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इंदौर जू में एक व्यक्ति ने जाली फांदकर बाघ के पिंजरे में कूदने की कोशिश की। उसे पिंजरे पर चढ़ता देख तत्काल कर्मचारी दौड़े और उसे बमुश्किल पकड़कर नीचे उतारा। वह जिस जगह कूदने वाला था, वहीं नीचे बाड़े में बाघ बैठा हुआ था।
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से राम मंदिर निर्माण के लिए देश विदेश से मदद करने वालों का तांता लगा हुआ है। इसी क्रम में अयोध्या के रहने वाले एक शख्स ने मंदिर के लिए 51 हजार ईंट दान करने का फैसला किया है। यही नहीं, सभी ईंटों पर राम नाम अंकित होगा।
महाराष्ट्र में सरकार गठन पर पेंच फंसा हुआ है। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की बैठक चल रही है कि सरकार में विभागों का बंटवारा कैसे होगा। सीएम पद पर कौन बैठेगा। इस बीच खबर आई की शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने सीएम बनने से इनकार कर दिया है।
यूपी के संभल में नाबालिग के साथ रेप के बाद उसे जिंदा जलाने का मामला सामने आया है। आरोपी ने नाबालिग पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी युवती को दिल्ली रेफर कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, 70 प्रतिशत शरीर आग में झुलस गया है। वहीं, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर एक घंटे से ज्यादा समय तक शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की नेहरू सेंटर में बैठक हुई। बैठक से बाहर निकलने पर शरद पवार ने कहा कि उद्धव ठाकरे ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि कल तक बाकी मुद्दों पर भी साफ बात हो जाएगी।
अस्पताल में मरीजों को फल बांटने पहुंचे सपा विधायक सिगरेट पीते नजर आए। वो भी ऐसी जगह जोकि नो टोबैको जोन है। मामला मुरादाबाद जिले अस्पताल का है। देहात सीट से सपा विधायक हाजी इकराम कुरेशी शुक्रवार को मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर अस्पताल में मरीजों को फल बांटने पहुंचे थे।
मोहाली की विशेष एनआईए अदालत में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के चार संदिग्धों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया।
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इंदौर जू में एक व्यक्ति ने जाली फांदकर बाघ के पिंजरे में कूदने की कोशिश की। उसे पिंजरे पर चढ़ता देख तत्काल कर्मचारी दौड़े और उसे बमुश्किल पकड़कर नीचे उतारा। वह जिस जगह कूदने वाला था, वहीं नीचे बाड़े में बाघ बैठा हुआ था। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से राम मंदिर निर्माण के लिए देश विदेश से मदद करने वालों का तांता लगा हुआ है। इसी क्रम में अयोध्या के रहने वाले एक शख्स ने मंदिर के लिए इक्यावन हजार ईंट दान करने का फैसला किया है। यही नहीं, सभी ईंटों पर राम नाम अंकित होगा। महाराष्ट्र में सरकार गठन पर पेंच फंसा हुआ है। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की बैठक चल रही है कि सरकार में विभागों का बंटवारा कैसे होगा। सीएम पद पर कौन बैठेगा। इस बीच खबर आई की शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे ने सीएम बनने से इनकार कर दिया है। यूपी के संभल में नाबालिग के साथ रेप के बाद उसे जिंदा जलाने का मामला सामने आया है। आरोपी ने नाबालिग पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी युवती को दिल्ली रेफर कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, सत्तर प्रतिशत शरीर आग में झुलस गया है। वहीं, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर एक घंटे से ज्यादा समय तक शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की नेहरू सेंटर में बैठक हुई। बैठक से बाहर निकलने पर शरद पवार ने कहा कि उद्धव ठाकरे ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि कल तक बाकी मुद्दों पर भी साफ बात हो जाएगी। अस्पताल में मरीजों को फल बांटने पहुंचे सपा विधायक सिगरेट पीते नजर आए। वो भी ऐसी जगह जोकि नो टोबैको जोन है। मामला मुरादाबाद जिले अस्पताल का है। देहात सीट से सपा विधायक हाजी इकराम कुरेशी शुक्रवार को मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर अस्पताल में मरीजों को फल बांटने पहुंचे थे। मोहाली की विशेष एनआईए अदालत में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के चार संदिग्धों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया।
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Sushant Singh Rajput के केस की उलझी गुत्थी के बीच रिया चक्रवर्ती ने किया पोस्ट, लिखा- अगली बार तुम. .
Sushant Singh Rajput सुशांत सिंह राजपूत के निधन के 2 साल बाद एक बार फिर से उनके केस ने तूल पकड़ा है। कूपर हॉस्पिटल के स्टाफ द्वारा दिए गए एक्टर के मर्डर के हिंट के बीच अब रिया चक्रवर्ती ने एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर किया है।
नई दिल्ली, जेएनएन। Sushant Singh Rajput Case: सुशांत सिंह राजपूत के निधन को दो साल से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन अब तक फैंस एक्टर को खोने के दर्द से उभर नहीं पाए हैं। ट्विटर पर अब तक उनके चाहने वाले एक्टर को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। 14 जून 2020 को सुशांत ने अंतिम सांस ली थी, लेकिन उनका जाना अब भी सभी के लिए एक पहेली बना हुआ है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये कहा गया था कि एक्टर ने सुसाइड किया है, लेकिन उनके परिवार का कहना है कि उनका मर्डर हुआ था। कुछ दिनों पहले कूपर हॉस्पिटल के एक स्टाफ ने ये हिंट दिया था कि सुशांत सिंह राजपूत का मर्डर हुआ है, जिसके बाद से ही अब सुशांत के निधन का मामला एक बार फिर खुल गया है। सुशांत सिंह राजपूत के मर्डर के दावे के बीच अब रिया चक्रवर्ती ने अपने इंस्टाग्राम पर एक क्रिप्टिक पोस्ट किया है।
सुशांत सिंह राजपूत के निधन की उलझी हुई गुत्थी के बीच रिया चक्रवर्ती ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने किसी बुक का कोट शेयर किया है जिसमें लिखा है, 'आप आग से गुजरे हो, तूफान से खुद को बचाया है और शैतान के ऊपर जीत हासिल की है, अगर अपनी ताकत पर शक हो, तो अगली बार इन सब बातों को याद रख लेना'। आपको बता दें कि जब साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत का निधन हुआ था, तो एक्टर की बहन श्वेता और पूरे परिवार ने एक्टर की मौत का जिम्मेदार रिया चक्रवर्ती को ठहराया था।
14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा के फ्लैट में मृत पाए गए थे। जिस समय सुशांत के निधन की खबर सामने आई थी, उस दौरान वह और रिया चक्रवर्ती एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने रिया पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि एक्ट्रेस ने उनके बेटे को सुसाइड करने के लिए उकसाया है और उन्होंने उनसे काफी पैसे भी लिए है। सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में ड्रग्स के मामले ने भी काफी जोर पकड़ा था। रिया और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती को ईडी ने इस मामले में पूछताछ के लिए भी बुलाया था, जिसके बाद एक्ट्रेस को जेल भी जाना पड़ा था। सुशांत सिंह राजपूत की बरसी पर रिया चक्रवर्ती उनको याद करते हुए अक्सर तस्वीरें शेयर करती हैं।
यह भी पढ़ेंः Sushant Singh Rajput: वो मुझे नहीं छोड़ेंगे. . . विवेक अग्निहोत्री ने सुशांत की फोटो शेयर कर पूछा- कौन हैं 'वो'?
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Sushant Singh Rajput के केस की उलझी गुत्थी के बीच रिया चक्रवर्ती ने किया पोस्ट, लिखा- अगली बार तुम. . Sushant Singh Rajput सुशांत सिंह राजपूत के निधन के दो साल बाद एक बार फिर से उनके केस ने तूल पकड़ा है। कूपर हॉस्पिटल के स्टाफ द्वारा दिए गए एक्टर के मर्डर के हिंट के बीच अब रिया चक्रवर्ती ने एक क्रिप्टिक पोस्ट शेयर किया है। नई दिल्ली, जेएनएन। Sushant Singh Rajput Case: सुशांत सिंह राजपूत के निधन को दो साल से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन अब तक फैंस एक्टर को खोने के दर्द से उभर नहीं पाए हैं। ट्विटर पर अब तक उनके चाहने वाले एक्टर को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। चौदह जून दो हज़ार बीस को सुशांत ने अंतिम सांस ली थी, लेकिन उनका जाना अब भी सभी के लिए एक पहेली बना हुआ है। कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये कहा गया था कि एक्टर ने सुसाइड किया है, लेकिन उनके परिवार का कहना है कि उनका मर्डर हुआ था। कुछ दिनों पहले कूपर हॉस्पिटल के एक स्टाफ ने ये हिंट दिया था कि सुशांत सिंह राजपूत का मर्डर हुआ है, जिसके बाद से ही अब सुशांत के निधन का मामला एक बार फिर खुल गया है। सुशांत सिंह राजपूत के मर्डर के दावे के बीच अब रिया चक्रवर्ती ने अपने इंस्टाग्राम पर एक क्रिप्टिक पोस्ट किया है। सुशांत सिंह राजपूत के निधन की उलझी हुई गुत्थी के बीच रिया चक्रवर्ती ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने किसी बुक का कोट शेयर किया है जिसमें लिखा है, 'आप आग से गुजरे हो, तूफान से खुद को बचाया है और शैतान के ऊपर जीत हासिल की है, अगर अपनी ताकत पर शक हो, तो अगली बार इन सब बातों को याद रख लेना'। आपको बता दें कि जब साल दो हज़ार बीस में सुशांत सिंह राजपूत का निधन हुआ था, तो एक्टर की बहन श्वेता और पूरे परिवार ने एक्टर की मौत का जिम्मेदार रिया चक्रवर्ती को ठहराया था। चौदह जून दो हज़ार बीस को सुशांत सिंह राजपूत अपने बांद्रा के फ्लैट में मृत पाए गए थे। जिस समय सुशांत के निधन की खबर सामने आई थी, उस दौरान वह और रिया चक्रवर्ती एक-दूसरे को डेट कर रहे थे। सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने रिया पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि एक्ट्रेस ने उनके बेटे को सुसाइड करने के लिए उकसाया है और उन्होंने उनसे काफी पैसे भी लिए है। सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद बॉलीवुड में ड्रग्स के मामले ने भी काफी जोर पकड़ा था। रिया और उनके भाई शौविक चक्रवर्ती को ईडी ने इस मामले में पूछताछ के लिए भी बुलाया था, जिसके बाद एक्ट्रेस को जेल भी जाना पड़ा था। सुशांत सिंह राजपूत की बरसी पर रिया चक्रवर्ती उनको याद करते हुए अक्सर तस्वीरें शेयर करती हैं। यह भी पढ़ेंः Sushant Singh Rajput: वो मुझे नहीं छोड़ेंगे. . . विवेक अग्निहोत्री ने सुशांत की फोटो शेयर कर पूछा- कौन हैं 'वो'?
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IPL 2024 Auction: नीलामी में 333 में से 2 करोड़ रुपये के बेस प्राइस वाले खिलाड़ी कौन है?
आईपीएल 2024 की नीलामी के लिए खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन का विंडो अब क्लोज़ हो चुका है. आईपीएल 2024 मिनी ऑक्शन के लिये 333 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इंग्लैंड के स्टार तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने इस बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जिन्हें मुंबई इंडियंस ने रिलीज कर दिया था. आईपीएल 2024 से पहले कुल 77 खिलाड़ियों का स्लॉट खाली है जिसे 19 दिसंबर को होने वाली नीलामी में भरा जायेगा.
आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2024 की नीलामी के लिए खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन का विंडो अब क्लोज़ हो चुका है. आईपीएल 2024 मिनी ऑक्शन के लिये 333 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इस ऑक्शन के लिए जहां कई बड़े खिलाड़ियों रजिस्ट्रेशन कराया वहीं इस बार कई बड़े नाम देखने को नहीं मिलेंगे.
इंग्लैंड के स्टार तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने इस बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जिन्हें मुंबई इंडियंस ने रिलीज कर दिया था. रजिस्ट्रेशन कराने वाले बड़े खिलाड़ियों में रचिन रविंद्र, डेरिल मिचेल, पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क जैसे खिलाड़ी शामिल है. आपको बता दें कि इस बार नीलामी 19 दिसंबर को दुबई में होने वाली है.
77 स्लॉट के लिए होगी नीलामीः
आईपीएल 2024 से पहले कुल 77 खिलाड़ियों का स्लॉट खाली है जिसे 19 दिसंबर को होने वाली नीलामी में भरा जायेगा जिसके लिए 333 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. आईपीएल की टीमों ने कुल मिलाकर 173 खिलाड़ियों को रिटेन किया है जिनमें 50 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल है. वहीं 77 में से 30 विदेशी खिलाड़ियों के लिए बोली लगायी जाएगी.
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IPL 2024 Auction:देखें रिलीज़ किए गए सबसे महंगे खिलाड़ियों की लिस्ट?
आईपीएल ऑक्शन 2024 हाइलाइट्सः
कैप्ड खिलाड़ीः जिन खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल मैच खेले है.
अनकैप्ड खिलाड़ीः जिन खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल मैच नहीं खेले है.
क्या है खिलाड़ियों का बेस प्राइसः
नीलामी के लिए खिलाड़ियों ने अलग अलग बेस प्राइस पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया है जिसमें 2 करोड़ रुपये का बेस प्राइस सर्वाधिक है जिसपर 25 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इसके अतिरिक्त 1.5 करोड़, 1 करोड़ और 50 लाख जैसे बेस प्राइस पर भी खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है.
2 करोड़ रुपये बेस प्राइस वाले 25 खिलाड़ीः
1.50 करोड़ बेस प्राइस वाले खिलाड़ीः
जेसन होल्डर, वानिंदु हसरंगा, मोहम्मद नबी, मोइजेस हेनरिक्स, क्रिस लिन, केन रिचर्डसन, डैनियल सैम्स, डैनियल वॉरॉल, टॉम कुरेन, मर्चेंट डी लैंग, क्रिस जॉर्डन, डेविड मालन, टाइमल मिल्स, फिल साल्ट, कोरी एंडरसन, कॉलिन मुनरो, जिमी नीशम, टिम साउदी, कॉलिन इंग्राम और शेरफेन रदरफोर्ड.
1 करोड़ बेस प्राइस वाले खिलाड़ीः
आईपीएल नीलामी 2024 में 1 करोड़ बेस प्राइस वाले खिलाड़ियों में रिले मेरेडिथ, मार्टिन गुप्टिल, डार्सी शॉर्ट, एडम मिल्ने, एश्टन टर्नर, वेन पार्नेल, गस एटकिंसन, अल्जारी जोसेफ, सैम बिलिंग्स, माइकल ब्रेसवेल, रोवमैन पॉवेल जैसे खिलाड़ी शामिल है.
रजिस्टर कराये कैप्ड भारतीय खिलाड़ीः
नीलामी के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले कैप्ड भारतीय खिलाड़ियों में हर्षल पटेल, केदार जाधव, शार्दुल ठाकुर, उमेश यादव वरुण आरोन, केएस भरत, सिद्दार्थ कौल, धवल कुलकर्णी, शिवम मावी, शाहबाज़ नदीम, करुण नायर, मनीष पांडे, चेतन सकारिया, मनदीप सिंह, बरिंदर सरन, जयदेव उनादकट, हनुमा विहारी और संदीप वारियर शामिल है.
यह भी पढ़ेंः
ICC Champions Trophy 2025: पाकिस्तान की जगह यह देश बन सकता है चैंपियंस ट्रॉफी का होस्ट!
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IPL दो हज़ार चौबीस Auction: नीलामी में तीन सौ तैंतीस में से दो करोड़ रुपये के बेस प्राइस वाले खिलाड़ी कौन है? आईपीएल दो हज़ार चौबीस की नीलामी के लिए खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन का विंडो अब क्लोज़ हो चुका है. आईपीएल दो हज़ार चौबीस मिनी ऑक्शन के लिये तीन सौ तैंतीस खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इंग्लैंड के स्टार तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने इस बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जिन्हें मुंबई इंडियंस ने रिलीज कर दिया था. आईपीएल दो हज़ार चौबीस से पहले कुल सतहत्तर खिलाड़ियों का स्लॉट खाली है जिसे उन्नीस दिसंबर को होने वाली नीलामी में भरा जायेगा. आगामी इंडियन प्रीमियर लीग दो हज़ार चौबीस की नीलामी के लिए खिलाड़ियों के रजिस्ट्रेशन का विंडो अब क्लोज़ हो चुका है. आईपीएल दो हज़ार चौबीस मिनी ऑक्शन के लिये तीन सौ तैंतीस खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इस ऑक्शन के लिए जहां कई बड़े खिलाड़ियों रजिस्ट्रेशन कराया वहीं इस बार कई बड़े नाम देखने को नहीं मिलेंगे. इंग्लैंड के स्टार तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने इस बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जिन्हें मुंबई इंडियंस ने रिलीज कर दिया था. रजिस्ट्रेशन कराने वाले बड़े खिलाड़ियों में रचिन रविंद्र, डेरिल मिचेल, पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क जैसे खिलाड़ी शामिल है. आपको बता दें कि इस बार नीलामी उन्नीस दिसंबर को दुबई में होने वाली है. सतहत्तर स्लॉट के लिए होगी नीलामीः आईपीएल दो हज़ार चौबीस से पहले कुल सतहत्तर खिलाड़ियों का स्लॉट खाली है जिसे उन्नीस दिसंबर को होने वाली नीलामी में भरा जायेगा जिसके लिए तीन सौ तैंतीस खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. आईपीएल की टीमों ने कुल मिलाकर एक सौ तिहत्तर खिलाड़ियों को रिटेन किया है जिनमें पचास विदेशी खिलाड़ी भी शामिल है. वहीं सतहत्तर में से तीस विदेशी खिलाड़ियों के लिए बोली लगायी जाएगी. यह भी पढ़ेंः IPL दो हज़ार चौबीस Auction:देखें रिलीज़ किए गए सबसे महंगे खिलाड़ियों की लिस्ट? आईपीएल ऑक्शन दो हज़ार चौबीस हाइलाइट्सः कैप्ड खिलाड़ीः जिन खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल मैच खेले है. अनकैप्ड खिलाड़ीः जिन खिलाड़ियों ने इंटरनेशनल मैच नहीं खेले है. क्या है खिलाड़ियों का बेस प्राइसः नीलामी के लिए खिलाड़ियों ने अलग अलग बेस प्राइस पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया है जिसमें दो करोड़ रुपये का बेस प्राइस सर्वाधिक है जिसपर पच्चीस खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. इसके अतिरिक्त एक.पाँच करोड़, एक करोड़ और पचास लाख जैसे बेस प्राइस पर भी खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है. दो करोड़ रुपये बेस प्राइस वाले पच्चीस खिलाड़ीः एक.पचास करोड़ बेस प्राइस वाले खिलाड़ीः जेसन होल्डर, वानिंदु हसरंगा, मोहम्मद नबी, मोइजेस हेनरिक्स, क्रिस लिन, केन रिचर्डसन, डैनियल सैम्स, डैनियल वॉरॉल, टॉम कुरेन, मर्चेंट डी लैंग, क्रिस जॉर्डन, डेविड मालन, टाइमल मिल्स, फिल साल्ट, कोरी एंडरसन, कॉलिन मुनरो, जिमी नीशम, टिम साउदी, कॉलिन इंग्राम और शेरफेन रदरफोर्ड. एक करोड़ बेस प्राइस वाले खिलाड़ीः आईपीएल नीलामी दो हज़ार चौबीस में एक करोड़ बेस प्राइस वाले खिलाड़ियों में रिले मेरेडिथ, मार्टिन गुप्टिल, डार्सी शॉर्ट, एडम मिल्ने, एश्टन टर्नर, वेन पार्नेल, गस एटकिंसन, अल्जारी जोसेफ, सैम बिलिंग्स, माइकल ब्रेसवेल, रोवमैन पॉवेल जैसे खिलाड़ी शामिल है. रजिस्टर कराये कैप्ड भारतीय खिलाड़ीः नीलामी के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वाले कैप्ड भारतीय खिलाड़ियों में हर्षल पटेल, केदार जाधव, शार्दुल ठाकुर, उमेश यादव वरुण आरोन, केएस भरत, सिद्दार्थ कौल, धवल कुलकर्णी, शिवम मावी, शाहबाज़ नदीम, करुण नायर, मनीष पांडे, चेतन सकारिया, मनदीप सिंह, बरिंदर सरन, जयदेव उनादकट, हनुमा विहारी और संदीप वारियर शामिल है. यह भी पढ़ेंः ICC Champions Trophy दो हज़ार पच्चीस: पाकिस्तान की जगह यह देश बन सकता है चैंपियंस ट्रॉफी का होस्ट!
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हमीरपुर। हिमाचल में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे है। प्रदेश में आए दिन कई दर्दनाक सड़क हादसे पेश आ रहे है। मामला जिला हमीरपुर के टौणी देवी के समीप का है, यहां एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क के दूसरी तरफ जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक चालक की पहचान रणजीत सिंह सरकाघाट के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटना के संदर्भ में मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, रणजीत ट्रक में सवार होकर कहीं जा रहा था। इस दौरान बारी मंदिर के समीप पहुंचते ही ट्रक पलट गया। हादसे में चालक की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने मौके पहुंचकर मामले की जाँच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन ने परिवार को 25 हजार की फौरी राहत प्रदान की है।
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हमीरपुर। हिमाचल में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे है। प्रदेश में आए दिन कई दर्दनाक सड़क हादसे पेश आ रहे है। मामला जिला हमीरपुर के टौणी देवी के समीप का है, यहां एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क के दूसरी तरफ जा गिरा। हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक चालक की पहचान रणजीत सिंह सरकाघाट के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही घटना के संदर्भ में मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, रणजीत ट्रक में सवार होकर कहीं जा रहा था। इस दौरान बारी मंदिर के समीप पहुंचते ही ट्रक पलट गया। हादसे में चालक की मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों द्वारा इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने मौके पहुंचकर मामले की जाँच शुरू कर दी है। वहीं प्रशासन ने परिवार को पच्चीस हजार की फौरी राहत प्रदान की है।
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India News (इंडिया न्यूज), UP Politics: समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय महासचिव ने बीजेपी (BJP) पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी सरकार पर हमला साधते हुए कहा कि कर्नाटक(Karnataka Elections) में मिली हार को लेकर बीजेपी में बौखलाहट है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक चुनाव में मिली हार से लोगों के ध्यान को हटाने के लिए बीजेपी ने फिर से नोटबंदी लागू कर दी। उन्होंने कहा कि जब हम लोग पहले इतिहास पढ़ते थे दिल्ली से दौलताबाद और मोहम्मद तुगलक के बारे में कहा जाता था, राजधानी दिल्ली से दौलताबाद बनाई जहां पर पानी पीने को नहीं मिला वहां से वापस आ गए यही लोग हैं।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि 15 सौ करोड़ रुपये नोटो की छपाई में लगे थे, अब यह दुबारा से छपेंगे हजारों करोड़ों रुपए बर्बाद कर रहे हैं,इनके समझ में नहीं आ रहा है क्या करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने ऐसा इसलिए किया है कि यह लोग कर्नाटक बुरी तरह से हार गए हैं लोगों का ध्यान हटाने के लिए नया पेच डाल दिया है देश को बर्बाद करने के लिए यह ऐसा कर रहे हैं।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव ने संसद के उद्घाटन को लेकर हो रहे बवाल पर भी अपनी बातों को रखा। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में असली अधिकार प्रधानमंत्री का ही होता है अगर इस पर कोई सवाल उठाता है तो मैं कुछ भी नहीं कहना चाहता हूं। इसी के साथ लखनऊ में हाउस और वाटर टैक्स बढ़ाने के सवाल पर रामगोपाल यादव ने कहा कि ऐसी कोई चीज है जिस पर टैक्स ना बढ़ रहा हो उत्तर प्रदेश में लोगों की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है और चीजें तो सेकेंडरी है।
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Bigg Boss 15: रियलिटी शो 'बिग बॉस 15' इस बार टीआरपी की लिस्ट में पीछे नजर आ रहा है। जिसके लिए शो के मेकर्स अब शहनाज गिल (Shehnaaz Gill) को वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में आने के लिए अप्रोच किया है। बता दें कि 'बिग बॉस 13 में शहनाज 2 रनरअप रही हैं और उनकी फैन फॉलोइंग भी बहुत ज्यादा हैं जिस वजह से मेकर्स सोच रहे हैं कि शहनाज के आने से शो कि टीआरपी बढ़ सकती हैं।
लेकिन इस बात की अभी अधिकारिक घोषणा नही की गई हैं। सिद्धार्थ और शहनाज़ के बीच की केमिस्ट्री 'बिग बॉस 13' में एक साथ देखे जाने के बाद से काफी सुर्खियों में थी। अफसोस की बात है कि इस साल की शुरुआत में 2 सितंबर को शुक्ला की आकस्मिक मृत्यु के बाद दोनोें की जोड़ी टूट गई।
गौरतलब है कि सिद्धार्थ शुक्ला का 2 सितंबर को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। शहनाज गिल के साथ उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया जाता था। फैंस उन्हें प्यार से 'सिडनाज' बुलाते थे, सिद्धार्थ के फैंस उन्हें याद कर भावुक हो रहे हैं। बिग बॉस 13 (Big Boss 13) के अलावा, सिद्धार्थ शुक्ला ने खतरों के खिलाड़ी 7 भी जीता और झलक दिखला जा 6 में भाग लिया।
बता दें कि सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल ने बिग बॉस 13 में भाग लिया, जिसमें सिद्धार्थ शुक्ला विनर थे। शहनाज से उनके रिश्तें वहीं बनें, खबरों के मुताबिक जल्द दोनों शादी करने वाले थे।
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Bigg Boss पंद्रह: रियलिटी शो 'बिग बॉस पंद्रह' इस बार टीआरपी की लिस्ट में पीछे नजर आ रहा है। जिसके लिए शो के मेकर्स अब शहनाज गिल को वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में आने के लिए अप्रोच किया है। बता दें कि 'बिग बॉस तेरह में शहनाज दो रनरअप रही हैं और उनकी फैन फॉलोइंग भी बहुत ज्यादा हैं जिस वजह से मेकर्स सोच रहे हैं कि शहनाज के आने से शो कि टीआरपी बढ़ सकती हैं। लेकिन इस बात की अभी अधिकारिक घोषणा नही की गई हैं। सिद्धार्थ और शहनाज़ के बीच की केमिस्ट्री 'बिग बॉस तेरह' में एक साथ देखे जाने के बाद से काफी सुर्खियों में थी। अफसोस की बात है कि इस साल की शुरुआत में दो सितंबर को शुक्ला की आकस्मिक मृत्यु के बाद दोनोें की जोड़ी टूट गई। गौरतलब है कि सिद्धार्थ शुक्ला का दो सितंबर को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। शहनाज गिल के साथ उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया जाता था। फैंस उन्हें प्यार से 'सिडनाज' बुलाते थे, सिद्धार्थ के फैंस उन्हें याद कर भावुक हो रहे हैं। बिग बॉस तेरह के अलावा, सिद्धार्थ शुक्ला ने खतरों के खिलाड़ी सात भी जीता और झलक दिखला जा छः में भाग लिया। बता दें कि सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल ने बिग बॉस तेरह में भाग लिया, जिसमें सिद्धार्थ शुक्ला विनर थे। शहनाज से उनके रिश्तें वहीं बनें, खबरों के मुताबिक जल्द दोनों शादी करने वाले थे।
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एक्ट्रेस का धमाकेदार कमबैक..सालों से भूल बैठे थे लोग..तस्वीरें ऐसी..दंग रह जाएंगे !
जितेश पिल्लई की बर्थडे पार्टी में पहुंची उर्मिला मातोंडकर, देखें तस्वीरें।
रंगीला गर्ल उर्मिला मातोंडकर पिछले काफी समय से कैमरे की निगाहों से दूर थीं लेकिन कल जो हुआ शानदार था। कल जितेश पिल्लई की जन्मदिन की पार्टी में जिस लुक में उर्मिला नज़र आईं उन्हें देखकर सब दंग रह गए। शॉर्ट ड्रेस के हाई हील पहने उर्मिला जब इस पार्टी में पहुंचीं तो सबकी निगाहें उन्हीं पर आकर थम गई।
इस ड्रेस में उर्मिला इतनी खूबसूरत लग रही थीं कि उनकी खूबसूरती का जवाब नहीं था। आप भी उनकी ये तस्वीरें देखेंगे तो देखते ही रह जाएंगे। आपको बता दें कि पिछले साल मार्च में उर्मिला ने शादी की थी। शादी के बाद से ही वो पब्लिकली कम ही नज़र आने लगीं। वो अपने परिवार के साथ काफी बिज़ी रहती हैं।
लेकिन अब उर्मिला ने इस लुक में आकर सभी को चौंका दिया। हर कोई उनके अंदाज़ की तारीफ कर रहा है। उन्हें देखकर कोई कह नहीं सकता कि उर्मिला 44 साल की हैं। इन तस्वीरों में आज के ज़माने की हिरोइनों को मात दे रही हैं उर्मिला। आप भी देखें तस्वीरें..
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Don't Miss! एक्ट्रेस का धमाकेदार कमबैक..सालों से भूल बैठे थे लोग..तस्वीरें ऐसी..दंग रह जाएंगे ! जितेश पिल्लई की बर्थडे पार्टी में पहुंची उर्मिला मातोंडकर, देखें तस्वीरें। रंगीला गर्ल उर्मिला मातोंडकर पिछले काफी समय से कैमरे की निगाहों से दूर थीं लेकिन कल जो हुआ शानदार था। कल जितेश पिल्लई की जन्मदिन की पार्टी में जिस लुक में उर्मिला नज़र आईं उन्हें देखकर सब दंग रह गए। शॉर्ट ड्रेस के हाई हील पहने उर्मिला जब इस पार्टी में पहुंचीं तो सबकी निगाहें उन्हीं पर आकर थम गई। इस ड्रेस में उर्मिला इतनी खूबसूरत लग रही थीं कि उनकी खूबसूरती का जवाब नहीं था। आप भी उनकी ये तस्वीरें देखेंगे तो देखते ही रह जाएंगे। आपको बता दें कि पिछले साल मार्च में उर्मिला ने शादी की थी। शादी के बाद से ही वो पब्लिकली कम ही नज़र आने लगीं। वो अपने परिवार के साथ काफी बिज़ी रहती हैं। लेकिन अब उर्मिला ने इस लुक में आकर सभी को चौंका दिया। हर कोई उनके अंदाज़ की तारीफ कर रहा है। उन्हें देखकर कोई कह नहीं सकता कि उर्मिला चौंतालीस साल की हैं। इन तस्वीरों में आज के ज़माने की हिरोइनों को मात दे रही हैं उर्मिला। आप भी देखें तस्वीरें..
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केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में साल में दो बार बढ़ोतरी करती है। यह बढ़ोतरी जनवरी और जुलाई से लागू होती है। इस बार होली आठ मार्च को है और कल यानी एक मार्च के कैबिनेट की मीटिंग होने वाली है। सरकार इसमें केंद्रीय कर्मचारियों के डीए पर मुहर लगा सकती है।
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केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में साल में दो बार बढ़ोतरी करती है। यह बढ़ोतरी जनवरी और जुलाई से लागू होती है। इस बार होली आठ मार्च को है और कल यानी एक मार्च के कैबिनेट की मीटिंग होने वाली है। सरकार इसमें केंद्रीय कर्मचारियों के डीए पर मुहर लगा सकती है।
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टेलीविज़न जगत की मशहूर एक्ट्रेस उर्फी जावेद आए दिन किसी न किसी कारण चर्चाओं में बनी रहती है उर्फी ने कई टेलीविज़न सीरियल में भी काम किया हुआ है। मगर इतने में उर्फी रुकना नहीं चाहतीं। कैमरे पर काम करने के साथ साथ उर्फी की चाहत है कि वह इस दुनिया की सबसे अमीर इंसान बनें। एक लाइव इवेंट के चलते उर्फी ने कहा कि वह बहुत सारा रुपया कमाना चाहती हैं। हर किसी की भांति उर्फी की भी यह ख्वाहिश है कि वह दुनिया की सबसे अमीर शख्स बने।
उर्फी का कहना है कि मुझे बहुत सारा रुपया चाहिए, रूपये से मैं सब खरीद सकती हूं, दोस्त, प्यार सब। मगर उर्फी यह सब अपने दम पर करना चाहती हैं। उनका कहना है मुझे कम रूपये वाला लड़का भी चलेगा, बाद में मिलकर हम साथ कर लेंगे क्योंकि मैं गोल्ड डिगर नहीं हूं। वहीं दूसरी तरफ उर्फी का कहना है कि मेरे सारे फ्रेंड्स अपनी अमीरी, ब्रॉडेड चीजे, गूची बैग्स दिखाते हैं वहीं मैं अपनी नॉलेज को शो ऑफ करना चाहती हूं इसीलिए मैं भगवत गीता भी पढ़ती हूं।
वही बात यदि उर्फी के वर्कफ़्रंट की करें तो उर्फी के पास फिलहाल टेलीविज़न में कोई काम नहीं है। बिग बॉस से बाहर होने के पश्चात् से ही उर्फी खाली हाथ हैं। मगर ऑउटफिट के साथ एक्सपेरिमेंट करना जारी हैं। आए दिन उर्फी अपने ऑउटफिट को लेकर ट्रोलर्स के निशाने पर आ जाती हैं। कभी किसी को कॉपी कर तो कभी स्वयं ही अतरंगे ऑउटफिट पहन कर। मगर उर्फी का कहना हैं कि उन्हें ट्रोलर्स से कोई फर्क नहीं पड़ता। तथा उर्फी को लड़का भी ऐसा ही चाहिए जिन्हें उनके ऑउटफिट एवं ट्रोलर्स से कोई फर्क न पड़ें।
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टेलीविज़न जगत की मशहूर एक्ट्रेस उर्फी जावेद आए दिन किसी न किसी कारण चर्चाओं में बनी रहती है उर्फी ने कई टेलीविज़न सीरियल में भी काम किया हुआ है। मगर इतने में उर्फी रुकना नहीं चाहतीं। कैमरे पर काम करने के साथ साथ उर्फी की चाहत है कि वह इस दुनिया की सबसे अमीर इंसान बनें। एक लाइव इवेंट के चलते उर्फी ने कहा कि वह बहुत सारा रुपया कमाना चाहती हैं। हर किसी की भांति उर्फी की भी यह ख्वाहिश है कि वह दुनिया की सबसे अमीर शख्स बने। उर्फी का कहना है कि मुझे बहुत सारा रुपया चाहिए, रूपये से मैं सब खरीद सकती हूं, दोस्त, प्यार सब। मगर उर्फी यह सब अपने दम पर करना चाहती हैं। उनका कहना है मुझे कम रूपये वाला लड़का भी चलेगा, बाद में मिलकर हम साथ कर लेंगे क्योंकि मैं गोल्ड डिगर नहीं हूं। वहीं दूसरी तरफ उर्फी का कहना है कि मेरे सारे फ्रेंड्स अपनी अमीरी, ब्रॉडेड चीजे, गूची बैग्स दिखाते हैं वहीं मैं अपनी नॉलेज को शो ऑफ करना चाहती हूं इसीलिए मैं भगवत गीता भी पढ़ती हूं। वही बात यदि उर्फी के वर्कफ़्रंट की करें तो उर्फी के पास फिलहाल टेलीविज़न में कोई काम नहीं है। बिग बॉस से बाहर होने के पश्चात् से ही उर्फी खाली हाथ हैं। मगर ऑउटफिट के साथ एक्सपेरिमेंट करना जारी हैं। आए दिन उर्फी अपने ऑउटफिट को लेकर ट्रोलर्स के निशाने पर आ जाती हैं। कभी किसी को कॉपी कर तो कभी स्वयं ही अतरंगे ऑउटफिट पहन कर। मगर उर्फी का कहना हैं कि उन्हें ट्रोलर्स से कोई फर्क नहीं पड़ता। तथा उर्फी को लड़का भी ऐसा ही चाहिए जिन्हें उनके ऑउटफिट एवं ट्रोलर्स से कोई फर्क न पड़ें।
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लखनऊ। भगवान कृष्ण की पावन जन्मभूमि मथुरा। द्वापरयुग में इसकी गिनती सप्तपुरियों में होती थी। आज भी देश के धार्मिक स्थलों में मथुरा समेत पूरे ब्रज क्षेत्र का खास स्थान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पहले कार्यकाल से ही मथुरा का द्वापरकालीन वैभव लौटने का हर संभ प्रयास कर रहे हैं। सबसे पहले 'उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद' का गठन कर उन्होंने मथुरा ही नहीं, राधा-कृष्ण की लीलास्थली रही पूरे ब्रज क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर दी। यही नहीं उनके दूसरे कार्यकाल में मंत्रिपरिषद के समक्ष हुए प्रस्तुतिकरण में भी पर्यटन विभाग ने धार्मिक लिहाज से जिन पांच शहरों को वैश्विक स्तर की सुविधाओं से संतृप्त करने का लक्ष्य रखा है उनमें मथुरा भी है। बाकी शहर हैं- काशी, अयोध्या, चित्रकूट और गोरखपुर।
उल्लेखनीय है कि भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीराधारानी की लीलास्थली रहे पवित्र ब्रज भूमि को भगवान श्रीकृष्ण का नित्यवास स्थल माना जाता है। ये लीलास्थल आज भी श्रद्धालुओ एवं पर्यटकों के आस्था के केन्द्र हैं। पूरे साल यहां देश-विदेश के पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। इसमें ब्रज क्षेत्र के आठ स्थल (वृंदावन बरसाना, नंदगांव गोवर्धन, राधाकुण्ड, गोकुल, बल्देव एवं मथुरा) धार्मिक लिहाज से सबसे प्रमुख हैं। इनको ब्रज का धरोहर माना जाता है। इन धरोहरों की पुनर्प्रतिष्ठा के उद्देश्य से ही उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन किया गया।
2018 से 2022 तक योगी सरकार द्वारा लगभग 400 करोड़ रुपये की 102 परियोजनाऐं स्वीकृत की गईं। इनमें से 75 फीसद पूरी हो चुकीं हैं। ब्रज चौरासी कोस में मथुरा जनपद की सीमा में आने वाली जगहों के नियोजित, समन्वित और सर्वांगीण विकास के साथ ब्रज की विरासत और संस्कृति संरक्षण के लिए गठन के बाद से ही ब्रज तीर्थ विकास परिषद लगातार काम कर रहा है। नंदगांव, गोवर्धन, गोकुल, महावन स्थित रसखान समाधि, चिन्ताहरण महादेव घाट, ब्रह्माण्ड घाट, भाण्डीर वन, भद्रवन, बंशीवट आदि धार्मिक स्थलों का तीर्थ एवं पर्यटन की दृष्टि से विकास कराया जा चुका है ।
राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी आठ स्थानों को सरकार तीर्थ स्थल घोषित कर चुकी है। यहां के प्रमुख पर्वों (रंगोत्सव, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं कुम्भ पूर्व वैष्णव बैठक) को भव्य स्वरूप प्रदान किया गया । साथ ही देश-विदेश में इसकी शानदार ब्रांडिंग भी की गई। इससे 2017 के बाद से रंगोत्सव का पर्व लगातार चटक होता गया है। यही वजह रही कि 2017 से 2019 के दौरान यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या 5. 6 करोड़ से बढ़कर 7. 2 करोड़ तक पहुंच गई। आगे के दो साल वैश्विक महामारी कोविड के कारण प्रभावित रहे। 2022 में यह संख्या फिर बढ़ रही है। मार्च 2022 तक यहां 0. 98 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ था। यह 2020 में आने वाले 1. 1 करोड़ पर्यटकों से थोड़ा ही कम है। इस बार जन्माष्टमी के दिन मुख्यमंत्री खुद मथुरा में थे। इस बार जन्माष्टमी में वहां 20 लाख से अधिक पर्यटक/श्रद्धालुओं का यहां आना हुआ।
परिषद के गठन के बाद बरसाना एवं नंदगांव की विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली को राजकीय मेला घोषित किया गया है। रंगोत्सव एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के माध्यम से ब्रज की सांस्कृतिक कलाओं को प्रदर्शित करने के लिए यहां के लोक कलाकारों को एक बेहतर अवसर प्राप्त हुआ है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने प्रासाद योजना के तहत करीब 40 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की मंजूरी दी है। इसके तहत गोवर्धन का समेकित विकास कराया जा रहा है ।
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लखनऊ। भगवान कृष्ण की पावन जन्मभूमि मथुरा। द्वापरयुग में इसकी गिनती सप्तपुरियों में होती थी। आज भी देश के धार्मिक स्थलों में मथुरा समेत पूरे ब्रज क्षेत्र का खास स्थान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पहले कार्यकाल से ही मथुरा का द्वापरकालीन वैभव लौटने का हर संभ प्रयास कर रहे हैं। सबसे पहले 'उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद' का गठन कर उन्होंने मथुरा ही नहीं, राधा-कृष्ण की लीलास्थली रही पूरे ब्रज क्षेत्र के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर दी। यही नहीं उनके दूसरे कार्यकाल में मंत्रिपरिषद के समक्ष हुए प्रस्तुतिकरण में भी पर्यटन विभाग ने धार्मिक लिहाज से जिन पांच शहरों को वैश्विक स्तर की सुविधाओं से संतृप्त करने का लक्ष्य रखा है उनमें मथुरा भी है। बाकी शहर हैं- काशी, अयोध्या, चित्रकूट और गोरखपुर। उल्लेखनीय है कि भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीराधारानी की लीलास्थली रहे पवित्र ब्रज भूमि को भगवान श्रीकृष्ण का नित्यवास स्थल माना जाता है। ये लीलास्थल आज भी श्रद्धालुओ एवं पर्यटकों के आस्था के केन्द्र हैं। पूरे साल यहां देश-विदेश के पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। इसमें ब्रज क्षेत्र के आठ स्थल धार्मिक लिहाज से सबसे प्रमुख हैं। इनको ब्रज का धरोहर माना जाता है। इन धरोहरों की पुनर्प्रतिष्ठा के उद्देश्य से ही उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन किया गया। दो हज़ार अट्ठारह से दो हज़ार बाईस तक योगी सरकार द्वारा लगभग चार सौ करोड़ रुपये की एक सौ दो परियोजनाऐं स्वीकृत की गईं। इनमें से पचहत्तर फीसद पूरी हो चुकीं हैं। ब्रज चौरासी कोस में मथुरा जनपद की सीमा में आने वाली जगहों के नियोजित, समन्वित और सर्वांगीण विकास के साथ ब्रज की विरासत और संस्कृति संरक्षण के लिए गठन के बाद से ही ब्रज तीर्थ विकास परिषद लगातार काम कर रहा है। नंदगांव, गोवर्धन, गोकुल, महावन स्थित रसखान समाधि, चिन्ताहरण महादेव घाट, ब्रह्माण्ड घाट, भाण्डीर वन, भद्रवन, बंशीवट आदि धार्मिक स्थलों का तीर्थ एवं पर्यटन की दृष्टि से विकास कराया जा चुका है । राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी आठ स्थानों को सरकार तीर्थ स्थल घोषित कर चुकी है। यहां के प्रमुख पर्वों को भव्य स्वरूप प्रदान किया गया । साथ ही देश-विदेश में इसकी शानदार ब्रांडिंग भी की गई। इससे दो हज़ार सत्रह के बाद से रंगोत्सव का पर्व लगातार चटक होता गया है। यही वजह रही कि दो हज़ार सत्रह से दो हज़ार उन्नीस के दौरान यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या पाँच. छः करोड़ से बढ़कर सात. दो करोड़ तक पहुंच गई। आगे के दो साल वैश्विक महामारी कोविड के कारण प्रभावित रहे। दो हज़ार बाईस में यह संख्या फिर बढ़ रही है। मार्च दो हज़ार बाईस तक यहां शून्य. अट्ठानवे करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ था। यह दो हज़ार बीस में आने वाले एक. एक करोड़ पर्यटकों से थोड़ा ही कम है। इस बार जन्माष्टमी के दिन मुख्यमंत्री खुद मथुरा में थे। इस बार जन्माष्टमी में वहां बीस लाख से अधिक पर्यटक/श्रद्धालुओं का यहां आना हुआ। परिषद के गठन के बाद बरसाना एवं नंदगांव की विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली को राजकीय मेला घोषित किया गया है। रंगोत्सव एवं श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के माध्यम से ब्रज की सांस्कृतिक कलाओं को प्रदर्शित करने के लिए यहां के लोक कलाकारों को एक बेहतर अवसर प्राप्त हुआ है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने प्रासाद योजना के तहत करीब चालीस करोड़ रुपये की परियोजनाओं की मंजूरी दी है। इसके तहत गोवर्धन का समेकित विकास कराया जा रहा है ।
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कश्मीरी हिन्दुओं के पुनर्वास हेतु संघटित होने का निश्चय करते हुए 'हस्ताक्षर अभियान' को धर्माभिमानियों का उदंड प्रतिसाद !
नंदुरबार (महाराष्ट्र) : ९० के दशक में जब कश्मीर में आतंकवाद फैल रहा था, तब भारत के अन्य हिन्दू 'इसमें हम क्यों कुछ करें ? ', ऐसी अलिप्त भूमिका में बने रहे। तब ये हिन्दू संघटित होकर कश्मीरी हिन्दुओं की सहायता के लिए आगे नहीं आए! उसीके कारण आज यह 'आतंकवाद का भस्मासुर' देहली-मुंबई से होते हुए अब मालेगाव, धुळे एवं नंदुरबार तक पहुंच गया है, अब तो हिन्दुओं को संघटित होना चाहिये ! भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष श्री. विजयभाऊ चौधरी ने ऐसा मार्गदर्शन किया। हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से बडा मारुति मंदिर के सभागार में लगाई गए 'फॅक्ट' प्रदर्शनी के उद्धाटन अवसर पर वे बोल रहे थे। श्री. विजयभाऊ चौधरी के हाथों श्रीफल चढ़ा कर इस प्रदर्शनी का उद्धाटन किया गया।
इस अवसरपर श्री. विजयभाऊ चौधरी ने हिन्दु जनजागृति समिति एवं सनातन संस्था की ओर से आयोजित किए जानेवाले उपक्रमों की प्रशंसा की। हिन्दू जनजागृति समिति के डॉ. नरेंद्र पाटिल ने सूत्रसंचालन किया।
१. इस समय कश्मीरी हिन्दुओं से न्याय कर उनका पुनर्वास हो; इस मांग को लेकर चलाए गए हस्ताक्षर अभियान को बडी मात्रा में प्रतिसाद प्राप्त हुआ। इस ज्ञापन पर सैकडों राष्ट्रप्रेमियों ने अपने हस्ताक्षर कर इस अभियान का समर्थन किया !
२. इस अवसरपर '... और विश्व शांत रहा' ध्वनिचित्र चक्रिका भी दिखाई गई। उसे देखकर अनेक लोगों ने कश्मीरी हिन्दुओं की स्थिति को देखकर हमारे हृदय विदीर्ण हो गए, ऐसी प्रतिक्रिया व्यक्त की !
इस समय शिवसेना उपसंपर्कप्रमुख श्री. दीपक गवते एवं युवा शिवसेना के उपजिलाप्रमुख श्री. पंकज चौधरी ने कहा कि, कश्मीरी हिन्दू हमारे ही भाई हैं; इसलिए उनके अधिकारों हेतु लडना हमारा कर्तव्य है। आज धर्मांधों की गुंडागर्दी बहुत बढ़ गई है। जगह-जगहपर उनका उच्छाद बढने से हिन्दू त्रस्त हो गए हैं। उसके लिये हमारी ओर से संघटित रूप से विरोध किए जाने के बिना यह रुकनेवाला नहीं !
इस समय श्री. दीपक गवते एवं श्री. पंकज चौधरी ने उपस्थित लोगों में क्षात्रतेज एवं वीरश्री का संचार करनेवाली घोषणाएं दी !
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कश्मीरी हिन्दुओं के पुनर्वास हेतु संघटित होने का निश्चय करते हुए 'हस्ताक्षर अभियान' को धर्माभिमानियों का उदंड प्रतिसाद ! नंदुरबार : नब्बे के दशक में जब कश्मीर में आतंकवाद फैल रहा था, तब भारत के अन्य हिन्दू 'इसमें हम क्यों कुछ करें ? ', ऐसी अलिप्त भूमिका में बने रहे। तब ये हिन्दू संघटित होकर कश्मीरी हिन्दुओं की सहायता के लिए आगे नहीं आए! उसीके कारण आज यह 'आतंकवाद का भस्मासुर' देहली-मुंबई से होते हुए अब मालेगाव, धुळे एवं नंदुरबार तक पहुंच गया है, अब तो हिन्दुओं को संघटित होना चाहिये ! भाजपा के ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष श्री. विजयभाऊ चौधरी ने ऐसा मार्गदर्शन किया। हिन्दू जनजागृति समिति की ओर से बडा मारुति मंदिर के सभागार में लगाई गए 'फॅक्ट' प्रदर्शनी के उद्धाटन अवसर पर वे बोल रहे थे। श्री. विजयभाऊ चौधरी के हाथों श्रीफल चढ़ा कर इस प्रदर्शनी का उद्धाटन किया गया। इस अवसरपर श्री. विजयभाऊ चौधरी ने हिन्दु जनजागृति समिति एवं सनातन संस्था की ओर से आयोजित किए जानेवाले उपक्रमों की प्रशंसा की। हिन्दू जनजागृति समिति के डॉ. नरेंद्र पाटिल ने सूत्रसंचालन किया। एक. इस समय कश्मीरी हिन्दुओं से न्याय कर उनका पुनर्वास हो; इस मांग को लेकर चलाए गए हस्ताक्षर अभियान को बडी मात्रा में प्रतिसाद प्राप्त हुआ। इस ज्ञापन पर सैकडों राष्ट्रप्रेमियों ने अपने हस्ताक्षर कर इस अभियान का समर्थन किया ! दो. इस अवसरपर '... और विश्व शांत रहा' ध्वनिचित्र चक्रिका भी दिखाई गई। उसे देखकर अनेक लोगों ने कश्मीरी हिन्दुओं की स्थिति को देखकर हमारे हृदय विदीर्ण हो गए, ऐसी प्रतिक्रिया व्यक्त की ! इस समय शिवसेना उपसंपर्कप्रमुख श्री. दीपक गवते एवं युवा शिवसेना के उपजिलाप्रमुख श्री. पंकज चौधरी ने कहा कि, कश्मीरी हिन्दू हमारे ही भाई हैं; इसलिए उनके अधिकारों हेतु लडना हमारा कर्तव्य है। आज धर्मांधों की गुंडागर्दी बहुत बढ़ गई है। जगह-जगहपर उनका उच्छाद बढने से हिन्दू त्रस्त हो गए हैं। उसके लिये हमारी ओर से संघटित रूप से विरोध किए जाने के बिना यह रुकनेवाला नहीं ! इस समय श्री. दीपक गवते एवं श्री. पंकज चौधरी ने उपस्थित लोगों में क्षात्रतेज एवं वीरश्री का संचार करनेवाली घोषणाएं दी !
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नई दिल्ली, 11 सितम्बरः दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल हमेशा कहते हैं कि दिल्ली वालों की सेवा करने के लिए मुझे भगवान ने भेजा है, मै आम आदमी हूँ और आम आदमियों की सुनता हूँ लेकिन उन्हें शायद दिल्ली की महिलाओं की बातों पर भरोसा नहीं है इसलिए आज उन्होंने विधायक अमानुल्लाह की साली को झूठा बताते हुए अमानतुल्ला खान का इस्तीफा अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही पार्टी ने खान के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए 'मोदी पुलिस' की निंदा की। उनका कहना है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार को उजागर करने की वजह से उन्हें फंसाने के लिए साजिश रची गई है। खान पर एक दिन पहले उनकी साली ने छेड़छाड़ करने और शारीरिक संबंध के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कराया था।
पुलिस ने शनिवार को खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 509 (महिला की बेइज्जती के इरादे से शब्दों का इस्तेमाल करना या हरकतें करना), धारा 506 (आपराधिक धमकी), धारा 498ए (किसी महिला के पति का रिश्तेदार उसके साथ क्रूरता करे), और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सिसोदिया ने कहा कि खान को दिल्ली वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए फंसाया गया है।
खान ने शनिवार को आप कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में इन आरोपों से इंकार किया था और कहा कि उनका उस महिला से कोई संबंध नहीं रहा है। खान ने कहा कि उन्होंने वक्फ बोर्ड में 280 करोड़ रुपये की अनियमितता का मुद्दा उठाया था।
सिसोदिया ने गुजरात में महिला की निगरानी करने के निर्देश संबंधी मुद्दा उठाया और इसे 'मोनिका लेविंस्की प्रकरण' करार देते हुए मीडिया को इस पर बहस कराने की चुनौती दी।
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नई दिल्ली, ग्यारह सितम्बरः दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल हमेशा कहते हैं कि दिल्ली वालों की सेवा करने के लिए मुझे भगवान ने भेजा है, मै आम आदमी हूँ और आम आदमियों की सुनता हूँ लेकिन उन्हें शायद दिल्ली की महिलाओं की बातों पर भरोसा नहीं है इसलिए आज उन्होंने विधायक अमानुल्लाह की साली को झूठा बताते हुए अमानतुल्ला खान का इस्तीफा अस्वीकार कर दिया। इसके साथ ही पार्टी ने खान के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए 'मोदी पुलिस' की निंदा की। उनका कहना है कि दिल्ली वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार को उजागर करने की वजह से उन्हें फंसाने के लिए साजिश रची गई है। खान पर एक दिन पहले उनकी साली ने छेड़छाड़ करने और शारीरिक संबंध के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने शनिवार को खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा पाँच सौ नौ , धारा पाँच सौ छः , धारा चार सौ अट्ठानवेए , और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया था। सिसोदिया ने कहा कि खान को दिल्ली वक्फ बोर्ड में भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए फंसाया गया है। खान ने शनिवार को आप कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में इन आरोपों से इंकार किया था और कहा कि उनका उस महिला से कोई संबंध नहीं रहा है। खान ने कहा कि उन्होंने वक्फ बोर्ड में दो सौ अस्सी करोड़ रुपये की अनियमितता का मुद्दा उठाया था। सिसोदिया ने गुजरात में महिला की निगरानी करने के निर्देश संबंधी मुद्दा उठाया और इसे 'मोनिका लेविंस्की प्रकरण' करार देते हुए मीडिया को इस पर बहस कराने की चुनौती दी।
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बिजली बिल के रेट को बढ़ाने के लिए शुक्रवार को बिहार विद्युत विनियामक आयोग की जन सुनवाई हुई। इस दौरान एनबीपीडीसीएल ने 2020-21 में बिजली बिल की बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया। इसे लोगों ने सिरे से नकार दिया।
आयोग के अध्यक्ष एसके नेगी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में आयोजित इस जन-सुनवाई में जिले के उद्यमी, व्यवसायी व गणमान्य शामिल हुए। इसमें चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों के अलावा अन्य उद्यमियों ने कहा कि जिले में बिजली व्यवस्था अब भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी है। वोल्टेज, ट्रिपिंग व अधिक बिल की समस्या बनी हुई है। सबसे अधिक परेशानी लटकते तारों, झुके पोल आदि के कारण है। ऐसे में बिजले के दर को बढ़ाना उचित नहीं है।
उद्यमी श्याम सुंदर भीमसेरिया ने मांग की कि 33 केवीए सीधी लाइन लेने के लिए भार 750 किलोवाट से शुरू किया जाए। उत्तर बिहार उद्यमी संघ के अध्यक्ष शिवनाथ प्रसाद गुप्ता ने कहा कि एस्सेल के समय की गड़बड़ी अब तक ठीक नहीं हो सकी है। इंडस्ट्रियल एरिया की बिजली व्यवस्था को अलग किया जाना चाहिए। बंद कल-कारखानों के बिल भुगतान के लिए दस इंस्टॉलमेंट की सुविधा देने की मांग की। इसपर आयोग तैयार हो गया। बैठक के दौरान भी कई बार बिजली कटी।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मोतीलाल छापड़िया ने कहा कि सूतापट्टी में बिजली का पोल झुका हुआ है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हर दिन हजारों लोग वहां से गुजरते हैं। इस पर बिजली विभाग के इंजीनियर ने कहा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा। पोल को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
डेढ़ किमी होगी फीडर की दूरी : एनबीपीडीसीएल ने जन सुनवाई के दौरान कहा कि ट्रिपिंग आदि की समस्या जल्द दूर हो जाएगी। शहर व आसपास के इलाके में सात पावर सब स्टेशन (पीएसएस) का प्रस्ताव है। तीन का काम शुरू हो गया है। कहा कि पीएसएस बन जाने के बाद फीडर की दूरी कम की जाएगी। एक से दूसरे फीडर की दूरी मात्र डेढ़ किमी रह जाएगी। इससे वोल्टेज आदि की समस्या दूर हो जाएगी। इस दौरान एनबीपीडीसीएल के अधीक्षण अभियंता रीतेश कुमार, कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार, राजू कुमार, छविंद्र प्रसाद सिंह, मनोज कुमार जायसवाल, प्रोजेक्ट के कार्यपालक अभियंता विजय कुमार सहित अन्य विद्युत अधिकारी मौजूद थे।
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बिजली बिल के रेट को बढ़ाने के लिए शुक्रवार को बिहार विद्युत विनियामक आयोग की जन सुनवाई हुई। इस दौरान एनबीपीडीसीएल ने दो हज़ार बीस-इक्कीस में बिजली बिल की बढ़ोतरी का प्रस्ताव लाया। इसे लोगों ने सिरे से नकार दिया। आयोग के अध्यक्ष एसके नेगी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में आयोजित इस जन-सुनवाई में जिले के उद्यमी, व्यवसायी व गणमान्य शामिल हुए। इसमें चैंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों के अलावा अन्य उद्यमियों ने कहा कि जिले में बिजली व्यवस्था अब भी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी है। वोल्टेज, ट्रिपिंग व अधिक बिल की समस्या बनी हुई है। सबसे अधिक परेशानी लटकते तारों, झुके पोल आदि के कारण है। ऐसे में बिजले के दर को बढ़ाना उचित नहीं है। उद्यमी श्याम सुंदर भीमसेरिया ने मांग की कि तैंतीस केवीए सीधी लाइन लेने के लिए भार सात सौ पचास किलोग्रामवाट से शुरू किया जाए। उत्तर बिहार उद्यमी संघ के अध्यक्ष शिवनाथ प्रसाद गुप्ता ने कहा कि एस्सेल के समय की गड़बड़ी अब तक ठीक नहीं हो सकी है। इंडस्ट्रियल एरिया की बिजली व्यवस्था को अलग किया जाना चाहिए। बंद कल-कारखानों के बिल भुगतान के लिए दस इंस्टॉलमेंट की सुविधा देने की मांग की। इसपर आयोग तैयार हो गया। बैठक के दौरान भी कई बार बिजली कटी। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मोतीलाल छापड़िया ने कहा कि सूतापट्टी में बिजली का पोल झुका हुआ है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। हर दिन हजारों लोग वहां से गुजरते हैं। इस पर बिजली विभाग के इंजीनियर ने कहा कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा। पोल को दुरुस्त कर दिया जाएगा। डेढ़ किमी होगी फीडर की दूरी : एनबीपीडीसीएल ने जन सुनवाई के दौरान कहा कि ट्रिपिंग आदि की समस्या जल्द दूर हो जाएगी। शहर व आसपास के इलाके में सात पावर सब स्टेशन का प्रस्ताव है। तीन का काम शुरू हो गया है। कहा कि पीएसएस बन जाने के बाद फीडर की दूरी कम की जाएगी। एक से दूसरे फीडर की दूरी मात्र डेढ़ किमी रह जाएगी। इससे वोल्टेज आदि की समस्या दूर हो जाएगी। इस दौरान एनबीपीडीसीएल के अधीक्षण अभियंता रीतेश कुमार, कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार, राजू कुमार, छविंद्र प्रसाद सिंह, मनोज कुमार जायसवाल, प्रोजेक्ट के कार्यपालक अभियंता विजय कुमार सहित अन्य विद्युत अधिकारी मौजूद थे।
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Subhash Jagga Success Story: पिता थे किसान, जानें बेटे ने कैसे खड़ी की 200 करोड़ की कंपनी?
