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इको-मोटर परियोजना माइंस डी दुई के इंजीनियरिंग स्कूल द्वारा पैनटोन प्रक्रिया पर। हमारी परियोजना में पैनटोन रिएक्टर के अध्ययन शामिल हैं। हमारी पसंद प्रारंभिक पेटेंट की योजनाओं के आधार पर प्रोटोटाइप का निर्माण और परीक्षण करना था और हमारे परिणामों और हमारे दृष्टिकोण का प्रसार करना था। हम ऐसी प्रणाली का परीक्षण नहीं करना चाहते थे जिसका अनुकूलन मनमाना निष्कर्ष पर आधारित हो। इस फ़ाइल में प्रस्तुत सभी परिणाम और डेटा एक अच्छी तरह से परिभाषित प्रक्रिया का परिणाम है जो बाद में विस्तृत होगा। वे किसी भी तरह से संपूर्ण नहीं हैं। प्रकाशनों या हमारी वेबसाइट पर जाने के संदर्भ में सभी आंकड़े वे हैं जो इस रिपोर्ट को लिखने के समय प्राप्त हुए हैं, 29 अप्रैल 2007।
इको-मोटर परियोजना माइंस डी दुई के इंजीनियरिंग स्कूल द्वारा पैनटोन प्रक्रिया पर। हमारी परियोजना में पैनटोन रिएक्टर के अध्ययन शामिल हैं। हमारी पसंद प्रारंभिक पेटेंट की योजनाओं के आधार पर प्रोटोटाइप का निर्माण और परीक्षण करना था और हमारे परिणामों और हमारे दृष्टिकोण का प्रसार करना था। हम ऐसी प्रणाली का परीक्षण नहीं करना चाहते थे जिसका अनुकूलन मनमाना निष्कर्ष पर आधारित हो। इस फ़ाइल में प्रस्तुत सभी परिणाम और डेटा एक अच्छी तरह से परिभाषित प्रक्रिया का परिणाम है जो बाद में विस्तृत होगा। वे किसी भी तरह से संपूर्ण नहीं हैं। प्रकाशनों या हमारी वेबसाइट पर जाने के संदर्भ में सभी आंकड़े वे हैं जो इस रिपोर्ट को लिखने के समय प्राप्त हुए हैं, उनतीस अप्रैल दो हज़ार सात।
रत्नेश सदा बने मंत्री, कहा-पुत्रमोह में बिक चुके हैं मांझी। परिवार के लिए मनुवादियों के सामने सरेंडर किया। दशरथ मांझी के के बेटे और दामाद जदयू में शामिल। पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और उनके बेटे संतोष सुमन के महागठबंधन से अलग होने के तीन दिन बाद ही उन्हीं की बिरादरी के रत्नेश सदा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। सदा ने विधायक बनने से पहले रिक्शा तक चलाया है। वे तीन बार से जदयू विधायक हैं। वे संतोष सुमन के इस्तीफे के बाद अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग के नए मंत्री बन गए। शुक्रवार को शपथ के बाद जदयू कार्यालय में उनका जोरदार स्वागत हुआ। उन्होंने कहा कि जीतनराम मांझी पुत्रमोह में भाजपा और संघ के हाथों बिक चुके हैं। रत्नेश सदा के स्वागत कार्यक्रम में ही माउंटेनमैन दशरथ मांझी के बेटे और दामाद जदयू में शामिल हो गए। रत्नेश सदा ने कहा कि महादलितों के असली मसीहा नीतीश कुमार हैं। पहले अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग नेता नहीं बनते थे लेकिन मुख्यमंत्री जी ने पंचायत में आरक्षण देकर दलित/महादलित समाज को लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर दिया। जीतन राम मांझी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को मुख्यमंत्री ने सम्मान दिलाया, उन्हें मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाया उसी जीतन राम मांझी ने बार-बार नीतीश कुमार की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया। सदा ने कहा कि सन्तोष मांझी की पहचान केवल पिता से है। राजनीतिक और सामाजिक जीवन में शून्य भागीदारी रही है, बस अपने पिता की बदौलत मंत्री पद हासिल की। रत्नेश सदा भी जीतनराम मांझी की ही जाति मुसहर से आते हैं। आज जिस प्रकार पार्टी ने उनका स्वागत किया, इससे स्पष्ट है कि उन्हें राज्य स्तर पर दलित नेता और खासकर मुसहर समुदाय के नेता के बतौर आगे बढ़ाया जाएगा। जहां जीतनराम मांझी के बेटे के बार में कहा जाता है कि वे आम लोगों के बीच कम जाते हैं, वहीं सदा आम लोगों से सीधे जुड़ने के लिए जाने जाते हैं। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने दशरथ मांझी के बेटे का भी जोरदार स्वागत किया। जीतनराम मांझी भी गया-जहानाबाद की ही राजनीति में रहे हैं। अब दशरथ मांझी के बेटे के जदयू में शामिल होने से जीतनराम मांझी को सीधी चुनौती मिल सकती है।
रत्नेश सदा बने मंत्री, कहा-पुत्रमोह में बिक चुके हैं मांझी। परिवार के लिए मनुवादियों के सामने सरेंडर किया। दशरथ मांझी के के बेटे और दामाद जदयू में शामिल। पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी और उनके बेटे संतोष सुमन के महागठबंधन से अलग होने के तीन दिन बाद ही उन्हीं की बिरादरी के रत्नेश सदा को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। सदा ने विधायक बनने से पहले रिक्शा तक चलाया है। वे तीन बार से जदयू विधायक हैं। वे संतोष सुमन के इस्तीफे के बाद अनुसूचित जाति-जनजाति विभाग के नए मंत्री बन गए। शुक्रवार को शपथ के बाद जदयू कार्यालय में उनका जोरदार स्वागत हुआ। उन्होंने कहा कि जीतनराम मांझी पुत्रमोह में भाजपा और संघ के हाथों बिक चुके हैं। रत्नेश सदा के स्वागत कार्यक्रम में ही माउंटेनमैन दशरथ मांझी के बेटे और दामाद जदयू में शामिल हो गए। रत्नेश सदा ने कहा कि महादलितों के असली मसीहा नीतीश कुमार हैं। पहले अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग नेता नहीं बनते थे लेकिन मुख्यमंत्री जी ने पंचायत में आरक्षण देकर दलित/महादलित समाज को लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का अवसर दिया। जीतन राम मांझी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को मुख्यमंत्री ने सम्मान दिलाया, उन्हें मुख्यमंत्री पद तक पहुंचाया उसी जीतन राम मांझी ने बार-बार नीतीश कुमार की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया। सदा ने कहा कि सन्तोष मांझी की पहचान केवल पिता से है। राजनीतिक और सामाजिक जीवन में शून्य भागीदारी रही है, बस अपने पिता की बदौलत मंत्री पद हासिल की। रत्नेश सदा भी जीतनराम मांझी की ही जाति मुसहर से आते हैं। आज जिस प्रकार पार्टी ने उनका स्वागत किया, इससे स्पष्ट है कि उन्हें राज्य स्तर पर दलित नेता और खासकर मुसहर समुदाय के नेता के बतौर आगे बढ़ाया जाएगा। जहां जीतनराम मांझी के बेटे के बार में कहा जाता है कि वे आम लोगों के बीच कम जाते हैं, वहीं सदा आम लोगों से सीधे जुड़ने के लिए जाने जाते हैं। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने दशरथ मांझी के बेटे का भी जोरदार स्वागत किया। जीतनराम मांझी भी गया-जहानाबाद की ही राजनीति में रहे हैं। अब दशरथ मांझी के बेटे के जदयू में शामिल होने से जीतनराम मांझी को सीधी चुनौती मिल सकती है।
नौहराधार -आज सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं जहां आज भी सड़क की सुविधा नहीं है। यही हाल है सिरमौर जिला का दुर्गम क्षेत्र तहसील नौहराधार के कुटवी का। यहां पर आज भी सड़क सुविधा नहीं है। हैरानी की बात है कि यहां से सड़क के लिए करीब चार किलोमीटर पैदल खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है, मगर सरकार आंखे बंद कर तमाशा देख रही है। यदि किसी व्यक्ति को बीमारी लग जाती है तो मरीज को पलंग पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। छह माह पूर्व सुरेंद्र सिंह पेड़ से गिरकर अपाहिज हो गया है। सुरेंद्र अपने पैरों पर नहीं चल सकता उसे हर महीने चेकअप के लिए अस्पताल ले जाना पड़ता है। इनके परिवार वाले गांव वालों की सहायता से इन्हें हर महीने अस्पताल पहुंचाते हैं। यदि यहां के लिए सड़क होती तो शायद आज सुरेंद्र पलंग पर लेटा नहीं होता बल्कि चलता फिरता होता। सुरेंद्र जब पेड़ से गिरे तो गांव वालों की मदद से इन्हें सड़क तक पहुंचाना पड़ा। सड़क पहुंचने के लिए करीब दो से तीन घंटे का समय लग गया। यदि सड़क होती तो दो तीन घंटे में अस्पताल पहुंचाया जा सकता। यह गांव सड़क से काफी दूर है। जंगल के रास्ते व पथरीले रास्ते से ग्रामीणों को मुख्य सड़क पहुंचना पड़ता है। इन लोगों ने कई बार सरकार व नेताओं के सामने अपनी मांग को रखा है, मगर इनकी इस मांग को अनदेखा किया जाता है। यही नहीं अपनी जरूरत की चीजों को पीठ पर उठाकर घर पहुंचाना पड़ता है। फसलों को अतिरिक्त पैसा देकर खच्चरों पर ले जाना पड़ता है। कई बार फसलों का कोई लाभ नहीं मिलता। रेणुका विस क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं जो कि सड़क सुविधा से महरूम हैं। गौरतलब है कि थक-हार कर इस क्षेत्र के चाबधार के ग्रामीण सड़क के लिए 124 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंच चुके हैं। हैरानी की बात है कि सरकार भी इनकी मांगों को अनदेखा करती आई है। बहरहाल गिरिपार क्षेत्र में कहीं सड़क सुविधा नहीं है तो कहीं बिजली पानी से महरूम है।
नौहराधार -आज सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं जहां आज भी सड़क की सुविधा नहीं है। यही हाल है सिरमौर जिला का दुर्गम क्षेत्र तहसील नौहराधार के कुटवी का। यहां पर आज भी सड़क सुविधा नहीं है। हैरानी की बात है कि यहां से सड़क के लिए करीब चार किलोमीटर पैदल खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है, मगर सरकार आंखे बंद कर तमाशा देख रही है। यदि किसी व्यक्ति को बीमारी लग जाती है तो मरीज को पलंग पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। छह माह पूर्व सुरेंद्र सिंह पेड़ से गिरकर अपाहिज हो गया है। सुरेंद्र अपने पैरों पर नहीं चल सकता उसे हर महीने चेकअप के लिए अस्पताल ले जाना पड़ता है। इनके परिवार वाले गांव वालों की सहायता से इन्हें हर महीने अस्पताल पहुंचाते हैं। यदि यहां के लिए सड़क होती तो शायद आज सुरेंद्र पलंग पर लेटा नहीं होता बल्कि चलता फिरता होता। सुरेंद्र जब पेड़ से गिरे तो गांव वालों की मदद से इन्हें सड़क तक पहुंचाना पड़ा। सड़क पहुंचने के लिए करीब दो से तीन घंटे का समय लग गया। यदि सड़क होती तो दो तीन घंटे में अस्पताल पहुंचाया जा सकता। यह गांव सड़क से काफी दूर है। जंगल के रास्ते व पथरीले रास्ते से ग्रामीणों को मुख्य सड़क पहुंचना पड़ता है। इन लोगों ने कई बार सरकार व नेताओं के सामने अपनी मांग को रखा है, मगर इनकी इस मांग को अनदेखा किया जाता है। यही नहीं अपनी जरूरत की चीजों को पीठ पर उठाकर घर पहुंचाना पड़ता है। फसलों को अतिरिक्त पैसा देकर खच्चरों पर ले जाना पड़ता है। कई बार फसलों का कोई लाभ नहीं मिलता। रेणुका विस क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं जो कि सड़क सुविधा से महरूम हैं। गौरतलब है कि थक-हार कर इस क्षेत्र के चाबधार के ग्रामीण सड़क के लिए एक सौ चौबीस किलोग्राममीटर पैदल चलकर मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंच चुके हैं। हैरानी की बात है कि सरकार भी इनकी मांगों को अनदेखा करती आई है। बहरहाल गिरिपार क्षेत्र में कहीं सड़क सुविधा नहीं है तो कहीं बिजली पानी से महरूम है।
नए साल के मौके पर सुपरस्टार शाहरुख खान ने अपनी नई फिल्म का ऐलान कर दिया है, फिल्म का नाम 'जीरो' होगा. इसमें किंग खान बौने का किरदार निभाते नज़र आएंगे. शाहरुख खान ने ट्विटर पर अपनी नई फिल्म 'जीरो' का टीजर रिलीज किया है, जिसमें वह बिल्कुल हटके अंदाज में दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में शाहरुख किसी शादी में धमाकेदार एंट्री करते हैं और अपने डांसिंग मूव्ज से सबको हैरान कर देते हैं. शाहरुख इसमें मोहम्मद रफी के गाने 'इस दीवाने दिल ने' पर थिरकते दिखाई दे रहे हैं. आनंद एल राय की फिल्म में शाहरुख के साथ अनुष्का शर्मा और कैटरीना कैफ लीड रोल में दिखेंगी. लेकिन दोनों ही एक्ट्रेस की झलक टीजर में नहीं दिखाई गई है. टीजर के आखिर में शाहरुख कहते हैं- "हम जिसके पीछे लग जाते हैं, लाइफ बना देते हैं. " आनंद एल राय के साथ शाहरुख की यह पहली फिल्म है. जबकि अनुष्का-कैटरीना के साथ वह 'जब तक है जान' (2012) में स्क्रीन शेयर कर चुके हैं. शाहरुख खान के लिए साल 2017 भले ही अनलकी साबित हुआ हो, उनकी दोनों फिल्म 'रईस' और 'जब हैरी मेट सेजल' बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास धमाल नहीं दिखा पाई थीं. लेकिन इसकी पूरी भरपाई वे साल 2018 में करने को तैयार हैं. टीजर में शाहरुख की झलक उनकी पिछली फिल्मों से बिल्कुल अलग दिख रही है. मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि यह फिल्म 21 दिसंबर को रिलीज होगी.
नए साल के मौके पर सुपरस्टार शाहरुख खान ने अपनी नई फिल्म का ऐलान कर दिया है, फिल्म का नाम 'जीरो' होगा. इसमें किंग खान बौने का किरदार निभाते नज़र आएंगे. शाहरुख खान ने ट्विटर पर अपनी नई फिल्म 'जीरो' का टीजर रिलीज किया है, जिसमें वह बिल्कुल हटके अंदाज में दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में शाहरुख किसी शादी में धमाकेदार एंट्री करते हैं और अपने डांसिंग मूव्ज से सबको हैरान कर देते हैं. शाहरुख इसमें मोहम्मद रफी के गाने 'इस दीवाने दिल ने' पर थिरकते दिखाई दे रहे हैं. आनंद एल राय की फिल्म में शाहरुख के साथ अनुष्का शर्मा और कैटरीना कैफ लीड रोल में दिखेंगी. लेकिन दोनों ही एक्ट्रेस की झलक टीजर में नहीं दिखाई गई है. टीजर के आखिर में शाहरुख कहते हैं- "हम जिसके पीछे लग जाते हैं, लाइफ बना देते हैं. " आनंद एल राय के साथ शाहरुख की यह पहली फिल्म है. जबकि अनुष्का-कैटरीना के साथ वह 'जब तक है जान' में स्क्रीन शेयर कर चुके हैं. शाहरुख खान के लिए साल दो हज़ार सत्रह भले ही अनलकी साबित हुआ हो, उनकी दोनों फिल्म 'रईस' और 'जब हैरी मेट सेजल' बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास धमाल नहीं दिखा पाई थीं. लेकिन इसकी पूरी भरपाई वे साल दो हज़ार अट्ठारह में करने को तैयार हैं. टीजर में शाहरुख की झलक उनकी पिछली फिल्मों से बिल्कुल अलग दिख रही है. मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि यह फिल्म इक्कीस दिसंबर को रिलीज होगी.
रिक) अव यह प्रतिवन्ध सविधान में किये गए दूसरे सशोधन द्वारा हटा दिया गया है । माधारणत एक लोक-सभा का जीवन पाच माल का होता है। पर, राष्ट्रपति इससे पहले भी इसको भग कर सकता है तथा सकट-काल मे इसका कार्य काल वढा भी सकता है । केन्द्रशासित प्रदेशो के लोक सभा मे २५ से अधिक प्रतिनिधि नहीं हो सकने । लोकसभा की सीटो का राज्यवार वितरण आवादी के आधार पर किया गया है। लोक सभा मे एग्लो-इण्डियन समाज को प्रतिनिधित्व देने के लिए राष्ट्रपति उनके दो व्यक्ति नामजद कर सकता है । लोक-सभा के कार्यकाल की गणना उसकी पहली बैठक से की जाती है । लोक-सभा का अध्यक्ष होता है जिसका चुनाव सदस्य स्वत अपने मव्य से करते है । राज्य सभा यह स्थायी संस्था है, इसका कभी विसर्जन नही होता । इसका चुनाव अप्रत्यक्ष होता है । इसके सदस्यों की कुल संख्या २५० से अधिक नहीं हो सकती । इनमे से १२ स्थानो पर साहित्य, कला, विज्ञान-समाज-मेवा आदि के क्षेत्रो मे विख्यात व्यक्ति राष्ट्रपति द्वारा मनोपी।किये जाते हैं। शेष स्थानो का विभाजन राज्यों मे जनसंख्या के अनुपात से किया गया है । प्रत्येक राज्य अपनी-अपनी विधान सभा द्वारा राज्य सभा के लिए अपने सदस्य चुनता है । राज्य-सभा का सदस्य वही हो सकता है जो भारत का नागरिक और तीस वर्ष से कम आयु का न हो । हर दो साल बाद राज्य सभा के सदस्य सदस्यता से हट जाते है तथा इनकी जगह नये सदस्यों का चुनाव होता है । इम रीति से राज्य सभा सदा बनी रहती है । उपराष्ट्रपति पदेन इसका सभापतित्व करता है । राज्य सभा के सदस्य समानुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर एकल संक्रमणीय मत से चुने जाते है । लोक-सभा व राज्य सभा के मध्य सम्वन्ध - दोनो सदनो का कार्य विधि का निर्माण करना है । विवेयक ( विल) अधिनियम ( एक्ट ) होने से पहले दोनो सदनों में पारित होना चाहिए । यदि कभी किसी विषय पर दोनों सदनो मे मतभेद हो तो, राष्ट्रपति इसे दूर करने के लिये दोनो की संयुक्त बैठक बुलाता है । लोकसभा के सदस्यों की संख्या अधिक होने से, स्वाभाविक है कि अन्तत उसकी सम्मति मानी जायगी । परन्तु यह प्रक्रिया केवल अर्थविधेयको से अतिरिक्त विधेयकों के लिए ही है । अर्थ-विधेयको सम्बन्धी अधिकार लोक सभा को है । अर्थ-विपयो मे राज्य सभा को कोई अधिकार और शक्ति नहीं है। अर्थ-विधेयक अनिवार्य रूप से पहले लोकसभा और तव राज्य सभा के समक्ष उपस्थित किया जा सकता हे । राज्य सभा अर्थ-विवेयक को अस्वीकार नहीं कर सकती, अधिक से अधिक १४ दिन तक वह इसे रोक सकती है। मुख्य कार्यपालिका केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल है जो लोक सभा के प्रति उत्तरदायी है, राज्यसभा के प्रति नही । विषयों का वर्गीकरण संघीय विषय -- सरकार व राज्य सरकारों के कार्य क्षेत्रों का वर्गीकरण किया गया है - सुरक्षा, परराष्ट्र, सचार, डाक-तार, मुद्रा-चलन, जवात, आयकर आदि मिलाकर कुन ९७ मधीय विषय है । ये ऐसे विषय हैं जिनम के और राज्य दोनो का विधि निमाण या अधिकार है। न्नम मुख्य हैविवाह तनाव नमन्ययाण दिवानापन नमिव राघग्न सामाजिक सुरक्षा फौजदारी जौर दीवानी सहिता यापर और उद्योग समाचार पत्र पा नियोजन आदि। इन विपया की सरया कुल ४७ है । राज्य विषय इनम मुख्य है शिक्षा स्थानीय स्वायत्त शासन सावानिव वल्याण कानून और यवस्था भू रजस्व वन याय व्यवस्था पुनिस जल कृषि पचायनराज और मत्स्य पान । ने पिया की कुल संख्या ६६ है । जवशिष्ट विषय उपरोक्त वर्गीकरण छूटे अनुनिखित या नय विषय जवनिष्ट विषय होगे और ये सघ सरकार के अतगत हाग । मम ही इन विषया में निर्णय कर सकती है । सस की शक्ति और अधिकार राघीय सूची भलिए १७ विषयों पर कानून बना सकती । साधारणत राया व विषय ससद व विचार क्षेत्र म नही आत राज्याक विपया पर ससद उसा समय विधि बना सकता है जब राय सभा इस आय का प्रस्ताव स्वीकार कर सार्वजनिक वित्त पर नियंत्रण - राष्ट्रीय या सावजनिन वित्त पर संसद का पूर्ण नियंत्रण है। वा अनुमति के बिना सरकार एक पमा भी खच नही कर सक्ती । भारत संघ व सुगासन के निय कय मन्त्रिमल लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है । ससद राष्ट्रपति पर महाभियोग नगा सकती है । संसद याय यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करती । नविन यायको विशुद्धता और यायन्शन व काय व सतत जारी रहन पर ध्यान रखती । लार गभा मंत्रिमण्न पर अविश्वास का प्रस्ताव उपस्थित कर सकती है और उसके पारिन नाम मत्रिमण्डन की बात कर सकती है। प्रधानमनी का नोक्सभा का समस्या होना चाहिए उसका कारण यहा निहित ससद को संविधान में मनोधन राभा असार । सर्वोच्च यायालय (सुप्रोम कोट) भारत में पायान वा गर्यो जरियम) और अधिक्तम १ यायाधान होत हैं। मारा उम्र तय अपनप पर रन मस्त हैं। । यस एवं प्रधान यायाघात (चीफ राष्ट्रपति नियुक्त करता है । ६५ सर्वोचयापान भारत सरकार और राया तथा राज्य और राज्य के मध्य गपनिर विवाग का निषय करता तथा न्स प्रकार संघीय यायालय का काम बरता है। यमयातया (हान) सभी यास विस्म व फौजदारी और
रिक) अव यह प्रतिवन्ध सविधान में किये गए दूसरे सशोधन द्वारा हटा दिया गया है । माधारणत एक लोक-सभा का जीवन पाच माल का होता है। पर, राष्ट्रपति इससे पहले भी इसको भग कर सकता है तथा सकट-काल मे इसका कार्य काल वढा भी सकता है । केन्द्रशासित प्रदेशो के लोक सभा मे पच्चीस से अधिक प्रतिनिधि नहीं हो सकने । लोकसभा की सीटो का राज्यवार वितरण आवादी के आधार पर किया गया है। लोक सभा मे एग्लो-इण्डियन समाज को प्रतिनिधित्व देने के लिए राष्ट्रपति उनके दो व्यक्ति नामजद कर सकता है । लोक-सभा के कार्यकाल की गणना उसकी पहली बैठक से की जाती है । लोक-सभा का अध्यक्ष होता है जिसका चुनाव सदस्य स्वत अपने मव्य से करते है । राज्य सभा यह स्थायी संस्था है, इसका कभी विसर्जन नही होता । इसका चुनाव अप्रत्यक्ष होता है । इसके सदस्यों की कुल संख्या दो सौ पचास से अधिक नहीं हो सकती । इनमे से बारह स्थानो पर साहित्य, कला, विज्ञान-समाज-मेवा आदि के क्षेत्रो मे विख्यात व्यक्ति राष्ट्रपति द्वारा मनोपी।किये जाते हैं। शेष स्थानो का विभाजन राज्यों मे जनसंख्या के अनुपात से किया गया है । प्रत्येक राज्य अपनी-अपनी विधान सभा द्वारा राज्य सभा के लिए अपने सदस्य चुनता है । राज्य-सभा का सदस्य वही हो सकता है जो भारत का नागरिक और तीस वर्ष से कम आयु का न हो । हर दो साल बाद राज्य सभा के सदस्य सदस्यता से हट जाते है तथा इनकी जगह नये सदस्यों का चुनाव होता है । इम रीति से राज्य सभा सदा बनी रहती है । उपराष्ट्रपति पदेन इसका सभापतित्व करता है । राज्य सभा के सदस्य समानुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर एकल संक्रमणीय मत से चुने जाते है । लोक-सभा व राज्य सभा के मध्य सम्वन्ध - दोनो सदनो का कार्य विधि का निर्माण करना है । विवेयक अधिनियम होने से पहले दोनो सदनों में पारित होना चाहिए । यदि कभी किसी विषय पर दोनों सदनो मे मतभेद हो तो, राष्ट्रपति इसे दूर करने के लिये दोनो की संयुक्त बैठक बुलाता है । लोकसभा के सदस्यों की संख्या अधिक होने से, स्वाभाविक है कि अन्तत उसकी सम्मति मानी जायगी । परन्तु यह प्रक्रिया केवल अर्थविधेयको से अतिरिक्त विधेयकों के लिए ही है । अर्थ-विधेयको सम्बन्धी अधिकार लोक सभा को है । अर्थ-विपयो मे राज्य सभा को कोई अधिकार और शक्ति नहीं है। अर्थ-विधेयक अनिवार्य रूप से पहले लोकसभा और तव राज्य सभा के समक्ष उपस्थित किया जा सकता हे । राज्य सभा अर्थ-विवेयक को अस्वीकार नहीं कर सकती, अधिक से अधिक चौदह दिन तक वह इसे रोक सकती है। मुख्य कार्यपालिका केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल है जो लोक सभा के प्रति उत्तरदायी है, राज्यसभा के प्रति नही । विषयों का वर्गीकरण संघीय विषय -- सरकार व राज्य सरकारों के कार्य क्षेत्रों का वर्गीकरण किया गया है - सुरक्षा, परराष्ट्र, सचार, डाक-तार, मुद्रा-चलन, जवात, आयकर आदि मिलाकर कुन सत्तानवे मधीय विषय है । ये ऐसे विषय हैं जिनम के और राज्य दोनो का विधि निमाण या अधिकार है। न्नम मुख्य हैविवाह तनाव नमन्ययाण दिवानापन नमिव राघग्न सामाजिक सुरक्षा फौजदारी जौर दीवानी सहिता यापर और उद्योग समाचार पत्र पा नियोजन आदि। इन विपया की सरया कुल सैंतालीस है । राज्य विषय इनम मुख्य है शिक्षा स्थानीय स्वायत्त शासन सावानिव वल्याण कानून और यवस्था भू रजस्व वन याय व्यवस्था पुनिस जल कृषि पचायनराज और मत्स्य पान । ने पिया की कुल संख्या छयासठ है । जवशिष्ट विषय उपरोक्त वर्गीकरण छूटे अनुनिखित या नय विषय जवनिष्ट विषय होगे और ये सघ सरकार के अतगत हाग । मम ही इन विषया में निर्णय कर सकती है । सस की शक्ति और अधिकार राघीय सूची भलिए सत्रह विषयों पर कानून बना सकती । साधारणत राया व विषय ससद व विचार क्षेत्र म नही आत राज्याक विपया पर ससद उसा समय विधि बना सकता है जब राय सभा इस आय का प्रस्ताव स्वीकार कर सार्वजनिक वित्त पर नियंत्रण - राष्ट्रीय या सावजनिन वित्त पर संसद का पूर्ण नियंत्रण है। वा अनुमति के बिना सरकार एक पमा भी खच नही कर सक्ती । भारत संघ व सुगासन के निय कय मन्त्रिमल लोकसभा के प्रति उत्तरदायी है । ससद राष्ट्रपति पर महाभियोग नगा सकती है । संसद याय यवस्था में हस्तक्षेप नहीं करती । नविन यायको विशुद्धता और यायन्शन व काय व सतत जारी रहन पर ध्यान रखती । लार गभा मंत्रिमण्न पर अविश्वास का प्रस्ताव उपस्थित कर सकती है और उसके पारिन नाम मत्रिमण्डन की बात कर सकती है। प्रधानमनी का नोक्सभा का समस्या होना चाहिए उसका कारण यहा निहित ससद को संविधान में मनोधन राभा असार । सर्वोच्च यायालय भारत में पायान वा गर्यो जरियम) और अधिक्तम एक यायाधान होत हैं। मारा उम्र तय अपनप पर रन मस्त हैं। । यस एवं प्रधान यायाघात सभी यास विस्म व फौजदारी और
Aadhaar Card Update: देशभर में आज आधार कार्ड (Aadhaar Card) का इस्तेमाल हर तरह के सरकारी और प्राइवेट काम में हो रहा हैं. साथ ही हर आदमी का सबसे पहले पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड को ही माना जाने लगा हैं. आपको बता दे कि जुलाई 2022 के अंत तक देश की 90 फीसदी आबादी (लगभग 134 करोड़ लोग) को आधार कार्ड मिल चुका हैं. केंद्र की सरकार के इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) ने यह जानकारी दी है. आज आधार कार्ड का प्रयोग सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट (Important Documents) के रूप में हो रहा है. बच्चों के स्कूल एडमिशन से लेकर प्रॉपर्टी (Property Buying) खरीदने तक, हॉस्पिटल में भर्ती होने से लेकर यात्रा तक हर जगह आईडी प्रूफ (ID Proof) के रूप में इसकी जरूरत पड़ रही है. यहीं नहीं ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License), राशन कार्ड (Ration Card), पैन कार्ड (Pan Card) आदि जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स को बनवाने के लिए आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है. आईटी मत्रालय के अनुसार देशभर में आधार कार्ड के लिए पंजीकरण, इस्तेमाल और इस यूनिक आईडी को अपनाने का काम तेजी से चल रहा है. जुलाई 2022 में 1. 47 करोड़ लोगों ने अपना आधार कार्ड अपडेट (Aadhar Card Update) करवाया है. लोगों ने आधार केन्द्रों और ऑनलाइन आधार अपडेट पोर्टल की मदद ली है. जुलाई माह के आखिर तक कुल 63. 55 करोड़ लोग अपने आधार कार्ड का डेमोग्राफिक (Demographic) और बायोमैट्रिक डिटेल (Biometric Details) अपडेट करवा चुके हैं. बताया जा रहा हैं कि जुलाई महीने में 53 लाख से अधिक नए आधार कार्ड बनाए गए हैं. इसमें ज्यादातर 18 साल से कम आयु के बच्चों के आधार कार्ड हैं. देश में अब तक 93. 41 फीसदी 18 साल से अधिक आयु के लोगों का आधार कार्ड बन चुका है. लगभग 26 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में 90 फीसदी लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं. आपको बता दे कि एलपीजी (LPG), मनरेगा (MGNREGA) और नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम (NSAP) समेत कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए पहुंचाने में आधार पेमेंट ब्रिज (Aadhaar Payment Bridge) का प्रमुख रोल है. मालूम हो कि जुलाई 2022 में 12,511 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन APB के जरिये हुए हैं. आधार से 22. 84 करोड़ ई-केवाईसी ट्रांजेक्शन किए हैं. आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) और माइक्रो एटीएम नेटवर्क के माध्यम से 1507 करोड़ बैंकिंग ट्रांजेक्शन काफी तेजी से हुए हैं. इस महीने में 22. 37 करोड़ AEPS ट्रांजेक्शन किए गए हैं.
Aadhaar Card Update: देशभर में आज आधार कार्ड का इस्तेमाल हर तरह के सरकारी और प्राइवेट काम में हो रहा हैं. साथ ही हर आदमी का सबसे पहले पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड को ही माना जाने लगा हैं. आपको बता दे कि जुलाई दो हज़ार बाईस के अंत तक देश की नब्बे फीसदी आबादी को आधार कार्ड मिल चुका हैं. केंद्र की सरकार के इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. आज आधार कार्ड का प्रयोग सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट के रूप में हो रहा है. बच्चों के स्कूल एडमिशन से लेकर प्रॉपर्टी खरीदने तक, हॉस्पिटल में भर्ती होने से लेकर यात्रा तक हर जगह आईडी प्रूफ के रूप में इसकी जरूरत पड़ रही है. यहीं नहीं ड्राइविंग लाइसेंस , राशन कार्ड , पैन कार्ड आदि जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स को बनवाने के लिए आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है. आईटी मत्रालय के अनुसार देशभर में आधार कार्ड के लिए पंजीकरण, इस्तेमाल और इस यूनिक आईडी को अपनाने का काम तेजी से चल रहा है. जुलाई दो हज़ार बाईस में एक. सैंतालीस करोड़ लोगों ने अपना आधार कार्ड अपडेट करवाया है. लोगों ने आधार केन्द्रों और ऑनलाइन आधार अपडेट पोर्टल की मदद ली है. जुलाई माह के आखिर तक कुल तिरेसठ. पचपन करोड़ लोग अपने आधार कार्ड का डेमोग्राफिक और बायोमैट्रिक डिटेल अपडेट करवा चुके हैं. बताया जा रहा हैं कि जुलाई महीने में तिरेपन लाख से अधिक नए आधार कार्ड बनाए गए हैं. इसमें ज्यादातर अट्ठारह साल से कम आयु के बच्चों के आधार कार्ड हैं. देश में अब तक तिरानवे. इकतालीस फीसदी अट्ठारह साल से अधिक आयु के लोगों का आधार कार्ड बन चुका है. लगभग छब्बीस राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में नब्बे फीसदी लोगों के आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं. आपको बता दे कि एलपीजी , मनरेगा और नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम समेत कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए पहुंचाने में आधार पेमेंट ब्रिज का प्रमुख रोल है. मालूम हो कि जुलाई दो हज़ार बाईस में बारह,पाँच सौ ग्यारह करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन APB के जरिये हुए हैं. आधार से बाईस. चौरासी करोड़ ई-केवाईसी ट्रांजेक्शन किए हैं. आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम और माइक्रो एटीएम नेटवर्क के माध्यम से एक हज़ार पाँच सौ सात करोड़ बैंकिंग ट्रांजेक्शन काफी तेजी से हुए हैं. इस महीने में बाईस. सैंतीस करोड़ AEPS ट्रांजेक्शन किए गए हैं.
प्रयोग करते थे। अिन प्रयोगोंकी बुनियाद पर ही बादमें गुजरात विद्यापीठकी स्थापना हुआ । आज 'बुनियादी तालीम' के नामसे पहचानी जानेवाली गांधीजीकी शिक्षा पद्धतिकी नींव भी अिसी प्रवृत्तिको कह सकते हैं t राष्ट्रीय त्यौहार : देखिये 'नवजीवन' द्वारा प्रकाशित श्री काकासाहबकी 'जीवनका काव्य' नामक पुस्तक । लोक-संगीत तथा शास्त्रीय संगीत : आश्रमवासी पंडित नारायण मोरेश्वर खरे संगीतशास्त्री थे । अन्होंने गुजरातके कुछ लोकगीतोंकी स्वरलिपि तैयार करके 'लोक-संगीत' नामक पुस्तक लिखी थी । शास्त्रीय संगीतके प्रचारके लिये अन्होंने 'राष्ट्रीय संगीत मंडल' की भी स्थापना की थी । अहमदाबाद कांग्रेसके समय 'अखिल भारत संगीत परिषद् का अधिवेशन भी यहीं हुआ था । असमें गांधीजीकी प्रेरणा तथा पंडित खरेके प्रयत्न मुख्य थे । 'नवजीवन' तथा 'यंग अिण्डिया' : सन् १९१९ में जब गांधीजीने रौलेट विलके विरुद्ध आंदोलन चलाया, तब अन्हें अपने विचारोंके प्रचारके लिओ अखवारोंकी आवश्यकता महसूस होने लगी। श्री अिन्दुलाल याज्ञिक तथा अनके मित्र गुजराती में 'नवजीवन अने सत्य' नामक मासिक चला रहे थे और असके द्वारा 'होमरूल' का प्रचार करते थे। गांधीजीने यही पत्र अपने हाथ में ले लिया और असको साप्ताहिक बनाकर 'नवजीवन' के नामसे चलाया । यह पत्र गुजरातीमें चलता था । फिर, सारे देशमें प्रचार करने के लिये अंक अंग्रेजी अखबारकी आवश्यकता महसूस होने लगी। श्री शंकरलाल बैंकर, जमनादास द्वारकादास आदि 'यंग अिण्डिया' नामक अंक अखवार चलाते थे । गांधीजीने अिस पत्रको भी अपने हाथ में ले लिया । दोनों साप्ताहिक सन् १९३३ तक चले । फिर हरिजन प्रवृत्तिको चलानेके लिओ गांधीजीने जेलसे पत्र शुरू किये, जिनके नाम थे : 'हरिजन' (अंग्रेजी), 'हरिजनवन्धु' (गुजराती) और 'हरिजनसेवक' ( हिन्दुस्तानी ) । सन् ४२ से ४५ तकका काल यदि छोड़ दें, तो ये अखवार गांधीजीकी मृत्यु तक अनके विचारोंके वाहन रहे ।
प्रयोग करते थे। अिन प्रयोगोंकी बुनियाद पर ही बादमें गुजरात विद्यापीठकी स्थापना हुआ । आज 'बुनियादी तालीम' के नामसे पहचानी जानेवाली गांधीजीकी शिक्षा पद्धतिकी नींव भी अिसी प्रवृत्तिको कह सकते हैं t राष्ट्रीय त्यौहार : देखिये 'नवजीवन' द्वारा प्रकाशित श्री काकासाहबकी 'जीवनका काव्य' नामक पुस्तक । लोक-संगीत तथा शास्त्रीय संगीत : आश्रमवासी पंडित नारायण मोरेश्वर खरे संगीतशास्त्री थे । अन्होंने गुजरातके कुछ लोकगीतोंकी स्वरलिपि तैयार करके 'लोक-संगीत' नामक पुस्तक लिखी थी । शास्त्रीय संगीतके प्रचारके लिये अन्होंने 'राष्ट्रीय संगीत मंडल' की भी स्थापना की थी । अहमदाबाद कांग्रेसके समय 'अखिल भारत संगीत परिषद् का अधिवेशन भी यहीं हुआ था । असमें गांधीजीकी प्रेरणा तथा पंडित खरेके प्रयत्न मुख्य थे । 'नवजीवन' तथा 'यंग अिण्डिया' : सन् एक हज़ार नौ सौ उन्नीस में जब गांधीजीने रौलेट विलके विरुद्ध आंदोलन चलाया, तब अन्हें अपने विचारोंके प्रचारके लिओ अखवारोंकी आवश्यकता महसूस होने लगी। श्री अिन्दुलाल याज्ञिक तथा अनके मित्र गुजराती में 'नवजीवन अने सत्य' नामक मासिक चला रहे थे और असके द्वारा 'होमरूल' का प्रचार करते थे। गांधीजीने यही पत्र अपने हाथ में ले लिया और असको साप्ताहिक बनाकर 'नवजीवन' के नामसे चलाया । यह पत्र गुजरातीमें चलता था । फिर, सारे देशमें प्रचार करने के लिये अंक अंग्रेजी अखबारकी आवश्यकता महसूस होने लगी। श्री शंकरलाल बैंकर, जमनादास द्वारकादास आदि 'यंग अिण्डिया' नामक अंक अखवार चलाते थे । गांधीजीने अिस पत्रको भी अपने हाथ में ले लिया । दोनों साप्ताहिक सन् एक हज़ार नौ सौ तैंतीस तक चले । फिर हरिजन प्रवृत्तिको चलानेके लिओ गांधीजीने जेलसे पत्र शुरू किये, जिनके नाम थे : 'हरिजन' , 'हरिजनवन्धु' और 'हरिजनसेवक' । सन् बयालीस से पैंतालीस तकका काल यदि छोड़ दें, तो ये अखवार गांधीजीकी मृत्यु तक अनके विचारोंके वाहन रहे ।
बिहार के जमुई जिले में बीते दिनों पहले एक युवक और युवती द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने का मामला सामने आया था। वहीं उस मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। क्योंकि पुलिस जांच में दोनों की हत्या कर दिए जाने की बातें सामने आई हैं। बिहार (Bihar) के जमुई (Jamui) जिले झाझा थाना इलाके स्थित पैरगाहा के रहने वाले प्रेमी युगल ने 13 मार्च 2021 को सुसाइड (Suicide) नहीं किया था। बल्कि उन दोनों की हत्या (Murder) कर दी गई थी। यह सनसनीखेज खुलासे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस (Police) जांच-पड़ताल में हुआ है। इसको लेकर लड़की के आरोपी माता-पिता से पुलिस ने रविवार को पूछताछ की। उस दौरान आरोपियों की साजिश का परत-दर-परत पर्दाफाश होता गया। झाझा थाना में जमुई एसपी प्रमोद कुमार मंडल ने रविवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर घटना के बारे में मीडिया कर्मियों को यह बात बताई। पूछताछ के लिए लाये गये मृत लड़के के मां और पिता ने भी इस बात को स्वीकार किया है। एसपी की ओर मृतकों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या के तथ्य की पुष्टि होने की जानकारी दी। साथ ही बताया था कि पैरगाहा निवासी तूफानी यादव की बेटी गुड़िया कुमारी 16 साल व आसो यादव के बेटे कुंदन कुमार 18 साल चचेरे भाई-बहन (Cousin Brother-Sister) थे और इन दोनों के बीच घनिष्ठता थी। लड़की के पिता तूफानी ने अपनी पुत्री का रिश्ता किसी दूसरे लड़के से तय कर दिया था। घटना से तीन दिन पहले लड़की पक्ष की तरफ से तिलक भी दे दिया गया था। एसपी के बताए अनुसार 14 मार्च को शव बरामद होने से दो दिनों पहले लड़का 12 मार्च को देवघर से अपने गांव के लिए लौटा था। देवघर में लड़का पढ़ाई करता था व मोबाइल के जरिए लड़की के संपर्क में रहता था। 13 मार्च को आरोपी तूफानी ने अपने साथियों के साथ साजिश रचते हुए लड़के को किसी बहाने से अज्ञात जगह पर बुलाया। पहले लड़के व बाद में अपनी बेटी की भी हत्या कर दी। उसके अगले दिन लड़का-लड़की के शव झाझा थाना के नकटी डैम में बरामद हुए। इसको लेकर पुलिस थाने में आत्महत्या का मामला दर्ज हुआ था। एसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस के बयान के आधार पर उक्त मामले को फिर से खोल लिया गया है। साथ ही मुख्य आरोपी तूफानी यादव, गिरीधारी यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य पांच नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने घटनाक्रम को समझने के लिए मृत लड़के के मां-बाप को भी बुलाया था। ऐसी बातें सामने आ रही हैं कि लड़के के पिता को इस मामल में पुलिस सरकारी गवाह बना सकती है।
बिहार के जमुई जिले में बीते दिनों पहले एक युवक और युवती द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने का मामला सामने आया था। वहीं उस मामले में अब बड़ा मोड़ आ गया है। क्योंकि पुलिस जांच में दोनों की हत्या कर दिए जाने की बातें सामने आई हैं। बिहार के जमुई जिले झाझा थाना इलाके स्थित पैरगाहा के रहने वाले प्रेमी युगल ने तेरह मार्च दो हज़ार इक्कीस को सुसाइड नहीं किया था। बल्कि उन दोनों की हत्या कर दी गई थी। यह सनसनीखेज खुलासे पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच-पड़ताल में हुआ है। इसको लेकर लड़की के आरोपी माता-पिता से पुलिस ने रविवार को पूछताछ की। उस दौरान आरोपियों की साजिश का परत-दर-परत पर्दाफाश होता गया। झाझा थाना में जमुई एसपी प्रमोद कुमार मंडल ने रविवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर घटना के बारे में मीडिया कर्मियों को यह बात बताई। पूछताछ के लिए लाये गये मृत लड़के के मां और पिता ने भी इस बात को स्वीकार किया है। एसपी की ओर मृतकों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हत्या के तथ्य की पुष्टि होने की जानकारी दी। साथ ही बताया था कि पैरगाहा निवासी तूफानी यादव की बेटी गुड़िया कुमारी सोलह साल व आसो यादव के बेटे कुंदन कुमार अट्ठारह साल चचेरे भाई-बहन थे और इन दोनों के बीच घनिष्ठता थी। लड़की के पिता तूफानी ने अपनी पुत्री का रिश्ता किसी दूसरे लड़के से तय कर दिया था। घटना से तीन दिन पहले लड़की पक्ष की तरफ से तिलक भी दे दिया गया था। एसपी के बताए अनुसार चौदह मार्च को शव बरामद होने से दो दिनों पहले लड़का बारह मार्च को देवघर से अपने गांव के लिए लौटा था। देवघर में लड़का पढ़ाई करता था व मोबाइल के जरिए लड़की के संपर्क में रहता था। तेरह मार्च को आरोपी तूफानी ने अपने साथियों के साथ साजिश रचते हुए लड़के को किसी बहाने से अज्ञात जगह पर बुलाया। पहले लड़के व बाद में अपनी बेटी की भी हत्या कर दी। उसके अगले दिन लड़का-लड़की के शव झाझा थाना के नकटी डैम में बरामद हुए। इसको लेकर पुलिस थाने में आत्महत्या का मामला दर्ज हुआ था। एसपी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस के बयान के आधार पर उक्त मामले को फिर से खोल लिया गया है। साथ ही मुख्य आरोपी तूफानी यादव, गिरीधारी यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य पांच नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने घटनाक्रम को समझने के लिए मृत लड़के के मां-बाप को भी बुलाया था। ऐसी बातें सामने आ रही हैं कि लड़के के पिता को इस मामल में पुलिस सरकारी गवाह बना सकती है।
प्रश्न.1 महासागरीय अम्लीकरण पर चर्चा कीजिये। यह समुद्री जैव विविधता को कैसे प्रभावित करेगा? (150 शब्द) प्रश्न.2 जलवायु परिवर्तन और ओज़ोन क्षरण आपस में किस प्रकार संबंधित हैं? चर्चा कीजिये कि अंटार्कटिक क्षेत्र में ओज़ोन परत का क्षरण अधिकतम क्यों होता है? (150 शब्द) उत्तर 1: हल करने का दृष्टिकोणः - महासागरीय अम्लीकरण का संक्षिप्त परिचय दीजिये। - सागरीय जैव विविधता पर अम्लीकरण के प्रभाव की चर्चा कीजिये। - उचित निष्कर्ष दीजिये। - महासागरीय अम्लीकरण का आशय समुद्र के जल के पीएच में निरंतर कमी होना है, जिसका कारण वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का अवशोषण करना होता है। - जब CO2 समुद्री जल में घुल जाती है तो इससे कार्बोनिक अम्ल बनता है, जिसके कारण जल की अम्लता बढ़ जाती है। - महासागरीय अम्लीकरण की यह प्रक्रिया कई दशकों से चल रही है जिसका मुख्य कारण जीवाश्म ईंधन को जलाना है जिससे बड़ी मात्रा में वायुमंडल में CO2 का उत्सर्जन होता है। मुख्य भागः - महासागरों की बढ़ती अम्लता का समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और इस पर निर्भर जीवों पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़ता हैः - कंकाल (आवरण) निर्माणः कई समुद्री जीव जैसे मोलस्क, कोरल और प्लैंकटन की कुछ प्रजातियाँ अपने कंकाल के विकास हेतु कैल्शियम कार्बोनेट पर निर्भर होते हैं। हालाँकि अधिक अम्लीय समुद्री जल में कैल्शियम कार्बोनेट की उपलब्धता में कमी आती है, जिससे इन जीवों के लिये अपने कंकाल को बनाना और बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। इससे कमजोर या विकृत कंकाल होने के साथ इनकी मृत्यु भी हो सकती है। - खाद्य श्रृंखला बाधित होनाः महासागरीय अम्लीकरण से खाद्य श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। उदाहरण के लिये प्लैंकटन की कुछ प्रजातियाँ समुद्री खाद्य श्रृंखला का आधार होती हैं और यह कई अन्य प्रजातियों के अस्तित्व के लिये आवश्यक होती हैं। इनमें गिरावट आने से संपूर्ण खाद्य श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। - मछलियों पर प्रभाव पड़नाः महासागरीय अम्लीकरण से मछलियों का व्यवहार भी प्रभावित हो सकता है। अध्ययनों से पता चला है कि बढ़ी हुई अम्लता से शिकारियों का पता लगाने या भोजन का पता लगाने की मछलियों की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे इनकी संख्या में गिरावट आ सकती है। - जैव विविधता की हानि होनाः समुद्र के अम्लीकरण से समुद्री जैव विविधता में गिरावट आ सकती है। इसमें कुछ प्रजातियाँ पीएच स्तर में बदलाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकती हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में प्रजातियों की विविधता में कमी आती है। - प्रवाल विरंजन होनाः प्रवाल, समुद्र के अम्लीकरण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। बढ़ी हुई अम्लता से प्रवाल विरंजन हो सकता है। जिससे कई अन्य प्रजातियों के आवास और सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है। महासागरीय अम्लीकरण का समुद्री जैव विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अम्लीकरण के प्रभावों का संपूर्ण खाद्य श्रृंखला पर प्रभाव होने से जीवों के कंकाल का कमजोर होना, जीवों के व्यवहार में परिवर्तन आने के साथ प्रजातियों की संख्या में गिरावट आ सकती है। कार्बन उत्सर्जन को कम करने के साथ समुद्री जैव विविधता की रक्षा हेतु अन्य कदम उठाने से महासागरों पर होने वाले विपरीत प्रभावों को कम किया जा सकता है। उत्तर 2: हल करने का दृष्टिकोणः - ओज़ोन क्षरण और जलवायु परिवर्तन के संबंध के बारे में संक्षिप्त परिचय दीजिये। - अंटार्कटिक क्षेत्र में ओज़ोन परत के अधिक क्षरण के कारणों का वर्णन कीजिये। - उचित निष्कर्ष दीजिये। - जलवायु परिवर्तन और ओज़ोन क्षरण दो अलग-अलग लेकिन परस्पर जुड़ी पर्यावरणीय समस्याएँ हैं। मानव गतिविधियाँ जैसे कि जीवाश्म ईंधन को जलाने और रसायनों के उपयोग से इसे बढ़ावा मिलता है। - जीवाश्म ईंधन को जलाने से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन होने के कारण वातावरण में ऊष्मा में वृद्धि होती है जिससे ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों का निर्माण होता है। - ओज़ोन क्षरण के लिये जिम्मेदार कई रसायन जैसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी) भी शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है जिसकी जलवायु परिवर्तन में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। - ओज़ोन परत के क्षरण का प्रभाव जलवायु पर भी पड़ सकता है। ओज़ोन परत सूर्य से निकलने वाले पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करती है। - जलवायु परिवर्तन के कारण पवन के पैटर्न और तापमान में होने वाले परिवर्तन से ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों का वितरण और क्षय प्रभावित हो सकता है। - निचले वातावरण में तापमान वृद्धि से ध्रुवीय समतापमंडलीय बादलों के निर्माण को बढ़ावा देने वाली स्थिति पैदा हो सकती है जिसकी ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों के विघटन में भूमिका होती है। - इन दोनों मुद्दों को हल करने के लिये ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने हेतु ठोस प्रयास किये जाने की आवश्यकता है। मुख्य भागः - अद्वितीय वायुमंडलीय और मौसम संबंधी स्थितियों के कारण अंटार्कटिक क्षेत्र में ओज़ोन परत का अधिक क्षरण होता है जिससे तथाकथित "ओज़ोन छिद्र" हेतु अनुकूल वातावरण बनता है। इसके कुछ प्रमुख कारक हैं जैसेः - ध्रुवीय भंवरः सर्दियों के महीनों के दौरान अंटार्कटिक क्षेत्र में ध्रुवीय भंवर का विकास होता है जो इस क्षेत्र को विश्व के बाकी हिस्सों से अलग करता है। इससे ध्रुवीय समतापमंडलीय बादलों के निर्माण के लिये अनुकूल स्थिति बनती है, जो छोटे बर्फ के क्रिस्टल से बने होते हैं जो क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी) जैसे ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं जिससे क्लोरीन अणुओं का उत्सर्जन होता है। ये क्लोरीन अणु वायुमंडल में ओज़ोन के अणुओं को विघटित करते हैं जिससे ओज़ोन छिद्र बनता है। - निम्न तापमान होनाः अंटार्कटिक क्षेत्र में अत्यधिक ठंडे तापमान के कारण स्थिर वायुमंडलीय दशाएँ विकसित होती हैं जिससे वायुमंडल की निचली और ऊपरी परतों के बीच वायु का मिश्रण नहीं हो पाता है। इसका अर्थ यह है कि ओज़ोन क्षयकारी वायु, सतह के पास संग्रहित हो जाती है। - ओज़ोन क्षयकारी अभिक्रियाएँः ध्रुवीय समतापमंडलीय बादलों, निम्न तापमान और ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों की उपस्थिति से विभिन्न ओज़ोन क्षयकारी अभिक्रियाएँ होती हैं। सीएफसी के विघटन से निकलने वाले क्लोरीन अणु ओज़ोन अणुओं के साथ प्रतिक्रिया करके इन्हें ऑक्सीजन अणुओं में तोड़ देते हैं। - मौसम में होने वाला परिवर्तनः इस क्षेत्र में ओज़ोन परत का अधिकतम क्षरण अंटार्कटिक वसंत ऋतु (सितंबर से नवंबर) के दौरान होता है, जब कई महीनों के अंधेरे के बाद सूर्य का इस क्षेत्र की ओर गमन होता है। इस समय अधिक यूवी विकिरण के कारण ओज़ोन क्षयकारी अभिक्रियाओं में वृद्धि होती है जिससे ओज़ोन छिद्र का निर्माण होता है। मानवीय गतिविधियों से वातावरण में सीएफसी जैसी गैसों के उत्सर्जन के कारण जलवायु परिवर्तन और ओज़ोन क्षरण जैसी अंतर्संबंधित चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं। इसलिये व्यक्तियों और सरकारों के लिये यह आवश्यक है कि वे ओज़ोन-क्षयकारी गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिये निर्णायक कार्रवाई करने के साथ स्थायी भविष्य को सुरक्षित करने के क्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने का प्रयास करें। अद्वितीय वायुमंडलीय और मौसम संबंधी स्थितियों के कारण अंटार्कटिक क्षेत्र में ओज़ोन परत का अधिक क्षरण होता है। ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों के उत्पादन और उपभोग को समाप्त करने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के कारण हाल के वर्षों में ओज़ोन छिद्र के आकार में कमी आई है। भविष्य में ओज़ोन परत को पूरी तरह से ठीक करने के लिये इस दिशा में नियमित निगरानी और निरंतर कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।
प्रश्न.एक महासागरीय अम्लीकरण पर चर्चा कीजिये। यह समुद्री जैव विविधता को कैसे प्रभावित करेगा? प्रश्न.दो जलवायु परिवर्तन और ओज़ोन क्षरण आपस में किस प्रकार संबंधित हैं? चर्चा कीजिये कि अंटार्कटिक क्षेत्र में ओज़ोन परत का क्षरण अधिकतम क्यों होता है? उत्तर एक: हल करने का दृष्टिकोणः - महासागरीय अम्लीकरण का संक्षिप्त परिचय दीजिये। - सागरीय जैव विविधता पर अम्लीकरण के प्रभाव की चर्चा कीजिये। - उचित निष्कर्ष दीजिये। - महासागरीय अम्लीकरण का आशय समुद्र के जल के पीएच में निरंतर कमी होना है, जिसका कारण वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करना होता है। - जब COदो समुद्री जल में घुल जाती है तो इससे कार्बोनिक अम्ल बनता है, जिसके कारण जल की अम्लता बढ़ जाती है। - महासागरीय अम्लीकरण की यह प्रक्रिया कई दशकों से चल रही है जिसका मुख्य कारण जीवाश्म ईंधन को जलाना है जिससे बड़ी मात्रा में वायुमंडल में COदो का उत्सर्जन होता है। मुख्य भागः - महासागरों की बढ़ती अम्लता का समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और इस पर निर्भर जीवों पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़ता हैः - कंकाल निर्माणः कई समुद्री जीव जैसे मोलस्क, कोरल और प्लैंकटन की कुछ प्रजातियाँ अपने कंकाल के विकास हेतु कैल्शियम कार्बोनेट पर निर्भर होते हैं। हालाँकि अधिक अम्लीय समुद्री जल में कैल्शियम कार्बोनेट की उपलब्धता में कमी आती है, जिससे इन जीवों के लिये अपने कंकाल को बनाना और बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। इससे कमजोर या विकृत कंकाल होने के साथ इनकी मृत्यु भी हो सकती है। - खाद्य श्रृंखला बाधित होनाः महासागरीय अम्लीकरण से खाद्य श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। उदाहरण के लिये प्लैंकटन की कुछ प्रजातियाँ समुद्री खाद्य श्रृंखला का आधार होती हैं और यह कई अन्य प्रजातियों के अस्तित्व के लिये आवश्यक होती हैं। इनमें गिरावट आने से संपूर्ण खाद्य श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। - मछलियों पर प्रभाव पड़नाः महासागरीय अम्लीकरण से मछलियों का व्यवहार भी प्रभावित हो सकता है। अध्ययनों से पता चला है कि बढ़ी हुई अम्लता से शिकारियों का पता लगाने या भोजन का पता लगाने की मछलियों की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे इनकी संख्या में गिरावट आ सकती है। - जैव विविधता की हानि होनाः समुद्र के अम्लीकरण से समुद्री जैव विविधता में गिरावट आ सकती है। इसमें कुछ प्रजातियाँ पीएच स्तर में बदलाव के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकती हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में प्रजातियों की विविधता में कमी आती है। - प्रवाल विरंजन होनाः प्रवाल, समुद्र के अम्लीकरण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। बढ़ी हुई अम्लता से प्रवाल विरंजन हो सकता है। जिससे कई अन्य प्रजातियों के आवास और सुरक्षा पर प्रभाव पड़ता है। महासागरीय अम्लीकरण का समुद्री जैव विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अम्लीकरण के प्रभावों का संपूर्ण खाद्य श्रृंखला पर प्रभाव होने से जीवों के कंकाल का कमजोर होना, जीवों के व्यवहार में परिवर्तन आने के साथ प्रजातियों की संख्या में गिरावट आ सकती है। कार्बन उत्सर्जन को कम करने के साथ समुद्री जैव विविधता की रक्षा हेतु अन्य कदम उठाने से महासागरों पर होने वाले विपरीत प्रभावों को कम किया जा सकता है। उत्तर दो: हल करने का दृष्टिकोणः - ओज़ोन क्षरण और जलवायु परिवर्तन के संबंध के बारे में संक्षिप्त परिचय दीजिये। - अंटार्कटिक क्षेत्र में ओज़ोन परत के अधिक क्षरण के कारणों का वर्णन कीजिये। - उचित निष्कर्ष दीजिये। - जलवायु परिवर्तन और ओज़ोन क्षरण दो अलग-अलग लेकिन परस्पर जुड़ी पर्यावरणीय समस्याएँ हैं। मानव गतिविधियाँ जैसे कि जीवाश्म ईंधन को जलाने और रसायनों के उपयोग से इसे बढ़ावा मिलता है। - जीवाश्म ईंधन को जलाने से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन होने के कारण वातावरण में ऊष्मा में वृद्धि होती है जिससे ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों का निर्माण होता है। - ओज़ोन क्षरण के लिये जिम्मेदार कई रसायन जैसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन भी शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है जिसकी जलवायु परिवर्तन में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। - ओज़ोन परत के क्षरण का प्रभाव जलवायु पर भी पड़ सकता है। ओज़ोन परत सूर्य से निकलने वाले पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करती है। - जलवायु परिवर्तन के कारण पवन के पैटर्न और तापमान में होने वाले परिवर्तन से ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों का वितरण और क्षय प्रभावित हो सकता है। - निचले वातावरण में तापमान वृद्धि से ध्रुवीय समतापमंडलीय बादलों के निर्माण को बढ़ावा देने वाली स्थिति पैदा हो सकती है जिसकी ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों के विघटन में भूमिका होती है। - इन दोनों मुद्दों को हल करने के लिये ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने हेतु ठोस प्रयास किये जाने की आवश्यकता है। मुख्य भागः - अद्वितीय वायुमंडलीय और मौसम संबंधी स्थितियों के कारण अंटार्कटिक क्षेत्र में ओज़ोन परत का अधिक क्षरण होता है जिससे तथाकथित "ओज़ोन छिद्र" हेतु अनुकूल वातावरण बनता है। इसके कुछ प्रमुख कारक हैं जैसेः - ध्रुवीय भंवरः सर्दियों के महीनों के दौरान अंटार्कटिक क्षेत्र में ध्रुवीय भंवर का विकास होता है जो इस क्षेत्र को विश्व के बाकी हिस्सों से अलग करता है। इससे ध्रुवीय समतापमंडलीय बादलों के निर्माण के लिये अनुकूल स्थिति बनती है, जो छोटे बर्फ के क्रिस्टल से बने होते हैं जो क्लोरोफ्लोरोकार्बन जैसे ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों के साथ प्रतिक्रिया कर सकते हैं जिससे क्लोरीन अणुओं का उत्सर्जन होता है। ये क्लोरीन अणु वायुमंडल में ओज़ोन के अणुओं को विघटित करते हैं जिससे ओज़ोन छिद्र बनता है। - निम्न तापमान होनाः अंटार्कटिक क्षेत्र में अत्यधिक ठंडे तापमान के कारण स्थिर वायुमंडलीय दशाएँ विकसित होती हैं जिससे वायुमंडल की निचली और ऊपरी परतों के बीच वायु का मिश्रण नहीं हो पाता है। इसका अर्थ यह है कि ओज़ोन क्षयकारी वायु, सतह के पास संग्रहित हो जाती है। - ओज़ोन क्षयकारी अभिक्रियाएँः ध्रुवीय समतापमंडलीय बादलों, निम्न तापमान और ओज़ोन-क्षयकारी रसायनों की उपस्थिति से विभिन्न ओज़ोन क्षयकारी अभिक्रियाएँ होती हैं। सीएफसी के विघटन से निकलने वाले क्लोरीन अणु ओज़ोन अणुओं के साथ प्रतिक्रिया करके इन्हें ऑक्सीजन अणुओं में तोड़ देते हैं। - मौसम में होने वाला परिवर्तनः इस क्षेत्र में ओज़ोन परत का अधिकतम क्षरण अंटार्कटिक वसंत ऋतु के दौरान होता है, जब कई महीनों के अंधेरे के बाद सूर्य का इस क्षेत्र की ओर गमन होता है। इस समय अधिक यूवी विकिरण के कारण ओज़ोन क्षयकारी अभिक्रियाओं में वृद्धि होती है जिससे ओज़ोन छिद्र का निर्माण होता है। मानवीय गतिविधियों से वातावरण में सीएफसी जैसी गैसों के उत्सर्जन के कारण जलवायु परिवर्तन और ओज़ोन क्षरण जैसी अंतर्संबंधित चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं। इसलिये व्यक्तियों और सरकारों के लिये यह आवश्यक है कि वे ओज़ोन-क्षयकारी गैसों के उत्सर्जन को कम करने के लिये निर्णायक कार्रवाई करने के साथ स्थायी भविष्य को सुरक्षित करने के क्रम में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने का प्रयास करें। अद्वितीय वायुमंडलीय और मौसम संबंधी स्थितियों के कारण अंटार्कटिक क्षेत्र में ओज़ोन परत का अधिक क्षरण होता है। ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों के उत्पादन और उपभोग को समाप्त करने के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों के कारण हाल के वर्षों में ओज़ोन छिद्र के आकार में कमी आई है। भविष्य में ओज़ोन परत को पूरी तरह से ठीक करने के लिये इस दिशा में नियमित निगरानी और निरंतर कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।
