा था, 'सउदी अरब में मस्जिदों में महिलाओं को प्रवेश करने की इजाजत नहीं है। इबादत करने के लिए उनके लिए अलग स्थान की व्यवस्था है। हमने उनके प्रवेश पर रोक नहीं लगाई है। यह नियम केवल उनकी सुरक्षा के लिए है। न्यास केवल दरगाह का प्रबंध ही नहीं देखता है बल्कि धर्म से संबंधित मामलों को भी देखता है।
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OPPO A5s को ताईवान में लॉन्च किया गया है और यह स्मार्टफोन चिपसेट के अलावा अन्य सभी स्पेक्स में OPPO A5 के समान है।
OPPO ने अपने लेटेस्ट बजट स्मार्टफोन OPPO A5s को ताईवान में लॉन्च कर दिया है और यह नया स्मार्टफोन पिछले OPPO A5 का नया CPU वैरिएंट कहा जा सकता है जो कि स्नैपड्रैगन 450 SoC द्वरा संचालित था और इस फोन को जुलाई 2018 में लॉन्च किया गया था। लेटेस्ट OPPO A5s हीलियो P35 SoC द्वारा संचालित है।
Helio P35 के अलावा OPPO A5s के सभी स्पेक्स पुराने OPPO A5 मॉडल के समान हैं। A5s में 6.2 इंच की IPS LCD डिस्प्ले दी गई है जिसके टोपर पर एक वॉटर ड्रॉप नौच मौजूद है और यह 720 x 1520 पिक्सल का HD+ रेज़ोल्यूशन ऑफर करती है। नौच में 8 मेगापिक्सल के फ्रंट कैमरा को जगह दी गई है। डिवाइस के बैक पर 13 और 2 मेगापिक्सल का डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है जो हॉरिजॉन्टली अलाइन है।
OPPO A5s एंड्राइड 8.1 ओरियो OS के साथ ColorOS 5.2 UI पर काम करता है और स्मार्टफोन में 3GB रैम और 64GB स्टोरेज दिया गया है जिसे माइक्रो SD कार्ड के द्वारा बढ़ाया भी जा सकता है। हैंडसेट में 4,230mAh बैटरी मौजूद है हालांकि फोन को फ़ास्ट चार्जिंग सपोर्ट नहीं दिया गया है। स्मार्टफोन में एक फिंगरप्रिंट स्कैनर मौजूद है और इसका मेजरमेंट और वज़न क्रमशः 155.9 x 75.4 x 8.2mm और 170 ग्राम है।
अभी OPPO A5s की कीमतों का पता नहीं चला है। OPPO ने इस नए स्मार्टफोन को ब्लैक और रेड कलर के विकल्पों में पेश किया है जबकि पुराना मॉडल A5 ब्लू और पिंक कलर में लाया गया था।
नोटः डिजिट हिंदी अब टेलीग्राम पर भी उपलब्ध है, दिन भर की टेक से जुड़ी ताज़ातरीन खबरों के लिए हमें Telegram पर भी सब्सक्राइब करें!
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OPPO Aपाँच सेकंड को ताईवान में लॉन्च किया गया है और यह स्मार्टफोन चिपसेट के अलावा अन्य सभी स्पेक्स में OPPO Aपाँच के समान है। OPPO ने अपने लेटेस्ट बजट स्मार्टफोन OPPO Aपाँच सेकंड को ताईवान में लॉन्च कर दिया है और यह नया स्मार्टफोन पिछले OPPO Aपाँच का नया CPU वैरिएंट कहा जा सकता है जो कि स्नैपड्रैगन चार सौ पचास SoC द्वरा संचालित था और इस फोन को जुलाई दो हज़ार अट्ठारह में लॉन्च किया गया था। लेटेस्ट OPPO Aपाँच सेकंड हीलियो Pपैंतीस SoC द्वारा संचालित है। Helio Pपैंतीस के अलावा OPPO Aपाँच सेकंड के सभी स्पेक्स पुराने OPPO Aपाँच मॉडल के समान हैं। Aपाँच सेकंड में छः.दो इंच की IPS LCD डिस्प्ले दी गई है जिसके टोपर पर एक वॉटर ड्रॉप नौच मौजूद है और यह सात सौ बीस x एक हज़ार पाँच सौ बीस पिक्सल का HD+ रेज़ोल्यूशन ऑफर करती है। नौच में आठ मेगापिक्सल के फ्रंट कैमरा को जगह दी गई है। डिवाइस के बैक पर तेरह और दो मेगापिक्सल का डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है जो हॉरिजॉन्टली अलाइन है। OPPO Aपाँच सेकंड एंड्राइड आठ.एक ओरियो OS के साथ ColorOS पाँच.दो UI पर काम करता है और स्मार्टफोन में तीनGB रैम और चौंसठGB स्टोरेज दिया गया है जिसे माइक्रो SD कार्ड के द्वारा बढ़ाया भी जा सकता है। हैंडसेट में चार,दो सौ तीसmAh बैटरी मौजूद है हालांकि फोन को फ़ास्ट चार्जिंग सपोर्ट नहीं दिया गया है। स्मार्टफोन में एक फिंगरप्रिंट स्कैनर मौजूद है और इसका मेजरमेंट और वज़न क्रमशः एक सौ पचपन.नौ x पचहत्तर.चार x आठ दशमलव दो मिलीमीटर और एक सौ सत्तर ग्राम है। अभी OPPO Aपाँच सेकंड की कीमतों का पता नहीं चला है। OPPO ने इस नए स्मार्टफोन को ब्लैक और रेड कलर के विकल्पों में पेश किया है जबकि पुराना मॉडल Aपाँच ब्लू और पिंक कलर में लाया गया था। नोटः डिजिट हिंदी अब टेलीग्राम पर भी उपलब्ध है, दिन भर की टेक से जुड़ी ताज़ातरीन खबरों के लिए हमें Telegram पर भी सब्सक्राइब करें!