सुभाष जग्गा के परिवार की बात करें तो उनके पिता किसान थे और खेती करते थे. उनके पिता का निधन सुभाष जग्गा के बचपन में ही हो गया था. इस कठिन वक्त में सुभाष के मामा ने परिवार की मदद की.
हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रहने वाले सुभाष जग्गा आज करोड़ों के मालिक है, लेकिन उन्होंने ये कामयाबी अपने जुनून से हासिल की. किसान परिवार से आने वाले सुभाष जग्गा ने जूते बनाने के बिजनेस मेंउतरकर ऐसा धमाल मचाया कि आज उनकी कंपनी की गिनती देश के बड़ी शू कंपनियों में होती है.
उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर बहादुरगढ़ को स्पोर्ट्स शूज बड़ा इंडस्ट्री हब बना दिया है. लेकिन ये सब हासिल करने के लिए उन्हें खासा संघर्ष करना पड़ा. ब्रांड स्टोरी में आज हम आपको सुभाष जग्गा के इस सफर के बारे में जानकारी देंगे. सुभाष बग्गा ने जूते की फैक्ट्री खोलने के लिए अपनी सारी कमाई लगा दी. लेकिन आज वो करीब आधा दर्जन फैक्ट्रियों के मालिक हैं उनका सालाना टर्नओवर 200 करोड़ रुपये का है.
सुभाष जग्गा के परिवार की बात करें तो उनके पिता किसान थे और खेती करके अपने परिवार का गुजारा करते थे. उनके पिता का निधन सुभाष जग्गा के बचपन में ही हो गया था. इस कठिन वक्त में सुभाष के मामा ने परिवार की मदद की और सुभाष को पढ़ाई करने में पूरी मदद की. सुभाष बग्गा ने साल 1997 में शू ट्रेडिंग के जरिए जूते का बिजनेस शुरू किया. इसके बाद उन्होंने अपनी दिल्ली में छोटी सी फैक्ट्री खोलकर जूते चप्पल बनाने का काम शुरू किया.
साल 2003 में सुभाष जग्गा ने हरियाणा के बहादुरगढ़ में फैक्ट्री लगाकर उसमें टुडे फुटवेयर नाम के ब्रांड के जूते बनाना शुरू किया. उन्होंने अलग अलग टाइप के जूते बनाए, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया. धीरे-धीरे उनके जूतों की धूम देश भर में फैलने लगी. एक बार आग लगने की वजह से उनकी फैक्ट्री पूरी तरह से तबाह हो गई थी लेकिन उन्होंने हौसला बनाए रखा और नई शुरुआत की.
इसके बाद वो कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते गए. आज टुडे फुटवेयर ग्रूप विदेशों में भी जूते एक्सपोर्ट करता है. उनकी कंपनी में महिलाएं सबसे ज्यादा काम करती हैं, इसकी वजह ये है कि सुभाष महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें अपने पैरों में खड़ा होने में मदद करना चाहते हैं.
सुभाष जग्गा जब बहादुरगढ़ आए थे तब यहां मात्र 10 फैक्ट्रियां थीं, जो जूते बनाती थी. उन्होंने इन फैक्ट्रियों के मालिकों का संगठन बनाया और धीरे-धीरे सरकार के सहयोग से यहां फुटवियर कलस्टर की स्थापना करवाई. इसी वजह से बहादुरगढ़ आज शूज इंडस्ट्री का बड़ा हब बन चुका है. यहां मौजूदा समय में 1000 से ज्यादा जूतों की फैक्ट्री चल रही है. देश भर की 60 फीसदी नॉन लेदर शूज की डिमांड बहादुरगढ़ पूरा करता है.
उनके प्रयासों से बहादुरगढ़ में एक शू ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया गया है. इस सेंटर में युवा मुफ्त में जूते बनाने की ट्रेनिंग ले सकते हैं.सुभाष जग्गा को जूता व्यवसाय क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी मिल चुका है.
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Subhash Jagga Success Story: पिता थे किसान, जानें बेटे ने कैसे खड़ी की दो सौ करोड़ की कंपनी? सुभाष जग्गा के परिवार की बात करें तो उनके पिता किसान थे और खेती करते थे. उनके पिता का निधन सुभाष जग्गा के बचपन में ही हो गया था. इस कठिन वक्त में सुभाष के मामा ने परिवार की मदद की. हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रहने वाले सुभाष जग्गा आज करोड़ों के मालिक है, लेकिन उन्होंने ये कामयाबी अपने जुनून से हासिल की. किसान परिवार से आने वाले सुभाष जग्गा ने जूते बनाने के बिजनेस मेंउतरकर ऐसा धमाल मचाया कि आज उनकी कंपनी की गिनती देश के बड़ी शू कंपनियों में होती है. उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर बहादुरगढ़ को स्पोर्ट्स शूज बड़ा इंडस्ट्री हब बना दिया है. लेकिन ये सब हासिल करने के लिए उन्हें खासा संघर्ष करना पड़ा. ब्रांड स्टोरी में आज हम आपको सुभाष जग्गा के इस सफर के बारे में जानकारी देंगे. सुभाष बग्गा ने जूते की फैक्ट्री खोलने के लिए अपनी सारी कमाई लगा दी. लेकिन आज वो करीब आधा दर्जन फैक्ट्रियों के मालिक हैं उनका सालाना टर्नओवर दो सौ करोड़ रुपये का है. सुभाष जग्गा के परिवार की बात करें तो उनके पिता किसान थे और खेती करके अपने परिवार का गुजारा करते थे. उनके पिता का निधन सुभाष जग्गा के बचपन में ही हो गया था. इस कठिन वक्त में सुभाष के मामा ने परिवार की मदद की और सुभाष को पढ़ाई करने में पूरी मदद की. सुभाष बग्गा ने साल एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे में शू ट्रेडिंग के जरिए जूते का बिजनेस शुरू किया. इसके बाद उन्होंने अपनी दिल्ली में छोटी सी फैक्ट्री खोलकर जूते चप्पल बनाने का काम शुरू किया. साल दो हज़ार तीन में सुभाष जग्गा ने हरियाणा के बहादुरगढ़ में फैक्ट्री लगाकर उसमें टुडे फुटवेयर नाम के ब्रांड के जूते बनाना शुरू किया. उन्होंने अलग अलग टाइप के जूते बनाए, जिन्हें लोगों ने काफी पसंद किया. धीरे-धीरे उनके जूतों की धूम देश भर में फैलने लगी. एक बार आग लगने की वजह से उनकी फैक्ट्री पूरी तरह से तबाह हो गई थी लेकिन उन्होंने हौसला बनाए रखा और नई शुरुआत की. इसके बाद वो कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ते गए. आज टुडे फुटवेयर ग्रूप विदेशों में भी जूते एक्सपोर्ट करता है. उनकी कंपनी में महिलाएं सबसे ज्यादा काम करती हैं, इसकी वजह ये है कि सुभाष महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें अपने पैरों में खड़ा होने में मदद करना चाहते हैं. सुभाष जग्गा जब बहादुरगढ़ आए थे तब यहां मात्र दस फैक्ट्रियां थीं, जो जूते बनाती थी. उन्होंने इन फैक्ट्रियों के मालिकों का संगठन बनाया और धीरे-धीरे सरकार के सहयोग से यहां फुटवियर कलस्टर की स्थापना करवाई. इसी वजह से बहादुरगढ़ आज शूज इंडस्ट्री का बड़ा हब बन चुका है. यहां मौजूदा समय में एक हज़ार से ज्यादा जूतों की फैक्ट्री चल रही है. देश भर की साठ फीसदी नॉन लेदर शूज की डिमांड बहादुरगढ़ पूरा करता है. उनके प्रयासों से बहादुरगढ़ में एक शू ट्रेनिंग सेंटर भी बनाया गया है. इस सेंटर में युवा मुफ्त में जूते बनाने की ट्रेनिंग ले सकते हैं.सुभाष जग्गा को जूता व्यवसाय क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी मिल चुका है.
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रात को जम कर पार्टी करने का नतीजा यह हुआ कि सुबह पतिदेव को जबर्दस्त हैंगओवर हो गया। उनसे लडने के बजाय 1 चम्मच शहद खिला दें, बेहतर महसूस करेंगे। शहद ना हो, तो कोई भी फ्रूट जूस पिला दें। फ्रूक्टोज शरीर में मौजूद अल्कोहल का असर कम करने में मदद करेगा।
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रात को जम कर पार्टी करने का नतीजा यह हुआ कि सुबह पतिदेव को जबर्दस्त हैंगओवर हो गया। उनसे लडने के बजाय एक चम्मच शहद खिला दें, बेहतर महसूस करेंगे। शहद ना हो, तो कोई भी फ्रूट जूस पिला दें। फ्रूक्टोज शरीर में मौजूद अल्कोहल का असर कम करने में मदद करेगा।
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New Delhi: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि दिल्ली ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ मुश्किल जंग छेड़ रखी है और वह विजयी साबित होगी लेकिन इसमें वक्त लगेगा। साथ ही कहा कि इस युद्ध में हमारे ये पांच हथियार हैं. मुख्यमंत्री ने इन पांचों उपायों के बारे में विस्तार से बताया.
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार पांच हथियारों के बल पर कोरोना से लड़ाई लड़ रही है. इसमें पहला हथियार है अस्पताल में कोविड-19 मरीजों के लिए बिस्तरों और जांच की संख्या बढ़ाना. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने में अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई गई है और अब बिस्तरों की कोई कमी नहीं है। अस्पतालों में उपलब्ध 13,500 में से 7,500 बिस्तर खाली हैं।
दूसरा हथियार है टेस्टिंग और आइसोलेशन. इस विषय में केजरीवाल ने यह भी कहा कि अभी शहर में कोविड-19 के लिए रोज करीब 20,000 नमूनों की जांच की जा रही है। मैं केंद्र को हमें आवश्यक टेस्ट किट प्रदान करने के लिए धन्यवाद देता हूं.
तीसरा है घर में पृथक-वास कर रहे रोगियों को ऑक्सीमीटर एवं ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स मुहैया कराना. उन्होंने कहा कि इस बीमारी में सबसे बड़ी समस्या होती है ऑक्सीजन की, जिसकी वजह से आदमी की मौत हो जाती है. सभी होम आइसोलेशन वाले मरीजों को हमने ऑक्सीमीटर भेज दिए हैं.
चौथा हथियार है प्लाज्मा थैरेपी. इस मामले में दिल्ली ने पूरे देश को रास्ता दिखाया. सबसे पहले दिल्ली में ही प्लाजमा थेरेपी दी गई और 29 लोगों पर ट्रायल किया गया.
सीएम केजरीवाल ने कहा कि पांचवां और आखिरी हथियार है सर्वे और स्क्रीनिंग. इनके जरिए इस वैश्विक महामारी से दिल्ली लड़ रही है। उन्होंने बताया कि शहर में कोरोना वायरस कितना फैल चुका है इसका पता लगाने के लिए सिरोलॉजिकल सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है। शनिवार को शुरू हुए इस सर्वेक्षण के तहत 20,000 नमूने एकत्रित किए जाएंगे।
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New Delhi: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि दिल्ली ने कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ मुश्किल जंग छेड़ रखी है और वह विजयी साबित होगी लेकिन इसमें वक्त लगेगा। साथ ही कहा कि इस युद्ध में हमारे ये पांच हथियार हैं. मुख्यमंत्री ने इन पांचों उपायों के बारे में विस्तार से बताया. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार पांच हथियारों के बल पर कोरोना से लड़ाई लड़ रही है. इसमें पहला हथियार है अस्पताल में कोविड-उन्नीस मरीजों के लिए बिस्तरों और जांच की संख्या बढ़ाना. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने में अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई गई है और अब बिस्तरों की कोई कमी नहीं है। अस्पतालों में उपलब्ध तेरह,पाँच सौ में से सात,पाँच सौ बिस्तर खाली हैं। दूसरा हथियार है टेस्टिंग और आइसोलेशन. इस विषय में केजरीवाल ने यह भी कहा कि अभी शहर में कोविड-उन्नीस के लिए रोज करीब बीस,शून्य नमूनों की जांच की जा रही है। मैं केंद्र को हमें आवश्यक टेस्ट किट प्रदान करने के लिए धन्यवाद देता हूं. तीसरा है घर में पृथक-वास कर रहे रोगियों को ऑक्सीमीटर एवं ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स मुहैया कराना. उन्होंने कहा कि इस बीमारी में सबसे बड़ी समस्या होती है ऑक्सीजन की, जिसकी वजह से आदमी की मौत हो जाती है. सभी होम आइसोलेशन वाले मरीजों को हमने ऑक्सीमीटर भेज दिए हैं. चौथा हथियार है प्लाज्मा थैरेपी. इस मामले में दिल्ली ने पूरे देश को रास्ता दिखाया. सबसे पहले दिल्ली में ही प्लाजमा थेरेपी दी गई और उनतीस लोगों पर ट्रायल किया गया. सीएम केजरीवाल ने कहा कि पांचवां और आखिरी हथियार है सर्वे और स्क्रीनिंग. इनके जरिए इस वैश्विक महामारी से दिल्ली लड़ रही है। उन्होंने बताया कि शहर में कोरोना वायरस कितना फैल चुका है इसका पता लगाने के लिए सिरोलॉजिकल सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है। शनिवार को शुरू हुए इस सर्वेक्षण के तहत बीस,शून्य नमूने एकत्रित किए जाएंगे।
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नई दिल्ली. इसी साल के शुरुआत में बेटी गियाना के साथ हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हुए कोबी ब्रायंट (Kobe Bryant) अपने फैंस के दिलों में जिंदा हैं. हाल ही में उनके एक तौलिया लाखों रुपयों में खरीदा गया. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अपने आखिरी एनबीए मैच में ब्रायंट ने जिस तौलिये को अपने कंधों पर रखा था, उसे ऑन लाइन नीलामी में 33 हजार डॉलर यानी 24 लाख 89 हजार में बेचा गया. आइकोनिक ऑक्शन के अध्यक्ष जेफ वुल्फ ने कहा कि खरीदार दुनिया भर में लेकर्स मेमोरबिलिया के सबसे बड़े संग्रह के लिए जाना जाता है. वह लेकर्स का बहुत बड़ा प्रशंसक हैं. उनकी योजना साउदर्न कैलिफोर्निया में एक म्यूजियम बनाने की है.
जेफ ने इस पर भी ध्यान दिया कि बोली लगाने वाले ने इससे पहले ब्रायंट के मिडिल स्कूल के दिनों के समय की इयरबुक को खरीदने में 22 लाख रुपये खर्च किए थे. 41 साल के ब्रायंट और उनकी 13 साल की जियाना 26 जनवरी को हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गए थे. ब्रायंट में लेकर्स के साथ 20 सीजन गुजारे हैं और पांच बार एनबीए चैंपियनशिप जीती.
खबरों के अनुसार ब्रायंट (Kobe Bryant) के निजी हेलिकॉप्टर में उनकी बेटी सहित नौ लोग सवार थे. उनका हेलिकॉप्टर जैसे ही कैलाबैसस शहर के ऊपर से गुजरा, उससे आग लग गई. ये हादसा लॉस एंजिलिस से करीब 65 किलोमीटर दूर पर हुआ. 41 साल के ब्रायंट दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शुमार थे. अपने 20 साल के लंबे करियर में वह लॉस एंजिल्स लाकेर्स के साथ खेले. 2008 में ब्रायंट ने एनबीए के सबसे अहम खिलाड़ी का खिताब हासिल किया था. कोबी ब्रायंट ने अपने 20 साल के करियर 1346 गेम्स खेले और उन्होंने 33 हजार 643 अंकों के साथ एनबीए इतिहास के तीसरे सबसे अधिक स्कोरर के रूप में संन्यास लिया.
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सनी देओल की हीरोइन को जब ज्यादा पढ़ी-लिखी होना पड़ा भारी, एक्ट्रेस ने खूब सुने थे ताने, बोलीं- इंडस्ट्री में. .
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नई दिल्ली. इसी साल के शुरुआत में बेटी गियाना के साथ हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हुए कोबी ब्रायंट अपने फैंस के दिलों में जिंदा हैं. हाल ही में उनके एक तौलिया लाखों रुपयों में खरीदा गया. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक अपने आखिरी एनबीए मैच में ब्रायंट ने जिस तौलिये को अपने कंधों पर रखा था, उसे ऑन लाइन नीलामी में तैंतीस हजार डॉलर यानी चौबीस लाख नवासी हजार में बेचा गया. आइकोनिक ऑक्शन के अध्यक्ष जेफ वुल्फ ने कहा कि खरीदार दुनिया भर में लेकर्स मेमोरबिलिया के सबसे बड़े संग्रह के लिए जाना जाता है. वह लेकर्स का बहुत बड़ा प्रशंसक हैं. उनकी योजना साउदर्न कैलिफोर्निया में एक म्यूजियम बनाने की है. जेफ ने इस पर भी ध्यान दिया कि बोली लगाने वाले ने इससे पहले ब्रायंट के मिडिल स्कूल के दिनों के समय की इयरबुक को खरीदने में बाईस लाख रुपये खर्च किए थे. इकतालीस साल के ब्रायंट और उनकी तेरह साल की जियाना छब्बीस जनवरी को हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गए थे. ब्रायंट में लेकर्स के साथ बीस सीजन गुजारे हैं और पांच बार एनबीए चैंपियनशिप जीती. खबरों के अनुसार ब्रायंट के निजी हेलिकॉप्टर में उनकी बेटी सहित नौ लोग सवार थे. उनका हेलिकॉप्टर जैसे ही कैलाबैसस शहर के ऊपर से गुजरा, उससे आग लग गई. ये हादसा लॉस एंजिलिस से करीब पैंसठ किलोग्राममीटर दूर पर हुआ. इकतालीस साल के ब्रायंट दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों में शुमार थे. अपने बीस साल के लंबे करियर में वह लॉस एंजिल्स लाकेर्स के साथ खेले. दो हज़ार आठ में ब्रायंट ने एनबीए के सबसे अहम खिलाड़ी का खिताब हासिल किया था. कोबी ब्रायंट ने अपने बीस साल के करियर एक हज़ार तीन सौ छियालीस गेम्स खेले और उन्होंने तैंतीस हजार छः सौ तैंतालीस अंकों के साथ एनबीए इतिहास के तीसरे सबसे अधिक स्कोरर के रूप में संन्यास लिया. . सनी देओल की हीरोइन को जब ज्यादा पढ़ी-लिखी होना पड़ा भारी, एक्ट्रेस ने खूब सुने थे ताने, बोलीं- इंडस्ट्री में. .
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धुन में निकला। परन्तु सो लड़का गिरजाघर का गया, अब पादरी साहम के सामने उपस्थित हुआ, और पावरी साइप का उपवेश न समझ सका उस उपदेश के एक वाक्य से मी आनन्द म उठा सका, तब वह गिरमे में आने से पछताया, और क्षीण चित्त हुआ; सब वह खेल भूमि की याद करने लगा कि दूसरे लड़के के साथ किसने लड़के खेल में शामिल हुए होंगे और खेल रहे होंगे। पूरे दो घंटे वह गिरजे में रहा, परंतु परावर उसका मन स्वेल भूमि (play-ground) में ही लगा रहा। उधर दूसरा लड़का जो सेल भूमि को गया, उसे अपने मन के लायक ( अपनी रुचि का) साथी न मिला, कोई ऐसा लड़का उसे न मिला, जो उसके साथ खेल सके। यह अकेला रह गया, इससे उत्रास हो गया । वह गिर जाने को सोचने लगा। फिर चित्त में सोचने लगा कि गिरना जाने का भय समय नहीं रहा। वह ( चाहे शरीर से ) खेल भूमि में था, किन्तु उसका मन परावर गिरजाघर में लगा था, ( इसलिये चित्त मे ) वह उतने समय बराबर गिरजाघर में रहा। दो घंटे के बाद दोनों लड़के परस्पर रास्ते में पुन मिले । एक ने कहा "मुझे गिरखा न जाने का अफसोस ६", दूसरे ने कहा "मुझे पेल भूमि में न जाने का स्पेय है।" यही प्रतिदिन हर जगह मनुष्यों के साथ होता है। जहाँ आपका शरीर होता है, यहाँ आपका मन नहीं रहता। कितने ऐसे लोग यहाँ है, जिन्होंने आज म्याख्यान सुना है ? बहुत ही थोड़े अपने आपको (घिरा से ) इस हाल (फमरे ) में रम्य सकते हैं। मन तो उड़ भागता है मन पा तो बन्चे के साथ या किसी अन्य मित्रों के साथ होता है मन एक जगह से दूसरी जगह, एक विषय से दूसरे विषय में मटफता फिरता है। अध्यात्म-शास्त्र के अनुसार भाप अभी काम करते हो, जय मन उसे करता है। किसी समय आपका शरीर हो कोई कार्य विशेष फरया होता है, पर आप
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धुन में निकला। परन्तु सो लड़का गिरजाघर का गया, अब पादरी साहम के सामने उपस्थित हुआ, और पावरी साइप का उपवेश न समझ सका उस उपदेश के एक वाक्य से मी आनन्द म उठा सका, तब वह गिरमे में आने से पछताया, और क्षीण चित्त हुआ; सब वह खेल भूमि की याद करने लगा कि दूसरे लड़के के साथ किसने लड़के खेल में शामिल हुए होंगे और खेल रहे होंगे। पूरे दो घंटे वह गिरजे में रहा, परंतु परावर उसका मन स्वेल भूमि में ही लगा रहा। उधर दूसरा लड़का जो सेल भूमि को गया, उसे अपने मन के लायक साथी न मिला, कोई ऐसा लड़का उसे न मिला, जो उसके साथ खेल सके। यह अकेला रह गया, इससे उत्रास हो गया । वह गिर जाने को सोचने लगा। फिर चित्त में सोचने लगा कि गिरना जाने का भय समय नहीं रहा। वह खेल भूमि में था, किन्तु उसका मन परावर गिरजाघर में लगा था, वह उतने समय बराबर गिरजाघर में रहा। दो घंटे के बाद दोनों लड़के परस्पर रास्ते में पुन मिले । एक ने कहा "मुझे गिरखा न जाने का अफसोस छः", दूसरे ने कहा "मुझे पेल भूमि में न जाने का स्पेय है।" यही प्रतिदिन हर जगह मनुष्यों के साथ होता है। जहाँ आपका शरीर होता है, यहाँ आपका मन नहीं रहता। कितने ऐसे लोग यहाँ है, जिन्होंने आज म्याख्यान सुना है ? बहुत ही थोड़े अपने आपको इस हाल में रम्य सकते हैं। मन तो उड़ भागता है मन पा तो बन्चे के साथ या किसी अन्य मित्रों के साथ होता है मन एक जगह से दूसरी जगह, एक विषय से दूसरे विषय में मटफता फिरता है। अध्यात्म-शास्त्र के अनुसार भाप अभी काम करते हो, जय मन उसे करता है। किसी समय आपका शरीर हो कोई कार्य विशेष फरया होता है, पर आप
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१२ महासीहनाद
"सारिपुत्र ! ऐसा जाननेवाले ● ।
६-सारिपुत्र ! यह पाँच गतियाँ हैं। कौनसी पाँच- (1) नरक, (२) तिर्यग् (पशु पक्षी आदि) योनि, (३) त्य- (=प्रेत), (४) मनुष्य, (५) देवता । सारिपुन्न ! मैं नरकको हूँ, मार्गको निरयगामिनी प्रतिषद्को भी जैसे (मार्गपर) हो काया
कोनेपर मरनेके अनन्तर ( प्राणी ) व्याय- दुर्गति = विनिपात भरकमें उत्पन्न होते हैं, उसको जानता हूँ। सारिपुत्र ! में तिर्यग-योनिको जानता हूँ, तिर्यग योनिगामी मार्ग उसको जानता हूँ। सारिपुत्र ! में मेत्य-विषयको जानता हूँ, प्रेय-विषयगामी उसको जानता हूँ ! मैं मनुष्यको जानता हूँ - 11 देवोंको जानता हूँ, देवलोकगामी मार्गको देवलोकगामिनी प्रति पदको भी जैसे मार्गपर हो काया छोड़नेपर मरने के बाद सुगति उत्प होते हैं, उसको जानता हूँ। सारिपुत्र में निर्वाणको जानता हूँ, निर्वाणगामी मार्गको निर्वाणगामिनी प्रतिषद्को, जैसे मार्गपर बात हो आपके क्षय, चित्तकी विमुक्तिको इसी शरीर जान कराकर प्राप्त कर विहरता है। उसे भी जानता हूँ।
(क) "सारिपुत्र ! यहाँ मैं किसी व्यक्तिगल को इस प्रकार चित्तसे परख करके जानता है कि यह पुद्गल जैसे मार्गपर आरू है, जैसी चालाल रखता है, उस मार्गवर रूहो काया छोड़नेपर मरनेके बाद जैसे पाय दुर्गति विनियास नरमे उत्पन्न होगा। = फिर दूसरे समय अमानुष दिव्य विशुद्ध चक्षुसे, उसे काया कोड़, मरनेके याद नरकमें उत्पन्न हो सा!ि अत्यन्त दुःशमय सीम टू वेदना (= यातना )को अनुभव करते देखता हूँ। जैसे कि ! पुर-भर ( पोरिया ) से अधिक ऊँचा की बिना धूमाका ढेर हो। (कोई घाम (= धूप) में तप्त घामसे पीड़ित धक्का, प्यासा पुरुष एकापन मार्ग से उसी अंगारका ध्यान करके आये । उसको कोई देखकर यह कई- यह पुद्गल जैसे मार्गपर आरत है, जैसी
है, ऐसे मार्गपर आरूढ़ हो, इन्हीं अंगारों पहुँचेगा। फिर दूसरे समय उसे अंगारों गिरकर अत्यन्त दुःखमय वेदनाको अनुभव करते देखे ऐसेही सारिपुव ! यहाँ किसी व्यक्तिको इस प्रकार घिससे परख करके जानता हूँ । अनुभव करते देता हूँ।
(ख) "सारिपुत्र ! यहाँ में किसी व्यक्तिको इस प्रकार चितसे परखकर जानता हूँ, यह पुद्गल जैसे मार्गपरामरनेके बाद तिर्यग-योनिमें उत्पन्न होगा। फिर दूसरे समय मानुषदेता हूँ। जैसे कि पुरुष-भरसे अधिक ऊँचा अनुभव करते देखता हूँ ।
(ग) "सारिपुत्र ! वहाँ मैं किसी व्यक्तिको इस प्रकार चित्रसे परखकर जानता हूँ, मरनेके याद त्यविषयमें उत्पन्न होगा। फिर दूसरे समय अमानुष दिव्य चक्षुसे, उसे काया केदप्रय-विमें उत्पन्न हो दुःमती कटु वेदना अनुभव करते देखता हूँ । जैसेकि सारिपुत्र ! ( किसी ) (भूमि उत्पन्न पत्रपलाश से कृशकवरी छाया (नया नहीं वाला वृक्ष हो तब कोई घास में तह पुरुष एकावनमार्ग (एक मात्र मार्ग से उसी वृक्षका क्या करके आये उसको (कोई ) आँखवाला पुश्य देखकर यह कहेयह पुद्गल जैसे मार्गपर बात है, जैसी चदाल रखता है, ऐसे मारू हो ( यह ) इसी वृक्षके पास आयेगा। फिर दूसरे समय ( उसे ) इस वृक्षका लेटे दुःखमय घेदना अनुभव करते देखे। ऐसे हो सारिपुन्न ! यहाँ किसी व्यक्तिको इस प्रकारसे चित्तसे परखकर जानता हूँ • • वेदना अनुभव करते देखता हूँ ।
देखो पृष्ठ ४४ ।
देखो ऊपर।
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बारह महासीहनाद "सारिपुत्र ! ऐसा जाननेवाले ● । छः-सारिपुत्र ! यह पाँच गतियाँ हैं। कौनसी पाँच- नरक, तिर्यग् योनि, त्य- , मनुष्य, देवता । सारिपुन्न ! मैं नरकको हूँ, मार्गको निरयगामिनी प्रतिषद्को भी जैसे हो काया कोनेपर मरनेके अनन्तर व्याय- दुर्गति = विनिपात भरकमें उत्पन्न होते हैं, उसको जानता हूँ। सारिपुत्र ! में तिर्यग-योनिको जानता हूँ, तिर्यग योनिगामी मार्ग उसको जानता हूँ। सारिपुत्र ! में मेत्य-विषयको जानता हूँ, प्रेय-विषयगामी उसको जानता हूँ ! मैं मनुष्यको जानता हूँ - ग्यारह देवोंको जानता हूँ, देवलोकगामी मार्गको देवलोकगामिनी प्रति पदको भी जैसे मार्गपर हो काया छोड़नेपर मरने के बाद सुगति उत्प होते हैं, उसको जानता हूँ। सारिपुत्र में निर्वाणको जानता हूँ, निर्वाणगामी मार्गको निर्वाणगामिनी प्रतिषद्को, जैसे मार्गपर बात हो आपके क्षय, चित्तकी विमुक्तिको इसी शरीर जान कराकर प्राप्त कर विहरता है। उसे भी जानता हूँ। "सारिपुत्र ! यहाँ मैं किसी व्यक्तिगल को इस प्रकार चित्तसे परख करके जानता है कि यह पुद्गल जैसे मार्गपर आरू है, जैसी चालाल रखता है, उस मार्गवर रूहो काया छोड़नेपर मरनेके बाद जैसे पाय दुर्गति विनियास नरमे उत्पन्न होगा। = फिर दूसरे समय अमानुष दिव्य विशुद्ध चक्षुसे, उसे काया कोड़, मरनेके याद नरकमें उत्पन्न हो सा!ि अत्यन्त दुःशमय सीम टू वेदना को अनुभव करते देखता हूँ। जैसे कि ! पुर-भर से अधिक ऊँचा की बिना धूमाका ढेर हो। में तप्त घामसे पीड़ित धक्का, प्यासा पुरुष एकापन मार्ग से उसी अंगारका ध्यान करके आये । उसको कोई देखकर यह कई- यह पुद्गल जैसे मार्गपर आरत है, जैसी है, ऐसे मार्गपर आरूढ़ हो, इन्हीं अंगारों पहुँचेगा। फिर दूसरे समय उसे अंगारों गिरकर अत्यन्त दुःखमय वेदनाको अनुभव करते देखे ऐसेही सारिपुव ! यहाँ किसी व्यक्तिको इस प्रकार घिससे परख करके जानता हूँ । अनुभव करते देता हूँ। "सारिपुत्र ! यहाँ में किसी व्यक्तिको इस प्रकार चितसे परखकर जानता हूँ, यह पुद्गल जैसे मार्गपरामरनेके बाद तिर्यग-योनिमें उत्पन्न होगा। फिर दूसरे समय मानुषदेता हूँ। जैसे कि पुरुष-भरसे अधिक ऊँचा अनुभव करते देखता हूँ । "सारिपुत्र ! वहाँ मैं किसी व्यक्तिको इस प्रकार चित्रसे परखकर जानता हूँ, मरनेके याद त्यविषयमें उत्पन्न होगा। फिर दूसरे समय अमानुष दिव्य चक्षुसे, उसे काया केदप्रय-विमें उत्पन्न हो दुःमती कटु वेदना अनुभव करते देखता हूँ । जैसेकि सारिपुत्र ! आँखवाला पुश्य देखकर यह कहेयह पुद्गल जैसे मार्गपर बात है, जैसी चदाल रखता है, ऐसे मारू हो इसी वृक्षके पास आयेगा। फिर दूसरे समय इस वृक्षका लेटे दुःखमय घेदना अनुभव करते देखे। ऐसे हो सारिपुन्न ! यहाँ किसी व्यक्तिको इस प्रकारसे चित्तसे परखकर जानता हूँ • • वेदना अनुभव करते देखता हूँ । देखो पृष्ठ चौंतालीस । देखो ऊपर।
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दिल्ली के लॉरेंस रोड पर स्थित जूता बनाने वाली फैक्ट्री में आग लग गई है. आग लगने के बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई जिसके बाद 26 फायर टेंडर गाड़ियां घटना स्थल पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गए हैं. इस घटना में जानमाल के हानि की खबर अभी तक नहीं मिल पाई है. बता दें कि तीन दिन पहले ही दिल्ली के मायापुरी इलाके में जूता फैक्ट्री में भीषण आग लगी थी. वहां पर भी दमकल की 23 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया था.
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दिल्ली के लॉरेंस रोड पर स्थित जूता बनाने वाली फैक्ट्री में आग लग गई है. आग लगने के बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई जिसके बाद छब्बीस फायर टेंडर गाड़ियां घटना स्थल पर पहुंची और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गए हैं. इस घटना में जानमाल के हानि की खबर अभी तक नहीं मिल पाई है. बता दें कि तीन दिन पहले ही दिल्ली के मायापुरी इलाके में जूता फैक्ट्री में भीषण आग लगी थी. वहां पर भी दमकल की तेईस गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया था.
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नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2017 से बेस 3 वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग और सेल सहित रजिस्ट्रेशन पर सूप्रीम कोर्ट रोक लगा रही है। इसलिए स्टॉक में पड़ी गाड़ियों को निकालने की कवायद जोरों पर है। देशभर में गुरुवार से ही खासकर दोपहिया वाहनों पर भारी छूट ऑफर की जा रही है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की चपेट में आने वाले कुल 8 लाख बीएस 3 वाहनों में अकेले टू-वीइलर्स की तादाद 6. 71 लाख है। ऐसे में डीलरों को इन्हें बेचने के लिए महज दो दिन का वक्त मिला।
होंडा और टीवीएस अपने बेसिक और हाई-एंड मॉडल्स पर 12,500 से 18,500 रुपये तक की छूट दे रहे हैं। शुरू में लेटेस्ट मॉडल सुजुकी जिक्सर पर 5 से 6 हजार रुपये का डिस्काउंट ऑफर किया गया, लेकिन बाद में बढ़ा दिया गया। ट्रायंफ, सुजुकी, होंडा, यामहा और हार्ली डैविडसन जैसी मंहगी बाइक वाली कंपनियों के डीलरों ने विभिन्न मॉडलों पर 50 हजार रुपये से 3. 50 लाख रुपये तक का डिस्काउंट दिया। कई डीलरों ने हरेक टू-वीइलर की खरीद पर फ्री इंश्योरेंस और कीमती हेलमेट्स भी ऑफर किए।
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नई दिल्ली। एक अप्रैल दो हज़ार सत्रह से बेस तीन वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग और सेल सहित रजिस्ट्रेशन पर सूप्रीम कोर्ट रोक लगा रही है। इसलिए स्टॉक में पड़ी गाड़ियों को निकालने की कवायद जोरों पर है। देशभर में गुरुवार से ही खासकर दोपहिया वाहनों पर भारी छूट ऑफर की जा रही है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश की चपेट में आने वाले कुल आठ लाख बीएस तीन वाहनों में अकेले टू-वीइलर्स की तादाद छः. इकहत्तर लाख है। ऐसे में डीलरों को इन्हें बेचने के लिए महज दो दिन का वक्त मिला। होंडा और टीवीएस अपने बेसिक और हाई-एंड मॉडल्स पर बारह,पाँच सौ से अट्ठारह,पाँच सौ रुपयापये तक की छूट दे रहे हैं। शुरू में लेटेस्ट मॉडल सुजुकी जिक्सर पर पाँच से छः हजार रुपये का डिस्काउंट ऑफर किया गया, लेकिन बाद में बढ़ा दिया गया। ट्रायंफ, सुजुकी, होंडा, यामहा और हार्ली डैविडसन जैसी मंहगी बाइक वाली कंपनियों के डीलरों ने विभिन्न मॉडलों पर पचास हजार रुपये से तीन. पचास लाख रुपये तक का डिस्काउंट दिया। कई डीलरों ने हरेक टू-वीइलर की खरीद पर फ्री इंश्योरेंस और कीमती हेलमेट्स भी ऑफर किए।
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Rcom अपने डोंगल यूजर्स के लिए एक नया ऑफर लेकर अाई है। कंपनी ने अपने ई-कॉमर्स पोर्टल rcom-eshop. com पर एक नए ऑफर की जानकारी दी है। RCom ने Reliance 4G Wi-Pod और Reliance 4G सिम बंडल ऑफर के कॉम्बो ऑफर की घोषणा की है।
कंपनी 4G हॉटस्पॉट और 365 दिनों के लिए हर दिन 1GB डेटा का बंडल ऑफर दे रहा है। इस तरह प्री-पेड ऑफर और 4G हॉटस्पॉट दोनों की कीमत 5,199 रुपये हो रही है। इस ऑफर की वैलिडिटी एक साल की है।
बता दें कि 4G डोंगल को चाइनीज गियर मेकर ZTE ने बनाया है और इसका वजन 80 ग्राम है। ये क्वॉलकॉम MDM9307 से लैस है और एक समय पर 31 डिवाइस कनेक्ट कर सकता है। ये डिवाइस प्लास्टिक का बना हुआ है और इसमें USB पोर्ट, सिम कार्ड स्लॉट और माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट है जो 32GB तक के माइक्रोएसडी कार्ड को सपोर्ट करता है.
रिलायंस 4G Wi-Pod, बैंड 3, बैंड 5 और बैंड 40 पर LTE कनेक्टिविटी ऑफर करता है। इस हॉटस्पॉट डिवाइस में 2300mAh की बैटरी दी गई है, जो सिंगल चार्ज में ही 7 घंटे तक की बैटरी देती है। माना जा रहा है कि RCom ने ये प्लान रिलायंस जियो के JioFi के बदले हुए टैरिफ प्लान्स के मुकाबले में पेश किया है।
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Rcom अपने डोंगल यूजर्स के लिए एक नया ऑफर लेकर अाई है। कंपनी ने अपने ई-कॉमर्स पोर्टल rcom-eshop. com पर एक नए ऑफर की जानकारी दी है। RCom ने Reliance चारG Wi-Pod और Reliance चारG सिम बंडल ऑफर के कॉम्बो ऑफर की घोषणा की है। कंपनी चारG हॉटस्पॉट और तीन सौ पैंसठ दिनों के लिए हर दिन एकGB डेटा का बंडल ऑफर दे रहा है। इस तरह प्री-पेड ऑफर और चारG हॉटस्पॉट दोनों की कीमत पाँच,एक सौ निन्यानवे रुपयापये हो रही है। इस ऑफर की वैलिडिटी एक साल की है। बता दें कि चारG डोंगल को चाइनीज गियर मेकर ZTE ने बनाया है और इसका वजन अस्सी ग्राम है। ये क्वॉलकॉम MDMनौ हज़ार तीन सौ सात से लैस है और एक समय पर इकतीस डिवाइस कनेक्ट कर सकता है। ये डिवाइस प्लास्टिक का बना हुआ है और इसमें USB पोर्ट, सिम कार्ड स्लॉट और माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट है जो बत्तीसGB तक के माइक्रोएसडी कार्ड को सपोर्ट करता है. रिलायंस चारG Wi-Pod, बैंड तीन, बैंड पाँच और बैंड चालीस पर LTE कनेक्टिविटी ऑफर करता है। इस हॉटस्पॉट डिवाइस में दो हज़ार तीन सौmAh की बैटरी दी गई है, जो सिंगल चार्ज में ही सात घंटाटे तक की बैटरी देती है। माना जा रहा है कि RCom ने ये प्लान रिलायंस जियो के JioFi के बदले हुए टैरिफ प्लान्स के मुकाबले में पेश किया है।
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झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में कोरोना को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लोगों की लगातार जांच की जा रही है स्वास्थ्य निर्देश जारी किए जा रहे हैं। सभी को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
जासं, जमशेदपुर। कोरोना को लेकर चीन में हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति पहली व दूसरी लहर वाली हो गई है। वहां की लगभग 60 प्रतिशत आबादी संक्रमित हो चुकी है, जिससे भारत में भी खतरा बढ़ गया है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट करते हुए चेतावनी जारी की है। चूंकि, कोरोना की शुरुआत चीन से ही हुई थी और किसी को अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा नुकसान कर जाएगा। ऐसे में, सभी को सावधान होने की जरूरत है। अन्यथा चौथी लहर आने में देर नहीं लगेगी।
वैज्ञानिकों ने भी चिंता जाहिर की है। सिविल सर्जन डा. साहिर पाल ने कहा कि कोरोना को लेकर अलर्ट जारी की गई है। जिलेवासी पूर्व की तरह गलती न दोहराएं। अगर कोई बाहर से आता है और उसमें कोई लक्षण दिखे, तो उसकी जांच अवश्य कराएं। पूर्व में लापरवाही का परिणाम हम भुगत चुके हैं। फिलहाल पूर्वी सिंहभूम जिला कोरोना से मुक्त हो चुका है। यहां एक भी संक्रमित रोगी नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए फिर से जांच दर बढ़ा दिया गया है। बुधवार को 28 लोगों का नमूना आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया है। जांच रिपोर्ट गुरुवार तक आने की उम्मीद है। इस दौरान अगर कोई भी संक्रमित मरीज मिला, तो वह खतरे की घंटी हो सकती है।
सतर्क रहें- कोरोना को लेकर सभी को सतर्क होने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति में कोई लक्षण दिखे, तो लापरवाही न बरतें, बल्कि उसकी जांच कराएं। कोरोना जांच का नमूना फिलहाल जिला सर्विलांस विभाग के कार्यालय व परसुडीह स्थित सदर अस्पताल में लिया जा रहा है।
जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा नमूना- चीन में संक्रमण की नई लहर के लिए जिम्मेदार ओमिक्रोन के सब वैरिएंट बीएफ. 7 के तीन मामले देश में भी मिले हैं। इसे देखते हुए संक्रमित मरीजों का नमूना जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा, ताकि पता चल सके कि यहां कौन से वैरिएंट मौजूद हैं।
विदेशों से आने वालों पर होगी नजर- कई देशों में कोरोना के मामले बढ़े हैं। ऐसे में, विदेशों से आने वालों पर कड़ी नजर होगी, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
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झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में कोरोना को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लोगों की लगातार जांच की जा रही है स्वास्थ्य निर्देश जारी किए जा रहे हैं। सभी को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। जासं, जमशेदपुर। कोरोना को लेकर चीन में हाहाकार मचा हुआ है। स्थिति पहली व दूसरी लहर वाली हो गई है। वहां की लगभग साठ प्रतिशत आबादी संक्रमित हो चुकी है, जिससे भारत में भी खतरा बढ़ गया है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अलर्ट करते हुए चेतावनी जारी की है। चूंकि, कोरोना की शुरुआत चीन से ही हुई थी और किसी को अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा नुकसान कर जाएगा। ऐसे में, सभी को सावधान होने की जरूरत है। अन्यथा चौथी लहर आने में देर नहीं लगेगी। वैज्ञानिकों ने भी चिंता जाहिर की है। सिविल सर्जन डा. साहिर पाल ने कहा कि कोरोना को लेकर अलर्ट जारी की गई है। जिलेवासी पूर्व की तरह गलती न दोहराएं। अगर कोई बाहर से आता है और उसमें कोई लक्षण दिखे, तो उसकी जांच अवश्य कराएं। पूर्व में लापरवाही का परिणाम हम भुगत चुके हैं। फिलहाल पूर्वी सिंहभूम जिला कोरोना से मुक्त हो चुका है। यहां एक भी संक्रमित रोगी नहीं है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए फिर से जांच दर बढ़ा दिया गया है। बुधवार को अट्ठाईस लोगों का नमूना आरटीपीसीआर जांच के लिए लिया गया है। जांच रिपोर्ट गुरुवार तक आने की उम्मीद है। इस दौरान अगर कोई भी संक्रमित मरीज मिला, तो वह खतरे की घंटी हो सकती है। सतर्क रहें- कोरोना को लेकर सभी को सतर्क होने की जरूरत है। किसी भी व्यक्ति में कोई लक्षण दिखे, तो लापरवाही न बरतें, बल्कि उसकी जांच कराएं। कोरोना जांच का नमूना फिलहाल जिला सर्विलांस विभाग के कार्यालय व परसुडीह स्थित सदर अस्पताल में लिया जा रहा है। जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा नमूना- चीन में संक्रमण की नई लहर के लिए जिम्मेदार ओमिक्रोन के सब वैरिएंट बीएफ. सात के तीन मामले देश में भी मिले हैं। इसे देखते हुए संक्रमित मरीजों का नमूना जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा, ताकि पता चल सके कि यहां कौन से वैरिएंट मौजूद हैं। विदेशों से आने वालों पर होगी नजर- कई देशों में कोरोना के मामले बढ़े हैं। ऐसे में, विदेशों से आने वालों पर कड़ी नजर होगी, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
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Ranchi, 17 November: हजारीबाग के बरकट्ठा सीअो मनोज तिवारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार करने के दौरान कथित तौर पर की गयी जबरदस्ती का मामला अब झारखंड पुलिस और झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों का मामला बनता जा रहा है. 16 नवंबर को झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों ने रांची के कांके रोड स्थित होलीडे होम में बैठक करके 20 नवंबर तक सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला लिया था. झारखंड प्रशासनिक संघ का कहना है कि सीओ मनोज तिवारी की गिरफ्तारी की जांच की जाये और एंटी करप्शन ब्यूरो के पदाधिकारियों व पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाये. अब 17 नवंबर को झारखंड पुलिस के तीनों एसोसिएशन (झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन, झारखंड पुलिस एसोसिएशन, झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन) ने भी बैठकें कीं.
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में तीनों संघ एक हैं. सोमवार को तीनों संघों के पदाधिकारी डीजीपी और गृह सचिव से मिलेंगे. तीनों संघ की मांग है कि अगर सरकार ने प्रशासनिक पदाधिकारियों के दबाव में कोई फैसला लिया तो यह गलत होगा. अगर पूरे मामले की जांच कराये बिना किसी पदाधिकारी या पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की गयी तो गलत होगा. एेसी स्थिति में तीनों एसोसिएशन (सिपाही से लेकर डीएसपी तक) सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला ले सकते हैं.
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Ranchi, सत्रह नवंबरember: हजारीबाग के बरकट्ठा सीअो मनोज तिवारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार करने के दौरान कथित तौर पर की गयी जबरदस्ती का मामला अब झारखंड पुलिस और झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों का मामला बनता जा रहा है. सोलह नवंबर को झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों ने रांची के कांके रोड स्थित होलीडे होम में बैठक करके बीस नवंबर तक सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला लिया था. झारखंड प्रशासनिक संघ का कहना है कि सीओ मनोज तिवारी की गिरफ्तारी की जांच की जाये और एंटी करप्शन ब्यूरो के पदाधिकारियों व पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाये. अब सत्रह नवंबर को झारखंड पुलिस के तीनों एसोसिएशन ने भी बैठकें कीं. झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में तीनों संघ एक हैं. सोमवार को तीनों संघों के पदाधिकारी डीजीपी और गृह सचिव से मिलेंगे. तीनों संघ की मांग है कि अगर सरकार ने प्रशासनिक पदाधिकारियों के दबाव में कोई फैसला लिया तो यह गलत होगा. अगर पूरे मामले की जांच कराये बिना किसी पदाधिकारी या पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की गयी तो गलत होगा. एेसी स्थिति में तीनों एसोसिएशन सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला ले सकते हैं.
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उसे मालूम हुआ कि यह पगडंडी पहाड़ के कोने पर मुड़ नहीं जाती बल्कि सीधी नीले प्रकाश में से गुज़रती हुई आगे जा रही है। राही का हृदय किसी अज्ञात प्रसन्नता से परिपूर्ण हो उठा। उसने सोचा, क्यों न वह उसी मार्ग से होता हुआ नीले आकाश की पगडंडी पर चलता जाय । सौन्दर्य के किसी नये संसार में........ उसे विचार आया कि पहाड़ का वह कोना, जहाँ यों देखने से यह पगडंडी समाप्त हो जाती है, एक थाह झील का किनारा है, और वह सोचने लगा कि वह अपनी बलिष्ठ बाहों से अवश्य ही उसे पार करेगा । वह उसमें तैरता हुआ, नीले जल को उछालता हुआ आगे बढ़ता चला जायगा । या शायद यह नीला आकाश ही हो । तब भी वह उस सुन्दर श्रीकाश की नीलिमा में वायु का एक हल्का-सा मोंका बनकर उड़ जायगा और चारों ओर फैलता जायगा और उसके मन की प्रसन्नता बढ़ती जायगी, यहाँ तक कि वह नीले आकाश की आत्मा में घुल जायगी। और राही को इस विचित्र प्रकार के अनुभव की प्रसन्नता में ऐसा लगा कि उस के का शरीर हल्का, बहुत हल्का बन गया है और वह तेज़ी से पगडंडी पर छलाँगें लगाता हुआ दौड़ने लगा ।
फिर एकाएक वह ठिठक गया और पीछे मुड़कर देखने लगा....
सूरज एक चोटी के पीछे अस्त हो रहा था । जंगली फूलों की बेलों का सहारा लिये दो सोने की मूर्तियाँ उसकी ओर ताक रही थीं। झुटपुढे की चुप्पी में उसके निकट से निकलती हुई वायु उदास-सी प्रतीत होती थी। उदास और मीठी, जैसे उसने जंगली फूलों की डंडियों का सारा मधु बाहर खींच लिया हो। सारे वातावरण में जंगली गुलाबों की सुगंध और सूर्यास्त की रंगीनी धुली हुई मालूम होती थी। वह कुछ देर तक वहाँ खड़ा उनकी ओर देखता रहा, फिर उसने बाँइ घुमाकर उन्हें सलाम किया और मार्ग पर मुड़ गया ।
परन्तु अब उसके मन की असाधारण प्रसन्नता में एक विचित्र प्रकार की उदासी भी श्री बसी थी। उसके कदम भारी हो गये औ
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उसे मालूम हुआ कि यह पगडंडी पहाड़ के कोने पर मुड़ नहीं जाती बल्कि सीधी नीले प्रकाश में से गुज़रती हुई आगे जा रही है। राही का हृदय किसी अज्ञात प्रसन्नता से परिपूर्ण हो उठा। उसने सोचा, क्यों न वह उसी मार्ग से होता हुआ नीले आकाश की पगडंडी पर चलता जाय । सौन्दर्य के किसी नये संसार में........ उसे विचार आया कि पहाड़ का वह कोना, जहाँ यों देखने से यह पगडंडी समाप्त हो जाती है, एक थाह झील का किनारा है, और वह सोचने लगा कि वह अपनी बलिष्ठ बाहों से अवश्य ही उसे पार करेगा । वह उसमें तैरता हुआ, नीले जल को उछालता हुआ आगे बढ़ता चला जायगा । या शायद यह नीला आकाश ही हो । तब भी वह उस सुन्दर श्रीकाश की नीलिमा में वायु का एक हल्का-सा मोंका बनकर उड़ जायगा और चारों ओर फैलता जायगा और उसके मन की प्रसन्नता बढ़ती जायगी, यहाँ तक कि वह नीले आकाश की आत्मा में घुल जायगी। और राही को इस विचित्र प्रकार के अनुभव की प्रसन्नता में ऐसा लगा कि उस के का शरीर हल्का, बहुत हल्का बन गया है और वह तेज़ी से पगडंडी पर छलाँगें लगाता हुआ दौड़ने लगा । फिर एकाएक वह ठिठक गया और पीछे मुड़कर देखने लगा.... सूरज एक चोटी के पीछे अस्त हो रहा था । जंगली फूलों की बेलों का सहारा लिये दो सोने की मूर्तियाँ उसकी ओर ताक रही थीं। झुटपुढे की चुप्पी में उसके निकट से निकलती हुई वायु उदास-सी प्रतीत होती थी। उदास और मीठी, जैसे उसने जंगली फूलों की डंडियों का सारा मधु बाहर खींच लिया हो। सारे वातावरण में जंगली गुलाबों की सुगंध और सूर्यास्त की रंगीनी धुली हुई मालूम होती थी। वह कुछ देर तक वहाँ खड़ा उनकी ओर देखता रहा, फिर उसने बाँइ घुमाकर उन्हें सलाम किया और मार्ग पर मुड़ गया । परन्तु अब उसके मन की असाधारण प्रसन्नता में एक विचित्र प्रकार की उदासी भी श्री बसी थी। उसके कदम भारी हो गये औ
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आधी फ़रवरी भी निकल गई है। कविता का सारा घर बंद रहता है। बालकनी में बस तीन तार कपड़े सूखते दिखाई देते हैं जैसे कि सिर्फ़ उसका बेटा वहाँ रह रहा हो।
क्या सच ही कविता का बेटा अपने घर में अकेला रहा रहा है ?
उधर से फ़ोन कटना ही है। तीसरे दिन ही कविता का अपने घर में अँधेरा रखने का नाटक समाप्त हो जाता है। उसके दरवाजे, खिड़कियाँ खुल जाती हैं।
समिधा हठ भी करती है लेकिन वह नहीं मानती।
उसी रात समिधा घूमकर लौट रही है। अमित कुमार जानबूझ कर सड़क के बाँयी ओर बने बंगले में से अपनी गाड़ी निकाल कर उसकी बगल में से उसे दौड़ाते निकल जाते है। कविता की लेन पास आती जा रही है। कविता बालकनी में आकर उसे घूरने लगती है। दोनों का किस बात का गुस्सा है? एक और अड्डा बंद करवा दिया गया है? समिधा अंधेरे में टटोलती किसी तीर को पकड़ लेती है, गुंडों की बौखलाहट बता देती है वह सही निशाने पर लग गया है। देसाई रोड के मकान का तो उसने अनुमान भर लगाया था।
दो दिन बाद ही वह रात में घूमकर लौट रही है। अमित कुमार का बंगला पास आता जा रहा है। वह उनके बंगले के गेट के सामने पहुँचती है। बाँयीं ओर बने उनके बंगले के बीच में खड़ी किसी गाड़ी की हेड लाइट्स ऑन होती है। समिधा तेज़ रोशनी में नहा गई है फिर भी वह शांत, सहज आगे बढ़ती जा रही है। उसे डराया जा रहा है? या कि देखा जा रहा है जिसके साथ भगवान या सच होता है वह औरत कैसी होती है ?