- Travel आखिर क्यों कोई नहीं कर पाया कैलाश पर्वत की चढ़ाई? क्या है इसका वैज्ञानिक कारण? अगर आप हेल्दी हैं तो अपने परिवार की जिम्मेदारी आप बेहतर तरीके से निभा सकते हैं। इसलिए आपको अपना खुद से खयाल रखना होगा। आप अपने लिए वक्त निकाल कर वर्कआउट करें, योगा क्लासेज ज्वाइन करें। अगर आपका वजन ज्यादा हो गया है तो इस पर ध्यान देते हुए साथ ही अपने पार्टनर को भी खुश करने के लिए अपने वेट को कम करने के लिए सही खानपान और वर्कआउट शुरू कर दें। जब आप फिट रहेंगे तभी अपने लािफ पार्टनर की भी केयर बेहतर ढंग से कर सकेंगे। देखिये शादी के बाद आप अपने लाइफ पार्टनर के साथ तो घूमते ही रहते हैं, लेकिन अपने दोस्तों के साथ और खुद के लिए टाइम निकालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वीक में एक दिन ऐसा रखें जब आप अपने लिए वक्त निकालें और अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताएं। लाइफ पार्टनर के साथ बातें आप दूसरी तरह से करते हैं, लेकिन जब आप दोस्तों के साथ होते हैं तो उसका मजा ही अलग होता है। इसलिए अपने पर्सनल स्पेस को एंजॉय करने के लिए अपने दोस्तों से मिलने जाएं, उनके साथ कहीं घूमने जाएं। ये आपके लाइफ पार्टनर के साथ भी रिश्ते की ताजगी के लिए जरूरी है। शादी के बाद अगर आप दोनो अलग रहते हैं तो कोशिश करें कि एक दिन अपने परिवार से जरूर मिले। आप इस तरह से भी कर सकते हैं एक दिन आप अपने पति की फैमली से मिलने जाएं और वक्त निकाल कर कभी पत्नी के परिवार से मिलें। इससे रिश्तों में गर्माहट बनी रहती है। आप दोनों अलग अलग भी अपनी फैमली से मिलने जाएं, उनके साथ वक्त बिताएं, वो बातें आप करें जो पति या पत्नी के सामने नहीं कर पाते हैं। इससे आपके पैरेंट्स भी आपको अधिक महत्व देंगे। इससे पैरेंट्स के साथ भी आपकी बॉन्डिंग अच्छी बनी रहती है। आप अपने पार्टनर और घर की जिम्मेदारियों की वजह से अपनी पसंद अपनी हॉबीज के लिए वक्त नहीं निकाल पाती हैं, लेकिन अपने आप को और रिश्ते की मजबूती के लिए ये काम जरूर करें। जब आप अपने मन का काम नहीं करते तो वो गुस्से या फिर चिढ़चिढ़ाहट के रूप में बाहर आता है। ऐसे में अपने लिए वक्त निकाल हॉबी को फॉलो करें। डांस क्लास या कोई हॉबी क्लास ज्वाइन कर लें। इससे आप और आपके पार्टनर के बीच बातचीत करने के लिए बहुत सारी बातें भी होंगी और एक इंट्रस्ट भी बना रहेगा।
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नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। सीबीएसई द्वारा आयोजित कराई जाने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की डेटशीट 2 फरवरी को घोषित की जाएगी। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को दी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा, 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल सीबीएसई द्वारा 2 फरवरी 2021 को घोषित कर दिया जाएगा। सीबीएसई द्वारा डेटशीट वेबसाइट पर जारी की जाएगी। 10वीं और 12वीं कक्षा की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की तारीख पहले ही घोषित की जा चुकी है। बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से शुरू होकर 10 जून तक चलेंगी। वहीं 10वीं और 12वीं कक्षा की इन बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट 15 जुलाई तक घोषित कर दिया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई दोनों ही यह स्पष्ट कर चुके हैं की बोर्ड परीक्षाएं, परीक्षा केंद्रों में जाकर देनी होंगी। बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा का कोई विकल्प नहीं दिया गया है। यह परीक्षाएं प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी पेन पेपर के माध्यम से ली जाएंगी। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा से संबंधित कोई भी कार्यक्रम फरवरी में आयोजित नहीं किया जाएगा। बोर्ड परीक्षाओं के प्रैक्टिकल 1 मार्च से शुरू होंगे। वहीं सामान्य वर्षो में प्रैक्टिकल जनवरी माह में लिए जाते हैं और बोर्ड परीक्षाएं फरवरी से शुरू होकर मार्च तक चलती हैं। सीबीएसई पहले बोर्ड परीक्षाओं के लिए 30 फीसदी पाठ्यक्रम भी कम कर चुका है। इसके अलावा छात्रों की अन्य सभी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। दुनियाभर के 25 देशों में सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की परीक्षा संबंधित समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा कि, दुनिया के कई देशों में कोरोना महामारी शिक्षा के सत्र को पीछे ले गई। वहीं भारत में शिक्षकों और अभिभावकों की कड़ी मेहनत के कारण ऐसा नहीं हुआ। छात्र लगातार ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। कई छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए संसाधन नहीं हैं, ऐसे छात्रों को टीवी और रेडियो के माध्यम से ऑन एयर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
नई दिल्ली, अट्ठाईस जनवरी । सीबीएसई द्वारा आयोजित कराई जाने वाली दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की डेटशीट दो फरवरी को घोषित की जाएगी। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को दी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा, दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल सीबीएसई द्वारा दो फरवरी दो हज़ार इक्कीस को घोषित कर दिया जाएगा। सीबीएसई द्वारा डेटशीट वेबसाइट पर जारी की जाएगी। दसवीं और बारहवीं कक्षा की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं की तारीख पहले ही घोषित की जा चुकी है। बोर्ड परीक्षाएं चार मई से शुरू होकर दस जून तक चलेंगी। वहीं दसवीं और बारहवीं कक्षा की इन बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट पंद्रह जुलाई तक घोषित कर दिया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई दोनों ही यह स्पष्ट कर चुके हैं की बोर्ड परीक्षाएं, परीक्षा केंद्रों में जाकर देनी होंगी। बोर्ड परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा का कोई विकल्प नहीं दिया गया है। यह परीक्षाएं प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी पेन पेपर के माध्यम से ली जाएंगी। इस वर्ष बोर्ड परीक्षा से संबंधित कोई भी कार्यक्रम फरवरी में आयोजित नहीं किया जाएगा। बोर्ड परीक्षाओं के प्रैक्टिकल एक मार्च से शुरू होंगे। वहीं सामान्य वर्षो में प्रैक्टिकल जनवरी माह में लिए जाते हैं और बोर्ड परीक्षाएं फरवरी से शुरू होकर मार्च तक चलती हैं। सीबीएसई पहले बोर्ड परीक्षाओं के लिए तीस फीसदी पाठ्यक्रम भी कम कर चुका है। इसके अलावा छात्रों की अन्य सभी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। दुनियाभर के पच्चीस देशों में सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की परीक्षा संबंधित समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा कि, दुनिया के कई देशों में कोरोना महामारी शिक्षा के सत्र को पीछे ले गई। वहीं भारत में शिक्षकों और अभिभावकों की कड़ी मेहनत के कारण ऐसा नहीं हुआ। छात्र लगातार ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। कई छात्रों के पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए संसाधन नहीं हैं, ऐसे छात्रों को टीवी और रेडियो के माध्यम से ऑन एयर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
विमानः ( पवित्र करने वाला, अतः वायु ) । देखो - रघु ०८-९ । एक यज्ञिय अग्नि यजमानः ( यज्ञ करने वाला ) । ६७१. स्वभाव, आयु-वोधक भाव और सामर्थ्य अर्थ में किसी भी धातु से चानश् ( आन ) प्रत्यय हो सकता है । ' जैसे -- भोगं भुञ्जानः ( भोगों का भोग · करने वाला ), कवचं विभ्राणः ( कवच धारण करने के योग्य अर्थात् युवक या बड़ी आयु का व्यक्ति ), शत्रुं निघ्नानः ( शत्रु को नष्ट करने की सामर्थ्य वाला), आदि । ६७२. भाववाच्य या कर्मवाच्य प्रयोगों में लट् लकार में य प्रत्ययान्त अंग से मान लगेगा । जैसे-- बुध्यमान (जाना जाता हुआ ), अद्यमान ( खाया जाता हुआ ), दीयमान ( दिया जाता हुआ ), चीयमान ( संचय किया जाता हुआ ), क्रियमाण ( किया जाता हुआ ), कृ - - कीर्यमाण ( फैलाया जाता हुआ ), चोर्यमाण ( चुराया जाता हुआ ) । बुध् + णिच् बोधय-बोध्यमान ( वताया जाता हुआ ), बुध् + सन्बोधिष- - बुबोधिप्यमाण ( जानने की इच्छा किया जाता हुआ ), आदि । ६७३. नियम ६६९ के अनुसार बने हुए शब्दों के रूप पुं० में रामवत्, स्त्री० में रमावत् और नपुं० में फलवत् चलते हैं । (ख) लिट् के स्थानीय प्रत्यय (Participles of the Perfect ) ६७४. लिट् लकार के स्थान पर होने वाले प्रत्यय तथा क्त ( त ) , क्तवतु ( तवत् ) प्रत्यय ङित् ( निर्बल ) हैं, अतः इनसे पूर्व धातु के स्वर को गुण नहीं होता है । उपधा के अनुनासिक ( न्, म्, ञ आदि ) का प्रायः लोप हो जाता है । ( देखो नि० ५८४) । ६७५. लिट् लकार के स्थान पर परस्मै • में वस् और आत्मने० में आन लगता है। इनसे पूर्व धातु का रूप प्रायः वह रहता है जो लिट् प्र० पु० बहु० में प्रत्यय से पूर्व रहता है । यदि धातु का रूप एकाच् है अथवा धातु आकारान्त है तो वस से पहले इ और लगेगा । गम्, हुन्, दृश्, विश् और विद् ( ६ प ० ) के बाद वस् से पूर्व इ विकल्प से लगता है । जन्, खन्, गम् और हन् धातुओं में जहाँ पर वस् से पूर्व इ नहीं लगता है, वहाँ पर लिट् म० पु० एक० में तिझ प्रत्यय से पहले इनका जो रूप रहता है, उससे वस् लगेगा । जैसेः १. ताच्छील्यवयोवचनशक्तिषु चानश् (३-२-१२९ ) ।
विमानः । देखो - रघु आठ-नौ । एक यज्ञिय अग्नि यजमानः । छः सौ इकहत्तर. स्वभाव, आयु-वोधक भाव और सामर्थ्य अर्थ में किसी भी धातु से चानश् प्रत्यय हो सकता है । ' जैसे -- भोगं भुञ्जानः , कवचं विभ्राणः , शत्रुं निघ्नानः , आदि । छः सौ बहत्तर. भाववाच्य या कर्मवाच्य प्रयोगों में लट् लकार में य प्रत्ययान्त अंग से मान लगेगा । जैसे-- बुध्यमान , अद्यमान , दीयमान , चीयमान , क्रियमाण , कृ - - कीर्यमाण , चोर्यमाण । बुध् + णिच् बोधय-बोध्यमान , बुध् + सन्बोधिष- - बुबोधिप्यमाण , आदि । छः सौ तिहत्तर. नियम छः सौ उनहत्तर के अनुसार बने हुए शब्दों के रूप पुंशून्य में रामवत्, स्त्रीशून्य में रमावत् और नपुंशून्य में फलवत् चलते हैं । लिट् के स्थानीय प्रत्यय छः सौ चौहत्तर. लिट् लकार के स्थान पर होने वाले प्रत्यय तथा क्त , क्तवतु प्रत्यय ङित् हैं, अतः इनसे पूर्व धातु के स्वर को गुण नहीं होता है । उपधा के अनुनासिक का प्रायः लोप हो जाता है । । छः सौ पचहत्तर. लिट् लकार के स्थान पर परस्मै • में वस् और आत्मनेशून्य में आन लगता है। इनसे पूर्व धातु का रूप प्रायः वह रहता है जो लिट् प्रशून्य पुशून्य बहुशून्य में प्रत्यय से पूर्व रहता है । यदि धातु का रूप एकाच् है अथवा धातु आकारान्त है तो वस से पहले इ और लगेगा । गम्, हुन्, दृश्, विश् और विद् के बाद वस् से पूर्व इ विकल्प से लगता है । जन्, खन्, गम् और हन् धातुओं में जहाँ पर वस् से पूर्व इ नहीं लगता है, वहाँ पर लिट् मशून्य पुशून्य एकशून्य में तिझ प्रत्यय से पहले इनका जो रूप रहता है, उससे वस् लगेगा । जैसेः एक. ताच्छील्यवयोवचनशक्तिषु चानश् ।
तुम प्रसन्नचित रहो, चिन्ता करने की आवश्यकता नही, किन्तु स्वय अपने जीवन मे जिन-जिन बातो की त्रुटिया या कमजोरियॉ अनुभव करो, उनको शीघ्रातिशीघ्र दृढ संकल्प के साथ दूर कर दो। फिर तुमको कभी किसी विफलता के दर्शन नही होगे। सस्कार बीज है, जीवन वृक्ष को पल्लवित करने के लिये । जिस सद्विचारधारा का बीज वपन करते हो, उसको सावधानी के साथ विकसित एव प्रफुल्लित करो। उसके अनुकूल वायुमण्डल से उसका सिंचन करो। उसकी देख रेख तब तक पूर्ण शक्ति के साथ करे, जब तक कि वह परिपक्च एव मजबूत न बन जाय, अन्यथा उसकी विपतरीत विचारधाराऍ उसको चूम लेगी । जिनेश्वर भगवन्तो के वचन अन्यथा कदापि नही होते, ऐसी दृढ आस्था जिसको प्राप्त है, उसको सम्यक्त्व निश्चल है। शिशु जीवन मे पडे सुन्दर या असुन्दर प्रभाव उसके पूरे जीवन को बनाने या बिगाडने के उतरदायी होते है। आजकाल अधिकाश मनुष्यो का केन्द्र बिन्दु जड बना हुआ है। वह बाह्य भौतिक रूप को ही प्राप्त करने मे अपना श्रेय समझते है। आज के इन्सान मे वास्तविक प्रेम का सचार, केन्द्र बिन्दु के परिवर्तन से ही हो सकता है, मगर वह शिक्षित एव प्रतिष्ठित कहे जाने वालो के अधीन है। आचार्य श्री नानेश जीवित है / 55 जो आत्मा एक बार भी सम्यक्त्व का स्पर्श कर लेता है। उसका अनन्त ससार परिभ्रमण परिमित हो जाता है। जिस समय विचारो का तूफान आता है, उस समय किसी भी कार्य को करना अनर्थकारी होता है। उस समय ज्ञान की मात्रा विलुप्त हो जाती है। कर्तव्या- कर्तव्य से विमूढ होकर कार्य किया जाता है। अतएव वह अज्ञानमूलक है और अज्ञानमूलक कार्य कभी हितकर नही कहा जा सकता। जिस वस्तु मे जिस स्वभाव की अधिकता होगी, उस वस्तु से वही स्वभाव दूसरे के सामने उपस्थित होगा। अगर दो वस्तुओ का समान स्वभाव है तो दोनो बिना सघर्ष के मिल जायेगी और उनकी शक्ति दुगुनी हो जायगी। अगर स्वभाव विपरीत है, तो दोनों मे सघर्ष होगा या जिसकी शक्ति प्रबल होगी, उस रूप में परिणत हो जाएगी या सघर्ष से नवीन शक्ति पैदा होगी और उसका स्वभाव भी दोनो से विलक्षण होगा। इन्सान की गलती को जानते हुए भीउसके सामने स्पष्ट बात रखने मे सकोच करना, भय खाना और यह सोचना कि स्पष्ट कहने से यह नाराज हो जायगा अथवा यह मेरी जो इज्जत कर रहा है, उसमें फर्क पड जायगा या मेरी छिपी हुई गलती प्रकट कर देगा, आदि बातो को लेकर जिस व्यक्ति को गलती हो, उसके सामने उस का समाधान न कर, दूसरो के सामने कहकर भ्रम फैलाना, कमजोर दिल के व्यक्तियो का कार्य है । वे विचार स्वय को ही अधिक हानि पहुॅचाते है। ऐसे व्यक्तियो पर दया करना सामर्थ्य - सम्पन्न इन्सानो का कर्त्तव्य है। जैसे लोगो की दी हुई सत्कार सज्ञा के लिएमेरा दिल लालायित रहता है, उसी तरह लोगो के द्वारा दी गई तिरस्कार सज्ञा से भी रहना चाहिए। एक से प्रसन्न और दूसरी से अप्रसन्न न होना चाहिए। जब तक द्वैतभाव की कल्पना आचरण रूप में विद्यमान है, तब तक स्वयं को इन्सानियत से दूर समझना चाहिए। अगर जीवन सफल बनाना है सर्वप्रथम इन्सानियत प्राप्त करो । आचार्य श्री नानेश जीवित है / 56
तुम प्रसन्नचित रहो, चिन्ता करने की आवश्यकता नही, किन्तु स्वय अपने जीवन मे जिन-जिन बातो की त्रुटिया या कमजोरियॉ अनुभव करो, उनको शीघ्रातिशीघ्र दृढ संकल्प के साथ दूर कर दो। फिर तुमको कभी किसी विफलता के दर्शन नही होगे। सस्कार बीज है, जीवन वृक्ष को पल्लवित करने के लिये । जिस सद्विचारधारा का बीज वपन करते हो, उसको सावधानी के साथ विकसित एव प्रफुल्लित करो। उसके अनुकूल वायुमण्डल से उसका सिंचन करो। उसकी देख रेख तब तक पूर्ण शक्ति के साथ करे, जब तक कि वह परिपक्च एव मजबूत न बन जाय, अन्यथा उसकी विपतरीत विचारधाराऍ उसको चूम लेगी । जिनेश्वर भगवन्तो के वचन अन्यथा कदापि नही होते, ऐसी दृढ आस्था जिसको प्राप्त है, उसको सम्यक्त्व निश्चल है। शिशु जीवन मे पडे सुन्दर या असुन्दर प्रभाव उसके पूरे जीवन को बनाने या बिगाडने के उतरदायी होते है। आजकाल अधिकाश मनुष्यो का केन्द्र बिन्दु जड बना हुआ है। वह बाह्य भौतिक रूप को ही प्राप्त करने मे अपना श्रेय समझते है। आज के इन्सान मे वास्तविक प्रेम का सचार, केन्द्र बिन्दु के परिवर्तन से ही हो सकता है, मगर वह शिक्षित एव प्रतिष्ठित कहे जाने वालो के अधीन है। आचार्य श्री नानेश जीवित है / पचपन जो आत्मा एक बार भी सम्यक्त्व का स्पर्श कर लेता है। उसका अनन्त ससार परिभ्रमण परिमित हो जाता है। जिस समय विचारो का तूफान आता है, उस समय किसी भी कार्य को करना अनर्थकारी होता है। उस समय ज्ञान की मात्रा विलुप्त हो जाती है। कर्तव्या- कर्तव्य से विमूढ होकर कार्य किया जाता है। अतएव वह अज्ञानमूलक है और अज्ञानमूलक कार्य कभी हितकर नही कहा जा सकता। जिस वस्तु मे जिस स्वभाव की अधिकता होगी, उस वस्तु से वही स्वभाव दूसरे के सामने उपस्थित होगा। अगर दो वस्तुओ का समान स्वभाव है तो दोनो बिना सघर्ष के मिल जायेगी और उनकी शक्ति दुगुनी हो जायगी। अगर स्वभाव विपरीत है, तो दोनों मे सघर्ष होगा या जिसकी शक्ति प्रबल होगी, उस रूप में परिणत हो जाएगी या सघर्ष से नवीन शक्ति पैदा होगी और उसका स्वभाव भी दोनो से विलक्षण होगा। इन्सान की गलती को जानते हुए भीउसके सामने स्पष्ट बात रखने मे सकोच करना, भय खाना और यह सोचना कि स्पष्ट कहने से यह नाराज हो जायगा अथवा यह मेरी जो इज्जत कर रहा है, उसमें फर्क पड जायगा या मेरी छिपी हुई गलती प्रकट कर देगा, आदि बातो को लेकर जिस व्यक्ति को गलती हो, उसके सामने उस का समाधान न कर, दूसरो के सामने कहकर भ्रम फैलाना, कमजोर दिल के व्यक्तियो का कार्य है । वे विचार स्वय को ही अधिक हानि पहुॅचाते है। ऐसे व्यक्तियो पर दया करना सामर्थ्य - सम्पन्न इन्सानो का कर्त्तव्य है। जैसे लोगो की दी हुई सत्कार सज्ञा के लिएमेरा दिल लालायित रहता है, उसी तरह लोगो के द्वारा दी गई तिरस्कार सज्ञा से भी रहना चाहिए। एक से प्रसन्न और दूसरी से अप्रसन्न न होना चाहिए। जब तक द्वैतभाव की कल्पना आचरण रूप में विद्यमान है, तब तक स्वयं को इन्सानियत से दूर समझना चाहिए। अगर जीवन सफल बनाना है सर्वप्रथम इन्सानियत प्राप्त करो । आचार्य श्री नानेश जीवित है / छप्पन
होती है । गोधूम धान्य (गेहूँ) दान करने से मनुष्य वसुओं के लोक में जाता है । प्रियंगु (कंगनी नाम का अन्न) धान्य दान करने से मनुष्य लोकप्रिय होता है । जो श्यामाक धान्य ( साँवा चावल ) दान करता है उस पर देवगण प्रसन्न होते हैं । यव धान्य ( जवा) दान करने से मनुष्य इन्द्रलोक मे पूजित होता है । अन्य शूक धान्य ( ढूँड़ वाले अनाज) दान करने में निरत रहने वाला मानव स्वर्गलोक में जाता है, इसमें सन्देह नहीं । मूंग धान्य दान करने वाला इन्द्रलोक और माष ( उड़द ) दान करने वाला यमलोक में पहुँचता है । तिल धान्य दान करने वाला नर यथेच्छ लोक में जाता है । चणक धान्य (चना) दान करने से बरुण लोक की प्राप्ति होती है । मसूर धान्य दान करने वाला वायुलोक और राजभाष धान्य दान करने वाला कुबोर लोक को प्राप्त करता है । अन्य शिंविधान्य (छीमी) दान करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है । गन्ना दान करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है । गुड़ दान करने से आरोग्य लाभ तथा चीनी दान करने से अभीष्ट सिद्धि होती है । खाँड़ देने वाला सौभाग्य एवं मधु देने वाला समस्त कामनाओं को प्राप्त करता है। घी देने वाला दीर्घायु और तेल देने वाला आरोग्य लाभ करता है । सत्तू दान करने से तृप्ति मिलती है । इस अध्याय की पुस्तिका इति श्री विष्णु धर्मोत्तरे तृतीय खण्डे मार्कण्डेय वज्रसंवादे मुनीन्प्रति धान्यदान प्रशंसा नाम चतुदशाधिक त्रिशततमोऽध्यायः ।।314।।2 अब 315वें अध्याय में अन्न दान की प्रशंसा द्रष्टव्य है हंस ने कहा - अन्न दान से बढ़कर श्रेष्ठदान न हुआ है और न होगा । इस दान में देश, काल, पात्र की परीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है । सदैव अन्नदान करना चाहिये । कुत्ता, भंगी, पतित, कृमि, कीट, पतंग सबको अन्न देना चाहिये । संसार में अन्न ही जीवन है, क्योंकि प्राण अन्न पर आश्रित है । अतएव अन्नदाता प्राणदाता है और अन्नदाता सर्वदाता है जिसका अन्न खाकर कोई सनतान उत्पन्न करता है, वह सन्तान उसी की समझनी चाहिये । सभी वर्गों को दान देना चाहिये । पेट में जिसका अन्न रहते ब्राह्मण मर जाता है, उसी की जाति में ब्राह्मण को जन्म लेना पड़ता है भक्ष्य देने वाला स्वर्ग प्राप्त करता है और भोज्य देने वाला इन्द्रलोक में जाता है । जो लेघृ (चाटने योग्य ) भोजन दान करता है वह अप्सराओं के लोक में पहुँचता है और चोष्टा ( चूसने योग्य ) भोजन देने वाला वसुओं के लोक में जाता है । पेय पदार्थ देने वाला मनुष्य वरूण लोक मे जाता है । खीर प्रदान करने वाले को शाश्वत तृप्ति प्राप्त होती है । जो मार्ग मे पूर्व मे अदृष्ट एवं श्रान्त व्यक्ति को बिना क्लेश के अन्न देता है उसे महान पुण्य फल मिलता है । जो एक भी भूखं से पीड़ित व्यक्ति की क्षुधा मिटा देता है, उसे मरणोपरान्त महान फल मिलता है । इस अध्याय की पुस्तिका है इति श्री • अन्नदान प्रशंसा नाम पञ्चदशाधिकत्रिश ततमोऽध्यायः ।।315।।2 इसके आगे के अध्याय में भी हंस ने कहा है - 'विद्याध्ययन करने में आसक्त छात्रों को जो अन्नदान करता है, उसके पुण्य का अन्त नहीं है । खेती को नुकसान पहुँचाने वाले दुह उपद्रव ईति कहलाते हैं । वे ये हैं अतिवृष्टि, अनावृष्टि, चूहों, टिड्डियों और पक्षियों का फसल खा जाना तथा दूसरे राजा की चढ़ाई । इन छहों उपद्रवों में पहला और दूसरा अतिवृष्टि और अनावृष्टि बहुधा संभव रहते हैं, जबकि अन्य उपद्रव कदाचित्क हैं । अतएव यदि कृषकों को फसल बोने से पहले संभाव्य अतिवृष्टि - अनावृष्टि का ज्ञान हो जाय तो वे सावधान हो जायेंगे और फसल की पूर्वसुरक्षा व्यवस्था कर लेंगे । इस संबन्ध में विष्णु धर्मोत्तर महापुराणकार ने कुछ लक्षण बताये हैं, जिनके द्वारा अतिवृष्टि-अनावृष्टि का पूर्व ज्ञान किया जा सकता है । यथा प्रस्तुत पुराण के अध्याय 85 में भगवान वेद व्यास ने लिखा है कि "यदि कृतिका नक्षत्र पर शनैश्चर और विशाखा पर वृहस्पति स्थित हों तो अतिवृष्टि से प्रजाओं को पीड़ा होती है । यदि एक या दो ग्रहों के साथ वृहस्पति या श्नैश्चर दिखाई पड़े तो दस वर्ष दुभिक्ष ( अकाल ) पड़ेगा । जब शुक्र और वृहस्पति सातवें नक्षत्र पर स्थित होकर पूर्व और पश्चिम दिशा में पहुँच जायें तो मेघ नहीं बरसता है ( अनावृष्टि होती है) । जहाँ उदय और अस्तमय चन्द्रमा और सूर्य लाल परिवेष
होती है । गोधूम धान्य दान करने से मनुष्य वसुओं के लोक में जाता है । प्रियंगु धान्य दान करने से मनुष्य लोकप्रिय होता है । जो श्यामाक धान्य दान करता है उस पर देवगण प्रसन्न होते हैं । यव धान्य दान करने से मनुष्य इन्द्रलोक मे पूजित होता है । अन्य शूक धान्य दान करने में निरत रहने वाला मानव स्वर्गलोक में जाता है, इसमें सन्देह नहीं । मूंग धान्य दान करने वाला इन्द्रलोक और माष दान करने वाला यमलोक में पहुँचता है । तिल धान्य दान करने वाला नर यथेच्छ लोक में जाता है । चणक धान्य दान करने से बरुण लोक की प्राप्ति होती है । मसूर धान्य दान करने वाला वायुलोक और राजभाष धान्य दान करने वाला कुबोर लोक को प्राप्त करता है । अन्य शिंविधान्य दान करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है । गन्ना दान करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है । गुड़ दान करने से आरोग्य लाभ तथा चीनी दान करने से अभीष्ट सिद्धि होती है । खाँड़ देने वाला सौभाग्य एवं मधु देने वाला समस्त कामनाओं को प्राप्त करता है। घी देने वाला दीर्घायु और तेल देने वाला आरोग्य लाभ करता है । सत्तू दान करने से तृप्ति मिलती है । इस अध्याय की पुस्तिका इति श्री विष्णु धर्मोत्तरे तृतीय खण्डे मार्कण्डेय वज्रसंवादे मुनीन्प्रति धान्यदान प्रशंसा नाम चतुदशाधिक त्रिशततमोऽध्यायः ।।तीन सौ चौदह।।दो अब तीन सौ पंद्रहवें अध्याय में अन्न दान की प्रशंसा द्रष्टव्य है हंस ने कहा - अन्न दान से बढ़कर श्रेष्ठदान न हुआ है और न होगा । इस दान में देश, काल, पात्र की परीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है । सदैव अन्नदान करना चाहिये । कुत्ता, भंगी, पतित, कृमि, कीट, पतंग सबको अन्न देना चाहिये । संसार में अन्न ही जीवन है, क्योंकि प्राण अन्न पर आश्रित है । अतएव अन्नदाता प्राणदाता है और अन्नदाता सर्वदाता है जिसका अन्न खाकर कोई सनतान उत्पन्न करता है, वह सन्तान उसी की समझनी चाहिये । सभी वर्गों को दान देना चाहिये । पेट में जिसका अन्न रहते ब्राह्मण मर जाता है, उसी की जाति में ब्राह्मण को जन्म लेना पड़ता है भक्ष्य देने वाला स्वर्ग प्राप्त करता है और भोज्य देने वाला इन्द्रलोक में जाता है । जो लेघृ भोजन दान करता है वह अप्सराओं के लोक में पहुँचता है और चोष्टा भोजन देने वाला वसुओं के लोक में जाता है । पेय पदार्थ देने वाला मनुष्य वरूण लोक मे जाता है । खीर प्रदान करने वाले को शाश्वत तृप्ति प्राप्त होती है । जो मार्ग मे पूर्व मे अदृष्ट एवं श्रान्त व्यक्ति को बिना क्लेश के अन्न देता है उसे महान पुण्य फल मिलता है । जो एक भी भूखं से पीड़ित व्यक्ति की क्षुधा मिटा देता है, उसे मरणोपरान्त महान फल मिलता है । इस अध्याय की पुस्तिका है इति श्री • अन्नदान प्रशंसा नाम पञ्चदशाधिकत्रिश ततमोऽध्यायः ।।तीन सौ पंद्रह।।दो इसके आगे के अध्याय में भी हंस ने कहा है - 'विद्याध्ययन करने में आसक्त छात्रों को जो अन्नदान करता है, उसके पुण्य का अन्त नहीं है । खेती को नुकसान पहुँचाने वाले दुह उपद्रव ईति कहलाते हैं । वे ये हैं अतिवृष्टि, अनावृष्टि, चूहों, टिड्डियों और पक्षियों का फसल खा जाना तथा दूसरे राजा की चढ़ाई । इन छहों उपद्रवों में पहला और दूसरा अतिवृष्टि और अनावृष्टि बहुधा संभव रहते हैं, जबकि अन्य उपद्रव कदाचित्क हैं । अतएव यदि कृषकों को फसल बोने से पहले संभाव्य अतिवृष्टि - अनावृष्टि का ज्ञान हो जाय तो वे सावधान हो जायेंगे और फसल की पूर्वसुरक्षा व्यवस्था कर लेंगे । इस संबन्ध में विष्णु धर्मोत्तर महापुराणकार ने कुछ लक्षण बताये हैं, जिनके द्वारा अतिवृष्टि-अनावृष्टि का पूर्व ज्ञान किया जा सकता है । यथा प्रस्तुत पुराण के अध्याय पचासी में भगवान वेद व्यास ने लिखा है कि "यदि कृतिका नक्षत्र पर शनैश्चर और विशाखा पर वृहस्पति स्थित हों तो अतिवृष्टि से प्रजाओं को पीड़ा होती है । यदि एक या दो ग्रहों के साथ वृहस्पति या श्नैश्चर दिखाई पड़े तो दस वर्ष दुभिक्ष पड़ेगा । जब शुक्र और वृहस्पति सातवें नक्षत्र पर स्थित होकर पूर्व और पश्चिम दिशा में पहुँच जायें तो मेघ नहीं बरसता है । जहाँ उदय और अस्तमय चन्द्रमा और सूर्य लाल परिवेष
बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने स्टंट बेस्ड शो 'खतरों के खिलाड़ी' (Khatron Ke Khiladi) के लिए भी जाने जाते हैं. रोहित शेट्टी 'खतरों के खिलाड़ी 13' लेकर आ रहे हैं. जानिए ये शो कबसे शुरू हो रहा है. बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने स्टंट बेस्ड शो 'खतरों के खिलाड़ी' (Khatron Ke Khiladi) के लिए भी जाने जाते हैं. रोहित शेट्टी 'खतरों के खिलाड़ी 13' लेकर आ रहे हैं. जिसका खुलासा उन्होंने बिग बॉस 16 के फिनाले में आकर किया था. साथ ही इस शो के लिए शालीन भनोट को भी चुना था. हालांकि उन्होंने अपने डर के चलते इसका हिस्सा बनने से इंकार कर दिया था. रोहित 'खतरों के खिलाड़ी' के नए सीजन को लेकर काफी चर्चा में हैं. हर किसी की नजरें बस इसी पर टिकी हैं कि इस बार नए सीजन में कौन-कौन नजर आने वाला है. तो चलिए आपके हर सवाल का जवाब आपको यहां मिलने वाला है. मिली जानकारी के अनुसार कंगना रनौत के शो लॉकअप के विनर मुनव्वर फारू को अप्रोच किया गया है. उन्हें इससे पहले वाले सीजन के लिए भी अप्रोच किया गया था. लेकिन वह इसका हिस्सा नहीं बन पाए थे. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार उन्हें खतरों का खेल खेलते हुए देखा जाएगा. वहीं बिग बॉस के घर से निकलने के बाद इस शो के लिए अर्चना गौतम का नाम भी सामने आ रहा है. माना जा रहा है कि अर्चना भी रोहित शेट्टी के शो में हिस्सा लेने वाली हैं. बिग बॉस 16 में अपनी छाप छोड़ने वाली प्रियंका चाहर चौधरी ने भी इस शो का हिस्सा बनने की इच्छा जाहिर की थी. ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि वो भी रोहित शेट्टी के शो का हिस्सा बन सकती हैं. इन दोनों के अलावा बिग बॉस 16 के रनरअप शिव ठाकरे के नाम पर मोहर लग चुकी हैं. शिव ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि वह खतरों के खिलाड़ी 13 का हिस्सा होंगे. जिससे उनके चाहनेवालों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. हालांकि बिग बॉस सीजन 16 के कुछ और कंटेस्टेंट्स के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिसमें सौंदर्या शर्मा और अंकित गुप्ता का भी नाम शामिल है. हालांकि अंकित गुप्ता का इस शो का हिस्सा बनना काफी मुश्किल लगता है. क्योंकि उन्होंने हाल ही में अपना नया शो शुरू किया है. इनके अलावा दिशा परमार नकुल मेहता का नाम भी सामने आ रहा है. हालांकि अभी तक इन नामों पर मोहर नहीं लगी है. खबरों की मानें तो ये शो मई महीने के बीच में शूट किया जाएगा. यानी मिड मई में इसकी शूटिंग की जाएगी. जो 55 से 60 दिनों तक की जाएगी. बता दें कि पिछले साल 'खतरों के खिलाड़ी' 2 जुलाई 2022 में शुरू हुआ था ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी जुलाई में ही ये शो शुरू होगा.
बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने स्टंट बेस्ड शो 'खतरों के खिलाड़ी' के लिए भी जाने जाते हैं. रोहित शेट्टी 'खतरों के खिलाड़ी तेरह' लेकर आ रहे हैं. जानिए ये शो कबसे शुरू हो रहा है. बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने स्टंट बेस्ड शो 'खतरों के खिलाड़ी' के लिए भी जाने जाते हैं. रोहित शेट्टी 'खतरों के खिलाड़ी तेरह' लेकर आ रहे हैं. जिसका खुलासा उन्होंने बिग बॉस सोलह के फिनाले में आकर किया था. साथ ही इस शो के लिए शालीन भनोट को भी चुना था. हालांकि उन्होंने अपने डर के चलते इसका हिस्सा बनने से इंकार कर दिया था. रोहित 'खतरों के खिलाड़ी' के नए सीजन को लेकर काफी चर्चा में हैं. हर किसी की नजरें बस इसी पर टिकी हैं कि इस बार नए सीजन में कौन-कौन नजर आने वाला है. तो चलिए आपके हर सवाल का जवाब आपको यहां मिलने वाला है. मिली जानकारी के अनुसार कंगना रनौत के शो लॉकअप के विनर मुनव्वर फारू को अप्रोच किया गया है. उन्हें इससे पहले वाले सीजन के लिए भी अप्रोच किया गया था. लेकिन वह इसका हिस्सा नहीं बन पाए थे. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार उन्हें खतरों का खेल खेलते हुए देखा जाएगा. वहीं बिग बॉस के घर से निकलने के बाद इस शो के लिए अर्चना गौतम का नाम भी सामने आ रहा है. माना जा रहा है कि अर्चना भी रोहित शेट्टी के शो में हिस्सा लेने वाली हैं. बिग बॉस सोलह में अपनी छाप छोड़ने वाली प्रियंका चाहर चौधरी ने भी इस शो का हिस्सा बनने की इच्छा जाहिर की थी. ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि वो भी रोहित शेट्टी के शो का हिस्सा बन सकती हैं. इन दोनों के अलावा बिग बॉस सोलह के रनरअप शिव ठाकरे के नाम पर मोहर लग चुकी हैं. शिव ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि वह खतरों के खिलाड़ी तेरह का हिस्सा होंगे. जिससे उनके चाहनेवालों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है. हालांकि बिग बॉस सीजन सोलह के कुछ और कंटेस्टेंट्स के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिसमें सौंदर्या शर्मा और अंकित गुप्ता का भी नाम शामिल है. हालांकि अंकित गुप्ता का इस शो का हिस्सा बनना काफी मुश्किल लगता है. क्योंकि उन्होंने हाल ही में अपना नया शो शुरू किया है. इनके अलावा दिशा परमार नकुल मेहता का नाम भी सामने आ रहा है. हालांकि अभी तक इन नामों पर मोहर नहीं लगी है. खबरों की मानें तो ये शो मई महीने के बीच में शूट किया जाएगा. यानी मिड मई में इसकी शूटिंग की जाएगी. जो पचपन से साठ दिनों तक की जाएगी. बता दें कि पिछले साल 'खतरों के खिलाड़ी' दो जुलाई दो हज़ार बाईस में शुरू हुआ था ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी जुलाई में ही ये शो शुरू होगा.
अक्सर रोजमर्रा की जिंदगी में हम एक "पूरा दूध" के रूप में ऐसी बात सुनते हैं, लेकिन नहीं हर कोई जानता है कि यह क्या है। यह लेख कई सवाल है कि अक्सर युवा माताओं और अनुभव के साथ गृहिणियों में उत्पन्न होती हैं के जवाब प्रदान करेगा। तो, पूरा दूध - दूध, इसलिए, प्राकृतिक वसा की मात्रा के साथ "गाय से", बात करने के लिए, किसी भी हेरफेर उस पर ले जाने के बिना। सुपरमार्केट लगभग असंभव में इस तरह के दूध से मिलो। असल में, यह बाजार में या विशेष भंडार है कि कुछ किसान जो दूध और बिक्री के लिए आपूर्ति के साथ काम में बेचा जाता है। पूर्ण दूध जीव के लिए अत्यंत उपयोगी है। इस उत्पाद की जैविक और रासायनिक संरचना बहुत समृद्ध है। यह सब आदमी, फैटी एसिड, अमीनो एसिड, खनिज की एक बड़ी संख्या और ट्रेस तत्वों के लिए जाना जाता विटामिन होते हैं। इसके सभी घटक इतनी अच्छी तरह से संतुलित आसानी से मानव शरीर द्वारा अवशोषित कर रहे हैं कि, इस प्रकार की हड्डी के विकास और महत्वपूर्ण जीवन कार्यों के रखरखाव को बढ़ावा देने के। अध्ययन का आयोजन वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दो कप दूध के एक दिन पीने, वयस्क व्यक्ति 30%, पोटेशियम से एक प्रोटीन की दैनिक आदर्श को शामिल किया गया - 75% - फास्फोरस और कैल्शियम का 50%। और मानकों कि मेढ़े विकसित किया गया है के अनुसार, वर्ष के दौरान एक व्यक्ति पूरा दूध के कम से कम 116 किलो का उपभोग करना चाहिए। अब लोगों को उसमें निहित प्रोटीन के इस उत्पाद के लिए एक एलर्जी से पीड़ित है, और अधिक विशेष रूप को देखने के लिए असामान्य नहीं। इस मामले में, आहार से दूध युक्त सभी खाद्य पदार्थ शामिल नहीं है। लेकिन यह कभी कभी ऐसा होता है कि शरीर डेयरी के लिए नकारात्मक प्रतिक्रिया करता है, और रक्त परीक्षण एलर्जी की उपस्थिति को दर्शाता है। यह संकेत मिल सकता है कि एक व्यक्ति लैक्टोज असहिष्णुता है। आमतौर पर, जब इस तरह के एक निदान दूध युक्त उत्पादों की एक छोटी राशि अभी भी शरीर से प्रतिक्रिया के डर के बिना खाया जा सकता है। उपरोक्त सभी केवल इस पूरे दूध, जो काफी हमारे शहरों में मिलना मुश्किल है पर लागू होता है। मूल रूप से अलमारियों, क्रीम से भर निष्फल और पाउडर दूध से पुनर्गठन। क्रीम - दूध, जो 30-40 सेकंड के लिए 70 डिग्री पर रखा जाता है। यह वन-पीस के सबसे करीब है, और इसके शैल्फ जीवन - केवल कुछ ही दिनों। निष्फल - एक उच्च (140 डिग्री सेल्सियस) तापमान तक गर्म और तेजी से ठंडा कई महीनों के लिए भंडारित किया। दूध, एक सूखी से पुनर्गठन, सीधे शब्दों में, पानी में पतला पाउडर से बना। पाउडर गर्म (170 डिग्री) हवा का उपयोग करते हुए दूध सुखा कर बनाया जाता है। इस तरह के दूध पाउडर 8 महीने तक रखा जा सकता है। उच्च गुणवत्ता का चयन करें और उपयोगी उत्पाद हो सकता है, चाहे आप किसी बड़े शहर या एक छोटे से शहर, मुख्य बात में रहते हैं - चाहे कुछ चाल पता करने के लिए। - ध्यान से सब (विशेष रूप से छोटे प्रिंट) जानकारी पैकेज पर निर्दिष्ट पढ़ें। आम तौर पर अब पूर्ण दूध एक पैकेज लेबल में खरीदा जा सकता है "पूरे चयन करें। " एक दूध पेय - सामान्य में, GOST के अनुसार, केवल एकल उत्पाद दूध कहा जा सकता है, बाकी सब (वसा की मात्रा से कम नहीं 2. 6%, प्रोटीन की बड़े पैमाने पर अंश 2. 8% से कम नहीं है)। लेकिन बहुत बार निर्माता इस मानक की अनदेखी। - गुणवत्ता की डेयरी जहां यह विदेशी जायके और odors से सुरक्षित है गिलास कंटेनर, में बोतलबंद उत्पादों, इसके लाभकारी गुण खोना नहीं करता। - अधिक नए उत्पाद आमतौर पर ग्राहक से दूर रखा गया है, और एक दिन से दिन एक शैल्फ जीवन से अधिक है कि, पहली पंक्तियों में खड़ा है। - बाजार पर पूरा दूध खरीदना, प्रयोगशाला के समापन पूछना। - घर का बना दूध मुख्य रूप से प्लास्टिक की बोतलों में बेचा। यह हमें रंग देख सकते हैं। अच्छा दूध - सफेद, नीले रंग उपस्थिति का संकेत है कि उत्पाद पानी से पतला किया गया है। तुम भी सफाई पर ध्यान देना चाहिए - अंधेरे समावेशन की उपस्थिति का संकेत है कि उत्पाद अच्छा protsezhen नहीं था, और गंदगी उस में रहते हैं।
अक्सर रोजमर्रा की जिंदगी में हम एक "पूरा दूध" के रूप में ऐसी बात सुनते हैं, लेकिन नहीं हर कोई जानता है कि यह क्या है। यह लेख कई सवाल है कि अक्सर युवा माताओं और अनुभव के साथ गृहिणियों में उत्पन्न होती हैं के जवाब प्रदान करेगा। तो, पूरा दूध - दूध, इसलिए, प्राकृतिक वसा की मात्रा के साथ "गाय से", बात करने के लिए, किसी भी हेरफेर उस पर ले जाने के बिना। सुपरमार्केट लगभग असंभव में इस तरह के दूध से मिलो। असल में, यह बाजार में या विशेष भंडार है कि कुछ किसान जो दूध और बिक्री के लिए आपूर्ति के साथ काम में बेचा जाता है। पूर्ण दूध जीव के लिए अत्यंत उपयोगी है। इस उत्पाद की जैविक और रासायनिक संरचना बहुत समृद्ध है। यह सब आदमी, फैटी एसिड, अमीनो एसिड, खनिज की एक बड़ी संख्या और ट्रेस तत्वों के लिए जाना जाता विटामिन होते हैं। इसके सभी घटक इतनी अच्छी तरह से संतुलित आसानी से मानव शरीर द्वारा अवशोषित कर रहे हैं कि, इस प्रकार की हड्डी के विकास और महत्वपूर्ण जीवन कार्यों के रखरखाव को बढ़ावा देने के। अध्ययन का आयोजन वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दो कप दूध के एक दिन पीने, वयस्क व्यक्ति तीस%, पोटेशियम से एक प्रोटीन की दैनिक आदर्श को शामिल किया गया - पचहत्तर% - फास्फोरस और कैल्शियम का पचास%। और मानकों कि मेढ़े विकसित किया गया है के अनुसार, वर्ष के दौरान एक व्यक्ति पूरा दूध के कम से कम एक सौ सोलह किलो का उपभोग करना चाहिए। अब लोगों को उसमें निहित प्रोटीन के इस उत्पाद के लिए एक एलर्जी से पीड़ित है, और अधिक विशेष रूप को देखने के लिए असामान्य नहीं। इस मामले में, आहार से दूध युक्त सभी खाद्य पदार्थ शामिल नहीं है। लेकिन यह कभी कभी ऐसा होता है कि शरीर डेयरी के लिए नकारात्मक प्रतिक्रिया करता है, और रक्त परीक्षण एलर्जी की उपस्थिति को दर्शाता है। यह संकेत मिल सकता है कि एक व्यक्ति लैक्टोज असहिष्णुता है। आमतौर पर, जब इस तरह के एक निदान दूध युक्त उत्पादों की एक छोटी राशि अभी भी शरीर से प्रतिक्रिया के डर के बिना खाया जा सकता है। उपरोक्त सभी केवल इस पूरे दूध, जो काफी हमारे शहरों में मिलना मुश्किल है पर लागू होता है। मूल रूप से अलमारियों, क्रीम से भर निष्फल और पाउडर दूध से पुनर्गठन। क्रीम - दूध, जो तीस-चालीस सेकंड के लिए सत्तर डिग्री पर रखा जाता है। यह वन-पीस के सबसे करीब है, और इसके शैल्फ जीवन - केवल कुछ ही दिनों। निष्फल - एक उच्च तापमान तक गर्म और तेजी से ठंडा कई महीनों के लिए भंडारित किया। दूध, एक सूखी से पुनर्गठन, सीधे शब्दों में, पानी में पतला पाउडर से बना। पाउडर गर्म हवा का उपयोग करते हुए दूध सुखा कर बनाया जाता है। इस तरह के दूध पाउडर आठ महीने तक रखा जा सकता है। उच्च गुणवत्ता का चयन करें और उपयोगी उत्पाद हो सकता है, चाहे आप किसी बड़े शहर या एक छोटे से शहर, मुख्य बात में रहते हैं - चाहे कुछ चाल पता करने के लिए। - ध्यान से सब जानकारी पैकेज पर निर्दिष्ट पढ़ें। आम तौर पर अब पूर्ण दूध एक पैकेज लेबल में खरीदा जा सकता है "पूरे चयन करें। " एक दूध पेय - सामान्य में, GOST के अनुसार, केवल एकल उत्पाद दूध कहा जा सकता है, बाकी सब । लेकिन बहुत बार निर्माता इस मानक की अनदेखी। - गुणवत्ता की डेयरी जहां यह विदेशी जायके और odors से सुरक्षित है गिलास कंटेनर, में बोतलबंद उत्पादों, इसके लाभकारी गुण खोना नहीं करता। - अधिक नए उत्पाद आमतौर पर ग्राहक से दूर रखा गया है, और एक दिन से दिन एक शैल्फ जीवन से अधिक है कि, पहली पंक्तियों में खड़ा है। - बाजार पर पूरा दूध खरीदना, प्रयोगशाला के समापन पूछना। - घर का बना दूध मुख्य रूप से प्लास्टिक की बोतलों में बेचा। यह हमें रंग देख सकते हैं। अच्छा दूध - सफेद, नीले रंग उपस्थिति का संकेत है कि उत्पाद पानी से पतला किया गया है। तुम भी सफाई पर ध्यान देना चाहिए - अंधेरे समावेशन की उपस्थिति का संकेत है कि उत्पाद अच्छा protsezhen नहीं था, और गंदगी उस में रहते हैं।
युवती को शादी का झांसा देकर लवर उसके साथ संबंध बनाता रहा। लेकिन जब युवती प्रेग्नेंट हो गई तो युवक शादी से मुकर गया। मामला सिवनी के छपाना थाना क्षेत्र का है। पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपी पर मामला दर्ज कर लिया गया है। युवती अपने रिश्तेदार के यहां धनोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत गनेरी ग्राम आई थी। जहां गांव के ही एक युवक से उसकी मुलाकात हुई और यह मुलाकात नजदीकियों में बदल गई। जिसके बाद युवक ने शादी का प्रलोभन देकर लगातार उसके साथ दुष्कर्म किया। लेकिन युवती के प्रेग्नेंट होने पर वह शादी से मुकर गया। जिसके बाद युवती ने इस बात की जानकारी परिजनों को दी और युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया। पुलिस ने जांच प्रारंभ कर युवक पर बलात्कार का मामला पंजीबद्ध कर दिया है। धनोरा पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि युवती की शिकायत पर युवक पर मामला दर्ज कर लिया गया और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
युवती को शादी का झांसा देकर लवर उसके साथ संबंध बनाता रहा। लेकिन जब युवती प्रेग्नेंट हो गई तो युवक शादी से मुकर गया। मामला सिवनी के छपाना थाना क्षेत्र का है। पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपी पर मामला दर्ज कर लिया गया है। युवती अपने रिश्तेदार के यहां धनोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत गनेरी ग्राम आई थी। जहां गांव के ही एक युवक से उसकी मुलाकात हुई और यह मुलाकात नजदीकियों में बदल गई। जिसके बाद युवक ने शादी का प्रलोभन देकर लगातार उसके साथ दुष्कर्म किया। लेकिन युवती के प्रेग्नेंट होने पर वह शादी से मुकर गया। जिसके बाद युवती ने इस बात की जानकारी परिजनों को दी और युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया। पुलिस ने जांच प्रारंभ कर युवक पर बलात्कार का मामला पंजीबद्ध कर दिया है। धनोरा पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि युवती की शिकायत पर युवक पर मामला दर्ज कर लिया गया और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
Ranchi : हजारीबाग में एनटीपीसी के लिए हुए भूमि अधिग्रहण मामले के दौरान कथित रूप से हुए तीन हजार करोड़ के भूमि-मुआवजा घोटाला की जांच के लिए दायर जनहित याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने केंद्र सरकार से और राज्य सरकार से जवाब मांगा है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार को चार सप्ताह में एफिडेविट के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान ED की ओर से भी पक्ष रखा गया. ED की ओर से अदालत को बताया गया कि केरेडारी थाना में एक FIR दर्ज हुई है. अब अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 19 जून को करेगा. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मंटू सोनी की याचिका पर सुनवाई की. मंटू सोनी की ओर से अधिवक्ता अभिषेक कृष्ण गुप्ता और मदन कुमार ने पक्ष रखा. हजारीबाग में भूमि-मुआवजा से संबंधित गड़बड़ियों के सामने आने के बाद वर्ष 2016 में तत्कालीन उपायुक्त मुकेश कुमार की अनुसंशा पर, राज्य सरकार ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी देवाशीष गुप्ता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी टीम गठित की थी. एसआईटी की टीम ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट में 3000 करोड़ के भूमि मुआवजा घोटाले किए जाने और 300 करोड़ मुआवजा बांट दिए जाने की जानकारी दी थी. प्रार्थी के मुताबिक, राज्य सरकार द्वारा कार्रवाई के नाम पर अब तक सिर्फ एनटीपीसी के प्रबंध निदेशक और हजारीबाग उपायुक्त को पत्राचार किया गया है. वहीं देवाशीष गुप्ता की अध्यक्षता वाली SIT की रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है. जानकारी के मुताबिक, रिपोर्ट में कई रसूखदारों द्वारा सरकारी गैर मजरुआ खास-आम भूमि,सार्वजनिक उपयोग की जाने वाली जमीन,श्मशान घाट,स्कूल,मैदान आदि जमीनों का भी फर्जी कागजात बनाकर मुआवजे का बंदरबांट किया गया था.
Ranchi : हजारीबाग में एनटीपीसी के लिए हुए भूमि अधिग्रहण मामले के दौरान कथित रूप से हुए तीन हजार करोड़ के भूमि-मुआवजा घोटाला की जांच के लिए दायर जनहित याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. अदालत ने केंद्र सरकार से और राज्य सरकार से जवाब मांगा है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार को चार सप्ताह में एफिडेविट के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान ED की ओर से भी पक्ष रखा गया. ED की ओर से अदालत को बताया गया कि केरेडारी थाना में एक FIR दर्ज हुई है. अब अदालत इस मामले की अगली सुनवाई उन्नीस जून को करेगा. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मंटू सोनी की याचिका पर सुनवाई की. मंटू सोनी की ओर से अधिवक्ता अभिषेक कृष्ण गुप्ता और मदन कुमार ने पक्ष रखा. हजारीबाग में भूमि-मुआवजा से संबंधित गड़बड़ियों के सामने आने के बाद वर्ष दो हज़ार सोलह में तत्कालीन उपायुक्त मुकेश कुमार की अनुसंशा पर, राज्य सरकार ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी देवाशीष गुप्ता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी टीम गठित की थी. एसआईटी की टीम ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट में तीन हज़ार करोड़ के भूमि मुआवजा घोटाले किए जाने और तीन सौ करोड़ मुआवजा बांट दिए जाने की जानकारी दी थी. प्रार्थी के मुताबिक, राज्य सरकार द्वारा कार्रवाई के नाम पर अब तक सिर्फ एनटीपीसी के प्रबंध निदेशक और हजारीबाग उपायुक्त को पत्राचार किया गया है. वहीं देवाशीष गुप्ता की अध्यक्षता वाली SIT की रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है. जानकारी के मुताबिक, रिपोर्ट में कई रसूखदारों द्वारा सरकारी गैर मजरुआ खास-आम भूमि,सार्वजनिक उपयोग की जाने वाली जमीन,श्मशान घाट,स्कूल,मैदान आदि जमीनों का भी फर्जी कागजात बनाकर मुआवजे का बंदरबांट किया गया था.
मलेशिया के तेज गेंदबाज सियाजरुल इद्रस ने टी20 इंटरनेशनल में ऐसा कारनामा किया है, जिसकी तारीफ खुद आईसीसी ने की है. टी20 वर्ल्ड कप एशिया बी क्वालीफायर के पहले मैच में चीन के खिलाफ मैच के दौरान मलेशिया के तेज गेंदबाज सियाजरुल इद्रस ने सबसे घातक गेंदबाजी की और 8 रन देकर 7 विकेट लेने में कामयाब रहे. ऐसा करके सियाजरुल ने T20I में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. सियाजरुल अब टी20 इंटरनेशनल में अग्रणी गेंदबाज बन गए हैं. ऐसा करके उन्होंने नाइजीरिया के पीटर अहो का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पीटर अहो ने साल 2021 में सिएरा लियोन के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 रन देकर 6 विकेट लिए थे. मलेशिया के खिलाफ मैच में चीन की पूरी टीम महज 23 रन पर ढेर हो गई. गेंदबाज सियाजरुल ने शानदार गेंदबाजी की और चीनी बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया. चीन की पूरी टीम 11.2 ओवर में 23 रन बनाकर ऑलआउट हो गई. यह टी20 इंटरनेशनल में टीम द्वारा बनाया गया तीसरा सबसे कम स्कोर है. चीन को 23 रन पर आउट करने के बाद मलेशिया ने 4.5 ओवर में 2 विकेट खोकर मैच जीत लिया। वीरनदीप सिंह ने महज 14 गेंदों में दो चौकों और एक छक्के की मदद से 19 रन बनाए और मलेशियाई टीम को जीत दिलाई.