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वाराणसी (ब्यूरो)। सड़कों पर सरपट दौड़ रहे वाहनों से शहर का प्रदूषित होना लाजिमी है, लेकिन स्वच्छ अविरल गंगा के किनारे घाटों की स्थिति अच्छी मानी जाती है। आम लोगों के बीच यही धारणा है, लेकिन ये सच नहीं है। क्लाइमेट एजेंडा की ओर से अस्सी घाट पर स्थापित किये गए उच्च क्षमता वाले फिल्टर युक्तकृत्रिम फेफड़े महज दो दिन के अंदर धुंधले हो गए। घाट किनारे भी आबो-हवा खराब होने के मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक अनुमान के तहत साफ व स्वच्छ हवा लेने के लिए हर दिन सुबह से शाम तक 50 हजार से अधिक लोग गंगा किनारे सैर के लिए जाते हैं। इनके फेफड़े व दिल भी प्रदूषण के शिकार हुए होंगे.
बनारस के आम जन में वायु प्रदूषण की समझ पैदा करने के उद्देश्य से अस्सी घाट पर रविवार को शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ। आरएन वाजपेई, पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान के निदेशक डॉ। एएस रघुवंशी और योगिराज पंडित विजय प्रकाश मिश्रा की मौजदूगी में क्लाइमेट एजेंडा की ओर से कृत्रिम फेफड़े लगाए गए थे। महज दो दिन में उच्च क्षमता वाले ये फिल्टर युक्त सफेद कृत्रिम फेफड़े धुंधले हो गए, जबकि भीषण गर्मी में प्रदूषण का स्तर कम हो जाता है। इससे साफ जाहिर है कि बनारस में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब है।
अस्सी घाट स्थित कृत्रिम फेफड़े के समीप मॉम्स फॉर क्लीन एयर ने सभा की। इस दौरान क्लाइमेट एजेंडा की निदेशक एकता शेखर ने बताया कि बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा और सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2020 की रिपोर्ट के अनुसार आउटडोर और इनडोर वायु प्रदूषण के कारण 2019 में जन्म के एक महीने के भीतर भारत में 116000 से अधिक शिशुओं की मृत्यु हो गई। इसी अध्ययन संस्थान की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में हर 3 मिनट पर एक बच्चे की मौत हो जाती है। इनमे सबसे टॉप पर राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार प्रदेश हैं। यहां सबसे अधिक मृत्यु दर दर्ज की गयी है। इसके अलावा, प्रतिवर्ष अस्थमा, ब्रोंकाइटिस आदि जैसी बीमारियों के कारण लाखों बच्चों का विकास प्रभावित हो रहा है।
दुनिया की सबसे न्यारी नगरी काशी को किसी की नजर लग गयी है। प्रशासन व शासन के तमाम प्रयास के बावजूद बनारस का प्रदूषण से नाता खत्म नहीं हो रहा है। बुधवार को एक्यूआई अर्दली बाजार में-115, भेलूपुर-119 और मलदहिया में 104 दर्ज किया गया है। इसके पहले 2018 में वाराणसी दुनिया का सबसे प्रदूषित तीसरा शहर था। 2021 में वाराणसी वल्र्ड का 22वां और इंडिया का 8वां सबसे प्रदूषित शहर था।
अस्सी घाट पर लगाए गए कृत्रिम फेफड़े को हेपा फिल्टर कपड़े से बनाया गया था। एन-95 मास्क में हेपा फिल्टर कपड़े का इस्तेमाल किया जाता है, जो प्रदूषण को अंदर नहीं जाने देता है। एकता शेखर के अनुसार कृत्रिम फेफड़ा रीयल की तरह काम करता है। कृत्रिम फेफड़े के पीछे दो फैन लगाए गए थे। इसके अलावा कई नलियां और मशीनें भी लगी थीं.