अभय अपने में हल्के गुम-सुम होने लगे हैं। वह तय नहीं कर पा रही उन्हें हल्की ड्रग दी जा रही है वह अभिनय कर रहे हैं। उनका ड्रग टेस्ट कैसे करवा दे? और इस काँड के आका ड्रग देने के ख़ून के परिणाम के सच को सामने आने देंगे? यदि खून टेस्ट में ड्रग नहीं निकला तो वह और भी साइकिक करार कर दी जायेगी।
"ओ ऽ ऽ.....।" वह उछल कर बैठ जाती है। वह अलमारी के लॉकर की चाबी और छिपाकर रखने लगती है।
वे दोनों एक सोने का बिस्कुट खरीद ही लाये थे। समिधा ने उसे बैंक के लॉकर में रख दिया था.... तो एक खानदानी बाज़ारू औरत को अपनी माँ बहनों से मिली ये ट्रेनिंग है? अपने शिकार का 'ब्रेन' वॉश करवा कर सोना ख़रीदवाओ व मौका लगने पर उसी से घर से चोरी करवा दो..... इल्ज़ाम बीवी या किसी और पर लगवा दो..... हे भगवान ! बड़ा अच्छा है जो बैंक का लॉकर समिधा के ही नाम है। अभय हल्के नशे की चपेट में हैं..... यदि उनके हाथ सोना पड़ जाये तो इल्ज़ाम समिधा पर ही आना है क्योंकि रोली व अक्षत जानते हैं घर की अलमारी के लॉकर की चाबी समिधा के पास ही रहती है।
अभय का कम बोलना.... उसे संशकित दृष्टि से देखना.... कहीं बड़ा ख़तरा समिधा के आस-पास मंडरा रहा है.... उसकी गर्दन की कोई नस तेज़ फड़कने लगती है..... उसकी गर्दन की झनझनाहट उसे गहरे तनाव में डुबोये दे रही है या कि ये झनझनाहट उसे बता रही है कि उसके आस-पास भयानक अनहोनी बुनी जा रही है। अँधेरे भय में अपने डूबते जा रहे मन को वह कैसे सम्भाले?
कहीं ग़लती से लॉकर की चाबी दिमाग खोये अभय के हाथ में लग गई तो अनर्थ हो जायेगा। कहीं उन्हें अधिक ड्रग दे दी जाये, वह झगड़ा करके सीधे सोना माँगे, इससे पहले ही समिधा सोना अकेले जाकर बैंक के लॉकर में रख आती है व घर पर आकर घोषणा भी कर देती है।
"नहीं.... वैसे ही फ़ोन किया था। तुम्हारी याद आ रही थी।" उसकी आँखों में आँसू नहीं छलछलाते, दुश्मनों की चालों का जवाब देते-देते वह पक्की हो चुकी है।
अभय के ड्रग टेस्ट करवाने का एक मौका हाथ से गया। मौका हाथ से गया तो क्या घर की सम्पत्ति, सोना तो बच गया।
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आधी फ़रवरी भी निकल गई है। कविता का सारा घर बंद रहता है। बालकनी में बस तीन तार कपड़े सूखते दिखाई देते हैं जैसे कि सिर्फ़ उसका बेटा वहाँ रह रहा हो। क्या सच ही कविता का बेटा अपने घर में अकेला रहा रहा है ? उधर से फ़ोन कटना ही है। तीसरे दिन ही कविता का अपने घर में अँधेरा रखने का नाटक समाप्त हो जाता है। उसके दरवाजे, खिड़कियाँ खुल जाती हैं। समिधा हठ भी करती है लेकिन वह नहीं मानती। उसी रात समिधा घूमकर लौट रही है। अमित कुमार जानबूझ कर सड़क के बाँयी ओर बने बंगले में से अपनी गाड़ी निकाल कर उसकी बगल में से उसे दौड़ाते निकल जाते है। कविता की लेन पास आती जा रही है। कविता बालकनी में आकर उसे घूरने लगती है। दोनों का किस बात का गुस्सा है? एक और अड्डा बंद करवा दिया गया है? समिधा अंधेरे में टटोलती किसी तीर को पकड़ लेती है, गुंडों की बौखलाहट बता देती है वह सही निशाने पर लग गया है। देसाई रोड के मकान का तो उसने अनुमान भर लगाया था। दो दिन बाद ही वह रात में घूमकर लौट रही है। अमित कुमार का बंगला पास आता जा रहा है। वह उनके बंगले के गेट के सामने पहुँचती है। बाँयीं ओर बने उनके बंगले के बीच में खड़ी किसी गाड़ी की हेड लाइट्स ऑन होती है। समिधा तेज़ रोशनी में नहा गई है फिर भी वह शांत, सहज आगे बढ़ती जा रही है। उसे डराया जा रहा है? या कि देखा जा रहा है जिसके साथ भगवान या सच होता है वह औरत कैसी होती है ? अभय अपने में हल्के गुम-सुम होने लगे हैं। वह तय नहीं कर पा रही उन्हें हल्की ड्रग दी जा रही है वह अभिनय कर रहे हैं। उनका ड्रग टेस्ट कैसे करवा दे? और इस काँड के आका ड्रग देने के ख़ून के परिणाम के सच को सामने आने देंगे? यदि खून टेस्ट में ड्रग नहीं निकला तो वह और भी साइकिक करार कर दी जायेगी। "ओ ऽ ऽ.....।" वह उछल कर बैठ जाती है। वह अलमारी के लॉकर की चाबी और छिपाकर रखने लगती है। वे दोनों एक सोने का बिस्कुट खरीद ही लाये थे। समिधा ने उसे बैंक के लॉकर में रख दिया था.... तो एक खानदानी बाज़ारू औरत को अपनी माँ बहनों से मिली ये ट्रेनिंग है? अपने शिकार का 'ब्रेन' वॉश करवा कर सोना ख़रीदवाओ व मौका लगने पर उसी से घर से चोरी करवा दो..... इल्ज़ाम बीवी या किसी और पर लगवा दो..... हे भगवान ! बड़ा अच्छा है जो बैंक का लॉकर समिधा के ही नाम है। अभय हल्के नशे की चपेट में हैं..... यदि उनके हाथ सोना पड़ जाये तो इल्ज़ाम समिधा पर ही आना है क्योंकि रोली व अक्षत जानते हैं घर की अलमारी के लॉकर की चाबी समिधा के पास ही रहती है। अभय का कम बोलना.... उसे संशकित दृष्टि से देखना.... कहीं बड़ा ख़तरा समिधा के आस-पास मंडरा रहा है.... उसकी गर्दन की कोई नस तेज़ फड़कने लगती है..... उसकी गर्दन की झनझनाहट उसे गहरे तनाव में डुबोये दे रही है या कि ये झनझनाहट उसे बता रही है कि उसके आस-पास भयानक अनहोनी बुनी जा रही है। अँधेरे भय में अपने डूबते जा रहे मन को वह कैसे सम्भाले? कहीं ग़लती से लॉकर की चाबी दिमाग खोये अभय के हाथ में लग गई तो अनर्थ हो जायेगा। कहीं उन्हें अधिक ड्रग दे दी जाये, वह झगड़ा करके सीधे सोना माँगे, इससे पहले ही समिधा सोना अकेले जाकर बैंक के लॉकर में रख आती है व घर पर आकर घोषणा भी कर देती है। "नहीं.... वैसे ही फ़ोन किया था। तुम्हारी याद आ रही थी।" उसकी आँखों में आँसू नहीं छलछलाते, दुश्मनों की चालों का जवाब देते-देते वह पक्की हो चुकी है। अभय के ड्रग टेस्ट करवाने का एक मौका हाथ से गया। मौका हाथ से गया तो क्या घर की सम्पत्ति, सोना तो बच गया।
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Class 10 Pass will get 15000 per Month: अगर आप हाईस्कूल या स्नातक पास हैं और आपकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच में है तो यह खबर आपके काम की है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में लालबाग स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में 30 सितंबर को लगने वाले रोजगार मेले में 406 पदों के लिए साक्षात्कार होगा। चयनित स्नातक पास को 18000 रुपये से 25 हजार रुपये मासिक वेतन मिलेगा। हाईस्कूल पास को 8000 से 15000 रुपये प्रतिमाह (Class 10 Pass will get 15000 per Month) वेतन मिलेगा। लालबाग के क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के सहायक निदेशक अरुण कुमार भारती ने बताया कि आफलाइन मेला कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन के साथ लगाया जाएगा।
मास्क और सैनिटाइजर के बिना अभ्यर्थियोें का मेला परिसर (Class 10 Pass will get 15000 per Month in job fair) में प्रवेश नहीं होगा। अपने सभी दस्तावेजों के साथ अभ्यर्थी सुबह 10:30 बजे तक कार्यालय परिसर में जरूर पहुंच जाएं। यदि आपने पंजीकरण नहीं कराया है तो आवेदन से पहले सेवायोजन विभाग की वेबसाइट Rojgaar Sangam U. P. पर अपना पंजीकरण कराएं और फिर आवेदन करें। वहीं सेवामित्र एप के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मोटर साइकिल मिस्त्री, कारपेंटर, ब्यूटीशियन, फोटोग्राफर, टीवी मैकेनिक, कार मिस्त्री, कंप्यूटर मिस्त्री, मोबाइल मिस्त्री, पंप रिपेयर, इंजन मैकेनिक, शीट मेटल, खरादी जैसे 65 तरह के कौशल वाले श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें काम दिया जा रहा है।
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Class दस Pass will get पंद्रह हज़ार per Month: अगर आप हाईस्कूल या स्नातक पास हैं और आपकी उम्र अट्ठारह से चालीस वर्ष के बीच में है तो यह खबर आपके काम की है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में लालबाग स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में तीस सितंबर को लगने वाले रोजगार मेले में चार सौ छः पदों के लिए साक्षात्कार होगा। चयनित स्नातक पास को अट्ठारह हज़ार रुपयापये से पच्चीस हजार रुपये मासिक वेतन मिलेगा। हाईस्कूल पास को आठ हज़ार से पंद्रह हज़ार रुपयापये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। लालबाग के क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के सहायक निदेशक अरुण कुमार भारती ने बताया कि आफलाइन मेला कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन के साथ लगाया जाएगा। मास्क और सैनिटाइजर के बिना अभ्यर्थियोें का मेला परिसर में प्रवेश नहीं होगा। अपने सभी दस्तावेजों के साथ अभ्यर्थी सुबह दस:तीस बजे तक कार्यालय परिसर में जरूर पहुंच जाएं। यदि आपने पंजीकरण नहीं कराया है तो आवेदन से पहले सेवायोजन विभाग की वेबसाइट Rojgaar Sangam U. P. पर अपना पंजीकरण कराएं और फिर आवेदन करें। वहीं सेवामित्र एप के माध्यम से इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, मोटर साइकिल मिस्त्री, कारपेंटर, ब्यूटीशियन, फोटोग्राफर, टीवी मैकेनिक, कार मिस्त्री, कंप्यूटर मिस्त्री, मोबाइल मिस्त्री, पंप रिपेयर, इंजन मैकेनिक, शीट मेटल, खरादी जैसे पैंसठ तरह के कौशल वाले श्रमिकों का पंजीयन कर उन्हें काम दिया जा रहा है।
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बिहार में शिक्षण का कार्य (Bihar Professor Sarkari Naukri) तलाश रहे युवाओं के लिए नौकरी का बढ़िया अवसर सामने आया है. यहां की सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार (Central University of South Bihar) में प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकली है. इस भर्ती के माध्मय से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 48 पद भरे जाएंगे.
आपको जानकारी के लिए बता दें किसीयूएसबी (CUSB Recruitment 2022) इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया 18 फरवरी 2022 से जारी है और इनके लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2022 है. इन पदों पर केवल ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है. किसी और माध्यम से किया गया आवेदन स्वीकार नहीं होगा.
इस भर्ती के लिए सिर्फ वो ही ही उम्मीदवार अप्लाई कर सकते है, जिनके पास संबंधित विषय में पीएचडी की डिग्री हो. इसके अलावा कम से कम दस साल का टीचिंग का एक्सपीरियंस भी जरूरी है. कुछ पदों के लिए मास्टर डिग्री लिए उम्मीदवार भी अप्लाई कर सकते हैं.
इन पदों पर अप्लाई करने के लिए उम्मीदवार को ऑनलाइन फॉर्म भरकर उसकी कॉपी निकालकर इस पते पर भेजनी है.
आवेदन भेजने का पता - सहायक रजिस्ट्रार, भर्ती प्रकोष्ठ, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, एसएच - 7, गया पंचनपुर रोड, ग्राम - करहरा, पोस्ट - फतेहपुर, पीएस - टेकरी, गया - 824 236 (बिहार)
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बिहार में शिक्षण का कार्य तलाश रहे युवाओं के लिए नौकरी का बढ़िया अवसर सामने आया है. यहां की सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार में प्रोफेसर के पदों पर भर्ती निकली है. इस भर्ती के माध्मय से प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल अड़तालीस पद भरे जाएंगे. आपको जानकारी के लिए बता दें किसीयूएसबी इन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अट्ठारह फरवरी दो हज़ार बाईस से जारी है और इनके लिए अप्लाई करने की अंतिम तारीख इकतीस मार्च दो हज़ार बाईस है. इन पदों पर केवल ऑनलाइन अप्लाई किया जा सकता है. किसी और माध्यम से किया गया आवेदन स्वीकार नहीं होगा. इस भर्ती के लिए सिर्फ वो ही ही उम्मीदवार अप्लाई कर सकते है, जिनके पास संबंधित विषय में पीएचडी की डिग्री हो. इसके अलावा कम से कम दस साल का टीचिंग का एक्सपीरियंस भी जरूरी है. कुछ पदों के लिए मास्टर डिग्री लिए उम्मीदवार भी अप्लाई कर सकते हैं. इन पदों पर अप्लाई करने के लिए उम्मीदवार को ऑनलाइन फॉर्म भरकर उसकी कॉपी निकालकर इस पते पर भेजनी है. आवेदन भेजने का पता - सहायक रजिस्ट्रार, भर्ती प्रकोष्ठ, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, एसएच - सात, गया पंचनपुर रोड, ग्राम - करहरा, पोस्ट - फतेहपुर, पीएस - टेकरी, गया - आठ सौ चौबीस दो सौ छत्तीस
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मध्यप्रदेश में टमाटर की लाली अब घटने लगी है। पूर्व में जहां इसके रेट आसमान छू रहे थे तो वहीं अब प्रति किलो के दाम 50 से 60 रुपए तक पहुंच गए हैं। इसके पीछे वजह यह है कि अब एमपी में महाराष्ट्र से टमाटर की नई खेप आनी प्रारंभ हो गई है। जिससे आम लोगों की पहुंच से दूर हो चुके टमाटर का स्वाद एक बार फिर से लोग लेने लगे हैं।
एमपी के इंदौर की बात की जाए तो यहां प्रतिदिन 10 से अधिक टमाटर की गाड़ियां आ रही हैं। महाराष्ट्र से टमाटर की नई आवक आने के कारण मंडी में एक कैरेट के भाव अभी 800 से एक हजार रुपए तक पहुंच गए हैं। यही वजह है कि टमाटर की डिमांड कम हो गई है और इसके दाम में भी गिरावट आ गई हैं अब तक 100 से 120 रुपए प्रति किलो तक बिक रहे टमाटर के दाम आधे तक पहुंच गए हैं। मंगलवार को मंडी में टमाटर 50 से 60 रुपए प्रति किलो तक बिका। ढाई माह पहले महंगा बिकने के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक के किसानों ने टमाटर का ज्यादा उत्पादन किया।
महाराष्ट्र टमाटर की सर्वाधिक पैदावार करने वाला राज्य है। पड़ोसी राज्य होने के कारण महाराष्ट्र से ही एमपी के शहरों में टमाटर बिकने के लिए आता है। थोक सब्जी कारोबारियों का कहना है कि अभी टमाटर को लेकर उनकी निर्भरता महाराष्ट्र पर है। 15 सितम्बर के बाद मध्यप्रदेश के उज्जैन, रतलाम, इंदौर, खरगोन, झाबुआ, आलीराजपुर क्षेत्रों से भी टमाटर आने लगेंगे। जिससे इसके दाम में और भी गिरावट हो सकती है। सितंबर माह के अंत तक टमाटर 15 से 20 रुपए किलो तक बिकने के आसार हैं।
एमपी के इंदौर मंडी में प्रतिदिन टमाटर की 10 गाड़ियां पहुंच रही हैं। मंडी में एक कैरेट के भाव अभी 800 से एक हजार रुपए तक है। एक कैरेट में 20 से 23 किलो टमाटर रहते हैं। थोक में भाव 40 रुपए तक हैं जबकि खेरची में इसके दाम 50 से 60 रुपए तक पहुंच गए हैं। यहां पर यह बता दें कि सर्वाधिक टमाटर का उत्पादन महाराष्ट्र और कर्नाटक में होता है। फरवरी-मार्च माह के दौरान हुई बारिश और उसके बाद तेज गर्मी के कारण टमाटर का उत्पादन देश में आधा हो गया था। वहीं इसकी डिमांड काफी अधिक थी। यही वजह रही कि टमाटर के दाम में लाली आ गई और उसके दाम आसमान छूने लगे। किंन्तु अब इसके दाम में काफी हद तक गिरावट आ गई है।
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मध्यप्रदेश में टमाटर की लाली अब घटने लगी है। पूर्व में जहां इसके रेट आसमान छू रहे थे तो वहीं अब प्रति किलो के दाम पचास से साठ रुपयापए तक पहुंच गए हैं। इसके पीछे वजह यह है कि अब एमपी में महाराष्ट्र से टमाटर की नई खेप आनी प्रारंभ हो गई है। जिससे आम लोगों की पहुंच से दूर हो चुके टमाटर का स्वाद एक बार फिर से लोग लेने लगे हैं। एमपी के इंदौर की बात की जाए तो यहां प्रतिदिन दस से अधिक टमाटर की गाड़ियां आ रही हैं। महाराष्ट्र से टमाटर की नई आवक आने के कारण मंडी में एक कैरेट के भाव अभी आठ सौ से एक हजार रुपए तक पहुंच गए हैं। यही वजह है कि टमाटर की डिमांड कम हो गई है और इसके दाम में भी गिरावट आ गई हैं अब तक एक सौ से एक सौ बीस रुपयापए प्रति किलो तक बिक रहे टमाटर के दाम आधे तक पहुंच गए हैं। मंगलवार को मंडी में टमाटर पचास से साठ रुपयापए प्रति किलो तक बिका। ढाई माह पहले महंगा बिकने के कारण महाराष्ट्र और कर्नाटक के किसानों ने टमाटर का ज्यादा उत्पादन किया। महाराष्ट्र टमाटर की सर्वाधिक पैदावार करने वाला राज्य है। पड़ोसी राज्य होने के कारण महाराष्ट्र से ही एमपी के शहरों में टमाटर बिकने के लिए आता है। थोक सब्जी कारोबारियों का कहना है कि अभी टमाटर को लेकर उनकी निर्भरता महाराष्ट्र पर है। पंद्रह सितम्बर के बाद मध्यप्रदेश के उज्जैन, रतलाम, इंदौर, खरगोन, झाबुआ, आलीराजपुर क्षेत्रों से भी टमाटर आने लगेंगे। जिससे इसके दाम में और भी गिरावट हो सकती है। सितंबर माह के अंत तक टमाटर पंद्रह से बीस रुपयापए किलो तक बिकने के आसार हैं। एमपी के इंदौर मंडी में प्रतिदिन टमाटर की दस गाड़ियां पहुंच रही हैं। मंडी में एक कैरेट के भाव अभी आठ सौ से एक हजार रुपए तक है। एक कैरेट में बीस से तेईस किलो टमाटर रहते हैं। थोक में भाव चालीस रुपयापए तक हैं जबकि खेरची में इसके दाम पचास से साठ रुपयापए तक पहुंच गए हैं। यहां पर यह बता दें कि सर्वाधिक टमाटर का उत्पादन महाराष्ट्र और कर्नाटक में होता है। फरवरी-मार्च माह के दौरान हुई बारिश और उसके बाद तेज गर्मी के कारण टमाटर का उत्पादन देश में आधा हो गया था। वहीं इसकी डिमांड काफी अधिक थी। यही वजह रही कि टमाटर के दाम में लाली आ गई और उसके दाम आसमान छूने लगे। किंन्तु अब इसके दाम में काफी हद तक गिरावट आ गई है।
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दल्ली राजहरा, 21 अक्टूबर। डौण्डीलोहारा पुलिस ने घेराबंदी कर रंगे हाथों 7 जुआरियों को गिरफ्तार कर नगदी जब्त किया गया।
पुलिस के अनुसार 18 अक्टूबर को गिधाली माईंस ट्रक पार्किंग के आस पास रूपये पैसों का दांव लगाकर जुआ खेलने की मुखबिर से सूचना मिली। जिस पर थाना डौण्डीलोहारा पुलिस ने घेराबंदी कर रंगे हाथों 7 आरोपियों राजू सोनी (41) दल्लीराजहरा, लक्ष्मीकांत चियारे (27) बालोद, मुकेश विश्वकर्मा (27) अंबागढ़ चौकी, बच्चू चौधरी (50) दल्लीराजहरा, ईश्वर साहू (35) किलेपार थाना रनचिरई, कुमार खरे (24) चिखली थाना डौण्डीलोहारा, रोहन नाग दल्लीराजहरा को पकड़ा।
जिसमें फड़ से 5560 रुपये नगद व आरोपियों के पास से 1490 रुपये व 52 पत्ती ताश कुल जुमला 7050 रुपये के साथ पकड़ा गया है।
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दल्ली राजहरा, इक्कीस अक्टूबर। डौण्डीलोहारा पुलिस ने घेराबंदी कर रंगे हाथों सात जुआरियों को गिरफ्तार कर नगदी जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार अट्ठारह अक्टूबर को गिधाली माईंस ट्रक पार्किंग के आस पास रूपये पैसों का दांव लगाकर जुआ खेलने की मुखबिर से सूचना मिली। जिस पर थाना डौण्डीलोहारा पुलिस ने घेराबंदी कर रंगे हाथों सात आरोपियों राजू सोनी दल्लीराजहरा, लक्ष्मीकांत चियारे बालोद, मुकेश विश्वकर्मा अंबागढ़ चौकी, बच्चू चौधरी दल्लीराजहरा, ईश्वर साहू किलेपार थाना रनचिरई, कुमार खरे चिखली थाना डौण्डीलोहारा, रोहन नाग दल्लीराजहरा को पकड़ा। जिसमें फड़ से पाँच हज़ार पाँच सौ साठ रुपयापये नगद व आरोपियों के पास से एक हज़ार चार सौ नब्बे रुपयापये व बावन पत्ती ताश कुल जुमला सात हज़ार पचास रुपयापये के साथ पकड़ा गया है।
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PATNA:नीतीश सरकार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव रहे आर के महाजन को बड़ी जिम्मेदारी दी है। सीएम नीतीश ने रिटायरमेंट के पहले ही उन्हें बीपीएससी का अध्यक्ष का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। । इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि वे 1 सितंबर 2020 से बीपीएससी अध्यक्ष रहेंगे। उनका कार्यकाल 6 साल या 62 साल की उम्र तक होगा। बता दें कि आर. के महाजन आज 31 अगस्त को सेवानिवृत हो रहे हैं।
सीएम नीतीश कुमार ने कुछ दिन पहले ही शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में ही ऐलान कर दिया था कि विभाग के अपर मुख्य सचिव को कुछ दिनों बाद ही एक बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है। सीएम नीतीश ने कहा था कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने काफी अच्छा काम किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि रिटायरमेंट के बाद हम इनसे आगे भी काम लेने वाले हैं। तभी से ये कयास लग रहा था कि उन्हें बीपीएससी का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। बता दें कि बीपीएससी अध्यक्ष का पद खालीचल रहा था और प्रभार से काम चलाया जा रहा था.
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PATNA:नीतीश सरकार ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव रहे आर के महाजन को बड़ी जिम्मेदारी दी है। सीएम नीतीश ने रिटायरमेंट के पहले ही उन्हें बीपीएससी का अध्यक्ष का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। । इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दिया है। अधिसूचना में कहा गया है कि वे एक सितंबर दो हज़ार बीस से बीपीएससी अध्यक्ष रहेंगे। उनका कार्यकाल छः साल या बासठ साल की उम्र तक होगा। बता दें कि आर. के महाजन आज इकतीस अगस्त को सेवानिवृत हो रहे हैं। सीएम नीतीश कुमार ने कुछ दिन पहले ही शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में ही ऐलान कर दिया था कि विभाग के अपर मुख्य सचिव को कुछ दिनों बाद ही एक बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है। सीएम नीतीश ने कहा था कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने काफी अच्छा काम किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि रिटायरमेंट के बाद हम इनसे आगे भी काम लेने वाले हैं। तभी से ये कयास लग रहा था कि उन्हें बीपीएससी का अध्यक्ष बनाया जा सकता है। बता दें कि बीपीएससी अध्यक्ष का पद खालीचल रहा था और प्रभार से काम चलाया जा रहा था.
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गारली - मिड-डे मील वर्कर शैफ ड्रेस कोड में नजर आएंगे। बिझड़ी ब्लॉक से इसकी पहल की गई है। नए सत्र से ही क्षेत्र के सभी मिड-डे मील वर्कर नए ड्रेस कोड में नजर आएंगे, ताकि छात्रों को स्कूलों में स्वच्छ मिड-डे मील परोसा जा सके। बिझड़ी ब्लॉक देश का पहला शैफ ड्रेस कोड शुरू करने वाला स्कूल होगा। ब्लॉक के 256 मिड-डे मील वर्करों को स्वच्छ मिड-डे मील बनाने के लिए शैफ ड्रेस जारी की है, ताकि नए सेशन से ही इसका प्रयोग किया जा सके। ब्लॉक के सभी सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में खंड प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय के मिड-डे मील वर्कर्ज को तहबंद यानी एप्रन की जोड़ी, स्कार्फ और नैपकिन टॉवल प्रदान किए हैं। सभी मिड-डे मील वर्कर नए सेशन से शैफ जैसी ड्रेस में नजर आएंगे। बीईईओ बिझड़ी राजकुमार ने बताया कि सब स्कूलों को मिड-डे मील बनाने और बच्चों के हाथ धोने की सुविधा हेतु साबुन या हैंडवॉश खरीदने के लिए बजट जनवरी माह में ही दे दिया गया है, जबकि स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था सुधार हेतु भी स्कूलों को उनकी मांग अनुरूप बजट दिया गया है, जबकि फायर सेफ्टी मैनुअल की पूरी अनुपालना करते हुए सब स्कूलों में अग्निशमन भी भरे हुए हैं और किसी भी स्कूल में एक्सपायर अग्निशमन नहीं है। अब यह स्कूल फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं। बीआरसीसी विजय हीर ने बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय हरियाणा व कुछ अन्य राज्यों में मिड-डे मील वर्कर को तहबंद स्कार्फ जैसी सुविधाएं देने की तैयारी हो रही है, लेकिन बिझड़ी खंड ने यह काम देश में सर्वप्रथम अपने स्तर पर कर दिखाया है, जिससे यहां मिड-डे मील में स्वच्छता का स्तर बढ़ेगा।
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गारली - मिड-डे मील वर्कर शैफ ड्रेस कोड में नजर आएंगे। बिझड़ी ब्लॉक से इसकी पहल की गई है। नए सत्र से ही क्षेत्र के सभी मिड-डे मील वर्कर नए ड्रेस कोड में नजर आएंगे, ताकि छात्रों को स्कूलों में स्वच्छ मिड-डे मील परोसा जा सके। बिझड़ी ब्लॉक देश का पहला शैफ ड्रेस कोड शुरू करने वाला स्कूल होगा। ब्लॉक के दो सौ छप्पन मिड-डे मील वर्करों को स्वच्छ मिड-डे मील बनाने के लिए शैफ ड्रेस जारी की है, ताकि नए सेशन से ही इसका प्रयोग किया जा सके। ब्लॉक के सभी सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में खंड प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय के मिड-डे मील वर्कर्ज को तहबंद यानी एप्रन की जोड़ी, स्कार्फ और नैपकिन टॉवल प्रदान किए हैं। सभी मिड-डे मील वर्कर नए सेशन से शैफ जैसी ड्रेस में नजर आएंगे। बीईईओ बिझड़ी राजकुमार ने बताया कि सब स्कूलों को मिड-डे मील बनाने और बच्चों के हाथ धोने की सुविधा हेतु साबुन या हैंडवॉश खरीदने के लिए बजट जनवरी माह में ही दे दिया गया है, जबकि स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था सुधार हेतु भी स्कूलों को उनकी मांग अनुरूप बजट दिया गया है, जबकि फायर सेफ्टी मैनुअल की पूरी अनुपालना करते हुए सब स्कूलों में अग्निशमन भी भरे हुए हैं और किसी भी स्कूल में एक्सपायर अग्निशमन नहीं है। अब यह स्कूल फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट लेने की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी कर सकते हैं। बीआरसीसी विजय हीर ने बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय हरियाणा व कुछ अन्य राज्यों में मिड-डे मील वर्कर को तहबंद स्कार्फ जैसी सुविधाएं देने की तैयारी हो रही है, लेकिन बिझड़ी खंड ने यह काम देश में सर्वप्रथम अपने स्तर पर कर दिखाया है, जिससे यहां मिड-डे मील में स्वच्छता का स्तर बढ़ेगा।
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नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्रालय में जासूसी कांड का सनसनीखेज मामला और व्यापक रूप लेता जा रहा है। मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जासूसी कांड में शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए और सात लोगों में शीर्ष ऊर्जा कंपनियों के पांच वरिष्ठ अधिकारी और दो परामर्शदाता शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक चोरी किए गए दस्तावेजों में ऊर्जा और कोयला मंत्रालय के दस्तावेज भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में वित्त मंत्री के आगामी केंद्रीय बजट भाषण के हिस्से तक शामिल हैं। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पेट्रोलियम मंत्रालय से महत्वपूर्ण दस्तावेजों की चोरी करने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजनाथ ने कहा कि घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए सरकार की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम सतर्क नहीं होते, तो इस घोटाले का भंडाफोड़ नहीं हो पाता।
इस मामले का भंडाफोड़ होने के बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) रवींद्र यादव ने बताया कि हमने पांच लोगों को गिरफ्तार किया। रिलाइंस इंडस्ट्रीज के शैलेष सक्सेना, एस्सार के विनय कुमार, केर्न्स के केके नाइक, जुबिलियंट एनर्जी के सुभाष चंद्रा और एडीएजी रिलायंस के ऋषि आनंद शामिल हैं।' ये गिरफ्तारियां शुक्रवार को की गई। सक्सेना रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में कॉरपोरेट मामलों के प्रबंधक हैं,जबकि चंद्रा जुबिलियंट एनर्जी में सीनियर एग्जक्यूटिव हैं। वहीं, आनंद रिलायंस एडीएजी में डीजीएम हैं। विनय एस्सार में डीजीएम हैं जबकि नाइक केर्न्सव इंडिया में जीएम हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय के दो कर्मियों और तीन बिचौलियों की गिरफ्तारी के बाद दो ऊर्जा सलाहकारों..शांतनु सैकिया (पूर्व पत्रकार) और प्रयास जैन को इससे पहले दिन में गिरफ्तार किया गया। सैकिया अब एक वेब पोर्टल चलाता है। इन दोनों पर चोरी के दस्तावेज हासिल करने का संदेह है।
स्थानीय अदालत में पेश की गई एफआईआर में कहा गया है कि आरोपियों के पास से बरामद गोपनीय दस्तावेजों में वित्त मंत्री के बजट भाषण के लिए नेशनल गैस ग्रिड के बारे में जानकारी भी शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा का एक पत्र भी बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक मंत्रालय में जासूसी में मल्टी टास्किंग कर्मचारी आसाराम और ईश्वर सिंह शामिल थे। ये दोनों ललता प्रसाद और राकेश कुमार को दस्तावेज चुराने में मदद करते थे। दोनों भाई मंत्रालय में अस्थाई कर्मचारी के तौर पर काम कर चुके हैं। मल्टी टास्किंग कर्मचारी वो होते हैं जो दफ्तर में पानी पिलाने से लेकर फोटोकॉपी कराने, फाइल पहुंचाने और दरवाजे पर बैठने का काम करते हैं। इन कर्मचारियों की अहम दस्तावेजों तक पहुंच थी।
आशाराम और ईश्वर सिंह काफी समय से शास्त्री भवन में काम कर रहे थे। इन्हें पता था कि सीसीटीवी कैमरे कहां से ऑन/आफ होते हैं। उस कमरे की दूसरी चाभी बनवा कर वे सीसीटीवी ऑफ कर देते थे। ईश्वर के बेटों ललता और राकेश ने इसी के जरिये जासूसी शुरू की गई। तीसरा शख्स राजकुमार चौबे है जो ड्राइवर था। ये सभी जानकारी निकालकर कंपनियों, थिंक टैंक और लॉबिस्टों तक पहुंचाते थे।
जासूसी से उन कंपनियों को सीधा फायदा हो सकता है जो मंत्रालय से जुड़ी हैं। ऐसी कंपनियों को फायदा हो सकता है जिनकी सरकार से मुकदमेबाजी चल रही है, वो जानना चाहेंगे कि कोर्ट में सरकार क्या पक्ष रखने वाली है। सरकार की भविष्य में क्या नीतियां रहेंगी ये पता चलना उन कंपनियों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी हैं। इसीलिए पेट्रोलियम मंत्रालय के कर्मचारियों के जरिये सरकार का पक्ष जानने के लिए कागजात लीक करवाए गए हैं।
वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। प्रधानमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में महिलाओं को लेकर चिंतित होता तो वह दशकों से महिलाओं को उनके अधिकरों से वंचित नहीं रखता।
पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम में कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने महिलाओं के लिए शौचालयों के बारे में बात करने पर मेरा मजाक उड़ाया था। उन्होंने आगे कहा कि मैंने महिलाओं के लिए जनधन खातों की बात की, लेकिन इन्होंने उज्ज्वला योजना का भी मजाक उड़ाया।
पीएम ने तीन तलाक के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने की बात कर रही थी, लेकिन विपक्ष को अपनी राजनीतिक समीकरणों की चिंता थी।
विपक्ष को मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की कोई चिंता नहीं थी। वह केवल अपने वोट बैंक को खोना नहीं चाहते थे। पीएम ने आगे कहा कि जब तीन तलाक के खिलाफ कानून लाया गया तो वह मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के लिए खड़े नहीं हुए।
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नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्रालय में जासूसी कांड का सनसनीखेज मामला और व्यापक रूप लेता जा रहा है। मामले में अब तक बारह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जासूसी कांड में शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए और सात लोगों में शीर्ष ऊर्जा कंपनियों के पांच वरिष्ठ अधिकारी और दो परामर्शदाता शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक चोरी किए गए दस्तावेजों में ऊर्जा और कोयला मंत्रालय के दस्तावेज भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में वित्त मंत्री के आगामी केंद्रीय बजट भाषण के हिस्से तक शामिल हैं। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पेट्रोलियम मंत्रालय से महत्वपूर्ण दस्तावेजों की चोरी करने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजनाथ ने कहा कि घोटाले का पर्दाफाश करने के लिए सरकार की सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हम सतर्क नहीं होते, तो इस घोटाले का भंडाफोड़ नहीं हो पाता। इस मामले का भंडाफोड़ होने के बाद कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर बारह हो गई है। संयुक्त पुलिस आयुक्त रवींद्र यादव ने बताया कि हमने पांच लोगों को गिरफ्तार किया। रिलाइंस इंडस्ट्रीज के शैलेष सक्सेना, एस्सार के विनय कुमार, केर्न्स के केके नाइक, जुबिलियंट एनर्जी के सुभाष चंद्रा और एडीएजी रिलायंस के ऋषि आनंद शामिल हैं।' ये गिरफ्तारियां शुक्रवार को की गई। सक्सेना रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में कॉरपोरेट मामलों के प्रबंधक हैं,जबकि चंद्रा जुबिलियंट एनर्जी में सीनियर एग्जक्यूटिव हैं। वहीं, आनंद रिलायंस एडीएजी में डीजीएम हैं। विनय एस्सार में डीजीएम हैं जबकि नाइक केर्न्सव इंडिया में जीएम हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय के दो कर्मियों और तीन बिचौलियों की गिरफ्तारी के बाद दो ऊर्जा सलाहकारों..शांतनु सैकिया और प्रयास जैन को इससे पहले दिन में गिरफ्तार किया गया। सैकिया अब एक वेब पोर्टल चलाता है। इन दोनों पर चोरी के दस्तावेज हासिल करने का संदेह है। स्थानीय अदालत में पेश की गई एफआईआर में कहा गया है कि आरोपियों के पास से बरामद गोपनीय दस्तावेजों में वित्त मंत्री के बजट भाषण के लिए नेशनल गैस ग्रिड के बारे में जानकारी भी शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रधान सचिव नृपेंद्र मिश्रा का एक पत्र भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक मंत्रालय में जासूसी में मल्टी टास्किंग कर्मचारी आसाराम और ईश्वर सिंह शामिल थे। ये दोनों ललता प्रसाद और राकेश कुमार को दस्तावेज चुराने में मदद करते थे। दोनों भाई मंत्रालय में अस्थाई कर्मचारी के तौर पर काम कर चुके हैं। मल्टी टास्किंग कर्मचारी वो होते हैं जो दफ्तर में पानी पिलाने से लेकर फोटोकॉपी कराने, फाइल पहुंचाने और दरवाजे पर बैठने का काम करते हैं। इन कर्मचारियों की अहम दस्तावेजों तक पहुंच थी। आशाराम और ईश्वर सिंह काफी समय से शास्त्री भवन में काम कर रहे थे। इन्हें पता था कि सीसीटीवी कैमरे कहां से ऑन/आफ होते हैं। उस कमरे की दूसरी चाभी बनवा कर वे सीसीटीवी ऑफ कर देते थे। ईश्वर के बेटों ललता और राकेश ने इसी के जरिये जासूसी शुरू की गई। तीसरा शख्स राजकुमार चौबे है जो ड्राइवर था। ये सभी जानकारी निकालकर कंपनियों, थिंक टैंक और लॉबिस्टों तक पहुंचाते थे। जासूसी से उन कंपनियों को सीधा फायदा हो सकता है जो मंत्रालय से जुड़ी हैं। ऐसी कंपनियों को फायदा हो सकता है जिनकी सरकार से मुकदमेबाजी चल रही है, वो जानना चाहेंगे कि कोर्ट में सरकार क्या पक्ष रखने वाली है। सरकार की भविष्य में क्या नीतियां रहेंगी ये पता चलना उन कंपनियों के लिए फायदेमंद हो सकता है जो ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी हैं। इसीलिए पेट्रोलियम मंत्रालय के कर्मचारियों के जरिये सरकार का पक्ष जानने के लिए कागजात लीक करवाए गए हैं। वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। प्रधानमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में महिलाओं को लेकर चिंतित होता तो वह दशकों से महिलाओं को उनके अधिकरों से वंचित नहीं रखता। पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन-अभिनंदन कार्यक्रम में कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने महिलाओं के लिए शौचालयों के बारे में बात करने पर मेरा मजाक उड़ाया था। उन्होंने आगे कहा कि मैंने महिलाओं के लिए जनधन खातों की बात की, लेकिन इन्होंने उज्ज्वला योजना का भी मजाक उड़ाया। पीएम ने तीन तलाक के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाने की बात कर रही थी, लेकिन विपक्ष को अपनी राजनीतिक समीकरणों की चिंता थी। विपक्ष को मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की कोई चिंता नहीं थी। वह केवल अपने वोट बैंक को खोना नहीं चाहते थे। पीएम ने आगे कहा कि जब तीन तलाक के खिलाफ कानून लाया गया तो वह मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के लिए खड़े नहीं हुए।
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चंडीगढ़ 19,2018: अक्तूूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गत दिवस निर्देश दिए कि ऑनलाइन पोर्टल-स्कूल सूचना प्रबंधन प्रणाली (एसआईएमएस) पर सभी स्कूलों के शिक्षक-छात्र का नवीनतम डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं। इस कार्य को करने का उद्देश्य 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में छात्र-अध्यापक की आवश्यकता को सुनिश्चित करके विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा मुहैया करवाना है।
मुख्यमंत्री आज यहां शिक्षा विभाग की एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रणाली में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्य सरकार ने पहले ही पारदर्शी ऑनलाइन अध्यापक स्थानांतरण नीति को सफलतापूर्वक लागू किया है। बैठक में शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा भी उपस्थित थे।
पोर्टल की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निदेश दिए कि छात्रों और शिक्षकों का अपडेटिड डाटा, कक्षावार और सैक्शनवार भी सिंगल प्लेटफार्म पर नियमित आधार पर उपलब्ध होना चाहिए और इसकी समय-सीमा भी निर्धारित हो। उन्होंने कहा कि इसके अलावा नये दाखिलों, स्कूल में पढ़ाई को बीच में छोडऩे वाले तथा अपनी पढ़ाई पूरी कर स्कूल छोडऩे वाले छात्रों का भी डाटा ऑटोमैटिक अपडेट होना चाहिए। ऑनलाइन पोर्टल की संचालन प्रणाली की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिला करनाल के गांव काछुआ के राजकीय स्कूल में छात्र-शिक्षक के अनुपात के बारे में भी जानकारी ली।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राजकीय स्कूलों में अभिभावकों-शिक्षकों की बैठक को आयोजित करने के कार्य को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी) को सौंपा जाएगा। संस्थान के अध्यापक यह सुनिश्चित करेंगे कि अभिभावकों-शिक्षकों की बैठक हर माह स्कूलों में आयोजित की जा रही है।
बैठक में यह भी बताया गया कि टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए विभाग के निदेशालय पर एक प्रशिक्षण सैल भी स्थापित किया गया है। 40 शिक्षकों के दो बैचों को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है और ऐसे और बैचों को शीघ्र ही सैल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि कई जाने-माने निजी शैक्षणिक संस्थानों ने विभाग से अनुरोध किया है कि इस प्रशिक्षण सैल में उनके निजी संस्थानों में कार्यरत शिक्षण स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना के अंतर्गत अब तक 21000 से अधिक छात्राओं ने आवेदन किया है। इस योजना के अंतर्गत छात्राओं को उनके घर से शैक्षणिक संस्थानों तक ले जाने के लिए निःशुल्क यात्रा सुविधा करवाई जाएगी। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी को 10 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है। बैठक में यह भी बताया गया कि स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्कूलों में "वेस्ट टू वैल्थ अभियान" आयोजित किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा ने कहा कि वे स्वयं सप्ताह में एक दिन एक प्राईमरी, मिडल और हाई सैकेण्डरी स्कूल का दौरा करेंगे और छात्रों व शिक्षकों के साथ बातचीत करेंगे। इसके अलावा, छात्रों को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता की समीक्षा भी करेंगे। इसी प्रकार, विभाग के निदेशक और जिला शिक्षा अधिकारी इस उद्देश्य के लिए अपने-अपने जिलों में सप्ताह में एक बार एक स्कूल का दौरा करेंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ० राकेश गुप्ता, स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खण्डेलवाल, सैकेण्डरी शिक्षा विभाग के निदेशक राजीव रतन, मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक राजनारायण कौशिक और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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चंडीगढ़ उन्नीस,दो हज़ार अट्ठारह: अक्तूूबर- हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गत दिवस निर्देश दिए कि ऑनलाइन पोर्टल-स्कूल सूचना प्रबंधन प्रणाली पर सभी स्कूलों के शिक्षक-छात्र का नवीनतम डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं। इस कार्य को करने का उद्देश्य बारहवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में छात्र-अध्यापक की आवश्यकता को सुनिश्चित करके विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा मुहैया करवाना है। मुख्यमंत्री आज यहां शिक्षा विभाग की एक बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रणाली में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए लगातार प्रयासरत है। राज्य सरकार ने पहले ही पारदर्शी ऑनलाइन अध्यापक स्थानांतरण नीति को सफलतापूर्वक लागू किया है। बैठक में शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा भी उपस्थित थे। पोर्टल की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निदेश दिए कि छात्रों और शिक्षकों का अपडेटिड डाटा, कक्षावार और सैक्शनवार भी सिंगल प्लेटफार्म पर नियमित आधार पर उपलब्ध होना चाहिए और इसकी समय-सीमा भी निर्धारित हो। उन्होंने कहा कि इसके अलावा नये दाखिलों, स्कूल में पढ़ाई को बीच में छोडऩे वाले तथा अपनी पढ़ाई पूरी कर स्कूल छोडऩे वाले छात्रों का भी डाटा ऑटोमैटिक अपडेट होना चाहिए। ऑनलाइन पोर्टल की संचालन प्रणाली की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिला करनाल के गांव काछुआ के राजकीय स्कूल में छात्र-शिक्षक के अनुपात के बारे में भी जानकारी ली। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राजकीय स्कूलों में अभिभावकों-शिक्षकों की बैठक को आयोजित करने के कार्य को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को सौंपा जाएगा। संस्थान के अध्यापक यह सुनिश्चित करेंगे कि अभिभावकों-शिक्षकों की बैठक हर माह स्कूलों में आयोजित की जा रही है। बैठक में यह भी बताया गया कि टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए विभाग के निदेशालय पर एक प्रशिक्षण सैल भी स्थापित किया गया है। चालीस शिक्षकों के दो बैचों को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है और ऐसे और बैचों को शीघ्र ही सैल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि कई जाने-माने निजी शैक्षणिक संस्थानों ने विभाग से अनुरोध किया है कि इस प्रशिक्षण सैल में उनके निजी संस्थानों में कार्यरत शिक्षण स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाए। बैठक में यह भी बताया गया कि छात्रा परिवहन सुरक्षा योजना के अंतर्गत अब तक इक्कीस हज़ार से अधिक छात्राओं ने आवेदन किया है। इस योजना के अंतर्गत छात्राओं को उनके घर से शैक्षणिक संस्थानों तक ले जाने के लिए निःशुल्क यात्रा सुविधा करवाई जाएगी। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिला शिक्षा अधिकारी को दस लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई है। बैठक में यह भी बताया गया कि स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्कूलों में "वेस्ट टू वैल्थ अभियान" आयोजित किया जाएगा। शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा ने कहा कि वे स्वयं सप्ताह में एक दिन एक प्राईमरी, मिडल और हाई सैकेण्डरी स्कूल का दौरा करेंगे और छात्रों व शिक्षकों के साथ बातचीत करेंगे। इसके अलावा, छात्रों को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता की समीक्षा भी करेंगे। इसी प्रकार, विभाग के निदेशक और जिला शिक्षा अधिकारी इस उद्देश्य के लिए अपने-अपने जिलों में सप्ताह में एक बार एक स्कूल का दौरा करेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉशून्य राकेश गुप्ता, स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खण्डेलवाल, सैकेण्डरी शिक्षा विभाग के निदेशक राजीव रतन, मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक राजनारायण कौशिक और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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ईरान के उप विदेशमंत्री और वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा है कि ग़ैर क़ानूनी कार्यक्रम में उपस्थिति के कारण ब्रिटिश राजदूत को कड़ी चेतावनी दी गयी है कि ईरान में ऐसी कार्यवाही दोहराने से बचें।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के उप विदेशमंत्री ने पिछले दिनों एक ग़ैर क़ानूनी कार्यक्रम में ब्रिटिश राजदूत राब मैकएयर की उपस्थति के बारे में कहा कि हमने ब्रिटिश राजदूत को तलब करके उनसे बहुत कड़ाई से जवाब तलब किया।
उन्होंने कहा कि ईरानी विदेशमंत्रालय के बयान में आया है कि यदि ब्रिटिश राजदूत इस प्रकार की घटना को दोहराते हैं तो हम केवल उन्हें तलब करने को ही पर्याप्त नहीं समझेंगे।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश राजदूत अपने व्यक्तिगत कारणों की वजह से गये हैं और कुछ दिन में ईरान वापस आएंगे।
ज्ञात रहे कि ब्रिटिश राजदूत को 11 जनवरी को ग़ैर क़ानूनी प्रदर्शन में शामिल होने पर गिरफ़्तार कर लिया गया था और उनकी पहचान के बाद कूटनयिक संरक्षण की वजह से उन्हें स्वतंत्र कर दिय गया था।
इसके बाद 12 जनवरी को तेहरान में तैनात ब्रिटिश राजदूत को असमान्य बर्ताव और ग़ैर क़ानूनी तौर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के दोष में विदेशमंत्राल में तलब किया गया और आपत्ति दर्ज कराई गई। कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ब्रिटिश राजदूत को वीडियोज़ और फ़ोटोज़ बनाते हुए पकड़ा गया था। (AK)
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ईरान के उप विदेशमंत्री और वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार सैयद अब्बास इराक़ची ने कहा है कि ग़ैर क़ानूनी कार्यक्रम में उपस्थिति के कारण ब्रिटिश राजदूत को कड़ी चेतावनी दी गयी है कि ईरान में ऐसी कार्यवाही दोहराने से बचें। इस्लामी गणतंत्र ईरान के उप विदेशमंत्री ने पिछले दिनों एक ग़ैर क़ानूनी कार्यक्रम में ब्रिटिश राजदूत राब मैकएयर की उपस्थति के बारे में कहा कि हमने ब्रिटिश राजदूत को तलब करके उनसे बहुत कड़ाई से जवाब तलब किया। उन्होंने कहा कि ईरानी विदेशमंत्रालय के बयान में आया है कि यदि ब्रिटिश राजदूत इस प्रकार की घटना को दोहराते हैं तो हम केवल उन्हें तलब करने को ही पर्याप्त नहीं समझेंगे। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश राजदूत अपने व्यक्तिगत कारणों की वजह से गये हैं और कुछ दिन में ईरान वापस आएंगे। ज्ञात रहे कि ब्रिटिश राजदूत को ग्यारह जनवरी को ग़ैर क़ानूनी प्रदर्शन में शामिल होने पर गिरफ़्तार कर लिया गया था और उनकी पहचान के बाद कूटनयिक संरक्षण की वजह से उन्हें स्वतंत्र कर दिय गया था। इसके बाद बारह जनवरी को तेहरान में तैनात ब्रिटिश राजदूत को असमान्य बर्ताव और ग़ैर क़ानूनी तौर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के दोष में विदेशमंत्राल में तलब किया गया और आपत्ति दर्ज कराई गई। कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ब्रिटिश राजदूत को वीडियोज़ और फ़ोटोज़ बनाते हुए पकड़ा गया था।
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झारखण्ड विधान सभा की त्रैमासिक पत्रिका, सितम्बर 2021 नवम्बर 2021
75 वर्षों के आईने में भारतीय लोकतंत्र
इस वर्ष देश अपनी आजादी के 75वें वर्षगांठ का उत्सव मना रहा है। संपूर्ण भारतवर्ष आजादी के 75वें वर्ष को अमृत महोत्सव के रूप में जश्न मना रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव भारत की विरल उपलब्धि है, हमारी जागती आंखों से देखे गये स्वप्नों को आकार देने का विश्वास है, तो जीवन मूल्यों को सुरक्षित करने एवं नया भारत निर्मित करने की तीव्र तैयारी है। आजादी का अमृत महोत्सव देश की स्वतंत्रता के संकल्पों की नई ऊर्जा का स्रोत है, स्वाधीनता सेनानियों की प्रेरणाओं का अमृत है, संपूर्ण भारत के राष्ट्रवाद के विचार के साथ आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह सभी देशवासियों के लिए विशेष अवसर है।
आजादी से लेकर अब तक देश ने सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य, खेल एवं तकनीकी क्षेत्र के विकास यात्रा में अपनी विशेष पहचान बनाई है। आजादी के 75 वर्षों के समय में हम सभी भारतवासी विश्व के सामने किस तरह के भारत का रूप प्रदर्शित करते है यह अब हमारी जिम्मेदारी है। देश की आजादी एकता, अखंडता एवं विविधता में एकता जैसे मूल्यों से लेकर जन-जन में राष्ट्रवाद की भावना को जीवंत रखने के पीछे अगर हम सबसे बड़ी भूमिका की चर्चा करेंगे तो सबसे बड़े भूमिका भारत के लोकतंत्र की होगी। परंतु लोकतंत्र का मार्गदर्शक देश के संविधान में एक आदर्श देश की जो परिकल्पना की गई है, उसे हम कितना साकार कर पाएं है? नागरिकों से समाज और समाज से देश बनता है एक बेहतर नागरिक एक स्वस्थ समाज का निर्माण करता है। एक सजग समाज देश को उन्नति के रास्ते पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करता है। सवाल है कि एक देश और व्यक्ति के रुप में आज हम
कहां खड़े हैं, इसका एक सिंहावलोकन करना जरूरी है। आजादी के इन सालों में हमने क्या खोया और पाया है, आज इसकी भी जन जन में चर्चा होना आवश्यक है।
भारत के लोकतंत्र के संदर्भ में देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी यूएन के अपने भाषण में स्पष्ट रूप से कहा कि, मैं उस देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं जिसे 'मदर ऑफ डेमोक्रेसी' का गौरव हासिल है। लोकतंत्र की हमारी हजारों वर्षों की महान परंपरा रही है इस 15 अगस्त को भारत अपने आजादी के 75 वर्षों के उत्सव में प्रवेश किया है। हमारी विविधता हमारे सशक्त लोकतंत्र की पहचान है, एक ऐसा देश जिसमे दर्जनों भाषाएं हैं, सैकड़ों बोलियां हैं, अलग-अलग रहन-सहन, खान-पान हैं। यह जीवंत लोकतंत्र का बेहतरीन उदाहरण है।
आज जब हम आजादी के 75 वर्ष के आइने में भारत के लोकतंत्र को देखते है तो तो स्पष्ट प्रतिबिंब के रूप में हमें भारत जीवंत लोकतंत्र का एक जीता जागता उदाहरण के रूप में प्रदर्शित प्राप्त होता है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति ही है कि देश के आजादी से लेकर अब तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की मुद्दों पर गंभीर मतभेदो ने देश के लोकतंत्र को कमजोर नहीं अपितु उसे मजबूती प्रदान करने का कार्य किया है। पक्ष और विपक्ष के विचार चाहे विरोधी ही क्यों न हो उन विचारों का सम्मान लोकतंत्र को ताकत देता आया है। लोकतंत्र से प्राप्त मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्यों के कारण लोग अपने अधिकार और देश के प्रति अपनी कर्तव्य को समझकर लोकतंत्र को सशक्त बनाने की भूमिका में अपना योगदान सुनिश्चित करते आ रहे हैं। सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मनरेगा जैसे कार्यक्रमो
झारखण्ड विधान सभा की त्रैमासिक पत्रिका, सितम्बर 2021 JANWWW
एवं योजनाओं ने आम आदमी को और ज्यादा सशक्त बनाया है। हालांकि सरकार की इन योजनाओं को पूरी तरह से तो लागू नहीं किया जा सका, फिर भी इन योजनाओं का लक्ष्य आम आदमी को राहत पहुंचाना ही है। संपूर्ण मानवता के कल्याण की कामना करने वाला यह भारत, ऐसा भारत जिसका सिद्धांत 'कृण्वन्तो विश्वमार्यम', और वसुधैव कुटुंबकम का है। जिसका संकल्प सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया का है। इसलिए इस सिद्धांत के राष्ट्र होने के नाते जब हमारे देश के वैज्ञानिक जीरो देते हैं तो उसका पेटेंट नहीं लेते, जब दशमलव देते हैं तो संपूर्ण दुनिया के लिए। जब हम वैक्सीन बनाते हैं तो संपूर्ण दुनिया के लिए, आज 108 सेटेलाइट छोड़ने की ताकत रखते हैं तो गरीब से गरीब देश के लिए छोड़ते हैं। आज जब हम परमाणु संपन्न भी बनते हैं, तो हमारा राष्ट्रवाद किसी के लिए खतरे की घंटी नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण ज्ञान और सुरक्षा के लिए शुभ संकेत होता है। भारत के लोगों को भारत के राष्ट्रवाद को अगर यह संदेश और यह भावना कहीं से प्राप्त होता है तो वह भारत के लोकतंत्र से प्राप्त होता है।