मलेशिया के तेज गेंदबाज सियाजरुल इद्रस ने टीबीस इंटरनेशनल में ऐसा कारनामा किया है, जिसकी तारीफ खुद आईसीसी ने की है. टीबीस वर्ल्ड कप एशिया बी क्वालीफायर के पहले मैच में चीन के खिलाफ मैच के दौरान मलेशिया के तेज गेंदबाज सियाजरुल इद्रस ने सबसे घातक गेंदबाजी की और आठ रन देकर सात विकेट लेने में कामयाब रहे. ऐसा करके सियाजरुल ने TबीसI में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. सियाजरुल अब टीबीस इंटरनेशनल में अग्रणी गेंदबाज बन गए हैं. ऐसा करके उन्होंने नाइजीरिया के पीटर अहो का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पीटर अहो ने साल दो हज़ार इक्कीस में सिएरा लियोन के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए पाँच रन देकर छः विकेट लिए थे. मलेशिया के खिलाफ मैच में चीन की पूरी टीम महज तेईस रन पर ढेर हो गई. गेंदबाज सियाजरुल ने शानदार गेंदबाजी की और चीनी बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया. चीन की पूरी टीम ग्यारह.दो ओवर में तेईस रन बनाकर ऑलआउट हो गई. यह टीबीस इंटरनेशनल में टीम द्वारा बनाया गया तीसरा सबसे कम स्कोर है. चीन को तेईस रन पर आउट करने के बाद मलेशिया ने चार.पाँच ओवर में दो विकेट खोकर मैच जीत लिया। वीरनदीप सिंह ने महज चौदह गेंदों में दो चौकों और एक छक्के की मदद से उन्नीस रन बनाए और मलेशियाई टीम को जीत दिलाई.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून अगले 48 घंटों में केरल के शेष हिस्सों, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, कर्नाटक और पूर्वोत्तर में आगे बढ़ेगा। दक्षिण पश्चिम मानसून ने 1 जून की सामान्य तिथि के एक सप्ताह बाद गुरुवार को केरल में अपनी शुरुआत के साथ भारत में प्रवेश किया। श में मानसून के आगे बढ़ने के पूर्वानुमान के बारे में आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को केरल पहुंच गया है। केरल में मानसून आमतौर पर 1 जून तक पहुंचता है लेकिन इस बार यह 8 जून को पहुंचा। इसमें सात दिन की देरी हुई है। केरल में दो दिनों में अच्छी बारिश हुई और दक्षिणी तमिलनाडु में भी ऐसे ही हालात हैं। अपने पहले के बुलेटिन में IMD ने कहा कि चक्रवात अगले 48 घंटों के दौरान धीरे-धीरे और तेज होगा और अगले 3 दिनों के दौरान लगभग उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। बिपरजॉय पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर 07 जून 2023 से गोवा से लगभग 870 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम, मुंबई से 930 किमी दक्षिण पश्चिम में केंद्रित है। यह अगले 48 घंटों के दौरान धीरे-धीरे और तेज होगा आईएमडी ने ट्वीट किया कि अगले 3 दिनों के दौरान लगभग उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे अरब सागर में ऐसे चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में न जाएं और जो लोग समुद्र में हैं उन्हें तट पर लौटने की सलाह दी जाती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, मानसून अगले अड़तालीस घंटाटों में केरल के शेष हिस्सों, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, कर्नाटक और पूर्वोत्तर में आगे बढ़ेगा। दक्षिण पश्चिम मानसून ने एक जून की सामान्य तिथि के एक सप्ताह बाद गुरुवार को केरल में अपनी शुरुआत के साथ भारत में प्रवेश किया। श में मानसून के आगे बढ़ने के पूर्वानुमान के बारे में आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को केरल पहुंच गया है। केरल में मानसून आमतौर पर एक जून तक पहुंचता है लेकिन इस बार यह आठ जून को पहुंचा। इसमें सात दिन की देरी हुई है। केरल में दो दिनों में अच्छी बारिश हुई और दक्षिणी तमिलनाडु में भी ऐसे ही हालात हैं। अपने पहले के बुलेटिन में IMD ने कहा कि चक्रवात अगले अड़तालीस घंटाटों के दौरान धीरे-धीरे और तेज होगा और अगले तीन दिनों के दौरान लगभग उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। बिपरजॉय पूर्व-मध्य अरब सागर के ऊपर सात जून दो हज़ार तेईस से गोवा से लगभग आठ सौ सत्तर किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम, मुंबई से नौ सौ तीस किमी दक्षिण पश्चिम में केंद्रित है। यह अगले अड़तालीस घंटाटों के दौरान धीरे-धीरे और तेज होगा आईएमडी ने ट्वीट किया कि अगले तीन दिनों के दौरान लगभग उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा। मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे अरब सागर में ऐसे चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में न जाएं और जो लोग समुद्र में हैं उन्हें तट पर लौटने की सलाह दी जाती है।
नई दिल्लीः Bank FD: अगर आपका खाता एसबीआई (SBI), पीएनबी (PNB), बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda), एचडीएफ़सी (HDFC Bank) और आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक में है तो आपके लिए अच्छी खबर है। दरअसल ये बैंक ग्राहकों को 6 महीने में बड़ा फायदा देने जा रही हैं। आपको बता दें कि इन बैंक की तरफ से एक एफडी शुरू की गई है, जो सिर्फ 6 महीने यानी 180 दिनों में मैच्योर हो जाएगी। बता दें कि ग्राहकों को सिर्फ 6 महीने के लिए एफडी (FD) कराना है और ब्याज कमाना है। वैसे देखा जाए तो निवेश के लिए एफडी (FD) बेहतरीन ऑप्शन है। इसमें सुरक्षित निवेश के साथ गारंटीड रिटर्न मिलता है। चलिए आपको कुछ खास बैंक में मिलने वाले ब्याज के बारे में बताते हैं। देश की जानी-मानी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 6 महीने यानी 180 दिनों की एफडी (FD) कराने पर आमजन को बैंक की तरफ से 4.50 फीसदी दर से ब्याज मिल रहा है। वहीं सीनियर सिटीजन को 5 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। पीएनबी (PNB) की तरफ से 6 महीने यानी 180 दिनों की एफडी (FD) पर आमजन को 4.50 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है और सीनियर सिटीजन को 5.00 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) की तरफ से 6 महीने यानी 180 दिनों की एफडी (FD) पर आमजन को 4.50 फीसदी ब्याज मिल रहा है और सीनियर सिटीजन को 5.00 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। एचडीएफ़सी ( HDFC Bank) की तरफ से 6 महीने यानी 180 दिनों की एफडी (FD) पर आमजन को 4.50 फीसदी ब्याज मिल रहा है। वहीं आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की तरफ से 6 महीने यानी 180 दिनों की एफडी (FD) पर आमजन को 4.75 फीसदी ब्याज मिल रहा है।
नई दिल्लीः Bank FD: अगर आपका खाता एसबीआई , पीएनबी , बैंक ऑफ बड़ौदा , एचडीएफ़सी और आईसीआईसीआई बैंक में है तो आपके लिए अच्छी खबर है। दरअसल ये बैंक ग्राहकों को छः महीने में बड़ा फायदा देने जा रही हैं। आपको बता दें कि इन बैंक की तरफ से एक एफडी शुरू की गई है, जो सिर्फ छः महीने यानी एक सौ अस्सी दिनों में मैच्योर हो जाएगी। बता दें कि ग्राहकों को सिर्फ छः महीने के लिए एफडी कराना है और ब्याज कमाना है। वैसे देखा जाए तो निवेश के लिए एफडी बेहतरीन ऑप्शन है। इसमें सुरक्षित निवेश के साथ गारंटीड रिटर्न मिलता है। चलिए आपको कुछ खास बैंक में मिलने वाले ब्याज के बारे में बताते हैं। देश की जानी-मानी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में छः महीने यानी एक सौ अस्सी दिनों की एफडी कराने पर आमजन को बैंक की तरफ से चार.पचास फीसदी दर से ब्याज मिल रहा है। वहीं सीनियर सिटीजन को पाँच फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। पीएनबी की तरफ से छः महीने यानी एक सौ अस्सी दिनों की एफडी पर आमजन को चार.पचास फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है और सीनियर सिटीजन को पाँच.शून्य फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से छः महीने यानी एक सौ अस्सी दिनों की एफडी पर आमजन को चार.पचास फीसदी ब्याज मिल रहा है और सीनियर सिटीजन को पाँच.शून्य फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। एचडीएफ़सी की तरफ से छः महीने यानी एक सौ अस्सी दिनों की एफडी पर आमजन को चार.पचास फीसदी ब्याज मिल रहा है। वहीं आईसीआईसीआई बैंक की तरफ से छः महीने यानी एक सौ अस्सी दिनों की एफडी पर आमजन को चार.पचहत्तर फीसदी ब्याज मिल रहा है।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। शोएब मलिक (जन्मः 1 1982) पाकिस्तान के एक अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में वह दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलते । शोएब मलिक ने 150 से ज्यादा ओडीआई विकेट लिए हैं, और टेस्ट और ओडीआई क्रिकेट दोनों में 30 के दशक के मध्य में बल्लेबाजी औसत है। उनकी गेंदबाजी की कार्रवाई जांच के तहत आ गई है (विशेष रूप से उनके डूसर) लेकिन उन्हें सही करने के लिए कोहनी सर्जरी हुई है। जून 2008 में आईसीसी ओडीआई ऑलराउंडर रैंकिंग में टीम के साथी शाहिद अफरीदी के पीछे मलिक दूसरे स्थान पर रहे। मार्च 2010 में, मलिक को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से एक साल का प्रतिबंध मिला; प्रतिबंध दो महीने बाद उलटा हुआ था। 13 सितंबर 2017 को, मलिक पाकिस्तान के लिए ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। 1 जुलाई 2018 को, मलिक ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय में 2,000 रन बनाने और दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचने वाले पहले एशियाई बल्लेबाज भी बने। . २००४ एशिया कप एशिया कप का चौथा संस्करण था जिसका आयोजन श्रीलंका ने किया था। इसे (इंडियन ऑइल एशिया कप) के नाम से भी जाना जाता था। जिसका फाइनल मैच श्रीलंका क्रिकेट टीम जीती थी तथा भारत क्रिकेट टीम उपविजेता रही थी। . शोएब मलिक और २००४ एशिया कप आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)। शोएब मलिक 9 संबंध है और २००४ एशिया कप 8 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (9 + 8)। यह लेख शोएब मलिक और २००४ एशिया कप के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। शोएब मलिक पाकिस्तान के एक अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में वह दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलते । शोएब मलिक ने एक सौ पचास से ज्यादा ओडीआई विकेट लिए हैं, और टेस्ट और ओडीआई क्रिकेट दोनों में तीस के दशक के मध्य में बल्लेबाजी औसत है। उनकी गेंदबाजी की कार्रवाई जांच के तहत आ गई है लेकिन उन्हें सही करने के लिए कोहनी सर्जरी हुई है। जून दो हज़ार आठ में आईसीसी ओडीआई ऑलराउंडर रैंकिंग में टीम के साथी शाहिद अफरीदी के पीछे मलिक दूसरे स्थान पर रहे। मार्च दो हज़ार दस में, मलिक को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से एक साल का प्रतिबंध मिला; प्रतिबंध दो महीने बाद उलटा हुआ था। तेरह सितंबर दो हज़ार सत्रह को, मलिक पाकिस्तान के लिए ट्वेन्टी-बीस अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। एक जुलाई दो हज़ार अट्ठारह को, मलिक ट्वेन्टी-बीस अंतरराष्ट्रीय में दो,शून्य रन बनाने और दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचने वाले पहले एशियाई बल्लेबाज भी बने। . दो हज़ार चार एशिया कप एशिया कप का चौथा संस्करण था जिसका आयोजन श्रीलंका ने किया था। इसे के नाम से भी जाना जाता था। जिसका फाइनल मैच श्रीलंका क्रिकेट टीम जीती थी तथा भारत क्रिकेट टीम उपविजेता रही थी। . शोएब मलिक और दो हज़ार चार एशिया कप आम में शून्य बातें हैं । शोएब मलिक नौ संबंध है और दो हज़ार चार एशिया कप आठ है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख शोएब मलिक और दो हज़ार चार एशिया कप के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
मुंबई. टीवी रियलिटी शो बिग बॉस के सीजन 14 (Bigg Boss 14) में राखी सावंत (Rakhi Sawant) दर्शकों को एंटरटेन करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। शो में वो सबसे ज्यादा दिखने वाली कंटेस्टेंट हैं। लेटेस्ट एपिसोड में घरवाले नया टास्क करते दिखे। इस टास्क में रेड और येलो दो टीम बनाई गई। इनमें रेड टीम की लीडर छोटी बहू यानी रुबीना और येलो टीम के लीडर राहुल वैद्य बनाए गए। टास्क के दौरान राखी सावंत कंट्रोल नहीं कर पाईं और उन्होंने पैंट्स में ही यूरिन कर दिया। मुंबई. 70 के दशक की सबसे ग्लैमरस एक्ट्रेसेस में से एक परवीन बाबी (parveen babi) की आज 16वीं डेथ एनिवर्सरी है। उनका निधन 20 जनवरी, 2005 को मुंबई में हुआ था। उनकी मौत के तीन दिन बाद उनके गुजर जाने की खबर सामने आई थी। अपने जमाने में कई सुपरहिट फिल्मों में काम करने वाली परवीन को प्रोफेशनल लाइफ जितनी सक्सेफुल रही उनकी पर्सनल लाइफ नहीं रही। उनके अफेयर्स कईयों के साथ रहे लेकिन किसी के साथ भी उनका रिश्ता अंजाम तक नहीं पहुंच पाया। परवीन की लाइफ में एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्हें लगने लगा था कि अमिताभ बच्चन (amitabh bachchan) उन्हें जान से मारना चाहते है। ये उस दौरान की बात है जब परवीन की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी थी। वरना एक वक्त ऐसा था जब वे बिग बी की तारीफ करते नहीं थकती थी। मुंबई. बॉलीवुड की डिंपल गर्ल कही जाने वाली एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। उन्होंने साल 2021 की शुरुआत सोशल मीडिया से पोस्ट्स को डिलीट करके की थी। इसकी वजह से फैंस काफी हैरान रह गए थे। हालांकि, बाद में दीपिका ने फिर से इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करनी शुरू कर दी थी। ऐसे में हाल ही में एक्ट्रेस ने फैंस के साथ 'Ask me anything' नाम से सेशन रखा था और इस दौरान फैंस ने भी उनसे खूब सारे सवाल किए, जिनके उन्होंने जवाब भी दिए। सदी के महानायक कहे जाने वाले एक्टर अमिताभ बच्चन केबीसी के 12वें सीजन को होस्ट कर रहे हैं। वो हमेशा की तरह ही बड़ी गर्मजोशी से कंटेस्टेंट्स से रूबरू होते हैं। उनसे हंसी-मजाक करते हैं और उनकी, अपनी निजी जिंदगी के बारे में बातें करते हैं। वीडियो डेस्क। टीवी की 'काव्या' यानी मदालसा शर्मा (Madalsa Sharma) इन दिनों 'अनुपमा' (Anupmaa) सीरियल में खूब धमाल मचा रही हैं। उनकी एक्टिंग फैंस को खूब पसंद आ रही हैं। हाल ही में मदालसा शर्मा का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह पीली साड़ी पहनकर डांस करती हुई दिखाई दे रही हैं। मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty) की बहू मदालसा शर्मा का यह वीडियो सीरियल 'अनुपमा' की शूटिंग के सेट का है, जहां एक्ट्रेस येलो साड़ी पहने झूमते हुए नजर आ रही हैं। मुंबई. बिग बॉस के हाल ही के एपिसोड में घरवालों ने कई सारे टास्क को रद्द करवाया। इसी वजह से गुस्से में आकर बिग बॉस ने इन्हें सजा देने का फैसला किया। ऐसे में मेकर्स ने खाने का सारा सामान स्टोरेज रूम में रखवा दिया। इनके पास केवल लिमिटेड सामान छोड़ गया। बिग बॉस के राशन ले जाने के बाद कंटेस्टेंट्स की हरकतों पर राखी सावंत भड़कती दिखीं। सोशल मीडिया पर वायरल एक प्रोमो में राखी को भूख से तड़पते देखा गया, जिसमें वो रोती-बिलखती दिखीं। वेब सीरिज तांडव (Tandav) को लेकर मचे बवाल के बाद इसके डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने दूसरी बार माफी मांगी है। इसके साथ ही अली ने ये भी कहा है कि फिल्म में जिस सीन को लेकर सबसे ज्यादा विवाद है, उसे बदल दिया जाएगा। बता दें कि फिल्म में जीशान अयूब के उस सीन पर सबसे ज्यादा विवाद हुआ है, जिसमें वो भगवान शिव की वेशभूषा में गालियां बकते नजर आ रहे हैं। मुंबई। 80 के दशक की ऐसी कई एक्ट्रेसेस हैं, जो अब फिल्मों से दूर हैं और लोग उन्हें जानते भी नहीं हैं। इन्हीं में से एक नाम है 1984 की फिल्म 'उत्सव' (Utsav) में रेखा (Rekha) के साथ काम कर चुकी एक्ट्रेस अनुराधा पटेल (Anuradha Patel) का। अनुराधा पटेल इस फिल्म के अलावा भी कई फिल्मों में नजर आईं, लेकिन बावजूद इसके अब उन्हें बेहद कम लोग जानते हैं और वो लाइमलाइट से दूर हैं। इस पैकेज में हम बता रहे हैं 80 के दशक की एक्ट्रेस अनुराधा पटेल के बारे में। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्रगिरि (Mahant Narendra Giri) ने मंगलवार को अपने एक बयान में चेतावनी देते हुए कहा है कि तांडव वेब सीरीज और उससे जुड़े सभी मुस्लिम डायरेक्टर और एक्टर ये हलफनामा नहीं देते कि वो फिल्म में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान नहीं करेंगे तब तक 'तांडव' के मेकर्स को माफ नहीं किया जाएगा। मुंबई। अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) अक्सर सोशल मीडिया पर कोई न कोई फोटो या वीडियो शेयर करते रहते हैं। हाल ही में बिग बी ने सोशल मीडिया पर ऐसी ही एक पुरानी फोटो शेयर की है, जो उनकी फिल्म 'मिस्टर नटवरलाल' (Mr. Natwarlal) के सेट की है। 42 साल पहले 1979 में रिलीज हुई इस फिल्म के सेट पर अमिताभ बच्चन स्क्रिप्ट पढ़ते नजर आ रहे हैं और वहीं कुर्सी पर बैठे ऋतिक रोशन (Hritik Roshan) उन्हें बड़े ही प्यार से निहार रहे हैं। इस फोटो में बिग बी के साथ ऋतिक रोशन और उनके चाचा राजेश रोशन दिखाई भी नजर आ रहे हैं।
मुंबई. टीवी रियलिटी शो बिग बॉस के सीजन चौदह में राखी सावंत दर्शकों को एंटरटेन करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। शो में वो सबसे ज्यादा दिखने वाली कंटेस्टेंट हैं। लेटेस्ट एपिसोड में घरवाले नया टास्क करते दिखे। इस टास्क में रेड और येलो दो टीम बनाई गई। इनमें रेड टीम की लीडर छोटी बहू यानी रुबीना और येलो टीम के लीडर राहुल वैद्य बनाए गए। टास्क के दौरान राखी सावंत कंट्रोल नहीं कर पाईं और उन्होंने पैंट्स में ही यूरिन कर दिया। मुंबई. सत्तर के दशक की सबसे ग्लैमरस एक्ट्रेसेस में से एक परवीन बाबी की आज सोलहवीं डेथ एनिवर्सरी है। उनका निधन बीस जनवरी, दो हज़ार पाँच को मुंबई में हुआ था। उनकी मौत के तीन दिन बाद उनके गुजर जाने की खबर सामने आई थी। अपने जमाने में कई सुपरहिट फिल्मों में काम करने वाली परवीन को प्रोफेशनल लाइफ जितनी सक्सेफुल रही उनकी पर्सनल लाइफ नहीं रही। उनके अफेयर्स कईयों के साथ रहे लेकिन किसी के साथ भी उनका रिश्ता अंजाम तक नहीं पहुंच पाया। परवीन की लाइफ में एक वक्त ऐसा भी आया जब उन्हें लगने लगा था कि अमिताभ बच्चन उन्हें जान से मारना चाहते है। ये उस दौरान की बात है जब परवीन की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी थी। वरना एक वक्त ऐसा था जब वे बिग बी की तारीफ करते नहीं थकती थी। मुंबई. बॉलीवुड की डिंपल गर्ल कही जाने वाली एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। उन्होंने साल दो हज़ार इक्कीस की शुरुआत सोशल मीडिया से पोस्ट्स को डिलीट करके की थी। इसकी वजह से फैंस काफी हैरान रह गए थे। हालांकि, बाद में दीपिका ने फिर से इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करनी शुरू कर दी थी। ऐसे में हाल ही में एक्ट्रेस ने फैंस के साथ 'Ask me anything' नाम से सेशन रखा था और इस दौरान फैंस ने भी उनसे खूब सारे सवाल किए, जिनके उन्होंने जवाब भी दिए। सदी के महानायक कहे जाने वाले एक्टर अमिताभ बच्चन केबीसी के बारहवें सीजन को होस्ट कर रहे हैं। वो हमेशा की तरह ही बड़ी गर्मजोशी से कंटेस्टेंट्स से रूबरू होते हैं। उनसे हंसी-मजाक करते हैं और उनकी, अपनी निजी जिंदगी के बारे में बातें करते हैं। वीडियो डेस्क। टीवी की 'काव्या' यानी मदालसा शर्मा इन दिनों 'अनुपमा' सीरियल में खूब धमाल मचा रही हैं। उनकी एक्टिंग फैंस को खूब पसंद आ रही हैं। हाल ही में मदालसा शर्मा का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वह पीली साड़ी पहनकर डांस करती हुई दिखाई दे रही हैं। मिथुन चक्रवर्ती की बहू मदालसा शर्मा का यह वीडियो सीरियल 'अनुपमा' की शूटिंग के सेट का है, जहां एक्ट्रेस येलो साड़ी पहने झूमते हुए नजर आ रही हैं। मुंबई. बिग बॉस के हाल ही के एपिसोड में घरवालों ने कई सारे टास्क को रद्द करवाया। इसी वजह से गुस्से में आकर बिग बॉस ने इन्हें सजा देने का फैसला किया। ऐसे में मेकर्स ने खाने का सारा सामान स्टोरेज रूम में रखवा दिया। इनके पास केवल लिमिटेड सामान छोड़ गया। बिग बॉस के राशन ले जाने के बाद कंटेस्टेंट्स की हरकतों पर राखी सावंत भड़कती दिखीं। सोशल मीडिया पर वायरल एक प्रोमो में राखी को भूख से तड़पते देखा गया, जिसमें वो रोती-बिलखती दिखीं। वेब सीरिज तांडव को लेकर मचे बवाल के बाद इसके डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने दूसरी बार माफी मांगी है। इसके साथ ही अली ने ये भी कहा है कि फिल्म में जिस सीन को लेकर सबसे ज्यादा विवाद है, उसे बदल दिया जाएगा। बता दें कि फिल्म में जीशान अयूब के उस सीन पर सबसे ज्यादा विवाद हुआ है, जिसमें वो भगवान शिव की वेशभूषा में गालियां बकते नजर आ रहे हैं। मुंबई। अस्सी के दशक की ऐसी कई एक्ट्रेसेस हैं, जो अब फिल्मों से दूर हैं और लोग उन्हें जानते भी नहीं हैं। इन्हीं में से एक नाम है एक हज़ार नौ सौ चौरासी की फिल्म 'उत्सव' में रेखा के साथ काम कर चुकी एक्ट्रेस अनुराधा पटेल का। अनुराधा पटेल इस फिल्म के अलावा भी कई फिल्मों में नजर आईं, लेकिन बावजूद इसके अब उन्हें बेहद कम लोग जानते हैं और वो लाइमलाइट से दूर हैं। इस पैकेज में हम बता रहे हैं अस्सी के दशक की एक्ट्रेस अनुराधा पटेल के बारे में। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नरेंद्रगिरि ने मंगलवार को अपने एक बयान में चेतावनी देते हुए कहा है कि तांडव वेब सीरीज और उससे जुड़े सभी मुस्लिम डायरेक्टर और एक्टर ये हलफनामा नहीं देते कि वो फिल्म में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान नहीं करेंगे तब तक 'तांडव' के मेकर्स को माफ नहीं किया जाएगा। मुंबई। अमिताभ बच्चन अक्सर सोशल मीडिया पर कोई न कोई फोटो या वीडियो शेयर करते रहते हैं। हाल ही में बिग बी ने सोशल मीडिया पर ऐसी ही एक पुरानी फोटो शेयर की है, जो उनकी फिल्म 'मिस्टर नटवरलाल' के सेट की है। बयालीस साल पहले एक हज़ार नौ सौ उन्यासी में रिलीज हुई इस फिल्म के सेट पर अमिताभ बच्चन स्क्रिप्ट पढ़ते नजर आ रहे हैं और वहीं कुर्सी पर बैठे ऋतिक रोशन उन्हें बड़े ही प्यार से निहार रहे हैं। इस फोटो में बिग बी के साथ ऋतिक रोशन और उनके चाचा राजेश रोशन दिखाई भी नजर आ रहे हैं।
कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं? जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड! अनुष्का शर्मा का मैटरनिटी फोटोशूट एक मैसेज है हमारे इस समाज को जो आधुनिक होने का ढोंग तो करता है लेकिन आधुनिकता अपनी सोच में नहीं लाता। अनुष्का शर्मा का मैटरनिटी फोटोशूट एक मैसेज है हमारे इस समाज को जो आधुनिक होने का ढोंग तो करता है लेकिन आधुनिकता अपनी सोच में नहीं लाता। बॉलीवुड सुपरस्टार और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा इन दिनों फ़िल्मी दुनियां से दूर अपनी प्रेग्नेंसी पीरियड एन्जॉय कर रही हैं। हाल ही में अनुष्का ने अपना मैटरनिटी फोटोशूट करवाया है। एक फेमस मैगज़ीन के लिये अनुष्का के द्वारा करवाया गया ये फोटो शूट कुछ ही समय में वायरल हो गया। इस फोटोशूट को सिर्फ दो दिनों में 120 मिलियन से ज्यादा लाइक्स मिले हैं। बताना चाहूंगी कि इस फोटोशूट में अनुष्का ने लम्बा सफ़ेद कोट पहन रखा है और साथ में अनकट डाइमंड सेट पहन रखा है। खूबसूरत अनुष्का अपने बेबी बंप को खूबसूरती के साथ फ्लॉन्ट करती नज़र आ रही हैं। बॉलीवुड में अनुष्का ने अपना नाम अपनी मेहनत से बनाया है और मैंने हमेशा अनुष्का को अपने लाइफ में एक्सपेरिमेंट करते और चलेंजे लेते ही देखा है। चाहे बात मात्र 19 साल की कम उम्र में फिल्मों में आना हो और वो भी यश राज के फ़िल्म की हीरोइन बन के या फिर मात्र 25 साल की छोटी उम्र में निर्माता बनाना हो, अनुष्का ने चैलेंज लिये तो उन्हें बखूबी निभाया भी है। स्टारडम की चोटी पे पहुंच विराट से शादी का निर्णय लेना मेरे साथ अनुष्का के कई फैंस को चौंका गया। अनुष्का ने 29 साल उम्र में शादी कर ये उदाहरण पेश कर दिया कि शादी किसी भी महिला के लिये कॅरियर ब्रेक नहीं होती, ना ही शादी एक महिला को अपने क्षेत्र में सफल होने से रोकती है। और अब जब अनुष्का और विराट अपने पहले बच्चे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ऐसे में ये मैटरनिटी फोटोशूट अपने आप में एक मैसेज है हमारे इस समाज को जो कि आधुनिक होने का ढोंग तो करता है लेकिन आधुनिकता अपनी सोच में नहीं लाता। अनुष्का का वोग फोटोशूट मेरी नज़रों में तो वो दमदार मैसेज है जिसकी गूंज सालों तक रहने वाली है। गर्भवती महिलाओं को ले कर जो विचार हमारे आधुनिकता का दिखावा करने वाले समाज में हैं, वो बेहद संक्रिण मानसिकता का परिचय देता है - महिलाओं को प्रेगनेंसी में अपने शरीर को सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाना चाहिये या फिर अपने मन के मुताबिक कपड़े नहीं पहनने चाहिये। अपने पेट को ढक कर रखना चाहिये। अनुष्का शर्मा का मैटरनिटी फोटोशूट उन सभी लोगों के मुँह पे तमाचा है जो ऐसा विचार रखते हैं। अगर महिला में आत्मविश्वास है तो वो हर रूप में खूबसूरत लग सकती है और किसी को कोई हक़ नहीं ये निर्णय लेने का की एक गर्भवती महिला कैसे कपड़े पहने और कैसे नहीं। मैं अनुष्का के इस कदम का पूर्णरूप में समर्थन करती हूँ। मैं यहाँ ये भी जिक्र करना चाहूंगी की अनुष्का अपनी प्रेगनेंसी पीरियड में सिर्फ इस फोटोशूट के लिये ही नहीं बल्कि अपने योग की दीवानगी और फिटनेस को ले कर भी चर्चा में रहती आयी हैं। चाहे वो प्रेगनेंसी के नवें महीने में ट्रेडमिल पे दौड़ लगाना हो या चाहे योग की उनकी दीवानगी और उनका शीर्षासन करना हो अनुष्का ने हमेशा चौंकाया ही है, साथ ही ये उदारहण भी सेट किया है कि प्रेगनेंसी कोई बीमारी नहीं, ये बस एक सुखद एहसास है जिसे हर महिला जीना चाहती है। यहाँ मैं ये बताना चाहूंगी की आज कल ऐसे मैटरनिटी फोटोशूट बहुत आम बात हो गई है। सेलिब्रेटी से ले कर आम आदमी तक ऐसे फोटोशूट करवा रहे हैं। ऐसे में क्या अनुष्का को ऐसे ट्रोल करना उचित है? मेरे नज़रिये से तो बिलकुल भी नहीं। ये अनुष्का और विराट का निजी मामला है कि वो कैसे अपनी फोटोशूट करवाते हैं। मैं ये भी मानती हूँ कि कई बार सेलिब्रिटी को आलोचना का शिकार होना पड़ता है लेकिन ये जरुरी नहीं हर बार आलोचना सही ही हो और क्यों हर बार ये सेलेब्रेटी अपने सेलेब होने की क़ीमत चुकायें इस तरह ट्रोल हो कर? अनुष्का का ये फोटोशूट एक ज़वाब है उन आधुनिकता का दिखावा करने वालों को की एक महिला के तौर पे वें आजाद है अपनी जिंदगी खुल कर जीने के लिये अपने मातृत्व के दिनों को यादगार बनाने के लिये। ये फोटोशूट उन ट्रोलर्स को भी एक करारा ज़वाब है कि एक हद तक ही किसी के पर्सनल लाइफ में घुसें। सेलेब्स की भी अपनी निजी जिंदगी होती है जिसे उन्हें अपने अंदाज में जीने की खुली छूट होनी चाहिये। शायद इसी वजह से आज ये फोटोशूट इंटरनेट पे ट्रेंड कर रहा है और साथ ही इस फोटोशूट ने व्यू के कई रिकॉर्ड भी तोड़ दिये हैं। एक महिला के तौर पर मैं तो अनुष्का के इस मैटरनिटी फोटोशूट की जम कर तारीफ करती हूँ। साथ ही अनुष्का और विराट को उनके भविष्य में माता पिता बनने की हार्दिक बधाई देती हूँ। विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो। यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।
कोरोना वायरस के प्रकोप में, हम औरतें कैसे, इस मुश्किल का सामना करते हुए भी, एक दूसरे का समर्थन कर सकती हैं? जानने के लिए चेक करें हमारी स्पेशल फीड! अनुष्का शर्मा का मैटरनिटी फोटोशूट एक मैसेज है हमारे इस समाज को जो आधुनिक होने का ढोंग तो करता है लेकिन आधुनिकता अपनी सोच में नहीं लाता। अनुष्का शर्मा का मैटरनिटी फोटोशूट एक मैसेज है हमारे इस समाज को जो आधुनिक होने का ढोंग तो करता है लेकिन आधुनिकता अपनी सोच में नहीं लाता। बॉलीवुड सुपरस्टार और भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा इन दिनों फ़िल्मी दुनियां से दूर अपनी प्रेग्नेंसी पीरियड एन्जॉय कर रही हैं। हाल ही में अनुष्का ने अपना मैटरनिटी फोटोशूट करवाया है। एक फेमस मैगज़ीन के लिये अनुष्का के द्वारा करवाया गया ये फोटो शूट कुछ ही समय में वायरल हो गया। इस फोटोशूट को सिर्फ दो दिनों में एक सौ बीस मिलियन से ज्यादा लाइक्स मिले हैं। बताना चाहूंगी कि इस फोटोशूट में अनुष्का ने लम्बा सफ़ेद कोट पहन रखा है और साथ में अनकट डाइमंड सेट पहन रखा है। खूबसूरत अनुष्का अपने बेबी बंप को खूबसूरती के साथ फ्लॉन्ट करती नज़र आ रही हैं। बॉलीवुड में अनुष्का ने अपना नाम अपनी मेहनत से बनाया है और मैंने हमेशा अनुष्का को अपने लाइफ में एक्सपेरिमेंट करते और चलेंजे लेते ही देखा है। चाहे बात मात्र उन्नीस साल की कम उम्र में फिल्मों में आना हो और वो भी यश राज के फ़िल्म की हीरोइन बन के या फिर मात्र पच्चीस साल की छोटी उम्र में निर्माता बनाना हो, अनुष्का ने चैलेंज लिये तो उन्हें बखूबी निभाया भी है। स्टारडम की चोटी पे पहुंच विराट से शादी का निर्णय लेना मेरे साथ अनुष्का के कई फैंस को चौंका गया। अनुष्का ने उनतीस साल उम्र में शादी कर ये उदाहरण पेश कर दिया कि शादी किसी भी महिला के लिये कॅरियर ब्रेक नहीं होती, ना ही शादी एक महिला को अपने क्षेत्र में सफल होने से रोकती है। और अब जब अनुष्का और विराट अपने पहले बच्चे का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ऐसे में ये मैटरनिटी फोटोशूट अपने आप में एक मैसेज है हमारे इस समाज को जो कि आधुनिक होने का ढोंग तो करता है लेकिन आधुनिकता अपनी सोच में नहीं लाता। अनुष्का का वोग फोटोशूट मेरी नज़रों में तो वो दमदार मैसेज है जिसकी गूंज सालों तक रहने वाली है। गर्भवती महिलाओं को ले कर जो विचार हमारे आधुनिकता का दिखावा करने वाले समाज में हैं, वो बेहद संक्रिण मानसिकता का परिचय देता है - महिलाओं को प्रेगनेंसी में अपने शरीर को सार्वजनिक रूप से नहीं दिखाना चाहिये या फिर अपने मन के मुताबिक कपड़े नहीं पहनने चाहिये। अपने पेट को ढक कर रखना चाहिये। अनुष्का शर्मा का मैटरनिटी फोटोशूट उन सभी लोगों के मुँह पे तमाचा है जो ऐसा विचार रखते हैं। अगर महिला में आत्मविश्वास है तो वो हर रूप में खूबसूरत लग सकती है और किसी को कोई हक़ नहीं ये निर्णय लेने का की एक गर्भवती महिला कैसे कपड़े पहने और कैसे नहीं। मैं अनुष्का के इस कदम का पूर्णरूप में समर्थन करती हूँ। मैं यहाँ ये भी जिक्र करना चाहूंगी की अनुष्का अपनी प्रेगनेंसी पीरियड में सिर्फ इस फोटोशूट के लिये ही नहीं बल्कि अपने योग की दीवानगी और फिटनेस को ले कर भी चर्चा में रहती आयी हैं। चाहे वो प्रेगनेंसी के नवें महीने में ट्रेडमिल पे दौड़ लगाना हो या चाहे योग की उनकी दीवानगी और उनका शीर्षासन करना हो अनुष्का ने हमेशा चौंकाया ही है, साथ ही ये उदारहण भी सेट किया है कि प्रेगनेंसी कोई बीमारी नहीं, ये बस एक सुखद एहसास है जिसे हर महिला जीना चाहती है। यहाँ मैं ये बताना चाहूंगी की आज कल ऐसे मैटरनिटी फोटोशूट बहुत आम बात हो गई है। सेलिब्रेटी से ले कर आम आदमी तक ऐसे फोटोशूट करवा रहे हैं। ऐसे में क्या अनुष्का को ऐसे ट्रोल करना उचित है? मेरे नज़रिये से तो बिलकुल भी नहीं। ये अनुष्का और विराट का निजी मामला है कि वो कैसे अपनी फोटोशूट करवाते हैं। मैं ये भी मानती हूँ कि कई बार सेलिब्रिटी को आलोचना का शिकार होना पड़ता है लेकिन ये जरुरी नहीं हर बार आलोचना सही ही हो और क्यों हर बार ये सेलेब्रेटी अपने सेलेब होने की क़ीमत चुकायें इस तरह ट्रोल हो कर? अनुष्का का ये फोटोशूट एक ज़वाब है उन आधुनिकता का दिखावा करने वालों को की एक महिला के तौर पे वें आजाद है अपनी जिंदगी खुल कर जीने के लिये अपने मातृत्व के दिनों को यादगार बनाने के लिये। ये फोटोशूट उन ट्रोलर्स को भी एक करारा ज़वाब है कि एक हद तक ही किसी के पर्सनल लाइफ में घुसें। सेलेब्स की भी अपनी निजी जिंदगी होती है जिसे उन्हें अपने अंदाज में जीने की खुली छूट होनी चाहिये। शायद इसी वजह से आज ये फोटोशूट इंटरनेट पे ट्रेंड कर रहा है और साथ ही इस फोटोशूट ने व्यू के कई रिकॉर्ड भी तोड़ दिये हैं। एक महिला के तौर पर मैं तो अनुष्का के इस मैटरनिटी फोटोशूट की जम कर तारीफ करती हूँ। साथ ही अनुष्का और विराट को उनके भविष्य में माता पिता बनने की हार्दिक बधाई देती हूँ। विमेन्सवेब एक खुला मंच है, जो विविध विचारों को प्रकाशित करता है। इस लेख में प्रकट किये गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं जो ज़रुरी नहीं की इस मंच की सोच को प्रतिबिम्बित करते हो। यदि आपके संपूरक या भिन्न विचार हों तो आप भी विमेन्स वेब के लिए लिख सकते हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में मिली सफलता की सराहना करते हुए आज कहा कि जंगलों में आग लगने की घटनाओं पर काबू पाने में विशेषज्ञता हासिल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नये भारत का 'विजन' लेकर चले हैं जिसका लक्ष्य हर क्षेत्र में देश को सर्वश्रेष्ठ बनाना है। आने वाले दिनों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी भारत को दुनिया का नेतृत्व करना है और सभी को यह संकल्प लेकर आगे बढ़ना चाहिए। आपदा प्रबंधन से जुड़े एक-एक व्यक्ति में त्याग, बलिदान और सेवा का भाव होना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंंधन के काम में आने वाले उन्नत उपकरणों को देश में ही बनाने की जरूरत है जिससे कि हम दुनिया का इस क्षेत्र में नेतृत्व कर सकें और भारत का मॉडल मिसाल बन सके। उन्होंने कहा कि आपदा के समय अलग-अलग एजेंसियों को साथ आना होता है लेकिन 'चेन ऑफ कमांड ' स्पष्ट नहीं होने से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन के सभी अंग इकट्ठे बैठ कर आपदा के समय किसकी क्या भूमिका होगी, वह पहले से तय कर लें ताकि आपदा के समय हमें मुश्किलों का सामना न करना पड़े।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में मिली सफलता की सराहना करते हुए आज कहा कि जंगलों में आग लगने की घटनाओं पर काबू पाने में विशेषज्ञता हासिल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नये भारत का 'विजन' लेकर चले हैं जिसका लक्ष्य हर क्षेत्र में देश को सर्वश्रेष्ठ बनाना है। आने वाले दिनों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी भारत को दुनिया का नेतृत्व करना है और सभी को यह संकल्प लेकर आगे बढ़ना चाहिए। आपदा प्रबंधन से जुड़े एक-एक व्यक्ति में त्याग, बलिदान और सेवा का भाव होना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंंधन के काम में आने वाले उन्नत उपकरणों को देश में ही बनाने की जरूरत है जिससे कि हम दुनिया का इस क्षेत्र में नेतृत्व कर सकें और भारत का मॉडल मिसाल बन सके। उन्होंने कहा कि आपदा के समय अलग-अलग एजेंसियों को साथ आना होता है लेकिन 'चेन ऑफ कमांड ' स्पष्ट नहीं होने से काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन के सभी अंग इकट्ठे बैठ कर आपदा के समय किसकी क्या भूमिका होगी, वह पहले से तय कर लें ताकि आपदा के समय हमें मुश्किलों का सामना न करना पड़े।
नॉर्थ साउंड (एंटीगा) एविन लुईस और शाई होप के बीच पहले विकेट की 192 रन की साझेदारी की मदद से वेस्टइंडीज ने दूसरे वनडे में श्रीलंका को पांच विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ विंडीज टीम ने तीन मैचों की इस सीरीज में 2-0 की अजेय बढत बना ली। लुईस ने 103 और होप ने 84 रन बनाए। वेस्टइंडीज ने दो गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले श्रीलंका ने आठ विकेट पर 273 रन बनाए जिसमें दानुष्का गुणतिलका ने सर्वाधिक 96 रन का योगदान दिया। हालांकि वह शतक से चूक गए। उनके अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश चंडीमल ने 71 रन का योगदान दिया। पढ़ें, टीम में रोहित नहीं, सहवाग का टीवी बंद, लोगों ने विराट से पूछा- ऐसा क्यों कैप्टन? 274 रन के टारगेट का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज के मध्यक्रम के बल्लेबाज लड़खड़ा गए और कप्तान कायरन पोलार्ड 46वें ओवर में आउट हो गए। इससे टीम दबाव में आ गई। निकोलस पूरन ने हालांकि 38 गेंद में नाबाद 35 रन बनाकर आखिरी ओवर में टीम को जीत तक पहुंचाया। श्रीलंका के खिलाफ वेस्टइंडीज की लक्ष्य का पीछा करते हुए यह सबसे बड़ी जीत है। वेस्टइंडीज को आखिरी 18 गेंद में 31 रन चाहिए थे। फैबियन एलेन ने नुवान प्रदीप की पहली गेंद पर छक्का मारा लेकिन अगली गेंद पर आउट हो गए। पूरन ने अगली गेंद पर चौका लगाकर दबाव कम किया। आखिरी दो ओवर में वेस्टइंडीज को 13 रन की जरूरत थी। दुष्मंता चामीरा ने 49वें ओवर में बेहद किफायती गेंदबाजी की जिससे आखिरी ओवर में लक्ष्य नौ रन का रह गया। पहली गेंद पर रन नहीं बना लेकिन प्रदीप की अगली गेंद पर पूरन ने चौका लगाया। इसके बाद फिर चौका लगाकर टीम को जीत तक पहुंचाया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने नौवे ओवर में तीन विकेट 50 रन पर गंवा दिये। दुष्मंता गुणतिलका ने 96 गेंद में 96 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने चौथे विकेट के लिये दिनेश चंडीमल के साथ 100 रन जोड़े। चांदीमल ने 71 रन का योगदान दिया जबकि विनांदु हसरंगा ने 31 गेंद में 47 रन बनाए। सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे रविवार को खेला जाएगा।
नॉर्थ साउंड एविन लुईस और शाई होप के बीच पहले विकेट की एक सौ बानवे रन की साझेदारी की मदद से वेस्टइंडीज ने दूसरे वनडे में श्रीलंका को पांच विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ विंडीज टीम ने तीन मैचों की इस सीरीज में दो-शून्य की अजेय बढत बना ली। लुईस ने एक सौ तीन और होप ने चौरासी रन बनाए। वेस्टइंडीज ने दो गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इससे पहले श्रीलंका ने आठ विकेट पर दो सौ तिहत्तर रन बनाए जिसमें दानुष्का गुणतिलका ने सर्वाधिक छियानवे रन का योगदान दिया। हालांकि वह शतक से चूक गए। उनके अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश चंडीमल ने इकहत्तर रन का योगदान दिया। पढ़ें, टीम में रोहित नहीं, सहवाग का टीवी बंद, लोगों ने विराट से पूछा- ऐसा क्यों कैप्टन? दो सौ चौहत्तर रन के टारगेट का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज के मध्यक्रम के बल्लेबाज लड़खड़ा गए और कप्तान कायरन पोलार्ड छियालीसवें ओवर में आउट हो गए। इससे टीम दबाव में आ गई। निकोलस पूरन ने हालांकि अड़तीस गेंद में नाबाद पैंतीस रन बनाकर आखिरी ओवर में टीम को जीत तक पहुंचाया। श्रीलंका के खिलाफ वेस्टइंडीज की लक्ष्य का पीछा करते हुए यह सबसे बड़ी जीत है। वेस्टइंडीज को आखिरी अट्ठारह गेंद में इकतीस रन चाहिए थे। फैबियन एलेन ने नुवान प्रदीप की पहली गेंद पर छक्का मारा लेकिन अगली गेंद पर आउट हो गए। पूरन ने अगली गेंद पर चौका लगाकर दबाव कम किया। आखिरी दो ओवर में वेस्टइंडीज को तेरह रन की जरूरत थी। दुष्मंता चामीरा ने उनचासवें ओवर में बेहद किफायती गेंदबाजी की जिससे आखिरी ओवर में लक्ष्य नौ रन का रह गया। पहली गेंद पर रन नहीं बना लेकिन प्रदीप की अगली गेंद पर पूरन ने चौका लगाया। इसके बाद फिर चौका लगाकर टीम को जीत तक पहुंचाया। इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने नौवे ओवर में तीन विकेट पचास रन पर गंवा दिये। दुष्मंता गुणतिलका ने छियानवे गेंद में छियानवे रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने चौथे विकेट के लिये दिनेश चंडीमल के साथ एक सौ रन जोड़े। चांदीमल ने इकहत्तर रन का योगदान दिया जबकि विनांदु हसरंगा ने इकतीस गेंद में सैंतालीस रन बनाए। सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे रविवार को खेला जाएगा।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
इंडिया में भोपाल में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक सांची स्तूप है. तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में जन्मी ये इमारत मौर्य राजवंश के महान सम्राट अशोक के शासनकाल में बनाई थी. इस खूबसूरत शहर के सबसे फेमस प्लेसेज में से एक ऊपरी झील है. इसे 'भोजताल' या 'बड़ा तालाब' कहा जाता है. ये भारत की सबसे पुरानी मानव निर्मित झील है. इस झील के आसपास कमला पार्क नाम का एक बहुत बड़ा गार्डन है. एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद ताज-उल-मस्जिद भोपाल में है. ये दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है. यहां लगभग एक लाख लोग इकट्ठे होकर नमाज अदा कर सकते हैं. इस मस्जिद का निर्माण कार्य भोपाल के आठवें शासक शाहजहां बेगम के शासन काल में प्रारंभ हुआ था. अगर आपको भोपाल जाना है तो आप वन विहार राष्ट्रीय उद्यान जा सकते है. इस जगह को साल 1979 में स्थापित किया गया था और ये भारत के सबसे फेमस राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है. यहां आपको कई प्रजाति के पक्षी, जीव-जंतु और कई तरह के पेड़-पौधे देखने को मिल जाएंगे. Video Credit :
इंडिया में भोपाल में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक सांची स्तूप है. तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में जन्मी ये इमारत मौर्य राजवंश के महान सम्राट अशोक के शासनकाल में बनाई थी. इस खूबसूरत शहर के सबसे फेमस प्लेसेज में से एक ऊपरी झील है. इसे 'भोजताल' या 'बड़ा तालाब' कहा जाता है. ये भारत की सबसे पुरानी मानव निर्मित झील है. इस झील के आसपास कमला पार्क नाम का एक बहुत बड़ा गार्डन है. एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद ताज-उल-मस्जिद भोपाल में है. ये दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है. यहां लगभग एक लाख लोग इकट्ठे होकर नमाज अदा कर सकते हैं. इस मस्जिद का निर्माण कार्य भोपाल के आठवें शासक शाहजहां बेगम के शासन काल में प्रारंभ हुआ था. अगर आपको भोपाल जाना है तो आप वन विहार राष्ट्रीय उद्यान जा सकते है. इस जगह को साल एक हज़ार नौ सौ उन्यासी में स्थापित किया गया था और ये भारत के सबसे फेमस राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है. यहां आपको कई प्रजाति के पक्षी, जीव-जंतु और कई तरह के पेड़-पौधे देखने को मिल जाएंगे. Video Credit :
अधिकारी कोरोना वायरस (Coronavirus) के नए स्वरूप को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण हालांकि विदेशी लोगों का स्वागत करने को लेकर थोड़ी सतर्कता बरत रहे हैं. इजरायल (Israel) ने बेहद सफल टीकाकरण अभियान के बाद अब घरों में मास्क लगाने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. यह पाबंदी मंगलवार को हटाई गई. हालांकि लोगों को अब भी विमानों में और आइसोलेशन सेंटर जाने के दौरान मास्क (Mask) लगाना होगा. जिन लोगों को अब तक कोविड रोधी टीका नहीं लगा है उन्हें नर्सिंग होम (Nursing Home) और अन्य दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुविधाओं में मास्क का इस्तेमाल करना होगा. इजरायल ने अपनी लगभग 85 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण कर दिया है जिसके बाद वहां स्कूलों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को पूरी तरह खोल दिया गया है. इजरायल की 90 लाख से ज्यादा की आबादी में कोरोना वायरस के महज कुछ दर्जन उपचाराधीन मरीज ही हैं. अधिकारी कोरोना वायरस के नए स्वरूप को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण हालांकि विदेशी लोगों का स्वागत करने को लेकर थोड़ी सतर्कता बरत रहे हैं. इजरायल ने पिछले महीने के अंत में आगंतुकों के ऐसे पहले समूह की मेजबानी की थी. यहां पहुंचने पर सभी पर्यटकों को टीकाकरण प्रमाण-पत्र दिखाना होता है और उनकी जांच भी की जाती है. रविवार को इजरायल में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिला. संसद की ओर से सरकार गठन की मंजूरी मिलने के बाद हुए मतदान में नफ्ताली बेनेट को एक वोट से बहुमत हासिल हुआ. इसी के साथ इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू का 12 साल लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया. एक सदस्य की अनुपस्थिति के साथ सरकार के पक्ष में 60 वोट पड़े और विपक्ष ने 59 वोट हासिल किए. कौन हैं इजरायल के नए PM नफ्ताली बेनेट? नफ्ताली बेनेट एक ऑर्थोडॉक्स यहूदी हैं और वह इजराल के पहले प्रधानमंत्री होंगे, जो हमेशा किप्पा (यहूदी लोगों की धार्मिक टोपी) पहनते हैं. वह तेल अवीव के रान्नना में रहते हैं. बेनेट ने अपने जीवन की शुरुआत हायफा से की. वह इजरायली सेना को अपनी सेवाएं भी दे चुके हैं. नफ्ताली बेनेट ने ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण किया है, जो एक आधुनिक, धार्मिक और राष्ट्रवादी विचारधारा वाला व्यक्ति है. बेनेट एलीट सायरेट मटकल कमांडो यूनिट में सेवा देने के बाद कानून की पढ़ाई के लिए हिब्रू यूनिवर्सिटी गए. 1999 में उन्होंने एक एंटी-फ्रॉड सॉफ्टवेयर कंपनी क्योटा की स्थापना की, जिसे उन्होंने 2005 में 145 मिलियन डॉलर में एक अमेरिकी कंपनी को बेच दिया.
अधिकारी कोरोना वायरस के नए स्वरूप को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण हालांकि विदेशी लोगों का स्वागत करने को लेकर थोड़ी सतर्कता बरत रहे हैं. इजरायल ने बेहद सफल टीकाकरण अभियान के बाद अब घरों में मास्क लगाने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. यह पाबंदी मंगलवार को हटाई गई. हालांकि लोगों को अब भी विमानों में और आइसोलेशन सेंटर जाने के दौरान मास्क लगाना होगा. जिन लोगों को अब तक कोविड रोधी टीका नहीं लगा है उन्हें नर्सिंग होम और अन्य दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुविधाओं में मास्क का इस्तेमाल करना होगा. इजरायल ने अपनी लगभग पचासी प्रतिशत आबादी का टीकाकरण कर दिया है जिसके बाद वहां स्कूलों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को पूरी तरह खोल दिया गया है. इजरायल की नब्बे लाख से ज्यादा की आबादी में कोरोना वायरस के महज कुछ दर्जन उपचाराधीन मरीज ही हैं. अधिकारी कोरोना वायरस के नए स्वरूप को लेकर बढ़ी चिंताओं के कारण हालांकि विदेशी लोगों का स्वागत करने को लेकर थोड़ी सतर्कता बरत रहे हैं. इजरायल ने पिछले महीने के अंत में आगंतुकों के ऐसे पहले समूह की मेजबानी की थी. यहां पहुंचने पर सभी पर्यटकों को टीकाकरण प्रमाण-पत्र दिखाना होता है और उनकी जांच भी की जाती है. रविवार को इजरायल में बड़ा राजनीतिक परिवर्तन देखने को मिला. संसद की ओर से सरकार गठन की मंजूरी मिलने के बाद हुए मतदान में नफ्ताली बेनेट को एक वोट से बहुमत हासिल हुआ. इसी के साथ इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू का बारह साल लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया. एक सदस्य की अनुपस्थिति के साथ सरकार के पक्ष में साठ वोट पड़े और विपक्ष ने उनसठ वोट हासिल किए. कौन हैं इजरायल के नए PM नफ्ताली बेनेट? नफ्ताली बेनेट एक ऑर्थोडॉक्स यहूदी हैं और वह इजराल के पहले प्रधानमंत्री होंगे, जो हमेशा किप्पा पहनते हैं. वह तेल अवीव के रान्नना में रहते हैं. बेनेट ने अपने जीवन की शुरुआत हायफा से की. वह इजरायली सेना को अपनी सेवाएं भी दे चुके हैं. नफ्ताली बेनेट ने ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण किया है, जो एक आधुनिक, धार्मिक और राष्ट्रवादी विचारधारा वाला व्यक्ति है. बेनेट एलीट सायरेट मटकल कमांडो यूनिट में सेवा देने के बाद कानून की पढ़ाई के लिए हिब्रू यूनिवर्सिटी गए. एक हज़ार नौ सौ निन्यानवे में उन्होंने एक एंटी-फ्रॉड सॉफ्टवेयर कंपनी क्योटा की स्थापना की, जिसे उन्होंने दो हज़ार पाँच में एक सौ पैंतालीस मिलियन डॉलर में एक अमेरिकी कंपनी को बेच दिया.
वैवाहिक जीवन दुसी दाम्पत्य जीवन का व्यवहार करते हैं। कलम जरा भी गर्म पड जाए, तो गदन नापी जाए। गुलशन पर वह क्यों बिगड जाते हैं इसलिए कि वह उनके अधीन है और उहे रूठ जाने के सिवा कोई दण्ड नही दे सकती। कितनी नीच कायरता है कि हम सबली के सामने दुम हिलाएँ और जो हमारे लिए अपने जीवन का बलिदान कर रही है, उस काटने दौडे ।' 'मगलसून' उपन्यास में पुष्पा का सन्तकुमार के हाथों आए दिन अपमान सहना पडता है। सन्तकुमार के लिए दुनिया में केवल एक ही वस्तु है--सम्पत्ति । इसके आगे स्त्री की भावनाएँ और इच्छाऍ कुछ मूल्य नही रखती। एक बार पुष्पा के हाथ से एक चीनी का प्लेट टूट गया था। इसके लिए उन्हाने उसके कान ऐंठ दिये थे। उसे बार बार उनके मुख स सुनना पड़ता था कि उनके घर में उसका कोई अधिकार नहीं है, वह उनकी याश्रिता है, लौडी है । सन्तकुमार के पिता ने वीस वर्षों पहले कोई जायदाद बहुत कम दामो में बेच दी थी। अब उसकी कीमत कई गुना बढ़ गई थी। सन्तकुमार वह जायदाद लड़ कर वापस लेना चाहते हैं, किन्तु मुकद्दमे के लिए रुपया की आवश्यकता है। वे पुष्पा की खुशामद करते हैं कि वह अपने पिता को दस हजार रुपए उधार देने के लिए लिखे । यह माँग पुष्पा को हर दृष्टि से अनुचित मालूम होती है, अत वह स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर देती है। इस बात के लिए सन्तकुमार कटु वचनो से उसका अपमान करते हैं-सन्तकुमार, "क्या माच रही हो ? मैं तुमसे सच कहता हूँ, मैं बहुत जल्द रुपए दे पुष्पा ने निश्चल भाव से कहा, "तुम्हे कहना हो, जा कर खुद कहो, मै तो नही लिख सकती।" सतकुमार ने होंठ चवा कर कहा, "जरा सी बात तुमसे नहीं लिखी जाती, उस पर दावा यह है कि घर पर मेरा भी अधिकार है।" पुष्पा ने नोश के साथ कहा, "मरा अधिकार तो उसी क्षण हो गया, जब मेरी गाँठ तुमसे बॅधी । " सत्तकुमार ने गर्व के साथ कहा, "ऐसा अधिकार जितनी आसानी से मिल जाता है, उतनी ही बसानी से छिन भी जाता है।' दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सेवा का शासन तो स्वीकृत होता है, किन्तु कोई अधिकार के बल पर शासन करना चाहे, तो उसे अपने साथी की कोमल भावनाओं, श्रद्धा और स्नेह से हाथ धोना पड़ता है। हिन्दू स्त्री युगा से पति का शासन स्वीकार करती थाई है अत पति यदि शासनप्रिय होता है, तो दम्पति के बीच कलह का कम अवकाश १ मानसरोवर माग २ पृष्ठ २३१ २ मंगलसूत्र पृष्ठ १९ २० सुमित्रा कहती है 'आखिर में क्यों इनकी ( पति की ) धौंस सहूँ । जो दस बातें प्यार को करे, उसकी एक धौंस मी सह ली जाती है। जिसकी तलवार सदा म्यान से बाहर रहती हो, उसकी कोई कहा तक सहे १" प्रतिज्ञा पृष्ठ १५० रहता है। किन्तु यदि पत्नी शामनप्रिय हुई, तत्र तो दम्पति के जीवन में सुख की सम्भावना हो नहीं रहती। स्त्री से पुरुष सहज कोमलता, माधुय, लज्जा, श्रद्धा और सेवा की माँग करता है। इनक अभाव में कलह अनिवार्य है। 'क्मभूमि' उपन्यास की सुखदा में शासन भावना अधिक है, जिससे अमरकान्त परेशान रहता है। जिन दिनों अमर अपने पिता से अलग रहता था, उन दिनों वह कमीशन पर खादी के कपड़े बचा करता था और रुपया, सवा रुपया रोज की उसकी याय थी । मुखदा ने भी, अमर की इच्छा के विरुद्ध, एक स्कूल में नौकरी कर ली थी और पचास रुपए वेतन पाती थी। नौकरी करके वह और भी उद्दण्ड हो गई थी। घर के सारे कार्य यमर को करने पड़ते थे। दोनो किसी बात में एकमत नहीं होते योर सुखदा के हठ तथा रोव के सामने अमर को हमेशा दयना पड़ता है - 'अमर दिल खोल कर तो कुछ कह नहीं सकता, पर मन में जलता रहता है। घर के सारे काम, बच्चे को सँभालना, रसोई पकाना, बाजार से जरूरी चीज मँगाना वह सब उसके मत्थे है। सुखदा घर के कामों के नगीच नहीं जाती। अमर याम कहता है, तो सुखदा इमली कहती है। दोनों में हमेशा खटपट होती रहती है। मुखदा इम दरिद्रावस्था में भी उस पर शासन कर रही है।" सुखदा के कठोर शामन का परिणाम यह होता है कि अमर का दलित पुरुषल सकीना की कोमलता, मधुरता और नम्रता की ओर आकृष्ट होता है। सुखदा और अमर में विछेद मा हो जाता है। यमर घर छोह कर भाग जाता है। 'क्पट' के कारण भी दम्पति दुखी रहते हैं। इससे मन्देह और अविश्वास बढ़ता है। जहाँ मन में कोई बात खटके, पति पत्नी को चाहिए कि खुले दिल से बातें करके उसे निकाल दें। अन्यथा इसका भयकर परिणाम उन्हें ही भोगना पड़ता है। सुमन के वश्या बनने में कपट का बहुत बडा हाथ है। सुमन को अच्छा खाने और अच्छा पहनने की आदत है। पति का महीने भर का वतन वह बीस दिनों में ही साफ कर देती है। पति जन उसे किफायत करने को कहता है, तो वह पति से छिपा कर अच्छी चीजें खाती है'मुमन का जीवन सुख में क्टा था । उसे अच्छा साने, अच्छा पहनने की आदत थी । अपने द्वार पर खोमचेवालों की आवाज सुन कर उससे रहा न जाता। यध तक वह गनाघर का भी खिलाती थी। अब से अकेले ही खा जाती। जिह्वा रम भोग के लिए पति से चपट करने लगी । सुमन की यह क्पट भावना बढ़ती ही जाती है। वह क्या करती है, कहाँ जाती है, उसके साथ क्या घटनाएँ घटती है, वह क्या सोचती है, यह सब वह पति से छिपाती है। धीरे धीरे गजाधर के मन में सन्देह और अविश्वास जड जमा लेते हैं। एक दिन वह पति से पूछे निना बेश्या वा सुतरा देखने अपनी सखी के घर चली जाती है और वहाँ से एक बत्रे रात में लौटती है । गनाधर उस पर लाइन लगा कर उसे घर से निकाल देता है । १ कर्मभूमि० पृष्ठ १२२ १२३ २ सेवासदन, पृष्ठ १९ 'लाइन" कहानी में देवी भी ऐसी ही स्त्री है। वह मुन्नू मेहतर और शोहदे रजा मियाँ से तो घुल घुल कर बातें करती है, यहाँ तक कि अपने पति श्यामकिशोर की गुप्त वातों को भी कह देती है, किन्तु पति से उन शोहदों को बातें छिपाती है। मुन्नू श्यामकिशोर की झूठी निन्दा करता है, तो देवी उस पर विश्वास कर लेती है। किन्तु, श्यामकिशोर जब मुन्नू को काम से हटा देने को कहत हैं, तो वह असमजम में पड़ जाती है। शोहदों की शरारत से बचने के लिए श्यामकिशोर घर बदल देते हैं और मुन्नू मेहतर को निकाल देते हैं। इतना हाने और श्यामकिशोर के समझाने पर भी, जब मुन्नू देवी से मिलने के लिए नए मकान में आता है, तो वह उसे दुतकारती नहीं, बल्कि उसका स्वागत करती है। व्यत्र श्यामकिशोर का सन्देह बढता है और वे देवी पर लाइन लगाते हैं, उसे अपशब्द कहते हैं और मारते भी हैं। देवी स्वय ही घर से निकल खड़ी होती है और किसी सहारे के भाव में मुन्नू से सहायता लेती है। इस प्रकार केवल अपनी क्पट भावना और पति पर अविश्वास के कारण वह शोहदों के चगुन में पेंसती है। यदि वह निष्कपट भाव से अपने पति को बता देती कि मुन्नू ने उससे क्या कहा और पति के समझाने पर उनके वथनानुसार चलती, तो पति और उसके बीच सन्देह तथा अविश्वाम की दीवार खड़ी न होती । यदि पति-पत्नो एक दूसरे से क्पट करते हैं, तो उनका जीवन कभी सुखपूर्ण नहीं हो सकता । प्रेमचन्द इसे सिद्धान्त रूप में मानते हैं और प्रायः इसका वर्णन करते हैं। 'गरन' उपन्यास की जालपा सुन्दर और आभूषणप्रिय है। वह विवाह के बाद ससुराल आती तो चन्द्रहार पाये बिना कोई दूसरा आभूषण पहनने से इनकार कर देती है। उसके रूप और यौवन पर मुग्ध, उसका गरीब पति ( रमानाथ ), उसकी इस मनोवृत्ति को देख कर, उसके सामने अपने और अपने परिवार के बारे में डीग मारता है। वह जालपा से कपट करता है। वह सराफ का बकाया चुकाने के लिए उससे दो एक गहने माँग कर नहीं ले जाता, बल्कि सारे गहने चुरा लेता है। जालपा कहाँ तो चन्द्रहार के लिए रूठी हुई थी, वहाँ उसके सारे आभूषण चले गए। वह बहुत दुखी होती है। उसको खुश करने के लिए रमानाथ फिर क्पट करता है वह गहने और शृंगार प्रसाधन उधार लाता है। इस कपट का परिणाम यह होता है कि वह अपने दफ्तर से गजन करता है और घर छोड कर भाग खड़ा होता है, किन्तु जालपा को बतलाता तक नही। यदि वह जालपा से सारी बातें कह देवा, तो वह अपने गहने बेच कर भी उसकी रक्षा करती। किन्तु यह भी सत्य है कि पति को चिन्तित देख कर भी जालपा ने उसका कारण जानने के लिए कभी विशेष यामह नहीं किया । यद्यपि रमानाथ के भागने पर वह इस क्पट के लिए उसे हो दोषी ठहराती है, किन्तु उसकी सहेली रतन कहती है, "ऐसे पुरुष तो बहुत कम होंगे, जो स्त्री से अपना दिल खोलते हों। जब तुम स्वय दिल में चोर रखती हो, तो उनसे क्यों बाशा रखती हो कि वे तुमसे कोई परदा न रखें। तुम ईमान से कह सकती हो कि तुमने उनसे परदा नहीं रखा १" १. मानसरोवर, माग ५, पृष्ठ ११६ जालपा ने सकुचाते हुए कहा, "मैने तो अपने मन में परदा नहीं रखा।" रतन ने जोर दे कर कहा, "भूठ बोलती हो, विलकुल झूठ। अगर तुमने विश्वास किया होता, ता वे भी खुलते।" 'जालपा इस आक्षेप का अपने सिर से न टाल सकी । उसे आज ज्ञात हुआ कि क्पट का आरम्भ पहले उसी की ओर से हुआ।" भोग विलास और आभूषणो पर जान देने वाली सुन्दर स्त्री से पुरुष अपनी आर्थिक स्थिति अवश्य छिपाता है, उम पर मन्देह और अविश्वास भी करता है। 'दो सखिया कहानी को पद्मा अत्यन्त सुन्दर और कपट तथा भाया में निपुण स्त्री है। वह भोग विलास, मौज और आराम के लिए प्राण देती है, जब कि उसके पति (विनोद) इन्हें अनुचित समझते हैं। इस प्रकार दोनों के मन में गाँठ पड़ जाती है। न तो दोनों एक दूसरे के मनोभाव को समझ पाते हैं और न कभी निष्कपट हृदय से मन की गाँठ ही खोलते हैं। इस कपट और दुराव से आपम की दूरी बढती जाती है। पद्मा एक और नाटक करती है, जिसक पीछे कोई बुरी भावना तो नहीं है किन्तु चपट अवश्य है । वह एक दूसरे युवक से स्नेह बढ़ाती है । बात यह है कि विनाद का हृदय इतना कोमल है कि वे अपने क्वोर भावों को पत्नी के सामने कभी प्रकट नहीं करते। और, पद्मा पति की इच्छाएँ समझने, उनके मनोभावों को पढ़ने या उनके हृदय में पैठने की कोशिश न कर, गलत रास्ते पर चल पड़ती है। वह पर पुरुष से प्रम का स्वाँग रचती है, क्योंकि वह देखना चाहती है कि तब भी विनोद उसे भला बुरा कहते हैं या नहीं। विनोद उसे अपशब्द तो नही कहत, किन्तु उन्हें अपनी पत्नी की दुश्चरित्रता का पूरा विश्वास हो जाता है। वे दुख में विष खा लेते हैं और बडी कठिनता से बचते हैं। इस प्रकार पद्मा अपनी कपट भावना के कारण, दाम्पत्य सुख से वचित हो जाती है और विधवा होते होते बचती है। राजा महेंद्र और इन्दु की चचा की जा चुकी है। राजा साहब को अपनी नेकनामी अत्यधिक प्रिय है। वे म्युनिसिपल चेयरमैन होने के कारण अपने को शासन का एक अग समझत है, अत सेवा समितियों से किसी प्रकार का सम्बन्ध नहीं रखना चाहते। इदु के भाई विनय सिंह ने एक सवा समिति खोली है। वह समिति गढ़वाल जा रही है, यत, उसकी माँ, स्वयंसवकों को विदा करने के लिए, इन्दु को भी स्टेशन पर बुलाती है। इन्दु स्टेशन न जाए, क्योंकि इससे बदनामी होगी, यह सोच कर महेन्द्र कपट का आश्रय लेते हैं। पहले वे वादल घिरने और वर्षा होने तथा स्टेशन पर बहुत भीड होने का बहाना कर, उसे रोकते हैं । इदु सहज भाव से राजा साहब के इन बहानों के उत्तर देती है और जाना चाहती है। राजा साहब को अब सच बात कहनी पड़ती है। इन्दु को इसका बहुत दुख होता है कि पहले तो उससे क्पट किया गया और अब बलात् उसे रोकने की चेष्टा की जा रही है। वह दुरामह कर स्टेशन चली जाती है। राजा साहब मोचते हैं, अब तो वे हुक्काम की टेढी नजरों से बच नहीं सकते, तो क्यों नहीं जनता को श्रद्धा अर्जित की राजन पृष्ठ १५६ २ मानसरोवर, माग ४, पृष्ठ २११
वैवाहिक जीवन दुसी दाम्पत्य जीवन का व्यवहार करते हैं। कलम जरा भी गर्म पड जाए, तो गदन नापी जाए। गुलशन पर वह क्यों बिगड जाते हैं इसलिए कि वह उनके अधीन है और उहे रूठ जाने के सिवा कोई दण्ड नही दे सकती। कितनी नीच कायरता है कि हम सबली के सामने दुम हिलाएँ और जो हमारे लिए अपने जीवन का बलिदान कर रही है, उस काटने दौडे ।' 'मगलसून' उपन्यास में पुष्पा का सन्तकुमार के हाथों आए दिन अपमान सहना पडता है। सन्तकुमार के लिए दुनिया में केवल एक ही वस्तु है--सम्पत्ति । इसके आगे स्त्री की भावनाएँ और इच्छाऍ कुछ मूल्य नही रखती। एक बार पुष्पा के हाथ से एक चीनी का प्लेट टूट गया था। इसके लिए उन्हाने उसके कान ऐंठ दिये थे। उसे बार बार उनके मुख स सुनना पड़ता था कि उनके घर में उसका कोई अधिकार नहीं है, वह उनकी याश्रिता है, लौडी है । सन्तकुमार के पिता ने वीस वर्षों पहले कोई जायदाद बहुत कम दामो में बेच दी थी। अब उसकी कीमत कई गुना बढ़ गई थी। सन्तकुमार वह जायदाद लड़ कर वापस लेना चाहते हैं, किन्तु मुकद्दमे के लिए रुपया की आवश्यकता है। वे पुष्पा की खुशामद करते हैं कि वह अपने पिता को दस हजार रुपए उधार देने के लिए लिखे । यह माँग पुष्पा को हर दृष्टि से अनुचित मालूम होती है, अत वह स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर देती है। इस बात के लिए सन्तकुमार कटु वचनो से उसका अपमान करते हैं-सन्तकुमार, "क्या माच रही हो ? मैं तुमसे सच कहता हूँ, मैं बहुत जल्द रुपए दे पुष्पा ने निश्चल भाव से कहा, "तुम्हे कहना हो, जा कर खुद कहो, मै तो नही लिख सकती।" सतकुमार ने होंठ चवा कर कहा, "जरा सी बात तुमसे नहीं लिखी जाती, उस पर दावा यह है कि घर पर मेरा भी अधिकार है।" पुष्पा ने नोश के साथ कहा, "मरा अधिकार तो उसी क्षण हो गया, जब मेरी गाँठ तुमसे बॅधी । " सत्तकुमार ने गर्व के साथ कहा, "ऐसा अधिकार जितनी आसानी से मिल जाता है, उतनी ही बसानी से छिन भी जाता है।' दाम्पत्य जीवन में प्रेम और सेवा का शासन तो स्वीकृत होता है, किन्तु कोई अधिकार के बल पर शासन करना चाहे, तो उसे अपने साथी की कोमल भावनाओं, श्रद्धा और स्नेह से हाथ धोना पड़ता है। हिन्दू स्त्री युगा से पति का शासन स्वीकार करती थाई है अत पति यदि शासनप्रिय होता है, तो दम्पति के बीच कलह का कम अवकाश एक मानसरोवर माग दो पृष्ठ दो सौ इकतीस दो मंगलसूत्र पृष्ठ उन्नीस बीस सुमित्रा कहती है 'आखिर में क्यों इनकी धौंस सहूँ । जो दस बातें प्यार को करे, उसकी एक धौंस मी सह ली जाती है। जिसकी तलवार सदा म्यान से बाहर रहती हो, उसकी कोई कहा तक सहे एक" प्रतिज्ञा पृष्ठ एक सौ पचास रहता है। किन्तु यदि पत्नी शामनप्रिय हुई, तत्र तो दम्पति के जीवन में सुख की सम्भावना हो नहीं रहती। स्त्री से पुरुष सहज कोमलता, माधुय, लज्जा, श्रद्धा और सेवा की माँग करता है। इनक अभाव में कलह अनिवार्य है। 'क्मभूमि' उपन्यास की सुखदा में शासन भावना अधिक है, जिससे अमरकान्त परेशान रहता है। जिन दिनों अमर अपने पिता से अलग रहता था, उन दिनों वह कमीशन पर खादी के कपड़े बचा करता था और रुपया, सवा रुपया रोज की उसकी याय थी । मुखदा ने भी, अमर की इच्छा के विरुद्ध, एक स्कूल में नौकरी कर ली थी और पचास रुपए वेतन पाती थी। नौकरी करके वह और भी उद्दण्ड हो गई थी। घर के सारे कार्य यमर को करने पड़ते थे। दोनो किसी बात में एकमत नहीं होते योर सुखदा के हठ तथा रोव के सामने अमर को हमेशा दयना पड़ता है - 'अमर दिल खोल कर तो कुछ कह नहीं सकता, पर मन में जलता रहता है। घर के सारे काम, बच्चे को सँभालना, रसोई पकाना, बाजार से जरूरी चीज मँगाना वह सब उसके मत्थे है। सुखदा घर के कामों के नगीच नहीं जाती। अमर याम कहता है, तो सुखदा इमली कहती है। दोनों में हमेशा खटपट होती रहती है। मुखदा इम दरिद्रावस्था में भी उस पर शासन कर रही है।" सुखदा के कठोर शामन का परिणाम यह होता है कि अमर का दलित पुरुषल सकीना की कोमलता, मधुरता और नम्रता की ओर आकृष्ट होता है। सुखदा और अमर में विछेद मा हो जाता है। यमर घर छोह कर भाग जाता है। 'क्पट' के कारण भी दम्पति दुखी रहते हैं। इससे मन्देह और अविश्वास बढ़ता है। जहाँ मन में कोई बात खटके, पति पत्नी को चाहिए कि खुले दिल से बातें करके उसे निकाल दें। अन्यथा इसका भयकर परिणाम उन्हें ही भोगना पड़ता है। सुमन के वश्या बनने में कपट का बहुत बडा हाथ है। सुमन को अच्छा खाने और अच्छा पहनने की आदत है। पति का महीने भर का वतन वह बीस दिनों में ही साफ कर देती है। पति जन उसे किफायत करने को कहता है, तो वह पति से छिपा कर अच्छी चीजें खाती है'मुमन का जीवन सुख में क्टा था । उसे अच्छा साने, अच्छा पहनने की आदत थी । अपने द्वार पर खोमचेवालों की आवाज सुन कर उससे रहा न जाता। यध तक वह गनाघर का भी खिलाती थी। अब से अकेले ही खा जाती। जिह्वा रम भोग के लिए पति से चपट करने लगी । सुमन की यह क्पट भावना बढ़ती ही जाती है। वह क्या करती है, कहाँ जाती है, उसके साथ क्या घटनाएँ घटती है, वह क्या सोचती है, यह सब वह पति से छिपाती है। धीरे धीरे गजाधर के मन में सन्देह और अविश्वास जड जमा लेते हैं। एक दिन वह पति से पूछे निना बेश्या वा सुतरा देखने अपनी सखी के घर चली जाती है और वहाँ से एक बत्रे रात में लौटती है । गनाधर उस पर लाइन लगा कर उसे घर से निकाल देता है । एक कर्मभूमिशून्य पृष्ठ एक सौ बाईस एक सौ तेईस दो सेवासदन, पृष्ठ उन्नीस 'लाइन" कहानी में देवी भी ऐसी ही स्त्री है। वह मुन्नू मेहतर और शोहदे रजा मियाँ से तो घुल घुल कर बातें करती है, यहाँ तक कि अपने पति श्यामकिशोर की गुप्त वातों को भी कह देती है, किन्तु पति से उन शोहदों को बातें छिपाती है। मुन्नू श्यामकिशोर की झूठी निन्दा करता है, तो देवी उस पर विश्वास कर लेती है। किन्तु, श्यामकिशोर जब मुन्नू को काम से हटा देने को कहत हैं, तो वह असमजम में पड़ जाती है। शोहदों की शरारत से बचने के लिए श्यामकिशोर घर बदल देते हैं और मुन्नू मेहतर को निकाल देते हैं। इतना हाने और श्यामकिशोर के समझाने पर भी, जब मुन्नू देवी से मिलने के लिए नए मकान में आता है, तो वह उसे दुतकारती नहीं, बल्कि उसका स्वागत करती है। व्यत्र श्यामकिशोर का सन्देह बढता है और वे देवी पर लाइन लगाते हैं, उसे अपशब्द कहते हैं और मारते भी हैं। देवी स्वय ही घर से निकल खड़ी होती है और किसी सहारे के भाव में मुन्नू से सहायता लेती है। इस प्रकार केवल अपनी क्पट भावना और पति पर अविश्वास के कारण वह शोहदों के चगुन में पेंसती है। यदि वह निष्कपट भाव से अपने पति को बता देती कि मुन्नू ने उससे क्या कहा और पति के समझाने पर उनके वथनानुसार चलती, तो पति और उसके बीच सन्देह तथा अविश्वाम की दीवार खड़ी न होती । यदि पति-पत्नो एक दूसरे से क्पट करते हैं, तो उनका जीवन कभी सुखपूर्ण नहीं हो सकता । प्रेमचन्द इसे सिद्धान्त रूप में मानते हैं और प्रायः इसका वर्णन करते हैं। 'गरन' उपन्यास की जालपा सुन्दर और आभूषणप्रिय है। वह विवाह के बाद ससुराल आती तो चन्द्रहार पाये बिना कोई दूसरा आभूषण पहनने से इनकार कर देती है। उसके रूप और यौवन पर मुग्ध, उसका गरीब पति , उसकी इस मनोवृत्ति को देख कर, उसके सामने अपने और अपने परिवार के बारे में डीग मारता है। वह जालपा से कपट करता है। वह सराफ का बकाया चुकाने के लिए उससे दो एक गहने माँग कर नहीं ले जाता, बल्कि सारे गहने चुरा लेता है। जालपा कहाँ तो चन्द्रहार के लिए रूठी हुई थी, वहाँ उसके सारे आभूषण चले गए। वह बहुत दुखी होती है। उसको खुश करने के लिए रमानाथ फिर क्पट करता है वह गहने और शृंगार प्रसाधन उधार लाता है। इस कपट का परिणाम यह होता है कि वह अपने दफ्तर से गजन करता है और घर छोड कर भाग खड़ा होता है, किन्तु जालपा को बतलाता तक नही। यदि वह जालपा से सारी बातें कह देवा, तो वह अपने गहने बेच कर भी उसकी रक्षा करती। किन्तु यह भी सत्य है कि पति को चिन्तित देख कर भी जालपा ने उसका कारण जानने के लिए कभी विशेष यामह नहीं किया । यद्यपि रमानाथ के भागने पर वह इस क्पट के लिए उसे हो दोषी ठहराती है, किन्तु उसकी सहेली रतन कहती है, "ऐसे पुरुष तो बहुत कम होंगे, जो स्त्री से अपना दिल खोलते हों। जब तुम स्वय दिल में चोर रखती हो, तो उनसे क्यों बाशा रखती हो कि वे तुमसे कोई परदा न रखें। तुम ईमान से कह सकती हो कि तुमने उनसे परदा नहीं रखा एक" एक. मानसरोवर, माग पाँच, पृष्ठ एक सौ सोलह जालपा ने सकुचाते हुए कहा, "मैने तो अपने मन में परदा नहीं रखा।" रतन ने जोर दे कर कहा, "भूठ बोलती हो, विलकुल झूठ। अगर तुमने विश्वास किया होता, ता वे भी खुलते।" 'जालपा इस आक्षेप का अपने सिर से न टाल सकी । उसे आज ज्ञात हुआ कि क्पट का आरम्भ पहले उसी की ओर से हुआ।" भोग विलास और आभूषणो पर जान देने वाली सुन्दर स्त्री से पुरुष अपनी आर्थिक स्थिति अवश्य छिपाता है, उम पर मन्देह और अविश्वास भी करता है। 'दो सखिया कहानी को पद्मा अत्यन्त सुन्दर और कपट तथा भाया में निपुण स्त्री है। वह भोग विलास, मौज और आराम के लिए प्राण देती है, जब कि उसके पति इन्हें अनुचित समझते हैं। इस प्रकार दोनों के मन में गाँठ पड़ जाती है। न तो दोनों एक दूसरे के मनोभाव को समझ पाते हैं और न कभी निष्कपट हृदय से मन की गाँठ ही खोलते हैं। इस कपट और दुराव से आपम की दूरी बढती जाती है। पद्मा एक और नाटक करती है, जिसक पीछे कोई बुरी भावना तो नहीं है किन्तु चपट अवश्य है । वह एक दूसरे युवक से स्नेह बढ़ाती है । बात यह है कि विनाद का हृदय इतना कोमल है कि वे अपने क्वोर भावों को पत्नी के सामने कभी प्रकट नहीं करते। और, पद्मा पति की इच्छाएँ समझने, उनके मनोभावों को पढ़ने या उनके हृदय में पैठने की कोशिश न कर, गलत रास्ते पर चल पड़ती है। वह पर पुरुष से प्रम का स्वाँग रचती है, क्योंकि वह देखना चाहती है कि तब भी विनोद उसे भला बुरा कहते हैं या नहीं। विनोद उसे अपशब्द तो नही कहत, किन्तु उन्हें अपनी पत्नी की दुश्चरित्रता का पूरा विश्वास हो जाता है। वे दुख में विष खा लेते हैं और बडी कठिनता से बचते हैं। इस प्रकार पद्मा अपनी कपट भावना के कारण, दाम्पत्य सुख से वचित हो जाती है और विधवा होते होते बचती है। राजा महेंद्र और इन्दु की चचा की जा चुकी है। राजा साहब को अपनी नेकनामी अत्यधिक प्रिय है। वे म्युनिसिपल चेयरमैन होने के कारण अपने को शासन का एक अग समझत है, अत सेवा समितियों से किसी प्रकार का सम्बन्ध नहीं रखना चाहते। इदु के भाई विनय सिंह ने एक सवा समिति खोली है। वह समिति गढ़वाल जा रही है, यत, उसकी माँ, स्वयंसवकों को विदा करने के लिए, इन्दु को भी स्टेशन पर बुलाती है। इन्दु स्टेशन न जाए, क्योंकि इससे बदनामी होगी, यह सोच कर महेन्द्र कपट का आश्रय लेते हैं। पहले वे वादल घिरने और वर्षा होने तथा स्टेशन पर बहुत भीड होने का बहाना कर, उसे रोकते हैं । इदु सहज भाव से राजा साहब के इन बहानों के उत्तर देती है और जाना चाहती है। राजा साहब को अब सच बात कहनी पड़ती है। इन्दु को इसका बहुत दुख होता है कि पहले तो उससे क्पट किया गया और अब बलात् उसे रोकने की चेष्टा की जा रही है। वह दुरामह कर स्टेशन चली जाती है। राजा साहब मोचते हैं, अब तो वे हुक्काम की टेढी नजरों से बच नहीं सकते, तो क्यों नहीं जनता को श्रद्धा अर्जित की राजन पृष्ठ एक सौ छप्पन दो मानसरोवर, माग चार, पृष्ठ दो सौ ग्यारह
चीन ने अमरीका से तेल की ख़रीद रोकने की घोषणा की है। इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार हांगकांग के "मार्निंग पोस्ट" समाचार पत्र ने अपने शनिवार के अंक मे लिखा है कि चीन की सबसे बड़ी तेल कंपनी ने अमरीका से तेल की ख़रीद को रोक दिया है। साथ ही साइनोपिक कंपनी ने अमरीका को तेल के नए आर्डर देना बंद कर दिये हैं। इस हिसाब से चीन अब सितंबर से अमरीका से तेल की ख़रीदारी रोक रहा है। समाचार पत्र का लिखना है कि अमरीका और चीन के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए चीन का यह निर्णय बहुत ही गंभीर दिखाई दे रहा है। चीन की साइनोपिक कंपनी, एशिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी मानी जाती है। इस प्रकार से चीन की ओर से तेल न ख़रीदने का निर्णय अमरीका के लिए एक आर्थिक चोट माना जाएगा। एेसे में अमरीका और चीन के बीच जारी व्यापारिक युद्ध, ऊर्जा के क्षेत्र में भी पहुंच गया है। ज्ञात रहे कि चीन, संसार में सबसे अधिक तेल का आयात करता है। उसने हाल ही में अमरीका से तेल की ख़रीद बढ़ाई थी किंतु दोनो पक्षों के बीच बढ़ते तनाव के कारण अब उसने नया फैसला लिया है। वैसे चीन ने अमरीका की ओर से ईरान के तेल पर प्रतिबंध के निर्णय का खुलकर विरोध किया था।
चीन ने अमरीका से तेल की ख़रीद रोकने की घोषणा की है। इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार हांगकांग के "मार्निंग पोस्ट" समाचार पत्र ने अपने शनिवार के अंक मे लिखा है कि चीन की सबसे बड़ी तेल कंपनी ने अमरीका से तेल की ख़रीद को रोक दिया है। साथ ही साइनोपिक कंपनी ने अमरीका को तेल के नए आर्डर देना बंद कर दिये हैं। इस हिसाब से चीन अब सितंबर से अमरीका से तेल की ख़रीदारी रोक रहा है। समाचार पत्र का लिखना है कि अमरीका और चीन के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए चीन का यह निर्णय बहुत ही गंभीर दिखाई दे रहा है। चीन की साइनोपिक कंपनी, एशिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी मानी जाती है। इस प्रकार से चीन की ओर से तेल न ख़रीदने का निर्णय अमरीका के लिए एक आर्थिक चोट माना जाएगा। एेसे में अमरीका और चीन के बीच जारी व्यापारिक युद्ध, ऊर्जा के क्षेत्र में भी पहुंच गया है। ज्ञात रहे कि चीन, संसार में सबसे अधिक तेल का आयात करता है। उसने हाल ही में अमरीका से तेल की ख़रीद बढ़ाई थी किंतु दोनो पक्षों के बीच बढ़ते तनाव के कारण अब उसने नया फैसला लिया है। वैसे चीन ने अमरीका की ओर से ईरान के तेल पर प्रतिबंध के निर्णय का खुलकर विरोध किया था।
वाशिंगटनः प्रोफेसर मित्रा पर एक छात्र की रिसर्च को चुराने और उसको एक दवा कंपनी को बेचने का आरोप था। प्रोफेसर मित्रा अमेरिका के मिसौरी विश्वविद्यालय के कंसास कैम्पस में प्रोफेसर थे। आरोप था कि उन्होंने दवा कंपनी को डेढ़ मिलियन डॉलर में रिसर्च को बेच दिया था। उस पर उनको 10 मिलियन डॉलर रॉयल्टी भी प्राप्त हुई थी। विश्वविद्यालय का कहना था कि पेटेंट पर छात्र या प्रोफेसर का नहीं विश्वविद्यालय का अधिकार होता है। विश्वविद्यालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि उसने प्रोफेसर अशिम मित्रा के साथ ढाई साल पुराने दावे को सुलझा लिया है। विश्वविद्यालय ने अपने पेटेंट के दावे को वापस ले लिया है। समझौते की शर्तो के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। ज्ञात हो कि प्रोफेसर मित्रा पर पूर्व में छात्रों से घर पर नौकरों की तरह काम कराने के आरोप भी लगे थे। मिसौरी-कंसास सिटी विश्वविद्यालय में 26 साल से काम कर रहे प्रोफेसर अशीम मित्रा पर उनके छात्रों ने सामाजिक कार्यक्रमों में उपकरण और टेबल को ढोने का आरोप लगाया है। उनके पूर्व छात्र कामेश कुचिमांची ने बताया था कि उन्होंने विश्वविद्यालय में अपने जीवन को आधुनिक गुलामी से ज्यादा कुछ नहीं माना। प्रोफेसर मित्रा के पूर्व सहयोगियों ने बताया कि उन्होंने छात्रों को कैंपस के बाहर नौकर की तरह काम करते देखा या उनकी शिकायतों को सुना। उनके सहयोगियों ने उनसे बार-बार कहा कि उनके कार्य अनुचित हैं, फिर भी कोई बदलाव नहीं आया।
वाशिंगटनः प्रोफेसर मित्रा पर एक छात्र की रिसर्च को चुराने और उसको एक दवा कंपनी को बेचने का आरोप था। प्रोफेसर मित्रा अमेरिका के मिसौरी विश्वविद्यालय के कंसास कैम्पस में प्रोफेसर थे। आरोप था कि उन्होंने दवा कंपनी को डेढ़ मिलियन डॉलर में रिसर्च को बेच दिया था। उस पर उनको दस मिलियन डॉलर रॉयल्टी भी प्राप्त हुई थी। विश्वविद्यालय का कहना था कि पेटेंट पर छात्र या प्रोफेसर का नहीं विश्वविद्यालय का अधिकार होता है। विश्वविद्यालय ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि उसने प्रोफेसर अशिम मित्रा के साथ ढाई साल पुराने दावे को सुलझा लिया है। विश्वविद्यालय ने अपने पेटेंट के दावे को वापस ले लिया है। समझौते की शर्तो के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। ज्ञात हो कि प्रोफेसर मित्रा पर पूर्व में छात्रों से घर पर नौकरों की तरह काम कराने के आरोप भी लगे थे। मिसौरी-कंसास सिटी विश्वविद्यालय में छब्बीस साल से काम कर रहे प्रोफेसर अशीम मित्रा पर उनके छात्रों ने सामाजिक कार्यक्रमों में उपकरण और टेबल को ढोने का आरोप लगाया है। उनके पूर्व छात्र कामेश कुचिमांची ने बताया था कि उन्होंने विश्वविद्यालय में अपने जीवन को आधुनिक गुलामी से ज्यादा कुछ नहीं माना। प्रोफेसर मित्रा के पूर्व सहयोगियों ने बताया कि उन्होंने छात्रों को कैंपस के बाहर नौकर की तरह काम करते देखा या उनकी शिकायतों को सुना। उनके सहयोगियों ने उनसे बार-बार कहा कि उनके कार्य अनुचित हैं, फिर भी कोई बदलाव नहीं आया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और यूपी चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक भूपेश बघेल ने यूपी दौरे पर हैं. वहां लगातार रैलियां कर रहे हैं, ताकि आगामी चुनाव में मजबूती से लड़ सकें. इसी कड़ी में सीएम बघेल ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि भाजपा लगातार छोटे, मध्यम व्यापारियों को खत्म कर रही है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी पर जिम्मेदारियाँ बहुत हैं, जिसकी वजह से वह अपना मूल कार्य नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें CM की कुर्सी किसी अन्य को देकर पूरी तरह प्रियंका जी के OSD के रूप में उत्तरप्रदेश ही कैम्प करना चाहिए। इस पर राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर जिम्मेदारियां बहुत हैं, जिसकी वजह से वह अपना मूल कार्य नहीं कर पा रहे हैं. पांडेय ने लिखा कि उन्हें CM की कुर्सी किसी अन्य को देकर पूरी तरह प्रियंका गांधी के OSD के रूप में उत्तरप्रदेश ही कैम्प करना चाहिए. उनकी 'व्यस्तता' राज्य के विकास में बाधा है. दरअसल, सीएम बघेल ने लिखा था कि आज नेहरू युवा केंद्र, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के विभिन्न व्यापारी वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक संवाद हुआ. अधिकतर लोगों ने कहा कि पहले हमने भाजपा को उम्मीद के साथ वोट दिया था, लेकिन अब वे यह गलती नहीं दोहराएंगे. भाजपा लगातार छोटे, मध्यम व्यापारियों को खत्म कर रही है.
