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8 ईसा ने कहा, "उठ, अपना बिस्तर उठाकर चल-फिर!" 9 वह आदमी फ़ौरन बहाल हो गया। उसने अपना बिस्तर उठाया और चलने-फिरने लगा। 12 उन्होंने सवाल किया, "वह कौन है जिसने तुझे यह कुछ बताया?" 13 लेकिन शफ़ायाब आदमी को मालूम न था, क्योंकि ईसा हुजूम के सबब से चुपके से वहाँ से चला गया था। 18 यह सुनकर यहूदी उसे क़त्ल करने की मज़ीद कोशिश करने लगे, क्योंकि उसने न सिर्फ़ सबत के दिन को मनसूख़ क़रार दिया था बल्कि अल्लाह को अपना बाप कहकर अपने आपको अल्लाह के बराबर ठहराया था। 19 ईसा ने उन्हें जवाब दिया, "मैं तुमको सच बताता हूँ कि फ़रज़ंद अपनी मरज़ी से कुछ नहीं कर सकता। वह सिर्फ़ वह कुछ करता है जो वह बाप को करते देखता है। जो कुछ बाप करता है वही फ़रज़ंद भी करता है, 20 क्योंकि बाप फ़रज़ंद को प्यार करता और उसे सब कुछ दिखाता है जो वह ख़ुद करता है। हाँ, वह फ़रज़ंद को इनसे भी अज़ीम काम दिखाएगा। फिर तुम और भी ज़्यादा हैरतज़दा होगे। 21 क्योंकि जिस तरह बाप मुरदों को ज़िंदा करता है उसी तरह फ़रज़ंद भी जिन्हें चाहता है ज़िंदा कर देता है। 22 और बाप किसी की भी अदालत नहीं करता बल्कि उसने अदालत का पूरा इंतज़ाम फ़रज़ंद के सुपुर्द कर दिया है 23 ताकि सब उसी तरह फ़रज़ंद की इज़्ज़त करें जिस तरह वह बाप की इज़्ज़त करते हैं। जो फ़रज़ंद की इज़्ज़त नहीं करता वह बाप की भी इज़्ज़त नहीं करता जिसने उसे भेजा है। 24 मैं तुमको सच बताता हूँ, जो भी मेरी बात सुनकर उस पर ईमान लाता है जिसने मुझे भेजा है अबदी ज़िंदगी उस की है। उसे मुजरिम नहीं ठहराया जाएगा बल्कि वह मौत की गिरिफ़्त से निकलकर ज़िंदगी में दाख़िल हो गया है। 25 मैं तुमको सच बताता हूँ कि एक वक़्त आनेवाला है बल्कि आ चुका है जब मुरदे अल्लाह के फ़रज़ंद की आवाज़ सुनेंगे। और जितने सुनेंगे वह ज़िंदा हो जाएंगे। 26 क्योंकि जिस तरह बाप ज़िंदगी का मंबा है उसी तरह उसने अपने फ़रज़ंद को ज़िंदगी का मंबा बना दिया है। 27 साथ साथ उसने उसे अदालत करने का इख़्तियार भी दे दिया है, क्योंकि वह इब्ने-आदम है। 28 यह सुनकर ताज्जुब न करो क्योंकि एक वक़्त आ रहा है जब तमाम मुरदे उस की आवाज़ सुनकर 29 क़ब्रों में से निकल आएँगे। जिन्होंने नेक काम किया वह जी उठकर ज़िंदगी पाएँगे जबकि जिन्होंने बुरा काम किया वह जी तो उठेंगे लेकिन उनकी अदालत की जाएगी। 30 मैं अपनी मरज़ी से कुछ नहीं कर सकता बल्कि जो कुछ बाप से सुनता हूँ उसके मुताबिक़ अदालत करता हूँ। और मेरी अदालत रास्त है क्योंकि मैं अपनी मरज़ी करने की कोशिश नहीं करता बल्कि उसी की जिसने मुझे भेजा है। 31 अगर मैं ख़ुद अपने बारे में गवाही देता तो मेरी गवाही मोतबर न होती। 32 लेकिन एक और है जो मेरे बारे में गवाही दे रहा है और मैं जानता हूँ कि मेरे बारे में उस की गवाही सच्ची और मोतबर है। 33 तुमने पता करने के लिए अपने लोगों को यहया के पास भेजा है और उसने हक़ीक़त की तसदीक़ की है। 34 बेशक मुझे किसी इनसानी गवाह की ज़रूरत नहीं है, लेकिन मैं यह इसलिए बता रहा हूँ ताकि तुमको नजात मिल जाए। 35 यहया एक जलता हुआ चराग़ था जो रौशनी देता था, और कुछ देर के लिए तुमने उस की रौशनी में ख़ुशी मनाना पसंद किया। 36 लेकिन मेरे पास एक और गवाह है जो यहया की निसबत ज़्यादा अहम है यानी वह काम जो बाप ने मुझे मुकम्मल करने के लिए दे दिया। यही काम जो मैं कर रहा हूँ मेरे बारे में गवाही देता है कि बाप ने मुझे भेजा है। 37 इसके अलावा बाप ने ख़ुद जिसने मुझे भेजा है मेरे बारे में गवाही दी है। अफ़सोस, तुमने कभी उस की आवाज़ नहीं सुनी, न उस की शक्लो-सूरत देखी, 38 और उसका कलाम तुम्हारे अंदर नहीं रहता, क्योंकि तुम उस पर ईमान नहीं रखते जिसे उसने भेजा है। 39 तुम अपने सहीफ़ों में ढूँडते रहते हो क्योंकि समझते हो कि उनसे तुम्हें अबदी ज़िंदगी हासिल है। लेकिन यही मेरे बारे में गवाही देते हैं! 40 तो भी तुम ज़िंदगी पाने के लिए मेरे पास आना नहीं चाहते।
आठ ईसा ने कहा, "उठ, अपना बिस्तर उठाकर चल-फिर!" नौ वह आदमी फ़ौरन बहाल हो गया। उसने अपना बिस्तर उठाया और चलने-फिरने लगा। बारह उन्होंने सवाल किया, "वह कौन है जिसने तुझे यह कुछ बताया?" तेरह लेकिन शफ़ायाब आदमी को मालूम न था, क्योंकि ईसा हुजूम के सबब से चुपके से वहाँ से चला गया था। अट्ठारह यह सुनकर यहूदी उसे क़त्ल करने की मज़ीद कोशिश करने लगे, क्योंकि उसने न सिर्फ़ सबत के दिन को मनसूख़ क़रार दिया था बल्कि अल्लाह को अपना बाप कहकर अपने आपको अल्लाह के बराबर ठहराया था। उन्नीस ईसा ने उन्हें जवाब दिया, "मैं तुमको सच बताता हूँ कि फ़रज़ंद अपनी मरज़ी से कुछ नहीं कर सकता। वह सिर्फ़ वह कुछ करता है जो वह बाप को करते देखता है। जो कुछ बाप करता है वही फ़रज़ंद भी करता है, बीस क्योंकि बाप फ़रज़ंद को प्यार करता और उसे सब कुछ दिखाता है जो वह ख़ुद करता है। हाँ, वह फ़रज़ंद को इनसे भी अज़ीम काम दिखाएगा। फिर तुम और भी ज़्यादा हैरतज़दा होगे। इक्कीस क्योंकि जिस तरह बाप मुरदों को ज़िंदा करता है उसी तरह फ़रज़ंद भी जिन्हें चाहता है ज़िंदा कर देता है। बाईस और बाप किसी की भी अदालत नहीं करता बल्कि उसने अदालत का पूरा इंतज़ाम फ़रज़ंद के सुपुर्द कर दिया है तेईस ताकि सब उसी तरह फ़रज़ंद की इज़्ज़त करें जिस तरह वह बाप की इज़्ज़त करते हैं। जो फ़रज़ंद की इज़्ज़त नहीं करता वह बाप की भी इज़्ज़त नहीं करता जिसने उसे भेजा है। चौबीस मैं तुमको सच बताता हूँ, जो भी मेरी बात सुनकर उस पर ईमान लाता है जिसने मुझे भेजा है अबदी ज़िंदगी उस की है। उसे मुजरिम नहीं ठहराया जाएगा बल्कि वह मौत की गिरिफ़्त से निकलकर ज़िंदगी में दाख़िल हो गया है। पच्चीस मैं तुमको सच बताता हूँ कि एक वक़्त आनेवाला है बल्कि आ चुका है जब मुरदे अल्लाह के फ़रज़ंद की आवाज़ सुनेंगे। और जितने सुनेंगे वह ज़िंदा हो जाएंगे। छब्बीस क्योंकि जिस तरह बाप ज़िंदगी का मंबा है उसी तरह उसने अपने फ़रज़ंद को ज़िंदगी का मंबा बना दिया है। सत्ताईस साथ साथ उसने उसे अदालत करने का इख़्तियार भी दे दिया है, क्योंकि वह इब्ने-आदम है। अट्ठाईस यह सुनकर ताज्जुब न करो क्योंकि एक वक़्त आ रहा है जब तमाम मुरदे उस की आवाज़ सुनकर उनतीस क़ब्रों में से निकल आएँगे। जिन्होंने नेक काम किया वह जी उठकर ज़िंदगी पाएँगे जबकि जिन्होंने बुरा काम किया वह जी तो उठेंगे लेकिन उनकी अदालत की जाएगी। तीस मैं अपनी मरज़ी से कुछ नहीं कर सकता बल्कि जो कुछ बाप से सुनता हूँ उसके मुताबिक़ अदालत करता हूँ। और मेरी अदालत रास्त है क्योंकि मैं अपनी मरज़ी करने की कोशिश नहीं करता बल्कि उसी की जिसने मुझे भेजा है। इकतीस अगर मैं ख़ुद अपने बारे में गवाही देता तो मेरी गवाही मोतबर न होती। बत्तीस लेकिन एक और है जो मेरे बारे में गवाही दे रहा है और मैं जानता हूँ कि मेरे बारे में उस की गवाही सच्ची और मोतबर है। तैंतीस तुमने पता करने के लिए अपने लोगों को यहया के पास भेजा है और उसने हक़ीक़त की तसदीक़ की है। चौंतीस बेशक मुझे किसी इनसानी गवाह की ज़रूरत नहीं है, लेकिन मैं यह इसलिए बता रहा हूँ ताकि तुमको नजात मिल जाए। पैंतीस यहया एक जलता हुआ चराग़ था जो रौशनी देता था, और कुछ देर के लिए तुमने उस की रौशनी में ख़ुशी मनाना पसंद किया। छत्तीस लेकिन मेरे पास एक और गवाह है जो यहया की निसबत ज़्यादा अहम है यानी वह काम जो बाप ने मुझे मुकम्मल करने के लिए दे दिया। यही काम जो मैं कर रहा हूँ मेरे बारे में गवाही देता है कि बाप ने मुझे भेजा है। सैंतीस इसके अलावा बाप ने ख़ुद जिसने मुझे भेजा है मेरे बारे में गवाही दी है। अफ़सोस, तुमने कभी उस की आवाज़ नहीं सुनी, न उस की शक्लो-सूरत देखी, अड़तीस और उसका कलाम तुम्हारे अंदर नहीं रहता, क्योंकि तुम उस पर ईमान नहीं रखते जिसे उसने भेजा है। उनतालीस तुम अपने सहीफ़ों में ढूँडते रहते हो क्योंकि समझते हो कि उनसे तुम्हें अबदी ज़िंदगी हासिल है। लेकिन यही मेरे बारे में गवाही देते हैं! चालीस तो भी तुम ज़िंदगी पाने के लिए मेरे पास आना नहीं चाहते।
Gorakhpur: कोरोना काल में माता-पिता या माता व पिता में से किसी एक को होने वाले बच्चों के सर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथ रखा है। उनकी परवरिश और शिक्षा के लिए अभिभावक को हर महीने ₹4000 मिलते हैं। इन बच्चों के भविष्य को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें तकनीकी सुविधा से लैस करने का निर्णय लिया है। ऐसे करीब 82 बच्चों को लैपटॉप दिया जाएगा। जून 2021 में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गई इसमें ऐसे प्रत्येक बच्चों के लिए ₹4000 प्रतिमाह दिया जाता है बाद में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य रूप की गई इसमें अनाथ बच्चों को प्रतिमाह ₹25 दिए जा रहे हैं गोरखपुर में 603 बच्चे मुख्यमंत्री बाल सूर्या योजना से लाभान्वित हो रहे हैं सरकार इन बच्चों के पालन पोषण को लेकर पढ़ाई तक की खर्चा उठाती लैपटॉप उन्हें दिया जाएगा जो नवी कक्षा या उसके ऊपर की कक्षाओं में पढ़ते हैं इसके पहले भी जिले में ऐसे 125 बच्चों को लैपटॉप प्रदान किया जा चुका है । होली का यह उपहार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने हाथों से देंगे इसके साथ ही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री सोमवार यानी 6 मार्च को दोपहर में आ सकते हैं। इस दिन योगीराज बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान करेंगे। इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि का चेक तथा 200 महिला मंगल दलों को खेल किट का वितरण भी करेंगे । This website uses cookies.
Gorakhpur: कोरोना काल में माता-पिता या माता व पिता में से किसी एक को होने वाले बच्चों के सर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथ रखा है। उनकी परवरिश और शिक्षा के लिए अभिभावक को हर महीने चार हज़ार रुपया मिलते हैं। इन बच्चों के भविष्य को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें तकनीकी सुविधा से लैस करने का निर्णय लिया है। ऐसे करीब बयासी बच्चों को लैपटॉप दिया जाएगा। जून दो हज़ार इक्कीस में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गई इसमें ऐसे प्रत्येक बच्चों के लिए चार हज़ार रुपया प्रतिमाह दिया जाता है बाद में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सामान्य रूप की गई इसमें अनाथ बच्चों को प्रतिमाह पच्चीस रुपया दिए जा रहे हैं गोरखपुर में छः सौ तीन बच्चे मुख्यमंत्री बाल सूर्या योजना से लाभान्वित हो रहे हैं सरकार इन बच्चों के पालन पोषण को लेकर पढ़ाई तक की खर्चा उठाती लैपटॉप उन्हें दिया जाएगा जो नवी कक्षा या उसके ऊपर की कक्षाओं में पढ़ते हैं इसके पहले भी जिले में ऐसे एक सौ पच्चीस बच्चों को लैपटॉप प्रदान किया जा चुका है । होली का यह उपहार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने हाथों से देंगे इसके साथ ही हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री सोमवार यानी छः मार्च को दोपहर में आ सकते हैं। इस दिन योगीराज बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान करेंगे। इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि का चेक तथा दो सौ महिला मंगल दलों को खेल किट का वितरण भी करेंगे । This website uses cookies.
Cody Rhodes: WWE रॉ (Raw) के एपिसोड में रॉयल रंबल (Royal Rumble 2023) के लिए काफी बड़ा ऐलान हुआ। दरअसल, कोडी रोड्स (Cody Rhodes) की वापसी आधिकारिक तौर पर तय हो गई है। रोड्स Royal Rumble 2023 इवेंट में रिटर्न करने वाले हैं। Raw में उनका वीडियो पैकेज देखने को मिला था और उन्होंने यहां 7 महीने बाद अपने रिटर्न के बारे में बताया। पिछले कई हफ्तों से कोडी रोड्स के वीडियो पैकेज देखने को मिल रहे थे। WWE उनका चोट से ठीक होने का सफर दिखा रहा था। Raw के इस हफ्ते के शो में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। दरअसल, Raw में रोड्स का एक वीडियो पैकेज देखने को मिला। इसमें उनकी चोट के बारे में जानकारी दी गई। डॉक्टर और ब्रैंडी रोड्स का इंटरव्यू देखने को मिला। यह भी दिखाया गया कि रोड्स ने अपनी वापसी के लिए बहुत पहले से तैयारी शुरू कर दी थी और वो हल्के वजन उठाकर अभ्यास करने लगे थे। बाद में रोड्स की नाईटमेयर फैक्ट्री को भी दिखाया गया, जहां उन्होंने ट्रेनिंग की। साथ ही रोड्स ने इस वीडियो पैकेज के अंत में ऐलान किया कि उन्होंने ऐसा अपनी वापसी के लिए किया। कोडी रोड्स WrestleMania 38 में वापसी के बाद से बता चुके हैं कि वो वर्ल्ड चैंपियन बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए वो Royal Rumble में वापसी करने वाले हैं। उन्होंने इसी के साथ 2023 के Royal Rumble मैच के लिए अपनी एंट्री का ऐलान कर दिया। बाद में WWE ने ग्राफिक दिखाकर इस बात पर मुहर लगा दी। कोडी रोड्स की वापसी की उम्मीद काफी समय से थी। कई लोगों को लग रहा था कि पूर्व AEW सुपरस्टार की चोट से वापसी सीधा Royal Rumble इवेंट में बिना किसी ऐलान के होगी। हालांकि, WWE ने Raw के एपिसोड में उनके रिटर्न की घोषणा करके फैंस को चौंका दिया है। अब फैंस Royal Rumble 2023 इवेंट के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा उत्साहित हो गए होंगे। देखना होगा कि रोड्स यहां किस तरह से बवाल मचाते हैं। WWE और रेसलिंग से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के साथ-साथ अपडेट्स, लाइव रिजल्ट्स को हमारे Facebook page पर पाएं।
Cody Rhodes: WWE रॉ के एपिसोड में रॉयल रंबल के लिए काफी बड़ा ऐलान हुआ। दरअसल, कोडी रोड्स की वापसी आधिकारिक तौर पर तय हो गई है। रोड्स Royal Rumble दो हज़ार तेईस इवेंट में रिटर्न करने वाले हैं। Raw में उनका वीडियो पैकेज देखने को मिला था और उन्होंने यहां सात महीने बाद अपने रिटर्न के बारे में बताया। पिछले कई हफ्तों से कोडी रोड्स के वीडियो पैकेज देखने को मिल रहे थे। WWE उनका चोट से ठीक होने का सफर दिखा रहा था। Raw के इस हफ्ते के शो में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। दरअसल, Raw में रोड्स का एक वीडियो पैकेज देखने को मिला। इसमें उनकी चोट के बारे में जानकारी दी गई। डॉक्टर और ब्रैंडी रोड्स का इंटरव्यू देखने को मिला। यह भी दिखाया गया कि रोड्स ने अपनी वापसी के लिए बहुत पहले से तैयारी शुरू कर दी थी और वो हल्के वजन उठाकर अभ्यास करने लगे थे। बाद में रोड्स की नाईटमेयर फैक्ट्री को भी दिखाया गया, जहां उन्होंने ट्रेनिंग की। साथ ही रोड्स ने इस वीडियो पैकेज के अंत में ऐलान किया कि उन्होंने ऐसा अपनी वापसी के लिए किया। कोडी रोड्स WrestleMania अड़तीस में वापसी के बाद से बता चुके हैं कि वो वर्ल्ड चैंपियन बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए वो Royal Rumble में वापसी करने वाले हैं। उन्होंने इसी के साथ दो हज़ार तेईस के Royal Rumble मैच के लिए अपनी एंट्री का ऐलान कर दिया। बाद में WWE ने ग्राफिक दिखाकर इस बात पर मुहर लगा दी। कोडी रोड्स की वापसी की उम्मीद काफी समय से थी। कई लोगों को लग रहा था कि पूर्व AEW सुपरस्टार की चोट से वापसी सीधा Royal Rumble इवेंट में बिना किसी ऐलान के होगी। हालांकि, WWE ने Raw के एपिसोड में उनके रिटर्न की घोषणा करके फैंस को चौंका दिया है। अब फैंस Royal Rumble दो हज़ार तेईस इवेंट के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा उत्साहित हो गए होंगे। देखना होगा कि रोड्स यहां किस तरह से बवाल मचाते हैं। WWE और रेसलिंग से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के साथ-साथ अपडेट्स, लाइव रिजल्ट्स को हमारे Facebook page पर पाएं।
IPL 2022 Retention: साल 2022 में होने वाले आईपीएल में जिन-जिन खिलाड़ियों की वापसी होगी उनके नामों का ऐलान किया जा चुका है। इनमें विराट कोहली, एमएस धोनी, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, केन विलियमसन जैसे बड़े खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं। नई दिल्ली। साल 2022 में होने वाले आईपीएल में जिन-जिन खिलाड़ियों की वापसी होगी उनके नामों का ऐलान किया जा चुका है। इनमें विराट कोहली, एमएस धोनी, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, केन विलियमसन जैसे बड़े खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही राशिद खान, डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ऑयन मॉर्गन, शिखर धवन जैसे कई खिलाड़ियों को उनकी टीम ने रिलीज किया है। लेकिन इस बार हुए रिटेंशन में दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली और धोनी की सैलरी इस बार काफी घट गई इसके साथ ही रवींद्र जडेजा, रोहित शर्मा और ऋषभ पंत को इन दिग्गज खिलाड़ियों से ज्यादा पैसा मिलेगा। बता दें कि 4 टीमों ने अपने सभी 4 खिलाड़ियों को रिटेन करने का फैसला लिया है। मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइजर्स और डिफेंडिंग चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स ने अपने 4 खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखने का फैसला लिया है। वहीं आरसीबी, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने भी 3-3 खिलाड़ियों को रिटेन किया है। इनमें सबसे कम 2 खिलाड़ी पंजाब किंग्स ने अपने साथ बरकरार रखे हैं। मुंबई इंडियंस ने भी अपने 4 खिलाड़ी रिटेन किया है। जिनमें कप्तान रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव और काइरन पोलार्ड के नाम शामिल हैं। यहां रोहित शर्मा को 16 करोड़ रुपये, जसप्रीत बुमराह-12 करोड़ रुपये में रिटेन किया गया है। दिलचस्प बात ये है कि मुंबई ने सूर्यकुमार यादव को काइरन पोलार्ड से ज्यादा पैसा दिया है। सूर्यकुमार यादव- 8 करोड़ रुपये और काइरन पोलार्ड 6 करोड़ में रिटेन हुए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से भी 3 खिलाड़ी रिटेन किए गए हैं। जिनमें विराट कोहली, ग्लेन मैक्सवेल और मोहम्मद सिराज शामिल हैं। विराट कोहली को सालाना 15 करोड़ रुपये मिलेंगे, ग्लेन मैक्सवेल 11 करोड़ और मोहम्मद सिराज को 7 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से भी धोनी, रवींद्र जडेजा, मोइन अली और ऋतुराज गायकवाड़ को रिटेन किया गया है। इसमें बड़ी बात ये है कि रवींद्र जडेजा को धोनी से ज्यादा पैसों में रिटेन किया है। जडेजा को 16 करोड़ रुपये सालाना मिलेंगे, तो वहीं धोनी को 12 करोड़, मोइन अली 8 करोड़ और ऋतुराज गायकवाड़ 6 करोड़ रुपये में चेन्नई के साथ बरकरार रखा हैं। दिल्ली कैपिटल्स ने ऋषभ पंत को 16 करोड़ रुपये में रिटेन किया है, तो वहीं अक्षर पटेल को 9 करोड़, पृथ्वी शॉ को 7. 50 करोड़ और एनरिक नॉर्खिया को 6. 50 करोड़ रुपये में रिटेन किया गया है।
IPL दो हज़ार बाईस Retention: साल दो हज़ार बाईस में होने वाले आईपीएल में जिन-जिन खिलाड़ियों की वापसी होगी उनके नामों का ऐलान किया जा चुका है। इनमें विराट कोहली, एमएस धोनी, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, केन विलियमसन जैसे बड़े खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं। नई दिल्ली। साल दो हज़ार बाईस में होने वाले आईपीएल में जिन-जिन खिलाड़ियों की वापसी होगी उनके नामों का ऐलान किया जा चुका है। इनमें विराट कोहली, एमएस धोनी, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, केन विलियमसन जैसे बड़े खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही राशिद खान, डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ऑयन मॉर्गन, शिखर धवन जैसे कई खिलाड़ियों को उनकी टीम ने रिलीज किया है। लेकिन इस बार हुए रिटेंशन में दिलचस्प बात यह है कि विराट कोहली और धोनी की सैलरी इस बार काफी घट गई इसके साथ ही रवींद्र जडेजा, रोहित शर्मा और ऋषभ पंत को इन दिग्गज खिलाड़ियों से ज्यादा पैसा मिलेगा। बता दें कि चार टीमों ने अपने सभी चार खिलाड़ियों को रिटेन करने का फैसला लिया है। मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइजर्स और डिफेंडिंग चैंपियन चेन्नई सुपरकिंग्स ने अपने चार खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखने का फैसला लिया है। वहीं आरसीबी, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स ने भी तीन-तीन खिलाड़ियों को रिटेन किया है। इनमें सबसे कम दो खिलाड़ी पंजाब किंग्स ने अपने साथ बरकरार रखे हैं। मुंबई इंडियंस ने भी अपने चार खिलाड़ी रिटेन किया है। जिनमें कप्तान रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, सूर्यकुमार यादव और काइरन पोलार्ड के नाम शामिल हैं। यहां रोहित शर्मा को सोलह करोड़ रुपये, जसप्रीत बुमराह-बारह करोड़ रुपये में रिटेन किया गया है। दिलचस्प बात ये है कि मुंबई ने सूर्यकुमार यादव को काइरन पोलार्ड से ज्यादा पैसा दिया है। सूर्यकुमार यादव- आठ करोड़ रुपये और काइरन पोलार्ड छः करोड़ में रिटेन हुए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की ओर से भी तीन खिलाड़ी रिटेन किए गए हैं। जिनमें विराट कोहली, ग्लेन मैक्सवेल और मोहम्मद सिराज शामिल हैं। विराट कोहली को सालाना पंद्रह करोड़ रुपये मिलेंगे, ग्लेन मैक्सवेल ग्यारह करोड़ और मोहम्मद सिराज को सात करोड़ रुपये दिए जाएंगे। चेन्नई सुपरकिंग्स की ओर से भी धोनी, रवींद्र जडेजा, मोइन अली और ऋतुराज गायकवाड़ को रिटेन किया गया है। इसमें बड़ी बात ये है कि रवींद्र जडेजा को धोनी से ज्यादा पैसों में रिटेन किया है। जडेजा को सोलह करोड़ रुपये सालाना मिलेंगे, तो वहीं धोनी को बारह करोड़, मोइन अली आठ करोड़ और ऋतुराज गायकवाड़ छः करोड़ रुपये में चेन्नई के साथ बरकरार रखा हैं। दिल्ली कैपिटल्स ने ऋषभ पंत को सोलह करोड़ रुपये में रिटेन किया है, तो वहीं अक्षर पटेल को नौ करोड़, पृथ्वी शॉ को सात. पचास करोड़ और एनरिक नॉर्खिया को छः. पचास करोड़ रुपये में रिटेन किया गया है।
अंग्रेजी में संज्ञा बहुवचन बनाना बहुत आसान है। अंततः आप अंत में केवल एक-या-पॉप पॉप करते हैं। जर्मन भाषा अभी भी सीधा है, लेकिन इस तथ्य के कारण जर्मन संज्ञाओं के लिंग होने के कारण इसमें कुछ और नियम हैं। यह बहुवचन संज्ञाओं पर एक नज़र है जो -n या -en के साथ समाप्त होता है। इस समूह में संज्ञाएं अधिकतर स्त्री के रूप में शुरू होती हैं और बहुवचन बनाने के लिए अंत में या तो -एन या -न जोड़ती हैं। इस समूह में कोई न्यूरर संज्ञा नहीं है और बहुवचन बनाने के दौरान न तो कोई भी उमौल परिवर्तन होता है। उदाहरण के लिएः मरो फ्राउ (महिला, एकवचन) मर जाती है फ्रूएंन (बहुवचन)। फ्राउ geht spazieren मरो। (महिला चल रही है। ) फ्राउएन गेहेन spazieren मरो। (महिलाएं चल रही हैं। ) इस समूह में नाम जोड़ते हैं जब एक व्युत्पन्न में संज्ञा एक व्यंजन में समाप्त होता है। उदाहरण के लिए, डर श्मेरज़ (दर्द) मर जाता है शर्मन (दर्द)। इस नियम के अपवाद तब होते हैं जब शब्द व्यंजनों "एल" या "आर" में समाप्त होता है। फिर संज्ञा केवल जोड़ देगा -एन। उदाहरण के लिएः कार्तोफेल मरें (आलू): कार्तोफेल मरें (आलू) जब इस समूह में संज्ञाएं एक स्वर में समाप्त होती हैं, तो नहीं जोड़ा जाएगा। इस नियम के अपवाद तब होते हैं जब स्वर डिफथोंग "एयू" या "ईआई" होते हैं। उदाहरण के लिएः इसके अलावा, संज्ञाएं जो बहुवचन में " इन" ऐड-एनन के साथ समाप्त होती हैं। Musikantin मरो (मादा संगीतकार) Musikantinnen मर जाता है। इस बहुवचन संज्ञा समूह के अधिक उदाहरणों के लिए नीचे दिए गए चार्ट को देखें। Nom। नामांकित के लिए खड़ा है। एसीसी। आरोप लगाने के लिए खड़ा है। Dat। मूल के लिए खड़ा है। जनरल जेनेटिव के लिए खड़ा है। एसीसी। Dat। जनरल। एसीसी। Dat। जनरल।
अंग्रेजी में संज्ञा बहुवचन बनाना बहुत आसान है। अंततः आप अंत में केवल एक-या-पॉप पॉप करते हैं। जर्मन भाषा अभी भी सीधा है, लेकिन इस तथ्य के कारण जर्मन संज्ञाओं के लिंग होने के कारण इसमें कुछ और नियम हैं। यह बहुवचन संज्ञाओं पर एक नज़र है जो -n या -en के साथ समाप्त होता है। इस समूह में संज्ञाएं अधिकतर स्त्री के रूप में शुरू होती हैं और बहुवचन बनाने के लिए अंत में या तो -एन या -न जोड़ती हैं। इस समूह में कोई न्यूरर संज्ञा नहीं है और बहुवचन बनाने के दौरान न तो कोई भी उमौल परिवर्तन होता है। उदाहरण के लिएः मरो फ्राउ मर जाती है फ्रूएंन । फ्राउ geht spazieren मरो। फ्राउएन गेहेन spazieren मरो। इस समूह में नाम जोड़ते हैं जब एक व्युत्पन्न में संज्ञा एक व्यंजन में समाप्त होता है। उदाहरण के लिए, डर श्मेरज़ मर जाता है शर्मन । इस नियम के अपवाद तब होते हैं जब शब्द व्यंजनों "एल" या "आर" में समाप्त होता है। फिर संज्ञा केवल जोड़ देगा -एन। उदाहरण के लिएः कार्तोफेल मरें : कार्तोफेल मरें जब इस समूह में संज्ञाएं एक स्वर में समाप्त होती हैं, तो नहीं जोड़ा जाएगा। इस नियम के अपवाद तब होते हैं जब स्वर डिफथोंग "एयू" या "ईआई" होते हैं। उदाहरण के लिएः इसके अलावा, संज्ञाएं जो बहुवचन में " इन" ऐड-एनन के साथ समाप्त होती हैं। Musikantin मरो Musikantinnen मर जाता है। इस बहुवचन संज्ञा समूह के अधिक उदाहरणों के लिए नीचे दिए गए चार्ट को देखें। Nom। नामांकित के लिए खड़ा है। एसीसी। आरोप लगाने के लिए खड़ा है। Dat। मूल के लिए खड़ा है। जनरल जेनेटिव के लिए खड़ा है। एसीसी। Dat। जनरल। एसीसी। Dat। जनरल।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। भारतीय क्रिकेट टीम दो बार क्रिकेट विश्व कप में विजेता रह चूका है जिसमें पहली बार १९८३ क्रिकेट विश्व कप तथा दूसरी बार २०११ क्रिकेट विश्व कप में महेंद्र सिंह धोनी तथा कपिल देव की कप्तानी में जीत मिली। इनके अलावा २००३ क्रिकेट विश्व कप में उपविजेता रहा। १९८७,१९९६ तथा २०१५ में सेमीफाइनल में पहुंचा। इनके अलावा १९९९ क्रिकेट विश्व कप में सुपर सिक्स में पहुंचा तथा चार बार १९७५, १९७९, १९९३ और २००७ में नॉकआउट में पहुंचा था। भारत ने २०१५ क्रिकेट विश्व कप के अनुसार भारत ने विश्व कप में ४६ मैच जीते है जबकि २७ मैचों में हार मिली है और एक मैच टाई रहा है तथा कुछ मैच बारिश के कारण बिना परिणाम के रहे है। . १९९२ क्रिकेट विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर बेंसन एंड हेजेज विश्व कप) क्रिकेट विश्व कप का पांचवां संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/279/history यह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में २२ फरवरी से २५ मार्च १९९२ को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/60924.html टूर्नामेंट बेंसन एंड हेजेज द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे नौ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच ५० ओवर प्रति टीम का था और रंगीन कपड़ों में और सफेद गेंदों के साथ खेली गया था और अधिकतम मैच दूधिया रोशनी (फ्लडलाइट्स) के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच था, और पाकिस्तान ने इंग्लैंड को मेलबोर्न क्रिकेट ग्रांउड मे खेले गए फाइनल मे २२ रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/65156.html . क्रिकेट विश्व कप में भारत और १९९२ क्रिकेट विश्व कप आम में 9 बातें हैं (यूनियनपीडिया में): न्यूज़ीलैण्ड, पर्थ, पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम, सचिन तेंदुलकर, वेस्ट इंडीज़ संघ, ऑस्ट्रेलिया, ऑक्लैण्ड, आईसीसी क्रिकेट विश्व कप, इंग्लैंड क्रिकेट टीम। न्यूज़ीलैंड प्रशान्त महासागर में ऑस्ट्रेलिया के पास स्थित देश है। ये दो बड़े द्वीपों से बना है। न्यूजीलैंड (माओरी भाषा मेंः Aotearoa आओटेआरोआ) दक्षिण पश्चिमि पेसिफ़िक ओशन में दो बड़े द्वीप और अन्य कई छोटे द्वीपों से बना एक देश है। न्यूजीलैंड के ४० लाख लोगों में से लगभग तीस लाख लोग उत्तरी द्वीप में रहते हैं और दस लाख लोग दक्षिणि द्वीप में। यह द्वीप दुनिया के सबसे बडे द्वीपों में गिने जाते हैं। अन्य द्वीपों में बहुत कम लोग रहतें हैं और वे बहुत छोटे हैं। इनमें मुख्य है. पर्थ ऑस्ट्रेलिया के राज्य पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की राजधानी और सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है। आबादी के हिसाब से यह ऑस्ट्रेलिया का चौथा सबसे बड़ा शहर है। इसकी स्थापना 12 जून 1829 को केप्टन जेम्स स्टर्लिंग ने की थी। पर्थ की वर्तमान जनसंख्या 1.74 मिलियन (लगभग 5 करोड़) है। महानगरीय क्षेत्र, ऑस्ट्रेलियाई दक्षिण पश्चिम डिवीजन के हिंद महासागर तथा एक कम तटीय कटाव जिसे डार्लिंग रेंज के रूप में जाना जाता है, के मध्य में स्तिथ है। पर्थ शहर के केन्द्रीय व्यापार जिले एवं विभिन्न उपनगर हंस नदी के किनारे स्तिथ हैं। व्यापार और प्रशासन केंद्र और संपन्नता में लगातार वृद्धि होने से पर्थ को "सिटी ऑफ लाइट" के सम्मान से नवाजा गया है। सन् 2011 में " दी इकोनोमिस्ट " की सूची में पर्थ को आँठवा स्थान प्राप्त हुआ। . पाकिस्तान क्रिकेट टीम पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है। . सचिन रमेश तेंदुलकर (अंग्रेजी उच्चारणः, जन्मः २४ अप्रैल १९७३) क्रिकेट के इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ौं में गिने जाते हैं। भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होने वाले वह सर्वप्रथम खिलाड़ी और सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित एकमात्र क्रिकेट खिलाड़ी हैं। सन् २००८ में वे पद्म विभूषण से भी पुरस्कृत किये जा चुके है। सन् १९८९ में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के पश्चात् वह बल्लेबाजी में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने टेस्ट व एक दिवसीय क्रिकेट, दोनों में सर्वाधिक शतक अर्जित किये हैं। वे टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में १४००० से अधिक रन बनाने वाले वह विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं। एकदिवसीय मैचों में भी उन्हें कुल सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान प्राप्त है। उन्होंने अपना पहला प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच मुम्बई के लिये १४ वर्ष की उम्र में खेला था। उनके अन्तर्राष्ट्रीय खेल जीवन की शुरुआत १९८९ में पाकिस्तान के खिलाफ कराची से हुई। सचिन क्रिकेट जगत के सर्वाधिक प्रायोजित खिलाड़ी हैं और विश्व भर में उनके अनेक प्रशंसक हैं। उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से भिन्न-भिन्न नामों से पुकारते हैं जिनमें सबसे प्रचलित लिटिल मास्टर व मास्टर ब्लास्टर है। क्रिकेट के अलावा वह अपने ही नाम के एक सफल रेस्टोरेंट के मालिक भी हैं। तत्काल में वह राज्य सभा के सदस्य हैं, सन् २०१२ में उन्हें राज्य सभा के सदस्य के रूप में नामित किया गया था। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर पर फिल्म 'सचिनः ए बिलियन ड्रीम्स' बनी। इस फ़िल्म का टीज़र भी बहुत रोमांचक हैं। टीजर में एक ऐसे इंसान को उसी की कहानी सुनाते हुए देखेंगे जो एक शरारती बच्चे से एक हीरो बनकर उभरता है। ख़ुद सचिन तेंदुलकर का भी ये मानना है कि क्रिकेट खेलने से अधिक चुनौतीपूर्ण अभिनय करना है।सचिन - ए बिलियन ड्रीम्स' का निर्माण रवि भगचंदका ने किया है और इसका निर्देशन जेम्स अर्सकिन ने। . वेस्ट इंडीज़ संघ, जिसे अंग्रेजी में फेडेरेशन ऑफ द वेस्ट इंडीज़ के रूप में भी जाना जाता है, एक अल्पजीवी कैरिबियन संघ था जो 3 जनवरी 1958 से लेकर 31 मई 1962 तक अस्तित्व में रहा। इसमें यूनाइटेड किंगडम के कई कैरिबियन उपनगर शामिल थे। संघ का अभिव्यक्त उद्देश्य राजनीतिक इकाई का निर्माण करना था जो कि ब्रिटेन से अलग एक स्वतंत्र राज्य के रूप में होता - संभवतः कनाडाई महासंघ, ऑस्ट्रेलियाई संघ, या केन्द्रीय अफ्रीकी संघ के समान होता; हालाँकि ऐसा होने से पहले ही आंतरिक राजनीतिक संघर्ष के कारण यह संघ ध्वस्त हो गया। . ऑस्ट्रेलिया, सरकारी तौर पर ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल दक्षिणी गोलार्द्ध के महाद्वीप के अर्न्तगत एक देश है जो दुनिया का सबसे छोटा महाद्वीप भी है और दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप भी, जिसमे तस्मानिया और कई अन्य द्वीप हिंद और प्रशांत महासागर में है। ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसी जगह है जिसे एक ही साथ महाद्वीप, एक राष्ट्र और एक द्वीप माना जाता है। पड़ोसी देश उत्तर में इंडोनेशिया, पूर्वी तिमोर और पापुआ न्यू गिनी, उत्तर पूर्व में सोलोमन द्वीप, वानुअतु और न्यू कैलेडोनिया और दक्षिणपूर्व में न्यूजीलैंड है। 18वी सदी के आदिकाल में जब यूरोपियन अवस्थापन प्रारंभ हुआ था उसके भी लगभग 40 हज़ार वर्ष पहले, ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप और तस्मानिया की खोज अलग-अलग देशो के करीब 250 स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाईयो ने की थी। तत्कालिक उत्तर से मछुआरो के छिटपुट भ्रमण और होलैंडवासियो (Dutch) द्वारा 1606, में यूरोप की खोज के बाद,1770 में ऑस्ट्रेलिया के अर्द्वपूर्वी भाग पर अंग्रेजों (British) का कब्ज़ा हो गया और 26 जनवरी 1788 में इसका निपटारा "देश निकला" दण्डस्वरुप बने न्यू साउथ वेल्स नगर के रूप में हुआ। इन वर्षों में जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि हुई और महाद्वीप का पता चला,19वी सदी के दौरान दूसरे पांच बड़े स्वयं-शासित शीर्ष नगर की स्थापना की गई। 1 जनवरी 1901 को, छः नगर महासंघ हो गए और ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल का गठन हुआ। महासंघ के समय से लेकर ऑस्ट्रेलिया ने एक स्थायी उदार प्रजातांत्रिक राजनैतिक व्यवस्था का निर्वहन किया और प्रभुता संपन्न राष्ट्र बना रहा। जनसंख्या 21.7मिलियन (दस लाख) से थोडा ही ऊपर है, साथ ही लगभग 60% जनसंख्या मुख्य राज्यों सिडनी,मेलबर्न,ब्रिस्बेन,पर्थ और एडिलेड में केन्द्रित है। राष्ट्र की राजधानी केनबर्रा है जो ऑस्ट्रेलियाई प्रधान प्रदेश (ACT) में अवस्थित है। प्रौद्योगिक रूप से उन्नत और औद्योगिक ऑस्ट्रेलिया एक समृद्ध बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है और इसका कई राष्ट्रों की तुलना में इन क्षत्रों में प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है जैसे स्वास्थ्य, आयु संभाव्यता, जीवन-स्तर, मानव विकास, जन शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और मूलभूत अधिकारों की रक्षा और राजनैतिक अधिकार. आकलैंड की स्थिति आकलैंड, न्यूज़ीलैंड का सबसे बड़ा नगर है। यह प्रायद्वीप के बहुत संकरे भाग में स्थित हैं। इस कारण दोनों तटों पर इसका अधिकार हैं परंतु उत्तम बंदरगाह पूर्वी तट पर है। आस्ट्रेलिया से अमरीका जानेवाले जहाज, विशेषकर सिडनी से वैंकूवर जानेवाले, यहाँ ठहरते हैं। यह आधुनिक बंदरगाह है। यहाँ पर विश्वविद्यालय, कलाभवन तथा एक निःशुल्क पुस्तकालय है जो सुंदर चित्रों से सजा है। इस नगर के आस पास न्यूटन, पार्नेल, न्यू मार्केट तथा नौर्थकोट उपनगर बसे हैं। आकलैंड की आबादी दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। इसका मुख्य कारण दुग्ध उद्योग तथा अन्य धंधे हैं। आकलैंड जहाज द्वारा आस्ट्रेलिया, प्रशांतद्वीप, दक्षिणी अ्फ्रीका, ग्रेट ब्रिटेन तथा संयुक्त राज्य अमरीका से संबद्ध है और रेलों द्वारा न्यूज़ीलैंड के दूसरे भागों से। यहाँ का मुख्य उद्योग जहाज बनाना, चीनी साफ करना तथा युद्धसामग्री बनाना हे। इसके सिवाय यहाँ लकड़ी तथा भोजनसामग्री इत्यादि का कारबार भी होता है। यहाँ से लकड़ी, दूध के बने सामान, ऊन, चमड़ा, सोना और फल बाहर भेजा जाता है। आकलैंड का विहंगम दृष्य श्रेणीःन्यूज़ीलैण्ड के आबाद स्थान श्रेणीःन्यूज़ीलैण्ड में बंदरगाह नगर श्रेणीःऑक्लैण्ड क्षेत्र. आईसीसी क्रिकेट विश्व कप एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप है। टूर्नामेंट खेल के शासी निकाय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा हर चार साल आयोजित किया जाता है। टूर्नामेंट दुनिया में सबसे ज्यादा देखी गयी खेल स्पर्धाओं में से एक है, यह केवल फीफा विश्व कप और ओलंपिक पीछे है। पहली बार विश्व कप 1975 में इंग्लैंड में आयोजित किया गया था, पहले तीन विश्व कप इंग्लैंड में मेजबानी किए गए थे। लेकिन 1987 टूर्नामेंट के बाद से विश्व कप हर चार साल दूसरे देश में आयोजित किया जाता है। सबसे हाल ही टूर्नामेंट २०१५ में आयोजित की गई थी, यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने मेजबानी की थी और इसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। . इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट टीम एक क्रिकेट टीम है जो इंग्लैंड और वेल्स का प्रतिनिधित्व करती है। 1992 तक यह स्कॉटलैंड का भी प्रतिनिधित्व करती थी। 1 जनवरी 1997 के बाद से टीम को इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) संचालित करती है, इससे पूर्व यह 1903 से 1996 के अन्त तक मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब के द्वारा नियंत्रित कि जाती थी। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया सबसे पहली टीम थी जिन्हे 15 मार्च 1877 में सर्वप्रथम टेस्ट क्रिकेट का दर्जा मिला था और 15 जून 1909 को इन्हे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) कि पूर्ण सदस्यता प्राप्त हुई। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने ही 5 जनवरी 1971 को सबसे पहला एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय खेला था और इंग्लैंड का सबसे पहला ट्वेन्टी20 मैच भी ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 13 जून 2005 को खेला गया था। 23 अगस्त 2011 तक, इंग्लैंड अपने खेले गये 915 टेस्ट मैचों में से 326 में विजयी रहा है तथा उसके 328 मैच ड्रा रहें हैं। इंग्लैंड के एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय के रिकॉर्ड में शामिल हैं तीन क्रिकेट विश्व कप (1979, 1987 और 1992) में उपविजेता के रूप में परिष्करण तथा 2004 की आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफ़ी में उपविजेता। इंग्लैंड टीम मौजूदा आईसीसी वर्ल्ड ट्वेंटी-20 चैंपियन हैं, जो पद उसे 2010 आईसीसी विश्व ट्वेंटी20 जीतने के बाद मिला था। इंग्लैंड वर्तमान समय में द एशेज की धारक हैं, जो कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली टेस्ट मैच श्रृंखला हैं और जो 1882-83 ऑस्ट्रेलियाई श्रृंखला के बाद से खेली जा रही हैं। टीम वर्तमान समय में आईसीसी एक दिवसीय चैम्पियनशिप में चौथे स्थान पर हैं और, अगस्त 2011 तक, विश्व की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पक्ष हैं . क्रिकेट विश्व कप में भारत 121 संबंध है और १९९२ क्रिकेट विश्व कप 38 है। वे आम 9 में है, समानता सूचकांक 5.66% है = 9 / (121 + 38)। यह लेख क्रिकेट विश्व कप में भारत और १९९२ क्रिकेट विश्व कप के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। भारतीय क्रिकेट टीम दो बार क्रिकेट विश्व कप में विजेता रह चूका है जिसमें पहली बार एक हज़ार नौ सौ तिरासी क्रिकेट विश्व कप तथा दूसरी बार दो हज़ार ग्यारह क्रिकेट विश्व कप में महेंद्र सिंह धोनी तथा कपिल देव की कप्तानी में जीत मिली। इनके अलावा दो हज़ार तीन क्रिकेट विश्व कप में उपविजेता रहा। एक हज़ार नौ सौ सत्तासी,एक हज़ार नौ सौ छियानवे तथा दो हज़ार पंद्रह में सेमीफाइनल में पहुंचा। इनके अलावा एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे क्रिकेट विश्व कप में सुपर सिक्स में पहुंचा तथा चार बार एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर, एक हज़ार नौ सौ उन्यासी, एक हज़ार नौ सौ तिरानवे और दो हज़ार सात में नॉकआउट में पहुंचा था। भारत ने दो हज़ार पंद्रह क्रिकेट विश्व कप के अनुसार भारत ने विश्व कप में छियालीस मैच जीते है जबकि सत्ताईस मैचों में हार मिली है और एक मैच टाई रहा है तथा कुछ मैच बारिश के कारण बिना परिणाम के रहे है। . एक हज़ार नौ सौ बानवे क्रिकेट विश्व कप, क्रिकेट विश्व कप का पांचवां संस्करण था। http://www.icc-cricket.com/cricket-world-cup/about/दो सौ उन्यासी/history यह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बाईस फरवरी से पच्चीस मार्च एक हज़ार नौ सौ बानवे को आयोजित किया गया। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/series/साठ हज़ार नौ सौ चौबीस.html टूर्नामेंट बेंसन एंड हेजेज द्वारा प्रायोजित किया गया था और इसमे नौ टीमो ने भाग लिया था। प्रत्येक मैच पचास ओवर प्रति टीम का था और रंगीन कपड़ों में और सफेद गेंदों के साथ खेली गया था और अधिकतम मैच दूधिया रोशनी के दौरान खेले गए थे। टूर्नामेंट का फाइनल पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच था, और पाकिस्तान ने इंग्लैंड को मेलबोर्न क्रिकेट ग्रांउड मे खेले गए फाइनल मे बाईस रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता। http://www.espncricinfo.com/ci/engine/match/पैंसठ हज़ार एक सौ छप्पन.html . क्रिकेट विश्व कप में भारत और एक हज़ार नौ सौ बानवे क्रिकेट विश्व कप आम में नौ बातें हैं : न्यूज़ीलैण्ड, पर्थ, पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम, सचिन तेंदुलकर, वेस्ट इंडीज़ संघ, ऑस्ट्रेलिया, ऑक्लैण्ड, आईसीसी क्रिकेट विश्व कप, इंग्लैंड क्रिकेट टीम। न्यूज़ीलैंड प्रशान्त महासागर में ऑस्ट्रेलिया के पास स्थित देश है। ये दो बड़े द्वीपों से बना है। न्यूजीलैंड दक्षिण पश्चिमि पेसिफ़िक ओशन में दो बड़े द्वीप और अन्य कई छोटे द्वीपों से बना एक देश है। न्यूजीलैंड के चालीस लाख लोगों में से लगभग तीस लाख लोग उत्तरी द्वीप में रहते हैं और दस लाख लोग दक्षिणि द्वीप में। यह द्वीप दुनिया के सबसे बडे द्वीपों में गिने जाते हैं। अन्य द्वीपों में बहुत कम लोग रहतें हैं और वे बहुत छोटे हैं। इनमें मुख्य है. पर्थ ऑस्ट्रेलिया के राज्य पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की राजधानी और सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है। आबादी के हिसाब से यह ऑस्ट्रेलिया का चौथा सबसे बड़ा शहर है। इसकी स्थापना बारह जून एक हज़ार आठ सौ उनतीस को केप्टन जेम्स स्टर्लिंग ने की थी। पर्थ की वर्तमान जनसंख्या एक.चौहत्तर मिलियन है। महानगरीय क्षेत्र, ऑस्ट्रेलियाई दक्षिण पश्चिम डिवीजन के हिंद महासागर तथा एक कम तटीय कटाव जिसे डार्लिंग रेंज के रूप में जाना जाता है, के मध्य में स्तिथ है। पर्थ शहर के केन्द्रीय व्यापार जिले एवं विभिन्न उपनगर हंस नदी के किनारे स्तिथ हैं। व्यापार और प्रशासन केंद्र और संपन्नता में लगातार वृद्धि होने से पर्थ को "सिटी ऑफ लाइट" के सम्मान से नवाजा गया है। सन् दो हज़ार ग्यारह में " दी इकोनोमिस्ट " की सूची में पर्थ को आँठवा स्थान प्राप्त हुआ। . पाकिस्तान क्रिकेट टीम पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम है। . सचिन रमेश तेंदुलकर क्रिकेट के इतिहास में विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ौं में गिने जाते हैं। भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित होने वाले वह सर्वप्रथम खिलाड़ी और सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित एकमात्र क्रिकेट खिलाड़ी हैं। सन् दो हज़ार आठ में वे पद्म विभूषण से भी पुरस्कृत किये जा चुके है। सन् एक हज़ार नौ सौ नवासी में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के पश्चात् वह बल्लेबाजी में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने टेस्ट व एक दिवसीय क्रिकेट, दोनों में सर्वाधिक शतक अर्जित किये हैं। वे टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं। इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में चौदह हज़ार से अधिक रन बनाने वाले वह विश्व के एकमात्र खिलाड़ी हैं। एकदिवसीय मैचों में भी उन्हें कुल सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान प्राप्त है। उन्होंने अपना पहला प्रथम श्रेणी क्रिकेट मैच मुम्बई के लिये चौदह वर्ष की उम्र में खेला था। उनके अन्तर्राष्ट्रीय खेल जीवन की शुरुआत एक हज़ार नौ सौ नवासी में पाकिस्तान के खिलाफ कराची से हुई। सचिन क्रिकेट जगत के सर्वाधिक प्रायोजित खिलाड़ी हैं और विश्व भर में उनके अनेक प्रशंसक हैं। उनके प्रशंसक उन्हें प्यार से भिन्न-भिन्न नामों से पुकारते हैं जिनमें सबसे प्रचलित लिटिल मास्टर व मास्टर ब्लास्टर है। क्रिकेट के अलावा वह अपने ही नाम के एक सफल रेस्टोरेंट के मालिक भी हैं। तत्काल में वह राज्य सभा के सदस्य हैं, सन् दो हज़ार बारह में उन्हें राज्य सभा के सदस्य के रूप में नामित किया गया था। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर पर फिल्म 'सचिनः ए बिलियन ड्रीम्स' बनी। इस फ़िल्म का टीज़र भी बहुत रोमांचक हैं। टीजर में एक ऐसे इंसान को उसी की कहानी सुनाते हुए देखेंगे जो एक शरारती बच्चे से एक हीरो बनकर उभरता है। ख़ुद सचिन तेंदुलकर का भी ये मानना है कि क्रिकेट खेलने से अधिक चुनौतीपूर्ण अभिनय करना है।सचिन - ए बिलियन ड्रीम्स' का निर्माण रवि भगचंदका ने किया है और इसका निर्देशन जेम्स अर्सकिन ने। . वेस्ट इंडीज़ संघ, जिसे अंग्रेजी में फेडेरेशन ऑफ द वेस्ट इंडीज़ के रूप में भी जाना जाता है, एक अल्पजीवी कैरिबियन संघ था जो तीन जनवरी एक हज़ार नौ सौ अट्ठावन से लेकर इकतीस मई एक हज़ार नौ सौ बासठ तक अस्तित्व में रहा। इसमें यूनाइटेड किंगडम के कई कैरिबियन उपनगर शामिल थे। संघ का अभिव्यक्त उद्देश्य राजनीतिक इकाई का निर्माण करना था जो कि ब्रिटेन से अलग एक स्वतंत्र राज्य के रूप में होता - संभवतः कनाडाई महासंघ, ऑस्ट्रेलियाई संघ, या केन्द्रीय अफ्रीकी संघ के समान होता; हालाँकि ऐसा होने से पहले ही आंतरिक राजनीतिक संघर्ष के कारण यह संघ ध्वस्त हो गया। . ऑस्ट्रेलिया, सरकारी तौर पर ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल दक्षिणी गोलार्द्ध के महाद्वीप के अर्न्तगत एक देश है जो दुनिया का सबसे छोटा महाद्वीप भी है और दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप भी, जिसमे तस्मानिया और कई अन्य द्वीप हिंद और प्रशांत महासागर में है। ऑस्ट्रेलिया एकमात्र ऐसी जगह है जिसे एक ही साथ महाद्वीप, एक राष्ट्र और एक द्वीप माना जाता है। पड़ोसी देश उत्तर में इंडोनेशिया, पूर्वी तिमोर और पापुआ न्यू गिनी, उत्तर पूर्व में सोलोमन द्वीप, वानुअतु और न्यू कैलेडोनिया और दक्षिणपूर्व में न्यूजीलैंड है। अट्ठारहवी सदी के आदिकाल में जब यूरोपियन अवस्थापन प्रारंभ हुआ था उसके भी लगभग चालीस हज़ार वर्ष पहले, ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप और तस्मानिया की खोज अलग-अलग देशो के करीब दो सौ पचास स्वदेशी ऑस्ट्रेलियाईयो ने की थी। तत्कालिक उत्तर से मछुआरो के छिटपुट भ्रमण और होलैंडवासियो द्वारा एक हज़ार छः सौ छः, में यूरोप की खोज के बाद,एक हज़ार सात सौ सत्तर में ऑस्ट्रेलिया के अर्द्वपूर्वी भाग पर अंग्रेजों का कब्ज़ा हो गया और छब्बीस जनवरी एक हज़ार सात सौ अठासी में इसका निपटारा "देश निकला" दण्डस्वरुप बने न्यू साउथ वेल्स नगर के रूप में हुआ। इन वर्षों में जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि हुई और महाद्वीप का पता चला,उन्नीसवी सदी के दौरान दूसरे पांच बड़े स्वयं-शासित शीर्ष नगर की स्थापना की गई। एक जनवरी एक हज़ार नौ सौ एक को, छः नगर महासंघ हो गए और ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल का गठन हुआ। महासंघ के समय से लेकर ऑस्ट्रेलिया ने एक स्थायी उदार प्रजातांत्रिक राजनैतिक व्यवस्था का निर्वहन किया और प्रभुता संपन्न राष्ट्र बना रहा। जनसंख्या इक्कीस.सातमिलियन से थोडा ही ऊपर है, साथ ही लगभग साठ% जनसंख्या मुख्य राज्यों सिडनी,मेलबर्न,ब्रिस्बेन,पर्थ और एडिलेड में केन्द्रित है। राष्ट्र की राजधानी केनबर्रा है जो ऑस्ट्रेलियाई प्रधान प्रदेश में अवस्थित है। प्रौद्योगिक रूप से उन्नत और औद्योगिक ऑस्ट्रेलिया एक समृद्ध बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है और इसका कई राष्ट्रों की तुलना में इन क्षत्रों में प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है जैसे स्वास्थ्य, आयु संभाव्यता, जीवन-स्तर, मानव विकास, जन शिक्षा, आर्थिक स्वतंत्रता और मूलभूत अधिकारों की रक्षा और राजनैतिक अधिकार. आकलैंड की स्थिति आकलैंड, न्यूज़ीलैंड का सबसे बड़ा नगर है। यह प्रायद्वीप के बहुत संकरे भाग में स्थित हैं। इस कारण दोनों तटों पर इसका अधिकार हैं परंतु उत्तम बंदरगाह पूर्वी तट पर है। आस्ट्रेलिया से अमरीका जानेवाले जहाज, विशेषकर सिडनी से वैंकूवर जानेवाले, यहाँ ठहरते हैं। यह आधुनिक बंदरगाह है। यहाँ पर विश्वविद्यालय, कलाभवन तथा एक निःशुल्क पुस्तकालय है जो सुंदर चित्रों से सजा है। इस नगर के आस पास न्यूटन, पार्नेल, न्यू मार्केट तथा नौर्थकोट उपनगर बसे हैं। आकलैंड की आबादी दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। इसका मुख्य कारण दुग्ध उद्योग तथा अन्य धंधे हैं। आकलैंड जहाज द्वारा आस्ट्रेलिया, प्रशांतद्वीप, दक्षिणी अ्फ्रीका, ग्रेट ब्रिटेन तथा संयुक्त राज्य अमरीका से संबद्ध है और रेलों द्वारा न्यूज़ीलैंड के दूसरे भागों से। यहाँ का मुख्य उद्योग जहाज बनाना, चीनी साफ करना तथा युद्धसामग्री बनाना हे। इसके सिवाय यहाँ लकड़ी तथा भोजनसामग्री इत्यादि का कारबार भी होता है। यहाँ से लकड़ी, दूध के बने सामान, ऊन, चमड़ा, सोना और फल बाहर भेजा जाता है। आकलैंड का विहंगम दृष्य श्रेणीःन्यूज़ीलैण्ड के आबाद स्थान श्रेणीःन्यूज़ीलैण्ड में बंदरगाह नगर श्रेणीःऑक्लैण्ड क्षेत्र. आईसीसी क्रिकेट विश्व कप एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप है। टूर्नामेंट खेल के शासी निकाय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद द्वारा हर चार साल आयोजित किया जाता है। टूर्नामेंट दुनिया में सबसे ज्यादा देखी गयी खेल स्पर्धाओं में से एक है, यह केवल फीफा विश्व कप और ओलंपिक पीछे है। पहली बार विश्व कप एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर में इंग्लैंड में आयोजित किया गया था, पहले तीन विश्व कप इंग्लैंड में मेजबानी किए गए थे। लेकिन एक हज़ार नौ सौ सत्तासी टूर्नामेंट के बाद से विश्व कप हर चार साल दूसरे देश में आयोजित किया जाता है। सबसे हाल ही टूर्नामेंट दो हज़ार पंद्रह में आयोजित की गई थी, यह टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड ने मेजबानी की थी और इसे ऑस्ट्रेलिया ने जीता। . इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट टीम एक क्रिकेट टीम है जो इंग्लैंड और वेल्स का प्रतिनिधित्व करती है। एक हज़ार नौ सौ बानवे तक यह स्कॉटलैंड का भी प्रतिनिधित्व करती थी। एक जनवरी एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे के बाद से टीम को इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड संचालित करती है, इससे पूर्व यह एक हज़ार नौ सौ तीन से एक हज़ार नौ सौ छियानवे के अन्त तक मेरीलेबोन क्रिकेट क्लब के द्वारा नियंत्रित कि जाती थी। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया सबसे पहली टीम थी जिन्हे पंद्रह मार्च एक हज़ार आठ सौ सतहत्तर में सर्वप्रथम टेस्ट क्रिकेट का दर्जा मिला था और पंद्रह जून एक हज़ार नौ सौ नौ को इन्हे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद कि पूर्ण सदस्यता प्राप्त हुई। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया ने ही पाँच जनवरी एक हज़ार नौ सौ इकहत्तर को सबसे पहला एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय खेला था और इंग्लैंड का सबसे पहला ट्वेन्टीबीस मैच भी ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध तेरह जून दो हज़ार पाँच को खेला गया था। तेईस अगस्त दो हज़ार ग्यारह तक, इंग्लैंड अपने खेले गये नौ सौ पंद्रह टेस्ट मैचों में से तीन सौ छब्बीस में विजयी रहा है तथा उसके तीन सौ अट्ठाईस मैच ड्रा रहें हैं। इंग्लैंड के एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय के रिकॉर्ड में शामिल हैं तीन क्रिकेट विश्व कप में उपविजेता के रूप में परिष्करण तथा दो हज़ार चार की आईसीसी चैंपियन्स ट्रॉफ़ी में उपविजेता। इंग्लैंड टीम मौजूदा आईसीसी वर्ल्ड ट्वेंटी-बीस चैंपियन हैं, जो पद उसे दो हज़ार दस आईसीसी विश्व ट्वेंटीबीस जीतने के बाद मिला था। इंग्लैंड वर्तमान समय में द एशेज की धारक हैं, जो कि इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली टेस्ट मैच श्रृंखला हैं और जो एक हज़ार आठ सौ बयासी-तिरासी ऑस्ट्रेलियाई श्रृंखला के बाद से खेली जा रही हैं। टीम वर्तमान समय में आईसीसी एक दिवसीय चैम्पियनशिप में चौथे स्थान पर हैं और, अगस्त दो हज़ार ग्यारह तक, विश्व की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट पक्ष हैं . क्रिकेट विश्व कप में भारत एक सौ इक्कीस संबंध है और एक हज़ार नौ सौ बानवे क्रिकेट विश्व कप अड़तीस है। वे आम नौ में है, समानता सूचकांक पाँच.छयासठ% है = नौ / । यह लेख क्रिकेट विश्व कप में भारत और एक हज़ार नौ सौ बानवे क्रिकेट विश्व कप के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
५. जहाँ कच्चा माल और बाजार उत्पादन केन्द्र से मिले हुए होते हैं, विकेन्द्रित तरीके अच्छी तरह काम देंगे।' इससे लाभ ^१ विकेन्द्रीकरण द्वारा धन वितरण अधिक सम तरीके से होने के कारण यह लोगों को संतोषी बनाता है । २. इसमें मूल्य का अधिक भाग मजदूरी के रूप में दिया जाता है, इसलिए उत्पादन - विधि का ठीक बँटवारा होने से माँग को पूरी कराने की शक्ति भी बढ़ जाती है और उत्पादन मांग के अनुसार होने लगता है। ३. हरएक उत्पादक अपने कारखाने का मालिक होता है, उसे अपनी सूझ-बूझ काम में लाने का काफी मौका मिलता है । सब जिम्मेदारी उसीके कन्धों पर रहने से उसमें व्यावसायिक विधि और बुद्धि पैदा हो जाती है। जब प्रत्येक आदमी का इस प्रकार विकास होगा, तो राष्ट्र की समझ भी बढ़ेगी । ४. बिक्री की जगह उत्पादन केन्द्र के नजदीक होने से चीजें बेचने में कोई कठिनाई नहीं होती और न चीजें बेचने के लिए विज्ञापन और आधुनिक दूकानदारी के दूसरे ढंगों की शरण लेनी पड़ती है। ५. जब धन और शक्ति विकेन्द्रित होगी, तब राष्ट्रीय पैमाने पर किसी प्रकार की अशान्ति नहीं होगी । हम अपने आदर्शों से दूर जा पड़े हैं और अगर हम फिर उठना चाहते हैं, तो हमें अपने पूर्वजों के आदर्शों को फिर ढूंढ़ निकालना होगा । हमारे सर्वनाश और पतन का मुख्य कारण राष्ट्रीय विशेषता को खो देना और लोगों की स्वार्थपरता है। समाज कई तरह के लोगों से मिलकर बनता है । हम उनके चार विभाग कर सकते हैं १. देखिये, गाँव-आन्दोलन क्यों ? पृष्ठ १६८-१३९ । २. देखिये, वही, पृष्ठ २१-२२ ।
पाँच. जहाँ कच्चा माल और बाजार उत्पादन केन्द्र से मिले हुए होते हैं, विकेन्द्रित तरीके अच्छी तरह काम देंगे।' इससे लाभ ^एक विकेन्द्रीकरण द्वारा धन वितरण अधिक सम तरीके से होने के कारण यह लोगों को संतोषी बनाता है । दो. इसमें मूल्य का अधिक भाग मजदूरी के रूप में दिया जाता है, इसलिए उत्पादन - विधि का ठीक बँटवारा होने से माँग को पूरी कराने की शक्ति भी बढ़ जाती है और उत्पादन मांग के अनुसार होने लगता है। तीन. हरएक उत्पादक अपने कारखाने का मालिक होता है, उसे अपनी सूझ-बूझ काम में लाने का काफी मौका मिलता है । सब जिम्मेदारी उसीके कन्धों पर रहने से उसमें व्यावसायिक विधि और बुद्धि पैदा हो जाती है। जब प्रत्येक आदमी का इस प्रकार विकास होगा, तो राष्ट्र की समझ भी बढ़ेगी । चार. बिक्री की जगह उत्पादन केन्द्र के नजदीक होने से चीजें बेचने में कोई कठिनाई नहीं होती और न चीजें बेचने के लिए विज्ञापन और आधुनिक दूकानदारी के दूसरे ढंगों की शरण लेनी पड़ती है। पाँच. जब धन और शक्ति विकेन्द्रित होगी, तब राष्ट्रीय पैमाने पर किसी प्रकार की अशान्ति नहीं होगी । हम अपने आदर्शों से दूर जा पड़े हैं और अगर हम फिर उठना चाहते हैं, तो हमें अपने पूर्वजों के आदर्शों को फिर ढूंढ़ निकालना होगा । हमारे सर्वनाश और पतन का मुख्य कारण राष्ट्रीय विशेषता को खो देना और लोगों की स्वार्थपरता है। समाज कई तरह के लोगों से मिलकर बनता है । हम उनके चार विभाग कर सकते हैं एक. देखिये, गाँव-आन्दोलन क्यों ? पृष्ठ एक सौ अड़सठ-एक सौ उनतालीस । दो. देखिये, वही, पृष्ठ इक्कीस-बाईस ।
Cinepolis, आशिमा मॉलः PVR, ऑरा मॉलः DDX Multiplex: Attack (IMDb- 7. 1/10) अटैक एक सुपर सोल्जर पर बेस्ड मूवी है। ऐसा सोल्जर, जिसके दिमाग में एक चिप है, जिसके जरिए उसके शरीर में इरा नाम की असिस्टेंट उसी तरह रहती है, जैसे आपके कम्प्यूटर में अलेक्सा। यानी हर सवाल का जवाब देने वाली। इरा की ताकत है कि वो हर तरह की इन्फॉर्मेशन जो गूगल व सरकारी सिक्योरिटी फाइल्स में मौजूद है, अर्जुन यानी जॉन अब्राहिम को दे सकती है। मूवी एक्शन में दमदार है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
Cinepolis, आशिमा मॉलः PVR, ऑरा मॉलः DDX Multiplex: Attack अटैक एक सुपर सोल्जर पर बेस्ड मूवी है। ऐसा सोल्जर, जिसके दिमाग में एक चिप है, जिसके जरिए उसके शरीर में इरा नाम की असिस्टेंट उसी तरह रहती है, जैसे आपके कम्प्यूटर में अलेक्सा। यानी हर सवाल का जवाब देने वाली। इरा की ताकत है कि वो हर तरह की इन्फॉर्मेशन जो गूगल व सरकारी सिक्योरिटी फाइल्स में मौजूद है, अर्जुन यानी जॉन अब्राहिम को दे सकती है। मूवी एक्शन में दमदार है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
नई दिल्ली. अगर आप किसी नए बिजनेस की तलाश में है तो हम आपको यहां एक शानदार बिजनेस आईडिया दे रहे हैं. इस बिजनेस की मदद से आप हर महीने लाखों रुपये कमा सकते हैं. इसमें आपको बहुत अधिक पैसा लगाने की जरूरत भी नहीं है. दरअसल, यहां हम धागा बनाने के बिजनेस की बात कर रहे हैं. आप छोटी सी जगह से भी इस बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं. इस बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको यह पता करना होगा कि जिस क्षेत्र में आप धागे का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, वहां ज्यादा डिमांड किस तरह के धागे की है. आइए जानते हैं कि आप इस बिजनेस को कैसे शुरू कर सकते हैं. कैसे करें बिजनेस की शुरुआत? धागे बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए आपको सबसे पहले जगह का चुनाव करना होगा. फिर आपको कच्चे माल लाने की एक फैक्ट्री को देखने होगा. जहां से आप कच्चा माल खरीदकर तैयार धागा वहां बेच सके. इसके बाद आपको अच्छा धागा तैयार करने के लिए मशीनें खरीदनी होगी. इस बिजनेस को आप अपने घर में भी शुरू कर सकते हैं. चाहे तो आप इसके लिए एक बाजार में छोटी सी दुकान खोल सकते हैं. ताकि लोगों को अपने बिजनेस के बारे में पता चल सके. मार्केट में कई तरह के धागे मिलते हैं जैसे जरी धागा, रेशम का धागा, प्लास्टिक धागा, सुती धागा आदि. इनके लिए आपको अलग अलग तरह के कच्चे माल की जरूरत पड़ेगी जैसे स्टैटलर फाइबर, सूत या फिर रेशम या सिंथेटिक फाइबर. बता दें कि सूती पॉलीमर, रेशमी धागे, नायलॉन आदि धागों की कीमत बाजार में ज्यादा होती है. इसके अलावा आपको धागा बनाने के लिए थ्रेड मेकिंग मशीन, थ्रेड रोलिंग मशीन और रील बनाने की मशीन की जरूरत होगी. कितनी होगी कमाई? .