दुनिया के कई सारे लोकतांत्रिक देशों के बीच भारत ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के रूप में परिपक्वता के साथ अपनी पहचान बनाई है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु जी से लेकर अब तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राष्ट्रहित और जनहित संबंधी मुद्दों पर जिस तरह से साथ मिलकर एकजुटता का परिचय प्राप्त होता है इस परिपक्वता ने देश के लोकतंत्र को और ज्यादा मजबूती प्रदान की है। लोग अपनी पसंद से सरकारें चुनते आए हैं भारत के लोकतंत्र में लोग ही अहम हैं और यही भारत के लोकतंत्र की जीत है। आज हम विश्व के सामने सुपर पावर बनने की ओर अग्रसर है। आज उदारीकरण के दौर के बाद भी हमारा देश तेजी
नवम्बर 2021
से विकास के रास्ते पर आगे बढा है। मंगल मिशन की सफलता एवं रॉकेट प्रक्षेपण की अपनी क्षमता के बदौलत हम अंतरिक्ष में महारत रखने वाले चुनिंदा देशों में शामिल है। आई. टी. सेक्टर में हमारा देश अग्रणी बना हुआ है। परमाणु हथियारों से संपन्न हमारे देश के पास दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली सेना है। तमाम चुनौतियों के बावजूद हम अपनी अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़े हैं।
यह तो स्पष्ट है कि आज भारत के पास दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन तमाम सफलताओं के बावजूद हम इस बात से इंकार नहीं कर सकते कि आज हमारे नैतिक, सामाजिक एवं लोकतांत्रिक मूल्यों में ह्रास हुआ है। इस देश ने लोकतंत्र के बावजूद आपातकाल जैसे काले संकटों से भी गुजरने का अनुभव प्राप्त किया है। पूरे विश्व ने लोकतंत्र का वह स्वरुप भी देखा था जब रेल हादसे की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। किस प्रकार मात्र एक वोट से सरकार गिर जाया करती थी। भ्रष्टाचार में नाम आने पर नेता अपना पद छोड़ देते थे, आज किस प्रकार से सत्ता, पावर और पैसा की चाह ने लोगों को भ्रष्ट एवं नैतिक रुप से कमजोर बनाया है। व्यक्ति से लेकर समाज, राजनीति सभी क्षेत्रों में मूल्यों का पतन देखने को मिला है। नैतिक पतन के लिए केवल नेता जिम्मेदार नहीं मूल्यों में पतन समाज के सभी क्षेत्रों में आया है और इसके लिए किसी एक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बेहतर समाज एवं राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। इसके लिए हम सभी को आगे आकर जिम्मेवारी को पूर्ण रुप से निभाने का संकल्प लेना होगा।
के. के. एम. कॉलेज (पाकुड़) मो. - 7667998969 क
ई-मेल- bambholagati04@gmail.com
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झारखण्ड विधान सभा की त्रैमासिक पत्रिका, सितम्बर दो हज़ार इक्कीस नवम्बर दो हज़ार इक्कीस पचहत्तर वर्षों के आईने में भारतीय लोकतंत्र इस वर्ष देश अपनी आजादी के पचहत्तरवें वर्षगांठ का उत्सव मना रहा है। संपूर्ण भारतवर्ष आजादी के पचहत्तरवें वर्ष को अमृत महोत्सव के रूप में जश्न मना रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव भारत की विरल उपलब्धि है, हमारी जागती आंखों से देखे गये स्वप्नों को आकार देने का विश्वास है, तो जीवन मूल्यों को सुरक्षित करने एवं नया भारत निर्मित करने की तीव्र तैयारी है। आजादी का अमृत महोत्सव देश की स्वतंत्रता के संकल्पों की नई ऊर्जा का स्रोत है, स्वाधीनता सेनानियों की प्रेरणाओं का अमृत है, संपूर्ण भारत के राष्ट्रवाद के विचार के साथ आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह सभी देशवासियों के लिए विशेष अवसर है। आजादी से लेकर अब तक देश ने सांस्कृतिक, सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य, खेल एवं तकनीकी क्षेत्र के विकास यात्रा में अपनी विशेष पहचान बनाई है। आजादी के पचहत्तर वर्षों के समय में हम सभी भारतवासी विश्व के सामने किस तरह के भारत का रूप प्रदर्शित करते है यह अब हमारी जिम्मेदारी है। देश की आजादी एकता, अखंडता एवं विविधता में एकता जैसे मूल्यों से लेकर जन-जन में राष्ट्रवाद की भावना को जीवंत रखने के पीछे अगर हम सबसे बड़ी भूमिका की चर्चा करेंगे तो सबसे बड़े भूमिका भारत के लोकतंत्र की होगी। परंतु लोकतंत्र का मार्गदर्शक देश के संविधान में एक आदर्श देश की जो परिकल्पना की गई है, उसे हम कितना साकार कर पाएं है? नागरिकों से समाज और समाज से देश बनता है एक बेहतर नागरिक एक स्वस्थ समाज का निर्माण करता है। एक सजग समाज देश को उन्नति के रास्ते पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करता है। सवाल है कि एक देश और व्यक्ति के रुप में आज हम कहां खड़े हैं, इसका एक सिंहावलोकन करना जरूरी है। आजादी के इन सालों में हमने क्या खोया और पाया है, आज इसकी भी जन जन में चर्चा होना आवश्यक है। भारत के लोकतंत्र के संदर्भ में देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी यूएन के अपने भाषण में स्पष्ट रूप से कहा कि, मैं उस देश का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं जिसे 'मदर ऑफ डेमोक्रेसी' का गौरव हासिल है। लोकतंत्र की हमारी हजारों वर्षों की महान परंपरा रही है इस पंद्रह अगस्त को भारत अपने आजादी के पचहत्तर वर्षों के उत्सव में प्रवेश किया है। हमारी विविधता हमारे सशक्त लोकतंत्र की पहचान है, एक ऐसा देश जिसमे दर्जनों भाषाएं हैं, सैकड़ों बोलियां हैं, अलग-अलग रहन-सहन, खान-पान हैं। यह जीवंत लोकतंत्र का बेहतरीन उदाहरण है। आज जब हम आजादी के पचहत्तर वर्ष के आइने में भारत के लोकतंत्र को देखते है तो तो स्पष्ट प्रतिबिंब के रूप में हमें भारत जीवंत लोकतंत्र का एक जीता जागता उदाहरण के रूप में प्रदर्शित प्राप्त होता है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति ही है कि देश के आजादी से लेकर अब तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच की मुद्दों पर गंभीर मतभेदो ने देश के लोकतंत्र को कमजोर नहीं अपितु उसे मजबूती प्रदान करने का कार्य किया है। पक्ष और विपक्ष के विचार चाहे विरोधी ही क्यों न हो उन विचारों का सम्मान लोकतंत्र को ताकत देता आया है। लोकतंत्र से प्राप्त मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्यों के कारण लोग अपने अधिकार और देश के प्रति अपनी कर्तव्य को समझकर लोकतंत्र को सशक्त बनाने की भूमिका में अपना योगदान सुनिश्चित करते आ रहे हैं। सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मनरेगा जैसे कार्यक्रमो झारखण्ड विधान सभा की त्रैमासिक पत्रिका, सितम्बर दो हज़ार इक्कीस JANWWW एवं योजनाओं ने आम आदमी को और ज्यादा सशक्त बनाया है। हालांकि सरकार की इन योजनाओं को पूरी तरह से तो लागू नहीं किया जा सका, फिर भी इन योजनाओं का लक्ष्य आम आदमी को राहत पहुंचाना ही है। संपूर्ण मानवता के कल्याण की कामना करने वाला यह भारत, ऐसा भारत जिसका सिद्धांत 'कृण्वन्तो विश्वमार्यम', और वसुधैव कुटुंबकम का है। जिसका संकल्प सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया का है। इसलिए इस सिद्धांत के राष्ट्र होने के नाते जब हमारे देश के वैज्ञानिक जीरो देते हैं तो उसका पेटेंट नहीं लेते, जब दशमलव देते हैं तो संपूर्ण दुनिया के लिए। जब हम वैक्सीन बनाते हैं तो संपूर्ण दुनिया के लिए, आज एक सौ आठ सेटेलाइट छोड़ने की ताकत रखते हैं तो गरीब से गरीब देश के लिए छोड़ते हैं। आज जब हम परमाणु संपन्न भी बनते हैं, तो हमारा राष्ट्रवाद किसी के लिए खतरे की घंटी नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण ज्ञान और सुरक्षा के लिए शुभ संकेत होता है। भारत के लोगों को भारत के राष्ट्रवाद को अगर यह संदेश और यह भावना कहीं से प्राप्त होता है तो वह भारत के लोकतंत्र से प्राप्त होता है। दुनिया के कई सारे लोकतांत्रिक देशों के बीच भारत ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के रूप में परिपक्वता के साथ अपनी पहचान बनाई है। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु जी से लेकर अब तक सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राष्ट्रहित और जनहित संबंधी मुद्दों पर जिस तरह से साथ मिलकर एकजुटता का परिचय प्राप्त होता है इस परिपक्वता ने देश के लोकतंत्र को और ज्यादा मजबूती प्रदान की है। लोग अपनी पसंद से सरकारें चुनते आए हैं भारत के लोकतंत्र में लोग ही अहम हैं और यही भारत के लोकतंत्र की जीत है। आज हम विश्व के सामने सुपर पावर बनने की ओर अग्रसर है। आज उदारीकरण के दौर के बाद भी हमारा देश तेजी नवम्बर दो हज़ार इक्कीस से विकास के रास्ते पर आगे बढा है। मंगल मिशन की सफलता एवं रॉकेट प्रक्षेपण की अपनी क्षमता के बदौलत हम अंतरिक्ष में महारत रखने वाले चुनिंदा देशों में शामिल है। आई. टी. सेक्टर में हमारा देश अग्रणी बना हुआ है। परमाणु हथियारों से संपन्न हमारे देश के पास दुनिया की चौथी सबसे शक्तिशाली सेना है। तमाम चुनौतियों के बावजूद हम अपनी अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़े हैं। यह तो स्पष्ट है कि आज भारत के पास दुनिया को देने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन तमाम सफलताओं के बावजूद हम इस बात से इंकार नहीं कर सकते कि आज हमारे नैतिक, सामाजिक एवं लोकतांत्रिक मूल्यों में ह्रास हुआ है। इस देश ने लोकतंत्र के बावजूद आपातकाल जैसे काले संकटों से भी गुजरने का अनुभव प्राप्त किया है। पूरे विश्व ने लोकतंत्र का वह स्वरुप भी देखा था जब रेल हादसे की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। किस प्रकार मात्र एक वोट से सरकार गिर जाया करती थी। भ्रष्टाचार में नाम आने पर नेता अपना पद छोड़ देते थे, आज किस प्रकार से सत्ता, पावर और पैसा की चाह ने लोगों को भ्रष्ट एवं नैतिक रुप से कमजोर बनाया है। व्यक्ति से लेकर समाज, राजनीति सभी क्षेत्रों में मूल्यों का पतन देखने को मिला है। नैतिक पतन के लिए केवल नेता जिम्मेदार नहीं मूल्यों में पतन समाज के सभी क्षेत्रों में आया है और इसके लिए किसी एक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में बेहतर समाज एवं राष्ट्र बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। इसके लिए हम सभी को आगे आकर जिम्मेवारी को पूर्ण रुप से निभाने का संकल्प लेना होगा। के. के. एम. कॉलेज मो. - सात छः छः सात नौ नौ आठ नौ छः नौ क ई-मेल- bambholagatiचार@gmail.com
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नई दिल्ली (आईएएनएस)। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आजादी का अमृत काल मना रहे हैं, तो गरीब लोगों को बेघर किया जा रहा है। दिल्ली विकास प्राधिकरण महरौली में झोपड़ियों और फ्लैटों को व्यापक रूप से गिरा रहा है। अनिल कुमार ने कहा कि वैकल्पिक आवास प्रदान किए बिना जेजे क्लस्टर और फ्लैटों को ध्वस्त करना अमानवीय और नाजायज है। उन्होंने कहा कि गरीबों को पहले वैकल्पिक आवास प्रदान करना कांग्रेस सरकार की घोषित नीति के तहत ही 2013 में 8000 से अधिक फ्लैटों के निर्माण कालकाजी एक्सटेंशन में जेजे क्लस्टर के निवासियों को स्थानांतरित करने के लिए फ्लैटों का निर्माण किया था।
अनिल कुमार ने महरौली में तोड़ फोड़ अभियान को रोकने के लिए उपराज्यपाल और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री के तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। इस अभियान ने पहले ही कई परिवारों को उनके घरों से बेघर कर दिया है। जहां झुग्गी वहीं मकान के वायदे कर केजरीवाल और भाजपा सरकार गरीबों को धोखा दे रहे हैं। अब उनको घर से बेघर कर सड़क पर छोड़ दिया है।
आगे अनिल कुमार ने कहा कि जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार द्वारा राजीव रतन आवास योजना के तहत बने लगभग 60 हजार फ्लैट बिना आवंटन के पड़े हैं, वहीं भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकारों ने महरौली में गरीब लोगों को बेघर करने की साजिश रची है। उन्होंने कहा कि महरौली में तोड़े गए फ्लैटों के निवासी सरकार से पक्की रजिस्ट्री करवा हाउस टैक्स और बिजली बिल भी भर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उनको लिफ्ट लगाने के लिए भी राजस्व विभाग और अग्निशमन सेवा सहित सभी सरकारी एजेंसियों से मंजूरी मिली हुई थी।
चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि अगर डीडीए और दिल्ली सरकार के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, तो उन निवासियों को दंडित क्यों करते हैं जिन्होंने अपनी जीवन भर की बचत फ्लैटों में निवेश की है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार भाजपा के साथ मिलकर गरीबों को उजाड़ कर अब उनके लिए घड़ियाली आंसू बहा रही है।
अनिल कुमार ने कहा कि एमसीडी चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस सरकार द्वारा कालकाजी एक्सटेंशन में बनाए गए 3024 इन-सीटू फ्लैटों के आवंटन के सांकेतिक समारोह में पांच परिवारों को चाबी दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने एमसीडी चुनाव के घोषणापत्र में भी वादा किया था कि वह जेजे क्लस्टर के सभी निवासियों को इन-सीटू फ्लैट मुहैया कराएगी, लेकिन निगम चुनाव हारने के बाद बीजेपी गरीबों के खिलाफ बदले की भावना से काम कर रही है। वहीं केजरीवाल सरकार भी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बने फ्लैटों को अभी तक गरीबों के लिए आवंटित नहीं कर पाई है। ये फ्लैट अब जीर्ण-शीर्ण और असामाजिक तत्वों की शरणस्थली बन गए हैं।
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नई दिल्ली । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आजादी का अमृत काल मना रहे हैं, तो गरीब लोगों को बेघर किया जा रहा है। दिल्ली विकास प्राधिकरण महरौली में झोपड़ियों और फ्लैटों को व्यापक रूप से गिरा रहा है। अनिल कुमार ने कहा कि वैकल्पिक आवास प्रदान किए बिना जेजे क्लस्टर और फ्लैटों को ध्वस्त करना अमानवीय और नाजायज है। उन्होंने कहा कि गरीबों को पहले वैकल्पिक आवास प्रदान करना कांग्रेस सरकार की घोषित नीति के तहत ही दो हज़ार तेरह में आठ हज़ार से अधिक फ्लैटों के निर्माण कालकाजी एक्सटेंशन में जेजे क्लस्टर के निवासियों को स्थानांतरित करने के लिए फ्लैटों का निर्माण किया था। अनिल कुमार ने महरौली में तोड़ फोड़ अभियान को रोकने के लिए उपराज्यपाल और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री के तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। इस अभियान ने पहले ही कई परिवारों को उनके घरों से बेघर कर दिया है। जहां झुग्गी वहीं मकान के वायदे कर केजरीवाल और भाजपा सरकार गरीबों को धोखा दे रहे हैं। अब उनको घर से बेघर कर सड़क पर छोड़ दिया है। आगे अनिल कुमार ने कहा कि जब दिल्ली में कांग्रेस की सरकार द्वारा राजीव रतन आवास योजना के तहत बने लगभग साठ हजार फ्लैट बिना आवंटन के पड़े हैं, वहीं भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकारों ने महरौली में गरीब लोगों को बेघर करने की साजिश रची है। उन्होंने कहा कि महरौली में तोड़े गए फ्लैटों के निवासी सरकार से पक्की रजिस्ट्री करवा हाउस टैक्स और बिजली बिल भी भर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उनको लिफ्ट लगाने के लिए भी राजस्व विभाग और अग्निशमन सेवा सहित सभी सरकारी एजेंसियों से मंजूरी मिली हुई थी। चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि अगर डीडीए और दिल्ली सरकार के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, तो उन निवासियों को दंडित क्यों करते हैं जिन्होंने अपनी जीवन भर की बचत फ्लैटों में निवेश की है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार भाजपा के साथ मिलकर गरीबों को उजाड़ कर अब उनके लिए घड़ियाली आंसू बहा रही है। अनिल कुमार ने कहा कि एमसीडी चुनाव से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस सरकार द्वारा कालकाजी एक्सटेंशन में बनाए गए तीन हज़ार चौबीस इन-सीटू फ्लैटों के आवंटन के सांकेतिक समारोह में पांच परिवारों को चाबी दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने एमसीडी चुनाव के घोषणापत्र में भी वादा किया था कि वह जेजे क्लस्टर के सभी निवासियों को इन-सीटू फ्लैट मुहैया कराएगी, लेकिन निगम चुनाव हारने के बाद बीजेपी गरीबों के खिलाफ बदले की भावना से काम कर रही है। वहीं केजरीवाल सरकार भी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बने फ्लैटों को अभी तक गरीबों के लिए आवंटित नहीं कर पाई है। ये फ्लैट अब जीर्ण-शीर्ण और असामाजिक तत्वों की शरणस्थली बन गए हैं।
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कुछ दशक पहले जो एक नक्सलवादी था आज वह रिवर-वॉरियर है। इस नदी को बचाने की खातिर इन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी लगा दी।
पेरियार केरल की सबसे लंबी नदी है। यह आर्थिक दृष्टि से भी केरल की सबसे महत्वपूर्ण नदी है। 40 लाख से भी अधिक घरों में लोग इस नदी का पानी पीते हैं और 22,000 से भी अधिक मछुआरों के परिवार इस पर आश्रित हैं। पेरियार नदी के किनारे लगभग 280 से भी अधिक कारखाने लगे हुए हैं। इन कारखानों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ नदी में बहा दिए जाते हैं। जिसकी वजह से आज यह नदी बहुत प्रदूषित हो चुकी है। प्रदूषण के चलते केवल 2017 में ही नदी का रंग 10 बार बदला था। प्रदूषकों की वजह से नदी में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो गई है, जिससे नदी में रहने वाली मछलियां लगातार मर रही हैं। पेरियार में पाई जाने वाली बड़ी मछलियों की कई प्रजातियां अब विलुप्त हो चुकी हैं। साथ ही इसका बुरा असर वहां रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है।
ये बातें जिंदगी के 7वें दशक में पहुंच चुके एमके कुंजप्पन को बहुत तकलीफदेह लगती हैं। यही वजह है कि उन्होंने पेरियार नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने को ही अपनी जिंदगी का लक्ष्य बना लिया है। बचपन को याद करते हुए कुंजप्पन बताते हैं, "हमारे घर हर रोज़ दोपहर के खाने के लिए चावल के साथ मछली बनती थी। हमने शायद ही कभी कोई सब्जी बनाई हो। मां चावल बनातीं और फिर नदी को जातीं। वह मिनटों में मछलियां लेकर वापस आ जातीं। यह हमारी दिनचर्या थी। मुझे एक भी दिन याद नहीं जब हमारे यहां मछली न बनी हो। मेरी मां को मछली पकड़ने में कभी भी एक या दो मिनट से ज्यादा समय नहीं लगा। उस समय इस नदी में बहुत मछलियाँ होती थीं। पर आज सारी मछलियां खत्म हो गई हैं।" अनुसूचित-जनजाति से होने की वजह से बचपन में उन्हें छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों का भी सामना करना पड़ा।
1970 के दशक में कुंजप्पन ने एलोर में Kerala Sasthra Sahithya Parishad (a people's science movement in Kerala) की स्थापना की। तब कुंजप्पन केरल में नक्सली आंदोलन का हिस्सा थे। कुंजप्पन को आपातकाल में छिप कर रहना पड़ा। 1975 में उन्हें एक हत्या के आरोप में जेल भी जाना पड़ा। उन्होंने 7 साल जेल में बिताए। उस दौरान उनके परिवार ने जीवन यापन के लिए बहुत संघर्ष किया।
जेल से लौटने के बाद कुंजप्पन ने एलोर आंदोलन में फिर से वापसी की। उनका जीवन आंदोलनों से भरा हुआ था। कभी जातिवाद के खिलाफ तो कभी समानता, भोजन, कपड़ों और नौकरियों के लिए और कभी पर्यावरण के लिए आंदोलन। कुंजप्पन ने पेरियार नदी में हो रहे बदलाव को नोटिस किया। उन्हें लगा नदी में कुछ तो बदल रहा है। नदी के साथ-साथ पर्यावरण में भी कुछ बदलाव आ रहे हैं, जो ठीक नहीं है।
जब कुंजप्पन ने पेरियार को बचाने के लिए अपने आंदोलन में पहला कदम रखा तो वे एलोर जंक्शन पर हाथ में एक तख्ती लेकर खड़े हो जाते थे, जिस पर लिखा होता था, "वेलकम टू एलोर गैस चेंबर।" तब लोगों को लगता कि वह पागल हो गए हैं। उस वक्त कुंजप्पन को भी नहीं पता था कि 30 साल बाद एलोर को भारत में तीसरा सबसे विषैला हॉटस्पॉट घोषित किया जाएगा। पर धीरे-धीरे लोग उनकी बात समझने लगे। 1990 के दशक तक कुंजप्पन को पेरियार आंदोलन के लिए लोगों का समर्थन मिलने लगा।
2003 के ग्रीनपीस अध्ययन के मुताबिक एलोर दुनिया भर के विषैले हॉटस्पॉट की सूची में 35 वें स्थान पर था। तब तक तो कुंजप्पन एक स्थानीय-नायक बन गए थे। अब जब भी वह एलोर की सड़कों पर साइकिल से निकलते हैं तो लोग उनके पास जाते हैं। उन्हें कुंजप्पन चेटन (भाई) कहते हुए मुस्कुराते हैं और बड़े सम्मान के साथ उनसे बात करते हैं। बाद में लोगों ने उन्हें एलोर नगरपालिका के वार्ड सदस्य के रूप में भी चुना।
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कुछ दशक पहले जो एक नक्सलवादी था आज वह रिवर-वॉरियर है। इस नदी को बचाने की खातिर इन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी लगा दी। पेरियार केरल की सबसे लंबी नदी है। यह आर्थिक दृष्टि से भी केरल की सबसे महत्वपूर्ण नदी है। चालीस लाख से भी अधिक घरों में लोग इस नदी का पानी पीते हैं और बाईस,शून्य से भी अधिक मछुआरों के परिवार इस पर आश्रित हैं। पेरियार नदी के किनारे लगभग दो सौ अस्सी से भी अधिक कारखाने लगे हुए हैं। इन कारखानों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ नदी में बहा दिए जाते हैं। जिसकी वजह से आज यह नदी बहुत प्रदूषित हो चुकी है। प्रदूषण के चलते केवल दो हज़ार सत्रह में ही नदी का रंग दस बार बदला था। प्रदूषकों की वजह से नदी में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो गई है, जिससे नदी में रहने वाली मछलियां लगातार मर रही हैं। पेरियार में पाई जाने वाली बड़ी मछलियों की कई प्रजातियां अब विलुप्त हो चुकी हैं। साथ ही इसका बुरा असर वहां रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। ये बातें जिंदगी के सातवें दशक में पहुंच चुके एमके कुंजप्पन को बहुत तकलीफदेह लगती हैं। यही वजह है कि उन्होंने पेरियार नदी को प्रदूषण से मुक्त कराने को ही अपनी जिंदगी का लक्ष्य बना लिया है। बचपन को याद करते हुए कुंजप्पन बताते हैं, "हमारे घर हर रोज़ दोपहर के खाने के लिए चावल के साथ मछली बनती थी। हमने शायद ही कभी कोई सब्जी बनाई हो। मां चावल बनातीं और फिर नदी को जातीं। वह मिनटों में मछलियां लेकर वापस आ जातीं। यह हमारी दिनचर्या थी। मुझे एक भी दिन याद नहीं जब हमारे यहां मछली न बनी हो। मेरी मां को मछली पकड़ने में कभी भी एक या दो मिनट से ज्यादा समय नहीं लगा। उस समय इस नदी में बहुत मछलियाँ होती थीं। पर आज सारी मछलियां खत्म हो गई हैं।" अनुसूचित-जनजाति से होने की वजह से बचपन में उन्हें छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों का भी सामना करना पड़ा। एक हज़ार नौ सौ सत्तर के दशक में कुंजप्पन ने एलोर में Kerala Sasthra Sahithya Parishad की स्थापना की। तब कुंजप्पन केरल में नक्सली आंदोलन का हिस्सा थे। कुंजप्पन को आपातकाल में छिप कर रहना पड़ा। एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर में उन्हें एक हत्या के आरोप में जेल भी जाना पड़ा। उन्होंने सात साल जेल में बिताए। उस दौरान उनके परिवार ने जीवन यापन के लिए बहुत संघर्ष किया। जेल से लौटने के बाद कुंजप्पन ने एलोर आंदोलन में फिर से वापसी की। उनका जीवन आंदोलनों से भरा हुआ था। कभी जातिवाद के खिलाफ तो कभी समानता, भोजन, कपड़ों और नौकरियों के लिए और कभी पर्यावरण के लिए आंदोलन। कुंजप्पन ने पेरियार नदी में हो रहे बदलाव को नोटिस किया। उन्हें लगा नदी में कुछ तो बदल रहा है। नदी के साथ-साथ पर्यावरण में भी कुछ बदलाव आ रहे हैं, जो ठीक नहीं है। जब कुंजप्पन ने पेरियार को बचाने के लिए अपने आंदोलन में पहला कदम रखा तो वे एलोर जंक्शन पर हाथ में एक तख्ती लेकर खड़े हो जाते थे, जिस पर लिखा होता था, "वेलकम टू एलोर गैस चेंबर।" तब लोगों को लगता कि वह पागल हो गए हैं। उस वक्त कुंजप्पन को भी नहीं पता था कि तीस साल बाद एलोर को भारत में तीसरा सबसे विषैला हॉटस्पॉट घोषित किया जाएगा। पर धीरे-धीरे लोग उनकी बात समझने लगे। एक हज़ार नौ सौ नब्बे के दशक तक कुंजप्पन को पेरियार आंदोलन के लिए लोगों का समर्थन मिलने लगा। दो हज़ार तीन के ग्रीनपीस अध्ययन के मुताबिक एलोर दुनिया भर के विषैले हॉटस्पॉट की सूची में पैंतीस वें स्थान पर था। तब तक तो कुंजप्पन एक स्थानीय-नायक बन गए थे। अब जब भी वह एलोर की सड़कों पर साइकिल से निकलते हैं तो लोग उनके पास जाते हैं। उन्हें कुंजप्पन चेटन कहते हुए मुस्कुराते हैं और बड़े सम्मान के साथ उनसे बात करते हैं। बाद में लोगों ने उन्हें एलोर नगरपालिका के वार्ड सदस्य के रूप में भी चुना।
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विरोध के बीच बिहार के संबंध में राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल को गुरुवार को अपना बयान वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। गोयल ने सदन में कहा, मैं अपना बयान वापस लेता हूं। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद सांसद मनोज झा ने बुधवार को राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखकर बहस के दौरान बिहार पर गोयल की अपमानजनक टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने का आग्रह किया।
दरअसल बुधवार को राज्यसभा में बहस के दौरान केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल कहा कि, 'ये लोग देश को बिहार बनाना चाहते हैं। ' उनके इस बयान पर आरजेडी ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि बीजेपी बिहार को बदनाम करने में लगी हुई है।
इससे पहले बुधवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पीयूष गोयल के बयान पर कहा कि ये लोग बिहार को अपमानित करने वाले लोग हैं। भारतीय जनता पार्टी के लोग बिहार को घृणा की दृष्टि से देखते हैं। उनकी टिप्पणी बिहार के प्रति उनकी नफरत दिखाता है।
वहीं आरजेडी ने ट्वीट कर कहा, "इनका बस चले तो देश को बिहार ही बना दें! " केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का सदन में यह कथन दुर्भाग्यपूर्ण, दंभपूर्ण, पूर्वाग्रह और एलिटिज़्म से भरा है। यह बीजेपी के राष्ट्रवादी ढोंग की भी पोल खोलता है। इसके लिए केंद्र सरकार और पीयूष गोयल जी समस्त बिहार से माफी मांगें।
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विरोध के बीच बिहार के संबंध में राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल को गुरुवार को अपना बयान वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। गोयल ने सदन में कहा, मैं अपना बयान वापस लेता हूं। उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था। इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद सांसद मनोज झा ने बुधवार को राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखकर बहस के दौरान बिहार पर गोयल की अपमानजनक टिप्पणी को रिकॉर्ड से हटाने का आग्रह किया। दरअसल बुधवार को राज्यसभा में बहस के दौरान केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल कहा कि, 'ये लोग देश को बिहार बनाना चाहते हैं। ' उनके इस बयान पर आरजेडी ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि बीजेपी बिहार को बदनाम करने में लगी हुई है। इससे पहले बुधवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पीयूष गोयल के बयान पर कहा कि ये लोग बिहार को अपमानित करने वाले लोग हैं। भारतीय जनता पार्टी के लोग बिहार को घृणा की दृष्टि से देखते हैं। उनकी टिप्पणी बिहार के प्रति उनकी नफरत दिखाता है। वहीं आरजेडी ने ट्वीट कर कहा, "इनका बस चले तो देश को बिहार ही बना दें! " केंद्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का सदन में यह कथन दुर्भाग्यपूर्ण, दंभपूर्ण, पूर्वाग्रह और एलिटिज़्म से भरा है। यह बीजेपी के राष्ट्रवादी ढोंग की भी पोल खोलता है। इसके लिए केंद्र सरकार और पीयूष गोयल जी समस्त बिहार से माफी मांगें।
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की कसौटी पर गृहस्थ जीवन को कसकर देखे तो विदित होगा कि विवेकवान् गृहस्थ यदि साधु के गुरणस्थानों से नीचा है तो प्रथम चार गुरणस्थानो से ऊँचा भी है । सकुचित दृष्टिकोण होने के कारण दुर्भाग्य से हमारा ध्यान निचाई की ओर तो जाता है, पर ऊँचाई की ओर कभी नही
जाता ।
इसीलिए कुछ लोगो ने एक मनगढन्त सिद्धान्त निकाला है कि साधु की अपेक्षा गृहस्थ का स्तर नीचा है, इसलिए उसका सत्कार- सम्मान करना, उसकी सेवा-शुश्रूषा आदि करना, दूसरे गृहस्थ के लिए भी ससार का मार्ग है । वह् हिंसा, सत्य, चोरी और कुशील का निन्दनीय मार्ग है और पतन की पगडडी है। मेरे विचार से इस हीन विचार के पीछे अज्ञान चक्कर काट रहा है और विवेक की रोशनी नही है । सुपात्र और कुपात्र की अनेक भ्रमपूर्ण धारणाएँ भी इसी ज्ञान के कुपरिणाम हैं । गृहस्थ कुपात्र है, उसे कुछ भी देना धर्म नही है, साधु को देना ही एकमात्र धर्म है । इस प्रकार की कल्पनाएँ सकुचित विचारों द्वारा ही आ गई हैं। इस प्रकार एकान्तत छोटे-बडे के
पर धर्म और धर्म का निष्पक्ष निरर्णय कभी नही हो सकता । खिर साधु भी, जोकि छठे गुरणस्थान मे है, सातवे गुरणस्थान वाले से नीचा है । इसी प्रकार सातवे गुरणस्थान वाला आठवे गुणस्थान वाले से नीचा है । केवल ज्ञानी की भूमिका से तो सभी सामान्य साधु नीचे ही है । हाँ, तो में पूछता हूँ कि तेरहवे गुरणस्थान वाले अरिहन्त की भूमिका छोटी है या बडी ?
कृषि-प्रल्पारम्भ है
यदि वारहव गुरणस्थान से वह ऊँची है तो चौदहवे गुरणस्थान से नीची भी है । तो इस प्रकार की अपेक्षाकृत ऊँचाई और निचाई भले ही रहे, परन्तु उसी को व्यर्थ की चर्चा का आधार वनाने में कोई महत्त्व नही है । नीचे की भूमिका को पार करके ऊँची भूमिका में प्रतिष्ठित होना ही महत्त्वपूर्ण बात है । अस्तु, हमे देखना चाहिए कि जीवन ऊपर की ओर गतिशील है या नीचे की ओर ? साधक कही नीचे की ओर तो नही खिसक रहा है?
अब तनिक श्रावक की भूमिका पर विचार कीजिए । वह मिथ्यात्व के प्रगाढ अधकार को वेधकर, अनन्तानुवधी रूप तीव्र कपाय की फौलादी दीवार को लाघ कर, व्रत के असीम सागर को पार करके और अपरिमित भोगो की लिप्सायो से ऊँचा उठकर आया है। उसने मिथ्यात्व की दुर्भेद्य ग्रन्थियो को तोडा है और वह अहिसा एव सत्य के प्रशस्त मार्ग पर यथाशक्ति प्रगति कर रहा है । यह बात दूसरी है कि वह उच्च साधक की तरह तीव्र गति से दौड नही सकता, मन्द गति से टहलता हुआ ही चलता है ।
सूत्रकृताग सूत्र मे अधर्म और धर्म - जीवन के सम्बन्ध मे एक बडी ही महत्वपूर्ण चर्चा चली है । वहाँ स्पष्ट शब्दो मे कहा गया है कि जो मिथ्यात्व और विरति आदि मे पडे है, वे आर्य-जीवन वाले नहीं है, किन्तु जिन्होंने हिंसा और असत्य के वन्धन कुछ प्रशो मे तोड डाले है, जो हर सत्य को हितकारी समझते है और असत्य आदि के बन्धनो को पूरी तरह तोडने की उच्च भावना रखते हैं और कमरा.
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की कसौटी पर गृहस्थ जीवन को कसकर देखे तो विदित होगा कि विवेकवान् गृहस्थ यदि साधु के गुरणस्थानों से नीचा है तो प्रथम चार गुरणस्थानो से ऊँचा भी है । सकुचित दृष्टिकोण होने के कारण दुर्भाग्य से हमारा ध्यान निचाई की ओर तो जाता है, पर ऊँचाई की ओर कभी नही जाता । इसीलिए कुछ लोगो ने एक मनगढन्त सिद्धान्त निकाला है कि साधु की अपेक्षा गृहस्थ का स्तर नीचा है, इसलिए उसका सत्कार- सम्मान करना, उसकी सेवा-शुश्रूषा आदि करना, दूसरे गृहस्थ के लिए भी ससार का मार्ग है । वह् हिंसा, सत्य, चोरी और कुशील का निन्दनीय मार्ग है और पतन की पगडडी है। मेरे विचार से इस हीन विचार के पीछे अज्ञान चक्कर काट रहा है और विवेक की रोशनी नही है । सुपात्र और कुपात्र की अनेक भ्रमपूर्ण धारणाएँ भी इसी ज्ञान के कुपरिणाम हैं । गृहस्थ कुपात्र है, उसे कुछ भी देना धर्म नही है, साधु को देना ही एकमात्र धर्म है । इस प्रकार की कल्पनाएँ सकुचित विचारों द्वारा ही आ गई हैं। इस प्रकार एकान्तत छोटे-बडे के पर धर्म और धर्म का निष्पक्ष निरर्णय कभी नही हो सकता । खिर साधु भी, जोकि छठे गुरणस्थान मे है, सातवे गुरणस्थान वाले से नीचा है । इसी प्रकार सातवे गुरणस्थान वाला आठवे गुणस्थान वाले से नीचा है । केवल ज्ञानी की भूमिका से तो सभी सामान्य साधु नीचे ही है । हाँ, तो में पूछता हूँ कि तेरहवे गुरणस्थान वाले अरिहन्त की भूमिका छोटी है या बडी ? कृषि-प्रल्पारम्भ है यदि वारहव गुरणस्थान से वह ऊँची है तो चौदहवे गुरणस्थान से नीची भी है । तो इस प्रकार की अपेक्षाकृत ऊँचाई और निचाई भले ही रहे, परन्तु उसी को व्यर्थ की चर्चा का आधार वनाने में कोई महत्त्व नही है । नीचे की भूमिका को पार करके ऊँची भूमिका में प्रतिष्ठित होना ही महत्त्वपूर्ण बात है । अस्तु, हमे देखना चाहिए कि जीवन ऊपर की ओर गतिशील है या नीचे की ओर ? साधक कही नीचे की ओर तो नही खिसक रहा है? अब तनिक श्रावक की भूमिका पर विचार कीजिए । वह मिथ्यात्व के प्रगाढ अधकार को वेधकर, अनन्तानुवधी रूप तीव्र कपाय की फौलादी दीवार को लाघ कर, व्रत के असीम सागर को पार करके और अपरिमित भोगो की लिप्सायो से ऊँचा उठकर आया है। उसने मिथ्यात्व की दुर्भेद्य ग्रन्थियो को तोडा है और वह अहिसा एव सत्य के प्रशस्त मार्ग पर यथाशक्ति प्रगति कर रहा है । यह बात दूसरी है कि वह उच्च साधक की तरह तीव्र गति से दौड नही सकता, मन्द गति से टहलता हुआ ही चलता है । सूत्रकृताग सूत्र मे अधर्म और धर्म - जीवन के सम्बन्ध मे एक बडी ही महत्वपूर्ण चर्चा चली है । वहाँ स्पष्ट शब्दो मे कहा गया है कि जो मिथ्यात्व और विरति आदि मे पडे है, वे आर्य-जीवन वाले नहीं है, किन्तु जिन्होंने हिंसा और असत्य के वन्धन कुछ प्रशो मे तोड डाले है, जो हर सत्य को हितकारी समझते है और असत्य आदि के बन्धनो को पूरी तरह तोडने की उच्च भावना रखते हैं और कमरा.
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NIT Rourkela Junior Research Fellow के पद के लिए 1 नौकरी रिक्तियों को भरने के लिए उम्मीदवारों की तलाश कर रहा है। उम्मीदवार यहां नौकरी के पूरे विवरण और NIT Rourkela भर्ती 2023 के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया की जांच कर सकते हैं।
NIT Rourkela उन उम्मीदवारों की भर्ती कर रहा है जो M. Sc की योग्यता रखते हैं। Junior Research Fellow के पद के लिए पात्रता मानदंड और आवश्यक योग्यता को पूरा करने वाले उम्मीदवार नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। NIT Rourkela में 1 रिक्तियां हैं और इच्छुक उम्मीदवार Junior Research Fellow के पद का लाभ उठाने के लिए जल्द से जल्द आवेदन कर सकते हैं।
इस वर्ष NIT Rourkela में Junior Research Fellow रिक्तियों की भूमिका के लिए रिक्तियों की संख्या 1 है।
उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा / व्यक्तिगत साक्षात्कार / चिकित्सा परीक्षण / वॉकिन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। एक बार एक उम्मीदवार का चयन हो जाने के बाद उन्हें NIT Rourkela में Junior Research Fellow के रूप में रखा जाएगा।
NIT Rourkela Junior Research Fellow 2023 के लिए वेतन Rs. 31,000 - Rs. 35,000 Per Month है। इच्छुक उम्मीदवार नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं और नीचे नौकरी के स्थान, अंतिम तिथि और आवेदन प्रक्रिया की जांच कर सकते हैं।
NIT Rourkela ने Rourkela में Junior Research Fellow पद की रिक्ति के लिए एक अधिसूचना जारी की है। उम्मीदवार यहां स्थान विवरण प्राप्त कर सकते हैं और NIT Rourkela भर्ती 2023 के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उम्मीदवार जो NIT Rourkela भर्ती 2023 के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे ध्यान दें कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 12/06/2023 है। एक बार उम्मीदवारों का चयन हो जाने के बाद उन्हें NIT Rourkela Rourkela में Junior Research Fellow के रूप में रखा जाएगा।
How to apply for NIT Rourkela Recruitment 2023?
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NIT Rourkela Junior Research Fellow के पद के लिए एक नौकरी रिक्तियों को भरने के लिए उम्मीदवारों की तलाश कर रहा है। उम्मीदवार यहां नौकरी के पूरे विवरण और NIT Rourkela भर्ती दो हज़ार तेईस के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया की जांच कर सकते हैं। NIT Rourkela उन उम्मीदवारों की भर्ती कर रहा है जो M. Sc की योग्यता रखते हैं। Junior Research Fellow के पद के लिए पात्रता मानदंड और आवश्यक योग्यता को पूरा करने वाले उम्मीदवार नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। NIT Rourkela में एक रिक्तियां हैं और इच्छुक उम्मीदवार Junior Research Fellow के पद का लाभ उठाने के लिए जल्द से जल्द आवेदन कर सकते हैं। इस वर्ष NIT Rourkela में Junior Research Fellow रिक्तियों की भूमिका के लिए रिक्तियों की संख्या एक है। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा / व्यक्तिगत साक्षात्कार / चिकित्सा परीक्षण / वॉकिन साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। एक बार एक उम्मीदवार का चयन हो जाने के बाद उन्हें NIT Rourkela में Junior Research Fellow के रूप में रखा जाएगा। NIT Rourkela Junior Research Fellow दो हज़ार तेईस के लिए वेतन Rs. इकतीस,शून्य - Rs. पैंतीस,शून्य Per Month है। इच्छुक उम्मीदवार नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं और नीचे नौकरी के स्थान, अंतिम तिथि और आवेदन प्रक्रिया की जांच कर सकते हैं। NIT Rourkela ने Rourkela में Junior Research Fellow पद की रिक्ति के लिए एक अधिसूचना जारी की है। उम्मीदवार यहां स्थान विवरण प्राप्त कर सकते हैं और NIT Rourkela भर्ती दो हज़ार तेईस के लिए आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार जो NIT Rourkela भर्ती दो हज़ार तेईस के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे ध्यान दें कि आवेदन करने की अंतिम तिथि बारह जून दो हज़ार तेईस है। एक बार उम्मीदवारों का चयन हो जाने के बाद उन्हें NIT Rourkela Rourkela में Junior Research Fellow के रूप में रखा जाएगा। How to apply for NIT Rourkela Recruitment दो हज़ार तेईस?
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जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद ने कहा है कि पाकिस्तान से अपनी दुश्मनी में अमेरिका भारत से 'आगे निकल' गया है और उसके परमाणु कार्यक्रम को नुकसान पहुंचाना चाहता है। सईद ने चाउबुर्जी में जमात उद दावा मुख्यालय में जमात उद दावा के सहायक संगठन फलाहे इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ अपनी दुश्मनी में अमेरिका भारत से 'आगे निकल' गया है। उसने यह जांचने को बलूचिस्तान में तालिबान प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर को मारने के लिए ड्रोन हमला किया कि पाकिस्तान कोई प्रतिक्रिया करता है या नहीं।
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जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद ने कहा है कि पाकिस्तान से अपनी दुश्मनी में अमेरिका भारत से 'आगे निकल' गया है और उसके परमाणु कार्यक्रम को नुकसान पहुंचाना चाहता है। सईद ने चाउबुर्जी में जमात उद दावा मुख्यालय में जमात उद दावा के सहायक संगठन फलाहे इंसानियत फाउंडेशन सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ अपनी दुश्मनी में अमेरिका भारत से 'आगे निकल' गया है। उसने यह जांचने को बलूचिस्तान में तालिबान प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर को मारने के लिए ड्रोन हमला किया कि पाकिस्तान कोई प्रतिक्रिया करता है या नहीं। Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
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बदरवास। जिले के बदरवास के ग्राम ईसरी में रहने वाले महेंद्र पुत्र जगन्नाथ यादव की कल दुर्घटना में मौत हो गई थी। 8 दिन पहले ही उनकी पत्नि ने शादी के 17 साल बाद दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। मृतक महेंद्र यादव की शादी 17 साल पहले हुई थी और शादी के बाद दोनों पति पत्नि संतान सुख के लिए तरस रहे थे।
लेकिन 8 दिन पहले जब महेंद्र की पत्नि ने एक पुत्र और एक पुत्री को जन्म दिया तो परिवार की खुशी का कोई अंत नहीं था। जमकर जश्न मनाया गया और दष्टौन की तैयारियां जोरशोर से की जा रही थीं, परंतु ईश्वर को तो कुछ और ही मंजूर था। 8 दिन बाद ही गांव से बदरवास आ रहे महेंद्र की एक सडक़ हादसे में मौत हो गई।
मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल निर्मित हो गया है और सभी तैयारियां धरी रह गईं। इस प्रकार जन्म लेने के 8 दिन बाद ही दोनों मासूमों ने अपने पिता को और मां ने अपने पति को खो दिया।
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बदरवास। जिले के बदरवास के ग्राम ईसरी में रहने वाले महेंद्र पुत्र जगन्नाथ यादव की कल दुर्घटना में मौत हो गई थी। आठ दिन पहले ही उनकी पत्नि ने शादी के सत्रह साल बाद दो जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। मृतक महेंद्र यादव की शादी सत्रह साल पहले हुई थी और शादी के बाद दोनों पति पत्नि संतान सुख के लिए तरस रहे थे। लेकिन आठ दिन पहले जब महेंद्र की पत्नि ने एक पुत्र और एक पुत्री को जन्म दिया तो परिवार की खुशी का कोई अंत नहीं था। जमकर जश्न मनाया गया और दष्टौन की तैयारियां जोरशोर से की जा रही थीं, परंतु ईश्वर को तो कुछ और ही मंजूर था। आठ दिन बाद ही गांव से बदरवास आ रहे महेंद्र की एक सडक़ हादसे में मौत हो गई। मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल निर्मित हो गया है और सभी तैयारियां धरी रह गईं। इस प्रकार जन्म लेने के आठ दिन बाद ही दोनों मासूमों ने अपने पिता को और मां ने अपने पति को खो दिया।
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हैदराबाद के फार्मा कंपनियों का दौरा करने वाले विदेशी दूतों ने शोध को 'प्रभावशाली' बताया!
सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक के वैक्सीन के आपातकालिक इस्तेमाल को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए खारिज करने की फेक न्यूज का विभाग ने खंडन किया है।
सिंघु बॉर्डर पर चल रही किसानों की बैठक से यह जानकारी मिल रही है कि सभी नेताओं ने एक स्वर में सरकार के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है।
संगारेड्डी पुलिस ने एक पत्रकार को कथित रूप से धमकाने और गाली देने के लिए टीआरएस पाटनचेरू के विधायक जी महिपाल रेड्डी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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हैदराबाद के फार्मा कंपनियों का दौरा करने वाले विदेशी दूतों ने शोध को 'प्रभावशाली' बताया! सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक के वैक्सीन के आपातकालिक इस्तेमाल को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए खारिज करने की फेक न्यूज का विभाग ने खंडन किया है। सिंघु बॉर्डर पर चल रही किसानों की बैठक से यह जानकारी मिल रही है कि सभी नेताओं ने एक स्वर में सरकार के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया है। संगारेड्डी पुलिस ने एक पत्रकार को कथित रूप से धमकाने और गाली देने के लिए टीआरएस पाटनचेरू के विधायक जी महिपाल रेड्डी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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शेफाली वर्मा ने लॉन्ग ऑन पर बेथ मूनी का एक आसान कैच छोड़ा, जब वह 32 रन पर थीं। तीन गिराए गए अवसरों के अलावा, बड़ी संख्या में मिसफिल्ड थे, जो ऑस्ट्रेलिया को 172/4 तक ले गए। गेंदबाजी रणनीति से अंजुम निराश दिखी.
उन्होंने कहा, हम हर विभाग में कमतर रहे। मुझे लगता है कि यह अच्छा था कि ऑस्ट्रेलिया पहले बल्लेबाजी कर रहा था. इसने भारत को रनों का पीछा करने का मौका दिया. लेकिन मैं उनकी गेंदबाजी रणनीति को नहीं समझ पाईं क्योंकि धीमा विकेट था, जिस पर बल्लेबाजी करना मुश्किल था. लेकिन अगर हर गेंदबाज इस तरह से गेंदबाजी करेगा तो वे विकेट कैसे लेंगे?
इसे गेंदबाजी रणनीति के रूप में लेते हुए, फिल्डिंग के मामले में कोई समर्थन नहीं मिला - इसे शीर्ष पर होना चाहिए. उन्होंने बहुत सारे सीधे कैच छोड़े, और अगर हम शेफाली वर्मा के बारे में बात करते हैं, तो उन्हें बहुत अधिक सुधार करने की आवश्यकता है, क्योंकि युवा खिलाड़ियों से उम्मीद की जाती है कि वे इन महत्वपूर्ण क्षणों में अच्छी तरह से क्षेत्ररक्षण करें.
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शेफाली वर्मा ने लॉन्ग ऑन पर बेथ मूनी का एक आसान कैच छोड़ा, जब वह बत्तीस रन पर थीं। तीन गिराए गए अवसरों के अलावा, बड़ी संख्या में मिसफिल्ड थे, जो ऑस्ट्रेलिया को एक सौ बहत्तर/चार तक ले गए। गेंदबाजी रणनीति से अंजुम निराश दिखी. उन्होंने कहा, हम हर विभाग में कमतर रहे। मुझे लगता है कि यह अच्छा था कि ऑस्ट्रेलिया पहले बल्लेबाजी कर रहा था. इसने भारत को रनों का पीछा करने का मौका दिया. लेकिन मैं उनकी गेंदबाजी रणनीति को नहीं समझ पाईं क्योंकि धीमा विकेट था, जिस पर बल्लेबाजी करना मुश्किल था. लेकिन अगर हर गेंदबाज इस तरह से गेंदबाजी करेगा तो वे विकेट कैसे लेंगे? इसे गेंदबाजी रणनीति के रूप में लेते हुए, फिल्डिंग के मामले में कोई समर्थन नहीं मिला - इसे शीर्ष पर होना चाहिए. उन्होंने बहुत सारे सीधे कैच छोड़े, और अगर हम शेफाली वर्मा के बारे में बात करते हैं, तो उन्हें बहुत अधिक सुधार करने की आवश्यकता है, क्योंकि युवा खिलाड़ियों से उम्मीद की जाती है कि वे इन महत्वपूर्ण क्षणों में अच्छी तरह से क्षेत्ररक्षण करें.
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अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह चुनाव मुंगेरीलाल के हसीन सपने की तरह है, क्योंकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आने के तमाम प्रयास विफल रहने वाले हैं। कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से देश के कई राज्यों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है उसके बाद कांग्रेस की दुकानें सिलसिलेवार तरीके से बंद हो चुकी हैं। अनुराग ठाकुर यहीं नहीं रुके उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को चुनाव होने के बाद कांग्रेस की दुकान पर ताला लगने वाला है।
जिस तरह से शनिवार को कांग्रेस ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया था और उसमे एक चैप्टर सामान्य प्रशासन और प्रशासनिक सुधार था, उसमे कहा गया था कि 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आने पर तमाम शासकीय परिसर में संघ की शाखाओं पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यही नहीं कांग्रेस ने वायदा किया कि सरकारी अधिकारियों को इन शाखाओं में हिस्सा लेने की छूट को भी चुनाव के बाद खत्म किया जाएगा।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मीडिया में बयान दिया कि ऐसा लगता है कि आजकल कांग्रेस का सिर्फ एक ही लक्ष्य है मंदिर नहीं बनने देंगे, शाखा नहीं चलने देंगे, उसके पास ना तो अपना एजेंडा है और ना ही सोच है, उसका काम केवल बीजेपी पर हमला करना है, जनता भी ये बात समझ रही है और वो उसको जरूर जवाब देगी।
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अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह चुनाव मुंगेरीलाल के हसीन सपने की तरह है, क्योंकि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के सत्ता में आने के तमाम प्रयास विफल रहने वाले हैं। कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से देश के कई राज्यों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है उसके बाद कांग्रेस की दुकानें सिलसिलेवार तरीके से बंद हो चुकी हैं। अनुराग ठाकुर यहीं नहीं रुके उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश में अट्ठाईस नवंबर को चुनाव होने के बाद कांग्रेस की दुकान पर ताला लगने वाला है। जिस तरह से शनिवार को कांग्रेस ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया था और उसमे एक चैप्टर सामान्य प्रशासन और प्रशासनिक सुधार था, उसमे कहा गया था कि अट्ठाईस नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आने पर तमाम शासकीय परिसर में संघ की शाखाओं पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यही नहीं कांग्रेस ने वायदा किया कि सरकारी अधिकारियों को इन शाखाओं में हिस्सा लेने की छूट को भी चुनाव के बाद खत्म किया जाएगा। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने मीडिया में बयान दिया कि ऐसा लगता है कि आजकल कांग्रेस का सिर्फ एक ही लक्ष्य है मंदिर नहीं बनने देंगे, शाखा नहीं चलने देंगे, उसके पास ना तो अपना एजेंडा है और ना ही सोच है, उसका काम केवल बीजेपी पर हमला करना है, जनता भी ये बात समझ रही है और वो उसको जरूर जवाब देगी।
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प्रयागराज दक्षिण विधानसभा सीट पर कभी बीजेपी के केशरीनाथ त्रिपाठी का कब्जा हुआ करता था, लेकिन 2007 में बसपा से चुनाव लड़ रहे नंद गोपाल गुप्ता नंदी उन्हें चुनावी शिकस्त देने में सफल हुए थे. वही 2017 के चुनाव में नंदी बीजेपी के टिकट से विधानसभा पहुंचे और योगी सरकार में मंत्री बने.
उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में विधानसभा की 12 सीटें हैं. जिसमें एक प्रयागराज दक्षिण विधानसभा सीट भी शामिल है. इससे अभी तक Allahabad South Assembly Seat के नाम से जाना जाता रहा है. अब बात उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election) 2022 की हो रही है, तो प्रयागराज दक्षिण विधानसभा सीट का जिक्र करना लाजिमी हो जाता है. असल में इस सीट पर लंबे समय तक बीजेपी का कब्जा रहा है, लेकिन इस सीट पर बीजेपी के वर्चस्व को नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने तोड़ा. जिसके बाद नंद गोपाल गुप्ता नंदी (Nand Gopal Gupta Nandi) इस विधानसभा सीट के 'नायक' बने हुए हैं. जिसके तहत इस सीट पर नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने ही 15 साल बाद बीजेपी का कमल खिलाया था.
इस सीट से बीजेपी के दिग्गज नेता केशरी नाथ त्रिपाठी 5 बार विधायक रहे. उन्होंने इस सीट पर अपना आखिरी चुनाव 2002 में जीता. इसके बाद 2007 में बीजेपी के केशरी नाथ त्रिपाठी, कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी और बसपा के नंद गोपाल गुप्ता नंदी के बीच मुकाबला हुआ. जिसमें बसपा के नंदी 14 हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज करने में सफल हुए. जिसके बाद वह मायावती सरकार में मंत्री बने. 2012 के चुनाव में एक बार फिर बीजेपी के केशरी नाथ त्रिपाठी, बसपा के नंद गोपाल गुप्ता नंदी और सपा के परवेज अहमट टंकी के बीच मुकाबला हुआ. इस चुनाव में नंद गोपाल गुप्ता नंदी हार गए, 379 मतों के अंतर से सपा के परवेज अहमद टंकी ने उन्हें शिकस्त दी.
नंद गोपाल नंदी का इसके बाद बसपा से नाता टूट गया और 2014 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा. जिसमें भी वह असफल रहे. इसके बाद 2016 में नंद गोपाल नंदी ने बीजेपी का दामन थाम लिया और 2017 का चुनाव नंदी ने बीजेपी के टिकट से लड़ा. इस चुनाव में उनका मुकाबला फिर हाजी परवेज अहमद टंकी से हुआ. जिसमें इस बार नंदी ने टंकी को 28 हजार वोटों से शिकस्त दी. इसके बाद नंदी योगी सरकार में मंत्री बनाए गए.
प्रयागराज जिले की अन्य 11 विधानसभा सीटों के साथ ही प्रयागराज दक्षिण विधानसभा सीट पर भी 27 फरवरी को मतदान होना है. इस चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए बीजेपी ने एक बार फिर नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर भरोसा जताया है. जबकि सपा ने रईश चन्द्र शुक्ला को साइकिल का सिंबल दिया है. जबकि बसपा के टिकट पर देवेंद्र मिश्र नगरहा मैदान में हैं. वहीं कांग्रेस ने अल्पना निषाद को अपना उम्मीदवार बनाया है.
प्रयागराज विधानसभा सीट के सामाजिक ताने-बाने की बात करें तो इस सीट पर व्यापारी वर्ग की अधिकता है. इसके साथ ही मुस्लिम कायस्थ, खत्री, ब्राह्मण, दलित मतदाताओं की संख्या भी अधिक है. एक आंकड़े के अनुसार इस सीट पर 4 लाख से अधिक मतदाता हैं. जिसमें बनिया वर्ग के मतदाताओं की संख्या अधिक है.