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और यूपी चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक भूपेश बघेल ने यूपी दौरे पर हैं. वहां लगातार रैलियां कर रहे हैं, ताकि आगामी चुनाव में मजबूती से लड़ सकें. इसी कड़ी में सीएम बघेल ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि भाजपा लगातार छोटे, मध्यम व्यापारियों को खत्म कर रही है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी पर जिम्मेदारियाँ बहुत हैं, जिसकी वजह से वह अपना मूल कार्य नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें CM की कुर्सी किसी अन्य को देकर पूरी तरह प्रियंका जी के OSD के रूप में उत्तरप्रदेश ही कैम्प करना चाहिए। इस पर राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर जिम्मेदारियां बहुत हैं, जिसकी वजह से वह अपना मूल कार्य नहीं कर पा रहे हैं. पांडेय ने लिखा कि उन्हें CM की कुर्सी किसी अन्य को देकर पूरी तरह प्रियंका गांधी के OSD के रूप में उत्तरप्रदेश ही कैम्प करना चाहिए. उनकी 'व्यस्तता' राज्य के विकास में बाधा है. दरअसल, सीएम बघेल ने लिखा था कि आज नेहरू युवा केंद्र, लखनऊ में उत्तर प्रदेश के विभिन्न व्यापारी वर्गों के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक संवाद हुआ. अधिकतर लोगों ने कहा कि पहले हमने भाजपा को उम्मीद के साथ वोट दिया था, लेकिन अब वे यह गलती नहीं दोहराएंगे. भाजपा लगातार छोटे, मध्यम व्यापारियों को खत्म कर रही है.
शिमला-जल निगम प्रबंधन शहरवासियों को पानी के बिल हर महीने जारी करने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे में शहर भर के लोगों के लिए भी यह काफी राहत की बात है। अभी अधिकतर ऐसे लोग है जिन्हें दिसंबर माह और मार्च माह तक के बिल जारी नहीं हुआ है। ऐसे में इन दिनों कंपनी शहरवासियों के पानी के बिलों को तैयार करने में जुटा है। लोगों का भी कहना है कि अब पानी के बिलों का अधिक बोझ नहीं पड़ेगा हर महीने का बिल आना अच्छा कार्य है। ऐसे में लोगों के बिल जारी करना व उसके बाद लोगों को भी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से बिल जमा करने की सुविधा भी दी जा रही है। कंपनी के अधीन शहर में जल वितरण और अन्य काम चले जाने के बाद पानी के नए कनेक्शन को प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी सरल किया जाएगा। अभी निगम में पानी का नया कनेक्शन लेने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। पानी का कनेक्शन लेने के लिए निगम प्रशासन की ओर से कई बार एक महीने से अधिक का समय भी लग जाता है और कई बार तो फाइलें गुम हो जाने के चलते कई कई बार आवेदन करना पड़ता है। लेकिन अब जल प्रबंधन निगम लिमिटेड में पानी का कनेक्शन ऑनलाइन मिलना शुरू होगा और इसमें लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। इन दिनों कंपनी मार्च माह के बिल जारी करने में जूटी है। ऐसे में अब शहरवासियों को जल्द महीने का बिल जारी किए गए है।
शिमला-जल निगम प्रबंधन शहरवासियों को पानी के बिल हर महीने जारी करने के लिए लगातार प्रयासरत है। ऐसे में शहर भर के लोगों के लिए भी यह काफी राहत की बात है। अभी अधिकतर ऐसे लोग है जिन्हें दिसंबर माह और मार्च माह तक के बिल जारी नहीं हुआ है। ऐसे में इन दिनों कंपनी शहरवासियों के पानी के बिलों को तैयार करने में जुटा है। लोगों का भी कहना है कि अब पानी के बिलों का अधिक बोझ नहीं पड़ेगा हर महीने का बिल आना अच्छा कार्य है। ऐसे में लोगों के बिल जारी करना व उसके बाद लोगों को भी ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से बिल जमा करने की सुविधा भी दी जा रही है। कंपनी के अधीन शहर में जल वितरण और अन्य काम चले जाने के बाद पानी के नए कनेक्शन को प्राप्त करने की प्रक्रिया को भी सरल किया जाएगा। अभी निगम में पानी का नया कनेक्शन लेने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। पानी का कनेक्शन लेने के लिए निगम प्रशासन की ओर से कई बार एक महीने से अधिक का समय भी लग जाता है और कई बार तो फाइलें गुम हो जाने के चलते कई कई बार आवेदन करना पड़ता है। लेकिन अब जल प्रबंधन निगम लिमिटेड में पानी का कनेक्शन ऑनलाइन मिलना शुरू होगा और इसमें लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे। इन दिनों कंपनी मार्च माह के बिल जारी करने में जूटी है। ऐसे में अब शहरवासियों को जल्द महीने का बिल जारी किए गए है।
एअर इंडिया (Air India) ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा कि पिछले दो दिनों के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका में गंतव्यों के लिए उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। हम संयुक्त राज्य अमेरिका में गंतव्यों के लिए जाने वाले या वहां से आने वाले अपने यात्रियों को सूचित करना चाहते हैं कि 21 जनवरी 2022 से सेवाएं सामान्य हो रही हैं। पाकिस्तान के लाहौर शहर में जबरदस्त धमाका हुआ है, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। इस धमाके में 20 लोग से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह बम धमाका लाहौरी गेट के पास हुआ। बम ब्लास्ट से आसपास का इलाका दहल उठा। हर ओर चीख पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि विस्फोटक एक बाइक में रखा गया था। पाकिस्तान के लाहौर का सबसे व्यस्ततम क्षेत्र अनारकली बाजार है। गुरुवार को यहां लाहौरी गेट के पास रखी एक बाइक में अचानक ब्लास्ट हुआ। यह बाइक अनारकली बाजार से सटे पान मंडी में हुई। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि कई किलोमीटर दूर तक धमाकों की आवाज सुनाई दी। बंधक बनाने वाला एक पाकिस्तानी न्यूरोसाइंटिस्ट आफिया सिद्दीकी (Aafia Siddiqui) की रिहाई की मांग कर रहा था। आफिया सिद्धिकी को लेडी अल-कायदा (Lady Al-Qaeda) के नाम से जाना जाता है। आस्ट्रिया में यूरोपियन देशों में सबसे कम वैक्सीनेशन हुआ है। आंकड़ों के अनुसार करीब 72 प्रतिशत यहां वैक्सीनेशन हो सका है। जो कि अन्य देशों के मुकाबले बेहद कम है। यहां डेली पॉजिटिव रेट में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। 29 अगस्त को यह ड्रोन हमला किया गया था। इस वीडियो फुटेज को पेंटागन ने तत्काल सीक्रेट लिस्ट में डाल दिया था ताकि यह सार्वजनिक न हो सके। इस हमले को पहले पेंटागन नकारता रहा लेकिन बाद में चौतरफा घिरने के बाद इसे भारी भूल बता दिया गया। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी आबू धाबी (Abu Dhabi) में हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) द्वारा किए गए हमले लेकर अमेरिकी सरकार कड़े एक्शन में आ गई है। राष्ट्रपति जो बिडेन (Joe Biden) ने कहा है कि अमेरिका फिर से हूती विद्रोहियों को आतंकवादी समूह घोषित करने पर विचार कर रहा है। ऐसे हादसे(accidents) लोगों को डराते भी हैं और हंसाते भी हैं। यह शॉकिंग वीडियो थाइलैंड का है। यहां एक महिला नदी किनारे लकड़ी के प्लेटफॉर्म पर रस्सी कूद रही(skipping) थी। अचानक फर्श टूट और वो नीचे जा गिरी। हालांकि उसे बाद में निकाल लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री जोनाथन टैम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे जॉनसन पर भी इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है। ब्रिटिश मीडिया में भी कहा जा रहा है कि अगर बोरिस पद छोड़ते हैं तो ऋषि सुनक देश के पीएम बन सकते हैं।
एअर इंडिया ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा कि पिछले दो दिनों के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका में गंतव्यों के लिए उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। हम संयुक्त राज्य अमेरिका में गंतव्यों के लिए जाने वाले या वहां से आने वाले अपने यात्रियों को सूचित करना चाहते हैं कि इक्कीस जनवरी दो हज़ार बाईस से सेवाएं सामान्य हो रही हैं। पाकिस्तान के लाहौर शहर में जबरदस्त धमाका हुआ है, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। इस धमाके में बीस लोग से अधिक लोग घायल हुए हैं। यह बम धमाका लाहौरी गेट के पास हुआ। बम ब्लास्ट से आसपास का इलाका दहल उठा। हर ओर चीख पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि विस्फोटक एक बाइक में रखा गया था। पाकिस्तान के लाहौर का सबसे व्यस्ततम क्षेत्र अनारकली बाजार है। गुरुवार को यहां लाहौरी गेट के पास रखी एक बाइक में अचानक ब्लास्ट हुआ। यह बाइक अनारकली बाजार से सटे पान मंडी में हुई। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि कई किलोमीटर दूर तक धमाकों की आवाज सुनाई दी। बंधक बनाने वाला एक पाकिस्तानी न्यूरोसाइंटिस्ट आफिया सिद्दीकी की रिहाई की मांग कर रहा था। आफिया सिद्धिकी को लेडी अल-कायदा के नाम से जाना जाता है। आस्ट्रिया में यूरोपियन देशों में सबसे कम वैक्सीनेशन हुआ है। आंकड़ों के अनुसार करीब बहत्तर प्रतिशत यहां वैक्सीनेशन हो सका है। जो कि अन्य देशों के मुकाबले बेहद कम है। यहां डेली पॉजिटिव रेट में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। उनतीस अगस्त को यह ड्रोन हमला किया गया था। इस वीडियो फुटेज को पेंटागन ने तत्काल सीक्रेट लिस्ट में डाल दिया था ताकि यह सार्वजनिक न हो सके। इस हमले को पहले पेंटागन नकारता रहा लेकिन बाद में चौतरफा घिरने के बाद इसे भारी भूल बता दिया गया। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी आबू धाबी में हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए हमले लेकर अमेरिकी सरकार कड़े एक्शन में आ गई है। राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा है कि अमेरिका फिर से हूती विद्रोहियों को आतंकवादी समूह घोषित करने पर विचार कर रहा है। ऐसे हादसे लोगों को डराते भी हैं और हंसाते भी हैं। यह शॉकिंग वीडियो थाइलैंड का है। यहां एक महिला नदी किनारे लकड़ी के प्लेटफॉर्म पर रस्सी कूद रही थी। अचानक फर्श टूट और वो नीचे जा गिरी। हालांकि उसे बाद में निकाल लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री जोनाथन टैम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे जॉनसन पर भी इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है। ब्रिटिश मीडिया में भी कहा जा रहा है कि अगर बोरिस पद छोड़ते हैं तो ऋषि सुनक देश के पीएम बन सकते हैं।
मेघालय के विवादित जयंतिया हिल्स क्षेत्र के लगभग 26 गांवों के लोगों ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर उन्हें पड़ोसी राज्य असम का हिस्सा बनाए जाने की संभावना पर चिंता जताई है। लामारंग गांव में लाबांग नोंगफिलुत पंगम रालियांग एरिया कमेटी नामक संगठन द्वारा शुक्रवार को आयोजित एक बैठक में 26 गांवों के लोगों ने मेघालय में रहने का संकल्प लिया है। जयंतिया हिल्स जिले के ब्लॉक-1 और री-भोई जिले में ब्लॉक-2 असम तथा मेघालय के बीच अधिक "जटिल" मतभेदों वाले छह क्षेत्रों का हिस्सा हैं, जिन्हें सीमा वार्ता के दूसरे दौर के दौरान हल किया जाएगा। अन्य चार क्षेत्र लंगपीह, बोरदुआर, नोंगवाह-मवतमुर और सियार-खंडुली हैं। एलएनपीआरएसी के सलाहकार इरविन सुतंगा ने कहा कि क्षेत्र के कम से कम 26 गांवों के लोग मुझसे मिले हैं। उन्होंने राज्य के अधिकार क्षेत्र में रहने की इच्छा के संबंध में मेघालय सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अन्य 10 गांव भी जल्द ही इस मुद्दे पर अपना संकल्प प्रस्तुत करेंगे। सुतंगा के अनुसार, ब्लॉक-1 और ब्लॉक-2 के अंतर्गत आने वाले गांव मूल रूप से यूनाइटेड खासी-जयंतिया हिल्स जिले के अंतर्गत थे और भूमि स्वामित्व एवं जनजातीय प्रमुखों (साइम्स) के अधिकार क्षेत्र का पालन करते थे। उन्होंने कहा कि अप्रैल 1951 में असम के तत्कालीन राज्यपाल द्वारा एक और जिला तत्कालीन मिकिर हिल्स (अब कार्बी आंगलोंग जिला) बनाने की अधिसूचना जारी किए जाने के परिणामस्वरूप इनमें से कुछ गाँव तत्कालीन नए जिले का हिस्सा बन गए। सुतंगा ने कहा, "गांवों के हस्तांतरण पर कई आपत्तियां अनसुनी रह गईं और आज तक अनसुलझी हैं। " अधिकारियों ने बताया कि इस बीच, असम-मेघालय सीमा पर विवादित ब्लॉक-2 क्षेत्र के जाटोंग गांव में अज्ञात शरारती तत्वों के हमले में कम से कम दो लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा कि यह घटना शुक्रवार शाम को हुई और हमले के बाद मेघालय तथा असम दोनों राज्यों के पुलिसकर्मी वहां जमा हुई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में कुछ समय से तनाव बना हुआ है। जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "आज री-भोई जिले के नोंगपोह जिला मुख्यालय के एक मजिस्ट्रेट को भी स्थिति पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। "
मेघालय के विवादित जयंतिया हिल्स क्षेत्र के लगभग छब्बीस गांवों के लोगों ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर उन्हें पड़ोसी राज्य असम का हिस्सा बनाए जाने की संभावना पर चिंता जताई है। लामारंग गांव में लाबांग नोंगफिलुत पंगम रालियांग एरिया कमेटी नामक संगठन द्वारा शुक्रवार को आयोजित एक बैठक में छब्बीस गांवों के लोगों ने मेघालय में रहने का संकल्प लिया है। जयंतिया हिल्स जिले के ब्लॉक-एक और री-भोई जिले में ब्लॉक-दो असम तथा मेघालय के बीच अधिक "जटिल" मतभेदों वाले छह क्षेत्रों का हिस्सा हैं, जिन्हें सीमा वार्ता के दूसरे दौर के दौरान हल किया जाएगा। अन्य चार क्षेत्र लंगपीह, बोरदुआर, नोंगवाह-मवतमुर और सियार-खंडुली हैं। एलएनपीआरएसी के सलाहकार इरविन सुतंगा ने कहा कि क्षेत्र के कम से कम छब्बीस गांवों के लोग मुझसे मिले हैं। उन्होंने राज्य के अधिकार क्षेत्र में रहने की इच्छा के संबंध में मेघालय सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अन्य दस गांव भी जल्द ही इस मुद्दे पर अपना संकल्प प्रस्तुत करेंगे। सुतंगा के अनुसार, ब्लॉक-एक और ब्लॉक-दो के अंतर्गत आने वाले गांव मूल रूप से यूनाइटेड खासी-जयंतिया हिल्स जिले के अंतर्गत थे और भूमि स्वामित्व एवं जनजातीय प्रमुखों के अधिकार क्षेत्र का पालन करते थे। उन्होंने कहा कि अप्रैल एक हज़ार नौ सौ इक्यावन में असम के तत्कालीन राज्यपाल द्वारा एक और जिला तत्कालीन मिकिर हिल्स बनाने की अधिसूचना जारी किए जाने के परिणामस्वरूप इनमें से कुछ गाँव तत्कालीन नए जिले का हिस्सा बन गए। सुतंगा ने कहा, "गांवों के हस्तांतरण पर कई आपत्तियां अनसुनी रह गईं और आज तक अनसुलझी हैं। " अधिकारियों ने बताया कि इस बीच, असम-मेघालय सीमा पर विवादित ब्लॉक-दो क्षेत्र के जाटोंग गांव में अज्ञात शरारती तत्वों के हमले में कम से कम दो लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा कि यह घटना शुक्रवार शाम को हुई और हमले के बाद मेघालय तथा असम दोनों राज्यों के पुलिसकर्मी वहां जमा हुई भीड़ को तितर-बितर करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि इलाके में कुछ समय से तनाव बना हुआ है। जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "आज री-भोई जिले के नोंगपोह जिला मुख्यालय के एक मजिस्ट्रेट को भी स्थिति पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। "
मध्य प्रदेश में निकाय चुनाव नजदीक हैं, लेकिन कांग्रेस की अंतर्कलह थमने के बजाय बढ़ती जा रही है। नाथूराम गोडसे के समर्थक और हिंदू महासभा के सदस्य रहे बाबूलाल चौरसिया को सदस्यता दिए जाने से कांग्रेस दो खेमे में बंट गई है। अब होशंगाबाद के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र फौजदार ने पार्टी की राष्ट्रीय अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक को पत्र लिखकर मानक अग्रवाल को पार्टी से बाहर करने की मांग कर दी है। इससे पहले मानक अग्रवाल ने कहा था कि पीसीसी चीफ कमलनाथ को धोखे में रख बाबूलाल चौरसिया को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई। इस बारे में पार्टी को सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। गांधी के हत्यारे की पूजा करने वालों की पार्टी में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष को साफ करना चाहिए कि उनकी विचारधारा गांधी की है या गोडसे की। मानक से पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, सुभाष सोजतिया, मीनाक्षी नटराजन समेत कई नेताओं ने कमलनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। अध्यक्ष अरुण यादव ने तो कहा था कि महात्मा गांधी 'बापू' से क्षमा मांग ली। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- 'बापू हम शर्मिंदा हैं. . . ' लेकिन कमलनाथ खेमे के नेता इस कदम को सही ठहरा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर प्रदेश नेतृत्व भी सख्ती के मूड में नजर आने लगी है। कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज केके मिश्रा ने कहा है कि पार्टी प्रेसिडेंट को लेकर यदि कोई सवाल खड़े करता है तो वह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा। ऐसे बयानों को प्रदेश नेतृत्व गंभीरता से लेगी। अनुशासन समिति इस मामले में कार्रवाई कर सकती है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
मध्य प्रदेश में निकाय चुनाव नजदीक हैं, लेकिन कांग्रेस की अंतर्कलह थमने के बजाय बढ़ती जा रही है। नाथूराम गोडसे के समर्थक और हिंदू महासभा के सदस्य रहे बाबूलाल चौरसिया को सदस्यता दिए जाने से कांग्रेस दो खेमे में बंट गई है। अब होशंगाबाद के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र फौजदार ने पार्टी की राष्ट्रीय अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रदेश प्रभारी मुकुल वासनिक को पत्र लिखकर मानक अग्रवाल को पार्टी से बाहर करने की मांग कर दी है। इससे पहले मानक अग्रवाल ने कहा था कि पीसीसी चीफ कमलनाथ को धोखे में रख बाबूलाल चौरसिया को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई। इस बारे में पार्टी को सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए। गांधी के हत्यारे की पूजा करने वालों की पार्टी में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष को साफ करना चाहिए कि उनकी विचारधारा गांधी की है या गोडसे की। मानक से पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, सुभाष सोजतिया, मीनाक्षी नटराजन समेत कई नेताओं ने कमलनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। अध्यक्ष अरुण यादव ने तो कहा था कि महात्मा गांधी 'बापू' से क्षमा मांग ली। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- 'बापू हम शर्मिंदा हैं. . . ' लेकिन कमलनाथ खेमे के नेता इस कदम को सही ठहरा रहे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर प्रदेश नेतृत्व भी सख्ती के मूड में नजर आने लगी है। कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज केके मिश्रा ने कहा है कि पार्टी प्रेसिडेंट को लेकर यदि कोई सवाल खड़े करता है तो वह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा। ऐसे बयानों को प्रदेश नेतृत्व गंभीरता से लेगी। अनुशासन समिति इस मामले में कार्रवाई कर सकती है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। महाराष्ट्र के उपचुनाव में मुंह की खाने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के तेवर भाजपा को लेकर अब कुछ ज्यादा ही तल्ख हो गए हैं। ऐसे में उन्होंने आज प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को अब सहयोगियों को जरुरत नहीं रह गई है। अब इसको लेकर जहां भाजपा ने पलटवार किया है, वहीं कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे के बयान पर चुटकी भी ली है। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फणनवीस ने कहा है कि गठबंधन चलाने के लिए अब शिवसेना को ही फैसला लेना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा तो शिवसेना के साथ गठबंधन के लिए हमेशा राजी रही है। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना को भी अपने बर्ताव में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पालघर में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। शिवसेना को अब आगे के बारे में सोचना है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि अगर शिवसेना सरकार से इतने दुखी हैं तो उन्हें गठजोड़ तोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे में खुद के लिए तनिक भी आत्मसम्मान बचा है तो उन्हें एनडीए से नाता फौरन तोड़ देना चाहिए। देवेंद्र फडणवीस पर निशाना सधाते हुए चव्हाण ने कहा कि सीएम ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। महाराष्ट्र के उपचुनाव में मुंह की खाने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के तेवर भाजपा को लेकर अब कुछ ज्यादा ही तल्ख हो गए हैं। ऐसे में उन्होंने आज प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को अब सहयोगियों को जरुरत नहीं रह गई है। अब इसको लेकर जहां भाजपा ने पलटवार किया है, वहीं कांग्रेस ने उद्धव ठाकरे के बयान पर चुटकी भी ली है। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फणनवीस ने कहा है कि गठबंधन चलाने के लिए अब शिवसेना को ही फैसला लेना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा तो शिवसेना के साथ गठबंधन के लिए हमेशा राजी रही है। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शिवसेना को भी अपने बर्ताव में बदलाव लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पालघर में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। शिवसेना को अब आगे के बारे में सोचना है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि अगर शिवसेना सरकार से इतने दुखी हैं तो उन्हें गठजोड़ तोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उद्धव ठाकरे में खुद के लिए तनिक भी आत्मसम्मान बचा है तो उन्हें एनडीए से नाता फौरन तोड़ देना चाहिए। देवेंद्र फडणवीस पर निशाना सधाते हुए चव्हाण ने कहा कि सीएम ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
अंकारा, 12 जनवरी (आईएएनएस)। तुर्की की संवैधानिक अदालत ने गुरुवार को जेल में कैद दो पत्रकारों को रिहा किए जाने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि इन पत्रकारों को हिरासत में रखने से इनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। तुर्की के कुछ वकीलों और विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत का यह फैसला जुलाई 2016 से हिरासत में रखे गए अन्य पत्रकारों के लिए सकारात्मक हो सकता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, देश में जुलाई 2016 में तख्तापलट की असफल कोशिश के बाद मेहमत अल्तान और साहिन अल्पाई को एक साल से भी अधिक समय तक जेल में रखा गया। इन पर आतंकवादियों समूहों से जुड़े होने और सरकार के तख्तापलट के प्रयासों का आरोप है। हालांकि, इन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। हुर्रियत डेली न्यूज के मुताबिक, तुर्की पत्रकार संघ ने जेल में बंद 145 पत्रकारों को रिहा करने के लिए सरकार का आह्वान किया।
अंकारा, बारह जनवरी । तुर्की की संवैधानिक अदालत ने गुरुवार को जेल में कैद दो पत्रकारों को रिहा किए जाने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि इन पत्रकारों को हिरासत में रखने से इनके अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। तुर्की के कुछ वकीलों और विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत का यह फैसला जुलाई दो हज़ार सोलह से हिरासत में रखे गए अन्य पत्रकारों के लिए सकारात्मक हो सकता है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, देश में जुलाई दो हज़ार सोलह में तख्तापलट की असफल कोशिश के बाद मेहमत अल्तान और साहिन अल्पाई को एक साल से भी अधिक समय तक जेल में रखा गया। इन पर आतंकवादियों समूहों से जुड़े होने और सरकार के तख्तापलट के प्रयासों का आरोप है। हालांकि, इन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया है। हुर्रियत डेली न्यूज के मुताबिक, तुर्की पत्रकार संघ ने जेल में बंद एक सौ पैंतालीस पत्रकारों को रिहा करने के लिए सरकार का आह्वान किया।
नाटक का मंचन करते कलाकार। तेजी बाजार,जौनपुर। महान सामाजिक ड्रामा सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र का मंचन ग्रामसभा लोहरियांव मे शुक्रवार को बड़े ही धूमधाम से किया गया। राजा हरिश्चंद्र (राजेश गुप्ता) सभी के लिए सत्य पर चलने के लिए एक प्रेरणा रुाोत है जिनका सत्य के लिए सब कुछ न्योछावर हो गया लेकिन सत्य का साथ नहीं छोड़े सत्य को निभाने के लिए सपने में वि·ाामित्र (विक्की )को दान स्वरूप दिए गए राजपाट को सत्य में दान कर दिए। स्वयं को पत्नी और बेटे को भी सत्य की रक्षा के लिए बेच दिए। दिल्ली मुंबई कोलकाता सूरत अन्य शहरों में रहने वाले लोगों ने भी ऑनलाइन यहां का दृश्य देखकर भाव विभोर हो गए नक्षत्रा (इंतजार) ने अपने मंचन से लोगों में आनंद के सागर भर दिए। राजकुमारी ( विकास) के यहां तारा व उनके पुत्र नौकर का काम कर रहे थे तभी रोहित को सर्प के काटने से मृत्यु हो गई। राजा हरिश्चंद्र शमशान पर लाशों को जलाने का काम कर रहे थे लेकिन अपने पुत्र को कफन नहीं दिए। अंत में विश्वमित्र ने बताया कि हम सत्य की परीक्षा ले रहे थे। ड्रामा मंचन में सभी पात्र इंद्रजीत पंकज धर्मराज दीपक राजनाथ ने अपने किरदार को बखूबी निभाया।
नाटक का मंचन करते कलाकार। तेजी बाजार,जौनपुर। महान सामाजिक ड्रामा सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र का मंचन ग्रामसभा लोहरियांव मे शुक्रवार को बड़े ही धूमधाम से किया गया। राजा हरिश्चंद्र सभी के लिए सत्य पर चलने के लिए एक प्रेरणा रुाोत है जिनका सत्य के लिए सब कुछ न्योछावर हो गया लेकिन सत्य का साथ नहीं छोड़े सत्य को निभाने के लिए सपने में वि·ाामित्र को दान स्वरूप दिए गए राजपाट को सत्य में दान कर दिए। स्वयं को पत्नी और बेटे को भी सत्य की रक्षा के लिए बेच दिए। दिल्ली मुंबई कोलकाता सूरत अन्य शहरों में रहने वाले लोगों ने भी ऑनलाइन यहां का दृश्य देखकर भाव विभोर हो गए नक्षत्रा ने अपने मंचन से लोगों में आनंद के सागर भर दिए। राजकुमारी के यहां तारा व उनके पुत्र नौकर का काम कर रहे थे तभी रोहित को सर्प के काटने से मृत्यु हो गई। राजा हरिश्चंद्र शमशान पर लाशों को जलाने का काम कर रहे थे लेकिन अपने पुत्र को कफन नहीं दिए। अंत में विश्वमित्र ने बताया कि हम सत्य की परीक्षा ले रहे थे। ड्रामा मंचन में सभी पात्र इंद्रजीत पंकज धर्मराज दीपक राजनाथ ने अपने किरदार को बखूबी निभाया।
भुवनेश्वरः भारत ने गोल करने के कुछ अच्छे मौके गंवाने के बावजूद प्रभावशाली प्रदर्शन करके हॉकी विश्व लीग फाइनल्स के पूल चरण के अपने शुरूआती मैच में मौजूदा चैंपियन और विश्व में दूसरे नंबर के आस्ट्रेलिया को 1-1 से ड्रॉ पर रोका। कलिंगा स्टेडियम में दूधिया रोशनी में दर्शकों के अपार समर्थन के बीच भारत ने बेहतर खेल दिखाया और खेल पर नियंत्रण के मामले में आस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ा। भारत ने आक्रामक शुरूआत की। मनदीप सिंह ने 20वें मिनट में उसे बढ़त दिलायी लेकिन आस्ट्रेलिया ने एक मिनट बाद ही बराबरी का गोल दाग दिया। उसकी तरफ से जेरेमी हेवार्ड ने 21वें मिनट में पेनल्टी कार्नर को गोल में बदला। भारतीयों ने अच्छी शुरूआत की तथा मैच में गोल करने के कई मौके बनाये लेकिन फारवर्ड विशेषकर गुरजंत सिंह और आकाशदीप सिंह आज फार्म में नहीं थे। भारत मैच के पहले मूव में ही बढ़त बनाने की स्थिति में था। एसवी सुनील ने यह मूव बनाया और उन्होंने गुरजंत के पास गेंद पहुंचायी जिनके पास गोल करने का सुनहरा मौका था लेकिन टेलर लोवेल ने फुर्ती दिखाकर आस्ट्रेलियाई गोल के सामने उनके शाट को रोक दिया। इसके दो मिनट बाद लोवेल ने फिर से दो गोल बचाये। पहली बार उन्होंने आकाशदीप के प्रयास को नाकाम किया और गुरजंत को दूसरी बार गोल करने से रोका। भारत ने पहले क्वार्टर में आस्ट्रेलियाई रक्षकों को व्यस्त रखा। उसे छठे मिनट में पहला पेनल्टी कार्नर भी मिला लेकिन वापसी करने वाले रूपिंदर पाल सिंह का फ्लिक सीधे लोवेल के पास चला गया। इस क्वार्टर में आस्ट्रेलिया को गोल करने का केवल एक मौका मिला जब 12वें मिनट में उसे पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन भारतीय गोलकीपर आकाश चिकते ने डाइव लगाकर उसे रोक दिया।
भुवनेश्वरः भारत ने गोल करने के कुछ अच्छे मौके गंवाने के बावजूद प्रभावशाली प्रदर्शन करके हॉकी विश्व लीग फाइनल्स के पूल चरण के अपने शुरूआती मैच में मौजूदा चैंपियन और विश्व में दूसरे नंबर के आस्ट्रेलिया को एक-एक से ड्रॉ पर रोका। कलिंगा स्टेडियम में दूधिया रोशनी में दर्शकों के अपार समर्थन के बीच भारत ने बेहतर खेल दिखाया और खेल पर नियंत्रण के मामले में आस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ा। भारत ने आक्रामक शुरूआत की। मनदीप सिंह ने बीसवें मिनट में उसे बढ़त दिलायी लेकिन आस्ट्रेलिया ने एक मिनट बाद ही बराबरी का गोल दाग दिया। उसकी तरफ से जेरेमी हेवार्ड ने इक्कीसवें मिनट में पेनल्टी कार्नर को गोल में बदला। भारतीयों ने अच्छी शुरूआत की तथा मैच में गोल करने के कई मौके बनाये लेकिन फारवर्ड विशेषकर गुरजंत सिंह और आकाशदीप सिंह आज फार्म में नहीं थे। भारत मैच के पहले मूव में ही बढ़त बनाने की स्थिति में था। एसवी सुनील ने यह मूव बनाया और उन्होंने गुरजंत के पास गेंद पहुंचायी जिनके पास गोल करने का सुनहरा मौका था लेकिन टेलर लोवेल ने फुर्ती दिखाकर आस्ट्रेलियाई गोल के सामने उनके शाट को रोक दिया। इसके दो मिनट बाद लोवेल ने फिर से दो गोल बचाये। पहली बार उन्होंने आकाशदीप के प्रयास को नाकाम किया और गुरजंत को दूसरी बार गोल करने से रोका। भारत ने पहले क्वार्टर में आस्ट्रेलियाई रक्षकों को व्यस्त रखा। उसे छठे मिनट में पहला पेनल्टी कार्नर भी मिला लेकिन वापसी करने वाले रूपिंदर पाल सिंह का फ्लिक सीधे लोवेल के पास चला गया। इस क्वार्टर में आस्ट्रेलिया को गोल करने का केवल एक मौका मिला जब बारहवें मिनट में उसे पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन भारतीय गोलकीपर आकाश चिकते ने डाइव लगाकर उसे रोक दिया।
ऐसा ही कुछ हमें बॉलीवुड की बेगम यानी करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) और बी-टाउन की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) के बीच होता हुआ दिखाई दिया, जिन्होंने एक इवेंट में अपनी स्टाइलिश उपस्थिति दर्ज कराने के लिए न केवल आकर्षक ऑउटफिट्स को गले लगाया बल्कि दोनों एक्ट्रेसेस का स्टाइल एक-दूसरे पर भारी पड़ा। हालांकि, वो अलग है कि इस दौरान करीना के सामने प्रियंका को देख लोग बुरी तरफ खफा हो गए। करण जौहर का सबसे पॉपुलर चैट शो कॉफी विद करण (Koffee With Karan) तो आप सभी को याद ही होगा, जिसके सीजन 6 के ग्रैंड फिनाले में बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान और प्रियंका चोपड़ा ने शानदार शिरकत की थी। हालांकि, इस एपिसोड को दर्शकों के साथ-साथ बी-टाउन सेलब्स ने भी काफी पसंद किया था, लेकिन जैसे ही इस चैट शो से करीना और प्रियंका की स्टाइलिश तस्वीरें समाने आईं वैसे ही कुछ 'संस्कारी ट्रोलर्स' इन हसीनाओं के लुक्स को देख बुरी तरह बिफर गए। करीना कपूर खान जहां इंडियन फैशन डिज़ाइनर अनाइता श्रॉफ अदजानिया और अपनी स्टाइलिस्ट लक्ष्मी लेहर द्वारा स्टाइल किए गए ऑल वाइन अटायर में हॉट एंड स्टाइलिश दिखने का कोई मौका नहीं छोड़ रही थीं तो वहीं इस दौरान प्रियंका का मोनोक्रॉमैटिक लुक फीका रहा। दरअसल, इस पॉपुलर चैट शो के लिए करीना ने फेमस फैशन डिज़ाइनर मोनिशा जैसिंग की डिज़ाइन की हुई रेड वाइन कलर की हाई-थाई स्लिट ड्रेस पहनी थी, जिसे स्टाइलिश लुक देने के लिए मेटैलिक में डिज़ाइन किया गया था। बात करें, करीना कपूर के ओवरऑल अटायर की तो प्लंजिंग नेकलाइन वाली स्टाइलिश ड्रेस में फुल स्लीव्स के साथ ड्रोपिंग और लूज़ फिटिंग आस्तीन थी, जिसके थाई स्लिट्स पर बना रफल डिज़ाइन इस ओवरऑल ड्रेस को अट्रैक्टिव बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था। सटल मेकअप के साथ स्मोकी आईज न्यूड पिंक लिप्स, मस्कारा-क्लैड लैशेज़, स्लीक आईलाइनर और हल्के ब्लश वाले गालों में करीना काफी प्यारी लग रही थीं। एक तरफ जहां करीना चमचमाते कपड़ों में सुपर गॉर्जियस दिखने का कोई मौका नहीं छोड़ रही थीं वहीं प्रियंका यूके बेस्ड फैशन लेबल साफिया की डिज़ाइन की हुई येलो ड्रेस में कुछ खास नहीं जम रही थीं। दरअसल, पीसी ने अपने स्टाइल स्टेटमेंट को बरकरार रखने के लिए कोल्ड शोल्डर वाला मोनोक्रॉमैटिक को-ओर्ड सेट पहना था, जो V नेकलाइन के साथ फ्रंटडाउन बटन्स में डिज़ाइन किया था। जैसे ही इस लुक में प्रियंका की तस्वीरें सामने आईं, लोगों ने उन्हें आड़े हाथ लेते हुए अपनी प्रतिक्रिया देने में भी देर नहीं की। जहां प्रियंका को देख किसी ने उन्हें 'खरबूजा' कहा, तो किसी ने प्रियंका के इस लुक की तुलना अब तक की सबसे खराब ड्रेस से कर डाली। यही नहीं, एक इंस्टाग्राम यूजर ने प्रियंका चोपड़ा के लिए लिखा, 'कम से कम करीना का स्टाइल तो देखो। '
ऐसा ही कुछ हमें बॉलीवुड की बेगम यानी करीना कपूर खान और बी-टाउन की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा के बीच होता हुआ दिखाई दिया, जिन्होंने एक इवेंट में अपनी स्टाइलिश उपस्थिति दर्ज कराने के लिए न केवल आकर्षक ऑउटफिट्स को गले लगाया बल्कि दोनों एक्ट्रेसेस का स्टाइल एक-दूसरे पर भारी पड़ा। हालांकि, वो अलग है कि इस दौरान करीना के सामने प्रियंका को देख लोग बुरी तरफ खफा हो गए। करण जौहर का सबसे पॉपुलर चैट शो कॉफी विद करण तो आप सभी को याद ही होगा, जिसके सीजन छः के ग्रैंड फिनाले में बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान और प्रियंका चोपड़ा ने शानदार शिरकत की थी। हालांकि, इस एपिसोड को दर्शकों के साथ-साथ बी-टाउन सेलब्स ने भी काफी पसंद किया था, लेकिन जैसे ही इस चैट शो से करीना और प्रियंका की स्टाइलिश तस्वीरें समाने आईं वैसे ही कुछ 'संस्कारी ट्रोलर्स' इन हसीनाओं के लुक्स को देख बुरी तरह बिफर गए। करीना कपूर खान जहां इंडियन फैशन डिज़ाइनर अनाइता श्रॉफ अदजानिया और अपनी स्टाइलिस्ट लक्ष्मी लेहर द्वारा स्टाइल किए गए ऑल वाइन अटायर में हॉट एंड स्टाइलिश दिखने का कोई मौका नहीं छोड़ रही थीं तो वहीं इस दौरान प्रियंका का मोनोक्रॉमैटिक लुक फीका रहा। दरअसल, इस पॉपुलर चैट शो के लिए करीना ने फेमस फैशन डिज़ाइनर मोनिशा जैसिंग की डिज़ाइन की हुई रेड वाइन कलर की हाई-थाई स्लिट ड्रेस पहनी थी, जिसे स्टाइलिश लुक देने के लिए मेटैलिक में डिज़ाइन किया गया था। बात करें, करीना कपूर के ओवरऑल अटायर की तो प्लंजिंग नेकलाइन वाली स्टाइलिश ड्रेस में फुल स्लीव्स के साथ ड्रोपिंग और लूज़ फिटिंग आस्तीन थी, जिसके थाई स्लिट्स पर बना रफल डिज़ाइन इस ओवरऑल ड्रेस को अट्रैक्टिव बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा था। सटल मेकअप के साथ स्मोकी आईज न्यूड पिंक लिप्स, मस्कारा-क्लैड लैशेज़, स्लीक आईलाइनर और हल्के ब्लश वाले गालों में करीना काफी प्यारी लग रही थीं। एक तरफ जहां करीना चमचमाते कपड़ों में सुपर गॉर्जियस दिखने का कोई मौका नहीं छोड़ रही थीं वहीं प्रियंका यूके बेस्ड फैशन लेबल साफिया की डिज़ाइन की हुई येलो ड्रेस में कुछ खास नहीं जम रही थीं। दरअसल, पीसी ने अपने स्टाइल स्टेटमेंट को बरकरार रखने के लिए कोल्ड शोल्डर वाला मोनोक्रॉमैटिक को-ओर्ड सेट पहना था, जो V नेकलाइन के साथ फ्रंटडाउन बटन्स में डिज़ाइन किया था। जैसे ही इस लुक में प्रियंका की तस्वीरें सामने आईं, लोगों ने उन्हें आड़े हाथ लेते हुए अपनी प्रतिक्रिया देने में भी देर नहीं की। जहां प्रियंका को देख किसी ने उन्हें 'खरबूजा' कहा, तो किसी ने प्रियंका के इस लुक की तुलना अब तक की सबसे खराब ड्रेस से कर डाली। यही नहीं, एक इंस्टाग्राम यूजर ने प्रियंका चोपड़ा के लिए लिखा, 'कम से कम करीना का स्टाइल तो देखो। '
काबुल, 18 दिसंबर (एपी) पूर्वी अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में शुक्रवार को रिक्शे में छिपाकर रखे गए बम में विस्फोट होने से उसकी चपेट में आए 15 बच्चों की मौत हो गई जबकि अन्य 20 घायल हो गए। यह विस्फोट जिस इलाके में हुआ, वह तालिबान द्वारा नियंत्रित है। गजनी प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता वहीदुल्लाह जुमाजादा ने बताया कि हमला दोपहर को गिलान जिले में हुआ। उन्होंने बताया कि बम धमाका उस समय हुआ जब चालक मोटर चालित रिक्शे के साथ सामान बेचने के लिए गांव में दाखिल हुआ और जल्द ही बच्चों ने उसे घेर लिया। जुमाजादा के मुताबिक हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। तत्काल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। प्रवक्ता ने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि बच्चों को क्यों निशाना बनाया गया। हालांकि तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने मीडिया को एक संदेश भेज कर दावा किया कि बच्चों ने इलाके में पड़ा ऐसा विस्फोटक उठा लिया था जिसमें पहले विस्फोट नही हुआ था। बच्चे उस विस्फोटक को व्यापारी के पास लेकर आए थे। मुजाहिद ने कहा कि 12 बच्चों की मौत हुई है। परस्पर विरोधी रिपोर्टों की पुष्टि नहीं हो सकी है क्योंकि तालिबान के नियंत्रण वाला वह क्षेत्र पत्रकारों की पहुंच से दूर है। उल्लेखनीय है कि दो दशक पुराने युद्ध की समाप्ति के लिए कतर में अफगानिस्तान की सरकार और चरमपंथी तालिबान के वार्ताकारों के बीच जारी वार्ता के बावजूद हाल के महीनों में हिंसा की घटनाएं बढ़ी है। (इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है। )
काबुल, अट्ठारह दिसंबर पूर्वी अफगानिस्तान के गजनी प्रांत में शुक्रवार को रिक्शे में छिपाकर रखे गए बम में विस्फोट होने से उसकी चपेट में आए पंद्रह बच्चों की मौत हो गई जबकि अन्य बीस घायल हो गए। यह विस्फोट जिस इलाके में हुआ, वह तालिबान द्वारा नियंत्रित है। गजनी प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता वहीदुल्लाह जुमाजादा ने बताया कि हमला दोपहर को गिलान जिले में हुआ। उन्होंने बताया कि बम धमाका उस समय हुआ जब चालक मोटर चालित रिक्शे के साथ सामान बेचने के लिए गांव में दाखिल हुआ और जल्द ही बच्चों ने उसे घेर लिया। जुमाजादा के मुताबिक हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। तत्काल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। प्रवक्ता ने बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि बच्चों को क्यों निशाना बनाया गया। हालांकि तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने मीडिया को एक संदेश भेज कर दावा किया कि बच्चों ने इलाके में पड़ा ऐसा विस्फोटक उठा लिया था जिसमें पहले विस्फोट नही हुआ था। बच्चे उस विस्फोटक को व्यापारी के पास लेकर आए थे। मुजाहिद ने कहा कि बारह बच्चों की मौत हुई है। परस्पर विरोधी रिपोर्टों की पुष्टि नहीं हो सकी है क्योंकि तालिबान के नियंत्रण वाला वह क्षेत्र पत्रकारों की पहुंच से दूर है। उल्लेखनीय है कि दो दशक पुराने युद्ध की समाप्ति के लिए कतर में अफगानिस्तान की सरकार और चरमपंथी तालिबान के वार्ताकारों के बीच जारी वार्ता के बावजूद हाल के महीनों में हिंसा की घटनाएं बढ़ी है।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास वीरगंज की आयोजना मे बुधबार महफिले मुशायरा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ है । वीरगंज स्थित टाउन हल में सम्पन्न मुशायरा कार्यक्रम में नेपाल भारत के चर्चित शायरों की उपस्थिति थी । मुसायरा कार्यक्रम में भारतबाट डा. अब्दुल हनान, एस.कमर चम्पारनी, नेपाल से उर्दु एकेडमी के पदाधिकारी साकिब हारुनी,ईम्तयाज वफा, जफर अहमद जफर, शीतल कादम्बनी ,स्थानीय शायर जमशेद अंसारी ने अपने अपने गीत गजल और शेरो शायरी प्रस्तुत किया । भारतीय वाणिज्य दूतावास कन्सुलर एस.एम अख्तर के बिदाई के अवसर में इस कार्यक्रम का आयोजना किया गया था यह जानकारी दूतावास ने दी । बुधबार रात सम्पन्न मुशायरा कार्यक्रम में वाणिज्य दूत अन्जु रन्जन ने सहभागी शायररों का शाल ओढाकर सम्मान किया । कार्यक्रम का उद्घाटन महावािणज्य दूत अन्जुरन्जन और कन्सुरल एसएम अख्तर ने संयुक्त रुप में दीपप्रज्ज्वलन कर किया । कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए वाणिज्य दूत अन्जुरन्जन ने अपना कार्यकाल पूरा कर जा रहे ईमान्दार और मेहनती कन्सुलर एस.एम अख्तर के योगदान की भुमिका की चर्चा क ीऔर कहा कि आपको भारत सरकार नेपाली जनता हमेशा याद करेगी । रन्जन ने नेपाल में हुए बिनाशकारी भुकम्प में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की भी चर्चा की । कन्सुलर एसएम अख्तर ने भी अपने मंतव्य में कहा कि वो कहीं भी रहेंगे लेकिन नेपाल को हमेशा याद करेंगे । मुशायरा के लिए उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कार्यक्रम है और इससे दोनों देशों के रिश्ते प्रगाढ बनेंगे । वीरगंज महावाणिज्य दूतावास के दूत एस.एम अख्तर के सभापतित्व में सम्पन्न कार्यक्रम में वीरगंज के महावाणिज्य दूत अन्जु रन्जन , कन्सुलर कृष्णा कुमार चैतन्य, राजेश कुमार, नेपाल सदभावना पार्टी के महासचिव शिव पटेल, तमरा अभियान के महासचिव आत्माराम साह, सदभावना पार्टी के केन्द्रिय सदस्य निजामुदिन समानी, फोरम लोकतान्त्रिक पार्टी के पर्सा अध्यक्ष शशिकपुर मियाँ, नेशनल मेडिकल कलेज के अध्यक्ष डा. जैनुदिन अंसारी, बालरोग बिशेषज्ञ डा. अशोक दास, डा. प्रमोद सर्राफ , युवा नेता सम्सेद अख्तर, ओमप्रकास सर्राफ ईश्वर यादव, धर्मेन्द्र पटेल, दिपक सर्राफ पत्रकार चन्द्रकिसोर झा, एनपीडेली के संतोष पटेल, एस.एमजहागस्त लगायत समाजसेवी एवं महिलाओं की बिशेष उपस्थिति थी । कार्यक्रम में स्वागत मन्तव्य कन्सुलर राजेश कुमार और धन्यवाद ज्ञापन डेपुटी कन्सुलर निरज जैसवाल ने किया था । कार्यक्रम का सहजीकरण शायर जमशेद अंसारी ने किया ।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास वीरगंज की आयोजना मे बुधबार महफिले मुशायरा कार्यक्रम सम्पन्न हुआ है । वीरगंज स्थित टाउन हल में सम्पन्न मुशायरा कार्यक्रम में नेपाल भारत के चर्चित शायरों की उपस्थिति थी । मुसायरा कार्यक्रम में भारतबाट डा. अब्दुल हनान, एस.कमर चम्पारनी, नेपाल से उर्दु एकेडमी के पदाधिकारी साकिब हारुनी,ईम्तयाज वफा, जफर अहमद जफर, शीतल कादम्बनी ,स्थानीय शायर जमशेद अंसारी ने अपने अपने गीत गजल और शेरो शायरी प्रस्तुत किया । भारतीय वाणिज्य दूतावास कन्सुलर एस.एम अख्तर के बिदाई के अवसर में इस कार्यक्रम का आयोजना किया गया था यह जानकारी दूतावास ने दी । बुधबार रात सम्पन्न मुशायरा कार्यक्रम में वाणिज्य दूत अन्जु रन्जन ने सहभागी शायररों का शाल ओढाकर सम्मान किया । कार्यक्रम का उद्घाटन महावािणज्य दूत अन्जुरन्जन और कन्सुरल एसएम अख्तर ने संयुक्त रुप में दीपप्रज्ज्वलन कर किया । कार्यक्रम को सम्बोधन करते हुए वाणिज्य दूत अन्जुरन्जन ने अपना कार्यकाल पूरा कर जा रहे ईमान्दार और मेहनती कन्सुलर एस.एम अख्तर के योगदान की भुमिका की चर्चा क ीऔर कहा कि आपको भारत सरकार नेपाली जनता हमेशा याद करेगी । रन्जन ने नेपाल में हुए बिनाशकारी भुकम्प में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की भी चर्चा की । कन्सुलर एसएम अख्तर ने भी अपने मंतव्य में कहा कि वो कहीं भी रहेंगे लेकिन नेपाल को हमेशा याद करेंगे । मुशायरा के लिए उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक कार्यक्रम है और इससे दोनों देशों के रिश्ते प्रगाढ बनेंगे । वीरगंज महावाणिज्य दूतावास के दूत एस.एम अख्तर के सभापतित्व में सम्पन्न कार्यक्रम में वीरगंज के महावाणिज्य दूत अन्जु रन्जन , कन्सुलर कृष्णा कुमार चैतन्य, राजेश कुमार, नेपाल सदभावना पार्टी के महासचिव शिव पटेल, तमरा अभियान के महासचिव आत्माराम साह, सदभावना पार्टी के केन्द्रिय सदस्य निजामुदिन समानी, फोरम लोकतान्त्रिक पार्टी के पर्सा अध्यक्ष शशिकपुर मियाँ, नेशनल मेडिकल कलेज के अध्यक्ष डा. जैनुदिन अंसारी, बालरोग बिशेषज्ञ डा. अशोक दास, डा. प्रमोद सर्राफ , युवा नेता सम्सेद अख्तर, ओमप्रकास सर्राफ ईश्वर यादव, धर्मेन्द्र पटेल, दिपक सर्राफ पत्रकार चन्द्रकिसोर झा, एनपीडेली के संतोष पटेल, एस.एमजहागस्त लगायत समाजसेवी एवं महिलाओं की बिशेष उपस्थिति थी । कार्यक्रम में स्वागत मन्तव्य कन्सुलर राजेश कुमार और धन्यवाद ज्ञापन डेपुटी कन्सुलर निरज जैसवाल ने किया था । कार्यक्रम का सहजीकरण शायर जमशेद अंसारी ने किया ।
शहंशाह अकबर के जमाने में लिखी मुगलिया सल्तनत का असली दस्तावेज है - शाहनामा। इसे फिरदौसी, पूरा नाम अबुल कावीमे मंसूर, ने लिखा। फिरदौसी का जन्म खुरासान के शादाब गाँव में सन् 932 ई० में हुआ था। पहला सपनाः एक बड़ी इमारत थी, महल की तरह। पर उसका दरवाजा बहुत छोटा था। उस पतले दरवाजे में एक बहुत बड़ा और मरखना हाथी फँसा हुआ था। पर वह विशाल हाथी उस दरवाजे से बड़े आराम से निकल आया। सिर्फ उसकी सूँड भीतर टूटकर रह गयी। बस, फिर सुबह हो गयी। दूसरा सपनाः वही महल था और मैं उसमें रह गया था, कि मेरी मौत हो गयी। मुझे हटाकर एक तरफ कर दिया गया। और एक नया राजा सिंहासन पर बैठ गया। उसका मुकुट हीरों-सा चमक रहा था। बस, फिर सुबह हो गयी। तीसरा सपनाः कपड़े की एक बहुत बड़ी सफेद चादर थी, उसे चार कोनों पर चार आदमी पकड़े हुए अपनी-अपनी तरफ खींच रहे थे। खींचते-खींचते उनके चेहरे नीले पड़ गये पर कपड़े की वह चादर नहीं फटी। बस, फिर सुबह हो गयी। चौथा सपनाः एक पतली-सी नदी के पास एक बहुत प्यासा आदमी खड़ा था। उसे प्यासा देखकर नदी की एक मछली निकली, ऊपर उछली और उस पर उसने पानी डाल दिया। आदमी ने यह देखा तो उछलकर सूखी जगह में खड़ा हो गया। पानी बहकर उसके पास पहुँचा, पर वह प्यासा आदमी भागने लगा। पानी उसके पीछे-पीछे बहता रहा। बस, फिर आँख खुल गयी। पाँचवाँ सपनाः एक शहर था जिसके रहने वाले सबके सब अन्धे थे। पर कोई परेशान नजर नहीं आता था। शहर में खूब तिजारत और कामधाम चल रहा था। बस, फिर आँख खुल गयी। छठा सपनाः एक शहर देखा, जिसमें सब बीमार थे। एक तन्दुरुस्त आदमी वहाँ कहीं से आया और वह बीमारों से तन्दुरुस्त रहने की दवा पूछता फिरता रहा। बस, फिर आँख खुल गयी। सातवाँ सपनाः एक घोड़ा था, जिसके चार पाँव पर दो सिर थे। वह मैदान में खूब घास चर रहा था। पर उसके पीछे फारिग होने का रास्ता नहीं था। बस, फिर आँख खुल गयी। आठवाँ सपना : तीन घड़े रखे थे। दो लबालब पानी से भरे थे। एक खाली था। दो आदमी उनमें भर-भरकर पानी डाल रहे थे, पर न तो भरे घड़ों का पानी फैलता था न खाली घड़े में नमी आती थी। बस फिर आँख खुल गयी। नौवाँ सपनाः एक तन्दुरुस्त गाय आराम से घास पर लेटी थी। उसके पास एक मरी हुई बछिया पड़ी थी। वह तन्दुरुस्त गाय उस मरी बछिया का दूध पी रही थी। बस, फिर आँख खुल गयी। दसवाँ सपनाः एक महल देखा - उसके मैदान में चश्मा था। पूरा मैदान पानी से भरता जा रहा था। पर चश्मा बिलकुल सूखा था। बस, फिर आँख खुल गयी। दसों सपने सुनकर विद्वान तपस्वी मेहराम ने कन्नौज के राजा कैद से कहा कि सिकन्दर नाम का एक राजा हमला करने वाला है, उससे तुम लड़ना मत। तुम अपनी सुन्दरी पुत्री; और वह दार्शनिक जिसने तुम्हें दुनिया के रहस्य बताये हैं, और वह वैद्य जो तुम्हारे राज्य में सबसे विख्यात है, और वह अद्भुत प्याला, जिसमें पानी पीने से कभी समाप्त नहीं होता - चारों चीजें सिकन्दर को देकर दोस्ती कर लेना। इसी में तुम्हारी भलाई है। और इतना कहकर मेहराम ने सपनों के अर्थ बताने शुरू किये - "राजन् पहले सपने का वह महल यह धरती है, और वह मरखना हाथी है - एक दुष्ट राजा। जिसके पास सिर्फ नाम ही नाम है और कुछ नहीं। दूसरा सपना यह बताता है कि दुनिया की यही रीति है। एक राजा जाता है दूसरा आता है। तीसरा सपना जिसमें सफेद कपड़ा नहीं फटता - वह सफेद कपड़ा है आदमी की आस्था और चारों कोनों से उसे खींचने वाले हैं धर्मों के वे पुरोहित जो अपने को ही सही मानते हैं। एक अग्निपूजक है, दूसरा देहकान, तीसरा यहूदी और चौथा है अरब - ये सब एक-दूसरे के पूरक हैं पर विरोधी बने हुए हैं। चौथा सपना बताता है कि एक वक्त आएगा जब बुद्धिमान आदमी, जिसने ज्ञान का पानी पिया है, तुच्छ समझा जाएगा। बदमाश लोग उसे और प्यासा जानकर पानी के पास बुलाएँगे पर उसके साथ ठीक से व्यवहार नहीं करेंगे। वे उसे लांछित और अपमानित करेंगे और पानी ऐसे देंगे कि वह पी न सके। पाँचवाँ सपना बताता है कि अन्धों का जो खुशहाल शहर है, एक दिन दुनिया ऐसी ही हो जाएगी। तब विद्वान सेवक होंगे और मूर्ख मालिक। ज्ञानवृक्ष भी तब फल नहीं देंगे। विद्वान मूर्खों की सेवा करेंगे ताकि दुनिया खुशहाल रहे पर वे सेवा करते हुए भी यह जानते रहेंगे कि वे एक झूठा नाटक खेल रहे हैं। छठा सपना कहता है कि एक वक्त ऐसा आएगा जब अमीर गरीबों को हिकारत से देखेंगे यानि तन्दुरुस्त आदमी व्यंग्य से मरीज से तन्दुरुस्त रहने की दवा पूछेगा पर जब गरीब उनसे सेवा करने का मौका चाहेगा तो वे नहीं देंगे। सातवें सपने का मतलब है कि दो सिर वाला घोड़ा वक्त का प्रतीक है - वह वक्त ऐसा होगा जब गरीब आदमी को उसके लायक खाना नहीं मिलेगा और कुछ आदमी इतने स्वार्थी हो जाएँगे कि वे अपने अलावा किसी और के बारे में नहीं सोचेंगे। न गरीब को खाना मिलेगा न ज्ञान। आठवें सपने के अर्थ हैं कि एक वक्त ऐसा आएगा जब पानी से भरे हुए बादल सूरज को ढँक लेंगे और गरीब उसे नहीं देख पाएगा। अमीर-अमीर दोस्त होंगे - दोनों भरे घड़ों की तरह। पर गरीब खाली घड़े की तरह नमी भी नहीं पाएगा। नौवें सपने में जहाँ तन्दुरुस्त गाय मरी बछिया का दूध पी रही है, वहाँ यह अर्थ है कि जब शनि तुला राशि में प्रवेश करेगा तो दुनिया शक्तिवान के पैरों तले कुचल दी जाएगी। गरीब और बीमार दुखी ही रहेंगे। लोग बातें करेंगे पर उनके दुखों को दूर करने की न कोशिश करेंगे न अपना धन देंगे। और इतना बताकर विद्वान तपस्वी मेहराम उठ खड़ा होता है और चलते-चलते फिर राजा कैद को आगाह करता है कि सिकन्दर नाम का विश्वविजेता आने वाला है... राजा कैद को उसका स्वागत करके अपनी बहुमूल्य चारों चीजें उसकी नज़र कर देनी चाहिए।
शहंशाह अकबर के जमाने में लिखी मुगलिया सल्तनत का असली दस्तावेज है - शाहनामा। इसे फिरदौसी, पूरा नाम अबुल कावीमे मंसूर, ने लिखा। फिरदौसी का जन्म खुरासान के शादाब गाँव में सन् नौ सौ बत्तीस ईशून्य में हुआ था। पहला सपनाः एक बड़ी इमारत थी, महल की तरह। पर उसका दरवाजा बहुत छोटा था। उस पतले दरवाजे में एक बहुत बड़ा और मरखना हाथी फँसा हुआ था। पर वह विशाल हाथी उस दरवाजे से बड़े आराम से निकल आया। सिर्फ उसकी सूँड भीतर टूटकर रह गयी। बस, फिर सुबह हो गयी। दूसरा सपनाः वही महल था और मैं उसमें रह गया था, कि मेरी मौत हो गयी। मुझे हटाकर एक तरफ कर दिया गया। और एक नया राजा सिंहासन पर बैठ गया। उसका मुकुट हीरों-सा चमक रहा था। बस, फिर सुबह हो गयी। तीसरा सपनाः कपड़े की एक बहुत बड़ी सफेद चादर थी, उसे चार कोनों पर चार आदमी पकड़े हुए अपनी-अपनी तरफ खींच रहे थे। खींचते-खींचते उनके चेहरे नीले पड़ गये पर कपड़े की वह चादर नहीं फटी। बस, फिर सुबह हो गयी। चौथा सपनाः एक पतली-सी नदी के पास एक बहुत प्यासा आदमी खड़ा था। उसे प्यासा देखकर नदी की एक मछली निकली, ऊपर उछली और उस पर उसने पानी डाल दिया। आदमी ने यह देखा तो उछलकर सूखी जगह में खड़ा हो गया। पानी बहकर उसके पास पहुँचा, पर वह प्यासा आदमी भागने लगा। पानी उसके पीछे-पीछे बहता रहा। बस, फिर आँख खुल गयी। पाँचवाँ सपनाः एक शहर था जिसके रहने वाले सबके सब अन्धे थे। पर कोई परेशान नजर नहीं आता था। शहर में खूब तिजारत और कामधाम चल रहा था। बस, फिर आँख खुल गयी। छठा सपनाः एक शहर देखा, जिसमें सब बीमार थे। एक तन्दुरुस्त आदमी वहाँ कहीं से आया और वह बीमारों से तन्दुरुस्त रहने की दवा पूछता फिरता रहा। बस, फिर आँख खुल गयी। सातवाँ सपनाः एक घोड़ा था, जिसके चार पाँव पर दो सिर थे। वह मैदान में खूब घास चर रहा था। पर उसके पीछे फारिग होने का रास्ता नहीं था। बस, फिर आँख खुल गयी। आठवाँ सपना : तीन घड़े रखे थे। दो लबालब पानी से भरे थे। एक खाली था। दो आदमी उनमें भर-भरकर पानी डाल रहे थे, पर न तो भरे घड़ों का पानी फैलता था न खाली घड़े में नमी आती थी। बस फिर आँख खुल गयी। नौवाँ सपनाः एक तन्दुरुस्त गाय आराम से घास पर लेटी थी। उसके पास एक मरी हुई बछिया पड़ी थी। वह तन्दुरुस्त गाय उस मरी बछिया का दूध पी रही थी। बस, फिर आँख खुल गयी। दसवाँ सपनाः एक महल देखा - उसके मैदान में चश्मा था। पूरा मैदान पानी से भरता जा रहा था। पर चश्मा बिलकुल सूखा था। बस, फिर आँख खुल गयी। दसों सपने सुनकर विद्वान तपस्वी मेहराम ने कन्नौज के राजा कैद से कहा कि सिकन्दर नाम का एक राजा हमला करने वाला है, उससे तुम लड़ना मत। तुम अपनी सुन्दरी पुत्री; और वह दार्शनिक जिसने तुम्हें दुनिया के रहस्य बताये हैं, और वह वैद्य जो तुम्हारे राज्य में सबसे विख्यात है, और वह अद्भुत प्याला, जिसमें पानी पीने से कभी समाप्त नहीं होता - चारों चीजें सिकन्दर को देकर दोस्ती कर लेना। इसी में तुम्हारी भलाई है। और इतना कहकर मेहराम ने सपनों के अर्थ बताने शुरू किये - "राजन् पहले सपने का वह महल यह धरती है, और वह मरखना हाथी है - एक दुष्ट राजा। जिसके पास सिर्फ नाम ही नाम है और कुछ नहीं। दूसरा सपना यह बताता है कि दुनिया की यही रीति है। एक राजा जाता है दूसरा आता है। तीसरा सपना जिसमें सफेद कपड़ा नहीं फटता - वह सफेद कपड़ा है आदमी की आस्था और चारों कोनों से उसे खींचने वाले हैं धर्मों के वे पुरोहित जो अपने को ही सही मानते हैं। एक अग्निपूजक है, दूसरा देहकान, तीसरा यहूदी और चौथा है अरब - ये सब एक-दूसरे के पूरक हैं पर विरोधी बने हुए हैं। चौथा सपना बताता है कि एक वक्त आएगा जब बुद्धिमान आदमी, जिसने ज्ञान का पानी पिया है, तुच्छ समझा जाएगा। बदमाश लोग उसे और प्यासा जानकर पानी के पास बुलाएँगे पर उसके साथ ठीक से व्यवहार नहीं करेंगे। वे उसे लांछित और अपमानित करेंगे और पानी ऐसे देंगे कि वह पी न सके। पाँचवाँ सपना बताता है कि अन्धों का जो खुशहाल शहर है, एक दिन दुनिया ऐसी ही हो जाएगी। तब विद्वान सेवक होंगे और मूर्ख मालिक। ज्ञानवृक्ष भी तब फल नहीं देंगे। विद्वान मूर्खों की सेवा करेंगे ताकि दुनिया खुशहाल रहे पर वे सेवा करते हुए भी यह जानते रहेंगे कि वे एक झूठा नाटक खेल रहे हैं। छठा सपना कहता है कि एक वक्त ऐसा आएगा जब अमीर गरीबों को हिकारत से देखेंगे यानि तन्दुरुस्त आदमी व्यंग्य से मरीज से तन्दुरुस्त रहने की दवा पूछेगा पर जब गरीब उनसे सेवा करने का मौका चाहेगा तो वे नहीं देंगे। सातवें सपने का मतलब है कि दो सिर वाला घोड़ा वक्त का प्रतीक है - वह वक्त ऐसा होगा जब गरीब आदमी को उसके लायक खाना नहीं मिलेगा और कुछ आदमी इतने स्वार्थी हो जाएँगे कि वे अपने अलावा किसी और के बारे में नहीं सोचेंगे। न गरीब को खाना मिलेगा न ज्ञान। आठवें सपने के अर्थ हैं कि एक वक्त ऐसा आएगा जब पानी से भरे हुए बादल सूरज को ढँक लेंगे और गरीब उसे नहीं देख पाएगा। अमीर-अमीर दोस्त होंगे - दोनों भरे घड़ों की तरह। पर गरीब खाली घड़े की तरह नमी भी नहीं पाएगा। नौवें सपने में जहाँ तन्दुरुस्त गाय मरी बछिया का दूध पी रही है, वहाँ यह अर्थ है कि जब शनि तुला राशि में प्रवेश करेगा तो दुनिया शक्तिवान के पैरों तले कुचल दी जाएगी। गरीब और बीमार दुखी ही रहेंगे। लोग बातें करेंगे पर उनके दुखों को दूर करने की न कोशिश करेंगे न अपना धन देंगे। और इतना बताकर विद्वान तपस्वी मेहराम उठ खड़ा होता है और चलते-चलते फिर राजा कैद को आगाह करता है कि सिकन्दर नाम का विश्वविजेता आने वाला है... राजा कैद को उसका स्वागत करके अपनी बहुमूल्य चारों चीजें उसकी नज़र कर देनी चाहिए।
हरियाणा बोर्ड 12वीं का रिजल्ट 26 जुलाई को जारी किया गया था. इस साल 12वीं में 100 फीसदी छात्र पास हुए थे. अब इन छात्रों को सर्टिफिकेट दिया जाना है. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (Board of School Education Haryana) 12वीं की परीक्षा अप्रैल-2021 के विद्यालयी परीक्षार्थियों के सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट 12 और 13 अगस्त को वितरित करेगा. 12 अगस्त को ये प्रमाणपत्र प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों पर भेजे जाएंगे. बोर्ड अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह ने बताया कि जिला भिवानी के सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बोर्ड मुख्यालय के अध्यापक भवन में वितरित किए जाएंगे. इसके अतिरिक्त जिला दादरी के सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दादरी में वितरित किये जाएंगे. बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा की ओर से कक्षा 12वीं का रिजल्ट 26 जुलाई को जारी किया गया था. इस साल 12वीं में 100 फीसदी छात्र पास हुए थे. इस साल 12वीं की परीक्षा के कुल 2,27,585 परीक्षार्थियों में से 2,21,263 परीक्षार्थियों का रिजल्ट घोषित किया गया है, जिसमें 1,14,416 छात्र और 1,06,847 छात्राएं शामिल हैं. हरियाणा बोर्ड 12वीं की परीक्षा कोरोना वायरस के चलते रद्द कर दी गई थी. इस बार हरियाणा 12वीं का रिजल्ट स्टूडेंट्स की बीते तीन साल की परफॉर्मेंस के आधार पर तैयार किया गया है. क्लास 10, 11 और 12 तीनों के एग्जाम्स में मिले मार्क्स जोड़े गये हैं. इसे 30:10:60 में बांटा गया है. 30 फीसदी वेटेज 10वीं बोर्ड परीक्षा को, 10 फीसदी 11वीं के फाइनल एग्जाम को और 60 फीसदी वेटेज 12वीं में हुए इंटरल असेसमेंट्स और प्रैक्टिकल एग्जाम को दिया गया है. वहीं, हरियाणा बोर्ड इंप्रूवमेंट एग्जाम का आयोजन इस महीने होने की संभावना है. जो स्टूडेंट्स अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं हैं, या जिनका रिजल्ट किसी कारण नहीं आ सका है, वे इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, हरियाणा (BSEH) द्वारा 11 जून को कक्षा 10वीं का रिजल्ट घोषित किया गया था. 10वीं में इस साल सभी छात्र पास हुए थे. हरियाणा बोर्ड के मुताबिक आंतरिक मूल्यांकन और प्रैक्टिकल अंकों के आधार पर कक्षा 10वीं का रिजल्ट जारी किया गया है. आंतरिक मूल्यांकन और प्रैक्टिकल अंकों में छात्र के प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक को कुल 20 अंक दिए गए थे. यदि किसी छात्र को मूल्यांकन और पैक्टिकल में 40 अंक मिलते हैं तो उसे थ्योरी के लिए 60 अंक दिए गए थे.