नई दिल्ली. अगर आप किसी नए बिजनेस की तलाश में है तो हम आपको यहां एक शानदार बिजनेस आईडिया दे रहे हैं. इस बिजनेस की मदद से आप हर महीने लाखों रुपये कमा सकते हैं. इसमें आपको बहुत अधिक पैसा लगाने की जरूरत भी नहीं है. दरअसल, यहां हम धागा बनाने के बिजनेस की बात कर रहे हैं. आप छोटी सी जगह से भी इस बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं. इस बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको यह पता करना होगा कि जिस क्षेत्र में आप धागे का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, वहां ज्यादा डिमांड किस तरह के धागे की है. आइए जानते हैं कि आप इस बिजनेस को कैसे शुरू कर सकते हैं. कैसे करें बिजनेस की शुरुआत? धागे बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए आपको सबसे पहले जगह का चुनाव करना होगा. फिर आपको कच्चे माल लाने की एक फैक्ट्री को देखने होगा. जहां से आप कच्चा माल खरीदकर तैयार धागा वहां बेच सके. इसके बाद आपको अच्छा धागा तैयार करने के लिए मशीनें खरीदनी होगी. इस बिजनेस को आप अपने घर में भी शुरू कर सकते हैं. चाहे तो आप इसके लिए एक बाजार में छोटी सी दुकान खोल सकते हैं. ताकि लोगों को अपने बिजनेस के बारे में पता चल सके. मार्केट में कई तरह के धागे मिलते हैं जैसे जरी धागा, रेशम का धागा, प्लास्टिक धागा, सुती धागा आदि. इनके लिए आपको अलग अलग तरह के कच्चे माल की जरूरत पड़ेगी जैसे स्टैटलर फाइबर, सूत या फिर रेशम या सिंथेटिक फाइबर. बता दें कि सूती पॉलीमर, रेशमी धागे, नायलॉन आदि धागों की कीमत बाजार में ज्यादा होती है. इसके अलावा आपको धागा बनाने के लिए थ्रेड मेकिंग मशीन, थ्रेड रोलिंग मशीन और रील बनाने की मशीन की जरूरत होगी. कितनी होगी कमाई? .
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट की सियासी लड़ाई अब खुलकर सामने आ चुकी है. दोनों दिग्गजों ने एक-दूसरे खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस बीच कांग्रेस पार्टी ने भी अपना पक्ष रखा है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार गिराने की साजिश की गई है, जो जनमत का अपमान है. उन्होंने कहा कि सचिन पायलट को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया. पार्टी आलाकमान ने उनके प्रति उदारता दिखाई है. सचिन पायलट होनहार युवा नेता हैं. कांग्रेस ने सचिन पायलट को काफी आगे बढ़ाया, लेकिन उन्होंने पार्टी के प्रति निष्ठा नहीं दिखाई. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सचिन पायलट को दो बार विधायक दल की बैठक में बुलाया गया, लेकिन वो नहीं आए. हमें भारी मन से सचिन पायलट पर फैसला लेना पड़ा है. अगर सचिन पायलट बीजेपी में नहीं जाना चाहते हैं तो बीजेपी के नेताओं से बात बंद करें. बीजेपी ने उन्हें बरगलाने की कोशिश की है. सुरजेवाला ने कहा कि सचिन पायलट और कई कांग्रेस MLA जो आज मौजूद नहीं हैं, उनको हमने बहुत बार कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आने का निमंत्रण दिया और कहा कि अगर आपको लगता है कि कांग्रेस विधायक दल का बहुमत आपके पास है तो आइए अपना बहुमत साबित कीजिए और अपना अधिकार है ले लीजिए. बता दें कि गहलोत ने सीधे सचिन पायलट पर विधायकों की खरीद-फरोख्त कर सरकार गिराने का आरोप लगाया है. गहलोत ने यहां तक कह दिया कि उनके पास इसके सबूत हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अबतक सचिन पायलट की तरफ से ये कहा जा रहा है कि उन्होंने पांच साल मेहनत की थी और सीएम पद पर कब्जा अशोक गहलोत ने जमा लिया.
राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट की सियासी लड़ाई अब खुलकर सामने आ चुकी है. दोनों दिग्गजों ने एक-दूसरे खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस बीच कांग्रेस पार्टी ने भी अपना पक्ष रखा है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार गिराने की साजिश की गई है, जो जनमत का अपमान है. उन्होंने कहा कि सचिन पायलट को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया. पार्टी आलाकमान ने उनके प्रति उदारता दिखाई है. सचिन पायलट होनहार युवा नेता हैं. कांग्रेस ने सचिन पायलट को काफी आगे बढ़ाया, लेकिन उन्होंने पार्टी के प्रति निष्ठा नहीं दिखाई. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सचिन पायलट को दो बार विधायक दल की बैठक में बुलाया गया, लेकिन वो नहीं आए. हमें भारी मन से सचिन पायलट पर फैसला लेना पड़ा है. अगर सचिन पायलट बीजेपी में नहीं जाना चाहते हैं तो बीजेपी के नेताओं से बात बंद करें. बीजेपी ने उन्हें बरगलाने की कोशिश की है. सुरजेवाला ने कहा कि सचिन पायलट और कई कांग्रेस MLA जो आज मौजूद नहीं हैं, उनको हमने बहुत बार कांग्रेस विधायक दल की बैठक में आने का निमंत्रण दिया और कहा कि अगर आपको लगता है कि कांग्रेस विधायक दल का बहुमत आपके पास है तो आइए अपना बहुमत साबित कीजिए और अपना अधिकार है ले लीजिए. बता दें कि गहलोत ने सीधे सचिन पायलट पर विधायकों की खरीद-फरोख्त कर सरकार गिराने का आरोप लगाया है. गहलोत ने यहां तक कह दिया कि उनके पास इसके सबूत हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि अबतक सचिन पायलट की तरफ से ये कहा जा रहा है कि उन्होंने पांच साल मेहनत की थी और सीएम पद पर कब्जा अशोक गहलोत ने जमा लिया.
ब्रिजटाउन के 26 वर्षीय इंग्लिश तेज़ गेंदबाज़ जोफ़्रा आर्चर (Jofra Archer) बीते दिनों चोट के चलते टीम से दूर हो गए थे. इसके बाद उनको लेकर तमाम तरह की ख़बरें मीडिया में सुनने को मिली थी. बता दें कि आईपीएल 2021 में वो अभी तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं. उनकी जगह टीम ने बाकी विकल्पों पर भी काम किया है. राजस्थान रॉयल्स फ़िलहाल प्वॉइंट्स टेबल में सबसे निचले स्थान पर है. गौरतलब है कि हाल ही में जोफ़्रा आर्चर (Jofra Archer) के सिलसिले में राजस्थान के लिए एक बड़ी ख़बर आई है. जिसके बाद अब इस टीम के लिए आईपीएल में आगे के सफ़र में काफ़ी मुश्किलात सामने आने वाली हैं. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (England & Wales Cricket Board) की तरफ़ से दी गई जानकारी के मुताबिक इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जोफ़्रा आर्चर (Jofra Archer) अब पूरी तरह से आईपीएल के बचे हुए हिस्से से बाहर हो गए हैं. ईसीबी की तरफ़ से ये फ़ैसला शुक्रवार 23 अप्रैल को लिया गया है. इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड की तरफ़ से लिए गए फ़ैसले के हिसाब से आर्चर रिहैबिलिटेशन कैंप में वक़्त गुज़ार कर अपनी ट्रेनिंग इंटेंसिटी को बढ़ाने लिए काम करेंगे. ये इसलिए भी अहम हो जाता है कि अंगुली की सर्जरी के बाद जोफ़्रा को काफ़ी लंबे समय से उन्हें एल्बो इंजरी भी है. इस हफ़्ते अपनी फ़िटनेस पर काम करने के लिए आर्चर (Jofra Archer) होव में ससेक्स के साथ ट्रेनिंह कर रहे हैं. इंग्लिश टीम के कोच क्रिस सिल्वरवुड (Chris Silverwood) और तेज़ गेंदबाज़ी दिग्गज जॉन लुइस (Jon Lewis) गुरुवार को युवा तेज़ गेंदबाज़ की ट्रेनिंग के दौरान मौजूद रहे. दोनों कोच की मौजूदगी में आर्चर ने नेट्स में गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी के अलावा रनिंग भी की. शुक्रवार को एक बार फिर वो मैदान पर लौटे और ससेक्स (Sussex) व यॉर्कशायर के बीच मैच के लंच ब्रेक में आउटफ़ील्ड पर कुछ स्प्रिंट्स लगाए और प्रैक्टिस की. बता दें कि इंग्लैंड के सीनियर कप्तान जो रूट भी ससेक्स और यॉर्कशायर (Yorkshire) के बीच चल रहे इस मैच का हिस्सा हैं. ईसीबी (ECB) की तरफ़ से जारी की गई एक मीडिया रिलीज़ में इस मसले पर आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा गया कि,
ब्रिजटाउन के छब्बीस वर्षीय इंग्लिश तेज़ गेंदबाज़ जोफ़्रा आर्चर बीते दिनों चोट के चलते टीम से दूर हो गए थे. इसके बाद उनको लेकर तमाम तरह की ख़बरें मीडिया में सुनने को मिली थी. बता दें कि आईपीएल दो हज़ार इक्कीस में वो अभी तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं. उनकी जगह टीम ने बाकी विकल्पों पर भी काम किया है. राजस्थान रॉयल्स फ़िलहाल प्वॉइंट्स टेबल में सबसे निचले स्थान पर है. गौरतलब है कि हाल ही में जोफ़्रा आर्चर के सिलसिले में राजस्थान के लिए एक बड़ी ख़बर आई है. जिसके बाद अब इस टीम के लिए आईपीएल में आगे के सफ़र में काफ़ी मुश्किलात सामने आने वाली हैं. इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड की तरफ़ से दी गई जानकारी के मुताबिक इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जोफ़्रा आर्चर अब पूरी तरह से आईपीएल के बचे हुए हिस्से से बाहर हो गए हैं. ईसीबी की तरफ़ से ये फ़ैसला शुक्रवार तेईस अप्रैल को लिया गया है. इंग्लिश क्रिकेट बोर्ड की तरफ़ से लिए गए फ़ैसले के हिसाब से आर्चर रिहैबिलिटेशन कैंप में वक़्त गुज़ार कर अपनी ट्रेनिंग इंटेंसिटी को बढ़ाने लिए काम करेंगे. ये इसलिए भी अहम हो जाता है कि अंगुली की सर्जरी के बाद जोफ़्रा को काफ़ी लंबे समय से उन्हें एल्बो इंजरी भी है. इस हफ़्ते अपनी फ़िटनेस पर काम करने के लिए आर्चर होव में ससेक्स के साथ ट्रेनिंह कर रहे हैं. इंग्लिश टीम के कोच क्रिस सिल्वरवुड और तेज़ गेंदबाज़ी दिग्गज जॉन लुइस गुरुवार को युवा तेज़ गेंदबाज़ की ट्रेनिंग के दौरान मौजूद रहे. दोनों कोच की मौजूदगी में आर्चर ने नेट्स में गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी के अलावा रनिंग भी की. शुक्रवार को एक बार फिर वो मैदान पर लौटे और ससेक्स व यॉर्कशायर के बीच मैच के लंच ब्रेक में आउटफ़ील्ड पर कुछ स्प्रिंट्स लगाए और प्रैक्टिस की. बता दें कि इंग्लैंड के सीनियर कप्तान जो रूट भी ससेक्स और यॉर्कशायर के बीच चल रहे इस मैच का हिस्सा हैं. ईसीबी की तरफ़ से जारी की गई एक मीडिया रिलीज़ में इस मसले पर आधिकारिक जानकारी देते हुए कहा गया कि,
लंदन। देविंदर सिंह कांग विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं जबकि विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स के स्वर्ण पदक विजेता और बड़े उम्मीदवार माने जा रहे नीरज चोपड़ा क्वालीफिकेशन राउंड में ही बाहर हो गए। देविंदर ने पहले प्रयास में 82. 22 मीटर, दूसरे में 82. 14 और तीसरे में 84. 22 मीटर दूरी तक भाला फेंका और फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। वे ओवरऑल 7वें स्थान पर रहे जबकि ग्रुप बी क्वालीफिकेशन राउंड में वे 5वें स्थान पर रहे। भाला फेंक स्पर्धा में भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें नीरज से ही लगी हुई थीं। लेकिन वे ही सबसे अधिक निराश कर गए। उन्होंने क्वालीफिकेशन राउंड में 82. 26 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका जो फाइनल में क्वालीफाई करने के लिए काफी नहीं था। नीरज ग्रुप ये क्वालीफिकेशन में 7वें और ओवरऑल 15वें स्थान पर रहे। हरियाणा के नीरज ने पहले प्रयास में 82. 26 मीटर दूरी तक भाला फेंका। लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने फाउल किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने 80. 54 मीटर की दूरी तक भाला फेंका। 26 वर्षीय पंजाब के एथलीट पर अपने पिछले दोनों प्रयासों में 82 मीटर की दूरी तय करने के बाद फाइनल प्रयास में 83 मीटर तक की दूरी पार करने का दबाव था और वे राउंड में आखिरी एथलीट थे जिन्होंने फिर बिना गलती किए क्वालीफिकेशन मार्क को पार कर फाइनल में पहुंचने का मौका हाथ से जाने नहीं दिया। ग्रुप ये से 5 और ग्रुप बी से 7 भाला फेंक एथलीटों ने 83 मीटर के क्वालीफिकेशन मार्क तक या उसे पार कर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। ये सभी एथलीट अब शनिवार को फाइनल में उतरेंगे। देविंदर का तीनों प्रयासों में सबसे अच्छा प्रदर्शन 84. 22 मीटर का था जिससे वे फाइनल राउंड क्वालीफायर में 7वें नंबर पर रहे। देविंदर की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्हें मई में नई दिल्ली में हुई इंडियन ग्रां प्री में चोट लग गई थी। गुरूवार को भी वे क्वालीफायर में अपने सीधे कंधे में स्ट्रैप बांधकर उतरे थे। दिलचस्प यह भी है कि क्वालीफिकेशन से पहले केवन नीरज ही सुर्खियों में बने हुए थे जिनसे भारतीय खेमे को सबसे अधिक उम्मीदें भी थीं। लेकिन देविंदर ने न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई बल्कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाला पहला भारतीय होने की उपलब्धि भी अपने नाम कर ली है। देविंदर ने फाइनल में जगह बनाने के बाद कहा कि जब मुझे पता लगा कि नीरज क्वालीफाई ही नहीं कर सके हैं और मैं दृढ़ निश्चय हो गया कि मुझे फाइनल राउंड के लिए क्वालीफाई करना है। मैं देश के लिए कुछ करना चाहता था। मुझे कंधे में चोट भी है जो मुझे मई में लगी लेकिन इससे मुझे अधिक समस्या नहीं हुई। देविंदर ने कहा कि मुझे फाइनल से पहले एक दिन का आराम मिल गया है और मुझे यकीन है कि इससे मेरी चोट में आराम आएगा और मैं अपने देश के लिए पदक ला सकूंगा। इससे पहले सुर्खियों में बने हुए अंडर-20 विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण विजेता नीरज अपने ग्रुप ये क्वालीफिकेशन राउंड में हारकर बाहर हो गए। नीरज 83 मीटर के क्वालीफिकेशन मार्क तक पहुंच ही नहीं सके और अपने दूसरे प्रयास के विफल होने से वे और दबाव में आ गए जिससे उनका तीसरा प्रयास और भी निराशाजनक रहा। पहले प्रयास में 82. 26 मीटर के बाद तीसरे प्रयास में वे केवल 80. 54 मीटर की दूरी तक ही पहुंच सके। 19 साल के जूनियर रिकॉर्डधारी ओलंपिक स्टेडियम में यहां अपने ग्रुप में 7वें स्थान पर रहे। नीरज के लिए भी यह प्रदर्शन काफी निराशाजनक है क्योंकि उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही 86. 48 मीटर का है जबकि इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 85. 63 मीटर रहा है। नीरज ने कहा कि मैंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की लेकिन क्वालीफिकेशन मार्क हासिल नहीं कर सका। मैं बहुत निराश हूं क्योंकि मैं कुछ मीटर से रह गया। मैं विश्व चैंपियनशिप के लिए काफी मेहनत कर रहा था लेकिन यहां आकर मैं अच्छा नहीं कर सका। भारतीय खिलाड़ी ने अपने कोच के साथ नहीं आने पर भी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी होती यदि मेरे कोच मेरे साथ आते लेकिन यह मेरे क्षेत्र में नहीं है। मुझे नहीं पता कि मेरे साथ कोई तकनीकी समस्या थी या कुछ और। नीरज को उनके सत्र के प्रदर्शन के बाद पदक का दावेदार माना जा रहा था जिसकी बदौलत वे आईएएएफ रैंकिंग में भी 14वें पायदान पर पहुंचे थे। नीरज ने इस सत्र में तीन बार 85 मीटर की दूरी तय की है। वे इस वर्ष पेरिस और मोनाको में हुई डायमंड लीग में 5वें और 7वें स्थान पर रहे थे। (वार्ता)
लंदन। देविंदर सिंह कांग विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं जबकि विश्व अंडर-बीस एथलेटिक्स के स्वर्ण पदक विजेता और बड़े उम्मीदवार माने जा रहे नीरज चोपड़ा क्वालीफिकेशन राउंड में ही बाहर हो गए। देविंदर ने पहले प्रयास में बयासी. बाईस मीटर, दूसरे में बयासी. चौदह और तीसरे में चौरासी. बाईस मीटर दूरी तक भाला फेंका और फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। वे ओवरऑल सातवें स्थान पर रहे जबकि ग्रुप बी क्वालीफिकेशन राउंड में वे पाँचवें स्थान पर रहे। भाला फेंक स्पर्धा में भारत को सबसे ज्यादा उम्मीदें नीरज से ही लगी हुई थीं। लेकिन वे ही सबसे अधिक निराश कर गए। उन्होंने क्वालीफिकेशन राउंड में बयासी. छब्बीस मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो फेंका जो फाइनल में क्वालीफाई करने के लिए काफी नहीं था। नीरज ग्रुप ये क्वालीफिकेशन में सातवें और ओवरऑल पंद्रहवें स्थान पर रहे। हरियाणा के नीरज ने पहले प्रयास में बयासी. छब्बीस मीटर दूरी तक भाला फेंका। लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने फाउल किया। तीसरे प्रयास में उन्होंने अस्सी. चौवन मीटर की दूरी तक भाला फेंका। छब्बीस वर्षीय पंजाब के एथलीट पर अपने पिछले दोनों प्रयासों में बयासी मीटर की दूरी तय करने के बाद फाइनल प्रयास में तिरासी मीटर तक की दूरी पार करने का दबाव था और वे राउंड में आखिरी एथलीट थे जिन्होंने फिर बिना गलती किए क्वालीफिकेशन मार्क को पार कर फाइनल में पहुंचने का मौका हाथ से जाने नहीं दिया। ग्रुप ये से पाँच और ग्रुप बी से सात भाला फेंक एथलीटों ने तिरासी मीटर के क्वालीफिकेशन मार्क तक या उसे पार कर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। ये सभी एथलीट अब शनिवार को फाइनल में उतरेंगे। देविंदर का तीनों प्रयासों में सबसे अच्छा प्रदर्शन चौरासी. बाईस मीटर का था जिससे वे फाइनल राउंड क्वालीफायर में सातवें नंबर पर रहे। देविंदर की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्हें मई में नई दिल्ली में हुई इंडियन ग्रां प्री में चोट लग गई थी। गुरूवार को भी वे क्वालीफायर में अपने सीधे कंधे में स्ट्रैप बांधकर उतरे थे। दिलचस्प यह भी है कि क्वालीफिकेशन से पहले केवन नीरज ही सुर्खियों में बने हुए थे जिनसे भारतीय खेमे को सबसे अधिक उम्मीदें भी थीं। लेकिन देविंदर ने न सिर्फ फाइनल में जगह बनाई बल्कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप के भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाला पहला भारतीय होने की उपलब्धि भी अपने नाम कर ली है। देविंदर ने फाइनल में जगह बनाने के बाद कहा कि जब मुझे पता लगा कि नीरज क्वालीफाई ही नहीं कर सके हैं और मैं दृढ़ निश्चय हो गया कि मुझे फाइनल राउंड के लिए क्वालीफाई करना है। मैं देश के लिए कुछ करना चाहता था। मुझे कंधे में चोट भी है जो मुझे मई में लगी लेकिन इससे मुझे अधिक समस्या नहीं हुई। देविंदर ने कहा कि मुझे फाइनल से पहले एक दिन का आराम मिल गया है और मुझे यकीन है कि इससे मेरी चोट में आराम आएगा और मैं अपने देश के लिए पदक ला सकूंगा। इससे पहले सुर्खियों में बने हुए अंडर-बीस विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण विजेता नीरज अपने ग्रुप ये क्वालीफिकेशन राउंड में हारकर बाहर हो गए। नीरज तिरासी मीटर के क्वालीफिकेशन मार्क तक पहुंच ही नहीं सके और अपने दूसरे प्रयास के विफल होने से वे और दबाव में आ गए जिससे उनका तीसरा प्रयास और भी निराशाजनक रहा। पहले प्रयास में बयासी. छब्बीस मीटर के बाद तीसरे प्रयास में वे केवल अस्सी. चौवन मीटर की दूरी तक ही पहुंच सके। उन्नीस साल के जूनियर रिकॉर्डधारी ओलंपिक स्टेडियम में यहां अपने ग्रुप में सातवें स्थान पर रहे। नीरज के लिए भी यह प्रदर्शन काफी निराशाजनक है क्योंकि उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही छियासी. अड़तालीस मीटर का है जबकि इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पचासी. तिरेसठ मीटर रहा है। नीरज ने कहा कि मैंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की लेकिन क्वालीफिकेशन मार्क हासिल नहीं कर सका। मैं बहुत निराश हूं क्योंकि मैं कुछ मीटर से रह गया। मैं विश्व चैंपियनशिप के लिए काफी मेहनत कर रहा था लेकिन यहां आकर मैं अच्छा नहीं कर सका। भारतीय खिलाड़ी ने अपने कोच के साथ नहीं आने पर भी निराशा जताई। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी होती यदि मेरे कोच मेरे साथ आते लेकिन यह मेरे क्षेत्र में नहीं है। मुझे नहीं पता कि मेरे साथ कोई तकनीकी समस्या थी या कुछ और। नीरज को उनके सत्र के प्रदर्शन के बाद पदक का दावेदार माना जा रहा था जिसकी बदौलत वे आईएएएफ रैंकिंग में भी चौदहवें पायदान पर पहुंचे थे। नीरज ने इस सत्र में तीन बार पचासी मीटर की दूरी तय की है। वे इस वर्ष पेरिस और मोनाको में हुई डायमंड लीग में पाँचवें और सातवें स्थान पर रहे थे।
मुंबई। जेट एयरवेज का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। पट्टे पर लिए विमानों का किराया नहीं चुकाए जाने के चलते सोमवार को उसके दो और विमान खड़े हो गए। इस तरह कंपनी के कुल 25 विमान अब उड़ान नहीं भर सकेंगे, जो उसके कुल बेड़े का करीब 20 प्रतिशत है। शेयर बाजार को दी जानकारी में कंपनी ने बताया कि भारी नकदी संकट की वजह से विमानों का किराया नहीं चुकाए जाने के चलते दो और विमान खड़े हो गए हैं। अब कंपनी के 25 यानी करीब 20 प्रतिशत विमान खड़े हैं। कंपनी के पास कुल 123 विमानों का बेड़ा है। इसमें बोइंग 737, बोइंग 777, एयरबस ए330 और एटीआर विमान शामिल हैं। कंपनी के विमानों को जमीन पर खड़ा करने का यह क्रम सात फरवरी से जारी है और अब तक उसके कुल 25 विमान खड़े कर दिए गए हैं। कंपनी इस संबंध में नियमित तौर पर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को सूचित कर रही है। जबकि नागर विमानन मंत्रालय और नियामक डीजीसीए ने अब तक इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है। इन विमानों के खड़े होने से कितनी उड़ानें रद्द हुई है इसके बारे में कंपनी ने कुछ नहीं बताया है। औसतन एक बोइंग 737 विमान छह से सात घरेलू उड़ाने रोजाना भरता है।
मुंबई। जेट एयरवेज का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। पट्टे पर लिए विमानों का किराया नहीं चुकाए जाने के चलते सोमवार को उसके दो और विमान खड़े हो गए। इस तरह कंपनी के कुल पच्चीस विमान अब उड़ान नहीं भर सकेंगे, जो उसके कुल बेड़े का करीब बीस प्रतिशत है। शेयर बाजार को दी जानकारी में कंपनी ने बताया कि भारी नकदी संकट की वजह से विमानों का किराया नहीं चुकाए जाने के चलते दो और विमान खड़े हो गए हैं। अब कंपनी के पच्चीस यानी करीब बीस प्रतिशत विमान खड़े हैं। कंपनी के पास कुल एक सौ तेईस विमानों का बेड़ा है। इसमें बोइंग सात सौ सैंतीस, बोइंग सात सौ सतहत्तर, एयरबस एतीन सौ तीस और एटीआर विमान शामिल हैं। कंपनी के विमानों को जमीन पर खड़ा करने का यह क्रम सात फरवरी से जारी है और अब तक उसके कुल पच्चीस विमान खड़े कर दिए गए हैं। कंपनी इस संबंध में नियमित तौर पर नागर विमानन महानिदेशालय को सूचित कर रही है। जबकि नागर विमानन मंत्रालय और नियामक डीजीसीए ने अब तक इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है। इन विमानों के खड़े होने से कितनी उड़ानें रद्द हुई है इसके बारे में कंपनी ने कुछ नहीं बताया है। औसतन एक बोइंग सात सौ सैंतीस विमान छह से सात घरेलू उड़ाने रोजाना भरता है।
एस के सिंह, पटनाः गुप्त सूचना के आधार पर भगवानगंज पुलिस ने सीआईएसएफ के सहयोग से बुधवार को रौनियाचक गांव के योगेंद्र यादव की किराना दुकान में छापेमारी कर 15 लीटर दारू, व 5 क्विंटल जामा महुआ 1 क्विंटल गुड़ बरामद कर लिया. हालांकि कारोबारी योगेंद्र यादव भनक पाते ही मौके से फरार हो गया. इस बाबत भगवानगंज थाना अध्यक्ष जितेंद्र राम ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली कि रौनियाचक के योगेंद्र यादव ने अपने मकान में किराना की एक दुकान खोल रखी है, और वह किराना दुकान की आड़ में शराब के साथ ही जावा महुआ व गुड़ भेजता है. सूचना के आलोक में उन्होंने सीआईएसएफ के सहयोग से बुधवार को योगेंद्र यादव के मकान व किराना दुकान में छापेमारी की और मौके से 15 लीटर दारू के साथ ही 5 क्विंटल जावा महुआ व 1 क्विंटल गुड बरामद कर लिया. विधानसभा चुनाव के आलोक में विधि व्यवस्था कायम रखने को लेकर सीआईएसएफ ने बुधवार को भगवानगंज थाना क्षेत्र के रौनिया, रौनियाचक,बारा, गोखुला, नदौना, बलियारी गांव में एरिया डोमिनेशन किया और ग्रामीणों के बीच पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास दिलाया.
एस के सिंह, पटनाः गुप्त सूचना के आधार पर भगवानगंज पुलिस ने सीआईएसएफ के सहयोग से बुधवार को रौनियाचक गांव के योगेंद्र यादव की किराना दुकान में छापेमारी कर पंद्रह लीटरटर दारू, व पाँच क्विंटल जामा महुआ एक क्विंटल गुड़ बरामद कर लिया. हालांकि कारोबारी योगेंद्र यादव भनक पाते ही मौके से फरार हो गया. इस बाबत भगवानगंज थाना अध्यक्ष जितेंद्र राम ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली कि रौनियाचक के योगेंद्र यादव ने अपने मकान में किराना की एक दुकान खोल रखी है, और वह किराना दुकान की आड़ में शराब के साथ ही जावा महुआ व गुड़ भेजता है. सूचना के आलोक में उन्होंने सीआईएसएफ के सहयोग से बुधवार को योगेंद्र यादव के मकान व किराना दुकान में छापेमारी की और मौके से पंद्रह लीटरटर दारू के साथ ही पाँच क्विंटल जावा महुआ व एक क्विंटल गुड बरामद कर लिया. विधानसभा चुनाव के आलोक में विधि व्यवस्था कायम रखने को लेकर सीआईएसएफ ने बुधवार को भगवानगंज थाना क्षेत्र के रौनिया, रौनियाचक,बारा, गोखुला, नदौना, बलियारी गांव में एरिया डोमिनेशन किया और ग्रामीणों के बीच पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास दिलाया.
शिमला। जिला में कोविड के मामले बढ़ते ही जा रहे है। सोमवार को कोविड के लिए गए टेस्टों की हुई जांच में 34 मामले पॉजीटिव पाए गए है। इन मामलों के साथ जिला में कोविड के एक्टिव केसों की संख्या बढक़र 137 पहुंच गई है। सोमवार को जिलाभर से 447 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें रैंडम एंटीजन टेस्टिंग के 431 और आरटीपीसीआर के 16 सैंपल शामिल रहे, जिसमें से रैट के 31 और आरटीपीसीआर के 3 मामले पॉजीटिव पाए गए है। पॉजीटिव आए मामलों में सर्वाथ्धक 7 मामले कोटखाई के है। खनेरी से 4, मशोबरा, आईजीएमसी, कुल्लू से 2-2, जबकि संजौली, चक्कर, भट्टाकुफर, विकासनगर, चिडग़ांव, ननखड़ी, नेरवा, डीडीयू, सोलन व मंडी से 1-1 मामला पॉजीटिव आया है। सीएमओ शिमला डा. सुरेखा चौपड़ा ने कहा कि हालांकि इस बीमारी पर लोग काबू भी पा रहे है और सोमवार को जिला में 21 लोग दुरूस्त भी हुए है।
शिमला। जिला में कोविड के मामले बढ़ते ही जा रहे है। सोमवार को कोविड के लिए गए टेस्टों की हुई जांच में चौंतीस मामले पॉजीटिव पाए गए है। इन मामलों के साथ जिला में कोविड के एक्टिव केसों की संख्या बढक़र एक सौ सैंतीस पहुंच गई है। सोमवार को जिलाभर से चार सौ सैंतालीस सैंपलों की जांच की गई, जिसमें रैंडम एंटीजन टेस्टिंग के चार सौ इकतीस और आरटीपीसीआर के सोलह सैंपल शामिल रहे, जिसमें से रैट के इकतीस और आरटीपीसीआर के तीन मामले पॉजीटिव पाए गए है। पॉजीटिव आए मामलों में सर्वाथ्धक सात मामले कोटखाई के है। खनेरी से चार, मशोबरा, आईजीएमसी, कुल्लू से दो-दो, जबकि संजौली, चक्कर, भट्टाकुफर, विकासनगर, चिडग़ांव, ननखड़ी, नेरवा, डीडीयू, सोलन व मंडी से एक-एक मामला पॉजीटिव आया है। सीएमओ शिमला डा. सुरेखा चौपड़ा ने कहा कि हालांकि इस बीमारी पर लोग काबू भी पा रहे है और सोमवार को जिला में इक्कीस लोग दुरूस्त भी हुए है।
लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे राजनीति के पुरोधा पुरुष, उत्कृष्ट समाजवादी, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं संस्थापक मुलायम सिंह यादव अब हमारे बीच नहीं रहे। एक संभावनाओं भरा राजनीति सफर ठहर गया, उनका निधन न केवल समाजवादी पार्टी के लिये बल्कि भारतीय राजनीति के लिये एक गहरा आघात है, अपूरणीय क्षति है। राजनीति और समाजवादी पार्टी के लिए उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। देशहित में नीतियां बनाने में माहिर मुलायम सिंह का 82 वर्ष का जीवन सफर राजनीतिक आदर्शों की ऊंची मीनार हैं। उनका निधन एक युग की समाप्ति है। उन्हें हम समाजवादी सोच एवं भारतीय राजनीति का अक्षयकोष कह सकते हैं, वे गहन मानवीय चेतना के चितेरे जुझारु, नीडर, साहसिक एवं प्रखर व्यक्तित्व थे। मुलायम सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सैफई से ग्रहण की। राजनीति में आने से पूर्व उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर (एम०ए०) और बी० टी० करने के उपरान्त इन्टर कालेज में प्रवक्ता नियुक्त हुए और सक्रिय राजनीति में रहते हुए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। बच्चों को पढ़ाने के दौरान वह सामाजिक कार्यों में भी रुचि लेने लगे। समाजवादी आंदोलन में वह अब खुलकर भाग लेने लगे थे। उनका कुनबा प्रदेश की राजनीति में खासा दखल रखता है। मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवम्बर 1939 को इटावा जिले के सैफई गाँव में मूर्ति देवी व सुघर सिंह यादव के किसान परिवार में हुआ। वह अपने पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री और एक बार रक्षा मंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव देश के उन दिग्गज जमीनी नेताओं में शुमार किए जाते हैं जिन्होंने अपने बल पर राजनीति में नया मुकाम हासिल किया और राजनीति की नयी परिभाषाएं गढ़ी। उन्हें पिछड़ी जातियों का सबसे बड़ा नेता माना जाता है। उनकी पहचान ऐसे राजनेता की रही है जो साधारण किसान परिवार से निकलकर राजनीति में अपनी पहचान बनाई। नेताजी के नाम से मशहूर मुलायम सिंह बचपन में पहलवानी करते थे। बचपन से ही नेताजी को पहलवानी पसंद थी। वह अपने समय के बड़े-बड़े नामी पहलवानों को आसानी से चित कर देते थे। ऐसा कहा जाता है कि कुश्ती में उनका सबसे प्रिय दांव 'चरखा' था, बाद में उन्होंने राजनीति में भी धोबी पछाड़ दांव से कई दिग्गजों को चित किया। मुलायम सिंह ने सैफई से राजनीतिक शिखर तक का सफर संघर्षों से तय किया था। उन्होंने लम्बी राजनीति पारी खेली। उनका राजनीतिक सफर 55 वर्ष का रहा। साल 1967 में यूपी के विधानसभा चुनाव में जसवंत नगर से मौजूदा विधायक नत्थू सिंह ने ही मुलायम सिंह को संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से टिकट दिलवाया और चुनाव प्रचार भी किया। इसकी मुख्य वजह यह रही कि मुलायम सिंह राम मनोहर लोहिया आंदोलन से जुड़े थे। नत्थू के आशीर्वाद से मुलायम पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह इस सीट से आठ बार विधायक चुने गए। 1977 में मुलायम सिंह पहली बार यूपी सरकार में मंत्री बने। वह 1989 से 1991, 1993 से 1995 और 2003 से 2007 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। मुलायम सिंह एक जून 1996 से 19 मार्च 1998 तक एचडी देवगौड़ा की सरकार में देश के रक्षा मंत्री भी रहे। मौजूदा समय में वे यूपी की मैनपुरी से सांसद थे। मुलायम सिंह ही ऐसे नेता हैं जो 55 साल के राजनीतिक कॅरियर में 9 बार विधायक और 7 बार सांसद चुने गए। जब पूरे देश में मोदी लहर चल कही थी तो उन्होंने आजमगढ़ और मैनपुरी दोनों लोकसभा सीट से जीत दर्ज की। मुलायम सिंह यादव ने जनता दल से अलग होकर 4 अक्टूबर 1992 को समाजवादी पार्टी का गठन किया। उत्तर प्रदेश में यादव समाज के सबसे बड़े नेता एवं धर्मनिरपेक्ष नेता के रूप में मुलायम सिंह की पहचान है। उत्तर प्रदेश में सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने में उन्होंने साहसिक योगदान किया। मुलायम सिंह यादव जब विद्यार्थी थे तभी से उनके मन-मस्तिष्क पर डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों की गहरी छाप पड़ी। डॉ. लोहिया के विचारों ने ही उनके विशिष्ट व्यक्तित्व का निर्माण किया और उनका स्वतंत्र चिंतन, कथनी और करनी का सिद्धांत निरन्तर प्रेरणा का काम करता रहा है। डॉ. लोहिया के विशाल व्यक्तित्व की छाया में ही मुलायम सिंह यादव के सामाजिक, राजनीतिक विचारों ने गति और दिशा पाई। तभी तो मुलायम सिंह यादव जो कुछ कहते थे, जो भी आकलन-निर्णय करते थे, जैसा भी राजनीतिक संघर्ष करते थे उसमें सत्य और निष्ठा का भाव तो होता ही था साथ ही उसमें विश्वास और चारित्रिक प्रामाणिकता भी होती थी। वे केवल राजनीतिक लाभ-हानि अथवा चुनावी हार-जीत के वशीभूत होकर ही बात नहीं करते थे बल्कि गरीबों के दुख-दर्द के सहभागी बनकर उसे महसूस भी करते थे। उनका अनूठा चरित्र सभी को आकर्षित करता रहा। विरोधी भी उनकी साफगोई कंठ से प्रशंसा करते हैं। उन्होंने समाजवादी आंदोलन को जो दिशा दी वह युवाओं को काफी प्रेरित करती है। भारत में समाजवादी होना कठिन तपस्या रही है। वैसे भी हमारे देश में समाजवादी प्रतिभा, चिंतन और कार्यशैली स्वतंत्र रही है। वास्तव में मुलायम सिंह यादव ऐसे समाजवादी रहे हैं जिन्होंने न केवल डॉ. लोहिया के विचारों और उनकी समाजवादी नीतियों को व्यावहारिकता के धरातल पर उतार कर समाजवादी आंदोलन को सही मायनों में नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं बल्कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए वह निरंतर प्रयत्नरत रहे हैं। इस कथन में कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि समाजवादी आंदोलन का प्रमुख आधार रहे डॉ. लोहिया, जयप्रकाश नारायण और आचार्य नरेन्द्र देव की त्रिमूर्ति के बाद यदि किसी ने समाजवादी विचारधारा के चिंतन को नया आयाम दिया है तो वह केवल मुलायम सिंह यादव ही हैं। वह मुलायम सिंह यादव ही हैं जिनके प्रयासों से समाजवादी नीतियों के क्रियान्वयन ने शोषित समाज को अपनी अभिव्यक्ति के लिए एक मजबूत आधार दिया जहां से वे निर्भीक होकर अपने शोषण के खिलाफ आवाज उठा सके हैं। समाजवादी नेताओं में मुलायम सिंह यादव सर्वश्रेष्ठ, कर्मठ और महत्वपूर्ण राजनेता थे। समाजवाद के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में आज कोई दूसरा राजनेता नहीं था जिसने इतने संघर्षों से गुजरने के बाद भी अपनी मुहिम को पूरी ताकत के साथ चला रखा था। मुलायम सिंह का जीवन और उनका संघर्ष इस लक्ष्य के लिए समर्पित है कि नये भारत और नये समाज की संरचना कैसे हो। उनके विचारों और चिंतन में सांप्रदायिकता, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, पूंजीवाद, धर्म और राजनीति, रक्षा नीति, विदेश नीति, जातिवाद, आरक्षण आदि विषयों पर विस्तृत और स्पष्ट व्याख्या मौजूद है। लाखों-लाखों की भीड़ में कोई-कोई मुलायम जैसा विलक्षण एवं प्रतिभाशाली व्यक्ति जीवन-विकास की प्रयोगशाला में विभिन्न प्रशिक्षणों-परीक्षणों से गुजरकर महानता का वरन करता है, विकास के उच्च शिखरों पर आरूढ़ होता है और अपनी मौलिक सोच, कर्मठता, जिजीविषा, पुरुषार्थ एवं राष्ट्र-भावना से समाज एवं राष्ट्र को अभिप्रेरित करता है। वे भारतीय राजनीति का एक आदर्श चेहरा थे। मुलायम सिंह यादव सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वोपरि मुख्यमंत्री बने थे तो यह उनके चरित्र, राजनीति कौशल की विशेषता है। उनकी पहचान एक संवेदनशील और नीति-निर्धारक मुख्यमंत्री के रूप में की जाती थी। उनमें जुझारू और विपरीति परिस्थितियों से निरंतर संघर्ष करने का कृषक वाला अद्भुत साहसिक गुण था। उन्होंने कभी विपरीत परिस्थितियों से समझौता नहीं किया, निरंतर उनसे जूझते रहे और अंततः सफलता पाई। वास्तव में हमारे देश एवं समाज को मुलायम सिंह यादव से जो अपेक्षाएं थी उन पर तो वह खरे उतरे ही, बल्कि उससे ज्यादा भी बहुत कुछ करके दिखाया है। मुलायम सिंह यादव की निष्पक्ष कार्यशैली, स्पष्ट विचारधारा और जनप्रिय व्यवहार निरंतर उन्हें नयी बुलंदियों की ओर ले जाता रहा। उनकी यह खासियत रही कि उनके व्यवहार में जहां आक्रामकता थी तो वहीं गजब की शालीनता और सहनशीलता भी देखने को मिलती थी। उनकी राजनीतिक चतुराई और सूझबूझ में ग्रामीण एवं शहरी व्यवहार और बुद्धिमता का अद्भुत सम्मिश्रण था। स्वयं को हासिल इसी महारत के दम पर वह बड़ी-बड़ी राजनीतिक कठिनाइयों का सामना अत्यंत सरलता से करते रहे हैं। ऐसा नहीं है कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने परेशानियों को नहीं झेला है अथवा संकट के दौर से नहीं गुजरे हैं, परंतु अपने आत्मबल और राजनीतिक कौशल के दम पर वह हर मुश्किल से निकलकर किसी शक्तिशाली चट्टान की भांति खड़े रहे हैं और बड़े तथा महत्वपूर्ण फैसलों का निर्णय उन्होंने एक पल में लिया है। उनका निधन एक आदर्श एवं बेबाक सोच की राजनीति का अंत है। वे सिद्धांतों एवं आदर्शों पर जीने वाले व्यक्तियों की श्रृंखला के प्रतीक थे। उनके निधन को राजनैतिक जीवन में शुद्धता की, मूल्यों की, राजनीति की, आदर्श के सामने राजसत्ता को छोटा गिनने की या सिद्धांतों पर अडिग रहकर न झुकने, न समझौता करने की समाप्ति समझा जा सकता है। आपके जीवन की खिड़कियाँ समाज एवं राष्ट्र को नई दृष्टि देने के लिए सदैव खुली रही। उनकी सहजता और सरलता में गोता लगाने से ज्ञात होता है कि वे गहरे मानवीय सरोकार से ओतप्रोत एक अल्हड़ राजनीतिक व्यक्तित्व थे। बेशक मुलायम सिंह अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अपने सफल राजनीतिक जीवन के दम पर वे हमेशा भारतीय राजनीति के आसमान में एक सितारे की तरह टिमटिमाते रहेंगे।
लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे राजनीति के पुरोधा पुरुष, उत्कृष्ट समाजवादी, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं संस्थापक मुलायम सिंह यादव अब हमारे बीच नहीं रहे। एक संभावनाओं भरा राजनीति सफर ठहर गया, उनका निधन न केवल समाजवादी पार्टी के लिये बल्कि भारतीय राजनीति के लिये एक गहरा आघात है, अपूरणीय क्षति है। राजनीति और समाजवादी पार्टी के लिए उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। देशहित में नीतियां बनाने में माहिर मुलायम सिंह का बयासी वर्ष का जीवन सफर राजनीतिक आदर्शों की ऊंची मीनार हैं। उनका निधन एक युग की समाप्ति है। उन्हें हम समाजवादी सोच एवं भारतीय राजनीति का अक्षयकोष कह सकते हैं, वे गहन मानवीय चेतना के चितेरे जुझारु, नीडर, साहसिक एवं प्रखर व्यक्तित्व थे। मुलायम सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सैफई से ग्रहण की। राजनीति में आने से पूर्व उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर और बीशून्य टीशून्य करने के उपरान्त इन्टर कालेज में प्रवक्ता नियुक्त हुए और सक्रिय राजनीति में रहते हुए नौकरी से त्यागपत्र दे दिया। बच्चों को पढ़ाने के दौरान वह सामाजिक कार्यों में भी रुचि लेने लगे। समाजवादी आंदोलन में वह अब खुलकर भाग लेने लगे थे। उनका कुनबा प्रदेश की राजनीति में खासा दखल रखता है। मुलायम सिंह यादव का जन्म बाईस नवम्बर एक हज़ार नौ सौ उनतालीस को इटावा जिले के सैफई गाँव में मूर्ति देवी व सुघर सिंह यादव के किसान परिवार में हुआ। वह अपने पांच भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री और एक बार रक्षा मंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव देश के उन दिग्गज जमीनी नेताओं में शुमार किए जाते हैं जिन्होंने अपने बल पर राजनीति में नया मुकाम हासिल किया और राजनीति की नयी परिभाषाएं गढ़ी। उन्हें पिछड़ी जातियों का सबसे बड़ा नेता माना जाता है। उनकी पहचान ऐसे राजनेता की रही है जो साधारण किसान परिवार से निकलकर राजनीति में अपनी पहचान बनाई। नेताजी के नाम से मशहूर मुलायम सिंह बचपन में पहलवानी करते थे। बचपन से ही नेताजी को पहलवानी पसंद थी। वह अपने समय के बड़े-बड़े नामी पहलवानों को आसानी से चित कर देते थे। ऐसा कहा जाता है कि कुश्ती में उनका सबसे प्रिय दांव 'चरखा' था, बाद में उन्होंने राजनीति में भी धोबी पछाड़ दांव से कई दिग्गजों को चित किया। मुलायम सिंह ने सैफई से राजनीतिक शिखर तक का सफर संघर्षों से तय किया था। उन्होंने लम्बी राजनीति पारी खेली। उनका राजनीतिक सफर पचपन वर्ष का रहा। साल एक हज़ार नौ सौ सरसठ में यूपी के विधानसभा चुनाव में जसवंत नगर से मौजूदा विधायक नत्थू सिंह ने ही मुलायम सिंह को संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से टिकट दिलवाया और चुनाव प्रचार भी किया। इसकी मुख्य वजह यह रही कि मुलायम सिंह राम मनोहर लोहिया आंदोलन से जुड़े थे। नत्थू के आशीर्वाद से मुलायम पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह इस सीट से आठ बार विधायक चुने गए। एक हज़ार नौ सौ सतहत्तर में मुलायम सिंह पहली बार यूपी सरकार में मंत्री बने। वह एक हज़ार नौ सौ नवासी से एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे, एक हज़ार नौ सौ तिरानवे से एक हज़ार नौ सौ पचानवे और दो हज़ार तीन से दो हज़ार सात तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रहे। मुलायम सिंह एक जून एक हज़ार नौ सौ छियानवे से उन्नीस मार्च एक हज़ार नौ सौ अट्ठानवे तक एचडी देवगौड़ा की सरकार में देश के रक्षा मंत्री भी रहे। मौजूदा समय में वे यूपी की मैनपुरी से सांसद थे। मुलायम सिंह ही ऐसे नेता हैं जो पचपन साल के राजनीतिक कॅरियर में नौ बार विधायक और सात बार सांसद चुने गए। जब पूरे देश में मोदी लहर चल कही थी तो उन्होंने आजमगढ़ और मैनपुरी दोनों लोकसभा सीट से जीत दर्ज की। मुलायम सिंह यादव ने जनता दल से अलग होकर चार अक्टूबर एक हज़ार नौ सौ बानवे को समाजवादी पार्टी का गठन किया। उत्तर प्रदेश में यादव समाज के सबसे बड़े नेता एवं धर्मनिरपेक्ष नेता के रूप में मुलायम सिंह की पहचान है। उत्तर प्रदेश में सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने में उन्होंने साहसिक योगदान किया। मुलायम सिंह यादव जब विद्यार्थी थे तभी से उनके मन-मस्तिष्क पर डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों की गहरी छाप पड़ी। डॉ. लोहिया के विचारों ने ही उनके विशिष्ट व्यक्तित्व का निर्माण किया और उनका स्वतंत्र चिंतन, कथनी और करनी का सिद्धांत निरन्तर प्रेरणा का काम करता रहा है। डॉ. लोहिया के विशाल व्यक्तित्व की छाया में ही मुलायम सिंह यादव के सामाजिक, राजनीतिक विचारों ने गति और दिशा पाई। तभी तो मुलायम सिंह यादव जो कुछ कहते थे, जो भी आकलन-निर्णय करते थे, जैसा भी राजनीतिक संघर्ष करते थे उसमें सत्य और निष्ठा का भाव तो होता ही था साथ ही उसमें विश्वास और चारित्रिक प्रामाणिकता भी होती थी। वे केवल राजनीतिक लाभ-हानि अथवा चुनावी हार-जीत के वशीभूत होकर ही बात नहीं करते थे बल्कि गरीबों के दुख-दर्द के सहभागी बनकर उसे महसूस भी करते थे। उनका अनूठा चरित्र सभी को आकर्षित करता रहा। विरोधी भी उनकी साफगोई कंठ से प्रशंसा करते हैं। उन्होंने समाजवादी आंदोलन को जो दिशा दी वह युवाओं को काफी प्रेरित करती है। भारत में समाजवादी होना कठिन तपस्या रही है। वैसे भी हमारे देश में समाजवादी प्रतिभा, चिंतन और कार्यशैली स्वतंत्र रही है। वास्तव में मुलायम सिंह यादव ऐसे समाजवादी रहे हैं जिन्होंने न केवल डॉ. लोहिया के विचारों और उनकी समाजवादी नीतियों को व्यावहारिकता के धरातल पर उतार कर समाजवादी आंदोलन को सही मायनों में नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं बल्कि अपने लक्ष्य को पाने के लिए वह निरंतर प्रयत्नरत रहे हैं। इस कथन में कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि समाजवादी आंदोलन का प्रमुख आधार रहे डॉ. लोहिया, जयप्रकाश नारायण और आचार्य नरेन्द्र देव की त्रिमूर्ति के बाद यदि किसी ने समाजवादी विचारधारा के चिंतन को नया आयाम दिया है तो वह केवल मुलायम सिंह यादव ही हैं। वह मुलायम सिंह यादव ही हैं जिनके प्रयासों से समाजवादी नीतियों के क्रियान्वयन ने शोषित समाज को अपनी अभिव्यक्ति के लिए एक मजबूत आधार दिया जहां से वे निर्भीक होकर अपने शोषण के खिलाफ आवाज उठा सके हैं। समाजवादी नेताओं में मुलायम सिंह यादव सर्वश्रेष्ठ, कर्मठ और महत्वपूर्ण राजनेता थे। समाजवाद के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में आज कोई दूसरा राजनेता नहीं था जिसने इतने संघर्षों से गुजरने के बाद भी अपनी मुहिम को पूरी ताकत के साथ चला रखा था। मुलायम सिंह का जीवन और उनका संघर्ष इस लक्ष्य के लिए समर्पित है कि नये भारत और नये समाज की संरचना कैसे हो। उनके विचारों और चिंतन में सांप्रदायिकता, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद, पूंजीवाद, धर्म और राजनीति, रक्षा नीति, विदेश नीति, जातिवाद, आरक्षण आदि विषयों पर विस्तृत और स्पष्ट व्याख्या मौजूद है। लाखों-लाखों की भीड़ में कोई-कोई मुलायम जैसा विलक्षण एवं प्रतिभाशाली व्यक्ति जीवन-विकास की प्रयोगशाला में विभिन्न प्रशिक्षणों-परीक्षणों से गुजरकर महानता का वरन करता है, विकास के उच्च शिखरों पर आरूढ़ होता है और अपनी मौलिक सोच, कर्मठता, जिजीविषा, पुरुषार्थ एवं राष्ट्र-भावना से समाज एवं राष्ट्र को अभिप्रेरित करता है। वे भारतीय राजनीति का एक आदर्श चेहरा थे। मुलायम सिंह यादव सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वोपरि मुख्यमंत्री बने थे तो यह उनके चरित्र, राजनीति कौशल की विशेषता है। उनकी पहचान एक संवेदनशील और नीति-निर्धारक मुख्यमंत्री के रूप में की जाती थी। उनमें जुझारू और विपरीति परिस्थितियों से निरंतर संघर्ष करने का कृषक वाला अद्भुत साहसिक गुण था। उन्होंने कभी विपरीत परिस्थितियों से समझौता नहीं किया, निरंतर उनसे जूझते रहे और अंततः सफलता पाई। वास्तव में हमारे देश एवं समाज को मुलायम सिंह यादव से जो अपेक्षाएं थी उन पर तो वह खरे उतरे ही, बल्कि उससे ज्यादा भी बहुत कुछ करके दिखाया है। मुलायम सिंह यादव की निष्पक्ष कार्यशैली, स्पष्ट विचारधारा और जनप्रिय व्यवहार निरंतर उन्हें नयी बुलंदियों की ओर ले जाता रहा। उनकी यह खासियत रही कि उनके व्यवहार में जहां आक्रामकता थी तो वहीं गजब की शालीनता और सहनशीलता भी देखने को मिलती थी। उनकी राजनीतिक चतुराई और सूझबूझ में ग्रामीण एवं शहरी व्यवहार और बुद्धिमता का अद्भुत सम्मिश्रण था। स्वयं को हासिल इसी महारत के दम पर वह बड़ी-बड़ी राजनीतिक कठिनाइयों का सामना अत्यंत सरलता से करते रहे हैं। ऐसा नहीं है कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने परेशानियों को नहीं झेला है अथवा संकट के दौर से नहीं गुजरे हैं, परंतु अपने आत्मबल और राजनीतिक कौशल के दम पर वह हर मुश्किल से निकलकर किसी शक्तिशाली चट्टान की भांति खड़े रहे हैं और बड़े तथा महत्वपूर्ण फैसलों का निर्णय उन्होंने एक पल में लिया है। उनका निधन एक आदर्श एवं बेबाक सोच की राजनीति का अंत है। वे सिद्धांतों एवं आदर्शों पर जीने वाले व्यक्तियों की श्रृंखला के प्रतीक थे। उनके निधन को राजनैतिक जीवन में शुद्धता की, मूल्यों की, राजनीति की, आदर्श के सामने राजसत्ता को छोटा गिनने की या सिद्धांतों पर अडिग रहकर न झुकने, न समझौता करने की समाप्ति समझा जा सकता है। आपके जीवन की खिड़कियाँ समाज एवं राष्ट्र को नई दृष्टि देने के लिए सदैव खुली रही। उनकी सहजता और सरलता में गोता लगाने से ज्ञात होता है कि वे गहरे मानवीय सरोकार से ओतप्रोत एक अल्हड़ राजनीतिक व्यक्तित्व थे। बेशक मुलायम सिंह अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन अपने सफल राजनीतिक जीवन के दम पर वे हमेशा भारतीय राजनीति के आसमान में एक सितारे की तरह टिमटिमाते रहेंगे।
मुंबईः बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने क्रिकेटर इरफान पठान की गायन प्रतिभा की तारीफ की है और उम्मीद जताई है कि भारतीय क्रिकेटर भविष्य में उनके लिए गाना गा सकते हैं। इरफान के बड़े भाई और क्रिकेटर यूसुफ पठान ने उनका इरफान के एक गाने का वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में इरफान, वरुण की फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' का 'ऐ मेरे हमसफर' गाना गाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यूसुफ ने वीडियो का शीर्षक लिखा, "क्या सुर लगाया है छोटे मियां इरफान पठान, 'ऐ मेरे हम सफर. . गायक। " इस पर, वरुण ने जबाव दिया, "क्या बात है इरफान भाई, उम्मीद है आप कभी मेरे लिए गाना गाएंगे। आपको बहुत सारा प्यार। " शशांक खेतान द्वारा निर्देशित 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' में अभिनेत्री आलिया भट्ट केंद्रीय महिला किरदार में थीं। वरुण इस समय फिल्म 'जुड़वा 2' की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसमें अभिनेत्री जैकलिन फर्नाडिस और तापसी पन्नू भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म का निर्देशन वरुण के पिता डेविड धवन द्वारा किया जा रहा है और यह उन्हीं के द्वारा निर्देशित 1997 में आई 'जुड़वा' का सीक्वल है। इस फिल्म में सलमान खान, करिश्मा कपूर और रंभा केंद्रीय किरदारों में थे।
मुंबईः बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन ने क्रिकेटर इरफान पठान की गायन प्रतिभा की तारीफ की है और उम्मीद जताई है कि भारतीय क्रिकेटर भविष्य में उनके लिए गाना गा सकते हैं। इरफान के बड़े भाई और क्रिकेटर यूसुफ पठान ने उनका इरफान के एक गाने का वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में इरफान, वरुण की फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' का 'ऐ मेरे हमसफर' गाना गाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यूसुफ ने वीडियो का शीर्षक लिखा, "क्या सुर लगाया है छोटे मियां इरफान पठान, 'ऐ मेरे हम सफर. . गायक। " इस पर, वरुण ने जबाव दिया, "क्या बात है इरफान भाई, उम्मीद है आप कभी मेरे लिए गाना गाएंगे। आपको बहुत सारा प्यार। " शशांक खेतान द्वारा निर्देशित 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' में अभिनेत्री आलिया भट्ट केंद्रीय महिला किरदार में थीं। वरुण इस समय फिल्म 'जुड़वा दो' की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसमें अभिनेत्री जैकलिन फर्नाडिस और तापसी पन्नू भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म का निर्देशन वरुण के पिता डेविड धवन द्वारा किया जा रहा है और यह उन्हीं के द्वारा निर्देशित एक हज़ार नौ सौ सत्तानवे में आई 'जुड़वा' का सीक्वल है। इस फिल्म में सलमान खान, करिश्मा कपूर और रंभा केंद्रीय किरदारों में थे।
फेस में खुजली या इचिंग होना किसी महिला के लिए बहुत तकलीफदेह हो सकता है। इसके वजह से आपकी त्वचा खराब दिख सकती है और यह आपको बहुत अनकंफरटेबल महसूस कराता है। (Image Credit: Freepik) फेस में खुजली या इचिंग होना किसी महिला के लिए बहुत तकलीफदेह हो सकता है। इसके वजह से आपकी त्वचा खराब दिख सकती है और यह आपको बहुत अनकंफरटेबल महसूस कराता है। (Image Credit: Freepik) अपनी त्वचा के लिए सही प्रोडक्ट का उपयोग करें। इसमें सही त्वचा टोनर, मॉइस्चराइजर, और क्रीम शामिल कर सकते है। हमेशा अपने त्वचा के लिए हाइपोअलर्जेनिक प्रोडक्ट का चयन करें और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। (Image Credit: Pinterest) यदि आपके चेहरे में इचिंग हो रही है, तो सबसे पहले आपको इस इचिंग की वजह से निपटने के लिए अपनी त्वचा की सफाई को ध्यान देना चाहिए। दिन में कम से कम दो बार गुनगुने पानी से अपना चेहरा धोएं और साबुन का उपयोग करें जिसमें केमिकल न हों। (Image Credit: Freepik) कई बार फेस इचिंग भोजन के खपत से होती है। अगर आपको लगता है कि कोई भोजन आपको इचिंग करवा रहा है, तो उसे अपने आहार से हटा दें। आमतौर पर, चॉकलेट, मसालेदार और तली हुई चीजें आदि शामिल हो सकते हैं। (Image Credit: Eat this, not that) त्वचा को स्वस्थ और पर्याप्त मोइस्चर वाले प्रोडक्ट से पोषित रखने के लिए एक अच्छा मोइस्चराइज़र उपयोग करें। यह आपकी त्वचा को नर्म और चिकनी बनाए रखेगा, जिससे त्वचा की सूखापन कम होगी और फेस इचिंग में सुधार होगा। (Image Credit : New Love Make-up) जब आपकी त्वचा में खुजली होती है, तो अपनी उंगलियों या किसी रूखे सामग्री का उपयोग न करें। यह आपकी त्वचा को और अधिक खराब कर सकता है और फेस इचिंग को बढ़ा सकता है। (Image Credit: Healthline)
फेस में खुजली या इचिंग होना किसी महिला के लिए बहुत तकलीफदेह हो सकता है। इसके वजह से आपकी त्वचा खराब दिख सकती है और यह आपको बहुत अनकंफरटेबल महसूस कराता है। फेस में खुजली या इचिंग होना किसी महिला के लिए बहुत तकलीफदेह हो सकता है। इसके वजह से आपकी त्वचा खराब दिख सकती है और यह आपको बहुत अनकंफरटेबल महसूस कराता है। अपनी त्वचा के लिए सही प्रोडक्ट का उपयोग करें। इसमें सही त्वचा टोनर, मॉइस्चराइजर, और क्रीम शामिल कर सकते है। हमेशा अपने त्वचा के लिए हाइपोअलर्जेनिक प्रोडक्ट का चयन करें और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। यदि आपके चेहरे में इचिंग हो रही है, तो सबसे पहले आपको इस इचिंग की वजह से निपटने के लिए अपनी त्वचा की सफाई को ध्यान देना चाहिए। दिन में कम से कम दो बार गुनगुने पानी से अपना चेहरा धोएं और साबुन का उपयोग करें जिसमें केमिकल न हों। कई बार फेस इचिंग भोजन के खपत से होती है। अगर आपको लगता है कि कोई भोजन आपको इचिंग करवा रहा है, तो उसे अपने आहार से हटा दें। आमतौर पर, चॉकलेट, मसालेदार और तली हुई चीजें आदि शामिल हो सकते हैं। त्वचा को स्वस्थ और पर्याप्त मोइस्चर वाले प्रोडक्ट से पोषित रखने के लिए एक अच्छा मोइस्चराइज़र उपयोग करें। यह आपकी त्वचा को नर्म और चिकनी बनाए रखेगा, जिससे त्वचा की सूखापन कम होगी और फेस इचिंग में सुधार होगा। जब आपकी त्वचा में खुजली होती है, तो अपनी उंगलियों या किसी रूखे सामग्री का उपयोग न करें। यह आपकी त्वचा को और अधिक खराब कर सकता है और फेस इचिंग को बढ़ा सकता है।