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प्रयागराज दक्षिण विधानसभा सीट पर कभी बीजेपी के केशरीनाथ त्रिपाठी का कब्जा हुआ करता था, लेकिन दो हज़ार सात में बसपा से चुनाव लड़ रहे नंद गोपाल गुप्ता नंदी उन्हें चुनावी शिकस्त देने में सफल हुए थे. वही दो हज़ार सत्रह के चुनाव में नंदी बीजेपी के टिकट से विधानसभा पहुंचे और योगी सरकार में मंत्री बने. उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज में विधानसभा की बारह सीटें हैं. जिसमें एक प्रयागराज दक्षिण विधानसभा सीट भी शामिल है. इससे अभी तक Allahabad South Assembly Seat के नाम से जाना जाता रहा है. अब बात उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव दो हज़ार बाईस की हो रही है, तो प्रयागराज दक्षिण विधानसभा सीट का जिक्र करना लाजिमी हो जाता है. असल में इस सीट पर लंबे समय तक बीजेपी का कब्जा रहा है, लेकिन इस सीट पर बीजेपी के वर्चस्व को नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने तोड़ा. जिसके बाद नंद गोपाल गुप्ता नंदी इस विधानसभा सीट के 'नायक' बने हुए हैं. जिसके तहत इस सीट पर नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने ही पंद्रह साल बाद बीजेपी का कमल खिलाया था. इस सीट से बीजेपी के दिग्गज नेता केशरी नाथ त्रिपाठी पाँच बार विधायक रहे. उन्होंने इस सीट पर अपना आखिरी चुनाव दो हज़ार दो में जीता. इसके बाद दो हज़ार सात में बीजेपी के केशरी नाथ त्रिपाठी, कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी और बसपा के नंद गोपाल गुप्ता नंदी के बीच मुकाबला हुआ. जिसमें बसपा के नंदी चौदह हजार से अधिक मतों से जीत दर्ज करने में सफल हुए. जिसके बाद वह मायावती सरकार में मंत्री बने. दो हज़ार बारह के चुनाव में एक बार फिर बीजेपी के केशरी नाथ त्रिपाठी, बसपा के नंद गोपाल गुप्ता नंदी और सपा के परवेज अहमट टंकी के बीच मुकाबला हुआ. इस चुनाव में नंद गोपाल गुप्ता नंदी हार गए, तीन सौ उन्यासी मतों के अंतर से सपा के परवेज अहमद टंकी ने उन्हें शिकस्त दी. नंद गोपाल नंदी का इसके बाद बसपा से नाता टूट गया और दो हज़ार चौदह में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा. जिसमें भी वह असफल रहे. इसके बाद दो हज़ार सोलह में नंद गोपाल नंदी ने बीजेपी का दामन थाम लिया और दो हज़ार सत्रह का चुनाव नंदी ने बीजेपी के टिकट से लड़ा. इस चुनाव में उनका मुकाबला फिर हाजी परवेज अहमद टंकी से हुआ. जिसमें इस बार नंदी ने टंकी को अट्ठाईस हजार वोटों से शिकस्त दी. इसके बाद नंदी योगी सरकार में मंत्री बनाए गए. प्रयागराज जिले की अन्य ग्यारह विधानसभा सीटों के साथ ही प्रयागराज दक्षिण विधानसभा सीट पर भी सत्ताईस फरवरी को मतदान होना है. इस चुनाव में जीत दर्ज करने के लिए बीजेपी ने एक बार फिर नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर भरोसा जताया है. जबकि सपा ने रईश चन्द्र शुक्ला को साइकिल का सिंबल दिया है. जबकि बसपा के टिकट पर देवेंद्र मिश्र नगरहा मैदान में हैं. वहीं कांग्रेस ने अल्पना निषाद को अपना उम्मीदवार बनाया है. प्रयागराज विधानसभा सीट के सामाजिक ताने-बाने की बात करें तो इस सीट पर व्यापारी वर्ग की अधिकता है. इसके साथ ही मुस्लिम कायस्थ, खत्री, ब्राह्मण, दलित मतदाताओं की संख्या भी अधिक है. एक आंकड़े के अनुसार इस सीट पर चार लाख से अधिक मतदाता हैं. जिसमें बनिया वर्ग के मतदाताओं की संख्या अधिक है.
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रॉयल एनफील्ड Hunter 350: स्क्रैम 411 के उपरांत Royal Enfield इंडियन मार्केट में नई हंटर 350 मोटरसाइकिल लॉन्च करने जा रही है. यह बाइक, Meteor 350 पर बेस्ड होगी. ये बाइक ऑफ-रोडिंग के लिए बेस्ट होने वाली है.
न्यू-जेन KTM RC390: RC200 इंडिया में पहले ही लॉन्च कर दी गई है. नई जेनरेशन की KTM RC 390 भी जल्द ही इंडियन मार्केट में लॉन्च के लिए तैयार है. न्यू-जेन अपडेट के उपरांत बाइक को एक नया आउट डिजाइन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट पैनल और कई एडवांस फीचर्स के साथ लॉन्च की जाने वाली है. लॉन्च होने पर इसकी कीमत मौजूदा मॉडल से थोड़ा अधिक होने वाला है.
डुकाटी स्ट्रीटफाइटर V2: डुकाटी स्ट्रीटफाइटर V2 बहुत जल्द इंडियन में लॉन्च भी की जा सकती है. यह बाइक पहली बार नवंबर 2021 में सामने आई थी. यह पैनिगेल V2 के समान प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती है. इसमें आपको 955cc का इंजन देखने को मिल सकता है, जो सुपरक्वाड्रो का उपयोग करती है.
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रॉयल एनफील्ड Hunter तीन सौ पचास: स्क्रैम चार सौ ग्यारह के उपरांत Royal Enfield इंडियन मार्केट में नई हंटर तीन सौ पचास मोटरसाइकिल लॉन्च करने जा रही है. यह बाइक, Meteor तीन सौ पचास पर बेस्ड होगी. ये बाइक ऑफ-रोडिंग के लिए बेस्ट होने वाली है. न्यू-जेन KTM RCतीन सौ नब्बे: RCदो सौ इंडिया में पहले ही लॉन्च कर दी गई है. नई जेनरेशन की KTM RC तीन सौ नब्बे भी जल्द ही इंडियन मार्केट में लॉन्च के लिए तैयार है. न्यू-जेन अपडेट के उपरांत बाइक को एक नया आउट डिजाइन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट पैनल और कई एडवांस फीचर्स के साथ लॉन्च की जाने वाली है. लॉन्च होने पर इसकी कीमत मौजूदा मॉडल से थोड़ा अधिक होने वाला है. डुकाटी स्ट्रीटफाइटर Vदो: डुकाटी स्ट्रीटफाइटर Vदो बहुत जल्द इंडियन में लॉन्च भी की जा सकती है. यह बाइक पहली बार नवंबर दो हज़ार इक्कीस में सामने आई थी. यह पैनिगेल Vदो के समान प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती है. इसमें आपको नौ सौ पचपनcc का इंजन देखने को मिल सकता है, जो सुपरक्वाड्रो का उपयोग करती है.
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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने राजनीति में आने के अपने ऐलान के साथ आगे की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। प्रशांत किशोर अगर राजनीतिक पार्टी बनाते हैं तो सक्रिय राजनीति में यह उनकी दूसरी पारी होगी। पिछली पारी में जदयू के साथ जुड़ने के बाद उन्होंने छात्रों को अपने साथ जोड़ने का प्रयास किया था। इस बार भी किसी औपचारिक ऐलान से पहले प्रशांत किशोर पटना विश्वविद्यालय के वर्तमान और पुराने छात्र नेताओं से मिल रहे हैं।
दो दिनों से लगातार वे अलग-अलग छात्र नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। बैठक में चर्चा का केंद्र बिहार की वर्तमान शिक्षा, स्वास्थ्य के अलावा भ्रष्टाचार पर प्रहार के साथ राजनीतिक विकल्प रहे हैं। मंगलवार को छात्र नेताओं के साथ हुई बैठक में पटना विवि के कई छात्र नेता शामिल हुए। इसमें छात्रसंघ चुनाव लड़ चुके पुष्कर, ओसामा खुर्शीद भी बैठक में शामिल थे।
इसके अलावा छात्र लोजपा रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष संजीव सरदार, द ग्रेट भीम आर्मी के बिहार अध्यक्ष अमर आजाद, एनएसयूआई से जुड़े वाल्मीकि यादव के अलावा अजय यादव, नीतीश जैसे छात्र नेता शामिल रहे।
पटना विवि का छात्र संघ चुनाव वैसे तो राजनीतिक झंडे-बैनर से अलग है, लेकिन 2018 में हुए चुनाव में प्रशांत किशोर की मौजूदगी ने अलग माहौल बना दिया था। तब प्रशांत जदयू से जुड़े थे और उनकी पूरी टीम छात्र जदयू के पैनल के लिए काम कर रही थी। चुनाव के दो दिन पहले प्रशांत किशोर तत्कालीन कुलपति से मिलने उनके आवास पर पहुंच भी गए थे और इसके बाद जमकर बवाल हुआ था।
हालांकि पूरी कन्ट्रोवर्सी में पटना विवि छात्र संघ में पहली बार छात्र जदयू के अध्यक्ष पद पर मोहित प्रकाश और कोषाध्यक्ष पद पर सत्यम कुमार जीते थे। इस बार फिर प्रशांत किशोर ने अपने सक्रिय राजनीति की औपचारिक शुरुआत से पहले पटना विवि के छात्र नेताओं को जोड़ने का प्रयास किया है। इसके अलावा प्रशांत किशोर आईआईएम के एलुमिनाई कौशलेंद्र से भी मिले। वे बिहार में सब्जियों की ब्रॉन्डिंग पर काम कर रहे हैं।
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चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने राजनीति में आने के अपने ऐलान के साथ आगे की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। प्रशांत किशोर अगर राजनीतिक पार्टी बनाते हैं तो सक्रिय राजनीति में यह उनकी दूसरी पारी होगी। पिछली पारी में जदयू के साथ जुड़ने के बाद उन्होंने छात्रों को अपने साथ जोड़ने का प्रयास किया था। इस बार भी किसी औपचारिक ऐलान से पहले प्रशांत किशोर पटना विश्वविद्यालय के वर्तमान और पुराने छात्र नेताओं से मिल रहे हैं। दो दिनों से लगातार वे अलग-अलग छात्र नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। बैठक में चर्चा का केंद्र बिहार की वर्तमान शिक्षा, स्वास्थ्य के अलावा भ्रष्टाचार पर प्रहार के साथ राजनीतिक विकल्प रहे हैं। मंगलवार को छात्र नेताओं के साथ हुई बैठक में पटना विवि के कई छात्र नेता शामिल हुए। इसमें छात्रसंघ चुनाव लड़ चुके पुष्कर, ओसामा खुर्शीद भी बैठक में शामिल थे। इसके अलावा छात्र लोजपा रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष संजीव सरदार, द ग्रेट भीम आर्मी के बिहार अध्यक्ष अमर आजाद, एनएसयूआई से जुड़े वाल्मीकि यादव के अलावा अजय यादव, नीतीश जैसे छात्र नेता शामिल रहे। पटना विवि का छात्र संघ चुनाव वैसे तो राजनीतिक झंडे-बैनर से अलग है, लेकिन दो हज़ार अट्ठारह में हुए चुनाव में प्रशांत किशोर की मौजूदगी ने अलग माहौल बना दिया था। तब प्रशांत जदयू से जुड़े थे और उनकी पूरी टीम छात्र जदयू के पैनल के लिए काम कर रही थी। चुनाव के दो दिन पहले प्रशांत किशोर तत्कालीन कुलपति से मिलने उनके आवास पर पहुंच भी गए थे और इसके बाद जमकर बवाल हुआ था। हालांकि पूरी कन्ट्रोवर्सी में पटना विवि छात्र संघ में पहली बार छात्र जदयू के अध्यक्ष पद पर मोहित प्रकाश और कोषाध्यक्ष पद पर सत्यम कुमार जीते थे। इस बार फिर प्रशांत किशोर ने अपने सक्रिय राजनीति की औपचारिक शुरुआत से पहले पटना विवि के छात्र नेताओं को जोड़ने का प्रयास किया है। इसके अलावा प्रशांत किशोर आईआईएम के एलुमिनाई कौशलेंद्र से भी मिले। वे बिहार में सब्जियों की ब्रॉन्डिंग पर काम कर रहे हैं। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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मुरादाबाद। रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में बुधवार को गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इस कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में गवाह को 17 अक्तूबर को पेश होने के आदेश दिए हैं।
कटघर थाना क्षेत्र स्थित मुस्लिम डिग्री कॉलेज में जून 2019 को सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। आरोप है कि कार्यक्रम में रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी की गई थी। इस मामले में मुरादाबाद के सपा सांसद डॉ. एसटी हसन, रामपुर के सपा विधायक आजम खां, स्वार टांडा विधानसभा से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम, रामपुर के पूर्व चेयरमैन अजहर अहमद खान, फिरोज खां, आयोजक मोहम्मद आरिफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट एसीजेएम चतुर्थ स्मिता गोस्वामी की कोर्ट में की जा रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि इस मुकदमे में बुधवार को वादी पक्ष की ओर से गवाही होनी थी लेकिन गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। जिस कारण सुनवाई टल गई। अब इस मामले में 17 अक्तूबर लगाते हुए गवाह को भी तलब किया गया है।
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मुरादाबाद। रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में बुधवार को गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इस कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में गवाह को सत्रह अक्तूबर को पेश होने के आदेश दिए हैं। कटघर थाना क्षेत्र स्थित मुस्लिम डिग्री कॉलेज में जून दो हज़ार उन्नीस को सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। आरोप है कि कार्यक्रम में रामपुर की पूर्व सांसद एवं अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी की गई थी। इस मामले में मुरादाबाद के सपा सांसद डॉ. एसटी हसन, रामपुर के सपा विधायक आजम खां, स्वार टांडा विधानसभा से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम, रामपुर के पूर्व चेयरमैन अजहर अहमद खान, फिरोज खां, आयोजक मोहम्मद आरिफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले की सुनवाई एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट एसीजेएम चतुर्थ स्मिता गोस्वामी की कोर्ट में की जा रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई ने बताया कि इस मुकदमे में बुधवार को वादी पक्ष की ओर से गवाही होनी थी लेकिन गवाह कोर्ट में पेश नहीं हुआ। जिस कारण सुनवाई टल गई। अब इस मामले में सत्रह अक्तूबर लगाते हुए गवाह को भी तलब किया गया है।
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Bareilly Bhojipura Vidhan Sabha Chunav: उत्तर प्रदेश के बरेली की भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 1957 में हुआ था. 1993 में यह सीट पहली बार सपा ने जीती थी. 1996 में भाजपा के बहोरन लाल मौर्य ने जीत हासिल की. 2002 के चुनाव में फिर सपा के वीरेंद्र सिंह गंगवार जीते. जबकि, 2007 में पहली बार बसपा का हाथी दौड़ा. यहां से शाजिल इस्लाम जीतकर मंत्री बने थे. वो 2012 में बसपा से टिकट कटने के बाद निर्दलीय लड़े थे. वो फिर विधायक चुने गए.
2017 के चुनाव में भाजपा के भैरो लाल मौर्य ने एक बार जीत हासिल की. इस चुनाव में सपा के टिकट पर लड़ने वाले शाजिल इस्लाम हार गए. भोजीपुरा विधानसभा सीट पर 14 फरवरी को मतदान होने वाला है.
भैरो लाल मौर्य दूसरी बार विधायक बने हैं.
वो 1996 में चुनाव जीतकर राजस्व राज्य मंत्री बने थे.
उन्होंने 1996 के चुनाव में पूर्व मंत्री भानुप्रताप सिंह और हरीश कुमार को चुनाव हराया था.
वो ग्रेजुएट हैं.
जातिगत आंकड़े (अनुमानित)
बिजली, सड़क और पेयजल की समस्या है.
अधिकांश फैक्ट्री बंद हो चुकी हैं.
रोजगार के लिए युवाओं का पलायन जारी.
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Bareilly Bhojipura Vidhan Sabha Chunav: उत्तर प्रदेश के बरेली की भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव एक हज़ार नौ सौ सत्तावन में हुआ था. एक हज़ार नौ सौ तिरानवे में यह सीट पहली बार सपा ने जीती थी. एक हज़ार नौ सौ छियानवे में भाजपा के बहोरन लाल मौर्य ने जीत हासिल की. दो हज़ार दो के चुनाव में फिर सपा के वीरेंद्र सिंह गंगवार जीते. जबकि, दो हज़ार सात में पहली बार बसपा का हाथी दौड़ा. यहां से शाजिल इस्लाम जीतकर मंत्री बने थे. वो दो हज़ार बारह में बसपा से टिकट कटने के बाद निर्दलीय लड़े थे. वो फिर विधायक चुने गए. दो हज़ार सत्रह के चुनाव में भाजपा के भैरो लाल मौर्य ने एक बार जीत हासिल की. इस चुनाव में सपा के टिकट पर लड़ने वाले शाजिल इस्लाम हार गए. भोजीपुरा विधानसभा सीट पर चौदह फरवरी को मतदान होने वाला है. भैरो लाल मौर्य दूसरी बार विधायक बने हैं. वो एक हज़ार नौ सौ छियानवे में चुनाव जीतकर राजस्व राज्य मंत्री बने थे. उन्होंने एक हज़ार नौ सौ छियानवे के चुनाव में पूर्व मंत्री भानुप्रताप सिंह और हरीश कुमार को चुनाव हराया था. वो ग्रेजुएट हैं. जातिगत आंकड़े बिजली, सड़क और पेयजल की समस्या है. अधिकांश फैक्ट्री बंद हो चुकी हैं. रोजगार के लिए युवाओं का पलायन जारी.
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ध्यान और उत्साह भौतिक पदार्थों को जुटाने और प्रयोग करने में लगा हुआ है तथा उन वस्तुओं के प्राप्त करने में लगा हुआ है जो हमारे निकट हैं । व्यावहारिक अनुभव और कला विशेष की ओर अत्यधिक ध्यान देना सभ्यता के इतिहास में द्वितीय है। इससे मानव जाति का बड़ा लाभ हुआ है। यह निस्सन्देह सत्य है । लेकिन जो लोग वर्णनात्मक विज्ञान ( Descriptive Sciences ) और उसके साधनों को उपयोग में लाते हैं उन्हें भी वैज्ञानिक ज्ञान और उसके मूल्य की सीमा के सम्बन्ध में प्रश्न करने पड़ते हैं । प्रकृति पर अधिकार करने में वैज्ञानिक सिद्धान्तों से लाभ पहुँचता है परन्तु उनसे सत्य का ज्ञान नहीं प्राप्त होता । एलेक्टोन और प्रोटोन से सत्य के रहस्य का पता नहीं लगता । इसके अतिरिक्त आत्मा और परमात्मा को गरिणत के समीकरण के रूप में भी नहीं प्रकट किया जा सकता । हमारे गम्भीर विश्वास जिनके लिये हम कभी-कभी प्रारण तक दे देते हैं बौद्धिक -गरणना के परिणाम नहीं हैं । व्यक्तिगत जीवन के निर्णयात्मक अनुभव सूत्र रूप में नहीं जाने जा सकते । वैज्ञानिक हेतुवाद तक इस प्रकार की अनुभूतियों की यथार्थता तथा वैज्ञानिक ज्ञान की अपूर्णता को स्वीकार करता है । इस प्रकार का ज्ञान यह बतलाता है कि हमारे मस्तिष्क का निर्माण ऐसा नहीं हुआ है कि अन्तर्ज्ञान द्वारा यथार्थ का अनुभव ही न कर सकें ।
हिन्दू-दर्शन निरन्तर यह कहता रहा है कि यद्यपि मनुष्य सत्य तक पहुँच सकता है परन्तु उसका ज्ञान विश्लेष णात्मक बुद्धि से नहीं हो सकता । प्लैटो, प्लौटिनस, सेन्ट पाल, सेन्ट आगस्टिन, लूथर और पैस्कल आदि अनेक विचारकों ने हिन्दू दार्शनिकों के इस विचार का समर्थन किया है। वर्तमान वैज्ञानिकों का यह कथन कि संसार में निरन्तर अद्भुत घट
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ध्यान और उत्साह भौतिक पदार्थों को जुटाने और प्रयोग करने में लगा हुआ है तथा उन वस्तुओं के प्राप्त करने में लगा हुआ है जो हमारे निकट हैं । व्यावहारिक अनुभव और कला विशेष की ओर अत्यधिक ध्यान देना सभ्यता के इतिहास में द्वितीय है। इससे मानव जाति का बड़ा लाभ हुआ है। यह निस्सन्देह सत्य है । लेकिन जो लोग वर्णनात्मक विज्ञान और उसके साधनों को उपयोग में लाते हैं उन्हें भी वैज्ञानिक ज्ञान और उसके मूल्य की सीमा के सम्बन्ध में प्रश्न करने पड़ते हैं । प्रकृति पर अधिकार करने में वैज्ञानिक सिद्धान्तों से लाभ पहुँचता है परन्तु उनसे सत्य का ज्ञान नहीं प्राप्त होता । एलेक्टोन और प्रोटोन से सत्य के रहस्य का पता नहीं लगता । इसके अतिरिक्त आत्मा और परमात्मा को गरिणत के समीकरण के रूप में भी नहीं प्रकट किया जा सकता । हमारे गम्भीर विश्वास जिनके लिये हम कभी-कभी प्रारण तक दे देते हैं बौद्धिक -गरणना के परिणाम नहीं हैं । व्यक्तिगत जीवन के निर्णयात्मक अनुभव सूत्र रूप में नहीं जाने जा सकते । वैज्ञानिक हेतुवाद तक इस प्रकार की अनुभूतियों की यथार्थता तथा वैज्ञानिक ज्ञान की अपूर्णता को स्वीकार करता है । इस प्रकार का ज्ञान यह बतलाता है कि हमारे मस्तिष्क का निर्माण ऐसा नहीं हुआ है कि अन्तर्ज्ञान द्वारा यथार्थ का अनुभव ही न कर सकें । हिन्दू-दर्शन निरन्तर यह कहता रहा है कि यद्यपि मनुष्य सत्य तक पहुँच सकता है परन्तु उसका ज्ञान विश्लेष णात्मक बुद्धि से नहीं हो सकता । प्लैटो, प्लौटिनस, सेन्ट पाल, सेन्ट आगस्टिन, लूथर और पैस्कल आदि अनेक विचारकों ने हिन्दू दार्शनिकों के इस विचार का समर्थन किया है। वर्तमान वैज्ञानिकों का यह कथन कि संसार में निरन्तर अद्भुत घट
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DESK. देश में सबसे अमीर मुख्यमंत्री कौन हैं? इस सवाल का जवाब एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताजा रिपोर्ट में सामने आया है जिसमें देश के मुख्यमंत्रियों की संपत्ति का खुलासा किया गया है। इसके अनुसार आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी देश के सबसे धनी मुख्यमंत्री हैं। जगन मोहन रेड्डी की कुल संपत्ति 510 करोड़ रुपए है। वहीं ममता बनर्जी ही इकलौती मुख्यमंत्री हैं, जो करोड़पति भी नहीं हैं।
एडीआर की रिपोर्ट बताती है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी राव के पर सबसे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, इनमें से कई केस वित्तीय अनियमितता से भी जुड़े हैं। ममता बनर्जी की संपत्ति सिर्फ 15 लाख रुपए है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की संपत्ति 1. 2 करोड़ है जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की कुल संपत्ति 1. 3 करोड़ रुपए है।
एडीआर ने देश के कुल 30 मुख्यमंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा दिया है। इनमें सिर्फ ममता बनर्जी हैं, जो करोड़पति नहीं हैं। वहीं 29 मुख्यमंत्री करोड़पति हैं। सभी मुख्यमंत्रियों की औसत संपत्ति निकाली जाए तो यह करीब 34 करोड़ रुपए प्रति मुख्यमंत्री होगी। यह ब्यौरा 28 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के सीएम द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए ब्यौरे पर आधारित है।
एडीआर की रिपोर्ट बताती है कि अरूणाचल प्रदेश के सीएम प्रेमा खांडू इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं और उनकी संपत्ति 163 करोड़ रुपए है। वहीं ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की संपत्ति 63 करोड़ और तेलंगाना के केसीआर की संपत्ति 23 करोड़ रुपए है। पटनायक की ज्यादातर संपत्ति अचल है। 76 साल के बैचलर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नाम 3 प्रॉपर्टी है। पिछले साल जगन मोहन रेड्डी की संपत्ति 373 करोड़ आंकी गई थी। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दिल्ली के अरविंद केजरीवाल दोनों के पास 3 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है।
केसीआर पर 64 क्रिमिनल केस : तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर पर कुल 64 क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें से 37 गंभीर अपराध के मामले हैं। वे पहले व्यक्ति हैं जब सीएम बने तो उनपर सबसे ज्यादा मुकदमे दर्ज रहे। हालांकि यह भी सच है कि इनमें से ज्यादातर केस उस वक्त दर्ज किए गए थे, जब वे तेलंगाना को अलग राज्य बनाने की मांग पर प्रदर्शन कर रहे थे। केसीआर के बाद तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन पर सबसे ज्यादा मामले दर्ज हैं। स्टालिन पर कुल 47 केस दर्ज हैं।
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DESK. देश में सबसे अमीर मुख्यमंत्री कौन हैं? इस सवाल का जवाब एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की ताजा रिपोर्ट में सामने आया है जिसमें देश के मुख्यमंत्रियों की संपत्ति का खुलासा किया गया है। इसके अनुसार आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी देश के सबसे धनी मुख्यमंत्री हैं। जगन मोहन रेड्डी की कुल संपत्ति पाँच सौ दस करोड़ रुपए है। वहीं ममता बनर्जी ही इकलौती मुख्यमंत्री हैं, जो करोड़पति भी नहीं हैं। एडीआर की रिपोर्ट बताती है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी राव के पर सबसे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, इनमें से कई केस वित्तीय अनियमितता से भी जुड़े हैं। ममता बनर्जी की संपत्ति सिर्फ पंद्रह लाख रुपए है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की संपत्ति एक. दो करोड़ है जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की कुल संपत्ति एक. तीन करोड़ रुपए है। एडीआर ने देश के कुल तीस मुख्यमंत्रियों की संपत्ति का ब्यौरा दिया है। इनमें सिर्फ ममता बनर्जी हैं, जो करोड़पति नहीं हैं। वहीं उनतीस मुख्यमंत्री करोड़पति हैं। सभी मुख्यमंत्रियों की औसत संपत्ति निकाली जाए तो यह करीब चौंतीस करोड़ रुपए प्रति मुख्यमंत्री होगी। यह ब्यौरा अट्ठाईस राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के सीएम द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए ब्यौरे पर आधारित है। एडीआर की रिपोर्ट बताती है कि अरूणाचल प्रदेश के सीएम प्रेमा खांडू इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं और उनकी संपत्ति एक सौ तिरेसठ करोड़ रुपए है। वहीं ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की संपत्ति तिरेसठ करोड़ और तेलंगाना के केसीआर की संपत्ति तेईस करोड़ रुपए है। पटनायक की ज्यादातर संपत्ति अचल है। छिहत्तर साल के बैचलर मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के नाम तीन प्रॉपर्टी है। पिछले साल जगन मोहन रेड्डी की संपत्ति तीन सौ तिहत्तर करोड़ आंकी गई थी। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और दिल्ली के अरविंद केजरीवाल दोनों के पास तीन करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। केसीआर पर चौंसठ क्रिमिनल केस : तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर पर कुल चौंसठ क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें से सैंतीस गंभीर अपराध के मामले हैं। वे पहले व्यक्ति हैं जब सीएम बने तो उनपर सबसे ज्यादा मुकदमे दर्ज रहे। हालांकि यह भी सच है कि इनमें से ज्यादातर केस उस वक्त दर्ज किए गए थे, जब वे तेलंगाना को अलग राज्य बनाने की मांग पर प्रदर्शन कर रहे थे। केसीआर के बाद तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन पर सबसे ज्यादा मामले दर्ज हैं। स्टालिन पर कुल सैंतालीस केस दर्ज हैं।
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दो बच्चों के पिता माणिक साहा डेंटल सर्जरी के डॉक्टर हैं और त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हैं। वह अगरतला स्थित बी आर अम्बेडकर मेमोरियल टीचिंग हॉस्पिटल और त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। वह साल 2015 में बीजेपी में शामिल हुए थे।
बिप्लब कुमार देब के इस्तीफा देने के एक दिन बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष माणिक साहा ने त्रिपुरा के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में आज शपथ ले लिया। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने राजभवन में 69 वर्षीय माणिक साहा को शपथ दिलाई। माणिक साहा राज्यसभा के सदस्य हैं। इसके अलावा वह डेंटल सर्जरी के डॉक्टर भी हैं।
माणिक साहा दो बच्चों के पिता हैं और त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर भी हैं। वह अगरतला स्थित बी आर अम्बेडकर मेमोरियल टीचिंग हॉस्पिटल और त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। वह साल 2015 में बीजेपी में शामिल हुए थे और 2021 में राज्य पार्टी अध्यक्ष बने।
बता दें कि 60 सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा का चुनाव जनवरी-फरवरी 2023 में होना है। ऐसे में कहा जा रहा है कि बीजेपी ने चुनाव से आठ महीने पहले साहा को ताज के साथ बड़ी चुनौती भी सौंप दी है। एक दिन पहले अचानक पद से इस्तीफा देने वाले 51 वर्षीय बिप्लब कुमार देब 9 मार्च 2018 को मुख्यमंत्री बने थे। वह वाम मोर्चा को हराकर बीजेपी-आईपीएफटी गठबंधन के जरिए सत्ता में आए थे।
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दो बच्चों के पिता माणिक साहा डेंटल सर्जरी के डॉक्टर हैं और त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर हैं। वह अगरतला स्थित बी आर अम्बेडकर मेमोरियल टीचिंग हॉस्पिटल और त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। वह साल दो हज़ार पंद्रह में बीजेपी में शामिल हुए थे। बिप्लब कुमार देब के इस्तीफा देने के एक दिन बाद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष माणिक साहा ने त्रिपुरा के बारहवें मुख्यमंत्री के रूप में आज शपथ ले लिया। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने राजभवन में उनहत्तर वर्षीय माणिक साहा को शपथ दिलाई। माणिक साहा राज्यसभा के सदस्य हैं। इसके अलावा वह डेंटल सर्जरी के डॉक्टर भी हैं। माणिक साहा दो बच्चों के पिता हैं और त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर भी हैं। वह अगरतला स्थित बी आर अम्बेडकर मेमोरियल टीचिंग हॉस्पिटल और त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं। वह साल दो हज़ार पंद्रह में बीजेपी में शामिल हुए थे और दो हज़ार इक्कीस में राज्य पार्टी अध्यक्ष बने। बता दें कि साठ सदस्यीय त्रिपुरा विधानसभा का चुनाव जनवरी-फरवरी दो हज़ार तेईस में होना है। ऐसे में कहा जा रहा है कि बीजेपी ने चुनाव से आठ महीने पहले साहा को ताज के साथ बड़ी चुनौती भी सौंप दी है। एक दिन पहले अचानक पद से इस्तीफा देने वाले इक्यावन वर्षीय बिप्लब कुमार देब नौ मार्च दो हज़ार अट्ठारह को मुख्यमंत्री बने थे। वह वाम मोर्चा को हराकर बीजेपी-आईपीएफटी गठबंधन के जरिए सत्ता में आए थे।
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(नक्सलियों का दरभा डिवीजन फिर एक्टिव, प्रतीकात्मक तस्वीर)
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में एक बार फिर नक्सलियो की दरभा डिवीजन कमेटी सक्रिय होती नजर आ रही है, पिछले 3से 4 महीनों में दरभा डिवीजन कमेटी के द्वारा संभाग के अलग-अलग जिलों में बड़ी घटनाओ को अंजाम देने का खुलासा होने के साथ ही इस कमेटी में सक्रिय बड़े नक्सलियों का नाम भी सामने आया है. दरअसल नक्सलियों का दरभा डिवीजन कमेटी सबसे मजबूत कमेटी माना जाता रहा है, इसके खात्मे के लिए बस्तर पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान भी चलाया था और दरभा डिवीजन कमेटी के कमजोर होने का दावा भी किया था. पुलिस ने इस कमेटी के बड़े लीडरों को मुठभेड़ो में मार गिराने के साथ ही इस कमेटी में शामिल रहे कई नक्सलियो के सरेंडर करने का दावा भी किया था, लेकिन एक बार फिर अरनपुर में हुए इस साल के सबसे बड़े नक्सली हमले के साथ सुकमा और दंतेवाड़ा इलाके में भी बढ़ रजे वारदातों में दरभा डिवीजन कमेटी का नाम सामने आने से पुलिस के होश उड़ गए हैं.
दरअसल नक्सलियों का दरभा डिवीजन कमेटी नक्सली संगठन में सबसे मजबूत कमेटी माना जाता रहा है. दरभा डिवीजन कमेटी में नक्सली कमांडर, विनोद, शंकर, देवा और ऐसे कई बड़े लीडर है जिन्होंने दरभा डिवीजन को नक्सलियों का सबसे मजबूत डिवीजन बनाया. हालांकि 25 मई 2013 को दरभा झीरम घाटी में हुए सबसे बड़े राजनीतिक नक्सली हमले में दरभा डिवीजन कमेटी के नक्सलियो का नाम सामने आने के बाद बस्तर पुलिस ने इस डिवीजन को कमजोर करने के साथ बड़े नक्सलियों को टारगेट बनाया और लगातार अभियान चलाया और कुछ हद तक सफलता भी मिली.
वहीं साल 2018- 19 में दरभा डिवीजन कमजोर पड़ने का दावा बस्तर पुलिस ने किया. लेकिन 26 अप्रैल को अरनपुर में हुए नक्सली हमले में 10 जवानों की शहादत और दंतेवाड़ा जिले के साथ-साथ सुकमा इलाके में भी लगातार हो रहे नक्सली वारदात में दरभा डिवीजन कमेटी के नक्सलियों का फिर से नाम सामने आ रहा है, इससे बस्तर पुलिस के होश उड़े हुए हैं.
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने दावा किया है कि दरभा डिवीजन कमेटी अब सिमट चुका है. दरभा के कोलेंग, भडरीमहू, चांदामेटा इलाके में खोले गए पुलिस कैम्प से नक्सलियों का ईलाका सिमट चुका है. वहीं पिछले कुछ महीनों से दंतेवाड़ा और सुकमा के सीमाई क्षेत्रों में भी लगातार पुलिस के जवानों का मूवमेंट हैं और यह इलाका भी दरभा डिवीजन में शामिल है.
हाल ही में 2 से 3 नक्सली वारदातों में दरभा डिवीजन कमेटी के सक्रिय नक्सलियों का नाम सामने आ रहा है. लेकिन पुलिस के द्वारा पिछले कुछ सालों से चलाये गए नक्सल विरोधी अभियान में इस डिवीजन को कमजोर करने में पुलिस को सफलता मिली है और यहां सक्रिय कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है. कई नक्सलियों की गिरफ्तारी होने के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में पुलिस ने इस कमेटी में शामिल हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया है. फिलहाल पुलिस इस इलाके में लगातार ऑपरेशन चला रही है और कुछ वारदातों में दरभा डिवीजन कमेटी का नाम सामने आने के बाद उस कमेटी में सक्रिय नक्सलियों का भी पुलिस पता लगा रही है.
गौरतलब है कि बस्तर में दरभा डिवीजन कमेटी के द्वारा पिछले 13 सालों में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया गया है जिसमें 50 से अधिक जवानों की शहादत हुई है. वहीं दरभा झीरम घाटी हमले में 27 कांग्रेसियों की भी मौत हुई है, इस वजह से नक्सली संगठन में दरभा डिवीजन कमेटी को काफी मजबूत कमेटी माना जाता है. फिलहाल बस्तर पुलिस के अधिकारी दावा कर रहे है कि इस इलाके में 6 से अधिक पुलिस कैंप खुलने से इस कमेटी के नक्सली बैकफुट पर हैं और हाल ही में कुछ वारदातों में दरभा डिवीजन कमेटी का नाम सामने आने के बाद पुलिस पूरी तरह से सतर्क है और लगातार अब इस इलाके में एंटी नक्सल ऑपरेशन भी चला रही है, ताकि दरभा डिवीजन कमेटी में सक्रिय नक्सलियों की जानकारी मिल सके और पुलिस द्वारा उन्हें टारगेट बनाया जा सके.
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में एक बार फिर नक्सलियो की दरभा डिवीजन कमेटी सक्रिय होती नजर आ रही है, पिछले तीनसे चार महीनों में दरभा डिवीजन कमेटी के द्वारा संभाग के अलग-अलग जिलों में बड़ी घटनाओ को अंजाम देने का खुलासा होने के साथ ही इस कमेटी में सक्रिय बड़े नक्सलियों का नाम भी सामने आया है. दरअसल नक्सलियों का दरभा डिवीजन कमेटी सबसे मजबूत कमेटी माना जाता रहा है, इसके खात्मे के लिए बस्तर पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान भी चलाया था और दरभा डिवीजन कमेटी के कमजोर होने का दावा भी किया था. पुलिस ने इस कमेटी के बड़े लीडरों को मुठभेड़ो में मार गिराने के साथ ही इस कमेटी में शामिल रहे कई नक्सलियो के सरेंडर करने का दावा भी किया था, लेकिन एक बार फिर अरनपुर में हुए इस साल के सबसे बड़े नक्सली हमले के साथ सुकमा और दंतेवाड़ा इलाके में भी बढ़ रजे वारदातों में दरभा डिवीजन कमेटी का नाम सामने आने से पुलिस के होश उड़ गए हैं. दरअसल नक्सलियों का दरभा डिवीजन कमेटी नक्सली संगठन में सबसे मजबूत कमेटी माना जाता रहा है. दरभा डिवीजन कमेटी में नक्सली कमांडर, विनोद, शंकर, देवा और ऐसे कई बड़े लीडर है जिन्होंने दरभा डिवीजन को नक्सलियों का सबसे मजबूत डिवीजन बनाया. हालांकि पच्चीस मई दो हज़ार तेरह को दरभा झीरम घाटी में हुए सबसे बड़े राजनीतिक नक्सली हमले में दरभा डिवीजन कमेटी के नक्सलियो का नाम सामने आने के बाद बस्तर पुलिस ने इस डिवीजन को कमजोर करने के साथ बड़े नक्सलियों को टारगेट बनाया और लगातार अभियान चलाया और कुछ हद तक सफलता भी मिली. वहीं साल दो हज़ार अट्ठारह- उन्नीस में दरभा डिवीजन कमजोर पड़ने का दावा बस्तर पुलिस ने किया. लेकिन छब्बीस अप्रैल को अरनपुर में हुए नक्सली हमले में दस जवानों की शहादत और दंतेवाड़ा जिले के साथ-साथ सुकमा इलाके में भी लगातार हो रहे नक्सली वारदात में दरभा डिवीजन कमेटी के नक्सलियों का फिर से नाम सामने आ रहा है, इससे बस्तर पुलिस के होश उड़े हुए हैं. बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने दावा किया है कि दरभा डिवीजन कमेटी अब सिमट चुका है. दरभा के कोलेंग, भडरीमहू, चांदामेटा इलाके में खोले गए पुलिस कैम्प से नक्सलियों का ईलाका सिमट चुका है. वहीं पिछले कुछ महीनों से दंतेवाड़ा और सुकमा के सीमाई क्षेत्रों में भी लगातार पुलिस के जवानों का मूवमेंट हैं और यह इलाका भी दरभा डिवीजन में शामिल है. हाल ही में दो से तीन नक्सली वारदातों में दरभा डिवीजन कमेटी के सक्रिय नक्सलियों का नाम सामने आ रहा है. लेकिन पुलिस के द्वारा पिछले कुछ सालों से चलाये गए नक्सल विरोधी अभियान में इस डिवीजन को कमजोर करने में पुलिस को सफलता मिली है और यहां सक्रिय कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है. कई नक्सलियों की गिरफ्तारी होने के साथ अलग-अलग मुठभेड़ में पुलिस ने इस कमेटी में शामिल हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया है. फिलहाल पुलिस इस इलाके में लगातार ऑपरेशन चला रही है और कुछ वारदातों में दरभा डिवीजन कमेटी का नाम सामने आने के बाद उस कमेटी में सक्रिय नक्सलियों का भी पुलिस पता लगा रही है. गौरतलब है कि बस्तर में दरभा डिवीजन कमेटी के द्वारा पिछले तेरह सालों में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया गया है जिसमें पचास से अधिक जवानों की शहादत हुई है. वहीं दरभा झीरम घाटी हमले में सत्ताईस कांग्रेसियों की भी मौत हुई है, इस वजह से नक्सली संगठन में दरभा डिवीजन कमेटी को काफी मजबूत कमेटी माना जाता है. फिलहाल बस्तर पुलिस के अधिकारी दावा कर रहे है कि इस इलाके में छः से अधिक पुलिस कैंप खुलने से इस कमेटी के नक्सली बैकफुट पर हैं और हाल ही में कुछ वारदातों में दरभा डिवीजन कमेटी का नाम सामने आने के बाद पुलिस पूरी तरह से सतर्क है और लगातार अब इस इलाके में एंटी नक्सल ऑपरेशन भी चला रही है, ताकि दरभा डिवीजन कमेटी में सक्रिय नक्सलियों की जानकारी मिल सके और पुलिस द्वारा उन्हें टारगेट बनाया जा सके.
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इंडिया न्यूज, वाराणसी।
New Covid Guidelines for Kashi : कोविड-19 संक्रमण की गति थामने के लिए काशी यानी वाराणसी में रात्रि का कर्फ्यू जारी रहेगी। डीएम कौशल राज शर्मा की ओर से नौ जनवरी को जारी आदेश को अगली तारीख तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इसमें कक्षा-10 तक के बच्चों एवं 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का घर से निकलना प्रतिबंधित कर दिया गया है। (New Covid Guidelines for Kashi)
रात का कर्फ्यू रात्रि 10 बजे से सुबह छह बजे तक जारी लागू रहेगा। शादी समारोह व अन्य आयोजनों में 50 फीसदी क्षमता या अधिकतम 100 व्यक्तियों की अनुमति होगी। डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि रात 10 बजे के बाद बिना किसी मेडिकल कारण के घर से बाहर निकलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक स्थल में पीक आवर्स में श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित करने के लिए समय सारिणी जारी होगी।
पार्क, घाट, मैदान, स्टेडियम में भी पाबंदी (New Covid Guidelines for Kashi)
सार्वजनिक पार्क, घाट, मैदान, स्टेडियम में अपराह्न चार बजे के बाद जाना प्रतिबंधित किया गया है। इसमें नाव संचालन की अनुमति रहेगी, मगर घाट पर रुकना या गंगा पार रेती पर जाने पर रोक जारी रहेगी। डीएम ने कहा है कि चिकित्सा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने कोविड-19 से संबंधित संक्रमण की जांच के लिए फीस निर्धारित की है। (New Covid Guidelines for Kashi)
इसका उल्लंघन जिस किसी के द्वारा भी किया जाएगा, उसके खिलाफ महामारी अधिनियम 1897 और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत विधिक कार्रवाई होगी। निजी चिकित्सालयों एवं निजी चिकित्सकों द्वारा रेडियो डायग्नोस्टिक केंद्रों को संदर्भित एचआर सीटी स्कैन की जांच करने की दर भी तय कर दी गई है।
(New Covid Guidelines for Kashi)
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इंडिया न्यूज, वाराणसी। New Covid Guidelines for Kashi : कोविड-उन्नीस संक्रमण की गति थामने के लिए काशी यानी वाराणसी में रात्रि का कर्फ्यू जारी रहेगी। डीएम कौशल राज शर्मा की ओर से नौ जनवरी को जारी आदेश को अगली तारीख तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इसमें कक्षा-दस तक के बच्चों एवं साठ वर्ष से अधिक आयु के लोगों का घर से निकलना प्रतिबंधित कर दिया गया है। रात का कर्फ्यू रात्रि दस बजे से सुबह छह बजे तक जारी लागू रहेगा। शादी समारोह व अन्य आयोजनों में पचास फीसदी क्षमता या अधिकतम एक सौ व्यक्तियों की अनुमति होगी। डीएम कौशल राज शर्मा ने बताया कि रात दस बजे के बाद बिना किसी मेडिकल कारण के घर से बाहर निकलने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक स्थल में पीक आवर्स में श्रद्धालुओं की संख्या नियंत्रित करने के लिए समय सारिणी जारी होगी। पार्क, घाट, मैदान, स्टेडियम में भी पाबंदी सार्वजनिक पार्क, घाट, मैदान, स्टेडियम में अपराह्न चार बजे के बाद जाना प्रतिबंधित किया गया है। इसमें नाव संचालन की अनुमति रहेगी, मगर घाट पर रुकना या गंगा पार रेती पर जाने पर रोक जारी रहेगी। डीएम ने कहा है कि चिकित्सा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने कोविड-उन्नीस से संबंधित संक्रमण की जांच के लिए फीस निर्धारित की है। इसका उल्लंघन जिस किसी के द्वारा भी किया जाएगा, उसके खिलाफ महामारी अधिनियम एक हज़ार आठ सौ सत्तानवे और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम-दो हज़ार पाँच के तहत विधिक कार्रवाई होगी। निजी चिकित्सालयों एवं निजी चिकित्सकों द्वारा रेडियो डायग्नोस्टिक केंद्रों को संदर्भित एचआर सीटी स्कैन की जांच करने की दर भी तय कर दी गई है।
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मैस विंडू के खिलाफ पैलेटिन / डार्थ सिडियस की रक्षा करना अनाकिन के चरित्र में एक प्रमुख मोड़ है। लेकिन क्या वायु ने वास्तव में डार्थ सिडियस को हराया, जिससे अनाकिन की मदद जरूरी हो गई? या यह अनाकिन को अंधेरे पक्ष में बदलने के लिए पलापटाइन की बुराई योजना का हिस्सा था, यह सब एक तर्क था?
जेडी के एहसास के बाद कि चांसलर पालापेटिन वास्तव में एक सीथ , मैस विंडू और तीन अन्य जेडी ने उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया है।
Palpatine जल्दी से तीन जेडी slaughters, लेकिन मास्टर विंडू अपने रोशनी कौशल के लिए भी एक और अधिक मैच है।
आखिरकार, विंडू disarms और कोनों Palpatine कोनों। सिथ फोर्स बिजली का उपयोग करने की कोशिश करता है, लेकिन विंडू उसे वापस ले जाता है। इस बिंदु पर, विंडू को पता चलता है कि पाल्पाटिन जीवित रहने के लिए बहुत खतरनाक है, और इसे मारा जाना चाहिए। कमजोर, Palpatine मदद के लिए अनाकिन रोता है; अनाकिन ने विंडू के हाथों में कटौती की, और पल्पपेटिन ने फोर्स बिजली के साथ विंडू को मार दिया।
विस्तारित ब्रह्मांड - विशेष रूप से सिथ उपन्यास का बदला - द्वंद्वयुद्ध और मैस विंडू की लड़ाई शैली पर कुछ और अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। विंडू वापद का मालिक है, जो युद्ध का एक खतरनाक रूप है जिसमें एक जेडी चैनल उसके प्रतिद्वंद्वी की घृणा और अंधेरे पक्ष की ऊर्जा को उसके खिलाफ उपयोग करने के लिए चैनल बनाता है। इस तरह विंडू उस पर पाल्पाटिन की सेना की बिजली को वापस करने में सक्षम था, उसे अंधेरे तरफ से डिफिगर कर रहा था।
एक फेंक दिया मैच?
द्वंद्वयुद्ध के अंत में, यह स्पष्ट है कि Palpatine वह प्रकट होने से मजबूत है।
सेकंड में, वह रोते हुए मैस विंडू फ्राइंग करने के लिए फुसफुसाते हुए और विनम्रता से निकलता है, "असीमित शक्ति! " यदि वह संभवतः खेल रहा था, तो क्या यह संभव है कि उसने पूरे मैच को फेंक दिया?