हम दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में यू ही नहीं शामिल हैं। महज दो दिनों में कृत्रिम फेफड़ों का ग्रे हो जाना इसे साबित करता है कि शहर और आसपास रहने वाले लोगों के दिल और फेफड़े वायु प्रदूषण की जद में हैं। बेहद जरूरी है कि इसे एक स्वास्थ्य आपातकाल मानते हुए जरूरी कदम उठाए जाएं।
अस्सी घाट अब तक शहर में सबसे स्वच्छ जगहों में शामिल माना जाता था। महज 48 घंटे में कृत्रिम फेफड़े का ग्रे हो जाना बेहद गंभीर विषय है। आम जनता के स्वास्थ्य के लिए यह खतरनाक स्थिति मानी जानी चाहिए। यह अब बेहद जरुरी हो गया है कि पर्यावरण की बेहतरी के लिए परिवहन को प्रमुख रूप से स्वच्छ बनाया जाए और सभी विभाग मिल कर स्वच्छ वायु कार्य योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें.
दो दिन के अन्दर कृत्रिम फेफड़े का काला हो जाना हमें सचेत करता है कि वायु प्रदूषण कितनी बड़ी समस्या है। ऐसे में यह जरूरी है कि बच्चों की सेहत की रक्षा के लिए माताएं बाहर निकलें। सौर ऊर्जा, सार्वजनिक परिवहन, कचरा प्रबंधन की व्यवस्था ठीक से की जाए.
महज दो दिन में उच्च क्षमता वाले फिल्टर युक्त सफेद कृत्रिम फेफड़े के ग्रे होने से स्पष्ट होता है कि शहर की आबोहवा सुरक्षित नहीं है। बनारस में लगातार बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण और विशेष रूप से बच्चों पर पडऩे वाले प्रतिकूल असर से माताओं को सचेत करते हुए साफहवा के लिए व्यवहार परिवर्तन एवं प्रशासन की भूमिका पर चर्चा करनी थी.
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वाराणसी । सड़कों पर सरपट दौड़ रहे वाहनों से शहर का प्रदूषित होना लाजिमी है, लेकिन स्वच्छ अविरल गंगा के किनारे घाटों की स्थिति अच्छी मानी जाती है। आम लोगों के बीच यही धारणा है, लेकिन ये सच नहीं है। क्लाइमेट एजेंडा की ओर से अस्सी घाट पर स्थापित किये गए उच्च क्षमता वाले फिल्टर युक्तकृत्रिम फेफड़े महज दो दिन के अंदर धुंधले हो गए। घाट किनारे भी आबो-हवा खराब होने के मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक अनुमान के तहत साफ व स्वच्छ हवा लेने के लिए हर दिन सुबह से शाम तक पचास हजार से अधिक लोग गंगा किनारे सैर के लिए जाते हैं। इनके फेफड़े व दिल भी प्रदूषण के शिकार हुए होंगे. बनारस के आम जन में वायु प्रदूषण की समझ पैदा करने के उद्देश्य से अस्सी घाट पर रविवार को शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ। आरएन वाजपेई, पर्यावरण एवं धारणीय विकास संस्थान के निदेशक डॉ। एएस रघुवंशी और योगिराज पंडित विजय प्रकाश मिश्रा की मौजदूगी में क्लाइमेट एजेंडा की ओर से कृत्रिम फेफड़े लगाए गए थे। महज दो दिन में उच्च क्षमता वाले ये फिल्टर युक्त सफेद कृत्रिम फेफड़े धुंधले हो गए, जबकि भीषण गर्मी में प्रदूषण का स्तर कम हो जाता है। इससे साफ जाहिर है कि बनारस में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब है। अस्सी घाट स्थित कृत्रिम फेफड़े के समीप मॉम्स फॉर क्लीन एयर ने सभा की। इस दौरान क्लाइमेट एजेंडा की निदेशक एकता शेखर ने बताया कि बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा और सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है। स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर दो हज़ार बीस की रिपोर्ट के अनुसार आउटडोर और इनडोर वायु प्रदूषण के कारण दो हज़ार उन्नीस में जन्म के एक महीने के भीतर भारत में एक लाख सोलह हज़ार से अधिक शिशुओं की मृत्यु हो गई। इसी अध्ययन संस्थान की एक रिपोर्ट बताती है कि भारत में हर तीन मिनट पर एक बच्चे की मौत हो जाती है। इनमे सबसे टॉप पर राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार प्रदेश हैं। यहां सबसे अधिक मृत्यु दर दर्ज की गयी है। इसके अलावा, प्रतिवर्ष अस्थमा, ब्रोंकाइटिस आदि जैसी बीमारियों के कारण लाखों बच्चों का विकास प्रभावित हो रहा है। दुनिया की सबसे न्यारी नगरी काशी को किसी की नजर लग गयी है। प्रशासन व शासन के तमाम प्रयास के बावजूद बनारस का प्रदूषण से नाता खत्म नहीं हो रहा है। बुधवार को एक्यूआई अर्दली बाजार में-एक सौ पंद्रह, भेलूपुर-एक सौ उन्नीस और मलदहिया में एक सौ चार दर्ज किया गया है। इसके पहले दो हज़ार अट्ठारह में वाराणसी दुनिया का सबसे प्रदूषित तीसरा शहर था। दो हज़ार इक्कीस में वाराणसी वल्र्ड का बाईसवां और इंडिया का आठवां सबसे प्रदूषित शहर था। अस्सी घाट पर लगाए गए कृत्रिम फेफड़े को हेपा फिल्टर कपड़े से बनाया गया था। एन-पचानवे मास्क में हेपा फिल्टर कपड़े का इस्तेमाल किया जाता है, जो प्रदूषण को अंदर नहीं जाने देता है। एकता शेखर के अनुसार कृत्रिम फेफड़ा रीयल की तरह काम करता है। कृत्रिम फेफड़े के पीछे दो फैन लगाए गए थे। इसके अलावा कई नलियां और मशीनें भी लगी थीं. हम दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में यू ही नहीं शामिल हैं। महज दो दिनों में कृत्रिम फेफड़ों का ग्रे हो जाना इसे साबित करता है कि शहर और आसपास रहने वाले लोगों के दिल और फेफड़े वायु प्रदूषण की जद में हैं। बेहद जरूरी है कि इसे एक स्वास्थ्य आपातकाल मानते हुए जरूरी कदम उठाए जाएं। अस्सी घाट अब तक शहर में सबसे स्वच्छ जगहों में शामिल माना जाता था। महज अड़तालीस घंटाटे में कृत्रिम फेफड़े का ग्रे हो जाना बेहद गंभीर विषय है। आम जनता के स्वास्थ्य के लिए यह खतरनाक स्थिति मानी जानी चाहिए। यह अब बेहद जरुरी हो गया है कि पर्यावरण की बेहतरी के लिए परिवहन को प्रमुख रूप से स्वच्छ बनाया जाए और सभी विभाग मिल कर स्वच्छ वायु कार्य योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें. दो दिन के अन्दर कृत्रिम फेफड़े का काला हो जाना हमें सचेत करता है कि वायु प्रदूषण कितनी बड़ी समस्या है। ऐसे में यह जरूरी है कि बच्चों की सेहत की रक्षा के लिए माताएं बाहर निकलें। सौर ऊर्जा, सार्वजनिक परिवहन, कचरा प्रबंधन की व्यवस्था ठीक से की जाए. महज दो दिन में उच्च क्षमता वाले फिल्टर युक्त सफेद कृत्रिम फेफड़े के ग्रे होने से स्पष्ट होता है कि शहर की आबोहवा सुरक्षित नहीं है। बनारस में लगातार बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण और विशेष रूप से बच्चों पर पडऩे वाले प्रतिकूल असर से माताओं को सचेत करते हुए साफहवा के लिए व्यवहार परिवर्तन एवं प्रशासन की भूमिका पर चर्चा करनी थी.
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