भुज (अहमदाबाद), 30 दिसम्बर गुजरात के कच्छ जिले में बुधवार सुबह भूकम्प के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 4. 3 मापी गई है। अधिकारियों ने बताया कि किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। कच्छ पश्चिमी संभाग के पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार, उत्तरी कच्छ के रेगिस्तानी इलाके में भूकम्प के झटके महसूस किए गए, जहां की आबादी बेहद कम है। किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। संस्थान ने बयान में कहा कि इससे पहले कच्छ के भचाऊ के पास देर रात दो बजकर 29 मिनट पर 2. 2 की तीव्रता का भूकम्प आया था। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
भुज , तीस दिसम्बर गुजरात के कच्छ जिले में बुधवार सुबह भूकम्प के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता चार. तीन मापी गई है। अधिकारियों ने बताया कि किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। कच्छ पश्चिमी संभाग के पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार, उत्तरी कच्छ के रेगिस्तानी इलाके में भूकम्प के झटके महसूस किए गए, जहां की आबादी बेहद कम है। किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। संस्थान ने बयान में कहा कि इससे पहले कच्छ के भचाऊ के पास देर रात दो बजकर उनतीस मिनट पर दो. दो की तीव्रता का भूकम्प आया था। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। फील्ड हॉकी, लंदन में 1908 के खेलों में पुरुषों की प्रतियोगिता के रूप में ओलंपिक खेलों में पेश की गई, जिनमें छह टीम शामिल थीं, जिसमें ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के यूनाइटेड किंगडम के चार शामिल थे। . thumb मास्को स्थित रेड स्केव्यर का एक दृश्य मास्को या मॉस्को (रूसीः Москва́ (मोस्कवा)), रूस की राजधानी एवं यूरोप का सबसे बडा शहर है, मॉस्को का शहरी क्षेत्र दुनिया के सबसे बडे शहरी क्षेत्रों में गिना जाता है। मास्को रूस की राजनैतिक, आर्थिक, धार्मिक, वित्तीय एवं शैक्षणिक गतिविधियों का केन्द्र माना जाता है। यह मोस्कवा नदी के तट पर बसा हुआ है। ऐतिहासिक रूप से यह पुराने सोवियत संघ एवं प्राचीन रूसी साम्राज्य की राजधानी भी रही है। मास्को को दुनिया के अरबपतियों का शहर भी कहा जाता है जहां दुनिया के सबसे ज्यादा अरबपति बसते हैं। २००७ में मास्को को लगातार दूसरी बार दुनिया का सबसे महंगा शहर भी घोषित किया गया था। . ओलंपिक में फील्ड हॉकी और मास्को आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)। ओलंपिक में फील्ड हॉकी 19 संबंध है और मास्को 30 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (19 + 30)। यह लेख ओलंपिक में फील्ड हॉकी और मास्को के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। फील्ड हॉकी, लंदन में एक हज़ार नौ सौ आठ के खेलों में पुरुषों की प्रतियोगिता के रूप में ओलंपिक खेलों में पेश की गई, जिनमें छह टीम शामिल थीं, जिसमें ग्रेट ब्रिटेन और आयरलैंड के यूनाइटेड किंगडम के चार शामिल थे। . thumb मास्को स्थित रेड स्केव्यर का एक दृश्य मास्को या मॉस्को ), रूस की राजधानी एवं यूरोप का सबसे बडा शहर है, मॉस्को का शहरी क्षेत्र दुनिया के सबसे बडे शहरी क्षेत्रों में गिना जाता है। मास्को रूस की राजनैतिक, आर्थिक, धार्मिक, वित्तीय एवं शैक्षणिक गतिविधियों का केन्द्र माना जाता है। यह मोस्कवा नदी के तट पर बसा हुआ है। ऐतिहासिक रूप से यह पुराने सोवियत संघ एवं प्राचीन रूसी साम्राज्य की राजधानी भी रही है। मास्को को दुनिया के अरबपतियों का शहर भी कहा जाता है जहां दुनिया के सबसे ज्यादा अरबपति बसते हैं। दो हज़ार सात में मास्को को लगातार दूसरी बार दुनिया का सबसे महंगा शहर भी घोषित किया गया था। . ओलंपिक में फील्ड हॉकी और मास्को आम में शून्य बातें हैं । ओलंपिक में फील्ड हॉकी उन्नीस संबंध है और मास्को तीस है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख ओलंपिक में फील्ड हॉकी और मास्को के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार कोलकाता में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया है कि दिल्ली दंगा से ध्यान भटकाने के लिए मोदी सरकार कोरोना वायरस का डर फैला रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि ये सच है कि कोरोनावायरस एक खतरनाक बीमारी है लेकिन इस पर दहशत कायम नहीं करना चाहिए। ममता बनर्जी ने कहा कि कोरोनावायरस के बारे चर्चा की जानी चाहिए, लेकिन तभी जब इसके मामले सामने आए। ममता बनर्जी ने कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि कोरोना फैले, लेकिन उन्हें भी याद किया जाना चाहिए जो दिल्ली हिंसा में मरे हैं...कोरोना की वजह से नहीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली हिंसा के बाद अभी भी 700 से अधिक लोग लापता हैं। दिल्ली में स्थिति ठीक नहीं है। कई लोग बेघर हो गए। नालों से लाश निकल रहे हैं। उन्होंने दिल्ली दंगा को नरसंहार बताते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि इसे हिंसा नहीं, नरसंहार के रूप में प्रचारित करें।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार कोलकाता में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया है कि दिल्ली दंगा से ध्यान भटकाने के लिए मोदी सरकार कोरोना वायरस का डर फैला रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि ये सच है कि कोरोनावायरस एक खतरनाक बीमारी है लेकिन इस पर दहशत कायम नहीं करना चाहिए। ममता बनर्जी ने कहा कि कोरोनावायरस के बारे चर्चा की जानी चाहिए, लेकिन तभी जब इसके मामले सामने आए। ममता बनर्जी ने कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि कोरोना फैले, लेकिन उन्हें भी याद किया जाना चाहिए जो दिल्ली हिंसा में मरे हैं...कोरोना की वजह से नहीं। उन्होंने कहा कि दिल्ली हिंसा के बाद अभी भी सात सौ से अधिक लोग लापता हैं। दिल्ली में स्थिति ठीक नहीं है। कई लोग बेघर हो गए। नालों से लाश निकल रहे हैं। उन्होंने दिल्ली दंगा को नरसंहार बताते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि इसे हिंसा नहीं, नरसंहार के रूप में प्रचारित करें।
अड्डा बाज़ार (महराजगंज): एक तरफ जहां सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकारी अस्पतालों में तमाम सुविधाएं मुहैया करा रहीं है। वहीं महराजगंज जनपद में एक ऐसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी है, जिसे देखकर सिस्टम भी शर्मा जाए। नौतनवा तहसील के अड्डा बाजार में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति बेहद जर्जर और दयनीय हो चुकी है। यहां के कई स्थान भुतहा बन गये है और इसे देखने वाला हर कोई भयभीत हो जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर के चारों तरफ बड़ी-बड़ी झाड़ियां और घास-फूस उगे हुए है। अस्पताल के अंदर वर्षो से एम्बुलेंस सड़ रही है। परिसर के कमरों में झाले बन आए है, अस्पताल के कमरों में धूल भरी पड़ी है। एक्स-रे रूम बंद पड़ा हुआ है और स्वास्थ्य सुविधाएं नगण्य है। एक स्वास्थ्य कर्मी ने डाइनामाइट न्यूज़ को फोन पर बताया कि रात की तो बात ही छोड़ दीजिए, अस्पताल परिसर में दिन में भी डर लगता है। अस्पताल परिसर में बायो मेडिकल वेस्ट कक्ष के परिसर में बड़े-बड़े घास उगे हैं और ये कमरा कभी खुला ही नहीं। अड्डा बाजार के आसपास के दर्ज़नों गांवों के हजारों की आबादी स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर इस सीएचसी के भरोसे है लेकिन इस अस्पताल में सिर्फ एक फर्मासिस्ट और एक डेंटल हाइजीनिस्ट तैनात है। जो अपने समय पर ड्यूटी कर के घर चले जाते है, यहां रात्री निवास कोई नहीं करता। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर जाना पड़ता है, अड्डा बाजार में एक PHC है लेकिन वहां भी कोई सुविधा नहीं है। अगर इस सरकारी अस्पताल में सुविधा रहती तो हजारों की आबादी को लाभ मिलता। इस मामले में डाइनामाइट न्यूज़ को CHC अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में दो स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती है, ये अस्पताल PPE मोड में चला गया है और बजट जल्दी नहीं आता। जल्द ही वहाँ बजट आने पर काम शुरू होगा।
अड्डा बाज़ार : एक तरफ जहां सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सरकारी अस्पतालों में तमाम सुविधाएं मुहैया करा रहीं है। वहीं महराजगंज जनपद में एक ऐसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी है, जिसे देखकर सिस्टम भी शर्मा जाए। नौतनवा तहसील के अड्डा बाजार में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति बेहद जर्जर और दयनीय हो चुकी है। यहां के कई स्थान भुतहा बन गये है और इसे देखने वाला हर कोई भयभीत हो जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के परिसर के चारों तरफ बड़ी-बड़ी झाड़ियां और घास-फूस उगे हुए है। अस्पताल के अंदर वर्षो से एम्बुलेंस सड़ रही है। परिसर के कमरों में झाले बन आए है, अस्पताल के कमरों में धूल भरी पड़ी है। एक्स-रे रूम बंद पड़ा हुआ है और स्वास्थ्य सुविधाएं नगण्य है। एक स्वास्थ्य कर्मी ने डाइनामाइट न्यूज़ को फोन पर बताया कि रात की तो बात ही छोड़ दीजिए, अस्पताल परिसर में दिन में भी डर लगता है। अस्पताल परिसर में बायो मेडिकल वेस्ट कक्ष के परिसर में बड़े-बड़े घास उगे हैं और ये कमरा कभी खुला ही नहीं। अड्डा बाजार के आसपास के दर्ज़नों गांवों के हजारों की आबादी स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर इस सीएचसी के भरोसे है लेकिन इस अस्पताल में सिर्फ एक फर्मासिस्ट और एक डेंटल हाइजीनिस्ट तैनात है। जो अपने समय पर ड्यूटी कर के घर चले जाते है, यहां रात्री निवास कोई नहीं करता। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दूर जाना पड़ता है, अड्डा बाजार में एक PHC है लेकिन वहां भी कोई सुविधा नहीं है। अगर इस सरकारी अस्पताल में सुविधा रहती तो हजारों की आबादी को लाभ मिलता। इस मामले में डाइनामाइट न्यूज़ को CHC अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में दो स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती है, ये अस्पताल PPE मोड में चला गया है और बजट जल्दी नहीं आता। जल्द ही वहाँ बजट आने पर काम शुरू होगा।
कर्ज में डूबी सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया की घर वापसी की खबरों पर आधिकारिक मुहर लग गई है। स्पाइसजेट को पीछे छोड़ते हुए टाटा संस ने इसकी बोली जीत ली है। टाटा ग्रुप को एयर इंडिया की कमान मिली है। कंपनी ने सबसे बड़ी बोली लगाई। वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाली डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव तुहिन कांत पांडे ने बताया है कि मंत्रियों की समिति ने एयर इंडिया के लिए विजेता बोली को मंजूरी दी है। टाटा संस ने एयर इंडिया के लिए 18,000 करोड़ रुपए की विजेता बोली लगाई। DIPAM के सचिव ने बताया कि एयर इंडिया के लिए टाटा ग्रुप ने 18,000 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। एयर इंडिया का 15300 करोड़ रुपए का कर्ज टाटा चुकाएगी और बकाया 2700 करोड़ सरकार को देगी। एयर इंडिया पर 31 अगस्त तक 61,560 करोड़ रुपए का कर्ज था। इसमें 15300 करोड़ रुपए टाटा संस चुकाएगी, जबकि बाकी के 46,262 करोड़ रुपए AIAHL (Air India asset holding company) भरेगी। तुहिन कांत पांडे ने कहा कि लेनदेन दिसंबर 2021 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। डील में एयर इंडिया की जमीन और इमारतों सहित किसी भी नॉन एसेट (जैसे- भूमि और भवन) को नहीं बेचा जाएगा। कुल कीमत 14,718 करोड़ रुपए की ये संपत्ति सरकारी कंपनी AIAHL के हवाले कर दी जाएँगी। सरकार की शर्तों के मुताबिक सफल बोली लगाने वाली कंपनी टाटा को एयर इंडिया के अलावा सब्सिडरी एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी शत प्रतिशत नियंत्रण मिलेगा। वहीं, एआईएसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पर कब्जा होगा। बता दें कि एआईएसएटीएस प्रमुख भारतीय हवाईअड्डों पर कार्गो और जमीनी स्तर की सेवाओं को उपलब्ध कराती है। विनिवेश नियमों के मुताबिक टाटा को एयर इंडिया के घरेलू हवाई अड्डों पर 4,400 घरेलू और 1,800 अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लैंडिंग की मंजूरी मिलेगी। एयर इंडिया की करीब 68 साल बाद घर वापसी पर समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने रतन टाटा ने इमोशनल पोस्ट किया है। 'वेलकम बैक, एयर इंडिया' का ट्वीट करते हुए उन्होंने एक नोट भी अटैच किया है। साथ ही 1932 में इस विमानन सेवा की शुरुआत करने वाले विजनरी बिजनेसमैन जेआरडी टाटा का एयर इंडिया के साथ एक फोटो भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा है कि एक समय था जब जेआरडी के नेतृत्व में एयर इंडिया दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित एयरलाइंस थी। टाटा के पास मौका है कि एयर इंडिया को ये पहचान दोबारा दिलाए। यदि आज जेआरडी टाटा होते तो बेहद खुश होते। उन्होंने कहा कि वे सरकार के भी शुक्रगुजार हैं कि उसने हाल में कई इंडस्ट्री को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोलने की नीति अपनाई है। उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया की शुरुआत 1932 में जेआरडी टाटा ने की थी। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इसकी सेवाएँ बंद की गई थी। दोबारा 1946 में जब इसकी सेवा बहाल हुई तो नाम टाटा एयरलाइंस से बदलकर एयर इंडिया लिमिटेड हो गया। देश स्वतंत्र होने के बाद एयर इंडिया की 49 फीसदी भागीदारी सरकार ने ले ली थी। इसके बाद 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया।
कर्ज में डूबी सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया की घर वापसी की खबरों पर आधिकारिक मुहर लग गई है। स्पाइसजेट को पीछे छोड़ते हुए टाटा संस ने इसकी बोली जीत ली है। टाटा ग्रुप को एयर इंडिया की कमान मिली है। कंपनी ने सबसे बड़ी बोली लगाई। वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाली डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट के सचिव तुहिन कांत पांडे ने बताया है कि मंत्रियों की समिति ने एयर इंडिया के लिए विजेता बोली को मंजूरी दी है। टाटा संस ने एयर इंडिया के लिए अट्ठारह,शून्य करोड़ रुपए की विजेता बोली लगाई। DIPAM के सचिव ने बताया कि एयर इंडिया के लिए टाटा ग्रुप ने अट्ठारह,शून्य करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। एयर इंडिया का पंद्रह हज़ार तीन सौ करोड़ रुपए का कर्ज टाटा चुकाएगी और बकाया दो हज़ार सात सौ करोड़ सरकार को देगी। एयर इंडिया पर इकतीस अगस्त तक इकसठ,पाँच सौ साठ करोड़ रुपए का कर्ज था। इसमें पंद्रह हज़ार तीन सौ करोड़ रुपए टाटा संस चुकाएगी, जबकि बाकी के छियालीस,दो सौ बासठ करोड़ रुपए AIAHL भरेगी। तुहिन कांत पांडे ने कहा कि लेनदेन दिसंबर दो हज़ार इक्कीस के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। डील में एयर इंडिया की जमीन और इमारतों सहित किसी भी नॉन एसेट को नहीं बेचा जाएगा। कुल कीमत चौदह,सात सौ अट्ठारह करोड़ रुपए की ये संपत्ति सरकारी कंपनी AIAHL के हवाले कर दी जाएँगी। सरकार की शर्तों के मुताबिक सफल बोली लगाने वाली कंपनी टाटा को एयर इंडिया के अलावा सब्सिडरी एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी शत प्रतिशत नियंत्रण मिलेगा। वहीं, एआईएसएटीएस में पचास प्रतिशत हिस्सेदारी पर कब्जा होगा। बता दें कि एआईएसएटीएस प्रमुख भारतीय हवाईअड्डों पर कार्गो और जमीनी स्तर की सेवाओं को उपलब्ध कराती है। विनिवेश नियमों के मुताबिक टाटा को एयर इंडिया के घरेलू हवाई अड्डों पर चार,चार सौ घरेलू और एक,आठ सौ अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लैंडिंग की मंजूरी मिलेगी। एयर इंडिया की करीब अड़सठ साल बाद घर वापसी पर समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने रतन टाटा ने इमोशनल पोस्ट किया है। 'वेलकम बैक, एयर इंडिया' का ट्वीट करते हुए उन्होंने एक नोट भी अटैच किया है। साथ ही एक हज़ार नौ सौ बत्तीस में इस विमानन सेवा की शुरुआत करने वाले विजनरी बिजनेसमैन जेआरडी टाटा का एयर इंडिया के साथ एक फोटो भी शेयर किया है। उन्होंने लिखा है कि एक समय था जब जेआरडी के नेतृत्व में एयर इंडिया दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित एयरलाइंस थी। टाटा के पास मौका है कि एयर इंडिया को ये पहचान दोबारा दिलाए। यदि आज जेआरडी टाटा होते तो बेहद खुश होते। उन्होंने कहा कि वे सरकार के भी शुक्रगुजार हैं कि उसने हाल में कई इंडस्ट्री को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोलने की नीति अपनाई है। उल्लेखनीय है कि एयर इंडिया की शुरुआत एक हज़ार नौ सौ बत्तीस में जेआरडी टाटा ने की थी। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इसकी सेवाएँ बंद की गई थी। दोबारा एक हज़ार नौ सौ छियालीस में जब इसकी सेवा बहाल हुई तो नाम टाटा एयरलाइंस से बदलकर एयर इंडिया लिमिटेड हो गया। देश स्वतंत्र होने के बाद एयर इंडिया की उनचास फीसदी भागीदारी सरकार ने ले ली थी। इसके बाद एक हज़ार नौ सौ तिरेपन में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया।
नई दिल्ली (आईएएनएस)। बीजेपी ने महाराष्टर् में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की। बीजेपी ने पहली बार में 125 उम्मीदवारों के नाम जारी किए हैं। इसमें वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस भी शामिल हैं, जो एक बार फिर नागपुर दक्षिण पश्चिम सीट से लड़ेंगे। वहीं बीजेपी के राज्य प्रमुख चंद्रकांत दादा पाटिल कोथरुड से चुनाव लड़ेंगे। वहीं अन्य लोगों में मनोहर भड़ाने धुले ग्रामीण और भाजपा मंत्री पंकजा मुंडे परली से उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। यह सूची शिवसेना द्वारा महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन का ऐलान करने के ठीक दूसरे दिन जारी की गई है। बीजेपी के राज्य प्रमुख पाटिल और वरिष्ठ शिवसेना नेता सुभाष देसाई ने सोमवार रात इस बयान पर दस्तखत किए। शिवसेना ने केवल 124 निर्वाचन क्षेत्रों के नाम जारी किए हैं जहां से वह चुनाव लड़ेगी। वहीं बीजेपी के समय बहुत कम है क्योंकि चुनाव आयोग ने नामांकन की अंतिम तारीख 4 अक्टूबर तय किया है। यहां विधानसभा की 288 सदस्यीय सीटों पर चुनाव होने हैं। 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में मतदान होगा। वहीं परिणाम 24 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। बता दें कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सभी राजनैतिक दल अपनी जीत दर्ज कराने के लिए हर संभाव प्रयास में जुटे हैं।
नई दिल्ली । बीजेपी ने महाराष्टर् में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की। बीजेपी ने पहली बार में एक सौ पच्चीस उम्मीदवारों के नाम जारी किए हैं। इसमें वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस भी शामिल हैं, जो एक बार फिर नागपुर दक्षिण पश्चिम सीट से लड़ेंगे। वहीं बीजेपी के राज्य प्रमुख चंद्रकांत दादा पाटिल कोथरुड से चुनाव लड़ेंगे। वहीं अन्य लोगों में मनोहर भड़ाने धुले ग्रामीण और भाजपा मंत्री पंकजा मुंडे परली से उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। यह सूची शिवसेना द्वारा महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना के गठबंधन का ऐलान करने के ठीक दूसरे दिन जारी की गई है। बीजेपी के राज्य प्रमुख पाटिल और वरिष्ठ शिवसेना नेता सुभाष देसाई ने सोमवार रात इस बयान पर दस्तखत किए। शिवसेना ने केवल एक सौ चौबीस निर्वाचन क्षेत्रों के नाम जारी किए हैं जहां से वह चुनाव लड़ेगी। वहीं बीजेपी के समय बहुत कम है क्योंकि चुनाव आयोग ने नामांकन की अंतिम तारीख चार अक्टूबर तय किया है। यहां विधानसभा की दो सौ अठासी सदस्यीय सीटों पर चुनाव होने हैं। इक्कीस अक्टूबर को महाराष्ट्र में मतदान होगा। वहीं परिणाम चौबीस अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे। बता दें कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सभी राजनैतिक दल अपनी जीत दर्ज कराने के लिए हर संभाव प्रयास में जुटे हैं।
बता दें कि हर साल सितंबर के आखिरी रविवार को डॉटर्स डे मनाया जाता है। इस दिन पर माता-पिता अपनी बेटियों को गिफ्ट देते हैं। उनको स्पेशल फील कराते हैं। आपको बता दे कि बॉलीवुड में भी आज डॉटर्स डे का क्रेज देखने को मिला। बॉलीवुड के तमाम स्टार्स ने अपनी बेटियों के साथ अपनी फोटोज को सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसके अलावा उनसे अपनी दिल की बात को भी शेयर करते दिखे। दूसरी ओर आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने भी अपनी बेटियों के लिए एक पोस्ट किया । इसके अलाव नीतू कपूर ने भी अपनी बेटी रिद्धिमा कपूर के लिए एक स्पेशल पोस्ट किया । बता दें कि पोस्ट को शेयर करते हुए सोनी राजदान ने लिखा- "यदि आलिया और शाहीन नहीं होतीं तो ईश्वर ही जानता है कि उनका क्या होता। वहीं साउथ सुपर स्टार महेश बाबू ने भी अपनी बेटी की फोटो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा- "7 अरब मुस्कान है इस दुनिया में, और तुम्हारी मुस्कान मेरी सबसे पसंदीदा है। कॉमेडियन कपिल शर्मा ने भी अपनी बेटी की फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर किया, और कैप्शन दिया- सभी बेटियों को इस स्पेशल दिन की बधाई ।
बता दें कि हर साल सितंबर के आखिरी रविवार को डॉटर्स डे मनाया जाता है। इस दिन पर माता-पिता अपनी बेटियों को गिफ्ट देते हैं। उनको स्पेशल फील कराते हैं। आपको बता दे कि बॉलीवुड में भी आज डॉटर्स डे का क्रेज देखने को मिला। बॉलीवुड के तमाम स्टार्स ने अपनी बेटियों के साथ अपनी फोटोज को सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसके अलावा उनसे अपनी दिल की बात को भी शेयर करते दिखे। दूसरी ओर आलिया भट्ट की मां सोनी राजदान ने भी अपनी बेटियों के लिए एक पोस्ट किया । इसके अलाव नीतू कपूर ने भी अपनी बेटी रिद्धिमा कपूर के लिए एक स्पेशल पोस्ट किया । बता दें कि पोस्ट को शेयर करते हुए सोनी राजदान ने लिखा- "यदि आलिया और शाहीन नहीं होतीं तो ईश्वर ही जानता है कि उनका क्या होता। वहीं साउथ सुपर स्टार महेश बाबू ने भी अपनी बेटी की फोटो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा- "सात अरब मुस्कान है इस दुनिया में, और तुम्हारी मुस्कान मेरी सबसे पसंदीदा है। कॉमेडियन कपिल शर्मा ने भी अपनी बेटी की फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर किया, और कैप्शन दिया- सभी बेटियों को इस स्पेशल दिन की बधाई ।
लखनऊः लखनऊ के बाहरी इलाके बंथरा इलाके में लाइटिंग और डीजे का काम करने आए दो कर्मियों ने एक शादी समारोह से सात साल की एक बच्ची का कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप किया। इनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा भागने में सफल रहा। पीड़िता को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक सीतापुर की रहने वाली पीड़िता अपने माता-पिता के साथ एक शादी में शामिल होने लखनऊ आई थी। उसके माता-पिता शादी समारोह में व्यस्त थे, इसी बीच उन्होंने देखा कि उनकी बेटी गायब है। उन्होंने पहले कार्यक्रम स्थल की तलाशी ली और फिर पुलिस को बुलाया। विवाह स्थल से लगभग 300 मीटर की दूरी पर एक खाली प्लॉट के किनारे एक बाइक खड़ी मिली। सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णा नगर विनय कुमार सिंह ने बताया, पुलिस ने कुछ दूरी पर झाड़ियों में कुछ हलचल देखी। जब पुलिस वहां पहुंची तो बच्ची के साथ दो लोगों को देखकर चौंक गई। उनमें से एक भागने में सफल रहा, जबकि दूसरे को पुलिस ने पकड़ लिया। लड़की अर्ध-चेतन अवस्था में थी और दर्द से कराह रही थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनुज रावत (21) और फरार की रामेश्वर के रूप में हुई है। दोनों बंथरा के रहने वाले हैं। पुलिस ने दावा किया, रावत ने कबूल किया कि उसने और रामेश्वर ने पीड़िता को झूले पर ले जाने का झांसा दिया। लेकिन वे उसे अपनी बाइक पर एक सुनसान जगह ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों पर गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और दूसरे आरोपी को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया गया है।
लखनऊः लखनऊ के बाहरी इलाके बंथरा इलाके में लाइटिंग और डीजे का काम करने आए दो कर्मियों ने एक शादी समारोह से सात साल की एक बच्ची का कथित तौर पर अपहरण कर उसके साथ गैंगरेप किया। इनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा भागने में सफल रहा। पीड़िता को अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक सीतापुर की रहने वाली पीड़िता अपने माता-पिता के साथ एक शादी में शामिल होने लखनऊ आई थी। उसके माता-पिता शादी समारोह में व्यस्त थे, इसी बीच उन्होंने देखा कि उनकी बेटी गायब है। उन्होंने पहले कार्यक्रम स्थल की तलाशी ली और फिर पुलिस को बुलाया। विवाह स्थल से लगभग तीन सौ मीटर की दूरी पर एक खाली प्लॉट के किनारे एक बाइक खड़ी मिली। सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णा नगर विनय कुमार सिंह ने बताया, पुलिस ने कुछ दूरी पर झाड़ियों में कुछ हलचल देखी। जब पुलिस वहां पहुंची तो बच्ची के साथ दो लोगों को देखकर चौंक गई। उनमें से एक भागने में सफल रहा, जबकि दूसरे को पुलिस ने पकड़ लिया। लड़की अर्ध-चेतन अवस्था में थी और दर्द से कराह रही थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनुज रावत और फरार की रामेश्वर के रूप में हुई है। दोनों बंथरा के रहने वाले हैं। पुलिस ने दावा किया, रावत ने कबूल किया कि उसने और रामेश्वर ने पीड़िता को झूले पर ले जाने का झांसा दिया। लेकिन वे उसे अपनी बाइक पर एक सुनसान जगह ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपियों पर गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और दूसरे आरोपी को पकड़ने के लिए टीमों का गठन किया गया है।
New Delhi : अगले वर्ष पांच राज्यों में होनेवाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है. इसके मद्देनजर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की अहम बैठक शुरू हो गई है. बैठक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हो रही है. Fसमें विधानसभा चुनाव वाले पांच राज्यों में पार्टी के प्रचार अभियान और रणनीति पर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा इस बैठक में कृषि कानून विरोधी आंदोलन, लखीमपुर खीरी हिंसा और कोरोना टीकाकरण पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा. आपको बता दें कि वर्ष 2022 में गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं. इनमें गोवा, यूपी, पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में फरवरी-मार्च 2022 में जबकि हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव नवंबर और गुजरात के दिसंबर 2022 में होंगे. जिन पांच राज्यों में अगले वर्ष की शुरुआत में चुनाव होने हैं वहां चार राज्यों में अभी भाजपा की सरकार है. सिर्फ कांग्रेस के हाथ में पंजाब है. भाजपा के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यूपी बना हुआ है. भाजपा किसी भी कीमत पर यूपी को अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहती है. यही वजह है कि डेढ़ महीने पहले भाजपा ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पांच सदस्यीय चुनाव प्रभारियों की घोषणा की थी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पार्टी ने यूपी का चुनाव प्रभारी बनाया है और उनके साथ पांच केंद्रीय मंत्रियों को सह प्रभारी बनाया गया है. फरवरी - मार्च में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की पूरी कोशिश है कि तीन कृषि कानूनों के मसले और इसके खिलाफ हो रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन को किसी तरह से सुलझा लिया जाए. केंद्र सरकार इसके लिए लगातार प्रयास भी कर रही है. केंद्र की तरफ से इस संबंध में कई दौर की बातचीत भी हुई है लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला है. वहीं विपक्ष भी किसानों के मसले को लेकर लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है. वहीं केंद्र का आरोप है कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है और किसानों को भड़काने का काम कर रहा है. केंद्र का ये भी कहना है कि देश के किसान उनके साथ हैं और जो इसके विरोध में लगभग एक वर्ष से सड़कों को जाम किए हुए बैठे हैं वो दरअसल, राजनीति करने का काम कर रहे हैं. आज होने वाली बैठक में इस मुद्दे को सुलझाने पर तो चर्चा हो ही सकती है साथ ही इन राज्यों में चुनाव प्रचार की कमान और इसके चेहरों को लेकर भी चर्चा हो सकती है. बता दें कि उत्तराखंड में पार्टी ने पांच वर्षों के दौरान कई मुख्यमंत्री बदले हैं. इसको देखते हुए भी पार्टी अपनी रणनीति तैयार करेगी जिससे इसका खामियाजा आगामी विधानसभा चुनाव में न भुगतना पड़े.
New Delhi : अगले वर्ष पांच राज्यों में होनेवाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है. इसके मद्देनजर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की अहम बैठक शुरू हो गई है. बैठक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हो रही है. Fसमें विधानसभा चुनाव वाले पांच राज्यों में पार्टी के प्रचार अभियान और रणनीति पर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा इस बैठक में कृषि कानून विरोधी आंदोलन, लखीमपुर खीरी हिंसा और कोरोना टीकाकरण पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा. आपको बता दें कि वर्ष दो हज़ार बाईस में गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं. इनमें गोवा, यूपी, पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में फरवरी-मार्च दो हज़ार बाईस में जबकि हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव नवंबर और गुजरात के दिसंबर दो हज़ार बाईस में होंगे. जिन पांच राज्यों में अगले वर्ष की शुरुआत में चुनाव होने हैं वहां चार राज्यों में अभी भाजपा की सरकार है. सिर्फ कांग्रेस के हाथ में पंजाब है. भाजपा के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यूपी बना हुआ है. भाजपा किसी भी कीमत पर यूपी को अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहती है. यही वजह है कि डेढ़ महीने पहले भाजपा ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पांच सदस्यीय चुनाव प्रभारियों की घोषणा की थी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पार्टी ने यूपी का चुनाव प्रभारी बनाया है और उनके साथ पांच केंद्रीय मंत्रियों को सह प्रभारी बनाया गया है. फरवरी - मार्च में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की पूरी कोशिश है कि तीन कृषि कानूनों के मसले और इसके खिलाफ हो रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन को किसी तरह से सुलझा लिया जाए. केंद्र सरकार इसके लिए लगातार प्रयास भी कर रही है. केंद्र की तरफ से इस संबंध में कई दौर की बातचीत भी हुई है लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला है. वहीं विपक्ष भी किसानों के मसले को लेकर लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है. वहीं केंद्र का आरोप है कि विपक्ष इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है और किसानों को भड़काने का काम कर रहा है. केंद्र का ये भी कहना है कि देश के किसान उनके साथ हैं और जो इसके विरोध में लगभग एक वर्ष से सड़कों को जाम किए हुए बैठे हैं वो दरअसल, राजनीति करने का काम कर रहे हैं. आज होने वाली बैठक में इस मुद्दे को सुलझाने पर तो चर्चा हो ही सकती है साथ ही इन राज्यों में चुनाव प्रचार की कमान और इसके चेहरों को लेकर भी चर्चा हो सकती है. बता दें कि उत्तराखंड में पार्टी ने पांच वर्षों के दौरान कई मुख्यमंत्री बदले हैं. इसको देखते हुए भी पार्टी अपनी रणनीति तैयार करेगी जिससे इसका खामियाजा आगामी विधानसभा चुनाव में न भुगतना पड़े.
अभिनेता पॉल ग्रांट 16 मार्च को लंदन के एक रेलवे स्टेशन पर गिर पड़े थे। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां वे कुछ दिन वेंटिलेटर पर रहे। 19 मार्च को उनके फैमिली मेंबर्स ने उनके वेंटिलेटर को ऑफ करने की जानकारी साझा की। एंटरटेनमेंट डेस्क. 'स्टार वार्स' और 'हैरी पोटर' जैसी फिल्मों में नजर आए अभिनेता पॉल ग्रांट (Paul Grant) का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि 56 साल के अभिनेता लंदन के किंग्स क्रॉस स्टेशन पर गिर पड़े थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, यह घटना 16 मार्च की है, जब पुलिस को पॉल ग्रांट नॉर्थ लंदन के किंग्स ग्रॉस स्टेशन के बाहर पड़े मिले थे। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर ही वे ब्रेन डेड हो चुके थे। अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, जो 19 मार्च को बंद कर दिया गया था। लंदन की एक एम्बुलेंस सर्विस के प्रवक्ता ने बताया, "गुरुवार (16 मार्च) को रात में करीब 2:08 बजे हमारे पास एक कॉल आया और हमें बताया गया कि यूस्टन रोड स्थित सेंट पंक्रेस स्टेशन पर दुर्घटना हुई है। हमने एक एम्बुलेंस क्रू और चिकित्सक को भेजा। घटनास्थल पर हमने उस आदमी का इलाज किया और प्राथमिकता दिखाते हुए उसे अस्पताल लेकर गए। " वहीं, 19 मार्च को पॉल ग्रांट के फैमिली मेंबर्स ने मीडिया को जानकारी दी कि उनका वैंटिलेटर बंद कर दिया गया है। हालांकि, अभी तक जानकारी सामने नहीं आई है कि पॉल ग्रांट की मौत की असली वजह क्या है? पॉल ग्रांट के निधन से उनकी बेटी सोफी जेन ग्रांट टूटकर बिखर गई है। उसने एक बातचीत में कहा कि पॉल बेहद जल्दी उन्हें छोड़कर चले गए हैं। सोफी जेन ने अपने एक बयान में कहा, "मेरा दिल टूट गया है। कोई बेटी अपने बाप का इस तरह दूर जाना डिजर्व नहीं करती है। वे अपने काम के लिए काफी पॉपुलर थे और लोग उन्हें बेहद प्यार करते थे। वे बहुत जल्दी चले गए। " सोफी ने अपने बयान में आगे कहा, "मेरा सबकुछ उजड़ गया। मेरे डैड कई तरह से लीजेंड थे। वे हमेशा मुस्कराते रहते थे और सभी के चेहरे पर मुस्कान लेकर आते थे। वे किसी के लिए भी कुछ भी कर सक्ते थे। वे आर्सेनल के बहुत बड़े फैन थे। वे एक एक्टर, डैड और ग्रैंड डैड थे। वे अपनी बेटियों, बेटे और उसकी गर्लफ्रेंड मारिया को बहुत चाहते थे। यहां तक कि मारिया के बच्चों को भी वे बहुत प्यार करते थे, जो उनके लिए सौतेले जैसे थे। डैड आई लव यू सो मच। " इस बीच पॉल ग्रैंड की सौतेली बेटी स्टेसी ने उनके अंतिम संस्कार के लिए फंड जुटाना शुरू कर दिया है। उसने गो फंड मी नाम से एक पेज बनाया है। उसने इस पेज के बारे में बताते हुए कहा,"मैं इस पेज की शुरुआत कर रही हूं, क्योंकि कल पॉल का दुखद निधन हो गया है। मैं उन्हें वैसी विदाई देना चाहती हूं, जैसी कि वे चाहते थे। " सतीश कौशिक की तस्वीर पर फूल चढ़ाते इमोशनल हुए अनुपम खेर, वीडियो देख लोग बोले- दोस्त हो तो ऐसा'
अभिनेता पॉल ग्रांट सोलह मार्च को लंदन के एक रेलवे स्टेशन पर गिर पड़े थे। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां वे कुछ दिन वेंटिलेटर पर रहे। उन्नीस मार्च को उनके फैमिली मेंबर्स ने उनके वेंटिलेटर को ऑफ करने की जानकारी साझा की। एंटरटेनमेंट डेस्क. 'स्टार वार्स' और 'हैरी पोटर' जैसी फिल्मों में नजर आए अभिनेता पॉल ग्रांट का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि छप्पन साल के अभिनेता लंदन के किंग्स क्रॉस स्टेशन पर गिर पड़े थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, यह घटना सोलह मार्च की है, जब पुलिस को पॉल ग्रांट नॉर्थ लंदन के किंग्स ग्रॉस स्टेशन के बाहर पड़े मिले थे। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर ही वे ब्रेन डेड हो चुके थे। अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, जो उन्नीस मार्च को बंद कर दिया गया था। लंदन की एक एम्बुलेंस सर्विस के प्रवक्ता ने बताया, "गुरुवार को रात में करीब दो:आठ बजे हमारे पास एक कॉल आया और हमें बताया गया कि यूस्टन रोड स्थित सेंट पंक्रेस स्टेशन पर दुर्घटना हुई है। हमने एक एम्बुलेंस क्रू और चिकित्सक को भेजा। घटनास्थल पर हमने उस आदमी का इलाज किया और प्राथमिकता दिखाते हुए उसे अस्पताल लेकर गए। " वहीं, उन्नीस मार्च को पॉल ग्रांट के फैमिली मेंबर्स ने मीडिया को जानकारी दी कि उनका वैंटिलेटर बंद कर दिया गया है। हालांकि, अभी तक जानकारी सामने नहीं आई है कि पॉल ग्रांट की मौत की असली वजह क्या है? पॉल ग्रांट के निधन से उनकी बेटी सोफी जेन ग्रांट टूटकर बिखर गई है। उसने एक बातचीत में कहा कि पॉल बेहद जल्दी उन्हें छोड़कर चले गए हैं। सोफी जेन ने अपने एक बयान में कहा, "मेरा दिल टूट गया है। कोई बेटी अपने बाप का इस तरह दूर जाना डिजर्व नहीं करती है। वे अपने काम के लिए काफी पॉपुलर थे और लोग उन्हें बेहद प्यार करते थे। वे बहुत जल्दी चले गए। " सोफी ने अपने बयान में आगे कहा, "मेरा सबकुछ उजड़ गया। मेरे डैड कई तरह से लीजेंड थे। वे हमेशा मुस्कराते रहते थे और सभी के चेहरे पर मुस्कान लेकर आते थे। वे किसी के लिए भी कुछ भी कर सक्ते थे। वे आर्सेनल के बहुत बड़े फैन थे। वे एक एक्टर, डैड और ग्रैंड डैड थे। वे अपनी बेटियों, बेटे और उसकी गर्लफ्रेंड मारिया को बहुत चाहते थे। यहां तक कि मारिया के बच्चों को भी वे बहुत प्यार करते थे, जो उनके लिए सौतेले जैसे थे। डैड आई लव यू सो मच। " इस बीच पॉल ग्रैंड की सौतेली बेटी स्टेसी ने उनके अंतिम संस्कार के लिए फंड जुटाना शुरू कर दिया है। उसने गो फंड मी नाम से एक पेज बनाया है। उसने इस पेज के बारे में बताते हुए कहा,"मैं इस पेज की शुरुआत कर रही हूं, क्योंकि कल पॉल का दुखद निधन हो गया है। मैं उन्हें वैसी विदाई देना चाहती हूं, जैसी कि वे चाहते थे। " सतीश कौशिक की तस्वीर पर फूल चढ़ाते इमोशनल हुए अनुपम खेर, वीडियो देख लोग बोले- दोस्त हो तो ऐसा'
लोकसभा चुनाव 2019: मालवा-निमाड़ की ही देवास (अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित) सीट से उम्मीदवारी के लिये भाजपा ने एकदम नये चेहरे के रूप में सामने आये महेंद्र सिंह सोलंकी पर दांव खेला है। सोलंकी न्यायाधीश के पद से इस्तीफा देकर चुनावी राजनीति में उतरे हैं। पश्चिमी मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में भाजपा अपने गंवाये गढ़ को दोबारा हासिल करने के लक्ष्य के साथ चुनावी मैदान में है जहां की कुल आठ लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की हार-जीत में दलित, आदिवासी और किसान तबके के मतदाता निर्णायक भूमिका अदा करते हैं। सूबे में नवंबर 2018 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों की हार के ताजा जख्मों के मद्देनजर भाजपा ने इस अंचल में बड़ी सर्जरी करते हुए अपने कब्जे वाली सात में से पांच लोकसभा सीटों पर चुनावी चेहरे बदल दिये हैं। भाजपा ने उज्जैन (अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित) से निवर्तमान सांसद चिंतामणि मालवीय की जगह पूर्व विधायक अनिल फिरोजिया, धार (अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित) से निवर्तमान सांसद सावित्री ठाकुर की जगह पूर्व सांसद छतरसिंह दरबार, इंदौर से सतत आठ बार की सांसद और निवर्तमान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की जगह इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व चेयरमैन शंकर लालवानी और खरगोन (अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित) से निवर्तमान सांसद सुभाष पटेल की जगह भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र पटेल को टिकट दिया है। बहरहाल, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा "पीटीआई-भाषा" से बातचीत में ऐसी खबरों को खारिज करते हैं कि क्षेत्रीय मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं में कथित तौर पर गहरे असंतोष के कारण मालवा-निमाड़ के इन निवर्तमान सांसदों का टिकट काट दिया गया है। शर्मा ने कहा, "यह बेहद स्वाभाविक बात है कि कोई निर्वाचित जन प्रतिनिधि लम्बे समय तक आम लोगों के बीच काम करता है, तो उसे लेकर छोटी-मोटी नाराजगी हो सकती है। हालांकि, मालवा-निमाड़ में भाजपा संगठन द्वारा अलग-अलग पैमानों के आधार पर चुनावी उम्मीदवार तय किये गये हैं। " मालवा-निमाड़ की आठों सीटों पर 19 मई को मतदान होना है। इस अंचल में भाजपा के उम्मीदवार खासकर राष्ट्रवाद के मुद्दे की पृष्ठभूमि में नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों के नाम पर वोट मांग रहे हैं। वे इस किसान बहुल क्षेत्र में आयोजित सभाओं में मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए बराबर यह आरोप भी लगा रहे हैं कि 15 साल बाद सूबे की सत्ता में आयी कांग्रेस अन्नदाताओं का कर्ज माफ करने का अहम चुनावी वादा निभाने में नाकाम रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला भाजपा के इस आरोप को नकारते हुए कहते हैं, "सबको पता है कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के फौरन बाद किसान कर्ज माफी की सरकारी प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इस मुद्दे को लेकर भाजपा मतदाताओं के बीच भ्रम फैला रही है। " मालवा-निमाड़ की ही देवास (अनुसूचित जाति के लिये आरक्षित) सीट से उम्मीदवारी के लिये भाजपा ने एकदम नये चेहरे के रूप में सामने आये महेंद्र सिंह सोलंकी पर दांव खेला है। सोलंकी न्यायाधीश के पद से इस्तीफा देकर चुनावी राजनीति में उतरे हैं। वर्ष 2014 के पिछले लोकसभा चुनावों में देवास सीट से मनोहर ऊंटवाल भाजपा सांसद के रूप में निर्वाचित हुए थे। पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान ऊंटवाल आगर सीट से चुनाव लड़कर पार्टी के विधायक चुने गये थे। इसके बाद बतौर सांसद अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। रतलाम (अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित) से निवर्तमान सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया को टक्कर देने के लिये भाजपा ने अपने मौजूदा विधायक जीएस डामोर को इस सीट से लोकसभा चुनावों का टिकट दिया है। बहरहाल, मालवा-निमाड़ की मंदसौर और खंडवा सीटों के चुनावी उम्मीदवारों में भाजपा ने वर्ष 2014 के पिछले लोकसभा चुनावों के मुकाबले कोई परिवर्तन नहीं किया है। दोनों सीटों पर निवर्तमान सांसदों क्रमशः सुधीर गुप्ता और नंदकुमार सिंह चौहान पर इस बार भी भरोसा जताया गया है। गुप्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि वाले भाजपा नेता हैं, जबकि चौहान पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष हैं।
लोकसभा चुनाव दो हज़ार उन्नीस: मालवा-निमाड़ की ही देवास सीट से उम्मीदवारी के लिये भाजपा ने एकदम नये चेहरे के रूप में सामने आये महेंद्र सिंह सोलंकी पर दांव खेला है। सोलंकी न्यायाधीश के पद से इस्तीफा देकर चुनावी राजनीति में उतरे हैं। पश्चिमी मध्यप्रदेश के मालवा-निमाड़ अंचल में भाजपा अपने गंवाये गढ़ को दोबारा हासिल करने के लक्ष्य के साथ चुनावी मैदान में है जहां की कुल आठ लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की हार-जीत में दलित, आदिवासी और किसान तबके के मतदाता निर्णायक भूमिका अदा करते हैं। सूबे में नवंबर दो हज़ार अट्ठारह में हुए पिछले विधानसभा चुनावों की हार के ताजा जख्मों के मद्देनजर भाजपा ने इस अंचल में बड़ी सर्जरी करते हुए अपने कब्जे वाली सात में से पांच लोकसभा सीटों पर चुनावी चेहरे बदल दिये हैं। भाजपा ने उज्जैन से निवर्तमान सांसद चिंतामणि मालवीय की जगह पूर्व विधायक अनिल फिरोजिया, धार से निवर्तमान सांसद सावित्री ठाकुर की जगह पूर्व सांसद छतरसिंह दरबार, इंदौर से सतत आठ बार की सांसद और निवर्तमान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की जगह इंदौर विकास प्राधिकरण के पूर्व चेयरमैन शंकर लालवानी और खरगोन से निवर्तमान सांसद सुभाष पटेल की जगह भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र पटेल को टिकट दिया है। बहरहाल, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा "पीटीआई-भाषा" से बातचीत में ऐसी खबरों को खारिज करते हैं कि क्षेत्रीय मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं में कथित तौर पर गहरे असंतोष के कारण मालवा-निमाड़ के इन निवर्तमान सांसदों का टिकट काट दिया गया है। शर्मा ने कहा, "यह बेहद स्वाभाविक बात है कि कोई निर्वाचित जन प्रतिनिधि लम्बे समय तक आम लोगों के बीच काम करता है, तो उसे लेकर छोटी-मोटी नाराजगी हो सकती है। हालांकि, मालवा-निमाड़ में भाजपा संगठन द्वारा अलग-अलग पैमानों के आधार पर चुनावी उम्मीदवार तय किये गये हैं। " मालवा-निमाड़ की आठों सीटों पर उन्नीस मई को मतदान होना है। इस अंचल में भाजपा के उम्मीदवार खासकर राष्ट्रवाद के मुद्दे की पृष्ठभूमि में नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों के नाम पर वोट मांग रहे हैं। वे इस किसान बहुल क्षेत्र में आयोजित सभाओं में मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए बराबर यह आरोप भी लगा रहे हैं कि पंद्रह साल बाद सूबे की सत्ता में आयी कांग्रेस अन्नदाताओं का कर्ज माफ करने का अहम चुनावी वादा निभाने में नाकाम रही है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला भाजपा के इस आरोप को नकारते हुए कहते हैं, "सबको पता है कि कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के फौरन बाद किसान कर्ज माफी की सरकारी प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इस मुद्दे को लेकर भाजपा मतदाताओं के बीच भ्रम फैला रही है। " मालवा-निमाड़ की ही देवास सीट से उम्मीदवारी के लिये भाजपा ने एकदम नये चेहरे के रूप में सामने आये महेंद्र सिंह सोलंकी पर दांव खेला है। सोलंकी न्यायाधीश के पद से इस्तीफा देकर चुनावी राजनीति में उतरे हैं। वर्ष दो हज़ार चौदह के पिछले लोकसभा चुनावों में देवास सीट से मनोहर ऊंटवाल भाजपा सांसद के रूप में निर्वाचित हुए थे। पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान ऊंटवाल आगर सीट से चुनाव लड़कर पार्टी के विधायक चुने गये थे। इसके बाद बतौर सांसद अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उन्होंने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। रतलाम से निवर्तमान सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया को टक्कर देने के लिये भाजपा ने अपने मौजूदा विधायक जीएस डामोर को इस सीट से लोकसभा चुनावों का टिकट दिया है। बहरहाल, मालवा-निमाड़ की मंदसौर और खंडवा सीटों के चुनावी उम्मीदवारों में भाजपा ने वर्ष दो हज़ार चौदह के पिछले लोकसभा चुनावों के मुकाबले कोई परिवर्तन नहीं किया है। दोनों सीटों पर निवर्तमान सांसदों क्रमशः सुधीर गुप्ता और नंदकुमार सिंह चौहान पर इस बार भी भरोसा जताया गया है। गुप्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि वाले भाजपा नेता हैं, जबकि चौहान पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष हैं।
होली के जश्न को लेकर बड़ों से ज्यादा बच्चे उत्साहित होते हैं. रंगों और पानी से खेलने का रिवाज हर बच्चे को जरूर भाता है. बच्चों में रंगों के त्योहार (Holi Celebrations) कुछ दिन पहले ही अलग से माहौल बन जाता है. पानी के गुब्बारे, पिचकारी और दूसरी चीजों के जरिए बच्चे जश्न में डूब जाते हैं. त्योहार को अलग अंदाज में सेलिब्रेट करने के लिए इस दिन होली मैसेज वाली आउटफिट डालने से लेकर इंस्टा स्टोरीज कई तरीके अब लोग अपनाने लगे हैं. रंगों से होली खेलने का तरीका सदाबहार है पर इस बार फेस्टिवल को मजेदार बनाने के लिए कुछ अलग करना चाहिए. क्या आप अपने बच्चे के होली सेलिब्रेशन को और भी स्पेशल बनाना चाहते हैं. इन एक्टिविटी से होली सेलिब्रेशन को बनाएं स्पेशल.... ज्यादातर बच्चों को मदद करना बहुत अच्छा लगता है. रंग, फूड्स और नाच गाने की मस्ती के अलावा होली सेलिब्रेशन पर कुछ अलग करना चाहते हैं तो गरीब या जरूरतमंदों की मदद करें. ऐसा करके आपका बच्चा इसे अपनी गुड वर्क की लिस्ट में ऐड कर पाएगा. यूनिक एक्टिविटी होने के चलते बच्चे में एक्साइटमेंट भी क्रिएट होगी. ज्यादातर लोग होली पार्टी को एंजॉय करते हैं पर इस बार आपको सिर्फ बच्चों के जश्न को ध्यान में रखकर किड्स होली पार्टी ऑर्गेनाइज करनी चाहिए. इसमें लाउड म्यूजिक से लेकर टेस्टी फूड्स जरूर रखें. ध्यान रखें कि आपको मेन्यू में चाइनीज फूड आइटम्स को भी शामिल करना है क्योंकि ये अमूमन हर बच्चे का फेवरेट क्यूजीन होता है. मार्केट वाले कलर्स में केमिकल हो सकता है और इसका नुकसान बड़े-बच्चे सभी को झेलना पड़ जाता है. बच्चों को इस तरह के नुकसान से बचाए रखना चाहते हैं तो आपको पेंटिंग जैसी एक्टिविटी से उनसी होली को रंगीन बनाना चाहिए. पेंटिंग की एक्टिविटी अमूमन हर बच्चे को पसंद है. रंगों के त्योहार पर पेंटिंग करने का खयाल अपने आप में अलग है.
होली के जश्न को लेकर बड़ों से ज्यादा बच्चे उत्साहित होते हैं. रंगों और पानी से खेलने का रिवाज हर बच्चे को जरूर भाता है. बच्चों में रंगों के त्योहार कुछ दिन पहले ही अलग से माहौल बन जाता है. पानी के गुब्बारे, पिचकारी और दूसरी चीजों के जरिए बच्चे जश्न में डूब जाते हैं. त्योहार को अलग अंदाज में सेलिब्रेट करने के लिए इस दिन होली मैसेज वाली आउटफिट डालने से लेकर इंस्टा स्टोरीज कई तरीके अब लोग अपनाने लगे हैं. रंगों से होली खेलने का तरीका सदाबहार है पर इस बार फेस्टिवल को मजेदार बनाने के लिए कुछ अलग करना चाहिए. क्या आप अपने बच्चे के होली सेलिब्रेशन को और भी स्पेशल बनाना चाहते हैं. इन एक्टिविटी से होली सेलिब्रेशन को बनाएं स्पेशल.... ज्यादातर बच्चों को मदद करना बहुत अच्छा लगता है. रंग, फूड्स और नाच गाने की मस्ती के अलावा होली सेलिब्रेशन पर कुछ अलग करना चाहते हैं तो गरीब या जरूरतमंदों की मदद करें. ऐसा करके आपका बच्चा इसे अपनी गुड वर्क की लिस्ट में ऐड कर पाएगा. यूनिक एक्टिविटी होने के चलते बच्चे में एक्साइटमेंट भी क्रिएट होगी. ज्यादातर लोग होली पार्टी को एंजॉय करते हैं पर इस बार आपको सिर्फ बच्चों के जश्न को ध्यान में रखकर किड्स होली पार्टी ऑर्गेनाइज करनी चाहिए. इसमें लाउड म्यूजिक से लेकर टेस्टी फूड्स जरूर रखें. ध्यान रखें कि आपको मेन्यू में चाइनीज फूड आइटम्स को भी शामिल करना है क्योंकि ये अमूमन हर बच्चे का फेवरेट क्यूजीन होता है. मार्केट वाले कलर्स में केमिकल हो सकता है और इसका नुकसान बड़े-बच्चे सभी को झेलना पड़ जाता है. बच्चों को इस तरह के नुकसान से बचाए रखना चाहते हैं तो आपको पेंटिंग जैसी एक्टिविटी से उनसी होली को रंगीन बनाना चाहिए. पेंटिंग की एक्टिविटी अमूमन हर बच्चे को पसंद है. रंगों के त्योहार पर पेंटिंग करने का खयाल अपने आप में अलग है.