हरियाणा बोर्ड बारहवीं का रिजल्ट छब्बीस जुलाई को जारी किया गया था. इस साल बारहवीं में एक सौ फीसदी छात्र पास हुए थे. अब इन छात्रों को सर्टिफिकेट दिया जाना है. हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड बारहवीं की परीक्षा अप्रैल-दो हज़ार इक्कीस के विद्यालयी परीक्षार्थियों के सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बारह और तेरह अगस्त को वितरित करेगा. बारह अगस्त को ये प्रमाणपत्र प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों पर भेजे जाएंगे. बोर्ड अध्यक्ष प्रो. जगबीर सिंह ने बताया कि जिला भिवानी के सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट बोर्ड मुख्यालय के अध्यापक भवन में वितरित किए जाएंगे. इसके अतिरिक्त जिला दादरी के सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, दादरी में वितरित किये जाएंगे. बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा की ओर से कक्षा बारहवीं का रिजल्ट छब्बीस जुलाई को जारी किया गया था. इस साल बारहवीं में एक सौ फीसदी छात्र पास हुए थे. इस साल बारहवीं की परीक्षा के कुल दो,सत्ताईस,पाँच सौ पचासी परीक्षार्थियों में से दो,इक्कीस,दो सौ तिरेसठ परीक्षार्थियों का रिजल्ट घोषित किया गया है, जिसमें एक,चौदह,चार सौ सोलह छात्र और एक,छः,आठ सौ सैंतालीस छात्राएं शामिल हैं. हरियाणा बोर्ड बारहवीं की परीक्षा कोरोना वायरस के चलते रद्द कर दी गई थी. इस बार हरियाणा बारहवीं का रिजल्ट स्टूडेंट्स की बीते तीन साल की परफॉर्मेंस के आधार पर तैयार किया गया है. क्लास दस, ग्यारह और बारह तीनों के एग्जाम्स में मिले मार्क्स जोड़े गये हैं. इसे तीस:दस:साठ में बांटा गया है. तीस फीसदी वेटेज दसवीं बोर्ड परीक्षा को, दस फीसदी ग्यारहवीं के फाइनल एग्जाम को और साठ फीसदी वेटेज बारहवीं में हुए इंटरल असेसमेंट्स और प्रैक्टिकल एग्जाम को दिया गया है. वहीं, हरियाणा बोर्ड इंप्रूवमेंट एग्जाम का आयोजन इस महीने होने की संभावना है. जो स्टूडेंट्स अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं हैं, या जिनका रिजल्ट किसी कारण नहीं आ सका है, वे इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, हरियाणा द्वारा ग्यारह जून को कक्षा दसवीं का रिजल्ट घोषित किया गया था. दसवीं में इस साल सभी छात्र पास हुए थे. हरियाणा बोर्ड के मुताबिक आंतरिक मूल्यांकन और प्रैक्टिकल अंकों के आधार पर कक्षा दसवीं का रिजल्ट जारी किया गया है. आंतरिक मूल्यांकन और प्रैक्टिकल अंकों में छात्र के प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक को कुल बीस अंक दिए गए थे. यदि किसी छात्र को मूल्यांकन और पैक्टिकल में चालीस अंक मिलते हैं तो उसे थ्योरी के लिए साठ अंक दिए गए थे.
Balumath (Latehar) : सरस्वती पूजा एवं गणतंत्र दिवस को लेकर बालूमाथ थाना परिसर में शांति समिति की बैठक की गयी. बैठक की अध्यक्षता सीओ आफताब आलम ने की. उन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा में विद्या की देवी सरस्वती की आराधना की जाती है. लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों के कारण सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका रहती है. ऐसे लोगों को चिन्हित किया जायेगा. बालूमाथ की परंपरा शांति व परस्पर सहयोग से सभी त्यौहार मनाने की रही है. पुलिस इंस्पेक्टर शशि रंजन कुमार ने कहा कि बालूमाथ पुलिस बालूमाथ की जनता की सहयोगी बनकर शांतिपूर्ण तरीके से सरस्वती पूजा के समापन तक मुस्तैद रहेगी. थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से संभावित स्थान जहां माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा सकता है को लेकर पुलिस के साथ समन्यवय बनाकर काम करने की बात कही. प्रखंड प्रमुख ममता देवी, जिला परिषद सदस्य प्रियंका कुमारी, बीस सूत्री अध्यक्ष नागदेव उरांव, जेएमएम के जिला संयुक्त सचिव मो. इमरान, भाजपा मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण कुशवाहा, जदयू जिला अध्यक्ष नेजाम कुरैशी, मुखिया सुरेंद्र उरांव, नरेश लोहरा मो. नौशाद, मो. जमाल, एसआई कुबेर साव, नीतीश कुमार, अमित कुमार, श्याम सुंदर यादव व प्रेम प्रसाद गुप्ता आदि उपस्थित थे.
Balumath : सरस्वती पूजा एवं गणतंत्र दिवस को लेकर बालूमाथ थाना परिसर में शांति समिति की बैठक की गयी. बैठक की अध्यक्षता सीओ आफताब आलम ने की. उन्होंने कहा कि सरस्वती पूजा में विद्या की देवी सरस्वती की आराधना की जाती है. लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों के कारण सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका रहती है. ऐसे लोगों को चिन्हित किया जायेगा. बालूमाथ की परंपरा शांति व परस्पर सहयोग से सभी त्यौहार मनाने की रही है. पुलिस इंस्पेक्टर शशि रंजन कुमार ने कहा कि बालूमाथ पुलिस बालूमाथ की जनता की सहयोगी बनकर शांतिपूर्ण तरीके से सरस्वती पूजा के समापन तक मुस्तैद रहेगी. थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों से संभावित स्थान जहां माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा सकता है को लेकर पुलिस के साथ समन्यवय बनाकर काम करने की बात कही. प्रखंड प्रमुख ममता देवी, जिला परिषद सदस्य प्रियंका कुमारी, बीस सूत्री अध्यक्ष नागदेव उरांव, जेएमएम के जिला संयुक्त सचिव मो. इमरान, भाजपा मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण कुशवाहा, जदयू जिला अध्यक्ष नेजाम कुरैशी, मुखिया सुरेंद्र उरांव, नरेश लोहरा मो. नौशाद, मो. जमाल, एसआई कुबेर साव, नीतीश कुमार, अमित कुमार, श्याम सुंदर यादव व प्रेम प्रसाद गुप्ता आदि उपस्थित थे.
हिन्दुस्तानकी दशा -४ उन्होंने गरीबोंकी मदद की थी यह बात सही है। कांग्रेसमें वकीलोंने कुछ काम किया है, यह भी हम मान सकते हैं। वकील भी जाखिर मनुष्य हैं; और मनुष्य जातिमें कुछ तो अच्छाई है ही। वकीलोंकी भलमनसीके जो बहुतसे किस्से देखने में आते हैं, वे तभी हुए जब वे अपनेको वकील समझना भूल गये । मुझे तो आपको सिर्फ यही दिखाना है कि उनका धंधा उन्हें अनीति सिखानेवाला है। वे बुरे लालचमें फंसते हैं, जिसमें से उबरनेवाले विरले ही होते हैं। हिन्दू-मुसलमान आपसमें लड़े हैं। तटस्य' आदमी उनसे कहेगा कि आप गयी-बीतीको भूल जायें; इसमें दोनोंका कसूर रहा होगा । अव दोनों मिलकर रहिये। लेकिन वे वकीलके पास जाते हैं। वकीलका फ़र्ज हो जाता है कि वह मुवक्किलकी ओर जोर लगाये । मुवक्किलके खयालमें भी न हों ऐसी दलीलें मुवक्किलकी ओरसे ढूंढ़ना वकीलका काम है। अगर वह ऐसा नहीं करता तो माना जायगा कि वह अपने पेशेको वट्टा लगाता है। इसलिए वकील तो आम तौर पर झगड़ा आगे बढ़ानेको हो सलाह देगा । लोग दूसरोंका दुख दूर करनेके लिए नहीं, बल्कि पैसा पैदा करनेके लिए वकील बनते हैं। वह एक कमाईका रास्ता है। इसलिए वकीलका स्वायं झगड़ा बढ़ानेमें है। यह तो मेरी जानी हुई बात है कि जब झगड़े होते हैं तब वकील खुश होते हैं। मुखतार लोग भी वकीलकी जातके हैं । जहां झगड़े नहीं होते वहां भी वे झगड़े खड़े करते हैं। उनके दलाल जोंककी तरह गरीब लोगोंने चिपकते हैं और उनका खून चूस लेते हैं । वह पेशा ऐसा है कि उसमें आदमियोंको झगड़ेके लिए बढ़ावा मिलता हो है। वकील लोग निठल्ले होते हैं। आलसी लोग ऐश-आराम करनेके लिए वकील बनते हैं। यह सही बात है। वकालतका पेशा बड़ा आवदार पेशा है, ऐसा खोज निकालनेवाले भी वकील ही हैं। कानून वे बनाते हैं, उसकी तारीफ़ भी वे ही करते हैं। लोगोंने क्या दाम लिये जायं, यह भी वे ही तय करते हैं; और लोगों पर रोव जमानेके लिए आडंबर ऐसा करते हैं, मानो वे आसमान से उतर कर आये हुए देवदूत हों ! १. वेतरफ़दार । २. दिखावा । ३. फ़रिश्ते ।
हिन्दुस्तानकी दशा -चार उन्होंने गरीबोंकी मदद की थी यह बात सही है। कांग्रेसमें वकीलोंने कुछ काम किया है, यह भी हम मान सकते हैं। वकील भी जाखिर मनुष्य हैं; और मनुष्य जातिमें कुछ तो अच्छाई है ही। वकीलोंकी भलमनसीके जो बहुतसे किस्से देखने में आते हैं, वे तभी हुए जब वे अपनेको वकील समझना भूल गये । मुझे तो आपको सिर्फ यही दिखाना है कि उनका धंधा उन्हें अनीति सिखानेवाला है। वे बुरे लालचमें फंसते हैं, जिसमें से उबरनेवाले विरले ही होते हैं। हिन्दू-मुसलमान आपसमें लड़े हैं। तटस्य' आदमी उनसे कहेगा कि आप गयी-बीतीको भूल जायें; इसमें दोनोंका कसूर रहा होगा । अव दोनों मिलकर रहिये। लेकिन वे वकीलके पास जाते हैं। वकीलका फ़र्ज हो जाता है कि वह मुवक्किलकी ओर जोर लगाये । मुवक्किलके खयालमें भी न हों ऐसी दलीलें मुवक्किलकी ओरसे ढूंढ़ना वकीलका काम है। अगर वह ऐसा नहीं करता तो माना जायगा कि वह अपने पेशेको वट्टा लगाता है। इसलिए वकील तो आम तौर पर झगड़ा आगे बढ़ानेको हो सलाह देगा । लोग दूसरोंका दुख दूर करनेके लिए नहीं, बल्कि पैसा पैदा करनेके लिए वकील बनते हैं। वह एक कमाईका रास्ता है। इसलिए वकीलका स्वायं झगड़ा बढ़ानेमें है। यह तो मेरी जानी हुई बात है कि जब झगड़े होते हैं तब वकील खुश होते हैं। मुखतार लोग भी वकीलकी जातके हैं । जहां झगड़े नहीं होते वहां भी वे झगड़े खड़े करते हैं। उनके दलाल जोंककी तरह गरीब लोगोंने चिपकते हैं और उनका खून चूस लेते हैं । वह पेशा ऐसा है कि उसमें आदमियोंको झगड़ेके लिए बढ़ावा मिलता हो है। वकील लोग निठल्ले होते हैं। आलसी लोग ऐश-आराम करनेके लिए वकील बनते हैं। यह सही बात है। वकालतका पेशा बड़ा आवदार पेशा है, ऐसा खोज निकालनेवाले भी वकील ही हैं। कानून वे बनाते हैं, उसकी तारीफ़ भी वे ही करते हैं। लोगोंने क्या दाम लिये जायं, यह भी वे ही तय करते हैं; और लोगों पर रोव जमानेके लिए आडंबर ऐसा करते हैं, मानो वे आसमान से उतर कर आये हुए देवदूत हों ! एक. वेतरफ़दार । दो. दिखावा । तीन. फ़रिश्ते ।
खेल की 5 बड़ी खबरेंः कोरोना की चपेट में आए शेन वॉर्न और भारतीय महिला हॉकी टीम के इतिहास रचने पर क्या बोले कोच मरिने? ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पन गेंदबाज शेन वार्न कोरोना की चपेट में आ गए हैं। फिलहाल उन्होंने अपने आप को आइसोलेट कर लिया है और भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शुअर्ड मरिने ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल के मैच ने साबित किया है कि सपने सच होते हैं। द हंड्रेड टूर्नामेंट के दोरान ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पन गेंदबाज शेन वार्न कोरोना की चपेट में आ गए हैं। वार्न, लॉर्डस की टीम लंदन स्पिरिट के कोच की भूमिका निभा रहें हैं और फिलहाल उन्होंने अपने आप को आइसोलेट कर लिया है। क्लब ने जानकारी देते हुए कहा, "51 वर्षीय पूर्व खिलाड़ी ने अपने आप को आइसोलेट कर लिया है। स्पिरिट की टीम ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "टीम के मुख्य कोच वार्न, सर्दन ब्रेव के खिलाफ मैच में वे अनुुपस्थित रहेंगे। उनकी तबीयत सुबह से ठीक नहीं है, उन्होंने टेस्ट करवाया है और उनका लैटरल फ्लो टेस्ट पॉजिटिव आया है। उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है और पीसीआर के रिजल्ट का इंतजार कर रहें हैं। उन्होंने अन्य खिलाड़ी और स्टाफ से दूरी बनाई हुई है। " बयान में आगे कहा, "सपोर्ट स्टाफ का एक और सदस्य कोरोना से पॉजिटिव पाया गया है और उसने भी खुद को आइसोलेट कर लिया है। सभी खिलाड़ी सुरक्षित हैं। " ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने क हा है कि भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के संन्यास लेने के बाद भी अगले दस, पंद्रह या फिर बीस साल तक भी टीम को तेज गेंदबाजों की कमी नहीं होगी। ली ने आईसीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के दोरान भारतीय तेज गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की है। उनके पास कुछ नए और कुछ अनुभवी गेंदबाजों की टोली है जो टीम को काफी मजबूती देती है। पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, टीम के जो युवा गेंदबाज है उनके पास गति है, वे काफी जोश में रहते हैं और उनको देखना एक अलग अनुभव देता है, वे पूरी तरह से बुमराह और शमी की जगह लेने के लिए तैयार हैं। उन्होने आगे कहा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान टीम के आधे खिलाड़ी चोटिल होने के चलते टीम से बाहर थे पर फिर भी टीम टेस्ट सीरीज 2-1 से जीतने में कामयाब रही थी और इसके पूरा श्रेय युवा खिाड़ियों को जाता है। ली जिन्होंने 76 टेस्ट मैचों में 310 विकेट अपने नाम किया है, उन्होंने आगे बात करते हुए उन्होंने कहा, आज के समय में बेंच स्ट्रेंथ का होना बहुत जरुरी है, खासकर जब टीमों को बायो बबल में रहना पड़ रहा है। पूर्व ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तारीफ करते हुए कहा, मुझे अच्छा लग रहा है कि ये टूर्नामेंट में वर्ल्ड स्तर पर खेला जा रहा है, जिससे काफी लोगों ने टेस्ट मैच में रुचि लेना शुरु कर दिया है। अगर आपको विश्वास नहीं हो रहा तो पिछले स्पताह जारी किए गए ब्रॉडकास्ट के नंबर की सूची देख सकते है। सीपीएल फ्रैंचाइज़ी सेंट लूसिया जूक्स को अब सेंट लूसिया किंग्स कहा जाएगा, क्योंकि फ्रैंचाइज़ी ने सोमवार (2 अगस्त) को एक नए टीम लोगो के साथ एक नई ब्रांड पहचान का अनावरण किया। आईपीएल में पंजाब किंग्स के मालिक ही इस टीम के मालिक हैं। ऐसे में वह एक विशेष ब्रांड पहचान बनाना चाहते हैं। यही कारण है कि टीम का नाम बदला गया है। आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब का नाम भी बदलकर पंजाब किंग्स किया गया था। सीपीएल ने एक बयान जारी कर बताया कि सेंट लूसिया किंग्स आईपीएल में अपने सहयोगियों के साथ ब्रांडिंग और अन्य संपत्ति साझा करेगी क्योंकि स्वामित्व टीम दो ब्रांडों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए आगे बढ़ेगी। पिछले साल के हीरो सीपीएल टूर्नामेंट में उपविजेता के रूप में अभियान समाप्त होने के बाद नए मालिकों को टीम की सफलताओं पर तालमेल बैठाने में मदद मिलेगी। सेंट लूसिया किंग्स उन तीन सीपीएल टीमों में से एक है जिसका स्वामित्व एक ऐसे समूह के पास है जो आईपीएल में एक फ्रेंचाइजी भी चलाता है। उन्हें पिछले साल केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खरीदा गया था और 2020 सीज़न में वे उपविजेता रहे। कोलकाता नाइटराइडर्स, जो ट्रिनबागो नाइटराइडर्स के मालिक हैं और राजस्थान रॉयल्स ने पिछले हफ्ते बारबाडोस ट्राइडेंट्स में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी थी, अन्य दो आईपीएल टीमें हैं जिनकी सीपीएल में सिस्टर फ्रैंचाइज़ी हैं। बारबाडोस की टीम का नाम बदलकर बारबडोस रॉयल्स किया गया है। पाक को झटका, इंग्लैंड का कोई भी क्रिकेटर पीओके में आयोजित लीग में नहीं लेगा हिस्सा! पीसीबी द्वारा पीओके में आयोजित लीग में शायद इंग्लैंड का एक भी क्रिकेटर हिस्सा ना ले। खबरों के मुताबिक इस लीग में हिस्सा लेने के लिए इंग्लैंड की टीम अपने खिलाड़ियों को रिलीज नहीं करेगी। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा है कि उन्हें इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि वो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से आयोजित कश्मीर प्रीमियर लीग में अपने किसी भी खिलाड़ी को नहीं भेजेंगे। बीसीसीआई अधिकारी ने कहा "हां हमें ईसीबी ने बताया है कि वो अपने किसी भी प्लेयर को रिलीज नहीं करेंगे। " भारतीय बोर्ड अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड्स से भी इसी तरह की उम्मीद करता है। बीसीसीआई ने पीओके में किसी भी तरह के टूर्नामेंट के आयोजन पर अपना विरोध जताया है और कहा है कि वो अपने सरकार के स्टैंड का पालन कर रहे हैं। शनिवार को एक बीसीसीआई अधिकारी ने कहा "पाकिस्तान सुपर लीग में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से हमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन ये लीग पीओके में होनी है। हम लोग अपनी सरकार की लाइन पर चल रहे हैं। " (आईएएनएस के इनपुट के साथ)
खेल की पाँच बड़ी खबरेंः कोरोना की चपेट में आए शेन वॉर्न और भारतीय महिला हॉकी टीम के इतिहास रचने पर क्या बोले कोच मरिने? ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पन गेंदबाज शेन वार्न कोरोना की चपेट में आ गए हैं। फिलहाल उन्होंने अपने आप को आइसोलेट कर लिया है और भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच शुअर्ड मरिने ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल के मैच ने साबित किया है कि सपने सच होते हैं। द हंड्रेड टूर्नामेंट के दोरान ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पन गेंदबाज शेन वार्न कोरोना की चपेट में आ गए हैं। वार्न, लॉर्डस की टीम लंदन स्पिरिट के कोच की भूमिका निभा रहें हैं और फिलहाल उन्होंने अपने आप को आइसोलेट कर लिया है। क्लब ने जानकारी देते हुए कहा, "इक्यावन वर्षीय पूर्व खिलाड़ी ने अपने आप को आइसोलेट कर लिया है। स्पिरिट की टीम ने एक बयान जारी करते हुए कहा, "टीम के मुख्य कोच वार्न, सर्दन ब्रेव के खिलाफ मैच में वे अनुुपस्थित रहेंगे। उनकी तबीयत सुबह से ठीक नहीं है, उन्होंने टेस्ट करवाया है और उनका लैटरल फ्लो टेस्ट पॉजिटिव आया है। उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है और पीसीआर के रिजल्ट का इंतजार कर रहें हैं। उन्होंने अन्य खिलाड़ी और स्टाफ से दूरी बनाई हुई है। " बयान में आगे कहा, "सपोर्ट स्टाफ का एक और सदस्य कोरोना से पॉजिटिव पाया गया है और उसने भी खुद को आइसोलेट कर लिया है। सभी खिलाड़ी सुरक्षित हैं। " ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने क हा है कि भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के संन्यास लेने के बाद भी अगले दस, पंद्रह या फिर बीस साल तक भी टीम को तेज गेंदबाजों की कमी नहीं होगी। ली ने आईसीसी को दिए एक साक्षात्कार में कहा, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के दोरान भारतीय तेज गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की है। उनके पास कुछ नए और कुछ अनुभवी गेंदबाजों की टोली है जो टीम को काफी मजबूती देती है। पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, टीम के जो युवा गेंदबाज है उनके पास गति है, वे काफी जोश में रहते हैं और उनको देखना एक अलग अनुभव देता है, वे पूरी तरह से बुमराह और शमी की जगह लेने के लिए तैयार हैं। उन्होने आगे कहा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान टीम के आधे खिलाड़ी चोटिल होने के चलते टीम से बाहर थे पर फिर भी टीम टेस्ट सीरीज दो-एक से जीतने में कामयाब रही थी और इसके पूरा श्रेय युवा खिाड़ियों को जाता है। ली जिन्होंने छिहत्तर टेस्ट मैचों में तीन सौ दस विकेट अपने नाम किया है, उन्होंने आगे बात करते हुए उन्होंने कहा, आज के समय में बेंच स्ट्रेंथ का होना बहुत जरुरी है, खासकर जब टीमों को बायो बबल में रहना पड़ रहा है। पूर्व ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तारीफ करते हुए कहा, मुझे अच्छा लग रहा है कि ये टूर्नामेंट में वर्ल्ड स्तर पर खेला जा रहा है, जिससे काफी लोगों ने टेस्ट मैच में रुचि लेना शुरु कर दिया है। अगर आपको विश्वास नहीं हो रहा तो पिछले स्पताह जारी किए गए ब्रॉडकास्ट के नंबर की सूची देख सकते है। सीपीएल फ्रैंचाइज़ी सेंट लूसिया जूक्स को अब सेंट लूसिया किंग्स कहा जाएगा, क्योंकि फ्रैंचाइज़ी ने सोमवार को एक नए टीम लोगो के साथ एक नई ब्रांड पहचान का अनावरण किया। आईपीएल में पंजाब किंग्स के मालिक ही इस टीम के मालिक हैं। ऐसे में वह एक विशेष ब्रांड पहचान बनाना चाहते हैं। यही कारण है कि टीम का नाम बदला गया है। आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब का नाम भी बदलकर पंजाब किंग्स किया गया था। सीपीएल ने एक बयान जारी कर बताया कि सेंट लूसिया किंग्स आईपीएल में अपने सहयोगियों के साथ ब्रांडिंग और अन्य संपत्ति साझा करेगी क्योंकि स्वामित्व टीम दो ब्रांडों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए आगे बढ़ेगी। पिछले साल के हीरो सीपीएल टूर्नामेंट में उपविजेता के रूप में अभियान समाप्त होने के बाद नए मालिकों को टीम की सफलताओं पर तालमेल बैठाने में मदद मिलेगी। सेंट लूसिया किंग्स उन तीन सीपीएल टीमों में से एक है जिसका स्वामित्व एक ऐसे समूह के पास है जो आईपीएल में एक फ्रेंचाइजी भी चलाता है। उन्हें पिछले साल केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खरीदा गया था और दो हज़ार बीस सीज़न में वे उपविजेता रहे। कोलकाता नाइटराइडर्स, जो ट्रिनबागो नाइटराइडर्स के मालिक हैं और राजस्थान रॉयल्स ने पिछले हफ्ते बारबाडोस ट्राइडेंट्स में बहुमत हिस्सेदारी खरीदी थी, अन्य दो आईपीएल टीमें हैं जिनकी सीपीएल में सिस्टर फ्रैंचाइज़ी हैं। बारबाडोस की टीम का नाम बदलकर बारबडोस रॉयल्स किया गया है। पाक को झटका, इंग्लैंड का कोई भी क्रिकेटर पीओके में आयोजित लीग में नहीं लेगा हिस्सा! पीसीबी द्वारा पीओके में आयोजित लीग में शायद इंग्लैंड का एक भी क्रिकेटर हिस्सा ना ले। खबरों के मुताबिक इस लीग में हिस्सा लेने के लिए इंग्लैंड की टीम अपने खिलाड़ियों को रिलीज नहीं करेगी। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा है कि उन्हें इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि वो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की तरफ से आयोजित कश्मीर प्रीमियर लीग में अपने किसी भी खिलाड़ी को नहीं भेजेंगे। बीसीसीआई अधिकारी ने कहा "हां हमें ईसीबी ने बताया है कि वो अपने किसी भी प्लेयर को रिलीज नहीं करेंगे। " भारतीय बोर्ड अन्य देशों के क्रिकेट बोर्ड्स से भी इसी तरह की उम्मीद करता है। बीसीसीआई ने पीओके में किसी भी तरह के टूर्नामेंट के आयोजन पर अपना विरोध जताया है और कहा है कि वो अपने सरकार के स्टैंड का पालन कर रहे हैं। शनिवार को एक बीसीसीआई अधिकारी ने कहा "पाकिस्तान सुपर लीग में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से हमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन ये लीग पीओके में होनी है। हम लोग अपनी सरकार की लाइन पर चल रहे हैं। "
Ranbir Kapoor के फोन वॉलपेपर पर Alia Bhatt नहीं इस करीबी शख्स की है फोटो, देखकर हो जाएंगे इमोशनल! Rishi Kpaoor wallpaper on Ranbir Kapoor's phone: रणबीर कपूर आज भी अपने पापा को बहुत याद करते हैं। उन्होंने अपने फोन के वॉलपेपर पर अपने पापा ऋषि कपूर का फोटो लगाया हुआ है। उनके फोन की तस्वीर एयरपोर्ट पर उन्हें स्पॉट करते हुए ली गई है। Rishi Kpaoor wallpaper on Ranbir Kapoor's phone: रणबीर कपूर और आलिया भट्ट अकसर एक दूसरे के साथ नजर आते हैं और सुर्खियों में छा जाते हैं। दोनों के प्यार के चर्चे मीडिया में छाए रहते हैं। एक बार फिर दोनों मुंबई एयरपोर्ट पर साथ नजर आए। पापाराजी ने इन्हें स्पॉट किया और दोनों की ये फोटो भी खूब वायरल हो गई। लेकिन इस बार वजह कुछ और थी। दरअसल इस वायरल फोटो में सबकी नजरें रणबीर कपूर के फोन पर पड़ी हैं। वैसे तो सबको उम्मीदें थीं कि एक्टर के फोन आलिया भट्ट की फोटो होगी लेकिन यहां तो माजरा कुछ और निकला। उनके फोन में उनके पापा ऋषि कपूर की फोटो दिखाई दी है। इस फोटो को देखकर फैंस इमोशनल हो गए हैं। उन्हें रणबीर का इस तरह पापा की फोटो लगाना बहुत पसंद आ रहा है। करीब दो साल पहले 30 अप्रैल 2022 को रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) का अपने पापा ऋषि कपूर(Rishi Kapoor) से साथ छूट गया था। उनका कैंसर की वजह से निधन हो गया था। रणबीर आज भी अपने पापा को बहुत याद करते हैं। हाल ही में ऋषि कपूर की आखिरी फिल्म शर्माजी नमकीन का ट्रेलर सामने आया है। ऋषि कपूर इस फिल्म को पूरी नहीं कर पाए थे और उसके बाद फिल्म क परेश रावल ने पूरा किया। इस फिल्म के लिए भी रणबीर का हाल ही में एक वीडियो जारी हुआ था। जिसमें वो अपने पापा की बात कर रहे हैं। आप ये वीडियो यहां देख सकते हैं। रणबीर कपूर की आने वाली फिल्मों की बात करें तो वो आलिया भट्ट के साथ फिल्म ब्रह्मास्त्र में नजर आएंगे। इस फिल्म की शूटिंग के लिए दोनों वाराणसी निकले थे जब पापाराजी ने उन्हें एयरपोर्ट पर स्पॉट किया। ये फिल्म 9 सितंबर, 2022 में रिलीज होगी। ये फिल्म काफी समय से अटकी हुई है। महामारी के कारण फिल्म पर काम नहीं हो पा रहा था। इसके अलावा रणबीर कपूर एक और फिल्म शमशेरा में नजर आएंगे। फिल्म से कुछ फोटोज लीक हो चुकी हैं। इस फिल्म में उनके साथ संजय दत्त लीड रोल में दिखाई देंगे। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
Ranbir Kapoor के फोन वॉलपेपर पर Alia Bhatt नहीं इस करीबी शख्स की है फोटो, देखकर हो जाएंगे इमोशनल! Rishi Kpaoor wallpaper on Ranbir Kapoor's phone: रणबीर कपूर आज भी अपने पापा को बहुत याद करते हैं। उन्होंने अपने फोन के वॉलपेपर पर अपने पापा ऋषि कपूर का फोटो लगाया हुआ है। उनके फोन की तस्वीर एयरपोर्ट पर उन्हें स्पॉट करते हुए ली गई है। Rishi Kpaoor wallpaper on Ranbir Kapoor's phone: रणबीर कपूर और आलिया भट्ट अकसर एक दूसरे के साथ नजर आते हैं और सुर्खियों में छा जाते हैं। दोनों के प्यार के चर्चे मीडिया में छाए रहते हैं। एक बार फिर दोनों मुंबई एयरपोर्ट पर साथ नजर आए। पापाराजी ने इन्हें स्पॉट किया और दोनों की ये फोटो भी खूब वायरल हो गई। लेकिन इस बार वजह कुछ और थी। दरअसल इस वायरल फोटो में सबकी नजरें रणबीर कपूर के फोन पर पड़ी हैं। वैसे तो सबको उम्मीदें थीं कि एक्टर के फोन आलिया भट्ट की फोटो होगी लेकिन यहां तो माजरा कुछ और निकला। उनके फोन में उनके पापा ऋषि कपूर की फोटो दिखाई दी है। इस फोटो को देखकर फैंस इमोशनल हो गए हैं। उन्हें रणबीर का इस तरह पापा की फोटो लगाना बहुत पसंद आ रहा है। करीब दो साल पहले तीस अप्रैल दो हज़ार बाईस को रणबीर कपूर का अपने पापा ऋषि कपूर से साथ छूट गया था। उनका कैंसर की वजह से निधन हो गया था। रणबीर आज भी अपने पापा को बहुत याद करते हैं। हाल ही में ऋषि कपूर की आखिरी फिल्म शर्माजी नमकीन का ट्रेलर सामने आया है। ऋषि कपूर इस फिल्म को पूरी नहीं कर पाए थे और उसके बाद फिल्म क परेश रावल ने पूरा किया। इस फिल्म के लिए भी रणबीर का हाल ही में एक वीडियो जारी हुआ था। जिसमें वो अपने पापा की बात कर रहे हैं। आप ये वीडियो यहां देख सकते हैं। रणबीर कपूर की आने वाली फिल्मों की बात करें तो वो आलिया भट्ट के साथ फिल्म ब्रह्मास्त्र में नजर आएंगे। इस फिल्म की शूटिंग के लिए दोनों वाराणसी निकले थे जब पापाराजी ने उन्हें एयरपोर्ट पर स्पॉट किया। ये फिल्म नौ सितंबर, दो हज़ार बाईस में रिलीज होगी। ये फिल्म काफी समय से अटकी हुई है। महामारी के कारण फिल्म पर काम नहीं हो पा रहा था। इसके अलावा रणबीर कपूर एक और फिल्म शमशेरा में नजर आएंगे। फिल्म से कुछ फोटोज लीक हो चुकी हैं। इस फिल्म में उनके साथ संजय दत्त लीड रोल में दिखाई देंगे। बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
यह विषय दुखी है, लेकिन उसे अपनी आंखें बंद करने के लिएअस्तित्व असंभव है। दुर्भाग्यवश, कई पिता जैविक अर्थ और औपचारिक रूप से ऐसे ही हैं। उनके लिए बच्चे, सबसे अच्छे से, कुछ भी मतलब नहीं है, बदतर में - वे बच्चे की कीमत पर अपनी दुर्भाग्य और आत्म-पुष्टि को हटाने का उद्देश्य हैं। और सभी मामलों में मां बच्चे के साथ तथाकथित पिता के संचार को सीमित कर सकती है। और किसी बिंदु पर, यह पिता की उपस्थिति है, न कि उनकी अनुपस्थिति, जो मुख्य परिवार की समस्याओं में से एक बन जाती है। यह भी अजीब बात है कि सामाजिक कार्यकर्ता अक्सरइस तरह के उत्साह माताओं कि अपने बच्चों के बहुत शौकीन हैं, लेकिन गरीब हैं, अगर यह पिता के माता पिता का अधिकार से वंचित है की माता पिता का अधिकार से वंचित करने के लिए अपील कर, बस स्थिति की अनदेखी के साथ। सीधे शब्दों में कहें, सामाजिक सुरक्षा मुख्य रूप से माता-पिता की वित्तीय स्थिति की ओर ध्यान खींचता है, और अगर यह बहुत मामूली है, यह अपने दम पर पहल लेता है। लेकिन अगर मां जिस स्थिति में यह एक लंबे समय के अदालतों के आसपास चलाने के लिए होगा और उनके मामले का बचाव करने के लिए एक बेकार पिता माता पिता का अधिकार, वंचित करने के लिए कोशिश कर रहा है। ऐसा क्यों होता है अस्पष्ट है, लेकिन तथ्यएक तथ्य बनी हुई है। अगर कोई महिला अपने माता-पिता के अधिकारों को वंचित करने के लिए ऐसा कदम उठाने का फैसला करती है, तो उसे इस तथ्य के लिए तैयार रहना होगा कि यह प्रक्रिया एक दिन नहीं हो सकती है। और कारणों को सम्मानित नहीं होना चाहिए, न केवल मामले जीतने के लिए, बल्कि यह भी क्योंकि यह आपके समय और नसों को बचाता है। सामान्य रूप से, इससे पहले कि आप कैसे वंचित रहेंपिता के माता-पिता के अधिकार, आपको कारणों के बारे में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है। अगर किसी मां के बारे में उसकी शिकायतें होती हैं, तो बच्चों के बारे में बहुत कम - उदाहरण के लिए, उसने बच्चे के जन्म से पहले गर्भपात पर जोर दिया - तो शायद, दावा व्यक्तिगत है और पूरी तरह से उचित नहीं है। एक बार गलती करने के बाद, एक आदमी अंततः सबकुछ महसूस कर सकता है, हम सभी गलतियां करते हैं। शायद भविष्य में एक बच्चा उसे माफ कर देगा और उसके साथ संवाद करना चाहता है। यह एक और बात है जब पिताजी उनकी मौजूदगी के साथया अस्तित्व कल्याण, स्वास्थ्य या यहां तक कि बच्चों के जीवन को भी धमकाता है। इन मामलों में, विशेष रूप से अंतिम दो, यह वास्तव में अपने आप को बचाने के लिए उपयुक्त है, इसमें अधिकतम प्रयास करना। जब स्थिति इतनी तेज हो जाती है, तो शायद अदालत में रिकॉर्ड का इस्तेमाल सबूत के रूप में करने के लिए एक छिपे हुए कैमरे को खोलने के लिए भी समझ में आता है। पिता के माता-पिता के अधिकारों की कमी के रूप में ऐसी प्रक्रिया का सहारा लेना वास्तव में संभव और आवश्यक कब है? न्याय इस तरह के कारणों की पहचान करता हैः 1. मां पिता के साथ नहीं रहती है, वह बच्चे के जीवन में रूचि नहीं दिखाता है, वित्तपोषण नहीं करता है या शायद ही उसे वित्त पोषित करता है। 2. वही (पी .1), लेकिन, इसके अलावा, मां पहले से ही किसी अन्य व्यक्ति के साथ रह रही है जिसके बच्चे हैं और उसे अपनाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि उनके पास एक और पिता है। 3। अगर मेरी मां अपने निवास स्थान और विदेश जाने जा रही है, तो अपने पिता की अनुमति के बिना ऐसा करना असंभव है। किसी भी कारण से, किसी भी तर्क से रहित, पिता जो अपने बच्चों के जीवन में शामिल नहीं हैं, जिन्होंने उन्हें महीनों तक नहीं देखा है, अक्सर एक बच्चे को विदेश जाने से रोकते हैं। 4. पिता समाज के लिए खतरनाक हैः पागल, मानसिक रूप से बीमार। 5. एक आदमी दुर्भावनापूर्ण रूप से गुमनाम के भुगतान से बचता है। 6. पिता एक पुरानी शराब या नशे की लत है। उपर्युक्त कारणों के अलावा, प्राकृतिकअगर वह गंभीर रूप से बच्चे को मारता है तो पिता के माता-पिता के अधिकारों के वंचित होने के खिलाफ मुकदमा दायर कर रहा है। यहां साक्ष्य की आवश्यकता है, चोट पर्याप्त नहीं होगी। बच्चे की गंभीर उम्र में, उनकी गवाही सबूत माना जाएगा।
यह विषय दुखी है, लेकिन उसे अपनी आंखें बंद करने के लिएअस्तित्व असंभव है। दुर्भाग्यवश, कई पिता जैविक अर्थ और औपचारिक रूप से ऐसे ही हैं। उनके लिए बच्चे, सबसे अच्छे से, कुछ भी मतलब नहीं है, बदतर में - वे बच्चे की कीमत पर अपनी दुर्भाग्य और आत्म-पुष्टि को हटाने का उद्देश्य हैं। और सभी मामलों में मां बच्चे के साथ तथाकथित पिता के संचार को सीमित कर सकती है। और किसी बिंदु पर, यह पिता की उपस्थिति है, न कि उनकी अनुपस्थिति, जो मुख्य परिवार की समस्याओं में से एक बन जाती है। यह भी अजीब बात है कि सामाजिक कार्यकर्ता अक्सरइस तरह के उत्साह माताओं कि अपने बच्चों के बहुत शौकीन हैं, लेकिन गरीब हैं, अगर यह पिता के माता पिता का अधिकार से वंचित है की माता पिता का अधिकार से वंचित करने के लिए अपील कर, बस स्थिति की अनदेखी के साथ। सीधे शब्दों में कहें, सामाजिक सुरक्षा मुख्य रूप से माता-पिता की वित्तीय स्थिति की ओर ध्यान खींचता है, और अगर यह बहुत मामूली है, यह अपने दम पर पहल लेता है। लेकिन अगर मां जिस स्थिति में यह एक लंबे समय के अदालतों के आसपास चलाने के लिए होगा और उनके मामले का बचाव करने के लिए एक बेकार पिता माता पिता का अधिकार, वंचित करने के लिए कोशिश कर रहा है। ऐसा क्यों होता है अस्पष्ट है, लेकिन तथ्यएक तथ्य बनी हुई है। अगर कोई महिला अपने माता-पिता के अधिकारों को वंचित करने के लिए ऐसा कदम उठाने का फैसला करती है, तो उसे इस तथ्य के लिए तैयार रहना होगा कि यह प्रक्रिया एक दिन नहीं हो सकती है। और कारणों को सम्मानित नहीं होना चाहिए, न केवल मामले जीतने के लिए, बल्कि यह भी क्योंकि यह आपके समय और नसों को बचाता है। सामान्य रूप से, इससे पहले कि आप कैसे वंचित रहेंपिता के माता-पिता के अधिकार, आपको कारणों के बारे में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है। अगर किसी मां के बारे में उसकी शिकायतें होती हैं, तो बच्चों के बारे में बहुत कम - उदाहरण के लिए, उसने बच्चे के जन्म से पहले गर्भपात पर जोर दिया - तो शायद, दावा व्यक्तिगत है और पूरी तरह से उचित नहीं है। एक बार गलती करने के बाद, एक आदमी अंततः सबकुछ महसूस कर सकता है, हम सभी गलतियां करते हैं। शायद भविष्य में एक बच्चा उसे माफ कर देगा और उसके साथ संवाद करना चाहता है। यह एक और बात है जब पिताजी उनकी मौजूदगी के साथया अस्तित्व कल्याण, स्वास्थ्य या यहां तक कि बच्चों के जीवन को भी धमकाता है। इन मामलों में, विशेष रूप से अंतिम दो, यह वास्तव में अपने आप को बचाने के लिए उपयुक्त है, इसमें अधिकतम प्रयास करना। जब स्थिति इतनी तेज हो जाती है, तो शायद अदालत में रिकॉर्ड का इस्तेमाल सबूत के रूप में करने के लिए एक छिपे हुए कैमरे को खोलने के लिए भी समझ में आता है। पिता के माता-पिता के अधिकारों की कमी के रूप में ऐसी प्रक्रिया का सहारा लेना वास्तव में संभव और आवश्यक कब है? न्याय इस तरह के कारणों की पहचान करता हैः एक. मां पिता के साथ नहीं रहती है, वह बच्चे के जीवन में रूचि नहीं दिखाता है, वित्तपोषण नहीं करता है या शायद ही उसे वित्त पोषित करता है। दो. वही , लेकिन, इसके अलावा, मां पहले से ही किसी अन्य व्यक्ति के साथ रह रही है जिसके बच्चे हैं और उसे अपनाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं कर सकते क्योंकि उनके पास एक और पिता है। तीन। अगर मेरी मां अपने निवास स्थान और विदेश जाने जा रही है, तो अपने पिता की अनुमति के बिना ऐसा करना असंभव है। किसी भी कारण से, किसी भी तर्क से रहित, पिता जो अपने बच्चों के जीवन में शामिल नहीं हैं, जिन्होंने उन्हें महीनों तक नहीं देखा है, अक्सर एक बच्चे को विदेश जाने से रोकते हैं। चार. पिता समाज के लिए खतरनाक हैः पागल, मानसिक रूप से बीमार। पाँच. एक आदमी दुर्भावनापूर्ण रूप से गुमनाम के भुगतान से बचता है। छः. पिता एक पुरानी शराब या नशे की लत है। उपर्युक्त कारणों के अलावा, प्राकृतिकअगर वह गंभीर रूप से बच्चे को मारता है तो पिता के माता-पिता के अधिकारों के वंचित होने के खिलाफ मुकदमा दायर कर रहा है। यहां साक्ष्य की आवश्यकता है, चोट पर्याप्त नहीं होगी। बच्चे की गंभीर उम्र में, उनकी गवाही सबूत माना जाएगा।
आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के हुस्न की कहानी अम्मा आएशा रज़ियल्लाहु अन्हा की ज़बानी हज़रत आएशा रज़ियल्लाहु अन्हा ने फरमाया कि यूसुफ़ अलैहिस्सलाम को देखकर औरतों ने हाथ पर छुरियाँ चलायीं थीं मेरे महबूब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखतीं तो सीने पर छुरियाँ चला बैठतीं । हज़रत जाबिर रज़ियल्लाहु अन्हु फरमाते हैं चौदहवीं का चाँद चमक रहा था और अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सुर्ख़ धारीदार चादर पहने हुए मस्जिदे नबवी के सहन में बैठे हुए थे। हम कभी चाँद को देखते, कभी आपके चेहरे को देखते आपके चेहरे का जमाल चौदहवीं रात के चाँद से ज्यादा रौशन था । अल्फ़ाज़ ही कोई नहीं लेकिन क्योंकि ताबीर अल्फाज़ से होती है लिहाज़ा अल्फ़ाज़ ही बयान किए जाएं अल्लाह की अज़मत आएगी तो तब अल्लाह की मानकर चलेगा, अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की अज़मत आएगी तो तब उसकी सुन्नत पर चलेगा । अब हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की अज़मत कोई नहीं कि अल्लाह ने आपको कितना आली मकाम राहिब (सन्यासी) की बशारतं अभी आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की उम्र दस बरस है और अबू तालिब आपको लेकर तिजारती काफिले में जा रहे हैं ।
आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के हुस्न की कहानी अम्मा आएशा रज़ियल्लाहु अन्हा की ज़बानी हज़रत आएशा रज़ियल्लाहु अन्हा ने फरमाया कि यूसुफ़ अलैहिस्सलाम को देखकर औरतों ने हाथ पर छुरियाँ चलायीं थीं मेरे महबूब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को देखतीं तो सीने पर छुरियाँ चला बैठतीं । हज़रत जाबिर रज़ियल्लाहु अन्हु फरमाते हैं चौदहवीं का चाँद चमक रहा था और अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सुर्ख़ धारीदार चादर पहने हुए मस्जिदे नबवी के सहन में बैठे हुए थे। हम कभी चाँद को देखते, कभी आपके चेहरे को देखते आपके चेहरे का जमाल चौदहवीं रात के चाँद से ज्यादा रौशन था । अल्फ़ाज़ ही कोई नहीं लेकिन क्योंकि ताबीर अल्फाज़ से होती है लिहाज़ा अल्फ़ाज़ ही बयान किए जाएं अल्लाह की अज़मत आएगी तो तब अल्लाह की मानकर चलेगा, अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की अज़मत आएगी तो तब उसकी सुन्नत पर चलेगा । अब हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की अज़मत कोई नहीं कि अल्लाह ने आपको कितना आली मकाम राहिब की बशारतं अभी आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की उम्र दस बरस है और अबू तालिब आपको लेकर तिजारती काफिले में जा रहे हैं ।
प्रार्थी रामप्रसाद पिता स्व. गनपत राम पटेल उम्र 51 साल साकिन करियाटार ने थाना हाजिर आकर मर्ग इंटिमेशन चाक कराया की इसका लडका रामशंकर उम्र 22 साल ने तालाब में डुबकर फौत हो गया है। जिस पर थाना बिलाईगढ़ में मर्ग क्र. 32/2021 धारा 174 जा. फौ. मर्ग एन्टीमेंशन कायम कर जांच कार्यवाही में लिया गया। मामले मे लगातार प्रार्थी, पंचानो, गवाहो को पुछताछ कर कथन लिया गया। मृतक का शव नारियल बुच की रस्सी, बिजली वायर से पैर कमर में पत्थर बंधा मिला था, कि जांच पर किसी अज्ञात आरोपीयो के द्वारा घायल अवस्था में मृतक के पैर कमर में रस्सी, वायर से पत्थर बांध कर पानी में फेर कर हत्या करना पता चल। गवाहो एवं गांव वालो से कड़ाई से पुछताछ कथन लेने पर परिस्थिति जन्य साक्ष्य संकलित करने पर धारा 302, 34 भादवि का घटित होना पाया गया। प्रकरण मे आरोपी रामप्रसाद पटेल व लडका रामभक्त पटेल के साथ मृतक का कान के ईलाज के कराने की बात को लेकर मारपीट करने से जमींन में गिर कर बेहोश हो गया। की मृतक का मृत्यु हो गया है कि घबराहट से घर के बाड़ी तरफ से मृतक को उठाकर ले जाकर छींद तालाब में ले जाकर पानी अंदर डुबा दिया जिससे मृतक का मृत्यु हो गया। कि आरोपीयों के द्वारा जुर्म स्वीकार करने आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्र. 151/2021 धारा 302,34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को दिनांक 09. 09. 2021 को विधिवत् गिरफ्तार कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
प्रार्थी रामप्रसाद पिता स्व. गनपत राम पटेल उम्र इक्यावन साल साकिन करियाटार ने थाना हाजिर आकर मर्ग इंटिमेशन चाक कराया की इसका लडका रामशंकर उम्र बाईस साल ने तालाब में डुबकर फौत हो गया है। जिस पर थाना बिलाईगढ़ में मर्ग क्र. बत्तीस/दो हज़ार इक्कीस धारा एक सौ चौहत्तर जा. फौ. मर्ग एन्टीमेंशन कायम कर जांच कार्यवाही में लिया गया। मामले मे लगातार प्रार्थी, पंचानो, गवाहो को पुछताछ कर कथन लिया गया। मृतक का शव नारियल बुच की रस्सी, बिजली वायर से पैर कमर में पत्थर बंधा मिला था, कि जांच पर किसी अज्ञात आरोपीयो के द्वारा घायल अवस्था में मृतक के पैर कमर में रस्सी, वायर से पत्थर बांध कर पानी में फेर कर हत्या करना पता चल। गवाहो एवं गांव वालो से कड़ाई से पुछताछ कथन लेने पर परिस्थिति जन्य साक्ष्य संकलित करने पर धारा तीन सौ दो, चौंतीस भादवि का घटित होना पाया गया। प्रकरण मे आरोपी रामप्रसाद पटेल व लडका रामभक्त पटेल के साथ मृतक का कान के ईलाज के कराने की बात को लेकर मारपीट करने से जमींन में गिर कर बेहोश हो गया। की मृतक का मृत्यु हो गया है कि घबराहट से घर के बाड़ी तरफ से मृतक को उठाकर ले जाकर छींद तालाब में ले जाकर पानी अंदर डुबा दिया जिससे मृतक का मृत्यु हो गया। कि आरोपीयों के द्वारा जुर्म स्वीकार करने आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्र. एक सौ इक्यावन/दो हज़ार इक्कीस धारा तीन सौ दो,चौंतीस भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों को दिनांक नौ. नौ. दो हज़ार इक्कीस को विधिवत् गिरफ्तार कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
अंडरआर्म क्लीन करने के लिए बहुत से पारलर और प्रोडक्ट्स का खर्च करते हैं लेकिन उनसे भी ज्यादा कुछ फायदा नही होता है स्किन पर भी रियेक्ट कर जाता है कभी कभी। इन्ही सब की टेंशन दूर करने के लिए लाये हैं कुछ घरेलु टिप्स जो आपकी अंडरआर्म को सेफ भी रखेंगे और क्लीन भी * एक सेपरेटर में दो कप चीनी, 1/4 कप पानी, 1/4 कप शहद और 1/4 कप ताज़ा नींबू का रस लें। * अब सेपरेटर या सॉस पैन को उबालने के लिए लें। धीमी आंच पर सामग्री को उबलने दें। लगभग आधे घंटे तक इसे पकने दें। आप देखेंगे कि यह मिश्रण गहरे भूरे रंग का हो जाएगा। अब सेपरेटर को आंच पर से उतार लें और कमरे के तापमान पर ठंडा होने के लिए रख दें। * अपने आर्म्स को अछि तरह धो लीजिये और सुख लीजिये अब अंडरआर्म पर बेबी पाउडर लगाए। आपको बेबी पाउडर का इस्तेमान करना चाहिए क्योंकि यह शरीर से अतिरिक्त तेल हटा देता है। * अब तैयार किये गए वैक्स सिरप को आने आर्म्स पर लगाएं। लेकिन पहले चेक कर लें की आपकी स्किन पर कोई एलर्जी ना हो उसके बाद ही ट्राय करें। * कुछ देर तक मिश्रण को जमने दें और फिर दूसरे हाथ से अपने अंडरआर्म पर लगे इस मीठे वैक्स को उतार लें। अपनी अंडरआर्म की त्वचा को इतनी ज़ोर से खींचिए कि उस पर कोई झुर्री न पड़े। आपको जल्दी से वैक्स खींचना होगा।
अंडरआर्म क्लीन करने के लिए बहुत से पारलर और प्रोडक्ट्स का खर्च करते हैं लेकिन उनसे भी ज्यादा कुछ फायदा नही होता है स्किन पर भी रियेक्ट कर जाता है कभी कभी। इन्ही सब की टेंशन दूर करने के लिए लाये हैं कुछ घरेलु टिप्स जो आपकी अंडरआर्म को सेफ भी रखेंगे और क्लीन भी * एक सेपरेटर में दो कप चीनी, एक/चार कप पानी, एक/चार कप शहद और एक/चार कप ताज़ा नींबू का रस लें। * अब सेपरेटर या सॉस पैन को उबालने के लिए लें। धीमी आंच पर सामग्री को उबलने दें। लगभग आधे घंटे तक इसे पकने दें। आप देखेंगे कि यह मिश्रण गहरे भूरे रंग का हो जाएगा। अब सेपरेटर को आंच पर से उतार लें और कमरे के तापमान पर ठंडा होने के लिए रख दें। * अपने आर्म्स को अछि तरह धो लीजिये और सुख लीजिये अब अंडरआर्म पर बेबी पाउडर लगाए। आपको बेबी पाउडर का इस्तेमान करना चाहिए क्योंकि यह शरीर से अतिरिक्त तेल हटा देता है। * अब तैयार किये गए वैक्स सिरप को आने आर्म्स पर लगाएं। लेकिन पहले चेक कर लें की आपकी स्किन पर कोई एलर्जी ना हो उसके बाद ही ट्राय करें। * कुछ देर तक मिश्रण को जमने दें और फिर दूसरे हाथ से अपने अंडरआर्म पर लगे इस मीठे वैक्स को उतार लें। अपनी अंडरआर्म की त्वचा को इतनी ज़ोर से खींचिए कि उस पर कोई झुर्री न पड़े। आपको जल्दी से वैक्स खींचना होगा।
दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम विश्व क्रिकेट में सबसे मजबूत टीमों में से एक है। दक्षिण अफ्रीका की इस मजबूती का सबसे बड़ा कारण उनका पेस अटैक रहा है। दक्षिण अफ्रीका में शुरूआत से ही एक से बढ़कर एक पेस गेंदबाज रहे हैं जो अपनी रफ्तार से विरोधी टीम के बल्लेबाजों को परेशान करने में कामयाब रहे हैं। उसी तरह से इस बार के दक्षिण अफ्रीकी पेस अटैक में भी वो सभी खूबी है जो दूसरी बड़ी टीमों के पेस अटैक गेंदबाजी में है। दक्षिण अफ्रीका में इस बार डेल स्टेन, कगिसो रबाडा जैसे खौफनाक गेंदबाज हैं तो इनका साथ निभाने के लिए वर्नोन फिलेंडर, क्रिस मौरिस, जूनियर डाला और एंडिल फुलुकवायो हैं। इन गेंदबाजों से दक्षिण अफ्रीका का पेस अटैक मजबूत नजर आता है।
दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम विश्व क्रिकेट में सबसे मजबूत टीमों में से एक है। दक्षिण अफ्रीका की इस मजबूती का सबसे बड़ा कारण उनका पेस अटैक रहा है। दक्षिण अफ्रीका में शुरूआत से ही एक से बढ़कर एक पेस गेंदबाज रहे हैं जो अपनी रफ्तार से विरोधी टीम के बल्लेबाजों को परेशान करने में कामयाब रहे हैं। उसी तरह से इस बार के दक्षिण अफ्रीकी पेस अटैक में भी वो सभी खूबी है जो दूसरी बड़ी टीमों के पेस अटैक गेंदबाजी में है। दक्षिण अफ्रीका में इस बार डेल स्टेन, कगिसो रबाडा जैसे खौफनाक गेंदबाज हैं तो इनका साथ निभाने के लिए वर्नोन फिलेंडर, क्रिस मौरिस, जूनियर डाला और एंडिल फुलुकवायो हैं। इन गेंदबाजों से दक्षिण अफ्रीका का पेस अटैक मजबूत नजर आता है।
राजस्थान के जोधपुर में उस वक्त हडकंप मच गया जब रिहायशी इलाके में एक जिंदा बम मिल गया। यह बम उस वक्त मिला जब एक मजदूर नए मकानी की नींव के लिए खुदाई कर रहा था। आनन-फानन में पूरे इलाके को खाली कराया गया। पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा। जोधपुर. राजस्थान के गंगानगर जिले में कल सवेरे यानी मंगलवार सवेरे सूरतगढ़ क्षेत्र में खेत में से 5 जिंदा बम बरामद किए गए थे । यह जिंदा बम एक किसान को खेती के दौरान मिले थे। उसके बाद सेना के जवानों को इसकी सूचना दी गई । सेना की टुकड़ी मौके पर पहुंची और उन्हें सुनसान इलाके में ले जाकर धमाके किए गए, ताकि बमों को नष्ट किया जा सके । गनीमत रही कि जिस जगह बम मिले वहां रिहायशी इलाका नहीं था । लेकिन आज जोधपुर में जो बम मिला वहां रिहायशी इलाका था। इस कारण पुलिस ने आसपास के करीब 400 मीटर के एरिया को खाली करा दिया । दरअसल राजस्थान के जोधपुर जिले मैं आज दोपहर एक जिंदा बम मिला। करीब 7 से 8 किलो वजन का यह जिंदा बम 50 साल से ज्यादा पुराना बताया जा रहा था। बाद में जब पुलिस ने बम डिफ्यूज करने वाली यूनिट को बुलाया तो पता चला कि बम सक्रिय था और कभी भी फट सकता था । पूरा मामला जोधपुर जिले के विवेक विहार थाना इलाके में स्थित संगरिया गांव का है। संगरिया गांव पंचायत के सामने वाली गली में स्थित एक खाली प्लॉट पर आज सफाई की जा रही थी । यह खाली प्लॉट सुमेर लाल गहलोत नाम के व्यक्ति का था , जो कुछ समय पहले खरीदा गया था । आज सुमेर लाल और उनका परिवार वहां पर नीव की पूजा करने पहुंचे थे, ताकि मकान निर्माण का कार्य शुरू किया जा सके । दो मजदूरों को नीव खोदने बुलाया गया। मजदूरों ने करीब 5 फीट गहरी नीव खोदी तो नींव खोदने वाला फावड़ा अचानक एक लोहे की वस्तु से टकराया। मजदूरों ने जब उस लोहे की वस्तु को बाहर निकाला तो कोई भी नहीं समझ सका कि वह क्या है। बाद में वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने उस सामान को देखा तो पता चला कि यह बम हो सकता है। इसकी सूचना तुरंत पुलिस थाने में दी गई। पुलिस जीप वहां दौड़ाई और पता चला कि वह वास्तव में सक्रिय बम है । तुरंत आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया और उसके बाद बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। बम का वजन करीब 8 किलो था। बम निरोधक दस्ते ने बम को निष्क्रिय करने की कोशिश की लेकिन में सफल नहीं हो सके। बाद में सुरक्षित रूप से बम को अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद अब पूरे इलाके में दहशत का माहौल है । लोगों का मानना है कि जिस जगह बम मिला है , उसके आसपास और भी बम मिल सकते हैं। फिलहाल मोहनलाल गहलोत ने अपनी नीव पूजा का मुहूर्त टाल दिया है। पुलिस आसपास के इलाके की जांच करने की बात कह रही है।
राजस्थान के जोधपुर में उस वक्त हडकंप मच गया जब रिहायशी इलाके में एक जिंदा बम मिल गया। यह बम उस वक्त मिला जब एक मजदूर नए मकानी की नींव के लिए खुदाई कर रहा था। आनन-फानन में पूरे इलाके को खाली कराया गया। पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा। जोधपुर. राजस्थान के गंगानगर जिले में कल सवेरे यानी मंगलवार सवेरे सूरतगढ़ क्षेत्र में खेत में से पाँच जिंदा बम बरामद किए गए थे । यह जिंदा बम एक किसान को खेती के दौरान मिले थे। उसके बाद सेना के जवानों को इसकी सूचना दी गई । सेना की टुकड़ी मौके पर पहुंची और उन्हें सुनसान इलाके में ले जाकर धमाके किए गए, ताकि बमों को नष्ट किया जा सके । गनीमत रही कि जिस जगह बम मिले वहां रिहायशी इलाका नहीं था । लेकिन आज जोधपुर में जो बम मिला वहां रिहायशी इलाका था। इस कारण पुलिस ने आसपास के करीब चार सौ मीटर के एरिया को खाली करा दिया । दरअसल राजस्थान के जोधपुर जिले मैं आज दोपहर एक जिंदा बम मिला। करीब सात से आठ किलो वजन का यह जिंदा बम पचास साल से ज्यादा पुराना बताया जा रहा था। बाद में जब पुलिस ने बम डिफ्यूज करने वाली यूनिट को बुलाया तो पता चला कि बम सक्रिय था और कभी भी फट सकता था । पूरा मामला जोधपुर जिले के विवेक विहार थाना इलाके में स्थित संगरिया गांव का है। संगरिया गांव पंचायत के सामने वाली गली में स्थित एक खाली प्लॉट पर आज सफाई की जा रही थी । यह खाली प्लॉट सुमेर लाल गहलोत नाम के व्यक्ति का था , जो कुछ समय पहले खरीदा गया था । आज सुमेर लाल और उनका परिवार वहां पर नीव की पूजा करने पहुंचे थे, ताकि मकान निर्माण का कार्य शुरू किया जा सके । दो मजदूरों को नीव खोदने बुलाया गया। मजदूरों ने करीब पाँच फीट गहरी नीव खोदी तो नींव खोदने वाला फावड़ा अचानक एक लोहे की वस्तु से टकराया। मजदूरों ने जब उस लोहे की वस्तु को बाहर निकाला तो कोई भी नहीं समझ सका कि वह क्या है। बाद में वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने उस सामान को देखा तो पता चला कि यह बम हो सकता है। इसकी सूचना तुरंत पुलिस थाने में दी गई। पुलिस जीप वहां दौड़ाई और पता चला कि वह वास्तव में सक्रिय बम है । तुरंत आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया और उसके बाद बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया। बम का वजन करीब आठ किलो था। बम निरोधक दस्ते ने बम को निष्क्रिय करने की कोशिश की लेकिन में सफल नहीं हो सके। बाद में सुरक्षित रूप से बम को अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद अब पूरे इलाके में दहशत का माहौल है । लोगों का मानना है कि जिस जगह बम मिला है , उसके आसपास और भी बम मिल सकते हैं। फिलहाल मोहनलाल गहलोत ने अपनी नीव पूजा का मुहूर्त टाल दिया है। पुलिस आसपास के इलाके की जांच करने की बात कह रही है।
चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ शहर में मंगलवार रात आठ इंच बरसात होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। भारी बरसात से शहर में नाले उफान पर आ गए, जिससे शहर में प्रवेश के सभी मार्ग अवरूद्ध हो गए। इस दौरान कपासन मार्ग पर बोदियाने नाले का पानी सड़क पर आ गया और इसमें इंदौर से जोधपुर जा रही एक यात्री बस फंस गई। सभी यात्री बस की छत पर चढ़ गए। प्रशासन को जानकारी मिलने पर बचाव दल मौके पर पहुंचा और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शहर में रात को घरों में करीब एक फुट तक पानी भर गया। प्री मानसून की भारी बारिश से एक तालाब में अचानक पानी की आवक बढ़ने से डेढ़ सौ से अधिक भेड़ों की मौत हो गई जबकि शहर में प्रवेश के कई रास्ते अवरूद्ध हो गए। चित्तौड़गढ जिले में पिछले चार दिनों से विभिन्न जगहों हो रही बरसात ने मंगलवार रात को तेज हो गई और जिले के कई तहसील क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बरसात हुई। आज सुबह आठ बजे समाप्त तक पिछले चौबीस घंटों के दौरान चित्तौड़गढ़ तहसील में 195 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई जबकि सबसे कम भैंसरोड़गढ़ में 30 मिमी बारिश हुई जबकि कपासन में 114 मिमी दर्ज की गई। जिले के सबसे बड़े गंभीरी बांध पर 90 मिमी, बस्सी बांध पर 74 मिमी एवं कपासन तालाब पर 107 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई।
चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ शहर में मंगलवार रात आठ इंच बरसात होने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। भारी बरसात से शहर में नाले उफान पर आ गए, जिससे शहर में प्रवेश के सभी मार्ग अवरूद्ध हो गए। इस दौरान कपासन मार्ग पर बोदियाने नाले का पानी सड़क पर आ गया और इसमें इंदौर से जोधपुर जा रही एक यात्री बस फंस गई। सभी यात्री बस की छत पर चढ़ गए। प्रशासन को जानकारी मिलने पर बचाव दल मौके पर पहुंचा और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शहर में रात को घरों में करीब एक फुट तक पानी भर गया। प्री मानसून की भारी बारिश से एक तालाब में अचानक पानी की आवक बढ़ने से डेढ़ सौ से अधिक भेड़ों की मौत हो गई जबकि शहर में प्रवेश के कई रास्ते अवरूद्ध हो गए। चित्तौड़गढ जिले में पिछले चार दिनों से विभिन्न जगहों हो रही बरसात ने मंगलवार रात को तेज हो गई और जिले के कई तहसील क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बरसात हुई। आज सुबह आठ बजे समाप्त तक पिछले चौबीस घंटों के दौरान चित्तौड़गढ़ तहसील में एक सौ पचानवे मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई जबकि सबसे कम भैंसरोड़गढ़ में तीस मिमी बारिश हुई जबकि कपासन में एक सौ चौदह मिमी दर्ज की गई। जिले के सबसे बड़े गंभीरी बांध पर नब्बे मिमी, बस्सी बांध पर चौहत्तर मिमी एवं कपासन तालाब पर एक सौ सात मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। अकेम्प्रोसेट, कैम्प्रेल ब्रांड के नाम से भी जाना जाता है, यह दवा शराब निर्भरता के इलाज़ के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। अकेम्प्रोसेट का सेवन दिमाग में रासायनिक संतुलन को स्थिर करने के लिए किया जाता हैं, जो कि शराब कि लत से बिगड़ चुका है, संभवतः एन -मिथाइल-डी-एस्पार्टएट रिसेप्टर को बाधित करके, जबकि गामा अमीनोबियुटिरिक एसिड (G A B A) के प्रकार एक रिसेप्टर्स सक्रिय हो जाते हैं।विलियम्स एसएच. ब्रिस्बेन ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। लगभग 22.4 लाख की अनुमानित जनसंख्या के साथ यह ऑस्ट्रेलिया में तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। ब्रिस्बेन नदी पर बसा यह शहर क्वींसलैंड के दक्षिण-पूर्व में मारेटान बे और ग्रेट डिवाइडिंग रेंज के बीच कम ऊंचाई वाले जमीन पर स्थित है। ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी इसे 'मियान-जिन' के नाम से जानते हैं, जिसका अर्थ 'शूल के आकार की जगह' होता है। शहर का नामकरण १८२१ से १८२५ के बीच न्यू साउथ वेल्स के राज्यपाल रहे सर थॉमस ब्रिस्बेन के नाम पर किया गया है। ब्रिस्बेन के रहवासियों को ब्रिस्बेनाइट के नाम से जाना जाता है। . अकेम्प्रोसेट और ब्रिस्बेन आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)। अकेम्प्रोसेट 4 संबंध है और ब्रिस्बेन 3 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (4 + 3)। यह लेख अकेम्प्रोसेट और ब्रिस्बेन के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। अकेम्प्रोसेट, कैम्प्रेल ब्रांड के नाम से भी जाना जाता है, यह दवा शराब निर्भरता के इलाज़ के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। अकेम्प्रोसेट का सेवन दिमाग में रासायनिक संतुलन को स्थिर करने के लिए किया जाता हैं, जो कि शराब कि लत से बिगड़ चुका है, संभवतः एन -मिथाइल-डी-एस्पार्टएट रिसेप्टर को बाधित करके, जबकि गामा अमीनोबियुटिरिक एसिड के प्रकार एक रिसेप्टर्स सक्रिय हो जाते हैं।विलियम्स एसएच. ब्रिस्बेन ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड राज्य की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। लगभग बाईस.चार लाख की अनुमानित जनसंख्या के साथ यह ऑस्ट्रेलिया में तीसरा सबसे अधिक आबादी वाला शहर है। ब्रिस्बेन नदी पर बसा यह शहर क्वींसलैंड के दक्षिण-पूर्व में मारेटान बे और ग्रेट डिवाइडिंग रेंज के बीच कम ऊंचाई वाले जमीन पर स्थित है। ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी इसे 'मियान-जिन' के नाम से जानते हैं, जिसका अर्थ 'शूल के आकार की जगह' होता है। शहर का नामकरण एक हज़ार आठ सौ इक्कीस से एक हज़ार आठ सौ पच्चीस के बीच न्यू साउथ वेल्स के राज्यपाल रहे सर थॉमस ब्रिस्बेन के नाम पर किया गया है। ब्रिस्बेन के रहवासियों को ब्रिस्बेनाइट के नाम से जाना जाता है। . अकेम्प्रोसेट और ब्रिस्बेन आम में शून्य बातें हैं । अकेम्प्रोसेट चार संबंध है और ब्रिस्बेन तीन है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख अकेम्प्रोसेट और ब्रिस्बेन के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
देश में कोरोना वायरस के बढ़ते हालात देखते हुए मंगलवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संवाददाताओं को बताया कि देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 354 नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में अब तक 4421 लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। लव अग्रवाल ने कहा कि सोमवार से अब तक आठ लोगों की मौत हुई है और वही देश में मरने वालों की संख्या बढ़कर 117 हो गई है। उन्होंने कहा कि अब तक 326 लोग कोरोना वायरस से ठीक हुए हैं और उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। लव अग्रवाल ने लॉकडाउन की स्थिति पर कहा 'लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। कृपया अटकलें ना लगाएं। स्थिति को देखकर इस बारे में फैसला लिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय रेलवे ने 2,500 डिब्बों में 40,000 आइसोलेशन बेड तैयार किए हैं। वे प्रतिदिन 375 अलगाव बेड तैयार कर रहे हैं और यह देश भर में 133 स्थानों पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार क्लस्टर नियंत्रण और प्रबंधन के लिए उत्तरदायी है। कोरेाना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए एक रणनीति अपना रही है। यह रणनीति विशेष रूप से आगरा, गौतम बौद्ध नगर, पठानमथिट्टा, भीलवाड़ा और पूर्वी दिल्ली में सकारात्मक परिणाम दे रही है। गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की स्थिति संतोषजनक है। गृह मंत्री ने आवश्यक वस्तुओं और लॉकडाउन उपायों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की है। उन्होंने उचित उपाय करने और जमाखोरी और कालाबाजारी सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के रमन गंगाखेडकर ने कहा अबतक कोरोना के 1,07,006 परीक्षण किए गए हैं। वर्तमान में, 136 सरकारी प्रयोगशालाएँ काम कर रही हैं और 59 निजी प्रयोगशालाओं को अनुमति दी गई है।
देश में कोरोना वायरस के बढ़ते हालात देखते हुए मंगलवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संवाददाताओं को बताया कि देश में पिछले चौबीस घंटाटे में कोरोना वायरस के तीन सौ चौवन नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में अब तक चार हज़ार चार सौ इक्कीस लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। लव अग्रवाल ने कहा कि सोमवार से अब तक आठ लोगों की मौत हुई है और वही देश में मरने वालों की संख्या बढ़कर एक सौ सत्रह हो गई है। उन्होंने कहा कि अब तक तीन सौ छब्बीस लोग कोरोना वायरस से ठीक हुए हैं और उन्हें इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। लव अग्रवाल ने लॉकडाउन की स्थिति पर कहा 'लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। कृपया अटकलें ना लगाएं। स्थिति को देखकर इस बारे में फैसला लिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय रेलवे ने दो,पाँच सौ डिब्बों में चालीस,शून्य आइसोलेशन बेड तैयार किए हैं। वे प्रतिदिन तीन सौ पचहत्तर अलगाव बेड तैयार कर रहे हैं और यह देश भर में एक सौ तैंतीस स्थानों पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार क्लस्टर नियंत्रण और प्रबंधन के लिए उत्तरदायी है। कोरेाना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए एक रणनीति अपना रही है। यह रणनीति विशेष रूप से आगरा, गौतम बौद्ध नगर, पठानमथिट्टा, भीलवाड़ा और पूर्वी दिल्ली में सकारात्मक परिणाम दे रही है। गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की स्थिति संतोषजनक है। गृह मंत्री ने आवश्यक वस्तुओं और लॉकडाउन उपायों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की है। उन्होंने उचित उपाय करने और जमाखोरी और कालाबाजारी सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के रमन गंगाखेडकर ने कहा अबतक कोरोना के एक,सात,छः परीक्षण किए गए हैं। वर्तमान में, एक सौ छत्तीस सरकारी प्रयोगशालाएँ काम कर रही हैं और उनसठ निजी प्रयोगशालाओं को अनुमति दी गई है।
न्यूयॉर्क, 27 जून (आईएएनएस)। अगर आप फेसबुक (Facebook) जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट का उपयोग करते हैं, तो आप अवसाद और चिंता जैसे गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट से बचने के लिए 1.63 गुना अधिक सक्षम हैं। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। फेसबुक जैसे सोशल मीडिया ऐप का उपयोग करने के अपने फायदे हैं और एक ऐसा सकारात्मक परिणाम वयस्कों के बीच मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर रहा है। मिशिगन स्टेट युनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग नियमित रूप से वयस्कों में मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है और डिप्रेशन व चिंता जैसे गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट को दूर करने में मदद कर सकता है। इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए हैम्पटन ने अधिक परिपक्व आबादी का अध्ययन किया, जिसके लिए उसने निर्धारित किया दुनिया का सबसे लंबा चलने वाला घरेलू सर्वेक्षण 'पैनल स्टडी ऑफ इनकम डायनेमिक्स'। इसमें 13 हजार से ज्यादा वयस्क प्रतिभागियों पर अध्ययन किया गया। उन्होंने पाया कि सोशल मीडिया यूजर्स में एक वर्ष से दूसरे वर्ष तक गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट का सामना करने की संभावना 63 प्रतिशत कम है, जिसमें प्रमुख डिप्रेशन या गंभीर चिंता शामिल है।
न्यूयॉर्क, सत्ताईस जून । अगर आप फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट का उपयोग करते हैं, तो आप अवसाद और चिंता जैसे गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट से बचने के लिए एक.तिरेसठ गुना अधिक सक्षम हैं। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। फेसबुक जैसे सोशल मीडिया ऐप का उपयोग करने के अपने फायदे हैं और एक ऐसा सकारात्मक परिणाम वयस्कों के बीच मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर रहा है। मिशिगन स्टेट युनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार, सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग नियमित रूप से वयस्कों में मानसिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है और डिप्रेशन व चिंता जैसे गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट को दूर करने में मदद कर सकता है। इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए हैम्पटन ने अधिक परिपक्व आबादी का अध्ययन किया, जिसके लिए उसने निर्धारित किया दुनिया का सबसे लंबा चलने वाला घरेलू सर्वेक्षण 'पैनल स्टडी ऑफ इनकम डायनेमिक्स'। इसमें तेरह हजार से ज्यादा वयस्क प्रतिभागियों पर अध्ययन किया गया। उन्होंने पाया कि सोशल मीडिया यूजर्स में एक वर्ष से दूसरे वर्ष तक गंभीर मनोवैज्ञानिक संकट का सामना करने की संभावना तिरेसठ प्रतिशत कम है, जिसमें प्रमुख डिप्रेशन या गंभीर चिंता शामिल है।
ग्वालियर पुलिस ने दो दिन पहले घर जा रही एक नव दंपति के साथ लूट की वारदात करने वाले दो लुटेरों को मुखबिर की सूचना पर धर दबोचा है। पकड़े गए लुटेरों से पुलिस ने लूटे गए चांदी की करधोनी घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। वही घटना में शामिल एक आरोपी फरार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है, फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए दोनों लुटेरों के खिलाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर उनसे पूछता शुरू कर दी है, साथ ही पुलिस उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। ग्वालियर के मोहना थाना सर्किल के एसडीओपी संतोष पटेल ने बताया कि मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि दो दिन पहले 24 मई को आरोन रोड पर नव दंपत्ति के साथ लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो लुटेरों को तकियापुरा के पास से पकड़ा है। पकड़े गए लुटेरों ने आरोन थाना क्षेत्र के दुसैडी गांव में रहने वाले विक्रम आदिवासी पर डंडो से हमला कर उसकी पत्नी से चांदी की पायल करधोनी और गहने लूट कर फरार हो गए थे। विक्रम आदिवासी की 2 दिन पहले ही शादी हुई थी और वह अपनी पत्नी और दो सालियों को बाजार घुमाने के लिए घाटीगांव आया बाजार घुमाने के बाद वह घर लौट आए तभी बदमाशों ने उन पर हमला कर लूट लिया था। जब बदमाशों ने विक्रम और उसकी पत्नी पर डंडों से हमला किया था तो उसकी दोनों सालियां डर के कारण जंगल में भाग गई थी, लूट के बाद तीनों आरोपी बाइक पर बैठकर फरार हो गए थे, जिसकी सूचना दंपत्ति ने पुलिस को दी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और जांच-पड़ताल के बाद दंपत्ति की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने अपना नाम बनिया गुर्जर और मोहर सिंह गुर्जर निवासी घाटीगांव थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए हैं। इनका तीसरा साथी कुलदीप जाट अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस लगातार तलाश कर रही है। साथी पकड़े गए लुटेरों का अपराधिक रिकॉर्ड चेक कर रही है। घाटीगांव थाना प्रभारी ने बताया है कि दंपत्ति के साथ 4 दिन पहले डंडों से हमला कर लूट करने वाले दो आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दिनों आरोपियों से महिला से लूटी गई करधोनी और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है, वही इनका तीसरा साथी फरार बताया जा रहा है जिसकी तलाश की जा रही है जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। This website follows the DNPA Code of Ethics.