यह अनाकिन के लिए पल्पपेटिन की योजना में निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण क्षण है - शायद पूरी तरह मौका छोड़ने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
यद्यपि अनाकिन ने पहले अंधेरे पक्ष को छुआ है, क्रोध और बदला में हत्या कर रही है, यह पहली बार है जब उन्होंने शब्दों से ज्यादा में जेडी काउंसिल लड़ा है। जब वह एक सिथ भगवान की रक्षा के लिए मैस विंडू को मारने में मदद करता है, तो कोई मोड़ नहीं आता है।
लेकिन अगर पल्पपेटिन ने तुरंत मैस विंडू को मार डाला था, क्योंकि उसने अन्य जेडी को मार डाला था, तो अनाकिन को उसकी रक्षा करने के लिए प्रेरित नहीं किया गया था। वास्तव में, यह पल्पपेटिन के खिलाफ काम कर सकता थाः जेडी के शरीर पर खड़े होने वाले किसी व्यक्ति को देखकर वह जमीन पर असहाय दिखने से बहुत अलग है, जो जेडी हथियार से धमकी देता है।
हम मूल त्रयी में देखते हैं कि पल्पपेटिन लंबी अवधि की योजना बनाने और आवश्यक होने पर अपनी योजनाओं को बदलने का मास्टर है। उदाहरण के लिए, वह प्रशिक्षित होने से पहले ल्यूक को पकड़ने का इरादा रखता है और उसे सिथ में ढाला जाता है - लेकिन जब ल्यूक अंधेरे पक्ष में नहीं आ जाएगा, तो वह विद्रोही गठबंधन के लिए जाल के हिस्से के रूप में उसके लिए एक और उपयोग तैयार करता है।
एक ओर, यह असंभव है कि Palpatine कुछ फैशन में द्वंद्वयुद्ध की योजना नहीं बनाई थी। जिस तरह से यह काम करता है, अनाकिन को खतरे में डालकर और सबसे उपयुक्त समय पर पहुंचने के साथ, यह बहुत सुविधाजनक है। दोनों इतने समान रूप से मेल खाते हैं कि पल्पपेटिन विंडू के बजाए ऊपरी हाथ ले सकता था - लेकिन इससे अनाकिन जेडी के खिलाफ नहीं निकलेगा।
लेकिन जब पल्पपेटिन गिर सकता है, तो क्या इसका मतलब है कि वह जानबूझकर खुद को खराब कर देता है? फोर्स लाइटनिंग को देखते हुए विंडू को कैप्चर करने के बजाए पल्पपेटिन को मारने के लिए प्रेरित किया जाता है, और पालपेटिन को डिफिगर किया गया और स्पष्ट रूप से मौत के पास देखकर अनाकिन को कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके अलावा, पैनापेटिन सीनेट से सहानुभूति प्राप्त करने के लिए, जेडी हमले के सबूत के रूप में अपने निशान का उपयोग करता है। लेकिन अपने अंधेरे पक्ष की ऊर्जा को अपने आप में बदलना एक जोखिम भरा कदम होगा। यह अधिक संभावना है कि वह पूरी तरह से समझ में नहीं आया कि जब सेना ने बल बिजली के साथ हमला किया तो सेना ने सेना का उपयोग कैसे किया, और फिर स्थिति को अपने लाभ के लिए जल्दी से उपयोग करने का एक तरीका मिला।
मैस विंडू के साथ पलापेटिन के द्वंद्वयुद्ध में अनाकिन की भूमिका सभी मौके से घटित होने के लिए बहुत सुविधाजनक है; दूसरी तरफ, कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है ताकि सभी योजना बनाई जा सकें।
यद्यपि कोई आधिकारिक उत्तर नहीं दिया गया है, सच्चाई शायद दोनों के बीच संतुलन हैः एक विशेषज्ञ मैनिपुलेटर पाल्पाटिन ने अपने लाभ के लिए एक स्थिति स्थापित की, फिर उत्कृष्ट लड़ाई कौशल और त्वरित सोच के साथ अप्रत्याशित तत्वों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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मैस विंडू के खिलाफ पैलेटिन / डार्थ सिडियस की रक्षा करना अनाकिन के चरित्र में एक प्रमुख मोड़ है। लेकिन क्या वायु ने वास्तव में डार्थ सिडियस को हराया, जिससे अनाकिन की मदद जरूरी हो गई? या यह अनाकिन को अंधेरे पक्ष में बदलने के लिए पलापटाइन की बुराई योजना का हिस्सा था, यह सब एक तर्क था? जेडी के एहसास के बाद कि चांसलर पालापेटिन वास्तव में एक सीथ , मैस विंडू और तीन अन्य जेडी ने उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया है। Palpatine जल्दी से तीन जेडी slaughters, लेकिन मास्टर विंडू अपने रोशनी कौशल के लिए भी एक और अधिक मैच है। आखिरकार, विंडू disarms और कोनों Palpatine कोनों। सिथ फोर्स बिजली का उपयोग करने की कोशिश करता है, लेकिन विंडू उसे वापस ले जाता है। इस बिंदु पर, विंडू को पता चलता है कि पाल्पाटिन जीवित रहने के लिए बहुत खतरनाक है, और इसे मारा जाना चाहिए। कमजोर, Palpatine मदद के लिए अनाकिन रोता है; अनाकिन ने विंडू के हाथों में कटौती की, और पल्पपेटिन ने फोर्स बिजली के साथ विंडू को मार दिया। विस्तारित ब्रह्मांड - विशेष रूप से सिथ उपन्यास का बदला - द्वंद्वयुद्ध और मैस विंडू की लड़ाई शैली पर कुछ और अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। विंडू वापद का मालिक है, जो युद्ध का एक खतरनाक रूप है जिसमें एक जेडी चैनल उसके प्रतिद्वंद्वी की घृणा और अंधेरे पक्ष की ऊर्जा को उसके खिलाफ उपयोग करने के लिए चैनल बनाता है। इस तरह विंडू उस पर पाल्पाटिन की सेना की बिजली को वापस करने में सक्षम था, उसे अंधेरे तरफ से डिफिगर कर रहा था। एक फेंक दिया मैच? द्वंद्वयुद्ध के अंत में, यह स्पष्ट है कि Palpatine वह प्रकट होने से मजबूत है। सेकंड में, वह रोते हुए मैस विंडू फ्राइंग करने के लिए फुसफुसाते हुए और विनम्रता से निकलता है, "असीमित शक्ति! " यदि वह संभवतः खेल रहा था, तो क्या यह संभव है कि उसने पूरे मैच को फेंक दिया? यह अनाकिन के लिए पल्पपेटिन की योजना में निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण क्षण है - शायद पूरी तरह मौका छोड़ने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यद्यपि अनाकिन ने पहले अंधेरे पक्ष को छुआ है, क्रोध और बदला में हत्या कर रही है, यह पहली बार है जब उन्होंने शब्दों से ज्यादा में जेडी काउंसिल लड़ा है। जब वह एक सिथ भगवान की रक्षा के लिए मैस विंडू को मारने में मदद करता है, तो कोई मोड़ नहीं आता है। लेकिन अगर पल्पपेटिन ने तुरंत मैस विंडू को मार डाला था, क्योंकि उसने अन्य जेडी को मार डाला था, तो अनाकिन को उसकी रक्षा करने के लिए प्रेरित नहीं किया गया था। वास्तव में, यह पल्पपेटिन के खिलाफ काम कर सकता थाः जेडी के शरीर पर खड़े होने वाले किसी व्यक्ति को देखकर वह जमीन पर असहाय दिखने से बहुत अलग है, जो जेडी हथियार से धमकी देता है। हम मूल त्रयी में देखते हैं कि पल्पपेटिन लंबी अवधि की योजना बनाने और आवश्यक होने पर अपनी योजनाओं को बदलने का मास्टर है। उदाहरण के लिए, वह प्रशिक्षित होने से पहले ल्यूक को पकड़ने का इरादा रखता है और उसे सिथ में ढाला जाता है - लेकिन जब ल्यूक अंधेरे पक्ष में नहीं आ जाएगा, तो वह विद्रोही गठबंधन के लिए जाल के हिस्से के रूप में उसके लिए एक और उपयोग तैयार करता है। एक ओर, यह असंभव है कि Palpatine कुछ फैशन में द्वंद्वयुद्ध की योजना नहीं बनाई थी। जिस तरह से यह काम करता है, अनाकिन को खतरे में डालकर और सबसे उपयुक्त समय पर पहुंचने के साथ, यह बहुत सुविधाजनक है। दोनों इतने समान रूप से मेल खाते हैं कि पल्पपेटिन विंडू के बजाए ऊपरी हाथ ले सकता था - लेकिन इससे अनाकिन जेडी के खिलाफ नहीं निकलेगा। लेकिन जब पल्पपेटिन गिर सकता है, तो क्या इसका मतलब है कि वह जानबूझकर खुद को खराब कर देता है? फोर्स लाइटनिंग को देखते हुए विंडू को कैप्चर करने के बजाए पल्पपेटिन को मारने के लिए प्रेरित किया जाता है, और पालपेटिन को डिफिगर किया गया और स्पष्ट रूप से मौत के पास देखकर अनाकिन को कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इसके अलावा, पैनापेटिन सीनेट से सहानुभूति प्राप्त करने के लिए, जेडी हमले के सबूत के रूप में अपने निशान का उपयोग करता है। लेकिन अपने अंधेरे पक्ष की ऊर्जा को अपने आप में बदलना एक जोखिम भरा कदम होगा। यह अधिक संभावना है कि वह पूरी तरह से समझ में नहीं आया कि जब सेना ने बल बिजली के साथ हमला किया तो सेना ने सेना का उपयोग कैसे किया, और फिर स्थिति को अपने लाभ के लिए जल्दी से उपयोग करने का एक तरीका मिला। मैस विंडू के साथ पलापेटिन के द्वंद्वयुद्ध में अनाकिन की भूमिका सभी मौके से घटित होने के लिए बहुत सुविधाजनक है; दूसरी तरफ, कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है ताकि सभी योजना बनाई जा सकें। यद्यपि कोई आधिकारिक उत्तर नहीं दिया गया है, सच्चाई शायद दोनों के बीच संतुलन हैः एक विशेषज्ञ मैनिपुलेटर पाल्पाटिन ने अपने लाभ के लिए एक स्थिति स्थापित की, फिर उत्कृष्ट लड़ाई कौशल और त्वरित सोच के साथ अप्रत्याशित तत्वों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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देश की दशा देख-भाल कर दूसरे ही वर्ष पुर्तगाल बापस चला गया । सन् १५०० में वहां के राजा ने केबाल की अध्यक्षता में थोड़े से जहाज़ फिर भारतवर्ष भेजे । उसने कालीकट में ए उसने कालीकट में एक कोठी खोली, तथा कनानूर और कोचीन में व्यापार का सिलसिला जमाया । सन् १५०२ में वास्कोडगामा फिर २० जहाज़ लेकर भारतवर्ष श्राया, और कोचीन के राजा के साथ मिलकर उसने ज़मोरिन पर ही आक्रमण कर दिया । इन दिनों यूरोप का जो राज्य, जिस देश को ढूँढ़ निकालता था, वह देश उसी की सम्पत्ति समझा जाता था, और उसका सारा व्यापार उसी राज्य के हाथ में रहता था । इस रीति के अनुसार पुर्तगाल के राजा भी अपने को पूर्वीय देशों का स्वामी मानने लगे । तिस पर सन् १५०२ में उनको पोप का एक आज्ञापत्र भी मिल गया, जिससे उनका अधिकार और भी पुष्ट हो गया । सन् १५०५ में अलमिडा राज-प्रतिनिधि बनाकर भारतवर्ष भेजा गया । उसका मत था कि सागरों पर पुर्तगाल को अपना पूरा आधिपत्य रखना चाहिए । इसके बिना पुर्तगालियों के हाथ में कुल पूर्वीय व्यापार नहीं रह सकता है । भारतवर्ष की भूमि पर किले बनवा कर अधिकार करना ठीक नहीं है, क्योंकि पुर्तगाल ऐसे दूर देश से उनकी रक्षा करना असम्भव है ।
एलबुकर्क - सन् १५०६ में एलबुकुर्क गवर्नर नियुक्त किया गया । इसकी नीति दूसरी ही थी । व्यापार की दृष्टि से कुछ अच्छे अच्छे स्थानों को यह अपने अधिकार में रखना चाहता था । भारतवासी और पुर्तगालियों में परस्पर विवाह की प्रथा चलाकर वह पुर्तगालियों का सम्बन्ध अधिक दृढ़ करना चाहता था । इन्हीं की सन्तान से नई आबादियां बसाने का उसका विचार था । जहां पर ये दोनों बातें असम्भव थीं, वहां वह दुर्ग बनवाना चाहता था, और ऐसा भी न होने पर उसने सोचा था कि समझा-बुझाकर देशी राजाओं से पुर्तगाल के राजा का आधिपत्य स्वीकार कराना चाहिए, और उसको कर भेजवाना चाहिए । संक्षेप में उसका विचार भारतवर्ष में में पुर्तगाली साम्राज्य स्थापित करने का था। इसी नीति के अनुसार सम् १५१० में उसने बीजापुर के सुलतान से गोत्रा छीन लिया, और उसमें ईसाई- राज्य
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देश की दशा देख-भाल कर दूसरे ही वर्ष पुर्तगाल बापस चला गया । सन् एक हज़ार पाँच सौ में वहां के राजा ने केबाल की अध्यक्षता में थोड़े से जहाज़ फिर भारतवर्ष भेजे । उसने कालीकट में ए उसने कालीकट में एक कोठी खोली, तथा कनानूर और कोचीन में व्यापार का सिलसिला जमाया । सन् एक हज़ार पाँच सौ दो में वास्कोडगामा फिर बीस जहाज़ लेकर भारतवर्ष श्राया, और कोचीन के राजा के साथ मिलकर उसने ज़मोरिन पर ही आक्रमण कर दिया । इन दिनों यूरोप का जो राज्य, जिस देश को ढूँढ़ निकालता था, वह देश उसी की सम्पत्ति समझा जाता था, और उसका सारा व्यापार उसी राज्य के हाथ में रहता था । इस रीति के अनुसार पुर्तगाल के राजा भी अपने को पूर्वीय देशों का स्वामी मानने लगे । तिस पर सन् एक हज़ार पाँच सौ दो में उनको पोप का एक आज्ञापत्र भी मिल गया, जिससे उनका अधिकार और भी पुष्ट हो गया । सन् एक हज़ार पाँच सौ पाँच में अलमिडा राज-प्रतिनिधि बनाकर भारतवर्ष भेजा गया । उसका मत था कि सागरों पर पुर्तगाल को अपना पूरा आधिपत्य रखना चाहिए । इसके बिना पुर्तगालियों के हाथ में कुल पूर्वीय व्यापार नहीं रह सकता है । भारतवर्ष की भूमि पर किले बनवा कर अधिकार करना ठीक नहीं है, क्योंकि पुर्तगाल ऐसे दूर देश से उनकी रक्षा करना असम्भव है । एलबुकर्क - सन् एक हज़ार पाँच सौ छः में एलबुकुर्क गवर्नर नियुक्त किया गया । इसकी नीति दूसरी ही थी । व्यापार की दृष्टि से कुछ अच्छे अच्छे स्थानों को यह अपने अधिकार में रखना चाहता था । भारतवासी और पुर्तगालियों में परस्पर विवाह की प्रथा चलाकर वह पुर्तगालियों का सम्बन्ध अधिक दृढ़ करना चाहता था । इन्हीं की सन्तान से नई आबादियां बसाने का उसका विचार था । जहां पर ये दोनों बातें असम्भव थीं, वहां वह दुर्ग बनवाना चाहता था, और ऐसा भी न होने पर उसने सोचा था कि समझा-बुझाकर देशी राजाओं से पुर्तगाल के राजा का आधिपत्य स्वीकार कराना चाहिए, और उसको कर भेजवाना चाहिए । संक्षेप में उसका विचार भारतवर्ष में में पुर्तगाली साम्राज्य स्थापित करने का था। इसी नीति के अनुसार सम् एक हज़ार पाँच सौ दस में उसने बीजापुर के सुलतान से गोत्रा छीन लिया, और उसमें ईसाई- राज्य
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अधिक से अधिक मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एसएस हॉस्पिटल बीएचयू ने एक नई पहल की है। जी हां, बीएचयू प्रबंधन ने ओपीडी का समय बढ़ाने के लिए वीसी को प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है कि एक जुलाई से मरीज ओपीडी में शाम पांच बजे तक डॉक्टर को दिखा सकेंगे।
प्रस्ताव स्वीकृत हो जाने पर दूर-दराज से इस हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों को समय के अभाव में बिना डॉक्टर को दिखाए नहीं लौटना पड़ेगा। साथ ही चिकित्सकों की भी शिकायत दूर हो जाएगी कि उनको बहुत कम ओटी मिलता है। इसके साथ ही आपरेशन का समय भी बढ़ा कर सुबह नौ से पांच बजे तक किया जाएगा। इसके लिए भी हॉस्पिटल प्रशासन ने प्रपोजल तैयार कर लिया है। वीसी से स्वीकृति मिलते ही एक जुलाई से मरीजों व चिकित्सकों के हित वाली व्यवस्था को लागू कर ि1दया जाएगा।
बताते चलें कि बीएचयू के एसएस हॉस्पिटल के मॉडर्न मेडिसिन, आयुर्वेद विंग, ट्रामा सेंटर, दंत चिकित्सालय के ओपीडी में पूर्वाचल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से डेली पांच से छह हजार मरीज आते हैं। यहां पर ओपीडी व इलेक्ट ओटी का समय सुबह आठ से दोपहर बाद दो बजे तक ही है। ऐसे में मरीजों को दिखाने में ही दो बज जाते हैं। कई मरीजों को ऐसे ही लौटना पड़ता है। साथ ही जिन मरीजों को जांच करानी पड़ती है उनको दो दिन का समय लग जाता है।
ओटी व ओपीडी का समय सुबह नौ से पांच बजे तक संचालित करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस पर वीसी ने भी सहमति प्रदान की है। स्वीकृति के बाद जुलाई से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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अधिक से अधिक मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एसएस हॉस्पिटल बीएचयू ने एक नई पहल की है। जी हां, बीएचयू प्रबंधन ने ओपीडी का समय बढ़ाने के लिए वीसी को प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद है कि एक जुलाई से मरीज ओपीडी में शाम पांच बजे तक डॉक्टर को दिखा सकेंगे। प्रस्ताव स्वीकृत हो जाने पर दूर-दराज से इस हॉस्पिटल में आने वाले मरीजों को समय के अभाव में बिना डॉक्टर को दिखाए नहीं लौटना पड़ेगा। साथ ही चिकित्सकों की भी शिकायत दूर हो जाएगी कि उनको बहुत कम ओटी मिलता है। इसके साथ ही आपरेशन का समय भी बढ़ा कर सुबह नौ से पांच बजे तक किया जाएगा। इसके लिए भी हॉस्पिटल प्रशासन ने प्रपोजल तैयार कर लिया है। वीसी से स्वीकृति मिलते ही एक जुलाई से मरीजों व चिकित्सकों के हित वाली व्यवस्था को लागू कर िएकदया जाएगा। बताते चलें कि बीएचयू के एसएस हॉस्पिटल के मॉडर्न मेडिसिन, आयुर्वेद विंग, ट्रामा सेंटर, दंत चिकित्सालय के ओपीडी में पूर्वाचल, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों से डेली पांच से छह हजार मरीज आते हैं। यहां पर ओपीडी व इलेक्ट ओटी का समय सुबह आठ से दोपहर बाद दो बजे तक ही है। ऐसे में मरीजों को दिखाने में ही दो बज जाते हैं। कई मरीजों को ऐसे ही लौटना पड़ता है। साथ ही जिन मरीजों को जांच करानी पड़ती है उनको दो दिन का समय लग जाता है। ओटी व ओपीडी का समय सुबह नौ से पांच बजे तक संचालित करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इस पर वीसी ने भी सहमति प्रदान की है। स्वीकृति के बाद जुलाई से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। इससे मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मेट गाला 2023 का आगाज हो गया है। हर बार कि तरह इस बार सेलेब्रेटीज अलग-अलग लुक से दर्शकों को चौंका रहे हैं। इसी बीच हॉलीवुड स्टार Jared Leto का लुक सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। वह इस इवेंट में बिल्ली बनकर पहुंचे, जिसे देख हर कोई हैरान रह गया है।
दरअसल, इस बार मेट गाला की थीम कार्ल लेगरफेल्ड के सम्मान में उन्हीं पर समर्पित रखी गई है जिनका निधन साल 2019 में हुआ था। कार्ल लेगरफेल्ड दुनियाभर में काफी मशहूर हैं। लोग उन्हें बेहतरीन डिजाइन्स के लिए याद करते हैं। कार्ल ही नहीं उनकी बिल्ली भी काफी पॉपुलर है, जिसका नाम चौपट है। यह बिल्ली दुनियाभर सबसे पॉपुलर पालतू जानवरों में से एक है। वैसे तो वो एक बिल्ली है, लेकिन फिर भी उसके पास अपना प्राइवेट जेट, डिजाइनर कपड़े और अपनी पर्सनल नौकरानियां भी शामिल हैं। वह अपनी बिल्ली से कापी प्यार करते थे। इसलिए ही सेलेब्स चौपट के रूप में उन्हें ट्रिब्यूट देने रहे हैं।
A post shared by Met Gala (@metgalaoffical)
यही वजह है जो इस बार कई सेलेब्स चौपट के अवतार में मेट गाला में एंट्री कर रहे हैं। इस लिस्ट में जार्ड लेटो, लिल नस एक्स और डोजा कैट जैसे सितारे शामिल थे। इन सितारों के लुक्स को देखकर हर कोई हैरान था। अब तक जार्ट लेटो की फोटो सामने आई है। जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।
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नई दिल्ली/टीम डिजिटल। मेट गाला दो हज़ार तेईस का आगाज हो गया है। हर बार कि तरह इस बार सेलेब्रेटीज अलग-अलग लुक से दर्शकों को चौंका रहे हैं। इसी बीच हॉलीवुड स्टार Jared Leto का लुक सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। वह इस इवेंट में बिल्ली बनकर पहुंचे, जिसे देख हर कोई हैरान रह गया है। दरअसल, इस बार मेट गाला की थीम कार्ल लेगरफेल्ड के सम्मान में उन्हीं पर समर्पित रखी गई है जिनका निधन साल दो हज़ार उन्नीस में हुआ था। कार्ल लेगरफेल्ड दुनियाभर में काफी मशहूर हैं। लोग उन्हें बेहतरीन डिजाइन्स के लिए याद करते हैं। कार्ल ही नहीं उनकी बिल्ली भी काफी पॉपुलर है, जिसका नाम चौपट है। यह बिल्ली दुनियाभर सबसे पॉपुलर पालतू जानवरों में से एक है। वैसे तो वो एक बिल्ली है, लेकिन फिर भी उसके पास अपना प्राइवेट जेट, डिजाइनर कपड़े और अपनी पर्सनल नौकरानियां भी शामिल हैं। वह अपनी बिल्ली से कापी प्यार करते थे। इसलिए ही सेलेब्स चौपट के रूप में उन्हें ट्रिब्यूट देने रहे हैं। A post shared by Met Gala यही वजह है जो इस बार कई सेलेब्स चौपट के अवतार में मेट गाला में एंट्री कर रहे हैं। इस लिस्ट में जार्ड लेटो, लिल नस एक्स और डोजा कैट जैसे सितारे शामिल थे। इन सितारों के लुक्स को देखकर हर कोई हैरान था। अब तक जार्ट लेटो की फोटो सामने आई है। जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।
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गढ़शंकर। गढ़शंकर के देनोवाल खुर्द के एलिमेंट्री में स्कूल की छात्राओं से टॉयलेट की सफाई करवाने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इससे स्कूल विद्यार्थियों के अभिभावकों में रोष पाया जा रहा है।
वायरल वीडियो में छात्राएं स्कूल के बाथरूम साफ करते हुए नजर आ रही हैं, जिसमें छात्राएं पानी की बाल्टियां भरकर टॉयलेट में फेंक रही हैं और हाथ में बाहर झाड़ूू पकड़कर सफाई कर रही हैं। कोई टीचर साथ में कहीं भी दिखाई नहीं दे रही। इस संबंधी स्कूल टीचर हरजिंदर कौर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि स्कूल में साफ सफाई अभियान चलाया गया है इसलिए बच्चे सफाई कर रहे थे।
गांव के दरबारा सिंह निवासी अभिभावक ने संबंधित टीचर्स के खिलाफ कड़ी करवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी बेटी भी कक्षा चार में है। बुधवार को टॉयलेट की सफाई दौरान उनकी बेटी वीडियो में तो नहीं दिखाई दी लेकिन बेटी ने बताया के वह अंदर साफ कर रही थी।
बस्ती सैंसिया के सरपंच व नंबरदार जतिंदर जोती, शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस व जिलाधीश को शिकायत भेज कर करवाई की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि हम अपने बच्चों को स्कूल शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजते हैं ताकि वह अपना व अपने परिजनों का जीवनयापन सही तरीके से कर सके। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल टीचर्स को बच्चों से टॉयलेट साफ नहीं करवाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि टॉयलेट की सफाई करवाने वाले टीचर को नौकरी से डिसमिस कर दिया जाना चाहिए।
मैं छुट्टी पर था। दो टीचर जो स्कूल में मौजूद थी, उन्होंने बताया कि वह भी साथ में सफाई कर रही थीं लेकिन वायरल वीडियो में उनके साथ न होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह टॉयलेट के भीतर सफाई कर रही थी। यह सभी काम सफाई पखवाड़े के तहत चल रहे थे।
गौतम : मेरे ध्यान में मामला अभी आया है। मैं कड़ी करवाई करूंगा और उच्चाधिकारियों को अगली करवाई के लिए लिखकर भेजा जाएगा।
फ़ोटो : - देनोवाल कलां स्कूल के बच्चे बाथरूम की सफाई करते हुए।
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गढ़शंकर। गढ़शंकर के देनोवाल खुर्द के एलिमेंट्री में स्कूल की छात्राओं से टॉयलेट की सफाई करवाने की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इससे स्कूल विद्यार्थियों के अभिभावकों में रोष पाया जा रहा है। वायरल वीडियो में छात्राएं स्कूल के बाथरूम साफ करते हुए नजर आ रही हैं, जिसमें छात्राएं पानी की बाल्टियां भरकर टॉयलेट में फेंक रही हैं और हाथ में बाहर झाड़ूू पकड़कर सफाई कर रही हैं। कोई टीचर साथ में कहीं भी दिखाई नहीं दे रही। इस संबंधी स्कूल टीचर हरजिंदर कौर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि स्कूल में साफ सफाई अभियान चलाया गया है इसलिए बच्चे सफाई कर रहे थे। गांव के दरबारा सिंह निवासी अभिभावक ने संबंधित टीचर्स के खिलाफ कड़ी करवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी बेटी भी कक्षा चार में है। बुधवार को टॉयलेट की सफाई दौरान उनकी बेटी वीडियो में तो नहीं दिखाई दी लेकिन बेटी ने बताया के वह अंदर साफ कर रही थी। बस्ती सैंसिया के सरपंच व नंबरदार जतिंदर जोती, शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस व जिलाधीश को शिकायत भेज कर करवाई की मांग की है। अभिभावकों का कहना है कि हम अपने बच्चों को स्कूल शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजते हैं ताकि वह अपना व अपने परिजनों का जीवनयापन सही तरीके से कर सके। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल टीचर्स को बच्चों से टॉयलेट साफ नहीं करवाने चाहिए थे। उन्होंने कहा कि टॉयलेट की सफाई करवाने वाले टीचर को नौकरी से डिसमिस कर दिया जाना चाहिए। मैं छुट्टी पर था। दो टीचर जो स्कूल में मौजूद थी, उन्होंने बताया कि वह भी साथ में सफाई कर रही थीं लेकिन वायरल वीडियो में उनके साथ न होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह टॉयलेट के भीतर सफाई कर रही थी। यह सभी काम सफाई पखवाड़े के तहत चल रहे थे। गौतम : मेरे ध्यान में मामला अभी आया है। मैं कड़ी करवाई करूंगा और उच्चाधिकारियों को अगली करवाई के लिए लिखकर भेजा जाएगा। फ़ोटो : - देनोवाल कलां स्कूल के बच्चे बाथरूम की सफाई करते हुए।
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शिमला - हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सहित विवि से संबंधित कालेजों में बिकने वाले जंक फूड पर नए सत्र से प्रतिबंध लगेगा। छात्रों के स्वास्थ्य को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के फैसले पर हिमाचल प्रदेश विवि भी निर्देशों का पालन करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत विश्वविद्यालय प्रशासन विवि की कैंटीन सहित कैंपस और महाविद्यालयों की कैंटीन और कैंपस में बिकने वाले जंक फूड पर बैन लगाएगा। नए सत्र की शुरुआत जून-जुलाई माह से प्रदेश विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के अन्य कालेजों में होनी है। इससे पहले विवि जंक फूड को बैन करने की अधिसूचना जारी कर कालेजों और विवि को इसका पालन करने के निर्देश देगा। विश्वविद्यालय प्रशासन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों के तहत ही शिक्षण संस्थानों में पिज्जा, बर्गर, चाउमिन, मोमोज, फैंच फ्राइज और अन्य जंक फूड को पूरी तरह से बंद करेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कुछ माह पहले देश भर के विश्वविद्यालयों को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के फैसले पर जंक फूड कैंपस और कैंटीन में पूरी तरह से बैन करने के निर्देश जारी किए हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को भी यूजीसी के ये निर्देश प्राप्त हुए हैं अब इन्हें लागू करने के लिए विवि प्रशासन तैयार है। यूजीसी ने यह फैसला उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों में मोटापे की समस्या के साथ-साथ आलस में बढ़ोतरी और पढ़ाई में एकाग्रता न बन पाने की परेशानियों के चलते लिया है। आयोग ने शिक्षण संस्थानों को स्पष्ट किया है कि संस्थान यह सुनिश्चित करें कि कैंपस की कैंटीन में छात्रों को जंक फूड न परोसा जाए। इसके साथ ही जंक फूड खाने से स्वास्थ्य पर क्या विपरीत प्रभाव हो सकता है इसके लिए भी छात्रों को जागरूक किया जाएगा।
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शिमला - हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय सहित विवि से संबंधित कालेजों में बिकने वाले जंक फूड पर नए सत्र से प्रतिबंध लगेगा। छात्रों के स्वास्थ्य को देखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के फैसले पर हिमाचल प्रदेश विवि भी निर्देशों का पालन करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत विश्वविद्यालय प्रशासन विवि की कैंटीन सहित कैंपस और महाविद्यालयों की कैंटीन और कैंपस में बिकने वाले जंक फूड पर बैन लगाएगा। नए सत्र की शुरुआत जून-जुलाई माह से प्रदेश विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के अन्य कालेजों में होनी है। इससे पहले विवि जंक फूड को बैन करने की अधिसूचना जारी कर कालेजों और विवि को इसका पालन करने के निर्देश देगा। विश्वविद्यालय प्रशासन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशों के तहत ही शिक्षण संस्थानों में पिज्जा, बर्गर, चाउमिन, मोमोज, फैंच फ्राइज और अन्य जंक फूड को पूरी तरह से बंद करेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कुछ माह पहले देश भर के विश्वविद्यालयों को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के फैसले पर जंक फूड कैंपस और कैंटीन में पूरी तरह से बैन करने के निर्देश जारी किए हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को भी यूजीसी के ये निर्देश प्राप्त हुए हैं अब इन्हें लागू करने के लिए विवि प्रशासन तैयार है। यूजीसी ने यह फैसला उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों में मोटापे की समस्या के साथ-साथ आलस में बढ़ोतरी और पढ़ाई में एकाग्रता न बन पाने की परेशानियों के चलते लिया है। आयोग ने शिक्षण संस्थानों को स्पष्ट किया है कि संस्थान यह सुनिश्चित करें कि कैंपस की कैंटीन में छात्रों को जंक फूड न परोसा जाए। इसके साथ ही जंक फूड खाने से स्वास्थ्य पर क्या विपरीत प्रभाव हो सकता है इसके लिए भी छात्रों को जागरूक किया जाएगा।
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Film Masoom Sawaal Controversy: इससे पहले यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ केवल एक एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र दायर किया गया था.
नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म मासूम सवाल के निर्माताओं को उस मामले में राहत देने से इंकार कर दिया, जिसमें सेनेटरी पैड पर एक देवता को दिखाने वाले पोस्टर को लेकर दर्ज मुकदमों और शिकायतों को एकसाथ करने की मांग की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी आदेश जारी करने से इंकार करते हुए उनकी याचिका का निपटारा कर दिया.
याचिका नक्षत्र 27 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के रंजना उपाध्याय और संतोष उपाध्याय की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी. येदोनों ही फिल्म के निर्माता और निर्देशक हैं.
रंजना उपाध्याय और संतोष उपाध्याय ने याचिका में दलील दी थी कि उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए कई मुकदमें और शिकायतें अलग-अलग स्थानों में दर्ज कराई गई हैं. ऐसे में सभी मामलों को एक जगह क्लब कर दिया जाए और मुकदमा भी एक ही जगह चले.
वहीं इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत के नेतृत्व वाली दो सदस्यीय बेंच ने याचिकाकर्ताओं को सक्षम प्राधिकार के पास कानून के मुताबिक उचित उपाय अपनाने की छूट प्रदान करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया. इससे पहले यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ केवल एक एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र दायर किया गया था.
अदालत को बताया गया कि अन्य शिकायतों पर कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि केवल एक एफआईआर दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप चार्जशीट हुई. इस पर अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की मांग उचित नहीं.
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Film Masoom Sawaal Controversy: इससे पहले यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ केवल एक एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र दायर किया गया था. नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म मासूम सवाल के निर्माताओं को उस मामले में राहत देने से इंकार कर दिया, जिसमें सेनेटरी पैड पर एक देवता को दिखाने वाले पोस्टर को लेकर दर्ज मुकदमों और शिकायतों को एकसाथ करने की मांग की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी आदेश जारी करने से इंकार करते हुए उनकी याचिका का निपटारा कर दिया. याचिका नक्षत्र सत्ताईस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के रंजना उपाध्याय और संतोष उपाध्याय की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी. येदोनों ही फिल्म के निर्माता और निर्देशक हैं. रंजना उपाध्याय और संतोष उपाध्याय ने याचिका में दलील दी थी कि उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए कई मुकदमें और शिकायतें अलग-अलग स्थानों में दर्ज कराई गई हैं. ऐसे में सभी मामलों को एक जगह क्लब कर दिया जाए और मुकदमा भी एक ही जगह चले. वहीं इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत के नेतृत्व वाली दो सदस्यीय बेंच ने याचिकाकर्ताओं को सक्षम प्राधिकार के पास कानून के मुताबिक उचित उपाय अपनाने की छूट प्रदान करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया. इससे पहले यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं के खिलाफ केवल एक एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें जांच पूरी करने के बाद आरोप पत्र दायर किया गया था. अदालत को बताया गया कि अन्य शिकायतों पर कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है. इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि केवल एक एफआईआर दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप चार्जशीट हुई. इस पर अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की मांग उचित नहीं.
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मामले में शोधकर्ताओं की अगर माने तो विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि दुनिया भर में फिलहाल 43 करोड़ से अधिक लोग सुनने की अक्षमता से पीड़ित हैं।
वाशिंगटनः बीजेएम ग्लोबल हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार हेडफोन और इयरबड्स के इस्तेमाल से एक अरब से अधिक किशोर और युवा सुनने की क्षमता कमजोर होने के खतरे का सामना कर रहे हैं।
ऐसे में अध्ययनकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम ने कहा है कि दुनिया भर की सरकारों को श्रवण स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए "सुरक्षित श्रवण" नीतियों को तत्काल प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। इस टीम में अमेरिका के साउथ कैरोलाइना मेडिकल विश्वविद्यालय के अध्ययन कर्ता शामिल थे।
शोधकर्ताओं ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि दुनिया भर में फिलहाल 43 करोड़ से अधिक लोग सुनने की अक्षमता से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के ढुलमुल अनुपालन, स्मार्टफोन, हेडफोन और ईयरबड जैसे उपकरणों (पीएलडी) के उपयोग और उन स्थानों पर जाने के कारण युवा विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं, जहां तेज आवाज में संगीत बजाया जाता है।
पहले प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि पीएलडी उपयोगकर्ता अक्सर 105 डेसिबल (डीबी) की बहुत तेज आवाज सुनते हैं जबकि मनोरंजन स्थलों पर औसत ध्वनि स्तर 104 से 112 डीबी तक होता है। यह वयस्कों के लिए 80 डीबी और बच्चों के लिए 75 डीबी के स्वीकार्य ध्वनि स्तर से बहुत अधिक है।
गौरतलब है कि इस अध्ययन में 12 से 35 साल के 19,046 लोगों ने हिस्सा लिया। शोध में 33 अध्ययनों का इस्तेमाल किया गया।
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मामले में शोधकर्ताओं की अगर माने तो विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि दुनिया भर में फिलहाल तैंतालीस करोड़ से अधिक लोग सुनने की अक्षमता से पीड़ित हैं। वाशिंगटनः बीजेएम ग्लोबल हेल्थ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार हेडफोन और इयरबड्स के इस्तेमाल से एक अरब से अधिक किशोर और युवा सुनने की क्षमता कमजोर होने के खतरे का सामना कर रहे हैं। ऐसे में अध्ययनकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय टीम ने कहा है कि दुनिया भर की सरकारों को श्रवण स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए "सुरक्षित श्रवण" नीतियों को तत्काल प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। इस टीम में अमेरिका के साउथ कैरोलाइना मेडिकल विश्वविद्यालय के अध्ययन कर्ता शामिल थे। शोधकर्ताओं ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि दुनिया भर में फिलहाल तैंतालीस करोड़ से अधिक लोग सुनने की अक्षमता से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के ढुलमुल अनुपालन, स्मार्टफोन, हेडफोन और ईयरबड जैसे उपकरणों के उपयोग और उन स्थानों पर जाने के कारण युवा विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं, जहां तेज आवाज में संगीत बजाया जाता है। पहले प्रकाशित अध्ययन से पता चलता है कि पीएलडी उपयोगकर्ता अक्सर एक सौ पाँच डेसिबल की बहुत तेज आवाज सुनते हैं जबकि मनोरंजन स्थलों पर औसत ध्वनि स्तर एक सौ चार से एक सौ बारह डीबी तक होता है। यह वयस्कों के लिए अस्सी डीबी और बच्चों के लिए पचहत्तर डीबी के स्वीकार्य ध्वनि स्तर से बहुत अधिक है। गौरतलब है कि इस अध्ययन में बारह से पैंतीस साल के उन्नीस,छियालीस लोगों ने हिस्सा लिया। शोध में तैंतीस अध्ययनों का इस्तेमाल किया गया।
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- जिन चार नेताओं के खिलाफ राज्यपाल ने सीबीआई केस चलाने की इजाजत दी है उसमें फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और शोभन चटर्जी का नाम शामिल है.
कोलकाताः पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री और राज्यपाल में ठन गई है. राज्यपाल जगदीप घनखड़ ने टीएमसी के चार नेताओं के खिलाफ सीबीआई केस चलाने की इजाजत दे दी है. खास बात ये है कि ये चारों नेता कल सोमवार को मंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. जिन चार नेताओं के खिलाफ राज्यपाल ने सीबीआई केस चलाने की इजाजत दी है उसमें फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और शोभन चटर्जी का नाम शामिल है.
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- जिन चार नेताओं के खिलाफ राज्यपाल ने सीबीआई केस चलाने की इजाजत दी है उसमें फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और शोभन चटर्जी का नाम शामिल है. कोलकाताः पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री और राज्यपाल में ठन गई है. राज्यपाल जगदीप घनखड़ ने टीएमसी के चार नेताओं के खिलाफ सीबीआई केस चलाने की इजाजत दे दी है. खास बात ये है कि ये चारों नेता कल सोमवार को मंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं. जिन चार नेताओं के खिलाफ राज्यपाल ने सीबीआई केस चलाने की इजाजत दी है उसमें फिरहाद हाकिम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और शोभन चटर्जी का नाम शामिल है.
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Dhanbad : धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने 14 मार्च को झारखंड विधानसभा नियम 147 के तहत जिले में चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाया. कहा कि कई चिकित्सा पदाधिकारी पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं. ऐसे पदाधिकारियों की मनमानी से आम लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. जिले की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है. वेंटिलेटर कूड़ेदान में पड़े मिलते हैं. प्रसूताओं को अस्पताल के बरामदे में रखा जाता है. टीकाकरण में धनबाद पिछड़ रहा है. सदर अस्पताल की पैथोलॉजी रिपोर्ट गड़बड़ मिल रही है. उन्होंने सरकार से मांग की कि नियम विरुद्ध जो भी चिकित्सा पदाधिकारी निर्धारित समय से अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं. उन्हें तत्काल वहां से स्थानांतरित किया जाए. उनके कार्यकाल के क्रियाकलापों की जांच भी कराई जाए.
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Dhanbad : धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने चौदह मार्च को झारखंड विधानसभा नियम एक सौ सैंतालीस के तहत जिले में चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाया. कहा कि कई चिकित्सा पदाधिकारी पिछले दस वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं. ऐसे पदाधिकारियों की मनमानी से आम लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. जिले की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है. वेंटिलेटर कूड़ेदान में पड़े मिलते हैं. प्रसूताओं को अस्पताल के बरामदे में रखा जाता है. टीकाकरण में धनबाद पिछड़ रहा है. सदर अस्पताल की पैथोलॉजी रिपोर्ट गड़बड़ मिल रही है. उन्होंने सरकार से मांग की कि नियम विरुद्ध जो भी चिकित्सा पदाधिकारी निर्धारित समय से अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं. उन्हें तत्काल वहां से स्थानांतरित किया जाए. उनके कार्यकाल के क्रियाकलापों की जांच भी कराई जाए.
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4. सवाल- लेकिन कांग्रेस की बहुत-सी महिला नेता तो भाजपा का दामन थाम चुकी हैं?
जवाब- अब कोई महिला नेता पार्टी छोड़ कर भाजपा में नहीं जाएगी। जो गई हैं, वे भी वापस आने लगी हैं। उन्हें समझ आने लगा है कि लोग भाजपा को पसंद नहीं कर रहे हैं।
5. सवाल- कांग्रेस पार्टी में महिलाओं को कहां तरजीह दी जाती है। महिलाओं को टिकटें देने के मामले में कांग्रेस ने कोई गौर नहीं किया?
जवाब- ऐसा नहीं है। पार्टी ने उन महिलाओं को टिकट दिया है, जिनके जीतने की क्षमता थी। महिला कांग्रेस ने हरियाणा के विधानसभा चुनावों में दस सीटों की मांग की थी। पार्टी ने इस मांग पर गौर किया और जहां लगा कि वे जीत सकती हैं, वहां टिकट दिए भी। आप देख रहे हैं कि शैली, रेणु बाला जैसी महिला कांग्रेस नेता पहली बार में ही जीत कर विधानसभा में पहुंची हैं। निर्मल चौहान, वेणु अग्रवाल को टिकट दिया गया था। कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेताओं में किरण चौधरी, गीता भुक्कल और शकुंतला खटक ने भी अपनी जीत का सिलसिला बनाये रखा है।
6 सवाल- भाजपा ने इस बार 75 पार का नारा दिया था। इस बारे में आप क्या कहेंगी?
जवाब- यह नारा लोगों को भ्रमित करने के लिए दिया गया था। हकीकत यही है कि भाजपा भीतर से डरी हुई थी। जुमलों का सहारा ले रही थी। अगर भाजपा इतनी ही मजबूत थी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आखिर में हरियाणा में अपनी रैलियां बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी? भाजपा अपनी खराब स्थिति को समझ रही थी, इसीलिए प्रधानमंत्री को बार-बार बुलाया गया, फिर भी भाजपा को बहुमत नहीं मिल पाया, बल्कि पिछले चुनावों की तुलना में सीटें घट गईं।
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चार. सवाल- लेकिन कांग्रेस की बहुत-सी महिला नेता तो भाजपा का दामन थाम चुकी हैं? जवाब- अब कोई महिला नेता पार्टी छोड़ कर भाजपा में नहीं जाएगी। जो गई हैं, वे भी वापस आने लगी हैं। उन्हें समझ आने लगा है कि लोग भाजपा को पसंद नहीं कर रहे हैं। पाँच. सवाल- कांग्रेस पार्टी में महिलाओं को कहां तरजीह दी जाती है। महिलाओं को टिकटें देने के मामले में कांग्रेस ने कोई गौर नहीं किया? जवाब- ऐसा नहीं है। पार्टी ने उन महिलाओं को टिकट दिया है, जिनके जीतने की क्षमता थी। महिला कांग्रेस ने हरियाणा के विधानसभा चुनावों में दस सीटों की मांग की थी। पार्टी ने इस मांग पर गौर किया और जहां लगा कि वे जीत सकती हैं, वहां टिकट दिए भी। आप देख रहे हैं कि शैली, रेणु बाला जैसी महिला कांग्रेस नेता पहली बार में ही जीत कर विधानसभा में पहुंची हैं। निर्मल चौहान, वेणु अग्रवाल को टिकट दिया गया था। कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेताओं में किरण चौधरी, गीता भुक्कल और शकुंतला खटक ने भी अपनी जीत का सिलसिला बनाये रखा है। छः सवाल- भाजपा ने इस बार पचहत्तर पार का नारा दिया था। इस बारे में आप क्या कहेंगी? जवाब- यह नारा लोगों को भ्रमित करने के लिए दिया गया था। हकीकत यही है कि भाजपा भीतर से डरी हुई थी। जुमलों का सहारा ले रही थी। अगर भाजपा इतनी ही मजबूत थी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आखिर में हरियाणा में अपनी रैलियां बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी? भाजपा अपनी खराब स्थिति को समझ रही थी, इसीलिए प्रधानमंत्री को बार-बार बुलाया गया, फिर भी भाजपा को बहुमत नहीं मिल पाया, बल्कि पिछले चुनावों की तुलना में सीटें घट गईं।
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म्लेच्छदेशे तथा रात्रौ संध्यायां च विशेषतः ।
न श्राद्धमाचरेत्प्राज्ञो म्लेच्छदेशे न च व्रजेत् ॥३०॥ म्लेच्छों के देश में रात्रि में और विशेष रूप से सन्ध्याकाल में बुद्धिमान् श्राद्ध न करे और म्लेच्छों के देश में न जाए
हस्तिच्छायासु यद्दत्तं यद्दत्तं राहुदर्शने ।
विषुवत्ययने चैव सर्वमानन्त्यमुच्यते ।।३१।।
जो श्राद्ध गजच्छाया योग में दिया जाता है, जो राहुदर्शन (ग्रहण) में दिया जाता है, जो वैशाख अथवा श्रावण मास के अन्तिम दिन और जो मकर अथवा कर्कट सक्रान्ति में दिया जाता है, वह अनन्तता के लिये कहा गया है । प्रोष्ठपद्यामतीतायां मघायुक्तां त्रयोदशीम् ।
प्राप्य श्राद्धं तु कर्तव्यं मधुना पायसेन वा ।।३२।। प्रोष्ठपदी ( भाद्रपद की पूर्णिमा ) के बीत जाने पर मघा नक्षत्र से युक्तः त्रयोदशी को मधु अथवा खीर से श्राद्ध करे ।
प्रजा पुष्टि यशः स्वर्गमारोग्यं च धनं तथा ।
नृणां श्राद्धैः सदा प्रीताः प्रयच्छन्ति पितामहाः ॥३३॥ पितर गण मनुष्यों के द्वारा दिये हुए श्राद्धों से प्रसन्न होकर सदा सन्तान, पौष्टिकता, कोति, स्वर्ग, नीरोगता और धन प्रदान करते हैं ।
इति शाखीये धर्मशास्त्रे चतुर्दशोऽध्यायः ।
।। पञ्चदशोऽध्यायः ॥
अथ जननमरणाशौचवर्णनम् । जनने मरणे चैव सपिण्डानां द्विजोत्तमः ।
त्र्यहाच्छुद्धिमवाप्नोति योऽग्निवेदसमन्वितः ।।१।।
जो ब्राह्मण अग्निहोत्री और वेदपाठी है, वह सपिण्डों के जन्म और मरण
( सूतक और पातक ) मे तीन दिन में शुद्धि को प्राप्त हो जाता है ।
सपिण्डता तु पुरुषे सप्तमे विनिवर्तते । नामधारक विप्रस्तु दशाहेन विशुध्यति ।।२।।
सपिण्डता सातवीं पीढ़ी पर जाकर समाप्त हो जाती है। जो नाममात्र
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म्लेच्छदेशे तथा रात्रौ संध्यायां च विशेषतः । न श्राद्धमाचरेत्प्राज्ञो म्लेच्छदेशे न च व्रजेत् ॥तीस॥ म्लेच्छों के देश में रात्रि में और विशेष रूप से सन्ध्याकाल में बुद्धिमान् श्राद्ध न करे और म्लेच्छों के देश में न जाए हस्तिच्छायासु यद्दत्तं यद्दत्तं राहुदर्शने । विषुवत्ययने चैव सर्वमानन्त्यमुच्यते ।।इकतीस।। जो श्राद्ध गजच्छाया योग में दिया जाता है, जो राहुदर्शन में दिया जाता है, जो वैशाख अथवा श्रावण मास के अन्तिम दिन और जो मकर अथवा कर्कट सक्रान्ति में दिया जाता है, वह अनन्तता के लिये कहा गया है । प्रोष्ठपद्यामतीतायां मघायुक्तां त्रयोदशीम् । प्राप्य श्राद्धं तु कर्तव्यं मधुना पायसेन वा ।।बत्तीस।। प्रोष्ठपदी के बीत जाने पर मघा नक्षत्र से युक्तः त्रयोदशी को मधु अथवा खीर से श्राद्ध करे । प्रजा पुष्टि यशः स्वर्गमारोग्यं च धनं तथा । नृणां श्राद्धैः सदा प्रीताः प्रयच्छन्ति पितामहाः ॥तैंतीस॥ पितर गण मनुष्यों के द्वारा दिये हुए श्राद्धों से प्रसन्न होकर सदा सन्तान, पौष्टिकता, कोति, स्वर्ग, नीरोगता और धन प्रदान करते हैं । इति शाखीये धर्मशास्त्रे चतुर्दशोऽध्यायः । ।। पञ्चदशोऽध्यायः ॥ अथ जननमरणाशौचवर्णनम् । जनने मरणे चैव सपिण्डानां द्विजोत्तमः । त्र्यहाच्छुद्धिमवाप्नोति योऽग्निवेदसमन्वितः ।।एक।। जो ब्राह्मण अग्निहोत्री और वेदपाठी है, वह सपिण्डों के जन्म और मरण मे तीन दिन में शुद्धि को प्राप्त हो जाता है । सपिण्डता तु पुरुषे सप्तमे विनिवर्तते । नामधारक विप्रस्तु दशाहेन विशुध्यति ।।दो।। सपिण्डता सातवीं पीढ़ी पर जाकर समाप्त हो जाती है। जो नाममात्र
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जानकारी के लिए बता दें स्कोडा ने भी अपने सभी डीजल इंजनों को बंद कर दिया है। यानी Kushaq को सिर्फ दो पेट्रोल इंजन विकल्पों के साथ पेश किया जाएगा। इसमें 1. 0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन होगा जो 110 पीएस की पावर और 175 एनएम का टार्क जनरेट करता है।
नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। Skoda Kushaq Launch Update: स्कोडा इंडिया ने हाल ही में भारतीय बाजार के लिए अपनी नई मिड साइज एसयूवी को पेश किया है। इस कार को सबसे पहले कंपनी ने पिछले साल ऑटो एक्सपो में शोकेस किया गया था। जिसका नाम विजन इन कॉन्सेप्ट रखा गया। यह MQB A0 IN प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है, और फॉक्सवैगन समूह की भारत 2. 0 स्ट्रेटेजी के तहत तैयार होने वाली पहली कार भी है। फिलहाल कंपनी ने इस कार का एक वीडियो अपने YouTube चैनल पर अपलोड किया है। जो कुशाक के डिजाइन के बारे में काफी जानकारी देता है।
कंपनी की अन्य गाड़ियों के समान डिजाइनः सामने आए वीडियो में कंपनी की सिगन्नेचर फ्रंट ग्रिल के साथ शुरुआत होती है। इसके साथ ही प्रीमियम फील देने के लिए स्कोडा ने ग्रिल के चारों ओर क्रोम गार्निश या बॉर्डर दिया है। इसके साथ ही इसमें शार्प और स्लिक हेडलैम्प भी दिखाई देते हैं। वहीं इंटीग्रेटिड एलईडी डीआरएल के साथ क्रिस्टलीय एलईडी हेडलाइट्स दी गई है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस कार का डिजाइन कंपनी की अन्य गाड़ियों से कुछ खास अलग नहीं है। रियर में एलईडी स्प्लिट एलईडी टेल लाइट्स दी गई हैं जो अब लगभग हर कार में एक आम बात हैं। रिफ्लेक्टर को टेल लैंप के नीचे और रियर बम्पर को ड्यूल टोन ट्रीटमेंट दिया गया है। जिसमें नीचे सिल्वर कलर के फॉक्स स्किड प्लेट लगे हैं। इसमें बड़े 17 इंच के ड्यूल टोन अलॉय व्हील भी मिलते है जो कार को प्रीमियम लुक देते हैं।
2 पेट्रोल इंजन का मिलेगा विकल्पः जानकारी के लिए बता दें, स्कोडा ने भी अपने सभी डीजल इंजनों को बंद कर दिया है। यानी कुशाक को सिर्फ दो पेट्रोल इंजन विकल्पों के साथ पेश किया जाएगा। इसमें 1. 0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन होगा जो 110 पीएस की पावर और 175 एनएम का टार्क जनरेट करता है। यह इंजन मैनुअल गियरबॉक्स से लैस होगा। इसके साथ ही कंपनी इसमें 1. 5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन का भी विकल्प देगी। जो 150 Ps की पावर और 250 Nm का टार्क जनरेट करता है। यह इंजन 7-स्पीड DSG और 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आएगा।
इंटीरियर की दिखी एक झलकः वीडियो इंटीरियर पर ज्यादा जोर नहीं देता है लेकिन जाहिर है कि सेगमेंट की मांग को देखते हुए कंपनी इसमें प्रीमियम कैबिन देगी। इसमें एंबियंट लाइटिंग, डोर सिल लाइट, मोबाइल पॉकेट, वायरलेस फोन चार्जर, वेंटिलेटिड फ्रंट सीटें, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर आदि दिए गए हैं। कुशाक को एबीएस, ईबीडी जैसे सुरक्षा फीचर्स भी दिए गए हैं।
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जानकारी के लिए बता दें स्कोडा ने भी अपने सभी डीजल इंजनों को बंद कर दिया है। यानी Kushaq को सिर्फ दो पेट्रोल इंजन विकल्पों के साथ पेश किया जाएगा। इसमें एक. शून्य लीटरटर टर्बो पेट्रोल इंजन होगा जो एक सौ दस पीएस की पावर और एक सौ पचहत्तर एनएम का टार्क जनरेट करता है। नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। Skoda Kushaq Launch Update: स्कोडा इंडिया ने हाल ही में भारतीय बाजार के लिए अपनी नई मिड साइज एसयूवी को पेश किया है। इस कार को सबसे पहले कंपनी ने पिछले साल ऑटो एक्सपो में शोकेस किया गया था। जिसका नाम विजन इन कॉन्सेप्ट रखा गया। यह MQB Aशून्य IN प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है, और फॉक्सवैगन समूह की भारत दो. शून्य स्ट्रेटेजी के तहत तैयार होने वाली पहली कार भी है। फिलहाल कंपनी ने इस कार का एक वीडियो अपने YouTube चैनल पर अपलोड किया है। जो कुशाक के डिजाइन के बारे में काफी जानकारी देता है। कंपनी की अन्य गाड़ियों के समान डिजाइनः सामने आए वीडियो में कंपनी की सिगन्नेचर फ्रंट ग्रिल के साथ शुरुआत होती है। इसके साथ ही प्रीमियम फील देने के लिए स्कोडा ने ग्रिल के चारों ओर क्रोम गार्निश या बॉर्डर दिया है। इसके साथ ही इसमें शार्प और स्लिक हेडलैम्प भी दिखाई देते हैं। वहीं इंटीग्रेटिड एलईडी डीआरएल के साथ क्रिस्टलीय एलईडी हेडलाइट्स दी गई है। कुल मिलाकर देखा जाए तो इस कार का डिजाइन कंपनी की अन्य गाड़ियों से कुछ खास अलग नहीं है। रियर में एलईडी स्प्लिट एलईडी टेल लाइट्स दी गई हैं जो अब लगभग हर कार में एक आम बात हैं। रिफ्लेक्टर को टेल लैंप के नीचे और रियर बम्पर को ड्यूल टोन ट्रीटमेंट दिया गया है। जिसमें नीचे सिल्वर कलर के फॉक्स स्किड प्लेट लगे हैं। इसमें बड़े सत्रह इंच के ड्यूल टोन अलॉय व्हील भी मिलते है जो कार को प्रीमियम लुक देते हैं। दो पेट्रोल इंजन का मिलेगा विकल्पः जानकारी के लिए बता दें, स्कोडा ने भी अपने सभी डीजल इंजनों को बंद कर दिया है। यानी कुशाक को सिर्फ दो पेट्रोल इंजन विकल्पों के साथ पेश किया जाएगा। इसमें एक. शून्य लीटरटर टर्बो पेट्रोल इंजन होगा जो एक सौ दस पीएस की पावर और एक सौ पचहत्तर एनएम का टार्क जनरेट करता है। यह इंजन मैनुअल गियरबॉक्स से लैस होगा। इसके साथ ही कंपनी इसमें एक. पाँच लीटरटर टर्बो पेट्रोल इंजन का भी विकल्प देगी। जो एक सौ पचास Ps की पावर और दो सौ पचास Nm का टार्क जनरेट करता है। यह इंजन सात-स्पीड DSG और छः-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आएगा। इंटीरियर की दिखी एक झलकः वीडियो इंटीरियर पर ज्यादा जोर नहीं देता है लेकिन जाहिर है कि सेगमेंट की मांग को देखते हुए कंपनी इसमें प्रीमियम कैबिन देगी। इसमें एंबियंट लाइटिंग, डोर सिल लाइट, मोबाइल पॉकेट, वायरलेस फोन चार्जर, वेंटिलेटिड फ्रंट सीटें, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन, डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर आदि दिए गए हैं। कुशाक को एबीएस, ईबीडी जैसे सुरक्षा फीचर्स भी दिए गए हैं।
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KORJA, KOT STOND name for
नाम मौरनं हटी कलह की भो। बौंड़ा पता भवरा नछोड़े कोर॥भ● कहें कबीर मन मुझरी गढ़ाव। एकएक न केटी को दो दो लगाव ॥५०॥
।। विलावल ।।
मैं रघुबर सङ्ग जायब माई ॥ ध्रु० ॥
बऩमें जायव बन फल खापबच नही चिपति गँवायच माई ॥ में ॥ थाकल ऐहैं चरण धोई पीबूं । शीतल वेनियां डोचायव माई में ॥ रेशम की डोरी हाथ कुमण्डल । अपने भरि नेह लायब माई॥ मैं ० ॥ जिमन जे हैं कन्द मून लें हैं। मैं बहु भांति बनायव माई ॥ ॥ तुलसीदास प्रमुके दस्शको । हरिके चरण चितलायब माई ॥ मैं ॥ ।। ठुमरी ताल झंझौटी ॥
लजानी रसमाती गोरी चलत अंगनैया ॥ ध्रु० ।। तनपति हरषि सर्वारि बदन श्रुति कनक तौल सोरी । जलधिन, जलधित सींचि मनोहर मुख पंकज, मोरी ॥ सुनत बारु चरचा बिहानति गो वृषभ तोगी । मधवारन दुति हेरि फेरि उग बोले श्रुविजोरी ॥ मंगल जननि ध्यान धरे लेखती कारुड रस घोरी । दुरजन लेखत उचित समय मधु सासु ननँद चोरी ॥ श्याम सखे छवि आम बिरावौ फिरिकिरिना बौरी । ॥ विहाग ताल जती ॥
चलु सखी पौढ़े राजकिशोर ।।
कनक भवन के लजित भवन में द्युति दामिनि छविजो!! जनक लली चरनन पर लोटत रस बस करि घन घो! ! महलन में मञ्जीर अबापे मधुरी तानन मोर । श्याम सखे सखि पीत पिताम्बर ले आई बड़े भोर ।।
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KORJA, KOT STOND name for नाम मौरनं हटी कलह की भो। बौंड़ा पता भवरा नछोड़े कोर॥भ● कहें कबीर मन मुझरी गढ़ाव। एकएक न केटी को दो दो लगाव ॥पचास॥ ।। विलावल ।। मैं रघुबर सङ्ग जायब माई ॥ ध्शून्य रुपया ॥ बऩमें जायव बन फल खापबच नही चिपति गँवायच माई ॥ में ॥ थाकल ऐहैं चरण धोई पीबूं । शीतल वेनियां डोचायव माई में ॥ रेशम की डोरी हाथ कुमण्डल । अपने भरि नेह लायब माई॥ मैं शून्य ॥ जिमन जे हैं कन्द मून लें हैं। मैं बहु भांति बनायव माई ॥ ॥ तुलसीदास प्रमुके दस्शको । हरिके चरण चितलायब माई ॥ मैं ॥ ।। ठुमरी ताल झंझौटी ॥ लजानी रसमाती गोरी चलत अंगनैया ॥ ध्शून्य रुपया ।। तनपति हरषि सर्वारि बदन श्रुति कनक तौल सोरी । जलधिन, जलधित सींचि मनोहर मुख पंकज, मोरी ॥ सुनत बारु चरचा बिहानति गो वृषभ तोगी । मधवारन दुति हेरि फेरि उग बोले श्रुविजोरी ॥ मंगल जननि ध्यान धरे लेखती कारुड रस घोरी । दुरजन लेखत उचित समय मधु सासु ननँद चोरी ॥ श्याम सखे छवि आम बिरावौ फिरिकिरिना बौरी । ॥ विहाग ताल जती ॥ चलु सखी पौढ़े राजकिशोर ।। कनक भवन के लजित भवन में द्युति दामिनि छविजो!! जनक लली चरनन पर लोटत रस बस करि घन घो! ! महलन में मञ्जीर अबापे मधुरी तानन मोर । श्याम सखे सखि पीत पिताम्बर ले आई बड़े भोर ।।
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देश कोरोना महामारी, ताउते जैसे तूफान से जूझ रहा है. लेकिन राजनीतिक पार्टियां टूलकिट विवाद में फंस कर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं. जहां भारतीय जनता पार्टी इसे देश और पीएम को बदनाम करने का सामान बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे बीजेपी का झूठ और साजिश करार दे रही है.
टूलकिट, (Toolkit) टर्म पुराना है. पर्यावरणवादी ग्रेटा थनबर्ग ने पिछले दिनों इसे जन-जन तक पहुंचाया था. तब खुद टूलकिटवादी राजनीतिक पार्टियों (Political Parties) ने इसे अपने-अपने तरीके से भुनाया. भक्तों और कुभक्तों को सोशल मीडिया यूनिवर्सिटीज (Social Media University) पर तर्कों-वितर्कों और कुतर्कों की जुगाली से लेकर उल्टी का सुअवसर मिला. उम्मीद है भूले नहीं होंगे आप. लिहाजा इससे ज्यादा बैकग्राउंडर में जाने की जरूरत नहीं है. अब एक नया टूलकिट हाजिर है.'सोशल मीडिया संप्रदाय' के लिए आपदा में यह भी एक अवसर है. लॉकडाउन (Lockdown) की निकम्माग्रस्त अवस्था में प्रलाप और विलाप का लोकलुभावन ऑफर है. बीजेपी (BJP) कहती है कि टूलकिट कांग्रेसी है. कांग्रेस (Congress) कहती है कि यह बीजेपी की साजिश है.
सच्चा कौन है और कौन झूठा, इसका नहीं पता. लेकिन इतना सच ज़रूर है कि टूलकिटनुमा चंद पन्ने छिछली बौद्धिक जुगाली के बाजार में सर्कुलेट हो रहे हैं. किसी को डिसओन (Disown) कर देने से उसका वजूद नहीं मिट जाता. होता तो वह तब भी है. बस पता ये करना होता है कि उसके होने की वजह कौन है? उसके होने के पीछे कौन है? सामने आए 'टूलकिट' के इन पैमानों पर अग्निपरीक्षा अभी बाकी है.
संयोग से ठीक उसी दिन कोविड से जुड़ी सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट केंद्र के कामकाज पर कहता है, 'भगवान इस देश को बचाए.' हाईकोर्ट की टिप्पणी में 'कुभक्तों' ने मौका ढूंढ लिया. हिसाब बराबर. अब कोई इन्हें कैसे बताए कि सच तो ये है कि भगवान कोई टूलकिट बनाएं और देश को बस आप दोनों से किसी तरह बचा लें. फिर सरकार भी अपना काम कर लेगी और विपक्ष भी अपनी जिम्मेदारी निभा लेगा.
देखते ही देखते एजेंडा बदला. कई-कई घंटे एयरटाइम 'टूलकिट संवाद' में समर्पित हुआ. समाचार चैनल्स के स्क्रीन्स फौरी तौर पर हताश और परेशान करती तस्वीरों से मुक्त हए. देश-दुनिया के जाने-माने चिकित्सक और एक्सपर्ट कहते रहे कि महामारी की नकारात्मक तस्वीरें और खबरें कम दिखाएं, दर्शक इन्हें देखने से बचें. कहां कोई मानने वाला था या है! लेकिन टूलकिट कांड ने वह कर दिया, जो बेचारे बड़े-बड़े डॉक्टर और मोनचिकित्सक नहीं कर पाए. टीवी पर कई-कई घंटे भक्तों-कुभक्तों के संवाद में गुजर चुके हैं. जिन्हें वहां मौका नहीं मिला, वे सोशल मीडिया संप्रदाय के बीच 'टूलकिट विशेषज्ञ' बने बैठे हैं. भले ही ग्रेटा थनबर्ग एपिसोड से पहले कभी टूलकिट शब्द सुना भी न हो.
मौजूदा टूलकिट की पैदाईश का पता चलने तक अभी न जाने कितने घंटे सोशल मीडिया की इस नाजायज संतान पर टीवी वाले समर्पित करते रहेंगे. अच्छा ही है. ट्रैजडी की तस्वीरों की जगह कॉमेडी ने ले ली है. पार्टियों के प्रवक्ताओं को कुछ दिनों से देश के मातम के मुताबिक भाव-भंगिमाएं बनाकर स्क्रीन पर नमूदार होने की मजबूरी मिट गई है. टूलकिट पर व्यंग्य बाण से लेकर हंसी-ठिठोली सब-कुछ होने लगी है.
वैसे दिलचस्प बात एक और है. इन टूलकिट्स पर मीडिया वालों की टूलकिट भी फौरन तैयार हो जाती है. मीडिया की ये टूलकिट इस बात पर होती है कि जो टूलकिट बाजार में आई है, उसे हैंडल कैसे करना है? भाजपाइयों से कैसे सवाल करने हैं? कांग्रेसियों से क्या पूछना है? खुद में चलते-फिरते टूलकिट बन चुके विशेषज्ञों से कैसी बातें करनी हैं? वगैरह-वगैरह. और हां, ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर आम जनता को टीआरपी का टूल कैसे बनाना है इस काम में माहिर मीडिया वालों का रेडिमेड टूलकिट तो हमेशा तैयार ही होता है.
कामवाली बाई की टूलकिट!
सबके अपने-अपने टूलकिट हैं. देश और देशवासी इनके लिए टूल हैं. सत्ता पक्ष के लिए सत्तासुख भोगने का टूल. विपक्ष के लिए हम राजनीति के टूल हैं. मीडिया के लिए हम उनकी टीआरपी के टूल हैं. लेकिन इन्हें ही क्यों कोसें? हमारी कामवाली बाई भी तो हमें हैंडल करने के लिए टूलकिट बनाती है. मूड देखकर ही छुट्टी मांगती है. घर में दो पैसे की बरकत देखकर ही अपनी सैलरी बढ़ाने की बात करती है. और हां, एक काम ज्यादा करा लो तो अगले दिन तबीयत खराब होने का फोन भी तो प्री-प्रोग्राम्ड टूलकिट के आधार पर ही करती है.