चंडीगढ। हरियाणा के फतेहाबाद में एक निजी बस में मंगलवार को दिन में 11 बजे के करीब विस्फोट हुआ। इसके बाद बस के अंदर आग लग गई। विस्फोट के समय बस पर कुल 50 लाेग सवार थे। ब्लास्ट में 15 लोग जख्मी बताए हैं, जिनमें से 2 की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों को भूना के सिविल अस्पताल ले जाया गया है। विस्फोट के समय बस फतेहाबाद-भूना रोड पर थी। इससे पहले पिछले महीने 26 मई को कुरुक्षेत्र से चंडीगढ़ आ रही एक बस में विस्फोट में हुआ था। इस तरह हरियाणा में एक माह के भीतर बस में विस्फोट होने का यह दूसरा मामला है। कुरुक्षेत्र-चंडीगढ़ रोड पर हुए विस्फोट की जांच एनआइए की टीम कर रही है। संभावना है कि इस मामले की भी सूचना एनआइए को दी जायेगी। आज हुए विस्फोट के बाद स्थानीय पुलिस घटना पर पहुंच गयी है और मामले की पड़ताल की जा रही है। पुलिस व फारेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। जाखल से फतेहाबाद तक चलने वाली यह प्राइवेट बस भूना बस अड्डे से 11 बजे चली थी। चलती बस में एक संदिग्ध युवक भी चढ़ा था। बस आधा किलोमीटर ही चली थी कि उसमें ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट के कारण आग लग गई। सवारियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ सवारियों के हाथ-पैर जल गए और लगभग 1 दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में एक पति-पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। जिनकी पहचान बाला देवी व भूपसिंह के रुप में हुई है। ब्लास्ट के बाद से चलती बस में चढ़ा वह संदिग्ध फरार हो गया। लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की लेकिन वह हाथ न आ सका। घटना स्थल पर फतेहाबाद के एसपी ओपी नरवाल व एएसपी गंगाराम पूनिया पुलिस बल के साथ पहुंचे गए। फारेंसिक टीम जांच कर रही है। उधर हिसार रेंज के आईजी ओपी सिंह ने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि हर नाके के अलावा बस स्टैंड्स पर बसों की सघन तलाशी का अभियान तुरंत शुरू करें। हरियाणा में एक महीने से भी कम समय में ब्लास्ट की तीसरी घटना सामने आई है। शाम करीब साढ़े 7 बजे दिल्ली से अंबाला की तरफ जा रही एमईएमयू ट्रेन 64543 प्लैटफार्म-4 पर खड़ी थी, जिसके मोटर कोच में धमाका हुआ था। ट्रेन में 10-15 पैसेंजर्स बैठे थे। इस घटना के ठीक कुछ देर बाद स्टेशन पर कालका शताब्दी एक्सप्रेस आनी थी, जिसमें हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर भी सफर कर रहे थे। बम डिफ्यूजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और बैलेस्टिक टीम ने करीब पांच घंटे तक स्टेशन पर जांच की तो कुछ सीटों के नीचे बाइक की 12 वोल्ट वाली बैटरी के साथ टाइमर लगे बम मिले। दिल्ली से आने के बाद यार्ड में लाइन नंबर-9 पर लगा दी गई ट्रेन को सुबह फिर दिल्ली जाना था, लेकिन रात 8:05 बजे इंजन वाले मोटर कोच में तेज धमाका हो गया। इससे ट्रेन के कोच में आग लग गई। कोच की छत और कई सीटें जल गईं। कई सीटें उखड़ गईं और खिड़कियों के शीशे टूट गए। वैगन केयर सेंटर के दो कर्मचारियों ने आग को बुझाया। कुरुक्षेत्र में हरियाणा रोडवेज की सोनीपत डिपो की बस में कंडक्टर साइड में सीट नंबर 25 के पास जोरदार धमाका हो गया। यह धमका पीले रंग के बैग में रखे बैटरी बम से हुआ। चालक ने जैसे-तैसे बस को देवीलाल पार्क के पास रोका। बस में 20 सवारियां सवार थीं, जिनमें से 8 घायल हो गए थे। इन तीनों ही मामलों की जांच के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और लोकल पुलिस की एसआईटी सक्रिय है, जिनमें अभी तक कुछ भी हाथ नहीं लगा है।
चंडीगढ। हरियाणा के फतेहाबाद में एक निजी बस में मंगलवार को दिन में ग्यारह बजे के करीब विस्फोट हुआ। इसके बाद बस के अंदर आग लग गई। विस्फोट के समय बस पर कुल पचास लाेग सवार थे। ब्लास्ट में पंद्रह लोग जख्मी बताए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों को भूना के सिविल अस्पताल ले जाया गया है। विस्फोट के समय बस फतेहाबाद-भूना रोड पर थी। इससे पहले पिछले महीने छब्बीस मई को कुरुक्षेत्र से चंडीगढ़ आ रही एक बस में विस्फोट में हुआ था। इस तरह हरियाणा में एक माह के भीतर बस में विस्फोट होने का यह दूसरा मामला है। कुरुक्षेत्र-चंडीगढ़ रोड पर हुए विस्फोट की जांच एनआइए की टीम कर रही है। संभावना है कि इस मामले की भी सूचना एनआइए को दी जायेगी। आज हुए विस्फोट के बाद स्थानीय पुलिस घटना पर पहुंच गयी है और मामले की पड़ताल की जा रही है। पुलिस व फारेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। जाखल से फतेहाबाद तक चलने वाली यह प्राइवेट बस भूना बस अड्डे से ग्यारह बजे चली थी। चलती बस में एक संदिग्ध युवक भी चढ़ा था। बस आधा किलोमीटर ही चली थी कि उसमें ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट के कारण आग लग गई। सवारियों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ सवारियों के हाथ-पैर जल गए और लगभग एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। घायलों में एक पति-पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। जिनकी पहचान बाला देवी व भूपसिंह के रुप में हुई है। ब्लास्ट के बाद से चलती बस में चढ़ा वह संदिग्ध फरार हो गया। लोगों ने उसे पकड़ने की कोशिश भी की लेकिन वह हाथ न आ सका। घटना स्थल पर फतेहाबाद के एसपी ओपी नरवाल व एएसपी गंगाराम पूनिया पुलिस बल के साथ पहुंचे गए। फारेंसिक टीम जांच कर रही है। उधर हिसार रेंज के आईजी ओपी सिंह ने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि हर नाके के अलावा बस स्टैंड्स पर बसों की सघन तलाशी का अभियान तुरंत शुरू करें। हरियाणा में एक महीने से भी कम समय में ब्लास्ट की तीसरी घटना सामने आई है। शाम करीब साढ़े सात बजे दिल्ली से अंबाला की तरफ जा रही एमईएमयू ट्रेन चौंसठ हज़ार पाँच सौ तैंतालीस प्लैटफार्म-चार पर खड़ी थी, जिसके मोटर कोच में धमाका हुआ था। ट्रेन में दस-पंद्रह पैसेंजर्स बैठे थे। इस घटना के ठीक कुछ देर बाद स्टेशन पर कालका शताब्दी एक्सप्रेस आनी थी, जिसमें हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर भी सफर कर रहे थे। बम डिफ्यूजल स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और बैलेस्टिक टीम ने करीब पांच घंटे तक स्टेशन पर जांच की तो कुछ सीटों के नीचे बाइक की बारह वोल्ट वाली बैटरी के साथ टाइमर लगे बम मिले। दिल्ली से आने के बाद यार्ड में लाइन नंबर-नौ पर लगा दी गई ट्रेन को सुबह फिर दिल्ली जाना था, लेकिन रात आठ:पाँच बजे इंजन वाले मोटर कोच में तेज धमाका हो गया। इससे ट्रेन के कोच में आग लग गई। कोच की छत और कई सीटें जल गईं। कई सीटें उखड़ गईं और खिड़कियों के शीशे टूट गए। वैगन केयर सेंटर के दो कर्मचारियों ने आग को बुझाया। कुरुक्षेत्र में हरियाणा रोडवेज की सोनीपत डिपो की बस में कंडक्टर साइड में सीट नंबर पच्चीस के पास जोरदार धमाका हो गया। यह धमका पीले रंग के बैग में रखे बैटरी बम से हुआ। चालक ने जैसे-तैसे बस को देवीलाल पार्क के पास रोका। बस में बीस सवारियां सवार थीं, जिनमें से आठ घायल हो गए थे। इन तीनों ही मामलों की जांच के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और लोकल पुलिस की एसआईटी सक्रिय है, जिनमें अभी तक कुछ भी हाथ नहीं लगा है।
IPL 2023: रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ शिवम दुबे ने तूफानी अर्धशतक ठोका. उन्होंने इस दौरान लंबे-लंबे छक्के लगाए. लगातार तीसरे सीजन आरसीबी दुबे की पहेली को नहीं सुलझा पाई. नई दिल्ली. शिवम दुबे ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी. उन्होंने 27 गेंदों में चौके- छक्कों की बारिश की. दुबे के बल्ले से गेंद स्टेडियम के हर कोने में नहीं, बल्कि स्टेडियम की छत तक पहुंची. चेन्नई सुपर किंग्स के इस बल्लेबाज ने आईपीएल 2023 के 24वें मुकाबले में तूफानी अर्धशतक ठोक दिया. उन्होंने 17वें ओवर की पहली गेंद पर लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्का जड़कर 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. हालांकि इस ओवर की तीसरी गेंद पर वेन पार्नेल ने दुबे का शिकार कर लिया. पार्नेल ने बाउंड्री के पास दुबे को सिराज के हाथों कैच आउट करवाया. दुबे 27 गेंदों पर 52 रन जड़कर पवेलियन लौटे. इस दौरान उन्होंने 2 चौके और 5 छक्के लगाए. लगातार तीसरे सीजन दुबे आरसीबी के लिए एक पहेली ही बनकर रह गए. 2021 में उन्होंने इस टीम के खिलाफ 32 गेंदों पर 46 रन ठोके थे. 2022 में दुबे ने आरसीबी के खिलाफ 46 गेंदों में नाबाद 95 रन जड़े. इस टीम ने खिलाफ धमाकेदार प्रदर्शन उनका इस सीजन भी जारी रहा. दुबे ने अपनी तूफानी पारी के लंबे-लंबे छक्के लगाए. खिलाड़ी भी गेंद को देखते रह गए. उन्होंने इस दौरान 101, 102, 103, 111 मीटर लंबे छक्के लगाए. उन्होंने इस दौरान 101, 102, 103, 111 मीटर लंबे छक्के लगाए. दुबे का इस सीजन का ये पहला अर्धशतक है. इससे पहले 4 मैचों में उनका बल्ला नहीं चल पाया था. पिछले मैच में तो वो महज 8 रन ही बना पाए थे. उससे पहले 19, 27 और 28 रन ही बना पाए थे.
IPL दो हज़ार तेईस: रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ शिवम दुबे ने तूफानी अर्धशतक ठोका. उन्होंने इस दौरान लंबे-लंबे छक्के लगाए. लगातार तीसरे सीजन आरसीबी दुबे की पहेली को नहीं सुलझा पाई. नई दिल्ली. शिवम दुबे ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी. उन्होंने सत्ताईस गेंदों में चौके- छक्कों की बारिश की. दुबे के बल्ले से गेंद स्टेडियम के हर कोने में नहीं, बल्कि स्टेडियम की छत तक पहुंची. चेन्नई सुपर किंग्स के इस बल्लेबाज ने आईपीएल दो हज़ार तेईस के चौबीसवें मुकाबले में तूफानी अर्धशतक ठोक दिया. उन्होंने सत्रहवें ओवर की पहली गेंद पर लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्का जड़कर पच्चीस गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया. हालांकि इस ओवर की तीसरी गेंद पर वेन पार्नेल ने दुबे का शिकार कर लिया. पार्नेल ने बाउंड्री के पास दुबे को सिराज के हाथों कैच आउट करवाया. दुबे सत्ताईस गेंदों पर बावन रन जड़कर पवेलियन लौटे. इस दौरान उन्होंने दो चौके और पाँच छक्के लगाए. लगातार तीसरे सीजन दुबे आरसीबी के लिए एक पहेली ही बनकर रह गए. दो हज़ार इक्कीस में उन्होंने इस टीम के खिलाफ बत्तीस गेंदों पर छियालीस रन ठोके थे. दो हज़ार बाईस में दुबे ने आरसीबी के खिलाफ छियालीस गेंदों में नाबाद पचानवे रन जड़े. इस टीम ने खिलाफ धमाकेदार प्रदर्शन उनका इस सीजन भी जारी रहा. दुबे ने अपनी तूफानी पारी के लंबे-लंबे छक्के लगाए. खिलाड़ी भी गेंद को देखते रह गए. उन्होंने इस दौरान एक सौ एक, एक सौ दो, एक सौ तीन, एक सौ ग्यारह मीटर लंबे छक्के लगाए. उन्होंने इस दौरान एक सौ एक, एक सौ दो, एक सौ तीन, एक सौ ग्यारह मीटर लंबे छक्के लगाए. दुबे का इस सीजन का ये पहला अर्धशतक है. इससे पहले चार मैचों में उनका बल्ला नहीं चल पाया था. पिछले मैच में तो वो महज आठ रन ही बना पाए थे. उससे पहले उन्नीस, सत्ताईस और अट्ठाईस रन ही बना पाए थे.
मुंबई : लोककला, हस्तकला, लोकनृत्य यह भारतीय संस्कृति का अमूल्य खजाना है। लोककलाओं का जतन करना, प्रचार एवं प्रसार करना तथा भावी पीढ़ी तक इसे पहुंचाना यह सांस्कृतिक केंद्र का आद्य कर्तव्य है। इसलिए आनेवाले समय में दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र ने आयोजित करनेवाले कार्यक्रमों की समयतालिका तैयार करके प्राथमिक क्रम में प्रस्तुत की जाए ,यह आदेश इस केंद्र के अध्यक्ष राज्यपाल सी. विद्यासागर राव इन्होंने दिए हैं। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की सालाना बैठक आज राजभवन में राज्यपाल सी.विद्यासागर राव के अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। इस बैठक को सांस्कृतिक कार्य मंत्री विनोद तावडे, सांस्कृतिक विभाग के उपसचिव के साथ-साथ केंद्र सरकार के सांस्कृतिक विभाग के सचिव और केंद्र के पदाधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि, केंद्र की ओर से हर साल एक बैठक लेना जरूरी है, तथा केंद्र की ओर से विभिन्न महोत्सवों में खर्च हुए पैसों का विवरण समय-समय पर सदस्यों को प्रस्तुत करना आवश्यक है। आनेवाले आर्थिक वर्ष का नियोजन करते हुए लोककलाओं की वैश्विक स्तर पर प्रशंसा होने के लिए क्या करना उचित है, इसे सोचकर अलग कार्यक्रमों को आयोजित करना जरूरी है। सात राज्यों के लोककलाओं का रंग मिलाकर दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण किया गया है। इन सभी राज्य में लोक, आदिवासी, ललित कला और शिल्पकलाओं की समृद्ध परंपरा है। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन सालभर में प्रायोजित किया जाता है। इस परंपरा को समृद्ध करने के लिए, प्रोत्साहन देने के लिए और मजबूत करने के लिए केंद्र ने विभिन्न कार्यप्रणालीयों के द्वारा प्रयास करने की कोशिश करनी चाहिए। आनेवाले दिनों में अधिक कार्यरत बनने की जरूरत है इसे राज्यपाल सी.विद्यासागर राव इन्होंने व्यक्त किया है।
मुंबई : लोककला, हस्तकला, लोकनृत्य यह भारतीय संस्कृति का अमूल्य खजाना है। लोककलाओं का जतन करना, प्रचार एवं प्रसार करना तथा भावी पीढ़ी तक इसे पहुंचाना यह सांस्कृतिक केंद्र का आद्य कर्तव्य है। इसलिए आनेवाले समय में दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र ने आयोजित करनेवाले कार्यक्रमों की समयतालिका तैयार करके प्राथमिक क्रम में प्रस्तुत की जाए ,यह आदेश इस केंद्र के अध्यक्ष राज्यपाल सी. विद्यासागर राव इन्होंने दिए हैं। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की सालाना बैठक आज राजभवन में राज्यपाल सी.विद्यासागर राव के अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। इस बैठक को सांस्कृतिक कार्य मंत्री विनोद तावडे, सांस्कृतिक विभाग के उपसचिव के साथ-साथ केंद्र सरकार के सांस्कृतिक विभाग के सचिव और केंद्र के पदाधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि, केंद्र की ओर से हर साल एक बैठक लेना जरूरी है, तथा केंद्र की ओर से विभिन्न महोत्सवों में खर्च हुए पैसों का विवरण समय-समय पर सदस्यों को प्रस्तुत करना आवश्यक है। आनेवाले आर्थिक वर्ष का नियोजन करते हुए लोककलाओं की वैश्विक स्तर पर प्रशंसा होने के लिए क्या करना उचित है, इसे सोचकर अलग कार्यक्रमों को आयोजित करना जरूरी है। सात राज्यों के लोककलाओं का रंग मिलाकर दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण किया गया है। इन सभी राज्य में लोक, आदिवासी, ललित कला और शिल्पकलाओं की समृद्ध परंपरा है। दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन सालभर में प्रायोजित किया जाता है। इस परंपरा को समृद्ध करने के लिए, प्रोत्साहन देने के लिए और मजबूत करने के लिए केंद्र ने विभिन्न कार्यप्रणालीयों के द्वारा प्रयास करने की कोशिश करनी चाहिए। आनेवाले दिनों में अधिक कार्यरत बनने की जरूरत है इसे राज्यपाल सी.विद्यासागर राव इन्होंने व्यक्त किया है।
अहिंसा तत्त्व दर्शन द्रय हिंसा केवल द्रव्य हिंसा क्या है ? व्यक्ति अन्दर में स्वच्छ है, निर्मल है, निर्वैर है । किसी को कुछ भी कष्ट नहीं देना चाहता, अपितु सबका सरक्षण हो चाहता है, फिर भी जीवन के विविध प्रवृत्ति चक्रों में यदि किसी प्राणी का हनन हो जाए, तो वह द्रव्य हिंसा है । द्रव्य का अर्थ स्थूल है । अर्थात् इस प्रकार की हिंसा केवल कहने मात्र को हिंसा है, वास्तविक हिंसा नहीं । किसी के द्वारा किसी जीव का मर जाना मात्र ही अपने आप मे हिंसा नहीं है, अपितु क्रोध भाव से, मोह भाव से, माया भाव से या लोभ-भाव से किसी जीव के प्राणो को नष्ट करने की दुर्वृत्ति हो हिंसा है । जैन विचारकों ने कहा है कि "प्रमत्त योगात् प्राणव्यपरोपण हिंसा" ( तत्वार्थं सूत्र ७ - १३) याने प्रमादवश किसी के प्राणों का अपहरण ही हिंसा है । उक्त कथन का अर्थ इतना ही है कि हिंसा का मूल आधार कपाय भाव है। बाहर में किसी की हिंसा हो या न भी हो, किन्तु अन्दर मे कषाय-भाव है, राग द्वेष है, तो वह हिंसा है । इसके विपरीत जो साधक कषाय-भाव मे न हो, प्रसाद अवस्था मे न हो, फिर भी यदि उससे किसी के प्राणों की हिंसा हो जाय तो वह द्रव्य हिंसा है, भाव हिंमा नही । ऐसी हिंसा बाहर मे प्राण नाशक होते हुए भी हिंसा नही मानी जाती । वीतराग आत्माओ की यही स्थिति है। क्योकि वे राग-द्वेष से मुक्त हैं, इसलिए समस्त प्रकार की हिसाओ से भी मुक्त हैं। उनके शारीरिक हलन चलन से जो हिंसा होती है, वह पापमूलक भाव-हिंसा नही कही जाती । वीतराग पथ का यात्री अप्रमत्त साधक भी जितने अश में राग-द्वेप से अप्रभावित रहता है, उतने अश से वह वा हिंसा होने पर भी पाप का भागी नही होता
अहिंसा तत्त्व दर्शन द्रय हिंसा केवल द्रव्य हिंसा क्या है ? व्यक्ति अन्दर में स्वच्छ है, निर्मल है, निर्वैर है । किसी को कुछ भी कष्ट नहीं देना चाहता, अपितु सबका सरक्षण हो चाहता है, फिर भी जीवन के विविध प्रवृत्ति चक्रों में यदि किसी प्राणी का हनन हो जाए, तो वह द्रव्य हिंसा है । द्रव्य का अर्थ स्थूल है । अर्थात् इस प्रकार की हिंसा केवल कहने मात्र को हिंसा है, वास्तविक हिंसा नहीं । किसी के द्वारा किसी जीव का मर जाना मात्र ही अपने आप मे हिंसा नहीं है, अपितु क्रोध भाव से, मोह भाव से, माया भाव से या लोभ-भाव से किसी जीव के प्राणो को नष्ट करने की दुर्वृत्ति हो हिंसा है । जैन विचारकों ने कहा है कि "प्रमत्त योगात् प्राणव्यपरोपण हिंसा" याने प्रमादवश किसी के प्राणों का अपहरण ही हिंसा है । उक्त कथन का अर्थ इतना ही है कि हिंसा का मूल आधार कपाय भाव है। बाहर में किसी की हिंसा हो या न भी हो, किन्तु अन्दर मे कषाय-भाव है, राग द्वेष है, तो वह हिंसा है । इसके विपरीत जो साधक कषाय-भाव मे न हो, प्रसाद अवस्था मे न हो, फिर भी यदि उससे किसी के प्राणों की हिंसा हो जाय तो वह द्रव्य हिंसा है, भाव हिंमा नही । ऐसी हिंसा बाहर मे प्राण नाशक होते हुए भी हिंसा नही मानी जाती । वीतराग आत्माओ की यही स्थिति है। क्योकि वे राग-द्वेष से मुक्त हैं, इसलिए समस्त प्रकार की हिसाओ से भी मुक्त हैं। उनके शारीरिक हलन चलन से जो हिंसा होती है, वह पापमूलक भाव-हिंसा नही कही जाती । वीतराग पथ का यात्री अप्रमत्त साधक भी जितने अश में राग-द्वेप से अप्रभावित रहता है, उतने अश से वह वा हिंसा होने पर भी पाप का भागी नही होता
सरकाघाट - मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा सोमवार को अपने प्रचार अभियान के तहत सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। यहां पर उन्होंने मौहीं, नबाही, देव ब्राड़ता, रोपड़ी, रिस्सा, थौना, भद्रवाड़, गोंटा, चंदैश व मसेरन में विभिन्न स्थानों पर लोगों से मिल कर उनसे वोट मांगे और नुक्कड़ सभाएं भी संबोधित की। इस मौके पर कांग्रेस के संगठनात्मक जिला सुंदरनगर के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रत्याशी पवन ठाकुर और पूर्व मंत्री रंगीला राम राव विशेष रूप से उनके साथ रहे। इस मौके पर मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा पर जोरदार प्रहार करते हुए आश्रय शर्मा ने कहा कि पांच साल में उनकी एक भी उपलब्धि नहीं है। अब जब चुनाव बेला आ गई है और लोग उनसे उनके कामों का हिसाब मांग रहे हैं, तो राम स्वरूप शर्मा कभी सीएम के नाम पर तो कभी पीएम के नाम पर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता जब मुख्यमंत्री से सांसद की कारगुजारियों का रिपोर्ट कार्ड मांगा जाता है तो वह भी कहने लगते हैं कि चुनाव तो मोदी के नाम पर हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सांसद की नाकामियों पर पर्दा डाल रहे हंैं। उन्होंने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र की जनता बुद्धिमान है। वह अब भाजपा के झांसे में आने वाली नहीं है। हिमाचल की चारों सीटों पर कांग्रेस प्रचंड बहुमत से जीत हासिल कर सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह पूर्व संचार मंत्री सुखराम ने देश में संचार मंत्री के तौर पर संचार क्रांति लाई, उसकी बदौलत ही आज हर जेब में फोन की घंटियां बज रही हंै। जब वह देश के रक्षा मंत्री बने तो उन्होंने हिमाचल में छह सेना भर्ती कार्यालय खोले, जिसके कारण आज हजारों युवाओं को देश की सेवा करने का मौका मिल रहा है। इस मौके पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लश्करी राम, जिला सचिव सुनील शर्मा व संजय मैहता व मीडिया प्रभारी ब्रह्मदास चौहान भी उपस्थित रहे।
सरकाघाट - मंडी संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा सोमवार को अपने प्रचार अभियान के तहत सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र पहुंचे। यहां पर उन्होंने मौहीं, नबाही, देव ब्राड़ता, रोपड़ी, रिस्सा, थौना, भद्रवाड़, गोंटा, चंदैश व मसेरन में विभिन्न स्थानों पर लोगों से मिल कर उनसे वोट मांगे और नुक्कड़ सभाएं भी संबोधित की। इस मौके पर कांग्रेस के संगठनात्मक जिला सुंदरनगर के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रत्याशी पवन ठाकुर और पूर्व मंत्री रंगीला राम राव विशेष रूप से उनके साथ रहे। इस मौके पर मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा पर जोरदार प्रहार करते हुए आश्रय शर्मा ने कहा कि पांच साल में उनकी एक भी उपलब्धि नहीं है। अब जब चुनाव बेला आ गई है और लोग उनसे उनके कामों का हिसाब मांग रहे हैं, तो राम स्वरूप शर्मा कभी सीएम के नाम पर तो कभी पीएम के नाम पर वोट मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता जब मुख्यमंत्री से सांसद की कारगुजारियों का रिपोर्ट कार्ड मांगा जाता है तो वह भी कहने लगते हैं कि चुनाव तो मोदी के नाम पर हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सांसद की नाकामियों पर पर्दा डाल रहे हंैं। उन्होंने कहा कि मंडी संसदीय क्षेत्र की जनता बुद्धिमान है। वह अब भाजपा के झांसे में आने वाली नहीं है। हिमाचल की चारों सीटों पर कांग्रेस प्रचंड बहुमत से जीत हासिल कर सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह पूर्व संचार मंत्री सुखराम ने देश में संचार मंत्री के तौर पर संचार क्रांति लाई, उसकी बदौलत ही आज हर जेब में फोन की घंटियां बज रही हंै। जब वह देश के रक्षा मंत्री बने तो उन्होंने हिमाचल में छह सेना भर्ती कार्यालय खोले, जिसके कारण आज हजारों युवाओं को देश की सेवा करने का मौका मिल रहा है। इस मौके पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लश्करी राम, जिला सचिव सुनील शर्मा व संजय मैहता व मीडिया प्रभारी ब्रह्मदास चौहान भी उपस्थित रहे।
लगभग 18 सबसे बड़ी रूसी रक्षा कंपनियाँ 800 से अधिक हथियार पेश करेंगी और डेफॉक्सो इंडिया -2016 की सैन्य प्रदर्शनी में संभावित खरीदारों के साथ अनुबंध-पूर्व वार्ता करेंगी, रिपोर्ट रिया नोवोस्ती Rosoboronexport की प्रेस सेवा का एक संदेश। दक्षिण एशिया में सबसे बड़ी हथियार प्रदर्शनी, डेक्सपो भारत में 2000 से आयोजित की गई है, जिसकी आवृत्ति हर 2 साल में एक बार होती है। इस वर्ष प्रदर्शनी क्विटोल (दक्षिण गोवा) में आयोजित की जाएगी। "सैन्य-तकनीकी सहयोग के लिए संघीय सेवा के उप प्रमुख, विक्टर Drozhzhov, घटना में एकल रूसी प्रदर्शनी का नेतृत्व करेंगे, और कंपनी के डिप्टी जनरल डायरेक्टर, सेर्गेई गोरेस्लाव्स्की, रोस्टेक और रोसोबोरोनेक्सपोर्ट के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे," विज्ञप्ति ने कहा। यह बताया गया है कि "डिफेक्सपो इंडिया -2016 में भूमि और नौसेना हथियारों की अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी, जो पहली बार दक्षिण गोवा (पहली बार दिल्ली में आयोजित) में 28 मार्च से 31 मार्च तक आयोजित की जाएगी, रूसी रक्षा उद्योग के 18 मूल चिंताएं और उनसे जुड़े 61 उद्यम अपने उत्पादों को प्रस्तुत करेंगे" । प्रेस सेवा के अनुसार, "प्रदर्शकों में यूनाइटेड शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन, बख्तरबंद वाहनों का सबसे बड़ा रूसी निर्माता यूराल्वैगनज़ावॉड, एयरोस्पेस रक्षा चिंता अल्माज़-एंटे, आज हेलीकॉप्टरों का एकमात्र रूसी निर्माता - रूसी हेलीकॉप्टर होल्डिंग, और हैं। अन्य। "
लगभग अट्ठारह सबसे बड़ी रूसी रक्षा कंपनियाँ आठ सौ से अधिक हथियार पेश करेंगी और डेफॉक्सो इंडिया -दो हज़ार सोलह की सैन्य प्रदर्शनी में संभावित खरीदारों के साथ अनुबंध-पूर्व वार्ता करेंगी, रिपोर्ट रिया नोवोस्ती Rosoboronexport की प्रेस सेवा का एक संदेश। दक्षिण एशिया में सबसे बड़ी हथियार प्रदर्शनी, डेक्सपो भारत में दो हज़ार से आयोजित की गई है, जिसकी आवृत्ति हर दो साल में एक बार होती है। इस वर्ष प्रदर्शनी क्विटोल में आयोजित की जाएगी। "सैन्य-तकनीकी सहयोग के लिए संघीय सेवा के उप प्रमुख, विक्टर Drozhzhov, घटना में एकल रूसी प्रदर्शनी का नेतृत्व करेंगे, और कंपनी के डिप्टी जनरल डायरेक्टर, सेर्गेई गोरेस्लाव्स्की, रोस्टेक और रोसोबोरोनेक्सपोर्ट के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे," विज्ञप्ति ने कहा। यह बताया गया है कि "डिफेक्सपो इंडिया -दो हज़ार सोलह में भूमि और नौसेना हथियारों की अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी, जो पहली बार दक्षिण गोवा में अट्ठाईस मार्च से इकतीस मार्च तक आयोजित की जाएगी, रूसी रक्षा उद्योग के अट्ठारह मूल चिंताएं और उनसे जुड़े इकसठ उद्यम अपने उत्पादों को प्रस्तुत करेंगे" । प्रेस सेवा के अनुसार, "प्रदर्शकों में यूनाइटेड शिपबिल्डिंग कॉरपोरेशन, बख्तरबंद वाहनों का सबसे बड़ा रूसी निर्माता यूराल्वैगनज़ावॉड, एयरोस्पेस रक्षा चिंता अल्माज़-एंटे, आज हेलीकॉप्टरों का एकमात्र रूसी निर्माता - रूसी हेलीकॉप्टर होल्डिंग, और हैं। अन्य। "
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के स्पेशल कमिश्नर एस.एस. यादव ने बताया कि इस वर्चुअल हेल्प डेस्क की मदद से लोगों को दिल्ली के किसी भी एक इलाके से दूसरे इलाके में जाने के लिए वैकल्पिक रूट्स की जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए पूरी दिल्ली की मैपिंग करके वैकल्पिक रूट्स का खाका तैयार किया गया है। समिट के दौरान नई दिल्ली के इलाके में केवल वेरिफाइड लोगों और गाड़ियों को ही आने-जाने की इजाजत होगी। हालांकि, प्रतिबंधित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को नहीं रोका जाएगा और उनके आई कार्ड देखकर उन्हें आने-जाने दिया जाएगा। इसके अलावा जरूरी सामान की दुकान चलाने वालों को भी वेरिफाई करके एंट्री दी जाएगी। इसके अलावा जी-20 के ट्रैफिक इंतजामों के संबंध में ट्रैफिक पुलिस जितनी भी ट्रैफिक अडवाइजरी और ट्रैफिक अपडेट्स जारी करेगी, उन्हें भी वर्चुअल हेल्प डेस्क पर जाकर लोग देख सकेंगे और रियल टाइम अपडेट्स हासिल कर सकेंगे। इस पर तमाम हेल्पलाइन नंबर्स भी उपलब्ध होंगे। विदेशी डेलिगेट्स की सहायता के लिए भी वर्चुअल हेल्प डेस्क में अलग लिंक्स मिलेगी। उन पर क्लिक करके यह पता लगाया जा सकेगा कि अगर किसी को मेट्रो, बस या टैक्सी के जरिए एयरपोर्ट से प्रगति मैदान, एयरपोर्ट से होटल और प्रगति मैदान से होटल आना-जाना है, तो मेट्रो की किस लाइन से या सड़क के किस रूट से कैसे अपने गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 20 से अधिक भाषाओं में लोग इस हेल्प डेस्क पर जानकारियां हासिल कर सकेंगे। स्पेशल कमिश्नर ने बताया कि आपातकालीन वाहनों के लिए एक स्पेशल कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है, जिस पर संपर्क करके एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के चालक कहीं भी आने-जाने के लिए मदद ले सकेंगे। साथ ही एक बुकलेट भी तैयार की जा रही है, जिसकी मदद से आपातकालीन स्थिति में अस्पतालों और प्रमुख चौराहों पर तैनात ट्रैफिक स्टाफ से संपर्क किया जा सकेगा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के स्पेशल कमिश्नर एस.एस. यादव ने बताया कि इस वर्चुअल हेल्प डेस्क की मदद से लोगों को दिल्ली के किसी भी एक इलाके से दूसरे इलाके में जाने के लिए वैकल्पिक रूट्स की जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए पूरी दिल्ली की मैपिंग करके वैकल्पिक रूट्स का खाका तैयार किया गया है। समिट के दौरान नई दिल्ली के इलाके में केवल वेरिफाइड लोगों और गाड़ियों को ही आने-जाने की इजाजत होगी। हालांकि, प्रतिबंधित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को नहीं रोका जाएगा और उनके आई कार्ड देखकर उन्हें आने-जाने दिया जाएगा। इसके अलावा जरूरी सामान की दुकान चलाने वालों को भी वेरिफाई करके एंट्री दी जाएगी। इसके अलावा जी-बीस के ट्रैफिक इंतजामों के संबंध में ट्रैफिक पुलिस जितनी भी ट्रैफिक अडवाइजरी और ट्रैफिक अपडेट्स जारी करेगी, उन्हें भी वर्चुअल हेल्प डेस्क पर जाकर लोग देख सकेंगे और रियल टाइम अपडेट्स हासिल कर सकेंगे। इस पर तमाम हेल्पलाइन नंबर्स भी उपलब्ध होंगे। विदेशी डेलिगेट्स की सहायता के लिए भी वर्चुअल हेल्प डेस्क में अलग लिंक्स मिलेगी। उन पर क्लिक करके यह पता लगाया जा सकेगा कि अगर किसी को मेट्रो, बस या टैक्सी के जरिए एयरपोर्ट से प्रगति मैदान, एयरपोर्ट से होटल और प्रगति मैदान से होटल आना-जाना है, तो मेट्रो की किस लाइन से या सड़क के किस रूट से कैसे अपने गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है। सबसे खास बात यह है कि हिंदी और अंग्रेजी के अलावा बीस से अधिक भाषाओं में लोग इस हेल्प डेस्क पर जानकारियां हासिल कर सकेंगे। स्पेशल कमिश्नर ने बताया कि आपातकालीन वाहनों के लिए एक स्पेशल कंट्रोल रूम भी बनाया जा रहा है, जिस पर संपर्क करके एंबुलेंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के चालक कहीं भी आने-जाने के लिए मदद ले सकेंगे। साथ ही एक बुकलेट भी तैयार की जा रही है, जिसकी मदद से आपातकालीन स्थिति में अस्पतालों और प्रमुख चौराहों पर तैनात ट्रैफिक स्टाफ से संपर्क किया जा सकेगा।
जिन बातों पर पिछली सरकारें नरमी बरतती रही हैं, मोदी सरकार उन बातों पर सहानुभूति दिखाने के मूड में नहीं है। नई दिल्ली. भारत सरकार ने सोमवार को एकाएक फैसला लेते हुए पाकिस्तान के साथ होने वाली विदेश सचिव स्तर की बातचीत रद्द कर दी। मोदी के पीएम पद के शपथ ग्रहण समारोह में पाक पीएम नवाज शरीफ के शामिल होने के बाद माना जा रहा था कि अब दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आएगा लेकन अब इस फैसले ने सभी को चौंका दिया है। सरकार की तरफ से इसके पीछे पाक उच्चायुक्त के कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से मिलने को वजह बताया गया। लेकिन, ये मुलाकातें नई बात नहीं हैं। जब भी भारत-पाक वार्ता होती है, उससे पहले इस तरह की मुलाकातें होती हैं। ऐसे में मोदी सरकार ने अब यह फैसला क्यों लिया? सरकार के फैसले से हैरान मीरवाइज उमर फारूक का कहना है कि, इस तरह की बैठकें अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के वक्त में भी हुई हैं तो इस बार इतनी हायतौबा क्यों मचाई जा रही है? पहली वजह तो यह है कि यह 'सख्त' मोदी की सरकार है। जिन बातों पर पिछली सरकारें नरमी बरतती रही हैं, मोदी सरकार उन बातों पर सहानुभूति दिखाने के मूड में नहीं है। इस तरह की बैठकों पर पिछली सरकारें चुप्पी साध जाती थीं। तब उनकी भी आलोचना होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने संकेत दिया है कि वह पिछली सरकार की तरह इन बैठकों की अनदेखी नहीं करेंगे। वहीं पाक की तरफ से रोजाना हो रहा सीजफायर का उलंघन भी इसका कारण माना जा रहा है।
जिन बातों पर पिछली सरकारें नरमी बरतती रही हैं, मोदी सरकार उन बातों पर सहानुभूति दिखाने के मूड में नहीं है। नई दिल्ली. भारत सरकार ने सोमवार को एकाएक फैसला लेते हुए पाकिस्तान के साथ होने वाली विदेश सचिव स्तर की बातचीत रद्द कर दी। मोदी के पीएम पद के शपथ ग्रहण समारोह में पाक पीएम नवाज शरीफ के शामिल होने के बाद माना जा रहा था कि अब दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आएगा लेकन अब इस फैसले ने सभी को चौंका दिया है। सरकार की तरफ से इसके पीछे पाक उच्चायुक्त के कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से मिलने को वजह बताया गया। लेकिन, ये मुलाकातें नई बात नहीं हैं। जब भी भारत-पाक वार्ता होती है, उससे पहले इस तरह की मुलाकातें होती हैं। ऐसे में मोदी सरकार ने अब यह फैसला क्यों लिया? सरकार के फैसले से हैरान मीरवाइज उमर फारूक का कहना है कि, इस तरह की बैठकें अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के वक्त में भी हुई हैं तो इस बार इतनी हायतौबा क्यों मचाई जा रही है? पहली वजह तो यह है कि यह 'सख्त' मोदी की सरकार है। जिन बातों पर पिछली सरकारें नरमी बरतती रही हैं, मोदी सरकार उन बातों पर सहानुभूति दिखाने के मूड में नहीं है। इस तरह की बैठकों पर पिछली सरकारें चुप्पी साध जाती थीं। तब उनकी भी आलोचना होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने संकेत दिया है कि वह पिछली सरकार की तरह इन बैठकों की अनदेखी नहीं करेंगे। वहीं पाक की तरफ से रोजाना हो रहा सीजफायर का उलंघन भी इसका कारण माना जा रहा है।
पंजाब के अमृतसर स्थित चौड़ा बाजार के जोड़ा रेल फाटक के पास हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे का एक नया वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक तेज रफ्तार ट्रेन कैसे ट्रैक पर मौजूद लोगों को रौंदते हुए निकल गई. हादसे का यह वीडियो ऊंचाई वाली जगह से बनाया गया है. इसमें देखा जा सकता है कि जब यह हादसा हुआ उस समय रावण के पुतले का दहन हो रहा था जिसके चलते लोगों को ट्रेन के आने का पता ही नहीं चल पाया. बता दें कि हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रेन की पटरी के पास रावण का पुतला जलाया जा रहा था, जिसे देखने के लिए ट्रैक के पास लोगों की भीड़ मौजूद थी. इस हादसे में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई है. अमृतसर के सिविल अस्पताल के सीएमओ ने हादसे में 60 लोगों के मरने और 51 के घायल होने की पुष्टि की है. हादसा जोड़ा रेल फाटक के पास उस वक्त हुआ जब पठानकोट से अमृतसर जा रही डेमू ट्रेन गुजर रही थी. मरने वालों में ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं. मौके पर कम से कम 300 लोग मौजूद थे जो पटरियों के निकट एक मैदान में रावण का दहन देख रहे थे. .
पंजाब के अमृतसर स्थित चौड़ा बाजार के जोड़ा रेल फाटक के पास हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे का एक नया वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक तेज रफ्तार ट्रेन कैसे ट्रैक पर मौजूद लोगों को रौंदते हुए निकल गई. हादसे का यह वीडियो ऊंचाई वाली जगह से बनाया गया है. इसमें देखा जा सकता है कि जब यह हादसा हुआ उस समय रावण के पुतले का दहन हो रहा था जिसके चलते लोगों को ट्रेन के आने का पता ही नहीं चल पाया. बता दें कि हादसा उस वक्त हुआ जब ट्रेन की पटरी के पास रावण का पुतला जलाया जा रहा था, जिसे देखने के लिए ट्रैक के पास लोगों की भीड़ मौजूद थी. इस हादसे में कम से कम साठ लोगों की मौत हो गई है. अमृतसर के सिविल अस्पताल के सीएमओ ने हादसे में साठ लोगों के मरने और इक्यावन के घायल होने की पुष्टि की है. हादसा जोड़ा रेल फाटक के पास उस वक्त हुआ जब पठानकोट से अमृतसर जा रही डेमू ट्रेन गुजर रही थी. मरने वालों में ज्यादातर लोग उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं. मौके पर कम से कम तीन सौ लोग मौजूद थे जो पटरियों के निकट एक मैदान में रावण का दहन देख रहे थे. .
15 सवाल और एक करोड़। जी हां यह करिश्मा कर दिखाया है जहानाबाद के लाल सनोज राज ने। हर एक सवाल पर उनके जवाब को देखने-सुनने के लिए जिलेवासी उतावले थे। गुरुवार को जब सनोज केबीसी की हॉट सीट पर बैठे थे, उस समय से ही लोग उनके करोड़पति बनने की कामना कर रहे थे। शुक्रवार को कार्यक्रम में सनोज ने 15वें सवाल का भी सही जवाब देकर यह मुकाम हासिल किया। पांच हजार रुपये से सफर की शुरुआत करने वाले सनोज ने एक करोड़ की जीत हासिल की। हालांकि 16 वें प्रश्न का उत्तर देने के बजाय उन्होंने क्विट करना उचित समझा। स्थानीय विधायक व राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने सनोज को बधाई देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है। हमारी शुभकामना है कि इसी तरह वे अपने लक्ष्य में सफल रहें। सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने सनोज के पिता रामजन्म शर्मा समेत जिलावासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि युवा सनोज से प्रेरणा लें। सनोज राज बिहार के जहानाबाद के हुलासगंज प्रखंड के ढोंगरा गांव के निवासी हैं। आईएएस बनने का सपना देख रहे बिहार के सनोज राज ने KBC-11 के सेट पर इतिहास रच दिया है। सनोज राज मेगास्टार अमिताभ बच्चन के शो 'कौन बनेगा करोड़पति' (केबीसी) के 11वें सीजन के पहले करोड़पति बने हैं। शुक्रवार को 15 सही सवालों का जवाब देकर उन्होंने एक करोड़ रुपये जीते। इस तरह से केबीसी के सेट पर बिहार का टैलेंट को एक बार फिर चमका है। किस मुख्य न्यायाधीश के पिता एक राज्य के सीएम रहे (लाइफलाइन) ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज बल्लेबाज डॉन ब्रेडमैन ने किस भारतीय गेंदबाज की बॉल पर एक रन लेकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला शतक पूरा किया था। इसका सही जवाब था गागूचंद किशनचंद, लेकिन बिहार के सनोज राज ने यहां खेल छोड़ दिया था।
पंद्रह सवाल और एक करोड़। जी हां यह करिश्मा कर दिखाया है जहानाबाद के लाल सनोज राज ने। हर एक सवाल पर उनके जवाब को देखने-सुनने के लिए जिलेवासी उतावले थे। गुरुवार को जब सनोज केबीसी की हॉट सीट पर बैठे थे, उस समय से ही लोग उनके करोड़पति बनने की कामना कर रहे थे। शुक्रवार को कार्यक्रम में सनोज ने पंद्रहवें सवाल का भी सही जवाब देकर यह मुकाम हासिल किया। पांच हजार रुपये से सफर की शुरुआत करने वाले सनोज ने एक करोड़ की जीत हासिल की। हालांकि सोलह वें प्रश्न का उत्तर देने के बजाय उन्होंने क्विट करना उचित समझा। स्थानीय विधायक व राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा ने सनोज को बधाई देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है। हमारी शुभकामना है कि इसी तरह वे अपने लक्ष्य में सफल रहें। सांसद चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने सनोज के पिता रामजन्म शर्मा समेत जिलावासियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि युवा सनोज से प्रेरणा लें। सनोज राज बिहार के जहानाबाद के हुलासगंज प्रखंड के ढोंगरा गांव के निवासी हैं। आईएएस बनने का सपना देख रहे बिहार के सनोज राज ने KBC-ग्यारह के सेट पर इतिहास रच दिया है। सनोज राज मेगास्टार अमिताभ बच्चन के शो 'कौन बनेगा करोड़पति' के ग्यारहवें सीजन के पहले करोड़पति बने हैं। शुक्रवार को पंद्रह सही सवालों का जवाब देकर उन्होंने एक करोड़ रुपये जीते। इस तरह से केबीसी के सेट पर बिहार का टैलेंट को एक बार फिर चमका है। किस मुख्य न्यायाधीश के पिता एक राज्य के सीएम रहे ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज बल्लेबाज डॉन ब्रेडमैन ने किस भारतीय गेंदबाज की बॉल पर एक रन लेकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपना पहला शतक पूरा किया था। इसका सही जवाब था गागूचंद किशनचंद, लेकिन बिहार के सनोज राज ने यहां खेल छोड़ दिया था।
रांचीः झारखंड के स्कूलों की टाइमिंग (school Timing) में फिर से एक बार बदलाव कर दिया गया है। अब फिर से सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक स्कूलों का संचालन किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग ने मंगलवार को सभी जिलों को ऑनलाइन इसके निर्देश दिया, जिसके बाद कई जिलों ने समय परिवर्तन का निर्देश जारी किया। रांची जिला में भी स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव का आदेश 24 घंटे में बदल गया। अब फिर से सभी सरकारी और निजी विद्यालयों का समय सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक होगा। मंगलवार को पूर्व के आदेश को विलोपित करते हुए नया आदेश जारी किया है। एक दिन पहले ही सोमवार को जिला प्रशासन की ओर से स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव का आदेश निकाला गया था। इस आदेश के तहत स्कूल सुबह छह से 10. 30 बजे तक ही खोलना था। यह फैसला बढ़ती गर्मी को देखते हुए लिया गया था। मौसम में बदलाव की वजह से यह फैसला लिया गया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा राज्य में स्कूल संचालन के लिए सुबह छह से 12 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन जिलों के द्वारा समय में बदलाव करने के बाद राज्य के अलग-अलग जिलों के स्कूलों में छुट्टी के समय में समानता नहीं थी। कोरोना के कारण बच्चों को हुए शैक्षणिक नुकसान तथा ड्रापआउट को लेकर सर्वे कराया जा रहा है। वहीं, लंबे समय से स्कूलों के बंद रहने के कारण बच्चों की छूटी हुई पढ़ाई की भरपाई भी की जानी है। ऐसे में स्कूलों का संचालन दोपहर 12 बजे तक नहीं करने से ये गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि सचिव ने इस मसले पर उपायुक्तों से भी बात की। इसके बाद संबंधित जिलों ने स्कूलों के संचालन को लेकर जारी अपने आदेश को वापस ले लिया। अब मौसम में बदलाव और गर्मी से मिली राहत को देखते हुए फिर से पुराना समय ही किया गया। इससे 13 अप्रैल से सभी स्कूल सुबह छह से 12 बजे तक चल रहे थे।
रांचीः झारखंड के स्कूलों की टाइमिंग में फिर से एक बार बदलाव कर दिया गया है। अब फिर से सुबह छः बजे से दोपहर बारह बजे तक स्कूलों का संचालन किया जा सकेगा। शिक्षा विभाग ने मंगलवार को सभी जिलों को ऑनलाइन इसके निर्देश दिया, जिसके बाद कई जिलों ने समय परिवर्तन का निर्देश जारी किया। रांची जिला में भी स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव का आदेश चौबीस घंटाटे में बदल गया। अब फिर से सभी सरकारी और निजी विद्यालयों का समय सुबह छह से दोपहर बारह बजे तक होगा। मंगलवार को पूर्व के आदेश को विलोपित करते हुए नया आदेश जारी किया है। एक दिन पहले ही सोमवार को जिला प्रशासन की ओर से स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव का आदेश निकाला गया था। इस आदेश के तहत स्कूल सुबह छह से दस. तीस बजे तक ही खोलना था। यह फैसला बढ़ती गर्मी को देखते हुए लिया गया था। मौसम में बदलाव की वजह से यह फैसला लिया गया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा राज्य में स्कूल संचालन के लिए सुबह छह से बारह बजे तक का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन जिलों के द्वारा समय में बदलाव करने के बाद राज्य के अलग-अलग जिलों के स्कूलों में छुट्टी के समय में समानता नहीं थी। कोरोना के कारण बच्चों को हुए शैक्षणिक नुकसान तथा ड्रापआउट को लेकर सर्वे कराया जा रहा है। वहीं, लंबे समय से स्कूलों के बंद रहने के कारण बच्चों की छूटी हुई पढ़ाई की भरपाई भी की जानी है। ऐसे में स्कूलों का संचालन दोपहर बारह बजे तक नहीं करने से ये गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि सचिव ने इस मसले पर उपायुक्तों से भी बात की। इसके बाद संबंधित जिलों ने स्कूलों के संचालन को लेकर जारी अपने आदेश को वापस ले लिया। अब मौसम में बदलाव और गर्मी से मिली राहत को देखते हुए फिर से पुराना समय ही किया गया। इससे तेरह अप्रैल से सभी स्कूल सुबह छह से बारह बजे तक चल रहे थे।
WhatsApp Groups: क्या आप भी हर बार किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़े जाने को लेकर परेशान रहते हैं। लेकिन अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं, आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप व्हाट्सऐप ग्रुप में खुद को जोड़े जाने की इस परेशानी से निज़ात पा सकते हैं। हमने इस वीडियो में WhatsApp for Android और WhatsApp for iPhone दोनों के बारे में बताया है तो आइए देखते हैं वीडियो. .
WhatsApp Groups: क्या आप भी हर बार किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़े जाने को लेकर परेशान रहते हैं। लेकिन अब आपको चिंता करने की जरूरत नहीं, आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप व्हाट्सऐप ग्रुप में खुद को जोड़े जाने की इस परेशानी से निज़ात पा सकते हैं। हमने इस वीडियो में WhatsApp for Android और WhatsApp for iPhone दोनों के बारे में बताया है तो आइए देखते हैं वीडियो. .
एक तरफ पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बवाल मचा हुआ है, वहीं पुंछ जिले में रहने वाली पाकिस्तानी महिला खतीजा परवीन पत्नी मोहम्मद ताज को 36 वर्ष बाद भारतीय नागरिकता प्रदान की गई। जिला विकास आयुक्त राहुल यादव ने अपने कार्यालय में केंद्रीय गृहमंत्रालय की तरफ से जारी भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र खतीजा बेगम को सौंपा। इतने लम्बे अरसे के बाद भारतीय नागरिकता मिलने पर खतीजा परवीन, उनके पति मोहम्मद ताज और जेठ एडवोकेट मोहम्मद जमान ने केंद्र सरकार और गृहमंत्रालय का शुक्रिया अदा किया। मोहम्मद ताज कहते हैं कि इतने सालों से हमें काफी परेशानियों का सामना कर रहा था। खतीजा को वीजे पर यहां रहना पड़ रहा था, अब नागरिकता मिलने हमारी परेशानियां काफी कम हो गई है। ताज बताते हैं कि वर्ष 1983 में अटक पाकिस्तान की रहने वाली खतीजा बेगम से उनकी पाकिस्तान में शादी हुई थी। आखिर इस होम्योपैथिक अस्पताल की महिला ने अपने ही विभाग पर क्यों लगाया पक्षपात का आरोप? उसके बाद वर्ष 2000 में हमने खतीजा के लिए भारतीय नागरिकता के लिए सेक्शन 5/1 सी भारतीय नगारिकता अधिनियम 1955 के अंतरगत आवेदन किया था। जिसके आधार पर आज उसे भारतीय नागरिकता मिली है। उनके परिवार में दो बेटियां एक बेटा है वही खतीजा बेटी फातिमा का कहना है की हम अपनी माँ कही गुमने भी नहीं जा सकते थे हम आज तक अजमेर शरीफ भी नहीं जा सके अब हम भारत में कही भी अपनी माँ के साथ जा सकेंगे आज हमे काफी खुशी हुई है।
एक तरफ पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बवाल मचा हुआ है, वहीं पुंछ जिले में रहने वाली पाकिस्तानी महिला खतीजा परवीन पत्नी मोहम्मद ताज को छत्तीस वर्ष बाद भारतीय नागरिकता प्रदान की गई। जिला विकास आयुक्त राहुल यादव ने अपने कार्यालय में केंद्रीय गृहमंत्रालय की तरफ से जारी भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र खतीजा बेगम को सौंपा। इतने लम्बे अरसे के बाद भारतीय नागरिकता मिलने पर खतीजा परवीन, उनके पति मोहम्मद ताज और जेठ एडवोकेट मोहम्मद जमान ने केंद्र सरकार और गृहमंत्रालय का शुक्रिया अदा किया। मोहम्मद ताज कहते हैं कि इतने सालों से हमें काफी परेशानियों का सामना कर रहा था। खतीजा को वीजे पर यहां रहना पड़ रहा था, अब नागरिकता मिलने हमारी परेशानियां काफी कम हो गई है। ताज बताते हैं कि वर्ष एक हज़ार नौ सौ तिरासी में अटक पाकिस्तान की रहने वाली खतीजा बेगम से उनकी पाकिस्तान में शादी हुई थी। आखिर इस होम्योपैथिक अस्पताल की महिला ने अपने ही विभाग पर क्यों लगाया पक्षपात का आरोप? उसके बाद वर्ष दो हज़ार में हमने खतीजा के लिए भारतीय नागरिकता के लिए सेक्शन पाँच/एक सी भारतीय नगारिकता अधिनियम एक हज़ार नौ सौ पचपन के अंतरगत आवेदन किया था। जिसके आधार पर आज उसे भारतीय नागरिकता मिली है। उनके परिवार में दो बेटियां एक बेटा है वही खतीजा बेटी फातिमा का कहना है की हम अपनी माँ कही गुमने भी नहीं जा सकते थे हम आज तक अजमेर शरीफ भी नहीं जा सके अब हम भारत में कही भी अपनी माँ के साथ जा सकेंगे आज हमे काफी खुशी हुई है।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
नई दिल्ली। सरकार ने बुधवार को बताया कि साल 2017 में दुनिया के अलग-अलग देशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों पर हमले की 21 घटनाएं हुईं। सबसे अधिक 9 घटनाएं पोलैंड से सामने आई हैं। लोकसभा में अभिषेक सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने यह जानकारी दी। सिंह ने विदेशों में भारतीय छात्रों पर हमले का जो आंकड़ा रखा, उसके मुताबिक 2017 में नवंबर तक ऐसी कुल 21 घटनाएं सामने आईं। इन आंकड़ों के अनुसार पौलैंड में 9, इटली में 3 और ऑस्ट्रेलिया में 2 घटनाएं हुईं। अमेरिका, फ्रांस, रूस, चेक गणराज्य, बुल्गारिया, बांग्लादेश और गुयाना में भारतीय छात्रों पर हमले की 1-1 घटनाएं सामने आई हैं। सिंह ने कहा कि भारतीय छात्रों पर हमले की घटनाओं को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाए गए हैं तथा उन देशों में भारतीय दूतावासों/ उच्चायोगों में भारतीय छात्र कल्याण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों ने दाखिला ले रखा है। (भाषा)
नई दिल्ली। सरकार ने बुधवार को बताया कि साल दो हज़ार सत्रह में दुनिया के अलग-अलग देशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों पर हमले की इक्कीस घटनाएं हुईं। सबसे अधिक नौ घटनाएं पोलैंड से सामने आई हैं। लोकसभा में अभिषेक सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने यह जानकारी दी। सिंह ने विदेशों में भारतीय छात्रों पर हमले का जो आंकड़ा रखा, उसके मुताबिक दो हज़ार सत्रह में नवंबर तक ऐसी कुल इक्कीस घटनाएं सामने आईं। इन आंकड़ों के अनुसार पौलैंड में नौ, इटली में तीन और ऑस्ट्रेलिया में दो घटनाएं हुईं। अमेरिका, फ्रांस, रूस, चेक गणराज्य, बुल्गारिया, बांग्लादेश और गुयाना में भारतीय छात्रों पर हमले की एक-एक घटनाएं सामने आई हैं। सिंह ने कहा कि भारतीय छात्रों पर हमले की घटनाओं को रोकने के लिए त्वरित कदम उठाए गए हैं तथा उन देशों में भारतीय दूतावासों/ उच्चायोगों में भारतीय छात्र कल्याण अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों ने दाखिला ले रखा है।
जम्मू। जम्मू कश्मीर के जम्मू जिले (Jammu district of Jammu and Kashmir) के अखनूर में बस पलटने से हादसा हो गया है। इसमें स्कूली छात्राओं (schoolgirls) समेत 50 से अधिक लोग घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल (local hospital) ले जाया गया है। पुलिस और स्थानीय लोग (police and local people) राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अखनूर से गार मजूर जा रही ओवरलोड बस गांव रामीन मखिण के पास सड़क किनारे पलट गई। इससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंचे आसपास के लोगों ने पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर सवारियों को बाहर निकाला। इसके बाद उनका स्थानीय अस्पताल चौकी चौरा में उपचार करवाया गया। जहां से चार गंभीर रूप से घायलों को अखनूर अस्पताल रेफर कर दिया है। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। Share:
जम्मू। जम्मू कश्मीर के जम्मू जिले के अखनूर में बस पलटने से हादसा हो गया है। इसमें स्कूली छात्राओं समेत पचास से अधिक लोग घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस और स्थानीय लोग राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अखनूर से गार मजूर जा रही ओवरलोड बस गांव रामीन मखिण के पास सड़क किनारे पलट गई। इससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंचे आसपास के लोगों ने पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर सवारियों को बाहर निकाला। इसके बाद उनका स्थानीय अस्पताल चौकी चौरा में उपचार करवाया गया। जहां से चार गंभीर रूप से घायलों को अखनूर अस्पताल रेफर कर दिया है। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। Share:
1. 05 सितम्बर को प्रतिवर्ष पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में किस दिवस के रूप में मनाया जाता है? उत्तर : शिक्षक दिवस. 2. उत्तर प्रदेश में सरकारी सहायता प्राप्त विधालयों ने कितने शिक्षकों की भर्ती मंजूर कर दी गयी है? उत्तर : 16 हजार. 3. नेपाल के वित्त मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है उनका नाम क्या है? उत्तर : डॉ. युबराज खातिवाड़ा. 4. चेन्नई सुपरकिंग्स के किस खिलाड़ी ने आईपीएल 2020 से अपना नाम वापस ले लिया है? उत्तर : हरभजन सिंह. 5. सीबीएसई ने 10वीं एवं 12वीं की कम्पार्टमेंट परीक्षा किन तिथियों के बीच कराने की घोषणा की है? उत्तर : 22 से 29 सितम्बर तक. 6. यूपी की एक राज्यसभा सीट पर किसे निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुना गया है? उत्तर : जफ़र इस्लाम. 7. किस दिग्गज फुटबॉलर ने अपने क्लब बार्सिलोना के साथ बने रहने की घोषणा की है? उत्तर : लियोनल मेसी. 8. भारत में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या कितनी हो गयी है? उत्तर : 40,23,179 (69,561 मौतें). 9. अगस्त के अंतिम सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितने अरब डॉलर पहुँच गया है? उत्तर : 541. 431 अरब डॉलर. 10. ब्रिक्स खेल 2021 की मेजबानी किस देश को सौंपी गयी है? उत्तर : भारत.
एक. पाँच सितम्बर को प्रतिवर्ष पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में किस दिवस के रूप में मनाया जाता है? उत्तर : शिक्षक दिवस. दो. उत्तर प्रदेश में सरकारी सहायता प्राप्त विधालयों ने कितने शिक्षकों की भर्ती मंजूर कर दी गयी है? उत्तर : सोलह हजार. तीन. नेपाल के वित्त मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है उनका नाम क्या है? उत्तर : डॉ. युबराज खातिवाड़ा. चार. चेन्नई सुपरकिंग्स के किस खिलाड़ी ने आईपीएल दो हज़ार बीस से अपना नाम वापस ले लिया है? उत्तर : हरभजन सिंह. पाँच. सीबीएसई ने दसवीं एवं बारहवीं की कम्पार्टमेंट परीक्षा किन तिथियों के बीच कराने की घोषणा की है? उत्तर : बाईस से उनतीस सितम्बर तक. छः. यूपी की एक राज्यसभा सीट पर किसे निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुना गया है? उत्तर : जफ़र इस्लाम. सात. किस दिग्गज फुटबॉलर ने अपने क्लब बार्सिलोना के साथ बने रहने की घोषणा की है? उत्तर : लियोनल मेसी. आठ. भारत में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या कितनी हो गयी है? उत्तर : चालीस,तेईस,एक सौ उन्यासी . नौ. अगस्त के अंतिम सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितने अरब डॉलर पहुँच गया है? उत्तर : पाँच सौ इकतालीस. चार सौ इकतीस अरब डॉलर. दस. ब्रिक्स खेल दो हज़ार इक्कीस की मेजबानी किस देश को सौंपी गयी है? उत्तर : भारत.