ग्वालियर पुलिस ने दो दिन पहले घर जा रही एक नव दंपति के साथ लूट की वारदात करने वाले दो लुटेरों को मुखबिर की सूचना पर धर दबोचा है। पकड़े गए लुटेरों से पुलिस ने लूटे गए चांदी की करधोनी घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। वही घटना में शामिल एक आरोपी फरार है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है, फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए दोनों लुटेरों के खिलाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर उनसे पूछता शुरू कर दी है, साथ ही पुलिस उनके द्वारा की गई अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। ग्वालियर के मोहना थाना सर्किल के एसडीओपी संतोष पटेल ने बताया कि मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि दो दिन पहले चौबीस मई को आरोन रोड पर नव दंपत्ति के साथ लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो लुटेरों को तकियापुरा के पास से पकड़ा है। पकड़े गए लुटेरों ने आरोन थाना क्षेत्र के दुसैडी गांव में रहने वाले विक्रम आदिवासी पर डंडो से हमला कर उसकी पत्नी से चांदी की पायल करधोनी और गहने लूट कर फरार हो गए थे। विक्रम आदिवासी की दो दिन पहले ही शादी हुई थी और वह अपनी पत्नी और दो सालियों को बाजार घुमाने के लिए घाटीगांव आया बाजार घुमाने के बाद वह घर लौट आए तभी बदमाशों ने उन पर हमला कर लूट लिया था। जब बदमाशों ने विक्रम और उसकी पत्नी पर डंडों से हमला किया था तो उसकी दोनों सालियां डर के कारण जंगल में भाग गई थी, लूट के बाद तीनों आरोपी बाइक पर बैठकर फरार हो गए थे, जिसकी सूचना दंपत्ति ने पुलिस को दी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और जांच-पड़ताल के बाद दंपत्ति की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए बदमाशों ने अपना नाम बनिया गुर्जर और मोहर सिंह गुर्जर निवासी घाटीगांव थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए हैं। इनका तीसरा साथी कुलदीप जाट अभी फरार बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस लगातार तलाश कर रही है। साथी पकड़े गए लुटेरों का अपराधिक रिकॉर्ड चेक कर रही है। घाटीगांव थाना प्रभारी ने बताया है कि दंपत्ति के साथ चार दिन पहले डंडों से हमला कर लूट करने वाले दो आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दिनों आरोपियों से महिला से लूटी गई करधोनी और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद कर ली है, वही इनका तीसरा साथी फरार बताया जा रहा है जिसकी तलाश की जा रही है जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। This website follows the DNPA Code of Ethics.
लखीमपुर खीरी कांड हिंसा में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र उर्फ सोनू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्र की जमानत खारिज कर दी थी और सात दिनों के अंदर कोर्ट के सामने पेश होने के लिए कहा था। आज आशीष मिश्रा ने मजिस्ट्रेट के सामने सरेंडर कर दिया। सोमवार को कोर्ट की दी गई डेडलाइन की आखिरी तारीख थी, लेकिन इससे ठीक पहले रविवार को ही आशीष मिश्र कोर्ट पहुंचा और अपना सरेंडर किया। तिकुनिया हिंसा मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की ओर से जिला अदालत में केस को सिरे से खारिज करने की बात कही जा रही थी, लेकिन बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जिला कोर्ट में सरेंडर का आदेश देकर करारा झटका दे दिया। आशीष मिश्र पर केस दर्ज होने के बाद से ही उनके पिता केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्र पर विपक्ष के लोग इस्तीफा देने का दबाव बना रहे थे। मानत पर छूटे तिकुनिया हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष की ओर से जिला कोर्ट में डिस्चार्ज ऐप्लीकेशन दी गई है। इसमें कहा गया है कि मुकदमा चलने लायक कोई सबूत नहीं हैं, ताकि आरोप तय हों इससे पहले अदालत इस बात पर विचार करे मुकदमा चलने लायक कोई सबूत, जांच या परिस्थितियां हैं भी या नहीं। सुनवाई इस ऐप्लीकेशन में उलझ सकती है।
लखीमपुर खीरी कांड हिंसा में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र उर्फ सोनू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्र की जमानत खारिज कर दी थी और सात दिनों के अंदर कोर्ट के सामने पेश होने के लिए कहा था। आज आशीष मिश्रा ने मजिस्ट्रेट के सामने सरेंडर कर दिया। सोमवार को कोर्ट की दी गई डेडलाइन की आखिरी तारीख थी, लेकिन इससे ठीक पहले रविवार को ही आशीष मिश्र कोर्ट पहुंचा और अपना सरेंडर किया। तिकुनिया हिंसा मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा उर्फ मोनू की ओर से जिला अदालत में केस को सिरे से खारिज करने की बात कही जा रही थी, लेकिन बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने जिला कोर्ट में सरेंडर का आदेश देकर करारा झटका दे दिया। आशीष मिश्र पर केस दर्ज होने के बाद से ही उनके पिता केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्र पर विपक्ष के लोग इस्तीफा देने का दबाव बना रहे थे। मानत पर छूटे तिकुनिया हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष की ओर से जिला कोर्ट में डिस्चार्ज ऐप्लीकेशन दी गई है। इसमें कहा गया है कि मुकदमा चलने लायक कोई सबूत नहीं हैं, ताकि आरोप तय हों इससे पहले अदालत इस बात पर विचार करे मुकदमा चलने लायक कोई सबूत, जांच या परिस्थितियां हैं भी या नहीं। सुनवाई इस ऐप्लीकेशन में उलझ सकती है।
शायद आप ऐड ब्लॉकर का इस्तेमाल कर रहे हैं। पढ़ना जारी रखने के लिए ऐड ब्लॉकर को बंद करके पेज रिफ्रेश करें। रूबा खान और राहुल पुथी हरियाणवी गाना बीड़ी पीनी आली इन दिनों दर्शकों के बीच धूम मचा रहा है। गाने को राहुल ने ही गाया है। इसके लिरिक्स भी उन्होंने ही लिखे हैं। यह गाना सुनते ही जुबां पर चढ़ जाता है। फैन्स गाने में राहुल की आवाज की तारीफ कर रहे हैं। साथ ही उनकी जोड़ी को भी पसंद किया जा रहा है।
शायद आप ऐड ब्लॉकर का इस्तेमाल कर रहे हैं। पढ़ना जारी रखने के लिए ऐड ब्लॉकर को बंद करके पेज रिफ्रेश करें। रूबा खान और राहुल पुथी हरियाणवी गाना बीड़ी पीनी आली इन दिनों दर्शकों के बीच धूम मचा रहा है। गाने को राहुल ने ही गाया है। इसके लिरिक्स भी उन्होंने ही लिखे हैं। यह गाना सुनते ही जुबां पर चढ़ जाता है। फैन्स गाने में राहुल की आवाज की तारीफ कर रहे हैं। साथ ही उनकी जोड़ी को भी पसंद किया जा रहा है।
मेघालय में कोयले की खदान में बने संकरी गुफा में फंसे 13 लोगों को बचाने वाली अभियान टीम ने इसे अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण अभियान बताया है। एक खबर के अनुसार नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स टीम की माने तो पिछले कुछ दिनों से इस संकरी गुफा के अंदर फंसे लोगों को बचाना सबसे बड़ा चुनौतीभरा कार्य साबित हो रहा है। टीम के मुताबिक मेघालय सरकार ने कहा था कि गुफा के अंदर पानी भरता जा रहा है। एनडीआरएफ के कमांडेंट एस के शास्त्री ने बताया कि अब तक उन्हें बचाने के लिए गलत प्रक्रिया अपनाई जा रही थी । गोताखोर लगातार उन्हें अंदर ढूढ़ रहे थे। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ के इतिहास में अब तक का सबसे चुनौतीभरा कार्य साबित हो रहा है। हमारे गोताखोरों को इस तरह का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है, इसलिए ये और भी मुश्किल है। बता दें कि 12 दिसंबर को साइपुंग जिले के कसान में गैरकानूनी खदान धंस गया था, जिसके अंदर 13 लोग फंस गए थे। खदान के साथ लगे हुए नदी का पानी इसके अंदर भरता चला गया। शास्त्री ने बताया कि शुरूआती दौर में लग रहा था कि यह बड़ी घटना नहीं है, लेकिन अब पता चला रहा है कि खदान धंसने के बाद इसके अंदर बड़ी गहरी गुफा बन गई है, क्योंकि पंप की मदद से जितना पानी निकाला जा रहा है पानी उतना ही उसके अंदर भरता जा रहा है। वहीं हाल ही में हुई बारिश के कारण स्थिति और भी नाजुक और बदतर हो गई है। के अनुसार नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स टीम की माने तो पिछले कुछ रही थी। कई स्त्रोतों से अभी भी पानी खदान के अंदर प्रवेश करता जा रहा है। मालूम हो कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने मेघालय में 2014 में ही खनन पर रोक लगा दिया था, क्योंकि यहां पर्यावरणविदों ने इसे प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया था। लेकिन इसके बाद भी कई गैरकानूनी कोयला खदान का काम होता रहा है, जिससे इस तरह से संकरी और खतरनाक गुफा का निर्माण हो रहा है।
मेघालय में कोयले की खदान में बने संकरी गुफा में फंसे तेरह लोगों को बचाने वाली अभियान टीम ने इसे अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण अभियान बताया है। एक खबर के अनुसार नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स टीम की माने तो पिछले कुछ दिनों से इस संकरी गुफा के अंदर फंसे लोगों को बचाना सबसे बड़ा चुनौतीभरा कार्य साबित हो रहा है। टीम के मुताबिक मेघालय सरकार ने कहा था कि गुफा के अंदर पानी भरता जा रहा है। एनडीआरएफ के कमांडेंट एस के शास्त्री ने बताया कि अब तक उन्हें बचाने के लिए गलत प्रक्रिया अपनाई जा रही थी । गोताखोर लगातार उन्हें अंदर ढूढ़ रहे थे। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ के इतिहास में अब तक का सबसे चुनौतीभरा कार्य साबित हो रहा है। हमारे गोताखोरों को इस तरह का प्रशिक्षण नहीं दिया गया है, इसलिए ये और भी मुश्किल है। बता दें कि बारह दिसंबर को साइपुंग जिले के कसान में गैरकानूनी खदान धंस गया था, जिसके अंदर तेरह लोग फंस गए थे। खदान के साथ लगे हुए नदी का पानी इसके अंदर भरता चला गया। शास्त्री ने बताया कि शुरूआती दौर में लग रहा था कि यह बड़ी घटना नहीं है, लेकिन अब पता चला रहा है कि खदान धंसने के बाद इसके अंदर बड़ी गहरी गुफा बन गई है, क्योंकि पंप की मदद से जितना पानी निकाला जा रहा है पानी उतना ही उसके अंदर भरता जा रहा है। वहीं हाल ही में हुई बारिश के कारण स्थिति और भी नाजुक और बदतर हो गई है। के अनुसार नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स टीम की माने तो पिछले कुछ रही थी। कई स्त्रोतों से अभी भी पानी खदान के अंदर प्रवेश करता जा रहा है। मालूम हो कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने मेघालय में दो हज़ार चौदह में ही खनन पर रोक लगा दिया था, क्योंकि यहां पर्यावरणविदों ने इसे प्रदूषण के लिए जिम्मेदार ठहराया था। लेकिन इसके बाद भी कई गैरकानूनी कोयला खदान का काम होता रहा है, जिससे इस तरह से संकरी और खतरनाक गुफा का निर्माण हो रहा है।
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। अभिमन्यु अनत (अंग्रेज़ीः Abhimanyu Anat, जन्म- 9 अगस्त, 1937) मॉरीशस के हिन्दी कथा-साहित्य के सम्राट हैं। उनका जन्म ९ अगस्त १९३७ को मॉरीशस के उत्तर प्रान्त में स्थित त्रियोले गांव में हुआ। उन्होंने १८ वर्षों से हिन्दी का अध्यापन किया और वे ३ सालों तक युवा मंत्रालय में नाट्य कला विभाग में नाट्य प्रशिक्षक रहे। उन्होंने अपनी उच्च-स्तरीय हिन्दी उपन्यासों और कहानियों के द्वारा मॉरीशस को हिन्दी साहित्य में मंच पर प्रतिष्ठित किया। अभिमन्यु अनत का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ। आर्थिक कठिनाइयों की वजह से वे सुचारु रूप से औपचारिक शिक्षा अधिक ग्रहण नहीं कर पाए लेकिन अपने श्रम से प्रसिद्ध लेखकों की रचनाओं पढकर उन्होंने अपनी लेखकीय कला का प्रमाण दिया। वे एक सजग, प्रतिबद्ध और कर्मठ रचनाकार हैं। . 9 अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का 221वाँ (लीप वर्ष में 222 वाँ) दिन है। साल में अभी और 144 दिन बाकी है। मंगलवार, बृहस्पतिवार या रविवार के दिन इस तिथि के पड़ने की संभावना (400 वर्षों में 58 बार) कुछ अधिक होती है, बजाय शुक्रवार या शनिवार के (57), तथा सोमवार या बुधवार को पड़ने की संभावना कुछ और कम (56) हो जाती है। . अभिमन्यु अनत और ९ अगस्त आम में 0 बातें हैं (यूनियनपीडिया में)। अभिमन्यु अनत 5 संबंध है और ९ अगस्त 1 है। वे आम 0 में है, समानता सूचकांक 0.00% है = 0 / (5 + 1)। यह लेख अभिमन्यु अनत और ९ अगस्त के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
शॉर्टकटः मतभेद, समानता, समानता गुणांक, संदर्भ। अभिमन्यु अनत मॉरीशस के हिन्दी कथा-साहित्य के सम्राट हैं। उनका जन्म नौ अगस्त एक हज़ार नौ सौ सैंतीस को मॉरीशस के उत्तर प्रान्त में स्थित त्रियोले गांव में हुआ। उन्होंने अट्ठारह वर्षों से हिन्दी का अध्यापन किया और वे तीन सालों तक युवा मंत्रालय में नाट्य कला विभाग में नाट्य प्रशिक्षक रहे। उन्होंने अपनी उच्च-स्तरीय हिन्दी उपन्यासों और कहानियों के द्वारा मॉरीशस को हिन्दी साहित्य में मंच पर प्रतिष्ठित किया। अभिमन्यु अनत का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ। आर्थिक कठिनाइयों की वजह से वे सुचारु रूप से औपचारिक शिक्षा अधिक ग्रहण नहीं कर पाए लेकिन अपने श्रम से प्रसिद्ध लेखकों की रचनाओं पढकर उन्होंने अपनी लेखकीय कला का प्रमाण दिया। वे एक सजग, प्रतिबद्ध और कर्मठ रचनाकार हैं। . नौ अगस्त ग्रेगोरी कैलंडर के अनुसार वर्ष का दो सौ इक्कीसवाँ दिन है। साल में अभी और एक सौ चौंतालीस दिन बाकी है। मंगलवार, बृहस्पतिवार या रविवार के दिन इस तिथि के पड़ने की संभावना कुछ अधिक होती है, बजाय शुक्रवार या शनिवार के , तथा सोमवार या बुधवार को पड़ने की संभावना कुछ और कम हो जाती है। . अभिमन्यु अनत और नौ अगस्त आम में शून्य बातें हैं । अभिमन्यु अनत पाँच संबंध है और नौ अगस्त एक है। वे आम शून्य में है, समानता सूचकांक शून्य.शून्य% है = शून्य / । यह लेख अभिमन्यु अनत और नौ अगस्त के बीच संबंध को दर्शाता है। जानकारी निकाला गया था, जिसमें से एक लेख का उपयोग करने के लिए, कृपया देखेंः
दिल्ली में शुक्रवार को कोविड-19 के 2,914 नए मामले आए जो पिछले 69 दिनों में एक दिन में सबसे ज्यादा मामले हैं। राष्ट्रीय राजधानी में अभी तक 1. 85 लाख से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जबकि संक्रमण से 4,513 लोगों की मौत हुई है। नयी दिल्लीः दिल्ली में पिछले करीब सवा दो महीने में शनिवार को कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक मामले आए हैं, और इसके बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि यह आर्थिक गतिविधियों के खुलने, जांच बढ़ने और लोगों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने आदि से हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले चार दिन से लगातार कोविड-19 के 2,000 से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को 2,914 मामले आए थे। बढ़े मामलों और फिर से लॉकडाउन की आशंका के संबंध में सवाल करने पर दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा था कि जांच बढ़ने के कारण मामलों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि मामले चिंताजनक तरीके से बढ़ रहे हैं, फिर से लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। " इसबीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में ज्यादा संख्या में जांच होने के कारण नए मामले बढ़े हैं। उन्होंने लोगों को आश्वान दिया कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरुरत नहीं है। मेडिकल विशेषज्ञों ने पहले भी मामलों के बढ़ने की आशंका जताते हुए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने और दो गज की दूरी के नियम का उल्लंघन करने के परिणाम को लेकर आगाह किया था, साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अर्थव्यवस्था को हमेशा के लिए बंद नहीं रखा जा सकता है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल आ रहे मामलों को लेकर तत्काल चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि पहले मई-जून में लॉकडाउन के बावजूद इतने मामले आ रहे थे और अब बिना लॉकडाउन के इतने मामले आ रहे हैं। राजीव गांधी अस्पताल दिल्ली सरकार के सबसे बड़े कोविड अस्पतालों में से एक है। दिल्ली में शुक्रवार को कोविड-19 के 2,914 नए मामले आए जो पिछले 69 दिनों में एक दिन में सबसे ज्यादा मामले हैं। राष्ट्रीय राजधानी में अभी तक 1. 85 लाख से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जबकि संक्रमण से 4,513 लोगों की मौत हुई है। मैक्य हेल्थकेयर के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर संदीप बुद्धिराजा ने भी युवाओं को चेताया कि वे सोशल मीडिया के चक्कर में पड़कर बाहर ना निकलं, क्योंकि कई लोग अपनी बाहर जाते हुए, कैफे-रेस्तरां में बैठे हुए तस्वीरें साझा कर रहे हैं।
दिल्ली में शुक्रवार को कोविड-उन्नीस के दो,नौ सौ चौदह नए मामले आए जो पिछले उनहत्तर दिनों में एक दिन में सबसे ज्यादा मामले हैं। राष्ट्रीय राजधानी में अभी तक एक. पचासी लाख से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जबकि संक्रमण से चार,पाँच सौ तेरह लोगों की मौत हुई है। नयी दिल्लीः दिल्ली में पिछले करीब सवा दो महीने में शनिवार को कोविड-उन्नीस के एक दिन में सर्वाधिक मामले आए हैं, और इसके बारे में विशेषज्ञों का मानना है कि यह आर्थिक गतिविधियों के खुलने, जांच बढ़ने और लोगों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने आदि से हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले चार दिन से लगातार कोविड-उन्नीस के दो,शून्य से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को दो,नौ सौ चौदह मामले आए थे। बढ़े मामलों और फिर से लॉकडाउन की आशंका के संबंध में सवाल करने पर दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा था कि जांच बढ़ने के कारण मामलों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, "ऐसा नहीं है कि मामले चिंताजनक तरीके से बढ़ रहे हैं, फिर से लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। " इसबीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में ज्यादा संख्या में जांच होने के कारण नए मामले बढ़े हैं। उन्होंने लोगों को आश्वान दिया कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरुरत नहीं है। मेडिकल विशेषज्ञों ने पहले भी मामलों के बढ़ने की आशंका जताते हुए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहनने और दो गज की दूरी के नियम का उल्लंघन करने के परिणाम को लेकर आगाह किया था, साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अर्थव्यवस्था को हमेशा के लिए बंद नहीं रखा जा सकता है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल आ रहे मामलों को लेकर तत्काल चिंता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि पहले मई-जून में लॉकडाउन के बावजूद इतने मामले आ रहे थे और अब बिना लॉकडाउन के इतने मामले आ रहे हैं। राजीव गांधी अस्पताल दिल्ली सरकार के सबसे बड़े कोविड अस्पतालों में से एक है। दिल्ली में शुक्रवार को कोविड-उन्नीस के दो,नौ सौ चौदह नए मामले आए जो पिछले उनहत्तर दिनों में एक दिन में सबसे ज्यादा मामले हैं। राष्ट्रीय राजधानी में अभी तक एक. पचासी लाख से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है जबकि संक्रमण से चार,पाँच सौ तेरह लोगों की मौत हुई है। मैक्य हेल्थकेयर के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर संदीप बुद्धिराजा ने भी युवाओं को चेताया कि वे सोशल मीडिया के चक्कर में पड़कर बाहर ना निकलं, क्योंकि कई लोग अपनी बाहर जाते हुए, कैफे-रेस्तरां में बैठे हुए तस्वीरें साझा कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के अधिकतर क्षेत्रों में शीतलहर का असर जारी है। सरगुजा संभाग में पिछले दो दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर कुछ कम हुआ है। फिर भी वहां का तापमान सामान्य दिनाें के मुकाबले काफी कम है। जशपुर में सबसे कम तापमान 2. 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। यह एक दिन पहले के न्यूनतम स्तर के मुकाबले 1 डिग्री सेल्सियस अधिक है। सरगुजा के अधिकतर क्षेत्रों में पाला पड़ रहा है। सरगुजा के मुख्यालय अम्बिकापुर का तापमान 5. 8 डिग्री सेल्सियस है। वहां दूसरे केंद्र कोरिया के सलका में तापमान 4. 2 डिग्री सेल्सियस रहा। आश्चर्यजनक रूप से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में भी आज सुबह 5. 30 बजे तक का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। जबकि जगदलपुर का न्यूनतम तापमान 9. 4 डिग्री सेल्सियस रहा है। यह इन इलाकों के सामान्य तापमान से 3 से 4 डिग्री तक कम है। बिलासपुर संभाग के जिलों में भी शीतलहर का असर दिख रहा है। बिलासपुर का न्यूनतम तापमान 9. 8 है। यह सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं पेण्ड्रा रोड का न्यूनतम तापमान भी 9. 6 डिग्री है। यह सामान्य से कम है, लेकिन एक दिन पहले के न्यूनतम तापमान से अधिक है। इसका मतलब है कि यहां मौसम में थोड़ी गर्मी बढ़ी है। रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के एचपी चंद्रा ने बताया, उत्तर से आयीं ठंडी और शुष्क हवाओं की दिशा में बदलाव हुआ है। इसकी वजह से न्यूनतम तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने बताया, आज भी मौसम सामान्य तौर पर साफ और सूखा रहेगा। मतलब कहीं बरसात होने की संभावना नहीं है। रायपुर और आसपास के इलाकों में कम होने की जगह ठंड बढ़ी है। रायपुर में आज न्यूनतम तापमान 11. 8 है। यह कल के तापमान से कम है। माना एयरपोर्ट पर तापमान में खास परिवर्तन नहीं हुआ है। यहां तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लाभांडी में भी यही स्थिति है। वहां बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान 7. 5 से बढ़कर 7. 6 डिग्री सेल्सियस हो गया है। दुर्ग संभाग में भी कंपकंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। दुर्ग का न्यूनतम तापमान आज 10 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5. 5 डिग्री कम है। राजनांदगांव में 11. 8 डिग्री सेल्सियस तापमान नामा गया। वहीं कवर्धा में यह 9. 6 है। कवर्धा की चिल्फी घाटी में यह उससे भी कम है। वहां रात में पाला पड़ रहा है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
छत्तीसगढ़ के अधिकतर क्षेत्रों में शीतलहर का असर जारी है। सरगुजा संभाग में पिछले दो दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर कुछ कम हुआ है। फिर भी वहां का तापमान सामान्य दिनाें के मुकाबले काफी कम है। जशपुर में सबसे कम तापमान दो. नौ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। यह एक दिन पहले के न्यूनतम स्तर के मुकाबले एक डिग्री सेल्सियस अधिक है। सरगुजा के अधिकतर क्षेत्रों में पाला पड़ रहा है। सरगुजा के मुख्यालय अम्बिकापुर का तापमान पाँच. आठ डिग्री सेल्सियस है। वहां दूसरे केंद्र कोरिया के सलका में तापमान चार. दो डिग्री सेल्सियस रहा। आश्चर्यजनक रूप से दक्षिण छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में भी आज सुबह पाँच. तीस बजे तक का तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है। जबकि जगदलपुर का न्यूनतम तापमान नौ. चार डिग्री सेल्सियस रहा है। यह इन इलाकों के सामान्य तापमान से तीन से चार डिग्री तक कम है। बिलासपुर संभाग के जिलों में भी शीतलहर का असर दिख रहा है। बिलासपुर का न्यूनतम तापमान नौ. आठ है। यह सामान्य से पाँच डिग्री सेल्सियस कम है। वहीं पेण्ड्रा रोड का न्यूनतम तापमान भी नौ. छः डिग्री है। यह सामान्य से कम है, लेकिन एक दिन पहले के न्यूनतम तापमान से अधिक है। इसका मतलब है कि यहां मौसम में थोड़ी गर्मी बढ़ी है। रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के एचपी चंद्रा ने बताया, उत्तर से आयीं ठंडी और शुष्क हवाओं की दिशा में बदलाव हुआ है। इसकी वजह से न्यूनतम तापमान में वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने बताया, आज भी मौसम सामान्य तौर पर साफ और सूखा रहेगा। मतलब कहीं बरसात होने की संभावना नहीं है। रायपुर और आसपास के इलाकों में कम होने की जगह ठंड बढ़ी है। रायपुर में आज न्यूनतम तापमान ग्यारह. आठ है। यह कल के तापमान से कम है। माना एयरपोर्ट पर तापमान में खास परिवर्तन नहीं हुआ है। यहां तापमान बारह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लाभांडी में भी यही स्थिति है। वहां बीते चौबीस घंटाटों में न्यूनतम तापमान सात. पाँच से बढ़कर सात. छः डिग्री सेल्सियस हो गया है। दुर्ग संभाग में भी कंपकंपा देने वाली ठंड पड़ रही है। दुर्ग का न्यूनतम तापमान आज दस डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से पाँच. पाँच डिग्री कम है। राजनांदगांव में ग्यारह. आठ डिग्री सेल्सियस तापमान नामा गया। वहीं कवर्धा में यह नौ. छः है। कवर्धा की चिल्फी घाटी में यह उससे भी कम है। वहां रात में पाला पड़ रहा है। This website follows the DNPA Code of Ethics.
के ही कारण हैं । वध के कारणो को सुखरूप जानकर सेवन करना तथा शुभभाव भी वव का कारण है । इसे भूलकर आस्रव भावो को मोक्ष का कारण मानना । शुभभाव करते-करते धर्म की प्राप्ति हो जावेगी, शुभभावो से धर्म प्राप्ति आदि मान्यता, यह शुभाशुभ विकारी भावो का पक्ष है । प्रश्न ४४५ - शुभाशुभ विकारी भावो के पक्ष से भेदविज्ञान हुआ, कब कहलाया जावेगा ? उत्तर - पुण्य-पाप दोनो विभाव परिणति से उत्पन्न हुए है इसलिए दोनो बधरूप ही हैं और परमार्थ दृष्टि तो पुण्य पाप को एकरूप ही बुरा ही जानती है, ऐसा जानकर ज्ञान-दर्शन उपयोगमयी निज जीव तत्त्व का आश्रय ले, तो शुभाशुभ विकारी भावो के पक्ष से भेद विज्ञान हुआ कहलाया जावेगा । प्रश्न ४४६ - शुभाशुभ विकारी भावो के पक्ष से मोक्षमार्ग मानने को खोटी बुद्धि का अभाव हो जाने से भेद विज्ञानी को कैसेकैसे प्रश्न नही उठते हैं ? उत्तर - शुभभाव से धर्म होता है या शुभभाव करते-करते धर्म की प्राप्ति हो जावेगी ऐसे प्रश्न नही उठते हैं, क्योकि भेदविज्ञानी को शुभाशुभ विकारी भावो के पक्ष से भेदविज्ञान है । प्रश्न ४४७ - अपूर्ण-पूर्ण शुद्ध पर्याय का पक्ष क्या है ? उत्तर - अपनी आत्मा के अनुभव हुए बिना अपूर्ण-पूर्ण शुद्ध पर्यायो की मात्र बातें करना और आत्मा मे शान्ति मानना यह अपूर्ण - पूर्ण शुद्ध पर्याय का पक्ष है । प्रश्न ४४८ - अपूर्ण-पूर्ण शुद्ध पर्यायों के पक्ष से भेदविज्ञान हुआ कब कहलाया जावेगा ? उत्तर - अपूर्ण - पूर्ण शुद्ध पर्यायो के आश्रय से भी धर्म की प्राप्ति नही होती है एकमात्र त्रिकाली स्वभाव के आश्रय से ही धर्म की प्राप्ति होती है । ऐसा जानकर ज्ञान-दर्शन उपयोगमयी निज जीव
के ही कारण हैं । वध के कारणो को सुखरूप जानकर सेवन करना तथा शुभभाव भी वव का कारण है । इसे भूलकर आस्रव भावो को मोक्ष का कारण मानना । शुभभाव करते-करते धर्म की प्राप्ति हो जावेगी, शुभभावो से धर्म प्राप्ति आदि मान्यता, यह शुभाशुभ विकारी भावो का पक्ष है । प्रश्न चार सौ पैंतालीस - शुभाशुभ विकारी भावो के पक्ष से भेदविज्ञान हुआ, कब कहलाया जावेगा ? उत्तर - पुण्य-पाप दोनो विभाव परिणति से उत्पन्न हुए है इसलिए दोनो बधरूप ही हैं और परमार्थ दृष्टि तो पुण्य पाप को एकरूप ही बुरा ही जानती है, ऐसा जानकर ज्ञान-दर्शन उपयोगमयी निज जीव तत्त्व का आश्रय ले, तो शुभाशुभ विकारी भावो के पक्ष से भेद विज्ञान हुआ कहलाया जावेगा । प्रश्न चार सौ छियालीस - शुभाशुभ विकारी भावो के पक्ष से मोक्षमार्ग मानने को खोटी बुद्धि का अभाव हो जाने से भेद विज्ञानी को कैसेकैसे प्रश्न नही उठते हैं ? उत्तर - शुभभाव से धर्म होता है या शुभभाव करते-करते धर्म की प्राप्ति हो जावेगी ऐसे प्रश्न नही उठते हैं, क्योकि भेदविज्ञानी को शुभाशुभ विकारी भावो के पक्ष से भेदविज्ञान है । प्रश्न चार सौ सैंतालीस - अपूर्ण-पूर्ण शुद्ध पर्याय का पक्ष क्या है ? उत्तर - अपनी आत्मा के अनुभव हुए बिना अपूर्ण-पूर्ण शुद्ध पर्यायो की मात्र बातें करना और आत्मा मे शान्ति मानना यह अपूर्ण - पूर्ण शुद्ध पर्याय का पक्ष है । प्रश्न चार सौ अड़तालीस - अपूर्ण-पूर्ण शुद्ध पर्यायों के पक्ष से भेदविज्ञान हुआ कब कहलाया जावेगा ? उत्तर - अपूर्ण - पूर्ण शुद्ध पर्यायो के आश्रय से भी धर्म की प्राप्ति नही होती है एकमात्र त्रिकाली स्वभाव के आश्रय से ही धर्म की प्राप्ति होती है । ऐसा जानकर ज्ञान-दर्शन उपयोगमयी निज जीव
IPL 2022 (IPL 2022) के लिए रिटेंशन और ड्रॉफ्ट प्लेयरों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब मेगा ऑक्शन (Mega Auction) से पहले नामांकन कराने वाले खिलाड़ियों की पूरी सूची सामने आ चुकी है. इस साल 2 नई टीमें भी इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं. यानी 15वें सीजन में 8 के बजाय कुछ 10 टीमें खेलती हुई दिखाई देंगी. लेकिन, उससे पहले सभी को 12 और 13 फरवरी को होने वाले मेगा ऑक्शन का इंतजार है. उससे पहले कितने खिलाड़ियों ने IPL 2022 नीलामी के लिए नामांकन कराया है इसके बारे में भी आपको बता देते हैं. दरअसल इंडियन प्रीमियर लीग ने खुद ऑफिशियल तौर पर नामांकन करने वाले सदस्यों की संख्या की पुष्टि कर दी है. कई रिपोर्ट्स के जरिए इस तरह का दावा किया गया था कि 1200 से ज्यादा खिलाड़ियों ने आईपीएल 2022 (IPL 2022) सीजन के लिए अपना नाम रजिस्टर्ड करवाया है. इसी बीच जो खबर सामने आ रही है उसके मुताबिक भी हजार से ज्यादा खिलाड़ियों ने नीलामी के लिए अपना नाम दिया है. दरअसल इंडियन प्रीमियर लीग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अभी तक 15वें सीजन के लिए इस साल कुल 1,214 प्लेयर्स ने अपना नाम मेगा ऑक्शन के लिए नामांकन में दिया है. जिसमें विदेशी और भारतीय दोनों ही खिलाड़ी शामिल हैं. 15वें सीजन के लिए नामांकन कराए गए 1214 नामों में 270 कैप्ड खिलाड़ियों की संख्या शामिल है. वहीं 903 अनकैप्ड और 41 एसोसिएट खिलाड़ियों ने अपना नाम मेगा ऑक्शन के लिए रजिस्टर कराया है. इसके साथ हम आपको इस IPL 2022 नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी कुछ और अहम जानकारियों से रूबरू करवा देते हैं. जो कुछ इस तरह है. - कैप्ड इंडियन (61 खिलाड़ी) - कैप्ड इंटरनेशनल (209 खिलाड़ी) - एसोसिएट (41 खिलाड़ी) - अनकैप्ड भारतीय जो पिछले आईपीएल सीजन का हिस्सा थे (143 खिलाड़ी) - अनकैप्ड इंटरनेशनल जो पिछले आईपीएल सीजन (6 खिलाड़ी) का हिस्सा थे. - अनकैप्ड भारतीय (692 खिलाड़ी) - अनकैप्ड इंटरनेशनल (62 खिलाड़ी) इसकेे अलावा आईपीएल 2022 के लिए जितने भी खिलाड़ियों ने अपना नामांकन कराया है उसमें कई देशों के प्लेयर्स शामिल हैं. अब तक जहां-जहां से इस बड़े टूर्नामेंट में लोगों ने दिलचस्पी दिखाई है उसमें 318 विदेशी प्लेयर्स का नाम शामिल है. इनमें से अफगानिस्तान से 20, ऑस्ट्रेलिया से 59, बांग्लादेश से 9 इंग्लैंड से 30 न्यूजीलैंड से 29, साउथ अफ्रीका से 48, वेस्ट इंडीज से 41, श्रीलंका से 36, आयरलैंड से 3 और जिम्बाब्वे से 2 खिलाड़ियों ने मेगा ऑक्शन के लिए अपना नामांकन कराया है. इसके अलावा नेपाल से 15, यूएसए से 14, नीमीबिया से 5, ओमान से 3, भूटान से 1, नीदरलैंड से 1, स्कॉटलैंड से 1 और यूएई से 1 प्लेयर ने अपना नाम नीलामी के लिए दिया है.
IPL दो हज़ार बाईस के लिए रिटेंशन और ड्रॉफ्ट प्लेयरों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब मेगा ऑक्शन से पहले नामांकन कराने वाले खिलाड़ियों की पूरी सूची सामने आ चुकी है. इस साल दो नई टीमें भी इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं. यानी पंद्रहवें सीजन में आठ के बजाय कुछ दस टीमें खेलती हुई दिखाई देंगी. लेकिन, उससे पहले सभी को बारह और तेरह फरवरी को होने वाले मेगा ऑक्शन का इंतजार है. उससे पहले कितने खिलाड़ियों ने IPL दो हज़ार बाईस नीलामी के लिए नामांकन कराया है इसके बारे में भी आपको बता देते हैं. दरअसल इंडियन प्रीमियर लीग ने खुद ऑफिशियल तौर पर नामांकन करने वाले सदस्यों की संख्या की पुष्टि कर दी है. कई रिपोर्ट्स के जरिए इस तरह का दावा किया गया था कि एक हज़ार दो सौ से ज्यादा खिलाड़ियों ने आईपीएल दो हज़ार बाईस सीजन के लिए अपना नाम रजिस्टर्ड करवाया है. इसी बीच जो खबर सामने आ रही है उसके मुताबिक भी हजार से ज्यादा खिलाड़ियों ने नीलामी के लिए अपना नाम दिया है. दरअसल इंडियन प्रीमियर लीग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अभी तक पंद्रहवें सीजन के लिए इस साल कुल एक,दो सौ चौदह प्लेयर्स ने अपना नाम मेगा ऑक्शन के लिए नामांकन में दिया है. जिसमें विदेशी और भारतीय दोनों ही खिलाड़ी शामिल हैं. पंद्रहवें सीजन के लिए नामांकन कराए गए एक हज़ार दो सौ चौदह नामों में दो सौ सत्तर कैप्ड खिलाड़ियों की संख्या शामिल है. वहीं नौ सौ तीन अनकैप्ड और इकतालीस एसोसिएट खिलाड़ियों ने अपना नाम मेगा ऑक्शन के लिए रजिस्टर कराया है. इसके साथ हम आपको इस IPL दो हज़ार बाईस नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी कुछ और अहम जानकारियों से रूबरू करवा देते हैं. जो कुछ इस तरह है. - कैप्ड इंडियन - कैप्ड इंटरनेशनल - एसोसिएट - अनकैप्ड भारतीय जो पिछले आईपीएल सीजन का हिस्सा थे - अनकैप्ड इंटरनेशनल जो पिछले आईपीएल सीजन का हिस्सा थे. - अनकैप्ड भारतीय - अनकैप्ड इंटरनेशनल इसकेे अलावा आईपीएल दो हज़ार बाईस के लिए जितने भी खिलाड़ियों ने अपना नामांकन कराया है उसमें कई देशों के प्लेयर्स शामिल हैं. अब तक जहां-जहां से इस बड़े टूर्नामेंट में लोगों ने दिलचस्पी दिखाई है उसमें तीन सौ अट्ठारह विदेशी प्लेयर्स का नाम शामिल है. इनमें से अफगानिस्तान से बीस, ऑस्ट्रेलिया से उनसठ, बांग्लादेश से नौ इंग्लैंड से तीस न्यूजीलैंड से उनतीस, साउथ अफ्रीका से अड़तालीस, वेस्ट इंडीज से इकतालीस, श्रीलंका से छत्तीस, आयरलैंड से तीन और जिम्बाब्वे से दो खिलाड़ियों ने मेगा ऑक्शन के लिए अपना नामांकन कराया है. इसके अलावा नेपाल से पंद्रह, यूएसए से चौदह, नीमीबिया से पाँच, ओमान से तीन, भूटान से एक, नीदरलैंड से एक, स्कॉटलैंड से एक और यूएई से एक प्लेयर ने अपना नाम नीलामी के लिए दिया है.