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देश कोरोना महामारी, ताउते जैसे तूफान से जूझ रहा है. लेकिन राजनीतिक पार्टियां टूलकिट विवाद में फंस कर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं. जहां भारतीय जनता पार्टी इसे देश और पीएम को बदनाम करने का सामान बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे बीजेपी का झूठ और साजिश करार दे रही है. टूलकिट, टर्म पुराना है. पर्यावरणवादी ग्रेटा थनबर्ग ने पिछले दिनों इसे जन-जन तक पहुंचाया था. तब खुद टूलकिटवादी राजनीतिक पार्टियों ने इसे अपने-अपने तरीके से भुनाया. भक्तों और कुभक्तों को सोशल मीडिया यूनिवर्सिटीज पर तर्कों-वितर्कों और कुतर्कों की जुगाली से लेकर उल्टी का सुअवसर मिला. उम्मीद है भूले नहीं होंगे आप. लिहाजा इससे ज्यादा बैकग्राउंडर में जाने की जरूरत नहीं है. अब एक नया टूलकिट हाजिर है.'सोशल मीडिया संप्रदाय' के लिए आपदा में यह भी एक अवसर है. लॉकडाउन की निकम्माग्रस्त अवस्था में प्रलाप और विलाप का लोकलुभावन ऑफर है. बीजेपी कहती है कि टूलकिट कांग्रेसी है. कांग्रेस कहती है कि यह बीजेपी की साजिश है. सच्चा कौन है और कौन झूठा, इसका नहीं पता. लेकिन इतना सच ज़रूर है कि टूलकिटनुमा चंद पन्ने छिछली बौद्धिक जुगाली के बाजार में सर्कुलेट हो रहे हैं. किसी को डिसओन कर देने से उसका वजूद नहीं मिट जाता. होता तो वह तब भी है. बस पता ये करना होता है कि उसके होने की वजह कौन है? उसके होने के पीछे कौन है? सामने आए 'टूलकिट' के इन पैमानों पर अग्निपरीक्षा अभी बाकी है. संयोग से ठीक उसी दिन कोविड से जुड़ी सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट केंद्र के कामकाज पर कहता है, 'भगवान इस देश को बचाए.' हाईकोर्ट की टिप्पणी में 'कुभक्तों' ने मौका ढूंढ लिया. हिसाब बराबर. अब कोई इन्हें कैसे बताए कि सच तो ये है कि भगवान कोई टूलकिट बनाएं और देश को बस आप दोनों से किसी तरह बचा लें. फिर सरकार भी अपना काम कर लेगी और विपक्ष भी अपनी जिम्मेदारी निभा लेगा. देखते ही देखते एजेंडा बदला. कई-कई घंटे एयरटाइम 'टूलकिट संवाद' में समर्पित हुआ. समाचार चैनल्स के स्क्रीन्स फौरी तौर पर हताश और परेशान करती तस्वीरों से मुक्त हए. देश-दुनिया के जाने-माने चिकित्सक और एक्सपर्ट कहते रहे कि महामारी की नकारात्मक तस्वीरें और खबरें कम दिखाएं, दर्शक इन्हें देखने से बचें. कहां कोई मानने वाला था या है! लेकिन टूलकिट कांड ने वह कर दिया, जो बेचारे बड़े-बड़े डॉक्टर और मोनचिकित्सक नहीं कर पाए. टीवी पर कई-कई घंटे भक्तों-कुभक्तों के संवाद में गुजर चुके हैं. जिन्हें वहां मौका नहीं मिला, वे सोशल मीडिया संप्रदाय के बीच 'टूलकिट विशेषज्ञ' बने बैठे हैं. भले ही ग्रेटा थनबर्ग एपिसोड से पहले कभी टूलकिट शब्द सुना भी न हो. मौजूदा टूलकिट की पैदाईश का पता चलने तक अभी न जाने कितने घंटे सोशल मीडिया की इस नाजायज संतान पर टीवी वाले समर्पित करते रहेंगे. अच्छा ही है. ट्रैजडी की तस्वीरों की जगह कॉमेडी ने ले ली है. पार्टियों के प्रवक्ताओं को कुछ दिनों से देश के मातम के मुताबिक भाव-भंगिमाएं बनाकर स्क्रीन पर नमूदार होने की मजबूरी मिट गई है. टूलकिट पर व्यंग्य बाण से लेकर हंसी-ठिठोली सब-कुछ होने लगी है. वैसे दिलचस्प बात एक और है. इन टूलकिट्स पर मीडिया वालों की टूलकिट भी फौरन तैयार हो जाती है. मीडिया की ये टूलकिट इस बात पर होती है कि जो टूलकिट बाजार में आई है, उसे हैंडल कैसे करना है? भाजपाइयों से कैसे सवाल करने हैं? कांग्रेसियों से क्या पूछना है? खुद में चलते-फिरते टूलकिट बन चुके विशेषज्ञों से कैसी बातें करनी हैं? वगैरह-वगैरह. और हां, ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर आम जनता को टीआरपी का टूल कैसे बनाना है इस काम में माहिर मीडिया वालों का रेडिमेड टूलकिट तो हमेशा तैयार ही होता है. कामवाली बाई की टूलकिट! सबके अपने-अपने टूलकिट हैं. देश और देशवासी इनके लिए टूल हैं. सत्ता पक्ष के लिए सत्तासुख भोगने का टूल. विपक्ष के लिए हम राजनीति के टूल हैं. मीडिया के लिए हम उनकी टीआरपी के टूल हैं. लेकिन इन्हें ही क्यों कोसें? हमारी कामवाली बाई भी तो हमें हैंडल करने के लिए टूलकिट बनाती है. मूड देखकर ही छुट्टी मांगती है. घर में दो पैसे की बरकत देखकर ही अपनी सैलरी बढ़ाने की बात करती है. और हां, एक काम ज्यादा करा लो तो अगले दिन तबीयत खराब होने का फोन भी तो प्री-प्रोग्राम्ड टूलकिट के आधार पर ही करती है.
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नई दिल्ली : कांगेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद व प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वॉड्रा ने दोहराया की में भी एक आम नागरिक हूँ तथा इसलिए मेरी सरकार से गुजारिश है की वे मेरा नाम बिना सुरक्षा जांच के हवाई अड्डे में प्रवेश पाने वाले वीवीआईपी या वीआईपी सूची से हटाए यह जानकारी रॉबर्ट वॉड्रा ने सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक पर देते हुए कही वॉड्रा ने आगे कहा की मुझे एक आम भारतीय नागरिक होने पर गौरव है,
मैं इस मामले पर पहले भी अपनी सहमति भेज चुका हूँ कि मेरा नाम इस सूची से हटाया जाए. मेरी तरफ से मामला स्पष्ट है, राबर्ट वॉड्रा ने कहा की सरकार का विश्लेषण कहता है कि मुझे किसी तरह का खतरा नहीं है और मेरा नाम इस सूची में रखने की आवश्यकता नहीं है, तो फिर सूची से मेरा नाम हटाने में सरकार दोहरापन क्यों दिखा रही है. लगता है कि प्रत्येक हवाईअड्डे पर में व्यक्तिरूप से जाकर इस सूची से मैं अपना नाम हटाऊं, इससे कुछ होगा. या यह मेरी छवि को खराब करने का प्रयास है. इस तरह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वॉड्रा ने इस सूची से अपने नाम को हटाए जाने की पुरजोर मांग की.
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नई दिल्ली : कांगेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद व प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वॉड्रा ने दोहराया की में भी एक आम नागरिक हूँ तथा इसलिए मेरी सरकार से गुजारिश है की वे मेरा नाम बिना सुरक्षा जांच के हवाई अड्डे में प्रवेश पाने वाले वीवीआईपी या वीआईपी सूची से हटाए यह जानकारी रॉबर्ट वॉड्रा ने सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक पर देते हुए कही वॉड्रा ने आगे कहा की मुझे एक आम भारतीय नागरिक होने पर गौरव है, मैं इस मामले पर पहले भी अपनी सहमति भेज चुका हूँ कि मेरा नाम इस सूची से हटाया जाए. मेरी तरफ से मामला स्पष्ट है, राबर्ट वॉड्रा ने कहा की सरकार का विश्लेषण कहता है कि मुझे किसी तरह का खतरा नहीं है और मेरा नाम इस सूची में रखने की आवश्यकता नहीं है, तो फिर सूची से मेरा नाम हटाने में सरकार दोहरापन क्यों दिखा रही है. लगता है कि प्रत्येक हवाईअड्डे पर में व्यक्तिरूप से जाकर इस सूची से मैं अपना नाम हटाऊं, इससे कुछ होगा. या यह मेरी छवि को खराब करने का प्रयास है. इस तरह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वॉड्रा ने इस सूची से अपने नाम को हटाए जाने की पुरजोर मांग की.
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- चोरी किए गए टोकन में बिटकॉइन, एथेरियम और TRON शामिल हैं।
- निजी कुंजियों के लीक होने के कारण हैकिंग की घटना हो सकती है। जांच चल रही थी.
23 जुलाई को क्रिप्टो भुगतान प्रोसेसर अल्फापो पर हॉट वॉलेट से 31 मिलियन डॉलर से अधिक की क्रिप्टो संपत्ति हैक कर ली गई थी।
चुराए गए टोकन भी शामिल हैं Bitcoin [BTC], Ethereum [ETH] और ट्रोन [TRX]. चूँकि चोरी हुए बिटकॉइन टोकन की संख्या अनिश्चित थी, चोरी की मात्रा और भी अधिक हो सकती है।
DeDotFi ने उसी दिन ट्विटर पर विवरण साझा किया जिस दिन हैकिंग की घटना हुई थी। इससे पता चलता है कि निजी चाबियों के लीक होने के कारण हैकिंग की घटना हुई।
$31,000,000 से अधिक की चोरी, रिपोर्टों के अनुसार ~$100 मिलियन तक की चोरी।
एथेरियम, ट्रॉन और बीटीसी पर हॉट वॉलेट हैक कर लिया गया था। चुराए गए धन की अदला-बदली की गई और विभिन्न ईओए के बीच वितरित किया गया।
हैकर्स ने सबसे पहले चुराए गए फंड को ETH में बदला। बाद में, उन्होंने इन फंडों को एवलांच और बिटकॉइन के माध्यम से भेजा। इससे जांचकर्ताओं के लिए लेनदेन इतिहास का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
अल्फ़ापो एक भुगतान प्रोसेसर है जो 30 से अधिक डिजिटल परिसंपत्तियों में त्वरित लेनदेन की अनुमति देता है। यह विभिन्न प्रकार की फ़िएट मुद्राओं को भी पूरा करता है। प्रोसेसर मुख्य रूप से हाइपड्रॉप, इग्निशन और बोवाडा सहित कई जुआ प्लेटफार्मों के लिए क्रिप्टोकरेंसी गेटवे के रूप में कार्य करता है।
अल्फ़ापो के प्रमुख ग्राहकों में से एक, हाइपड्रॉप ने सुरक्षा घटना के बाद तुरंत सभी क्रिप्टो लेनदेन को संसाधित करना बंद कर दिया।
🚨 एक अद्यतन!
हाल ही में चल रहे जमा और निकासी के मुद्दों के कारण हुई किसी भी असुविधा के लिए हम क्षमा चाहते हैं। कृपया जान लें कि आपके हाइपड्रॉप फंड सुरक्षित हैं, लेकिन हमें क्रिप्टोकरेंसी प्रदाता की ओर से एक समस्या का सामना करना पड़ा।
हाइपड्रॉप ने अपने उपयोगकर्ताओं को ईटीएच और टीआरएक्स जमा के अलावा बीटीसी, ईटीएच और टीआरएक्स निकासी के साथ जारी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। कंपनी कठिनाइयों को दूर करने और परिचालन को सामान्य स्थिति में लाने के लिए अपने प्रदाता के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही थी। इसने अपने ग्राहकों को अपने फंड की सुरक्षा के बारे में आश्वासन दिया।
अल्फ़ापो क्रिप्टो हैक ने क्रिप्टोकुरेंसी उद्योग के भीतर सुरक्षा चिंताओं को पुनर्जीवित कर दिया है, बाजार हितधारकों को विनाशकारी क्रिप्टो हमलों की वर्तमान संभावना के बारे में चेतावनी दी है। जैसे-जैसे क्रिप्टोकरेंसी अधिक लोकप्रिय हो रही है, अधिक हैकर सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाने के लिए भुगतान प्रोसेसर और एक्सचेंजों को लक्षित कर रहे हैं।
हमें क्रिप्टो भुगतान प्रोसेसर और एक्सचेंजों के प्रति नियामक संगठनों के प्रतिकूल रवैये को आकार देने में ऐसे क्रिप्टो हैक्स के महत्व को भी कम नहीं आंकना चाहिए।
मौजूदा नियमों का अनुपालन, साथ ही अतिरिक्त सुरक्षा का कार्यान्वयन, दीर्घकालिक संचालन के लिए क्रिप्टो प्लेटफार्मों के लिए महत्वपूर्ण होगा। लंबे समय से, उद्योग हितधारकों ने व्यापक सुरक्षा मानकों के निर्माण के लिए नियामकों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने के महत्व पर जोर दिया है जो नवाचार को कम किए बिना उपभोक्ताओं की रक्षा करते हैं।
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- चोरी किए गए टोकन में बिटकॉइन, एथेरियम और TRON शामिल हैं। - निजी कुंजियों के लीक होने के कारण हैकिंग की घटना हो सकती है। जांच चल रही थी. तेईस जुलाई को क्रिप्टो भुगतान प्रोसेसर अल्फापो पर हॉट वॉलेट से इकतीस मिलियन डॉलर से अधिक की क्रिप्टो संपत्ति हैक कर ली गई थी। चुराए गए टोकन भी शामिल हैं Bitcoin [BTC], Ethereum [ETH] और ट्रोन [TRX]. चूँकि चोरी हुए बिटकॉइन टोकन की संख्या अनिश्चित थी, चोरी की मात्रा और भी अधिक हो सकती है। DeDotFi ने उसी दिन ट्विटर पर विवरण साझा किया जिस दिन हैकिंग की घटना हुई थी। इससे पता चलता है कि निजी चाबियों के लीक होने के कारण हैकिंग की घटना हुई। इकतीस डॉलर,शून्य,शून्य से अधिक की चोरी, रिपोर्टों के अनुसार ~एक सौ डॉलर मिलियन तक की चोरी। एथेरियम, ट्रॉन और बीटीसी पर हॉट वॉलेट हैक कर लिया गया था। चुराए गए धन की अदला-बदली की गई और विभिन्न ईओए के बीच वितरित किया गया। हैकर्स ने सबसे पहले चुराए गए फंड को ETH में बदला। बाद में, उन्होंने इन फंडों को एवलांच और बिटकॉइन के माध्यम से भेजा। इससे जांचकर्ताओं के लिए लेनदेन इतिहास का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। अल्फ़ापो एक भुगतान प्रोसेसर है जो तीस से अधिक डिजिटल परिसंपत्तियों में त्वरित लेनदेन की अनुमति देता है। यह विभिन्न प्रकार की फ़िएट मुद्राओं को भी पूरा करता है। प्रोसेसर मुख्य रूप से हाइपड्रॉप, इग्निशन और बोवाडा सहित कई जुआ प्लेटफार्मों के लिए क्रिप्टोकरेंसी गेटवे के रूप में कार्य करता है। अल्फ़ापो के प्रमुख ग्राहकों में से एक, हाइपड्रॉप ने सुरक्षा घटना के बाद तुरंत सभी क्रिप्टो लेनदेन को संसाधित करना बंद कर दिया। 🚨 एक अद्यतन! हाल ही में चल रहे जमा और निकासी के मुद्दों के कारण हुई किसी भी असुविधा के लिए हम क्षमा चाहते हैं। कृपया जान लें कि आपके हाइपड्रॉप फंड सुरक्षित हैं, लेकिन हमें क्रिप्टोकरेंसी प्रदाता की ओर से एक समस्या का सामना करना पड़ा। हाइपड्रॉप ने अपने उपयोगकर्ताओं को ईटीएच और टीआरएक्स जमा के अलावा बीटीसी, ईटीएच और टीआरएक्स निकासी के साथ जारी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। कंपनी कठिनाइयों को दूर करने और परिचालन को सामान्य स्थिति में लाने के लिए अपने प्रदाता के साथ सक्रिय रूप से काम कर रही थी। इसने अपने ग्राहकों को अपने फंड की सुरक्षा के बारे में आश्वासन दिया। अल्फ़ापो क्रिप्टो हैक ने क्रिप्टोकुरेंसी उद्योग के भीतर सुरक्षा चिंताओं को पुनर्जीवित कर दिया है, बाजार हितधारकों को विनाशकारी क्रिप्टो हमलों की वर्तमान संभावना के बारे में चेतावनी दी है। जैसे-जैसे क्रिप्टोकरेंसी अधिक लोकप्रिय हो रही है, अधिक हैकर सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाने के लिए भुगतान प्रोसेसर और एक्सचेंजों को लक्षित कर रहे हैं। हमें क्रिप्टो भुगतान प्रोसेसर और एक्सचेंजों के प्रति नियामक संगठनों के प्रतिकूल रवैये को आकार देने में ऐसे क्रिप्टो हैक्स के महत्व को भी कम नहीं आंकना चाहिए। मौजूदा नियमों का अनुपालन, साथ ही अतिरिक्त सुरक्षा का कार्यान्वयन, दीर्घकालिक संचालन के लिए क्रिप्टो प्लेटफार्मों के लिए महत्वपूर्ण होगा। लंबे समय से, उद्योग हितधारकों ने व्यापक सुरक्षा मानकों के निर्माण के लिए नियामकों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने के महत्व पर जोर दिया है जो नवाचार को कम किए बिना उपभोक्ताओं की रक्षा करते हैं।
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कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (केएमसी) ने स्टाफ नर्स के 191 पदों पर वेकंसी का नोटिफिकेशन निकाला है। इन पदों पर वॉक इन इंटरव्यू होंगे।
ऐसे करें अप्लाईः वेबसाइट के होम पेज पर जाएं। मैसेज बोर्ड में नर्स के 191 पदों पर आवेदन के लिंक पर क्लिक करें। नोटिफिकेशन पढ़ें। ऐप्लिकेशन फॉर्म डाउनलोड कर लें। भरकर जरूरी डॉक्युमेंट्स के साथ वॉक इन इंटरव्यू में शामिल हो।
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कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने स्टाफ नर्स के एक सौ इक्यानवे पदों पर वेकंसी का नोटिफिकेशन निकाला है। इन पदों पर वॉक इन इंटरव्यू होंगे। ऐसे करें अप्लाईः वेबसाइट के होम पेज पर जाएं। मैसेज बोर्ड में नर्स के एक सौ इक्यानवे पदों पर आवेदन के लिंक पर क्लिक करें। नोटिफिकेशन पढ़ें। ऐप्लिकेशन फॉर्म डाउनलोड कर लें। भरकर जरूरी डॉक्युमेंट्स के साथ वॉक इन इंटरव्यू में शामिल हो।
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अजित पवार, डिप्टी सीएम (Photo Credit: सोशल मीडिया)
नई दिल्लीः
महाराष्ट्र में एक बार फिर से सियासी उलटफेर हो गया. अजित पवार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बन गए हैं. राजभवन में राज्यपाल रमेश बैस ने अजित पवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई. अजित पवार के साथ कई अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली. अजित पवार के शिंदे सरकार में शामिल होने के साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) टूट की कगार पर पहुंच गई है. हाल ही में शरद पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था. उस वक्त अजित पवार को कोई नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई थी. सियासी गलियारों में इसकी चर्चा चल रही थी. उस वक्त अजित पवार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन दो महीने के भीतर अजित पवार ने शरद पवार की लिखी स्क्रिप्ट को पलट कर रख दी. अब वह भाजपा के समर्थन से महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए. शपथ ग्रहण समारोह के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में ट्रिपल इंजन की सरकार है.
इसी साल अप्रैल में अजित पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने की चाहत दिखाई थी, उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने को तैयार हैं. अजित पवार ने 2004 में एनसीपी को अधिक सीट मिलने का भी जिक्र किया था. अजित ने कहा था कि एनसीपी को कांग्रेस से ज्यादा सीटें आई थीं, तब पार्टी ने उन्हें सीएम पद देने का मौका गंवा दिया था.
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अजित पवार, डिप्टी सीएम नई दिल्लीः महाराष्ट्र में एक बार फिर से सियासी उलटफेर हो गया. अजित पवार महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम बन गए हैं. राजभवन में राज्यपाल रमेश बैस ने अजित पवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई. अजित पवार के साथ कई अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली. अजित पवार के शिंदे सरकार में शामिल होने के साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी टूट की कगार पर पहुंच गई है. हाल ही में शरद पवार ने अपनी बेटी सुप्रिया सुले और प्रफुल्ल पटेल को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था. उस वक्त अजित पवार को कोई नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई थी. सियासी गलियारों में इसकी चर्चा चल रही थी. उस वक्त अजित पवार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन दो महीने के भीतर अजित पवार ने शरद पवार की लिखी स्क्रिप्ट को पलट कर रख दी. अब वह भाजपा के समर्थन से महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए. शपथ ग्रहण समारोह के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि अब महाराष्ट्र में ट्रिपल इंजन की सरकार है. इसी साल अप्रैल में अजित पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने की चाहत दिखाई थी, उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने को तैयार हैं. अजित पवार ने दो हज़ार चार में एनसीपी को अधिक सीट मिलने का भी जिक्र किया था. अजित ने कहा था कि एनसीपी को कांग्रेस से ज्यादा सीटें आई थीं, तब पार्टी ने उन्हें सीएम पद देने का मौका गंवा दिया था.
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पिछले करीब एक साल से फरार चल रहे सहदेव राव को ढूंढना इन दिनों पाली पुलिस के लिए सिरदर्द बना चुका हें। मामले में 3 इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बदले जा चुके हैं। उसे ढूंढने के लिए पुलिस सारे पैतरे आजमा चुकी हैं लेकिन अभी तक सहदेव का कोई सुराग नहीं लगा हैं। इधर, सहदेव की पत्नी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल हैं। थाने के चक्कर काट पत्नी पुलिस अधिकारियों को अपने पति को ढूंढ कर लाने की फरियाद करती नजर आती हैं। कहती हैं; साहब पति को ढूंढ लाओ। तीन बच्चों का पेट पालना मेरे लिए संभव नहीं हैं। आखिर कब तक अकेली औरत घर चलाऊंगी।
सदर थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह खिंची ने बताया कि दयालपुरा की रहने वाले 35 साल के सहदेव पुत्र सरदार राव के खिलाफ 2020 में रिश्ते की भाभी के साथ छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ था। जेल जाने के डर से आरोपी 16 अगस्त 2020 को भाग गया। सहदेव की पत्नी ने सदर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। मगर अब तक पता नहीं चला। उसने न तो किसी को कॉल किया और न ही वापस घर आया। फोन भी उसके पास नहीं हैं। ऐसे में उसे ढूंढना चुनौती बना हुआ हैं। जगह-जगह पोस्टर लगाए गए। संभावित जगहों पर टीम ने तलाश की लेकिन फिलहाल कोई सुराग नहीं लगा हैं।
सहदेव की पत्नी संतोष राव का रो-रो कर बुरा हाल हैं। करीब एक साल से पति गायब हैं। मिलना तो दूर एक फोन कॉल तक वापस नहीं आया। वह जिंदा हैं या नहीं। इसको लेकर भी तरह-तरह के ख्याल उनके मन में आ रहे हैं। थाने के चक्कर काटती उसकी पत्नी संतोष कई बार नजर आ जाती हैं। हर बार पुलिस अधिकारियों के लिए उसका एक ही सवाल होता हैं साहब; मेरे पति के बारे में कोई खबर मिली क्या? तीन बच्चों की जिम्मेदारी अकेली औरती ज्यादा दिनों तक नहीं उठा सकती। प्लीज उन्हें ढूंढ दो।
एएसआई भंवर सिंह वाडिया ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी सहदेव के फोटो वायरल किए। थाना क्षेत्र सहित अन्य कई स्थानों पर उसके पोस्टर चस्पा किए लेकिन कोई सुराग अभी तक नहीं मिला। उन्होंने बताया कि गुमशुदा सहदेव की उम्र करीब 35 साल हैं। रंग गेहुआ, कद सामान्य हैं तथा मारवाड़ी व हिन्दी बोलता हैं। वह अपना घर चलाने के लिए मजदूरी का काम करता था। 02932-251545, 88904-19050, 94144-44384 पर जानकारी दी जा सकती हैं।
पीड़िता के दबाव व गुमशुदा सहदेव को ढूढ़ने का सदर थाना पुलिस पर प्रेशर आया। उसकी लास्ट मोबाइल लोकेशन पिण्डवाड़ा में आई। उसके बाद से फोन बंद हैं। ऐसे में पुलिस को उसे ढूंढना काफी मुशिकल हो गया हैं। अभी तक इस मामले में 03 इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बदले जा चुके हैं लेकिन सहदेव का कोई सुराग नहीं लगा।
This website follows the DNPA Code of Ethics.
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पिछले करीब एक साल से फरार चल रहे सहदेव राव को ढूंढना इन दिनों पाली पुलिस के लिए सिरदर्द बना चुका हें। मामले में तीन इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बदले जा चुके हैं। उसे ढूंढने के लिए पुलिस सारे पैतरे आजमा चुकी हैं लेकिन अभी तक सहदेव का कोई सुराग नहीं लगा हैं। इधर, सहदेव की पत्नी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल हैं। थाने के चक्कर काट पत्नी पुलिस अधिकारियों को अपने पति को ढूंढ कर लाने की फरियाद करती नजर आती हैं। कहती हैं; साहब पति को ढूंढ लाओ। तीन बच्चों का पेट पालना मेरे लिए संभव नहीं हैं। आखिर कब तक अकेली औरत घर चलाऊंगी। सदर थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह खिंची ने बताया कि दयालपुरा की रहने वाले पैंतीस साल के सहदेव पुत्र सरदार राव के खिलाफ दो हज़ार बीस में रिश्ते की भाभी के साथ छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ था। जेल जाने के डर से आरोपी सोलह अगस्त दो हज़ार बीस को भाग गया। सहदेव की पत्नी ने सदर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। मगर अब तक पता नहीं चला। उसने न तो किसी को कॉल किया और न ही वापस घर आया। फोन भी उसके पास नहीं हैं। ऐसे में उसे ढूंढना चुनौती बना हुआ हैं। जगह-जगह पोस्टर लगाए गए। संभावित जगहों पर टीम ने तलाश की लेकिन फिलहाल कोई सुराग नहीं लगा हैं। सहदेव की पत्नी संतोष राव का रो-रो कर बुरा हाल हैं। करीब एक साल से पति गायब हैं। मिलना तो दूर एक फोन कॉल तक वापस नहीं आया। वह जिंदा हैं या नहीं। इसको लेकर भी तरह-तरह के ख्याल उनके मन में आ रहे हैं। थाने के चक्कर काटती उसकी पत्नी संतोष कई बार नजर आ जाती हैं। हर बार पुलिस अधिकारियों के लिए उसका एक ही सवाल होता हैं साहब; मेरे पति के बारे में कोई खबर मिली क्या? तीन बच्चों की जिम्मेदारी अकेली औरती ज्यादा दिनों तक नहीं उठा सकती। प्लीज उन्हें ढूंढ दो। एएसआई भंवर सिंह वाडिया ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी सहदेव के फोटो वायरल किए। थाना क्षेत्र सहित अन्य कई स्थानों पर उसके पोस्टर चस्पा किए लेकिन कोई सुराग अभी तक नहीं मिला। उन्होंने बताया कि गुमशुदा सहदेव की उम्र करीब पैंतीस साल हैं। रंग गेहुआ, कद सामान्य हैं तथा मारवाड़ी व हिन्दी बोलता हैं। वह अपना घर चलाने के लिए मजदूरी का काम करता था। दो हज़ार नौ सौ बत्तीस-दो लाख इक्यावन हज़ार पाँच सौ पैंतालीस, अठासी हज़ार नौ सौ चार-उन्नीस हज़ार पचास, चौरानवे हज़ार एक सौ चौंतालीस-चौंतालीस हज़ार तीन सौ चौरासी पर जानकारी दी जा सकती हैं। पीड़िता के दबाव व गुमशुदा सहदेव को ढूढ़ने का सदर थाना पुलिस पर प्रेशर आया। उसकी लास्ट मोबाइल लोकेशन पिण्डवाड़ा में आई। उसके बाद से फोन बंद हैं। ऐसे में पुलिस को उसे ढूंढना काफी मुशिकल हो गया हैं। अभी तक इस मामले में तीन इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बदले जा चुके हैं लेकिन सहदेव का कोई सुराग नहीं लगा। This website follows the DNPA Code of Ethics.
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Oil Free Samosa Recipe: ऑयली खाना हमारी सेहत को बिगाड़ भी सकता है. अगर आप भी इस डर से समोसे खाने से परहेज करते हैं तो ओप आपको ऐसा करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. बिना तेल में फ्राई करे भी आप स्वादिष्ट समोसे तैयार कर सकते हैं. आज हम आपके लिए बेक्ड समोसे की रेसिपी लेकर आए हैं. आइए जानते हैं बेक्ड समोसे तैयार करने का परफेक्ट तरीका.
बेक्ड समोसा के लिए सामग्रीः Oil Free Samosa Ingredients:
आटे के लिएः
भराई के लिएः
How to make Baked Samosa: बेक्ड समोसा बनाने की विधिः
समोसे बनाने के लिए सबसे पहले हम इसका आटा गूंथ कर तैयार कर लेंगे. इसके लिए एक बाउल में गेंहू का आटा, नमक, अजवायन, बेकिंग पाउडर डालकर मिला लें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लेंगे. आटा मलने के लिए आधा कप पानी का इस्तेमाल करें. याद रहें इसके लिए आपको ठंडे पानी का इस्तेमाल करना है. आटा गूंथने के बाद इसे मलमल के कपड़े से ढककर सेट होने रख दें. अब कुकर में 3 गिलास पानी डालकर आलुओं को उबलने रख दें. फिर उबले आलू को हाथों से मैश करके एक बाउल में निकाल लें. अब हम समोसे की फिलिंग के लिए मसाला तैयार करेंगे.
फिलिंग के मसाला तैयार करने की विधिः
मसाला तैयार करने के लिए सबसे पहले गैस पर पैन को चढ़ाकर गर्म करें. इसमें 1 टेबल स्पून तेल डालें फिर इसमें 1 छोटी चम्मच ग्रेटेड अदरक, 2 हरी मिर्च बारीक कटी, 1 छोटी चम्मच जीरा पाउडर, 1 छोटी चम्मच धनिया पाउडर. अब लो फ्लेम पर इन मसालों को भून लेंगे. 2 मिनट बाद इसमें आधा कप मटर डालकर भून लें. अगर मटर बाजार में ना मिलें तो फ्रोजन मटर के पैकेट का इस्तेमाल क लें. मटर हल्की पक जाए तो इसमें उबले हुए आलू को मैश करके मिला दें. आलू और मटर को 1-2 बार मिला दें. अब हम इसमें मसाले डालना शुरू करेंगे.
मसाला फ्राई करेंः
आलू और मटर के ऊपर सबसे पहले आधा चम्मच अमचूर पाउडर, 1 चौथाई चम्मच लाल मिर्च, आधा चम्मच गरम मसाला, 1 चम्मच सूखा धनिया पाउडर, स्वादानुसार नमक, 1-2 स्पून बारीक कटा हरा धनिया. इन सभी मसालों को मिलाते हुए अच्छे से मसाला भून लेंगे. आलुओं को ना ज्यादा मैश करें ना ही ज्यादा मोटा रखें. आलुओं को ग्रेट करने से बचें. हमेशा हाथों से फोड़ें. करीबन 7-8 मिनट तक मसाले को लगातार चलाते हुए अच्छे से भून लें. इस पूरे प्रोसेस में आपको गैस को लो फ्लेम पर ही रखना है. इतने में हमारा आटा भी सेट हो चुका होगा.
आटे की लोई तैयार करेंः
अब आटे को थोड़ा सा मसल लेंगे. फिर इसकी लोई बना लेंगे. लोई थोड़ी बड़ी बनाएं. अब लोई को बेलना शुरू करेंगे. सबसे पहले लोई को हाथों से एकदम गोल कर लें फिर बेलन की मदद से ओवल शेप में बेल लें. एकदम पतला नहीं बेलना है. लोई का साइज थोड़ा मोटा होना चाहिए. रोटी के साइज में लोई को बेलने के बाद बीच में से चाकू की मदद से इसे दो बराबर भागों में बाट लेंगे. एक 1 हिस्से में पानी लगाएंगे फिर हाथों से इसे समोसे की शेप दे दें.
लोई बेलने के बाद ऐसे भरें मसालाः
अब तिकोन में फिलिंग करना शुरू करेंगे. तैयार किए हुए मसाले में से आधा चम्मच मसाला इसमें भर दें. चम्मच की मदद से हल्का सा दबा दें. ऊपर से थोड़ा खाली छोड़े दें. अब कोनों में पानी लगाकर चिपका दें. ऐसे करके सभी लोई के समोसे तैयार कर लेंगे. अब हम इन्हें सेकने की बजाए बेक करने वाले हैं तो निशचिंत हो जाएं इसमें तेल का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होने वाला है. हालांकि बेक करने से पहले हम समोसे को ग्रीस भी करेंगे. इसके लिए हम 2 चम्मच क्रीम को आधी कोटरी दूघ में मिलाकर चला देंगे फिर इसको सभी समोसों के ऊपर लगा देंगे. अगर क्रीम नहीं है तो घर की मलाई को फेंटकर भी आप इसपर लगा सकते हैं.
ओवन और कुकर में बेक करें समोसेः
अब बेंकिंग ट्रे में सभी समोसों को रख देंगे. ओवन को 200 डिग्री सेंटिग्रेंट पर प्रीहीट कर लेंगे. करीबन 25 मिनट तक समोसों को बेक करना है. इसके बाद समोसे निकालकर चम्मच से दबाकर चेक करें. अगर यह बेक हो चुके हैं तो चटनी के साथ सर्व करें. अगर आपके पास ओवन नहीं है तो ऐसे में घबराएं नहीं आप कुकर में भी समोसे बेक कर सकते हैं. इसके लिए कुकर में 2 कटोरी नमक डालेंगे फिर ऊपर एक जाली स्टैंड रखेंगे. स्टैंड पर समोसे रख दें. ढक्कन लगाकर 25 मिनट तक पका दें. आपके समोसे तैयार हैं.
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Oil Free Samosa Recipe: ऑयली खाना हमारी सेहत को बिगाड़ भी सकता है. अगर आप भी इस डर से समोसे खाने से परहेज करते हैं तो ओप आपको ऐसा करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. बिना तेल में फ्राई करे भी आप स्वादिष्ट समोसे तैयार कर सकते हैं. आज हम आपके लिए बेक्ड समोसे की रेसिपी लेकर आए हैं. आइए जानते हैं बेक्ड समोसे तैयार करने का परफेक्ट तरीका. बेक्ड समोसा के लिए सामग्रीः Oil Free Samosa Ingredients: आटे के लिएः भराई के लिएः How to make Baked Samosa: बेक्ड समोसा बनाने की विधिः समोसे बनाने के लिए सबसे पहले हम इसका आटा गूंथ कर तैयार कर लेंगे. इसके लिए एक बाउल में गेंहू का आटा, नमक, अजवायन, बेकिंग पाउडर डालकर मिला लें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लेंगे. आटा मलने के लिए आधा कप पानी का इस्तेमाल करें. याद रहें इसके लिए आपको ठंडे पानी का इस्तेमाल करना है. आटा गूंथने के बाद इसे मलमल के कपड़े से ढककर सेट होने रख दें. अब कुकर में तीन गिलास पानी डालकर आलुओं को उबलने रख दें. फिर उबले आलू को हाथों से मैश करके एक बाउल में निकाल लें. अब हम समोसे की फिलिंग के लिए मसाला तैयार करेंगे. फिलिंग के मसाला तैयार करने की विधिः मसाला तैयार करने के लिए सबसे पहले गैस पर पैन को चढ़ाकर गर्म करें. इसमें एक टेबल स्पून तेल डालें फिर इसमें एक छोटी चम्मच ग्रेटेड अदरक, दो हरी मिर्च बारीक कटी, एक छोटी चम्मच जीरा पाउडर, एक छोटी चम्मच धनिया पाउडर. अब लो फ्लेम पर इन मसालों को भून लेंगे. दो मिनट बाद इसमें आधा कप मटर डालकर भून लें. अगर मटर बाजार में ना मिलें तो फ्रोजन मटर के पैकेट का इस्तेमाल क लें. मटर हल्की पक जाए तो इसमें उबले हुए आलू को मैश करके मिला दें. आलू और मटर को एक-दो बार मिला दें. अब हम इसमें मसाले डालना शुरू करेंगे. मसाला फ्राई करेंः आलू और मटर के ऊपर सबसे पहले आधा चम्मच अमचूर पाउडर, एक चौथाई चम्मच लाल मिर्च, आधा चम्मच गरम मसाला, एक चम्मच सूखा धनिया पाउडर, स्वादानुसार नमक, एक-दो स्पून बारीक कटा हरा धनिया. इन सभी मसालों को मिलाते हुए अच्छे से मसाला भून लेंगे. आलुओं को ना ज्यादा मैश करें ना ही ज्यादा मोटा रखें. आलुओं को ग्रेट करने से बचें. हमेशा हाथों से फोड़ें. करीबन सात-आठ मिनट तक मसाले को लगातार चलाते हुए अच्छे से भून लें. इस पूरे प्रोसेस में आपको गैस को लो फ्लेम पर ही रखना है. इतने में हमारा आटा भी सेट हो चुका होगा. आटे की लोई तैयार करेंः अब आटे को थोड़ा सा मसल लेंगे. फिर इसकी लोई बना लेंगे. लोई थोड़ी बड़ी बनाएं. अब लोई को बेलना शुरू करेंगे. सबसे पहले लोई को हाथों से एकदम गोल कर लें फिर बेलन की मदद से ओवल शेप में बेल लें. एकदम पतला नहीं बेलना है. लोई का साइज थोड़ा मोटा होना चाहिए. रोटी के साइज में लोई को बेलने के बाद बीच में से चाकू की मदद से इसे दो बराबर भागों में बाट लेंगे. एक एक हिस्से में पानी लगाएंगे फिर हाथों से इसे समोसे की शेप दे दें. लोई बेलने के बाद ऐसे भरें मसालाः अब तिकोन में फिलिंग करना शुरू करेंगे. तैयार किए हुए मसाले में से आधा चम्मच मसाला इसमें भर दें. चम्मच की मदद से हल्का सा दबा दें. ऊपर से थोड़ा खाली छोड़े दें. अब कोनों में पानी लगाकर चिपका दें. ऐसे करके सभी लोई के समोसे तैयार कर लेंगे. अब हम इन्हें सेकने की बजाए बेक करने वाले हैं तो निशचिंत हो जाएं इसमें तेल का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होने वाला है. हालांकि बेक करने से पहले हम समोसे को ग्रीस भी करेंगे. इसके लिए हम दो चम्मच क्रीम को आधी कोटरी दूघ में मिलाकर चला देंगे फिर इसको सभी समोसों के ऊपर लगा देंगे. अगर क्रीम नहीं है तो घर की मलाई को फेंटकर भी आप इसपर लगा सकते हैं. ओवन और कुकर में बेक करें समोसेः अब बेंकिंग ट्रे में सभी समोसों को रख देंगे. ओवन को दो सौ डिग्री सेंटिग्रेंट पर प्रीहीट कर लेंगे. करीबन पच्चीस मिनट तक समोसों को बेक करना है. इसके बाद समोसे निकालकर चम्मच से दबाकर चेक करें. अगर यह बेक हो चुके हैं तो चटनी के साथ सर्व करें. अगर आपके पास ओवन नहीं है तो ऐसे में घबराएं नहीं आप कुकर में भी समोसे बेक कर सकते हैं. इसके लिए कुकर में दो कटोरी नमक डालेंगे फिर ऊपर एक जाली स्टैंड रखेंगे. स्टैंड पर समोसे रख दें. ढक्कन लगाकर पच्चीस मिनट तक पका दें. आपके समोसे तैयार हैं.
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चर्चा में क्यों?
9 जून, 2022 को उत्तराखंड के शहरी विकास निदेशालय के निदेशक ललित मोहन रयाल ने बताया कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश के तहत सभी निकायों को 1 जुलाई से 75 माइक्रॉन तक की प्लास्टिक प्रतिबंधित करने से संबंधित निर्देश जारी किये जा चुके हैं।
- गौरतलब है कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से 4 जून को शहरी विकास निदेशालय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 30 जून के बाद प्रदेश में 75 माइक्रॉन तक की प्लास्टिक प्रतिबंधित की जाए।
- इसके तहत निदेशालय ने सभी निगम, निकायों को पत्र भेजकर पुरानी 50 माइक्रॉन की गाइडलाइंस में संशोधन करते हुए नया नोटिफिकेशन जारी करने को कहा है।
- ललित मोहन रयाल ने बताया कि निर्देशों के तहत 13 निकायों ने प्रतिबंध से संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिये हैं। निदेशालय प्रदेश के बाकी सभी निगम-निकायों में प्लास्टिक बैन से संबंधित नए नोटिफिकेशन जारी करने का अभियान चलाएगा।
- प्रदेश में 1 जुलाई से प्लास्टिकयुक्त ईयर बड, गुब्बारों के लिये प्लास्टिक डंडियाँ, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम की डंडियाँ, पॉली स्टाइरीन की सजावटी सामग्री पर रोक रहेगी।
- इसके अलावा प्लास्टिक प्लेटें, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, जैसी कटलरी, मिठाई के डिब्बों को लपेटने वाली प्लास्टिक फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट पैक, 100 माइक्रॉन से कम मोटे प्लास्टिक के बने बैनरों पर रोक रहेगी।
- गौरतलब है कि प्रदेश भर में पहले भी 50 माइक्रॉन प्लास्टिक यूज पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
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चर्चा में क्यों? नौ जून, दो हज़ार बाईस को उत्तराखंड के शहरी विकास निदेशालय के निदेशक ललित मोहन रयाल ने बताया कि केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश के तहत सभी निकायों को एक जुलाई से पचहत्तर माइक्रॉन तक की प्लास्टिक प्रतिबंधित करने से संबंधित निर्देश जारी किये जा चुके हैं। - गौरतलब है कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से चार जून को शहरी विकास निदेशालय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि तीस जून के बाद प्रदेश में पचहत्तर माइक्रॉन तक की प्लास्टिक प्रतिबंधित की जाए। - इसके तहत निदेशालय ने सभी निगम, निकायों को पत्र भेजकर पुरानी पचास माइक्रॉन की गाइडलाइंस में संशोधन करते हुए नया नोटिफिकेशन जारी करने को कहा है। - ललित मोहन रयाल ने बताया कि निर्देशों के तहत तेरह निकायों ने प्रतिबंध से संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दिये हैं। निदेशालय प्रदेश के बाकी सभी निगम-निकायों में प्लास्टिक बैन से संबंधित नए नोटिफिकेशन जारी करने का अभियान चलाएगा। - प्रदेश में एक जुलाई से प्लास्टिकयुक्त ईयर बड, गुब्बारों के लिये प्लास्टिक डंडियाँ, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम की डंडियाँ, पॉली स्टाइरीन की सजावटी सामग्री पर रोक रहेगी। - इसके अलावा प्लास्टिक प्लेटें, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, जैसी कटलरी, मिठाई के डिब्बों को लपेटने वाली प्लास्टिक फिल्म, निमंत्रण कार्ड, सिगरेट पैक, एक सौ माइक्रॉन से कम मोटे प्लास्टिक के बने बैनरों पर रोक रहेगी। - गौरतलब है कि प्रदेश भर में पहले भी पचास माइक्रॉन प्लास्टिक यूज पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
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भोपाल (ब्यूरो मप)। मध्यप्रदेश में उद्योगों से फैलने वाले प्रदूषण पर अब आम लोगों की नजरें भी रहेंगी। पर्यावरण की बेहतर स्थिति और इसके प्रति आम समझ-बूझ कायम करने के उद्देश्य से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में नये सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया है। इसके जरिए उद्योगों को पर्यावरणीय सहमति देने या इसे खारिज करने और प्राधिकार देने का रास्ता भी आसान हो जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आज 5 जून को भोपाल में होने जा रहे राज्य-स्तरीय आयोजन में इस सुविधा को लोगों के सुपुर्द किया जाएगा। इस सॉफ्टवेयर को नर्मदा एक्स. जी. एन. (एक्सटेंडेड ग्रीन नोड) नाम दिया गया है। बोर्ड में कायम होने जा रहे इस सॉफ्टवेयर के जरिए प्रदूषणकारी उद्योगों की चिमनियों से निकलने वाले उत्सर्जन पर अब बोर्ड के साथ ही आम लोगों की नज़र भी रहेगी। इस नये सिस्टम को उत्सर्जन से सीधे जोड़ा जा रहा है। इसके चलते प्रदेश के किसी भी हिस्से से लोग उत्सर्जन की स्थिति जान सकेंगे। यदि यह उत्सर्जन तयशुदा मानकों से अधिक पाया जाता है तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संबंधित उद्योग को एसएमएस अलर्ट के जरिए तत्काल नोटिस जारी कर जवाब तलब करेगा। अगले चौबीस घण्टों में आगे की कार्रवाई अंजाम दी जाएगी। नये सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से प्रदेश के उद्योगों को निर्धारित मानदण्ड पूरे करने पर पर्यावरणीय सहमति देने या कसौटी पर खरे नहीं उतरने वाले उद्योगों में इस कार्रवाई को खारिज करने जैसे काम तत्काल निपट जाएंगे। इसी तर्ज पर उद्योगों को प्राधिकार देने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस संबंध में फैसले की सूचना और जारी होने वाले पत्रों के डिस्पेच नंबर भी एसएमएस अलर्ट के जरिए उद्योगों को भेजे जायेंगे। यही नहीं, उद्योग या संस्थान स्वयं जल-उपकर, विश्लेषण शुल्क, सहमति शुल्क आदि की रसीदें भी अपने कम्प्यूटर पर जनरेट कर उसका प्रिंट ले सकेंगे।
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भोपाल । मध्यप्रदेश में उद्योगों से फैलने वाले प्रदूषण पर अब आम लोगों की नजरें भी रहेंगी। पर्यावरण की बेहतर स्थिति और इसके प्रति आम समझ-बूझ कायम करने के उद्देश्य से राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में नये सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया है। इसके जरिए उद्योगों को पर्यावरणीय सहमति देने या इसे खारिज करने और प्राधिकार देने का रास्ता भी आसान हो जाएगा। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर आज पाँच जून को भोपाल में होने जा रहे राज्य-स्तरीय आयोजन में इस सुविधा को लोगों के सुपुर्द किया जाएगा। इस सॉफ्टवेयर को नर्मदा एक्स. जी. एन. नाम दिया गया है। बोर्ड में कायम होने जा रहे इस सॉफ्टवेयर के जरिए प्रदूषणकारी उद्योगों की चिमनियों से निकलने वाले उत्सर्जन पर अब बोर्ड के साथ ही आम लोगों की नज़र भी रहेगी। इस नये सिस्टम को उत्सर्जन से सीधे जोड़ा जा रहा है। इसके चलते प्रदेश के किसी भी हिस्से से लोग उत्सर्जन की स्थिति जान सकेंगे। यदि यह उत्सर्जन तयशुदा मानकों से अधिक पाया जाता है तो प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड संबंधित उद्योग को एसएमएस अलर्ट के जरिए तत्काल नोटिस जारी कर जवाब तलब करेगा। अगले चौबीस घण्टों में आगे की कार्रवाई अंजाम दी जाएगी। नये सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से प्रदेश के उद्योगों को निर्धारित मानदण्ड पूरे करने पर पर्यावरणीय सहमति देने या कसौटी पर खरे नहीं उतरने वाले उद्योगों में इस कार्रवाई को खारिज करने जैसे काम तत्काल निपट जाएंगे। इसी तर्ज पर उद्योगों को प्राधिकार देने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस संबंध में फैसले की सूचना और जारी होने वाले पत्रों के डिस्पेच नंबर भी एसएमएस अलर्ट के जरिए उद्योगों को भेजे जायेंगे। यही नहीं, उद्योग या संस्थान स्वयं जल-उपकर, विश्लेषण शुल्क, सहमति शुल्क आदि की रसीदें भी अपने कम्प्यूटर पर जनरेट कर उसका प्रिंट ले सकेंगे।
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अपने बच्चे को पीरियड्स से परिचित कराना बहुत जरूरी है ताकि ऐसा होने पर वह बेहतर तरीके से तैयार हो सके। मासिक धर्म की पहली अवधि आमतौर पर युवावस्था में प्रवेश करने के एक या दो साल बाद शुरू होती है, आमतौर पर 12 और 15 साल की उम्र के बीच। यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स अधिक है, तो पीरियड्स पहले आ सकते हैं, जबकि पीरियड्स तब हो सकते हैं जब आपका वजन कम हो, तनाव हो या कारण हो। हार्मोनल असंतुलन के लिए। आपकी पहली अवधि के दौरान, आपके रक्त का रंग गहरे भूरे से चमकीले लाल से गहरे लाल तक हो सकता है।
सफाई के लिए अपनी योनि में साबुन का प्रयोग न करें, क्योंकि इसकी सफाई की अपनी व्यवस्था होती है। आप इसे पानी से धो सकते हैं और बाहरी क्षेत्र पर साबुन का उपयोग कर सकते हैं।
बाजार में विभिन्न मासिक धर्म उत्पाद उपलब्ध हैं, और आप वह चुन सकती हैं जो आपको सबसे अच्छा लगे। आप पैड, टैम्पोन, मेंस्ट्रुअल कप या पीरियड अंडरवियर का इस्तेमाल कर सकती हैं।
मासिक धर्म एक प्राकृतिक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो प्रजनन क्षमता की शुरुआत का प्रतीक है। यदि आपने 15 वर्ष की आयु तक मासिक धर्म शुरू नहीं किया है या यदि आप अनियमित माहवारी का सामना कर रही हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। यदि आपकी अवधि सात दिनों से अधिक समय तक चलती है और आपको अत्यधिक दर्द और रक्तस्राव होता है, तो आपको अपने डॉक्टर से भी बात करनी चाहिए।
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अपने बच्चे को पीरियड्स से परिचित कराना बहुत जरूरी है ताकि ऐसा होने पर वह बेहतर तरीके से तैयार हो सके। मासिक धर्म की पहली अवधि आमतौर पर युवावस्था में प्रवेश करने के एक या दो साल बाद शुरू होती है, आमतौर पर बारह और पंद्रह साल की उम्र के बीच। यदि आपका बॉडी मास इंडेक्स अधिक है, तो पीरियड्स पहले आ सकते हैं, जबकि पीरियड्स तब हो सकते हैं जब आपका वजन कम हो, तनाव हो या कारण हो। हार्मोनल असंतुलन के लिए। आपकी पहली अवधि के दौरान, आपके रक्त का रंग गहरे भूरे से चमकीले लाल से गहरे लाल तक हो सकता है। सफाई के लिए अपनी योनि में साबुन का प्रयोग न करें, क्योंकि इसकी सफाई की अपनी व्यवस्था होती है। आप इसे पानी से धो सकते हैं और बाहरी क्षेत्र पर साबुन का उपयोग कर सकते हैं। बाजार में विभिन्न मासिक धर्म उत्पाद उपलब्ध हैं, और आप वह चुन सकती हैं जो आपको सबसे अच्छा लगे। आप पैड, टैम्पोन, मेंस्ट्रुअल कप या पीरियड अंडरवियर का इस्तेमाल कर सकती हैं। मासिक धर्म एक प्राकृतिक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है जो प्रजनन क्षमता की शुरुआत का प्रतीक है। यदि आपने पंद्रह वर्ष की आयु तक मासिक धर्म शुरू नहीं किया है या यदि आप अनियमित माहवारी का सामना कर रही हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। यदि आपकी अवधि सात दिनों से अधिक समय तक चलती है और आपको अत्यधिक दर्द और रक्तस्राव होता है, तो आपको अपने डॉक्टर से भी बात करनी चाहिए।
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थाईलैंड के नाखोन प्रांत के एक गांव में मर्द औरतों के कपड़े पहनते हैं। इसके पीछे की वजह भी बहुत ही अजीब है। मिली जानकारी के अनुसार यहां के मर्द एक विधवा के भूत के कारण औरतों के कपड़े पहनते हैं। पिछले कुछ दिनों में गांव के कुछ मर्दों की मौत नींद में हो गई थी। जिसके कारण यहां पर मर्द औरतों के कपड़े पहनने लगे। लोगों के मुताबिक एक विधवा औरत का भूत मर्दों की जान ले रहा है।
तब से गांव की औरतों ने अपने पतियों और बेटों को औरतों के कपड़े पहनाना शुरू कर दिया। इन औरतों का कहना है कि औरतों के कपड़े पहनने से भूत को यह लगेगा कि गांव में सिर्फ औरतें ही औरतें रहती हैं और वह यह गांव छोड़कर चली जाएगी। भूत से बचने के लिए गांव के सभी लोग अपने घर में बिजूका रख रहे हैं। उनको ऐसा लगता है कि इसे देखकर भूत उनके गांव से भाग जाएगा। ये जानकर हैरानी होगी कि बिजूका के रखने के बाद इस गांव में किसी भी मर्द की मौत नहीं हुई है।
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थाईलैंड के नाखोन प्रांत के एक गांव में मर्द औरतों के कपड़े पहनते हैं। इसके पीछे की वजह भी बहुत ही अजीब है। मिली जानकारी के अनुसार यहां के मर्द एक विधवा के भूत के कारण औरतों के कपड़े पहनते हैं। पिछले कुछ दिनों में गांव के कुछ मर्दों की मौत नींद में हो गई थी। जिसके कारण यहां पर मर्द औरतों के कपड़े पहनने लगे। लोगों के मुताबिक एक विधवा औरत का भूत मर्दों की जान ले रहा है। तब से गांव की औरतों ने अपने पतियों और बेटों को औरतों के कपड़े पहनाना शुरू कर दिया। इन औरतों का कहना है कि औरतों के कपड़े पहनने से भूत को यह लगेगा कि गांव में सिर्फ औरतें ही औरतें रहती हैं और वह यह गांव छोड़कर चली जाएगी। भूत से बचने के लिए गांव के सभी लोग अपने घर में बिजूका रख रहे हैं। उनको ऐसा लगता है कि इसे देखकर भूत उनके गांव से भाग जाएगा। ये जानकर हैरानी होगी कि बिजूका के रखने के बाद इस गांव में किसी भी मर्द की मौत नहीं हुई है।
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भिंडः मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के बाद अब मतगणना का दौरा जारी है, ताज़ा रुझानों के हिसाब से मध्य प्रदेश में 15 साल के बाद कांग्रेस सत्ता में आती दिख रही है. जिसके बाद सरकार के खिलाफ एंटी एनकंबेंसी का असर साफ़ नजर आ रहा है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश सरकार के आधा दर्जन से अधिक मंत्री कई राउंड की गिनती के बाद पिछड़ते दिखाई दे रहे हैं.
इसमें भिंड जिले की गोहद सीट से चुनाव में उतरे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लाल सिंह आर्य भी शामिल हैं. उनके खिलाफ इस सीट पर कांग्रेस के रणवीर जाटव ताल ठोंक रहे हैं. इस बीच लाल सिंह आर्य का एक बयान आया है, जिसमें वो सीधे-सीधे सरकार और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर ले रहे हैं.
तीन राउंड की गिनती के बाद पिछड़े लाल सिंह आर्य ने कहा कि, "एट्रोसिटी एक्ट में हुए संशोधन और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के माई के लाल वाले बयान की वजह से पार्टी को काफी नुकसान पहुंचा है, उन्होंने कहा कि गोहद में इसका तो प्रभाव था ही, इलाके की अन्य सीटों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है. आपको बता दें कि लाल सिंह आर्य मतगणना में लगातार पिछड़ रहे हैं, जिसके चलते वे बौखला गए हैं.
मध्यप्रदेश चुनाव परिणाम लाइवः जानिए, रुझानों पर क्या बोल रहे हैं नेता ?
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भिंडः मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान के बाद अब मतगणना का दौरा जारी है, ताज़ा रुझानों के हिसाब से मध्य प्रदेश में पंद्रह साल के बाद कांग्रेस सत्ता में आती दिख रही है. जिसके बाद सरकार के खिलाफ एंटी एनकंबेंसी का असर साफ़ नजर आ रहा है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश सरकार के आधा दर्जन से अधिक मंत्री कई राउंड की गिनती के बाद पिछड़ते दिखाई दे रहे हैं. इसमें भिंड जिले की गोहद सीट से चुनाव में उतरे प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री लाल सिंह आर्य भी शामिल हैं. उनके खिलाफ इस सीट पर कांग्रेस के रणवीर जाटव ताल ठोंक रहे हैं. इस बीच लाल सिंह आर्य का एक बयान आया है, जिसमें वो सीधे-सीधे सरकार और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर ले रहे हैं. तीन राउंड की गिनती के बाद पिछड़े लाल सिंह आर्य ने कहा कि, "एट्रोसिटी एक्ट में हुए संशोधन और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के माई के लाल वाले बयान की वजह से पार्टी को काफी नुकसान पहुंचा है, उन्होंने कहा कि गोहद में इसका तो प्रभाव था ही, इलाके की अन्य सीटों पर भी इसका गहरा असर पड़ा है. आपको बता दें कि लाल सिंह आर्य मतगणना में लगातार पिछड़ रहे हैं, जिसके चलते वे बौखला गए हैं. मध्यप्रदेश चुनाव परिणाम लाइवः जानिए, रुझानों पर क्या बोल रहे हैं नेता ?