@ मुख्यमंत्री (श्री मनोहर लाल ): श्रीमान जी, (क) एवं (ख) केन्द्रीय अधिसूचना एवं प्रासंगिक निर्णय के अनुसार पदोन्नति में आरक्षण प्रदान करने के लिए 12 जून 2022 को रोहतक में एक घोषणा की गई थी। मामला सरकार के परीक्षणाधीन है जिसमें व्यापक परामर्श एवं महाधिवक्ता की कानूनी सलाह की आवश्यता है । अध्यक्ष महोदय, माननीय सदस्य ने जो प्रश्न पूछा उसके "क" भाग का उत्तर हां श्रीमान जी है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने दिनांक 12 जून, 2022 को रोहतक में एक घोषणा की थी कि केन्द्र के तर्ज पर क्लास - वन और क्लास-टू के अधिकारियों / कर्मचारियों को आरक्षण दिया जायेगा। माननीय सदस्य के प्रश्न के "ख" भाग के उत्तर में कहा गया है कि केन्द्रीय अधिसूचना एवं प्रासंगिक निर्णय के अनुसार पदोन्नति में आरक्षण प्रदान करने के लिए 12 जून 2022 को रोहतक में एक घोषणा की थी। उसमें ए.जी. हरियाणा की राय ली जायेगी । अगर ए. जी. हरियाणा की राय पॉजिटिव आती है तो उसके बाद एक कमेटी बनाई जायेगी । वह कमेटी काडर वाइज देखेगी कि किस काडर में कितना शॉर्ट फाल है। उसी के हिसाब से कमेटी का जो निर्णय आयेगा उस हिसाब से कार्रवाई करने का काम करेंगे। श्री बिशम्बर सिंह : अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करना चाहूंगा क्योंकि एक ऐतिहासिक फैसला 12 जून, 2022 को माननीय मुख्यमंत्री जी ने लिया था। मैं माननीय मंत्री जी से यह भी पूछना चाहूंगा कि इसकी एक समय सीमा का आश्वासन दिया जाये क्योंकि हमें जनता के बीच में जाना पड़ता है और जनता हम से इस बारे में सवाल जवाब करती है। डॉ. बनवारी लाल अध्यक्ष महोदय, जब हमारे पास ए. जी. हरियाणा की राय आ जायेगी तो हम 3 महीने के अंदर कमेटी बना देंगे। @Reply given by the Co-operative Minister (Dr. Banwari Lal) श्री सत्य प्रकाशः माननीय स्पीकर महोदय, माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार है कि इन्होंने वर्ष 2015 में एक कैबिनेट मीटिंग में यह स्वीकार किया था कि यह 85वां संविधान संशोधन लागू हो जायेगा और इसकी इंस्ट्रैक्शन भी जारी हो गई, परन्तु इसी विधान सभा में माननीय एस. सी., एस. टी. मंत्री डॉ. बनवाली लाल जी ने भी एक वर्ष पूर्व घोषणा कर दी थी । इसके बावजूद यह किस अदृश्य शक्ति से अटका हुआ है, यह समझ से बाहर की बात है। माननीय मुख्यमंत्री जी से हम मिले भी हैं और उन्होंने बार-बार आदेश दिये हैं कि इसको लागू करो । जब रोस्टर की बात आई कि रोस्टर को ठीक करो। तब भी माननीय मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दे दिये थे। एक मामला पीडब्ल्यूडी विभाग का सामने आता है कि हम सिनियोरिटी रोस्टर के अनुसार नहीं बल्कि एच.पी.एस.सी. द्वारा तैयार मैरिट के अनुसार तय करते हैं। एच.एस.एस.सी. और एच.पी.एस.सी. मैरिट तैयार करती है जबकि एक वर्ष पहले इसी सदन में कहा गया था की एच.एस.एस. सी. और एच. पी. एस. सी. मैरिट तैयार करती है सिनियोरिटी तैयार नहीं करती। अब कह रहे हैं सिनियोरिटी भी एच. एस. एस. सी. और एच.पी.एस.सी. तैयार करती है। जो प्रमोशन का 85वां संविधान संशोधन है वह पूरे देश में लागू हो गया। माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने एस. सी., एस. टी. को न्याय देने के लिए 85वां संविधान संशोधन लागू किया था। उस पर कोर्ट का भी कोई स्टे नहीं है, लेकिन वह आज तक लागू नहीं हुआ । मेरा माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि एक बार इसकी कोई विशेष कमेटी बनाकर एक निश्चित समयावधि के अन्दर यह काम करवाया जाये। मैरिट और सिनियोरिटी के बीच में अन्तर डाल रखा है। एक तरफ कहा जाता है कि मैरिट के अनुसार सिनियोरिटी बनाते हैं जबकि रिक्विजेशन रोस्टर के हिसाब से भेजी जाती है। इसलिए सिनियोरिटी भी रोस्टर के हिसाब से होनी चाहिए। आज लाखों शिड्यूल कास्ट के कर्मचारियों का हरसमैंट हो रहा है। अध्यक्ष महोदय, मेरा आपके माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि इसमें व्यक्तिगत तौर पर रुचि लेकर इसे पूरा करवाये। श्री ईश्वर सिंहः अध्यक्ष महोदय, मंत्री जी ने कहा है कि यह क्लास-I क्लास और क्लास-II दोनों में रिजर्वेशन का मामला है। जिसकी हम ए. जी. ऑफिस की राय लेकर एक कमेटी बनायेंगे। मैं कहना चाहूंगा कि हरियाणा विधान सभा में एस.सी., एस.टी. और बी.सी. वर्ग की एक कमेटी बनी हुई है। इस कमेटी ने पहले ही रिकमंडेशन दे रखी है और इस कमेटी में ए. जी. हरियाणा, वित्त विभाग और एस. सी., एस. टी विभाग स्पेशल सेक्रेटरी को भी बुलाया जा चुका है। अध्यक्ष महोदय, मैं कहना चाहता हूं कि जब एक और अलग कमेटी बन जायेगी तो विधान सभा की एस.सी., एस.टी. कमेटी ने जो रिकमंडेशन दी है उसका क्या होगा? यह 85वां संविधान संशोधन एस. सी., एस.टी. कर्मचारियों की जीवन रेखा है। जब मुख्यमंत्री जी ने घोषणा कर दी तो कमेटी की क्या वैल्यू है। मुख्यमंत्री जी की घोषणा से ऊपर तो कोई कमिटमैंट हो ही नहीं सकती। अध्यक्ष महोदय, मैं जानना चाहूंगा कि मुख्यमंत्री जी ने जो घोषणा की थी उसको कब तक लागू किया जायेगा । डॉ. बनवारी लालः अध्यक्ष महोदय, इसमें कुछ कोर्ट केस चल रहे हैं उनके बारे में लीगल ओपिनियन ए. जी. हरियाणा से लेनी है कि हम इसे लागू कर सकते हैं या नहीं। उसके बाद ही हम कुछ कह पायेंगे । श्री ईश्वर सिंहः अध्यक्ष महोदय, हमने कमेटी की मीटिंग में ए. जी. हरियाणा को भी बुला लिया था और प्रोसिडिंग भी हो गयी थी फिर इसको लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। श्री अध्यक्षः ईश्वर सिंह जी, माननीय मंत्री जी ने कहा है कि जो कोर्ट के अन्दर केस चल रहे हैं उनकी लीगलिटी क्या है उसके अन्दर क्या विषय हैं क्या नहीं हैं ये सारी चीजें देखने के बाद ही इस पर कुछ किया जा सकता है। श्री ईश्वर सिंहः अध्यक्ष महोदय, फिर कमेटी की रिकमंडेशन का क्या होगा? श्री मनोहर लाल (मुख्यमंत्री ): माननीय अध्यक्ष महोदय, यह ठीक बात है कि मैंने रोहतक में घोषणा की थी परन्तु साथ में उस घोषणा में मैंने दो बातें और भी कही थी कि केंद्रीय अधिसूचना और प्रासंगिक निर्णय यानी जो सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है। उन दोनों को मिलाकर के जो केंद्रीय स्तर पर यह क्लास 'ए' और 'बी' की पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा, वैसा हम करेंगे। लेकिन अब स्थिति यह बनी हुई है कि जो निर्णय सुप्रीम कोर्ट ने दिया है उसमें एक निर्णय यह दिया है कि पदोन्नति में आरक्षण दिया जा सकता है। लेकिन एक विषय यह भी है कि उसमें पहले से जो दो निर्णय हो रखे हैं। उसमें यह था कि यह रिजर्वेशन क्लास के हिसाब से किया जायेगा या कैडर के हिसाब से किया जाएगा। ये दो निर्णय अलग-अलग हुए हैं। इसका अंतिम निर्णय अभी माननीय उच्चतम न्यायालय के स्तर पर होना शेष है। एक तो यह है कि क्लास या ग्रुप as a whole उसका रिजर्वेशन किया जाये कि टोटल एस.सी. की इतनी रिजर्वेशन बाकी हैं और वह मिलाकर टोटल रिजर्वेशन बढ़ा दी जाये। दूसरी बात यह है कि हर विभाग का जो कैडर है उस कैडर के हिसाब से जो रिजर्वेशन में कमी है उसको पूरा किया जाये । अध्यक्ष महोदय, ये निर्णय होने अभी शेष हैं। इसको हमने पहले एल.आर. के पास भेजा कि क्या हम केन्द्र सरकार के हिसाब से इस बारे में अधिसूचना जारी कर सकते हैं? एल. आर. मैडम ने कहा कि नहीं, जब तक इस बारे में सुप्रीम कोर्ट का बाकी निर्णय नहीं हो जाता तब तक इसको लागू करना कठिन है लेकिन हमने इस बारे में फिर भी विचार किया कि एक बार ए. जी. साहब से हम पूछ लें कि क्या इसका उतना ही नोटिफिकेशन जो सैंट्रल गवर्नमैंट का पार्ट है यदि हम उसको अधिसूचित करेंगे तो क्या उसका लाभ होगा? अगर इस बारे में ए. जी. साहब की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसको तीन महीने के अंदर-अंदर लागू किया जायेगा। इसके विपरीत अगर उनकी रिपोर्ट में यह कहा जाता है कि नहीं अभी जो सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आयेगा उसके हिसाब से नोटिफिकेशन की जाये। उसके बाद हम इस मामले में जो 17.08.2022 की डेट लगी हुई है उसमें सुप्रीम कोर्ट क्या निर्णय देता है उसके हिसाब से उस पर हम आगे निर्णय करके हम नोटिफाई भी करेंगे और यह हमारा वायदा है कि सैंट्रल गवर्नमैंट के ऑफिसिज में जिस प्रकार से पदोन्नति में आरक्षण है उसी पद्धति से हम पदोन्नति में आरक्षण लागू करेंगे। To Declare Gohana as District *48. Shri Jagbir Singh Malik: Will the Deputy Chief Minister be pleased to state: - (a) whether there is any proposal under consideration of the Government to declare Gohana as district; and (b) if so, the time by which it is likely to be declared? Deputy Chief Minister (Shri Dushyant Chautala): Sir, there is no proposal under consideration to declare Gohana as a district. श्री जगबीर सिंह मलिकः स्पीकर सर, उप मुख्यमंत्री जी ने इस प्रश्न का जो जवाब दिया है कि 'नहीं श्रीमान् जी' इस संबंध में रो यह कहना है कि जे.जे.पी. ने गोहाना के लोगों को वर्ष 2019 के विधान सभा इलैक्शन में आश्वासन दिया था कि आपके गोहाना को जिला बनाया जायेगा। इसी प्रकार से बी. जे.पी. ने वर्ष 2014 और वर्ष 2019 के विधान सभा इलैक्शन के अपने मैनीफैस्टों में कहा था कि गोहाना को जिला बनाया जायेगा। इस प्रकार से जे. जे. पी. और बी.जे.पी. दोनों पार्टियों ने गोहाना में गोहाना को जिला बनाने के नाम पर लोगों से वोट मांगी लेकिन आज उप मुख्यमंत्री जी कहते हैं कि गोहाना को जिला नहीं बनाया जायेगा । जिस प्रकार से गोहाना के लोगों को बरगलाकर वोट मांगी गई गोहाना की जनता जरूर हिसाब लेगी। अध्यक्ष जी, मैं आपके माध्यम से माननीय उप मुख्यमंत्री जी से यही पूछना चाहता हूँ कि वे बतायें कि गोहाना को जिला क्यों नहीं बनायेंगे? श्री दुष्यंत चौटालाः अध्यक्ष महोदय, इस प्रकार के मामलों को एग्जामिन करने के लिए हरियाणा सरकार की कैबिनेट द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया था। उस कमेटी में तीन मिनिस्टर्ज थे। जब उस कमेटी के पास गोहाना को जिला बनाने का परपोजल गया था उस समय गोहाना को जिला बनाने के लिए जितने गांव, जितनी जनसंख्या, जितनी सब-डिवीजन और जितनी तहसीलें होनी चाहिएं थी गोहाना उस क्राईटेरिया को फुलफिल नहीं कर रहा था। उसके बाद सैंटर की सैंसस की एक नोटिफिकेशन आई जो बार-बार because of Covid-19 डैफर हुई। हमने सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नर को वह चिट्ठी भेज दी थी कि डिप्टी कमिश्नर इसको रि- वैरीफाई करें और यह पता लगाया जो कि क्या हम साथ लगते दूसरों जिलों से पॉपूलेशन, तहसील और सब डिवीजन इसके अंदर एड कर सकते हैं? जो नया जिला बनाने के लिए निर्धारित क्राईटेरिया है अगर गोहाना उस क्राईटेरिया को फुलफिल कर पायेगा तभी गोहाना को नया जिला बनाया जा सकेगा। इसी प्रकार का मामला हांसी का भी है। गोहाना और हांसी दोनों की कंसर्ड डिप्टी कमिश्नर्ज के पास रिपोर्ट भेजी गई है वे कंसीडर करके दोबारा फ्रैश रिपोर्ट प्रस्तुत करें । To Start Works Under Mahagram Yojana *49. Shri Amit Sihag: Will the Chief Minister be pleased to state:(a) the time by which the works under Mahagram Yojana in village Ganga of Dabwali Assembly Constituency are likely to be started/ completed; (b) the details of the progress made by the Government so far; and (c) whether any inconvenience has been faced by the residents of village Ganga during the execution of the abovesaid works; if so, the steps taken by the Government in this regard? @ मुख्यमंत्री ( श्री मनोहर लाल ): श्रीमान, (क) गांव गंगा में महाग्राम योजना के तहत कार्य 19.08.2019 को शुरू किया गया था और इसके 31.12.2023 तक पूर्ण होने की संभावना है। (ख) गंगा में जलापूर्ति योजना के विस्तार का कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है और सीवरेज प्रणाली बिछाने का कार्य 80 प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। मल शोधन संयंत्र के निर्माण के लिए निविदाएं 01.09.2022 तक आमंत्रित करने की संभावना है। (ग) हां, कार्य के निष्पादन के दौरान निवासियों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ा। कार्य करने के दौरान खंडित की गई सड़कों की मरम्मत का काम विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया है और इसे बरसाती मौसम के बाद अर्थात् 31.10.2022 तक पूर्ण कर दिया जाएगा। श्री अमित सिहागः अध्यक्ष महोदय, जैसा कि माननीय मंत्री जी ने बताया है कि अगस्त, 2019 में महाग्राम योजना के तहत गांव गंगा का काम शुरू हुआ था। उस समय यह आश्वासन दिया गया था कि लगभग 18 महीनों में काम पूरा कर दिया जायेगा। उसके बाद मुझे ऐस्टीमेट कमेटी में भी लिखित में यह आश्वासन मिला था कि 31.12.2021 तक यह काम पूरा कर दिया जायेगा। आज अगस्त, 2022 आ गया है लेकिन अभी बहुत का बकाया है। मंत्री जी ने स्वयं माना है कि अभी एस.टी.पी. नहीं लगाया गया है। इसी प्रकार से अभी तक वाटर वर्क्स को नहर से नहीं जोड़ा गया है। आज की तारीख में उस गांव की अधिकतर गलियां पूरी तरह से टूटी पड़ी हैं। यह महाग्राम योजना पूरे हरियाणा में चलाई जा रही है और मुझे लगता है कि लगभग हर जगह यही स्थिति होगी इसलिए पिछले तीन सालों से वहां के लोगों की क्या हालत है यह देखने की आवश्यकता है। मैं यह एक तस्वीर दिखाना चाहता हूं जिसमें @ Reply given by Co-operative Minister ( Dr. Banwari Lal) धूल ही धूल उड़ रही है और इसी हालात में वहां के नागरिक पिछले 3 साल से जीवन यापन कर रहे हैं। मैं उन लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिला हूं और उन्होंने बताया है कि बहुत से लोगों को सांस की बीमारी हो गई है। वहां पर जो सीवरेज की लाईन डाली जा रही है उसके गड्ढों के कारण लोगों की गाड़ियों का सस्पैंशन खराब हो रहा है। इस दूसरी तस्वीर में आप देखेंगे कि बरसात के मौसम में एक स्कूल वैन धंस गई है तथा एक ट्रक धंस गया है। इस प्रकार से वहां के लोगों का सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिस योजना को महाग्राम बता रहे हैं सही मायने में तो वह तीन साल के लिए उन लोगों के लिए महासंग्राम बन कर रह गई है। मेरे विचार से जब इसका टैंडर किया गया तब शायद यह प्रावधान नहीं किया गया कि जब सीवरेज डालने के लिए ये गलियां उखाडी जायेंगी तो उनको दोबारा बनाया जायेगा। जो ठेकेदार था उसने गलियों से ब्लॉक निकाल दिये और जब लोगों ने दबाव बनाया तो उसने कहा कि पैच वर्क करेंगें। उसने बगैर मिट्टी को दबाए पैच वर्क कर दिया। जब बरसात आई तो वह मिट्टी नीचे बैठ गई और सारी गलियां दोबारा से टूट गई जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त जहां पर आर.सी.सी. की गलियां थी उनमें सीवरेज डालने के बाद पब्लिक हैल्थ डिपार्टमैंट का कहना था कि यह ठीक करना पंचायतीराज का काम है और पंचायतें पिछले एक डेढ़ साल से निष्क्रिय हैं इसलिए उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अब मुझे पता चला है कि आप चौटाला गांव को भी महाग्राम बनाने जा रहे हैं तो मेरा सुझाव है कि जब भी टैंडर किया जाये तो उसमें गलियों को बनाने का प्रावधान भी किया जाये । अध्यक्ष महोदय, माननीय मंत्री जी ने 31.10.2022 तक इस कार्य के पूर्ण होने का आश्वासन दिया है। मैं आपके माध्यम से मंत्री जी से यह भी आश्वासन चाहता हूं कि पैच वर्क नहीं हमें पूरी गलियां दोबारा बनी हुई चाहिएं और अगर यह काम 31.10.2022 तक पूरा नहीं हुआ तो क्या माननीय मंत्री जी उस गांव का दौरा करेंगे और इसके लिए जो भी अधिकारी जिम्मेदार होगा क्या उसके खिलाफ एक्शन लेंगे? डॉ. बनवारी लालः अध्यक्ष महोदय, माननीय सदस्य की यह बात सही है कि जब भी विकास का कोई काम होता है तो लोगों को कुछ समय के लिए असुविधा तो होती है। दूसरी बात माननीय सदस्य ने यह कही है कि क्या टैंडर में गलियों को बनाने का कोई प्रावधान है तो मैं माननीय सदस्य को बताना चाहूंगा कि अब पानी की लाईन या सीवरेज की लाईन डालने के लिए पूरे हरियाणा में जहां भी सड़कें या गलियां टूटती हैं तो पब्लिक हैल्थ ही उस काम को करायेगा। इस प्रकार का प्रावधान टैंडर में किया गया है। श्री अमित सिहागः अध्यक्ष महोदय, जब हमने पब्लिक हैल्थ डिपार्टमैंट के अधिकारियों तो उन्होंने मना कर दिया कि यह हमारे विभाग का काम नहीं है और ठेकेदार से पूछा तो उसने भी यही कहा कि हम सिर्फ पैच वर्क करेंगे क्योंकि टैंडर में इन गलियों को बनाने का प्रावधान नहीं है। डॉ. बनवारी लालः अध्यक्ष महोदय, मैं सदन के पटल पर कह रहा हूं कि हम इस काम को करवायेंगे । अब हमने टैंडर में ही यह प्रावधान कर दिया है तथा पूरे हरियाणा में जहां भी इस तरह का काम होगा उसको पब्लिक हैल्थ करेगा । श्री अमित सिहागः अध्यक्ष महोदय, मैं तथ्यों के आधार पर यह बात कह रहा हूं।
@ मुख्यमंत्री : श्रीमान जी, एवं केन्द्रीय अधिसूचना एवं प्रासंगिक निर्णय के अनुसार पदोन्नति में आरक्षण प्रदान करने के लिए बारह जून दो हज़ार बाईस को रोहतक में एक घोषणा की गई थी। मामला सरकार के परीक्षणाधीन है जिसमें व्यापक परामर्श एवं महाधिवक्ता की कानूनी सलाह की आवश्यता है । अध्यक्ष महोदय, माननीय सदस्य ने जो प्रश्न पूछा उसके "क" भाग का उत्तर हां श्रीमान जी है। माननीय मुख्यमंत्री जी ने दिनांक बारह जून, दो हज़ार बाईस को रोहतक में एक घोषणा की थी कि केन्द्र के तर्ज पर क्लास - वन और क्लास-टू के अधिकारियों / कर्मचारियों को आरक्षण दिया जायेगा। माननीय सदस्य के प्रश्न के "ख" भाग के उत्तर में कहा गया है कि केन्द्रीय अधिसूचना एवं प्रासंगिक निर्णय के अनुसार पदोन्नति में आरक्षण प्रदान करने के लिए बारह जून दो हज़ार बाईस को रोहतक में एक घोषणा की थी। उसमें ए.जी. हरियाणा की राय ली जायेगी । अगर ए. जी. हरियाणा की राय पॉजिटिव आती है तो उसके बाद एक कमेटी बनाई जायेगी । वह कमेटी काडर वाइज देखेगी कि किस काडर में कितना शॉर्ट फाल है। उसी के हिसाब से कमेटी का जो निर्णय आयेगा उस हिसाब से कार्रवाई करने का काम करेंगे। श्री बिशम्बर सिंह : अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद करना चाहूंगा क्योंकि एक ऐतिहासिक फैसला बारह जून, दो हज़ार बाईस को माननीय मुख्यमंत्री जी ने लिया था। मैं माननीय मंत्री जी से यह भी पूछना चाहूंगा कि इसकी एक समय सीमा का आश्वासन दिया जाये क्योंकि हमें जनता के बीच में जाना पड़ता है और जनता हम से इस बारे में सवाल जवाब करती है। डॉ. बनवारी लाल अध्यक्ष महोदय, जब हमारे पास ए. जी. हरियाणा की राय आ जायेगी तो हम तीन महीने के अंदर कमेटी बना देंगे। @Reply given by the Co-operative Minister श्री सत्य प्रकाशः माननीय स्पीकर महोदय, माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार है कि इन्होंने वर्ष दो हज़ार पंद्रह में एक कैबिनेट मीटिंग में यह स्वीकार किया था कि यह पचासीवां संविधान संशोधन लागू हो जायेगा और इसकी इंस्ट्रैक्शन भी जारी हो गई, परन्तु इसी विधान सभा में माननीय एस. सी., एस. टी. मंत्री डॉ. बनवाली लाल जी ने भी एक वर्ष पूर्व घोषणा कर दी थी । इसके बावजूद यह किस अदृश्य शक्ति से अटका हुआ है, यह समझ से बाहर की बात है। माननीय मुख्यमंत्री जी से हम मिले भी हैं और उन्होंने बार-बार आदेश दिये हैं कि इसको लागू करो । जब रोस्टर की बात आई कि रोस्टर को ठीक करो। तब भी माननीय मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दे दिये थे। एक मामला पीडब्ल्यूडी विभाग का सामने आता है कि हम सिनियोरिटी रोस्टर के अनुसार नहीं बल्कि एच.पी.एस.सी. द्वारा तैयार मैरिट के अनुसार तय करते हैं। एच.एस.एस.सी. और एच.पी.एस.सी. मैरिट तैयार करती है जबकि एक वर्ष पहले इसी सदन में कहा गया था की एच.एस.एस. सी. और एच. पी. एस. सी. मैरिट तैयार करती है सिनियोरिटी तैयार नहीं करती। अब कह रहे हैं सिनियोरिटी भी एच. एस. एस. सी. और एच.पी.एस.सी. तैयार करती है। जो प्रमोशन का पचासीवां संविधान संशोधन है वह पूरे देश में लागू हो गया। माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने एस. सी., एस. टी. को न्याय देने के लिए पचासीवां संविधान संशोधन लागू किया था। उस पर कोर्ट का भी कोई स्टे नहीं है, लेकिन वह आज तक लागू नहीं हुआ । मेरा माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि एक बार इसकी कोई विशेष कमेटी बनाकर एक निश्चित समयावधि के अन्दर यह काम करवाया जाये। मैरिट और सिनियोरिटी के बीच में अन्तर डाल रखा है। एक तरफ कहा जाता है कि मैरिट के अनुसार सिनियोरिटी बनाते हैं जबकि रिक्विजेशन रोस्टर के हिसाब से भेजी जाती है। इसलिए सिनियोरिटी भी रोस्टर के हिसाब से होनी चाहिए। आज लाखों शिड्यूल कास्ट के कर्मचारियों का हरसमैंट हो रहा है। अध्यक्ष महोदय, मेरा आपके माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि इसमें व्यक्तिगत तौर पर रुचि लेकर इसे पूरा करवाये। श्री ईश्वर सिंहः अध्यक्ष महोदय, मंत्री जी ने कहा है कि यह क्लास-I क्लास और क्लास-II दोनों में रिजर्वेशन का मामला है। जिसकी हम ए. जी. ऑफिस की राय लेकर एक कमेटी बनायेंगे। मैं कहना चाहूंगा कि हरियाणा विधान सभा में एस.सी., एस.टी. और बी.सी. वर्ग की एक कमेटी बनी हुई है। इस कमेटी ने पहले ही रिकमंडेशन दे रखी है और इस कमेटी में ए. जी. हरियाणा, वित्त विभाग और एस. सी., एस. टी विभाग स्पेशल सेक्रेटरी को भी बुलाया जा चुका है। अध्यक्ष महोदय, मैं कहना चाहता हूं कि जब एक और अलग कमेटी बन जायेगी तो विधान सभा की एस.सी., एस.टी. कमेटी ने जो रिकमंडेशन दी है उसका क्या होगा? यह पचासीवां संविधान संशोधन एस. सी., एस.टी. कर्मचारियों की जीवन रेखा है। जब मुख्यमंत्री जी ने घोषणा कर दी तो कमेटी की क्या वैल्यू है। मुख्यमंत्री जी की घोषणा से ऊपर तो कोई कमिटमैंट हो ही नहीं सकती। अध्यक्ष महोदय, मैं जानना चाहूंगा कि मुख्यमंत्री जी ने जो घोषणा की थी उसको कब तक लागू किया जायेगा । डॉ. बनवारी लालः अध्यक्ष महोदय, इसमें कुछ कोर्ट केस चल रहे हैं उनके बारे में लीगल ओपिनियन ए. जी. हरियाणा से लेनी है कि हम इसे लागू कर सकते हैं या नहीं। उसके बाद ही हम कुछ कह पायेंगे । श्री ईश्वर सिंहः अध्यक्ष महोदय, हमने कमेटी की मीटिंग में ए. जी. हरियाणा को भी बुला लिया था और प्रोसिडिंग भी हो गयी थी फिर इसको लागू क्यों नहीं किया जा रहा है। श्री अध्यक्षः ईश्वर सिंह जी, माननीय मंत्री जी ने कहा है कि जो कोर्ट के अन्दर केस चल रहे हैं उनकी लीगलिटी क्या है उसके अन्दर क्या विषय हैं क्या नहीं हैं ये सारी चीजें देखने के बाद ही इस पर कुछ किया जा सकता है। श्री ईश्वर सिंहः अध्यक्ष महोदय, फिर कमेटी की रिकमंडेशन का क्या होगा? श्री मनोहर लाल : माननीय अध्यक्ष महोदय, यह ठीक बात है कि मैंने रोहतक में घोषणा की थी परन्तु साथ में उस घोषणा में मैंने दो बातें और भी कही थी कि केंद्रीय अधिसूचना और प्रासंगिक निर्णय यानी जो सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया है। उन दोनों को मिलाकर के जो केंद्रीय स्तर पर यह क्लास 'ए' और 'बी' की पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान किया जाएगा, वैसा हम करेंगे। लेकिन अब स्थिति यह बनी हुई है कि जो निर्णय सुप्रीम कोर्ट ने दिया है उसमें एक निर्णय यह दिया है कि पदोन्नति में आरक्षण दिया जा सकता है। लेकिन एक विषय यह भी है कि उसमें पहले से जो दो निर्णय हो रखे हैं। उसमें यह था कि यह रिजर्वेशन क्लास के हिसाब से किया जायेगा या कैडर के हिसाब से किया जाएगा। ये दो निर्णय अलग-अलग हुए हैं। इसका अंतिम निर्णय अभी माननीय उच्चतम न्यायालय के स्तर पर होना शेष है। एक तो यह है कि क्लास या ग्रुप as a whole उसका रिजर्वेशन किया जाये कि टोटल एस.सी. की इतनी रिजर्वेशन बाकी हैं और वह मिलाकर टोटल रिजर्वेशन बढ़ा दी जाये। दूसरी बात यह है कि हर विभाग का जो कैडर है उस कैडर के हिसाब से जो रिजर्वेशन में कमी है उसको पूरा किया जाये । अध्यक्ष महोदय, ये निर्णय होने अभी शेष हैं। इसको हमने पहले एल.आर. के पास भेजा कि क्या हम केन्द्र सरकार के हिसाब से इस बारे में अधिसूचना जारी कर सकते हैं? एल. आर. मैडम ने कहा कि नहीं, जब तक इस बारे में सुप्रीम कोर्ट का बाकी निर्णय नहीं हो जाता तब तक इसको लागू करना कठिन है लेकिन हमने इस बारे में फिर भी विचार किया कि एक बार ए. जी. साहब से हम पूछ लें कि क्या इसका उतना ही नोटिफिकेशन जो सैंट्रल गवर्नमैंट का पार्ट है यदि हम उसको अधिसूचित करेंगे तो क्या उसका लाभ होगा? अगर इस बारे में ए. जी. साहब की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसको तीन महीने के अंदर-अंदर लागू किया जायेगा। इसके विपरीत अगर उनकी रिपोर्ट में यह कहा जाता है कि नहीं अभी जो सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आयेगा उसके हिसाब से नोटिफिकेशन की जाये। उसके बाद हम इस मामले में जो सत्रह.आठ.दो हज़ार बाईस की डेट लगी हुई है उसमें सुप्रीम कोर्ट क्या निर्णय देता है उसके हिसाब से उस पर हम आगे निर्णय करके हम नोटिफाई भी करेंगे और यह हमारा वायदा है कि सैंट्रल गवर्नमैंट के ऑफिसिज में जिस प्रकार से पदोन्नति में आरक्षण है उसी पद्धति से हम पदोन्नति में आरक्षण लागू करेंगे। To Declare Gohana as District *अड़तालीस. Shri Jagbir Singh Malik: Will the Deputy Chief Minister be pleased to state: - whether there is any proposal under consideration of the Government to declare Gohana as district; and if so, the time by which it is likely to be declared? Deputy Chief Minister : Sir, there is no proposal under consideration to declare Gohana as a district. श्री जगबीर सिंह मलिकः स्पीकर सर, उप मुख्यमंत्री जी ने इस प्रश्न का जो जवाब दिया है कि 'नहीं श्रीमान् जी' इस संबंध में रो यह कहना है कि जे.जे.पी. ने गोहाना के लोगों को वर्ष दो हज़ार उन्नीस के विधान सभा इलैक्शन में आश्वासन दिया था कि आपके गोहाना को जिला बनाया जायेगा। इसी प्रकार से बी. जे.पी. ने वर्ष दो हज़ार चौदह और वर्ष दो हज़ार उन्नीस के विधान सभा इलैक्शन के अपने मैनीफैस्टों में कहा था कि गोहाना को जिला बनाया जायेगा। इस प्रकार से जे. जे. पी. और बी.जे.पी. दोनों पार्टियों ने गोहाना में गोहाना को जिला बनाने के नाम पर लोगों से वोट मांगी लेकिन आज उप मुख्यमंत्री जी कहते हैं कि गोहाना को जिला नहीं बनाया जायेगा । जिस प्रकार से गोहाना के लोगों को बरगलाकर वोट मांगी गई गोहाना की जनता जरूर हिसाब लेगी। अध्यक्ष जी, मैं आपके माध्यम से माननीय उप मुख्यमंत्री जी से यही पूछना चाहता हूँ कि वे बतायें कि गोहाना को जिला क्यों नहीं बनायेंगे? श्री दुष्यंत चौटालाः अध्यक्ष महोदय, इस प्रकार के मामलों को एग्जामिन करने के लिए हरियाणा सरकार की कैबिनेट द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया था। उस कमेटी में तीन मिनिस्टर्ज थे। जब उस कमेटी के पास गोहाना को जिला बनाने का परपोजल गया था उस समय गोहाना को जिला बनाने के लिए जितने गांव, जितनी जनसंख्या, जितनी सब-डिवीजन और जितनी तहसीलें होनी चाहिएं थी गोहाना उस क्राईटेरिया को फुलफिल नहीं कर रहा था। उसके बाद सैंटर की सैंसस की एक नोटिफिकेशन आई जो बार-बार because of Covid-उन्नीस डैफर हुई। हमने सम्बन्धित डिप्टी कमिश्नर को वह चिट्ठी भेज दी थी कि डिप्टी कमिश्नर इसको रि- वैरीफाई करें और यह पता लगाया जो कि क्या हम साथ लगते दूसरों जिलों से पॉपूलेशन, तहसील और सब डिवीजन इसके अंदर एड कर सकते हैं? जो नया जिला बनाने के लिए निर्धारित क्राईटेरिया है अगर गोहाना उस क्राईटेरिया को फुलफिल कर पायेगा तभी गोहाना को नया जिला बनाया जा सकेगा। इसी प्रकार का मामला हांसी का भी है। गोहाना और हांसी दोनों की कंसर्ड डिप्टी कमिश्नर्ज के पास रिपोर्ट भेजी गई है वे कंसीडर करके दोबारा फ्रैश रिपोर्ट प्रस्तुत करें । To Start Works Under Mahagram Yojana *उनचास. Shri Amit Sihag: Will the Chief Minister be pleased to state: the time by which the works under Mahagram Yojana in village Ganga of Dabwali Assembly Constituency are likely to be started/ completed; the details of the progress made by the Government so far; and whether any inconvenience has been faced by the residents of village Ganga during the execution of the abovesaid works; if so, the steps taken by the Government in this regard? @ मुख्यमंत्री : श्रीमान, गांव गंगा में महाग्राम योजना के तहत कार्य उन्नीस.आठ.दो हज़ार उन्नीस को शुरू किया गया था और इसके इकतीस.बारह.दो हज़ार तेईस तक पूर्ण होने की संभावना है। गंगा में जलापूर्ति योजना के विस्तार का कार्य नब्बे प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है और सीवरेज प्रणाली बिछाने का कार्य अस्सी प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। मल शोधन संयंत्र के निर्माण के लिए निविदाएं एक.नौ.दो हज़ार बाईस तक आमंत्रित करने की संभावना है। हां, कार्य के निष्पादन के दौरान निवासियों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ा। कार्य करने के दौरान खंडित की गई सड़कों की मरम्मत का काम विभाग द्वारा शुरू कर दिया गया है और इसे बरसाती मौसम के बाद अर्थात् इकतीस.दस.दो हज़ार बाईस तक पूर्ण कर दिया जाएगा। श्री अमित सिहागः अध्यक्ष महोदय, जैसा कि माननीय मंत्री जी ने बताया है कि अगस्त, दो हज़ार उन्नीस में महाग्राम योजना के तहत गांव गंगा का काम शुरू हुआ था। उस समय यह आश्वासन दिया गया था कि लगभग अट्ठारह महीनों में काम पूरा कर दिया जायेगा। उसके बाद मुझे ऐस्टीमेट कमेटी में भी लिखित में यह आश्वासन मिला था कि इकतीस.बारह.दो हज़ार इक्कीस तक यह काम पूरा कर दिया जायेगा। आज अगस्त, दो हज़ार बाईस आ गया है लेकिन अभी बहुत का बकाया है। मंत्री जी ने स्वयं माना है कि अभी एस.टी.पी. नहीं लगाया गया है। इसी प्रकार से अभी तक वाटर वर्क्स को नहर से नहीं जोड़ा गया है। आज की तारीख में उस गांव की अधिकतर गलियां पूरी तरह से टूटी पड़ी हैं। यह महाग्राम योजना पूरे हरियाणा में चलाई जा रही है और मुझे लगता है कि लगभग हर जगह यही स्थिति होगी इसलिए पिछले तीन सालों से वहां के लोगों की क्या हालत है यह देखने की आवश्यकता है। मैं यह एक तस्वीर दिखाना चाहता हूं जिसमें @ Reply given by Co-operative Minister धूल ही धूल उड़ रही है और इसी हालात में वहां के नागरिक पिछले तीन साल से जीवन यापन कर रहे हैं। मैं उन लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिला हूं और उन्होंने बताया है कि बहुत से लोगों को सांस की बीमारी हो गई है। वहां पर जो सीवरेज की लाईन डाली जा रही है उसके गड्ढों के कारण लोगों की गाड़ियों का सस्पैंशन खराब हो रहा है। इस दूसरी तस्वीर में आप देखेंगे कि बरसात के मौसम में एक स्कूल वैन धंस गई है तथा एक ट्रक धंस गया है। इस प्रकार से वहां के लोगों का सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जिस योजना को महाग्राम बता रहे हैं सही मायने में तो वह तीन साल के लिए उन लोगों के लिए महासंग्राम बन कर रह गई है। मेरे विचार से जब इसका टैंडर किया गया तब शायद यह प्रावधान नहीं किया गया कि जब सीवरेज डालने के लिए ये गलियां उखाडी जायेंगी तो उनको दोबारा बनाया जायेगा। जो ठेकेदार था उसने गलियों से ब्लॉक निकाल दिये और जब लोगों ने दबाव बनाया तो उसने कहा कि पैच वर्क करेंगें। उसने बगैर मिट्टी को दबाए पैच वर्क कर दिया। जब बरसात आई तो वह मिट्टी नीचे बैठ गई और सारी गलियां दोबारा से टूट गई जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त जहां पर आर.सी.सी. की गलियां थी उनमें सीवरेज डालने के बाद पब्लिक हैल्थ डिपार्टमैंट का कहना था कि यह ठीक करना पंचायतीराज का काम है और पंचायतें पिछले एक डेढ़ साल से निष्क्रिय हैं इसलिए उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। अब मुझे पता चला है कि आप चौटाला गांव को भी महाग्राम बनाने जा रहे हैं तो मेरा सुझाव है कि जब भी टैंडर किया जाये तो उसमें गलियों को बनाने का प्रावधान भी किया जाये । अध्यक्ष महोदय, माननीय मंत्री जी ने इकतीस.दस.दो हज़ार बाईस तक इस कार्य के पूर्ण होने का आश्वासन दिया है। मैं आपके माध्यम से मंत्री जी से यह भी आश्वासन चाहता हूं कि पैच वर्क नहीं हमें पूरी गलियां दोबारा बनी हुई चाहिएं और अगर यह काम इकतीस.दस.दो हज़ार बाईस तक पूरा नहीं हुआ तो क्या माननीय मंत्री जी उस गांव का दौरा करेंगे और इसके लिए जो भी अधिकारी जिम्मेदार होगा क्या उसके खिलाफ एक्शन लेंगे? डॉ. बनवारी लालः अध्यक्ष महोदय, माननीय सदस्य की यह बात सही है कि जब भी विकास का कोई काम होता है तो लोगों को कुछ समय के लिए असुविधा तो होती है। दूसरी बात माननीय सदस्य ने यह कही है कि क्या टैंडर में गलियों को बनाने का कोई प्रावधान है तो मैं माननीय सदस्य को बताना चाहूंगा कि अब पानी की लाईन या सीवरेज की लाईन डालने के लिए पूरे हरियाणा में जहां भी सड़कें या गलियां टूटती हैं तो पब्लिक हैल्थ ही उस काम को करायेगा। इस प्रकार का प्रावधान टैंडर में किया गया है। श्री अमित सिहागः अध्यक्ष महोदय, जब हमने पब्लिक हैल्थ डिपार्टमैंट के अधिकारियों तो उन्होंने मना कर दिया कि यह हमारे विभाग का काम नहीं है और ठेकेदार से पूछा तो उसने भी यही कहा कि हम सिर्फ पैच वर्क करेंगे क्योंकि टैंडर में इन गलियों को बनाने का प्रावधान नहीं है। डॉ. बनवारी लालः अध्यक्ष महोदय, मैं सदन के पटल पर कह रहा हूं कि हम इस काम को करवायेंगे । अब हमने टैंडर में ही यह प्रावधान कर दिया है तथा पूरे हरियाणा में जहां भी इस तरह का काम होगा उसको पब्लिक हैल्थ करेगा । श्री अमित सिहागः अध्यक्ष महोदय, मैं तथ्यों के आधार पर यह बात कह रहा हूं।
नई दिल्ली- सीएम अशोक गहलोत जनता को महंगाई राहत कैंप के माध्यम से राहत देने की प्रयास कर रहे हैं। वह फूड पैकेट योजना के तहत गरीब लोगों की मदद कर रहे हैं। लेकिन योजना के शुरुआत में ही ब्रेक लग गया है। दरअसल फूड पैकेट के मसाले की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच बाड़मेर में फूड पैकेट वितरण पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया गया है। बाड़मेर जिला कलेक्टर के निर्देश पर मसाले के सैंपल लेकर जांच के लिए जोधपुर भेजे गए संभवत अब जांच के बाद ही लापरवाहों पर कार्यवाही की जा सकती है। दरअसल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वतंत्रता दिवस के दिन ही मुख्यमंत्री निशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट वितरण का शुभारंभ किया था। इसके अगले दिन ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें मिर्च पाउडर के एक बुरादे की तरह नजर आ रहा था और लाल मिर्च पाउडर के रंग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे थे। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स गहलोत सरकार को जमकर निशाने पर ले रहे हैं इसके साथ बाड़मेर जिला कलेक्टर इन वीडियो को संज्ञान में लेते हुए फूड पैकेट वितरण पर अभी रोक लगा दी है। साथ ही फुट पैकेट के मसालों के सैंपल लेकर जोधपुर भेज दिए गए जब जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा। बाड़मेर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर अंजुम तामीर राम ने बताया कि दो वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन के संज्ञान में आए थे एक वीडियो बाड़मेर का नहीं था। और दूसरा बाड़मेर के घर नई तहसील से पाया गया तो अभी आप फूड की ओर से जिले कितने सप्लाई कराई थी। प्रशासन ने मसाले के सैंपल लेकर जोधपुर भेजे हैं। एनडीए के मुताबिक तहसीलदार के प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पैकेट में मिर्ची ही थी लेकिन मिर्च का रंग हल्का था। रिपोर्ट में सरकार के टेंडर की शर्तों या कल इलेक्ट्रिक का उल्लंघन होना पाया जाता है। जो संबंधित टेंडर धारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी प्रशासन ने अभी जिले में फूड पैकेट वितरण पर रोक लगा दी है। मिर्ची की क्वालिटी को लेकर जब गहलोत सरकार की सोशल मीडिया पर जमकर फसीहत होने लगी। तो जिला कलेक्टर अरुण पुरोहित ने एटीएम के नेतृत्व में हसो के पास सदस्य टीम बैठी जांच कमेटी ने शुक्रवार को विभिन्न इलाकों में जाकर राशन डीलर्स की दुकानों पर फूड पैकेट की जांच पड़ताल की है। वही सीएमएचओ एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मिर्च और अन्य मसाले के सैंपल लेकर जोधपुर जांच के लिए भेजें है। - बेहद सस्ते में मिल रहा है सबसे यूनीक फोन, Flipkart या Amazon जानिए कहां से शॉपिंग करना है फायदेमंद?
नई दिल्ली- सीएम अशोक गहलोत जनता को महंगाई राहत कैंप के माध्यम से राहत देने की प्रयास कर रहे हैं। वह फूड पैकेट योजना के तहत गरीब लोगों की मदद कर रहे हैं। लेकिन योजना के शुरुआत में ही ब्रेक लग गया है। दरअसल फूड पैकेट के मसाले की गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों के बीच बाड़मेर में फूड पैकेट वितरण पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया गया है। बाड़मेर जिला कलेक्टर के निर्देश पर मसाले के सैंपल लेकर जांच के लिए जोधपुर भेजे गए संभवत अब जांच के बाद ही लापरवाहों पर कार्यवाही की जा सकती है। दरअसल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वतंत्रता दिवस के दिन ही मुख्यमंत्री निशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट वितरण का शुभारंभ किया था। इसके अगले दिन ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया जिसमें मिर्च पाउडर के एक बुरादे की तरह नजर आ रहा था और लाल मिर्च पाउडर के रंग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे थे। इसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स गहलोत सरकार को जमकर निशाने पर ले रहे हैं इसके साथ बाड़मेर जिला कलेक्टर इन वीडियो को संज्ञान में लेते हुए फूड पैकेट वितरण पर अभी रोक लगा दी है। साथ ही फुट पैकेट के मसालों के सैंपल लेकर जोधपुर भेज दिए गए जब जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा। बाड़मेर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर अंजुम तामीर राम ने बताया कि दो वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन के संज्ञान में आए थे एक वीडियो बाड़मेर का नहीं था। और दूसरा बाड़मेर के घर नई तहसील से पाया गया तो अभी आप फूड की ओर से जिले कितने सप्लाई कराई थी। प्रशासन ने मसाले के सैंपल लेकर जोधपुर भेजे हैं। एनडीए के मुताबिक तहसीलदार के प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पैकेट में मिर्ची ही थी लेकिन मिर्च का रंग हल्का था। रिपोर्ट में सरकार के टेंडर की शर्तों या कल इलेक्ट्रिक का उल्लंघन होना पाया जाता है। जो संबंधित टेंडर धारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी प्रशासन ने अभी जिले में फूड पैकेट वितरण पर रोक लगा दी है। मिर्ची की क्वालिटी को लेकर जब गहलोत सरकार की सोशल मीडिया पर जमकर फसीहत होने लगी। तो जिला कलेक्टर अरुण पुरोहित ने एटीएम के नेतृत्व में हसो के पास सदस्य टीम बैठी जांच कमेटी ने शुक्रवार को विभिन्न इलाकों में जाकर राशन डीलर्स की दुकानों पर फूड पैकेट की जांच पड़ताल की है। वही सीएमएचओ एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मिर्च और अन्य मसाले के सैंपल लेकर जोधपुर जांच के लिए भेजें है। - बेहद सस्ते में मिल रहा है सबसे यूनीक फोन, Flipkart या Amazon जानिए कहां से शॉपिंग करना है फायदेमंद?
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नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ कैंपस में डाटा एंट्री ऑपरेटर पदों पर भर्तियाँ निकली हैं। उम्मीदवारों के लिए दिए गए सभी दिशा निर्देश पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें! ऑनलाइन आवेदन करने के लिए यहाँ क्लिक करें! इसके अलावा, नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन दिल्ली भी कई पदों पर नियुक्तियां कर रहा है। वेतनमानः Level छः वेतनमानः Level छः वेतनमानः Level चार वेतनमानः Level चार वेतनमानः Level दो आवेदन करने की आखिरी तारीख उन्नीस सितंबर दो हज़ार बीस है। पूरी जानकारी पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें! ऑनलाइन आवेदन करने के लिए यहाँ क्लिक करें! नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन की ओर से निकाली गई विभिन्न पदों पर भर्तियों के लिए उम्मीदवारों का सेलेक्शन कंप्यूटर बेस्ड लिखित परीक्षा एवं स्किल टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। उम्मीदवारों से अनुरोध है कि आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देश अच्छे से पढ़ें! यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है, या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ साझा करना चाहते हो, तो हमें hindi@thebetterindia. com पर लिखें, या Facebook और Twitter पर संपर्क करें। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो सात तीन तीन सात आठ पाँच चार दो दो दो पर व्हाट्सएप कर सकते हैं। We at The Better India want to showcase everything that is working in this country. By using the power of constructive journalism, we want to change India - one story at a time. If you read us, like us and want this positive movement to grow, then do consider supporting us via the following buttons:
नई दिल्ली, 12 नवंबर (आईएएनएस)। देश के सभी पंचायतों को 2019 तक तीव्र गति की ब्रॉडबैंड सुविधा से लैस करने की केंद्र सरकार की भारतनेट परियोजना के दूसरे व अंतिम चरण की शुरुआत सोमवार से होने जा रही है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 13 नवंबर को नई दिल्ली में राज्यों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर व नेटवर्क के उपयोग को लेकर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। राज्यों के प्रतिनिधि समेत अनेक सेवाप्रदाता इसमें हिस्सा लेंगे। दूरसंचार विभाग (डीओटी) की ओर से सम्मेलन के दौरान भारतनेट फेज-2 को अमलीजामा पहनाने को लेकर राज्यों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। मंत्रालय के मुताबिक, राज्यों और सेवाप्रदाताओं के साथ विभाग की ओर से आजोजित इस सम्मेलन में भारतनेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के विविध उपयोग मॉडलों का प्रदर्शन व उसपर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इस सम्मेलन में प्रदेशों के प्रौद्योगिकी मंत्री व सचिव भी हिस्सा लेंगे। बताया जा रहा है कि एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन और आईडिया जैसे सेवाप्रदाताओं ने भारतनेट में भाग लेने की दिलचस्पी दिखाई है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय संचार मंत्री मनोज सिन्हा, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी इस मौके पर उपस्थित रहेंगे।
नई दिल्ली, बारह नवंबर । देश के सभी पंचायतों को दो हज़ार उन्नीस तक तीव्र गति की ब्रॉडबैंड सुविधा से लैस करने की केंद्र सरकार की भारतनेट परियोजना के दूसरे व अंतिम चरण की शुरुआत सोमवार से होने जा रही है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, तेरह नवंबर को नई दिल्ली में राज्यों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर व नेटवर्क के उपयोग को लेकर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। राज्यों के प्रतिनिधि समेत अनेक सेवाप्रदाता इसमें हिस्सा लेंगे। दूरसंचार विभाग की ओर से सम्मेलन के दौरान भारतनेट फेज-दो को अमलीजामा पहनाने को लेकर राज्यों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। मंत्रालय के मुताबिक, राज्यों और सेवाप्रदाताओं के साथ विभाग की ओर से आजोजित इस सम्मेलन में भारतनेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के विविध उपयोग मॉडलों का प्रदर्शन व उसपर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इस सम्मेलन में प्रदेशों के प्रौद्योगिकी मंत्री व सचिव भी हिस्सा लेंगे। बताया जा रहा है कि एयरटेल, रिलायंस जियो, वोडाफोन और आईडिया जैसे सेवाप्रदाताओं ने भारतनेट में भाग लेने की दिलचस्पी दिखाई है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय संचार मंत्री मनोज सिन्हा, सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद और मानव संसाधन एवं विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी इस मौके पर उपस्थित रहेंगे।
दमोह। MP Damoh News एमपी के दमोह में बड़ी अनहोनी होते - होते बच गई। जहां एक घर में बच्चा खेलते-खेलते कुएं में जा गिरा। हालांकि राहत भरी बात ये हैं कि घटना की सूचना लगते ही स्थानीय लोगों ने जान बचा ली। घटना सिविल वार्ड की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना कोतवाली थाने की सिविल वार्ड की है। जहां पवन जैन के घर में दो बच्चे खेल रहे थे। एक बच्चा साईकिल चला रहा था। दूसरा बच्चा कुएं की किनारे पर खड़ा खेल रहा था। तभी बच्चे ने कुएं की जाली पर पैर रखा तो जाली टूट गई और बच्चा कुएं में जा गिरा। तुरंत साइकिल चला रहे बच्चे ने जाकर कुएं में झांका और कुएं में गिरे बच्चे को पानी का पाइप पकड़कर रहने को कहा। इसके बाद उसमें कॉलोनी और परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पवन जैन ने रस्सी के सहारे कुए में गिरकर बच्चे की जान बचाई। बच्चे के कुएं में गिरने का वीडियो CCTV में कैद हो गया।
दमोह। MP Damoh News एमपी के दमोह में बड़ी अनहोनी होते - होते बच गई। जहां एक घर में बच्चा खेलते-खेलते कुएं में जा गिरा। हालांकि राहत भरी बात ये हैं कि घटना की सूचना लगते ही स्थानीय लोगों ने जान बचा ली। घटना सिविल वार्ड की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना कोतवाली थाने की सिविल वार्ड की है। जहां पवन जैन के घर में दो बच्चे खेल रहे थे। एक बच्चा साईकिल चला रहा था। दूसरा बच्चा कुएं की किनारे पर खड़ा खेल रहा था। तभी बच्चे ने कुएं की जाली पर पैर रखा तो जाली टूट गई और बच्चा कुएं में जा गिरा। तुरंत साइकिल चला रहे बच्चे ने जाकर कुएं में झांका और कुएं में गिरे बच्चे को पानी का पाइप पकड़कर रहने को कहा। इसके बाद उसमें कॉलोनी और परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पवन जैन ने रस्सी के सहारे कुए में गिरकर बच्चे की जान बचाई। बच्चे के कुएं में गिरने का वीडियो CCTV में कैद हो गया।
ग्वालियर, न. सं. । स्मैक तस्कर की गोली मारकर हत्या करने वाले सुरक्षाकर्मी का एक दिन बीत जाने के बाद भी सुराग नहीं लग सका है। पुलिस ने उसके छिपने के संभावति ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका। गोलीबारी में दो लोग छर्रे लगने से घायल हो गए थे। जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित फौजदारों का बाड़ा में अक्कू पंडित ने बीते सोमवार को कबीर उर्फ रवि तोमर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। अक्कू पंडित हत्या करने के बाद घटना स्थल से आराम से घर पहुंंंचा और अपनी लायसेंसी बंदूक लेकर बुलट मोटर साइकिल से फरार हो गया था। एक दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपी का सुराग नहीं लगा सकी है। अक्कू पंडित ने जिस ढंग से गोली मारकर हत्या को अंजाम दिया था, उससे क्षेत्र में अभी भी लोग भयभीत हैं। इस घटना को पूरे शहर ने सीसीटीवी फुटेज में देखा था। अक्कू पंडित की मृतक से कोई रंजिश या लेनदेन नहीं था। मृतक कबीर, उसका साथी बालेन्दु शर्मा आरोपी अक्कू पंडित केभतीजे लाला से गाली-गलौज कर रहे थे। सनकी स्वभाव का अक्कू पंडित अपना आपा खो बैठा और लायसेंसी बंदूक निकाल लाया था। घटना के समय अक्कू पंडित सरेआम बंदूक को लहराते हुए फौजदारों का बाड़ा में घूम रहा था। जैसे ही कबीर उर्फ रवि तोमर उसके सामने आया तो उसने बंदूक से गोली चला दी। कबीर में गोली लगते ही उसकी खोपड़ी के चिथड़े उड़ गए। पुलिस ने आरोपी की तलाश में उसके छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। आरोपी शहर के नामचीन बिल्डर्स के यहां पर सुरक्षाकर्मी की नौकरी करता था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि आरोपी को पकडऩे के लिए टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।
ग्वालियर, न. सं. । स्मैक तस्कर की गोली मारकर हत्या करने वाले सुरक्षाकर्मी का एक दिन बीत जाने के बाद भी सुराग नहीं लग सका है। पुलिस ने उसके छिपने के संभावति ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका। गोलीबारी में दो लोग छर्रे लगने से घायल हो गए थे। जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित फौजदारों का बाड़ा में अक्कू पंडित ने बीते सोमवार को कबीर उर्फ रवि तोमर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। अक्कू पंडित हत्या करने के बाद घटना स्थल से आराम से घर पहुंंंचा और अपनी लायसेंसी बंदूक लेकर बुलट मोटर साइकिल से फरार हो गया था। एक दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपी का सुराग नहीं लगा सकी है। अक्कू पंडित ने जिस ढंग से गोली मारकर हत्या को अंजाम दिया था, उससे क्षेत्र में अभी भी लोग भयभीत हैं। इस घटना को पूरे शहर ने सीसीटीवी फुटेज में देखा था। अक्कू पंडित की मृतक से कोई रंजिश या लेनदेन नहीं था। मृतक कबीर, उसका साथी बालेन्दु शर्मा आरोपी अक्कू पंडित केभतीजे लाला से गाली-गलौज कर रहे थे। सनकी स्वभाव का अक्कू पंडित अपना आपा खो बैठा और लायसेंसी बंदूक निकाल लाया था। घटना के समय अक्कू पंडित सरेआम बंदूक को लहराते हुए फौजदारों का बाड़ा में घूम रहा था। जैसे ही कबीर उर्फ रवि तोमर उसके सामने आया तो उसने बंदूक से गोली चला दी। कबीर में गोली लगते ही उसकी खोपड़ी के चिथड़े उड़ गए। पुलिस ने आरोपी की तलाश में उसके छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। आरोपी शहर के नामचीन बिल्डर्स के यहां पर सुरक्षाकर्मी की नौकरी करता था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र सिंह तोमर का कहना है कि आरोपी को पकडऩे के लिए टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।
सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की इमारतों मे दुर्घटना होने पर हरेक पीड़ित के आश्रित को जल्दी ही 8 लाख रुपये का मुआवजा देने वाली पॉलिसी पर मुहर लग सकती है. सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की इमारतों मे दुर्घटना होने पर हरेक पीड़ित के आश्रित को जल्दी ही 8 लाख रुपये का मुआवजा देने वाली पॉलिसी पर मुहर लग सकती है. कैबिनेट सचिव के जारी किए गए प्रस्ताव पर कानून मंत्रालय विचार कर रहा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने केन्द्र सरकार को इसपर पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए थे. (ये भी पढ़ेंः अमेरिका को पीछे छोड़ भारत बन सकता है दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाः रिपोर्ट) सरकारी और पीएसयू की इमारतों में दुर्घटना पर मुआवजा मिलेगा. गैर कर्मचारियों, बाहरी व्यक्तियों को दुर्घटना कवर मिलेगा. इसके लिए केन्द्र सरकार नई पॉलिसी ला रही है. कैबिनेट सचिव ने प्रस्ताव जारी किया था. कानून मंत्रालय से गाइडलाइंस पर अंतिम राय मांगी गई है. ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों, लेबर समेत सामान्य नागरिक को भी मुआवजा मिलेगा. मृतक के आश्रितों को 8 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा. वहीं विकलांग होने पर 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए थे. जनवरी अंत तक पॉलिसी को मंजूरी मिल सकती है. रेलवे, रोड, हवाई जहाज में दुर्घटना होने पर भी मुआवजे का प्रावधान होगा. (वरिष्ठ संवाददाता- सीएनबीसी-आवाज़) .
सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की इमारतों मे दुर्घटना होने पर हरेक पीड़ित के आश्रित को जल्दी ही आठ लाख रुपये का मुआवजा देने वाली पॉलिसी पर मुहर लग सकती है. सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की इमारतों मे दुर्घटना होने पर हरेक पीड़ित के आश्रित को जल्दी ही आठ लाख रुपये का मुआवजा देने वाली पॉलिसी पर मुहर लग सकती है. कैबिनेट सचिव के जारी किए गए प्रस्ताव पर कानून मंत्रालय विचार कर रहा है. दिल्ली हाई कोर्ट ने केन्द्र सरकार को इसपर पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए थे. सरकारी और पीएसयू की इमारतों में दुर्घटना पर मुआवजा मिलेगा. गैर कर्मचारियों, बाहरी व्यक्तियों को दुर्घटना कवर मिलेगा. इसके लिए केन्द्र सरकार नई पॉलिसी ला रही है. कैबिनेट सचिव ने प्रस्ताव जारी किया था. कानून मंत्रालय से गाइडलाइंस पर अंतिम राय मांगी गई है. ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों, लेबर समेत सामान्य नागरिक को भी मुआवजा मिलेगा. मृतक के आश्रितों को आठ लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा. वहीं विकलांग होने पर पाँच लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए थे. जनवरी अंत तक पॉलिसी को मंजूरी मिल सकती है. रेलवे, रोड, हवाई जहाज में दुर्घटना होने पर भी मुआवजे का प्रावधान होगा. .
'तानाजी (Tanhaji): द अनसंग वॉरियर' एक बार फिर से चर्चा में है। फिल्म को तीन केटेगरी में नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। तानाजी का किरदार निभाने वाले अजय देवगन बेस्ट एक्टर बने हैं। इसके अलावा बेस्ट पॉपुलर फिल्म और बेस्ट कॉस्ट्यूम के लिए भी अवॉर्ड मिला है। इस फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत ने एक इंटरव्यू में कहा है कि ये अवॉर्ड फिल्म के हर कास्ट और क्रू मेंबर को समर्पित है। साथ ही बताया है कि कैसे इस फिल्म को पर्दे पर उतारने में अजय देवगन और सैफ अली खान ने सहयोग किया। फिल्म में सैफ निगेटिव किरदार में थे। उन्होंने उदयभान राठौड़ का किरदार निभाया था। इस फिल्म को सफलता मिलने के बाद एक इंटरव्यू में सैफ अली खान ने कहानी की वास्तविकता पर ही सवाल उठा दिए थे। औरंगजेब को खलनायक दिखाने से आहत सैफ ने इसे इतिहास का हिस्सा मानने से इनकार कर दिया था। अनुपमा चोपड़ा को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "इतिहास क्या है, मैं जानता हूँ। लेकिन अगर कोई कहे कि फिल्म में जो दिखाया गया है, वह इतिहास है तो मैं इसे नहीं मानता। " सैफ ने कहा था कि वे इस रोल को लेकर बेहद रोमांचित थे। लेकिन वे इसे वास्तविक नहीं मानते। बावजूद कोई स्टैंड नहीं ले पाने पर उन्होंने अफसोस जताया। साथ ही कहा कि भविष्य में वे ऐसा कर सकते हैं। गौरतलब है कि यह फिल्म औरंगजेब के कब्जे से सिंहगढ़ किला छुड़ाने की कहानी पर केंद्रित है। उदयभान के नेतृत्व में 1800 पठान इस किले की सुरक्षा कर रहे थे। लेकिन तानाजी ने अपनी अदम्य वीरता के दम पर 300 मराठा के साथ इस किले को जीत लिया था। वे युद्ध के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। यह पता चलते ही शिवाजी ने कहा था- सिंहगढ़ तो आ गया, लेकिन सिंह चला गया।
'तानाजी : द अनसंग वॉरियर' एक बार फिर से चर्चा में है। फिल्म को तीन केटेगरी में नेशनल अवॉर्ड मिले हैं। तानाजी का किरदार निभाने वाले अजय देवगन बेस्ट एक्टर बने हैं। इसके अलावा बेस्ट पॉपुलर फिल्म और बेस्ट कॉस्ट्यूम के लिए भी अवॉर्ड मिला है। इस फिल्म के डायरेक्टर ओम राउत ने एक इंटरव्यू में कहा है कि ये अवॉर्ड फिल्म के हर कास्ट और क्रू मेंबर को समर्पित है। साथ ही बताया है कि कैसे इस फिल्म को पर्दे पर उतारने में अजय देवगन और सैफ अली खान ने सहयोग किया। फिल्म में सैफ निगेटिव किरदार में थे। उन्होंने उदयभान राठौड़ का किरदार निभाया था। इस फिल्म को सफलता मिलने के बाद एक इंटरव्यू में सैफ अली खान ने कहानी की वास्तविकता पर ही सवाल उठा दिए थे। औरंगजेब को खलनायक दिखाने से आहत सैफ ने इसे इतिहास का हिस्सा मानने से इनकार कर दिया था। अनुपमा चोपड़ा को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "इतिहास क्या है, मैं जानता हूँ। लेकिन अगर कोई कहे कि फिल्म में जो दिखाया गया है, वह इतिहास है तो मैं इसे नहीं मानता। " सैफ ने कहा था कि वे इस रोल को लेकर बेहद रोमांचित थे। लेकिन वे इसे वास्तविक नहीं मानते। बावजूद कोई स्टैंड नहीं ले पाने पर उन्होंने अफसोस जताया। साथ ही कहा कि भविष्य में वे ऐसा कर सकते हैं। गौरतलब है कि यह फिल्म औरंगजेब के कब्जे से सिंहगढ़ किला छुड़ाने की कहानी पर केंद्रित है। उदयभान के नेतृत्व में एक हज़ार आठ सौ पठान इस किले की सुरक्षा कर रहे थे। लेकिन तानाजी ने अपनी अदम्य वीरता के दम पर तीन सौ मराठा के साथ इस किले को जीत लिया था। वे युद्ध के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। यह पता चलते ही शिवाजी ने कहा था- सिंहगढ़ तो आ गया, लेकिन सिंह चला गया।
इस नए सिस्टम के मुताबिक, मोटर वाहन डेटाबेस (Automotive database) से जुड़े सर्वरों पर वाहन के मालिक (Vehicle owner) की जानकारी अपलोड की जाएगी, जिससे लोगों के लिए PUC सर्टिफिकेट के बिना अपने वाहनों का इस्तेमाल जारी रखना बहुत कठिन हो जाएगा. यदि आप किसी वाहन के मालिक हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. केंद्र सरकार वाहनों के प्रदूषण मानकों (Pollution norms) का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है. अगले साल जनवरी महीने से यदि किसी वाहन का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (Pollution control certificate-PUC) नहीं है, तो ऐसे वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) को जब्त किया जा सकता है. केंद्र सरकार ने बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने और पर्यावरण के हित में यह कदम उठाया है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने 27 नवंबर को एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें PUC सिस्टम को ऑनलाइन करने से पहले अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं. अभी इस प्रक्रिया में दो महीने और लग सकते हैं. प्रस्तावित सिस्टम के अनुसार, वाहन मालिकों (Vehicle owner) को निर्धारित समय के अंदर ही वाहन का PUC सर्टिफिकेट बनवाना अनिवार्य होगा. यदि कोई वाहन मालिक वैध पीयूसी सर्टिफिकेट (Valid PUC certificate) के बिना पाया जाता है तो उसे सात दिन का समय भी दिया जाएगा. लेकिन इस अवधि में भी वैध सर्टिफिकेट नहीं लेने पर वाहन आरसी जब्त किया जा सकेगा. इसके आलावा अगर कोई वाहन अतिरिक्त धुआं छोड़ता हुआ पाया जाता है, तो उसे इस्तेमाल करने वाला उस वाहन की जांच करवा सकता है, जिससे उन्हें सात दिनों का समय दिया जाएगा. ये नियम देश के सभी कमर्शियल वाहनों पर भी लागू होगा. इस नए सिस्टम के मुताबिक, मोटर वाहन डेटाबेस (Automotive database) से जुड़े सर्वरों पर वाहन के मालिक की जानकारी अपलोड की जाएगी, जिससे लोगों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट के बिना अपने वाहनों का इस्तेमाल जारी रखना बहुत कठिन हो जाएगा. बता दें कि वाहन मालिकों को पहले रजिस्ट्रेशन ऑफिस में जाकर प्रदूषण के मानकों या नियमों को पूरा करना होगा और वाहन की पूरी डिटेल्स ऑनलाइन अपडेट करवानी होगी, जिसके बाद ही उन्हें PUC सर्टिफिकेट मिल सकेगा. वाहन का इस्तेमाल करने वालों को अपने मोबाइल नंबर देने होंगे, जिस पर उन्हें वन-टाइम पासवर्ड (OTP) दिया जाएगा. PUC सेंटर पर यह OTP देने के बाद ही एक फॉर्म मिल सकेगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाएगी. मालूम हो कि दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में बढ़ रहे वायु प्रदूषण (Air pollution) ने सभी की चिंताओं को बढ़ा दिया है. दिल्ली (Delhi) की ही बात करें तो शनिवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 231 पर पहुंच गया है, जो 'खराब' कैटेगरी में आता है. शहरों में खराब होती हवा को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें कई स्तरों पर बड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं. यदि इस सिस्टम का उचित रूप से पालन किया जाए, तो वायु प्रदूषण पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है, लेकिन इसके लिए सरकार को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. PUC का पूरा नाम पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल है और इसकी जांच को पीयूसी टेस्ट कहा जाता है. इस टेस्ट के बाद ही किसी गाड़ी को PUC सर्टिफिकेट दिया जाता है. इस टेस्ट से यह पता चल जाता है कि किसी भी वाहन का प्रदूषण स्तर (Pollution Level) कितना है. PUC सर्टिफिकेट वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण नियंत्रण मानकों (Pollution control standards) के बारे में बताता है. यह सर्टिफिकेट एक निश्चित समय के लिए मान्य होता है. अगर किसी गाड़ी के PUC सर्टिफिकेट की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, तो पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है.