एडिलेड टेस्ट में जीत दर्ज के साथ ही भारतीय टीम के लिए एक और खुशखबरी आई है। चोट की वजह से टीम से बाहर चल रहे हार्दिक पांड्या मैच फिट हो गए हैं। चोट के कारण सितंबर से क्रिकेट के मैदान से दूर ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को मुंबई के खिलाफ 14 दिसंबर से होने वाले रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ए के मैच के लिए बड़ौदा की टीम में शामिल किया गया है। बड़ौदा क्रिकेट संघ के कार्यवाहक सचिव स्नेहल पारिख ने सोमवार को पीटीआई से कहा कि पंड्या को बड़ौदा की टीम में जगह दी गई है। यूएई में खेले गये एशिया कप के दौरान 25 साल के पंड्या के पीठ में दर्द शुरू हो गया था। वह रिहैबिलिटेशन के दौर से गुजर रहे हैं और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में चयन के लिए उपलब्ध नहीं हैं। मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में होने वाले मैच के लिए पंड्या को हरफनमौला बाबाशफी पठान की जगह टीम में शामिल किया गया है। पंड्या के अलावा केदार देवधर के नेतृत्व वाली 15 सदस्यीय टीम में पूर्व भारतीय हरफनमौला यूसुफ पठान भी हैं। बड़ौदा की टीम इस सत्र में पांच मैचों में एक जीत, तीन ड्रा और एक हार के साथ ग्रुप ए और ग्रुप बी की संयुक्त तालिका में पांचवें स्थान पर है जबकि मुंबई की टीम 16वें स्थान पर है। बड़ौदा टीमः केदार देवधर, आदित्य वाघमोडे, विष्णु सोलंकी (उपकप्तान), यूसुफ पठान, स्वप्निल सिंह, भार्गव भट, सोएग ताई, रिषी अरोठे, लुकमान मेरिवाला, शिवालिक शर्मा, मितेश पटेल (विकेटकीपर), धीरेन मिस्त्री, सोयेब सेपारिया, प्रत्यूष कुमार और हार्दिक पंड्या।
एडिलेड टेस्ट में जीत दर्ज के साथ ही भारतीय टीम के लिए एक और खुशखबरी आई है। चोट की वजह से टीम से बाहर चल रहे हार्दिक पांड्या मैच फिट हो गए हैं। चोट के कारण सितंबर से क्रिकेट के मैदान से दूर ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को मुंबई के खिलाफ चौदह दिसंबर से होने वाले रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप ए के मैच के लिए बड़ौदा की टीम में शामिल किया गया है। बड़ौदा क्रिकेट संघ के कार्यवाहक सचिव स्नेहल पारिख ने सोमवार को पीटीआई से कहा कि पंड्या को बड़ौदा की टीम में जगह दी गई है। यूएई में खेले गये एशिया कप के दौरान पच्चीस साल के पंड्या के पीठ में दर्द शुरू हो गया था। वह रिहैबिलिटेशन के दौर से गुजर रहे हैं और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में चयन के लिए उपलब्ध नहीं हैं। मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में होने वाले मैच के लिए पंड्या को हरफनमौला बाबाशफी पठान की जगह टीम में शामिल किया गया है। पंड्या के अलावा केदार देवधर के नेतृत्व वाली पंद्रह सदस्यीय टीम में पूर्व भारतीय हरफनमौला यूसुफ पठान भी हैं। बड़ौदा की टीम इस सत्र में पांच मैचों में एक जीत, तीन ड्रा और एक हार के साथ ग्रुप ए और ग्रुप बी की संयुक्त तालिका में पांचवें स्थान पर है जबकि मुंबई की टीम सोलहवें स्थान पर है। बड़ौदा टीमः केदार देवधर, आदित्य वाघमोडे, विष्णु सोलंकी , यूसुफ पठान, स्वप्निल सिंह, भार्गव भट, सोएग ताई, रिषी अरोठे, लुकमान मेरिवाला, शिवालिक शर्मा, मितेश पटेल , धीरेन मिस्त्री, सोयेब सेपारिया, प्रत्यूष कुमार और हार्दिक पंड्या।
4 की उप-धारा 1 में निर्धारित 17 मदों (नियमावली) को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा 22 सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन (513.49 KB)
चार की उप-धारा एक में निर्धारित सत्रह मदों को प्रकाशित करना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में निम्नलिखित विभाग शामिल हैंः स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय चिकित्सा और जन स्वास्थ्य मामलों को देखता है जिसमें औषध नियंत्रण और खाद्य में मिलावट की रोकथाम शामिल है जिसका उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकताओं के अनुरूप जनसंख्या स्थिरीकरण करना है। विभाग में विभिन्न स्तरों पर कार्य का संचालन, कार्य संचालन नियमों और समय-समय पर जारी अन्य सरकारी आदेशों / अनुदेशों के अनुसार किया जाता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की कार्यालय पद्धति निर्देशिका, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नियमों / विनियमों / अनुदेशों आदि का अनुपालन करता है। किसी व्यवस्था की विशिष्टियां, जो उसकी नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा अभ्यावेदन के लिए विद्यमान हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में एक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद है जिसमें राज्य सरकारों / केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, स्वास्थ्य संगठनों और सार्वजनिक निकायों का प्रतिनिधित्व करने वाले गैर-सरकारी अधिकारी और कुछ प्रख्यात व्यक्ति शामिल हैं। यह केन्द्र और राज्यों के लिए नीति की व्यापक रूपरेखा की सिफारिश करने के लिए अपने सभी पहलुओं में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के क्षेत्र में शीर्ष नीति निर्माण निकाय है। - ऐसे बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों के, जिनमें दो या अधिक व्यक्ति हैं, जिनका उसके भाग के रूप में या इस बारे में सलाह देने के प्रयोजन के लिए गठन किया गया है और इस बारे में कि क्या उन बोर्डों, परिषदों, समितियों और अन्य निकायों की बैठकें जनता के लिए खुली होंगी या ऐसी बैठकों के कार्यवृत्त तक जनता की पहुंच होगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण में अध्यक्ष के अलावा बाईस सदस्य हैं। एफएसएसएआई के कार्यवृत्त को समय-समय पर वेबसाइट अर्थात् Fssai.gov.in पर अपलोड किया जाता है। - सूचना का अधिकार अधिनियम दो हज़ार पाँच के तहत नोडल अधिकारी का नामांकन
पर्यटकों को लेकर हिमाचल आने वाली गैर पंजीकृत बसों से परिवहन विभाग टैक्स वसूल करेगा। परिवहन विभाग ने टैक्स की दरें जारी कर दी है। हालांकि राज्य सरकार ने कैबिनेट में पहले ही इसे मंजूरी प्रदान कर ली थी, लेकिन अब ई-गजट पर इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्य सरकार ने मोटर व्हीकल टैक्सेशन एक्ट-1972 की धारा 3ए की उपधारा ए के प्रावधान के अनुसार यह अधिसूचना जारी की है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक अन्य राज्यों में पंजीकृत कांट्रेक्ट कैरिज बसें, जो ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियम-2023 के तहत कवर नहीं है, उनसे तीन हजार रुपए से छह हजार रुपए का टैक्स प्रतिदिन के हिसाब से वसूल किया जाएगा। इनमें 13 से 32 सीटर ऑर्डिनरी, सेमी डीलक्स, और डीलक्स बसों से तीन हजार रुपए प्रतिदिन टैक्स वसूल किया जाएगा। इसके अलावा 32 सीटर से अधिक बड़ी बसों से चार हजार रुपए का टैक्स वसूल किया जाएगा। वहीं एससी बसों से छह हजार रुपए प्रतिदिन वसूल किए जाएंगे। इसके अलावा बाहरी राज्यों में पंजीकृत कांट्रेक्ट कैरिज बसें जो ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियमों के अधीन आती हैं, उनके लिए भी टैक्स का प्रावधान किया गया है। इनमें ऑर्डिनरी, सेमी डीलक्स और डीलक्स बसों से प्रतिदिन तीन हजार रुपए, साप्ताहिक 15 हजार रुपए और सालाना 50 हजार रुपए वसूल किए जाएंगे। यह टैक्स 13 से 32 सीटर बसों से वसूल किया जाएगा, जबकि 32 सीटर से अधिक की बसों से प्रतिदिन चार हजार, साप्ताहिक 20 हजार और सालाना 60 हजार रुपए वसूल किए जांएगे। इसके अलावा एसी, बसों से प्रतिदिन पांच हजार, साप्ताहिक 25 हजार और सालाना 75 हजार रुपए वसूल किए जाएंगे।
पर्यटकों को लेकर हिमाचल आने वाली गैर पंजीकृत बसों से परिवहन विभाग टैक्स वसूल करेगा। परिवहन विभाग ने टैक्स की दरें जारी कर दी है। हालांकि राज्य सरकार ने कैबिनेट में पहले ही इसे मंजूरी प्रदान कर ली थी, लेकिन अब ई-गजट पर इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। राज्य सरकार ने मोटर व्हीकल टैक्सेशन एक्ट-एक हज़ार नौ सौ बहत्तर की धारा तीनए की उपधारा ए के प्रावधान के अनुसार यह अधिसूचना जारी की है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक अन्य राज्यों में पंजीकृत कांट्रेक्ट कैरिज बसें, जो ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियम-दो हज़ार तेईस के तहत कवर नहीं है, उनसे तीन हजार रुपए से छह हजार रुपए का टैक्स प्रतिदिन के हिसाब से वसूल किया जाएगा। इनमें तेरह से बत्तीस सीटर ऑर्डिनरी, सेमी डीलक्स, और डीलक्स बसों से तीन हजार रुपए प्रतिदिन टैक्स वसूल किया जाएगा। इसके अलावा बत्तीस सीटर से अधिक बड़ी बसों से चार हजार रुपए का टैक्स वसूल किया जाएगा। वहीं एससी बसों से छह हजार रुपए प्रतिदिन वसूल किए जाएंगे। इसके अलावा बाहरी राज्यों में पंजीकृत कांट्रेक्ट कैरिज बसें जो ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट नियमों के अधीन आती हैं, उनके लिए भी टैक्स का प्रावधान किया गया है। इनमें ऑर्डिनरी, सेमी डीलक्स और डीलक्स बसों से प्रतिदिन तीन हजार रुपए, साप्ताहिक पंद्रह हजार रुपए और सालाना पचास हजार रुपए वसूल किए जाएंगे। यह टैक्स तेरह से बत्तीस सीटर बसों से वसूल किया जाएगा, जबकि बत्तीस सीटर से अधिक की बसों से प्रतिदिन चार हजार, साप्ताहिक बीस हजार और सालाना साठ हजार रुपए वसूल किए जांएगे। इसके अलावा एसी, बसों से प्रतिदिन पांच हजार, साप्ताहिक पच्चीस हजार और सालाना पचहत्तर हजार रुपए वसूल किए जाएंगे।
1 इसका पहला फायदा तो ज्यादातर लोग जानते हैं कि यह तनाव को कम करने में बेहद मददगार औषधि है। यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी काफी मददगार है और दिमाग को ठंडा रखने में भी। 2 अगर आपको नींद न आने की समस्या है और आपकी रात सिर्फ करवटें बदलने में ही निकल जाती है, तो अश्वगंधा आपके लिए एक प्रभावशाली दवा की तरह काम करता है और आप चैन की नींद सो पाते हैं। 3 अगर आप पित्त प्रकृति के व्यक्ति हैं और आपके बाल असमय सफेद होने के साथ ही झड़ने भी लगे हैं, तो आपको अश्वगंधा का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे आपकी समस्या का जरूर समाधान हो जाएगा। 4 यह बड़ी उम्र के हिसाब से भी बालों में पोषण का एक बेहतरीन जरिया है जो जड़ों तक पोषण देकर बालों को सफेद होने से बचाता है और उन्हें स्वस्थ बनाए रखता है। 5 बालों की जड़ों यानि स्कैल्प संबंधी समस्याओं में भी यह काफी फायदेमंद है। जड़ों को मजबूती देने के साथ ही यह अन्य समस्याओं जैसे डैंड्रफ आदि से भी बचाता है।
एक इसका पहला फायदा तो ज्यादातर लोग जानते हैं कि यह तनाव को कम करने में बेहद मददगार औषधि है। यह मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी काफी मददगार है और दिमाग को ठंडा रखने में भी। दो अगर आपको नींद न आने की समस्या है और आपकी रात सिर्फ करवटें बदलने में ही निकल जाती है, तो अश्वगंधा आपके लिए एक प्रभावशाली दवा की तरह काम करता है और आप चैन की नींद सो पाते हैं। तीन अगर आप पित्त प्रकृति के व्यक्ति हैं और आपके बाल असमय सफेद होने के साथ ही झड़ने भी लगे हैं, तो आपको अश्वगंधा का सेवन जरूर करना चाहिए। इससे आपकी समस्या का जरूर समाधान हो जाएगा। चार यह बड़ी उम्र के हिसाब से भी बालों में पोषण का एक बेहतरीन जरिया है जो जड़ों तक पोषण देकर बालों को सफेद होने से बचाता है और उन्हें स्वस्थ बनाए रखता है। पाँच बालों की जड़ों यानि स्कैल्प संबंधी समस्याओं में भी यह काफी फायदेमंद है। जड़ों को मजबूती देने के साथ ही यह अन्य समस्याओं जैसे डैंड्रफ आदि से भी बचाता है।
तिरुवनंतपुरम,17 जुलाई केरल में पांच और लोगों में जीका वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिससे इस वायरस के मामले बढ़कर 35 हो गए हैं। राज्य में अभी 11 ऐसे लोगों का उपचार चल रहा है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक मामला एर्नाकुलम से सामने आया है और वह व्यक्ति स्वास्थ्य कर्मी है। इससे पहले तक जीका वायरस संक्रमण के सभी मामले राजधानी से सामने आए थे। मंत्री की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी प्रयोगशाला, अलाप्पुझा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) और कोयंबटूर में माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला में किए गए परीक्षणों में वायरस की पुष्टि हुई है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
तिरुवनंतपुरम,सत्रह जुलाई केरल में पांच और लोगों में जीका वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिससे इस वायरस के मामले बढ़कर पैंतीस हो गए हैं। राज्य में अभी ग्यारह ऐसे लोगों का उपचार चल रहा है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक मामला एर्नाकुलम से सामने आया है और वह व्यक्ति स्वास्थ्य कर्मी है। इससे पहले तक जीका वायरस संक्रमण के सभी मामले राजधानी से सामने आए थे। मंत्री की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी प्रयोगशाला, अलाप्पुझा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी और कोयंबटूर में माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला में किए गए परीक्षणों में वायरस की पुष्टि हुई है। Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
है। आप के खेल का आनन्द जीत पर केन्द्रित रहता है। इसलिए मंत्री से हारने के बाद आप या तो क्रोधित हो जाते हैं या उदास। जीत में आनन्द का एक कारण और होता है। हारे हुए प्रतिस्पर्धी के उतरे हुए चेहरे, उनकी विवशता, उनकी उदासी से जीतने वाला गर्व से फूला नहीं समाता। लेकिन हारा हुआ खिलाड़ी यदि उदास या दुखी नहीं होता और समभाव बनाये रखता है तो जीतने वाले की खुशी भी जाती रहती है। शायद यही कारण है कि मंत्री को बार-बार हराने के बाद भी आप को खुशी नहीं होती, क्योंकि हारने के बावजूद उन्हें परेशानी नहीं होती, बल्कि आप की जीत की खुशी उन्हें भी होती है।" महाराज रत्नपाल को आनन्द की बातों में सचाई की लौ दिखाई पड़ी, जिसने उसके मन के अन्धकार में छिपे उदासी के कारणों को उजागर कर दिया। चे आनन्द द्वारा दिये गये खिलाड़ी के मनोभावों के मनोवैज्ञानिक विश्लेषण से बहुत प्रभावित हुए। फिर भी उन्होंने प्रश्न किया, "निस्सन्देह तुम मुझसे श्रेष्ठ खिलाड़ी हो, इसीलिए मैं तुमसे हारता रहा। फिर भी, पहली बाजी तुमने क्यों खो दी?" आनन्द ने मुस्कुराते हुए कहा, "महाराज! आप के खेल में कोई दोष नहीं है। आप शतरंज के एक असाधारण खिलाड़ी हैं। आप से, अच्छा से अच्छा खिलाड़ी भी हार सकता है। मैं भी पहली बार आप से हार गया, किन्तु निराश नहीं हुआ, उदास नहीं हुआ। बल्कि पहले खेल में आप के खेलने की पद्धति, रणनीति, चाल के तरीकों को देखा, परखा। फिर बाद के खेलों में मैंने भी उसी के अनुसार अपनी रणनीति बदल दी। आपने मेरी पद्धतियों पर ध्यान नहीं दिया। इसीलिए उसका प्रतिकार नहीं किया और फलतः हारते रहे।' "तुम्हें शतरंज के खेल और इसके मनोविज्ञान का इतना गहरा ज्ञान कहाँ से मिला, क्या मैं पूछ सकता हूँ?" महाराज ने आनन्द से प्रश्न किया। आनन्द मंत्री सुधाम की ओर देखते हुए बिनम्र भाव से बोला, 'यह सब मैंने अपने गुरु और पिताश्री के चरणों में सीखा है, जो कोई और नहीं, आप के ही मंत्री सुधाम हैं।" इतना कह कर वह महाराज के समक्ष खड़ा हो गया और उनका चरण स्पर्श कर उसने क्षमा मांगी। महाराज को फिर से शतरंज में पूर्ववत् दिलचस्पी हो गई और जय-पराजय के भाव से मुक्त होकर, खेल भावना से, हर दिन आनन्द के साथ शतरंज खेलते रहे और खेल का सच्चा आनन्द लेते रहे।
है। आप के खेल का आनन्द जीत पर केन्द्रित रहता है। इसलिए मंत्री से हारने के बाद आप या तो क्रोधित हो जाते हैं या उदास। जीत में आनन्द का एक कारण और होता है। हारे हुए प्रतिस्पर्धी के उतरे हुए चेहरे, उनकी विवशता, उनकी उदासी से जीतने वाला गर्व से फूला नहीं समाता। लेकिन हारा हुआ खिलाड़ी यदि उदास या दुखी नहीं होता और समभाव बनाये रखता है तो जीतने वाले की खुशी भी जाती रहती है। शायद यही कारण है कि मंत्री को बार-बार हराने के बाद भी आप को खुशी नहीं होती, क्योंकि हारने के बावजूद उन्हें परेशानी नहीं होती, बल्कि आप की जीत की खुशी उन्हें भी होती है।" महाराज रत्नपाल को आनन्द की बातों में सचाई की लौ दिखाई पड़ी, जिसने उसके मन के अन्धकार में छिपे उदासी के कारणों को उजागर कर दिया। चे आनन्द द्वारा दिये गये खिलाड़ी के मनोभावों के मनोवैज्ञानिक विश्लेषण से बहुत प्रभावित हुए। फिर भी उन्होंने प्रश्न किया, "निस्सन्देह तुम मुझसे श्रेष्ठ खिलाड़ी हो, इसीलिए मैं तुमसे हारता रहा। फिर भी, पहली बाजी तुमने क्यों खो दी?" आनन्द ने मुस्कुराते हुए कहा, "महाराज! आप के खेल में कोई दोष नहीं है। आप शतरंज के एक असाधारण खिलाड़ी हैं। आप से, अच्छा से अच्छा खिलाड़ी भी हार सकता है। मैं भी पहली बार आप से हार गया, किन्तु निराश नहीं हुआ, उदास नहीं हुआ। बल्कि पहले खेल में आप के खेलने की पद्धति, रणनीति, चाल के तरीकों को देखा, परखा। फिर बाद के खेलों में मैंने भी उसी के अनुसार अपनी रणनीति बदल दी। आपने मेरी पद्धतियों पर ध्यान नहीं दिया। इसीलिए उसका प्रतिकार नहीं किया और फलतः हारते रहे।' "तुम्हें शतरंज के खेल और इसके मनोविज्ञान का इतना गहरा ज्ञान कहाँ से मिला, क्या मैं पूछ सकता हूँ?" महाराज ने आनन्द से प्रश्न किया। आनन्द मंत्री सुधाम की ओर देखते हुए बिनम्र भाव से बोला, 'यह सब मैंने अपने गुरु और पिताश्री के चरणों में सीखा है, जो कोई और नहीं, आप के ही मंत्री सुधाम हैं।" इतना कह कर वह महाराज के समक्ष खड़ा हो गया और उनका चरण स्पर्श कर उसने क्षमा मांगी। महाराज को फिर से शतरंज में पूर्ववत् दिलचस्पी हो गई और जय-पराजय के भाव से मुक्त होकर, खेल भावना से, हर दिन आनन्द के साथ शतरंज खेलते रहे और खेल का सच्चा आनन्द लेते रहे।
मायावती ने बुधवार (22 अक्टूबर) को यहां जारी बयान में कहा कि सीबीआई में विभिन्न प्रकार के हस्तक्षेपों के कारण पहले भी काफी कुछ गलत एवं अनर्थ होता रहा है। बसपा प्रमुख मायावती ने देश की प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई में शीर्ष स्तर पर जारी घमासान को चिंताजनक बताते हुये उच्चतम न्यायालय से इस संस्था की विश्वसनीयता को बहाल करने के लिये मौजूदा विवाद पर विस्तार से संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। मायावती ने बुधवार (22 अक्टूबर) को यहां जारी बयान में कहा कि सीबीआई में विभिन्न प्रकार के हस्तक्षेपों के कारण पहले भी काफी कुछ गलत एवं अनर्थ होता रहा है। अब जो कुछ उठापठक हो रही है वह देश के लिये गंभीर चिन्ता की बात बन गई है क्योंकि इससे जनता में अनेक प्रकार की भ्रान्तियाँ पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि चर्चा में आये इस विवाद के कारण लोगों का सीबीआई से भरोसा डगमगा सा गया है। पिछले तीन दिनों से जारी इस मामले में बसपा प्रमुख ने पहली बार प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि सीबीआई में पिछले कुछ दिनों से जारी आपसी घमासान के दौरान केन्द्र सरकार ने मंगलवार को देर रात जांच एजेंसी के निदेशक को लम्बी छुट्टी पर भेजने के साथ बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले भी कर दिये। मायावती ने कहा कि सीबीआई पर लोगों का भरोसा फिर से बहाल करने के लिये जरूरी है कि उच्चतम न्यायालय विस्तारपूर्वक प्रभावी रूप से वर्तमान संकट पर संज्ञान ले। बसपा प्रमुख ने कहा कि केन्द्र सरकार की द्वेषपूर्ण, जातिवादी और सांप्रदायिकता पर आधारित नीतियों और कार्यकलापों ने सीबीआई सहित हर संवैधानिक और स्वायत्त संस्थाओं को संकट में डाल रखा है।
मायावती ने बुधवार को यहां जारी बयान में कहा कि सीबीआई में विभिन्न प्रकार के हस्तक्षेपों के कारण पहले भी काफी कुछ गलत एवं अनर्थ होता रहा है। बसपा प्रमुख मायावती ने देश की प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई में शीर्ष स्तर पर जारी घमासान को चिंताजनक बताते हुये उच्चतम न्यायालय से इस संस्था की विश्वसनीयता को बहाल करने के लिये मौजूदा विवाद पर विस्तार से संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। मायावती ने बुधवार को यहां जारी बयान में कहा कि सीबीआई में विभिन्न प्रकार के हस्तक्षेपों के कारण पहले भी काफी कुछ गलत एवं अनर्थ होता रहा है। अब जो कुछ उठापठक हो रही है वह देश के लिये गंभीर चिन्ता की बात बन गई है क्योंकि इससे जनता में अनेक प्रकार की भ्रान्तियाँ पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि चर्चा में आये इस विवाद के कारण लोगों का सीबीआई से भरोसा डगमगा सा गया है। पिछले तीन दिनों से जारी इस मामले में बसपा प्रमुख ने पहली बार प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि सीबीआई में पिछले कुछ दिनों से जारी आपसी घमासान के दौरान केन्द्र सरकार ने मंगलवार को देर रात जांच एजेंसी के निदेशक को लम्बी छुट्टी पर भेजने के साथ बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले भी कर दिये। मायावती ने कहा कि सीबीआई पर लोगों का भरोसा फिर से बहाल करने के लिये जरूरी है कि उच्चतम न्यायालय विस्तारपूर्वक प्रभावी रूप से वर्तमान संकट पर संज्ञान ले। बसपा प्रमुख ने कहा कि केन्द्र सरकार की द्वेषपूर्ण, जातिवादी और सांप्रदायिकता पर आधारित नीतियों और कार्यकलापों ने सीबीआई सहित हर संवैधानिक और स्वायत्त संस्थाओं को संकट में डाल रखा है।
Quick links: Rakul Preet Singh Latest Video: बी टाउन की फेमस एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह फिल्मों के साथ-साथ एडवेंचर्स में भी काफी इंट्रेस्ट रखती हैं और अक्सर वह कुछ न कुछ करती नजर आ रहती हैं ऐसा ही कुछ एक बार फिर से एक्ट्रेस करती नजर आईं है जिसे देखकर उनके फैंस की भी रुह कांप उठेगी। दरअसल, एक्ट्रेस ने माइनस 15 डिग्री के तापमान में आइस कोल्ड वॉटर के पूल में डुबकी लगाई है जिसका वीडियो उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। Rakul Preet Singh फिल्मों के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिए भी अपने फैंस को एंटरटेन करने का कोई मौका नहीं छोड़ती हैं। एक्ट्रेस अक्सर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो और फोटोज शेयर करती रहती हैं इसी बीच उन्होंने अपनी लेटेस्ट क्लिप अपने चाहने वालों के साथ साझा की है जिसे देख यूजर्स भी कांप उठेंगे। Rakul Preet Singh ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर नया वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह लगभग -15 डिग्री सेल्सियस के तापमान में बिकनी पहने एक बर्फीले पूल के अंदर जाती दिखीं। एक्ट्रेस ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, 'क्रायो इन -15 एनीवन?' रकुल के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि वह एक पहाड़ी इलाके में पर्यटकों के साथ खड़े होकर बर्फबारी के दौरान अपने गाइड को सुनती हैं और फिर वो एक लकड़ी से बने कमरे से बाहर आती हैं और बर्फीले पानी में उतर जाती हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि रकुल ने जिस पूल के अंदर डुबकी लगाई उसके ऊपर बर्फ की मोटी चादर जमी हुईं थी। पानी से कांपते हुए निकलने के बाद उन्होंने कैमरे में देखा और फिर रूम में चली गईं। रकुल अपनी सिजलिंग बिकनी में बेहद बोल्ड नजर आ रही हैं। उन्होंने अपनी हॉट बॉडी को कैमरे के सामने फ्लॉन्ट करने से परहेज नहीं किया। अब एक्ट्रेस का ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसे फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। यह भी पढ़ें... Katrina Kaif ने शेयर की 'समर ब्लूज' सेल्फी, फैंस बोले- 'ऊपर वाले ने बड़ी फुरसत से बनाया है' आपको बता दें कि Rakul Preet Singh आर्मी फैमिली से बिलॉन्ग करती हैं यही वजह है कि एक्ट्रेस फिटनेस के अलावा स्पोर्ट्स भी खेलना काफी पसंद करती हैं। मालूम हो कि रकुल एक टेनिस प्रीमियर लीग टीम की मालिक भी हैं, वो खुद भी गोल्फर रही हैं और नेशनल लेवल पर मैच भी खेला है। बता दें कि एक्ट्रेस को आखिरी बार ओटीटी फिल्म 'कठपुतली' में देखा गया था।
Quick links: Rakul Preet Singh Latest Video: बी टाउन की फेमस एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह फिल्मों के साथ-साथ एडवेंचर्स में भी काफी इंट्रेस्ट रखती हैं और अक्सर वह कुछ न कुछ करती नजर आ रहती हैं ऐसा ही कुछ एक बार फिर से एक्ट्रेस करती नजर आईं है जिसे देखकर उनके फैंस की भी रुह कांप उठेगी। दरअसल, एक्ट्रेस ने माइनस पंद्रह डिग्री के तापमान में आइस कोल्ड वॉटर के पूल में डुबकी लगाई है जिसका वीडियो उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। Rakul Preet Singh फिल्मों के साथ-साथ सोशल मीडिया के जरिए भी अपने फैंस को एंटरटेन करने का कोई मौका नहीं छोड़ती हैं। एक्ट्रेस अक्सर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो और फोटोज शेयर करती रहती हैं इसी बीच उन्होंने अपनी लेटेस्ट क्लिप अपने चाहने वालों के साथ साझा की है जिसे देख यूजर्स भी कांप उठेंगे। Rakul Preet Singh ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर नया वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह लगभग -पंद्रह डिग्री सेल्सियस के तापमान में बिकनी पहने एक बर्फीले पूल के अंदर जाती दिखीं। एक्ट्रेस ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, 'क्रायो इन -पंद्रह एनीवन?' रकुल के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि वह एक पहाड़ी इलाके में पर्यटकों के साथ खड़े होकर बर्फबारी के दौरान अपने गाइड को सुनती हैं और फिर वो एक लकड़ी से बने कमरे से बाहर आती हैं और बर्फीले पानी में उतर जाती हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि रकुल ने जिस पूल के अंदर डुबकी लगाई उसके ऊपर बर्फ की मोटी चादर जमी हुईं थी। पानी से कांपते हुए निकलने के बाद उन्होंने कैमरे में देखा और फिर रूम में चली गईं। रकुल अपनी सिजलिंग बिकनी में बेहद बोल्ड नजर आ रही हैं। उन्होंने अपनी हॉट बॉडी को कैमरे के सामने फ्लॉन्ट करने से परहेज नहीं किया। अब एक्ट्रेस का ये वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसे फैंस काफी पसंद कर रहे हैं। यह भी पढ़ें... Katrina Kaif ने शेयर की 'समर ब्लूज' सेल्फी, फैंस बोले- 'ऊपर वाले ने बड़ी फुरसत से बनाया है' आपको बता दें कि Rakul Preet Singh आर्मी फैमिली से बिलॉन्ग करती हैं यही वजह है कि एक्ट्रेस फिटनेस के अलावा स्पोर्ट्स भी खेलना काफी पसंद करती हैं। मालूम हो कि रकुल एक टेनिस प्रीमियर लीग टीम की मालिक भी हैं, वो खुद भी गोल्फर रही हैं और नेशनल लेवल पर मैच भी खेला है। बता दें कि एक्ट्रेस को आखिरी बार ओटीटी फिल्म 'कठपुतली' में देखा गया था।
उन्नाव के बांगरमऊ से BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप का अाराेप लगने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल सा अा गया है। रेप पीड़िता ने 4 जून 2017 काे कुलदीप सिंह सेंगर अाैर उनके भाई अतुल सेंगर पर गैंग रेप की शिकायत की थी पर मामले में काेई कारवाई नहीं की गई। 11 महीनाें तक न्याय का इंतजार करने के बाद रेप पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री अावास के सामने अात्मदाह करने का प्रयास किया। जिसके बाद पुलिस हरकत में अाई। रेप पीड़िता के पिता की जेल में माैत के बाद यह मामला दहक उठा। भाजपा पिछली सपा सरकार पर कानून व्यवस्था और महिलाओं पर अत्याचार की तोहमत लगाकर यूपी की सत्ता हासिल की थी । इस मामले में पार्टी की छवि खराब हुई है। उन्नाव गैंगरेप मामले में विपक्षी दल भी प्रदेश सरकार पर हमलावर हो गए। अब धीरे-धीरे उन्नाव गैंगरेप मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर पुलिस का शिकंजा कसने लगा है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात विधायक को सरेंडर करने का आदेश दिया था जिसके बाद गुरुवार को विधायक पर पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली है। सपा सहित अन्य पार्टियों ने भी इस मामले की निंदा करते हुए याेगी सरकार पर जमकर हमला बाेला। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि इस मामले में गलती प्रदेश सरकार की है। वहीं अखिलेश ने यूपी सीएम पर अपनी पार्टी के विधायक काे बचाने का भी अाराेप लगाया।
उन्नाव के बांगरमऊ से BJP विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर गैंगरेप का अाराेप लगने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल सा अा गया है। रेप पीड़िता ने चार जून दो हज़ार सत्रह काे कुलदीप सिंह सेंगर अाैर उनके भाई अतुल सेंगर पर गैंग रेप की शिकायत की थी पर मामले में काेई कारवाई नहीं की गई। ग्यारह महीनाें तक न्याय का इंतजार करने के बाद रेप पीड़िता ने लखनऊ में मुख्यमंत्री अावास के सामने अात्मदाह करने का प्रयास किया। जिसके बाद पुलिस हरकत में अाई। रेप पीड़िता के पिता की जेल में माैत के बाद यह मामला दहक उठा। भाजपा पिछली सपा सरकार पर कानून व्यवस्था और महिलाओं पर अत्याचार की तोहमत लगाकर यूपी की सत्ता हासिल की थी । इस मामले में पार्टी की छवि खराब हुई है। उन्नाव गैंगरेप मामले में विपक्षी दल भी प्रदेश सरकार पर हमलावर हो गए। अब धीरे-धीरे उन्नाव गैंगरेप मामले में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर पुलिस का शिकंजा कसने लगा है। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार रात विधायक को सरेंडर करने का आदेश दिया था जिसके बाद गुरुवार को विधायक पर पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली है। सपा सहित अन्य पार्टियों ने भी इस मामले की निंदा करते हुए याेगी सरकार पर जमकर हमला बाेला। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि इस मामले में गलती प्रदेश सरकार की है। वहीं अखिलेश ने यूपी सीएम पर अपनी पार्टी के विधायक काे बचाने का भी अाराेप लगाया।
समाचार पत्र ने चिंता के वेबसाइट से कहा, "इसके लिए, यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय और नाटो प्रतिनिधियों के साथ, चिंता के विशेषज्ञों ने" 2015 - 2018 वर्षों में रक्षा मानकीकरण प्रणाली में सुधार के लिए रोडमैप "विकसित किया है। "दृष्टि". यह ध्यान दिया जाता है कि "रोड मैप" में "रक्षा उत्पादों के जीवन चक्र के प्रबंधन और नाटो में संचालित उत्पाद अनुरूपता मूल्यांकन प्रणाली के निर्माण के लिए आधुनिक तंत्रों को शुरू करने में सहायता प्रदान करने वाला एक तंत्र है। " इसके अलावा, चिंता ने अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों की सूची के विस्तार की घोषणा की, साथ ही "एयरबस, बोइंग, टेक्सट्रॉन, लॉकहीड मार्टिन, बीएई सिस्टम्स, थेल्स" जैसी कंपनियों के साथ सहयोग पर बातचीत की शुरुआत की। इस बीच, पारंपरिक हथियार पर रूसी संघ के राजनीतिक अध्ययन केंद्र के कार्यक्रम निदेशक वादिम कोज़ुलिन ने उल्लेख किया कि उत्तरी अटलांटिक गठबंधन के मानकों के सैन्य-औद्योगिक परिसर के हस्तांतरण के लिए यूक्रेन को अरबों नहीं बल्कि अरबों डॉलर का खर्च आएगा। इसके अलावा, Kozyulin के अनुसार, यूक्रेनी रक्षा उद्यमों के पास नाटो मानकों के अनुसार बने उत्पादों के लिए बिक्री बाजार नहीं होगा। "किसी को उसकी जरूरत नहीं है। नाटो मानकों के उत्पादों के निर्माता हैं। तो यह अपने आप में मूर्खता है, अपने उद्योग के विनाश की दिशा में एक कदम है। सबसे अधिक संभावना है, उद्योग गायब हो जाएगा। वे पश्चिम में नए हथियार खरीदेंगे, वहां अध्ययन करेंगे, फिर से पढ़ेंगे, "उन्होंने कहा।
समाचार पत्र ने चिंता के वेबसाइट से कहा, "इसके लिए, यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय और नाटो प्रतिनिधियों के साथ, चिंता के विशेषज्ञों ने" दो हज़ार पंद्रह - दो हज़ार अट्ठारह वर्षों में रक्षा मानकीकरण प्रणाली में सुधार के लिए रोडमैप "विकसित किया है। "दृष्टि". यह ध्यान दिया जाता है कि "रोड मैप" में "रक्षा उत्पादों के जीवन चक्र के प्रबंधन और नाटो में संचालित उत्पाद अनुरूपता मूल्यांकन प्रणाली के निर्माण के लिए आधुनिक तंत्रों को शुरू करने में सहायता प्रदान करने वाला एक तंत्र है। " इसके अलावा, चिंता ने अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों की सूची के विस्तार की घोषणा की, साथ ही "एयरबस, बोइंग, टेक्सट्रॉन, लॉकहीड मार्टिन, बीएई सिस्टम्स, थेल्स" जैसी कंपनियों के साथ सहयोग पर बातचीत की शुरुआत की। इस बीच, पारंपरिक हथियार पर रूसी संघ के राजनीतिक अध्ययन केंद्र के कार्यक्रम निदेशक वादिम कोज़ुलिन ने उल्लेख किया कि उत्तरी अटलांटिक गठबंधन के मानकों के सैन्य-औद्योगिक परिसर के हस्तांतरण के लिए यूक्रेन को अरबों नहीं बल्कि अरबों डॉलर का खर्च आएगा। इसके अलावा, Kozyulin के अनुसार, यूक्रेनी रक्षा उद्यमों के पास नाटो मानकों के अनुसार बने उत्पादों के लिए बिक्री बाजार नहीं होगा। "किसी को उसकी जरूरत नहीं है। नाटो मानकों के उत्पादों के निर्माता हैं। तो यह अपने आप में मूर्खता है, अपने उद्योग के विनाश की दिशा में एक कदम है। सबसे अधिक संभावना है, उद्योग गायब हो जाएगा। वे पश्चिम में नए हथियार खरीदेंगे, वहां अध्ययन करेंगे, फिर से पढ़ेंगे, "उन्होंने कहा।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री श्री उपेन्द्र कुशवाहा 10-11 जुलाई, 2018 के दौरान मार्शल द्वीप समूह गणराज्य (आरएमआई) के आधिकारिक दौरे पर हैं। भारत से मार्शल द्वीप समूह गणराज्य के मजूरो की यह पहली मंत्री स्तरीय यात्रा है। भारत अप्रैल 1995 में मार्शल द्वीप समूह गणराज्य (आरएमआई) के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले पहले देशों में एक था। यात्रा के दौरान राज्य मंत्री श्री उपेन्द्र कुशवाहा ने मार्शल द्वीप समूह के राष्ट्रपति महामहिम डा. हिल्डा हैने के साथ शिष्टाचार मुलाकात की एवं मार्शल द्वीप समूह के विदेश मामले मंत्री जॉन एम सिल्क तथा मंत्रिमंडल के कई सदस्यों के साथ विविध क्षेत्रों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की एवं सामुद्रिक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन के लिए अनुकूलन-न्यूनीकरण पद्धतियां, आपदा तैयारी, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। मार्शल द्वीप समूह ने शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल एवं कल्याण के क्षेत्र में योग के महत्व को स्वीकार करते हुए विद्यालयों के माध्यम से युवाओं में योग के प्रचार में एवं दूर-चिकित्सा तथा दूर-शिक्षा के जरिए भौतिक संपर्क चुनौतियों का सामना करने में भारत की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के प्रति भी दिलचस्पी प्रदर्शित की। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग को देखते हुए, मार्शल द्वीप समूह ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) में जल्द से जल्द शामिल होने की अपनी इच्छा साझा की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में सुधार के मुद्दे पर, मार्शल द्वीप समूह ने परिषद के शीघ्र सुधार की आवश्यकता को स्वीकार किया एवं यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए जोरदार समर्थन व्यक्त किया। भारत सरकार की तरफ से, राज्य मंत्री ने मार्शल द्वीप समूह के महामहिम राष्ट्रपति को आपसी रूप से सुविधाजनक तिथि पर भारत आने के लिए आमंत्रित किया। यात्रा के दौरान, मार्शल द्वीप समूह द्वारा किए गए एक आग्रह के आधार पर भारत ने एयूआर एटीओएलएल लोकल गवर्नमेंट के एक जल एवं स्वच्छता परियोजना प्रस्ताव के लिए 300,000 अमेरिकी डॉलर का अनुदान देने की प्रतिबद्धता भी की। 2005 से, भारत में उपकरण की खरीद, आपदा राहत, राष्ट्रीय निर्यात कार्य नीति, सौर ऊर्जा का दोहन करने वाले समुदाय एवं स्थानीय सरकार से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के लिए 1.35 मिलियन डॉलर तक की अनुदान सहायता दे चुका है। भारत ने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम में मार्शल द्वीप समूह के नागरिकों को पाँच स्लाट देने की भी पेशकश की है। दोनों पक्षों ने भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग (एफआईपीआईसी) के फोरम की रूपरेखा के तहत सहयोग करने के तरीकों पर चर्चा की। भारत जलवायु परिवर्तन सहित विविध मुद्दों पर प्रशांत द्वीप समूह देशों के साथ जुड़ा है। एफआईपीआईसी का गठन प्रशांत द्वीप समूह देशों के साथ भारत के संबंध को सुदृढ़ बनाने के लिए नवंबर 2014 में किया गया था। पहले एफआईपीआईसी सम्मेलन का आयोजन नवंबर 2014 में फिजी के सुवा में राष्ट्राध्यक्षों के स्तर पर किया गया। दूसरे एफआईपीआईसी सम्मेलन का आयोजन अगस्त 2015 में भारत के जयपुर में किया गया। भारत सरकार ने 25 से 26 मई, 2017 को फिजी के सुवा में एक 'भारत प्रशांत द्वीप समूह सतत विकास सम्मेलन' की भी मेजबानी की।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री श्री उपेन्द्र कुशवाहा दस-ग्यारह जुलाई, दो हज़ार अट्ठारह के दौरान मार्शल द्वीप समूह गणराज्य के आधिकारिक दौरे पर हैं। भारत से मार्शल द्वीप समूह गणराज्य के मजूरो की यह पहली मंत्री स्तरीय यात्रा है। भारत अप्रैल एक हज़ार नौ सौ पचानवे में मार्शल द्वीप समूह गणराज्य के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले पहले देशों में एक था। यात्रा के दौरान राज्य मंत्री श्री उपेन्द्र कुशवाहा ने मार्शल द्वीप समूह के राष्ट्रपति महामहिम डा. हिल्डा हैने के साथ शिष्टाचार मुलाकात की एवं मार्शल द्वीप समूह के विदेश मामले मंत्री जॉन एम सिल्क तथा मंत्रिमंडल के कई सदस्यों के साथ विविध क्षेत्रों पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की एवं सामुद्रिक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन के लिए अनुकूलन-न्यूनीकरण पद्धतियां, आपदा तैयारी, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे विविध क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। मार्शल द्वीप समूह ने शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल एवं कल्याण के क्षेत्र में योग के महत्व को स्वीकार करते हुए विद्यालयों के माध्यम से युवाओं में योग के प्रचार में एवं दूर-चिकित्सा तथा दूर-शिक्षा के जरिए भौतिक संपर्क चुनौतियों का सामना करने में भारत की विशेषज्ञता का लाभ उठाने के प्रति भी दिलचस्पी प्रदर्शित की। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग को देखते हुए, मार्शल द्वीप समूह ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में जल्द से जल्द शामिल होने की अपनी इच्छा साझा की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के मुद्दे पर, मार्शल द्वीप समूह ने परिषद के शीघ्र सुधार की आवश्यकता को स्वीकार किया एवं यूएनएससी में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए जोरदार समर्थन व्यक्त किया। भारत सरकार की तरफ से, राज्य मंत्री ने मार्शल द्वीप समूह के महामहिम राष्ट्रपति को आपसी रूप से सुविधाजनक तिथि पर भारत आने के लिए आमंत्रित किया। यात्रा के दौरान, मार्शल द्वीप समूह द्वारा किए गए एक आग्रह के आधार पर भारत ने एयूआर एटीओएलएल लोकल गवर्नमेंट के एक जल एवं स्वच्छता परियोजना प्रस्ताव के लिए तीन सौ,शून्य अमेरिकी डॉलर का अनुदान देने की प्रतिबद्धता भी की। दो हज़ार पाँच से, भारत में उपकरण की खरीद, आपदा राहत, राष्ट्रीय निर्यात कार्य नीति, सौर ऊर्जा का दोहन करने वाले समुदाय एवं स्थानीय सरकार से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के लिए एक.पैंतीस मिलियन डॉलर तक की अनुदान सहायता दे चुका है। भारत ने भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम में मार्शल द्वीप समूह के नागरिकों को पाँच स्लाट देने की भी पेशकश की है। दोनों पक्षों ने भारत-प्रशांत द्वीप समूह सहयोग के फोरम की रूपरेखा के तहत सहयोग करने के तरीकों पर चर्चा की। भारत जलवायु परिवर्तन सहित विविध मुद्दों पर प्रशांत द्वीप समूह देशों के साथ जुड़ा है। एफआईपीआईसी का गठन प्रशांत द्वीप समूह देशों के साथ भारत के संबंध को सुदृढ़ बनाने के लिए नवंबर दो हज़ार चौदह में किया गया था। पहले एफआईपीआईसी सम्मेलन का आयोजन नवंबर दो हज़ार चौदह में फिजी के सुवा में राष्ट्राध्यक्षों के स्तर पर किया गया। दूसरे एफआईपीआईसी सम्मेलन का आयोजन अगस्त दो हज़ार पंद्रह में भारत के जयपुर में किया गया। भारत सरकार ने पच्चीस से छब्बीस मई, दो हज़ार सत्रह को फिजी के सुवा में एक 'भारत प्रशांत द्वीप समूह सतत विकास सम्मेलन' की भी मेजबानी की।
निरमा वाशिंग पाउडर निरमा, दूध से सफेदी......बस इतना कहने की देर है बाकी का पूरा जिंगल आपने गा ही दिया होगा। हमारे देश में सिर्फ फिल्मों और टीवी शो के सॉन्ग ही नहीं बल्कि एड के सॉन्ग भी सबको मुंह जुबानी रटे रहते हैं। ऐसे में ही एक एड है निरमा वाशिंग पाउडर का जो हर घर में बिकने वाला फेमस सर्फ पाउडर था। आज तो सर्फ के नाम पर कई तरह के पाउडर सामने आ गए हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा था जब सिर्फ निर्मा का जादू हर घर में चला करता था। सिर्फ इसकी धुलाई ही नहीं बल्कि गाना भी मशहूर था। इस टीवी एड में एक छोटी सी सफेद बच्ची आती थी सफेद फ्रॉक पहनें जिसकी तस्वीर निरमा के पैकेट पर भी छपी रहती थी। उसका इस सर्फ पाउडर के साथ बहुत ही गहरा संबंध है। आपको बताते हैं पाउडर के पैकेट पर क्यों छपती थी इसी लड़की की तस्वीर। निरमा वाशिंग पाउडर की नींव गुजरात के करसन भाई ने 1969 में रखी थी। उनकी एक छोटी सी बेटी थी जिसका नाम निरुपमा था। वह निरुपमा को जान से ज्यादा चाहते थे और उनकी इच्छा थी की उनकी बेटी एक दिन पूरी दुनिया पर छा जाए। करसन भाई की यह ख्वाहिश पूरी तो हुई, लेकिन बड़े ही दर्दनाक तरीके से। एक एक्सीडेंट में निरुपमा की जान चली गई। उस समय करसन भाई वाशिंग पाउडर के निर्माण कार्य में लगे थे। बेटी की असमायिक मौत ने उन्हें झकझोर के रख दिया। करसन भाई को धक्का तो लगा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और काम जारी रखा। जब उनके वाशिंग पाउडर का काम पूरा हुआ तो उन्होंने पैकेट पर अपनी बेटी निरमा का नाम और उसकी तस्वीर छपवाई। बेहद ही छोटे रुप से उन्होंने अपने कारोबार की शुरुआत की और यह वाशिंग पाउडर बेचने खुद अपनी साइकिल से निकला करते थे। यह नाम जब बाजार में फेमस हुआ तो लोग हर जगह निरमा निरमा का नाम लेने लगे और करसन भाई की यह ख्वाहिश पूरी हो गई। हालांकि यहां तक निरमा को पहुंचाना भी आसान नहीं था। इसके बाद करसन भाई ने बहुत दिमाग लगाकर सही मार्किटिंग रणनीति के जरिए अपने इस प्रोडेक्ट को बेचा। जिस समय करसन भाई अपना प्रोडेक्ट बेचते थे उस वक्त पाउडर की कीमत 12 रुपए प्रति किलो था। करसन भाई ने अपना निरमा पाउडर 3 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेचना शुरु किया। ना उनके पाउडर में खूशबू थी ना केमिकल इसलिए सस्ते में बिकता। हालांकि सामान्य और गरीब बर्ग को ऐसे ही सस्ते पाउडर की जरुरत थी जो उनके बजट में आ सके और यहीं करसन भाई सफल हुए। करसन भाई ने पहले अपने फैक्ट्री में काम करने वाले वर्कर्स की पत्नियों से अपील की की वह अपने गली मोहल्ले सभी जगह पर निरमा वाशिंग पाउडर की मांग करें। ऐसा करने पर दुकानदारों के मन में बैठ गया कि महिलाओं को निरमा वाशिंग पाउडर ही चाहिए। इससे मार्केट में उनका पाउडर चल निकला। इतना ही नहीं उन्होंने एक दिन इसकी मार्केट को बढ़ाने के लिए निरमा का टीवी पर विज्ञापन देने का मन बनाया। उनका अनुमान ठीक निकला। गाने के साथ जब वाशिंग पाउडर लोगों की नजरों में आया तो लोगों में इसे खरीदने की होड़ बढ़ गई। धीरे धीरे निरमा हर जगह छा गया। उन्हें सफलता तो मिली, लेकिन बेटी के चले जाने का गम हमेशाउनके दिल में रहा।
निरमा वाशिंग पाउडर निरमा, दूध से सफेदी......बस इतना कहने की देर है बाकी का पूरा जिंगल आपने गा ही दिया होगा। हमारे देश में सिर्फ फिल्मों और टीवी शो के सॉन्ग ही नहीं बल्कि एड के सॉन्ग भी सबको मुंह जुबानी रटे रहते हैं। ऐसे में ही एक एड है निरमा वाशिंग पाउडर का जो हर घर में बिकने वाला फेमस सर्फ पाउडर था। आज तो सर्फ के नाम पर कई तरह के पाउडर सामने आ गए हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा था जब सिर्फ निर्मा का जादू हर घर में चला करता था। सिर्फ इसकी धुलाई ही नहीं बल्कि गाना भी मशहूर था। इस टीवी एड में एक छोटी सी सफेद बच्ची आती थी सफेद फ्रॉक पहनें जिसकी तस्वीर निरमा के पैकेट पर भी छपी रहती थी। उसका इस सर्फ पाउडर के साथ बहुत ही गहरा संबंध है। आपको बताते हैं पाउडर के पैकेट पर क्यों छपती थी इसी लड़की की तस्वीर। निरमा वाशिंग पाउडर की नींव गुजरात के करसन भाई ने एक हज़ार नौ सौ उनहत्तर में रखी थी। उनकी एक छोटी सी बेटी थी जिसका नाम निरुपमा था। वह निरुपमा को जान से ज्यादा चाहते थे और उनकी इच्छा थी की उनकी बेटी एक दिन पूरी दुनिया पर छा जाए। करसन भाई की यह ख्वाहिश पूरी तो हुई, लेकिन बड़े ही दर्दनाक तरीके से। एक एक्सीडेंट में निरुपमा की जान चली गई। उस समय करसन भाई वाशिंग पाउडर के निर्माण कार्य में लगे थे। बेटी की असमायिक मौत ने उन्हें झकझोर के रख दिया। करसन भाई को धक्का तो लगा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और काम जारी रखा। जब उनके वाशिंग पाउडर का काम पूरा हुआ तो उन्होंने पैकेट पर अपनी बेटी निरमा का नाम और उसकी तस्वीर छपवाई। बेहद ही छोटे रुप से उन्होंने अपने कारोबार की शुरुआत की और यह वाशिंग पाउडर बेचने खुद अपनी साइकिल से निकला करते थे। यह नाम जब बाजार में फेमस हुआ तो लोग हर जगह निरमा निरमा का नाम लेने लगे और करसन भाई की यह ख्वाहिश पूरी हो गई। हालांकि यहां तक निरमा को पहुंचाना भी आसान नहीं था। इसके बाद करसन भाई ने बहुत दिमाग लगाकर सही मार्किटिंग रणनीति के जरिए अपने इस प्रोडेक्ट को बेचा। जिस समय करसन भाई अपना प्रोडेक्ट बेचते थे उस वक्त पाउडर की कीमत बारह रुपयापए प्रति किलो था। करसन भाई ने अपना निरमा पाउडर तीन रुपयापए प्रति किलो के हिसाब से बेचना शुरु किया। ना उनके पाउडर में खूशबू थी ना केमिकल इसलिए सस्ते में बिकता। हालांकि सामान्य और गरीब बर्ग को ऐसे ही सस्ते पाउडर की जरुरत थी जो उनके बजट में आ सके और यहीं करसन भाई सफल हुए। करसन भाई ने पहले अपने फैक्ट्री में काम करने वाले वर्कर्स की पत्नियों से अपील की की वह अपने गली मोहल्ले सभी जगह पर निरमा वाशिंग पाउडर की मांग करें। ऐसा करने पर दुकानदारों के मन में बैठ गया कि महिलाओं को निरमा वाशिंग पाउडर ही चाहिए। इससे मार्केट में उनका पाउडर चल निकला। इतना ही नहीं उन्होंने एक दिन इसकी मार्केट को बढ़ाने के लिए निरमा का टीवी पर विज्ञापन देने का मन बनाया। उनका अनुमान ठीक निकला। गाने के साथ जब वाशिंग पाउडर लोगों की नजरों में आया तो लोगों में इसे खरीदने की होड़ बढ़ गई। धीरे धीरे निरमा हर जगह छा गया। उन्हें सफलता तो मिली, लेकिन बेटी के चले जाने का गम हमेशाउनके दिल में रहा।
रांचीः हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार शाह बाबा का (Hazrat Qutubuddin Risaldar Shah Baba) 215वां पांच दिवसीय सालाना उर्स गुरुवार की सुबह कुरानख्वानी (Qurankhawani), मीलादख्वानी (Miladakhwani), गुसलख्वानी (Guslakhwani) और परचम कुसाई के साथ शुरू हुआ। इसके बाद दोपहर में दरगाह कमेटी के अध्यक्ष हाजी अब्दुल रऊफ गद्दी के घर से शाही संदल और चादर निकाली गई, जो विभिन्न मुहल्लों से होती हुई मजार शरीफ पहुंची और असर नमाज के बाद चादरपोशी की गई। इसके बाद अन्य लोगों ने चादरपोशी की शाम में कव्वाली का कार्यक्रम (Kawali Program) हुआ। दरगाह के खादिम कामयाब शाहरवासी ने बताया कि रिसालदार बाबा का संदल और पानी के साथ गुसल (स्नान) हुआ। लोगों ने इस पानी को पीया मान्यता है कि गुसल के पानी (Gulsan Water) को पीने से लाइलाज बीमारी (Terminal Illness) जैसे कुष्ट रोग(Leprosy), मिर्गी व एग्जिमा (Epilepsy and Eczema) आदि दूर हो जाती हैं। यहां तक कि बाबा के पानी से आंख की रोशनी भी वापस आ जाती है। नसीमुल हक सरफराज ने बताया कि यहां चादरपोशी मुस्लिम, हिंदू, सिख, ईसाई सभी करते हैं और मन्नते मांगते हैं।
रांचीः हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार शाह बाबा का दो सौ पंद्रहवां पांच दिवसीय सालाना उर्स गुरुवार की सुबह कुरानख्वानी , मीलादख्वानी , गुसलख्वानी और परचम कुसाई के साथ शुरू हुआ। इसके बाद दोपहर में दरगाह कमेटी के अध्यक्ष हाजी अब्दुल रऊफ गद्दी के घर से शाही संदल और चादर निकाली गई, जो विभिन्न मुहल्लों से होती हुई मजार शरीफ पहुंची और असर नमाज के बाद चादरपोशी की गई। इसके बाद अन्य लोगों ने चादरपोशी की शाम में कव्वाली का कार्यक्रम हुआ। दरगाह के खादिम कामयाब शाहरवासी ने बताया कि रिसालदार बाबा का संदल और पानी के साथ गुसल हुआ। लोगों ने इस पानी को पीया मान्यता है कि गुसल के पानी को पीने से लाइलाज बीमारी जैसे कुष्ट रोग, मिर्गी व एग्जिमा आदि दूर हो जाती हैं। यहां तक कि बाबा के पानी से आंख की रोशनी भी वापस आ जाती है। नसीमुल हक सरफराज ने बताया कि यहां चादरपोशी मुस्लिम, हिंदू, सिख, ईसाई सभी करते हैं और मन्नते मांगते हैं।
स्पैनिश बी और वी का उच्चारण करने के बारे में याद रखने की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मानक स्पेनिश में उन्हें बिल्कुल समान कहा जाता है। यद्यपि अंग्रेजी दो स्पष्ट अक्षरों के उच्चारण में एक स्पष्ट भेद बनाता है, स्पेनिश नहीं है। "जीत" शब्द की तरह अंग्रेजी "वी" की आवाज मानक स्पेनिश में मौजूद नहीं है। हालांकि, अक्षरों की आवाज उनके आसपास की आवाज़ों के आधार पर भिन्न होती है। अधिकांश समय, बी और वी को आवाज वाले फ्रिकेटिव कहा जाता है - इस मामले में, कुछ हद तक अंग्रेजी "वी" की तरह ध्वनि होती है लेकिन निचले होंठ और ऊपरी दांतों के बजाय दो होंठ छूते हैं। इसके बारे में अंग्रेजी "बी" की तरह कुछ सोचें लेकिन काफी हल्का। जब बी या वी किसी शब्द या वाक्यांश की शुरुआत में आता है, यानी, जब विराम के बाद बोली जाती है, तो ध्वनि अंग्रेजी की तरह अधिक हो जाती है "बी। " यह भी सच है जब बी या वी एन या एम के बाद आता है (जो उस मामले में दोनों के पास अंग्रेजी "एम" जैसा ध्वनि होता है)। हालांकि, ऐसे मामलों में स्पैनिश बी या वी ध्वनि अंग्रेजी ध्वनि के रूप में विस्फोटक नहीं है; दूसरे शब्दों में, यह नरम है। चूंकि वी और बी ध्वनि समान रूप से, देशी स्पेनिश वक्ताओं के बीच इन दो अक्षरों के साथ वर्तनी की समस्याएं बहुत आम हैं। और कुछ शब्द - उनमें से एक ceviche या cebiche , एक प्रकार का समुद्री भोजन पकवान - किसी भी पत्र के साथ वर्तनी किया जा सकता है। स्पेनिश में जोर से वर्तनी करते समय, बी को कभी-कभी अल्ता के रूप में जाना जाता है, भव्य हो या बड़े पैमाने पर इसे वी से अलग करने के लिए , कभी-कभी यूव (जिसे कुछ साल पहले इसका आधिकारिक नाम बन गया) कहा जाता है, बाजा , वी चािका या वे कोर्टा । बी और वी पर संक्षिप्त ऑडियो पाठ के साथ देशी वक्ताओं द्वारा बोली जाने वाले शब्द और वाक्यांश बुनेओस डीस (सुप्रभात), सेंटावोस (सेंट) और ट्रेबजर (काम करने के लिए) हैं। अंतिम नोटः पिछले कुछ सालों में, मुझे उन लोगों से कभी-कभी ईमेल प्राप्त हुए हैं जो मुझे बताते हैं कि उन्होंने बी और वी को अलग-अलग उच्चारण करने वाले कुछ देशी वक्ताओं को देखा है (अंग्रेजी में नहीं, हालांकि, लेकिन एक-दूसरे से अलग)। मुझे शक नहीं है कि कुछ परिस्थितियों में यह सच है; रिश्तेदार भाषाई अलगाव के कुछ क्षेत्र बहुत अच्छे हैं जहां पिछले भेद अभी भी मौजूद हैं, या शायद जहां कुछ वक्ताओं ने उन्हें स्वदेशी भाषाओं से अपनाया है। लेकिन दोनों पत्रों के बीच कोई भेद नियम के बजाय अपवाद है, और यदि आप इस पाठ में दिए गए उच्चारण के नियमों का पालन करते हैं तो आपको गलत समझा नहीं जाएगा।
स्पैनिश बी और वी का उच्चारण करने के बारे में याद रखने की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मानक स्पेनिश में उन्हें बिल्कुल समान कहा जाता है। यद्यपि अंग्रेजी दो स्पष्ट अक्षरों के उच्चारण में एक स्पष्ट भेद बनाता है, स्पेनिश नहीं है। "जीत" शब्द की तरह अंग्रेजी "वी" की आवाज मानक स्पेनिश में मौजूद नहीं है। हालांकि, अक्षरों की आवाज उनके आसपास की आवाज़ों के आधार पर भिन्न होती है। अधिकांश समय, बी और वी को आवाज वाले फ्रिकेटिव कहा जाता है - इस मामले में, कुछ हद तक अंग्रेजी "वी" की तरह ध्वनि होती है लेकिन निचले होंठ और ऊपरी दांतों के बजाय दो होंठ छूते हैं। इसके बारे में अंग्रेजी "बी" की तरह कुछ सोचें लेकिन काफी हल्का। जब बी या वी किसी शब्द या वाक्यांश की शुरुआत में आता है, यानी, जब विराम के बाद बोली जाती है, तो ध्वनि अंग्रेजी की तरह अधिक हो जाती है "बी। " यह भी सच है जब बी या वी एन या एम के बाद आता है । हालांकि, ऐसे मामलों में स्पैनिश बी या वी ध्वनि अंग्रेजी ध्वनि के रूप में विस्फोटक नहीं है; दूसरे शब्दों में, यह नरम है। चूंकि वी और बी ध्वनि समान रूप से, देशी स्पेनिश वक्ताओं के बीच इन दो अक्षरों के साथ वर्तनी की समस्याएं बहुत आम हैं। और कुछ शब्द - उनमें से एक ceviche या cebiche , एक प्रकार का समुद्री भोजन पकवान - किसी भी पत्र के साथ वर्तनी किया जा सकता है। स्पेनिश में जोर से वर्तनी करते समय, बी को कभी-कभी अल्ता के रूप में जाना जाता है, भव्य हो या बड़े पैमाने पर इसे वी से अलग करने के लिए , कभी-कभी यूव कहा जाता है, बाजा , वी चािका या वे कोर्टा । बी और वी पर संक्षिप्त ऑडियो पाठ के साथ देशी वक्ताओं द्वारा बोली जाने वाले शब्द और वाक्यांश बुनेओस डीस , सेंटावोस और ट्रेबजर हैं। अंतिम नोटः पिछले कुछ सालों में, मुझे उन लोगों से कभी-कभी ईमेल प्राप्त हुए हैं जो मुझे बताते हैं कि उन्होंने बी और वी को अलग-अलग उच्चारण करने वाले कुछ देशी वक्ताओं को देखा है । मुझे शक नहीं है कि कुछ परिस्थितियों में यह सच है; रिश्तेदार भाषाई अलगाव के कुछ क्षेत्र बहुत अच्छे हैं जहां पिछले भेद अभी भी मौजूद हैं, या शायद जहां कुछ वक्ताओं ने उन्हें स्वदेशी भाषाओं से अपनाया है। लेकिन दोनों पत्रों के बीच कोई भेद नियम के बजाय अपवाद है, और यदि आप इस पाठ में दिए गए उच्चारण के नियमों का पालन करते हैं तो आपको गलत समझा नहीं जाएगा।
Tejasswi Prakash breaks silence on engagement rumours: हाल ही में नागिन 6 अदाकारा तेजस्वी प्रकाश हाथ में सगाई की अंगूठी फ्लॉन्ट करती दिखी थीं। इस दौरान लोगों को लगने लगा था कि तेजस्वी प्रकाश ने करण कुंद्रा के साथ सगाई कर ली है। इसी बीच तेजस्वी प्रकाश ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ दी है। Tejasswi Prakash breaks silence on engagement rumours: तेजस्वी प्रकाश ( Tejasswi Prakash ) टीवी की उन हसीनाओं में से एक हैं जो कि अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ की वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं। तेजस्वी प्रकाश को अक्सर उसके बॉयफ्रेंड करण कुंद्रा के साथ समय बिताते हुए देखा जाता है। बिग बॉस खत्म होने के बाद से ही लोग लगातार तेजस्वी प्रकाश की शादी की बात कर रहे हैं। हाल ही में तेजस्वी प्रकाश की लेटेस्ट तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया था। अपनी लेटेस्ट तस्वीरों में तेजस्वी प्रकाश हाथ में डायमंड रिंग फ्लॉन्ट करती दिखी थीं। इन तस्वीरों को देखकर लोगों ने कयास लगाना शुरू कर दिया था कि तेजस्वी प्रकाश ने करण कुंद्रा के साथ सगाई कर ली है। हाल तो ये तक हो गया था कि लोगों ने तेजस्वी प्रकाश को बधाई तक देनी शुरू कर दी। लोगों को लग रहा है कि तेजस्वी प्रकाश जल्द ही करण कुंद्रा के साथ सगाई करने जा रही हैं। हालांकि तेजस्वी प्रकाश इन अफवाहों से काफी परेशान हो गई हैं। तेजस्वी प्रकाश ने बिना देर किए सगाई की खबरों पर बड़ा बयान दे दिया है। तेजस्वी प्रकाश (Tejasswi Prakash) ने बॉम्बे टाइम्स से बात करते हुए बताया,'ये एक एक की फोटो थी। मैंने अपनी पोस्ट में ये बात साफ लिखी थी। मैंने अब तक भी सगाई नहीं की है। सगाई के बारे में पहले आपको करण कुंद्रा से बात करनी होगी। करण कुंद्रा (Karan Kundrra) की हमारी सगाई की तारीख बता सकते हैं। मैं अपनी सगाई के बारे में बात नहीं करना चाहती। ये हमारा पर्सनल मामला है। सही समय आने पर ही हम दोनों सगाई करेंगे।' आगे तेजस्वी प्रकाश ने कहा, 'जब सगाई होगी सबको पता चल जाएगा। करण कुंद्रा और मुझे परिवार और फैंस की तरफ से भरपूर प्यार मिल रहा है। लोगों का दुलार देखकर मैं काफी खुश हूं। ऑडियंस को हमारी कैमिस्ट्री बहुत पसंद है। यही वजह है जो हम दोनों को लगातार काम करने का मौका मिल रहा है। हमें काफी प्रोजेक्ट मिल रहे हैं। फैंस हमें स्क्रीन पर देखना चाहते हैं। फिलहाल हम दोनों एक सही प्रोजेक्ट की तलाश कर रहे हैं।' बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
Tejasswi Prakash breaks silence on engagement rumours: हाल ही में नागिन छः अदाकारा तेजस्वी प्रकाश हाथ में सगाई की अंगूठी फ्लॉन्ट करती दिखी थीं। इस दौरान लोगों को लगने लगा था कि तेजस्वी प्रकाश ने करण कुंद्रा के साथ सगाई कर ली है। इसी बीच तेजस्वी प्रकाश ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ दी है। Tejasswi Prakash breaks silence on engagement rumours: तेजस्वी प्रकाश टीवी की उन हसीनाओं में से एक हैं जो कि अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ की वजह से सुर्खियों में बनी रहती हैं। तेजस्वी प्रकाश को अक्सर उसके बॉयफ्रेंड करण कुंद्रा के साथ समय बिताते हुए देखा जाता है। बिग बॉस खत्म होने के बाद से ही लोग लगातार तेजस्वी प्रकाश की शादी की बात कर रहे हैं। हाल ही में तेजस्वी प्रकाश की लेटेस्ट तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर हंगामा मचा दिया था। अपनी लेटेस्ट तस्वीरों में तेजस्वी प्रकाश हाथ में डायमंड रिंग फ्लॉन्ट करती दिखी थीं। इन तस्वीरों को देखकर लोगों ने कयास लगाना शुरू कर दिया था कि तेजस्वी प्रकाश ने करण कुंद्रा के साथ सगाई कर ली है। हाल तो ये तक हो गया था कि लोगों ने तेजस्वी प्रकाश को बधाई तक देनी शुरू कर दी। लोगों को लग रहा है कि तेजस्वी प्रकाश जल्द ही करण कुंद्रा के साथ सगाई करने जा रही हैं। हालांकि तेजस्वी प्रकाश इन अफवाहों से काफी परेशान हो गई हैं। तेजस्वी प्रकाश ने बिना देर किए सगाई की खबरों पर बड़ा बयान दे दिया है। तेजस्वी प्रकाश ने बॉम्बे टाइम्स से बात करते हुए बताया,'ये एक एक की फोटो थी। मैंने अपनी पोस्ट में ये बात साफ लिखी थी। मैंने अब तक भी सगाई नहीं की है। सगाई के बारे में पहले आपको करण कुंद्रा से बात करनी होगी। करण कुंद्रा की हमारी सगाई की तारीख बता सकते हैं। मैं अपनी सगाई के बारे में बात नहीं करना चाहती। ये हमारा पर्सनल मामला है। सही समय आने पर ही हम दोनों सगाई करेंगे।' आगे तेजस्वी प्रकाश ने कहा, 'जब सगाई होगी सबको पता चल जाएगा। करण कुंद्रा और मुझे परिवार और फैंस की तरफ से भरपूर प्यार मिल रहा है। लोगों का दुलार देखकर मैं काफी खुश हूं। ऑडियंस को हमारी कैमिस्ट्री बहुत पसंद है। यही वजह है जो हम दोनों को लगातार काम करने का मौका मिल रहा है। हमें काफी प्रोजेक्ट मिल रहे हैं। फैंस हमें स्क्रीन पर देखना चाहते हैं। फिलहाल हम दोनों एक सही प्रोजेक्ट की तलाश कर रहे हैं।' बॉलीवुड, हॉलीवुड, साउथ, भोजपुरी और टीवी जगत की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...बॉलीवुड लाइफ हिन्दी के फेसबुक पेज, ट्विटर पेज, ताजा गॉसिप के लिए हमें Facebook Messenger पर फॉलो करें।
कारों के लिए कई तरह के एक्सेसरीज ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ एक्सेसरीज बाहरी लुक को बढ़ाने के लिए होती हैं जबकि कुछ चीजों को अंदर रहने वालों के लिए बहुत अधिक आरामदायक बनाती हैं। यहां हमारे पास ऐसी 11 कार एक्सेसरीज की लिस्ट है, जिन्हें आप ऑनलाइन खरीद सकते हैं। अगर आप ऑफिस या किसी अन्य अवसर पर कोट पहनने वाले व्यक्ति हैं, तो यह एक्सेसरी आपके लिए है। यदि आप गाड़ी चलाते समय कोट पहनते हैं, तो इस बात की संभावना रहती है कि कोट पर झुर्रियां पड़ सकती हैं। कोट पहनकर गाड़ी चलाना भी थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इन मामलों में, आप एक Coat Hanger खरीद सकते हैं जिसे सामने वाले ड्राइवर या सह-यात्री सीट के पीछे लगाया जा सकता है। अगर आप इस एक्सेसरी को खरीदना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें। यदि आप अपने कुत्तों के साथ ड्राइव पर बाहर जाना पसंद करते हैं, तो यह एक एक्सेसरी है जिसे आप अपनी कार में रखना चाहेंगे। डॉग नेट वास्तव में कार के आगे और दूसरी पंक्ति के बीच एक विभाजन बनाता है। यह कुत्तों को आगे की सीटों पर आने और ड्राइवर का ध्यान भटकाने से रोकता है। अगर आप डॉग नेट खरीदने में रुचि रखते हैं, तो यहां क्लिक करें। लंबी ड्राइव पर बाहर जाते समय कई लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या होती है सीट का आराम। या तो सीटें बहुत नरम हैं या वे बहुत सख्त हैं। ये दोनों लॉन्ग ड्राइव के दौरान आरामदायक अनुभव नहीं देते हैं। लोग अक्सर थकान महसूस करते हैं क्योंकि वे लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठे रहते हैं और ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं हो पाता है। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए, उनमें मोतियों के साथ सीट कवर होते हैं। इच्छुक लोग यहां क्लिक करके कार मनका सीटों की जांच कर सकते हैं। बाजार में कई नई कारें अब हवादार सीटों की पेशकश करती हैं, अगर आप इस सुविधा को एक आफ्टरमार्केट एक्सेसरी के रूप में स्थापित करना चाहते हैं जो कि उपलब्ध है। ऑनलाइन कई Cooling Seat मैट उपलब्ध हैं जिन्हें आप आसानी से केबिन में 12V सॉकेट से जोड़ सकते हैं और ठंडी हवा का आनंद ले सकते हैं। यदि आप ऐसी एक्सेसरी में रुचि रखते हैं, तो यहां क्लिक करें। यह एक एक्सेसरी है जो एक कार में होनी चाहिए। यह पीछे और सीट के बीच के अंतर को भरता है और यह एक अच्छा ड्राइविंग पोस्चर प्रदान करता है। अगर आप इस एक्सेसरी को खरीदना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें। जैसा कि नाम से पता चलता है, यह एक्सेसरी ड्राइवर के पिछले हिस्से को उचित सपोर्ट प्रदान करती है और सीट पर बैठे व्यक्ति को आरामदायक ड्राइविंग पोजीशन प्रदान करती है। इच्छुक लोग यहां क्लिक करके इस एक्सेसरी को ऑनलाइन देख सकते हैं। यह फिर से उन लोगों के लिए है जो अपने कुत्तों के साथ कार में यात्रा करना पसंद करते हैं। कुत्ते की सीट वाला झूला वास्तव में एक विभाजन बनाता है और यह भी सुनिश्चित करता है कि कार की मूल सीटों पर कोई फर न लगे। अगर आप अपनी कार के लिए डॉग सीट वाला झूला खरीदना चाहते हैं, तो यहां क्लिक करें। अगर आप कार के अंदर चीजों को व्यवस्थित तरीके से रखना पसंद करते हैं तो यह सीट बैक ऑर्गनाइजर आपके काम आएगा। इस तरह के कई तरह के आयोजक ऑनलाइन उपलब्ध हैं। अगर आप ऐसा ही एक सीट बैक ऑर्गनाइजर खरीदना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें। यह एक्सेसरी उन लोगों के लिए है जो सफर के दौरान कार में सोना पसंद करते हैं। एक सीट नेक पिलो आपके सिर को एक जगह पर रखेगा और आपको एक आरामदायक सीट पाने में मदद करेगा। इच्छुक लोग इनमें से किसी एक एक्सेसरीज को यहां क्लिक करके ऑनलाइन खरीद सकते हैं। एक inflatable गद्दे बस आपकी कार की पिछली सीट को एक बेडरूम में बदल देती है। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो सड़क यात्रा पर हैं और आवास पर बहुत अधिक खर्च नहीं करना चाहते हैं। इनमें से एक inflatable गद्दे यहां क्लिक करके ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। इस लेख में सूचीबद्ध कुछ अन्य तकियों और सामानों की तरह, सीट कुशन भी सवार और चालक दोनों की पीठ के निचले हिस्से को एक अच्छा समर्थन प्रदान करते हैं। आप उन्हें अपने कार ब्रांड के लिए भी प्राप्त कर सकते हैं। इच्छुक लोग इन कुशनों को यहां क्लिक करके ऑनलाइन खरीद सकते हैं।