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पटवारी-लेखपाल भर्ती का पेपर लीक होने के बाद लगातार उठ रह सवालों के मद्देनजर उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने इस महीने होने वाली फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा और पीसीएस मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी है। इनकी नई तिथियां जारी कर दी गई हैं।
आयोग के अति गोपन विभाग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी के पेपर लीक में जेल की सलाखों के पीछे जाने के बाद प्रदेशभर से युवा लगातार यह मांग कर रहे थे कि पीसीएस मुख्य परीक्षा भी स्थगित की जाए। जांच कराई जाए और बाद में दोबारा परीक्षा कराई जाए। मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष डाॅ. राकेश कुमार ने विशेष बैठक बुलाई।
बैठक में परीक्षाओं को लेकर विचार विमर्श हुआ। तय हुआ कि इस महीने होने वाली फॉरेस्ट गार्ड और पीसीएस परीक्षा को तत्काल स्थगित किया जाएगा। पीसीएस मुख्य परीक्षा फरवरी और फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा अप्रैल में कराई जाएगी। पटवारी-लेखपाल पुर्नपरीक्षा और सहायक लेखाकार परीक्षाएं फरवरी में ही आयोजित होंगी। आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा है कि उनके लिए अभ्यर्थियों का हित ही सर्वाेपरि है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने तय किया है कि फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के बाद अब पीसीएस मुख्य परीक्षा, पटवारी-लेखपाल परीक्षा, सहायक लेखाकार परीक्षा के प्रश्न पत्र भी बदले जाएंगे। आयोग ने पहले से लाइनबद्ध सभी भर्तियों के पेपर हटा दिए हैं, जिनकी जगह नए पेपर लेंगे। उम्मीदवार भी लगातार यही मांग कर रहे थे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने तय किया है कि जल्द ही सभी संशोधन करते हुए परीक्षाओं का दूसरा कैलेंडर जारी किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं।
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पटवारी-लेखपाल भर्ती का पेपर लीक होने के बाद लगातार उठ रह सवालों के मद्देनजर उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने इस महीने होने वाली फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा और पीसीएस मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी है। इनकी नई तिथियां जारी कर दी गई हैं। आयोग के अति गोपन विभाग के अनुभाग अधिकारी संजीव चतुर्वेदी के पेपर लीक में जेल की सलाखों के पीछे जाने के बाद प्रदेशभर से युवा लगातार यह मांग कर रहे थे कि पीसीएस मुख्य परीक्षा भी स्थगित की जाए। जांच कराई जाए और बाद में दोबारा परीक्षा कराई जाए। मंगलवार को आयोग के अध्यक्ष डाॅ. राकेश कुमार ने विशेष बैठक बुलाई। बैठक में परीक्षाओं को लेकर विचार विमर्श हुआ। तय हुआ कि इस महीने होने वाली फॉरेस्ट गार्ड और पीसीएस परीक्षा को तत्काल स्थगित किया जाएगा। पीसीएस मुख्य परीक्षा फरवरी और फॉरेस्ट गार्ड परीक्षा अप्रैल में कराई जाएगी। पटवारी-लेखपाल पुर्नपरीक्षा और सहायक लेखाकार परीक्षाएं फरवरी में ही आयोजित होंगी। आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा है कि उनके लिए अभ्यर्थियों का हित ही सर्वाेपरि है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने तय किया है कि फॉरेस्ट गार्ड भर्ती के बाद अब पीसीएस मुख्य परीक्षा, पटवारी-लेखपाल परीक्षा, सहायक लेखाकार परीक्षा के प्रश्न पत्र भी बदले जाएंगे। आयोग ने पहले से लाइनबद्ध सभी भर्तियों के पेपर हटा दिए हैं, जिनकी जगह नए पेपर लेंगे। उम्मीदवार भी लगातार यही मांग कर रहे थे। आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने तय किया है कि जल्द ही सभी संशोधन करते हुए परीक्षाओं का दूसरा कैलेंडर जारी किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं।
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सोमवार को जिले के झाविमो कार्यकर्ता रांची के लिए रवाना होंगे। झारखंड विकास मोर्चा धनबाद जिला इकाई ने शनिवार को अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। केन्द्रीय महासचिव रमेश कुमार राही व जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र हांसदा के नेतृत्व में जिले के कार्यकर्ता रांची रवाना होंगे। झाविमो कार्यकर्ताओं ने बाबूलाल मरांडी के फैसले के साथ रहने की बात कही है। जिला इकाई के नेताओं का कहना है कि काफी संख्या में प्रखंड से लेकर जिला स्तरीय कार्यकर्ता रांची जाएंगे।
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सोमवार को जिले के झाविमो कार्यकर्ता रांची के लिए रवाना होंगे। झारखंड विकास मोर्चा धनबाद जिला इकाई ने शनिवार को अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। केन्द्रीय महासचिव रमेश कुमार राही व जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र हांसदा के नेतृत्व में जिले के कार्यकर्ता रांची रवाना होंगे। झाविमो कार्यकर्ताओं ने बाबूलाल मरांडी के फैसले के साथ रहने की बात कही है। जिला इकाई के नेताओं का कहना है कि काफी संख्या में प्रखंड से लेकर जिला स्तरीय कार्यकर्ता रांची जाएंगे।
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धरती पर लाखों साल पहले विशालकाय प्राणी डायनोसोर का राज था.
हालांकि, डायनासोर का अस्तित्व अब पृथ्वी पर पूरी तरह खत्म हो चुका है.
ऐसे में कहीं डायनासोर दिखने की खबर आए तो हर कोई यह चौंक जाएगा.
एक वीडियो में नदी के एक तरफ से दूसरी तरफ डायनासोर जाते दिख रहे हैं.
ये वीडियो मेक्सिको का है. ये समूह में भागते दिख रहे हैं. ये कई आकार के हैं.
हालांकि, असल में ये नेवले जैसे जीव हैं, जो उलटा चलने की महारत हासिल रखते हैं.
इन जीव का नाम है कोएटिस या कोएटिमुंडिस. ये जीव 13 से 27 इंच लंबे होते हैं.
ये दक्षिण अमेरिका, मध्य अमेरिका, मेक्सिको और दक्षिण-पश्चिम अमेरिका में पाए जाते हैं.
इनकी पूंछ शरीर से ज्यादा बड़ी या बराबर आकार की होती है. वजन 2 से 8 किलो होता है.
इनकी काबिलियत ये है कि बिना पीछे देखे अपनी पूंछ हवा में लहराते हुए तेज से भाग सकते हैं.
कोएटिस जिस तरह से पूंछ उठाकर तेजी से भागता है, दूर से देखने पर यही लगेगा कि डायनासोर चल रहे हैं.
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धरती पर लाखों साल पहले विशालकाय प्राणी डायनोसोर का राज था. हालांकि, डायनासोर का अस्तित्व अब पृथ्वी पर पूरी तरह खत्म हो चुका है. ऐसे में कहीं डायनासोर दिखने की खबर आए तो हर कोई यह चौंक जाएगा. एक वीडियो में नदी के एक तरफ से दूसरी तरफ डायनासोर जाते दिख रहे हैं. ये वीडियो मेक्सिको का है. ये समूह में भागते दिख रहे हैं. ये कई आकार के हैं. हालांकि, असल में ये नेवले जैसे जीव हैं, जो उलटा चलने की महारत हासिल रखते हैं. इन जीव का नाम है कोएटिस या कोएटिमुंडिस. ये जीव तेरह से सत्ताईस इंच लंबे होते हैं. ये दक्षिण अमेरिका, मध्य अमेरिका, मेक्सिको और दक्षिण-पश्चिम अमेरिका में पाए जाते हैं. इनकी पूंछ शरीर से ज्यादा बड़ी या बराबर आकार की होती है. वजन दो से आठ किलो होता है. इनकी काबिलियत ये है कि बिना पीछे देखे अपनी पूंछ हवा में लहराते हुए तेज से भाग सकते हैं. कोएटिस जिस तरह से पूंछ उठाकर तेजी से भागता है, दूर से देखने पर यही लगेगा कि डायनासोर चल रहे हैं.
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President Oath Taking Ceremony, Droupadi Murmu: 25 जुलाई का दिन भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. हर पांच साल बाद 25 जुलाई को भारत को नया राष्ट्रपति मिलता रहा है. आज, 25 जुलाई को भारत की 15वीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी. उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी यशवंत सिन्हा को बड़े अंतर से हराकर ये जीत हासिल की है. इतिहास की बात करें तो 25 जुलाई को ही कई हस्तियों ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली है. ऐसे में भारत के इतिहास में 25 जुलाई को राष्ट्रपति शपथ समारोह के लिए भी जाना जाता है.
क्यों 25 जुलाई को ही होता है राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण?
देश के छठे राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. उसके बाद जिन भी राष्ट्रपतियों ने अपना कार्यकाल पूरा किया, उन सभी ने इसी तारीख को राष्ट्रपति पद की शपथ ली. नीलम संजीव रेड्डी के बाद से अब तक देश के कुल 8 राष्ट्रपतियों ने अपना कार्यकाल पूरा किया है. 24 जुलाई को रामनाथ कोविंद का भी कार्यकाल पूरा हो गया है और आज 25 जुलाई को द्रौपदी मुर्मू देश के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगी.
बता दें भारत के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ है, जब कोई भी दिन बिना राष्ट्रपति के रहा हो. भारत में राष्ट्रपति का पद कभी भी खाली नहीं रहा. राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के तुरंत बाद नए राष्ट्रपति को शपथ दिला दी जाती है. देश के 15वें राष्ट्रपति के चुवनाव के लिए 18 जुलाई को वोटिंग हुई थी. इन वोटों की गिनती 21 जुलाई को हुई और द्रौपदी मुर्मू देश के 15वीं राष्ट्रपति के लिए चुनी गईं.
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President Oath Taking Ceremony, Droupadi Murmu: पच्चीस जुलाई का दिन भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. हर पांच साल बाद पच्चीस जुलाई को भारत को नया राष्ट्रपति मिलता रहा है. आज, पच्चीस जुलाई को भारत की पंद्रहवीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी. उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी यशवंत सिन्हा को बड़े अंतर से हराकर ये जीत हासिल की है. इतिहास की बात करें तो पच्चीस जुलाई को ही कई हस्तियों ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली है. ऐसे में भारत के इतिहास में पच्चीस जुलाई को राष्ट्रपति शपथ समारोह के लिए भी जाना जाता है. क्यों पच्चीस जुलाई को ही होता है राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण? देश के छठे राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने पच्चीस जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी. उसके बाद जिन भी राष्ट्रपतियों ने अपना कार्यकाल पूरा किया, उन सभी ने इसी तारीख को राष्ट्रपति पद की शपथ ली. नीलम संजीव रेड्डी के बाद से अब तक देश के कुल आठ राष्ट्रपतियों ने अपना कार्यकाल पूरा किया है. चौबीस जुलाई को रामनाथ कोविंद का भी कार्यकाल पूरा हो गया है और आज पच्चीस जुलाई को द्रौपदी मुर्मू देश के राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगी. बता दें भारत के इतिहास में कभी ऐसा नहीं हुआ है, जब कोई भी दिन बिना राष्ट्रपति के रहा हो. भारत में राष्ट्रपति का पद कभी भी खाली नहीं रहा. राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के तुरंत बाद नए राष्ट्रपति को शपथ दिला दी जाती है. देश के पंद्रहवें राष्ट्रपति के चुवनाव के लिए अट्ठारह जुलाई को वोटिंग हुई थी. इन वोटों की गिनती इक्कीस जुलाई को हुई और द्रौपदी मुर्मू देश के पंद्रहवीं राष्ट्रपति के लिए चुनी गईं.
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राजधानी भोपाल की करोंद कृषि उपज मंडी में असामाजिक तत्वों का बोलबाला है । यहां मंडी प्रांगण की सुरक्षा के लिहाज से बनाई गई बाउंड्री वॉल को असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ा जा रहा है । हालात यह है कि रेलवे पटरी की तरफ बसी नवाब कॉलोनी की ओर से बाउंड्री वॉल को तोड़कर रास्ता बना लिया गया है । जिससे मंडी व्यापारियों को उनके सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है । तो वही मंडी सचिव राजेंद्र सिंह बघेल का कहना है कि इस बाउंड्री वॉल को कई बार बनवाया जा चुका है बावजूद इसके असामाजिक तत्वों द्वारा इसे बार-बार तोड़ दिया जाता है इसलिए इस बार मंडी प्रबंधन की ओर से आरसीसी की दीवार बनाने का निर्णय लिया गया है जिससे कि इस तरह की समस्या से निजात मिल सके । और मंडी व्यापारियों को व्यापार करने में सुरक्षा मिल सके ।
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राजधानी भोपाल की करोंद कृषि उपज मंडी में असामाजिक तत्वों का बोलबाला है । यहां मंडी प्रांगण की सुरक्षा के लिहाज से बनाई गई बाउंड्री वॉल को असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ा जा रहा है । हालात यह है कि रेलवे पटरी की तरफ बसी नवाब कॉलोनी की ओर से बाउंड्री वॉल को तोड़कर रास्ता बना लिया गया है । जिससे मंडी व्यापारियों को उनके सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है । तो वही मंडी सचिव राजेंद्र सिंह बघेल का कहना है कि इस बाउंड्री वॉल को कई बार बनवाया जा चुका है बावजूद इसके असामाजिक तत्वों द्वारा इसे बार-बार तोड़ दिया जाता है इसलिए इस बार मंडी प्रबंधन की ओर से आरसीसी की दीवार बनाने का निर्णय लिया गया है जिससे कि इस तरह की समस्या से निजात मिल सके । और मंडी व्यापारियों को व्यापार करने में सुरक्षा मिल सके ।
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Weather Update: . प्रदेश के कई शहरों में पारा तेजी से नीचे गिरा है. पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में ठंड (Cold) अपना असर दिखा रही है. लखनऊ में सोमवार सुबह इतना घना कोहरा था कि कुछ मीटर दूर देखना मुश्किल था. ठंड बढ़ते ही अलाव जलना शुरू हो गए हैं.
Weather update: यूपी समेत कई राज्यों में तापमान में गिरावट आने के साथ ही ठंड बढ़ गई है. यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड का असर दिखाने लगा है. वहीं पहाड़ों की बर्फबारी से यूपी समेत पूरे उत्तर भारत के राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में आज, 19 दिसंबर की सुबह घना कोहरा देखने को मिला. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत NCR के अन्य इलाके धुंध और कोहरे (Fog) की चादर में लिपटे दिखाई दे रहे हैं. बीते दो दिनों से यूपी में न्यूनतम तापमान में गिरावट के वजह से ठंड बढ़ी है.
राजधानी लखनऊ में कोहरे ने अचानक से दस्तक दे दी है. पूरे शहर में सुबह से ही कोहरे की मोटी चादर छाई हुई है जिससे विजिबिलिटी भी बहुत कम हो गई है. शहर का तापमान भी अचानक से गिरा है. शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में भी विजिबिलिटी 20 मीटर से कम है. लोग गाड़ियों में लाइट जलाकर सफर कर रहे हैं. मौसम विभाग की मानें तो अगले कई दिनों तक इसी तरीके का मौसम रहेगा. हालांकि दिन चढ़ते ही धुंध छटेगी और धूप निकलेगी.
यूपी के बुलन्दशहर में तापमान गिरने के साथ ठंड और ठिठुरन बढ़ गई है.रात से ही ज़बरदस्त कोहरा हो रहा है.मौसम के जानकार आज सर्दी का पहला कोहरा मान रहे हैं . भारी कोहरे के चलते वाहनों की रफ्तार थम गई है. धुंध बढ़ने से विजिबिलिटी कम हुई है.वाहन चालकों की थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है.
देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के साथ लोगों को ठंड और कोहरे की समस्या से भी सोमवार सुबह सामना करना पड़ा. दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 400 से ज्यादा तो तापमान भी 10 डिग्री के करीब रहा. दिल्ली के रोहिणी इलाके में सोमवार सुबह ठंड के साथ सड़कों पर कोहरे की चादर बिछ गई. जिससे सड़कों पर विजिबिल्टी बहुत कम हो गई. वाहनों की रफ्तार भी धीमी दिखाई दी. लोग अपने वाहन की लाइट के साथ ऑरेंज इंडिकेटर का प्रयोग करते दिखाई दिए. वही सुबह के समय सैर करने वाले भी कोहरे के कारण चिंतित दिखाई दिए.
मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को प्रयागराज में 11 डिग्री सेल्सियस, गोरखपुर में 12 डिग्री सेल्सियस, मेरठ में 10 डिग्री सेल्सियस, बरेली में 10 डिग्री सेल्सियस, बहराइच में 11 डिग्री सेल्सियस, झांसी में 10 डिग्री रहने का अनुमान है. साथ ही इन जिलों में कोहरा होने का भी अनुमान मौसम विभाग ने लगाया है.
राजधानी दिल्ली-एनसीआर, यूपी और पंजाब-हरियाणा में पूरे हफ्ते घने कोहरे का अलर्ट है. कुछ जगहों पर घना कोहरा रह सकता है. वहीं, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी और पश्चिमी यूपी में भी 22 दिसंबर तक कुछ जगहों पर बेहद घना कोहरा देखने को मिल सकता है. हिमाचल प्रदेश में भी 19 और 20 दिसंबर को शीतलहर का अलर्ट है.
उत्तराखंड में मौसम शुष्क बना हुआ है. ज्यादातर इलाकों में धूप खिल रही है, लेकिन मैदानों में सुबह कोहरा परेशानी बढ़ा रहा है. पहाड़ों में सुबह घना कोहरा देखा जा रहा है. दिन चढ़ने के साथ कोहरा कम हो रहा है. पहाड़ों में पाला पड़ने से कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा. क्रिसमस के बाद मौसम के मिजाज में बदलाव आ सकता है.
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Weather Update: . प्रदेश के कई शहरों में पारा तेजी से नीचे गिरा है. पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के चलते मैदानी इलाकों में ठंड अपना असर दिखा रही है. लखनऊ में सोमवार सुबह इतना घना कोहरा था कि कुछ मीटर दूर देखना मुश्किल था. ठंड बढ़ते ही अलाव जलना शुरू हो गए हैं. Weather update: यूपी समेत कई राज्यों में तापमान में गिरावट आने के साथ ही ठंड बढ़ गई है. यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड का असर दिखाने लगा है. वहीं पहाड़ों की बर्फबारी से यूपी समेत पूरे उत्तर भारत के राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में आज, उन्नीस दिसंबर की सुबह घना कोहरा देखने को मिला. दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद समेत NCR के अन्य इलाके धुंध और कोहरे की चादर में लिपटे दिखाई दे रहे हैं. बीते दो दिनों से यूपी में न्यूनतम तापमान में गिरावट के वजह से ठंड बढ़ी है. राजधानी लखनऊ में कोहरे ने अचानक से दस्तक दे दी है. पूरे शहर में सुबह से ही कोहरे की मोटी चादर छाई हुई है जिससे विजिबिलिटी भी बहुत कम हो गई है. शहर का तापमान भी अचानक से गिरा है. शहर के भीड़भाड़ वाले इलाके में भी विजिबिलिटी बीस मीटर से कम है. लोग गाड़ियों में लाइट जलाकर सफर कर रहे हैं. मौसम विभाग की मानें तो अगले कई दिनों तक इसी तरीके का मौसम रहेगा. हालांकि दिन चढ़ते ही धुंध छटेगी और धूप निकलेगी. यूपी के बुलन्दशहर में तापमान गिरने के साथ ठंड और ठिठुरन बढ़ गई है.रात से ही ज़बरदस्त कोहरा हो रहा है.मौसम के जानकार आज सर्दी का पहला कोहरा मान रहे हैं . भारी कोहरे के चलते वाहनों की रफ्तार थम गई है. धुंध बढ़ने से विजिबिलिटी कम हुई है.वाहन चालकों की थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. देश की राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के साथ लोगों को ठंड और कोहरे की समस्या से भी सोमवार सुबह सामना करना पड़ा. दिल्ली में प्रदूषण का स्तर चार सौ से ज्यादा तो तापमान भी दस डिग्री के करीब रहा. दिल्ली के रोहिणी इलाके में सोमवार सुबह ठंड के साथ सड़कों पर कोहरे की चादर बिछ गई. जिससे सड़कों पर विजिबिल्टी बहुत कम हो गई. वाहनों की रफ्तार भी धीमी दिखाई दी. लोग अपने वाहन की लाइट के साथ ऑरेंज इंडिकेटर का प्रयोग करते दिखाई दिए. वही सुबह के समय सैर करने वाले भी कोहरे के कारण चिंतित दिखाई दिए. मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को प्रयागराज में ग्यारह डिग्री सेल्सियस, गोरखपुर में बारह डिग्री सेल्सियस, मेरठ में दस डिग्री सेल्सियस, बरेली में दस डिग्री सेल्सियस, बहराइच में ग्यारह डिग्री सेल्सियस, झांसी में दस डिग्री रहने का अनुमान है. साथ ही इन जिलों में कोहरा होने का भी अनुमान मौसम विभाग ने लगाया है. राजधानी दिल्ली-एनसीआर, यूपी और पंजाब-हरियाणा में पूरे हफ्ते घने कोहरे का अलर्ट है. कुछ जगहों पर घना कोहरा रह सकता है. वहीं, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी और पश्चिमी यूपी में भी बाईस दिसंबर तक कुछ जगहों पर बेहद घना कोहरा देखने को मिल सकता है. हिमाचल प्रदेश में भी उन्नीस और बीस दिसंबर को शीतलहर का अलर्ट है. उत्तराखंड में मौसम शुष्क बना हुआ है. ज्यादातर इलाकों में धूप खिल रही है, लेकिन मैदानों में सुबह कोहरा परेशानी बढ़ा रहा है. पहाड़ों में सुबह घना कोहरा देखा जा रहा है. दिन चढ़ने के साथ कोहरा कम हो रहा है. पहाड़ों में पाला पड़ने से कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा. क्रिसमस के बाद मौसम के मिजाज में बदलाव आ सकता है.
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अम्बाला शहर, 1 सितंबर (हप्र)
स्थानीय शक्तिनार में आज एक रिहायशी मकान में आग लगने से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही दमकल कर्मी और पुलिस मौके पर पहुंची। रेस्क्यू आपरेशन में एक दमकल कर्मी की टांग पर चोट भी लग गई। आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार आग का शिकार बने मकान की ऊपरी मंजिल के कमरों में सेनेटाइजर पेकिंग की बोतलें व भारी मात्रा में गत्ते की पेटियां पड़ी हुई थी जिसमें अचानक से आग लग गयी। प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी कि मौके पर पेकिंग सामान के साथ कहीं सेनेटाइलर तो नहीं रखा हुआ था। मकान मालिक सुजीत गुप्ता की मानें तो वे सेनेटाइजर का कारोबार करते हैं और यहां केवल पेकिंग सामान स्टोर किया हुआ था जिसमें अचानक आग लग गई और उन्हें लाखों का नुकसान हो गया। आग के कारण मकान का कुछ हिस्सा भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त को गया। आग लाने की सूचना मिलने पर शहर से दमकल विभाग की 2 गाड़ियां मौके पर पहुंची। बामुश्किल आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक पूरा सामान जलकर राख हो गया था।
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अम्बाला शहर, एक सितंबर स्थानीय शक्तिनार में आज एक रिहायशी मकान में आग लगने से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही दमकल कर्मी और पुलिस मौके पर पहुंची। रेस्क्यू आपरेशन में एक दमकल कर्मी की टांग पर चोट भी लग गई। आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार आग का शिकार बने मकान की ऊपरी मंजिल के कमरों में सेनेटाइजर पेकिंग की बोतलें व भारी मात्रा में गत्ते की पेटियां पड़ी हुई थी जिसमें अचानक से आग लग गयी। प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी कि मौके पर पेकिंग सामान के साथ कहीं सेनेटाइलर तो नहीं रखा हुआ था। मकान मालिक सुजीत गुप्ता की मानें तो वे सेनेटाइजर का कारोबार करते हैं और यहां केवल पेकिंग सामान स्टोर किया हुआ था जिसमें अचानक आग लग गई और उन्हें लाखों का नुकसान हो गया। आग के कारण मकान का कुछ हिस्सा भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त को गया। आग लाने की सूचना मिलने पर शहर से दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची। बामुश्किल आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक पूरा सामान जलकर राख हो गया था।
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उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोंनो दल जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झौंक रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अर्की में भाजपा प्रत्याश रत्न सिंह पाल के पक्ष में एक के बाद एक 3 जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला।
अनुराग ठाकुर ने कहा, "जो कांग्रेस ने 70 साल में नहीं किया मोदी सरकार ने 7 साल में कर दिखाया। कांग्रेस 70 साल तक भ्रष्टाचार में संलिप्त रही और लोगों तक सुविधाएं नहीं पहुंचा पाई। " अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड महामारी में मोदी सरकार के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने देश में ही 9 महीने में टीके का निर्माण किया और अगले 9 महीने 100 करोड़ लोगों को टीका लगाने का काम भी किया। हिमाचल प्रदेश टीका की पहली डोज लगाने में देश मे प्रथम रहा है जिसके लिए प्रदेश की सरकार और स्वास्थ्य कर्मी बधाई के पात्र हैं।
वंही, महंगाई को लेकर अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस को डिबेट के लिए चुनौती देते कहा कि कांग्रेस सरकार में 2004 से लेकर 2014 तक महंगाई 12 प्रतिशत पहुंच गई थी जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में महंगाई दर 4 प्रतिशत से ज्यादा कभी नहीं हुई।
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उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोंनो दल जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झौंक रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने अर्की में भाजपा प्रत्याश रत्न सिंह पाल के पक्ष में एक के बाद एक तीन जनसभाओं को संबोधित किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला। अनुराग ठाकुर ने कहा, "जो कांग्रेस ने सत्तर साल में नहीं किया मोदी सरकार ने सात साल में कर दिखाया। कांग्रेस सत्तर साल तक भ्रष्टाचार में संलिप्त रही और लोगों तक सुविधाएं नहीं पहुंचा पाई। " अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड महामारी में मोदी सरकार के नेतृत्व में वैज्ञानिकों ने देश में ही नौ महीने में टीके का निर्माण किया और अगले नौ महीने एक सौ करोड़ लोगों को टीका लगाने का काम भी किया। हिमाचल प्रदेश टीका की पहली डोज लगाने में देश मे प्रथम रहा है जिसके लिए प्रदेश की सरकार और स्वास्थ्य कर्मी बधाई के पात्र हैं। वंही, महंगाई को लेकर अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस को डिबेट के लिए चुनौती देते कहा कि कांग्रेस सरकार में दो हज़ार चार से लेकर दो हज़ार चौदह तक महंगाई बारह प्रतिशत पहुंच गई थी जबकि मोदी सरकार के कार्यकाल में महंगाई दर चार प्रतिशत से ज्यादा कभी नहीं हुई।
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प्रयागराज जंक्शन पर आरपीएफ व जीआरपी ने बैग लेकर खड़े संदिग्ध युवक को पकड़ा। बैग में पांच सौ और दो हजार के नोटों की गड्डियां मिलीं। नोटों के बारे में पूछने पर वह कोई कागजात नहीं दिखा सका। उसके बाद टीम ने रुपयों को जब्त कर लिया।
प्रयागराज, जागरण संवाददाता। दिल्ली-हावड़ा रूट पर स्थित प्रयागराज रेलवे जंक्शन पर जीआरपी व आरपीएफ को बड़ी सफलता मिली। राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने प्रयागराज जंक्शन पर एक व्यक्ति के पास से 81. 20 लाख रुपये बरामद किए। मुंबई निवासी युवक बिना कागजात के नकदी लेकर जा रहा था। जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर इसकी सूचना इनकम टैक्स विभाग को दी।
500 व 2000 के नोटों की गड्डियां बैग में रखी थी : प्रयागराज जंक्शन पर सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम संदिग्धों की तलाश कर रही थी। इस बीच एक व्यक्ति बैग लेकर संदिग्ध हाल में खड़ा मिला। सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ कर बैग की तलाशी ली तो उसमें पांच सौ और दो हजार के नोटों की गड्डियां मिलीं। नोटों के बारे में पूछने पर वह कोई कागजात नहीं दिखा सका। उसके बाद टीम ने रुपयों को जब्त कर लिया।
प्रयागराज में सोने के जेवरात का काम करता है अंकित : सूचना पर वहां पहुंची आयकर विभाग की टीम से अंकित सेठ ने बताया कि वह मुंबई का रहने वाला है। प्रयागराज व आसपास के इलाकों में सोने के जेवरात का काम करता है।
जीआरपी, आरपीएफ व आयकर विभाग के अफसर : जांच टीम में संदीप सिंह, संतोष मालवीय, जीआरपी उपनिरीक्षक अजीत कुमार शुक्ला, हेड कांस्टेबल पवन श्रीवास्तव, रियाजुद्दीन, महमूद अहमद, नीरज राय शामिल रहे। वहीं आयकर विभाग की ओर से संजय कुमार मेहता, अर्पित कौशल मौजूद रहे।
जंक्शन पर बेटिकट यात्री और अवैध वेंडरों पर कार्रवाई : बेटिकट यात्रियों और अवैध वेंडरों के विरूद्ध रेलवे ने अभियान चलाया। इस दौरान पांच लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। स्टेशन स्टालों पर अनाधिकृत रूप से मिली खाद्य सामग्री जब्त की गई। मंडल पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि बिना टिकट 770 यात्री पकड़े गए, जिनसे 526980 रुपये जुर्माना वसूला गया।
छिवकी स्टेशन पर भी कार्रवाई : छिवकी स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या सात/आठ तथा नौ/दस पर स्थित खानपान स्टालों का निरीक्षण किया । स्टाल पर गया मुख्यालय के बिना अनुमोदित चिप्स के 97 पैकेट, नमकीन के 48 पैकेट तथा कुरकुरे के 153 पैकेट पाए गए, जिन्हे जब्त किया गया। प्लेटफार्म नंबर सात/आठ पर स्थित दो स्टालों पर अनाधिकृत जगह पर पानी की 8 कैरेट(96बोतल), कोल्ड ड्रिंक्स की 18 कैरेट(432 बोतल), एक इंडक्शन चूल्हा मिला जब्त किया गया।
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प्रयागराज जंक्शन पर आरपीएफ व जीआरपी ने बैग लेकर खड़े संदिग्ध युवक को पकड़ा। बैग में पांच सौ और दो हजार के नोटों की गड्डियां मिलीं। नोटों के बारे में पूछने पर वह कोई कागजात नहीं दिखा सका। उसके बाद टीम ने रुपयों को जब्त कर लिया। प्रयागराज, जागरण संवाददाता। दिल्ली-हावड़ा रूट पर स्थित प्रयागराज रेलवे जंक्शन पर जीआरपी व आरपीएफ को बड़ी सफलता मिली। राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने प्रयागराज जंक्शन पर एक व्यक्ति के पास से इक्यासी. बीस लाख रुपये बरामद किए। मुंबई निवासी युवक बिना कागजात के नकदी लेकर जा रहा था। जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर इसकी सूचना इनकम टैक्स विभाग को दी। पाँच सौ व दो हज़ार के नोटों की गड्डियां बैग में रखी थी : प्रयागराज जंक्शन पर सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम संदिग्धों की तलाश कर रही थी। इस बीच एक व्यक्ति बैग लेकर संदिग्ध हाल में खड़ा मिला। सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ कर बैग की तलाशी ली तो उसमें पांच सौ और दो हजार के नोटों की गड्डियां मिलीं। नोटों के बारे में पूछने पर वह कोई कागजात नहीं दिखा सका। उसके बाद टीम ने रुपयों को जब्त कर लिया। प्रयागराज में सोने के जेवरात का काम करता है अंकित : सूचना पर वहां पहुंची आयकर विभाग की टीम से अंकित सेठ ने बताया कि वह मुंबई का रहने वाला है। प्रयागराज व आसपास के इलाकों में सोने के जेवरात का काम करता है। जीआरपी, आरपीएफ व आयकर विभाग के अफसर : जांच टीम में संदीप सिंह, संतोष मालवीय, जीआरपी उपनिरीक्षक अजीत कुमार शुक्ला, हेड कांस्टेबल पवन श्रीवास्तव, रियाजुद्दीन, महमूद अहमद, नीरज राय शामिल रहे। वहीं आयकर विभाग की ओर से संजय कुमार मेहता, अर्पित कौशल मौजूद रहे। जंक्शन पर बेटिकट यात्री और अवैध वेंडरों पर कार्रवाई : बेटिकट यात्रियों और अवैध वेंडरों के विरूद्ध रेलवे ने अभियान चलाया। इस दौरान पांच लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। स्टेशन स्टालों पर अनाधिकृत रूप से मिली खाद्य सामग्री जब्त की गई। मंडल पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि बिना टिकट सात सौ सत्तर यात्री पकड़े गए, जिनसे पाँच लाख छब्बीस हज़ार नौ सौ अस्सी रुपयापये जुर्माना वसूला गया। छिवकी स्टेशन पर भी कार्रवाई : छिवकी स्टेशन पर प्लेटफार्म संख्या सात/आठ तथा नौ/दस पर स्थित खानपान स्टालों का निरीक्षण किया । स्टाल पर गया मुख्यालय के बिना अनुमोदित चिप्स के सत्तानवे पैकेट, नमकीन के अड़तालीस पैकेट तथा कुरकुरे के एक सौ तिरेपन पैकेट पाए गए, जिन्हे जब्त किया गया। प्लेटफार्म नंबर सात/आठ पर स्थित दो स्टालों पर अनाधिकृत जगह पर पानी की आठ कैरेट, कोल्ड ड्रिंक्स की अट्ठारह कैरेट, एक इंडक्शन चूल्हा मिला जब्त किया गया।
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जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने अहमदाबाद में गुजरात हाई कोर्ट के ऑडिटोरियम में 15वें पी. डी. मेमोरियल में लेक्चर देते हुए 'असहमति' को लोकतंत्र का 'सेफ्टी वॉल्व' करार दिया।
एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (समायोजित सकल राजस्व) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों और दूरसंचार विभाग के रवैए पर नाराजगी जताई है।
एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी उनकी संबंधित वेबसाइटों पर देने का निर्देश दिया है।
शीर्ष अदालत ने बहादुरी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एक 12 वर्षीय छात्रा के पत्र पर स्वतः संज्ञान लिया था, जिसने प्रधान न्यायाधीश को एक चार माह के बच्चे को ठंड लगने की वजह से हुई मौत के बारे में बताया और कहा कि ऐसा उसे शाहीनबाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन स्थल पर ले जाने की वजह से हुआ।
नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) और नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन (एनआरसी) के विरोध में पिछले करीब दो महीने से जारी शाहीन बाग में प्रदर्शन पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर प्रदर्शनकारियों को हटाने का आदेश देने से इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण), संशोधन अधिनियम, 2018 की संवैधानिक वैधता पर सोमवार को अपनी मुहर लगा दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि कोर्ट अग्रिम जमानत तभी दे सकता है जब प्रथमदृष्ट्या मामला हुआ ही न हो।
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ लगभग दो महीने से चल रहे प्रदर्शन को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।
प्रमोशन में आरक्षण को लेकर देशभर के कई राज्य लगातार अदालत की शरण में आते रहे हैं। कई राज्यों में प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था को बरकरार रखा गया है तो कई राज्यों में इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है।
निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र और दिल्ली सरकार की याचिका पर वह शुक्रवार को सुनवाई करेगा।
मराठा समुदाय को आरक्षण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। बता दें, महाराष्ट्र सरकार को बड़ी राहत देते हुए कोर्ट ने मराठा आरक्षण पर रोक लगाने से इनकार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रोक का अंतरिम आदेश जारी नहीं करेंगे। अब अंतिम सुनवाई 17 मार्च को होगी।
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जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ ने अहमदाबाद में गुजरात हाई कोर्ट के ऑडिटोरियम में पंद्रहवें पी. डी. मेमोरियल में लेक्चर देते हुए 'असहमति' को लोकतंत्र का 'सेफ्टी वॉल्व' करार दिया। एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों और दूरसंचार विभाग के रवैए पर नाराजगी जताई है। एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राजनीतिक दलों को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी उनकी संबंधित वेबसाइटों पर देने का निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने बहादुरी के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एक बारह वर्षीय छात्रा के पत्र पर स्वतः संज्ञान लिया था, जिसने प्रधान न्यायाधीश को एक चार माह के बच्चे को ठंड लगने की वजह से हुई मौत के बारे में बताया और कहा कि ऐसा उसे शाहीनबाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन स्थल पर ले जाने की वजह से हुआ। नागरिकता संशोधन एक्ट और नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन के विरोध में पिछले करीब दो महीने से जारी शाहीन बाग में प्रदर्शन पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर प्रदर्शनकारियों को हटाने का आदेश देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति , संशोधन अधिनियम, दो हज़ार अट्ठारह की संवैधानिक वैधता पर सोमवार को अपनी मुहर लगा दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि कोर्ट अग्रिम जमानत तभी दे सकता है जब प्रथमदृष्ट्या मामला हुआ ही न हो। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ लगभग दो महीने से चल रहे प्रदर्शन को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। प्रमोशन में आरक्षण को लेकर देशभर के कई राज्य लगातार अदालत की शरण में आते रहे हैं। कई राज्यों में प्रमोशन में आरक्षण की व्यवस्था को बरकरार रखा गया है तो कई राज्यों में इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र और दिल्ली सरकार की याचिका पर वह शुक्रवार को सुनवाई करेगा। मराठा समुदाय को आरक्षण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। बता दें, महाराष्ट्र सरकार को बड़ी राहत देते हुए कोर्ट ने मराठा आरक्षण पर रोक लगाने से इनकार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रोक का अंतरिम आदेश जारी नहीं करेंगे। अब अंतिम सुनवाई सत्रह मार्च को होगी।
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पांवटा साहिब में पुलिस द्वारा अवैध खनन को रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाते हुए थाना प्रभारी पुरुवाला जीतराम आईसी सिंहपुरा की टीमों ने बांगरान ब्रिज, मानपुर देवदा, श्यामपुर, गोज्जर आदि के पास गिरि और यमुना नदी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर छापामारी करते हुए। अवैध तरीके से बजरी रेत ले जा रहे 11 ट्रैक्टरों के चालान करते हुए 54,500 रुपए जुर्माना वसूला। बता दे कि बरसात के मौसम में खनन प्रतिबंधित है। इस तरह की अवैध खनन गतिविधियां लोगों के लिए घातक हो सकती हैं क्योंकि दोनों नदियों में बाढ़ आती है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन द्वारा लोगों को नदी क्षेत्रों में प्रवेश न करने और अवैध खनन गतिविधियों में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान पुलिस ने खनन माफियाओं को चेतावनी दी गई है कि वे इस तरह की अवैध खनन सामग्री को खरीदने एकत्रित करने लेने से परहेज करें। अन्यथा ऐसी किसी भी गतिविधि के संज्ञान में आने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी और पांवटा साहिब, पुरुवाला और माजरा की ट्रैफिक पुलिस ने एमवी एक्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले 250 से अधिक वाहनों का चालान किया और 48,200 रुपए का जुर्माना वसूला। इस दौरान पुलिस की टीमों ने यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ थाना माजरा के मेलियन, टोक्यो, बातामंडी, सूरजपुर, थाना पांवटा साहिब के गोंदपुर, थाना पुरुवाला के रामपुरघाट, राजबन और पुरुवाला में नाके लगाए गए। डीएसपी पांवटा वीर बहादुर ने बताया कि पुरुवाला थाने की पुलिस की टीम ने अवैध खनन करते हुए 11 ट्रैक्टरों के चालान कर 54,500 जुर्माना वसूला इसके इलवा मजारा की पुलिस द्वारा बाता नदी में छापामारी करते हुए दो ट्रैक्टरों का चालान कर 9000 रुपए जुर्माना वसूला। इस दौरान उन्होंने बताया की यातायात नियमो का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 48,200 रुपए जुर्मना वसूला। (एचडीएम)
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पांवटा साहिब में पुलिस द्वारा अवैध खनन को रोकने के लिए एक विशेष अभियान चलाते हुए थाना प्रभारी पुरुवाला जीतराम आईसी सिंहपुरा की टीमों ने बांगरान ब्रिज, मानपुर देवदा, श्यामपुर, गोज्जर आदि के पास गिरि और यमुना नदी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर छापामारी करते हुए। अवैध तरीके से बजरी रेत ले जा रहे ग्यारह ट्रैक्टरों के चालान करते हुए चौवन,पाँच सौ रुपयापए जुर्माना वसूला। बता दे कि बरसात के मौसम में खनन प्रतिबंधित है। इस तरह की अवैध खनन गतिविधियां लोगों के लिए घातक हो सकती हैं क्योंकि दोनों नदियों में बाढ़ आती है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन द्वारा लोगों को नदी क्षेत्रों में प्रवेश न करने और अवैध खनन गतिविधियों में शामिल नहीं होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान पुलिस ने खनन माफियाओं को चेतावनी दी गई है कि वे इस तरह की अवैध खनन सामग्री को खरीदने एकत्रित करने लेने से परहेज करें। अन्यथा ऐसी किसी भी गतिविधि के संज्ञान में आने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी और पांवटा साहिब, पुरुवाला और माजरा की ट्रैफिक पुलिस ने एमवी एक्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले दो सौ पचास से अधिक वाहनों का चालान किया और अड़तालीस,दो सौ रुपयापए का जुर्माना वसूला। इस दौरान पुलिस की टीमों ने यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ थाना माजरा के मेलियन, टोक्यो, बातामंडी, सूरजपुर, थाना पांवटा साहिब के गोंदपुर, थाना पुरुवाला के रामपुरघाट, राजबन और पुरुवाला में नाके लगाए गए। डीएसपी पांवटा वीर बहादुर ने बताया कि पुरुवाला थाने की पुलिस की टीम ने अवैध खनन करते हुए ग्यारह ट्रैक्टरों के चालान कर चौवन,पाँच सौ जुर्माना वसूला इसके इलवा मजारा की पुलिस द्वारा बाता नदी में छापामारी करते हुए दो ट्रैक्टरों का चालान कर नौ हज़ार रुपयापए जुर्माना वसूला। इस दौरान उन्होंने बताया की यातायात नियमो का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अड़तालीस,दो सौ रुपयापए जुर्मना वसूला।
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देश में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) होने में लगभग एक साल का समय है। इसी के साथ ही विपक्षी एकता की चर्चा फिर से जोर पकड़ रही है। जहां बीते सोमवार को ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने विपक्षी एकता पर बयान दिया था। वहीं, आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अलग-अलग राजनीतिक पार्टियां नेतृत्व के मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
देश में लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Election) होने में तकरीबन एक साल का समय है। ऐसे में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मुकाबला करने के लिए फिर से राजनीतिक गलियारे में विपक्षी एकता की चर्चाएं हर तरफ हो रही हैं। विपक्ष को एकजुट करने के लिए कई दिग्गज नेता एक-दूसरे से मुलाकात कर रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस (Congress) ने कर्नाटक के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को करारी शिकस्त देकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। वहीं, जहां एक तरफ पहले ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने लोकसभा चुनावों में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। वहीं, अब उनके सुर कुछ बदले हुए नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में सपा प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने विपक्षी एकता पर बड़ा बयान दिया है।
अखिलेश यादव ने विपक्षी एकता के मसले पर कहा है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केसीआर और अलग-अलग राजनीतिक पार्टियां नेतृत्व के मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही हैं। साथ ही, इसका हल निकालने के लिए भी सरल मार्ग की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई पार्टी मजबूत होगी, उन सभी जगहों पर चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव (Karnataka Assembly Election) में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के सुर कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं। जहां बीते कुछ माह पहले उपचुनाव में कांग्रेस (Congress) ने बंगाल की सरदिघी में सत्तारूढ़ टीएमसी (TMC) की एक सीट पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद ममता ने बयान दिया था कि उनकी पार्टी आगामी 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में अकेले ही लड़ेगी। इसको विपक्षी एकता के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन बीते सोमवार को ममता बनर्जी ने कहा कि शुरुआत से ही मैंने कहा था कि संबंधित क्षेत्रों में ताकत रखने वाले दलों को वहां भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देनी चाहिए।
Also Read: महागठबंधन पर ममता का बड़ा बयान, कहा- Congress को दूंगी समर्थन, लेकिन. .
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे- दिल्ली में आम आदमी पार्टी, बिहार में राजद-जदयू, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और तमिलनाडु में द्रमुक-कांग्रेस और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस। साथ ही, उन्होंने कहा कि हमने कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया था, अब उन्हें पश्चिम बंगाल में भी हमारी पार्टी को समर्थन करना होगा। यह सही नहीं है कि कर्नाटक में वे हमारे समर्थन का फायदा उठाएं और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में हमारा विरोध करें।
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देश में लोकसभा चुनाव होने में लगभग एक साल का समय है। इसी के साथ ही विपक्षी एकता की चर्चा फिर से जोर पकड़ रही है। जहां बीते सोमवार को ममता बनर्जी ने विपक्षी एकता पर बयान दिया था। वहीं, आज सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अलग-अलग राजनीतिक पार्टियां नेतृत्व के मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। देश में लोकसभा चुनाव दो हज़ार चौबीस होने में तकरीबन एक साल का समय है। ऐसे में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी से मुकाबला करने के लिए फिर से राजनीतिक गलियारे में विपक्षी एकता की चर्चाएं हर तरफ हो रही हैं। विपक्ष को एकजुट करने के लिए कई दिग्गज नेता एक-दूसरे से मुलाकात कर रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस ने कर्नाटक के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को करारी शिकस्त देकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। वहीं, जहां एक तरफ पहले ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनावों में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। वहीं, अब उनके सुर कुछ बदले हुए नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में सपा प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विपक्षी एकता पर बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव ने विपक्षी एकता के मसले पर कहा है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केसीआर और अलग-अलग राजनीतिक पार्टियां नेतृत्व के मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही हैं। साथ ही, इसका हल निकालने के लिए भी सरल मार्ग की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी कोई पार्टी मजबूत होगी, उन सभी जगहों पर चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रचंड बहुमत के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के सुर कुछ बदले-बदले नजर आ रहे हैं। जहां बीते कुछ माह पहले उपचुनाव में कांग्रेस ने बंगाल की सरदिघी में सत्तारूढ़ टीएमसी की एक सीट पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद ममता ने बयान दिया था कि उनकी पार्टी आगामी दो हज़ार चौबीस में होने वाले लोकसभा चुनाव में अकेले ही लड़ेगी। इसको विपक्षी एकता के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन बीते सोमवार को ममता बनर्जी ने कहा कि शुरुआत से ही मैंने कहा था कि संबंधित क्षेत्रों में ताकत रखने वाले दलों को वहां भारतीय जनता पार्टी को कड़ी टक्कर देनी चाहिए। Also Read: महागठबंधन पर ममता का बड़ा बयान, कहा- Congress को दूंगी समर्थन, लेकिन. . उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे- दिल्ली में आम आदमी पार्टी, बिहार में राजद-जदयू, उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और तमिलनाडु में द्रमुक-कांग्रेस और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस। साथ ही, उन्होंने कहा कि हमने कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी का समर्थन किया था, अब उन्हें पश्चिम बंगाल में भी हमारी पार्टी को समर्थन करना होगा। यह सही नहीं है कि कर्नाटक में वे हमारे समर्थन का फायदा उठाएं और पश्चिम बंगाल में हमारा विरोध करें।
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इस आॅफर का लाभ उठाने के लिए यूजर्स को तीन साधारण स्टेप के माध्यम से इसे एक्टिव करना होगा, जिससे यह पुष्टि होगी कि आप छात्र हैं। इसके लिए आपको लॉगिन कर अपनी स्टूडेंट आईडी दिखानी होगी। फिर अकाउंट वेरिफिकेशन के बाद आप स्टूडेंट प्रोग्राम एक्सेस कर पाएंगे। यदि आपके पास अकाउंट नहीं है तो आपको वन प्लस स्टूडेंट प्रोग्राम वेबसाइट पर जाकर वहां दिए गए "Login to Student Beans" पर क्लिक करना है। इसके बाद रजिस्टर पर क्लिक कर मांगी गई जानकारी देनी होगी।
लॉगिन होने के बाद आप स्टूडेंट प्रोग्राम के अधिकारिक मेंबर बन जाएंगे और फिर 10 प्रतिशत डिस्काउंट का लाभ उठा पाएंगे। इसमें अंतिम स्टेप में पेज पर मौजूद क्लैम बटन पर क्लिक करना है और अब आपके लिए 10 प्रतिशत स्टूडेंट डिस्काउंट उपलब्ध है। हालांकि oneplus. net पर यह कूपन केवल एक साल के लिए वैध है। एक छात्र एक समय में केवल एक स्टूडेंट डिस्काउंट का लाभ उठा सकता है। कंपनी का कहना है कि छात्र एक सीमित संख्या में ही आॅर्डर कर सकते हैं, किंतु एक छात्र केवल एक ही वनप्लस 5 डिवाइस आॅर्डर कर सकता है। जबकि एक्सेसरीज जैसे कि बैग, केस, चार्जर और टी शर्ट आदि के लिए कोई लिमिट नहीं है।
वन प्लस 5 स्मार्टफोन को कंपनी ने इसी साल लॉन्च किया था। भारत में कंपनी ने इसके 2 मॉडल लॉन्च किए हैं। एक मॉडल में 6GB रैम के साथ 64GB की इंटरनल मैमोरी दी गई है। वहीं इसके दूसरे मॉडल में 8GB की रैम के साथ 128GB की इंटरनल मैमोरी दी गई है। इसके 6GB रैम वाले मॉडल की कीमत 32,999 रुपये है। वहीं 8GB रैम वाले मॉडल की कीमत 37,999 रुपये है।
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इस आॅफर का लाभ उठाने के लिए यूजर्स को तीन साधारण स्टेप के माध्यम से इसे एक्टिव करना होगा, जिससे यह पुष्टि होगी कि आप छात्र हैं। इसके लिए आपको लॉगिन कर अपनी स्टूडेंट आईडी दिखानी होगी। फिर अकाउंट वेरिफिकेशन के बाद आप स्टूडेंट प्रोग्राम एक्सेस कर पाएंगे। यदि आपके पास अकाउंट नहीं है तो आपको वन प्लस स्टूडेंट प्रोग्राम वेबसाइट पर जाकर वहां दिए गए "Login to Student Beans" पर क्लिक करना है। इसके बाद रजिस्टर पर क्लिक कर मांगी गई जानकारी देनी होगी। लॉगिन होने के बाद आप स्टूडेंट प्रोग्राम के अधिकारिक मेंबर बन जाएंगे और फिर दस प्रतिशत डिस्काउंट का लाभ उठा पाएंगे। इसमें अंतिम स्टेप में पेज पर मौजूद क्लैम बटन पर क्लिक करना है और अब आपके लिए दस प्रतिशत स्टूडेंट डिस्काउंट उपलब्ध है। हालांकि oneplus. net पर यह कूपन केवल एक साल के लिए वैध है। एक छात्र एक समय में केवल एक स्टूडेंट डिस्काउंट का लाभ उठा सकता है। कंपनी का कहना है कि छात्र एक सीमित संख्या में ही आॅर्डर कर सकते हैं, किंतु एक छात्र केवल एक ही वनप्लस पाँच डिवाइस आॅर्डर कर सकता है। जबकि एक्सेसरीज जैसे कि बैग, केस, चार्जर और टी शर्ट आदि के लिए कोई लिमिट नहीं है। वन प्लस पाँच स्मार्टफोन को कंपनी ने इसी साल लॉन्च किया था। भारत में कंपनी ने इसके दो मॉडल लॉन्च किए हैं। एक मॉडल में छःGB रैम के साथ चौंसठGB की इंटरनल मैमोरी दी गई है। वहीं इसके दूसरे मॉडल में आठGB की रैम के साथ एक सौ अट्ठाईसGB की इंटरनल मैमोरी दी गई है। इसके छःGB रैम वाले मॉडल की कीमत बत्तीस,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये है। वहीं आठGB रैम वाले मॉडल की कीमत सैंतीस,नौ सौ निन्यानवे रुपयापये है।
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Kabul : अफगानिस्तान में तालिबान ने अपनी इस्लामिक अमीरात सरकार की घोषना कर दी है. हसन अखुंद को नयी अफगान सरकार में कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया है. जबकि, मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को कार्यवाहक उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है. हक्कानी नेटवर्क के सरगना सरजुद्दीन हक्कानी को कार्यवाहक आंतरिक मंत्री बनाये जाने की घोषना हुई है. जबकि, मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला याकूब को रक्षा मंत्री बनाया गया है.
मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के प्रधानमंत्री पर की रेस में आने की चर्चा मात्र दो दिन पहले ही शुरू हुई थी. मुल्ला मोहम्मद हसन वर्तमान में तालिबान के शक्तिशाली निर्णय लेने वाले निकाय, रहबारी शूरा या नेतृत्व परिषद के प्रमुख हैं. मोहम्माद हसन तालिबान के जन्मस्थान कंधार से ताल्लुक रखता है और आतंकी आंदोलन के संस्थापकों में से एक है.
इसे भी पढ़ेंः JHARKHAND: निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत आरक्षण का विधेयक इसी सत्र मेंं!
जानकारी के अनुसार मुल्ला हसन करीब 20 साल से शेख हैबतुल्ला अखुंजादा के करीबी रहा है. मुल्ला हसन के इसी वफादारी के एवज में उसे अफगानिस्तान का कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया है.
हैबतुल्लाउ अखुंजादा ईरान की तरह से अफगानिस्ताहन का सुप्रीम लीडर बनने जा रहा है. यही नहीं मुल्ला हसन ने अफगानिस्तान में अपनी पिछली तालिबान सरकार के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था.
विश्लेिषकों के मुताबिक मुल्ला हसन के पक्ष में एक और बात जो गई वह है, उनका लो प्रोफाइल होना. बताया जा रहा है कि मुल्ला हसन UN की आतंकी सूची में शामिल है.
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Kabul : अफगानिस्तान में तालिबान ने अपनी इस्लामिक अमीरात सरकार की घोषना कर दी है. हसन अखुंद को नयी अफगान सरकार में कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया है. जबकि, मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को कार्यवाहक उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है. हक्कानी नेटवर्क के सरगना सरजुद्दीन हक्कानी को कार्यवाहक आंतरिक मंत्री बनाये जाने की घोषना हुई है. जबकि, मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला याकूब को रक्षा मंत्री बनाया गया है. मुल्ला मोहम्मद हसन अखुंद के प्रधानमंत्री पर की रेस में आने की चर्चा मात्र दो दिन पहले ही शुरू हुई थी. मुल्ला मोहम्मद हसन वर्तमान में तालिबान के शक्तिशाली निर्णय लेने वाले निकाय, रहबारी शूरा या नेतृत्व परिषद के प्रमुख हैं. मोहम्माद हसन तालिबान के जन्मस्थान कंधार से ताल्लुक रखता है और आतंकी आंदोलन के संस्थापकों में से एक है. इसे भी पढ़ेंः JHARKHAND: निजी क्षेत्र में पचहत्तर प्रतिशत आरक्षण का विधेयक इसी सत्र मेंं! जानकारी के अनुसार मुल्ला हसन करीब बीस साल से शेख हैबतुल्ला अखुंजादा के करीबी रहा है. मुल्ला हसन के इसी वफादारी के एवज में उसे अफगानिस्तान का कार्यवाहक प्रधानमंत्री बनाया गया है. हैबतुल्लाउ अखुंजादा ईरान की तरह से अफगानिस्ताहन का सुप्रीम लीडर बनने जा रहा है. यही नहीं मुल्ला हसन ने अफगानिस्तान में अपनी पिछली तालिबान सरकार के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था. विश्लेिषकों के मुताबिक मुल्ला हसन के पक्ष में एक और बात जो गई वह है, उनका लो प्रोफाइल होना. बताया जा रहा है कि मुल्ला हसन UN की आतंकी सूची में शामिल है.
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कबीर बेदी का बॉलीवुड से हॉलीवुड तक का सफरः पश्चिमी देशों में अभिनेता कबीर बेदी के करियर की शुरुआत ओ पी रल्हन की 'हलचल' से हुई. लेकिन उन्हें नाम और शोहरत यूरोप की मशहूर मिनी सीरीज़ सैंडोकन में काम करने के बाद मिली. उन्होंने बॉन्ड की फिल्म 'ऑक्टोपसी' में मुख्य खलनायक का भी किरदार निभाया. इसके साथ ही कबीर ने मशहूर टीवी शो ओपेरा में भी काम किया.
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