इस नए सिस्टम के मुताबिक, मोटर वाहन डेटाबेस से जुड़े सर्वरों पर वाहन के मालिक की जानकारी अपलोड की जाएगी, जिससे लोगों के लिए PUC सर्टिफिकेट के बिना अपने वाहनों का इस्तेमाल जारी रखना बहुत कठिन हो जाएगा. यदि आप किसी वाहन के मालिक हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. केंद्र सरकार वाहनों के प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है. अगले साल जनवरी महीने से यदि किसी वाहन का वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र नहीं है, तो ऐसे वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को जब्त किया जा सकता है. केंद्र सरकार ने बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने और पर्यावरण के हित में यह कदम उठाया है. सड़क परिवहन मंत्रालय ने सत्ताईस नवंबर को एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें PUC सिस्टम को ऑनलाइन करने से पहले अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं. अभी इस प्रक्रिया में दो महीने और लग सकते हैं. प्रस्तावित सिस्टम के अनुसार, वाहन मालिकों को निर्धारित समय के अंदर ही वाहन का PUC सर्टिफिकेट बनवाना अनिवार्य होगा. यदि कोई वाहन मालिक वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के बिना पाया जाता है तो उसे सात दिन का समय भी दिया जाएगा. लेकिन इस अवधि में भी वैध सर्टिफिकेट नहीं लेने पर वाहन आरसी जब्त किया जा सकेगा. इसके आलावा अगर कोई वाहन अतिरिक्त धुआं छोड़ता हुआ पाया जाता है, तो उसे इस्तेमाल करने वाला उस वाहन की जांच करवा सकता है, जिससे उन्हें सात दिनों का समय दिया जाएगा. ये नियम देश के सभी कमर्शियल वाहनों पर भी लागू होगा. इस नए सिस्टम के मुताबिक, मोटर वाहन डेटाबेस से जुड़े सर्वरों पर वाहन के मालिक की जानकारी अपलोड की जाएगी, जिससे लोगों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट के बिना अपने वाहनों का इस्तेमाल जारी रखना बहुत कठिन हो जाएगा. बता दें कि वाहन मालिकों को पहले रजिस्ट्रेशन ऑफिस में जाकर प्रदूषण के मानकों या नियमों को पूरा करना होगा और वाहन की पूरी डिटेल्स ऑनलाइन अपडेट करवानी होगी, जिसके बाद ही उन्हें PUC सर्टिफिकेट मिल सकेगा. वाहन का इस्तेमाल करने वालों को अपने मोबाइल नंबर देने होंगे, जिस पर उन्हें वन-टाइम पासवर्ड दिया जाएगा. PUC सेंटर पर यह OTP देने के बाद ही एक फॉर्म मिल सकेगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाएगी. मालूम हो कि दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में बढ़ रहे वायु प्रदूषण ने सभी की चिंताओं को बढ़ा दिया है. दिल्ली की ही बात करें तो शनिवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स दो सौ इकतीस पर पहुंच गया है, जो 'खराब' कैटेगरी में आता है. शहरों में खराब होती हवा को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें कई स्तरों पर बड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही हैं. यदि इस सिस्टम का उचित रूप से पालन किया जाए, तो वायु प्रदूषण पर काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है, लेकिन इसके लिए सरकार को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. PUC का पूरा नाम पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल है और इसकी जांच को पीयूसी टेस्ट कहा जाता है. इस टेस्ट के बाद ही किसी गाड़ी को PUC सर्टिफिकेट दिया जाता है. इस टेस्ट से यह पता चल जाता है कि किसी भी वाहन का प्रदूषण स्तर कितना है. PUC सर्टिफिकेट वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण नियंत्रण मानकों के बारे में बताता है. यह सर्टिफिकेट एक निश्चित समय के लिए मान्य होता है. अगर किसी गाड़ी के PUC सर्टिफिकेट की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, तो पकड़े जाने पर कठोर कार्रवाई की जा सकती है.
तीन-पंक्ति वाले वाहनों की मांग में वृद्धि हुई है. हाल ही में, बाजार में कई तीन-पंक्ति वाले वाहन पेश किए गए है. हालांकि, ऐसी कारों का अधिक मूल्य, इन्हें खरीदने वाले लोगों के लिए एक बड़ा प्रश्न शुरू हो जाता है. ऐसे में हमने तीन-पंक्ति वाली SUV और MPV की लिस्ट तैयार कर चुकी है, जो देश में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं और जिनका मूल्य 10 लाख रुपये, एक्स-शोरूम से कम है. रेनॉल्ट ट्राइबरः रेनॉल्ट ट्राइबर का शुरुआती मूल्य 5. 76 (एक्स-शोरूम) रुपये हैं, जिससे यह 10 लाख रुपये से कम वाली तीन-पंक्ति की एमपीवी और एसयूवी लिस्ट में पहले नंबर पर दर्ज है. इसे 4-स्टार क्रैश-टेस्ट रेटिंग भी दी जा रही है. जिसमे 1. 0L NA पेट्रोल इंजन मिलता है. मैनुअल और ऑटोमैटिक, दोनों गियरबॉक्स के ऑप्शन भी दिए जा रहे है. मारुति सुजुकी अर्टिगाः इस सूची में सबसे MPV नई मारुति सुजुकी अर्टिगा है. 7-सीटर MPV को हाल ही में अपडेटेड अवतार में पेश कर दिया गया है, जिसका शुरुआती मूल्य 8. 35 लाख रुपये है. फ्रेश मॉडल के एक्सटीरियर में परिवर्तन हुए है, अडवांस इंफोटेनमेंट यूनिट, अपडेटेड पावरट्रेन और एक नया 6-स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स है.
तीन-पंक्ति वाले वाहनों की मांग में वृद्धि हुई है. हाल ही में, बाजार में कई तीन-पंक्ति वाले वाहन पेश किए गए है. हालांकि, ऐसी कारों का अधिक मूल्य, इन्हें खरीदने वाले लोगों के लिए एक बड़ा प्रश्न शुरू हो जाता है. ऐसे में हमने तीन-पंक्ति वाली SUV और MPV की लिस्ट तैयार कर चुकी है, जो देश में बिक्री के लिए उपलब्ध हैं और जिनका मूल्य दस लाख रुपये, एक्स-शोरूम से कम है. रेनॉल्ट ट्राइबरः रेनॉल्ट ट्राइबर का शुरुआती मूल्य पाँच. छिहत्तर रुपये हैं, जिससे यह दस लाख रुपये से कम वाली तीन-पंक्ति की एमपीवी और एसयूवी लिस्ट में पहले नंबर पर दर्ज है. इसे चार-स्टार क्रैश-टेस्ट रेटिंग भी दी जा रही है. जिसमे एक. शून्यL NA पेट्रोल इंजन मिलता है. मैनुअल और ऑटोमैटिक, दोनों गियरबॉक्स के ऑप्शन भी दिए जा रहे है. मारुति सुजुकी अर्टिगाः इस सूची में सबसे MPV नई मारुति सुजुकी अर्टिगा है. सात-सीटर MPV को हाल ही में अपडेटेड अवतार में पेश कर दिया गया है, जिसका शुरुआती मूल्य आठ. पैंतीस लाख रुपये है. फ्रेश मॉडल के एक्सटीरियर में परिवर्तन हुए है, अडवांस इंफोटेनमेंट यूनिट, अपडेटेड पावरट्रेन और एक नया छः-स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स है.
ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुत्ता का संबंध केतु ग्रह से होता है। इसलिए अगर आपकी कुंडली में केतु ग्रह सकारात्मक स्थित हैं। मतलब वह जन्मकुंडली में अपने मित्र ग्रह के साथ स्थित हैं। तो आप कुत्ते को पाल सकते हैं। ऐसा करने से आपको केतु ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही सभी कामों में सफलता मिलेगी। आरोग्य की प्राप्ति होगी। वहीं कुत्ते को भैरव देवता का सेवक माना जाता है। इसलिए कुत्ते को भोजन देने से भैरव महाराज प्रसन्न होते हैं और संकटों से भक्तों की रक्षा करते हैं। साथ ही मान्यता है कि काले कुत्ते को रोटी खिलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही काले रंग के कुत्ते की सेवा करने से शनि ग्रह के मजबूत होने की भी मान्यता है। कहा जाता है कि घर पर कुत्ता पालने से राहु-केतु से बनने वाले अशुभ योग भी दूर होते हैं। कहते हैं कि घर की बनी हुई पहली रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को खिलानी चाहिए। कहते हैं कि इससे ग्रहदोष दूर होते हैं और परिवार में खुशहाली आती है। अगर आपकी जन्मकुंडली में केतु ग्रह लग्न में स्थित हैं या केतु ग्रह कुंडली में अशुभ स्थित में विराजमान हैं तो आपको कुत्ता नहीं पालना चाहिए। वहीं अगर आप फिर भी कुत्ता पालते हैं तो ज्योतिष के मुताबिक आपको कई अनचाही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। घर में सुख- समृद्धि का अभाव रहेगा। आर्थिक तंगी रह सकती है। साथ ही घर में छोटी- छोटी बात पर क्लेश हो सकती है। सदस्यों में मनमुटाव रह सकता है।
ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुत्ता का संबंध केतु ग्रह से होता है। इसलिए अगर आपकी कुंडली में केतु ग्रह सकारात्मक स्थित हैं। मतलब वह जन्मकुंडली में अपने मित्र ग्रह के साथ स्थित हैं। तो आप कुत्ते को पाल सकते हैं। ऐसा करने से आपको केतु ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही सभी कामों में सफलता मिलेगी। आरोग्य की प्राप्ति होगी। वहीं कुत्ते को भैरव देवता का सेवक माना जाता है। इसलिए कुत्ते को भोजन देने से भैरव महाराज प्रसन्न होते हैं और संकटों से भक्तों की रक्षा करते हैं। साथ ही मान्यता है कि काले कुत्ते को रोटी खिलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही काले रंग के कुत्ते की सेवा करने से शनि ग्रह के मजबूत होने की भी मान्यता है। कहा जाता है कि घर पर कुत्ता पालने से राहु-केतु से बनने वाले अशुभ योग भी दूर होते हैं। कहते हैं कि घर की बनी हुई पहली रोटी गाय को और आखिरी रोटी कुत्ते को खिलानी चाहिए। कहते हैं कि इससे ग्रहदोष दूर होते हैं और परिवार में खुशहाली आती है। अगर आपकी जन्मकुंडली में केतु ग्रह लग्न में स्थित हैं या केतु ग्रह कुंडली में अशुभ स्थित में विराजमान हैं तो आपको कुत्ता नहीं पालना चाहिए। वहीं अगर आप फिर भी कुत्ता पालते हैं तो ज्योतिष के मुताबिक आपको कई अनचाही परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। घर में सुख- समृद्धि का अभाव रहेगा। आर्थिक तंगी रह सकती है। साथ ही घर में छोटी- छोटी बात पर क्लेश हो सकती है। सदस्यों में मनमुटाव रह सकता है।
वाणिज्य और उद्योग संगठन एसोचैम के आकलन के मुताबिक अगले पाँच वर्षों में खुदरा कारोबार और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ 30 लाख लोगों को रोज़गार के अवसर मिलेंगे. एसोचैम ने मंगलवार को जारी अध्ययन रिपोर्ट 'खुदरा, आईटी और आईटी आधारित उद्योगों में रोजगार के अवसर' में कहा है, "खुदरा कारोबार में तेज़ी बरकरार है और इस क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की माँग भी बढ़ रही है. वर्ष 2010 तक सिर्फ़ इसी क्षेत्र में रोज़गार के 25 लाख नए अवसर निकलेंगे. " रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया जताते हुए एसोचैम के अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल ने कहा, "अभी भारत के खुदरा बाज़ार का आकार 180 अरब डॉलर का है. इसमें लगभग दो करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है लेकिन संगठित खुदरा कारोबार में अभी अपार संभावनाएँ हैं. " रिपोर्ट के मुताबिक सूचना प्रौद्योगिकी और इसके सहयोग से चल रहे अन्य क्षेत्रों में भी रोज़गार के अवस तेज़ी से निकल रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है, "वर्ष 2000 में आईटी क्षेत्र में लगभग दो लाख 80 हज़ार लोग काम कर रहे थे जो पिछले वर्ष बढ़ कर लगभग 10 लाख हो गया. सिर्फ़ बीपीओ (ठेके पर काम कराने की प्रणाली) में लगभग साढ़े तीन लाख लोग काम कर रहे हैं जो वर्ष 2008 तक 10 लाख हो जाने की उम्मीद है. " एसोचैम का आकलन है कि आईटी और इससे संबंधित सभी उद्योगों को मिला जाए तो वित्त वर्ष 2008-09 के अंत तक नौ करोड़ लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होंगे. रिपोर्ट के मुताबिक पर्यटन, कपड़ा और वित्तीय क्षेत्र भी ऐसे हैं जहाँ रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे. अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में मौजूदा विकास की गति बरकरार रखने के लिए सकारात्मक नीति बनाने और पूँजीनिवेश बढ़ाने की भी ज़रुरत बताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ़ आँतरिक स्रोतों से ज़रुरी पूँजीनिवेश होना मुश्किल है, इसलिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई को बढ़ावा देने की आवश्यकता है.
वाणिज्य और उद्योग संगठन एसोचैम के आकलन के मुताबिक अगले पाँच वर्षों में खुदरा कारोबार और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ तीस लाख लोगों को रोज़गार के अवसर मिलेंगे. एसोचैम ने मंगलवार को जारी अध्ययन रिपोर्ट 'खुदरा, आईटी और आईटी आधारित उद्योगों में रोजगार के अवसर' में कहा है, "खुदरा कारोबार में तेज़ी बरकरार है और इस क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की माँग भी बढ़ रही है. वर्ष दो हज़ार दस तक सिर्फ़ इसी क्षेत्र में रोज़गार के पच्चीस लाख नए अवसर निकलेंगे. " रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया जताते हुए एसोचैम के अध्यक्ष अनिल कुमार अग्रवाल ने कहा, "अभी भारत के खुदरा बाज़ार का आकार एक सौ अस्सी अरब डॉलर का है. इसमें लगभग दो करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है लेकिन संगठित खुदरा कारोबार में अभी अपार संभावनाएँ हैं. " रिपोर्ट के मुताबिक सूचना प्रौद्योगिकी और इसके सहयोग से चल रहे अन्य क्षेत्रों में भी रोज़गार के अवस तेज़ी से निकल रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है, "वर्ष दो हज़ार में आईटी क्षेत्र में लगभग दो लाख अस्सी हज़ार लोग काम कर रहे थे जो पिछले वर्ष बढ़ कर लगभग दस लाख हो गया. सिर्फ़ बीपीओ में लगभग साढ़े तीन लाख लोग काम कर रहे हैं जो वर्ष दो हज़ार आठ तक दस लाख हो जाने की उम्मीद है. " एसोचैम का आकलन है कि आईटी और इससे संबंधित सभी उद्योगों को मिला जाए तो वित्त वर्ष दो हज़ार आठ-नौ के अंत तक नौ करोड़ लोगों के लिए रोज़गार के नए अवसर उत्पन्न होंगे. रिपोर्ट के मुताबिक पर्यटन, कपड़ा और वित्तीय क्षेत्र भी ऐसे हैं जहाँ रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे. अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में मौजूदा विकास की गति बरकरार रखने के लिए सकारात्मक नीति बनाने और पूँजीनिवेश बढ़ाने की भी ज़रुरत बताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ़ आँतरिक स्रोतों से ज़रुरी पूँजीनिवेश होना मुश्किल है, इसलिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई को बढ़ावा देने की आवश्यकता है.
मधुर मधुरिमा की तरह यादों में भरो ! सींच-सींच तैयार करो ! सही जबाब हमें अतीत ही देगा ! थोडÞा मनन करो सब साफ होगा ! डÞगमगाएंगे न कदम, गर न भूलें अतीत !
मधुर मधुरिमा की तरह यादों में भरो ! सींच-सींच तैयार करो ! सही जबाब हमें अतीत ही देगा ! थोडÞा मनन करो सब साफ होगा ! डÞगमगाएंगे न कदम, गर न भूलें अतीत !
देहरादून : केंद्र सरकार के चीनी निर्यात का लाभ डोईवाला चीनी मिल को मिलने की संभावना काफी बढ़ गई है। कीमतों में गिरावट और किसानों का बकाया भुगतान समय पर होने के लिए केंद्र सरकार द्वारा हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। दो दिन पहले सरकार ने इस साल एफआरपी को स्थिर रखकर चीनी उद्योग को बड़ी राहत देने की कोशिश की है। चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए केंद्र सरकार ने MIEQ कोटा के तहत चीनी मिलों के पुराने स्टॉक को निर्यात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब सरकार ने मिलों के गोदामों में पड़े चीनी के पुराने स्टॉक को विदेशों में भेजने का निर्णय लिया है, जिसके लिए सरकार चीनी मिलों को सब्सिडी देगी। बताया जा रहा है कि 31 सितंबर तक पुराने स्टॉक की सप्लाई कर दी जाएगी। जिसका फायदा डोईवाला चीनी मिल को भी मिलेगा, सरकार के इस फैसले से मिल क्षेत्र के किसानों में भी काफी ख़ुशी है। डोईवाला चीनी मिल से भी साल 2017-18 की पुरानी करीब 47,460 क्विंटल चीनी को बाहर भेजा जा रहा है। चीनी मिल के आर्थिक संकट में होने के कारण गन्ना किसानों का बकाया अभी भी बाकी है और कर्मचारियों की भी आर्थिक परेशानियों का समाधान नहीं हो पा रहा हैं। यह न्यूज़ सुनने के लिए इमेज के निचे के बटन को दबाये.
देहरादून : केंद्र सरकार के चीनी निर्यात का लाभ डोईवाला चीनी मिल को मिलने की संभावना काफी बढ़ गई है। कीमतों में गिरावट और किसानों का बकाया भुगतान समय पर होने के लिए केंद्र सरकार द्वारा हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। दो दिन पहले सरकार ने इस साल एफआरपी को स्थिर रखकर चीनी उद्योग को बड़ी राहत देने की कोशिश की है। चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए केंद्र सरकार ने MIEQ कोटा के तहत चीनी मिलों के पुराने स्टॉक को निर्यात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब सरकार ने मिलों के गोदामों में पड़े चीनी के पुराने स्टॉक को विदेशों में भेजने का निर्णय लिया है, जिसके लिए सरकार चीनी मिलों को सब्सिडी देगी। बताया जा रहा है कि इकतीस सितंबर तक पुराने स्टॉक की सप्लाई कर दी जाएगी। जिसका फायदा डोईवाला चीनी मिल को भी मिलेगा, सरकार के इस फैसले से मिल क्षेत्र के किसानों में भी काफी ख़ुशी है। डोईवाला चीनी मिल से भी साल दो हज़ार सत्रह-अट्ठारह की पुरानी करीब सैंतालीस,चार सौ साठ क्विंटल चीनी को बाहर भेजा जा रहा है। चीनी मिल के आर्थिक संकट में होने के कारण गन्ना किसानों का बकाया अभी भी बाकी है और कर्मचारियों की भी आर्थिक परेशानियों का समाधान नहीं हो पा रहा हैं। यह न्यूज़ सुनने के लिए इमेज के निचे के बटन को दबाये.
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने आरडीएसओ को 'मानक विकास संगठन' के रूप में मान्यता दी है। बीआईएस इस योजना का क्रियान्वयन कर रहा है। इस भागीदारी से रेल मंत्रालय की एकमात्र शोध एवं विकास इकाई आरडीएसओ को अपनी मानक निरुपण प्रक्रियाओं को डब्ल्यूटीओ-व्यापार में तकनीकी रुकावट (डब्ल्यूटीओ-टीबीटी) के तहत उल्लेख किये गये अच्छे व्यवहार की संहिता से तालमेल बिठाने में मदद मिलेगी। यह मान्यता तीन साल के लिए वैध होगी। मंगलवार को एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं सीईओ सुनीत शर्मा तथा उपभोक्ता मामलों की सचिव लीना नंदन ने कहा कि बीआईएस के साथ आरएसडीओ की भागीदारी से भविष्य में मानकों को कारोबार सुगमता की दृष्टि से सुसंगत करने में मदद मिलेगी। 'एक देश, एक मानक' योजना 2019 में शुरू की गई थी। इस योजना का मकसद देश में मानकीकरण में तालमेल सुनिश्चित करना है जिससे दीर्घावधि में 'ब्रांड इंडिया' की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
भारतीय मानक ब्यूरो ने आरडीएसओ को 'मानक विकास संगठन' के रूप में मान्यता दी है। बीआईएस इस योजना का क्रियान्वयन कर रहा है। इस भागीदारी से रेल मंत्रालय की एकमात्र शोध एवं विकास इकाई आरडीएसओ को अपनी मानक निरुपण प्रक्रियाओं को डब्ल्यूटीओ-व्यापार में तकनीकी रुकावट के तहत उल्लेख किये गये अच्छे व्यवहार की संहिता से तालमेल बिठाने में मदद मिलेगी। यह मान्यता तीन साल के लिए वैध होगी। मंगलवार को एक वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं सीईओ सुनीत शर्मा तथा उपभोक्ता मामलों की सचिव लीना नंदन ने कहा कि बीआईएस के साथ आरएसडीओ की भागीदारी से भविष्य में मानकों को कारोबार सुगमता की दृष्टि से सुसंगत करने में मदद मिलेगी। 'एक देश, एक मानक' योजना दो हज़ार उन्नीस में शुरू की गई थी। इस योजना का मकसद देश में मानकीकरण में तालमेल सुनिश्चित करना है जिससे दीर्घावधि में 'ब्रांड इंडिया' की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
SSC CGL Tier I Admit Card 2023: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने एसएससी सीजीएल टियर I एडमिट कार्ड 2023 जारी कर दिया है। जो उम्मीदवार संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा टियर I के लिए उपस्थित होंगे, वे आधिकारिक क्षेत्रीय वेबसाइटों के माध्यम से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड पश्चिमी क्षेत्र और उत्तर पश्चिमी क्षेत्र के लिए जारी किया गया है। परीक्षा 14 जुलाई से 27 जुलाई 2023 तक आयोजित की जाएगी। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते है। - एसएससी क्षेत्रीय वेबसाइट की आधिकारिक साइट पर जाएं। - होम पेज पर उपलब्ध एसएससी सीजीएल टियर I एडमिट कार्ड 2023 लिंक पर क्लिक करें। - लॉगिन विवरण दर्ज करें और सबमिट पर क्लिक करें। - आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर जारी हो जाएगा। - एडमिट कार्ड चेक करें और डाउनलोड करें। - आगे की आवश्यकता के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें। एसएससी सीजीएल भर्ती 2023 अभियान के माध्यम से लगभग 7,500 रिक्तियां भरी जाएंगी. हालांकि, रिक्तियों का निर्धारण उचित समय पर किया जाएगा. पद-वार और श्रेणी-वार रिक्तियों की संख्या आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएंगी. अधिक संबंधित विवरण के लिए उम्मीदवार एसएससी की आधिकारिक साइट देख सकते हैं।
SSC CGL Tier I Admit Card दो हज़ार तेईस: कर्मचारी चयन आयोग ने एसएससी सीजीएल टियर I एडमिट कार्ड दो हज़ार तेईस जारी कर दिया है। जो उम्मीदवार संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा टियर I के लिए उपस्थित होंगे, वे आधिकारिक क्षेत्रीय वेबसाइटों के माध्यम से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड पश्चिमी क्षेत्र और उत्तर पश्चिमी क्षेत्र के लिए जारी किया गया है। परीक्षा चौदह जुलाई से सत्ताईस जुलाई दो हज़ार तेईस तक आयोजित की जाएगी। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर सकते है। - एसएससी क्षेत्रीय वेबसाइट की आधिकारिक साइट पर जाएं। - होम पेज पर उपलब्ध एसएससी सीजीएल टियर I एडमिट कार्ड दो हज़ार तेईस लिंक पर क्लिक करें। - लॉगिन विवरण दर्ज करें और सबमिट पर क्लिक करें। - आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर जारी हो जाएगा। - एडमिट कार्ड चेक करें और डाउनलोड करें। - आगे की आवश्यकता के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें। एसएससी सीजीएल भर्ती दो हज़ार तेईस अभियान के माध्यम से लगभग सात,पाँच सौ रिक्तियां भरी जाएंगी. हालांकि, रिक्तियों का निर्धारण उचित समय पर किया जाएगा. पद-वार और श्रेणी-वार रिक्तियों की संख्या आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएंगी. अधिक संबंधित विवरण के लिए उम्मीदवार एसएससी की आधिकारिक साइट देख सकते हैं।
इस्लामाबाद : पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन जमात उद दावा ने अपने प्रमुख हाफिज सईद को नजरबंद किए जाने और संगठन की गतिविधियों पर कार्रवाई शुरू किए जाने के कुछ दिन बाद अपना नाम बदलकर 'तहरीक आजादी जम्मू-कश्मीर' (टीएजेके) रख लिया. मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सईद ने अपनी नजरबंदी से करीब एक हफ्ते पहले संकेत दिए थे कि वह 'कश्मीर की आजादी की मुहिम तेज करने' के लिए 'तहरीक आजादी जम्मू-कश्मीर' शुरू कर सकता है. इससे पता लगता है कि सईद को सरकार की योजना की भनक थी. उसने पहले ही तय कर लिया था कि जमात उद दावा (जेयूडी) और फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) पर कार्रवाई के बाद दोबारा कैसे सामने आना है और किस तरह संगठन को बनाए रखना है. आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि टीएजेके के नए नाम के तहत दो संगठनों ने गतिविधियां शुरू कर दी हैं. वे पांच फरवरी को कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बना रहे हैं जिसे पाकिस्तान में 'कश्मीर दिवस' के रूप में मनाया जाता है. लाहौर के अलावा दूसरे शहरों और कस्बों में टीएजेके के बैनर प्रदर्शित किए गए. यह संगठन शाम की नमाज के बाद लाहौर में कश्मीर पर एक सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना बना रहा है.
इस्लामाबाद : पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन जमात उद दावा ने अपने प्रमुख हाफिज सईद को नजरबंद किए जाने और संगठन की गतिविधियों पर कार्रवाई शुरू किए जाने के कुछ दिन बाद अपना नाम बदलकर 'तहरीक आजादी जम्मू-कश्मीर' रख लिया. मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड सईद ने अपनी नजरबंदी से करीब एक हफ्ते पहले संकेत दिए थे कि वह 'कश्मीर की आजादी की मुहिम तेज करने' के लिए 'तहरीक आजादी जम्मू-कश्मीर' शुरू कर सकता है. इससे पता लगता है कि सईद को सरकार की योजना की भनक थी. उसने पहले ही तय कर लिया था कि जमात उद दावा और फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन पर कार्रवाई के बाद दोबारा कैसे सामने आना है और किस तरह संगठन को बनाए रखना है. आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि टीएजेके के नए नाम के तहत दो संगठनों ने गतिविधियां शुरू कर दी हैं. वे पांच फरवरी को कार्यक्रमों के आयोजन की योजना बना रहे हैं जिसे पाकिस्तान में 'कश्मीर दिवस' के रूप में मनाया जाता है. लाहौर के अलावा दूसरे शहरों और कस्बों में टीएजेके के बैनर प्रदर्शित किए गए. यह संगठन शाम की नमाज के बाद लाहौर में कश्मीर पर एक सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना बना रहा है.
पारिवारिक कलह में एक युवक ने मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद पर आग लगा दी। बुरी तरह झुलसे युवक ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। डाइनामाइट न्यूज रिपोर्ट. . कोल्हुई (महराजगंज): पारिवारिक कलह में एक युवक ने खुद को आग लगा दी। आग के कारण बुरी तरह झुलसे युवक ने आखिकार अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। युवक की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। कोल्हुई कस्बे के रहने वाले एक युवक बबलू भुज ने पारिवारिक कलह से तंग आकर दो दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद ही खुद पर आग लगा ली थी। जिससे युवक बुरी तरह झुलस गया था। परिजन बबलू को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए थे। बबलू की गम्भीर स्थित को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेज दिया था। इलाज के दौरान मंगलवार को बबलू की मृत्यु हो गई। बबलू की मौत की खबर मिलते ही परिजनो में कोहराम मच गया। परिजनो का रो रो कर बुरा हाल है। बीती रात युवक का शव एम्बुलेंस से कोल्हुई लाया गया। इस मौके पर कई लोग वहां उपस्थित रहे। मृतक का अब अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
पारिवारिक कलह में एक युवक ने मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद पर आग लगा दी। बुरी तरह झुलसे युवक ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। डाइनामाइट न्यूज रिपोर्ट. . कोल्हुई : पारिवारिक कलह में एक युवक ने खुद को आग लगा दी। आग के कारण बुरी तरह झुलसे युवक ने आखिकार अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। युवक की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। कोल्हुई कस्बे के रहने वाले एक युवक बबलू भुज ने पारिवारिक कलह से तंग आकर दो दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद ही खुद पर आग लगा ली थी। जिससे युवक बुरी तरह झुलस गया था। परिजन बबलू को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए थे। बबलू की गम्भीर स्थित को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेज दिया था। इलाज के दौरान मंगलवार को बबलू की मृत्यु हो गई। बबलू की मौत की खबर मिलते ही परिजनो में कोहराम मच गया। परिजनो का रो रो कर बुरा हाल है। बीती रात युवक का शव एम्बुलेंस से कोल्हुई लाया गया। इस मौके पर कई लोग वहां उपस्थित रहे। मृतक का अब अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
हमीरपुर-करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ छात्रों में दूरदर्शीताए रचनात्मकता, विशेषज्ञता और स्वरोजगार विकास को उजागर करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए समय-समय पर विवि द्वारा विभिन्न प्रशिक्षणए गेस्ट लेक्चर, शैक्षणिक भ्रमणए एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इस कड़ी में विवि के संस्थान नवाचार परिषद इंस्टिच्यूट इनोवेशन काउंसिल ने जनवरी 2020 में स्मार्ट इंडिया हैकथोन का आयोजन विश्वविद्यालय स्तर पर किया। इसमें केंद्रीय एवं राज्य विभागोए उद्योगो द्वारा दी गयी समस्याओं का समाधान विद्यार्थियों द्वारा आमंत्रित किया गया। स्मार्ट इंडिया हैकथोन एक राष्ट्रव्यापी पहल है जो छात्रों को हमारे दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करता हैए और इस तरह उत्पाद नवाचार की संस्कृति और समस्या समाधान की मानसिकता को विकसित करता है। विण्विण् के विद्यार्थियों की कुल 69 टीमों ने कचरा प्रबंधन, स्वच्छ जलए सुरक्षा और निगरानी, आतिथ्य पर्यटन, मनोरंजन, वितिय सेवाओं, खुदरा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के विचार व्यक्त किए तथा विवि की पांच टीम सॉफ्टवेयर संस्करण एवं एक टीम हार्डवेयर संस्करण में नामांकित की गई। मानव संसाधन मंत्रालय ने स्मार्ट इंडिया हैकथोन के हार्डवेयर संस्करण का परिणाम घोषित किया है। करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश का एकमात्र संस्थान है, जिसकी पर्यावरणम टीम का चयन इस प्रतियोगिता में हुआ है। विवि की पर्यावरणम टीम के सदस्यों में विभिनन विभागों के पीएचडी एवं एमटेक के रिसर्च स्कॉलर शामिल हैं। इसमें कि शशिकांत ठाकुर, ऋषि शर्मा, रजत सिंह डोगरा मेकेनिकल विभाग, आर्ची ठाकुर और दीक्षा शर्मा गणित विभाग व मनु विनीत शर्मा वनस्पति विभाग से हैं। यह टीम बायोमास जैसे कृषि अवशेष, पराली, चिलारू इत्यादि के उपयोगी प्रबंधन के लिए उतम तकनीक का विकास करेगी। इसमे प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा। इस प्रतिस्पर्धा में विजय रहने पर एक लाख रुपए तक के पुरस्कार प्रति श्रेणी जीतने का मौका भी विवि की टीम के पास है। विवि के प्रशासन ने एवं समस्त प्रोफेसरों ने इस उपलब्धि के लिए पर्यावरणम टीम को बधाई दी है और साथ में ही उनके सफल भविष्य की कामना भी की है।
हमीरपुर-करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ छात्रों में दूरदर्शीताए रचनात्मकता, विशेषज्ञता और स्वरोजगार विकास को उजागर करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए समय-समय पर विवि द्वारा विभिन्न प्रशिक्षणए गेस्ट लेक्चर, शैक्षणिक भ्रमणए एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। इस कड़ी में विवि के संस्थान नवाचार परिषद इंस्टिच्यूट इनोवेशन काउंसिल ने जनवरी दो हज़ार बीस में स्मार्ट इंडिया हैकथोन का आयोजन विश्वविद्यालय स्तर पर किया। इसमें केंद्रीय एवं राज्य विभागोए उद्योगो द्वारा दी गयी समस्याओं का समाधान विद्यार्थियों द्वारा आमंत्रित किया गया। स्मार्ट इंडिया हैकथोन एक राष्ट्रव्यापी पहल है जो छात्रों को हमारे दैनिक जीवन में आने वाली समस्याओं को हल करने के लिए एक मंच प्रदान करता हैए और इस तरह उत्पाद नवाचार की संस्कृति और समस्या समाधान की मानसिकता को विकसित करता है। विण्विण् के विद्यार्थियों की कुल उनहत्तर टीमों ने कचरा प्रबंधन, स्वच्छ जलए सुरक्षा और निगरानी, आतिथ्य पर्यटन, मनोरंजन, वितिय सेवाओं, खुदरा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के विचार व्यक्त किए तथा विवि की पांच टीम सॉफ्टवेयर संस्करण एवं एक टीम हार्डवेयर संस्करण में नामांकित की गई। मानव संसाधन मंत्रालय ने स्मार्ट इंडिया हैकथोन के हार्डवेयर संस्करण का परिणाम घोषित किया है। करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश का एकमात्र संस्थान है, जिसकी पर्यावरणम टीम का चयन इस प्रतियोगिता में हुआ है। विवि की पर्यावरणम टीम के सदस्यों में विभिनन विभागों के पीएचडी एवं एमटेक के रिसर्च स्कॉलर शामिल हैं। इसमें कि शशिकांत ठाकुर, ऋषि शर्मा, रजत सिंह डोगरा मेकेनिकल विभाग, आर्ची ठाकुर और दीक्षा शर्मा गणित विभाग व मनु विनीत शर्मा वनस्पति विभाग से हैं। यह टीम बायोमास जैसे कृषि अवशेष, पराली, चिलारू इत्यादि के उपयोगी प्रबंधन के लिए उतम तकनीक का विकास करेगी। इसमे प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा। इस प्रतिस्पर्धा में विजय रहने पर एक लाख रुपए तक के पुरस्कार प्रति श्रेणी जीतने का मौका भी विवि की टीम के पास है। विवि के प्रशासन ने एवं समस्त प्रोफेसरों ने इस उपलब्धि के लिए पर्यावरणम टीम को बधाई दी है और साथ में ही उनके सफल भविष्य की कामना भी की है।
जनज्वार। ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पहली गिरफ्तारी की है। स्पेशल सेल द्वारा बेंगलुरु से 21 साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को गिरफ्तार किया गया है। स्पेशल सेल के अधिकारियों के मुताबिक दिशा रवि केस की एक कड़ी है। दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा, लाल किला मामला के साथ टूलकिट मामले की भी जांच कर रही है। दिशा पर आरोप है कि इसने टूलकिट में कुछ चीजें एडिट की और फिर उसमें कुछ चीजें जोड़ी थीं और आगे बढ़ाया था। खबर है कि स्पेशल सेल दिशा को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ कर सकती है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि अभी इस केस में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। आरोप है कि दिशा रवि ने गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा को लेकर साइबर स्ट्राइक के लिए बनाई गई टूलकिट को एडिट किया था। बताया जाता है कि दिशा रवि फ्राइडे फ़ॉर फ्यूचर कैम्पेन की फॉउंडरों में से एक हैं। बता दें कि बीते 4 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने टूलकिट को लेकर केस दर्ज किया था। पिछले दिनों स्वीडन की पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया था। उन्होंने ट्विटर पर एक टूलकिट भी पोस्ट किया था। कहा जाता है कि इसमें भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने के लिए आंदोलन से संबंधित वीडियो, फोटो, ट्विटर हैशटैग, टैगिंग अकाउंट की लिस्ट समेत अन्य साम्रगी मौजूद थी। बाद में इस टूलकिट को डिलीट कर दिया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस 'टूलकिट' का मकसद भारत सरकार के खिलाफ साजिश रचना है। केस केवल 'टूलकिट' के क्रिएटर्स के खिलाफ दर्ज की गई है। हालांकि पहले खबर आई थी कि टूलकिट मामले में थनबर्ग के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है, पर बाद में दिल्ली पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस सम्बंध में आपराधिक साजिश, राजद्रोह और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस की साइबर इस मामले की जांच कर रही है। दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा की जांच के दौरान ग्रेटा थनबर्ग द्वारा 'टूलकिट' को अपलोड करने की बात का खुलासा हुआ था, जिसे बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। बता दें कि टूलकिट में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश और सामग्री होती है। इसमें हैशटैग, टैग करने वाले एकाउंट, वीडियो व फोटो और संबंधित विषय से जुड़ी जानकारी होती है। इसमें ट्विटर पर ट्रेंड कराने के लिए जानकारी और सामग्री होती है।
जनज्वार। ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पहली गिरफ्तारी की है। स्पेशल सेल द्वारा बेंगलुरु से इक्कीस साल की क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को गिरफ्तार किया गया है। स्पेशल सेल के अधिकारियों के मुताबिक दिशा रवि केस की एक कड़ी है। दिल्ली पुलिस गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा, लाल किला मामला के साथ टूलकिट मामले की भी जांच कर रही है। दिशा पर आरोप है कि इसने टूलकिट में कुछ चीजें एडिट की और फिर उसमें कुछ चीजें जोड़ी थीं और आगे बढ़ाया था। खबर है कि स्पेशल सेल दिशा को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ कर सकती है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि अभी इस केस में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। आरोप है कि दिशा रवि ने गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा को लेकर साइबर स्ट्राइक के लिए बनाई गई टूलकिट को एडिट किया था। बताया जाता है कि दिशा रवि फ्राइडे फ़ॉर फ्यूचर कैम्पेन की फॉउंडरों में से एक हैं। बता दें कि बीते चार फरवरी को दिल्ली पुलिस ने टूलकिट को लेकर केस दर्ज किया था। पिछले दिनों स्वीडन की पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने कृषि कानून के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन किया था। उन्होंने ट्विटर पर एक टूलकिट भी पोस्ट किया था। कहा जाता है कि इसमें भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने के लिए आंदोलन से संबंधित वीडियो, फोटो, ट्विटर हैशटैग, टैगिंग अकाउंट की लिस्ट समेत अन्य साम्रगी मौजूद थी। बाद में इस टूलकिट को डिलीट कर दिया था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस 'टूलकिट' का मकसद भारत सरकार के खिलाफ साजिश रचना है। केस केवल 'टूलकिट' के क्रिएटर्स के खिलाफ दर्ज की गई है। हालांकि पहले खबर आई थी कि टूलकिट मामले में थनबर्ग के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है, पर बाद में दिल्ली पुलिस की ओर से जानकारी दी गई कि अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस सम्बंध में आपराधिक साजिश, राजद्रोह और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस की साइबर इस मामले की जांच कर रही है। दिल्ली में गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा की जांच के दौरान ग्रेटा थनबर्ग द्वारा 'टूलकिट' को अपलोड करने की बात का खुलासा हुआ था, जिसे बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। बता दें कि टूलकिट में ट्विटर के जरिये किसी अभियान को ट्रेंड कराने से संबंधित दिशानिर्देश और सामग्री होती है। इसमें हैशटैग, टैग करने वाले एकाउंट, वीडियो व फोटो और संबंधित विषय से जुड़ी जानकारी होती है। इसमें ट्विटर पर ट्रेंड कराने के लिए जानकारी और सामग्री होती है।
बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद (Atiq Ahmed) के अवैध कब्जे से योगी सरकार ने जमीन खाली करा ली है. माफिया अतीक अहमद की इस जमीन पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) गरीबों को आशियाने का तोहफा देने रविवार को प्रयागराज आ रहे हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को इसी भूमि पर भूमि पूजन कर पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले फ्लैटों का शिलान्यास भी करेंगे. कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि जिस भूमि को माफिया अतीक अहमद के कब्जे से खाली कराया गया है, उस पर हजारों समाजवादी पार्टी के झंडे मिले थे, जिन्हें जला दिया गया है और इस जमीन की बाउंड्री को भी भगवा रंग से रंग दिया गया है. उन्होंने कहा है कि योगीराज में रामराज आया है और माफिया राज खत्म हुआ है. सीएम योगी का शिलान्यास करना लोगों के लिए संदेश है कि जब सही लड़ाई आम आदमी के लिए माफिया और गुंडों के खिलाफ लड़ी जाती है तो सत्य की जीत होती है. सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में अब अमन चैन आया है. क्योंकि अतीक अहमद के यहां होने से यह इलाका माफियाओं का अड्डा बन गया था. सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि तीन दिन पहले जब मैं यहां पर आया था तो यहां पर करीब पांच हजार समाजवादी पार्टी के झंडे मिले थे. अपराधियों और माफियाओं का अड्डा था. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में माफियाओं और अपराधियों को जो संरक्षण मिलता था वह यहां पर दिख रहा था. माफिया अतीक अहमद से खाली कराई गई जमीन पर 458. 88 लाख की लागत से 75 फ्लैट बनाए जा रहे हैं. यह चार मंजिला बिल्डिंग होगी जिसमें स्टिल पार्किंग, कम्युनिटी हाल और सोलर लाइट भी लगी होंगी. यह बिल्डिंग पूरी तरह से ग्रीन बिल्डिंग होगी. उनके मुताबिक करीब एक से डेढ़ वर्ष में यह बिल्डिंग पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगी और इसके लाभार्थियों को दे दी जाएगी. एक फ्लैट की लागत साढ़े छह लाख आएगी. जिसमें से डेढ़ लाख भारत सरकार अनुदान देगी. जबकि एक लाख का अनुदान राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा. शेष 3. 50 लाख योजना में चयनित लाभार्थी को देना होगा. ( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. )
बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद के अवैध कब्जे से योगी सरकार ने जमीन खाली करा ली है. माफिया अतीक अहमद की इस जमीन पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ गरीबों को आशियाने का तोहफा देने रविवार को प्रयागराज आ रहे हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार को इसी भूमि पर भूमि पूजन कर पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले फ्लैटों का शिलान्यास भी करेंगे. कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि जिस भूमि को माफिया अतीक अहमद के कब्जे से खाली कराया गया है, उस पर हजारों समाजवादी पार्टी के झंडे मिले थे, जिन्हें जला दिया गया है और इस जमीन की बाउंड्री को भी भगवा रंग से रंग दिया गया है. उन्होंने कहा है कि योगीराज में रामराज आया है और माफिया राज खत्म हुआ है. सीएम योगी का शिलान्यास करना लोगों के लिए संदेश है कि जब सही लड़ाई आम आदमी के लिए माफिया और गुंडों के खिलाफ लड़ी जाती है तो सत्य की जीत होती है. सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि शहर पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र में अब अमन चैन आया है. क्योंकि अतीक अहमद के यहां होने से यह इलाका माफियाओं का अड्डा बन गया था. सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि तीन दिन पहले जब मैं यहां पर आया था तो यहां पर करीब पांच हजार समाजवादी पार्टी के झंडे मिले थे. अपराधियों और माफियाओं का अड्डा था. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में माफियाओं और अपराधियों को जो संरक्षण मिलता था वह यहां पर दिख रहा था. माफिया अतीक अहमद से खाली कराई गई जमीन पर चार सौ अट्ठावन. अठासी लाख की लागत से पचहत्तर फ्लैट बनाए जा रहे हैं. यह चार मंजिला बिल्डिंग होगी जिसमें स्टिल पार्किंग, कम्युनिटी हाल और सोलर लाइट भी लगी होंगी. यह बिल्डिंग पूरी तरह से ग्रीन बिल्डिंग होगी. उनके मुताबिक करीब एक से डेढ़ वर्ष में यह बिल्डिंग पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगी और इसके लाभार्थियों को दे दी जाएगी. एक फ्लैट की लागत साढ़े छह लाख आएगी. जिसमें से डेढ़ लाख भारत सरकार अनुदान देगी. जबकि एक लाख का अनुदान राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा. शेष तीन. पचास लाख योजना में चयनित लाभार्थी को देना होगा.
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना की मुश्किल घड़ी में स्कूली बच्चों के अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। दरअसल वर्तमान सत्र 2021-22 के लिए सभी बोर्ड के सभी स्कूलों को फीस (School Fees) न बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह कहा गया है कि वही फीस स्कूलों द्वारा ली जाए जो वर्ष 2019-20 में निर्धारित की गई थी। बता दें कोरोनाकाल के दौरान कई अभिभावकों के व्यवसाय चौपट पड़े हैं। वहीं कई अभिभावकों की नौकरियां संकट में हैं। ऐसे में लोगों पर स्कूल फीस का ज्यादा दबाव न पड़े इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने यह भी कहा कि यदि किसी स्कूल ने इस वर्ष फीस बढ़ाई है तो बढ़ी हुई फीस को 2019-20 सत्र के हिसाब से एडजस्ट करना होगा। अलावा इसके अभिभावकों को एक और सहूलियत देते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि यदि अभिभावक 3 माह की एडवांस फीस देने में असमर्थ हैं तो वह मासिक शुल्क दे सकते हैं। साथ ही कहा कि स्कूल एडवांस फीस के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बना सकते। वहीं यह भी कहा कि स्कूल बंद अवधि में अभिभावकों से परिवहन शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते अभिभावक आर्थिक रुप से प्रभावित हुए हैं। वहीं विद्यालय भी भौतिक रूप से बन्द हैं और ऑनलाइन क्लासेस जारी है। इसलिए सभी चीजों को संतुलित करते हुए यह निर्देश दिया गया है ताकि आम जनमानस पर ज्यादा भार ना रहे। वहीं शिक्षण संस्थानों में कार्य कर रहे कर्मचारियों को उनकी नियमित सैलरी देने की बात भी कही।
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना की मुश्किल घड़ी में स्कूली बच्चों के अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। दरअसल वर्तमान सत्र दो हज़ार इक्कीस-बाईस के लिए सभी बोर्ड के सभी स्कूलों को फीस न बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह कहा गया है कि वही फीस स्कूलों द्वारा ली जाए जो वर्ष दो हज़ार उन्नीस-बीस में निर्धारित की गई थी। बता दें कोरोनाकाल के दौरान कई अभिभावकों के व्यवसाय चौपट पड़े हैं। वहीं कई अभिभावकों की नौकरियां संकट में हैं। ऐसे में लोगों पर स्कूल फीस का ज्यादा दबाव न पड़े इसे ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने यह भी कहा कि यदि किसी स्कूल ने इस वर्ष फीस बढ़ाई है तो बढ़ी हुई फीस को दो हज़ार उन्नीस-बीस सत्र के हिसाब से एडजस्ट करना होगा। अलावा इसके अभिभावकों को एक और सहूलियत देते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि यदि अभिभावक तीन माह की एडवांस फीस देने में असमर्थ हैं तो वह मासिक शुल्क दे सकते हैं। साथ ही कहा कि स्कूल एडवांस फीस के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बना सकते। वहीं यह भी कहा कि स्कूल बंद अवधि में अभिभावकों से परिवहन शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री एवं माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते अभिभावक आर्थिक रुप से प्रभावित हुए हैं। वहीं विद्यालय भी भौतिक रूप से बन्द हैं और ऑनलाइन क्लासेस जारी है। इसलिए सभी चीजों को संतुलित करते हुए यह निर्देश दिया गया है ताकि आम जनमानस पर ज्यादा भार ना रहे। वहीं शिक्षण संस्थानों में कार्य कर रहे कर्मचारियों को उनकी नियमित सैलरी देने की बात भी कही।
Religion Conversion in UP शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक ने एक माह पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे का जबरन मतांतरण कराकर चित्रकूट की एक युवती ने शादी की है। पुलिस ने शादी कराने में भूमिका अदा करने वालाें को आरोपित बनाया था। बांदा, जागरण संवाददाता। Religion Conversion in UP धर्मांतरण मामले की शिकायत को लेकर कोतवाली पुलिस युवक-युवती को गुरुग्राम से लेकर बांदा आई। यहां दोनों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके बाद उन्हें छोड़ा दिया गया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक ने एक माह पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे का जबरन मतांतरण कराकर चित्रकूट की एक युवती ने शादी की है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने शादी कराने में भूमिका अदा करने वाले अधिवक्ता, व मौलवी समेत युवती के पिता के नाम आरोपित के रुप में शामिल किया था। जांच के क्रम में दोनों के दिल्ली में होने की पुलिस को लोकेशन मिली थी। शहर कोतवाली के एक एसआइ समेत तीन-चार पुलिस कर्मी दोनों को लेने गुरुग्राम गए थे। वहां से पुलिस लेकर दोनों को बांदा आई। इस बीच उनके 164 के बयान भी कराए गए थे। पुलिस ने भी अपने स्तर से पूछताछ कर बयान नोट किए हैं। कोतवाली निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों युवक-युवती को गुरुग्राम से लाया गया है। जिसमें दोनों ने मतातंरण जैसी बात से इन्कार किया है। इससे दोनों को कोतवाली से छोड़ा गया है। वह शहर के अपने घर में एक साथ रह रहे हैं। हालांकि चर्चा है कि वह वापस गुड़गांव लौट गए हैं।
Religion Conversion in UP शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक ने एक माह पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे का जबरन मतांतरण कराकर चित्रकूट की एक युवती ने शादी की है। पुलिस ने शादी कराने में भूमिका अदा करने वालाें को आरोपित बनाया था। बांदा, जागरण संवाददाता। Religion Conversion in UP धर्मांतरण मामले की शिकायत को लेकर कोतवाली पुलिस युवक-युवती को गुरुग्राम से लेकर बांदा आई। यहां दोनों के बयान दर्ज किए गए हैं। इसके बाद उन्हें छोड़ा दिया गया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक ने एक माह पहले रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे का जबरन मतांतरण कराकर चित्रकूट की एक युवती ने शादी की है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने शादी कराने में भूमिका अदा करने वाले अधिवक्ता, व मौलवी समेत युवती के पिता के नाम आरोपित के रुप में शामिल किया था। जांच के क्रम में दोनों के दिल्ली में होने की पुलिस को लोकेशन मिली थी। शहर कोतवाली के एक एसआइ समेत तीन-चार पुलिस कर्मी दोनों को लेने गुरुग्राम गए थे। वहां से पुलिस लेकर दोनों को बांदा आई। इस बीच उनके एक सौ चौंसठ के बयान भी कराए गए थे। पुलिस ने भी अपने स्तर से पूछताछ कर बयान नोट किए हैं। कोतवाली निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों युवक-युवती को गुरुग्राम से लाया गया है। जिसमें दोनों ने मतातंरण जैसी बात से इन्कार किया है। इससे दोनों को कोतवाली से छोड़ा गया है। वह शहर के अपने घर में एक साथ रह रहे हैं। हालांकि चर्चा है कि वह वापस गुड़गांव लौट गए हैं।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
राउरकेला पुलिस ने 28 वर्षीय युवक की हत्या कर शव को नदी में फेंकने के मामले की गुत्थी सुलझा ली है। जांच में पता चला कि पुरानी रंजिश के कारण छबिलाल की हत्या उसके तीन पड़ोसियों ने की थी। जागरण संवाददाता, राउरकेला। ओडिशा में राउरकेला पुलिस ने 28 वर्षीय युवक की हत्या कर शव को नदी में फेंकने के मामले की गुत्थी सुलझा ली है। पुरानी रंजिश को लेकर छबिलाल को पीट-पीट कर हत्या करने के बाद सर्जिकल चाकू से उसका पेट काट दिया था। बाद में शव को स्कूटी में लाकर ब्राह्मणी नदी में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस हत्या के दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक अन्य फरार है। गुरुवार को पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि विगत 24 अप्रैल को ब्राह्मणी तरंग थाना अंतर्गत ब्राह्मणी नदी से एक युवक का शव मिला था। पुलिस ने शव को जब्त करने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो मृतक की पहचान पानपोष के रुपुटोला निवासी छबिलाल हेंब्रम (28) के रूप में हुई थी। जांच में पता चला कि पुरानी रंजिश के कारण छबिलाल की हत्या उसके तीन पड़ोसियों ने की थी। इनमें अमरजीत साहू, मनोज समासी और कृष्ण चंद्र नायक शामिल थे। उन्होंने छबिलाल को उसी के घर के सामने डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर एक सर्जिकल चाकू से उसका पेट काट कर शव की पहचान बिगाड़ दी थी। इसके बाद आरोपितों ने उसके शव को एक स्कूटी में लाद कर ब्राह्मणी नदी में फेंक दिया और फरार हो गये थे। पुलिस ने छबिलाल हत्याकांड में फरार आरोपित अमरजीत साहू, मनोज समासी को गिरफ्तार कर कोर्ट चालान कर दिया, जबकि इस हत्या में शामिल तीसरा आरोपित कृष्ण चंद्र नायक कहीं फरार है। कृष्ण चंद्र को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापेमारी जारी रखी है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक स्कूटी, एक डंडा और सर्जिकल चाकू भी बरामद किया है।
राउरकेला पुलिस ने अट्ठाईस वर्षीय युवक की हत्या कर शव को नदी में फेंकने के मामले की गुत्थी सुलझा ली है। जांच में पता चला कि पुरानी रंजिश के कारण छबिलाल की हत्या उसके तीन पड़ोसियों ने की थी। जागरण संवाददाता, राउरकेला। ओडिशा में राउरकेला पुलिस ने अट्ठाईस वर्षीय युवक की हत्या कर शव को नदी में फेंकने के मामले की गुत्थी सुलझा ली है। पुरानी रंजिश को लेकर छबिलाल को पीट-पीट कर हत्या करने के बाद सर्जिकल चाकू से उसका पेट काट दिया था। बाद में शव को स्कूटी में लाकर ब्राह्मणी नदी में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस हत्या के दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक अन्य फरार है। गुरुवार को पुलिस ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि विगत चौबीस अप्रैल को ब्राह्मणी तरंग थाना अंतर्गत ब्राह्मणी नदी से एक युवक का शव मिला था। पुलिस ने शव को जब्त करने के बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो मृतक की पहचान पानपोष के रुपुटोला निवासी छबिलाल हेंब्रम के रूप में हुई थी। जांच में पता चला कि पुरानी रंजिश के कारण छबिलाल की हत्या उसके तीन पड़ोसियों ने की थी। इनमें अमरजीत साहू, मनोज समासी और कृष्ण चंद्र नायक शामिल थे। उन्होंने छबिलाल को उसी के घर के सामने डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर एक सर्जिकल चाकू से उसका पेट काट कर शव की पहचान बिगाड़ दी थी। इसके बाद आरोपितों ने उसके शव को एक स्कूटी में लाद कर ब्राह्मणी नदी में फेंक दिया और फरार हो गये थे। पुलिस ने छबिलाल हत्याकांड में फरार आरोपित अमरजीत साहू, मनोज समासी को गिरफ्तार कर कोर्ट चालान कर दिया, जबकि इस हत्या में शामिल तीसरा आरोपित कृष्ण चंद्र नायक कहीं फरार है। कृष्ण चंद्र को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस छापेमारी जारी रखी है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त एक स्कूटी, एक डंडा और सर्जिकल चाकू भी बरामद किया है।
UPSC Recruitment 2023: जो उम्मीदवार यूपीएससी जूनियर इंजीनियर और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. UPSC Recruitment 2023: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) आज, 27 अप्रैल को जूनियर इंजीनियर और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के खाली पदों समेत केंद्र सरकार और मंत्रालयों में विभिन्न पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया बंद कर देगा. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इन ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in और upsconline.nic के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि आयोग द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, रिक्तियों की कुल संख्या 146 है, जिसकी डिटेल नीचे दी गई है. हालांकि, किसी भी पद के लिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थी भर्ती नोटिफिकेशन जरूर पढें. प्रत्येक पद के लिए पात्रता मानदंड, आयु सीमा आदि अलग-अलग हैं. ऐसे में अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी नीचे दिया गया नोटिफिकेशन जरूर चेक करें.
UPSC Recruitment दो हज़ार तेईस: जो उम्मीदवार यूपीएससी जूनियर इंजीनियर और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पदों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. UPSC Recruitment दो हज़ार तेईस: संघ लोक सेवा आयोग आज, सत्ताईस अप्रैल को जूनियर इंजीनियर और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के खाली पदों समेत केंद्र सरकार और मंत्रालयों में विभिन्न पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया बंद कर देगा. इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इन ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in और upsconline.nic के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि आयोग द्वारा जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, रिक्तियों की कुल संख्या एक सौ छियालीस है, जिसकी डिटेल नीचे दी गई है. हालांकि, किसी भी पद के लिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थी भर्ती नोटिफिकेशन जरूर पढें. प्रत्येक पद के लिए पात्रता मानदंड, आयु सीमा आदि अलग-अलग हैं. ऐसे में अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी नीचे दिया गया नोटिफिकेशन जरूर चेक करें.