कारों के लिए कई तरह के एक्सेसरीज ऑनलाइन उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ एक्सेसरीज बाहरी लुक को बढ़ाने के लिए होती हैं जबकि कुछ चीजों को अंदर रहने वालों के लिए बहुत अधिक आरामदायक बनाती हैं। यहां हमारे पास ऐसी ग्यारह कार एक्सेसरीज की लिस्ट है, जिन्हें आप ऑनलाइन खरीद सकते हैं। अगर आप ऑफिस या किसी अन्य अवसर पर कोट पहनने वाले व्यक्ति हैं, तो यह एक्सेसरी आपके लिए है। यदि आप गाड़ी चलाते समय कोट पहनते हैं, तो इस बात की संभावना रहती है कि कोट पर झुर्रियां पड़ सकती हैं। कोट पहनकर गाड़ी चलाना भी थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इन मामलों में, आप एक Coat Hanger खरीद सकते हैं जिसे सामने वाले ड्राइवर या सह-यात्री सीट के पीछे लगाया जा सकता है। अगर आप इस एक्सेसरी को खरीदना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें। यदि आप अपने कुत्तों के साथ ड्राइव पर बाहर जाना पसंद करते हैं, तो यह एक एक्सेसरी है जिसे आप अपनी कार में रखना चाहेंगे। डॉग नेट वास्तव में कार के आगे और दूसरी पंक्ति के बीच एक विभाजन बनाता है। यह कुत्तों को आगे की सीटों पर आने और ड्राइवर का ध्यान भटकाने से रोकता है। अगर आप डॉग नेट खरीदने में रुचि रखते हैं, तो यहां क्लिक करें। लंबी ड्राइव पर बाहर जाते समय कई लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या होती है सीट का आराम। या तो सीटें बहुत नरम हैं या वे बहुत सख्त हैं। ये दोनों लॉन्ग ड्राइव के दौरान आरामदायक अनुभव नहीं देते हैं। लोग अक्सर थकान महसूस करते हैं क्योंकि वे लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठे रहते हैं और ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं हो पाता है। ऐसी स्थितियों से बचने के लिए, उनमें मोतियों के साथ सीट कवर होते हैं। इच्छुक लोग यहां क्लिक करके कार मनका सीटों की जांच कर सकते हैं। बाजार में कई नई कारें अब हवादार सीटों की पेशकश करती हैं, अगर आप इस सुविधा को एक आफ्टरमार्केट एक्सेसरी के रूप में स्थापित करना चाहते हैं जो कि उपलब्ध है। ऑनलाइन कई Cooling Seat मैट उपलब्ध हैं जिन्हें आप आसानी से केबिन में बारह वोल्ट सॉकेट से जोड़ सकते हैं और ठंडी हवा का आनंद ले सकते हैं। यदि आप ऐसी एक्सेसरी में रुचि रखते हैं, तो यहां क्लिक करें। यह एक एक्सेसरी है जो एक कार में होनी चाहिए। यह पीछे और सीट के बीच के अंतर को भरता है और यह एक अच्छा ड्राइविंग पोस्चर प्रदान करता है। अगर आप इस एक्सेसरी को खरीदना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें। जैसा कि नाम से पता चलता है, यह एक्सेसरी ड्राइवर के पिछले हिस्से को उचित सपोर्ट प्रदान करती है और सीट पर बैठे व्यक्ति को आरामदायक ड्राइविंग पोजीशन प्रदान करती है। इच्छुक लोग यहां क्लिक करके इस एक्सेसरी को ऑनलाइन देख सकते हैं। यह फिर से उन लोगों के लिए है जो अपने कुत्तों के साथ कार में यात्रा करना पसंद करते हैं। कुत्ते की सीट वाला झूला वास्तव में एक विभाजन बनाता है और यह भी सुनिश्चित करता है कि कार की मूल सीटों पर कोई फर न लगे। अगर आप अपनी कार के लिए डॉग सीट वाला झूला खरीदना चाहते हैं, तो यहां क्लिक करें। अगर आप कार के अंदर चीजों को व्यवस्थित तरीके से रखना पसंद करते हैं तो यह सीट बैक ऑर्गनाइजर आपके काम आएगा। इस तरह के कई तरह के आयोजक ऑनलाइन उपलब्ध हैं। अगर आप ऐसा ही एक सीट बैक ऑर्गनाइजर खरीदना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें। यह एक्सेसरी उन लोगों के लिए है जो सफर के दौरान कार में सोना पसंद करते हैं। एक सीट नेक पिलो आपके सिर को एक जगह पर रखेगा और आपको एक आरामदायक सीट पाने में मदद करेगा। इच्छुक लोग इनमें से किसी एक एक्सेसरीज को यहां क्लिक करके ऑनलाइन खरीद सकते हैं। एक inflatable गद्दे बस आपकी कार की पिछली सीट को एक बेडरूम में बदल देती है। यह उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो सड़क यात्रा पर हैं और आवास पर बहुत अधिक खर्च नहीं करना चाहते हैं। इनमें से एक inflatable गद्दे यहां क्लिक करके ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। इस लेख में सूचीबद्ध कुछ अन्य तकियों और सामानों की तरह, सीट कुशन भी सवार और चालक दोनों की पीठ के निचले हिस्से को एक अच्छा समर्थन प्रदान करते हैं। आप उन्हें अपने कार ब्रांड के लिए भी प्राप्त कर सकते हैं। इच्छुक लोग इन कुशनों को यहां क्लिक करके ऑनलाइन खरीद सकते हैं।
वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए प्रैक्टिस मैच के दौरान आंद्रे रसेल की एक बाउंसर ख्वाजा के सिर में जा लगी। गेंद की गति इतनी तेज थी, कि हेलमेट लगाने के बावजूद भी ख्वाजा को गंभीर चोटे आयीं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इंग्लैंड और वेल्स में 30 मई से शुरू होने जा रहे क्रिकेट के महायुद्ध में सभी टीमों के प्रैक्टिस मैच शुरू हो चुके हैं। अपने पहले अनाधिकारिक प्रैक्टिस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को हरा दिया। इस मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा बुरी तरह से घायल हो गए। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज आंद्रे रसेल की बाउंसर ख्वाजा के सर में जा लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि ख्वाजा ने तुरंत मैदान छोड़ दिया और इसके बाद उन्हें स्कैन के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि डॉक्टरों ने कहा कि उनको ज्यादा गंभीर चोट नहीं आई है और जल्द ही व वर्ल्ड कप में खेलते दिखाई देंगे। प्रैक्टिस मैच के दौरान वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 230 रनों का लक्ष्य रखा था जिसका पीछा करते हुए दूसरे ओवर में आंद्रे रसेल की एक बाउंसर ख्वाजा के सिर में जा लगी। गेंद की गति इतनी तेज थी कि हेलमेट लगाने के बावजूद भी ख्वाजा को गंभीर चोटे आयीं। इसके बाद ख्वाजा ने मैदान छोड़ दिया और उन्हें इलाज के अस्पताल ले जाया गया। स्कैन के बाद पता चला कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। मैच में ख्वाजा के जोड़ीदार शॉन मार्श ख्वाजा की चोट को लेकर कहा, 'यह बहुत डरावना था। उसको चीकबोन के पास गेंद लगी थी। सबसे अहम बात है कि वो अब ठीक है और जल्द वापसी कर सकता है। ' बता दें कि 25 मई को ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला वॉर्म-अप मैच खेलेगी। इस मैच में ख्वाजा के खेले जाने की भी उम्मीद की जा रही है। शॉन मार्श के अलावा स्टीव स्मिथ ने भी 76 रनों की पारी खेली थी। इससे पहले वेस्टइंडीज की पूरी टीम 46. 2 ओवर में 229 रनों पर ऑलआउट हो गई थी।
वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए प्रैक्टिस मैच के दौरान आंद्रे रसेल की एक बाउंसर ख्वाजा के सिर में जा लगी। गेंद की गति इतनी तेज थी, कि हेलमेट लगाने के बावजूद भी ख्वाजा को गंभीर चोटे आयीं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इंग्लैंड और वेल्स में तीस मई से शुरू होने जा रहे क्रिकेट के महायुद्ध में सभी टीमों के प्रैक्टिस मैच शुरू हो चुके हैं। अपने पहले अनाधिकारिक प्रैक्टिस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने वेस्टइंडीज को हरा दिया। इस मैच के दौरान ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा बुरी तरह से घायल हो गए। वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज आंद्रे रसेल की बाउंसर ख्वाजा के सर में जा लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि ख्वाजा ने तुरंत मैदान छोड़ दिया और इसके बाद उन्हें स्कैन के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। हालांकि डॉक्टरों ने कहा कि उनको ज्यादा गंभीर चोट नहीं आई है और जल्द ही व वर्ल्ड कप में खेलते दिखाई देंगे। प्रैक्टिस मैच के दौरान वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया के सामने दो सौ तीस रनों का लक्ष्य रखा था जिसका पीछा करते हुए दूसरे ओवर में आंद्रे रसेल की एक बाउंसर ख्वाजा के सिर में जा लगी। गेंद की गति इतनी तेज थी कि हेलमेट लगाने के बावजूद भी ख्वाजा को गंभीर चोटे आयीं। इसके बाद ख्वाजा ने मैदान छोड़ दिया और उन्हें इलाज के अस्पताल ले जाया गया। स्कैन के बाद पता चला कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है। मैच में ख्वाजा के जोड़ीदार शॉन मार्श ख्वाजा की चोट को लेकर कहा, 'यह बहुत डरावना था। उसको चीकबोन के पास गेंद लगी थी। सबसे अहम बात है कि वो अब ठीक है और जल्द वापसी कर सकता है। ' बता दें कि पच्चीस मई को ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला वॉर्म-अप मैच खेलेगी। इस मैच में ख्वाजा के खेले जाने की भी उम्मीद की जा रही है। शॉन मार्श के अलावा स्टीव स्मिथ ने भी छिहत्तर रनों की पारी खेली थी। इससे पहले वेस्टइंडीज की पूरी टीम छियालीस. दो ओवर में दो सौ उनतीस रनों पर ऑलआउट हो गई थी।
पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) ने न्यूजीलैंड (New Zealand Cricket Team) के खिलाफ मुकाबले में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) से हुई एक चूक के बारे में बताया है। उन्होंने कहा है कि रोहित शर्मा अक्सर गलती करते नहीं हैं लेकिन इस बार उनसे ये गलती हो गई। आकाश चोपड़ा के मुताबिक रोहित शर्मा ने वेंकटेश अय्यर से गेंदबाजी नहीं कराकर गलती कर दी। श्रेयस अय्यर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जयपुर में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया। उन्हें भारतीय टीम में छठे गेंदबाजी ऑप्शन के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उनसे इस मुकाबले में गेंदबाजी नहीं कराई गई और कप्तान रोहित शर्मा ने सिर्फ पांच स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों का ही चयन किया। अपने यू-ट्यूब चैनल पर शेयर किए गए वीडियो में आकाश चोपड़ा ने कहा कि रोहित शर्मा ने वेंकटेश अय्यर से गेंदबाजी नहीं कराकर बड़ी गलती कर दी। उन्होंने कहा, इस भारतीय टीम को एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की जरूरत है और इसीलिए उन्होंने वेंकटेश अय्यर को छठे नंबर पर खिलाया। हालांकि उन्होंने अय्यर से गेंदबाजी नहीं कराई। मैं यही कहूंगा कि रोहित शर्मा ने शायद पहली बार कोई गलती है क्योकि आमतौर पर उनकी कप्तानी काफी शानदार होती है। वेंकटेश अय्यर से गेंदबाजी कराई जा सकती थी। भारतीय टीम टॉस जीतकर पहले फील्डिंग कर रही थी और विरोधी टीम दबाव में भी थी। इसीलिए आपको उनसे गेंदबाजी करानी चाहिए थी क्योंकि दीपक चाहर और मोहम्मद सिराज लय में नहीं थे। आपको बता दें कि भारतीय टीम ने जयपुर में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हरा दिया। पहले खेलते हुए न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 164 रन का स्कोर बनाया, जवाब में भारतीय टीम ने इस लक्ष्य को 19. 4 ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया।
पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में रोहित शर्मा से हुई एक चूक के बारे में बताया है। उन्होंने कहा है कि रोहित शर्मा अक्सर गलती करते नहीं हैं लेकिन इस बार उनसे ये गलती हो गई। आकाश चोपड़ा के मुताबिक रोहित शर्मा ने वेंकटेश अय्यर से गेंदबाजी नहीं कराकर गलती कर दी। श्रेयस अय्यर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जयपुर में खेले गए पहले टीबीस मुकाबले में अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया। उन्हें भारतीय टीम में छठे गेंदबाजी ऑप्शन के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उनसे इस मुकाबले में गेंदबाजी नहीं कराई गई और कप्तान रोहित शर्मा ने सिर्फ पांच स्पेशलिस्ट बल्लेबाजों का ही चयन किया। अपने यू-ट्यूब चैनल पर शेयर किए गए वीडियो में आकाश चोपड़ा ने कहा कि रोहित शर्मा ने वेंकटेश अय्यर से गेंदबाजी नहीं कराकर बड़ी गलती कर दी। उन्होंने कहा, इस भारतीय टीम को एक तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर की जरूरत है और इसीलिए उन्होंने वेंकटेश अय्यर को छठे नंबर पर खिलाया। हालांकि उन्होंने अय्यर से गेंदबाजी नहीं कराई। मैं यही कहूंगा कि रोहित शर्मा ने शायद पहली बार कोई गलती है क्योकि आमतौर पर उनकी कप्तानी काफी शानदार होती है। वेंकटेश अय्यर से गेंदबाजी कराई जा सकती थी। भारतीय टीम टॉस जीतकर पहले फील्डिंग कर रही थी और विरोधी टीम दबाव में भी थी। इसीलिए आपको उनसे गेंदबाजी करानी चाहिए थी क्योंकि दीपक चाहर और मोहम्मद सिराज लय में नहीं थे। आपको बता दें कि भारतीय टीम ने जयपुर में खेले गए पहले टीबीस मुकाबले में न्यूजीलैंड को पांच विकेट से हरा दिया। पहले खेलते हुए न्यूजीलैंड ने निर्धारित बीस ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर एक सौ चौंसठ रन का स्कोर बनाया, जवाब में भारतीय टीम ने इस लक्ष्य को उन्नीस. चार ओवर में पांच विकेट खोकर हासिल कर लिया।
पदुमावति । १४ । बोहित-खंड । (पर्वताकार) मत्य समुद्र में हैं । ( सो ) अरे (भाई) तिसी राह में (जिस में ऐसे ऐसे भयङ्कर मत्स्य हैं) हम लोग चलना ( गमनम् = गवँना ) चाहते हैं, ( सो सब कोई ) सावधान हो (और निश्चय रक्खो, कि अब) लौट कर नहीं आना होगा, अर्थात् सब कोई इसी राह में गल पच जायेंगे, लौट कर घर पहुँचने की कोई आशा नहीं ॥ ( कुर लोग कहते हैं, कि ) राजा, आप हमारे लोगों के गुरु हैं, ( इस लिये ) स्वामी (नाथ ) हैं, (और) हम लोग चेला हैं, ( सो हम लोग इस भयङ्कर मार्ग से नहीं डरते, अर्थात् हमारे लोगों का यह साञ्चर्य-वचन सुन, आप यह मन में न समझें, कि ये लोग आगे चलने से हिचकते हैं। क्योंकि शास्त्र की मर्यादा है, कि) जहाँ गुरु पैर रक्खे, वहाँ चेला माथ रक्खे, अर्थात् जहाँ गुरु पैर से चलने की इच्छा करे, वहाँ चेले को शिर के बल चलना चाहिए । इन सब बातों से कुरेरों ने राजा से यह सङ्केत किया, कि आप स्वयं विचार कर लें, कि ऐसे भयङ्कर मार्ग में चलना चाहिए, कि नहीं, और हम लोग तो आप के अनुगामी होने को मनसा वचमा कर्मणा तयार हैं ॥ १४८ ॥ केवट हँसे सो सुनत गवेंजा । यह तड चाल्ह न लागइ कोहू । अब-हौँ तहूँ तुम्ह देखे नाहौँ । राज-पंखि तेहि पर मँडराहीँ । जैइ वेइ मच्छ ठोर गहि लेहौँ । गरजइ गगन पंखि जउ बोलहिँ । तहाँ न चाँद न सुरुज झा । समुद न जानु कुआँ कर मँजा । का कहिहहु जब देखिहहु रोह ॥ जेहि मुख अइसे सहस समाहौँ ।। सहस कोस जेहि कइ परिछाहौँ । सावक-मुख चारा लेइ देहौँ । डोलहिँ समुद डयन जउ डोलहिँ ॥ चढइ सो जो अस अगुमन बूझा ॥ दस मँह एक जाइ कोइ बोहित पार होइहि जउ करम धरम सत नेम । तर कूसल अउ खेम ॥ १५० ॥ केवट = कैवर्त्त = मलाइ । हँसे - हँसद् (हमति ) का भूत-काल में बहु-वचन । सुनत= सुनते = ट्ण्वन्तः । गर्वेजा = गोजन्= गौगा बतकही । न = नु = वितर्क ।
पदुमावति । चौदह । बोहित-खंड । मत्य समुद्र में हैं । अरे तिसी राह में हम लोग चलना चाहते हैं, सावधान हो लौट कर नहीं आना होगा, अर्थात् सब कोई इसी राह में गल पच जायेंगे, लौट कर घर पहुँचने की कोई आशा नहीं ॥ राजा, आप हमारे लोगों के गुरु हैं, स्वामी हैं, हम लोग चेला हैं, जहाँ गुरु पैर रक्खे, वहाँ चेला माथ रक्खे, अर्थात् जहाँ गुरु पैर से चलने की इच्छा करे, वहाँ चेले को शिर के बल चलना चाहिए । इन सब बातों से कुरेरों ने राजा से यह सङ्केत किया, कि आप स्वयं विचार कर लें, कि ऐसे भयङ्कर मार्ग में चलना चाहिए, कि नहीं, और हम लोग तो आप के अनुगामी होने को मनसा वचमा कर्मणा तयार हैं ॥ एक सौ अड़तालीस ॥ केवट हँसे सो सुनत गवेंजा । यह तड चाल्ह न लागइ कोहू । अब-हौँ तहूँ तुम्ह देखे नाहौँ । राज-पंखि तेहि पर मँडराहीँ । जैइ वेइ मच्छ ठोर गहि लेहौँ । गरजइ गगन पंखि जउ बोलहिँ । तहाँ न चाँद न सुरुज झा । समुद न जानु कुआँ कर मँजा । का कहिहहु जब देखिहहु रोह ॥ जेहि मुख अइसे सहस समाहौँ ।। सहस कोस जेहि कइ परिछाहौँ । सावक-मुख चारा लेइ देहौँ । डोलहिँ समुद डयन जउ डोलहिँ ॥ चढइ सो जो अस अगुमन बूझा ॥ दस मँह एक जाइ कोइ बोहित पार होइहि जउ करम धरम सत नेम । तर कूसल अउ खेम ॥ एक सौ पचास ॥ केवट = कैवर्त्त = मलाइ । हँसे - हँसद् का भूत-काल में बहु-वचन । सुनत= सुनते = ट्ण्वन्तः । गर्वेजा = गोजन्= गौगा बतकही । न = नु = वितर्क ।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के चलते 14 अप्रैल तक कर्फ्यू लगा है। लेकिन अभी तक पूर्ण रूप से सरकार ने लॉकडाउन या कर्फ्यू को आगे बढ़ाने के आदेश नहीं दिये। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं जिसमें कई तरह कि रिलेक्सेशन की बात कही जा रही है। ऐसे में ख़बर है कि सरकार कुछ हद त ढील देने की तैयारी में जरूर है। प्रमुखता से इस वक़्त जो यात्री फंसे हैं या सफ़र करना चाहते हैं उनपर फैसला लिया जा सकता है। शिमला से भाजपा पार्षद राकेश शर्मा और मीरा शर्मा ने इस बारे में समाचार फर्स्ट को संकेत भी दिए हैं। बताया जा रहा है कि इस संबंध में जिला प्रशासन पंचायत और नगर निगम क्षेत्र से डिटेल मांग रहा है। यात्रियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है जिसमें पहली श्रेणी जिला के अंदर एक जगह से दूसरे जगह जाने चाहते हैं... दूसरे में वो जो एक जिला से दूसरे जिला में जाना चाहते हैं और तीसरी कैटेगरी में वो लोग हैं जो राज्य से बाहर जाना चाहते हैं। ऐसे में डाटा कलेक्ट करने की ख़बर है। ये परफार्मा पटवारियों के माध्यम से जानकारी लेकर भेजा जाएगा जिसके बाद प्रशासन लिस्ट तैयार करेगा। मौजूदा वक़्त में सरकार की ओर से कोई ऐसी यात्रियों संबंधित जानकारी शेयर नहीं की गई लेकिन डाटा इक्टठा करने की बात कही जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के चलते चौदह अप्रैल तक कर्फ्यू लगा है। लेकिन अभी तक पूर्ण रूप से सरकार ने लॉकडाउन या कर्फ्यू को आगे बढ़ाने के आदेश नहीं दिये। ऐसे में सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं जिसमें कई तरह कि रिलेक्सेशन की बात कही जा रही है। ऐसे में ख़बर है कि सरकार कुछ हद त ढील देने की तैयारी में जरूर है। प्रमुखता से इस वक़्त जो यात्री फंसे हैं या सफ़र करना चाहते हैं उनपर फैसला लिया जा सकता है। शिमला से भाजपा पार्षद राकेश शर्मा और मीरा शर्मा ने इस बारे में समाचार फर्स्ट को संकेत भी दिए हैं। बताया जा रहा है कि इस संबंध में जिला प्रशासन पंचायत और नगर निगम क्षेत्र से डिटेल मांग रहा है। यात्रियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है जिसमें पहली श्रेणी जिला के अंदर एक जगह से दूसरे जगह जाने चाहते हैं... दूसरे में वो जो एक जिला से दूसरे जिला में जाना चाहते हैं और तीसरी कैटेगरी में वो लोग हैं जो राज्य से बाहर जाना चाहते हैं। ऐसे में डाटा कलेक्ट करने की ख़बर है। ये परफार्मा पटवारियों के माध्यम से जानकारी लेकर भेजा जाएगा जिसके बाद प्रशासन लिस्ट तैयार करेगा। मौजूदा वक़्त में सरकार की ओर से कोई ऐसी यात्रियों संबंधित जानकारी शेयर नहीं की गई लेकिन डाटा इक्टठा करने की बात कही जा रही है।
Vijay Shankar clean bowled on the ball of dushmantha chameera : आईपीएल 2022 के अपने पहले मैच में भी विजय शंकर फ्लॉप रहे और लखनऊ के खिलाफ सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए। आईपीएल 2022 के चौथे मुकाबले में गुजरात टाइटंस का सामना लखनऊ सुपरजाएंट्स के साथ हो रहा है जहां हार्दिक पांड्या की टीम को मैच जीतने के लिए 159 रनों की दरकार है। हालांकि, लखनऊ की ही तरह गुजरात की शुरुआत भी बेहद खराब रही। पहले ओवर में शुभमन गिल बिना खाता खोले हुए आउट हो गए और इसके बाद पावरप्ले में ही 3D प्लेयर विजय शंकर भी चलते बने। विजय शंकर को 3डी प्लेयर कहा जाता है लेकिन पिछले 2-3 सालों में वो 3डी तो दूर 1डी भी नजर नहीं आए हैं। लखनऊ के खिलाफ जब वो बल्लेबाज़ी के लिए आए तो उनसे गुजरात की टीम को काफी उम्मीदें थी लेकिन वो दुश्मंथा चमीरा की यॉर्कर पर चारों खाने चित्त होकर औंधे मुंह गिर पड़े। इस यॉर्कर का विजय शंकर के पास कोई जवाब नहीं था और वो क्लीन बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। विजय शंकर की बेबसी का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और फैंस इस वीडियो पर काफी कमेंट करके इस 3डी प्लेयर को ट्रोल भी कर रहे हैं। वहीं, अगर इस मैच की बात करें तो सभी की निगाहें हार्दिक पांड्या पर थी कि वो इस मैच में गेंदबाज़ी करेंगे या नहीं। लेकिन फैंस जो चाहते थे वैसा ही हुआ और हार्दिक ने पूरे दमखम के साथ 4 ओवर गेंदबाज़ी की। हालांकि, उन्हें कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने रन लुटवाए वो अलग। हार्दिक ने 9.20 की इकॉनमी रेट से अपने चार ओवरों में 37 रन दिए। हालांकि, इसके बाद वो बल्लेबाज़ी के लिए भी नंबर चार पर आ गए और अपनी टीम को खराब शुरुआत से उबारने में सफल रहे। आउट होने से पहले हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 5 चौकों और 1 छक्के की मदद से 33 रन बनाए।
Vijay Shankar clean bowled on the ball of dushmantha chameera : आईपीएल दो हज़ार बाईस के अपने पहले मैच में भी विजय शंकर फ्लॉप रहे और लखनऊ के खिलाफ सिर्फ चार रन बनाकर आउट हो गए। आईपीएल दो हज़ार बाईस के चौथे मुकाबले में गुजरात टाइटंस का सामना लखनऊ सुपरजाएंट्स के साथ हो रहा है जहां हार्दिक पांड्या की टीम को मैच जीतने के लिए एक सौ उनसठ रनों की दरकार है। हालांकि, लखनऊ की ही तरह गुजरात की शुरुआत भी बेहद खराब रही। पहले ओवर में शुभमन गिल बिना खाता खोले हुए आउट हो गए और इसके बाद पावरप्ले में ही तीनD प्लेयर विजय शंकर भी चलते बने। विजय शंकर को तीनडी प्लेयर कहा जाता है लेकिन पिछले दो-तीन सालों में वो तीनडी तो दूर एकडी भी नजर नहीं आए हैं। लखनऊ के खिलाफ जब वो बल्लेबाज़ी के लिए आए तो उनसे गुजरात की टीम को काफी उम्मीदें थी लेकिन वो दुश्मंथा चमीरा की यॉर्कर पर चारों खाने चित्त होकर औंधे मुंह गिर पड़े। इस यॉर्कर का विजय शंकर के पास कोई जवाब नहीं था और वो क्लीन बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। विजय शंकर की बेबसी का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और फैंस इस वीडियो पर काफी कमेंट करके इस तीनडी प्लेयर को ट्रोल भी कर रहे हैं। वहीं, अगर इस मैच की बात करें तो सभी की निगाहें हार्दिक पांड्या पर थी कि वो इस मैच में गेंदबाज़ी करेंगे या नहीं। लेकिन फैंस जो चाहते थे वैसा ही हुआ और हार्दिक ने पूरे दमखम के साथ चार ओवर गेंदबाज़ी की। हालांकि, उन्हें कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने रन लुटवाए वो अलग। हार्दिक ने नौ.बीस की इकॉनमी रेट से अपने चार ओवरों में सैंतीस रन दिए। हालांकि, इसके बाद वो बल्लेबाज़ी के लिए भी नंबर चार पर आ गए और अपनी टीम को खराब शुरुआत से उबारने में सफल रहे। आउट होने से पहले हार्दिक पांड्या ने अट्ठाईस गेंदों में पाँच चौकों और एक छक्के की मदद से तैंतीस रन बनाए।
एक गांव में एक बार सुबह के वक्त तीन संत भक्षा मांगने के लिए चल पड़े। घर में एक महिला अकेली थी। उस महिला ने उन तीन संतों को देख लिया। महिला उन संतों के पास गई और कहा कि कृपया आप मेरे घर पर भोजन ग्रहण करें। संतों ने उस महिला से पूछा कि क्या आपके घर में आपके पति हैं। महिला ने कहा नहीं, मैं इस वक्त घर पर अकेली हूं। संतों ने कहा कि अभी हम आपके घर पर नहीं आएंगे। जब आपके पति घर पर आ जाएंगे तब आप हमें बुला लेना। शाम के वक्त महिला का पति और बच्ची दोनों आ गई। महिला ने अपने पति और बच्चे को संतो की बात बता दी। पति भी अपने घर पर संतों को भोजन कराने के लिए तैयार हो गया। महिला तीनों संतों को बुलाने के लिए चली गई। संतो ने कहा कि हम तीनों किसी के घर पर भी एक साथ नहीं जा सकते हैं। महिला ने पूछा ऐसा क्या। संतो ने कहा कि हमारे नाम धन, सफलता और प्रेम है। जाओ और अपने पति से पूछ कर आओ कि उसे किसे घर पर बुलाना है। इसके बाद वह महिला अपने घर पर चली गई और पति को पूरी बात बताई। पति ने कहा कि हमें अपने घर पर धन को बुलाना चाहिए। अगर हम धन को बुलाएंगे तो हम अमीर हो जाएंगे। जबकि महिला ने कहा कि हम को सफलता को बुलाना चाहिए, जिस कारण हमें हर कार्य में सफलता मिलेगी। बच्ची ने कहा कि नहीं हमें प्रेम को बुलाना चाहिए। दुनिया में प्रेम से बढ़कर कुछ भी अच्छा नहीं है। पति और पत्नी ने अपनी बेटी की बात मान ली। वह महिला फिर से संतो के पास गई और कहा कि मैं अपने घर पर प्रेम को भोजन के लिए आमंत्रित करती हूं। प्रेम नाम का संत महिला के साथ चल दिया। उसके पीछे अन्य संत भी आ रहे थे। महिला ने पूछा कि आपने तो कहा था कि सिर्फ एक ही संत घर पर आ सकता है। लेकिन आप तीनों क्यों आ रहे हैं। संतों ने उत्तर दिया कि यदि आप धन या सफलता को घर पर आमंत्रित करते तो हम में से कोई एक संत ही जाता। लेकिन आपने प्रेम को आमंत्रित किया है तो धन और सफलता तो अपने आप ही आ जाएंगे। इस कहानी से हमें सीखने को मिलता है कि जिस परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम होता है, वहां किसी भी चीज की कमी नहीं रहती है। इसलिए हमें सबसे अधिक महत्व प्रेम को देना चाहिए। प्रेम के दम पर हम सफलता, धन, सुख -शांति हर चीज हासिल कर सकते हैं।
एक गांव में एक बार सुबह के वक्त तीन संत भक्षा मांगने के लिए चल पड़े। घर में एक महिला अकेली थी। उस महिला ने उन तीन संतों को देख लिया। महिला उन संतों के पास गई और कहा कि कृपया आप मेरे घर पर भोजन ग्रहण करें। संतों ने उस महिला से पूछा कि क्या आपके घर में आपके पति हैं। महिला ने कहा नहीं, मैं इस वक्त घर पर अकेली हूं। संतों ने कहा कि अभी हम आपके घर पर नहीं आएंगे। जब आपके पति घर पर आ जाएंगे तब आप हमें बुला लेना। शाम के वक्त महिला का पति और बच्ची दोनों आ गई। महिला ने अपने पति और बच्चे को संतो की बात बता दी। पति भी अपने घर पर संतों को भोजन कराने के लिए तैयार हो गया। महिला तीनों संतों को बुलाने के लिए चली गई। संतो ने कहा कि हम तीनों किसी के घर पर भी एक साथ नहीं जा सकते हैं। महिला ने पूछा ऐसा क्या। संतो ने कहा कि हमारे नाम धन, सफलता और प्रेम है। जाओ और अपने पति से पूछ कर आओ कि उसे किसे घर पर बुलाना है। इसके बाद वह महिला अपने घर पर चली गई और पति को पूरी बात बताई। पति ने कहा कि हमें अपने घर पर धन को बुलाना चाहिए। अगर हम धन को बुलाएंगे तो हम अमीर हो जाएंगे। जबकि महिला ने कहा कि हम को सफलता को बुलाना चाहिए, जिस कारण हमें हर कार्य में सफलता मिलेगी। बच्ची ने कहा कि नहीं हमें प्रेम को बुलाना चाहिए। दुनिया में प्रेम से बढ़कर कुछ भी अच्छा नहीं है। पति और पत्नी ने अपनी बेटी की बात मान ली। वह महिला फिर से संतो के पास गई और कहा कि मैं अपने घर पर प्रेम को भोजन के लिए आमंत्रित करती हूं। प्रेम नाम का संत महिला के साथ चल दिया। उसके पीछे अन्य संत भी आ रहे थे। महिला ने पूछा कि आपने तो कहा था कि सिर्फ एक ही संत घर पर आ सकता है। लेकिन आप तीनों क्यों आ रहे हैं। संतों ने उत्तर दिया कि यदि आप धन या सफलता को घर पर आमंत्रित करते तो हम में से कोई एक संत ही जाता। लेकिन आपने प्रेम को आमंत्रित किया है तो धन और सफलता तो अपने आप ही आ जाएंगे। इस कहानी से हमें सीखने को मिलता है कि जिस परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम होता है, वहां किसी भी चीज की कमी नहीं रहती है। इसलिए हमें सबसे अधिक महत्व प्रेम को देना चाहिए। प्रेम के दम पर हम सफलता, धन, सुख -शांति हर चीज हासिल कर सकते हैं।
(www. arya-tv. com) यू पी प्रेस क्लब व उत्तर प्रदेश साहित्य सभा द्वारा 127 वां सृजन सम्मान व काव्य समारोह आयोजित हुआ। सुभाष रसिया के संयोजन व रेनू द्विवेदी के संचालन में साहित्य सभा के प्रधान सर्वेश अस्थाना, हसीब सिद्दीकी, शिवशरण सिंह व सुशील दुबे तथा राजेश जायसवाल ने सृजन सम्मान से वरिष्ठ कवि राजेन्द्र शुक्ल राज व युवा सम्मान से अखंड प्रताप सिंह को सम्मानित किया। वरिष्ठ कवि सुभाष गुरुदेव की अध्यक्षता में गीत और हास्य की फुहार छोड़ी गई। रवीश पांडेय की वाणी वंदना के साथ सुरभि सिंह, इन्द्रासन सिंह,प्रतिभा श्रीवास्तव, योगी योगेश शुक्ल, प्रदीप महाजन,राजीव वत्सल सरोजबाला, रेनू वर्मा, कुलदीप शुक्ल, अरविंद झा, उमा लखनवी, अनिता सिन्हा, मनमोहन बाराकोटी, इच्छित आनंद, देवेंद्र कश्यप, सौरभ जैसवाल अभिजीत सिंह, डॉ अमित अवस्थी, डॉ संदीप शर्मा जितेंद्र मिश्र, प्रदीप महाजन आदि ने श्रेष्ठ काव्यपाठ किया।
यू पी प्रेस क्लब व उत्तर प्रदेश साहित्य सभा द्वारा एक सौ सत्ताईस वां सृजन सम्मान व काव्य समारोह आयोजित हुआ। सुभाष रसिया के संयोजन व रेनू द्विवेदी के संचालन में साहित्य सभा के प्रधान सर्वेश अस्थाना, हसीब सिद्दीकी, शिवशरण सिंह व सुशील दुबे तथा राजेश जायसवाल ने सृजन सम्मान से वरिष्ठ कवि राजेन्द्र शुक्ल राज व युवा सम्मान से अखंड प्रताप सिंह को सम्मानित किया। वरिष्ठ कवि सुभाष गुरुदेव की अध्यक्षता में गीत और हास्य की फुहार छोड़ी गई। रवीश पांडेय की वाणी वंदना के साथ सुरभि सिंह, इन्द्रासन सिंह,प्रतिभा श्रीवास्तव, योगी योगेश शुक्ल, प्रदीप महाजन,राजीव वत्सल सरोजबाला, रेनू वर्मा, कुलदीप शुक्ल, अरविंद झा, उमा लखनवी, अनिता सिन्हा, मनमोहन बाराकोटी, इच्छित आनंद, देवेंद्र कश्यप, सौरभ जैसवाल अभिजीत सिंह, डॉ अमित अवस्थी, डॉ संदीप शर्मा जितेंद्र मिश्र, प्रदीप महाजन आदि ने श्रेष्ठ काव्यपाठ किया।
Don't Miss! बिग बॅास 11 में गोपी बहू की एंट्री होने वाली है। यहां देखें एक खास रिपोर्ट.. जिस तेजी से बिग बॉस 11 इस साल फिर छोटे पर्दे और दस्तक देने के लिए तैयार है। उसी तेजी से इस शो के टॉप सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट को लेकर चर्चा शुरू हो गयी हैं। इस बार जिस सेलिब्रिटी का नाम सामने आया है यह नाम आपको चौंका देगा। ऐसी खबर है कि इस बार टीवी की संस्कारी बहू गोपी बिग बॉस 11 में नजर आ सकती हैं। गोपी बहू यानी कि देवोलिना भट्टाचार्य को इस शो का प्रस्ताव दिया गया है। ऐसी खबर है कि उन्होंने इस शो से जुड़ने के लिए हामी भर दी है। आपको बता दें कि देवोलिना फ़िलहाल अपने बैकबोन सर्जरी के बाद आराम कर रही हैं। वह जल्द शूटिंग पर वापस लौट सकती हैं। अभी तक इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
Don't Miss! बिग बॅास ग्यारह में गोपी बहू की एंट्री होने वाली है। यहां देखें एक खास रिपोर्ट.. जिस तेजी से बिग बॉस ग्यारह इस साल फिर छोटे पर्दे और दस्तक देने के लिए तैयार है। उसी तेजी से इस शो के टॉप सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट को लेकर चर्चा शुरू हो गयी हैं। इस बार जिस सेलिब्रिटी का नाम सामने आया है यह नाम आपको चौंका देगा। ऐसी खबर है कि इस बार टीवी की संस्कारी बहू गोपी बिग बॉस ग्यारह में नजर आ सकती हैं। गोपी बहू यानी कि देवोलिना भट्टाचार्य को इस शो का प्रस्ताव दिया गया है। ऐसी खबर है कि उन्होंने इस शो से जुड़ने के लिए हामी भर दी है। आपको बता दें कि देवोलिना फ़िलहाल अपने बैकबोन सर्जरी के बाद आराम कर रही हैं। वह जल्द शूटिंग पर वापस लौट सकती हैं। अभी तक इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
कचहरी में छोटी-छोटी कोठरियों में वकीलों को दुकानें लगाकर बैठे देख, मेरी आँखों के सामने काठ बाज़ार का चित्र आने लगता है ।" "श्रोह ! साहबजादे क्या करना चाहते हैं ? वकालत जैसे मानयुक्त व्यवसाय को वेश्या के व्यवसाय से तुलना देना चाहते हैं तो फिर कौन काम करने के योग्य हैं आप?" "मैं एक काम करने के योग्य हूँ और मैंने वह काम करना आरम्भ कर दिया है। वर्तमान समाज की जर्जर इमारत को गिराकर, इसकी खुरखोज मिटा देना चाहता हूँ । देखिये पिताजी ! जब ब्रिटिश सरकार थी, तब हमारे यही नेता कहा करते थे कि शासक और न्यायकर्ता भिन्न-भिन्न होने चाहियें। 'ज्युडीशरी' को 'एग्जेक्टिव' से पृथक् करने के लिए ये लोग आन्दोलन किया करते थे, परन्तु आज इन दोनों प्रकार के अधिकारियों का एक होना आवश्यक समझा जाता है । "एक समय गांधीजी ने 'रोलेट ऐक्ट' के विरुद्ध भारी आन्दोलन चलाया था। वह ऐक्ट यह था कि गवर्नर की आज्ञा से किसी भी व्यक्ति को कैद किया जा सकता था और उसका मुकद्दमा कचहरी में नहीं चल सकता था। इस विधेयक के विरुद्ध इतना आन्दोलन हुआ कि जलियाँवाला बाग़ की घटना हो गई। परन्तु वे ही नेता १९४७ में शासनारूढ़ हुए तो बस शासक बन गये। सब सिद्धान्तों को घोलकर पी गये। अभी तक प्रिवेन्टिव डिटेन्शन ऐक्ट तो है ही, साथ ही डिप्टी कमिश्नर और उसके अधीन मैजिस्ट्रेट भी हैं और वे अभियुक्त को पकड़ते भी हैं और उसके दोष का न्याय भी करते हैं । "न्याय सस्ता करने के लिए धूम मचा करती थी और मैं देख रहा हूँ कि जब शासन को धन की आवश्यकता होती है तो मैजिस्ट्र टों को बाजार में भेज दिया जाता है और हजारों रुपये के जुरमाने एक दिन में बटोर लिये जाते हैं । "नित नये कानून बनाये जा रहे हैं, परन्तु कानून पालन करने के लिए वातावरण बन नहीं रहा। झूठ, फरेब, धोखा, अविचारशीलता, रिश्वत, सिफारिश, अभिप्राय यह कि मनुष्य के मन की जो बुरी बातें हैं, सब की सब खूब फल-फूल रही हैं । " मुकुटविहारी माथुर ने लड़के की बातें बहुत ध्यान से सुन रहा था और उसके मन के कार्य करने की विधि को जान, प्रसन्नता अनुभव कर रहा था। जब वह कह चुका तो पिता ने पूछा, "चन्द्रकान्त ! मैं तुम्हारे मन के भावों को समझता हूँ, परन्तु तुम इस सबका सुधार करने के लिए करना क्या चाहते हो ? इस सबका इलाज क्या है ?" " पिताजी ! यह समाज इतनी रुग्ण हो चुकी है कि इसकी चिकित्सा सम्भव है। तो यह समाज मरेगी । इस रोगी को शीघ्रातिशीघ्र मरने में सहायता देना ही मानवता का कल्याण करना है । " "ठीक है, ठीक है। मैं यही तो पूछ रहा हूँ कि किस तरह यह करने जा रहे हो ? मारने के लिए इसको संखिया दोगे अथवा गोली मार दोगे ? किस उपाय से इसकी हत्या करना चाहते हो ? मुझको भय है कि इसकी हत्या करते-करते कहीं अपनी ही हत्या न कर लो। और फिर हत्या करना उद्देश्य तो नहीं न ? उद्देश्य तो इसका पुनर्निर्माण है । वह कैसे करोगे और फिर क्या निर्माण करोगे ?" " हम क्रान्ति उत्पन्न करना चाहते हैं। बिना क्रान्ति के ये पुरानी रूढ़ियाँ बदलेंगी नहीं। मैं चाहता हूँ कि सरमायादारी का समूल नाश कर दूँ । इन न्यायालयों को बम रखकर उड़ा दूँ । इस नौकरशाही पुलिस और फ़ौज को छिन्न-भिन्न कर दूँ । इस पार्लियामेराट और मन्त्री मण्डल के सदस्यों को धक्के मार-मारकर खेतों में काम करने पर लगा दूँ । ये चाँदनी चौक के दुकानदार और मोटी-मोटी फीसें लेने वाले डॉक्टर तथा वकीलों को एक गठरी में बाँध यमुना में बहा दूँ । " इस समाज का ढाँचा ही ग़लत है । इसे समूल उखाड़कर नई समाज की नींव रखूँ ।" "बड़े ख़तरनाक आदमी हो चन्द्रकान्त ! ये सब तो जुरम हैं। करोगे तो फाँसी के तख्ते पर लटक जाओगे । "
कचहरी में छोटी-छोटी कोठरियों में वकीलों को दुकानें लगाकर बैठे देख, मेरी आँखों के सामने काठ बाज़ार का चित्र आने लगता है ।" "श्रोह ! साहबजादे क्या करना चाहते हैं ? वकालत जैसे मानयुक्त व्यवसाय को वेश्या के व्यवसाय से तुलना देना चाहते हैं तो फिर कौन काम करने के योग्य हैं आप?" "मैं एक काम करने के योग्य हूँ और मैंने वह काम करना आरम्भ कर दिया है। वर्तमान समाज की जर्जर इमारत को गिराकर, इसकी खुरखोज मिटा देना चाहता हूँ । देखिये पिताजी ! जब ब्रिटिश सरकार थी, तब हमारे यही नेता कहा करते थे कि शासक और न्यायकर्ता भिन्न-भिन्न होने चाहियें। 'ज्युडीशरी' को 'एग्जेक्टिव' से पृथक् करने के लिए ये लोग आन्दोलन किया करते थे, परन्तु आज इन दोनों प्रकार के अधिकारियों का एक होना आवश्यक समझा जाता है । "एक समय गांधीजी ने 'रोलेट ऐक्ट' के विरुद्ध भारी आन्दोलन चलाया था। वह ऐक्ट यह था कि गवर्नर की आज्ञा से किसी भी व्यक्ति को कैद किया जा सकता था और उसका मुकद्दमा कचहरी में नहीं चल सकता था। इस विधेयक के विरुद्ध इतना आन्दोलन हुआ कि जलियाँवाला बाग़ की घटना हो गई। परन्तु वे ही नेता एक हज़ार नौ सौ सैंतालीस में शासनारूढ़ हुए तो बस शासक बन गये। सब सिद्धान्तों को घोलकर पी गये। अभी तक प्रिवेन्टिव डिटेन्शन ऐक्ट तो है ही, साथ ही डिप्टी कमिश्नर और उसके अधीन मैजिस्ट्रेट भी हैं और वे अभियुक्त को पकड़ते भी हैं और उसके दोष का न्याय भी करते हैं । "न्याय सस्ता करने के लिए धूम मचा करती थी और मैं देख रहा हूँ कि जब शासन को धन की आवश्यकता होती है तो मैजिस्ट्र टों को बाजार में भेज दिया जाता है और हजारों रुपये के जुरमाने एक दिन में बटोर लिये जाते हैं । "नित नये कानून बनाये जा रहे हैं, परन्तु कानून पालन करने के लिए वातावरण बन नहीं रहा। झूठ, फरेब, धोखा, अविचारशीलता, रिश्वत, सिफारिश, अभिप्राय यह कि मनुष्य के मन की जो बुरी बातें हैं, सब की सब खूब फल-फूल रही हैं । " मुकुटविहारी माथुर ने लड़के की बातें बहुत ध्यान से सुन रहा था और उसके मन के कार्य करने की विधि को जान, प्रसन्नता अनुभव कर रहा था। जब वह कह चुका तो पिता ने पूछा, "चन्द्रकान्त ! मैं तुम्हारे मन के भावों को समझता हूँ, परन्तु तुम इस सबका सुधार करने के लिए करना क्या चाहते हो ? इस सबका इलाज क्या है ?" " पिताजी ! यह समाज इतनी रुग्ण हो चुकी है कि इसकी चिकित्सा सम्भव है। तो यह समाज मरेगी । इस रोगी को शीघ्रातिशीघ्र मरने में सहायता देना ही मानवता का कल्याण करना है । " "ठीक है, ठीक है। मैं यही तो पूछ रहा हूँ कि किस तरह यह करने जा रहे हो ? मारने के लिए इसको संखिया दोगे अथवा गोली मार दोगे ? किस उपाय से इसकी हत्या करना चाहते हो ? मुझको भय है कि इसकी हत्या करते-करते कहीं अपनी ही हत्या न कर लो। और फिर हत्या करना उद्देश्य तो नहीं न ? उद्देश्य तो इसका पुनर्निर्माण है । वह कैसे करोगे और फिर क्या निर्माण करोगे ?" " हम क्रान्ति उत्पन्न करना चाहते हैं। बिना क्रान्ति के ये पुरानी रूढ़ियाँ बदलेंगी नहीं। मैं चाहता हूँ कि सरमायादारी का समूल नाश कर दूँ । इन न्यायालयों को बम रखकर उड़ा दूँ । इस नौकरशाही पुलिस और फ़ौज को छिन्न-भिन्न कर दूँ । इस पार्लियामेराट और मन्त्री मण्डल के सदस्यों को धक्के मार-मारकर खेतों में काम करने पर लगा दूँ । ये चाँदनी चौक के दुकानदार और मोटी-मोटी फीसें लेने वाले डॉक्टर तथा वकीलों को एक गठरी में बाँध यमुना में बहा दूँ । " इस समाज का ढाँचा ही ग़लत है । इसे समूल उखाड़कर नई समाज की नींव रखूँ ।" "बड़े ख़तरनाक आदमी हो चन्द्रकान्त ! ये सब तो जुरम हैं। करोगे तो फाँसी के तख्ते पर लटक जाओगे । "
राज्य के सरकारी स्कूलों के जिन बच्चों को ऑनलाइन, ऑफलाइन कंटेंट नहीं मिल रहे हैं वे ड्रॉपआउट माने जाएंगे। वैसे बच्चे जिन्हें डिजिटल कंटेंट नहीं मिल पा रहा है, न ही स्कूल से चाइल्ड इनटाइटेलमेंट की सुविधा मिल रही हो और न ही शिक्षक द्वारा नाम प्रस्तावित किया गया हो उन्हें ड्रॉप आउट माना जाएगा। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने जिलों से ऐसे बच्चों की स्कूल वार संख्या मांगी है। राज्य में 2020-21 में 60,444 ड्रॉपआउट छात्र-छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। कोरोना संक्रमण काल और स्कूल बंद रहने से इस वर्ष ड्रॉपआउट रहने वाले छात्र छात्राओं की संख्या बढ़ने का अनुमान है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों से पूर्व से ड्रॉपआउट रहे छात्र-छात्राओं को स्कूली शिक्षा से जोड़ा गया या नहीं इसकी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, वैसे बच्चों की भी रिपोर्ट देने को कहा गया है जो सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में नामांकित हैं। डीजी-साथ कार्यक्रम के तहत डिजिटल कंटेंट उपलब्ध हो पा रहा है, स्कूल में किसी प्रकार के चाइल्ड इंटाइटलमेंट प्राप्त कर रहे हैं या इसके लिए उनके नाम शिक्षकों द्वारा प्रस्तावित किए गए हैं तो ऐसे बच्चे स्कूल में नामांकित माने जाएंगे। वहीं, स्कूल में नामांकित होने के बावजूद पिछले एक महीने से जिन्हें डीजी साथ के जरिए डिजिटल कंटेंट नहीं प्राप्त कर रहे हैं, न ही स्कूल में किसी प्रकार के चाइल्ड इंटाइटेलमेंट प्राप्त कर रहे हैं और ना ही इसके लिए उनके नाम शिक्षकों द्वारा प्रस्तावित किए गए हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे ड्रॉपआउट माने जाएंगे। जिलों को स्कूल वार ऐसे बच्चों की भी रिपोर्ट विभाग को देनी है। इसके अलावा अगर बच्चा किसी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में नामांकित है और स्कूल से जुड़ा हुआ है तो वह स्कूल में नामांकित माना जाएगा। सभी जिलों को दुर्गा पूजा के पूर्व रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है, ताकि उस दिशा में वर्क प्लान तैयार कर ड्रॉपआउट सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा सके।
राज्य के सरकारी स्कूलों के जिन बच्चों को ऑनलाइन, ऑफलाइन कंटेंट नहीं मिल रहे हैं वे ड्रॉपआउट माने जाएंगे। वैसे बच्चे जिन्हें डिजिटल कंटेंट नहीं मिल पा रहा है, न ही स्कूल से चाइल्ड इनटाइटेलमेंट की सुविधा मिल रही हो और न ही शिक्षक द्वारा नाम प्रस्तावित किया गया हो उन्हें ड्रॉप आउट माना जाएगा। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने जिलों से ऐसे बच्चों की स्कूल वार संख्या मांगी है। राज्य में दो हज़ार बीस-इक्कीस में साठ,चार सौ चौंतालीस ड्रॉपआउट छात्र-छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। कोरोना संक्रमण काल और स्कूल बंद रहने से इस वर्ष ड्रॉपआउट रहने वाले छात्र छात्राओं की संख्या बढ़ने का अनुमान है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों से पूर्व से ड्रॉपआउट रहे छात्र-छात्राओं को स्कूली शिक्षा से जोड़ा गया या नहीं इसकी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, वैसे बच्चों की भी रिपोर्ट देने को कहा गया है जो सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में नामांकित हैं। डीजी-साथ कार्यक्रम के तहत डिजिटल कंटेंट उपलब्ध हो पा रहा है, स्कूल में किसी प्रकार के चाइल्ड इंटाइटलमेंट प्राप्त कर रहे हैं या इसके लिए उनके नाम शिक्षकों द्वारा प्रस्तावित किए गए हैं तो ऐसे बच्चे स्कूल में नामांकित माने जाएंगे। वहीं, स्कूल में नामांकित होने के बावजूद पिछले एक महीने से जिन्हें डीजी साथ के जरिए डिजिटल कंटेंट नहीं प्राप्त कर रहे हैं, न ही स्कूल में किसी प्रकार के चाइल्ड इंटाइटेलमेंट प्राप्त कर रहे हैं और ना ही इसके लिए उनके नाम शिक्षकों द्वारा प्रस्तावित किए गए हैं। ऐसी स्थिति में बच्चे ड्रॉपआउट माने जाएंगे। जिलों को स्कूल वार ऐसे बच्चों की भी रिपोर्ट विभाग को देनी है। इसके अलावा अगर बच्चा किसी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में नामांकित है और स्कूल से जुड़ा हुआ है तो वह स्कूल में नामांकित माना जाएगा। सभी जिलों को दुर्गा पूजा के पूर्व रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है, ताकि उस दिशा में वर्क प्लान तैयार कर ड्रॉपआउट सभी बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस' में हिस्सा लेने शनिवार शाम अमृतसर पहुंचे थे। इसी दौरान वह गोल्डन टेंपल पहुंचे। इस दौरान उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर भी मौजूद थीं। स्वर्ण मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अमृतसर स्वर्ण मंदिर में लोगों से मुलाकात भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान स्वर्ण मंदिर में मत्था भी टेका। इसके बाद पीएम मोदी ने लंगर में बैठे लोगों को भोजन परोसा। पीएम मोदी को अपने बीच पाकर लंगर में बैठे लोग भी अभिभूत थे। लंगर में बैठकर खाना खा रहे लोग हाथ जोड़कर पीएम की इस सेवा के लिए उनका धन्यवाद कर रहे थे। इस दौरान लंगर में बैठे लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। 'हमें बीमारी से लड़ना है, बीमार से नहीं'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'हार्ट ऑफ एशिया कॉन्फ्रेंस' में हिस्सा लेने शनिवार शाम अमृतसर पहुंचे थे। इसी दौरान वह गोल्डन टेंपल पहुंचे। इस दौरान उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर भी मौजूद थीं। स्वर्ण मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अमृतसर स्वर्ण मंदिर में लोगों से मुलाकात भी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान स्वर्ण मंदिर में मत्था भी टेका। इसके बाद पीएम मोदी ने लंगर में बैठे लोगों को भोजन परोसा। पीएम मोदी को अपने बीच पाकर लंगर में बैठे लोग भी अभिभूत थे। लंगर में बैठकर खाना खा रहे लोग हाथ जोड़कर पीएम की इस सेवा के लिए उनका धन्यवाद कर रहे थे। इस दौरान लंगर में बैठे लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था। 'हमें बीमारी से लड़ना है, बीमार से नहीं'
नवजात शिशु की त्वचा की देखभाल करना माँ के लिए चुनौतीभरा काम होता है। शायद आपको पता नहीं कि शिशु की त्वचा बड़ों की त्वचा से तीन गुना पतली और नाजुक होती है। इसलिए नवजात शिशु को नहलाने के समय ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए, जो त्वचा के पीएच बैलेंस को बनाए रखें। शिशु को नहलाने के समय माँ को न्यूबॉर्न बेबी के स्किन की स्पेशल केयर करने की जरूरत होती है। शुरू-शुरू में नवजात शिशु को त्वचा संबंधी बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे- रैशेज, बेबी एक्ने, बेबी एक्जिमा, क्रैडल कैप, ड्राई स्किन आदि। इसके अलावा न्यूट्रिशन, आनुवांशिक कारण, पोल्युशन, मौसम भी शिशु की संवेदनशील त्वचा को प्रभावित करते हैं। शिशु की नाजुक त्वचा को हेल्दी और मुलायम बनाए रखने में बेबी सोप, बेबी वाश, बेबी शैंपू, बेबी ऑयल की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है। ये त्वचा और स्कैल्प के पीएच बैलेंस को बनाए रखने में बहुत मदद करते हैं। पीएच बैलेंस असल में हाइड्रोजन के पोटेन्शियल के लिए होता है। वह यह संकेत देता है कि त्वचा पर इस्तेमाल किए जाने वाला पदार्थ एसिडिक है या अल्कलाइन। वस्तु का पीएच बैलेंस का लेवल जितना हाई होगा वह प्रकृति से उतना ही एसिडिक होगा। पीएच स्केल का रेंज 0-14 के बीच में होता है, जिसमें एसिड कम और बेस ज्यादा होता है। शिशु की त्वचा का पीएच बैलेंस 5.5 होता है। जैसा कि आप जानते हैं कि बेबी स्किन की स्पेशल केयर करने की जरूरत होती है ताकि त्वचा संबंधी समस्याएं न हो। नवजात शिशु की त्वचा की परत बहुत पतली होती है, इसलिए संवेदनशील और त्वचा बहुत रूखी होती है। वयस्कों की डर्मिस तीन गुना पतली होती है। चलिए बात को कुछ इस तरह से समझते हैं कि स्किन के हाइड्रोलिपिडिक फिल्म में पसीना, सीबम और पानी होता है, वयस्कों की तुलना में शिशुओं में यह पतला होता है। इस फिल्म का रोल बैक्टीरिया के खिलाफ स्किन को प्रोटेक्ट करना होता है, जो एक बाधा के रूप में कार्य करता है। पतली हाइड्रोलिपिडिक फिल्म बच्चे की त्वचा को संवेदनशील बनाती है। नवजात शिशु के जन्म के बाद से ही पीएच बैलेंस का लेवल विकसित होना शुरू हो जाता है, इससे स्किन एसिडिक हो जाता है। जिसके कारण नवजात शिशु की त्वचा में संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। अध्ययन के अनुसार सामान्य रूप से त्वचा का पीएच बैलेंस का रेंज 5.4-5.9 होता है। शिशु की त्वचा का पीएच बैलेंस का रेंज 5-5.5 होता है, जिसमे अल्कलाइन स्किन सरफेस का रेंज 6.34- 7.5 होता है। त्वचा अल्कलाइन होने के कारण किसी भी तरह के संक्रमण से लड़ने में बहुत मदद करता है। यानि आदर्श पीएच बैलेंस का रेंज 5.5 में थोड़ा भी बदलाव त्वचा को और भी संवेदनशील बना देता है। अगर नवजात शिशु के आदर्श पीएच बैलेंस को बनाए रखना है तो नेचुरल एसिड और अल्कलाइन के लेवल को संतुलित रखना बहुत जरूरी है। नहीं तो स्किन पर्यावरणीय कारकों जैसे मौसम संबंधी संक्रमण, एलर्जी, जलन, संक्रमण और बीमारियाँ सब होने का वजह बन जाता है। पीएच बैलेंस जितना हाई होगा त्वचा पतली होती जाएगी। त्वचा जितनी पतली होगी त्वचा में दरार पड़ने, रैशेज, एक्जिमा आदि होने की संभावना और बढ़ जाएगी। अब तक के चर्चा से आप समझ ही गई होंगी कि नवजात शिशु लप नहलाने के समय पीएच बैलेंस को मेंटेन करने का एक ही तरीका है नैचुरल चीजों से बना बेबी वाश प्रोडक्ट खरीदें। जितना पीएच बैलेंस मेंटेन करेंगे उतना बेबी को स्किन डिजीज से दूर रख पाएंगे। इसलिए अब से अपनी नन्ही-सी जान के लिए कुछ भी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के पहले #LablePadhoMoms। संबंधित लेखः Suggestions offered by doctors on BabyChakra are of advisory nature i.e., for educational and informational purposes only. Content posted on, created for, or compiled by BabyChakra is not intended or designed to replace your doctor's independent judgment about any symptom, condition, or the appropriateness or risks of a procedure or treatment for a given person.
नवजात शिशु की त्वचा की देखभाल करना माँ के लिए चुनौतीभरा काम होता है। शायद आपको पता नहीं कि शिशु की त्वचा बड़ों की त्वचा से तीन गुना पतली और नाजुक होती है। इसलिए नवजात शिशु को नहलाने के समय ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए, जो त्वचा के पीएच बैलेंस को बनाए रखें। शिशु को नहलाने के समय माँ को न्यूबॉर्न बेबी के स्किन की स्पेशल केयर करने की जरूरत होती है। शुरू-शुरू में नवजात शिशु को त्वचा संबंधी बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे- रैशेज, बेबी एक्ने, बेबी एक्जिमा, क्रैडल कैप, ड्राई स्किन आदि। इसके अलावा न्यूट्रिशन, आनुवांशिक कारण, पोल्युशन, मौसम भी शिशु की संवेदनशील त्वचा को प्रभावित करते हैं। शिशु की नाजुक त्वचा को हेल्दी और मुलायम बनाए रखने में बेबी सोप, बेबी वाश, बेबी शैंपू, बेबी ऑयल की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है। ये त्वचा और स्कैल्प के पीएच बैलेंस को बनाए रखने में बहुत मदद करते हैं। पीएच बैलेंस असल में हाइड्रोजन के पोटेन्शियल के लिए होता है। वह यह संकेत देता है कि त्वचा पर इस्तेमाल किए जाने वाला पदार्थ एसिडिक है या अल्कलाइन। वस्तु का पीएच बैलेंस का लेवल जितना हाई होगा वह प्रकृति से उतना ही एसिडिक होगा। पीएच स्केल का रेंज शून्य-चौदह के बीच में होता है, जिसमें एसिड कम और बेस ज्यादा होता है। शिशु की त्वचा का पीएच बैलेंस पाँच.पाँच होता है। जैसा कि आप जानते हैं कि बेबी स्किन की स्पेशल केयर करने की जरूरत होती है ताकि त्वचा संबंधी समस्याएं न हो। नवजात शिशु की त्वचा की परत बहुत पतली होती है, इसलिए संवेदनशील और त्वचा बहुत रूखी होती है। वयस्कों की डर्मिस तीन गुना पतली होती है। चलिए बात को कुछ इस तरह से समझते हैं कि स्किन के हाइड्रोलिपिडिक फिल्म में पसीना, सीबम और पानी होता है, वयस्कों की तुलना में शिशुओं में यह पतला होता है। इस फिल्म का रोल बैक्टीरिया के खिलाफ स्किन को प्रोटेक्ट करना होता है, जो एक बाधा के रूप में कार्य करता है। पतली हाइड्रोलिपिडिक फिल्म बच्चे की त्वचा को संवेदनशील बनाती है। नवजात शिशु के जन्म के बाद से ही पीएच बैलेंस का लेवल विकसित होना शुरू हो जाता है, इससे स्किन एसिडिक हो जाता है। जिसके कारण नवजात शिशु की त्वचा में संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। अध्ययन के अनुसार सामान्य रूप से त्वचा का पीएच बैलेंस का रेंज पाँच.चार-पाँच.नौ होता है। शिशु की त्वचा का पीएच बैलेंस का रेंज पाँच-पाँच.पाँच होता है, जिसमे अल्कलाइन स्किन सरफेस का रेंज छः.चौंतीस- सात.पाँच होता है। त्वचा अल्कलाइन होने के कारण किसी भी तरह के संक्रमण से लड़ने में बहुत मदद करता है। यानि आदर्श पीएच बैलेंस का रेंज पाँच.पाँच में थोड़ा भी बदलाव त्वचा को और भी संवेदनशील बना देता है। अगर नवजात शिशु के आदर्श पीएच बैलेंस को बनाए रखना है तो नेचुरल एसिड और अल्कलाइन के लेवल को संतुलित रखना बहुत जरूरी है। नहीं तो स्किन पर्यावरणीय कारकों जैसे मौसम संबंधी संक्रमण, एलर्जी, जलन, संक्रमण और बीमारियाँ सब होने का वजह बन जाता है। पीएच बैलेंस जितना हाई होगा त्वचा पतली होती जाएगी। त्वचा जितनी पतली होगी त्वचा में दरार पड़ने, रैशेज, एक्जिमा आदि होने की संभावना और बढ़ जाएगी। अब तक के चर्चा से आप समझ ही गई होंगी कि नवजात शिशु लप नहलाने के समय पीएच बैलेंस को मेंटेन करने का एक ही तरीका है नैचुरल चीजों से बना बेबी वाश प्रोडक्ट खरीदें। जितना पीएच बैलेंस मेंटेन करेंगे उतना बेबी को स्किन डिजीज से दूर रख पाएंगे। इसलिए अब से अपनी नन्ही-सी जान के लिए कुछ भी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के पहले #LablePadhoMoms। संबंधित लेखः Suggestions offered by doctors on BabyChakra are of advisory nature i.e., for educational and informational purposes only. Content posted on, created for, or compiled by BabyChakra is not intended or designed to replace your doctor's independent judgment about any symptom, condition, or the appropriateness or risks of a procedure or treatment for a given person.
सुइथाकलां जौनपुर। सरपतहां थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह शौच के लिए निकली किशोरी का पेड़ से लटकता शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव मिलने की सूचना पर जहां लोगों में सनसनी फैल गई वहीं मृतका के परिवार में कोहराम मच गया। फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि सोमवार सुबह क्षेत्र के पूरारामसिंह (सवायन) निवासी इसाइल की पन्द्रह वर्षीया बेटी चांदनी भोर में शौच के लिए निकली थी। जिसकी लाश घर से कुछ दूरी पर दक्षिण दिशा में एक आम के पेड़ से दुपट्टे के सहारे लटकती मिली। जिसकी जानकारी लोगों को उधर से गुजर रही गांव के ही कुछ महिलाओं के द्वारा हुई। लाश मिलने की सूचना पर जहां लोगों में सनसनी फैल गई वहीं मृतका के परिवार में कोहराम मच गया। फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की छानबीन कर रही है।
सुइथाकलां जौनपुर। सरपतहां थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह शौच के लिए निकली किशोरी का पेड़ से लटकता शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव मिलने की सूचना पर जहां लोगों में सनसनी फैल गई वहीं मृतका के परिवार में कोहराम मच गया। फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की छानबीन कर रही है। बताया जाता है कि सोमवार सुबह क्षेत्र के पूरारामसिंह निवासी इसाइल की पन्द्रह वर्षीया बेटी चांदनी भोर में शौच के लिए निकली थी। जिसकी लाश घर से कुछ दूरी पर दक्षिण दिशा में एक आम के पेड़ से दुपट्टे के सहारे लटकती मिली। जिसकी जानकारी लोगों को उधर से गुजर रही गांव के ही कुछ महिलाओं के द्वारा हुई। लाश मिलने की सूचना पर जहां लोगों में सनसनी फैल गई वहीं मृतका के परिवार में कोहराम मच गया। फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की छानबीन कर रही है।
तरह की बात करते हैं, लेकिन पुलिस क्या करे । आखिर हर पुलिसकर्मी भी किसी का बेटा, भाई, पति और परिवार का वैसा ही लाड़ला अंग है, जैसे जनता के कोई अवयव, वर्दी हटाने के बाद पुलिस भी आम जनता है। लेकिन प्रदर्शन में भीड़ का कोई आदमी जब पुलिस की गोली का शिकार होता है तो सभी कहते है कि बेचारा मारा गया, लेकिन वही अपने कर्तव्य का पालन करते हुए जब कोई पुलिसकर्मी किसी गुण्डे बदमाश- डकैत को गोली या वम का शिकार होता है तो हमारी जवान उस समय उतनी तेजी से सिसकारी नही भरती कि बेचारा पुलिस वाला मारा गाया । पुलिस भी एक विचित्र वर्ग और पेशा है। अच्छे-भले आदमी के ऊपर भी वह पोशाक पड़ी नहीं कि वह नाम-धाम सब छोड़कर पुलिसवाला हो गया । यो भो उसका भय व्याप जाता है और सबसे अधिक काम उस वर्दी और पद का सिपाही से लेकर दारोगा तक उठाते है । की बात करें तो एक घटना याद आ गई जो एक दिन मेरे एक एस० पी० मिव की पत्नी ने बताया, घटना पटना की है। वह एक दिन बाजार में मछली खरीदने गईं । गाड़ी से उतरकर मछली तोल लेने के बाद उन्होंने अपने ड्राइवर को उसे लाने को भेजा। पुलिस की वर्दी में जब एस० पी० साहब का ड्राइवर मछली लाने गया, तो मछली वाली उसे देखकर चौक गई और गिडगिड़ाते हुए बोली वाप रे वाप, हमसे गलती हो गई, हम क्या जानते थे कि दारोगाजी के यहां मछली जा रही है । मैंने तो इसमे दण्डी मार दिया है (तोल में कमी कर दी है।) और यह कहकर तराजू पर फिर मछली तोलकर उसमें बड़ी मछली देकर उसने सिपाहीजो को विदा किया । पुलिस का अपना ही रोब होता है, इससे कोई इन्कार नहीं कर सकता मामूली से मामूली वर्दीधारी, सिपाही जब तनकर सड़क पर या किसी चौराहे पर खड़ा हो जाता है, तो वह सरकार का वास्तविक प्रतिनिधि माना जाता है। ऐसे वर्दीधारी सिपाहियों की इस समय अच्छी आय ट्रकों द्वारा भी हो जाती है। हाथ बढ़ाया नही कि ट्रक ड्राइवर ने दक्षिणा उस पर थमाई और ऐक्सीलेटर दवाया। इस प्रकार अपराधियों से ही पुलिस की आय नहीं है वरन बड़े नगरों में फुटपाथो पर फेरी करने, खोमचेवाले, : बेचारी पुलिस / ५१
तरह की बात करते हैं, लेकिन पुलिस क्या करे । आखिर हर पुलिसकर्मी भी किसी का बेटा, भाई, पति और परिवार का वैसा ही लाड़ला अंग है, जैसे जनता के कोई अवयव, वर्दी हटाने के बाद पुलिस भी आम जनता है। लेकिन प्रदर्शन में भीड़ का कोई आदमी जब पुलिस की गोली का शिकार होता है तो सभी कहते है कि बेचारा मारा गया, लेकिन वही अपने कर्तव्य का पालन करते हुए जब कोई पुलिसकर्मी किसी गुण्डे बदमाश- डकैत को गोली या वम का शिकार होता है तो हमारी जवान उस समय उतनी तेजी से सिसकारी नही भरती कि बेचारा पुलिस वाला मारा गाया । पुलिस भी एक विचित्र वर्ग और पेशा है। अच्छे-भले आदमी के ऊपर भी वह पोशाक पड़ी नहीं कि वह नाम-धाम सब छोड़कर पुलिसवाला हो गया । यो भो उसका भय व्याप जाता है और सबसे अधिक काम उस वर्दी और पद का सिपाही से लेकर दारोगा तक उठाते है । की बात करें तो एक घटना याद आ गई जो एक दिन मेरे एक एसशून्य पीशून्य मिव की पत्नी ने बताया, घटना पटना की है। वह एक दिन बाजार में मछली खरीदने गईं । गाड़ी से उतरकर मछली तोल लेने के बाद उन्होंने अपने ड्राइवर को उसे लाने को भेजा। पुलिस की वर्दी में जब एसशून्य पीशून्य साहब का ड्राइवर मछली लाने गया, तो मछली वाली उसे देखकर चौक गई और गिडगिड़ाते हुए बोली वाप रे वाप, हमसे गलती हो गई, हम क्या जानते थे कि दारोगाजी के यहां मछली जा रही है । मैंने तो इसमे दण्डी मार दिया है और यह कहकर तराजू पर फिर मछली तोलकर उसमें बड़ी मछली देकर उसने सिपाहीजो को विदा किया । पुलिस का अपना ही रोब होता है, इससे कोई इन्कार नहीं कर सकता मामूली से मामूली वर्दीधारी, सिपाही जब तनकर सड़क पर या किसी चौराहे पर खड़ा हो जाता है, तो वह सरकार का वास्तविक प्रतिनिधि माना जाता है। ऐसे वर्दीधारी सिपाहियों की इस समय अच्छी आय ट्रकों द्वारा भी हो जाती है। हाथ बढ़ाया नही कि ट्रक ड्राइवर ने दक्षिणा उस पर थमाई और ऐक्सीलेटर दवाया। इस प्रकार अपराधियों से ही पुलिस की आय नहीं है वरन बड़े नगरों में फुटपाथो पर फेरी करने, खोमचेवाले, : बेचारी पुलिस / इक्यावन
विनोद रायसागर, मुंगेली- कवर्धा में पिछले 3 अक्टूबर से लगातार दो समुदायों के बीच हिंसक घटना देखने को मिल रहा है, हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह राजनीतिक रूप ले लिया है। भाजपा संगठन के लोग कवर्धा में हो रहे साम्प्रदायिक दंगे का जिम्मेदार कांग्रेस सरकार पर थोप रही है उनका कहना है कि यह सब मुख्यमंत्री के कारण हो रहा है तो दूसरी ओर कांग्रेस दलगत राजनीति से हटकर समुदाय विशेष पर जोर न देते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठा रही है। आज जिला उपाध्यक्ष अभिलाष सिंह के नेतृत्व में मुंगेली में कल हुए मुख्यमंत्री व केबिनेट मंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम की घोर निंदा करते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा, ज्ञापन में पुलिस की लापरवाही को दर्शाया गया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री व केबिनेट स्तर के मंत्री का भाजपा के लोग पुतला फूंक रहे थे तब वहां पर उपस्थित पुलिस उस कार्यक्रम को दर्शक की भांति देख रहे थे किसी प्रकार का कोई भी रिएक्शन नहीं कर रहे थे बल्कि जब तक पुतला जलाया नहीं गया तब तक पुलिस वहां पर मूक बन कर खड़ी थी। कांग्रेस समर्थकों का आरोप है कि जिस सरकार के नेतृत्व में अधिकारी कर्मचारी काम कर रहे हैं उसी सरकार के विरुद्ध लापरवाही बरतने का काम कर रही है वहां पर उपस्थित पुलिस। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिस की इस तरह के व्यवहार को गहराई से लेते हुए कांग्रेस समर्थकों ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों पर एसपी से उचित कार्यवाही करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में अभिलाष सिंह उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, मंजू शर्मा उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, राजेश छेदईया जिलाध्यक्ष युवा कांग्रेस, पोखराज बंजारे जिलाध्यक्ष एन एस यू आई,राजेश सोनी,ललिता सोनी प्रदेश महासचिव महिला कांग्रेस, नूरजहां खान शहर अध्यक्ष महिला कांग्रेस , राहुल कुर्रे पार्षद,प्रिंशु दुबे, नावेद रजा,नंद वैष्णव , सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विनोद रायसागर, मुंगेली- कवर्धा में पिछले तीन अक्टूबर से लगातार दो समुदायों के बीच हिंसक घटना देखने को मिल रहा है, हिंसा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह राजनीतिक रूप ले लिया है। भाजपा संगठन के लोग कवर्धा में हो रहे साम्प्रदायिक दंगे का जिम्मेदार कांग्रेस सरकार पर थोप रही है उनका कहना है कि यह सब मुख्यमंत्री के कारण हो रहा है तो दूसरी ओर कांग्रेस दलगत राजनीति से हटकर समुदाय विशेष पर जोर न देते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठा रही है। आज जिला उपाध्यक्ष अभिलाष सिंह के नेतृत्व में मुंगेली में कल हुए मुख्यमंत्री व केबिनेट मंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम की घोर निंदा करते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा, ज्ञापन में पुलिस की लापरवाही को दर्शाया गया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री व केबिनेट स्तर के मंत्री का भाजपा के लोग पुतला फूंक रहे थे तब वहां पर उपस्थित पुलिस उस कार्यक्रम को दर्शक की भांति देख रहे थे किसी प्रकार का कोई भी रिएक्शन नहीं कर रहे थे बल्कि जब तक पुतला जलाया नहीं गया तब तक पुलिस वहां पर मूक बन कर खड़ी थी। कांग्रेस समर्थकों का आरोप है कि जिस सरकार के नेतृत्व में अधिकारी कर्मचारी काम कर रहे हैं उसी सरकार के विरुद्ध लापरवाही बरतने का काम कर रही है वहां पर उपस्थित पुलिस। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिस की इस तरह के व्यवहार को गहराई से लेते हुए कांग्रेस समर्थकों ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों पर एसपी से उचित कार्यवाही करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में अभिलाष सिंह उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, मंजू शर्मा उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी, राजेश छेदईया जिलाध्यक्ष युवा कांग्रेस, पोखराज बंजारे जिलाध्यक्ष एन एस यू आई,राजेश सोनी,ललिता सोनी प्रदेश महासचिव महिला कांग्रेस, नूरजहां खान शहर अध्यक्ष महिला कांग्रेस , राहुल कुर्रे पार्षद,प्रिंशु दुबे, नावेद रजा,नंद वैष्णव , सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।