Etawah Mein Shivpal Yadav: उत्तर प्रदेश के इटावा में शनिवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (pragatisheel samajwadi party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती के एक दिन पूर्व कुर्मी समाज के पटेल मंच की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। जहां उन्होंने पक्का तालाब स्थित सरदार पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। उसके बाद केके डिग्री कॉलेज में आयोजित कवि सम्मेलन में पहुंचे। मंच से शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने अपने सम्बोधन में कहा, आजादी मिलने के बाद अगर देश की बागडोर सरदार बल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) के हाथों में आई होती तो मुल्क का बंटवारा भी न होता और देश की तस्वीर भी दूसरी होती। जिन्होंने राष्ट्रीय एकता के लिए अपना पूरा जीवन न्योछावर कर दिया। सरदार पटेल विचार उप्र के तत्वावधान में कर्मक्षेत्र महाविद्यालय के प्रांगण में भारत रत्न लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती के पूर्व दिवस पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) ने कहा कि सरदार पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) एक महापुरुष थे और महापुरुष कभी मरा नहीं करते, बल्कि उनके द्वारा दिये विचार और आदर्शों के माध्यम से वे सदैव हमारे बीच जीवित रहते हैं। गांधी जी के बाद सरदार पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) ने ही भारत की आजादी और स्वाभिमान के लिए सर्वाधिक योगदान दिया। पटेल किसानों के सच्चे हमदर्द और कट्टरवाद के सख्त खिलाफ थे। उन्होंने भारत की अखण्डता और एकता के लिए अविस्मरणीय काम किया। वहीं मीडिया से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर को राजनीति में स्थिर रहना चाहिए। सपा से तालमेल पर कहा हमें जो कहना करना था कर चुके, अब उनके तरफ से निर्णय आने वाला है, लेकिन अब हम रुकने वाले नहीं है। एक बड़े दल एवं छोटे-छोटे दलों से समझौता करके चुनाव मैदान में आएंगे। इस अवसर पर रिटायर आईएसएस उमेश चन्द्रा, राष्ट्रीय कवि शिवकुमार व्यास, राम विनोद सिंह, नगर पालिका परिषद इटावा की चेयरमैन नौशाबा फुरकान, सभासद सचिन वर्मा का मुख्य अतिथि शिवपाल सिंह (Shivpal Singh Yadav) ने सरदार पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) अलंकरण से सम्मान किया। मंच पर पांच हिन्दू व पांच मुस्लिम महिलाओं को साड़ी व सूट भी वितरित किये गये। शिवपाल सिंह ने कुर्मी समाज के दिवंगत हुए सम्मानित व्यक्तियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा आयोजन समिति व सहयोगियों के अलावा एनसीसी कैडेट व होनहार खिलाड़ी बच्चों को सम्मानित किया। समारोह में पूर्व एमएलसी रामनरेश यादव मिनी व पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य, कुर्मी युवा महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा व श्रीकृष्ण (आकाशवाणी) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में तरुण कुमार, अतुलेश पटेल, कमलापति वर्मा, सचिन कुमार, राजेश वर्मा, सुनील डेविड, राकेश डबोले, विमल वर्मा, हरिहर सिंह, डॉ. समित वर्मा, संजय, संजू, विनय, आलोक पटेल, दीपक वर्मा, राजीव, पिन्टू, नरेन्द्र वर्मा व योगेश वर्मा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर संजीव पटेल के निर्देशन में सरगम म्यूजिकल ग्रुप ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। फिर कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं की शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं को तालियां बजाने पर विवश कर दिया।
Etawah Mein Shivpal Yadav: उत्तर प्रदेश के इटावा में शनिवार को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के एक दिन पूर्व कुर्मी समाज के पटेल मंच की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। जहां उन्होंने पक्का तालाब स्थित सरदार पटेल की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। उसके बाद केके डिग्री कॉलेज में आयोजित कवि सम्मेलन में पहुंचे। मंच से शिवपाल सिंह यादव ने अपने सम्बोधन में कहा, आजादी मिलने के बाद अगर देश की बागडोर सरदार बल्लभ भाई पटेल के हाथों में आई होती तो मुल्क का बंटवारा भी न होता और देश की तस्वीर भी दूसरी होती। जिन्होंने राष्ट्रीय एकता के लिए अपना पूरा जीवन न्योछावर कर दिया। सरदार पटेल विचार उप्र के तत्वावधान में कर्मक्षेत्र महाविद्यालय के प्रांगण में भारत रत्न लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती के पूर्व दिवस पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सरदार पटेल एक महापुरुष थे और महापुरुष कभी मरा नहीं करते, बल्कि उनके द्वारा दिये विचार और आदर्शों के माध्यम से वे सदैव हमारे बीच जीवित रहते हैं। गांधी जी के बाद सरदार पटेल ने ही भारत की आजादी और स्वाभिमान के लिए सर्वाधिक योगदान दिया। पटेल किसानों के सच्चे हमदर्द और कट्टरवाद के सख्त खिलाफ थे। उन्होंने भारत की अखण्डता और एकता के लिए अविस्मरणीय काम किया। वहीं मीडिया से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश राजभर को राजनीति में स्थिर रहना चाहिए। सपा से तालमेल पर कहा हमें जो कहना करना था कर चुके, अब उनके तरफ से निर्णय आने वाला है, लेकिन अब हम रुकने वाले नहीं है। एक बड़े दल एवं छोटे-छोटे दलों से समझौता करके चुनाव मैदान में आएंगे। इस अवसर पर रिटायर आईएसएस उमेश चन्द्रा, राष्ट्रीय कवि शिवकुमार व्यास, राम विनोद सिंह, नगर पालिका परिषद इटावा की चेयरमैन नौशाबा फुरकान, सभासद सचिन वर्मा का मुख्य अतिथि शिवपाल सिंह ने सरदार पटेल अलंकरण से सम्मान किया। मंच पर पांच हिन्दू व पांच मुस्लिम महिलाओं को साड़ी व सूट भी वितरित किये गये। शिवपाल सिंह ने कुर्मी समाज के दिवंगत हुए सम्मानित व्यक्तियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा आयोजन समिति व सहयोगियों के अलावा एनसीसी कैडेट व होनहार खिलाड़ी बच्चों को सम्मानित किया। समारोह में पूर्व एमएलसी रामनरेश यादव मिनी व पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य, कुर्मी युवा महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा व श्रीकृष्ण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में तरुण कुमार, अतुलेश पटेल, कमलापति वर्मा, सचिन कुमार, राजेश वर्मा, सुनील डेविड, राकेश डबोले, विमल वर्मा, हरिहर सिंह, डॉ. समित वर्मा, संजय, संजू, विनय, आलोक पटेल, दीपक वर्मा, राजीव, पिन्टू, नरेन्द्र वर्मा व योगेश वर्मा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर संजीव पटेल के निर्देशन में सरगम म्यूजिकल ग्रुप ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। फिर कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं की शानदार प्रस्तुति देकर श्रोताओं को तालियां बजाने पर विवश कर दिया।
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल के पांचवें स्थापना दिवस के मौके पर परिषद के कार्यकताओं ने रविवार को राणा प्रताप चौराहे से नगर निगम मुख्यालय के पास महर्षि सुपंच सदर्शन जी प्रतिमा तक पदयात्रा निकाली। यहां पर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। यहां परिषद ने चार प्रमुख मांगों को रखा। महानगर अध्यक्ष गौरव द्विवेदी ने केन्द्र सरकार जल्द से जल्द जनसंख्या नियंत्रण कानून और समान नाागरिक संहिता बनाए जाने की मांग की। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री वेद प्रकाश, केवश जी, मनीष तिवारी समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद व राष्ट्रीय बजरंग दल के पांचवें स्थापना दिवस के मौके पर परिषद के कार्यकताओं ने रविवार को राणा प्रताप चौराहे से नगर निगम मुख्यालय के पास महर्षि सुपंच सदर्शन जी प्रतिमा तक पदयात्रा निकाली। यहां पर सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। यहां परिषद ने चार प्रमुख मांगों को रखा। महानगर अध्यक्ष गौरव द्विवेदी ने केन्द्र सरकार जल्द से जल्द जनसंख्या नियंत्रण कानून और समान नाागरिक संहिता बनाए जाने की मांग की। इस मौके पर प्रदेश संगठन मंत्री वेद प्रकाश, केवश जी, मनीष तिवारी समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पूर्व धावक मिल्खा सिंह भी पुरस्कार समारोह में उपस्थित थे. राकेश ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' उनके जीवन पर आधारित है. मिल्खा सिंह ने कहा, "मुझे यहां लाने और सम्मान देने के लिए मैं आईफा का धन्यवाद करता हूं. मैं जिंदगी में तीन चार बार रोया हूं. जबकभी मैंने फिल्म देखी तो रोया. जब मैं यहां बैठा था तो फिल्म को मिले प्यार और पहचान को देखकर मेरी आंखों में आंसू थे".
पूर्व धावक मिल्खा सिंह भी पुरस्कार समारोह में उपस्थित थे. राकेश ओमप्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी फिल्म 'भाग मिल्खा भाग' उनके जीवन पर आधारित है. मिल्खा सिंह ने कहा, "मुझे यहां लाने और सम्मान देने के लिए मैं आईफा का धन्यवाद करता हूं. मैं जिंदगी में तीन चार बार रोया हूं. जबकभी मैंने फिल्म देखी तो रोया. जब मैं यहां बैठा था तो फिल्म को मिले प्यार और पहचान को देखकर मेरी आंखों में आंसू थे".
सारा खान पाकिस्तानी सीरियल 'ये कैसी मोहब्बत है' में नजर आई थीं। श्वेता तिवारी ने फिल्म 'सल्तनत' में काम किया। हालांकि, फिल्म फ्लॉप रहीं। अली खान पाकिस्तानी एक्टर भी रह चुके हैं। उन्होंने वहां पर कई टीवी शोज किए हैं। दीप्ति गुप्ता ने भी कई पाकिस्तानी सीरीज में काम किया है, जिसमें मलाल और नियत शामिल है। किरण खेर पाकिस्तानी फिल्म 'खामोश पानी' में नजर आई थीं। जॉनी लीवर ने एक फिल्म में कॉमेडियन का रोल प्ले किया था। फैंस को यह किरदार पसंद आया था। आकाशदीप सहगल फिल्म 'सल्तनत' में श्वेता तिवारी के साथ ही दिखे थे। नेहा धूपिया ने पाकिस्तानी फिल्म में एक आइटम नंबर किया है। नौशीन अली पाक फिल्म सरदार ने फिल्म मैं एक दिन लौट कर आऊंगा का हिस्सा रही हैं। नसीरुद्दीन शाह 2007 में रिलीज हुई फिल्म खुदा के लिए का हिस्सा रहे थे। अगली वेब स्टोरी देखें. Thanks For Reading!
सारा खान पाकिस्तानी सीरियल 'ये कैसी मोहब्बत है' में नजर आई थीं। श्वेता तिवारी ने फिल्म 'सल्तनत' में काम किया। हालांकि, फिल्म फ्लॉप रहीं। अली खान पाकिस्तानी एक्टर भी रह चुके हैं। उन्होंने वहां पर कई टीवी शोज किए हैं। दीप्ति गुप्ता ने भी कई पाकिस्तानी सीरीज में काम किया है, जिसमें मलाल और नियत शामिल है। किरण खेर पाकिस्तानी फिल्म 'खामोश पानी' में नजर आई थीं। जॉनी लीवर ने एक फिल्म में कॉमेडियन का रोल प्ले किया था। फैंस को यह किरदार पसंद आया था। आकाशदीप सहगल फिल्म 'सल्तनत' में श्वेता तिवारी के साथ ही दिखे थे। नेहा धूपिया ने पाकिस्तानी फिल्म में एक आइटम नंबर किया है। नौशीन अली पाक फिल्म सरदार ने फिल्म मैं एक दिन लौट कर आऊंगा का हिस्सा रही हैं। नसीरुद्दीन शाह दो हज़ार सात में रिलीज हुई फिल्म खुदा के लिए का हिस्सा रहे थे। अगली वेब स्टोरी देखें. Thanks For Reading!
डिस्काउंट पर मिल रहे यह मोबाइल फोनः इसके अलावा यहां कई लेटेस्ट लॉन्च वाले मोबाइल फोन जैसे OnePlus 8t 5G फोन भी उपलब्ध है। इसके अलावा Redmi Note 9, Galaxy m31 Prime और Redmi 9 मोबाइल फोन दमदार डिस्काउंट प्राइस पर उपलब्ध है। स्पेशल बैंक कार्ड ऑफर : नोट : Amazon Fab Phone Fest Sale पर शॉपिंग करने के लिए यहां क्लिक करें। Disclaimer : NBT के पत्रकारों ने इस आर्टिकल को नहीं लिखा है। आर्टिकल लिखे जाने तक ये प्रोडक्ट्स Amazon पर उपलब्ध हैं।
डिस्काउंट पर मिल रहे यह मोबाइल फोनः इसके अलावा यहां कई लेटेस्ट लॉन्च वाले मोबाइल फोन जैसे OnePlus आठ टन पाँचG फोन भी उपलब्ध है। इसके अलावा Redmi Note नौ, Galaxy mइकतीस Prime और Redmi नौ मोबाइल फोन दमदार डिस्काउंट प्राइस पर उपलब्ध है। स्पेशल बैंक कार्ड ऑफर : नोट : Amazon Fab Phone Fest Sale पर शॉपिंग करने के लिए यहां क्लिक करें। Disclaimer : NBT के पत्रकारों ने इस आर्टिकल को नहीं लिखा है। आर्टिकल लिखे जाने तक ये प्रोडक्ट्स Amazon पर उपलब्ध हैं।
हम अपनी जरुरतों के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विभिन्न दुकानों और सरकारी व अर्द्वसरकारी प्रतिष्ठानों से जुड़े रहते हैं। लेकिन ये दुकान और प्रतिष्ठान आपकी जेब पर डाका डालने में लगे हैं। तेल कंपनियों के पेट्रोल पंप पर घटतौली पर लगाम कसने को भले ही तमाम हाइटेक इंतजाम किए हो। लेकिन इसके बावजूद भी पंपों पर घटतौली का खेल जारी है। विधिक माप विज्ञान के आंकड़ों के अनुसार एक साल में 22 पेट्रोल पंपों पर घटतौली पकड़े जाना इसकी पुष्टि करता है। घटतौली के इस खेल में सर्राफा व्यापारी भी पीछे नहीं है। सर्राफा की दुकानों पर भी घटतौली और अनियमितता के 95 मामले सामने आए है। विभाग के उन नियंत्रक एमएस नेगी और वरिष्ठ निरीक्षक अधिकारी प्रवीण नेगी के अनुसार विभाग के कर्मचारियों ने एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक प्रदेश में 40209 जगहों पर निरीक्षण किया। जिसमें 2928 अनियमितता के मामले विभाग की ओर से व्यापारियों के खिलाफ पंजीकृत किए गए। बताया कि इन सभी मामलों में 40 लाख, 32 हजार का प्रशमन शुल्क वसूला गया। एलपीजी एजेंसी पर 20 मामले, पेट्रोल पंप पर 125 मामले (घटतौली के 22 मामले मिलाकर), सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के 243, सरकारी अर्द्घ सरकारी प्रतिष्ठान के 62, गेहूं क्रय केन्द्र के तीन, आटा चक्कियों के 133, फैक्ट्रियों के 148, सर्राफा व्यापारियों के 95, हार्डवेयर विक्रेताओं के 137, मिठाई विक्रेताओं के 128, गल्ला किराना विक्रेताओं के 706, सब्जी विक्रेताओं के 222, दूध विक्रेताओं के 80, धर्मकांटे के 108 समेत 500 मामलों में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की गई। इनमें से कुछ मामले घटतौली के भी है। विधिक माप विज्ञान विभाग के कर्मचारियों ने कम संसाधन होते हुए भी लक्ष्य से अधिक आय अर्जित की है। वर्ष 2016-17 के लिए विभाग को शासन से सभी मदों में तीन करोड़, 35 लाख, छह हजार राजस्व वसूलने का लक्ष्य मिला था, लेकिन विभाग के कर्मचारियों ने तीन करोड़, 92 लाख, 4 हजार से अधिक रुपये का राजस्व वसूला है। बता दें कि विभागीय कर्मचारी देहरादून स्थित तहसील चौक पर जर्जर भवन में काम करने को मजबूर है और उनके पास वाहनों का भी टोटा है।
हम अपनी जरुरतों के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विभिन्न दुकानों और सरकारी व अर्द्वसरकारी प्रतिष्ठानों से जुड़े रहते हैं। लेकिन ये दुकान और प्रतिष्ठान आपकी जेब पर डाका डालने में लगे हैं। तेल कंपनियों के पेट्रोल पंप पर घटतौली पर लगाम कसने को भले ही तमाम हाइटेक इंतजाम किए हो। लेकिन इसके बावजूद भी पंपों पर घटतौली का खेल जारी है। विधिक माप विज्ञान के आंकड़ों के अनुसार एक साल में बाईस पेट्रोल पंपों पर घटतौली पकड़े जाना इसकी पुष्टि करता है। घटतौली के इस खेल में सर्राफा व्यापारी भी पीछे नहीं है। सर्राफा की दुकानों पर भी घटतौली और अनियमितता के पचानवे मामले सामने आए है। विभाग के उन नियंत्रक एमएस नेगी और वरिष्ठ निरीक्षक अधिकारी प्रवीण नेगी के अनुसार विभाग के कर्मचारियों ने एक अप्रैल दो हज़ार सोलह से इकतीस मार्च दो हज़ार सत्रह तक प्रदेश में चालीस हज़ार दो सौ नौ जगहों पर निरीक्षण किया। जिसमें दो हज़ार नौ सौ अट्ठाईस अनियमितता के मामले विभाग की ओर से व्यापारियों के खिलाफ पंजीकृत किए गए। बताया कि इन सभी मामलों में चालीस लाख, बत्तीस हजार का प्रशमन शुल्क वसूला गया। एलपीजी एजेंसी पर बीस मामले, पेट्रोल पंप पर एक सौ पच्चीस मामले , सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के दो सौ तैंतालीस, सरकारी अर्द्घ सरकारी प्रतिष्ठान के बासठ, गेहूं क्रय केन्द्र के तीन, आटा चक्कियों के एक सौ तैंतीस, फैक्ट्रियों के एक सौ अड़तालीस, सर्राफा व्यापारियों के पचानवे, हार्डवेयर विक्रेताओं के एक सौ सैंतीस, मिठाई विक्रेताओं के एक सौ अट्ठाईस, गल्ला किराना विक्रेताओं के सात सौ छः, सब्जी विक्रेताओं के दो सौ बाईस, दूध विक्रेताओं के अस्सी, धर्मकांटे के एक सौ आठ समेत पाँच सौ मामलों में अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की गई। इनमें से कुछ मामले घटतौली के भी है। विधिक माप विज्ञान विभाग के कर्मचारियों ने कम संसाधन होते हुए भी लक्ष्य से अधिक आय अर्जित की है। वर्ष दो हज़ार सोलह-सत्रह के लिए विभाग को शासन से सभी मदों में तीन करोड़, पैंतीस लाख, छह हजार राजस्व वसूलने का लक्ष्य मिला था, लेकिन विभाग के कर्मचारियों ने तीन करोड़, बानवे लाख, चार हजार से अधिक रुपये का राजस्व वसूला है। बता दें कि विभागीय कर्मचारी देहरादून स्थित तहसील चौक पर जर्जर भवन में काम करने को मजबूर है और उनके पास वाहनों का भी टोटा है।
फिल्म गल्ली बॉय वेलेंटाइन डे पर रिलीज हुई। फिल्म शानदार कमाई कर रही है। फिल्म रणवीर सिंह और आलिया भट्ट लीड रोल में है। फिल्म में दोनों की शानदार केमेस्ट्री देखने को मिली है। इनकी ये केमेस्ट्री सिर्फ फिल्म तक ही सीमित नहीं है। बल्कि रियल लाइफ में दोनों एक-दूसरे के काफी सपोर्टिव हैं। हाल ही में आलिया भट्ट और रणवीर सिंह ने एक इंटरव्यू में एक-दूसरे के बारे कुछ खुलासे किए। आलिया भट्ट ने फिल्म कंपैनियन को दिए इंटरव्यू में रणवीर के बारे में आलिया भट्ट ने बताया की रणवीर सिंह की साइलंस ही इनकी ताकत है और वह वाकई में बेहद संवेदनशील पर्सन हैं। एक एक्ट्रेस के तौर पर उनके लिए यह बड़ी जानकारी है। उन्होंने कहा कि वह अपने काम और रूटीन को लेकर काफी तनाव लेती हैं। आलिया भट्ट ने कहा कि जब रणवीर सिंह को पता चला कि वह तनाव लेती हैं तो रणवीर सिंह ने उन्हें बूमबॉक्स (पोर्टेबल म्यूजिक सिस्टम) लेने के लिए कहा था, जिससे कि वह खुद को शांत रख सकें। रणवीर सिंह ने कहा कि वह आलिया भट्ट को यह गिफ्ट करना चाहते हैं। रणवीर सिंह ने कहा कि तनाव दूर करने के लिए म्यूजिक बेहद मददगार साबित होता है और उन्होंने बताया कि उन्हें म्यूजिक से प्यार है। उन्होंने कहा कि वह हर वक्त, चाहे वह कार में हो, जिम मे हो, शॉवर हो या एक जगह से दूसरी जगह जाना हो, म्यूजिक सुनना पसंद करते हैं। इससे मूड अच्छा रहता है। रणवीर सिंह ने कहा कि वह पहले सोचते थे कि जब भी वह बड़े स्टार बनेंगे, वह थीम म्यूजिक के साथ चला करेंगे। उन्होंने बताया कि वह रेसलर्स से प्रभावित थे। जब भी रेसलर्स की एंट्री होती है तो थीम म्यूजिक बजता है। मैं अपनी जिंदगी को फिल्म की तरह जीना चाहता हूं और हर स्थिति के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक होता है।
फिल्म गल्ली बॉय वेलेंटाइन डे पर रिलीज हुई। फिल्म शानदार कमाई कर रही है। फिल्म रणवीर सिंह और आलिया भट्ट लीड रोल में है। फिल्म में दोनों की शानदार केमेस्ट्री देखने को मिली है। इनकी ये केमेस्ट्री सिर्फ फिल्म तक ही सीमित नहीं है। बल्कि रियल लाइफ में दोनों एक-दूसरे के काफी सपोर्टिव हैं। हाल ही में आलिया भट्ट और रणवीर सिंह ने एक इंटरव्यू में एक-दूसरे के बारे कुछ खुलासे किए। आलिया भट्ट ने फिल्म कंपैनियन को दिए इंटरव्यू में रणवीर के बारे में आलिया भट्ट ने बताया की रणवीर सिंह की साइलंस ही इनकी ताकत है और वह वाकई में बेहद संवेदनशील पर्सन हैं। एक एक्ट्रेस के तौर पर उनके लिए यह बड़ी जानकारी है। उन्होंने कहा कि वह अपने काम और रूटीन को लेकर काफी तनाव लेती हैं। आलिया भट्ट ने कहा कि जब रणवीर सिंह को पता चला कि वह तनाव लेती हैं तो रणवीर सिंह ने उन्हें बूमबॉक्स लेने के लिए कहा था, जिससे कि वह खुद को शांत रख सकें। रणवीर सिंह ने कहा कि वह आलिया भट्ट को यह गिफ्ट करना चाहते हैं। रणवीर सिंह ने कहा कि तनाव दूर करने के लिए म्यूजिक बेहद मददगार साबित होता है और उन्होंने बताया कि उन्हें म्यूजिक से प्यार है। उन्होंने कहा कि वह हर वक्त, चाहे वह कार में हो, जिम मे हो, शॉवर हो या एक जगह से दूसरी जगह जाना हो, म्यूजिक सुनना पसंद करते हैं। इससे मूड अच्छा रहता है। रणवीर सिंह ने कहा कि वह पहले सोचते थे कि जब भी वह बड़े स्टार बनेंगे, वह थीम म्यूजिक के साथ चला करेंगे। उन्होंने बताया कि वह रेसलर्स से प्रभावित थे। जब भी रेसलर्स की एंट्री होती है तो थीम म्यूजिक बजता है। मैं अपनी जिंदगी को फिल्म की तरह जीना चाहता हूं और हर स्थिति के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक होता है।
नई दिल्लीः अभिनेता अजय देवगन आज 2 अप्रैल को अपना 48वां जन्मदिन मना रहे हैं। अजय देवगन का असली नाम विशाल वीरु देवगन है। वर्ष 1991 में निर्देशक संदेश कोहली की फिल्म 'फूल और कांटे' से अभिनय की कमान संभालने वाले अजय देवगन ने बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। आज हम आपको अजय देवगन के जन्मदिन पर उनकी कुछ ऐसी ही फिल्मों के बारें में बताने जा रहे हैं, जिसने उन्हें एक्शन, रोमांटिक, कॉमेडी और गंभीर छवि का अभिनेता बनाया। अजय ने अभिनय के साथ ही 'शिवाय' फिल्म का डायरेक्शन भी किया है। 1991 में आई अजय देवगन और मधु की सुपरहिट फिल्म 'फूल और कांटे' फिल्म का खुमार आज तक लोगों पर चढ़ा हुआ है। इस फिल्म में अजय देवगन का एक्शन फरीदाबाद के रहने वाले गंगेश तिवारी ने इतना भाया कि वो सारा काम छोड़कर कराटे सीखने लगे और अब वह ब्लैक बेल्टर हो गए हैं। इसके साथ ही लोगों को इसके हेयरस्टाइल को कॉपी करते हुए देखा गया है। अजय देवगन और रवीना टंडन अभिनीत फिल्म 'दिलवाले' के गाने आज भी हर वर्ग के लोगों की जुबां पर चढ़कर बोलते हैं। फिल्म में दोनों कलाकारों की एक्टिंग के सभी कायल हैं। इस फिल्म मेें रोमांटिक किरदार निभाने वाले अजय की तारीफों के पुल आज भी बांधे जाते हैं। वहीं 2015 के आई काजोल और शाहरूख की 'दिलवाले' कब आई और कब चली गई पता भी नहीं चला। रोहित शेट्टी के फेवरेट कलाकारों में शुमार किए जाने अजय देवगन ने गोलमाल फिल्म में अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसा हंसाकर लोटपोट कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने साबित कर दिया कि वह हर किरदार में बखूबी ढल जाने का दमखम रखते हैं। संजय लीला भंसाली की फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' में पति होने के बावजूद अपनी पत्नी को उसके प्रेमी से मिलवाने के लिए अजय हर वो कोशिश करते दिखे, जिसने उन्हें रूपहले पर्दे का बादशाह बना दिया। इस फिल्म में अपने छोटे से रोल से भी दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। साल 2011 की हिट फिल्म 'सिंघम' और उसके सीक्वल बनने 'सिंघम रिर्टन' में एक्शन सीन्स से अजय देवगन ने एक बार फिर डायरेक्टर रोहित शेट्टी के साथ अपने फैन्स का दिल जीतने में कामयाब रहे। अजय देवगन और सोनाली बेंद्रे 'दिलजले' फिल्म से सभी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई। इस फिल्म में उनके प्यार को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सिनेमाघरों में पहुंचते थे। हैरी बावेजा की फिल्म 'कयामत' में अजय देवगन और नेहा धूपिया की जोड़ी को काफी पसंद किया था। इस फिल्म के गाने आज भी उतनी शिद्दत के साथ सुने जाते हैं, जितने की फिल्म आने पर।
नई दिल्लीः अभिनेता अजय देवगन आज दो अप्रैल को अपना अड़तालीसवां जन्मदिन मना रहे हैं। अजय देवगन का असली नाम विशाल वीरु देवगन है। वर्ष एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में निर्देशक संदेश कोहली की फिल्म 'फूल और कांटे' से अभिनय की कमान संभालने वाले अजय देवगन ने बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं। आज हम आपको अजय देवगन के जन्मदिन पर उनकी कुछ ऐसी ही फिल्मों के बारें में बताने जा रहे हैं, जिसने उन्हें एक्शन, रोमांटिक, कॉमेडी और गंभीर छवि का अभिनेता बनाया। अजय ने अभिनय के साथ ही 'शिवाय' फिल्म का डायरेक्शन भी किया है। एक हज़ार नौ सौ इक्यानवे में आई अजय देवगन और मधु की सुपरहिट फिल्म 'फूल और कांटे' फिल्म का खुमार आज तक लोगों पर चढ़ा हुआ है। इस फिल्म में अजय देवगन का एक्शन फरीदाबाद के रहने वाले गंगेश तिवारी ने इतना भाया कि वो सारा काम छोड़कर कराटे सीखने लगे और अब वह ब्लैक बेल्टर हो गए हैं। इसके साथ ही लोगों को इसके हेयरस्टाइल को कॉपी करते हुए देखा गया है। अजय देवगन और रवीना टंडन अभिनीत फिल्म 'दिलवाले' के गाने आज भी हर वर्ग के लोगों की जुबां पर चढ़कर बोलते हैं। फिल्म में दोनों कलाकारों की एक्टिंग के सभी कायल हैं। इस फिल्म मेें रोमांटिक किरदार निभाने वाले अजय की तारीफों के पुल आज भी बांधे जाते हैं। वहीं दो हज़ार पंद्रह के आई काजोल और शाहरूख की 'दिलवाले' कब आई और कब चली गई पता भी नहीं चला। रोहित शेट्टी के फेवरेट कलाकारों में शुमार किए जाने अजय देवगन ने गोलमाल फिल्म में अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसा हंसाकर लोटपोट कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने साबित कर दिया कि वह हर किरदार में बखूबी ढल जाने का दमखम रखते हैं। संजय लीला भंसाली की फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' में पति होने के बावजूद अपनी पत्नी को उसके प्रेमी से मिलवाने के लिए अजय हर वो कोशिश करते दिखे, जिसने उन्हें रूपहले पर्दे का बादशाह बना दिया। इस फिल्म में अपने छोटे से रोल से भी दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। साल दो हज़ार ग्यारह की हिट फिल्म 'सिंघम' और उसके सीक्वल बनने 'सिंघम रिर्टन' में एक्शन सीन्स से अजय देवगन ने एक बार फिर डायरेक्टर रोहित शेट्टी के साथ अपने फैन्स का दिल जीतने में कामयाब रहे। अजय देवगन और सोनाली बेंद्रे 'दिलजले' फिल्म से सभी दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई। इस फिल्म में उनके प्यार को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सिनेमाघरों में पहुंचते थे। हैरी बावेजा की फिल्म 'कयामत' में अजय देवगन और नेहा धूपिया की जोड़ी को काफी पसंद किया था। इस फिल्म के गाने आज भी उतनी शिद्दत के साथ सुने जाते हैं, जितने की फिल्म आने पर।
खंडवा, मूंदी (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेश में फिर से मानसून सक्रिय होने और नर्मदा के ऊपरी क्षेत्र में तेज वर्षा से इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर बढ़ गया है। इनका जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बांध के गेट खोल दिए गए है। इसके पूर्व 24 जुलाई को दोनों बांध के गेट दो साल बाद खोले गए थे। इस प्रकार एक पखवाड़े में दूसरी बार बांध के गेट खुले है। इससे नर्मदा नदी के निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से बांध प्रबंधन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। ओंकारेश्वर बांध के गेट देर रात या गुरुवार को खुलने की तैयारी है। इंदिरासागर बांध के बुधवार रात 12 गेट खोले गए है। इनमें छह गेट आधा मीटर और छह गेट एक मीटर की ऊंचाई तक खुले है। बांध के गेट खुलने से करीब 2200 क्यूमेक्स पानी नर्मदा नदी में जाने से उफान आ गया है। यहां से पानी की आवक को देखते हुए ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ना ने तैयारी शुरू कर दी है। देर रात तक गेट खुल सकते है। बारिश के रूख को देखते हुए एनएचडीसी प्रबंधन ने बांधों का अगस्त में जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए पानी छोड़ने का निर्णय लेते हुए इंदिरा सागर बांध के 12 गेट रात नौ बजे खोल दिए है। तवा बांध के 11 गेट खुलने से इंदिरा सागर बांध के जलाशय में करीब साढ़े सात हजार क्यूमेक्स पानी की आवक हो रही है। बांध का जलस्तर 259. 75 मीटर से उपर पहुंचने से गेट खोलने का निर्णय लिया गया है। यहां टरबाइन से बिजली का उत्पादन भी शुरू कर दिया गया है। बांध के डाउन स्ट्रीम में सभी जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर 195. 60 पहुंच गया है। इंदिरा सागर बांध से पानी की आवक को देखते हुए यहां से गुरूवार सुबह गेट खोलकर पानी छोड़ा जा सकता है। - हांडिया से आ रहे पानी की मात्रा और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश को देखते हुए बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बांध से पानी छोडने का निर्णय लिया गया है। समय. समय पर जलस्तर का आंकलन कर गेटों की संख्या और छोडे जा रहे पानी की मात्रा को घटाया- बढ़ाया जाएगा। अभी 12 गेट खोले गए है। -अशोक कुमार सिंह, परियोजना प्रमुख, इंदिरा सागर बांध।
खंडवा, मूंदी । प्रदेश में फिर से मानसून सक्रिय होने और नर्मदा के ऊपरी क्षेत्र में तेज वर्षा से इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर बढ़ गया है। इनका जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बांध के गेट खोल दिए गए है। इसके पूर्व चौबीस जुलाई को दोनों बांध के गेट दो साल बाद खोले गए थे। इस प्रकार एक पखवाड़े में दूसरी बार बांध के गेट खुले है। इससे नर्मदा नदी के निचले क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से बांध प्रबंधन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। ओंकारेश्वर बांध के गेट देर रात या गुरुवार को खुलने की तैयारी है। इंदिरासागर बांध के बुधवार रात बारह गेट खोले गए है। इनमें छह गेट आधा मीटर और छह गेट एक मीटर की ऊंचाई तक खुले है। बांध के गेट खुलने से करीब दो हज़ार दो सौ क्यूमेक्स पानी नर्मदा नदी में जाने से उफान आ गया है। यहां से पानी की आवक को देखते हुए ओंकारेश्वर बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ना ने तैयारी शुरू कर दी है। देर रात तक गेट खुल सकते है। बारिश के रूख को देखते हुए एनएचडीसी प्रबंधन ने बांधों का अगस्त में जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए पानी छोड़ने का निर्णय लेते हुए इंदिरा सागर बांध के बारह गेट रात नौ बजे खोल दिए है। तवा बांध के ग्यारह गेट खुलने से इंदिरा सागर बांध के जलाशय में करीब साढ़े सात हजार क्यूमेक्स पानी की आवक हो रही है। बांध का जलस्तर दो सौ उनसठ. पचहत्तर मीटर से उपर पहुंचने से गेट खोलने का निर्णय लिया गया है। यहां टरबाइन से बिजली का उत्पादन भी शुरू कर दिया गया है। बांध के डाउन स्ट्रीम में सभी जिलों को अलर्ट जारी कर दिया है। वहीं ओंकारेश्वर बांध का जलस्तर एक सौ पचानवे. साठ पहुंच गया है। इंदिरा सागर बांध से पानी की आवक को देखते हुए यहां से गुरूवार सुबह गेट खोलकर पानी छोड़ा जा सकता है। - हांडिया से आ रहे पानी की मात्रा और आसपास के क्षेत्रों में हुई बारिश को देखते हुए बांध का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बांध से पानी छोडने का निर्णय लिया गया है। समय. समय पर जलस्तर का आंकलन कर गेटों की संख्या और छोडे जा रहे पानी की मात्रा को घटाया- बढ़ाया जाएगा। अभी बारह गेट खोले गए है। -अशोक कुमार सिंह, परियोजना प्रमुख, इंदिरा सागर बांध।
- पत्र निर्गत होने की तिथि को जिन अध्यापकों का 4 वर्ष का शिक्षण अनुभव पूरा हो व जनपद में पद रिक्त हों, ऐसे अध्यापकों की पदोन्नति 30 अप्रैल 2015 तक करने के निर्देश। - उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गतिमान विज्ञान/गणित अध्यापकों की सीधी भर्ती हेतु जनपद को आवंटित पदों को छोड़ते हुये शेष पदों पर पदोन्नति करने के निर्देश। - प्रत्येक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक विज्ञान अध्यापक रखने के निर्देश। परिषदीय विद्यालयों में खाली पदों पर शैक्षिक अनुभव होने के बाद पदोन्नति के लिए अब शिक्षकों को पांच साल का अनुभव होने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बेसिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक अनुभव पांच साल होने के नियम में छूट दी है। अब शिक्षकों को चार साल के शैक्षिक अनुभव में पदोन्नति मिल सकेगी। इस संबंध में परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। अभी तक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के खाली पड़े पदों पर शिक्षकों की पदोन्नति के लिए शैक्षिक अनुभव पांच साल का होना अनिवार्य है। इसके तहत खाली पद होने पर भी शैक्षिक अनुभवन पांच साल का पूरा न होने की वजह से शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो पा रही है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जिन शिक्षकों का शिक्षण अनुभव चार वर्ष पूरा हो चुका है और जनपद में रिक्तियां उपलब्ध हैं। ऐसे शिक्षकों को एक वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। परिषद केसचिव संजय सिन्हा ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में उपलब्ध रिक्तियों को दृष्टिगत रखते हुए उच्च प्राथमिक विद्यालय में विज्ञान-गणित विषय के सहायक अध्यापकों के लिए आवंटित पदों को छोड़कर शेष पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही 30 अप्रैल तक अवश्य कर ली जाए। इसमें पूर्णतया पारदर्शिता बरती जाए। जिनके खिलाफ किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही है उनकी पदोन्नति न की जाए। प्रत्येक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक विज्ञान अध्यापक रखा जाना अनिवार्य होगा। प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक पदों पर सीधी भर्तियां होती हैं। पांच साल की सेवा पूरी करने पर शिक्षकों को प्राइमरी में प्रधानाध्यापक या उच्च प्राइमरी में सहायक अध्यापक बनाया जाता है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने पदोन्नति में पांच साल की अनिवार्यता समाप्त करते हुए चार साल इसलिए किया गया है जिससे प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद रिक्त होने के बाद उस पर शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जा सके। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने कहा है कि पदोन्नति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। लखनऊ (ब्यूरो)। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को अब पांच साल के स्थान पर चार साल पर ही पदोन्नति दी जाएगी। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित व विज्ञान सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नति नहीं की जाएगी, क्योंकि इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सचिव बेसिक शिक्षा संजय सिन्हा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेजते हुए पदोन्नति प्रक्रिया 30 अप्रैल तक हरहाल में पूरी करने का निर्देश दिया है। प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक पदों पर सीधी भर्तियां होती हैं। पांच साल की सेवा पूरी करने पर शिक्षकों को प्राइमरी में प्रधानाध्यापक या उच्च प्राइमरी में सहायक अध्यापक बनाया जाता है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने पदोन्नति में पांच साल की अनिवार्यता समाप्त करते हुए चार साल इसलिए किया गया है जिससे प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद रिक्त होने के बाद उस पर शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जा सके। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने कहा है कि पदोन्नति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। रिक्त पदों पर पदोन्नति हेतु एक वर्ष की शिथिलता प्रदान किये जाने के संबंध में आदेश : यदि पद हैं रिक्त तो शिक्षकों को अब चार साल में मिलेगी पदोन्नति Reviewed by Brijesh Shrivastava on 5:31 AM Rating:
- पत्र निर्गत होने की तिथि को जिन अध्यापकों का चार वर्ष का शिक्षण अनुभव पूरा हो व जनपद में पद रिक्त हों, ऐसे अध्यापकों की पदोन्नति तीस अप्रैल दो हज़ार पंद्रह तक करने के निर्देश। - उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गतिमान विज्ञान/गणित अध्यापकों की सीधी भर्ती हेतु जनपद को आवंटित पदों को छोड़ते हुये शेष पदों पर पदोन्नति करने के निर्देश। - प्रत्येक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक विज्ञान अध्यापक रखने के निर्देश। परिषदीय विद्यालयों में खाली पदों पर शैक्षिक अनुभव होने के बाद पदोन्नति के लिए अब शिक्षकों को पांच साल का अनुभव होने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बेसिक शिक्षा परिषद ने शैक्षिक अनुभव पांच साल होने के नियम में छूट दी है। अब शिक्षकों को चार साल के शैक्षिक अनुभव में पदोन्नति मिल सकेगी। इस संबंध में परिषद के सचिव संजय सिन्हा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। अभी तक प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के खाली पड़े पदों पर शिक्षकों की पदोन्नति के लिए शैक्षिक अनुभव पांच साल का होना अनिवार्य है। इसके तहत खाली पद होने पर भी शैक्षिक अनुभवन पांच साल का पूरा न होने की वजह से शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो पा रही है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जिन शिक्षकों का शिक्षण अनुभव चार वर्ष पूरा हो चुका है और जनपद में रिक्तियां उपलब्ध हैं। ऐसे शिक्षकों को एक वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। परिषद केसचिव संजय सिन्हा ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में उपलब्ध रिक्तियों को दृष्टिगत रखते हुए उच्च प्राथमिक विद्यालय में विज्ञान-गणित विषय के सहायक अध्यापकों के लिए आवंटित पदों को छोड़कर शेष पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही तीस अप्रैल तक अवश्य कर ली जाए। इसमें पूर्णतया पारदर्शिता बरती जाए। जिनके खिलाफ किसी भी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही है उनकी पदोन्नति न की जाए। प्रत्येक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक विज्ञान अध्यापक रखा जाना अनिवार्य होगा। प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक पदों पर सीधी भर्तियां होती हैं। पांच साल की सेवा पूरी करने पर शिक्षकों को प्राइमरी में प्रधानाध्यापक या उच्च प्राइमरी में सहायक अध्यापक बनाया जाता है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने पदोन्नति में पांच साल की अनिवार्यता समाप्त करते हुए चार साल इसलिए किया गया है जिससे प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद रिक्त होने के बाद उस पर शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जा सके। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने कहा है कि पदोन्नति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। लखनऊ । परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को अब पांच साल के स्थान पर चार साल पर ही पदोन्नति दी जाएगी। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित व विज्ञान सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नति नहीं की जाएगी, क्योंकि इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सचिव बेसिक शिक्षा संजय सिन्हा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेजते हुए पदोन्नति प्रक्रिया तीस अप्रैल तक हरहाल में पूरी करने का निर्देश दिया है। प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक पदों पर सीधी भर्तियां होती हैं। पांच साल की सेवा पूरी करने पर शिक्षकों को प्राइमरी में प्रधानाध्यापक या उच्च प्राइमरी में सहायक अध्यापक बनाया जाता है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने पदोन्नति में पांच साल की अनिवार्यता समाप्त करते हुए चार साल इसलिए किया गया है जिससे प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक के पद रिक्त होने के बाद उस पर शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जा सके। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने कहा है कि पदोन्नति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। रिक्त पदों पर पदोन्नति हेतु एक वर्ष की शिथिलता प्रदान किये जाने के संबंध में आदेश : यदि पद हैं रिक्त तो शिक्षकों को अब चार साल में मिलेगी पदोन्नति Reviewed by Brijesh Shrivastava on पाँच:इकतीस AM Rating:
एशिया के दक्षिणी भाग में पाया जाता है, भारत गणराज्य लगभग 1.27 अरब लोगों के साथ दुनिया में दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है. भारत के विश्वविद्यालयों में से चार प्रकार की है, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालय और निजी विश्वविद्यालयों के 550 से अधिक संस्थानों में शामिल है. विज्ञान के एक मास्टर के बारे में दो साल में कमाया जा सकता है अध्ययन की एक उन्नत कार्यक्रम है। कई स्कूलों में तो यह है कि व्यस्त शिक्षार्थियों एक तरीका है कि उनके लिए सुविधाजनक है में अपनी शिक्षा को आगे कर सकते हैं ऑनलाइन या अंशकालिक एमएससी कार्यक्रम प्रदान करते हैं।
एशिया के दक्षिणी भाग में पाया जाता है, भारत गणराज्य लगभग एक.सत्ताईस अरब लोगों के साथ दुनिया में दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है. भारत के विश्वविद्यालयों में से चार प्रकार की है, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, राज्य विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालय और निजी विश्वविद्यालयों के पाँच सौ पचास से अधिक संस्थानों में शामिल है. विज्ञान के एक मास्टर के बारे में दो साल में कमाया जा सकता है अध्ययन की एक उन्नत कार्यक्रम है। कई स्कूलों में तो यह है कि व्यस्त शिक्षार्थियों एक तरीका है कि उनके लिए सुविधाजनक है में अपनी शिक्षा को आगे कर सकते हैं ऑनलाइन या अंशकालिक एमएससी कार्यक्रम प्रदान करते हैं।
रक्षा मंत्रालय के आरएफ मंत्रालय के जुबेर और मुरेन परियोजना के नए एयर कुशन जहाजों को खरीदने के मुद्दे को इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक ले जाना चाहिए। FlotProm यूनाइटेड शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन इगोर पिओनारेव के उप प्रमुख के शब्द। "राज्य के आयुध कार्यक्रम को निर्दिष्ट करते समय निर्णय लिया जाएगा," पिंडोमेरेव ने समझाया। संसाधन नोटों के अनुसार, दलदल, खाई और खदानों को पार करते हुए, दलदल और भूमि सैनिकों को पार करने के लिए जहाजों की डिजाइन सुविधाएँ "उन्हें अनुमति देती हैं," संसाधन नोट। प्रकाशन याद दिलाता है कि "प्रोजेक्ट 12322 ज़ुबर छोटे लैंडिंग जहाज दुनिया में सबसे बड़े होवरक्राफ्ट हैं, जो 150 टन या 10 बख्तरबंद कर्मियों के वाहक और 140 सैनिकों तक के तीन मुख्य टैंक ले जाने में सक्षम हैं। " परियोजना 12061 "मुरैना" की लैंडिंग नौकाओं को एक असमान तट पर उतरने का इरादा है, उनका विस्थापन 150 टन, लंबाई - 31,3 मीटर, चौड़ाई - 14,6 मीटर, गति - 55 समुद्री मील (102 किमी / घंटा) तक है, वे परिवहन में सक्षम हैं। एक टैंक, दो पैदल सेना से लड़ने वाले वाहन, या 130 लैंडिंग सैनिक। " "मोरे ईल्स" दो 30-मिमी स्वचालित बंदूक माउंट AK-306, दो AGS-17 ग्रेनेड लांचर से लैस हैं। खानों को स्थापित करने के लिए चालक दल के पास एक पोर्टेबल डिवाइस भी है।
रक्षा मंत्रालय के आरएफ मंत्रालय के जुबेर और मुरेन परियोजना के नए एयर कुशन जहाजों को खरीदने के मुद्दे को इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक ले जाना चाहिए। FlotProm यूनाइटेड शिपबिल्डिंग कॉर्पोरेशन इगोर पिओनारेव के उप प्रमुख के शब्द। "राज्य के आयुध कार्यक्रम को निर्दिष्ट करते समय निर्णय लिया जाएगा," पिंडोमेरेव ने समझाया। संसाधन नोटों के अनुसार, दलदल, खाई और खदानों को पार करते हुए, दलदल और भूमि सैनिकों को पार करने के लिए जहाजों की डिजाइन सुविधाएँ "उन्हें अनुमति देती हैं," संसाधन नोट। प्रकाशन याद दिलाता है कि "प्रोजेक्ट बारह हज़ार तीन सौ बाईस ज़ुबर छोटे लैंडिंग जहाज दुनिया में सबसे बड़े होवरक्राफ्ट हैं, जो एक सौ पचास टन या दस बख्तरबंद कर्मियों के वाहक और एक सौ चालीस सैनिकों तक के तीन मुख्य टैंक ले जाने में सक्षम हैं। " परियोजना बारह हज़ार इकसठ "मुरैना" की लैंडिंग नौकाओं को एक असमान तट पर उतरने का इरादा है, उनका विस्थापन एक सौ पचास टन, लंबाई - इकतीस,तीन मीटर, चौड़ाई - चौदह,छः मीटर, गति - पचपन समुद्री मील तक है, वे परिवहन में सक्षम हैं। एक टैंक, दो पैदल सेना से लड़ने वाले वाहन, या एक सौ तीस लैंडिंग सैनिक। " "मोरे ईल्स" दो तीस-मिमी स्वचालित बंदूक माउंट AK-तीन सौ छः, दो AGS-सत्रह ग्रेनेड लांचर से लैस हैं। खानों को स्थापित करने के लिए चालक दल के पास एक पोर्टेबल डिवाइस भी है।
डमरू बजाते हुए अापने मदारी को तो देखा ही होगा. लेकिन यहां न तो डमरू बजा है और न ही हकीकत में कोई मदारी है, लेकिन ये राजनीति है यहां बिना मदारी के डमरू बजाए ही पूरे खेल हो जाते है और इसका रोमांच मुफ्त में ही जनता जनार्दन लेती रहती है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है- हां मैं मदारी हूं जो डमरू बजाता है और बिजली का बिल जीरो हो जाता है. हां मैं मदारी हूं जो गरीबों के लिए घर बनाता है. कमलनाथ के बयान का करारा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने उनपर पलटवार करते हुए कहा कि हां मैं मदारी हूं जो डमरू बजाता है और बिजली का बिल जीरो हो जाता है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि मैं मदारी हूं जो गरीबों के लिए घर बनाता है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मैंने इस बीमारू राज्य को विकसित राज्य बनाया है. उन्होंने कहा कि जबतक मैं जिंदा हूं प्रदेश में कोई असहाय महसूस नहीं कर सकता है,
डमरू बजाते हुए अापने मदारी को तो देखा ही होगा. लेकिन यहां न तो डमरू बजा है और न ही हकीकत में कोई मदारी है, लेकिन ये राजनीति है यहां बिना मदारी के डमरू बजाए ही पूरे खेल हो जाते है और इसका रोमांच मुफ्त में ही जनता जनार्दन लेती रहती है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है- हां मैं मदारी हूं जो डमरू बजाता है और बिजली का बिल जीरो हो जाता है. हां मैं मदारी हूं जो गरीबों के लिए घर बनाता है. कमलनाथ के बयान का करारा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने उनपर पलटवार करते हुए कहा कि हां मैं मदारी हूं जो डमरू बजाता है और बिजली का बिल जीरो हो जाता है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि मैं मदारी हूं जो गरीबों के लिए घर बनाता है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मैंने इस बीमारू राज्य को विकसित राज्य बनाया है. उन्होंने कहा कि जबतक मैं जिंदा हूं प्रदेश में कोई असहाय महसूस नहीं कर सकता है,
केरल पुलिस ने मंजेश्वरम सीट से सुरेंद्रन के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले माकपा उम्मीदवार वी वी रामेसन द्वारा दायर एक याचिका पर एक मजिस्ट्रेट अदालत के निर्देशों के तहत प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन और सीके जानू के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है। मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 171 (बी), (ई) तथा (एफ) के तहत दर्ज किया गया है। 171 (B) - किसी व्यक्ति को लालच देकर उसके निर्वाचन अधिकार का इस्तेमाल कराना।171 (E) - रिश्वतखोरी। 171 (F) - चुनावों पर ग़लत असर डालने की कोशिश करना। अदालत ने कहा है कि बिना वारंट के कोई गिरफ्तारी नहीं होगी। इससे पहले सुरेंद्रन के ख़िलाफ़ मंजेश्वरम क्षेत्र से अपना नामांकन वापस लेने के लिए बसपा उम्मीदवार के. सुंदर को रिश्वत देने के आरोप में केस दर्ज किया था। केरल में छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव हुए थे। केरल के वायनाड की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आदिवासी नेता तथा जनतापथ्य राष्ट्रीय पार्टी (जेआरपी) की अध्यक्ष सीके जानू को छह अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में मन्नतवाड़ी सीट से एनडीए उम्मीदवार बनने के लिए रिश्वत देने सहित कई अन्य आरोप में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन और सीके जानू के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। सुरेंद्रन पर आरोप है कि उन्होंने जानू को अप्रैल में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए में वापस लाने के लिए 10 लाख रुपये का भुगतान किया था। सुरेंद्रन पर आरोप है कि उन्होंने जनतापथ्य राष्ट्रीय पार्टी (जेआरपी) के नेता सी.के. जानू को एनडीए के टिकट पर सुल्तान बाथेरी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए पैसे की पेशकश की थी। इससे पहले केरल पुलिस ने प्रदेश भाजपा प्रमुख के सुरेंद्रन के खिलाफ हाल में हुए विधानसभा चुनाव में मंजेश्वर सीट से नामांकन वापस लेने के लिए के. सुंदर को धमकाने और रिश्वत देने के आरोप में बीते सात जून को मामला दर्ज किया था। हाल ही में सुरेंद्रन और जेआरपी नेता प्रसीता के बीच बातचीत के ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। बाद में उन्हें एक-एक करके जारी किया गया। हालांकि सुरेंद्रन और भाजपा ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन अदालत को प्रथमदृष्ट्या टेप की सत्यता के बारे में आश्वस्त किया गया है। वायनाड के कलपेट्टा स्थित प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अदालत ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की छात्र शाखा मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) के राज्य अध्यक्ष पीके नवास द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया। अदालत ने आदेश दिया कि आईपीसी की धारा 171बी (किसी भी व्यक्ति को किसी भी चुनावी अधिकार का प्रयोग करने के लिए उसे या किसी अन्य व्यक्ति को प्रेरित करने के उद्देश्य से लालच), आई-71 ई (रिश्वत) और 171-एफ (चुनाव में किसी पर अनुचित प्रभाव या व्यक्तित्व) के तहत मामला दर्ज किया जाए। इससे पहले याचिकाकर्ता ने राज्य के पुलिस प्रमुख से संपर्क कर सुरेंद्रन और जानू के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी। मामला दर्ज नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस महीने की शुरुआत में जेआरएस की राज्य कोषाध्यक्ष प्रसीता अझिकोड ने आरोप लगाया था कि जानू ने चुनाव से पहले एनडीए में लौटने के लिए सुरेंद्रन से 10 करोड़ रुपये की मांग की थी।यह आरोप लगाया गया कि सुरेंद्रन ने अंततः जानू को 10 लाख रुपये दिए, जिन्होंने बाद में वायनाड के सुल्तान बाथेरी से एनडीए के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। सुरेंद्रन और प्रसीता अझिकोड के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो क्लिप भी लीक हुआ, जिसमें सौदे का जिक्र था।सुरेंद्रन और जानू दोनों ने आरोपों से इनकार किया है, अझिकोड ने अपनी कथित बातचीत के और अधिक ऑडियो क्लिप जारी किए हैं। पिछले हफ्ते कासरगोड में पुलिस ने सुरेंद्रन के खिलाफ मंजेश्वरम विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन वापस लेने के लिए बसपा उम्मीदवार के. सुंदर को कथित रूप से रिश्वत देने का मामला दर्ज किया था, जहां से सुरेंद्रन ने अप्रैल में विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गए थे। बाद में अपना नामांकन वापस लेने वाले और भाजपा में शामिल होने वाले सुंदर ने आरोप लगाया था कि उन्हें स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा 2.5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इससे पहले भाजपा पर केरल विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी का बड़ा आरोप लगा था। 7 अप्रैल को राज्य में मतदान के अगले दिन धर्मराजन नाम के एक शख्स ने केरल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि बदमाशों ने उसकी कार से 25 लाख रुपये लूट लिए हैं। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि लूटी गई रकम 3.5 करोड़ तक हो सकती है, और ये पैसा हवाला लेनदेन का था। विरोधी दलों ने आरोप लगाए कि बीजेपी इस पैसे का इस्तेमाल चुनाव में करने वाली थी। इस मामले में पुलिस अभी तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसआईटी ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के. सुरेंद्रन के ड्राइवर और निजी सहयोगी से भी इस मामले में पूछताछ की है। त्रिशूर में पुलिस ने अदालत में बयान दिया है कि विधानसभा चुनाव से तीन दिन पहले हाईवे डकैती में लूटे गए पैसे भाजपा के हैं। पुलिस ने आरएसएस कार्यकर्ता एके धर्मराजन द्वारा दायर एक याचिका को चुनौती दी है, जिसने अब तक बरामद धन को जारी करने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की थी। जिस गाड़ी में से पैसे लूटे गए थे उसके ड्राइवर के अनुसार, पैसा धर्मराजन का था। जहां चालक ने अपनी शिकायत में कहा कि 25 लाख रुपये लूट लिए गए, वहीं पुलिस अब तक 1.25 करोड़ रुपये बरामद कर चुकी है। अपनी याचिका में धर्मराजन ने दावा किया कि उन्हें 3.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और यह पैसा उनका था। पुलिस ने कहा कि पैसा भाजपा का था और कर्नाटक से लाया गया था, ताकि भाजपा अलाप्पुझा जिले के कोषाध्यक्ष केजी कार्थी को दिया जा सके। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि धर्मराजन ने पैसे लाने के लिए हवाला का सहारा लिया। (वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)
केरल पुलिस ने मंजेश्वरम सीट से सुरेंद्रन के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले माकपा उम्मीदवार वी वी रामेसन द्वारा दायर एक याचिका पर एक मजिस्ट्रेट अदालत के निर्देशों के तहत प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के. सुरेंद्रन और सीके जानू के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया है। मामला भारतीय दंड संहिता की धारा एक सौ इकहत्तर , तथा के तहत दर्ज किया गया है। एक सौ इकहत्तर - किसी व्यक्ति को लालच देकर उसके निर्वाचन अधिकार का इस्तेमाल कराना।एक सौ इकहत्तर - रिश्वतखोरी। एक सौ इकहत्तर - चुनावों पर ग़लत असर डालने की कोशिश करना। अदालत ने कहा है कि बिना वारंट के कोई गिरफ्तारी नहीं होगी। इससे पहले सुरेंद्रन के ख़िलाफ़ मंजेश्वरम क्षेत्र से अपना नामांकन वापस लेने के लिए बसपा उम्मीदवार के. सुंदर को रिश्वत देने के आरोप में केस दर्ज किया था। केरल में छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव हुए थे। केरल के वायनाड की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने आदिवासी नेता तथा जनतापथ्य राष्ट्रीय पार्टी की अध्यक्ष सीके जानू को छह अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में मन्नतवाड़ी सीट से एनडीए उम्मीदवार बनने के लिए रिश्वत देने सहित कई अन्य आरोप में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन और सीके जानू के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। सुरेंद्रन पर आरोप है कि उन्होंने जानू को अप्रैल में विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए में वापस लाने के लिए दस लाख रुपये का भुगतान किया था। सुरेंद्रन पर आरोप है कि उन्होंने जनतापथ्य राष्ट्रीय पार्टी के नेता सी.के. जानू को एनडीए के टिकट पर सुल्तान बाथेरी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए पैसे की पेशकश की थी। इससे पहले केरल पुलिस ने प्रदेश भाजपा प्रमुख के सुरेंद्रन के खिलाफ हाल में हुए विधानसभा चुनाव में मंजेश्वर सीट से नामांकन वापस लेने के लिए के. सुंदर को धमकाने और रिश्वत देने के आरोप में बीते सात जून को मामला दर्ज किया था। हाल ही में सुरेंद्रन और जेआरपी नेता प्रसीता के बीच बातचीत के ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। बाद में उन्हें एक-एक करके जारी किया गया। हालांकि सुरेंद्रन और भाजपा ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन अदालत को प्रथमदृष्ट्या टेप की सत्यता के बारे में आश्वस्त किया गया है। वायनाड के कलपेट्टा स्थित प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अदालत ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की छात्र शाखा मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन के राज्य अध्यक्ष पीके नवास द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए आदेश दिया। अदालत ने आदेश दिया कि आईपीसी की धारा एक सौ इकहत्तरबी , आई-इकहत्तर ई और एक सौ इकहत्तर-एफ के तहत मामला दर्ज किया जाए। इससे पहले याचिकाकर्ता ने राज्य के पुलिस प्रमुख से संपर्क कर सुरेंद्रन और जानू के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी। मामला दर्ज नहीं होने पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस महीने की शुरुआत में जेआरएस की राज्य कोषाध्यक्ष प्रसीता अझिकोड ने आरोप लगाया था कि जानू ने चुनाव से पहले एनडीए में लौटने के लिए सुरेंद्रन से दस करोड़ रुपये की मांग की थी।यह आरोप लगाया गया कि सुरेंद्रन ने अंततः जानू को दस लाख रुपये दिए, जिन्होंने बाद में वायनाड के सुल्तान बाथेरी से एनडीए के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। सुरेंद्रन और प्रसीता अझिकोड के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो क्लिप भी लीक हुआ, जिसमें सौदे का जिक्र था।सुरेंद्रन और जानू दोनों ने आरोपों से इनकार किया है, अझिकोड ने अपनी कथित बातचीत के और अधिक ऑडियो क्लिप जारी किए हैं। पिछले हफ्ते कासरगोड में पुलिस ने सुरेंद्रन के खिलाफ मंजेश्वरम विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन वापस लेने के लिए बसपा उम्मीदवार के. सुंदर को कथित रूप से रिश्वत देने का मामला दर्ज किया था, जहां से सुरेंद्रन ने अप्रैल में विधानसभा चुनाव लड़ा था और हार गए थे। बाद में अपना नामांकन वापस लेने वाले और भाजपा में शामिल होने वाले सुंदर ने आरोप लगाया था कि उन्हें स्थानीय भाजपा नेताओं द्वारा दो.पाँच लाख रुपये का भुगतान किया गया था। इससे पहले भाजपा पर केरल विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी का बड़ा आरोप लगा था। सात अप्रैल को राज्य में मतदान के अगले दिन धर्मराजन नाम के एक शख्स ने केरल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि बदमाशों ने उसकी कार से पच्चीस लाख रुपये लूट लिए हैं। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि लूटी गई रकम तीन.पाँच करोड़ तक हो सकती है, और ये पैसा हवाला लेनदेन का था। विरोधी दलों ने आरोप लगाए कि बीजेपी इस पैसे का इस्तेमाल चुनाव में करने वाली थी। इस मामले में पुलिस अभी तक उन्नीस लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। एसआईटी ने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के. सुरेंद्रन के ड्राइवर और निजी सहयोगी से भी इस मामले में पूछताछ की है। त्रिशूर में पुलिस ने अदालत में बयान दिया है कि विधानसभा चुनाव से तीन दिन पहले हाईवे डकैती में लूटे गए पैसे भाजपा के हैं। पुलिस ने आरएसएस कार्यकर्ता एके धर्मराजन द्वारा दायर एक याचिका को चुनौती दी है, जिसने अब तक बरामद धन को जारी करने के लिए अदालत के निर्देश की मांग की थी। जिस गाड़ी में से पैसे लूटे गए थे उसके ड्राइवर के अनुसार, पैसा धर्मराजन का था। जहां चालक ने अपनी शिकायत में कहा कि पच्चीस लाख रुपये लूट लिए गए, वहीं पुलिस अब तक एक.पच्चीस करोड़ रुपये बरामद कर चुकी है। अपनी याचिका में धर्मराजन ने दावा किया कि उन्हें तीन.पाँच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और यह पैसा उनका था। पुलिस ने कहा कि पैसा भाजपा का था और कर्नाटक से लाया गया था, ताकि भाजपा अलाप्पुझा जिले के कोषाध्यक्ष केजी कार्थी को दिया जा सके। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि धर्मराजन ने पैसे लाने के लिए हवाला का सहारा लिया।
अखिलेश सरकार में मंत्री रहे अभिषेक मिश्रा ने कहा कि बीजेपी ने पांच साल में विधायक, मंत्रियों, सांसद और जनता को अपमानित करने का काम किया है। लोगों के सुख-दुख में नहीं खड़े हुए। लोगों के बीजेपी से गुहार के बदले सिर्फ नेताओं की चुप्पी मिली है। पूरी तकत से बीजेपी के साथ लोग इकट्ठा हो गए हैं। पार्टी छोड़ने वाले सभी विधायक समाजवादी पार्टी को आशीर्वाद देने का काम कर रहे हैं।
अखिलेश सरकार में मंत्री रहे अभिषेक मिश्रा ने कहा कि बीजेपी ने पांच साल में विधायक, मंत्रियों, सांसद और जनता को अपमानित करने का काम किया है। लोगों के सुख-दुख में नहीं खड़े हुए। लोगों के बीजेपी से गुहार के बदले सिर्फ नेताओं की चुप्पी मिली है। पूरी तकत से बीजेपी के साथ लोग इकट्ठा हो गए हैं। पार्टी छोड़ने वाले सभी विधायक समाजवादी पार्टी को आशीर्वाद देने का काम कर रहे हैं।
मदनिका मदविह्वल थी । उसने हँसकर कहा : धत् । बड़े धूर्त हो ! धीरे-धीरे रात्रि हो गई । दीपमालिका जगमगाने लगी। शुभ पाषाणों पर दीपशिखाएँ ऐसी चमक उठीं जैसे बहुमूल्य रेशमी वस्त्र पर स्वर्गाभरण अवशोभित हो उठे । उजाला-सा छा गया । दो बार दासी आकर बुला चुकी थी किंतु राज्यश्री का प्रसाधन ही अभी समाप्त नहीं हुआ था। आज जैसे उसे तपस्या का फल मिल गया था । आज उसकी प्रजा प्रानन्द से पागल हो रही थी। पुराणकार लोमश्रवा के शब्दों में कान्यकुब्ज श्राज देवताओं को ऐा लग रहा होगा जैसे स्फटिक खंडों में इन्द्रधनुषी छाया काँप रही हो । जिसे देखो उसी के कान पर कर्णकार झूल रहा है। जिसे देखो उसी के नयनों में गुलाबी झाँक रही है। गृहवर्मा ने उसके मुझे भय हो रहा है । चूड़ापाश में नये पुष्प लगा कर कहाः देवी, 'क्यों स्वामी ?' राज्यश्री ने उत्कंठा से पूछा । गृहवर्मा ने गंभीरता से कहा : एक बार भगवान शिव ने काम को जला कर भस्म कर दिया था, तब उस अनङ्ग की मूर्ति बना कर पूजा होने लगी। अब कहीं फिर रति को देख कर वह जीवित न हो उठे । राज्यश्री का उल्लास रोम-रोम में लहराने लगा। अनंतराल में. कहीं शङ्ख बजा । मदनिका बुलाने आई थी । देख कर ठिठकी रह गई। नारी के रूप पर नारी मोहित हो गई। उसने राज्यश्री को देखा और उसका रूपगवं तिल के फूल की भाँति झड़ गया । वह क्षण भर ऐसी दिखाई दी जैसे दीपक के पास पतंगा दिखता है।
मदनिका मदविह्वल थी । उसने हँसकर कहा : धत् । बड़े धूर्त हो ! धीरे-धीरे रात्रि हो गई । दीपमालिका जगमगाने लगी। शुभ पाषाणों पर दीपशिखाएँ ऐसी चमक उठीं जैसे बहुमूल्य रेशमी वस्त्र पर स्वर्गाभरण अवशोभित हो उठे । उजाला-सा छा गया । दो बार दासी आकर बुला चुकी थी किंतु राज्यश्री का प्रसाधन ही अभी समाप्त नहीं हुआ था। आज जैसे उसे तपस्या का फल मिल गया था । आज उसकी प्रजा प्रानन्द से पागल हो रही थी। पुराणकार लोमश्रवा के शब्दों में कान्यकुब्ज श्राज देवताओं को ऐा लग रहा होगा जैसे स्फटिक खंडों में इन्द्रधनुषी छाया काँप रही हो । जिसे देखो उसी के कान पर कर्णकार झूल रहा है। जिसे देखो उसी के नयनों में गुलाबी झाँक रही है। गृहवर्मा ने उसके मुझे भय हो रहा है । चूड़ापाश में नये पुष्प लगा कर कहाः देवी, 'क्यों स्वामी ?' राज्यश्री ने उत्कंठा से पूछा । गृहवर्मा ने गंभीरता से कहा : एक बार भगवान शिव ने काम को जला कर भस्म कर दिया था, तब उस अनङ्ग की मूर्ति बना कर पूजा होने लगी। अब कहीं फिर रति को देख कर वह जीवित न हो उठे । राज्यश्री का उल्लास रोम-रोम में लहराने लगा। अनंतराल में. कहीं शङ्ख बजा । मदनिका बुलाने आई थी । देख कर ठिठकी रह गई। नारी के रूप पर नारी मोहित हो गई। उसने राज्यश्री को देखा और उसका रूपगवं तिल के फूल की भाँति झड़ गया । वह क्षण भर ऐसी दिखाई दी जैसे दीपक के पास पतंगा दिखता है।
IND vs ENG: आईसीसी टी20 रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज डेविड मलान ग्रुप-1 में श्रीलंका के खिलाफ पहली पारी में फील्डिंग के दौरान चोटिल हुए थे। वह अपनी बल्लेबाजी में निरंतरता के कारण लंबे समय से शीर्ष पांच में कायम में हैं। मलान रैंकिंग में इंग्लैंड ने सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। भारत और इंग्लैंड (IND vs ENG) के बीच टी20 वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल मैच एडिलेड में खेला जाएगा। दोनों टीमें गुरुवार (10 नवंबर) को आमने-सामने होंगी। टीम इंडिया सुपर-12 के दौरान ग्रुप-2 में पांच में से चार मैच जीती थी। वह आठ अंकों के साथ सेमीफाइनल में पहुंची थी। आईसीसी टी20 रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज डेविड मलान ग्रुप-1 में श्रीलंका के खिलाफ पहली पारी में फील्डिंग के दौरान चोटिल हुए थे। तीसरे क्रम पर वह टीम के मुख्य बल्लेबाज हैं। उन्होंने 55 मैचों की 53 पारियों में 1748 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 38. 84 और स्ट्राइक रेट 135. 71 रहा है। वह अपनी बल्लेबाजी में निरंतरता के कारण लंबे समय से शीर्ष पांच में कायम में हैं। मलान रैंकिंग में इंग्लैंड ने सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। भारत के खिलाफ मैच से पहले इंग्लिश कप्तान जोस बटलर के सामने मलान के रिप्लेसमेंट को ढूंढने की चुनौती होगी। लंबे-लंबे छक्के लगाने के लिए मशहूर साल्ट को प्लेइंग-11 में जगह मिल सकती है। वह तीसरे क्रम पर खेलने के अलावा ओपनिंग भी कर सकते हैं। जरूरत पड़ने साल्ट फिनिशर की भूमिका भी निभा सकते हैं। उन्हें टी20 वर्ल्ड कप में अब तक खेलने का मौका नहीं मिला है। इससे पहले पाकिस्तान दौरे पर उन्होंने लाहौर में 41 गेंद पर नाबाद 88 रन की पारी खेली थी। इस दौरान 13 चौके और तीन छक्के लगाए। साल्ट 11 इंटरनेशनल टी20 में 23. 50 की औसत और 164. 33 की स्ट्राइक रेट से 235 रन बना चुके हैं। उनके नाम दो अर्धशतक हैं। ओवरऑल टी20 मैचों की बात करें उन्होंने 165 की 160 पारियों में 3807 रन बनाए हैं। इस दौरान 26 अर्धशतक ठोके हैं। उन्होंने टी20 क्रिकेट में 130 छक्के उड़ाए हैं। अगर साल्ट टीम में शामिल होते हैं तो वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से भारतीय टीम को परेशान कर सकते हैं।
IND vs ENG: आईसीसी टीबीस रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज डेविड मलान ग्रुप-एक में श्रीलंका के खिलाफ पहली पारी में फील्डिंग के दौरान चोटिल हुए थे। वह अपनी बल्लेबाजी में निरंतरता के कारण लंबे समय से शीर्ष पांच में कायम में हैं। मलान रैंकिंग में इंग्लैंड ने सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। भारत और इंग्लैंड के बीच टीबीस वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल मैच एडिलेड में खेला जाएगा। दोनों टीमें गुरुवार को आमने-सामने होंगी। टीम इंडिया सुपर-बारह के दौरान ग्रुप-दो में पांच में से चार मैच जीती थी। वह आठ अंकों के साथ सेमीफाइनल में पहुंची थी। आईसीसी टीबीस रैंकिंग में पांचवें स्थान पर काबिज डेविड मलान ग्रुप-एक में श्रीलंका के खिलाफ पहली पारी में फील्डिंग के दौरान चोटिल हुए थे। तीसरे क्रम पर वह टीम के मुख्य बल्लेबाज हैं। उन्होंने पचपन मैचों की तिरेपन पारियों में एक हज़ार सात सौ अड़तालीस रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत अड़तीस. चौरासी और स्ट्राइक रेट एक सौ पैंतीस. इकहत्तर रहा है। वह अपनी बल्लेबाजी में निरंतरता के कारण लंबे समय से शीर्ष पांच में कायम में हैं। मलान रैंकिंग में इंग्लैंड ने सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। भारत के खिलाफ मैच से पहले इंग्लिश कप्तान जोस बटलर के सामने मलान के रिप्लेसमेंट को ढूंढने की चुनौती होगी। लंबे-लंबे छक्के लगाने के लिए मशहूर साल्ट को प्लेइंग-ग्यारह में जगह मिल सकती है। वह तीसरे क्रम पर खेलने के अलावा ओपनिंग भी कर सकते हैं। जरूरत पड़ने साल्ट फिनिशर की भूमिका भी निभा सकते हैं। उन्हें टीबीस वर्ल्ड कप में अब तक खेलने का मौका नहीं मिला है। इससे पहले पाकिस्तान दौरे पर उन्होंने लाहौर में इकतालीस गेंद पर नाबाद अठासी रन की पारी खेली थी। इस दौरान तेरह चौके और तीन छक्के लगाए। साल्ट ग्यारह इंटरनेशनल टीबीस में तेईस. पचास की औसत और एक सौ चौंसठ. तैंतीस की स्ट्राइक रेट से दो सौ पैंतीस रन बना चुके हैं। उनके नाम दो अर्धशतक हैं। ओवरऑल टीबीस मैचों की बात करें उन्होंने एक सौ पैंसठ की एक सौ साठ पारियों में तीन हज़ार आठ सौ सात रन बनाए हैं। इस दौरान छब्बीस अर्धशतक ठोके हैं। उन्होंने टीबीस क्रिकेट में एक सौ तीस छक्के उड़ाए हैं। अगर साल्ट टीम में शामिल होते हैं तो वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से भारतीय टीम को परेशान कर सकते हैं।
इस्लामनगर (बदायूं)। थाना क्षेत्र के गांव रफतपुर में रविवार शाम दस वर्षीय बालक गुरमीत का शव अपने खेत में पड़ा मिला। उसी खेत में पिता फसल की सिंचाई कर रहा था। वहीं बालक खेलते समय लापता हो गया। परिवार वालों ने गांव के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। मामले में गांव के ही मटरू, मुनेश और शेरसिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। गांव रफतपुर निवासी नेम सिंह का दस वर्षीय बेटा गुरमीत रविवार दोपहर अचानक लापता हो गया था। परिवार वालों के मुताबिक नेम सिंह दोपहर के समय अपने खेत पर फसल की सिंचाई कर रहा था। उसी खेत पर गुरमीत भी एक मोहल्ले के बच्चे के साथ खेल रहा था। खेलने के दौरान गुरमीत लकड़ियां लाने की बात कहकर वहां से चला गया। फिर उसका कुछ पता नहीं चला। शाम के समय नेम सिंह का उस पर ध्यान गया तो उसने गुरमीत की खोजबीन की। इसकी सूचना पर परिवार वाले भी वहां पहुंच गए। शाम करीब सात बजे बालक का शव खेत में पड़ा मिला। परिवार वालों के अनुसार उसके गले पर निशान मिले हैं। उन्होंने गांव के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। मामले की सूचना पर सीओ सुनील कुमार और थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जहां परिवार वालों ने कार्रवाई करने की मांग की लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। देर रात पुलिस ने मटरू, मुनेश और शेरसिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इस्लामनगर । थाना क्षेत्र के गांव रफतपुर में रविवार शाम दस वर्षीय बालक गुरमीत का शव अपने खेत में पड़ा मिला। उसी खेत में पिता फसल की सिंचाई कर रहा था। वहीं बालक खेलते समय लापता हो गया। परिवार वालों ने गांव के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। मामले में गांव के ही मटरू, मुनेश और शेरसिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। गांव रफतपुर निवासी नेम सिंह का दस वर्षीय बेटा गुरमीत रविवार दोपहर अचानक लापता हो गया था। परिवार वालों के मुताबिक नेम सिंह दोपहर के समय अपने खेत पर फसल की सिंचाई कर रहा था। उसी खेत पर गुरमीत भी एक मोहल्ले के बच्चे के साथ खेल रहा था। खेलने के दौरान गुरमीत लकड़ियां लाने की बात कहकर वहां से चला गया। फिर उसका कुछ पता नहीं चला। शाम के समय नेम सिंह का उस पर ध्यान गया तो उसने गुरमीत की खोजबीन की। इसकी सूचना पर परिवार वाले भी वहां पहुंच गए। शाम करीब सात बजे बालक का शव खेत में पड़ा मिला। परिवार वालों के अनुसार उसके गले पर निशान मिले हैं। उन्होंने गांव के लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। मामले की सूचना पर सीओ सुनील कुमार और थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जहां परिवार वालों ने कार्रवाई करने की मांग की लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। देर रात पुलिस ने मटरू, मुनेश और शेरसिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई। हालांकि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 30 हजार घर खरीदारों को पजेशन दिलाने के लिए रेरा ने गुरुवार को इन इलाकों के 7 डेवलपर्स के साथ मीटिंग की. इस मीटिंग में नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल हुए. रेरा ने इस बैठक में 14 प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की. इन प्रोजेक्ट्स में करीब 30 हजार फ्लैट्स फंसे हुए हैं. इन सभी प्रोजेक्ट्स में लंबे समय से पजेशन न मिलने से घर खरीदार परेशान हैं और रेरा में कई ग्राहकों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं. एक साथ इतने घरों के लिए भटकते लोगों को राहत दिलाने के लिए रेरा ने सीधे संबंधित पक्षों को बुलाकर समीक्षा की और लोगों का घर का पजेशन दिलाने की तरफ कदम बढ़ाए हैं. यूपी रेरा के सदस्य बलविंद्र कुमार ने बताया कि इस समीक्षा में हमारा असली मकसद पजेशन दिलाने के रास्ते को तलाशना था. हमने समीक्षा के बाद सभी डेवलपर्स को हिदायत दी है कि वो जल्द से जल्द प्रोजेक्ट्स पूरा कराने के बारे में सोचें, जिससे 30 हजार ग्राहकों को उनका घर मिल जाए. उम्मीद है कि अब ये समीक्षा यहां तक ही सिमट कर नहीं रह जाएगी और इसका दायरा आगे तो बढ़ाया ही जाएगा. साथ ही बाकी प्रोजेक्ट्स को भी इसमें शुमार किया जाएगा. रेरा एक्सपर्ट वेंकटराव के मुताबिक रेरा के पास एक ही तरह की कई शिकायतें आने से बार बार सुनवाई करके एक ही तरह के फैसले सुनाने से बेहतर है कि वो प्रोजेक्ट् पूरा करने के बारे में योजना बनाएं. गुरुवार की बैठक उसी रणनीति का हिस्सा थी लेकिन इसको कामयाबी तभी मिलेगी जब इस पर लगातार नजर रखी जाए और इन सभी प्रोजेक्ट्स की जरूरत पड़ने पर समीक्षा की जाती रहे. दरअसल, रेरा के फैसले तेजी से आने के बावजूद इनको लागू करना आसान साबित नहीं रहा है. रेरा के पास भी सीमित कानूनी अधिकार हैं और इनको मजबूत बनाने के लिए जरूरत पजेशन का रास्ता खोजने की है जिससे लोगों को पजेशन मिले.
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में तीस हजार घर खरीदारों को पजेशन दिलाने के लिए रेरा ने गुरुवार को इन इलाकों के सात डेवलपर्स के साथ मीटिंग की. इस मीटिंग में नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल हुए. रेरा ने इस बैठक में चौदह प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की. इन प्रोजेक्ट्स में करीब तीस हजार फ्लैट्स फंसे हुए हैं. इन सभी प्रोजेक्ट्स में लंबे समय से पजेशन न मिलने से घर खरीदार परेशान हैं और रेरा में कई ग्राहकों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं. एक साथ इतने घरों के लिए भटकते लोगों को राहत दिलाने के लिए रेरा ने सीधे संबंधित पक्षों को बुलाकर समीक्षा की और लोगों का घर का पजेशन दिलाने की तरफ कदम बढ़ाए हैं. यूपी रेरा के सदस्य बलविंद्र कुमार ने बताया कि इस समीक्षा में हमारा असली मकसद पजेशन दिलाने के रास्ते को तलाशना था. हमने समीक्षा के बाद सभी डेवलपर्स को हिदायत दी है कि वो जल्द से जल्द प्रोजेक्ट्स पूरा कराने के बारे में सोचें, जिससे तीस हजार ग्राहकों को उनका घर मिल जाए. उम्मीद है कि अब ये समीक्षा यहां तक ही सिमट कर नहीं रह जाएगी और इसका दायरा आगे तो बढ़ाया ही जाएगा. साथ ही बाकी प्रोजेक्ट्स को भी इसमें शुमार किया जाएगा. रेरा एक्सपर्ट वेंकटराव के मुताबिक रेरा के पास एक ही तरह की कई शिकायतें आने से बार बार सुनवाई करके एक ही तरह के फैसले सुनाने से बेहतर है कि वो प्रोजेक्ट् पूरा करने के बारे में योजना बनाएं. गुरुवार की बैठक उसी रणनीति का हिस्सा थी लेकिन इसको कामयाबी तभी मिलेगी जब इस पर लगातार नजर रखी जाए और इन सभी प्रोजेक्ट्स की जरूरत पड़ने पर समीक्षा की जाती रहे. दरअसल, रेरा के फैसले तेजी से आने के बावजूद इनको लागू करना आसान साबित नहीं रहा है. रेरा के पास भी सीमित कानूनी अधिकार हैं और इनको मजबूत बनाने के लिए जरूरत पजेशन का रास्ता खोजने की है जिससे लोगों को पजेशन मिले.
Aaj ka Mausam, 8 November: प्रशांत महासागर में ला-नीना का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है जिसके कारण उत्तर भारत में इस साल कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, ला नीना के बढ़ते प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में तापमान सामान्य से कम होने वाला है। इसके चलते भारत के उत्तरी इलाके में इस साल कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बीच दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के राज्यों में पारा सामान्य से तीन डिग्री तक नीचे गिर सकता है। प्रशांत महासागर में ला-नीना के प्रभाव के चलते उत्तर भारत सहित उत्तरपूर्व एशिया में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने की भविष्यवाणी की गई है। वहीं, प्रदूषण की वजह से राजधानी दिल्ली और एनसीआर में हवा का स्तर खराब बना हुआ है। रविवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में धुएं और धूल की मोटी चादर देखने को मिली। इधर पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी भागों में नजर आने लगा है। बिहार, झारखंड, यूपी सहित कई राज्यों में ठंड की शुरुआत हो चुकी है। बात करें उत्तर प्रदेश के मौसम की तो यहां अब गुलाबी ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के निष्क्रिय होते ही यूपी के तापमान में काफी ज्यादा गिरावट दर्ज की जाएगी। रविवार को राजधानी लखनऊ और कानपुर समेत कई जिलों का अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। वहीं, प्रयागराज और गोरखपुर सहित कई जिलों में तापमान सामान्य बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में ठंड बढ़ेगी। इधर, बिहार में बीते दो सप्ताह से मौसम शुष्क बना हुआ है। प्रदेश में पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हवा के निरंतर प्रवाह से तापमान में दो से तीन डिग्री गिरावट दर्ज की जा रही है। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में आने वाले दो से तीन दिनों में मौसम सामान्य रहने के साथ न्यूनतम तापमान 15-17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के आसार हैं। बिहार के कुछ स्थानों पर अगले दो से तीन दिनों तक उच्च स्तर के बादल छाए रहेंगे। वहीं मैदानी इलाकों में सुबह और शाम के वक्त कुहासा छाया रहेगा। इधर, दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और उपनगरीय इलाकों में शनिवार रात से ही भारी बारिश हो रही है। रविवार, 7 नवंबर को राजधानी चेन्नई में जगह-जगह जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जलजमाव के कारण यातायात सेवा भी प्रभावित हुई हैं। भारी बारिश के चलते चेन्नई के दो जलाशयों से पानी छोड़े जाने की तैयारी शुरू कर दी गई जिसको लेकर प्रशासन ने रविवार को लोगों को बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी है। चेन्नई में बाढ़ के हालात को देखते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पेरंबूर बैरक रोड, ओटेरी ब्रिज और पाडी के बारिश प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। वहीं, स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिकों ने चेन्नई में 11 नवंबर तक बारिश जारी रहने की आशंका जताई है।
Aaj ka Mausam, आठ नवंबरember: प्रशांत महासागर में ला-नीना का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है जिसके कारण उत्तर भारत में इस साल कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, ला नीना के बढ़ते प्रभाव से उत्तरी गोलार्ध में तापमान सामान्य से कम होने वाला है। इसके चलते भारत के उत्तरी इलाके में इस साल कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बीच दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड समेत उत्तर भारत के राज्यों में पारा सामान्य से तीन डिग्री तक नीचे गिर सकता है। प्रशांत महासागर में ला-नीना के प्रभाव के चलते उत्तर भारत सहित उत्तरपूर्व एशिया में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने की भविष्यवाणी की गई है। वहीं, प्रदूषण की वजह से राजधानी दिल्ली और एनसीआर में हवा का स्तर खराब बना हुआ है। रविवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में धुएं और धूल की मोटी चादर देखने को मिली। इधर पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी भागों में नजर आने लगा है। बिहार, झारखंड, यूपी सहित कई राज्यों में ठंड की शुरुआत हो चुकी है। बात करें उत्तर प्रदेश के मौसम की तो यहां अब गुलाबी ठंड का एहसास होने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के निष्क्रिय होते ही यूपी के तापमान में काफी ज्यादा गिरावट दर्ज की जाएगी। रविवार को राजधानी लखनऊ और कानपुर समेत कई जिलों का अधिकतम तापमान तीस से इकतीस डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया है। वहीं, प्रयागराज और गोरखपुर सहित कई जिलों में तापमान सामान्य बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश में ठंड बढ़ेगी। इधर, बिहार में बीते दो सप्ताह से मौसम शुष्क बना हुआ है। प्रदेश में पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हवा के निरंतर प्रवाह से तापमान में दो से तीन डिग्री गिरावट दर्ज की जा रही है। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में आने वाले दो से तीन दिनों में मौसम सामान्य रहने के साथ न्यूनतम तापमान पंद्रह-सत्रह डिग्री सेल्सियस के बीच रहने के आसार हैं। बिहार के कुछ स्थानों पर अगले दो से तीन दिनों तक उच्च स्तर के बादल छाए रहेंगे। वहीं मैदानी इलाकों में सुबह और शाम के वक्त कुहासा छाया रहेगा। इधर, दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और उपनगरीय इलाकों में शनिवार रात से ही भारी बारिश हो रही है। रविवार, सात नवंबर को राजधानी चेन्नई में जगह-जगह जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जलजमाव के कारण यातायात सेवा भी प्रभावित हुई हैं। भारी बारिश के चलते चेन्नई के दो जलाशयों से पानी छोड़े जाने की तैयारी शुरू कर दी गई जिसको लेकर प्रशासन ने रविवार को लोगों को बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी है। चेन्नई में बाढ़ के हालात को देखते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने पेरंबूर बैरक रोड, ओटेरी ब्रिज और पाडी के बारिश प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। वहीं, स्काईमेट के मौसम वैज्ञानिकों ने चेन्नई में ग्यारह नवंबर तक बारिश जारी रहने की आशंका जताई है।
सूर्या (Suriya) बेहतरीन एक्टिंग से अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. सूर्या को कई अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने हाल ही में अपनी नई फिल्म का फर्स्ट पोस्टर रिलीज किया था. तमिल के सुपरस्टार सूर्या (Suriya) आज अपना 46वां जन्मदिन मना रहे हैं. सूर्या का जन्म 23 जुलाई 1975 को चेन्नई में हुआ था. सूर्या ने अपने फिल्मी करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं. वह फैंस के बीच सिंघम के तौर पर जाने जाते हैं. उनके इस किरदार ने सभी का दिल जीत लिया था. सूर्या ने फिल्म नेरुक्कु नेर से अपनी शुरुआत की थी. उसके बाद से वह कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं. अपनी बेहतरीन एक्टिंग से अपनी अलग पहचान बना चुके सूर्या को कई अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. आइए आज सूर्या के बर्थडे पर हम आपको उनकी पांच सुपरहिट फिल्मों के बारे में बताते हैं. वारणाम आईराम फिल्म एक पिता और बेटे के रिश्ते को दिखाया गया है. यह फिल्म साल 2008 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में सूर्या के साथ समीरा रेड्डी लीड रोल में नजर आईं थीं. पितामगन एक सामाजिक बहिष्कृत चित्तन और ठग शक्ति के बीच दोस्ती की एक प्यारी कहानी है. इस फिल्म को बाला ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म को काफी पसंद किया गया था. 24 एक साइ-फाई फिल्म है जिसे विक्रम कुमार ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म की कहानी एक टाइम ट्रेवलिंग वॉच के इर्द-गिर्द घूमती है. जिसे बचाना बहुत जरुरी होता है. सूर्या की यह फिल्म एमेजॉन प्राइम पर रिलीज हुई थी. इस फिल्म में सूर्या लीड रोल में नजर आए थे. इस फिल्म को दर्शकों का बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. फिल्म में आर माधवान और परेश रावल भी अहम किरदार निभाते नजर आए हैं. सूर्या एक्ट्रेस तमन्ना के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने एक्शन थ्रिलर फिल्म अयान में साथ काम किया है. इस फिल्म में ड्रग्स माफिया के बारे में दिखाया गया है. अयान को केवी आनंद ने डायरेक्ट किया था. सूर्या के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स की बात करें तो हाल ही में अपनी फिल्म वाणीवासल का फर्स्ट लुक पोस्टर शेयर किया था. सूर्या की इस फिल्म का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
सूर्या बेहतरीन एक्टिंग से अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. सूर्या को कई अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने हाल ही में अपनी नई फिल्म का फर्स्ट पोस्टर रिलीज किया था. तमिल के सुपरस्टार सूर्या आज अपना छियालीसवां जन्मदिन मना रहे हैं. सूर्या का जन्म तेईस जुलाई एक हज़ार नौ सौ पचहत्तर को चेन्नई में हुआ था. सूर्या ने अपने फिल्मी करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं. वह फैंस के बीच सिंघम के तौर पर जाने जाते हैं. उनके इस किरदार ने सभी का दिल जीत लिया था. सूर्या ने फिल्म नेरुक्कु नेर से अपनी शुरुआत की थी. उसके बाद से वह कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं. अपनी बेहतरीन एक्टिंग से अपनी अलग पहचान बना चुके सूर्या को कई अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है. आइए आज सूर्या के बर्थडे पर हम आपको उनकी पांच सुपरहिट फिल्मों के बारे में बताते हैं. वारणाम आईराम फिल्म एक पिता और बेटे के रिश्ते को दिखाया गया है. यह फिल्म साल दो हज़ार आठ में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में सूर्या के साथ समीरा रेड्डी लीड रोल में नजर आईं थीं. पितामगन एक सामाजिक बहिष्कृत चित्तन और ठग शक्ति के बीच दोस्ती की एक प्यारी कहानी है. इस फिल्म को बाला ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म को काफी पसंद किया गया था. चौबीस एक साइ-फाई फिल्म है जिसे विक्रम कुमार ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म की कहानी एक टाइम ट्रेवलिंग वॉच के इर्द-गिर्द घूमती है. जिसे बचाना बहुत जरुरी होता है. सूर्या की यह फिल्म एमेजॉन प्राइम पर रिलीज हुई थी. इस फिल्म में सूर्या लीड रोल में नजर आए थे. इस फिल्म को दर्शकों का बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. फिल्म में आर माधवान और परेश रावल भी अहम किरदार निभाते नजर आए हैं. सूर्या एक्ट्रेस तमन्ना के साथ भी काम कर चुके हैं. उन्होंने एक्शन थ्रिलर फिल्म अयान में साथ काम किया है. इस फिल्म में ड्रग्स माफिया के बारे में दिखाया गया है. अयान को केवी आनंद ने डायरेक्ट किया था. सूर्या के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स की बात करें तो हाल ही में अपनी फिल्म वाणीवासल का फर्स्ट लुक पोस्टर शेयर किया था. सूर्या की इस फिल्म का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 2016 जेएनयू राजद्रोह मामले में आरोप पत्र दायर करने के समय को लेकर सवाल उठाया और कहा कि लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक लाभ लेने के लिए छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस आरोप पत्र में सात कश्मीरियों के भी नाम हैं. केंद्र की सत्तासीन मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 2014 में कांग्रेस ने भी ठीक ऐसा ही किया था और अफजल गुरू को फांसी की सजा दी गई थी. अब मोदी सरकार कांग्रेस वाली बात को दोहरा रही है. दिल्ली पुलिस ने जेएनयू परिसर में नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने के लिए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित दस लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है जिसमें ये सात भी शामिल हैं. वह कार्यक्रम संसद भवन पर हमला मामले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर आयोजित किया गया था. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख ने अपने ट्वीट में कहा कि इसमें चौंकने वाली बात नहीं है. 2019 का आम चुनाव कुछ महीने बाद होने वाला है और हमेशा की तरह राजनीतिक लाभ लेने के लिए कश्मीरियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आरोप पत्र का समय इससे अधिक संदिग्ध नहीं हो सकता. जब संप्रग सत्ता में थी तब अफजल गुरु को फांसी दी गई और अब तक जम्मू कश्मीर को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 124 ए (राजद्रोह), 143 (गैरकानूनी तरीके से एकत्र समूह का सदस्य होने के लिए सजा) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.
श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने दो हज़ार सोलह जेएनयू राजद्रोह मामले में आरोप पत्र दायर करने के समय को लेकर सवाल उठाया और कहा कि लोकसभा चुनावों से पहले राजनीतिक लाभ लेने के लिए छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस आरोप पत्र में सात कश्मीरियों के भी नाम हैं. केंद्र की सत्तासीन मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि दो हज़ार चौदह में कांग्रेस ने भी ठीक ऐसा ही किया था और अफजल गुरू को फांसी की सजा दी गई थी. अब मोदी सरकार कांग्रेस वाली बात को दोहरा रही है. दिल्ली पुलिस ने जेएनयू परिसर में नौ फरवरी दो हज़ार सोलह को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने के लिए जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित दस लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है जिसमें ये सात भी शामिल हैं. वह कार्यक्रम संसद भवन पर हमला मामले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर आयोजित किया गया था. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रमुख ने अपने ट्वीट में कहा कि इसमें चौंकने वाली बात नहीं है. दो हज़ार उन्नीस का आम चुनाव कुछ महीने बाद होने वाला है और हमेशा की तरह राजनीतिक लाभ लेने के लिए कश्मीरियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आरोप पत्र का समय इससे अधिक संदिग्ध नहीं हो सकता. जब संप्रग सत्ता में थी तब अफजल गुरु को फांसी दी गई और अब तक जम्मू कश्मीर को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा एक सौ चौबीस ए , एक सौ तैंतालीस और एक सौ बीसबी के सहित विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं.
छठा स्कन्ध ] * ब्रह्महत्या के भयसे इन्द्रका मानसरोवरमें छिप जाना नहुपको इन्द्रपदकी प्राप्ति * वे भवसे घबराकर जोर-जोरसे श्वास लिया करते और कभी-कभी मूर्च्छित भी हो जाते थे । यह स्थिति देखकर इन्द्राणी ने उनसे पूछा- प्रभो । आपका भयंकर शत्रु तो भार ही डाला गया। फिर आप इतने भयभीत क्यों हैं? शत्रुपर विजय प्राप्त करने स्वामिन् ! कौन-सी चिन्ता आपको बेचैन कर रही है ? लोकेश । आप एक साधारण प्राणीकी भाँति क्यों लंबी साँस खींचते हुए सदा सोचमें डूबे रहते हैं ? दूसरा कोई बलवान् शत्रु तो दीखता भी नहीं जिससे आप इतने चिन्तातुर हो गये।" एक समयकी बात है, शचीके गुणोंको सुनकर उन्हें पाने के लिये नहुपके मनमें इच्छा उत्पन्न हो गयी । अतः उसने ऋषियोंने कहा- मेरे पास इन्द्राणी क्यों नहीं आती १ देवताओ ! आप सम्पूर्ण लोगोंने ही इस समय मुझे इन्द्र बनाया है। अतः मेरी सेवा करनेके लिये शनीको भी यहाँ भेज दें। इस अवसरपर देवताओं और मुनियोको सम्यक प्रकारसे मेरा प्रिय कार्य करना चाहिये; क्योंकि मैं उनका इन्द्र हूँ । सम्पूर्ण लोकपर मेरा शासन है। अतएव मुझे प्रसन्न करने के लिये शची शीघ्र ही मेरे महलमें आ जाय ।' नहुपकी यह दोषपूर्ण बात सुनकर देवताओं और ऋषियोंके मनमें चिन्ता के कारण घबराइट उत्पन्न हो गयी। वे इन्द्राणीके पास गये और मस्तक झुकाकर कहने लगे'इन्द्राणीजी ! दुरात्मा नहुप अब आपको पानेकी इच्छा प्रकट कर रहा है। उसने कुपित होकर हमसे यह वचन कहा है कि शचीको यहाँ भेज दो। उसके अधीन रहनेवाले हम कर ही क्या सकते हैं; क्योंकि इस दुरात्माको इन्द्र बना दिया गया है। देवताओं और ऋषियोंद्वारा नहुपकी यह अप्रिय बात सुनकर शचीका मुख मुरझा गया। वे बृहस्पतिजीसे कहने लगी- 'वान ! मैं आपको शरण में आयी हूँ । नहुपने मेरी रक्षा कीजिये ।। इन्होंने कहाशी द्यपि कोई बलवान् शत्रु मेरे सामने नहीं है तथापि ब्रहात्याचे भयसे में इतना डर गया हूँ कि परमें रहते हुए भी न मुझे सुख दे और न शान्ति ही मेरे लिये न तो नन्दनवन सुखदायी प्रतीत हो रहा है और न अमृत तथा न यद् देवप्रासाद छी । गन्धर्षके गान और अप्सराओं नृत्य भी मुझे मुखकर प्रतीत नहीं होते। तुम जैमी सदघमिंत्री तथा अन्य अनेक देवाङ्गनाएँ भी मुझे मुली नहीं कर भत्तो कामधेनु गी और कल्पवृक्षसे भी मैं मुख नहीं पा रहा हूँ । क्या करूँ यहाँ जाऊँ ? कहाँ जाने मेरा कल्याण होगा । मिथे । इसी चिन्तासे व्यग्र रहनेके कारण मेरे अन्तःकरण में आग धधक रही है। व्यासजी कहते हैं- राजन् ! अत्यन्त घयरायी हुई अपनी प्रेमी भार्या शनीसे उपर्युन चातें कहकर इन्द्र घरसे निकल पड़े और गानमशेयरपर चले गये । भयसे उनका कलेजा काँपागा। शोकके कारण उनकी शक्ति क्षीण हो गयी थी। वे उस ठराम मरोवरमै जाकर एक कमलके नालेमें चिप गये । उस समय इन्द्रको कर्तव्यका ज्ञान नहीं रहा। क्योंकि घृणित कर्म करनेये उनकी प्रतिमा नष्ट हो चुकी थी। ये जलमं छिपवरसाना बंद कर दिया। पृथ्वीमै घान्य उपजानेकी शक्ति नहीं रही। नदियोंकी घाराएँ टूट गयीं। तालाव विना जलके हो गये । इस प्रकारको अराजकता फैल जानेपर सम्पूर्ण देवताओं और मुनियोंने परस्पर विचार करके नहुपको इन्द्र पदपर नियुक्त किया । भारत । यद्यपि नहुप धर्मात्मा था, फिर भी इन्द्र बन जानेपर उसके मनमें राजसी-वृत्ति उत्पन्न हो गयीं। फलस्वरूप वह विपयोंमें आसक्त हो गया । व्यतीत करते थे, मानो साँप जीवन रक्षाके लिये प्रयत्नशील हो । उस अवसरपर उनका कोई भी सदायक न था । चिन्तासे व्याकुलता बढ़ गयी थी । इन्द्रियोंग क्षोभ उत्पन्न दँ। गया था । राजन् । जय ब्रह्महत्या के भयसे दुखी होकर इन्द्र हाँसे न गये, तब देवताओं का मन चिन्तासे अत्यन्त संतस ही उठा । अनेक प्रकार के उत्पात होने लगे। उपद्रयोंसे अभिभूत सारे जगत्गे कोई शासक नहीं रहा। मेघोंने पानी बृहस्पतिजीने कहा- देवी । पापान्ध नहुपसे तुम किचिन्मात्र भय मत करो । वत्से । सनातन धर्मका परित्याग करके मैं तुम्हें उसके पास नहीं जाने दूँगा । शरणमें आये । हुए दुखी व्यक्तिको जो नीच मानव आश्रय नहीं देता, उसे युगपर्यन्त नरककी यातना भोगनी पड़ती है। पृथुथोणी । तुम शान्तचित्त होकर विराजमान रहो। मैं कभी भी तुम्हारा त्याग नहीं करूँगा । ( अध्याय ६-७ )
छठा स्कन्ध ] * ब्रह्महत्या के भयसे इन्द्रका मानसरोवरमें छिप जाना नहुपको इन्द्रपदकी प्राप्ति * वे भवसे घबराकर जोर-जोरसे श्वास लिया करते और कभी-कभी मूर्च्छित भी हो जाते थे । यह स्थिति देखकर इन्द्राणी ने उनसे पूछा- प्रभो । आपका भयंकर शत्रु तो भार ही डाला गया। फिर आप इतने भयभीत क्यों हैं? शत्रुपर विजय प्राप्त करने स्वामिन् ! कौन-सी चिन्ता आपको बेचैन कर रही है ? लोकेश । आप एक साधारण प्राणीकी भाँति क्यों लंबी साँस खींचते हुए सदा सोचमें डूबे रहते हैं ? दूसरा कोई बलवान् शत्रु तो दीखता भी नहीं जिससे आप इतने चिन्तातुर हो गये।" एक समयकी बात है, शचीके गुणोंको सुनकर उन्हें पाने के लिये नहुपके मनमें इच्छा उत्पन्न हो गयी । अतः उसने ऋषियोंने कहा- मेरे पास इन्द्राणी क्यों नहीं आती एक देवताओ ! आप सम्पूर्ण लोगोंने ही इस समय मुझे इन्द्र बनाया है। अतः मेरी सेवा करनेके लिये शनीको भी यहाँ भेज दें। इस अवसरपर देवताओं और मुनियोको सम्यक प्रकारसे मेरा प्रिय कार्य करना चाहिये; क्योंकि मैं उनका इन्द्र हूँ । सम्पूर्ण लोकपर मेरा शासन है। अतएव मुझे प्रसन्न करने के लिये शची शीघ्र ही मेरे महलमें आ जाय ।' नहुपकी यह दोषपूर्ण बात सुनकर देवताओं और ऋषियोंके मनमें चिन्ता के कारण घबराइट उत्पन्न हो गयी। वे इन्द्राणीके पास गये और मस्तक झुकाकर कहने लगे'इन्द्राणीजी ! दुरात्मा नहुप अब आपको पानेकी इच्छा प्रकट कर रहा है। उसने कुपित होकर हमसे यह वचन कहा है कि शचीको यहाँ भेज दो। उसके अधीन रहनेवाले हम कर ही क्या सकते हैं; क्योंकि इस दुरात्माको इन्द्र बना दिया गया है। देवताओं और ऋषियोंद्वारा नहुपकी यह अप्रिय बात सुनकर शचीका मुख मुरझा गया। वे बृहस्पतिजीसे कहने लगी- 'वान ! मैं आपको शरण में आयी हूँ । नहुपने मेरी रक्षा कीजिये ।। इन्होंने कहाशी द्यपि कोई बलवान् शत्रु मेरे सामने नहीं है तथापि ब्रहात्याचे भयसे में इतना डर गया हूँ कि परमें रहते हुए भी न मुझे सुख दे और न शान्ति ही मेरे लिये न तो नन्दनवन सुखदायी प्रतीत हो रहा है और न अमृत तथा न यद् देवप्रासाद छी । गन्धर्षके गान और अप्सराओं नृत्य भी मुझे मुखकर प्रतीत नहीं होते। तुम जैमी सदघमिंत्री तथा अन्य अनेक देवाङ्गनाएँ भी मुझे मुली नहीं कर भत्तो कामधेनु गी और कल्पवृक्षसे भी मैं मुख नहीं पा रहा हूँ । क्या करूँ यहाँ जाऊँ ? कहाँ जाने मेरा कल्याण होगा । मिथे । इसी चिन्तासे व्यग्र रहनेके कारण मेरे अन्तःकरण में आग धधक रही है। व्यासजी कहते हैं- राजन् ! अत्यन्त घयरायी हुई अपनी प्रेमी भार्या शनीसे उपर्युन चातें कहकर इन्द्र घरसे निकल पड़े और गानमशेयरपर चले गये । भयसे उनका कलेजा काँपागा। शोकके कारण उनकी शक्ति क्षीण हो गयी थी। वे उस ठराम मरोवरमै जाकर एक कमलके नालेमें चिप गये । उस समय इन्द्रको कर्तव्यका ज्ञान नहीं रहा। क्योंकि घृणित कर्म करनेये उनकी प्रतिमा नष्ट हो चुकी थी। ये जलमं छिपवरसाना बंद कर दिया। पृथ्वीमै घान्य उपजानेकी शक्ति नहीं रही। नदियोंकी घाराएँ टूट गयीं। तालाव विना जलके हो गये । इस प्रकारको अराजकता फैल जानेपर सम्पूर्ण देवताओं और मुनियोंने परस्पर विचार करके नहुपको इन्द्र पदपर नियुक्त किया । भारत । यद्यपि नहुप धर्मात्मा था, फिर भी इन्द्र बन जानेपर उसके मनमें राजसी-वृत्ति उत्पन्न हो गयीं। फलस्वरूप वह विपयोंमें आसक्त हो गया । व्यतीत करते थे, मानो साँप जीवन रक्षाके लिये प्रयत्नशील हो । उस अवसरपर उनका कोई भी सदायक न था । चिन्तासे व्याकुलता बढ़ गयी थी । इन्द्रियोंग क्षोभ उत्पन्न दँ। गया था । राजन् । जय ब्रह्महत्या के भयसे दुखी होकर इन्द्र हाँसे न गये, तब देवताओं का मन चिन्तासे अत्यन्त संतस ही उठा । अनेक प्रकार के उत्पात होने लगे। उपद्रयोंसे अभिभूत सारे जगत्गे कोई शासक नहीं रहा। मेघोंने पानी बृहस्पतिजीने कहा- देवी । पापान्ध नहुपसे तुम किचिन्मात्र भय मत करो । वत्से । सनातन धर्मका परित्याग करके मैं तुम्हें उसके पास नहीं जाने दूँगा । शरणमें आये । हुए दुखी व्यक्तिको जो नीच मानव आश्रय नहीं देता, उसे युगपर्यन्त नरककी यातना भोगनी पड़ती है। पृथुथोणी । तुम शान्तचित्त होकर विराजमान रहो। मैं कभी भी तुम्हारा त्याग नहीं करूँगा ।
गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चार कफ सिरप (Cough Syrup) पर प्रतिबंध लगाया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक (Deputy CM Brajesh Pathak) ने स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक से पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट तलब की है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दो टूक कहा कि मानक के खिलाफ चल रही दवा कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत हो गई है। इसको लेकर प्रदेश सरकार तुरंत अलर्ट मोड में आ गई है। डब्ल्यूएचओ ने भारतीय कंपनी के चार कफ सिरप पर बैन लगाया है। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक से पूरे मामले में रिपोर्ट तलब है। उन्होंने कहा कि सभी पहुलूओं पर जांच की जाए। यूपी के दवा बाजार में इस कंपनी के प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री तो नहीं हो रही है? इन सभी बिन्दुओं पर जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि मानक के अनुसार जांच कर कंपनी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। 24 घंटे में जांच पूरी करने के निर्देश हैं। ( देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं. ) This website uses cookies.
गाम्बिया में छयासठ बच्चों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चार कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक से पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट तलब की है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दो टूक कहा कि मानक के खिलाफ चल रही दवा कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। गाम्बिया में छयासठ बच्चों की मौत हो गई है। इसको लेकर प्रदेश सरकार तुरंत अलर्ट मोड में आ गई है। डब्ल्यूएचओ ने भारतीय कंपनी के चार कफ सिरप पर बैन लगाया है। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक से पूरे मामले में रिपोर्ट तलब है। उन्होंने कहा कि सभी पहुलूओं पर जांच की जाए। यूपी के दवा बाजार में इस कंपनी के प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री तो नहीं हो रही है? इन सभी बिन्दुओं पर जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि मानक के अनुसार जांच कर कंपनी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। चौबीस घंटाटे में जांच पूरी करने के निर्देश हैं। This website uses cookies.
कोलकाताः पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कलियागंज में कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने के मामले को 'प्रेम प्रसंग' से जुड़ा हुआ करार दिया है। अपने दावे की पुष्टि के लिए सीएम ममता ने व्हाट्सऐप मैसेज को सबूत बनाया है। नबन्ना (राज्य सचिवालय) में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि, 'हमें यह सब जानकर काफी दुख हुआ, मगर हमने व्हाट्सऐप मैसेज देखे हैं... यह प्रेम प्रसंग से संबंधित मामला है। डॉक्टरों ने भी कहा कि उसने (नाबालिग ने) जहर खाया था। यह एक ख़ुदकुशी का मामला है। पुलिस इसकी छानबीन कर रही है। ' यानि, मामले की जांच अभी शुरूआती चरण में ही है, और इसी बीच सीएम ममता बनर्जी इस तरह के दावे कर बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दे से अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रहीं हैं। बता दें कि, पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर जिले के कलियागंज में 21 अप्रैल की सुबह एक 17 वर्षीय दलित लड़की का शव नहर में तैरता हुआ मिला था। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा था कि किशोरी की हत्या करने से पहले उसके साथ बलात्कार किया गया है। इसके विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दी थी और टायर जलाए थे। वहीं, इस मामले में जब भाजपा स्थानीय लोगों के साथ विरोध करने के लिए उतरी, तो उसके एक कार्यकर्ता मृत्युंजय बर्मन की हत्या कर दी गई, जिसका आरोप भी बंगाल पुलिस पर लगा है। So enthused,a policeman called Moazzem shot dead an innocent Rajbongshi young man called Mrityunjay Barman,cousin of Bishnu,a BJP Panchayat Samiti member ! वहीं, उत्तरी दिनाजपुर जिले में बीते हफ्ते नाबालिग लड़की की लाश को सड़क पर घसीटने के आरोप में 4 पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सस्पेंड किए गए चारों पुलिसकर्मी सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर कालियागंज और रायगंज थाने में पदस्थ थे। इन पुलिसकर्मियों का शव को घसीटते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। पीड़ित परिवार पहले ही कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर घटना की CBI जांच की मांग कर रहा है। उनका आरोप है कि, बंगाल पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही है। लड़की के साथ दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने का आरोप जावेद अख्तर पर लगा है। Allegedly a person named Javed and his friends have gang-raped and murdered of a minor hindi girl in Ganguly Bagan, Kaliyaganj. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की 20 अप्रैल को ट्यूशन से घर लौटते हुए बीच रास्ते से लापता हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में जावेद अख्तर समेत दो लोगों को अरेस्ट किया था, ये लोग पीड़िता को जानते थे। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। हालाँकि, सीएम ममता इसे प्रेम प्रसंग का मामला बता रही हैं, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि, ऐसा पहली बार नहीं है, जब ममता बनर्जी ने ऐसा दावा किया हो। इससे पहले भी वह पीड़ितों पर उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए झूठ बोलने का इल्जाम तक लगा चुकी हैं। 6 फरवरी, 2012 को एक एंग्लो-इंडियन महिला सुज़ेट जॉर्डन (Suzette Jordan) जब कोलकाता के पार्क स्ट्रीट से घर वापस आ रही थी, इसी बीच 5 लोगों ने चलती कार में उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। यह खबर सामने आने के फ़ौरन बाद सीएम ममता बनर्जी ने आरोपितों को क्लीनचिट दे दी थी। उन्होंने इस घटना को मनगढ़ंत कहानी बताया था। सीएम ममता ने कहा था कि, यह सब सिर्फ उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया था। इतना ही नहीं एक न्यूज चैनल से बात करते हुए ममता की पार्टी की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पीड़िता के चरित्र पर ही सवाल खड़े कर दिए थे और दुष्कर्म के एंगल से भी इनकार कर दिया था। वहीं, बंगाल के तत्कालीन परिवहन मंत्री ने भी पीड़िता के चरित्र पर सवाल खड़े करते हुए उसकी शिकायत को फर्जी करार दिया था। किन्तु, इस घटना के 3 वर्ष बाद 2015 में कोलकाता की एक कोर्ट ने पार्क स्ट्रीट मामले में दुष्कर्म के आरोपों को बरकरार रखा और आरोपित नासिर खान, रुमान खान और सुमित बजाज को दोषी करार दिया था। 2012 के बर्दवान के कटवा में एक और मामले में ममता बनर्जी ने जाँच पूरी होने से पहले ही दुष्कर्म के आरोपों को नकार दिया था। उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि, 'एक सियासी दल यह सब कर रहा है, बलात्कार-बलात्कार चिल्ला रहा है। ये पश्चिम बंगाल का नाम खराब करने के लिए ड्रामा कर रहे हैं। ' इस मामले में भी बाद में नयन शेख और फरीद शेख नामक आरोपितों को अरेस्ट किया गया था, जो ममता जो पार्टी TMC के नेता थे। हालाँकि, सबूतों के आभाव में वे कोर्ट से बरी कर दिए गए थे। 2013 में बंगाल में दुष्कर्म के बढ़ते मामलों के बारे में राज्य विधानसभा में एक बहस के दौरान सीएम ममता ने कहा था कि यह राज्य की जनसंख्या में वृद्धि की वजह से है। उन्होंने दुष्कर्म के बढ़ते मामलों के लिए आधुनिकीकरण, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स में वृद्धि को भी जिम्मेदार बताया था। अप्रैल 2022 में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के हंसखली में एक नाबालिग लड़की की जन्मदिन की पार्टी में सामूहिक दुष्कर्म के बाद मौत हो गई थी। लड़की के परिवार ने दावा किया था कि इस मामले में मुख्य आरोपित तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक पंचायत सदस्य का बेटा है, जिसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था। वहीं, सीएम ममता बनर्जी ने परिवार के सामूहिक दुष्कर्म के दावे पर ही सवाल उठा दिए थे। सीएम बनर्जी ने कहा था कि, 'आपको कैसे पता कि उसके साथ बलात्कार हुआ, क्या वो प्रेग्नेंट थी ? या लव अफेयर का मामला था या फिर वह बीमार थी। ' सीएम ममता ने यह भी कहा था कि, 'यदि कपल रिलेशनशिप में है तो हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं। यह उत्तर प्रदेश नहीं है कि मैं लव जिहाद के नाम पर ऐसा कर सकती हूँ। ' यह मामला जब कोलकाता हाई कोर्ट में गया था तो, अदालत ने जोर देते हुए कहा था कि, बंगाल पुलिस ने इस केस में कई आवश्यक सबूत इकट्ठा ही नहीं किए। इस बात पर भी अदालत ने नाराजगी जताई थी कि पुलिस द्वारा पीड़िता के घर से खून से सनी हुई बेडशीट ही जब्त नहीं की गई, साथ ही पीड़िता का अंतिम संस्कार भी जल्दबाजी में कर दिया गया, जिसके कारण कई अहम सुराग छूट गए। जिसके बाद इस मामले को CBI को सौंपा गया था और केंद्रीय जांच एजेंसी ने जांच करते हुए इस मामले में 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी और TMC के पंचायत नेता को अरेस्ट किया था। हालाँकि, इस मामले पर अभी कोर्ट का फैसला नहीं आया है। इन सभी मामलों को देखने के बाद ये सवाल उठता है कि आखिर एक महिला होने के बावजूद सीएम ममता बनर्जी बलात्कार के मामलों पर इतनी जल्दबाज़ी क्यों दिखाती हैं और ऐसे असंवेदनशील बयान क्यों दे देती हैं, जो पीड़ित परिवार के जख्मों पर नामक छिड़कने वाले हों ?
कोलकाताः पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कलियागंज में कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने के मामले को 'प्रेम प्रसंग' से जुड़ा हुआ करार दिया है। अपने दावे की पुष्टि के लिए सीएम ममता ने व्हाट्सऐप मैसेज को सबूत बनाया है। नबन्ना में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने दावा किया कि, 'हमें यह सब जानकर काफी दुख हुआ, मगर हमने व्हाट्सऐप मैसेज देखे हैं... यह प्रेम प्रसंग से संबंधित मामला है। डॉक्टरों ने भी कहा कि उसने जहर खाया था। यह एक ख़ुदकुशी का मामला है। पुलिस इसकी छानबीन कर रही है। ' यानि, मामले की जांच अभी शुरूआती चरण में ही है, और इसी बीच सीएम ममता बनर्जी इस तरह के दावे कर बलात्कार जैसे संवेदनशील मुद्दे से अपना पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रहीं हैं। बता दें कि, पश्चिम बंगाल के दिनाजपुर जिले के कलियागंज में इक्कीस अप्रैल की सुबह एक सत्रह वर्षीय दलित लड़की का शव नहर में तैरता हुआ मिला था। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा था कि किशोरी की हत्या करने से पहले उसके साथ बलात्कार किया गया है। इसके विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दी थी और टायर जलाए थे। वहीं, इस मामले में जब भाजपा स्थानीय लोगों के साथ विरोध करने के लिए उतरी, तो उसके एक कार्यकर्ता मृत्युंजय बर्मन की हत्या कर दी गई, जिसका आरोप भी बंगाल पुलिस पर लगा है। So enthused,a policeman called Moazzem shot dead an innocent Rajbongshi young man called Mrityunjay Barman,cousin of Bishnu,a BJP Panchayat Samiti member ! वहीं, उत्तरी दिनाजपुर जिले में बीते हफ्ते नाबालिग लड़की की लाश को सड़क पर घसीटने के आरोप में चार पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। सस्पेंड किए गए चारों पुलिसकर्मी सहायक उप निरीक्षक के पद पर कालियागंज और रायगंज थाने में पदस्थ थे। इन पुलिसकर्मियों का शव को घसीटते हुए वीडियो भी वायरल हुआ था। पीड़ित परिवार पहले ही कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर घटना की CBI जांच की मांग कर रहा है। उनका आरोप है कि, बंगाल पुलिस सही तरीके से जांच नहीं कर रही है। लड़की के साथ दुष्कर्म करने और उसकी हत्या करने का आरोप जावेद अख्तर पर लगा है। Allegedly a person named Javed and his friends have gang-raped and murdered of a minor hindi girl in Ganguly Bagan, Kaliyaganj. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की बीस अप्रैल को ट्यूशन से घर लौटते हुए बीच रास्ते से लापता हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में जावेद अख्तर समेत दो लोगों को अरेस्ट किया था, ये लोग पीड़िता को जानते थे। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। हालाँकि, सीएम ममता इसे प्रेम प्रसंग का मामला बता रही हैं, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि, ऐसा पहली बार नहीं है, जब ममता बनर्जी ने ऐसा दावा किया हो। इससे पहले भी वह पीड़ितों पर उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए झूठ बोलने का इल्जाम तक लगा चुकी हैं। छः फरवरी, दो हज़ार बारह को एक एंग्लो-इंडियन महिला सुज़ेट जॉर्डन जब कोलकाता के पार्क स्ट्रीट से घर वापस आ रही थी, इसी बीच पाँच लोगों ने चलती कार में उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। यह खबर सामने आने के फ़ौरन बाद सीएम ममता बनर्जी ने आरोपितों को क्लीनचिट दे दी थी। उन्होंने इस घटना को मनगढ़ंत कहानी बताया था। सीएम ममता ने कहा था कि, यह सब सिर्फ उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया था। इतना ही नहीं एक न्यूज चैनल से बात करते हुए ममता की पार्टी की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पीड़िता के चरित्र पर ही सवाल खड़े कर दिए थे और दुष्कर्म के एंगल से भी इनकार कर दिया था। वहीं, बंगाल के तत्कालीन परिवहन मंत्री ने भी पीड़िता के चरित्र पर सवाल खड़े करते हुए उसकी शिकायत को फर्जी करार दिया था। किन्तु, इस घटना के तीन वर्ष बाद दो हज़ार पंद्रह में कोलकाता की एक कोर्ट ने पार्क स्ट्रीट मामले में दुष्कर्म के आरोपों को बरकरार रखा और आरोपित नासिर खान, रुमान खान और सुमित बजाज को दोषी करार दिया था। दो हज़ार बारह के बर्दवान के कटवा में एक और मामले में ममता बनर्जी ने जाँच पूरी होने से पहले ही दुष्कर्म के आरोपों को नकार दिया था। उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि, 'एक सियासी दल यह सब कर रहा है, बलात्कार-बलात्कार चिल्ला रहा है। ये पश्चिम बंगाल का नाम खराब करने के लिए ड्रामा कर रहे हैं। ' इस मामले में भी बाद में नयन शेख और फरीद शेख नामक आरोपितों को अरेस्ट किया गया था, जो ममता जो पार्टी TMC के नेता थे। हालाँकि, सबूतों के आभाव में वे कोर्ट से बरी कर दिए गए थे। दो हज़ार तेरह में बंगाल में दुष्कर्म के बढ़ते मामलों के बारे में राज्य विधानसभा में एक बहस के दौरान सीएम ममता ने कहा था कि यह राज्य की जनसंख्या में वृद्धि की वजह से है। उन्होंने दुष्कर्म के बढ़ते मामलों के लिए आधुनिकीकरण, शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स में वृद्धि को भी जिम्मेदार बताया था। अप्रैल दो हज़ार बाईस में पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के हंसखली में एक नाबालिग लड़की की जन्मदिन की पार्टी में सामूहिक दुष्कर्म के बाद मौत हो गई थी। लड़की के परिवार ने दावा किया था कि इस मामले में मुख्य आरोपित तृणमूल कांग्रेस के एक पंचायत सदस्य का बेटा है, जिसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था। वहीं, सीएम ममता बनर्जी ने परिवार के सामूहिक दुष्कर्म के दावे पर ही सवाल उठा दिए थे। सीएम बनर्जी ने कहा था कि, 'आपको कैसे पता कि उसके साथ बलात्कार हुआ, क्या वो प्रेग्नेंट थी ? या लव अफेयर का मामला था या फिर वह बीमार थी। ' सीएम ममता ने यह भी कहा था कि, 'यदि कपल रिलेशनशिप में है तो हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं। यह उत्तर प्रदेश नहीं है कि मैं लव जिहाद के नाम पर ऐसा कर सकती हूँ। ' यह मामला जब कोलकाता हाई कोर्ट में गया था तो, अदालत ने जोर देते हुए कहा था कि, बंगाल पुलिस ने इस केस में कई आवश्यक सबूत इकट्ठा ही नहीं किए। इस बात पर भी अदालत ने नाराजगी जताई थी कि पुलिस द्वारा पीड़िता के घर से खून से सनी हुई बेडशीट ही जब्त नहीं की गई, साथ ही पीड़िता का अंतिम संस्कार भी जल्दबाजी में कर दिया गया, जिसके कारण कई अहम सुराग छूट गए। जिसके बाद इस मामले को CBI को सौंपा गया था और केंद्रीय जांच एजेंसी ने जांच करते हुए इस मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी और TMC के पंचायत नेता को अरेस्ट किया था। हालाँकि, इस मामले पर अभी कोर्ट का फैसला नहीं आया है। इन सभी मामलों को देखने के बाद ये सवाल उठता है कि आखिर एक महिला होने के बावजूद सीएम ममता बनर्जी बलात्कार के मामलों पर इतनी जल्दबाज़ी क्यों दिखाती हैं और ऐसे असंवेदनशील बयान क्यों दे देती हैं, जो पीड़ित परिवार के जख्मों पर नामक छिड़कने वाले हों ?
IRCTC OFS : सरकार आईआरसीटीसी में 5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेच रही है। यह हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल के जरिए बेची जाएगी। स्टॉक एक्सचेंजों पर गुरुवार और शुक्रवार को ओएफएस में बोली लगाई जा सकेगी। खुदरा निवेशक शुक्रवार को ओएफएस में बोली लगा सकते हैं। यह ओएफएस आज बंद हुई शेयर प्राइस से 7 फीसदी डिस्काउंट पर है।
IRCTC OFS : सरकार आईआरसीटीसी में पाँच फीसदी तक हिस्सेदारी बेच रही है। यह हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल के जरिए बेची जाएगी। स्टॉक एक्सचेंजों पर गुरुवार और शुक्रवार को ओएफएस में बोली लगाई जा सकेगी। खुदरा निवेशक शुक्रवार को ओएफएस में बोली लगा सकते हैं। यह ओएफएस आज बंद हुई शेयर प्राइस से सात फीसदी डिस्काउंट पर है।
7. संस्कृत भाषायाननुवादो विधेयः श्री राम मर्यादा पुरूषोत्तम थे। सर्व सामर्थ्यवान् होते हुए भी उन्होंने मर्यादा का अतिक्रमण कभी नहीं किया। लङ्कागमन के समय अ मार्ग में समुद्र को बाधक जानकर लक्ष्मण ने समुद्र को मरूस्थल के रूप में परिवर्तित करना चाहा। तब सीता पति श्री राम ने लक्ष्मण अभिप्राय को जानकर कहा कि हे सौंमित्रेय बल प्रदर्शन तो अन्त में करना चाहिये। अतः सर्वप्रथम हमें समुद्र की प्रार्थना करनी चाहिये। हमारी प्रार्थना से प्रसन्न होकर समुद्र लङ्कागमन का कोई उपाय अवश्य बतलायेगा। ऐसा करने पर सर्वप्रथम तो मर्यादा की रक्षा होगी तथा मर्यादा रक्षा के साथ ही हमारा कार्य भी सिद्ध हो जायेगा इसीलिये श्री राम को आज भी लोग मर्यादा पुरूषोत्तम नाम से जानते हैं। संस्कृतेनानूद्यताम् - आज पर्यावरण प्रदूषण एक महती सनला है। दिन प्रतिदिन वन कटते जा रहे हैं। पेयजल दूषित हो रहा है। इतने अनेक बीमारियाँ फैल रही हैं। राजमार्ग पर विभिन्न छोटी-बड़ी गाड़ियों से निकलने वाला धुआं अन्या वना देता है। कारखानों को चिनियाँ भक् भक् करती वायुमण्डल को दूषित कर रही हैं। इसी के साथ मानसिक प्रदूषण भी यातक है। क्या कारण हैं, जो संयुक्त परिवार टूट रहे हैं? अंबे की लकड़ी माने जाने योग्य सन्तान बुजुर्गो से तन्वन्य तोड़ रही है। भाई-भाई का शत्रु बनकर महाभारत रच रहा
सात. संस्कृत भाषायाननुवादो विधेयः श्री राम मर्यादा पुरूषोत्तम थे। सर्व सामर्थ्यवान् होते हुए भी उन्होंने मर्यादा का अतिक्रमण कभी नहीं किया। लङ्कागमन के समय अ मार्ग में समुद्र को बाधक जानकर लक्ष्मण ने समुद्र को मरूस्थल के रूप में परिवर्तित करना चाहा। तब सीता पति श्री राम ने लक्ष्मण अभिप्राय को जानकर कहा कि हे सौंमित्रेय बल प्रदर्शन तो अन्त में करना चाहिये। अतः सर्वप्रथम हमें समुद्र की प्रार्थना करनी चाहिये। हमारी प्रार्थना से प्रसन्न होकर समुद्र लङ्कागमन का कोई उपाय अवश्य बतलायेगा। ऐसा करने पर सर्वप्रथम तो मर्यादा की रक्षा होगी तथा मर्यादा रक्षा के साथ ही हमारा कार्य भी सिद्ध हो जायेगा इसीलिये श्री राम को आज भी लोग मर्यादा पुरूषोत्तम नाम से जानते हैं। संस्कृतेनानूद्यताम् - आज पर्यावरण प्रदूषण एक महती सनला है। दिन प्रतिदिन वन कटते जा रहे हैं। पेयजल दूषित हो रहा है। इतने अनेक बीमारियाँ फैल रही हैं। राजमार्ग पर विभिन्न छोटी-बड़ी गाड़ियों से निकलने वाला धुआं अन्या वना देता है। कारखानों को चिनियाँ भक् भक् करती वायुमण्डल को दूषित कर रही हैं। इसी के साथ मानसिक प्रदूषण भी यातक है। क्या कारण हैं, जो संयुक्त परिवार टूट रहे हैं? अंबे की लकड़ी माने जाने योग्य सन्तान बुजुर्गो से तन्वन्य तोड़ रही है। भाई-भाई का शत्रु बनकर महाभारत रच रहा